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बच्चों को शिक्षित के साथ संस्कारवान तथा संवेदनशील नागरिक बनाना जरूरी
Our Correspondent :19 December 2014
भोपाल । जनसंपर्क, ऊर्जा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा तथा खनिज साधन मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि बच्चों को शिक्षित करने के साथ ही संस्कारवान तथा संवेदनशील नागरिक बनाना आज की जरूरत है। इससे बच्चे अच्छे नागरिक बनकर देश-प्रदेश का नाम रोशन कर सकेंगे। श्री शुक्ल आज यहाँ बोर्डिंग स्कॉलर प्ले-ग्रुप और नर्सरी स्कूल के 10वें वार्षिक समारोह यूपोहरि-2015 को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर विभागाध्यक्ष शिक्षा विभाग सत्य सांईं कॉलेज डॉ. सरोज गुप्ता विशेष अतिथि के रूप में मौजूद थीं।
श्री शुक्ल ने कहा कि बच्चे गीली मिट्टी के लोंदे के समान होते हैं। उसे जैसा चाहो आकार दे दो। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों को संस्कारवान नागरिक बनाने के लिये शुरूआती दौर में बुनियादी शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। जनसंपर्क मंत्री ने कहा कि वर्तमान युग प्रतिस्पर्धा तथा चुनौतियों से भरा है। इसे ध्यान में रखते हुए ही बच्चों को शिक्षा दी जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि बच्चे स्वभाव से ही नटखट होते हैं और ज्यादा देर तक किसी चीज पर केन्द्रित नहीं रह पाते। उनके नटखटपन को बनाये रखते हुए शिक्षित करने के साथ ही संस्कारवान बनाने के लिये बोर्डिंग स्कॉलर प्ले-ग्रुप और नर्सरी स्कूल बखूबी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहा है।
जनसंपर्क मंत्री ने नोबल शांति पुरस्कार से विभूषित कैलाश सत्यार्थी का उल्लेख करते हुए कहा है कि हमें उनसे प्रेरणा लेना चाहिये। उन्होंने बचपन बचाओ अभियान में अपने आप को समर्पित कर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।
श्री शुक्ल ने इस मौके पर विभिन्न प्रतियोगिता के विजेता नन्हे-मुन्ने बच्चों को पुरस्कृत कर उन्हें दुलार भी किया। जनसंपर्क मंत्री का नन्हे बच्चों ने अपने तरीके से स्वागत किया। संस्थान की संचालक एवं प्राचार्य डॉ. सीमा पचौरी ने गतिविधियों की जानकारी दी।


'मेगा मध्यप्रदेश क्विज'
(मध्यप्रदेश सामान्य ज्ञान पर आधारित ओपन क्विज)


शासकीय मौलाना आज़ाद सेंट्रल लाइब्रेरी इस रविवार 'मध्यप्रदेश' के इतिहास,संस्कृति एवं शासन व्यवस्था पर केंद्रित एक मेगा क्विज आयोजित कर रही है
अगले माह आयोजित होने वाली 'MPPSC प्रारंभिक परीक्षा' को ध्यान में रखकर आयोजित की जा रही क्विज पूरी तरह से निःशुल्क एवं सबके लिए ओपन है
इस अवसर पर MPPSC के पूर्व टॉपर एवं राज्य प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी छात्रों का मार्गदर्शन भी करेंगें

आयोजन के बारे में

क्विज का नाम - मीट द ऑथर
दिनांक - कोई लोकप्रिय लेखक रीडर्स से अपनी पुस्तकों पर चर्चा करता है
स्थान - 01 जुलाई 2014 (मंगलवार )
आयोजक - सायं 6 से 7 बजे तक
सह आयोजक - स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी
क्विज के बारे में - राघव चंद्रा
थीम - सेंट ऑफ़ ए गेम
क्विज की भाषा - वाइल्ड लाइफ से जुड़ा एक फिक्शन
क्विज का स्वरुप - रूपा पब्लिकेशन्स दिल्ली
क्विज मास्टर शिवेन्दु जोशी (NLIU भोपाल के पूर्व छात्र, पर्यावरण मामलों के विशेषज्ञ)

क्विज कैसे होगी -

क्विज का पहला राउंड स्क्रीनिंग राउंड होगा
स्क्रीनिंग में अधिकतम 250 टीमें भाग ले सकेंगी
स्क्रीनिंग टेस्ट एक लिखित टेस्ट होगा
स्क्रीनिंग टेस्ट में सबसे अच्छा स्कोर करने वाली 6 टीमें फाइनल क्विज खेलेंगी
फाइनल क्विज एक मौखिक क्विज होगी

फाइनल क्विज के टॉपिक्स

मध्यप्रदेश सरकार की प्रमुख नीतियाँ,योजनाएं एवं प्रशासनिक पहलें
पिछले वर्ष प्रदेश में हुए प्रमुख आयोजन एवं दिए गए पुरूस्कार
मध्यप्रदेश के चर्चित व्यक्ति
मध्यप्रदेश के प्रमुख सांस्कृतिक,धार्मिक एवं औद्योगिक केंद्र
मध्य प्रदेश के बारे में नवीनतम आंकड़े
मध्यप्रदेश के प्रमुख पदाधिकारी एवं संस्थाएं
मध्यप्रदेश में खेल प्रशासन एवं उपलब्धियां
मध्यप्रदेश के प्रमुख एक्टस

भाग कैसे ले सकते हैं

- कोई भी इच्छुक व्यक्ति इस क्विज में भाग ले सकता है
- क्विज में भाग लेने के लिए 02 लोगों की टीम जरुरी होगी
- भाग लेने के लिए शनिवार शाम 5 बजे तक लाइब्रेरी काउंटर पर रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है
- फ़ोन से भी रजिस्ट्रेशन कराये जा सकते हैं (फ़ोन नंबर है -2741317 )
- क्विज में अधिकतम 250 टीमें ही भाग ले सकती हैं

 

मीट द ऑथर कार्यक्रम (लेखक राघव चंद्रा के साथ)


स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी की राष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय रही साहित्यिक सीरीज 'मीट द ऑथर' एक बार फिर शहर के पाठकों के लिए शुरू की जा रही है इस मंगलवार (01 जुलाई ) को लाइब्रेरी में एक बार 'मीट द ऑथर' कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा जिसमे 'सेंट ऑफ़ ए गेम' नामक पुस्तक के लेखक 'राघव चंद्रा' रीडर्स से रूबरू होंगें कार्यक्रम शाम को 6 बजे से लाइब्रेरी में आयोजित किया जाएगा जिसमे शहर का कोई भी पाठक भाग ले सकता है

