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:: संस्कृति कला ::

 

aaश्री महाकाल मंदिर में होगा शैव महोत्सव : पूजन एवं परम्पराओं पर होगा वैचारिक मंथन


29 November 2017

द्वादश ज्योतिर्लिंग सम्मेलन शैव महोत्सव के रूप में 5 से 7 जनवरी 2018 तक श्री महाकाल मंदिर उज्जैन में मनाया जावेगा। यह आयोजन भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग द्वारा श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के संयुक्त तत्वावधान में उज्जैन में होगा। शैव महोत्सव के प्रथम दिन भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। महोत्सव में भारत के वैदिक विद्वान को वैदिक अलंकरण सम्मान दिया जाएगा। सभी मंदिरों के अधिदैविक, अधिभैतिक एवं आध्यात्मिक महात्मय, पूजन एवं परम्पराओं पर चर्चा की जाएगी। इस दौरान विभिन्न सत्रों में कर्मकाण्ड, वेद-वेदांग, सामाजिक समरसता आदि विषयों पर संगोष्ठी आयोजित कर मंथन किया जाएगा। शैव महोत्सव का उद्देश्य एक ऐसा मंच तैयार करना है, जिसके माध्यम से बारह ज्योतिर्लिंगों के विषय में किसी भी स्थान पर कोई चर्चा होती है, तो धार्मिक एवं राष्ट्र उत्थान के महत्व को ध्यान में रखते हुए सभी एक साथ उस विषय पर सहमति दे सकें। महोत्सव में प्राचीन परम्पराओं तथा पद्धतियों एवं सामाजिक समरसता का ध्यान रखते हुए जातिगत भेद दूर करने का संदेश दिया जाएगा। महोत्सव में धर्म, दर्शन, कर्मकाण्ड, प्रबन्धन, पूजा-पद्धति, उपासना, परम्परा आदि का आदान-प्रदान भी होगा। बारह ज्योतिर्लिंग के सम्मेलन में शैव के अतिरिक्त अन्य मंदिरों श्री तिरूपति बालाजी, श्री वैष्णव देवी, पद्मनाभ मंदिर, द्वारका, पुरी आदि के पुजारी एवं प्रबंधन अधिकारियों के अतिरिक्त आध्यात्मिक एवं सामाजिक संगठन के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाएगा। मंदिर प्रबन्ध समिति द्वारा सभी मंदिरों की अनादिकाल से चली आ रही पूजा-पद्धति, उत्सवों, परम्पराओं का संग्रह कर एक पुस्तक का प्रकाशन भी होगा। श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति द्वारा शैव महोत्सव के सफल संचालन के लिए 17 उप-समितियां बनायी गई हैं। देश के बारह ज्योर्तिलिंग देश के बारह ज्योर्तिलिंग में श्री सोमनाथ मंदिर सौराष्ट्र, श्री मल्लिकार्जुन मंदिर, श्री महाकालेश्वर मंदिर, श्री ओंकारेश्वर मंदिर, श्री वैद्यनाथ मंदिर, श्री भीमाशंकर मंदिर, श्री रामेश्वरम् मंदिर, श्री नागेश्वर मंदिर, श्री विश्वनाथ मंदिर, श्री त्रयंम्बकेश्वर मंदिर, श्री केदारनाथ मंदिर और श्री घुश्मेश्वर मंदिर शामिल है।


aaभोपाल में दो दिवसीय राष्ट्रीय ज्योतिष कार्यशाला


28 November 2017

भोपाल में 28 नवम्बर से दो दिवसीय राष्ट्रीय ज्योतिष कार्यशाला शुरू हो रही है। स्कूल शिक्षा मंत्री कुंवर विजय शाह कार्यशाला का शुभारंभ इस दिन प्रात: 11.30 बजे करेंगे। कार्यशाला बागसेवनिया स्थित राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान मानित विश्वविद्यालय में आयोजित की जा रही है। कार्यशाला में ज्योतिष शास्त्र की वैज्ञानिकता एवं वर्तमान समय में प्रासंगिकता विषय पर परिचर्चा में राष्ट्रीय स्तर के संस्कृत एवं ज्योतिष के प्रकाण्ड विद्ववान भाग लेंगे। कार्यशाला में मुख्य रूप से व्यक्ति व समाज पर पड़ने वाले ग्रहों के प्रभाव, आजीविका निर्धारण में ज्योतिष की भूमिका, रोगों के निदान एवं समाधान में ज्योतिष शास्त्र की भूमिका और प्राकृतिक आपदाओं के फलादेश में ज्योतिष की भूमिका पर विशेष रूप से चर्चा होगी। कार्यशाला का समापन 29 नवम्बर को होगा। समापन समारोह में स्कूल शिक्षा मंत्री कुंवर विजय शाह और स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी मौजूद रहेंगे। समापन समारोह शाम 4 बजे होगा। भोपाल का राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान देश के 12 संस्थानों में से एक है, जहां पिछले 7 सालों से भोपाल के अक्षांश एवं देशांतर पर आधारित श्री भोजराज पंचांग तथा ज्योतिष मीमांसा शोध पत्रिका का प्रकाशन, अनुसंधान एवं प्रायोगिक ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए ज्योतिष प्रयोगशाला की स्थापना, ज्योतिष परिचय पाठ्यक्रम एवं वस्तु परिचय पाठ्यक्रम के साथ एक वर्षीय वास्तुशास्त्र डिप्लोमा का संचालन किया जा रहा है। महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान का उद्देश्य संस्कृत भाषा और साहित्य का ज्ञान, ज्योतिष, वास्तु, कर्मकाण्ड आदि के अध्ययन की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ रोजगारोन्मुखि पाठ्यक्रम का संचालन करना है


