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भारत के स्थायी सदस्य बनने के लिए वीटो का इस्तेमाल ना करना महत्वपूर्ण : अमेरिका की राजदूत निक्की हेली
18 October 2017
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत निक्की हेली ने कहा कि सुरक्षा परिषद में भारत के स्थायी सदस्य बनने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है कि 'वीटो का इस्तेमाल ना किया जाए.' उन्होंने सुरक्षा परिषद के मौजूदा ढांचे में बदलावों के खिलाफ दो विश्व शक्तियों के रूप में रूस और चीन की पहचान की. अमेरिका भारत मैत्री परिषद द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में हेली ने कहा, ‘‘संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार वीटो पर निर्भर है. सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों में वीटो की क्षमता है. रूस, चीन, ब्रिटेन, अमेरिका और फ्रांस तथा उनमें से कोई भी यह नहीं चाहता तो भारत को सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनाने के लिए महत्वपूर्ण होगा कि वीटो का इस्तेमाल ना किया जाए. उन्होंने परिषद के अध्यक्ष स्वदेश चटर्जी के एक सवाल के जवाब में कहा कि अमेरिका सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए तैयार है और हमेशा इस पर जवाब देता है. उन्होंने ‘‘अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अमेरिका-भारत सहयोग का प्रचार करने में कांग्रेस की भूमिका’’ पर अहम भाषण भी दिया. हेली ने कहा कि अमेरिकी कांग्रेस या सीनेट की सुरक्षा परिषद में सुधारों में ज्यादा भूमिका नहीं हो सकती. अमेरिकी राजदूत ने कहा कि अमेरिका पहले से ही तैयार है लेकिन ‘‘रूस और चीन पर’’ ध्यान केंद्रित करने की जरुरत है. सुरक्षा परिषद के ये दो स्थायी सदस्य कोई सुधार होते देखना नहीं चाहते हैं.
उत्तरी कोरिया की अमेरिका को चेतावनी, किसी भी पल शुरू हो सकता है परमाणु युद्ध
17 October 2017
उत्तर कोरिया ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र के समक्ष कहा कि वह तब तक अपने परमाणु हथियारों को नष्ट करने पर बातचीत नहीं करेगा, जब तक अमेरिका अपनी 'शत्रुतापूर्ण' नीति को नहीं पलट देता. संयुक्त राष्ट्र में उप-दूत किम इन रयॉन्ग ने महासभा की निरस्त्रीकरण समिति को बताया कि कोरियाई प्रायद्वीप में परिस्थितियां 'छूते ही भड़कने वाली हालत में पहुंच चुकी हैं, और परमाणु युद्ध किसी भी पल शुरू हो सकता है...' उन्होंने कहा, "जब तक अमेरिका की ओर से परमाणु खतरा और 'शत्रुतापूर्ण नीति' खत्म नहीं कर दी जाती, हम अपने परमाणु हथियारों तथा बैलिस्टिक रॉकेटों को किन्हीं भी हालात में चर्चा की मेज़ पर लेकर नहीं आएंगे. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तथा उत्तरी कोरिया के नेता किम जोंग उन के बीच पिछले कुछ समय से वाकयुद्ध जारी है, जिसके दौरान व्यक्तिगत आक्षेप भी किए जाते रहे हैं, और अमेरिका को धमकियां देने की स्थिति में उत्तरी कोरिया को 'पूरी तरह तबाह' कर देने की चेतावनी भी जारी की गई. लेकिन अमेरिकी विदेशमंत्री रेक्स टिलरसन ने रविवार को कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप युद्ध को टालना चाहते हैं, हालांकि राष्ट्रपति ने ट्विटर पर कहा है कि टिलरसन राजनयिक रास्तों पर चलकर 'समय खराब कर रहे हैं. टिलरसन ने CNN से कहा, "वह (राष्ट्रपति) युद्ध करने के इच्छुक नहीं हैं, और हमारी कोशिशें तब तक जारी रहेंगी, जब तक पहला बम नहीं गिरा दिया जाता.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान परमाणु समझौते को प्रमाणित करने से किया इनकार
14 October 2017
वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शासन को 'कट्टरपंथी' बताते हुए उसकी निंदा की है और अंतर्राष्ट्रीय परमाणु समझौते को प्रमाणित करने से इनकार कर दिया है. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि वह इस समझौते को परामर्श के लिए कांग्रेस के पास भेज रहे हैं और अपने सहयोगियों से सलाह लेंगे कि इसमें क्या बदलाव किया जाए. उन्होंने ईरान पर आतंकवाद को प्रायोजित करने का आरोप लगाया और कहा कि वह ईरान को परमाणु हथियार के रास्ते पर नहीं चलने देंगे. अंतर्राष्ट्रीय पर्यवेक्षकों का कहना है कि ईरान 2015 में हुए परमाणु समझौते का पूरी तरह पालन कर रहा है. ट्रंप ने हालांकि कहा कि समझौता बेहद लचीला है और ईरान ने "कई बार समझौते का उल्लंघन किया." उन्होंने कहा कि ईरान ने समझौते का उल्लंघन करते हुए अंतर्राष्ट्रीय निरीक्षकों को पूर्ण निरीक्षण नहीं करने दिया. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "ईरान मौत, विनाश और अराजकता फैला रहा है." ट्रंप ने कहा कि ईरान परमाणु करार का सही प्रकार से पालन नहीं कर रहा, लेकिन फिर भी वह इसके तहत लाभ उठा रहा है. उन्होंने कहा कि परमाणु करार को लेकर उनकी नई रणनीति से यह समस्या दूर होगी. उन्होंने साथ ही कहा कि अमेरिका किसी भी समय इस समझौते से अलग होने का अधिकार रखता है
श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के बड़े बेटे समेत दो सांसद गिरफ्ता
13 October 2017
श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के बड़े बेटे समेत दो सांसदों को हंबनटोटा में भारतीय महावाणिज्य दूतावास के बाहर प्रदर्शन करने पर गिरफ्तार किया गया है. वे एक हवाईअड्डे का प्रस्तावित पट्टा भारतीय कंपनी को दिए जाने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे. संयुक्त विपक्ष के सदस्यों ने हंबनटोटा के मत्ताला महिंदा राजपक्षे अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे (एमआरआईए) को श्रीलंका सरकार द्वारा भारत को सौंपे जाने वाले समझौते के खिलाफ प्रदर्शन किया. राजपक्षे के राष्ट्रपति काल के दौरान प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं में इस हवाईअड्डे का निर्माण शामिल था जिसके लिए चीन ने ऋण सहायता मुहैया कराई थी. पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन में हुई हिंसा पर बयान दर्ज कराने के लिए कल रात हंबनटोटा पुलिस ने नमल राजपक्षे और छह अन्य प्रदर्शनकारियों को तलब किया था. उन पर सावर्जनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, अवैध तरीके से सभा करने और हंबनटोटा न्यायिक क्षेत्र में प्रदर्शन न करने के अदालत के आदेश का उल्लंघन करने के आरोप लगाए गए हैं. पुलिस ने बताया कि इन सभी को हंबनटोटा मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया जहां से उन्हें 16 अक्तूबर तक के लिए तंगले रिमांड जेल भेज दिया गया.
उत्तर कोरिया के विदेशमंत्री बोले- हमारे परमाणु हथियार 'न्याय की तलवार' हैं
12 October 2017
मास्को: उत्तर कोरिया के विदेशमंत्री ने अपने देश के परमाणु हथियारों को ‘न्याय की तलवार’ करार दिया है. रूस की सरकारी समाचार एजेंसी ‘तास’ ने उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री री योंग हो को यह कहते हुए उद्धृत किया है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का सितंबर में संयुक्त राष्ट्र में दिया गया बयान ‘युद्ध को उकसाने’ वाला था. ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र में अपने बयान में आगाह किया था कि अगर उनके देश और उसके सहयोगियों की रक्षा करने की आवश्यकता पड़ी तो अमेरिका उत्तर कोरिया को ‘पूरी तरह तबाह’ कर देगा. री ने ‘तास’ को बताया कि उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार प्रतिरोधक हैं, जिससे उसकी अमेरिका से रक्षा हो सके. उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया के सामरिक बलों के पास अटूट शक्ति है, जो आक्रामक अमेरिका को दंडित किए बिना नहीं छोड़ेंगे री ने कहा कि उत्तर कोरिया की सेना और उसके लोग लगातार अमेरिकियों को सबक सिखाए जाने की मांग कर रहे हैं.
ईराक के प्रधानमंत्री को उम्मीद, इस साल तक हो जाएगा आईएस का सफाया
11 October 2017
ईराक के प्रधानमंत्री हैदर अल-अबादी ने इस साल देश से आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के पूरे सफाये की उम्मीद जताई है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, अबादी ने टेलीविजन पर प्रसारित एक संवाददाता सम्मेलन में आईएस के खिलाफ इराकी सुरक्षा बलों की जीत की सराहना की. उन्होंने मिश्रित जाति वाले किरकुक प्रांत के हवीजा में चलाए गए अंतिम अभियान की खासतौर पर सराहना की. अबादी ने कहा, "इराकी बलों ने उन इलाकों (हवीजा के पास) को मुक्त करा लिया, जहां पूर्ववर्ती सरकार के दौरान कोई बल पहुंच तक नहीं पाया था. आज (इराक में) हर स्थान पर दएश (आईएस) में भय का माहौल है और जैसा कि हमने वादा किया था इस साल इराक से आतंकवादी संगठन आईएस का पूरी तरह सफाया हो जाएगा गौरतलब है एक समय ईराक में मोसुल सहित कई प्रांतों में आईएस का कब्जा हो गया था और इस आतंकी संगठन ने भीषण मारकाट मचाई थी. लेकिन अब धीरे-धीरे सरकारी सेना ने नियंत्रण लेना शुरू कर दिया है.
अमेरिकी हिप-हॉप गायिका मधु वल्ली ने जीता 'मिस इंडिया वर्ल्डवाइड' का खिताब
10 October 2017
नई दिल्ली: उभरती हिप-हॉप कलाकार तथा वर्जीनिया की जार्ज मैसन यूनिवर्सिटी में कानून की पढ़ाई कर रहीं भारतीय मूल की 20-वर्षीय मधु वल्ली ने 'मिस इंडिया वर्ल्डवाइड' 2017 का खिताब जीत लिया है रविवार को न्यूजर्सी में हुई इस सौंदर्य प्रतियोगिता में फ्रांस की स्टेफनी मैडवने दूसरे नंबर पर रहीं. प्रतियोगिता के 26वें संस्करण में 18 देशों की सुंदरियों ने हिस्सा लिया, जिसमें गुयाना की संगीता बहादुर तीसरे स्थान पर रहीं. खिताब जीतने के बाद मधु ने कहा, "मैं बॉलीवुड और हॉलीवुड के बीच सबसे बड़ा पुल बनना चाहती हूं..." उन्होंने कहा, "मैं अपने दोनों देशों (भारत और अमेरिका) से प्यार करती हूं और मैं हमेशा दोनों का नेतृत्व करने का तरीका खोजना चाहती थी.. गौरतलब है कि मधु वल्ली की संगीत एल्बम एक दिन पहले ही जारी हुई है. उन्होंने कहा कि वह एक रिकॉर्डिंग आर्टिस्ट बनना चाहती हैं, और संगीत हमेशा से उनकी चाहत है, क्योंकि उन्होंने आठ साल की उम्र से ही गायन का प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया था.
खिलाड़ियों को राष्ट्रगान का अपमान करते देख स्टेडियम से बाहर चले गए उपराष्ट्रपति पेंस
9 October 2017
वाशिंगटन: अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस इंडियानापोलिस कोल्ट्स टीम का खेल देखने से पहले ही स्टेडियम से बाहर चले गए जब विरोध स्वरूप कुछ खिलाड़ी राष्ट्रगान के समय घुटनों के बल बैठ गए. इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि लीग मालिकों को उन खिलाड़ियों को बाहर कर देना चाहिए जो खेल से पहले राष्ट्रगान के दौरान घुटनों के बल बैठ गए थे. उपराष्ट्रपति ने ट्वीट कर बताया कि जब राष्ट्रगान के दौरान कुछ खिलाड़ी घुटनों के बल बैठे तो यह देखकर वह बाहर चले गए. पेंस ने ट्वीटर पर लिखा, ' मैं आज कोल्ट्स के गेम को बीच में ही छोड़कर इसलिए बाहर निकल आया क्योंकि मैं और राष्ट्रपति ट्रंप किसी भी ऐसे कार्यक्रम की शोभा नहीं बढ़ा सकते जो हमारे सैनिकों, हमारे झंडे और हमारे राष्ट्रगान का अनादर करता हो.' खेल के दौरान 49ers नाम की टीम के 20 से ज्यादा खिलाड़ी राष्ट्रगान के दौरान घुटनों के बल बैठ गए. इंडियाना से ताल्लुक रखने की वजह से पेंस को इससे थोड़ा झटका लगा. हालांकि इंडियानापोलिस की टीम के सदस्य एकदूसरे के हाथ पकड़ कर खड़े थे. वहीं ट्रंप ने पेंस के स्टेडियम से बाहर जाने का श्रेय खुद लेते हुए ट्वीट किया, ' मैंने उपराष्ट्रपति से कहा था कि अगर कोई भी खिलाड़ी हमारे देश का अपमान करने लगे तो आप स्टेडियम से बाहर चले जाना. मुझे उन पर और उनकी पत्नी कारेन पर गर्व है.'
मध्य अमेरिका में तूफान 'नेट' से 28 लोगों की मौत, अब मेक्सिकन तट की ओर बढ़ा
7 October 2017
कानकुन (मेक्सिको): उष्णकटिबंधीय तूफान 'नेट' मेक्सिकन समुद्र तट की ओर बढ़ गया है. मध्य अमेरिका में इसके चलते हुई भारी बारिश के कारण कम से कम 28 लोगों की मौत हो गई. 'नेट' के कारण अभी 95 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं और इसके आज या कल मेक्सिको खाड़ी के उत्तरी तट पर पहुंचने पर और मजबूत होने की संभावना है. मेक्सिको की खाड़ी में काम कर रहीं तेल और गैस कंपनियां वहां से अपने कर्मचारियों को हटा रहे हैं, जहां से होकर तूफान गुजर सकता है. अमेरिका के नेशनल हरिकेन सेंटर (एनएचसी) ने मेक्सिको के युकातान प्रायद्वीप, कानकुन और अन्य कैरीबियाई रिसॉर्टों में तूफान जैसी स्थिति उत्पन्न होने की बात कही है. तूफान के चलते कोस्टारिका में छह लोगों की मौत हो गई, वहीं निकरागुआ में 11 लोगों की जान चली गई. होंडुरास में भी तीन लोगों की मौत हुई और कई लोगों के लापता होने की खबर है. कोस्टारिका में हजारों लोग आश्रय स्थलों में सो रहे हैं.
बलूचिस्तान की सूफी मस्जिद में आत्मघाती हमला : अब तक हो चुकी है 20 की मौत, 30 से ज्यादा घायल
6 October 2017
नई दिल्ली: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक सूफी दरगाह पर हुए आत्मघाती हमले में मृतकों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है, जबकि 30 से अधिक घायल हैं. डॉन न्यूज के मुताबिक, जिला प्रशासन ने शुक्रवार सुबह मृतकों की संख्या बढ़ने की पुष्टि की. डॉन न्यूज के मुताबिक, यह विस्फोट गुरुवार शाम को फतेहपुर में पीर राखेल शाह की दरगाह के प्रवेश द्वार पर उस समय हुआ, जब वहां हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे. यह झाल माग्सी जिले का एक छोटा सा कस्बा है. पुलिस अधिकारी ने कहा कि हमलावर ने दरगाह में घुसने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षाकर्मी ने उसे रोक दिया, जिसके बाद हमलावर ने स्वयं को विस्फोट से उड़ा दिया. बलूचिस्तान के गृहमंत्री सरफराज बुग्ती ने डॉन न्यूज को बताया, "यदि हमलावर दरगाह में घुस जाता तो मृतकों की संख्या बहुत अधिक होती." हालांकि, अभी तक किसी भी आतंकवादी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. गौरतलब है कि गुरुवार को हुई यह घटना इस साल किसी दरगाह पर हुआ इस तरह का दूसरा घातक हमला है. इससे पहले फरवरी में एक आत्मघाती हमलावर ने सिंध के शेवान में लाल शाहबाज कलंदर की दरगाह को निशाना बनाकर हमला किया था, जिसमें 80 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और 250 से अधिक घायल हो गए थे.
नेपाल में भूकंप के झटके, जानमाल के नुकसान की अभी तक खबर नहीं
5 October 2017
नेपाल की राजधानी काठमांडो में कम तीव्रता के भूकंप का झटका महसूस किया गया. हालांकि भूकंप से किसी प्रकार के जान माल के नुकसान की खबर नहीं है लेकिन भूकंप से लोग दहशत में आ गए और अपने अपने घरों से बाहर निकल आए. अधिकारियों ने बताया कि भूकंप की तीव्रता काफी कम थी लेकिन स्थानीय लोगों ने इसका झटकाकाफी महसूस किया.भूकंप से अभी तक किसी प्रकार के जान माल के नुकसान की खबर नहीं है. राष्ट्रीय भूकंप केंद्र से मिली सूचना के अनुसार तडके दो बज कर चार मिनट पर आए इस भूकंप की तीव्रता 3.7 मापी गयी । इसका केंद्र गंगाबू इलाके के उत्तर में था.
लास वेगास फायरिंग : हत्‍यारे स्‍टीफन पैडॉक के पास मौजूद इस उपकरण के कारण गई ज्‍यादा लोगों की जान
3 October 2017
लास वेगास: अमेरिका में एक संगीत समारोह के दौरान हुई गोलीबारी में मृतकों की संख्‍या 50 के पार पहुंच गई है. आधुनिक अमेरिकी इतिहास में यह गोलीबारी की अब तक की सबसे घातक घटना है. इस बीच, कंसर्ट में गोलीबारी करने वाले शख्‍स के बारे में अधिकारियों ने बड़ा खुलासा किया है. अधिकारियों का कहना है कि फायरिंग करने वाले व्‍यक्ति के पास ‘बम्प स्टॉक’ नाम के ऐसे दो उपकरण थे जो सेमी-ऑटोमेटिक हथियारों को पूरी तरह ऑटोमेटिक हथियार में बदल सकते थे. बंदूकधारी ने लास वेगास में एक संगीत कंसर्ट में हजारों लोगों पर अंधाधुंध गोलियां चलाई थीं. गौरतलब है कि इस तरह के उपकरणों को बीते कुछ वर्षों में अधिकारियों की जांच से गुजरना पड़ा है. कैलिफोर्निया की सीनेटर डायना फीनस्टीन लंबे समय से ऐसे उपकरणों का विरोध करती आई हैं. कई वर्ष पहले उन्होंने एसोसिएटेड प्रेस से कहा था कि उन्हें इस तरह की नई तकनीकों के ईजाद को लेकर बहुत चिंता है जो हथियारों को पूरी तरह ऑटोमेटिक बना सकती हैं. उन्होंने कहा था, ‘यह उपकरण सेमी ऑटोमेटिक राइफल को ऐसे हथियार में बदल सकता है जो प्रति मिनट 400 से 800 राउंड की दर से गोली चला सकता है.’ सेमी ऑटोमेटिक हथियार से हर बार गोली चलाने के लिए हर बार ट्रिगर दबाने की जरूरत होती है जबकि पूरी तरह ऑटोमेटिक हथियार में एक बार ट्रिगर दबाने पर तब तक गोलीबारी होती रहती है जब तक कि पूरी मैगजीन खाली न हो जाए. स्‍वाभाविक है कि इस उपकरण के कारण घटना में ज्‍यादा लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी. वर्ष 1930 के बाद से अमेरिका में पूरी तरह ऑटोमेटिक हथियारों की खरीद पर विशेष रोक है. लास वेगास में गोलीबारी करने वाले स्टीफन पैडॉक के होटल के कमरे से 23 आग्नेयास्त्र मिले हैं. घटना की जांच में शामिल दो अधिकारियों ने एपी को बताया कि पैडॉक के पास दो बम्प स्टॉक थे। वह अब यह इस बात की जांच कर रहे हैं कि इन स्टॉक का इस्तेमाल हथियारों को उन्नत बनाने में किया गया था या नहीं. पैडॉक ने संगीत समारोह में गोलीबारी कर 59 लोगों को मार डाला और सैकड़ों को घायल कर दिया था. पुलिस होटल की 32 वीं मंजिल पर स्थित हमलावर के कमरे में पहुंची तो देखा कि इस भयावह हमले को अंजाम देने के बाद उसने खुद को खत्म कर लिया था
अमेरिका के लास वेगास में फायरिंग, 20 की मौत, 100 से ज्यादा घायल, 1 संदिग्ध हमलावर मारा गया
2 October 2017
लॉस वेगास: लास वेगास में एक संगीत महोत्सव में एक बंदूकधारी द्वारा अंधाधुंध गोलियां दागने से 20 लोगों की मौत हो गई, जबकि 100 अन्य घायल हो गए. पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों ने यह जानकारी दी. अस्पताल की एक प्रवक्ता ने सीएनएन से इस बात की पुष्टि की है कि शहर के मैंडाले बे कैसिनो के पास गोलीबारी में घायल हुए दोनों पीड़ितों ने यूनिवर्सिटी मेडिकल कॉलेज में भर्ती होने के बाद सोमवार तड़के दम तोड़ दिया. उन्होंने बताया कि घायलों में से कई की हालत नाजुक है. लास वेगास पुलिस विभाग ने अधिक जानकारी दिए बिना एक संदिग्ध को गिरफ्तार किए जाने की घोषणा की. गोलीबारी के कारण शहर के मैक्करन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ानों पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी गई है. एक प्रत्यक्षदर्शी ने सीएनएन को बताया कि गोलीबारी की घटना के कारण वहां पूरी तरह से अफरा-तफरी मची थी. उसने कहा, मुझे लगता है कि मैं सदमे में हूं..मुझे यह अहसास करने में कुछ मिनट लगे कि क्या हो रहा है? सोशल मीडिया पर एक वीडियो में सैकड़ों लोग घटनास्थल से भागते हुए दिखाई दे रहे हैं. कुछ दृश्यों में गोली चलने की आवाज सुनाई दे रही है. घटनास्थल के लाइव फुटेज में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात नजर आ रहे हैं.
