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FIFA: ठुकराई सुआरेज की अपील,नहीं हटेगा बैन
11 July 2014
ज्यूरिख। फुटबॉल की विश्व नियामक संस्था फीफा की याचिका समिति ने उरुग्वे के विवादित स्ट्राइकर लुइस सुआरेज और उरुग्वे फुटबॉल संघ द्वारा सुआरेज पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ दाखिल याचिका को खारिज कर दिया। फीफा की याचिका समिति ने अनुशासन समिति द्वारा सुआरेज पर लगाए प्रतिबंधों को भी बरकरार रखा है।
गौरतलब है कि ब्राजील में जारी फीफा विश्व कप-2014 के एक ग्रुप मैच के दौरान इटली के खिलाड़ी जॉर्जियो चिलीनी को दांत काटने का दोषी पाए जाने पर फीफा ने सुआरेज पर नौ मैच और चार महीने के लिए फुटबॉल की किसी भी गतिविधि में हिस्सा लेने से प्रतिबंधित कर दिया है।
सुआरेज और उरुग्वे खेल संघ के पास हालांकि अभी खेल पंचाट न्यायालय में याचिका दायर करने का विकल्प मौजूद है। फीफा ने गुरुवार को एक वक्तव्य जारी कर कहा कि फीफा की याचिका समिति ने सुआरेज और उरुग्वे फुटबॉल संघ द्वारा दायर याचिकाओं को खारिज करने का निर्णय लिया है, और फीफा की अनुशासन समिति द्वारा 25 जून, 2014 को दिए गए फैसले को बरकरार रखने का फैसला किया है।

खेल बजट में बढ़ोतरी का पूरा फायदा नहीं उठा सकेंगे खिलाड़ी
11 July 2014
नई दिल्ली। भारतीय खेल जगत को लगता है कि एशियाई खेलों की तैयारियों के लिये घोषित किये बजट में 100 करोड़ रूपये की वृद्धि का पूरा फायदा नहीं उठा सकेंगे.
राष्ट्रमंडल खेलों के लिये अभ्यास में जुटे खिलाड़ी 23 जुलाई से तीन अगस्त तक चलने वाले इस टूर्नामेंट और इसके बाद एशियाई खेलों की तैयारियों के लिये गुरुवार को घोषित किये बजट में 100 करोड़ रूपये की वृद्धि का पूरा फायदा उठाने में नाकाम रहेंगे.
वित्त मंत्री अरूण जेटली ने गुरुवार को पेश किये आम बजट में खिलाड़ियों के अभ्यास के लिये खेल बजट की राशि में बढ़ोतरी करने की घोषणा की.
भारतीय टेबल टेनिस महासंघ के अधिकारी ने कहा, ''हर साल काफी खेल स्पर्धाओं को करीब तीन से चार करोड़ रूपये दिये जाते हैं, इसे देखते हुए 100 करोड़ रूपये की बढ़ोतरी बहुत अधिक है. लेकिन मुझे संशय है कि इस राशि का इस्तेमाल किस तरह किया जायेगा क्योंकि राष्ट्रमंडल खेल तो महज दो हफ्ते बाद हैं.''
100 करोड़ रूपये की राशि राष्ट्रीय खेल महासंघों को दी जाने वाली 185 करोड़ रूपये की राशि से इतर है जो एथलीटों की देखरेख करती है. भारत ग्लास्गो राष्ट्रंडल खेलों में 17 प्रतिस्पर्धाओं में से 13 में शिरकत करेगा जबकि इंचियोन में 36 में से 30 स्पर्धाओं में भाग लेगा.
हॉकी इंडिया के महासचिव नरिंदर बत्रा ने इन दो प्रतियोगिताओं से टीम को हटाने की धमकी दी थी, उन्हें उम्मीद है कि जेटली द्वारा घोषित राशि में से उन्हें कम से कम 25 करोड़ रूपये की राशि मिलेगी
FIFA WC:4-2 से जीता अर्जेटीना,रविवार को जर्मनी से खिताबी मुकाबला
11 July 2014
साओ पाउलो। पेनाल्टी शूटआउट में नीदरलैंड को 4-2 से हरा कर अर्जेटीना की टीम फीफा विश्व कप के फाइनल में पहुंच गयी. निर्धारित समय तक दोनों टीमें गोल रहित बराबरी पर रही. इसके बाद अतिरिक्त समय में भी कोई गोल नहीं हो सका. इसके बाद पेनाल्टी शूटआउट का फैसला किया गया, जिसमें अर्जेटीना ने 4-2 से जीत दर्ज की. अब रविवार को होनेवाले फाइनल में अर्जेटीना का मुकाबला जर्मनी से होगी.
इससे पहले विश्व कप फुटबॉल के दूसरे सेमीफाइनल का अतिरिक्त समय भी गोल रहित बराबर रहा. अतिरिक्त समय के 15वें व 17वें मिनट में अर्जेटीना की ओर से लगातार हमले किये गये, लेकिन नीदरलैंड के गोलकीपर ने शानदार बचाव कर गोल नहीं होने दिये. इस दौरान दोनों टीमों ने एक-दूसरे पर काउंटर अटैक किये, लेकिन कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी. अतिरिक्त समय के 99वें मिनट में नीदरलैंड के रॉबेन ने दूर से शॉट खेला, जो सीधे अर्जेटीना के गोलकीपर रोमारियो के हाथों में गया.
इससे पूर्व निर्धारित समय तक दोनों टीमें कोई गोल नहीं कर सकी. बुधवार देर रात खेले गये इस मैच में अर्जेटीना को बढ़त हासिल करने का बेहतरीन मौका 15वें मिनट में मिला था, लेकिन नीदरलैंड के गोलकीपर जैसपर सिलिसन ने मेसी की फ्री किक को डाइव लगा कर रोक दिया था.

विदेशी जमीन पर पहला शतक लगाने के बाद बोले मुरली विजय
10 July 2014
नॉटिंघम। विदेशी सरजमीं पर अपना पहला और करियर का चौथा शतक जड़ने के बाद भारतीय सलामी बल्लेबाज मुरली विजय खुश हैं. उन्होंने कहा कि इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट क्रिकेट मैच के शुरुआती दिन शतक जमाना सपना सच होने जैसा है.
विजय अभी 122 रन बनाकर खेल रहे हैं. उनकी शानदार पारी की बदौलत भारत पहले बल्लेबाजी करते हुए चार विकेट पर 259 रन बना चुका है. विजय ने दिन का खेल खत्म होने के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, 'मैं अभ्यास मैच और नेट्स पर गेंद को अच्छी तरह हिट कर रहा था. इसलिए मैं सकारात्मक सोच के साथ उतरा था और टीम को अच्छी शुरुआत देना चाहता था. पिच बल्लेबाजी के अनुकूल थी और मैं इस मौके का पूरा फायदा उठाना चाहता था. मैंने इसका सपना देखा था और यह सच हो जाने से बहुत खुश हूं.'
मुरली विजय ने दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड में भी आठ पारियों में अच्छी शुरूआत की थी लेकिन वह केवल अर्धशतक लगा पाए थे. उन्होंने बताया कि यह बात किसी हद तक उनके दिमाग में थी लेकिन उन्होंने अपना रवैया नहीं बदला. विजय ने कहा, 'वहां जो कुछ हुआ उसके लिये मेरे पास कोई बहाना नहीं है मैं कुछ अच्छी गेंदों पर आउट हो गया लेकिन आखिर में सच यही था कि मैंने वहां रन नहीं बनाए थे. इसलिए मैंने उससे सबक सीखा और इस बारे में ज्यादा सोचे बिना आगे बढ़ गया.'
उन्होंने कहा, 'मैंने धैर्य बनाए रखने पर ध्यान दिया. आपको क्रीज पर समय बिताना होता है और जल्दबाजी से बचना होता है. यह पांच दिनों का मैच है और आपको विरोधी टीम को थकाना होता है. यही मेरी रणनीति थी और इस बीच मैं इसी पर काम कर रहा था. एक बार जब आपके पांव जम जाते हैं और लय बन जाती है तो फिर आपको बल्लेबाजी में मजा आने लगता है.'

