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:: राजनीति ::

 





Jaipur Literature Festival: वसुंधरा राजे ने कहा, सरकार बदलते ही पिछले फैसले बदलना गलत परंपरा.

29 January 2019
जयपुर। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का कहना है कि सरकार बदलते ही पिछली सरकार के फैसलों को बदलना गलत परंपरा है। होना यह चाहिए कि हम पिछली सरकार के अच्छे फैसलों को आगे बढ़ाएं। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में राजे ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की किताब डिल्यूजनल पॉलिटिक्स का विमोचन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने राजस्थान में पर्यटन को बढ़ाने के लिए किलों और हवेलियों से आगे बढ़ते हुए 'जाने क्या दिख जाए' का कैंपेन शुरू किया था। नई सरकार ने आते ही उसे फिर से पधारो म्हारे देस कर दिया। राजे ने कहा कि पधारो म्हारे देस तो हमारी विरासत है ही। हमें उससे आगे बढ़कर सोचना चाहिए। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सही ढंग से सोचने वाली कोई भी सरकार नफरत की राजनीति को प्रोत्साहित नहीं कर सकती। केंद्रीय मंत्री पुरी ने कहा कि हमारी सरकार ने पिछली सरकारों के आधार कार्ड और जीएसटी जैसे निर्णयों को आगे बढ़ाया है और यह हर सरकार को करना चाहिए। अपनी किताब के बारे में उन्होंने कहा कि यह किताब दुनियाभर की सरकारों और नेताओं के उन निर्णयों के बारे में है, जिसके बारे में उन्हें पता था कि सही साबित नहीं होंगे, लेकिन फिर भी किए गए। इससे बहुत बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए। वहीं नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने कहा कि हमें वैश्विक बाजार में खप सकने वाला उत्पादन करने पर जोर देना चाहिए।

जींद के उपचुनाव में चौतरफा लड़ाई में फंसे रणदीप सुरजेवाला.

28 January 2019
हरियाणा की जींद और राजस्थान के रामगढ़ में आज उपचुनाव हो रहे हैं. ये दोनों उपचुनाव कई कारणों से काफी महत्वपूर्ण हो गए हैं. खासकर राजस्थान की रामगढ़ सीट पर सबकी निगाहें हैं. वजह कई हैं. भरतपुर जिले में बहुजन समाज पार्टी ने विधान सभा चुनाव में अच्छा प्रर्दशन किया है. इस इलाके की 6 में से 5 सीटों पर कब्जा किए हुए है. यहीं पर रामगढ का उपचुनाव दिलचस्प हो जाता है क्योंकि रामगढ से बीएसपी के उम्मीदवार हैं जगत सिंह, जो नटवर सिंह के बेटे हैं. जगत सिंह को कई पार्टियों में रहने का अनुभव है. वे कांग्रेस,बीजेपी से होते हुए अब बीएसपी में आए हैं. वैसे इस सीट पर चुनाव भी बीसपी के ही उम्मीदवार लक्ष्मण सिंह मृत्यु की वजह से ही हो रहा है. रामगढ़ का महत्व इसलिए भी है कि यह वही जगह है जहां कथित तौर पर गौरक्षकों ने रकबर को पीट पीट कर मार डाला था. उसके बाद बीजेपी ने अपने विधायक ज्ञानदेव आहूजा का टिकट काट दिया था, लेकिन बीजेपी अभी भी ये चुनाव हिंदुत्व के मुद्दे पर ही लड़ रही है. खैर, बसपा ने यहां से जगत सिंह को टिकट दे कर एक दांव खेला है. उसे पता है कि उनका वोट प्रतिशत इन इलाकों में बढा है और वो यह भी जानते हैं कि कांग्रेस सरकार को पूर्ण बहुमत नहीं है. ऐसी स्थिति में बसपा अपने चंद विधायकों के साथ राजस्थान में निर्णायक स्थिति में रहना चाहती है. जगत सिंह के लिए 90 साल के पूर्व केन्द्रीय मंत्री नटवर सिंह वोट मांग रहे हैं और लोगों से कह रहे कि उनकी तो उम्र हो गई अब लोग उनके बेटे को जीता कर विधानसभा भेज दें. वहीं कांग्रेस ने भी एड़ी चोटी का जोर लगा रही है. उसे लगता है कि यह सीट किसी भी हाल में जीतनी है क्योंकि कांग्रेस यदि यह सीट जीतती है तो वह 200 की विधानसभा में 100 के जादुई आंकडे तक पहंच जाएगी और चैन की सांस ले सकती है. कांग्रेस को लगता है कि राजस्थान में सरकार होने का उन्हें फायदा मिलेगा. दूसरा, उपचुनाव जींद में हो रहा है जहां कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला जो कैथल से भी विधायक हैं लोग उनसे यही पूछ रहे हैं कि विधायक होते हुए भी वे क्यों ये चुनाव लड रहे हैं. मगर इस चुनाव को दिलचस्प बनाया है चौटाला बंधुओं ने. जी हां... यहां से अजय चौटाला के छोटे बेटे दिग्विजय चौटाला जननायक जनता पार्टी से चुनाव मैदान में हैं. जबकि उनके खिलाफ चौटाला के दूसरे बेटे अभय चौटाला ने उमेद सिंह रेडू को इनलो से मैदान में उतारा है. टक्कर दोनों चौटालों के बीच है, जिनकी ये राजनैतिक लडाई अब निजी बन गई है खासकर तब जब ओमप्रकाश चौटाला की पत्नी ने यह बयान दे दिया कि उनके गुजरने के बाद दुष्यंत और दिग्विजय दोनों भाईयों में से किसी को उनकी अंतिम यात्रा में शामिल नहीं होने दिया जाए. चुनाव के दौरान उनके इस बयान पर लोगों में अलग अलग तरह की प्रतिक्रिया हो रही है. इस सब के बीच बीजेपी के कृष्णा मिड्डा जिनके पिता दो बार से इनेलो के विधायक रह चुके हैं और जिनके गुजरने पर यहां उपचुनाव हो रहे हैं इस बार पाला बदल कर बीजेपी का दामन थाम लिया है. यानि रणदीप यहां चौतरफा लड़ाई में फंसे हैं और जींद का उपचुनाव भी मजेदार रंग ले चुका है. जींद और रामगढ़ में आज वोटिंग हो रही है और 31 जनवरी को वोटों की गिनती होगी.