रोहिंग्या लोगों की नौका डूबने से 15 की मौत, UN चीफ ने म्यामांर से कहा- अब इस पीड़ा को खत्म करो
29 September 2017
कॉक्स बाजार: रोहिंग्या समुदाय के लोगों को ले जा रही एक नौका बांग्लादेश की समुद्री सीमा में पलट गई. इस घटना में कम से कम 15 लोग डूब गए और कई के लापता होने का अंदेशा है. उधर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने म्यामां के नेताओं से शरणार्थियों की ‘पीड़ा’ को खत्म करने का अनुरोध किया है. रोहिंग्या शरणार्थी संकट बढ़ने के कारण संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद म्यामां पर खास सार्वजनिक बैठक करेगी. अमेरिका ने ‘जातीय अल्पसंख्यकों के सफाए’ के लिए देश की आलोचना की जबकि बीजिंग और मॉस्को ने म्यामां प्रशासन का समर्थन किया. बौद्ध बहुल म्यामां की सेना द्वारा रोहिंग्या विद्रोहियों के खिलाफ कठोर अभियान चलाने के बाद पिछले महीने पांच लाख से ज्यादा रोहिंग्या मुसलमान बांग्लादेश भाग गए थे. प्रत्यक्षदर्शियों और हादसे में बचे हुए लोगों ने बताया कि नौका कल अशांत समुद्र में तट से कुछ ही मीटर दूर थी लेकिन मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं के चलते यह पलट गई. स्थानीय पुलिस निरीक्षक मोहम्मद काई-किसलू ने एएफपी को बताया कि कम से कम 10 बच्चों और चार महिलाओं सहित 15 शव तट पर बह कर आ गए और आशंका है कि मृतक संख्या में इजाफा हो सकता है. एक स्थानीय दुकानदार मोहम्मद सुहैल ने बताया कि वे हमारी आंखों के सामने डूबे। मिनटों के बाद ही लहरें शवों को तट पर ले आईं. वर्ष 2009 से ही सुरक्षा परिषद के 15 में से सात सदस्यों ने म्यामां पर विश्व निकाय की पहली आम बैठक बुलाने के लिए वोट किया लेकिन वे किसी संयुक्त सहमति पर नहीं पहुंच पाए. गुतारेस ने अधिकारियों से सैन्य अभियान बंद करने और हिंसा प्रभावित पश्चिमी क्षेत्र में मानवीय सहायता पहुंचने देने का आग्रह किया. संघर्ष की वजह से विस्थापित हुए लोगों को घर लौटने की इजाजत दिए जाने की मांग करते हुए गुतारेस ने कहा,‘दुनिया में स्थिति तेजी से शरणार्थी आपदा, मानवता और मानवाधिकार की समस्या में तब्दील हो रही है,’ संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा कि ‘सुनियोजित तरीके’ की गई हिंसा मध्य म्यामां के रखाइन राज्य में अशांति का कारण है जिससे 250,000 मुस्लिमों के विस्थापित होने का खतरा है.
रूस का रासायानिक हथियारों का आखिरी भंडार नष्ट
28 September 2017
मॉस्को: रूस ने अपनी आखिरी रासायनिक युद्ध सामग्री को देश के दक्षिण पश्चिम क्षेत्र में पूरी तरह से नष्ट कर दिया. रासायनिक निरस्त्रीकरण के स्टेट कमिशन के अध्यक्ष मिखाइल बाबिच ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को बताया कि रासायानिक हथियारों को नष्ट करने की प्रक्रिया को तय समय से पहले ही पूरा कर लिया गया है. एक समाचार एजेंसी ने पुतिन के हवाले से बताया, "हम कह सकते हैं कि यह यकीनन एक ऐतिहासिक क्षण है. मिखाइल के अनुसार, विशेषज्ञों का कहना है कि रासायनिक हथियारों का भंडार पृथ्वी पर मानव जीवन को कई बार नष्ट कर सकता है. पुतिन ने कहा, "आधुनिक विश्व को अधिक संतुलित और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में यह बहुत ही बड़ा कदम है." पुतिन ने याद करते हुए कहा कि रासायनिक हथियार समझौते (सीडब्ल्यूसी) पर हस्ताक्षर करने वाला रूस पहला देश था. उन्होंने कहा कि रूस ने अपने अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों को पूरा किया है. उन्होंने सीरिया में रासायनिक हथियारों की समस्या को सुलझाने में रूस की अहम भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि वैश्विक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों और आत्मविश्वास को मजबूत करने के कदमों पर अर्थपूर्ण संवाद के लिए रूस हमेशा तैयार है.
डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया को दी चेतावनी, सैन्य विकल्प के लिए हैं तैयार
27 September 2017
वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनका देश उत्तर कोरिया के खिलाफ 'सैन्य विकल्प' के लिए ‘पूरी तरह तैयार’है. साथ ही उन्होंने आगाह किया कि दोनों देशों के बीच आगे और तनाव बढ़ने की स्थिति में ऐसा करना ‘विध्वंसकारी’होगा. उत्तर कोरिया ने कहा था कि वह अमेरिका के बमवर्षक विमानों को गिराकर अपनी रक्षा करने के लिए तैयार है. उसके इस बयान के एक दिन बाद अमेरिका के राष्ट्रपति की ओर से यह कड़ी प्रतिक्रिया आई है. इस सप्ताह न्यूयॉर्क में मौजूद रहे उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री रि योंग हो ने ट्रंप पर उनके देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया. ट्रंप ने देश की यात्रा पर आए स्पेन के प्रधानमंत्री मार्यानो राहॉय के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हम दूसरे (सैन्य) विकल्प के लिए पूरी तरह तैयार हैं. इस विकल्प को हम वरीयता नहीं देते लेकिन अगर हम यह विकल्प अपनाते हैं तो यह विध्वंसकारी होगा। मैं आपको बता सकता हूं कि यह उत्तर कोरिया के लिए विध्वंसकारी होगा. अगर हमें सैन्य विकल्प अपनाना पड़ा तो हम अपनाएंगे.’’ एक सवाल का जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा कि उत्तर कोरियाई नेता (किम जोंग उन) ‘‘बहुत बुरी तरह व्यवहार’’ कर रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि वह ऐसी बातें कह रहे हैं जो पहले कभी नहीं कही गईं. उन्होंने कहा, हम उन बातों का जवाब दे रहे हैं, लेकिन यह जवाब है. यह मूल बयान नहीं है, यह जवाब है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से जैसा वह कह रहे हैं और अगर आप देखें कि उन्होंने पिछली सरकारों से क्या कहा तो आप पाएंगे कि उत्तर कोरिया ऐसी स्थिति है जिससे 25 साल पहले, 20, 15, 10 और पांच साल पहले ही निपटा जाना चाहिए था. तब उससे अधिक आसानी से निपटा जा सकता था.
फिलस्तीनी बंदूकधारी ने इस्राइली बस्ती में तीन सुरक्षाकर्मियों की हत्या की
26 September 2017
येरूशलम: फिलस्तीन के एक बंदूकधारी ने मंगलवार को पश्चिमी तट की बस्ती में इस्राइली सुरक्षा बलों पर फायरिंग की. इस घटना में तीन कर्मियों की मौत हो गई और एक अन्य जख्मी हो गया. बाद में इस बंदूकधारी को भी मार गिराया गया. पुलिस ने कहा, 'एक आतंकवादी फिलस्तीनी मजदूरों के साथ हर अदार के पिछले दरवाजे पर पहुंचा जहां से वे प्रवेश करते हैं. उसने बंदूक निकाली और वहां तैनात सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी.' उन्होंने कहा, 'हमले में तीन इस्राइलियों की मौत हो गई, जबकि एक जख्मी हो गया. आतंकवादी को मार दिया गया है.' पुलिस ने बाद में कहा कि घायल फिलस्तीनी हमलावर की जख्मों की वजह से मौत हो गई
पाकिस्तान में हजारों मदरसों में बनाए जा रहे हैं निर्मम आतंकवादी : सीपीपी
25 September 2017
कोच्चि: कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ पाकिस्तान (सीपीपी) ने कहा है कि पाकिस्तान में हजारों मदरसों में ‘इस्लाम के सऊदी ब्रांड’ के उपदेश से सैकड़ों की संख्या में ‘निर्मम आतंकवादी’ पैदा हो रहे हैं. कोच्चि में हुए कम्युनिस्ट और वाम दलों के दो दिवसीय दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सम्मेलन में अपने एक संदेश के तहत सीपीपी की केंद्रीय समिति ने कहा कि समाज के सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने के लिए पाकिस्तान में सेना ने दीर्घकालीन तरकीब बनाई है. कम्युनिस्ट पार्टी आफ इंडिया (मार्क्सवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य एमए बेबी ने सेमिनार के समापन दिवस पर आज संवाददाता सम्मेलन में सीपीपी के संदेश की एक प्रति बांटी. गौरतलब है कि सीपीपी की 1948 में कलकत्ता में स्थापना हुई थी और पाकिस्तान में इसकी नाममात्र मौजूदगी है. बेबी ने बताया कि सीपीपी के प्रतिनिधि सम्मेलन में भाग नहीं ले पाए क्योंकि उन्हें भारतीय अधिकारियों ने वीजा देने से इनकार कर दिया.
डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणी ने समझाया, मैंने जो रास्ता चुना वह ठीक, US को कीमत चुकानी होगी : किम जोंग उन
22 September 2017
सोल: उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ‘मानसिक विक्षिप्त’ बताकर उनका मजाक उड़ाते हुए चेतावनी दी कि वह यह सुनिश्चित करेंगे कि अमेरिकी राष्ट्रपति को संयुक्त राष्ट्र में उनके देश के विनाश संबंधी बयान देने के लिए ‘भारी कीमत’ चुकानी होगी. डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने पहले संबोधन में उत्तर कोरिया को चेतावनी देने के दौरान यह कहकर दुनिया को चौंका दिया था कि अगर अमेरिका और उसके सहयोगियों पर हमला किया गया तो वाशिंगटन उसे ‘पूरी तरह तबाह’ कर देगा. प्योंगयांग द्वारा पिछले कुछ समय से चलाये जा रहे परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों की वजह से बढ़ते तनाव के बीच युद्ध के लिए उकसाने वाला यह बयान सामने आया है. उत्तर कोरिया ने तमाम अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को दरकिनार कर अपना छठा और सबसे बड़ा परमाणु परीक्षण किया था और जापान के ऊपर से होकर गुजरने वाली मिसाइलों का प्रक्षेपण किया. उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए ने किम को उद्धृत करते हुए कहा, मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि अमेरिका में सर्वोच्च कमान का विशेषाधिकार संभाल रहे शख्स को को भारी कीमत चुकानी पड़े. किम ने ट्रंप द्वारा उनको ‘रॉकेट मैन’ कहे जाने को लेकर अमेरिकी नेता के मानसिक स्वास्थ्य पर भी सवाल उठाये और कहा, ‘संयुक्त राष्ट्र के मंच पर एक संप्रभु राष्ट्र को ‘पूरी तरह तबाह’ करने का बयान मानसिक विक्षिप्त अमेरिकी राष्ट्रपति की अनैतिक इच्छा को दर्शाता है.’ उत्तर कोरिया का कहना है कि आक्रामक अमेरिका से बचने के लिए उसे परमाणु प्रतिरोधक क्षमता की जरूरत है और इस तानाशाही निजाम ने सैन्यीकरण को अपनी राष्ट्रीय विचारधारा का केंद्रीय हिस्सा बना लिया है. बयान में इस बात पर जोर दिया गया है कि किम फिलहाल अपने रास्ते से हटने वाले नहीं हैं. किम ने कहा कि ट्रंप की टिप्पणी ने, मुझे डराने या रोकने के बजाय इस बात के लिये संतुष्ट किया कि जो रास्ता मैंने चुना है वह सही है और यही वह रास्ता है जिस पर मुझे अंत तक चलना है.
पाकिस्तानी पीएम ने दी भारत को धमकी, 'कॉल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रीन' के लिए तैयार किए परमाणु बम
21 September 2017
न्यूयॉर्क: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी ने एक बार फिर उकसाने वाला बयान दिया है. उन्होंने पाकिस्तान की परमाणु नीति को लेकर कहा कि भारतीय सेना के ‘कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रिन’ से निपटने के लिए उनके देश ने छोटी दूरी के परमाणु हथियार विकसित कर लिए हैं. अब्बासी ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के परमाणु शस्त्रागार सुरक्षित हैं. कोल्ड स्टार्ट पाकिस्तान के साथ संभावित युद्ध के लिए भारत की सशस्त्र सेनाओं द्वारा विकसित किया गया सैन्य डॉक्ट्रीन है. इसके तहत भारत के सैन्य बलों को युद्ध की स्थिति में पाकिस्तान की ओर से परमाणु हमले का जवाब देने के लिए हमले करने की मंजूरी है. उन्होंने एक शीर्ष अमेरिकी थिंक टैंक काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस में एक सवाल के जवाब में कहा, हमारा सामरिक परमाणु हथियारों पर बेहद मजबूत और सुरक्षित नियंत्रण है. समय के साथ यह साबित हो चुका है कि यह प्रक्रिया बहुत सुरक्षित है. पाकिस्तान की न्यूक्लियर कमांड अथॉरिटी (एनसीए) के पास देश के परमाणु हथियारों के संबंध में कमांड, कंट्रोल और संचालनात्मक फैसले लेने की जिम्मेदारी है. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा, जहां तक सामरिक परमाणु हथियारों का संबंध है तो हमारे पास कोई भी क्षेत्रीय सामरिक परमाणु हथियार नहीं है. हमने भारत के कोल्ड स्टार्ट डॉक्ट्रिन से निपटने के लिए छोटी दूरी के परमाणु हथियार विकसित किए हैं. इनकी कमान और कंट्रोल भी उसी अथॉरिटी के पास है जिसके पास अन्य सामरिक हथियारों का नियंत्रण है. मध्यस्थ डेविड संगेर ने कहा कि पाकिस्तान दुनिया के उन देशों में जिनका परमाणु शस्त्रागार तेजी से बढ़ रहा है. संगेर ने कहा, दुनिया में कोई भी दूसरा परमाणु शस्त्रागार नहीं है, जो इतनी तेजी से बढ़ रहा हो और विश्व में उत्तर कोरिया के अलावा ऐसा कोई देश नहीं है, जिससे अमेरिका को ज्यादा चिंता हो. उसे शस्त्रागारों की सुरक्षा की चिंता है और इससे भी ज्यादा वे शस्त्रागार के कमान और कंट्रोल को लेकर चिंतित हैं. अब्बासी ने कहा कि उनकी कमान और कंट्रोल व्यवस्था अन्य देशें के समान ही सुरक्षित है. उन्होंने कहा, इस बात पर संदेह नहीं होना चाहिए कि आतंकवादी या ऐसी कोई भी आण्विक सामग्री या परमाणु हथियारों पर नियंत्रण कर सकता है. इसकी कतई आशंका नहीं है. अब्बासी ने कहा, पाकिस्तान विश्व का जिम्मेदार देश है और हमने आतंकवाद के खिलाफ बड़े युद्ध के साथ यह जिम्मेदारी दिखाई है. हम पिछले 15 वर्षों से आतंकवाद से लड़ रहे हैं. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने इस अंदेशे को खारिज करने की मांग की कि उनका देश अपने परमाणु कार्यक्रम की सुरक्षा करने में सक्षम नहीं है. उन्होंने कहा, हम परमाणु संपन्न हैं. इस पर कोई शक नहीं है. हम जानते हैं कि परमाणु कचरे से कैसे निपटा जाता है. हमने 60 के दशक में परमाणु कार्यक्रम शुरू किया था और हम परमाणु कार्यक्रम वाले एशिया के पहले देशों में से एक हैं तो अगर हमने 50 वर्षों से इसकी रक्षा की है तो मुझे लगता है कि हम अब भी कर सकते हैं
राहुल गांधी ने अमेरिका में खोला नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने का रहस्य
20 September 2017
प्रिंस्टन: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी दो हफ्ते के अमेरिका दौरे पर हैं. वह लगातार यहां मोदी सरकार पर निशाना साध रहे हैं. राहुल गांधी आज प्रिंसटन यूनिवर्सिटी में छात्रों से रू-ब-रू हुए. राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य पर बहुत ज्यादा खर्च नहीं किया जा रहा है. रोजगार भारत में सबसे बड़ी चुनौती है. उन्होंने कहा कि अगर एक देश अपने युवाओं को रोजगार नहीं दे पाता है तो वह उसे कोई विजन भी नहीं दे सकता है. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज कहा कि दुनिया में बेरोजगारी से लोग परेशान हैं और इसीलिए नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप जैसे नेताओं को लोगों ने चुना, हालांकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री मोदी भारत में इस समस्या के लिए पर्याप्त मात्रा में काम नहीं कर रहे हैं. राहुल गांधी यहां दो हफ्ते की अमेरिका यात्रा पर हैं. प्रिंस्टन यूनीवर्सिटी में छात्रों के साथ बातचीत में गांधी ने स्वीकार किया कि पीएम मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को भारत में सत्ता इसलिए मिली क्योंकि लोग कांग्रेस पार्टी से बेरोजगारी के मुद्दे पर नाराज थे. उन्होंने कहा कि रोजगार का पूर्ण मतलब राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में लोगों को सशक्त करना और शामिल करना है. राहुल गांधी ने छात्रों से कहा, मैं सोचता हूं, पीएम मोदी के उभार का मुख्य कारण और ट्रंप के सत्ता में आने की वजह, अमेरिका और भारत में रोजगार का प्रश्न होना है. हमारी बड़ी आबादी के पास कोई नौकरी नहीं है और वह अपना भविष्य नहीं देख सकते हैं और इसलिए वह परेशान हैं, और उन्होंने इस तरह के नेताओं को समर्थन दिया है. उन्होंने कहा कि एक अन्य समस्या यह है कि बेरोजगारी को कोई समस्या मान ही नहीं रहा है. इससे पहले अमेरिका की ही बर्कले यूनिवर्सिटी में राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा था. राहुल ने कहा था कि संसद को अंधेरे में रखकर मोदी सरकार नोटबंदी लाई थी, जिससे देश को नुकसान हुआ. राहुल गांधी ने वंशवाद को लेकर भी बयान दिया. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का मानना है कि परिवारवाद के चलते पार्टी में शीर्ष पद हासिल हो जाने के लिए उन्हें कोसा जाना बंद होना चाहिए, क्योंकि सारा मुल्क इसी तरह परिवारवाद से चल रहा है. अमेरिका में बर्कले स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने कहा, "मुल्क का ज़्यादातर हिस्सा इसी तरह चलता है. भारत इसी तरह काम करता है.
आंग सान सू ची ने कहा- रोहिंग्या मुसलमानों पर एक्शन सही, अंतरराष्ट्रीय दबाव में नहीं आएंगे
19 September 2017
संयुक्त राष्ट्र: दुनियाभर में रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच संयुक्त राष्ट्र की बैठक में म्यांमार की स्टेट काउंसलर आंग सान सू ची ने कहा है कि हम अंतरराष्ट्रीय दबाव में नहीं आएंगे. उन्होंने अपने भाषण में रखाइन प्रांत में अराकान इलाक़े में रह रहे कुछ रोहिंग्या मुसलमानों पर हुई कार्रवाई को सही करार दिया. उन्होंने ये तो कहा कि किसी भी तरह से मानवाधिकार का उल्लंघन ठीक नहीं है, लेकिन कुछ रोहिंग्या मुसलमानों को आतंकवादी बताने से भी नहीं चूकीं. उन्होंने रोहिंग्या मुसलमानों एक वर्ग पर पुलिस बलों पर हमले और देश विरोधी काम करने का आरोप लगाया. खास बात ये है कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतेरस ने बैठक से पहले कहा कि सू ची के पास हिंसा रोकने का ये आखिरी मौका है. उन्होंने जोर देकर कहा कि रोहिंग्या मुसलमानों की घर वापसी म्यांमार सरकार की जिम्मेदारी है.रोहिंग्या मुद्दे पर चौतरफा दबाव के बीच सू ची संयुक्त राष्ट्र की आम सभा में भाग लेने नहीं पहुंचीं हैं. ये स्टेट ऑफ़ द यूनियन भाषण उन्होंने नाय पीय ताव में दिया. सू ची ने कहा- कई महीनों की शांति के बाद 25 अगस्त को सुरक्षाबलों पर हथियार बंद गुट ने हमला कर दिया. सरकार ने जांच में इस आतंकी हमले के लिए रोहिंग्या और उनके समर्थकों का हाथ पाया. हम किसी भी तरह के मानवाधिकार उल्लंघन का विरोध करते हैं और सुरक्षा बलों को इन आतंकियों पर कार्रवाई के दौरान नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि मुझे इस बात की जानकारी है कि इस वक़्त पूरी दुनिया हमारे देश पर नज़र रखे हुए है. जैसा कि मैंने पिछली बार यूएन आम सभा में कहा था कि एक ज़िम्मेदार सदस्य देश होने के नाते हम यहां रहने वाले सभी नागरिकों की सुरक्षा, शांति और विकास कार्यों को करते रहेंगे और किसी भी तरह के अंतरराष्ट्रीय दबाव में नहीं आएंगे, हालांकि जो शरणार्थी लौटना चाहते हैं वे जांच के बाद आ सकते हैं. गौरतलब है कि म्यांमार से बड़ी तादाद में खदेड़े जा रहे रोहिंग्या मुसलमान बांग्लादेश में शरण लेने पहुंचे हैं. खाने के सामान और राहत सामग्री की यहां भारी कमी है. इन हालात में बच्चे और बूढ़े सबसे ज़्यादा परेशान हैं. इन्होंने बांग्लादेश के शामलापुर और कॉक्स बाज़ार में शरण ली हैं. शरणार्थी शिविरों में ही बच्चों को औरतें जन्म दे रही हैं. बांग्लादेश में इनकी जान बची हुई है, लेकिन मुसीबतों की कमी नहीं है. कई मानवाधिकार संगठन भारत सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि इन शरणार्थियों को देश में ही रहने दिया जाए वहीं सरकार का मानना है कि रोहिंग्या मुसलमान अवैध प्रवासी हैं और इसलिए कानून के मुताबिक उन्हें बाहर किया जाना चाहिए. गृह मंत्रालय कह चुका है कि वह रोहिंग्या मुसलमानों को भारत में शरण नहीं देगा, बल्कि उन्हें वापस लौटा देगा. इसके साथ ही भारत-म्यांमार सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है. सीमा पर सरकार ने रेड अलर्ट जारी किया है.
क्या है विवाद
रोहिंग्या समुदाय 12वीं सदी के शुरुआती दशक में म्यांमार के रखाइन इलाके में आकर बस तो गया, लेकिन स्थानीय बौद्ध बहुसंख्यक समुदाय ने उन्हें आज तक नहीं अपनाया है. 2012 में रखाइन में कुछ सुरक्षाकर्मियों की हत्या के बाद रोहिंग्या और सुरक्षाकर्मियों के बीच व्यापक हिंसा भड़क गई. तब से म्यांमार में रोहिंग्या समुदाय के खिलाफ हिंसा जारी है. रोहिंग्या और म्यांमार के सुरक्षा बल एक-दूसरे पर अत्याचार करने का आरोप लगा रहे हैं. ताजा मामला 25 अगस्त को हुआ, जिसमें रोहिंग्या मुसलमानों ने पुलिस वालों पर हमला कर दिया. इस लड़ाई में कई पुलिस वाले घायल हुए, इस हिंसा से म्यांमार के हालात और भी खराब हो गए.