मीट द ऑथर

कार्यक्रम का नाम - मीट द ऑथर
क्या होता है इसमें - कोई लोकप्रिय लेखक रीडर्स से अपनी पुस्तकों पर चर्चा करता है
दिनांक - 01 जुलाई 2014 (मंगलवार )
समय - सायं 6 से 7 बजे तक
स्थान - स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी लेखक - राघव चंद्रा
पुस्तक का नाम - सेंट ऑफ़ ए गेम
पुस्तक किस बारे में है - वाइल्ड लाइफ से जुड़ा एक फिक्शन
प्रकाशक - रूपा पब्लिकेशन्स दिल्ली
लेखक के बारे में मीट द ऑथर कार्यक्रम में आ रहे 'राघव चंद्रा' मध्य प्रदेश कैडर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी हैं, वर्तमान में दिल्ली में पदस्थ 'राघव चंद्रा' की पहली पुस्तक 'सेंट ऑफ़ ए गेम' के नाम पिछले माह प्रतिष्ठित प्रकाशक रूपा पब्लिकेशन से प्रकाशित हुई है

 

"लेट्स प्ले"- जर्मन थिएटर वर्कशॉप


'भारत में जर्मन भाषा के 100 साल पूरे होने पर जर्मन सरकार का आयोजन'

1914 में पहली बार भारत में 'जर्मन लैंग्वेज' की पढाई शुरू हुई थी, पुणे और बम्बई विश्वविद्यालयों में एक साथ शुरू हुई जर्मन भाषा अब भारत में अपने 100 साल पूरी कर चुकी है. इस महत्वपूर्ण अवसर को यादगार बनाने के लिए जर्मन सरकार देश भर में विशेष आयोजन कर रही है
स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी भी जर्मन सरकार के सहयोग से पिछले 4 वर्षों से 'जर्मन भाषा की ट्रेनिंग' दे रही है इसलिए जर्मन भाषा के 100 वर्ष पूरे होने पर यहाँ भी एक विशेष आयोजन किया जा रहा है
नई दिल्ली स्थित जर्मन सरकार की सांस्कृतिक संस्था 'मैक्स मूलर भवन' (गेटे इंस्टिट्यूट) के सहयोग से स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी में आगामी 12 मई (सोमवार) को जर्मन थिएटर वर्कशॉप का आयोजन किया जा रहा है
पूरी तरह से निःशुल्क इस वर्कशॉप में केवल 10 से 13 वर्ष की आयु के स्कूली बच्चे ही भाग ले सकते हैं पूरी वर्कशॉप इंग्लिश में होगी इसलिए इसमें भाग लेने के लिए जर्मन भाषा का ज्ञान होना जरुरी नहीं है

कार्यक्रम एक नज़र में

कार्यक्रम का नाम - लेट्स प्ले
क्या है कार्यक्रम - जर्मन थिएटर वर्कशॉप
किसके लिए - 10 से 13 साल के स्कूली बच्चों के लिए (कक्षा 6 से 8)

आयोजन किसका है

कौन आयोजित कर रहा है - स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी
किसके सहयोग से - मैक्स मूलर भवन नई दिल्ली (जर्मन सरकार)
किस अवसर पर - भारत में जर्मन भाषा टीचिंग के 100 साल पूरे होने पर

कहाँ और कब होगा आयोजन

कहाँ होगा आयोजन - स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी
दिन व दिनांक - सोमवार , 12 मई 2014
समय - सुबह 11 बजे से
समयावधि - एक वर्कशॉप 90 मिनिट की (कुल 02 वर्कशॉप्स)

कैसे भाग ले सकते हैं

कौन भाग ले सकता है - 10 से 13 वर्ष का कोई भी स्कूली छात्र
भाग लेने के लिए क्या जर्मन जानना जरुरी है - बिलकुल भी नहीं
कैसे भाग ले सकते हैं - लाइब्रेरी जाकर या फ़ोन करके रजिस्ट्रेशन कराएं
फ़ोन नंबर है - 2553765 एवं 2553767
कितने लोग भाग ले सकते हैं - 50 (हर वर्कशॉप में अधिकतम 25 छात्र)
रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि - 10 मई 2014

कौन सिखाएगा,क्या सिखाएगा

वर्कशॉप की थीम - जर्मन थिएटर पेडागॉगी
ट्रेनर - जूडिथ मानके (जर्मन थिएटर आर्टिस्ट)
क्या सिखाया जायेगा - अपने आप को स्टेज पर एक्सप्रेस कैसे करें
ट्रेनिंग तकनीक - थिएटर गेम्स एवं इम्प्रो टेक्निक्स
कोर वैल्यू - Follow your first idea, find your moment, be brave, go on stage and start to play

"माया एन्गेलो" पर क्लब इंक का विशेष सत्र
सुप्रसिद्ध अमेरिकी लेखिका 'माया एन्गेलो' पर केंद्रित क्लब इंक का विशेष सत्र आज स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी में आयोजित किया गया. इस अवसर पर शहर के रीडर्स ने माया के जीवन और उसकी राइटिंग स्टाइल पर चर्चा की और उनकी कविताएं पढ़ीं।
रीडर्स का मानना था कि हालांकि माया की राइटिंगस थोड़ा एग्रेसिव है पर जिस खूबसूरती के साथ उन्होंने समाज के 'नेग्लेक्टेड' (किनारे कर दिए गए) लोगों की आवाज़ को दुनिया के सामने रखा है वैसा आज तक कोई नहीं कर पाया इसलिए इतिहास में तो उनका नाम दर्ज हो ही चुका है आगे भी उनकी यह विशिष्ठ लेखनी समाज का मार्गदर्शन करती रहेगी

कार्यक्रम एक नज़र में -

कार्यक्रम का नाम - मेमोरेबिलिया : आ रीडर्स डिस्कशन ऑन माया एन्गेलो
कब - रविवार दोपहर 12 बजे
कहाँ - स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी भोपाल
आयोजक - क्लब इंक (लाइब्रेरी का रीडर्स क्लब)
कार्यक्रम में क्या हुआ

स्काइप द्धारा दुनिया के कई कोनों से लोग इस कार्यक्रम से जुड़े

भोपाल के बाहर रह रहे कई लोगों ने इस कार्यक्रम से जुड़ने की इच्छा व्यक्त की थी, इसलिए स्काइप के माध्यम से इन लोगों (लेखक एवं पाठक) को लाइब्रेरी में चल रहे कार्यक्रम से जोड़ा गया. ऑनलाइन ऑफलाइन दोनों स्तर पर 2 घंटे तक माया की पोएट्री पर चर्चा होती रही
दिल्ली की स्कूली छात्रा एवं 5 प्रकाशित पुस्तकों की लेखिका 'त्रिवर्णा हरिहरन' ने माया की पोयम्स को सुनाया और माया की लेखनी के फंडामेंटल्स लोगों के साथ शेयर किये

लाइब्रेरी के सीनियर मेंबर्स ने बताया कि "माया क्यों अलग हैं''