भोपाल में 28-29 नवम्बर को राष्ट्रीय ज्योतिष कार्यशाला


25 November 2017

महर्षि पतंजलि संस्थान और राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान द्वारा 28 एवं 29 नवम्बर, 2017 को भोपाल में दो दिवसीय राष्ट्रीय ज्योतिष कार्यशाला आयोजित की जा रही है। 'ज्योतिष शास्त्र की वैज्ञानिकता एवं वर्तमान समय में प्रासंगिकता' विषय पर होने वाली इस कार्यशाला में राष्ट्रीय स्तर के संस्कृत एवं ज्योतिष के प्रकाण्ड विद्वान भाग लेंगे। स्कूल शिक्षा मंत्री कुँवर विजय शाह 28 नवम्बर को प्रात: 10.30 बजे बागसेवनिया स्थित राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान मानित विश्वविद्यालय में कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान का संचालन राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग और राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान का संचालन केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा किया जाता है। भोपाल का राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान देश के 12 संस्थानों में से एक है, जहाँ पिछले 7 सालों से भोपाल के अक्षांश एवं देशांतर पर आधारित श्री भोजराज पंचांग तथा ज्योतिष मीमांसा शोध पत्रिका का प्रकाशन, अनुसंधान एवं प्रायोगिक ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए ज्योतिष प्रयोगशाला की स्थापना, ज्योतिष परिचय पाठ्यक्रम एवं वास्तु परिचय पाठ्यक्रम के साथ एक वर्षीय वास्तुशास्त्र डिप्लोमा का संचालन किया जा रहा है। महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान का उद्देश्य संस्कृत भाषा और साहित्य का ज्ञान, ज्योतिष, वास्तु, कर्मकाण्ड आदि के अध्ययन की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम का संचालन करना है।


aaचीन में मध्यप्रदेश के हस्तशिल्पी ने किया बाग प्रिंट कला का प्रदर्शन


20 November 2017

विश्व भर में अपनी पहचान बना चुकी मध्यप्रदेश की बाग हस्तशिल्प कला ने चीन में भी लोकप्रियता हासिल की है। भारत की ओर से चीन में दूसरी बार बाग प्रिंट का प्रदर्शन किया गया है। हाल ही में मध्यप्रदेश के बाग प्रिंट में राष्ट्रीय एवं पुरस्कार विजेता मोहम्मद बिलाल खत्री ने ‘‘चाइना (गुझाओ) में अन्तर्राष्ट्रीय फॉक कल्चर टूरिज्म प्रोडक्ट एक्सपो-2017 में परम्परागत आदिवासी बाग प्रिन्ट हस्तकला का जीवंत प्रदर्शन किया। चीन के गुझाओ प्रांत के गुयांग शहर में हुई एक्सपो में विश्व के 50 देशों ने हिस्सा लिया। बाग प्रिन्टर्स श्री खत्री ने चीन की भौगोलिक एंव सांस्कृतिक परिस्थितियों को मद्देनजर रखते हुए आधुनिक एंव परम्परागत परिधान डिजाइन किए थे। इन परिधानों को चीन वासियो को उनके आधुनिक परिधानों के साथ भारतीय कलेवर की परम्परागत रिमिक्स के साथ प्रस्तुत किया गया था। बाग प्रिन्ट कृतियों को चीन वासियो ने पसंद किया। फॉक एक्सपो की डायरेक्टर सुश्री सन युकि ने बाग प्रिन्ट की सराहना करते हुए बाग प्रिन्ट के कलाकारों को आगे और भी मौके दिए जाने की बात कही। मोहम्मद बिलाल खत्री चीन के दोंगयोंग में वर्ल्ड क्राफ्ट्स काउंसिल की 50 वी गोल्डन जुबली सेलीब्रेशन समिट एंव एक्जीबिशन-2014 मे भी यादगार प्रदर्शन कर चुके हैं। साथ ही रूस के कालुगा गॉव मे तीसरे अर्न्तराष्ट्रीय इथनोमिर एस्पो 2014, रूस की मॉस्को स्टेट युनिवर्सिटी फॉर द हुमनिटीज के फाईन आर्ट के स्टूडेंट्स को बाग प्रिन्ट कला की मास्टर क्लासेस देकर प्रशिक्षण दिया। वर्ष 2014, मॉस्को में इन्डिया शो 2014, रूस की सेन्ट पीटर्सबर्ग स्टेट अकादमी ऑफ आर्ट एंड डिजाईन कॉलेज एंड यूनिवर्सिटी मे बाग प्रिन्ट हस्तकला की मास्टर क्लासेस 2014, बेहरीन फेस्टीवल ऑफ इंडिया-2012, ईरान के इस्फ़हान मे समुर्घ इंटरनेशनल हैंडीक्राफ्ट्स एक्जीबिशन-2016 सहित देश के कई महानगरो मे भी अपनी कला का जीवंत प्रदर्शन कर चुके हैं।


