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NBFC सेक्टर को भारतीय स्टेट बैंक देगा 45000 करोड़ रुपये, पूंजी संकट से मिलेगी राहत
10 October 2018
नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े कर्जदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने वित्तीय संकट से जूझ रही गैर-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (एनबीएफसी) को 45,000 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद देने का फैसला किया है। इसके तहत बैंक एनबीएफसी से उनकी अच्छी संपत्तियां खरीदेगा। आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने मंगलवार को एक ट्वीट के माध्यम से बताया कि बैंक के इस कदम से गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को पूंजी संकट से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। एक बयान में एसबीआई ने कहा कि बैंक ने शुरुआती तौर पर चालू वित्त वर्ष के दौरान गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों से 15,000 करोड़ रुपये तक की संपत्ति खरीदने का फैसला किया था। लेकिन आंतरिक मूल्यांकन के बाद बैंक को लगा कि 30,000 करोड़ रुपये तक की अतिरिक्त संपत्ति खरीदने के अवसर बन सकते हैं। एसबीआई के एमडी पीके गुप्ता ने कहा कि बैंक के लिए लोन पोर्टफोलियो बढ़ाने का यह अच्छा मौका है, क्योंकि वर्तमान में एनबीएफसी की संपत्तियां आकर्षक दामों में उपलब्ध हैं। गुप्ता ने कहा, 'यह बैंक और एनबीएफसी दोनों के लिए अच्छा होगा। एक तरफ एनबीएफसी सेक्टर का वित्तीय संकट एक हद तक दूर हो जाएगा, दूसरी तरफ बैंक का लोन पोर्टफोलियो बेहतर होगा।' गौरतलब है कि इन्फ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज (आइएलएंडएफएस) और उसकी सहयोगी कंपनियां पिछले महीने से ही कई कर्ज के भुगतान में विफल रही हैं। इससे एनबीएफसी और म्यूचुअल फंड कंपनियां वित्तीय संकट से गुजर रही हैं। इसे देखते हुए सोमवार को ही एनबीएफसी सेक्टर के नियामक नेशनल हाउसिंग बैंक (एनएचबी) ने सेक्टर की रिफाइनेंसिंग लिमिट 30,000 करोड़ रुपये तक बढ़ा दी थी। इससे पहले चालू वित्त वर्ष के लिए एनएचबी द्वारा यह सीमा 24,000 करोड़ रुपये निर्धारित की गई थी।


अब EMI में दीजिए अपने वाहन के बीमा की किश्तें
8 October 2018
नई दिल्ली। मोटर बीमा करवाने वालों की संख्या में वृद्धि की संभावना को देखते हुए बीमा कंपनियां व बैंक भी ग्र्राहकों को लुभाने के लिए कुछ नए उपाय करते दिख रहे हैं। इस क्रम में एचडीएफसी बैंक ने अपने ग्राहकों को मोटर बीमा का रिन्यूवल एसएमएस से करने और प्रीमियम की राशि मासिक किस्त में देने की सुविधा दी है। एचडीएफसी बैंक की यह सुविधा उसके उन ग्राहकों के लिए होगी जो साधारण बीमा कंपनी एचडीएफसी एर्गो से मोटर बीमा कराए हुए हैं। बैंक का कहना है कि आने वाले दिनों में यह सुविधा दूसरी साधारण बीमा कंपनियों से मोटर बीमा करवाने वाले ग्र्राहकों के लिए भी उपलब्ध होगी। यह सुविधा चार पहिया और दोपहिया सभी तरह के वाहनों के बीमा के लिए होगी। इस सुविधा के तहत मोटर बीमा का रिन्यूवल कराने का समय आने पर सभी ग्र्राहकों को एसएमएस से सूचना दी जाएगी। अगर ग्राहकों के पास एचडीएफसी बैंक का ऐप डाउनलोड है, तो रिन्यूवल कुछ ही मिनटों में एसएमएस का जवाब देकर किया जा सकता है। प्रीमियम का भुगतान एसएमएस के जरिये या नेट बैंकिंग या किसी दूसरे एटीएम के जरिये किया जा सकता है। अगर ग्र्राहक चाहें तो प्रीमियम के भुगतान के लिए मासिक किस्त का विकल्प चुन सकते हैं। बैंक का दावा है कि पहली बार मोटर बीमा के प्रीमियम का भुगतान मासिक किस्त में करने की सुविधा वह दे रहा है।
हाहाकार: सेंसेक्स 792 अंक गिरा, डॉलर के मुकाबले रुपया गिरकर 74 पर पहुंचा
5 October 2018
मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का दौर सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन भी जारी रहा। शुक्रवार जारी रिजर्व बैंक की पॉलिसी का भी कोई असर बाजार पर नजर नहीं आया। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 792 अंकों की गिरावट के साथ 34,376.99 के स्तर पर है। वहीं निफ्टी में भी 315 अंकों की गिरावट रही और यह 10,283.25 के स्तर पर रहा। वहीं रुपया भी लगातार कमजोर हो रहा है। एक डॉलर की कीमत 74 रुपए तक पहुंच गई है। केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत से भी बाजार पर कोई खास असर नजर नहीं आया। हालांकि, सुबह बाजार मामूली संभला लेकिन खबर लिखे जाने तक संसेक्स 421 अंकों की गिरावट के साथ 34737 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 156 अंकों की कमजोरी के साथ 10443 के स्तर पर था। इससे पहले बुधवार और गुरुवार को बाजार में 1300 से ज्यादा अंकों की गिरावट दर्ज हो चुकी है। गुरुवार को शेयर बाजार 800 से ज्यादा अंक गिरकर बंद हुआ था।
2.5 रुपए सस्ता हुआ पेट्रोल और डीजल, केंद्र सरकार ने घटाई एक्साइज ड्यूटी
4 October 2018
नई दिल्ली। देश में पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने तेल पर एक्साइज ड्यूटी में 1.50 की कटौती की है जिसके पेट्रोल और डीजल के दामों में 2.50 रुपए की कमी आएगी। इसे लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को कहा कि केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजली पर 1.50 रुपए एक्साइज ड्यूटी घटना का फैसला किया है जिसके बाद आम आदमी को सीधे तौर पर तेल की कीमतों में 2.50 रुपए का फायदा होगा। उन्होंने आगे कहा कि मैंने राज्यों को भी पत्र लिखकर अपील की है कि वो भी वैट में उतना ही भार वहन करे जितना केंद्र एक्साइज ड्यूटी में कर रहा है। बाहरी दबावों के कारण देश में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़े हैं। वैश्विक बाजार में कच्चा तेल भी महंगा हुआ है और इसके कारण देश में तेल के दाम रिकॉर्ड ऊपर चढ़े हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस कटौती के बाद एक्साइज ड्यूटी कट में इस साल 10500 करोड़ का प्रभाव पड़ेगा। बता दें कि बुधवार को पेट्रोलियम सचिव ने वित्तमंत्री अरुण जेटली और वित्त सचिव से मुलाकात कर पेट्रोल दामों की बढ़ी हुई कीमतों में राहत देने के उपायों पर चर्चा की थी। बुधवार को कैबिनेट की बैठक के बाद PM नरेंद्र मोदी, वित्तमंत्री और पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बीच जनता को राहत देने के उपायों पर चर्चा हुई थी। बता दें कि गुरुवार को दिल्ली में पेट्रोल जहां 84 रुपए प्रति लीचर तक पहुंच गया था वहीं मुंबई में डीजल के दाम 80 रुपए लीटर हैं।
सुप्रीम कोर्ट पहुंची एरिक्सन, अनिल अंबानी के विदेश जाने पर रोक की अपील की
3 October 2018
नई दिल्ली। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) ने लुटियंस दिल्ली के पांच सितारा होटल ताजमान सिंह की नीलामी को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। ई-नीलामी के जरिये ताज मानसिंह का नियंत्रण टाटा समूह ने बरकरार रखा है। अब इसे 33 वर्ष के लिए टाटा समूह को पट्टे पर दिया जाएगा। शुक्रवार को हुई ई-नीलामी में इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (आईएचसीएल) के अलावा आईटीसी ने भी हिस्सा लिया था। एनडीएमसी के अधिकारी के अनुसार, टाटा समूह की इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (आईएचसीएल) ने जीएसटी समेत 7.03 करोड़ रुपये की मासिक लाइसेंस फीस अथवा होटल से होने वाली सकल आय के 32.50 फीसद की शर्त पर होटल का नियंत्रण बरकरार रखा है। एनडीएमसी को इससे पहले कंपनी लाइसेंस शुल्क के तौर पर प्रति माह 3.94 करोड़ रुपये का भुगतान कर रही थी। इससे पहले एनडीएमसी दो बार इस होटल की नीलामी करने में सफल नहीं हो पाई थी। पिछली बार बोली में केवल दो ही प्रतिभागी आए थे। इस कारण एनडीएमसी ने इसकी नीलामी के नियमों में भी ढील दी थी। 1978 में ताज मानसिंह होटल टाटा समूह को 33 साल के पट्टे पर दिया गया था, जो 2011 में समाप्त हो गया था। इसके बाद एनडीएमसी ने नौ बार इसका विस्तार भी किया था। एनडीएमसी और कंपनी के बीच जारी कानूनी मुकदमे की वजह से इस होटल की नीलामी टलती जा रही थी।
ताज मानसिंह होटल पर टाटा समूह का कब्जा बरकरार, हर महीने 7.03 करोड़ देने होंगे
29 September 2018
नई दिल्ली। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) ने लुटियंस दिल्ली के पांच सितारा होटल ताजमान सिंह की नीलामी को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। ई-नीलामी के जरिये ताज मानसिंह का नियंत्रण टाटा समूह ने बरकरार रखा है। अब इसे 33 वर्ष के लिए टाटा समूह को पट्टे पर दिया जाएगा। शुक्रवार को हुई ई-नीलामी में इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (आईएचसीएल) के अलावा आईटीसी ने भी हिस्सा लिया था। एनडीएमसी के अधिकारी के अनुसार, टाटा समूह की इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (आईएचसीएल) ने जीएसटी समेत 7.03 करोड़ रुपये की मासिक लाइसेंस फीस अथवा होटल से होने वाली सकल आय के 32.50 फीसद की शर्त पर होटल का नियंत्रण बरकरार रखा है। एनडीएमसी को इससे पहले कंपनी लाइसेंस शुल्क के तौर पर प्रति माह 3.94 करोड़ रुपये का भुगतान कर रही थी। इससे पहले एनडीएमसी दो बार इस होटल की नीलामी करने में सफल नहीं हो पाई थी। पिछली बार बोली में केवल दो ही प्रतिभागी आए थे। इस कारण एनडीएमसी ने इसकी नीलामी के नियमों में भी ढील दी थी। 1978 में ताज मानसिंह होटल टाटा समूह को 33 साल के पट्टे पर दिया गया था, जो 2011 में समाप्त हो गया था। इसके बाद एनडीएमसी ने नौ बार इसका विस्तार भी किया था। एनडीएमसी और कंपनी के बीच जारी कानूनी मुकदमे की वजह से इस होटल की नीलामी टलती जा रही थी।
5 अक्टूबर से महंगे हो सकते हैं बैंक लोन, RBI की बैठक में बढ़ सकती है रेपो रेट
28 September 2018
मुंबई। अगले महीने से मकान और वाहन खरीदने के लिए बैंकों से मिलने वाले लोन महंगे हो सकते हैं। डॉलर के मुकाबले रुपए की विनिमय दर में लगातार गिरावट और महंगाई दर तय सीमा में रखने के लिए आरबीआई अगले हफ्ते रेपो रेट बढ़ा सकता है। रॉयटर्स की ओर से अर्थशास्त्रियों के बीच कराए गए एक सर्वे की रिपोर्ट के मुताबिक रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) 5 अक्टूबर की बैठक में रेपो रेट बढ़ाने का निर्णय ले सकती है। सर्वे में शामिल ज्यादातर विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल कम से कम एक बार और नीतिगत ब्याज दर (रेपो रेट) में 0.25 फीसदी बढ़ोत्तरी की जा सकती है। यदि ऐसा होता है लगातार तीसरी बार नीतिगत दरों में इजाफा होगा। सर्वे में कुल 61 अर्थशास्त्रियों ने हिस्सा लिया। इनमें से करीब 66 फीसदी का मानना है कि ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी की जा सकती है। यदि रेपो रेट में 0.25 फीसदी का इजाफा होता है तो यह बढ़कर 6.75 फीसदी हो जाएगी। दरें बढ़ने की आशंका इसलिए इस साल की शुरुआत से अब तक रुपए में 14 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई है। पिछले दिनों रुपए में गिरावट को नियंत्रित करने की आरबीआई की कोशिश पूरी तरह सफल नहीं हुई हैं। इस वजह से न केवल आयात महंगा हो रहा है, बल्कि चालू खाते का घाटा भी बढ़ने की आशंका गहरा गई है। ब्याज दरें बढ़ाए जाने से रुपए को सहारा मिल सकता है। महंगाई कम रखने का प्रयास हालांकि रुपए में गिरावट आने के बावजूद अब तक महंगाई नियंत्रण में है। अगस्त में महंगाई दर 3.7 फीसदी रही, जो आरबीआई के टारगेट 4 फीसदी से कम है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि रुपए के गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल की वजह से महंगाई बढ़ सकती है। आरबीआई ऐसी स्थिति नहीं चाहेगा, इसीलिए महंगाई तय सीमा में रखने के लिए नीतिगत दरें बढ़ाई जा सकती हैं।
व्हाट्सएप के जरिये कर सकेंगे बीमे का दावा, यहां हुई शुरुआत
25 September 2018
नई दिल्ली। बीमा कारोबार में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल एक कदम और आगे बढ़ गया है। अब आप अपने जीवन बीमा का क्लेम का आवेदन अपने मोबाइल से व्हाट्सएप के जरिये भी कर सकते हैं। निजी क्षेत्र की जीवन बीमा कंपनी भारती एक्सा लाइफ इंश्योरेंस ने अपने ग्राहकों के लिए इसकी शुरुआत करने का एलान किया है। कंपनी का दावा है कि बीमा उद्योग में वह पहली कंपनी है जो व्हाट्सएप पर क्लेम के आवेदन स्वीकार करेगी। ऐसा हो जाने से बीमाधारकों को अपना क्लेम मांगने के लिए कंपनी की शाखाओं के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और केवल एक मैसेज से यह काम हो जाएगा। कंपनी के प्रबंध निदेशक व सीईओ विकास सेठ ने कहा कि किसी भी कंपनी की जिम्मेदारी होती है कि वह जरूरत के वक्त क्लेम प्रदान करे। व्हाट्सएप का उपयोग करके कंपनी अपने ग्राहकों की सुविधा बढ़ाने और ग्राहकों का संपर्क बेहतर बनाने के लिए नया सेवा विकल्प दे रही है। व्हाट्सएप पर क्लेम मांगने संबंधी मैसेज भेजने के बाद पॉलिसी के नॉमिनी को कंपनी के एक लिंक पर सभी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। यह लिंक ग्राहक का व्हाट्सएप पर मैसेज प्राप्त करने के बाद कंपनी की क्लेम टीम उपलब्ध कराएगी। क्लेम के आवेदन पर फैसला होने के बाद कंपनी ग्राहक को व्हाट्सएप पर ही सूचना देगी और धनराशि उसके बैंक खाते में जमा करा दी जाएगी।
पेट्रोल 11 पैसे तो डीजल 5 पैसे महंगा, मुंबई में 90 के पार पहुंचे दाम
24 September 2018
नई दिल्ली। तेल की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। सोमवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर वृद्धि हुई है। देश में पेट्रोल जहां 11 पैसे महंगा हुआ है वहीं डीजल 5 पैसे महंगा हुआ है। इसके बाद दिल्ली में जहां पेट्रोल 82.82 रुपए और डीजल 74.02 रुपए के स्तर पर रहा है। वहीं मुंबई में पेट्रोल 90.08 रुपए और डीजल 78.58 रुपए प्रति लीटर है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया के स्थिति के आधार पर ही सरकारी तेल विपणन कंपनियां पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों में संशोधन करती हैं। आईओसी, भारत पेट्रोलियम कॉर्प लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्प लिमिटेड (एचपीसीएल) देश की तीन प्रमुख सरकारी तेल विपणन कंपनियां हैं। मौजूदा समय में डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमत 70.21 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड की कीमत 78.75 डॉलर प्रति बैरल है। गौरतलब है कि भारत अपनी जरूरत के कच्चे तेल का 80 फीसद हिस्सा आयात करता है। भारत के आयात बिल में पेट्रोल और डीजल की एक बड़ी हिस्सेदारी होती है। अगस्त मध्य से अब तक पेट्रोल की कीमत में रुपये और डीजल की कीमत में 3.84 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हो चुकी है। पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत में आधा हिस्सा केंद्र और राज्य सरकारों के स्तर पर लगने वाले टैक्स का है। कंपनियों के मुताबिक रिफाइनरी पर पेट्रोल की लागत करीब 40.50 रुपये और डीजल की कीमत करीब 43 रुपये प्रति लीटर पड़ती है। केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर क्रमश: 19.48 रुपये और 15.33 रुपये उत्पाद शुल्क वसूलती है। इसके ऊपर राज्य सरकारें इन पर मूल्यवर्धित कर (वैट) लगाती हैं। वैट की दरें विभिन्न राज्यों में अलग-अलग हैं। अंडमान एवं निकोबार में दोनों ईंधनों पर सबसे कम छह फीसद की दर से टैक्स वसूला जाता है। वहीं पेट्रोल पर मुंबई में सर्वाधिक 39.12 फीसद और डीजल पर तेलंगाना में सर्वाधिक 26 फीसद वैट लगता है। दिल्ली में पेट्रोल-डीजल पर वैट की दरें क्रमश: 27 फीसद और 17.24 फीसद हैं।
डॉलर के मुकाबले रुपया 71 के स्तर पर पहुंचा, दो दिन में 85 पैसे हुआ कमजोर
31 August 2018
मुंबई। रुपए की विनिमय दर घटकर ऐतिहासिक निचले स्तर पर आने का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। आज रुपया, डॉलर के मुकाबले 22 पैसे फिसलकर 71 के स्तर पर चला गया है जो डॉलर के मुकाबले रुपए का अब तक का सबसे निचला स्तर है। बता दें कि पिछले तीन दिनों में रुपया 85 पैसे कमजोर हुआ। इससे पहले गुरुवार को ट्रेडिंग के दौरान रुपया 70.82 तक गया, लेकिन बाद में थोड़ी रिकवरी हो गई। दरअसल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मांग बढ़ने और अमेरिका, चीन व यूरोप के बीच ट्रेड वॉर की चिंता के कारण रुपए पर दबाव बना हुआ है। इससे पहले बुधवार को रुपया 49 पैसे कमजोर होकर 70.59 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड न्यूनतम स्तर पर बंद हुआ था। लेकिन, मंगलवार को रुपया 6 पैसे मजबूत होकर 70.10 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। इस साल 9.5 फीसदी कमजोरी 2018 में अब तक रुपया 9.5 फीसदी से ज्यादा कमजोर हो गया है। इसके उलट 2017 के दौरान रुपए में करीब 6 फीसदी की तेजी आई थी। दिक्कत यह है कि रुपए के मौजूदा स्तर पर भी स्थिर होने के आसार नहीं हैं। केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर अजय केडिया का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंची रहने के कारण इसे खरीदने के लिए डॉलर की मांग तेज है। इसके अलावा घरेलू अर्थव्यवस्था में चालू खाते का घाटा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में रुपए को सपोर्ट मिलता नहीं दिख रहा है। आगामी कुछ हफ्तों में रुपया 72 प्रति डॉलर का स्तर छू सकता है। रुपए में कमजोरी के कारण - कच्चे तेल की कीमतें बढ़ना - डॉलर की मांग तेजी से बढ़ना - बड़े देशों के बीच ट्रेड वॉर -तुर्की में आर्थिक संकट गहराना - कई प्रमुख करेंसी में कमजोरीतीन बड़े नुकसान - पेट्रोल-डीजल, सोना और तमाम आयातित चीजें महंगी होंगी - उत्पादन लागत बढ़ने से साबुन, शैंपू, पेंट्स जैसे सामान महंगे होंगे - घरेलू शेयर बाजार में जोरदार तेजी पर लगाम लग सकती है कुछ फायदे भी - आईटी और फार्मा जैसे निर्यात करने वाले उद्योग फायदे में रहेंगे - टीसीएस, इंफोसिस, अरबिंदो फार्मा, कैडिला जैसी कंपनियों को लाभ - ओएनजीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज और ऑयल इंडिया को भी फायदा रिजर्व बैंक ने किया हस्तक्षेप! बाजार में अटकलें हैं कि रुपए में गिरावट थामने के लिए रिजर्व बैंक ने हस्तक्षेप किया है। ट्रेडिंग के आखिरी दौर में कुछ सरकारी बैंकों ने डॉलर की बिकवाली की। डीलरों का कहना है कि आरबीआई ने वायदा बाजार में तकरीबन 30 करोड़ डॉलर बेचे हैं। कोकट सिक्योरिटीज के करेंसी एनालिस्ट अनिंद्य बनर्जी ने कहा, "रुपया जब प्रतिस्पर्धी करेंसीज के मुकाबले बहुत ज्यादा गिर गया, तो ऐसा लगा जैसे केंद्रीय बैंक ने बाजार को नियंत्रित करने की कोशिश की।"
कटे-फटे नोट लेने से मना नहीं कर सकते बैंक : RBI
29 August 2018
नई दिल्ली। बैंकों में सिक्के और कटे-फटे नोट स्वीकार न किए जाने की शिकायतें आम हैं। बैंकों की आनाकानी पर एक आरटीआई के जवाब में भारतीय रिजर्व बैंक ने स्पष्ट किया है कि सिक्के और कटे-फटे नोट लेने से कोई भी बैंक इनकार नहीं कर सकता है। इतना ही नहीं, बैंक में सिक्के जमा करने की कोई सीमा नहीं है। अनवरगंज निवासी रफत महमूद के आरटीआई आवेदन के जवाब में रिजर्व बैंक ने कहा है कि सिक्कों और कटे-फटे नोट लेने के बैंकों को स्पष्ट निर्देश हैं। रिजर्व बैंक ने यह संशय भी दूर किया है कि एक रुपये के सिक्के पर कोई रोक नहीं है। सभी सिक्के पूरी तरह प्रचलित है। जानकारी मांगी गई थी कि किसी व्यक्ति को कितनी नई करेंसी जारी हो सकती है। अधिकतम कितने रुपये तक के सिक्के जमा किए जा सकते हैं। कटे-फटे नोट बदलने के क्या नियम हैं। एक रुपये के सिक्कों के प्रचलन की स्थिति क्या है। आरबीआई ने कहा है कि आम जनता को अच्छी गुणवत्ता के ही नोट मिलने चाहिए। बैंक में कितनी भी संख्या में सिक्के जमा कराए जा सकते हैं। आरबीआई की तरफ से कोई सीमा निश्चित नहीं की गई है। कटे फटे नोट और सिक्के बदलने के लिए रिजर्व बैंक ने तीन जुलाई, 2017 के अपने मास्टर सकरुलर डीसीएम (एनई) ‘नोटों तथा सिक्कों की विनियम हेतु सुविधा’ में बैंकों को अपनी सभी शाखाओं में जमा, लेनदेन अथवा विनियम में सिक्के और कटे-फटे नोट नियमों के तहत स्वीकारने के लिए निर्देशित किया है।
बढ़ते जा रहे तेल के दाम, डीजल के दाम पहुंचे 70 के करीब
28 August 2018
नई दिल्ली। देश में एक बार फिर से तेल की कीमतों में आग लगी हुई है। डॉलर के मुकाबले कमजोर रुपए और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण पेट्रोल और डीजल फिर महंगे हो गए हैं। मंगलवार को दिल्ली में जहां पेट्रोल 14 पैसे बढ़कर 78.05 रुपए और डीजल 15 पैसे के इजाफे के साथ 69.61 रुपए मिल रहा था वहीं मुंबई में डीजल 73.90 रुपए प्रति लीटर हो गया है। जानकारी के लिए बता दें कि डीडल की कीमतें रिकॉर्ड हाई लेवल पर हैं। आईओसी के अनुसार देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार को डीजल 69.46 रुपये प्रति लीटर और रविवार को 69.32 रुपये रहा था। क्या हैं अन्य शहरों में पेट्रोल के दाम- मंगलवार को मुंबई में पेट्रोल के दाम 85.47 रुपये प्रति लीटर रहे हैं जबकि सोमवार को 13 पैसे की बढ़त के साथ 85.33 रुपये प्रति लीटर रहा था। इस तरह कोलकता में पेट्रोल 80.98 रुपये प्रति लीटर रहा है जो सोमवार को 13 पैसे बढ़कर 80.84 रुपये था। चेन्नई की बात करें तो यहां आज 81.09 रुपये प्रति लीटर के भाव से पेट्रोल मिल रहा है। सोमवार को चेन्नई में 14 पैसे बढ़कर 80.94 रुपये रहा था। बीते दिनों क्या रहे पेट्रोल के दाम क्या हैं मेट्रो शहरों में डीजल के दाम- मंगलवार को मुंबई में डीजल 73.90 रुपये प्रति लीटर के भाव से मिल रहा है जो सोमवार को 15 पैसे बढ़कर 73.74 रुपये प्रति लीटर रहा था। इस तरह कोलकता में डीजल 72.46 रुपये हो गया जो सोमवार को 15 पैसे बढ़कर 72.31 रुपये रहा था। चेन्नई की बात करें तो आज डीजल 73.54 रुपये प्रति लीटर हो गया है जबकि सोमवार को 73.38 रुपये प्रति लीटर थी। बीते दिनों क्या रहे डीजल के दाम जानकारी के लिए आपको बता दें कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में रोजाना सुबह 6 बजे संशोधन होता है। 16 जून 2017 से पहले महीने में दो बार ही कीमतों में संशोधन हुआ करता था। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया के स्थिति के आधार पर ही सरकारी तेल विपणन कंपनियां पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों में संशोधन करती हैं। मौजूदा समय में डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमत 68.78 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड की कीमत 76.19 डॉलर प्रति बैरल है। गौरतलब है कि भारत अपनी जरूरत के कच्चे तेल का 80 फीसद हिस्सा आयात करता है। गौरतलब है कि भारत के आयात बिल में पेट्रोल और डीजल की एक बड़ी हिस्सेदारी होती है। आईओसी, भारत पेट्रोलियम कॉर्प लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्प लिमिटेड (एचपीसीएल) देश की तीन प्रमुख सरकारी तेल विपणन कंपनियां हैं।
साइरस को शेयर बेचने को बाध्य नहीं कर सकती टाटा संस : एनसीएएलटी
25 August 2018
नई दिल्ली: राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीली न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने साइरस मिस्त्री को थोड़ी राहत प्रदान करते हुए शुक्रवार को कहा कि टाटा संस मिस्त्री को उनका शेयर बेचने के लिए बाध्य नहीं कर सकती है. न्यायमूर्ति एस. जे. मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली दो न्यायाधीशों की पीठ ने, हालांकि, टाटा संस को निजी कंपनी में तब्दील करने पर रोक लगाने की मिस्त्री की अपील खारिज कर दी. अदालत ने कहा कि मामले में चार सितंबर को आखिरी सुनवाई के बाद ही टाटा संस को निजी कंपनी में बदलने के मसले पर फैसला होगा. एनसीएलएटी ने मिस्त्री को टाटा संस के अध्यक्ष पद से 2016 में हटाए जाने के खिलाफ उनकी अपील स्वीकार कर ली. अपील एनसीएलटी की मुंबई पीठ के खिलाफ दायर की गई थी. आपको बता दें कि पिछले महीने ही साइरस मिस्त्री को टाटा संस के चेयरमैन पद से हटाए जाने के बाद शुरू हुए विवाद को लेकर नेशनल कंपनी लॉ ट्र‍िब्यूनल (NCLT) ने अपना फैसला सुनाया था. एनसीएलटी ने रतन टाटा के पक्ष में फैसला सुनाया था. एनसीएलटी ने साइरस मिस्त्री की याचि‍का को खारिज कर दिया. साइरस मिस्त्री को चेयरमैन पद से हटाए जाने को लेकर दायर इस याच‍िका पर सुनवाई करते हुए एनसीएलटी ने कहा कि साइरस को कंपनी की संवेदनशील जानकारी लीक करने की वजह से पद से हटाया गया. साइरस ने यह जानकारी आईटी डिपार्टमेंट और मीडिया में लीक की थी
छोटे शहरों के लिए TVS ने उतारी नई बाइक 'रेडियॉन'
24 August 2018
चेन्नई। दोपहिया वाहन कंपनी टीवीएस मोटर ने छोटे शहरों और ग्रामीण बाजार के युवा ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक नई मोटरसाइकिल टीवीएस रेडियॉन बाजार में उतारने की घोषणा की है। आगामी त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने दोपहिया वाहन के इस बाजार को ध्यान में रखते हुए विशेष रणनीति बनायी है। 110 सीसी की इस मोटरसाइकिल की दिल्ली में एक्स शोरूम कीमत 48,400 रुपये रखी गई है। कंपनी के मुताबिक छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में दोपहिया वाहनों का करीब 71 फीसद बाजार है। इसलिए कंपनी बाजार के इस हिस्से को खासतौर पर फोकस में रख रही है। बदलते माहौल में इस बाजार के युवाओं की जरूरतें भी बदल रही हैं। इसे ध्यान में रखते हुए कंपनी ने इस मोटरसाइकिल को मजबूत, आरामदायक और स्टाइलिश की टैगलाइन के साथ बाजार में उतारी है। रेडियॉन के लांच की घोषणा करते हुए कंपनी के प्रेसिडेंट व सीईओ केएन राधाकृष्णन ने कहा कि यह तरक्की पसंद युवा ग्राहक की पहली पसंद बनेगी। ऐसे ग्राहकों की रोजाना की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ कंपनी ने मोटरसाइकिल में स्टाइल और आरामदायक ड्राइविंग की जरूरतों पर भी ध्यान दिया है। इस वर्ग की मोटरसाइकिलों में सबसे बड़ी और आरामदायक कुशन सीट के साथ-साथ सिंक ब्रेकिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है। इसके अलावा दिन के समय के लिए अलग से डे टाइम रनिंग लैंप लगाया गया है। कंपनी इस मोटरसाइकिल के लिए 69.3 किलोमीटर प्रति लीटर की औसत का दावा कर रही है। टीवीएस मोटर कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट (सेल्स व मार्केटिंग) अनिरुद्ध हल्दर ने बताया कि साल 2016-17 से दोपहिया वाहन बाजार में फिर से मोटरसाइकिल की बिक्री में वृद्धि देखने को मिल रही है। खासतौर पर मध्यम वर्ग की मोटरसाइकिलों की बिक्री खासी तेजी से बढ़ी है। छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्र के बाजारों में युवा ग्राहकों की जरूरतों को भी यही वर्ग पूरा करता है। लेकिन कंपनी ने इस त्योहारी सीजन में ऐसे ग्राहकों को इस कीमत वर्ग में बेहतर उत्पाद दिया है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिये SBI सुधारेगा ग्राहक सेवा
23 August 2018
नई दिल्ली। अगले 10-12 वर्षों के दौरान देश के बैंकों का स्वरूप किस तरह का होगा, इसका एक रोडमैप केंद्र सरकार तैयार कर रहा है। लेकिन देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने इसकी तैयारी अपने स्तर पर पहले से ही शुरू कर दी है। एसबीआइ बेहद मॉडर्न व अत्याधुनिक तकनीक से लैस बैंक बनने के लिए कई स्तरों पर तैयारियां कर रहा है। इस काम में बैंक आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) तकनीक का भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करेगा। बैंक के चेयरमैन रजनीश कुमार के मुताबिक आने वाले वर्षों में बेहद खास किस्म की जरूरत के लिए भी ग्र्राहक बैंक में आएंगे और हम उसी हिसाब से अपने कामकाज में बदलाव करेंगे। इसमें एआइ की बड़ी भूमिका होगी ताकि ग्र्राहक सेवा की गुणवत्ता और बेहतर हो सके। एसबीआइ चेयरमैन कुमार के मुताबिक एसबीआइ की तरफ से लांच उनो एप मॉडर्न बैंकिंग का एक उदाहरण है। अभी इसे दुनिया का सबसे बेहतरीन बैंकिंग एप माना जा रहा है। हमने सबसे आधुनिक सॉफ्टवेयर का भी इस्तेमाल शुरू कर दिया है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) का इस्तेमाल हो रहा है और मेरा मानना है कि हम आने वाले दिनों में इस पर और ज्यादा ध्यान देंगे क्योंकि पूरी बैंकिंग को सुरक्षित बनाने के लिए भी इसकी काफी जरूरत होगी। लेकिन यह सिर्फ शुरुआत है, आगे डिजिटल बैंक के तौर पर एक मजबूत वित्तीय संस्थान बने रहने के लिए एसबीआइ कई स्तरों पर कदम उठाएगा। ये कदम इसलिए उठाना जरूरी है क्योंकि बैंकों और ग्र्राहकों के रिश्तों में भी अब तेजी से बदलाव आएगा। बैंकों की भूमिका बदलेगी। बताते चलें कि दुनिया भर के बैंकों में एआइ का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है। एआइ यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की वह तकनीक है जिसमें मशीन अपने विवेक के हिसाब से सबसे उपयुक्त फैसला करता है। आइटी कंपनी एसेंचर की तरफ से हाल ही में जारी बैंकिंग टेक्नोलॉजी विजन 2018 के मुताबिक अगले दो वर्षों के भीतर 83 फीसद बैंकिंग कार्यों में एआइ की भूमिका होगी। दूसरे शब्दों में कहें तो अधिकांश बैंकिंग कार्य बैंक कर्मचारियों के साथ आइटी आधारित मशीन करेंगी। एसबीआइ के अलावा आइसीआइसीआइ बैंक, एचडीएफसी बैंक, केनरा बैंक समेत कुछ और बैंकों ने भी एआइ का इस्तेमाल ग्र्राहक सेवा को बेहतर बनाने के लिए शुुरू किया है। आने वाले दिनों में बैंक इसे बैंकिंग फ्रॉड रोकने से लेकर ग्र्राहकों को सटीक निवेश सलाह देने तक में इस्तेमाल करेंगे।
RIL फिर बनी देश की सबसे मूल्यवान कंपनी, TCS को छोड़ा पीछे
21 August 2018
नई दिल्ली। बाजार पूंजीकरण के मामले में एक बार फिर रिलांयस इंडस्ट्रीज ने सॉफ्टवेयर कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) को पीछे छोड़ दिया है। सोमवार को शेयर बाजार के बंद होते समय रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण 7,82,636.38 करोड़ रुपये के स्तर पर और टीसीएस का 7,69,696.75 करोड़ रुपये रहा है। साथ ही सोमवार को आरआईएल के शेयर्स रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गए थे। शेयर्स में तेजी उस खबर के बाद देखने को मिली जिसमें कहा गया था कि, चीन की प्रमुख रिटेलर अलीबाबा रिलायंस रिटेल के साथ एक मेगा रिटेल ज्वाइंट वेंचर के गठन के लिए शुरुआती स्तर की बातचीत कर रही है। गौरतलब है कि 16 अगस्त को टीसीएस ने रिलायंस को पछाड़ा था। जबिक 14 अगस्त को रिलायंस ने टीसीएस को पीछे छोड़ दिया था। इससे पहले 8 अगस्त को रिलायंस इंडस्ट्रीज बाजार पूंजीकरण के मामले में टीसीएस से आगे निकल गई थी। एक अगस्त को टीसीएस बाजार मूल्यांकन में रिलायंस से आगे थी। ऐसा है बीएसई पर RIL और TCS का प्रदर्शन- करीब 12.15 बजे आरआईएल 1.02 फीसद की बढ़त के साथ 1247.50 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसका दिन का उच्चतम 1249.50 और निम्नतम 1227.15 का स्तर रहा है। इस तरह 52 हफ्तों का उच्चतम 1249.80 और निम्नतम 765 का स्तर रहा है। इस दौरान टीसीएस 0.13 फीसद की बढ़त के साथ 2012.95 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसका दिन का उच्चतम 2022.75 का और निम्नतम 2005 का स्तर रहा है। वहीं, 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर 2024 और निम्नतम 1210.33 का स्तर रहा है।
चालू खाता घाटा ढाई फीसद तक पहुंचने की आशंका
20 August 2018
नई दिल्ली। महंगे कच्चे तेल की वजह से चालू वित्त वर्ष में भारत का चालू खाता घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 2.5 फीसद पर पहुंच सकता है। डॉलर के मुकाबले रुपये में आई गिरावट से स्थिति और गंभीर हुई है। अमेरिकी रेटिंग फर्म मूडीज इंवेस्टर्स सर्विस और अन्य विशेषज्ञों ने यह आशंका जताई है। मूडीज ने इस साल और अगले साल विकास दर 7.4 फीसद रहने का अनुमान जताया है। तुर्की की अनिश्चितता और चीन की आर्थिक सेहत की चिंता में पिछले हफ्ते रुपया 70.32 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड स्तर तक गिर गया था। मूडीज के जॉय रैंकोत्गे ने कहा कि कमजोर रुपये से निर्यात में तो लाभ होगा, लेकिन इससे व्यापार घाटे पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। जुलाई में व्यापार घाटा पांच साल के ऊंचे स्तर 18.02 अरब डॉलर पर पहुंच गया। उन्होंने कहा कि भारत का चालू खाता घाटा वित्त वर्ष 2016-17 में जीडीपी का 1.5 फीसद रहा था। 2018-19 में यह 2.5 फीसद तक पहुंच सकता है। कच्चे तेल की बढ़ी कीमत और अन्य वस्तुओं के आयात में वृद्धि से यह स्थिति बन रही है। वित्त वर्ष 2017-18 में शुद्ध तेल आयात जीडीपी के 2.6 फीसद पर रहा था। चालू वित्त वर्ष में यह और बढ़ सकता है। जापान की वित्तीय फर्म नोमुरा ने चालू खाता घाटा 2.8 फीसद तक पहुंचने की आशंका जताई है। आइएचएस मार्किट के एपीएसी चीफ इकोनॉमिस्ट राजीव बिस्वास ने कहा, “रुपये में गिरावट के कई कारण हैं। इसकी एक बड़ी वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक नीति रही। इससे डॉलर में मजबूती आई। नकारात्मक पहलू यह भी है कि अर्जेंटीना, वेनेजुएला और तुर्की जैसे उभरते बाजारों में आर्थिक संकट की वजह से वैश्विक निवेशक उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्रा और इक्विटी के प्रति सतर्कता बरत रहे हैं।” इंडिया रेटिंग्स के प्रधान अर्थशास्त्री सुनील सिन्हा ने कहा कि कमजोर रुपये के नफा-नुकसान दोनों हैं। इससे एक ओर जहां तेल आयात महंगा होने से चालू खाता घाटा बढ़ने की आशंका है। वहीं निर्यात के मोर्चे पर भारतीय कंपनियां प्रतिस्पर्धी बनेंगी। इंडिया रेटिंग्स ने 2018-19 में चालू खाता घाटा 2.6 फीसद पर पहुंचने का अनुमान जताया है। आइएचएस मार्किट के राजीव बिस्वास ने चालू खाता घाटा 2.4 फीसद रहने का अनुमान जताया है। 7.5 फीसद रहेगी विकास दर : विरमानी देश के आर्थिक विकास की रफ्तार पटरी पर लौट रही है। चालू वित्त वर्ष में यह 7.5 फीसद की मजबूत स्थिति में पहुंच जाएगी। पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद विरमानी ने रविवार को यह बात कही। उन्होंने कहा कि पिछले सात साल के उतार-चढ़ाव से उबरते हुए अर्थव्यवस्था अब सुधार के पथ पर लौटती दिख रही है। विरमानी ने यह भी कहा कि अमेरिका-चीन के बीच व्यापार के मोर्चे पर चल रही तनातनी से भारत को निर्यात बढ़ाने का मौका मिल सकता है। भारत में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर रहे विरमानी ने अनुमान जताया कि 2035 तक भारत एक बड़ी आर्थिक ताकत बनकर उभरेगा।
नोटबंदी-जीएसटी से लघु उद्योगों के कर्ज और निर्यात में गिरावट, इस साल दिखा सुधार
18 August 2018
नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के अध्ययन में पता चला है कि नवंबर 2016 में की गयी नोटबंदी से सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को दिये जाने वाले कर्ज में गिरावट आई. हालांकि, जीएसटी का कर्ज पर ज्यादा बड़ा असर नहीं हुआ लेकिन अनुपालन की पेचीदगियों के चलते इससे निर्यात प्रभावित हुआ है. आरबीआई की मिनी स्ट्रीट मेमो रिपोर्ट में कहा गया है कि लघु उद्योगों को वितरित कर्ज 2017 के निचले स्तर से सुधर कर 2015 मध्य के बढ़े स्तर पर पहुंच गया. यद्यपि एमएसएमई क्षेत्र को बैंकों और एनबीएफसी द्वारा दिये गये कर्ज सहित सूक्ष्म ऋण में हाल की तिमाहियों में तेजी आई. एमएसएमई क्षेत्र को देश की आर्थिक वृद्धि का एक महत्वपूर्ण इंजन माना जाता है और भारत के कुल निर्यात में इसका योगदान करीब 40 प्रतिशत है. रिपोर्ट में कहा गया है कि लघु उद्योग क्षेत्र को नोटबंदी और माल एवं सेवा कर दोनों के कारण झटका लगा है. उदाहरण के लिये नोटबंदी के बाद वस्त्र और रत्न एवं आभूषण क्षेत्र में ठेके पर काम करने वाले श्रमिकों को भुगतान में नियोक्ताओं को दिक्कतें हुयी. इसी प्रकार, जीएसटी के चलते अनुपालन लागत और अन्य परिचालन लागत में वृद्धि हुयी क्योंकि 60 प्रतिशत से अधिक छोटे उद्योग कर दायरे में आये. हालांकि, इनमें से 60 प्रतिशत नयी कर प्रणाली में समायोजित होने के लिये तैयार नहीं थे. सिडबी के अध्ययन में पाया गया है कि नोटबंदी और जीएसटी लागू होने के बाद अधिकतर एमएसएमई के कर्ज में गिरावट आई लेकिन मार्च 2018 से इसमें सुधार दिखाई दे रहा है इंटरनेशनल फाइनेंस कॉर्पोरेशन के अनुमान के मुताबिक, एमएसएमई में अधिक से अधिक पूंजी की संभावित मांग करीब 370 अरब डॉलर है जबकि वर्तमान में 139 अरब डॉलर की आपूर्ति की जा रही है. दोनों के बीच 230 अरब डॉलर का अंतर है, जो कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 11 प्रतिशत है. नवंबर 2016 से फरवरी 2017 तक ऋण वृद्धि में महत्वपूर्ण गिरावट दर्ज की गयी. माना जा रहा है कि इसकी वजह नोटबंदी रही. हालांकि, कर्ज में फरवरी 2017 के बाद सुधार देखा गया और जनवरी-मई 2018 में यह औसतन 8.5 प्रतिशत पर पहुंच गया.
जून के 5.77 फीसदी से घटकर जुलाई में 5.09 फीसदी रही थोक महंगाई
16 August 2018
नई दिल्ली। खाने-पीने की चीजें, खास तौर पर फल और सब्जियां सस्ती होने के कारण जुलाई में थोक भाव के हिसाब से महंगाई दर घटी है। इससे पहले खुदरा कीमतों के हिसाब से भी महंगाई कम होने केआधिकारिक आंकड़े जारी किए गए थे। मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक जुलाई में थोक भाव की महंगाई दर 5.09 प्रतिशत रह गई। जून में महंगाई दर 5.77 प्रतिशत पर पहुंच गई थी, जो केंद्र की मौजूदा सरकार के कार्यकाल में सबसे अधिक है। वैसे इस साल मई में थोक महंगाई दर 4.43 प्रतिशत रही थी। इन सबके मुकाबले पिछले साल जुलाई में थोक महंगाई दर केवल 1.9 प्रतिशत थी। मई की थोक महंगाई दर 4.43 प्रतिशत से संशोधित होकर 4.78 प्रतिशत रह गई है। माह दर माह आधार पर जुलाई में कोर थोक महंगाई 4.7 फीसदी से बढ़कर 4.8 प्रतिशत हो गई है। माह दर माह आधार पर जुलाई में प्राइमरी आर्टिकल्स की थोक महंगाई 5.3 से घटकर 1.73 फीसदी रह गई। इस दौरान कारखानों में तैयार सामान की थोक महंगाई 4.17 से बढ़कर 4.26 प्रतिशत हो गई। ईंधन और बिजली की थोक महंगाई भी 16.18 से बढ़कर 18.10 फीसदी रही। माह दर माह आधार पर जुलाई में खाने-पीने की चीजों की थोक महंगाई 1.56 से घटकर -0.86 फीसदी रही। इसका मतलब है कि इन चीजों के भोक भाव बढ़ने के बजाए घटे हैं। पिछले महीने दालों के थोक भाव 20.23 फीसदी घटे, जबकि जून में इनके भोक भाव में 17.03 फीसदी गिरावट आई थी। माह दर माह आधार पर जुलाई में आलू की थोक महंगाई 99.02 फीसदी से घटकर 74.28 फीसदी रह गई। अन्य सब्जियों की थोक महंगाई भी 8.12 फीसदी से घटकर -14.07 फीसदी रह गई, लेकिन प्याज की थोक महंगाई 18.25 से बढ़कर 38.82 फीसदी हो गई। इससे पहले सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक फल और सब्जियों के दाम घटने कारण जुलाई में खुदरा कीमतों की महंगाई की दर घटकर 4.17 प्रतिशत रह गई, जो पिछले 9 महीने में सबसे कम है। जून में रिटेल महंगाई दर 4.92 प्रतिशत रही थी।
PNB घोटाला: इलाहाबाद बैंक की MD उषा अनंत को कार्यकाल के अंतिम दिन किया बर्ख़ास्त
14 August 2018
नई दिल्ली: सरकार ने इलाहाबाद बैंक की एमडी और सीईओ उषा अनंत सुब्रमण्यम को उनके कार्यकाल के अंतिम दिन बर्ख़ास्त कर दिया. साथ ही पीएनबी घोटाले में उषा अनंत सुब्रमण्यम के ख़िलाफ़ कार्रवाई के लिए सीबीआई को हरी झंडी दे दी. CBI की चार्जशीट में आरोपी बनाए जाने के बाद तीन पहले पहले ही उषा अनंत सुब्रमण्यम से सारे अधिकार छीन लिए गए थे. केंद्र सरकार ने पंजाब नेशनल और इलाहाबाद बैंक की पूर्व प्रबंध निदेशक उषा अनंतसुब्रमण्यम को सोमवार को बर्खास्त कर दिया. सरकार ने अधिसूचना जारी कर इसकी जानकारी दी. तीन महीन पहले वित्त मंत्रालय से आदेश मिलने के बाद इलाहाबाद बैंक ने उषा से सारे अधिकार छीन लिए थे. हालांकि वे बैंक कर्मी थीं. 14 हजार करोड़ के पीएनबी घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने उषा को चार्जशीट में आरोपी बनाया था. सरकार ने सीबीआई को उनके खिलाफ कार्रवाई करने की इजाजत भी दे दी है. उषा जुलाई, 2011 से नवंबर, 2013 तक पीएनबी में कार्यकारी निदेशक रहीं. वे अगस्त, 2015 से मई, 2017 तक पीएनबी की प्रबंध निदेशक थी. इसके बाद से वे इलाहाबाद बैंक में कार्यरत थीं. मई 2018 में वित्त मंत्रालय ने दोनों बैंकों से उषा के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए थे.
ई-कॉमर्स कंपनियों के जीएसटी ऑडिट पर अधिकारों का टकराव
13 August 2018
नई दिल्‍ली। राष्ट्रीय मुनाफाखोरीरोधी प्राधिकरण (एनएए) द्वारा ई-कॉमर्स कंपनियों के जीएसटी ऑडिट का निर्देश अधिकारक्षेत्र के विवाद में फंस गया है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीआइसी) का मानना है कि एनएए को इस तरह का निर्देश देने का अधिकार नहीं है। इस महीने की शुरुआत में प्राधिकरण ने सीबीआइसी को लिखा था कि सभी ई-कॉमर्स कंपनियों के खातों का डीजी ऑडिट (महानिदेशक ऑडिट) होना चाहिए। इसमें यह जांचना चाहिए कि कंपनियों ने अतिरिक्त जीएसटी अपने ग्राहकों को लौटाया है या नहीं। एक अधिकारी ने बताया कि सीबीआइसी का मानना है कि सभी ई-कॉमर्स कंपनियों के खातों का डीजी ऑडिट तकनीकी तौर पर व्यावहारिक नहीं है, क्योंकि इनमें से कुछ कंपनियों का रजिस्ट्रेशन राज्य स्तर पर भी हो सकता है। डीजी ऑडिट उन्हीं कंपनियों का किया जा सकता है, जिनका रजिस्ट्रेशन केंद्र सरकार के तहत हुआ हो। राज्यों में पंजीकृत कंपनियां राज्य कर अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र का हिस्सा हैं। सीबीआइसी इस बारे में जल्द अपना जवाब प्राधिकरण को भेजेगा।
अक्तूबर 2016 के बाद जुलाई महीने में सर्विस सेक्‍टर में हुई सबसे तेज वृद्धि: PMI
4 August 2018
नई दिल्ली: मांग में सुधार तथा अक्तूबर 2016 के बाद सबसे तेज कारोबारी गतिविधियों के कारण देश का सेवा क्षेत्र जुलाई में लगातार दूसरे महीने बढ़ा है. एक मासिक सर्वेक्षण में यह बात सामने आयी है. निक्की इंडिया सर्विसेज बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स जून के 52.6 से बढ़कर जुलाई में 54.2 पर पहुंच गया है. आलोच्य माह के दौरान नये कारोबारों की वृद्धि जून 2017 के बाद सबसे अधिक रही है. पीएमआई सूचकांक का 50 से ऊपर होना वृद्धि का द्योतक है जबकि 50 से कम सूचकांक गिरावट का संकेत देता है. आईएचएस मार्केट की अर्थशास्त्री एवं रिपोर्ट की लेखिका आश्ना डोढिया ने कहा, ‘जून 2017 के बाद नये ऑर्डरों में सर्वाधिक मासिक तेजी के दम पर सेवा क्षेत्र ने जुलाई में अक्तूबर 2016 के बाद का सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है.’ मांग में सुधार की खबरों के बीच कारोबारी धारणा जून के हालिया निचले स्तर से सुधरी है. इसके साथ ही कंपनियों ने कर्मचारियों की संख्या में अप्रैल के बाद की सर्वाधिक तेज वृद्धि की है. इस बीच निक्की इंडिया कंपोजिट पीएमआई आउटपुट इंडेक्स भी जून के 53.3 से बढ़कर जुलाई में 54.1 पर पहुंच गया है. इसमें विनिर्माण और सेवा दोनों क्षेत्र शामिल होते हैं. डोढिया ने कहा, ‘सेवा क्षेत्र और विनिर्माण दोनों में वृद्धि के कारण अर्थव्यवस्था की परिचालन परिस्थितियां अक्तूबर 2016 के बाद सबसे तेजी से सुधरी है.’ मूल्य के हिसाब में मुद्रास्फीति का दबाव जुलाई के दौरान बना रहा है. डोढिया ने रिजर्व बैंक की नीतियों के बारे में कहा, ‘‘अनिश्चित वैश्विक माहौल, मुद्रा की गिरावट तथा मजबूत मुद्रास्फीति रिजर्व बैंक पर आगे भी आने वाले महीनों में ब्याज दर बढ़ाने का दवाब डाल सकती हैं.’
एप्‍पल बनी 1 ट्रिलियन डॉलर की कंपनी, खरीद सकती है पाकिस्तान जैसे तीन देश
3 August 2018
नई दिल्ली: एप्‍पल एक ट्रिलियन यानी क़रीब 68,620 अरब रुपये की पहली लिस्टेड कंपनी बन गई यानी एप्‍पल का बाज़ार मूल्य भारतीय अर्थव्यवस्था का 38 फ़ीसदी हो गया है. एप्‍पल चाहे तो 3 अरब डॉलर की इकोनॉमी वाले पाकिस्तान जैसे तीन देशों को ख़रीद सकती है. दुनिया के सिर्फ़ 16 देश ही ऐसे हैं जिनकी जीडीपी ऐपल की मार्केट वैल्यू से ज़्यादा है यानी, एप्‍पल 177 देशों से ज़्यादा अमीर है. सिलिकॉन वैली के एक गराज में 42 साल पहले शुरू हुई इस कंपनी ने यह मुकाम गुरुवार को हासिल किया. फैक्टसेट के अनुसार, एप्पल का शेयर गुरुवार को 5.89 डॉलर मजबूत होकर 207.39 डॉलर पर पहुंच गया. इससे कंपनी का बाजार मूल्यांकन एक हजार अरब डॉलर के पार करीब 1,001,679,220,000 डॉलर पर पहुंच गया. यह उपलब्धि 1997 में कल्पना से भी परे थी जब कंपनी दिवालिया होने की दहलीज पर पहुंच गयी थी. तब कंपनी को प्रतिद्वंद्वी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट से वित्तीय मदद लेनी पड़ी थी. एप्पल की इस ऐतिहासिक इबारत की नींव एक समय कंपनी से निकाल दिये गये सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स ने लिखी. अंतरिम मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बनकर वापस कंपनी में लौटे जॉब्स ने आईफोन और आईपैड जैसे विशिष्ट उत्पाद पेश किये जिसने कंपनी को सफलता के नये पायदान पर पहुंचाया. अभी कंपनी के कुल राजस्व में आईफोन की करीब दो-तिहाई हिस्सेदारी है. कंपनी ने मंगलवार को जारी तिमाही वित्तीय परिणाम में कहा था कि इस दौरान उसके आईफोन की औसत कीमत पिछले साल की समान अवधि के 606 डॉलर की तुलना में 724 डॉलर प्रति स्मार्टफोन पर पहुंच गयी है. इसके बाद से कंपनी का बाजार मूल्यांकन करीब 83 अरब डॉलर बढ़ चुका है. पिछले दो दिन में कंपनी के शेयर नौ प्रतिशत चढ़े हैं जिससे इस साल के दौरान कंपनी का शेयर 23 प्रतिशत चढ़ चुका है. गुरुवार एप्पल एक ट्रिलियन डॉलर के अंक से ऊपर बंद हुई. एप्‍पल के शेयर की कीमत में 2.79% की तेजी देखी गई. एप्‍पल के शेयर की कीमत 207.39 (लगभग 14,250 रुपये) पर बंद हुई. आपको बता दें कि महंगे स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी एप्पल को पिछली तिमाही में बिक्री में खास बदलाव नहीं होने के बाद भी अधिक मुनाफा हुआ था. अमेरिका एवं चीन के बीच जारी शुल्क युद्ध का अभी कंपनी के प्रदर्शन पर कोई असर नहीं पड़ा. स्टीव जॉब्स ने 1976 में अपने गैरेज में दो अन्य साथियों के साथ एप्पल की नींव रखी थी और उसकी सालाना कमाई 89 देशों की जीडीपी से भी ज्यादा है. जॉब्स ने 1980 के करीब कंपनी छोड़ दी थी और एक दशक बाद जब एप्पल लड़खड़ाने लगी तो वे लौटे. गौरतलब है कि पिछले दिवस एप्पल के शेयर चार प्रतिशत चढ़ गये थे. एप्पल की बिक्री पिछले साल की तुलना में महज एक प्रतिशत बढ़ी जबकि औसत कीमत पिछले साल के 606 डॉलर के मुकाबले 20 प्रतिशत बढ़कर 724 डॉलर पर पहुंच गयी. कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टिम कुक ने कहा था कि आलोच्य तिमाही के दौरान 999 डॉलर का आईफोन एक्स सबसे लोकप्रिय रहा. एप्प स्टोर, म्यूजिक सब्सक्रिप्शन एवं अन्य सेवाओं से प्राप्त राजस्व 31 प्रतिशत बढ़कर 9.5 अरब डॉलर पर पहुंच गया था. कंपनी का शुद्ध मुनाफा इस दौरान 32 प्रतिशत बढ़कर 11.52 अरब डॉलर पर पहुंच गयी. कुल राजस्व भी 17 प्रतिशत बढ़कर 53.27 अरब डॉलर पर पहुंच गयी थी. इस बीच आईडीसी के अनुसार एप्पल दूसरी सबसे बड़ी स्मार्टफोन निर्माता कंपनी का तमगा खो चुकी थी। उसने कहा कि चीन की कंपनी हुवावे ने एप्पल को पछाड़ दूसरा स्थान हासिल कर लिया. सैमसंग पहले स्थान पर बनी हुई है.
LIC-IDBI बैंक समझौते को मोदी मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी
2 August 2018
मुंबई। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बुधवार को आम लोगों को झटका देते हुए रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में बढ़ोतरी कर दी है। खबरों के अनुसार आरबीआई ने जहां रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की है जिसके बाद यह 6.25 से बढ़कर 6.50 प्रतिशत हो चुकी है। वहीं रिवर्स रेपो रेट भी 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाई गई है जिसके बाद यह 6 प्रतिशत से 6.25 प्रतिशत हो गई है। मालूम हो की इस घोषणा से पहले ही इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि रिजर्व बैंक रेपो और रिवर्स रेपो रेट बढ़ा सकता है। इस फैसले के बाद ऑटो लोन महंगा होगा वहीं आम आदमी की ईएमआई पर सीधा असर पड़ेगा। आरबीआई की अगली बैठक 3 से 5 अक्टूबर को होगी। इस बैठक में नीतिगत दरों बढ़ाने का फैसला 5:1 के आधार पर लिया गया है। सिर्फ रवींद्र एच ढोलकिया ने नीतिगत दरों में इजाफे के खिलाफ मतदान किया। जानकारी के लिए आपको बता दें कि रेपो रेट के बढ़ने का मतलब बैंक से मिलने वाले लोन का महंगा होना माना जाता है। गौरतलब है कि आरबीआई ने अपनी पिछली समीक्षा बैठक में रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में 0.25 फीसद का इजाफा किया था। यानी बीती दो बैठकों में आरबीआई ने नीतिगत दरों में कुल 0.50 बेसिस प्वाइंट का इजाफा कर दिया है। महंगाई दर पर आरबीआई: आरबीआई ने जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए 4.2 फीसद की दर से महंगाई का अनुमान लगाया है। वहीं अक्टूबर-मार्च छमाही के दौरान इसके 4.8 फीसद रहने का अनुमान लगाया गया है। ग्रोथ को लेकर आरबीआई आश्वस्त: हालांकि ग्रोथ को लेकर आरबीआई आश्वस्त नजर आ रही है। उसने FY19 के लिए जीडीपी ग्रोथ के 7.4 फीसद रहने का अनुमान लगाया है, वहीं अप्रैल-सितंबर की छमाही के दौरान जीडीपी ग्रोथ के 7.5 से 7.6 फीसद रहने का अनुमान लगाया है। आरबीआई का मानना है कि एफआईआई ने हाल फिलहाल में बेहतर निवेश किया है और डोमेस्टिक फंडामेंटल भी काफी मजबूत नजर आ रहे हैं।
रिजर्व बैंक ने रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाई, महंगा हो सकता है लोन
1 August 2018
मुंबई। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बुधवार को आम लोगों को झटका देते हुए रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में बढ़ोतरी कर दी है। खबरों के अनुसार आरबीआई ने जहां रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की है जिसके बाद यह 6.25 से बढ़कर 6.50 प्रतिशत हो चुकी है। वहीं रिवर्स रेपो रेट भी 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाई गई है जिसके बाद यह 6 प्रतिशत से 6.25 प्रतिशत हो गई है। मालूम हो की इस घोषणा से पहले ही इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि रिजर्व बैंक रेपो और रिवर्स रेपो रेट बढ़ा सकता है। इस फैसले के बाद ऑटो लोन महंगा होगा वहीं आम आदमी की ईएमआई पर सीधा असर पड़ेगा। आरबीआई की अगली बैठक 3 से 5 अक्टूबर को होगी। इस बैठक में नीतिगत दरों बढ़ाने का फैसला 5:1 के आधार पर लिया गया है। सिर्फ रवींद्र एच ढोलकिया ने नीतिगत दरों में इजाफे के खिलाफ मतदान किया। जानकारी के लिए आपको बता दें कि रेपो रेट के बढ़ने का मतलब बैंक से मिलने वाले लोन का महंगा होना माना जाता है। गौरतलब है कि आरबीआई ने अपनी पिछली समीक्षा बैठक में रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में 0.25 फीसद का इजाफा किया था। यानी बीती दो बैठकों में आरबीआई ने नीतिगत दरों में कुल 0.50 बेसिस प्वाइंट का इजाफा कर दिया है। महंगाई दर पर आरबीआई: आरबीआई ने जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए 4.2 फीसद की दर से महंगाई का अनुमान लगाया है। वहीं अक्टूबर-मार्च छमाही के दौरान इसके 4.8 फीसद रहने का अनुमान लगाया गया है। ग्रोथ को लेकर आरबीआई आश्वस्त: हालांकि ग्रोथ को लेकर आरबीआई आश्वस्त नजर आ रही है। उसने FY19 के लिए जीडीपी ग्रोथ के 7.4 फीसद रहने का अनुमान लगाया है, वहीं अप्रैल-सितंबर की छमाही के दौरान जीडीपी ग्रोथ के 7.5 से 7.6 फीसद रहने का अनुमान लगाया है। आरबीआई का मानना है कि एफआईआई ने हाल फिलहाल में बेहतर निवेश किया है और डोमेस्टिक फंडामेंटल भी काफी मजबूत नजर आ रहे हैं।
सभी बैंक कर्मियों के लिए आज बहुत बड़ा दिन, वेतन वृद्धि पर होगी बातचीत
30 July 2018
मुंबई: बैंक कर्मचारियों की वेतन वृद्धि के मुद्दे पर भारतीय बैंक संघ(आईबीए) और बैंक यूनियनों के बीच सोमवार को बैठक होगी. बैठक में सार्वजनिक, निजी एवं विदेशी बैंकों समेत करीब 37 बैंकों ने अपने कर्मचारियों के वेतन के बारे में निर्णय लेने का जिम्मा बैंकों के प्रबंधन का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन भारतीय बैंक संघ (आईबीए) को दिया है. बैंक कर्मचारियों की मौजूदा वेतन समीक्षा नवंबर 2017 से लंबित है. इससे पहले, पांच मई 2018 को हुई बैठक में आईबीए ने 2 प्रतिशत वेतन वृद्धि की पेशकश की थी. इस पर यूनियनों ने नाराजगी जतायी और 30 मई से दो दिन की हड़ताल की. यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन्स (यूएफबीयू) के संयोजनक (महाराष्ट्र) देविदास तुलिजापुरकर ने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि बैंक पिछली दो प्रतिशत की पेशकश में सुधार लायें. हम 25 प्रतिशत की मांग कर रहे हैं. लेकिन हम बातचीत के लिये तैयार हैं.’’ 10वां द्विपक्षीय वेतन समझौता मई 2015 को हुआ. यह समझौता नवंबर 2012 से लेकर अक्तूबर 2017 तक के लिये था. मई 2015 में हुए समझौते के तहत आईबीए ने वेतन में 15 प्रतिशत वृद्धि की पेशकश की थी. तुलिजापुरकर ने कहा, ‘‘अब तक वेतन वृद्धि हमेशा ही दहाई अंक में हुई है जिसको लेकर हमें कोई परेशानी नहीं थी लेकिन 2 प्रतिशत की पेशकश हमें स्वीकार नहीं है.’’ बैंक प्रबंधन ने पिछली कुछ तिमाहियों में बैंकों में घाटे का हवाला देते हुए वेतन में कम बढ़ोतरी को युक्तिसंगत ठहराया है. यूनियन का कहना है कि लाभ में कमी का कारण फंसे कर्ज के एवज में अधिक प्रावधान होना रहा है और इसके लिये कर्मचारी जिम्मेदार नहीं है. कर्मचारी जनधन, नोटबंदी, मुद्रा और अटल पेंशन योजना समेत अन्य विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये दिन-रात काम करते रहे हैं. मई 2018 में हुई बातचीत में आईबीए ने यह भी कहा कि अधिकारियों की मांग पर बातचीत केवल स्केल-तीन के अधिकारियों तक सीमित होगी. बैंक कर्मचारियों के लिये पिछले 10वें द्विपक्षीय वेतन समझौते के 18 दौर की बातचीत के बाद अंतिम रूप दिया जा सका था
IRCTC: अब ट्रेन में मिलेगी विमान यात्रियों की तरह ये सेवा
28 July 2018
विमान परिचारकों की तरह ही रेलवे के कैटरिंग कर्मी अब सभी ट्रेनों में भोजन के बाद कचरा एकत्रित करने के लिए यात्रियों के पास कचरे का थैला लेकर जाएंगे. यह निर्देश रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्वनी लोहानी ने अधिकारियों को दिया है. रेलवे यात्रियों को एयरलाइन जैसी सुविधा प्रदान करने के लिए बड़ी तेजी से एयरलाइन मॉडल अपना रहा है जिसमें एयरलाइन के भोजन से लेकर वैक्यूम टायलट शामिल है. लोहानी ने गत 17 जुलाई को मंडल स्तर के अधिकारियों और बोर्ड सदस्यों के साथ एक बैठक में कहा कि ट्रेन में सफाई बनाये रखने के लिए पैंट्री कर्मी यात्रियों को भोजन परोसे जाने के बाद कचरा एक थैले में एकत्रित करें जैसा कि विमानों में होता है. एक अधिकारी ने कहा, ‘‘यात्री आमतौर पर भोजन करने के बाद प्लेट अपनी सीटों के नीचे रख देते हैं और पैंट्री कर्मी प्लेट को एक पर एक रखकर ले जाते हैं. कभी कभी प्लेट में बचा हुआ खाना कोच के फर्श पर भी गिर जाता है. इसके साथ ही यात्री केले के छिलके, पैकेट और ऐसी अन्य चीजें सीट या फर्श पर रख देते हैं.’’ अधिकारी ने कहा, ‘‘इस व्यवस्था के तहत पैंट्री कर्मी विमानों की तरह प्रत्येक यात्री के पास एक थैला लेकर जाएंगे और यात्री उसमें अपनी प्लेट और अन्य कचरा उसमें रख सकते हैं.’’ लोहानी ने कहा कि ऐसी ट्रेनों जिनमें कोई पैंट्री नहीं है सफाई कर्मी कचरा एकत्रित करने के लिए ऐसे थैले रखें. उन्होंने कहा कि कैटरर के साथ नियमित ठेके में अब कचरा थैले को भी शामिल किया जाएगा.
पिछली सरकारें 50 साल में नहीं ला पाई बुलेट ट्रेन परियोजना : पीयूष गोयल
26 July 2018
नई दिल्ली: रेलमंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि पूर्व की सरकारें बुलेट ट्रेन लाने में अक्षम साबित हुईं और रेलवे का इस्तेमाल राजनीतिक कारणों के लिए किया गया. लोकसभा में एक प्रश्न के जवाब में गोयल ने कहा, "पूर्व में रेलवे का इस्तेमाल राजनीतिक कारणों के लिए किया गया. इसलिए अनेक परियोजनाओं की घोषणा नहीं हो पाई और सभी परियोजनओं पर कार्य के लिए बजट का अभाव बना रहा. हम यह सुनिश्चित करते हैं कि जहां कहीं भी जमीन उपलब्ध है और कार्य महत्वपूर्ण है वहां उसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है." उन्होंने सदन को बताया, "पुरुष और महिलाओं के अलग-अलग शौचालय बनाने की हमारी योजना है. इसके अलावा, देशभर के स्टेशनों पर पानी की सुविधा, प्रतीक्षालयों को उन्नत बनाना और अन्य सुविधाएं मुहैया करवाना हमारी प्राथमिकता में शामिल है." गोयल ने कहा, " प्रधानमंत्री का सपना है कि भारत प्रौद्योगिकी की शक्ति बने ताकि लोगों को विश्व स्तरीय सुविधाएं प्राप्त हों. भारत में 50 साल के बाद बुलेट ट्रेन परियोजना तब आई, जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बने." उन्होंने कहा, "हमने 0.1 फीसदी की ब्याज दर पर जापान से 50 साल के लिए 1.08 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लिया है. हम देश में द्रुतगामी रेल नेटवर्क विकसित करना चाहते हैं." उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रौद्योगिकी हस्तांतरण भी सुनिश्चित किया है ताकि उससे मेक-इन-इंडिया की पहल में मदद मिलने के साथ-साथ अर्थव्यवस्था में सुधार लाने में भी योगदान दिया जा सके. कांग्रेस पर तंज कसते हुए गोयल ने कहा, "उनको खुश होना चाहिए कि जिस बुलेट ट्रेन की परियोजना वह नहीं ला सके उसे लाने में यह सरकार कामयाब रही है. जो पैसा लाने में वे विफल रहे वह हमें मामूली ब्याज दर पर मिला है." वह कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा बुलेट ट्रेन परियोजना, पटरियों के दोहरीकरण व विद्युतीकरण और नई पटरी बिछाने के मसले को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे. गोयल ने बताया कि पटरियों के रखरखाव का कार्य जिस गति से आज हो रही है उस गति से संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार में संभव नहीं हो पाया. उन्होंने कहा कि 2012-13 में महज 800 किलोमीटर विद्युतीकरण का कार्य हुआ जबकि पिछले साल 41,00 किलोमीटर विद्युतीकरण कार्य संपन्न हुआ. हमने एक साल में 4,500 किलोमीटर में नई पटरी बिछाई
आइडिया, वोडाफोन विलय का रास्ता साफ, किया 7,249 करोड़ रुपए का भुगतान
25 July 2018
आइडिया सेल्युलर और वोडाफोन ने अपने-अपने मोबाइल बिजनेस का विलय करने के लिए दूरसंचार विभाग को विरोध के साथ 7,248.78 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया। इसके साथ ही देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी बनने का रास्ता साफ हो गया है। आइडिया सेल्युलर के एक अधिकारी ने भुगतान की पुष्टि करते हुए कहा, 'आइडिया और वोडाफोन ने विलय के लिए दूरसंचार विभाग की तरफ से मांगी गई राशि का आपत्ति दर्ज कराते हुए भुगतान कर दिया। दोनों कंपनियों ने संयुक्त रूप से 3,926.34 करोड़ रुपए का भुगतान नकद और 3,322.44 करोड़ रुपए की राशि बैंक गारंटी के रूप में दी है।' दूरसंचार विभाग ने इसी साल 9 जुलाई को दोनों कंपनियों के विलय को सशर्त मंजूरी दी थी। विभाग ने कंपनियों से एकबारगी स्पेक्ट्रम शुल्क और अन्य देनदारियों का भुगतान करने को कहा था। यह कुल रकम 7 हजार करोड़ रुपए से अधिक बैठती है। वोडाफोन और आइडिया के विलय के बाद अस्तित्व में आने वाली नई कंपनी देश की सबसे बड़ी दूरसंचार सेवा कंपनी होगी, जिसकी बाजार वैल्यू 1.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक (करीब 23 अरब डॉलर) होगी। भारतीय दूरसंचार बाजार में नई कंपनी की हिस्सेदारी 35 प्रतिशत और ग्राहकों की संख्या लगभग 43 करोड़ होगी। संयुक्त उपक्रम कितना बड़ा? - बाजार वैल्यू 1.5 लाख करोड़ रुपए - भारतीय बाजार में हिस्सेदारी 35 प्रतिशत - ग्राहकों की संख्या लगभग 43 करोड़ किसका कितना हिस्सा? - 45.1 फीसदी वोडाफोन की - 26 फीसदी आदित्य बिड़ला समूह की - 28.9 फीसदी आइडिया के शेयरधारकों की भारी-भरकम कर्ज फिलहाल आइडिया सेल्युलर और वोडफोन इंडिया पर कुल मिलाकर तकरीबन 1.15 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है। यह रकम विलय के बाद अस्तित्व में आने वाली संयुक्त उपक्रम कंपनी की कुल बाजार वैल्यू (1.5 लाख करोड़) से कुछ ही कम है। एयरटेल को झटका आइडिया सेल्युलर और वोडफोन के विलय के बाद भारती एयरटेल देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी नहीं रह जाएगी, बल्कि यह दूसरे पायदान पर आ जाएगी। फिलहाल सुनील भारती मित्तल के नेतृत्व वाली भारती एयरटेल देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी है।
वॉलमार्ट ने लखनऊ में खोला देश का दूसरा एफसी: युवाओं के लिए रोजगार का मौका
24 July 2018
लखनऊ: रिटेल क्षेत्र की अमेरिकी कम्पनी वॉलमार्ट ने सोमवार को उत्तर प्रदेश में अपना पहला बिजनेस-टू-बिजनेस फुलफिलमेंट सेंटर (एफसी) खोलने का एलान किया और कहा कि वह अगले तीन साल में भारत में 20 थोक केन्द्र खोलेगी. वॉलमार्ट इण्डिया के अध्यक्ष और मुख्य अधिशासी अधिकारी कृष अय्यर ने यहां प्रेस कांफ्रेंस में यह घोषणा करते हुए कहा कि लखनऊ में खुलने वाला यह केन्द्र मुम्बई के बाद भारत का दूसरा वॉलमार्ट एफसी होगा. इसका प्रबंधन वॉलमार्ट की साझीदार डीएचएल इंडिया द्वारा किया जाएगा. तीसरा एफसी हैदराबाद में खोलने की योजना है. उन्होंने बताया कि इस एफसी में खुदरा व्यवसायी आनलाइन आर्डर दे सकेंगे, जिसकी सुपुर्दगी उन्हें अपनी दुकान पर मिलेगी. इस एफसी से लखनऊ और आसपास के 100 किलोमीटर के दायरे में आने वाले स्थानों पर मौजूद कारोबारी सदस्यों को सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी. इस एफसी से रोजगार के करीब 1500 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष अवसर पैदा होंगे. उन्होंने बताया कि कम्पनी अगले तीन साल में 20 कैश एण्ड कैरी स्टोर खोलेगी. इनमें से दो स्टोर इस साल खुलेंगे. उसके अगले वर्ष आठ और उसके अगले साल 10 स्टोर खोलने की योजना है. उत्तर प्रदेश में कम्पनी ने ऐसे केन्द्र खोलने के लिये 15 स्थान चिह्नित करके औपचारिक समझौते किये हैं. ये स्टोर अगले पांच साल में काम शुरू कर देंगे. अय्यर ने बताया कि इस वक्त उत्तर प्रदेश में वॉलमार्ट के कुल चार तथा पूरे भारत में 21 कैश एण्ड कैरी स्टोर संचालित किये जा रहे हैं. कम्पनी की कानपुर, मुरादाबाद, वाराणसी, गोरखपुर, सहारनपुर, लखनऊ और गाजियाबाद में ‘बेस्ट प्राइस‘ स्टोर खोलने की योजना है. कम्पनी का अगले सात वर्षों में 50 और स्टोर खोलने का लक्ष्य है. वॉलमार्ट के कारण भारत के छोटे व्यवसायियों के कारोबार पर असर पड़ने सम्बन्धी आशंकाओं के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान बहुत बड़ा देश है. यहां अलग-अलग तरह के उपभोक्ताओं की भिन्न-भिन्न पसंदगी और प्राथमिकताएं हैं. वॉलमार्ट का अपना अलग उपभोक्ता आधार है. हमें नहीं लगता कि उसकी वजह से छोटे दुकानदारों पर कोई प्रभाव पड़ेगा.
अब इस राज्य के कर्मचारियों के लिए इस साल की सबसे बड़ी खुशखबरी, मिलेगा सातवें वेतन आयोग का लाभ
23 July 2018
महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) ने राज्य को सरकारी कर्मचारियों (Maharashtra State Employees) के लिए सातवां वेतन आयोग (Seventh Pay Commission) की सिफारिशें लागू करने का ऐलान किया है. राज्य के वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार (Sudhir Mungantiwar) ने कहा कि सरकार दिवाली से राज्य के कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) की सिफारिशों को लागू करेगी. इससे राज्य सरकार के कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में खासी वृद्धि होगी. मुनगंटीवार ने कहा कि सरकार की ओर से राज्य के सरकारी कर्मचारियों के लिए यह दिवाली का तोहफा होगा. इस निर्णय से राज्य के 19 लाख कर्मचारियों को फायदा होगा. बता दें कि राज्य सरकार के कर्मचारियों को भी केंद्र के कर्मचारियों की तरह सातवां वेतन आयोग दिया जाएगा यह घोषणा फरवरी माह में ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र राज्य राजपत्रित अधिकारी महासंघ के कार्यक्रम में की थी. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु 58 साल से बढ़ाकर 60 साल करने और पांच दिन का सप्ताह करने के बारे में भी निर्णय प्रक्रिया अंतिम चरण में है. इससे पहले मुनगंटीवार राज्य की विधानसभा में बता चुके हैं कि सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने से राज्य पर 21530 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय आएगा. सुधीर मुनगंटीवार ने बताया कि वित्त मंत्रालय ने मार्च में प्रस्तुत बजट में 10000 करोड़ रुपये का प्रावधान पहले ही किया है. उन्होंने यह भी बताया कि सरकार महिला कर्मचारियों को बच्चों की देखभाल के लिए 730 दिनों की छुट्टी देने की योजना बना रही है. वहीं पुरुषों को 15 दिन की पितृत्व छुट्टी देने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है. उन्होंने यह भी बताया कि राज्य के कर्मचारियों को सप्ताह में छह दिन के बजाए पांच दिन काम करने का प्रस्ताव विचाराधीन है. इसके लिए कर्मचारियों के वर्तमान काम करने के समय में 15 मिनट का इजाफा किया जा सकता है
जियो का मानसून हंगामा आज से
20 July 2018
नई दिल्ली। रिलायंस जियो का मानसून हंगामा ऑफर शुक्रवार शाम पांच बजे लांच हो जाएगा। इस ऑफर के तहत ग्राहक किसी भी ब्रांड के पुराने फीचर फोन के बदले 501 रुपये देकर जियो का नया फीचर फोन खरीद सकेंगे। जियो के नए फोन में यूट्यूब, फेसबुक और वाट्सएप समेत स्मार्ट फोन जैसी कई खूबियों को शामिल किया गया है। रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने अपनी सालाना आम बैठक में यह ऑफर लाने का एलान किया था। इस नए फीचर फोन में तीनों सेवाएं 15 अगस्त से मिलने लगेंगी। जिन लोगों के पास जियो के पहले लांच किए गए फीचर फोन हैं, वे भी खुद ब खुद 15 अगस्त को अपडेट हो जाएंगे और ग्राहक उन पर भी यूट्यूब, फेसबुक और वाट्सएप का इस्तेमाल कर सकेंगे। जियो का नया फोन वॉयस कमांड को सपोर्ट करेगा जिससे उन लोगों को इंटरनेट इस्तेमाल करने में आसानी होगी जो कीपैड पर टाइप करने में असहज रहते हैं। हालांकि हंगामा ऑफर के तहत खरीदे जाने वाले जियोफोन पर किसी तरह का रिफंड नहीं मिलेगा। ग्राहक को रिफंड के लिए 1500 रुपए का पेमेंट करना होगा और उस पर एक्सचेंज ऑफर लागू नहीं होगा। जियोफोन के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
लोन पर घर खरीदने वालों के हक में मोदी सरकार ने उठाया ये बड़ा कदम
19 July 2018
नई दिल्ली: दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता कानून (आईबीसी) में आवासीय परियोजनाओं के घर खरीदारों को वित्तीय ऋणदाता का दर्जा दिये जाने संबंधी संशोधन विधेयक को संसद के आज से शुरू हुये मानसून सत्र में पेश किया जा सकता है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया. केन्द्रीय विधि एवं न्याय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने यहां संवाददाताओं को इसकी जानकारी दी. विधेयक दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) अध्यादेश 2018 का स्थान लेगा. राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने पिछले महीने यह अध्यादेश जारी किया था. इस विधेयक में आवासीय परियोजनाओं में घर खरीदने वाले ग्राहकों को वित्तीय ऋणदाता का दर्जा देने का प्रावधान किया गया है. होगा ये बड़ा फायदा ऐसा होने से परियोजना चलाने वाली कंपनी के कर्ज बोझ में फंसने और दिवालिया प्रक्रिया में जाने की स्थिति में बैंकों की कर्जदाता समिति में घर खरीदारों को भी प्रतिनिधित्व दिया जायेगा. निर्णय प्रक्रिया में उनकी भी भागीदारी होगी. इसके साथ ही घर खरीदार आईबीसी कानून की धारा सात को अमल में लाने का भी कदम उठा सकते हैं. इस धारा के तहत वित्तीय ऋणदाताओं को दिवाला समाधान प्रक्रिया शुरू करने के लिये आवेदन देने का अधिकार है. कई आवासीय परियोजनाओं के समय पर पूरा नहीं होने और डेवलपरों द्वारा खरीदारों को फ्लैट उपलब्ध नहीं करा पाने के बाद कई घर खरीदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा है.
सरकारी कर्मचारियों के मकान किराया और नगर प्रतिकर भत्ते दो गुने करने का निर्णय
18 July 2018
लखनऊ: उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों के मकान किराये भत्ते और नगर प्रतिकर भत्ते की दरों और को दोगुना करने के प्रस्ताव पर मंगलवार को मुहर लगा दी. इस बढ़ोत्तरी से राजकोष पर 2398 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा. राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने यहां बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में यहां सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में मकान किराए भत्ते की एक दिसम्बर 2008 से लागू दरों को पिछली एक जुलाई से दोगुना करने का निर्णय लिया गया है. उन्होंने बताया कि मकान किराया भत्ता के सम्बन्ध में वेतन समिति की सिफारिशों को वित्त विभाग के प्रस्ताव के अनुसार लागू किए जाने से राज्य कर्मचारी, राजकीय अथवा सहायता प्राप्त विद्यालयों और प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं के शिक्षक तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारी लाभान्वित होंगे. ऐसे स्थानीय निकाय, स्वशासी संस्थाओं तथा सार्वजनिक उपक्रमों/निगमों के कार्मिक भी लाभान्वित होंगे, जिनमें पुनरीक्षित वेतन मैट्रिक्स लागू किया गया है. प्रवक्ता ने बताया कि इस निर्णय के दायरे में प्रदेश के 8.52 लाख राज्य कर्मचारी, 5.50 लाख शिक्षक एवं एक लाख शिक्षणेत्तर कर्मचारियों समेत कुल 15.02 लाख कर्मचारी आएंगे. मकान किराया भत्ता को दोगुना किए जाने के निर्णय से राजकोष पर 2223 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वार्षिक व्यय भार आएगा मंत्रिपरिषद की बैठक में सरकारी कर्मियों को मिलने वाले नगर प्रतिकर भत्ते की दरों को भी दोगुना करने का निर्णय लिया गया है ज्ञातव्य है कि वेतन समिति (2016) ने सातवें प्रतिवेदन के माध्यम से विभिन्न प्रकार के भत्तों एवं सुविधाओं के सम्बन्ध में संस्तुतियां दी हैं. वेतन समिति की सिफारिशों के अनुसार नगर प्रतिकर भत्ता मान्य करने के लिये नगरों का वर्गीकरण पहले की ही तरह रखा गया है. जनगणना 2011 के अनुसार जो नगर एक लाख या उससे ज्यादा आबादी के हैं, उनमें भी नगर प्रतिकर भत्ता दिया जाएगा. वित्त विभाग के प्रस्ताव के अनुसार नगर प्रतिकर भत्ते के सम्बन्ध में इन संस्तुतियों को लागू किए जाने से 175 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वार्षिक व्यय भार आएगा.
ट्रेनों में एसी कोच का किराया बढ़ने की संभावना, CAG ने दे डाला यह सुझाव
17 July 2018
देश में पिछले कुछ समय में एसी कोट में सफर करने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है. अब देखा जा रहा है कि टिकट बुक करते समय एसी कोच की टिकट पहले बुक हो जाती है. इसमें भी थर्ड एसी की बर्थ पहले बुक हो रही है और यह जल्दी ही वेटिंग लिस्ट में चली जाती है. इसके बाद स्लीपर और सेकेंड एसी का नंबर आता है. अब सरकार को एक सुझाव आया है कि एसी कोच के अलावा अन्य कोच में जहां पर भी बेडरोल की सुविधा दी जाती है वहां पर बेडरोल की कॉस्टिंग को किराए में जोड़ दिया जाए. यह सुझाव खास तौर पर गरीब रथ और दूरंतों ट्रेनों के लिए आया है. बता दें कि गरीब रथ जैसी ट्रेनों का संचालन गरीब लोगों को एसी कोच में सफर करने का मौका उपलब्ध कराने के इरादे से शुरू किया गया था. खबर है कि आम आदमी के लिये सस्ते किराये की सुविधा के साथ शुरू की गई वातानुकूलित ट्रेन गरीब रथ एक्सप्रेस के टिकट के दाम में ही बेडरोल का दाम जल्द ही जोड़ा जा सकता है. रेलवे एक दशक पहले तय हुए बेडरोल के 25 रुपये के किराये को भी बढ़ाने पर विचार कर रहा है जिससे किराये में खासी बढ़ोतरी हो सकती है. रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि कपड़े के रखरखाव की लागत में तीव्र बढ़ावा होने से यह समीक्षा दूसरी ट्रेनों में भी लागू हो सकती है. गरीब रथ ट्रेनों की तरह दूसरी ट्रेनों में भी बेडरोल की कीमतों में एक दशक में कोई इजाफा नहीं हुआ है. उप नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) के कार्यालय से एक नोट आने के बाद यह विचार किया जा रहा है. इस नोट में पूछा गया था कि गरीब रथ में किराये का पुनरीक्षण क्यों नहीं किया गया और अनुशंसा की कि बेडरोल की लागत को ट्रेन के किराये में शामिल किया जाए
जल्द निपटा लें बैंक के काम, सोमवार से 6 दिन की हड़ताल पर जा सकते हैं इस बैंक के अधिकारी
14 July 2018
नई दिल्ली: आईडीबीआई बैंक के अधिकारियों ने एलआईसी द्वारा बैंक के प्रस्तावित अधिग्रहण तथा वेतन संबंधी मुद्दों को लेकर सोमवार से छह दिन की हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है. आईडीबीआई बैंक ने नियामकीय सूचना में कहा, ‘‘बैंक को अधिकारियों के एक तबके से नोटिस मिला है. नोटिस में 16 जुलाई 2018 से 21 जुलाई 2018 तक हड़ताल पर जाने की बात कही गयी है. ’’ आईडीबीआई बैंक कर्मचारियों की वेतन समीक्षा नवंबर 2012 से लंबित है. उन्होंने पिछले साल हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी थी लेकिन बाद में प्रबंधन से आश्वासन मिलने के बाद इसे वापस ले लिया गया. इससे पहले, ऑल इंडिया आईडीबीआई आफिसर्स एसोसिएशन ने केंद्रीय मंत्री अरूण जेटली के समक्ष अपनी बात रखते हुये 51 प्रतिशत हिस्सेदारी एलआईसी को बेचे जाने के प्रस्ताव का विरोध किया था. उनका कहना था कि इस हिस्सेदारी बिक्री को बैंक के निजीकरण के समान समझा जाएगा. इस बीच, एक सूत्र ने कहा कि बीमा नियामक इरडा से मंजूरी मिलने के बाद सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) कर्ज में डूबे आईडीबीआई बैंक में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने को लेकर तैयारी कर रही है. फिलहाल एलआईसी, आईडीबीआई बैंक, उसकी संपत्ति और कर्ज की स्थिति की जांच पड़ताल कर रही है.
एफएसएसएआई ने खाद्य उत्पाद कंपनियों को नमक, चीनी, वसा का इस्तेमाल हल्का करने को कहा
13 July 2018
सुरक्षित और स्वस्थ भोजन को बढ़ावा देने के लिए , खाद्य नियामक एफएसएसएआई ने खाद्य उद्योग से पैकबंद खाद्य उत्पादों में नमक , चीनी और संतृप्त वसा को स्वेच्छा से कम करने के लिए कहा क्योंकि लेबलिंग मानदंडों को परिचालित करने में अभी लगभग एक वर्ष लगेंगे. खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकार (एफएसएसएआई) ने सार्वजनिक स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी रोगों में सुधार लाने के लिए राष्ट्रीय अभियान ' ईट राइट मूवमेंट ' (सही खाना खाओ आंदोलन) शुरु किया. नेस्ले इंडिया , एचयूएल और पतंजलि समेत खाद्य तेल उद्योग , बेकरी और एफएमसीजी कंपनियों ने खाद्य उत्पादों में नमक, चीनी और वसा के स्तर को कम करने के लिए प्रतिबद्धता जताई है. इस अभियान की शुरूआत करने और लोकप्रिय बनाने के लिए , एफएसएसएआई ने एक लघु वीडियो के लिए फिल्म अभिनेता राजकुमार राव में साथ लिया है जो आम लोगों को नमक , चीनी और वसा को कम खाने के लिए प्रोत्साहित कोंगे. वीडियो टेलीविजन चैनलों पर प्रसारित किया जाएगा और सोशल मीडिया समेत अन्य मास मीडिया के माध्यम से प्रसारित किया जाएगा. एफएसएसएआई के सीईओ पवन कुमार अग्रवाल ने इस आंदोलन के शुभारंभ के मौके पर कहा , " हम खाद्य लेबलिंग विनियमन के मसौदे को लेकर आये हैं जो फिलहाल स्वास्थ्य मंत्रालय के पास है. ’’ इस मौके पर नेस्ले इंडिया , पतंजलि और एचयूएल के शीर्ष अधिकारियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया. उन्होंने कहा , " इसके परिचालन में आने में अभी कम से कम एक वर्ष का समय लगेगा. तब तक , खाद्य उद्योग के लिए यह उनके उत्पादों को सुधारने का उपयुक्त समय है. " इस अवसर पर बोलते हुए , सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के विजय राघवन ने कहा कि जीवनशैली में बदलाव के साथ नमक , चीनी , वसा को कम करने की आवश्यकता है और अधिक पौधे आधारित , प्राकृतिक आहार लेने की जरुरत है. उन्होंने कहा कि उद्योग जगत की इस आंदोलन का समर्थन करने में एक बड़ी भूमिका है इसलिए सरकार , नागरिक समाज और उद्योग के बीच तालमेल इसकी सफलता के लिए महत्वपूर्ण है
व्यापार युद्ध : अमेरिका ने चीन से 200 अरब डॉलर की वस्तुओं पर 10% आयात शुल्क और लगाया
11 July 2018
वाशिंगटन: विश्व की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध गहराता जा रहा है. अमेरिका ने आज चीन से आयातित 200 अरब डॉलर की वस्तुओं पर अलग से 10% शुल्क लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी. इससे पहले वह चीन से आयातित 34 अरब डॉलर की वस्तुओं पर 25% शुल्क लगा चुका है. अमेरिका ने यह कदम चीन की उस जवाबी कार्रवाई के बाद उठाया है जिसमें उसने अमेरिका से चीन को निर्यात किए जाने वाले 34 अरब डॉलर के सामान पर शुल्क लगाया था, इसके अलावा 16 अरब डॉलर के अतिरिक्त अमेरिकी सामान पर शुल्क लगाने की धमकी दी थी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने इसे ‘अन्यायपूर्ण’ बताया था. उल्लेखनीय है कि चीन की ‘अनुचित’ व्यापार नीतियों के जवाब में अमेरिका ने छह जुलाई से 34 अरब डॉलर के चीनी सामान के आयात पर 25% का शुल्क लगाया था. अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) रॉबर्ट लाइटाइजर ने कहा, ‘‘वैधानिक प्रक्रिया समाप्त होने तक इस शुल्क के दायरे में 50 अरब डॉलर की चीनी वस्तुएं आ जाएंगी. इस शुल्क के दायरे में ऐसे चीनी उत्पाद रखे गए हैं जिन्हें चीन की औद्योगिक नीति और तकनीकी हस्तांतरण प्रक्रियाओं को लाभ मिला है. ’’ इसके बाद जवाबी कार्रवाई में चीन ने भी अमेरिका से आयात किए जाने वाले 34 अरब डॉलर के सामान पर शुल्क लगाया और 16 अरब डॉलर के सामान पर और शुल्क लगाने की धमकी दी. इस पर लाइटाइजर ने कहा, ‘‘ऐसा बिना किसी अंतरराष्ट्री य कानूनी आधार और अधिकार के किया गया है. ’’ उन्होंने कहा कि चीन की इस जवाबी प्रक्रिया और अपनी प्रक्रियाओं में बदलाव लाने में विफल रहने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने यूएसटीआर को 200 अरब डॉलर के अतिरिक्त चीनी सामान आयात पर 10% शुल्क लगाने की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया.
केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल बोले, एक जीएसटी दर हास्यास्पद सुझाव था
10 July 2018
कोलकाता: केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि वस्तु एवं सेवा कर के तहत एक दर की मांग एक 'हास्यास्पद सुझाव' था. उन्होंने कहा, "ऐसे लोगों का एक समूह है, जिन्होंने हास्यास्पद सुझाव दिया कि जीएसटी के तहत एक दर होनी चाहिए. जब एक जीएसटी दर की मांग बढ़ी थी, तो इसने मुझे आश्चर्यचकित कर दिया था." उनके मुताबिक, जीएसटी के तहत 18 फीसदी की एकल दर गरीबों और मध्यम वर्ग पर बोझ होगा, क्योंकि उन्हें रोजमर्रा की वस्तुओं पर उच्च कर चुकाना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि संप्रग (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) के दौरान जीएसटी संरचना 'समझदारी से प्रस्तावित' नहीं थी और वह संरचना संघीय ढांचे में काम नहीं करता. संप्रग सरकार की आलोचना करते हुए गोयल ने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच 'पारस्परिक भरोसा' कम हो गया था और इसका एक कारण केंद्रीय बिक्री कर मुआवजे को लेकर जारी विवाद था. उन्होंने यह भी कहा कि कुछ राजनीतिक दल जीएसटी को थोड़े दिन बाद लागू करने की मांग कर रहे थे, लेकिन इससे समस्याएं और बढ़ती. गोयल ने कहा कि पिछले साल जुलाई में अप्रत्यक्ष कर शासन लागू करने के बाद कुल 1200 वस्तुओं में से 328 वस्तुओं की दरें घटाई गई है.
NCLT से सायरस मिस्त्री को झटका, खारिज हुई टाटा संस के खिलाफ याचिका
9 July 2018
टाटा समूह द्वारा चेयरमैन पद से हटाए गए सायरस मिस्त्री को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल से झटका लगा है। एनसीएलटी ने मिस्त्री की टाटा संस के खिलाफ लगाई याचिका खारिज कर दी है। सायरस ने यह याचिका पद से हटाए जाने के बाद दायर की थी। एनसीएलटी पिछले हफ्ते ही इस संबंध में फैसला सुनाने वाला था लेकिन फिर इसे 9 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया गया। सोमवार को आए फैसले में टाटा संस को बड़ी राहत मिली है। एनसीएलटी ने अपने फैसले में क्या कहा? टाटा-मिस्त्री विवाद पर अपना फैसला सुनाते हुए एनसीएलटी ने कहा कि टाटा बोर्ड के पास चेयरमैन को हटाने का अधिकार है और टाटा ग्रुप मैनेजमेंट में कोई भी गड़बड़ी नहीं है। साथ ही ट्रिब्यूनल ने रतन टाटा पर लगे सभी आरोपों को भी खारिज कर दिया है। एनसीएलटी के इस फैसले को मिस्त्री के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। जानकारी के लिए आपको बता दें कि मिस्त्री परिवार की टाटा संस में 18 फीसद की हिस्सेदारी है, जो कि टाटा ग्रुप की स्वामित्व वाली कंपनी है। मिस्त्री ने रतन टाटा के रिटायरमेंट की घोषणा के बाद साल 2012 में चेयरमैन पद की कमान संभाली थी। सायरस मिस्त्री को भरोसा खत्म होने के कारण हटाया: टाटा टाटा संस ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) के समक्ष कहा था कि बोर्ड का सायरस मिस्त्री पर भरोसा खत्म हो जाने के कारण उन्हें चेयरमैन के पद से हटाया गया। टाटा संस के अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि मिस्त्री को सिर्फ इस वजह से हटाया गया क्योंकि बोर्ड का उन पर भरोसा खत्म हो गया था। यह पूरी तरह वाणिज्यिक फैसला था।
रिलायंस के मुकेश अंबानी की इस घोषणा से अमेजन और वॉलमार्ट के सामने आई बड़ी चुनौती
7 July 2018
रि‍लायंस इंडस्‍ट्रीज लि‍मि‍टेड (RIL) के प्रमुख मुकेश अंबानी ने कंपनी की एजीएम की बैठक में एक ऐसी बात कही जिससे कि दुनिया की बड़ी बड़ी कंपनियों के साथ साथ भारत की कई कंपनियों के होश उड़ना तया है. उन्होंने कहा कि कंपनी अगला बड़ा दांव ऑनलाइन मार्केटप्‍लेस खेलने को तैयार है. अंबानी ने कहा कि RIL ऑनलाइन और रि‍टेल, दोनों को मि‍लाकर एक नया प्‍लेटफॉर्म बनाने की योजना पर काम कर रही है. इससे यह साफ है कि वॉलमार्ट जिसने हाल ही भारत की ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी फ्लिपकार्ट का अधिग्रहण किया है और अमेजन जिसने भारत में कारोबार विस्तार की योजना बनाई है, दोनों के सामने एक चुनौती आने वाली है. मुकेश अंबानी ने कंपनी की इस योजना के बारे में अपने शेयर धारकों को गुरुवार की बैठक में जानकारी दी. इस प्‍लेटफॉर्म को बनाने में ग्रुप की रि‍लायंस रि‍टेल लि. और रि‍लायंस जियो इंफोकॉम लि. शामि‍ल होंगी. RIL की योजना हाइब्रि‍ड ऑनलाइन-टू-ऑफलाइन रि‍टेल को शुरू करने की है. इस प्‍लेटफॉर्म को ग्रुप की टेलि‍कॉम सर्वि‍स और 7,500 रि‍टेल स्‍टोर्स के साथ मि‍लाकर बनाया जाएगा. कंपनी की योजना से जुड़े लोगों के मुताबि‍क, यह एक तरह से हार्डवेयर के साथ सॉफ्टवेयर का मि‍लन है, जहां कोई भी, कभी भी और कहीं से भी समान खरीद सकता है. बैठक में मुकेश अंबानी ने कहा कि इस वक्‍त रि‍लायंस एक टेक्‍नोलॉजी प्‍लेटफॉर्म कंपनी बनने की राह पर है. ऐसे में हमें हाइब्रि‍ड ऑनलाइन-टू-ऑफलाइन कॉमर्स प्‍लेटफॉर्म में सबसे ज्‍यादा ग्रोथ की संभावनाएं देख रहे हैं. रि‍लायंस प्‍लेटफॉर्म पर कस्‍टमर्स के लि‍ए घर के पास या ऑनलाइन या कि‍सी ऑफलाइन स्‍टोर्स के उपलब्‍ध ऑप्‍शन को दि‍खाएगा. कंपनी कस्‍टमर्स को प्रोडक्‍ट्स की डि‍लि‍वरी करेगी या उसे पास के स्‍टोर्स से प्रोडक्‍ट लेने का विकल्प भी देगी
Jio लाएगा GigaFiber ब्रॉडबैंड सर्विस, टीवी से कर पाएंगे कॉल
5 July 2018
रिलायंस जियो एक बार फिर बड़ी सौगातें लेकर आया है। कंपनी की सालाना आम सभा में मुकेश अंबानी ने कई बड़े ऐलान किए। जियो मोबाइल-2 लांच किया गया, जिससें अब व्हाट्सएप, फेसबुक और यूट्यूब भी चलेंगे। दूसरा बड़ा ऐलान ब्रॉडबैंड सेवा का रहा। जानिए GigaFiber ब्रॉडबैंड सर्विस के बारे में - - जियो की GigaFiber FTTH ब्रॉडबैंड सेवा देश के 1,100 शहरों में शुरू की जाएगी। मुंबई में काफी पहले इसी टेस्टिंग हो चुकी है। - इसमें FTTH नेटवर्क के जरिए हाईस्पीड इंटरनेट सेवा उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके साथ एक सेट टॉप बॉक्स भी दिया जाएगा, जिससे टीवी भी चलेगा। - इतना ही नहीं, इससे टीवी में वॉइस कमांड फीचर भी जुड़ जाएगा, यानी टीवी से कॉलिंग भी कर पाएंगे। - इससे घरेलू उपकरण भी चलेंगे। घर बैठे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर पाएंगे। यह डिवाइस वर्चुअल असिस्टेंस का काम भी करेगा। - इस डिवाइस के जरिए घर के 100 से ज्यादा उपकरण कंट्रोल किए जाए सकेंगे। यहां तक कि घर में लगे बिजली से स्वीच भी स्मार्टफोन के माध्यम से कंट्रोल किए जा सकेंगे।
रोजगार के मुद्दे पर मोदी सरकार के एक मंत्री बोले, मेरे विभागों ने एक करोड़ युवाओं को दी नौकरी
4 July 2018
नई दिल्ली: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं पोत परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने चार वर्ष में एक करोड़ युवाओं को रोजगार देने का दावा किया है. गडकरी ने कहा कि उनके अधीन आने वाले विभागों ने मई 2014 में राजग सरकार आने के बाद से एक करोड़ युवाओं को रोजगार दिया है. गडकरी के पास सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग , पोत परिवहन और नदी विकास एवं गंगा संरक्षण जैसे अहम मंत्रालय हैं. गडकरी ने कहा कि ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो कहा है कि उनकी सरकार ने लाखों नौकरियां पैदा की हैं , वह बिल्कुल सही है. हमारे प्रधानमंत्री (मोदी) के नेतृत्व में हमारी सरकार के बनने के बाद मेरे विभागों ने 10 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं के ठेके दिए हैं और इसे प्रमाणित करने के लिए मेरे पास आंकड़े हैं. राजमार्ग , पोत परिवहन , बंदरगाह , अंतर्देशीय जलमार्ग , और जल संसाधन जैसे क्षेत्रों में यह हुआ है. विपक्षी दल रोजगार के मुद्दे पर सरकार की आलोचना कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इन विभागों ने बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा की हैं. मेरे अधीन आने वाले विभागों ने एक करोड़ युवाओं को रोजगार दिया है. पिछले चार वर्षों में रोजगार सृजन की दर बढ़ी है. गडकरी कहा कि जब कभी भी 1,000 करोड़ रुपये का निवेश होता है तो "50 हजार से एक लाख " प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसरों का सृजित होता है. सड़क एवं भवन निर्माण में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों का विनिर्माण दोगुना हो गया है , सीमेंट उद्योग भी बढ़ रहा है. इसलिए कोई भी कह सकता है कि इन विभागों से जुड़े उद्योग बढ़ रहे हैं और इंजीनियरों , मजदूरों , ट्रक चालकों जैसे कई लोगों को रोजगार दे रहे हैं. गडकरी ने कहा कि वह अपने दावे के समर्थन में आंकड़े और सांख्यिकी एकत्र करने की प्रकिया में है. उन्होंने कहा कि हम आंकड़े एकत्र कर रहे हैं ... मैं अपने विभागों को लेकर चुनौती स्वीकार कर सकता हूं. हमने कश्मीर में एक सुरंग का निर्माण किया , जहां 2000 कश्मीरी युवकों ने काम किया.
ATM से पैसे निकालना हो सकता है महंगा, बैंकों ने RBI से मांगी मंजूरी
3 July 2018
नई दिल्ली। वैसे तो देश में डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा दिया जा रहा है लेकिन अब यह भी आम लोगों की जेब पर भारी पड़ सकता है। देश के बैंकों ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को चिट्ठी लिखकर एटीएम से पैसे निकालने पर चार्ज बढ़ाने की इजाजत मांगी है। दरअसल, रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों को अपने एटीएम अपग्रेड करने के लिए कहा है। इसका पहला चरण इसी साल अगस्त तक पूरा होना है। लेकिन एटीएम अपग्रेड करने से बैंकों पर खर्च का बोझ बढ़ेगा और बैंकों ने इसका तोड़ निकालते हुए यह बोझ आम जनता पर डालने की तैयारी कर ली है। उन्होंने आरबीआई को पत्र लिखकर एटीएम ट्रांजेक्शन बढ़ाने की इजाजत मांगी है। अगर ऐसा होता है तो बैंक दो तरह से यह चार्ज बढ़ा सकते हैं। या तो वो एटीएम से फ्री ट्रांजेक्शन खत्म होने पर लिए जाने वाले 18 रुपए के चार्ज को बढ़ा दें या फिर फ्री ट्रांजेक्शन की संख्या कम कर दें। आरबीआई ने क्यों दिया एटीएम अपग्रेड का निर्देश आरबीआई ने सभी बैंकों से एटीएम को अपग्रेड करने का निर्देश धोखाधड़ी और हैकिंग जैसी शिकायतों को देखते हुए दिया है। इसकी पहली डेडलाइन अगस्त, 2018 है। वहीं, आखिरी चरण जून 2019 में समाप्त होगा। जानकारी के लिए बता दें कि एटीएम अपग्रेडेशन के तहत बैंकों को बेसिक इनपुट आउटपुट सिस्टम (बीआईओएस) को अपग्रेड करना होगा। इसके जरिए सिस्टम को बूट या जाता है। ऑपरेटिंग सिस्टम लोड करते समय बीआईओएस कंप्यूटर के हार्डवेयर जिसमें रैम, प्रोसेसर, कीबोर्ड, माउस, हार्ड ड्राइव को कॉन्फिगर करता है। आरबीआई ने बैंकों से यूएसबी पोर्ट डिसेबल कर एटीएम के ऑपरेटिंग सिस्टम का नवीनतम वर्जन लागू करने के लिए कहा है। साथ ही नये नोट के लिहाज से एटीएम के कैसेट को रीकॉन्फिगर करने के लिए भी कहा गया है। गौरतलब है कि नये एटीएम की लागत पहले के मुकाबले 30 फीसद तक बढ़ सकती है।
विनिर्माण क्षेत्र में 2018 की अब तक की सबसे बड़ी तेजी
2 July 2018
नई दिल्ली: देश की विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियां जून में इस वर्ष की सबसे तेज गति से बढ़ी हैं. घरेलू ऑर्डरों और निर्यात ऑर्डरों की वृद्धि इसकी वजह रही. एक मासिक सर्वेक्षण में यह निष्कर्ष सामने आया है. निक्केई इंडिया मैन्युफैक्चरिंग पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) जून माह में 53.1 अंक पर पहुंच गया, जो कि दिसंबर 2017 के बाद से सबसे तेज सुधार दर्शाता है. मई में यह 51.2 अंक पर था. यह लगातार 11 वां महीना है जब विनिर्माण क्षेत्र का पीएमआई 50 अंक स्तर से ऊपर बना हुआ है. पीएमआई का 50 से ऊपर रहना विनिर्माण क्षेत्र में विस्तार, जबकि 50 से नीचे रहना संकुचन दर्शाता है. आईएचएस मार्किट की अर्थशास्त्री और रिपोर्ट की लेखिका आशना दोधिया ने कहा, "मांग स्थितियों में मजबूती से देश की विनिर्माण अर्थव्यवस्था में अप्रैल-जून तिमाही में तेजी रही. पिछले वर्ष दिसंबर के बाद से नए ऑर्डरों में तेजी और उत्पादन में वृद्धि से ऐसा संभव हुआ. " उत्पादन जरूरतों को पूरा करने के लिए विनिर्माण क्षेत्र की कंपनियां ने खरीद गतिविधियों में वृद्धि की है और अधिक लोगों को भर्ती किया है. दोधिया ने कहा कि रोजगार के मोर्चे पर सर्वेक्षण बेहतर श्रम बाजार की ओर इशारा करता है, नौकरी सृजन की दर दिसंबर 2017 के बाद से सबसे तेजी से बढ़ी है. लागत मूल्य और उत्पादन मूल्य लगातार बढ़ रहा है, जो इशारा करता है कि भारतीय रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति को सख्त कर सकता है. दोधिया ने कहा कि लागत मूल्य मुद्रास्फीति जुलाई 2014 के बाद सबसे तेज गति से बढ़ी है. यह बताता है कि केंद्रीय बैंक पर मौद्रिक नीति को मजबूत करने का दबाव हो सकता है
आईडीबीआई-एलआईसी सौदे पर बात से पहले ही IRDA की मंजूरी
30 Jun 2018
नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र के कर्जदाता आईडीबीआई बैंक में एलआईसी द्वारा अपनी हिस्सेदारी 51 फीसद पर पहुंचाने की कोशिश संबंधी खबरों को बैंक ने सिरे से खारिज कर दिया है। बैंक का कहना है कि इस बारे में अब तक उसके निदेशक बोर्ड में कोई चर्चा नहीं हुई है। दूसरी तरफ बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) ने एलआईसी को आईडीबीआई में अतिरिक्त पूंजी निवेश को मंजूरी भी दे दी है। दिलचस्प यह है कि मौजूदा नियमों के मुताबिक कोई भी बीमा कंपनी किसी भी अन्य कंपनी में 15 फीसद से ज्यादा हिस्सेदारी नहीं खरीद सकती। ऐसे में कहा जा रहा है कि इरडा ने एलआईसी के लिए नियमों में ढील दी है। अगर यह सौदा होता है, तो आईडीबीआई में सावर्जनिक बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की नियंत्रक हिस्सेदारी हो जाएगी। इसके लिए उसे बैंक में 1,3000 करोड़ रुपये लगाने होंगे। वर्तमान में बैंक में एलआईसी की हिस्सेदारी 11 फीसद है। शेयर बाजारों ने सौदे की चर्चा के बारे में शुक्रवार को बैंक से स्पष्टीकरण मांगा था। इसके जवाब में बैंक ने कहा कि एलआईसी द्वारा बैंक में 13,000 करोड़ रुपये तक निवेश किए जाने के बारे में उसके निदेशक बोर्ड में अब तक कोई चर्चा नहीं हुई है। बैंक ने यह भी कहा कि जब भी बोर्ड की बैठक में इस पर किसी तरह की चर्चा होगी, सेबी के दिशानिर्देशों के मुताबिक सबसे पहले शेयर बाजारों को ही सूचित किया जाएगा। दूसरी तरफ, सूत्रों ने बताया कि इरडा ने शुक्रवार को ही एलआईसी को आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी 51 फीसद तक ले जाने को मंजूरी दे दी है। सूत्रों का कहना था कि हैदराबाद में इरडा के निदेशक बोर्ड की बैठक में यह फैसला लिया गया। हालांकि इरडा के चेयरमैन सुभाष चंद्र खूंटिया ने कहा कि बैठक के विवरण को अनुमोदन मिलने के बाद उसे नियामक की वेबसाइट पर साझा किया जाएगा। अगर एलआईसी से जुड़ा कोई फैसला बैठक में किया गया है, तो बैठक के विवरण में उसका जिक्र होगा। पिछले कुछ समय से आईडीबीआई बैंक में एलआईसी द्वारा नियंत्रक हिस्सेदारी खरीदने की इच्छा की खबरें जोरों पर हैं। सूत्रों का कहना है कि आईडीबीआई बैंक में नियंत्रक हिस्सेदारी खरीदकर एलआईसी बैंकिंग सेक्टर में हाथ आजमाना चाहती है।
रुपये की नरमी: वित्तमंत्री ने कहा, 'झटके' में प्रतिक्रिया की आवश्यकता नहीं
29 Jun 2018
नई दिल्ली: डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर में भारी गिरावट के बीच वित्तमंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इस मामले में "झटके में प्रतिक्रिया" करने की जरूरत नहीं है. गौरतलब है कि वैश्विक व्यापार में प्रशुल्क-युद्ध छिड़ने, कच्चे तेल के दाम में उछाल और अमेरिका में ब्याज दर में बढ़ोतरी से विदेशी पूंजी की निकासी के बीच कल पहली बार डॉलर के मुकाबले रुपया 69.10 तक हल्का हो गया था. हालांकि बाद में यह कुछ सुधर कर 18 पैसे की गिरावट के साथ 68.79 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ. यह डॉलर के मुकाबले रुपये की अब तक की न्यूनतम बंद दर है. गोयल ने संवाददाताओं से कहा कि घरेलू मुद्रा की विनिमय दर को लेकर झटके में किसी कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है. वित्त मंत्री ने रुपये की गिरावट से जुड़े सवाल के जवाब में कहा कि वैश्विक कारकों को ध्यान में रखते हुए सभी हितधारकों से सलाह-मशविरा करने के बाद उचित कदम उठाया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि देश के पास पर्याप्त मात्रा में विदेशी मुद्रा भंडार मौजूद है.
बैंकिंग सेक्टर में कदम रखने की तैयारी में LIC
27 Jun 2018
बीमा क्षेत्र की अग्रणी कंपनी एलआईसी बैंकिंग सेक्टर में कदम रखने की तैयारी कर रही है। सार्वजनिक क्षेत्र के आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी खरीद के सौदे से इस दिशा में बढ़ने की उम्मीद है। सूत्रों का कहना है कि आईडीबीआई की कर्ज में डूबी बैलेंसशीट के बावजूद सौदा दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। सरकार आईडीबीआई बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में है। अभी इसमें सरकार की हिस्सेदारी 80.96 फीसद है, जिसे 50 फीसद से नीचे लाने का लक्ष्य है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2016-17 के बजट भाषण में इसका संकेत दिया था। बैंक में 10 फीसद हिस्सेदारी पहले से एलआईसी के पास है। माना जा रहा है कि सौदा पूरा होने के बाद एलआईसी की हिस्सेदारी आईडीबीआई बैंक में 50 फीसद से अधिक हो जाएगी। एक दिन पहले ही वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि एलआईसी और आईडीबीआई बैंक दोनों स्वतंत्र इकाइयां हैं। दोनों के बोर्ड सौदे पर फैसला करेंगे। सरकार इस सौदे में निर्णायक की भूमिका नहीं निभाएगी। सूत्रों का कहना है कि सौदे की रूपरेखा तैयार हो गई है। आईडीबीआई लगातार बढ़ते फंसे कर्जों यानी एनपीए के चलते दबाव में है। मार्च तिमाही में बैंक का सकल एनपीए 55,600 करोड़ रुपये के भारी-भरकम स्तर पर पहुंच गया था। इस तिमाही में बैंक का शुद्ध घाटा 5,663 करोड़ रुपये रहा था। बैंक का बाजार पूंजीकरण करीब 23,000 करोड़ रुपये है, जबकि रियल एस्टेट एसेट और इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो का अनुमानित आकार 20,000 करोड़ रुपये
ईपीएफओ एक्सचेंज ट्रेडेड फंड में निवेश का दायरा बढ़ाने पर आज करेगा विचार
26 Jun 2018
नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) का न्यासी बोर्ड शेयर में निवेश पर रिटर्न अधिकतम करने के लिये इक्विटी से जुड़ी योजनाओं या एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में निवेश का दायरा व्यापक बनाने पर कल होने वाली बैठक में विचार कर सकता है. बैठक के लिये सूचीबद्ध एजेंडा के अनुसार इसके अलावा ईपीएफओ निदेशक मंडल अपने कोष के प्रबंधन के लिये पांच कोष प्रबंधकों ... एसबीआई, आईसीआईसीआई सिक्योरिटी प्राइमरी डीलरशिप, रिलायंस कैपिटल, एचएसबीसी एएमसी तथा यूटीआई एएमसी को छह माह का विस्तार देने के प्रस्ताव पर भी विचार करेगा. पांचों कोष प्रबंधकों को एक अप्रैल 2015 से तीन साल के लिये नियुक्त किया गया था. उन्हें 30 जून 2018 तक सेवा विस्तार दिया गया . अब यह प्रस्ताव है कि पांचों कोष प्रबंधकों को 31 दिसंबर 2018 तक या नये कोष प्रबंधकों की नियुक्ति तक सेवा विस्तार दिया जाए. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ईपीएफओ ईटीएफ में निवेश कर रहा है और अब शेयर बाजारों में निवेश पर रिटर्न अधिकतम करना चाहता है. फिलहाल संगठन ने यूटीआई म्यूचुअल फंड, एसबीआई म्यूचुअल फंड, सीपीएसई ईटीएफ तथा भारत 22 में निवेश किये हैं. ईपीएफओ को निवेश पर सर्वाधिक 17.01 प्रतिशत रिटर्न यूटीआई म्यूचुअल फंड से मिला है. इसमें 8,995.04 करोड़ रुपये का निवेश किया गया. इसके बाद एसबीआई म्यूचुअल फंड का स्थान रहा जिसमें 34,603.64 करोड़ रुपये के निवेश पर 16.07 प्रतिशत रिटर्न मिला. इसके अलावा सीपीएसई ईटीएफ में 1,860.81 करोड़ रुपये के निवेश पर 7.94 प्रतिशत तथा भारत- 22 में 2,024.75 करोड़ रुपये के निवेश पर 8.46 प्रतिशत रिटर्न मिला. बेहतर रिटर्न को देखते हुए ईपीएफओ इक्विटी से जुड़ी योजना में निवेश का दायरा बढ़ाने पर विचार कर रहा है. अधिकारी ने कहा कि बैठक में ईटीएफ में मौजूदा निवेश योग्य पूंजी का 15 प्रतिशत निवेश की सीमा को बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है. ईपीएफओ ने अगस्त 2015 में निवेश योग्य जमा पूंजी का पांच प्रतिशत निवेश शेयर बाजार में करने के साथ शुरुआत की थी. इसके बाद 2016- 17 में इसे 10 प्रतिशत और 2017- 18 में 15 प्रतिशत कर दिया गया. ईपीएफओ पेंशन योजना धारकों की मासिक पेंशन बढ़ाकर न्यूनतम 2,000 रुपये करने के प्रस्ताव के बारे में पूछे जाने पर अधिकारी ने कहा कि एजेंडा में यह शामिल नहीं है लेकिन अध्यक्ष की अनुमति से किसी भी मुद्दे पर विचार किया जा सकता है.
पतंजलि ने रुचि सोया के लिए अडानी की बोली पर जताई आपत्ति
25 Jun 2018
रुचि सोया के लिए अडानी की बोली पर ऋणशोधन अक्षमता व दिवाला की प्रक्रियाओं के तहत संकट के बादल छा गए हैं क्योंकि योग गुरु रामदेव द्वारा स्थापित पतंजलि आयुर्वेद ने साखदाताओं की समिति (सीओसी) को पत्र लिखकर रुचि सोया के लिए अडानी विल्मर की पात्रता पर चिंता जाहिर की है. पतंजलि के प्रवक्ता एस. के. तिजारावाला ने बातचीत में कहा, "हमने रुचि सोया के संबंध में 10 और 11 जून को सीओसी को पत्र लिखे हैं. लेकिन हमें अब तक कोई जवाब नहीं मिला है." बताया गया कि पतंजलि ने पत्र में ऋणशोधन अक्षमता और दिवाला संहिता की धारा 29 के तहत मसलों का जिक्र किया है. इस बीच 'बिजनेस स्टैंडर्ड' अखबार की एक रिपोर्ट के अनुसार, सीओसी में शामिल ऋणदाताओं की हाल ही में बैठक हुई जिसमें दोनों कंपनियों की बोलियों और ऋणशोधन में अक्षम कंपनी के लिए संबंधित समाधान की योजनाओं पर विचार किया गया. धारा 29ए के अनुसार, ऋण शोधन में अक्षम कंपनी को निर्धारित पात्रता की शर्ते पूरी करनी होती है. इसका मतलब यह है कि अगर प्रमोटर कर्ज संकट से जूझ रही किसी दूसरी कंपनी से जुड़ा हो तो बोलीदाता को कॉरपोरेट ऋणशोधन अक्षमता समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) के तहत समाधान योजना का प्रस्ताव पेश करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है. रुचि सोया को सीआईआरपी के तहत दिसंबर 2017 में दाखिल किया गया था. रुचि सोया के पास न्यूूट्रेला, महाकोश, सनरिच, रुचि स्टार और रुचि गोल्ड जैसे ब्रांड हैं. अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय साख दाताओं ने करीब 104 अरब रुपये का दावा ठोका है. साथ ही संचालक साखदाताओं ने भी 36 करोड़ रुपये का दावा ठोका है. बिजनेस स्टेंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, अडानी समूह के चेयरपर्सन गौतम अडानी के रिश्तेदार और अडानी विल्मर के प्रबंध निदेशक प्रणव अडानी की शादी रोटोमैक समूह के पूर्व प्रमोटर विक्रम कोठारी की बेटी नम्रता के साथ हुई है जिन्हें केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा उनकी कंपनी द्वारा फर्जीवाड़ा करने की शिकायत के बाद फरवरी में गिऱफ्तार किया. राष्ट्रपति द्वारा छह जून को अनुमोदित हालिया आईबीसी अध्यादेश में संबंधित व्यक्ति की परिभाषा में विस्तार करते हुए 'संबंधित पक्ष' और 'रिश्तेदार' शब्द जोड़े गए हैं, जिसके तहत पति, पत्नी, भाई, मां जैसे परिवार के सदस्य और परिवार के अन्य रिश्तेदार आते हैं जिनमें ससुराल पक्ष के लोग भी शामिल हैं. रिपोर्ट के अनुसार, दोनों बोलीदाताओं की समाधान योजनाएं आईबीसी अध्यादेश द्वारा हाल में किए गए संशोधन से पहले सौंपी गई थीं इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि धारा 29 एक के तहत विस्तार किए गए मानदंड वर्तमान मामले में लागू होंगे या नहीं.
ओपेक रोजना 10 लाख बैरल बढ़ाएगा कच्चे तेल का उत्पादन, सस्ते होंगे पेट्रोल और डीजल
23 Jun 2018
पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन ओपेक उत्पादन बढ़ाएगा। माना जा रहा है कि शुक्रवार को हुई बैठक में सऊदी अरब कट्टर प्रतिद्वंद्वी ईरान को इस मामले में सहयोग के लिए राजी कर लिया है। बैठक से एक दिन पहले तक ईरान इसके लिए तैयार नहीं था। सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री खालिद अल-फलीह ने कहा कि उत्पादकों ने भारी बहुमत से रोजाना 10 लाख बैरल उत्पादन बढ़ाने की सिफाशि की है। उन्होंने कहा, "हम आपूर्ति की किल्लत रोकना चाहते हैं। हम वैसे हालात नहीं चाहते, जैसा 2007-08 में देखा गया था।"ओपेक देशों द्वारा कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाए जाने का सबसे बड़ा फायदा भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों को होगा क्योंकि आपूर्ति बढ़ने के कारण कीमतें घटेंगी। दरअसल अमेरिका, चीन और भारत ने ही ओपेक से उत्पादन बढ़ाने की अपील की थी, जिसके बाद उन्होंने इस मसले पर सहमति बनाने के लिए बैठक की। भारत, अमेरिका और चीन चाहते हैं कि कच्चे तेल के दाम कम हों और बाजार में आपूर्ति की दिक्कत न हो क्योंकि इसके कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंच सकता है। दिक्कत यह है कि ओपेक को उत्पादन बढ़ाने को लेकर किसी फैसले तक पहुंचने के लिए सभी सदस्य देशों की रजामंदी जरूरी है। अब तक ईरान इसके लिए तैयार नहीं था, लेकिन शुक्रवार को उसकी तरफ से नरम रुख के संकेत मिले। ओपेक की बैठक शुरू होने से पहले फलीह से मुलाकात के बाद ईरान के पेट्रोलियम मंत्री बिजान नामदार जंगानेह ने कहा, "हम कुछ कर रहे हैं।"ईरान की अहमियत इसलिएईरान ओपेक का तीसरा सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है। उत्पादन बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ने के मामले में यह अब तक सबसे बड़ा रोड़ा रहा है। चूंकि ईरान अमेरिका का कट्टर विरोधी रहा है, लिहाजा उसने ओपेक के अन्य देशों से अपील की थी कि उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से उत्पादन बढ़ाने के लिए बनाए जा रहे दबाव को खारिज कर देना चाहिए। ट्रंप से तल्खी की वजह असल में इसी साल मई में ट्रंप ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगा दिए थे। तेल बाजार पर नजर रखने वालों को संदेह था कि अमेरिका की तरफ से उठाए गए कदम के नतीजे में ईरान 2018 के अंत तक कच्चे तेल के उत्पादन में करीब एक तिहाई कटौती करेगा। ईरान की तकलीफ यह है कि उसे लगता है कि उत्पादन बढ़ाने से उसे बहुत कम फायदा होगा, जबकि सबसे बड़े निर्यातक सऊदी अरब सबसे ज्यादा फायदे में रहेगा। एक समय लगा कि नहीं बन पाएगी बात इससे पहले ईरान के पेट्रोलियम मंत्री ओपेक की बैठक छोड़कर बाहर चले गए थे क्योंकि सऊदी अरब कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रहा था। इस वजह से ईरान के साथ उसकी तनातनी बढ़ गई थी। ओपेक बैठक की पूर्व संध्या पर मंत्रियों के समूह ने तेल उत्पादन बढ़ाने को लेकर चर्चा की थी। इसके बाद ईरान के पेट्रोलियम मंत्री बिजान नामदार जंगानेह ने संवाददाताओं से कहा, "मुझे नहीं लगता है कि हम किसी समझौते तक पहुंच सकते हैं।"इस वार्ता को ओपेक बैठक की तैयारी के रूप में देखा जा रहा था। 14 सदस्यों वाले इस संगठन के ज्यादातर देश कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ाना चाहते हैं। जनवरी, 2017 से ही ओपेक देशों में उत्पादन कटौती जारी है, लेकिन अब सऊदी अरब ने कच्चे तेल की बढ़ती मांग पूरी करने के लिए उत्पादन बढ़ाने की वकालत की है।
7वां वेतन आयोग : इन 23 लाख रिटायर्ड लोगों को मिला ये बड़ा तोहफा
22 Jun 2018
केंद्र की मोदी सरकार ने 23 लाख से अधिक विश्वविद्यालयों व कॉलेजों से रिटायर्ड शिक्षकों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया. सरकार ने शिक्षा क्षेत्र से जुड़े रहे इन लोगों की पेंशन में 18 हजार रुपये तक का इजाफा किया है. केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री ने इस बारे में खुद जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि इन लोगों को सातवें वेतन आयोग के हिसाब से यह लाभ मिलेगा . इन शिक्षक-गैर शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग का लाभ दिया गया है. बताया जा रहा है कि सरकार के इस फैसले से केंद्रीय विश्वविद्यालयों व यूजीसी के आधीन डीम्ड विश्वविद्यालयों के 25 हजार पेंशनरों को फायदा पहुंचेगा. इसके अलावा राज्यों के उन विश्वविद्यालयों व कॉलेजों को भी इसका लाभ मिलेगा, जिनके यहां पर सातवां वेतन आयोग लागू हो चुका है. इसमें आठ लाख शिक्षक व 15 लाख गैर-शिक्षक कर्मचारी रिटायर हो चुके हैं मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावेड़कर ने खुद सरकार के इस फैसले की जानकारी ट्विटर के माध्यम से दी. जावड़ेकर ने अपने ट्विटर में बताया है कि केंद्रीय विश्वविद्यालय के 25 हजार पेंशनरों को इसका फायदा मिलेगा. यह फायदा करीब 8000 रुपये से लेकर 18000 रुपये प्रतिमाह तक होगा. दूसरे ट्वीट में जावड़ेकर ने कहा कि सरकार के इस फैसले से राज्य विश्वविद्यालय के 8 लाख रिटायर्ड टीचर और 15 लाख गैर-शिक्षकों को इसका फायदा होगा.
जवाबी कार्रवाई : भारत ने चुनिंदा अमेरिकी उत्पादों पर बढ़ाया आयात शुल्क
21 Jun 2018
भारत ने जवाबी कार्रवाई के तहत अमेरिका से आने वाले कई उत्पादों पर सीमा शुल्क बढ़ा दिया है. इन उत्पादों में बंगाली चना , मसूर दाल और आर्टेमिया शामिल हैं. वित्त मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा कि ये शुल्क चार अगस्त से प्रभावी होंगे. मटर और बंगाली चने पर शुल्क बढ़ाकर 60 प्रतिशत तथा मसूर दाल पर 30 प्रतिशत कर दिया गया है. इनके अलावा बोरिक एसिड पर 7.5 प्रतिशत तथा घरेलू रीजेंट पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाया गया है. आर्टेमिया पर शुल्क बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है. इनके अलावा चुनिंदा किस्म के नटों , लोहा एवं इस्पात उत्पादों , सेब , नाशपाती , स्टेनलेस स्टील के चपटे उत्पाद , मिश्रधातु इस्पात , ट्यूब - पाइप फिटिंग , स्क्रू , बोल्ट और रिवेट पर शुल्क बढ़ाया गया है. हालांकि, अमेरिका से आयातित मोटरसाइकिलों पर शुल्क नहीं बढ़ाया गया है. अमेरिका ने चुनिंदा इस्पात एवं एल्युमीनियम उत्पादों पर बढ़ा दिया था. इससे भारत पर 24.1 करोड़ डॉलर का शुल्क बोझ पड़ा था. भारत ने इसी के जवाब में ये शुल्क लगाये हैं.
जीएसटी से कारोबार जगत का हिसाब-किताब बेहतर हुआ, कर आधार बढ़ा : वित्त मंत्रालय
20 Jun 2018
नई दिल्ली: वित्त मंत्रालय ने कहा कि देश में माल एवं सेवाकर (जीएसटी) व्यवस्था लागू होने के बाद समूची अर्थव्यवस्था औपचारिक स्वरूप में आ रही है और व्यावसायियों के लिये अब कर दायरे से बाहर रहना मुश्किल हो रहा है. माल एवं सेवाकर को देश में एक जुलाई 2017 से लागू किया गया. इसमें उत्पाद शुल्क और बिक्री कर जैसे कई अप्रत्यक्ष करों को समाहित किया गया है. वित्त मंत्रालय ने यहां जारी एक वक्तव्य में कहा, ‘‘जीएसटी जैसे एतिहासिक कर सुधार के परिणामस्वरूप अर्थव्यवस्था को औपचारिक स्वरूप मिला है, इसके बाद सूचना प्रवाह बढ़ने से न केवल अप्रत्यक्ष कर प्राप्ति बढ़ेगी बल्कि प्रत्यक्ष कर संग्रह में भी वृद्धि होगी. ’’ जीएसटी लागू होने से पहले केन्द्र के पास छोटे विनिर्माताओं और खपत के बारे में काफी कम आंकड़े उपलब्ध थे, क्योंकि उत्पाद शुल्क केवल विनिर्माण के स्तर पर ही लगाया जाता था जबकि राज्यों के पास उनकी स्थानीय फर्मों की राज्य सीमाओं से बाहर होने वाली गतिविधियों के बारे में बहुत कम जानकारी थी. जीएसटी के तहत अब केन्द्र और राज्यों के पास आंकड़ों की साझा जानकारी का निवल प्रवाह उपलब्ध है. इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर प्राप्ति अधिक प्रभावी बन रही है. मंत्रालय ने कहा, ‘‘जीएसटी का कर आधार लगातार बढ़ने की उम्मीद है क्योंकि अब औपचारिक प्रणाली के तहत आने के लिये प्रोत्साहन बढ़ा है.’’ बयान में कहा गया है कि अब उनके लिये कर दायरे से बाहर रहना काफी मुश्किल होता जा रहा है जो कर भुगतान के पात्र हैं. मंत्रालय का कहना है कि सरकार जीएसटी ढांचे को और अधिक सरल बनाने के लिये कदम उठा रही है ताकि कर भुगतान करने वालों को बेहतर सुविधा दी जा सके और ग्राहकों को उसका लाभ मिल सके.
ICICI बैंक बोर्ड ने संदीप बख्शी को बनाया नया सीओओ
19 Jun 2018
वीडियोकॉन लोन मामले में आईसीआईसीआई बैंक का जो बोर्ड अब तक एमडी व सीईओ चंदा कोचर के साथ मजबूती से खड़ा दिख रहा था, उसने अब दूरी बनानी शुरू कर दी है। सोमवार को निजी क्षेत्र के सबसे बड़े कर्जदाता आईसीआईसीआई बैंक ने बोर्ड की बैठक के बाद मामले में आंतरिक जांच पूरी होने तक कोचर के छुट्टी पर रहने की घोषणा की। इसके साथ ही बैंक ने उनके स्थान पर आईसीआईसीआई प्रुडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के एमडी व सीईओ संदीप बख्शी को मंगलवार से अगले पांच वर्षों के लिए बैंक के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) के रूप में अंतरिम प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी है। उनकी नियुक्ति को नियामकीय मंजूरियों की दरकार होगी। हालांकि बैंक ने कोचर से पद वापस नहीं लिया है, ऐसे में बख्शी अपनी भूमिका में उन्हें ही रिपोर्ट करेंगे। लेकिन जांच पूरी होने और कोचर की वापसी तक बख्शी बैंक के बोर्ड को रिपोर्ट करेंगे। वहीं, एनएस कन्नन को को आईसीआईसीआई प्रुडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस का एमडी व सीईओ नियुक्त किया गया है। सूत्रों के मुताबिक बैंक के चेयरमैन एमके शर्मा चाहते थे कि आंतरिक जांच पूरी होने तक कोचर से छुट्टी पर रहने को कहा जाए। उन्होंने बोर्ड के सदस्यों को ई-मेल भेजकर इस बारे में उनकी राय मांगी थी। बैंक ने पहली जून को बताया था कि फिलहाल कोचर सालाना नियोजित अवकाश पर हैं। कई स्तरों पर हो रही जांच- आईसीआईसीआई बैंक द्वारा वीडियोकॉन ग्रुप को दिए लोन के मामले में कोचर पर भाई-भतीजावाद और सेवा के बदले लाभ की शिकायत एक अज्ञात मुखबिर ने की थी। बाद में सीबीआइ, आयकर विभाग और पूंजी बाजार नियामक सेबी द्वारा जांच शुरू किए जाने के बाद बैंक बोर्ड ने इस मामले की स्वतंत्र आंतरिक जांच कराने का फैसला किया। उल्लेखनीय है कि बैंक का बोर्ड लगातार इस मामले में चंदा कोचर के पक्ष में खड़ा रहा है। शेयर में 3.6 फीसदी उछाल- आईसीआईसीआई बैंक में संभावित बदलाव और कोचर पर बढ़ा दबाव बाजार को पंसद आया। सोमवार को बीएसई पर बैंक के शेयर 10.20 रुपये यानी 3.16 फीसदी तेजी के साथ 292.50 रुपये के स्तर पर बंद हुए।
राजकोषीय घाटे को 3.3% तक सीमित रखने को हम प्रतिबद्ध: वित्त मंत्री पीयूष गोयल
18 Jun 2018
वित्तमंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे को 3.3 प्रतिशत तक सीमित रखने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है. चालू वित्त वर्ष (2018-19) के बजट में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 3.3 प्रतिशत पर रखने का लक्ष्य है. गोयल ने आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि सरकार अर्थव्यवस्था की मजबूती बनाए रखेगी और हम (सरकार) द्वारा तय सभी आर्थिक मानकों को पूरा करेंगे. उन्होंने कहा, "मैं यह भरोसा दिलाता हूं कि चुनावी वर्ष होने के बावजूद हम राजकोषीय घाटे को 3.3 प्रतिशत तक सीमित रखने के लक्ष्य को हासिल करेंगे." वर्ष 2017-18 में राजकोषीय घाटा 3.53 प्रतिशत था, जो कि सरकार के संशोधित अनुमान के अनुरूप ही रहा. वर्ष के दौरान राजस्व घाटा जीडीपी के 2.65 प्रतिशत के बराबर रहा. स्वतंत्र रूप से राजकोषीय घाटा 5.91 लाख करोड़ रुपये रहा. यह राशि बजट अनुमान का 99.5 प्रतिशत है. सरकार ने फरवरी में पेश बजट में 2017-18 के संशोधित बजट अनुमान में लिए राजकोषीय घाटे को 3.5 प्रतिशत कर दिया था जो प्रारंभिक बजट अनुमान में 3.2 प्रतिशत रखा गया था.
चीन से दूध व उसके उत्पादों के आयात पर जारी रहेगा प्रतिबंध
15 Jun 2018
भारत ने चीन से आने वाले दूध और उसके उत्पादों की खराब गुणवत्ता की वजह से उन पर छह माह के लिए और प्रतिबंध लगा दिया है। प्रतिबंध की श्रेणी में चॉकलेट व चॉकलेट युक्त अन्य उत्पाद शामिल हैं। यह प्रतिबंध 23 दिसंबर तक जारी रहेगा। लेकिन इसकी गुणवत्ता में सुधार न होने पर प्रतिबंध को और आगे बढ़ाया जा सकता है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के विदेश व्यापार निदेशालय की संबंधित समिति के साथ बैठक हुई, जिसमें चीन के दूध और उसके उत्पादों पर एक बार फिर प्रतिबंध लगा दिया। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) की ओर से मामले में 14 जून को अधिसूचना जारी की गई है। एफएसएसएआइ की संबंधित मंत्रलयों के साथ 11 जून की समीक्षा बैठक हुई, जहां चीनी दूध और उसके उत्पादों की खराब गुणवत्ता और मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डालने वाली एक रिपोर्ट सामने आई। इसके बाद चीनी उत्पाद पर प्रतिबंध का निर्णय लिया गया। चीनी उत्पादों पर सबसे पहले वर्ष 2008 में छह माह का अंतरिम प्रतिबंध लगाया गया था। हालांकि इसके बाद प्रतिबंध आगे बढ़ता रहा। आखिरी बार 22 जून 2017 को 23 जून 20018 तक के लिए प्रतिबंध बढ़ाया गया था, जिसे अब 22 दिसंबर 2018 तक कर दिया गया है।
शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया आठ पैसे मजबूत
14 Jun 2018
नई दिल्ली: विदेशी बाजारों में अमेरिकी मुद्रा के कमजोर होने से आज अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया आठ पैसे मजबूत होकर 67.57 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया. डीलरों ने कहा कि बैंकों एवं निर्यातकों की डॉलर बिकवाली से भी रुपये को तेजी मिली है. अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ाने तथा इस साल दो और बार एवं 2019 में चार बार बढ़ाने के संकेत देने के बावजूद विदेशी बाजारों में अन्य प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर में नरमी रही. पिछले कारोबारी दिवस रुपया 16 पैसे लुढ़ककर करीब एक सप्ताह के निचले स्तर पर 67.65 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था. बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स आज शुरुआती कारोबार में 126.09 अंक यानी 0.35 प्रतिशत गिरकर 35,613.07 अंक पर रहा.
जियो का डबल धमाका : 100 रुपए की छूट के साथ प्रतिदिन मिलेगा 3 जीबी डाटा
13 Jun 2018
नई दिल्ली। रिलायंस जियो ने एक बार फिर अपने प्रतिस्पर्धियों के सामने चुनौती पेश करते हुए अपने ग्राहकों के लिए छूट के साथ अधिक डाटा की पेशकश की है। कंपनी अपने सभी डाटा प्लान में अतिरिक्त डेढ़ जीबी डाटा देगी। साथ ही 399 रुपये के रिचार्ज पर 100 रुपये की छूट देगी, जिसका फायदा 12 जून की दोपहर चार बजे से 30 जून तक उठाया जा सकेगा। एयरटेल ने हाल ही में अपने यूजर्स के लिए 149 रुपये से अधिक के रिचार्ज पर एक जीबी प्रतिदिन अतिरिक्त डाटा की पेशकश की थी, जिसके टक्कर में जियो ने प्रतिदिन 1.5 जीबी अतिरिक्त 4जी डाटा देने का ऐलान किया। वहीं, माईजियो एप के "फोनपे" वॉलेट के जरिये 300 और उससे अधिक के रिचार्ज पर 100 रुपये की छूट मिलेगी जबकि इससे कम के प्रत्येक रिचार्ज पर 20 फीसदी की छूट का लाभ मिलेगा। जियो ने अपनी रिचार्ज प्लान के लांचिंग के मौके पर अन्य ऑपरेटरों के मुकाबले सस्ती और बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने का वादा दोहराया। प्रतिदिन 1.5 जीबी वाले प्लान्स में बदलाव - जियो डबल धमाका ऑफर के तहत Jio यूज़र को अब 149 रुपये, 349 रुपये, 399 रुपये और 499 रुपये से रिचार्ज कराने पर हर दिन इस्तेमाल के लिए 1.5 जीबी की जगह 3 जीबी 4जी डाटा दिया जाएगा। यानी 149 रुपये वाले प्लान में कुल 84 जीबी 4जी डाटा, 349 रुपये वाले प्लान में 210 जीबी डाटा, 399 रुपये वाले Jio रीचार्ज पैक में 252 जीबी डाटा और 449 रुपये वाले प्लान में 272 जीबी डाटा इस्तेमाल के लिए उपलब्ध होगा। प्रतिदिन 2 जीबी वाले प्लान्स में बदलाव - इस नए अॉफर के तहत 198 रुपये वाले प्लान में कुल 98 जीबी डाटा, 398 रुपये वाले प्लान में 245 जीबी डीटा, 448 रुपये वाले Jio रीचार्ज पैक में 294 जीबी डाटा और 498 रुपये वाले प्लान में 318.5 जीबी डाटा इस्तेमाल के लिए उपलब्ध होगा यानी यूजर्स को प्रतिदिन 3.5 जीबी डाटा मिलेगा। प्रतिदिन 3 जीबी, 4 जीबी और 5 जीबी वाले प्लान्स में बदलाव - कंपनी इस नए अॉफर में 299 रुपये वाले Jio प्लान से रिचार्ज कराने पर अब 126 जीबी डाटा, 509 रुपये वाले रिचार्ज पैक में अब 154 जीबी डाटा और 799 रुपये वाले प्लान मे 182 जीबी डाटा मिलेगा। MyJio ऐप से रिचार्ज कराने पर मिलेगा फायदा - कंपनी ने अपने प्लान्स में 1.5 जीबी डाटा देने के साथ ही MyJio ऐप से रिचार्ज करवाने पर भी अॉफर पेश किया है। इसमें Jio की ओर से 300 रुपये से ऊपर के रिचार्ज पर 100 रुपये की छूट दी जा रही है। वहीं 300 रुपये से कम के रिचार्ज पर 20 प्रतिशत की छूट है।
एयरपोर्ट जल्दी पहुंचने पर अब मिल सकता है ये बड़ा फायदा, जानिए
12 Jun 2018
विमानन कंपनी विस्तारा ने यात्रियों के लिए एक नया विकल्प पेश किया है। इसके तहत ग्राहक शेड्यूल की गई फ्लाइट के समय से चार घंटे पहले एयपोर्ट पहुंच कर पहले की भी फ्लाइट ले सकते हैं। हालांकि इस सेवा के लिए ग्राहकों को 2500 रुपये की फीस चुकानी होगी। यह जानकारी एयर विस्तारा ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर दी है। विस्तारा की नई स्कीम का नाम #VistaraFlyEarly है। यह विकल्प ट्रैवल के सभी क्लास के लिए उपलब्ध है। यह जानकारी कंपनी ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर दी है। साथ ही यह जो 2500 रुपये की अतिरिक्त फीस है यह विस्तारा के फ्लेक्सी फेयर कस्टमर्स और क्लब विस्तारा प्लेटिनम सदस्यों के लिए माफ कर दी जाएगी।
जानिए इस स्कीम से जुड़ी 10 बातें- इस स्कीम का लाभ केवल एयरपोर्ट पर ही मिलेगा और इसके साथ ही ग्राहक की उपस्थिति भी अनिवार्य है। यह सेवा स्टैंडबाय आधार पर ही मिलेगी। मसलन, अगर पहले के समय की फ्लाइट में जगह है तो इस बात की पुष्टी फ्लाइट के डिपार्चर के एक घंटे पहले ही की जाएगी। यह सेवा केवल उन ग्राहकों के लिए है जो एयरपोर्ट अपनी फ्लाइट के शेड्यूल समय से चार घंटे पहले पहुंचेंगे। बुक की हुई फ्लाइट और समय से पहले जाने वाली फ्लाइट के बीच का समय चार घंटे से ज्यादा नहीं होना चाहिए। इस सेवा का इस्तेमाल करने के लिए ग्राहक टिकटिंग काउंटर जा सकते हैं और विस्तारा फ्लाई अर्ली के लिए निवेदन कर पहले की फ्लाइट बुक कर सकते हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि 2500 रुपये की जो नॉन रिफंडेबल राशि है वह प्रति सेक्टर प्रति ग्राहक के हिसाब से होते हैं। यह स्कीम केवल डायरेक्ट फ्लाइट्स के लिए ही वैलिड है। बुक की गई फ्लाइट को ग्राहक केवल पोस्टपोन या प्रीपोन कर सकते हैं। इसमें री रूट की सुविधा नहीं दी जाएगी। विस्तारा की यह स्कीम ग्रुप फेयर्स पर उपलब्ध नहीं है। 2500 रुपये के नॉन रिफंडेबल चार्जेस क्लब विस्तारा प्लेटिनम मेंबर्स के लिए ही है।

