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:: राजधानी ::

 



पीलिया मामले में घिरी राज्य सरकार, रायपुर निगम कमिश्नर शरण हटाए गए

07 March 2015
रायपुर. रायपुर शहर में पीलिया फैलने के बाद सरकार पर हमले तेज हुए तो उसकी गाज नगर निगम कमिश्नर अवनीश शरण पर गिरी है। होली का त्यौहार होने के बावजूद गुरुवार को शरण को हटाकर डॉ. सारांश मित्तर को नया कमिश्नर बनाया गया है। मित्तर दंतेवाड़ा जिला पंचायत में सीईओ थे। वहीं, शरण को रायपुर में अपर कलेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है।
पीलिया मामले पर विधानसभा में बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल को पार्टी के ही विधायक श्रीचंद सुंदरानी ने घेरा था। उन्होंने निगम प्रशासन के कामकाज पर तीखी टिप्पणी भी की थी। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री को गलत जानकारी देने और मौके पर साथ चलकर वास्तविकता दिखाने की चुनौती भी दी थी। सुंदरानी के साथ पक्ष-विपक्ष के विधायक भी खड़े हो गए थे। उसके बाद शाम को मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने साथी मंत्रियों से चर्चा के बाद फेरबदल का निर्णय लिया और मुख्य सचिव विवेक ढांड से आदेश जारी करने कहा गया। वैसे शरण को हटाए जाने को महापौर चुनाव में भाजपा को मिली हार से भी जोड़कर देखा जा रहा है। शरण को पिछले साल फरवरी में ही कमिश्नर बनाया गया था।
इधर शरण के आने के बाद रायपुर कलेक्टोरेट में कुल 5 अपर कलेक्टर हो जाएंगे। वहीं वे राज्य के किसी जिले में पहले आईएएस अपर कलेक्टर होंगे। डॉ. मित्तर सोमवार को पद सम्हालेंगे। वहीं उनके स्थान पर आईएफएस अधिकारी जे. श्रीराम को दंतेवाड़ा में सीईओ पदस्थ किया गया है।


बीज निगम 15 दिन में करेगा खराब बीजों के मुआवजे पर फैसला

07 March 2015
रायपुर. प्रदेश में अब किसानों के बीज खराब हुए तो इससे होने वाले नुकसान की भरपाई छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम करेगा। बीज निगम के संचालक मंडल में इस पर फैसला लिया गया। निगम अपने व्दारा बेचे गए बीजों का अंकुरण नहीं होने पर 15 दिनों के भीतर क्षतिपूर्ति करेगा। यह क्षतिपूर्ति बीज के बदले बीज या बीज की राशि होगी।
प्रदेश में हर साल सोयाबीन, धान और दूसरे बीजों के अंकुर नहीं आने की शिकायतें आती हैं, लेकिन इसकी भरपाई का प्रावधान नहीं होता। कृषि विभाग के अपर मुख्य सचिव और बीज निगम के अध्यक्ष अजय सिंह ने इसके निर्देश बीज निगम को दिए हैं। उन्होंने बीज निगम के प्रबंध संचालक को भविष्य में किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाने के निर्देश भी दिए।
श्री सिंह ने समय-समय पर बीजों के अबिजहा होने की शिकायतों के संबंध में निगम के अधिकारियों को देश के विभिन्न राज्यों में ऐसे मामलों में किसानों को मुआवजा देने के प्रावधानों का अध्ययन कर विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा और आंध्रप्रदेश में बीजों का अंकुरण नहीं होने पर क्षतिपूर्ति देने प्रावधान है। बैठक में रिपोर्ट पर व्यापक चर्चा के बाद छत्तीसगढ़ के किसानों को भी मुआवजा देने का फैसला लिया गया।

जांच समिति देगी 15 दिन में रिपोर्ट

बीजों का अंकुरण प्रभावित होने की स्थिति में क्षतिपूर्ति देने के लिए शिकायत जांच समितियां भी बनाई जाएंगी। समितियों में कृषि विभाग के उप संचालक या उनके प्रतिनिधि, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी, सहायक बीज प्रमाणीकरण अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर तथा बीज प्रक्रिया केन्द्र के प्रभारी सदस्य रहेंगे।
शिकायतों की जांच के दौरान किसानों की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। बीजों का अंकुरण प्रभावित होने पर किसानों द्वारा 15 दिनों के भीतर स्थानीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी या वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के माध्यम से आवेदन दिया जाएगा, जिसमें समिति सात दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट देगी।
जांच में शिकायत की पुष्टि होने पर बीज उपलब्ध होने की स्थिति में बीज प्रक्रिया केन्द्र प्रभारी द्वारा किसानों को तत्काल बीज उपलब्ध कराया जाएगा। बीज उपलब्ध नहीं होने पर समिति द्वारा बीज निगम को तत्काल रिपोर्ट दी जाएगी जहां से एक सप्ताह के अंदर बीज की कीमत की राशि किसानों को बतौर मुआवजा दी जाएगी।