माया को पढ़ चुके लाइब्रेरी के सीनियर्स मेंबर्स ने कुछ हद तक महिलावादी एवं मानव स्वभाव में मौजूद सकारात्मकता और नकारात्मकता की गहरी खाई को समझाने वाला बताया
डॉ अमिता सिंह का कहना था कि 'वे जबरदस्त आंतरिक सुंदरता की धनी महिला थीं , उन्होंने अपने बेहद बुरे अतीत से सफलतापूर्वक छुटकारा पाकर विचारणीय मुद्दों को समाज के सामने रखा'

माया एन्गेलो पर केंद्रित विशेष न्यूज़लेटर 'इंकलेट' जारी किया गया

इस अवसर को यादगार बनाने के लिए क्लब इंक ने 'माया एन्गेलो' पर विशेष न्यूज़लेटर भी जारी किया, इस न्यूज़लेटर में माया को विशेष श्रद्धांजलि दी गयी तथा उनपर केंद्रित दुनिया भर के रीडर्स की रचनायें शामिल की गयीं दो अमेरिकी स्कूली छात्रों ने भी इस न्यूज़लेटर के लिए अपनी रचनायें भेजी थीं


स्कूल चलें हम अभियान-2014 चलेगा चार चरण में

भोपाल। मध्यलप्रदेश में 6 से 14 वर्ष तक के सभी बच्चों का स्कूल में प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए स्कूल चलें हम अभियान-2014 चार चरण में चलेगा। प्रथम चरण 30 अप्रैल को प्रारंभ हो चुका है। दूसरा चरण 10 जून से चलेगा। तृतीय चरण प्रतिभा पर्व के प्रथम चरण के पहले और चतुर्थ चरण प्रतिभा पर्व के द्वितीय चरण के पहले संचालित किया जायेगा। इस संबंध में व्यापक निर्देश अपर मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा और प्रमुख सचिव आदिम जाति कल्याण द्वारा संयुक्त रूप से सभी कलेक्टर और सी.ई.ओ. जिला पंचायत को दिये जा चुके हैं।

प्रथम चरण

इस चरण में 5 मई तक कक्षा एक में प्रवेश योग्य बच्चों की सूची तैयार की जायेगी। इसके साथ ही ग्राम शिक्षा पंजी का अद्यतनीकरण भी होगा। कक्षा 6 में प्रवेश योग्य बच्चों की सूची भी 9 मई तक तैयार की जायेगी। शाला प्रभारी द्वारा 8 वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाले बच्चों के पालकों से सम्पर्क कर कक्षा 9 में प्रवेश के लिए समझाइश दी जायेगी। कक्षा एक, 6 एवं 9 में प्रवेश योग्य बच्चों के नाम की सूची एक जून 2014 को पोर्टल में डाल दी जायेगी। अभियान में शिक्षक घर-घर जाकर अभिभावकों से सम्पर्क करेंगे।

द्वितीय चरण

इस चरण में ग्राम प्रभारी 10 से 16 जून तक आँगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों की माताओं से सम्पर्क करेंगे। उन्हें 16 जून को 6 वर्ष के बच्चों के साथ स्कूल आने के लिए प्रेरित किया जायेगा। शिक्षकों द्वारा बच्चों के पालकों से 11 एवं 16 जून के मध्य दो बार संपर्क किया जायेगा। स्कूलों में 16 जून को प्रवेशोत्सव मनाया जायेगा।
इसके अतिरिक्त ब्रिज कोर्स का संचालन 25 जून से 20 जुलाई तक किया जायेगा। कक्षा 2 से 5, 7 और 8 मंक 25 जून तक प्रवेश दिया जायेगा। माइग्रेशन वाले बच्चों का प्रवेश 31 जुलाई तक होगा। नामांकन से शेष रहे बच्चों की पहचान एवं उनका नामांकन 30 जून तक करवाया जायेगा।


गणतंत्र दिवस पर हुआ "विकी कॉन्स्टी " का आयोजन


Our Correspondent :28 January 2014
भोपाल। 26 जनवरी को स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी में युवाओं के लिए "भारतीय संविधान " पर एक ओपन क्विज आयोजित की गयी। 20 वर्ष तक के छात्रों के लिए आयोजित इस क्विज में 86 टीम्स ने भाग लिया।
पांच राउंड्स में आयोजित इस क्विज में भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था से जुड़े 150 से ज्यादा से ज्यादा प्रश्न पूंछे गए

कार्यक्रम का विवरण इस प्रकार है

कार्यक्रम - विकी कॉन्स्टी

क्या था आयोजन -भारतीय संविधान पर क्विज
किसके लिए - 20 वर्ष तक के युवाओं के लिए
कब हुई - 26 जनवरी को
कहाँ हुई - स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी भोपाल
आयोजक - स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी एवं लीगल एज टुटोरिअल

क्विज मास्टर - हर्ष गगरानी (प्रसिद्ध लेखक व क्विज मास्टर)
कुल प्रतिभागी - 172 (86 टीम्स )
कुल राउंड्स - 05
पुरूस्कार - 5000 रुपये के पुरूस्कार,ट्रॉफी एवं मेडल्स

विजेताओं के नाम -
प्रथम - जागृति गुप्ता एवं प्रत्युष सिंह (झांसी की टीम)
द्वितीय - हिमांशु गुप्ता एवं मयंक देवांगन (भोपाल)
तृतीय - सत्यम बरोलिया एवं सारांश सैनी (भोपाल )

राउंड्स का विवरण

प्रथम राउंड - स्क्रीनिंग राउंड (इसमें एक निबंध दिया गया था जिसके बीच में मौज़ूद खाली स्थानों को भरना था )
दूसरा राउंड - शब्द को पहचानें (4 चित्रों को जोड़कर एक संवैधानिक शब्द निकालना था )
तीसरा राउंड - केस ऑफ़ मिस्सिंग लिंक (चार शब्द,व्यक्तियों या प्रावधानों में कॉमन चीज़ को ढूंढना था )
चौथा राउंड -टाइम लाइन को सही क्रम में जमाएं
पांचवां राउंड - रैपिड फायर राउंड

प्रमुख प्रश्न

प्रश्न - प्रेम बिहारी नारायण रायज़ादा का भारतीय संविधान से क्या कनेक्शन था
उत्तर - इन्होने संविधान की पहली प्रति अपने हाथों से लिखी थी

प्रश्न - अटल बिहारी बाजपेई ने किस घटना के बाद हमेशा से चले आ रहे लोकप्रिय नारे "जय जवान जय किसान " मैं "जय विज्ञान " को जोड़ा था
उत्तर - पोखरण परीक्षण के बाद

प्रश्न - देश में पहली बार ऑनलाइन वोटिंग कब और कौन से चुनाव में हुई थी
उत्तर - गुजरात नगरीय निकाय चुनाव 2010

प्रश्न - किसे भारतीय संविधान का मैग्नाकार्टा कहा जाता है
उत्तर - मौलिक अधिकार (भाग तीन )