इस हफ्ते शेयर बाजारों में रही 1 फीसदी से कम की तेजी
11 Jun 2018
मुंबई: देश के शेयर बाजारों में पिछले सप्ताह एक फीसदी से कम की तेजी रही. प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स में 216.41 अंकों यानी 0.61 फीसदी और निफ्टी में 71.45 अंकों यानी 0.67 फीसदी की तेजी रही. बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स शुक्रवार को सप्ताह में 216.41 अंकों यानी 0.61 फीसदी की तेजी के साथ 35,443.67 पर बंद हुआ. इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 71.45 अंकों यानी 0.67 फीसदी की तेजी के साथ 10,767.65 पर बंद हुआ. बीएसई का मिडकैप सूचकांक 169.86 अंकों यानी 1.07 फीसदी की तेजी के साथ 16,022.37 पर बंद हुआ. स्मॉलकैप सूचकांक में हालांकि गिरावट रही और यह 91.83 अंकों यानी 0.54 फीसदी गिरकर 16,887.13 पर बंद हुआ. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को बीएसई का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 35,011.89 पर खुला और 215.37 अंकों या 0.61 फीसदी गिरावट के साथ 35,011.89 पर बंद हुआ। इसी तरह एनएसई का संवेदी सूचकांक निफ्टी 10,765.95 पर खुला और 67.70 अंकों या 0.63 फीसदी की गिरावट के साथ 10,628.50 पर बंद हुआ. सेंसेक्स मंगलवार को 35029.45 पर खुला और 108.68 अंकों या 0.31 फीसदी गिरावट के साथ 34,903.21 पर बंद हुआ. निफ्टी 10,630.70 पर खुला और 35.35 अंकों या 0.33 फीसदी की गिरावट के साथ 10,593.15 पर बंद हुआ. सेंसेक्स बुधवार को 34,932.49 पर खुला और 275.67 अंकों या 0.79 फीसदी की तेजी के साथ 35,178.88 पर बंद हुआ। निफ्टी 10,603.45 पर खुला और 91.50 अंकों या 0.86 फीसदी तेजी के साथ 10,684.65 पर बंद हुआ. गुरुवार को सेंसेक्स 35,278.38 पर खुला और 284.20 अंकों या 0.81 फीसदी की तेजी के साथ 35,463.08 पर बंद हुआ। निफ्टी 10,722.60 पर खुला और 83.70 अंकों या 0.78 फीसदी तेजी के साथ 10,768.35 पर बंद हुआ। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को सेंसेक्स 35,406.47 पर खुला और 19.41 अंकों या 0.05 फीसदी गिरावट के साथ 35,443.67 पर बंद हुआ। निफ्टी 10,736.40 पर खुला और 0.70 अंकों या 0.01 फीसदी की गिरावट के साथ 10,767.65 पर बंद हुआ. निवेश के मामले में शेयर बाजारों के अस्थायी आंकड़े बताते हैं कि विदेशी निवेशकों ने इस हफ्ते 1,367.22 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि देसी संस्थागत निवेशकों ने 2,131.56 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। नेशनल सिक्युरिटीज डिपॉजिटरी (एनएसडीएल) के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने इक्विटी में 3,757.94 करोड़ रुपये बीते कारोबारी हफ्ते में निवेश किए. इस हफ्ते सेंसेक्स में लाभ अर्जित करने वाली प्रमुख कंपनियों में सन फार्मा के शेयर ने 9.38 फीसदी, टाटा मोटर्स ने 7.96 फीसदी, टाटा मोटर्स डीवीआर टाटा स्टील 6.99 फीसदी, और डॉ. रेड्डीज लैब ने 6.26 फीसदी की बढ़त दर्ज की. गिरावट वाले प्रमुख शेयरों में पॉवर ग्रिड 3.59 फीसदी, एचडीएफसी बैंक 2.82 फीसदी, लार्सन एंड टूब्रो 2.02 फीसदी, अडानी पोर्ट्स 1.98 फीसदी और एनटीपीसी 1.64 फीसदी गिरकर बंद हुए.
एयर इंडिया ने बैंकों से मांगा 1,000 करोड़ का शॉर्ट टर्म लोन, जानें क्‍या है वजह
8 Jun 2018
एयर इंडिया अपने सबसे बुरे दौरे से गुजर रहा है. एयर इंडिया ने एक हज़ार करोड़ के शॉर्ट टर्म लोन का प्रस्ताव रखा है. कंपनी के दस्तावेज़ के मुताबिक, लोन इसी महीने एक या ज़्यादा खेप के माध्यम से निकाला जाएगा, जिसकी अवधि एक साल की होगी. इसके कर्मचारियों को 3 महीने से वेतन नहीं मिला है. कंपनी के निविदा दस्तावेज के अनुसार, एक हजार करोड़ रुपए का ऋण जून में एक या अधिक खेप के माध्यम से निकाला जाएगा. कंपनी ने बैंकों से 13 जून तक प्रस्ताव रखने को कहा है. दस्तावेज में कहा गया है कि इस अल्पकालिक ऋण की अवधि (नवीकरणीय) एक साल की होगी. उल्लेखनीय है कि कोष की कमी के बीच एयरलाइन ने पिछले साल सितंबर से इस साल जनवरी के बीच 6,250 करोड़ रुपए कर्ज लिया. यह कार्यशील पूंजी तथा अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिये लिया गया.
पेट्रोल 9 पैसे, डीजल 7 पैसे प्रति लीटर सस्ता हुआ, जानें आज के रेट
7 Jun 2018
देश में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के गिरते दामों का असर भारतीय बाजार पर जारी है. आज लगातार नौवें दिन पेट्रोल और डीजल के दाम तेल कंपनियों ने कम किए गए हैं. इंडियन ऑयल की साइट के मुताबिक गुरुवार को कंपनी ने पेट्रोल के दाम में 9 पैसे और डीजल के दाम में 7 पैसे प्रति लीटर की कमी की है वहीं, गिरावट के बाद भी मुंबई में तेल के रेट सबसे ज्यादा हैं. मुंबई में कटौती के बाद पेट्रोल 85.45 रुपये और डीजल 73.17 रुपये प्रति लीटर है. 29 मई से अब तक पेट्रोल पर 83 पैसे और डीजल पर 61 पैसे कम किए गए हैं. बता दें कि कर्नाटक चुनाव के बाद लगातार 16 दिन तक दाम बढ़ाने के बाद 29 मई को तेल कंपनियों ने तेल के दामों में कमी की थी. इससे पहले पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था कि तेल की कीमतों का निर्धारण तेल कंपनियां करती हैं और उसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं होती है. पेट्रोलियम मंत्री ने बुधवार को पेट्रोल और डीजल के दाम में एक पैसे की कमी को लेकर विपक्ष के ताने पर सफाई देते हुए यह स्पष्टीकरण दिया. उन्होंने कहा, "पिछले कुछ साल से पेट्रोल की कीमत बाजार द्वारा तय होती है और दैनिक कीमतों का निर्धारण पिछले साल से हो रहा है. सरकार कीमतों का निर्धारण नहीं करती है."
लोन हो जाएंगे महंगे, आरबीआई ने रेपो रेट 25 बेसिस प्वाइंट बढ़ाया
6 Jun 2018
नई दिल्ली: रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिन से जारी बैठक आज खत्म हुई. इस बैठक के बाद आरबीआई ने रेपो रेट 0.25 बेसिस प्वाइंट से बढ़ा दिया है. अब यह 6.25 प्रतिशत हो गया है. अब यह तय है कि इससे सभी लोन महंगे हो जाएंगे. अर्थव्यवस्था में लोन महंगे होने का कुछ असर पड़ेगा. जनवरी 2014 के बाद पहली बार आरबीआई ने यह किया है. यानी पिछले चार में पहली बार आरबीआई ने ब्याज दरें बढ़ाई हैं. मीडिया को जानकारी देते हुए आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा, रिजर्व बैंक ने नीतिगत दर (रेपो दर) 0.25 प्रतिशत बढ़कर 6.25 प्रतिशत किया है. आरबीआई ने 2018-19 की पहली छमाही के लिये खुदरा मुद्रास्फीति के अनुमान को संशोधित कर 4.8-4.9 प्रतिशत तथा दूसरी छमाही के लिये 4.7 प्रतिशत किया. रिजर्व बैंक ने 2018-19 के लिये जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान को 7.4 प्रतिशत पर बरकरार रखा. बैठक से पहले जानकार कह रहे थे कि बैठक के निष्कर्षों पर पेट्रोलियम उत्पादों में तेजी का असर पड़ सकता है. एमपीसी की बैठक चार जून से जारी थी और आज इसमें चर्चा समाप्त हुई. रिजर्व बैंक ने एक बयान में कहा था, एमपीसी की 2018-19 की दूसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा के लिये 4-6 जून को बैठक होगी. बता दें कि यह पहला मौका है जब प्रशासनिक जरूरतों के कारण मौद्रिक नीति समिति की बैठक तीन दिन चली. सामान्य स्थिति में समिति मौद्रिक नीति की घोषणा से पहले दो महीने में दो दिन के लिये बैठक होती थी. मौद्रिक नीति समीक्षा में खुदरा मुद्रास्फीति पर गौर किया गया है जो अप्रैल में चार महीने के उच्च स्तर 3.18 प्रतिशत पर पहुंच गयी थी. माना जा रहा है कि मुख्य रूप से पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से महंगाई दर बढ़ी है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में वृद्धि के कारण घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के दाम चढ़े थे जो अब पिछले सात दिनों से कम होते चले आ रहे हैं. पेट्रोल और डीजल की ऊंची कीमतें मुद्रास्फीति में वृद्धि भी हुई थी. बता दें कि हाल के समय में कच्चे तेल के मूल्यों में तेजी आई. चालू खाते का घाटा बढ़ा है और रुपये में भारी गिरावट आई है. बैंक ने 21 मार्च को 2018-19 के लिए द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा बैठक का कार्यक्रम जारी किया था. रिजर्व बैंक के गवर्नर की अध्यक्षता में छह सदस्यीय एमपीसी नीतिगत दरें निर्धारण करती है. उल्लेखनीय है कि पहली मौद्रिक नीति समिति की पहली बैठक 4-5 अप्रैल को हुई थी और मुद्रास्फीति की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए ब्याज दरों पर यथास्थिति बनाए रखने का फैसला किया गया था.
एयरसेल-मैक्सिस मामला : ED के समक्ष आज पेश हो सकते हैं पूर्व वित्त मंत्री पी चिंदबरम
5 Jun 2018
नई दिल्ली: पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम एयरसेल-मैक्सिस मनी लांड्रिंग मामले में आज प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हो सकते हैं. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि एजेंसी ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता को मामले के जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने को लेकर ताजा समन भेजा है. उनके उपस्थित होने पर एजेंसी मनी लांड्रिंग निरोधक कानून (पीएमएलए) के तहत उनका बयान दर्ज कर सकते हैं. कुल 3,500 करोड़ रुपये के एयरसेल-मैक्सिस सौदे में चिदंबरम की भूमिका जांच के घेरे में आई है. ईडी इस मामले में चिदंबरम के बेटे कार्ति से पहले ही पूछताछ कर चुका है. चिदंबरम ने पिछले सप्ताह विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी की अदालत के समक्ष आवेदन देकर मामले में ईडी की गिरफ्तारी से राहत देने का आग्रह किया था. अदालत ने ईडी को इस मामले में पांच जून तक चिदंबरम के खिलाफ कोई कार्रवाई करने या गिरफ्तार करने से मना किया है. इससे पहले, इ्रडी ने चिदंबरम को 30 मई को पेश होने को कहा था. उसके बाद चिदंबरम ने अदालत में अर्जी दी. एयरसेल-मैक्सिस मामला विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड द्वारा मेसर्स ग्लोबल कम्युनिकेशंस होल्डिंग सर्विसेज लि. को 2006 में एयरसेल में निवेश की मंजूरी देने से संबंधित है.
बड़ी राहत : चेकबुक, एटीएम निकासी पर नहीं लगेगा जीएसटी
4 Jun 2018
नई दिल्ली: बैंकों की एटीएम निकासी तथा चेकबुक जैसी ग्राहकों के लिए नि:शुल्क सेवाओं को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे से बाहर रखा गया है. हालांकि क्रेडिट कार्ड बिल के बकाया भुगतान पर लगा विलंब शुल्क तथा अनिवासी भारतीयों द्वारा बीमा की खरीद पर जीएसटी लगेगा. राजस्व विभाग ने बैंकिंग, बीमा और शेयर ब्रोकर सेवाओं पर जीएसटी लागू होने के संबंध में ‘बार-बार उठने वाले प्रश्नों का निवारण (एफएक्यू)’ जारी कर इस संबंध में स्पष्टीकरण दिया है. विभाग ने कहा कि प्रतिभूतिकरण, डेरिवेटिव्स और वायदा सौदों से जुड़े लेन-देन को भी जीएसटी दायरे से बाहर रखा गया है. वित्तीय सेवा विभाग ने पिछले महीने इस संबंध में राजस्व विभाग से संपर्क किया था. पीडब्ल्यूसी में पार्टनर एवं लीडर (अप्रत्यक्ष कर) प्रतीक जैन ने कहा कि एफएक्यू काफी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि जीएसटी के दृष्टिकोण से वित्तीय सेवाओं को सबसे जटिल माना जाता है.
आईओसी लगातार दूसरे साल सर्वाधिक मुनाफा कमाने वाली सरकारी कंपनी, ओएनजीसी को पीछे छोड़ा
1 Jun 2018
नई दिल्ली: सार्वजनिक क्षेत्र की इंडियन आयल कार्पोरेशन (आईओसी) लगातार दूसरे साल सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली सरकारी कंपनी बनी है. उसने तेल एवं गैस का उत्पादन करने वाली ओएनजीसी को भी छोड़ दिया है. आईओसी के सबसे ज्यादा मुनाफे में रहने के बाद इस बात को लेकर सवाल उठने लगा है कि पेट्रोल, डीजल के चढ़ते दाम के बीच कंपनी को ईंधन सस्ते में बेचने के लिये सब्सिडी क्यों दी जानी चाहिये. हाल में इस तरह की रिपोर्टें आई थी कि सरकार ओएनजीसी तथा तेल, गैस उत्पादन से जुड़ी दूसरी कंपनियों को सब्सिडी में योगदान के लिये कह सकती है. आईओसी कारोबार के लिहाज से दशकों तक देश की सबसे बड़ी कंपनी रही . आईओसी का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2017-18 में 12 प्रतिशत बढ़कर 21,346 करोड़ रुपये रहा. इससे पूर्व वित्त वर्ष में यह 19,106 करोड़ रुपये रहा था. कंपनी ने पिछले सप्ताह ही वित्तीय परिणाम की घोषणा की. वहीं आयल एंड नेचुरल गैस कारपोरेशन (ओएनजीसी) का शुद्ध लाभ 2017-18 में 11.4 प्रतिशत बढ़कर 19,945 करोड़ रुपये रहा. हालांकि, दिग्गज कारोबारी मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लगातार तीसरे साल सबसे मूल्यवान कंपनी बनी रही. कंपनी का मुनाफा 36,075 करोड़ रुपये रहा. देश की सबसे बड़ी साफ्टवेयर कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का शुद्ध लाभ 2017-18 में 25,580 करोड़ रुपये रहा और यह दूसरी सर्वाधिक मूल्यवान कंपनी रही. ओएनजीसी लंबे समय तक सर्वाधिक लाभ कमाने वाली कंपनी रही लेकिन तीन साल पहले निजी क्षेत्र की रिलायंस और टीसीएस से यह पिछड़ गयी. वास्तव में ओएनजीसी का लाभ सार्वजनिक क्षेत्र की तीन खुदरा कंपनियों ... इंडियन आयल कार्पोरेशन (आईओसी) , हिंदुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन लि . (एचपीसीएल) तथा भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लि . (बीपीसीएल) के संयुक्त लाभ से भी अधिक था . लेकिन अब वह आईओसी से पिछड़ गई है. पिछले सप्ताह एचपीसीएल ने वित्त वर्ष 2017-18 के वित्तीय परिणाम की घोषणा की और उसका शुद्ध लाभ 2017-18 में 6,357 करोड़ रुपये जबकि कारोबार 2.43 लाख करोड़ रुपये रहा. वहीं बीपीसीएल का शुद्ध लाभ पिछले वित्त वर्ष में 7,919 करोड़ रुपये रहा. 0 टिप्पणियांआईओसी, एचपीसीएल और बीपीसीएल जैसी पेट्रोलियम पदार्थों की खुदरा बिक्री करने वाली कंपनियां अचछा मुनाफा कमा रही हैं ऐसी स्थिति में ओएनजीसी और आयल इंडिया को उन्हों पेट्रोल, डीजल की सस्ते दाम पर बिक्री करने पर सब्सिडी में योगदान करने के लिये कहने पर सवाल उठने लगे हैं. ओएनजीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘उनके लाभ को देखिये. उन्हें किसी सब्सिडी समर्थन की जरूरत नहीं है. ’’ ओएनजीसी 30,000 से 35,000 करोड़ रुपये सालाना निवेश कर रही है और अगर फिर से उससे सब्सिडी पर ईंधन मांगा जाता है , तो उसके लिये स्थिति कठिन होगी. ओएनजीसी और आयल इंडिया ने जून 2015 तक कच्चे तेल पर 40 प्रतिशत ईंधन सब्सिडी का भुगतान किया है.
व्यापारियों हो जाएं खुश : 15 दिनों में दिया जाएगा 30,000 करोड़ से अधिक का GST रिफंड
31 May 2018
नई दिल्ली: वस्‍तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का रिफंड सरकार और व्‍यापार जगत दोनों ही के लिए पिछले कुछ महीनों से चिंता का विषय रहा है. अब तक सरकार ने जीएसटी रिफंड के रूप में 30,000 करोड़ रुपये से भी अधिक की राशि को मंजूरी दी है. इसमें आईजीएसटी के 16000 करोड़ रुपये और आईटीसी के 14000 करोड़ रुपये शामिल हैं. आईटीसी के आंकड़ों में केन्‍द्र एवं राज्‍य दोनों ही सरकारों द्वारा दी गई मंजूरियां शामिल हैं. मार्च 2018 में प्रथम रिफंड पखवाडे़ के बाद रिफंड मंजूरी में कमी होने के बारे में मीडिया में आई रिपोर्टों के विपरीत मई 2018 के दौरान 8000 करोड़ रुपये के रिफंड को मंजूरी दी गई है. अब तक 14000 करोड़ रुपये तक के रिफंड दावे (आईजीएसटी मद में 7000 करोड़ रुपये और आईटीसी मद में 7000 करोड़ रुपये) सरकार के पास लंबित हैं, जबकि फियो द्वारा प्रेस रिपोर्टों में यह राशि 20000 करोड़ रुपये होने का अनुमान लगाया गया है. लंबित दावों की अदायगी करने के उद्देश्‍य से सरकार 31 मई, 2018 से लेकर 14 जून, 2018 तक ‘विशेष अभियान रिफंड पखवाड़ा’ शुरू करने जा रही है. इस बार ‘विशेष अभियान रिफंड पखवाड़े’ के दौरान सभी तरह के रिफंड दावों पर ध्‍यान केंद्रित किया जाएगा. इस दौरान सीमा शुल्‍क, केंद्र एवं राज्‍य जीएसटी पदाधिकारी 30 अप्रैल, 2018 को एवं उससे पहले प्राप्‍त समस्‍त जीएसटी रिफंड आवेदनों को निपटाने की कोशिश करेंगे. इसमें निर्यात पर अदा किये गये आईजीएसटी के रिफंड, अप्रयुक्त आईटीसी के रिफंड और ‘फॉर्म जीएसटी आरएफडी–01ए’ में जमा किये गये सभी अन्‍य जीएसटी के रिफंड शामिल होंगे. केन्‍द्रीय अप्रत्‍यक्ष कर एवं सीमा शुल्‍क बोर्ड (सीबीआईसी) एक ऐसे समाधान को लागू कर रहा है जिसके तहत जीएसटीएन से जुड़े रिफंड को अब कस्‍टम ईडीआई सिस्‍टम में संप्रेषित कर दिया जाएगा. यह कदम उन मामलों में उठाया जायेगा जिनमें निर्यातकों ने अपनी निर्यात आपूर्ति को गलती से घरेलू आपूर्ति घोषित कर दी है. इस संबंध में सर्कुलर संख्‍या 12/2018, दिनांक 29-05-2018 जारी की गई है. जीएसटीएन से रिकॉर्डों की प्राप्ति होने पर कस्‍टम सिस्‍टम मंजूरी के लिए रिफंड को स्‍वत: ही प्रोसेस कर देगा, बशर्ते कि निर्यातकों द्वारा कोई और गलती न की गई हो. सर्कुलर संख्‍या 45/19/2018-जीएसटी को 30-05-2018 को जारी किया गया है जिसमें इनपुट सेवा वितरक, कंपोजीशन डीलर द्वारा किये गये रिफंड दावों, सेवाओं के निर्यात और एसईजेड (विशेष आर्थिक जोन) को की गई आपूर्ति से संबंधित मसलों पर स्‍पष्‍टीकरण दिया गया है. इस सर्कुलर में छूट प्राप्‍त अथवा गैर-जीएसटी वस्‍तुओं के निर्यात के मामलों में एलयूटी की आवश्‍यकता और नियम 96 (10) के तहत लागू की गई पाबंदी के दायरे से संबंधित मसलों पर भी स्‍पष्‍टीकरण दिया गया है. 0 टिप्पणियांसभी दावेदार यह बात नोट कर सकते हैं कि ‘फॉर्म जीएसटी आरएफडी–01ए’ में जमा किये गये रिफंड आवेदनों को तब तक प्रोसेस नहीं किया जाएगा जब तक कि सभी सहायक दस्‍तावेजों के साथ आवेदन की प्रति को क्षेत्राधिकार कर कार्यालय के समक्ष प्रस्‍तुत नहीं कर दिया जाएगा. केवल इसे ऑनलाइन जमा करना पर्याप्‍त नहीं है. सभी जीएसटी रिफंड दावेदारों से कहा गया है कि 30 अप्रैल, 2018 को अथवा उससे पहले जमा किये गये अपने किसी भी रिफंड दावे के निपटान के लिए वे अपने-अपने क्षेत्राधिकार कर प्राधिकरण में जाएं. यदि किसी विशेष दावेदार के लिए क्षेत्राधिकार (अर्थात केन्‍द्र अथवा राज्‍य) को परिभाषित नहीं किया गया है तो वैसी स्थिति में वह इनमें से किसी भी क्षेत्राधिकार कर प्राधिकरण के यहां जा सकता/सकती है. सभी आईजीएसटी रिफंड दावेदार अपने रिफंड की ताजा स्थिति से अवगत होने के लिए आइसगेट वेबसाइट पर अपना पंजीकरण करा सकते हैं. यदि उन्‍होंने ऐसा नहीं किया है तो अब अपना पंजीकरण करा सकते हैं. सीमा शुल्‍क से जुड़े क्षेत्रीय कार्यालयों को निर्देश दिया गया है कि वे निर्यातकों की ओर से व्‍यापक कदम उठाये जाने को ध्‍यान में रखते हुए अपने अतिरिक्‍त श्रमबल और बुनियादी ढांचागत संसाधनों को इस कार्य में लगा दें. उधर, निर्यातकों से आग्रह किया गया है कि वे आगे आएं और प्राप्‍त अवसर से लाभ उठाएं, ताकि वे इस विशेष अभियान पखवाड़े के दौरान अपने रिफंड को मंजूरी दिला सकें
भारत, चीन अगले दशक में वैश्विक चाय मांग, उत्पादन की करेंगे अगुवाई
30 May 2018
नई दिल्ली: भारत और चीन अगले दशक में वैश्विक चाय उत्पादन तथा खपत में अगुवा रहेंगे. संयुक्त राष्ट्र निकाय खाद्य एवं कृषि संगटन (एफएओ) ने यह बात कही. संगठन ने जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभाव से निपटने के लिये तत्काल कदम उठाने की जरूरत पर बल दिया. एफएओ ने ताजी रिपोर्ट में कहा कि दुनिया में काली चाय का उत्पादन 2027 तक बढ़कर 44 लाख टन हो जाने का अनुमान है जो 2017 में 33.3 लाख टन था. वहीं ‘ ग्रीन टी ’ का उत्पादन आलोच्य वर्ष में 36 लाख टन हो जाने का अनुमान है जो पिछले साल 17.7 लाख टन था. ‘ग्रीन टी’ का उत्पादन अगले दशक में 7.5 प्रतिशत से बढ़ेगा जबकि काली चाय में केवल 2.2 प्रतिशत की वृद्धि होगी. रिपोर्ट के मुताबिक काली चाय की वैश्विक खपत 2017 में 41.6 लाख टन रहने का अनुमान है जो 2017 में 32.9 लाख टन था. एफएओ ने कहा , ‘‘ वैश्विक चाय खपत और उत्पादन में अगले दशक में वृद्धि का अनुमान है. इसका कारण विकासशील और उभरते देशों में मजबूत मांग है. ’’ रिपोर्ट के मुताबिक इससे चाय उत्पादक देशों में ग्रामीण आय के नये अवसर सृजित होंगे और खाद्य सुरक्षा में सुधार होगा. दुनिया के दूसरे सबसे बड़ा उत्पादक भारत में काली चाय का उत्पादन 2027 तक 16.1 लाख टन रहने का अनुमान है जो 2017 में 12.6 लाख टन था. 0 टिप्पणियांदुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक चीन में ‘ ग्रीन टी ’ का उत्पादन 2027 तक 33.1 लाख टन होने का अनुमान है जो 2017 में 15.2 लाख टन था. जलवायु परिवर्तन पर प्रभाव के बारे में संयुक्त राष्ट्र निकाय ने चेतावनी दी है , ‘‘ पर्यावरण को लेकर चाय की खेती काफी संवेदशील हैं. चाय का उत्पादन केवल विशेष परिस्थतियों वाली कृषि पारिस्थिति स्थिति में हो सकता है और इसीलिए काफी कम देशों में इसका उत्पादन होता है जलवायु परिवर्तन से काफी प्रभावित होंगे. ’’ रिपोर्ट के अनुसार तापमान और बारिश के प्रतिरूप में बदलाव से उत्पादन पहले ही प्रभावित है. इसके अलावा चाय उत्पादन की गुणवत्ता तथा कीमत , कम आय एवं ग्रामीण आजीविका को खतरा है. एफएओ ने कहा कि जलवायु परिवर्तन में ये बदलाव आगे ओर तेज होने का अनुमान है और इसके लिये उपाय करने का आह्वान किया. खपत के बारे में एफओ ने कहा कि चीन , भारत और अन्य उभरते देशों में इसमें तेजी से वृद्धि हो रही है. इसका कारण उच्च आय तथा इसमें हर्बल चाय जैसे उत्पादों को जोड़कर इसे विविध बनाने का प्रयास है.
भारत को पिछले चार साल में मिला 14 लाख करोड़ रुपये का विदेशी धन
29 May 2018
नई दिल्ली: भारत को पिछले चार साल में 14 लाख करोड़ रुपये का विदेशी धन प्राप्त हुआ है. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में अपने मंत्रालय की उपलब्धियों का ब्योरा देते हुए यह जानकारी दी. स्वराज ने यहां कहा कि उनके मंत्रालय के पिछले चार साल के कुल कामकाज में आर्थिक कूटनीति महत्वपूर्ण तत्व रहा है. उन्होंने कहा, ‘‘भारत को मई 2014 और फरवरी 2018 के बीच विदेशों से 14 लाख करोड़ रुपये प्राप्त हुये हैं.’’ उन्होंने बताया कि 2010 से 2014 के दौरान मिले विदेशी कोष की तुलना में यह राशि 43 प्रतिशत अधिक है. स्वराज ने कहा कि उनका मंत्रालय सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कुल मिलाकर विदेश नीति के रुख में बड़ा परिवर्तन आया है. उन्होंने कहा कि सरकार ने बड़ी संख्या में लोगों को दूसरे देशों में सजा से बचाया है और साथ ही संकट वाले क्षेत्रों से हजारों लोगों को निकाला गया है. सुषमा ने कहा कि उनका ध्यान विदेश मंत्रालय को जन- केन्द्रित मंत्रालय बनाने पर रहा है.
शेयर बाजार में नजर आई तेजी, सेंसेक्स 248 अंक ऊपर
28 May 2018
मुंबई। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में तेजी नजर आई है। बढ़त के साथ खुला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 248 अंक चढ़कर 35172 के स्तर पर और निफ्टी 85 अंक की बढ़त के साथ 10690 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर मिडकैप इंडेक्स में 1.35 फीसद और स्मॉलकैप में 1.33 फीसद की बढ़त देखने को मिल रही है। इस दौरान सबसे ज्यादा खरीदारी फार्मा और पीएसयू बैंक शेयर्स में देखने को मिल रही है। वैश्विक बाजार का हाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में मिले जुले संकेत देखने को मिल रहे हैं। जापान का निक्केई 0.02 फीसद की कमजोरी के साथ 22445 के स्तर पर, चीन का शांघाई 0.18 फीसद की बढ़त के साथ 3146 के स्तर पर, हैंगसैंग 0.58 फीसद की बढ़त के साथ 30765 के स्तर और तायवान 0.76 फीसद की बढ़त के साथ 2480 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं अमेरिकी बाजार में भी गिरावट दर्ज की गई है। प्रमुख सूचकांक डाओ जोंस 0.24 फीसद की गिरावट के साथ 24753 पर और स्टैंडर्ड एंड पुअर्स 0.24 फीसद की गिरावट के साथ 2721 पर बंद हुआ। वहीं नैस्डैक 0.13 फीसद की तेजी के साथ 7433 पर कारोबार कर बंद हुआ है। फार्मा सेयर्स में खरीदारी सेक्टोरियल इंडेक्स की बात करें तो आईटी को छोड़ सभी सूचकांक हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा खरीदारी फार्मा (1.55 फीसद) शेयर्स में देखने को मिल रही है। बैंक (0.26 फीसद), ऑटो (0.24 फीसद), फाइनेंशियल सर्विस (0.23 फीसद), एफएमसीजी (0.44 फीसद), मेटल (0.46 फीसद), पीएसयू बैंक शेयर्स (0.54 फीसद), प्राइवेट बैंक (0.26 फीसद) और रियल्टी (0.49 फीसद) की बढ़त देखने को मिल रही है। आईओसी टॉप गेनर निफ्टी में शुमार दिग्गज शेयर्स की बात करें तो 41 हरे निशान में और 9 गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा तेजी आईओसी, हिंदपेट्रो, बीपीसीएल, सनफार्मा और गेल के शेयर्स में हुई है। वहीं, गिरावट टेक महिंद्रा, जील, एचसीएल टेक, टीसीएस और टाटा मोटर्स के शेयर्स में है।
पेट्रोल-डीजल से पांच साल में सरकार ने 9 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा कमाए
26 May 2018
नई दिल्ली: जब पेट्रोल 85 रुपये पार हो गया और डीज़ल 75 के पार चला गया तब पेट्रोलियम मंत्री को जीएसटी की याद आई. अब उद्योग जगत भी पेट्रोल पदार्थों पर जीएसटी लगाने की मांग कर रहा है. इस बीच केंद्र सरकार के आंकड़े बता रहे हैं कि पांच साल में सरकार क़रीब 9 लाख करोड़ से ज्यादा की कमाई पेट्रोल-उत्पादों से कर चुकी है. शुक्रवार को पेट्रोल परभणी में 87 रुपये 63 पैसे लीटर बिका. कई शहरों में 85 रुपये के आसपास रही कीमत. डीज़ल भी कई शहरों में 72 से 75 रुपये के आसपास बिकता रहा. लगातार बारहवें दिन तेल के दामों में इस बढ़ोतरी से परेशान उद्योग जगत सरकार से दख़ल देने की मांग कर रहा है. एसोचैम का कहना है, तेल को जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए. एसोचैम के सेक्रेटरी जनरल डीएस रावत ने एनडीटीवी से कहा, "सभी पेट्रोलियम पदार्थों को 28% के GST slab में शामिल किया जाना चाहिए...हमने सरकार से गुज़ारिश की है." लेकिन सवाल है कि क्या राज्य सरकारें इसके लिए तैयार होंगी? आख़िर तेल से होने वाली बंपर कमाई कोई छोड़ने को तैयार नहीं है. इस साल 2 फरवरी को वित्त राज्यमंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने लोकसभा में तेल उत्पादों से हुई कमाई की जानकारी दी. पेट्रोलियम उत्पादों से कमाई 2013-14 में 88,600 करोड़ रुपये 2014-15 में 105,653 करोड़ 2015-16 में 185,958 करोड़ 2016-17 में 253,254 करोड़ 1 टिप्पणियां2017-18 (दिसंबर तक) 201,592 करोड़. कुल 8,35,057 करोड़ रुपये की कमाई 5 साल में सरकार को हुई. इस कमाई में एक साल यूपीए सरकार का भी है. यूपीए के कार्यकाल के आखिरी महीने अप्रैल 2014 में पेट्रोल पर एक्साइज़ ड्यूटी 9.48 रुपये थी जो 25 मई 2018 को बढ़कर 19.48 पैसे हो गई. साफ है, अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों को लेकर अनिश्चित्ता बनी हुई है...और हर रोज़ सरकारी तेल कंपनियां पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों में बढ़ोत्तरी कर रही हैं...अब देखना होगा कि सरकार कितनी जल्दी आम लोगों को राहत देने के लिए हस्तक्षेप करती है.
वेतन देने में नाकाम रही कंपनी, कर्मचारियों के लिए की शेयरों की पेशकश
25 May 2018
गुड़गांव: गुड़गांव की एक कंपनी ने वेतन देने में असमर्थ रहने पर अपने सैकड़ों कर्मचारियों को शेयर देने की पेशकश की है. ऊर्जा भंडारण एवं सौर समाधान के क्षेत्र में काम करने वाली ईस्टमैन आटो एंड पावर लिमिटेड ने आज कहा कि क्षतिपूर्ति के रूप में उसने कर्मचारियों को कंपनी के शेयर देने की पेशकश की है. यह एक स्टार्टअप कंपनी है. सौर क्षेत्र में इस तरह की योजना लाने वाली वह संभवत: पहली कंपनी है. कंपनी के प्रबंध निदेशक शेखर सिंघल ने कहा कि शुरुआती दिनों में ही कंपनी के पास "पर्याप्त पैसा नहीं है" और इसलिए कर्मचारियों के लिए कर्मचारी शेयर स्वामित्व योजना (ईएसओपी) की पेशकश करने का निर्णय लिया गया है. हमारा विचार ईएसओपी के जरिए कुशल लोगों को आकर्षित करना है, जिसमें पूर्णकालिक कर्मचारियों को क्षतिपूर्ति के हिस्से के रूप में शेयर मिलते हैं. यह कर्मचारियों के अहम योगदान का इनाम है. शुरुआत में इस योजना के तहत 15 प्रतिशत कर्मचारियों को शेयर दिए गए हैं. कंपनी जल्द ही सभी कर्मचारियों के लिये योजना शुरू करने की तैयारी में है.
पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में लाने को तैयार मोदी सरकार, लेकिन राज्यों से सहमति जरूरी
23 May 2018
नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री शिवप्रताप शुक्ला ने कहा है, "कच्चा तेल आयातित होता है. विदेशी कंपनियां कीमतें बढ़ा रही हैं. पेट्रोलियम मंत्रालय कह चुका है कि पेट्रोल तथा डीज़ल को GST के दायरे में लाया जाना चाहिए, लेकिन मुद्दा यह है कि इस प्रस्ताव को GST काउंसिल के समक्ष तब तक नहीं लाया जा सकता, जब तक सभी राज्यों के वित्त मंत्रालय इसे मंज़ूरी न दें." देश में पेट्रोल के दाम करीब 12 दिनों से लगातार बढ़ते जा रहे हैं. लोगों में इस बात से नाराजगी बढ़ती जा रही है कि सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है जिससे उन्हें सीधे लाभ मिले. वहीं, इस पूरे मुद्दे पर विपक्ष सरकार पर हमलावर है और रोज बीजेपी के मंत्रियों के पुराने बयान साझा कर सफाई मांग रहा है. विपक्षी नेता साफ तौर पर कह चुके हैं कि सरकार को पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए. जानकारों का मानना है कि पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी की दायरे में लाने से पेट्रोल के दाम वर्तमान की दर से करीब 30 रुपये प्रतिलीटर सस्ते हो जाएंगे. जीएसटी में अधिकतम दर यानी 28 फीसदी की दर से भी यदि टैक्स लगेगा तब भी लोगों को इसका फायदा मिलेगा. वर्तमान में पेट्रोल की कीमत जो आम आदमी चुकाता है उस पर करीब आधा कर के रूप में दिया जाता है. यानी करीब 50 फीसदी जनता टैक्स देती है. जीएसटी लागू हो जाने पर यह 50 से सीधे 28 फीसदी रह जाएगा और कीमत कम हो जाएगी. कहा जा रहा है कि पेट्रोल, डीजल की बढ़ती कीमतों से आम आदमी को राहत पहुंचाने के लिये सरकार इसी सप्ताह कोई कदम उठा सकती है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की लगातार बढ़ती कीमतों की वजह से देश में पेट्रोल, डीजल के दाम रिकार्ड स्तर पर पहुंच गये हैं. एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी देते हुये कहा कि सरकार इस मामले में केवल उत्पाद शुल्क कटौती पर ही निर्भर नहीं करेगी बल्कि कुछ और कदम भी उठा सकती है. पेट्रोल , डीजल के दाम में उत्पाद शुल्क का हिस्सा मात्र एक चौथाई ही है. हालांकि , अधिकारी ने इस बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया. अधिकारी ने कहा , ‘‘ ईंधनों के बढ़ते दाम सरकार के लिये संकट वाली स्थिति है. इस मामले में कुछ दूसरे उपायों को भी शामिल करना होगा. वित्त मंत्रालय इस संबंध में पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ विचार विमर्श कर रहा है. ’’ पेट्रोलियम कंपनियों ने पिछले एक सप्ताह के दौरान पेट्रोल , डीजल के दाम में अंतरराष्ट्रीय बाजार के बढ़ते दाम के मुताबिक वृद्धि की है. इस वृद्धि से दिल्ली में पेट्रोल 76.87 रुपये और डीजल का दाम 68.08 रुपये लीटर तक पहुंच गया. पिछले नौ दिन में पेट्रोल का दाम 2.24 रुपये और डीजल का दाम 2.15 रुपये लीटर बढ़ गया. इससे पहले कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान 19 दिन तक तेल कंपनियों ने पेट्रोल , डीजल के दाम में रोजाना होना वाला फेरबदल नहीं किया. अधिकारी ने हालांकि , उन कदमों के बारे में बताने से इनकार किया जिनपर सरकार विचार कर रही है. अधिकारी ने कहा कि सरकार को कोई भी कदम उठाते समय अपने वित्तीय गणित को ध्यान में रखना होगा. ‘‘ बढ़ते तेल मूल्यों की समस्या से निपटने के लिये कुछ कदम इसी सप्ताह उठाये जा सकते हैं. ’’ केन्द्र सरकार पेट्रोल पर 19.48 रुपये प्रति लीटर उत्पाद शुल्क लगाती है जबकि डीजल पर 15.33 रुपये लीटर की दर से उत्पाद शुल्क लगता है. राज्यों में वैट की दर अलग अलग है. उत्पाद शुल्क की दर प्रति लीटर निर्धारित है लेकिन राज्यों में वैट की दर मूल्यानुसार लगती है. दाम बढ़ने पर वैट प्राप्ति भी बढ़ती है. दिल्ली में अप्रैल माह में पेट्रोल पर प्रति लीटर वैट 15.84 रुपये जबकि डीजल पर यह 9.68 रुपये प्रति लीटर था लेकिन मई माह में आज यह पेट्रोल पर 16.34 रुपये और डीजल पर 10.02 रुपये प्रति लीटर है. सरकार के मुताबिक उत्पाद शुल्क में प्रत्येक एक रुपये की कटौती से खजाने को 13,000 करोड़ रुपये का नुकसान होता है. इससे पहले सरकार ने नवंबर 2014 से लेकर जनवरी 2016 के बीच जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम नीचे चल रहे थे उत्पाद शुल्क में नौ बार वृद्धि की. इस दैरान पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में 11.77 रुपये और डीजल में 13.47 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई. इससे सरकरी खजाने में 2016- 17 में 2,42,000 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई.
कम हो सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम, पेट्रोलियम मंत्री की तेल कंपनियों के चेयरमैन के साथ बैठक की संभावना
22 May 2018
नई दिल्ली: पेट्रोल और डीजल के दाम रोज बढ़ रहे हैं. कर्नाटक चुनाव के समय पेट्रोल और डीजल के दाम स्‍थ‍िर थे और चुनाव समाप्‍त होते ही उसके दाम बढ़ने लगे. लोगों ने इस पर सवाल भी उठाए. विपक्षी दलों ने भी सरकार पर हमलावर रुख अपना रखा है. जनता में भी नाराजगी बढ़ती जा रही है. लोग को पेट्रोल और डीजल के बढ़ें दाम की आंच अब सताने लगी है. वहीं, अभी तक सरकार साफ कहती चली आ रही है कि दाम बढ़ने में उसकी कोई भूमिका नहीं है. और तेल के दाम सरकार के नियंत्रण से बाहर हैं. सूत्रों के हवाले से खबर है कि पेट्रोल डीज़ल के बढ़ते दामों पर सरकार दखल दे सकती है. आज शाम पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सभी तेल कंपनियों के अध्यक्षों से मिल सकते हैं. शाम पाँच बजे बैठक होने की संभावना जताई जा रही है. सूत्रों का कहना है कि बैठक के बाद तेल क़ीमतों में कमी आने की संभावना है. बढ़ते दवाबों के बीच ऐसी खबर आ रही है कि पेट्रोल-डीज़ल के बढ़े दामों को नियंत्रित करने के लिए सरकार दखल दे सकती है. उम्‍मीद की जा रही है कि इस बैठक के बाद पेट्रोल और डीजल की क़ीमतों में कुछ कटौती हो सकती है. बता दें कि सोमवार को जब एनडीटीवी के पोलिटिकल एडिटर अखिलेश शर्मा ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह से सवाल किया था तो उनका कहना था कि वह इस मामले पर अलग से जवाब देंगे. उनसे सवाल किया गया था कि कर्नाटक चुनाव के समय पेट्रोल-डीजल के दाम स्‍थिर थे लेकिन अब उसमें तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है. इस सवाल के जवाब में अमित शाह ने कहा था, ''मैं आपका (मीडिया) एजेंडा जानता हूं. मैं इस पर भी जवाब दूंगा. लेकिन आज मैं केवल कर्नाटक के विषय में बात कर रहा हूं. कहा जा रहा है कि अब चुनावी मौसम है और इस साल के अंत में देश में तीन महत्वपूर्ण राज्यों में विधानसभा चुनाव होने और इन राज्यों में बीजेपी की सरकार है. केंद्र सरकार ऐसे में कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है. इसलिए दाम कम रखने के लिए सरकार को मजबूर होना पड़ रहा है ताकि वह चुनाव में लोगों की नाराजगी का सामना न करे
उजाला योजना के तहत 30 करोड़ एलईडी बल्ब वितरित
21 May 2018
नई दिल्ली: सार्वजनिक क्षेत्र की एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लि . ( ईईएसएल ) ने उजाला ( उन्नत ज्योति बाई एफोर्डेबल एलईडी बल्ब फॉर ऑल) कार्यक्रम के तहत 30 करोड़ से अधिक एलईडी बल्ब वितरित किये हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनवरी 2015 में इस योजना की शुरूआत की और यह फिलहाल दुनिया का सबसे बड़ा एलईडी वितरण कार्यक्रम है. बिजली मंत्रालय के अधीन आने वाली एनटीपीसी , पीएफसी , आरईसी और पावरग्रिड की संयुक्त उद्यम ईईएसएल ने एक बयान में कहा कि देश में 30 करोड़ एलईडी बल्ब के वितरण से सालाना 3895.2 करोड़ किलोवाट प्रति घंटा ( केडब्ल्यूएच ) ऊर्जा की बचत हुई है. रुपये में कुल 15,581 करोड़ रुपये मूल्य की ऊर्जा बचत हुई है. भारत ने 2005 और 2030 के बीच कार्बन उत्सर्जन में 33 से 35 प्रतिशत कटौती की प्रतिबद्धता जतायी है. ऐसे में ऊर्जा दक्षता को एक प्रमुख रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है. उजाला योजना ऊर्जा संरक्षण के लिहाज से सरकार का महत्वपूर्ण कार्यक्रम है और वैश्विक स्तर पर ऊर्जा बचत में इसकी भूमिका स्वीकार की गयी है. इस कार्यक्रम के तहत घरों में कम बिजली खपत वाले एलईडी बल्ब लगाये जाते हैं. ईईएसएल के प्रबंध निदेशक सौरभ कुमार ने कहा, ‘‘हमारे इस प्रयास से ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में जो गति बनी है, उसे जारी रखने की उम्मीद करते हैं. साथ ही इससे भारतीय और वैश्विक ऊर्जा दक्षता बाजार मजबूत होगा.’’ एलईडी बल्ब की खरीद और वितरण से एलईडी बाजार में भारत की हिस्सेदारी 0.1 प्रतिशत से बढ़कर 12 प्रतिशत पर पहुंच गयी है. बयान के अनुसार उजाला योजना से देश में एलईडी का घरेलू उत्पादन सालाना 30 लाख बल्ब से बढ़कर 6 करोड़ से अधिक पहुंच गया है. साथ ही 60,000 रोजगार सृजित हुए हैं.
PNB घोटाला: ED ने कसा शिकंजा, नीरव मोदी के परिवार-अमेरिकी साझेदार को जारी किया सम्मन
19 May 2018
नई दिल्ली: पीएनबी घोटाला मामले में फरार चल रहे नीरव मोदी पर प्रवर्तन निदेशालय ने शिकंजा कसा है. ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय ने फरार चल रहे हीरा कारोबारी नीरव मोदी के पिता और भाई सहित परिवार के कम से कम चार सदस्यों और उसके अमेरिकी व्यापार साझेदार को दो अरब डालर से अधिक के पीएनबी धोखाधड़ी से जुड़े एक धनशोधन मामले के सिलसिले में सम्मन किया है. अधिकारियों ने बताया कि परिवार के सदस्यों से पूछताछ करने की जरूरत है क्योंकि कई वित्तीय लेनदेन और नीरव मोदी के व्यापार उनसे जुड़े हैं. अधिकारियों ने बताया कि सम्मन नीरव मोदी के पिता दीपक मोदी , भाई निशाल मोदी , बहन पूर्वी मेहता , उसके पति मयंक मेहता और जौहरी के अमेरिका स्थित कंपनी फायरस्टार डायमंड इंक के निदेशक मिहिर भंसाली को जारी किये गए हैं. उन्होंने कहा कि सम्मन धनशोधन रोकथाम कानून के तहत जारी किये गए हैं और ये ईमेल के जरिये भेजे गए हैं क्योंकि सभी पांच व्यक्ति विदेश में बसे हुए हैं. अधिकारियों ने बताया कि दीपक मोदी के बेल्जियम के एंटवर्प में होने का संदेह है , निशाल और भंसाली अमेरिका में हो सकते हैं तथा मेहता परिवार कथित रूप से हांगकांग में है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा , ‘यद्यपि उनके वर्तमान ठिकानों के बारे में वास्तविक जानकारी नहीं है इसलिए सम्मन ईमेल के जरिये भेजे गए हैं.' निदेशालय ने उनसे कहा है कि वे अगले कुछ दिनों में मामले के जांच अधिकारी के समक्ष मुम्बई में पेश हों. हालांकि, सूत्रों ने बताया कि एजेंसी उनके पेश होने और जांच में शामिल होने को लेकर बहुत अधिक आशावान नहीं है. मिलने वाले जवाब के आधार पर आगे के कदम पर मामलों के आधार पर अलग अलग निर्णय किया जाएगा. प्रवर्तन निदेशालय ने इससे पहले नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चौकसी को इसी तरह से सम्मन किया था लेकिन वे उसके समक्ष पेश नहीं हुए.
आयकर विभाग ने टीडीएस काटने वालों को दी चेतावनी
18 May 2018
नई दिल्ली: आयकर विभाग ने स्रोत पर कर की कटौती यानी टीडीएस काटने वाले नियोक्ताओं को चेताया है कि जनवरी-मार्च तिमाही में काटे गए टीडीएस की जानकारी 31 मई तक फाइल करें. तय तारीख तक टीडीएस की जानकारी देने में नाकाम रहने पर 200 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना देना होगा. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ( सीबीडीटी ) ने इस संबंध में आज समाचार-पत्रों में विज्ञापन जारी किया है. 0 टिप्पणियांइसमें कहा गया है कि जनवरी-मार्च तिमाही का टीडीएस फाइल करने की अंतिम तिथि 31 मई है. टीडीएस फाइल करने में देरी होने पर प्रतिदिन 200 रुपये का जुर्माना लगेगा. आगे कहा गया है कि जिन कटौतीकर्ताओं यानी नियोक्ता ने कर की कटौती की है और निर्धारित तिथि तक उसे जमा नहीं किया वे "तुरंत" इसे जमा करें और इसके लिए उन्हें खुद को आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट 'डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट टीडीएससीपीसी डॉट जीओवी डॉट इन' पर पंजीकृत करना होगा. विभाग ने नियोक्ताओं को टीएएन (कर कटौती एवं संग्रह खाता संख्या) सही भरने और टीडीएस का भुगतान करने वालों का पैन (स्थायी खाता संख्या) संख्या सही भरने की सलाह दी है ताकि वे आसानी से "टैक्स क्रेडिट" प्राप्त कर सकें. टीडीएस की जानकरी में पैन और टीएएन संख्या नहीं होने पर जुर्माना लग सकता है. आयकर विभाग के नियमों के मुताबिक, कटौतीकर्ता (नियोक्ता) कर्मचारी के वेतन से टीडीएस की कटौती करता है और उसे हर तिमाही या तीन महीने का विवरण आयकर विभाग के साथ साझा करना होता है.
फ्लिपकार्ट इंडिया का घाटा घटकर 244.7 करोड़ रुपये
17 May 2018
नई दिल्ली: ई-वाणिज्य कंपनी फ्लिपकार्ट की बी 2 बी इकाई फ्लिपकार्ट इंडिया का एकल घाटा 244.7 करोड़ रुपये रह गया है. वित्त वर्ष 2016-17 में यह 544.5 करोड़ रुपये था. कारपोरेट मामलों के मंत्रालय के पास जमा कराए गए दस्तावेज के अनुसार नकदी , लाने-ले जाने या थोक कारोबार चलाने वाली कंपनी फ्लिपकार्ट इंडिया के आय में 18% की वृद्धि हुई है. यह 2016-17 में 13,177.4 करोड़ रुपये थी जो 2017-18 में 15,569.2 करोड़ रुपये हो गई है. बता दें कि हाल ही में वॉलमार्ट ने फ्लिपकार्ट को खरीदा है. व्यापारियों का संगठन कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) वॉलमार्ट-फ्लिपकार्ट सौदे को चुनौती देगा. कैट का कहना है कि इस करार में क़ानूनी रास्तों को तोड़ा मरोड़ा गया है. कैट के अध्यक्ष बी सी भरतिया और महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने बयान में कहा कि सौदे के अस्तित्व में आते ही प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नीति का उल्लंघन होगा वहीं एक असंतुलित प्रतिस्पर्धा का वातावरण बनेगा.
सैमसंग के इस फोन ने एप्पल और गूगल को डाउनलोड स्पीड में पछाड़ा
16 May 2018
सैन फ्रांसिस्को: अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एप्पल से 42 फीसदी तेज डाउनलोड गति के साथ ही सैमसंग गैलेक्सी एस9 और एस9 प्लस मंगलवार को वैश्विक बाजार में सबसे तेज स्मार्टफोन बन गई है, जिसमें लंबे समय तक चलने वाली बैटरी और अधिक स्टोरेज दिया गया है. प्रमुख मोबाइल डेटा स्पीड विश्लेषक ऊकला के मुताबिक, गैलेक्सी एस9 और एस9 प्लस का डाउनलोड स्पीड एप्पल के आईफोन एक्स की तुलना में 37 फीसदी, गूगल के पिक्सल 2 की तुलना में 17 फीसदी और सैमसंग गैलेक्सी एस7 की तुलना में 38 फीसदी तेज है. सैमसंग ने एक बयान में कहा कि ग्राहक नवोन्मेषी प्रौद्योगिकी से लैस फोन्स चाहते हैं. जैसा कि गैलेक्सी एस9 और एस9प्लस है, जिसमें कैट 18 एलटीई मोडेम है, जो 1.2 जीबीपीएस की नेटवर्क स्पीड को सपोर्ट करता है. सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स अमेरिका के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (उत्पाद रणनीति और वितरण) जस्टिन डेनिसन ने कहा, "सैमसंग में, हम लगातार उत्पादों का विकास कर रहे हैं, जो उद्योग के लिए नया मानक निर्धारित करते हैं. हमारे गैलेक्सी मालिकों को इस बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है कि उन्हें अपने फोन से सबसे अच्छा संभव अनुभव मिल रहा है या नहीं."
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर इजाफा, डीजल पांच साल के उच्च स्तर पर
15 May 2018
नई दिल्ली: देश में मंगलवार को एक बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए गए. कर्नाटक चुनाव के नतीजे आने से पहले ही ये दाम बढ़ाए गए. दिल्ली में पेट्रोल 75 रुपए के पास पहुंच गया है. सोमवार के बाद मंगलवार को भी तेल कंपनियों ने पेट्रोल पर 15 पैसे की बढ़ोतरी की है. इससे पेट्रोल 5 साल के उच्चतम स्तर 74.95 पैसे पर पहुंच गया है. वहीं, दिल्ली में डीजल का भाव 66.36 पर पहुंच गया है. डीजल का यह अब तक का रिकॉर्ड स्तर है. बता दें कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) द्वारा सोमवार को परिवहन ईंधन के लिए परिवर्तनीय मूल्य निर्धारण प्रणाली की बहाली के साथ राष्ट्रीय राजधानी में पेट्रोल की कीमतें 74.80 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गईं थीं. आईओसी ने 19 दिनों के लिए परिवर्तनीय मूल्य निर्धारण प्रणाली पर रोक लगा दी थी, ताकि ग्राहकों के बीच अनावश्यक तनाव न फैले. दिल्ली में सोमवार को पेट्रोल की कीमत सितंबर 2013 के बाद से अबतक के सबसे उच्च स्तर 74.80 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई थीं. 2013 में पेट्रोल की कीमत 76.06 रुपये प्रति लीटर थी. कीमतों में अंतिम वृद्धि 24 अप्रैल को हुई थी, उस दौरान पेट्रोल 74.63 रुपये प्रति लीटर थी. 0 टिप्पणियांकोलकाता, मुंबई और चेन्नई जैसे अन्य मेट्रो शहरों में सोमवार को पेट्रोल की कीमतें कई सालों के उच्च स्तर पर पहुंच गईं. इन शहरों में क्रमश 77.50 रुपये, 82.65 रुपये और 77.61 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई हैं. पेट्रोल की कीमतों से इतर, डीजल के दामों में भी 24 अप्रैल के बाद वृद्धि दर्ज की गई. दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में डीजल की कीमतें क्रमश 66.14 रुपये, 68.68 रुपये, 70.43 रुपये और 69.79 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई थीं. अंतर्राष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के बावजूद कीमतों में पिछले 19 दिनों से कोई बदलाव नहीं हुआ था, जिसे समीक्षकों ने कर्नाटक चुनाव से पहले एक राजनीतिक कदम करार दिया है. आईओसी के अध्यक्ष ने आठ मई को हालांकि कहा था कि अंतर्राष्ट्रीय दरों में वृद्धि के बावजूद परिवर्तनीय मूल्यों पर अस्थाई तौर से रोक लगा दी गई थी, ताकि ग्राहकों के बीच डर न रहे. उपभोक्ताओं के लिए यह अस्थाई राहत सोमवार को मूल्य वृद्धि के साथ समाप्त हो गई.
ब्रिटेन में अमीरों की सूची जारी : भारतवंशी हिंदुजा बंधु दूसरे स्थान पर खिसके
14 May 2018
नई दिल्ली: ब्रिटेन में अमीर लोगों की एक सूची रविवार को जारी हुई. इस सूची में भारतवंशी हिंदुजा बंधुओं को दूसरे स्थान पर हैं. मीडिया में आई खबरों के मुताबिक सूची में पहले स्थान पर रसायन कारोबार से जुड़े बिजनेसमैन जिम रैटक्लिफ हैं. इस सूची में लंदन के श्रीचंद और गोपीचंद हिंदुजा की अनुमानित संपत्ति 20.64 अरब पाउंड बताई गई है. रैटक्लिफ की संपत्ति करीब 21.05 अरब पाउंड की बताई गई है. सूची में प्रथम पांच स्थान इस प्रकार से हैं. संपत्ति पाउंड में दी गई. जिम रैटक्लिफ- 21.05 अरब, हिंदुजा ब्रदर्स- 20.64 अरब, लेन ब्लावत्निक- 14.26 अरब, रुबेन बंधु-15.09 अरब, लक्ष्मी मित्तल- 14.66 अरब. ब्रिटेन के 1000 सबसे अमीर लोगों की साल 2018 की सूची में हिंदुजा बंधुओं ने भारतीय मूल के 47 रईसों को पीछे छोड़ा है. सूची को तैयार करने वाले रॉबर्ट वाट्स ने कहा कि ब्रिटेन बदल रहा है. इस सूची में 15.26 अरब पाउंड के साथ ब्रिटिश-अमेरिकी उद्योगपति से मीडिया मुगल बने सर लेन ब्लावत्निक तीसरे स्थान पर हैं. सूची में भारतीय मूल के व्यवसायी प्रकाश लोहिया 25वें, बी शेट्टी 59वें, अरोड़ा बंधु 60वें स्थान पर हैं. सूची में बायोकॉन की किरण मजूमदार शॉ 75वें स्थान पर हैं. जबकि लॉर्ड स्वराज पॉल और उनका परिवार 90वें स्थान पर है
कर्नाटक : चन्नपटण की नायाब कला में दिखती है राजनीति की झलक
12 May 2018
नई दिल्ली: बेंगलुरू से कोई 60 किलोमीटर दूर है छोटा सा कस्बा चन्नपटण जिसे चन्नपट्टण भी कहा जाता है. अभी तो चन्नपटण एचडी देवगौड़ा के बेटे और जेडीएस नेता कुमारस्वामी की वजह से चर्चा में है. एचडी कुमारस्वामी अपनी परम्परागत सीट रामनगर के अलावा चन्नपटण से भी मैदान में हैं. कहा जा रहा है कि कुमारस्वामी अगर दोनों सीटों से जीते तो यहां चन्नपटण में उपचुनाव तय है और फिर वे यहां से अपनी पत्नी को लड़ाएंगे. लेकिन चन्नपटण की पहचान राजनीति नहीं है, यहां की कला और कारीगरों का महारत है. चन्नपटण जाना जाता है अपने सिल्क यार्न (धागा) के लिए और लकड़ी के खिलौनों के लिए. ज़रा अमेज़न जैसी ऑनलाइन वेबसाइट पर जाएंगे तो पता चलेगा कि चन्नपटण की ये कारीगरी क्या चीज़ है. चन्नपटण के लकड़ी के खिलौनों में हवाई जहाज़ से लेकर पर्दे के साथ लटकने वाले हैंगिंग और फानूस के अलावा आर्टिकल होल्डर से लेकर पेपरवेट और बच्चों की गाड़ी और झुनझुना सबकुछ है. कीमत 100 रुपये से शुरू होकर हज़ार को पार कर जाती है. लेकिन कई खरीदार महंगे सामान को खरीदने के लिए अच्छा मोलभाव करते भी दिखे. सिल्क के धागे के अलावा इन खिलौनों की देश-विदेश में धूम है. लेकिन कर्नाटक की संभावित राजनीति की झलक भी इसमें दिखती है. झुनझुना देखकर लगता है कि अगर त्रिशंकु विधानसभा हुई तो क्या बड़ी पार्टियां विधायकों को तोड़ने के लिए ऐसे ही पावर और पैसे का झुनझुना दिखाएंगी. हिलते-डुलते पेपर वेट से खयाल आया कि क्या खरीद फरोख्त की सियासत हुई तो नेताओं के दिल ऐसे ही डोलेंगे. हाथ में माइक और कैमरा देखकर एक खरीदार वरुणेश शायद दिल की बात भांप गए. वे कहते हैं, "टक्कर कड़ी है, दिल ललचाएगा जैसे खिलौनों को देखकर हो रहा है." असल में नेता फलफूल रहे हैं लेकिन कारीगर वजूद के लिए संघर्ष कर रहे हैं. आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा के पास कोंडापल्ली गांव भी चन्नपटण की तरह अपने लकड़ी के खिलौनों के लिए मशहूर है लेकिन अब पारम्परिक कला के ऊपर चीन का कब्ज़ा हो गया है. कुछ साल पहले हमने वहां से रिपोर्टिंग की कि कैसे ड्रेगन पारम्परिक कला और कारीगरों को निगल रहा है. अब धीरे-धीरे यही खतरा चन्नपटण में पहुंच गया है. खिलौनों के बीच चाइनीज़ हाथ के पंखे दिखते हैं तो समझ आता है कि चन्नपटण में ही कारीगरों को सरकार का साथ चाहिए. इस नायाब कला को मुक्त बाज़ार और बिचौलियों के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता. चुनाव कोई भी जीते चन्नपटण की पहचान सिल्क और लकड़ी के खिलौने ही रहने चाहिए मौकापरस्त राजनीति नहीं.
IRCTC लाया यह सुविधा, अब ई-वॉलेट से बुक कराएं तत्काल टिकट भी
11 May 2018
नई दिल्ली: आईआरसीटीसी (IRCTC) ने अब रेलवे टिकट बुकिंग व पेमेंट को और आसान बनाने के लिए ई-वॉलेट से तत्काल टिकट (tatkal ticket) बुकिंग सेवा शुरू की है. इस वॉलेट का नाम 'आईआरसीटीसी रेल कनेक्ट' रखा गया है. इस ई-वॉलेट को प्रयोगकर्ता पेटीएम और फ्रीचार्ज जैसे ई-वॉलेट की तरह ही इस्तेमाल कर पाएंगे. इस ई-वॉलेट में पहले से रुपये जमा करने का विकल्प दिया जा रहा है. यह पहली बार है कि ई-वॉलेट के जरिए प्रयोगकर्ता को तत्काल टिकट बुकिंग की सुविधा दी जा रही है. साइट पर दावा किया गया है कि पहले के पेमेंट अप्रूवल साइकल को समाप्त कर दिया गया है जिससे ग्राहक का समय बचेगा और जल्द टिकट बुक हो सकेंगे. इतना ही नहीं इसके साथ पेमेंट गेटवे के चार्जेज से भी ग्राहकों को मुक्ति मिलेगी. यानी इस ईवॉलेट सेवा के जरिए लोगों को बचत भी मिलेगी. ईवॉलेट ऑनलाइन होने की वजह से हमेशा टॉप अप किया जा सकता है. इसी के साथ यह भी दावा किया गया है कि इस प्रकार से किसी बैंक पर ग्राहक की निर्भरता कम होगी और यदि बैंक ऑफलाइन हो गया है तब भी टिकट बुक किए जा सकेंगे. IRCTC की वेबसाइट पर लिखा गया है कि पेटीएम और मोबीक्विक जैसे ई-वॉलेट की तरह ही प्रयोगकर्ता वॉलेट में पैसे जमा कर सकते हैं. इस ई-वॉलेट एकाउंट में अधिकतम 10 हजार रुपए तक जमा किए जा सकते हैं. पेयू के साथ आईआरसीटीसी की साझेदारी यांदेश की प्रमुख भुगतान गेटवे प्रदाता पेयू ने इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) के साथ आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर रेल टिकटों की बुकिंग के लिए साझेदारी की है. कंपनी ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि पेयू अब एमपीएस (मल्टीपल पेमेंट सर्विसेज) के अंतर्गत एक भुगतान विकल्प के रूप में उपलब्ध होगा. इस विकल्प पर क्लिक करने से यूजर्स को सुरक्षित भुगतान के कई विकल्प मिलते हैं, जिसमें इंटरनेट बैंकिंग, डेबिट/क्रेडिट कार्ड और ई-वॉलेट शामिल है. कंपनी ने दावा किया कि पेयू ऑनलाइन भुगतान के लिए एक निरापद और सुरक्षित भुगतान गेटवे है जिसकी सफलता दर उद्योग के औसत से 10 फीसदी अधिक है.
छुट्टियों में युवाओं के लिए सीखने और कमाने का अच्छा मौका, सरकार लाई डिजिटल इंडिया इंटर्नशिप
10 May 2018
नई दिल्ली: सरकार ने तकनीकी पढ़ाई कर रहे युवाओं के लिए ‘डिजिटल इंडिया इंटर्नशिप’ कार्यक्रम शुरू किया है जिसका उद्येश्य उन्हें डिजिटल इंडिया के माध्यम से हो रहे बदलाव एवं सरकारी कामकाज की प्रक्रिया का अनुभव प्राप्त करने का अवसर देना है. कम से कम दो माह के कार्यक्रम में 10 हजार रुपये मानदेय प्रदान किया जाएगा. सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने डिजिटल इंडिया इंटर्नशिप के लिए आज एक पोर्टल का उद्घाटन किया. उन्होंने कहा, ‘‘डिजिटल इंडिया इंटर्नशिप का मकसद युवाओं को सरकार की निर्णय प्रक्रिया से जोड़ते हुए उन्हें अनुभव प्राप्त करने का अवसर देना है. इसका उद्येश्य यह भी है कि विद्यार्थियों को परिवर्तनकारी डिजिटल इंडिया कार्यक्रम से जोड़ा जाए और उन्हें बताया जाए कि सरकार कैसे काम करती है, सरकार की प्रक्रियाएं कैसे संचालित होती हैं.’’ 0 टिप्पणियांकेंद्रीय मंत्री ने कहा कि इंटर्नशिप के दौरान विद्यार्थियों को डिजिटल गवर्नेस, डिजिटल भुगतान, साइबर सुरक्षा को समझाने का मौका मिलेगा पर उनसे अपेक्षा होगी कि वे बौद्धिक संपदा एवं सुरक्षा से जुड़े अन्य पहलुओं का ध्यान रखेंगे . प्रसाद ने बताया कि यह दो महीने का कोर्स होगा जिसे बढ़ाकर तीन महीने का किया जा सकता है और इस दौरान चुने गए छात्रों को 10 हजार रूपये मानदेय मिलेगा. इसके लिये दूसरे या तीसरे वर्ष के बीटेक या बीई की पढ़ाई करने वाले या एमई या एमटेक के छात्र आवेदन कर सकते है .
सेवाओं की महंगाई मापने के लिये शुरू होगा सूचकांक, अगले महीने से प्रयोग शुरू
9 May 2018
नई दिल्ली: सरकार अब सेवा क्षेत्र के लिये भी महंगाई सूचकांक शुरू करने जा रही है. इसमें शुरू में दूरसंचार, रेलवे सहित दस प्रमुख सेवाओं को शामिल किया जायेगा और अगले महीने से प्रायोगिक तौर पर इसकी शुरुआत हो जायेगी. एक सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी. सरकार की इस पहल से सेवाओं की महंगाई को भी आंका जा सकेगा. दूरसंचार, रेलवे के अलावा इसमें बंदरगाह, डाक सेवायें, बीमा, बैंकिंग, परिवहन और हवाई यात्रा जैसी सेवाओं को भी शामिल किया जायेगा. अधिकारी ने कहा, ‘‘प्राड्यूशर्स प्राइस इंडेक्स (पीपीआई) को अगले महीने जारी किया जायेगा.’’ देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में सेवा क्षेत्र का योगदान करीब 60 प्रतिशत तक पहुंच चुका है इस लिहाज से नया सूचकांक काफी अहम होगा. वर्तमान में वस्तुओं के दाम की घटबढ़ को आंकने के लिये दो मूख्य सूचकांक का इस्तेमाल किया जाता है. इनमें थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) प्रमुख हैं. 0 टिप्पणियांडब्ल्यूपीआई में थोक बाजार में वस्तुओं के दाम के उतार चढाव को आंका जाता है जबकि सीपीआई खुदरा बाजार के स्तर पर महंगाई को आंकता है. सीपीआई में कुछ सेवाओं को भी शामिल किया गया है. पीपीआई में सेवाओं पर आने वाली लागत ही परिलक्षित होगी. इसमें किसी तरह के कर को शामिल नहीं किया जायेगा. इसमें किसी उत्पादक के लिहाज से उसके सामान और सेवाओं के मूल्य में आने वाले बदलाव को आंका जायेगा. रेलवे के मामले में माल भाड़े और यात्री किराये में होने वाली घटबढ़ को सूचकांक में मापा जायेगा. बैंकिंग के मामले में प्रत्यक्ष सेवाओं और फीस को शामिल किया जायेगा.
अगले 10 सालों में भारतीयों का नेट वर्थ बढ़ेंगा सबसे तेज
8 May 2018
नई दिल्ली: संपत्ति को लेकर किए गए एक वैश्विक सर्वे के अनुसार भारतीयों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी है. देश हुए कई सर्वे में संपत्ति के दाम बढ़ते हुए बताए गए हैं. अब भारतीयों के नेट वर्थ से जुड़ा एक सर्वे आया है. इसके अनुसार यह 10 सालों में 200 प्रतिशत बढ़ने के अनुमान है. एक अंतरराष्ट्रीय बैंक ने अपनी एक सर्वे रिपोर्ट में इस बात का दावा किया है. इस बैंक का नाम है अफ्रेशिया बैंक. इस अफ्रेशिया बैंक और न्यू वर्ल्ड वेल्थ की रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 10 साल में भी भारतीयों की निजी संपत्ति में सबसे ज्यादा 200 प्रतिशत का इजाफा होगा. इसी के साथ भारतीयों की कुल निजी संपत्ति 16 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो जाएगी. रिपोर्ट के अनुसार भारतीयों की संपत्ति जहां 2017-2027 के बीच 200 प्रतिशत की दर से बढ़ेंगी वहीं दूसरे स्थान पर चीन है जहां पर संपत्ति 180 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी. तीसरे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया है जहां पर 70 प्रतिशत की दर से संपत्ति के दाम में इजाफा की उम्मीद है. चौथे स्थान पर जापान और कनाडा हैं जहां पर 30 प्रतिशत की दर से संपत्ति के दाम में बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया है. पांचवें स्थान पर अमेरिका है जहां पर संपत्ति में 20 प्रतिशत की दर से बढ़ोतरी हो सकती है जबकि यूके जर्मनी फ्रांस और इटली में केवल 10 फीसदी के इजाफे का अनुमान लगाया गया है. इतना ही नहीं, रिपोर्ट के अनुसार 2007-2017 के बीच भारत में 160 प्रतिशत की दर से संपत्ति के दामों में इजाफा हुआ जबकि चीन में 198 फीसदी की दर से यह इजाफा हुआ. अमेरिका में 20, जापान में 22, यूके में -2, जर्मनी में 0, फ्रांस में -11, कनाडा में 25, ऑस्ट्रेलिया में 83 और इटली में -19 प्रतिशत यह दर देखी गई. 2016-17 के बीच में किए गए अध्ययन के मुताबिक भारत ने सबसे ज्यादा 25 फीसदी की दर हासिल की जबकि चीन 22 फीसदी की दर से दूसरे नंबर पर रहा है. अमेरिका 15, जापान 15, यूके 3, जर्मनी 5, फ्रांस 5, कनाडा 11, ऑस्ट्रेलिया 17, और इटली 4 प्रतिशत से बढ़ें. रिपोर्ट के अनुसार, भारतीयों की संपत्ति में अमेरिका की तुलना में 10 गुना, जबकि ब्रिटेन और जर्मनी की तुलना में 20-20 गुना तेजी से इजाफा होगा. भारतीयों की निजी संपत्ति 5.35 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 16.01 लाख करोड़ होने का अनुमान है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दुनिया में 2252 बिलिनेयर हैं. दिसंबर 2017 तक दुनिया भर के लोगों की निजी संपत्ति 13975 लाख करोड़ रुपये थी. दुनिया में 1.52 करोड़ लोग ऐसे हैं, जिनकी निजी संपत्ति औसतन 6.5 करोड़ या इससे ज्यादा है. दुनिया में 2252 बिलिनेयर हैं. इनमें में हर एक के पास औसतन 6500 करोड़ रुपये की संपत्ति है. रिपोर्ट में माना है कि अमेरिकी 10 साल बाद भी पहले पायदान पर रहेगा. इतना ही नहीं, इस मामले में ब्रिटेन और जर्मनी को पछाड़कर भारतीय दुनिया के चौथे सबसे अमीर बन जाएंगे. फिलहाल, 5.35 लाख करोड़ संपत्ति के साथ भारत छठे नंबर पर है और करीब 40.68 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ अमेरिकी अव्वल हैं, जो 10 साल बाद भी अव्वल ही रहेंगे. हालांकि, इस दौरान उनकी संपत्ति में महज 20 प्रतिशत का इजाफा होने का अनुमान है.
विजया बैंक का चौथी तिमाही का शुद्ध लाभ 207 करोड़ रुपये
7 May 2018
नई दिल्ली: सार्वजनिक क्षेत्र के विजया बैंक का मार्च, 2017-18 में समाप्त चौथी तिमाही का शुद्ध लाभ 1.6 प्रतिशत बढ़कर 207.31 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में बैंक ने 203.99 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया था. शेयर बाजारों को भेजी सूचना में बैंक ने कहा कि तिमाही के दौरान उसकी कुल आय बढ़कर 3,728.22 करोड़ रुपये हो गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 3,504.73 करोड़ रुपये थी. 0 टिप्पणियांतिमाही के दौरान डूबे कर्ज के लिए बैंक का प्रावधान बढ़कर 552.91 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 344.56 करोड़ रुपये था. पूरे वित्त वर्ष 2017-18 में बैंक का शुद्ध लाभ हालांकि कुछ घटकर 727.02 करोड़ रुपये पर आ गया , जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 750.48 करोड़ रुपये था. वित्त वर्ष के दौरान बैंक की कुल आय मामूली बढ़कर 14,190.45 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 14,030.72 करोड़ रुपये थी. मार्च , 2018 के अंत तक बैंक की सकल गैर निष्पादित आस्तियां ( एनपीए ) घटकर 6.34 प्रतिशत पर आ गईं , जो इससे पिछले वित्त वर्ष के अंत तक 6.59 प्रतिशत थीं. मूल्य के हिसाब से इस अवधि में बैंक का शुद्ध एनपीए 7,526.09 करोड़ रुपये था , जो इससे पिछले वित्त वर्ष के अंत तक 6,381.78 करोड़ रुपये था.
व्यापारियों के संगठन का ऐलान, दिल्ली में नहीं घुसने देंगे वॉलमार्ट को
4 May 2018
नई दिल्ली: देश की बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट और विश्व के सबसे बड़ी रिटेल कंपनी वॉलमार्ट के बीच चल रही डील की खबरों से छोटे व मझोले व्यापारियों के बीच में भय व्याप्त होता जा रहा है. चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) का कहना है कि रिटेल में एफडीआई को अभी पूरी तरह से मंजूरी नहीं मिली है. यही कारण है कि वॉलमार्ट ई-कॉमर्स के माध्यम से भारत में पैर पसारने के लिए चोर रास्ता बना रहा है. 0 टिप्पणियांसीटीआई के संयोजक बृजेश गोयल व हेमंत गुप्ता का कहना है कि मामला देश के छोटे व मझोले व्यापारियों से जुड़ा है, इसलिए हम हर तरह से इसका विरोध करेंगे. वॉलमार्ट और फ्लिपकार्ट के बीच जो करार होने जा रहा है, वह न केवल छोटे व मझोले व्यापारियों के लिए तो चिंता का विषय है ही, बल्कि सरकार के लिए भी चिंता का विषय है. वालमार्ट कंपनी का इतिहास रहा है कि यह जिस देश में भी गई है, वहां के स्थानीय रिटेलरों को तो पूरी तरह से चौपट किया ही है, साथ ही उस देश की अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक असर पड़ा है. सीटीआई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता और महासचिव रमेश आहूजा ने बताया कि भारत का रिटेल बाजार लगभग 40 लाख करोड़ रुपये का है. यही कारण है कि वर्षों से वॉलमार्ट की नजर भारत पर लगी हुई है. लेकिन भारत सरकार को सोचना चाहिए कि अगर वॉलमार्ट जैसी कंपनी को देश में घुसने दिया जाता है तो यहां के छोटे व मझोले व्यापारियों का क्या होगा? हमारे देश की अर्थव्यवस्था में छोटे व मझोले व्यापारियों का भी बहुत योगदान है. देश की बड़ी आबादी इससे जुड़ी है और अपनी रोजी रोटी चलाती है. दूसरा अहम पहलु यह भी है कि वॉलमार्ट ज्यादातर सामान चीन से तैयार करवाती है. वॉलमार्ट के देश में आने से चीनी उत्पादों को फिर बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने कहा कि सीटीआई वॉलमार्ट के विरोध में है और आने वाले दिनों में न केवल दिल्ली बल्कि पूरे देश के व्यापारियों के साथ मिलकर इसका विरोध करेगा. उनका कहना है कि जरूरत पड़ी तो आंदोलन भी होगा. हम लोग आखिरी समय तक वॉलमार्ट का विरोध करते रहेंगे और वॉलमार्ट को किसी भी कीमत पर दिल्ली में नहीं घुसने देंगे.
क्या सोने के प्रति कम हो रहा है महिलाओं का रुझान? मांग में भारी गिरावट
3 May 2018
मुंबई: देश में सोने की मांग 2018 की पहली तिमाही में 12 प्रतिशत घटकर 115.6 टन रही. मांग में गिरावट की वजह सोने के भाव ऊंचे रहे. 2017 की जनवरी-मार्च अवधि में कुल मांग 131.2 टन थी. विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) ने 2018 की पहली तिमाही के लिए अपनी 'गोल्ड डिमांड ट्रेंड्स' रिपोर्ट में यह बात कही. मूल्य के आधार पर, स्वर्ण मांग 8 प्रतिशत गिरकर 31,800 करोड़ रुपये रह गयी, जबकि 2017 की इसी तिमाही में यह 34,440 करोड़ रुपये थी. डब्ल्यूजीसी इंडिया के प्रबंध निदेशक पी आर सोमसुंदरम ने कहा, "मांग में गिरावट की कई वजह हो सकती है. इसमें घरेलू स्तर पर सोने की कीमतों में तेजी, शादी-ब्याह जैसे शुभ दिनों की संख्या में गिरावट और केंद्रीय बजट में आयात शुल्क में कटौती की उम्मीद शामिल है.’’ 0 टिप्पणियांउन्होंने कहा कि जीएसटी ने भी मांग को प्रभावित किया है. इसके अलावा पीएनबी बैंक घोटाले से भी मांग में नरमी आई है. वहीं, 2018 की पहली तिमाही में आभूषण मांग 12 प्रतिशत गिरकर 87.7 टन रह गयी, जो कि 2017 की इसी तिमाही में यह 99.2 टन थी. मूल्य के आधार पर आभूषण मांग 7 प्रतिशत गिरकर 2017 की पहली तिमाही में 26,050 करोड़ रुपये से 2018 की पहली तिमाही में 24,130 करोड़ रुपये रह गयी. आलोच्य तिमाही में कुल निवेश मांग पिछले वर्ष 32 टन से 13 प्रतिशत गिरकर इस वर्ष 27.9 रही. मूल्य के आधार पर मांग 2018 में 9 प्रतिशत गिरकर 7,660 करोड़ रुपये रही, जो कि 2017 में 8,390 करोड़ रुपये थी. इसके अतिरिक्त, पहली तिमाही में स्वर्ण आयात में भी 50 प्रतिशत की गिरावट आई है. 2018 की पहली तिमाही में आयात 153 टन रहा, जो कि 2017 की पहली तिमाही में 260 टन था. उन्होंने कहा कि 2018 के लिए देश की स्वर्ण मांग 700 से 800 टन के बीच रहने की उम्मीद है. वैश्विक स्त्तर पर जनवरी-मार्च तिमाही में स्वर्ण मांग सात प्रतिशत गिरकर 973 टन रह गयी. 2017 की इसकी तिमाही में कुल मांग 1,047 टन थी. मांग में गिरावट की बड़ी वजह सोने की छड़ और गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) की निवेश मांग में कमी है.
मारुति, महिंद्रा व टाटा मोटर्स ने नये वित्त वर्ष की शानदार शुरुआत की, बिक्री बढ़ी
2 May 2018
नई दिल्ली: मारुति, महिंद्रा एंड महिंद्रा तथा टाटा मोटर्स सहित प्रमुख वाहन कंपनियों के लिए नये वित्त वर्ष की शुरुआत काफी अच्छी रही. वित्त वर्ष के पहले महीने अप्रैल में इन कंपनियों की वाहन बिक्री दहाई अंक से अधिक बढ़ी. देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया की बिक्री अप्रैल में 14.2 प्रतिशत बढ़कर 1,64,978 इकाई हो गई जो पिछले साल के 1,44,492 वाहन रही थी. कंपनी ने कहा कि इस दौरान उसके स्विफ्ट, एस्टिलो, डिजायर और बलेनो जैसे वाहनों की कॉम्पैक्ट श्रेणी की बिक्री 31.8 प्रतिशत उछलकर 83,834 इकाइयों पर पहुंच गयी. वहीं आल्टो व वेगनआर वाले मिनी कार खंड की बिक्री इस दौरान घटी. इस दौरान जिप्सी, ग्रैंड विटारा, एर्टिगा, एस-क्रॉस और काम्पैक्ट एसयूवी विटारा ब्रेजा जैसे यूटिलिटी वाहनों की बिक्री मामूली बढ़कर 20,804 इकाई रही. महिंद्रा एंड महिंद्रा की कुल वाहन बिक्री अप्रैल महीने में 22 प्रतिशत बढ़कर 48,097 इकाई रही. कंपनी ने अप्रैल 2017 में 39,417 वाहन बेचे थे. कंपनी के बयान में कहा गया है कि घरेलू बाजार में उसकी बिक्री अप्रैल महीने में 19.34 प्रतिशत बढ़कर 45,217 वाहन हो गई जो कि एक साल पहले 37,889 इकाई रही थी. इस दौरान कंपनी के वाहनों का निर्यात 88.48 प्रतिशत बढ़कर 2880 इकाई हो गया. इसके अनुसार आलोच्य महीने में उसके यात्री वाहनों की बिक्री 13 प्रतिशत बढ़कर 21,927 वाहन, वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 26 प्रतिशत बढ़कर 18,963 इकाई हो गई. महिंद्रा एंड महिंद्रा के अध्यक्ष आटोमोटिव राजन वढेरा ने कहा, ‘अच्छे वित्त वर्ष 2018 के बाद, हमने नये वित्त वर्ष की भी मजबूत शुरुआत की है. 0 टिप्पणियांआलोच्य महीने में कंपनी की ट्रेक्टर बिक्री 18 प्रतिशत बढ़कर 30,925 इकाई हो गई. वहीं टाटा मोटर्स का कहना है कि अप्रैल महीने में उसकी यात्री वाहन बिक्री 34 प्रतिशत बढ़कर 17,235 हो गई. इस दौरान उसकी घरेलू बिक्री 86 प्रतिशत बढ़कर 53,511 इकाई हो गई. हुंदै मोटर इंडिया लिमिटेड (एचएमआईएल) ने कहा कि अप्रैल 2018 में उसकी घरेलू बिक्री 4.4 प्रतिशत बढ़कर 46,735 इकाई हो गई जो अप्रैल 2017 में 44,758 कार की रही थी. वहीं फोर्ड इंडिया की कुल बिक्री अप्रैल महीने में 39.23 प्रतिशत घटकर 15,281 इकाई रह गई जो कि पिछले साल अप्रैल में 25,149 वाहन रही थी. कंपनी के बयान में कहा गया है कि उसकी घरेलू बिक्री अप्रैल महीने में 2.49 प्रतिशत घटकर 7,428 इकाई रही जो अप्रैल 2017 में 7,618 रही थी. दुपहिया वाहन खंड में टीवीएस मोटर कंपनी ने कहा कि अप्रैल महीने में उसकी कुल वाहन बिक्री 24 प्रतिशत बढ़कर 3,04,795 इकाई हो गई. कंपनी के बयान में कहा गया है कि पिछले साल समान महीने में उसने 2,46,310 वाहन बेचे थे.
डेटा लीक की घटनाओं से निजात पाने के लिए सरकार इस बदलाव के साथ ला सकती है नई दूरसंचार नीति
1 May 2018
नई दिल्ली: सरकार नई राष्ट्रीय दूरसंचार नीति के तहत डेटा संप्रभुता का प्रावधान करते हुए भारतीय उपयोक्ताओं से जुड़ा डेटा रखने वाली सभी कंपनियों से 2022 तक अपने सर्वर भारत में लगाने को कह सकती है. जानकार सूत्रों ने यह जानकारी दी. नई दूरसंचार नीति 2018 का मसौदा एक मई को जारी होने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि सरकार दूरसंचार कंपनियों से यह सुनिश्चित करने को कह सकती है कि भारतीय नागरिकों के मेसेज व ईमेल का ब्योरा भारतीय सीमा में ही रखा जाए. सूत्रों ने कहा कि नई दूरसंचार नीति लोगों को सभी सेवाओं की पहुंच एक क्लिक से ही उपलब्ध कराने की मंशा से तैयार की जा रही है. ताकि शिक्षा, सरकारी सेवाओं व स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लोगों को व्यक्तिगत रूप से हाजिरी देने की जरूरत नहीं पड़े. इससे बड़ी मात्रा में डेटा सृजित होगा. सरकार यह प्रस्ताव कर सकती है कि 2022 तक भारतीय नागरिकों व इकाइयों से जुड़ी जानकारी यानी डेटा के सभी सर्वर भारत में ही हों. इस समय ज्यादातर इंटरनेट कंपनियां विशेषकर सोशल मीडिया व ईमेल सेवा प्रदाता फर्में विदेश में स्थित सर्वरों का इस्तेमाल कर रही हैं. विदेश स्थित सर्वरों के जरिये उपयोक्ताओं की गतिविधियों पर निगरानी की आशंका जताई जारी रही है.
खुशखबरी : जून में बिजली की दरें बढ़ने की उम्मीद कम, यह है कारण
30 April 2018
नई दिल्ली: देश में बिजली की हाजिर दरें अगले दो महीने में बढ़ने की संभावना नहीं है. विशेषज्ञों के अनुसार नवीकरणीय और पवन ऊर्जा की उपलब्धता के चलते यह चार रुपये प्रति यूनिट रह सकती हैं. तापीय विद्युत संयंत्रों में कोयले की कमी होने और गर्मियों में बिजली की मांग बढ़ने के चलते निकट भविष्य में देश में बिजली की हाजिर दरें बढ़ने की संभावना है. 0 टिप्पणियांएक बाजार विशेषज्ञ ने कहा, ‘‘आने वाले दो महीनों में मानसून की प्रगति के चलते पवन ऊर्जा की उपलब्धता से अगले दो महीनों में देश में बिजली की हाजिर दरें चार रुपये प्रति यूनिट रह सकती हैं.’’ भारतीय ऊर्जा सूचकांक पर बिजली की औसत हाजिर दरें 27 अप्रैल 2018 तक 4.01 रुपये प्रति यूनिट रहीं. मार्च में भी यह 4.01 रुपये प्रति यूनिट थी लेकिन यह फरवरी के 3.22 रुपये प्रति यूनिट के मुकाबले अधिक रहीं. जबकि फरवरी और मार्च 2017 में यह दर 2.5 रुपये प्रति यूनिट थी. लेकिन पिछले साल अप्रैल में यह मामूली तौर पर बढ़कर 2.7 रुपये प्रति यूनिट हो गई थीं.
आदित्य घोष इंडिगो के अध्यक्ष पद से देंगे इस्तीफा, ग्रेगरी टेलर हो सकते हैं अध्यक्ष एवं सीईओ
28 April 2018
नई दिल्‍ली: इंडिगो ने एक अप्रत्याशित घोषणा में शुक्रवार को कहा कि उसके अध्यक्ष एवं पूर्णकालिक निदेशक आदित्य घोष पद से हटेंगे. कंपनी ग्रेगरी टेलर को अध्यक्ष और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बनाने पर विचार कर रही है. टेलर की नियुक्ति को नियामकीय मंजूरी मिलने से पहले कंपनी के प्रवर्तक राहुल भाटिया इसके अंतरिम सीईओ की जिम्मेदारी निभाएंगे. इंडिगो ने शेयर बाजार को बताया कि निदेशक मंडल की बैठक में घोष का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है. पूर्णकालिक निदेशक के पद से उनका इस्तीफा 26 अप्रैल से मान्य हो गया है जबकि वह 31 जुलाई तक अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे. कंपनी ने कहा कि भाटिया सीईओ के साथ ही कंपनी के निदेशक मंडल में बने रहेंगे. 0 टिप्पणियांकंपनी ने एक बयान में कहा, ‘‘इंडिगो ग्रेगरी टेलर को अध्यक्ष एवं सीईओ बनाने पर विचार कर रही है. उनकी नियुक्ति नियामकीय मंजूरियों के बाद की जाएगी.’’ इंडिगो करीब 40 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ देश की सबसे बड़ी घरेलू विमानन कंपनी है.
NCLAT ने गूगल पर 136 करोड़ रुपये के जुर्माने के आदेश पर लगाई रोक
27 April 2018
नई दिल्ली: राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने आज भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के गूगल पर जुर्माने के आदेश पर रोक लगा दी. सीसीआई ने ऑनलाइन सर्च बाजार में अनुचित कारोबारी प्रक्रियाओं को अपनाने के लिए गूगल पर 136 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था. न्यायमूर्ति एसजे मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली एनसीएलएटी पीठ ने सीसीआई के आदेश के खिलाफ गूगल की याचिका स्वीकार करते हुए दिग्गज सर्च इंजन कंपनी को जुर्माने की 10 प्रतिशत राशि चार हफ्ते में जमा करने के निर्देश दिए हैं. इस मामले में सुनवाई 28 मई को होगी. गूगल के प्रवक्ता ने कहा, "न्यायाधिकरण ने सीसीआई के आदेश और उससे जुड़े निष्कर्षों के पहलुओं की समीक्षा के लिए हमारी अपील स्वीकार कर ली है. " उल्लेखनीय है कि इस वर्ष फरवरी में आयोग ने गूगल पर भारतीय बाजार में ऑनलाइन सर्च में अनुचित कारोबारी प्रक्रियाओं को अपनाने के चलते 136 करोड़ रुपये के जुर्माने का आदेश दिया था. 0 टिप्पणियां आयोग ने गूगल के खिलाफ 135.86 करोड़ रुपये का यह जुर्माना 2012 में उसके विरुद्ध दायर की गई ' अविश्वासी आचरण की शिकायतों के आधार पर लगाया था. यह कंपनी के भारतीय परिचालन से विभिन्न कारोबारों से 2013, 2014 और 2015 में हुई कुल औसत आय के पांच प्रतिशत के बराबर है. इस संबंध में गूगल के खिलाफ मैट्रिमोनी डॉट कॉम और कंज्यूमर यूनिटी एंड ट्रस्ट सोसायटी ने शिकायत दायर की थी.
भारती इफ्राटेल, इंडस टावर्स का विलय, दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी टावर कंपनी बनेगी
26 April 2018
नई दिल्ली: भारती इंफ्राटेल और इंडस टावर्स बुधवार को विलय के लिए सहमत हो गए. विलय से बनाने वाली 14.6 अरब डॉलर की नई कंपनी दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी मोबाइल टावर कंपनी होगी. नई इकाई के पास देशभर में 1,63,000 से अधिक टावर होंगे और यह चीन टावर के बाद दूसरी सबसे बड़ी टावर कंपनी होगी. नई कंपनी पर भारती एयरटेल और वोडाफोन का संयुक्त रूप से नियंत्रण होगा. दोनों कंपनियों ने यह जानकारी दी है. इस सौदे के लिए भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग , सेबी , राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिरण , दूरसंचार विभाग ( एफडीआई मंजूरी ) सहित नियामकीय और अन्य मंजूरियों मिलनी अभी बाकी हैं. सौदे के चालू वित्त वर्ष के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है. भारती एयरटेल ने बयान में कहा, " इंडस टावर्स का विलय तय योजनाओं के माध्यम से भारती इंफ्राटेल में या उसके साथ किया जाएगा. विलय के बाद बनने वाली कंपनी का नाम इंडस टावर्स लिमिटेड होगा और यह शेयर बाजार में सूचीबद्ध रहेगी. नई इकाई की 33.8 प्रतिशत से 37.2 प्रतिशत तक हिस्सेदारी भारती एयरटेल के पास होगी. इसमें वोडाफोन इंडिया की 26.7 प्रतिशत से 29.4 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी. वर्तमान में इंडस टावर में वोडाफोन और भारती इंफ्राटेल की हिस्सेदारी 42-42 प्रतिशत है जबकि आइडिया समूह की हिस्सेदारी 11.15 प्रतिशत और प्रोवि‍डेंस की हिस्सेदारी 4.85 प्रतिशत है. 0 टिप्पणियांदोनों कंपनियों ने बयान में कहा कि भारती एयरटेल और वोडाफोन संयुक्त रूप से कंपनी का नियंत्रण करेंगे. कंपनी में भारती एयरटेल और वोडाफोन के पास बराबर के अधिकार होंगे. इसके निदेशक मंडल में 11 निदेशक शामिल होंगे , जिसमें तीन - तीन निदेशक भारती एयरटेल और वोडाफोन की ओर नियुक्त किए जाएंगे. एक निदेशक केकेआर / कनाडा पेंशन प्लान इंवेस्टमेंट बोर्ड और चार अन्य ( चेयरमैन समेत ) स्वतंत्र निदेशक होंगे. यह विलय कंपनियों की उन परिसंपत्तियों का रास्ता साफ करेगा , जो कि रिलायंस जियो द्वारा छेड़े गए शुल्क युद्ध के बाद से फंसी पड़ी हैं , जिसकी वजह से कंपनियों की कमाई पर असर पड़ा और दूरसंचार क्षेत्र की कंपनियों को एकीकृत होना पड़ा. वोडाफोन और आइडिया सेल्युलर का मोबाइल परिचालन कारोबार पहले ही विलय के अंतिम चरण में है. सौदे के तहत , आइडिया के पास इंडस में अपनी हिस्सेदारी बेचने का विकल्प है. जिसकी कीमत 6,500 करोड़ रुपये है. वोडाफोन इंडिया को नई कंपनी में 78.31 करोड़ शेयर मिलेंगे. उसकी हिस्सेदारी का मूल्य करीब 28,400 करोड़ रुपये होगा.
शादी विवाह के मौसम की मांग के कारण सोना 32,450 रुपये की ऊंचाई पर
25 April 2018
नई दिल्ली: विदेशों में कमजोरी का रुख होने के बावजूद यहां शादी विवाह के मौसम की मांग को पूरा करने के लिए स्थानीय आभूषण निर्माताओं की लिवाली में आई तेजी के कारण दिल्ली सर्राफा बाजार में आज सोने की कीमत 225 रुपये चढ़कर 32,450 रुपये प्रति 10 ग्राम की ऊंचाई पर जा पहुंची. औद्योगिक इकाइयों तथा सिक्का निर्माता कंपनियों का उठाव बढ़ने के कारण चांदी भी 200 रुपये चढ़कर 40,000 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गयी. सर्राफा कारोबारियों ने सोने की कीमतों में तेजी आने का श्रेय चालू शादी विवाह के मौसम की वजह से हाजिर बाजार में स्थानीय आभूषण कारोबारियों की लिवाली में आई तेजी को दिया लेकिन विदेशों में कमजोरी के रुख ने लाभ को कुछ सीमित कर दिया. विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपये का अवमूल्यन होने के कारण आयात महंगा हो गया. इसके कारण भी कारोबारी धारणा में तेजी दिख्री. 0 टिप्पणियांवैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोना 0.38 प्रतिशत घटकर 1,324.70 डालर प्रति औंस और चांदी 0.42 प्रतिशत टूटकर 16.560 डालर प्रति औंस रह गया. यहां डॉलर के मजबूत होने से सुरक्षित निवेश के विकल्प के बतौर सर्राफा मांग प्रभावित हुई. राष्ट्रीय राजधानी में 99.9 प्रतिशत तथा 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव 225 - 225 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 32,450 तथा 32,300 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया. गिन्नी का भाव 24,800 रुपये प्रति आठ ग्राम के पूर्वस्तर पर बनी रहा. चांदी तैयार का भाव भी 200 रुपये के सुधार के साथ 40,700 रुपये प्रति किलो तथा चांदी साप्ताहिक डिलीवरी का भाव 100 रुपये सुधरकर 39,575 रुपये प्रति किलो हो गया. हालांकि चांदी सिक्कों का भाव लिवाली 75,000 रुपये तथा बिकवाल 76,000 रुपये प्रति सैकड़ा पर अपरिवर्तित रहा.
इस वजह से गूगल के सुंदर पिचाई को मिलेंगे करीब 2500 करोड़ रुपये
24 April 2018
नई दिल्ली: गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई पर इस बुधवार को ऐसी धनवर्षा होगी जिसके बारे में किसी ने सोचा भी नहीं होगा. सुंदर पिचाई चार साल पहले मिले इनाम के एक चेक को अब भुनाने जा रहे हैं. समाचार साइट 'ब्लूमबर्ग' की रिपोर्ट के अनुसार 2014 में उनका प्रमोशन हुआ था. तब कंपनी ने उन्‍हें 3,53,939 रिस्ट्रिक्टेड शेयर का अवॉर्ड दिया था. टिप्पणियांपिचाई ने कहा है कि अब समय आ गया है उन शेयरों को भुनाने का. ये शेयर गूगल की पैरंट कंपनी अल्फाबेट इंक ने जारी किए थे. खास बात यह है कि पिचाई को जब ये शेयर आवंटित हुए थे तब से अब तक इनकी कीमतों में 90 फीसदी का उछाल आया है. यानि अब उनकी कीमत 380 मिलियन डॉलर (2524 करोड़ रुपये) के करीब पहुंच चुकी है. बता दें कि रिस्ट्रिक्टेड शेयर वे शेयर हैं जो कुछ समय बाद ही बेचे जा सकते हैं. चेन्‍नै में पले-बढ़े पिचाई 2015 से अल्फाबेट इंक के गूगल की कमान संभाल रहे हैं. उन्‍हें सीनियर वाइस प्रेजिडेंट (उत्‍पाद) के पद पर प्रमोशन के समय कंपनी ने ये शेयर दिए थे. उस समय उन्‍होंने सह संस्‍थापक लैरी पेज की अधिकतर जिम्मेदारियां संभालनी शुरू कर दी थीं
ब्याज कमाने के लिए अच्छा माध्यम FD या PPF में बेहतर कौन?
23 April 2018
नई दिल्ली: आम तौर पर पीपीएफ और एफडी मुनाफे या कहें लाभ देने में लगभग समान माने जाते रहे हैं. इनमें मुख्य अंतर यह होता है कि पीपीएफ की अवधि 15 साल होती है जबकि एफडी की एक महीने से लेकर एक साल या 5 साल या कुछ भी हो सकती है. टैक्स छूट की बात करें तो दोनों पर 80 सी के अनुसार छूट मिलती है, लेकिन यादे रहे, एफडी में पांच साल का लॉक-इन पीरियड होने पर ही छूट मिलती है, इससे कम अवधि की एफडी पर नहीं. एफडी पर मिलने वाले ब्याज पर कर चुकाना होता है जबकि पीपीएफ में मिलने वाले पैसे पर कई टैक्स नहीं देना होता. यानि यह टैक्स से पूरी तरह मुक्त होता है. पीपीएफ पर 3 वर्ष बाद लोन लेना संभव है जबकि एफडी पर लोन नहीं मिलता. पीपीएफ पर मिलने वाले ब्याज की बात करें तो सरकार द्वारा घोषित होती है और बदलती भी रहती है. वर्तमान में यह दर 7.6 प्रतिशत है. एफडी पर ब्याज दर सालाना बदलती रहती है जो कि समय और बैंक के हिसाब से अलग अलग होती है. फिर भी कुछ ऐसी बाते हैं जो जो पीपीएफ को एफडी से अलग करती है. पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ अकाउंट पोस्ट ऑफिस , स्टेट बैंक आफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक के अलावा कई निजी बैंकों की चुनिंदा शाखाओं में खुलवाए जा सकते हैं. यह अकाउंट कम से कम 15 वर्ष के लिए खोला जाता है और इसकी सीमा 5 वर्ष और बढ़ाई जा सकती है. इसे समय से पहले बंद नहीं कराया जा सकता है, यह सिर्फ मृत्यु होने की स्थिति में ही संभव है. इस अकाउंट में प्रतिवर्ष न्यूनतम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं एक समय फिक्स डिपाजिट निवेश का सबसे बढ़िया और अच्छा विकल्प होने के साथ साथ सुरक्षित निवेश का बड़ा माध्यम रहा है. लेकिन पिछले कुछ सालों में एफडी पर मिलने वाला ब्याज लगातार कम होता जा रहा है. इससे बैंकों में एफडी को लेकर रुचि कुछ कम हुई है. बैंकों के ब्याज दरों में कमी के कारण लोगों का पैसा जो पहले 4-5 सालों में दोगुना होता था वह अब इस अवधि में लगभग डेढ़ गुना ही हो पाता है. कुछ बैंक अभी भी अच्छी ब्याज दर दे रहे हैं. लेकिन यहां पर आम बैंकों बात हो रही है. फिर बता दें कि एफडी पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स लगता है. एफडी पर ब्याज से होने वाली आमदनी पर टैक्स की गणना संग्रहण आधार पर की जाती है न कि उस समय करदाता को प्राप्त वास्तविक रिटर्न पर किया जाता है. एफडी कितने दिनों की है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, यदि किसी शेड्यूल बैंक से 5 साल की एफडी हुई है तो आयकर अधिनियम 80 सी के तहत करछूट का लाभ मिलता है. एफडी पर मिलने वाले ब्याज को आम डिपाजिट की ही तरह आयकरदाता के टैक्स स्लैब के अनुसार ही अदा करना होता है. इससे यह साफ है कि वर्तमान में यदि आप पैसे को किसी भी सूरत में ब्लॉक नहीं करना चाहते हैं और अपनी शर्तों पर उसे समय के हिसाब से प्रयोग में लाना चाहते हैं तब एफडी से बेहतर कुछ नहीं. यहां पर आप अपनी जरूरत के हिसाब से पैसा जब चाहें निकाल सकते हैं और आप अपने पैसे का प्रयोग कहीं भी कर सकते हैं. यानी एफडी निवेश और सुरक्षित ब्याज कमाने का ऐसा माध्यम है जहां पर आप ब्याज के साथ-साथ कैश की व्यवस्था का प्रबंध बनाए रखते हैं. उधर, पीपीएफ के साथ यह अच्छाई है कि यहां एफडी से ज्यादा ब्याज मिलता है. पैसा सुरक्षित है, लेकिन आप अपनी जरूरतों के हिसाब से इसे समय पर निकाल नहीं सकते हैं. जरूरत पर भी पैसा निकालने की प्रक्रिया जटिल ही है. सरकारी बैंकों और सरकारी कार्यालयों में पैसा जमा होने पर थोड़ी दिक्कत का सामना करना ही होगा. लेकिन यहां ऐसा फायदा है कि पैसा पूरा और समय पर ब्याज सहित खाते में दिखता रहता है. और समयावधि पूरी होने पर खाते में इसे लेकर प्रयोग में ला सकते हैं. अब यह साफ है कि पैसा लगाकर आप यदि कुछ सालों के लिए भूल सकते हैं तब पीपीएफ से बेहतर कुछ नहीं और अगर आप इस पैसे का इस्तेमाल कभी जरूरत पर करना चाहते हैं तब एफडी से बेहतर कुछ नहीं
RBL बैंक ने बढ़ाई FD पर ब्याज दरें... आप भी उठा सकते हैं फायदा
12 April 2018
नई दिल्ली: जब परिवार की जरूरत पूरी हो जाती है और कुछ पैसे बचने लगते हैं तब अकसर मिडल क्लास का आदमी एफडी के बारे में सोचता है. उसकी सबसे बड़ी जरूरत होती है कि पैसा जल्द से जल्द बढ़ जाए और दूसरी चिंता होती कि पैसा सुरक्षित रहे. उसके अंदर रिस्क लेने की क्षमता कम होती है. ऐसे में सबसे ज्यादा मुफीद रास्ता अगर नजर आता है तो वह है फिक्स्ड डिपॉजिट का, यानी सावधि जमा. मतलब साफ है कि निश्चित अवधि के लिए पैसा बैंक में रखा जाए और निश्चित ब्याज लिया जाए. यह मन बनाने के बाद आदमी का सबसे बड़ी खोज शुरू होती है कि किस बैंक में कितना ब्याज मिलता. वह यह इसलिए करता है क्योंकि हर बैंक में अपना ब्याज निर्धारित है. सबसे ज्यादा ब्याज कहां मिलता है, यह खोजना सबसे कठिन है. अगर आप बैंक में फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट यानी FD करवाने जा रहे हैं तो नई ब्‍याज दरें जरूर चेक कर लें. नए वित्‍त वर्ष की शुरुआत के साथ ही देश के कई बैंकों ने FD की ब्‍याज दरों में बदलाव कर दिया है. इन बैंकों में SBI, RBL बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, एक्सिस बैंक, कोटक महिन्‍द्रा, ICICI बैंक जैसे बैंक शामिल हैं. ज्‍यादातर बैंकों ने ब्‍याज दरों में बढ़ोत्‍तरी ही की है लेकिन कुछ ने इनमें कटौती भी कर दी है. टिप्पणियां RBL बैंक ने 27 मार्च को अपनी नई ब्‍याज दरें प्रभावी की हैं. अब बैंक में 1 करोड़ रुपए से कम की 1 साल व 2 साल अवधि वाली FD पर ब्‍याज दर 7.45 फीसदी सालाना हो गई है. पहले यह क्रमश: 7.34 फीसदी व 7.40 फीसदी थी. बैंक ने सीनियर सिटीजन के लिए इस संदर्भ में दर बढ़ाकर 7.98 फीसदी कर दी है, जो पहले 1 व 2 साल के लिए क्रमश: 7.87 फीसदी और 7.93 फीसदी थी. 3 साल और 5 साल की अवधि के लिए की 1 करोड़ रुपए से कम की FD पर आम लोगों के लिए ब्‍याज दर 7.34 फीसदी और सीनियर सिटीजन के लिए 7.87 फीसदी हो गई है. पहले यह आम लोगों के लिए 7.29 फीसदी और सीनियर सिटीजन के लिए 7.82 फीसदी थी.
मौजूदा वित्त वर्ष में 7.3 जबकि अगले में 7.6 प्रतिशत रहेगी भारत की आर्थिक विकास दर : एडीबी
11 April 2018
नई दिल्ली: एशियाई विकास बैंक का अनुमान है कि एक अप्रैल से शुरू हुए मौजूदा वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक विकास दर सुधर कर 7.3 प्रतिशत जबकि अगले वित्त वर्ष 2019-20 में 7.6 प्रतिशत रहेगी. बैंक का अनुमान है कि जीएसटी के कारण उत्पादन में वृद्धि और बैंकिंग के क्षेत्र में सुधार के कारण निवेश से आर्थिक विकास दर को गति मिलेगी. जयपुर.शहर में आईपीएल सीजन 11 के बीच बुधवार को खेले जाने वाले क्रिकेट मैच से पहले ही सट्टे का खेल उजागर हो गया। जयपुर कमिश्नरेट में पश्चिम जिले की हरमाड़ा थाना पुलिस ने मंगलवार देर रात को तीन सटोरियों को गिरफ्तार कर लिया। एक सूटकेस में फिक्स थे 51 मोबाइल फोन व उपकरण - एक मकान में चल रहे सट्टे के खेल में पुलिस ने बुकी के कब्जे से 51 मोबाइल फोन, 38 हजार रुपए नकद और करीब 92 लाख रुपए के हिसाब किताब की पर्चियां बरामद की है। - इसके अलावा पुलिस ने बुकी की एक स्कार्पियो गाड़ी, एक लेपटॉप व एलईडी भी जब्त की है। यह मोबाइल फोन व उपकरण एक सूटकेस में स्पेशल तकनीक से फिक्स कर रखे थे। ये है तीनों आरोपी बुकी, जो लगा रखे थे सट‌टा - डीसीपी पश्चिम अशोक गुप्ता ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी रंजित कुमार उर्फ महेंद्र चौधरी (28) गांव थोई जिला सीकर का रहने वाला है। यहां बालाजी विहार—10, अनोखा गांव में हरिनारायण जाट के मकान में किराए से रहता है। - दूसरा आरोपी अमर सिंह सोनी (42), आरोपी मुकेश कुमार जाट (27) है। ये दोनों श्रीमाधोपुर, जिला सीकर के रहने वाले है। कोलकाता नाइट राइडर और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच मैच पर सट्टा - एडिशनल डीसीपी रतन सिंह ने बताया कि मंगलवार देर रात हरमाड़ा थानाप्रभारी लखन सिंह खटाणा को सूचना मिली थी कि अनोखा गांव में एक मकान में आईपीएल क्रिकेट मैच पर सट्टा खेला जा रहा है। - इस पर एसीपी राजवीर सिंह व थानाप्रभारी लखन सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अनोखा गांव पहुंचकर बंद मकान पर दबिश दी। - जहां एक कमरे में तीनों बुकी कोलकाता नाइट राइडर और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेले गए क्रिकेट मैच पर सट्टा लगाते हुए पकड़े गए। आरोपियों से गहनता से पूछताछ की जा रही है। दो महिने पहले कमरा किराए पर लिया था, बाहर के बुकियों से भी संपर्क - इन्होंने करीब दो—तीन महिने पहले ही मकान किराए पर लिया था। पुलिस का मानना है कि यह बुकी राजस्थान और बाहर के कई राज्यों या फिर देशों में बैठे बुकीज से संपर्क में थे। - इनके पास मिले मोबाइल फोन की सिम कौन सी आईडी से जारी हुई है। इसकी भी जानकारी जुटाई जाएगी। सीकर में भी पकड़े गए पांच सटोरिए, 17 मोबाइल बरामद - सीकर जिले में फतेहपुर शेखावाटी कस्बे में भी मंगलवार रात को पुलिस ने छापा मारकर पांच सटोरियों को गिरफ्तार कर लिया। - उनके कब्जे से 17 मोबाइल फोन, एलईडी टीवी व उपकरण, 18 हजार रुपए नकद और करीब 80 लाख रुपए का हिसाब किताब बरामद किया है। यह कार्रवाई कोतवाली थाना पुलिस ने देर रात को कस्बे के बस स्टैंड के पास की।
राकेश भारती मित्तल सीआईआई के नये अध्यक्ष बने
10 April 2018
नई दिल्ली: भारती एंटरप्राइजिज के उपाध्यक्ष राकेश भारती मित्तल ने आज वर्ष 2018- 19 के लिये उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के अध्यक्ष का कार्यभार संभाल लिया है. सीआईआई ने यह जानकारी दी है. उन्होंने शोभना कामिनेनी का स्थान लिया है जिन्होंने उद्योग संगठन के आज संपन्न वार्षिक सत्र में नये अध्यक्ष को कार्यभार सौंपा. कामिनेनी अपोलो हास्पिटल एंटरप्राइज लिमिटेड की कार्यकारी वाइस - चेयरपर्सन हैं. कोटक महिन्द्रा बैंक के संस्थापक एवं सीईओ उदय कोटक ने 2018-19 के लिये सीआईआई के अध्यक्ष - नामित का पद संभाला है जबकि विक्रम किर्लोस्कर को सीआईआई का नया उपाध्यक्ष चुना गया है. टिप्पणियां भारतीय एंटरप्राइजिज समूह का दूरसंचार, कृषि एवं खाद्य, वित्तीय सेवाओं, खुदरा, रीयल्टी और दूरसंचार एवं मीडिया उपकरणों के क्षेत्र में कारोबार है. राकेश भारतीय मित्तल भारती एक्सा लाइफ इंश्योरेंस, भारतीय एक्सा जनरल इंश्योरेंस, फील्ड फ्रेश फूड्स एण्ड सेंटम लर्निंग के चेयरमैन भी हैं. वह भारतीय एयरटेल के निदेशक मंडल में भी हैं और भारतीय रियल्टी होल्डिंग्स के प्रबंध निदेशक हैं
बैंक ऑफ बड़ौदा ने बढ़ाया MCLR, महंगे होंगे सभी तरह के लोन
9 April 2018
नई दिल्ली: बैंक ऑफ बड़ौदा ने MCLR यानी मार्जिनल कॉस्‍ट लेडिंग रेट को बढ़ाने का ऐलान किया है. यह शनिवार से लागू हो जाएगा. बैंक की ओर से एक्‍सचेंज को दी गई जानकारी में यह बताया गया है. बैंक ने कहा है कि 10 बेसिस प्‍वाइंट MCLR बढ़ाने का फैसला लिया गया है. बैंक के इस फैसले के बाद होम से लेकर ऑटो, बिजनेस लोन महंगे हो जाएंगे. इस बढ़ोतरी के बाद मार्जिनल लेंडिंग रेट्स 7.90 से 8.40 फीसदी के बीच होगा. रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार बैंक मासिक आधार पर MCLR को बढ़ा या घटा सकते हैं. क्या होता है एमसीएलआर- लोन का इंटरेस्‍ट रेट तय करने के लिए आरबीआई ने अप्रैल 2016 से इसकी शुरुआत की. एमसीएलआर के तहत बैंक ब्याज दर तय कर सकते हैं, जो लोन चुकाने के लिए बाकी सालों पर निर्भर करेगी.
साँची दूध के विक्रय एवं विपणन के लिए मोबाईल एप शुरू
9 April 2018
डेयरी उद्योग के आधुनिकीकरण एवं नवीन अवधारणा पर एक दिवसीय कार्यशाला का उदघाटन प्रमुख सचिव पशुपालन श्री अजीत केसरी ने किया। इस अवसर पर कोटक महिन्द्रा बैंक द्वारा दूध एवं दुग्ध उत्पाद के विक्रय एवं विपणन के लिए निर्मित साफ्टवेयर तथा मोबाईल एप का अनावरण किया गया। कार्यशाला में दुग्ध सहकारी समिति में आटोमेटिक दुग्ध परीक्षण, पशुओं के तत्काल इलाज के लिए इनॉफ साफ्टवेयर के माध्यम से 1962 डायल सेवा, डेयरी उद्योग में फोटो तकनीक के माध्यम से दुग्ध संचालन, नवीन दुग्ध पदार्थ, दुग्ध सहकारी समितियों की जीआईएस मेपिंग के माध्यम से प्रत्येक दुग्ध समिति की लोकेशन एवं विस्तृत जानकारी का एकीकरण तथा A1 और A2 श्रेणी के दूध के बारे में विशेषज्ञों ने विस्तृत जानकारी दी। इसके अतिरिक्त विभिन्न दुग्ध मशीन निर्माता कंपनियों द्वारा डेयरी उद्योग में नवीन तकनीक की मशीनों के बारे में भी जानकारी दी गई। इसमें मुख्य रूप से ऐसिप्टक मिल्क उत्पादन, दुग्ध शीतलीकरण की नवीन मशीनें, आटोमेटिक दुग्ध जाँच एवं नियंत्रण, डेयरी यांत्रिकी में नवीन अवधारणाएँ, दुग्ध एवं दुग्ध पदार्थ की गुणवत्ता नियंत्रण हेतु नवीन तकनीक, दूध में मिलावट के परीक्षण के लिए नवीन तकनीक के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर आयुक्त, सहकारिता श्रीमती रेणू पंत, प्रबंध संचालक एमपीसीडीएफ डॉ. अरूणा गुप्ता, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, भोपाल सहकारी दुग्ध संघ मर्यादित श्री जितेन्द्र सिंह राजे, संचालक, पशुपालन डॉ. आर.के. रोकडे तथा प्रबंध संचालक, कुक्कट विकास निगम डॉ. एच.वी.एस. भदौरिया उपस्थित थे।
व्यापार युद्ध से जुड़ी चिंताओं के बीच अमेरिकी डॉलर में गिरावट
5 April 2018
न्यूयॉर्क: चीन और अमेरिका के बीच व्यापार युद्ध से जुड़ी चिंताओं के बीच अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर में गिरावट दर्ज की गई. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, बुधवार को न्यूयॉर्क ट्रेडिंग में यूरो में बीते सत्र के 1.2268 डॉलर के मुकाबले 1.2281 डॉलर की मजबूती रही. वहीं, ब्रिटिश पाउंड में बीते सत्र के 1.4056 डॉलर के मुकाबले 1.4074 डॉलर की बढ़त रही. डॉलर के मुकाबले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.7680 से मजबूत होकर 0.7707 हो गया. डॉलर सूचकांक बीते कारोबार में 0.07 फीसदी की गिरावट के साथ 90.139 पर रहा.
सातवां वेतन आयोग : सरकार की ओर से न्यूनतम वेतनमान पर संसद में दिया गया यह बयान
4 April 2018
नई दिल्ली: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारियों के लिए सातवां वेतन आयोग (Seventh Pay Commission) सैलरी और पेंशन में इजाफा लेकर आया. इस रिपोर्ट के कई पहलुओं पर विवाद रहा. कर्मचारी चर्चाओं के बाद भी रिपोर्ट के प्रावधानों और संस्तुतियों से सहमत नहीं हुए. सरकार ने अपने हिसाब से जरूरी संशोधनों के साथ रिपोर्ट को स्वीकार किया और फिर इसे लागू किया. सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) की जो सिफारिशें लागू की गई उसमें से कुछ पर केंद्रीय कर्मचारियों ने आपत्ति जताई. कई मुद्दों पर चर्चा के बाद समाधान निकल गया. सबसे अहम और सर्वाधिक कर्मचारियों से जुड़ा मुद्दा न्यूनतम वेतन मान का रहा जिसे अभी तक कर्मचारियों के हिसाब से सुलझाया नहीं जा सका है. आज की स्थिति में लाखों कर्मचारी असमंजस में हैं. लाखों कर्मचारी और उनके परिवार उम्मीदें पाले हुए हैं. आखिर स्थिति क्या है. संसद में इस बारे में हाल ही एक सवाल सांसद नीरज शेखर ने किया. इसका जवाब सरकार की ओर से आया जो आज की स्थिति को साफ करता है. छह मार्च को नीरज शेखर ने प्रश्न किया था. उन्होंने पूछा - क्‍या वित्त मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि: (क) क्‍या सरकार केन्‍द्र सरकार के कर्मचारियों की नाराजगी और सातवें केन्‍द्रीय वेतन आयोग द्वारा वेतन में अब तक की सबसे कम वृद्धि किए जाने को ध्‍यान में रखते हुए न्‍यूनतम वेतन को 18000/- रुपए से बढ़ाकर 21000/- रुपए करने और फिटमेंट फैक्‍टर को 2.57 से बढ़ाकर 3 करने पर सक्रियता से विचार कर रही है; (ख) यदि हां, तो तत्‍संबंधी ब्‍यौरा क्‍या है और यह किस तारीख से लागू होगा; और (ग) यदि नहीं, तो सरकारी कर्मचारियों के प्रति सरकार के उदासीन रवैये के क्‍या कारण हैं? सरकार की ओर से वित्तमंत्रालय में राज्य मंत्री पी राधाकृष्‍णन ने उत्तर दिया - (क), (ख) और (ग): 18000/- रुपए प्रति माह का न्‍यूनतम वेतन और 2.57 का फिटमेंट गुणांक 7वें केन्‍द्रीय वेतन आयोग द्वारा संगत कारकों को ध्‍यान में रखते हुए की गई विशिष्‍ट सिफारिशों पर आधारित हैं. इसलिए, इस समय इसमें किसी परिवर्तन पर विचार नहीं किया जा रहा है. बता दें कि नवंबर माह से लेकर अभी तक यह खबरें चली आ रही हैं कि सरकार और कर्मचारियों में न्यूनतम वेतन मान को लेकर कोई समझौता हो गया है. कहा यह भी जा रहा था कि यह दिसंबर माह से लागू हो जाएगा. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. फिर कहा गया कि यह जनवरी से लागू हो जाएगा. तब भी यह नहीं हुआ. खबर थी कि यह 1 अप्रैल से लागू हो जाएगी. लेकिन ऐसा हुआ नहीं. बता दें कि सातवें वेतन आयोग से पहले 7000 रुपये न्यूनतम वेतनमान हुआ करता था. जबकि लागू होने के बाद इसे 18000 रुपये कर दिया गया. सरकारी कर्मचारियों की यूनियन इसे 26000 करने की मांग कर रही थी. जबकि एक समय आया था कि सरकार इसे 21000 करने पर तैयार हो गई थी. यह बात केवल चर्चाओं में रही. कर्मचारी इसके लिए तैयार नहीं थे.
छठे दिन भी पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी जारी, जानें आज के रेट
3 April 2018
नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते कच्चे तेल के दामों का असर मंगलवार को भी पेट्रोल और डीजल के दामों पर भी दिखा. छठे दिन भी पेट्रोल-डीजल के दामों पर वृद्धि देखने को मिली. दिल्‍ली में पेट्रोल अपने चार साल के उच्‍चतर स्‍तर पर है. वहीं डीजल के दाम नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहे हैं. इंडियन ऑयल के मुताबिक, मंगलवार को मेट्रो शहरों में नॉन-ब्रांडेड पेट्रोल की कीमतों में 11 से 13 पैसे की बढ़ोतरी हुई है. वहीं डीजल के दामों में 13 से 14 पैसे की बढ़ोतरी हुई है. दिल्‍ली में पेट्रोल के दाम 73.95 तक पहुंच चुके हैं, जो सितंबर 2013 के बाद से सबसे महंगे हैं. कोलकता में पेट्रोल के दाम 76.66, मुंबई में 81.8 और चेन्‍नई में 76.72 रुपये प्रति लीटर है. वहीं डीजल के दाम भी रिकॉर्ड स्‍तर पर पहुंच चुके हैं. दिल्‍ली में डीजल के दाम 64.82 प्रति लीटर के रिकॉर्ड तक पहुंच चुके हैं. कोलकता में डीजल 67.51, मुंबई में 69.02 और चेन्‍नई में 68.38 प्रति लीटर तक पहुंच गए है. आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ी कीमत में कमी करने से साफ तौर मना कर दिया है. सरकार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पेट्रोल के दाम में वृद्धि से उत्पाद शुल्क में तत्काल किसी प्रकार की कटौती करना संभव नहीं है. इस वजह से पेट्रोल- डीजल के दाम में फिलहाल कोई कमी नहीं होगी. गौरतलब है कि वैश्विक बाजारों में तेल के दाम बढ़ने से जहां डीजल की कीमत बीते कुछ वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है वहीं पेट्रोल बीते चार साल मे सबसे महंगा मिल रहा है. ध्यान हो कि केंद्र सरकार ने वैश्विक बाजार में कीमतों में गिरावट के दौरान राजस्व बढ़ाने के इरादे से नवंबर 2014 और जनवरी 2016 के बीच उत्पाद शुल्क में नौ बार बढ़ोतरी की. हालांकि पिछले साल अक्टूबर में इसकी कीमत में दो रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई थी. यह पूछे जाने पर कि क्या दूसरी बार उत्पाद शुल्क में कटौती की जा सकती है, वित्त सचिव हसमुख अधिया ने कहा कि फिलहाल इसकी कोई संभावना नहीं है. हम आगे जब भी हम इसकी समीक्षा करेंगे, आपको इसकी जानकारी दी जाएगी. गौरतलब है कि इससे पहले पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि सरकार पेट्रोल के अंतरराष्ट्रीय मूल्यों पर नजर रख रही है लेकिन मुक्त बाजार कीमत निर्धारण व्यवस्था से पीछे नहीं हटा जाएगा. टिप्पणियांप्रधान ने कहा कि अगर पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाता है तो इसका लाभ उपभोक्ताओं को ही होगा. अंतरराष्ट्रीय तेल बाजारों में दाम बढ़ने से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल कीमत सोमवार को चार साल के उच्च स्तर 73.83 रुपये लीटर जबकि डीजल के दाम अपने उच्चतम स्तर 64.69 रुपये पर पहुंच गई. राष्ट्रीय राजधानी में यूरो-6 मानक वाले पेट्रोल और डीजल की बिक्री की शुरुआत को लेकर आयोजित कार्यक्रम में प्रधान ने कहा कि भारत को सभी को तेल उपलब्ध कराने के लिए बाजार आधारित कीमत व्यवस्था की जरूरत है उन्होंने कहा कि ईंधन कीमत निर्धारण पारदर्शी प्रणाली पर आधारित है और कीमत में तेजी का कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में दामों में बढ़ोतरी होना है
जल्द ही महंगे हो सकते हैं स्मार्टफोन, अहम पुर्ज़े पर नया शुल्क लगाने की तैयारी
2 April 2018
नई दिल्ली: स्मार्टफोन अब ज़रूरत की वस्तु बन चुका है, और अधिकतर युवाओं के हाथ में साधारण मोबाइल फोन के स्थान पर स्मार्टफोन ही दिखाई देता है, लेकिन अब जल्द ही ये फोन महंगे हो सकते हैं, क्योंकि बताया गया है कि भारत स्मार्टफोन बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले एक अहम पुर्ज़े पर नया शुल्क लगाने पर विचार कर रहा है, ताकि तेज़ी से बढ़ते वैश्विक स्मार्टफोन बाज़ार में घरेलू उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जा सके. समाचार एजेंसी रॉयटर के अनुसार नाम न छापे जाने की शर्त पर दो सरकारी अधिकारियों ने बताया है कि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय ने पॉपुलेटेड प्रिंटेड सर्किट बोर्डों (पीसीबी) के आयात पर 10 फीसदी शुल्क लगाने का प्रस्ताव दिया है. दरअसल, किसी भी स्मार्टफोन में पीसीबी पर ही प्रोसेसर, मेमोरी और वायरलेस चिप आदि जैसे सबसे अहम पुर्ज़े लगाए जाते हैं. ख़बर के मुताबिक, यह शुल्क कुछ ही दिन में लागू किया जा सकता है, यदि वित्त मंत्रालय इस सिफारिश को मंज़ूरी दे देता है, जिससे पीसीबी का आयात महंगा हो जाएगा, और कंपनियां स्थानीय स्तर पर पुर्ज़ों को असेम्बल करने के लिए विवश हो जाएंगी. रविवार को समाचार एजेंसी 'ब्लूमबर्ग न्यूज़' इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से इस समाचार पर टिप्पणी के लिए संपर्क नहीं कर पाई. टिप्पणियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने 'मेक इन इंडिया' अभियान के तहत ज़्यादा से ज़्यादा उत्पादन देश में करने के लिए कंपनियों पर लगातार ज़ोर दे रहे हैं. ज़्यादा शुल्क लग जाने के बाद संभवतः एप्पल इंक. विवश होकर उत्पादन तथा असेम्बली इकाइयों को देश में स्थापित करेगी, ताकि सेमसंग और शाओमी कॉर्प जैसी प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के मुकाबले लाभ में रह सके. फरवरी में भारत सरकार ने आयातित मोबाइल फोनों पर सीमा शुल्क में बढ़ोतरी की थी, ताकि पुर्ज़ों के स्थानीय स्तर पर उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सके. एप्पल भारत में अपनी मौजूदगी को फैलाने के लिए तत्पर है, और उसने सरकार से इस मसले पर चर्चा भी की है कि कुछ खास पुर्ज़ों पर शुल्क को कम किया जाए.
1 अप्रैल 2018 से पूरे देश में लागू हो रहे हैं इनकम टैक्स के ये नए नियम
30 March 2018
नई दिल्ली: एक अप्रैल से सरकारी कागजों के लिए नया साल होता शुरू होता है और इसी तारीख से 2018-19 वित्तीय वर्ष शुरू हो रहा है, और जिस तरह से आम बजट की घोषणा में कई सारे बदलाव देखने को मिले, वे सभी इसी एक अप्रैल से लागू होंगे. इस तरह से देखा जाए तो आम लोगों की जिंदगी में भले ही कोई बदलाव हो या न हो, मगर इसके असर तो जरूर होंगे. इसलिए इस वित्तीय वर्ष में कई सारे नियम बदल रहे हैं तो इसकी जानकारी होना हम सबके लिए काफी अहम है. इन महत्वपूर्ण बदलावों में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स, स्टैंडर्ड डिडक्शन और इनकम टैक्स पर अधिक सेस आदि शामिल हैं. निवेश अभी तक भले ही लॉन्ग टर्म निवेस पर टैक्स नहीं था, मगर अब एक साल से अधिक के निवेश में मुनाफे पर 10 फीसदी का टैक्स और 4 फीसदी सेस लगेगा. अगर एक साल में कैपिटल गेन एक लाख रुपये तक है तो फिर आप टैक्स से बच जाएंगे. ब्याज ब्याज में सरकार ने इस बार राहत दी है. अब 50 हजार रुपये तक का ब्याज टैक्स फ्री होगा. वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैंक और पोस्ट ऑफिस में जमा पर 50 हजार रुपये तक ब्याज टैक्स फ्री होगा. बता दें कि अभी तक 10 हजार रुपये तक का ही ब्याज टैक्स फ्री था. मेडिकल री-इंबर्समेंट की सेवा होगी समाप्त इस वित्तीय वर्श से मेडिकल री-इंबर्समेंट की सुविधा खत्म हो जाएगी. वेतनधारियों और पेंशनधारियों को 40,000 रुपए स्टैंडर्ड डिडक्शन का लाभ मिलेगा. मगर 15,000 रुपए मेडिकल री-इम्बर्समेंट और 19,200 रुपए ट्रांसपोर्ट अलाउंस की सुविधा अब नहीं मिलेगी. बीमा इस साल से बीमा पॉलिसी में भी बदलाव देखने को मिलेंगे. सिंगल प्रीमियम वाली पॉलिसी अगर एक से से अधिक समय से लिए है तो हर साल समान अनुपात में प्रीमियम पर आपको छूट मिल सकती है. हालांकि, अभी छूट का लाभ उठाने की सीमा 25 हजार है. इनकम टैक्स पर सेस अधिक इस साल से इनकम टैक्स पर सेस अधिक लगेगा. इनकम टैक्स पर 3 फीसदी के बदले अब 4 फीसदी हेल्थ और एजुकेशन सेस लगेगा. ई-वे बिल इस साल से एक राज्य से दूसरे राज्य में माल लाने और ले जाने के लिए ई-वे बिल अनिवार्य होगा. मगर इसका शर्त है कि अगर गाड़ी में रखे माल की कीमत 50 हजार रुपये से कम है तो इस बिल की जरूरत नहीं होगी. साथ ही जिन वस्तुओं पर टैक्स नहीं लगता है, वह भी इसमें नहीं जुड़ेगी. NPS निकासी पर इनकम टैक्स का लाभ सरकार ने नैशनल पेंशन सिस्टम यानी एनपीएस में जमा रकम निकालने पर टैक्स छूट का लाभ अब उन लोगों के लिए भी देने का प्रस्ताव किया है जो सेल्फ एम्प्लॉई हैं. सेल्फ-एंप्लॉयड लोगों को एनपीएस से पैसे निकालने पर 40% हिस्से पर टैक्स नहीं लगेगा. अभी तक यह सुविधा वेतनभोगियों के लिए थी. एसबीआई में कम बैंलेंस पर कम चार्ज स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपने ग्राहकों को राहत दी और बैंक अकाउंट में औसर मासिक बैलेंस न होने पर लगने वाले चार्ज को कम कर दिया है. ये नियम भी 1 अप्रैल से ही लागू हो रहे हैं. टिप्पणिया इलाज के खर्च पर टैक्स इलाज के खर्च पर टैक्स छूट की सीमा बढ़ा दी गई है. पहले यह 60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति के लिए 60 हजार थी और 80 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति के लिए 80 हजार थी, मगर अब सबके लिए एक लाख रुपये हो गई है
वीडियोकॉन ग्रुप के संबंध में ICICI बैंक ने दी सफाई, कंर्सोटियम के पार्ट के तौर पर 3,250 करोड़ रुपये किये मंजूर
29 March 2018
नई दिल्ली: वित्तीय लेन-देन में भ्रष्टाचार करने के मामले में प्राइवेट सेक्टर की सबसे बड़ी आईसीआईसीआई बैंक की सीईओ और एमडी चंदा कोचर के लिए राहत की खबर आई है. आईसीआईसीआई बैंक ने अपनी बैंक की सीईओ और प्रबंध निदेशक को चंदा कोचर को एक तरह से क्लीन चिट दे दी है. बचाव में आए बैंक ने चंदा कोचर द्वारा वीडियोकॉन ग्रुप को लोन देने में कथित तौर पर भ्रष्टाचार को लेकर अफवाहों पर विराम लगाने की मांग की है. बता दें कि चंदा कोचर पर आरोप है कि उन्होंने वीडियोकॉन समूह को लोन देने में गलत तरीके से सहयोग किया था. बैंक की तरफ से जारी बयान में आईसीआईसीआई बैंक के निदेशक मंडल ने कहा है कि वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज या किसी अन्य कंपनी को ऋण देने में पक्षपात या कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट कोई मामला नहीं है. अफवाहों को "दुर्भावनापूर्ण और निराधार" बताते हुए कहा कि आईसीआईसीआई बैंक ने कहा कि बोर्ड ने लोन की स्वीकृति की आंतरिक प्रक्रिया की समीक्षा की है और उसे मजबूत पाया है. बोर्ड को अपने एमडी और सीईओ चंदा कोचर पर पूरा भरोसा और विश्वास है. अपने बयान में बैंक ने यह भी कहा है कि ठीक इसी तरह की अफवाह पहली बार 2016 में उठी थी, तब भी उचित जवाब दिया गया था. गौरतलब है कि बीते कुछ हफ्तों से ऐसी खबरें आ रही थीं कि आईसीआईसीआई बैंक ने वीडियोकॉन को दिए गए लोन में कथित तौर पर भ्रष्टाचार किया है. बैंक का यह जवाब उन्हीं खबरों के आलोक में हैं. बैंक ने कहा कि वीडियोकॉन को कंसोर्टियम ऑफ लेंडर्स के पार्ट के तौर पर 3250 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई थी. साथ ही आईसीआईसीआई बैंक ने कहा कि बैंकों के समूह का नेतृत्व उसने नहीं किया था
सरकार जारी करेगी 350 रुपये का विशेष सिक्का, जानें कैसा होगा
28 March 2018
नई दिल्ली: सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह की 350 वीं जयंती पर सरकार 350 रुपये का स्मृति सिक्का जारी करेगी. टिप्पणियावित्त मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया है कि श्री गुरु गोविंद सिंह जी की 350 वीं जयंती के अवसर पर केन्द्र सरकार की अनुमति से मिंट से 350 रुपये का सिक्का जारी किया जायेगा. इस सिक्के का वजन 35 ग्राम का होगा. इसमें 50 प्रतिशत चांदी, 40 प्रतिशत तांबा और पांच- पांच प्रतिशत निकल और जस्ता होगा. सिक्के के अभिमुख पर रुपये का चिह्न तथा अशोक स्तंभ के नीचे अंतरराष्ट्रीय नंबर में 350 अंकित होगा. सिक्के के पीछे की ओर बीच में ‘तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब की तस्वीर’ होगी.’’ सिक्के की दाईं-बाईं ब्राह्यपट्टी पर एक तरफ वर्ष 1666 और दूसरी तरफ 2016 लिखा होगा.
आम्रपाली ग्रुप का झटका, सुप्रीम कोर्ट ने कहा - बैंक बिल्डर से वसूलें पैसा, खरीदारों से नहीं
27 March 2018
नई दिल्ली: आम्रपाली ग्रुप के खिलाफ फ्लैट खरीदारों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि फ्लैट खरीदारों का पैसा, फ़्लैट खरीदारों का है इसे कोई नही ले सकता. टिप्पणियासुप्रीम कोर्ट ने बैंक ऑफ़ बरोडा को कहा कि आपने पैसा बिल्डर को दिया है न कि फ्लैट खरीदारों को. आप फ्लैट खरीदारों के पैसे नही ले सकते. आप बिल्डर की सम्पति को ले सकते है. दरसअल सुनवाई के दौरान बैंक ऑफ़ बरोडा की तरफ से इंसोल्वेंसी प्रक्रिया का मुद्दा उठाया गया था. कहा गया कि हमारे पैसे भी बिल्डर ने लिए है, उसको लेकर दायर अर्जी पर भी सुनवाई हो. सुप्रीम कोर्ट ने बिल्डर, बायर्स, नोएडा ऑथॉरिटी और ग्रेटर नोएडा ऑथॉरिटी को मीटिंग करने को कहा. 10 अप्रैल को अगली सुनवाई.
2025 तक भारत की अर्थव्‍यवस्‍था 325,00,000 करोड़ डॉलर की होगी: वित्‍त मंत्रालय
26 March 2018
नई दिल्ली: वित्त मंत्रालय ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था 2025 तक दोगुना होकर 5,000 अरब डॉलर यानी 325,00,000 करोड़ डॉलर पर पहुंच जाने के रास्ते पर आगे बढ़ रही है. हालांकि, मंत्रालय ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा तय मुद्रास्फीति के लक्ष्य कोलेकर कोई खतरा नहीं है. आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने कहा, ‘‘ देश सात से आठ प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल करने की ओर अग्रसर है. स्टार्ट अप, एमएसएमई तथा बुनियादी ढांचा निवेश पर ध्यान दिए जाने से अर्थव्यवस्था की रफ्तार और तेज की जा सकती है.’’ गर्ग ने यहां भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के वैश्विक उद्योग संघ सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ मेरा मानना है कि यह सोचना काफी उचित होगा कि यदि अर्थव्यवस्था अगले 7-8 साल तक वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन करती है और मांग का सृजन होता है, हम 2025 तक अर्थव्यवस्था के आकार को5,000 अरब डॉलर तक पहुंचा सकेंगे। यह एक उचित लक्ष्य है.’’ फिलहाल भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का आकार 2,500 अरब डॉलर (162,50,000 करोड़ रुपये) है और यह दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. मुद्रास्फीति के बारे में गर्ग ने कहा कि यह काफी हद तक रिजर्व बैंक के लक्ष्य चार प्रतिशत (दो प्रतिशत ऊपर या नीचे) के दायरे में है. थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति फरवरी में सात महीने के निचले स्तर 2.48 प्रतिशत पर आ गई है. उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति फरवरी में चार महीने के निचले स्तर4.44 प्रतिशत पर रही है. रिजर्व बैंक ने अपनी फरवरी की मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत दरों में बदलाव नहीं किया था.
कार्ति चिदंबरम ने एयरसेल-मैक्सिस मामले में अग्रिम जमानत मांगी
24 March 2018
नई दिल्ली: आईएनएक्स मीडिया मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा जमानत मंजूर किए जाने के कुछ घंटे बाद कार्ति चिदंबरम ने शहर की एक अदालत में टू-जी स्पेक्ट्रम मामलों से जुड़े एयरसेल-मैक्सिस मुद्दे में एक कंपनी को एफआईपीबी मंजूरी में कथित अनियमितताओं के संबंध में अग्रिम जमानत याचिकाएं दायर कीं. पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति ने एयरसेल-मैक्सिस मामले में विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी के सामने गिरफ्तारी से संरक्षण की मांग वाली याचिका दायर की. इस संबंध में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने क्रमश: 2011 और 2012 में मामले दर्ज किए थे. अदालत शनिवार को इस याचिका पर सुनवाई कर सकती है. यह विषय एयरसेल में फर्म मैसर्स ग्लोबल कम्युनिकेशन होल्डिंग सर्विसेज लिमिटेड को विदेश निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी से जुड़ा है. राहत मांगते हुए कार्ति ने कहा कि आईएनएक्स मीडिया मामले में सीबीआई का आचरण 'द्वेषपूर्ण' है. इस मामले में उन्हें 28 फरवरी को जांच एजेंसी द्वारा गिरफ्तार किया गया था
औद्योगिक क्षेत्र गोविंदपुरा की सड़क निर्माण के लिये मिलेंगे 5 करोड़ : राज्य मंत्री श्री पाठक
23 March 2018
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय-सत्येन्द्र पाठक ने कहा है कि गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र सहित अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध करवाने के लिये विभाग द्वारा 500 करोड़ का ऋण प्राप्त करने की कार्रवाई प्रक्रिया में है। ऋण उपलब्ध होने पर गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र की 10 किलोमीटर की सड़क का कार्य प्राथमिकता के आधार पर करवाया जायेगा। राज्य मंत्री श्री पाठक गोविंदपुरा इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के पदाधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। राज्य मंत्री ने गोविंदपुरा इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कहा कि एसोसिएशन द्वारा प्रस्तावित 70 करोड़ की राशि में से सड़कों के निर्माण के लिये फिलहाल इस वित्तीय वर्ष में 3 करोड़ रुपये और आगामी वित्त वर्ष के बजट से 2 करोड़ रुपये दिये जायेंगे। राज्य मंत्री श्री पाठक ने कहा कि एमएसएमई विभाग औद्योगिक क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिये कृत-संकल्पित है। गोविंदपुरा इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री सुनील कुमार पाली ने प्रस्तावित 70 करोड़ की राशि शीघ्र स्वीकृत करवाने का आग्रह किया। राज्य मंत्री श्री पाठक ने इसके पहले औद्योगिक क्षेत्र, गोविंदपुरा की सड़कों का जायजा लिया। इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के 50 साल पूरे होने पर अध्यक्ष श्री पाली ने राज्य मंत्री श्री पाठक, विधायक श्री बाबूलाल गौर एवं प्रमुख सचिव एमएसएमई श्री व्ही.एल. कांताराव को प्रतीक-चिन्ह भी भेंट किये।
ग्रेच्युटी क्या है, कैसे कर सकते हैं कैलकुलेट – ग्रेच्युटी से जुड़े सभी सवालों के जवाब
23 March 2018
आपने पढ़ा ही होगा कि ग्रेच्युटी से संबंधित उपदान भुगतान (संशोधन) विधेयक 2018, यानी ग्रेच्युटी अमेंडमेंट बिल 2018 को गुरुवार को ही संसद से मंज़ूरी मिली है, जिसमें निजी क्षेत्र और सरकार के अधीन सार्वजनिक उपक्रम या स्‍वायत्‍त संगठनों के ऐसे कर्मचारियों के उपदान (ग्रेच्युटी) की अधिकतम सीमा को बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया गया है. ग्रेच्युटी क्या है...? ग्रेच्युटी कैसे कैलकुलेट की जाती है...? मैं कब ग्रेच्युटी का हकदार बनूंगा...? ग्रेच्युटी के तौर पर मिली कितनी रकम टैक्स-फ्री होगी, और कितनी ग्रेच्युटी पर इनकम टैक्स देना होगा...? ये कुछ ऐसे सवाल हैं, जो लगभग हर नौकरीपेशा इंसान के दिमाग में घूमते रहते हैं... रिटायरमेंट (या नौकरी बदलने पर) पर मिलने वाली इस रकम का इंतज़ार आमतौर पर इसलिए किया जाता है, ताकि तब तक पूरे न हो पाए सपने पूरे किए जा सकें, या उस रकम के ज़रिये अपने खर्चे चलाने का इंतज़ाम किया जा सके. ग्रेच्युटी ऐसी रकम है, जिसके बारे में बहुत ज़्यादा नौकरीपेशा लोग बहुत कुछ नहीं जानते, और अक्सर अपने साथियों, अपने ऑफिस के एकाउंट्स डिपार्टमेंट या कभी-कभी चार्टर्ड एकाउंटेंटों से भी सवाल करते देखे जाते हैं, सो आइए, आज हम ग्रेच्युटी से जुड़े आपके सभी सवालों का जवाब लेकर आए हैं.
क्या है ग्रेच्युटी...? ग्रेच्युटी आपके वेतन, यानी आपकी सैलरी का वह हिस्सा है, जो कंपनी या आपका नियोक्ता, यानी एम्प्लॉयर आपकी सालों की सेवाओं के बदले देता है. ग्रेच्युटी वह लाभकारी योजना है, जो रिटायरमेंट लाभों का हिस्सा है, और नौकरी छोड़ने या खत्म हो जाने पर कर्मचारी को नियोक्ता द्वारा दिया जाता है.
कब मैं ग्रेच्युटी का हकदार बनूंगा...? ग्रेच्युटी किसी भी ऐसे कर्मचारी को दी जानी होती है, जो नौकरी में लगातार 4 साल, 10 महीने, 11 दिन तक काम कर चुका हो. ऐसे कर्मचारी की सेवा को पांच साल की अनवरत सेवा माना जाता है, और आमतौर पर पांच साल की सेवाओं के बाद ही कोई भी कर्मचारी ग्रेच्युटी का हकदार बनता है. यानी अगर आप जल्दी-जल्दी, यानी साल-दो-साल में नौकरी बदलने का शौक या आदत रखते हैं, तो ग्रेच्युटी आपके हिस्से कभी नहीं आएगी. ध्यान रहे, 10 अथवा उससे अधिक लोगों को नियोजित करने वाले सभी निकायों के लिए उपदान भुगतान अधिनियम 1972 लागू है, जिसके तहत कारखानों, खानों, तेल क्षेत्रों, बागानों, पत्तनों, रेल कंपनियों, दुकानों या अन्य प्रतिष्ठानों में लगे वे सभी कर्मचारी शामिल हैं, जिन्होंने पांच वर्ष की नियमित सेवा प्रदान की है.
ग्रेच्युटी कैसे कैलकुलेट की जाती है...? ग्रेच्युटी कैलकुलेट करने का फॉर्मूला ज़्यादा मुश्किल नहीं है. पांच साल की सेवा के बाद सेवा में पूरे किए गए हर साल के बदले अंतिम महीने के बेसिक वेतन और महंगाई भत्ते को जोड़कर उसे पहले 15 से गुणा किया जाता है, फिर सेवा में दिए गए सालों की संख्या से, और इसके बाद हासिल होने वाली रकम को 26 से भाग दे दिया जाता है, और वही आपकी ग्रेच्युटी है. यानी फॉर्मूला हुआ.. मान लीजिए, आपने किसी संस्थान में 21 साल 11 महीने नौकरी की है, और आपकी अंतिम बेसिक सैलरी 22,000 रुपये थी, जिस पर आपको 24,000 रुपये महंगाई भत्ता मिलता था... सबसे पहले यह समझिए, यहां आपकी नौकरी 22 साल की मानी जाएगी... इसके बाद आप 22,000 और 24,000 की रकमों को जोड़ेंगे, जिनसे आपके पास 46,000 की रकम आएगी. इस रकम को 15 से गुणा करने पर 6,90,000 मिलेगा. फिर इस रकम को आपको अपनी सेवा के साल, यानी 22 से गुणा करना होगा, और अब आपको 1,51,80,000 की रकम हासिल होगी. अब अंत में इस रकम को आप 26 से भाग देंगे, तो आपको मिलेगा 5,83,846, और बस, यही आपकी ग्रेच्युटी है.
ग्रेच्युटी का कितना हिस्सा टैक्स-फ्री है...? अगर आपकी ग्रेच्युटी ऊपर बताए गए फॉर्मूले से ही कैलकुलेट की गई है, और आपके एम्प्लॉयर ने आपको अपनी तरफ से कोई रकम उपहार में नहीं दी है, तो 20,00,000 रुपये, यानी 20 लाख रुपये तक की ग्रेच्युटी के तौर पर मिलने वाली पूरी रकम टैक्स-फ्री होगी, यानी उस पर आपको किसी भी तरह का कोई टैक्स नहीं देना होगा