शिक्षाकर्मियों की चेतावनी के बाद अब मिलेगा रुका वेतन

07 March 2015
रायपुर. राज्यभर के शिक्षाकर्मियों के सड़क पर उतरकर आंदोलन की चेतावनी के बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आया। गुरुवार को होली के एक दिन पहले ही उनके वेतन के लिए 276 करोड़ 30 लाख का बजट जारी किया गया। होली के तुरंत बाद शिक्षाकर्मियों को वेतन दिया जाएगा।
प्रशासनिक अधिकारियों ने इस बार दूरस्थ जिलों के लिए पहले राशि जारी करने का निर्णय लिया है। शिक्षाकर्मियों के संगठनों की ओर से लगातार शिकायत मिलती रही है कि कुछ प्रमुख जिलों को ही हर बार भारी बजट दिया जाता है। वहां सैलेरी का संकट ज्यादा नहीं है, लेकिन बस्तर और सरगुजा सहित दूरस्थ इलाकों के अन्य जिलों में स्थिति अलग है। वहां बजट कम जारी होने के कारण बैकलॉग बढ़ता जा रहा है। शिक्षाकर्मी संघर्ष समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने बताया कि कई ऐसे जिले हैं जहां शिक्षाकर्मियों को चार-पांच माह से वेतन नहीं मिला है। कुछ जिलों में केवल एक-दो महीने का ही बकाया है।
बैकलॉग के इस गणित को ध्यान में रखकर ही इस बार बजट का वितरण किया जाएगा। इससे पूरे राज्य के शिक्षाकर्मियों का बैकलॉग क्लीयर करने का प्रयास होगा। अफसरों ने आश्वासन दिया है कि शिक्षाकर्मियों को हर महीने नियमित वेतन देने की पॉलिसी बनाई जाएगी। उसके बाद इस तरह की दिक्कत नहीं होगी।


शासन से नहीं मिले 21 करोड़

23 February 2015
भिलाई। नगर निगम की माली हालत सुधरने की बजाए और बिगड़ने लगी है। समायोजन की उम्मीद में अधोसंरचना मद से 45 करोड़ रूपए खर्च करना अब निगम प्रशासन के लिए परेशानी का कारण बन गया है। क्योंकि शासन ने विकास कार्य के मद से 68 करोड़ में से दो किस्तों में 47 करोड़ रूपए दिए। शेष करीब 21 करोड़ रूपए रोक ली है। इसका असर अब निगम के विकास कार्यो पर पड़ रहा है। पुराने कार्यो का भुगतान अटकने से निगम के ठेकेदार नए काम शुरू करने में अनाकानी कर रहे हैं। यह राशि वित्तीय वर्ष 13-14 में स्वीकृत कार्यो का है।

यह है मामला

निगम ने शासन से वित्तीय वर्ष 2013-14 समाप्त होने से पहले विकास कार्यो के लिए विकास मद से 68 करोड़ 19 लाख 31 हजार रूपए की मांग की थी। शासन ने 21 करोड़ 75 लाख रूपए दिए। निगम ने यह राशि खर्च ली। निगम ने बाकी 46 करोड़ 44 लाख रूपए शासन से फिर मांगी, ताकि निर्माण कार्यो का भुगतान किया जा सके।

अब इन खर्चो पर असर

कार्यालयीन कामकाज में होने वाले खर्च पर

कागज की खरीदी, बिजली,टेलीफोन बिल का भुगतान

कम्प्यूटर, प्रिंटर, वाहन मेंटनेंस का बिल का भुगतान

सड़क,नाली, स्ट्रीट लाइट के मेंटनेंस स्कूलों में निगम मद से प्रस्तावित अतिरिक्त कमरा निर्माण प्रस्तावित शौचालयों का निर्माण

इन कार्यो का भुगतान रूका

केन्द्र और राज्य प्रवर्तित मद से स्वीकृत12 पीएमसी रोड, विभिन्न वार्डो में निर्माणाधीन सीसी रोड, पॉवर हाउस मार्केट, सेक्टर-1 बैंक परिसर के सामने पीवर ब्लॉक कार्य, सार्वजनिक शौचालय निर्माण और तालाबों का गहरीकरण हो चुका है। कोष में राशि नहीं होने की वजह से बिल का भुगतान अटका हुआ है।

नए कार्यो पर असर- नहीं हो रहा है। इसकी वजह से नए कार्य प्रारंभ करने से कतरा रहे हैं। स्वीकृत काम भी ठेकेदार शुरू नहीं कर रहे हैं। शासन से राशि नहीं मिलने का प्रभाव वार्डाें में चल रहे स्वच्छता अभियान पर पड़ने लगा है।

केन्द्र और राज्य में भाजपा की सरकार होने के बाद और अधिक राशि मिलनी चाहिए। मगर राशि नहीं मिल रही है। शासन के भेदभाव रवैय्या के कारण स्वीकृत कार्यो की राशि अब तक नहीं मिली है।

निर्मला यादव, महापौर

योजना के अनुसार समय-समय पर शासन से राशि जारी होती है। समायोजन की गई राशि भी जल्द मिलने की उम्मीद है। माहभर पहले शासन से राशि प्राप्त हुई थी।

नरेन्द्र दुग्गा, आयुक्त

निगम और प्रशासन के बीच ये रहा घटनाक्रम

अधिकारियों ने कहा

नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने निगम प्रशासन से यह कहा कि बिल का भुगतान अपने अधिसंरचना मद से कर लें। शासन से राशि जल्दी मिल जाएगी।