aaइंदिरा गांधी सौहार्द्र और मिश्रीलाल गंगवाल सद्भावना पुरस्कार घोषित


20 November 2017

राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2012 के इंदिरा गांधी साम्प्रदायिक उपद्रव रोकथाम एवं सौहार्द्र पुरस्कार और भैया श्री मिश्रीलाल गंगवाल सद्भावना पुरस्कार की घोषणा कर दी गयी है। इंदिरा गांधी साम्प्रदायिक उपद्रव रोकथाम एवं सौहार्द्र पुरस्कार के लिए श्री कवीन्द्र कियावत तत्कालीन कलेक्टर खण्डवा और श्री हरिनाराणचारी मिश्रा तत्कालीन पुलिस अधीक्षक खण्डवा का चयन किया गया है। प्रत्येक को 15-15 हजार रुपये और प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया जाएगा। इसी प्रकार भैया श्री मिश्रीलाल गंगवाल सद्भावना पुरस्कार शुभम विकलांग एवं समाज-सेवा समिति और कादम्बिनी शिक्षा एवं समाज कल्याण सेवा समिति, भोपाल को दिया जाएगा। प्रत्येक को 50-50 हजार रुपये और प्रशस्ति-पत्र दिये जाएंगे। इस संबंध में पूर्व में जारी आदेश को निरस्त कर दिया गया है।


भारत भवन में बुरहानपुर उत्सव 20 से 22 नवम्‍बर को
Our Correspondent :19 November 2017

बुरहानपुर की भाषा, भूषा, भोजन सहित नृत्य, संगीत और लोक-कलाओं से राजधानी भोपाल के लोगों को रू-ब-रू करवाने के लिये संस्कृति विभाग द्वारा भारत भवन में 20 से 22 नवम्बर तक प्रतिदिन शाम 6:30 बजे बुरहानपुर उत्सव किया जा रहा है। उत्सव में नृत्य, संगीत, कवि सम्मेलन, मुशायरा जैसे कार्यक्रम किए जाएंगे। साथ ही बुरहानपुर के प्रसिद्ध व्यंजन भी रसास्वादन के लिये उपलब्ध होंगे। राज्य सरकार द्वारा पहली बार किसी जिले के प्रसिद्ध कलाकारों को एक साथ भारत भवन में कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। बुरहानपुर उत्सव में 20 नवम्बर को शहनाई वादन, शास्त्रीय गायन तथा नृत्य की प्रस्तुति होगी। दूसरे दिन 21 नवम्बर को कत्थक, गुजराती गरबा, ठिलिया पाटी के साथ ही बाँसुरी वादन, कीर्तन, भजन तथा आदिवासी नृत्य होंगे। अंतिम दिन 22 नवम्बर को कवि सम्मेलन तथा मुशायरा होगा। उत्सव में बुरहानपुर का प्रसिद्ध काँच तरंग, बंजारा नृत्य सहित हवेली संगीत, लावणी पर आधारित प्रस्तुतियां भी होंगी। उत्सव में आनंद मेला के अंतर्गत बुरहानपुरी व्यंजनों जैसे दरावा-चुड़वा, मावा जलेबी, देग वाले दाल-चावल, ज़र्दा (मीठे चावल), केला चिप्स, तुरखाटी सेंव, मसाला सेंव, प्याज के पत्ते के चावल, निमाड़ी दाल-बाटी, तली हुई उन्दीयू, वाल की सब्जी, दाल पकवान, कमल ककड़ी की सब्जी ठेसा, ज्वार की रोटी, भरित पूरी, छोटी सूरती, भाखड़ बड़ी आदि के स्टॉल भी लगाए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि बुरहानपुर में निमाड़-महाराष्ट्र की मिली-जुली संस्कृति विकसित हुई जिस पर गुजरात तथा वनवासी परम्पराओं का गहरा प्रभाव पड़ा। साथ ही राजस्थान, सिंध का असर भी यहाँ की जीवन-शैली और कला पर झलकता है। फारूकी और मुगल काल में मुशायरा, कव्वाली तथा अन्य कला अभिव्यक्तियों का चलन यहाँ रहा है जो आज भी बरकरार है। बुरहानपुर में सिखों के प्रथम गुरू नानक देव जी एवं दसवें गुरू श्री गोविन्द सिंह जी आ चुके हैं। गुरू दशमेश ने गुरूवाणी की कई रचनाएँ लिखी, उनके द्वारा कई रागों की उत्पत्ति की गई। यहाँ वैष्णव संप्रदाय के मंदिरों में हवेली संगीत और गुरूद्वारों में राग, जैन संप्रदाय के मंदिरों में भगवान महावीर पर लिखित रचनाएँ गायी जाती हैं। ऐसा शहर जहाँ विभिन्न पंथ समाजजनों द्वारा लोक गीत एवं संगीत और संस्कृति को सहेजा गया। प्रसिद्ध संगीतज्ञ श्री पुंडलिक विठ्ठल और मृदंगाचार्य श्री गोविंदराव बुरहानपुरकर का संबंध इस नगर से रहा। भारत रत्न पंडित श्री भीमसेन जोशी, श्री पुरणादास जी सहित गुलाम अली, अमीर खाँ साहब, अल्लारखा साहब आदि कलाकारों की कला और अदा को इस शहर की आबो-हवा ने सुना, समझा और अपनाया है।


मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना में अब तक सवा पाँच लाख से अधिक तीर्थ-यात्री लाभान्वित
Our Correspondent :3 November 2017

मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना में अब तक 5 लाख 26 हजार बुजुर्ग तीर्थ-यात्रियों को तीर्थ-दर्शन करवाये गये हैं। योजना में अब तक 526 ट्रेन संचालित की गई हैं। यह जानकारी आज यहाँ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा की गई समीक्षा में दी गई। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिये कि गुरू गोविन्दसिंह जी के जन्म-स्थान पटना साहिब तथा श्रवण बेलगोला के लिये योजना की ट्रेन शीघ्र शुरू करें। बैठक में मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि इस वर्ष मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना में 200 ट्रेन संचालित की जायें। तीर्थ-यात्रियों के लिये ऐसे रूट बनाये जायें जिसमें वे एक से अधिक स्थानों का भ्रमण कर सकें। तीर्थ-स्थान के समीप स्थित ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण स्थल का भी भ्रमण करायें। यात्रियों को तीर्थ-स्थान के विषय में संक्षिप्त जानकारी भी दें। बैठक में बताया गया कि जारी वर्ष में योजना का लाभ दो लाख तीर्थ-यात्रियों को दिया जायेगा। योजना में पाँच वर्ष पूर्ण होने के बाद पहले यात्रा कर चुके यात्रियों को तीर्थ-यात्रा का एक अवसर और दिया जायेगा। बैठक में अपर मुख्य सचिव वित्त श्री ए.पी. श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व श्री मनोज श्रीवास्तव और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री एस.के. मिश्रा सहित संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे


aaराष्ट्रीय लता मंगेशकर अलंकरण से गीत-संगीत क्षेत्र की तीन विभूतियाँ विभूषित


26 October 2017

वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया ने आज इंदौर में मध्यप्रदेश शासन के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान अलंकरण से सुप्रसिद्ध गायिका सुश्री ऊषा खन्ना को वर्ष 2012, सुप्रसिद्ध गायक श्री उदित नारायण को वर्ष 2015 और सुप्रसिद्ध संगीतकार श्री अनु मलिक को वर्ष 2016 के लिए सम्मानित किया। अलंकरण समारोह की अध्यक्षता पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री सुरेन्द्र पटवा ने की। श्री मलैया ने इस अवसर पर कहा कि गीत-संगीत को बढ़ावा देने के लिए स्थापित इस पुरस्कार से अब तक 28 विभूतियों को सम्मानित किया जा चुका है। सम्मानित हस्तियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उन्होंने कहा कि यह अलंकरण समारोह हर वर्ष नियमित रूप से होना चाहिए। पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री श्री पटवा ने कहा कि प्रदेश में प्रतिभाओं को निखरने का अवसर देने के लिए प्रतिभा खोज प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। श्री उदित नारायण ने कहा कि लता मंगेशकर के नाम से सम्मान मिलना माँ सरस्वती का आशीर्वाद मिलने के बराबर है। श्री अनु मलिक ने कहा कि लता मंगेशकर जी के नाम से स्थापित पुरस्कार अपने-आप में सबसे बड़ा सम्मान है। सुश्री ऊषा खन्ना ने कहा कि लता मंगेशकर के नाम से पुरस्कार मिलना मेरे लिए सबसे बड़ा आशीर्वाद है। महापौर श्रीमती मालिनी गौड़, विधायक श्री सुदर्शन गुप्ता, श्री रमेश मेंदोला और सुश्री ऊषा ठाकुर, इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री शंकर लालवानी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कविता पाटीदार, संभागायुक्त और आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री संजय दुबे और प्रमुख सचिव संस्कृति श्री मनोज श्रीवास्तव, भी मौजूद थे।
ख्यातिलब्ध कलाकार श्री सुदेश भोंसले ने दी रंगारंग प्रस्तुति-
अलंकरण समारोह में देश के जाने-माने गायक श्री सुदेश भोंसले ने अपने दल के साथ गीत-संगीत की सुमधुर प्रस्तुतियाँ देकर समाँ बाँधा। समारोह में बड़ी संख्या में कला एवं संगीत प्रेमी मौजूद थे।


