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::केम्पस मिरर::

 
छत्तीसगढ़ पीएससी
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पद-असिस्टेंट प्रोफेसर आदि
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पद संख्या- कुल 48 पद
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अंतिम तिथि-22 मई 2014
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वेबसाइट -www.psc.cg.gov.in

आर्डिनेंस फैक्टरी,कानपुर
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पद -फिटर जनरल टर्नर आदि
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पद संख्या- कुल 267 पद
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अंतिम तिथि- 09 मई 2014
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वेबसाइट - http://www.ofkanpur.gov.in/recruitment/writereaddata/uploads/EN332.pdf

हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड
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पद -डीजीएम, एजीएम, मेनेज़र आदि
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पद संख्या- कुल 60 पद
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अंतिम तिथि- 16 मई 2014
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वेबसाइट -www.hindustancopper.com

नेवल शिप .रिपेयर यार्ड , कारवार
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पद -अप्रेंटिस
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पद संख्या- कुल 47 पद
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अंतिम तिथि- 07 मई 2014
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वेबसाइट -http://www.davp.nic.in/WriteReadData/ADS/eng_10702_616_1314b.pdf

साउथ वेस्टर्न रेलवे
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पद -अप्रेंटिस
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पद संख्या- कुल 333 पद
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अंतिम तिथि-10 मई 2014
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वेबसाइट -www.indianrailways.gov.in

बीएयू
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पद -ड्राइवर
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पद संख्या- कुल 40 पद
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अंतिम तिथि- 24 मई 2014
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वेबसाइट -http://bausabour.ac.in/

एमपीएससी
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पद -स्टेट सर्विसेज(मेन) एग्जाम
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पद संख्या- कुल 435 पद
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अंतिम तिथि- 07 मई 2014
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वेबसाइट -www.mpsc.gov.in

ओडिशा हाईकोर्ट
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पद - असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर
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पद संख्या- कुल 100 पद
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अंतिम तिथि- 12 मई 2014
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वेबसाइट -www.orissahighcourt.nic.in

सिक्किम पीएससी
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पद -जूनियर इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर
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पद संख्या- कुल 08 पद
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अंतिम तिथि- 30 मई 2014
................................. वेबसाइट -http://spscskm.gov.in

त्रिपुरा पीएससी
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पद - पर्सनल अस्सिस्टेंट ग्रेड 2
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पद संख्या- कुल 50 पद
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अंतिम तिथि- 24 मई 2014
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वेबसाइट -www.tpsc.gov.in

यूपीपीएससी
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पद - कंबाइंड स्टेट /अपर सबऑडीनेट सर्विस एग्जाम 2014
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पद संख्या- कुल 300 पद
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अंतिम तिथि- 26 मई 2014
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वेबसाइट -uppsc.up.nic.in

इलाहाबाद हाई कोर्ट
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पद - लॉ क्लर्क(ट्रेनी)
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पद संख्या- कुल 95 पद
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अंतिम तिथि- 15 मई 2014
................................. वेबसाइट -www.allahabadhighcourt.in

एलआईसी
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पद - इंश्योरेंस एजेंट कम एडवाइजर
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पद संख्या- कुल 200 पद
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अंतिम तिथि- 31 मई 2014
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वेबसाइट -http://www.hp.gov.in/hppsc

माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के छात्राओं की फिल्म ‘वुमनहुड’ को मिला पहला पुरस्कार
24 February 2018
भोपाल, 24 फरवरी। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय की छात्रा स्वेता दत्त एवं उपासना द्वारा निर्मित फिल्म ‘वुमनहुड’ को गुवाहाटी में आयोजित आठवें राष्ट्रीय विज्ञान फिल्म उत्सव-2018 में पहला स्थान प्राप्त किया है, जिसके तहत फिल्म को ‘गोल्डन वीवर अवार्ड’ दिया गया है। फिल्म का चयन शैक्षणिक संस्थाओं एवं विद्यार्थियों की श्रेणी में किया गया। इस श्रेणी में देशभर से 25 फिल्में आईं थीं। पुरस्कार में 75 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई है। फिल्म का संपादन विश्वविद्यालय के प्रोडयूसर मनोज पटेल ने किया है। छात्रा स्वेता ने बताया कि इस फिल्म में महिलाओं के मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं को दिखाया गया है। फिल्म की विशेषता यह है कि इसमें न केवल समस्याओं को दिखाया गया है, बल्कि उसके प्रति जागरूकता लाने का प्रयास किया गया है। फिल्म के माध्यम से सेनेटरी पैड्स के प्रयोग को प्रोत्साहित किया गया है। फिल्म में विशेषतौर पर ग्रामीण परिवेश की महिलाओं की समस्याओं को दिखाया गया है। स्वेता ने बताया कि फिल्म निर्माण के दौरान शहरी लड़कियों और महिलाओं से इस विषय पर बात करना आसान रहा, किंतु ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं कैमरा देखकर ही डर जाती थीं और इस बारे में बात करने में बहुत संकोच करती थीं। यह लघु फिल्म 11 मिनट की है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय विज्ञान फिल्म उत्सव का आयोजन भारत सरकार के विज्ञान एवं तकनीकी विभाग द्वारा प्रतिवर्ष किया जाता है। इस आयोजन का उद्देश्य फिल्मों के माध्यम से विज्ञान एवं तकनीक को बढ़ावा देना है।
27 हजार 687 विद्यार्थियों की 55 करोड़ रुपये फीस शासन ने जमा की
21 February 2018
मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना में 27 हजार 687 विद्यार्थियों की 55 करोड़ 5 लाख 71 हजार 302 रुपये की फीस राज्य शासन द्वारा जमा की गयी है। योजना में कुल 28 हजार 433 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 27 हजार 706 आवेदन स्वीकृत हो चुके हैं। शेष आवेदन पर कार्यवाही प्रचलन में है। तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दीपक जोशी ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया है कि तकनीकी शिक्षा के 297 विद्यार्थियों की एक करोड़ 59 लाख 37 हजार 451, मेडिकल के 398 विद्यार्थियों की 21 करोड़ 31 लाख 58 हजार, राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं में अध्ययनरत 287 विद्यार्थियों की 2 करोड़ 52 लाख 23 हजार 973, पशु चिकित्सा के 15 विद्यार्थियों की 6 लाख 66 हजार 194, मानव संसाधन विभाग से जुड़ी संस्थाओं के 165 विद्यार्थियों की एक करोड़ 17 लाख 29 हजार 575, उच्च शिक्षा विभाग के कॉलेजों के 26 हजार 108 विद्यार्थियों की 10 करोड़ 10 लाख 9 हजार 701, कृषि महाविद्यालयों के 73 विद्यार्थियों की 20 लाख 47 हजार 816, यूनीवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट के 31 विद्यार्थियों की 9 लाख 32 हजार 730, आयुष के 28 विद्यार्थियों की 17 लाख 34 हजार 60, निजी विश्वविद्यालयों के 255 विद्यार्थियों की 17 करोड़ 39 लाख 80 हजार और अन्य संस्थाओं के 30 विद्यार्थियों की 41 लाख 51 हजार 302 विद्यार्थियों की फीस शासन द्वारा जमा करवायी गयी है।
सातवें विज्ञान मेले में माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय ने जीते पुरस्कार
16 February 2018
भोपाल, 16 फरवरी, 2018। सातवें भोपाल विज्ञान मेले में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय को बेस्ट विज्ञान पैविलियन अवार्ड एवं थ्रीडी प्रिंटिंग में मेरिट अवार्ड प्राप्त हुआ। मेले का आयोजन विज्ञान भारती और मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद की ओर से किया गया। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के नवीन मीडिया विभाग की ओर से मेले में प्रदर्शनी आयोजित की थी। प्रदर्शनी में स्ट्रिप पैकेजिंग, एलुमिनियम फोइल स्कैल, बॉटल कैप क्रिम्पिंग मशीन और ग्रव्युर प्रिंटिंग मशीन को प्रदर्शित किया गया। नवीन मीडिया विभाग की अध्यक्ष डॉ. पी. शशिकला ने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से जो पैविलियन बनाया गया था, उसे बेस्ट पैविलियन अवार्ड दिया गया। इसके साथ ही थ्रीडी प्रिंटिंग मॉडल को मेरिट अवार्ड दिया गया। इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला, कुलाधिसचिव लाजपत आहूजा एवं कुलसचिव प्रो. संजय द्विवेदी ने प्रशंसा व्यक्त की है। आकर्षण का केंद्र बनी प्रवेश प्रक्रिया : विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया को मेले में थ्रीडी वीडियो से समझाया गया। विश्वविद्यालय के पैविलियन में लगाए गए एलसीडी पर निरंतर यह वीडिया चला। अनेक लोगों ने थ्रीडी वीडियो के माध्यम से विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया को समझा। इसके साथ ही पैविलियन में विश्वविद्यालय के प्रकाशन की पुस्तकों को भी प्रदर्शित किया गया।
छात्रवृत्ति से मलेशिया यूनिवर्सिटी में शोध करेंगे सुमित और अविनाश
16 February 2018
इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी के दौरान सुमित और अविनाश में गहरी दोस्ती हो गई। संयोग देखिए एआईईईई के आधार पर दोनों का दाखिला एसएआईटी (सम्राट अशोक इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) विदिशा में हो गया। यहीं से दोनों ने कम्प्यूटर साइंस में बी-टेक और एम-टेक किया। इसके बाद तय किया कि अब विदेश की किसी प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी से मशीन लर्निंग में साथ-साथ शोध करेंगे इन होनहार छात्रों के सपनों के मार्ग में आर्थिक बाधा आड़े आई तो मध्यप्रदेश सरकार बनी सहयोगी। सरकार की विदेश में अध्ययन हेतु संचालित छात्रवृत्ति योजना ने अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखने वाले इन दोनों विद्यार्थियों की प्रतिभा को पंख लगा दिए हैं। ग्वालियर शहर की नर्मदा कॉलोनी मुरार निवासी सुमित धारीवाल और नेहरू कॉलोनी निवासी अविनाश रायपुरिया मलेशिया की मस्ट यूनिवर्सिटी में यांत्रिकी फैकल्टी में शोध करने जा रहे हैं। इस योजना के तहत दोनों छात्रों को अलग-अलग 13 लाख 20 हजार रूपए से अधिक की आर्थिक सहायता जनजाति कल्याण विभाग ने मंजूर कर दी है। दोनों मौजूदा माह में ही मलेशिया की उड़ान भरेंगे। सुमित और अविनाश कहते हैं कि शुरू में हमें हर तरफ से निराशा ही हाथ लग रही थी। ऐसे में एक दिन अखबार में पढ़ा कि मध्यप्रदेश सरकार हम जैसे महत्वाकांक्षी युवाओं को विदेश में उच्च शिक्षा के लिये वित्तीय मदद देती है। हम दोनों ग्वालियर की शारदा विहार कॉलोनी स्थित जनजाति कल्याण कार्यालय में पहुँच गए और अपने आवेदन प्रस्तुत कर दिए। निर्धारित प्रक्रिया तथा साक्षात्कार के बाद हम दोनों का विदेश अध्ययन की छात्रवृत्ति के लिये चयन हो गया है। स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई हमने साथ की। अब दोनों का विदेश में पढ़ाई का सपना मध्यप्रदेश सरकार पूरा कर रही है
महाविद्यालयों में छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जाये : राज्यपाल श्रीमती पटेल
15 February 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि हर महाविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ साल में एक बार सभी छात्राओं का स्वास्थ परीक्षण भी कराया जाना चाहिये।उन्होंने कहा कि शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा का पता लगने से समय रहते बच्चों को कुपोषित होने से बचाया जा सकता है। राज्यपाल ने आज शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्वशासी महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव के समापन समारोह में यह बात कही। इस अवसर राज्यपाल ने बीएससी की छात्रा कु. सुमैया अली को श्री शंकरदयाल शर्मा गोल्ड मेडल, एमएससी केमेस्ट्री की छात्रा कु.निदा नाज को मुख्यमंत्री गोल्ड मेडल, तथा बीएचएससी की छात्रा कु.जैनब मोदी को उषा जैन अवार्ड सहित अन्य छात्राओं को भी पुरस्कार वितरित किये। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि अच्छी माँ बनने के लिए पूर्ण पोषण की आवश्यकता है़। माँ का कर्तव्य है कि वे बच्ची को जन्म देने के साथ उसको अच्छी शिक्षा भी दे। उन्होंने कहा कि पूरे देश में बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ अभियान चलाया जा रहा है। आज समाज तेजी से आगे बढ़ रहा है, महिलाओं में जागरूकता बढ़ रही है और भ्रूण हत्या की घटनाएं भी कम हो गई हैं। इससे लगता है कि अगली जनगणना पर महिलाओं की जनसंख्या पुरूषों के बराबर हो जायेगी। राज्यपाल ने कहा कि पुरूषों की तुलना में महिलाएं अधिक कार्य करने में सक्षम हैं। आज महिलाएँ राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक क्ष्रेत्र के साथ ही सेना जैसे कठिन क्षेत्र में भी आगे बढ़ रही हैं। श्रीमती पटेल ने खुले में शौच से मुक्ति के प्रति जागरूकता अभियान चलाने पर जोर देते हुए कहा कि खुले में शौच करने की प्रवृत्ति से कई घटनाएं घटित होती हैं। इसलिए गांवों में लोगों को हर घर में शौचालय बनाने के लिए प्रेरित किया जाये। प्राचार्य डॉ. रोमशा सिंह ने महाविद्यालय की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। उन्होनें बताया कि महाविद्यालय की अनेक छात्राओं का बहुराष्ट्रीय कम्पनियों में चयन हुआ है। राज्यपाल ने प्राध्यापक डॉ.भावना श्रीवास्तव द्वारा लिखित पुस्तक 'संस्कृत व्याकरण सौरगम'' का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम का संचालन छात्रसंघ प्रभारी डॉ.उर्मिला शिरीष ने तथा आभार छात्रसंघ की अध्यक्षा कु. उल्फा खान ने किया।
मानव हित को ध्यान में रखकर शिक्षा ग्रहण करें छात्र-छात्रायें
12 February 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने छात्र-छात्राओं से कहा है कि केवल अच्छा जीवन एवं नौकरी के लिये ही पढ़ाई न करें, अपितु मानव हित को ध्यान में रखकर शिक्षा ग्रहण करें। मन में सदैव यह भाव रखें कि हम गाँव, प्रदेश, देश और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिये क्या बेहतर कर सकते हैं। राज्यपाल सोमवार को ग्वालियर में आईटीएम ग्लोबल स्कूल परिसर में नवनिर्मित कबीर प्रखण्ड के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रही थीं। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने विद्यालय प्रबंधन एवं आईटीएम यूनिवर्सिटी के शिक्षकों का आहवान किया कि बच्चों को ऐसी शिक्षा दें, जिससे वे शुरू से ही राष्ट्रभाव से ओत-प्रोत हों। उन्होंने कहा बच्चों की सोच में बदलाव लाकर ही हम आतंकवाद व नक्सलवाद जैसी समाज विरोधी गतिविधियों से निजात पाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि बच्चों को बताएँ कि विविधता में एकता हमारी संस्कृति है। इसलिये स्कूलों व आंगनबाड़ियों के बच्चों में ऐसे भाव पैदा करे कि उनके मन में अशांति और भेदभाव न पनपे। प्रधानमंत्री का “एक भारत – श्रेष्ठ भारत” का सपना भी तभी पूरा होगा। विश्वविद्यालय गाँव के स्कूलों को गोद लें राज्यपाल श्रीमती पटेल ने विश्वविद्यालय, महाविद्यालय एवं प्रतिष्ठित निजी स्कूलों को समीप के सरकारी स्कूलों को गोद लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों का दायित्व है कि वे गाँव में जाकर ग्रामीणों की बेहतरी के लिये कुछ काम करें। हम अपने देश को तभी ऊँचाईयों तक ले जा पायेंगे, जब अपनी संस्था में अर्जित ज्ञान एवं रचनात्मकता से गाँव के बच्चों को भी पारंगत करेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्कूलों को बेहतर बनाने के साथ-साथ ग्रामीणों को शौचालयों के उपयोग तथा अन्य रचनात्मक कार्यों के लिये भी प्रेरित करें। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन ने कहा कि वे स्वयं भोपाल में एक स्कूल एवं आंगनबाड़ी केन्द्र को गोद लेने जा रही हैं। राज्यपाल को याद आया शिक्षक जीवन आईटीएम ग्लोबल स्कूल में राज्यपाल श्रीमती पटेल को अपना शिक्षक जीवन याद आ गया। उन्होंने कहा लगभग 30 वर्षों तक मेरा जीवन शिक्षक के रूप में सुबह से शाम तक बच्चों से बतियाते और उन्हें पढ़ाते गुजरा। उन्होंने कहा शैक्षणिक दायित्वों के बेहतर निर्वहन के लिये उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार सहित अन्य पुरस्कार भी मिले। राज्यपाल ने स्कूल में बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखकर दी जा रही शिक्षा की सराहना की। साथ ही बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और स्कूल के बच्चों द्वारा किए गए बेहतर संचालन को सराहा। पुश नहीं पुल मॉडल पर आधारित हों स्कूल पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल दिलबाग सिंह सुहाग ने इस अवसर पर कहा कि स्कूलों में बच्चों के लिये ऐसा माहौल विकसित करें, जिससे बच्चों को स्कूल में जबरन पहुँचाने की जरूरत न पड़े बल्कि बच्चे स्वत: ही स्कूल जाने के लिये लालायित रहें। उन्होंने कहा कि स्कूल पुश मॉडल पर नहीं, पुल मॉडल पर आधारित होने चाहिए। उन्होंने आईटीएम ग्लोबल स्कूल के एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग कंसेप्ट को सराहा। आईटीएम लेगा अडूपुरा स्कूल को गोद आईटीएम यूनिवर्सिटी के चांसलर श्री रमाशंकर सिंह ने राज्यपाल को भरोसा दिलाया कि वे स्वयं अडूपुरा गाँव के स्कूल को गोद लेंगे। उन्होंने कहा अडूपुरा के स्कूल में बुनियादी सुविधाओं के अलावा वहाँ के बच्चों के व्यक्तित्व विकास में परिवर्तन के लिये भी कारगर प्रयत्न किए जायेंगे। उन्होंने राज्यपाल को न्यौता दिया कि अगले साल 21 नवम्बर को वो अपना जन्मदिन मनाने अडूपुरा आएँ। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने स्कूल परिसर में लॉयन्स क्लब ग्वालियर द्वारा पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम के तहत पौधरोपण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने नीम प्रजाति का पौधा रोपा। इस अवसर पर नीम के लगभग 1100 पौधे रोपे गए।
दतिया में खुलेगा पत्रकारिता विश्वविद्यालय का परिसर
12 February 2018
प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल दतिया में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय का परिसर शीघ्र प्रारंभ होगा। जनसंपर्क, जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र के प्रयासों से इस संबंध में कार्यवाही सम्पन्न की जा रही है। दतिया जिला प्रशासन द्वारा पाँच एकड़ भूमि बक्शी मंदिर, दतिया के पास दिए जाने की औपचारिकता भी पूर्ण कर दी गई है। आने वाले शैक्षणिक सत्र से पाठयक्रम कक्षाएं संचालित करने के लिए आवश्यक व्यवस्था कर ली गई है। इलेक्ट्रॉनिक और प्रिन्ट मीडिया के साथ ही सोशल मीडिया के विस्तार के दृष्टिगत दतिया में पत्रकारिता विश्वविद्यालय के परिसर की आवश्यकता थी। संभागीय मुख्यालय ग्वालियर के साथ ही दतिया के निकट उत्तरप्रदेश के झांसी नगर से अनेक समाचार पत्र प्रकाशित होते हैं। दतिया में विभिन्न अखबारों के प्रतिनिधि कार्यरत हैं। इसके साथ ही अनेक टी.व्ही.चैनल्स के लिए भी प्रतिनिधि पदस्थ हैं। दतिया में चिकित्सा महाविद्यालय का भवन भी बनकर तैयार हो चुका है। इसके अलावा केन्द्र और राज्य सरकार के अनेक कार्यालय संचालित हैं। पत्रकारिता विश्वविद्यालय के परिसर के प्रारंभ होने से दतिया क्षेत्र के युवाओं को रोजगार की दृष्टि से अधिक अवसर प्राप्त हो सकेंगे।
पुलिस भर्ती वर्ष-2017 का अंतिम परीक्षा परिणाम पीईबी की वेबसाईट पर उपलब्ध
12 February 2018
मध्यप्रदेश पुलिस में सहायक उप निरीक्षक (कम्प्यूटर) /प्रधान आरक्षक (कम्प्यूटर) एवं आरक्षक वर्ष-2017 के कुल 14088 पदों पर भर्ती हेतु म.प्र. प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड, भोपाल द्वारा 19 अगस्त से 18 सितम्बर 2017 तक लिखित परीक्षा एवं 10 दिसम्बर से 22 दिसम्बर 2017 तक शारीरिक प्रवीणता एवं ट्रेड टेस्ट का आयोजन किया गया था। इस परीक्षा के द्वितीय चरण का परिणाम म.प्र प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड भोपाल द्वारा 07 फरवरी 2018 को घोषित कर दिया गया है। यह जानकारी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक चयन/भर्ती श्री राजेन्द्र मिश्रा ने दी। परीक्षा में विभिन्न पदों के लिये चयनित उम्मीदवारों की पदस्थापना के लिये इन उम्मीदवारों से इकाईयों का पद प्राथमिकता एम.पी.ऑनलाईन लिमिटेड के वेबपोर्टल के माध्यम से ऑनलाईन लिया जाना है। चयनित उम्मीदवार पदस्थापना हेतु इकाईयों का पद प्राथमिकता एम.पी. ऑनलाईन के वेबपोर्टल www.mponline.gov.in/portal पर 15 से 22 फरवरी 2018 तक ऑनलाईन भर सकते हैं।
रीवा में माखनलाल विश्वविद्यालय का आकर्षक केम्पस भवन बनेगा
6 February 2018
उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने आज यहां मंत्रालय में रीवा में बनने वाले माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के केम्पस भवन निर्माण संबंधी कार्य की बैठक में समीक्षा की। उन्होंने कहा कि रीवा के ड्रीम प्रोजेक्ट माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता तथा संचार विश्वविद्यालय का भव्य एवं आर्कषक केम्पस भवन निर्माण के लिये शीघ्र ही डीपीआर के विस्तृत प्रतिवेदन को अंतिम रूप दिया जायेगा। इसके बाद निविदा आमंत्रित की जायेगी। रीवा में 60 करोड़ रुपये की लागत से केम्पस भवन का निर्माण 5 एकड़ भूमि पर किया जा रहा है। श्री शुक्ल ने बताया कि भवन निर्माण संबंधी सभी औपचारिकताएँ पूरी करने के बाद इस वर्ष अप्रैल में भवन का भूमि-पूजन किया जायेगा। बैठक में कुलपति प्रो. बी.के. कुठियाला, रेक्टर श्री लालपत आहूजा, कुलसचिव और विश्वविद्यालय के अधिकारीगण मौजूद थे।
सिर्फ पढाई करें, बाधाओं की चिंता छोड दें, सरकार उठायेगी शिक्षा का खर्च - मुख्यमंत्री श्री चौहान
3 February 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहां स्थानीय माडल स्कूल में प्रेरणा संवाद के बाद विद्यार्थियों द्वारा पूछे गये सवालों के जवाब दिये और उनकी शंकाओं का समाधान किया। विद्यार्थियों ने लक्ष्य तय करने, समय का प्रबंधन करने, पढ़ाई के लिये दिनचर्या तय करने, स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा और अच्छे नंबर लाने का तनाव दूर करने के तरीकों से संबंधित सवाल पूछे। मुख्यमंत्री ने एक शिक्षक, पालक और विद्यार्थियों के मामा के रूप में सहजता के साथ विद्यार्थियों के सवालों के जवाब दिये और उनकी शंकाओं का समाधान किया। सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के 11वीं कक्षा के छात्र श्री अंकित पटेल ने पूछा कि क्या मुख्यमंत्री बनने के लिये कोई लक्ष्य तय किया था। इस पर मुख्यमंत्री ने अपने गाँव में बचपन में खेती और मजदूरों का मेहनताना बढ़ाने के लिये किये आंदोलन की चर्चा की। उन्होंने कहा कि अन्याय को किसी भी रूप में सहना सही नहीं है। उन्होने कहा कि किसी भी काम के प्रति लगन और प्रतिबद्धता जरूरी है, यही काम आती है। डी.ए.वी. उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टी.टी.नगर की कॉमर्स संकाय की 12वीं कक्षा की छात्रा सुश्री दिपांशी पांडे ने स्कूलों में विद्यार्थियों की विशेष रूप से बेटियों की सुरक्षा के संबंध में सवाल किये। मुख्यमंत्री ने बताया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा संबंधी सभी उपायों को सुदृढ़ किया गया है। छात्रावासों में प्रवेश द्वार पर सीसीटीव्ही कैमरे लगाये जा रहे हैं। छात्रावास आने-जाने वाले रास्तों में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जा रही है। उन्होंने बेटियों की गरिमा को धूमिल करने वाले दरिदों को फाँसी की सजा देने के लिये बनाये गये कानूनी प्रावधान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि समाज को भी नैतिक आंदोलन चलाने की आवश्यकता है। इससे सुरक्षा के लिये एक स्वस्थ वातावरण बनेगा।
सिर्फ कर्म पर ध्यान दें सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय के 11वीं के छात्र श्री आनंद लोधी ने मुख्यमंत्री से पूछा कि एक दिन में बहुत सारे काम करने के बावजूद उन्हें तनाव क्यों नहीं होता। इस पर मुख्यमंत्री ने गीता का श्लोक पढ़ते हुये बताया कि सिर्फ कर्म करने पर हमारा अधिकार है, परिणाम पर नहीं। इसलिये परिणाम पर ध्यान केन्द्रित करने के बजाय अपने कर्म पर ध्यान दें और यही दृष्टि जीवन में अपनायें तो तनाव नहीं होगा। दसवीं कक्षा की छात्रा सुश्री पूजा कानस ने मुख्यमंत्री से कहा कि हर स्कूल में खेल सुविधा और खेल के मैदान होना चाहिये। इस पर सहमति व्यक्त करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेल भी जरूरी है। शासकीय विद्यालयों में खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराई जायेंगी। मन को स्वस्थ रखने के लिये खेलों से जुड़े रहना जरूरी है। मॉडल हायर सेकेण्डरी स्कूल के श्री ऋतिक विश्वकर्मा ने मुख्यमंत्री से पूछा कि यदि अच्छे नंबर नहीं आ पाये तो माता-पिता की क्या प्रतिक्रिया होना चाहिये। इस पर मुख्यमंत्री ने सभी अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को किसी भी प्रकार का तनाव नहीं दें। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि माता-पिता केवल लाड़-प्यार के कारण बच्चों को डाँटते है ताकि वे सजग और चैतन्य रहें। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि केवल मेहनत और अच्छे से अच्छे प्रदर्शन की कोशिश करें, अच्छे नंबर अवश्य आयेंगे। विद्या विहार हायर सेकेण्डरी स्कूल की 11वीं की छात्रा सुश्री प्रियंका ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि ज्यादा से ज्यादा बच्चे इंजीनियरिंग की शिक्षा लें, इसके लिये आईआईटी में सीट बढ़ाई जानी चाहिये। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसदिशा में कोशिश की जायेगी। सुभाष उत्कृष्ट हायर सेकेण्डरी स्कूल के 11वीं के छात्र श्री शिवालाल मंडलोई ने मुख्यमंत्री से पूछा कि शिक्षा व्यवस्था में व्यवहारिक शिक्षा को शामिल करने के लिये कौन से सुधार किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के तीन उद्देश्य है ज्ञान देना, कौशल देना और नागरिक संस्कार देना। उन्होंने कहा कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में हम ज्ञान दे रहें हैं। अब कौशल देने पर भी ध्यान केन्द्रित किया गया है। भोपाल में 600 करोड़ रूपये की लागत से ग्लोबल स्किल संस्थान जुलाई से काम करना शुरू कर देगा। इसके अलावा उत्कृष्ट औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खोले जा रहे हैं। शिक्षा पद्धति को मूल्य आधारित बनाने के लिये कोशिश की जा रही है। स्कूल-कॉलेजों में कॅरियर परामर्श की व्यवस्था भी की जा रही है। डी.ए.वी हायर सेकेण्डरी स्कूल की 12वीं की छात्रा सुश्री मोनिका यादव ने सवाल किया कि शालाओं में विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिये सरकार ध्यान दे रही है, लेकिन कोचिंग संस्थाओं के आस-पास सुरक्षा व्यवस्था के लिये कौन से उपाय किये जा रहे हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन शहरों में कोचिंग केन्द्र हैं, उनके आने-जाने वाले रास्तों पर सीसीटीव्ही कैमरे लगाने और वहाँ पर लगातार पुलिस पेट्रोलिंग की व्यवस्था की जायेगी। इसके अलावा डॉयल-100 वाहनों को भी विशेष निर्देश इस संबंध में दिये गये हैं।
जरूरी है समय प्रबंधन मे-फ्लावर स्कूल के 9वीं कक्षा के छात्र श्री अंकित ने पूछा कि व्यवहारिक ज्ञान देने के लिये कौन-कौन से प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार करते हुए पढ़ाई के तरीकों में बदलाव लाने पर विचार किया जा रहा है। मॉडल हायर सेकेण्डरी स्कूल की 12वीं कक्षा की छात्रा सुश्री गुंजन बघेल ने मुख्यमंत्री से समय प्रबंधन के संबंध में सवाल करते हुये कहा कि मुख्यमंत्री के नाते वे स्वयं अपना समय प्रबंधन कैसे करते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने सुबह साढ़े पाँच बजे से लेकर रात साढ़े ग्यारह बजे तक की दिनचर्या और कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तार से बताया। इसमें सुबह सैर करना, योग एवं प्राणायाम करना, प्रशासनिक कार्यों की तैयारी-बैठकें करना और प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से संवाद करना, लोगों-प्रतिनिधि मंडलों और विभिन्न संगठनों से मिलना, मंत्रालय में शासकीय कार्य का संपादन करना जैसे कार्यों को विस्तार से बच्चों को बताया। उन्होंने यह भी बताया कि किस प्रकार जिलों के दौरों के समय आम लोगों से जिले में सुशासन के स्तर और नये विकास कार्यक्रमों एवं योजनाओं की आवश्यकता के संबंध में जानकारी मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि एक मुख्यमंत्री और अभिभावक के रूप में वे अपने परिवार के लिये कैसे समय निकालते हैं और किस प्रकार सार्वजनिक और निजी जीवन में संतुलन बनाये रखते हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान का विद्यार्थियों के साथ प्रेरणा संवाद
3 February 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहाँ माडल हायर सेकेण्डरी स्कूल में प्रेरणा संवाद कार्यक्रम में शालेय विद्यार्थियों से प्रेरक संवाद करते हुए उन्हें परीक्षाओं में सफल तथा उज्जवल भविष्य के लिये शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया। माडल स्कूल में अपने छात्र जीवन के अनुभवों को विद्यार्थियों के साथ साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने परीक्षाओं में शानदार सफलता के लिये उन्हें महत्वपूर्ण सूत्र बताये। इस कार्यक्रम को दूरदर्शन और आकाशवाणी के माध्यम से सभी जिलों के विद्यार्थियों ने सुना। मुख्यमंत्री ने सफलता के अमूल्य मंत्र बताते हुये कहा कि सबसे जरूरी है - आत्मविश्वास क्योंकि आत्मविश्वास से शक्ति मिलती है और अपनी क्षमता पहचानने का ज्ञान बढ़ता है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद का उदाहरण देते हुये कहा कि हर विद्यार्थी में भरपूर क्षमता और प्रतिभा है। सिर्फ इसे पहचानकर आगे लाने की आवश्यकता है। उन्होंने तुलसीदास द्वारा रामायण की रचना करने और महाकवि कालिदास का उदाहरण देते हुये कहा कि इन दो महान व्यक्तियों में भरपूर क्षमता और प्रतिभा थी। जिसे उन्होंने स्वयं पहचाना और आज पूरी दुनिया उनका साहित्य पढ़ती है। मुख्यमंत्री ने अपनी कक्षा ग्यारवीं-डी का स्मरण करते हुए कहा कि 11वीं की परीक्षा के समय वे आपातकाल का विरोध करते हुये जेल चले गये थे, लेकिन आत्मविश्वास के साथ पूरी मेहनत करके परीक्षा दी और भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र तथा जीव विज्ञान में अच्छे नंबरों से उत्तीर्ण हुये। उसके बाद दर्शन शास्त्र में स्नातकोत्तर में भी अच्छे नंबरों से पास हुये। श्री चौहान ने विद्यार्थियों से कहा कि आत्मविश्वास के साथ सबसे जरूरी है लक्ष्य तय करना। उन्होंने कहा कि लक्ष्य तय किये बिना काम करने से अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते। लक्ष्य हमेशा ऊँचा होना चाहिये। उन्होंने कहा कि लक्ष्य तय करने के साथ ही उसे प्राप्त करने का एक रोडमैप बनाना भी जरूरी है। अपने बनाये रोडमैप पर बिना किसी भटकाव के चलना आवश्यक शर्त है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई में कभी-कभी मन भटकना स्वाभाविक है। इसलिये सचेत रहते हुए मन की एकाग्रता जरूरी है। उन्होंने अपने पढ़ाई के दिनों को याद करते हुये बताया कि कैसे परीक्षा के समय मन के भटकाव पर उन्होंने दृढ़ निश्चय के साथ काबू किया। श्री चौहान ने कहा कि लक्ष्य पर एकाग्रता से सफलता मिलती है। उन्होंने गुरू द्रोणाचार्य और शिष्य अर्जुन की कथा सुनाते हुये कहा कि अपने लक्ष्य पर एकाग्र होने और अपनी पूरी ऊर्जा का उपयोग करने से सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे हमेशा सकारात्मक सोच और ऊर्जा से भरे रहें। किसी भी प्रकार के नकारात्मक विचारों से दूर रहें। खूब पढ़ें, आगे बढ़ें और प्रसन्नता के साथ सार्थक जीवन जीने का मार्ग तय करें। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसे सभी उपाय किये हैं जिससे विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त करने और आगे बढ़ने में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आये। उन्होंने मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना का संदर्भ देते हुये कहा कि 70 प्रतिशत अंकों के साथ राष्ट्रीय स्तर के उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश लेने पर उच्च शिक्षा की पढ़ाई का खर्च सरकार भरेगी। उन्होंने विद्यार्थियों का आव्हान किया कि वे 85 प्रतिशत नंबर लायें और प्रोत्साहन के रूप में सरकार से लेपटॉप भी प्राप्त करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के बच्चों में इतनी क्षमता और प्रतिभा है कि वे बड़े से बड़े पदों पर पहुंच सकते हैं। विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के सपने को पूरा करने के लिये सरकार हर जरूरी कदम उठायेगी। उन्होंने विद्यार्थियों का आव्हान किया कि अपने बुजुर्गों, माता-पिता और शिक्षकों का सम्मान करें। उन्होंने अपने शिक्षक श्री रतनचंद्र जैन का उल्लेख करते हुये बताया कि कैसे उन्होंने पढ़ना, भाषण देने की कला एवं रामायण की चौपाई का व्याख्यान करना सिखाया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि उत्साहपूर्वक प्रसन्नता के साथ पढ़ाई करें। इससे पहले मुख्यमंत्री ने मॉडल स्कूल में स्थापित स्मार्ट क्लास रूम और ई-लायब्रेरी का अवलोकन किया। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री कुँवर विजय शाह, तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दीपक जोशी, माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष श्री एस.आर. मोहंती, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी उपस्थित थे।
एक क्लिक में 50 लाख विद्यार्थियों को मिली 344 करोड़ की राशि प्रेरणा संवाद के पहले मुख्यमंत्री ने शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिये बनाये गये सूचना प्रौद्योगिकी आधारित नवाचारों का शुभारंभ किया। उन्होंने मिशन वन-क्लिक योजना के अंतर्गत 50 लाख विद्यार्थियों को 344 करोड़ रुपये की राशि एक क्लिक में उनके खातों में ट्रांसफर की। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2010 से शिक्षा विभाग द्वारा विभागों की 30 प्रकार की छात्रवृत्तियों का वितरण शिक्षा पोर्टल के माध्यम से किया जा रहा है। इससे पहले यह राशि कोषालय से बिल द्वारा विद्यार्थियों को दी जाती थी। अब इन सभी छात्रवृत्तियों का भुगतान मिशन वन-क्लिक के माध्यम से बैंको द्वारा सीधे छात्रों के खाते में किया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में एक करोड़ 60 लाख विद्यार्थियों को एक हजार 42 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई हैं।
शाला सिद्धि अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने 'शाला सिद्धि अभियान'' कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसमें 46 मानकों पर शालाओं का मूल्यांकन होगा। इनके आधार पर शालाओं का अकादमिक उन्नयन किया जायेगा। अच्छा कार्य कर रही शालाओं का प्रोत्साहन किया जायेगा और उन्हें शाला-सिद्धि पुरस्कार दिया जायेगा। उन्होने एम.पी. कैरियर मोबाइल एप का भी शुभारंभ किया। दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों को उनके कैरियर संबंधी मार्गदर्शन के लिये 'एम.पी. कैरियर मोबाइल एप' तैयार किया गया है। इसके माध्यम से सभी विद्यार्थियों का अभिरुचि परीक्षण करके नये सत्र में अप्रैल माह में विद्यार्थियों को रिपोर्ट दी जायेगी तथा रिपोर्ट के आधार पर पालकों एवं विद्यार्थियों की काउंसिलिंग भी की जायेगी। इसी प्रकार विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान 'विमर्श पोर्टल' के माध्यम से किया जायेगा। इस पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थी महत्वपूर्ण विषयों पर वीडियो देख पायेंगे और मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकायें, पुराने प्रश्नपत्र तथा मॉडल उत्तर आदि जान सकेंगे। इस पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षक एवं स्कूलों को भी अकादमिक दृष्टि से सुदृढ़ बनाया जायेगा। वर्ष में दो बार स्कूल अपना स्व-मूल्यांकन भी इसके माध्यम से कर सकेंगे। 10वीं-12वीं के परीक्षा परिणामों के विश्लेषण के लिये सी.एम. डेशबोर्ड का शुभारंभ किया गया। इससे शैक्षणिक गुणवत्ता के लिये कदम उठाये जायेंगे। उन्होने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब भी दिये। विद्यार्थियों से संवाद के बाद उन्होंने छठवीं और नवीं के विद्यार्थियों को नि:शुल्क सायकिलें प्रदान की। लोक शिक्षण आयुक्त श्री नीरज दुबे ने आभार व्यक्त किया।

आईटीआई के 6 लाख प्रशिक्षणार्थियों की हुई ऑनलाइन परीक्षाaa
3 February 2018
आईटीआई सेमेस्टर परीक्षाएँ ऑनलाइन करवाने से मानव संसाधन एवं समय की बचत हुई है। देश में सबसे पहले मध्यप्रदेश में वर्ष 2015 से शुरू हुई ऑनलाइन परीक्षाओं में अब तक 6 लाख प्रशिक्षणार्थियों की परीक्षा सफलतापूर्वक हो चुकी है। प्रशिक्षणार्थियों द्वारा प्रश्न-पत्र सबमिट करते ही स्कोर-कार्ड कप्यूटर स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाता है। मानवरहित मूल्यांकन होने के कारण परीक्षा परिणाम की त्रुटियाँ लगभग नगण्य हो गई हैं। पेपरवर्क का काम लगभग खत्म हो गया है।
विभिन्न राज्यों ने जानी परीक्षा प्रणाली तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दीपक जोशी ने बताया है कि केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री द्वारा वर्ष 2017 में ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली की सराहना करते हुए अन्य राज्यों से इसका अनुकरण करने का आग्रह किया था। परिणाम स्वरूप उड़ीसा, उत्तरप्रदेश, तेलंगाना, गोवा, हरियाणा एवं गुजरात राज्यों के अधिकारियों ने मध्यप्रदेश आकर ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली की जानकारी ली। इस कार्य के लिये राज्य को वर्ष 2016 में स्कॉच अवार्ड भी मिल चुका है। गौरतलब है कि राज्य की विभिन्न आईटीआई के साथ-साथ जेल आईटीआई, पुलिस आईटीआई एवं आर्मी आईटीआई में भी ऑनलाइन परीक्षा करवाई जा रही है। सर्वप्रथम एससीव्हीटी की परीक्षा कराई गई। इसमें 23 हजार प्रशिक्षणार्थी सम्मिलित हुए। इनमें से 70 प्रतिशत प्रशिक्षणार्थी उत्तीर्ण हुए। एससीव्हीटी परीक्षा की सफलता से प्रेरित होकर एनसीव्हीटी की ऑनलाइन परीक्षा फरवरी-2016 से शुरू की गई। इसमें 55 हजार प्रशिक्षणार्थी शामिल हुए थे। अब तक एससीव्हीटी और एनसीव्हीटी ऑनलाइन परीक्षा में 6 लाख प्रशिक्षणार्थी शामिल हो चुके हैं।

राजस्व मंत्री ने प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को दिये 5-5 हजार के चेकaa
1 February 2018
राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने मॉडल स्कूल में 60 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को पाँच-पाँच हजार रुपये के चेक, मेडल एवं प्रमाण-पत्र दिये। यह सम्मान कक्षा 10वीं और 12वीं में अपने स्कूल में प्रथम स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को दिया गया। श्री गुप्ता ने कहा कि जहाँ भी रहें, जो भी करें हमेशा सर्वश्रेष्ठ करें। उन्होंने कहा कि बारहवीं में 70 प्रतिशत से ऊपर नम्बर लायें तो आगे की पढ़ाई की फीस सरकार देगी। श्री गुप्ता ने कहा‍कि प्रतियोगिता इतनी कठिन है कि बगैर कठिन परिश्रम आगे नहीं बढ़ सकते। राजस्व मंत्री श्री गुप्ता ने वाणिज्य संकाय की प्रदेश टॉपर कु. काजल जैन सहित अन्य मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस दौरान माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री रामदयाल प्रजापति एवं अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
किसान का बेटा अब "सिडनी" में पढ़ेगा इंजीनियरिंगaa
1 February 2018
श्योपुर जिले के छोटे से ग्राम बगडुआ निवासी किसान हरिमोहन जाटव का बेटा मान सिंह जाटव अब यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलोजी, सिडनी (आस्ट्रेलिया) में पढ़ने के लिये जायेगा। मान सिंह की मेहनत और मध्यप्रदेश शासन की विदेश में उच्च शिक्षा अध्ययन योजना से यह संभव हुआ है । आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा इस योजना में विदेश में अध्ययन हेतु मान सिंह को 9 लाख 66 हजार 704 रूपये की छात्रवृत्ति स्वीकृत की गई है। ग्राम बगडुआ निवासी मान सिंह जाटव के पिता हरिमोहन जाटव लघु कृषक हैं। इनके पास मात्र 3 बीघा जमीन है, जिससे पाँच सदस्यीय परिवार का भरण- पोषण होता है। वे स्वयं अनपढ़ है लेकिन उन्होंने शिक्षा के महत्व को समझते हुए अपने बच्चों को पढा़ने में कोई कोर-कसर नहीं छोडी़ है। बचपन से मेधावी रहे छात्र मान सिंह जाटव ने प्राइमरी की शिक्षा ग्राम बगडुआ में प्राप्त की, मिडिल शिक्षा समीपवर्ती ग्राम सोईकलां से पूरी करने के बाद श्योपुर स्थित शासकीय उत्कृष्ट हायर सेकेण्डरी स्कूल से हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी की परीक्षा क्रमशः 75 एवं 67 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की। इसके उपरांत शासकीय इंदिरा गांधी इंजीनियरींग कॉलेज सागर से इलेक्ट्रिकल ब्रांच में बीई की डिग्री प्राप्त की। वर्ष 2017 में प्रवेश परीक्षा के माध्यम से मान सिंह जाटव का चयन आस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलोजी सिडनी में कंप्यूटर कंट्रोल इंजीनियरिंग के मास्टर डिग्री पाठ्यक्रम के लिये हुआ। लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण होनहार छात्र मान सिंह जाटव का विदेश जाकर अध्ययन करना एक सपना ही था। इस सपने को साकार करते हुए मध्यप्रदेश शासन ने विदेश में उच्च अध्ययन योजना के तहत मान सिंह को छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई है। मानसिंह यूटीएस आस्ट्रेलिया में 2 साल कंप्यूटर कंट्रोल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री करने के बाद अपने देश भारत में ही सेवा करने के लिये कृत संकल्पित हैं।
नेतृत्व विकास शिविर 2018, मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान
26 January 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहां नेतृत्व विकास शिविर 2018 में भाग लेने आये अनुसूचित जाति, जनजाति और विशेष पिछडी जनजातियों के मेधावी बच्चों से भेंट की और उन्हें अपना लक्ष्य तय कर जीवन में आगे बढने का मार्गदर्शन दिया। श्री चौहान ने शंकर शाह और रानी दुर्गावती, डा. भीमराव अम्बेडकर मेधावी विदयार्थी पुरस्कार और बालिका विज्ञान पुरस्कार प्रदान किये। ये पुरस्‍कार अनुसूचित वर्ग के दसवीं और बारहवीं में प्रावीण्य सूची में स्थान पाने वाले विदयार्थियों को दिया जाता है। मुख्यमंत्री ने विदयार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए अपने विदयार्थी जीवन की घटनाओं को साझा किया। उन्होने कम उम्र में मजदूर किसानों के हक की लडाई का नेतृत्व करने और फिर आपातकाल का विरोध करते हुए जेल जाने की घटनाएं सुनाई। श्री चौहान ने विदयार्थियों से अपने मन की बात करते हुए कई अमूल्य सीख दी। उन्होंने बच्चों को बताया कि कैसे उन्हें श्रीमदभगवत गीता से प्रेरणा मिली और कैसे स्वामी विवेकानंद के विचारों ने जीवन को दिशा दी। श्री चौहान ने विदयार्थियों से कहा कि वे चमत्कार कर सकते हैं। केवल दृढ़ निश्चय ही सफलता की पहली सीढ़ी है। अपने आपको कभी कमजोर मत समझो। जब आकाश अनंत है तो उडान भी उँची होना चाहिये। उन्होने कहा कि सिर्फ अपने लिये जीना स्वार्थ है। उन्होंने कहा कि स्वयं का जीवन समाज और उन लोगों के लिये भी है जो किसी कारणवश जीवन की दौड में पीछे छूट गये हैं। श्री चौहान ने बताया कि ज्ञानोदय, एकलव्‍य और गुरूकुलम विदयालयों के बाद अब श्रमोदय विदयालय खुलने जा रहे हैं जिनमें मजदूरों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रकृति भेदभाव नहीं करती केवल स्वस्थ वातावरण और सुविधाओं का अभाव बाधा बनता है। इसमें सुधार लाना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा की सभी आधारभूत सुविधाएं सरकार ने उपलब्ध कराने की कोशिश की है। उच्च शिक्षा संस्‍थानों में प्रवेश पर शिक्षण शुल्क सरकार भरेगी। छात्रावास उपलब्‍ध नही होने पर किराये का मकान के पैसे सरकार देगी। विदयार्थियों के सामने सिर्फ अनंत क्षितिज है ऊँचा उडने के लिये। उन्होंने विदयार्थियों से कहा कि कभी निराश न हों। लोगों की सेवा और मदद के लिये हमेशा तैयार रहो। इसी संकल्प से नेतृत्व के गुण आते है। सामाजिक कार्यों में भाग लो। हमेशा सच बोलो, ईमानदार बनो और पढने के साथ खेलो। जो भी करो पूरी मेहनत और उत्कृष्टता के साथ करो। अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण राज्य मंत्री श्री लाल सिंह आर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश को हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प लिया है। इस संकल्प को पूरा करने में योगदान करें। प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य विभाग श्री एस एन मिश्रा ने बताया कि 232 बच्चे नेतृत्व विकास शिविर में भाग ले रहे हैं। यह शिविर 23 जनवरी से शुरू हुआ और 28 जनवरी को समाप्त होगा। उन्होंने बताया कि कैरियर परामर्श, महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण, विशिष्टजन से भेंट इसके प्रमुख घटक हैं। उन्होने कहा कि अनुसूचित वर्गों की तकदीर बदलने का अभियान शुरू हुआ है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति श्री आशीश उपाध्याय, जनजातीय कार्य विभाग की आयुक्त श्रीमती दीपाली रस्तोगी और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे
2 वर्ष आईटीआई, 2 वर्ष पॉलीटेक्निक और 4 वर्ष इंजीनियरिंग करें छात्र
22 January 2018
कार्य की दक्षता के लिए जरूरी है कि विद्यार्थी 8वीं कक्षा के बाद 2 वर्ष आईटीआई, 2 वर्ष पॉलीटेक्निक और फिर 4 वर्ष इंजीनियरिंग करें। इस तरह का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा गया है। तकनीकी शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार), स्कूल शिक्षा एवं श्रम राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी ने यह बात सरदार वल्लभ भाई पटेल पॉलीटेक्निक कॉलेज भोपाल के कन्या छात्रावास के लोकार्पण समारोह में कही। श्री जोशी ने कहा कि बसंत पंचमी के पावन पर्व पर शुरू हो रहे छात्रावास में दूरस्थ अंचल से आने वाली छात्राओं को रहने के लिये स्थान उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने कहा कि इसे प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ छात्रावास बनायें। गौरांशी शर्मा को 15 हजार रूपये और बैडमिंटन किट श्री जोशी ने नेशनल गेम्स ऑफ डेफ में बैडमिंटन में रजत पदक जीतने वाली दिव्यांग गौरांशी शर्मा को 15 हजार रूपये देने की घोषणा की। उन्होंने कु. शर्मा को शील्ड और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित भी किया। स्वामी अम्बरीश चेतन्य सेवा समिति के श्री मयंक शर्मा ने कहा कि वे आज ही बैडमिंटन किट भेंट करेंगे। श्री जोशी ने कहा कि कु. गौरांशी को हम ओलम्पिक में मेडल जीतते हुए देखना चाहते हैं। इसके लिए हर जरूरी सहायता उपलब्ध करवायी जायेगी। संचालक तकनीकी शिक्षा डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने भी विचार व्यक्त किये। प्राचार्य डॉ. आशीष डोंगरे ने बताया कि 50 शैय्या का छात्रावास बनाया गया है
क्लास 6 से 12 तक की सभी एनसीईआरटी बुक्स पर आधारित ओपन क्विज
20 January 2018
एनसीईआरटी बुक्स हर विषय के लिए सबसे स्तरीय किताबें मानी जाती हैं । स्कूल स्टूडेंट्स के साथ साथ आईआईटी से लेकर आईएएस तक हर परीक्षा की तैयारी करने वाले भी इन किताबों को जरूर पढ़ते हैं । पर इन किताबों की खास बात ये भी है कि इन किताबों को पढ़ने वाले हर व्यक्ति इन किताबों में अलग अलग तरह की चीजों को महत्वपूर्ण समझता है इसलिए कोई भी कभी इन किताबों को पूरा नहीं पढ़ता । तो आपने एनसीईआरटी किताबों को कितने अच्छे से पढ़ा है यह जाँचने के लिए इस रविवार सेंट्रल लाइब्रेरी में एक विशेष क्विज का आयोजन किया जा रहा है । सिविल सर्विसेज फ़ाउंडेशन कोर्स द्वारा आयोजित इस क्विज में क्लास 6 से क्लास 12 तक की सभी एनसीईआरटी किताबों पर केन्द्रित सवाल पूंछे जाएँगे । स्कूल/कॉलेज तथा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे सभी तरह के लोगों के लिए ओपन इस क्विज में मुख्य रूप से इतिहास,भूगोल,अर्थशास्त्र,राजनीति शास्त्र, विज्ञान व सामाजिक अध्ययन जैसे विषयों से सवाल पूंछे जाएंगे । एक्सीलेंस कॉलेज के शिवम चांडाक व आरजीपीवी के आकाश चौरसिया इस क्विज के क्विज मास्टर होंगे । जबकि नूतन कॉलेज की स्टूडेंट सलोनी राठोर इस क्विज की संयोजक हैं । क्विज में कोई भी व्यक्ति बिना किसी पूर्व रजिस्ट्रेशन के भाग ले सकता है । बस लेने के लिए उसे दो लोगों की टीम बनाकर क्विज के दिन सुबह 9.30 बजे सेंट्रल लाइब्रेरी पहुँचना है । ये प्रतियोगिता पूरी तरह से निःशुल्क है इसलिए इसके लिए कोई रजिस्ट्रेशन शुल्क नहीं लिया जाएगा । प्रतियोगिता के विजेताओं को 6000 रुपये के नगद पुरुसकार व ट्रॉफीज दी जाएंगी । स्थान सीमित होने के कारण सबसे पहले आने वाली केवल 100 टीमें ही इस प्रतियोगिता में भाग ले सकेंगी । कार्यक्रम का विवरण इस प्रकार है :- कार्यक्रम का नाम - एनसीईआरटी क्विज -2018 दिनांक - 21 जनवरी 2018 समय - सुबह 10 बजे स्थान - सेंट्रल लाइब्रेरी भोपाल प्रवेश - निःशुल्क एवं सबके लिए ओपन क्विज मास्टर - शिवम चांडाक व आकाश चौरसिया आयोजक - सिविल सर्विसेज फ़ाउंडेशन कोर्स
अगस्त-2018 से शुरू होगा ग्लोबल स्किल पार्क
19 January 2018
ग्लोबल स्किल पार्क के मापदण्डों के अनुसार अगस्त-2018 से प्रशिक्षण प्रारंभ किया जाएगा। पार्क का निर्माण पूरा होने तक ग्लोबल स्किल्‍स पार्क सिटी केम्पस, गोविंदपुरा में विश्वस्तरीय प्रशिक्षण की तैयारियाँ की जा रही हैं। यहाँ पर प्रिसिशन इंजीनियरिंग सेक्टर से सम्बंधित सीएनसी मिलिंग, सीएनसी टर्निंग, इडीएम वायरकट तथा कन्वेंशनल टर्निंग जैसे आधुनिकतम एवं विश्व स्तरीय रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम प्रारंभ किये जाएंगे। प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा श्री संजय बंदोपाध्याय ने यह जानकारी दी है कि ग्लोबल स्किल पार्क के निर्माण के लिए सीपीए को एजेन्सी बनाया गया है। कार्य को गति देने के लिए अलग से एक सेल बनाया गया है। उन्होंने बताया है कि निर्धारित तिथि के पहले निर्माण कार्य पूरा कराने के लिए लगातार मानीटरिंग की जा रही है।
स्व-रोजगार एवं कौशल सम्मेलन में 23665 आवेदकों को मिली नौकरी
17 January 2018
जिला स्तरीय मुख्यमंत्री स्व-रोजगार एवं कौशल सम्मेलन में जहाँ 23 हजार 665 आवेदकों को विभिन्न कंपनियों में नौकरी मिली वहीं 10 हजार 83 आवेदकों के स्व-रोजगार के प्रकरण भी स्वीकृ‍त किये गए। तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दीपक जोशी ने कहा है कि सम्मेलन की सफलता को देखते हुए इस तरह के सम्मेलन कुछ समय बाद फिर करवाये जायेंगे। उज्जैन में हुए सम्मेलन में सर्वाधिक 1722 आवेदकों को नौकरी मिली। जिला रायसेन 640, राजगढ़ 1230, सीहोर 440, विदिशा 485, हरदा 267, होशंगाबाद 287, बैतूल 716, अशोक नगर 964, ग्वालियर 839, दतिया 186, गुना 1050, शिवपुरी 208, भिण्ड 72, मुरैना 578, श्योपुर 200, अलीराजपुर 268, बड़वानी 176, बुराहनपुर 318, धार 466, इंदौर 250, झाबुआ 250, खण्डवा 349, खरगौन 375, छिन्दवाड़ा 531, डिण्डोरी 192, जबलुपर 250, कटनी 12, नरसिंहपुर 310, रीवा 506, सतना 310, सिंगरौली 854, अनूपपुर 151, शहडोल 79, उमरिया 260, छतरपुर 613, दमोह 22, पन्ना 307, सागर 1585, टीकमगढ़ 278, देवास 1282, मंदसौर 352, नीमच 380, रतलाम 152, शाजापुर 1134, आगर-मालवा 410, बालाघाट 275, मण्डला 349 और सिवनी में 435 आवेदकों को सम्मेलन में ही नौकरी दी गयी।
उच्च शिक्षा मंत्री श्री पवैया ने 6 महाविद्यालयों के संचालकों को आदेश प्रतियाँ सौंपी
15 January 2018
उच्च शिक्षा विभाग ने शिक्षण संस्थानों में एक जुलाई से शिक्षण सत्र प्रारंभ करने के लिये नई व्यवस्था की है। नई व्यवस्था के अनुसार प्रदेश में नवीन महाविद्यालय, महाविद्यालयों में नवीन विषय प्रारंभ करने और निरंतरता प्रस्ताव पर अनुमति देने के लिये ऑनलाइन प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। प्रक्रिया को 30 जनवरी तक अनिवार्य रूप से पूरा कर लिया जायेगा। नई व्यवस्था की श्रंखला में आज उच्च शिक्षा मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया ने 25 अशासकीय नवीन महाविद्यालय तथा नवीन विषय शुरू करने के आदेश संचालकों को सौंपे। आयुक्त उच्च शिक्षा श्री नीरज मण्डलोई ने बताया कि ऑनलाइन प्रक्रिया से महाविद्यालय के संचालकों को अनावश्यक रूप से चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और अनुमति देने में भी विलम्ब नहीं होगा।
युवा दिवस पर आयोजित होगा " मन्त्राज फॉर चेंज"
11 January 2018
इस युवा दिवस पर बीएसएसएस के युवा मंथन करेंगे देश की सबसे बड़ी समस्या पर और सुझाएंगे उससे निपटने के तरीके । समस्या है - इस देश में हर हाथ को रोजगार कैसे मिले । और कार्यक्रम का नाम है - मन्त्राज फॉर चेंज । बीएसएसएस की स्टूडेंट यूनियन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में 15 युवा भारत में बेरोजगारी की समस्या से निपटने के लिए नायाब तरीके सुझाएंगे । जिसे तीन युवा निर्णायकों की जूरी जज करेगी, कार्यक्रम में सबसे अच्छे आइडियाज़ देने वालों को 6000 रुपये के नगद पुरुसकार व ट्रॉफी दी जाएंगी । कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में देश के समक्ष मौजूद समस्याओं की समझ बढ़ाना व उनके समाधान के लिए अपने स्तर पर कोशिश करने की भावना जगाना है बीएसएसएस स्टूडेंट यूनियन की प्रेसीडेंट पार्थवी दुबे इस कार्यक्रम की संयोजक हैं देश की सर्वाधिक उच्च शिक्षित सरपंच भक्ति शर्मा, प्लेसमेंट मेंटर अनुज गर्ग व इंटेरनेशल एडुकेशन कंसल्टेंट विशाल दीक्षित इस कार्यक्रम के निर्णायक होंगे । यह कार्यक्रम सिविल सर्विसेज फ़ाउंडेशन कोर्स के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है
कार्यक्रम का विवरण इस प्रकार है कार्यक्रम का नाम - मन्त्राज फॉर चेंज अवसर - राष्ट्रीय युवा दिवस दिनांक - 12 जनवरी 2018 शुक्रवार समय - दोपहर 12 बजे स्थान - बीएसएसएस ऑडीटोरियम आयोजक - बीएसएसएस स्टूडेंट यूनियन कार्यक्रम संयोजक - पार्थवी दुबे (प्रेसीडेंट, स्टूडेंट यूनियन )




माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय में स्थापित होगा मीडिया इन्क्यूबेशन सेंटर
10 January 2018
मीडिया के क्षेत्र में स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देने के लिये माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय में मीडिया इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किया जायेगा। इसके लिये नीति आयोग से मंजूरी मिल गयी है। समाज में सामाजिक, आर्थिक विषमता फैलाने वाले कारकों और उनके समाधान के विषयों पर विश्वविद्यालय द्वारा विस्तृत अध्ययन कराया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज यहाँ सम्पन्न विश्वविद्यालय की प्रबंध समिति और महापरिषद की बैठक में ये निर्णय लिये गये। मुख्ममंत्री श्री चौहान ने कहा कि विश्वविद्यालय में अद्वैत वेदांत विषय पर भी शोध और अध्ययन किया जाये। नये पदों की पूर्ति उच्च शिक्षा तथा यूजीसी नियमों के अंतर्गत की जाये। बैठक में बताया गया कि विश्वविद्यालय में भाषा अध्ययन केन्द्र तथा संस्कृति अध्ययन केन्द्रों ने कार्य शुरू कर दिया है। विश्वविद्यालय में विदेशी मीडिया अध्ययन केन्द्र स्थापित किया जायेगा जिसमें पाकिस्तान, चीन और नेपाल के मीडिया में प्रकाशित समाचारों का विश्लेषण किया जायेगा। विश्वविद्यालय द्वारा बी.सी.ए. की परीक्षा ऑनलाइन ली गयी है। विश्वविद्यालय के अंतर्गत बीते एक वर्ष में 210 नयी अध्ययन संस्थाओं को मान्यता दी गई है। इस अवधि में विद्यार्थियों की संख्या 12 प्रतिशत बढ़ी है। विश्वविद्यालय द्वारा संस्कृत की पहली न्यूज मैग्जीन अतुल्य भारतम का प्रकाशन किया गया है। विश्वविद्यालय में सोशल मीडिया रिसर्च सेंटर बनाया गया है। बैठक में वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया, जनसम्पर्क एवं जल-संसाधन मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, सांसद श्री आलोक संजर, कुलपति डॉ. बी.के. कुठियाला सहित महा-परिषद के अशासकीय और शासकीय सदस्यगण उपस्थित थे।



पीपीपी मोड पर खुलेंगे रोजगार कार्यालय : तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री श्री जोशी
9 January 2018
प्रदेश में पीपीपी मोड पर रोजगार कार्यालय खोले जायेंगे। प्रथम चरण में 15 रोजगार कार्यालय खुलेंगे। यह रोजगार कार्यालय कॉर्पोरेट ऑफिस की तरह कार्य करेंगे। तकनीकी शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार), स्कूल शिक्षा एवं श्रम राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी ने यह बात विभागीय योजनाओं की समीक्षा के दौरान कही। श्री जोशी ने कहा कि जिला-स्तर पर हर माह रोजगार मेले लगाये जायेंगे। इन मेलों में अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार दिलवाने के लिये कार्य-योजना बनाई गई है। तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि सभी पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेजों के लिये जरूरी सामग्री की खरीदी जल्द करें। उन्होंने कहा कि कार्पस फण्ड के माध्यम से इंजीनियरिंग कॉलेजों में रिनोवेशन करवाया जाये। श्री जोशी ने कहा कि इस बात पर विशेष ध्यान दें कि विद्यार्थियों को कोई असुविधा नहीं हो। उन्होंने तकनीकी संस्थाओं में स्मार्ट क्लॉस-रूम बनवाने और कैम्पस को वाई-फाई करने के लिये जरूरी कदम उठायें। बैठक में कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड की कार्यकारिणी के अध्यक्ष श्री हेमंत देशमुख, प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा श्री संजय बंदोपाध्याय और संचालक तकनीकी शिक्षा डॉ. वीरेन्द्र कुमार उपस्थित थे।
महाविद्यालयों में प्राचार्यों के पदों पर सीधी भर्ती होगी : उच्च शिक्षा मंत्री श्री पवैया
9 January 2018
प्रदेश के महाविद्यालयों में रिक्त प्राचार्यों के पदों पर सीधी भर्ती से नियुक्ति की जायेगी। सीधी भर्ती करने का निर्णय विभाग द्वारा लिया जा रहा है। उच्च शिक्षा मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया ने आज बरकतउल्लाह विश्व विद्यालय में आयोजित नव-निर्वाचित छात्रसंघ पदाधिकारियों के सम्मेलन यह जानकारी दी। मंत्री श्री पवैया ने कहा कि महाविद्यालयों में प्राचार्यों के पद रिक्त हैं। इन्हें लोक सेवा आयोग के माध्यम से सीधी भर्ती द्वारा भरे जाने का निर्णय उच्च शिक्षा विभाग ले रहा है। प्रक्रिया बहुत जल्दी शुरू होगी। महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों के पदों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अगले सत्र में 2,950 सहायक प्राध्यापकों को चयनित कर महाविद्यालय में पदस्थ कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं। सेमेस्टर पद्धति को खत्म करने और छात्रसंघ के चुनाव कराने आदि के निर्णय का उन्होंने जिक्र भी किया। मंत्री श्री पवैया ने छात्रसंघ पदाधिकारियों को महाविद्यालय में वाद-विवाद प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, लेखन प्रतियोगिता आदि रचनात्मक कार्यक्रमों को नियमित तौर पर आयोजित करने को कहा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में महाविद्यालय के छात्र कल्याण के नोडल प्रोफेसर को निर्देशित किया जायेगा कि वे छात्रसंघ पदाधिकारियों से समन्वय कर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करायें। उन्होंने महाविद्यालय परिसरों को साफ और स्वच्छ रखने के साथ अकादमिक वातावरण निर्माण में छात्रसंघ पदाधिकारियों से सहायोग का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी बातों से मिलकर व्यक्तित्व का निर्माण होता है। नकारात्मक प्रवृत्ति को रोकने और सकारात्मक वातावरण को बनाने की बहुत जरूरत है। समाज और देश के लिये रचनात्मक योगदान देने में महाविद्यालय के छात्र और छात्रसंघ महत्वपूर्ण भूमिका निभायें । मंत्री श्री पवैया ने कहा कि कॅरियर महत्वपूर्ण है, परंतु कॅरियर ही जीवन है, ऐसा नहीं है। जीवन का एक हिस्सा है। उन्होंने छात्रों से कहा कि रचनात्मक और सकारात्मक विचारों के साथ आगे बढ़ें। किताबों को पढ़ने के साथ-साथ खेल, सांस्कृतिक और अन्य गतिविधियों से समग्र व्यक्तित्व का निर्माण होता है। सम्मेलन को अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। छात्रसंघ पदाधिकारियों ने भी सम्मेलन में सुझाव रखे।
स्कूल-कॉलेजों में निर्वाचन साक्षरता क्लब (ईएलसी) के गठन के निर्देश
8 January 2018
भारत निर्वाचन आयोग ने भावी और नये मतदाताओं की निर्वाचन प्रक्रिया में भागीदारी के लिए सभी स्कूल-कॉलेजों में निर्वाचन साक्षरता क्लब (इलेक्ट्रोरल लिटरेसी क्लब) गठित करने के निर्देश दिया है। इससे विद्यार्थी जहां निर्वाचन साक्षरता की मुख्य धारा में शामिल हो सकेगें वहीं उनकी क्षमता का भी सही उपयोग हो सकेगा। कक्षा 9 से 12 तक छात्र-छात्रा सदस्य के रूप में रहेगें। आयोग ने निर्वाचन साक्षरता क्लब के प्रथम बैच के गठन की प्रक्रिया राष्ट्रीय मतदाता दिवस 25 जनवरी से प्रारंभ करवाने को कहा है। यह क्लब भावी एवं नये मतदाता को सीखने और अनुभव प्राप्त करने का अवसर देगा। निर्वाचन साक्षरता के लिये क्लब एक जीवंत हब के रूप में कार्य करेगा। इससे युवा और भावी मतदाताओं में निर्वाचन प्रक्रिया में भागीदारी की पहल हो सकेगी। मतदाता पंजीयन, निर्वाचन प्रक्रिया और संबंधित विषयों पर लक्षित जनसंख्या को शिक्षित किया जा सकेगा। स्कूल और कॉलेज के नये एवं भावी मतदाताओं को ईवीएम और वीवीपेट से परिचित करवाकर उनकी सत्यता एवं विश्वनीयता से अवगत करवाया जायेगा। विद्यार्थियों में क्षमता विकास के साथ उन्हें निर्वाचन प्रक्रिया के सभी प्रश्नों की जानकारी भी दी जायेगी। इससे 14 वर्ष की आयु से ही विद्यार्थी निर्वाचन प्रक्रिया से भली-भाँति परिचित हो सकेगें। क्लब के गठन से मतदाताओं को यह समझने में सुविधा होगी कि वे वोट की कीमत समझ कर अपने मताधिकार का उपयोग कर सके। क्लब के सदस्यों का उपयोग समुदाय में निर्वाचन साक्षरता बढ़ाने में किया जायेगा। क्लब में कक्षा 9 से 12 वीं तक के विद्यार्थी भावी मतदाता के रूप में शामिल होगे। नये मतदाता महाविद्यालय, विश्वविद्यालय, व्यावसायिक एवं तकनीकी शिक्षा जैसे अन्य शैक्षणिक संस्थान से शामिल किये जायेगें। स्कूल के विद्यार्थी साक्षरता क्लब का संचालन एक निर्वाचित कार्यकारी समिति केमाध्यम से कर सकेगें। एक या दो शिक्षक नोडल ऑफिसर और मेंटर के रूप में कार्य करेगे। कार्य में उन शिक्षकों को प्रथामिकता दी जायेगी, जिनके पास निर्वाचन कार्य का अनुभव हो। कॉलेज और विश्वविद्यालय में क्लब के सदस्य विद्यार्थी रहेगें। क्लब का संचालन एक कार्यकारी समिति के माध्यम से किया जायेगा। केम्पस एम्बेस्डर क्लब के सदस्य का भी कार्य करेगें तथा वे नोडल अधिकारी को सहयोग करेगे। राजनीति शास्त्र के एक या दो शिक्षक को नोडल ऑफिसर और मेंटर बनाया जायेगा। चुनाव-पाठशाला मतदान केन्द्र स्तर पर क्लब की स्थापना ऐसे युवाओं के लिए होगी जो औचारिक शिक्षा व्यवस्था से बाहर है। इनके समूह को चुनाव-पाठशाला कहा जायेगा। बीएलओ चुनाव पाठशाला के नोडल अधिकारी होगें। चुनाव पाठशाला पिछले लोकसभा या विधानसभा चुनाव के मतदान केन्द्र अथवा बीएलओ द्वारा निर्धारित स्थान पर की जायेगी। मतदाता जागरूकता फोरम मतदाता जागरूकता फोरम शासकीय विभागों, अशासकीय संगठनों, कार्पोरेट या अन्य संस्थानों में गठित होगी। सभी कर्मचारियों के लिए इसकी सदस्यता खुली रहेगी। संगठन प्रमुख निर्वाचन कार्य में अनुभवी एक व्यक्ति को नोडल अधिकारी नियुक्त कर सकेगें। नोडल ऑफिसर जिला निर्वाचन अधिकारी या मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से समन्वय कर फोरम के लिए संसाधन जुटायेगें। सभी नोडल अधिकारियों की क्षमता का निर्माण किया जायेगा। इसके लिए आयोग मास्टर ट्रेनर को प्रशिक्षण देगा। निर्वाचन साक्षरता के लिए राज्य स्तरीय समिति मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के नेतृत्व में गठित होगी। चुनाव आयोग की योजना पूरे देश में 2 लाख निर्वाचन साक्षरता क्लब गठित करने की है।
प्रदेश में स्किल डेव्लपमेंट के साथ युवाओं को मेडिकल के क्षेत्र में प्रशिक्षण देना चाहते है लॉस एंजिलिस के श्री आशीष साबू
4 January 2018
इंदौर में चल रहे फ्रेण्डस् ऑफ एमपी कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश के किसी न किसी क्षेत्र से संबंध रखने वाले 23 देशों के प्रतिनिधि आये है। इन प्रतिनिधियों के मन में मध्यप्रदेश के विकास में सहयोग करने का जज्बा है। यू.एस.ए. (यूनाइटेड स्टेड ऑफ अमेरिका) के लॉस एंजिलिस के कारोबारी श्री आशीष साबू 'टेक सेनरजी' बी.पी.ओ. चलाते है और उसके माध्यम से यू.एस. के डॉक्टर्स की मेडिकल ट्रांस प्रिस्क्रिप्शन को डिजिटल रूप से स्क्रिप्ट करते है। अमेरिका में यह काम मेडिकल और लीगल तौर पर हर डॉक्टर के लिये आवश्यक होता है। श्री आशीष साबू बताते हैं कि उनका एक बी.पी.ओ. इंदौर में भी चलता है, जिसमें उन्होंने 70 युवाओं को रोजगार दे रखा है। मध्यप्रदेश में पिछले वर्षों में स्किल डवलमेंट के कई कार्यक्रम को शुरू किया गया है। श्री साबू के अनुसार मध्यप्रदेश सरकार बीपीओ में काम करने वाले युवाओं को प्रशिक्षण दिलवाने में मदद करें, तो वे मेडिकल बीपीओ के क्षेत्र में अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार दिलवा सकते हैं। युवा व्यवसायी आशीष बताते हैं कि उन्हें इस कार्य के लिये प्रदेश में प्रशिक्षित युवा नहीं मिल पाते हैं। इस वजह से उन्हें फिलिपींस के मनीला में वहाँ के युवाओं को प्रशिक्षण दिलवाने के लिये जाना पड़ता है। इस वक्त मनीला में उन्होंने 500 से अधिक युवाओं को रोजगार दिलवाया हुआ है। कान्क्लेव की चर्चा करते हुए श्री आशीष ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ने विदेशों में बसे मध्यप्रदेशवासियों के लिये एक बेहतर मंच उपलब्ध करवाया है। विदेशों में बसे मध्यप्रदेशवासी प्रदेश के विकास में सहयोग करना चाहते हैं। इस मंच से उन्हें यह सुअवसर मिल सकेगा।
कौशल प्रशिक्षण योजना से 59 बेरोजगारों को मिला रोजगार
3 January 2018
होशंगाबाद जिले में अनुसूचित जाति के 59 बेरोजगार कम्प्यूटर ऑपरेटर, मशीन ऑपरेटर, स्टेनो टायपिस्ट, टेली ट्रेनर एवं हेल्पर के पद पर चयनित हो गए हैं। साथ ही 30 युवतियों को ब्यूटी-पार्लर संचालित कर स्वयं का रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन प्रशिक्षण योजना से यह सब संभव हुआ। अंत्यावसायी सहकारी समिति ने अनुसूचित जाति के युवा बेरोजगारों को एम.पी. कॉन लिमिटेड के जरिए विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण दिलवाया। इस प्रशिक्षण से निकलकर युवा बेरोजगार विभिन्न कम्पनियों में चयनित होकर सम्मानजनक वेतन पर कार्य कर रहे हैं। बावरी घाट की रजनी बकोरिया, नारायण प्रसाद हरियाले, श्याम कुमार, अजय बकरोरिया, अतुल, मोहनी उपरोसिया, अंधियारी गाँव के रोहित चौरे सहित अन्य प्रशिक्षणार्थी कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर, ग्राम आमपुरा के सौरभ का चयन ट्राइडेन्ट कम्पनी में मशीन ऑपरेटर के पद पर, होशंगाबाद की पूजा दोहरे का चयन टेली ट्रेनर के पद पर, मलखान सिंह ट्रेनर एवं शिक्षक, संजू यादव स्टेनो टाइपिस्ट और कमल किशोर कटारे का चयन हेल्पर के पद पर हो गया है। नेहा कटारे, कृष्णा पगालिया और लक्ष्मी अपने घर से सिलाई का काम कर आत्म-निर्भर हुई हैं। अंत्यावसायी सहकारी समिति के कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि कौशल प्रशिक्षण योजना में होशंगाबाद जिले के युवा वर्ग ने काफी दिलचस्पी दिखाई है तब ही परिणाम-स्वरूप इन्हें रोजगार मिला है।

aaई-लर्निंग को प्रोत्साहित करने माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय एवं सीईसी के मध्य एमओयू


27 December 2017

भोपाल, 27 दिसंबर। ई-लर्निंग को प्रोत्साहित करने एवं डिजिटल कंटेंट का अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय ने कंसोर्टियम फॉर एजुकेशनल कम्युनिकेशन (सीईसी) के साथ सहमति पत्रक (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया है। इस एमओयू के बाद विश्वविद्यालय के विद्यार्थी एवं शिक्षक सीईसी द्वारा तैयार कराए गए 97 विषयों के डिजिटल कंटेंट का उपयोग अपने अध्ययन एवं अध्यापन में कर सकेंगे। सहमति पत्रक पर विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला एवं सीईसी की ओर से निदेशक प्रो. राजवीर सिंह ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर सीईसी के निदेशक प्रो. राजवीर सिंह ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सबके लिए उपलब्ध हो, इसके लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने डिजिटल कंटेंट तैयार कराने के प्रयास शुरू किए थे। पिछले तीन साल में इस दिशा में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। तीन वर्ष पहले तक सीईसी प्रतिवर्ष 400 से 500 शैक्षिक सामग्री तैयार कर रहा था। जबकि अब चार से पाँच हजार शैक्षिक कार्यक्रम प्रतिवर्ष तैयार हो रहे हैं। ई-लर्निंग और डिजिटल कंटेंट का मुख्य उद्देश्य है- शिक्षा में गुणवत्ता को बढ़ावा देना और तकनीक के माध्यम से शिक्षा का प्रसार करना। सीईसी चार प्रारूप में शैक्षिक सामग्री तैयार कर रहा है। एक, वीडियो प्रारूप में। दो, ई-बुक रूप में। तीन, अधिक अध्ययन के लिए रिफरेंस और चार, स्वाध्याय को प्रोत्साहित करने के लिए असाइनमेंट। उन्होंने बताया कि सीईसी अब तक 97 विषयों की शैक्षिक सामग्री तैयार करा चुका है, जो ऑनलाइन उपलब्ध है। इस एमओयू के बाद विश्वविद्यालय के विद्यार्थी एवं शिक्षक इस सामग्री का ऑनलाइन एवं ऑफलाइन उपयोग कर सकेंगे। इस अवसर पर कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला ने कहा कि बदलती दुनिया में क्या अध्यापक बदल रहा है? यह प्रश्न आज के अध्यापकों के सामने है। इस पर विचार करने की आवश्यकता है। आज के विद्यार्थी में ज्ञान प्राप्त करने और सीखने की भूख अत्यधिक है। अपनी भूख को शांत करने के लिए वह किताबों के साथ-साथ डिजिटल माध्यमों का भी उपयोग कर रहा है। ऐसे में सीईसी द्वारा तैयार कराया गया, ई-कंटेंट विद्यार्थियों के लिए बहुत उपयोगी साबित होगा। सीईसी के डिजिटल कंटेंट का उपयोग करने के लिए विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के लिए डिजिटल कॉर्नर बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के शिक्षकों को भी अपने विषय के ई-कंटेंट तैयार करना चाहिए। मीडिया और कम्प्यूटर के शिक्षक प्रभावी ई-कंटेंट बनाने के लिए प्रशिक्षण देने की योजना भी बना सकते हैं। इस अवसर पर धन्यवाद ज्ञापन कुलाधिसचिव श्री लाजपत आहूजा और कार्यक्रम का संचालन श्री दीपक चौकसे ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. संजय द्विवेदी, सम्बद्ध संस्थाओं के निदेशक श्री दीपक शर्मा, सीएसआईआर के निदेशक प्रो. मनोज कुमार पटैरिया, एमिटी यूनिवर्सिटी गुडगाँव की प्रो. पूजा राणा सहित सभी विभागाध्यक्ष, शिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।


aaदेश के नव-निर्माण में विद्यार्थी अपना पूरा योगदान दें - राज्यपाल श्री कोहली


23 December 2017

राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री ओ.पी. कोहली ने विद्यार्थियों से कहा है कि देश के नव-निर्माण में अपना पूरा योगदान करें, तभी उच्च शिक्षा के उद्देश्य में सफल होंगे। श्री कोहली अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा के छठवें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। श्री कोहली ने समारोह में मुख्य न्यायाधिपति, गुवाहाटी हाईकोर्ट श्री अजीत सिंह, शास्त्रीय गायक पं. छन्नूलाल मिश्र, अध्यक्ष इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला-केन्द्र श्री रामबहादुर राय और राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुसूचित जनजाति आयोग श्री नंदकुमार साय को मानद उपाधि से सम्मानित किया। साथ ही, विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों को स्वर्ण-पदक एवं उपाधियाँ प्रदान कीं। राज्यपाल श्री कोहली ने कहा कि दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय के लिये गौरवपूर्ण प्रसंग होता है। इसका नियमित आयोजन होना चाहिए। विश्वविद्यालय तभी पूर्ण माने जायेंगे, जब नवीन ज्ञान का सृजन होने के साथ ही सृजित ज्ञान आने वाली पीढ़ी को देने का कार्य किया जाये। उन्होंने अपेक्षा की कि प्रदेश के विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से विश्व के अग्रणी विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों में अपना नाम स्थापित करेंगे। इससे अन्य देशों के छात्र भी भारतीय शिक्षा संस्थानों में शिक्षा प्राप्त करने के लिये आकर्षित होंगे। राज्यपाल ने कहा कि छात्रों में सृजनशीलता और संवेदनशीलता होना चाहिए ताकि वे नवाचार कर समाज में अपना योगदान दे सकें। उन्होंने शिक्षकों से अपेक्षा की कि छात्रों के साथ शैक्षणिक कार्य के अतिरिक्त भी संवाद एवं समन्वय बनायें। शिक्षा को परंपरा एवं आधुनिकता से जोड़ने पर बल देते हुए राज्यपाल ने कहा कि इससे हम भारतीयता से जुड़ेंगे और विकास के नित नये आयाम प्राप्त करने में सफलता मिलेगी। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि व्यक्ति का सबसे बड़ा गुण आत्म-विश्वास है। इसलिए गुरूजनों तथा विद्यार्थियों को इस दिशा में विचार करते हुए देश के उत्थान में युवाओं की क्षमता का सदुपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा प्रतिभाओं को रोजगार सुलभ कराने के लिये शिक्षा पाठ्यक्रम में कौशल विकास को शामिल कर बाजार और रोजगार के साथ समन्वय बनाना होगा। दीक्षांत समारोह में उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने विवेकानंद द्वारा गुरू की महत्ता के संबंध में दिये गये उद्गार की चर्चा करते हुए कहा कि शिक्षा में नैतिक मूल्यों का समावेश जरूरी है। शिक्षा का सदुपयोग परमार्थ के लिये होना चाहिये। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से कहा कि सज्जनता की सुगंध से समाज को सुवासित करें।


aaसाढ़े सात लाख युवाओं को मिलेगा रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण


21 December 2017

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि हर वर्ष साढ़े सात लाख युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया जायेगा। साथ ही उन्हें स्वरोजगार के लिये वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जायेगी। इससे वे रोजगार पाने और स्वरोजगार स्थापित करने के काबिल बन सकेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ युवा सशक्तिकरण मिशन की समीक्षा कर रहे थे। इस मौके पर रोजगार बोर्ड के अध्यक्ष श्री हेमंत विजयराव देशमुख, मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिये उन्हें हुनरमंद बनाना आवश्यक है। इसके लिये प्रतिवर्ष साढ़े सात लाख युवाओं को विभिन्न प्रकार का रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया जायेगा। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे प्रशिक्षण की व्यवस्था करने के निर्देश दिये हैं जिसमें रोजगार की शत-प्रतिशत संभावनाएं हों। उन्होंने कहा कि हर जिले में रोजगार एवं स्वरोजगार मेले आयोजित किये जायें। इनमें युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार संबंधी समुचित जानकारी दी जाये। साथ ही युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न कम्पनियों को भी आमंत्रित किया जाये। उन्होंने प्रशिक्षण की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिये। इस अवसर पर बताया गया कि मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन एवं मुख्यमंत्री कौशल्या योजना के अंतर्गत तीन लाख दस हजार युवाओं को अल्पावधि का प्रशिक्षण दिया जायेगा। इनमें आईटीआई, कौशल विकास केन्द्र, इंजीनियरिंग एवं पॉलीटेक्निक कॉलेज, प्रशासकीय विभाग एवं अन्य अर्द्धशासकीय संस्थानों में प्रशिक्षण दिया जायेगा। प्रशिक्षण के लिये संथाओं को दो लाख 42 हजार 580 रुपये धनराशि के कार्यादेश भी जारी किये जा चुके हैं। इसी तरह, रोजगारोन्मुखी शिक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिये हाई स्कूलों एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा भी शुरू की जायेगी। बैठक में अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन श्री प्रभांशु कमल, प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा श्री संजय बंदोपाध्याय, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक वर्णवाल एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री विवेक अग्रवाल उपस्थित थे


aa मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना


15 December 2017

मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना में अभी तक 17 हजार 25 विद्यार्थियों की फीस लगभग 25 करोड़ 22 लाख का भुगतान किया जा चुका है। आई.आई.एम. के दो विद्यार्थियों की 8 लाख रुपये की फीस का भुगतान किया गया है। इसी तरह तकनीकी शिक्षा के 114, आई. आई. टी., आई. आई. एस. ई. आर, एन.आई.टी. के 119, मेडिकल कॉलेज के 334, लॉ के 11, उच्च शिक्षा के 16,313 और अन्य विषयों के 132 विद्यार्थियों के आवेदन स्वीकृत किये गए हैं। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने योजना की पात्रता में परिवर्तन करने की घोषणा की है। बारहवीं में निर्धारित अंक 75 प्रतिशत से घटाकर 70 प्रतिशत, जे.ई.ई. में 50 हजार तक की रैंक के स्थान पर एक लाख 50 हजार तक की रैंक और माता-पिता की वार्षिक आय 6 लाख से बढ़ाकर 8 लाख रुपये करने की घोषणा की गयी है।


aa विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता जरूरी, संस्कार आधारित उच्च शिक्षा पर दें ध्यान


12 December 2017

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता बरकरार रखते हुए आवश्यकतानुसार उनका विस्तार करने की परिस्थितियां बनाई जाएंगी। श्री चौहान आज यहां राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में देश के मध्य क्षेत्र के सात विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान ने कहा कि विश्वविद्यालयों को ज्ञान और कौशल देने के अलावा नागरिकता की शिक्षा देने पर भी ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षित होने और संस्कारित होने में अंतर है। संस्कार के बिना प्रतिभा का दुरुपयोग भी हो सकता है। उन्होंने आदि शंकराचार्य और स्वामी विवेकानंद की चर्चा करते हुए कहा कि संस्कारों की शिक्षा देने के तरीकों पर भी विचार करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में नालंदा और तक्षशिला जैसे विश्वविद्यालय रहे हैं जो पूरे विश्व में विख्यात थे। आज सोचना पड़ेगा कि भारत के विश्वविद्यालय दुनिया के सौ शीर्ष विश्वविद्यालयों में कैसे शामिल हों। उन्होंने कहा कि संकल्प और प्रतिबद्धता के साथ यह संभव है। समाज और सरकार दोनों को साथ-साथ प्रयास करना होंगे। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और स्वायत्तता की दिशा में ठोस प्रयास करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी गंभीरता से विचार कर रहे है। श्री चौहान ने कहा कि उच्च शिक्षा रोज़गार देने वाली होना चाहिए। युवा सशक्तिकरण मिशन की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार योग्य बनाने के लिए उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण देने के प्रयास किये जा रहे है। मुख्यमंत्री ने मेधावी विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना की चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में 75 प्रतिशत अंक लाने वाले मेधावी विद्यार्थियों का चयन राष्ट्रीय संस्थानों में होने पर उनकी पढ़ाई का खर्चा सरकार उठाएगी। उन्होंने कहा कि प्रतिभा की कमी नही है लेकिन अवसरों के अभाव में उनका पलायन होता है। इस स्थिति को रोकना होगा। श्री चौहान ने दोहरी शिक्षा प्रणाली को घातक बताते हुए कहा कि सबको शिक्षा के सामान अवसर मिलने चाहिए, कुलपतियों की यह सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। आज सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी अच्छे अंको से पास हो रहे हैं। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति श्री सुनील कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालयों को सामाजिक सरोकारों से भी संपर्क रखने की आवश्यकता है। उद्योग क्षेत्र से भी निरन्तर संपर्क जरूरी है। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा राज्यमंत्री श्री दीपक जोशी, एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज के अध्यक्ष प्रो. पी.बी. शर्मा, जनरल सेक्रेटरी श्री कमर और विश्वविद्यालयों के कुलपति, वरिष्ठ शिक्षाविद् अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने यूनिवर्सिटी न्यूज़ के विशेष संस्करण और 'आरजीपीवी न्यूज़' लेटर का विमोचन किया।


aa मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना का लाभ अब कक्षा बारहवीं में 70 प्रतिशत अंक पर मिलेगा, आय सीमा 8 लाख होगी


10 December 2017

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अगले वर्ष से कक्षा बारहवीं की परीक्षा में 70 प्रतिशत अंक लाने वाले विद्यार्थियों को भी मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना का लाभ मिलेगा। इस योजना में सरकारी महाविद्यालयों में संचालित सभी पाठ्यक्रमों को शामिल किया जायेगा। उन्होंने इसमें आय सीमा आठ लाख रुपये तक बढ़ाने की घोषणा की। जिन उद्योगों द्वारा एक सौ से ज्यादा युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जायेगा, उन उद्योगों को अब डेढ़ गुना अधिक पूंजी अनुदान दिया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज रेडियो कार्यक्रम 'दिल से'' में युवाओं से सीधा संवाद कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना का लाभ जेईई मुख्य परीक्षा में डेढ़ लाख तक मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों को दिया जायेगा। विद्यार्थियों के परिवार की सालाना आमदनी की सीमा छह से बढ़ाकर आठ लाख रुपये की जायेगी। इस योजना के अंतर्गत नये पाठ्यक्रम भी जोड़े जायेंगे। इससे ज्यादा से ज्यादा छात्र-छात्राओं को योजना का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि तकनीकी आदि कारणों से जो अभ्यर्थी पटवारी परीक्षा से छूट गये हैं, उनके लिये आगामी 29 दिसम्बर को फिर से परीक्षा आयोजित की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी नौकरी में लगभग 90 हजार पदों के लिये भर्ती होगी। मुख्यमंत्री युवा सशक्तिकरण मिशन के तहत हर वर्ष साढ़े सात लाख युवाओं को रोजगार के लिये प्रशिक्षित किया जायेगा।
नये सिरे से शुरु होगा बेटी बचाओ अभियान
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में नये सिरे से समाज की भागीदारी से बेटी बचाओ अभियान शुरु किया जायेगा। जिसमें संस्कारयुक्त शिक्षा पर जोर दिया जायेगा। समाज जागरुक होकर बेटियों को बचाने के लिये उपाय करें। सभी नागरिक अपने-अपने शहरों और गांवों को स्वच्छ बनाने में जुट जायें। राज्य सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जन्म शताब्दी वर्ष को गरीब कल्याण वर्ष के रुप में मना रही है। गरीबों के कल्याण के लिये गरीब एजेंडा बनाया गया है। इसके अंतर्गत गरीबों को रोटी-कपड़ा और मकान तथा उनके बच्चों के पढ़ाई-लिखाई एवं दवाई का समुचित इंतजाम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो पात्र व्यक्ति सस्ते राशन से छूट गये हैं, उन्हें भी पात्रता पर्ची जारी करने का निर्णय लिया गया है। कोई भी निर्धन व्यक्ति सस्ते राशन से वंचित नहीं रहेगा। सहरिया जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों के पोषण के लिये परिवार की महिला खाते में अब हर माह एक हजार रुपये जमा किये जायेंगे। सभी आवासहीन व्यक्तियों को मकान के लिये भूखंड उपलब्ध कराया जायेगा। साथ ही उन्हें मकान बनाने के लिये सहायता उपलब्ध करायी जायेगी। अगले वर्ष दिसम्बर के अंत तक अनुसूचित जनजाति के सभी आवासहीन व्यक्तियों को आवास स्वीकृत किये जायेंगे। वर्ष 2022 तक कोई भी आवासहीन व्यक्ति शेष नहीं रहेगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर है। श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में गरीबों को सस्ता भोजन उपलब्ध कराने के लिये समाज के सहयोग से दीनदयाल रसोई योजना सफलतापूर्वक चल रही है। बुजुर्गों को तीर्थ दर्शन कराने के लिये मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना अंतर्गत नये तीर्थ भी जोड़े गये हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम दिलाने के लिये पहले गर्मियों में प्याज, उड़द, मूंग और अरहर समर्थन मूल्य पर खरीदी गयी है। अब किसानों के हित के लिये भावांतर भुगतान योजना शुरु की गई है। इस योजनांतर्गत 16 अक्टूबर से 31 अक्टूबर बीच जिन किसानों ने अपनी फसल बेची थी, उन्हें 139 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया गया है। जिन किसानों ने 1 से 30 नवम्बर के बीच अपनी फसल की बिक्री की है उनके खातों में भावांतर भुगतान की राशि 20 से 30 दिसम्बर के बीच पहुंच जायेगी।
युवा उद्यमी बनें और प्रदेश के विकास में योगदान करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि माँ-बहनों और बेटियों की सुरक्षा के लिये विधानसभा में एक क्रांतिकारी विधेयक पारित किया गया है। इसमें मासूम बेटियों के साथ दुराचार करने वाले नर-पिशाचों के लिये फांसी की सजा का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में आगामी 19 दिसम्बर से 22 जनवरी तक आदिशंकराचार्य एकात्म यात्रा निकाली जायेगी जिसमें अद्वेत वेदांत के प्रचार के साथ गांव-गांव से धातु के कलश में मिट्टी इकट्ठी की जायेगी जिसका उपयोग ओकारेश्वर में स्थापित होने वाली आदिशंकराचार्य की विशाल प्रतिमा में किया जायेगा। इस यात्रा में भी बेटी-बचाओं का संदेश दिया जायेगा। उन्होंने युवाओं से अपील की कि मुख्यमंत्री युवा उद्ममी योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना जैसी योजनाओं का लाभ उठाकर उद्यमी बनें और प्रदेश के विकास में योगदान दें। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरु की गई मुद्रा योजना का लाभ लें।
युवाओं की सफलता का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस दौरान प्रदेश के कई युवाओं की सफलताओं का उल्लेख किया जिन्होंने स्वरोजगार के माध्यम से दूसरों को रोजगार देने का काम किया है। उन्होंने सतना के श्री मदन सिंह का उल्लेख किया जिन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की मदद से खुद का कारखाना शुरु किया है जिसमें राईस मिल में लगने वाले उपकरण बनाये जाते हैं। इसी तरह सीहोर की श्रीमती रीना मेवाड़ा पहले मजदूरी करती थीं अब उन्होंने बैग निर्माण की इकाई स्थापित की है। वे अब अपने परिवार का बेहतर ढंग से पालन कर रही हैं। सागर जिले के बीना के श्री सुरेन्द्र सिंह पहले किराये का आटो चलाते थे अब योजना की मदद से खुद का आटो चला रहे हैं। उज्जैन की ईरम खान ने खुद का मनोरंजन पार्क शुरु किया है। नीमच जिले के ग्राम तुम्बा के उदयलाल विद्युत चाक से अब 10 से 12 हजार रुपये प्रतिमाह कमा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बीत रहे वर्ष की उपलब्धियों की चर्चा करते हुये कहा कि यह वर्ष उपब्धियों भरा रहा। इस दौरान मध्यप्रदेश कृषि विकास दर में अव्वल तथा विकास दर में देश में दूसरे स्थान पर रहा। इस दौरान जनता के कल्याण और प्रदेश के विकास का रोडमेप बनाया गया। राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वे में प्रदेश के 22 शहरों ने स्थान बनाया। उन्होंने देवास जिले में हाल ही में शहीद हुये सैनिक स्वर्गीय नीलेश धाकड़ को श्रद्धांजलि देते हुये कहा कि पूरी सरकार उनके परिवार के साथ है।
युवाओं के प्रश्नों के जवाब दिये
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं के प्रश्नों और सुझावों के जवाब दिये। उन्होंने कहा कि प्रदेश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में डिजाईन और कॉपी राईटिंग के कोर्स शुरु किये जायेंगे। स्वरोजगार योजनाओं में आदिवासी और पिछड़े जिलों के युवाओं को विशेष रुप से प्रोत्साहित किया जायेगा। युवा सशक्तिकरण मिशन में उद्योगों की मांग के अनुसार व्यवसायों का प्रशिक्षण दिया जायेगा। पोषण-आहार निर्माण के लिये महिला स्व-सहायता समूहों का फेडरेशन बनाया जायेगा। अत्याधुनिक कृषि उपकरणों और मशीनों के प्रदर्शन के लिये राज्य-स्तर पर मेला लगाया जायेगा।


aaयुवाओं को रोजगार और कौशल देने चलेगा अभियान - मुख्यमंत्री श्री चौहान


29 November 2017

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज अपने बारह वर्ष पूरे होने पर मीडिया से चर्चा में आम नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे समर्पित लोक सेवक की तरह काम करते रहेंगे। श्री चौहान ने कहा कि इस बारह सालों में लोक सेवा को मिशन बनाकर काम किया है। लोगों से रिश्ता मजबूत हुआ है। लोगों का भरपूर स्नेह, सहयोग और साथ मिला है। यही वास्तविक शक्ति है। श्री चौहान ने कहा कि अब रोजगार निर्माण और कौशल विकास पर फोकस है। हर साल साढ़े सात लाख युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिये अभियान चलाया जायेगा। उन्होंने कहा कि आम आदमी के सुख और समृद्धि के लिये लगातार कोशिशें चल रही हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आजादी के समय से लेकर 2003 तक कुल साढे सात लाख हेक्टेयर में सिंचाई हुई थी। इन बारह सालों में चालीस लाख हेक्टेयर में सिंचाई हुई और हर साल सिंचाई क्षेत्र में पांच लाख हेक्टेयर की बढ़ोत्तरी हो रही है। उन्होंने कहा कि इन सालों में विकास के कई आयाम स्थापित हुए हैं और कई ऐतिहसिक काम हुए हैं। श्री चौहान ने कहा कि लोगों की पसंद, सहयोग और सुझावों से कल्याणकारी योजनाएं को लागू करना एक नई पहल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना का हवाला देते हुए कहा कि विद्यार्थियों के सुझाव पर ही योजना बनाई गई है ताकि पैसे के अभाव में कोई भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी पढ़ाई में पीछे न रहे। मुख्यमंत्री ने कृषक उद्यमी योजना की चर्चा करते हुए कहा कि किसानों की आजीविका में खेती से जुड़े अन्य कार्य भी शामिल होना चाहिये। इसके लिये कार्य-योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कोई भी गरीब व्यक्ति बिना आवासीय भूमि के नहीं रहेगा।


aaमाखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से पत्रकारिता के क्षेत्र में


27 November 2017

पिछले कुछ वर्षों में राष्ट्रीय पत्रकारिता और संचार के क्षेत्र में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय ने मध्यप्रदेश को विशिष्ट स्थान दिलाया है। विश्वविद्यालय में बड़े छात्रों ने देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में उच्च स्थान हासिल किया है। यह जानकारी आज कुलपति प्रोफेसर व्रजकिशोर कुठियाला ने असम राज्य के पत्रकारों के प्रतिनिधि मण्डल को दी। कुलपति श्री कठियाला ने बताया कि माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय में हाल ही में अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे किये हैं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में आज की जरूरत के हिसाब से निरंतर नए कोर्स प्रारंभ किए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय में देश के विभिन्न राज्यों के छात्र अध्ययन के लिए प्रवेश लेते हैं। उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न प्रान्तों में 1100 से अधिक संबंद्ध अध्ययन संस्थानों में विश्वविद्यालय के कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय के रेक्टर श्री लाजपत आहूजा ने बताया कि 5 अध्ययन केन्द्र नोएडा, खण्डवा, ग्वालियर, अमरकंटक और रीवा में संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में पत्रकारिता, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, विज्ञापन एवं जनसंपर्क, जनसंचार, पुस्तकालय विज्ञान और मीडिया प्रबंधन जैसे अनेक विभाग हैं। विश्वविद्यालय के कुलसचिव संजय द्विवेदी और प्रशासनिक अधिकारी श्री दीपक शर्मा ने भी जानकारी दी। पत्रकारों को बताया गया कि जुलाई 2018 से विश्वविद्यालय नए भवन में लगने लगेगा। भोपाल शहर के नजदीक विसनखेड़ी में कुल 150 करोड़ की लागत से बनने वाले भवन में छात्रों को सभी आधुनिक सुविधायें मिलेंगी। इनमें प्रमुख रूप से पुस्तकालय, खेल-मैदान, आधुनिक स्टूडियो जैसी अनेक सुविधायें होंगी।
जनसंपर्क आयुक्त से मुलाकात
असम के पत्रकारों ने आयुक्त जनसंपर्क श्री पी. नरहरि से भी मुलाकात की। आयुक्त ने पत्रकारों को जनसंपर्क विभाग की विभागीय गतिविधियों, पत्रकारों की कल्याणकारी योजनाएं, विज्ञापन नीति, अधिमान्यता संबंधी जानकारी दी। श्री नरहरि ने बताया कि पत्रकार निष्पक्ष होकर कार्य कर सकें, इसके लिए राज्य सरकार द्वारा पत्रकारों के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध करवाया गया।


aaपत्रकारिता विश्वविद्यालय में दो दिवसीय संगोष्‍ठी आज से


22 November 2017

भोपाल, 22 नवंबर। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के मीडिया प्रबंधन विभाग द्वारा आयोजित की जा रही दो दिवसीय संगोष्‍ठी का शुभारंभ आज (23 नवंबर) को सुबह 11 बजे होगा। शुभारंभ सत्र के मुख्य अतिथि फिल्म अभिनेता और वरिष्‍ठ रंगकर्मी राजीव वर्मा तथा मुख्य वक्ता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बृजकिशोर कुठियाला और विश्‍वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. संजय द्विवेदी होगें। जैसा कि विदित है कि मीडिया प्रबंधन विभाग द्वारा विद्यार्थियों में प्रबंधकीय कौशल को निखारने के लिए 23 और 24 नवंबर, 2017 को दो दिवसीय संगोष्‍ठी का आयोजन किया जा रहा है। 23 नवंबर को संगोष्‍ठी के प्रथम सत्र में डिजिटल मीडिया में संभावनाएं एवं चुनौतियां विषय पर दैनिक भास्‍कर समूह में डीबी डिजिटल के संपादक श्री अनुज खरे विद्यार्थियों को संबोधित करेंगे। द्वितीय सत्र में विजन एडवाईजरी के सीईओ श्री प्रदीप करमबेलकर मीडिया प्रबंधन में उद्यमिता से संबंधित विषय अपने विचार व्‍यक्‍त करेंगे। वहीं तृतीय सत्र में एमपी ईटीवी के चैलन हेड श्री प्रवीण दुबे मीडिया प्रबंधन के लिए आवश्‍यक कौशल पर अपने विचार रखेंगे. प्रथम दिन के अंतिम सत्र में मीडिया प्रबंधन विभाग के विद्यार्थियों का विषय प्रस्‍तुति का सत्र होगा। इस सत्र में विभिन्‍न सम- सामयिक विषयों पर विद्यार्थी अपनी प्रस्‍तुति देंगे। संगोष्‍ठी के दूसरे दिन चतुर्थ सत्र में रमानी ग्रुप ऑफ कंपनीज् के एचआर हेड निर्मल सिंह राघव सफल उद्ययम के लिए विपणण नीति विषय पर विद्यार्थियों को संबोधित करेंगे. पांचवा सत्र विज्ञापन एवं विपणण में तकनीक का उपयोग करने के तरीकों पर आधारिता होगा, जिसमें मध्‍यप्रदेश सरकार के तकनीकी सलाहकार श्री रजत पाण्‍डेय अपने विचार व्‍यक्‍त करेंगे। छठे सत्र में फिल्‍म प्रमोशन और प्रचार की नीति पर सिनेमा पटकथा लेखक एवं निर्देशक श्री विनीत जोशी विद्यार्थियों को संबोधित करेंगे. सातवे सत्र में अनिमेष फिल्‍म प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ अविनाश त्रिपाठी सिनेमॉटोग्राफी में प्रबंधन से संबंधित विषय पर अपने विचार व्यक्त करेंगे. इस दो दिवसीय संगोष्‍ठी के समापन सत्र में मीडिया प्‍लानिंग की नीति विषय पर विश्‍वविद्यालय के कुलपति प्रो. बृजकिशोर कुठियाला अपने विचार व्यक्त रखेंगे और समापन सत्र में मुख्‍य अतिथि के रूप में भारत संचार निगम लिमिटेड, भोपाल के महाप्रबंधक श्री महेश शुक्‍ला उपस्थित रहेंगे. संगोष्‍ठी के अंत में मीडिया प्रबंधन विभाग के विद्यार्थी सांस्‍कृतिक कार्यक्रम की प्रस्‍तुत देंगे.


aaजबलपुर एवं उज्जैन इंजीनियरिंग कॉलेज बनेंगे डीम्ड यूनिवर्सिटी


21 November 2017

इंजीनियरिंग कॉलेज जबलपुर एवं उज्जैन को डीम्ड यूनिवर्सिटी बनाया जाएगा। यह कॉलेज अपना पाठ्यक्रम निर्धारित करने के साथ ही अपनी डिग्री भी देंगे। तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास (स्वतंत्र प्रभार), स्कूल शिक्षा एवं श्रम राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी ने डीम्ड यूनिवर्सिटी के संबंध में जरूरी कार्यवाही शीघ्र करने के निर्देश समीक्षा बैठक में दिए। श्री जोशी ने कहा कि राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को देश के अंडर 100 विश्वविद्यालयों में लाने के लिए हर संभव प्रयास करें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के लिए हेलमेट अनिवार्य किया जाए। श्री जोशी ने राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में स्पोर्ट आफिसर और जनसम्पर्क अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मूल्यांकन सहित विश्वविद्यालय की पूरी कार्य प्रणाली ऑनलाइन की जाए। विद्यार्थियों की उपस्थिति प्रतिदिन पोर्टल पर अपलोड करें। संबद्ध इंजीनियरिंग कॉलेजों एवं पॉलिटेक्निक कॉलेजों का सतत निरीक्षण करें। उद्यमिता एवं र्स्टटअप के लिये फंडिंग करें। विश्वविद्यालय के सांस्कृति कार्यक्रमों का कैलेण्डर बनायें। कुलपति डॉ. सुनील गुप्ता ने बताया कि विशनखेड़ी को गोद लिया जाएगा। यहां पर विकास के विभिन्न कार्य करवाए जाएंगे। डॉ. गुप्ता ने विश्वविद्यालय में किये जा रहे सुधारों की भी जानकारी दी। तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि इंजीनियरिंग कॉलेज अपने निर्माण कार्य स्वयं करवाएं। उन्होंने कहा कि बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक में लिए गए निर्णयों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। जरूरी उपकरणों की खरीदी जैम के माध्यम से करें। श्री जोशी ने कहा कि ग्लोबल स्किल पार्क गोविन्दपुरा आईटीआई में जून माह तक शुरू करने के लिए जरूरी कदम उठाएँ। उन्होंने ग्लोबल स्किल पार्क के निर्माण के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए। श्री जोशी ने एडीबी के सहयोग से बनने वाली 10 आईटीआई का निर्माण मार्च में शुरू करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा श्री संजय बन्दोपाध्याय, संचालक कौशल विकास श्री संजीव सिंह एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


विज्ञापनों में भारतीयता के समावेश से ही भारतीय विज्ञापन जगत समृद्ध बना है- दिवाकर शुक्ला

Our Correspondent :17 November 2017

भोपाल। 17 नवम्बर। 2017। विज्ञापनों में भारतीयता के समावेश से ही भारतीय विज्ञापन जगत समृद्ध बना है। विज्ञापनों में भारतीयता को शामिल कर उपभोक्ता को आसानी से कनेक्ट किया जा सकता है। भारतीय संस्कृति संस्कार, परिवार आदि तत्व विज्ञापन की सफलता और उत्पाद को बाजार में उपभोक्ताओं के बीच लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह बात आज विज्ञापन विशेषज्ञ श्री दिवाकर शुक्ला ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के विज्ञापन एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित संगोष्ठी के दूसरे दिन सम्पन्न सत्र में व्यक्त किए। श्री शुक्ला ने विज्ञापनों में भारतीयता विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने अनेक विज्ञापनों के उदाहरण देकर प्रतिभागियों को बताया कि किस तरह सफल विज्ञापनों में भारतीय तत्वों का समावेश कर विज्ञापन को प्रभावशाली बनाया गया है। उन्होंने बताया कि किसी भी विज्ञापन एवं जनसंपर्क गतिविधि की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि वह कितना समाजोपयोगी है। कई बार विज्ञापनों में ऐसी बात दिखाई जाती है जो भारतीय परिदृश्य में सही नहीं बैठती है। ऐसे विज्ञापन यदि प्रारंभिक तौर पर सफलता भले ही प्राप्त कर लें, परंतु लंबे समय तक याद नहीं रखे जाते हैं। श्री शुक्ला ने विज्ञापन जगत से जुड़े अनेक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए प्रतिभागियों का ज्ञानवर्धन किया। क्षेत्रीय जनसंपर्क विषयक सत्र में बोलते हुए विश्वविद्यालय के कुलाधिसचिव श्री लाजपत आहूजा ने कहा कि जनसंपर्क एवं विज्ञापन में आपको अपनी दृष्टि खुली रखनी होगी क्योंकि जनसंपर्क एक गंभीर पेशा है, इसका एक विशाल क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि जनसम्‍पर्क पेशा समाज के प्रति उत्तरदायी है और उसी दृष्टि से आपको अपना कर्म निभाना चाहिए। श्री आहूजा ने कहा कि जनसम्‍पर्क व विज्ञापन तभी सफल होगा जब वह प्रामाणिक होगा। यह संभावनाओं से भरा हुआ क्षेत्र है और अपनी कल्पनाशीलता से आप बहुत आगे निकल सकते हैं। विद्यार्थियों को जनसंपर्क के महत्वपूर्ण टिप्स देते हुए उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने कार्यक्षेत्र की प्राथमिकता तय करना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जनसंपर्क क्षेत्र में अवसरों की कोई कमी नहीं है। जनसंपर्क के भारतीय संदर्भ विषयक तकनीकी सत्र में श्री सी.के. सरदाना ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि जनसंपर्क में अपनी आंखें और कान खुले रखें। उन्होंने इसमें विद्यार्थियों को धीरज रखने की बात भी कही, साथ ही उन्होंने कहा कि विद्यार्थी लिखने की प्रेक्टिस भी करें। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे टेलीविजन में अच्छे विजुअल हैं तो एक अच्छी स्टोरी बनेगी। इसके साथ ही श्री सरदाना ने आत्मविश्वास होने को भी जनसंपर्क का एक महत्वपूर्ण अंग बताया। उन्होंने कहा कि एक अच्‍छे जनसंपर्ककर्मी में आत्मविश्वास का होना बहुत जरूरी है। श्री सरदाना ने विद्यार्थियों से कहा कि जो भी दूसरों से आपको अच्छा लगे, उससे सीखने की कोशिश हमेशा करना चाहिए। भारत में डिजिटल मार्केटिंग पर टेक्नोगेज़ प्रा.लि., दिल्ली के निदेशक संतोष सुब्रमण्यम ने कहा कि इस क्षेत्र में बहुत संभावनाएं हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कौशल को विकसित करने की बात कही। उन्होंने कई उदाहरण देते हुए समझाया कि पहले हम दुकानदार के पास जाते थे, पर आज डिजिटल मार्केटिंग के जरिये वे हम तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाला समय डिजिटल मार्केटिंग का होगा। इसके साथ ही उन्होंने संचार कौशल को भी महत्वपूर्ण अंग बताया। उन्होंने कहा कि सिर्फ संचार ही नहीं इसमें अच्छे कौशल का होना भी जरूरी है। डिजिटल मार्केटिंग के जरिये उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि हमें वहीं टार्गेट करना पड़ेगा जहां ऑॅडियंस होगी। उन्होंने टेलीविजन और इंटरनेट का उदाहरण भी दिया। श्री सुब्रमण्यम ने कहा कि मोबाईल तकनीक के द्वारा ऑनलाइन मार्केट आज बहुत तेजी से बदल रहा है। उन्होंने डिजिटल मार्केट में अनेक अवसर होने की बात कही। एक अन्य सत्र में पेटीएम के राज्य प्रमुख श्री विक्रम सिंह चौहान ने डिजिटल युग में ई-कॉमर्स विषय पर बोलते हुए ई-कॉमर्स के विविध पक्षों पर प्रकाश डाला। साथ ही विद्यार्थियों को इस क्षेत्र की संभावनाओं से अवगत कराया। संगोष्ठी के समापन सत्र में न्यूक्लियर पॉवर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के वरिष्ठ प्रबंधक, कॉरपोरेट संचार श्री अमृतेश श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को भविष्य की शुभकामना देते हुए कैरियर से जुड़े महत्‍वपूर्ण टिप्स दिए। संगोष्ठी में विज्ञापन एवं जनसंपर्क विभाग के विद्यार्थी एवं शिक्षक उपस्थित थे।


सिनेमा के सौंदर्यशास्त्र से जुड़ा है कला निर्देशन.
18 November 2017
भोपाल, 18 नवम्बर। भारतीय सिनेमा का इतिहास श्वेत-श्याम फिल्म हरिशचंद्र से प्रारंभ होता है। तब से लेकर अब तक सिनेमा का लुक अपनी जरूरतों के हिसाब से बदलता रहा है। समय, कथानक, विचार और पैसे ने हिंदुस्तानी सिनेमा के कला रूप को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इनमें सबसे अधिक महत्वपूर्ण है, कथानक। किसी भी फिल्म का लुक उसकी कहानी पर आधारित होता है। कला निर्देशन सिनेमा के सौंदर्यशास्त्र से जुड़ा है। यह विचार प्रख्यात कला निर्देशक जयंत देशमुख ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में आयोजित 'फिल्म समालोचना कार्यशाला' में व्यक्त किए। कार्यशाला के अंत में उन्होंने प्रतिभागियों से सिनेमा जगत से संबंध में चर्चा की और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। कार्यशाला के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला ने की। 'सिनेमा एवं कला' विषय पर श्री देशमुख ने कहा कि सिनेमा के कला पक्ष को सीखना है तो जरूरी है कि हम रंगों के संयोजन को समझें। रंगों की भाषा को जानें। प्रत्येक रंग कुछ कहता है। किसी भी फिल्म के एक-एक दृश्य को प्रभावी बनाने में कला निर्देशक की महती भूमिका है। यदि फिल्म की कहानी वास्तविक है तब उसका कला पक्ष रीयलिस्टक होगा, जैसा कि बैंडेट क्वीन में दिखाई देता है। यदि कहानी कल्पना पर आधारित होगी, उसका कला पक्ष कल्पना पर आधारित होगा, जैसा कि हमें फिल्म गोलमाल में दिखाई देता है। उन्होंने बताया कि कला पक्ष फिल्म के निर्देशक, डिजाइनर, फोटो निर्देशक, डायरेक्टर ऑफ प्रोडक्शन और प्रोड्यूसर से जुड़ता है। प्रोडक्शन (डिजाइन) पूरी फिल्म को डिजाइन करते हैं और कला निर्देशक उसे क्रियान्वित करते हैं। श्री देशमुख ने बताया कि सिनेमा टेक्नीकल काम है। इसमें अभ्यास और अनुभव हमें बहुत कुछ सिखाता है। उन्होंने बताया कि हॉलीवुड और दूसरी फिल्मों के आने से भारतीय सिनेमा के कला पक्ष पर बहुत प्रभाव पड़ा है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि टेलीविजन के छोटे पर्दे ने भी सिनेमा के बड़े पर्दे पर असर डाला है। टेलीविजन का मानना है कि कला पक्ष ऐसा होना चाहिए कि समाज भी अपने घरों एवं जीवन में वैसा बदलाव लाने लगें। टेलीविजन में दिखाए जाने वाले घरों ने मध्यमवर्गीय परिवारों के घरों की सजावट को बदल दिया है। महिलाओं का मेकअप, जूलरी और पहनावा टेलीविजन के अनुसार बदल रहा है। कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला ने कहा कि फिल्म जगत में अपने करियर की तैयारी करने वाले युवाओं को विचार करना चाहिए कि फिल्म उनके लिए क्या है और क्यों है? फिल्म जगत में काम करने से पहले उन्हें अपनी भूमिका तय कर लेनी चाहिए। स्वयं का मूल्यांकन कर उन्हें विचार करना चाहिए कि उन्हें अभिनय करना है, कैमरा करना है, कला निर्देशन करना है या फिर फिल्मों के लिए लिखना है। यदि वे समय रहते अपनी भूमिका चुन लेंगे, तो इस क्षेत्र में काम करने की अपार संभावनाएं हैं। कार्यशाला की प्रस्तावना कुलाधिसचिव लाजपत आहूजा ने प्रस्तुत की और डीन अकादमिक प्रो. पवित्र श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापित किया। 'फिल्मों के लिए लेखन' विषय पर कला समीक्षक विनय उपाध्याय ने बताया कि फिल्मों को समझने के लिए हमें जीवन की समग्र दृष्टि आत्मसात करनी चाहिए। जिज्ञासु मन लेकर हम सिनेमा को अच्छे से समझ सकते हैं। देशकाल और परिस्थितियों के हिसाब से सिनेमा रचा जाता है। इसलिए किसी कहानी की पृष्ठभूमि को समझने बिना हम फिल्मों के लिए अच्छा लेखन नहीं कर सकते। संगीत, कहानी, संवाद, रंग, दृश्य इत्यादि की बुनियादी समझ विकसित करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि किसी का साक्षात्कार लेते समय हमारे पास प्रश्न अच्छे होने चाहिए, तभी उत्तर अच्छे आएंगे। उत्तर तो संसार में पहले से उपस्थित हैं, प्रश्नों को ही उनके पास जाना पड़ता है। वहीं, प्रख्यात रंगकर्मी आलोक चटर्जी ने अनेक उदाहरणों से 'फिल्म अभिनय एवं निर्देशन' विषय पर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि सिनेमा के संबंध में इस बात को गाँठ बांधना जरूरी है कि फिल्म या ड्रामा हम दर्शकों के लिए बनाते हैं, अपने लिए नहीं। इसलिए दर्शक की अभिरुचि का ध्यान रखना जरूरी है। उन्होंने बताया कि कोई भी बड़ा अभिनेता एकदम से नहीं बनता। उसकी यात्रा में समय लगता है। अभिनय के लिए अनुशासन बहुत जरूरी है। 'वृत्तचित्र निर्माण' विधा पर वरिष्ठ पत्रकार एवं वृत्तचित्र निर्माता अनिल यादव ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने लोहा पीटने वाले समुदाय पर बनाया गया वृत्तचित्र भी दिखाया। उन्होंने कहा कि देश में अनेक वर्ग एवं समुदाय ऐसे हैं, जो स्वयं की पहचान खोज रहे हैं। हमें ऐसे वर्गों को अपने वृत्तचित्र का विषय बनाना चाहिए। विश्वविद्यालय की पूर्व विद्यार्थी एवं मुम्बई में क्रिएटिव डायरेक्टर श्रुति श्रीवास्तव ने 'फिल्मों एवं धारावाहिकों में रचनात्मकता' विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि क्रिएटिव लेखन एवं डायरेक्शन के लिए शोध बहुत जरूरी है। फिल्म क्षेत्र में धीरज रखना बहुत जरूरी है। क्रिएटिव टीम को पटकथा पर बहुत ध्यान देना चाहिए। कार्यशाला में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई लघु फिल्मों एवं वृत्तचित्रों का प्रदर्शन भी किया गया, जिन्हें काफी सराहा गया।