'इरमा' से उबरे अब 'मारिया' की मार, कैरिबियाई द्वीप की तरफ बढ़ रहा है चक्रवात
18 September 2017
वाशिंगटन: इस महीने की शुरुआत में आए चक्रवात इरमा के प्रभाव से कैरिबियाई द्वीप के लोग अभी उबर भी नहीं पाए हैं कि अब उन्हें चक्रवात मारिया का सामना करना पड़ेगा. मारिया 120 किलोमीटर की तेज हवाओं के साथ पूर्वी कैरिबियाई की ओर बढ़ रहा है. इसकी जानकारी अमेरिकी राष्ट्रीय चक्रवात सेंटर (एनएचसी) ने दी है. कैरिबियाई द्वीप पर चक्रवात संबंधी चेतावनी जारी की गई है. यहां के लोग अभी भी इरमा के विध्वंस से उबर नहीं पाए हैं. एनएचसी ने कहा कि पहले यह चक्रवात श्रेणी वन में था, जो कि सफीर-सिम्पसन स्केल के पांच प्वांइट में सबसे नीचे है. यह अभी बारबाडोस से 225 किलोमीटर दूर उत्तर पूर्व में है. इसमें बताया गया है कि सोमवार की रात में मारिया का केंद्र लीवार्ड द्वीप में होगा तथा मंगलवार को यह उत्तर-पूर्वी कैरिबियाई समुद्र तक पहुंचेगा
लंदन की अंडरग्राउंड ट्रेन में धमाका, कई घायल, स्टेशन खाली करवा पुलिस कर रही है तलाशी
15 September 2017
ब्रिटेन की राजधानी लंदन तकी अंडरग्राउंड ट्रेन में धमाका हुआ है. धमाका पारसंस ग्रीन स्टेशन पर हुआ. यह इलाका साउथ वेस्ट लंदन में आता है. इस धमाके में कई लोगों के घायल होने की खबर है. मौके पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौजूद हैं. लंदन में अंडरग्राउंड ट्रेन के ट्यूब ट्रेन कहा जाता है और यह आम लोगों की आवाजाही के लिए एक प्रमुख साधन है.फिलहाल इस रूट की ट्रेन सेवा बाधित है. स्टेशन को खाली करवा लिया गया है. तलाशी अभियान जारी है. लंदन के समय के मुताबिक- धमाका 8.21 AM पर हुआ. धमाके के वक्त लोगों के स्कूल और दफ्तर जाने का समय था, इस वजह वहां भीड़ थी. एक प्लास्टिक की बाल्टी नुमा चीज में यह धमाका हुआ. हालांकि यह धमाका कम तीव्रता का था, लेकिन इसमें कई लोगों के घायल होने की सूचना मिली है.
मलेशिया : धार्मिक स्कूल में आग लगने से 25 लोगों की मौत, मरने वालों में ज्यादातर स्टूडेंट्स
14 September 2017
कुआलालम्पुर : मलेशिया के एक धार्मिक स्कूल में आग लगने से आज 25 लोगों की मौत हो गई जिनमें से अधिकतर छात्र हैं. अधिकारियों ने कहा कि यह देश में अभी तक हुई आगजनी की सबसे भीषण घटनाओं में से एक है राजधानी कुआलालम्पुर के मध्य में स्थित ‘ताहफिज दारूल कुरान इत्तेफाकियाह’ नामक दो मंजिला इमारत में आग भोर से पहले लगी. दमकलकर्मी तुरंत ही मौके पर पहुंचे और करीब एक घंटे में आग पर काबू पा लिया गया लेकिन इससे पहले वहां भयानक तबाही मच चुकी थी. अग्निशमन एवं बचाव विभाग के निदेशक खीरुदीन द्रहमान ने कहा, ‘इतने सारे लोगों के मारे जाने की बात समझ नहीं आती.’ उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि पिछले 20 वर्षों में देश में हुई आगजनी की यह सबसे भीषण घटना है.’ उन्होंने हादसे में 23 छात्रों और दो वार्डन के मारे जाने की पुष्टि की है. आशंका है कि इन लोगों की मौत धुएं के कारण दम घुटने या आग में फंस जाने के कारण हुई. द्रहमान ने कहा, ‘हम आग लगने के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं.’ सरकार के संघीय प्रदेशों के उप मंत्री लोगा बाला मोहन ने कहा, ‘हमारी संवेदनाएं पीड़तों के परिवार के साथ है. बीते कुछ सालों में हुई आगजनी की यह सबसे भीषण घटनाओं में से एक है.’ उन्होंने कहा, ‘हम चाहते हैं कि अधिकारी तत्काल आग लगने के कारणों का पता लगाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके.
नए प्रतिबंधों से बौखलाया उत्तर कोरिया, कहा, हथियार कार्यक्रम को और बढ़ाएंगे
13 September 2017
सोल: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ओर से लगाए गए ताजा प्रतिबंधों को 'दुष्टतापूर्ण' बताते हुए उत्तर कोरिया ने कहा है कि वह अपने हथियार कार्यक्रम को और आगे बढ़ाएगा. उत्तर कोरिया द्वारा हाल ही में किए गए परमाणु परीक्षण के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने सर्वसम्मति से उसके खिलाफ कड़े प्रतिबंधों को मंजूरी दी है. हालांकि, उत्तर कोरिया पर प्रतिबंधों को लेकर अमेरिका की मांगों की धार रूस और चीन ने कम कर दी. इससे संयुक्त राष्ट्र में इन दोनों देशों का प्रभाव झलकता है. नए प्रतिबंधों के बाद उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है, 'अमेरिका की ओर से लाए गए अवैध और दुष्टतापूर्ण प्रतिबंधों वाले प्रस्ताव को मंजूरी मिलना, डीपीआरके (उत्तर कोरिया) के लिए इसकी पुष्टि करने का और एक अवसर है कि उसके द्वारा चुना गया रास्ता सही है.' मंत्रालय ने बयान में कहा है, 'डीपीआरके देश की सम्प्रभुता और अस्तित्व के अधिकार को सुरक्षित रखने की क्षमता बढ़ाने के अपने प्रयासों को दोगुना करेगा सुरक्षा परिषद ने सोमवार को उत्तर कोरिया द्वारा संयुक्त राष्ट्र की पिछली प्रस्तावना की अवहेलना करने की आलोचना की थी और उसे अपने सभी बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु कार्यक्रमों को बंद करने के आदेश दिए थे. इन नए प्रतिबंधों के तहत उत्तर कोरिया को किए जाने वाली तेल आपूर्ति को सीमित कर दिया गया है, उसके कपड़ा निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिए गए हैं, भावी रोजगारों को भी सीमित कर दिया गया है. उत्तर कोरिया से आने और जाने वाले जहाजों की जांच के लिए बिना बल प्रयोग के अन्य देशों को अनुमति दी गई है. हथियारों में इस्तेमाल होने वाले अधिक से अधिक सामानों और प्रौद्योगिकियों को प्रतिबंधित सूची में डाल दिया गया है. अमेरिका की स्थायी प्रतिनिधि निकी हेली ने संयुक्त राष्ट्र में वोटिंग के बाद कहा कि अब उत्तर कोरिया के लगभग 90 फीसदी निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. इसके साथ ही लौह, लौह अयस्क,धातु, समुद्री भोजन और कोयला निर्यात पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है. निक्की ने कहा कि इससे उत्तर कोरिया को सालाना 1.3 अरब डॉलर का नुकसान होगा.
अमेरिका : घर में फुटबॉल मैच देख रहे लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग, 8 की मौत, हमलावर भी मारा गया
12 September 2017
प्लानो: अमेरिका के उपनगर डलास के एक घर में फुटबॉल मैच देखने के लिए जुटे लोगों पर एक हमलावर ने अंधाधुंध फायरिंग की. इसमें 8 लोगों की मौत हो गई. बाद में पुलिस ने हमलावर को भी मार गिराया. रविवार रात करीब आठ बजे गोलीबारी की सूचना मिलने पर घटनास्थल पर पहुंचे एक अधिकारी ने हमलावर पर गोली चलाई, जिससे उसकी मौत हो गई. पुलिस ने पाया कि घटनास्थल पर नौ अन्य लोग थे, जिन्हें गोलियां लगी थीं. इनमें से सात की मौत हो चुकी थी और दो को अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल में इलाज के दौरान एक घायल की मौत हो गई. पुलिस प्रवक्ता डेविड टिल्ले ने कहा, 'पहली बार घटनास्थल पर पहुंचने वाले पुलिस अधिकारी ने घर के भीतर गोलियां चलने की आवाज सुनीं.' अधिकारी पीछे की ओर से मकान में पहुंचा और उसने घर के पिछवाड़े में शव देखे और इसके बाद उसने संदिग्ध का सामना किया. पुलिस ने अभी तक संदिग्ध या मारे गए अन्य लोगों की पहचान की पुष्टि नहीं की है. पुलिस के मुताबिक हमलावर संदिग्ध घर में रहने वाले लोगों का परिचित था.
दक्षिणी मैक्सिको में 8.1 की तीव्रता वाले भूकंप से मरने वालों की संख्या 90 तक पहुंची
11 September 2017
जुचितान: जबरदस्त भूकंप से दक्षिण मैक्सिको में जनजीवन पर खासा प्रभाव पड़ा है. बार-बार भूकंप के झटकों से लोग काफी डरे हुए हैं. दक्षिण मैक्सिको में गुरुवार की रात आए 8.1 तीव्रता के भूकंप के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 90 हो गई है. कम से कम तीन दर्जन लोग जुचितान में मारे गए हैं. भूकंप के कारण जुचितान शहर में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. लोग घरों से बाहर रहने को मजबूर हैं. यहां एक-तिहाई घर रहने लायक नहीं रह गए हैं और बार-बार आ रहे भूकंप के झटकों के कारण लोग उन इमारतों के भी करीब जाने से घबरा रहे हैं, जो अभी ठीक हालत में हैं. ओक्साका और चियापास में अधिकारियों ने बताया कि हजारों घर और सैकड़ों स्कूलों को नुकसान पहुंचा है या वे नष्ट हो गये हैं. सैकड़ों लोगों को पानी संकट से जूझना पड़ रहा है. शहर में आए भयावह भूकंप के बाद कई शक्तिशाली झटकों का आना जारी है जिसमें रविवार को आया 5.2 तीव्रता का भूकंप भी शामिल है. ऐसे में इमारतों के गिरने की आशंका से बड़ी संख्या में लोग बाहर ही सो रहे हैं
कैमरे में कैद : दो किलोमीटर तक दौड़ती रही कार, बोनट पर झूलता रहा पुलिसकर्मी
9 September 2017
नई दिल्ली: कभी कभी होता है कि कुछ फिल्मी सीन असल जिन्दगी में सच होते दिख जाते हैं. चीन के डालियान में ऐसा ही कुछ अजीबोगरीब नजारा देखने को मिला. एक कार को रोकने की कोशिश में एक पुलिसकर्मी को कार के बोनट पर चढ़ना पड़ा और वह दो किलोमीटर तक कार पर इस जोखिमभरी कंडीशन में देखा गया. अलग अलग सीसीटीवी कैमरों ने इस दृश्य को कैद किया. दरअसल एक चेकपॉइंट पर पुलिसवालने ने एक कार को रोकना चाहा. लेकिन ड्राइवर ने कार नहीं रोकी और चूंकि पुलिसकर्मी उस वक्त कार के एकदम करीब रहा होगा इसलिए जब ड्राइवर ने कार को तेजी से निकालने की कोशिश की तो पुलिसकर्मी को अपने आप को बचाने के लिए कार का बोनट का हिस्सा पकड़ना पड़ा और अंतत: वह कार के बोनट के ऊपर ही चढ़ गया. पुलिसकर्मी ट्रैफिक नियम तोडने वाले इस ड्राइवर को रोकने की कोशिश कर रहा था. 2 किलोमीटर तक इसी तरह कार दौड़ती रही तब तक जब तक दो लोगों ने इस ड्राइवर को पकड़ा नहीं.
भारतीय सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत के 'सलामी स्लाइसिंग' वाले बयान से चीन हुआ खफा, दी यह प्रतिक्रिया
8 September 2017
बीजिंग: भारतीय सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत के सलामी स्लाइसिंग वाले बयान पर चीन नाराज हो गया है. चीन ने कहा है कि जब दो दिन पहले चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दोस्ताना बयानों के बाद इस प्रकार का बयान उस साझा सहयोग की भावना के विपरीत है. चीनी सरकार के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा कि अभी हमें यह पता नहीं है कि यह बयान उनका अपना निजी बयान है या फिर भारत सरकार की इसमें सहमति है. बता दें कि बुधवार को भारतीय सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने एक बार फिर दो फ्रंट पर युद्ध की संभावना से इनकार नहीं किया था. चीन से पिछले एक दशक में सबसे ज्यादा तनावपूर्ण स्थिति के समाप्त होने के एक हफ्ते के बाद उन्होंने यह बात कही थी. उन्होंने कहा कि उत्तर में चीन और पश्चिम में पाकिस्तान से लड़ाई की संभावना को नकारा नहीं जा सकता. उत्तर की स्थिति पर बोलते हुए उन्होंने कहा था कि चीन ने अपनी ताकत दिखाना शुरू किया है. 'सलामी स्लाइसिंह', यानी धीरे-धीरे भूभाग पर कब्जा करना, और दूसरे की सहने की क्षमता को परखना, चिंता का विषय है. हमें इस प्रकार की धीरे-धीरे उभरती स्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए. सेना प्रमुख ने चीन के संबंध में यह बात कही थी. उन्होंने कहा था कि उत्तर की स्थिति के चलते पश्चिम से पाकिस्तान भी मौके का फायदा उठाना चाहे. उन्होंने चीन और पाकिस्तान की नजदीकी की बात भी कही थी. यह पहली बार नहीं है जब चीन और पाकिस्तान को लेकर सेना प्रमुख ने इस प्रकार से दो फ्रंट पर युद्ध वाला बयान दिया. यह दर्शाता है कि भारत सेना चीन के साथ पनपी स्थिति को लेकर कितनी संवेदनशील है. सेना प्रमुख का यह बयान तब आया था जब चीन में हाल ही भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने सीमा पर विवादों को शांतिप्रिय ढंग से सुलझाने के लिए और प्रयासों पर बल दिया था. शी चिनफिंग ने कहा कि दोनों देशों के लिए यह जरूरी है कि हम सही रास्तों पर चलें. बता दें कि जून के मध्य भारतीय सेना ने सिक्किम की सीमा पार कर भूटान के इलाके में डोकलाम पर चीन के सड़क निर्माण कार्य को रोका था. भारत इस मामले में भूटान के दावे के समर्थन में वहां खड़ा था. चीन इस बात से नाराज हुआ और उसने भारत पर उसके भूभाग में घुसने का आरोप लगाया. भारत ने साफ कहा कि यह नई सड़क उसके उत्तर पूर्व राज्यों के लिए रणनीतिक खतरा पैदा करती है. यहां पर भारत और चीन के सैनिक करीब 70 दिनों तक नॉन कॉम्बैटिव मोड में एक दूसरे के सामने खड़े रहे. बाद में चीन ने सड़क निर्माण का साजोसामान वहां से हटाया और दोनों ओर के सैनिक अपनी अपनी बैरिकों में लौट गए वहीं, भारत ने जापान के साथ अपने सैनिक संबंधों को बढ़ाया है. भारत के रक्षामंत्री अरुण जेटली ने जापान के साथ इस संबंध में कुछ समझौते किए हैं. निर्मला सीतारमण गुरुवार को रक्षामंत्री का कार्यभार संभालेंगी. माना जा रहा है कि जापान के साथ भारत के इस प्रकार के संबंध बढ़ाने से चीन को नाराजगी होगी. जापान और भारत की सेनाएं अगले साल साझा एंटी टेरिज्म अभ्यास करेंगी. यह पहली बार होगा जब दोनों देश की सेनाएं ऐसे किसी अभ्यास में साथ नजर आएंगी.
अमेरिकी हवाई हमलों में सीरिया में 978 लोगों की हुई मौत
7 September 2017
दमिश्क: सीरिया के रक्का में बीते तीन महीनों में अमेरिका के नेतृत्व में किए गए हवाई हमलों में 978 नागरिकों की मौत हुई है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने ब्रिटेन की मानवाधिकार संस्था सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स के हवाले से बताया कि मृतकों में 234 बच्चे और 163 महिलाएं हैं. अमेरिका के नेतृत्व मे सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज (एसडीएफ) ने रक्का से इस्लामिक स्टेट (आईएस) को खदेड़ने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू किया है, जिसके मद्देनजर बीते तीन महीनों में मृतकों की संख्या बढ़ी है.
भारत और म्यांमार ने रिश्ते मजबूत करने के लिए कदम बढ़ाए, 11 एमओयू पर किए हस्ताक्षर
6 September 2017
ने प्यी ता: भारत और म्यांमार ने आज विभिन्न क्षेत्रों में 11 सहमति ज्ञापनों (एमओयू) पर दस्तखत किए. इनमें एक समझौता सामुद्रिक क्षेत्र की सुरक्षा से संबंधित है. माना जा रहा है कि इन समझौतों से दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत हो सकेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और म्यांमार की स्टेट काउंसिलर आंग सान सू की के बीच व्यापक महत्व के मुद्दों पर विचार विमर्श के बाद इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए. भारत और म्यांमार ने सामुद्रिक क्षेत्र की सुरक्षा में सहयोग के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं. दोनों पक्षों ने व्हाइट शिपिंग सूचनाओं को साझा करने के लिए भी करार किया है. यह वाणिज्यिक गैर सैन्य मर्चेंट जहाजों की पहचान के बारे में अग्रिम में सूचना देने से संबंधित है. इस करार से गैर वगीकृत मर्चेंट नेवी जहाजों या कार्गो जहाजों के बारे में डेटा देने के कामकाज में सुधार होगा. इन 11 में से एक एमओयू चुनाव आयोग और म्यांमार के राष्ट्रीय स्तर के चुनाव आयोग यूनियन इलेक्शन के बीच भी किया गया है. विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि 2017 से 2020 के दौरान दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम के लिए भी एमओयू किया गया है. भारत और म्यांमार ने भारतीय प्रेस परिषद तथा म्यामां प्रेस काउंसिल के बीच सहयोग के लिए भी करार किया है. साथ ही आईटी कौशल को बढ़ाने के लिए भारत-म्यांमार केंद्र की स्थापना के बारे में करार को विस्तार दिया गया है. दोनों देशों ने चिकित्सा उत्पाद नियमन तथा स्वास्थ्य और दवा क्षेत्र में भी सहयोग के लिए करार पर दस्तखत किए हैं. साथ ही म्यांमार के यामेथिन में महिला पुलिस प्रशिक्षण केंद्र के उन्नयन के लिए सहयोग का भी करार किया गया है. मोदी दो देशों की यात्रा के दूसरे चरण में यहां पहुंचे हैं. इससे पहले उन्होंने चीन के शहर श्यामन में वार्षिक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था. मोदी ने अपनी चीन यात्रा के दौरान चीनी राष्ट्रपति शिन चिनफिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन तथा दुनिया के अन्य नेताओं के साथ बातचीत की थी यह मोदी की म्यामार की पहली द्विपक्षीय यात्रा है. इससे पहले वे 2014 में आसियन-भारत शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने यहां आए थे. सू की पिछले साल भारत यात्रा पर गई थीं. म्यांमार भी भारत के रणनीतिक पड़ोसी देशों में आता है. इसकी 1,640 किलोमीटर की लंबी सीमा भारत के कई पूर्वोत्तर राज्यों से लगती है.
श्रीलंकाई नौसेना ने 80 भारतीय मछुआरों को किया रिहा
5 September 2017
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ ने कहा है कि वह पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या के मामले में मुकदमे का सामना करने के लिए स्वदेश लौटेंगे. गौरतलब है कि पाकिस्तान की एक अदालत ने 2007 के बेनजीर हत्याकांड के मामले में गुरुवार को मुशर्रफ को भगोड़ा करार दिया था.
स्वस्थ होने पर स्वदेश लौटेंगे मुशर्रफ
मुशर्रफ ने मीडिया को जारी किए गए बयान में रविवार को कहा कि रावलपिंडी आतंकवाद रोधी अदालत का फैसला उनके खिलाफ नहीं है. उन्होंने कहा, जब मैं पूरी तरह से स्वस्थ हो जाउंगा, तब मैं निश्चित तौर पर पाकिस्तान लौटूंगा और मुकदमे का सामना करूंगा. इस मामले में मुझे फंसाया गया है, जबकि इस दर्दनाक मौत से मेरा कोई लेना देना नहीं है. इस मामले में उन पर हत्या और आपराधिक साजिश रचने का आरोप है. वह दुबई में स्वनिर्वासन में हैं. श्रीलंकाई नौसेना और तटरक्षक बल ने श्रीलंका के समुद्री क्षेत्र में अवैध रूप से मछली पकड़ने के लिए अलग-अलग मौकों पर 76 भारतीय मछुआरों को पकड़ा था. खबर के मुताबिक, भारतीय मछुआरों को कंकेसनथुरई में अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा पर भारतीय तटरक्षक बल के जहाज ‘सारंग’ में भेज दिया गया है.

बेनजीर हत्या मामले में मुकदमे का सामना करने को तैयार हैं मुशर्रफ, लौटेंगे पाकिस्तान
4 September 2017
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ ने कहा है कि वह पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या के मामले में मुकदमे का सामना करने के लिए स्वदेश लौटेंगे. गौरतलब है कि पाकिस्तान की एक अदालत ने 2007 के बेनजीर हत्याकांड के मामले में गुरुवार को मुशर्रफ को भगोड़ा करार दिया था.
स्वस्थ होने पर स्वदेश लौटेंगे मुशर्रफ
मुशर्रफ ने मीडिया को जारी किए गए बयान में रविवार को कहा कि रावलपिंडी आतंकवाद रोधी अदालत का फैसला उनके खिलाफ नहीं है. उन्होंने कहा, जब मैं पूरी तरह से स्वस्थ हो जाउंगा, तब मैं निश्चित तौर पर पाकिस्तान लौटूंगा और मुकदमे का सामना करूंगा. इस मामले में मुझे फंसाया गया है, जबकि इस दर्दनाक मौत से मेरा कोई लेना देना नहीं है. इस मामले में उन पर हत्या और आपराधिक साजिश रचने का आरोप है. वह दुबई में स्वनिर्वासन में हैं.

बसों में सवार इस्लामिक स्टेट के आतंकी और उनके परिवारों का काफिला सीरियाई रेगिस्तान में फंसा
2 September 2017
वाशिंगटन: अमेरिकी नेतृत्व में इस्लामिक स्टेट समूह से लड़ने वाले गठबंधन बल ने कहा है कि इस्लामिक स्टेट के आतंकियों और उनके परिवारों को ले जाने वाली 17 बसों का काफिला सीरिया के रेगिस्तान में फंसा हुआ है. गठबंधन सेना ने शुक्रवार को कहा कि वह एक उपाय की खोज रही है ताकि काफिले में शामिल महिलाओं और बच्चों को और अधिक कष्टों से बचाया जा सके. सेना ने कहा गया है कि गठबंधन सेना ने काफिले पर हमला नहीं किया है. उसने काफिले को इराक सीमा तक पहुंचाने में मदद करने वाले आईएस के लड़ाकों और वाहनों पर हमला किया है. इसमें एक टैंक और अन्य सशस्त्र वाहन शामिल हैं गठबंधन सेना ने कहा कि उसके अधिकारियों ने सीरिया की सरकार को संदेश देने के लिए रूसी समकक्षों से संपर्क किया है. सीरियाई सरकार इस हफ्ते की शुरुआत में पश्चिमी सीरिया से इराकी सीमा के नजदीकी क्षेत्र में काफिले को पहुंचाने में मदद की कोशिश कर रही थी.
पीएम की चीन यात्रा : शी जिनपिंग और मोदी की मुलाकात में हो सकती है इन मुद्दों पर बातचीत
1 September 2017
नई दिल्ली: अगले सप्ताह होने जा रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान इससे हटकर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात होने की उम्मीद है. यदि मोदी व शी जिनपिंग की मुलाकात हुई तो दो महीने से ज्यादा समय तक चले डोकलाम गतिरोध के खत्म होने के बाद यह महत्वपूर्ण मुलाकात होगी. डोकलाम गतिरोध को लेकर दोनों देशों के संबंधों में खटास बढ़ गई थी. ब्रिक्स की वार्षिक बैठक चीन के शियामेन शहर में 3 सितंबर को शुरू होगी. इस तीन दिवसीय बैठक में पांच सदस्य देश ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका भाग लेंगे. इस दौरान अगर मोदी-शी की बैठक हुई तो इन दोनों नेताओं की इस साल यह तीसरी बैठक होगी. उनकी पिछली बैठक शंघाई सहयोग संगठन की अस्ताना में जून में हुए सम्मेलन में हुई थी. वे अनौपचारिक तौर पर जर्मनी में जी-20 के दौरान भी मिले थे. भारत और चीन आर्थिक विकास को रफ्तार देने के लिए आपसी कारोबार बढ़ाने को अहम मानते हैं, लेकिन दोनों के बीच रिश्ते ठीक नहीं हैं. संबंधों को पूरी तरह सामान्य बनाने के लिए जरूरी है कि सीमा विवाद सहित अन्य मुद्दे सुलझाए जाएं. चूंकि डोकलाम पर लंबा चला गतिरोध खत्म हो चुका है इसलिए अब संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में दोनों देशों की ओर से प्रयास किए जा सकते हैं.