प्रश्न - किस प्रधानमन्त्री ने पहली बार भारत में "अल्पमत सरकार" बनाई थी
उत्तर - चौधरी चरण सिंह


जर्मन स्टूडेंट्स का ' स्टेट यूथ कैंप" कल
25 जनवरी को होटल नूर उस सबाह में होगा मैक्स मूलर भवन का आयोजन

Our Correspondent :25 January 2014
भोपाल। जर्मन सरकार की संस्था "मैक्स मूलर भवन" ने 03 वर्ष पहले भोपाल के 'केंद्रीय विद्यालयों' में जर्मन भाषा पढ़ाना शुरू किया था. अब तक केंद्रीय विद्यालय के सैकड़ों छात्र जर्मन भाषा सीख चुके हैं. वर्त्तमान में भोपाल के अलावा प्रदेश के अन्य केंद्रीय विद्यालयों में भी जर्मन भाषा पढ़ाई जाती है.
मैक्स मूलर भवन द्वारा 24 जनवरी 2014 को प्रदेश में पहली बार जर्मन स्टूडेंट्स के लिए इंटरनेशनल एग्जाम आयोजित की गयी. जिसमे भोपाल शहर के 80 स्कूली छात्रों ने भाग लिया। यह संख्या देश के दुसरे प्रदेशों की तुलना में बहुत ज्यादा है.
प्रदेश भर के छात्रों के लिए "यूथ कैंप"

मध्य प्रदेश के विभिन्न केंद्रीय विद्यालयों में जर्मन भाषा पढ़ रहे छात्रों के लिए शनिवार 25 जनवरी को होटल नूर उस सबाह में एक यूथ कैंप आयोजित किया जा रहा है. मैक्स मूलर भवन नई दिल्ली द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सभी केंद्रीय विद्यालयों के कुछ चुनिंदा छात्र भाग लेंगे तथा दिन भर चलने वाले इस कैंप में अपनी सांस्कृतिक,साहित्यिक एवं भाषायी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे
कार्यक्रम का विवरण इस प्रकार है

कार्यक्रम - जर्मन यूथ कैंप
किनके लिए-प्रदेश के केंद्रीय विद्यालयों में जर्मन भाषा पढ़ रहे छात्रों के लिए
कब है - शनिवार 25 जनवरी 2014

समय- दोपहर 12 बजे से 5 बजे तक

कहाँ - होटल नूर उस सबाह,भोपाल

आयोजक - मैक्स मूलर भवन नई दिल्ली
संयोजक - पुनीत कौर (जर्मन इन 1000 स्कूल प्रोजेक्ट,मैक्स मूलर भवन)
संपर्क सूत्र -लक्ष्मी शरण मिश्रा (मेनेजर,स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी)


गणतंत्र दिवस पर "विकी-कॉन्स्टी"
भारतीय संविधान पर ओपन क्विज

Our Correspondent :24 January 2014
भोपाल। इस गणतंत्र दिवस पर शहर के युवाओं को संविधान से जोड़ने और उनकी समझ बढ़ाने के उद्देश्य से स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी 'भारतीय संविधान' पर केंद्रित एक ओपन क्विज का आयोजन कर रही है 20 वर्ष तक की आयु वाले छात्रों के लिए आयोजित इस क्विज के लिए निःशुल्क रजिस्ट्रेशन 25 जनवरी तक कराये जा सकते हैं. क्विज अंग्रेजी भाषा में आयोजित की जायेगी और विजेताओं को 5000 रुपये कीमत के पुरूस्कार दिये जायेंगे
कार्यक्रम विवरण इस प्रकार है -

कार्यक्रम का नाम - विकी कॉन्स्टी
क्या है कार्यक्रम - भारतीय संविधान पर क्विज
कब - 26 जनवरी 2014 को
अवसर- गणतंत्र दिवस
स्थान - स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी (पूर्व ब्रिटिश लाइब्रेरी)

रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया

कौन भाग ले सकता है - 20 वर्ष तक की आयु के छात्र
रजिस्ट्रेशन - पूरी तरह से निःशुल्क हैं
कहाँ रजिस्ट्रेशन करना है - लाइब्रेरी हेल्प डेस्क पर 2553765 पर कॉल करके
टीम - 02 मेंबर्स की टीम में
रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि - 25 जनवरी 2014

क्विज के बारे में

राउंड्स

पहला राउंड - लिखित स्क्रीनिंग
दूसरा राउंड - मौखिक राउंड

पुरूस्कार - 5000/ रुपये की कीमत के पुरूस्कार


प्रदेश में " किड्स ऐथलेटिक्स प्रोग्राम की शुरूआत 6 अक्टूबर से
04 October 2013
भोपाल। प्रदेश के बच्चों को ऐथलेटिक्स खेल में अपनी प्रतिभा दिखाने और खेल के विकास में सहयोग करने के लिए विश्व का सबसे बड़ा ग्रास रूट लेवल स्पोर्टस डेव्हलपमेन्टऔ प्रोग्राम की शुरूआत 6 अक्टूबर से की जा रही है। इसके अन्तर्गत 7 से 12 वर्ष के बच्चों को तीन अलग-अलग आयु समूह में ऐथलेटिक्स गतिविधियाँ सिखाई जायेंगी। इनमें दौड़, कूद और फेंक शामिल है। खेल विभाग के सहयोग से टी.टी.नगर स्टेडियम में इन्सट्रक्टर ट्रेनिंग कोर्स का आयोजन किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि अन्तर्राष्ट्रीय ऐथलेटिक्स महासंघ (आई.ए.ए.एफ.) का 'किड्स'' ऐथलेटिक्स प्रोग्राम विश्व का सबसे बड़ा ग्रासरूट लेवल प्रोग्राम है। संचालक, खेल एवं युवक कल्याण डॉ. शैलेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि छोटे-छोटे बच्चों को आधारभूत स्तर की ऐथलेटिक्स गतिविधियों से रू-ब-रू करवाने के उद्देश्य से 'किड्स'' प्रोग्राम का प्रदेश में क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया है। जमीनी स्तर पर खेल विकास को गति देने के लिए इस प्रोग्राम को प्रदेश के सभी स्कूलों से जोड़ा जाएगा ताकि बच्चों को इस खेल के बारे में अधिक से अधिक जानने और सीखने का अवसर मिल सके। प्रोग्राम के पहले चरण में भोपाल के दस स्कूल का चयन कर उन स्कूल के खेल प्रशिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी। टी.टी. नगर स्टेडियम में 6 अक्टूबर को प्रात: 10 से शाम 5 बजे तक इन्सट्रक्टर ट्रेनिंग कोर्स का आयोजन होगा। 'किड्स'' ऐथलेटिक्स प्रोग्राम के राष्ट्रीय समन्वयक श्री अरूण केसरी तथा राज्य समन्वयक श्री अमित कुमार गौतम द्वारा ट्रेनिंग दी जायेगी।