परमाणु ऊर्जा के प्रति जागरूकता फैलाने में जनसंपर्क की अहम भूमिका- अमृतेश श्रीवास्तव

Our Correspondent :16 November 2017

भोपाल। 16 नवम्बर। 2017। भारत में ऊर्जा क्षेत्र में विस्तार परमाणु ऊर्जा के विकास से ही संभव होगा। आज के बदलते परिवेश में परमाणु ऊर्जा से जुड़े तकनीकी एवं तथ्यपरक विषयों को बहुत ही सरल एवं रोचक तरीके से समझाने की आवश्यकता है, जिससे इस विषय के प्रति जन जागरूकता पैदा हो। इस कार्य में जनसंपर्क की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। यह विचार आज माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के विज्ञापन एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी में न्यूक्लियर पॉवर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एन.पी.सी.आई.एल.) के वरिष्ठ प्रबंधक कॉरपोरेट संचार, श्री अमृतेश श्रीवास्तव ने व्यक्त किए। उन्होंने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में की जा रही विज्ञापन एवं जनसंपर्क की गतिविधियों से विद्यार्थियों को अवगत कराया साथ ही परमाणु ऊर्जा से जुड़ी जो भ्रांतियाँ लोगों के मन में फैली हुई हैं उन्हें दूर करने के लिए किये जा रहे प्रयासों से अवगत कराया। उन्होंने परमाणु ऊर्जा पर आधारित एनिमेटेड फिल्म ‘बुधिया की कहानी’ के माध्यम से परमाणु ऊर्जा के विभिन्न आयामों को बहुत ही रोचक तरीके से प्रस्तुत किया। उन्होंने मुम्बई, चैन्नई एवं दिल्ली में स्थापित ‘परमाणु ऊर्जा गैलरी’ एवं ‘ऐटम ऑन व्हील्स’ के अभियान के बारे में बहुत ही रोचक तरीके से विद्यार्थियों को जागरूक किया। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र के सदस्य सचिव, डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने कहा कि विज्ञापन एवं जनसंपर्क की भारतीय दृष्टि भारतीय वेदों एवं उपनिषदों में हमें मिलेगी। विज्ञापन एवं जनसंपर्क गतिविधियों के दौरान हमें भारतीय समाज, परिवार, संस्कार आदि का ध्यान रखना चाहिए। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला ने कहा कि जनसंपर्क गतिविधियां करते समय हमें यह अवश्य ध्यान रखना चाहिए कि राष्ट्र एवं समाज पर इसका क्या प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि समाचार में जहाँ एक ओर तथ्यपरक प्रस्तुति पर जोर दिया जाता है वहीं जनसंपर्क में सकारात्मकता के निर्माण पर जोर होता है। इन दोनों से हटकर विज्ञापन में नकारात्मक तथ्यों को पूरी तरह से हटाकर सकारात्मक अथवा लाभदायक चीजों को अधिकाधिक प्रस्तुत किया जाता है। विज्ञापन एवं जनसंपर्क की भारतीय दृष्टि हमें यह सिखाती है कि हम सत्य एवं सकारात्मक होते हुए समाज के हित में सूचनाओं का सम्प्रेषण करें। उद्घाटन सत्र के प्रारंभ में विश्वविद्यालय के डीन अकादमिक डॉ. पवित्र श्रीवास्तव ने संगोष्ठी की रूपरेखा से सभागार में उपस्थित जनों को अवगत कराया। एक अन्य तकनीकी सत्र में एन.पी.आई.सी.एल., मुम्बई से पधारे श्री उमेद यादव ने कहा कि न्यूक्लियर रेडियेशन को लेकर समाज में अनेक प्रकार की भ्रांतियाँ हैं उन्हें सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक संचार गतिविधियों एवं जनसंपर्क से दूर किया जा सकता है। उन्होंने रेडियेशन से जुड़े विभिन्न आयामों को बेहद सरल तरीके से विद्यार्थियों के समक्ष प्रस्तुत किया है। उन्होंने रेडियेशन से जुड़े डर एवं अचंभित करने वाली बातों के संदर्भ में भी मीडिया की भूमिका पर चर्चा की। ई-कॉमर्स पर आधारित एक सत्र में विज़न एडवाइजरी सर्विसेस, भोपाल के प्रबंध निदेशक, श्री प्रदीप कर्मबेलकर ने विद्यार्थियों को भारत के ई-कॉमर्स परिदृश्य से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि नोटबंदी एवं जी.एस.टी. के बाद डिजिटल ट्रांजेक्शन में बहुत तेजी से विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि आने वाला समय और जीवन ई-कॉमर्स का होगा। ई-कॉमर्स के साथ उन्होंने स्टार्टअप से जुड़े मुद्दों से भी विद्यार्थियों को अवगत कराया। संगोष्ठी के अंतिम सत्र में बी.एच.ई.एल., भोपाल के पूर्व महाप्रबंधक, जनसंपर्क, श्री सी.के.सरदाना ने विद्याथियों को जनसंपर्क से जुड़ी अनेक केस स्टडी एवं संदर्भों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। कल संगोष्ठी के दूसरे दिन (17 नवम्बर 2017 को) विज्ञापनों में भारतीयता विषयक सत्र में प्रख्यात विज्ञापन विशेषज्ञ श्री दिवाकर शुक्ला विद्यार्थियों को सम्बोधित करेंगे। डिजिटल मार्केटिंग पर बी.एम.ए. के श्री संतोष सुब्रमण्यम एवं रीजनल पब्लिक रिलेशंस पर विश्वविद्यालय के कुलाधिसचिव श्री लाजपत आहूजा विद्यार्थियों को सम्बोधित करेंगे। डिजिटल युग में ई-कॉमर्स विषय पर श्री विक्रम सिंह चौहान अपने विचार रखेंगे। संगोष्ठी के प्रथम दिन विज्ञापन एवं जनसंपर्क विभाग एवं मीडिया प्रबंधन विभाग के समस्त विद्यार्थी, शिक्षक, विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री संजय द्विवेदी उपस्थित थे।


पत्रकारिता विश्वविद्यालय में "विज्ञापन एवं जनसंपर्क की भारतीय दृष्टि" विषयक दो दिवसीय संगोष्‍ठी आज से Our Correspondent :15 November 2017

भोपाल। 15 नवम्बर, 2017। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के विज्ञापन एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा दो दिवसीय ‘‘विज्ञापन एवं जनसंपर्क की भारतीय दृष्टि’’ विषयक कार्यशाला का आयोजन किया गया है। संगोष्ठी का उद्घाटन आज (16 नवम्बर 2017) प्रातः 11 बजे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला करेंगे। उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र के सदस्य सचिव, डॉ. सच्चिदानंद जोशी होंगे। विज्ञापन एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में दो दिवसों के आठ तकनीकी सत्रों में विषय-विशेषज्ञ विज्ञापन, जनसंपर्क, ई-कॉमर्स, डिजिटल संचार सहित मीडिया के विभिन्न विषयों पर विद्यार्थियों को सम्बोधित करेंगे। इस संगोष्ठी में भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग की इकाई, न्यूक्लियर पॉवर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, मुम्बई (एन.पी.सी.आई.एल.) के कॉरपोरेट कम्युनिकेशन के पदाधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। एन.पी.सी.आई.एल. के वरिष्ठ प्रबंधक, कॉरपोरेट कम्युनिकेशन के श्री अमृतेश श्रीवास्तव विद्यार्थियों को जनसंपर्क के नवीन आयामों के साथ भारत में न्यूक्लियर एनर्जी से जुड़ी संभावनाओं से अवगत कराएंगे। एन.पी.सी.आई.एल. के ही श्री उमेद यादव रेडिएशन एवं मीडिया जागरूकता विषय पर अपने विचार रखेंगे। एक अन्य तकनीकी सत्र में श्री प्रदीप कर्मबेलकर विद्यार्थियों को भारत में ई-कॉमर्स की संभावनाओं से अवगत कराएंगे। बी.एच.ई.एल., भोपाल के पूर्व महाप्रबंधक, श्री सी.के.सरदाना विद्यार्थियों को भारतीय जनसंपर्क की विभिन्न केस स्टडी से अवगत कराएंगे। संगोष्ठी के दूसरे दिन विज्ञापन विशेषज्ञ श्री दिवाकर शुक्ला विज्ञापनों में भारतीयता विषय पर अपने विचार रखेंगे। एक अन्य सत्र में पेटीएम के पदाधिकारी विद्यार्थियों को डिजिटल कम्युनिकेशन एवं ट्रांजेक्शन की गतिविधियों से अवगत कराएंगे। संगोष्ठी में विश्वविद्यालय के विज्ञापन एवं जनसंपर्क विभाग के समस्त शिक्षक एवं विद्यार्थी शामिल होंगे


सेंट्रल लाइब्रेरी में प्रधानमंत्री क्विज 108 टीमों ने लिया भाग

Our Correspondent :13 November 2017

युवाओं को आज़ादी के बाद के इतिहास से परिचित कराने के उद्देश्य से आज सेंट्रल लाइब्रेरी भोपाल में "प्रधानमंत्री क्विज" का आयोजन किया गया । सभी आयु वर्ग के लिए ओपन इस क्विज में कुल 216 लोगों ने भाग लिया । एक्सीलेंस कॉलेज के पूर्व छात्र अभिषेक दुबे इस क्विज के क्विज मास्टर थे । जबकि युवा सरपंच भक्ति शर्मा कार्यक्रम की मुख्य अतिथि थीं भारत के अब तक के सभी प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल की प्रमुख घटनाओं पर केन्द्रित इस क्विज में कुल चार राउंड आयोजित हुए । एक्सीलेंस कॉलेज के वासुदेव चौहान व एमवीएम कॉलेज के योगेश सिंघल की टीम ने सर्वाधिक अंक प्राप्त कर यह क्विज जीती । क्विज में दूसरा स्थान धीरेन्द्र दुबे व मनोज चक्रवर्ती को मिला । विजेताओं को 6000 रुपये के नगद पुरुसकार के साथ सम्मानित किया गया
क्विज में पूंछे गए प्रमुख प्रश्न इस प्रकार इस प्रकार हैं
1 मुहम्मद आली जिन्ना ने किस भारतीय को पाकिस्तान का पहला गवर्नर जनरल बनाने का प्रस्ताव किया था (उत्तर - भोपाल के नवाब हमीदुल्ला )
2 बेनजीर भुट्टो के दादाजी जिनके प्रयासों से जूनागढ़ का भारत में विलय हुआ था (उत्तर - शाहनवाज़ भुट्टो )
3- 1971 में भारत की सहता के लिए रूस ने एक समुद्री बेड़ा भारत भेजा था उसका नाम क्या था (उत्तर - 10 OBG)
4- CDOT के पहले अध्यक्ष कौन थे (उत्तर - सैम पित्रोदा)
5- 1966 में भारत सरकार ने रुपये का अवमूल्यन करके एक डॉलर के बदले रुपये की कीमत कितनी रख दी थी (उत्तर - 7 रुपये 57 पैसे )
6- किस स्कीम के तहत अमेरिका से खाने के लिए गेंहू आयात किया जाता था (उत्तर - PL-480)
कार्यक्रम में भक्ति शर्मा ने कहा
मैं अपने कॉलेज के दिनों से सेंट्रल लाइब्रेरी आती रही हूँ पर अब जब यहाँ आती हूँ तो यह देखकर डर लगता है कितने सारे लोग यहाँ आकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं आप भी जानते हैं कि हर व्यक्ति तो प्रतियोगी परीक्षा में सफल नहीं हो सकता । फिर भी आप में से ज़्यादातर लोग अपने लिए किसी वैकल्पिक करियर को तैयारा नहीं करते मेरी आप सबको सलाह है कि अपने लिए एक समय सीमा तय कर लीजिये , कि आप कब तक प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करना चाहते हैं ताकि आप समय रहते दूसरे करियर पर ध्यान दे सकें जिन लोगों को देश के शासन प्रशासन में रुचि है उन्हें पॉलिटिक्स को अपना करियर बनाना चाहिए । क्योंकि यहाँ आकर आप वो कर सकते हैं जो आईएएस बनकर भी कभी नहीं कर पाएंगे


विद्यार्थियों के वैज्ञानिक प्रयोगों को प्रोत्साहन देने 50 करोड़ का विशेष कोष बनेगा

Our Correspondent :10 November 2017

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि विद्यार्थियों द्वारा वैज्ञानिक प्रयोगों को प्रोत्साहित करने के लिये 50 करोड़ रूपये की राशि से विशेष कोष बनाया जायेगा। श्री चौहान ने आज यहां आर.सी.व्ही. पी नरोन्हा प्रशासन अकादमी में 44वीं जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय विज्ञान, गणित तथा पर्यावरण प्रदर्शनी 2017 का शुभारंभ करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि बाल वैज्ञानिक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों का आव्हान किया कि वे अपनी प्रतिभा को पहचानें और उसे कभी धूमिल नहीं होने दें। कभी भी निराश न हों। और आगे बढ़ने का जज्बा रखें। उन्होंने कहा कि भारत का अतीत गौरवशाली था और युवाओं के सहयोग से वर्तमान को भी गौरवशाली बनाया जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि 21वीं सदी युवाओं के भारत की सदी है। वे ही नये भारत का निर्माण करेंगे। प्रदर्शनी का आयोजन राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद नई दिल्ली एवं स्कूल शिक्षा विभाग मध्यप्रदेश द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। यह प्रदर्शनी 16 नवम्बर तक चलेगी। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी में भाग ले रहे विद्यार्थियों को संबोधित करते हुये कहा कि आज का आरामदेह जीवन और सभी सुख-सुविधायें वैज्ञानिकों की प्रतिभाओं का परिणाम है। उन्‍होंने कहा कि विज्ञान में जीवन की हर समस्या का समाधान है। मुख्यमंत्री ने बाल वैज्ञानिकों का आव्हान किया है कि वे मौलिक रूप से सोचने की आदत डालें, वैज्ञानिक आविष्कार करने में मदद देगी। उन्होंने मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना और वेंचर केपिटल फंड जैसे नवाचारी प्रयासों की चर्चा करते हुये कहा कि धन के अभाव में प्रतिभाओं को पीछे नहीं रहने देंगे। श्री चौहान ने कहा कि न्यूयार्क विश्वविद्यालय के सहयोग से प्रदेश मे इनक्यूबेशन केन्द्र की स्थापना की जा रही है। इसके माध्यम से नवाचारी विचारों और प्रयोगों को प्रोत्साहित किया जायेगा। स्कूल शिक्षा मंत्री कुंवर विजय शाह एवं स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री श्री दीपक जोशी ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। एन.सी.आर.टी.के संचालक श्री ऋषिकेश सेनापति ने विज्ञान, गणित और पर्यावरण प्रदर्शनी के आयोजन के इतिहास की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी विद्यार्थियों में अभिरूचि जागृत करने के लिये एन.सी.ई.आर.टी. द्वारा चलाये गये प्रकल्पों में से एक है। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी में रखे वैज्ञानिक प्रदर्शो का अवलोकन किया और विद्यार्थियों के वैज्ञानिक सोच की सराहना की। मुख्यमंत्री ने राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा प्रकाशित 'कोशिश' पुस्तक का विमोचन किया। इसमें बाल वैज्ञानिकों द्वारा बनाये गये वैज्ञानिक प्रादर्शों का संग्रहण किया गया। आयुक्त लोक शिक्षण श्री अजय गंगवाल ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किये। प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रशासन अकादमी की महानिदेशक श्रीमती कंचन जैन, राज्य शिक्षा केन्द्र के संचालक श्री लोकेश जाटव उपस्थित थे।
प्रदर्शनी परिदृश्य
एक सप्ताह तक चलने वाली यह प्रदर्शनी स्वास्थ्य, उद्योग, परिवहन एवं संचार, पर्यावरण विकास के लिये नवीनीकरण संसाधनों में नवाचार, कृषि उत्पादन एवं खाद्य सुरक्षा में नवाचार और दैनिक जीवन में गणित का उपयोग जैसे पांच विषयों पर आधारित है। इसमें सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के 143 विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। इसका उद्देश्य बच्चों में विज्ञान विषय में नवाचार को प्रचारित करना और विज्ञान, गणित एवं पर्यावरण के प्रति स्वाभाविक जिज्ञासा जाग्रत करना एवं रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना है।


फिल्म समालोचना कार्यशाला का आयोजन 18 नवम्बर को
Our Correspondent :9 November 2017

भोपाल, 09 नवम्बर, 2017। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय 18 नवम्बर, 2017 को एक दिवसीय फिल्म समालोचना कार्यशाला (Film Appreciation Workshop) का आयोजन कर रहा है। कार्यशाला में प्रख्यात कला निर्देशक श्री जयंत देशमुख सहित देश के जाने-माने दिग्गज प्रतिभागियों को सम्बोधित करेंगे। कार्यशाला में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के साथ ही सिनेमा जगत से जुड़े व्यक्ति, कलाकार तथा फिल्म पत्रकार प्रतिभागिता कर सकते हैं। कार्यशाला का पंजीयन शुल्क 100/- रुपये है। पंजीयन एवं शुल्क भुगतान ऑनलाइन किया जाएगा। फिल्म समालोचना कार्यशाला हेतु पंजीयन ऑनलाइन किया जा सकता है। ऑनलाइन पंजीयन करने हेतु मध्यप्रदेश सरकार के पोर्टल www.mponline.gov.in पर जाकर नागरिक सेवाओं का चयन कर माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय लिंक पर क्लिक करना होगा। यहां से कार्यशाला के लिए आवेदन फॉर्म भरकर 100/- रुपये ऑनलाइन आवेदन शुल्क जमा करना होगा। ऑनलाइन पंजीयन 15 नवम्बर, 2017 रात 12 बजे तक किया जा सकता है। ऑनलाइन आवेदन करने के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.mcu.ac.in पर भी लिंक उपलब्ध है। कार्यशाला के सम्बन्ध में अधिक जानकारी के लिए विश्वविद्यालय के विज्ञापन एवं जनसंपर्क विभाग में संपर्क किया जा सकता है। इस कार्यशाला में चार सत्र होंगे, जिनमें सिनेमा, निर्देशन, अभिनय, कहानी, पटकथा, संवाद, छायांकन, संपादन, संगीत और कला निर्देशन जैसे प्रमुख विषयों पर विशेषज्ञ प्रतिभागियों को जानकारी देंगे और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करेंगे।


प्रधानमंत्री क्विज सेंट्रल लाइब्रेरी में सबके लिए ओपन क्विज
Our Correspondent :9 November 2017

इस वर्ष भारत की आज़ादी की 70 वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है । आज़ादी के बाद भारत ने कई प्रधानमंत्रियों का शासनकाल देखा है । हर प्रधानमंत्री के साथ कोई कोई ना महत्वपूर्ण घटना जुड़ी हुई है । इन प्रधानमंत्रियों द्वारा समय समय पर लिए गए निर्णयों ने ही आज का भारत बनाया है । तो यदि वर्तमान भारत को समझना है तो आज़ादी के बाद के 70 सालों को विस्तार से समझना जरूरी है । युवाओं को आज़ादी के बाद के भारत से परिचित कराने के उद्देश्य से इस रविवार सेंट्रल लाइब्रेरी में एक ओपन क्विज का आयोजन किया जा रहा है । इस क्विज में भारत के विभिन्न प्रधानमंत्रियों के शासन काल की प्रमुख घटनाओं पर सवाल पूंछे जाएंगे । किसी भी आयु का कोई भी व्यक्ति इस क्विज में भाग ले सकता है । बस भाग लेने के लिए उसे एक और व्यक्ति के साथ मिलकर दो लोगों की टीम बनानी होगी । भाग लेने के लिए पहले से कोई रजिस्ट्रेशन करने की आवश्यकता नहीं है । जो भी व्यक्ति भाग लेना चाहता है वह 12 नवंबर को सुबह ठीक 9.30 बजे अपने टीम मेम्बर के साथ लाइब्रेरी पहुँचकर इस कार्यक्रम में भाग ले सकता है क्विज हिन्दी में होगी और क्विज के विजेता को 6000/- रुपये का नगद पुरुसकार दिया जाएगा । सामान्य ज्ञान के लोकप्रिय कोच अभिषेक दुबे इस क्विज के क्विज मास्टर होंगे
कार्यक्रम का विवरण इस प्रकार है :-
आयोजन का नाम - प्रधानमंत्री क्विज
दिनांक - 12 नवंबर 2017
समय - सुबह 10 बजे
स्थान - सेंट्रल लाइब्रेरी भोपाल
आयोजक - सिविल सर्विसेज क्लब
क्विज आधारित होगी - आज़ादी के बाद के इतिहास पर
क्विज मास्टर होंगे - अभिषेक दुबे
क्विज में पुरुसकार मिलेंगे - 6000/- रुपये नगद

क्विज में भाग लेने के लिए
- 12 नवंबर को दो लोगों की टीम बनाकर सुबह 9.30 बजे सेंट्रल लाइब्रेरी पहुँचें


पीआर प्रोफेशनल डॉ. संजय को मिला पत्रकारिता में गोल्ड मेडल
Our Correspondent :8 November 2017

जयपुर, 8 नवम्बर। राजस्थान यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर मास कम्युनिकेशन द्वारा संचालित पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर डिग्री (एमजेएमसी) में सर्वाधिक अंकों को अर्जित करने पर पीआर और मीडिया प्रोफेशनल डॉ. संजय मिश्रा को गोल्ड मेडल प्रदान किया गया। आज यूनिवर्सिटी के कन्वोकेशन सेंटर में आयोजित 28 वें दीक्षांत समारोह में उन्हें ये पदक उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने प्रदान किया। गौरतलब है कि पब्लिक रिलेशन्स सोसाइटी ऑफ़ इंडिया के राजस्थान चैप्टर के सं. सचिव डॉ. मिश्रा को ये पदक 2003 के एमजेएमसी डिग्री के प्रथम बैच को टॉप करने पर प्रदान किया गया। अपनी इस सफलता का श्रेय उन्होंने अपने माता-पिता और शिक्षक प्रोफेसर भानावत को देते हुए कहा कि इस पदक को पाकर उन्हें गौरव की अनुभूति हो रही है। डॉ. मिश्रा को राजस्थान सरकार की ओर से 1998 में उपभोक्ता संरक्षण और सामाजिक सरोकारों में अनुकरणीय कार्यों के लिए राज्य स्तरीय युवा पुरस्कार भी प्रदान किया जा चुका है।


शेप साउथ एशिया समिट 2017 का भोपाल में समापन प्रतिभाशाली युवाओं को गाँधी पीस अवार्ड से किया सम्मानित
Our Correspondent :5 November 2017

भोपाल 5 नवंबर : युवा अपने छोटे छोटे स्टार्ट अप से रोजगार ही नहीं औरो को भी काम दे सकते हैं | | यह बात रविवार को लोकप्रिय सोशल मीडिया साइट विटीफीड के सीओओ परवीन सिंघल ने कही | उन्होंने विटीफीड की शुरुआत को भी रोचक अंदाज में लोगों को सुनाया | कार्यक्रम के अगले चरण में ग्लोबल शेपर्स भोपाल के फाउंडर क्यूरेटर अभिषेक मोहन गुप्ता ने कहा "इस वर्ष समिट में चतुर्थ औद्योगिक क्रांति और तकनीक से विश्व भर में नयी संभावनाएं और चुनौतियों पर चर्चा की गई | समिट में तैयार होने वाले बिंदुओं से एशिया में पब्लिक व प्राइवेट सेक्टर्स में वर्तमान और भविष्य में नवाचार लाने की दिशा में सहायता मिलेगी | इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में “चतुर्थ औद्योगिक क्रांति और तकनीक से विश्व भर में नयी संभावनाएं और चुनौतियों” की थीम पर आधारित शेप साउथ एशिया 2017 (SSA 2017) का आयोजन भोपाल में 3 से 5 नवंबर 2017 तक किया गया | तीन दिनों तक चले इस कार्यक्रम में 7 देशों के 20 हब्स के लगभग 1000 डेलीगेट्स शामिल हुए| कार्यक्रम के अंतिम दिन के कार्यक्रमों में विशेष रूप से गाँधी पीस अवार्ड देना महत्वपूर्ण रहा| इन अवार्ड्स को समाज में विशिष्ट योगदान दे रहे युवाओं को दिया गया | अन्य देशो से भोपाल आये डेलीगेट्स हेरिटेज वॉक, बोट रेस एवं जंगल सफारी में भी शामिल हुए | डेवलपमेंट लीडर्स, बिज़नेस प्रोफेशनल्स, पब्लिक व प्राइवेट सेक्टर पार्टनर्स, सिविल सोसाइटी, डिप्लोमेट्स सहित अनेक प्रख्यात स्पीकर्स अपने विचार रखते हुए चतुर्थ औद्योगिक क्रांति और तकनीक द्वारा मानव विकास पर पड़ने वाले प्रभाव पर चर्चा की गई | 4 एवं 5 नवंबर को पैनल डिसकशंस की श्रंखला के साथ मैजिक एंड लॉजिक और अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी विशिष्ट वर्कशॉप्स का भी आयोजन हुआ | शेप साउथ एशिया (SSA 2017) ग्लोबल शेपर्स कम्युनिटी का वार्षिक कार्यक्रम है जहाँ भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका , नेपाल, भूटान व अफगानिस्तान इस क्षेत्रीय साउथ एशियन प्लेटफार्म पर अपने स्थानीय विषयों पर चर्चा करने के लिए एक साथ आते हैं |


मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना का विस्तार अब अशासकीय महाविद्यालयों में भी
Our Correspondent :3 November 2017

मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना का विस्तार अब अशासकीय महाविद्यालयों में भी किया जायेगा। पहले यह योजना शासकीय महाविद्यालयों के लिये लागू थी। यह निर्णय आज यहाँ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा की गई योजना की समीक्षा में लिया गया। वर्तमान में यह योजना प्रदेश के 450 शासकीय महाविद्यालयों में क्रियान्वित की जा रही है। अब इसमें 800 अशासकीय महाविद्यालय भी शामिल होंगे। बैठक में मुख्य सचिव श्री बी.पी.सिंह भी उपस्थित थे। अब प्रदेश में अशासकीय महाविद्यालयों में संचालित स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को भी जिनके कक्षा 12वीं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक हैं योजना का लाभ दिया जायेगा। योजना से इस वर्ष ऐसे 9 हजार प्रतिभाशाली विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि इस निर्णय का लाभ प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को इसी सत्र से दिया जाये। मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना हर प्रतिभाशाली विद्यार्थी के सपनों को पूरा करने की महत्वाकांक्षी योजना है। योजना के तहत ऐसे पाठ्यक्रमों को प्रोत्साहित करें जिसमें रोजगार की गारंटी हो। योजना में बीते दो सालों में 12वीं की परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को पात्र माना गया है। इस तरह के कोई विद्यार्थी योजना का लाभ लेने से वंचित नहीं रहे। योजना के तहत वितरण की कार्रवाई समय-सीमा में पूरी की जाये। योजना की हर माह समीक्षा की जायेगी। बताया गया कि योजना में अब तक महाविद्यालयों में प्रवेश लेने वाले 26 हजार प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जा चुका है। योजना में इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम के 1,092, मेडिकल पाठ्यक्रम के 697, लॉ पाठ्यक्रम के 60 तथा अखिल भारतीय स्तरीय संस्थानों में प्रवेश लेने वाले 40 विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। बैठक में अपर मुख्य सचिव वित्त श्री ए.पी.श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा श्री संजय बंदोपाध्याय, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य श्रीमती गौरी सिंह, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री एस.के. मिश्रा, आयुक्त उच्च शिक्षा श्री नीरज मंडलोई, मुख्यमंत्री के सचिव श्री विवेक अग्रवाल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।


डॉ. संगीता शुक्ला जीवाजी विश्वविद्यालय की कुलपति नियुक्त
Our Correspondent :26 October 2017

कुलाधिपति एवं राज्यपाल श्री ओम प्रकाश कोहली ने डॉ. संगीता शुक्ला कुलपति जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर को उनका वर्तमान कुलपति पद का कार्यकाल समाप्त होने के पश्चात कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से चार वर्ष की कालावधि के लिए पुन: जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर का कुलपति नियुक्त किया है।


aaम.प्र. निजी विवि विनियामक आयोग के स्थापना दिवस कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री श्री पवैया


25 October 2017

च्च शिक्षा मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया ने कहा है कि निजी विश्वविद्यालयों का बहु-आयामी दायित्व होता है। निजी विश्वविद्यालयों को प्रतिस्पर्धा के इस युग में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देना होगा। साथ ही, कुछ गाँव अथवा बस्तियों को गोद लेकर वहाँ रोजगार के अवसर प्रदान करने होंगे। श्री पवैया आज मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के 9वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर 'शिक्षा की गुणवत्ता में मानक संस्थाओं की भूमिका एवं दायित्व'' विषय पर परिचर्चा भी आयोजित की गई। श्री पवैया ने कहा कि कई संस्थानों के बच्चे शैक्षणिक प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ अन्य रचनात्मक गतिविधियों में शामिल होने से ही उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करते हैं। इससे बच्चों के ललाट पर व्यक्तित्व विकास भी झलकता है और वे आत्म-विश्वास से ओत-प्रोत होते हैं। उन्होंने कहा कि आबादी की दृष्टि से निजी विश्वविद्यालयों की अभी भी आवश्यकता है। मध्यप्रदेश को ऐसे प्रतिष्ठित संस्थानों की जरूरत है, जो अच्छा काम करें। अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री बी.आर. नायडू ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता के साथ विस्तार की आवश्यकता है। कार्यशाला के जरिये जो सुझाव प्राप्त होंगे, उसे अमल में लाने का प्रयास किया जाएगा। जागरण लेक सिटी के कुलपति डॉ. अनूप स्वरूप ने कहा कि प्रदेश में 70 प्रतिशत बच्चे निजी विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय में पढ़ रहे हैं। मध्यप्रदेश आने वाले समय में एजुकेशनल हब बन सकता है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. अखिलेश कुमार पाण्डेय ने आयोग की गतिविधियों के बारे में बताया। इस मौके पर आयोग के सदस्य डॉ. स्वराज पुरी भी मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन सुश्री अंजलि दुबे और श्री संदीप दुबे ने किया। कार्यक्रम की शुरूआत में माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलन कर सरस्वती वंदना और वंदे-मातरम् का गायन हुआ। पुष्प-गुच्छ और शॉल-श्रीफल से अतिथियों का सम्मान किया गया। अंत में स्मृति-चिन्ह भी दिए गये।


जम्मू-कश्मीर की वास्तविक तस्वीर सामने लाने की आवश्यकता
Our Correspondent :26 October 2017

भोपाल, 26 अक्टूबर। जम्मू-कश्मीर के संबंध में जब विचार किया जाता है तब आतंकवाद, अलगाववाद, उपद्रव से घिरे राज्य की तस्वीर सामने आती है। जबकि यह जम्मू-कश्मीर की वास्तविक तस्वीर नहीं है। पिछले 6-7 दशक में भारत के तथाकथित बुद्धिजीवियों ने जम्मू-कश्मीर के संबंध में अनेक भ्रम उत्पन्न किए हैं। उन भ्रमों के कारण ही जम्मू-कश्मीर के संबंध में ठीक जानकारी लोगों को नहीं है। समय की आवश्यकता है कि भ्रमों को हटा कर जम्मू-कश्मीर की वास्तविक तस्वीर को सामने लेकर आया जाए। यह विचार बाल संरक्षण आयोग, मध्यप्रदेश के अध्यक्ष डॉ. राघवेन्द्र शर्मा ने व्यक्त किए। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय और जम्मू-कश्मीर अध्ययन केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में 26 अक्टूबर को 'जम्मू-कश्मीर विलय दिवस' के अवसर पर आयोजित विशेष व्याख्यान में डॉ. शर्मा मुख्य वक्ता थे। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर ज्ञान की भूमि रही है। जम्मू-कश्मीर राज्य शैव दर्शन का केंद्र था। ज्ञान की पूर्णता के लिए जम्मू-कश्मीर जाना आवश्यक होता था। आक्रांताओं ने भारत पर शासन करने के लिए ज्ञान के प्रवाह को अवरुद्ध करना आवश्यक समझा और इसके लिए जम्मू-कश्मीर को अपना निशाना बनाया। उन्होंने बताया कि दुनिया में अपना प्रभुत्व कायम करने के लिए चीन की नजर जम्मू-कश्मीर के ही हिस्से गिलगित-बाल्टिस्तान पर है। यह हिस्सा राजनीतिक, सामरिक और व्यापारिक महत्त्व का है। इसलिए हम कह सकते हैं कि भारत के लिए अपनी इस भूमि का बहुत महत्त्व है। भारत को दुनिया का सिरमौर बनाने में देश के मुकुट जम्मू-कश्मीर का बड़ा योगदान होगा। डॉ. शर्मा ने बताया कि आज देश में धारा-370 पर बात करना राजनीति समझा जाता है। यह कैसी विडम्बना है कि संविधान के एक कानून पर बात करना राजनीतिक मामला हो गया है। तथाकथित बुद्धिजीवियों और राजनीतिक दलों ने यह भ्रम उत्पन्न किया है। जम्मू-कश्मीर के संबंध में फैले इस प्रकार के भ्रम दूर करने के लिए धारा-370 एवं अनुच्छेद-35 ए की जानकारी समाज में पहुँचाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के कुलाधिसचिव लाजपत आहूजा ने जम्मू-कश्मीर के विलय की प्रक्रिया पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि महाराजा हरि सिंह ने उसी विलय पत्र पर हस्ताक्षर कर जम्मू-कश्मीर का विलय भारत में किया, जिस प्रपत्र पर बाकी के राज्यों ने हस्ताक्षर किए थे। इसलिए जम्मू-कश्मीर के विलय और शेष राज्यों के विलय की प्रक्रिया में कोई अंतर नहीं है। उन्होंने बताया कि अंग्रेज भारत को आजाद करके नहीं, अपितु 550 से अधिक रियासतों में बाँट कर गए थे। सरदार पटेल ने इस देश को एक किया था, जिसमें उनके सहयोगी वीपी मेनन की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम का संचालन जम्मू-कश्मीर अध्ययन केंद्र के डॉ. विश्वास चौहान ने किया और विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. संजय द्विवेदी ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी एवं विद्यार्थियों के साथ नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


एम.सी.यू. के विद्यार्थियों का दल इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल -2017 में भाग लेगा Our Correspondent :10 October 2017

भोपाल, अक्टूबर 10| माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का दल चेन्नई में 13 से 16 अक्टूबर को आयोजित इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल-2017 में भाग लेगा| इस दल में विश्वविद्यालय के संचार शोध विभाग के एम. फिल. के विद्यार्थी आकांशा माहेश्वरी, स्वेता रानी, दीक्षिता अरोरा, व्योमकेश पाण्डेय, ललितांक जैन और साक्षी द्विवेदी शामिल हैं, जो फेस्टिवल के दौरान मास मीडिया पर होने वाली राउंड टेबल मीट में भाग लेंगे| यह मीट दो दिनों तक चलेगी, जिसमें देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, रिसर्च एंड डेवलपमेंट लैबोरेट्रीज, मीडिया उद्योग और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से जुड़े विशेषज्ञ भाग लेंगे| यह मीट विज्ञान संचार फोरम पर केन्द्रित रहेगी, जिसमें विज्ञान की उपलब्धियों, नीतियों और योजनाओं के प्रचार प्रसार और उनके बारे में जन जागरूकता बढ़ाने के तौर-तरीकों पर भी विमर्श होगा| विज्ञान भारती, तमिलनाडु राज्य सरकार, केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और अन्ना यूनिवर्सिटी, चेन्नई द्वारा यह फेस्टिवल आयोजित किया जा रहा है|


मीठीबाई कॉलेज के 'क्षितिज' टीम द्वारा ग्रीन एंड क्लीन इंडिया के तहत मैराथन
Our Correspondent :2 October 2017

मुंबई। मीठीबाई कॉलेज के वार्षिक फेस्टिवल 'क्षितिज' का भव्य और विशाल आयोजन एसवीकेएम के तहत ७ दिसम्बर से १० दिसम्बर २०१७ को मीठीबाई कॉलेज,विलेपार्ले (वेस्ट), मुंबई में किया गया है। यह फेस्टिवल का ११ वां वर्ष है।जिसके तहत विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक और सामाजिक कार्य 'क्षितिज' टीम द्वारा किया जाता है।जिसके तहत हाल में कैंसर के खिलाफ बहादुर लड़ाई लड़ने वालों की आशा के लिए प्रेरित करने के प्रयास में मीठीबाई कॉलेज ने लाइफ विंस फाउंडेशन के साथ में मिलकर टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल,परेल में कैंसर के रोगियों के लिए एक इंटरैक्टिव प्रोग्राम का आयोजन किया था,जोकि काफी सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। अब 'क्षितिज' टीम द्वारा ग्रीन एंड क्लीन इंडिया के तहत एक ७ किलोमीटर के मैराथन का आयोजन जुहू में १० दिसंबर २०१७ को किया गया है।जिसका रजिस्ट्रेशन ७ अक्टूबर से शुरू होगा।जिसकी अधिक जानकारी के लिए ९७७३९९७१५७ पर सम्पर्क किया जा सकता है। मिथिबाई के प्रिंसिपल डॉ.राजपाल श्रीपाद हंडे ने कहा,"एक सामाजिक कार्यों की भावना पैदा करना और टीम की भावना को बढ़ावा देना वास्तव में मीठीबाई के फेस्टिवल 'क्षितिज' का मुख्य मकसद है। मैं सभी विद्यार्थिओं को भविष्य की योजनाओं के लिए उन्हें शुभकामनाएं देता हूं।"


विद्यार्थियों टीमें द्वारा बनाई गई गो कार्ट्स हिस्सा ले रही हैं। इन टीमों में भोपाल की 4 तथा मध्यप्रदेश की 16 टीमें भाग ले रही हैं।
Our Correspondent :2 October 2017

भोपाल। राधारमण ग्रुप ऑफ इन्स्टीट्यूट्स परिसर में चल रही नेशनल गो कार्ट चैम्पियनशिप का ग्राण्ड फिनाले मंगलवार को आरपीएम रेसिंग ट्रेक पर होगा जहां देशभर के युवा इंजीनियरिंग विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई गो कार्ट्स रेस में प्रथम आने के लिए अपना दमखम दिखाएंगी। इस चैम्पियनशिप में देश के विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों की 150 टीमें हिस्सा ले रही हैं। इन टीमों में भोपाल की 4 तथा मध्यप्रदेश की 16 टीमें भाग ले रही हैं। प्रतियोगिता में आज डिजाइन इवाल्युशन, बिजनेस प्लान, ब्रेक टेस्ट, एक्सीलरेशन टेस्ट, स्किड टेस्ट, ऑटोक्रॉस और ट्रेक्शन टेस्ट जैसे महत्वपूर्ण राउण्ड पूरे किये गए। इन राउण्ड्स को सफलतापूर्वक पार करने वाली सभी गो कार्ट मंगलवार सुबह आरपीएम रेसिंग ट्रेक पर चैम्पियनशिप के लिए दौड़ लगाएंगी। इस चैम्पियनशिप में विभिन्न कैटेगरी के 10 विजेताओं का चयन किया जाएगा जिन्हें शाम 7 बजे राधारमण परिसर में आयोजित किये जा रहे पुरस्कार वितरण समारोह में पुरस्कृत किया जायेगा। राधारमण समूह के चेयरमेन आर आर सक्सेना ने अंतिम रूप से चयनित टीमों को फिनाले में अपना अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन करने तथा प्रतियोगिता के दौरान सुरक्षा नियमों के पालन की सलाह दी है।


दो दिवसीय कार्यशाला ‘सक्षम’ का आयोजन
Our Correspondent :28 September 2017

भोपाल, सितम्बर 28। अध्यापकों को नई टेक्नोलॉजी से अवगत कराने के उद्देश्य से माइक्रोसॉफ्ट कारपोरेशन द्वारा माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में दो दिवसीय कार्यशाला 'सक्षम' आयोजित की गई। नवीन मीडिया विभाग ने इस कार्यशाला को आयोजित किया। देश में उच्च शिक्षा संस्थानों के अन्दर और परस्पर जुड़ाव और ज्ञान नेटवर्क के निर्माण के संयुक्त उद्देश्य के साथ मानव संसाधन मंत्रालय के शिक्षा के राष्ट्रीय मिशन को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से माइक्रोसॉफ्ट ने 'सक्षम' कार्यक्रम की शुरुआत की है। माइक्रोसॉफ्ट के क्षेत्रीय प्रबंधक किशोर गर्ग और विभागाध्यक्ष डॉ. पी. शशिकला ने कार्यशाला का शुभारम्भ किया। श्री गर्ग ने संवादात्मक शिक्षण और सीखने की विधियों, माइक्रोसॉफ्ट अज्युर, ऑफिस 365, वर्ड-2016, पॉवर पॉइंट 2016, यामेर और वेब एप्प्स के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत कराया। सभी प्रतिभागियों ने कंप्यूटर पर सभी सॉफ्टवेर पर प्रायोगिक रूप से काम भी किया। कार्यशाला के दूसरे दिन थीसिस में नक़ल को जांचने वाले सॉफ्टवेयर के बारे में जानकारी दी गई। पॉवर पॉइंट, ऑफिस मिक्स, क्लाउड पर आधारित कंप्यूटर टूल्स 'स्वे' और एक्सेल-2016 पर वीडियो ट्युटोरियल के माध्यम से जानकारी भी दी गई। माइक्रोसॉफ्ट प्रोग्राम मैनेजर (सक्षम) अतानु सुर ने 'इमेजिन अकादमी' के बारे में जानकारी दी, जिसके माध्यम से शिक्षण और सीखने को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। कार्यशाला में 30 प्रतिभागियों ने भाग किया। उन्होंने सूचना तकनीक एवं सॉफ्ट स्किल्स ट्रेनिंग सत्र में थ्योरी और प्रैक्टिकल किये। इसके साथ ही सभी प्रतिभागियों ने समूह चर्चा में भाग लिया। प्रतिभागियों ने पढ़ाने और सीखने में तकनीक के उपयोग पर महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। विश्वविद्यालय के कुलाधिसचिव लाजपत आहूजा ने समापन वक्तव्य दिया। कुलसचिव प्रो. संजय द्विवेदी, निदेशक, सम्बद्ध अध्ययन संस्थान दीपक शर्मा, डीन अकादमिक डॉ. पवित्र श्रीवास्तव, प्रो. अविनाश वाजपेयी, डॉ मोनिका वर्मा, डॉ. राजेश पाठक समापन समारोह में उपस्थित थे। कार्यशाला की नोडल ऑफिसर प्रो. पी. शशिकला ने कार्यशाला की रिपोर्ट प्रस्तुत की और आभार व्यक्त किया।


शोध के कारण ही विकासवादी युग आया: श्री शर्मा
Our Correspondent :27 September 2017

भोपाल, 27 सितम्बर| शोध का हमारे जीवन में व्यापक प्रभाव होता है| पूर्व में हुए शोध के कारण ही समाज में परिवर्तन होता है| वास्तव में शोध के कारण ही विकासवादी युग आया है| यह बात माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय की सम्बद्ध अध्ययन संस्थान के निदेशक श्री दीपक शर्मा ने संचार शोध विभाग द्वारा आयोजित तीन-दिवसीय रिसर्च सिम्पोजियम-2017 के समापन सत्र में विद्यार्थियों और शोधार्थियों को संबोधित करते हुए कही| उन्होंने कहा कि शोध के लिए 'एटीट्युट' होना आवश्यक है| मात्र प्रक्रिया जानने से ही रिसर्च नहीं होता| शोधार्थी समाज में उत्प्रेरक का काम करता है| वह समाज में परिवर्तन लाता है और दूसरों को भी प्रोत्साहित करता है| इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. संजय द्विवेदी ने कहा कि एक शोधार्थी के मन में हमेशा जिज्ञासा होना चाहिए| बच्चे प्राकृतिक रूप से शोधार्थी होते है, वे बार-बार सवाल पूछते है| लेकिन जैसे-जैसे हम बड़े होते है, हमारी जिज्ञासा का स्तर कम होता जाता है| समापन सत्र का संचालन और आभार प्रदर्शन संचार शोध विभाग की अध्यक्ष एवम रिसर्च सिम्पोजियम की संयोजक डॉ. मोनिका वर्मा ने किया| अंत में विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किये गए|
तकनीक सत्रों में हुए विशेष व्याख्यान :
इसके पूर्व सत्र में एनआईटीटीटीआर,भोपाल के प्रो. प्रभाकर सिंह ने मीडिया में प्रायोगिक रिसर्च पर व्याख्यान दिया| उन्होंने बताया कि प्रायोगिक शोध में निदर्शन, ट्रीटमेंट और रिसर्च डिजाईन का बहुत ज्यादा महत्व है| मीडिया में प्रायोगिक शोध बहुत कम होती है| उन्होंने प्रायोगिक शोध के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तृत रूप से बताया| द्वितीय सत्र में सामाजिक विकास परिषद् के पूर्व शोध निर्देशक डॉ. बी. एस. नागी ने शोध में सांख्यिकीय उपकरणों के प्रयोग और उनसे प्राप्त परिणाम का विश्लेषण में उपयोग पर व्याख्यान दिया| रिसर्च सिम्पोजियम में संचार शोध विभाग, विज्ञापन एवम जनसंपर्क और पत्रकारिता विभाग के विद्यार्थियों ने भाग लिया| तीन दिनों के दौरान जनजातीय शोध संस्कृति, सरकार की योजनाओं के निर्माण और मूल्यांकन में शोध का उपयोग और महत्व, और अन्य विषयों पर विद्यार्थियों ने जानकारी प्राप्त की|


शोधार्थी को सूचना खोजी होना चाहिए : डॉ. नागी
Our Correspondent :27 September 2017

भोपाल २६ सितम्बर| शोधार्थी को शोध के दौरान स्थानीय परिवेश, भाषा का ध्यान रखना चाहिये, ताकि वह उत्तरदाता से सही और सटीक जानकारी प्राप्त कर सके| उसे सूचना खोजी होना चाहिए| शोध की प्रश्नावली को स्थानीय भाषा में तैयार कर उसका पूर्व परीक्षण अवश्य करना चाहिए| यह बात सामाजिक विकास परिषद् के पूर्व शोध निदेशक डॉ. बी. एस. नागी ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के संचार शोध विभाग में चल रहे तीन-दिवसीय रिसर्च सिम्पोजियम-2017 के दूसरे दिन विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को संबोधित करते हुए कही| डॉ नागी ने रिसर्च के लिए उपकरण निर्माण, कोडिंग और कोड बुक में बरती जाने वाली सावधानियां को विस्तृत रूप से बताया| इसके पूर्व द्वितीय सत्र में राज्य योजना आयोग के डिप्टी टीम लीडर डॉ. योगेश माहौर ने सरकार की योजनायों के निर्माण में शोध के महत्व को रेखांकित किया| उन्होंने बताया कि पिछले ३ वर्षो के दौरान किस तरह से सरकार की नीतियों और योजनाएँ बनाने में शोध किया जा रहा है| योजनायों के मूल्यांकन में भी शोध बहुत मददगार होता है| इसके माध्यम से योजनायों को और अधिक जन्नोमुखी और लाभकारी बनाया जा सकता है| इस सत्र की अध्यक्षता पत्रकारिता विभाग की अध्यक्ष डॉ. राखी तिवारी ने की| मंच पर संचार शोध विभाग की अध्यक्ष डॉ. मोनिका वर्मा भी उपस्थित थी| सत्रों का संचालन स्वेता रानी और क्षितिज जायसवाल ने किया|


राधारमण में होगी नेशनल गो कार्ट चैम्पियनशिप
26 September 2017

भोपाल। राधारमण ग्रुप ऑफ इन्स्टीट्यूट्स परिसर में देश के 150 इंजीनियरिंग कॉलेजों के ऑटोमोबाइल इंजीनियरों द्वारा विकसित की गई गो कार्ट्स का जमावड़ा लगेगा। ये गो कार्ट्स राधारमण समूह की रातीबड़ परिसर में 29 सितम्बर से आयोजित होने जा रही चौथी नेशनल गो कार्ट चैम्पियनशिप में अपना दमखम दिखाएंगी। स्पीड, रोमांच और युवा इंजीनियरों के इनोवेशन से भरी इस पांच दिवसीय रेस का आयोजन वर्चूलिस मोटरस्पोर्ट्स, इन्दौर द्वारा किया जा रहा है। रेस में भाग ले रही गो कार्ट्स को टेक्नीकल इन्स्पेक्शन, डिजाइन इवाल्यूशन, डायनामिक टेस्ट, बिजनेस प्लान तथा एंड्योरेंस टेस्ट आदि से गुजारा जाएगा। विजेताओं को आयोजक संस्था द्वारा 20 लाख रूपए तक के नकद पुरस्कार प्रदान किये जाएंगे। राधारमण समूह के चेयरमेन आर आर सक्सेना ने कहा कि गो कार्ट चैम्पियनशिप ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिकल व इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की शिक्षा ले रहे विद्यार्थियों को उनकी कल्पनाशीलता, तकनीकी ज्ञान तथा कुछ हटकर करने की इच्छा को आजमाने का अवसर प्रदान करेगी।


भ्रम, प्रमाद और लोभ से दूर रहें : स्वामी रामनरेशाचार्य
Our Correspondent :21 September 2017

भोपाल, 21 सितंबर। 'मीडिया और उसका धर्म' विषय पर जगद्गुरु रामानंदाचार्य पद प्रतिष्ठित स्वामी श्री रामनरेशाचार्य ने अपने व्याख्यान में कहा कि वेदों में चार प्रकार के दोष बताए गए हैं, भ्रम (विपरीत ज्ञान), प्रमाद (आलस्य), इंद्रियों में दोष और लोभ। पत्रकारिता अपना धर्म अच्छे से तभी निभा सकती है, जब पत्रकार इन चार दोषों से दूर रहें। पत्रकार और नेताओं को सभी विषयों के साथ दर्शन भी पढ़ाया जाना चाहिए। इस अवसर पर डॉ. देवेन्द्र दीपक की पुस्तक 'गौ-उवाच' का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित किया गया। स्वामी श्री रामनेशाचार्य ने कहा कि गाय पशु मात्र नहीं है, वह भारतीय संस्कृति की धुरी है। गाय को लेकर अनेक लौकिक व्याख्यान दिए जा रहे हैं, उसके आर्थिक पक्ष को उजागर किया जा रहा है, लेकिन इससे गौ-पालन नहीं होगा। उन्होंने गौ-मांस खाने का विरोध करते हुए कहा कि गौ-मांस खाने से राक्षसी प्रवृत्ति बढ़ती है। हजारों वर्षों की भारतीय परंपरा गाय के महत्त्व की गवाह है। समाज में पहले लोगों ने गाय छोड़ी और उसके बाद माता-पिता को वृद्धाश्रम में भेजा जा रहा है। इसके बावजूद भी आज माता-पिता और गाय का सम्मान भारत में है, उतना सम्मान पूरी दुनिया में नहीं है। यह पूरी तरह खत्म न हो, इसके लिए हमें सचेत होना होगा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलाधिसचिव लाजपत आहूजा ने कहा कि जहाँ दुनिया में समाचार-पत्र सिकुड़ रहे हैं, वहीं भारत में समाचार-पत्रों की संख्या बढ़ रही है। मीडिया में बदलाव का दौर है। उसकी दिशा और दशा पर चिंतन आवश्यक है। इस अवसर पर पुस्तक के लेखक एवं साहित्य अकादमी की निराला सृजनपीठ के अध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र दीपक ने कहा कि कवि गाय और समाज के बीच खड़ा है। उसका प्रयास गाय को लेकर समाज की सरस्वती को जगाना है। यह कविताएं आज के जन और तंत्र दोनों से सीधा संवाद करती हैं। गौ-उवाच में गाय पर केंद्रित तीस कविताएं शामिल हैं। डॉ. दीपक की पुस्तक का प्रकाशन इंद्रा पब्लिशिंग ने किया है। इस अवसर पर पुस्तक की समीक्षा वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. प्रेम भारती, डॉ. कृष्ण गोपाल मिश्र, लक्ष्मीनारायण पयोधि, डॉ. विनय राजाराम, डॉ. मयंक चतुर्वेदी, डॉ. उदय प्रताप और घनश्याम मैथिल ने प्रस्तुत की। प्रकाशक मनीष गुप्ता ने स्वागत भाषण दिया। श्रीमती ऊषा मेहता ने स्वामीजी को स्मृति चिह्न भेंट किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. साधना बलवटे ने किया।


राधारमण ग्रुप में देश जानी मानी संतूर वादिका श्रुति अधिकारी के संतूर ने किया मंत्रमुग्ध
Our Correspondent :18 September 2017

भोपाल। संतूर को साधने के लिए बहुत रियाज, संगीत की दृष्टि, कठिन मेहनत और सबसे बड़ी बात गुरू के आशीर्वाद की जरूरत होती है। यह मेरे गुरू का ही आशीर्वाद है कि मैं इस अत्यंत कठिन माने जाने वाले इस वाद्य को सीख सकी। यह कहना था भोपाल में पली बढ़ीं देश की पहली व प्रख्यात संतूर वादिका श्रुति अधिकारी का। वे आज राधारमण ग्रुप ऑफ इन्स्टीट्यूट परिसर के सेमीनार हाल में संतूर वादन हेतु आईं थीं। संगीत और संस्कृति के क्षेत्र में कार्यरत संस्था स्पिक मैके के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने कश्मीर के इस अनूठे म्यूजिक इन्स्ट्रूमेंट - संतूर - के जरिए विभिन्न रागों पर आधारित अपनी शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुतियों से श्रोताओं का दिल जीत लिया। उनकी प्रस्तुतियों में उनकी कठिन सुर साधना से निखर के आईं स्वर लहरियों को श्रोताओं की प्रशंसा के रूप में भरपूर तालियां मिलीं। कार्यक्रम में समूह के सभी महाविद्यालयों के विद्यार्थी, फैकल्टी मेम्बर्स तथा डायरेक्टर मौजूद थे इस अवसर पर राधारमण ग्रुप ऑफ इन्स्टीट्यूट्स के चेयरमेन आर आर सक्सेना ने कहा कि संगीत मनुष्य के दिलो दिमाग को बदलने की ताकत रखता है। हमारी सृष्टि की शुरूआत भी ओम् के नाद के साथ हुई थी। अच्छा संगीत मन को शांत और एकाग्रचित होने में मदद करता है जिसका उपयोग विद्यार्थी अपनी पढ़ाई और व्यक्तित्व को बेहतर बनाने में कर सकते हैं। इस अवसर पर श्री सक्सेना ने सुश्री श्रुति को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया।


जब तक मजबूरी न हो, देवनागरी में ही लिखें भाषा संस्कृति की वाहक : डॉ. नरेन्द्र कोहली
Our Correspondent :13 September 2017

भोपाल, 13 सितंबर। प्रख्यात साहित्यकार डॉ. नरेन्द्र कोहली ने कहा कि मातृभाषा हिंदी के प्रति हीनता का भाव होने के कारण हम प्राचीन ज्ञान विरासत से अलग हो गए, भारतीयता से विमुख हो गए। हमें अपनी भाषा को सम्मान देना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को संकल्प दिलाया कि जब तक कोई मजबूरी न हो, तब तक देवनागरी लिपि में ही हिंदी लिखें और अपनी भाषा को विकृत न होने दें। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में हिंदी दिवस प्रसंग पर विशेष व्याख्यान में डॉ. कोहली ने हिंदी भाषा के प्रति भारतीयों के व्यवहार को लेकर चिंता जताई। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला ने की। हिंदी साहित्य के प्रख्यात उपन्यासकार डॉ. कोहली ने कहा कि तुर्क, अरबी और अफगानी हमलावरों ने भारत में सबसे पहले संस्कृत पाठशालाएं बंद कीं और फिर तक्षशिला एवं नालंदा जैसे विश्वविद्यालयों के पुस्तकालयों को जलाकर भोजन पकाया। पुस्तकों के नष्ट होने से हमारा ज्ञान राख में मिल गया। सोच-विचार कर हमारे ज्ञान और भाषा को समाप्त करने के लिए किया गया था। संस्कृत भाषा हमसे छीन ली गई, जिसके कारण संस्कृत में रचा गया ज्ञान-विज्ञान भी हमसे छिन गया। उन्होंने कहा कि संस्कृत में रचा गया साहित्य और ज्ञान हमारे सामने नहीं है। हमें यह तो पढ़ाया जाता है कि शून्य का आविष्कार आर्यभट्ट ने किया, लेकिन हमारे पाठ्यक्रम में आर्यभट्ट के गणित को नहीं पढ़ाया जाता, क्योंकि वह संस्कृत में है।
270 वर्ष में दो प्रतिशत सीख पाए अंग्रेजी :
डॉ. कोहली ने कहा कि अंग्रेजों के 200 वर्ष के शासनकाल और स्वतंत्रता के बाद 70 वर्षों में हमें अंग्रेजी पढ़ाई गई। इसके बावजूद भारत में दो प्रतिशत से अधिक लोग अंग्रेजी नहीं जानते। हमने यह मान लिया है कि भारत में कुछ है ही नहीं या फिर जो कुछ है, वह निम्न कोटि का है। इस मानसिकता के कारण हम अपनी भाषा से ही नहीं, वरन भारतीयता से भी विमुख हो गए। जब कमाल पाशा ने सत्ता संभाली तो उसने सबसे पहले तुर्की भाषा को अनिवार्य किया। माओ त्से तुंग ने चीन में चीनी भाषा को लागू किया और इसी तरह इजरायल ने लगभग समाप्त हो चुकी अपनी भाषा हिब्रू को जीवित किया। उन्होंने कहा कि हम सभी प्रकार के पत्र हिंदी में ही लिखें, इसके लिए सरकारी आदेश की प्रतीक्षा क्यों करें? आज दुनिया में हिंदी भाषा-भाषियों की संख्या करोड़ों में है, लेकिन यह लोग अपनी भाषा में लिखते-पढ़ते नहीं है। जब हम हिंदी में लिखेंगे-पढ़ेंगे नहीं, तब वह समृद्ध कैसे होगी? उन्होंने कहा कि हमें संकल्प करना चाहिए कि अपनी भाषा से प्रेम करेंगे, सम्मान करेंगे और उसे विकृत नहीं होने देंगे। उन्होंने हिंदी के संदर्भ में विद्यार्थियों की जिज्ञासा का समाधान किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा प्रायोगिक तौर पर प्रकाशित समाचार पत्र 'पहल' के हिंदी दिवस विशेषांक का भी विमोचन किया गया।
श्रेष्ठ भाषा का चुनाव करें :
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला ने कहा कि यदि हम हिंदी का वैभव लाने का संकल्प लें, तब धीरे-धीरे पत्रकारिता भी बदल जाएगी। हमें शुद्ध हिंदी का प्रयोग करना चाहिए। उसे संवारना और समृद्ध करना चाहिए। नये शब्द गढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनसंचार माध्यमों को समाज का अनुकरण नहीं, बल्कि नेतृत्व करना चाहिए। भाषा और विचार के क्षेत्र में भी जनसंचार माध्यमों को समाज को दिशा देनी चाहिए। हम श्रेष्ठता को चुनते हैं। इसलिए बोलचाल के नाम पर हिंदी को बिगड़े नहीं, बल्कि शुद्ध हिंदी शब्दों का उपयोग करें। दुनिया में सबसे अधिक श्रेष्ठ भाषा संस्कृत हैं और उसके निकट है हिंदी। प्रो. कुठियाला ने कहा कि जनमानस यदि तय कर ले कि हिंदी को बढ़ाना है, तब राजनीति स्वत: उसका अनुकरण करेगी। उन्होंने कहा कि देश हित में अंग्रेजी और अंग्रेजियत से छुटकारा पाना है, उसके लिए हिंदी और हिंदीपन को लाना होगा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव दीपक शर्मा, समस्त शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।