संगीत उत्सव 21-22 अक्टूबर को भोपाल में होगा
Our Correspondent :18 October 2017

राजधानी भोपाल में दो दिवसीय 'हदय-दृश्यम' संगीत उत्सव का आयोजन 21 अक्टूबर से किया जा रहा है। इस संगीत समारोह में पहले दिन 21 अक्टूबर को शाम 5 बजे शौर्य स्मारक पर अमन एण्ड अयान बंगस और शाम 6 बजे गौहर महल में पंडित विश्व मोहन भट्ट का कार्यक्रम होगा। इसी दिन शाम 7 बजे भारत भवन में जोए अल्वेरश और अनुराधा पाल तथा रात 9 बजे इकबाल मैदान पर धारूव संगारी का कार्यक्रम होगा। प्रमुख सचिव संस्कृति श्री मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि संगीत उत्सव के दूसरे दिन 22 अक्टूबर की शाम 5 बजे शौर्य स्मारक पर शैफाली एण्ड परपल स्टूडियो की प्रस्तुति और शाम 6 बजे गौहर महल परिसर में ड्रम्स ऑफ इडिया के तहत उस्ताद फजल कुरैशी की प्रस्तुति होगी। इसी दिन शाम 7 बजे भारत भवन में शबीर खान एण्ड सबरास की प्रस्तुति और रात 9 बजे इकबाल मैदान पर भूपेन्द्रर एण्ड मिताली की प्रस्तुति होगी। संगीत के रसिकों के लिए प्रवेश नि:शुल्क रहेगा।


सामाजिक संस्था 'गांधी विचार मंच' ने अनूठे ढंग से गाँधी जयंती मनाई
Our Correspondent :2 October 2017

मुंबई। सामाजिक संस्था 'गांधी विचार मंच' द्वारा गाँधी जयंती के अवसर पर यानि २ अक्टूबर को एक कार्यक्रम का आयोजन मालाड (वेस्ट) में स्टेशन के सामने स्थित ऑफिस में किया था।संस्था 'गांधी विचार मंच' के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मनमोहन गुप्ता ने गाँधी जी के फोटो पर हारफूल चढाकर व् मिठाई बांटकर गाँधी जयंती मनाई। और इस अवसर पर गाँधी जी के ऊपर लिखी पुस्तक एम् एम् मिठाईवाला के सामने मुफ्त में जनता को वितरित किया गया। मनमोहनजी का मानना है कि इससे लोगों को गाँधीजी के बारे में और उनके विचारों के बारे में लोगों को सही जानकारी मिलेगी और जनता उनके बताये रास्ते पर चलकर देश को प्रगति के रास्ते पर लेकर जाएगी। सचमुच इससे ज्यादा अनूठे ढंग से गाँधी जयंती नहीं मनाई जा सकती है। लोग गाँधी जयंती और गाँधीजी के बारे थोड़ा बहुत जरूर जानते है लेकिन उनके बारे में और उनके विचारों के बारे में पूरी जानकारी बहुत कम लोगों को होगी। लेकिन मुफ्त में पुस्तक मिलने पर लोग उसे पढ़ेंगे और गाँधी जी के विचारों को सही ढंग से जानेंगे। इस अवसर पर सामाजिक संस्था 'गांधी विचार मंच' के सभी लोग व रितेश मेढ़िया, महेशभाई, जयप्रकाश पांडे इत्यादि उपस्थित होकर कार्यक्रम को शोभा को बढ़ाया।


१४ वां अंतर्राष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन राजस्थान में राकेश अचल शामिल होंगे
Our Correspondent :21 September 2017

ग्वालियर/राजस्थान में आगामी १ से १२ अक्टूबर तक आयोजित होने वाले १४ वे अंतर् राष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन में शामिल होने के लिए ग्वालियर के वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यसेवी राकेश अचल ३० सितंबर को राजस्थान के लिए रवाना होंगे .ग्यारह दिन के इस सम्मेलन में देश भर के साहित्यकार शामिल हो रहे हैं. इस सम्मेलन के तहत राजस्थान के जयपुर,अजमेर,बीकानेर,माउन्ट आबू और उदयपुर में विभिन्न सत्रों का आयोजन किया जाएगा इस सम्मेलन में राजस्थान की ९ प्रमुख संस्थाएं भी शामिल होंगीं . सम्मेलन के समन्वयक श्री जयप्रकाश मानस के अनुसार सम्मेलन का उद्घाटन प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ शरद पगारे करेंगे .उन्होंने बताया की सम्मेलन के मार्गदर्शक मंडल के सदस्य और वरिष्ठ पत्रकार राकेश अचल अजमेर में गीत और गजल के सामर्थ्य तथा सरोकार पर अपना वक्तव्य देंगे .उल्लेखनीय है की इससे पहले ये सम्मेलन यूएई,चीन,कम्बोडिया,वियतनाम,थाईलैंड ,श्रीलंका,नेपाल और अन्य देशों में भी समपन्न हो चुके हैं .