आदिवासी छात्रावासों में बच्चों को पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करें
04 October 2013
भोपाल। मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की संयुक्त बेंच में आज आयोग की अध्यक्ष श्रीमति ऊषा चतुर्वेदी ने प्रकरणों की सुनवाई की। प्राप्त 18 प्रकरण पर सुनवाई करते हुए श्रीमती चतुर्वेदी ने कहा कि बच्चों के अधिकारों के संरक्षण के लिये आयोग सजग प्रहरी की भूमिका का निर्वहन कर रहा है। आयोग द्वारा दिये गये निर्देशों को शासकीय कर्मी गंभीरता से लें। आयोग की संयुक्त बेंच में सदस्य श्रीमती विजया शुक्ला, सुश्री आर.एच. लता, श्रीमती रीता उपमन्यु, सुश्री रीना गुजराल और श्री विभांशु जोशी उपस्थित थे।
श्रीमती चतुर्वेदी ने समाचार-पत्र में प्रकाशित समाचार 'उमरिया जिले में आदिवासी छात्रों को आधा चम्मच नाश्ता' पर संज्ञान लेते हुए कहा कि कमजोर तबके के बच्चों को शासन की विभिन्न योजना द्वारा अच्छे रहन-सहन, खान-पान एवं शिक्षा की व्यवस्था की जा रही है। श्रीमती चतुर्वेदी ने कहा कि छात्रावासों में निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन मिले। यदि मेन्यू नहीं हो तो पौष्टिक आहार के नाश्ते और भोजन का मेन्यू बनाया जाये और उसी के अनुसार उन्हें आहार प्रदान किया जाये। श्रीमती चतुर्वेदी ने कहा कि इस संबंध में संबंधित शासकीय विभागों के अधिकारी कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों के संरक्षण संबंधी आयोग के निर्देशों के पालन के प्रति अधिकारी गंभीर रहें। आयोग ने बाल कल्याण समिति मुरैना के समक्ष निराश्रित लावारिस मूक-बघिर बालक वीरेश को प्रस्तुत करवाने के निर्देश दिये।
आयोग ने उज्जैन की श्रीमती अरूणेश्वरी गौतम से आया द्वारा बच्चे को प्रताड़ित करने की शिकायत के आधार पर आया से वस्तुस्थिति की जानकारी ली। शासकीय हाई स्कूल काजी केम्प का आयोग द्वारा निरीक्षण कर वास्तविकता का परीक्षण कर कार्यवाही की जायेगी।।


स्पेक्ट्रम के 4 छात्रों का चयन
27 Spt. 2013
भोपाल। एनसीईआरटी द्वारा आयोजित नेषनल टेलेंट सर्च एक्जाम परीक्षा के द्वितीय चरण में स्पेक्ट्रम के 4 छात्रों निहारिका षषिधर, सम्यक जैन, समर्थ कठल, प्रखर जैन ने सफलता प्राप्त कर संस्था का गौरवान्वित किया है। इस परीक्षा को पास करने के बाद छात्रों का स्नातक, यहां तक की जब तक पीएचडी कम्पलीट नहीं हो जाती तब तक एनसीईआरटी द्वारा स्काॅलरषिप उपलब्ध कराई जाऐगी। स्पेक्ट्रम के डायरेक्टर्स रितेष अग्रवाल, राजेष षर्मा, सुध्ाान्षु कुमार ने सफल छात्रों को हार्दिक शुभकामनाएं दी।


शिक्षा पंचायती राज संस्थाओ के ऐजेंडे मे पहली प्राथमिता हो-श्रीमति गुर्जर
28 Aug. 2013
मंदसौर। भारतीय शिक्षा के तहत सरकार की प्रमुख नीतियों के माध्यम से शिक्षा का विकेंद्रिकरण करते हुए शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ग्राम शिक्षा समितियां, पंचायत शिक्षा समितियां, और अब शाला प्रबंध समितियां, योजना-प्रबंध समितियां, का गठन किया जाता है फिर भी आज शिक्षा लक्ष्य बच्चों के लिए काफी सुलभ नहीं है, उक्त विचार श्रीमति रमादेवी गुर्जर ने विजय वर्धन संस्थान ग्वालियर द्वारा आयोजित ग्रामीण शिक्षा और प्रबंधन विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर लोकमान्य तिलक स्कुल मे उर्पिस्थजजनो को संबोधित करते हुए कहा की इस कार्यशाला के माध्यम से हम यह चाहते है कि हमारा भारत गाॅवों मे बसता है और गामीण क्षैत्र मे शिक्षा को कैसे बढ़ावा दिया जावे इस हेतु सर्व शिक्षा अभियान और सम्बंधित सेवाप्रदाता शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए पंचायती राज संस्थाओ की भुमिका और शाला प्रबंधन के लिए पंचायत ऐजेंडे मे ग्राम शिक्षा को सबसे पहले प्राथमिता दे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डाॅ.अनिल नकुम ने कहा की ग्रामीण स्तर पर किसी भी योजना को लागु करने, प्रबंधन करने, निगरानी करने जैसे कार्यो मे पंचायतो को महत्व पुर्ण भुमिका होगी तभी ग्रामीण शिक्षा मे सुधार होगा। इंजीनियर बीबी गुप्ता के कहा की ऐसे सेमिनार से समुदाय मे जनजाग्रती को बढ़ावा मिलता है। कार्यक्रम मे विशेष अतिथि म.प्र.जन अभियान परिशद् के ब्लाॅक समन्वयक राधाशरण पुरोहित कार्यषाला को सम्बोधित करते हुए कहा की शिक्षा विकेन्द्रकृत के लिए शाला प्रबंध समितियो के अधिकार और कर्तव्यो मे जागरूकता व सुधार की काफी हद तक गुंजाईश है। हम शिक्षा की गुणवता को बढ़ावा देने के लिए जन जागरूकता, सेमिनार करते रहेगे तभी सरकार की योजनाएं सफल होगी।
योजनाओ मे सभी का अपना अपना दायित्व होता है ग्रामीण शिक्षा और प्रबंधन मे पंचायत एवं समुदाय विशेष का अपना अपना महत्व होता है। विजय वर्धन संस्थान के सचिव सोमदत्त शर्मा ने प्रेस को जानकारी मे बताया की कार्यशाला का उद्वेश्य और उस पर अमल दौनो महत्वपुर्ण है। कार्यक्रम का संचालन आरपीस ग्रप के विधिक सलाहकार उमरावसिंह जैन एडवोकेट ने किया। संस्था की और से स्वागत उद्वबोधन कार्यक्रम समन्वयक राधेश्याम मारू ने देते हुए कार्यशाला का उद्वेश बताया। कार्यक्रम को सामजिक समरसता मंच के प्रांतिय उपाध्यक्ष अजीत भण्डारी, एबेनेजर स्कुल के डायरेक्टर प्रभात दिप, सामाजिक कार्यकता क्रांति परिवर्तन, व सुरेश तिवारी ने भी सम्बोधित किया इस अवसर पर स्वैच्छिक संस्थाओ, शाला विकास समितियो के सदस्य व अन्य प्रबुद्वगण उपस्थित थे।