निगम ने बात मान ली

नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों के मौखिक आदेश पर निगम प्रशासन ने भरोसा कर लिया। अधोसंरचना मद से 45 करोड़ 10 लाख 95 हजार का भुगतान ठेकेदारों को कर दिया। इस भरोसे के साथ कि शासन से राशि मिलने पर समायोजित कर लिया जाएगा।

फिर निगम ने मांगी राशि

निगम प्रशासन ने अप्रैल-मई में शासन से बचत राशि की मांग की। शासन ने सितंबर में 46 करोड़ 44 लाख में से 25 करोड़ रूपए दिया। शेष 21 करोड़ 44 लाख रूपए केन्द्र सरकार से मिलने के बाद ही देने का भरोसा दिलाया।

नहीं मिलेगी परिवर्तित मद के लिए राशि

उधर केन्द्र सरकार ने राज्य सरकारों से साफ कह दिया है कि परिवर्तित मद के लिए अनुदान नहीं दिया जाएगा। राज्य सरकार अपना संसाधन खुद जुटाए। केंद्र के इस रूख से राज्य सरकार के अधिकारियों ने 21करोड़ 44 लाख रूपए देने की चर्चा ही बंद कर दी है। अब चुनावी साल आ रहा है और निगम यह राशि शासन से मिलने की उम्मीद कम हो गई है।


बीस हजार करोड़ की सड़कों का निर्माण एन्यूटी मॉडल पर : रमन

23 February 2015
रायपुर। टाटीबंध-खमतराई सिक्स लेन के भूमिपूजन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा प्रदेश के नक्सल प्रभावित इलाकों में बेहतर परिवहन के लिए सड़कों का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है।
अगले चार साल में एन्यूटी मॉडल पर लगभग बीस हजार करोड़ रुपए की सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा विभिन्न योजनाओं के तहत प्रदेश के दूर-दराज के इलाकों में भी बड़े पैमाने पर सड़कों का जाल बिछाया जाएगा। डॉ. सिंह ने यह भी कहा कि प्रदेश की राजधानी रायपुर से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे स्थल चिह्नांकित कर ट्रांसपोर्ट नगर भी बनाए जाएंगेे।
बिलासपुर और दुर्ग को जोड़ने वाले मार्ग के लगभग 8.40 किलोमीटर के हिस्से के चौड़ीकरण और उन्नयन से यातायात का दबाव कम होगा। कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, लोक निर्माण मंत्री राजेश मूणत और विधायक श्रीचंद सुंदरानी, सभापति प्रफुल्ल विश्वकर्मा विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित थे। प्रमुख अभियंता डीके प्रधान ने इस सड़क निर्माण के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

क्या है एन्यूटी मॉडल

यह एक अलग तरह का सिस्टम है। इसमें सरकार सड़कों के निर्माण पर तुरंत पैसा नहीं लगाएगी। सड़क बनाने का ठेका लेने वाली कंपनी अपने पैसे से निर्माण कराएगी। सरकार अनुबंध के तहत एक निर्धारित समय सीमा में पेमेंट करेगी। इस तरह सड़क निर्माण में बजट की कमी बाधा नहीं बनेगी।

हाथियों के झुंड ने मचाया उत्पात ग्रामीण कर रहे रतजगा

23 February 2015
सरगुजा। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों हाथियों का आतंक जारी है। रविवार की देर शाम 31 हाथियो का दल धौरपुर के ग्राम घुईडांड पहुंचकर जमकर उत्पात मचाया। हाथियों के डर से ग्रामीण कड़कडाती ठंड में रतजगा करने को मजबूर हैं।
रविवार की शाम धौरपुर के ग्राम पंचायत छिरमुंडा के ग्राम घुईडांड के जंगल में 31 हाथियों का दल के पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत का महौल है। इन दिनों हाथियों के कई दल द्वारा सरगुजा के जंगलों में आतंक जारी है। कुछ दिनों पूर्व ही ग्राम डकई, केपी, जमडी व किरदौली में 18 हाथियों के दल ने जमकर उत्पात मचाया था।
हाथियों ने कई एकड़ पर लगे फसल को नुकसान पहुंचाने के साथ ही ग्रामीणों के घर को भी तोड़ डाला था। रविवार को 31 हाथियों का एक दल ग्राम घुईडांड पहुंचकर उत्पात मचाना शुरू कर दिया। हाथियों के डर से ग्रामीण शाम को ही अपना घर छोड़कर खुले आसमान के नीचे अलाव जलाकर रतजगा करने को मजबूर थे।
हाथियों के डर से ग्रामीण बच्चों व महिलाओं को लेकर घर के बाहर घुमते नजर आए। ग्रामीणो ने इसकी जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को भी दी। लेकिन उनके द्वारा हाथियों को रोकने अथवा ग्रामीणों का सहयोग करने में कोई रूचि नहीं दिखाई। वन विभाग का एक भी कर्मचारी गांव में नजर नहीं आया। देर शाम तक हाथियों का दल बस्ती में निकलकर उत्पात मचाना शुरू कर दिया था।


रिहा तीन ग्रामीणों ने टीआई पर लगाया मारपीट का आरोप

21 February 2015
जगदलपुर। हत्या के आरोपी हिड़मा को रिहा करने की मांग को लेकर चक्काजाम के दौरान गिरफ्तार किए गए तीन ग्रामीणों ने जमानत पर रिहा होने के बाद तोंगपाल टीआई पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। घटना के दूसरे दिन आप नेता सोनी सोढ़ी ने इन सभी को मेकॉज में भर्ती कराया है, जहां उनका इलाज जारी है।