भारत-चीन के बीच विवाद के मुद्दे..
दोनों देशों के बीच सीमा को लेकर विवाद- भारत और चीन के बीच चार हजार किलोमीटर की सीमा (एलएसी) है जो कि निर्धारित नहीं है. भारत और चीन की सेना का जहां तक कब्जा है, वही नियंत्रण रेखा है. यह रेखा 1914 में मैकमोहन ने तय की थी. हालांकि इसे चीन नहीं मानता और अक्सर घुसपैठ की कोशिश करता रहता है. तिब्बत विवाद - दोनों देशों के बीच विवाद की बड़ी वजह है तिब्बत. तिब्बत को भारत मान्यता देता है और चीन भारत के इस रुख से नाराज रहता है. तिब्बत के मुद्दे पर ही भारत और चीन के बीच युद्ध भी हो चुका है. अरुणाचल प्रदेश - भारतीय राज्य अरुणाचल प्रदेश पर चीन अपना दावा जताता है. अरुणाचल को विवादित बताने के लिए ही चीन वहां के निवासियों को स्टेपल वीजा देता है. भारत इस मुद्दे को चीन के रुख का लगातार विरोध करता रहा है. लद्दाख में सड़क निर्माण - भारत के लद्दाख में पांगोंग झील के पास सड़क निर्माण के फैसले पर चीन को आपत्ति है. भारत के गृह मंत्रालय ने पांगोंग झील से 20 किलोमीटर दूर एक सड़क निर्माण को मंजूरी दी है. जम्मू-कश्मीर - चीन जम्मू-कश्मीर को भारत का अंग नहीं मानता है. दूसरी तरफ वह पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) को पाकिस्तान का हिस्सा मानता है. इस पर भारत उससे नाराज है. पीओके में प्रोजेक्ट - चीन ने पाक अधिकृत कश्मीर में 46 बिलियन डॉलर की लागत का प्रोजेक्ट शुरू किया है, जो विवाद का कारण बन गया है. ब्रह्मपुत्र नदी- चीन ब्रम्हपुत्र नदी पर कई बांध बनाकर सारा पानी रोक रहा है. इसका भारत विरोध कर रहा है. महासागर में गतिविधियां - चीन ने हिंद महासागर में अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं जिसको लेकर भारत को आपत्ति है.

उत्तर कोरिया की हरकतों और धमकियों से बढ़ रहा है युद्ध का खतरा, अमेरिका ने कहा- सभी विकल्प खुले
31 Aug 2017
नई दिल्ली: अमेरिका ने कहा है कि परमाणु हथियार संपन्न उत्तर कोरिया की ओर से बढ़ रहे खतरे से निपटने के लिए उसने सभी विकल्प खुले रखे हैं. उत्तर कोरिया ने मंगलवार को एक बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपित की जो जापान के ऊपर से निकली, इस घटना के बाद से तनाव बढ़ गया है. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने कल एयर फोर्स वन विमान में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ सवार संवाददाताओं को बताया 'मुझे लगता है कि इस बयान में राष्ट्रपति (डोनाल्ड ट्रंप) का उत्तर कोरिया के बारे में रूख बिल्कुल साफ है कि सभी विकल्प खुले हैं और विचार जारी है.' वह प्योंगयांग द्वारा बार बार किए जा रहे बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षणों पर अमेरिकी राष्ट्रपति तथा रक्षा मंत्री जिम मैटिस के बयानों संबंधी सवालों के जवाब दे रही थीं. ट्रंप ने ट्वीट में उत्तर कोरिया के साथ बातचीत को नकारा वहीं मैटिस ने कहा कि अमेरिका के सामने कूटनीतिक विकल्प हैं. सैंडर्स ने कहा 'हम पहले भी कह चुके हैं कि हम सभी तरीके अपनाने जा रहे हैं और उनमें से एक जारी रहेगा. लेकिन एकीकृत नीति और योजना का हिस्सा ही आगे बढ़ाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन उत्तर कोरिया पर कड़े प्रतिबंध लगा कर, उस पर लगातार दबाव बना कर गंभीर कार्रवाई कर रहा है तथा अपने विकल्पों पर विचार कर रहा है. आपको बता दें कि उत्तर कोरिया ने मंगलवार को बैलिस्टिक मिसाइल दागी जो लगभग 550 किमी की ऊंचाई से, जापान के उत्तरी द्वीप होक्काइदो के ऊपर से होते हुए गई और करीब 2,700 किमी की दूरी तय कर प्रशांत महासागर में गिरी. इस बीच, सीनेटर जोए डानेली तथा बेन सेस ने उत्तर कोरिया पर तथा उसका साथ देने के लिए चीन पर प्रतिबंध बढ़ाने पर जोर दिया है.
नाव से दूसरे देश की सीमा में घुसने पर 6 चीनी नागरिक गिरफ्तार
30 Aug 2017
नई दिल्ली: नौका से आस्ट्रेलिया पहुंचने का प्रयास कर रहे चीन के छह और पापुआ न्यू गिनी के एक नागरिक को हिरासत में ले लिया गया है जबकि उनमें से दो पर मानव तस्करी करने का आरोप है. अधिकारियों ने आज यह जानकारी दी. व्यक्तियों को आस्ट्रेलिया के उत्तर में टॉरेस स्ट्रेट में पकड़ा गया. सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड ने बताया कि वे पिछले सप्ताह सैबई द्वीप पर आए जो करीब तीन सालों में ऑस्ट्रेलियाई तटों तक पहुंचने वाली पहली सफल नौका यात्रा है अधिकारियों ने समूह के देश में पहुंचने की खबर की पुष्टि नहीं की है. सोमवार को सरकार ने 1,000 से अधिक दिनों में नौका से किसी भी प्रवासी को आने से रोकने में अपनी सफलता की बात कही है. प्रवासी एंव सीमा सुरक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया, ‘हाल ही में आस्ट्रेलियाई सीमा बल ने आस्ट्रेलिया में अवैध तरीके से प्रवेश करने का प्रयास कर रहे छह चीनी नागरिकों को देखा और उन्हें हिरासत में ले लिया.’ बताया गया है कि पांच लोगों को वापस चीन भेज दिया गया है जबकि पापुआ न्यू गिनी के एक नागरिक सहित दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन पर मानव तस्करी का आरोप लगाया गया है
सऊदी अरब : हज यात्रा के लिए विश्वभर से 20 लाख हाजियों के मक्का पहुंचने की उम्मीद
28 Aug 2017
सऊदी अरब : हज यात्रा के लिए विश्वभर से 20 लाख हाजियों के मक्का पहुंचने की उम्मीद: इस वर्ष मक्का में बड़ी संख्या में हाजियों के पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है. हज यात्रा के लिए विश्वभर से 20 लाख हाजियों के सऊदी अरब के मक्का पहुंचने की उम्मीद है. हज यात्रा के लिए विश्वभर से 20 लाख हाजियों के मक्का पहुंचने की उम्मीद है. इस साल शिया बहुल ईरान के श्रद्धालु भी इस हज यात्रा में शामिल होंगे. ईरान सुन्नी बहुल सऊदी अरब का क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी है. इंडोनेशिया की 47 वर्षीय एनी ने कहा, 'मैं बहुत उत्साहित हूं क्योंकि बहुत से लोग इस जगह आने का सपना देखते हैं.' उन्होंने कहा, 'इस जगह से जाने के बाद हम खुद को ज्यादा धार्मिक महसूस करते हैं.' इंडोनेशिया सर्वाधिक जनसंख्या वाला मुस्लिम देश है और यहां से हज यात्रा पर जाने वाले हाजियों की संख्या भी सबसे अधिक होती है. हज इस्लाम धर्म के पांच स्तंभों में से एक है. हर मुसलमान को अपने जीवनकाल में कम से कम एक बार हज यात्रा करनी होती है, यदि वह ऐसा करने में समर्थ हो. हज और उमरा मामलों के निदेशक अब्देलमजीद मोहम्मद अल-अफगानी ने बताया, 'इस साल हम 20 लाख हाजियों के यहां पहुंचने की उम्मीद कर रहे हैं.' ईरान के लोग भी इस साल हज में शामिल हो रहे हैं जो 2015 में मक्का में हुई भगदड़ के कारण पिछले साल यहां नहीं आए थे. इस भगदड़ में तकरीबन 2,300 लोगों की मौत हो गई थी वहीं पिछले तीन महीनों से खाड़ी देश राजनीतिक संकट में फंसे हुए हैं जहां सऊदी अरब और उसके सहयोगी कतर के खिलाफ खड़े हो गए हैं. उन्होंने कतर पर ईरान से करीबी संबंध होने और चरमपंथ को बढ़ावा देने के आरोप लगाए हैं. गैस समृद्ध कतर पर पांच जून से प्रतिबंध लागू हैं. इससे कतर का भूमि, समुद्री और हवाई संपर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है. इससे हज यात्रा पर भी कुछ प्रभाव पड़ा है हालांकि रियाद ने घोषणा की थी कि वह हाजियों के लिए कुछ प्रतिबंधों में रियायत देंगे
अमेरिकी सेना में ट्रांसजेंडरों की एंट्री बैन करने की ओर ट्रंप सरकार
26 Aug 2017
वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सेना में ट्रांसजेंडरों की नियुक्ति से संबंधित पूर्ववर्ती ओबामा प्रशासन की योजना पर प्रतिबंध लगाने का पेंटागन को आदेश देने वाले एक ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए है. बहरहाल डेमोक्रेटिक नेताओं ने इस कदम को 'क्रूर' और अमेरिका के सैनिकों को 'अपमानित' करने के इरादे से उठाया गया कदम बताया है. ज्ञापन की एक प्रति व्हाइट हाउस ने जारी की है जिसमें ट्रम्प ने रक्षा मंत्री, गृह सुरक्षा मंत्री को सैन्य सेवा में जून 2016 से पहले ट्रांसजेंडर नागरिकों को लेकर मौजूद पुरानी परंपरा की ओर लौटने का निर्देश दिया था. ज्ञापन में ट्रम्प ने आरोप लगाया था कि पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ट्रांसजेंडर नागरिकों को सेना में खुले तौर पर सेवाएं देने की इजाजत देकर रक्षा विभागों के स्थापित ढांचे को ध्वस्त किया. ज्ञापन में 21 फरवरी 2018 तक प्रतिबंध लागू करने के लिये पेंटागन से एक कार्यान्वयन योजना विकसित करने का अनुरोध किया गया है, जिसे 23 मार्च 2018 को लागू किया जाएगा. पिछले महीने ट्रम्प ने ट्विटर पर इस संबंध में अपने फैसले की घोषणा की थी पेंटागन की प्रेस सचिव डाना व्हाइट ने बताया कि सेना में ट्रांसजेंडर कर्मियों की सेवा के संबंध में रक्षा मंत्रालय को व्हाइट हाउस से औपचारिक दिशानिर्देश मिले हैं. उन्होंने कहा, 'इस संबंध में आगे की सूचना की प्रतीक्षा की जा रही है.' फैसले की आलोचना करते हुए प्रतिनिधि सभा की डेमोक्रेटिक नेता नैंसी पेलोसी ने कहा कि ट्रम्प का ज्ञापन पेंटागन को अमेरिका की सेना में पूरे दमखम और साहस से सेवा देने वाले हजारों अमेरिकी नागरिकों को आहत और अपमानित करने का आदेश देता है.
थाईलैंड की पूर्व प्रधानमंत्री यिंगलक शिनावात्रा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी
25 Aug 2017
बैंकॉक: थाईलैंड के सर्वोच्च न्यायालय ने देश की पूर्व प्रधानमंत्री यिंगलक शिनावात्रा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. उन्हें मामले की सुनवाई में अदालत नहीं पहुंचने पर वारंट जारी किया गया है यिंगलक पर चावल सब्सिडी घोटाले में मामला दर्ज है. समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, अदालत ने सुनवाई की तारीख 27 सितंबर मुकर्रर की है और उनके वकील द्वारा उनकी खराब हालत के दस्तावेज अदालत में पेश नहीं कराए जाने पर गिरफ्तारी वारंट जारी किया.
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो बोले, अवैध तरीके से कनाडा आए तो नहीं मिलेगा कोई लाभ
24 Aug 2017
मांट्रियल: कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो का कहना है कि अमेरिका से कनाडा में प्रवेश के दौरान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मौजूद चेक पॉइंट को अवैध तरीके से पार करने वाले शरणार्थियों को कोई लाभ नहीं मिलेगा. उन्होंने वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय सीमा को पैदल पार कर अमेरिका से क्यूबेक प्रांत पहुंचने वाले शरणार्थियों की संख्या में कमी लाने के लिए यह टिप्पणी की है. संवाददाता सम्मेलन के दौरान ट्रूडो ने कहा, ‘‘कनाडा खुले विचारों वाला और सभी का स्वागत करने वाला समाज है, क्योंकि कनाडा के लोगों को अपनी आव्रजन प्रणाली पर भरोसा है, विश्वास है कि हमारा देश विधि के शासन पर चलता है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘यदि आप अवैध तरीके से कनाडा में प्रवेश करते हैं तो आपको कोई लाभ नहीं होगा. आप नियमों का पालन करें.’’ क्यूबेक के अधिकारियों के साथ मिलने के बाद ट्रूडो ने खेतों और जंगलों के जरिए राज्य में अवैध तरीके से प्रवेश करने वालों से निपटने के लिए एक कार्य दल के गठन की बात भी कही.
लंदन की मस्जिद में बना दुनिया का सबसे बड़ा समोसा, देखते ही लोगों के मुंह में आया पानी
23 Aug 2017
नई दिल्ली: समोसा का नाम सुनते ही हम भारतीयों के मुंह में पानी आ जाता है. खासकर जब हम विदेश जाते हैं तो समोसे को मिस करते हैं. अगर वहां किसी रेस्टोरेंट में समोसा दिख जाए तो फौरन मन करता है इसका स्वाद चख लिया जाए. इस बार भारत से हजारों मील दूर लंदन में समोसा सुर्खियां में है. वहां के टीवी चैनलों, अखबारों तक में इस खास समोसा की चर्चा हो रही हैं. दरअसल, यह समोसा थोड़ा हटकर है. मंगलवार को इंग्लैंड की राजधानी लंदन में दुनिया के सबसे बड़े समोसे को लोगों ने देखा. इसका वजन 153.1 (337.5 पाउंड) किलोग्राम का था. इस विशालकाय समोसे को पूर्वी लंदन के एक मस्जिद में तैयार किया गया था. मुस्लिम समुदाय के लोगों की भलाई के लिए काम करने वाले संगठन ने इसका निर्माण किया था. समोसे को बनाने के दौरान मस्जिद में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के कर्मचारी वहां मौजूद रहे. गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के कर्मचारी प्रवीण पटेल ने बताया कि इस विशालकाय समोसे को बनाने में सारे नियमों का पालन किया गया. समोसा का स्वाद चखने के बाद कर्मचारी ने इसे दुनिया का सबसे बड़ा समोसा होने का खिताब दे दिया. इससे पहले इंग्लैंड में ही साल 2012 में ब्रैडफोर्ड कॉलेज 110.8 किलो का समोसा तैयार किया गया था. इस बार मस्जिद के लोगों ने इस रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया दुनिया के सबसे बड़े समोसा को बनाने की पूरी प्रकिया को संभालने वाले 26 वर्षीय प्रोजेक्ट मैनेजर फरीद इस्लाम ने कहा कि यह उनके लिए बिल्कुल ही नया अनुभव था. पहले तो वे घबराए हुए थे, लेकिन सबकुछ सफलता पूर्वक हो जाने से वे काफी संतुष्ट महसूस कर रहे हैं. दुनिया के सबसे बड़े समोसे का स्वाद चखने के एवज में हुई कमाई मुस्लिम समाज के लोगों की तरक्की पर खर्च किया जाएगा. मालूम हो कि समोसा केवल भारत ही नहीं, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका समेत लगभग पूरे एशिया महादेश में काफी लोकप्रिय स्नैक्स होता है
तो अमेरिका के लिए कब्रगाह बन जाएगा अफगानिस्तान : तालिबान की चेतावनी
22 Aug 2017
काबुल: तालिबान ने अपने एक चेतावनी भरे बयान में अमेरिका पर निशाना साधा है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हजारों अमेरिकी सैनिकों को युद्ध प्रभावित अफगानिस्तान में भेजने का रास्ता साफ किए जाने के बाद मगलवार को तालिबान ने चेतावनी दी है कि अफगानिस्तान अमेरिका के लिए ‘एक कब्रगाह’ बन जाएगा. अफगानिस्तान में तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने एक बयान में कहा, ‘यदि अमेरिका अफगानिस्तान से अपने सैनिक नहीं हटाता है तो जल्दी ही 21वीं सदी की इस महाशक्ति के लिए अफगानिस्तान एक अन्य कब्रगाह बन जाएगा.’ उसने कहा कि अमेरिका को ‘युद्ध जारी रखने के बजाय’ अफगानिस्तान से निकलने की रणनीति के बारे में सोचना चाहिए. मुजाहिद ने कहा, ‘जब तक अमेरिका का एक भी सैनिक हमारी धरती पर है, और जब तक वे हमपर युद्ध थोपना जारी रखते हैं, तब तक हम पूरे मनोबल के साथ अपना जिहाद जारी रखेंगे.’ सोमवार को कमांडर-इन-चीफ के तौर पर देश को दिए अपने पहले औपचारिक संबोधन में ट्रंप अमेरिका के सबसे लंबे युद्ध को खत्म करने के अपने वादे से पीछे हट गए. हालांकि उन्होंने इसपर विशेष जानकारी नहीं दी. उन्होंने कहा कि वह इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि ‘त्वरित निकासी अस्वीकार्य और पूर्वानुमान लायक है.’ इससे एक ऐसा शून्य पैदा हो जाएगा, जिसे आतंकी ‘तुरंत भर देंगे.’ ट्रंप ने सैनिकों की संख्या के बारे में विस्तार से बताने से मना कर दिया लेकिन व्हाइटहाउस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने अपने रक्षामंत्री को 3900 तक और सैनिक तैनात करने का अधिकार दे दिया है. इससे पहले मुजाहिद ने रणनीति को अस्पष्ट बताते हुए खारिज कर दिया था. उसने कहा था कि इस रणनीति में ‘कुछ भी नया’ नहीं है. तालिबान के एक वरिष्ठ कमांडर ने एएफपी को बताया कि ट्रंप जॉर्ज बुश जैसे पिछले राष्ट्रपतियों के ‘अहंकारी बर्ताव’ को स्थायी ही बना रहे हैं. उसने कहा, ‘वह अमेरिकी सैनिकों को बर्बाद कर रहे हैं. हम जानते हैं कि हमारे देश की रक्षा कैसे करनी है. इससे कुछ नहीं बदलेगा.’ प्रवक्ता ने एक अज्ञात स्थान से न्यूज ऐजेंसी एएफपी को टेलीफोन पर बताया, ‘ हम कई पीढ़ियों से इस युद्ध को लड़ रहे हैं. हम डरे नहीं हैं. हम तैयार हैं और अपनी आखिरी सांस तक इस युद्ध को जारी रखेंगे.’ उसने कहा कि बयान ने साबित कर दिया है कि मौजूदा अफगान सरकार ‘अमेरिका के हाथ की कठपुतली’ है. ट्रंप के बयान के कुछ ही मिनट बाद आतंकियों ने अपने इरादों के भी संकेत दे दिए. आतंकियों ने दावा किया कि काबुल स्थित अमेरिकी दूतावास को सोमवार रात रॉकेट हमले से निशाना बनाया गया. शहर के राजनयिक क्वार्टर के क्षेत्र में सोमवार को रॉकेट गिरा था. हालांकि इसके कारण किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं मिली. वह ‘अराजकता के एजेंटों’ को पनाहगाह उपलब्ध करवाने को लेकर पाकिस्तान पर भी बरसे. तालिबान के सहयोगी हक्कानी नेटवर्क के एक कमांडर ने न्यूज ऐजेंसी एएफपी से कहा कि ट्रंप ने यह साबित कर दिया है कि यह एक धर्मयुद्ध है. लंबे समय से यह माना जाता है कि हक्कानी नेटवर्क का पाकिस्तान के सैन्य प्रतिष्ठान से संबंध रहा है. कमांडर ने कहा, ‘ट्रंप के बयान ने साबित किया है कि अमेरिका पूरे मुस्लिम समुदाय को मिटा देना चाहता है.’ ट्रंप की घोषणा से पहले तालिबान ने उन्हें चेतावनी देते हुए एक खुला खत लिखा था और चेतावनी दी थी कि वह अफगानिस्तान में और अधिक सैनिक न भेजे और यहां से विदेशी बलों को पूरी तरह हटा लें.
पाकिस्तान को चीन और रूस के करीब ला सकती है अमेरिका की नई अफगान नीति: रिपोर्ट
21 Aug 2017
इस्लामाबाद: ट्रंप प्रशासन की नई अफगान रणनीति के किसी भी नतीजे को संतुलित करने के लिए पाकिस्तान को चीन और रूस के साथ कहीं 'गहरे' संबंध बनाने की कोशिश करनी पड़ सकती है. यह बात मीडिया में आई एक रिपोर्ट में कही गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप युद्धप्रभावित अफगानिस्तान के लिए बहुप्रतीक्षित नई रणनीति की घोषणा करने वाले हैं. खबरों में कहा गया है कि अपनी नीति की समीक्षा के दौरान ट्रंप प्रशासन ने भारत की भूमिका की संभावनाओं पर गौर किया और कल अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने इस बात की पुष्टि की कि नई नीति एक पूर्ण 'दक्षिण एशिया रणनीति' है. द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने 'इस योजना से परिचित कम से कम दो अधिकारियों के हवाले से कहा' कि पाकिस्तान नई अफगान रणनीति के किसी भी परिणाम को संतुलित करने के लिए विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रहा है." रिपोर्ट में कहा गया कि पाकिस्तान के अधिकारियों ने यह स्वीकार किया है कि वॉशिंगटन से मिल रहे संकेतों को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि आने वाले महीनों में इस्लामाबाद के धैर्य की निश्चित तौर पर परीक्षा होगी. एक अधिकारी ने दैनिक अखबार को बताया कि अमेरिका की ओर से कोई कठोर कदम उठाए जाने की सूरत में पाकिस्तान के पास चीन और रूस के साथ अपना सहयोग बढ़ाने और गहराने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा. पाकिस्तान और चीन के बीच एक सर्वकालिक संबंध है. दोनों देशों के नेताओं ने इस संबंध को बेहद मजबूत संबंध कहा है. कुछ साल पहले बीजिंग की ओर से ‘वन बेल्ट, वन रोड’ पहल की घोषणा किए जाने पर इनका संबंध आगे बढ़ा है. दोनों देशों के बीच एक महत्वाकांक्षी पहल के तहत 50 अरब डॉलर का चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा पाक अधिकृत कश्मीर से होकर गुजरता है. रिपोर्ट में दावा किया गया कि रूस के साथ पाकिस्तान के संबंध भी शीत युद्ध के दौर की शत्रुताओं से आगे बढ़ चुके दिखाई देते हैं आकस्मिक स्थितियों में पाकिस्तान की पहली योजना के बारे में अधिकारी ने कहा, "यदि अमेरिका हमारी वाजिब चिंताओं पर गौर नहीं करता और बस भारत की ही लाइन पर आगे बढ़ता है तो हम निश्चित तौर पर चीन और रूस की ओर चले जाएंगे." 'फॉरेन पॉलिसी' पत्रिका में छपी एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि ट्रंप पाकिस्तान को दी जाने वाली सभी सैन्य मदद खत्म करने पर विचार कर रहे हैं क्योंकि उनका मानना है कि 'इस्लामाबाद वॉशिंगटन के साथ धोखाधड़ी कर रहा है.' वहीं पाकिस्तानी अधिकारियों का मानना है कि अमेरिका का रुख हमें दबाव में रखने पर केंद्रित दिखाई देता है
पुलिस ने स्पेन हमलों के तीन संदिग्ध आतंकियों के नाम जारी किए
19 Aug 2017
बार्सिलोना : पुलिस ने स्पेन आतंकी हमलों में मोरक्को के तीन संदिग्धों के नाम जारी किए हैं. कातालोनिया की पुलिस ने उनकी पहचान मूसा कबीर (17), सईद आला (18) और मोहम्मद हयकामी (24) के तौर पर की है. पुलिस चौथे संदिग्ध यूनस अबू याकूब (22) की तलाश कर रही है. स्पेन में वाहनों को हथियार की तरह इस्तेमाल करने की दो घटनाओं में पुलिस ने अपनी जांच तेज कर दी है.