म.प्र. सर्वशिक्षा अभियान मिशन की समितियों में सदस्यों का मनोनयन
28 Aug. 2013
भोपाल। मध्यप्रदेश सर्वशिक्षा अभियान मिशन की साधारण सभा के मनोनीत सदस्यों को मिशन की विभिन्न राज्य-स्तरीय समितियों में मनोनीत किया गया है। यह मनोनयन 2 वर्ष के लिये है। राज्य-स्तरीय कार्यक्रम समिति में श्रीमती नीता शर्मा ग्वालियर और इंदौर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश परसवदिया, श्री ओमप्रकाश जांगलवा उज्जैन, राज्य-स्तरीय निर्माण समिति में श्री राधेश्याम पाटीदार, विधायक सुवासरा जिला मंदसौर, अनुदान समिति श्री गिरिराज किशोर पोद्दार, विधायक मुड़ावरा जिला कटनी, श्री ब्रजमोहन आचार्य, खुजनेर जिला राजगढ़, श्रीमती लता वानखेड़े, सरपंच ग्राम पंचायत मकरोनिया जिला सागर और श्री ओमप्रकाश गुप्ता पिछोर जिला शिवपुरी को मनोनीत किया गया है।
राज्य-स्तरीय नियुक्ति समिति में श्री राकेश शर्मा विदिशा, श्री ओमप्रकाश गुप्ता पिछोर, श्री सुरजीत सिंह चौहान भोपाल और श्रीमती सम्पतिया उइके, जिला पंचायत अध्यक्ष मण्डला को मनोनीत किया गया है। राज्य-स्तरीय कम्युनिकेशन समिति में श्रीमती नीता शर्मा ग्वालियर, श्री पुरुषोत्तम जोशी भोपाल, श्री राजकुमार भावसार ग्वालियर और श्री ब्रजमोहन आचार्य खुजनेर, राज्य-स्तरीय वित्त समिति में श्री सुरजीत सिंह चौहान भोपाल, श्री ओमप्रकाश गुप्ता पिछोर, श्री राकेश शर्मा विदिशा और श्रीमती रमा पण्डया उज्जैन को मनोनीत किया गया है।
राज्य-स्तरीय क्रय समिति में श्री ओमप्रकाश गुप्ता पिछोर, श्रीमती लता वानखेड़े मकरोनिया जिला सागर, श्री राकेश शर्मा विदिशा और श्री सुरजीत सिंह चौहान भोपाल का मनोनयन किया गया है।


समन्वय भवन में सिटी के स्टूडेंट्स से रूबरू होकर उन्हें गाइड किया आनंद कुमार ने...
28 Aug. 2013
‘पढ़ाई में अव्वल होने के बावजूद आर्थिक तंगी के चलते कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में पढ़ने का मौका हाथ से चला गया क्योंकि फुल स्काॅलरशिप वहाॅ पहंचने के बाद ही मिलने वाली थी। बस तभी से सोच लिया था, जो मेरे साथ हुआ उसे किसी और के साथ नहीं होने दूंगा। पापड़ बेचकर घर चलाया लेकिन क्लर्क की नौकरी नहीं की क्योंकि फिर उसी में उलझा रह जाता।’ यह कहना था आनंद कुमार का। वे मंगलवार को समन्वय भवन में आईईएस गु्रप आॅफ इंस्टीट्यूशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शहर के स्कूल स्टूडेंट्स से मुखातिब थे। उनका लेक्चर स्टूडेंट्स को कई मूल मंत्र दे गया। उन्होंने कहा, ‘कोचिंग के बिना आज आईआईटी तक की यात्रा मुश्किल है, लेकिन खुद भी पढ़ने की कोशिश करना चाहिए तभी दिमाग खुलता है।
एक सवाल का एक ही हल न तलाशो, बल्कि कई उत्तर हो सकते हैं उन पर भी काम करो। सुपर-30 में स्टूडेंट्स यही करते हैं। कई बार तो पूरी क्लास एक सवाल को हल करने में ही निकल जाती है, लेकिन सवाल का पीछा नहीं छोड़ते, भले ही हल निकालने में दस दिन लग जाएं। दरअसल, साइंस के विषयों के साथ समस्या यह है कि इन्हें इंटरेस्टिंग तरीके पढ़ाने वाले शिक्षक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आईआईटी का पैटर्न फिर बदल सकता है क्योंकि सरकार के ऊपर काफी दवाब है, लेकिन तब तक बारहवीं पर बहुत ध्यान देकर पढ़ाई करें।
मेल करें जवाब मिलेगा...
mail@super30.org आईडी पर अपने सवालों के साथ-साथ विषय से संबंधित किसी सवाल को भी ई-मेल कर सकते हैं। दो से तीन दिन के भीतर जवाब भेज दूंगा।’
राज्यपाल ने किया सम्मान
इस मौके पर आईईएस ग्रुप आॅफ इंस्टीट्यूशन द्वारा आनंद कुमार का सम्मान कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें राज्यपाल रामनरेश यादव ने उन्हें प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस मौके पर नगरीय प्रशासन मंत्री बाबूलाल गौर सहित संस्थान के चेयरमैन बीएस यादव और ग्रुप डायरेक्टर सुनीता सिंह सहित ओएसडी फीस कमेटी सुनील कुमार और बड़ी संख्या में विभिन्न स्कूलों से आए स्टूडेंट्स उपस्थित रहे।
Q & A SESSION WITH ANAND KUMAR
स्कूल-कोचिंग के बीच बैलेंस कैसे बनाएं
-लावण्या बांगा, कार्मल काॅन्वेंट स्कूल और आईआईटी सिलेबस के बीच खाई है। इसलिए स्तरीय किताबें चुने। चाहे तो ई-मेल करके पुस्तकों की जानकारी ले सकती हैं। केमेस्ट्री के लिए एनसीई आरटी की बुक पढ़े। मैथ्स मुश्किल लगता है
-सृष्टि त्रिवेदी, महर्षि विधा मंदिर क्लासिकल म्यूजिक टीवी आते ही चैनल बदल देते हैं क्योकि समझ नहीं आता। मैथ्स भी तभी मुश्किल लगता, जब क्यों और कैसे हुआ यह पता न चले। बेसिक को समझ ले, सब आसान होगा। रिवीजन के लिए किस तरह की तैयारी करें
-उत्कर्ष वर्मा, जवाहर लाल नेहरू स्कूल कठिन सवालों पर स्टार रेटिंग करते जाएं। जो कम मुश्किल हो उस पर एक स्टार और कठिन पर स्टार बढ़ाते जाएं। आपको रिवीजन के वक्त पता रहेगा कि किन सवालों पर ज्यादा फोकस करना है।


