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निगम मण्डल मिरर
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इंदौर नगर निगम द्वारा जारी बॉण्ड को मिला निवेशकों का शानदार रेस्पांश
28 Jun 2018
आज इंदौर नगर निगम द्वारा एक नया इतिहास रचते हुए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफार्म पर जारी 170 करोड़ रूपये के बॉण्ड के निवेश में ग्राहकों द्वारा कॉफी रूचि दर्ज की गई। पहले दिन ही निगम के 215 करोड़ रूपये के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिसमे बॉण्ड का कट ऑफ रेट 9.25 प्रतिशत रहा। प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी अमृत योजना के क्रियान्वयन के लिये यह बॉण्ड जारी किया गया था। नगर निगम इंदौर केन्द्र शासन की योजना के क्रियान्वयन के लिये बॉण्ड जारी करने वाला देश का तृतीय एवं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध होने वाला प्रथम नगर निगम होगा। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के कुशल नेतृत्व में शहर विकास योजनाओं में आमजन की आर्थिक भागीदारी दर्ज कराने के लिए नगर निगम की टीम द्वारा प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी अमृत योजना के क्रियान्वयन के लिये निगम के वित्तीय अंशदान के लिये बॉण्ड जारी किये गये। उल्लेखनीय है कि नगर निगम इंदौर को 2 रेटिंग एजेंसियो द्वारा ‘‘एए‘‘ रेटिंग प्रदान की गई है, जो कि नियमित ब्याज एवं मूल राशि के भुगतान को सुनिश्चित करती है। इस बॉण्ड के जारी करने से नगर निगम द्वारा अमृत योजना को सुचारू रूप से क्रियान्वित किया जा सकेगा। शहरी विकास मंत्रालय द्वारा बॉण्ड के माध्यम से राशि एकत्रित करने पर प्रत्येक 100 करोड़ रूपये पर 13 करोड़ रूपये की प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। तदनुसार निगम पर बॉण्ड का भार लगभग 2 प्रतिशत से और कम हो जाएगा। केन्द्रीय सरकार बॉण्ड के माध्यम से देश के शहरी विकास में जन-भागीदारी सुनिश्चित करना चाह रही है। साथ ही नगर निगम इंदौर ने केन्द्र एवं राज्य सरकार की मंशानुरूप शीघ्रता से यह कदम उठा कर एक बार फिर अपनी विशिष्ट कार्यशैली की छाप कायम की है। नगर निगम इंदौर की महापौर श्रीमती मालिनी गौड और आयुक्त श्री आशीष सिंह ने बताया कि इस बॉण्ड को जारी करने के लिये एसपीए केपिटल को ट्रांजेक्शन एडवायजर नियुक्त किया गया था। निगम के बॉण्ड जारी करने में अपर आयुक्त वित्त श्री वीरभद्र शर्मा और टीम की महती भूमिका रही है।
निगमायुक्त लवानिया ने संभाली जिम्मेदारी, स्मार्ट सिटी व अमृत योजना के कामों पर ज्यादा फोकस
25 May 2018
भोपाल.नगर निगम के नवनियुक्त आयुक्त अविनाश लवानिया ने शुक्रवार को पदभार ग्रहण कर लिया। लवानिया ने कहा कि स्मार्ट सिटी और प्रोजेक्ट अमृत सहित केंद्र सरकार की अन्य योजनाओं का क्रियान्वयन उनकी प्राथमिकता में शामिल होगा। शहर की प्राथमिकता ही उनकी प्राथमिकता लवानिया ने कहा कि वे निगम के कामकाज की जानकारी लेकर समझने की कोशिश करेंगे कि शहर की प्राथमिकता क्या है। शहर की प्राथमिकता ही उनकी प्राथमिकता होगी। नगर निगम की वित्तीय स्थिति के बारे में पूछे जाने पर लवानिया ने कहा कि वे समीक्षा करेंगे। लवानिया शनिवार को शहर की जलप्रदाय स्थिति की भी समीक्षा करेंगे।लवानिया ने देर शाम माता मंदिर स्थित निगम मुख्यालय में पदभार ग्रहण किया। इसके बाद वे स्मार्ट सिटी के दफ्तर भी गए और वहां आईसीसीसी और आईटीएमएस की कार्यप्रणाली को समझा। आयुक्त ने अधिकारियों से परिचय के बाद निगम निर्माणाधीन प्रोजेक्ट और योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। 2009 बैच के आईएएस अधिकारी लवानिया इसके पहले होशंगाबाद जिले के कलेक्टर थे। वे उज्जैन नगर निगम आयुक्त और सिंहस्थ मेला अधिकारी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
मध्य क्षेत्र विद्युत कंपनी द्वारा ‘‘डिमांड साइड मैनेजमेंट एंड इनर्जी इफिशियंशी‘‘ विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला आयोजित उपभोक्ताओं के विश्वास में बढ़ोत्तरी हुई है : डॉ. संजय गोयल
23 May 2018