एक और 'नीरव मोदी' ने 14 बैंकों को लगाया 824 करोड़ का चूना
22 March 2018
चेन्नई: नीरव मोदी के खिलाफ अभी पीएनबी घोटाले की जांच चल रही है. वहीं सीबीआई ने चेन्नई के ज्वेलर कनिष्क गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड (केजीपीएल) के खिलाफ एसबीआई (भारतीय स्टेट बैंक) के नेतृत्व वाले 14 बैंकों के संघ के साथ 824 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का एक और मामला सामने आया है. जांच एजेंसी ने केजीपीएल के कार्यालय के साथ ही चेन्नई में आरोपियों के कार्यालय और आवासीय परिसर पर छापे भी मारे. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने कहा, "14 बैंकों के संघ की तरफ से एसबीआई की शिकायत पर 824.15 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के लिए कनिष्क गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया है. आरोपियों से संपर्क किया गया है और उन्हें जांच में शामिल होने के लिए कहा गया है." एजेंसी ने कनिष्क गोल्ड प्राइवेट लि., इसके प्रवर्तक निदेशक भूपेश कुमार जैन, निदेशक नीता जैन, तेजराज अच्चा, अजय कुमार जैन और सुमित केडिया तथा कुछ अज्ञात सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है. इस सिलसिले में कनिष्क गोल्ड प्राइवेट लि. के प्रवर्तकों के आधिकारिक और आवासीय परिसरों पर छापेमारी की गई. यह कंपनी सोने के आभूषण बनाती है. इनका विपणन क्रिज ब्रांड नाम से किया जाता है. एसबीआई ने सीबीआईको की गई अपनी शिकायत में कहा है कि कंपनी ने इन आभूषणों की बिक्री 2014 तक वितरकों के जरिये की. वर्ष 2015 में उसने अपना कारोबारी मॉडल बदलकर बी1 बी : बिजनेस टु बिजनेस: कर लिया और बड़े खुदरा आभूषण कारोबारियों को आपूर्ति शुरू की. इन ऋण खातों को 2008 में एसबीआई ने आईसीआईसीआई बैंक से लिया था. इसकी बैंकिंग व्यवस्था को मार्च, 2011 में बदलकर बहु- बैंकिंग व्यवस्था कर दिया गया. एसबीआई का आरोप है कि यह धोखाधड़ी 824.15 करोड़ रुपये की है. इसके नुकसान की भरपाई के लिए सिक्योरिटी सिर्फ 156.65 करोड़ रुपये है. टिप्पणियासीबीआई अधिकारियों ने बताया कि शिकायत मिली है और उसके बाद एजेंसी बैंक के संपर्क में है, क्योंकि शिकायत में कई खामियां है, जिन्हें बैंक को दुरुस्त करना है. सूत्रों ने कहा कि सीबीआई द्वारा छापेमारी पूरी करने से पहले ही यह शिकायत सार्वजनिक हो गई जिससे ऐसी आशंका है कि सीबीआई को संभवत: महत्वपूर्ण दस्तावेजी प्रमाण हासिल नहीं हो पाएंगे. सूत्रों ने कहा कि कुछ निहित स्वार्थी तत्वों ने संभवत: इस शिकायत को लीक किया है. बैंक का आरोप है कि कनिष्क ने 2009 से रिकार्डों तथा वित्तीय ब्योरे की गलत जानकारी देकर कंपनी की बेहतर तस्वीर दिखाई जिससे कर्ज हासिल किया जा सके. उसने कहा कि कनिष्क गोल्ड प्राइवेट लि. और उसके निदेशकों ने बैंक के अधिकार और हितों के खिलाफ इस राशि को इधर उधर किया. एसबीआई ने जांच एजेंसी से कनिष्क गोल्ड प्राइवेट लि. और उसके प्रवर्तक निदेशक भूपेष कुमार जैन तथा अन्य के खिलाफ मामला दर्ज करने का अनुरोध किया है. कंपनी के खातों को कर्ज देने वाले विभिन्न बैंकों ने 2017-18 में धोखाधड़ी वाला और गैर निष्पादित आस्तियां: एनपीए: घोषित कर दिया था.
हिंदुजा ग्रुप की कंपनी अशोक लीलैंड को मिला 321 करोड़ रुपये का ठेका
21 March 2018
नई दिल्ली: हिंदुजा ग्रुप की कंपनी अशोक लीलैंड को तमिलनाडु में दी इंस्टीट्यूट ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट( आईआरटी) से 2,100 बसों की आपूर्ति के लिए 321 करोड़ रुपये का ठेका मिला है. कंपनी ने बंबई शेयर बाजार( बीएसई) को बताया, ‘कंपनी को तमिलनाडु में आईआरटी से दो हजार बस चेसिस तथा पूरी तरह तैयार 100 छोटी बसों की आपूर्ति का ठेका मिला है. यह ठेका 321 करोड़ रुपये का है.’ कंपनी ने कहा कि उसे इस ठेके के तहत अगले वित्त वर्ष के पूर्वार्द्ध तक इन बसों की आपूर्ति करनी है. कंपनी के शेयर बीएसई में1.54 प्रतिशत तेज होकर148.10 रुपये पर पहुंच गये.
पिछले साल मकानों की बिक्री में 40% की सेल घटी, दिल्ली-NCR में सबसे तेज गिरावट
20 March 2018
नई दिल्ली: देश के सात प्रमुख शहरों में आवास बिक्री 2013 और 2014 के स्तर से 2017 में 40% गिर गई है. पिछले साल 2,02,800 आवास बेचे गए. इसका प्रमुख कारण दिल्ली-एनसीआर के आवासीय बाजार में तेज गिरावट होना रही. जमीन- जायदाद संबंधी सलाह देने वाली कंपनी एनारॉक ने यह जानकारी दी. कंपनी ने अपने ताजा शोध में सात शहरों- दिल्ली- एनसीआर, मुंबई महानगर क्षेत्र( एमएमआर), पुणे, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद और बेंगलुरु में पिछले पांच साल के दौरान आवास बिक्री का विश्लेषण किया है. कंपनी के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा, " पिछले पांच सालों में आवासीय बाजार के रुख को देखने से स्पष्ट होता है कि 2013 और 2014 आखिरी साल रहे जब इस उद्योग में तेजी देखी गयी. इसके बाद आवासों की बिक्री में गिरावट आई और अभी तक उभरने के कोई स्पष्ट संकेत नहीं है.’’ एनारॉक ने कहा कि 2013 और 2014 के दौरान औसत 3.3 लाख आवासों की बिक्री की गई थी. वर्ष 2013-14 के मुकाबले 2017 में आवासीय इकाई की बिक्री में औसतन करीब 40% की गिरावट आई है. दिल्ली- एनसीआर में 2013-14 के दौरान औसत बिक्री 1,16,250 इकाई से गिरकर 2017 में 37,600 इकाई रही. बेंगलुरु और चेन्नई में भी औसत बिक्री में गिरावट दर्ज की गई.
शेयर बाजार : सेंसेक्स 11.79 और निफ्टी 7.10 अंकों की गिरावट के साथ खुला
19 March 2018
मुंबई: देश के शेयर बाजारों के शुरुआती कारोबार में सोमवार को गिरावट का रुख है. प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 9.49 बजे 11.79 अंकों की कमजोरी के साथ 33,164.21 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 7.10 अंकों की गिरावट के साथ 10,188.05 पर कारोबार करते देखे गए. टिप्पणियाबम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 92.97 अंकों की बढ़त के साथ 33268.97 पर, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 20.2 अंकों की मजबूती के साथ 10,215.35 पर खुला. गौरतलब है कि पिछले हफ्ते जिन राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों का असर घरेलू शेयर बाजारों पर दिखा, उनमें से ज्यादातर घटनाओं का प्रभाव अभी टला नहीं है और इस हफ्ते भी उनका असर बना रहेगा. साथ ही, विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के आर्थिक आंकड़ों और अमेरिकी केंद्रीय बैंक की बैठक के नतीजों से अंतर्राष्ट्रीय शेयर बाजारों पर पड़ने वाले प्रभाव से भी भारत अछूता नहीं रहेगा.
सबसे पहले इनके दिमाग में आया था रिलायंस jio का ख्याल, मुकेश अंबानी ने किया खुलासा
17 March 2018
मुंबई: रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह के प्रमुख मुकेश अंबानी ने रिलायंस जियो के पीछे की कहानी उजागर की. उन्होंने बताया कि सबसे पहले यह आइडिया उनकी बेटी ईशा अंबानी के मन में आया था. मुकेश अंबानी ने बीते गुरुवार को यह बात फाइनैंशियल टाइम्स आर्सेलरमित्तल बोल्डनेसइन बिजनेस पुरस्कार समारोह के दौरान बताई. मुकेश अंबानी को इस समारोह में परिवर्तन लाने वाले उद्यम के रूप में सम्मनित किया गया. उन्होंने बताया कि कैसे सिर्फ दो साल के अंदर जियो ने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल ब्रॉडबैंड डेटा उपभोक्ता देश बना दिया है. उन्होंने बताया कि जियो को शुरू करने में 31 अरब डॉलर का खर्च आया. जियो की जब से शुरुआत हुई है, तब से ही उसने देश के मोबाइल फोन बाजार में उथल-पुछल मचा दिया. जियो ने देश में मोबाइल कंपनियों को कॉल और इंटरनेट की दरें कम करने पर मजबूर कर दिया. इस मौके पर मुकेश अंबानी ने बताया कि जियो का सबसे पहले ख्याल वर्ष 2011 उनकी बेटी ईशा अंबानी में मन में आया था. उन्होंने बताया कि ईशा उस समय अमेरिका में पढ़ रही थीं और छुट्टियां मनाने भारत आई हुई थीं. अंबानी ने बताया कि वह कुछ कोर्ष वर्क भेजना चाहती थीं, लेकिन इंटरनेट अटक रहा था, तब उसने कहा कि हमारे घर का इंटरनेट काफी धीमा है और अटक कर चल रहा है. मुकेश अंबानी ने अपने कहा कि ईशा और आकाश ने उन्हें आश्वस्त किया कि इंटरनेट के बढ़ते दायरे को भारतीय नकार नहीं सकते. उन्होंने कहा कि इसके बाद हमने वर्ष 2016 में रिलायंस जियो को लॉन्च किया और उसके बाद क्या हुआ यह किस से छिपा नहीं है. उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से 2019 में भारत को 4जी का अगुवा बना दिया और अब यह 5जी के लिए भी तैयार है. उन्होंने इस मौके पर अपने दिवंगत पिता धीरूभाई अंबानी को याद करते हुए कहा कि वो भारतीय कारोबार जगत में बदलाव के सबसे बड़ा अगुवा थे. साथ ही उन्होंने इस दौरान आकाश और ईशा अंबानी की तारीफ भी की.
पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम्स: ये पांच जानकारियां आपको पहले पता होतीं तो आप फायदे में रहते
16 March 2018
नई दिल्ली: पोस्ट ऑफिस ऐसे कई निवेश की योजनाएं चलाता है जो आकर्षक ब्याज दर मुहैया करवाती हैं. इसके अलावा ये स्कीम्स ऐसी भी हैं जिनसे इनकम टैक्स से संबंधित छूट का फायदा भी लिया जा सकता है. हालांकि आमतौर पर लोग बैंकों का रुख करते हैं और पोस्ट ऑफिस द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं और सेवाओं से अनभिज्ञ ही रहते हैं. आपको पांच ऐसी जरूरी बातें आज हम बताने जा रहे हैं जो हो सकता है आपको न पता हों... पोस्ट ऑफिस 9 इन्वेस्टमेंट स्कीम्स दे रहा है जो हैं- पांच साल के लिए पोस्ट ऑफिस रिकरिंग डिपॉजिट अकाउंट, पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट अकाउंट (TD), पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (MIS), सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम, 15 साल के लिए PPF, 5 साल के लिए नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट्स, किसान विकास पत्र और सुकन्या समृद्धि अकाउंट. इन पर अच्छी ब्याज दर मिलती है और इनकम टैक्स छूट बेनिफिट भी मिलता है. यही वजह है कि निवेशकों में ये लोकप्रिय हैं. सेविंग स्कीम्स पर दिए जा रहे इंट्रेस्ट रेट्स सेविंग अकाउंट पर 4 फीसदी सालाना, 6 साल की आरडी पर 6.9 फीसदी सालाना, टीडी अकाउंट पर 1 साल के लिए 6.60%, 2 साल के लिए 6.7%, 3 साल के लिए 6.90%, 5 साल के लिए 7.40% की दर से ब्याज मिलता है. एमआईएस पर 7.3 फीसदी, सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम पर 8.3 फीसदी की दर से, पीपीएफ पर 7.6 फीसदी की दर से ब्याज मिलता है. एनएससी 7.6 फीसदी देते हैं, सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.1 फीसदी की दर से ब्याज मिलता है जबकि एसकेवीपी पर 7.3 फीसदी की दर से ब्याज मिलता है.
मिनिमम बैलेंस न रखने पर लगने वाले चार्ज में बड़ी कटौती, SBI ने घटाईं दरें!.
13 March 2018
नई दिल्ली: पब्लिक सेक्टर के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI एसबीआई) ने अपने खाताधारकों को एक बड़ी राहत दी है. एसबीआई ने खाते में महीने में मिनिमम बैलेंस न रखने वाले पर लगने वाले शुल्क को कम कर दिया है. इस चार्ज में करीब 75 फीसद तक की कटौती की गई है. ये नई दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी और इसका एसबीआई के करीब 25 करोड़ खाताधारकों को फायदा होगा. एसबीआई ने कहा कि उसने यह फैसला तमाम हितधारकों की ओर से मिलने वाली प्रतिक्रियाओं के आधार पर लिया है. अब मेट्रो और शहरी क्षेत्रों में खाते में मंथली एवरेज बैलेंस (एएमबी) न रखने पर 50 के बजाए 15 रुपए प्रतिमाह का चार्ज देना होगा. उसी तरह टाउन और ग्रामीण क्षेत्रों में यह चार्ज 40 से घटाकर 12 रुपए प्रति माह कर दिया गया है. वहीं 10 रुपए का जीएसटी भी एक निश्चित स्थिति में लागू होगा.
यूनिटेक को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, कहा - आपने खरीदारों को धोखा दिया है!.
12 March 2018
नई दिल्ली: रीयल एस्टेट कंपनी यूनिटेक को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने केस की सुनवाई के दौरान कहा कि यूनिटेक की गैर-विवादित सम्पत्ति की नीलामी का आदेश देंगे ताकि फ्लैट खरीदारों को पैसा वापस किया जा सके. सुप्रीम कोर्ट ने यूनिटेक को कहा कि आपने खरीदारों को धोखा दिया है. सुप्रीम कोर्ट संपत्ति को बेचने को लेकर एक एक्सपर्ट नियुक्त कर सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने यूनिटेक को गैर-विवादित सम्पत्ति और डायरेक्टर की व्यक्तिगत सम्पत्ति की लिस्ट देने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने JM Finance Limited पर 25 लाख का जुर्माना लगाया है. JM Finance Limited ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि वो यूनिटेक का लोन चुकाएगा और लंबित प्रोजेक्ट को पूरा करेगा. सुप्रीम कोर्ट 26 मार्च को मामले की अगली सुनवाई करेगा. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने यूनिटेक लिमिटेड को भारत और विदेश की तमाम संपत्तियों का ब्योरा देने के लिए कहा था. गुडग़ांव के हाउसिंग प्रोजेक्ट को लेकर यूनिटेक के सहयोगी डेवलपर्स पॉयनियर अर्बन लैंड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को 10 अप्रैल तक दो किश्तों में 40 करोड़ रुपये जमा करने के लिए कहा था ताकि रिफंड लेने वाले खरीदारों को रुपये वापस किए जा सकें. इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने NCDRC में चल रही कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी थी. कोर्ट ने जेएम फाइनेंसियल लिमिटेड के प्रबंध निदेशक या सक्षम अधिकारी को अगली सुनवाई पर अदालत में पेश होने के लिए कहा था. इससे पहले यूनिटेक ने पीठ को बताया था कि जेएम फाइनेंसियल लिमिटेड उसकेहाउसिंग प्रोजेक्टस को फाइनेंस करना चाहती है. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट यूनिटेक लिमिटेड की चेन्नई स्थित दो भूखंड को खरीदने के लिए इच्छा जताने वाली ओमशक्ति एजेंसी को 31 मार्च तक 90 करोड़ रुपये जमा करने के लिए कहा था. यूनिटेक ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था गत 29 जनवरी को उसने ओमशक्ति एजेंसी से चेन्नई की दो जमीनों की बिक्री को लेकर 400 करोड़ का करार किया है.
धोखेबाजों को रोकने के लिए नया कदम, लोन के लिए देनी होगी पासपोर्ट की जानकारी!.
10 March 2018
नई दिल्ली: धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने और धोखेबाजों को देश छोड़कर भागने से रोकने के लिए सरकार ने एक और कदम उठाया है। इसके तहत 50 करोड़ अथवा उससे अधिक का कर्ज लेने वालों को पासपोर्ट से जुड़ी तमाम जानकारियां देना अनिवार्य कर दिया गया है। पासपोर्ट से संबंधित विवरण बैंकों को समय पर कार्रवाई करने में मदद करेगा और देश से भागने वाले आर्थिक अपराधियों को रोकने के लिये संबंधित अधिकारियों को सूचित करेगा। वित्तीय सेवाओं के सचिव राजीव कुमार ने ट्वीट में कहा, 'यह साफ-सुधरी और उत्तरदायी बैंकिंग व्यवस्था की ओर अगला कदम है। 50 करोड़ या उससे अधिक के ऋण के लिये पासपोर्ट से जुड़े विवरण देना जरूरी है। धोखाधड़ी के मामले में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिये यह कदम उठाया गया है। बैंकों को 50 करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज लेने वाले मौजूदा लेनदारों का पासपोर्ट विवरण 45 दिन के भीतर एकत्र करने के लिये कहा गया है। उल्लेखनीय है कि नीरव मोदी, 'मेहुल चोकसी, विजय माल्या और जतिन मेहता जैसे बड़े डिफॉल्टर बैंकों से हजारों करोड़ रुपए का कर्ज लेकर फरार हो गए हैं। नीरव मोदी और मेहुल चोकसी पर सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक के साथ 12,700 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप है। पिछले हफ्ते केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'भगोड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक' को मंजूरी दी है।' बैंकिंग व्यवस्था को साफ- सुथरा बनाने के अभियान के हिस्से के रूप में वित्त मंत्रालय ने संभावित धोखाधड़ी का पता लगाने के लिये सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को 50 करोड़ से अधिक के एनपीए खातों की जांच करने के आदेश और मामले की जानकारी सीबीआई को देने के निर्देश दिए हैं।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में दो पैसे की कमजोरी!.
9 March 2018
मुंबई: विदेशी मुद्रा विनिमय बाजारों में अमेरिकी डालर के मजबूत होने का असर यहां भी दिखाई दिया. कारोबार की शुरुआत में यहां डालर के मुकाबले रुपया दो पैसे गिरकर 64.91 रुपये प्रति डालर रहा. विदेशी मुद्रा डीलरों का कहना है कि आयातकों की डालर के लिये मांग बढ़ी है. विदेशी मुद्रा विनिमय बाजारों में भी डालर को मजबूती मिली है. इससे रुपये पर दबाव बढ़ा है. कारोबार की शुरुआत में घरेलू मुद्रा दो पैसे गिरकर 64.91 रुपये प्रति डालर रही. कल कारोबार की समाप्ति पर रुपया सात पैसे बढ़कर एक सप्ताह के उच्चस्तर 64.89 रुपये प्रति डालर पर बंद हुआ था। निर्यातकों और बैंकों की डालर बिकवाली से इसमें मजबूती आई थी. बहरहाल, आज मुंबई शेयर बाजार में भी कारोबार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई है. बीएसई सेंसेक्स कारोबार के शुरुआती दौर में 273.75 अंक यानी 0.82 प्रतिशत बढ़कर 33,306.84 अंक पर पहुंच गया.
Forbes billionaires list 2018: अमेजन के फाउंडर बने दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति, जानें किस नंबर पर मुकेश अंबानी!.
8 March 2018
नई दिल्ली: Forbes ने 2018 की सबसे अमीर लोगों की लिस्ट जारी की है. जिसमें AMAZON के फाउंडर जेफ बेजोफ नंबर वन पर हैं. जेफ की सालामना कमाई 112 अरब करोड़ है यानी 7.5 लाख करोड़ रुपये. वो 100 अरब डॉलर से ज्यादा संपत्ति वाले पहले शख्स बन गए हैं. उन्होंने बिल गेट्स को पीछे छोड़ दिया है. लिस्ट में मुकेश अंबानी 19वें नंबर पर हैं. उनकी कुल संपत्ति 40.1 अरब करोड़ डॉलर (2.61 लाख करोड़ रुपये) है. पिछले साल मुकेश अंबानी 20वें स्थान पर थे. वो एक पायदान पर चढ़ने में सफल रहे. उनकी दौलत में करीब 80 लाख डॉलर का इजाफा हुआ है. यानी करीब 52 हजार करोड़ रुपये. बता दें, इस लिस्ट में दुनियाभर के 2,208 अरबपतियों को शामिल किया गया है. जिसमें 585 अमेरिकी, 373 चीन और 102 भारतीय अरबपतियों को शामिल किया गया है. आइए देखते हैं टॉप 10 लिस्ट में कौन है...
अरबपतियों की टॉप-10 लिस्ट 1. जेफ बेजोफ, अमेजन के फाउंडर (संपत्ति- 112 बिलियन डॉलर) 2. बिल गेट्स, माइक्रोसॉफ्ट के फाउंडर (संपत्ति- 90 बिलियन डॉलर) 3. वॉरेन बफे, बर्कशायर हाथवे के चेयरमैन (संपत्ति- 84 बिलियन डॉलर) 4. बर्नार्ड अर्नाल्ट, LVMH के सीईओ (संपत्ति- 72 बिलियन डॉलर) 5. मार्क जुकरबर्ग, फेसबुक के सीईओ (संपत्ति- 71 बिलियन डॉलर) 6. अमेंसियो ऑर्टेगा, फैशन ब्रांड ज़ारा के चेयरमैन (संपत्ति- 70 बिलियन डॉलर) 7. कारलोस स्लिम हेलू, अमेरिका मोविल के मालिक (संपत्ति- 67.1 बिलियन डॉलर) 8. चार्ल्स कोच, कोच इंडस्ट्री के सीईओ (संपत्ति- 60 बिलियन डॉलर) 9. डेविड कोच, कोच इंडस्ट्री के कंट्रोलर (संपत्ति- 60 बिलियन डॉलर) 10. लैरी एलीसन, ऑरेकल सॉफ्टवेयर के को-फाउंडर (संपत्ति-58.5 बिलियन डॉलर)
टॉप 5 में ये भारतीय. 1. मुकेश अंबानी, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटिड के मालिक (संपत्ति-40.1 अरब डॉलर) 2. अजीम प्रेमजी, विप्रो लिमिटिड के मालिक (संपत्ति- 18.8 अरब डॉलर) 3. लक्ष्मी निवास मित्तल, एरकेरोल मित्तल के चेयरमैन और सीईओ (संपत्ति- 18.5 अरब डॉलर) 4. शिव नडार, HCL के चेयरमैन (संपत्ति- 14.6 अरब डॉलर) 5. दिलीप सांघवी, Sun Pharmaceuticals के फाउंडर (संपत्ति- 12.8 अरब डॉलर)