सेंट्रल लाइब्रेरी में "हिन्दी उत्सव -2017"
Our Correspondent :13 September 2017

युवाओं में हिन्दी की समझ को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शासकीय मौलाना आज़ाद केन्द्रीय पुस्तकालय भोपाल आगामी शुक्रवार और शनिवार को दो दिवसीय हिन्दी उत्सव का आयोजन करने का जा रहा है । इस उत्सव में शहर के सही लोगों के लिए ओपन तीन प्रतियोगिताओं का आयोजन किता जाएगा । इन प्रतियोगिताओं में बाग लेने के लिए कोई भी व्यक्ति लाइब्रेरी आ सकता है ।
कार्यक्रम का विवरण
आयोजन का नाम - हिन्दी उत्सव -2017
दिनांक - 15 एवं 16 सितंबर 2017
स्थान - सेंट्रल लाइब्रेरी भोपाल
तीन ओपन प्रतियोगिताएं
हिन्दी निबंध प्रतियोगिता
दिनांक - 15 सितंबर (शुक्रवार )
समय - सुबह 10 बजे
पुरुसकार - 6000/ - रुपये नगद
भाग लेने के लिए - सुबह 9.30 बजे लाइब्रेरी पहुँचें
हिन्दी क्विज़
दिनांक - 15 सितंबर 2017 (शुक्रवार )
समय - सुबह 11.30 बजे
पुरुस्कार - 6000/- रुपये नगद
भाग लेने के लिए - दो लोगों की टीम बनाकर सुबह 11 बजे तक सेंट्रल लाइब्रेरी पहुँचें
तात्कालिक भाषण
दिनांक - 16 सितंबर 2017 (शनिवार )
समय - सुबह 11 बजे
कितने लोग भाग ले सकते हैं - केवल 20
पुरुस्कार - 6000/- रुपये नगद
भाग लेने के लिए - सुबह 10 बजे लाइब्रेरी पहुँचकर सबसे पहले अपना नाम नोट करा दें
कुल नगद पुरुस्कार - रुपये 18000/-


छात्र जीवन में व्हाइटअप और फेसबुक से बचना चाहिए
Our Correspondent :1 September 2017


छात्र जीवन में व्हाइटअप और फेसबुक से बचना चाहिए- प्राचार्य छतरपुर -नौगांव (छतरपुर) वर्तमान समय में शिक्षा का कार्यक्षेत्र बहुत अत्यधिक बढ़ गया है प्रत्येक माता पिता अपनी संतान को उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए तन मन धन से मदद कर पुरुष आहत करते हैं लेकिन कुछ विद्यार्थी अपनी संस्कृति और संस्कारों को भूल कर गुमराह हो रहे हैं जिस कारण से विद्यार्थी अपने लक्ष्य से भटक जाते हैं प्रत्येक विद्यार्थी को शिक्षा के पूर्व अपने लक्ष्य को क्या करना होगा लक्ष्य तय करने के बाद शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थी अपने उच्च शिखर तक पहुंचते हैं उपरोक्त विचार शासकीय पालीटेक्निक नौगांव में आयोजित भारतीय संस्कारों एवं स्वच्छ भारत अभियान आयोजन में नौगांव नगर निरीक्षक श्री विनायक शुक्ला ने कहा उन्होंने कहा कि वर्तमान में शिक्षण संस्थाओं में समाजसेवी संतोष गंगेले द्वारा इस प्रकार के आयोजन कर भारतीय संस्कृति के संस्कार को बचाने के लिए जो अलग जगह जा रही है उसकी सभी को सराहना करना चाहिए इस अवसर पर पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्राचार्य श्री बृजेश नारायण सक्सेना ने कहा कि बच्चे एक कच्ची मिट्टी की तरह होते हैं उन्हें संभाल लें और सजाने में अत्यधिक प्रयास करना पड़ता है वर्तमान समय में इंटरनेट के माध्यम से वर्तमान छात्र-छात्राएं इतिहास को अत्यधिक समय देकर शिक्षा के रास्ते से भटक रहे हैं इसलिए प्रत्येक छात्र छात्रा को जीवन में कम से कम अध्ययन करते समय ऐसे सोशल नेटवर्किंग से बचना चाहिए। इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि श्री धीरे से भरे ने बच्चों को प्रसन्न करते हुए कहा कि हमें भारत की संस्कृति और महापुरुषों के जीवन के बारे में ज्ञान होना आवश्यक है जब तक हमें अपने इतिहास का ज्ञान नहीं होगा हम शिक्षा की ओर नहीं भर सकते हैं इसलिए नैतिक शिक्षा और व्यवहारिक शिक्षा दोनों का समावेश जीवन में आवश्यक है कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रुप में पधारी बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान लोगों की अध्यक्ष श्रीमती भारती साहू ने बच्चों को प्रेरणा देते हुए अपने से बड़ों का आदर भाव जीवन में समय की पाबंदी और संस्कारों को जीवन में अपनाने पर बल दिया कार्यक्रम के संयोजक संतोष गंगेले ने विचार रखते हुए बताया जब तक व्यक्ति अपनी कमियों का सुधार नहीं करेगा वह विकास नहीं कर सकता है प्रत्येक व्यक्ति को अपने अंदर बुरे विचारों का परित्याग करना होगा क्रोध को स्थान नहीं देना होगा तभी समाज का कार्य संभव है देश विकास के लिए सभी को सामाजिक समरसता के काम करना चाहिए कार्यक्रम का संचालन करते हुए श्री रितेश अग्रवाल ने बच्चों को बौद्धिक ज्ञान पर बल दिया इस अवसर पर संस्था के प्राध्यापक श्री आर के गोस्वामी एसके नागौर जे एस डाबर जी आदि व्याख्याताओं ने भी विचार रखे स्वच्छ भारत जन जागृति अभियान बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान पर विस्तार से विचार-विमर्श किए गए इस अवसर पर नौगांव प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री नन्हें राजा बुंदेला ने बच्चों को संबोधित किया तथा शिक्षा के अध्ययन के बारे में बताया कार्यक्रम के अंत में संस्था प्रमुख द्वारा अतिथियों आपके द्वारा संस्था के 21 छात्र छात्राओं को सम्मानित कर प्रोत्साहन दिया गया