ब्राजील को 7-1 से रौंद जर्मनी फाइनल में
10 July 2014
ब्राजील। पांच बार के चैम्पियन ब्राजील के फुटबॉल इतिहास का सबसे काला अध्याय लिखते हुए जर्मनी ने उसे 7-1 से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार विश्व कप के फाइनल में प्रवेश कर लिया और इसके साथ ही फुटबॉल का दीवाना मेजबान देश शोक के सागर में डूब गया।
घायल सुपरस्टार नेमार के बिना जज्बातों से भरा सेमीफाइनल मुकाबला खेलने वाली ब्राजीली टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में यह सबसे शर्मनाक हार है। जर्मनी ने जापान में 2002 फाइनल में 0-2 से मिली हार का बदला भी चुकता कर लिया।
जर्मनी के लिए थॉमस मूलर ने 11वें मिनट में पहला गोल किया। इसके बाद मिरोस्लाव क्लोसे (23वां), टोनी क्रूस (24वां और 26वां), सैमी केदिरा (29वां) और आंद्रे शूएरले (69वां और 79वां) ने गोल दागे।
ब्राजील के लिए एकमात्र गोल 90वें मिनट में ऑस्कर ने किया लेकिन तब तक टीम का फुटबॉल के इस महासमर से बाहर होना तय हो चुका था।
ऐसा लग रहा था मानो ब्राजीली फुटबॉल खेलना ही भूल गए हैं क्योकि पहले आधे घंटे में उन्होंने पांच गोल गंवा दिये। निलंबित कप्तान थिएगो सिल्वा के बगैर टीम अमैच्योर क्लब टीम से भी बदतर खेल रही थी
क्लोसे विश्व कप के इतिहास में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए जिन्होंने आज 16वां गोल दागा। उन्होंने ब्राजील के रोनाल्डो को पछाड़ा जिनके नाम 15 गोल हैं। इसके अलावा वह चार विश्व कप सेमीफाइनल खेलने वाले भी इकलौते खिलाड़ी बन गए।
दूसरी ओर मैदान को पीले सागर में डुबोने वाले ब्राजीली प्रशंसक इस शर्मनाक हार के बाद सदमे में नजर आये। अब तक ब्राजीली रियो डी जिनेरियो के माराकाना स्टेडियम पर खेले गए 1950 विश्व कप फाइनल में उरूग्वे से मिली हार को राष्ट्रीय त्रासदी मानते आये थे लेकिन अब देखना होगा कि 64 साल बाद टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहे देश पर जर्मनी के हाथों इस हार का कितना असर होगा।
वहीं लगातार चौथा विश्व कप सेमीफाइनल खेल रहे जर्मन खिलाड़ियों ने पहले ही हाफ में मैच का नतीजा साफ कर दिया था जब उन्होंने सात मिनट के भीतर चार गोल किये। मूलर के गोल के बाद ब्राजीली डिफेंस तितर बितर हो गया।
मैच के पहले कॉर्नर पर किसी ब्राजीली डिफेंडर ने मूलर को मार्क ही नहीं किया था। मूलर ने अपने दूसरे प्रयास में गोल किया क्योंकि उनका पहला शॉट ब्राजीली गोलकीपर जूलियो सेसार ने बचा लिया था।
अगले मिनट में क्रूस ने जर्मनी की बढ़त तीन गोल की कर दी। मेसुत ओजिल ने कप्तान फिलीप लाम को पास दिया जिसने ब्राजीली बाक्स की ओर गेंद बढ़ाई। मूलर चूक गए लेकिन क्रूस ने गेंद को लपककर गोल के भीतर डाल दिया।
क्रूस ने तीन मिनट के भीतर दूसरा गोल किया। केदिरा ने जर्मनी के जवाबी हमले की अगुवाई करते हुए क्रूस को पास दिया। केदिरा ने भी 29वें मिनट में ओजिल और क्लोसे के मूव को फिनिशिंग तक पहुंचाया।
ब्राजील को पहले 15 मिनट में गोल का अंतर कम करने के मौके मिले लेकिन खिलाड़ी उन्हें भुना नहीं सके। खेल के 58वें मिनट में क्लोसे की जगह आये शर्रेल ने 10 मिनट के भीतर दो गोल दागे। अब जर्मनी का सामना रविवार को फाइनल में अर्जेंटीना और नीदरलैंड के बीच होने वाले मैच के विजेता से होगा ।
मुरली का शतक, भारत 4 विकेट पर 259 रन
10 July 2014
नॉटिंघम। मुरली विजय ने नाबाद 122 रन की बेशकीमती पारी खेलते हुए भारत को इंग्लैंड के खिलाफ पहले क्रिकेट टेस्ट के पहले दिन आज 4 विकेट पर 259 रन की मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अर्धशतक जमाया। दोनों बल्लेबाज दिन का खेल समाप्त होने पर नाबाद पवेलियन लौटे।
भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारत ने ऑलराउंडर स्टुअर्ट बिन्नी को उनके हाल के शानदार प्रदर्शन का ईनाम देते हुए उन्हें टेस्ट पदार्पण करने का मौका दिया। विजय और शिखर धवन (12) ने भारत को अच्छी शुरुआत देते हुए पहले विकेट के लिए सात ओवर में 33 रन जोड़े। धवन को शुरू में संघर्ष करना पड़ा और वह 24 गेंदों पर 12 रन बनाने के बाद तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन की गेंद पर विकेटकीपर मैट प्रायर को कैच थमा बैठे।
विजय ने फिर विश्वसनीय बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा(38) के साथ दूसरे विकेट के लिए 73 रन की मजबूत साझेदारी की। विजय ने अपना अर्धशतक 68 गेंदों में 11 चौकों की मदद से पूरा किया। लंच के समय भारत का स्कोर 30 ओवर में एक विकेट पर 106 रन था। लंच के समय विजय 55 और पुजारा 38 रन पर नाबाद थे लेकिन लंच के बाद भारत को जल्दी-जल्दी दो झटके लगे। पुजारा ने एंडरसन की गेंद को पुल करने की कोशिश की लेकिन वह गेंद को हवा में उछाल बैठे। इयान बेल ने एक हाथ से शानदार कैच लपका।
भारत का दूसरा विकेट 106 के स्कोर पर गिरा। इसके एक रन बाद ही विराट कोहली को स्टुअर्ट ब्रॉड ने अपना शिकार बना लिया। कोहली दूसरी स्लिप में बेल को कैच थमा बैठे। दो ओवर में दो विकेट गंवाने के बाद भारत की स्थिति नाजुक नजर आने लगी थी लेकिन विजय और रहाणे की साझेदारी ने भारत को उबार लिया। रहाणे के आउट होने के बाद कप्तान धोनी क्रीज पर आए जिन्होंने विजय के साथ मिलकर 81 रन की साझेदारी की और अंत तक मैदान में डटे रहे।

फीफा ने सिल्वा का निलंबन वापस लेने से इनकार किया
09 July 2014
रियो दि जिनेरियो। फीफा वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में मेजबान ब्राजील की शर्मनाक हार ने लाखों दिलों के साथ ढेरों रिकॉर्ड भी तोड़े। जर्मनी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए मेजबान और पांच बार के चैम्पियन ब्राजील को 7-1 से रौंदकर फाइनल की सीट पक्की कर ली।
ब्राजील की सबसे बड़ी और सबसे घटिया हार के दौरान ढेरों रिकॉर्ड बने। उनका ब्योरा कुछ इस प्रकार से है -

ब्राजील की सबसे बड़ी पराजय

94 साल बाद ब्राजील इतने बड़े अंतर से पराजित हुआ है। इससे पहले 1920 में हुए कोपा अमेरिका कप में उरुग्वे ने ब्राजील को 6-0 से हराया था।

वर्ल्ड कप की सबसे घटिया पराजय

फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में ब्राजील की यह अब तक की सबसे बड़ी पराजय है। 1998 के फाइनल में उसे फ्रांस ने 3-0 से रौंदा था।

39 साल बाद घर में मिली हार

39 साल बाद यह पहला मौका है जब ब्राजील की टीम घरेलू मैदान पर खेलते हुए कोई इंटरनेशनल मैच हारी है। इससे पहले 1975 के कोपा अमेरिका कप में पेरी ने उसे 3-1 से हराया था। वह मैच भी बेलो हॉरिजॉन्टे में था।
यही नहीं, किसी भी लेवल के मैच में घर पर खेलते हुए यह ब्राजील की 2002 के बाद पहली पराजय है। तब पराग्वे ने उसे 1-0 से पराजित किया था।

80 साल बाद खाए 7 गोल

ब्राजील ने 80 साल बाद विपक्षी टीम के हाथों 7 गोल खाए हैं। इससे पहले 1934 में यूगोस्लाविया के खिलाफ फ्रेंडली मैच में ब्राजील 4-8 से पराजित हुआ था।

जर्मन क्लोस ने रचा इतिहास

जर्मनी की जीत में योगदान देने वाली मिरोस्लाव क्लोज ने भी एक वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। मैच के 23वें मिनट में गोल कर उन्होंने वर्ल्ड कप में सर्वाधिक गोल करने का रिकॉर्ड बनाया। यह उनका 16वां गोल था। उन्होंने मेजबान टीम के पूर्व दिग्गज रोनाल्डो के 15 वर्ल्ड कप गोल के रिकॉर्ड को तोड़ नया कीर्तिमान स्थापित किया।
संयोग से जब क्लोज ने यह रिकॉर्ड गोल किया, तब रोनाल्डो ग्लोबो टेलीविजन पर मैच की कमेंट्री कर रहे थे।

जर्मनी ने रचा इतिहास
जर्मनी की टीम फीफा वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में 7 गोल करने वाली पहली टीम बन गई है। उससे पहले 1954 के वर्ल्ड कप में वेस्ट जर्मनी ने ऑस्ट्रिया को सेमीफाइनल में 6-1 से पराजित किया था।
1930 के सेमीफाइनल मैचों में अर्जेंटीना और उरुग्वे ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को 6-1 से हराया था।
यही नहीं, जर्मनी ने ब्राजील पर सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड भी बनाया। इससे पहले 1986 में हुए एक दोस्ताना मैच में जर्मनी ने ब्राजील को 2-0 से हराया था।

नॉटिंघम टेस्ट : पिछली हार से उबरने के लिए उतरेगी टीम इंडिया
09 July 2014
नॉटिंघम। कई नए चेहरों से सुसज्जित भारतीय क्रिकेट टीम बुधवार को जब इंग्लैंड के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज मैदान पर पांच टेस्ट मैचों के शृंखला का पहला टेस्ट मैच खेलने उतरेगी तो विदेशी धरती पर तीन वर्षों से चले आ रहे सूखे को समाप्त करना चाहेगी।
2011 में विश्व कप जीतने के तुरंत बाद इंग्लैंड दौरे पर आई भारतीय टीम को 0-4 से शर्मनाक हार झेलनी पड़ी थी।
अब देखना होगा कि महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में युवा भारतीय टीम इंग्लैंड में मिली पिछली हार से उबर पाती है या नहीं। भारतीय टीम में पिछली बार की अपेक्षा इस बार कई नए चेहरे हैं, जो इंग्लिश वातावरण में पहली बार खेलेंगे। धोनी के अलावा पिछले इंग्लैंड दौरे पर आने वाले खिलाड़ियों में सिर्फ गौतम गंभीर और इशांत शर्मा ही मौजूदा टीम में शामिल हैं।
युवा खिलाड़ियों में विराट कोहली से सबसे अधिक उम्मीदें हैं, वहीं शिखर धवन, चेतेश्वर पुजारा, रोहित शर्मा और अजिंक्य रहाणे के लिए यह दौरा अपनी काबिलियत साबित करने वाला होगा।
इस दौरे पर भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी चिंता अपनी गेंदबाजी को लेकर है। स्टेडियमों में स्थापित नए ड्रेनेज सिस्टम के कारण पिचों की प्रकृति काफी बदल चुकी है और यह नई पिच स्पिन गेंदबाजी के अधिक अनुकूल मानी जा रही है।
इंग्लैंड का पिछला दौरा तेंदुलकर और द्रविड़ की बेहतरीन पारियों का गवाह बना था, वहीं आगामी शृंखला देश को नए टेस्ट सितारे दे सकता है।
भारतीय गेंदबाजी दल में सात तेज गेंदबाजों को शामिल किया गया है। भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद समी और इशांत शर्मा को वरुण एरॉन, ईश्वर पांडेय, स्टुअर्ट बिन्नी और पंकज सिंह जैसे युवा गेंदबाजों का साथ मिला है। इनमें इशांत को छोड़कर सभी गेंदबाजों का यह पहला इंग्लैंड दौरा है।
इंग्लैंड टीम ने 2011 में जब भारतीय टीम का सफाया किया था, उस समय बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले केविन पीटरसन, ग्रीम स्वान और एंड्र स्ट्रॉस इस बार नहीं हैं। लेकिन कुक, इयान बेल और मैट प्रायर का अनुभव उनके साथ जरूर है।
कुक हालांकि पिछले वर्ष एशेज शृंखला हारने के बाद से विवाद के चलते मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। कई दिग्गजों ने उन्हें कप्तानी से हटाए जाने की मांग की, लेकिन इसके बावजूद ईसीबी ने उन पर भरोसा बनाए रखा।

टीमें :