14 लोगों की हो गई थी मौत. बार्सिलोना और कैम्ब्रिल्स में हुए इन हमलों में 14 लोगों की मौत हो गई थी और 100 से अधिक लोग घायल हो गए थे. हमले में कई देशों के दर्जनों नागरिक हताहत हुए हैं. कातालोनिया पुलिस के जोसेप लुईस ट्रेपरो ने शुक्रवार को एक साक्षात्कार में कहा कि पुलिस को हमलों में 12 लोगों के शामिल होने की आशंका है. इनमें से 5 को पुलिस ने कैम्ब्रिल्स में मार गिराया था और चार अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया है. उन्होंने कहा कि अन्य 3 संदिग्धों की पहचान की जा चुकी है, लेकिन उन्हें अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है. आतंकी संगठन आईएस ने हमले की जिम्मेदारी ली थी

एप्पल के CEO ने नफरत के खिलाफ जंग के लिए 20 लाख डॉलर दान में दिए, ट्रंप की कर चुके हैं आलोचना
18 Aug 2017
सैन फ्रांसिस्को: अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी एप्पल मानवाधिकार संगठनों को 20 लाख डॉलर दान दे रहा है. यह दान एप्पल के सीईओ टिम कुक की नफरत के खिलाफ लड़ाई की प्रतिज्ञा का हिस्सा है. इसी नफरत के कारण पिछले सप्ताहांत वर्जीनिया में श्वेत राष्ट्रवादियों की रैली के दौरान हिंसा भड़की थी. एसोसिएट प्रेस को आंतरिक ज्ञापन प्राप्त हुआ है जिसमें कुक द्वारा कल यह प्रतिज्ञा लेने की बात सामने आई है. ज्ञापन में कुक ने अपने कर्मचारियों को बताया कि वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के श्वेत राष्ट्रवादियों और उनका विरोध करने वाले प्रदर्शनकारियों की कार्रवाई के बीच तुलना के प्रयासों से पूरी तरह असहमत हैं. कुक का मानना है कि दोनों के बीच तुलना ''अमेरिकी होने के तौर पर हमारे आदर्शों के विपरीत है.'' इस बयान के बाद से वह शार्लोट्सविले में हुई हिंसा पर ट्रंप की टिप्पणी से दूरी बनाने वाले प्रख्यात सीईओ बन गए हैं. एप्पल सदर्न पॉवर्टी लॉ सेंटर और एंटी-डेफमेशन लीग को क्रमश: दस-दस लाख अमेरिकी डॉलर दान कर रहा है. इसमें इन दोनों संगठनों और अन्य मानवाधिकार संगठनों को कर्मचारियों द्वारा दो के लिए एक आधार पर दिया जाने वाला दान भी शामिल होगा. इसी बीच अमेरिकन एयरलाइन्स के प्रवक्ता मैट मिलर ने बताया कि एयरलाइन्स ग्रेटर शार्लोट्सविले के हैबिटेट फॉर ह्यूमैनिटी को 1,50,000 अमेरिकी डॉलर दान में देगा.
हरकतों से बाज नहीं आ रहा चीन, अब भारत को कहा छोटी मानसिकता वाला देश
17 Aug 2017
नई दिल्ली: डोकलाम को लेकर जारी विवाद के बीच चीनी मीडिया भारत पर निशाना साधने का एक भी मौका नहीं गंवा रहा है. अब चीनी मीडिया ने भारत को छोटी सोच वाला बताया है. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने अपने संपादकीय में लिखा है, 'भारत बहुत छोटी सोच वाला देश है. इसका अंदाजा इस बात से लगता है कि बॉर्डर पर एक सड़क के निर्माण से दो देशों के रणनीतिक हालात बदलाव आ जाएगा. यह सोच भारत की मानसिकता को दर्शाता है.' साथ चीनी अखबार ने ये भी कहा है कि भारत दादागिरी करने की मानसिकता से फैसले ले रहा है. अखबार ने लिखा है, 'भारत कोल्ड वार को बढ़ावा दे रहा है. वह इलाके का दादा बनने की मानसिकता से काम कर रहा है. भारत को इस मानसिकता से बाहर आने की जरूरत है, तभी वह उभरते चीन को दुश्मन के रूप में देखने के बजाय विकास के अवसर के रूप में समझ पाएगा. ग्लोबल टाइम्स ने सफाई देने के लहजे में लिखा है कि भारत को खुली सोच अपनानी चाहिए और दुनिया को खतरों के तौर पर देखने, चुनौती के तौर पर लेना छोड़ देना चाहिए। भारत को छोटे दक्षिणी एशियाई देशों सहित दुनिया को लेकर अपनी सोच पर विचार करना चाहिए. भारतीय जवानों पर की पत्थरबाजी: चीन एक तरफ जहां डोकलाम में भारत को आंखें दिखा रहा है तो दूसरी तरफ लद्दाख इलाके में भी घुसपैठ की कोशिश की है. मंगलवार को चीन ने लद्दाख में भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश की है. सुबह करीब 11 बजे चीन के सैनिक पांच छह गाड़ियां लेकर आए और उसे अपने इलाके में खड़ी कर पैदल पैदल भारतीय इलाके में घुस आए. जिस जगह से चीनी सैनिक भारत में दाखिल हुए वह पेंगोंग झील का इलाका है. चीनी सैनिकों की इस हरकत को देखकर वहां तैनात आईटीबीपी के जवानों ने ह्यूमन चैन बना लिया और उन्हें रोकने लगे. इस दौरान देशों के सैनिकों के बीच हाथापाई भी हुई. यह विवाद आधे घंटे तक चला सेना से जुड़े सूत्रों के मुताबिक भारतीय फौज के विरोध के बाद चीनी सैनिक अपनी सीमा में लौट गए और वहीं से पत्थर फेंकने लगे. चीनी सैनिकों की ओर से फेंके गए पत्थर से आईटीबीपी के कुछ जवानों को चोटें आई हैं. चीनी सैनिकों लोहे का रॉड लेकर भी आये थे. 'भारतीय सेना ने क्रॉस किया बॉर्डर': दो दिन पहले चीनी मीडियो ने आरोप लगाया था कि भारतीय फौज उसकी सीमा में घुस आए हैं. चीन के सरकारी अखबार पीपुल्स डेली में छपी खबर में आरोप लगाया गया है कि भारतीय फौज ने सीमा का गलत आकलन (Miscalculation) किया. इस गलती के लिए भारत को इसके लिए शर्मिंदगी झेलनी पड़ेगी. यहां गौर करने वाली बात यह है कि सिक्किम के डोकलाम में भारत और चीन के बीच करीब दो महीने से सीमा विवाद तनावपूर्ण स्थिति में पहुंच गया है. डोकलाम पर भारत-चीन फ्लैग लेवल की मीटिंग बेनतीजा: डोकलाम विवाद को सुलझाने के लिए 11 अगस्त को भारतीय और चीन के सेना के बीच मेजर जनरल स्तर पर नाथूला में फ्लैग लेवल मीटिंग हुई, लेकिन बेनतीजा साबित हुई. सूत्रों का कहना है कि चीन इस बात पर जोर डाल रहा है कि भारत डोकलाम से अपने सैनिक हटाए वहीं भारत का कहना है कि चीन जब तक सड़क बनाने का उपकरण नहीं हटाता वो अपनी सेना नहीं हटाएगा. दोनों पक्षों ने फैसला लिया कि अपने अपने हेडक्वाटर को रिपोर्ट करेंगे. पिछले हफ्ते भी ब्रिगेडियर स्तर पर नाथूला में ही दोनों देशों के सेनाओं के बीच बातचीत हुई थी लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला. भारत ने सीमा पर बढ़ाई सैनिकों की संख्या: भारत के सिक्किम से लगे भूटान के डोकलाम में भारत और चीनी सेना के जवान कुछ हफ्तों से नॉन कॉम्बेटिव मोड में आमने-सामने डटे हुए हैं. डोकलाम मुद्दे पर जारी तनातनी के बीच सामरिक तौर पर अहम कदम उठाते हुए भारत ने सिक्किम और अरूणाचल प्रदेश से लगी चीन की सीमा के आसपास के समूचे इलाके में और ज्यादा सैनिकों की तैनाती की है. वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि सैनिकों के 'चौकसी के स्तर' को भी बढ़ा दिया गया है. उन्होंने बताया कि डोकलाम पर भारत के खिलाफ चीन के आक्रामक अंदाज के मद्देनजर और गहन विश्लेषण के बाद सिक्किम से लेकर अरूणाचल प्रदेश तक भारत-चीन की करीब 1,400 किलोमीटर लंबी सीमा के पास के इलाकों में सैनिकों की तैनाती बढ़ाने का फैसला किया गया. क्या है डोकलाम विवाद?: इसी साल 16 जून को भारतीय सैनिक डोकलाम इलाके में गश्त पर थी, तभी पता चला कि चीन यहां सड़क बना रहा है. भारतीय सेना ने चीन के सड़क निर्माण के कार्य को रोक दिया. इसी बात से चीन नाराज हो गया और लगातार प्रोपेगेंडा कर रहा है. उसका दावा है कि वह अपनी सीमा में सड़क बना रहा है, ऐसे में भारत को क्या ऐतराज है. हालांकि यह इलाका भूटान का है.
चीन बन रहा दुनिया के लिए आफत, अमेरिका ने कहा- उसकी हरकतें आतंकवाद जैसी
14 Aug 2017
नई दिल्ली: जमीन से लेकर समंदर तक में सीमा को लेकर दुनिया के कई देशों से टकराव ले रहे चीन को अमेरिका ने भविष्य के लिए बड़ा खतरा बताया है. अमेरिका ने चीन की हरकतों की तुलना आतंकवाद तक से कर दी है. अमेरिका के प्रशांत क्षेत्र के सैन्य कमांडर एडमिरल हैरी हैरिस ने कहा कि चीन भविष्य में दुनिया के लिए बड़ा खतरा बनने वाला है. अमेरिकी सैन्य व्यवस्था में प्रशांत क्षेत्र के अंतर्गत ही दक्षिण चीन सागर और उत्तर कोरिया का आता है, जहां पर आने वाले दिनों टकराव की सबसे ज्यादा आशंका है. एडमिरल हैरिस ने कहा कि भविष्य का सबसे बड़ा खतरा आक्रामक और किसी भी तरह से आगे बढ़ने की इच्छा पाले चीन है. लेकिन इस समय का सबसे बड़ा खतरा उत्तर कोरिया है. इसके अतिरिक्त जो बड़ा खतरा अमेरिका सहित दुनिया के ज्यादातर देश झेल रहे हैं वह आतंकवाद है. आईएस और दूसरे आतंकी संगठन अलग-अलग देशों में हमले करके निर्दोष लोगों को मार रहे हैं और संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं. फिलीपींस के मरावी शहर का जिक्र करते हुए एडमिरल हैरिस ने कहा कि हम वहां पर फिलीपींस की सेना का सहयोग कर रहे हैं. जल्द ही शहर पर दोबारा कब्जा पाने की उम्मीद है. मुस्लिम बहुल यह शहर कई महीनों से आतंकियों की गिरफ्त में है और वहां पर सेना और आतंकियों के बीच संघर्ष चल रहा है. भारत के प्रति अमेरिका की नरमी: एडमिरल हैरिस ने कहा, भारतीय सेनाओं को आधुनिक उपकरणों से लैस करके और सैनिकों को प्रशिक्षण देकर अमेरिका उन्हें और प्रभावशाली बना सकता है. दोनों देशों बीच पिछले दशक में 15 अरब डॉलर (एक लाख करोड़ रुपये) रक्षा क्षेत्र का कारोबार हुआ है, जो आने वाले वर्षो में बढ़ने की उम्मीद है. मजबूत भारत से सभी का लाभ है.
शरीफ का दावा, पद से हटाने की 'साजिशें' 3 साल पहले शुरू हुई थीं, फिर बनूंगा प्रधानमंत्री
12 Aug 2017
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री पद से हटाने की 'साजिशें' तीन साल पहले ही शुरू हो गई थीं. शरीफ ने उन्हें प्रधानमंत्री पद से अयोग्य ठहराए जाने को 'मजाक' बताया और भरोसा जताया कि वह चौथी बार प्रधानमंत्री निर्वाचित होंगे.
भ्रष्टाचार का एक भी उदाहरण देने में नाकाम रहे पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें अयोग्य ठहराने वाले न्यायाधीश उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का एक भी उदाहरण देने में नाकाम रहे. उन्होंने कहा, क्या इसे अयोग्यता कहनी चाहिए? मैं कल फिर जनता द्वारा प्रधानमंत्री बनाया जाऊंगा. गुजरांवाला शहर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए 67 वर्षीय शरीफ ने अपने समर्थकों से उनके साथ सड़कों पर उतरने का संकल्प लेने को कहा ताकि यह सुनिश्चित हो कि पाकिस्तान के निर्वाचित प्रधानमंत्री का और निरादर नहीं किया जाए. '
'मैं गद्दार नहीं, देशभक्त हूं शरीफ ने कहा, मुझे हटाने की साजिशें करीब साढ़े 3 साल पहले शुरू हो गई थीं और अंतत: उन्होंने (सैन्य प्रतिष्ठान और न्यायपालिका) अपमानजनक तरीके से मुझे निष्कासित कर दिया. मैं गद्दार नहीं हूं. मैं देशभक्त पाकिस्तानी हूं.

भारत आएंगी डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका, पीएम मोदी ने भी किया ट्वीट’
11 Aug 2017
वाशिंगटन: भारत और अमेरिका हैदराबाद में 28 नवंबर से वैश्विक उद्यमिता सम्मेलन की सह-मेजबानी करेंगे और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका करेंगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी घोषणा की. उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय सम्मेलन का उद्देश्य दोनों देशों के उद्यमियों को एक साथ लाना है. पीएम मोदी ने ट्वीट किया कि यह सम्मेलन उद्यमियों को एकसाथ लाने का अद्वितीय अवसर है. उन्होंने कहा कि वह अमेरिकी प्रतिनिधमंडल के नेता के रूप में जीईएस 2017 हैदराबाद में इवांका ट्रंप की उपस्थिति को लेकर आशांन्वित हैं. यह सम्मेलन नीति आयोग द्वारा विदेश मंत्रालय के समन्वय से आयोजित किया जा रहा है. डोनाल्ड ट्रंप ने भी ट्वीट किया, दुनियाभर की महिला उद्यमियों का समर्थन करने के लिए इस बार पतझड़ में इवांका ट्रंप भारत जा रहे अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगी. इस ट्वीट में ट्रंप ने PM मोदी के ट्विटर हैंडल को भी मार्क किया. डोनाल्ड ट्रंप के ट्वीट से पहले इवांका ने एक ट्वीट में लिखा, GES2017 में भाग लेने जा रहे अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने का सम्मान मिला है. मैं इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दुनियाभर के उद्यमियों से भी मिलूंगी. जब पीएम मोदी अमेरिका गए थे तो उन्होंने इवांका को भारत आने का न्यौता दिया था. पीएम मोदी अमेरिका और भारत के संबंधों को और बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं.
चीन ने किया दावा, डोकलाम में अब भी 53 भारतीय सैनिक मौजूद’
10 Aug 2017
बीजिंग: डोकलाम में सीमा विवाद के बीच दोनों ओर की सेनाओं के जवान 16 जून से आने सामने डटे हुए हैं. चीनी विदेश मंत्रालय के हवाले से एक सरकारी अखबार में कहा गया कि डोकलाम इलाके में भारत के 53 सैनिक और एक बुलडोजर मौजूद है. ग्लोबल टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्रालय ने भारत से ‘‘चीनी क्षेत्र’’ से अपने सैनिक और उपकरण हटाने को कहा है. मंत्रालय के हवाले से दैनिक ने कहा है कि सोमवार तक भारत की तरफ से 53 लोग और एक बुलडोजर ‘‘चीनी क्षेत्र’’ में बने हुए थे. मंत्रालय के हवाले से अखबार कहता है, ‘‘भारत को अपने सैनिक और उपकरण हटाने चाहिए. उन्होंने चीनी संप्रभुता का गंभीर रूप से उल्लंघन किया है.’’ चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता चेंग शुआंग ने पिछले हफ्ते कहा था कि डोकलाम इलाके में दो अगस्त तक ‘‘भारत के 48 सैनिक और एक बुलडोजर था.’’ चेंग ने कहा था, ‘‘ इसके अलावा, वहां सीमा पर और सरहद पर भारत की तरफ अब भी बड़ी संख्या में भारतीय सशस्त्र बल जमा हैं.’ चीनी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी 15 पन्नों के तथ्यात्मक दस्तावेज में पहले कहा गया था कि जुलाई के अंत तक क्षेत्र में 40 से ज्यादा भारतीय सीमा सैनिक और एक बुलडोजर था पिछले हफ्ते नई दिल्ली में सूत्रों ने चीनी दावों को खारिज करते हुए कहा था कि पिछले छह हफ्तों से डोकलाम में भारतीय सेना के 350 कर्मी तैनात हैं. इससे पहले चीन ने क्षेत्र में सड़क का निर्माण करने की कोशिश की थी जिससे गतिरोध पैदा हुआ
'ट्रम्प की उत्तर कोरिया को धमकी, नहीं माने तो होगा ‘विध्वंस’
9 Aug 2017
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आज परमाणु हथियार संपन्न उत्तर कोरिया को लेकर अपना रूख और कड़ा करते हुए चेतावनी दी कि अगर वह अमेरिका को धमकाना जारी रखता है तो उसे ऐसे विध्वंस का सामना करना होगा जो दुनिया ने कभी नहीं देखा होगा. ट्रम्प की यह कड़ी चेतावनी ‘द वाशिंगटन पोस्ट’ अखबार द्वारा अमेरिका खुफिया सेवाओं के हवाले से दी गयी खबर के बाद आयी जिसमें कहा गया कि उत्तर कोरिया की किम जोंग-उन सरकार ने एक परमाणु हथियार का निर्माण किया है जो इतना छोटा है कि उसकी मिसाइलों में लगाया जा सकता है. ट्रम्प ने न्यूजर्सी में अपने गोल्फ क्लब में आयोजित एक बैठक की शुरूआत के दौरान कहा, 'उत्तर कोरिया के लिए बहुत अच्छा होगा कि अमेरिका को और धमकियां ना दे. वरना उन्हें ऐसे विध्वंस का सामना करना होगा जो दुनिया ने कभी नहीं देखा होगा.'
'पीएम नरेंद्र मोदी को भारतीय हितों के लिए खड़ा होने वाला नेता मानता है चीन'
8 Aug 2017
वाशिंगटन: चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ऐसे नेता के रूप में देखते हैं, जो भारतीय हितों के लिए खड़े रहने और क्षेत्र में चीन को रोकने के इच्छुक देशों के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं. उक्त विचार एक शीर्ष अमेरिकी चीनी विशेषज्ञ के हैं. सेन्टर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (सीएसआईएस) की बोनी एस ग्लेसर ने साक्षात्कार में कहा, मेरा मानना है कि शी चिनफिंग प्रधानमंत्री मोदी को एक ऐसे नेता के रूप में देखते हैं, जो भारतीय हितों के लिए खड़े रहना और क्षेत्र में चीन को रोकने के इच्छुक अन्य देशों, खासतौर से अमेरिका और जापान के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं, और मुझे लगता है इसी बात से चीन चिंतित है. एशिया के लिए वरिष्ठ सलाहकार और वाशिंगटन डीसी स्थित शीर्ष अमेरिकी थिंक टैंक सीएसआईएस में चाइना पावर प्रोजेक्ट की निदेशक ग्लेसर का मानना है कि चीन को भारत के साथ अपने तनावपूर्ण संबंधों से कुछ लाभ होता नजर नहीं आ रहा है. उन्होंने कहा, शुरुआत में शी चिनफिंग दिल्ली गए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से रिश्ते कायम करने की कोशिश की. मुझे लगता है कि उन्हें उम्मीद थी कि भारत ऐसी नीति अपनाएगा, जो चीनी हितों को चुनौती नहीं देगी, लेकिन दक्षिण चीन सागर में उनकी गतिविधियां जारी रहने के कारण ऐसा नहीं हो पाया. डोकलाम में घटनाक्रमों पर करीबी नजर रख रही ग्लेसर ने कहा, हिंद महासागर और अन्य समुद्री क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच जाहिर तौर पर मतभेद हैं. चीन को भारत के साथ अपने तनावपूर्ण संबंधों से लाभ होता नहीं दिख रहा है. गौरतलब है कि चीन ने भारत-भूटान-चीन सीमा के समीप सड़क निर्माण शुरू किया था जिसका निर्माण कार्य भारतीय सेना ने रुकवा दिया था. इसके बाद 16 जून से ही डोकलाम में भारत और चीन के बीच गतिरोध बना हुआ है. ग्लेसर ने कहा कि चीन लंबे समय में अपने लिए भारत को एक मुख्य चुनौती मानता है. उन्होंने कहा, चीन भारत को सबसे बड़ी उभरती शक्ति के रूप में देखता है जो, दीर्घावधि में उसके लिए चुनौतियां पैदा कर सकता है. आने वाले समय में चीन क्षेत्र में उसकी बढ़ती शक्ति को चुनौती देने के लिए जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका जैसे अन्य देशों के साथ भारत के सहयोग को लेकर चिंतित है, यह नकारात्मक है. उन्होंने कहा कि दुनिया में भारत ही इकलौता देश है जो चीन के वन वेल्ट एंड वन रोड पहल का स्पष्ट रूप से विरोध करता है. उन्होंने कहा, चीन यह नहीं मानता कि भारत से उसे कोई खास सैन्य खतरा है. उदाहरण के लिए चीन अपनी सुरक्षा के लिए भारत के परमाणु शस्त्रों को बड़ा खतरा नहीं मानता है, लेकिन भारत को राजनीतिक खतरे के रूप में देखता है क्योंकि उसका चीन को रोकने के लिए अन्य शक्तियों के साथ सहयोग है. विशेषज्ञ ने कहा कि अगर डोकलाम गतिरोध जारी रहता है तो भारत का रुख और उसके नतीजों का क्षेत्र में अन्य देशों पर बड़ा असर पड़ सकता है खासतौर से उन देशों पर जिनका चीन के साथ सीमा विवाद है.