जीडीपी डाटा का आज ऐलान, अनुमान सही निकले तो चीन भी छूट जाएगा पीछे!.
28 February 2018
नई दिल्ली: चालू वित्त की तीसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़े आज जारी किए जाएंगे. वित्तीय सेवाएं देने वाली वैश्विक संस्था मॉर्गन स्टेनली ने एक रिपोर्ट में यह बात कही थी. दिसंबर तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर सात प्रतिशत रह सकती है. हालांकि जानकारों की मानें तो कयास इस बात पर हैं कि यह दर 6.9 फीसदी रह सकती है. रॉयटर्स द्वारा 35 अर्थशास्त्रियों के एक पोल में इस बात की संभावना जताई जा रही है. अब यदि ऐसा होता है तो भारत इस मामले में चीन को पीछे छोड़ देगा. इसी तिमाही में चीन की वृद्धि दर 6.8 फीसदी रही है. आज शाम साढ़े पांच बजे के करीब ये डाटा रिलीज किए जा सकते हैं. शेयर बाजारों में भी आज सतर्कता का माहौल है. ब्रोकरों के अनुसार आज दिन में दिसंबर तिमाही के जीडीपी आंकड़े आने और फरवरी के लिए औद्योगिक उत्पादन सूचकांक जारी होने के चलते निवेशकों का रुख सावधानी भरा रहा. इससे शेयर बाजार प्रभावित हुए एवं कमजोर एशियाई बाजारों का भी घरेलू बाजार पर असर पड़ा. बता दें कि चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 6.3 प्रतिशत थी और पहली तिमाही में 5.7 प्रतिशत रही थी. स्टेनली की रिपोर्ट में कहा गया है कि सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) के संदर्भ में वृद्धि दर सालाना आधार पर दूसरी तिमाही के 6.1 प्रतिशत की तुलना में बढ़कर तीसरी तिमाही में 6.7 प्रतिशत रही है. रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियों की आय में भी दिसंबर तिमाही के दौरान सुधार हुआ है. वाहन एवं दोपहिया वाहनों की बिक्री भी इस दौरान तेजी से बढ़ी है. वस्तुओं के निर्यात की वृद्धि में भी दहाई अंकों में वृद्धि दर्ज की गयी है. हालांकि उद्योग एवं सेवा क्षेत्र में वृद्धि दर तेज होने तथा कृषि क्षेत्र में घटने का अनुमान है.
नीरव मोदी और मेहुल चोकसी का 1322 करोड़ का एक और स्‍कैम आया सामने, PNB घोटाला बढ़कर 12622 करोड़ का हुआ.
27 February 2018
नई दिल्ली: पंजाब नेशनल बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज को 1322 करोड़ के एक और फ्रॉड की जानकारी दी है, जो नीरव मोदी और मेहुल चोकसी ने किया है. इसके साथ ही अब ये घोटाला पहले के 11300 करोड़ से बढ़कर 12622 करोड़ का हो गया है. 2017 में पीएनबी को करीब 1320 करोड़ का फ़ायदा हुआ था जो नए सामने आए फ़्रॉड के करीब-करीब बराबर है. पीएनबी ने सोमवार रात को स्टॉक एक्सचेंज को इसकी जानकारी दी. माना जा रहा है कि कुछ और LoU का पता चला है जिसके ज़रिए पैसे निकाले गए हैं. वहीं प्रवर्तन निदेशालय ने 11,00 करोड़ रुपये के घोटाले के सिलसिले में पंजाब नेशनल बैंक :पीएनबी: के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील मेहता को समन किया है. ईडी ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के कार्यकारी निदेशक के वी ब्रह्माजी राव से पूछताछ कर यह समझने का प्रयास किया कि कैसे यह घोटाला पकड़ा गया. साथ ही उनसे बैंकिंग प्रक्रियाओं के बारे में पूछा गया. अधिकारियों ने बताया कि मेहता जब इस सप्ताह ईडी के समक्ष पेश होंगे तो उनसे भी इसी तरह के सवाल पूछे जाएंगे. अधिकारियों ने कहा कि पीएनबी के दोनों अधिकारियों से अभियुक्त के रूप में पूछताछ नहीं की गई है. इस बीच, नीरव मोदी, उसकी पत्नी एमी तथा मामा चौकसी आज मुंबई में प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष पेश नहीं हुए. अभी यह पता नहीं चला है कि क्या एजेंसी उन्हें फिर से समन जारी करेगी. यदि एजेंसी उन्हें नया समन जारी नहीं करती है तो उम्मीद है कि वह मुंबई में विशेष अदालत से उनके खिलाफ गैर जमानती वॉरंट जारी करने का आग्रह करेगी
शुरुआती कारोबार में रुपया छह पैसे मजबूत.
26 February 2018
मुंबई: घरेलू शेयर बाजारों में मजबूती के बीच निर्यातकों एवं बैंकों की डॉलर बिकवाली से आंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में आज शुरुआती कारोबार में रुपया छह पैसे मजबूत होकर 64.67 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया. डीलरों ने कहा कि विदेशी बाजारों में अन्य प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर के नरम रहने तथा घरेलू शेयर बाजारों के शुरुआती कारोबार में बढ़त में रहने से भी रुपये को समर्थन मिला है. शुक्रवार को रुपया 31 पैसे मजबूत होकर 64.73 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था. अमेरिका में फेडरल रिजर्व की टिप्पणी से इस साल अधिक आक्रामक ब्याज दर वृद्धि की आशंका मजबूत होने से डॉलर शुक्रवार को लुढ़क गया था. इस बीच सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 133.78 अंक मजबूत होकर 34,275.93 अंक पर रहा.
SEBI ने HDFC से वॉट्सऐप लीक मामले में जांच के लिए कहा, जानें क्या है पूरा मामला.
24 February 2018
नई दिल्ली: बाजार नियामक सेबी ने आज एचडीएफसी बैंक को निर्देश दिया कि वह वित्तीय परिणामों के लीक होने के मामले में जांच करे और जिम्मेदार व्यक्तियों/ बैंक अधिकारियों की पहचान करे. सेबी को इस मामले में प्रथम दृष्टया पर्याप्त नियंत्रण की कमी नजर आई है. भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड ने इस संबंध में एक आदेश जारी कर एचडीएफसी से जांच करने के लिए कहा है. साथ ही उसे अपनी प्रक्रियाओं, प्रणालियों और नियंत्रण को और प्रभावी बनाने के लिए कहा है ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा ना हों. उल्लेखनीय है कि एचडीएफसी बैंक समेत कई कंपनियों की महत्वपूर्ण वित्तीय जानकारी आधिकारिक घोषणा करने से पहले ही व्हाट्सएप पर लीक हो गईं थीं.
डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती दर्ज, डॉलर पौंड और यूरो के मुकाबले कमजोर पड़ा
23 February 2018
नई दिल्ली: विदेशी विनिमय बाजार में आज कारोबार की शुरुआत में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 17 पैसे मजबूत होकर 64.87 रुपये प्रति डॉलर के भाव पर चल रहा था. कल रुपये की विनिमय दर 28 पैसे गिर कर 65.04 पर बंद हुई थी. बाजार सूत्रों के अनुसार निर्यातकों द्वारा अमेरिकी मुद्रा के सौदे कुछ हल्के करने से रुपये को बल मिला. वहीं, अमेरिकी डॉलर में अन्य मुद्राओं के मुकाबले गुरुवार को गिरावट दर्ज की गई. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, गुरुवार को न्यूयॉर्क ट्रेडिंग में यूरो में बीते सत्र के 1.2297 डॉलर के मुकाबले 1.2332 डॉलर की मजबूती रही. वहीं, ब्रिटिश पाउंड में बीते सत्र में 1.3929 डॉलर के मुकाबले 1.3958 डॉलर की मजबूती रही. डॉलर के मुकाबले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर भी 0.7816 से बढ़कर 0.7846 हो गया. डॉलर सूचकांक बीते कारोबार में 0.36 फीसदी की कमजोरी के साथ 89.726 पर रहा.
नौकरीपेशा लोगों को सरकार का बड़ा झटका, PF पर ब्‍याज दर घटाकर 8.55 प्रतिशत की
22 February 2018
नई दिल्ली: नौकरीपेशा लोगों को सरकार ने बड़ा झटका दिया है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने वर्ष 2017- 18 के लिये कर्मचारी भविष्य निधि (पीएफ) पर ब्याज दर को घटाकर 8.55 प्रतिशत कर दिया है. इससे पहले वित्त वर्ष में यह दर 8.65 प्रतिशत थी. श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के ट्रस्टियों की बैठक के बाद प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहा, ‘‘मौजूदा आर्थिक परिदृश्य को देखते हुये भविष्य के बारे में मूल्यांकन करना मुश्किल है. हमने पिछले साल 8.65 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जिसके बाद 695 करोड़ रुपये का अधिशेष बचा है. इस साल हमने 2017-18 के लिये 8.55 प्रतिशत की दर से ब्याज देने की सिफारिश की है इससे 586 करोड़ रुपये का अधिशेष बचेगा. देशभर में छह करोड़ से भी अधिक कर्मचारी ईपीएफओ से जुड़े हैं. ईपीएफओ की शीर्ष निर्णय लेने वाली संस्था केन्द्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) है जिसके प्रमुख श्रम मंत्री होते हैं. कर्मचारी भविष्य निधि पर ब्याज दर के बारे में सीबीटी के फैसले के बाद वित्त मंत्रालय इसकी पुष्टि करता है. वित्त मंत्रालय की मंजूरी मिलते ही भविष्य निधि अंशधारकों के खाते में ब्याज की राशि डाल दी जाती है. गंगवार ने उम्मीद जताई कि श्रमिक संगठन 8.55 प्रतिशत की दर से ब्याज भुगतान के फैसले को लेकर सहमत होंगी. श्रम मंत्री ने कहा कि ईपीएफओ को चालू वित्त वर्ष के दौरान 8.55 प्रतिशत की दर से ब्याज देने के लिये राशि की भरपाई के वास्ते एक्सचेंज ट्रेडेड फेड (ईटीएफ) में किये गये अपने निवेश के एक हिस्से को बेचना पड़ा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह दर साधारण भविष्य निधि (जीपीएफ) और लोक भविष्य निधि अंशधारकों को दी जाने वाली 7.6 प्रतिशत की दर से अधिक है. मंत्री ने कहा कि ट्रस्ट ने ईपीएफओ योजनाओं के तहत कवरेज के लिए कर्मचारी संख्या सीमा को मौजूदा 20 से घटाकर 10 करने का भी फैसला किया है. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस फैसले से ईपीएफओ अंशधारकों की संख्या नौ करोड़ तक हो जाएगी
UP Investors Summit: पीएम ने किया उद्घाटन, मुकेश अंबानी ने कहा- जियो राज्य में सबसे बड़े निवेशकों में से एक
21 February 2018
लखनऊ: पीएम नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में बुधवार से शुरू हुई दिवसीय इन्वेसटर्स समिट का शुभारंभ किया. इस मौके पर राज्यपाल राम नाईक एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद हैं. प्रधानमंत्री ने इससे पूर्व समिट परिसर में सभी निवेशकों की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का जायजा भी लिया. इस मौके पर मुकेश अंबानी ने कहा कि 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश के साथ जियो यूपी में सबसे बड़े निवेशकों में से एक है. इंवेस्टर्स समिट के कुल 30 सत्रों में गृहमंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ-साथ कई केंद्रीय और राज्य सरकार के मंत्री भी संबोधित करेंगे. इस समिट में जापान, नीदरलैंड और मॉरीशस समेत सात देश कंट्री पार्टनर के रूप में भाग लेने जा रहे हैं. प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने बताया कि इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित इंवेस्टर्स समिट अपने में एक ऐतिहासिक समिट है, जिसकी सराहना देश और प्रदेश के ख्याति प्राप्त उद्योगपतियों ने की है. इस समिट में भाग लेने के लिये उद्योगपति खुद ही आने के लिए उत्सुक हैं. महाना ने बताया कि प्रदेश के समग्र विकास में अपना पूर्ण सहयोग देने के लिए सहमति देने वाले सात कंट्री पार्टनर भी भाग लेंगे. इनके लिए भी विशेष सत्र का आयोजन किया गया है. उन्होंने बताया कि कंट्री पार्टनर के रूप में फिनलैंड, नीदरलैंड, जापान, चेक गणराज्य, थाईलैंड, स्लोवाकिया तथा मॉरीशस के प्रतिनिधि और उद्योगपति शिरकत कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में निवेश को आकृष्ट करने और उद्योगपतियों द्वारा प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में उद्यम स्थापित करने के लिये समझौता पत्र भी हस्ताक्षरित किए जायेंगे. राज्य सरकार ने उद्यमियों के हितपरक आकर्षक एवं व्यवहारिक औद्योगिक विकास नीति जारी की है. इसके साथ ही उद्यम स्थापना पर उद्योगपतियों को आवश्यक छूट और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की प्रभावी पहल की गयी है. समिट को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत गौतम अडानी, सुभाष चंद्रा, कुमार मंगलम बिड़ला, आनंद महेंद्रा, पंकज पटेल, शोभना कामिनेनी, रमेश शाह तथा एन. चंद्रशेखरन भी संबोधित करेंगे. मॉरीशस के पूर्व राष्ट्रपति अनिरुद्ध जगन्नाथ भी अपने विचार रखेंगे
गीतांजलि जेम्स के पास फंसी काफी छोटी राशि : इंडसइंड बैंक
20 February 2018
नई दिल्ली: निजी क्षेत्र के इंडसइंड बैंक ने आज कहा कि प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर नीरव मोदी के पास उसकी कोई भी राशि नहीं फंसी है. हालांकि गीतांजलि जेम्स के पास उसका कुछ पैसा फंसा है लेकिन वह भी पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले में जारी गारंटीपत्रों से संबंधित नहीं है. बैंक ने शेयर बाजार से कहा, ‘‘पीएनबी द्वारा जारी गारंटीपत्रों से जुड़ा उसका कोई भी ऋण नीरव मोदी के पास नहीं है. जहां तक गीतांजलि जेम्स की बात है, दहाई अंकों में बैंक की काफी छोटी रकम फंसी है.’’ हालांकि बैंक ने गीतांजलि जेम्स के यहां फंसे ऋण की राशि का सटीक ब्यौरा नहीं दिया है. उसने रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि रत्न एवं आभूषण निर्यात के लिए बैंकों द्वारा वित्तपोषण को लेकर रिजर्व बैंक और भारत सरकार ने कड़े नियम तय किये हैं. उसने कहा, ‘‘यह घटना प्रक्रियाओं एवं प्रावधानों का अनुपालन नहीं करने से हुई है. इसका रत्न एवं आभूषण व्यवसाय पर कोई संक्रामक असर पड़ने का अनुमान नहीं है
टूट गया भ्रष्टाचार कम होने का भ्रम
19 February 2018
PNB घोटाले ने देश को सकते में डाल दिया. इस कांड से अब तक सरकार के तरफदार रहे लोग और सरकार का तरफदार मीडिया तक भौंचक है. इसमें कोई शक नहीं कि सरकार कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही है कि भ्रष्टाचार को लेकर देश में निराशा और हताशा न फैले, लेकिन इस घोटाले ने देश के विश्वास की नींव तक मार कर दी है. वैसे इस निराशा की सबसे ज़्यादा चोट सरकार की छवि पर हुई. राजनीतिक तौर पर सरकार की उस छवि पर हुई है, जो उसके कार्यकाल के अंतिम दौर में सबसे ज़्यादा संवेदनशील थी. सरकार अपनी छवि की मरम्मत के सारे उपाय अपनाए रही है, लेकिन हालात समेटे में आते दिखते नहीं. सरकार के लिए भले ही यह सिर्फ राजनीतिक संकट हो, लेकिन देश की माली हालात के मद्देनज़र भी यह घोटाला एक साथ कई सायरन बजा रहा है. ..
मामला बैंकों की पोल खुलने का है. अब तक हमें यही पता था कि बैंक अपने दिए कर्ज़ों के वापस न आने से परेशान हैं. लगभग सारे सरकारी बैंक इतने ज़्यादा परेशान हैं कि आम लोगों की जमा रकम से उनका काम नहीं चल पा रहा है. इस संकट से निपटने के लिए सरकार को यह ऐलान करना पड़ा था कि इन बैंकों में सरकार की तरफ से रकम डाली जाएगी. बैंको के सामने एमरजेंसी जैसे हालात में इसके अलावा और कोई चारा था भी नहीं, लेकिन अचानक PNB घोटाले ने बैंकों की हालत और भी ज़्यादा सनसनीखेज बना दी है. अब सरकार को नए सिरे से हिसाब लगाना पड़ेगा कि बैंकों को सरकार की तरफ से पैसा पहुंचाने पर देश के आम लोग क्या धारणा बनाएंगे. ..
कर्ज़ देने का नहीं, लूट का है यह कांड. PNB बैंक घोटाला किसी कर्ज़ की वापसी का नहीं है, बल्कि फर्जी तरीके से बैंक से गारंटी का कागज़ हथियाकर दूसरे बैंकों से पैसा निकाल लेने का है. पैसा निकाला जा चुका है. दो दिन पहले बताया गया था कि 11,000 करोड़ रुपये की लूट हो गई. अब पता चला है कि लूट या ठगी का यह आंकड़ा 21,000 करोड़ का है. शेयर बाज़ारों में 'घपले में फंसे सरकारी बैंक' के शेयर खरीदने वाले लाखों लोगों की 10,000 करोड़ से ज़्यादा की रकम डूब चुकी है. इतना ही नहीं, दूसरे सरकारी बैंकों के शेयर भी बुरी हालत में हैं. उन्हें कितनी चोट पहुंची, इसका हिसाब अभी नहीं लगा है, लेकिन इतना तय है कि यह भी 10-20,000 करोड़ से ज़्यादा ही बैठेगी. नवीनतम आकलन के मुताबिक रकम 60,000 करोड़ का आंकड़ा पार करने को है. व्यवस्था पर यकीन करने वाले देश के छोटे-मझोले निवेशकों का यकीन हिल गया. जिन लोगों का पैसा बैंकों में जमा है, उसकी सुरक्षा को लेकर लोगों के मन में डर अलग है. यानी इस घोटाले ने दूर-दूर तक हालत बिगाड़ दी है. ज़ाहिर है, सरकार चिंतित होगी ही, और वह है भी, लेकिन उसकी चिंता इस बात को लेकर है कि वह कठघरे में न आ जाए, और अगले चुनाव की तैयारियों के दिनों में अपनी छवि कैसे बचाए...
क्या किया सरकार ने अब तक...? सरकार सबसे पहले यह कहने में लगी कि यह घोटाला पुरानी सरकार के वक्त का है. इसके लिए ज़रूरी था कि घोटाले को कम से कम पांच साल पुराना बताया जाए, क्योंकि लगभग चार साल से वह खुद ही सरकार में है. दूसरा काम सरकार ने यह किया कि इसे सिर्फ बैंक का घोटाला बताया जाए, लेकिन दिक्कत यह आई कि यह बैंक देश का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक है. तीसरा काम सरकार यह कर रही है कि किसी तरह यह संदेश जाए कि पुरानी सरकार का घोटाला मौजूदा सरकार ने पकड़ा, लेकिन इसमें झोल यह है कि बड़े फर्जीवाड़े की लगभग सारी तारीखें पिछले एक साल की निकलकर आ रही हैं. पुराने कुछ मामले अगर निकलकर आए भी तो सरकार इस सवाल का जवाब कहां से ला पाएगी कि उसकी सरकार बनने के बाद चार साल से हो क्या रहा था. भ्रष्टाचार ही तो वह मुददा था, जिसके सहारे मौजूदा सरकार सत्ता में आई थी. इसीलिए इस घोटाले ने मौजूदा सरकार के भ्रष्टाचारमुक्त शासन के नारे को तहस-नहस कर दिया. जनता को इस बात से क्या मतलब कि घोटाला सीधे सरकार ने किया या सरकार के अफसरों ने किया. उसे यह सुनना भी अच्छा नहीं लगेगा कि ऐसे घोटाले पहले से चल रहे थे, क्योंकि इस बात को तो चार साल पहले सुनाया गया था और जनता ने यकीन किया था कि सरकार बदलने से भ्रष्टाचार के हालात बदल जाएंगे, जो नहीं बदले.
देश की वैश्विक छवि कितनी टूटी...? यह घोटाला अपने आकार के कारण दुनिया में सनसनी फैलाने के लिए काफी था, लेकिन इस घोटाले के आरोपी का कारोबार इतने सारे देशों में है कि घोटाला उजागर होते ही हर देश का मीडिया इस खबर को रात-दिन बजा रहा है. आसानी से माना जा सकता है कि इस कांड को विदेशी निवेशक भी गौर से जान-सुन रहे होंगे. विदेशों में बसा भारतीय समुदाय इस कांड को सुनकर भौंचक रह गया होगा. सबसे ज़्यादा गौर उस अंतरराष्ट्रीय संस्था ने किया होगा, जो दुनिया के तमाम देशों में भ्रष्टाचार की स्थिति का आकलन करती है. 'ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल' नाम की यह संस्था हर साल तमाम देशों में भ्रष्टाचार का आकलन करके उन्हें एक क्रम में लगाती है. ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल' की इस सूची में कम भ्रष्ट देश से शुरू करने के बाद सबसे भ्रष्ट देश को क्रमवार लगाया जाता है. यह आकलन एक प्रकार से हर देश का भ्रष्टाचार सूचकांक होता है. पिछले दो-तीन साल से हम लोग यह ऐतराज़ कर रहे थे कि हमें ज़्यादा भ्रष्ट देशों की श्रेणी में क्यों डाला जाता है. हमें पता है कि 'ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल' के सर्वेक्षण में नागरिकों से ही पूछा जाता है कि वे घूस देने के लिए कितने बाध्य हैं. इसी से इस बात का आकलन होता है कि किसी देश में घूस लेने की तत्परता का क्या स्तर है. भ्रष्टाचार के मामले में हमें बहुत खराब हालत में बताए जाने से अब तक हमें टीआई के इस सर्वेक्षण पर शक होता था, लेकिन PNB घोटाले ने हमारा भ्रम दूर कर दिया. बहरहाल, इस सनसनीखेज़ घोटाले के उजागर होने के बाद हमारे भ्रष्टाचार सूचकांक का ज़्यादा कबाड़ा होने के आसार बढ़ गए हैं. बेशक अब हमें घरेलू राजनीति के अलावा अपनी अंतरराष्ट्रीय छवि के प्रबंधन के काम पर भी ज़ोर-शोर से लगना पड़ेगा, बहरहाल, भ्रष्टाचार के मामले में हम और गहरे गड्ढे में पहुंचे दिख रहे हैं. ..
सुधीर जैन वरिष्ठ पत्रकार और अपराधशास्‍त्री हैं. डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं. इस आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति NDTV उत्तरदायी नहीं है. इस आलेख में सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं. इस आलेख में दी गई कोई भी सूचना अथवा तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार NDTV के नहीं हैं, तथा NDTV उनके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है.