तोंगपाल टीआई ने बुरी तरह पीटा

मेकॉज में भर्ती घायल ग्रामीण मड़ावी रामजी निवासी कोयलाभटी, पोडिय़ामी बुधरा निवासी जैनरा और कवासी हिड़मा निवासी जैनरा का आरोप है कि चक्काजाम के दौरान उन्हें धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर कर लिया गया और थाने में तोंगपाल टीआई ने उन्हें बुरी तरह पीटा। इस दौरान उन्होंने हाथ, पीठ और कमर के नीचे पिटाई के निशान भी दिखाए।

टीआई को सस्पेंड करने की मांग

आप नेता व घायल ग्रामीणों ने मामले की जांच करते हुए टीआई को सस्पेंड करने की मांग की है, हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई शिकायत नहीं की गई है।

डॉक्टरों ने बताने से किया इनकार

ग्रामीणों का इलाज कर रहे डॉ. गोपेश कुमार से घायलों की स्थिति और मेडिकल रिपोर्ट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। इसके बाद वहां मौजूद डॉ. केएम गुप्ता ने मेकॉज पीआरओ केएल आजाद से संपर्क करने का कहकर पल्ला झाड़ लिया।


नाबालिग की हत्या के बाद तालाब में फेंकी लाश

21 February 2015
कांकेर। कोड़ेकुर्सी थानातर्गत ग्राम ओटेकसा में 17 वर्षीय नाबालिग की हत्या कर तालाब में फेंकने का मामला प्रकाश में आया है। सूचना पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ओटेकसा निवासी प्रेमलाल सहारे का पुत्र का अज्ञात व्यक्ति ने 8 जनवरी से 16 जनवरी के बीच उसका गला घोंटकर तालाब में फेंक दिया। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला कायम कर जांच शुरू कर दी है।

ह्दय रोग से पीड़ित सभी बच्चों का मुफ्त में होगा इलाज

21 February 2015
रायपुर। राज्य सरकार पांच वर्षों में राज्य के ऐसे सभी बच्चों का मुफ्त में इलाज करेगी, जो हृदय रोग से पीड़ित हैं। हृदय रोग पीड़ित बच्चों को स्वस्थ बनाने के लिए राज्य सरकार ने यह बड़ा लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को नया रायपुर में श्री सत्य सांई संजीवनी अस्पताल में बच्चों के हृदय रोग के ऑपरेशन के लिए ‘चाइल्ड हार्ट सर्जरी सेंटर’ और दो आपरेशन थियेटरों के लोकार्पण के समय यह घोषणा की। यहां अभी 48 बच्चे दाखिल हैं, इनमें छह बच्चे पाकिस्तान के हैं।
इनके साथ छत्तीसगढ़, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के बच्चे हैं। मुख्यमंत्री ने अस्पताल में इलाज करा रहे बच्चों से मुलाकात की। सीएम ने कहा कि नई योजना में इस हॉस्पिटल की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। राज्य सरकार द्वारा ऐसे बच्चों को मुफ्त इलाज देने के लिए वर्ष 2008 से मुख्यमंत्री बाल हृदय सुरक्षा योजना में अब तक चार हजार से ज्यादा बच्चों को इसका लाभ मिल चुका है।
मुख्यमंत्री ने अस्पताल परिसर पर में ध्यान केन्द्र ‘श्री सत्य साई सौभाग्यम’ का भ्रमण कर छत्तीसगढ़ की विशेषताओं, ऐतिहासिक, पुरातात्विक और पर्यटन स्थलों, महापुरुषों और आदिवासी संस्कृति को प्रदर्शित करने वाले स्थल ‘छत्तीसगढ़-द हार्ट ऑफ इंडिया’ का आगाज किया।
डॉ. सिंह ने समारोह में श्री सत्य सांई ट्रस्ट से यह आग्रह भी किया कि इस केन्द्र के साथ-साथ ट्रस्ट एक अच्छा शिक्षा संस्थान भी नया रायपुर में प्रारंभ करे। विशेष अतिथि पदम विभूषण डॉ. एम.एस. वालिसाथन, पदमश्री डॉ. के.एम. चेरियन और डॉ. नरसिम्हन मूर्ति ने भी विचार रखे। इस मौके पर मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव एन. बैजेन्द्र कुमार और प्रमुख सचिव अमन कुमार सिंह और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

मिलनी ही चाहिए जेनेरिक दवा : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अधिकारियों को साफ कर दिया है कि हर हालत में मरीजों को जेनेरिक दवाएं मिलनी ही चाहिए। उन्होंने 31 मार्च तक राज्य के सभी 27 जिला में और 31 मई तक सभी 146 जनपद पंचायत मुख्यालयों के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में रेडक्रॉस मेडिकल स्टोर खोलने का फरमान भी जारी कर दिया।।