यूआईडी नंबर बनेगा स्टूडेंट्स की पहचान
28 Aug. 2013
सेंट्रल बोर्ड आॅफ सेकंडरी एजुकेशन ;सीबीएसई ने नए सेशन से स्कूल लेवल पर आयोजित होने वाले काॅम्पिटीशन में भी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को आॅनलाइन कर दिया है। बोर्ड ने तय किया है कि अब स्पोट्र्स में भाग लेने वाले स्टूडेंट्स के लिए आॅनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा जिससे उन्हें यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर मिल सके। पहले स्कूल को रजिस्ट्रेशन कराना होगा उसके बाद स्टूडेंन्ट्स आनलाइन रजिस्टर करेंगे। इस प्रक्रिया के तहत न केवल स्टूडेंट्स को फायदा मिलेगा बल्कि स्कूल प्रबंधन के लिए रजिस्ट्रेशन की राह काफी आसान हो जाएगी।
रजिस्ट्रेशन के बाद ये स्टूडेट्स किसी भी खेल में भाग ले सकते हैं। खास बात ये है कि ये रजिस्ट्रेशन तब तक मान्य रहेगा, जब स्टूडेंट सीबीएसई से संबद्ध किसी भी स्कूल में पढ़ता होगा। किसी कारणवश अगर उसे अपना स्कूल बदलना पड़ता है तो दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं होगी।
सीबीएसई ने इन सभी के बारे में जानकारी देने के लिए अलग से अपना नया पेज बनाया है। यहीं पर सभी खिलाडि़यों की डिटेल अपलोड की जाएंगी। ये रजिस्ट्रेशन बोर्ड स्तर पर होगा।सीबीएसई ने स्कूल लेवल पर होने वाले खेल काॅम्पिटीशंस के लिए रजिस्टेशन प्रक्र्रिया को आॅनलाइन कर दिया है। स्टूडेंट्स को मिलेगा यूआईडी नंबर।
ऐसे मिलेगा यूआईडी नंबरछात्र का रजिस्ट्रेशन भी स्पोट्र्स के लिंक पर ही होगा। यहां पर छात्र की एक नई फोटो भी अपलोड करनी होगी। रजिस्ट्रेशन के बाद छात्र के लिए बोर्ड की परफ से एक यूआईडी ;यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर जारी किया जाएगा। इसके आधार पर वह अपने मरचाहे खेल में आसानी के साथ भाग ले सकते हैं।


प्रदेश के बेटे ने रच डाला इतिहास, ऑल इंडिया टॉपर बनकर किया नाम रोशन
भोपाल. 29 May 2013
जबलपुर। जितना भी पढ़ो, पूरे मन से पढ़ो। फिर कोई वजह नहीं है कि आपको मनचाही मंजिल न मिले। अच्छे अंक स्कोर करने का यही एक मात्र मंत्र मानते हैं ऑल इंडिया टॉपर सोपान खोसला। सिटी भास्कर से हुई चर्चा में उन्होंने अपने सपने, मेहनत और मंजिल से जुड़ी बहुत सी बातें साझा कीं।
उम्मीद से बेहतर रहा रिजल्ट मैंने तो सिर्फ अच्छे अंकों के लिए मेहनत की थी, ऑल इंडिया टॉप करूंगा ऐसा सोचा भी नहीं था। उमीद से बेहतर रहा है रिजल्ट। सोपान के पिता आईटीबीपी में कमाण्डेंट हैं।
तो रिकॉर्ड ब्रेक हो जाता सोपान ने बताया कि उन्हें हमेशा से ही जैल पेन यूज़ करने की आदत रही है, जबकि बोर्ड एग्जाम में जैल पेन की सख्त मनाही रहती है। चूंकि प्रैक्टिस जैल पेन से की थी और पेपर बॉल पेन से देना पड़ा इसीलिए इंग्लिश के फर्स्ट पेपर में वो स्पीड नहीं आ पाई। मैथ्स, फिजिस, केमेस्ट्री और कप्यूटर साइंस में 100 में से 100 अंक पाने वाले सोपान को इंग्लिश में 95 अंक प्राप्त हुए हैं। महज़ पांच अंकों से चूके सोपान अगर इंग्लिश में पूरे नंबर पा जाते तो शत-प्रतिशत अंकों वाला रिकॉर्ड ब्रेक हो जाता।
रोज़ पढऩा ज्यादा बेहतर है एग्ज़ाम टाइम में रात-रात भर जागकर पढ़ाई करने से बेहतर है कि रोज़ थोड़ा-थोड़ा पढ़ाई की जाए। अच्छे मार्स के लिए मैंने कोई एस्ट्रा स्ट्रेटजी प्लान नहीं की थी, बल्कि स्कूल और कोचिंग में पढ़ाई गई चीजों को घर आकर दोहराता था। पांच घंटे रोज़ पढ़ता था।
खेल से किया तनाव दूर :पढ़ाई करते हुए जब थक जाता था, तो बैडमिंटन और क्रिकेट खेलकर अपना स्ट्रेस रिलीव करता था। माइंड फ्रेश करने के लिए स्पोटर्स सबसे कारगर तरीका है, मैं भी अपने आपको वैसे ही चार्जअप करता हूं।
अब आईआईटी की तैयारी
एमपीपीईटी की वरीयता सूची में दसवां स्थान प्राप्त करने वाले सोपान अब आईआईटी की तैयारी में जी जान से जुटे हैं। वैसे जेईई मेन में उन्होंने 360 में से 312 अंक प्राप्त किए हैं। आगामी दिनों में होने वाली जेईई एडवांस में भी अच्छा स्कोर हासिल करने की पूरी उम्मीद है।
सोपान खोसला
मार्क्स- 99%
स्ट्रीम- मैथ्स साइंस
पेरेंट्स- रीता, संदीप खोसला
स्कूल- डीपीएस मंडला रोड