इंग्लैंड : एलिस्टर कुक (कप्तान), सैम रॉब्सन, गैरी बैलेंस, इयान बेल, जोए रूट, मोइन अली, मैच प्रायर (विकेटकीपर), बेन स्टोक्स, क्रिस जॉर्डन, स्टुअर्ट ब्रॉड, लिएम प्लंकेट, जेम्स एंडरसन और जोस बटलर।
भारत : महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान/विकेटकीपर), मुरली विजय, शिखर धवन, गौतम गंभीर, चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे, रोहित शर्मा, रविंद्र जडेजा, रविचंद्रन अश्विन, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद समी, ईश्वर पांडेय, इशांत शर्मा, स्टुअर्ट बिन्नी, वरुण एरॉन, रिद्धिमान साहा, पंकज सिंह।
फीफा विश्व कप : डच 'तिकड़ी' के सामने मेसी की चुनौती
09 July 2014
साओ पाउलो। फीफा विश्व कप-2014 का दूसरा सेमीफाइनल बुधवार को नीदरलैंड्स और दो बार के चैम्पियन अर्जेटीना के बीच एरेना कोरिंथियंस में खेला जाएगा। यह मैच डच तिकड़ी नाम से मशहूर अर्जेन रोबेन, वेस्ले श्नाइडर और कप्तान रोबिन वैन पर्सी के सामने अर्जेटीनी कप्तान लियोनेल मेसी की चुनौती का गवाह बनेगा। मेसी जहां अकेले दम पर अपनी टीम को 1986 के बाद पहली बार फाइनल में पहुंचाने की मुहिम को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे वहीं नीदरलैंड्स की टीम चौथी बार फाइनल में पहुंकर पहली बार चैम्पियन बनने का गौरव हासिल करना चाहेगी।
गत उपविजेता नीदरलैंड्स ने स्पेन के खिलाफ 5-1 से जीत दर्ज कर मौजूदा विश्व कप की बेहद आक्रामक शुरुआत की और अब वह खिताब से दो कदम दूर है। नीदरलैंड्स एकमात्र ऐसी टीम है जो तीन बार फाइनल में पहुंचने के बावजूद अब तक खिताब से महरूम है।
इस बार लेकिन गत उपविजेता नीदरलैंड्स की खिताब के प्रति बेताबी उनके तेज-तर्रार और दृढ़ प्रदर्शन से साफ-साफ झलक रही है। रोबेन और पर्सी जैसे बेहद तेज-तर्रार फॉरवर्ड खिलाड़ियों की बदौलत सेमीफाइनल तक पहुंच चुकी डच टीम की राह की अगली बाधा है
अर्जेटीनी टीम अब तक अपने सारे मैच जीतकर सेमीफाइनल में पहुंच जरूर गई है, लेकिन उसमें उसके स्टार स्ट्राइकर लियोनेल मेसी का एकल प्रयास ज्यादा ही नजर आया है। स्विट्जरलैंड के खिलाफ अंतिम-16 दौर के मैच में एकमात्र गोल करने वाले एंजेल डी मारिया के चोटिल होकर टूर्नामेंट से बाहर होने के कारण उनकी मुश्किल और बढ़ चुकी है।
हमले करने के मामले में अर्जेटीना 280 हमलों के साथ मौजूदा विश्व कप में सबसे आगे है, वहीं नीदरलैंड्स 12 गोल कर गोल करने के मामले में कोलंबिया के साथ संयुक्त रूप से सबसे ऊपर है।
अर्जेटीना का नीदरलैंड्स के खिलाफ रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दोनों टीमों के बीच आठ मुकाबले हुए हैं, जिसमें अर्जेटीना को सिर्फ एक बार सफलता मिली है। विश्व कप में दोनों टीमों के बीच हुए चार मैचों में अर्जेटीना को एक जीत मिली है, जबकि दो बार हार का सामना करना पड़ा है। एक मैच ड्रा रहा।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दोनों टीमों के बीच हुए आठ मैचों में चार मौकों पर नीदरलैंड्स जीता है जबकि एक मौके पर अर्जेटीना जीता है। तीन मैच ड्रॉ रहे हैं।
अर्जेटीना हालांकि इस मामले में किस्मत का धनी कहा जाएगा कि नीदरलैंड्स के खिलाफ मिली एकमात्र जीत उसे 1978 के विश्व कप के फाइनल में मिली थी, जिसकी बदौलत अर्जेटीना पहली बार विश्व विजेता बना था।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस बार भी अर्जेटीना की किस्मत उसका साथ देगी, या मेसी का जादू उसे नीदरलैंड्स से पार दिलाएगा?
नीदरलैंड्स टीम ने हालांकि पिछले चार वर्षो से लगातार उम्दा फुटबाल खेल का प्रदर्शन किया है और एक टीम के रूप में जर्मनी के बाद वह सबसे सशक्त टीम नजर आ रही है। दूसरी ओर 24 वर्षो के बाद सेमीफाइनल में पहुंचने वाला अर्जेटीना अपने स्टार स्ट्राइकर लियोनेल मेसी के इर्द-गिर्द ही नजर आ रहा है।
मौजूदा विश्व कप में दोनों टीमों के प्रदर्शन पर गौर करें तो अर्जेटीना जहां अब तक अपने पांचों मैच जीतकर सेमीफाइनल में पहुंचा है, वहीं नीदरलैंड्स को चार में जीत मिली है और एक मैच ड्रा रहा है। नीदरलैंड्स ने हालांकि इस दौरान 12 गोल किए हैं, जबकि अर्जेटीना सात गोल ही कर सका है।
नीदरलैंड्स के शॉट की एक्यूरेसी 70 फीसदी है, तो अर्जेटीना के 60 फीसदी शॉट सही लगे हैं। हालांकि पास के मामले में दोनों टीमों की एक्यूरेसी बराबर (80 प्रतिशत) है।
इस टीम ने रोबेन और पर्सी की बदौलत पहले ही मैच में मौजूदा चैम्पियन स्पेन को 5-1 से हराकर यह संकेत दिया कि वह 2010 की गलतियों से सीख लेकर इस बार अपनी रूठी किस्मत को जगाने के लिए किस कदर उतावला है।

फीफा ने सिल्वा का निलंबन वापस लेने से इनकार किया
08 July 2014
रियो दि जिनेरियो। फीफा ने कप्तान थियागो सिल्वा को जर्मनी के खिलाफ विश्व कप सेमीफाइनल में खेलने की अनुमति देने का ब्राजील का अनुरोध ठुकरा दिया है। फीफा की अनुशासन समिति ने एक बयान में ब्राजील के इस अनुरोध को खारिज करते हुए कहा कि इस मांग का कोई कानूनी आधार नहीं है।
सिल्वा को कोलंबिया के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में पीला कार्ड मिला था। समिति के प्रमुख ने कोलंबियाई डिफेंडर जुआन कैमिलो जुनिगा पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी ठुकरा दी। जुनिगा ने ब्राजीली सुपरस्टार नेमार की पीठ में घुटने से मारा था जिसके बाद उनकी रीढ की हड्डी टूट गई और वह विश्व कप से बाहर हो गए।
बयान में कहा गया कि समिति को उस घटना का दुख है और वह नेमार के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित भी है। जुनिगा को हालांकि दंड नहीं दिया जा सकता क्योंकि उस घटना को मैच अधिकारियों ने देखा था। अनुशासनात्मक कार्रवाई उसी दशा में हो सकती है जब रैफरी गलती करने वाले खिलाड़ी को लाल या पीला कार्ड दिखाता है।

फ़ीफा: सेमीफाइनल में ब्राजील के सामने होगी जर्मनी की दीवार
08 July 2014
ब्राजील। ब्राजील और जर्मनी मंगलवार को विश्व कप फुटबाल के सेमीफाइनल में आमने सामने होंगे तो दोनों यूरोप और दक्षिण अमेरिकी फुटबाल प्रतिद्वंद्विता के पुराने फलसफों की नयी परिभाषाएं गढी जाएंगी। विश्व कप की दोनों महाशक्तियां 24वीं बार सेमीफाइनल खेल रही हैं लेकिन 2002 फाइनल के बाद पहली बार एक दूसरे के मुकाबिल हैं।
उस समय जर्मन टीम के पास ओलिवर कान के रू प में टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर था तो ब्राजील के पास ‘आर तिकड़ी’ यानी रोनाल्डो, रोनाल्डिन्हो और रिवाल्डो थे। गोल के सामने दीवार की तरह अडिग रहने वाले कान ने उस रात गलती की जिससे लुई फिलीप स्कालरी की टीम ने पांचवां (पेंटा) खिताब जीता। बारह साल बाद एकमात्र समानता यह है कि स्कालरी फिर ब्राजील के कोच है और जर्मनी के पास भी टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर मैनुअल नूयेर है।
जर्मनी ने अभी तक टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 500 पास आपस में दिये हैं जो ब्राजील से 1000 ज्यादा है । टीम हालांकि चिली से पीछे है जो टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी है। जर्मनी ने 2006 में टूर्नामेंट की मेजबानी करने के बाद से पिछले तीन विश्व कप में 40 गोल किये हैं जिससे वह लगातार चार बार सेमीफाइनल में पहुंची है। अल्जीरिया और फ्रांस को हराकर अंतिम चार में पहुंचने वाली जर्मन टीम ने अपने फुटबाल इतिहास की कुछ कड़वीं यादों के जख्मों पर भी मरहम लगाया है।
आधुनिक फुटबाल में जर्मन टीम को उसकी कलात्मक शैली के लिए जाना जाता है लेकिन पिछले तीन विश्व कप में वह आखिरी बाधाएं पार नहीं कर सकी। 2002 फाइनल में तो 2006 और 2010 सेमीफाइनल में उसे पराजय झेलनी पड़ी। दूसरी ओर ब्राजील का एकमात्र मकसद अपनी सरजमीं पर खिताब जीतना है और वे काफी आक्रामक खेल दिखा रहे हैं। स्कालरी की टीम ने कोलंबिया के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मैच में 31 फाउल किए जो इस विश्व कप में किसी टीम के सर्वाधिक फाउल हैं।
जर्मनी के बास्टियन श्वेनस्टाइगर ने कहा कि मैं साफ सुथरी चुनौतियों के लिए तैयार हूं लेकिन एक या दो टक्कर ऐसी रही जिसमें सीमा पार कर दी गई थी। ब्राजील की टीम बदल गई है और उसके खेलने की शैली भी। हमें और रैफरी को इससे सजग रहना होगा। ब्राजील के पोस्टर ब्वाय नेमार ने कहा कि उन्हें गंदे तरीके से जीतने में कोई परेशानी नहीं है लेकिन क्वार्टर फाइनल में यह रणनीति उल्टी पड़ गई और रीढ़ की हड्डी टूटने के कारण वह खुद विश्व कप से बाहर हो गए।
सानिया मिर्जा पहली बार शीर्ष पांच में
08 July 2014
नई दिल्ली। भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा ताजा डब्ल्यूटीए डबल्स रैंकिंग में अपने करिअर में पहली बार पांचवीं पायदान पर पहुंच गर्इं। पिछले 11 साल से टेनिस खेल रही सानिया का यह डबल्स रैंकिंग में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। सानिया और जिंबाब्वे की कारा ब्लैक विंबलडन में दूसरे दौर में बाहर हो गर्इं थीं लेकिन इस ग्रैंडस्लैम से उन्हें 130 रैंकिंग अंक मिले थे।
सानिया ने कहा कि तीसरे आपरेशन के बाद वापसी करना मेरे लिए काफी कठिन सफर था क्योंकि उस समय लग रहा था कि मेरा करिअर खत्म हो गया है।
इस तरह वापसी करके विश्व रैंकिंग में पांचवें स्थान पर पहुंचना संतोषजनक है। सिंगल्स रैंकिंग में अंकिता रैना एक पायदान चढ़कर 285वें नंबर पर पहुंच गर्इं। एटीपी रैंकिंग में सोमदेव देववर्मन दस पायदान गिरकर 135वें स्थान पर आ गए। डबल्स में लिएंडर पेस 13वें नंबर पर बने हुए हैं जबकि रोहन बोपन्ना तीन पायदान नीचे आ गए।