सेंट्रल लाइब्रेरी में "हिन्दी उत्सव -2017"
Our Correspondent :13 September 2017

युवाओं में हिन्दी की समझ को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शासकीय मौलाना आज़ाद केन्द्रीय पुस्तकालय भोपाल आगामी शुक्रवार और शनिवार को दो दिवसीय हिन्दी उत्सव का आयोजन करने का जा रहा है । इस उत्सव में शहर के सही लोगों के लिए ओपन तीन प्रतियोगिताओं का आयोजन किता जाएगा । इन प्रतियोगिताओं में बाग लेने के लिए कोई भी व्यक्ति लाइब्रेरी आ सकता है ।
कार्यक्रम का विवरण
आयोजन का नाम - हिन्दी उत्सव -2017
दिनांक - 15 एवं 16 सितंबर 2017
स्थान - सेंट्रल लाइब्रेरी भोपाल
तीन ओपन प्रतियोगिताएं
हिन्दी निबंध प्रतियोगिता
दिनांक - 15 सितंबर (शुक्रवार )
समय - सुबह 10 बजे
पुरुसकार - 6000/ - रुपये नगद
भाग लेने के लिए - सुबह 9.30 बजे लाइब्रेरी पहुँचें
हिन्दी क्विज़
दिनांक - 15 सितंबर 2017 (शुक्रवार )
समय - सुबह 11.30 बजे
पुरुस्कार - 6000/- रुपये नगद
भाग लेने के लिए - दो लोगों की टीम बनाकर सुबह 11 बजे तक सेंट्रल लाइब्रेरी पहुँचें
तात्कालिक भाषण
दिनांक - 16 सितंबर 2017 (शनिवार )
समय - सुबह 11 बजे
कितने लोग भाग ले सकते हैं - केवल 20
पुरुस्कार - 6000/- रुपये नगद
भाग लेने के लिए - सुबह 10 बजे लाइब्रेरी पहुँचकर सबसे पहले अपना नाम नोट करा दें
कुल नगद पुरुस्कार - रुपये 18000/-


राजधानी में प्रारंभ होगा मीडिया उद्यमिता केन्द्र
Our Correspondent :11 September 2017

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के अंतर्गत राजधानी में एक मीडिया उद्यमिता केन्द्र की स्थापना की जाएगी। यह केन्द्र नीति आयोग की पहल के अनुरूप कार्य करेगा। मीडिया में उद्यमशीलता के प्रशिक्षण, मीडिया प्रबंधन और एक से अधिक माध्यमों में दक्षता के उद्देश्य से इस केन्द्र को महत्वपूर्ण माना गया है। जनसंपर्क मंत्री और विश्वविद्यालय की प्रबंध उप समिति के अध्यक्ष डॉ. नरोत्तम मिश्र की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में प्रबंध उप समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में केन्द्र की उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा करते हुए केन्द्र प्रारंभ करने का अनुमोदन किया गया। बैठक में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बृजकिशोर कुठियाला, कुलाधिसचिव श्री लाजपत आहूजा, संचालक जनसंपर्क श्री अनिल माथुर उपस्थित थे। बैठक में बताया गया कि देश में अपनी तरह के इस प्रथम केन्द्र में मीडिया के वर्तमान परिदृश्य के अनुसार प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी। विश्वविद्यालय की विद्या परिषद द्वारा भी बीते माह इस केन्द्र को प्रारंभ करने का अनुमोदन दिया जा चुका है। केन्द्र के लिए विशेषज्ञों और सहयोगियों संस्थाओं के चुने जाने की कार्यवाही शीघ्र की जाएगी। आज की बैठक में सोशल मीडिया के क्षेत्र में गहन शोध की जरूरत को देखते हुए विश्वविद्यालय के अंतर्गत एक शोध केन्द्र स्थापित करने पर भी चर्चा हुई। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश की प्रत्येक तहसील में विश्वविद्यालय से सम्बद्ध केन्द्र संचालित किया जाएगा, जो विभिन्न पाठ्यक्रम से विद्यार्थियों को जोड़ेगा। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा देने के संबंध में भी निर्णय लिया गया। बैठक में विश्वविद्यालय के रीवा परिसर के निर्माण, नई अध्ययन संस्थाओं को विश्वविद्यालय से प्रदान की गई सम्बद्धता और अनुमोदन से संबंधित चर्चा हुई।


मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना में मेडिकल के लिए 276 और इंजीनियरिंग के लिए 1298 आवेदन
Our Correspondent :7 September 2017

मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना में कुल 24179 आवेदन प्राप्त हुए है। मेडिकल कोर्स के लिए 276, इंजीनियरिंग के लिए 1298, विधि के लिए 45, एसपीए और आईआईएम इंदौर में संचालित पाठ्यक्रमों के लिए 31, पॉलीटेक्निक कोर्स के लिए 125 और प्रदेश में संचालित स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए 22 हजार 404 आवेदन प्राप्त हुए हैं। तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दीपक जोशी ने बताया है कि विभिन्न संस्थाओं द्वारा अभी तक 11608 आवेदनों का सत्यापन किया जा चुका है। इनकी फीस की स्वीकृति की कार्यवाही जारी है। इसी के साथ, 1216 विद्यार्थियों के प्रकरण स्वीकृत किये जा चुके है। योजना में माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित 12वीं की परीक्षा में 75 प्रतिशत और सी.बी.एस.ई. और आई.सी.एस.ई. की परीक्षा में 85 प्रतिशत या उससे अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है। विद्यार्थी के पालक की वार्षिक आय 6 लाख रूपये से कम होना अनिवार्य है।


यूजीसी की कमेटी के अध्यक्ष बने प्रो. बृज किशोर कुठियाला
Our Correspondent :27 Aug 2017

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने हाल में गठित एक समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह समिति दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा देने के लिए विचार करेगी। प्रो. कुठियाला की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय समिति आईआईएमसी को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा देने के प्रस्ताव का अध्ययन करेगी और उसके बाद यूजीसी को अपनी अनुशंसा सौंपेगी। उल्लेखनीय है कि माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला को अप्रैल, 2017 में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक ने अपने 16वें दीक्षांत समारोह में डी.लिट की उपाधि से सम्मानित किया है। कुलपति प्रो. कुठियाला को यूजीसी की समिति का अध्यक्ष नियुक्त किये जाने पर विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं अधिकारियों ने प्रसन्नता जाहिर की है।


विश्वविद्यालय को राजनीति का अड्डा बना रहे हैं वामपंथी
Our Correspondent :24 Aug 2017

भोपाल। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय की पहचान देश-दुनिया में एक प्रतिष्ठित संस्थान के रूप में है। देश के विभिन्न राज्यों के विद्यार्थी पत्रकारिता एवं संचार की पढ़ाई के लिए यहाँ आते हैं। विश्वविद्यालय को अनेक प्रतिष्ठित पत्रकार, संपादक एवं संचारक दिए हैं। किंतु, कुछ लोग अपनी राजनीतिक महत्त्वाकांक्षा एवं वैचारिक स्वार्थ पूर्ति के लिए विश्वविद्यालय को बदनाम करने का प्रयास समय-समय पर करते हैं। पिछले दो-तीन दिन से कुछ बाहरी तत्वों ने अपने मीडिया संपर्कों का उपयोग कर विश्वविद्यालय की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया है। विश्वविद्यालय के नये परिसर में 'गौशाला' प्रस्तावित है। हम सब विद्यार्थी गौशाला खोलने के निर्णय का स्वागत करते हैं। हम मानते हैं कि गौशाला से हमारी पढ़ाई पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। जो लोग गौशाला का विरोध कर रहे हैं, उनकी सक्रियता राजनीतिक दलों में है। वामपंथी विचारधारा से पोषित और वामपंथी पार्टियों के कार्यकर्ता इस गैर-जरूरी मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं। कुछ वामपंथी पत्रकार इस मुद्दे पर भ्रामक रिपोर्टिंग कर उसे विवादित बनाने का प्रयास कर रहे हैं। जैसा कि वामपंथियों की नीति-रीति है कि शैक्षणिक संस्थाओं को राजनीति और वैचारिक संघर्ष का अड्डा बना देते हैं। वैसा ही कुछ प्रयास एमसीयू जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के साथ करने का षड्यंत्र किया जा रहा है। हम सब विद्यार्थी इस बात से आहत हैं कि हमारे विश्वविद्यालय को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। हम नहीं चाहते कि यह विश्वविद्यालय समाज, संस्कृति और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों का अड्डा बने। संस्थान की प्रतिष्ठा विद्यार्थियों की प्रतिष्ठा है। विश्वविद्यालय की छवि धूमिल होने से हम सब विद्यार्थियों के भविष्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। इसलिए हम सब विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला एवं विश्वविद्यालय प्रशासन से माँग की है कि भ्रामक, झूठी और तथ्यहीन बातों के माध्यम से सोशल मीडिया एवं जनसंचार माध्यमों के जरिये विश्वविद्यालय की छवि को ख़राब करने वाले लोगों को कानूनी नोटिस भेजने की कार्रवाई की जाए। गौशाला के समर्थन में विश्वविद्यालय के लगभग 200 विद्यार्थियों ने कुलपति को सौंपे गए ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये हैं। विद्यार्थियों के हित में विश्वविद्यालय के नये परिसर में अत्याधुनिक सुविधा से युक्त 8 विभागीय और एक केंद्रीय स्टूडियो स्थापित हो रहा है। इसी तरह 8 विभागीय पुस्तकालय और एक समृद्ध केंद्रीय पुस्तकालय भी स्थापित किया जा रहा है। विद्यार्थियों के हित में अन्य जरूरी सुविधाएं जैसे- चिकित्सालय, बैंक, पोस्ट ऑफिस, मेडिटेशन एवं योग केंद्र, कैंटीन सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।


राष्ट्रीय-स्तर के संस्थान में प्रवेश के लिये 800 अजा विद्यार्थियों को कोचिंग होगी उपलब्ध
Our Correspondent :24 Aug 2017

प्रदेश में अनुसूचित-जाति के प्रतिभावान विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की तकनीकी, चिकित्सा, विधि महाविद्यालयों में प्रवेश सुनिश्चित करवाने और राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) की प्रवेश परीक्षा में उनकी सफलता सुनिश्चित करने के लिये कोचिंग उपलब्ध कराने की योजना इस वर्ष से शुरू की जा रही है। इसमें प्रदेश के 4 महानगरों भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में प्रतिवर्ष 800 विद्यार्थियों को प्रवेश परीक्षाओं की कोचिंग उपलब्ध करवायी जायेगी।
मुख्यमंत्री स्व-रोजगार और आर्थिक कल्याण योजना के जरिये 11 हजार से ज्यादा लाभान्वित अनुसूचित-जाति कल्याण विभाग के माध्यम से मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना में वर्ष 2016-17 में 7 हजार से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। योजना में अधिकतम 10 लाख रुपये का ऋण तथा अधिकतम 2 लाख रुपये की अनुदान राशि का प्रावधान है। इस वित्तीय वर्ष में 7 हजार हितग्राहियों को विभिन्न व्यवसायों की स्थापना के लिये 70 करोड़ की सहायता राशि उपलब्ध करवायी जायेगी। मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना में पिछले वर्ष नवीन उद्यमों की स्थापना के लिये 4106 अनुसूचित-जाति के हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। इसके लिये 5 करोड़ 47 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवायी गयी। इस वर्ष भी 4 हजार हितग्राहियों को 8 करोड़ की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवायी जायेगी। मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन प्रशिक्षण योजना में 5135 अनुसूचित-जाति के युवाओं को प्रशिक्षित कर 3115 युवाओं को विभिन्न उद्योगों में रोजगार और 182 युवाओं को स्व-रोजगार उपलब्ध करवाया गया।
सावित्री बाई फुले एसएचजी योजना में 152 समूह लाभान्वित अनुसूचित-जाति की महिलाओं के स्व-सहायता समूहों को व्यवसायों में स्थापित करने के लिये सावित्री बाई फुले स्व-सहायता समूह योजना में 152 समूह को लाभान्वित किया गया। इन समूहों के 1028 हितग्राहियों को 3 करोड़ 18 लाख का ऋण और 128 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया। अनुसूचित-जाति वर्ग के विद्यार्थियों को शैक्षणिक एवं आवासीय सुविधा उपलब्ध करवाने के लिये 1945 छात्रावास संचालित किये जा रहे हैं। इसके जरिये 97 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा का लाभ प्राप्त हो रहा है।
छात्रावास भवनों की नई डिजाइन निर्धारित छात्रावास भवनों की नई डिजाइन निर्धारित की गयी है। अब छात्रावास के हर कमरे में 8 से 10 विद्यार्थियों के स्थान पर 2 से 3 विद्यार्थियों को रखा जायेगा। प्रत्येक छात्रावास में वाटर फिल्टर, टी.व्ही., कम्प्यूटर, इंटरनेट सुविधा, डायनिंग टेबल, स्टडी टेबल, फिक्स फर्नीचर की सुविधा उपलब्ध करवायी जायेगी। इस वर्ष ऐसे 55 नये छात्रावास भवनों का निर्माण किया जायेगा। संभागीय मुख्यालयों में संचालित ज्ञानोदय विद्यालयों में 360 सीट के छात्रावास भवन, 21 अतिरिक्त क्लास-रूम और 7 स्पोर्टस कॉम्पलेक्स का निर्माण किया जायेगा। विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति का लाभ प्राप्त करते हुए वर्तमान में 15 अनुसूचित-जाति के विद्यार्थी विदेशों में अध्ययनरत हैं।


विद्यार्थियों ने बनाईं पर्यावरण-अनुकूल गणेश प्रतिमाएं
Our Correspondent :21 Aug 2017

भोपाल, 20 अगस्त। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के नवीन मीडिया विभाग की ओर से 'मिट्टी के गणेश निर्माण कार्यशाला' का आयोजन किया गया। कार्यशाला में पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाली सामाजिक संस्था 'नर्मदा समग्र' से जुड़े नवीन बोडख़े ने विद्यार्थियों को मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाने का प्रशिक्षण दिया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि पीओपी से बनने वाली गणेश प्रतिमाएं पर्यावरण को नुकसान पहुँचाती हैं। पर्यावरण बचाने के लिए गणेश उत्सव के दौरान मिट्टी की प्रतिमाओं का पूजन करना चाहिए। मिट्टी से बनी प्रतिमाएं ईको-फ्रेंडली (पर्यावरण-अनुकूल) होती हैं। मिट्टी से मूर्ति बनाना बहुत आसान है। प्रशिक्षण के बाद हर कोई अपने घर पर ही प्रतिमा बना सकता है। नवीन मीडिया विभाग के विद्यार्थियों ने कार्यशाला में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और भगवान गणेश की सुंदर प्रतिमाओं का निर्माण किया। इस अवसर पर प्रशिक्षक नवीन बोडख़े ने कहा कि प्रतिमाओं के निर्माण में उपयोग किए जाने वाले रंग एवं अन्य वस्तुएं भी पर्यावरण के अनुकूल होनी चाहिए। कार्यशाला का उद्घाटन नवीन मीडिया विभाग की अध्यक्ष डॉ. पी. शशिकला ने किया।
प्रतिमाओं को सजाएंगे आज : कार्यशाला में जिन विद्यार्थियों ने मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं बनाई हैं, वे सोमवार को उनको रंगों से सजाएंगे। प्रतिमाओं पर किया जाने वाला रंग भी पर्यावरण के अनुकूल होगा। इसके बाद कलात्मक एवं मोहक गणेश प्रतिमाओं के विक्रय एवं प्रदर्शन के लिए विद्यार्थी स्टॉल भी लगाएंगे।


पढ़ाई के खर्च की चिंता हुई अब दूर : योजना में चयनित विद्यार्थी
Our Correspondent :20 Aug 2017

मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के प्रमाण-पत्र वितरण समारोह में विभिन्न जिलों से आये विद्यार्थियों ने कहा कि 'हमारी पढ़ाई के खर्च की चिंता दूर हो गयी है। हमारे माता-पिता को अब पढ़ाई के लिये जरूरी पैसों की व्यवस्था के लिये भटकना नहीं पड़ेगा।' सोचा भी नहीं था कि बिना पैसों के बनेंगे डॉक्टर जिला खरगोन के श्री पवन मंडलोई का प्रवेश नीट के माध्यम से श्री अरविंदो इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस इंदौर में हुआ है। इनके पिताजी का निधन जब वे कक्षा दस में थे तभी हो गया था। उन्होंने बताया कि सपने में भी नहीं सोचा था कि इस हालत में वे डॉक्टर बन पायेंगे। सरकार ने हमारी फीस भरने की जिम्मेदारी लेकर हम जैसे अनेक मध्यमवर्गीय एवं गरीब परिवार से आने वाले बच्चों पर बहुत बड़ा उपकार किया है। इसे जिंदगीभर याद रखेंगे। भविष्य हुआ सुरक्षित जिला भोपाल की कुमारी शुभांगी बागरे ने बताया कि हमारे पापा श्री राधेश्याम बागरे की छोटी सी दुकान है। मुख्यमंत्री ने यह योजना लागू कर हमारी और हमारे पापा की चिंता दूर कर दी है। अब हमें भविष्य की चिंता नहीं है। हम बेहतर शिक्षा प्राप्त कर अपना भविष्य सँवार सकेंगे। अब इसमें हमारी आर्थिक स्थिति बाधा नहीं बनेगी। कुमारी बागरे ने स्कूल ऑफ प्लानिंग एण्ड आर्किटेक्चर, भोपाल में प्रवेश लिया है। इसकी सालाना फीस एक लाख पचास हजार रूपये है। यह फीस अब पूरे पाँच साल सरकार देगी। इतना तो कोई मामा नहीं करता जिला इंदौर की कुमारी अनुज्ञा मुकाती ने भावुक होते हुए कहा कि इतना तो अपने भांजों के लिये मामा नहीं करते हैं, जितना कि मुँहबोले मामा मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने किया है। मामा की कथनी और करनी में अंतर नहीं है। कुमारी मुकाती का प्रवेश क्लेट के माध्यम से एनएलआईयू, भोपाल में हुआ है। इनके पापा पत्रकार हैं। अब गरीब बच्चा भी ले सकेगा उच्च शिक्षा जिला राजगढ़ के श्री दीपक कुमार ने कहा कि अब गरीबी शिक्षा में आड़े नहीं आयेगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने हम गरीबों की पीड़ा को समझा और यह योजना लागू कर हमें ऐसी सौगात दी है कि अब हम उच्च शिक्षा से वंचित नहीं रहेंगे। कुछ इसी तरह के विचार आईआईटी इंदौर में प्रवेश ले चुके सिवनी जिले के छात्र श्री श्रेयांस ठाकुर, ग्वालियर के श्री शांतनु शर्मा, जबलपुर के श्री केशव राठौर और इंदौर के श्री जुबिन नागपाल ने भी व्यक्त किये। मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के प्रमाण-पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह ने एमबीबीएस के लिए चयनित रीवा की कुमारी जसमिन पटेल, इन्दौर के श्री स्वप्निल कुन्हारे, इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश लेने वाली इन्दौर की कुमारी आस्था डोंगरे, बैतूल की कुमारी किरण जपाटे, आईआईएम इंदौर में प्रवेश लेने वाली बुरहानपुर की कुमारी मानसी संजय तरकस और उच्च शिक्षा में प्रवेश लेने वाले भोपाल के श्री दीपक कुमार, बैतूल की कुमारी मोनिका सोनी और भोपाल की कुमारी आकृति मेहरा को भी प्रमाण-पत्र प्रदान किये।


एक योजना ने बदला हजारों का जीवन
Our Correspondent :20 Aug 2017

प्रदेश के गरीब प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा का सपना मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की मेधावी विद्यार्थी योजना ने साकार कर दिया है। इस महत्वाकांक्षी योजना से देश-प्रदेश के शिक्षण संस्थाओं में 32,185 छात्र-छात्राओं को प्रवेश मिल गया है। अब वे धन के अभाव की चिंता से मुक्त होकर मेहनत से उच्च शिक्षा के अपने सपनों को पूरा कर सकेंगे। योजना में मध्यप्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों द्वारा देश के कई प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों जैसे आई.आई.टी. मुम्बई, दिल्ली, कानपुर, इन्दौर, बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी और दिल्ली विश्वविद्यालय सहित देश के 18 आई.आई.टी., 14 एन.आई.टी., 10 राष्ट्रीय विधि संस्थान (नेशनल लॉ इन्स्टीट्यूट), 14 आई.आई.टी. संस्थान एवं 14 अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में 250 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों द्वारा प्रवेश लेकर इस योजना का लाभ लिया जा रहा है। उल्लेखनीय है विगत वर्षों में उच्च शिक्षा के लिये पात्र विद्यार्थियों के उत्तीर्ण होने का औसत प्रतिशत 46 रहा है। इनमें से 27 प्रतिशत ड्राप आउट हो जाते हैं। इनमें अधिकांश विद्यार्थी धनाभाव के कारण उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में प्रवेश नहीं ले पाते थे। मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रदेश के सभी मेधावी विद्यार्थियों को उनकी विशेष योग्यता और प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिये वर्ष 2017 से मुख्यमंत्री मेधावी योजना प्रारंभ की गयी है। यह योजना मध्यप्रदेश के मूल निवासी मेधावी विद्यार्थियों के लिये है, जिनके पालकों की वार्षिक आय 6 लाख रूपये तक है। उन्होंने 12वीं की माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षा में 75 प्रतिशत अथवा सी.बी.एस.सी./आई.सी.एस.ई की परीक्षा में 85 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किये हैं। योजना सभी इंजीनियरिंग, मेडिकल, डेंटल, आयुर्वेदिक, विधि एवं अन्य समस्त स्नातक स्तर के पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले मेधावी विद्यार्थियों के लिये लागू की गयी है, जिन्होंने मध्यप्रदेश एवं भारत सरकार के उच्च संस्थानों में प्रवेश लिया है। योजना के प्रथम चरण में हमारे प्रदेश के 150 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों ने प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कालेजों में प्रवेश लिया है। इसी तरह प्रदेश के इंजीनियरिंग कालेजों के 762 विद्यार्थी, पोलिटेक्निक महाविद्यालयों के 83 विद्यार्थी एवं उच्च शिक्षा के महाविद्यालयों के 20 हजार से अधिक विद्यार्थी इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं। नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट में 20 से अधिक विद्यार्थियों ने प्रवेश ले लिया है। आई.आई.एम. इन्दौर एवं स्कूल ऑफ प्लानिंग एवं आर्किटेक्चर जैसे राष्ट्रीय संस्थानों में 17 से अधिक विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है।


मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना प्रमाण-पत्र वितरण
Our Correspondent :20 Aug 2017

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह ने युवाओं का आव्हान किया है कि प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ और भारत को विश्व गुरु बनाने के लिये आगे आयें। समाज सेवा के लिए संकल्पित हो। सरकार युवाओं की प्रतिभा को कुंठित नहीं होने देगी, उनके सपनों को साकार करने में हरसंभव सहयोग करेगी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद श्री अमित शाह ने कहा है कि नये भारत का निर्माण युवाओं की जिम्मेदारी है। युवाओं को अवसर देने का कार्य सरकार पूरी जवाबदारी से कर रही है। वे आज यहाँ मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के लाभान्वितों को प्रमाण पत्र वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। विद्यार्थी कल्याण कोष बनेगा कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रतिभाओं को पंख देने का संकल्प आज पूरा हो रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों में प्रतिभा, क्षमता और योग्यता होने बावजूद आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वे उच्च शिक्षा हासिल नहीं कर पाते थे। इन बच्चों के सपनों को पूरा करने के लिये मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना शुरू की गई है। इसका लाभ लेकर बच्चे अनंत आकाश में उड़ान भरें और अपने परिवार, प्रदेश व देश का नाम रोशन करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक स्थिति से कमजोर विद्यार्थियों की मदद के लिये विद्यार्थी कल्याण कोष बनाया जायेगा। इस कोष में मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना का लाभ लेने वाले जो विद्यार्थी रोजगार से लग जाते हैं, वे मदद करेंगे। इसी तरह जिनका मेडिकल कॉलेज में प्रवेश हो जाता है वे पढ़ाई पूरी करने के बाद तीन वर्ष तक ग्रामीण क्षेत्रों में सेवायें देंगे। इनके साथ ही इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर ईमानदारी से कार्य करने का संकल्प भी मुख्यमंत्री ने दिलवाया। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का मान, सम्मान और स्वाभिमान पूरी दुनिया में बढ़ा है। उनका सम्मान सभी भारतीयों का सम्मान है। उन्होंने पॉलिसी पैरालिसिस की स्थिति खत्म की। उन्होंने युवाओं की बेहतरी के लिये अनेक कदम उठाये हैं। इससे भारत गौरवशाली बन रहा है। उन्होंने कहा कि श्री मोदी के नेतृत्व में भारत भौतिकता की अग्नि में दग्ध विश्व को शाश्वत शांति के पथ का दिग्दर्शन करवाने में विश्व गुरु की भूमिका में आ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिये युवाओं के जीवन को बेहतर बनाना है। इसके लिये मध्यप्रदेश सरकार ने बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें, साईकिल एवं गणवेश उपलब्ध करवाये जा रहे हैं। साथ ही कमजोर वर्गों के साथ-साथ सामान्य वर्ग के निर्धन विद्यार्थियों को भी छात्रवृत्ति मुहैया करवायी जा रही है। छात्राओं को गाँव की बेटी एवं प्रतिभा किरण योजना का लाभ तथा बारहवीं में 85 प्रतिशत अंक लाने वाले विद्यार्थियों को लेपटॉप और कालेज में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को स्मार्ट फोन उपलब्ध करवाये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि केवल सरकारी नौकरी ही रोजगार का रास्ता नहीं है। स्व-रोजगार में मदद देने के लिये प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई स्किल इंडिया, स्टार्टअप, स्टैंडअप इंडिया एवं मध्यप्रदेश शासन की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री युवा स्व-रोजगार और कांट्रेक्टर योजना का लाभ लेकर युवा दूसरों को रोजगार देने के काबिल बन रहे हैं। प्रदेश सरकार कौशल उन्नयन में सहयोग के लिये अभूतपूर्व कार्य कर रही है। सिंगापुर के सहयोग से ग्लोबल स्किल पार्क का विकास किया जा रहा है, जिसमें एक साथ दस हजार युवाओं को प्रशिक्षण मिलेगा। आई.टी.आई. का उन्यनयन किया जा रहा है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के लिये पौधे लगाने, नशा मुक्त समाज बनाने एवं बेटा-बेटी को समान मानने का संकल्प भी दिलाया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री श्री मोदी के सपनों को साकार किया जायेगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जॉब सीकर को जॉब क्रिएटर बनाया सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह ने कहा कि न्यू इंडिया के निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विभिन्न नवाचारी योजनाओं के द्वारा युवाओं को नये विचारों को क्रियान्वित और नई संभावनाओं को तलाशने का अवसर दिया है। उन्होंने युवाओं से कहा कि सरकार से विकास का मंच, उन्हें मिला है, उन्हें भी गरीबों की सेवा के लिये संकल्पित होना चाहिए। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने युवाओं के विकास से देश प्रदेश का विकास होगा, इस अवधारणा के साथ युवाओं के सपनों को साकार करने में सहयोग किया है। डिजिटल इंडिया, मुद्राबैंक, स्टार्टअप, स्टैंडअप और स्किल इंडिया जैसे कार्यक्रम ने युवाओं को जॉब सीकर से जॉब क्रिएटर बनाया है। उनकी सरकार ने पिछले तीन साल में विकास की गति बदलने का कार्य किया है। पूर्व सरकार के कार्यकाल में जो अर्थव्यवस्था लकवाग्रस्त थी उसे आज दुनिया की सबसे तेज प्रगति करने वाली अर्थव्यवस्था का सम्मान मिल रहा है। दुनियाभर में हो रही प्रदेश के विकास की चर्चा श्री शाह ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की मदद सरकार का दायित्व है। आर्थिक अभाव में प्रतिभाओं के कुंठन से समाज में अन्याय का भाव पनपता है। सामाजिक न्याय के प्रयासों में मेधावी विद्यार्थी योजना में बहुत बड़ी संभावना दिख रही हैं। योजना से लाभान्वित होने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के जीवन में एक नई शुरूआत हुई है, जो उन्हें नई ऊँचाई पर ले जायेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान जैसा संवेदनशील व्यक्तित्व ही इस तरह की पहल कर सकता है। उनके नेतृत्व में मध्यप्रदेश के विकास की दुनियाभर में चर्चा हो रही है। उन्होंने सर्वांगीण विकास पर विचार करने, योजना निर्माण करने और बेहतर क्रियान्वयन कर, उनका लाभ अंतिम छोर तक पहुँचाया है। बीमारु राज्य कहा जाने वाला मध्यप्रदेश आज देश के सर्वश्रेष्ठ राज्यों की सूची में शामिल है। स्वागत उदबोधन में तकनीकी शिक्षा राज्यमंत्री श्री दीपक जोशी ने कहा कि प्रदेश सरकार सबको शिक्षा के लक्ष्य प्राप्ति के प्रयास कर रही है। उन्होंने गरीब कल्याण वर्ष का उल्लेख करते हुए योजना को इस दिशा में उठाया गया प्रभावी कदम बताया और योजना की संक्षिप्त जानकारी दी। आभार प्रदर्शन प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा श्री संजय बंदोपाध्याय ने किया। विद्यार्थियों में दिखी नई उम्मीदें और उत्साह कार्यक्रम में बड़ी संख्या में योजना के लाभान्वित विद्यार्थी उपस्थित थे। उत्साह और नई उम्मीदें उनके चेहरे पर साफ दिखाई दे रही थी। उनके जयकारे और तालियों के गड़गड़ाहट से पूरा पंडाल अनेक बार गुंजायमान हुआ। भारत माता के जयकारे में उनकी जोश भरी आवाज ने अतिथियों को भी प्रभावित किया। प्रतीक स्वरूप योजना प्रमाण पत्रों का वितरण नीट में चयनित रीवा की जास्मीन पटेल, खरगोन के पवन मंडलोई, जे.ई.ई. मेन में चयनित सिवनी के श्रेयस ठाकुर, ग्वालियर के शांतनु शर्मा, जबलपुर के केशव राठौर, इन्दौर के जूबिन नागपाल, क्लेट में चयनित इन्दौर की अनुज्ञा मुक्ति, इंजीनियरिंग शिक्षा में चयनित बैतूल की किरन जपाटे, आर्किटेक्चर शिक्षा में चयनित भोपाल की शुभांगी बागरे, आई.आई.एम. में चयनित बुरहानपुर की मानसी संजय तरकस, बी.एस.सी. में चयनित भोपाल के दीपक कुमार, बी.कॉम. में चयनित बैतूल की मोनिका सोनी, बी.कॉम आनर्स में चयनित भोपाल की आकृति मेहरा को अतिथियों द्वारा वितरित किये गये। अतिथियों का स्वागत पुस्तक भेंटकर किया गया। इस अवसर पर भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सांसद श्री नंदकुमार सिंह चौहान, उच्च शिक्षा मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया, कृषि मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री विजय शाह, पंचायत एवं ग्रामीण मंत्री श्री गोपाल भार्गव, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस, लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह, सहकारिता राज्य मंत्री श्री विश्वास सारंग, सांसद श्री आलोक संजर, महापौर श्री आलोक शर्मा, विधायक सर्वश्री सुरेन्द्र नाथ सिंह, विष्णु खत्री एवं अन्य जनप्रतिनिधि तथा मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारीगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ मौजूद थे।


डॉ. वर्मा बरकतउल्ला विश्‍वविद्यालय, भोपाल के कुलपति नियुक्त
Our Correspondent :11 Aug 2017

कुलाधिपति और राज्यपाल श्री ओम प्रकाश कोहली ने डॉ. प्रमोद कुमार वर्मा प्राध्यापक, एप्लाईड जिओलाजी, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन को तत्काल प्रभाव से बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल के कुलपति के पद पर नियुक्त किया है। डॉ. वर्मा की नियुक्ति आगामी आदेश तक की गई है।


विज्ञान भी है हमारे तीर्थ स्थलों में - प्रो. कुठियाला
Our Correspondent :2 Aug 2017

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला ने कहा कि हमारे तीर्थ स्थल विश्वास और परम्परा के केंद्र मात्र नहीं हैं, उनमें विज्ञान भी है जो जो आज कहीं लुप्तक हो गया है। अमरनाथ यात्रा के दौरान विश्वास के साथ एक समर्पण का भाव था| मन में भाव था कि जो होता जायेगा, वह करते जाएंगे। यह बात प्रो कुठियाला ने अमरनाथ यात्रा से लौटने के बाद आज विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित 'अमृत प्रसंग' कार्यक्रम में कही। अपनी धार्मिक यात्रा का अनुभव व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि आदि शंकराचार्य के समय उस विज्ञान का ज्ञान था| इसी कारण से दो हजार वर्षों ज्यादा समय से चल रही एक लोक परंपरा ऐसी आस्था में बदल गई कि चारधाम की यात्रा जीवन का उद्देश्य बन गई| इस आस्था में कोई दैवीय शक्ति है तो कोई वैज्ञानिक शक्ति भी मौजूद हैं| उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि उनकी यह यात्रा पूर्व नियोजित थी। पूर्व में यात्रा को लेकर कोई निर्णय नहीं किया था| संयोग ऐसे बनते गये और एक दुर्गम यात्रा पूर्ण हो गई। यह एक सपना था जो पूरा हुआ। उन्होंने कहा कि अमरनाथ गुफा प्रकृति का वरदान है और यह एक चोटी पर स्थित है। दुनियांभर में बर्फ के कारण बना इस तरह का दृश्य कहीं भी देखने में नहीं आता है जिसमें शिवलिंग बना हो। प्राकृतिक रूप से बर्फ से उल्टें पिरामिड की तरह की संरचना बनती है लेकिन अमरनाथ के पवित्र स्थल पर पिरामिड की संरचना नजर आती है और इसके पास ही एक दूसरी संरचना माता पार्वती जी के रूप में देखने को मिलती है। यह आश्चर्य है कि 14000 फीट की ऊंचाई पर जहां पानी नहीं, खाने को दाने नहीं, वहां कबूतर नजर आते हैं। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों और प्रकृति के प्रकोप के बावजूद भारतीय सेना और केन्द्रीय बल के जवान हर चोटी पर मौजूद है और इस यात्रा को सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं। जब वे अमरनाथ पहुंचे उसके दो दिन पूर्व ही आतंकवादियों ने गुजरात की बस को निशाना बनाया था| उन्होंने कहा कि श्रीनगर में ही एक स्थान पर 2300 वर्ष पूर्व आदिशंकराचार्य ने साधना की थी, वहां पर एक शिव मंदिर स्थित है| उसका वातावरण अद्भुत है। इस मंदिर तक पहुंचने के लिए सीढियों का रास्ता है। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलाधिसचिव श्री लाजपत आहूजा, कुलसचिव श्री दीपक शर्मा, विभागाध्यक्ष डॉ पवित्र श्रीवास्तव, डॉ पी शशिकला, डॉ राखी तिवारी, डॉ चैतन्य पी अग्रवाल, डॉ मोनिका वर्मा, डॉ अविनाश वाजपेयी, डॉ कंचन भाटिया, परीक्षा नियंत्रक डॉ राजेश पाठक ने कुलपति प्रो. कुठियाला का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन जनसंचार विभाग के अध्यक्ष श्री संजय द्विवेदी ने किया।


जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी में द्वितीय दीक्षांत समारोह का आयोजन, 200 छात्रों को मिली डिग्री
Our Correspondent :3 December 2016
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में निर्णय लिया गया कि अगले शैक्षणिक सत्र से कक्षा एक से सात तथा 9वीं और 11वीं में अध्ययनरत सभी विद्यार्थियों को विज्ञान, गणित और वाणिज्य समूह के विषयों में एनसीईआरटी पाठ्य-पुस्तकों से शिक्षण करवाया जायेगा। कक्षा 8, 10 और 12वीं में सत्र 2018-19 से एनसीईआरटी की पुस्तकों से शिक्षण करवाया जायेगा। मंत्रि-परिषद ने अतिरिक्त महाधिवक्ता कार्यालय नई दिल्ली की स्थापना के लिए तृतीय श्रेणी के अनुवादक के कुल 10 पद के सृजन की मंजूरी दी। इनका वेतनमान 9300-34800+3200 ग्रेड-पे रहेगा। मंत्रि-परिषद ने कार्यालय कल्याण आयुक्त, भोपाल गैस पीड़ित भोपाल के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को उच्च न्यायालय के अधीक्षण में उच्च न्यायालय एवं विभिन्न जिला न्यायालयों की स्थापनाओं में उपलब्ध तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति में 10 वर्ष की सेवा अवधि पूरी कर चुके कर्मचारियों को सीधी भर्ती के लिए निर्धारित आयु में अधिकतम 10 वर्ष की सीमा तक छूट देने का निर्णय लिया। यह सुविधा आदेश जारी होने के दिनांक से 5 वर्ष की अवधि के लिए ही होगी। मंत्रि-परिषद ने कार्यशील पूँजी की व्यवस्था के लिए तीनों विद्युत कंपनियों द्वारा पावर फायनेंस कार्पोरेशन से माह जून 2016 में प्राप्त किए गए कुल 900 करोड़ रुपए के लघु अवधि ऋण के लिए राज्य शासन की गारंटी देने का निर्णय लिया। ऋण की गारंटी के लिए विद्युत कंपनियों द्वारा राज्य शासन को 0.5 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से गारंटी शुल्क का भुगतान किया जायेगा।

न सिरफिरों का इलाज जरूरी जो जेएनयू की छवि और राष्ट्र की अस्मिता से खेल रहे हैं-संजय द्विवेदी
17 February 2016
यह एक यक्ष प्रश्न है कि इतने बड़े विचारकों, विश्व राजनीति-अर्थनीति की गहरी समझ, तमाम नेताओं की अप्रतिम ईमानदारी और विचारधारा के प्रति समर्पण के किस्सों के बावजूद भारत का वामपंथी आंदोलन क्यों जनता के बीच स्वीकृति नहीं पा सका? अब लगता है, भारत की महान जनता इन राष्ट्रद्रोहियों को पहले से ही पहचानती थी, इसलिए इन्हें इनकी मौत मरने दिया। जो हर बार गलती करें और उसे ऐतिहासिक भूल बताएं, वही वामपंथी हैं। वामपंथी वे हैं जो नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे राष्ट्रनायक को 'तोजो का कुत्ता' बताएं, वे वही हैं जो चीन के साथ हुए युद्ध में भारत विरोध में खड़े रहे। क्योंकि चीन के चेयरमैन माओ उनके भी चेयरमेन थे। वे ही हैं जो आपातकाल के पक्ष में खड़े रहे। वे ही हैं जो अंग्रेजों के मुखबिर बने और आज भी उनके बिगड़े शहजादे (माओवादी) जंगलों में आदिवासियों का जीवन नरक बना रहे हैं।
देश तोड़ने की दुआएं कौन कर रहे हैः अगर जेएनयू परिसर में वे ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ करते नजर आ रहे हैं, तो इसमें नया क्या है? उनकी बदहवासी समझी जा सकती है। सब कुछ हाथ से निकलता देख, अब सरकारी पैसे पर पल रहे जेएनयू के कुछ बुद्धिधारी इस इंतजाम में लगे हैं कि आईएसआई (पाकिस्तान) उनके खर्चे उठा ले। जब तक जेएनयू में भारत विरोधी नारे लगाने वाली ताकतें हैं ,देश के दुश्मनों को हमारे मासूम लोगों को कत्ल करने में दिक्कत क्या है? हमारा खून बहे, हमारा देश टूटे यही भारतीय वामपंथ का छुपा हुआ एजेंडा है। हमारी सुरक्षा एजेंसियां देश में आतंकियों के मददगार स्लीपर सेल की तलाश कर रही हैं, इसकी ज्यादा बड़ी जगह जेएनयू है। वहां भी नजर डालिए।
सरकारी पैसे पर राष्ट्रद्रोह की विषवेलः जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय एक ऐसी जगह है, जहां सरकारी पैसे से राष्ट्रद्गोह के बीज बोए जाते हैं। यहां ये घटनाएं पहली बार नहीं हुयी हैं। ये वे लोग हैं नक्सलियों द्वारा हमारे वीर सिपाहियों की हत्या पर खुशियां मनाते हैं। अपनी नाक के नीचे भारतीय राज्य अरसे से यह सब कुछ होने दे रहा है,यह आश्चर्य की बात है। इस बार भी घटना के बाद माफी मांग कर अलग हो जाने के बजाए, जिस बेशर्मी से वामपंथी दलों के नेता मैदान में उतरकर एक राष्ट्रद्रोही गतिविधि का समर्थन कर रहे हैं, वह बात बताती है, उन्हें अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। यह कहना कि जेएनयू को बदनाम किया जा रहा है,ठीक नहीं है। गांधी हत्या की एक घटना के लिए आजतक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लांछित करने वाली शक्तियां क्यों अपने लिए छूट चाहती हैं? जबकि अदालतों ने भी गांधी हत्या के आरोप से संघ को मुक्त कर दिया है। टीवी बहसों को देखें तो अपने गलत काम पर पछतावे के बजाए वामपंथी मित्र भाजपा और संघ के बारे में बोलने लगते हैं। भारत को तोड़ने और खंडित करने के नारे लगाने वाले और ‘इंडिया गो बैक’ जैसी आवाजें लगाने वाले किस तरह की मानसिकता में रचे बसे हैं, इसे समझा जा सकता है। देश तोड़ने की दुआ करने वालों को पहचानना जरूरी है।
राहुल जी, आप वहां क्या कर रहे हैः वामपंथी मित्रों की बेबसी, मजबूरी और बदहवासी समझी जा सकती है, किंतु भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस जैसी जिम्मेदार पार्टी के नेता राहुल गांधी का रवैया समझ से परे है। कांग्रेस पार्टी का राष्ट्रीय आंदोलन का अतीत और उसके नेताओं का राष्ट्र की रक्षा के लिए बलिदान लगता है राहुल जी भूल गए हैं। आखिर ऐसी क्या मजबूरी है कि वे जाकर देशद्रोहियों के पाले में खड़े हो जाएं? उनकी पं. नेहरू, श्रीमती इंदिरा गांधी और श्री राजीव गांधी की विरासत का यह अपमान है। इनमें से दो ने तो अपने प्राण भी इस राष्ट्र की रक्षा के लिए निछावर कर दिए। ऐसे परिवार का अंध मोदी विरोध या भाजपा विरोध में इस स्तर पर उतर जाना चिंता में डालता है। पहले दो दिन कांग्रेस ने जिस तरह की राष्ट्रवादी लाइन ली, उस पर तीसरे दिन जेएनयू जाकर राहुल जी ने पानी फेर दिया। जेएनयू जिस तरह के नारे लगे उसके पक्ष में राहुल जी का खड़ा होना बहुत दुख की बात है। वे कांग्रेस जैसी गंभीर और जिम्मेदार पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। उन्हें यह सोचना होगा कि भाजपा और नरेंद्र मोदी का विरोध करते-करते कहीं वे देशद्रोहियों के एजेंडे पर तो नहीं जा रहे हैं। उन्हें और कांग्रेस पार्टी को यह भी ख्याल रखना होगा कि किसी दल और नेता से बड़ा है देश और उसकी अस्मिता। देश की संप्रभुता को चुनौती दे रही ताकतों से किसी भी तरह की सहानुभूति रखना राहुल जी और उनकी पार्टी के लिए ठीक नहीं है। जेएनयू की घटना को लेकर पूरे देश में गुस्सा है, ऐसे समूहों के साथ अपने आप को चिन्हित कराना, कांग्रेस की परंपरा और उसके सिद्धांतों के खिलाफ है।
अभिव्यक्ति की आजादी के नाम परः कौन सा देश होगा जो अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर खुद को तोड़ने की नारेबाजी को प्रोत्साहन देगा। राष्ट्र के खिलाफ षडयंत्र और देशद्रोहियों की याद में कार्यक्रम करने वालों के साथ जो आज खड़े हैं, वे साधारण लोग नहीं हैं। जिस देश ने आपको सांसद, विधायक, मंत्री और प्रोफेसर बनाया। लाखों की तनख्वाहें देकर आपके सपनों में रंग भरे, आपने उस देश के लिए क्या किया? आजादी आप किससे चाहते हैं? इस मुल्क से आजादी, जिसने आपको एक बेहतर जिंदगी दी। अन्याय और अत्याचार से मुक्ति दिलाने की आपकी यात्रा क्यों गांव-गरीब और मैदानों तक नहीं पहुंचती? अपने ही रचे जेएनयू जैसे स्वर्ग में शराब की बोतलों और सिगरेट की घुंओं में ‘क्रांति’ करना बहुत आसान है किंतु जमीन पर उतर कर आम लोगों के लिए संघर्ष करना बहुत कठिन है। हिंदुस्तान के आम लोग पढ़े-लिखे लोगों को बहुत उम्मीदों से देखते हैं कि उनकी शिक्षा कभी उनकी जिंदगी में बदलाव लाने का कारण बनेगी। किंतु आपके सपने तो इस देश को तोड़ने के हैं। समाज को तोड़ने के हैं। समाज में तनाव और वर्ग संघर्ष की स्थितियां पैदा कर एक ऐसा वातावरण बनाने पर आपका जोर है ताकि लोगों की आस्था लोकतंत्र से, सरकार से और प्रशासनिक तंत्र से उठ जाए। विदेशी विचारों से संचालित और विदेशी पैसों पर पलने वालों की मजबूरी तो समझी जा सकती है। किंतु भारत के आम लोगों के टैक्स के पैसों से एक महान संस्था में पढ़कर इस देश के सवालों से टकराने के बजाए, आप देश से टकराएंगें तो आपका सिर ही फूटेगा।
जेएनयू जैसी बड़ी और महान संस्था का नाम किसी शोधकार्य और अकादमिक उपलब्धि के लिए चर्चा में आए तो बेहतर होगा, अच्छा होगा कि ऐसे प्रदर्शनों-कार्यक्रमों के लिए राजनीतिक दल या समूह जंतर-मंतर, इंडिया गेट, राजधाट और रामलीला मैदान जैसी जगहें चुनें। शिक्षा परिसरों में ऐसी घटनाओं से पठन-पाठन का वातावरण तो बिगड़ता ही है, तनाव पसरता है, जो ठीक नहीं है। इससे विश्वविद्यालय को नाहक की बदनामी तो मिलती ही है, और वह एक खास नजर से देखा जाने लगता है। अपने विश्वविद्यालय के बचाने की सबसे ज्यादा जिम्मेदारी शायद वहां के अध्यापकों और छात्रों की ही है। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना ही, इस बार मिली बदनामी का सबसे बड़ा इलाज है।
एक लोकतंत्र में होते हुए आपकी सांसें घुट रही हैं, तो क्या माओ के राज में, तालिबानों और आईएस के राज में आपको चैन मिलेगा? सच तो यह है कि आप बेचैन आत्माएं हैं, जिनका विचार ही है भारत विरोध, भारत द्वेष, लोकतंत्र का विरोध। आपका सपना है एक कमजोर और बेचारा भारत। एक टूटा हुआ, खंड-खंड भारत। ये सपने आप दिन में भी देखते हैं, ये ही आपके नारे बनकर फूटते हैं। पर भूल जाइए, ये सपना कभी साकार नहीं होगा, क्योंकि देश और उसके लोग आपके बहकावे में आने को तैयार नहीं है। देश तोड़क गतिविधियों और राष्ट्र विरोधी आचरण की आजादी यह देश किसी को नहीं दे सकता। आप चाहे जो भी हों। जेएनयू या दिल्ली भारत नहीं है। भारत के गांवों में जाइए और पूछिए कि आपने जो किया उसे कितने लोगों की स्वीकृति है, आपको सच पता चल जाएगा। राष्ट्र की अस्मिता और चेतना को चुनौती मत दीजिए। क्योंकि कोई भी व्यक्ति, विचारधारा और दल इस राष्ट्र से बड़ा नहीं हो सकता। चेत जाइए।

'शेप योर ड्रीम्स' कार्यक्रम
विश्व आर्थिक मंच व स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी का संयुक्त आयोजन
युवा IAS अधिकारी 'तन्वी सुन्द्रियाल' सुनायेंगी अपनी सफलता की कहानी

विश्व आर्थिक मंच की 'ग्लोबल शेपर्स कम्युनिटी' इस रविवार स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी में एक विशेष आयोजन कर रही है I शेप योर ड्रीम्स नामक इस कार्यक्रम में युवा IAS अधिकारी व मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम की अतिरिक्त प्रबंध निदेशक 'तन्वी सुन्द्रियाल' युवाओं को सफल होने व अपने सपने पूरे करने के तरीके बताएँगी
तन्वी सुन्द्रियाल 2010 बैच की मध्य प्रदेश कैडर की IAS अधिकारी हैं उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में पूरे देश में 6वाँ स्थान प्राप्त किया था I
रविवार को दोपहर 12 होने वाले इस कार्यक्रम में 'तन्वी' सिविल सर्विसेज परीक्षा में अपनी सफलता की कहानी सुनायेंगी व इन सेवाओं में जाने के इच्छुक युवाओं के प्रश्नों के जवाब देंगीं I
ग्लोबल शेपर्स कम्युनिटी के भोपाल चैप्टर द्वारा आयोजित हो रहा यह कार्यक्रम सभी के लिए ओपन है ....तय समय से 15 मिनिट पहले स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी पहुंचकर कोई भी व्यक्ति इस कार्यक्रम का हिस्सा बन सकता है I

कार्यक्रम विवरण :-:-

कार्यक्रम का नाम - शेप योर ड्रीम्स
दिनांक - 31 जनवरी रविवार
समय - दोपहर 12 बजे
स्थान - स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी
आयोजक - ग्लोबल शेपर्स कम्युनिटी, वर्ल्ड इकनोमिक फोरम
वक्ता - तन्वी सुन्द्रियाल

- 2010 बैच की IAS अधिकारी
- सिविल सर्विसेज एग्जाम में पूरे देश में 6 वाँ स्थान
- दिल्ली विश्वविद्यालय से लॉ ग्रेजुएट
- BIT मेसरा से बी.टेक.
- पूर्व पद - जिला पंचायत CEO, छिंदवाडा
- वर्तमान पद - AMD, म.प्र. टूरिज्म


महात्मा गाँधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय को नैक ने दिया 'ए' ग्रेड
Our Correspondent :21 September 2015
राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (एनएएसी) ने अपने मूल्यांकन में महात्मा गाँधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय, सतना को शीर्ष ग्रेड ‘ए’ के साथ मान्यता प्रदान की है.
मूल्यांकन एवं प्रत्यायन को मूलतः किसी भी शैक्षिक संस्था की ‘गुणवत्ता की स्थिति’ को समझने के लिए प्रयोग किया जाता है. वास्तव में यह मूल्यांकन यह निर्धारित करता है कि कोई भी शैक्षिक संस्था या विश्वविद्‌यालय प्रमाणन एजेंसी के द्‌वारा निर्धारित गुणवत्ता के मानकों को किस स्तर तक पूरा कर रहा है. यह मानदंड निम्न प्रकार हैं – शैक्षिक प्रक्रियाओं में संस्था का प्रदर्शन, पाठ्यक्रम चयन एवं कार्यान्वयन, शिक्षण अधिगम एवं मूल्यांकन तथा छात्रों के परिणाम, संकाय सदस्यों का अनुसंधान कार्य एवं प्रकाशन, बुनियादी सुविधाएँ तथा संसाधनों की स्थिति, संगठन, प्रशासन व्यवस्था, आर्थिक स्थिति तथा छात्र सेवाएँ इत्यादि.
महात्मा गाँधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय पहली बार ‘ए’ शीर्ष ग्रेड पाया है. विश्वविद्यालय ने 4 में से 3.72 (सीजीपीए) अंक पाए हैं. यह अंक विश्वविद्यालय की उच्च शैक्षिक स्थिति को दर्शाता है.