PNB घोटाला: ED ने नीरव मोदी और अन्य के ठिकानों पर छापेमारी में 5100 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की
16 February 2018
नई दिल्ली: आभूषण डिजाइनर नीरव मोदी और कुछ अन्य के खिलाफ 280 करोड़ रुपये के मनी लांड्रिंग के आरोपों की जांच के सिलसिले में गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुंबई, दिल्ली और गुजरात में छापेमारी में 5,100 करोड़ रुपये के हीरे, सोने के आभूषण जब्त किए. यह कार्रवाई पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की शिकायत पर की गई है. एजेंसी ने नीरव मोदी, उनकी पत्नी एमी, भाई निशाल और कारोबारी भागीदार मेहुल चौकसी के खिलाफ बुधवार को मनी लांड्रिंग का मामला दर्ज किया था. प्रवर्तन निदेशालय के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि एजेंसी ने मोदी और अन्य आरोपियों की मुंबई में पांच संपत्तियां सील की हैं. अब निदेशालय मोदी के पासपोर्ट रद्द करने के लिए विदेश मंत्रालय से संपर्क करने की तैयारी कर रहा है. आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि तड़के शुरू हुई कार्रवाई में मुंबई, गुजरात और दिल्ली में कम से कम दस जगह छापे डाले गए. प्रवर्तन निदशालय के अधिकारियों ने जिन जगहों पर यह कार्रवाई की, उनमें मोदी का मुंबई के कुर्ला इलाके का घर, काला घोड़ा इलाके की डिजाइनर आभूषणों की दुकान, बांद्रा और लोअर परेल इलाके में कंपनी के तीन ठिकाने, गुजरात के सूरत में तीन ठिकाने और दिल्ली के डिफेंस कालोनी और चाणक्यपुरी इलाके में मोदी के शो-रूम शामिल हैं. अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी में 5,100 करोड़ रुपये के हीरे, सोने के आभूषण जब्त किए गए हैं. प्रवर्तन निदेशालय ने मामले में सीबीआई में इस माह के शुरू में दर्ज एक प्राथमिकी (एफआईआर) के आधार पर मनी लांड्रिंग निरोधक अधिनिमय (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया था. समझा जाता है कि ईडी ने पीएनबी की ओर से मोदी और अन्य के खिलाफ प्रस्तुत की गई शिकायातों पर भी गौर किया है. एजेंसी इस बात की जांच करेगी कि कथित रूप से धोखाधड़ी से हासिल बैंक के धन की लांड्रिंग हुई और क्या अपराध की कमाई का बाद में गैरकानूनी तरीके से संपत्तियां खरीदने और कालेधन के रूप में इस्तेमाल किया गया. नीरव मोदी (46) 2013 से फोर्ब्स की अमीर भारतीयों की सूची में नियमित रूप से शामिल रहे हैं. सीबीआई ने नीरव मोदी, उसकी पत्नी और उनके एक भागीदार को बैंक के साथ 2017 में 280.70 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में 31 जनवरी को नामजद किया है. बैंक ने मंगलवार को सीबीआई के पास दो और शिकायतें भेजते हुए कहा है कि यह घोटाला 11,400 करोड़ रुपये से अधिक का है. प्रवर्तन निदेशालय की टीमों ने नीरव मोदी के भाई निशाल, पत्नी एमी और मेहुल चीनूभाई चौकसी तथा दो नामजद बैंक अधिकारियों गोकुलनाथ शेट्टी (अब सेवानिवृत्त) और मनोज खराट के घरों पर भी तलाशी की. निशाल, एमी और मेहुल ये सभी डायमंड आर यूएस, सोलार एक्सपोर्ट्स और स्टेलर डामंड्स में भागीदार सीबीआई की प्राथमिकी में कहा गया है कि इन सरकारी (बैंक) अधिकारियों ने उपरोक्त फर्मों को धन का लाभ पहुंचाने के लिए अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया जिससे 2017 में पंजाब नेशनल बैंक को 280.70 करोड़ रुपये का गलत तरीके से नुकसान हुआ. बैंक ने यह भी शिकायत की है कि उसके यहां से धोखाधड़ी कर के आरोपी इकाइयों के पक्ष में या उनकी ओर से 16 जनवरी 2018 को कुछ साख-पत्र जारी किए गए. इन इकाइयों ने बैंक की मुंबई स्थित संबंधित शाखा को आयात संबंधी कुछ दस्तावेज दिए थे और आवेदन किया था कि माल भेजने वाली विदेशी इकाइयों के भुगतान के लिए क्रेता की ओर से साख पत्र जारी कर दिए जाएं. हीरा व्यापारी मोदी भारतीय नागरिक हैं, लेकिन उनके भाई निशाल और पत्नी एमी भारतीय नागरिक नहीं हैं.
PNB में हुआ 11500 करोड़ का देश का सबसे बड़ा बैंकिंग घोटाला, 10 बातें
15 February 2018
नई दिल्ली: पंजाब नेशनल बैंक में देश का बड़ा बैंकिंग घोटाला हुआ है. ये घोटाला करीब साढ़े 11000 करोड़ रुपये से ज़्यादा का है. पीएनबी ने बुधवार को शेयर बाज़ार को मुंबई स्थित शाखा में घोटाले की जनाकारी दी. इस घोटाले में कारोबारी नीरव मोदी का नाम सामने आया है. घोटाला सामने आने के बाद पीएनबी ने अपने 10 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है. पीएनबी ने बताया कि कुछ खाताधारकों को लाभ पहुंचाने के लिए लेन-देन की गई. इन लेन-देन के आधार पर ग्राहकों को दूसरे बैंकों ने विदेशों में क़र्ज़ दिए हैं. इस ख़बर के बाद पंजाब नेशनल बैंक के शेयर 10 फीसदी तक टूटे हैं.
10 बातें
1-पीएनबी ने माना है कि कुछ लोगों की मिलीभगत से कुछ खातेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए ये घपला किया गया है। बैंक का ये भी कहना है कि इस लेनदेन के आधार पर ऐसा लगता है कि दूसरे बैंकों ने भी विदेश में भी इन ग्राहकों को एडवांस दिए हैं यानी दूसरे बैंकों पर भी इसका असर पड़ सकता है. ये खबर ऐसे समय आई है कि जब भारत का बैंकिंग सेक्टर एक संकट से पहले ही गुज़र रहा है.
2-दस दिन से भी कम के समय में यह बैंक धोखाधड़ी का दूसरा मामला सामने आया है. इससे पहले पांच फरवरी को सीबीआई ने अरबपति हीरा कारोबारी नीरव मोदी, उनकी पत्नी, भाई और एक व्यापारिक भागीदार के खिलाफ वर्ष 2017 में पीएनबी के साथ 280.70 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था.
3-पीएनबी की शिकायत पर सीबीआई ने मोदी, उनके भाई निशाल, पत्नी एमी और मेहुल चिनूभाई चौकसी ने बैंक अधिकारियों के साथ साजिश में बैंक के साथ धोखाधड़ी करने और उसके गलत तरीके से नुकसान पहुंचने का केस दर्ज किया है.
4-सीबीआई ने मोदी, उनके भाई निशाल, पत्नी एमी और मेहुल चीनूभाई चौकसी के आवास पर छापेमारी भी की है. ये सभी डायमंड्स आर यूएस, सोलर एक्सपोर्ट्स और स्टेलर डायमंड्स में भागीदार हैं. दो बैंक अधिकारियों के आवास पर भी छापेमारी की गई है.
5-प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में हुई 280 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के संबंध में नीरव मोदी एवं अन्य के खिलाफ मनी लॉड्रिंग का मामला दर्ज किया है। यह मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की प्राथमिकी के आधार पर दर्ज किया गया है।
6-वित्त मंत्रालय ने पीएनबी के 11,500 करोड़ रुपये के घोटाले को लेकर जताई जा रही आशंकाओं को खारिज किया और कहा कि यह मामला ‘नियंत्रण के बाहर’ नहीं है और इस बारे में उचित कार्रवाई की जा रही है.
7-वित्त मंत्रालय ने सभी बैंकों को इस मामले से जुड़ी या इस प्रकार की घटनाओं के संबंध में इस सप्ताह के अंत तक रिपोर्ट देने को कहा है.
8-चार बड़ी आभूषण कंपनियां गीतांजलि, गिन्नी, नक्षत्र और नीरव मोदी जांच के घेरे में हैं. सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय उनकी विभिन्न बैंकों से सांठगाठ और धन के अंतिम इस्तेमाल की जांच कर रहे हैं.’’ इन कंपनियों से तत्काल प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है.
9-नीरव मोदी फोर्ब्स की भारतीय अमीरों की सूची में भी शामिल रहे हैं.
10-वर्ष 2015 में बैंक आफ बड़ौदा में भी दिल्ली के दो कारोबारियों द्वारा 6,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया था.

रिजर्व बैंक के नए नियम रिण नहीं चुकाने वालों को ‘नींद से जगाने वाले’: सरकार
14 February 2018
नई दिल्ली: रिजर्व बैंक ने फंसे कर्ज की समस्या के त्वरित समाधान के लिए नियमों को और कड़ा किया है, जिसमें उसने बैंकों को ऐसे खातों की पहचान करने और इस तरह के कर्ज की वसूली पर लगातार जोर देने को कहा है. सरकार ने केन्द्रीय बैंक के इन नियमों को कर्ज नहीं चुकाने वालों के लिए ‘नींद से जगाने’ वाला बताया है. रिजर्व बैंक ने सोमवार को देर रात आधा दर्जन से ज्यादा मौजूदा रिण पुनर्गठन प्रणालियों को समाप्त करते हुए नए सख्त नियमों को जारी किया. केन्द्रीय बैंक ने बैंकों से कहा है कि वह फंसे कर्ज के समाधान की योजना पर 180 दिन की समयसीमा के भीतर सहमत हों या फिर उस खाते को दिवाला प्रक्रिया में भेजें. वित्तीय सेवाओं के सचिव राजीव कुमार ने इन नियमों पर गौर करने के बाद कहा कि ये नियम कर्ज नहीं चुकाने वालों के लिए ‘नींद से जगाने’ वाले हैं. कुमार ने जानकारी देते हुए कहा, ‘सरकार एक बार में ही चीजों को स्पष्ट करना चाहती है और इसे आगे के लिए लटकाना नहीं चाहती. पुराने फंसे कर्ज के समाधान के लिए यह अधिक पारदर्शी प्रणाली है.’ रिजर्व बैंक के नए नियमों में कहा गया है कि 2,000 करोड़ रुपए और इससे अधिक के फंसे कर्ज मामले में यदि समाधान प्रक्रिया को 180 दिन के भीतर लागू नहीं किया जाता है तो मामले को दिवाला प्रक्रिया के तहत लाना होगा रिजर्व बैंक ने कहा है कि जो बैंक दिशानिर्देशों का पालन करने में असफल रहेंगे उनके खिलाफ जुर्माना लगाया जाएगा. वित्तीय मामलों के सिचव ने हालांकि, कहा कि इन नए नियमों का बैंकों के प्रावधान नियमों पर कोई ज्यादा असर नहीं होगा. रिजर्व बैंक के नए नियम ढांचे में दबाव वाले कर्जों की पहचान के लिए विशिष्ट नियम, समाधान योजना के क्रियान्वयन के लिए समयसीमा और तय समयसीमा का पालन नहीं करने पर बैंकों पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है. इसके साथ ही रिजर्व बैंक ने मौजूदा प्रणालियों, कंपनी रिण पुनर्गठन योजना, रणनीति रिण पुनर्गठन योजना और दबाव वाली संपत्तियों का टिकाऊ पुनर्गठन जैसी योजनाओं को वापस ले लिया गया है.
इनकम टैक्स से जुड़े 10 नियम-कानून, जो अप्रैल, 2018 से बदलने जा रहे हैं.
13 February 2018
वित्तवर्ष 2018-19 के आम बजट में वित्तमंत्री अरुण जेटली ने इनकम टैक्स के स्लैब तथा दरों में कोई बदलाव नहीं किया, लेकिन फिर भी कुछ परिवर्तनों का प्रस्ताव रखा है, जिनसे बहुत-से टैक्सपेयर प्रभावित होंगे... दरअसल, वर्ष 2018-19 के वार्षिक बजट में शेयरों व इक्विटी म्यूचुअल फंडों पर लगने जा रहे लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन टैक्स से लेकर वरिष्ठ नागरिकों को ब्याज से होने वाली आय पर राहत तक कई बदलाव किए गए हैं... वित्तमंत्री ने एक ओर वेतनभोगियों के लिए नई मानक कटौती (स्टैंडर्ड डिडक्शन) का प्रस्ताव रखा है, लेकिन साथ ही इनकम टैक्स पर लगने वाले सेस की दर को एक फीसदी बढ़ा दिया है... इनमें से ज़्यादातर परिवर्तन 1 अप्रैल को वित्तवर्ष 2018-19 शुरू होते ही प्रभावी हो जाएंगे...
आम बजट 2018 में प्रस्तावित इनकम टैक्स से जुड़े 10 अहम बदलाव
1-40,000 रुपये का नया स्टैंडर्ड डिडक्शन : इस नई कटौती का प्रस्ताव रखा गया है, जो मौजूदा ट्रांसपोर्ट एलाउंस (19,200 रुपये) तथा मेडिकल री-इम्बर्समेंट (15,000 रुपये) का स्थान लेगी... इस स्टैंडर्ड डिडक्शन से 2.5 करोड़ वेतनभोगी लाभान्वित होंगे... आमतौर पर पेंशनभोगियों को ट्रांसपोर्ट एलाउंस तथा मेडिकल री-इम्बर्समेंट जैसे कोई लाभ नहीं मिलते थे, लेकिन अब उन्हें भी इस स्टैंडर्ड डिडक्शन का लाभ मिलेगा... इस नई स्टैंडर्ड डिडक्शन के प्रभावी होने के बाद वेतनभोगियों की करयोग्य आय में से सीधे तौर पर 40,000 रुपये घटा दिए जाएंगे...
2-सेस में बढ़ोतरी : वित्तमंत्री अरुण जेटली ने आयकर, यानी इनकम टैक्स पर वसूले जाने वाले शिक्षा उपकर, यानी एजुकेशन सेस को मौजूदा तीन फीसदी से बढ़ाकर चार फीसदी कर दिया है... यह सेस करदाता के देय आयकर पर लगाया जाता है...
3-इक्विटी में निवेश पर लगेगा लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन टैक्स : इक्विटी शेयरों अथवा इक्विटी-ओरिएंटेड फंडों के यूनिटों की बिक्री से होने वाली आय के 1,00,000 रुपये से अधिक होने पर अब 10 फीसदी टैक्स (सेस अतिरिक्त) वसूला जाएगा... हालांकि करदाताओं को फायदा पहुंचाने के लिए 31 जनवरी, 2018 तक की आय को नहीं गिना जाएगा... इसका अर्थ यह हुआ कि आय के तौर पर जनवरी, 2018 के बाद की कीमतों पर हुए लाभ को ही गिना जाएगा...
4-इक्विटी म्यूचुअल फंडों से होने वाली डिविडेंड आय पर टैक्स : इक्विटी-ओरिएंटेड म्यूचुअल फंडों द्वारा दिए जाने वाले डिविडेंड पर 10 फीसदी की दर से टैक्स लगाया जाएगा...
5-एकल प्रीमियम वाली हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी पर इनकम टैक्स में छूट : आमतौर पर स्वास्थ्य बीमा, यानी हेल्थ इंश्योरेंस करने वाली कंपनियां ग्राहकों को प्रीमियम में छूट दिया करती हैं, अगर वे कुछ सालों का प्रीमियम एक साथ अदा कर दें... लेकिन अब तक ऐसी पॉलिसियों पर भी कोई करदाता सिर्फ 25,000 रुपये तक की ही प्रमियम की रकम पर आयकर में छूट ले पाता था... वित्तवर्ष 2018-19 के आम बजट में प्रस्तावित बदलावों के तहत अब एक साल से ज़्यादा के लिए ली गई पॉलिसियों की प्रीमियम एक साथ अदा किए जाने की स्थिति में एक सीमा तक उतने ही सालों तक छूट ली जा सकेगी... उदाहरण के तौर पर, आपका बीमाकर्ता दो साल की पॉलिसी के लिए एक साथ 40,000 रुपये अदा किए जाने की सूरत में आपको 10 फीसदी का डिस्काउंट दे रहा है, और आप वह अदा कर देते हैं, तो नए प्रस्तावित नियमों के तहत अब ग्राहक दोनों सालों में 20,000 रुपये के प्रीमियम पर कर में छूट हासिल कर सकता है...
6-NPS से निकासी पर टैक्स में छूट : सरकार ने नेशनल पेंशन सिस्टम, यानी NPS से पैसे की निकासी पर टैक्स में छूट का लाभ गैर-कर्मचारी उपभोक्ताओं, यानी जो उपभोक्ता कहीं नौकरी नहीं करते, लेकिन NPS के सदस्य हैं, को भी देने का प्रस्ताव रखा है... मौजूदा नियमों के तहत कहीं नौकरी करने वाले उपभोक्ता एकाउंट की अवधि पूरा होने या उससे बाहर आने का फैसला करने पर जब रकम को निकालते हैं, तो उसमें से 40 फीसदी रकम पर टैक्स नहीं वसूला जाता है... यही छूट गैर-कर्मचारी उपभोक्ताओं को नहीं दी जाती है, लेकिन अब वित्तवर्ष 2018-19 से यही लाभ उन्हें भी मिल सकेगा...
7-वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज से आय पर छूट की सीमा बढ़ी : अब वरिष्ठ नागरिकों को बैंकों तथा पोस्ट ऑफिसों में खोले गए बचत खातों तथा आवर्ती जमा खातों (रिकरिंग डिपॉज़िट या आरडी) पर मिलने वाले ब्याज से होने वाली आय में ज़्यादा रकम पर टैक्स में छूट हासिल होगी... मौजूदा समय में बचत खातों से होने वाली आय पर प्रत्येक व्यक्ति आयकर अधिनियम की धारा 80टीटीए के तहत 10,000 रुपये तक के ब्याज पर टैक्स में छूट हासिल कर सकता है, लेकिन अब टैक्स कानूनों में धारा 80टीटीबी जोड़ने के प्रस्ताव किया गया है, जिसके तहत वरिष्ठ नागरिकों को ब्याज से होने वाली आय में से 50,000 रुपये तक की रकम पर कर में छूट हासिल होगी... हालांकि वरिष्ठ नागरिक अब 80टीटीए के तहत मिलने वाली छूट का लाभ नहीं उठा सकेंगे... इसके अलावा सरकार ने प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (PMVVY) के तहत निवेश की सीमा को भी 7.5 लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दिया है, तथा इस योजना को मार्च, 2020 तक विस्तार देने का प्रस्ताव भी दिया है... वरिष्ठ नागरिकों के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (PMVVY) के तहत सुनिश्चित आठ फीसदी ब्याज दिया जाता है...
8-वरिष्ठ नागरिकों के लिए टीडीएस की सीमा बढ़ी : वरिष्ठ नागरिकों को ब्याज से होने वाली आय पर स्रोत पर कर (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स या टीडीएस) की सीमा को 10,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर देने के प्रस्ताव किया गया है...
9-वरिष्ठ नागरिकों के लिए सेक्शन 80डी के तहत डिडक्शन लिमिट बढ़ी : आम बजट 2018-19 में सरकार ने हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम के रूप में दी जाने वाली रकम पर टैक्स में छूट की सीमा को बढ़ाने के प्रस्ताव किया है... इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80टी के तहत अब तक वरिष्ठ नागरिकों को 30,000 रुपये के प्रीमियम पर टैक्स में छूट दी जाती थी, लेकिन अब यह सीमा 50,000 रुपये हो जाएगी... 60 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों के लिए धारा 80डी के तहत दी जाने वाली छूट की सीमा 25,000 रुपये ही रहेगी... परंतु यदि उनके माता-पिता वरिष्ठ नागरिक हैं, तो वे 50,000 रुपये की अतिरिक्त छूट हासिल कर सकेंगे, जिससे कुल छूट 75,000 रुपये (25,000 + 50,000 रुपये) हो जाएगी, जो मौजूदा समय में सिर्फ 55,000 रुपये है...
10-वरिष्ठ नागरिकों के लिए चुनिंदा बीमारियों के इलाज के इनकम टैक्स में छूट की सीमा बढ़ी : चुनिंदा बीमारियों के इलाज पर किए गए खर्च की 1,00,000 रुपये तक की रकम अब करयोग्य आय में से घटाई जाएगी, जबकि अब तक अति-वरिष्ठ नागरिकों (80 वर्ष से अधिक) को 80,000 रुपये तथा वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष से अधिक) को 60,000 रुपये की छूट इस मद में दी जाती थी.

रेलवे अपने कर्मचारियों का मनोबल ऊंचा करने के लिए उन्हें देगा इनाम.
12 February 2018
मनई दिल्ली: रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि रेलवे की एक समिति ने नई मूल्यांकन प्रणाली, बोनस, प्रोत्साहन उपायों और कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने के लिए उन्हें सम्मानित करने की सिफारिश की है. रेलवे में करीब 13 लाख कर्मी हैं. रेलवे अपने कर्मियों की तरक्की के पैमाने में भी बदलाव लाने पर विचार कर रहा है ताकि यह देखा जा सके कि क्या उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए और सम्मानित किया जा सकता है. समिति ने सिफारिश की है कि पांच साल की वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्टों की रेटिंग की बजाय किसी कर्मी के पिछले सात सालों में पांच बेहतरीन प्रदर्शनों को देखकर उसे प्रोत्साहन की चीजें दी जाएंगी अधिकारियों ने कहा कि रिपोर्ट में कर्मियों के लिए बेहतर आवासीय सुविधा और कर्मियों के माता-पिता के लिए मेडिकल और नि:शुल्क यात्रा सुविधाएं मुहैया कराने की अनुशंसा की गई है. आगे के अध्ययन के इच्छुक कर्मियों को वित्तीय मदद मुहैया कराने का भी सुझाव दिया गया है समिति के मुताबिक, सिर्फ निचले ग्रेड के कर्मियों की बजाय ग्रुप ए और ग्रुप बी के अधिकारियों को भी बोनस दिया जाए. दुर्घटना रहित सेवा के 10 साल पूरे कर लेने पर गैंगमैन और ट्रैकमैन को मौद्रिक अवॉर्ड दिए जाने की सिफारिश की गई है. लोको पायलटों को भी सम्मानित करने का सुझाव दिया गया है
भारतीय स्टेट बैंक को हुआ 2,416 करोड़ रुपए का घाटा.
10 February 2018
मुंबई: देश के सबसे बड़े भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 2,416.37 करोड़ रुपए का नुकसान दर्ज किया है. बैंक ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. बम्बई स्टॉक एक्सचेंज में दाखिल नियामकीय फाइलिंग में बैंक ने कहा कि उसने 31 दिसंबर को खत्म हुई तिमाही में कुल 2,416.37 करोड़ रुपए का नुकसान दर्ज किया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में बैंक ने 2,610 करोड़ रुपए का मुनाफा दर्ज किया था. समीक्षाधीन तिमाही में एसबीआई की कुल आय 62,887.06 करोड़ रुपए रही, जोकि 31 दिसंबर, 2016 को खत्म तिमाही में 53,587.51 करोड़ रुपए थी समीक्षाधीन अवधि में एसबीआई का सकल फंसा हुआ कर्ज (गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां या जीएनपीए) 1,99,141.34 करोड़ रुपये रहा, तथा शुद्ध एनपीए 1,02,370.12 करोड़ रुपये रहा. जबकि वित्त वर्ष 2016-17 की तीसरी तिमाही के दौरान जीएनपीए 1,08,172.32 करोड़ रुपये तथा एनपीए 61,430.45 करोड़ रुपये था
सेंसेक्स में जोरदार गिरावट, 500 से अधिक अंक लुढ़का, विदेशी बाजारों के धड़ाम होने का असर.
9 February 2018
मुंबई: अंतरराष्ट्रीय बाजारों के धड़ाम होने के बाद घरेलू शेयर बाजारों में भी जोरदार गिरावट देखी जा रही है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स कारोबारी सप्ताह के आखिरी दिन 500 से अधिक अंक धड़ाम हो गया है. वहीं निफ्टी में भी 100 से अधिक अंकों की गिरावट देखी गई. दरअसल, डॉव जोंस 1,000 अंक टूट गया. यह अमेरिकी शेयर बाजार के इतिहास में दूसरी सबसे बड़ी गिरावट है. इससे पहले सोमवार को भी बाजार में डॉव जोंस 1,175 अंक टूट गया था. अमेरिकी शेयर बाजार में सप्ताह में दूसरी बार प्रमुख सूचकांक डॉव जोंस में 1,000 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज हुई है. सीएनएन के मुताबिक, डॉव जोंस इंडिस्ट्रयल एवरेज गुरुवार के कारोबार में 1,033 अंकों यानी 4.15 फीसदी की गिरावट के साथ 23,860.46 पर बंद हुआ. नैस्डैक सूचकांक 274.82 अंकों यानी 3.90 फीसदी की गिरावट के साथ 6,777.16 पर बंद हुआ जबकि एसएंडपी 500 सूचकांक 100.66 अंकों यानी 3.75 फीसदी की गिरावट के साथ 2,581.00 पर बंद हुआ. हालांकि कल सात दिन से चली आ रही गिरावट के सिलसिले पर रोक लगने से शेयर बाजारों ने राहत की सांस ली थी लेकिन आज फिर गिरावट का रुख देखा गया. कल बाजार भागीदारों की मूल्यवर्धन वाली खरीदारी तथा सकारात्मक एशियाई संकेतों से बाजार में तेजी देखी गई थी. बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला 330.45 अंक या 0.97 प्रतिशत चढ़कर 34,413.16 अंक पर पहुंच गया था. यह इसकी दो सप्ताह में एक दिन की सबसे बड़ी बढ़त थी. ब्रेंट क्रूड के छह सप्ताह के निचले स्तर 65.16 प्रति डॉलर पर आने से धारणा मजबूत हुई थी. सेंसेक्स 330.45 अंक या 0.97 प्रतिशत की बढ़त से 34,413.16 अंक पर बंद हुआ था. पिछले सात सत्रों में सेंसेक्स 2,200.54 अंक टूटा. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 100.15 अंक या 0.96 प्रतिशत की बढ़त के साथ 10,576.85 अंक पर पहुंच गया था.
सस्ता मकान खरीदने वालों से नहीं वसूलें जीएसटी, सरकार ने बिल्डरों को दिया निर्देश.
8 February 2018
नई दिल्ली: सरकार ने बिल्डरों को किफायती मकान खरीदारों से जीएसटी वसूलने से मना किया है. सभी सस्ती आवासीय परियोजनाओं पर प्रभावी जीएसटी दर 8 प्रतिशत है. इसे ‘इनपुट क्रेडिट’ के जरिये समायोजित किया जा सकता है. सरकार ने यह भी कहा कि बिल्डर अगर कच्चे माल पर क्रेडिट दावा को शामिल करने के बाद मकान के दाम घटाते हैं, तभी वे सस्ते आवास वाली परियोजनाओं में फ्लैट खरीदने वालों से माल एवं सेवा कर (जीएसटी) वसूल सकते हैं. जीएसटी परिषद ने 18 जनवरी को अपनी अंतिम बैठक में ‘क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी’ योजना (सीएलएसएस) के तहत मकानों के निर्माण के लिये रियायती दर से 12 प्रतिशत जीएसटी लगाने की बात कही. इसका मकसद सस्ते मकान को बढ़ावा देना है जिसे 2017-18 के बजट में बुनियादी ढांचा का दर्जा दिया गया है. हालांकि मकान, फ्लैट के लिये ली जाने वाली राशि में से तिहाई जमीन की लागत घटाने से प्रभावी जीएसटी दर 8 प्रतिशत पर आ गयी है. यह प्रावधान 25 जनवरी से प्रभाव में आ गया है वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘फ्लैट, आवास आदि के निर्माण के लिये इस्तेमाल सभी कच्चा माल तथा पूंजीगत सामान पर जीएसटी 18 प्रतिशत या 28 प्रतिशत लगता है. इसके विपरीत सस्ते खंड में आने वाली सभी आवासीय परियोजनाओं पर 8 प्रतिशत जीएसटी लगेगा.’’ बयान के अनुसार, ‘‘इसके परिणामस्वरूप बिल्डर या डेवलपर को फ्लैट आदि के निर्माण सेवा पर नकद जीएसटी देने की जरूरत नहीं होगी लेकिन उनके पास पर्याप्त ‘इनपुट टैक्स क्रेडिट’ होगा जिससे वह मूल्य वर्द्धन पर जीएसटी देना होगा.’’ मंत्रालय ने कहा कि बिल्डरों को खरीदारों से फ्लैट पर भुगतान योग्य कोई जीएसटी नहीं वसूलना चाहिए
अरुण जेटली बोले- फिलहाल पेट्रोल-डीजल GST से बाहर, राज्य इसके पक्ष में नहीं.
7 February 2018
नई दिल्ली: पेट्रोल-डीज़ल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए उसे जीएसटी के दायरे में लाने की मांग हो रही है, लेकिन पेट्रोल-डीजल जीएसटी के दायरे से बाहर रहेगी. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि इस समय राज्य पेट्रोल और डीजल को जीएसटी में शामिल करने के पक्ष में नहीं हैं. जेटली ने कहा कि अभी अधिकतर राज्य इसके पक्ष में नहीं है, लेकिन मुझे भरोसा है कि जीएसटी के अनुभव को देखते हुए प्राकृतिक गैस, रीयल एस्टेट ऐसे क्षेत्र है. जिसे इसके दायरे में लाया जाएगा और उसके बाद हम पेट्रोल, डीज़ल को इसके दायरे में लाने की कोशिश करेंगे. जेटली ने कहा कि हम पेट्रोल, डीजल और पीने योग्य अल्कोहल को इसके अंतर्गत लाने का प्रयास करेंगे. पांच पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है. इसका कारण इससे बड़ी मात्रा में केंद्र और राज्यों को मिलने वाला राजस्व है. उन्‍होंने कहा कि टैक्स को युक्तिसंगत बनाने का काम जारी रहेगा और जैसे ही राजस्व बढ़ता है, अंतत: 28 प्रतिशत कर स्लैब केवल अहितकर और विलासिता की वस्तुओं के लिए ही रहेगा. उन्होंने कहा, 'जीएसटी को लेकर अब कोई उठापटक नहीं हैं. चीजें सामान्य हो चुकी हैं. अब लगभग हर बैठक में हम शुल्क को युक्तिसंगत बनाने में कामयाब हैं और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी
बजट में बदले लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन टैक्स के नियम - अब बचत के लिए यही दो योजनाएं हैं सबसे मुफीद.
5 February 2018
नई दिल्ली: वित्तवर्ष 2018-19 के आम बजट में केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स की जद में म्यूचुअल फंड भी ला दिए, और अब इनकम टैक्स कटौती के बाद हाथ आने वाली अपनी तनख्वाह में से टैक्स-फ्री निवेश के विकल्प और भी घट गए हैं... आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत मिलने वाली 1.5 लाख रुपये तक की छूट में अब सिर्फ दो ही स्कीम ऐसी रह गई हैं, जिनमें निवेश करने पर आप मैच्योरिटी के वक्त किसी तरह का कोई टैक्स नहीं देंगे... इनमें से एक है सुकन्या समृद्धि योजना तथा दूसरी है पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (पीपीएफ या लोक भविष्य निधि)...
सुकन्या समृद्धि योजना
बेटियों के लिए चलाई गई योजना के तहत हर वह व्यक्ति यह खाता खोल सकता है, जो प्राकृतिक या कानूनी रूप से ऐसी बच्ची का अभिभावक है, जिसकी उम्र 10 वर्ष से कम है... एक ही व्यक्ति सुकन्या समृद्धि योजना के तहत ज़्यादा से ज़्यादा दो खाते खोल सकता है, बशर्ते दोनों खाते अलग-अलग बच्चियों के नाम से खोले जाएं... इन खातों में प्रत्येक वित्तवर्ष के दौरान कम से कम 1,000 रुपये का निवेश किया जाना अनिवार्य है, तथा इन खातों में प्रत्येक वित्तवर्ष के दौरान अधिकतम 1,50,000 रुपये जमा किए जा सकते हैं... इन खातों को 21 साल की अवधि पूरा होने पर बंद किया जा सकता है, या उस स्थिति में खाते को 18 साल के बाद भी बंद किया जा सकता है, जब खाताधारक बच्ची का विवाह हो चुका हो... सुकन्या समृद्धि खाते में निवेशित रकम पर वार्षिक आधार पर चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है, जिसकी दर 1 जुलाई, 2017 से 8.3 प्रतिशत है... मौजूदा समय में सभी प्रकार की सरकारी योजनाओं में यह ब्याज दर सर्वाधिक है...
पीपीएफ या पब्लिक प्रॉविडेंट फंड
भारत सरकार की इस योजना के तहत ज्वॉइंट एकाउंट नहीं खोला जा सकता है, और इसमें प्रत्येक वर्ष के दौरान एकमुश्त या अधिकतम 12 किश्तों में निवेश किया जा सकता है... इस खाते में प्रत्येक वित्तवर्ष में कम से कम 500 रुपये तथा अधिकतम 1,50,000 रुपये का निवेश किया जा सकता है... खाता नकदी या चेक की मदद से खोला जा सकता है, लेकिन चेक की स्थिति में खाता शुरू होने की तारीख उसे माना जाएगा, जब निवेशित रकम सरकार के खाते में पहुंच जाएगी... इस खाते में नॉमिनी की सुविधा भी उपलब्ध है, और खाते के चालू रहते इसे दूसरे पोस्ट ऑफिस, बैंक या शहर में स्थानांतरित भी किया जा सकता है खाताधारक इस योजना के तहत नाबालिग बच्चों के एकाउंट भी खोल सकता है, लेकिन सभी खातों में जमा कराई जाने वाली राशि व्यक्ति द्वारा निवेशित रकम की अधिकतम सीमा से ज़्यादा नहीं हो सकती... यानी यदि कोई व्यक्ति अपने दो नाबालिग बच्चों के लिए भी पीपीएफ खाते खुलवा लेता है, तो भी वह किसी एक वित्तवर्ष के दौरान तीनों खातों में कुल मिलाकर अधिकतम सीमा, यानी 1,50,000 रुपये से ज़्यादा का निवेश नहीं कर सकता. खाता 15 साल की अवधि के बाद मैच्योर होता है, लेकिन इसे मैच्योरिटी के एक साल के भीतर पांच साल की अवधि के लिए बढ़ाया जा सकता है... 15 साल की अवधि पूरी होने से पहले इसे मैच्योर नहीं करवाया जा सकता... इस खाते पर मिलने वाला ब्याज भी पूरी तरह करमुक्त होता है... पीपीएफ खाते में निवेशित रकम पर वार्षिक आधार पर चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है, जिसकी दर 1 अप्रैल, 2017 से 7.9 प्रतिशत है.