तीन सरकारी कृषि कॉलेजों में अगले सत्र से शुरू होगी पीजी की पढ़ाई

20 February 2015
रायपुर. प्रदेश के तीन सरकारी कृषि कॉलेजों में अगले सत्र से पीजी की पढ़ाई होगी। अंबिकापुर, बिलासपुर और जगदलपुर के कृषि कॉलेजों में इसकी शुरुआत होगी। इंदिरा गांधी कृषि विद्यालय में हुई विद्या परिषद की बैठक में यह फैसला लिया गया। वहीं सभी निजी कॉलेजों में संचालित स्नातक स्तर के पाठयक्रम के लिए 48-48 सीटों की स्वीकृति दी गई है। अब तक कृषि महाविद्यालय रायपुर में ही पीजी की पढ़ाई होती थी। यहां करीब 180 सीटों पर छात्रों को प्रवेश दिया जाता था।
सीटें कम होने की वजह से कई छात्रों को राज्य से बाहर दूसरे कॉलेजों की ओर रुख करना पड़ता था। साथ ही कई आगे की पढ़ाई ही छोड़ देते थे। पीजी की सीटें बढ़ाने की मांग लगातर उठती रही है, लेकिन रायपुर कॉलेज में सीट बढ़ाना विवि के लिए मुश्किल था। इस वजह से अंबिकापुर, बिलासपुर और जगदलपुर के तीन कृषि कॉलेजों में 40 सीटें बढ़ाई गई हैं।
ये है स्थिति : विविसे संबद्ध प्रदेश में 15 निजी कृषि, उद्यानिकी एवं कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज हैं। सभी कॉलेजों में अब 48-48 सीटें रहेंगी। इसमें 41 काउंसिलिंग से भरी जाएंगी और 7 मैनेजमेंट कोटे की रहेंगी।


नान घोटाला: मैनेजर के रिश्तेदार के लॉकर से निकला 11 लाख नकदी और सोना

20 February 2015
बिलासपुर. एसीबी की टीम ने गुरुवार को नागरिक आपूर्ति निगम (नान) के जिला प्रबंधक यदु के निवास पर मिली लॉकर की दूसरी चाबी से कांकेर (चरामा) स्थित बैंक ऑफ इंडिया का लॉकर खोला। यह लॉकर यदु के साले के नाम पर है, जिससे 11 लाख रुपए नकदी व 117 ग्राम सोने के जेवर जब्त किए गए हैं।
एसीबी की टीम ने नान के जिला प्रबंधक (बिलासपुर) केके यदु से अब तक सवा साढ़े 3 करोड़ रुपए से अधिक की अनुपातहीन संपत्ति बरामद की है। एसीबी की टीम गुरुवार को कांकेर जिले के चारामा स्थित बैंक ऑफ इंडिया पहुंची। टीम के अफसरों ने बैंक प्रबंधन के अफसरों से चर्चा की तो पता चला कि लॉकर बिलासपुर नागरिक आपूर्ति निगम प्रबंधक के साले सत्यजीत यादव के नाम पर है।
एसीबी ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उस लॉकर को खुलवाया। लॉकर से 117 ग्राम वजनी सोने के जेवर और 11 लाख रुपए नकदी मिला। एसीबी के अफसरों ने पंचनामा के बाद यहां से जेवर और नकद रकम की जब्ती बना ली है। बुधवार को टीम ने बिलासपुर के सेंट्रल बैंक का लॉकर को खोलकर नकदी रकम और जेवर समेत करीब 25 लाख का माल जब्त किया था। यह लॉकर यदु की मां के नाम पर है। गौरतलब है कि सरकारी चावल की अफरा-तफरी के मामले में अहम जानकारी मिलने के बाद एसीबी मुख्यालय ने प्रदेश भर के नान प्रबंधकों के निवास, वेयर हाउस और कार्यालयों में गत 12 दिसंबर को एक साथ छापेमार कार्रवाई की थी।

नान और मार्कफेड में नौ हजार करोड़ के घोटाले

प्रदेश में नागरिक आपूर्ति निगम (नान) व राज्य विपणन संघ (मार्कफेड) में लगभग नौ हजार करोड़ रुपए का घोटाला सामने आ रहा है। राज्य सरकार को प्रकरण की जांच सीबीआई से करानी चाहिए ताकि वास्तविक स्थिति पता चल सके। नान के 18 अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई नाकाफी है। राज्य के वरिष्ठ अफसरों को बचाने के लिए छोटे अधिकारियों को निशाना बनाया गया है। राज्य में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर पहुंच गई है। प्रदेश कांगे्रस के अध्यक्ष व विधायक भूपेश बघेल ने गुरुवार को कांगे्रस भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह बातें कहीं बघेल यहां कांगे्रस के संभागीय सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि राज्य में 56 लाख परिवार हैं, लेकिन राशन कार्ड 70 लाख परिवारों का बन गया। 14 लाख परिवारों का खाद्यान्न कहां जाता है, इसका खुलासा राज्य सरकार ने अब तक नहीं किया है। इससे बड़ा भ्रष्टाचार का जीता जागता उदाहरण और क्या हो सकता है।

डायरी के नाम उजागर करें

बघेल ने कहा कि नान के दफ्तरों और अधिकारियों के निवास पर मारे गए छापे के दौरान एसीबी व ईओडब्ल्यू के अधिकारियों को डायरी मिली है। इस डायरी में भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों के नाम दर्ज हंै, उनके नामों को राज्य सरकार सार्वजनिक करें।