फेडरर को हराकर नोवाक जोकोविच ने जीता दूसरी बार विंबलडन का खिताब
07 July 2014
लंदन। शीर्ष वरीयता प्राप्त सर्बिया के नोवाक जोकोविच ने स्विट्जरलैंड के दिग्गज खिलाड़ी और 17 ग्रैंड स्लैम के विजेता रोजर फेडरर को हरा कर विंबलडन में पुरुष एकल का खिताब अपने नाम कर लिया है. यह जोकोविच का विंबलडन में दूसरा और कुल सातवां ग्रैंड स्लैम खिताब है.
उन्होंने इससे पहले यहां 2011 में खिताबी जीत दर्ज की थी. जोकोविच ने पांच सेटों तक चले मैराथन मुकाबले में 6-7, 6-4, 7-6, 5-7, 6-4 से जीत दर्ज की. इस तरह फेडरर का दो साल बाद कोई ग्रैंड स्लैम जीतने का सपना पूरा नहीं हो पाया. साथ ही अगर फेडरर जीत जाते तो वह सबसे अधिक उम्र में विंबलडन जीतने वाले खिलाड़ी बन जाते.
पहले सेट में दोनों खिलाडि़यों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ. फेडरर ने इसे अंतत: टाइब्रेकर में अपने नाम किया. इसके बाद जोकोविच लय में लौटे और अगले दो सेट जीत कर मैच में बढ़त हासिल कर ली. जोकोविच ने भी तीसरा सेट टाइब्रेकर में ही जीता. चौथे सेट में एक समय सर्बियाई खिलाड़ी आगे था और ऐसा लग रहा था कि वह इसे जीतकर मैच अपने नाम कर लेगा. लेकिन, फेडरर के इरादे कुछ और थे. उन्होंने जोरदार वापसी करते हुए मैच को दो-दो सेटों की बराबरी पर ला दिया. आखिरी सेट में भी दोनों खिलाडि़यों ने एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी लेकिन अंतत: बाजी सर्बियाई स्टार के हाथ लगी.

नीदरलैंड पहुंचा सेमीफ़ाइनल में, कोस्टा रिका को हराया
07 July 2014
ब्राजील। ब्राज़ील में खेले जा रहे विश्व कप फुटबॉल टूर्नामेंट के चौथे क्वार्टर फाइनल में नीदरलैंड्स ने पेनल्टी शूट आउट में कोस्टा रिका को 4-3 से हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है.
निर्धारित समय और उसके बाद अतिरिक्त समय में भी दोनों टीमें गोलरहित बराबरी पर थीं.
पेनल्टी शूट आउट में नीदरलैंड्स के लिए वॉन पर्सी, रोबेन, श्नाइडर और कूयट ने गोल किए. कोस्टा रिका के लिए बोर्गेस, गोंज़ालेज़ और बोलानोस ने गोल किए लेकिन रूइज़ और यूमाना गोल करने में नाकाम रहे.
पहले सेमीफाइनल में मंगलवार को मेज़बान ब्राज़ील का सामना जर्मनी से और दूसरे सेमीफाइनल में नीदरलैंड्स का सामना अर्जेंटीना से होगा.
नीदरलैंड्स इस विश्व कप में अभी तक एक भी मैच नहीं हारा है.
अमला के शतक से द अफ्रीका जीता
07 July 2014
कोलंबो। सलामी बल्लेबाज हाशिम अमला के शतक तथा गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन से दक्षिण अफ्रीका ने श्रीलंका के खिलाफ पहले एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में 75 रनों की बड़ी जीत दर्ज की. अमला ने 130 गेंदों पर आठ चौके और एक छक्का की मदद से 109 रन बनाये. उन्होंने कप्तान एबी डिविलियर्स (75) के साथ तीसरे विकेट के लिए 151 रनों की साझेदारी की.
पहले बल्लेबाजी करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने पांच विकेट पर 304 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया. जवाब में श्रीलंका की टीम 40.3 ओवर में 229 रन पर आउट हो गयी. जब तक कुमार संगकारा (88) क्रीज पर थे तब तक मैच जीवंत लग रहा था. उनके आउट होते ही दक्षिण अफ्रीका को जीत दर्ज करने में देर नहीं लगी. लेग स्पिनर इमरान ताहिर ने तीन विकेट लिये.

बादशाहत के लिए भिड़ेंगे जोकोविच और फेडरर
05 July 2014
लंदन। मैराथन मैन के नाम से मशहूर सर्बिया के नोवाक जोकोविच ने जाएंट किलर बुल्गारिया के ग्रिगोर दिमित्रोव की कड़ी चुनौती पर शुक्रवार को 6-4, 3-6, 7-6, 7-6 से काबू पाते हुए विंबलडन टेनिस चैंपियनशिप के पुरुष एकल के खिताबी मुकाबले में जगह बना ली जहां उनके सामने 17 ग्रैंड स्लेम खिताबों के बादशाह स्विटजरलैंड के रोजर फेडरर होंगें।
चौथी सीड फेडरर ने दूसरे सेमीफाइनल में एक और युवा तुर्क आठवीं सीड कनाडा के मिलोस राओनिक को लगातार सेटों में 6-4, 6-4, 6-4 से धो दिया। स्विस मास्टर ने यह मुकाबल एक घंटे 41 मिनट में जीता।
शीर्ष वरीयता प्राप्त जोकोविच ने चार सेटों तक चला यह मुकाबला तीन घंटे दो मिनट में जीता। वर्ष 2011 में यहां चैंपियन रह चुके जोकोविच ने गत चैंपियन ब्रिटेन के एंडी मरे को टूर्नामेंट से बाहर करने वाले दिमित्रोव को अपनी जबर्दस्त संघर्ष क्षमता के दम पर खिताबी मुकाबले में पहुंचने से रोक दिया।
जोकोविच चौथे सेट के टाईब्रेक में 3-6 से पिछड़े हुए थे और उस समय ऐसा लग रहा था कि यह मुकाबला पांचवें सेट तक जाएगा। लेकिन सर्बियाई खिलाड़ी ने लगातार तीन अंक लेकर स्कोर 6-6 से बराबर किया और फिर टाईब्रेक को 9-7 से निपटाकर फाइनल में जगह बना ली।
सात बार विंबलडन जीत चुके फेडरर ने ग्रास कोर्ट पर अपनी 'कलास' का नमूना पेश करते हुए सात में से तीन ब्रेक भुनाए, छह एस और 32 विनर्स लगाए। राओनिक को एक ब्रेक अंक मिला जिसे वह भुना नहीं पाए। राओनिक ने हालांकि 17 एस और 36 विनर्स लगाए लेकिन उनके चार डबल फॉल्ट और 17 बेजां भूलें उन्हें भारी पड़ीं।
32 वर्षीय फेडरर इस जीत के साथ नौवीं बार विंबलडन के फाइनल में पहुंच गए और अब वह रिकॉर्ड आठवें खिताब से एक कदम दूर रह गए हैं। फेडरर ने 23 वर्षीय राओनिक पर जीत दर्ज करने के बाद अपनी मुट्ठी जश्न में हवा में लहरा दी।
इससे पूर्व पहले सेमीफाइनल में छह बार के ग्रैंड स्लेम चैंपियन जोकोविच ने सेंटर कोर्ट पर अपने शानदार खेल से दिखाया कि क्यों उन्हें मैराथन मैन कहा जाता है और 11वीं सीड दिमित्रोव जैसे युवा तुकरे को अभी उनके स्तर तक पहुंचने के लिए लंबा सफर तय करना पड़ेगा।
अपना 23वां ग्रैंड सेमीफाइनल खेल रहे जोकोविच ने 23 वर्षीय दिमित्रोव को बेसलाइन पर अपने बेहतरीन खेल से निर्णायक मौकों पर रोके रखा। हालांकि दोनों खिलाड़ियों को सेंटर कोर्ट की बेसलाइन पर ग्राउंड पर टिके रहने को लेकर काफी संघर्ष करना पड़ा। दोनों खिलाड़ी कई बार फिसले लेकिन दोनों ने ही लाजवाब टेनिस का प्रदर्शन किया।
जोकोविच ने पहला सेट 6-4 से जीता जबकि दिमित्रोव ने दूसरेसेट में शानदार वापसी करते हुए 6-3 से जीत हासिल की। तीसरा सेट टाईब्रेक में खिंचा और इस सेट के टाईब्रेक को जोकोविच ने 7-2 से जीता। यह सेट 52 मिनट तक चला।
चौथा सेट सबसे ज्यादा लंबा रहा और 61 मिनट तक चला। इस सेट का टाईब्रेक टॉप सीड खिलाड़ी ने 9-7 से जीता। जोकोविच ने मैच में 17 एस लगाए और सिर्फ दो डबल फॉल्ट किए जबकि दिमित्रोव ने 15 एस तो मारे लेकिन आठ डबल फॉल्ट भी कर बैठे। जोकोविच ने छह में से तीन ब्रेक अंक भुनाए वहीं दिमित्रोव 11 में से तीन ब्रेक अंक भुना पाए।
दोनों खिलाड़ियों के विनर्स लगभग एक बराबर रहे। लेकिन बेजाभूलें करने में दिमित्रोव आगे रहे। जोकोविच के रैकेट से 45 विनर्स और 26 बेला भूलें निकली तो दिमित्रोव ने 48 विनर्स लगाने के अलावा 33 बेजा भूलें की। इस हार के साथ किसी ग्रैंड स्लेम के सेमीफाइनल में पहली बार खेल रहे पहले बुल्गारियाई खिलाड़ी दिमित्रोव का फाइनल में पहुंचने का सपना टूट गया।