अब सिर्फ 2,699 रुपये में करिए हवाई सफर, एयर एशिया दे रही है शानदार ऑफर.
3 February 2018
नई दिल्ली: एयर एशिया में मात्र 2699 रुपये विदेश का सफर कराने वाला ऑफर लेकर आई है. ये ऑफर की वैधता 1 अगस्त 2018 से शुरू होगी और 31 जनवरी 2019 तक रहेगी. ये एक 'प्रमोशनल सेल' है. जो भुवनेश्वर, कोच्चि, गोवा, नई दिल्ली, जयपुर, त्रिचुरापल्ली, बंगलोर, चेन्नई और विशाखापत्तनम से कुअलालंमपुर, बाली, सिंगापु, बैंकॉक जैसे कई देशों के लिए होगी. इस सेल का फायदा उठाने के लिए आपको एडवांस बुकिंग करानी होगी. एयरएशिया की वेबसाइट (airasia.com) में भी सर्च करने पर पता चलता है कि अगस्त में भुवनेश्वर से कुअलालंमपुर के लिए एक तरफ का किराया 2,698 रुपये है. इसके अलावा और ऑफर की बात करें तो कोच्चि से कुअलालंमपुर (रुपये 3,399 से शुरू), कोलकाता से बाली (रुपये 8,499 से शुरू), चेन्नई से कुअलालंमपुर (रुपये 4,399 से शुरू), हैदराबाद से कुअलालंमपुर (रुपये 5,999 से शुरू), नई दिल्ली से कुअलालंपुर (5,390 रुपये से शुरू) क्या हैं इस 'प्रमोशनल सेल' की शर्तें 1- इनको टिकटों को www.airasia.com से ही बुक करा सकते हैं. 2- इसको क्रेडिट, डेबिट और चार्ज कार्ड से बुक करा सकते हैं. 4- टिकटों के किराए में टैक्स जुड़ा हुआ होगा. 5- एयर एशिया ने कहा है कि इन टिकटों के लिए सीटों की संख्या सीमित है. हो सकता है कि बुक कराते समय टिकट उपलब्ध न हो. 6- ये किराए एक तरफ के हैं. 7- सभी ऑफर एयर एशिया के नियमों के मुताबिक होंगे. 8- एक बार बुकिंग के बाद कैंसिल कराने पर पैसा वापस नहीं होगा.
देश की सुरक्षा पर पिछले साल की तुलना में 7.81 फीसदी अधिक खर्च करेगी सरकार.
2 February 2018
नई दिल्ली: देश की सुरक्षा के लिए सरकार ने बजट में 7.81 प्रतिशत की वृद्धि कर दी है. वित्तीय वर्ष 2018-19 में रक्षा बजट के लिए 2.95 लाख करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं. पिछले साल 2.74 लाख करोड़ रुपए का रक्षा बजट था. संसद में गुरुवार को पेश आम बजट में कुल रक्षा बजट के तहत सेना के तीनों अंगों के लिए नए हथियारों, विमानों, जंगी जहाजों और अन्य सैन्य साजो-सामान की खरीद के लिए 99,947 करोड़ रुपए की राशि निर्धारित की गई है. रक्षा बजट 2018-19 के लिए निर्धारित कुल 24,42,213 करोड़ रुपए के आवंटन का 12.10 प्रतिशत है. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने बजट भाषण में देश की सीमाओं पर चुनौतियों से निपटने और जम्मू-कश्मीर तथा पूर्वोत्तर दोनों क्षेत्रों में आंतरिक सुरक्षा माहौल को प्रबंधित करने में सशस्त्र बलों की भूमिका की सराहना की. उन्होंने कहा कि सरकार दो रक्षा औद्योगिक उत्पादन कॉरिडोर विकसित करेगी और घरेलू रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए उद्योग अनुकूल सैन्य उत्पादन नीति लेकर आएगी. जेटली ने कहा कि 2017-18 में रक्षा बजट के लिए 2.79 लाख करोड़ रुपए के संशोधित अनुमान की तुलना में आवंटन में वृद्धि 5.91 प्रतिशत और 2.74 लाख करोड़ रुपए के बजट अनुमान की तुलना में वृद्धि 7.81 प्रतिशत है. रक्षा मंत्रालय के अनुसार वित्त वर्ष 2018-19 के लिए आवंटित 2,95,511 करोड़ रुपए में से 99,947 करोड़ रुपए पूंजीगत व्यय के लिए हैं जो सेना के तीनों अंगों के आधुनिकीकरण पर खर्च किए जाएंगे. रक्षा क्षेत्र के राजस्व व्यय के लिए 1,95,947 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं जिसमें वेतन, प्रतिष्ठानों के रखरखाव और अन्य संबंधित व्यय शामिल हैं. रक्षाकर्मियों के पेंशन के लिए इन आवंटनों से इतर 1,08,853 करोड़ रुपए की एक पृथक राशि का प्रावधान किया गया है. रक्षा पेंशन के लिए राशि में पिछले साल के 85,740 करोड़ रुपए के आवंटन की तुलना में 26.60 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. जेटली ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्ष में रक्षाबलों की अभियानगत क्षमता को आधुनिक बनाने और मजबूत करने पर काफी जोर दिया गया है. वित्त मंत्री ने कहा, ‘सरकार देश में दो रक्षा औद्योगिक उत्पादन गलियारा के विकास के लिए कदम उठाएगी.’
Union Budget 2018: बजट में अरुण जेटली ने क्‍या दिया और क्‍या लिया, 20 प्‍वाइंट में जाने सबकुछ.
1 February 2018
नई दिल्‍ली: वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बजट 2018 में देश के गरीब लोगों एवं किसानों को ध्‍यान में रखते हुए कई घोषणाएं कीं. ऐसा लग रहा है जैसे अगामी लोकसभा चुनाव के लिए जमीन तैयार की जा रही हो. दुनिया की सबसे बड़ी स्‍वास्‍थ्‍य बीमा योजना लॉन्‍च कर यह जता दिया कि सरकार की प्राथमिकता आम लोगों के जीवन स्‍तर को सुधारने का है और सरकार इसके लिए प्रतिबद्ध है. साथ किसानों के लिए कई योजनाओं की घोषणा की गई. 'हवाई चप्‍पल' वाले को हवाई जहाज से यात्रा करने की सोच को बल देने के लिए 'उड़ान योजना' का भी जिक्र किया गया. वित्तमंत्री अरुण जेटली ने और क्‍या-क्‍या घोषणाएं कीं.
इन 20 प्‍वाईंट में जानें पूरे बजट को
1-बजट 2018 में गरीब परिवारों के लिए राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य सुरक्षा योजना लॉन्‍च किए जाने की घोषणा की गई है. इसके तहत देश 10 करोड़ परिवार अर्थात 50 करोड़ लोगों को 5 लाख रुपये प्रति परिवार कैशलेस मेडिकल बीमा कवर दिया जाएगा. टीबी के मरीजों के लिए 600 करोड़ रुपये दिए जाने की घोषणा की गई है.
2-देश के हर गरीब के पास अपना घर होगा. वर्ष 2022 तक सरकार ने 51 लाख नये घरों का निर्माण किए जाने की घोषणा की है.
3-उज्‍ज्‍वला योजना के तहत अब 8 करोड़ गरीब महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्‍शन दिए जाने की घोषणा की गई है.
4-व्‍यक्‍तिगत आयकर की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. 2016-17 में 85.51 लाख नये करदाता जुड़े हैं जिसके कारण प्रत्‍यक्ष कर में पिछले साल 12.6 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई.
5-सभी वेतनभोगियों को 40 हजार का स्‍टैंडर्ड डिडक्‍शन देने की घोषणा की गई है.
6-वरिष्‍ठ नागरिकों को जमा राशि पर मिलने वाले ब्‍याज आय में 50 हजार रुपये तक की छूट दिए जाने की घोषणा हुई.
7-देश में हवाई चप्‍पल वाले भी हवाई जहाज की यात्रा कर सकेंगे. 'उड़ान योजना' के तहत देशभर में 56 हवाई अड्डों और 31 हेलीपैडों में कनेक्टिविटी सुविधा की घोषणा की गई.
8-'उड़ान योजना' को आमलोगों से जोड़ने की पहल के साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 10 प्रमुख प्रतिष्‍ठ‍ित पर्यटन स्‍थलों का निर्माण किए जाने की घोषणा की गई.
9-बिटक्‍वाइन जैसी करेंसी भारत में मान्‍य नहीं होगी. भारत सरकार क्रिप्‍टो करेंसी को लीगल टेंडर नहीं मानती है.
10-जीएसटी लागू करने से अप्रत्‍यक्ष कर प्रणाली आसान हुई. इसके कारण 41 फीसदी अधिक आयकर रिटर्न भरे गए. टैक्‍स चोरी रोकने के लिए उठाए गए कदमों से 90 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्‍त टैक्‍स मिला.
11-रक्षा मंत्रालय ने वर्ष 2018-19 के प्रस्तावित रक्षा खर्च के नए आंकड़े जारी किए, इसके अनुसार अगले वित्त वर्ष का रक्षा बजट 2.95 लाख करोड़ रुपये का होगा.
12-डिजिटल इंडिया प्‍लान के लिए इस बजट में 3073 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट एक्‍सेस के लिए 5 लाख वाईफाई हॉटस्‍पॉट बनाए जाने की घोषणा की गई है.
13-रेलवे के लिए सरकार ने 1.48 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटित किए जाने की घोषणा की है. 3600 किलोमीटर रेल पटरियों के नवीनीकरण का लक्ष्‍य निर्धारित किया गया है.
14-600 प्रमुख स्‍टेशनों को पुन: विकसित करने कार्य शुरू किए जाने की घोषणा की गई है.
15-जवाहर नवोदय विद्यालय की तर्ज पर आदिवासी बहुल ब्‍लॉकों में 'एकलव्‍य' मॉडल आवासीय विद्यालय खोले जाने की घोषण की गई है. 2022 तक शिक्षा में आधारभूत सुधार के लिए 'राइज' नामक पहल का प्रस्‍ताव किया गया है.
16-शिक्षकों के लिए एकीकृत बीएड कार्यक्रम शुरू किए जाने की घोषणा हुई है. स्‍कूलों को आधुनिक बनाए जाने की घोषणा हुई है जिसके तहत स्‍कूलों में ब्‍लैक बोर्ड की जगह स्‍मार्ट बोर्ड लगाए जाएंगे. अगले 4 सालों में एक लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाने की घोषणा हुई.
17-हर तीन लोकसभा सीटों पर एक मेडिकल कॉलेज बनाने की योजना है. इस वर्ष 24 नये मेडिकल कॉलेज खोले जाने की घोषणा की गई है.
18-ऑपरेशन फ्लड की तर्ज पर ऑपरेशन ग्रीन्‍स शुरू किए जाने की घोषणा की गई. इसके लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
19-किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में सरकार ने कई महत्‍वपूर्ण घोषणाएं की. सरकार ने कहा कि वह सभी खरीफ फसलों का मूल्‍य उत्‍पादन लागत से डेढ़ गुना अधिक करने का फैसला किया है.
20-सौभाग्‍य योजना के जरिए 4 करोड़ गरीबों को बिजली कनेक्‍शन दिए जाने की घोषणा की गई है. अगले वित्त वर्ष में 2 करोड़ शौचालय बनाए जाने की भी बात कही गई है

बजट से पहले सेंसेक्स 124 अंक गिरा, 36,000 के नीचे आया.
31 January 2018
मुंबई: बंबई शेयर बाजार सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 124 अंक गिरकर 36,000 के नीचे आ गया. विदेशी निवेशकों की ओर से मुद्रा निकासी और बजट से पहले निवेशकों के सौदे घटाने से बाजार में गिरावट का रुख रहा. बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक शुरुआती कारोबार में 124.28 अंक यानी 0.34 प्रतिशत गिरकर 35,909.45 अंक पर आ गया. इस दौरान टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं, पूंजीगत माल, आईटी और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में गिरावट रही. वहीं, कल के कारोबारी दिन में सेंसेक्स 249.52 अंक गिरा था. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी शुरुआती दौर में 38.95 अंक यानी 0.35 प्रतिशत की गिरावट के साथ 11,010.70 अंक पर खुला. कारोबारियों के मुताबिक, कल पेश होने वाले बजट से पहले निवेशकों के सौदे घटाने से गिरावट की धारणा को बल मिला. एशियाई बाजारों से कमजोर रुख ने भी इसे बढ़ाया. एशियाई बाजारों में हांग कांग का हेंग सेंग सूचकांक 0.03 प्रतिशत नीचे रहा. जापान का निक्केई सूचकांक भी शुरुआती कारोबार में 0.11 प्रतिशत गिर गया जबकि शंघाई कंपोजिट सूचकांक 0.10 प्रतिशत नीचे रहा. अमेरिका का डाउ जोंस शेयर सूचकांक कल कारोबार की समाप्ति पर 1.37 प्रतिशत नीचे रहा
आर्थिक सर्वेक्षण : विकास दर बढ़ने की उम्मीदों पर भारी पड़ सकते हैं तेल के दाम.
30 January 2018
नई दिल्ली: इस साल आर्थिक विकास दर पिछले साल से बेहतर रहेगी. यह उम्मीद संसद में सोमवार को पेश किए गए आर्थिक सर्वे में जताई गई है. साल 2018-19 के लिए विकास दर 7 से 7.5% तक रहने की उम्मीद की जा रही है. नए वित्तीय वर्ष में जीडीपी विकास दर में मामूली सुधार का अनुमान है. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जिसके मुताबिक 2018-19 में आर्थिक विकास दर 7 से 7.5% के बीच रहने की उम्मीद है. हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोत्तरी को लेकर आर्थिक सर्वेक्षण में चिंता जताई गई है. 2017-18 की 6.75% विकास दर के मुकाबले नए वित्तीय वर्ष में आर्थिक विकास दर 7.5 % तक हो सकती है. अर्थव्यवस्था में माहौल सही नहीं रहा तो भी विकास दर 7 फीसदी तक रह सकती है. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संसद में पेश आर्थिक सर्वेक्षण में यह दावा किया है. वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने एनडीटीवी इंडिया से कहा, "अर्थव्यवस्था पटरी पर आ रही है. 2018 में विकास दर 2017 के मुकाबले बेहतर रहेगी. इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन बढ़ रहा है, निर्यात बढ़ रहा है. बिज़नेस कॉन्फिडेंस में सुधार हुआ है. मुझे उम्मीद है कि 2018 में इस सबका असर दिखेगा. लेकिन सबसे बड़ी चुनौती अंतरराष्ट्रीय बाजार में महंगा होता कच्चा तेल है. वित्त मंत्रालय के मु्ख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्मण्यम का कहना है कि तेल के दाम बढ़ेंगे तो जीडीपी घटेगी. उन्होंने कहा है कि क्रूड आइल के दाम में हर 10 डॉलर की बढ़ोत्तरी से जीडीपी ग्रोथ पर 0.2% से 0.3% तक असर पड़ता है. सरकार को उम्मीद थी कि कच्चा तेल 60 डॉलर प्रति बैरल से ज़्यादा महंगा नहीं होगा, लेकिन सरकार का यह अनुमान गलत साबित हुआ. अब 2018-19 में अगर कच्चा तेल उम्मीद से ज़्यादा महंगा होता है तो सरकार को इससे निपटने के लिए काफी मशक्कत करनी होगी. इसका सीधा मतलब यह भी होगा कि इसकी वजह से देश में पेट्रोल-डीज़ल और महंगा हो सकता है. साफ है कि कई मोर्चों पर सरकार को फूंक-फूंक कर कदम रखते हुए आगे बढ़ना होगा. फिलहाल राहत की बात यह है कि जीएसटी से रेवेन्यू कलेक्शन में बढ़ोत्तरी हुई है. मुख्य आर्थिक सलाहकार को उम्मीद है कि 2018-19 में जीएसटी की दरें कम होंगी और रेवेन्यू कलेक्शन में और सुधार होगा
दाल की बढ़ती कीमतों को काबू कर पाएगी मोदी सरकार? राष्ट्रपति कोविंद ने कहा, 38 फीसदी ज्यादा हुआ उत्पादन.
28 January 2018
नई दिल्ली: देश में बढ़ती महंगाई नरेंद्र मोदी सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है. मोदी सरकार के सत्ता में आते ही सबसे पहले दाल की बढ़ती कीमतों ने एक चुनौती पेश की. नरेंद्र मोदी सरकार ने इस दिशा में कई कदम उठाए. आयात से लेकर देश में उत्पादन बढ़ाने के साथ विदेशी धरती पर सरकारों की मदद भी इस में शामिल है. अब देश में भी दालों के उत्पादन में 38 फीसदी के उछाल की बात राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कही है. -
आइए जानें आज राष्ट्रपति कोविंद ने किसानों से जुड़ी कौन से 7 अहम बातें कहीं .
1-राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि किसानों की मुश्किलों का समाधान करना और उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाना, मेरी सरकार की उच्च प्राथमिकता है. मेरी सरकार की योजनाएं न केवल किसानों की चिंता कम कर रही हैं बल्कि खेती पर होने वाले उनके खर्च को भी घटा रही हैं.
2-उन्होंने सरकार की नीतियों और किसानों की कड़ी मेहनत का ही परिणाम है कि देश में 275 मिलियन टन से ज्यादा खाद्यान्न और लगभग 300 मिलियन टन फलों-सब्जियों का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है.
3-उन्होंने कहा, मेरी सरकार किसानों की आय को 2022 तक दोगुना करने के लिए प्रतिबद्ध है. किसानों को उनकी पैदावार की उचित कीमत मिल सके, इसके लिए देश की कृषि मंडियों को ऑनलाइन जोड़ने का कार्य जारी है, eNAM पर अब तक 36,000 करोड़ रुपए से अधिक की कृषि वस्तुओं का व्यापार किया जा चुका है,
4-दशकों से लंबित 99 सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने का काम भी प्रगति पर है. दालों के लिए बनाई गई नई नीति की वजह से पिछले वर्ष की तुलना में दाल के उत्पादन में 38 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है, जो एक रिकॉर्ड है .
5-उन्होंने कहा, किसानों की आय बढ़ाने के लिए डेयरी सेक्टर में 11,000 करोड़ रुपए की ‘डेयरी प्रसंस्करण और अवसंरचना विकास निधि’ के द्वारा एक महत्त्वाकांक्षी योजना प्रारंभ की गई है.
6-उन्होंने कहा, मेरी सरकार की नीतियों की वजह से जहां एक तरफ यूरिया का उत्पादन बढ़ा है, वहीं 100% नीम कोटिंग के बाद यूरिया की कालाबाजारी भी रुकी है. गोरखपुर, बरौनी, सिंदरी, तालचेर और रामागुंडम में उर्वरक कारखानों को फिर से शुरू कराने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है.
7-‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ के तहत किसानों को सस्ती और सरल बीमा सेवा उपलब्ध कराई जा रही हैं. वर्ष 2017 के दौरान, रबी और खरीफ की फसलों के लिए, 5 करोड़ 71 लाख किसानों को इस योजना के तहत सुरक्षा कवच प्रदान किया गया है.

सोना 14 महीने के उच्चतम स्तर पर, चांदी 41 हजार रुपये के पार.
27 January 2018
नई दिल्ली: मजबूत वैश्विक संकेतों तथा बढ़ी स्थानीय मांग के कारण दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना आज 350 रुपये चढ़कर 14 महीने के उच्चतम स्तर 31,450 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. औद्योगिक इकाइयों तथा सिक्का निर्माताओं की बढ़ी मांग से चांदी भी 1,100 रुपये की छलांग लगाकर 41 हजार रुपये प्रति किलो के स्तर को पार कर गयी. सर्राफा कारोबारियों ने कहा कि मजबूत वैश्विक संकेतों से सोना मजबूत हुआ है. इसके अलावा डॉलर के करीब तीन साल के निचले स्तर पर आ जाने से भी इसकी मांग बढ़ी. स्थानीय आभूषण निर्माताओं की मांग बढ़ने से भी इसे समर्थन मिला. वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोना 0.43 प्रतिशत बढ़कर करीब 14 महीने के उच्चतम स्तर 1,363.60 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया. चांदी भी 0.29 प्रतिशत चमककर 17.58 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गयी. स्थानीय बाजार में 99.9 प्रतिशत और 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 350-350 रुपये की मजबूती के साथ क्रमश: 31,450 रुपये और 31,300 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गये यह नौ नवंबर 2016 के बाद का उच्चतम स्तर है. हालांकि आठ ग्राम वाली गिन्नी 24,800 रुपये प्रति इकाई पर टिकी रही. चांदी हाजिर 1,100 रुपये चमककर 41 हजार रुपये प्रति किलोग्राम तथा चांदी वायदा 1,190 रुपये मजबूत होकर 40,130 रुपये प्रति किलोग्राम पर रही. हालांकि चांदी के सिक्के पुराने स्तर पर ही टिके रहे. सिक्का लिवाल 74 हजार रुपये और सिक्का बिकवाल 75 हजार रुपये प्रति सैकड़ा रहे.
उड़ान के दौरान फ्लाइट में लड़ाई करने वाले दोनों पायलटों का लाइसेंस 5 साल के लिए रद्द.
25 January 2018
मुंबई: विमानन नियामक डीजीसीए ने जेट एयरवेज के दो पूर्व पायलटों का उड़ान लाइसेंस पांच साल के लिये निलंबित कर दिया है. ये दोनों लंदन-मुंबई उड़ान के दौरान झगड़े में शामिल थे. नागर विमानन महानिदेशालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आज कहा कि कॉकपिट को खाली छोड़ने तथा उड़ान सुरक्षा को जोखिम में डालने को लेकर पायलटों के विमान उड़ाने के विशेषाधिकार को वापस ले लिया गया है. निलंबन अवधि के दौरान दोनों पायलट किसी भी उड़ान के लिये पात्र नहीं होंगे. जेट एयरवेज ने घटना के बाद दोनों पायलटों को पहले ही बर्खास्त कर दिया है. उल्लेखनीय है कि सह-पायलट ने काकपिट के अंदर महिला कमांडर को कथित तौर पर थप्पड़ मारा. सह-पायलट ने उसके साथ झगड़े के बाद थप्पड़ मारा था. इससे पहले विस्तारा और इंडिगो फ़्लाइट भी ऐसी हरकतों की वजह से विवादों में रहे हैं
सेंसेक्स और निफ्टी में शानदार तेजी की आखिर वजहें क्या हैं? जानें पांच कारण.
24 January 2018
नई दिल्ली: घरेलू शेयर बाजारों में पांच दिनों तक लगातार जारी रही तेजी ने मार्केट में दांव लगाने वालों के चेहरे पर शानदार मुस्कान तैरा दी. मंगलवार तक के सेशन पर ही यदि नजर दौड़ाएं तो सेंसेक्स सिर्फ पांच कारोबारी सत्रों (17 जनवरी से 23 जनवरी तक) 35,000 से 36,000 अंक के स्तर पर पहुंच गया. वहीं नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी छह महीने (26 जुलाई, 2017 से 23 जनवरी) में 10,000 से 11,000 अंक के स्तर पर पहुंच गया है. ..
आइए जानें सेंसेक्स और निफ्टी में इस तेजी की 5 वजहें.
1-अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) लेकर अनुमान लगाया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था फिर पटरी पर लौट रही है जिससे शेयर बाजारों में जोरदार तेजी आई. आईएमएफ का अनुमान है कि 2018-19 में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहेगी.
2-उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजों और सरकार के हालिया उपायों मसलन कुछ क्षेत्रों के लिए माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की दर में कटौती से भी शेयर बाजारों में रिकॉर्ड तोड़ तेजी का सिलसिला देखा गया है.
3-इसी के साथ, ब्रोकरों ने कहा कि वैश्विक स्तर पर सकरात्मक रुख, विदेशी पूंजी के प्रवाह और एक फरवरी को बजट से पहले निवेशकों की ओर से सौदे बढ़ाने से भी शेयर बाजार नयी ऊंचाई पर पहुंच गया है.
4-जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने बाजार की इस तेजी पर कहा, ‘बेहतर तिमाही नतीजों से बाजार में तेजी जारी है. वैश्विक बाजारों में नकारात्मक रुख है लेकिन अच्छे बजट की उम्मीद में घरेलू बाजारों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के निवेश से यहां बाजार धारणा मजबूत हुई.’
5-बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स बुधवार को पहली बार 36,000 अंक के स्तर को पार चला गया जिससे सेंसेक्स में जोरदार तेजी से निवेशकों की पूंजी में एक लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई. कारोबार बंद होने के समय बंबई शेयर बाजार की सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार की सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण1,08,019.59 करोड़ रुपये बढ़कर 1,56,56,592 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. (इनपुट- भाषा से भी)

दावोस : पीएम मोदी ने शीर्ष कंपनियों के लिए भारत में व्यापारिक अवसरों के द्वार खोले
23 January 2018
दावोस (स्विट्जरलैंड): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दावोस में शीर्ष वैश्विक कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों की राउंड टेबल मीटिंग की मेजबानी की. उन्होंने दिग्गज कंपनियों के समक्ष भारत में वैश्वविक व्यापार के अवसर पेश किए.विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की सालाना बैठक पोप फ्रांसिस के संदेश के साथ आज दावोस में शुरू हुई. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया कि पीएम नरेंद्र मोदी ने दुनिया की शीर्ष कंपनियों के सीईओ के साथ गोलमेज बैठक की. मोदी ने भारत के विकास की कहानी बयां करते हुए यहां वैश्विक व्यापार के आकर्षक अवसरों के बारे में मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को बताया इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने दावोस में आज विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की सालाना बैठक से हटकर स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति एलेन बर्सेट से मुलाकात की. मोदी ने उनसे द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा की. पीएम मोदी ने एक ट्वीट कर कहा, ‘‘दावोस पहुंचने पर मैंने स्विस कन्फेडरेशन के राष्ट्रपति एलेन बर्सेट से बातचीत की. हमने द्विपक्षीय सहयोग की संभावनाओं की समीक्षा की तथा इसे और मजबूत बनाने पर चर्चा की.
पीएम मोदी ने दिया संकेत, सभी को 'खुश' करने वाला नहीं होगा आगामी आम बजट
22 January 2018
नई दिल्ली: आने वाला आम बजट सभी को 'खुश' करने वाला नहीं होगा, इसमें सरकार आर्थिक सुधारों को भी दिशा देगी. पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को यह संकेत दे दिया. उन्होंने साफ किया कि भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार की प्रक्रिया जारी रहेगी. पीएम नरेंद्र मोदी ने संकेत दिया कि आगामी आम बजट, लोकलुभावन बजट नहीं होगा. सरकार सुधारों के अपने एजेंडे पर ही चलेगी, जिसके चलते भारतीय अर्थव्यवस्था "पांच प्रमुख" कमजोर अर्थव्यवस्थाओं की जमात से निकलकर दुनिया का "आकर्षक गंतव्य" बन गया है. समाचार चैनल 'टाइम्स नाऊ' के साथ एक साक्षात्कार में प्रधानमंत्री ने कहा, यह मात्र एक धारणा है कि लोग मुफ्त की चीजें और छूट चाहते हैं. यह पूछे जाने पर कि पहली फरवरी को पेश किए जाने वाले बजट में क्या वह लोकलुभावन घोषणा करने से बचेंगे. इस पर उन्होंने कहा, तय यह करना है कि देश को आगे बढ़ने और मजबूत होने की जरूरत है या इसे "इस राजनैतिक संस्कृति-कांग्रेस की संस्कृति का अनुसरण करना है." मोदी ने कहा कि आम जनता ईमानदार सरकार चाहती है. "आम आदमी छूट या मुफ्त की चीज नहीं चाहता है... यह (मुफ्त की चीज की चाहत) आपकी कोरी कल्पना है." उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के फैसले जनता की आवश्यकताओं और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हैं. मोदी ने बातचीत के दौरान अपनी सरकार की आर्थिक नीतियों का जोरदार बचाव किया. जीएसटी के बारे में उन्होंने कहा कि उनकी सरकार माल एवं सेवा कर में संशोधन के सुझाव पर अमल के लिए तैयार है ताकि इसे अधिक कारगर प्रणाली बनाया जा सके और इसकी खामियां दूर हों. स्विट्जरलैंड के दावोस में होने वाली विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की शिखर बैठक के पूर्ण अधिवेशन को संबोधित करने का अवसर पाने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री का सम्मान पाने के बारे में पूछे जाने पर मोदी ने कहा कि यह भारत की प्रगति के कारण संभंव हुआ है. उन्होंने कहा, "भारत ने दुनिया को अपनी शक्ति का परिचय दिया है इसलिए यह स्वाभाविक है कि दुनिया भी भारत के बारे में जानना चाहती है और वह यह जानकारी भारत से (भारत के शासनाध्यक्ष से) सीधे प्राप्त करना चाहती है और उसे समझना चाहती है." मोदी ने कहा कि स्वच्छ और स्पष्ट नीतियों के चलते भारतीय अर्थव्यवस्था फल-फूल रही है और उद्यमी (निवेश का) जोखिम उठाने लगे हैं. भारत बड़े आर्थिक अवसरों का देश और वैश्विक निवेश का आकर्षक गंतव्य बन गया है. यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी सरकार 2019 के आम चुनाव से पहले किए जा रहे अंतिम पूर्ण बजट को लोकलुभावन बजट बनाएगी तो उन्होंने कहा कि यह मामला वित्त मंत्री के दायरे में आता है और वह (मोदी) इस काम में हस्तक्षेप नहीं करना चाहते. साथ ही उन्होंने कहा, "जिन लोगों ने मुझे गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में देखा है वे जानते हैं कि सामान्य जन इस तरह की चीजों (लोकलुभावन) की अपेक्षा नहीं करता... यह एक मिथक है.
उड़ान के दौरान यात्रियों को मोबाइल और इंटरनेट सेवा कैसे मुहैया करानी है, TRAI ने दिया सुझाव
20 January 2018
नई दिल्ली: दूरसंचार नियामक ट्राई ने उड़ान के दौरान यात्रियों को सैटेलाइट व जमीनी नेटवर्क के जरिये मोबाइल तथा इंटरनेट सेवाएं मुहैया कराने के बारे में आज सुझाव दिया. ट्राई ने इन-फ्लाइट कनेक्टिविटी सुझाव में कहा, ‘प्राधिकरण भारतीय हवाई सीमा में उड़ान के दौरान यात्रियों को इंटरनेट व मोबाइल संचार दोनों सुविधाएं इन-फ्लाइट कनेक्टिविटी के तौर पर दिये जाने का सुझाव देता है.’ दूरसंचार विभाग ने भारतीय हवाईसीमा में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय समेत अन्य उड़ानों में वॉयस, डेटा तथा वीडियो सेवा दिये जाने के मद्देनजर 10 अगस्त 2017 को ट्राई से सुझाव मांगा था ट्राई ने सुझाया, ‘मोबाइल सेवाएं जमीनी मोबाइल नेटवर्क की उपलब्धता के मद्देनजर भारतीय हवाईसेवा में न्यूनतम तीन किलोमीटर की ऊंचाई तक मान्य होनी चाहिए.’ उसने कहा कि उड़ान में वाई-फाई के जरिये इंटरनेट सेवा तब दी जानी चाहिए जब उड़ान के दौरान इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस फ्लाइट मोड पर हों. इस बाबत घोषणा तब की जानी चाहिए जब सभी लोग विमान में सवार हो जाएं और वह उड़ान भरने के लिए तैयार हो. नियामक ने केवल एक रुपये के शुरुआती वार्षिक लाइसेंस शुल्क पर इन-फ्लाइट कनेक्टिविटी सर्विस प्रोवाइडर यानी उड़ान के दौरान मोबाल संपर्क सेवा प्रदान करने वाली कंपनी (आईएफसी प्रदाता) बनाने का भी सुझाव दिया. इसके लिए दूरसंचार सेवा कंपनियों के साथ समझौता किया जा सकता है ट्राई का सुझाव है कि आईएफसी प्रदाता कंपनियों को भारतीय उपग्रह प्रणालियों (इनसैट) तथा इनसैट से बाहर के क्षेत्र में विदेशी संचार उपग्रह प्रणालियों के साथ समझौता करने की इजाजत होनी चाहिए.
29 सामानों और 53 सेवाओं पर GST दर घटी, पढ़ें क्‍या-क्‍या हुआ सस्‍ता
19 January 2018
नई दिल्ली: जीएसटी काउंसिल की बैठक में 29 सामानों पर जीएसटी दर घटाने का फैसला हुआ है. 53 सेवाओं पर भी जीएसटी दर घटाई गई है. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि इस बैठक में पेट्रोल और डीजल को जीएसटी में लाने पर अभी विचार नहीं हुआ है. जीएसटी की नई दरें 25 जनवरी से लागू करने का फैसला लिया गया है. उन्होंने कहा कि इस परिषद की 25वीं बैठक में रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया को आसान बनाने पर भी चर्चा हुई. उन्‍होंने कहा कि रिटर्न फाइल करने में सहूलियत पर 10 दिन के बाद चर्चा होगी. पेट्रोल-डीज़ल को जीएसटी के दायरे में लाने पर इस बैठक में बात नहीं हुई और अगली बैठक में इस पर बात होगी. केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जो आयटम जीएसटी से बाहर हैं उन पर आज के बैठक में चर्चा नहीं हुई है, जिसमें पेट्रोलियम प्रोडक्ट भी शामिल हैं.उन्होंने उम्मीद जताई कि अगली बैठक में पेट्रोलियम प्रोडक्ट पर भी चर्चा की जाएगी. इतना ही नहीं, अगली बैठक में कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, पेट्रोल, डीजल, विमान ईंधन एटीएफ और रीयल एस्टेट को जीएसटी के दायरे में लाने पर विचार किया जा सकता है. बता दें कि जीएसटी परिषद में सभी राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हैं. इन वस्‍तुओं में जीएसटी दरें घटी
इन पर जीएसटी 28% से 18% हुआ - सार्वजनिक परिवहन की बायोफ्यूल से चलने वाली बसें - पुरानी एसयूवी - बड़ी कारें और मीडियम कारें
इन पर जीएसटी 28% से 12% हुआ - एसयूवी, मध्यम और बड़ी कारों को छोड़कर अन्य वाहन
इन पर जीएसटी 18% से 12% हुआ - सुगर बॉइल्ड कन्फेक्शरी - 20 लीटर की बोतल में पेयजल - खाद में इस्तेमाल होने वाला फॉस्फोरिक एसिड - बॉयोडीजल - बॉयो पेस्टीसाइड्स - डिप इरीगेशन सिस्टम - स्प्रिंकलर्स - मेकेनिकल स्प्रेयर्स - बांस की सीढ़ी
इन पर जीएसटी 18% से 5% हुआ - मेहंदी के कोन - इमली का पाउडर - निजी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स द्वारा घरों में आपूर्ति की जाने वाली एलपीजी - सैटेलाइट्स और लांच व्हीकल में इस्तेमाल होने वाले वैज्ञानिक और - तकनीकी उपकरण
इन पर जीएसटी 12% से 5% हुआ - स्ट्रॉ से बनी चीजें - वैल्वेट फेब्रिक
इन पर जीएसटी 3% से 0.25% हीरे और कीमती पत्थर
टैक्‍स फ्री - भभूत - हियरिंग एड यानी सुनने की मशीनों में इस्तेमाल होने वाले पुर्जे - एसेसरीज - डीऑइल्ड राइस ब्रान
इन पर जीएसटी की दरें बढ़ी 12% से बढ़कर 18% हुई - सिगरेट फिल्टर रोड्स
0% से बढ़कर 5% हुई - राइस ब्रान (डीऑइल्ड राइस ब्रान के अलावा)
इन सेवाओं पर टैक्स घटा ये सेवाएं टैक्‍स फ्री हुई - आरटीआइ के तहत सूचना मुहैया करने की सेवा पर - सरकार या स्थानीय निकाय द्वारा दी जाने वाली विधिक सेवाएं - भारत से बाहर विमान या समुद्र के रास्ते सामान भेजने पर - विद्यार्थियों, फैकल्टी और स्टॉफ को ले जाने के लिए माध्यमिक स्तर तक शैक्षिक संस्थानों को परिवहन सेवाएं
इन पर जीएसटी 18% से 5% हुआ - टेलरिंग सेवाएं - पेट्रोल व एटीएफ जैसे पेट्रोलियम उत्पादों की ढुलाई पर इनपुट क्रेडिट के बगैर - लैदरगुड्स के जॉब वर्क
इन पर जीएसटी 28% से 18% हुआ - थीम पार्क, वाटर पार्क, जॉय राइड
इन पर जीएसटी 18% से 12% हुआ - मेट्रो रेल परियोजनाओं के कंस्ट्रक्शन - डीजल - पेट्रोल व एटीएफ जैसे पेट्रोलियम उत्पादों की ढुलाई पर इनपुट क्रेडिट के साथ - कॉमन एफ्ल्यूएंट ट्रीटमेंट प्लांट

आम्रपाली ग्रुप के खिलाफ नोएडा बॉयर्स संघ ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की पिटीशन, कल होगी सुनवाई
17 January 2018
नई दिल्ली: आम्रपाली के तमाम प्रोजेक्ट में निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाने की वजह से नेफोवा ने सुप्रीम कोर्ट में आम्रपाली ग्रुप के खिलाफ रिट याचिका दायर कर दी है. इसकी सुनवाई कल यानी 17 जनवरी को होगी. अब तक जिन प्रोजेक्ट के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है उनमें आम्रपाली के गोल्फ होम्स, किंग्सवुड, लेज़र पार्क, रिवर व्यू प्रोजेक्ट, वेरोना हाइट्स, जौरा हाइट्स, आदर्श आवास योजना, सेंचुरियन पार्क और ड्रीम वैली प्रोजेक्ट शामिल हैं. राज्य में बीजेपी की सरकार के गठन के बाद ये उम्मीद जगी थी कि सरकार आम्रपाली के घर खरीदारों की समस्या का जल्द हल निकालेगी. सरकार की मंशा होम बायर को उनका घर दिलाने की जरूर थी लेकिन अधिकारियों द्वारा कहीं न कहीं सरकार को भ्रमित करने की कोशिश की गई. नतीजन सरकार आम्रपाली के प्रोजेक्ट को लेकर अब तक कोई ठोस प्लान नहीं ला पाई. न ही आम्रपाली के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है. हालांकि कई दफा मीटिंग हुई, कमिटी का गठन हुआ, पर नतीजा कुछ भी नहीं निकला. बस झूठे आश्वासनों द्वारा आम्रपाली के घर खरीदारों को महीनों अंधेरे में रखा गया. ऐसे में नेफोवा मानती है कि आम्रपाली के घर खरीदारों की समस्या के समाधान का एकमात्र रास्ता सुप्रीम कोर्ट ही है. लोगों को हर हाल में उनका घर चाहिए और सभी को उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट से उन्हें न्याय जरूर मिलेगा
ऑनलाइन हुआ पतंजलि, रामदेव बोले-रीटेल में FDI के खिलाफ, पर कोई राजनीतिक पंगा नहीं लेना चाहते
16 January 2018
नई दिल्ली: पतंजलि के प्रोडक्ट अब ऑनलाइन भी मिलेंगे. इसके लिए पतंजलि का अमेजन, फ्लिपकार्ट, शॉपक्लूज समेत कई बड़ी ऑनलाइन कंपनियों के साथ करार किया है. इस मौक़े पर योग गुरु रामदेव ने कहा कि वह रीटेल में एफडीआई के ख़िलाफ हैं, लेकिन आज के शुभ मौके पर कोई राजनीतिक पंगा नहीं लेना चाहते. हाल ही में सरकार ने रीटेल में 100 प्रतिशत एफडीआई का एलान किया था. ऑनलाइन प्रोडक्ट बेचने की पहल को हरिद्वार से हर द्वार तक का नाम दिया गया है. इस मौके पर रामदेव ने कहा कि अगले 2-3 वर्षों में 50 हज़ार से 1 लाख करोड़ तक के बिज़नेस का टारगेट है. योगगुरू से बिजनेसमैन बने बाबा रामदेव ने बाबा रामदेव ने अब ई-कॉमर्स में धमाकेदार एंट्री कर दी है. उन्होंने पतंजलि के उत्पाद ऑनलाइन बेचने के लिए प्रमुख ई-रिटेलर अमेजन और फ्लिपकार्ट के साथ करार किया है. मंगलवार को नई दिल्ली में बाबा रामदेव और इन कंपनियों के बीच करार हुआ. बाबा रामदेव ने अपनी इस मुहिम को 'हरिद्वार से हर द्वार' तक का नारा दिया है. अब ग्राहक पतंजलि के उत्पाद अमेजन, फ्लिपकार्ट, पेटीएम मॉल, ग्रोफर्स और बिगबास्केट समेत अन्य बड़े ऑनलाइन पोर्टल पर मिलेंगे. इन कंपनियों के अलावा वह शॉपक्लूज व नेटमेड्स के मंच पर भी अपने उत्पाद बेचेंगे.
अब 20 लाख रुपये तक की ग्रेच्युटी जल्द हो सकती है टैक्स फ्री
15 January 2018
नई दिल्ली: संगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों की 20 लाख रुपये तक की ग्रेच्युटी टैक्स मुक्त करने का कानून जल्द पारित हो सकता है. ग्रेच्युटी भुगतान (संशोधन) विधेयक, 2017 संसद के आगामी बजट सत्र में पारित होने की उम्मीद है. यह विधेयक पारित होने के बाद संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को 20 लाख रुपये तक की ग्रेच्युटी पर टैक्स नहीं देना होगा. संगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को फिलहाल पांच साल या अधिक की सेवा के बाद नौकरी छोड़ने या सेवानिवृत्ति के बाद 10 लाख रुपये तक की ग्रेच्युटी पर कोई टैक्स नहीं देना होता है. एक सूत्र ने कहा, ग्रेच्युटी भुगतान (संशोधन) विधेयक, 2017 संसद के बजट सत्र में पारित होगा. सूत्र ने कहा कि सरकार संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को भी केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तरह 20 लाख रुपये तक की ग्रेच्युटी को टैक्स मुक्त रखने की सुविधा देना चाहती है. यह विधेयक पिछले महीने संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया गया था. एक बार यह विधेयक पारित होने के बाद सरकार को टैक्स मुक्त ग्रेच्युटी की सीमा के लिए इसे बार-बार करने की जरूरत नहीं होगी. विधेयक के तहत सरकार को मातृत्व अवकाश की अवधि और ग्रेच्युटी तय करने की अनुमति होगी, जिसका लाभ कर्मचारी केंद्रीय कानून के तहत उठा सकेंगे श्रम मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने 18 दिसंबर, 2017 को ग्रेच्युटी भुगतान संशोधन विधेयक पेश किया था
जब तक मेरी जरूरत है, जब तक ही हूं इन्फोसिस के साथ: नंदन निलेकणि
13 January 2018
नई दिल्ली: इन्फोसिस के गैर-कार्यकारी चेयरमैन नंदन निलेकणि ने कंपनी में स्थिरता लाने की दिशा में हो रही प्रगति पर संतोष जताते हुए आज कहा कि वह तभी तक कंपनी के साथ हैं जब तक उनकी जरूरत है. निलेकणि को पिछले साल अगस्त में तत्कालीन मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विशाल सिक्का और पूर्व चेयरमैन आर. शेषाशायी के इस्तीफे के बाद निदेशक मंडल में शामिल किया गया था निलेकणि कंपनी के सह-संस्थापकों में से एक है. उन्हें कंपनी को वापस पटरी पर लाने तथा नया सीईओ खोजने का काम दिया गया था.इस महीने की शुरुआत में सलिल पारेख को सीईओ एवं प्रबंध निदेशक नियुक्त किया जा चुका है. निलेकणि ने कंपनी की तीसरी तिमाही का परिणाम घोषित होने के बाद मीडिया से कहा कि पारेख ने इन्फोसिस में स्थिरता ला दी है उन्होंने कहा, ‘‘यह (इन्फोसिस) स्थिरता पा चुका है और मुझे लगता है कि यह काफी जल्दी हुआ है.’’ कंपनी से जुड़े रहने की अवधि के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘मैं यहां तब तक ही हूं जब तक कि मेरी यहां जरूरत है. उसके बाद मैं एक भी अतिरिक्त दिन नहीं रूकने वाला
कारोबारी सप्ताह के आखिरी दिन ग्रीन ज़ोन में कारोबार करते देखे गए सेंसेक्स-निफ्टी
12 January 2018
मुंबई: कारोबारी सप्ताह के आखिरी दिन देश के शेयर बाजारों में मजबूती का रुख देखा जा रहा है. प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 9.30 बजे 98.48 अंकों की मजबूती के साथ 34,601.97 पर कारोबार करता देखा गया. वहीं निफ्टी भी लगभग इसी समय 30.65 अंकों की बढ़त के साथ 10,681.85 पर कारोबार करता देखा गया बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 75.5 अंकों की बढ़त के साथ 34578.99 पर, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 31.35 अंकों की मजबूती के साथ 10,682.55 पर खुला.
UIDAI के पूर्व अध्यक्ष नंदन नीलेकणि ने 'आधार से जुड़ी सूचना लीक' मामले पर कहा, राई का पहाड़ बनाया जा रहा
11 January 2018
नई दिल्ली: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के पूर्व अध्यक्ष नन्दन नीलेकणि का कहना है कि आधार को बदनाम करने के लिए ‘‘योजनाबद्ध तरीके से अभियान’’ चलाया जा रहा है. आधार डेटा लीक संबंधी एक रिपोर्ट प्रकाशित करने के बाद ‘ट्रिब्यून’ अखबार के खिलाफ प्राथमिकी को लेकर किए सवाल पर उन्होंने यह बात कही. ‘इन्फोसिस साइंस फाउंडेशन पुरस्कार’ से इतर नीलेकणि ने एक निजी न्यूज चैनल से कहा, ‘‘आधार को बदनाम करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से एक अभियान चलाया जा रहा है, और यह सौ फीसदी सच है.’’ एक अरब से ज्यादा आधार कार्ड से जुड़ी सूचना लीक होने के संबंध में खबर लिखने वाली पत्रकार के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने सोमवार को प्राथमिकी दर्ज की. इस संबंध में यूआईडीएआई अधिकारी ने शिकायत दर्ज करवायी है. अधिकारी ने पुलिस को बताया कि खुद को खरीदार बताने वाली पत्रकार ने गुमनाम विक्रेता से व्हाटसऐप पर कोई सेवा खरीदी जिसके तहत उसे आधार संख्या तक बिना किसी प्रतिबंध के पहुंच मिल गयी. नीलेकणि ने कहा कि राई का पहाड़ बनाया जा रहा है क्योंकि आधार बहु-स्तरीय सुरक्षा के साथ निर्मित किया गया है और उस तक पहुंच इतनी आसान नहीं है. ‘ट्रिब्यून’ के खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि आधार पर नकारात्मक विचारों के नकारात्मक परिणाम ही होंगे, लोगों के लिए बेहतर होगा कि इसे लेकर रचनात्मक विचार रखें. यूआईडीएआई के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ‘‘अगर आप सिर्फ नकारात्मक विचार रखते हैं और रचनात्मक विचार नहीं, तो उसके अन्य परिणाम (नकारात्मक) ही होंगे. मुझे लगता है कि सब को यह मान लेना चाहिए कि आधार यहां बना रहेगा.’’ उन्होंने कहा कि आधार यहां बना रहेगा है क्योंकि कम से कम 119 करोड़ लोगों में से 55 करोड़ लोगों ने अपने बैंक खातों से आधार जोड़ लिए हैं और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के तहत 95,000 करोड़ रुपए सीधे उनके खातों में डाले गए हैं. नीलेकणि ने कहा कि उन्हें उच्चतम न्यायालय पर पूरा विश्वास था कि वह गोपनीयता के मौलिक अधिकार के तहत आधार का समर्थन करेगा क्योंकि वह कानून के तहत तर्कसंगत तरीके से बनाया गया है. सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने आधार के तहत प्राप्त सूचना का सुरक्षित रखने के लिए उन्हें दो स्तरीय सुरक्षा प्रणाली अपनाने का समर्थन किया.
केंद्रीय कैबिनेट ने सिंगल ब्रांड रीटेल में 100% और एयर इंडिया में 49% FDI को दी मंज़ूरी
10 January 2018
नई दिल्ली: केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को सिंगल ब्रांड रीटेल (एकल ब्रांड खुदरा कारोबार) सहित विभिन्न क्षेत्रों के लिये प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नीति में राहत के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. आपको बता दें कि अब तक 49 फीसदी विदेशी निवेश को ही मंज़ूरी थी और सिंगल ब्रांड रीटेल में 100 फीसदी एफडीआई को मंजूरी थी. कैबिनेट ने सरकारी मंजूरी के जरिये एयर इंडिया में विदेशी एयरलाइंस को 49 प्रतिशत तक हिस्सेदारी खरीदने के प्रावधान वाले प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है. सरकार का पॉलिसी में छूट देने का उद्देश्य अधिक विदेशी निवेशकों के अनुकूल वातावरण प्रदान करना है ताकि आर्थिक विकास को बढ़ावा मिले और नौकरियों का सृजन हो सके. इतना ही नहीं कैबिनेट ने विदेशी एयरलाइनों को एयर इंडिया में निवेश करने के लिए 49 फीसदी तक विदेशी निवेश को मंजूरी दे दी है. अप्रैल-सितंबर के दौरान एफडीआई में 17 प्रतिशत बढ़कर 25.35 अरब डॉलर हो गया. 2016-17 में भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 9 प्रतिशत बढ़कर 43.48 अरब डॉलर हो गया.
फिर रुलाने लगा प्याज, एक हफ्ते में 30 फीसदी तक बढ़े दाम
9 January 2018
नई दिल्ली: प्याज की कीमत एक बार फिर से बढ़ गई है. पिछले एक हफ्ते में प्याज की खुदरा और थोक की कीमतों में 25 से 30 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज हुई है. खाद्य मंत्रालय के पास मौजूद ताजा आंकड़ों के मुताबिक 6 जनवरी, 2018 तक प्याज की खुदरा कीमत देश के 19 से ज्यादा बड़े शहरों में 50 रुपये प्रति किलो या फिर उससे ज्यादा पहुंच चुकी है. खाद्य मंत्रालय ने पिछले महीने कहा था कि प्याज के नए स्टॉक जब मंडियों में पहुंचेगे, तो कीमतों में गिरावट दर्ज होगी, लेकिन ऐसा होता नहीं दिख रहा है. उपभोक्ता मामलों के विभाग के पास मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक 6 जनवरी को तिरुवनंतपुरम में प्याज की खुदरा बाजार में कीमत 54 रुपये प्रति किलो थी, जबकि दिल्ली, मुंबई, गुड़गांव, अमृतसर और सिलिगुड़ी में 50 रुपये प्रति किलो पहुंच चुकी थी. गाजियाबाद के नवीन सब्जी मंडी में एक हफ्ते पहले 40 किलो प्याज 1300 रुपये की रेट से थोक बाजार में बिक रहा था, लेकिन सोमवार को इसकी कीमत 1800 तक पहुंच गई. साफ है, जब प्याज थोक बाज़ार में महंगा हुआ तो उसका सीधा असर खुदरा बाजार में पड़ना तय था, जहां वो और महंगा होता दिख रहा है. थोक व्यापारी नदीम ने एनडीटीवी से कहा, 'गुजरात से नया माल महंगा आ रहा है. साथ ही, नवीन सब्जी मंडी में प्याज की सप्लाई पिछले एक हफ्ते में काफी घट गई है, जिसका असर प्याज की कीमतों पर साफ दिख रहा है.' मंडी में एनडीटीवी को ऐसे कई लोग मिले जिन्होंने प्याज खरीदना कम कर दिया है. हाउसवाइफ अंजली कपूर और अनु सहगल दोनों परेशान दिखीं. उन्होंने कहा कि कॉलोनियों में खुदरा विक्रेता 60 से 70 रुपये प्रति किलो की रेट से प्याज बेच रहे हैं, जिसकी वजह से वो मंडी आई हैं. दोनों ने माना कि कीमत बढ़ने से उन्होंने प्याज की खपत 50 फीसदी तक घटा दी है. मंडी में प्याज का व्यापार कीमतें बढ़ने से घटता जा रहा है
शेयर बाजार : सेंसेक्स 62.48 अंकों और एनएसई 3.15 अंकों की मजबूत बढ़त के साथ खुला
8 January 2018
मुंबई: देश के शेयर बाजारों के शुरुआती कारोबार में सोमवार को मजबूती का रुख है. प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 9.44 बजे 194.54 अंकों की मजबूती के साथ 34,348.39 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 49.05 अंकों की बढ़त के साथ 10,607.90 पर कारोबार करते देखे गए. बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 62.48 अंकों की बढ़त के साथ 33317.72 पर, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 3.15 अंकों की मजबूती के साथ 10,591.70 पर खुला.
Jio का 'हैप्पी न्यू ईयर' वाला धमाकेदार ऑफर, अब कम पैसे में मिलेगा ज्यादा डाटा
6 January 2018
नई दिल्ली: अगर आप जियो के ग्राहक हैं तो आपके लिए नये साल में जियो कंपनी धमाकेदार ऑफर लेकर आई है. दूरसंचार कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम ने अपनी उन सभी मासिक योजनाओं का शुल्क 50 रुपये घटा दिया है, जिन पर ग्राहकों को प्रतिदिन एक जीबी डेटा मिल रहा था. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अब जियो के इन प्लान पर एक के बजाय 1.5 जीबी डेटा प्रतिदिन मिलेगा. नई शुल्क दर और डेटा सीमा 9 जनवरी से लागू होगी. इसके अलावा कंपनी ने एक दिन की वैधता वाले प्लान में एक जीबी डेटा की दर को घटाकर चार रुपये कर दिया है. सूत्रों ने कहा कि कंपनी हैप्पी न्यू ईयर 2018 पेशकश के तहत 399 रुपये का प्लान इस्तेमाल कर रहे ग्राहकों को 20 प्रतिशत अधिक डेटा देगी. इसके तहत कंपनी ने प्लान की अवधि दो सप्ताह बढ़ाई है. इस नई घोषणा के बाद कंपनी के 199, 399, 459 और 499 रुपये के प्लान पर अब ग्राहकों को 50 रुपये का कम भुगतान करना होगा. जियो के 198, 398, 448 और 498 रुपये के प्लान के तहत प्रतिदिन 1.5 जीबी 4जी डेटा दिया जाएगा. इन प्लान की वैधता अवधि क्रमश: 28 दिन, 70 दिन, 84 दिन और 91 दिन होगी. जियो के सभी प्लान के तहत देश भर में मुफ्त कॉल और एसएमएस की सुविधा जारी रहेगी. रोमिंग में भी यह सुविधा मिलेगी कंपनी ने पिछले महीने 199 और 299 रुपये के दो प्लान की घोषणा की थी. इनके तहत प्रतिदिन 1.2 जीबी और 2 जीबी डेटा दिया जा रहा है.
यह बैंक ला रहा है ऐसा ATM, जिसमें न कार्ड की जरूरत होगी और न ही पिन की
5 January 2018
नई दिल्ली: अगर आपको अब तक एटीएम से पैसे निकालने के लिए एटीएम कार्ड और पिन की जरूरत होती है, तो अब जल्द ही ऐसा नहीं होने वाला है. जी हां, यस बैंक ऐसा एटीएम लाएगा जिसमें न कार्ड की जरूरत होगी और न ही पिन की. निजी क्षेत्र के यस बैंक ने फिनटेक क्षेत्र की स्टार्टअप नियरबाय टेक्नोलॉजीज के साथ करार किया है. इस करार के तहत नियरबाय टेक बैंक को आधार आधारित ऐसा एटीएम उपलब्ध कराएगी, जिसमें कार्ड या पिन की जरूरत नहीं होगी. ग्राहक रिटेलरों के पास पैसा जमा करा सकेंगे और निकाल सकेंगे. यस बैंक ने बयान में कहा कि पेनियरबाय मोबाइल एप्लिकेशन का इस्तेमाल स्मार्टफोन पर किया जा सकेगा. इसमें कोई रिटेलर ग्राहकों के लिए आधार एटीएम-आधार बैंक शाखा के रूप में काम कर सकेगा और नकदी जमा कराने या निकालने की सुविधा दे सकेगा. यस बैंक और नियरबाय ने इस सेवा को शुरू करने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन आफ इंडिया के साथ नजदीकी में काम किया है. पेनियरबाय आधार एटीएम यस बैंक और बिजनेस कॉरस्पॉन्डेंट के जरिये उपलब्ध होगा. इसके नेटवर्क में 40,000 टच पॉइंट होंगे. आधार नंबर और उंगली की छाप का इस्तेमाल कर ग्राहक उन स्थानों से नकदी निकाल सकेगा या किसी तरह का अन्य लेनदेन कर सकेगा. नियरबाय ने आधार सेवाओं के बारे में जागरूकता तथा इसको लोकप्रिय बनाने के लिए रिटेलर्स एसोसिएशन आफ इंडिया से करार किया है. इसके तहत ग्राहकों को जागरूक किया जाएगाऔर यह सेवा देश के दूरदराज स्थानों तक पहुंचाई जाएगी नियरबाय टेक्नोलॉजीज के संस्थापक आनंदकुमार बजाज ने कहा कि इस सेवा के साथ हमारा उद्देश्य भुगतान के लिए सुविधा प्रदान करना है. यस बैंक के मुख्य डिजिटल अधिकारी रितेश पई ने कहा कि इस गठजोड़ के जरिये हम कम नकदी वाली अर्थव्यवस्था के सपने को पूरा करना चाहते हैं.
शेयर बाजार : सेंसेक्स 100 से अधिक अंक उछला, निफ्टी 10,450 के स्तर के पार देखा गया
4 January 2018
मुंबई: कारोबारी सप्ताह के चौथे दिन शेयर बाजारों में तेजी का रुख देखा गया. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 100 से अधिक अंक उछल गया जबकि निफ्टी 10,450 के स्तर के पार देखा गया. 9 बजकर 26 मिनट पर निफ्टी 9.90 अंक यानी 0.09 फीसदी तेजी के साथ 19453 के स्तर पर देखा गया जबकि सेंसेक्स 119 अंक तेजी के साथ 33912 के स्तर पर देखा गया. सेंसेक्स में 0.35 फीसदी की तेजी दर्ज की गई. बुधवार को बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ था. हालांकि कल वैश्विक बाजारों में मजबूती का रुख था, लेकिन तिमाही नतीजों से पहले निवेशकों द्वारा अपने पोर्टफोलियो में कमी करने से यहां बाजार में गिरावट देखी गई थी. वाहन, सूचना प्रौद्योगिकी, तेल एवं गैस, प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य सेवा कंपनियों के शेयरों में मुनाफावसूली का सिलसिला चलने से भी यहां धारणा पर असर देखा गया था बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स कुछ बढ़त के साथ 33,929.61 अंक पर खुलने के बाद 33,998.37 अंक तक गया और बाद में यह टूटकर 33,765.43 अंक पर आया. मूल्यवर्धन वाली खरीदारी से हालांकि इसमें कुछ सुधार हुआ. अंत में सेंसेक्स 18.88 अंक या 0.06 प्रतिशत के नुकसान से 33,793.38 अंक पर बंद हुआ. इससे पिछले दो सत्रों में सेंसेक्स 244.57 अंक टूटा था. नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी एक अंक या 0.01 प्रतिशत के नुकसान से 10,443.20 अंक पर आ गया. कारोबार के दौरान यह 10,503.60 से 10,429.55 अंक के दायरे में रहा
महाराष्ट्र में दलित प्रदर्शन : एयरलाइन कंपनियों ने टिकट रद्द कराने का शुल्क किया माफ
3 January 2018
मुंबई: महाराष्ट्र जातीय हिंसा की आग में झुलस रहा है. इसी बीच एयर इंडिया सहित घरेलू विमानन कंपनियों ने महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में जारी हिंसा के मद्देनजर टिकट रद्द करने का शुल्क माफ कर दिया है. एयर इंडिया ने कहा कि वह दो और तीन जनवरी को टिकट रद्द करने या किसी यात्रा को पुनर्निर्धारित करने का शुल्क नहीं वसूलेगा. एयरलाइन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि एयर इंडिया ने मंगलवार और बुधवार के लिए मुम्बई के लिए यात्रा और मुम्बई से यात्रा का टिकट रद्द करने या यात्रा पुनर्निर्धारित करने का शुल्क माफ करने का निर्णय किया है. हालांकि, निजी विमानन कंपनी जेट एयरवेज और इंडिगो ने अपने यात्रियों के लिए शुल्क माफी केवल आज के लिए मुहैया करायी.
2,578 करोड़ रुपये की वसूली के लिए टाटा, टेलीनॉर और रिलायंस जियो सहित 5 टेलीकॉम कंपनियों को भेजा जाएगा नोटिस
2 January 2018
नई दिल्ली: दूरसंचार विभाग टाटा टेलीसर्विसेज, टेलीनॉर और रिलायंस जियो सहित पांच दूरसंचार कंपनियों को नोटिस जारी करेगा. इन कंपनियों से विभाग को 2,578 करोड़ रुपये की वसूली करनी है. नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने इन कंपनियों द्वारा अपनी आय को कम कर दिखाने का खुलासा किया था. एक आधिकारिक सूत्र ने कहा, ‘‘सीएजी ने इस महीने अपनी रिपोर्ट में इन कंपनियों द्वारा अपनी आमदनी को कम कर दिखाने का खुलासा किया है. इसी के मद्देनजर दूरसंचार विभाग इन कंपनियों से 2,578 करोड़ रुपये की वसूली के लिए नोटिस जारी करेगा.’’ सीएजी की 19 दिसंबर को संसद में पेश रिपोर्ट के अनुसार टाटा टेलीसर्विसेज, टेलीनॉर, वीडियोकॉन टेलीकाम, क्याडरेंट (वीडियोकॉन समूह की कंपनी) और रिलायंस जियो ने अपनी आय को 14,800 करोड़ रुपये कम कर दिखाया है जिससे विभाग को 2,578 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ सीएजी की रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार को इन कंपनियों ने लाइसेंस शुल्क में 1,015.17 करोड़ रुपये की कम राशि अदा की. इसी तरह स्पेक्ट्रम इस्तेमाल शुल्क के रूप में 511.53 करोड़ रुपये का कम भुगतान किया गया. इसके अलावा 1,052 करोड़ रुपये भुगतान में विलंब का ब्याज है सरकार को टाटा टेलीसर्विसेज से 1,893.6 करोड़ रुपये, टेलीनॉर से 603.75 करोड़ रुपये, वीडियोकॉन से 48.08 करोड़ रुपये, क्वाडरेंट से 26.62 करोड़ रुपये तथा जियो से 6.78 करोड़ रुपये वसूल करने हैं. सूत्र ने कहा कि इन कंपनियों को जनवरी में नोटिस भेजे जा सकते हैं
सरकार ने सभी पंचायतों में इंटरनेट के लिए 4,066 करोड़ रुपये को मंजूर किया : सिन्हा
30 December 2017
नयी दिल्ली। सरकार ने भारतनेट परियोजना के तहत सभी ग्राम पंचायतों के लोगों को इंटरनेट संपर्क प्रदान करने के लिए 4,066 करोड़ रुपये को मंजूर किया। दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा ने संसद को जानकारी दी। सिन्हा ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया, ‘‘वाई-फाई अथवा अन्य किसी उपयुक्त ब्रांडबैंड प्रौद्योगिकी के जरिये अंतिम छोर तक सभी ग्राम पंचायत में इंटरनेट संपर्क प्रदान करने के लिए 4,066 करोड़ रुपये का मंजूर किया गया है।’’ सरकार ने ग्राम पंचायतों तक तीव्र गति वाले ब्राडबैन्ड संपर्क प्रदान करने के लिए भारत नेट परियोजना को शुरू किया है।
आईफोन धीमा पड़ने के लिए ऐपल ने मांगी माफी, कहा- हमसे रियायती दरों पर बैटरी बदल लो
29 December 2017
सैन फ्रांसिस्को: आईफोन के पुराने मॉडलों के धीमे पड़ जाने की शिकायतों पर इसे बनाने वाली कंपनी ऐपल ने सार्वजनिक माफी मांगी है. साथ ही कंपनी ने अपने कुछ हैंडसेटों की बैटरी को रियायती कीमत पर बदलने का भी विकल्प दिया है. ऐपल की ओर से यह जवाब उसके कई आईफोन ग्राहकों द्वारा नाराजगी जाहिर किए जाने और कइयों के कानूनी वाद दायर किए जाने के बाद सामने आया है. बैटरी संबंधी शिकायतों के आने के बाद यह चिंता उपजी है कि कंपनी जानबूझकर ऐसा कर रही है ताकि ग्राहकों पर फोन के मॉडल को अपग्रेड करने का दबाव बनाया जा सके. अपनी वेबसाइट पर कंपनी ने ग्राहकों को दिए जवाब में कहा, ‘हम जानते हैं कि आपमें से कुछ को लगता है कि ऐपल ने भरोसा तोड़ा है. हम इसके लिए माफी मांगते हैं. हम हमेशा चाहते हैं कि हमारे ग्राहक आईफोन को जब तक चाहें तब तक इस्तेमाल कर सकें. हमें गर्व है कि ऐपल के उत्पाद अपने टिकाऊपन के लिए जाने जाते हैं और उनका मूल्य भी हमारी प्रतिस्पर्धी कंपनियों के उत्पादों के मुकाबले ज्यादा समय तक बना रहता है.’ ऐपल ने कहा कि आईफोन 6 और उससे ऊपर के मॉडल जो वारंटी से बाहर हैं वह उनकी बैटरी को रियायती दर पर बदलेगी. इनकी कीमत 79 डॉलर के मुकाबले 29 डॉलर होगी. यह काम जनवरी से दिसंबर 2018 तक किया जाएगा. इसी के साथ कंपनी इन फोनों के लिए एक सॉफ्टवेयर अपडेट भी लाएगी ताकि उसके ग्राहकों को सुविधा हो सके
आखिर क्यों फेसबुक नए यूजर्स से कह रहा, आधार में दर्ज नाम ही इस्तेमाल करें
28 December 2017
नई दिल्ली: अगर आप फेसबुक पर नए यूजर हैं तो यह खबर खास आपके लिए है. दरअसल फेसबुक ने एक नए फीचर का परीक्षण शुरू किया है, जिसके तहत भारत में कुछेक नए यूजर्स से उनके आधार में दर्ज नाम के मुताबिक अपना नाम डालने को कहा जा रहा है. सोशल मीडिया दिग्गज हालांकि नए यूजर्स से उनका आधार नंबर नहीं मांग रही है, लेकिन वह आधार कार्ड पर लिखे गए नाम को डालने को कह रही है. फेसबुक के एक प्रवक्ता ने बुधवार को एक बयान में कहा, "यह एक छोटा सा परीक्षण है, जहां हम लोगों को नए खाते खोलने के लिए अतिरिक्त भाषा मुहैया कराते हैं और उनसे आधार कार्ड में दर्ज नाम डालने को कहा जाता है, ताकि उनके दोस्त उनके आसानी से पहचान सकें." वर्तमान में, यह संदेश बहुत कम लोगों को प्राप्त हुआ है, जो फेसबुक का मोबाइल पर प्रयोग कर रहे थे. फेसबुक ने कहा, "हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि लोग अपना असली नाम ही डालें, ताकि वे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से आसानी से जुड़ सकें." दरअसल, फेसबुक यह कदम फर्जी प्रोफाइल बनाने से रोकने के लिए उठा रहा है भारत में फेसबुक के 21.7 करोड़ से ज्यादा यूजर्स है, जिसमें से 21.2 करोड़ यूजर्स स्मार्टफोन पर सक्रिय होते हैं. फेसबुक के दुनिया भर में कुल 2.1 अरब सक्रिय मासिक यूजर्स हैं
सुपरटेक ने इंडियाबुल्स समूह को 70 करोड़ रुपये का कर्ज लौटाया
26 December 2017
नई दिल्‍ली: सुपरटेक ने इंडियाबुल्स समूह से लिया 70 करोड़ रुपये का कर्ज लौटा दिया है. यह धन उसने पिछले सप्ताह अल्टिको कैपिटल से जुटाया था. नोएडा स्थित इस डेवलपर कंपनी ने अल्टिको कैपिटल से पिछले सप्ताह 430 करोड़ रुपये जुटाये थे. सूत्रों के अनुसार सुपरटेक ने इंडियाबुल्स समूह को 70 करोड़ रुपये के कर्ज का भुगतान कर दिया है. शेष धनराशि का उपयोग नोएडा में आवासीय परियोजनाओं के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए किया जाएगा. अल्टिको कैपिटल का निवेश नोएडा की सेक्टर-74 स्थित सुपरटेक की केपटाऊन परियोजना के विकास के लिए है जिसमें ओआरबी और केपलक्स टावर शामिल हैं. सुपरटेक केपटाऊन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की सबसे बड़ी आवासीय परियोजनाओं में से एक है जिसमें 8,000 आवासीय इकाइयां हैं. यह परियोजना काफी कुछ आगे बढ़ चुकी है. कुल 1.10 करोड़ वर्गफुट की इस परियोजना में से 55 लाख वर्गफुट की डिलीवरी की जा चुकी है और 4,300 फ्लैट आवंटित किये जा चुके हैं.
भारत 25 हजार करोड़ रुपये के निवेश से अंतरराष्ट्रीय व्यापार केंद्रों को सड़कों से जोड़ेगा
25 December 2017
नई दिल्ली: नेपाल और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों के साथ व्यापार के लिए भारत 25 हजार करोड़ रुपये के निवेश से प्रमुख राजमार्ग गलियारों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार केंद्रों से जोड़ेगा. केंद्रीय राजमार्ग एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत करीब दो हजार किलोमीटर राजमार्ग बनाए जाएंगे. उन्होंने कहा, प्रमुख राजमार्ग गलियारों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार केंद्रों से जोड़ने के लिए करीब दो हजार किलोमीटर राजमार्ग बनाए जाएंगे. उन्होंने कहा कि यह नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और म्यांमार के साथ व्यापार के लिए किया जाएगा. यह भारतमाला परियोजना का हिस्सा होगा. मंत्रिमंडल ने करीब सात लाख करोड़ रुपये के खर्च से मार्च 2022 तक 83,677 किलोमीटर सड़क बनाने को 25 अक्टूबर को मंजूरी दी थी. इसमें 5.35 लाख करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना भी शामिल है. परियोजना के वित्त पोषण के बारे में पूछे जाने पर गडकरी ने कहा कि केंद्रीय सड़क कोष से 2.37 लाख करोड़ रुपये आएंगे जबकि 2.05 लाख करोड़ रुपये बाजार से जुटाए जाएंगे. इसके अलावा राजमार्ग परियोजनाओं के मौद्रीकरण से 34 हजार करोड़ रुपये तथा बजटीय आवंटन से 60 हजार रुपये जुटाए जाएंगे. गडकरी ने कहा कि इसके अलावा और भी कुछ परियोजनाएं हैं जिनका लक्ष्य दक्षिण एशिया तथा आसियान के देशों के साथ संपर्क बढ़ाना है.
नये साल पर जेट एयरवेज का खास ऑफर, मात्र 1,001 रुपये में लें हवाई यात्रा का आनंद
23 December 2017
नई दिल्ली: अगर आप नये साल पर हवाई यात्रा करने की सोच रहे हैं तो जेट एयरवेज आपको कम दाम में बेहतर मौका दे रहा है. निजी क्षेत्र की विमानन कंपनी जेट एयरवेज ने नए साल के मौके पर 1,001 रुपये के आधार किराये के साथ इकनॉमी श्रेणी का एक तरफा टिकट बुक कराने की पेशकश की घोषणा की है. घरेलू उड़ानों में इकनॉमी श्रेणी के आधार किराये पर कंपनी 10% की और बिजनेस श्रेणी में 15% तक की छूट दे रही है. जेट एयरवेज ने एक बयान में कहा कि 11 दिन की इस टिकट बिक्री के लिये बुकिंग 23 दिसंबर से दो जनवरी के बीच करायी जा सकती है. इसके लिए यात्रा अवधि 15 जनवरी 2018 से शुरु होगी. यह छूट 44 घरेलू उड़ानों पर लागू होगी. योजना के तहत एक तरफ की उड़ान का इकनॉमी श्रेणी में आधार किराया 1,001 रुपये होगा
भारत की सबसे बड़ी IT कंपनी टीसीएस (TCS) और नीलसन के बीच 144.1 अरब रु. की शानदार आउटसोर्सिंग डील! जानें सबकुछ
22 December 2017
नई दिल्ली: भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कसंल्टेंसी सर्विस (TCS) और रिसर्च और रेटिंग मैनेजमेंट कंपनी नीलसन के बीच आईटी सेक्टर में आउटसोर्सिंग से संबंधी बेहद शानदार डील हुई है. टीसीएस और नील्सन के बीच 2.25 बिलियन डॉलर यानी कि 144.1 अरब रुपये की आउटसोर्सिंग डील हुई है. इस डील पर अक्टूबर में आखिरी हस्ताक्षर किए गए. दरअसल यह डील टीसीएस और नीलसन के बीच पहले से जारी एक समझौते का रीन्यूल है. दोनों कंपनियों के बीच साल 2008 में 10 साल के लिए डील 1.2 बिलियन डॉलर यानी करीब 77 अरब रुपये की डील हुई थी. नई डील के तहत अग्रीमेंट के नियम शर्तों को बढ़ा दिया गया है और यह पांच और सालों के लिए कर दी गई है. यानी यह अब सीधे 13 दिसंबर 2025 में एक्सपायर होगी. इसमें भी नीलसन को 1 साल के रीन्यूल का ऑप्शन दिया गया है. यूएस सिक्यॉरिटीज एंड एक्सचेंज कमिशन को रेगुलेटरी फाइलिंग में कंपनी ने यह बात कही इसमें यह भी कहा गया है कि टीसीएस नीलसन को ये सेवाएं वैश्विक स्तर पर मुहैया करवाएगी. इन सेवाओं में आईटी के अलावा एप्लिकेशन डेवलपमेंट और मैंनटेंनेंस- बीपीओ, क्लाइंट सर्विस नॉलेज प्रोसेस आउटसोसिंग और मैनेंजमेंट साइंसेस, एनालिटिक्स और फाइनेंशल प्लानिंग शामिल हैं.
पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस के सीएफओ जयेश जैन ने इस्तीफा दिया
21 December 2017
नई दिल्ली: घर के लिये ऋण प्रदान करने वाली पीएनबी हाउसिंग ने कहा कि उसके मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) जयेश जैन ने कंपनी से इस्तीफा दे दिया है. बंबई शेयर बाजार को दी जानकारी में पीएनबी हाउसिंग ने कहा, "जयेश जैन ने मुख्य वित्तीय अधिकारी और कंपनी के प्रमुख प्रबंधकीय कर्मचारी के पद से इस्तीफा देने का फैसला किया. उनका आखिरी दिन पांच जनवरी 2018 है." कंपनी ने इस बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी.
शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 25 अंक लुढ़का
20 December 2017
मुंबई: शेयर बाजार के शुरुआती कारोबार में बुधवार को गिरावट का रुख है. प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 9.51 बजे 52.49 अंकों की गिरावट के साथ 33,792.52 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 16.95 अंकों की कमजोरी के साथ 10,446.25 पर कारोबार करते देखे गए. बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 91.85 अंकों की मजबूती के साथ 33,928.59 पर, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 31.2 अंकों की बढ़त के साथ 10,494.40 पर खुला.
पिछले साल के मुकाबले चीनी उत्पादन में 30 फीसदी का इजाफा
19 December 2017
नई दिल्ली: चालू गन्ना पेराई सत्र 2017-18 (अक्टूबर-सितंबर) में देशभर की 469 चीनी मिलों ने 15 दिसंबर तक 69.40 लाख टन चीनी का उत्पाद कर लिया है, जोकि पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 29.8 फीसदी ज्यादा है. पिछले गन्ना पेराई सत्र 2016-17 में देशभर में 449 मिलों में उत्पाद चल रहा था और 15 दिसंबर तक महज 53.46 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था. ये आंकड़े देश के चीनी उद्योग का शीर्ष संगठन, इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) की ओर से सोमवार को प्राप्त हुए. इस्मा ने मौजूदा चीनी उत्पदन व विपणन वर्ष 2017-18 (अक्टूबर-सितंबर) में देश 251 लाख टन चीनी का उत्पादन होने का अनुमान लगाया है. पिछले साल 2016-17 में 203 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था. महाराष्ट्र चालू सत्र में 176 चीनी मिलों में कुल 25.5 लाख टन चीनी का उत्पादन हो चुका है, जबकि पिछले 144 मिलों ने 17.25 लाख टन चीनी का उत्पादन किया था. इस्मा ने महाराष्ट्र में पिछले साल के 24 लाख टन के मुकाबले इस साल 74 लाख टन चीनी के उत्पादन का अनुमान जारी किया है. लगातार दूसरे साल देश के सबसे बड़े चीनी उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश में 15 दिसंबर तक 116 मिलों में उत्पादन चल रहा था और कुल उत्पादन 23.37 लाख टन हो चुका था. पिछले साल 15 दिसंबर तक प्रदेश में 115 चीनी मिलों ने महज 17.66 लाख चीनी का उत्पादन किया था. इस साल इस्मा ने उत्तर प्रदेश में 101.5 लाख टन चीनी का अनुमान लगाया है, जबकि पिछले साल करीब 88 लाख टन चीनी का उत्पादन उत्तर प्रदेश में हुआ था
सैमसंग और यूनेस्को (UNESCO) मिलकर अब इन जगहों के 360 डिग्री के वीडियो बनाएगी, हुआ समझौता
18 December 2017
नई दिल्ली: भारतीय विरासत स्थलों से संबंधित 360 डिग्री के वीडियो और वर्चुअल रीयल्टी सामग्री बनाने के लिए सैमसंग इंडिया ने यूनेस्को के साथ एक समझौता किया है. कंपनी ने एक बयान में बताया कि उसने UNESCO, महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट फॉर पीस एंड सस्टेनबल डेवलपमेंट के साथ एक साझेदारी की है. इसके तहत वह कोणार्क के सूर्य मंदिर, आगरा के ताजमहल जैसे प्रमुख विरासत स्थलों के 360 डिग्री के वीडियो और इन पर आधारित वर्चुअल रीयल्टी सामग्री का विकास करेगा. इस परियोजना के तहत देश भर के छात्रों को प्रयोगिक शैक्षणिक सामग्री भी उपलब्ध करायी जाएगी. यह सामग्री जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्रों को भी उपलब्ध होगी, जहां सैमसंग ने 2013 से अब तक 500 स्कूलों में सैमसंग स्मार्ट क्लास स्थापित की हैं. आपको बता दें कि देश में अभी 36 यूनेस्को विरासत स्थल हैं। सैमसंग बाद में इस तरह के और वीडियो एवं सामग्री विकसित करेगा.
गुजरात और हिमाचल प्रदेश चुनाव के एग्जिट पोल का शेयर बाजार पर भी असर, सेंसेक्स 358 अंक उछला
15 December 2017
मुंबई: गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों के चुनाव बाद सर्वेक्षण (एक्जिट पोल) में भाजपा की जीत के संकेतों का असर शेयर बाजार पर दिखा और शुरुआती कारोबार में आज सेंसेक्स 358 अंक उछला. ब्रोकरों के अनुसार सर्वेक्षण एजेंसियों के कल जारी एक्जिट पोल में केंद्र में पहले से मौजूद भाजपा की गुजरात और हिमाचल प्रदेश में सरकार बनने से शेयर बाजार में सकारात्मक धारणा देखी गई इसके चलते बंबई शेयर बाजार का 30 कंपनियों के शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 358.11 अंक यानी 1.07% उछलकर 33,605.11 अंक पर खुला है. पिछले सत्र के कारोबार में इसमें 193.66 अंक की बढ़त देखी गई थी इसी प्रकार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 कंपनियों के शेयरों पर आधारित निफ्टी भी 110.20 अंक यानी 1.07% की मजबूती के साथ 10,362.30 अंक पर खुला है
ADB ने भारत की जीडीपी की ग्रोथ रेट के अनुमान को घटाया, अब 6.7 प्रतिशत का अनुमान
13 December 2017
नई दिल्ली: एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के अनुमान को 0.3 प्रतिशत घटा दिया है. बैंक ने इस वर्ष जीडीपी वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है. एडीबी ने इसके लिए पहली छमाही में सुस्त वृद्धि, नोटबंदी और कर क्षेत्र में सुधारों के कारण उत्पन्न चुनौतियों को जिम्मेदार ठहराया है. बैंक ने अगले वित्त वर्ष के लिए जीडीपी के अनुमान में भी बदलाव किया है. मार्च 2018 से शुरू होने वाले वित्त वर्ष के लिए वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है. पहले इसके 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था. एडीबी ने वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और निजी क्षेत्र में सुस्त निवेश को इसके लिए जिम्मेदार बताया है. एडीबी ने अपनी रपट 'एशियाई विकास परिदृश्यद्ध में कहा, "2017-18 की पहली छमाही में वृद्धि दर सुस्त रहने, नोटबंदी का प्रभाव, जीएसटी लागू किए जाने से उत्पन्न चुनौतियों और 2017 में असमान मानसून की वजह से कुछ कृषि जोखिमों के कारण अर्थव्यवस्था के 6.7 प्रतिशत की दर से आगे बढ़ने का अनुमान है. इससे पहले वृद्धि दर सात प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था. उल्लेखनीय है कि देश की आर्थिक वृद्धि दर सितंबर में समाप्त हुई दूसरी तिमाही में सुधरकर 6.3 प्रतिशत हो गई थी। पहली तिमाही में वृद्धि दर 5.7 प्रतिशत थी. एडीबी ने वित्त वर्ष 2017-18 की शेष बची दो तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर में सुधार होने का अनुमान जताया है. बैंक ने कहा कि सरकार की ओर से माल एवं सेवा कर (जीएसटी) को लेकर आने वाली दिक्कतों को कम करने के उठाए गए कदमों के साथ-साथ बैंक पुनर्पूंजीकरण के कारण जीडीपी में सुधार देखने को मिल सकता है
एयर इंडिया ने VVIP के वास्ते दो विमानों में बदलाव के लिए 1,100 करोड़ रुपये कर्ज की मांग की
11 December 2017
नई दिल्ली: विनिवेश की कतार में लगी सार्वजनिक क्षेत्र की एयर इंडिया ने अतिविशिष्ट व्यक्तियों के वास्ते लिए जाने वाले दो बोइंग विमानों में बदलाव के लिए 1,100 करोड़ रुपये के कर्ज की मांग की है. एक आधिकारिक दस्तावेज में यह जानकारी दी गई है. एयर इंडिया को ये विमान बोइंग 777-300 ईआर जनवरी, 2018 में प्राप्त होने हैं. इन विमानों के आंतरिक साज-सज्जा में बदलाव पर आने वाली लागत 18 करोड़ डॉलर आंकी गई है. मौजूदा विनिमय दर पर यह लागत 1,160 करोड़ रुपये होगी. इन दोनों विमानों का उपयोग राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की यात्राओं में किया जाएगा. एक निविदा दस्तावेज में एयर इंडिया ने कहा है कि वह इन विमानों में किए जाने वाले सुधार कार्यों के लिए 18 करोड़ डॉलर का ब्रिज लोन लेना चाहेगी. गत सप्ताहांत जारी इस दस्तावेज में कहा गया है, 'भारत सरकार ने यह संकेत दिया है कि वह दो बी777-300 ईआर विमान में होने वाले बदलावों पर आने वाली लागत के वित्त पोषण के लिए गारंटी दे सकती है, यह गारंटी 12 महीने अथवा उससे कम अवधि के लिए हो सकती है.' यह प्रस्तावित ऋण जनवरी से अप्रैल, 2018 के दौरान लिया जाएगा. इसमें 13.5 करोड़ डॉलर की पहली किस्त अगले महीने ले ली जाएगी, जबकि शेष राशि को फरवरी, मार्च और अप्रैल में प्रत्येक माह डेढ़ करोड़ डॉलर की राशि ली जाएगी एयर इंडिया के अधिकारियों ने पिछले महीने कहा था कि जरूरी सुधार के बाद दोनों विमानों को राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को ले जाने वाले विमानों के बेड़े में शामिल किया जाएगा
इंफोसिस के पूर्व सीएफओ ने कुछ बोर्ड सदस्यों को हटाने की मांग की
9 December 2017
बेंगलुरू: इंफोसिस के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) वी बालकृष्णन ने निदेशक मंडल के कुछ सदस्यों को हटाने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि कंपनी ने अपने पूर्व सीएफओ राजीव बंसल को कंपनी से अलग होने के लिए जो भुगतान किया है, उसमें कामकाज के संचालन की खामियों के मामले में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास निपटान अपील दायर की गई है जिसके मद्देनजर कुछ बोर्ड सदस्यों को हटाया जाना चाहिए. बालकृष्णन ने कहा, ‘मेरा मानना है कि कुछ बोर्ड सदस्यों मसलन पूर्ववर्ती सह चेयरमैन रवि वेंकटेशन और आडिट समिति की चेयरमैन रूपा कुडवा को अब बोर्ड में जारी रखने की जरूरत नहीं है क्योंकि कंपनी ने बंसल को किए गए भुगतान के मामले में सेबी के पास निपटान की अपील की है.’ उन्होंने कहा कि मौजूदा घटनाक्रम में बोर्ड का पुनर्गठन किया जाना बहुत जरूरी है. बोर्ड में ईमानदार और उच्च दर्जे के लोगों को शामिल किए जाने की जरूरत है. बालकृष्णन को इंफोसिस के सह संस्थापक एन आर नारायणमूर्ति का समर्थक माना जाता है. उन्होंने शेयर बाजारों को भेजी सूचनाओं में बोर्ड में हुई सभी खामियों के लिए नारायण मूर्ति को जिम्मेदार ठहराने के लिए भी गलत बताया. इससे पहले नारायण मूर्ति ने आरोप लगाया था कि इन्फोसिस और उसके निदेशक मंडल ने खुलासा और कामकाज के संचालन के नियमों का उल्लंघन किया है. बालकृष्णन ने कहा कि इंफोसिस के बोर्ड को नारायणमूर्ति से माफी मांगनी चाहिए.
PAN कार्ड को आधार से लिंक करने की समयसीमा तीन महीने बढ़ाकर यह की
8 December 2017
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने पैन कार्ड को आधार से जोड़ने की समयसीमा तीन महीने बढ़ाकर 31 मार्च 2018 कर दी. इससे पहले यह समय सीमा 31 दिसंबर, 2017 थी. सरकार ने एक जुलाई तक परमानेंट अकाउंट नंबर (पैन) को आधार से लिंक करना अनिवार्य कर दिया था. वित्त मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, "संज्ञान में आया है कि कुछ करदाताओं ने पैन को आधार से जोड़ने की प्रक्रिया पूरी नहीं की है. इसे ध्यान में रखते हुए हमने आधार को पैनै से जोड़ने की समय सीमा बढ़ाकर 31, मार्च 2018 कर दी गई है." इस नवंबर तक 33 करोड़ पैन धारकों में से 13.28 करोड़ लोगों ने अपने पैन को अपनी 12 अंकों वाली डिजिटल और जैविक पहचान आधारित आधार संख्या से जोड़ दिया था. इस साल, सरकार ने आयकर दाखिल करने के साथ नए पैन नंबर प्राप्त करने के लिए आधार को अनिवार्य घोषित कर दिया है. आयकर कानून की धारा 139 एए (2) के तहत हर व्यक्ति, जिसके पास 1 जुलाई 2017 तक पैन है और वह आधार पहचान पत्र प्राप्त करने का पा पात्र है, उसे अपनी आधार संख्या की जानकारी कर अधिकारियों को देनी जरूरी है. उल्लेखनीय है कि यह मामला उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है और सरकार ने पैन को आधार के साथ जोड़ने की तारीख को अगस्त में चार महीने आगे बढ़ाकर 31 दिसंबर 2017 किया था. उच्चतम न्यायालय आधार को अनिवार्य बनाने के फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है. सरकार ने पैन समेत कई कल्याणाकारी योजनाओं और सेवाओं को आधार से जोड़ना अनिवार्य किया है.
ईपीएफओ ने शुरू की नई सेवा, 10 पुराने ईपीएफ खातों को एक बार में साथ जोड़ें
7 December 2017
नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अपने 4.5 करोड़ सदस्यों के लिए एक नई सुविधा शुरू की है. इस सुविधा के तहत ईपीएफओ के अंशधारक 10 पुराने खातों को एक बार में यूनिवर्सल खाता संख्या (यूएएन) के साथ जोड़ सकेंगे. अभी तक ईपीएफओ अंशधारकों को ईपीएफओ के यूएएन पोर्टल पर यूएएन का इस्तेमाल करते हुए ट्रांसफर क्लेम अलग-अलग ऑनलाइन करना होता है. इस सुविधा को पाने के लिए उन्हें अपने यूएएन को एक्टिवेट करना होगा. यह बैंक खातों तथा अन्य ब्योरे मसलन आधार नंबर और पैन से जुड़ा होगा यूएएन एक्विटवेशन के बिना ये अंशधारक ईपीएफओ की स्थानांतरण दावा पोर्टल सुविधा के जरिये ऑनलाइन तरीके से इसे कर सकेंगे. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ईपीएफओ ने इस सुविधा के साथ प्रक्रिया को आसान किया है इसका उद्देश्य 'एक कर्मचारी-एक ईपीएफ खाता' है
शेयर बाजारों के शुरुआती कारोबार में गिरावट, 35 अंक लुढ़का सेंसेक्स
6 December 2017
मुंबई: देश के शेयर बाजारों के शुरुआती कारोबार में बुधवार को गिरावट का रुख है. प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 9.48 बजे 35.79 अंकों की गिरावट के साथ 32,766.65 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 16.55 अंकों की कमजोरी के साथ 10,101.70 पर कारोबार करते देखे गए बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 3.94 अंकों की गिरावट के साथ 32798.50 पर, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 29.45 अंकों की कमजोरी के साथ 10,088.80 पर खुला
नई गाड़ी खरीदने वाले ध्यान रखें, देश भर में जून 2020 से बंद हो सकता है इन वाहनों का रजिस्ट्रेशन
5 December 2017
नई दिल्ली: इमीशन स्टैंडर्ड भारत स्टेज-4 (बीएस-4) के अनुरूप एक अप्रैल, 2020 से पहले निर्मित मोटर वाहनों का 30 जून, 2020 के बाद रजिस्ट्रेशन नहीं होगा. पुरानी प्रौद्योगिकी वाले वाहनों के उत्सर्जन को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने बीएस-4 मानक वाले वाहनों के पंजीकरण की समय सीमा 30 जून, 2020 तय की है सरकार ने पहले ही भारत मानक-6 के अनुरूप स्वच्छ परिवहन ईंधन अनुपालन पूरे देश में अप्रैल 2020 व दिल्ली में अप्रैल 2018 तक लागू करने के आदेश दिए हैं. इसके लिए केंद्रीय मोटर वाहन (संशोधन) नियम, 2017 के तहत अधिसूचना में सुझाव व अपत्तियां मांगी गई हैं. अधिसूचना में कहा गया है, "इमीशन स्टैंडर्ड भारत स्टेज-4 के अनुरूप नए मोटर वाहन, जो एक अप्रैल, 2020 से पहले निर्मित हुए हैं, उन्हें 30 जून, 2020 के बाद पंजीकृत नहीं किया जाएगा इसमें कहा गया है कि यदि नए मोटर वाहनों की श्रेणी एम (आठ सीटों वाली कार) व श्रेणी एन (ट्रक) जो इमीशन स्टैंडर्ड भारत स्टेज-4 के अनुरूप हैं व एक अप्रैल, 2020 के पहले निर्मित हैं, तथा ड्राइव-अवे चेसिस के रूप में बेचे जाते हैं, इनका 30 सितंबर, 2020 के बाद पंजीकरण नहीं किया जाएगा
महिलाओं के लिए खुशखबरी : इस मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप के लिए स्पेशल पैकेज का ऐलान किया
4 December 2017
उदयपुर: वे महिलाएं जो अपना खुद का कुछ कारोबार खड़ा करना चाहती हैं, उनके लिए राजस्थान की सीएम खुशखबरी लेकर आई हैं. राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने महिलाओं को उद्यमियों के रूप में बढ़ावा देने के लिए महिलाओं के नेतृत्व वाले स्टार्टअप के लिए विशेष कोष की घोषणा की है. यह स्टार्टअप के लिए पहले से निर्धारित 500 करोड़ रुपये की राशि से अतिरिक्त है. राज्य में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए तीन महीने पहले कोटा में आयोजित पिछले डिजिटल महोत्सव में 'आईस्टार्ट प्लेटफॉर्म' पहल की शुरुआत की गई थी. इसका उद्देश्य नौकरियां का सृजन, नवाचार को बढ़ावा देना और निवेश की सुविधाजनक प्रदान करना है. करीब एक महीने में 300 स्टार्टअप इस पर पंजीकृत हुए हैं. उदयपुर में आयोजित राजस्थान डिजिटल महोत्सव में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा, "हम महिलाओं के स्टार्टअप का वित्तपोषण करेंगे." उन्होंने आगे कहा कि सरकार युवाओं के लिए उचित लॉन्चिंग पैड की तलाश कर रही है।" वसुंधरा ने राज्य के लिए कई ई-गवर्नेंस पहल भी शुरू की.
पहली बार 24,000 से ऊपर बंद हुआ अमेरिकी शेयर डॉव जोंस, नैस्डेक में भी बढ़त
1 December 2017
न्यूयॉर्क: अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को मजबूती के साथ बंद हुए. डॉव जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज पहली बार 24,000 के स्तर से ऊपर बंद हुआ. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, डॉव जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज में 331.67 अंकों यानी 1.39 फीसदी की मजबूती के साथ 24,272.35 पर बंद हुआ. एसएंडपी 500 सूचकांक 21.51 अंकों यानी 0.82 फीसदी की बढ़त के साथ 2,647.58 पर बंद हुआ नैस्डैक कंपोजिट सूचकांक 49.58 अंकों यानी 0.73 फीसदी की बढ़त के साथ 6,873.97 पर बंद हुआ. निवेशक कर सुधार योजना को लेकर आशावादी बने हुए हैं. अमेरिकी सीनेट बजट समिति ने मंगलवार को रिपबल्किन कर विधेयक को मंजूरी दे दी थी और इस पर वोटिंग के लिए सीनेट भेज दिया था.
सोने का वायदा भाव 40 रुपये चढ़कर 29,374 रुपये प्रति दस ग्राम पर
30 November 2017
मुंबई: वैश्विक बाजारों के सकारात्मक संकेतों से कारोबारियों द्वारा नए सौदे किए जाने से आज सोने का वायदा भाव 40 रुपये चढ़कर 29,374 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में सोने का फरवरी अनुबंध 40 रुपये या 0.14 प्रतिशत बढ़कर 29,374 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया. इसमें 111 लॉट का कारोबार हुआ इसी तरह सोने का दिसंबर अनुबंध 34 रुपये या 0.12 प्रतिशत की बढ़त के साथ 29,257 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया. इसमें 361 लॉट का कारोबार हुआ. इस बीच, सिंगापुर में सोना 0.01 प्रतिशत चढ़कर 1,283.50 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया.
अरुण जेटली ने कहा, किसी उद्योगपति का कर्ज माफ नहीं किया, 'मजबूर' बैंकों को मजबूत बना रही है सरकार
29 November 2017
नई दिल्ली: केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है कि सरकार ने बड़े उद्योगपतियों का बैंक कर्ज माफ कर दिया है. उन्होंने कहा कि बैंकों का कर्ज नहीं लौटाने वालों के खिलाफ सरकार कड़े कदम उठा रही है और नई पूंजी उपलब्ध कराकर अब तक 'मजबूर' रहे बैंकों को अब 'मजबूत' बैंक बनाने में जुटी है. जेटली ने कहा कि सरकार ने बैंकों से कर्ज लेकर उसे नहीं लौटाने किसी भी बड़े डिफॉल्टर का कोई कर्ज माफ नहीं किया है. उन्होंने जोर देकर कहा कि 12 बड़े बकायेदारों के खिलाफ 1,75,000 रुपये की बकाया राशि की समयबद्ध वसूली के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है. एक ब्लॉग पोस्ट में जेटली ने कहा, 'पिछले कुछ सालों से, एक अफवाह फैल रही है कि बैंकों द्वारा पूंजीपतियों का कर्ज माफ किया जा रहा है...सरकार ने बड़े बकायेदारों (एनपीए बकायेदारों) का कोई भी कर्ज माफ नहीं किया है.' उन्होंने कहा, 'इसके विपरीत, नए दिवाला और दिवालापन संहिता के तहत 12 सबसे बड़े बकायेदारों के खिलाफ अगले छह से नौ महीनों में कुल 1,75,000 करोड़ रुपये कर्ज की वसूली के लिए राष्ट्रीय कंपनी कानून प्राधिकरण में मामला भेजा गया है.' बैंकों के पुनर्पूजीकरण की आलोचनाओं का जवाब देते हुए जेटली ने कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि एनपीए (फंसे हुए कर्ज) को माफ किया जा रहा है. सरकारी बैंकों को पहले भी पूंजी मुहैया कराई गई है. उन्होंने कहा, 'वित्त वर्ष 2010-11 और 2013-14 के दौरान भी सरकार ने बैंकों को पुनर्पूंजीकरण के लिए 44,000 करोड़ रुपये दिए थे. क्या वह भी पूंजीपतियों का कर्ज माफ करना था? मंत्री ने एनपीए संकट को लेकर पूर्व की यूपीए सरकार पर आरोप लगाया और कहा कि सरकारी बैंकों ने 2008 से 2014 के बीच ज्यादा से ज्यादा कर्ज बांटे थे. वित्त मंत्री ने कहा, यह पूछा जाना चाहिए कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने 2008 से 2014 के बीच किसके कहने पर वे कर्ज दिए जो आज एनपीए बन गए हैं.' जेटली ने कहा, 'अफवाहें फैलाने वालों से जनता को पूछना चाहिए कि किसके कहने पर और किसके दबाव में ये कर्ज वितरित किए गए. उनसे यह भी पूछा जाना चाहिये कि जब इन कर्ज लेनदारों ने बैंको को कर्ज और ब्याज का भुगतान करने में देरी की तो तत्कालीन सरकार ने क्या फैसला किया और क्या कदम उठाए अरुण जेटली ने कहा कि समय पर कर्ज नहीं लौटाने वालों के खिलाफ कड़े कदम उठाने के बजाय उस समय की सरकार ने कर्ज वर्गीकरण के नियमों में ही राहत दे दी, ताकि उनके ऋण खातों को एनपीए खातों में जाने से बचाया जा सके. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने जब संपत्ति गुणवत्ता की समीक्षा की तो 4.54 लाख करोड़ रुपये के कर्ज जिन्हें वास्तव में एनपीए होना चाहिए था, उन्हें एनपीए होने से छिपाए रखा गया और बाद में इनकी पहचान हुई
नेट न्यूट्रैलिटी के हक में TRAI,कहा- बनी रहे इंटरनेट की आजादी
28 November 2017
नई दिल्ली: भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण यानी ट्राई ने नेट न्यूट्रैलिटी (नेट निरपेक्षता) के हक में अपनी सिफारिशें दी हैं. ट्राई ने कहा है कि इंटरनेट की आजादी बनी रहनी चाहिए. लाइसेंस में संशोधन हो और किसी भी ग्राहक से भेदभाव नहीं होना चाहिए. ट्राई ने कहा है कि किसी को भी प्राथमिकता नहीं है. उन्‍होंने कहा है कि बुनियादी सिद्धांत है कि इंटरनेट एक खुला मंच. आपको बता दें कि इस मुद्दे पर ऑपरेटरों और ऐप प्रदान करने वालों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है. खास बात ये है कि ट्राई की ये सिफ़ारिशें ऐसे वक्‍त में आई है जब नेट न्यूट्रैलिटी पर दुनिया भर में बहस छिड़ी हुई है. अभी भारत में नेट न्यूट्रैलिटी को लेकर कोई कानून नहीं है और भारतीय लोग अपने इस अधिकार के लिए लड़ रहे हैं, जबकि कई देश नेट निरपेक्षता के पक्ष में कानून बना चुके हैं.
क्या है नेट न्यूट्रैलिटी?
- इंटरनेट के कंटेट बिना भेदभाव के मिले - हर कंटेट के लिए एक ही शुल्क - बिजली, पानी की तरह इंटरनेट हो मूलभूत सुविधा - खास कंपनियों को तेज़ सर्विस पर रोक - अभी अलग-अलग सेवा के लिए अलग-अलग चार्ज - सर्फ़िंग, व्हाट्सएप, स्काइप, वाइबर के लिए अलग रेट
दूसरे देशों में क्या है नियम?
- अमेरिका: ओबामा के वक़्त नेट न्यूट्रैलिटी के पक्ष में क़ानून - ट्रंप सरकार नेट न्यूट्रैलिटी के पर कतरने के पक्ष में - चिली: 2010 में नेट न्यूट्रैलिटी के पक्ष में क़ानून - चिली नेट न्यूट्रैलिटी पर क़ानून बनाने वाला पहला देश - नीदरलैंड में भी नेट न्यूट्रैलिटी के पक्ष में क़ानून - नीदरलैंड ऐसा करने वाला यूरोप का पहला देश - 2012 से साउथ कोरिया में भी नेट न्यूट्रैलिटी पर क़ानून
नेट न्यूट्रैलिटी क्यों है ज़रूरी?
- कानून के अभाव में टेलिकॉम कंपनियों की मनमानी - नेट न्यूट्रैलिटी से ऑनलाइन सेंसरशिप से बचाव - कानून बनने से मूलभूत अधिकार बनेगा इंटरनेट