दुष्यंत कुमार पांडुलिपि संग्रहालय में ओपन बुक्स ऑनलाइन की त्रैमासिक साहित्यिक संगोष्ठी
Our Correspondent :31 July 2017

दुष्यंत कुमार पांडुलिपि संग्रहालय के सभागार में वरिष्ठ साहित्यकार रामप्रकाश त्रिपाठी की अध्यक्षता में ओपनबुक्स ऑनलाईन डॉट कॉम की त्रैमासिक साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन संपन्न हुआ. विशिष्ट अतिथि ग़ज़लकार जहीर कुरेशी एवं जयप्रकाश त्रिपाठी उपस्थित रहें। बलराम धाकड़ ने ." आभासी संसार और वास्तविक संसार का साहित्य" विषय पर बीज वक्तव्य देते हुए आभासी और वास्तविक संसार के साहित्य को एक दूसरे का सम्पूरक बताया। जयप्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि आभासी संसार मे साहित्य को उचित मार्गदर्शन आवश्यक है। रामप्रकाश त्रिपाठी ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि आभासी संसार उत्तर आधुनिकता की देन है। जिन्हें छंद और शब्द की समझ नहीं है वह भी आभासी संसार के खुद को महाकवि मान लेते हैं। ओपन बुक्स ऑनलाइन का परिचय देते हुए कल्पना भट्ट ने कहा कि यह एक ऐसी साहित्यिक वेबसाइट हैं जो साहित्य की पाठशाला भी है और प्रकाशन भी। साहित्यिक पत्रिका कविकुम्भ की संपादिका रंजीता सिंह ने अपनी पत्रिका के विषय मे बताया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ कवि गीतकार अशोक निर्मल द्वारा किया गया। व्याख्यान के बाद काव्य पाठ हुआ।जहीर कुरेशी ने ग़ज़ल सुनाकर श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया। मिथिलेश वामनकर ने किसान के जीवन पर आधारित ग़ज़ल सुनाई । इसके अतिरिक्त रंजीता सिंह, दिनेश प्रभात, ऋषि श्रृंगारी, ममता बाजपेयी, तिलकराज कपूर, हरिवल्लभ शर्मा, विमल कुमार शर्मा, दिनेश मालवीय, सीमा हरि शर्मा, शशि बंसल, हरिओम श्रीवास्तव, सीमा पाण्डे, अरविंद जैन, रक्षा दुबे, प्रतिभा पांडे, मोतीलाल आलम चन्द्र , अर्पणा शर्मा ने भी काव्य पाठ किया।