राजस्थानी अंदाज में सेलिब्रेशन
भोपाल। ख़ुशी और उल्लास का माहोल, मन में जीतने की उमंग लिए मंगलवार को आनंद विहार कॉलेज में युवा उत्सव-२०१४ का आगाज हुआ । स्टूडेंट्स ने डांस , कोलाज और कार्टूनिंग कम्पटीशन में हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा से जजेज को इम्प्रेस किय। कोलाज कम्पटीशन में स्टूडेंट्स ने वाइल्ड लाइफ कंजरवेशन टॉपिक पर खूबसूरत कोलाज तैयार किए । स्टूडेंट्स आशिता निल्लोर ने कलरफुल पेपर की हेल्प से जिराफ बनाया और ट्री के साथ सेव वाइल्ड लाइफ का मैसेज दिया । वहीँ , कुछ स्टूडेंस्ट ने जंगल सीन क्रिएट करते हुए वाइल्ड लाइफ के दृश्य बनाए । सोलो डांस और ग्रुप डांस में लोक नृत्य प्रस्तुतियों ने मन मोहा । कालबेलिया नृत्य , लावादी नृत्य , राई नृत्य , आदि में स्टूडेंट्स ने प्रस्तुति दी । बुधवार को युवा उत्सव में पेंटिंग कम्पटीशन, लोक गायन और सुगम गायन का आयोजन किया जायेगा । फोक डांस के रंग
गीतांजलि कॉलेज में युवा उत्सव 2014 -15 का की शुरुआत सोलो और ग्रुप डांस कम्पटीशन से हुई । कुल 11 नृत्य प्रस्तुतियों में गरबा राजस्थानी (गुमर) छतीसग़ढ़ी एवं मारवाड़ी लोकनृत्य शामिल थे । सोलो डांस कम्पटीशन में फर्स्ट सोनम साहू (कथक), सेकंड ख्याति सक्सेना ने प्राप्त किया ।
ग्रुप डांस कम्पटीशन में फर्स्ट दिव्या तिवारी एवं समूह (राजस्थानी नृत्य) ने प्राप्त किया । सेकंड और थर्ड रैंक दामिनी एवं समूह (छतीसग़ढ़ी गोंड नृत्य ) और रेणुका लहरिया एवं समूह (छतीसग़ढ़ी) , रिंकी जैन एवं समूह (राजस्थानी होली नृत्य) ने प्राप्त किया । प्रतियोगिता में निर्णायकगण डॉ एफ बी बक्ष , डॉ शैलजा सोनी और डॉ मंजू शर्मा थे ।


अटल बिहारी हिन्दी विवि ने शुरू किया गर्भ में अभिमन्यु बनाने का प्रशिक्षण
गर्भस्थ शिशुओं पर दो दिनी सेमिनार का आयोजन

भोपाल। वह दिन दूर नहीं जब दंपती अपनी संतान में जैसे संस्कार चाहते हैं, गर्भवती महिलाओं के माध्यम से वे आने वाली पीढ़ी में पहुंचा दिये जायेंगे। यदि वह चाहती हैं कि उनकी संतान डॉक्टर, इंजीनियर या वैज्ञानिक बने तो इस प्रचीन पद्धति के अधुनातन प्रयोग के द्वारा यह भी संभव हो सकता है। महाभारत में जिस तरह अर्जुन के पुत्र अभिमन्यु को गर्भ में ही चक्रव्यूह भेदने की शिक्षा मिल गई थी वैसी ही महिलाओं के गर्भ में पल रहे शिशु को भारतीय मूल्यों की शिक्षा दिए जाने की तैयारी प्रदेश के एकमात्र हिन्दी विश्वविद्यालय में शुरू हो गई है। विवि विभिन्न स्थानों पर गर्भ तपोवन केंद्र खोलने जा रहा है, जिनमें गर्भवती महिलाओं को योग, प्रार्थना और ध्यान के साथ महिला को ज्यादा से ज्यादा प्रसन्न और प्रफुल्लित रखकर गर्भस्थ शिशु को संस्कार सिखाए जाएंगे। अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय में गर्भस्थ शिशुओं पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के पहले दिन गुरूवार को विशेषज्ञों की ओर से आंगनबाड़ी, शिक्षक और गर्भस्थ महिलाओं को गर्भ में शिशुओं की देखभाल सहित अन्य जानकारियां दी गर्इं।
कार्यशाला में अहमदाबाद के चिल्ड्रन यूनिवर्सिटी के कुलपति हर्षद भाई शाह ने बताया कि विश्वभर में ऐसे चार विश्वविद्यालय हैं जो बच्चों को लेकर उनके युवा होने तक उन्हें शिक्षित करते हैं। लेकिन यूके, साउथ अफ्रिका, चीन के संघाई तथा युरोपीयन कंट्री समूह के इन विश्वविद्यालयों में सात साल के होने के बाद किसी बालक को प्रवेश मिलता है और वह चौदह वर्ष के होने तक वहां रहकर शिक्षा प्राप्त कर सकता है जबकि हमारे देश में जो गुजरात में चाइल्ड यूनिवर्सिटी है वहां बालक का प्रवेश ऋणात्मक नौ यानि गर्भ में ही कर लिया जाता है। फिर उसके जन्म लेने के बाद वह अ_ारह साल के होने तक हमारे विश्वविद्यालय में शिक्षण लेता है।
श्री शाह ने कहा कि विश्वविद्यालय गर्भस्थ महिलाओं को उत्तम संतान के लिए किस तरह के संस्कारों का एक मां को पालन करना चाहिए, यह आवश्यक है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए अहमदाबाद में तपोवन रिसर्च सेंटर के नाम से दो अक्टूबर 2010 से यह उपक्रम शुरु किया गया है। इसके बाद अब मध्यप्रदेश के शहरों में भी तपोवन केन्द्र की स्थापना करने की तैयारी की जा रही है। वहीं उन्होंने बताया कि गुजरात की चिल्ड्रन यूनिवर्सिटी केरीयर आधारित शिक्षा दे रही है ताकि कोई बच्चा भविष्य में बेरोजगार न रहे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने अपनी इस शिक्षण प्रणाली के तहत चार आयामों को जोड़ा है। पहला शोध, दूसरा शिक्षण तीसरा-प्रशिक्षण और चौथा-विस्तारण है जो कि भारतीय संकल्पना धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष पर आधारित है।
अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय में दो अक्टूबर से गर्भ संस्कार में नौ माह का सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने संबंधी कोर्स की जानकारी देते हुए गुजरात से आईं ज्योति बेन थानकी ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को नौ महीने तक सिखाया जाएगा की बेहतर शिशु को जन्म देने के लिए उन्हें किन संस्कारों का पालन करना चाहिए। विवि इस ट्रेनिंग के दौरान की हर दिन की गतिविधियों का रिकार्ड रखेगा ताकि आगे इस पर अनुसंधान किया जा सके। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में गर्वस्थ महिलाओं के लिए ऐसे काउंसलर रखे जाना चाहिये जो माता बनने जा रही स्त्रियों से आत्मीय भाव के साथ वार्तालाप कर सकें। एक अच्छे संस्कारित शिशु निर्माण के पीछे निश्चित ही तपोवन रिसर्च सेन्टर में इन काउंसलरों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। ऐसे में इस कार्य के लिये उन्हीं महिलाओं को आगे आना चाहिये जिनमें इस प्रकार की स्वप्रेरित क्षमता हो, न कि धन कमाने के उद्देश्य से काउसंलर बनने के प्रयास करने चाहिये।
कार्यशाला में चिल्ड्रन विश्वविद्यालय की संयोजिका तर्पणा बेन ने भी अपना व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि गर्भ के दौरान किसी भी स्त्री के लिये क्या आवश्यक है और क्या नहीं इस बात पर विशेष ध्यान दिया जाना जरूरी होता है। इसलिये गर्भ संस्कार तपोवन केन्द्र में इस बात का खास ख्याल रखा जाता है कि स्त्री को खाने में क्या दिया जाये, उसका श्रृंगार कैसा हो, वह अधिक से अधिक प्रस्नन कैसे रह सकती है, उसके लिये क्या उपाय किये जाने चाहिये ।
अटल बिहारी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मोहनलाल छीपा ने कहा कि गर्भ से ही मनुष्य की शिक्षा आरंभ होती है। महाभारत में अभिमन्यु की गर्भ में चक्रव्यूह तोडऩे की कला सीखने की कहानी से हम सब परिचित हैं। गर्भावस्था ही संस्कार सिंचन का अति उपयुक्त समय है। इसलिए मां को गर्भावस्था के प्रत्येक क्षण का सही उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई प्रयोग विदेशों में होता है तो उस पर सभी सहजता से विश्वास कर लेते हैं, लेकिन जब वे प्रयोग भारत में होता है तो हमारे ही लोग उसे कपोल कल्पना समझने की भूल करते हैं। वास्तव में ऐसी जो समाज की धारण बन गई है उस धारणा को तोडऩे में निश्चित ही हिन्दी विश्वविद्यालय का यह नवीनतम प्रयास सफल होगा। अभी इस गर्भ संस्कार तपोवन केंद्र परियोजना में महिलाओं को गर्भ संस्कार की ट्रेनिंग दी जाएगी। शुरूआत भोपाल से की जा रही है। इसके बाद इसे अन्य शहरों के साथ ही ट्राइबल क्षेत्रों में भी स्थापित किया जाएगा। इसके लिए विवि ने गुजराज की चिल्ड्रन यूनिवर्सिटी से करार किया है।
उन्होंने कहा कि देश में अभी यह कोर्स केवल चिल्ड्रन यूनिवर्सिटी में ही चल रहा है। इस कोर्स के लिए सिलेबस को गुजराती से हिंदी में अनुवादित किया जा रहा है। कोर्स के संचालन के लिए विवि महिला एवं बाल विकास विभाग से सहयोग लेगा ताकि अधिक संख्या में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। प्रो. छीपा ने कहा कि जैसे महाभारत में जिस तरह अर्जुन के पुत्र अभिमन्यु को गर्भ में ही चक्रव्यूह भेदने की शिक्षा मिल गई थी वैसी ही महिलाओं के गर्भ में पल रहे शिशु को भारतीय मूल्यों की शिक्षा इस कोर्स के माध्यम से दी जाएगी।

नि : शुल्क रहेगा पाठ्यक्रम

यह पाठ्यक्रम गर्भस्थ स्त्रियों के लिए रहेगा। पाठ्यक्रम 9 माह का होगा। इस अवधि में गर्भस्थ स्त्रियों को निर्धारित तपोपन केंद्र में रोज 3 घंटे के लिए आना होगा। एक तपोवन केंद्र में 15 से 25 महिलाओं को शिक्षा दी जाएगी। इन तीन घंटों में अच्छे संस्कारों की शिक्षा दी जाएगी। गुजरात विवि के कुलपति हर्षत भाई शाह ने दावा किया है इस पाठ्यक्रम के जरिए दंपत्ती जैसी संतान की चाहत रखेंगे, उन्हें वैसी संतान उन्हें प्राप्त होगी।


राष्ट्रीय मीन्स कम मेरिट तथा राष्ट्रीय प्रतिभा खोज छात्रवृत्ति
भोपाल। राष्ट्रीय मीन्स कम मेरिट छात्रवृत्ति तथा राष्ट्रीय प्रतिभा खोज चयन परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 15 सितंबर से बढ़ाकर अब 18 सितंबर कर दी गई है। दोनों परीक्षा के आवेदन के लिए एम.पी. ऑनलाइन के कियोस्क पर विद्यार्थियों को नि:शुल्क आवेदन की सुविधा राज्य शासन द्वारा दी गई है। पूर्व निर्धारित अंतिम तिथि पर अनेक जिलों से प्राप्त सूचनाओं के अनुसार कियोस्क पर विद्यार्थियों की भीड़ होने के कारण अंतिम तिथि में 3 दिवस की वृद्धि का निर्णय लिया गया है।
राज्य शिक्षा केन्द्र ने समस्त जिलों के कलेक्टर को आवेदन की अंतिम तिथि में वृद्धि संबंधी सूचना की जानकारी देते हुए परीक्षाओं के लिए प्राप्त आवेदनों की समीक्षा एवं अधिकाधिक संख्या में विद्यार्थियों को सम्मिलित करवाने का अनुरोध किया है। केन्द्र ने सभी कलेक्टर से अपेक्षा की है कि वे अपने स्तर पर उक्त परीक्षाओं के लिये आवेदन प्रक्रिया की समीक्षा करें।
उक्त परीक्षाओं के लिए आवेदन करने के लिए विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार का कोई शुल्क नहीं देना होगा। आवेदन-पत्र की प्रति एम.पी. ऑनलाइन के अधिकृत कियोस्क से नि:शुल्क प्राप्त होगी। स्कूल के प्रधानाचार्य द्वारा प्रमाणित प्रति के आधार पर विद्यार्थी कियोस्क के माध्मय से ऑनलाइन नि:शुल्क आवेदन कर सकेंगे।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय मीन्स कम मेरिट छात्रवृत्ति के तहत चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक प्रतिमाह 500 रुपये की छात्रवृत्ति प्राप्त होती है। परीक्षा के लिए शासकीय एवं अनुदान प्राप्त स्कूलों में वर्तमान में कक्षा 8 में अध्ययनरत् विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं। वहीं राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा में चयनित विद्यार्थियों को उनके संपूर्ण विद्यार्थी काल के लिए छात्रवृत्ति दी जाती है। इसमें कक्षा 12वीं तक की शालेय शिक्षा के लिए 1250 रुपये प्रतिमाह एवं महाविद्यालयीन शिक्षा, पी.एच.डी. आदि तक 2000 रुपये प्रतिमाह की छात्रवृत्ति विद्यार्थी को प्राप्त होती है। राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा के लिए शासकीय अथवा अशासकीय किसी भी विद्यालय में कक्षा 10 में अध्ययनरत् विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं।


डिप्लोमा इंजीनियर्स की समस्याएँ हल होंगी
भोपाल। राज्य शासन प्रदेश के डिप्लोमा इंजीनियर्स की समस्याएँ सुनकर उन्हें दूर करने की कोशिश करेगा। वित्त एवं जल-संसाधन मंत्री श्री जयंत मलैया ने यह आश्वासन प्रदेश के उप अभियंताओं को आज सर विश्वेसरैया की 154वीं जयंती पर मध्यप्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन भोपाल द्वारा आयोजित 'अभियंता दिवस समारोह' में दिया।
वित्त मंत्री श्री मलैया ने कहा कि डॉ. मोक्षगुण्डम विश्वेसरैया की विलक्षण प्रतिभा और अप्रतिम उपलब्धियों के कारण ही उन्हें भारत सरकार ने 'भारत रत्न' और ब्रिटिश हुकूमत ने 'सर' की उपाधि से विभूषित किया। सर विश्वेसरैया बाँध निर्माण, पानी बँटवारा, सीवरेज, ड्रेनेज सिस्टम, पानी शुद्धिकरण, शिक्षा, ऊर्जा आदि अनेक क्षेत्र में देश के लिये आधार प्रणाली को विकसित करने के लिये जाने जाते हैं। डॉ. विश्वेसरैया की गिनती देश के महान इंजीनियर ही नहीं कुशल योजनाकार और प्रशासक के रूप में भी होती है। प्रदेश के इंजीनियर उनकी जीवनी पढ़ें और प्रेरणा लेकर आगे बढ़ें। श्री मलैया ने कहा कि मैदानी क्षेत्रों में कार्यरत इंजीनियर ग्रामीणों को बच्चों को स्कूल में प्रवेश लेने के लिये प्रेरित करें।
उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि तेजी से विकसित हो रहे मध्यप्रदेश की उन्नति में प्रदेश के अभियंताओं का महत्वपूर्ण योगदान है। वर्तमान शासन का कर्मचारियों के प्रति सकारात्मक रुख है। इंजीनियरों की पदोन्नति के लिये भी प्रयास किये जायेंगे। श्री गुप्ता ने कहा कि कर्मचारियों से जुड़ी विसंगति दूर होने से प्रदेश हित भी होगा। श्री गुप्ता ने अभियंताओं का आव्हान करते हुए कहा कि हम सब निष्ठा एवं ईमानदारी से कार्य करेंगे तभी स्वर्णिम मध्यप्रदेश का निर्माण होगा।
एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री राजेश सिंह तोमर ने अतिथियों को प्रतीक-चिन्ह भेंट किये। कार्यक्रम में प्रमुख अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा श्री पी.के. कटारे, परियोजना संचालक, लोक निर्माण विभाग श्री विजय कुमार वर्मा, एसोसिएशन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में उप अभियंता उपस्थित थे।
इस अवसर पर उप अभियंताओं ने राष्ट्र-हित, प्रदेश-हित में पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी के साथ कार्य करने का संकल्प भी लिया। अभियंता दिवस पर एसोसिएशन की जिला इकाइयों द्वारा अस्पतालों में नि:शुल्क फल-औषधि वितरण, रक्तदान और वृक्षारोपण भी किया गया।


'अमेरिकन एजुकेशन' पर विशेष कलेक्शन की लॉन्चिंग
यू एस कांसुलेट मुंबई ने स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी को भेजा है यह विशेष कलेक्शन

अगले साल अमेरिका जाकर पढ़ाई करने के इच्छुक छात्रों की सहायता के लिए अमेरिकी सरकार ने स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी में एक विशेष कलेक्शन भेजा है अमेरिकी उच्च शिक्षण संस्थानों में संचालित विभिन्न कोर्सेज,उनमें एडमिशन के नियम, एडमिशन के लिए जरुरी परीक्षाएं और भारतीय छात्रों के लिए उपलब्ध 'स्कॉलरशिप्स' की जानकारी से भरपूर यह कलेक्शन इस मंगलवार (16 सितम्बर) से लाइब्रेरी के डिस्प्ले पर लगा दिया जायेगा
सितम्बर 2015 में शुरू होने वाले अमेरिका के अगले शैक्षणिक सत्र के लिए प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. अक्टूबर -नवंबर में दुनिया भर के लाखों छात्र अमेरिका में पढ़ने के लिए विविध परीक्षाओं में अपनी किस्मत आजमाएंगें। भोपाल से भी हर साल हज़ारों छात्र अमेरिका में पढ़ने के लिए 'GRE /GMAT /SAT और TOEFL देते हैं.
चूँकि भोपाल में अमेरिकी सरकार का कोई आधकारिक सेंटर मौजूद नहीं है इसलिए छात्रों को कई बार जरुरी जानकारी उपलब्ध नहीं हो पाती। एडमिशन के सीजन में छात्रों को इसी परेशानी को ध्यान में रखते हुए 'अमेरिकन कांसुलेट मुंबई' ने जरुरी किताबों का एक विशेष कलेक्शन तैयार कर स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी भेजा है
यह कलेक्शन एक सप्ताह तक लाइब्रेरी के डिस्प्ले पर उपलब्ध रहेगा जिसे शहर का कोई भी व्यक्ति आकर पढ़ सकता है उसके बाद यह कलेक्शन लाइब्रेरी के 'अमेरिकन शेल्फ' में शामिल कर दिया जायेगा

कलेक्शन एक नज़र में :-

कलेक्शन का नाम - अमेरिकन एजुकेशन कलेक्शन
किस बारे में है - अमेरिकन हायर एजुकेशन पर
कब लॉन्च होगा - मंगलवार 16 सितम्बर
कहाँ लॉन्च होगा - स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी

किसने भेजा है - यू एस कांसुलेट जनरल मुंबई ने

कब तक डिस्प्ले पर रहेगा - 21 सितम्बर तक


पटेल कॉलेज का उत्कृष्ट परिणाम
भोपाल। पटेल ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस के छात्रों ने आरजीपीवी भोपाल दुवारा घोषित चौथे सेमेस्टर के परीक्षा परिणामों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है । परीक्षा परिणामों के मुताबिक पटेल कॉलेज ऑफ़ फॉर्मन्सी के चौथे सेमेस्टर में अहमद राजा व अजीत कुमार पटेल ने 83.5 प्रतिशत अंक अर्जित कर कॉलेज में प्रथम स्थान, रवि केशरवानी नें 82.7 प्रतिशत ke साथ दिूतीय एवं संजय कुमार पटेल व सोहेल खान ने 81.3 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान प्राप्त किया । छात्रों की इस उपलब्धि पर ग्रुप की चेयरमैन प्रीति पटेल, वाइस चेयरमैन अजीत सिंह पटेल , डायरेक्टर डॉ. ज्ञानेन्द्र सिंह , प्रिंसिपल सीजे वर्मा सहित समस्त वरिष्ठ शिक्षकों ने शुभकामनाएँ दी |

बीओआई ने किया उच्च शिक्षा ऋण शिविर का आयोजन
भोपाल। बैंक ऑफ़ इंडिया के तत्वाधान में मोतीलाल नेहरू विज्ञानं महाविद्यालय में उच्च शिक्षा ऋण शिविर का आयोजन किया गया । इस शिविर में १८ बैंक ने भाग लिया । शिविर के दौरान बैंक ऑफ़ इंडिया , भोपाल अंचल के आंचलिक प्रबंधक राजीव कुमार गुप्ता एवं पीसी शर्मा सीओ जिला पंचायत , भोपाल के दुवारा छात्रों को ऋण स्वीकृति पत्र वितरित किए गए| इस अवसर पर श्री गुप्ता ने छात्रों को उच्च शिक्षा ऋण के लिए प्रोत्साहित किया और कहा की बीओआई शिक्षा के क्षेत्र में सदेव आगे रहेगा । श्री रजनीश ने सूचना दी की शिविर के दौरान ५८ छात्रों को उच्च ऋण संबंधी मार्गदर्शन दिया गया तथा २५ छात्रों की ऋण स्वीकृति प्रक्रिया पूर्ण की गई|

एसआईआरटीएस की 3 छात्राओं को मिला चांसलर अवॉर्ड
भोपाल। सागर इंस्टीट्यूट ऑफ़ रिसर्च, टेक्नोलॉजी एंड साइंस के सीएस विभाग के आरती, प्राची सिंह एवं इलेक्ट्रिकल विभाग की मुबासरा सजदा खान को आरजीपीवी चांसलर अवार्ड से सम्मानित किया गया। उनको यह पुरस्कार मध्य प्रदेश के राज्यपाल एवं आरजीपीवी के चांसलर राम नरेश यादव द्वारा दिया गया। इस पुरस्कार समारोह में मप्र के तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता, आरजीपीवी के वाइस चांसलर डॉ. पियूष त्रिवेदी एवं अन्य सम्मानीय सदस्य उपस्थित थे। इस अवसर छात्राओं को २० हज़ार रुपए का चेक एवं सर्टिफिकेट प्रदान किया गया। इस अवसर पर सागर समूह के चेयरमैन इंजी। संजीव अग्रवाल, समूह के कार्यकारी निदेशक डॉ. प्रशांत जैन एवं संस्थान के निदेशक डॉ. अखिलेश उपाध्याय ने छात्राओं को बधाई दी।

स्कोप ग्रुप में विवेकानंद महोत्सव पर रेस
भोपाल। स्कोप कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग में भारत जागो दौड़ और राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वाधान में विवेकानंद के संदेशों के प्रचार -प्रसार के लिए इंटर कॉलेज रिले रेस का आयोजन किया गया। रेस स्कोप कॉलेज से प्रारम्भ होकर भाभा कॉलेज तक पहुंची। बड़ी संख्या में छात्र ध्वज लेकर इस रेस में उपस्थित थे। स्कोप कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग में भारत जागो दौड़ और राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वाधान में विवेकानंद के संदेशों के प्रचार -प्रसार के लिए इंटर कॉलेज रिले रेस का आयोजन किया गया। रेस स्कोप कॉलेज से प्रारम्भ होकर भाभा कॉलेज तक पहुंची। बड़ी संख्या में छात्र ध्वज लेकर इस रेस में उपस्थित थे।

कॉर्पोरेट में स्वामी विवेकानंद पर व्याख्यान
भोपाल। कॉर्पोरेट ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस द्वारा स्वामी विवेकानंद के जीवन एवं पद चिन्हों पर व्याख्यान का आयोजन किया गया जिसमें मप्र शासन के शिक्षण संचालनालय से आये हुए अतिथि धीरेन्द्र चतुर्वेदी ने इंस्टीट्यूट के छात्रों एवं शि क्षकगणों को सम्बोधित किया । श्री चतुर्वेदी ने अपने वक्तव्य में छात्र समुदाय से रूबरू होते हुए देश के राष्ट्रीय गौरव स्वामी विवेकानंद के जीवन से छात्रों को अवगत कराया एवं उनके दुवारा स्थापित उदेशों पर चलने के लिए प्रेरित किया।

पाँच स्टूडेंट्स का चयन
भोपाल। पटेल ग्रूप ऑफ इंस्टीटयूशस में इलेक्ट्रिकल ब्रांच की कंपनी फाइजन इलेक्ट्रिक कॉर्पोरेशन की ओर से बी.ई 2014 बेच के स्टूडेंट्स के लिए केम्पस आयोजित किया गया , जिसमे 100 से अधिक स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया | रिटर्न टेस्ट , टेक्निकल इंटरव्यू और एच. आर तीन चरणों की प्रक्रिया के बाद पाँच चयन किया गया| इस अवसर पर ग्रूप की चेयरपर्सन प्रीति पटेल , ईडी अजीत सिंह पटेल ने स्टूडेंट्स को बधाई दी|

फेक्ल्टी ड़वलमेंट प्रोग्राम
भोपाल। मिलेनियम ग्रुप ऑफ़ इंस्टीटूशन में फैकल्टी डवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन किया गया । इसके मुख्या अतिथि डॉ. एम. के. उपरीत ने तकनिकी शिक्षा के डायरेक्टर डॉ आर. एन. एस. यादव ने सभी व्याख्याओं को मार्गदर्शन दिया । इसका आयोजन संघनक विज्ञानं अभियांत्रिकी विभाग के विभागध्यक्ष प्रो. एस आर यादव के समन्वय में वयाख्यायों की मदद से किया गया, जिसे चेयरमैन इंजीनियर विनोद यादव ने तकनीकी शिक्षा के चुनौतीपूर्ण माहौल में प्रगतिशील कदम बताया ।

"स्पिन -या -यार्न" से निकली 06 नई कहानियाँ"
शेक्सपियर की 450 वीं जयंती पर 'क्लब इंक' का आयोजन

हॉल में स्क्रीन पर एक तस्वीर उभरती है , हर कोई कुछ देर उस तस्वीर को ध्यान से देखता है, और फिर अपने दिमाग को दौड़ाना शुरू कर देता है, क्योंकि उन्हें कुछ ही देर में उस तस्वीर पर एक कहानी बुनना है,
तस्वीर एक है पर सबके देखने और समझने का नजरिया है इसलिए एक ही तस्वीर को देखकर सबके मन में अलग अलग ख्याल आये हैं , अब मॉडरेटर उस तस्वीर पर आधारित एक कहानी शुरू करती हैं और कुछ देर बोलकर कहानी पहले प्रतियोगी को सौंप देती है , पहले प्रतियोगी ने उस तस्वीर से जो समझा था उसे इस स्टोरी में फिट करता है और फिर कहानी को दूसरे के हाथ में सौंप देता है
ये क्रम तब तक चलता रहता है जब तक कि एक अच्छी कहानी तैयार नहीं हो जाती है , कहानी के बीच में अगर कोई प्रतियोगी ढीला पड़ता दिखाई देता है तो मॉडरेटर उसे एक प्रॉम्प्ट दे देती है और वो पुनः पूरे उत्साह से कहानी बुनने में जुट जाता है
एक कहानी बनते ही स्क्रीन पर दूसरी तस्वीर उभरती है , लोग गौर से तस्वीर को देखते हैं और दूसरी कहानी बुनना शुरू कर देते है , दूसरी के बाद तीसरी ,चौथी,पांचवीं और छठवी कहानी।
यह नज़ारा था आज स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी में आयोजित हुए स्पिन या यार्न नामक कार्यक्रम का.
क्लब इंक ने शेक्सपियर की जयंती कुछ अलग अंदाज़ में मनाने के लिए इस गतिविधि का आयोजन किया था
हालांकि भोपाल के पाठकों के लिए यह एक नयी विधा थी फिर भी लोगों ने इसमें पूरे उत्साह से भाग लिया
इसमें शामिल हुए अधिकाँश प्रतियोगी स्कूली छात्र थे जो बिना किसी संकोच या हिचक के इसमें बाद चढ़कर भाग ले रहे थे

06 फोटोज पर आधारित थी प्रतियोगिता

प्रतियोगिता 06 फोटोज पर आधारित थी जो दुनिया भर के रीडर्स ने इस प्रतियोगिता के लिए क्लब इंक के पास भेजीं थीं.इन फोटोज को ब्राज़ील ,टर्की ,इंग्लैंड एवं अमेरिका के स्कूली छात्रों ने भेजा था

प्रतियोगिता का संचालन क्लब इंक की प्रमुख 'देवांशी खेत्रपाल' ने किया तथा मॉडरेटर की भूमिका इंग्लिश लैंग्वेज ट्रेनर 'एकता सरीन ' ने निभाई

शेक्सपियर' पर केंद्रित विशेष न्यूज़ लेटर
स अवसर पर क्लब इंक ने 'शेक्सपियर' पर केंद्रित एक विशेष न्यूज़ लेटर भी जारी किया , इंक लेट के नाम से जारी किये गए इस न्यूज़ लेटर में शेक्सपियर के जीवन से संवंधित दुर्लभ जानकारी को शामिल किया गया है


शेक्सपियर जयंती पर 'स्पिन -आ - यार्न'
"मिलकर बुनिये अपनी कहानी"

महान नाटककार एवं कहानीकार 'विलियम शेक्सपियर' की 450 वी जयंती के अवसर पर 'क्लब इंक' एक अनोखी साहित्यिक गतिविधि का आयोजन कर रहा है
25 अप्रैल को सायं 5 बजे 'स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी' में आयोजित होने वाली इस गतिविधि को 'स्पिन -आ - यार्न' नाम दिया गया है
अब धीरे धीरे गुमनाम होती जा रही यह साहित्यिक गतिविधि ''स्पिन -आ - यार्न' कभी स्कूल/कॉलेज में सबसे लोकप्रिय लिटरेरी एक्टिविटी हुआ करती थी

क्या होती है "''स्पिन -आ - यार्न' एक्टिविटी

यह कुछ लोगों द्वारा मिलकर कहानी बनाने की मनोरंजक एवं रचनात्मकता से भरपूर एक्टिविटी है. एक्टिविटी की शुरुआत में 'मॉडरेटर' एक कहानी बोलना शुरू करता है थोड़ी सी कहानी बताने के बाद वह आगे की कहानी बनाने का काम पहले प्रतियोगी को दे देता है ,पहला प्रतियोगी अब तक की कहानी को समझकर अपनी क्रिएटिविटी से कहानी को आगे बढ़ाता है
पहले प्रतियोगी का समय खत्म होते ही कहानी दूसरे प्रतियोगी के हाथ में आ जाती है , अब दूसरा प्रतियोगी अपनी समझ के अनुसार कहानी को आगे बढ़ाता है और फिर ऐसे ही कहानी आगे बढ़ती जाती है और अंत में सबकी समझ और रचनात्मकता से एक पूरी कहानी तैयार हो जाती है
इस एक्टिविटी में 'मॉडरेटर' की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है , मॉडरेटर हर प्रतिभागी के सोचने का समय,डायरेक्शन एवं लिमिटेशन तय करता है, और प्रतियोगी को उस सीमा के भीतर रहते हुए कहानी बुनना होती है

कार्यक्रम के बारे में

नाम - ''स्पिन -आ - यार्न'
कब - 25 अप्रैल 2014 (शुक्रवार)
समय - सायं 5 बजे
स्थान - स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी
आयोजक - क्लब इंक
भाषा - केवल अंग्रेजी
मॉडरेटर - एकता सरीन (इंग्लिश लैंग्वेज ट्रेनर )

भाग लेने के लिए
- कार्यक्रम सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए ओपन है
- पूर्व रजिस्ट्रेशन आवश्यक है
- रजिस्ट्रेशन पूरी तरह से निःशुल्क है
- रजिस्ट्रेशन हेतु लाइब्रेरी हेल्प डेस्क पर कॉल करें (2553765 /2553767 )


ऑनलाइन फॉर्म भरने में छात्रों के छूट रहे पसीने
भोपाल। उच्च शिक्षा विभाग ने सभी विश्वविद्यालयों और निजी शिक्षण संस्थानों को ऑनलाइन एडमिशन करवाने के निर्देश दिए हैं। नए शिक्षण सत्र के लिए प्रमुख विश्वविद्यालयों में मई के दूसरे सप्ताह से एडमिशन शुरू हो जायेंगे। जिन निजी शिक्षण संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, वहां ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने में छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एमपी ऑनलाइन कियोस्क सेंटर में सर्वर की गति धीमी होने अथवा सर्वर डाउन रहने के कारण १ फार्म भरने में २ घंटे से ज्यादा का समय लग रहा है। एमपी ऑनलाइन ने वर्ष २०१३ से नए कियोस्क को अनुमति देना बंद कर दिया है, जबकि उच्च शिक्षा विभाग ने अभी निजी और शासकीय शिक्षण संस्थानों को सत्र २०१४ के एडमिशन पूरी तरह ऑनलाइन करने के निर्देश दिए हैं। जानकारी के अनुसार पिछले साल एडमिशन प्रक्रिया में देरी होने के कारण छात्रों ने ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन और प्रवेश की शर्तें पूरी की थीं। इससे दस्तावेजों के गम होने की शिकायतें सामने आई थी, जिसके बाद उच्च शिक्षा विभाग ने प्रवेश के सभी कॉलेजों में एडमिशन के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया को अनिवार्य किया है। ऐसे में कहाँ नए कियोस्क नहीं बन पा रहे हैं, वहीं पुराने कियोस्क सेंटर्स अभी से फॉर्म लोडिंग का बोझ नहीं उठापा रहे हैं। मई और जून माह में यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। इस दौरान बरकतउल्ला विवि, जीवाजी विवि, और जबलपुर के रानी दुर्गावती विवि से सम्बंधित कॉलेजों के फार्म भरे जायेंगे।

गणतंत्र दिवस पर हुआ "विकी कॉन्स्टी " का आयोजन


Our Correspondent :28 January 2014
भोपाल। 26 जनवरी को स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी में युवाओं के लिए "भारतीय संविधान " पर एक ओपन क्विज आयोजित की गयी। 20 वर्ष तक के छात्रों के लिए आयोजित इस क्विज में 86 टीम्स ने भाग लिया।
पांच राउंड्स में आयोजित इस क्विज में भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था से जुड़े 150 से ज्यादा से ज्यादा प्रश्न पूंछे गए

कार्यक्रम का विवरण इस प्रकार है

कार्यक्रम - विकी कॉन्स्टी

क्या था आयोजन -भारतीय संविधान पर क्विज
किसके लिए - 20 वर्ष तक के युवाओं के लिए
कब हुई - 26 जनवरी को
कहाँ हुई - स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी भोपाल
आयोजक - स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी एवं लीगल एज टुटोरिअल

क्विज मास्टर - हर्ष गगरानी (प्रसिद्ध लेखक व क्विज मास्टर)
कुल प्रतिभागी - 172 (86 टीम्स )
कुल राउंड्स - 05
पुरूस्कार - 5000 रुपये के पुरूस्कार,ट्रॉफी एवं मेडल्स

विजेताओं के नाम -
प्रथम - जागृति गुप्ता एवं प्रत्युष सिंह (झांसी की टीम)
द्वितीय - हिमांशु गुप्ता एवं मयंक देवांगन (भोपाल)
तृतीय - सत्यम बरोलिया एवं सारांश सैनी (भोपाल )

राउंड्स का विवरण

प्रथम राउंड - स्क्रीनिंग राउंड (इसमें एक निबंध दिया गया था जिसके बीच में मौज़ूद खाली स्थानों को भरना था )
दूसरा राउंड - शब्द को पहचानें (4 चित्रों को जोड़कर एक संवैधानिक शब्द निकालना था )
तीसरा राउंड - केस ऑफ़ मिस्सिंग लिंक (चार शब्द,व्यक्तियों या प्रावधानों में कॉमन चीज़ को ढूंढना था )
चौथा राउंड -टाइम लाइन को सही क्रम में जमाएं
पांचवां राउंड - रैपिड फायर राउंड

प्रमुख प्रश्न

प्रश्न - प्रेम बिहारी नारायण रायज़ादा का भारतीय संविधान से क्या कनेक्शन था
उत्तर - इन्होने संविधान की पहली प्रति अपने हाथों से लिखी थी

प्रश्न - अटल बिहारी बाजपेई ने किस घटना के बाद हमेशा से चले आ रहे लोकप्रिय नारे "जय जवान जय किसान " मैं "जय विज्ञान " को जोड़ा था
उत्तर - पोखरण परीक्षण के बाद

प्रश्न - देश में पहली बार ऑनलाइन वोटिंग कब और कौन से चुनाव में हुई थी
उत्तर - गुजरात नगरीय निकाय चुनाव 2010

प्रश्न - किसे भारतीय संविधान का मैग्नाकार्टा कहा जाता है
उत्तर - मौलिक अधिकार (भाग तीन )

प्रश्न - किस प्रधानमन्त्री ने पहली बार भारत में "अल्पमत सरकार" बनाई थी
उत्तर - चौधरी चरण सिंह


गणतंत्र दिवस पर "विकी-कॉन्स्टी"
भारतीय संविधान पर ओपन क्विज

Our Correspondent :24 January 2014
भोपाल। इस गणतंत्र दिवस पर शहर के युवाओं को संविधान से जोड़ने और उनकी समझ बढ़ाने के उद्देश्य से स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी 'भारतीय संविधान' पर केंद्रित एक ओपन क्विज का आयोजन कर रही है 20 वर्ष तक की आयु वाले छात्रों के लिए आयोजित इस क्विज के लिए निःशुल्क रजिस्ट्रेशन 25 जनवरी तक कराये जा सकते हैं. क्विज अंग्रेजी भाषा में आयोजित की जायेगी और विजेताओं को 5000 रुपये कीमत के पुरूस्कार दिये जायेंगे
कार्यक्रम विवरण इस प्रकार है -

कार्यक्रम का नाम - विकी कॉन्स्टी
क्या है कार्यक्रम - भारतीय संविधान पर क्विज
कब - 26 जनवरी 2014 को
अवसर- गणतंत्र दिवस
स्थान - स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी (पूर्व ब्रिटिश लाइब्रेरी)

रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया

कौन भाग ले सकता है - 20 वर्ष तक की आयु के छात्र
रजिस्ट्रेशन - पूरी तरह से निःशुल्क हैं
कहाँ रजिस्ट्रेशन करना है - लाइब्रेरी हेल्प डेस्क पर 2553765 पर कॉल करके
टीम - 02 मेंबर्स की टीम में
रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि - 25 जनवरी 2014

क्विज के बारे में

राउंड्स

पहला राउंड - लिखित स्क्रीनिंग
दूसरा राउंड - मौखिक राउंड

पुरूस्कार - 5000/ रुपये की कीमत के पुरूस्कार


आईसेक्ट में माइक्रोसॉफ्ट का रिसर्च सेंटर शुरू
Our Correspondent :11 April 2014
भोपाल। आईसेक्ट विश्वविद्यालय का माइक्रोसॉफ्ट के साथ किये करार का शुभारंभ विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित एक समारोह में हुआ । समाहोह में उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव जे. एन. कंसोटिया मुख्य अतिथि थे । इस अवसर पर माइक्रोसॉफ्ट के डायरेक्टर सुमित सलूजा, आईसेक्ट विवि के कुलाधिपति संतोष चौबे, कुलपति वीके वर्मा, उपकुलपति अमिताभ सक्सेना, कुलसचिव विजय सिंह एवं आईसेक्ट के डायरेक्टर सिद्दार्थ चतुर्वेदी विशेष रूप से उपस्थित थे । संतोष चौबे ने इस अवसर पर बताया की इस पार्टनरशिप का उद्देश्य इंडस्ट्रीज एवं आईसेक्ट विवि के बीच की साझेदारी को और भी सुदृढ़ करना है, जिससे रोजगार के कई अवसर खुल सके |

विश्वविद्यालय परिसर राजनीति का अखाड़ा न बनें- राज्यपाल
Our Correspondent :18 January 2014
भोपाल। मप्र के राज्यपाल श्री राम नरेश यादव ने कहा है कि विश्वविद्यालय परिसरों का माहौल रचनात्मकता से ओत-प्रोत होना चाहिए ताकि छात्रों की पढ़ाई गुणवत्तापूर्ण हो। राज्यपाल आज राजभवन में महात्मा गाँधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय प्रबंध मण्डल की 46वीं बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रबंधन इस प्रकार की व्यवस्था करें कि विश्वविद्यालय परिसर राजनीति का अखाड़ा न बने और न ही अराजकता के केन्द्र। श्री यादव ने जोर देकर कहा कि किसी भी कीमत पर रैगिंग की घटना स्वीकार नहीं की जायेगी। शिक्षा का ऐसा प्रबंध किया जाये कि अध्ययनरत विद्यार्थी चरित्रवान, नैतिक मूल्यों से ओतप्रोत और श्रेष्ठ व्यक्तित्व का निर्माण करके ही निकलें। उन्होंने कहा कि न केवल पाठ्यक्रमों को समय पर पूर्ण किया जाये बल्कि परीक्षाफल भी समय पर घोषित किये जाएं और उपाधियाँ भी समय पर वितरित की जायें।
राज्यपाल श्री यादव ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के ग्राम विकास के दर्शन का ग्रामोदय विश्वविद्यालय शाश्वत प्रेरणा-स्रोत है। महात्मा गाँधी और नानाजी देशमुख जैसे महापुरूषों के ग्राम स्वराज्य के सपनों को साकार करने के लिए अभी बहुत कुछ किया जाना शेष है। श्री यादव ने आशा व्यक्त की कि विश्वविद्यालय परिवार प्राथमिकता के साथ विद्यार्थियों के जीवन के लिए आधार-भूमि तैयार करने वाले पठन-पाठन और शैक्षणिक कार्यों का संचालन करेगा।

पूर्व कुलपति के विरुद्ध शिकायतों की जाँच होगी

बैठक में विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति के विरुद्ध शिकायतों की जाँच धारा 44 के तहत करवाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए एक जाँच समिति का गठन किया जायेगा। जाँच समिति पूर्व कार्यवाहक कुलपति पर अदालत में चल रहे प्रकरणों को छोड़कर अन्य प्रकरणों और शिकायतों की जाँच करेगी।
बैठक में राज्यपाल के प्रमुख सचिव श्री विनोद सेमवाल, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री जे.एन. कंसोटिया, प्रमुख सचिव कृषि श्री बी.एस. धुर्वे, कुलपति प्रो. नरेश चन्द्र गौतम, प्रतिकुलपति प्रो. इन्द्र प्रसाद त्रिपाठी और विख्यात वैज्ञानिक उपस्थित थे।


तकनीकी संस्थाओं के प्राचार्यों को दी जायेगी विजन विकास की ट्रेनिंग
Our Correspondent :18 January 2014
भोपाल। मप्र के तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने शुक्रवार को क्रिस्प में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग, पॉलीटेक्निक और आई.टी.आई. के प्राचार्यों के विजन विकास के लिये क्रिस्प में तीन दिन का प्रशिक्षण दिलवायें। फरवरी माह में ही दो बेच में पॉलीटेक्निक कॉलेज के प्राचार्यों को प्रशिक्षण दिलवाया जाये।
श्री गुप्ता ने कहा कि प्रशिक्षण के लिये बेहतर माड्यूल बनायें। उन्होंने क्रिस्प में प्रशिक्षण ले रहे विद्यार्थियों से भी चर्चा की। श्री गुप्ता ने कहा कि इनके प्लेसमेंट की भी व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के बाद स्व-रोजगार स्थापित करने वाले प्रशिक्षकों को तकनीकी मार्गदर्शन भी दिलवायें। श्री गुप्ता ने मल्टीमीडिया, कार मेकाट्रॉनिक्स, आई.टी. आदि कक्ष में जाकर वहाँ चल रहे प्रशिक्षण को भी देखा।
क्रिस्प द्वारा अनुसूचित-जाति एवं अनुसूचित-जनजाति के युवक-युवतियों को गारमेंट मेकिंग, फर्नीचर डिजायनिंग, कार मेकाट्रानिक्स, मशीन टूल आपरेशन और कम्प्यूटर अकाउंटिंग का नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
क्रिस्प के सी.ई.ओ. श्री मुकेश शर्मा ने जानकारी दी कि एस.जी.एस.वाई. स्पेशल प्रोजेक्ट में अभी तक 2614 युवा को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इनमें से 2074 युवा रोजगार भी प्राप्त कर चुके हैं। श्री शर्मा ने अन्य कार्यक्रमों की भी जानकारी दी।
इस मौके पर संचालक तकनीकी शिक्षा श्री अरुण नाहर एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


विद्यार्थियों से अधिक शुल्क लेने वालों के विरुद्ध करवायें एफआईआर
Our Correspondent :18 January 2014
भोपाल। विद्यार्थियों से निर्धारित शुल्क से अधिक शुल्क लेने वाले इंजीनियरिंग एवं बी.एड. कॉलेजों के विरुद्ध एफ.आई.आर. करवायें। तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने यह बात प्रवेश तथा फीस विनियामक समिति की बैठक में कही। श्री गुप्ता ने कहा कि साल में कम से कम एक बार प्रायवेट इंजीनियरिंग कॉलेज का निरीक्षण जरूर करें।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि किसी विद्यार्थी के साथ अन्याय नहीं होना चाहिये। यदि विद्यार्थी संस्था को छोड़ता है, तो उसकी कॉशन मनी और मूल दस्तावेज वापस किये जायें।

अनियमितता पर संबद्धता समाप्त होगी

तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि कॉलेजों की विश्वविद्यालय से संबद्धता की शर्त में यह शामिल करें कि संस्था में छात्रवृत्ति वितरण में अनियमितता पाये जाने पर संबद्धता स्वमेव समाप्त होगी।
सभी इंजीनियरिंग एवं बी.एड. कॉलेज में पढ़ने वाले अनुसूचित-जाति, अनुसूचित-जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति उनके बैंक खाते में डाली जाये। इसके लिये सभी विद्यार्थियों के बैंक खाते भी खुलवायें।

हेल्प लाइन नम्बर

श्री गुप्ता ने कहा कि विनियामक समिति और तकनीकी शिक्षा संचालनालय में विद्यार्थियों के लिये हेल्प लाइन नम्बर प्रारंभ किये जायें। इस नम्बर में विद्यार्थी फीस, छात्रवृ‍त्ति सहित अन्य समस्याओं की शिकायत कर सकेगा। प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई भी की जाये। हेल्प लाइन नम्बर को सभी कॉलेज में डिस्प्ले भी करवाया जाये। तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि बदनीयती से की गयी किसी भी गलती को माफ नहीं किया जाये।
समिति हर तीन वर्ष में निजी व्यावसायिक शिक्षण संस्थाओं की फीस निर्धारित करती है। समिति को सिविल न्यायालय की समस्त शक्तियाँ प्राप्त हैं।

241 शिकायत निराकृत

सत्र 2013-14 में प्रवेश एवं फीस विनियामक समिति को 270 शिकायत प्राप्त हुईं। इनमें 241 शिकायत का निराकरण हो चुका है।
बैठक में समिति के चेयरमेन श्री टी.आर. थापक एवं समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।


विवेकानंद क्विज संपन्न
स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी एवं स्वराज संस्थान संचालनालय द्वारा स्वामी विवेकानंद जी की 151 वीं जयंती पर आयोजित "विवेकानंद क्विज" आज स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी में संपन्न हुई
शहर के 400 युवाओं ने इस क्विज के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराया था. चार चरणों में आयोजित हुई स्क्रीनिंग के द्वारा 4 सर्वश्रेस्ठ टीमों का चयन किया गया जिनके बीच फाइनल क्विज का आयोजन किया गया.


कार्यक्रम का विवरण इस प्रकार है

कार्यक्रम - विवेकानंद क्विज
अवसर - स्वामी विवेकानंद की 151 वीं जयंती
आयोजन दिवस - रविवार 12 जनवरी
स्थान - स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी भोपाल

क्विज मास्टर - शिवेन्दु जोशी (नेशनल लॉ स्कूल यूनिवर्सिटी)

आयोजन टीम -

देवेन्द्र सिंह चौहान (IEHE भोपाल)
अनुभव उपमन्यु (MANIT भोपाल)
अभिषेक तिवारी (MANIT भोपाल )
चार्वी गुप्ता (IEHE भोपाल)
प्रकृति शाह (सेंट जोसफ कान्वेंट स्कूल भोपाल)

मुख्य अतिथि - श्री बी आर नायडू (प्रमुख सचिव,महिला एवं बाल विकास,मध्य प्रदेश शासन)

क्विज के विजेता -

प्रथम पुरूस्कार (रुपये 5000 /-) यश वर्मा एवं रोमिल तिवारी (MANIT भोपाल)
द्वितीय पुरूस्कार (रुपये 3000/- अभिषेक भार्गव एवं पल्लवी मालपानी (LNCT भोपाल)
तृतीय पुरूस्कार (रुपये 2000 /- चंद्रशेखर अग्रवाल एवं दीन दयाल (ऑडिटर जनरल ऑफिस)

स्क्रीनिंग राउंड

चार राउंड्स - हर राउंड में 50 टीमों ने भाग लिया
कुल प्रतिभागी - 400


"विवेकानंद क्विज"
स्वामी विवेकानंद की 151 वीं जयंती के अवसर पर इस रविवार 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी, स्वराज संस्थान (संस्कृति विभाग मध्य प्रदेश शासन) के साथ मिलकर एक ओपन क्विज का आयोजन कर रही है
विवेकानंद क्विज के नाम से होने वाली यह क्विज सभी शहरवासियों के लिए ओपन और पूरी तरह से निःशुल्क है. किसी भी आयु वर्ग के 02 लोग अपनी एक टीम बनाकर इस क्विज के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं
लाइब्रेरी की हेल्प डेस्क पर क्विज के रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके हैं. लाइब्रेरी में स्थान सीमित होने के कारण सबसे पहले रजिस्टर करने वालीं केवल 50 टीमें ही इस प्रतियोगिता में भाग ले सकेंगीं
पूरी क्विज हिंदी में आयोजित होगी और सभी प्रश्न स्वामी विवेकानंद के जीवन और दर्शन पर आधारित होंगे। क्विज में भाग लेने वाले हर प्रतियोगी को स्वराज संस्थान द्वारा प्रकाशित पुस्तक 'युग प्रवर्तक विवेकानंद' उपहार स्वरुप दी जायेगी
क्विज के तीन विजेताओं को कुल 10 हज़ार रुपये के नगद पुरूस्कार दिए जायेंगें तथा पूरी क्विज 'रेडियो आज़ाद हिन्द' पर प्रासारित की जायेगी

कार्यक्रम का विवरण इस प्रकार है

कार्यक्रम का नाम - विवेकानंद क्विज
दिनांक - 12 जनवरी 2014 (स्वामी विवेकानंद जयंती/राष्ट्रीय युवा दिवस)
समय - सुबह 11 बजे
स्थान - स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी,न्यू मार्किट भोपाल

क्विज का पैटर्न

थीम - स्वामी विवेकानंद का जीवन एवं दर्शन
स्क्रीनिंग राउंड्स - प्रथम राउंड एक स्क्रीनिंग राउंड होगा,इस लिखित राउंड में सभी 50 टीमें भाग लेंगीं
फाइनल राउंड - एक मौखिक राउंड होगा जिसमे स्क्रीनिंग से चयनित 4 टीमें भाग लेंगीं
क्विज का माध्यम -हिंदी

पुरूस्कार -

प्रथम - नगद पुरूस्कार 5000/- रुपये एवं ट्राफी
द्वतीय - नगद पुरूस्कार 3000/- रुपये एवं ट्राफी
तृतीय - नगद पुरूस्कार 2000/- रुपये एवं ट्राफी

क्विज टीम -

शिवेन्दु जोशी,अनुभव उपमन्यु ,देवेन्द्र सिंह चौहान,अभिषेक तिवारी,प्रकृति शाह
आयोजक - स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी एवं स्वराज संस्थान संचालनालय (संस्कृति विभाग,म प्र शासन)

क्विज में भाग लेने के लिए संपर्क करें

लाइब्रेरी हेल्प डेस्क (2553765 या 2553767)
स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी


अमेरिका में भारतीय छात्रों की संख्या में गिरावट
Our Correspondent :12 November 2013
वाशिंगटन। अमेरिका में पढ़ रहे भारतीय छात्रों पर रुपये के कमजोर होने का असर अब साफ दिखने लगा है। इसके चलते 2012-13 के शैक्षणिक सत्र में यहां पढ़ रहे छात्रों की संख्या में 3.5 फीसद की गिरावट दर्ज की गई है।
एक रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका में भारतीय छात्रों की संख्या में लगातार तीसरे वर्ष गिरावट जारी रही। 2012-13 के सत्र में भारत के 96 हजार 754 छात्र अमेरिका में पढ़ रहे हैं। यह आंकड़ा इसके पूर्व सत्र की तुलना में 3.5 फीसद कम है। इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल एजुकेशन (आइआइई) द्वारा जारी 'एजुकेशनल एक्सचेंज डॉटा' रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका में विदेशी छात्रों के पढ़ने के मामले में भारत 2001-02 से 2008-09 तक आगे रहा लेकिन वह अब चीन के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। अमेरिका में पढ़ने वाले विदेशी छात्रों में से 49 फीसद चीन, भारत और दक्षिण कोरिया के हैं। इस मामले में जहां चीन के छात्रों की संख्या में इजाफा हो रहा है वहीं भारत और दक्षिण कोरियाई छात्रों की तादाद में कमी आ रही है। 2012-13 के सत्र में अमेरिकी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में चीन के छात्रों की संख्या आठ लाख 19 हजार के रिकार्ड स्तर पर पहुंच गई है। आइआइई की डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट राजिका भंडारी ने कहा कि रुपये के कमजोर होने से भारतीय छात्रों का विदेश में जाकर शिक्षा ग्रहण करना बेहद महंगा हो गया है।


दुनिया के 400 शीर्ष विश्वविद्यालयों में पांच भारतीय
Our Correspondent :04 October 2013
लंदन। दुनिया की टॉप-400 विश्वविद्यालय की सूची में भारत की स्थिति पहले से सुधरी है। इस सूची में 2012 में जहां तीन विश्वविद्यालय थे वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर पांच हो गई है।
टाइम्स हॉयर एजुकेशन व‌र्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग (टीएचईडब्ल्यूयूआर) 2013-14 में पहली बार पंजाब यूनिवर्सिटी को स्थान मिला है जिसे 226-250 समूह में रखा गया है। इसके साथ इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आइआइटी) दिल्ली और कानपुर ने 351-400 के समूह में स्थान प्राप्त किया है जबकि आइआइटी खड़गपुर की रैंकिंग में गिरावट आई है। इसे 226-250 के समूह से खिसका कर 351-400 के समूह में रखा गया है। हालांकि आइआइटी रुड़की ने 351-400 के समूह में अपना स्थान बरकरार रखा है। टीएचईडब्ल्यूयूआर के संपादक फिल बटी ने कहा कि इस परिणाम से भारत का उत्साह बढ़ना चाहिए क्योंकि टॉप-200 यूनिवर्सिटी में भारत का एक भी संस्थान नहीं है जबकि टॉप-400 विश्वविद्यालयों में अब इसके पांच विश्वविद्यालय शामिल हो गए हैं जो वैश्विक रैंकिंग में बढ़ रही प्रतिबद्धता का संकेत है। टीएचईडब्ल्यूयूआर के रैंकिंग विशेषज्ञ एलिजाबेथ गिबने ने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि भारत दुनिया के शीर्ष विश्वविद्यालयों से प्रतिस्पर्धा करने के लिए गुणवत्ता पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहा है।
टॉप-400 रैंकिंग में कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ने अपनी बादशाहत कायम रखते हुए लगातार तीसरे साल पहला स्थान हासिल किया है। जबकि दूसरे स्थान पर संयुक्त रूप से हावर्ड यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड को रखा गया है। पिछली बार हार्वर्ड विवि चौथे स्थान पर था। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी दूसरे नंबर से खिसक कर चौथे स्थान पर पहुंच गई है। इनके अलावा रैंकिंग के टॉप-10 में मेसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (पांचवां), प्रिंसटन यूनिवर्सिटी , यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज (सातवां), बर्कले (आठवां), यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो (नौवां) व इम्पीरियल कॉलेज लंदन (दसवां) शामिल हैं।


अजा वर्ग के 20 लाख से अधिक विद्यार्थी को विभिन्न छात्रवृत्ति
Our Correspondent :03 October 2013
भोपाल। अनुसूचित-जाति कल्याण विभाग द्वारा शालाओं एवं महाविद्यालयों में पढ़ने वाले 20 लाख 21 हजार विद्यार्थी को विभिन्न प्रकार की छात्रवृत्ति दी जा रही है। वर्ष 2003 में विभाग द्वारा करीब 13 लाख विद्यार्थी को छात्रवृत्ति का लाभ दिया जा रहा था। केन्द्र सरकार द्वारा अजा वर्ग के निर्धन विद्यार्थियों के लिये वार्षिक आय-सीमा 2 लाख निर्धारित की गई है। राज्य सरकार ने यह आय-सीमा बढ़ाकर 3 लाख तक की है। इसका उद्देश्य पोस्ट-मेट्रिक छात्रवृत्ति का फायदा अधिक से अधिक अजा वर्ग के विद्यार्थियों को दिलाना है।

बच्चों के लिये अच्छी शिक्षा, शिक्षकों का सम्मान सरकार का ध्येय
Our Correspondent :02 October 2013
भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि बच्चों को अच्छी शिक्षा और शिक्षकों को भरपूर सम्मान देना राज्य सरकार का ध्येय रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ने बड़े फैसले लेकर बच्चों के उज्जवल भविष्य की बुनियाद को मजबूत किया है। गुणवत्तायुक्त रोजगारोन्मुखी शिक्षा का विस्तार हमारी कार्य-योजना में शामिल है।
मुख्यमंत्री सिवनी में आदिम-जाति कल्याण विभाग के छात्र जागृति शिविर को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर शिक्षकों के हित में राज्य सरकार के फैसलों और कार्यो के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शिक्षक संगठनों ने मुख्यमंत्री का सम्मान कर उन्हें अभिनंदन-पत्र भेंट किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षाकर्मी, गुरुजी जैसे पदों को समाप्त कर मध्यप्रदेश सरकार ने समान कार्य समान वेतन के आधार पर शिक्षकों की दिक्कतें समाप्त की हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों के कल्याण के लिये भविष्य में और योजनाएँ अमल में लाई जायेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बेहतर शिक्षा के व्यापक इंतजाम किये गये हैं। समाज के हर वर्ग के बच्चों के लिये सुलभ शिक्षा पर ध्यान दिया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन ने अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के बच्चों के लिये महत्वपूर्ण फैसले लिये हैं। सरकारी एवं निजी मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज एवं उच्च शिक्षा के अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए कॉलेज का शिक्षण शुल्क मध्यप्रदेश सरकार द्वारा दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने शहर में किराये का मकान लेकर पढ़ने वाले बच्चों के लिये किराया राशि का भुगतान करने का बड़ा फैसला किया है।
आदिम-जाति कल्याण मंत्री कुँवर विजय शाह ने कहा कि शिक्षा, विकास के मूल में है। शिक्षा के लिये जो कार्य मध्यप्रदेश में हुए वैसे देश में और कहीं नहीं हुए।
इस अवसर पर स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री नानाभाऊ मोहोड़, महाकौशल विकास प्राधिकरण अध्यक्ष श्री नरेश दिवाकर, मध्यप्रदेश राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. ढालसिंह बिसेन, विधायक श्रीमती नीता पटेरिया, श्री कमल मर्सकोले एवं शशि ठाकुर तथा अन्य गणमान्य नागरिक भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री के साथ सोफे पर बैठा निःशक्त गनपत
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने देखा कि सभा में आमजन के बीच दोनों पैरों से निःशक्त एक व्यक्ति उनसे मिलने के लिये आतुर है। वह दोनों हाथ ऊपर उठाकर अपनी भावनाएँ व्यक्त कर रहा है। मुख्यमंत्री ने तुरंत उपस्थित अधिकारियों को निःशक्त को सम्मानपूर्वक लाकर उनके साथ सोफे पर बैठाने के लिये कहा। यह सुनते ही जन-समुदाय की हर्षमिश्रित प्रतिक्रिया हुई और निःशक्त भी आनंद तथा आश्चर्य से सराबोर हो गया। मुख्यमंत्री ने उससे बात की उसकी समस्याएँ सुनी और उसे 50 हजार रूपये का चेक प्रदान किया।


मध्यप्रदेश शिक्षा का हब बनेगा- उच्च शिक्षा मंत्री श्री शर्मा
Our Correspondent :02 October 2013
भोपाल। मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा का हब बनेगा। उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने यह बात सतना जिले के मझगवाँ में शासकीय स्नातक महाविद्यालय का शुभारंभ करते हुए कही। श्री शर्मा ने कहा कि महाविद्यालय भवन के लिये 3 करोड़ रुपये स्वीकृत किये जायेंगे।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि अगले शैक्षणिक सत्र से मझगवाँ में पॉलीटेक्निक कॉलेज भी खोला जायेगा। उन्होंने कहा कि नवीन महाविद्यालय में आगामी शैक्षणिक सत्र से कॉमर्स एवं विज्ञान संकाय की कक्षाएँ भी प्रारंभ की जायेंगी। श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में 90 से अधिक महाविद्यालय प्रारंभ किये गये हैं। प्रदेश में 12 विश्वविद्यालय भी प्रारंभ किये गये हैं। उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि जहाँ वर्ष 1993 में 8-10 गाँव के बीच एक प्राथमिक स्कूल हुआ करता था, वहाँ आज एक महाविद्यालय प्रारंभ करने के प्रयास किये जा रहे हैं।
बिरसिंहपुर में आईटीआई का शुभारंभ
तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने सतना जिले के बिरसिंहपुर में नवीन आईटीआई का शुभारंभ किया। उन्होंने संस्थान का नाम स्व. मोतीलाल अग्रवाल के नाम पर करने की भी घोषणा की। श्री शर्मा ने कहा कि आगामी शिक्षा सत्र से बिरसिंहपुर में नवीन शासकीय महाविद्यालय प्रारंभ किया जायेगा। इस मौके पर विधायक श्री सुरेन्द्र सिंह गहरवार ने भी विचार व्यक्त किये।


अब सामान्य वर्ग के निर्धन विद्यार्थियों को भी मिलेगी छात्रवृत्ति
Our Correspondent :18 September 2013
भोपाल। मप्र के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश सरकार अब सामान्य वर्ग के निर्धन विद्यार्थियों को भी छात्रवृत्ति देगी। श्री चौहान आज सिवनी जिले के केवलारी में 11 करोड़ रुपये से अधिक के 23 कार्य का भूमि-पूजन तथा लोकार्पण कर रहे थे।
श्री चौहान ने प्रदेश में सिंचाई तथा विद्युत के क्षेत्र में हुए विकास की चर्चा करते हुए कहा कि बीते 10 वर्ष में प्रदेश की सिंचाई क्षमता 7 लाख 50 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 25 लाख हेक्टेयर हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बिजली उत्पादन 2900 मेगावाट था जो बढ़कर 10 हजार 600 मेगावाट हो गया है। आगामी 5 वर्ष में और अधिक बिजली उत्पादन किये जाने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हर क्षेत्र में लोगों से चर्चा कर सर्वहारा वर्ग के कल्याण की अनेक योजना शुरू की हैं। श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार ने गेहूँ पर 150 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देकर उन्हें फायदा पहुँचाया। उन्होंने कहा कि धान पर भी किसानों को बोनस दिया जायेगा। मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना में, ऐसे लोग जिनका नाम गरीबी रेखा में नहीं है और वे मेहनत-मजदूरी करते हैं, भी रियायती दर पर अनाज मिलेगा। साथ ही गरीबों को उनके रहने के लिये भूमि के पट्टे दिये जायेंगे।
श्री चौहान ने केवलारी में 8 करोड़ 72 लाख 34 हजार के 4 विकास कार्य का भूमि-पूजन तथा 3 करोड़ 16 लाख 19 हजार रुपये के 19 कार्य का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री देवसिंह सैयाम, सांसद श्री राकेश सिंह, विधायक श्रीमती नीता पटेरिया, पूर्व मंत्री डॉ. ढालसिंह बिसेन सहित अन्य जन-प्रतिनिधि मौजूद थे।


राधारमण में आईएसटीई ओेरिएंटेशन प्रोग्राम
Our Correspondent :27 September 2013
भोपाल। राधारमण इंस्टीट्यूट आॅफ रिसर्च एडं टेक्नालाॅजी में इंडियन सोसायटी फाॅर टेक्नीकल एजूकेषन, नईदिल्ली द्वारा आयोजित दो दिवसीय ओरिएंटेषन कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस दौरान एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम्स तथा रीसेन्ट ट्रेंड्स इन कम्प्यूटर साइंस एडं इंजीनियरिंग विषय पर एक कार्यषाला का आयोजन भी किया गया। पूर्व तकनीकी षिक्षा डायरेक्टर व आईएसटीई, नईदिल्ली के चेयरमैन प्रोफेसर आषीष डोंगरे तथा आईएसटीई स्टेट एक्जीकिटिव मेम्बर व एएफआरसी, एआईआरसीटीई, नईदिल्ली डाॅ. सुनील कुमार इस कार्यक्रम के विषिष्ट अतिथि थे। समूह के ग्रुप डायरेक्टर प्रोफेसर जेएल राणा ने इस तकनीकी कार्यक्रम की रूपरेखा बताई। दो अलग सत्रों में बंटे इस कार्यक्रम में वीडियो लेक्चर व तकनीकी व्याख्यान हुए।

कार्पोरेट ग्रुप में इंफोसिस टेक्नोलाॅजीस की कार्यषाला
Our Correspondent :27 September 2013
भोपाल। कार्पोरेट ग्रुप आॅफ इंस्टीट्यूट्स में इंफोसिस टेक्नालाॅजीस ने कार्यषाला को आयोजन किया। अतिथि श्री आर्या ने छात्रों को टेक्नीकल नाॅलेज और वर्तमान परिवेष के अनुरूप स्किल्स बढ़ाने को प्रोत्साहित किया। कार्यषाला में छात्रों को सोफ्टवेयर डेव्लपमेंट एवं इंर्फोमेषन टेक्नोलाजी के क्षेत्र से जुड़ी हुई आधुनिक जानकारियां प्रदान की गई। इस कार्यषाला का उद्देष्य छात्रों को इंर्फोमेषन टेक्नोलाजी के सेक्टर से जुड़ी हुई टेक्नीकल नाॅलेज एवं सामान्य जानकारियां प्रदान करना था। कार्यषाला में डायरेक्ट ;सीआईआरटीद्ध डाॅ केष्वेंद्र चैधरी, सभी डिपार्टमेंटल हेड सहित सभी षिक्षकगण एवं छात्र सम्मिलित हुये।

एसआईआरटी के छात्रों का औद्योेगिक श््रमण
Our Correspondent :27 September 2013
भोपाल। सागर ग्रुप आॅफ इंस्टीट्यूषेस कि प्रबंध संस्थान के छात्रों ने परमाली वैलेस प्रा.लि. का श््रमण किया। इकाई के कार्मिक विभाग की मैनेजर डाॅ. जया और जनरल मैनेजर, गुणवत्ता नियंत्रक पटवध्रान ने छात्रों व षिक्षकों की अगवानी की तथा उन्हें इकाई के बारे में संपूर्ण जानकारी दी। छात्रों ने पूरी इकाई का श््रमण कर प्रत्यक्ष रूप से संपूर्ण जानकारी प्राप्त की। छात्रों के समूह का नेतृत्व प्रो. विजय करमरकर और प्रो. लक्ष्मी सहजवानी ने किया। छात्रों ने सभी जानकारी एकत्र कर एक विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।