माओवादी पीड़ित बच्चों के लिए बनी कस्तूरबा

20 February 2015
महासमुंद. जिला मुख्यालय से 8 किमी दूर बेलसोंडा ग्राम की आदिवासी 25 वर्षीय संगीता त्याग, सेवाभाव और दृढ़ इच्छाशक्ति की मिसाल बनकर उभरी है। वह माओवाद प्रभावित क्षेत्र के बच्चों को 20 किलोमीटर दूर से खुद ऑटो चलाकर एक निजी ट्रस्ट द्वारा संचालित स्कूल तक लाती है और फिर उन्हें पढ़ाती है। श्रमिक परिवार में जन्मी और पली-बढ़ी संगीता के लिए यह सबकुछ करना आसान नहीं था, लेकिन वह कई मुश्किलों का सामना करते हुए 64 बच्चों के लिए पालनहार बन गई है। बच्चे उसे कस्तूरबा दीदी के नाम से जानते हैं।

ट्रस्ट से जुड़कर सेवा

बेलसोंडा ट्रस्ट में बस्तर माओवाद प्रभावित क्षेत्र के 57 तथा 7 संप्रेषण गृह के बच्चे हैं। इनके सिर से माता-पिता का साया छिन चुका है। इनका लालन-पालन कस्तूरबा ट्रस्ट कर रही है। संगीता ने बच्चों को दूर से लाने के लिए पहले ऑटो खरीदी, जिसे वह खुद चलाती है।


गरियाबंद और धमतरी में भाजपा उम्मीदवार अध्यक्ष बने

19 February 2015
धमतरी। प्रदेश के दो जिला पंचायतों धमतरी अौर गरियाबंद में बुधवार को भाजपा समर्थित अध्यक्ष चुने गए। धमतरी में भाजपा समर्थित रघुनंदन साहू अध्यक्ष और उपाध्यक्ष राजाराम मंडावी चुने गए। गरियाबंद में भाजपा की डॉ. श्वेता शर्मा को निर्विरोध अध्यक्ष और पारस ठाकुर को निर्विरोध उपाध्यक्ष चुना गया।
धमतरी में रघुनंदन साहू ने कांग्रेस समर्थित नीलम चंद्राकर को तीन वोटों से हराया। 13 सदस्यों वाले इस जिला पंचायत में रघुनंदन को 8 और नीलम को 5 वोट मिले। जबकि यहां कांग्रेस के समर्थित छह सदस्य चुनकर आए हैं। धमतरी में कांग्रेस के एक सदस्य ने क्राॅस वोटिंग की। रघुनंदन साहू कुरूद ब्लाक के अध्यक्ष हैं और मंत्री अजय चंद्राकर के करीबी माने जाते हैं। उपाध्यक्ष चुने गए राजा मंडावी ने कविता बाबर को 1 वोट से हराया। गरियाबंद में चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से हुआ।


टूट रही उम्मीद: ताक रहे अच्छे दिन की राह

19 February 2015
जशपुर। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी गिरावट आने के बाद एक बार फिर से इजाफा होना शुरू हो गया है। पेट्रोल दोनों में ही 15 रूपए तक कीमत कम हुई इसका फायदा वाहन चलाने वाले आम और खास दोनों ही तबके के लोगों को हुआ, लेकिन वाहन जैसी विलासिता भरे संसाधनों से दूर गरीब व मजदूरों को इसका लाभ नहीं मिला।
कुछ दिनों तक लोगों के लिए बड़ी राहत के तौर पर आई कच्चे तेल के क्षेत्रों की मंदी से राजस्व में हो रहे नुकसान की भरपाई करने में सहुलियत हुई पर इसका लाभ मजदूरों और दबे कुचले लोगो को भी मिले इस बात पर गौर नहीं किया गया। सफर के अलावा दैनिक कार्यों से जुड़े आवश्यक चीजों की कीमतें भी डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के साथ बढ़ती गई।
अब जिस तरह तेल की महंगाई से सफर और चीजों को महंगा किया गया उसी प्रकार तेल की कीमतें घटने पर इन्हें सस्ता किए जाने की मांग उठने लगी है।
चौंकाने वाली बात यह है कि रात में तेल की कीमतें बढऩे पर सुबह ही उसका प्रभाव सफर और दैनिक उपयोग की चीजों में दिखने लगता है। लेकिन अबतक 8-9 बार तेल की कीमतों में हुए बदलाव को लेकर महंगाई को कम करने का प्रयास बिल्कुल भी नहीं किया गया। 15 रूपए तक आई गिरावट को लेकर मामूली सा भी अंतर महंगाई को लेकर नहीं किया गया। व्यापारियों के द्वारा बाजार पर अपनाए जा रहे इस मनमाना रवैया को लेकर शासन-प्रशासन भी उदासीन है। आम जनता और मजदूर वर्ग के लोगों ने अब शासन-प्रशासन की इस चुप्पी पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है।

मुनगा 160 और भिंडी 100 के पार

बस, ट्रक, चार पहिया और दो पहिया वाहनों के मालिकों को डीजल-पेट्रोल की कीमतों में आई गिरावट का लाभ जरूर मिल रहा है, लेकिन खाद्य पदार्थों और खासतौर पर सब्जियों को लेकर मजदूर वर्ग के लोगों के साथ ही उनकी भी जेबें कट रही है। कम आवक के चलते सब्जी की कीमतों में तेजी होना स्वभाविक है, पर जब माल भाड़ा की वजह से तेजी की स्थिति हो यह चिंता जनक है।