भोपाल 23 मई। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोयल ने कहा है कि राज्य में आबादी को 24 घंटे और कृषि क्षेत्र में 10 घंटे विद्युत आपूर्ति करने के अभियान की सफलता से उपभोक्ताओं के विश्वास में बढ़ोत्तरी हुई है और उनकी अपेक्षाओं में भी इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि जहॉं एक ओर विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति उपभोक्ताओं को मुहैया कराना है वहीं दूसरी ओर उपभोक्ता सेवाओं में निरन्तर सुधार की जरूरत है। डॉ. संजय गोयल बुधवार को पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन ट्रेनिंग सेन्टर (पीडीटीसी) के सभागार में ‘‘डिमांड साइड मैनेजमेंट एंड इनर्जी इफिशियंशी‘‘ विषय पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर कंपनी के निदेशक (तकनीकी) श्री आर.एस.श्रीवास्तव, निदेशक (पीडीटीसी) श्री आर.के.मिश्रा, मुख्य वित्त अधिकारी डॉ. राजीव सक्सेना, मुख्य महाप्रबंधक (शहरी परियोजना) श्री राजू डेहरिया, मुख्य महाप्रबंधक (वाणिज्य) श्रीमती स्वाति सिंह, मुख्य महाप्रबंधक (क्रय) श्री एम.एस.अत्रै एवं मुख्य महाप्रबंधक (ग्रामीण परियोजना) सुश्री मनीषा मेश्राम, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, ऊर्जा प्रबंधन, म.प्र.ऊर्जा विकास निगम श्री सुरेन्द्र वाजपेयी सहित बड़ी संख्या में अधिकारी उपस्थित थे। इस तीन दिवसीय कार्यशाला में डिमांड साइड मैनेजमेंट, ऊर्जा दक्षता की दिशा में वितरण कंपनी के अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में लोड मैनेजमेंट, ऊर्जा संरक्षण, डिमांड साइड मैनेजमेंट का एक्शन प्लान और राज्य में डिमांड साइड मैनेजमेंट गतिविधियों के बारे में जानकारी दी जाएगी। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोयल ने इस अवसर पर कहा कि वितरण कंपनी के अधिकारी उपभोक्ता के साथ सीधे संपर्क में रहते हैं। इसलिए डिमांड साइड मैनेजमेंट के संबंध में बेहतर जानकारी के आधार पर प्रभावी एक्शन प्लान बना सकते हैं। उन्होंने आगे आने वाले वर्षों में वितरण नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण को देखते हुए एक्शन प्लान बनाने की व्यवस्था पर जोर दिया। इस अवसर पर आईसीएफ कंपनी के श्री मृणाल भास्कर एवं सुश्री प्रियंगना ने आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम का संचालन महाप्रबंधक (पीडीटीसी) श्री बी.एस.खनूजा ने किया किया।
जिला अध्यक्ष, विधायक श्री सुरेन्द्र नाथ सिंह ने किया प्रधानमंत्री आवास योजना का निरीक्षण
1 April 2018
भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष, विधायक श्री सुरेन्द्रनाथ सिंह ने आज 12 नं. बस स्टाॅप स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आये मंदिर विस्थापन विवाद पर विधायक जी ने तत्काल एसडीएम एवं नगरनिगम के संबंधित अधिकारियों को मौके पर बुलाकर तुरंत निराकरण करने के लिए आग्रह किया। निर्माण कार्य कर रही कंपनी को तत्काल उचित स्थान तय कर मंदिर निर्माण करने के बाद ही मंदिर विस्थापन करने के लिए निर्देशित किया। निरीक्षण के दौरान जिला अध्यक्ष जी के साथ एसडीएम श्री संजय श्रीवास्तव, तहसीलदार एमपीनगर, टीआई श्री चैहान, क्षेत्रीय पार्षद श्रीमती सुषमा बबीसा, जोन अध्यक्ष बाबूलाल यादव, नगरनिगम के संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
नगरीय विकास विभाग ने आनलाइन किए 4330 मॉडल नक्शे: मंत्री श्रीमती माया सिंह
27 February 2018
राज्य शासन की ई-गवर्नेस की अवधारणा के तहत नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा आमजन की मकान निर्माण मंजूरी प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। विभाग द्वारा सभी 14 नगरनिगम में आटोमेटिव विल्डिंग प्लान एप्रुवल सिस्टम (ABPAS) विकसित किया गया है। इस सिस्टम पर 4330 मॉडल नक्शे अपलोड भी कर दिए गये हैं। आवेदक उन नक्शों में से अपने प्लाट के आकार के अनुसार नक्शे का स्वयं चयन कर सकते हैं। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया है शीघ्र ही प्रदेश के सभी नगरीय निकाय में यह व्यवस्था लागू की जाएगी। उन्होंने बताया कि नगरीय निकायों की कार्य प्रणाली में सुधार लाने के लिये वर्ष 2013-14 से 'शहरी सुधार कार्यक्रम'' लागू किया गया है। नगरीय निकायों की कार्य प्रणाली में पारदर्शिता के लिये ई-नगर पालिका परियोजना प्रारंभ की गई है। इस व्यवस्था से सभी नगरीय निकायों को जोड़ा जा चुका है। नागरिक सेवाओं को ऑनलाइन किया गया है। नागरिक अब मोबाइल एप के द्वारा इन सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इसी प्रकार नागरिक निकायों को पेमेन्ट गेटवे से भी जोड़ा गया है। अब नागरिक अपने घर पर बैठकर ही सभी सेवाओं में आनलाइन भुगतान आसानी से कर सकते हैं। मंत्री श्रीमती सिंह ने बताया कि नगर निगम स्तर पर भवन अनुज्ञा प्रक्रिया को भी आनलाइन कर सुगम बनाया गया है। आनलाइन प्रक्रिया में आवेदक को विभाग द्वारा पूर्व से मान्य 4330 नक्शे भी उपलबध कराये गये हैं। नक्शे का प्लाट के साइज के अनुसार चयन करने की सुविधा है। नगरीय निकाय के डिमांड नोट के अनुसार आवेदक द्वारा फीस जमाकर करने पर रसीद मिलते ही नक्शा स्वीकृति माना जाएगा।
प्रदेश में बना स्वच्छता की स्वस्थ प्रतियोगिता का वातावरण
25 February 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जीवन वही है, जो दूसरों के लिये जिया जाये। ऐसे प्रामाणिक जीवन का सबसे अच्छा मापदण्ड स्वच्छता है। स्वच्छता में ईश्वर, स्वास्थ्य, सुंदरता, आनंद और प्रसन्नता है। उन्होंने आव्हान किया कि स्वच्छता सर्वेक्षण में नम्बर वन बनाने के लिये नागरिकों का योगदान भी नम्बर वन का होना चाहिये। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज पॉलिटेक्निक चौराहा पर नगर निगम द्वारा आयोजित चाय पर चर्चा कार्यक्रम में नागरिकों से रू-ब-रू हुए। श्री चौहान ने पॉलिटेक्निक चौराहे पर झाडू लगाकर स्वच्छता अभियान में श्रमदान किया। श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में स्वच्छता की स्वस्थ प्रतियोगिता का वातावरण निर्मित हुआ है। प्रदेश के महानगरों और नगरों में कड़ी प्रतिस्पर्धा हो रही है। अच्छे कार्य के लिये प्रतियोगिता सार्थक और सुखद है। आस-पास का परिवेश, वातावरण, संस्थान स्वच्छ हो। यह अकेले नगर निगम, सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। यह हम सबका परम कर्त्तव्य है। नागरिकों के सहकार से ही स्वच्छता सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छता अभियान से स्वच्छता जागरूकता आई है। पिछले वर्ष स्वच्छता सर्वेक्षण में चयनित सौ शहरों में मध्यप्रदेश के 22 नगर थे। पहला स्थान इंदौर का और दूसरा भोपाल का था। स्वच्छता अभियान से नया वातावरण निर्मित हुआ है। लोग इधर-उधर कूड़ा फेंकने में संकोच करने लगे हैं। कहीं भी कूड़ा फेंकने के बजाय उसे रखकर बाद में सही स्थान पर फेंकते हैं। जिम्मेदारी का यह भाव अत्यंत सुखद है। उन्होंने स्वच्छता अभियान में भोपाल के नागरिकों का उत्साह और जुड़ाव की सराहना करते हुए महापौर श्री आलोक शर्मा को बधाई दी। महापौर श्री आलोक शर्मा ने कहा कि नगर निगम स्वच्छ, सुंदर और विकसित भोपाल बनाने, संकल्पित है। स्वच्छता का अभियान तेजी से जन अभियान बन रहा है। नगर के सभी प्रमुख चौराहों पर विभिन्न वर्गों और व्यावसायिक लोग स्वच्छता संकल्प को प्रदर्शित करने के लिये श्रमदान कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पॉलिटेक्निक चौराहा पर नर्सिंग होम एसोसियेशन के सदस्य चिकित्सकों द्वारा श्रमदान किया जा रहा है। इसी तरह एडव्होकेट आदि भी अन्य चौराहों पर श्रमदान कर रहे हैं। कार्यक्रम के प्रारंभ में बालिकाओं ने स्वागत गीत की प्रस्तुति दी। फिल्म शोले के रूपांतरित प्रसंगों के द्वारा स्वच्छता संदेशों पर आधारित नाटिका का मंचन हुआ। नगर निगम आयुक्त श्रीमती प्रियंका दास, नर्सिंग होम एसोसियेशन के सदस्य, नागरिक और स्कूली बच्चों ने उपस्थित होकर श्रमदान किया।
एक्सक्युसिव इंटरव्यू : डॉ० सुरजीत सिंह चौहान , अध्यक्ष नगर निगम भोपाल
8 February 2018
भोपाल नगर निगम के युवा ,उत्साही और जनप्रिय अध्यक्ष डॉ० सुरजीत सिंह चौहान से मेट्रो मिरर के प्रधान सम्पादक श्री शिव हर्ष सुहालका ने उनके निवास पर विशेष साक्षात्कार लिया ,पेश है उनसे हुई बातचीत :