फीफा 2014 : ब्राजील को झटका, नेमार विश्वकप से बाहर
05 July 2014
ब्राजील। अपनी मेजबानी में विश्वकप जीतने का ख्वाब देख रही ब्राजील की टीम को उस समय तगड़ा झटका लगा जब उसका सबसे चर्चित खिलाड़ी नेमार रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गया।
नेमार को यह चोट कल क्वार्टर फाइनल में कोलंबिया पर मिली 2-1 से जीत के दौरान लगी।
कोलंबियाई डिफेंडर जुआन जुनिग के साथ यहां मैच के अंतिम मिनटों में गेंद लपकने के प्रयास में नेमार इस कोलंबियाई खिलाड़ी के घुटने से टकराकर मैदान पर गिर गए और उन्हें दर्द से कराहते हुए स्ट्रेचर पर बाहर ले जाया गया।
नेमार की चोट और कप्तान थिएगो सिल्वा के अगले मैच के निलंबन जैसी बुरी खबरों के बीच डेविड लुइज के सनसनीखेज गोल ने ब्राजील को सेमीफाइनल में पहुंचा दिया जहां उसका मुकाबला जर्मनी से होगा।
टीम के डॉक्टर रोड्रिगो लासमर ने संवाददाताओं से कहा कि अस्पताल में हुई जांच में पता चला कि उनकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ है।
ब्राजीलियाई कोच लुइज फेलिप स्कोलारी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि नेमार को पूरे टूर्नामेंट में निशाना बनाया गया और उन्हें घेरने के लिए किसी को कोई सजा नहीं मिली।
उन्होंने कहा, 'मैं पिछले तीन मैचों से कह रहा हूं कि नेमार को निशाना बनाया गया है लेकिन अन्य सभी देश कह रहे थे कि यह सच नहीं है बल्कि उनके खिलाड़ियों को घेरा जा रहा है।'
कोलंबियाई गोलकीपर डेविड ओस्पिना को रोकने पर सिल्वा को टूर्नामेंट में दूसरी बार पीला कार्ड दिखाया गया जिससे अब वह अगला मैच नहीं खेल पाएंगे। स्कोलरी ने कहा कि जुनिग को पीला कार्ड तक नहीं दिखाया गया जबकि सिल्वा को बिना किसी कारण पीला कार्ड दिखा दिया गया।
ब्राजील 12 साल में पहली बार सेमीफाइनल में पहुंचा है लेकिन टीम के विश्वकप जीतने का दावा करने वाले स्कोलारी के सामने अब कड़ी समस्या खड़ी हो गई है।
कोलंबियाई फुटबालर जेम्स रोड्रिगेज पांच मैचों में छह गोल के साथ टूर्नामेंट के शीर्ष स्कोरर हैं। उन्होंने कल ब्राजील के खिलाफ पेनल्टी स्पॉट से गोल किया।
इस मैच में गोल करने वाले लुइज ने कहा, 'प्रदर्शन शानदार रहा क्योंकि मैंने ऐसी जगह से बिल्कुल सटीक शाट मारा जहां से गेंद कई दिशाओं में जा सकती थी और गोलकीपर के लिए यह रोकना मुश्किल था।'
'रिपोर्ट आने दीजिए और फिर मैं बोलूंगा': श्रीनिवासन
05 July 2014
नई दिल्‍ली। आईसीसी के चेयरमैन एन श्रीनिवासन ने खुद को पाक-साफ बताया. श्रीनिवासन ने अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया. उन्होंने कहा कि आईपीएल में मैंने कोई ऐसा काम नहीं किया है, जिससे क्रिकेट की छवि खराब हुई है. इसके साथ-साथ उन्होंने ये भी कहा आईपीएल मैच फिक्सिंग मामला अभी अदालत में चल रहा है इस पर बोलना अभी ठीक नहीं है.
बॉलीवुड कलाकार विंदू दारा सिंह ने इंडियन प्रीमियर लीग (आइपीएल) को लेकर कई सनसनीखेज खुलासे किये. उन्होंने एक निजी टेलीविजन चैनल से बातचीत में दावा किया था कि पूरा का पूरा आइपीएल ही फिक्स है और इसमें कई बड़े नाम शामिल हैं. विंदू ने आइपीएल फिक्सिंग कांड के खुलासे के पीछे मौजूदा बीसीसीआइ अध्यक्ष एन श्रीनिवासन और पूर्व आइपीएल कमिश्नर ललित मोदी की जंग को जिम्मेदार बताया.
उन्हेंने दावा किया ललित मोदी किसी भी सूरत में एन श्रीनिवासन को बोर्ड से बाहर करना चाहते थे और शरद पवार ने इसमें ललित मोदी की मदद की. विंदू दारा सिंह ने खुद को इस मामले में छोटी मछली बताया, जो थोड़ी बहुत सट्टेबाजी किया करता था.
विंदू ने आइपीएल फिक्सिंग में ‘रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु’ के मालिक विजय माल्या पर भी गंभीर आरोप लगाये हैं. उनके मुताबिक विजय माल्या एक आइपीएल से फिक्सिंग के जरिये 100-200 करोड़ रुपये आसानी से कमाते हैं.
ये था मामला

आइपीएल मैच फिक्सिंग मामले में एन श्रीनिवासन के दामाद मयप्‍पन को दोषी पाया गया था. फिक्सिंग मामले की जांच करने वाली उच्चस्तरीय मुद्गल समिति ने बीसीसीआई मुखिया श्रीनिवासन के विवादास्पद दामाद मयप्पन को दागी करार दिया.
जांच समिति ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया था कि एन श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मयप्पन की चेन्नई सुपर किंग्स के अधिकारी के तौर पर और आइपीएल मैचों के दौरान सट्टेबाजी में संलिप्तता साबित होती है

द्रविड ने कहा,रनों की संख्या में तेंदुलकर के बाद दूसरे नंबर पर होंगे कैलिस
04 July 2014
नयी दिल्ली। पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड ने दक्षिण अफ्रीका के महान आल राउंडर जाक कैलिस की तारीफ की है. उन्‍होंने जाक कैलिस को क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर के बाद दूसरा महान खिलाड़ी करार दिया. जाक कैलिस ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में होने वाले पांचवें विश्व कप में भाग लेने की तैयारियों में जुटे हैं.
द्रविड ने ईएसपीएनक्रिकइंफो डाट काम में नई वीडियो सीरीज मार्डन मास्टर्स में कहा, मुझे लगता है कि वह (कैलिस) सचमुच कुछ रिकार्ड तोड़ रन जुटायेगा. अगर आप देखो तो मुझे लगता है कि वह तेंदुलकर के ओवरआल रनों के बाद शायद दूसरे नंबर पर रहेगा. द्रविड ने इस 38 वर्षीय खिलाड़ी, जो इस समय सीमित ओवरों की श्रृंखला के लिये श्रीलंका में हैं, के बारे में कहा, वह इतने दबाव के बावजूद बहुत फिट दिखता है. उनकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी को देखते हुए उन्‍हें बहुत ज्यादा चोट नहीं लगी है. ऐसा लगता है कि वह कुछ समय के लिये ऐसे ही शानदार तरीके से खेलेगा.
द्रविड को लगता है कि टेस्ट में 13289 रन और वनडे में 11574 रन को देखते हुए कैलिस की उपलब्धियां शानदार हैं जबकि क्रिकेट से संन्यास ले चुके तेंदुलकर का टेस्ट में 15921 रन और वनडे में 18426 रन का रिकार्ड हैं. उन्होंने कैलिस की बल्लेबाजी तकनीक की बड़ी प्रशंसा की.

डर्बीशर के खिलाफ भारत की जीत, दूसरी पारी में भी बल्लेबाजों का जलवा
04 July 2014
डर्बीशर। भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ नौ जुलाई से शुरू होने वाली पांच टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले डर्बीशर के खिलाफ अपने दूसरे अभ्यास मैच में पांच विकेट की मनोबल बढ़ाने वाली जीत दर्ज की। भारत ने अपने गेंदबाजों को अभ्यास का मौका देने के लिए सुबह अपनी पहली पारी बुधवार के स्कोर छह विकेट पर 341 रन पर समाप्त घोषित कर दी थी। डर्बीशर ने भी अपनी दूसरी पारी तीन विकेट पर 156 रन के स्कोर पर घोषित करके मैच में रोमांच भर दिया। पहली पारी में 15 रन की बढ़त हासिल करने वाले भारत को इस तरह से 142 रन का लक्ष्य मिला और उसने 36.3 ओवर में पांच विकेट पर 143 रन बनाकर जीत दर्ज की।
छोटे लक्ष्य का पीछा करने के लिए उतरे भारत ने सलामी बल्लेबाज शिखर धवन (9) का विकेट जल्दी गंवा दिया लेकिन इसके बाद मुरली विजय (रिटायर्ड आउट 41) और अजिंक्य रहाणे (रिटायर्ड आउट 39) ने दूसरे विकेट के लिए 63 रन की साझेदारी की। ये दोनों अन्य बल्लेबाजों को मौका देने के लिए पवेलियन लौट आए। इसके बाद कप्तान धौनी ने रोहित शर्मा को भेजा। रोहित ने चौके से खाता खोला, लेकिन वह केवल दस रन बनाकर डेविड वेनराइट की गेंद पर कैच देकर पवेलियन लौटे। ऋद्धिमान साहा (19) भी मैच खत्म होने से पहले आउट हो गए। विजयी चौका जड़ने वाले गौतम गंभीर 21 रन बनाकर नाबाद रहे।
इससे पहले भारत ने सुबह डर्बीशर को दूसरी पारी खेलने का मौका दिया। भारतीय गेंदबाजों ने पहले अभ्यास मैच की तुलना में अच्छी गेंदबाजी की। भुवनेश्वर कुमार, मुहम्मद शमी और स्टुअर्ट बिन्नी को एक-एक विकेट मिला। शमी ने पिंडली की संभावित चोट से उबरकर 11 ओवर किए और पाल बोरिंगटन को पगबाधा आउट किया। भारत के लिए अच्छी खबर इशांत शर्मा की गेंदबाजी रही जिन्होंने सात ओवर के अपने पहले स्पैल में केवल दस रन दिए। दिलचस्प बात यह रही कि पंकज सिंह, ईश्वर पांडे और वरुण एरोन से गेंदबाजी नहीं करवाई गई। भारत और इंग्लैंड के बीच पांच टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मैच नौ जुलाई से नॉटिंघम में खेला जाएगा।
विंबलडन:डबल्स के सेमीफाइनल में पेस-स्टेपानेक की जोड़ी
04 July 2014
लंदन। भारतीय टेनिस स्टार लिएंडर पेस विंबलडन के पुरूष युगल में अपने जोड़ीदार स्टेपानेक के साथ सेमीफाइनल में पहुंच चुके हैं. पेस और स्टेपानेक की पांचवीं वरीय जोड़ी ने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में कनाडा के डेनियल नेस्टर और सर्बिया के नेनाद जिम्नोजिच की जोड़ी को 3-6, 7-6(7-5), 6-3, 6-4 से मात दे दी.
इससे पहले पेस ने विंबलडन में अपना पुरूष युगल खिताब 1999 में जीता था. हालांकि, उसके बाद से वह विंबलडन के सेमीफाइनल से आगे नहीं बढ सके हैं. गौरतलब है कि इस बार पेस के लिए विंबलडन में 14 साल का सूखा खत्म करने का मौका है. पेस इस बार खिताब जीतकर अपने आपको साबित करना चाहेंगे.

