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:: राजनीति ::

 
CM भूपेश व रमन सिंह में tweet war, सियार, सिंह, फिल्म, ट्रैलर सब कुछ बोला
30 January 2019
रायपुर। लोकसभा चुनाव के पहले कांग्रेस और भाजपा के आला-नेताओं के बीच सोशल मीडिया में जंग तेज होती जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कांग्रेस के 68 विधायकों की जीत पर तंज कसते हुए ट्वीट किया है कि संख्या में अधिक हो जाने से क्या सियारों ने 'सिंह" पर विजय पाई है? उनके इस ट्वीट पर कांग्रेस नाराज है। उसका कहना है कि घोटाले और भ्रष्टाचार की परतें उधेड़ने से रमन बौखला गए हैं। इस कारण जनता के निर्वाचित प्रतिनिधियों को सियार कहने से भी परहेज नहीं कर रहे। वहीं, मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने ट्वीट किया है कि अभी तो सिर्फ ट्रेलर है, सोचिए पूरी पिक्चर कैसी होगी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सिंह का ट्वीट वीडियो के साथ पोस्ट हुआ है। उसमें नान मामले की जांच की तरफ इशारा करते हुए लिखा है कि बदले की इस आंच से भला सत्य को आंच कहां आई है? संख्या में अधिक हो जाने से भला, क्या सियारों ने 'सिंह" पर विजय पाई है? गरीबों को चावल देना तुम्हारे नजर में अपराध है। मेरे आदिवासी भाइयों का क्या सरई का बीज खाना याद है? डॉ. रमन ने संकेत दिया है कि वे जांच से डर नहीं रहे। उन्होंने लिखा है, भूखों को खाना देना, अगर मेरे अपराध में गिना जाएगा, तो लाख डिगा ले कदम मेरे, ये अपराध फिर से किया जाएगा। डॉ. सिंह कहते रहे हैं कि कांग्रेस बदलाव की नहीं, बदले की सरकार चला रही है। इस पर भी उन्होंने लिखा है कि अपने द्वेष के तराजू में मेरे कर्मों को क्या तौलोगे, वर्षों सेवा किया है हमने, क्या उस पर भी कुछ बोलोगे? डॉ. सिंह ने कांग्रेस के घोषणापत्र पर भी सवाल उठाते हुए लिखा है कि झूठे वादों से तुम पहुंचे हो, अब उन्हें पूरा करने की बारी है। कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री शैलेश नितिन त्रिवेदी ने डॉ. सिंह के ट्वीट पर 'सियार" शब्द को लेकर आपत्ति की है। उनका कहना है कि रमन पहले भ्रष्टाचार के आरोपी थे और अब वाणी संयम खोने के गुनाहगार बन गए हैं। भाजपा ने सत्ता में रहकर गरीबों के निवाले के नाम पर नान घोटाला किया। अपने चहेते रिश्तेदारों तक पैसा पहुंचाया। नान घोटाले की परतें उधड़ रही हैं, तब सबको समझ में आ रहा है कि भाजपा सरकार तो गरीबों तक अनाज पहुंचाने में नहीं, मोटा कमीशन कमाने में लगी थी। इसी कारण रमन का जो असली चेहरा सामने आया है, उससे प्रदेश की जनता के साथ भाजपा कार्यकर्ताओं में भी गुस्सा और नाराजगी है। इधर डॉ. सिंह की उस लाइन 'झूठे वादों से तुम पहुंचे हो, अब उन्हें पूरा करने की बारी है" का जवाब देने के लिए मुख्यमंत्री बघेल ने सोमवार को हुई कांग्रेस की किसान आभार रैली जोड़ते हुए ट्वीट किया है। बघेल ने लिखा है, जब किसान खुश होता है, तो पूरा देश खुश होता है। किसानों की गर्मजोशी देख, हमें एक नई ऊर्जा मिली है। लाखों किसानों के चेहरों की मुस्कान बता रही है कि हम सही दिशा में हैं। आगे उन्होंने लिखा है, अभी तो सिर्फ ट्रेलर है।
Chhattisgarh : टूट सकता है माया-जोगी गठबंधन, ये हैं कारण
29 January 2019
रायपुर । लोकसभा चुनाव से पहले छत्तीसगढ़ में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ व बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन पर संशय खड़ा हो गया है। दोनों दल अलग-अलग चुनाव लड़ सकते हैं। जकांछ की समीक्षा बैठक में अधिकांश कार्यकर्ताओं ने माना कि बसपा से गठबंधन का विधानसभा चुनाव में नुकसान हुआ है। अजीत जोगी ने भी स्वीकार किया है कि बसपा को लेकर कार्यकर्ताओं में रोष दिखा है। मामले को कोर कमेटी के समक्ष रखा जाएगा। उसके बाद ही निर्णय होगा। सोमवार को सागौन बंगला में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के मुखिया अजीत जोगी ने प्रदेश स्तरीय कार्यकर्ता बैठक आयोजित की। बैठक में जब विधानसभा चुनाव की समीक्षा होने लगी तो ज्यादातर कार्यकर्ताओं का मत था कि अगर बसपा के बगैर हम चुनाव में आए होते तो ज्यादातर सीटों पर हमारे उम्मीदवार चुनाव जीतते। बस्तर से रायपुर तक के कार्यकर्ताओं ने एक स्वर से कहा कि जकांछ को लोकसभा का चुनाव अलग से लड़ना चाहिए। पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की बात को अजीत जोगी ने स्वीकार तो नहीं किया पर खारिज भी नहीं किया। अजीत जोगी ने कहा कि गठबंधन को आगे रखने या न रखने का निर्णय अब पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में किया जाएगा। यदि कोर कमेटी ने खारिज कर दिया तो गठबंधन को आगे जारी रखने पर विचार किया जाएगा।