CCTV कैमरों को विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम के जरिये हैक कर सकती है सीआईए
5 Aug 2017
वॉशिंगटन। विकीलीक्स ने अब सीआईए के कुछ नए टूल्स का खुलासा किया है, जिसका उपयोग वह साइबर ऑपरेशंस को अंजाम देने के लिए कथिततौर पर कर रहा है। इस बार यह विशेष रूप से ऑपरेटिंग कैमरों को बंद करने के मकसद से इसका उपयोग कर रहा है, ताकि किसी मिशन को अंजाम देने के दौरान उसके एजेंट्स की गतिविधियां कैमरे में कैद नहीं हो सकें। इसे Dumbo कहा जाता है। टूल्स का यह सेट कैमरे, माइक्रोफोन और निगरानी सॉफ्टवेयर को ब्लॉक कर सकता है। इसके अलावा यह ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग को भी स्कैन कर सकता है और फाइल्स को ऐसे करप्ट कर सकता है कि उन्हें दोबारा रिकवर नहीं किया जा सके। विकीलीक्स द्वारा प्रकाशित मैनुअल और जून 2015 में अंतिम अपडेट के मुताबिक डमबो 3.0 वर्जन तक पहुंचा है, जो विंडोज एक्सपी से लेकर बाजार में मौजूद सभी विंडोज के लिए सपोर्ट मुहैया करा रहा है। हालांकि, यह 64-बिट वर्जन को सपोर्ट नहीं करता है। वेबकैम का उपयोग करने वाली प्रॉसेस को बेकार करने की क्षमताएं डमबो में हैं। वह किसी भी वीडियो रिकॉर्डिंग को खराब कर सकता है, जिससे फिजिकल एक्सेस ग्रुप (एजेंड) को खतरा हो सकता है। फिजिकल एक्सेस ग्रुप (पीएजी) साइबर इंटेलिजेंस सेंटर (सीसीआई) के अंदर की ही एक शाखा है, जिसका काम सीआईए फील्ड ऑपरेशंस में कंप्यूटर को टार्गेट करके फिजिकल एक्सेस को हासिल करना है। हालांकि, डमबो के लिए टार्गेट कंप्यूटर तक फिजिकल एक्सेस की जरूरत होती है क्योंकि एप्लीकेशन को यूएसबी स्टिक के जरिये लॉन्च किया जा सकता है, जिसे कम्प्यूटर में प्लग-इन करने की जरूरत होती है। इसके बाद डमबो सिस्टम को खराब कर देता है, जो सर्विलांस डिवाइस और सॉफ्टवेयर को बंद कर देते हैं।
पाकिस्तान में नए मंत्रिमंडल का गठन, 46 मंत्रियों ने ली शपथ
4 Aug 2017
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में शुक्रवार को नए मंत्रिमंडल ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ले ली। राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने राष्ट्रपति भवन में सभी 46 मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट से मिली। शाहीद खकान अब्बासी के मंत्रिमंडल में 28 संघीय और 18 राज्य मंत्री बनाए गए हैं जिनमें अधिकांश पुराने चेहरे हैं, लेकिन उनमें कुछ के विभाग बदले गए हैं। समाचार पत्र डॉन के अनुसार, प्रधानमंत्री शाहीद खकान अब्बासी ने अपने पूर्ववर्ती नवाज शरीफ और पंजाब के मुख्यमंत्री शहबाज शरीफ के साथ गुरुवार को मूरी में छह घंटे तक विचार विमर्श करने के बाद अपने मंत्रियों के नाम और उनके विभागों का निर्णय किया। नए मंत्रिमंडल में भी इशाक डार के वित्त मंत्री बने रहने की उम्मीद है, जबकि नवाज मंत्रिमंडल में रक्षा मंत्री रहे ख्वाजा मुहम्मद आसिफ को विदेश मंत्रालय का प्रभार दिया जाएगा। लेकिन पूर्व योजना मंत्री अहसान इकबाल को गृह मंत्रालय का प्रभार दिए जाने की संभावना है। समाचार पत्र के अनुसार, परवेज मलिक को खुर्रम दस्तगिर खान की जगह नए वाणिज्य मंत्री होंगे, जबकि खुर्रम को रक्षा मंत्लय का प्रभार दिया जाएगा। साद रफीक रेल मंत्री के रूप में बने रहेंगे। अब्बासी मंत्रिमंडल में दनियाल अजीज, तलाल चौधरी, अरशद लेघारी, जुनैद अनवर चौधरी को नये चेहरे के रूप में शामिल किया गया है। मरियम औरंगजेब, जाहिद हमिद और डॉ. तारिक फजल चौधरी के पास पुराने विभग ही रहेंगे। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-एन के सूचना सचिव मुशाहिदुल्ला खान की मंत्रिमंडल में वापसी हुई है और जल परिवर्तन मंत्रालय का प्रभार दिया गया है। खान को विवादास्पद बयान देने के लिए नवाज ने अपने मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया था।
अमेरिका ने अपने नागरिकों को दी उ. कोरिया छोड़ने की सलाह
3 Aug 2017
वाशिंगटन। अमेरिका ने उत्तर कोरिया में रह रहे अपने नागरिकों को वहां से निकलने की अपील की है और कहा है कि 1 सितंबर को लागू होने जा रहे यात्रा प्रतिबंध से पहले ही अमेरिकी नागरिक उत्तर कोरिया छोड़ दें। यह जानकारी गुरुवार को मीडिया रिपोर्ट से मिली। बीबीसी के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्रालय उत्तर कोरिया पर एक नई यात्रा चेतावनी लागू करने जा रहा है जो एक तरह से ट्रंप प्रशासन का यात्रा प्रतिबंध है। इस प्रतिबंध का ऐलान पिछले माह किया गया था और जिसे संघीय रजिस्टर में प्रकाशित किया गया था। इस चेतावनी में कहा गया है कि यात्रा प्रतिबंध से छूट के लिए विशेष अनुमति की आवश्यकता है जो केवल कुछ सीमित परिस्थितियों में ही दी जा सकती है। अमेरिका ने इसके पहले उत्तर कोरिया के शुक्रवार के अंतर महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षणके जवाब में कोरियाई प्रायद्वीप के निकट बी-1बी बमवर्षक तैनात कर दिए थे। अमेरिका ने कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कहेगा कि वह उत्तर कोरिया के खिलाफ कठोर प्रतिबंध लगाए और इसके साथ ही वह मिसाइल परीक्षण के जवाब में एकतरफा प्रतिबंध लगाने पर काम करेगा। हाल ही में अमेरिका में एक विधेयक पारित होने के बाद सीनेट की विदेश मामले की समिति के अध्यक्ष एड रोयस ने कहा था, “दुनिया के विभिन्न हिस्सों में ये तीनों ( रूस, ईरान एवं उत्तर कोरिया) अमेरिका के अहम हितों के लिए खतरा और अपने पड़ोसी देशों में अस्थिरता पैदा कर रहे हैं।’
भारत-अमेरिका रिश्तों को मजबूती देने के लिए USISPF का गठन
2 Aug 2017
नई दिल्ली: भारत-अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों को और मजबूती देने के लिए एक नए निकाय अमेरिका भारत रणनीतिक भागीदारी मंच (यूएसआईएसपीएफ) का गठन किया गया है. यूएसआईएसपीएफ ने बयान में कहा कि इस गैरलाभकारी संगठन का मकसद द्विपक्षीय व्यापार को प्रोत्साहन देना है. साथ ही यह नागरिकों के जीवन में बदलाव लाने के लिए अर्थपूर्ण अवसरों का सृजन करेगा. यह संगठन उद्योग और सरकार के साथ मिलकर आर्थिक वृद्धि, रोजगार सृजन, नवोन्मेषण, समावेशन और उद्यमशीलता के लिए काम करेगा. यूएसआईएसपीएफ के निदेशक मंडल में चेयरमैन जॉन चैंबर्स (कार्यकारी चेयरमैन, सिस्को), वाइस चेयरमैन पुनीत रंजन (वैश्विक सीईओ, डेलायट एलएलपी) और एडवर्ड मॉन्सर (अध्यक्ष इमर्सन इलेक्ट्रिक) शामिल हैं. बोर्ड के सदस्यों में इंदिरा नूयी (चेयरमैन एवं सीईओ, पेप्सिको) और अजय बंगा (अध्यक्ष एवं सीईओ, मास्टर कार्ड) शामिल हैं.
अमरीकी प्रतिबंधों का रूस ने दिया करारा जवाब, पुतिन ने 755 अमरीकी राजनयिकों से रूस छोड़ने के लिए कहा
31 July 2017
मास्को। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने अमरीका के 755 राजनयिकों को देश छोड़ने के लिए कहा है। पुतिन का ये बयान अमरीका द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बाद जवाबी कार्रवार्इ के तौर पर आया है। साथ ही पुतिन ने रूस-अमरीका संबंधों को लेकर कहा है कि वे दोनों देशों के बीच निकट भविष्य में संबंधों में वे सुधार नहीं देख रहे हैं। हालांकि माॅस्को ने ये फैसला शुक्रवार को ही ले लिया था लेकिन पुतिन ने संख्या की पुष्टि अब की है। पुतिन ने सितंबर तक अमरीकी राजनयिकों को रूस छोड़ने के लिए कहा है। अब एक सितंबर से रूस में अमरीकी कर्मचारियों की संख्या घटकर अमरीका में मौजूद रूस के कर्मचारियों जितनी ही हो जाएगी। फिलहाल अमरीका में 455 रूसी कर्मचारी हैं। पुतिन ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि रूस में अमरीका के दूतावास आैर वाणिज्य दूतावास में एक हजार से ज्यादा राजनयिक काम कर रहे थे आैर वे अब भी काम कर रहे हैं। पुतिन ने कहा कि रूस में 755 लोगों को अपनी गतिविधियां अवश्य रोक देनी चाहिए।
प्रतिबंधों का है जवाब अमरीकी सीनेट ने शुक्रवार को रूस, र्इरान आैर उत्तर कोरिया के खिलाफ कड़े आैर अतिरिक्त प्रतिबंध लागू करने संबंधी विधेयक को भारी बहुमत से पारित कर दिया। यह विधेयक अब अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मंजूरी के लिए व्हाइट हाउस भेजा जाएगा। ये प्रतिबंध 2014 में रूस के क्रीमिया पर कब्जे आैर अमरीकी चुनाव में रूस की दखलंदाजी के संबंध में लगाए गए हैं।
अमरीका ने बताया अफसोसजनक कदम रूस ने अमरीकी राजनयिकों द्वारा इस्तेमाल हाॅलिडे प्राॅपर्टी आैर गोदाम को भी वापस लेने की घोषणा की है। उधर, अमरीका ने रूस के इस कदम को अफसोसजनक करार दिया है। अमरीकी स्टेट डिपार्टमेंट के एक अधिकारी के मुताबिक रूस के इस कदम का आंकलन किया जा रहा है आैर साथ ही इसका कैसे जवाब दिया जाए।

उत्तरी कोरिया का दूसरा इंटरकॉन्टिनेंटल मिसाइल परिक्षण सफल
29 July 2017
वाशिंगटन। उत्तरी कोरिया के एक महिने में दूसरी इंटरकॉन्टिनेंटल मिसाइल परिक्षण से अमेरिका को चेताया है। शुक्रवार को किए गए मिसाइल टेस्ट से प्रतीत होता है कि उत्तरी कोरिया इंटर कांटिनेंटल मिसाइल के जरिए आणविक हथियारों को बाखूबी अमेरिकी जमीं तक मार करने में सक्षम है। उत्तर कोरिया का एक महीने में यह दूसरा सफल परीक्षण है, जिसकी मारक क्षमता पहली सभी मिसाइलों से ज्यादा है। वाशिंगटन पोस्ट की मानें तो विशेषज्ञों के अनुसार सैद्धांतिक तौर पर इस तरह की इंटरकॉन्टिनेंटल मिसाइल लास एंजेल्स, शिकागो अथवा संभवतः न्यूयार्क तक भी मार कर सकने में सक्षम है। शुक्रवार की देर शाम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देशवासियों और अपने मित्र देशों को आश्वस्त किया कि वह अपने देश और मित्र देशों की रक्षा करने के लिए कटिबद्ध हैं। सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं। साथ ही ट्रंप ने यह भी कहा है कि उत्तरी कोरिया इस तरह के मिसाइल टेस्ट कर अपनी इकॉनमी को तो बरबाद कर ही रहा है, दुनिया की नजरों में भी गिर रहा है। उत्तरी कोरिया की ओर से की गई इस कार्रवाई के बाद ट्रंप प्रशासन और मित्र देश जापान तथा दक्षिण कोरिया के सामने प्रश्न खड़ा हो गया है कि वे किस तरह उत्तरी कोरिया के निरंकुश शासक किम जोंग उन को वार्ता के लिए तैयार करें। अभी हाल में द.कोरिया ने वार्ता के लिए प्रस्ताव किया था, लेकिन किम जोंग उन ने कोई जवाब नहीं दिया। सीबीएस न्यूज के अनुसार आर्मस कंट्रोल विशेषज्ञ जेफ्रे डेविस ने कहा है कि हथियारों की दौड़ में हम उत्तरी कोरिया को और वह हमें तबाह कर सकता है, लेकिन वह ऐसा कभी नहीं चाहेंगे।
अमेरिका भारत को परमाणु हथियार दे : प्रेसलर
28 July 2017
वाशिंगटन। एशिया में चीन के आक्रामक रुख के मद्देनजर अमेरिका के पूर्व सीनेटर ने अमेरिकी सेना से भारत को परमाणु हथियार देने की वकालत की है। यह जानकारी शुक्रवार को मीडिया रिपोर्ट से मिली। उल्लेखनीय है कि पूर्व सीनेटर लैरी प्रेसलर ने अपनी पुस्तक ‘ नेबर्स इन आर्म्स : एन अमेरिकन सीनेटर्स क्वेस्ट फॉर डिजअर्मामेंट इन ए न्यूक्लियर ’ में इन बातों का जिक्र किया है। पूर्व अमेरिकी सीनेटर का मानना है कि भारत और चीन के बीच बढ़ते विवाद को ध्यान में रखते हुए अमेरिका को भारतीय नौ सेना की मदद करनी चाहिए। इससे एशिया में चीन की महत्वाकांक्षा पर पानी फिर सकता है। विदित हो कि प्रेसलर वियतनाम में काम कर चुके हैं। उन्होंने लिखा है कि चीनी नौसेना फिलिपींस और वियतनाम में अमेरिकी नौसेना को टक्कर दे रही है। अमेरिका को भी इसका जवाब देना चाहिए। उन्होंने आगे लिखा है कि साउथ चीन सागर के मुद्दे पर चीन की वियतनाम, फिलिपींस, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान से ठनी हुई है। अमेरिका चीन के साथ समुद्री युद्ध नहीं चाहता है, लेकिन इस जगह को बचाना मुश्किल हो सकता है। प्रेसलर ने लिखा है, “अगर हमें चीन को कड़ा संदेश देना है तो हमें भारतीय नौसेना को परमाणु ताकतें देनी होंगी। इससे चीन पर दबाव बन सकता है।” उन्होंने लिखा कि चीन आज दुनिया के सबसे बड़े खतरों में एक है। चीन का पाकिस्तान को इस तरह की मदद करना दुनिया के लिए खतरा हो सकता है।
सॉफ्टवेयर विकसित, अब आपके WhatsApp Message पढ़ सकेगी पुलिस
27 July 2017
बर्लिन जर्मन पुलिस जल्द ही एक ऐसा सॉफ्टवेयर विकसित कर लेगी जिसकी मदद से लोगों के स्मार्टफोन को हैक किया जा सकेगा। इस सॉफ्वेयर के द्वारा व्हाट्सएप जैसे एनक्रिप्टेड मैजेसिंग सर्विसेज के संदेश को भी पढ़ा जा सकेगा। इससे जुड़े एक कागजात के लीक होने के बाद यह खबर सामने आई है। अभी तक व्हाट्सएप और टेलिग्राम जैसी मैसेजिंग एप के संदेशों को पढऩा काफी चुनौतीपूर्ण काम है। आतंकवाद की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर यह पुलिस के लिए काफी मददगार साबित होगा। रिपोर्ट के मुताबिक जर्मन पुलिस के रिमोट कम्यूनिकेशन इन्टरसेप्शन सॉफ्टवेयर का यह प्रारूप साल के अंत तक तैयार होगा। जर्मनी में पुलिस फिलहाल इस तकनीक से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की निगरानी करती है, लेकिन इसकी सीमाएं हैं।
ट्रैफिक समस्या से निजात के लिए इस शख्स ने ढूंढा नायाब तरीका, सड़क मार्ग की जगह इस तरह से पहुंचता है आॅफिस
26 July 2017
नर्इ दिल्ली। महानगरों में ट्रैफिक जाम काफी बड़ी समस्या है। आॅफिस की भागदौड़ के बीच जब ट्रैफिक की समस्या से दो चार होना पड़े तो कर्इ बार परेशानी झेलनी पड़ती है आैर हम ट्रैफिक को कोसने लगते हैं। ये एेसी समस्या है जिससे भारतीय ही नहीं बल्कि दुनिया के दूसरे देशेां के लोग भी परेशान हैं। जर्मनी के एक शख्स ने इस समस्या के समाधान के लिए एेसा नायाब तरीका निकाला है जो काफी दिलचस्प है। बीबीसी की खबर के मुताबिक जर्मनी के म्यूनिख शहर के बेंजामिन डेविड को रोजाना ट्रैफिक की समस्या से जूझना पड़ता था। इसके चलते वे रोजाना आॅफिस लेट पहुंचते थे आैर काफी परेशान थे। हालांकि अब उन्हें ट्रैफिक की परेशानी से नहीं जूझना पड़ता। आपको ये जानकर आश्चर्य होगा कि वे अब आॅफिस पहुचने के लिए सड़क के बजाय नदी के रास्ते का इस्तेमाल करते हैं आैर तैरकर अपने आॅफिस जाते हैं। डेविड रोजाना अपने कपड़ों, लैपटाॅप आैर जूतों को एक वाटर प्रूफ बैग में भर लेते हैं। इसके बाद वे शहर के बीच में बहने वाली इसार नदी में छलांग देते हैं आैर इसके जरिए ही आॅफिस पहुंचते हैं। इसके लिए उन्हें रोजाना करीब 2 किलोमीटर तैरना होता है। ये तरीका देखकर लोग उन पर हंसते हैं, लेकिन डेविड को इससे कोर्इ फर्क नहीं पड़ता है। उनका कहना है कि उन्हें इस तरह से आॅफिस जाना पसंद है। इससे वे समय पर भी आॅफिस पहुंचते हैं। ट्रैफिक के चक्कर में आॅफिस देर से पहुंचने वालों को डेविड ने एक आॅप्शन तो जरूर दे दिया है, लेकिन सिर्फ उन शहरों के लोगाें को जहां पर कोर्इ नदी बहती हो।
भारत-चीन के बीच युद्ध संभव, संवाद के जरिए राजनयिक निकालें हल : चीनी विशेषज्ञ
24 July 2017
बीजिंग: भारत और चीन के बीच डोकलाम सीमा को लेकर एक महीने से भी ज्यादा समय से चल रहा तनाव दोनों देशों के बीच युद्ध का कारण बन सकता है और दोनों देशों के राजनयिकों को संघर्ष से बचाने का प्रयास करना चाहिए. चीन के एक विशेषज्ञ ने ये बातें कहीं. चारहार इंस्टीट्यूट में शोधकर्ता और चाइना वेस्ट नॉर्मल यूनिवर्सिटी में सेंटर फॉर इंडियन स्टडीज के निदेशक लोंग शिंगचुन ने कहा है कि 'दोनों देशों के बीच इससे पहले अनावश्यक युद्ध हो चुका है' और फिर पनपी युद्ध की परिस्थिति दोनों देशों के लिए हानिकारक होगी. कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना का राष्ट्रीय सम्मेलन : उन्होंने यह भी कहा कि यह सोचना गलत है कि चीन डोकलाम सीमा पर उपजे तनाव का इस्तेमाल इसी वर्ष होने वाले कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए कर रहा है. समाचार पत्र 'ग्लोबल टाइम्स' में लिखे अपने लेख में लोंग कहते हैं, "युद्ध की संभावना असंभव नहीं है. इससे पहले भी गलत समय और गलत जगह अनावश्यक युद्ध हो चुका है. इसलिए, दोनों पक्षों के राजनयिकों का यह सर्वोपरि लक्ष्य होना चाहिए कि युद्ध का प्रतिकार करें, जिसे कोई नहीं चाहता." भारत, भूटान और चीन की तिहरी सीमा से लगा डोकलाम : उल्लेखनीय है कि भारत, भूटान और चीन की तिहरी सीमा से लगे डोकलाम में भारत और चीन की सेनाएं महीने भर से अधिक समय से तनातनी की स्थिति में हैं. भारत मामले का समाधान कूटनीतिक स्तर पर चाहता है, लेकिन चीन ने बातचीत के लिए भारत पर सेना वापस बुलाने की शर्त रख दी है. लोंग अपने लेख में कहते हैं, "इस मामले में उन्हें झांसा नहीं देना चाहिए. भारत की फॉरवर्ड नीति के चलते 1962 का युद्ध भड़का, जिसके कारण दशकों तक भारतीय, चीन का विरोधी बना रहा. लेकिन आज उससे वृहद स्तर का युद्ध होता है तो दोनों देशों के बीच सदियों तक शत्रुता बन जाएगी."
चीन की मीडिया और चीनी विशेषज्ञों ने लगातार भारत पर तीखे हमले किए हैं लोंग ने चीन में मौजूद भारतीय पत्रकारों और भारत के चीन विशेषज्ञों की भी तनाव के लिए बीजिंग और चीन की सरकारी मीडिया पर आरोप लगाने के लिए आलोचना की. चीन की मीडिया और चीनी विशेषज्ञों ने लगातार भारत पर तीखे हमले किए हैं और युद्ध भड़काने में लगे रहे हैं. उन्होंने लिखा है, "चीन युद्ध नहीं चाहता. भारत के कई मीडिया समूह और विशेषज्ञ मौजूदा तनाव के लिए चीन पर आरोप लगाते रहे हैं और कहते रहे हैं कि चीन ने अपनी अंदरूनी समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए सीमा पर तनाव की स्थिति पैदा की है. कई रिपोर्ट में तो कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना की 19वीं नेशनल कांग्रेस से इसे जोड़ दिया गया है. यह अव्यावहारिक विश्लेषण बताता है कि कुछ भारतीय मीडिया और कुछ भारतीय विशेषज्ञों के पास चीन की कितनी कम जानकारी है." लोंग कहते हैं कि भारत में 200 से ज्यादा चीन के विशेषज्ञ नहीं हैं और उनमें से भी सिर्फ 10 फीसदी ही चीनी भाषा बोल सकते हैं. वह लिखते हैं, "हां, चीन में कुछ अंदरूनी समस्याएं हैं, लेकिन उनमें से कोई भी इतनी गंभीर नहीं है, जितनी भारत को अपने यहां झेलनी पड़ रही हैं. वास्तव में 19वीं नेशनल कांग्रेस की तैयारियों के लिए चीन को घरेलू माहौल के सौहार्दपूर्ण और शांतिपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय वातावरण की जरूरत है. और इसे समझना भारतीयों के लिए बेहद मुश्किल है."