विम्बलडन : नोवाक जोकोविक सेमीफाइनल में, एंडी मरे बाहर
03 July 2014
विंबलडन। सर्वोच्च वरीय सर्बिया के टेनिस स्टार नोवाक जोकोविक ग्रैंड स्लैम टेनिस टूर्नामेंट विम्बलडन के नौंवे दिन बुधवार को क्वार्टर फाइनल मुकाबला जीतकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर गए। पुरुष एकल वर्ग में हालांकि मौजूदा चैम्पियन इंग्लैंड के एंडी मरे को हारकर बाहर होना पड़ा। कोर्ट-1 पर बुधवार को हुए मुकाबले में जोकोविक ने पांच सेटों तक चले संघर्षपूर्ण मुकाबले में सिलिक को 6-1, 3-6, 6-7(4-7), 6-2, 6-2 से हरा दिया। यह मैच तीन घंटा 18 मिनट तक चला।
जोकोविक ने पहले सेट में सिलिक को मात्र 27 मिनट में मात देकर शानदार शुरुआत की, लेकिन दूसरे सेट में ही सिलिक ने जोरदार वापसी करते हुए उन्हें मात दे दी।
तीसरे सेट में जोकोविक ने संघर्ष करने की बहुत कोशिश की हालांकि इस सेट में भी उन्हें टाईब्रेकर में हार झेलनी पड़ी। इसके बाद जोकोविक ने अपनी लंबी स्टेमिना दिखाई और चौथे तथा पांचवें सेट में थक चुके सिलिक को आसान मात देकर मैच अपने नाम कर लिया। जोकोविक और सिलिक दोनों ही खिलाड़ियों ने 10-10 एस लगाए, बल्कि सिलिक ने जोकविक के 32 विनर्स की अपेक्षा 42 विनर्स लगाने में सफलता पाई। हालांकि छह डबल फाल्ट और 48 बेजा गलतियों का उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ा।
इससे पहले पुरुष एकल वर्ग के एक अन्य मुकाबले में मौजूदा चैम्पियन मरे बुल्गारिया के ग्रिगोर दिमित्रोव से हारकर बाहर हो गए।
तीसरे वरीय मरे को दिमित्रोव ने बुधवार को सेंटर कोर्ट पर हुए मुकाबले में सीधे सेटों में 6-1, 7-6(7-4), 6-2 से मात दे दी।दिमित्रोव ने इसके साथ ही किसी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहली बार प्रवेश किया। इससे पहले उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन इसी वर्ष आस्ट्रेलियन ओपन में रहा था, जहां वह क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय करने में सफल रहे थे।
दिमित्रोव ने पहले सेट में मात्र 25 मिनट में मरे को मात दे दी। इसके बाद दूसरे सेट में मरे ने संघर्ष कर वापसी की भरसक कोशिश की, हालांकि टाईब्रेकर तक खिंचे इसे सेट में भी उन्हें 4-7 से हार का सामना करना पड़ा। दूसरा सेट 61 मिनट तक चला। तीसरे सेट में दिमित्रोव एक बार फिर लय में लौटते नजर आए और 35 मिनट में यह सेट अपने नाम करते ही दिमित्रोव ने करियर के करियर के पहले ग्रैंड स्लैम सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली। दिमित्रोव ने मरे के पांच एस की अपेक्षा 10 एस लगाए। दिमित्रोव ने नेट पर शानदार प्रदर्शन किया और 22 में से 20 अवसरों पर नेट पर अंक हासिल करने में सफलता पाई।
दिमित्रोव का सेमीफाइनल में सर्वोच्च वरीय सर्बिया के नोवाक जोकोविक और क्रोएशिया के मैरीन सिलिक के बीच होने वाले मैच के विजेता से मुकाबला होगा।

अमेरिका को बाहर कर अंतिम ८ में बेल्जियम
03 July 2014
सल्वाडोर। केविन डी ब्रुएने और रोमेलू लुकाकू के अतिरिक्त समय में किये गये गोलों की बदौलत बेल्जियम ने अमेरिका को 2-1 से नॉकआउट कर अंतिम आठ का टिकट कटा लिया है जहां उसका मुकाबला अब अर्जेंटीना से होगा। मैच का पहला और फिर दूसरा हॉफ गोलरहित रहा और खिलाडिय़ों तथा स्टेडियम में बैठे सैंकड़ों अमेरिकी और बेल्जियम के दर्शकों की चिंता भी चरम पर पहुंच गई। रोमांचक इस मुकाबले के निर्धारित 90 मिनट खत्म होने के बाद अतिरिक्त समय में मैच का फैसला किया गया। मैच के 93वें मिनट में बेल्जियम के डी ब्रुएने ने अमेरिकी गोलकीपर टिम होवर्ड को छकाते हुये सात मीटर की दूरी से गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाकर आखिरकार टीम को 1-0 से बढ़त दिला दी। इस समय तक फोंटे नोवा एरिना में चिंता का माहौल था जबकि बेल्जियम बढ़त के साथ कुछ राहत महसूस कर रहा था। इसके बाद टीम के स्टार स्ट्राइकर लुकाकू ने बु्रएने के बेहतरीन पास पर 105वें मिनट में दूसरा गोल कर स्कोर 2-0 पहुंचा टीम की जीत लगभग सुनिश्चित कर दी। दूसरी आेर अमेरिकी फारवर्ड क्लांट डैम्पसी भी इस समय तक स्कोर बराबरी के करीब पहुंच गये थे लेकिन उनका शॉट सफल नहीं हो सका। बेल्जियम के कोच मार्क विल्मोट्स ने कहा, हमारे पास गोल करने के 15 मौके आये और मुझे लगता है कि हमने मुकाबले में पूरी तरह से नियंत्रण बनाकर रखा हुआ था। हम जीत के हकदार थे लेकिन आखिर में हमें एक गोल खाना भी पड़ा। हमारे खिलाडिय़ों ने क्वालिफाई करने के लिये अपनी क्षमताओं से अधिक प्रयास किया और अब पूरा बेल्जियम इस जीत का जश्न मना सकता है। बेल्जियम का क्वार्टरफाइनल में 5 जुलाई को अर्जेंटीना से मुकाबला होगा। इससे पहले एक अन्य अंतिम 16 मुकाबले में अर्जेंटीना ने भी अतिरिक्त समय में किये गये एकमात्र गोल की मदद से स्विट्जरलैंड को 1-0 से हराकर अंतिम आठ में प्रवेश किया था।
2019 एशियाई खेलों की मेजबानी को लेकर भारत को झटका
03 July 2014
नई दिल्ली। वर्ष 2019 के एशियाई खेलों की मेजबानी हासिल करने की भारत की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है.
दरअसल, एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) ने भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के उस अनुरोध को ठुकरा दिया जिसमें अंतिम दावेदारी करने से जुड़े दस्तावेज जमा करने के लिए समयसीमा में 15 दिनों के इजाफे की मांग की गई थी. अंतिम दावेदारी करने की समयसीमा मंगलवार को खत्म हो गई पर सरकार ने अब तक इस मुद्दे पर फैसला नहीं किया है. आईओए ने ओसीए को पत्र लिखकर समयसीमा बढ़ाने की मांग की थी पर उसके अनुरोध को नहीं माना गया.
ओसीए ने आईओए के भेजे अपने जवाब में कहा है कि वक्त की कमी के चलते यह मुमकिन नहीं है कि समयसीमा को बढ़ाया जाए. हमें इसका दुख है.

फीफा विश्व कप: अमेरिका को हराकर बेल्जियम क्वार्टर फाइनल में
02 July 2014
ब्राजील। केविन डि बूएन और रोमेलु लुकाकु के अतिरिक्त समय में किये गये गोल की बदौलत बेल्जियम ने एक रोमांचक मैच में अमेरिका को 2-1 से हराकर विश्व कप फुटबॉल के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया. बेल्जियम को क्वार्टर फाइनल में शनिवार को ब्रासीलिया में दो बार के विजेता अर्जेंटीना से भिड़ना होगा.
साल्वाडोर में अंतिम 16 के इस मुकाबले में नियमित समय तक कोई भी टीम गोल नहीं कर पायी थी. डि ब्रूएन ने 92वें मिनट में मैच का पहला गोल दागा. इस मिडफील्डर ने लुकाकु के पास पर गेंद को गोल के हवाले किया.
लुकाकु ने 106वें मिनट में बेल्जियम की बढ़त 2-0 कर दी. इस बार डि ब्रूएन ने उनकी मदद की. इससे टूर्नामेंट के छुपे रुस्तम माने जा रहे बेल्जियम की क्वार्टर फाइनल में जगह लगभग पक्की लगने लगी लेकिन अतिरिक्त समय के दूसरे हाफ में बायर्न म्यूनिख के किशोर खिलाडी जुलियन ग्रीन मैदान पर उतरे और उन्होंने आते ही गोल दाग दिया. बेल्जियम को इसके बाद कुछ तनावपूर्ण क्षणों से गुजरना पड़ा था. बेल्जियम का विश्व कप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1986 में रहा था. तब वह सेमीफाइनल में पहुंचा था.