मेट्रोमिरर--नगर निगम की प्रमुख उपलब्धिया क्या है ?

डॉ० सुरजीत सिंह चौहान--स्मार्ट सिटी,नर्मदा जल से पानी की समस्या से छुटकारा ,राजा भोज सेतू ,भानपुर खंती अब प्रदूषण नहीं होगा।

मेट्रोमिरर-- भोपाल को स्मार्ट सिटी बनाने मे क्या अडचने आ रही है ,इनका समाधान केसे होगा ?

डॉ० सुरजीत सिंह चौहान-- कोई भी अड़चन नहीं आ रही है , 2018 मे स्मार्ट सिटी आकार लेने लगेगी ,काम दिखेगा ।

मेट्रोमिरर-- स्वच्छता मे भोपाल नं॰ 1 या 2 बना रहे इसके लिए क्या रणनीति बनाई गई है ?

डॉ० सुरजीत सिंह चौहान --कही भी कचरे के ढेर दिखाई नहीं दे इसके लिए बड़े कचरा घर बनाये है । गीला और सूखा कचरा उठाने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गये है। स्थानीय एनजीओ ,डॉक्टर्स के संगठन ,नुक्कड़ नाटक और समाज के विभिन्न वर्गो का सहयोग मिल रहा है ।आशा है इस बार हम नं 1 का खिताब जीतेंगे ।

मेट्रोमिरर--भानपुर खंती मे आग लगने के बाद भोपाल के पर्यावरण को सुरक्षित रखने हेतु क्या कदम उठाये गये है ?

डॉ० सुरजीत सिंह चौहान-- षड्यंत्र हुआ है ,अब दोबारा कोई हादसा न हो इसके पुख्ता इंतजाम किये गये है । नगर निगम भोपाल के पर्यावरण को सुरक्षित रखने हेतु हमेशा सजग रहता हे ।

मेट्रोमिरर-- अक्सर मीडिया मे नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियो मे व्याप्त भष्टाचार और काम के प्रति लापरवाही के बारे मे आता रहता है ऐसा क्यो होता है ? ईमानदारी और पारदर्शिता से सभी वर्गो का काम हो इसके लिए क्या कदम उढ़ाये गये है ?