ब्राउन शुगर के तस्कर को दस वर्ष का कारावास

19 February 2015
अंबिकापुर। विशेष सत्र न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट प्रफुल्ल सोनवानी ने बुधवार को एनडीपीएस एक्ट के तहत एक अहम फैसला सुनाया। न्यायाधीश ने शहर की शातिर ब्राउन तस्कर को दस वर्ष की कठोर कारावास व 50 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।
गौरतलब है कि जोड़ा तालाब निवासी 32 वर्षीय बबली पति दीपक श्रीवास्तव को पुलिस ने 26 अप्रैल 2013 को जोड़ा तालाब के समीप ब्राउन शुगर बेचने की तलाश में घूम रही थी। मुखबिर द्वारा इसकी जानकारी कोतवाली पुलिस को दी गई। इस सूचना पर पुलिस ने 26 अप्रैल 2013 को जोड़ा तालाब के समीप से 6 ग्राम ब्राउन शुगर सहित गिरफ्तार किया था। पुलिस ने बबली को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया था। विशेष न्यायाधीश प्रफुल्ल सोनवानी ने सुनवाई करते हुए मामले में आए साक्ष्य के आधार पर बुधवार को आदेश सुनाया।
न्यायाधीश ने आरोपी महिला को दस वर्ष के कठोर कारावास से दंडित करते हुए 50 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड नहीं पटाए जाने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास से भी दंडित करने का आदेश सुनाया गया है। मामले में आरोपी जमानत पर थी। आदेश के बाद महिला को गिरफ्तार करते हुए न्यायिक अभिरक्षा में लिया गया।


नशामुक्ति का नारा देकर हर साल बढ़ा रहे बिक्री का लक्ष्य

18 February 2015
महासमुंद। राज्य शासन की दोहरी नीति ने नशामुक्ति अभियान को चौपट कर दिया है। दरअसल, व्यसन से मुक्ति के लिए सरकार भारत माता वाहिनी गठित की है। पर पैसे के सामने वाहिनी को किनारा कर दिया। तभी, तो शराब की बिक्री का लक्ष्य हर साल बढ़ा रही है।
इतना ही नहीं, व्यसन मुक्ति अभियान के तहत हर साल लाखों रुपए फूंक रही है। गांव-गांव में भारत माता वाहिनी के जरिए नशामुक्ति का नारा दिया जा रहा है। यह सब दिखावा साबित हो रहा है। क्योंकि, शराब की बिक्री का लक्ष्य हर साल बढ़ रहा है। बीते साल की तुलना में 52 फीसदी बिक्री का लक्ष्य रखा गया है। यानी नशामुक्ति के लिए किए जा रहे प्रयास लक्ष्य के सामने बौना साबित हो रहा है। और तो और, आबकारी सलाहकार समिति ने सिरपुर, अछोला और खट्टी स्थित शराब दुकान बंद करने की अनुशंसा शासन से की थी, जिसे नहीं माना। हालांकि, जिले में इस वित्तीय वर्ष में नए दुकान नहीं खुलेंगे और न ही बंद होंगे। पर लक्ष्य बढ़ाना लोगों की समझ से परे है।

लिए जा रहे ऑनलाइन आवेदन

शराब दुकान के लिए समूहों से ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं। यह 25 फरवरी तक चलेगा। बाद कम्प्यूटर द्वारा लाटरी पद्धति से लाइसेंसी दुकानों का चयन 28 फरवरी को होगा। आवेदन की कीमत 5 हजार रुपए निर्धारित है। यानी ऑनलाइन आवेदन से ही शासन के खाते में राशि जमा हो जाएगी। मदिरा दुकान आबंटन से पहले ही आवेदन से लाखों रुपए की कमाई होगी।

10 से 12 रुपए बढ़ाई ड्यूटी रेट

सरकार नए वित्तीय वर्ष से देशी और अंग्रेजी शराब ड्यूटी में 10 से 12 रुपए की वृद्धि करने जा रही है। इससे मदिरा प्रेमियों को झटका लगेगा। यह वृद्धि प्रति लीटर के हिसाब से बढ़ाई जाएगी। बीयर को ड्यूटी शुल्क से मुक्त रखा है। लोगों की मानें तो, शासन को राजस्व लक्ष्य की ङ्क्षचता है। इसी वजह से किसी न किसी तरीके से शराब की कीमत में बढ़ोतरी कर रही है।