मौजूदा वित्त वर्ष के लिए ब्याज दर कम कर सकता है EPFO
27 November 2017
नई दिल्ली: कर्मचारी ​भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) मौजूदा वित्त वर्ष के लिए भविष्य निधि (पीएफ) जमाओं पर ब्याज दर को घटा सकता है. ईपीएफओ ने 2016-17 में अपने 4.5 करोड़ अंशधारकों को 8.65 प्रतिशत ब्याज दिया. श्रम मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार ईपीएफओ ब्याज दर घटा सकता है. उन्होंने कहा, ‘बांडों पर निम्न आय तथा ईटीएफ निवेश सीधे अंशधारकों के खातों में डालने की योजना के मद्देनजर ईपीएफओ 2017-18 के लिए भविष्य निधि जमाओं पर रिटर्न की दर में कटौती कर सकता है.’ अधिकारी के अनुसार हालांकि ईपीएफओ को मौजूदा वित्त वर्ष के लिए आय अनुमानों को गणना अभी करनी है. इसी के आधार पर मौजूदा वित्त वर्ष के लिए अंशधारकों के खाते में डाले जाने वाले ब्याज का फैसला होगा. इससे पहले गुरुवार को ईपीएफओ ने इक्विटी निवेश के मूल्यांकन व एकाउंटिंग के लिए एक एकाउंटिंग नीति को मंजूरी दी.
GST को लेकर मुख्य आर्थिक सलाहकार ने दिया यह बड़ा बयान
25 November 2017
हैदराबाद / नई दिल्ली: आने वाले दिनों में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत टैक्स की श्रेणियों में कमी की जा सकती है. मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन ने जीएसटी में 12 प्रतिशत और 18 प्रतिशत की श्रेणियों को मिलाकर एक श्रेणी बनाने की बात कही है. उन्होंने कहा कि 1 जुलाई से शुरू की गई यह व्यवस्था अगले छह से नौ महीने में स्थायित्व पा लेगी तथा अन्य देशों के लिए उदाहरण के रूप में उभरेगी. उन्होंने कहा, 'कुछ समय बाद 12 प्रतिशत और 18 प्रतिशत की दरों को मिलाकर एक नई दर बनाई जा सकती है. आने वाले समय में हम टैक्स श्रेणियों में कमी देखेंगे. हम कभी भी एक मात्र दर नहीं लागू कर सकेंगे, क्योंकि ऐसा कर पाना काफी मुश्किल है. बता दें कि सरकार ने जीएसटी रिटर्न भरने को आसान करने के लिए भी कदम उठाए हैं. पिछले दिनों जीएसटीएन के चेयरमैन अजय भूषण पांडे की अध्यक्षता में एक समिति ​गठित की है, जो मौजूदा वित्त वर्ष में रिटर्न फाइलिंग की जरूरतों पर विचार करेगी. इस समिति में गुजरात, कर्नाटक, पंजाब और आंध्र प्रदेश के टैक्स कमिश्नर शामिल हैं. समिति सुझाव देगी कि क्या नियमों, कानून और प्रारूप में किसी तरह के बदलाव की जरूरत है. समिति अपनी रपट 15 दिसंबर तक दाखिल कर देगी. जीएसटी परिषद ने रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया सरल बनाने के उपाय सुझाने के लिए यह समिति गठित की है. इसके साथ ही जीएसटीआर-2 और जीएसटीआर-3 की फाइलिंग को 31 मार्च तक स्थगित रखने का फैसला किया गया है. जीएसटीआर-1 में माल की बिक्री का ब्योरा होता है, जबकि जीएसटीआर-2 में खरीदे गए माल की जानकारी रहती है. जीएसटीआर-3बी खरीद और बेचे गये माल का मिलान होता है कि कितना माल खरीदा और कितना बेचा गया.
लिखे हुए 500 और 2000 रुपये के नोट लेने से बैंक नहीं कर सकता इनकार
24 November 2017
नई दिल्ली: कोई भी बैंक 500 और 2000 रुपये के उन नोटों को लेने से इनकार नहीं कर सकता है जिनपर कुछ लिखा हुआ है. हालां​कि व्यक्ति ऐसे नोटों को बदलवा नहीं सकता है, यह नोट सिर्फ जमाकर्ता के व्यक्तिगत खाते में जमा किये जा सकते हैं. आरबीआई के अधिकारियों ने यह जानकारी दी है अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में रिजर्व बैंक ऑफ ​इंडिया आर्थिक साक्षरता के तहत मेला आने वाले लोगों को जागरूक कर रहा है. यहां नए नोटों के फीचर समेत लोगों को उनके अधिकारों के प्रति साक्षर किया जा रहा है. साथ में, डिजिटल माध्यम से जुड़ने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है. प्रगति मैदान के हॉल संख्या 18 में लगे आरबीआई के स्टॉल में लोग अपने सवाल लेकर भी पहुंच रहे हैं। कोई यहां 500 और 2000 रुपये के ऐसे नोटों की वैधता जानना चाह रहा है जिनपर कुछ लिखा हुआ है. तो कोई बैंक के खिलाफ शिकायत करने के तरीके के बारे में जानकारी मांग रहा है. किसी को 10 रुपये के ​सिक्कों की स्थिति​ के बारे में जानकारी चाहिए.
जीएसटी रिटर्न को आसान बनाने के लिए सरकार ने उठाया ये कदम
22 November 2017
नई दिल्ली: सरकार ने जीएसटीएन के चेयरमैन अजय भूषण पांडे की अध्यक्षता में एक समिति ​गठित की है, जो कि मौजूदा वित्त वर्ष में रिटर्न फाइलिंग की जरूरतों पर विचार करेगी. इस समिति में गुजरात, कर्नाटक, पंजाब और आंध्र प्रदेश के टैक्स आयुक्त शामिल हैं. समिति सुझाव देगी कि क्या नियमों, कानून व प्रारूप में किसी तरह के बदलाव की जरूरत है. समिति अपनी रिपोर्ट 15 दिसंबर तक दाखिल कर देगी. पांडे ने कहा, 'सरलीकरण के लिए हम विशेषज्ञों से चर्चा करेंगे तथा विभिन्न भागीदारों की राय लेंगे. इसके पीछे हमारा कुल मिलाकर उद्देश्य यही है कि मामूली कारोबार वाले या भविष्य में इस्तेमाल के लिए पंजीकरण करवा चुके लोगों के लिए जीएसटीआर-1 व जीएसटीआर-3बी दाखिल करना आसान बनाया जा सके.' जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) पोर्टल पर रिटर्न दाखिल करने वाली लगभग 40 प्रतिशत इकाइयों की कर देनदारी शून्य है. जीएसटी परिषद ने रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया सरल बनाने के उपाय सुझाने के लिए यह समिति गठित की है. इसके साथ ही जीएसटीआर-2 व जीएसटीआर-3 की फाइलिंग को 31 मार्च तक स्थगित रखने का फैसला किया गया है. जीएसटीआर-1 में माल की बिक्री का ब्यौरा होता है, जबकि जीएसटीआर-2 में खरीदे गए माल की जानकारी रहती है. जीएसटीआर-3बी खरीद और बेचे गए माल का मिलान होता है कि कितना माल खरीदा और कितना बेचा गया. कारोबारी इकाइयों को अब मार्च तक जीएसटीआर-1 बिक्री रिटर्न के साथ जीएसटीआर- 3बी दाखिल करनी होगी. पांडे ने कहा, समिति प्रक्रिया को सरल बनाने पर विचार करेगी क्योंकि सभी (जीएसटी रिटर्न) आपस में सम्बद्ध हैं. उन्होंने कहा कि समिति इस पर भी विचार करेगी कि रिटर्न में कौन सी सूचना को लिया जाना चाहिए और कितने अंतराल में इसे लिया जाना चाहिए. आखिरकार हमारा लक्ष्य लोगों को सुविधा देना है. जो भी रिटर्न दाखिल कर रहे हैं वह आसानी से यह काम कर सकें.
सरकार ने भारत-22 ईटीएफ से 14,500 करोड़ रुपये जुटाए
21 November 2017
नई दिल्ली: सरकार ने भारत-22 एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) के तहत पहले दौर में 14,500 करोड़ रुपये जुटाए हैं. इस कोष में 22 कंपनियों के शेयर शामिल हैं. निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन (दीपम) विभाग के सचिव नीरज गुप्ता ने कहा कि हम भारत-22 ईटीएफ में आए कुल अभिदान में से 14,500 करोड़ रुपये को रखने का फैसला किया है. इस ईटीएफ के लिए करीब 32,000 करोड़ रुपये की बोलियां आईं. इसमें से विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने करीब एक-तिहाई बोलियां लगाईं. खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित खंड को 1.45 गुना, सेवानिवृत्त कोष को 1.50 गुना और एनआईआई तथा क्यूआईबी को सात गुना अभिदान मिला इस तरह सरकार चालू वित्त वर्ष में अभी तक विनिवेश से 52,500 करोड़ रुपये जुटा चुकी है, जबकि लक्ष्य 72,500 करोड़ रुपये का है. इसमें सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों के आईपीओ में मिला धन भी शामिल है. भारत 22 ईटीएफ में पिछले सप्ताह एंकर निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्से पर छह गुना अभिदान मिला था. मूल्य के हिसाब से यह 12,000 करोड़ रुपये बैठता है. आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड द्वारा प्रबंधित भारत-22 ईटीएफ की नई फंड पेशकश का शुरुआती निर्गम आकार 8,000 करोड़ रुपये था
Xiaomi बना रूस का पांचवां सबसे बड़ा ब्रांड, कारोबार में हुआ 325 फीसदी का इजाफा
20 November 2017
मॉस्को: चीनी स्मार्टफोन कंपनी श्याओमी रूस में पांचवे सबसे बड़ी ब्रांड के रूप में उभरी है. काउंटरप्वाइंट मार्केट मॉनिटर सर्विस की हालिया रिसर्च रिपोर्ट से यह बात सामने आई है. काउंटरप्वाइंट रिसर्च के एसोसिएट डायरेक्टर तरुण पाठक ने एक बयान में कहा है कि चालू वित्त वर्ष 2017 की तीसरी तिमाही में श्याओमी के कारोबार में 325 फीसदी का सालाना इजाफा हुआ है, जोकि रूस में सबसे तेजी से कारोबार में बढ़ोतरी करनेवाला स्मार्टफोन ब्रांड है. इसकी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही बिक्री बढ़ी है. रूस में स्मार्टफोन का आयात सालाना सात फीसदी बढ़ा है और 2017 की तिसरी तिमाही में इसमें 38 फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया है. काउंटर रिसर्च के रिसर्च एसोसिएट मीनाक्षी शर्मा के मुताबिक, रूस में हैंडसेट का बाजार इस तिमाही में चीन के नए ब्रांड के जोरदार प्रचार और सभी अग्रणी खुदरा कारोबारियों की चेन की ओर से दाम में कटौती किए जाने के कारण तेजी से बढ़ा है. क्योंकि तीसरी तिमाही में आमतौर पर उपभोक्ताओं के खर्च में बढ़ोतरी हो जाती है
बिल गेट्स ने कहा, अगर भारत अगले 20 तक कर लेगा ऐसा काम तो दुनिया के लिए होगा चमत्कार
17 November 2017
नई दिल्ली: माइक्रोसाफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स ने गुरुवार को कहा कि अगर भारत अगले 20 साल तक सात प्रतिशत की औसत वृद्धि दर, समानता के आधार पर अर्जित कर लेता है तो यह देश के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि होगी. गेट्स ने कहा कि माल व सेवा कर जीएसटी का कार्यान्वयन सकारात्मक दिशा में उठाया गया कदम था. यहां एक कार्यक्रम में गेट्स ने कहा कि अगर अगले 20 साल तक भारत सात प्रतिशत की औसत वृद्धि दर हासिल कर लेता है और यह समान आधार पर हासिल करता है तो यह देश व दुनिया के लिए चमत्कार होगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत का कर-जीडीपी अनुपात बढ़ेगा.
अंबानी परिवार की संपत्ति 1685 अरब रुपये बढ़ी, बने एशिया में नंबर वन
16 November 2017
नई दिल्ली: रिलायंस समूह के प्रमुख उद्योगपति मुकेश अंबानी का परिवार एशिया का सबसे अमीर परिवार है उनके परिवार की नेटवर्थ 19 अरब डॉलर (तकरीबन 1241 अरब रुपये) से बढ़कर 44.8 अरब डॉलर ( लगभग 2926 अरब रुपये) हो गई है. उनके बाद दक्षिण कोरिया के सैमसंग कंपनी के ली परिवार का स्थान है. फोर्ब्स पत्रिका की एशिया के 50 सबसे अमीर परिवारों की सूची में यह बात कही गई है. दक्षिण कोरिया के ली परिवार की संपत्ति 11.2 अरब डॉलर यानी 731.36 अरब रुपये बढ़कर 40.8 अरब डॉलर (2664.95 अरब रुपये) हो गई है. इसकी वजह सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों के मूल्य में पिछले एक साल में 75% का इजाफा होना है. इस सूची में हांगकांग का कॉक परिवार तीसरे स्थान पर है्. उसकी संपत्ति 40.4 अरब डॉलर यानी 2638.83 अरब रुपये है. इस परिवार के पास एशिया की सबसे अमीर रियल एस्टेट कंपनी सन हुंग काई प्रॉपर्टीज का नियंत्रण है. थाईलैंड के चारोएन पोक्पहैंड समूह के प्रमुख चिआरावैनांट परिवार का इस सूची में चौथा स्थान है जिसकी कुल संपत्ति 36.6 अरब डॉलर यानी 2390.62 अरब रुपये है अंबानी परिवार इस सूची में शामिल इकलौता भारतीय परिवार है जो शीर्ष दस में शामिल है. इसके अलावा इस सूची में 19.2 अरब डॉलर (1254.10 अरब रुपये) की संपत्ति के साथ प्रेमजी परिवार 11वें स्थान पर, 18.8 अरब डॉलर (1227.97 अरब रुपये) की संपत्ति के साथ हिंदुजा परिवार 12वें स्थान पर, 17.2 अरब डॉलर (1123.46 अरब रुपये) की संपत्ति के साथ मित्तल परिवार 14वें स्थान पर, 16.1 अरब डॉलर (1051.61 अरब रुपये) की संपत्ति के साथ मिस्त्री परिवार 16वें स्थान पर और 14.1 अरब डॉलर (920.98 अरब रुपये) की संपत्ति के साथ बिड़ला परिवार 19वें स्थान पर है
भारत बन रहा है कारोबार के लिए सबसे आकर्षक जगह, जीएसटी और नोटबंदी से सामने आ रही हैं छोटी चुनौतियां
15 November 2017
सिंगापुर: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि डिजिटलीकरण और वित्तीय गतिविधियों तथा कारोबार के संगठित होने के साथ भारत कारोबार के लिए बेहद आकर्षक गंतव्य बन रहा है. वित्त मंत्री ने यहां फिनटेक फेस्टिवल में कहा कि मौजूदा डिजिटलीकरण की प्रक्रिया में आधार योजना की प्रमुख भूमिका है. इसके साथ ही वित्तीय समावेशन तथा नोटबंदी के साथ डिजिटल पारिस्थितकी तंत्र में भारी सुधार तथा एक जुलाई, 2017 से माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की शुरुआत ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है जेटली ने कहा कि डिजिटलीकरण तथा कारोबारी गतिविधियों के संगठित होने से भारत अब कारोबार की दृष्टि से बेहद आकर्षक स्थल में बदल रहा है. जेटली ने इस मौके पर विश्व बैंक की कारोबार सुगमता रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार का भी जिक्र किया. 31 अक्तूबर को जारी इस रैंकिंग में भारत 30 पायदान की छलांग के साथ 100वें स्थान पर पहुंच गया है. हालांकि, इसके साथ ही जेटली ने स्वीकार किया कि नोटबंदी और जीएसटी जैसी रणनीतिक पहल के क्रियान्वयन में कुछ लघु अवधि की चुनौतियां आ रही हैं. इसके साथ ही जेटली ने कहा, ‘‘लेकिन मेरे मन में इस बात को लेकर जरा भी संदेह नहीं है कि मध्यम से दीर्घावधि में इससे भारतीय अर्थव्यवस्था को दीर्घावधि का लाभ मिलेगा.
सब्जियों की कीमतें बढ़ने से खुदरा मुद्रास्फीति अक्टूबर में 7 महीने के उच्च स्तर पर पहुंची
14 November 2017
नई दिल्ली: खाने-पीने की चीजें खासकर सब्जियों की कीमतों में तेजी से खुदरा मुद्रास्फीति अक्टूबर में बढ़कर 3.58 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो सात महीने का उच्च स्तर है. रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति के लिहाज से खुदरा मुद्रास्फीति महत्वपूर्ण है. शीर्ष बैंक मुख्य रूप से इसी आधार पर प्रमुख नीतिगत दर निर्धारण करता है. इस साल मार्च में 3.89 प्रतिशत के बाद खुदरा महंगाई दर का यह उच्चतम स्तर है. उपभोक्ता कीमत सूचकांक (सीपीआई) आधारित महंगाई दर सितंबर में 3.28 प्रतिशत थी. पिछले साल अक्टूबर में यह 4.2 प्रतिशत थी. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) के अनुसार खाद्य वस्तुओं की श्रेणी में महंगाई दर अक्टूबर में बढ़कर 1.9 प्रतिशत हो गई. यह सितंबर में 1.25 प्रतिशत थी सब्जी खंड में महंगाई दर दोगुनी होकर 7.47 प्रतिशत हो गई, जो सितंबर में 3.92 प्रतिशत थी. अंडा और दूध तथा दूध से बने उत्पादों की महंगाई दर भी ऊंची रही. हालांकि तिमाही आधार पर अक्टूबर में फलों की कीमतों में कमी आई. दलहन की महंगाई दर में गिरावट जारी रही और इसमें आलोच्य महीने में 23.13 प्रतिशत की गिरावट आई. सितंबर में इसमें 22.51 प्रतिशत की गिरावट आई थी. वहीं तिमाही आधार पर ईंधन और बिजली महंगी हुई. आवास खंड में भी उच्च महंगाई दर दर्ज की गई. अब सबकी नजर मौद्रिक नीति समिति की छठी द्विमासिक बैठक पर होगी. रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल की अध्यक्षता वाली समिति की बैठक 5-6 दिसंबर को होगी. औद्योगिक उत्पादन में नरमी के बीच खुदरा मुद्रास्फीति जून से लगातार बढ़ रही है
अब किन वस्‍तुओं पर लगेगा 28, 18, 12 और 5 प्रतिशत GST, जानें
11 November 2017
नई दिल्‍ली: गुवाहटी में हुई दो दिवसीय जीएसटी काउंसिल की बैठक में कुल 211 वस्तुओं की जीएसटी दरों में बदलाव किया गया है. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद बताया कि 178 वस्तुओं पर जीएसटी दर घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है. जीएसटी की नई दरें 15 नवंबर से लागू होंगी. पढ़ें अब किस वस्‍तु पर लगेगा कितना जीएसटी.
1. एसी-फ्रिज, वॉशिंग मशीन समेत 50 चीजें लगेगा 28 प्रतिशत जीएसटी
28 प्रतिशत वाले स्लैब में अब 228 वस्तुएं नहीं सिर्फ 50 वस्तुएं ही रह गई हैं. इसमें अब पान मसाला, सॉफ्ट ड्रिंक, तंबाकू, सिगरेट, सीमेंट, पेंट, एयर कंडीशनर, परफ्यूम, वैक्यूम क्लीनर, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, कार, दोपहिया वाहन और विमान इस स्लैब में रहेंगे.
2. इन चीजों पर 28 प्रतिशत की जगह लगेगा 18 प्रतिशत टैक्स
इलेक्ट्रिक कंट्रोल, डिस्ट्रीब्यूशन के लिए इलेक्ट्रिक बोर्ड, पैनल, कंसोल, कैबिनेट, वायर, केबल, इंसुलेटेड कंडक्टर, इलेक्ट्रिक इंसुलेटर, इलेक्ट्रिक प्लग, स्विच, सॉकेट, फ्यूज, रिले, इलेक्ट्रिक कनेक्टर्स, ट्रक (लोहे की पेटी), सूटकेस, ब्रीफकेस, ट्रैवलिंग बैग, हैंडबैग, शैंपू, हेयर क्रीम, हेयर डाई, लैंप और लाइट फिटिंग के सामान, शेविंग के सामान, डियोड्रेंट, परफ्यूम, मेकअप के सामान, फैन, पंप्स, कंप्रेसर, प्लास्टिक के सामान, शॉवर, सिंक, वॉशबेसिन, सीट्स के सामान, प्लास्टिक के सेनेटरी वेयर, सभी प्रकार के सिरेमिक टाइल, रेजर और रेजर ब्लेड, बोर्ड, सीट्स जैसे प्लास्टिक के सामान, पार्टिकल/फाइबर बोर्ड, प्लाईवुड, लकड़ी के बने सामान, लकड़ी के फ्रेम, फर्नीचर, गद्दे और बिस्तर, डिटर्जेंट, धुलाई और सफाई में इस्तेमाल होने वाले सामान,कटलरी, स्टोव, कुकर, नॉन इलेक्ट्रिक डोमेस्टिक एप्लाइंस, कपड़े, चमड़े के कपड़ों के सामान, संगमरमर, ग्रेनाइट के बने सामान, कलाई घड़ी, घड़ी और वॉच केस एवं उससे जुड़े सामान, ऑफिस, डेस्क इक्विपमेंट, सीमेंट, कंक्रीट और कृतिम पत्थर से बने सामान, वॉल पेपर, ग्लास के सभी प्रकार के सामान, इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीन, अग्निशमक उपकरण, बुलडोजर्स, लोडर, रोड रोलर्स, एस्केलेटर, कूलिंग टॉवर, रेडियो और टेलीविजन प्रसारण के विद्युत उपकरण, साउंड रिकॉर्डिंग उपकरण, सभी प्रकार के संगीत उपकरण और उससे जुड़े सामान, कृत्रिम फूल, पत्ते और कृत्रिम फल, कोको बटर, वसा और तेल पाउडर, चॉकलेट, च्विंगम और बबलगम, रबर ट्यूब और रबर के बने तरह तरह के सामान, चश्में और दूरबीन.
3. 18 के बजाए इन वस्तुओं पर लगेगा 12 फीसद जीएसटी
मधुमेह रोगियों को दिया जाने वाला भोजन,प्रिंटिंग इंक, टोपी,कृषि, बागवानी, वानिकी, कटाई से जुड़ी मशीनरी के सामान, जूट, कॉटन के बने हैंड बैग और शॉपिंग बैग, रिफाइंड सुगर और सुगर क्यूब, गाढ़ा किया हुआ दूध, पास्ता और सिलाई मशीन का सामान.
4. अब इन वस्तुओं पर 18 के बजाए लगेगा सिर्फ 5 फीसदी जीएसटी
चटनी पाउडर, पफ्ड राइस चिक्की, पीनट चिक्की, सीसम चिक्की, रेवड़ी, तिलरेवड़ी, खाजा, काजू कतली, ग्राउंडनट स्वीट गट्टा, कुलिया, नारियल का बुरादा, इडली और डोसा, कपास के बुने हुए कपड़े, तैयार चमड़ा, चमड़े से बने सामान, फ्लाई एश, फिशिंग नेट और फिशिंग हुक.

रिजर्व बैंक का आदेश : सत्तर साल से अधिक के वरिष्ठ नागरिकों को दिसंबर तक घर पर मिले बैंकिंग सुविधाएं
10 November 2017
मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक ने गुरुवार को बैंकों को निर्देश दिया है कि वे 70 साल से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों तथा शारीरिक रूप से अक्षम लोगों को इस साल दिसंबर तक उनके घर के दरवाजे पर बैंकिंग सुविधाएं प्रदान करें. बैंकों को निर्देश दिया गया है कि वरिष्ठ नागरिकों तथा शारीरिक रूप से अक्षम (दृष्टिबाधितों सहित) लोगों को उनके घर के दरवाजे पर बुनियादी बैंकिंग सुविधाएं मसलन नकदी पहुंचाना और जमा कराना, चेक बुक और डिमांड ड्रॉफ्ट पहुंचाना उपलब्ध कराई जाएं. इस बारे में अधिसूचना जारी करते हुए केंद्रीय बैंक ने कहा कि यह देखने में आया है कि कई बार बैंक वरिष्ठ नागरिकों और अक्षम लोगों को शाखाओं में बैंकिंग सुविधाएं लेने से हतोत्साहित करते हैं. रिजर्व बैंक ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों तथा शारीरिक रूप से अक्षम लोगों को बैंकों को बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने का समन्वित प्रयास करना चाहिए. बैंकों को कहा गया है कि वे 31 दिसंबर, 2017 तक शब्द और भावना के अनुरूप इन निर्देशों का क्रियान्वयन करें. बैंक शाखाओं और वेबसाइट पर इसका ब्योरा उपलब्ध कराया जाना चाहिए. इसके अलावा बैंकों से कहा गया है कि वे ऐसे ग्राहकों से अपने ग्राहक के केवाईसी से संबंधित दस्तावेज और जीवन प्रमाणपत्र भी उनके घर जाकर लें
आईटीआई के छात्रों को उद्यम स्थापित करने दी जाएंगी आवश्यक सुविधाएँ - राज्य मंत्री श्री जोशी
9 November 2017
तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दीपक जोशी ने कहा है कि उद्यमिता में प्रशिक्षित हुए अधिकारी अपने-अपने आईटीआई में जाकर छात्रों को उद्यम स्थापित करने एवं संचालन में मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। यह प्रशिक्षण मुख्यमंत्री श्री चौहान के उद्यमी प्रदेश के सपने को साकार करने में मुख्य भूमिका निभाएगा। श्री जोशी म.प्र. राज्य कौशल विकास मिशन में 'उद्यमिता विकास'' और 'स्किल्स फॉर जॉब्स'' विषय पर आईटीआई गोविंदपुरा भोपाल में आयोजित तृतीय चरण के प्रशिक्षण समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्य मंत्री श्री जोशी ने आईटीआई के छात्रों से स्वयं का उद्यम स्थापित करने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा प्रोजेक्ट रिपोर्ट के साथ अन्य आवश्यक सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई जाएंगी। राज्य मंत्री ने उद्यमिता में प्रशिक्षित अधिकारियों को प्रमाण-पत्र और उद्यमिता विकास सेल द्वारा दिव्यांग छात्रों के लिए आयोजित उद्यमिता विकास कार्यक्रम में प्रशिक्षित छात्रों को किट प्रदान किये। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में आईटीआई में उद्यम स्थापना एवं संचालन के लिए उपयुक्त वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से प्रत्येक जिले से एक-एक प्रशिक्षण अधिकारी को भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान अहमदाबाद से प्रशिक्षित कराया गया है। इसके बाद जोन स्तर पर भोपाल, रीवा, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, सागर, बालाघाट एवं इंदौर के 126 प्रशिक्षण अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया।
देश में राजमार्गों पर इलेक्ट्रानिक टोल कलेक्शन प्रणाली दिसंबर से
9 November 2017
मुंबई: राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल वसूलने की प्रणाली को सामान्य बनाने तथा लंबे इंतजार से वाहनों का समय बचाने के लिए सरकार इलेक्ट्रानिक टोल कलेक्शन प्रणाली लेकर आएगी जो दिसंबर में शुरू हो जाएगा. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को बताया, ‘‘एक दिसंबर के बाद सड़कों पर आने वाले सभी वाहनों में फास्टैग लगा होगा ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग पर पूरे देश में कैशलेश टोल कलेक्शन को आसान बनाया जा सके. कुल साढ़े सात लाख वाहनों में पहले से फास्टैग लगा हुआ है. अगले साल मार्च 2018 तक इसकी संख्या बढ कर 25 लाख हो जाएगी. उन्होंने कहा, ‘‘आगामी दो महीने में राष्ट्रीय राजमार्गों पर फास्टैग रेडी कुल 3500 लेन बनाए जाएंगे. मंत्री ने बताया कि मौजूदा समय में फास्टैग से दस करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित हो रहा है
प्रतिदिन एक हजार उड़ानों के साथ इंडिगो बनेगी एशिया की पांचवीं सबसे बड़ी एयरलाइन
7 November 2017
मुंबई: बाजार हिस्सेदारी और विमान बेड़े के लिहाज से देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो जल्द 1,000 दैनिक उड़ानों वाली एयरलाइंस में शामिल होने जा रही है. यह उपलब्धि हासिल करने वाली यह एशिया की पांचवीं एयरलाइन होगी. सेंटर फॉर एशिया पैसिफिक एविएशन (कापा) के सप्ताह के आंकड़ों के अनुसार रोजाना 1,000 से अधिक रवानगी उड़ानों का परिचालन करने वाली एशिया की पहली तीन एयरलाइंस चीन की हैं. चौथी ऑल निप्पन जापान की है. चाइना सदर्न एयरलाइंस प्रतिदिन 2,178 उड़ानों का परिचालन करती है. चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस की उड़ानों की संख्या 2,083 है. एयर चाइना रोजाना 1,333 रवानगी उड़ानों का परिचालन करती है. जापान की राष्ट्रीय विमानन कंपनी ऑल निप्पन एयरवेज रोजाना 1,062 उड़ानों का परिचालन करती है. इंडिगो 23 दिसंबर को 1,000 दैनिक उड़ानों की उपलब्धि को हासिल करेगी. किफायती विमानन कंपनी इंडिगो ने सोमवार को कहा कि दिसंबर से वह 1,000 उड़ानें रोजाना संचालित करने का लक्ष्य पूरा कर लेगी. एयरलाइन के मुताबिक, वह 47 नई उड़ानें शुरू करने जा रही है, जिसमें उसके नेटवर्क पर शुरू की गईं अतिरिक्त उड़ानें भी शामिल हैं. इससे 23 दिसंबर से कंपनी रोजाना 1,000 उड़ानें संचालित करने लगेगी. वर्तमान में इंडिगो के बेड़े में 142 एयरबस ए320 पारिवारिक विमान हैं, जो 46 गंतव्यों के लिए रोजाना 900 उड़ानें संचालित करती हैं. कंपनी की नई उड़ानों में लखनऊ-शारजाह, हैदराबाद-शारजाह, लखनऊ-श्रीनगर, हैदराबाद-रांची और लखनऊ-देहरादून सहित अन्य उड़ानें शामिल हैं. वहीं, अतिरिक्त फेरे के संदर्भ में, कोलकाता, बेंगलुरू और चेन्नई से गुवाहाटी, भुवनेश्वर, कोच्चि और अन्य शहरों के लिए ज्यादा उड़ानें संचालित की जाएंगी. इंडिगो के अध्यक्ष और पूर्ण कालिक निदेशक आदित्य घोष ने कहा, "रोजाना 1000 उड़ानें ऐसा मील का पत्थर हैं, जिसे अभी तक भारत में कोई भी एयरलाइन प्राप्त नहीं कर सकी है
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को पुनर्पूंजीकरण बांड से मिल सकते हैं 70 हजार करोड़ रुपये
6 November 2017
नई दिल्‍ली: संपत्ति की खराब गुणवत्ता की मार से जूझ रहे बैंकों में वित्त मंत्रालय पुनर्पूंजीकरण बॉन्‍ड के माध्यम से अगले चार महीने में करीब 70,000 करोड़ रुपये डाल सकता है. सूत्रों ने इस संबंध में जानकारी दी. पिछले महीने, वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सार्वजनिक बैंकों को मजबूत करने के लिए अगले दो साल में 2.11 करोड़ रुपये डालने की घोषण की थी. इस योजना में 1.35 लाख करोड़ रुपये के पुनर्पूंजीकरण बॉन्‍ड भी शामिल हैं. वर्तमान में, सरकार बॉन्‍डों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है और इस संबंध में महीने के अंत तक फैसला हो सकता है. सूत्रों का कहना है कि एक बार संरचना का काम पूरा हो जाए तो बॉन्‍ड जारी करने का काम सरकार पहले ही कर देगी और प्रारंभिक मूल्यांकन यह दर्शाता है कि पुनर्पूंजीकरण बॉन्‍ड 70,000 से 80,000 करोड़ रुपये के बीच हो सकता है. हालांकि, आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि अभी तक कुछ भी तय नहीं हुआ है. दूसरी तिमाही के परिणाम आने के बाद वित्त मंत्रालय को विभिन्न बैंकों की आवश्यकताओं की बेहतर तस्वीर मिलेगी. वित्त मंत्री ने कहा था कि सरकार के पास पुनर्पूंजीकरण बॉन्‍ड के लिए कई विकल्प हैं और सर्वोत्तम विकल्प का पता लगाया जाएगा. पुनर्पूंजीकरण के अतिरिक्त, वित्त मंत्री ने अगले दो वर्षों में इंद्रधनुष योजना के तहत बैंकों को करीब 18,000 करोड़ रुपये देने की भी घोषणा की थी. उल्लेखनीय है कि अकेले सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की गैर निष्पादित संपत्तियां (एनपीए) मार्च 2015 में 2.75 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर जून 2017 में 7.33 लाख करोड़ रुपये हो गई.
किसानों के लिए राहत की बात : दो लाख रुपये तक की नकदी बिक्री पर नहीं देना होगा PAN
4 November 2017
नई दिल्ली: राजस्व विभाग ने कहा कि किसानों को अपनी कृषि उपज की दो लाख रुपये प्रतिदिन तक की नकद बिक्री पर पैन देने की जरूरत नहीं होगी. केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के बारे में हितधारकों को सूचित करते हुए यह जानकारी दी है. इसके अनुसार दो लाख रुपये से कम मूल्य राशि वाले कृषि उत्पाद की नकदी बिक्री पर पैन नंबर नहीं देना होगा
शानदार! पांच भारतीय महिलाएं फोर्ब्स की Most Powerful Women में शामिल, जानें कौन कौन
3 November 2017
न्यूयॉर्क-नयी दिल्ली: आईसीआईसीआई बैंक की मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक चंदा कोचर तथा बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा सहित पांच भारतीय महिलाएं फोर्ब्स की सबसे शक्तिशाली महिलाओं की सूची में जगह बनाने में कामयाब रही हैं. इस सूची में जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल पहले स्थान पर हैं. इस सूची में चंदा 32वें तथा एचसीएल कॉरपोरेशन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रोशनी नादर मल्होत्रा 57वें स्थान तथा बायोकॉन की संस्थापक चेयरमैन किरण मजूमदार शॉ 71वें स्थान पर हैं. सूची में हिंदुस्तान टाइम्स मीडिया लिमिटेड की चेयरपर्सन शोभना भरतिया 92वें और अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा 97वें स्थान पर हैं. सूची में जो अन्य भारतीय मूल की महिलाएं शामिल हैं उनमें पेप्सिको की सीईओ इंदिरा नूयी 11वें स्थान पर तथा भारतीय अमेरिकी निक्की हैली 43वें स्थान पर हैं. मर्केल लगातार सातवीं बार इस सूची में पहले स्थान पर कायम हैं और कुल मिलाकर 12 बार वह इस सूची में पहले स्थान पर रही हैं. मर्केल के बाद ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरिजा मे दूसरे स्थान पर हैं. मे के बाद बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन की सह चेयरमैन मेलिंडा गेट्स तीसरे स्थान पर हैं। मेलिंडा और उनके पति बिल ने अभी तक 40 अरब डॉलर का अनुदान दिया है और दोनों दुनिया के 100 देशों के संगठनों को मदद उपलब्ध करा रहे हैं. फेसबुक की मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) शर्लिन सैंडबर्ग चौथे और जीएम की सीईओ मैरी बारा पांचवें स्थान पर हैं. इस बार सूची में 23 महिलाएं पहली बार शामिल हुई हैं. सूची में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पुत्री इवांका ट्रंप 19वें स्थान पर हैं. यह सूची इन महिलाओं के पास धन, मीडिया में उपस्थिति, प्रभाव आदि के आधार पर तैयार की गई है.
मुकेश अंबानी एशिया के सबसे अमीर शख्स बने, चीन के हुइ को पछाड़ा
2 November 2017
नई दिल्ली: देश के सबसे अमीर शख्स और रिलायंस इंडस्ट्री के मालिक मुकेश अंबानी अब एशिया के सबसे रईस व्यक्ति बन गए हैं. फोर्ब्स मैगजीन की रियल टाइम बिलियनर्स की लिस्ट में मुकेश ने 42.1 अरब डॉलर यानी करीब 2 लाख 73 हजार 650 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति के साथ चीन के हुइ यान को पछाड़ा है. बता दें कि बुधवार को शेयर बाजार में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 1.22 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 952.30 रुपये के स्तर पर पहुंच गया. इससे यह 6 लाख करोड़ रुपए के मार्केट कैपिटल वाली भारत की पहली कंपनी बन गई. वहीं मुकेश की निजी संपत्ति में 46.60 करोड़ डॉलर यानी 3029 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है. चीन के एवरग्रैंडे ग्रुप के चेयरमैन हुइ यान की संपत्ति 1.28 अरब डॉलर यानी 8320 करोड़ रुपये घटकर 40.6 अरब डॉलर यानी 2 लाख 63 हजार 900 करोड़ रुपये रह गई. रिलायंस इंडस्ट्री के शेयरों में 75 फीसद से ज्यादा के उछाल की वजह से इस साल मुकेश अंबानी की निजी संपत्ति में जबरदस्त इजाफा हुआ है. सितंबर महीने की तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्री को तकरीबन एक बिलियन डॉलर का फायदा हुआ था. खासतौर पर पेट्रोकेमिकल और कच्चे तेल की रिफाइनिंग में कंपनी ने अच्छा मुनाफा कमाया है. पिछले कुछ सालों से रिलायंस इंडस्ट्री का सालाना नेट प्रॉफिट 12 फीसद से ज्यादा की दर से बढ़ रहा है. सितंबर में खत्म हुई तिमाही में कंपनी का फायदा बढ़कर 8109 करोड़ हो गया, जो पिछली बार के 7209 करोड़ से ज्यादा है
विश्व बैंक की कारोबार सुगमता रैंकिंग के बाद निफ्टी 10,400 अंक के पार, सेंसेक्स का भी नया रिकॉर्ड
1 November 2017
मुंबई: विश्व बैंक की कारोबार सुगमता रैंकिंग में भारत की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार के बाद बुधवार को शुरुआती कारोबार में शेयर बाजारों में जोरदार तेजी आई. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी पहली बार 10,400 अंक के स्तर को पार कर गया. वहीं बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 33,451 अंक की नई ऊंचाई पर पहुंच गया. दोपहर बाद तक सेंसेक्स में 400 अंकों की तेजी दर्ज की गई. विश्व बैंक की कल जारी रैंकिंग में भारत की स्थिति में 30 पायदान का सुधार हुआ है. इसके अलावा सितंबर महीने में आठ बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर भी छह महीने के उच्चस्तर 5.2 प्रतिशत पर पहुंच गई है. इसके अलावा वैश्विक बाजारों के सकारात्मक संकेतों से भी बाजार धारणा मजबूत हुई. निफ्टी आज शुरुआती कारोबार में 67.85 अंक या 0.65 प्रतिशत की बढ़त के साथ पहली बार 10,400 अंक के स्तर को पार कर 10,403.15 अंक पर पहुंच गया. इससे पहले 30 अक्तूबर को निफ्टी ने कारोबार के दौरान 10,384.50 अंक का रिकॉर्ड स्तर छुआ था. सेंसेक्स भी 238.16 अंक या 0.71 प्रतिशत की बढ़त के साथ 33,451.29 अंक के नए रिकॉर्ड स्तर पर कारोबार कर रहा था. इससे पहले 30 अक्तूबर को सेंसेक्स ने कारोबार के दौरान का 33,340.17 अंक का नया रिकॉर्ड स्तर छुआ था
एमएसएमई इकाइयों की नवीन नीति की होगी घोषणा
31 October 2017
सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय-सत्येन्द्र पाठक ने कहा है कि एमएसएमई का लगातार दूसरे वर्ष 17-18 नवम्बर को होने वाले सम्मेलन में एमएसएमई इकाइयों के लिए नवीन नीति की घोषणा होगी। सम्मेलन में स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। बैतूल जिले के औद्योगिक क्षेत्र के संधारण के लिए उद्योग संघ बैतूल एवं जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र बैतूल के बीच तथा गवर्नमेंट ई-मार्केट (जीईएम) की गतिविधियों के शुभारंभ के लिए राज्य शासन एवं जीईएम के बीच एमओयू होगा। सम्मेलन में पूरे प्रदेश के 1000 एसएमई उद्यमी, 1500 युवा उद्यमी,स्वरोजगार के उद्यमी और उद्योग संघ भी इसमें शिरकत करेंगे। राज्य मंत्री श्री पाठक एमएसएमई के सम्मेलन की तैयारियों का जायजा ले रहे थे। उन्होंने बताया कि एमएसएमई इकाइयों के लिए नवीन प्रोजेक्ट प्रोफाईल की पुस्तिका और प्रदेश के युवा उद्यमियों पर तैयार की गई पुस्तिका का विमोचन होगा।
चयनित क्षेत्रों के 5 तकनीकी सत्र
राज्य मंत्री श्री पाठक ने बताया कि सम्मेलन के पहले दिन एमएसएमई कॉम्पीटेटिवनेस एवं इण्डस्ट्री 4.0, बैन्डर डेवलपमेंट एवं जीईएम और पॉलिसी एण्ड स्कीम्स फार एमएसएमई के तीन सत्र और दूसरे दिन न्यू बिजनेस फार एमएसएमई और एण्टरप्रेन्योरशिप एण्ड इन्क्यूवेशन फॉर एमएसएमई के दो सत्र होंगे। तकनीकी सत्रों में संवाद के लिए सम्बन्धित क्षेत्र के विषय- विशेषज्ञ प्रदेश के उद्यमियों एवं युवाओं को उस क्षेत्र की विशिष्ट जानकारी देंगे।
प्रदर्शनी में उत्पादों का प्रदर्शन
राज्य मंत्री श्री पाठक ने बताया कि राज्य के सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम अपने-अपने उत्पादों को प्रदर्शनी में प्रदर्शित करेंगे। इसमें वृहद उद्योग एवं सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम भी स्टाल लगायेंगे। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी वृहद उद्योग एवं एमएसएमई उद्योगों के लिए ऐसा प्लेट फार्म होगी जिसमें दोनों तरह की इकाईयों में आपसी संवाद होगा। इससे दोनों क्षेत्र की इकाइयों के बीच व्यापार की संभावनाएँ भी बढ़ेंगी। इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री व्ही.एल.कांताराव ने बताया कि एमएसएमई सम्मेलन के साथ-साथ इसी में राज्य स्तरीय स्व-रोजगार सम्मेलन आयोजित कर इसे व्यापक स्वरूप दिया गया है। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में वर्ष 2016-17 में उत्कृष्ट कार्य के लिए चयनित एमएसएमई इकाइयों और स्वरोजगार इकाईयों को पुरस्कृत भी किया जायेगा।