CBSE 12th का रिजल्ट घोषित
भोपाल. 29 May 2013
भोपाल। सीबीएसई स्कूलों के कक्षा 12वीं का रिजल्ट आज सुबह घोषित कर दिए गए है। बोर्ड की वेबसाइट पर छात्र अपना रिजल्ट देख सकते हैं। मार्च में हुई 12वीं की परीक्षा में 10 लाख से ज्यादा छात्र शामिल हुए थे। इस परीक्षा में 80 प्रतिशत छात्रों ने सफलता हासिल की है। इस बार परीक्षा में 87.8 प्रतिशत लड़कियों को कामयाबी हासिल हुई है।
भोपाल के तीन बच्चों ने टॉप किया। नंदिता मसंद ने कॉमर्स संकाय से 97.2 अंक अर्जित किए। इसी संकाय से ऋषभ गुप्ता ने भी 97.2 अंक हासिल किए। कॉर्मल कान्वेंट की एक छात्रा ने भी टॉप किया। बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी एम.एल. चौहान ने बताया कि बोर्ड के अजमेर रीजन के तहत मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान और दादर नागर हवेली क्षेत्र में 1129 स्कूल हैं। 12वीं क्लास एग्जाम में रीजन के 1,01,738 स्टूडेंट्स शामिल हुए हैं। इनमें करीब 94,279 नियमित और 7,459 प्राइवेट हैं। ऐसा पहली बार हो रहा है कि सीबीएसई बोर्ड 10 वीं क्लास का रिजल्ट बाद में घोषित कर रहा है।
रिजल्ट देखने के लिए यहां click करें ...
http://cbseresults.nic.in/class12/cbse122013.htm


माशिमं की कक्षा 10 वीं में देवास की छात्रा हर्षा अव्वल
भोपाल. 5 June 2012
माशिमं की कक्षा 10 वीं में देवास की छात्रा हर्षा अव्वल
भोपाल। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने सोमवार को दो घंटे की देरी से कक्षा 10 वीं की बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया. देवास की छात्रा हर्षा मित्तल ने 97.8 % अंक हासिल कर मेरिट में प्रथम स्थान प्राप्त किया. जबकि रतलाम की छात्रा झलक काकानी दूसरे व जबलपुर की छात्रा मनीषा पासी तीसरे स्थान पर रही. नियमित परीक्षार्थियों का रिजल्ट 53.90 फीसदी रहा। इस दफा छात्राएं पीछे रह गई और छात्र निकल आगे गए। 54.04 प्रतिशत नियमित छात्र और 53.72 प्रतिशत नियमित छात्राएं परीक्षा में पास हुई। वहीं 21.79 प्रतिशत स्वाध्यायी परीक्षार्थी पास हुए। मैरिट लिस्ट से भोपाल, इंदौर और ग्वालियर के विद्यार्थी गायब हैं। परीक्षा में लगभग साढ़े नौ लाख विद्यार्थी शामिल हुए थे। हाईस्कूल परीक्षा परिणाम में निजी स्कूलों ने सरकारी स्कूलों को पछाड़ दिया। सरकारी स्कूलों का परीक्षाफल 50.82 प्रतिशत और निजी स्कूलों का 57.71 प्रतिशत रहा। इसी तरह प्रावीण्य सूची में भी निजी स्कूलों के विद्यार्थियों का दबदबा रहा। हालांकि स्कूल शिक्षा विभाग लगातार शिक्षा में गुणवत्ता बढ़ाने के दावे करता है।
परीक्षा में व्यक्तिगत नकल प्रकरणों की संख्या 2009 रही। सामूहिक नकल के 3402 मामले रहे। मंडल ने 374 परीक्षार्थियों की परीक्षा पात्रता न होने के कारण निरस्त की। गौरतलब है कि मंडल ने करीब 20 हजार परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम रोके हैं। इस मामले में स्कूल शिक्षा मंत्री अर्चना चिटनीस ने कहा कि पात्रता की जांच की वजह से परिणाम रोके गए थे। अगर इन परिणामों में कोई कमी नहीं पाई गई तो परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। गौरतलब है कि ऎसी संस्थाओं के परीक्षा परिणाम रोके गए थे जहां 500 से ज्यादा विद्यार्थी शामिल हुए थे।
दो घंटे देरी से आया रिजल्ट
स्कूल शिक्षा मंत्री के निर्धारित समय पर नही आने के कारण प्रदेश के लाखों छात्रों और उनके अविभावकों को करीब दो घंटे तक परेशन होना पड़ा. वहीं शिक्षा मंत्री अर्चना चिटनिस की देरी से नाराज़ मीडिया ने पत्रकारवार्ता का बहिष्कार कर दिया.
प्रदेश की मेरिट लिस्ट

विद्यार्थी का नाम जिला स्थान
हर्षा मित्तल देवास पहला
झलक काकानी रतलाम दूसरा
मनीषा पासी जबलपुर तीसरा
स्नेहा अग्रवाल बैतूल चौथा
सुमित बारस्कर बैतूल चौथा
पारस गुप्ता दतिया पांचवां
शिवानी सिंह जबलपुर पांचवां
साकेत पटेल मंडला पांचवां
शिवाशीष दुबे दतिया छठवां
विकास मिश्र सतना छठवां
अनिकेत सिंह रीवा सातवां
रुपाली श्रीवास्तव विदिशा सातवां
मृत्युंजय त्रिपाठी सतना आठवां
रोहित दांगी दतिया नौवां
प्रियंका मौर्य सतना नौवां
ऋषिराज ताम्रकार दतिया दसवां
शिखा जायसवाल शहडोल दसवां
अभय जोशी देवास दसवां
पूजा लोधी विदिशा दसवां
आशुतोष मिश्रा कटनी दसवां


सीबीएसई की कक्षा 10 वीं में कई स्कूलों का परिणाम 100 फीसदी रहा
भोपाल. 25 May 2012
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने गुरुवार को देर शाम 7 बजे कक्षा 10वीं का परिणाम घोषित कर दिया. निर्धारित समय के अनुसार परिणाम दोपहर 4 बजे तक घोषित होना था लेकिन कुछ देर बाद सीबीएसई की वेबसाइट से खबर मिली की रिजल्ट 7 बजे तक घोषित हो सकता है। भोपाल से लगभग 5,500 स्टूडेंट्स ने 10वीं की परीक्षा दी थी। डीपीएस में 56 बच्चों का सीजीपीए 10/10 रहा। मिठी गोविंदराम स्कूल के प्राचार्य मनीष जैन ने बताया कि स्कूल का परिणाम 100 फीसदी रहा। अधिकांश स्टूडेंट्स ने 10 से 8 ग्रेड पाइंट हासिल किए हैं, जबकि सात स्टूडेंट्स को 10 सीजीपीए मिला है। सेंट जोसफ स्कूल ईदगाह से मिली जानकारी के मुताबिक स्कूल का परिणाम 100 फीसदी रहा। वल्र्ड वे इंटरनेशनल स्कूल का परिणाम लगभग 100 फीसदी रहा। सेंट पॉल स्कूल का परिणाम 100 फीसदी रहा। शारदा विद्या मंदिर के 24 छात्रों ने ए ग्रेड हासिल किया है। पिछले दो साल से 10वीं में अंकों का खेल खत्म हो चुका है और स्टूडेंट्स को ग्रेड और क्यूमिलेटिव ग्रेडिंग पॉइंट एवरेज (सीजीपीए) दिया जाता है। जाहिर है कि स्टूडेंट्स सीजीपीए के माध्यम से ही अपना स्तर जानने की कोशिश में लगे रहे।

संपादकीय

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