फिक्सिंग में शामिल रहने पर ईसीबी ने लगाया आजीवन प्रतिबंध: विंसेंट
02 July 2014
लंदन / वेलिंगटन। न्यूजीलैंड के कलंकित क्रिकेटर लू विंसेंट के मैच फिक्सिंग में शामिल रहने की बात सार्वजनिक रू प से कबूल करने और खेल व अपने देश को शर्मसार करने के लिए ‘दिल से माफी’ मांगने के कुछ घंटों बाद ही इंग्लैंड व वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने उन पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया। विंसेंट ने भावनात्मक बयान में कहा- मेरा नाम लू विंसेंट हैं और मैं धोखेबाज हूं। मैंने फिक्सिंग के लिए पैसे लेकर कई अवसरों पर पेशेवर खिलाड़ी के रू प में अपने पद का दुरुपयोग किया। उन्होंने कहा कि मैं पिछले कई सालों तक इस कड़वी सच्चाई के साथ जीता रहा लेकिन कुछ महीने पहले मैं उस स्थिति में पहुंचा जहां मैंने फैसला किया कि मुझे आगे आकर सच्चाई बयां करनी चाहिए।
विंसेंट ने कहा कि यह सच्चाई है जिसने न्यूजीलैंड और दुनिया भर में हंगामा खड़ा कर दिया। मैंने अपने देश को शर्मसार किया, मैंने अपने खेल को शर्मसार किया, मैंने उन लोगों को शर्मसार किया जो मेरे करीबी है और इस पर मुझे गर्व नहीं है। इस बयान के कुछ घंटे बाद ही विंसेंट पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया। ईसीबी ने अपने बयान में कहा- इंग्लैंड व वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने आज घोषित किया कि न्यूजीलैंड के पूर्व क्रिकेटर लू विंसेंट को क्रिकेट से आजीवन प्रतिबंधित किया गया है। उन्होंने ईसीबी के भ्रष्टाचार निरोधक नियमों का उल्लंघन करने की बात स्वीकार की थी जिसके बाद यह फैसला किया गया।
ईसीबी ने बयान में कहा कि विंसेंट को 18 नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया गया। इनमें चार उल्लंघन लंकाशर और डरहम के बीच जून 2008 में टी20 मैच से संबंधित है। बाकी 14 आरोप होव में 2011 में खेले गए दो मैचों से जुड़े हैं। इनमें ससेक्स और लंकाशर के बीच टी20 मैच और ससेक्स और केंट के बीच सीबी-40 मैच शामिल है। विंसेंट पर चैंपियंस लीग ट्वेंटी-20 ने भी आजीवन प्रतिबंध लगाया है। चैंपियंस लीग टी20 ने बयान में कहा कि चैंपियंस लीग ट्वेंटी-20 घोषणा करता है कि आकलैंड एसेस के पूर्व बल्लेबाज लू विंसेंट को स्पॉट फिक्सिंग से जुड़े सात आरोपों का दोषी पाए जाने के बाद टूर्नामेंट में भाग लेने से आजीवन प्रतिबंधित किया गया है।
यह पाया गया है कि विंसेंट ने दक्षिण अफ्रीका में 2012 में खेली गई चैंपियंस लीग के दौरान आकलैंड एसेस के दो मैचों में गड़बड़ी करने की कोशिश की थी। विंसेंट ने इसके अलावा स्वीकार किया है कि उन्होंने भंग इंडियन क्रिकेट लीग के दौरान भी मैच फिक्स करने के लिए रिश्वत ली थी। उन्हें पिछले साल बांग्लादेश प्रीमियर लीग के दौरान सट्टेबाजों द्वारा संपर्क किए जाने की रिपोर्ट नहीं करने का दोषी भी पाया गया है।
न्यूजीलैंड की तरफ से 23 टेस्ट मैच खेलने वाले 35 वर्षीय विंसेंट ने कहा कि मेरा खुद पर से भरोसा उठ गया। मैंने उस खेल से धोखा किया जिसे मैं चाहता हूं। मुझे अब चीजों में सुधार करना होगा। सच्चाई सामने लाकर कि मैंने गलत काम किया था, एकमात्र रास्ता है जिससे मैं चीजों को फिर से सही ढर्रे पर लाने की शुरुआत कर सकता हूं। ईसीबी ने कहा कि विंसेंट पर जो 18 आरोप लगाए गए थे उनमें से 11 में आजीवन प्रतिबंध का प्रावधान है। ईसीबी ने कहा कि ईसीबी भ्रष्टाचार निरोधक संहिता के अनुसार विंसेंट ने सभी तरह कि क्रिकेट से आजीवन प्रतिबंध स्वीकार कर लिया है। उनके 11 अपराधों में आजीवन प्रतिबंध का प्रावधान है।
बयान के अनुसार- प्रतिबंध लगने के बाद वह ईसीबी, आइसीसी और अन्य राष्ट्रीय क्रिकेट बोर्डों से मंजूरी या मान्यता प्राप्त किसी भी क्रिकेट में खिलाड़ी, कोच या अन्य किसी भी रूप में भाग नहीं ले सकते हैं। प्रतिबंध को ईसीबी के स्वतंत्र क्रिकेट अनुशासन आयोग की मंजूरी मिलना जरू री है। इस पूर्व सलामी बल्लेबाज ने कहा कि अपनी पत्नी की प्रेरणा से ही वह सच बोलने का साहस जुटा पाए। उन्होंने कहा कि अब मेरे लिए समय आ गया है कि मैं इंसान के रू प में उनका सामना करूं और जो भी परिणाम हों उन्हें स्वीकार करूं। मैं अपनी गलतियों के साथ नहीं जी सकता और अपनी भावी पत्नी सूसी से मिलने, बिना शर्त का प्यार क्या होता है यह जानने के बाद, मैंने उसे यह बता पाया कि मैंने क्या किया है और उसने मेरे माता पिता, मेरे सारे परिवार और फिर संबंधित अधिकारियों को बताने के पीड़ादायक कदम को उठाने में मेरी मदद की।
ईसीबी के मुख्य कार्यकारी डेविड कोलियर ने कहा कि उनके बोर्ड और आईसीसी की भ्रष्टाचार निरोधक एवं सुरक्षा इाकई के बीच प्रभावी समन्वय से ही विंसेंट को पकड़ा जा सका। उन्होंने कहा कि यह जटिल मामला था जिसमें क्रिकेट से जुड़े कई अधिकार क्षेत्र शामिल थे। इसमें हमारी भ्रष्टाचार निरोधक इकाई, अन्य घरेलू बोर्डो और आईसीसी की एससीएसयू के बीच करीबी सहयोग की जरूरत थी। हमें खुशी है कि इस मसले का संतोषजनक हल निकल गया।
विंसेंट ने अपने बयान में आगे कहा है कि अपना अपराध स्वीकार करने के बाद वह अपने बच्चों से आंख मिला सकते हैं। उन्होंने कहा कि मैं जिन लोगों को चाहता हूं मुझे उन पर गर्व है, विशेषकर मेरा परिवार और दोस्त। उनकी ताकत, समर्थन और क्षमा के कारण मैं कुछ गहरे और असहज मसलों से निबट पाया। विंसेंट ने कहा कि मैं अब अपने बच्चों से आंख मिला सकता हूं। मैं उन्हें कह सकता हूं कि ईमानदारी सबसे अच्छी नीति है। हालांकि एक समय यह सबसे मुश्किल काम लगता था। मैं अब एक इंसान के रूप में खुद पर भरोसा करता हूं और अब मैं हर सुबह खुद को घृणित मानकर नहीं उठता हूं।
विंसेंट ने कहा कि आज वह दिन है जब लोगों, क्रिकेट जगत, इसके प्रशंसकों, समर्पित कोचों, स्टाफ और पूर्व और वर्तमान समय के खिलाड़ियों से मैं दिल से माफी की पेशकश करता हूं। विंसेंट ने आईसीसी भ्रष्टाचार निरोधक व सुरक्षा इकाई का भी अपनी गलतियां स्वीकार करने के दौरान उनका समर्थन करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने इसके साथ ही कहा कि वह तनाव से गुजर रहे थे। इस क्रिकेटर ने कहा कि मैंने जो हरकतें की मुझे उसका जीवन भर खेद रहेगा।
उन्होंने इसके साथ ही उम्मीद जतायी कि उनका मामला उन लोगों के लिए एहतियात का काम करेगा जो भ्रष्ट तत्वों की चपेट में आ जाते हैं। विंसेंट ने कहा कि लंबे समय बाद पहली बार मैं अपने भविष्य को लेकर सकारात्मक हूं। मैं आखिर में वैसा इंसान बन गया जैसा मैं बनना चाहता था। मुझे अपनी गलतियों का सामना करना होगा और उन्हें सुधारना होगा। मैंने लंबे समय तक अपना सिर नीचे करके रखा। आज मैं सिर उठाकर चल सकता हूं क्योंकि मैं जानता हूं कि मैं अब सही काम कर रहा हूं।
उन्होंने इसके साथ ही कहा कि उन्हें जो भी सजा मिलेगी उसे वह स्वीकार करेंगे। विंसेंट ने कहा कि यह पूरी तरह से मेरी गलती है और मैं फिर से इस खेल में खड़ा नहीं हो सकता। यह पूरी तरह से मेरी गलती है कि मैं भविष्य के क्रिकेटरों को तैयार करने के लिए अपने कौशल का सकारात्मक उपयोग नहीं कर पाऊंगा। लेकिन यह संभव है कि मैं अन्य को बता सकता हूं कि कभी कोई गलत काम नहीं करना।
इंग्लैंड के साथ आगे भी खेली जाएगी पांच टेस्ट मैचों की सीरीज
02 July 2014
मुंबई। बीसीसीआई सचिव संजय पटेल ने कहा है कि भारत और इंग्लैंड भविष्य में भी पांच टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेलेंगे जबकि अब तक तीन या चार टेस्ट की श्रृंखलायें खेलते आये हैं .
पटेल ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा ,‘‘ अगले आठ साल के चक्र में : 2015 से 2023 तक : इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट की श्रृंखला होगी जबकि आस्ट्रेलिया से चार टेस्ट खेलेंगे .’’ पटेल ने कहा कि नये एफटीपी करार और सहमति पत्र पर सभी दस पूर्णकालिक टेस्ट देशों ने दस्तखत किये हैं .
नये एफटीपी के तहत भारत हर सत्र में अक्तूबर से मार्च के बीच में दो घरेलू टेस्ट श्रृंखलायें खेलेगा बशर्ते उसे आस्ट्रेलिया दौरा ना करना होगा . आस्ट्रेलिया को मेलबर्न में बाक्सिंग डे टेस्ट की मेजबानी का अधिकार मिला हुआ है .
वेस्टइंडीज टीम इस सत्र में चार अक्तूबर से 18 नवंबर तक भारत दौरा करके तीन टेस्ट और बेस्ट आफ फाइव वनडे श्रृंखला खेलेगी . इससे पहले 14 सितंबर से चार अक्तूबर तक चैम्पियंस लीग टूर्नामेंट भारत में ही खेला जायेगा .