फिल्मफेयर अवॉर्ड में छाई 'बर्फी'
मुंबई। 'बर्फी' को भले ही ऑस्कर से निराशा हाथ लगी हो लेकिन 58वें आइडिया फिल्मफेयर अवॉर्ड में छाई रही। रविवार की रात मुंबई में अंधेरी के वाईआरएफ स्टूडियो में सितारों महफिल ऐसी सजी कि हर कोई एक झलक पाने के लिए बेताब दिखा। उन सितारों में सबसे ज्यादा रणबीर कपूर के चेहरे पर चमक थी। ऐसा लग रहा था कि कपूर खानदान का कोई सपूत दावा कर रहा हो कि हां मेरी रगों में राज कपूर का लहू बहता है। फिल्मफेयर अवॉर्ड सेरिमनी में 'बर्फी' को कुल 7 अवॉर्ड्स मिले। इसमें रणबीर कपूर को बेस्ट ऐक्टर और 'बर्फी' को बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड शामिल है। इस फिल्म में रणबीर कपूर ने मूक-बधिर की शानदार भूमिका निभाई थी। फिल्म 'कहानी' के लिए विद्या बालन को बेस्ट ऐक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला। विद्या अपने पति सिद्धार्थ रॉय कपूर के साथ सेरिमनी में मौजूद थीं। अवॉर्ड की घोषणा होने से पहले विद्या बालन ने कहा, 'मुझे अपने काम पर पूरा भरोसा है।' उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वी प्रियंका चोपड़ा की 'बर्फी' में ऐक्टिंग की भी जमकर तारीफ की। गौरतलब है दोनों फिल्में टॉप कैटिगरी में शामिल थीं। जहां 'बर्फी' को बेस्ट फिल्म का तमगा मिला वहीं 'कहानी' के डायरेक्टर सुजॉय घोष को बेस्ट डायरेक्टर के अवॉर्ड से नवाजा गया। ग्लोबल मंच पर अपनी खास पहचान बना चुके इरफान खान को 'पान सिंह तोमर' के लिए बेस्ट ऐक्टर का क्रिटिक्स अवॉर्ड दिया गया। इरफान की पहचान बॉलिवुड के सारे खान स्टारों से बिल्कुल अलग है। 'पान सिंह तोमर' में इरफान की ऐक्टिंग को पूरे फिल्म जगत में तारीफ मिली है। सेरिमनी में आए इरफान ने कहा कि मेरे लिए फिल्म में ऐक्टिंग करना एक मुश्किल क्रिएटिव चुनौती की तरह है। बेस्ट लिरिक्स का अवॉर्ड गुलजार को दिया गया। उन्होंने कहा कि मैं इस समारोह में यश चोपड़ा को तलाश रहा हूं। लेकिन वह नहीं हैं। वह यश चोपड़ा को याद कर बेहद भावुक हो गए। दिवंगत डायरेक्टर यश चोपड़ा को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिया गया। गुलजार को यह अवॉर्ड फिल्म 'जब तक है जान' के गाने 'छल्ला' के लिए दिया गया है। प्रीतम को बर्फी के लिए बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर का अवॉर्ड दिया गया।


हिंदी सीख रही हैं आस्ट्रेलियाई मॉडल क्रिस्टीना
नई दिल्ली। ऑस्टे्रलिया की मॉडल से एक्ट्रेस बनी क्रिस्टीना अखीवा ने अपनी पहली बॉलीवुड फिल्म 'यमला पगला दीवाना 2' की शूटिंग के दौरान हिंदी सुधारने पर जोर दिया। उन्हें लगता है कि इससे उन्हें आगे भी मदद मिलेगी। क्रिस्टीना ने कहा,मैं वास्तव में बॉलीवुड में अपने किरदार को गम्भीरता से ले रही हूं और मुझे लगता है कि भाषा एक महत्वपूर्ण किरदार निभाती है। इस वजह से मैं हिंदी भाषा ठीक कर रही हूं। क्रिस्टीना इस फिल्म में सनी देओल के साथ नजर आएंगी और उन्होंने हाल ही में तीन महीने की शूटिंग पूरी की है। हास्य और प्रेम पर आधारित 'यमला पगला दीवाना 2' 2011 में प्रदर्शित फिल्म 'यमला पगला दीवाना' का अगला संस्करण है जिसका निर्देशन संगीत सिवन कर रहे हैं।



फिर खोले फिटनेस के राज
बिपाशा बसु की लाइफ में एक दौर ऎसा भी आया, जब वे मोटी नजर आती थीं। इधर बीते कई वर्षो से एक सुखद आश्चर्य के रूप में वे स्लिम बनी हुई हैं। इतना ही नहीं, वे अपने छरहरेपन का बेशकीमती राज भी पब्लिक के साथ साझा कर रही हैं। बिपाशा ने कुछ अर्से पहले 'फिट एंड फेबुलस' टाइटल के साथ डीवीडी जारी की थी, अब वे अपनी दूसरी डीवीडी 'ब्रेक फ्री' के साथ अपना फिटनेस फंडा शेयर कर रही हैं। खास बात यह कि इस डीवीडी के जरिए उन्होंने डांस के साथ फिटनेस का पाठ पढ़ाया है। बिपाशा ने डांस और एक्सरसाइज के अपने शौक को मिला कर वजन घटाने का रोचक फॉर्मूला तैयार किया है। जैसाकि बिपाशा बताती हैं, 'ब्रेक फ्री उन लोगों के लिए है, जो दिलचस्प अंदाज में अपना वजन घटाना चाहते हैं। इस डीवीडी की मदद से आप मनचाहे समय और सुविधा के अनुसार अपना वजन घटा सकते हैं।' चर्चा यह भी है कि बिपाशा ने अपनी तीसरी फिटनेस डीवीडी की भी प्लानिंग कर ली है।