आईआईईएस में इंटेलिजेंट टेªफिक सिस्टम पर सेमिनार
Our Correspondent :27 September 2013
भोपाल। आईईएस काॅलेज ने इंटेलिजेंट टेªफिक सिस्टम पर राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया। सिविल इंजीनियरिंग द्वारा आयोजित इस सेमिनार में देष के विभिन्न षहरों मे स्थित जाने माने षिक्षक व रिसर्च संस्थानों तथा उद्योग जगत के विषेषज्ञ अपने विचार व्यक्त करेंगे। सेमिनार का षुभारंभ मुख्य अतिथि जल संसाधन विभाग, म.प्र. सरकार के सचिव बीओ जोषी ने किया। सेमिनार में डाॅ. अखिलेष कुमार मौर्या, डाॅ. गोपाल आर पाटील, प्रो. सिद्धार्थ रोकाड़े आदि षामिल है

मुख्यमंत्री युवा इंजीनियर कांट्रेक्टर योजना- रेण्डम प्रोसेस से चयन
Our Correspondent :18 September 2013
भोपाल। मुख्यमंत्री युवा इंजीनियर कांट्रेक्टर योजना के लिये चयन की प्रक्रिया आज निर्माण भवन में की गई। ऑनलाइन आवेदन प्राप्त होने के बाद चयन की प्रक्रिया कम्प्यूटराईज्ड रेण्डम नंबर जनरेशन से की गई। चयनित उम्मीदवार की जानकारी वेटिंग लिस्ट सहित वेबसाइट http://www.mppwd.gov.in/ पर उपलब्ध है। उम्मीदवार को मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से सूचना दी जा रही है।
इस मौके पर मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री विवेक अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा इंजीनियर कांट्रेक्टर योजना का यह प्रथम चरण है। सरकार का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा इंजीनियर को योजना का लाभ देना है और इसके लिये निरंतर यह सतत प्रकिया अपनाई जायेगी। प्रथम चरण में 500 युवाओं का चयन किया जाना है। अगले चरण में भी अधिक से अधिक युवाओं को लाभ दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्राप्त आवेदनों में से भी अगले चरण के लिये योजना में चयन किया जायेगा।
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री अखिलेश अग्रवाल ने कहा कि योजना में 6 माह का प्रशिक्षण चयनित उम्मीदवारों को दिया जायेगा। प्रथम चरण में चयनित उम्मीदवार को संभवत: एक अक्टूबर को बुलवाया जायेगा, जहाँ उनका रजिस्ट्रेशन और आगे की गतिविधियाँ बतलाई जायेंगी।
योजना में 8,504 वैध आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें उम्मीदवारों का रेण्डम नम्बर जनरेशन प्रक्रिया अपनाकर चयन किया गया। अनुसूचित-जनजाति के पुरुष वर्ग में 73 और महिला वर्ग में 27 का चयन किया गया। इसके साथ वेटिंग-लिस्ट में 42 अनुसूचित-जनजाति के पुरुष वर्ग की सूची भी जारी की गई। अनुसूचित-जाति के पुरुष वर्ग में 56 और 24 महिला वर्ग की सूची जारी की गई। इसकी वेटिंग-लिस्ट में 34 पुरुष और 16 महिला वर्ग के उम्मीदवार शामिल हैं। इसी प्रकार सामान्य और पिछड़ा वर्ग के लिये 224 पुरुष और 96 महिला वर्ग का चयन हुआ। इसकी वेटिंग-लिस्ट में 134 पुरुष और 58 महिला वर्ग के उम्मीदवारों को शामिल किया गया है।
इस दौरान प्रदेश के अंचलों से आये अनेक युवा उम्मीदवार मौजूद थे। वहाँ मौजूद चयनित युवा उम्मीदवार में से पिंकी चौधरी भोपाल, सीमा पंथी भोपाल, पुरुषोत्तमलाल प्रजापति पन्ना, अभिषेक अखण्ड उज्जैन, राकेश मालवीय नीमच, शिवकुमार प्रजापति सतना, कामता प्रसाद आरख, श्रुति त्रिपाठी शहडोल, नेहा रघुवंशी उज्जैन, शिवम माथुर विदिशा, नेहा जोशी भोपाल, कीर्ति दुबे होशंगाबाद, ललित पटेल भोपाल, सावन जोशी सीहोर, आमिर जमील भोपाल, मयूर पटेल बुरहानपुर सहित अन्य युवा ने अपने चयन पर खुशी जाहिर की। चयनित उम्मीदवारों ने श्री विवेक अग्रवाल और श्री अखिलेश उपाध्याय से भेंट कर बधाई एवं शुभकामनाएँ लीं।


उच्च शिक्षा ऋण शिविर - मौके पर प्रकरण स्वीकृत करें
Our Correspondent :18 September 2013
भोपाल। मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय भोपाल में बुधवार 18 सितम्बर को उच्च शिक्षा ऋण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर में पहुंचने वाले विद्यार्थियों को ऋण प्रकरण के संबंध में मार्गदर्शन दिया जायेगा। जरूरत पड़ने पर उनके ऋण प्रकरण तैयार किए जायेंगे और तैयार ऋण प्रकरणों को मौके पर ही स्वीकृति भी दी जायेगी। शिविर का आयोजन पूर्वान्ह 11 बजे से शुरू होगा।
जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री राकेश श्रीवास्तव ने बताया है कि उच्च शिक्षा ऋण शिविर में समय पर पहुंचने के लिए सभी बैंकर्स और शिक्षण संस्थाओं के प्रतिनिधियों को निर्देशित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं भी शिविर स्थल पर मौजूद रहेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि व्यवस्थायें कारगर बनें। उन्होंने ऐसे सभी विद्यार्थियों जिनको उच्च शिक्षा के लिए ऋण की आवश्यकता है उनसे आग्रह किया है कि वे जरूरी जानकारी के साथ शिविर में पहुंचे ताकि उनके प्रकरण को शिविर में ही स्वीकृत किया जा सके और अध्ययन के लिए राशि उपलब्ध कराई जा सके।


नैतिक मूल्य उच्च शिक्षा पाठ्यक्रम में शामिल होंगे- मंत्री श्री शर्मा
Our Correspondent :18 September 2013
भोपाल। नैतिक मूल्यों को उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल किया जायेगा। उच्च शिक्षा मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने यह बात 'वर्तमान परिदृश्य में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में मूल्य आधारित शिक्षा पद्धति का निर्धारण एवं सम्प्रेषण' पर हुई परिचर्चा में कही। परिचर्चा में विभिन्न विश्वविद्यालय के कुलपति एवं शिक्षाविदों ने भाग लिया।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि जो जिस पद पर बैठा है, उस पद के साथ न्याय करे। उन्होंने कहा कि सभी अंचल में अच्छे शिक्षा संस्थान खोलने के प्रयास किये जा रहे हैं। श्री शर्मा ने कहा कि निजी क्षेत्र द्वारा छोटे शहरों में भी शिक्षा संस्थान खोले जाने चाहिये। उन्होंने कहा कि परिचर्चा में जो भी निष्कर्ष सामने आयेंगे, उन्हें उच्च शिक्षा के क्षेत्र में लागू किया जायेगा। उच्च शिक्षा मंत्री ने मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग की वेबसाइट का लोकार्पण भी किया।
परिचर्चा में माध्यमिक शिक्षा मण्डल के उपाध्यक्ष श्री गोविंद शर्मा ने कहा कि उच्च शिक्षा ऐसी होनी चाहिये, जिसमें समाज के प्रति प्रतिबद्धता निहित हो। चिकित्सा विश्वविद्यालय जबलपुर के कुलपति डॉ. डी.पी. लोकवानी ने कहा कि आध्यात्म वह है, जिसे अभी तक हम खोज नहीं पाये तथा विज्ञान वह आध्यात्म है, जिसे हमने खोज लिया। पुणे से आये प्रोफेसर अनिरुद्ध देशपाण्डे ने भी मूल्य आधारित शिक्षा पर जोर दिया। जय प्रकाश युनिवर्सिटी गुना के कुलपति डॉ. राव सहित अन्य शिक्षाविदों ने भी विचार व्यक्त किये। विनियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ. अखिलेश पाण्डे ने परिचर्चा के उद्देश्यों की जानकारी दी।


जीव सेवा संस्थान, बैरागढ़ में सी. आई. आई. -व्हाय आई. फिनिशिंग स्कूल का आयोजन
Our Correspondent :17 September 2013
भोपाल। छात्र छात्राओं की रोजगार क्षमता में सुधार करने एवं उन्हें उद्योगों के लिए तैयार करने हेतु सी. आई. आई. -व्हाय आई. फिनिशिंग स्कूल का आयोजन किया जा रहा है।
फिनिशिंग स्कूल का उद्देश्य इंजीनियरिंग बिजनेस मैनेजमेंट और लॉ संस्थानों से स्नातक छात्र छात्राओं को रोजगारोपयोगी कौशल प्रदान करना है। स्कूल का उद्देश्य अपनी शिक्षा पूरी करते हुए छात्र छात्राओं को रोजगारोपयोगी कौशल एवं क्षमता को मजबूत बनाने हेतु सुविधा प्रदान करवाना है। कार्यक्रम का फोकस आज दुनिया में कहीं भी किसी भी व्यवसाय में सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बन चुके सॉफ्ट स्किल्स को और उन्नत बनाना सी आई आई. वाय आई के सदस्य छात्र छात्राओं के ज्ञान को मजबूत एवं दृढ बनाने हेतु इस फिनिशिंग स्कूल में अपना योगदान देंगे। फिनिशिंग स्कूल प्रोग्राम द्वारा बहुत विस्तृत रूप से ऑफिस मैनेजमेंट कॉर्पोरेट कल्चर आर्गेनाईजेशन बेहविअर इफेक्टिव प्रेजेंटेशन स्किल्सए टाइम मैनेजमेंटए गोल सेटिंग एवं पब्लिक स्पीकिंग आदि के बारे में स्टूडेंट्स को मोक सेशंस तथा केस स्टडीज के माध्यम से बताया जाएगा। ३० घंटे के इस फिनिशिंग स्कूल के माध्यम से छात्र छात्राएं अपने भविष्य उद्योग नियोक्ता के बारे में समग्र दृष्टिकोण प्राप्त कर सकेंगे।


साक्षरता में त्रिपुरा ने केरल को पीछे छोड़ा
Our Correspondent :09 September 2013
अगरतला। पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा ने साक्षरता के मामले में केरल को पीछे छोड़कर देश में पहला स्थान हासिल कर लिया है। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने रविवार को दावा किया कि त्रिपुरा के 94.65 फीसद लोग साक्षर हैं जबकि केरल में यह प्रतिशत 93.91 है।
अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा, 2001 की जनगणना में साक्षरता के मामले में 12वें स्थान पर मौजूद त्रिपुरा अब पहले नंबर पर पहुंच गया है। अगस्त, 2012 में किए गए सरकारी सर्वे में राज्य की साक्षरता दर 94.65 फीसद थी। राज्य की 37 लाख आबादी में केवल 1,31,634 लोग ही निरक्षर हैं। राज्य सरकार को उम्मीद है कि भारतीय सांख्यिकी संस्थान की अंतिम रिपोर्ट में राज्य की साक्षरता दर 96 फीसद को पार कर जाएगी।
2011 की जनगणना में केरल 93.91 फीसद और मिजोरम 91.58 फीसद की साक्षरता दर के साथ देश के सबसे अधिक साक्षर राज्यों में से हैं। इस जनगणना में देश की राष्ट्रीय साक्षरता दर 74.04 थी। पूर्वोत्तर राज्यों में जहां मिजोरम और त्रिपुरा साक्षरता दर में नए कीर्तिमान गढ़ रहे हैं वहीं पड़ोसी राज्य अरुणाचल प्रदेश की हालत खस्ता है। 66.95 फीसद की दर के साथ अरुणाचल प्रदेश देश का दूसरा सबसे कम साक्षर राज्य है।


निजी कॉलेजों का कैपिटेशन फीस मांगना गैरकानूनी
Our Correspondent :09 September 2013
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि निजी तकनीकी और मेडिकल कॉलेजों का छात्रों से कैपिटेशन फीस मांगना अवैध एवं अनैतिक है। शीर्ष अदालत ने केंद्र को उस चलन को समाप्त करने के लिए कानून बनाने को कहा है जिसके तहत मेधावी लेकिन गरीब छात्रों को ऐसे संस्थानों में दाखिला देने से इन्कार कर दिया जाता है।
बरेली के एक मेडिकल कॉलेज की याचिका को खारिज करते हुए अदालत ने यह आदेश पारित किया। भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआइ) ने इस मेडिकल कॉलेज की सीटें बढ़ाने की इजाजत नहीं दी थी। इसी के विरोध में एमसीआइ के खिलाफ यह कॉलेज शीर्ष अदालत पहुंचा था।
न्यायमूर्ति केएस राधाकृष्णन एवं एके सिकरी की पीठ ने कहा कि बहुत सारे स्व वित्त पोषित संस्थानों में एमबीबीएस और स्नातकोत्तर की सीटों के लिए कैपिटेशन फीस, अत्यधिक फीस और डोनेशन के रूप में करोड़ों रुपये वसूलने से गरीब मेधावी छात्र उन संस्थानों से वंचित रह जाते हैं। विभिन्न संस्थानों को अतिरिक्त दाखिला लेने के लिए दबाव बनाते भी देखा जाता है। यह हमेशा छात्रों के लाभ के लिए नहीं होता बल्कि ये अपनी बेहतरी के लिए करते हैं। अदालत ने कहा उन निजी कॉलेजों की शिक्षा की गुणवत्ता में कमी आई है जो छात्र वित्तपोषित संस्थान बन रहे हैं। सरकारी एजेंसियों को इस मुद्दे पर उचित कानून बनाने के लिए आत्मनिरीक्षण करने की जरूरत है। पीठ ने यह भी कहा कि वह इस सचाई से आंखें बंद नहीं रख सकती कि ये चीजें हमारे देश में इसके बावजूद हो रही हैं जब इस अदालत ने टीएमए पई फाउंडेशन मामले यह संवैधानिक घोषणा कर रही है कि किसी तरह की मुनाफाखोरी या कैपिटेशन फीस आदि अस्वीकार्य है। केंद्र सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, केंद्रीय जांच ब्यूरो या इंटेलिजेंस विंग को इस तरह के अनैतिक प्रचलन को नष्ट करने के लिए प्रभावी कदम उठाने हैं नहीं तो स्व वित्तपोषित संस्थान छात्र वित्तपोषित संस्थान में बदल जाएंगे। अदालत ने कहा कि कुकुरमुत्ते की तरह बड़ी संख्या में खुल रहे मेडिकल, इंजीनियरिंग, नर्सिग और फार्मेसी संस्थानों से निश्चित रूप से देश की शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। खासकर मेडिकल क्षेत्र गंभीर आत्मनिरीक्षण की मांग करता है। अक्सर ऐसी खबरें आती हैं कि निजी मेडिकल संस्थान अपने कॉलेजों में एमबीबीएस और स्नातकोत्तर में दाखिला के लिए लाखों और कभी-कभी करोड़ों रुपये की मांग करते हैं।


शिक्षा प्रणाली में नवीनता की जरूरत: राष्ट्रपति
Our Correspondent :09 September 2013
भुवनेश्वर। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने शनिवार को भारत की शिक्षा प्रणाली में मौलिक परिवर्तन लाने का आह्वान किया ताकि देश शिक्षा के क्षेत्र में अपना खोया हुआ गौरव फिर से हासिल कर सके।
भुवनेश्वर स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान [आइआइटी] के दूसरे दीक्षांत समारोह में भाग लेने से पहले राष्ट्रपति पुरी स्थित भगवान जगन्नाथ के मंदिर में करीब आधे घंटे पूजा अर्चना की। राष्ट्रपति ने दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि मौलिक परिवर्तनों के लिए हमारी शिक्षा प्रणाली में सुधार की जरूरत है। हमारी परीक्षा प्रणाली में मूल्यांकन के आधुनिक तरीके अनिवार्य रूप से शामिल करने होंगे। हर हाल में श्रेष्ठ शिक्षकों की नियुक्ति करनी होगी। विश्वविद्यालयों के बीच प्रतिस्पर्धा की भावना भरनी होगी। अकादमिक नियमों को सुव्यवस्थित करना होगा ताकि छात्रों के अनुकूल शिक्षण प्रणाली का निर्माण हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए जो प्रयास किए जा रहे हैं उसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं लेकिन गुणवत्ता के अभाव में देश में बहुत कम ऐसे शिक्षण संस्थान हैं जो वैश्विक रैंकिंग में होने का दावा कर सकते हैं। दुनिया के शीर्ष 200 विश्वविद्यालयों में आइआइटी सहित एक भी भारतीय विश्वविद्यालय नहीं है।


मध्यप्रदेश के 11 शिक्षकों को राष्ट्रपति पुरस्कार
Our Correspondent :06 September 2013
भोपाल। मध्यप्रदेश के 11 शिक्षकों को आज राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी द्वारा शिक्षक सम्मान प्रदान किया गया है। इस वर्ष प्रदेश के जिन शिक्षकों को राष्ट्रपति पदक के लिए चयनित किया गया है उनमें भोपाल के श्री हरेन्द्र सिंह तोमर, राजगढ़ के श्री राजेन्द्र प्रसाद भारद्वाज, सागर के श्री गोकुल प्रसाद रघुवंशी और श्री टीकाराम त्रिपाठी, शिवपुरी के श्री बालकृष्ण पचोरी, धार के श्री इरफान पठान, दतिया के श्री रोहिणी प्रसाद शुक्ला, उमरिया की सुश्री गीता सोनवानी, दमोह के श्री बी.एल. रोहित, रतलाम के श्री गोपाल वर्मा और धार के श्री मुकाम सिंह भंवर शामिल है।

उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा शिक्षकों का सम्मान
Our Correspondent :06 September 2013
भोपाल। मप्र के उच्च शिक्षा मंत्री श्री लक्ष्मीकान्त शर्मा ने शिक्षक दिवस पर पं. चन्द्रमोहन शर्मा की स्मृति में हुये शिक्षक सम्मान समारोह में सिरोंज के नवनिर्मित पं. चन्द्रमोहन ज्योतिषाचार्य सभागार में उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया। श्री शर्मा ने 64 शिक्षक को शॉल-श्रीफल और स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया। आदर्श शिक्षक का सम्मान श्री चन्द्रभान अग्रवाल को दिया गया। उन्हें 5000 नगद राशि भी दी गई। इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार श्री हरिशंकर व्यास भी उपस्थित थे।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि सिरोंज विधानसभा क्षेत्र में गाँव-गाँव में नवीन स्कूल खोले गये हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में विश्वविद्यालय, इंजीनियर एवं पॉलीटेक्निक महाविद्यालय और आईटीआई प्रारंभ करवाये गये हैं। इन सब के पीछे सरकार की मंशा है कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को उच्च शिक्षा उनके घर के नजदीक प्राप्त हो सके। श्री शर्मा ने कहा कि बच्चों के संस्कारवान बनाये, जिससे बच्चे ज्ञानरूपी दीप के प्रकाश से पल्लवित होकर क्षेत्र का नाम रोशन करें।
वरिष्ठ पत्रकार श्री हरिशंकर व्यास ने कहा कि शिक्षक ही ज्ञान का बोध कराता है, जिससे बच्चों को अच्छे बुरे की पहचान होती है। उन्होंने कहा कि मंत्री श्री शर्मा की पारिवारिक पृष्ठभूमि शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी होने के कारण वे शिक्षकों के सम्मान से भलीभाँति अवगत हैं। श्री व्यास ने शिक्षकों से कहा कि सीखने की प्रवृत्ति को जीवन-पर्यन्त बनाये रखें। वरिष्ठ पत्रकार श्री शरद द्विवेदी ने कहा कि शिक्षा रूपी ज्ञान ही ऐसा धन है जिसे खर्च करने पर और बढ़ोत्तरी होती है।


गुरुजनों के त्याग को प्रणाम- पंचायत मंत्री श्री गोपाल भार्गव
Our Correspondent :06 September 2013
भोपाल। भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म पूरे प्रदेश में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया गया और गुरुजनों के सम्मान समारोह हुए। पंचायत एवं ग्रामीण विकास और सामाजिक न्याय मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने सागर जिले के गढ़ाकोटा में सम्पन्न सम्मान समारोह में सभी वर्ग के 3,415 गुरुजनों को शाल-श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया।
श्री भार्गव ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और विभिन्न संवर्ग के शिक्षकों के कल्याण की दिशा में अनेक योजनाएँ चलाई हैं। समान कार्य-समान वेतन को ध्यान में रखकर अध्यापक संवर्ग के वेतन में बढ़ोत्तरी की गयी है। उन्होंने कहा कि जो बच्चे गाँव से कस्बे और शहर आकर पढ़ाई करते हैं, वहाँ छात्रावास नहीं होने पर उन्हें राज्य सरकार आवास सुविधा के लिये 1500 रुपये देगी।
समारोह में राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त, राज्यपाल द्वारा पुरस्कृत, महाविद्यालयीन, अशासकीय और अतिथि शिक्षक सहित सभी वर्ग के शिक्षकों और सेवानिवृत्त शिक्षकों को पंचायत मंत्री ने सम्मानित किया।
इसके पूर्व पंचायत मंत्री ने माँ सरस्वती का पूजन किया और डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण कर सम्मान समारोह का शुभारंभ किया। शिक्षक दिवस के अवसर पर उन्होंने सेवानिवृत्त और वर्तमान शिक्षकों की समस्याएँ जानकर उनका निराकरण भी किया।


तस्मै श्री गुरुवे नम:
Our Correspondent :05 September 2013
नई दिल्ली। जीवन के शुरुआती दिनों से ही अच्छाई और बुराई की पहचान कराकर मनुष्य बनने की प्रेरणा वास्तव में गुरु से ही मिलती है। उसके दिए संस्कारों से ही भविष्य पुष्पित-पल्लवित होता है :
शिक्षक दिवस:
वैसे तो हमारे देश में प्राचीन काल से ही गुरु-शिष्य परंपरा रही है, लेकिन 20वीं सदी में स्वतंत्र रूप से दुनिया के कई देशों में शिक्षक दिवस मनाने की परंपरा शुरू हुई।
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन (1888-1975) :
-1962-1967 तक देश के दूसरे राष्ट्रपति रहे प्रख्यात दार्शनिक और लेखक, शिक्षाविद डॉ राधाकृष्णन धर्म और दर्शन के प्रकांड विद्वान थे। 1952 में उनको देश का पहला उपराष्ट्रपति बनने का भी गौरव प्राप्त रहा। 1954 में भारत रत्न से सम्मानित किए गए।
-जब वह राष्ट्रपति चुने गए तो उनके शिष्यों एवं मित्रों ने उनके जन्मदिन का उत्सव मनाने विचार किया। इसके जवाब में डॉ राधाकृष्णन ने कहा कि यदि जन्मोत्सव मनाने के बजाय पांच सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए तो ज्यादा बेहतर होगा। इस तरह 1962 से पांच सितंबर देश भर में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।
विदेश में :
सऊदी अरब, यमन, बहरीन, मिस्र और जॉर्डन समेत दुनिया के 11 देश 28 फरवरी को शिक्षक दिवस मनाते हैं।
अर्जेटीना :
देश के सातवें राष्ट्रपति और शिक्षाविद डोमिंगो फॉसटिनो सरमिएंटो (1811-1888) के महान कार्यो की स्मृति में उनकी पुण्यतिथि 11 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।
भूटान :
देश में आधुनिक शिक्षा की पहल करने वाले तीसरे राजा जिग्मे दोरजी वांगचुक (1929-1972) के जन्मदिन दो मई को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।
तुर्की :
आधुनिक तुर्की के निर्माता मुस्तफा कमाल अतातुर्क ने कहा था कि शिक्षक ही नई पीढ़ी का निर्माण करता है। अतातुर्क को तुर्की का मुख्य शिक्षक भी कहा जाता है।


शिक्षा का महत्व समझा और मिसाल बन गया मांझी टोला
Our Correspondent :05 September 2013
हजारीबाग। शिक्षा के बिना रोजगार और व्यक्तित्व विकास की बात बेमानी है। युवा शिक्षक जेठुआ मांझी ने इस संदेश की चिंगारी जलाई थी, आज यह मशाल बन चुकी है। 12 सौ संथाली परिवारों बीच यह मशाल शिक्षा की ज्योति जलाए हुए है। इन परिवारों से कोई इंजीनियरिंग-मेडिकल पढ़ रहा तो कोई मैनेजमेंट और कंप्यूटर की पढ़ाई। हजारीबाग जिले के चुरचू प्रखंड अंतर्गत संथाली आदिवासी बहुल गांव फुसरी मांझी टोला आज मिसाल बन चुका है।
तस्मै श्री गुरुवे नम:
इस ज्ञान आंदोलन में जेठुआ के साथ जुड़े हैं मनु टूडू एवं शिवा मांझी। मनु टूडू मेडिकल की तैयारी कर रहे हैं। शिवा मांझी के साथ मिलकर बच्चों के बीच शिक्षा का प्रसार करते हैं। चाहे पढ़ाई की दिक्कत हो या कोई और ये लोग हमेशा मदद को तैयार रहते हैं। जेठुआ, मनु एवं शिवा बताते हैं कि आज अंग्रेजी व्यवसायिक दृष्टि से बहुत जरूरी है। बच्चे इस विषय में कमजोर रहने के कारण प्रतियोगिताओं में मार खा जाते हैं। हम मैट्रिक की तैयारी करने वालों बच्चों की अंग्रेजी पर विशेष ध्यान देते हैं। अपनी संथाली भाषा पर भी पकड़ बनाने को कहा जाता है।
जेठुआ मांझी बताते हैं कि शिक्षा का महत्व न समझ पाने के कारण आदिवासी पिछड़ रहे हैं। यह बात सालती है। हम अभिभावकों को शिक्षा के महत्व के बारे में समझाते हैं। कृषि-मजदूरी करने वाले अभिभावक अब समझ गए हैं कि बच्चों को स्कूल भेजने के क्या मायने हैं। स्थानीय मध्य विद्यालय में हर रोज सैकड़ों संथाली बच्चे अध्ययन के लिए आते हैं। फुसरी में हर वर्ष जेठुआ मांझी की अगुवाई में संथाली ड्रामा का भव्य आयोजन होता है। इसमें मनोरंजन के साथ शिक्षा, ज्ञान आधारित नाटक का मंचन होता है, जिसमें संथाली कलाकार शिक्षा का चेहरा दिखाने का प्रयास करते हैं। मांझी कहते हैं कि वे पूजा त्योहारों में भी ऐतिहासिक कथा के माध्यम से शैक्षणिक जागरूकता लाने का प्रयास करते हैं। प्रयास रंग लाने लगा है मांझी टोला से दर्जनों युवक इंजीनियरिंग-मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रहे हैं। कई तो अच्छी जगह नौकरी में भी हैं। बेटियां को भी अभिभावक उच्च शिक्षा दिला रहे हैं।


गौरवान्वित हुआ राज्य, शिक्षक दंपति ने रच दिया इतिहास
Our Correspondent :05 September 2013
हिसार। शिक्षक दिवस पर जब देश व प्रदेशस्तरीय शिक्षक पुरस्कार वितरित किए जाएंगे तो वह क्षण ऐतिहासिक होगा। पति दीवान चंद राष्ट्रपति से पुरस्कृत होंगे तो पत्नी भागवंती प्रदेश के राज्यपाल के हाथों सम्मानित होंगी।
दरअसल, राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के चयनित प्रदेश से चार शिक्षकों में हिसार के गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल गंगवा में बायोलॉजी की लेक्चर संगीता सैनी के साथ ही ढाणी खान बहादुर स्थित प्राइमरी स्कूल के मुख्य शिक्षक दीवान चंद भी शामिल हैं। उधर, दीवान चंद की पत्नी व बरवाला स्थित राजकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका भागवंती का नाम राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए घोषित 31 शिक्षकों में शुमार किया गया है।
शिक्षक दिवस पर आई इस दोहरी खुशी से फूले नहीं समा रहीं भागवंती कहती हैं कि आदर्श पति जीवन में मिले तो उपलब्धियां कदमों में होती हैं। बीते बरस जब पति को राज्य शिक्षक पुरस्कार मिला तो बतौर शिक्षिका लगा कि काश, मुझे भी मिलता यह पुरस्कार। पति और पूरे परिवार के सहयोग से वह दिन भी आ गया। राज्यपाल के हाथों पुरस्कृत होने का सौभाग्य मिलेगा। दीवान चंद राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कार प्राप्त करने के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं। उन्होंने दूरभाष पर दैनिक जागरण से बातचीत में कहा कि वह इकलौते जूनियर बेसिक टीचर होंगे जिसे यह राष्ट्रीय पुरस्कार मिल रहा है।
जिला शिक्षा अधिकारी दर्शना देवी कहती हैं वर्तमान सामाजिक परिवेश में ऐसे शिक्षक वास्तव में प्रेरणादायी साबित होते हैं। दीवान चंद को मिलने वाले पुरस्कार से अभिभूत शिष्य एवं गणित के शिक्षक राजेश कुमार कहते हैं कि गुरुजी की कार्यकुशलता, सृजनशीलता, लगन व मेहनत के कायल तो वह छात्र जीवन से ही थे, अब पेशागत भी वे आदर्श बन गए हैं।


सात पॉलीटेक्निक कॉलेज के लिये ई-लेक्चर्स प्रोग्राम
Our Correspondent :28 August 2013
भोपाल। पॉलीटेक्निक कॉलेज बैतूल, सागर, हरदा, देवास, रीवा, सतना और खण्डवा के लिये ई-लेक्चर्स प्रोग्राम जारी किया गया है। यहाँ पढ़ने वाले छात्रों को ई-लेक्चर्स के माध्यम से पूर्वान्ह में मेकेनिकल, इलेक्ट्रानिक्स और टेली-कम्युनिकेशन तथा अपरान्ह में सिविल इंजीनियरिंग के विषय पढ़ाये जायेंगे।
इलेक्ट्रानिक्स और टेली-कम्युनिकेशन विषय पर श्री एस.के. दुबे, श्री प्रतीक वाजपेयी, श्री विजय कलाकार और लोकेश सरदानी लेक्चर देंगे। मेकेनिकल विषय पर श्री मुकेश मिश्रा, शोभना स्थापक, श्री आशीष तिवारी, श्री नीलेश जैन और श्री राजीव गुप्ता तथा सिविल इंजीनियरिंग में श्री राजेश भार्गव, श्री हिमांशु तिवारी, सुश्री सुनीता गोयल, श्री एन.के. जैन, श्री ए.के. जैन एवं श्री संजीव सक्सेना लेक्चर देंगे। ई-लेक्चर्स 27, 29, 30 और 31 अगस्त को होंगे। ई-लेक्चर्स के एक-एक घंटे के 3 पीरियड पूर्वान्ह में और 3 अपरान्ह में होंगे।


राजगढ़ महाविद्यालय में जन-भागीदारी मद से होगा विद्युतीकरण
Our Correspondent :28 August 2013
भोपाल। शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजगढ़ में जन-भागीदारी मद से विद्युतीकरण करवाया जायेगा। विद्युतीकरण के लिये जन-भागीदारी मद से 3 लाख 94 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं।






अजा-अजजा वर्ग के विद्यार्थियों के भवन किराये का भुगतान राज्य सरकार करेगी
Our Correspondent :28 August 2013
भोपाल। मप्र के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अनुसूचित जाति एवं जनजातियों के जो बच्चे शहर में किराये के मकान में रहकर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, उनके किराये का भुगतान सरकार द्वारा किया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने में कोई कठिनाई नहीं आने दी जायेगी। साथ ही माँ, बहन और बेटी का जीवन सुखमय बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जायेगी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान आज शिवपुरी जिले के खनियांधाना में जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने 20 करोड़ रूपये से अधिक के निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया। श्री चौहान ने महाराजा खलक सिंह जूदेव की प्रतिमा का अनावरण किया। मुख्यमंत्री ने खनियांधाना के विकास के लिए 50 लाख रुपये देने और यहाँ के महाविद्यालय का नाम महाराजा खलक सिंह जूदेव के नाम पर रखने की घोषणा भी की। इस मौके पर जिले के प्रभारी मंत्री श्री के. एल. अग्रवाल, सांसद श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया व सांसद श्री प्रभात झा तथा श्रीमती साधना सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने महाराजा खलक सिंह जूदेव को कुशल प्रशासक तथा कल्याणकारी राजा बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर वर्ग के उत्थान के लिए सरकार द्वारा हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 15 लाख से ज्यादा बेटियों को लाड़ली लक्ष्मी बनाया गया। साथ ही उनके उत्थान की अनेक योजनाएँ चलाई जा रही हैं। खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण मुहैया करवाया जा रहा है। किसानों को उनकी उपज का वाज़िब दाम भी दिलवाया जा रहा है। किसानों को बिजली के बिल के बार-बार भुगतान की समस्या से निजात दिलवाने के लिए 1200 रूपये प्रति हॉर्सपावर प्रतिवर्ष की दर सुनिश्चित की गई है। प्रदेश में 25 लाख हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा मुहैया करवाई गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में सड़क, पानी और बिजली की सुविधाओं को सुदृढ़ बनाया गया है। प्रदेश के अधिकतर जिलों में 24 घण्टे विद्युत आपूर्ति की जा रही है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गरीब की रोटी, कपड़ा और मकान तथा बच्चों की पढ़ाई-लिखाई एवं सबकी दवाई के इंतजाम की चिंता राज्य सरकार द्वारा की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहली से 12वीं कक्षा तक के बच्चों को किताबें, गणवेश और स्कूल आने-जाने के लिए निःशुल्क साईकिल प्रदान की जा रही है।
उन्होंने बताया कि गरीब को सस्ते भोजन के साथ आवास की व्यवस्था करने का निर्णय भी राज्य सरकार द्वारा लिया गया है। शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आवासीय पट्टे मुहैया करवाये जा रहे हैं। शिक्षित युवाओं को आत्म-निर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री युवा स्व-रोजगार योजना प्रारंभ की गई है। योजना में राज्य सरकार की गारंटी पर स्वयं का उद्योग स्थापित करने के लिए बैंकों के माध्यम से ऋण मुहैया करवाया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश में स्थापित होने वाले नवीन उद्योगों में कम से कम 50 प्रतिशत रोजगार स्थानीय लोगों को उपलब्ध करवाया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने शिवपुरी जिले के खनियांधाना, पिछोर, भौती, सिरसोद, करेरा, दिनारा सहित ग्रामीण अंचल का दौरा किया।


अब एक विश्वविद्यालय से संबद्ध होंगे सिर्फ 200 कॉलेज
Our Correspondent :17 August 2013
नई दिल्ली। उच्च शिक्षा में सुधारों की गाड़ी तो पटरी पर आई नहीं, फिर भी पढ़ाई-लिखाई की मौजूदा व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने की सरकारी कोशिशें जारी हैं। विश्वविद्यालयों पर कॉलेजों की संबद्धता का बोझ भारी पड़ रहा है। अंदाजा लगाया जा सकता है कि एक यूनिवर्सिटी पर 900 से ज्यादा कॉलेजों की संबद्धता (एफिलिएशन) का बोझ हो, तो वह खुद कितने बेहतर नतीजे दे सकती है। लिहाजा, अब बेहतर पढ़ाई और नतीजों के मद्देनजर एक विश्वविद्यालय से 200 से ज्यादा कॉलेज संबद्ध नहीं किए जा सकेंगे।
दरअसल, राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रुसा) के जरिए सरकार ने देश में विश्वविद्यालयों व कॉलेजों की पढ़ाई को नया आयाम देने की योजना बनाई है। यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) अब तक विश्वविद्यालयों, कॉलेजों को सीधे अनुदान देता रहा है। विश्वविद्यालय व कॉलेज भी सबकुछ मनमुताबिक करते रहे हैं, लेकिन 12वीं योजना में शुरू होने जा रहा रुसा कई तरह के उपाय लेकर आ रहा है, जिससे हर मामले में विश्वविद्यालयों की जवाबदेही तय होगी। इसी कड़ी में विश्वविद्यालयों से संबद्धता का बोझ कम करने की कवायद भी हो रही है। फिलहाल राज्यों के अधीन संचालित विश्वविद्यालयों की स्थिति चौंकाने वाली है। हैदराबाद की उस्मानिया यूनिवर्सिटी से 901 कॉलेज संबद्ध हैं। पुणे यूनिवर्सिटी से 811, नागपुर की राष्ट्रसंत तुकादोजी महाराज यूनिवर्सिटी से 800, राजस्थान विश्वविद्यालय से 735 और मुंबई यूनिवर्सिटी से 711 कॉलेज संबद्ध हैं। इस तरह औसतन एक विश्वविद्यालय से 300 कॉलेज जुड़े हैं। सरकार का मानना है कि अकादमिक स्थिति सुधारने को राज्य नए विश्वविद्यालय खोलने पर ध्यान दें।
अभियान के तहत प्रावधान किया जा रहा है कि केंद्रीय अनुदान लेने वाले विश्वविद्यालयों व कॉलेजों में फैकल्टी के कुल पदों में 15 प्रतिशत से अधिक खाली नहीं रखे जा सकेंगे। अभियान के तहत उच्चतर शिक्षा में बड़े पैमाने पर अकादमिक, प्रशासनिक और वित्तीय सुधार किए जाने हैं। राज्यों को उच्चशिक्षा के लिए समग्र कार्यक्रम बनाना होगा। उससे पहले विश्वविद्यालयों को उच्चशिक्षा में विस्तार, समावेश और उत्कृष्टता को लेकर कार्यक्रम तय करने होंगे।


अब बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के छात्र ने की रैगिंग की शिकायत
Our Correspondent :17 August 2013
भोपाल। मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट)व निजी फार्मेसी कॉलेज के बाद अब बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में रैगिंग की शिकायत सामने आई है। विवि के बीई मैकेनिकल प्रथम वर्ष के एक छात्र ने सीनियर्स द्वारा उसे शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की शिकायत शुक्रवार शाम 5 बजे नेशनल एंटी रैगिंग हेल्पलाइन में की है।
शिकायत में छात्र ने बीई सेकंड, थर्ड व फोर्थ ईयर के सीनियर छात्रों द्वारा उसे हॉस्टल में पीटने की बात कही है। छात्र ने अपना नाम सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन उसने रैगिंग लेने वाले सीनियर्स को चेहरे देखकर पहचानने की बात कही है।
शिकायत मिलने के बाद हेल्पलाइन ने शाम 5.40 बजे बीयू कुलपति प्रो. निशा दुबे व 5.44 बजे रजिस्ट्रार डॉ.संजय तिवारी से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन दोनों के फोन बंद मिले। इसके बाद हेल्पलाइन ने दक्षिण भोपाल के एसपी अंशुमन सिंह से शाम साढ़े 6 बजे फोन पर संपर्क किया, लेकिन उनसे भी संपर्क नहीं हो सका।
हेल्पलाइन ने छात्र की शिकायत बागसेवनिया थाने के एसएचओ गणोश जोशी को भी फारवर्ड की है। उधर, बीयू के प्रभारी रजिस्ट्रार आरके चौहान, चीफ वार्डन डॉ.एसके खटीक व जवाहर हॉस्टल के वार्डन शशांक शेखर के अनुसार किसी भी छात्र ने रैगिंग की शिकायत नहीं की है। जवाहर हॉस्टल के वार्डन शशांक शेखर ने बताया कि वे शाम 5 बजे हॉस्टल में ही थे, लेकिन यह मामला उनके सामने नहीं आया। प्रभारी रजिस्ट्रार का कहना है कि शिकायत मिलने पर कार्रवाई करेंगे।
हॉस्टल पहुंचे प्रभारी रजिस्ट्रार
रैगिंग की शिकायत सामने आने के बाद प्रभारी रजिस्ट्रार चौहान व चीफ वार्डन डॉ.खटीक देर रात हॉस्टल का निरीक्षण करने पहुंचे तथा मुंशी प्रेमचंद्र व जवाहर हॉस्टल में रहने वाले प्रथम वर्ष के छात्रों से पूछताछ की। प्रभारी रजिस्ट्रार के अनुसार छात्रों से अलग से भी चर्चा की गई, लेकिन किसी ने भी रैगिंग होने की बात स्वीकार नहीं की है। शनिवार को विवि की एंटी रैगिंग कमेटी एक बार फिर हॉस्टल के छात्रों से चर्चा करेगी। प्रथम वर्ष के छात्र मुंशी प्रेमचंद्र और जवाहर हॉस्टल में रहते हैं।


बीयू: इंजीनियरिंग विभाग की मान्यता बचाने की तैयारी
Our Correspondent :17 August 2013
भोपाल। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय ने अपने इंजीनियरिंग विभाग (बीयूआईटी) की मान्यता बचाने के लिए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के मापदंडों के अनुसार पूर्णकालिक निदेशक की नियुक्ति की तैयारी शुरू कर दी है। विवि जल्द ही एआईसीटीई द्वारा निर्धारित योग्यता के आधार पर विज्ञापन जारी कर निदेशक की नियुक्ति करेगा। मैनेजमेंट विभाग (सीआरआईएम) में भी 6 व्याख्याताओं के पदों को स्ववित्तीय योजना के अंतर्गत स्वीकृत करने के लिए राज्य शासन को पत्र भेजने पर भी विचार किया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक भूविज्ञान के प्रोफेसर द्वारा लंबे समय से बीयूआईटी का अस्थायी प्रभार संभाले जाने की शिकायत पर एआईसीटीई ने विवि से जवाब मांगा है। रजिस्ट्रार डॉ. संजय तिवारी के अनुसार कार्यपरिषद में इस मामले में चर्चा हो चुकी है। जल्द ही इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट विभाग में रिक्त शैक्षणिक पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकाला जाएगा।
बुधवार को इंजीनियरिंग विभाग के छात्रों द्वारा एआईसीटीई के नियम के विरुद्ध निदेशक की नियुक्ति न होने को लेकर प्रदर्शन किया गया था।
सूत्रों के अनुसार इसके बाद विवि इसे लेकर थोड़ा गंभीर हुआ है। गौरतलब है कि मई 2013 में हुई कार्यपरिषद में बीयूआईटी के लिए स्ववित्तीय योजना के अंतर्गत एक डायरेक्टर तथा 16 पदों की स्वीकृति का मामला रखा गया था। बैठक में बताया गया था कि उच्च शिक्षा विभाग ने भी इन पदों की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके बाद कार्यपरिषद ने भी विवि को पदों को भरने के लिए हरी झंडी दी थी, लेकिन विवि द्वारा अभी तक इस दिशा में कोई पहल नहीं की गई। सूत्रों का कहना है कि विवि के सभी स्ववित्तीय पाठ्यक्रमों में से बीयूआईटी ही सबसे फायदे में चल रहा है।


प्रदेश की युवा प्रतिभाओं को 18 को मिलेगा सम्मान
Our Correspondent :16 August 2013
बैतूल। सूर्यवंशी ढोलेवार कुनबी समाज संगठन के युवा शिक्षा जागृति मंच के तत्वावधान में जिला व प्रदेश स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन 18 अगस्त को किया गया है। समाज के नारायण सरले ने बताया कि समारोह बडोरा में मंगल भवन में 11 बजे से होगा।
इसमें वर्ष 2012-13 में 10वीं, 12वीं में 75 फीसदी अंक प्राप्त छात्र-छात्राओं और विशेष उपलब्धि हासिल करने वाले व्यक्तियों का सम्मान किया जाएगा।




संस्कार वैली ने जीते एक दर्जन पदक
Our Correspondent :16 August 2013
भोपाल। संस्कार वैली के खिलाडिय़ों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सीहोर में आयोजित जिला स्तरीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में छह स्वर्ण, चार रजत और दो कांस्य सहित कुल 12 पदक जीते। इस प्रतियोगिता में स्कूल की ओर से 12 खिलाडिय़ों ने भागीदारी की थी।
अंडर-19 बालक वर्ग में अभिन्न पटेल ने स्वर्ण जीता। जबकि अंडर-17 में रिशिक जैन, आलोक चावला, अंडर-14 ग्रुप में रवींद्र धाकड़, प्रांशु वारकड़े और वंशिका केशरवानी ने स्वर्ण पदक जीते। रजत विजेताओं में उत्तोरियो साहा, महिमा सिंह, शिखर पालिया, पाखी बारगले तथा कांस्य विजेताआं में ध्रुव गुप्ता और चंदनदीप के वालिया शामिल हैं। टीम की इस उपलब्धि पर कोच सतीश जाधव ने प्रसन्नता व्यक्त की है।


पत्रकारिता विवि में एमबीए व बीटेक के लिए काउंसलिंग आज
Our Correspondent :13 August 2013
भोपाल। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में एमबीए व बीटेक कोर्स की खाली सीटों के लिए संस्था स्तर की काउंसलिंग बुधवार को होगी। छात्रों को प्रवेश अर्हताकारी परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर दिया जाएगा।
विवि के जनसंपर्क विभाग के एचओडी डॉ.पवित्र श्रीवास्तव ने बताया कि एमबीए के मनोरंजन संचार व कारपोरेट संचार में तथा बीटेक की प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग कोर्स के कुछ सीटें खाली हैं। इन्हीं सीटों पर प्रवेश के लिए पात्र उ मीदवारों को जरूरी दस्तावेजों के साथ सुबह 11 बजे विवि में बुलाया गया है। इससे पहले छात्रों को एमपी ऑनलाइन में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। डॉ.श्रीवास्तव के अनुसार एमबीए में प्रवेश का यह अंतिम अवसर है। विद्यार्थियों के परामर्श के लिए मैनेजमेंट विभाग में काउंसलिंग कक्ष भी बनाया गया है।


ऑन लाइन आवेदन की तिथि ५ सितंबर तक
Our Correspondent :13 August 2013
गूगल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और चीफ बिजनेस ऑफिसर निकेश अरोड़ा ने आधिकारिक ब्लॉग पर लिखा, भारतीय स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की रचनात्मकता और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने लिए सर्वश्रेष्ठ भारतीय गैर-लाभकारी संस्थाओं को सामने लाएंगे जो तकनीक का इस्तेमाल दुनिया को बेहतर बनाने में कर रही हैं।
पंजीकृत गैर-लाभकारी संस्थाए इसके लिए पांच सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।
अरोड़ा ने ब्लॉग पर लिखा है कि प्रतियोगिता के अंत में चार विजेताओं को ३-३ करोड़ रुपए पुरस्कार के तौर पर दिया जाएगा।


रुपए की घटती कीमत से महंगा हुआ अब्रॉड एजुकेशन
Our Correspondent :13 August 2013
रुपए की कम होती कीमत से विदेश जाकर पढ़ाई करने वाले छात्रों की जेब पर बोझ भी बढ़ रहा है। इसको समझने के लिए यह मानते हैं कि अमेरिका की किसी यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की सालाना फीस १५ से ३० हजार डॉलर के बीच होती है। वहीं लिविंग एक्सपेंसेज करीब १५ हजार डॉलर सालाना है। मतलब अमेरिका में पढऩे के लिए हर साल ३० से ५० हजार डॉलर खर्च करने होंगे। अब यह मान लेते हैं कि एक छात्र को किसी अमेरिकी यूनिवर्सिटी में पूरे कोर्स के लिए ४० हजार डॉलर का लोन लेना होगा। यदि एक डॉलर का मूल्य ५० रुपए हो तो उसे २० लाख रुपए एजुकेशन लोन की जरूरत होगी। लेकिन इसी बीच एक डॉलर की कीमत बढ़ कर ५५ रुपए हो जाए तो फीस भी १० फीसदी बढ़ जाएगी और उसे २२ लाख रुपए फीस भरनी होगी।


निजी-सरकारी कोटा बराबर
Our Correspondent :12 August 2013
जबलपुर। दो-दो करोड़ रूपए में मेडिकल की पीजी सीटें प्राइवेट कॉलेजों को आवंटित किए जाने के आरोप वाली याचिका पर मप्र हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया। हाईकोर्ट ने एक अंतरिम आदेश में कहा कि प्रदेश में मेडिकल की स्नातकोत्तर कोर्स की 50-50 फीसदी सीटें सरकारी और निजी कोटे से भरी जाएं।
कोर्ट ने प्रदेश के संचालक (चिकित्सा शिक्षा) को इसका सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने सचिव चिकित्सा शिक्षा विभाग, संचालक चिकित्सा शिक्षा विभाग और एसो. ऑफ प्रा. डेंटल एंड मेडिकल कॉलेज को 26 अगस्त तक जवाब देने के निर्देश दिए। दिल्ली के डॉ. शैलेंद्र सिंह और इंदौर के डॉ. दिलीप चावड़ा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाए थे।
उन्होंने याचिका में बताया था कि प्रदेश में मेडिकल की पीजी सीटों के आवंटन में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का उल्लंघन हो रहा है। वर्ष 2009 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि मेडिकल की 50 प्रतिशत पीजी सीटें सरकारी और 50 प्रतिशत सीटें निजी कॉलेजों में भरी जाएं। याचिका में आरोप लगाया गया कि अधिकतर पीजी सीटें प्राइवेट कॉलेजों को आवंटित की जा रही हैं।


मान्यता नहीं! फिर भी प्रवेश
Our Correspondent :12 August 2013
गुना। शिक्षा का अधिकार कानून भी निजी स्कूलों को मनमानी करने से नहीं रोक पाया है।
आरटीई की अनिवार्यता पूरी न करने के बाद भी ज्यादातर स्कूल मान्यता पा गए हैं, तो सैकड़ों स्कूल आठवीं की मान्यता पर हाई और हायर सेकंडरी की कक्षाओं में प्रवेश देकर छात्रों का भविष्य दांव पर लगा रहे हैं। इसका खुलासा भी पिछले दिनों एक स्कूल के खिलाफ कलेक्टर द्वारा एफआईआर दर्ज करवाने की कार्रवाई से हो चुका है। लेकिन शिक्षा विभाग द्वारा सख्त कदम न उठाया जाना! तमाम सवालों को जन्म दे रहा है।
जिले में 433 निजी स्कूल हैं, जिनमें लगभग 250 स्कूल शहरी क्षेत्रों में हैं। हकीकत यह भी कि 60 फीसदी विद्यालय आरटीई के नाम्र्स पूरे नहीं कर पा रहे हैं। यही वजह है कि शिक्षण सत्र शुरू होने के एक महीने बाद भी मान्यता सूची आनलाइन नहीं हो सकी है। इसके पीछे शिक्षा विभाग का तर्क है कि ज्यादातर स्कूलों की मान्यता अनुमोदित नहीं हो सकी है, जो कि आरटीई नाम्र्स पूरे न होने से अटकी है। ऎसे स्कूलों को अब नोटिस जारी किए गए हैं, जिससे सूची आनलाइन होने में विलंब की संभावना बनी हुई है।
आरटीई और स्कूलों के हालात
तथ्य: कन्या व बालक स्कूलों में शौचालय।
हकीकत: सभी स्कूलों में।
तथ्य: पीने के पानी का इंतजाम।
हकीकत: सभी स्कूलों में।
तथ्य: रैंप का इंतजाम।
हकीकत: 95 फीसदी स्कूलों में नहीं।
तथ्य: बाउंड्रीवाल।
हकीकत: 70 फीसदी स्कूलों में नहीं।
तथ्य: खेल का मैदान।
हकीकत: 80 फीसदी स्कूलों में नहीं।
तथ्य: लाईबे्ररी और किचिन शेड।
हकीकत: 60 फीसदी स्कूलों में नहीं।
तथ्य: छात्र संख्या से शिक्षक और कक्ष।
हकीकत: ज्यादातर स्कूलों में नहीं।


कॉलेज में तंग करें तो फेसबुक पर आओ
Our Correspondent :12 August 2013
बैतूल। यदि कॉलेज में कोई सीनियर या अन्य छात्र आपके साथ अभद्रता कर रहा है या फिर आपको किसी अन्य तरीके से तंग कर रहा है तो तत्काल फेसबुक या टि्वटर पर आकर शिकायत जड़ दे। तीन दिन के अंदर न केवल आपकी शिकायत का निराकरण होगा बल्कि आपको बताया भी जाएगा। भोपाल की रैगिंग की घटना के बाद जागे उच्च शिक्षा विभाग ने हाल ही में सोशल साइट पर रैगिंग की शिकायत के लिए आदेश जारी किए हैं।
यह जारी किए गए आदेश
उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. वाइ एस निरंजन ने हाल ही में जारी आदेश में बताया है कि विश्वविद्यालय और कॉलेजों में रैगिंग की शिकायत के लिए एक वेबसाइट बनाई है जो कि फेसबुक और टि्वटर जैसी सोशल साइट से भी कनेक्ट की गई है छात्र इस पर भी अपनी शिकायत कर सकते हैं। शिकायत दर्ज कराने पर उन्हें एक लॉग इन आईडी नंबर दिया जाएगा, जिससे वे अपनी शिकायत पर हुई कार्रवाई भी देख सकते हैं।
कमेटी में रखा जाएगा महिलाओं को : कॉलेजों में बनने वाली एंटी रैगिंग कमेटी में अब महिलाओं को भी रखा जाएगा। इस संबंध में भी आदेश दिए गए हैं। बताया गया कि शिकायतों को तीन श्रेणी में रखा गया है। जिसमें सामान्य श्रेणी की शिकायतों पर कॉलेज प्राचार्य कार्रवाई करेंगे, वहीं गंभीर श्रेणी की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर की जिम्मेदारी होगी।


10 वीं-12वीं के ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म 16 अगस्त से भरे जा सकेंगे
Our Correspondent :12 August 2013
भोपाल। हाईस्कूल और हायर सेकंडरी परीक्षाओं के ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म भरने के दौरान एमपी ऑनलाइन के कियोस्क संचालक यदि तय राशि से ज्यादा रुपए वसूलते हैं तो उनके खिलाफ शिकायत की जा सकेगी। बोर्ड परीक्षाओं के आवेदन इस बार पूरी तरह ऑनलाइन ही भरे जा सकेंगे।
यह आवेदन 16 अगस्त से 30 सितंबर तक एमपी ऑनलाइन के किसी भी कियोस्क पर पहुंचकर भर सकेंगे। फीस सहित अन्य सारी जानकारियां माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की वेबसाइट www.mpbse.nic.in पर भी उपलब्ध हैं। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने कियोस्क शुल्क केवल 20 रुपए निर्धारित किया है।
यहां कर सकेंगे शिकायत: विद्यार्थियों से ज्यादा फीस वसूले जाने की स्थिति में कियोस्क संचालक की शिकायत माध्यमिक शिक्षा मंडल के फोन नंबरों 0755-4018401 से लेकर 4018405 पर की जा सकेगी।


खाली सीटों पर छात्र 14 तक ले सकेंगे एडमिशन
Our Correspondent :12 August 2013
भोपाल। प्रदेश के इंजीनियरिंग व प्रबंधन कॉलेज में खाली रह गई सीटों को भरने के लिए तकनीकी शिक्षा संचालनालय ने कॉलेज स्तर काउंसिलिंग (सीएलसी) की तारीख फिर बढ़ा दी है। अब छात्र 14 अगस्त तक काउंसिलिंग में भाग ले सकेंगे। इसमें एंट्रेंस व अर्हकारी परीक्षा के आधार पर छात्र भाग ले सकेंगे। प्रत्येक संस्था की ओर से सीएलसी के विज्ञापन जारी किए जाएंगे।
प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में अब तक लगभग 40 हजार सीटों में छात्रों ने एडमिशन लिया है जबकि लगभग 70 हजार सीटें खाली हैं। इन सीटों को भरने के लिए तकनीकी शिक्षा संचालनालय पर दबाव है। इसी तरह एमबीए, एमसीए, एमई, बीफॉर्मेसी की बड़े पैमाने पर सीटें खाली रह गई हैं।
इन कोर्सों की सीटों में एडमिशन के लिए संचालनालय ने पहले 10 अगस्त अंतिम तारीख तय की थी जिसे बढ़ाकर अब 14 अगस्त कर दिया है। ऐसे छात्र जो पूर्व में रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, उन्हें 1030 रुपए शुल्क के तौर पर देने होंगे। ऐसे छात्र जो पहली बार रजिस्ट्रेशन कराएंगे, उन्हें आंशिक शिक्षण शुल्क 1430 रुपए देना होगा।
एडमिशन के समय देने होंगे 10 हजार रुपए: संचालनालय के मुताबिक, निजी क्षेत्र की संस्थाओं में एडमिशन लेने वाले सामान्य व पिछड़ा वर्ग के छात्रों को पहले सेमेस्टर के 10 हजार रुपए एवं अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति के छात्रों को पांच हजार रुपए का डिमांड ड्राफ्ट ‘संचालक तकनीकी शिक्षा’ के नाम जमा करना होगा।
इन कोर्सों में मिलेगा एडमिशन: बीई, बीऑर्क, बीफॉर्मेसी/ डी-फॉर्मेसी, बीएचएमसीटी, एमबीए, एमसीए, एमई/ एमटेक, एम फॉर्मेसी, एमएएम, लेटरल एंट्री एमसीए, लेटरल एंट्री बीई-फॉर्मेसी व डिप्लोमा कोर्स। डिप्लोमा में एडमिशन के लिए 11 से सीएलसी: डिप्लोमा कोर्स में खाली सीटों में एडमिशन के लिए 11 अगस्त से कॉलेज स्तर पर काउंसिलिंग शुरू होगी जो 14 अगस्त तक चलेगी। इसमें प्री पॉलीटेक्निक टेस्ट ((पीपीटी)) व अर्हकारी परीक्षा के आधार पर छात्र एडमिशन ले सकेंगे।


हायर सेकंडरी की सप्लीमेंट्री परीक्षा का रिजल्ट हो सकता है घोषित
Our Correspondent :12 August 2013
भोपाल। माध्यमिक शिक्षा मंडल की हायर सेकंडरी की सप्लीमेंट्री परीक्षा का रिजल्ट सोमवार को घोषित होने की संभावना है। वहीं, हाईस्कूल की सप्लीमेंट्री परीक्षा का रिजल्ट 20 को आ सकता है।
हायर सेकंडरी की सप्लीमेंट्री परीक्षा में भोपाल से 5 हजार विद्यार्थी शामिल हुए थे। वहीं, प्रदेश से यह संख्या 1 लाख 40 हजार से ज्यादा है। इसी तरह हाईस्कूल की सप्लीमेंट्री परीक्षा में प्रदेश का आंकड़ा दो लाख से ज्यादा है।


रैगिंग हुई तो होगी कड़ी कार्रवाई विवि प्रशासन ने दिए निर्देश
Our Correspondent :10 August 2013
भोपाल। भोपाल में एक छात्रा द्वारा रैगिंग से प्रताडि़त होकर आत्महत्या करने के बाद शैक्षणिक जगत में रैगिंग का जिन्न एक बार फिर बाहर आ गया है। मुख्य सचिव आर. परशुराम ने भी रैगिंग पर पूर्ण नियंत्रण के लिए निर्देश दिए हैं। इधर विक्रम विवि प्रशासन ने भी रैगिंग के मामले में सभी कॉलेज, होस्टल व अध्ययनशाला प्रमुखों को निर्देशित करते हुए रैगिंग पर पूर्ण रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं। कुलानुशासक एवं मीडिया प्रभारी डॉ. शैलेंद्र शर्मा ने बताया रैगिंग रोकने के लिए 20 जून तक संस्थानों में एंटी रैगिंग कमेटियों का गठन किया जा चुका है। सभी अध्ययनशालाओं, कॉलेजों और होस्टलों में निर्देश जारी कर रैगिंग पर पूर्ण नियंत्रण के निर्देश दिए हैं। रैगिंग नियंत्रण में लापरवाही होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यहां करें शिकायत: > संस्थान स्तर पर प्राचार्य, निदेशक, विभागाध्यक्ष या वार्डन को लिखित शिकायत करें।
> विक्रम विश्वविद्यालय के टोल फ्री नंबर 1800332518 पर शिकायत करें।
> विवि प्रशासनिक भवन स्थित कुलसचिव, कुलानुशासक एवं विद्यार्थी कल्याण संकायाध्यक्ष कार्यालय में उपस्थित होकर लिखित शिकायत करें।