भितरघात को लेकर जोगी खेमा भूपेश के निशाने पर, कांग्रेस में बेचैनी

18 February 2015
रायपुर. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने जिला पंचायत चुनाव में गुटबाजी और क्रास वोटिंग को लेकर फिर से जोगी खेमे को निशाने पर लिया है। पंचायत चुनाव में भितरघात और वरिष्ठ नेताओं की उदासीनता को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने एक जांच कमेटी बना दी है।
इसमें आधा दर्जन सीटों पर जोगी खेमे और दुर्ग में हार के लिए पर्यवेक्षक रहे पूर्व नेता प्रतिपक्ष रविंद्र चौबे के सिर पर ठीकरा फोड़ा जा सकता है क्योंकि दुर्ग में कांग्रेस का बहुमत होते हुए भी पार्टी प्रत्याशी घोषित नहीं कर पाई। भूपेश बघेल ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस में इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि 7-8 जिलों में कांग्रेस समर्थित जिला पंचायत सदस्य और पार्टी के बड़े नेताओं-कार्यकर्ताओं की भूमिका संदेहास्पद है। कमेटी सारे पहलुओं की जांच कर रिपोर्ट पीसीसी को देगी, फिर इसे एआईसीसी को भेजा जाएगा।
भितरघात को लेकर जोगी समर्थकों पर कार्रवाई के संकेत दिए जा रहे हैं। इसके अलावा ऐसे पर्यवेक्षकों को भी निशाने पर लिया जाएगा जो बहुमत रहते हुए भी पार्टी समर्थित प्रत्याशी को जिता नहीं पाए। कुछ जगह जोगी समर्थक जिला पंचायत सदस्यों पर भाजपा को वोट देने के आरोप लग रहे हैं। जांच कमेटी का अध्यक्ष पूर्व विधायक बोधराम कंवर और शिव सिंह ठाकुर को सचिव को बनाया गया है। इसमें पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर, पूर्व सांसद पीआर खूंटे, विधायक मोहन मरकाम, प्रदेश उपाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक और पूर्व महापौर किरणमयी नायक को सदस्य बनाया गया है।

इन सीटों पर आशंका

प्रदेश अध्यक्ष बघेल का कहना है कि 18 जिला पंचायतों में हमारी पार्टी के समर्थित प्रत्याशियों का बहुमत था। इनमें से 11 जिलों में हमारी जीत हुई। लेकिन दुर्ग, बलौदाबाजार, जगदलपुर, बीजापुर, कवर्धा, कोरबा, बलरामपुर में पार्टी में क्रास वोटिंग की शिकायत है। एआईसीसी ने इसे गंभीरता से लिया है। रायपुर, सरगुजा और रायगढ़ में भी भितरघात की खबर है। हालांकि रायपुर सीट में कांग्रेस जीती है। लेकिन यहां पार्टी के 10 सदस्य थे, लेकिन वोट पड़े केवल सात।
चौबे भी निशाने पर

अब पूर्व नेता प्रतिपक्ष रविंद्र चौबे भी निशाने पर बताए जा रहे हैं। हालांकि पहले चौबे जोगी के विरोधी थे लेकिन पिछले दिनों दोनों नेताओं के बीच जुगलबंदी देखी गई। दरअसल बघेल और चौबे दुर्ग जिले से ही आते हैं। अपने गृह जिले में हार के कारण बघेल के लिए अच्छा संदेश नहीं गया। पार्टी ने जिला पंचायत के लिए चौबे को पर्यवेक्षक बनाया था। बाद में उनके सहयोगी के रूप में अरुण वोरा को भी जिम्मेदारी दी गई थी।
दुर्ग में 12 में से आठ जिला पंचायत सदस्य कांग्रेस के जीतकर आए थे। यह सीट ओबीसी महिला के लिए आरक्षित थी और भाजपा के पास कोई महिला प्रत्याशी ही नहीं था। भाजपा ने दो नेत्रियों को पार्टी प्रवेश दिलाकर कांग्रेस से यह सीट छीन ली।

कन्यादान योजना : स्वास्थ्य परीक्षण कराया नहीं, लक्ष्य में भी रह गए पीछे

18 February 2015
भिलाई। महिला एवं बाल विकास विभाग ने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के लिए पंजीकृत जोड़ों का स्वास्थ्य परीक्षण कराए बिना ही उनकी शादी करा दी। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से इस संबंध में स्पष्ट आदेश दिए हैं। मानस भवन में हुए कार्यक्रम में विभागीय मंत्री रमशीला साहू की उपस्थिति में आदेश की अवहेलना होती रही। महिला एवं बाल विकास अधिकारी का कहना है कि उन्हें जोड़ों के स्वास्थ्य परीक्षण कराने आदेश नहीं मिला है।

यह है आदेश

रक्तचाप, मधुमेह, रक्त अल्पता, सिकलिंग, थैलीसीमिया जैसे अनुवांशिक बीमारी के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से योजना के तहत पंजीकृत जोड़ों के स्वास्थ्य परीक्षण कराना अनिवार्य है। यह जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास विभाग की है। शादी के पहले यह रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को सौंपना भी है।
नहीं आया दूल्हा राह ताकती रही दुल्हन

सामूहिक विवाह में एक दुल्हन बिना विवाह के ही वापस लौटी। उसका दूल्हा नहीं आया। वधु पक्ष के सारे लोग समय पर पहुंच गए थे। आखिरी जोड़े के मंडप में प्रवेश करने के बाद भी जब दूल्हा नहीं आया तो दुल्हन मायूस होकर विवाह स्थल से वापस लौट गई। कार्यक्रम में दुल्हा का नहीं आना प्रश्न ही बनकर रह गया।
लक्ष्य 125का शादी हुई 27 की

योजना के तहत जिले को 125 निर्धन कन्या की शादी का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन सोमवार को सिर्फ २७ जोड़े ही आए। वर-वधु पक्ष से पहुंचे परिजनों ने पत्रिका से बातचीत में बताया कि सुबह दस बजे से विवाह के लिए आए हैं, लेकिन अभी तक नाश्ता ही नहीं मिला है। रेवती बाई साहू ने बताया कि मेरे साथ दो बच्चे भी आए हैं।