वर्ल्ड इमोजी डे पर भारत को इग्नोर करना फेसबुक को पड़ा भारी, जुकरबर्ग पर भड़के भारतीय
22 July 2017
नई दिल्ली। फेसबुक के फाउंडर मार्क जुकरबर्ग की पोस्ट पर भारतीय यूजर्स भड़क गए हैं। 17 जुलाई को वर्ल्ड इमोजी डे पर जुकरबर्ग ने फेसबुक पर टॉप 10 इमोजी शेयर की। इसमें बताया गया कि कौन-सा देश किस इमोजी को सबसे ज्यादा इस्तेमाल करता है। इस ग्राफ में भारत देश का नाम ही नहीं था। इससे यूजर्स नाराज हो गए। भारतीयों ने जुकरबर्ग की पोस्ट पर विरोध स्वरूप निराशा वाली इमोजी पोस्ट करना शुरू कर दिया। क्योंकि सबसे ज्यादा यूजर्स भारत में हैं। इस ग्राफ में अमरीका, यूके, फ्रांस, इंडोनिशिया आैर थाइलैंड जैसे शामिल थे। हालांंकि भारत को इसमें शामिल नहीं किया गया। साथ ही लोगों ने कहा कि भारत ही नहीं बल्कि अफ्रीका महाद्वीप के किसी भी देश को इसमें जगह नहीं दी गर्इ है।
सुदिप्ता नंदी:. मेरे दोस्त इसमें भारत कहां है? तुम उस देश को इग्नोर नहीं कर सकते जिसके 130 करोड़ लोग तुम्हारी एप का इस्तेमाल करते हैं।
कुनाल मंधारे:. आपको याद है ना स्नैपचैट के साथ क्या हुआ था। भारतीयों को इग्नोर करना अच्छा नहीं है।

तुर्की में भूकंप के तेज झटकाें में दो लाेगाें की मौत, कई मकान क्षतिग्रस्त, लोगों में फैली दहशत
21 July 2017
अंकारा तुर्की और मिस्र में आए 6.7 तीव्रता वाले भूकंप में तेज झटकों में दो लोगों की मौत हो गई और करीब 100 लाेग घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि बताया कि भूकंप मारमारिस और मुगला प्रांत में रात करीब एक बजकर 31 मिनट (भाारतीय समयानुसार तड़के चार बजे) आया। ये दोनों प्रांत पर्यटन के लिए बेहद महत्वपूर्ण प्रांत माने जाते हैं। कोस के मेय ने कहा कि भूकंप में फिलहाल दो लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। मुगला प्रांत में भूकंप के कारण कई मकानें भी क्षतिग्रस्त हो गए। गर्वनर एसेग्नुल सिविलेक ने कहा कि कुछ लोगों को मामूली चोटों आई है और प्रशासन की तरफ से उन्हें कई सारी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है। यूरोपिन भूकंप एजेंसी ने भूकंप के कारण सूनामी आने की चेतावनी जारी की है। तुर्की मौसम विभाग ने ऐसे किसी भी आशंका से इन्कार किया है। तुर्की के पूर्वी प्रांत में 2011 में आए भूकंप में 600 से भी अधिक लोगों की मौत हो गई थी। इससे पहले 1999 में दो भयानक भूकंप में करीब 20 हजार लोगों की मौत हो गई थी।
भारत की सैन्य ताक़त में होगा और इज़ाफ़ा, 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान पर रूस से सौदा जल्द
20 July 2017
झुकोव्स्की (रूस): भारत और रूस जल्द ही बहुप्रतीक्षित पांचवीं पीढ़ी के युद्धक विमान को संयुक्त रूप से विकसित करने के लिये करार पर हस्ताक्षर करेंगे. एक वरिष्ठ रूसी अधिकारी ने यह जानकारी दी. रोस्टेक स्टेट कॉरपोरेशन के सीईओ सर्गेई चेमेजोव ने कहा कि पांचवीं पीढ़ी के युद्धक विमान (एफजीएफए) को संयुक्त रूप से विकसित करने की अरबों डॉलर की परियोजना से जुड़े सभी फैसलों को ‘निकट भविष्य’ में अंतिम रूप दे दिया जायेगा. भारत और रूस ने 2007 में एफजीएफए परियोजना के लिये अंतर सरकारी करार पर दस्तखत किया था. रूस के अहम एयरशो एमएकेएस 2017 से इतर चेमेजोव ने यहां संवाददाताओं को बताया, ‘जहां तक पांचवीं पीढ़ी (युद्धक विमान) की बात है काम चल रहा है. पहला चरण पूरा हो चुका है. अब हम दूसरे चरण पर चर्चा कर रहे हैं. और मुझे लगता है कि निकट भविष्य में सभी फैसले किये जायेंगे और अनुबंध के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किये जायेंगे.’ उन्होंने माना, ‘काम चल रहा है, यह बेहद जटिल है, इसलिये यह तेजी से नहीं बढ़ रहा.’ उनकी यह टिप्पणी दिल्ली में सरकारी सूत्रों के यह कहने के करीब दो महीने बाद आई कि जमीनी स्तर पर पांचवीं पीढ़ी के युद्धक विमान के डिजाइन और कुछ अन्य जटिल मुद्दों पर करार के लिये सभी तैयारियों को पूरा किया जा चुका है. परियोजना पर रूस के साथ बातचीत में शामिल रहे एक अहम अधिकारी ने कहा, ‘विस्तृत डिजाइन के लिये अनुबंध पर जल्द ही दस्तखत किये जायेंगे और यह अहम मील का पत्थर होगा. इस पर वर्ष की दूसरी छमाही में दस्तखत किये जाने चाहिये.’
ओबामा काल में चलाई गई इस स्वास्थ्य सेवा को खत्म करना चाहते हैं ट्रंप
19 July 2017
वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रिपब्लिकन्स से ओबामाकेयर को 'निरस्त' करने और एक नई योजना शुरू करने का आग्रह किया है. ट्रंप ने सोमवार को ट्वीट किया, "रिपब्लिकन्स को अब नाकाम ओबामाकेयर को रद्द करके और एक नई हेल्थकेयर योजना शुरू करनी चाहिए. डेमोकेट्र्स इससे सहमत हो जाएंगे." ट्रंप द्वारा प्रस्तावित नया स्वास्थ्य देखभाल विधेयक उस समय मुश्किल में पड़ गया, जब दो और रिपब्लिकन सीनेटरों ने ट्रंप के प्रस्ताव के विरोध की घोषणा की. सोमवार को माइक ली और जेरी मोरान ने इस प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया, जिसके बाद सुजान कोलिन्स और रैंड पॉल समेत ट्रंप सरकार के प्रस्ताव को नामंजूर करने वाले चार रिपब्लिकन हो गए हैं. इनके अलावा कई अन्य सीनेटरों ने भी नए प्रस्ताव के प्रति शंका जाहिर की है. चार रिपब्लिकनों और 48 डेमोक्रेट्स के ओबामाकेयर को निरस्त करने के खिलाफ होने के बाद नए प्रस्ताव के समर्थन में 50 से भी कम वोट होंगे, जो कि विधेयक को मंजूर कराने के लिए जरूरी है. यह रिपब्लिकन्स द्वारा सीनेट में पेश किया गया दूसरा प्रस्ताव है. पार्टी के इससे पहले के प्रस्ताव को सीनेटरों द्वारा जून में नामंजूर कर दिया गया था. डेमोक्रेट सीनेटर चार्ल्स शूमर ने कहा कि अपने ही कानून को मंजूर करने में रिपब्लिकनों की यह 'दूसरी नाकामी' साबित करती है कि यह 'विधेयक ही मूल रूप से अव्यवहारिक है.'उन्होंने साथ ही रिपब्लिकनों को एक स्थायी कानून पर साथ काम करने के लिए आमंत्रित किया, जिससे प्रीमियमों में कमी आए और प्रणाली में सुधार हो.कांग्रेशनल बजट ऑफिस (सीबीओ) के मुताबिक, इस विधेयक से 2.2 से 2.4 करोड़ लोगों को अगले 10 वर्षो के भीतर ही अपना हेल्थकेयर कवरेज खोना पड़ेगा.
यहूदियों को याद करने नेतन्याहू पहुंचे पेरिसं
17 July 2017
पेरिस। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नाजियों के कब्जे वाले फ्रांस में यहूदियों की सामूहिक गिरफ्तारी की याद में आयोजित एक समारोह में हिस्सा लेने इजरायल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू पेरिस पहुंचे । यह जानकारी सोमवार को मीडिया रिपोर्ट से मिली। वह पहले इजरायली प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने वेलोड्रोम डीवायर में आयोजित इस समारोह में हिस्सा लिया है। पेरिस में इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा, “मैं यहां नरसंहार में जान गंवानेवाले लोगों के लिए शोक प्रकट करने आया हूं।” इस मौके पर उनकी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों से उनकी पहली बार मुलाकात भी हुई। उन्हें सुननेवालों में यहूदी समुदाय और नरसंहार में जीवित बचे लोग शामिल थे। उन्होंने कहा, “75 साल पहले इस शहर पर गहरा अंधकार छा गया था। ऐसा लगने लगा था कि फ्रांसीसी क्रांति के मूल्यों- समानता, भाईचारा, आज़ादी को स्वतंत्रता-विरोधी ताकतों ने अपने जूतों के नीचे कुचल दिया है।” उन्होंने उन महान और महानतम इंसानों को याद किया जिन्होंने नाज़ी कब्ज़े के दौरान फ्रांस में यहूदियों को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाली और आधुनिक समाज में सिर उठाती “अलगाववादी ताकतों” को चेतावनी दी। विदित हो कि 1942 की 16 और 17 जुलाई को फ्रांस की पुलिस ने 13,000 से अधिक यहूदियों को गिरफ्तार किया था जिनमें क़रीब 4,000 बच्चे शामिल थे। इन यहूदियों को घेर कर वेलोड्रोम डीवायर स्टेडियम में रखा गया था, जहां से बाद में उन्हें नाज़ियों के यातना शिविरों में ले जाया गया था।
खुद पर काबू नहीं कर पा रहे डोनाल्ड ट्रंप, अब फ्रांस के राष्ट्रपति की पत्नी पर कमेंट कर विवाद में घिरें
15 Jul 2017
पेरिस फ्रांस के दौरे पर गए अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने विवादित बयानों से चर्चा में हैं। उन्होंने फ्रांस की प्रथम महिला ब्रिजीट मैक्रॉन के फिगर पर अजीबोगरीब टिप्पणी कर दी। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रॉन और उनकी पत्नी ब्रिजीट ने ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप का स्वागत किया। इस दौरान जब ब्रिजीट से ट्रंप मिले तो उन्होंने कहा कि क्या आप जानती हैं, आपकी शेप कितनी बेहतरीन है। ट्रंप काफी देर तक उनके दोनों हाथ पकड़कर खड़े रहे। हालांकि 64 साल की ब्रिजीट ने ट्रंप के इस कमेंट पर कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद ट्रंप ने उन्हें 'ब्यूटीफुल' कहकर संबोधित किया। जिस वक्त ट्रंप यह कमेंट कर रहे थे उस समय उनकी पत्नी मेलानिया भी उनके पास खड़ी थीं, लेकिन उनकी प्रतिक्रिया के बारे में कुछ पता नहीं चल पाया। इस वीडियो को लेकर ट्रंप को आलोचना का शिकार होना पड़ रहा है। हालांकि, व्हाइट हाउस ने इस मुद्दे पर कोई भी कमेंट करने से इनकार किया है।
पत्रकार पर भी फिदा हो गए थे :. इससे पहले जून में ट्रंप ने आयरलैंड के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री लियो वराडकर को फोन पर बधाई दी। इस दौरान ट्रंप ने कहा की महिला पत्रकार कैट्रियोना पेरी के चेहरे पर अच्छी मुस्कान है।

चीन में मस्जिदों के बाहर लगे मेटल डिटेक्टर, खुले में नमाज नहीं
14 Jul 2017
काशगर चीन के पश्चिमी शहर काशगर में अब मुस्लिमों को मस्जिद में नमाज पढऩे के लिए जाने से पहले मेटल डिटेक्टर के सामने से गुजरना होगा। यह शिनजियांग प्रांत की उइगर मुस्लिम आबादी पर चीन की कम्युनिस्ट सरकार की तरफ से लागू नई व्यवस्था है। इससे पहले इस मुस्लिम बहुल प्रांत में दाढ़ी रखने और खुले में नमाज पढऩे पर रोक है। कुछ साल पहले तक काशगर की सेंट्रल मस्जिद के बाहर का चौक भी नमाजियों से भरा होता था। ईद के मौके पर मुस्लिम एकत्रित होकर यहां नमाज पढ़ा करते थे लेकिन अब हालात बदल गए हैं। इस बार ईद के मौके पर हॉल के बाहर एक भी आदमी दिखाई नहीं दिया। मस्जिद में नमाज के लिए दशकों बाद सबसे कम भीड़ आई। पता चला कि प्रशासन की ओर से मस्जिद आने वाले रास्ते पर कई जगह चेक प्वाइंट बना दिये गए थे। वहां पर आने वालों को रोककर तलाशी ली जा रही थी और कई सवाल पूछे जा रहे थे। उनके वाहन भी खड़े कराए जा रहे थे। इससे परेशान होकर लोगों ने मस्जिद न आना ही बेहतर समझा। इस बारे में जब काशगर के प्रशासन से बात की गई तो किसी अधिकारी ने कुछ नहीं कहा। शहर के एक व्यापारी ने कहा कि यह शहर अब धार्मिक गतिविधियों के लिए अच्छा नहीं रहा।
हर काम पुलिस और सुरक्षा बलों की बंदिशों के बीच :. चीन सरकार कहती है कि ऐसे कड़े इंतजाम इस्लामी कट्टरपन को रोकने और अलगाववाद को ताकत न मिलने देने के लिए किए जा रहे हैं। लेकिन विश्लेषक मानते हैं कि उइगर बहुल शिनजियांग प्रांत अब खुली जेल की तरह हो गया है। यहां पर लोग रहते घरों में हैं और खुले आकाश के नीचे सांस लेते हैं लेकिन उन्हें हर काम पुलिस और सुरक्षा बलों की बंदिशों के बीच करना होता है। चीन सरकार ने प्रांत में कड़ाई की शुरुआत सन 2009 में उरुमकी शहर में हुए दंगों के बाद की, जिसमें 200 लोग मारे गए थे।

सऊदी अरब: मकान में आग लगने से 10 भारतीयों की ज़िंदा जलने से हुई मौत, ज़िन्दगी और मौत से लड़ रहे चार नागरिक
13 Jul 2017
दुबई/नई दिल्ली। सऊदी अरब के नजरान क्षेत्र में एक मकान में आग लग जाने से उसमें रह रहे कम से कम 10 भारतीयों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। स्थानीय मीडिया में जारी खबरों के मुताबिक सऊदी नागरिक सुरक्षा ने बताया कि दक्षिणी नजरान स्थित मकान में लगने से 11 मजदूरों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। मृतक और घायल सभी लोग भारत- बंगलादेश से हैं। घायलों में चार भारत से हैं। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक इस घर में एक भी खिड़की नहीं थी, जिससे धुआं बाहर निकल पाता। उन्होंने कहा कि सभी मजदूरों की मौत दम घुटने से हुई है। इस बीच विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि जेद्दाह स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारी घटना के बाद नजरान जा रहे हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'मुझे नजरान में आग की घटना का पता चला है, जिसमें हमने 10 भारतीय नागरिकों को खो दिया और छह घायल अस्पताल में हैं।' विदेश मंत्री ने कहा कि हमारे महावाणिज्यदूत नजरान के गवर्नर से संपर्क में हैं। वह नियमित रूप से ताजा जानकारी दे रहे हैं। विदेश मंत्री की यह प्रतिक्रिया तब आई, जब विद्या एस नाम की एक महिला ने घटना में मारे गए एक व्यक्ति के शव को वापस स्वदेश लाने में मंत्री की मदद मांगी। शुरूआती जांच के अनुसार आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी है। 2015 में जारी आंकड़ों के अनुसार सऊदी अरब में लगभग 90 लाख विदेशी कामगार हैं जिनमें से अधिकतर दक्षिण एशिया से हैं।
अमरनाथ में तीर्थयात्रियों पर आतंकवादी हमला निंदनीय: अमेरिका
12 Jul 2017
वाशिंगटन। अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने कश्मीर में अमरनाथ यात्रियों पर हुए ‘‘निंदनीय’’ आतंकवादी हमले पर चिंता जताई है। कई अमेरिकी सांसदों ने भी इस कायरतापूर्ण करतूत की निंदा की है। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में सोमवार रात हुए आतंकवादी हमले में सात अमरनाथ यात्रियों की मौत हो गई थी और 19 अन्य लोग घायल हुए थे। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हीदर नौएर्ट ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हम इसे जम्मू कश्मीर में हुआ आतंकवादी हमला मानते हैं जिसमें सात तीर्थयात्रियों की मौत हो गई।’’ उन्होंने कह, ‘‘वे आम नागरिक थे। उनकी हत्या तब की गई, जब वे पूजा करने के अपने अधिकार का प्रयोग कर रहे थे और यह बात इस हमले को इतना निंदनीय बनाती है। यह हमारे लिए चिंता की बात है। हम हमले में लोगों की मौत होने पर शोक प्रकट करते हैं और जान गंवाने वाले लोगों के परिजन के प्रति संवेदना प्रकट करते हैं।’’ कांग्रेस के सदस्य विल हर्ड ने कहा, ‘‘मेरी संवेदनाएं अमरनाथ यात्रा आतंकवादी हमले के पीड़ितों एवं उनके परिजन के साथ हैं। यह हमला निंदनीय है और इसकी निंदा की जानी चाहिए।’’ कांग्रेस की संदस्य शीला जैक्सन ली ने ट्वीट किया, ‘‘अमरनाथ यात्रियों पर हमला स्तब्ध करने वाला है। धर्म एक मौलिक एवं मानवाधिकार है।’’ कांग्रेस की सदस्य तुलसी गैबार्ड ने कहा कि हिंदू और हर धर्म के तीर्थयात्री आतंकवादियों पर हमलों के डर के बिना अपने पवित्र स्थानों की यात्रा करने में सक्षम होने चाहिए। इसके अलावा जॉन रैटक्लिफ, जिम कोस्टा, टेड पोए, एना जी एशू और जॉन कुलबर्सन समेत कांग्रेस के कई अन्य सदस्यों ने इस हमले की निंदा की। ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ बीजेपी (ओएफबीजेपी) यूएसए के अध्यक्ष कृष्णा रेड्डी अनुगुला ने कहा, ‘‘भारतीय अमेरिकी समुदाय बहुत दु:खी है और अमरनाथ की यात्रा कर रहे निर्दोष तीर्थयात्रियों पर इस नृशंस हमले की खबर सुनकर स्तब्ध है। हम सभी पीड़ितों और उनके परिजन के लिए प्रार्थना है।’’ समूह के उपाध्यक्ष अडापा प्रसाद ने कहा, ‘‘पाकिस्तान पिछले कई दशकों से लश्कर ए तैयबा समेत विभिन्न संगठनों के आतंकवादियों को खुलेआम पनाह दे रहा है और पाकिस्तान को आतंकवाद को प्रायोजित करने वाला देश घोषित करने का अमेरिकी कांग्रेस में दबाव रहा है।’’ समूह के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ‘‘भारतीय समुदाय पाकिस्तान के निर्देश पर तीर्थयात्रियों पर किए गए आतंकवादियों के इस कायरतापूर्ण एवं भयानक हमले की निंदा करता है।’’
अमरीका: सेना का प्लेन हुआ क्रेश, कम से कम 16 लोगों की मौत
11 Jul 2017
वाशिंगटन। अमरीकी सेना का एक मालवाहक विमान कल शाम मिसीसिपी के समीप दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें से कम से कम 16 लोगों की मौत हो गयी। क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि विमान मिसीसिपी प्रांत की राजधानी जैकसन से करीब 160 किलोमीटर दूर ली फ्लोर काउंटी में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। उन्होंने हालांकि दुर्घटना के संबंध में तात्कालिक विस्तृत जानकारी नहीं दी है। मैरिन काप्र्स के प्रवक्ता कैप्टन सराह बुन्र्स ने बताया कि अमेरिकी नौसेना का मालवाहक विमान केसी-130 हरकुलिस मिसीसिपी के समीप दुर्घटनाग्रस्त हो जाने की रिपोर्ट है।
हॉलीवुड तर्ज पर ड्रोन की मदद से जेल से भागा कैदी, एेसे दी अमरीका की सबसे सुरक्षित जेल की सुरक्षा को मात
10 Jul 2017
वाशिंगटन। दुनिया की सबसे कड़ी सुरक्षा वाली जेलों में शुमार अमरीका के दक्षिण कैरोलिना के रिजविले स्थित लिबर करेक्शनल इंस्टीट्यूट जेल से ड्रोन की मदद से एक कैदी के भागने की घटना सामने आई है। जिमी कोजे (46) नाम के इस कैदी के जेल से भागने की कहानी बड़ी ही दिलचस्प है। इस कैदी ने 4 जुलाई को अपने जेल की कोठरी से बैठे-बैठे ही कई मोबाइल फोन की मदद से ड्रोन ऑपरेट किया और उसकी मदद से पहले तो जेल की दीवारों तक तार काटने वाले उपकरणों को पहुंचाया। फिर, गार्ड की आंखों में धूल झोंककर वह जेल की दीवारों के पास पहुंचा और कंटीलों तारों को काटकर भागने में सफल रहा। हालांकि, उसकी यह कामयाबी ज्यादा टिकाऊ साबित नहीं हुई। दो दिन बाद वह 1200 मील दूर टेक्सास के एक मोटेल से 7 जुलाई को तड़के तीन बजे पकड़ा गया। कोजे के पास से प्रशासन को 47 हजार डॉलर नकदी, एक आईडी कार्ड और दो बंदूकें मिलीं। अमरीका में सभी जेलों में दवाएं और मोबाइल फोन पहुंचाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल काफी चलन में है। जेल प्रशासन मामले की जांच कर रहा है। पहले भी इसी जेल से भाग चुका है पहले भी 2005 में कोजे कोलंबिया की ब्रॉड रिवर करेक्शनल इंस्टीट्यूटशन जेल से भागने में सफल रहा था। उस वक्त भी उसने एक पुतला बनाकर अपने बिस्तर पर छिपा दिया था। उसके साथ एक और कैदी भी था। दोनों एक कूड़ा ढोने वाले ट्रक में छिपकर भागने में सफल रहे थे और एक मोटेल में छिपकर रह रहे थे। मगर 3 दिन बाद ही मोटेल में पिज्जा देने आई एक महिला को उन पर शक हुआ। टॉयलेट पेपर से बनाया पुतला जेल से भागने से पहलेे कोजे ने अपने बिस्तर पर एक पुतला रख दिया। उसे चादर ओढ़ा दिया था, जिससे किसी को उसके भागने का जल्दी शक न हो। यह पुतला उसने टॉयलेट पेपर से बनाया था। प्रशासन को उसके भागने का पता 18 घंटे बाद ही चल पाया। कोलंबिया में वकील को बंदूक की नोक पर धमकाने के आरोप में कोजे 2004 से उम्रकैद की सजा काट रहा है।
मेक्सिको: सबसे सुरक्षित जेल में गैंगवार, दो गुटों की हिंसा में 28 कैदियों की मौत, एक कैदी का सिर धड़ से किया अलग!