प्रदेश टॉपर को नहीं मिल रहा एजुकेशन लोन
Our Correspondent :10 August 2013
बैतूल। प्रदेश सरकार द्वारा एजुकेशन लोन के शिविर लगाकर आसानी से लोन दिए जाने का ढिंढोरा पीटा जा रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि प्रदेश टॉपर को ही यह लोन नहीं मिल पा रहा है।
इसी वर्ष कक्षा 12वीं कामर्स परीक्षा में टॉप करने वाले मुलताई के छात्र को सीए (चाटर्ड एकाउंटेंट) के लोन नहीं मिल पा रहा है। लोन नहीं मिलने से गरीब छात्र के सपने चूर-चूर होते नजर आ रहे हैं।
लोन के लिए पिता-पुत्र भटक रहे हैं।
मुलताई निवासी लेखांशु बावने पिता दीपक बावने भोपाल के सुभाष उत्कृष्ट उमावि का छात्र हैं। उसने वर्ष 2012-13 में कामर्स विष्ाय में प्रदेश में टॉप किया है। छात्र को 500 में से 468 अंक मिले हैं।
छात्र के पिता व पेशे से अध्यापक दीपक बावने ने बताया कि उसका पुत्र अब सीए की कोचिंग करना चाहता है,जिसके लिए लगभग ढाई लाख रूपए खर्च आएगा। लोन के लिए हर जगह प्रयास किया, लेकिन हर जगह सीए के लोन का प्रावधान नहीं होने की बात कही जा रही है। लोन के चक्कर में ही पिता-पुत्र शुक्रवार को बैतूल पहुंचे थे।
सुपर 50 में हुआ था चयन
दीपक ने बताया कि उसके पुत्र लेखांशु ने कक्षा दसवी में भी जिले में तीसरा स्थान प्राप्त किया था, जिससे उसका सुपर 50 के तहत कामर्स विषय से पढ़ने चयन किया था। लेखांशु को सुभाष उत्कृष्ट स्कूल भोपाल में पढ़ने का मौका मिला था।


एम्स : 100 सीटों पर 70 ने लिया एडमिशन
Our Correspondent :10 August 2013
भोपाल। भोपाल के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के दूसरे शैक्षणिक सत्र के पहले चरण की एडमिशन प्रक्रिया शुक्रवार को समाप्त हो गई। पहले चरण में संस्थान की एमबीबीएस की 100 सीटों पर 70 विद्यार्थियों ने एडमिशन की प्रक्रिया पूरी की। खाली रही सीटों को भरने के लिए अब एम्स प्रबंधन दूसरे चरण की काउंसलिंग करेगा।
एम्स डायरेक्टर डॉ. संदीप कुमार ने बताया कि नर्सिंग कॉलेज के पहले शैक्षणिक सत्र में बीएससी नर्सिंग की 60 सीटों पर एडमिशन होने थे। इनमें से 52 सीटों पर विद्यार्थियों ने काउंसलिंग के बाद एडमिशन करा लिए हैं। नर्सिंग कॉलेज में 8 और मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 30 सीट अब भी खाली हैं, जिन्हें दूसरे चरण की काउंसलिंग में भरेंगे।


रहली, गढ़ाकोटा एवं निवाड़ी महाविद्यालय को मिला स्नातकोत्तर का दर्जा
Our Correspondent :08 August 2013
भोपाल। राज्य शासन द्वारा शासकीय महाविद्यालय रहली एवं गढ़ाकोटा जिला सागर और निवाड़ी जिला टीकमगढ़ को स्नातकोत्तर महाविद्यालय का दर्जा दिये जाने की अनुमति दी गई है।







रैगिंग को लेकर सरकार सख्त, दोपहर 1.30 बजे सीएस ने बुलाई बैठक
Our Correspondent :08 August 2013
भोपाल। रैगिंग के चलते सुसाइड करने वाली आरकेडीएफ कॉलेज की स्टूडेंट अनिता के मामले को लेकर सरकार बेहद सख्त मूड में आ गई है। मुख्य सचिव आर. परशुराम ने दोपहर 1.30 बजे अफसरों की एक बैठक बुलाई है। बैठक में रैगिंग संबंधि विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
आर. परशुराम के मुताबिक, रैगिंग को लेकर राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराने की दिशा में यह बैठक बुलाई गई है। इसमें अपर सचिव तकनीकी शिक्षा, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा के अफसर शामिल होंगे|


दो डॉक्टरों का आरोप : दो करोड़ रुपए में बेची पीजी की सीट
Our Correspondent :08 August 2013
जबलपुर। हाईकोर्ट ने उस याचिका पर राज्य सरकार व अन्य को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं, जिसमें पीजी कोर्स की सीटें 2 करोड़ रुपए में बेचे जाने का आरोप लगाया गया है। जस्टिस राजेंद्र मेनन और जस्टिस विमला जैन की युगलपीठ ने अनावेदकों को जवाब पेश करने को कहा है।
यह याचिका नई दिल्ली के गौतम नगर के डॉ. शैलेंद्र सिंह और इंदौर के पालाखेड़ी निवासी डॉ. दिलीप चावला ने दायर की है। इनका कहना है कि वे इस साल की प्री पीजी परीक्षा में शामिल हुए थे और उन्हें पूरी उम्मीद थी कि उनको मप्र के किसी भी मेडिकल कॉलेज में दाखिला जरूर मिलेगा। काउंसलिंग की ऑनलाइन प्रक्रिया 26 से 31 जुलाई तक थी, लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने चौथे दौर की काउंसलिंग 21 अगस्त तक कराने कहा था। पिछले साल तक चौथे दौर की काउंसलिंग सभी छात्रों के लिए खुली थी, ताकि सीटें व्यर्थ न जा सकें।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से
व्यवस्था दी है कि प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में आधी सीटें मैनेजमेंट कोटे से और आधी सीटें सरकारी कोटे से भरी जाएंगी। मप्र के प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों द्वारा 70 फीसदी सीटें नीलामी के जरिये खुद भरी जाती हैं। आरोप यह भी है कि रेडियो डायग्नोसिस की मप्र में कुल 8 सीटें हैं और उनमें से एक भी सीट सरकारी कोटे को आवंटित नहीं की गई। यह सीटें दो करोड़ रु. में बेची गईं।
जिसका खामियाजा मेरिट की योग्यता रखने वाले छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। याचिका में मांग की गई है कि चौथे दौर की काउंसलिंग को ओपन काउंसलिंग के रूप में भरने के निर्देश दिए जाएं।
इन्हें दिए नोटिस
युगलपीठ ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव, डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन और एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट डेंटल एंड मेडिकल कॉलेज को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।


अगर करना है आईआईटी क्रेक तो जरूर जानें सुपर-30 का ये मूलमंत्र
Our Correspondent :07 August 2013
भोपाल। देश-विदेश में सुपर-30 के जरिए अपनी पहचान बना चुके आनंद कुमार मंगलवार को भोपाल आए। दैनिक भास्कर के दफ्तर में उन्होंने पुनीत पांडेय और प्रीति शर्मा जैन से सक्सेस के चार प्रिंसिपल्स और आईआईटी प्रवेश के दस गोल्डन रूल्स शेयर किए। आनंद के ही शब्दों में..
सुपर-30 से पिछले 12 सालों में बेहद गरीब घरों के 281 बच्चों के सिलेक्शन आईआईटी में हुए हैं। ये ऐसे बच्चे थे जिनके पास खाने तक को नहीं था लेकिन पढ़ने के लिए जुनून था। मेरे पास ऐसे कई बच्चों की कहानी है जिनके माता-पिता मजदूरी करते थे।
कुछ के घरों का तो हाल ऐसा था कि उनके बच्चों को कोचिंग पर दो बार का खाना मिल जाता था, इसी से वे बहुत खुश थे। आज ये बच्चे फ्रांस, कनाडा जैसे देशों में प्रोफेसर हैं। इस साल जिन्होंने जॉइंट एंट्रेस एक्जाम (जेईई) क्लियर किया है, वे आईआईटी रुड़की, कानपुर, बॉम्बे और खड़गपुर में पढ़ाई कर रहे हैं।
इन सभी बच्चों को मैंने चार मूल मंत्र दिए, आपसे शेयर करता हूं। मेरा दावा है कि कोई बच्चा अगर इन पर अमल कर ले तो एक-दो साल में उसका जीवन बदल जाएगा। ये जीवन के वे मूल मंत्र हैं जो किसी परीक्षा को पास करने तक सीमित नहीं हैं।’
दिमाग में सिर्फ लक्ष्य हो
‘स्वामी विवेकानंद ईश्वर को देखना चाहते थे लेकिन उन्हें कोई उत्तर नहीं मिलता था। जब वे रामकृष्ण परमहंस से मिले तो उन्होंने विवेकानंद की गर्दन पानी के एक बर्तन में डुबो दी। छटपटाकर विवेकानंद ने गर्दन बाहर निकाली तो रामकृष्ण ने कहा, ऐसी ही छटपटाहट हो तो भगवान के भी दर्शन होते हैं। बच्चों को अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की बेताबी ऐसी ही होनी चाहिए।’


छात्रावासों का अभियान चलाकर निरीक्षण किया जाय- मुख्यमंत्री
Our Correspondent :07 August 2013
भोपाल। मप्र के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश के समस्त अनुसूचित जाति छात्रावासों का निरीक्षण कर वहाँ सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुदृढ़ की जाये। यह कार्य अभियान के रूप में किया जाय। श्री चौहान ने छात्रावास भवनों की मरम्मत, पेयजल व्यवस्था, उपलब्ध पदों की स्थिति आदि विषयों पर विस्तृत प्रतिवेदन देने के निर्देश दिये। श्री चौहान आज यहाँ मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति सलाहकार मंडल की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
बैठक में राज्य मंत्री श्री हरिशंकर खटीक, श्री मनोहर ऊँटवाल, मुख्य सचिव श्री आर.परशुराम, पुलिस महानिदेशक श्री नंदन दुबे, मंडल के सदस्य विधायक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जहाँ भी अनुसूचित जाति छात्रावास स्वीकृत किये जाय वहाँ आवश्यक स्टाफ की व्यवस्था भी साथ-साथ की जाय। उन्होंने मंडल के सदस्यों से विकास कार्यों के संबंध में सुझाव भी प्राप्त किये।
राज्यमंत्री अनुसूचित जाति विकास श्री खटीक ने बताया कि विभागीय छात्रावासों, शालाओं और आश्रमों की प्रभावी व्यवस्था के लिये सहायक आयुक्त, जिला संयोजक और मंडल संयोजकों को निर्देशित किया गया है। यह भी निर्देश दिये गये हैं कि अधिकारी सप्ताह में तीन दिवस अनिवार्यत: क्षेत्र का भ्रमण करें। सचिव श्री अशोक शाह ने बताया कि वर्ष 2002-03 में विभाग का बजट मात्र 611 करोड़ रूपये था जो अब 4,165 करोड़ रूपये हो गया है। उन्होंने बताया कि 4,071 करोड़ रूपये विभिन्न योजनाओं में विभागों को आवंटित किये गये हैं। आवंटित राशि में से 3,879 करोड़ रूपये व्यय हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि बजट राशि राज्य में अनुसूचित जाति की जनसंख्या के मान से प्रावधानित है।
बैठक में मंडल के सदस्यों ने क्षेत्र में सामुदायिक भवन, छात्रावास और विद्यालय शुरू किये जाने के प्रस्ताव भी दिये


मूल्यों और संस्कारों से दीक्षित करती है शिक्षा- राज्यपाल
Our Correspondent :06 August 2013
भोपाल। मप्र के राज्यपाल श्री राम नरेश यादव ने आज यहाँ समन्वय भवन में सुपर-30 प्रोग्राम के चीफ मेंटर श्री आनंद कुमार अभिनन्दन समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि शिक्षा जहाँ एक ओर भारतीय संस्कृति के अनुरूप मूल्यों और संस्कारों से दीक्षित करती है वहीं दूसरी ओर जीवन तथा समाज की कड़ी चुनौतियों एवं प्रतिस्पर्धाओं का मुकाबला करने के लिए सक्षम भी बनाती है। श्री यादव ने कहा कि देश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रत्येक बच्चे को शिक्षित करना समय की अनिवार्यता है। उन्होंने कहा कि समय के अनुरूप शिक्षा के साथ-साथ तकनीकी कौशल के प्रशिक्षण और रोजगारोन्मुखी विधाओं का ज्ञान होना बहुत आवश्यक है।
राज्यपाल श्री राम नरेश यादव ने सुपर-30 के चीफ मेंटर श्री आनंद कुमार को सम्मानित करते हुए कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और उनके भोजन आदि की व्यवस्था करना नि:संदेह एक चुनौतीपूर्ण दायित्व है। श्री आनंद कुमार की यह पहल न केवल सम्मान के लायक है बल्कि समाज को आज ऐसी पहल की बहुत जरूरत भी है।
नगरीय प्रशासन मंत्री श्री बाबूलाल गौर ने कहा कि समाज के गरीब तबकों के बच्चों को शिक्षा मुहैया करवाने का जो बीड़ा श्री आनंद कुमार ने उठाया है उसमें और अधिक जन-सहभागिता की आवश्यकता है। श्री गौर ने कहा कि समाज-सेवा की ऐसी नि:स्वार्थ कोशिशों से ही सशक्त देश का निर्माण होता है।
उल्लेखनीय है कि आनंद कुमार के सुपर-30 प्रोग्राम में आर्थिक रूप से पिछडे़ छात्रों के समूह में से 30 छात्र का चयन कर उन्हें देश के अग्रणी शिक्षण संस्थानों जैसे आईआईटी एवं एनआईआईटी में दाखिले के लिए तैयार किया जाता है।
श्री आनंद कुमार ने इस अवसर पर कहा कि प्रत्येक सम्मान मुझे और अधिक समर्पण के साथ समाज की सेवा के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि शिक्षित समाज से ही राष्ट्र विकास की कल्पना साकार होती है अत: मेरे लिए यही सबसे बड़ी समाज सेवा है।
आई.ई.एस ग्रुप के चेयरमेन श्री बी.एस यादव ने स्वागत भाषण दिया और राज्यपाल श्री यादव को स्मृति-चिन्ह भेंट किया।


मेडिकल सीटों पर दाखिले की तारीख बढ़वाने के लिए कोर्ट जाएगी सरकार
Our Correspondent :07 August 2013
भोपाल। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में स्टेट कोटे की खाली पीजी सीटों पर एडमिशन की आखिरी तारीख बढ़वाने के लिए राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी। सरकार कोर्ट से एडमिशन के संबंध में निर्देश भी मांगेगी। यह निर्णय संचालनालय चिकित्सा शिक्षा की नीट पीजी काउंसलिंग कमेटी ने लिया है।
दरअसल, यह निर्णय हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा ऑल इंडिया कोटे की सीटों पर एडमिशन की आखिरी तारीख 23 अगस्त करने संबंधी आदेश जारी होने के बाद लिया गया है। इसका फायदा नीट-पीजी देने वाले उन विद्यार्थियों को होगा, जिन्हें तीन चरण की काउंसलिंग के बाद भी पसंदीदा कोर्स और कॉलेज नहीं मिला है।
संयुक्त संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. एनएम श्रीवास्तव ने बताया कि गांधी मेडिकल कॉलेज समेत अन्य मेडिकल कॉलेजों में एमपी कोटे की करीब 40 तथा ऑल इंडिया कोटे की 70 सीटें खाली हैं। उन्होंने बताया कि ऑल इंडिया कोटे की सीटें खाली रहने पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
इस पर कोर्ट ने ऑल इंडिया कोटे की सीटों पर एडमिशन की आखिरी तारीख 23 अगस्त तय कर दी है, जबकि स्टेट कोटे की सीटों पर एडमिशन के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एडमिशन की आखिरी तारीख बढ़ाने के संबंध में कोई निर्देश जारी नहीं किए हैं।


वैकल्पिक माना जाएगा गीता का पाठ
Our Correspondent :06 August 2013
भोपाल। मदरसों में गीता पढ़ाने पर मचे बवाल के बाद राज्य की शिवराज सरकार रक्षात्मक मुद्रा में आ गई है। सरकार ने साफ किया है कि जिन कक्षाओं की उर्दू पाठ्यपुस्तकों में इन पाठों को शामिल किया गया है, उनमें परीक्षा के आधार पर कक्षा में रोकने का प्रावधान नहीं है। फिर भी यदि किसी छात्र या छात्रा को इन पाठों के प़़ढने में रूचि नहीं है तो इन पाठों को वैकल्पिक माना जाएगा। सरकार ने यही नीति सूर्य नमस्कार के लिए भी अपनाई थी।
सरकार ने कहा कि स्कूली पुस्तकों को समावेशी बनाने की दृष्टि से गीता के अलावा अनेक धर्मों, संप्रदायों के विषय भी विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन हेतु शामिल किए गए हैं। जिसमें पैगम्बर हजरत मोहम्मद की जीवनी, वाकया-ए-कर्बला और गुरू नानक देव, गौतम बुद्ध, महावीर स्वामी, क्राइस्ट, गरीब नवाज ऑफ अमेर पर प्रोजेक्ट कार्य दिए गए हैं। विभिन्न कक्षाओं की पुस्तकों में क्रिसमस का तोहफा, बीवी फातिमा की जीवनी, होली, ईद, दीवाली, राखी, ईदुज्जाुहा, ओणम, क्रिसमस, दशहरा, गुरू पर्व, महावीर जयंती, बुद्ध जयंती, लोहड़ी आदि त्यौहारों पर जानकारी कविता, कहानी एवं पाठ के रूप में शामिल है। कक्षा 11 में बिशप्स केंडल स्टिक्स वाला पाठ भी है। ईदगाह पर भी पाठ इन पुस्तकों में शामिल है। ईसाई सज्जान दीनबंधु एण्ड्रूज का सेवा भाव प्रेरक प्रसंग के रूप में दिया गया है।
हाई कोर्ट ने कहा, गीता भारतीय दर्शन मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने जनवरी 2012 में मध्यप्रदेश के स्कूलों में गीता-सार पढ़ाए जाने के शासन के निर्णय के विरुद्ध कैथोलिक बिशप कौंसिल द्वारा याचिका दायर किए जाने पर व्यवस्था दी थी कि गीता मूलत: भारतीय दर्शन की पुस्तक है, न कि भारत के धर्म पर। पाठ्य-पुस्तकों में गीता आधारित सामग्री का निर्णय भी नया नहीं है। वर्ष 2011-12 से गीता के व्यवहारिक एवं नैतिक मूल्यों पर आधारित विभिन्न पाठ्य सामग्री, कक्षा 01 से 12 की भाषा की पुस्तकों में समाहित की गई है।


करप्शन पर कर डाली पीएचडी
Our Correspondent :05 August 2013
सागर। जी हां! अब भ्रष्टाचार पर भी विशेषज्ञता हासिल की जाने लगी है। गांव की पंचायत से लेकर देश की सांसद तक में जब भ्रष्टाचार ही गूंज रहा हो तो करप्शन स्पेशलिस्ट बनना एक बेहतर कॅरियर ही माना जा सकता है। भ्रष्टाचार पर प्रदेश की पहली पीएचडी डॉ. हरीसिंह गौर सेंट्रल यूनिवर्सिटी से हुई है।
प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थाओं व प्रशासनिक कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार को केंद्र में रखकर की गई इस रिसर्च में भ्रष्टाचार के कारणों, जिम्मेदारों और समाधान जैसे विषषय पर विस्तार से जानकारी दी गई है। विवि से पीएचडी करने वाले लोक प्रशासन के मेधावी छात्र रहे मनोरमा कॉलोनी निवासी डॉ. धरणेन्द्र कुमार जैन हैं। एक छोटी सी ग्राम पंचायत से लेकर सीएम तक को भ्रष्टाचार के मामलों में कटघरे में लाने वाली इस रिसर्च पेपकर की शुरआत चाणक्य के कथन 'तालाब की मछली कब पानी पी जाती है, किसी को पता नहीं चलता' से होती है। शोधपत्र में लोगों के बीच किए गए सर्वे में सौ फीसदी लोगों ने माना कि देश में चारों तरफ भ्रष्टाचार है।
-सिस्टम के सामने हर कोई बेबस
मजेदार तथ्य यह है कि सर्वे में शामिल हुए प्रशासनिक अधिकारी स्वयं मानते हैं कि उनके विभाग में भ्रष्टाचार व्याप्त है। वह स्वयं को बेवस मानते है। सिस्टम के द्वारा, सिस्टम के लिए और सिस्टम से कार्य करने को अपनी नियति बना लेते हैं तो घूस देने वाला आम व्यक्ति भी अपनी सुविधा के लिए इस सिस्टम को फॉलो करता नजर आता है।
-कमीशन मुख्यमंत्री तक पहुंचता है
रिसर्च पेपर में चुनाव प्रक्रिया से सीएम तक निर्माण कार्य और खरीदी प्रक्रिया के बारे में कहा गया है कि विभाग के जूनियर इंजीनियर, उपमंडल अधिकारी, कायर्यपालन यंत्री, अधीक्षण यंत्री और मुख्य इंजीनियर सभी का कमीशन बंधा हुआ है। फिर यह कमीशन आगे ब़़ढता हुआ उपसचिव, सचिव, मंत्री से होता हुआ मुख्यमंत्री तक पहुंचता है। विधायक और सांसद अपनी निधि से विकास कार्याें को एक निर्धारित कमीशन पर करवाते हैं।
-5 साल तक किया रिसर्च
पीएचडी के लिए अक्टूबर 08 में रजिस्ट्रेशन कराने के बाद डॉ. धरणेन्द्र ने पांच सालों तक भ्रष्टाचार और घोटालों से जु़़डे मामलों को खंगाला। रिसर्च वर्क में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लोग अब भी आशान्वित हैं कि भ्रष्टाचार पर रोक लग सकेगी। कानून व्यवस्था और संस्थाओं का मजबूत करने और देश में जनलोकपाल जैसा बिल लाए जाने से काफी हद तक भ्रष्टाचार को रोका जा सकता है।
पीएचडी में डॉ. धरणेन्द्र के गाइड रहे प्रो. जीपी नेमा कहते हैं कि रिसर्च वर्क में हर एक चीज का आंकलन बेहतर तरीके से किया गया है।


एमसीयू में प्रवेश के लिए संस्था स्तर की काउंसलिंग शुरू
Our Correspondent :05 August 2013
भोपाल। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में प्रवेश हेतु संस्था स्तर की काउंसलिंग 5 अगस्त 2013 को होगी। एम.बी.ए. पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु आयोजित संस्था स्तर की काउंसलिंग तकनीकी शिक्षा संचालनालय के प्रतिनिधि के समक्ष एम.पी. नगर, भोपाल स्थित विश्वविद्यालय परिसर में सुबह 11.00 बजे से प्रारंभ होगी।
पत्रकारिता विश्वविद्यालय में 2 वर्षीय पूर्णकालिक एम.बी.ए. पाठ्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं। जिसके अंतर्गत मीडिया मैनेजमेंट, एंटरटेन्मेंट कम्युनिकेशन, कॉरपोरेट कम्युनिकेशन तथा एडवरटाईजिंग एंड मार्केटिंग कम्युनिकेशन जैसी नवीन विधाओं में एम.बी.ए. उपाधि प्रदान की जाती है। पत्रकारिता विश्वविद्यालय के उपरोक्त सभी एम.बी.ए. पाठ्यक्रम ए.आई.सी.टी.ई. से मान्यता प्राप्त हैं। पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बृजकिशोर कुठियाला के अनुसार विगत वर्षों में मीडिया एवं एंटरटेन्मेंट के क्षेत्र में तेजी से विस्तार हो रहा है।
आज मीडिया उद्योग को ऐसे दक्ष कर्मियों की आवश्यकता है जो मीडिया की विभिन्न विधाओं की सैद्धांतिक एवं तकनीकी जानकारी के साथ प्रबंधन की बारीकियों को भी जानते-समझते हों। इसी उद्देश्य से मीडिया एवं प्रबंधन की विधाओं को शामिल कर एम.बी.ए. पाठ्यक्रम प्रारंभ किये गये हैं। देश में अपनी तरह के पहले इन पाठ्यक्रमों को ए.आई.सी.टी.ई. ने भी मान्यता प्राप्त है।
विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित संस्था स्तर की काउंसलिंग में शामिल होने के लिए इच्छुक उम्मीदवार www.mponline.gov.in पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने के उपरांत 5 अगस्त 2013 को विश्वविद्यालय परिसर में सुबह 11.00 बजे उपस्थित हों। दोपहर 12.00 बजे तक उपस्थित उम्मीदवारों में से स्नातक परीक्षा में प्राप्त अंकों की मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा।
प्रवेश के दौरान मध्यप्रदेश शासन के आरक्षण नियमों का पालन किया जाएगा। जो उम्मीदवार एमबीए पाठ्यक्रम में प्रवेश लेना चाहते हैं वे समस्त आवश्यक दस्तावेजों की मूल प्रति, छायाप्रति, दो पासपोर्ट साइज फोटो तथा पाठ्यक्रम शुल्क नगद रुपये 8,580/- की शुल्क किश्त साथ लेकर आयें। संस्था स्तर की काउंसलिंग एमबीए में प्रवेश का अंतिम अवसर है।
काउंसलिंग के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिये वेबसाइट www.dtempcounselling.org या www.mponline.gov.in पर देखी जा सकती है। काउंसलिंग के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिये भोपाल स्थित 2 सहायता केंद्रों- महिला पॉलिटेक्निक, शिवाजी नगर (फोन नं. 0755-2576839) एवं एस.वी.पॉलेटेक्निक, श्यामला हिल्स, भोपाल (फोन नं. 0755-2660556) पर व्यक्तिगत एवं दूरभाष संपर्क किया जा सकता है। प्रदेश स्थित सहायता केंद्रों की जानकारी www.dtempcounselling.org या www.mponline.gov.in वेबसाइट पर उपलब्ध है।
विश्वविद्यालय के एम.पी. नगर स्थित परिसर में प्रबंधन विभाग में विद्यार्थिर्यों के परामर्श के लिये काउंसलिंग कक्ष बनाया गया है। विद्यार्थीजन व्यक्तिगत रूप से एवं दूरभाष नंबर 0755-2552998 तथा मोबाइल नंबर 9039724435 पर संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.mcu.ac.in पर लॉगऑन कर प्रवेश विवरणिका में पाठ्यक्रमों के संबंध में जानकारी प्राप्त की जा सकती है। विश्वविद्यालय में संचालित एमबीए पाठ्यक्रमों की जानकारी हेतु प्रॉसपेक्ट्स विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.mcu.ac.in पर उपलब्ध है।


हजारों छात्रों के पास अब प्राइवेट परीक्षा ही विकल्प
Our Correspondent :05 August 2013
भोपाल। कॉलेजों में एडमिशन लेने से वंचित रह गए छात्रों को अब और मौका नहीं मिल पाएगा। उच्च शिक्षा विभाग ने साफ कह दिया है कि अब रजिस्ट्रेशन की लिंक नहीं खुलेगी। जो छात्र रह गए हैं, वे प्राइवेट परीक्षा ही दे पाएंगे। प्राइवेट परीक्षा सेमेस्टर सिस्टम से ही होगी। इसके लिए फॉर्म भरने का सिलसिला सितंबर के अंत तक शुरू हो जाएगा। नवंबर में नियमित सेमेस्टर छात्रों के साथ ही प्राइवेट छात्रों की भी परीक्षा होगी।
जिले से सैकड़ों छात्र (ज्यादातर पीईटी, पीएमटी और सीईटी में शामिल हुए थे) कॉलेजों में एडमिशन नहीं ले पाए हैं। इनमें से आधे से ज्यादा तो ऐसे हैं जिन्होंने रजिस्ट्रेशन तक नहीं करवाया, जबकि कई ऐसे हैं जिन्हें पसंदीदा या शासकीय कॉलेज में प्रवेश नहीं मिला। जिन शासकीय कॉलेजों की सीटें खाली रह गई हैं, वहां एडमिशन हो पाएंगे या नहीं, इस पर भी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।
उच्च शिक्षा विभाग का कहना है कि नवंबर में हर हाल में पहले सेमेस्टर की परीक्षाएं होना हैं। इसके लिए 90 दिन की पढाई जरूरी है। 25 जुलाई से पढ़ाई शुरू हुई है। 25 अक्टूबर तक के तीन माह में लगभग 20 छुट्टियां हैं। ऐसे में 20 नवंबर तक ही 90 दिन की पढ़ाई पूरी हो पाएगी, इसलिए अब एडमिशन की तारीख फिर आगे बढ़ाई गई तो परीक्षा दिसंबर या जनवरी में ही हो पाएगी। इस कारण दूसरे, चौथे, छठे सेमेस्टर का शेड्यूल भी पटरी से उतर जाएगा।


अनुराधा को वल्र्ड पुलिस गेम्स में स्वर्ण
Our Correspondent :03 August 2013
भोपाल। सीआईएसएफ की अनुराधा सिंह ने बेलफास्ट में खेले जा रहे वल्र्ड पुलिस गेम्स में स्वर्ण पदक जीता। अनुराधा ने ५००० हजार मी में पहला स्थान हासिल किया। एक अगस्त से १० अगस्त तक होने वाली प्रतियोगिता में भारत का १४ सदस्यीय दल हिस्सा ले रहा है। इसमें सात पुरुष और सात महिला खिलाड़ी हैं। स्पर्धा में अनुराधा के अलावा सीआईएसएफ से नेहा सिंह भी हिस्सा ले रही हैं। अनुराधा ५००० मी के अलावा १० हजार मी, तीन हजार मी स्टीपलचेस और ५००० मी पैदल चाल में भी हिस्सा लेंगी। वहीं, नेहा शॉट पुट, डिस्कस और हैमर थ्रो में देश का प्रतिनिधित्व करेंगी।


बीयू में एडमिशन के लिए आठ तक जमा कर सकते हैं फीस
Our Correspondent :03 August 2013
भोपाल। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के शिक्षण विभागों में एडमिशन के लिए छात्रों को एक और मौका मिलेगा। पूर्व में रजिस्ट्रेशन करा चुके छात्र 8 अगस्त तक फीस जमा कर संबंधित विभागों में एडमिशन ले सकेंगे।
शुक्रवार को अकादमिक काउंसिल की बैठक में छात्रों को एडमिशन के लिए तीन दिन का मौका और देने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। बैठक का एक सूत्रीय एजेंडा शिक्षण विभागों की खाली सीटों को भरना था। बीयू में संचालित 9 संकाय के 24 विभागों में से 23 विभागों की 1769 सीटों में से करीब एक हजार से \'यादा सीटें अब भी खाली हैं।
केवल इंजीनियरिंग विभाग की ही सीटें भर पाई हैं। 29 व 30 जुलाई को आयोजित काउंसलिंग के दौरान एडमिशन नहीं हो पाए थे। विवि शनिवार या सोमवार को एडमिशन का संशोधित कार्यक्रम जारी कर सकता है।


माशिमं की 10वीं व 12वीं परीक्षा के लिए इस बार भी आवेदन ऑनलाइन होंगे
Our Correspondent :03 August 2013
भोपाल। माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं व 12वीं परीक्षा के लिए इस बार भी आवेदन ऑनलाइन भरे जाएंगे। हालांकि नियमित छात्र-छात्राओं के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल ने राहत दी है। क्योंकि उनके आवेदन शिक्षकों को भरना होंगे। जबकि प्राइवेट विद्यार्थियों को खुद ही यह काम करना होगा।
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने सत्र 2013-14 के लिए नियमित प्रवेश एवं परीक्षा संबंधी नीति घोषित की है। इसमें सभी स्कूल 9 से 12वीं के विद्यार्थियों की सूची निर्धारित प्रारूप में समन्वय संस्था में जमा कराएंगे। मंडल के निर्देशों के तहत 16 अगस्त से 30 सितंबर तक 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा आवेदन केवल ऑनलाइन भरे जाएंगे।
इससे विद्यार्थियों को होगी काफी मुश्किल
मंडल के नियमानुसार 8वीं एवं 10वीं में उत्तीर्ण विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं में नियमित प्रवेश के लिए अध्ययन अंतराल एक साल से अधिक नहीं होना चाहिए। लगातार दो साल का अंतराल या एक ही कक्षा में दो साल अनुत्तीर्ण होने की स्थिति में विद्यार्थी को नियमित प्रवेश की पात्रता नहीं रहेगी। ऐसे में संबंधित छात्र-छात्रा को मंडल परीक्षा में स्वाध्यायी के तौर पर परीक्षा में सम्मिलित होना पड़ेगा।
प्राइवेट छात्रों को लगाने पड़ेंगे चक्कर
नियमित विद्यार्थियों के ऑनलाइन परीक्षा आवेदन इस बार स्कूल शिक्षकों के जिम्मे रहेंगे। छात्र-छात्राओं को कियोस्क नहीं जाना पड़ेगा। टीचर एक कागज पर फार्मेट की पूर्ति के बाद ऑनलाइन जमा कराएंगे। जबकि प्राइवेट विद्यार्थियों को सबसे पहले कियोस्क सेंटर जाकर फार्म लेना होगा।


मध्यान्ह भोजन की मात्रा और गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखें
Our Correspondent :02 August 2013
भोपाल। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री राकेश श्रीवास्तव ने जिले के सभी स्थानीय निकायों के अधिकारियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखकर आगाह किया है कि मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम में बच्चों को दी जाने वाली भोजन की मात्रा और गुणवत्ता पर पूरा पूरा ध्यान रखा जाये।
मध्यान्ह भोजन प्रदाय कर रही एजेंसी भोजन गुणवत्तापूर्ण दे रही है और पर्याप्त मात्रा में दे रही है इसको सुनिश्चित करना जरूरी है। इसमें किसी प्रकार की हीला हवाली और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी।


गरीब विद्यार्थियों की शिक्षा को लेकर लापरवाह हैं सरकार- गुगालिया
Our Correspondent :02 August 2013
भोपाल। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता प्रमोद गुगालिया ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर आरोप लगाया है कि मुख्य मंत्री शिवराजसिंह चौहान को प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत लाखों विद्यार्थियों की शिक्षा की चिंता नहीं है। मुख्य मंत्री ने सभी सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करने वाले गरीब विद्यार्थियों को मुफ्त किताबें उपलब्ध कराने की घोषणा करके अपने कर्तव्य की इतिश्री मान ली है। जुलाई महीना बीत गया है, लेकिन हजारों स्कूलों में अभी तक किताबें नहीं पहुंची हैं। पिछले साल भी आधा शैक्षणिक सत्र समाप्त होने के बाद अक्टूबर-नवम्बर महीने में किताबें शासकीय विद्यालयों में पहुंची थीं। प्रदेश के लगभग आधे से ज्यादा सरकारी विद्यालयों में किताबें वितरित ही नहीं हुई थीं, जबकि सरकारी आंकड़ों और कागजों में पूरी संख्या में किताबों की छपवायी बतायी जा रही है।
श्री गुगालिया ने कहा है कि वर्तमान शिक्षण सत्र में शिक्षा ग्रहण कर रहे लगभग 65 लाख से अधिक बच्चों में से अधिकांश को किताबें नहीं मिली हैं। बच्चों को जो किताबें मिली हैं, वे भी सभी विषयों की नहीं हैं। आपने कहा है कि शिक्षा जैसे गंभीर मुद्दे पर सरकार द्वारा ऐसी अनदेखी से पता लगता है कि प्रदेश की भाजपा सरकार विद्यार्थियों के प्रति पूरी तरह से असंवेदनशील है।
श्री गुगालिया ने यह भी आरोप लगाया है कि छात्राओं को साइकिल बांटने की योजना के शुरूआती दौर में चंद छात्राओं को घटिया साइकिल बांटकर मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वाहवाही लूटने का प्रयास किया था। अब तो यह योजना भी खटाई में पड़ गयी है, क्योंकि वर्तमान में छात्राओं को साइकिलें केवल चुनावी फायदा उठाने के लिए वितरित की जा रही हैं। यदि पाठ्य पुस्तकों और साइकिल वितरण की निष्पक्ष एजेंसी से जांच करवा ली जाए, तो शिक्षा के क्षेत्र में बड़े घोटाले सार्वजनिक हो सकते हैं।


अब कॉलेज में मुफ्त मिलेगी कानूनी सलाह
Our Correspondent :02 August 2013
राजगढ़। जिले के अग्रणी शासकीय पीजी कॉलेज में अब सप्ताह में दो दिन लीगल एड क्लीनिक लगाई जाएगी। इसमें कानून विशेषज्ञ आमजन को निशुल्क कानूनी सलाह देंगे। ताकि लोग कोर्ट कचहरी के मामलों में फिजूल खर्च से बच सकें।
अब शहर के शासकीय पीजी कॉलेज में लोगों को न्यायिक जानकारी देने व कानूनी सलाह के लिए सप्ताह में दो दिन लीगल एड क्लीनिक (विधिक सहायता) लगाया जाएगा। इसके लिए जिला न्यायालय ने राज्य विधिक सेवा के आदेशानुसार कॉलेज प्राचार्य को पत्र लिखा है। इसके तहत विधि विशेषज्ञ, लॉ फेकल्टी व विधि विषय के विद्यार्थी लोगों को सलाह देंगे। इस दौरान आमजन अपनी लीगल समस्या विशेषज्ञों को बता कर मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा।
सप्ताह में दो दिन होगा आयोजन : इस लीगल एडवाइजिंग क्लीनिक का आयोजन कॉलेज परिसर में सप्ताह में दो दिन किया जाएगा। कॉलेज में लॉ सेक्शन प्रभारी प्रो. डॉ भारती सेंगर ने बताया कि इसके लिए मंगलवार और शुक्रवार का दिन तय किया है। इन दिनों में क्लीनिक में मौजूद विधि विशेषज्ञ लोगों को सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक कानूनी सलाह देंगे।
लीगल वालिंटियर सेल का गठन होगा : लीगल एड क्लीनिक के साथ ही लॉ पढऩे वाले छात्रों का लीगल वॉलंटियर सेल का गठन भी किया जाएगा। इसके लिए 30 छात्रों का एक समूह गठित होगा जो लॉ से संबंधित सहायता के लिए कोर्ट के निर्देशानुसार काम करेगा।


फेल कॉलेजों से पास होंगे डॉक्टर
Our Correspondent :01 August 2013
नई दिल्ली। इस साल डाक्टरी की तेरह सौ नब्बे सीटें और बढ़ गई हैं। एमबीबीएस की ये सभी सीटें सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बढ़ी हैं, लेकिन इनमें दाखिला लेने वाले छात्रों को जरूरी शिक्षक और सुविधाएं मिलने की कोई गारंटी नहीं होगी। इसका कारण है कि इनमें बड़ी संख्या में ऐसे कॉलेज शामिल हैं, जो कुछ हफ्ते पहले ही सीटें बढ़ाने की जांच में फेल हो गए थे।
भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद [एमसीआइ] ने बुधवार को विभिन्न राज्यों के मेडिकल कॉलेजों को सिर्फ उनके आवेदन के आधार पर सीटें बढ़ाने की मंजूरी दे दी। एक बार के लिए लाई गई इस विशेष योजना के तहत सरकारी मेडिकल कालेजों में कुल 1390 सीटें बढ़ी हैं। इस योजना के तहत सालाना प्रक्रिया पूरी होने के बाद कॉलेजों को बिना किसी जांच-पड़ताल के मंजूरी दी गई है। फायदा पाने वालों में ऐसे कॉलेज भी शामिल हैं, जिनको 15 जुलाई को पूरी हुई मंजूरी प्रक्रिया में इसके लिए पूरी तरह अयोग्य पाया गया था।
इस योजना का सबसे ज्यादा फायदा पाने वाले राज्यों में शामिल बिहार के जिन पांचों मेडिकल कॉलेजों को इसमें मंजूरी मिली है, उन सभी को एमसीआइ ने इसके लिए अयोग्य पाया था। एमसीआइ के कागजात बताते हैं कि गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज, मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज और भागलपुर के जेएन मेडिकल कॉलेज को 50 से सौ सीटें करने का आवेदन विभिन्न कमियों को देखते हुए कुछ दिन पहले ही ठुकरा दिया गया था। अब बिना किसी सुधार किए ही इन सभी को मंजूरी मिल गई है। इसी तरह अयोग्य पाई गई पटना मेडिकल कॉलेज की सीटें अब बढ़ कर सौ से 150 हो गई हैं और दरभंगा मेडिकल कॉलेज की 90 से बढ़ कर सौ।
योजना का फायदा उठाने में सबसे ऊपर महाराष्ट्र और बिहार हैं। महाराष्ट्र में 400 और बिहार में 210 सीटें बढ़ी हैं। तीसरे नंबर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद का गृह राज्य जम्मू-कश्मीर है। यहां 150 सीटें बढ़ी हैं। इस योजना में उत्तर प्रदेश सिर्फ सौ सीटें ही पा सका। देश में डॉक्टरों की कमी के बावजूद मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटें जरूरी संख्या में नहीं बढ़ते देख कर यह योजना लाई है।
राज्य बढ़ी सीटें
महाराष्ट्र 400
बिहार 210 उत्तर प्रदेश 100 हिमाचल प्र. 0 जम्मू-कश्मीर 150 चंडीगढ़ 50 पंजाब 0
तमिलनाडु 100
मध्य प्रदेश 80 कर्नाटक 50 झारखंड 100
प. बंगाल 100
छत्तीसगढ़ 50
कुल 1390


नीट के लिए सरकार बनाएगी कानून
Our Correspondent :01 August 2013
नई दिल्ली। एमबीबीएस, बीडीएस और मेडिकल व डेंटल कॉलेजों में पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सेज के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा को रद करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ सरकार पुनर्विचार याचिका दायर सकती है। इसमें सकारात्मक नतीजे न आने पर कानून भी लाने की तैयारी है। कानून मंत्रालय ने इस पर सहमति दे दी है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से नाराज स्वास्थ्य मंत्रालय ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) को बरकरार रखने के लिए कानूनी और विधायी कदम उठाने का मन बनाया है। इसके तहत स्वास्थ्य मंत्रालय पहले पुनर्विचार याचिका दायर करेगा। इस पर सकारात्मक नतीजे न आने पर वह एमसीआइ एक्ट में संशोधन की तैयारी में है। स्वास्थ्य मंत्रालय के इस रुख का कानून मंत्रालय ने भी समर्थन किया है।
उसका कहना है कि समझौते के मुताबिक अगर विभाजित फैसले पर जजों के बीच चर्चा न हुई हो तो फिर इस पर पुनर्विचार की मांग की जा सकती है।
गौरतलब है कि बहुमत के आधार पर तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश अल्तमस कबीर और जस्टिस विक्रमजीत सेन ने संयुक्त परीक्षा को रद करने का फैसला सुनाया था, जबकि जस्टिस एआर दवे ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआइ) के संयुक्त परीक्षा कराने के फैसले को बरकरार रखा था।
जस्टिस दवे ने यह भी कहा था कि खंडपीठ में शामिल तीन जजों ने समय की कमी के कारण इस पर चर्चा नहीं की।


फेसबुक ने दो भारतीय छात्रों को दिया 60 लाख का पैकेज
Our Correspondent :01 August 2013
इलाहाबाद। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान [ट्रिपलआइटी] के दो छात्रों को दिग्गज सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक ने 60 लाख रुपये सालाना नौकरी का पैकेज ऑफर किया है। ये मेधावी हैं अंकित गुप्ता और योगेश शर्मा। दोनों बीटेक इनफारमेशन टेक्नोलॉली के छात्र हैं। इस बार भी ट्रिपलआइटी का प्लेसमेंट 100 फीसद रहा है। इनमें से 70 फीसद छात्र ऐसे हैं जिन्हें 12 से 60 लाख रुपये के बीच का वार्षिक पैकेज मिला है।
ट्रिपलआइटी के निदेशक डॉ. एमडी तिवारी ने बताया कि शैक्षिक सत्र 2012-2013 में गूगल, फेसबुक, माक्रोसॉफ्ट, वॉलमार्ट, याहू, अमेजन, वैरिजन जैसी दिग्गज बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने कैंपस चयन किया। बीटेक में 100 फीसद चयन रहा। डॉ. तिवारी ने बताया कि हमारे छात्र अखिल भारतीय स्तर पर राष्ट्रीय प्रतिभा पूल में टॉप प्वाइंट फाइव फीसद में आते हैं। इसके पीछे हमारी उत्कृष्ट शिक्षण व्यवस्था और शिक्षकों का योगदान है। प्लेसमेंट सेल के इंचार्ज डॉ. शिरशू वर्मा ने बताया कि माइक्रोसॉफ्ट ने निशांत गर्ग, अजीत कुमार, रोहित राज और करन रावत को 18 लाख से अधिक का पैकेज दिया है। वॉलमार्ट ने 22 लाख रुपये का पैकेज दिया है।
गूगल ने आइआइआइटी इलाहाबाद से बीटेक तृतीय वर्ष के छात्र देवांशू गर्ग को अपना एंबेसडर चुना है, जोकि नए सत्र में ट्रिपलआइटी में गूगल के छात्र राजदूत के रूप में काम करेंगे। गूगल आउटरीच प्रोग्राम के मुखिया सुनील राव ने बताया कि देशभर से 1750 विद्यार्थियों को 100 शहरों से गूगल स्टूडेंट एंबेसडर चुना गया है।
एमएनएनआइटी के छात्र के नाम 1.34 करोड़ का रिकॉर्ड:-
इससे पहले एमएनएनआइटी के बीटेक के एक छात्र को मार्च 2012 में फेसबुक ने 2,62,500 डालर [1.34 करोड़ रुपये] का सालाना पैकेज दिया था। इस ऑफर को अब तक का सबसे बड़ा ऑफर कहा गया था। इसके बाद ट्रिपलआइटी में दोनों छात्रों को मिले इस पैकेज को दूसरा सबसे बड़ा ऑफर माना जा रहा है।


मध्यप्रदेश के मेडिकल कॉलेजों को 80 अतिरिक्त सीट मिलीं
Our Correspondent :01 August 2013
भोपाल। मध्यप्रदेश को आज भारत सरकार से शासकीय मेडिकल कॉलेजों के लिये एम.बी.बी.एस. की 80 अतिरिक्त सीट प्राप्त हुई हैं। चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री अनूप मिश्रा ने बताया कि इनमें से 40 सीट रीवा मेडिकल कॉलेज तथा 10-10 सीट ग्वालियर, इंदौर, भोपाल और जबलपुर मेडिकल कॉलेज, प्रत्येक के लिये हैं।
श्री मिश्रा ने बताया कि पूर्व में इसी वर्ष स्नातकोत्तर स्तर की 42 सीट प्राप्त हुई थीं। मध्यप्रदेश में 60 साल के अंतराल के बाद पहली बार एक साथ शासकीय मेडिकल कॉलेजों के लिये अतिरिक्त सीट मिली हैं।


मेडिकल की 60 सीटें खाली, चौथी काउंसलिंग की घोषणा अब तक नहीं
Our Correspondent :31 July 2013
इंदौर। तीसरी काउंसलिंग के बाद भी इंदौर एमजीएम मेडिकल कॉलेज सहित प्रदेशभर के मेडिकल कॉलेजों में ऑल इंडिया कोटे की 60 सीटें खाली रह गई हैं। सुप्रीम कोर्ट से स्टे के कारण ये सीटें रिवर्ट-बैक होकर न तो राज्य को मिल पाईं और न ही कोर्ट से चौथी काउंसलिंग के संबंध में निर्देश मिले हैं। ऐसे में जिन छात्रों को राज्य कोटे से पसंदीदा कोर्स नहीं मिला वे परेशान हैं क्योंकि बुधवार को कोर्स फीस जमा करने का आखिरी दिन है। वे असमंजस में हैं कि आवंटित कोर्स में एडमिशन लें या खाली सीटों का फैसला होने तक इंतजार करें
प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में 550 से ज्यादा पीजी डिप्लोमा/डिग्री सीट हैं। अमूमन सभी कॉलेजों ने तय कार्यक्रम के अनुसार 25 जुलाई तक पीजी प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर ली लेकिन ऑल इंडिया कोटा की कुछ सीटें खाली रह गईं। हर साल इस अवधि तक केंद्र सरकार खाली सीटों को रिवर्ट-बैक कर राज्य कैडर में डाल देती थी ताकि प्रदेश के ही मेरिट छात्रों को प्रवेश दिया जा सके।
इस बार ऐसा नहीं हुआ क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने इस पर स्टे लगा दिया है, वहीं चौथे राउंड की काउंसलिंग को लेकर भी कोई निर्देश नहीं मिले हैं। बताया जा रहा है कि चौथी काउंसलिंग होगी, इसीलिए सीट राज्य कोटा में कन्वर्ट नहीं की जा रहीं। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों के अनुसार इसमें विषय अपग्रेडेशन का भी विकल्प हो सकता है।
इंदौर में ही 20 सीटें खाली
नीट (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) का मामला सुप्रीम कोर्ट में जाने से परिणाम देर से घोषित हुए। एमजीएम मेडिकल कॉलेज में ही पीजी की 150 सीटे हैं। इनमें से ऑल इंडिया कोटा की 20 सीट खाली रह गई हैं। यदि चौथी काउंसलिंग हुई तो ऑल इंडिया कोटा की मेरिट से प्रवेश मिलेगा।
, जबकि हर बार ये सीटें राज्य कोटा में कन्वर्ट हो जाती हैं। एमसीआई के नियमानुसार हर साल 31 जुलाई तक एडमिशन हो जाते हैं और 50 फीसदी सीटें राज्य और 50 फीसदी सीटें केंद्र सरकार कोटा की होती हैं।
पीएमटी में फर्जीवाड़ा: किंग्सली व्यापमं के नए डायरेक्टर
प्री मेडिकल टेस्ट (पीएमटी) में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद प्रदेश सरकार ने व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) के डायरेक्टर की जिम्मेदारी एक बार फिर आईएएस अफसर को सौंपी है।
राज्य शासन ने मंडल के परीक्षा नियंत्रक डॉ. पंकज त्रिवेदी से डायरेक्टर का अतिरिक्त प्रभार वापस लेकर आईएएस अफसर जॉन किंग्सली एआर को अतिरिक्त प्रभार दे दिया है। किंग्सली फिलहाल मिशन संचालक, समग्र सामाजिक सुरक्षा-सह संचालक पंचायत राज हैं। पूर्व में वे शिवपुरी व हरदा कलेक्टर और इंदौर के डिप्टी कलेक्टर रह चुके हैं।
डॉ. त्रिवेदी को डायरेक्टर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। प्रभार मिलने के बाद मंगलवार को नए डायरेक्टर ने अपना कार्यभार संभाल लिया है। चर्चा में किंग्सली ने कहा कि सरकार ने मंडल में हो रही गड़बड़ियों को रोकने की मंशा से ही उन्हें यहां भेजा है।
मंडल में कैसे काम होता है, इसे समझने के बाद ही आगे के फैसले लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि गलत काम करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा।, लेकिन इस बात का भी ख्याल रखेंगे कि निदरेष कर्मचारियों का मनोबल न गिरे।


पंकज त्रिवेदी से व्यावसायिक परीक्षा मंडल के डायरेक्टर का प्रभार वापस
Our Correspondent :31 July 2013
भोपाल। प्री मेडिकल टेस्ट (पीएमटी) में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद प्रदेश सरकार ने व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) के डायरेक्टर की जिम्मेदारी ८ साल बाद एक बार फिर आईएएस अफसर को सौंपी है। राज्य शासन ने मंडल के परीक्षा नियंत्रक डॉ.पंकज त्रिवेदी से डायरेक्टर का अतिरिक्त प्रभार वापस लेकर आईएएस अफसर जॉन किंग्सली एआर को अतिरिक्त प्रभार दे दिया है।
किंग्सली वर्तमान में मिशन संचालक, समग्र सामाजिक सुरक्षा-सह संचालक पंचायत राज हैं। पूर्व में वे शिवपुरी व हरदा कलेक्टर रह चुके हैं। इससे पहले व्यापमं में डायरेक्टर का पद संभालने वाली आईएएस अफसर मधु हांडा थीं। उनके बाद दो साल पहले डायरेक्टर का पद आईएफएस अफसर जय नारायण संभाल रहे थे। श्री नारायण के जाने के बाद डॉ.त्रिवेदी को अतिरिक्त प्रभार दिया गया था।
इनके अलावा जो भी डायरेक्टर बने, उनमें ज्यादातर इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य रहे हैं। प्रभार मिलने के बाद मंगलवार को नए डायरेक्टर ने अपना कार्यभार संभाल लिया है। दैनिक भास्कर से चर्चा में श्री किंग्सली ने कहा कि सरकार ने मंडल में हो रही गड़बड़ियों को रोकने की मंशा से ही उन्हें यहां भेजा है।
मंडल में कैसे काम होता है, इसे समझने के बाद ही आगे के फैसले लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि गलत काम करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा, लेकिन इस बात का भी ख्याल रखेंगे कि निदरेष कर्मचारियों का मनोबल न गिरे।


स्कूलों में दो दिन का अवकाश घोषित
Our Correspondent :30 July 2013
भोपाल। पिछले पांच दिनों से हो रही लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने प्राइमरी व मिडिल स्कूलों में दो दिन का अवकाश घोषित कर दिया है। क्षेत्र में शुक्रवार से तेज बारिश का दौर जारी है। लगातार हो रही बारिश की वजह से ब्लॉक के ३१२ प्राइमरी व ११२ मिडिल स्कूलों के हजारों विद्यार्थियों को स्कूल आने जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। बिगड़े मौसम से हजारों विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एसडीएम नीता राठौर ने सोमवार को ब्लॉक के सभी स्कूलों के प्राचार्यों को सोमवार व मंगलवार तक स्कूल बंद करने के लिए निर्देशित किया है। जिसकी सूचना पर सोमवार को अधिकांश स्कूल बंद कर दिए गए।
बारिश से बचाने के लिए अवकाश: बारिश में भीगने से विद्यार्थियों को बीमारियों का खतरा बना रहता है। दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को आसपास के क्षेत्र के नाले पार करते हुए स्कूल पहुंचना पड़ता है। इनमें उनकी सुरक्षा खतरे में बनी रहती है लेकिन इस अवकाश की वजह से हजारों विद्यार्थी अपने को सुरक्षित महसूस करेंगे।


ज्ञान विज्ञान की किताबों का मेला
Our Correspondent :30 July 2013
राजगढ़। शहर के उत्कृष्ट विद्यालय में सोमवार से तीन दिवसीय पुस्तक मेले की शुरुआत हो गई। मेले में रा\'य शिक्षा केंद्र द्वारा चयनित 74 प्रकाशकों की पुस्तकों के 28 स्टॉल लगाए गए हैं जिन पर कई ज्ञानवर्धक किताबों का भंडार लगा हुआ है। स्कूल परिसर में सुबह साढ़े 11 बजे मेले की शुरुआत की गई। बारिश के चलते 28 कमरों में दुकानदारों के स्टॉल लगे हुए हैं। जिन पर रा\'य शिक्षा केंद्र द्वारा अधिकृत 74 प्रकाशकों की पुस्तकों को तय दर पर बेचा जा रहा है। मेले में मिलने वाली किताबों में बाल साहित्य, कविता, कहानी, नाटक, महापुरुषों की जीवनी, शहीदों की स्मृति, राष्ट्रगीत, भजन, पहेलियां, संत महापुरुष, राष्ट्रीय प्रतिक, व्यक्तित्व विकास सहित अन्य तरह की पुस्तकें शामिल हैं। बारिश के चलते मेले में पुस्तकें खरीदने वाले छात्रों की संख्या कम ही रही।



उत्तर भारत के मेधावी डॉक्टर भी नहीं कर पाएंगे पीजी
Our Correspondent :29 July 2013
नई दिल्ली। मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर [पीजी] की सीटों की भारी कमी के बावजूद इस शैक्षणिक सत्र में केंद्रीय कोटे की 1600 सीटों के खाली रहने की आशंका है। कुछ राज्यों की ओर से काउंसलिंग में जान-बूझकर की जा रही देरी की वजह से यह स्थिति पैदा हुई है। केंद्रीय कोटे की सीटों के खाली जाने का सबसे ज्यादा नुकसान उत्तर भारत के छात्रों को होगा।
दाखिले की प्रक्रिया से जुड़े वरिष्ठ सूत्र बताते हैं कि केंद्रीय कोटे से दाखिले के लिए तीसरे दौर की काउंसलिंग के बाद बड़ी संख्या में छात्र सीटें छोड़ रहे हैं। ये छात्र अब राज्य कोटे से अपनी पसंद के कॉलेज या विषय में दाखिला ले रहे हैं। केंद्रीय कोटे में 1600 सीटें उपलब्ध होने के बावजूद सुप्रीम कोर्ट से चौथे दौर की काउंसलिंग की इजाजत नहीं है। अधिकांश राज्यों ने स्पष्ट अदालती निर्देश के बावजूद अपनी काउंसलिंग में बहुत देरी की। इन्होंने समय से अपनी काउंसलिंग करवाई होती तो छात्र अपनी प्राथमिकता पहले तय कर लेते, जबकि इस देरी की वजह से जिन छात्रों को राज्य कोटे से ज्यादा अनुकूल सीट मिलने की उम्मीद थी उन्होंने भी केंद्रीय कोटे की सीट पर कब्जा बनाए रखा। इस स्थिति का सबसे ज्यादा नुकसान उत्तर भारत के छात्रों को होगा। इन राज्यों में मेडिकल कॉलेज बहुत कम होने के कारण यहां के राज्य कोटे से भी इन्हें दाखिला मिलने की उम्मीद अब नहीं के बराबर होगी। ऐसे में केंद्रीय सूची में बेहद अव्वल जगह पाने वाले उत्तर भारत के छात्र अपने मुकाबले बेहद निचले पायदान वाले अन्य राज्यों के छात्रों के मुकाबले मौका पाने से वंचित रह जाएंगे।
एमबीबीएस कर चुके डॉक्टरों के लिए स्नातकोत्तर की सिर्फ छह हजार सीटें केंद्रीय कोटे से भरी जानी थीं। बाकी छह हजार सीटें राज्यों को अपने छात्रों के लिए आरक्षित रखने की छूट दी गई थी। अब इस स्थिति से तभी उबरा जा सकता है जब सुप्रीम कोर्ट चौथे दौर की काउंसलिंग कराने का आदेश दे। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक इस समस्या का स्थायी समाधान तभी हो सकता है, जब राज्य भी सही समय पर अपनी काउंसलिंग कराया करें। साथ ही ऐसी ऑनलाइन व्यवस्था भी तैयार करनी होगी, जिससे किसी भी कोटे से कहीं भी दाखिला लेने वाले छात्र का ब्योरा सभी कॉलेजों को उपलब्ध हो सके। इससे दो-दो सीटों पर कब्जा करने वाले छात्रों पर अंकुश लग सकेगा।



एबीवीपी बोली-यूनिवर्सिटीज में नाकाबिल कुलपतियों की नियुक्तियां
Our Correspondent :29 July 2013
भोपाल। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने 31 जुलाई को राजभवन घेरने का ऐलान किया है। यहां मीडिया से चर्चा करते हुए एबीवीपी के क्षेत्रीय संगठन मंत्री बीडी शर्मा ने बताया कि बुधवार को दोपहर 12 बजे से दशहरा मैदान, जवाहर चौक और रोशनपुरा होते हुए राजभवन तक एक रैली निकाली जाएगी।
राजभवन के घेराव के लिए प्रदेशभर में सूचना भेजी गई है। उन्होंने बताया कि इसमें करीब 20 हजार कार्यकर्ता शामिल होंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटीज में भ्रष्ट और नाकाबिल कुलपतियों की नियुक्तियां की जा रही हैं। कार्यपरिषद में आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को सदस्य बनाया जा रहा है। इन्हें राजभवन का संरक्षण मिला हुआ है। एबीवीपी ने कॉलेजों से धारा 144 हटाने की भी मांग की है।