अफ्रीकी उम्मीदों को तोड़कर फ्रांस और जर्मनी क्वार्टर फाइनल में
01 August 2014
ब्राजील। तीन बार के विश्व चैंपियन जर्मनी ने अतिरिक्त समय में दो गोल दागकर अल्जीरिया की जुझारू टीम को -1 से जबकि फ्रांस ने नाइजीरिया को 2-0 से हराकर विश्व कप फुटबाल में अफ्रीकी उम्मीदों को समाप्त करने के साथ ही एक दूसरे के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में रोमांचक जंग की नींव रखी।
अल्जीरिया को मैच से पहले ही कमतर आंका जा रहा था लेकिन उसने जर्मनी को कम से कम 90 मिनट के नियमित समय में गोल नहीं करने दिया। यह अलग बात थी कि मैच में जर्मनी का खेल बेहतर रहा लेकिन वह नियमित समय में अल्जीरियाई रक्षण विशेषकर उसके गोलकीपर अब्दुलमोउमेन दोबू की दीवार को भेदने में नाकाम रहा। जर्मनी ने आखिर में अपनी कुशलता का परिचय दिया और बढ़त बनायी।
मध्यांतर के बाद मारियो गोएट्ज की जगह मैदान पर उतरे चेल्सी के फारवर्ड आंद्रे शुर्ले ने अतिरिक्त समय के दूसरे मिनट में थामस मुलर के क्रास पर फ्लिक करके पहला गोल किया जबकि आर्सनल की तरफ से खेलने वाले मेसुट ओजिल ने 120वें मिनट में विजयी गोल दागा। अब्दुलमोउमेन दोबू ने इंजुरी टाइम के पहले मिनट में अल्जीरिया की तरफ से गोल किया लेकिन उससे हार का अंतर ही कम हो पाया। जर्मनी यूरोप के अपने प्रतिद्वंद्वी फ्रांस से शुक्रवार को रियो डि जनेरियो के ऐतिहासिक मकराना स्टेडियम में क्वार्टर फाइनल मैच खेलेगा। फ्रांस ने इससे पहले ब्रासिलिया में नाईजीरिया को 2-0 से हराया था। फ्रांस और जर्मनी के बीच यह मुकाबला 1986 के विश्व कप के सेमीफाइनल की पुनरावृत्ति होगा जिसमें तत्तकालीन पश्चिम जर्मनी ने जीत दर्ज की थी।
यदि पहले हाफ में स्पोर्टिंग लिस्बन के स्ट्राइकर इस्लाम सिलमानी का गोल आफ साइड होने के कारण अमान्य करार नहीं दिया जाता तो फिर जर्मनी मुसीबत में पड़ सकता था। जर्मनी के पास आया पहला सर्वश्रेष्ठ मौका अल्जीरिया के गोलकीपर राइस मबोही ने अपनी चपलता से नाकाम साबित किया। उन्होंने पहले टोनी क्रूस और बाद में मारिया गोएट्ज के रिबाउंड को रोका। शुर्ले ने मध्यांतर के बाद मैदान पर उतरे ही अपना प्रभाव छोड़ा। उनका 48वें मिनट में लगाया गया शाट बेहद करीब से बाहर किया गया। मबोही ने इसके बाद हवा में लहराते हुए अपनी उंगलियों के सहारे फिलिप लैम के प्रयास के असफल किया।
जब दोनों टीमें निर्धारित समय में गोल नहीं कर पाई तो खेल अतिरिक्त समय तक खिंच गया। शुर्ले आखिर में मबोही नाम की दीवार को पार करने में सफल रहे। ओजिल ने अतिरिक्त समय के आखिरी मिनट में गोल दागा जबकि इसके तुरंत बाद दोबू ने गोल किया। उधर ब्रासीलिया में खेले गए अंतिम 16 के मुकाबले में फ्रांस और नाईजीरिया में से कोई भी पहले हाफ में गोल नहीं कर पाया था। फ्रांस की तरफ से युवेंटस के स्टार पाल पोग्बा ने 79वें मिनट नाइजीरियाई गोलकीपर विंसेंट एनयीमा को छकाते हुए हेडर पर गोल किया। इसके बाद इंजुरी टाइम में मथियू वाल्बूना के क्रास पर जोसेफ योबो ने गेंद अपने ही गोल में डाल दी थी।
नाइजीरिया के लिये एमैन्युअल एमेनाइक ने 19वें मिनट में पहला मूव बनाया और उन्हें लगा कि अहमद मूसा के पास पर उन्होंने गोल कर दिया है लेकिन रैफरी ने उसे आफसाइड करार दिया। फ्रांस को 40वें मिनट में गोल करने का मौका मिला था जब मथियू ने डेबूची को सर्कल के भीतर गेंद सौंपी लेकिन उनका निशाना चूक गया। फ्रांसीसी स्ट्राइकर ओलिवियर गिरोड और करीम बेंजेमा पहले हाफ में नाइजीरिया के मजबूत डिफेंस के आगे कुछ नहीं कर सके। दूसरे हाफ में नाइजीरिया ने तेज शुरुआत की। ओडेमविंजी गोल करने के करीब पहुंचे लेकिन फ्रांसीसी कप्तान हुजो लोरिस ने उन्हें कामयाबी नहीं मिलने दी।
गिरोड की जगह अंतोइने ग्रिएजमैन को उतारने का फ्रांसीसी कोच का फैसला सही साबित हुआ जिनके आने से खेल में तेजी आई। बेंजेमा 70वें मिनट में पहली बार खतरनाक दिखे लेकिन विक्टर मोसेस ने उन्हें भी सफलता से वंचित रखा। लगातार हमलों का फायदा फ्रांस को मिला जब पोग्बा ने आठवें कार्नर पर टीम को सफलता दिलाई। यह अभी तक चट्टान की तरह गोल के सामने टिके रहे एनयीमा की पहली गलती थी। फ्रांस ने अतिरिक्त समय में बढत दुगुनी कर ली जब मथियू से गेंद छीनने के प्रयास में योबो ने आत्मघाती गोल किया।

जर्मनी विश्वकप के क्वार्टर फाइनल में
01 August 2014
ब्राजील। आंद्रे शुर्ले और मेसुट ओजिल के अतिरिक्त समय में किए गए गोल की मदद से जर्मनी ने सोमवार को पोटरे अलेग्रे अंतिम-16 के मुकाबले में अल्जीरिया को 2-1 से हराकर विश्वकप फुटबॉल के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई जहां उसका मुकाबला फ्रांस से होगा। दोनों टीमें निर्धारित समय तक गोलरहित बराबरी पर थी जिसके बाद चेल्सी के फारवर्ड शुर्ले ने 92वें मिनट में पहला गोल किया जबकि आर्सनल की तरफ से खेलने वाले ओजिल ने 120वें मिनट में विजयी गोल दागा।
अब्दुलमोउमेन दोबू ने इंजुरी टाइम के पहले मिनट में अल्जीरिया की तरफ से गोल करके हार का अंतर कम किया। अल्जीरिया पहली बार विश्वकप नॉकआउट में पहुंचा था और उसने तीन बार के विश्व चैंपियन को कड़ी मशक्कत करवाकर सम्मान के साथ विदाई ली।
पहले हाफ में स्पोर्टिंग लिस्बन के स्ट्राइकर इस्लाम सिलमानी का गोल ऑफ साइड होने के कारण अमान्य करार दिया गया जबकि जर्मनी के पास आया पहला सर्वश्रेष्ठ मौका अल्जीरिया के गोलकीपर राइस मबोही ने अपनी चपलता से नाकाम साबित किया।
उन्होंने पहले टोनी क्रूस और बाद में मारिया गोएट्ज के रिबाउंड को रोका। जर्मनी के कोच जोचिम लोउ ने मध्यांतर के बाद गोएट्जे की जगह शुर्ले को मैदान पर उतारा और उन्होंने आते ही अपना प्रभाव छोड़ा। शुर्ले का 48वें मिनट में लगाया गया शाट बेहद करीब से बाहर किया गया।
मबोही ने इसके बाद हवा में लहराते हुए अपनी उंगलियों के सहारे फिलिप लैम के प्रयास के असफल किया।
जब दोनों टीमें निर्धारित समय में गोल नहीं कर पायी तो खेल अतिरिक्त समय तक खिंच गया। शुर्ले आखिर में मबोही नाम की दीवार को पार करने में सफल रहे। उन्होंने 92वें मिनट में मुलर के क्रास पर गोल के करीब से फ्लिक करके गेंद जाली में भेजी।
इसके बाद ओजिल ने गोल दागा जबकि इसके तुरंत बाद दोबू ने गोल किया। फ्रांस और जर्मनी के बीच शुक्रवार को रियो डि जनेरियो के मकराना में क्वार्टर फाइनल मैच होगा। यह 1986 के विश्वकप के सेमीफाइनल की पुनरावृत्ति होगी जिसमें तत्तकालीन पश्चिम जर्मनी ने जीत दर्ज की थी।
FIFA: अमेरिका और बेल्जियम में होगी कड़ी टक्कर
01 August 2014
साल्वाडोर। फीफा वर्ल्ड कप में अमेरिका और बेल्जियम क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने के लिए आज आमने-सामने होंगे. अमेरिका ने अभी तक वर्ल्ड कप में उम्मीदों के विपरीत कार्य किया है. आज अमेरिका बेल्जियम के खिलाफ अंतिम 16 के मैच में रक्षण की रणनीति के साथ मैदान पर उतरेगा.
अमेरिकी कोच जर्गेन क्लिंसमैन का मानना है कि अगर उनकी टीम को टूर्नामेंट में छुपा रुस्तम माने जा रहे बेल्जियम को हराना है तो बेहतर प्रदर्शन करना होगा. उनकी सबसे बड़ी चिंता आक्रमण को लेकर है. पहले चरण की समाप्ति के बाद फीफा ने जो आंकड़ें जारी किये उसके अनुसार अमेरिका ने तीन मैचों में केवल 72 बार हमले किये और इस श्रेणी में वह 32 टीमों में 31वें स्थान पर रहा.
अमेरिका की स्थति अधिक मजबूत लग रही है. अमेरिका ने टूर्नामेंट से पहले की सभी भविष्यवाणियों को गलत साबित करते हुए ग्रुप जी में जर्मनी के बाद दूसरा स्थान हासिल किया था. इस ग्रुप में कई दिग्गज टीमें है, जिन्हें पछाड़कर अमेरिका ने अंक तालिका में अपना दूसरा स्थान बरकरार रखा. आज होने वाले मुकाबले में दोनों ही टीमें अपना सब कुछ झोंक देंगी.

गौरतलब है कि नॉकआउट सिस्टम में जो भी टीम हारेगी उसकी टूर्नामेंट से रवानगी होनी तय है.

ब्राजील : फीफा वर्ल्ड कप प्री क्वार्टर फाइनल की जंग में जर्मनी ने अल्जीरिया को हराकर अंतिम आठ में जगह बना ली है. जर्मनी ने यह मुकाबला 2-1 से अपने नाम किया. आंद्रे शुर्ले और मेसुट ओजिल के अतिरिक्त समय में किये गये गोल की मदद से जर्मनी ने अल्जीरिया को वर्ल्ड कप से बाहर का रास्ता दिखाया.
मैच में दोनों ही टीमें शुरुआत में कोई गोल नहीं कर सकी थी. इसी बीच 92 वें मिनट में फारवर्ड शुर्ले ने पहला गोल व ओजिल ने 120 वें मिनट में दूसरा और विजयी गोल किया. अब्दुलमोउमेन दोबू ने इंजरी टाइम के पहले मिनट में अल्जीरिया की तरफ से गोल करके हार का अंतर कम किया.
अल्जीरिया पहली बार विश्व कप नाकआउट में पहुंचा था और उसने तीन बार के विश्व चैंपियन को कड़ी मशक्कत करवाकर सम्मान के साथ विदाई ली. दोनों ही टीमों ने निर्धारित समय तक कोई गोल नहीं किया था इसलिए मैच में कोई निर्णय निकले, उसके लिए अतिरिक्त समय दिया गया था.
गौरतलब है कि फ्रांस और जर्मनी के बीच शुक्रवार को रियो डि जनेरियो के मकराना में क्वार्टर फाइनल मैच होगा.

संपादकीय

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