7 Jul 2017
मेक्सिको में यहां की एक जेल में कैदियों के बीच हिंसा भड़क गई। इस घटना में कम से कम 28 लोगों की मौत हो गई है। ग्वेरेरो राज्य सुरक्षा अधिकारी रॉबर्टो अल्वरेज ने संवाददाताओं से कहा कि जेल के अधिकतम सुरक्षा विंग में दो गिरोहों के बीच हुई हिंसा में 28 कैदियों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए हैं। हाल के वर्षों में जेल के अंदर यह सबसे बड़ी हिंसा है। अल्वरेज ने कहा कि अधिकारियों को जेल के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले विंग के अंदर तथा किचन के बाहर शव मिले हैं। एक अधिकारी ने अपनी पहचान बताये बिना कहा कि एक कैदी का सिर धड़ से अलग था। उन्होंने कहा कि जेल में क्षमता से 30 फीसदी अधिक कैदी थे। इस जेल में 1624 कैदियों के रहने की व्यवस्था थी लेकिन इसमें 1951 पुरूष और 110 महिला कैदी रह रहे थे। उन्होंने कहा कि जेल के अंदर गोलीबारी की रिपोर्टों के बावजूद ज्यादर कैदियों की मौत धारदार हथियारों से हुई है।
डोकलाम में चीन ने किया युद्ध अभ्यास!
6 Jul 2017
बीजिंग। भारत चीन के बीच सीमा पर तनाव के बीच चीन ने टैंकों और अन्य साजो सामान के साथ डोकलाम क्षेत्र में युद्ध अभ्यास कर भारत को यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह युद्ध के लिए तैयार है।यह जानकारी गुरुवार को मीडिया रिपोर्ट से मिली। उल्लेखनीय है कि चीनी सेना ने यह अभ्यास समुद्र तल से 5100 मीटर की ऊंचाई पर किया। वैसे सिक्किम में सीमा पर तनाव कम होने के कम आसार हैं, क्योंकि चीन की हरकतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। चीनी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, इस सैन्य अभ्यास में ‘पीपुल्स लिबरेशन आर्मी’(पीएलए) के सबसे उन्नत युद्धक टैंक 96 बी भी शामिल था। हालांकि रिपोर्ट में इसका खुलासा नहीं कि गया है कि सैन्य अभ्यास कब हुआ। लेकिन अखबार ने गुरुवार को इस संबंध में ‘मिलिट्री ताकत की गलतफहमी न पाले भारत’ शीर्षक से एक खबर छापी है। रिपोर्ट के अनुसार, पीएलए के अवकाश प्राप्त मेजर जनरल झू हेपिंग ने कहा है कि भारत डोकलाम में सड़क निर्माण को नहीं रोक पाएगा। मेजर जनरल झू ने आगे कहा, ‘‘भारत का हस्तक्षेप और चीन को लेकर उसका रुझान को दर्शाता है। यह एक बहुत ही छोटा और संकरा इलाका है, जहां बड़ी संख्या में सैनिकों को पूरी तरह तैनात भी नहीं किया जा सकता।” विदित हो कि डोकलाम में भूटान की आपत्ति के बाद गत 16 जून को भारतीय सैनिकों ने चीन की ओर से किए जा रहे सड़क निर्माण कार्य को रोक दिया था। इसके बाद चीन के साथ सीमा पर तनातनी बढ़ गई है। चीन इस इलाके को अपना हिस्सा मानता है। झू ने सवाल करते हुए कहा, “क्या आपको लगता है कि कुछ सैन्य वाहनों और सैनिकों के साथ सीमा पर चीन के सड़क निर्माण कार्य को रोका जा सकता है।” उन्होंने आगे कहा कि चीनी सेना लगातार ताकतवर और मजबूत हो रही है और भारतीय सेना उसका मुकाबले में कहीं नहीं है। भारत की उकसाने वाली कार्रवाई का कोई असर नहीं होने वाला है। रिपोर्ट के मुताबिक चीनी सेना के पश्चिमी कमान ने हाल ही में पूरे सैन्य साजो सामान से लैस अपने अश्व ब्रिगेड को 5100 मीटर ऊंचाई पर सैन्य अभ्यास के लिए भेजा था। यह पहली बार है जब पीएलए इस तरह के वातावरण में युद्धाभ्यास कर रही है। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की ओर से जारी की गई तस्वीरों में भी पीएलए के ब्रिगेड को चीन के सबसे उन्नत 96बी टैंकों से लैस दिखाया गया है। यह टैंक चीन के टैंक बेड़े का सबसे मजबूत हिस्सा है।
इज़रायली पीएम से मिलकर पीएम मोदी हुए 'गद- गद', दे डाले ऐसे-ऐसे गिफ्ट जिनकी होने लगी सभी जगह चर्चा!
5 Jul 2017
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने इजरायली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू को केरल से ले जाए गए ऐतिहासिक अवशेषों के दो सेटों के प्रतिरूप उपहार में दिए हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक ट्वीट में कहा कि इस भेंट में तांबे की प्लेटों के दो अलग-अलग सेट थे। तांबे की प्लेटों का पहला सेट भारत में कोचीन के यहूदियों की निशानी है। समझा जाता है कि इसमे हिन्दू राजा चेरामन पेरूमल द्वारा यहूदी नेता जोसेफ रब्बन को अनुवांशिक आधार पर दिए गए विशेषाधिकारों का वर्णन है। यहूदियों के पारंपरिक दस्तावेजों के अनुसार बाद में जोसेफ रब्बन को शिंगली का राजकुमार बना दिया गया था। तांबे की प्लेटों का दूसरा सेट भारत के साथ यहूदियों के व्यापार के इतिहास का प्राचीन दस्तावेज है। ये प्लेटें स्थानीय हिन्दू शासक द्वारा चर्च को दी गई जमीन और कर संबंधी विशेषाधिकारों के बारे में वर्णन करती हैं। ये प्लेटें कोल्लम से पश्चिमी एशिया के साथ होने वाले व्यापार तथा भारतीय व्यापार संघों के बारे में भी बताती है। इन प्लेटों का प्रतिरूप हासिल करना केरल के तिरूवला स्थित मालंकर मार थोमा सीरियन चर्च के सहयोग से संभव हुआ है। पीएमओ ने एक अन्य ट्वीट में बताया कि इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने केरल के पारदेसी यहूदी समुदाय द्वारा दान किया गया एक टोरा स्क्रॉल भी नेतन्याहू को भेंट किया। इजरायल की तीन दिवसीय यात्रा पर कल यहां पहुंचे मोदी को आज दूसरे दिन कई कार्यक्रमों में भाग लेना है। वह इजरायल के राष्ट्रपति रेयुविन रिवलिन और इजरायल के विपक्षी नेता इसाक हेरजोग से भी मुलाकात करेंगे। भारत और इजरायल के बीच कई समझौते होने की संभावना है। मोदी तेल अवीव में भारतीय समुदाय के लोगों को भी संबोधित करेंगे।
दक्षिण चीन सागर की सीमा में घुसा अमरीकी युद्धपोत, बौखलाए चीन ने दे डाली ऐसी धमकी!
4 Jul 2017
एक अमरीकी युद्धपोत दक्षिण चीन सागर में बढ़ते हुए विवादित सीमा के नजदीक पहुंच गया है। चीन ने यह दावा किया है। अमरीकी नेवी का युद्धपोत यूएसएस स्टीथम दक्षिण चीन सागर में ट्राइटॉन आइलैंड के 12 मील के दायरे में आ चुका है। यह आइलैंड पारासेल द्वीप समूह का हिस्सा है। इस छोटे से आइलैंड पर वियतनाम और ताइवान भी अपना दावा करते हैं। चीन ने इसे 'एक गंभीर राजनीतिक और सैन्य दखल' बताया है और कहा है कि, राष्ट्रीय स्वायत्तता और सुरक्षा को बचाने के लिए सभी जरूरी कदम वो उठाएगा। यह फ्रीडम ऑफ नेविगेशन ऑपरेशन चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के साथ फोन पर पहले से तय बातचीत के कुछ घंटे पहले हुआ। अमरीका का 'फ्रीडम ऑफ नेविगेशन' कार्यक्रम दुनिया भर के समुद्री और हवाई क्षेत्रों में तमाम दावों को चुनौती देता है। ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद यह दूसरी बार है जब कोई अमरीकी युद्धपोत चीन की विवादित समुद्री सीमा के पास गया हो। मई में यूएसएस डेवी चीन के बनाए कृत्रिम आइलैंड मिसचीव रीफ के 12 मील के दायरे में आ गया था। अमरीकी सुरक्षा मंत्री जेम्स मैटीस ने कुछ दिनों पहले कहा था कि अमरीका चीन के मानव निर्मित आइलैंड के सैन्यीकरण को नहीं मानने वाला है। चीन ने दक्षिण चीन सागर में कई मानव निर्मित आइलैंड बनाए हैं। दक्षिण चीन सागर के कई क्षेत्रों पर कई देशों का सदियों से दावा रहा है, लेकिन हाल के सालों में यह तनाव लगातार बढ़ा है। इसके कई टापुओं और क्षेत्रों पर ताइवान, चीन, वियतनाम, फिलीपींस, मलेशिया और ब्रुनेई अपना-अपना दावा करते रहे हैं।batao
स्विस बैंक में जमा धन राशि के मामले में भारत 88वें नंबर पर खिसका, सूची में ये देश है टाॅप पर
3 Jul 2017
स्विस बैंक में जमा धन राशि के मामले में भारत 88वें नंबर पर खिसक गया है। इससे पहले भारत 2016 में 75वें और 2015 में 61वें स्थान पर था। इस सूची में ब्रिटेन शीर्ष पर है। स्विस बैंक में जमा धन राशि के मामले में भारत 88वें नंबर पर खिसक गया है। इससे पहले भारत 2016 में 75वें और 2015 में 61वें स्थान पर था। इस सूची में ब्रिटेन शीर्ष पर है। इसके साथ ही स्विस बैंक में जमा सभी देशों की कुल राशि में भारतीय लोगों की कुल राशि मात्र 0.04 फीसदी रह गई है। वर्ष 2007 तक भारत का नाम यहां जमा धन के मामले में शीर्ष 50 देशों की सूची में होता था। 2004 में भारत स्विस बैंक की सूची में वें नंबर पर था। कहा जा सकता है कि भारत का काला धन स्विस बैंक से धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। ब्रिटेन पिछली बार की तरह पहले नंबर पर ही काबिज है। स्विस बैंक में 95 लाख करोड़ रुपए की राशि जमा है । भारत की कुल जमा राशि 4500 करोड़ रुपये के लगभग है। पिछले साल भारत का कुल शेयर 0.08 फीसदी था।
क्या बात! महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन से भी अधिक है 11 साल के भारतीय मूल के बच्चे का आईक्यू
1 Jul 2017
लंदन। इंग्लैंड में रहने वाले एक भारतीय मूल का 11 साल के बच्चे का आईक्यू महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन और स्टीफन हॉकिंग से भी अधिक पाया गया है। मेन्सा आईक्यू टेस्ट में बालक ने सबसे अधिक 162 अंक हासिल कर ब्रिटेन का सबसे बुद्धिमान बच्चा बन गया है। दरअसल, दक्षिण इंग्लैंड के रीडिंग टाउन में रहने वाले अर्णव शर्मा ने बिना किसी तैयारी के कुछ सप्ताह पहले सबसे मुश्किल टेस्ट के लिए मशहूर मेन्सा IQ टेस्ट को पास कर लिया है। डिपेंडेंट की खबर के मुताबिक, इस टेस्ट में अर्णव को अल्बर्ट आइंस्टीन और स्टीफन हॉकिंग से 2 अंक अधिक मिले हैं। तो वहीं इस टेस्ट में सर्वाधिक नंबर पाने वाले अर्णव शर्मा ने कहा कि इस टेस्ट में लगभग 7 से 8 लोग शामिल थे। तो वहीं मेन्सा टेस्ट काफी मुश्किल होता है। जिसे पार पाना इतना आसान नहीं होता है। मुझे् इस टेस्ट को लेकर कोई उम्मीद नहीं थी, जबकि मुझे इस टेस्ट में लगभग ढाई घंटे लगे। शर्मा ने कहा कि उन्हें इस टेस्ट को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं थी। लेकिन जब इसके मैंने परिजनों को बताया तो सभी काफी खुश हुए। शर्मा की मां के मुताबिक, मुझे इस टेस्ट को लेकर कोई जानकरी नहीं थी। लेकिन अर्णव के टैलेंट को देखकर वह काफी खुश हैं। उनका कहना कि अर्णव को गाने और संगीत का शौक है। जब वह लगभग 3 साल का था, तब मुझे उसके गणित विषय के कौशल को लेकर पता चला था। जबकि 8 साल की उम्र में वह बॉलीवुड डांस करके रीडिंग्स गॉट टैलेंट के सेमीफाइनल में भी पहुंच चुका है।
बढ़ सकता है चीन का गुस्सा, US ताइवान को देगा 1.42 अरब डॉलर के हथियार
30 Jun 2017
वॉशिंगटन.अमेरिका ने ताइवान को करीब 1.42 अरब डॉलर के हथियार बेचने की योजना बनाई है। प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन के दौरान इस तरह के सौदे से चीन का गुस्सा बढ़ सकता है। बता दें ट्रम्प नॉर्थ कोरिया पर लगाम कसने में चीन से मदद की मांग करते रहे हैं। अमेरिका में स्टेट डिपार्टमेंट के स्पोक्सपर्सन हीथर नॉर्ट ने कहा कि ट्रम्प प्रशासन ने आज इसके प्रस्ताव के बारे में कांग्रेस को जानकारी दे दी। उन्होंने मीडिया से कहा, "प्रशासन ने ताइवान के साथ सात प्रस्तावित डिफेंस सेल के सौदे किए हैं। अब यह 1.42 अरब अमेरिकी डॉलर के बराबर हैं।" उन्होंने कहा कि यह बिक्री अमेरिका को "ताइवान की पर्याप्त आत्मरक्षा क्षमता बनाए रखने के लिए समर्थन दिखाती है।" उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि अमेरिका की लंबे समय से "वन चाइना" पॉलिसी में कोई बदलाव नहीं हुआ है। बता दें, वन चाइना पॉलिसी का मतलब उस नीति से है, जिसके मुताबिक़ 'चीन' नाम का एक ही राष्ट्र है और ताइवान अलग देश नहीं, बल्कि उसका प्रांत है।
ब्राज़ील: राष्ट्रपति भवन में जबरन कार घुसाने की नाबालिग की हिमाकत, सुरक्षाकर्मियों में मचा हड़कंप- चली गोलियां
29 Jun 2017
कार चालक तेज रफ्तार से राष्ट्रपति भवन के प्रवेश द्वार को तोड़ता भीतर चला गया। सुरक्षा गार्डों ने उसे चेतावनी देते हुए पहले हवा में गोलियां चलायीं और जब वाहन नहीं रूका तो उस पर भी गोलियां चलायीं। ब्राजील में एक नाबालिग शख्स ने राष्ट्रपति निवास के प्रवेश द्वार में जबरन अपनी कार घुसाने की कोशिश की। ऐसी हरकत पर अचानक से वहां सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों में हड़कंप मच गया। हालांकि पुलिस ने ऐसा करने पर आरोपी नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि जब ये घटना हुई उस समय राष्ट्रपति माइकल टेमर भवन के अंदर मौजूद नहीं थे। राष्ट्रपति भवन सूत्रों ने बताया कि एक कार चालक तेज रफ्तार से राष्ट्रपति भवन के प्रवेश द्वार को तोड़ता भीतर चला गया। सुरक्षा गार्डों ने उसे चेतावनी देते हुए पहले हवा में गोलियां चलायीं और जब वाहन नहीं रूका तो उस पर भी गोलियां चलायीं। सूत्रों ने बताया कि बाद में वाहन चालक को दबोच लिया गया जो नाबालिग था। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है। टेमर दूसरे सरकारी निवास में रहते हैं।
भारत को जरूरी सुरक्षा संसाधन मुहैया कराएगा अमेरिका
28 Jun 2017
वाशिंगटन। अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने कहा है कि उनका देश भारत को दक्षिण एशिया में सुरक्षा मजबूत करने के लिए भारत को जरूरी संसाधन एवं तकनीक मुहैया कराएगा। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिकी दौरे खत्म होने के बाद माइक पेंस ने ये बयान दिया। पेंस ने कहा कि आपको घोषणा से इतर देखने की जरूरत नहीं है जिसके अनुसार अमेरिका भारत को सी गाडर्यिन यूएवी, अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर और सी-17 परिवहन विमान बेचेगा। उन्होंने कहा कि अभी बेचने की मंजूरी देने की प्रक्रिया चल रही है और उन्हें उम्मीद है कि इससे पारस्परिक सुरक्षा को लेकर दोनों देशों की प्रतिबद्धता दिखेगी और सुरक्षा के लिए भागीदारी के महत्व का पता चलेगा।
ड्रेगन का दुस्साहस... सिक्किम सेक्टर में घुसे चीनी सैनिक, हमारे 2 बंकर किए तबाह
27 Jun 2017
चीनी सैनिक सोमवार को सिक्किम सेक्टर में घुस आए। चीनी सैनिकों की भारत-चीन सीमा की सुरक्षा करने वाले भारतीय सेना के जवानों के साथ नोक-झोंक भी हुई। इसके अलावा चीनी सैनिकों ने दो बंकरों को भी नष्ट कर दिया। भारतीय सैनिक सिक्किम के डोका ला में 10 दिन से चीनी सैनिकों का सामना कर रहे हैं। भारतीय जवानों ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर रोकने के लिए मानव शृंखला भी बनाई है। जवानों ने चीनी सैनिकों का वीडियो भी बनाया है। चीनी सैनिकों ने डोका ला इलाके के लालटेन में दो बंकरों को तबाह किया है। फ्लैग मीटिंग के बाद भी तनाव कम नहीं 20 जून को भारत और चीन के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच फ्लैग मीटिंग हुई थी। इसके बाद भी तनाव कम नहीं हुआ है। भूटान और तिब्बत से सटे इस इलाके में चीनी सैनिकों ने नवंबर 2008 में भी घुसपैठ की कर भारतीय सेना के बंकर्स को तोड़ दिया था। 600 मीटर घुस आए थे पाक सैनिक गुरुवार को पाकिस्तान के सैनिक एलओसी के 600 मीटर तक अंदर घुस आए थे। भारतीय चौकियों से उनकी दूरी महज 200 मीटर की थी। जिसका जवाब भारतीय जवानों ने भी दिया था और एक हमलावर को मार गिराया था।
ट्रंप प्रशासन करना चाहता है भारत के साथ ऐसा परमाणु सौदा
24 Jun 2017
वाशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन भारत के साथ वेस्टिंग हाउस परमाणु रिएक्टर सौदे के साथ आगे बढऩा चाहता है। ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोमवार को प्रस्तावित मुलाकात से पहले व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए कहा कि लगभग एक वर्ष पहले हुए इस समझौते को लागू करने की रफ्तार परमाणु दुर्घटना की स्थिति में देयता संबंधी चिंताओं की वजह से धीमा है। अधिकारी ने कहा कि हम अभी भी इस सौदे को आगे बढ़ाने में बहुत रुचि रखते हैं। वेस्टिंग हाउस इस परियोजना की व्यवहार्यता से खड़ा है। हम वेस्टिंग हाउस और उसके भारतीय भागीदारों के बीच जारी वार्ता को बहुत समर्थन करते हैं। गौरतलब है कि पिछले साल जून में भारतीय परमाणु ऊर्जा निगम तथा अमेरिकी कंपनी वेस्टिंगहाउस भारत में छह परमाणु बिजली रिएक्टरों के लिए इंजीनियरिंग और स्थल डिजाइन कार्य तत्काल शुरू करने तथा अनुबंधात्मक व्यवस्था एक वर्ष में पूरा करने पर सहमति जताई थी।
भीषण विस्फोट से दहला पाकिस्तान, अब तक 11 लोगों की मौत, कर्इ घायल
23 Jun 2017
इस्लामाबाद पाकिस्तान के क्वेटा शहर में शुक्रवार को हुए एक विस्फोट में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 16 अन्य घायल हो गए। एक पाकिस्तानी वेबसाइट के मुताबिक, विस्फोट बलूचिस्तान प्रांत के गुलिस्तान रोड पर स्थित पुलिस महानिरीक्षक एहसान महबूब के कार्यालय पास हुआ, जहां कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय हैं। पुलिस उपमहानिरीक्षक अब्दुल रज्जाक चीमा ने मृतकों की संख्या की पुष्टि की है। मरने वालों में चार पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि विस्फोट किस तरह का था, उसका अभी पता नहीं चल पाया है। चीमा ने कहा, 'घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी फुटेज को देखकर विस्फोट के कारण और उसकी प्रकृति का पता लगाया जाएगा।' पुलिस ने बताया कि घायलों को क्वेटा के सिविल अस्पताल ले जाया गया है। बताया जा रहा है कि इलाके में अब भी बचाव अभियान जारी है। विस्फोट की जिम्मेदारी फिलहाल किसी आतंकवादी संगठन ने नहीं ली है।
सऊदी अरब में परिवार रखना महंगा, 41 लाख भारतीयों पर पड़ेगा असर
22 Jun 2017
रियाद सऊदी अरब सरकार ने एक जुलाई से फैमिली टैक्स में इजाफा करने का निर्णय लिया है जिस वजह से वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ऐसे में सऊदी अरब में काम करने वाले बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक अपने आश्रितों को वापस भारत भेजने की योजना बना रहे हैं। कइयों ने तो इसकी शुरुआत भी कर दी है। सऊदी अरब सरकार का एक जुलाई से अपने देश में रहने वाले प्रवासियों पर फैमिली टैक्स लगाने जा रही है। इसके तहत सऊदी अरब में परिवार के साथ रहने वाले दूसरे देशों के नागरिकों को प्रति आश्रित 100 रियाल (करीब 1700 रुपए) टैक्स के रूप में देने पड़ेंगे। यह वहां रहने वाले भारतीयों के लिए एक बड़ा वित्तीय बोझ है। अभी तक भारतीय विदेश मंत्रालय ने सऊदी अरब सरकार की तरफ से लगाए गए इस टैक्स के बारे में कोई बयान नहीं दिया है। एक अधिकारी ने कहा है कि इस नियम का सभी प्रवासियों पर असर पड़़ेगा। प
प्रवासियों में भारतीयों की संख्या सबसे ज्यादा एक रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब में करीब 41 लाख भारतीय रहते हैं। सऊदी अरब में रहने वाले प्रवासियों में भारतीयों की संख्या सबसे ज्यादा है।
86 हजार आमदनी वालों को वीजा सऊदी सरकार पांच हजार रियाल (करीब 86 हजार रुपए) से ज्यादा आमदनी वाले प्रवासी कामगारों को फैमिली वीजा देती है। अगर पांच हजार रियाल वाले किसी परिवार में एक पति के अलावा एक पत्नी व दो बच्चे हैं तो उसे हर महीने 300 रियाल (पांच हजार रु.) टैक्स देना होगा।
इस टैक्स का करना होगा अग्रिम भुगतान सभी प्रवासी परिवारों के इस टैक्स का अग्रिम भुगतान करना होगा। यानी तीन आश्रित हैं तो 300 रियाल पहले ही टैक्स के रूप में देने होंगे।
2020 तक हर साल बढ़ेगा टैक्स सऊदी सरकार यह टैक्स 2020 तक हर साल 100 रियाल प्रति सदस्य बढ़ाती रहेगी। यानी 2020 में प्रत्येक परिवार को अपने हर सदस्य के लिए 400 रियाल (करीब 6,900 रुपए) प्रति माह देना होगा।

संपादकीय

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