डॉ० सुरजीत सिंह चौहान-- भाजपा सरकार आने के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली मे काफी बदलाव किये गये है । हमेशा मुख्यमंत्री ,मेयर और कमिश्नर सभी के यही प्रयास रहते है कि ईमानदारी और पारदर्शिता से जनता के सभी काम आसानी से हो | नगर निगम समय समय पर भ्रष्ट और लापरवाह अधिकारियों को निलंबित करता रहा है ।

मेट्रोमिरर--शहर मे अतिक्रमण कि शिकायतों के निपटन काफी समय लगता है ,क्या अतिक्रमण अमले को और शसक्त बनाया जाएगा ?

डॉ० सुरजीत सिंह चौहान--ऐसा नहीं है, हमारा अतिक्रमण अमला शसक्त है अतिक्रमण के मामले काफी होते है ,लेकिन हम कोशिश करते है कि शीघ्र निपटान किया जाये और इसमे कोई भेदभाव या पूर्वाग्रह से काम न हो |

मेट्रोमिरर-- आपके बचपन ,शिक्षा और शौक़ के बारे मे बताइये ?

डॉ० सुरजीत सिंह चौहान-- मैने बी॰ कॉम ॰ ,एल॰ एल ॰ बी ,पी एच डी किया है मेरी जन्म और कर्मस्थली भोपाल ही है समाज सेवा ही मेरा मुख्य शौक़ है ।

मेट्रोमिरर-- आप मीडिया से क्या सहयोग चाहते है ?

डॉ० सुरजीत सिंह चौहान --हमारे विकास के कार्यो को जन-जन तक पहुचाने मे मीडिया का अहम रोल है। आशा है मीडिया का सहयोग हमेशा रहेगा ।


31 दिसम्बर, 2016 तक की अवैध कॉलोनियों का नियमितीकरण किया जायेगा
6 February 2018
प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में 31 दिसम्बर, 2016 के पूर्व तक बसी हुई अवैध कॉलोनियों को वैध किया जायेगा, इनमें न्यूनतम बसाहट 10 प्रतिशत होना चाहिये। इस संशोधन के बाद सभी 378 नगरीय निकायों की 4 हजार 759 अवैध कॉलोनियों को वैध करने की प्रक्रिया प्रारंभ हो सकेगी। यह जानकारी मंत्री श्रीमती माया सिंह की अध्यक्षता में कॉलोनियों के नियमितीकरण और उसके वित्तीय प्रबंधन स्थिति की समीक्षा बैठक में दी गई। श्रीमती माया सिंह ने कहा कि अवैध कॉलोनियों के रहवासियों की समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए अवैध कॉलोनियों के विनियमितीकरण के सरलीकरण नियमों में संशोधन किया गया है। इसके लिये निकाय स्तर पर सर्वे कर प्रस्ताव भी मंगवा लिये गये हैं। श्रीमती सिंह ने निर्देश दिये कि अगले 15 दिन में नियमितीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ की जाये। इसके लिये कॉलोनियों में शिविर लगाकर लोगों को योजना और उनके अंशदान के विषय में बतलाया जाये। उन्होंने कहा कि 31 दिसम्बर, 2016 से पूर्व तक बसी ऐसी कॉलोनी, जिनमें कम से कम 10 प्रतिशत बसाहट हो, उसमें 70 प्रतिशत रहवासी निम्न आय वर्ग के होंगे, तो विकास व्यय की मात्र 20 प्रतिशत राशि रहवासियों से ली जाएगी। शेष 80 प्रतिशत राशि स्थानीय निकाय और राज्य सरकार द्वारा वहन की जायेगी। इसके अतिरिक्त अन्य कॉलोनियों में आधी-आधी राशि रहवासियों और नगरीय निकाय एवं राज्य शासन द्वारा वहन की जायेगी। मंत्री श्रीमती माया सिंह ने बताया कि रहवासियों की मदद के लिये राज्य सरकार द्वारा जन-भागीदारी की राशि में सांसद और विधायक निधि द्वारा दी गयी राशि को भी सम्मिलित किया जा सकता है। इसके साथ ही रहवासियों से जल, विद्युत एवं मल-निकासी के कार्यों की लागत नहीं ली जायेगी। प्रदेश में इंदौर संभाग अंतर्गत 1200, उज्जैन संभाग 511, जबलपुर संभाग 644, ग्वालियर संभाग 1011, सागर संभाग 341, रीवा संभाग 282 और भोपाल संभाग अंतर्गत आने वाले नगरीय निकायों में 770 अवैध कॉलोनियाँ चिन्हित की गई हैं। इन कॉलोनियों के रहवासी सरकार के इस निर्णय से लाभान्वित होंगे
 
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