टाटा स्टील को दूसरी तिमाही में 1,018 करोड़ रुपये का मुनाफा-
31 October 2017
नई दिल्ली: निजी इस्पात कंपनी टाटा स्टील को चालू वित्त वर्ष की सितंबर में समाप्त दूसरी तिमाही में समग्र आधार पर 1,018 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ है. पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में उसे 49.38 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था. कंपनी ने बंबई शेयर बाजार को बताया कि आलोच्य तिमाही के दौरान उसकी कुल आय पिछले वित्त वर्ष के 27,228.50 करोड़ रुपये की तुलना में बढ़कर इस वित्त वर्ष में 32,717.35 करोड़ रुपये हो गई है. इस दौरान कंपनी का खर्च भी बढ़ा है. पिछले साल की दूसरी तिमाही में उसका खर्च 26,866.49 करोड़ रुपये रहा था जो इस साल की दूसरी तिमाही में 30,566.68 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है
बिना रनवे के उड़ान भरने वाले विमान लाने की तैयाारी में स्पाइसजेट, पानी-खेत और बजरी पर भी उतरने में होंगे सक्षम-
30 October 2017
मुंबई: भारतीय बजट एयरलाइन स्पाइसजेट अब दुनिया के तीसरे सबसे बड़े उड्डयन बाज़ार, यानी भारत को और भी ज़्यादा खोलने के लिए ज़ोरदार तैयारी में जुट गई है, और अब उसका लक्ष्य वे एक अरब भारतीय हैं, जिन्होंने कभी हवाई यात्रा नहीं की है, क्योंकि या तो वे खर्च उठाने में सक्षम नहीं हैं, या उनके शहर में कोई एयरपोर्ट नहीं है. ब्लूमबर्ग में प्रकाशित ख़बर के अनुसार, स्पाइसजेट इस वक्त जापान की सेटुची होल्डिंग्स इंक (Setouchi Holdings Inc) के साथ 100 ऐसे कोडियाक विमान खरीदने के लिए वार्ता कर रही है, जो कहीं भी - पानी पर भी, बजरी पर भी, और खुले खेत में भी - उतर सकते हैं. लगभग 40 करोड़ अमेरिकी डॉलर के इस सौदे से स्पाइसजेट के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सारे देश को हवाई मार्ग से जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी योजना का लाभ उठाने में मदद मिलेगी. स्पाइसजेट के चेयरमैन अजय सिंह ने कहा, "भारत में एयरपोर्ट काफी कम हैं... भारत में बहुत-सा विकास छोटे बाज़ारों में हो रहा है, लेकिन इन छोटे बाज़ारों के बीच कनेक्टिविटी कम है, या है ही नहीं... सो, हम ऐसा उपाय तलाश रहे हैं, ताकि उन जगहों पर भी उड़ानें ले जा सकें, जहां एयरपोर्ट ही नहीं हैं..." स्पाइसजेट से बातचीत जारी रहने के दौरान ही हिरोशिमा से संचालित सेटुची के ओवरसीज़ बिज़नेस डिवीज़न में एक्ज़ीक्यूटिव मैनेजिंग डायरेक्टर गो ओकाज़ाकी ने बताया कि कंपनी नवंबर में वॉटर लैंडिंग का एक डेमोन्स्ट्रेशन देने की योजना बना रही है. हालांकि उन्होंने इस बारे में कुछ नहीं बताया कि सौदा कब तक तय हो पाएगा. भारतीय एयरलाइन कंपनियों ने पिछले साल 10 करोड़ घरेलू यात्रियों को उड़ान करवाई, जिससे वह चीन और अमेरिका के बाद दुनिया का तीसरा सबसे उड्डयन बाज़ार बन गया है. बोइंग कंपनी के अनुमानों के अनुसार, इस क्षेत्र में हो रही बढ़ोतरी के साथ तारतम्य बिठाने के लिए भारत को अगले 20 साल में कम से कम 2,100 नए विमानों की ज़रूरत पड़ेगी, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 290 अरब अमेरिकी डॉलर होगी.
अमेरिका की अर्थव्यवस्था तीसरी तिमाही में हुई 3 फीसदी की बढ़ोतरी-
28 October 2017
वाशिंगटन: अमेरिका की अर्थव्यवस्था की 2017 की तीसरी तिमाही में वार्षिक दर तीन फीसदी रही, जबकि दूसरी तिमाही में यह 3.1 फीसदी थी. समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने वाणिज्य विभाग के हवाले से बताया कि यह व्यक्तिगत खपत खर्च, गैर आवासीय निवेश और निर्यात में गिरावट को दर्शाता है. गौरतलब है कि तीसरी तिमाही में व्यक्तिगत उपभोक्ता खर्च की वार्षिक दर 2.4 फीसदी रही, जबकि दूसरी तिमाही में यह 3.3 फीसदी रही. गैर आवासीय निवेश 3.9 फीसदी बढ़ा, जबकि पिछली तिमाही में यह 6.7 फीसदी था इस दौरान निर्यात 2.3 फीसदी बढ़ा जबकि आयात 0.8 फीसदी घटा है. अर्थशास्त्रियों का अनुमान था कि तीसरी तिमाही में देश की आर्थिक विकास दर 2.5 फीसदी रहेगी.
रिकॉर्ड स्तर पर देखे गए शेयर बाजार, सेंसेक्स 33,270.62 अंक के सर्वकालिक उच्च स्तर-
27 October 2017
मुंबई: शुरुआती कारोबार में आज सेंसेक्स और निफ्टी रिकॉर्ड उच्च स्तर पर खुले. सेंसेक्स 33,270.62 अंक के सर्वकालिक उच्च स्तर और निफ्टी 10,366.15 अंक के नए उच्च स्तर पर खुला. ब्रोकरों के अनुसार इसके पीछे अहम कारण नवंबर डेरीवेटिवों की मजबूत शुरुआत और एशियाई बाजारों का सकारात्मक रहना है. बंबई शेयर बाजार का 30 कंपनियों के शेयरों पर आधारित 123.49 अंक यानी 0.37% चढ़कर 33,270.62 अंक की सर्वकालिक ऊंचाई पर खुला. इसने अपने कल दिन में कारोबार के दौरान 33,196.17 अंक के उच्च स्तर को पीछे छोड़ दिया. पिछले चार सत्र के कारोबार में सेंसेक्स में 764.20 अंक की बढ़त देखी गई है. इसी प्रकार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 कंपनियों के शेयरों पर आधारित निफ्टी 22.35 अंक यानी 0.21% की मजबूती के साथ 10,366.15 अंक के नए उच्च स्तर पर खुला है. इसने भी कल दिन में कारोबार के समय अपने 10,355.65 अंक के उच्च स्तर को पीछे छोड़ दिया.
उपभोक्ता संरक्षण के लिए नया कानून बना रही है सरकार : पीएम मोदी-
26 October 2017
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि उपभोक्ता संरक्षण सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है और इसके लिए वह एक नया कानून बना रही है. पूर्व, दक्षिण और दक्षिण पूर्वी देशों के लिए उपभोक्ता संरक्षण पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में मोदी ने कहा, ‘‘ उपभोक्ता संरक्षण सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है. उपभोक्ता संरक्षण के लिए नया कानून बनाया जा रहा है.’’ उन्होंने कहा कि आने वाले कानून के तहत, भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ कड़े प्रावधान किए जा रहे हैं. हाल ही में देश में लागू की गई माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की व्यवस्था को उन्होंने देश को एक नयी कारोबारी संस्कृति में ढालने वाली व्यवस्था बताया और कहा, ‘‘ इस नयी अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था का सबसे ज्यादा लाभ उपभोक्ताओं को ही होगा. उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद कंपनियों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी जिसका परिणाम कीमतों में कमी के तौर पर सामने आएगा
उद्योग मित्र है मध्यप्रदेश की नई औद्योगिक नीति : मुख्यमंत्री श्री चौहान-
25 October 2017
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश में औद्यागिक विकास के लिये सभी जरूरी अधोसंरचनाएं उपलब्ध कराने के बाद अब किसानों की आय को दो गुनी करने का संकल्प लिया गया है। श्री चौहान अमेरिका के वाशिंगटन शहर में अमेरिका-भारत रणनीतिक सहभागिता फोरम के अंतर्गत आयोजित बिजनेस सेमीनार को संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान ने मध्यप्रदेश में निवेश की रूचि दिखाने वाली कंपनियों और निवेशकों को मध्यप्रदेश की नई औद्योगिक नीति के लाभ गिनाते हुए मध्यप्रदेश आमंत्रित किया। श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश की नई औद्योगिक नीति पूरी तरह से उद्योग मित्र है। श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश ने पिछले एक दशक में हर क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे एक दशक में सिंचाई का क्षेत्र बढ़ा और कैसे खाद्य प्रसंस्करण जैसे नये क्षेत्रों में निवेश की शुरूआत हुई। श्री चौहान ने कहा कि लॉजिस्टिक अधोसंरचना मजबूत होने के कारण आज खेतों से सीधे खाने की मेज तक अनाज पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि अब जैविक खेती पर पूरा ध्यान देते हुए इसके क्षेत्र में विस्तार किया जा रहा है। श्री चौहान ने निवेशकों से आग्रह किया वे अपना प्रतिनिधि मंडल लेकर मध्यप्रदेश आयें और निवेश की संभावनाओं का लाभ उठायें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में साढ़े सात लाख युवाओं को हर साल कौशल सम्पन्न बनाया जाता है। ये युवा अपनी प्रतिभा और क्षमता के साथ हर प्रकार के औद्योगिक संचालन की जिम्मेदारी लेने में सक्षम हैं। उन्होंने बताया कि नई औद्योगिक परियोजनाओं को कई प्रकार की रियायतें प्रदान की जा रही हैं। इस अवसर पर विभिन्न विदेशी कंपनियों ने रक्षा उत्पादन, भण्डारण, कम खर्चीली हवाई सुविधा जैसे क्षेत्रों में निवेश की रूचि दिखाई। प्रमुख सचिव उद्योग श्री मोहम्मद सुलैमान ने प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य और उद्योगों को प्रोत्साहित करने वाले नीतिगत सुधारों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। इस फोरम में अमेरिका के व्यापारी समुदाय, उद्योगपति, बुद्धिजीवी, वाणिज्य विशेषज्ञ और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रमुख शामिल हुए।
युवा उद्यमी सीमा बनी सशक्त महिला की मिसाल
25 October 2017
उज्जैन की सीमा गोयल ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की सहायता से पॉवरलूम कारखाना स्थापित कर महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश की है। सीमा के कारखाने में बना कपड़ा गुजरात राज्य में भी बिकता है। सीमा गोयल ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का लाभ लेकर उज्जैन में पॉवरलूम कारखाना लगाया। इस कारखाने में एक्सपोर्ट क्वालिटी के कपड़े का उत्पादन किया जाता है। सीमा के पॉवरलूम लगाने के प्रोजेक्ट को अप्रैल 2017 में जिला उद्योग केन्द्र ने मंजूरी दी। उज्जैन शहर के उद्योगपुरी क्षेत्र में 4 हजार वर्गफीट भूमि पर जिला उद्योग केन्द्र की मदद से सीमा ने सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया से 67 लाख 50 हजार का ऋण लेकर सितम्बर 2017 में कारखाना शुरू किया। सीमा को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में ऋण के अतिरिक्त 12 लाख रूपये का अनुदान भी मिला। पॉवरलूम के लिये सीमा ने गुजरात से अत्याधुनिक और उच्च गुणवत्ता की 16 पॉवरलूम मशीनें मँगवाई। इन मशीनों में बिजली की खपत कम होती है। साथ ही, श्रमिकों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव भी नहीं पड़ता। सीमा गोयल के पॉवरलूम कारखाने में आज क्वालिटी का कपड़ा बन रहा है। लोकल में इस कपड़े को अच्छा मार्केट मिल रहा है। साथ ही सीमा द्वारा उत्पादित कपड़ा गुजरात राज्य में भी बिक रहा है। अब सीमा के पॉवरलूम कारखाने की कमाई से उसके परिवार की स्थिति काफी अच्छी हो गई है। साथ ही, फैक्ट्री में 8 अन्य व्यक्तियों को भी रोजगार मिल रहा है।
गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 110 और दालों के लिए 200 रुपए की बढ़ोत्तरी-
24 October 2017
नई दिल्ली: सरकार ने गेहूं के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) आज 110 रुपये बढ़ाकर 1,735 रुपये प्रति क्विंटल किया कर दिया है साथ ही चना और मसूर के एमएसपी में भी 200 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी की है. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इन फसलों का उत्पादन बढ़ाने और कीमतों पर नियंत्रण रखने के लिए सरकार ने यह फैसला किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने आज 2017-18 के लिए पूरी रबी की फसल के लिए एमएसपी की मंजूरी दी. एमएसपी वह मूल्य होता है जिस पर सरकार किसानों से खाद्यान्न की खरीद करती है. सूत्रों के अनुसार मंत्रिमंडल ने गेहूं का एमएसपी 110 रुपये बढ़ाकर 1,735 रुपये प्रति क्विंटल किया है. पिछले साल यह 1,625 रुपये प्रति क्विंटल था. चना और मसूर की खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इनके एमएसपी में प्रत्येक में 200 रुपये की बढ़ोत्तरी की गई है और नयी कीमत क्रमश: 4,200 और 4,150 रुपये प्रति क्विंटल होगी. सूत्रों ने बताया कि तिलहन में रैपसीड, सरसों और सूरजमुखी के बीज के एमएसपी में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है. कीमतों में यह वृद्धि कृषि मूल्य एवं लागत आयोग की सिफारिशों के अनुरुप है
बिजली बिल में कमी के लिए यह है सबसे कारगर तरीका.. बिजली मंत्रालय के बीईई ने बताया-
23 October 2017
नई दिल्ली: सरकार कम बिजली खपत वाले उपकरणों को और दक्ष बनाने के लिये कदम उठा रही है. अति दक्ष उपकरण कार्यक्रम (एसईईपी) के तहत आने वाले ये उपकरण मौजूदा गुणवत्तापूर्ण उत्पादों के मुकाबले कम-से-कम 25 प्रतिशत अधिक बिजली की बचत करेंगे. कुल मिलाकर इससे आपके बिजली बिल में अच्छी-खासी कमी आएगी. बिजली मंत्रालय के अधीन आने वाला ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) स्टार लेबलिंग कार्यक्रम के तहत संबंधित उपकरणों पर बिजली बचत के लगाये जाने वाले सितारे (स्टार लेबलिंग) की तरह अति दक्ष उपकरणों के लिये विनिर्माता कंपनियों को अलग निशान (लेबल) उपलब्ध कराएगा. बीईई के महानिदेशक अभय बाकरे ने कहा, ‘‘हमारी स्टार रेटिंग श्रेणी के अंतर्गत आने वाले उत्पादों की कुशलता को और बढ़ावा देने की योजना है. बीईई एसईईपी के लिये रूपरेखा तैयार करने की प्रक्रिया में है. इसके तहत संबंधित उपकरणों को ‘सुपर इफीशिएंट लेबल’ जारी किया जाएगा.’’ ऐसा माना जा रहा है कि एसईईपी के तहत आने वाले ये उपकरण मौजूदा ‘स्टैन्डर्ड एंड लेबलिंग’ कार्यक्रम की श्रेणी में आने वाले उत्पादों के मुकाबले कम-से-कम 25 प्रतिशत अधिक बिजली की बचत कर सकेंगे. उन्होंने कहा, ‘‘बीईई अति दक्ष उत्पादों को बढ़ावा देने के लिये संबंधित कंपनियों को कानूनी, जरूरी प्रोत्साहन, बौद्धिक संपदा सेवाएं, व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार करने और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा
गूगल देश का सबसे ज्यादा प्रामाणिक ब्रांड: सर्वेक्षण-
18 October 2017
नई दिल्ली: देश के उपभोक्ता गूगल को सबसे अधिक प्रामाणिक ब्रांड के रूप में देखते हैं. हालांकि वैश्विक स्तर पर इस सूची में अमेजन डॉट कॉम सबसे आगे है. एक नए सर्वेक्षण से मंगलवार को यह जानकारी मिली। भारत में गूगल के बाद माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन डॉट कॉम, मारुति सुजुकी और एप्पल को सबसे प्रामाणिक माना जाता है. वैश्विक कम्युनिकेशन एजेंसी कॉन एंड वोल्फ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डोना इंपेराटो ने बताया, "उपभोक्ता आज उन कंपनियों से खरीदना चाहते हैं जो उनके साथ वास्तविक तरीके से जुड़ते हैं. हमारा शोध उन ब्रांडों के बीच एक कड़ी दिखाता है जो व्यावहारिक संवाद करते हैं और जिनमें ग्राहकों को आकर्षित करने और बनाए रखने की क्षमता होती है, और इससे उनका व्यवसाय मजबूत होता है." कॉन एंड वोल्फ द्वारा किए गए सर्वेक्षण के मुताबिक, दुनियाभर में एप्पल प्रामाणिकता की दौड़ में अमेजन के बाद दूसरे नंबर पर है. प्रामाणिक ब्रांड अध्ययन 2017 की रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक प्रामाणिकता सूचकांक में क्रमश: तीसरे, चौथे और पांचवें स्थान पर माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और पेपाल को रखा गया है और ये सभी प्रौद्योगिकी से जुड़ी कंपनियां हैं. इस अध्ययन के निष्कर्षों के मुताबिक, भारत में 67 फीसदी उपभोक्ताओं ने उस ब्रांड में खरीद की रुचि जाहिर की, जिसे वे प्रामाणिक मानते हैं. कॉटन एंड वोल्फ में एशिया प्रशांत क्षेत्र के अध्यक्ष मैट स्टैफोर्ड ने बताया, "ब्रांड जो प्रामाणिकता से व्यवहार करते हैं और संवाद करते हैं, वे ग्राहकों के साथ बेहतर संबंध बनाएंगे और बेहतर अनुभव प्रदान करेंगे." स्टैफोर्ड कहते हैं, "हमारे शोध से पता चलता है कि भारत के ब्रांडों को अपनी ऑफरिंग और बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए प्रामाणिकता के तीन कारकों- विश्वसनीयता, सम्मान और वास्तविकता पर ध्यान देने की जरूरत है.
धनतेरस पर सोना खरीदने जा रहे हैं तो कीमत यहां जानें-
17 October 2017
नई दिल्ली: कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच कारोबारियों द्वारा अपने सौदों का आकार घटाने से सोने का वायदा भाव आज 124 रुपये टूटकर 29,776 रुपये प्रति दस ग्राम पर आ गया. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में सोने का फरवरी अनुबंध 124 रुपये या 0.41 प्रतिशत के नुकसान से 29,776 रुपये प्रति दस ग्राम पर आ गया. इसमें 59 लॉट का कारोबार हुआ. समें सोने का दिसंबर अनुबंध 104 रुपये या 0.35 प्रतिशत के नुकसान से 29,750 रुपये प्रति दस ग्राम पर आ गया. इसमें 811 लॉट का कारोबार हुआ. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सिंगापुर में सोना 0.20 प्रतिशत के नुकसान से 1,291.90 डॉलर प्रति औंस पर आ गया. उधर, वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज प्रमुख जिंस एक्सजेंस एमसीएक्स में सोने के विकल्प कारोबार का शुभारंभ करते हुए कहा कि इससे पीली धातु का व्यापार संगठित हो सकेगा. यह सोने के संगठित तरीके से कारोबार की दिशा में एक कदम है. विकल्प ऐसा डेरिवेटिव्स हैं, जो खरीदार को अधिकार देते हैं, लेकिन उन्हें किसी संपत्ति या उत्पाद को किसी विशेषीकृत मूल्य पर किसी निश्चित तारीख या उससे पहले खरीद या बिक्री की प्रतिबद्धता देने की जरूरत नहीं होती. धनतेरस के शुभ दिन पर विकल्प कारोबार की शुभारंभ करते हुए जेटली ने कहा, यह पीली धातु के कारोबार में एक महत्वपूर्ण बदलाव है. इस वायदा का विकल्प मिलने से सभी जोखिमों की हेजिंग हो सकती है.
महिलाओं को आर्थिक सबल बनाने में सबसे अधिक कामयाब मुद्रा योजना : राज्यवर्धन राठौड़-
14 October 2017
जयपुर: युवा तथा खेल मामलों के केंद्रीय मंत्री एवं सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने मुद्रा योजना को महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में अब तक की सबसे कामयाब योजना बताया. उन्होंने आज यहां राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति द्वारा आयोजित वित्तीय समावेशन एवं मुद्रा प्रोत्साहन अभियान के उद्घाटन समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुद्रा योजना से न सिर्फ लाभार्थी स्वावलम्बी बने हैं बल्कि इससे कई अन्य लोगों को रोजगार मिला है उन्होंने कहा कि अकेले नकद लाभ हस्तांतरण योजना से 50 हजार करोड़ रुपये की हेराफेरी रुकी है. इसी तरह से गैस सब्सिडी सीधे खाते में जाने से 14 हजार करोड़ रुपये की बचत हुई है कर्नल राठौड़ ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार आधारभूत ढांचे के विकास पर कुल बजट की 13 प्रतिशत राशि खर्च कर रही है जिसमें सड़क निर्माण प्रमुख है
मध्य प्रदेश में पेट्रोल-डीजल सस्ता हुआ, डीजल 4 रुपये और पेट्रोल 1.62 रुपये सस्ता-
13 October 2017
भोपाल: देश में कुछ दिन पहले पेट्रोल और डीजल के दामों पर राजनीति तेज हो गई थी. विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर पेट्रोल की कीमतों के जरिए टैक्स के माध्यम से लोगों की जेबें हल्की करने की आरोप लगाया. इसके बाद केंद्र सरकार अपने हिस्से के करों में कुछ कटौती कर लोगों को राहत देने की कोशिश की और राज्य सरकार से भी कहा कि वह भी अपने हिस्से के करों में कटौती करें ताकि लोगों को और राहत दी जा सके. केंद्र में बीजेपी की सरकार और इस अपील का असर बीजेपी शासित राज्यों में देखने को मिलने लगा. सबसे पहले गुजरात ने यह काम किया और कीमत घटाई. फिर हिमाचल और महाराष्ट्र सरकार ने कर की दरों में कटौती की और अब मध्य प्रदेश से भी ऐसी खबर आई है. मध्य प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल व डीजल पर लगने वाले कर को कम करने का ऐलान किया है. इसके प्रभावस्वरूप राज्य में डीजल 4 रुपये और पेट्रोल 1.62 रुपये सस्ता हो जाएगा. इस कदम से सरकार को दो हजार करोड़ रुपये प्रतिवर्ष राजस्व की हानि होगी. राज्य के वित्त मंत्री जयंत मलैया ने शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ चर्चा की थी, जिसमें टैक्स कम करने का फैसला लिया गया. मलैया ने संवाददाताओं को बताया कि डीजल पर लगने वाले वैट को 27 प्रतिशत से घटाकर 22 प्रतिशत किया गया है. इसके साथ ही सेस में भी 1.50 रुपये की कटौती की गई. मलैया ने बताया कि पेट्रोल पर लगने वाले वैट को 31 प्रतिशत से घटाकर 28 प्रतिशत किया गया हैं. इस तरह पेट्रोल पर तीन प्रतिशत वैट कम हुआ है. इससे कीमतों में 1.62 पैसे का अंतर आएगा. वित्त मंत्री के मुताबिक, इस फैसले से राज्य सरकार को आगामी छह माह में 1,000 करोड़ रुपये राजस्व का नुकसान होगा. यह नुकसान वार्षिक स्तर पर 2,000 करोड़ रुपये होगा
सेंट्रल यूनिवर्सिटी के 7 लाख 58 हजार प्राध्यापकों और स्टाफ को मिलेगा सातवें वेतन आयोग का फायदा-
12 October 2017
नई दिल्ली: दिवाली की मौसम है या कहें त्योहारों का सीजन चल रहा है. सरकारी नौकरी हो या फिर प्राइवेट नौकरी सभी को इस समय बोनस की दरकार है. सरकारी कर्मचारियों के लिए तो सरकार की ओर से ऐलान हो गया है और कई राज्य सरकारें या तो ऐलान कर चुकी हैं या फिर ऐलान करने की प्रक्रिया में है. वैसे ही प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वालों को भी बोनस मिलना शुरू हो गया है और कुछ संस्थानों में कुछ ही दिनों में बोनस मिल ही जाएगा. ऐसे माहौल में अगर सरकारी नौकरी करने वालों को यदि बोनस ही नहीं वेतन में वृद्धि की खबर मिले तो त्योहार में मजा दोगुना हो जाएगा. बुधवार को नरेंद्र मोदी सरकार की कैबिनेट ने देश के केंद्रीय शिक्षण संस्थानों के टीचरों और स्टाफ के लिए यह तोहफा दिया है. बुधवार को कैबिनेट बैठक के बाद केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों का फायदा केंद्रीय विश्वविद्यालयों के लगभग 7.58 लाख शिक्षकों को मिलेगा. प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि कैबिनेट ने एक अहम फैसले में केंद्रीय यूनिवर्सिटी, राज्य यूनिवर्सिटी और यूजीसी से जिन कॉलेजों को सहायता मिलता है इन सबके 7 लाख 58 हजार प्राध्यापकों को सातवें वेतन आयोग का फायदा देने का फैसला लिया है. इसमें केंद्रीय यूनिवर्सिटी और आईआईटी जैसे 213 संस्थान भी शामिल हैं जिसकों केंद्र सरकार 100 फीसदी फाइनेंस करती है. इसके 58 हजार प्राध्यापकों को इसका लाभ मिलेगा. इसका वहन वेतन आयोग करेगा. केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 329 स्टेट यूनिवर्सिटी और 12,912 कॉलेज के 7 लाख प्रोफेसर, असिस्सेंट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर को इसका लाभ मिलेगा. इन सबको 1 जनवरी 2016 से इसका फायदा मिलेगा. यह बढ़ोतरी 10 हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक की बढ़त है. 22 फीसदी से 28 फीसदी तक इजाफा हुआ है. राज्यों द्वारा संचालित विश्वविद्यालों में इस फैसले को लागू करन के लिए राज्य सरकारों की सहमति जरूरी होगा. साथ ही केंद्र सरकार राज्यों पर जो अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ेगा उसका वहन भी करेगी. इस फैसले के केंद्र सरकार पर 9800 करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ पड़ेगा.
देश में अर्थव्यवस्था और रोजगार के फ्रंट पर घिरे पीएम नरेंद्र मोदी आज ले सकते हैं कुछ बड़े फैसले-
11 October 2017
नई दिल्ली: पिछले दो-तीन महीनों में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर विपक्ष के साथ साथ अपनों ने भी कई हमले किए. अकसर हमलावर रहने वाली बीजेपी आर्थिक मोर्चे पर हमलों पर बचाव की मुद्रा में आ गए. कारण थे देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार से जुड़े कुछ आंकड़े सरकार के कामकाज और नीतियों पर सवाल उठा रहे थे. इसके बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने अपनी सरकार के सत्ता में आने के तीन साल बाद एक अहम फैसला लेते हुए आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) का गठन किया. जीडीपी में आई गिरावट के बाद पीएम मोदी द्वारा गठित आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) की पहली मीटिंग आज होने जा रही है. खबरों के मुताबिक, इसमें आर्थिक विकास को तेजी देने और देश में नौकरियों के अवसर बढ़ाने पर चर्चा हो सकती है. EAC-PM को 25 सितंबर को पीएम मोदी द्वारा गठित किया गया था. आज होने वाली बैठक में वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम भी मौजूद होंगे. उनके साथ इसमें नीति आयोग के सदस्य बिबेक देबराय (EAC-PM के चेयरमैन) भी होंगे. मीटिंग में आर्थिक मामलों के जानकार सुरजीत भल्ला, राथिन रॉय, आशिमा गोयल और रतन बटवल भी उपस्थित होंगे. सरकार ने आर्थिक सलाहकार परिषद का गठन ऐसे समय में किया है जब अप्रैल-जून तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर घटकर 5.7 फीसदी पर पहुंच गई है, जो कि मई 2014 के बाद सबसे कम है. मालूम हो कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में बनी ईएसी के अध्यक्ष पूर्व आरबीआई गवर्नर सी रंगराजन थे. 2014 में यूपीए के सत्ता से हटने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था
सोना वायदा भाव में 0.18% की तेजी, हुआ 29,778 रुपये प्रति दस ग्राम-
10 October 2017
मुंबई: सकारात्मक वैश्विक संकेतों के चलते सोना वायदा भाव आज 0.18% सुधरकर 29,778 रुपये प्रति दस ग्राम हो गया. एमसीएक्स पर फरवरी में आपूर्ति के लिए नौ लॉट के कारोबार में सोना वायदा भाव 54 रुपये यानी 0.18% सुधरकर 29,863 रुपये प्रति दस ग्राम रहा. इसी प्रकार दिसंबर में आपूर्ति के लिए 378 लॉट के कारोबार में यह भाव 50 रुपये यानी 0.15% चढ़कर 29,778 रुपये प्रति दस ग्राम हो गया. इस बीच, सिंगापुर के वैश्विक बाजार में सोना भाव 0.26% की मजबूती के साथ 1,287 डॉलर प्रति औंस रहा
यूपी की बिजली कंपनियां 75 हजार करोड़ के घाटे में! कंपनियों पर फिजूलखर्ची का आरोप-
9 October 2017
लखनऊ,: उत्तर प्रदेश में बिजली कंपनियों की कार्यशैली एवं प्रबन्धन पर राज्य उपभोक्ता परिषद ने सवाल खड़े कर दिए हैं. परिषद का आरोप है कि कंपनियों की कार गुजारियों के चलते इनका वर्तमान में कुल घाटा 75 हजार करोड़ रुपये का हो गया है. परिषद ने इस घाटे की पीछे कंपनियों की फिजूलखर्ची, बिजली चोरी एवं प्रबंधन को जिम्मेदार बताया गया है. परिषद का दावा है कि बिजली कंपनियों के इस रवैये का सीधा असर प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है. परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने रविवार को कहा कि वर्ष 1959 में राज्य विद्युत परिषद गठित किया गया. इसका कुल घाटा वर्ष 2000 में 10 हजार करोड़ पहुंच जाने पर राज्य विद्युत परिषद को विघटित कर कई कम्पनियों में विभाजित कर दिया गया. इस दौरान बड़े-बड़े दावे किए गए कि अब बिजली कम्पनियों में व्यापक सुधार होगा लेकिन सुधार की बात तो दूर बल्कि उदय में कम्पनियों ने खुद माना है कि अब उनका कुल घाटा लगभग 70738 करोड़ रुपये है. वहीं पावर फार आल में माना कि वर्ष 2015-16 तक बिजली कम्पनियों का कुल घाटा लगभग 72770 करोड़ है. वर्मा ने कहा कि वर्तमान में यह घाटा 75 हजार करोड़ के ऊपर होगा. उन्होंने कहा कि इसके लिये कौन जिम्मेदार है? प्रदेश के मुख्यमंत्री से परिषद मांग कर रहा है कि बिजली कम्पनियों में लगातार बढ़ रहे घाटे की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए क्योंकि कहीं न कहीं इसका खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है.
निवेश बढ़ाने के लिये नई औद्योगिक नीति निर्धारित की जाएगी
7 October 2017
उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए राज्य शासन द्वारा शीघ्र ही नई औद्योगिक नीति निर्धारित की जा जाएगी। श्री शुक्ल आज इन्दौर में कन्फरेडेशन ऑफ इंडियन इण्डस्ट्री (सीआयआय) द्वारा आयोजित लीडरशीप कानक्लेव 2017 को संबोधित कर रहे थे। श्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिए बेहतर वातावरण है। मध्यप्रदेश शांति का टापू हैं। यहाँ सिंचाई के पर्याप्त साधन हैं। बिजली, सड़क, पानी सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं पर्याप्त हैं। उद्योगों के लिए पर्याप्त भूमि हैं। यहां खनिजों का अकूत भण्डार हैं।   पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के चेयरमेन आचार्य श्री बालकृष्ण ने कहा कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश के बेहतर वातावरण के कारण पतंजलि द्वारा यूनिट लगायी जा रही हैं। उन्होने कहा कि आज देशी उत्पादों को बढ़ावा देने की जरूरत है। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार श्री राहुल देव, सीआयआय के चेयरमेन श्री अंशुल मित्तल, श्री सुधीर मेहता, रिटायर्ड एडमिरल शेखर मित्तल, एक्सिस बैंक के चीफ एकानॉमिस्ट श्री सौगात भट्टाचार्य, थायरो केयर के श्री ए. वेलूमनी, ट्रायफेक के एम.डी श्री डी.पी. आहुजा तथा नगर निगम आयुक्त श्री मनीष सिंह भी मौजूद थे।
जीएसटी परिषद की बैठक में लिए गए अहम फैसले, जाने 10 प्रमुख बातें-
7 October 2017
नई दिल्ली: जीएसटी काउंसिल की नई दिल्ली में 22वीं बैठक आहुत की गई. यह बैठक जीएसटी लागू होने के तीन महीनों के दौरान हुए अनुभवों को साझा करने तथा इस दौरान आने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए बुलाई गई थी. वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में हुई काउंसिल की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए. -
जीएसटी परिषद की बैठक की 10 प्रमुख बातें.
1- निर्यातकों को जल्द रिफंड दिया जाएगा. इसके तहत जुलाई में रिटर्न दाखिल करने वालों को 10 अक्टूबर से तथा अगस्त में दाखिल करने वालों को 18 अक्टूबर से मिलेगा रिफंड.
2- निर्यातकों को पहली अप्रैल, 2018 से मिलेगा ई- वॉलेट. रिफंड की एक तय राशि एडवांस में दी जाएगी ई- वॉलेट में.
3- कंपोजिशिन स्कीम के तहत अब 75 लाख के स्थान पर एक करोड़ की टर्न ओवर वाले कारोबारी आएंगे दायरे में.
4- कंपोजिशन स्कीम में कारोबारी को एक फीसदी, निर्माता को दो और रेस्टोरेंट कारोबारी को देना होगा 5 फीसदी टैक्स.
5- ई-वे बिल कर्नाटक में शुरू हो चुका है. उनका अनुभव अच्छा रहा है. पहली अप्रैल से इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा.
6- सर्विस दाता, जिनका टर्न ओवर 20 लाख से कम है, उन्हें इंटर स्टेट सर्विस टैक्स से हटाया गया है.
7- 24 वस्तुओं पर टैक्स की दरों में बदलाव. गुजराती खाकरा और चपाति पर 12 से 5, बच्चों के फूड पैकेट 18 से 5 फीसदी टैक्स किया गया है.
8- सर्विस सैक्टर में जॉब वर्क 5 फीसदी टैक्स के दायरे में लाए गए है. ज़री के काम पर 5 फीसदी टैक्स.
9- मानव निर्मित धागे पर टैक्स 18 से घटाकर 12 फीसदी किया गया है. इसका कपड़ा उद्योग पर असर होगा.
10 स्टेशनरी के सामान पर टैक्स 28 से 18, डीजल इंजन के पार्ट्स पर 28 से 18 और ई-वेस्ट 28 से घटाकर 5 फीसदी टैक्स तय किया गया है.

काले धन के खिलाफ जंग में पीएम नरेंद्र मोदी सरकार को मिली बड़ी कामयाबी, जानें पूरा मामला
6 October 2017
नई दिल्ली: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को काले धन और शेल कंपनियों के खिलाफ जारी जंग में उस वक्त बड़ी कामयाबी मिली, जब 13 बैंकों ने अपनी एक रिपोर्ट में सरकार को 2,09,032 संदिग्ध कंपनियों में से कुछ के बैंक खातों के ऑपरेशन तथा नोटबंदी के बाद के जमा-निकासी को लेकर बेहद अहम जानकारी दी. गौरतलब है कि इसी साल रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज़ ने इन संभी कंपनियों का पंजीकरण रद्द किया था, जिसके बाद इन कंपनियों के बैंक खातों को सिर्फ देनदारियां चुकाने के लिए इस्तेमाल किए जाने की बंदिश लागू हो गई थी. अब 13 बैंकों ने आंकड़ों की पहली किस्त सरकार को सौंपी है, जिसमें दो लाख से भी ज़्यादा कंपनियों में से सिर्फ 5,800 कंपनियों के 13,140 बैंक खातों की जानकारी दी गई है. इनमें से कुछ कंपनियों के नाम तो 100-100 से भी ज़्यादा खाते हैं. इनमें से एक कंपनी के नाम कुल 2,134 बैंक खाते हैं, जबकि कई अन्य के नाम 900 खाते भी हैं. लेकिन बैंकों द्वारा सरकार को दी गई सबसे अहम जानकारी नोटबंदी के दौरान इन खातों में की गई जमा-निकासी से जुड़ी है. बताया गया है कि लोन खातों को अलग कर दिए जाने के बाद इन 5,800 कंपनियों के खातों में 8 नवंबर, 2016 को उनके पास कुल 22.05 करोड़ रुपये की रकम बची थी. लेकिन 9 नवंबर, 2016 (नोटबंदी का लागू होना) से रजिस्ट्रेशन रद्द किए जाने तक की अवधि में इन कंपनियों ने 4573.87 करोड़ रुपये की रकमें जमा करवाईं, और लगभग इतनी ही रकम, यानी 4,552 करोड़ रुपये की निकासी भी की
और सस्ता हो सकता है पेट्रोल-डीजल अगर पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की ये सलाह मानें राज्य
5 October 2017
नई दिल्ली: डीजल और पेट्रोल पर केंद्र सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी में कटौती के बाद अब कीमतों में और कटौती के लिए सरकार ने राज्यों को सलाह देने का मन बनाया है. केंद्र सरकार राज्य सरकारों से वैट घटाने को कहेगी. मीडिया पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को ईंधन पर टैक्स घटाने को लेकर एक पत्र लिखेंगे. बता दें कि पेट्रोल और डीजल पर राज्य सरकारें 25 से 49 फीसदी तक वैट वसूलती हैं. घरेलू बाजार में पेट्रोल एवं डीजल की बढ़ती कीमतों की वजह से केंद्र सरकार ने बेसिक एक्साइज ड्यूटी में दो रुपये प्रति लीटर की कटौती करने का फैसला किया है नई दरें 4 अक्तूबर, 2017 से लागू हो गई हैं और ब्रांडेड तथा गैर ब्रांडेड दोनों ही उत्पादों के लिए है. इससे दोनों की कीमतों में कमी भी आई है. वित्त मंत्रालय के अनुसार सरकार के इस फैसले से सरकारी खजाने को करीब 26,000 करोड़ रुपये का नुकसान होगा. गौरतलब है कि सरकार ने बहुत दिनों के बाद एक्साइज ड्यूटी कम की है. सरकार के इस फैसले से आम जनता के साथ-साथ तेल कंपनियों को भी राहत पहुंचेगी उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार के तमाम प्रयासों और पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आश्वासन के बावजूद पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार बढ़ते जा रहे थे. रुपये के मुकाबले डॉलर लगातार मजबूत होता जा रहा है. इसके साथ इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल के दाम भी बढ़ते जा रहे हैं. अमेरिका में तूफान इरमा के चलते कच्चे तेल का प्रॉडक्शन बंद है, जिससे कीमतों में इजाफा हुआ है. इसका असर पूरे विश्व में देखने को मिल रहा था
रिजर्व बैंक की मौद्रिक समीक्षा की दो दिवसीय बैठक शुरू होने से पहले, शेयर बाजार में मजबूती का रुख
3 October 2017
मुंबई: देश के शेयर बाजारों में आज कारोबार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई. बंबई शेयर बाजार का संवेदी सूचकांक आज कारोबार के शुरुआती दौर में 332 अंक चढ़कर 31,615.28 अंक पर पहुंच गया. निफ्टी भी सुधरकर 9,800 अंक तक पहुंच गया. पिछले सप्ताहांत शुरू हुई त्यौहारों की छुट्टियों के बाद आज बाजार में कारोबार की शुरुआत नई उम्मीद के साथ हुई. रिजर्व बैंक की द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा को देखते हुये कारोबारियों को नीतिगत दर में कटौती की उम्मीद है. इसी उम्मीद में बाजार में मजबूती का रुख रहा. बंबई शेयर बाजार का संवेदी सूचकांक आज कारोबार की शुरुआत में 331.56 अंक यानी 1.05 प्रतिशत बढ़कर 31,615.28 अंक पर पहुंच गया. आटो, धातु, टिकाऊ उपभोक्ता सामान और रीयल्टी शेयरों में मजबूती का रुख रहा. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 106.80 अंक यानी 1.09 प्रतिशत बढ़कर 9,895.40 अंक पर पहुंच गया रिजर्व बैंक की मौद्रिक समीक्षा की दो दिवसीय बैठक आज शुरू हो रही है. बैठक में नीतिगत दर में कटौती की उम्मीद की जा रही है इससे घरेलू संस्थानों की लिवाली का जोर रहा. ऑटो शेयरों में अच्छा आकर्षण रहा. टाटा मोटर्स का शेयर 4.90 प्रतिशत चढ़ गया. बजाज ऑटो में 1.89 प्रतिशत की मजबूती रही
ओपेक के फैसले के मुताबिक यूएई तेल उत्पादन में करेगा प्रतिदिन 1,39,000 बैरल की कटौती
2 October 2017
नई दिल्ली: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के ऊर्जा मंत्री सुहेल अल-मजरूई ने कहा कि देश नवंबर में तेल उत्पादन में प्रतिदिन के हिसाब से 1,39,000 बैरल की कटौती करेगा. उन्होंने बताया कि यह फैसला पेट्रोलियम निर्यातक देशों (ओपेक) के संगठन के फैसले के अनुरूप लिया गया है. यूएई की सरकारी न्यूज एजेंसी डब्ल्यूएएम के मुताबिक, देश की सरकारी कंपनी अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (एडीएनओसी) ने नवंबर के लिए तेल उत्पादन में कटौती का फैसला किया है. इससे ओपेक द्वारा निर्धारित प्रतिदिन 1,39,000 बैरल की कटौती के प्रति देश की प्रतिबद्धता का पता चलता है. डब्ल्यूएएम ने अल-मजरूई के हवाले से बताया, 'एडीएनओसी की घोषणा के अनुसार, नवंबर में तेल उत्पादन में कटौती की दर 15 फीसदी है.' ओपेक के सदस्यों ने इस साल की शुरुआत में छह महीनों के लिए आधिकारिक तौर पर प्रतिदिन तेल उत्पादन में 18 लाख बैरल की कटौती शुरू कर दी थी. यह कदम तेल बाजारों में स्थिरता बहाल करने के उद्देश्य से किया गया था. इसके बाद मई 2017 में तेल उत्पादन में कटौती को अतिरिक्त नौ महीनों के लिए बढ़ाने पर भी सहमति बनी थी, जो एक जुलाई 2017 से शुरू होकर मार्च 2018 तक प्रभावी रहेगा.
भारत अगले 10 साल में होगा दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था: HSBC
29 September 2017
नई दिल्ली: भले ही कुछ सुधारों के कारण देश की जीडीपी वृद्धि दर प्रभावित हुई हो, लेकिन मध्यम अवधि में संभावना उत्साहजनक दिखायी देती है. वृद्धि प्रवृत्ति को देखते हुए भारत अगले दशक में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन सकता है. एचएसबीसी की एक रिपोर्ट में यह कहा गया है.वैश्विक वित्तीय सेवा कंपनी के अनुसार, हालांकि पिछले साल के कुछ सुधारों से आर्थिक वृद्धि के रास्ते में बाधा उत्पन्न हुई है, जिससे संभवत: अल्पकाल में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर कम हुई है. लेकिन मध्यम अवधि में उन सुधारों से भारत की क्षमता का पूरा उपयोग होना चाहिए. एचएसबीसी ने एक शोध रिपोर्ट में कहा, ‘‘हालांकि आज वैश्विक जीडीपी का केवल 3 प्रतिशत है, लेकिन भारत की वृद्धि की प्रवृत्ति को देखने से लगता है कि यह अगले दशक में जापान और जर्मनी को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा.’’ रिपोर्ट के अनुसार भारत दो दुनिया में फंसा है. एक जहां वृद्धि धीमी है, दूसरे जहां आर्थिक वृद्धि सुधर रही है. एचएसबीसी ने कहा, ‘‘पहला भारत को चालू वित्त वर्ष और अगले वित्त वर्ष (2017-18, 2018-19) में देखा जाएगा. यहां भारत मुख्य क्षेत्रों में कमजोर वृद्धि का सामना कर रहा है.’’ रिपोर्ट के मुताबिक. ‘‘हमारे विचार से दूसरा भारत वित्त वर्ष 2019-20 और उसके बाद दिखेगा. यहां भारत और आकर्षक होगा.’’ इसके आधार पर एचएसबीसी का मानना है कि भारत की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में 6.5प्रतिशत रहेगी जो पिछले वित्त वर्ष 2016-17 के 7.1 प्रतिशत के मुकाबले कम है. वहीं, 2018-19 में इसके 7.0 प्रतिशत रहने का अनुमान है. 2019-20 में यह बढ़कर 7.6 प्रतिशत हो जाएगी. उल्लेखनीय है कि देश की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 5.7 प्रतिशत पर आ गयी जो तीन साल का न्यूनतम स्तर है. इसका मुख्य कारण विनिर्माण क्षेत्र में नरमी के बीच नोटबंदी का प्रभाव है. एचएसबीसी का मानना है कि 2019-20 के बाद मौजूदा सुधारों के कारण उत्पन्न अल्पकालीन बाधाएं दूर हो जाएंगी.
महज 60 सेकेंड में, बिना इंटरनेट इस्तेमाल किए अपना EPF बैलेंस चेक करें, ऐसे
28 September 2017
नई दिल्ली: सैलरी क्लास के लिए पीएफ यानी भविष्य निधि बेहद अहम फंड है. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इसमें जमा पैसे को रिटायरमेंट तक न ही निकाला जाए. वैसे आपके पीएफ अकाउंट में कितने पैसे जमा हैं और यह नियमित रूप से जमा हो रहे या नहीं, जैसी तमाम जानकारियों के लिए आपको कोई लंबी चौड़ी कोशिश करने की जरूरत नहीं है. ईपीएफ चेक करने के लिए दो सबसे आसान से उपाय नीचे पढ़ें.... ..
मिस्ड कॉल देकर.
अपने मोबाइल फोन से भी अपना बैलेंस चेक कर सकते हैं. इसके लिए आपको करना कुछ नहीं है बस एक मिस्ड कॉल दें. 011-22901406 नंबर पर अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से मिस्ड कॉल दें. यह वह फोन नंबर होना चाहिए जो ईपीएफओ में रजिस्टर्ड हो. एक बार मिस कॉल देने के बाद कुछ ही देर में आपके पास एसएमएस आ जाएगा जिसमें बैलेंस लिखा होगा. ..
एसएमएस के जरिए.
ईपीएफओ एसएमएस सेवा के जरिए भी आपको आपके भविष्य निधि खाते में मौजूद राशि के बाबत जानकारी देता है. 07738299899 नंबर पर एसएमएस करिए. वैसे यह सुविधा केवल उन्हीं के लिए है जिन्होंने यूएएन एक्टिवेट करवाया हुआ है. एसएमएस भेजते समय मेसेज बॉक्स में लिखें EPFOHO UAN,इसके आगे जिस भाषा में जानकारी चाहते हैं उसके पहले तीन अक्षर लिखें, उदाहरण के लिए- EPFOHO UAN ENG लिखकर 07738299899 नंबर पर एसएमएस भेजेंगे तो इंग्लिश में जानकारी आ जाएगी. दरअसल यह सेवा अन्य भारतीय भाषाओं में भी उपलब्ध है. इसी के साथ बता दें कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के चार करोड़ से अधिक सदस्य अपने ईपीएफ खाते से बीमारी के इलाज और विकलांगता से निपटने के लिए उपकरण खरीद को लेकर धन निकाल सकते हैं. इसके लिए उन्हें स्वास्थ्य प्रमाणपत्र देने की आवश्यकता नहीं होगी

यशवंत सिन्हा का मोदी सरकार पर वार- गिरती GDP में नोटबंदी ने किया आग में घी का काम
27 September 2017
नई दिल्ली: लगातार गिरती जीडीपी और चरमरा रही अर्थव्यवस्था के कारण मोदी सरकार की मुश्किलें बढ़ रही हैं. विपक्ष तो उन्हें इस मुद्दे पर घेर ही रहा है अब अपनों ने भी आवाज़ उठानी शुरू कर दी है. बीजेपी के बड़े नेता और पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने गिरती अर्थव्यस्था के लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली पर निशाना साधा है. एक अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में सिन्हा ने कहा कि नोटबंदी ने गिरती जीडीपी को और कमजोर करने में अहम भूमिका अदा की. तंज कसते हुए सिन्हा ने कहा कि पीएम मोदी कहते हैं कि उन्होंने गरीबी को काफी करीब से देखा है, अब जिस तरीके से उनके वित्त मंत्री काम कर रहे हैं, उससे ऐसा लगता है कि वे सभी भारतीयों को गरीबी पास से दिखाएं. आज के समय में न ही नौकरी मिल रही है और न ही विकास तेज़ हो रहा है, जिसका सीधा असर इन्वेस्टमेंट और जीडीपी पर पड़ा है.
यशवंत के निशाने पर अरुण जेटली
चुनाव हारने के बाद भी अहम मंत्रालय कैबिनेट में मंत्रियों के नाम तय होने से पहले वित्त मंत्री तय था जनता को करीब से ग़रीबी दिखाएंगे जेटली गिरती जीडीपी में नोटबंदी ने किया आग में घी का काम ठीक से GST लागू न करने से अर्थव्यवस्था को झटका आज न नौकरी मिल रही है, न विकास हो रहा है विदेशी निवेश पर भी फ़ैसलों का असर यशवंत सिन्हा के मुताबिक- सरकार ने जीएसटी को जिस तरह लागू किया उसका भी नकारात्मक असर अर्थव्यवस्था पर पड़ा है. जीडीपी अभी 5.7 फीसदी है, जबकि सरकार ने 2015 में जीडीपी तय करने का तरीका बदला था. अगर पुराने नियमों के हिसाब से देखा जाए तो आज जीडीपी 3.7 फीसदी है अरुण जेटली पर निशाना साधते हुए यशवंत सिन्हा ने कहा कि लोकसभा चुनावों के दौरान अरुण जेटली हार गए थे. चुनाव हारने के बावजूद अहम मंत्रालय दिया गया. कैबिनेट में मंत्रियों के नाम तय होने से पहले वित्त मंत्री तय था.

एशियाई विकास बैंक (ADB) ने घटायी भारत की अनुमानित वृद्धि दर, लेकिन साथ ही कही यह जरूरी बात
26 September 2017
नई दिल्ली: एशियाई विकास बैंक (ADB) ने भारत की ग्रोथ को लेकर अनुमान घटा दिया है हालांकि कुछ ऐसा भी कहा है जिसे राहत की बात कहा जा सकता है. चालू वित्त वर्ष के लिए एशियाई विकास बैंक ने भारत की वृद्धि दर 7% रहने का अनुमान जताया है. पहले उसने यह आंकड़ा 7.4% दिया था. अगले वित्त वर्ष के लिए भी अनुमानित वृद्धि दर का आंकड़ा घटाया गया है. हालांकि इस बहुपक्षीय बैंक ने कहा कि यद्यपि नोटबंदी और नयी माल एवं सेवाकर व्यवस्था को लागू करने से भारत में उपभोक्ता व्यय एवं कारोबारी निवेश पर असर पड़ा है लेकिन इसके बावजूद भारत की स्थिति मजबूत बनी रहेगी. एशियाई विकास बैंक ने अपनी एशियाई विकास परिदृश्य 2017 की अद्यतन रपट में कहा है, ‘वित्त वर्ष 2017-18 में भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर घटकर 7% रहने का अनुमान है. यह अप्रैल के अनुमान से 0.4% कम है. वित्त वर्ष 2018-19 के लिए यह अनुमानित आंकड़ा 7.6% से घटाकर 7.4% किया गया है.’ इसकी रपट में कहा गया है कि ये लघुअवधि के व्यवधान हैं और उम्मीद की जाती है कि मध्यम अवधि में इन पहलों से वृद्धि लाभांश अर्जित होगा. एशियाई विकास बैंक की नवीनतम रपट में विकासशील एशिया में वृद्धि की आशा को बरकरार रखा गया है जोकि वैश्विक व्यापार में सुधार, बड़ी औद्योगिक अर्थव्यवस्थाओं में तेज विस्तार और चीन की संभावनाओं के बेहतर होने का परिणाम है. रपट में कहा गया है कि यह सभी बातें मिलकर पुराने अनुमानों से आगे जाकर 2017 और 2018 में विकासशील एशिया में वृद्धि को आगे बढ़ाएंगे. बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री यासुयुकी सवाडा के अनुसार विकासशील एशिया के लिए वृद्धि परिदृश्य अच्छा दिख रहा है जिसका मुख्य कारण वैश्विक व्यापार का पटरी पर लौटना एवं चीन में फिर मजबूती दिखना है. उन्होंने कहा, ‘विकासशील एशियाई देशों को उत्पादकता बढ़ाने वाले सुधारों को लागू करने के लिए इन लघु अवधि आर्थिक परिदृश्यों का लाभ उठाना चाहिए. सबसे ज्यादा जरुरत वाले बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निवेश करना चाहिए और अपनी दीर्घावधि वृद्धि क्षमताओं को बढ़ाने में मदद के लिए वृहद आर्थिक प्रबंधन का रखरखाव करना चाहिए.’
भारत सरकार बिजनेस शुरू करने के लिए दे रही है 25 लाख का लोन, प्रोजेक्ट शुरू करने में भी दी जाएगी मदद
25 September 2017
नई दिल्ली: अगर आप कोई बिजनेस शुरू करना चाहते हैं लेकिन आपके पास पूंजी नहीं है तो परेशान न हों. भारत सरकार की ओर से चलाई जा रही योजना प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत लोन मिल सकता है. इसके लिए आपको एक प्लान तैयार करना होगा और समझाना होगा कि जो बिजनेस शुरू करना चाहते हैं उसको लिए आपके पास क्या रणनीति है. इस प्लान को तैयार करने में भी भारत सरकार की ओर से मदद की जाएगी. कुछ दिन पहले तक इस योजना के तहत लोन के लिए आवेदनकर्ताओं को अच्छी-खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था लेकिन सरकार ने इसमें कुछ बदलाव किए हैं. अब लोन के लिए अप्लाई करने के बाद इस का स्टेटस भी देख सकते हैं.
मिलते हैं दो तरह के लोन :
इस योजना के तहत दो तरह के लोन दिए जाते हैं. सर्विस सेक्टर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए. अगर आप सर्विस सेक्टर के लिए बिजनेस करना चाहते हैं कि तो आपको 15 लाख रुपए तक का लोन मिलेगा और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए 25 लाख तक का लोन दिया जाता है.
कौन कर सकता है अप्लाई :
स्वयं सहायता समूह, संस्थान से जुड़े लोग, सहकारी समितियां, ट्रस्ट और व्यक्तिगत रूप से अप्लाई कर सकते हैं. क्या हैं नियम : अगर कोई सामान्य वर्ग से है और शहरी इलाके में प्रोजेक्ट लगाना चाहता है तो 15 फीसदी की सब्सिडी और ग्रामीण क्षेत्र के लिए 25 फीसदी सब्सिडी की मार्जिन मिलेगी. इसी तरह एससी/एसटी, अल्पसंख्यक, महिला, पूर्व कर्मचारी, दिव्यांगों और पहाड़ क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए शहर के लिए 25 और ग्रामीण एरिया के लिए 35 फीसदी की सब्सिडी दी जाएगी. आपको बता दें कि सरकार की ओर से केवीआईसी और पीएमईजीपी की वेबसाइट पर कई प्रोजेक्ट के बारे में बताया गया है. इसके आधार पर प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जा सकती है

गूगल 1.1 अरब डॉलर में खरीदेगी HTC का स्मार्टफोन कारोबार, देगी पूरा कैश
22 September 2017
नयी दिल्ली: तकनीकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी गूगल ने ताइवान एचटीसी के साथ उसके स्मार्टफोन कारोबार को 1.1 अरब डॉलर में खरीदने का निर्णय किया है दोनों कंपनियों ने एक बयान में बताया कि समझौते की परिधि में गूगल के पिक्सल स्मार्टफोन के लिए काम करने वाले एचटीसी के कर्मचारी और बौद्धिक संपदा अधिकार शामिल हैं. हालांकि कर्मचारियों की संख्या का खुलासा नहीं किया गया है. बयान में कहा गया है, ‘एचटीसी को इसके लिए गूगल से 1.1 अरब डॉलर की नकद राशि मिलेगी. इसके अलावा गूगल को अलग से एचटीसी के बौद्धिक संपदा अधिकारों के लिए गैर विशिष्ट लाइसेंस मिलेगा.’ इस समझौते से एचटीसी को अपने उत्पाद पोर्टफोलियो को तर्कसंगत बनाने, परिचालन क्षमता को बेहतर करने और वित्तीय लचीलापन मिलेगा बयान के अनुसार पेशेवरों की अनुभवी और योग्य टीम का लाभ लेने के साथ गूगल को अपने पिक्सल स्मार्टफोनों के लिए एचटीसी के बौद्धिक संपदा अधिकारों तक पहुंच बनाने का अधिकार मिलेगा.
नवरात्र के मौके पर पेटीएम मॉल, एमेजॉन, फ्लिपकार्ट दे रहीं भारी डिस्काउंट और कैशबैक, जानें सभी जरूरी बातें
21 September 2017
नई दिल्ली: नवरात्र के मौके पर ऑनलाइन शॉपिंग के दीवानों के लिए देश की जानी मानी ई कॉमर्स कंपनियों ने जबरदस्त सेल पेश की है. पेटीएम मॉल, एमेजॉन और फ्लिपकार्ट जैसे दिग्गज ई कॉमर्स वेंचर कस्टमर्स के लिए न सिर्फ डिस्काउंट लेकर आए हैं बल्कि कैशबैक और एक्सचेंज ऑफर भी लाए हैं. पेटीएम पर 20 से 23 सितंबर तक, फ्लिपकार्ट पर 20 से 24 सितंबर तक, एमेजॉन पर 21 सितंबर से 24 सितंबर तक सेल चलेगी. आइए एक नज़र में जानें इन तीनों दिगग्ज कंपनियों की सेल से जुड़ी खास बातें... ...
पेटीएम पर 'मेरा कैशबैक सेल'
पेटीएम ई कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड के स्वामित्व वाले पेटीएम मॉल ने सोमवार को अपने पहले त्योहारी मौसम में 20 से 23 सितंबर तक चार दिनों के 'मेरा कैशबैक सेल' की घोषणा की है. यह प्लेटफॉर्म हर रोज 25 फोन खरीदारों को 100 प्रतिशत कैशबैक देगा और 200 ग्राहक प्रति दिन 100ग्राम पेटीएम गोल्ड पाएंगे. कंपनी इन चार दिनों की अवधि में 50 लाख से अधिक नए यूजर्स की उम्मीद कर रही है. यह सेल छोटे शहर व कस्बों के ग्राहकों को न्यूनतम कीमत पर ब्रांड उत्पादों की एक विस्तृत रेंज से खरीदारी करने की सुविधा देने में बड़ी भूमिका निभाएगी. ग्राहकों को एप्लाइंसेज, मोबाइल, फैशन उत्पादों में अनोखी कीमतें मिल रही हैं और उनके निकटतम ब्रांड अधिकृत स्टोर या दुकानदारों से उस उत्पाद की विश्वसनीय डिलिवरी भी मिल रही है. वहीं कंपनी की ओर से कहा गया कि हम हर रोज फोन्स और पेटीएम गोल्ड देकर इस उत्साह को बनाए रखेंगे. कंपनी ने एक बयान में कहा था कि इसके तहत ग्राहकों को 501 करोड़ रुपये के सुनिश्चित कैशबैक मिलेंगे, क्योंकि कंपनी एकदम अलग कीमतों पर उत्पादों की एक विस्तृत रेंज देने के लिए ब्रांड अधिकृत स्टोर, बड़े रिटेल स्टोर्स और छोटे दुकानदारों के साथ काम करती है. मेरा कैशबैक सेल में ऐपल, सैमसंग, एलजी, ओप्पो, वीवो, सोनी, एचपी, लेनोवो, जेबीएल, फिलिप्स, प्यूमा, एलेन सॉली, ली, पेपे, लिवाइस, वेरो मोडा, पेपे, किलर, वान ह्यूसेन, एक्शन, वुडलैंड, कैटवॉक, स्केचर्स, रेड टेप, क्रॉक्स, टाइमेक्स, सफारी, लैवी, कैप्रीज, बैगइट समेत कई टॉप ब्रांड्स के प्रॉडक्ट्स मिलेंगे. '...
फ्लिपकार्ट पर 'द बिग बिलियन डेज
जब सभी ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियां कमर कर चुकी हैं त्योहारी मौसम को भुनाने का तो एमेजॉन क्यों पीछे रहती! फ्लिपकार्ट ने 20 सितम्बर से अपने पांच दिवसीय 'द बिग बिलियन डेज' की शुरुआत कर दी है. बिग बिलियन सेल 24 सितंबर तक चलेगी. इस बार मोबाइल, लैपटॉप, कैमरे और टीवी की बिक्री के लिए जबरदस्त ऑफर दे रही है. इस सेल में घर के बाकी सामानों, फैशनेबल कपड़ों, फर्नीचर और ऐक्सेसरीज को भी सेल में शामिल किया गया है. वहीं एसबीआई के डेबिट और क्रेडिट कार्ड धारकों को शॉपिंग के वक्त इनके इस्तेमाल करने पर 10 फीसदी डिस्काउंट भी दिया जा रहा है. कंपनी ने कहा है कि कुछ खास एक्सक्लूसिव प्रॉडक्ट्स पर बिड ऐंड विन का ऑप्शन भी दिया जा रहा है. बजाज फिनसर्व एंड क्रेडिट कार्ड के उपयोग पर नो कॉस्ट ईएमआई का ऑप्शन मिलेगा. फोनपे के जरिए खरीददारी पर 10 फीसदी कैसबैक मिलेगा. यह सुविधा केवल उन्हीं ग्राहकों को मिलेगी जो सामान की कीमत फोनपे के जरिए चुकाएंगे. बीबीडी में कंपनी न केवल बायर्स को बल्कि अपने सेलर्स और अपने कर्मचारियों को भी प्रोत्साहन दे रही है. विक्रेताओं के लिए ‘बिग बोनांजा’ की पेशकश की है. फ्लिपकार्ड फील्डर्स को सेडान और हैचबैक कारें, मोबाइल फोन, टेलीविजन, यात्रा पैकेज इत्याादि तोहफे में दिए जाएंगे. फ्लिपकार्ट केयर टच, स्मार्ट फुलफिलमेंट और एक्सप्रेस प्रोग्राम जैसी पहलें विक्रेताओं को सीधे फायदा पहुंचायेगी और उनके कारोबार को बढ़ाने में मदद करेगी. ..
एमेजॉन पर 'ग्रेट इंडियन फेस्टिवल'.
एमेजॉन ने भी 'ग्रेट इंडियन फेस्टिवल' के तहत विशेष रूप से अपने 'प्राइम' ग्राहकों के लिए 20 सितम्बर दोपहर 12 बजे से सेल शुरू कर दी. एमेजॉन इंडिया के सभी ग्राहकों के लिए त्योहार पर बिक्री 21 सितम्बर से 24 सितम्बर तक चलेगी. कंपनी ने बताया कि पहली बार, ग्रेट इंडियन फेस्टिवल 20 सितम्बर को दोपहर 12 बजे से केवल प्राइम सदस्यों के लिए शुरू हुआ. अमेजन इंडिया स्मार्टफोन, टैबलेट, लैपटॉप, बड़े उपकरण, बेबी उत्पाद, कपड़े और सामान, सौंदर्य उत्पाद, घर और रसोई उत्पाद, फर्नीचर और स्टेशनरी उत्पाद समेत कई कैटिगरीज़ में ऑफर की पेशकश कर रही है ग्रेट इंडिया फेस्टिवल में जिन उत्पादों पर छूट दी जाएगी, उनमें स्मार्टफोन, टैबलेट, लैपटॉप्स, एयर कंडीशनर्स, वाशिंग मशीन्स, रेफ्रिजेटर्स, कपड़े, फैशन एक्सेसरीज, ब्यूटी और मेकअप, पर्सनर केयर, बुक्स, बेबी उत्पाद, खिलौने, जूते, पालतू पशुओं के लिए उत्पाद, खाने पीने वाली चीजों, बागवानी के सामान शामिल हैं. अमेजन ने 11 बैंकों के साथ साझेदारी में ईएमआई स्कीम लांच की है जिसकी अवधि छह महीनों की है. साथ ही बजाज फिनसर्व से भी भागीदारी की है.

SBI Life का IPO आज से खुला, एंकर निवेशकों से जुटाए 2,226 करोड़ रुपये
20 September 2017
नई दिल्ली: एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ बुधवार को खुल गया. आईपीओ के तहत कंपनी ने 10 रुपये अंकित मूल्य के 12 करोड़ शेयरों को बिक्री पेशकश रखी है. इसमें आठ करोड़ रुपये शेयर भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और चार करोड़ शेयर बीएनपी परिबास क्रेडिफ के हैं. एसबीआई लाइफ भारतीय स्टेट बैंक और बीएनपी परिबास क्रेडिफ का संयुक्त उपक्रम है. आईपीओ के लिए कंपनी ने 685-700 रुपये प्रति शेयर कीमत दायरा तय किया है. कंपनी को इससे 8,400 करोड़ रुपये जुटाए जाने की उम्मीद है. यह आईपीओ 22 सितंबर को बंद होगा. इससे पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से 2,226 करोड़ रुपये जुटाए हैं. ब्लैक रॉक, कनाडा पेंशन फंड, सिंगापुर सरकार, अबू धाबी निवेश प्राधिकरण, एचएसबीसी, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, कोटक म्यूचुअल फंड, रिलायंस म्यूचुअल फंड, एक्सिस म्यूचुअल फंड और यूटीआई म्यूचुअल फंड कंपनी के 69 एंकर निवेशकों में शामिल हैं शेयर बाजार को दी जानकारी में कंपनी ने बताया कि 69 एंकर निवेशकों को उसने 3.18 करोड़ शेयर आवंटित किए हैं. इनकी औसत कीमत 700 रुपये प्रति शेयर है. इस प्रकार कंपनी ने 2,226 करोड़ रुपये जुटाए हैं
पेट्रोल के दाम को लेकर घिरी मोदी सरकार, मंत्री बोले- दिवाली तक कम हो जाएंगी कीमतें
19 September 2017
नई दिल्ली: देश में इन दिनों पेट्रोल के दामों को लेकर मोदी सरकार निशाने पर है. दरअसल, पेट्रोल के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं. अब इसे लेकर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा है कि पेट्रोल, डीजल के दाम अगले महीने दिवाली तक नीचे आ सकते हैं. कीमत में दैनिक आधार पर समीक्षा के बाद तेल कीमतों में तीव्र वृद्धि को लेकर विपक्षी दलों की आलोचना के बीच उनकी यह टिप्पणी आई है. सरकार ने हाल ही में ईंधन के दाम की दैनिक आधार पर समीक्षा करने की मंजूरी दी है. थोड़े समय के लिए यहां आए प्रधान ने कहा, ईंधन के दाम दिवाली तक नीचे आ सकते हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका में बाढ़ के कारण तेल उत्पादन 13 प्रतिशत कम होने के कारण रिफाइनरी तेल के दाम मजबूत हुए हैं. तेल कंपनियों के मार्जिन के बारे में पूछे जाने पर प्रधान ने कहा कि उनका संचालन सरकार कर रही है और हर चीज बिल्कुल साफ है. उन्होंने कंपनियों के लिए अधिक मार्जिन से इनकार किया. पेट्रोल और डीजल को माल एवं सेवा कर के दायरे में लाने के बारे में पूछे जाने पर पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि उन्हें इसे जीएसटी के दायरे में लाने की उम्मीद है. इससे ग्राहकों को काफी लाभ होगा. पेट्रोल और डीजल की कीमतें साल 2014 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तीन साल पहले के मुकाबले आधी रह गई हैं, बावजूद इसके देश में पेट्रोल, डीजल की कीमत लगातार बढ़ती जा रही है. मुंबई में तो पेट्रोल के दाम बुधवार को करीब 80 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया. मोदी सरकार के आने के बाद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 53 फीसदी तक कम हो गए हैं, लेकिन पेट्रोल डीजल के दाम घटने की बजाय बेतहाशा बढ़ गए हैं. इसके पीछे असली वजह यह है कि तीन सालों के दौरान सरकार ने पेट्रोल, डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कई गुना बढ़ा दी है.
न्यूनतम बैलेंस शुल्क की समीक्षा कर रहा है भारतीय स्‍टेट बैंक
18 September 2017
मुंबई: सार्वजनिक क्षेत्र के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने कहा कि वह उपभोक्ताओं की प्रक्रिया मिलने के बाद मासिक औसत बैलेंस बरकरार नहीं रखने पर लगने वाले शुल्क की समीक्षा कर रहा है. बैंक के प्रबंध निदेशक (राष्ट्रीय बैंकिंग समूह) रजनीश कुमार ने कहा, ‘‘हमें इस संबंध में उपभोक्ताओं की प्रतिक्रियाएं मिली हैं और हम उनकी समीक्षा कर रहे हैं. बैंक उन्हें ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेगा.’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘हम आंतरिक विमर्श कर रहे हैं कि क्या वरिष्ठ नागरिकों या विद्यार्थियों जैसे उपभोक्ताओं की कुछ निश्चित श्रेणी के लिए शुल्क में सुधार की जानी चाहिए या नहीं. ये शुल्क कभी भी पत्थर की लकीर नहीं होते हैं.’’ एसबीआई ने पांच साल के अंतराल के बाद इस साल अप्रैल में मासिक औसत बैलेंस बरकरार नहीं रखने पर शुल्क को फिर से लागू किया था. इसके तहत खाते में मासिक औसत नहीं रख पाने पर 100 रुपये तक के शुल्क और माल एवं सेवा कर (जीएसटी) का प्रावधान किया गया था. शहरी इलाकों में मासिक औसत बैलेंस पांच हजार रुपये तय किया गया था. इसके 50 प्रतिशत कम हो जाने पर 50 रुपये और जीएसटी का तथा 75 प्रतिशत कम हो जाने पर 100 रुपये और जीएसटी का प्रावधान था. ग्रामीण इलाकों के लिए मासिक औसत बैलेंस 1000 रुपये तय किया गया था तथा इससे बरकरार नहीं रखने पर 20 से 50 रुपये और जीएसटी का प्रावधान किया गया था. कुमार ने कहा कि बैंक के पास 40 करोड़ से अधिक बचत खाते हैं. इनमें से 13 करोड़ बैंक खाते बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट या प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत हैं. इन दोनों खातों को मासिक औसत बैलेंस की शर्त से बाहर रखा गया था. उन्होंने कहा कि शेष 27 करोड़ खाताधारकों का 15-20 प्रतिशत मासिक औसत बैलेंस मेंटेन नहीं करते हैं. बैंक ने मई महीने के लिए मासिक औसत बैलेंस की शर्त को लेकर 235 करोड़ रुपये का शुल्क वसूला था.
नीतियों को अपनी ओर झुकाने के लिए तथ्यों की गलत जानकारी दे रही है एयरटेल : जियो
15 September 2017
नई दिल्‍ली: रिलायंस जियो और भारती एयरटेल के बीच वाकयुद्ध तेज हो गया है. जियो ने गुरुवार को एयरटेल के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह मोबाइल इंटरकनेक्शन शुल्क के मामले में उपभोक्ताओं की कीमत पर नीति का झुकाव अपनी ओर करने का प्रयास कर रही है. मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली कंपनी ने भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) को पत्र भेजा है. इसमें आरोप लगाया गया है कि एयरटेल हमेशा से किसी तरह की प्रतिस्पर्धा का विरोध करती रही है. चाहे वह एमटीएनएल की मोबाइल सेवाओं का मामला हो या मूल आपरेटर द्वारा डब्ल्यूएलएल सेवाओं का मामला या फिर जियो को पर्याप्त नेटवर्क इंटरकनेक्शन पॉइंट देने का मामला हो. अब वह नई प्रतिस्पर्धा को रोकने के लिए आईयूसी के इस्तेमाल का प्रयास कर रही है. जियो ने एयरटेल के कारोबार में 79,000 करोड़ रुपये के आंतरिक निवेश के दावे को भी खारिज कर दिया. जियो ने आरोप लगाया कि एयरटेल ने पिछले कई बरसों में आंशिक रूप से नया इक्विटी निवेश किया है जबकि उसे कहीं ऊंचा निवेश करने की जरूरत थी.
देश का दूसरा सबसे बड़ा पेमेंट बैंक होगा 'इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक', क्या होगा फायदा, जानें शर्ते
14 September 2017
नई दिल्ली: भारतीय डाक विभाग का इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (आईपीपीबी) देश के सभी 1.55 लाख डाकघरों पर भुगतान बैंक की सुविधा देगा और वित्तीय सेवाओं की पेशकश करेगा. प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह बैंक एक व्यक्ति या एक कारोबार इकाई से केवल एक लाख रुपये तक की जमा राशि स्वीकार कर सकता है. बैंक छोटी राशि को जमा करेगा और उसे ट्रांसफर भी करेगा. बैंक इंटरनेट सेवाएं और कुछ विशेष सेवाएं भी दे सकता है. वर्ष 2018 के अंत तक उसके सभी तीन लाख कर्मचारी यह सेवा देने लगेंगे जिसके बाद पहुंच के मामले में यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा भुगतान बैंक होगा. वित्तीय समावेशन पर संयुक्त राष्ट्र संघ के एक कार्यक्रम में यहां आईपीपीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ए. पी. सिंह ने कहा कि मार्च 2018 तक हमारा पोस्ट बैंक देश के हर जिले में होगा और वर्ष 2018 के अंत से पहले देश के सभी 1.55 लाख डाकघर, सभी डाकिए और ग्रामीण डाक सेवकों के पास इस सेवा की सुविधा देने वाले उपकरण मौजूद होंगे. इस साल जनवरी की शुरुआत में निजी क्षेत्र की कंपनी भारती एयरटेल ने एयरटेल पेमें