बीएससी चतुर्थ सेमेस्टर का रिजल्ट घोषित
Our Correspondent :27 July 2013
भोपाल। बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी ने शुक्रवार को बीएससी चतुर्थ सेमेस्टर का रिजल्ट घोषित कर दिया है। परीक्षा का परिणाम मात्र ५० फीसदी रहा है। विवि ने परिणाम की सूची नोटिस बोर्ड पर लगा दी है।
परीक्षा में कुल ७२७३ परीक्षार्थी शामिल हुए थे, जिनमें से ३६३६ उत्तीर्ण रहे हैं।



एमबीए सेकंड सेमेस्टर की परीक्षा २७ अगस्त से
Our Correspondent :27 July 2013
भोपाल। एमबीए सेकंड सेमेस्टर की परीक्षा २७ अगस्त से : बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी ने एमबीए सेकंड सेमेस्टर की परीक्षा का टाइम टेबल जारी कर दिया है। परीक्षा २७ अगस्त से शुरू होगी तथा ११ सितंबर तक चलेगी।
परीक्षा का समय दोपहर २ से शाम ५ बजे रहेगा। छात्रों को हर पेपर के बीच केवल एक दिन का अंतराल दिया गया है।


राज्य स्तरीय बैडमिंटन के लिए संस्कार वैली के तीन खिलाड़ी चयनित
Our Correspondent :26 July 2013
भोपाल। राज्य स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए संस्कार वैली स्कूल के तीन खिलाडिय़ों का चयन किया गया है। चयनित खिलाड़ी, सागर रोहरा (अंडर-१५ बालक वर्ग), नव्या कृ़शक (अंडर-१३ बालिका वर्ग), पुरूदेव जैन (अंडर-१७ बालक वर्ग)। इन तीनों खिलाडिय़ों का चयन हाल ही में संपन्न टीवी पार्थ सारथी भोपाल जिला बैडमिंटन प्रतियोगिता से किया गया है
इस प्रतियोगिता में सागर ने अपने वर्ग में युगल में खिताब जीता जबकि नव्या और पुरूदेव अपने-अपने वर्ग में उपविजेता रहे। राजधानी के भेल सीनियर क्लब में १३ से १९ जुलाई तक आयोजित प्रतियोगिता में संस्कार वैली की १८ सदस्यीय टीम ने हिस्सा लिया था।
हिस्सा लेने वाली टीम इस प्रकार है : बालक वर्ग- सागर रोहरा, पुरूदेव जैन, प्रियंक सवलानी, असीम मतीन, कंदिम पारिख, सार्थक गिरी, दिव्या कोटवानी, वृदांश यादव, अनन्या अवस्थी, अनुपम जैन, भरत जेठमलानी, सिद्धांत खन्ना। बालिका वर्ग- पूर्वी आडवानी, नव्या कृशक, पलक त्रिवेदी, साक्षी चौहान, अंकिता अग्रवाल, प्रियंवदा श्रीवास्तव। ये सभी खिलाड़ी संस्कार वैली स्कूल में रितिका पवार से बैडमिंटन के गुर सीखते हैं।


पीएमटी निरस्त करने की मांग को लेकर एनएसयूआई का प्रदर्शन
Our Correspondent :26 July 2013
भोपाल। व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित पीएमटी में हुए फर्जीवाड़े के विरोध में एनएसयूआई ने शुक्रवार को मंडल में प्रदर्शन किया। करीब एक दर्जन एनएसयूआई कार्यकर्ता पीएमटी निरस्त कर परीक्षा नियंत्रक डॉ पंकज त्रिवेदी को हटाने की मांग कर रहे थे। मौके पर पुलिस बल के मौजूद होने के कारण कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ
दोपहर 12 बजे कार्यकर्ता मंडल पहुंचे थे। लेकिन यहां पहले से ही पुलिस बल मौजूद था। नारेबाजी कर रहे कार्यकर्ताओं ने मुख्य गेट से अंदर घुसने की कोशिश की थी लेकिन पुलिस ने उन्हें अंदर जाने नहीं दिया।
हालांकि इस दौरान गेट पर लगा ताला टूट गया था। कार्यकर्ताओं ने गेट पर ही व्यापमं का पुतला फूंका। यह प्रदर्शन केवल आधे घंटे ही चला। प्रदर्शन का अगुवाई कर रहे एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र मिश्रा ने कहा कि यदि एक सप्ताह में सरकार ने उनकी मांगे नहीं मानी तो उच्च शिक्षा मंत्री के घर का घेराव किया जाएगा।


इंजीनियरिंग कॉलेजों में 70 हजार सीट खाली
Our Correspondent :25 July 2013
इंदौर। प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए पीईटी की पहली और दूसरी काउंसलिंग के बावजूद अब तक 70 हजार सीटें खाली हैं। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार इस सत्र में 14 अगस्त के बाद किसी भी छात्र को प्रवेश नहीं मिलेगा। हजारों छात्र कॉलेज लेवल काउंसलिंग (सीएलसी) का इंतजार कर रहे हैं। बीई में प्रवेश के लिए ज्यादातर छात्र सीएलसी पर ही भरोसा जताते हैं। इस वर्ष डीटीई ने दो चरण पूरे होने के बाद भी सीएलसी का शेडयूल जारी नहीं किया। सेमेस्टर सिस्टम की लेट-लतीफी को रोकने के लिए इस वर्ष प्रवेश 15 अगस्त से पूर्व तक ही हो सकेंगे।

एमबीए के लिए ३ हजार छात्रों को अलॉटमेंट जारी
Our Correspondent :25 July 2013
भोपाल। प्रदेश के सरकारी व निजी कॉलेजों में संचालित एमबीए कोर्स के लिए अर्हताकारी परीक्षा के आधार पर रजिस्ट्रेशन कराने वाले छात्रों का अलॉटमेंट बुधवार को किया गया। ३ हजार छात्रों को कॉलेज का आवंटन हुआ। छात्रों के पास आवंटित कॉलेजों में एडमिशन लेने के लिए २९ जुलाई तक का समय है। सीमेट के आधार पर पहले राउंड में १७०० सीटों पर ही एडमिशन हो पाए हैं।



राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विवि में शुरू हुआ कार्पोरेट स्कूल
Our Correspondent :25 July 2013
भोपाल। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में मंगलवार को कार्पोरेट स्कूल की शुरुआत हुई। इसका उद्घाटन राज्यपाल रामनरेश यादव ने किया। स्कूल ईएमसी के सहयोग से स्थापित हुआ है
इस कार्पोरेट स्कूल में आरजीपीवी से संबंधित कॉलेज के मेरिट में आने वाले 36 स्टूडेंट्स को डेटा स्टोरेज, क्लाउड कम्प्यूटिंग आदि की नि:शुल्क ट्रेनिंग दी जाएगी।
इस मौके पर राज्यपाल ने कहा कि यह भविष्य की तकनीक है। कार्पोरेट स्कूल बच्चों के भविष्य के लिए कारगर साबित होगा।
यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. पियूष त्रिवेदी ने कहा कि आने वाले समय में करीब 1.15 लाख ट्रेंड युवाओं की इसमें जरूरत पड़ेगी।
इस मौके पर ईएमसी क अध्यक्ष राजेश जानी के अलावा कृष्णकांत विशेष तौर पर मौजूद थे।


मैनिट में परमाणु ऊर्जा विभाग खोलने की तैयारी
Our Correspondent :23 July 2013
भोपाल। मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान ((मैनिट)) परमाणु ऊर्जा की पढ़ाई के लिए नया विभाग शुरू करने की तैयारी में है। मैनिट परमाणु ऊर्जा सहित अन्य छूटे हुए विषयों को शुरू करने के लिए विशेषज्ञों से चर्चा कर रहा है। इसके लिए मैनिट अपने विभागों की संरचना फिर से करने जा रहा है। मैनिट प्रशासन ने बाकायदा विशेषज्ञों की कमेटी भी गठित कर दी है। कमेटी में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ((आईआईटी)) के पूर्व निदेशक शामिल हैं। कमेटी की अध्यक्षता आईआईटी कानपुर के पूर्व डायरेक्टर डॉ. संजय डांडे करेंगे। आईआईटी खडग़पुर के पूर्व डायरेक्टर डॉ. दामोदर आचार्य विशेषज्ञ के रूप में शामिल हैं। इनके अलावा कमेटी में उद्योगों से जुड़े कुछ अन्य विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है।
मैनिट ने सोमवार को अपनी 31वीं बोर्ड ऑफ गवर्नर ((बीओजी)) के जो फाइनल मिनिट्स जारी किए हैं, उसमें ऐसे विषयों से संबंधित विभाग शुरू करने की बात कही गई है, जो अभी मैनिट में शुरू ही नहीं हुए हैं। इनमें परमाणु ऊर्जा व एक्सेलरेटर टेक्नोलॉजी मुख्य रूप से शामिल हैं। इनके अलावा इंडस्ट्रीज से एक्सपर्ट को भी क्लास लेने के लिए बुलाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इंडस्ट्रीज से जुड़े एक्सपर्ट की सूची तैयार की जा रही है।


पीएमटी काउंसलिंग: एडमिशन के लिए दस्तावेजों की जांच आज से होगी शुरू
Our Correspondent :22 July 2013
भोपाल। पीएमटी में फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद काउंसलिंग अंतत: रविवार को शुरू हो गई। पहले दिन छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए सिर्फ 65 विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख 25 जुलाई तय की है।
संयुक्त संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. एनएम श्रीवास्तव ने बताया कि इस साल केवल पहले चरण में रजिस्ट्रेशन कराने की व्यवस्था दी गई है। इसलिए पहले दिन ज्यादा रजिस्ट्रेशन होने की उम्मीद थी। उम्मीदवारों के पास रजिस्ट्रेशन कराने के लिए 4 दिन और हैं। इस दौरान सरकारी मेडिकल कॉलेजों की 720 सीटों पर एडमिशन के लिए संभवत: 2 हजार से ज्यादा विद्यार्थी रजिस्ट्रेशन कराएंगे।
हस्ताक्षर और फिंगर प्रिंट की होगी जांच
डॉ.श्रीवास्तव ने बताया कि रजिस्ट्रेशन करा चुके विद्यार्थियों के शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच सोमवार से सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में होगी। मेडिकल कॉलेजों को हेल्प सेंटर बनाया गया है। सभी छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों को सेंट्रल सर्वर से जोड़ा गया है। यह व्यवस्था पीएमटी 2013 में शामिल हुए विद्यार्थियों के फोटो, हस्ताक्षर, लिखावट और अंगूठे के निशान का मिलान कर काउंसलिंग में शामिल विद्यार्थी के फिंगर प्रिंट से करने के लिए दी गई है।
व्यापमं अफसरों पर कार्रवाई की मांग
एबीवीपी के दर्जन भर कार्यकर्ता रविवार को एमपी नगर थाने पहुंचे और पुलिस को ज्ञापन सौंपकर व्यापमं के अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
व्यापमं में सायबर सेल गठित होगी : सीएम
राज्य सरकार ने व्यापमं में साइबर सेल गठित करने का निर्णय लिया है। यह घोषणा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को मीडिया से चर्चा करते हुए की। चौहान ने कहा कि फर्जीवाड़े मामले की जानकारी व्यापमं ने ही उन्हें दी थी। व्यापम परीक्षा नियंत्रक डॉ. पंकज त्रिवेदी को हटाए जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री का कहना था कि तीन लोग हटाए जा चुके हैं, अभी किसी को नहीं हटाया जाएगा। पुलिस अपना काम बेहतर तरीके से कर रही है।
अपराधियों को बचा रही सरकार : सिंह
नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने आरोप लगाया कि पीएमटी घोटाले को राज्य सरकार रफा-दफा करना चाहती है। इस मामले के असली अपराधी सत्ता से जुड़े हुए हैं। उन्होंने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग दोहराई। श्री सिंह ने कहा कि घोटाले के मास्टर माइंड को राज्य सरकार का संरक्षण प्राप्त है, इसलिए पुलिस जांच उन तक नहीं पहुंच रही है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. त्रिवेदी दोहरे प्रभार में हैं, क्योंकि वे मंत्री के कृपा पात्र हैं।


एमसीए : 18 कॉलेजों में एक भी एडमिशन नहीं, 89 प्रतिशत सीटें अब भी खाली
Our Correspondent :22 July 2013
भोपाल। प्रदेश के प्रोफेशनल कोर्स संचालित निजी कॉलेजों में इस साल मास्टर ऑफ कम्प्यूटर एप्लीकेशन ((एमसीए)) कोर्स की हालत खराब है। स्थिति यह है कि पहले चरण में महज 11 फीसदी सीटें ही भर पाई हैं, जबकि 89 प्रतिशत सीटें अब भी खाली हैं। प्रदेश के केवल चार कॉलेजों में ही सीटें फुल हो पाई हैं। सबसे खराब स्थिति भोपाल के कॉलेजों की है। पहले चरण के अलॉटमेंट में भोपाल के करीब 18 कॉलेजों में खाता ही नहीं खुल सका है।
एमपी ऑनलाइन ने पहले चरण की काउंसलिंग में जारी अलॉटमेंट के बाद एमसीए की खाली सीटों की जो सूची जारी की है, वह चौंकाने वाली है। प्रदेश के 71 कॉलेजों में संचालित एमसीए की कुल 4,965 सीटों में से मात्र 540 ही भर पाई हैं। केवल इंजीनियरिंग कॉलेज जबलपुर, एमआईटीएस ग्वालियर, स्कूल ऑफ कम्प्यूटर साइंस एंड आईटी देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर व जीएसआईटीएस इंदौर में ही एमसीए की सारी सीटें फुल हो पाई हैं। गौरतलब है कि इस साल व्यावसायिक परीक्षा मंडल ((व्यापमं)) द्वारा आयोजित प्री-एमसीए के लिए 4,039 ने छात्रों ने आवेदन किया था, जिनमें से केवल 3,628 परीक्षार्थी ही परीक्षा में शामिल हुए थे।
यह है घटती संख्या की वजह
जानकार एमसीए के प्रति घटती रुचि की अलग-अलग वजह बता रहे हैं। मैपकॉस्ट के पूर्व वैज्ञानिक व बंसल इंस्टिट्यूट ऑफ रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी के प्रिंसीपल डॉ. एनके तिवारी के मुताबिक पिछले कुछ सालों से बीएससी करने वालों की संख्या में कमी इसकी मुख्य वजह है। छात्र बीएससी के बजाए बड़ी संख्या में बीई में एडमिशन ले रहे हैं। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तहत कक्षा 12वीं में गणित विषय होना अनिवार्य किए जाने से भी छात्र एमसीए के लिए अपात्र हो गए हैं। इनमें ऐसे छात्रों की संख्या \'यादा है, जो जीव विज्ञान विषय के थे, लेकिन उन्होंने बीसीए में एडमिशन ले लिया था। हालांकि, इस साल बीएससी में एडमिशन की संख्या देखते हुए तीन साल बाद एमसीए की हालत में सुधार की संभावना है।
दूसरे चरण की स्थिति साफ नहीं
कॉलेज संचालकों को अब दूसरे चरण से उम्मीदें हैं, लेकिन तकनीकी शिक्षा विभाग ने दूसरे चरण में हुए रजिस्ट्रेशन, वेरीफिकेशन व \'वाइस लॉकिंग की स्थिति अभी साफ नहीं की है। छात्रों के पास दूसरे चरण में रजिस्ट्रेशन कराने का शनिवार तक का समय था। इन छात्रों की मेरिट सूची 22 जुलाई को जारी की जाएगी। 25 जुलाई को कॉलेज का आवंटन होगा तथा 29 जुलाई तक छात्रों को प्रवेश लेना होगा।


साझा मेडिकल परीक्षा की छुट्टी
Our Correspondent :19 July 2013
नई दिल्ली। मेडिकल और डेंटल पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए शुरू की गई संयुक्त प्रवेश परीक्षा [नीट] को सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक करार देते हुए निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद [एमसीआइ] को यह परीक्षा कराने का कानूनी अधिकार ही नहीं है। इस फैसले ने निजी मेडिकल कॉलेजों के लिए अपनी प्रवेश परीक्षा कराने के रास्ते खोल दिए हैं।
अब पहले की ही तरह मेडिकल और डेंटल पाठ्यक्रमों में दाखिले के इच्छुक छात्रों को विभिन्न मेडिकल कॉलेजों व राज्यों की प्रवेश परीक्षाओं में भाग लेना पड़ेगा। हालांकि, कोर्ट ने साफ किया है कि इस साल एमसीआइ और डीसीआइ द्वारा आयोजित नीट परीक्षा से प्रवेश लेने वाले छात्रों पर गुरुवार के फैसले का कोई असर नहीं पड़ेगा। न ही अन्य निजी मेडिकल कॉलेजों द्वारा लिए गए प्रवेश अवैध होंगे।
गौरतलब है कि एमसीआइ और बीसीआइ ने एमबीबीएस, बीडीएस व मेडिकल के पोस्ट ग्रेजुएट पाठयक्रमों में प्रवेश के लिए एक संयुक्त प्रवेश परीक्षा [नीट] कराने की अधिसूचनाएं जारी की थीं। नीट परीक्षा को विभिन्न राज्यों और निजी मेडिकल कॉलेजों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। हालांकि, वर्ष 2013 के लिए नीट परीक्षा आयोजित भी हुई थी, लेकिन प्रवेश के लिए काउंसिलिंग से पहले सुप्रीम कोर्ट ने मई में दिए गए अंतरिम आदेश में सभी निजी मेडिकल कॉलेजों और राज्यों को अपनी प्रवेश परीक्षाओं के मुताबिक प्रवेश लेने की अनुमति दे दी थी।
दूरगामी परिणाम वाला यह महत्वपूर्ण फैसला मुख्य न्यायाधीश अल्तमस कबीर की अध्यक्षता वाली पीठ ने 2-1 के बहुमत से सुनाया है। मुख्य न्यायाधीश कबीर व न्यायमूर्ति विक्रमजीत सेन ने नीट परीक्षा को संविधान के विभिन्न उपबंधों का उल्लंघन करने वाला बताते हुए रद कर दिया है, जबकि न्यायमूर्ति एआर दवे ने दोनों न्यायाधीशों के फैसले से असहमति जताते हुए नीट परीक्षा को कानूनी व समाज के लिए हितकर बताया है।
उन्होंने कहा है कि इससे भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी। हालांकि, दो न्यायाधीशों के बहुमत वाला फैसला लागू माना जाएगा, ंिजसके मुताबिक नीट परीक्षा रद हो गई है।
कोर्ट ने कहा कि उन्हें यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि नीट परीक्षा कराने संबंधी प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 19(1)(जी) (रोजगार की आजादी), 25, 26(ए), 29(1) और 30(1) का उल्लंघन करते हैं। इन प्रावधानों से राज्य के विश्वविद्यालयों, सभी मेडिकल कॉलेज व संस्थानों के अधिकारों को कमतर किया गया है। इनमें वे संस्थान भी शामिल हैं, जिन्हें अपनी तय प्रक्रिया के साथ एमबीबीए, बीडीएस व अन्य पोस्ट ग्रेजुएट परीक्षाएं कराने का कानूनी अधिकार तथा संरक्षण मिला हुआ है। बहुमत से फैसला देने वाली पीठ ने कहा कि उन्हें यह कहने में संकोच नहीं है कि एमसीआइ को अधिनियम 1956 में नीट कराने का कानूनी अधिकार नहीं प्राप्त है।


सरकारी कॉलेजों में बीए की आधी सीटें खाली
Our Correspondent :19 July 2013
भोपाल। राजधानी के सरकारी कॉलेजों में स्नातक प्रथम सेमेस्टर की खाली सीटों के लिए कॉलेज लेवल काउंसलिंग ((सीएलसी)) में सीटों की संख्या के दोगुने फॉर्म आए हैं। सबसे \'यादा फॉर्म बीकॉम के लिए आए, जबकि कला स्नातक ((बीए)) की स्थिति इस बार भी खस्ता रही है। कई सरकारी कॉलेजों में बीए की 50 फीसदी सीटें अब भी खाली हैं।
सबसे खराब स्थिति शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई ((एमएलबी)) कन्या महाविद्यालय, शासकीय हमीदिया कॉलेज और शासकीय गीतांजलि कॉलेज में हैं। नूतन कॉलेज में बीए की 35 फीसदी सीटें खाली होने की जानकारी मिली है। वहीं, कॉलेजों में बीकॉम की सौ फीसदी सीटें भरे जाने की बात कही जा रही है।
कॉलेज स्तरीय काउंसलिंग के आखिरी दिन कॉलेजों में छात्रों की भीड़ रही। एडमिशन के लिए छात्र दिनभर परेशान होते रहे। नूतन कॉलेज में ऐसी छात्राएं भी एडमिशन लेने पहुंच गईं, जिनके एडमिशन पहले ही दूसरे कॉलेज में हो चुके हैं। इसे लेकर छात्राओं के अभिभावकों व कॉलेज प्रबंधन के बीच काफी देर तक कहा-सूनी भी होती रही। यही समस्या अन्य कॉलेजों में भी सामने आई। एडमिशन का आखिरी मौका होने के कारण छात्रों ने एक साथ दो से तीन कॉलेजों में फॉर्म जमा कर दिए हैं।


अब मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए कॉमन टेस्ट नहीं
Our Correspondent :19 July 2013
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी एवं निजी संस्थानों में स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर के चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) की ओर से घोषित सामान्य राष्ट्रीय प्रवेश पात्रता परीक्षा (एनईईटी) की अधिसूचना गुरुवार को रद्द कर दी।
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्तियों की पीठ ने यह फैसला बहुमत से सुनाया। प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति अल्तमस कबीर और न्यायमूर्ति विक्रमजीत सेन ने कहा कि सरकारी और निजी, दोनों संस्थानों के लिए सामान्य प्रवेश परीक्षा की इस तरह की व्यवस्था एमसीआई के अधिकार क्षेत्र से बाहर है।
न्यायमूर्ति अनिल आर दवे ने हालांकि इससे असहमति जताते हुए एमसीआई की अधिसूचना के खिलाफ निजी चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा कॉलेजों की याचिकाएं खारिज कर दी।
इस तरह अब स्पष्ट हो गया कि मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए पहले के नियम ही लागू रहेंगे। कोर्ट ने यह फैसला एमसीआइ की याचिका पर सुनाई।


एमबीबीएस प्रवेश में नीट मंजूर नहीं : मिश्रा
Our Correspondent :18 July 2013
भोपाल। प्रदेश सरकार नेशनल एलिजिबिलिटी एंड एंट्रेंस टेस्ट ((नीट)) से एमबीबीएस में प्रवेश देने के बजाय व्यापमं द्वारा पीएमटी कराकर प्रवेश देने के अपने निर्णय पर कायम है। इस मामले में चिकित्सा शिक्षा मंत्री अनूप मिश्रा का कहना है कि पीजी सीट पर नीट के जरिए ही छात्रों को प्रवेश दिया गया है, लेकिन एमबीबीएस की सीटें नीट के जरिए भरने के मामले को मंजूर नहीं किया जाएगा।
दैनिक भास्कर से चर्चा के दौरान मिश्रा ने बताया कि इस साल व्यापमं के जरिए पीएमटी कराई गई थी। जल्द ही काउंसलिंग कर छात्रों को प्रवेश दे दिया जाएगा। हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ द्वारा नीट के जरिए मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश देने के आदेश के संबंध में चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने अनभिज्ञता जताते हुए
कहा कि हाईकोर्ट ने क्या आदेश दिया है, यह आदेश की प्रति देखने के बाद ही पता चलेगा। न्यायालय का आदेश देखने व न्यायविदों से चर्चा के उपरांत ही कोई निर्णय लिया जाएगा।


सीए सीपीटी में छा गए भोपाल के आशु
Our Correspondent :17 July 2013
भोपाल। चार्टर्ड अकांउटेंट के कॉमन प्रोफिशिएंसी टेस्ट (सीपीटी) का रिजल्ट मंगलवार को घोषित कर दिया गया। इसमें भोपाल के आशु जैन ने ऑल इंडिया चौथी रैंक हासिल की है। आशु ने इस परीक्षा में 191 मार्क्स पाए हैं। भोपाल के 1,147 परीक्षार्थी इस परीक्षा में बैठे थे। इनमें से 328 ने ही सफलता पाई है। शहर में कुल परिणाम 28.60 फीसदी रहा है।




एडमिशन के लिए भटकते रहे छात्र
Our Correspondent :17 July 2013
भोपाल। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में विद्यार्थी एडमिशन के लिए परेशान हो रहे हैं। इसका मुख्य कारण स्नातक अंतिम सेमेस्टर का रिजल्ट घोषित नहीं किया जाना है। यही नहीं, रजिस्ट्रेशन कराने के बाद उनकी ऑनलाइन फीस भी जमा नहीं हो रही है। इसे लेकर मंगलवार शाम को विद्यार्थी कुलपति प्रो. निशा दुबे से मिले।
छात्रों के मुताबिक कुलपति ने उनकी परेशानी जल्द दूर करने का आश्वासन दिया है। उधर, काउंसलिंग के दूसरे चरण में एडमिशन लेने के लिए विद्यार्थियों के पास अब बुधवार तक का समय है। मंगलवार शाम तक केवल 450 विद्यार्थी ही प्रवेश ले सके हैं। अभी भी करीब 1319 सीटें खाली हैं।
दरअसल, रजिस्ट्रेशन कराने वाले छात्रों में करीब 350 छात्र ऐसे हैं, जिनका स्नातक अंतिम सेमेस्टर का रिजल्ट नहीं आने से वेरीफिकेशन नहीं हो सका है। विवि ने ऐसे छात्रों को आठ जुलाई तक अपनी मार्कशीट संबंधित विभागों में जमा करने का समय दिया था, लेकिन दो दर्जन से \'यादा छात्र मार्कशीट जमा नहीं कर सके। इनके अलावा कई छात्र ऐसे भी हैं, जिन्होंने अपनी मार्कशीट आठ जुलाई तक जमा तो कर दी, लेकिन उनका नाम ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट नहीं हो रहा है। इस कारण उन्हें फीस जमा करने में दिक्कतें आ रही हैं। इस संबंध में एडमिशन को-ऑर्डिनेटर डॉ. अमित दत्ता ने काउंसलिंग के तीसरे चरण में प्रवेश से वंचित छात्रों को मौका देने की बात कही है। उनका कहना है कि दूसरे चरण में सीट खाली रहने पर काउंसलिंग का तीसरा चरण शुरू किया जाएगा। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू करने के लिए 18 से 21 जुलाई तक तारीख तय की गई है।


पीएमटी काउंसलिंग 21 से, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जरूरी
Our Correspondent :16 July 2013
भोपाल। सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में एडमिशन के लिए पहले चरण की प्री-मेडिकल टेस्ट ((पीएमटी)) की ऑनलाइन काउंसलिंग 21 जुलाई से शुरू होगी। इसमें शामिल होने के लिए विद्यार्थियों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। संयुक्त संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. एनएम श्रीवास्तव ने बताया कि पहले चरण की काउंसलिंग 21 जुलाई से रजिस्ट्रेशन के साथ शुरू होगी। रजिस्ट्रेशन कराने वाले विद्यार्थियों को 22 से 26 जुलाई के बीच सरकारी मेडिकल कॉलेज में बनाए गए हेल्प सेंटर पर पहुंचकर शैक्षणिक दस्तावेजों का सत्यापन ((स्क्रूटनी)) कराना पड़ेगा। दस्तावेजों की जांच करा चुके विद्यार्थियों को 23 से 28 जुलाई के बीच \'वाइस लॉक करना पड़ेगी। 29 व 30 जुलाई को संचालनालय चिकित्सा शिक्षा के अधिकारी \'वाइस लॉकिंग के आधार पर मेरिट सूची बनाएंगे।

थीसिस जमा होने के छह माह बाद अवार्ड हो जाएगी पीएचडी२२ से २६ जुलाई के बीच होगा सत्यापन
Our Correspondent :16 July 2013
भोपाल। बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी ((बीयू)) से पीएचडी करने वाले शोधार्थियों को अब थीसिस जमा करने के छह माह के भीतर उपाधि मिल जाएगी। इसके लिए सोमवार को पीएचडी सेल का गठन किया है, जो शोधार्थियों को तय समय सीमा में पीएचडी की उपाधि अवार्ड करेगी। पांच सदस्यीय कमेटी की अध्यक्षता प्रो. केबी पंडा करेंगे। वहीं, कमेटी के अन्य सदस्यों में प्रो. केएन त्रिपाठी, डिप्टी रजिस्ट्रार वीके सिंह, भरत केसवानी व ललिता सिंह को शामिल किया गया है।

शिक्षा व्यवस्था में परिवर्तन से आदर्श व्यवस्था बनेगी
Our Correspondent :15 July 2013
भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि शिक्षा व्यवस्था में परिवर्तन से आदर्श व्यवस्था निर्मित होगी। प्रदेश में योग शिक्षा लागू की जायेगी। देश का भविष्य युवाओं के हाथों में है। युवा भारत की तस्वीर और तकदीर बदलेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ युवा भारत के प्रांतीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में योग आचार्य स्वामी रामदेव जी भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आने वाली पीढ़ी के विचारों में परिवर्तन कर स्वस्थ, समृद्ध और यशस्वी भारत का निर्माण किया जायेगा। भ्रष्टाचार को रोकने के लिये प्रदेश सरकार ने विशेष न्यायालय कानून बनाया है, जिसके तहत भ्रष्टाचार द्वारा अर्जित संपत्ति को राजसात करने का प्रावधान किया गया है। पारदर्शी व्यवस्था लागू करने के लिये ई-टेंडरिंग, ई-मेजरमेन्ट और ई-पेमेन्ट की व्यवस्था लागू की गयी है। प्रदेश में सुशासन के लिये कई अभिनव योजनाएँ लागू की गयी हैं। अगले पाँच वर्ष में मध्यप्रदेश को देश का अव्वल राज्य बनाया जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश को पिछड़े से विकसित राज्य बनाने के लिये संकल्प लेकर काम किया गया है। प्रदेश में अब सड़क, बिजली, सिंचाई और खेती की बेहतर व्यस्थाएँ हैं। प्रदेश में अब 24 घंटे बिजली मिल रही है। बीते पाँच वर्ष में 90 हजार किलोमीटर सड़कें बनायी गई हैं। विद्युत उत्पादन क्षमता 2,900 मेगावाट से बढ़ाकर 10 हजार 600 मेगावाट की गयी है। सिंचाई क्षमता 7.50 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 25 लाख हेक्टयर की गयी है। नर्मदा-क्षिप्रा लिंक परियोजना शुरू की गयी है, जो इस साल के अन्त तक पूरी होगी। प्रदेश की कृषि विकास दर देश में सबसे अधिक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की अर्थ-व्यवस्था को बदलने के लिये गाँव-गाँव में लघु और कुटीर उद्योगों का जाल बिछाया जायेगा। इसके लिये मुख्यमंत्री युवा स्व-रोजगार योजना लागू की गयी है। मध्यप्रदेश को देश का अव्वल राज्य बनाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। प्रदेश में स्किल डेवलपमेन्ट मिशन लागू किया गया है। सब वर्गों की पंचायतें बुलाकर उनकी समस्याओं को समझकर योजनाएँ बनायी गयी हैं। श्री चौहान ने कहा कि संसाधनों पर सबका अधिकार है। प्रदेश में गरीबों को सस्ता अनाज उपलब्ध करवाने की मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना और निःशुल्क दवाई उपलब्ध करवाने की योजना लागू की गई है। प्रदेश सरकार मानवीय संवेदनाओं के साथ कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में स्वामी रामदेव जी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मध्यप्रदेश को समृद्ध और विकसित बनाने का संकल्प पूरा किया है। वे सहज, सरल और विनम्र हैं। वे प्रदेश में आदर्श व्यवस्था लागू करने के लिये कार्य कर रहे हैं। मध्यप्रदेश में हिन्दी विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है। आदर्श व्यवस्था की शुरूआत, आदर्श शिक्षा व्यवस्था से होगी। भ्रष्टाचार मुक्त और समृद्ध भारत के संकल्प से कार्य करें। उन्होंने कहा कि युवाओं ने हमेशा क्रांति में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। सुशासन आज एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। आदर्श शिक्षा व्यवस्था लागू होना चाहिये तथा सबको अपनी भाषा में पढ़ने का अधिकार होना चाहिये।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पतंजलि योग ट्रस्ट द्वारा तैयार किये गये योग के पाठ्यक्रम तथा डॉ. पुष्पाजंलि की पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने उत्तराखण्ड में आपदा प्रबंधन कार्य में उत्कृष्ट योगदान करने वाले युवाओं का सम्मान किया। कार्यक्रम को पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री आरिफ बेग और डॉ. सुमन आचार्य ने भी संबोधित किया। स्वागत भाषण स्वामी गणेशानन्द ने किया।


पीएमटी में पूछे थे १७ गलत प्रश्न, दिए बोनस अंक
Our Correspondent :15 July 2013
भोपाल। सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए 7 जुलाई को हुए प्री-मेडिकल टेस्ट ((पीएमटी)) में पूछे गए 17 प्रश्न गलत थे। विषय विशेषज्ञों की रिपोर्ट पर गलत प्रश्नों को रद्द कर दिया गया। इसके लिए व्यापमं ने सभी परीक्षार्थियों को 17 बोनस अंक दिए हैं।
यह खुलासा 13 जुलाई को पीएमटी का रिजल्ट घोषित करने के साथ जारी की गई फाइनल आंसरशीट से हुआ है। इसके चलते व्यापमं की प्रवेश परीक्षाओं के पर्चे बनाने की प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। पीएमटी के 200 प्रश्न वाले पर्चे में सबसे \'यादा 12 गलत प्रश्न बॉटनी के पूछे गए थे। पर्चे के अलग-अलग सेटों में ये प्रश्न अलग-अलग क्रम पर थे। इनमें केमेस्ट्री और जूलॉजी के 2-2 व फिजिक्स का एक प्रश्न शामिल है। व्यापमं अधिकारियों के मुताबिक पीएमटी में शामिल हुए परीक्षार्थियों में से 68 ने पर्चे में पूछे गए 83 प्रश्नों पर आपत्ति दर्ज कराई थी। इन आपत्तियों की जांच पीएमटी की उत्तर समिति ने की और 17 प्रश्न निरस्त करने की अनुशंसा कर दी थी।


आईआईटी में सीटें खाली, पड़ा स्टूडेंट्सं का टोटा
Our Correspondent :10 July 2013
मुंबई। कुछ वर्ष पूर्व तक देश की प्रमुख प्रौद्योगिकी संस्थान आईआईटी में एडमिशन पाना किसी सपने के पूरे होने जैसा माना जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। धीरे-धीरे इस संस्थान से छात्रों का मोह भंग होने लगा है। यही वजह है कि इस बार पहले राउंड में एडमिशन के बाद 769 सीटें खाली रह गई। या यूं कहें इतने छात्रों ने आईआईटी में दाखिले से इन्कार कर दिया।
ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है कि आईआईटी जैसी प्रतिष्ठित संस्थानों में ऐसी स्थिति देखने को मिले। लेकिन इस बार कुछ ऐसा हुआ है जिसे छात्रों की सोच में बदलाव की झलक मिलती है। पहले तो अक्सर आरक्षित कोटे की सीटें खाली रह जाया करती थी, लेकिन इस बार सामान्य वर्ग में भी दर्जनों सीटें खाली हैं जिसके लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा देखी जाती थी।
इन सीटों के खाली रहने की सबसे बड़ी वजह नए आईआईटी कॉलेजों का खुलना माना जा रहा है। यहां लोकप्रिय विषय आवंटित न होने के कारण छात्रों के बीच ये कॉलेज अपना विश्वास नहीं जमा पा रहे हैं।
दूसरे राउंड का एडमिशन बुधवार से शुरू हो रहा है। संयुक्त इजीनियरिंग परीक्षा (एडवांस) के चेयरमैन एचसी गुप्ता ने कहा कि सभी वर्गो में छात्रों के लिए सैकड़ों सीटें उपलब्ध हैं। हम आशा करते हैं कि दूसरे राउंड में सीटें भर जाएंगी।
दूसरे राउंड सीट आवंटन से पहले एडमिशन पाने वाले छात्रों के लिए आंतरिक बेहतरी की पेशकश की गई थी। इसके तहत यदि मान लिया कि 1100 की रैंकिंग वाले छात्र ने एडमिशन नहीं लिया तो उसके बाद के रैंक वाले छात्रों को मौका दिया जाएगा, बशर्ते उन्होंने प्राथमिकता के रूप में उस विषय को चुना हो। हालांकि सभी प्रमुख आईआईटी कॉलेजों में सीटें भर चुकी हैं, लेकिन आईएसएम धनबाद, आईआईटी भुवनेश्वर में काफी संख्या में सीटें खाली हैं।
2009 में पहले राउंड का एडमिशन खत्म होने के बाद 505 सीटें, 2011 में 300 सीटें खाली रह गई थीं। लेकिन कुछ वर्ष पूर्व तक आईआईटी में दूसरे राउंड में एडमिशन नहीं होता था।


ज्यादा फीस वसूली तो कॉलेज पर लगेगा 10 लाख रुपए जुर्माना
Our Correspondent :10 July 2013
भोपाल। प्रवेश एवं शुल्क निर्धारण विनियामक समिति तय शुल्क से ज्यादा राशि वसूलने वाले प्रदेश के निजी व्यावसायिक शिक्षण कॉलेजों से जुर्माने के रूप में 10 लाख रुपए की राशि 12 फीसदी ब्याज की सालाना दर से वसूल सकेगी। यही नहीं, नियम विरुद्ध कॉलेज द्वारा दिए गए प्रवेश को अवैध घोषित किया जाएगा।
प्रदेश सरकार प्रवेश एवं शुल्क निर्धारण विनियामक समिति को मजबूत बनाने के लिए उसके अधिकार में बढ़ोतरी करने जा रही है। इसके लिए सरकार ने मप्र निजी व्यावसायिक शिक्षण संस्थान (प्रवेश का विनियमन एवं शुल्क का निर्धारण) संशोधन विधेयक 2013 पेश किया है। इस विधेयक में फीस कमेटी को कुछ नए अधिकार दिए गए हैं। नया विधेयक लागू होने के बाद कमेटी द्वारा संस्थाओं के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाईयों का दायरा बढ़ जाएगा।
नए नियम के तहत यदि संस्था छात्र से वसूली गई अधिक फीस समय पर वापस नहीं करती है तो उससे 12 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज सहित राशि वसूली जाएगी। मध्यप्रदेश निजी व्यावसायिक शिक्षण संस्थान (प्रवेश का विनियमन एवं शुल्क का निर्धारण) अधिनियम 2007 में यह नियम लागू नहीं था।
इसके अलावा फीस कमेटी विवि या संबंधित प्राधिकारी से संस्था की मान्यता वापस लेने की सिफारिश भी कर सकेगी। इस नए विधेयक में अपील प्राधिकारी की नियुक्ति समिति के चेयरमेन की नियुक्ति के अनुरूप तीन साल के लिए की जाएगी। अभी जो अधिनियम लागू है उसके तहत अपील प्राधिकारी की नियुक्ति एक साल के अवधि के लिए होने का नियम है।


सभी पुराने मेडिकल कॉलेजों को सीटें बढ़ाने की इजाजत मिली
Our Correspondent :09 July 2013
नई दिल्ली। देश में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बड़े नीतिगत फैसले की घोषणा की है। मंत्रालय ने दस साल या उससे अधिक पुराने देश के तमाम सरकारी व मान्यता प्राप्त निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में दाखिला के लिए इस वर्ष 50-50 अतिरिक्त सीटें बढ़ाने की इजाजत दी है।
एक बार उठाए गए इस कदम के तहत मंत्रालय के इस फैसले की अधिसूचना जल्द ही जारी की जाएगी। इसका लाभ उठाने के लिए मेडिकल कॉलेजों को भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआइ) के पास आवेदन करना होगा। एमसीआइ जांच के बाद तत्परता के साथ इसकी इजाजत दे देगी।
स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने सोमवार को इस संबंध में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर योजना को जल्दी लागू करने का निर्देश दिया। सूत्रों ने बताया कि जिन मेडिकल कॉलेजों में अभी 50 सीटें हैं उन्हें 50 और सीटों पर दाखिला लेने की इजाजत दी जाएगी। इसी तरह जिन्हें 100 सीटों पर दाखिला की इजाजत है वे अब योजना के तहत 150 सीटों पर दाखिला ले सकेंगे। सूत्रों का कहना है कि मेडिकल कॉलेजों से संबंधित एमसीआइ के नियमों में संशोधन के बाद यह प्रस्ताव लागू प्रभावी हो पाएगा। बाद में एमसीआइ बढ़ी हुई सीटों के लिए मेडिकल कॉलेजों में जरूरी चिकित्सा व बुनियादी सुविधाओं का भौतिक सत्यापन करेगा। देश में कुल 362 मेडिकल कॉलेज हैं जिनमें अभी 45,000 से कुछ अधिक एमबीबीएस सीटें हैं।
गौरतलब है इनमें से अधिकतर सीटों पर दाखिले के लिए पहली बार सीबीएससी ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया है। इस तरह इस परीक्षा में सफल रहे अधिक अभ्यर्थियों को अब दाखिला मिल सकेगा।।


नेट, गेट, कैट वालों को ही पीएचडी में स्कॉलरशिप, मैनिट डायरेक्टर ने जारी किया सर्कुलर
Our Correspondent :09 July 2013
भोपाल। मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) नए सत्र से स्कॉलरशिप के साथ फुल टाइम पीएचडी में केवल उन्हीं छात्रों को प्रवेश देगा जो नेट, गेट व कैट क्वालिफाइड होंगे। जो छात्र नेट, गेट व कैट क्वालिफाइड नहीं हैं, उनका पीएचडी के लिए रजिस्ट्रेशन बिना स्कॉलरशिप के ही होगा।
सोमवार को यह सकरुलर मैनिट के डायरेक्टर प्रो. अप्पू कुट्टन ने जारी किया। यह व्यवस्था इसी साल से लागू हो गई है। हालांकि, सकरुलर में छात्रों को फुल टाइम से पार्ट टाइम पीएचडी में परिवर्तन करने का मौका दिया गया है। इसके लिए डायरेक्टर ने छात्रों को 11 जुलाई तक संबंधित विभाग के एचओडी से संपर्क करने को कहा है। डायरेक्टर ने सर्कुलर जारी करने के पीछे मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा लागू किए गए नए नियम को बताया है, जिसमें नेट, गेट व कैट क्वालिफाइड छात्रों को ही स्कॉलरशिप दिए जाने की बात कही गई है।
संस्था की ओर से ऐसे छात्रों को प्रतिमाह 18 हजार रुपए की स्कॉलरशिप मिलती है, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण की हो। डायरेक्टर ने बताया कि पार्ट टाइम व फुल टाइम पीएचडी में एडमिशन के लिए प्रक्रिया जारी है। लिखित परीक्षा व इंटरव्यू के बाद पात्र छात्रों की सूची जारी की जाएगी। छात्रों का अंतिम चयन गाइड की उपलब्धता के आधार पर ही होगा।
10वां दीक्षांत समारोह 31 अगस्त को
मैनिट ने सत्र 2013-14 का अकादमिक कैलेंडर जारी कर दिया है। कैलेंडर के हिसाब से मैनिट अपना 10वां दीक्षांत समारोह 31 अगस्त को मनाएगा। हालांकि, यह तारीख अभी प्रस्तावित है। अगर मुख्य अतिथि की ओर से समय मिल जाती है तो मैनिट तय तिथि में ही दीक्षांत समारोह आयोजित करेगा, वरना यह तारीख आगे बढ़ा दी जाएगी। स्नातक प्रथम सेमेस्टर की क्लास 29 जुलाई से लगनी शुरू होगी।
37वीं रैंक पर आया मैनिट
मैनिट निदेशक ने नए सत्र की तैयारी को लेकर सोमवार को सभी फैकल्टी की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने मैनिट की इंजीनियरिंग कॉलेजों में ऑल इंडिया रैंकिंग 37 तक आने की जानकारी दी। अभी तक मैनिट देश के टॉप 50 इंजीनियरिंग कॉलेजों में भी नहीं था। बैठक में उन्होंने सभी फैकल्टी को अनिवार्य रूप से दो कोर्स पढ़ाने के निर्देश दिए।


माशिमं की सप्लीमेंट्री परीक्षाएं
Our Correspondent :09 July 2013
भोपाल। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की हायर सेकंडरी व हाईस्कूल कक्षाओं की सप्लीमेंट्री परीक्षाएं सोमवार से शुरू हो रही हैं। यह पहला मौका है जब यह परीक्षाएं सभी ब्लॉकों में स्थित एक्सीलेंस हायर सेकंडरी स्कूलों में बनाए गए केंद्रों पर आयोजित होंगी। दोनों कक्षाओं की परीक्षाओं में 4 लाख 10 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स शामिल होंगे। परीक्षा के पहले दिन हायर सेकंडरी के स्टूडेंट्स का पेपर होगा। इसके अगले दिन मंगलवार से हाईस्कूल की परीक्षाएं शुरू होंगी। यह परीक्षाएं 16 जुलाई तक चलेंगी।

प्री-मेडिकल टेस्ट (पीएमटी) का रिजल्ट 13 को, काउंसलिंग 17 से
Our Correspondent :08 July 2013
भोपाल। सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में एडमिशन के लिए प्री-मेडिकल टेस्ट (पीएमटी) का रिजल्ट 13 जुलाई को आएगा और काउंसलिंग 17 से होगी। संचालनालय चिकित्सा शिक्षा के अफसरों ने मेडिकल व डेंटल कॉलेजों के शैक्षणिक सत्र की शुरुआत १ अगस्त से कराने के लिए काउंसलिंग कार्यक्रम तैयार किया है। कार्यक्रम मंगलवार को संचालनालय चिकित्सा शिक्षा के अधिकारी, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा की मंजूरी के बाद घोषित करेंगे। वहीं, रविवार को राजधानी के 19 परीक्षा केंद्रों पर पीएमटी हुई। इसमें करीब 36 हजार विद्यार्थी शामिल हुए।
संयुक्त संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. एनएम श्रीवास्तव ने बताया कि पीएमटी काउंसलिंग के प्रस्तावित कार्यक्रम में बदलाव हुआ है। पहले काउंसलिंग 20 जुलाई से शुरू होना था। उस वक्त व्यापमं 14 जुलाई को पीएमटी का रिजल्ट घोषित कर रहा था। अब व्यापमं 13 जुलाई को रिजल्ट घोषित होगा, इस कारण काउंसलिंग 17 जुलाई से प्रस्तावित है। प्रस्ताव को सोमवार को मंजूरी के लिए प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा को भेजा जाएगा। 17 जुलाई से मेरिट में आए उम्मीदवार रजिस्ट्रेशन कराएंगे, जबकि 19 जुलाई से विद्यार्थियों के शैक्षणिक दस्तावेजों के सत्यापन व च्वॉइस लॉकिंग की प्रक्रिया शुरू होगी। इन उम्मीदवारों को 28 जुलाई तक कॉलेज आवंटित कर दिया जाएगा।


पीएमटी देने वाले परीक्षार्थियों को तीन स्तरीय जांच से गुजरना होगा
Our Correspondent :05 July 2013
भोपाल। राज्य के सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में दाखिले के लिए 7 जुलाई को आयोजित हो रहे प्री- मेडिकल टेस्ट (पीएमटी) में शामिल होने के लिए परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र पर 45 मिनट पहले पहुंचना होगा। यहां परीक्षार्थी की तीन अलग-अलग स्तरों पर जांच की जाएगी, ताकि कोई संदिग्ध उम्मीदवार परीक्षा में शामिल न हो पाए। पीएमटी का रिजल्ट 12 या 13 जुलाई को घोषित कर दिया जाएगा।
व्यापमं के परीक्षा नियंत्रक डॉ. पंकज त्रिवेदी ने बुधवार को मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि एडमिट कार्ड में छेड़छाड़ कर परीक्षा में शामिल होने की कोशिश करने वालों को पकड़ने के लिए तीन स्तरीय जांच की व्यवस्था की गई है। परीक्षा केंद्र के गेट पर परीक्षार्थी को एडमिट कार्ड और फोटो पहचान पत्र दिखाना होगा। इनकी जांच के बाद ही उसे केंद्र में एंट्री मिलेगी। परीक्षा हॉल में प्रवेश के लिए मेटल डिटेक्टर से गुजरना पड़ेगा। पुलिसकर्मी परीक्षार्थी की तलाशी लेकर, यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके पास किसी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस तो नहीं है। डॉ. त्रिवेदी ने बताया कि परीक्षा हॉल में वीक्षक (ड्यूटी अधिकारी) उम्मीदवार के प्रवेश पत्र की जांच करेगा। प्रवेश पत्र पर छपे बार कोड को बार कोड रीडर से जांचा जाएगा।
परीक्षा हॉल में भरना होगी वेरिफिकेशन स्लिप
डॉ. त्रिवेदी ने बताया कि एडमिट कार्ड दो पेज का होगा। पहले पेज पर रोल नंबर, परीक्षा केंद्र, जन्म तिथि, फोटो व स्थाई पता होगा। इसी पेज पर वेरिफिकेशन स्लिप भी है। इस स्लिप पर परीक्षार्थी को स्वयं का नया फोटो (जो तीन माह से ज्यादा पुराना न हो) अंगूठे का निशान और दस्तखत करना पड़ेंगे। साथ ही पीएमटी 2013 में क्यों शामिल होना चाहते हो, सवाल का उत्तर लिखना पड़ेगा। व्यापमं ने यह सवाल परीक्षार्थी की लिखावट का नमूना लेने के उद्देश्य से पूछा है। इस स्लिप को परीक्षा हॉल में एडमिट कार्ड से अलग कर व्यापमं को भेजा जाएगा। उम्मीदवार द्वारा भरी गई वेरिफिकेशन स्लिप की जानकारी का मिलान पीएमटी फॉर्म के साथ दी गई जानकारी से किया जाएगा। अंतर मिलने पर संबंधित परीक्षार्थी को संदिग्ध मानकर पुलिस को सौंप दिया जाएगा।
खास बातें
परीक्षा के एक घंटे बाद अपलोड हो जाएगी मॉडल आंसरशीट
: 7 जुलाई को प्रदेश के 14 शहरों में 91 परीक्षा केंद्रों पर 40 हजार परीक्षार्थी देंगे टेस्ट
: परीक्षार्थी को 11.45 बजे तक पहुंचना होगा परीक्षा केंद्र पर
: परीक्षार्थियों का तीन स्तर पर होगा वेरीफिकेशन
: 12.30 बजे परीक्षार्थियों को दिया जाएगा प्रश्नपत्र
: 3.30 बजे समाप्त होगी परीक्षा : परीक्षा समाप्त होने के एक घंटे बाद व्यापमं की वेबसाइट पर अपलोड होगी मॉडल आंसर शीट : 10 जुलाई तक परीक्षार्थी प्रश्नपत्र में पूछे गए प्रश्नों पर दर्ज करा सकेंगे अपनी आपत्ति : परीक्षार्थियों की जांच करने के लिए बनाया दो पेज का टेस्ट एडमिशन कार्ड : 30 परीक्षार्थियों के फॉर्म ठीक से भरे न होने के कारण निरस्त।


सिटी के अनंत को कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में मिली 100 परसेंट स्कॉलरशिप
Our Correspondent :05 July 2013
भोपाल। शहर के 22 वर्षीय अनंत जैन का चयन बीटेक जेनेटिक इंजीनियरिंग के बाद रिसर्च वर्क के लिए कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी और नार्थ वेस्टर्न यूनिवर्सिटी शिकागो में 100 परसेंट स्कॉलरशिप के साथ हुआ है। अनंत ने भोपाल के सेंट जोसेफ कोएड स्कूल से 2008 में 12वीं की पढ़ाई बॉयोलॉजी में 98 परसेंट से पास की। उसके बाद जेनेटिक्स में रिसर्च करने के फील्ड को चुना। एसआरएम यूनिवर्सिटी चेन्नई से बीटेक जेनेटिक इंजीनियरिंग में स्कॉलरशिप के साथ किया।
लास्ट ईयर में पढ़ाई के दौरान एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत प्रोजेक्ट हेतु हारवर्ड मेडिकल स्कूल बोस्टन में हुआ था। वहां 6 महीने 'एग्रेसिव ब्रेन ट्यूमर ग्लायोब्लास्टोमा' पर काम किया। वर्तमान में अनंत जापान की ओकिनावा इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में 36 लाख येन के पैकेज पर कार्यरत है। वहां वे कम्प्यूटेशनल न्यूरोसाइंस में 'मॉलिक्यूलर मेकेनिज्म ऑफ कॉर्डिनेटेड मूवमेंट्स ऑफ सेरेबलम' पर कार्य कर रहे हैं।
वे जुलाई में पेरिस में हो रही वल्र्ड लेवल कांफ्रेंस में अपना प्रोजेक्ट प्रस्तुत करेंगे। अनंत 1 सितंबर से नार्थ वेस्टर्न यूनिवर्सिटी शिकागो में जॉइन करेंगे। यूनिवर्सिटी में 100 से भी ज्यादा न्यूरो साइंटिस्ट रिसर्च कर रहे हैं। अल्कापुरी निवासी अनंत अपनी इस सक्सेस का क्रेडिट पापा अरविंद और मम्मी अमिता जैन को देना चाहते हैं।


कल्पना टेवरे को पीएचडी की उपाधि
Our Correspondent :04 July 2013
भोपाल। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय ने विज्ञान संकाय की शोधार्थी कल्पना टेवरे को वनस्पति शास्त्र विषय में किए गए उनके शोधकार्य के लिए पीएचडी की उपाधि प्रदान की है। उनके शोध का विषय "माइक्रो प्रोपेगेशन ऑफ ए मेडिसिनल प्लांट विज सिसस क्वाड्रेग्युलेरिस एल.(हाडज़ोड़) टू इनहेन्स प्रोडक्शन विथ स्पेशल इ फेसिस ऑन फाइटोकेमिकल" था।
उन्होंने अपना शोधकार्य शासकीय एमजीएम पीजी कॉलेज इटारसी के वनस्पति शास्त्र की प्रोफेसर डॉ. श्रीमती राकेश मेहता के मार्गदर्शन व शासकीय एमवीएम भोपाल की प्रोफेसर डॉ.प्रतिभा सिंह के सह मार्गदर्शन में पूरा किया है। शोधार्थी कल्पना टेवरे वर्तमान में सेम गर्ल्स कॉलेज में बॉटनी विभाग की विभागाध्यक्ष हैं।


गलती यूनिवर्सिटी की, भुगतेंगे छात्र
Our Correspondent :04 July 2013
गुना। स्नातक (बीए, बीकॉम व बीएससी) में एटीकेटी वाले छात्रों को यूनिवर्सिटी की गलती का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। इन छात्रों ने एटीकेटी की परीक्षा दे दी थी, लेकिन अब तक रिजल्ट न खुलने की वजह से वे पीजी में एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए। जिले में ऐसे छात्रों की संख्या दर्जनों में हो सकती है।
यूजी में जिन छात्रों की दूसरे व चौथे सेमेस्टर में एटीकेटी आई थी, उनका परिणाम अब तक घोषित नहीं हुआ है। यही वजह है कि उनका फाइनल का रिजल्ट भी विदहेल्ड यानि रोक दिया गया है। नतीजतन इन छात्रों के दस्तावेजों का वेरीफिकेशन नहीं हो पाया और वे एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए।
यूनिवर्सिटी के 5 हजार छात्र : जीवाजी यूनिवर्सिटी के अंतर्गत ऐसे छात्रों की संख्या 5 हजार से ज्यादा बताई जाती है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा ऑनलाइन एडमिशन के लिए जो गाइड लाइन जारी की गई थी, उसमें कहा गया था कि पीजी में उन्हीं छात्रों का एडमिशन होगा, जिनका यू जी का परिणाम क्लियर हो गया हो। यानि यूजी फाइनल की मार्कशीट में छात्र का उत्तीर्ण होना जरूरी है। फिलहाल एडमिशन के लिए कॉलेज चुनने का पहला चरण चल रहा है।
अपडेट नहीं किया सॉफ्टवेयर: हालांकि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा दूसरे व चौथे सेमेस्टर में ऐसे छात्रों जिनकी अधिकतम चार विषयों में एटीकेटी है, उन्हें पीजी में अस्थाई एडमिशन देने के आदेश दिए थे। ऐसे छात्रों के रजिस्ट्रेशन व वेरीफिकेशन करने की अनुमति दे दी गई। लेकिन विभाग के पोर्टल पर सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं किया गया। इस वजह से ऐसे छात्रों के आवेदन पोर्टल द्वारा स्वीकार ही नहीं किए गए।
फिर मिल सकता है मौक
ऐसे छात्रों की उम्मीद इस बात पर टिकी है कि उच्च शिक्षा विभाग एक बार फिर रजिस्ट्रेशन की इजाजत दे दे। इसकी मांग सैकड़ों छात्रों की ओर से उठ भी रही है। सूत्र बताते हैं कि अगले एक दो दिन में विभाग संभवत: इसे लेकर आदेश भी जारी कर सकता है।


पीएमटी में गड़बड़ी रोकने के लिए बार कोड
Our Correspondent :03 July 2013
भोपाल। राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में संचालित एमबीबीएस कोर्स में दाखिले के लिए सात जुलाई को हो रहे प्री मेडिकल टेस्ट में विद्यार्थियों के प्रवेश पत्रों पर बार कोड (विशेष पहचान नंबर) रहेगा। इसकी जांच परीक्षा हॉल में पर्यवेक्षक बार कोडिंग मशीन से करेंगे।
प्रवेश पत्र से छेड़छाड़ होने पर बार कोडिंग मशीन में बीप बजेगी। बीप बजते ही परीक्षा पर्यवेक्षक संबंधित विद्यार्थी को पुलिस के हवाले कर देगा। मध्यप्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) ने यह व्यवस्था पीएमटी में शामिल होने वाले संदिग्ध विद्यार्थियों को पकडऩे के लिए दी है। व्यापमं परीक्षा नियंत्रक डॉ. पंकज त्रिवेदी ने बताया कि पीएमटी के प्रवेश पत्र मंडल की वेबसाइट पर बुधवार को अपलोड कर दिए जाएंगे। सभी बार कोडेड हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर बार कोड रीडर भेजे जा रहे हैं। डॉ. त्रिवेदी ने बताया कि सात जुलाई को हो रहे प्री मेडिकल टेस्ट के लिए राज्य के 14 जिलों में 91 परीक्षा केंद्र बनाए हैं। इन केंद्रों पर 40 हजार परीक्षार्थी पीएमटी देंगे। भोपाल में साढ़े छह हजार परीक्षार्थियों के लिए 19 परीक्षा केंद्र बनाए हैं।
परीक्षा हॉल में लिए जाएंगे फिंगर प्रिंट व डिजिटल फोटो
पीएमटी में शामिल हो रहे परीक्षार्थियों के फिंगर प्रिंट और डिजिटल फोटो परीक्षा हॉल में लिए जाएंगे। इसके लिए व्यापमं के अधिकारी केंद्र पर बायोमेट्रिक थंब इंप्रेशन मशीन और डिजिटल फोटो कैमरा भेजेंगे। व्यापमं प्रवक्ता सुनील श्रीवास्तव ने बताया कि मशीन में विद्यार्थी के फिंगर प्रिंट, पीएमटी फॉर्म के फिंगर प्रिंट लगे निशानों से नहीं मिलने पर एक बीप बजेगी। इसके बाद संबंधित विद्यार्थी के अंगूठे को साफ करवाकर दो मर्तबा इंप्रेशन लिया जाएगा। इसके बाद भी यदि फिंगर प्रिंट का मिलान नहीं होता है तो मामला पुलिस को सौंपा जाएगा।
पहचान पत्र दिखाने के बाद मिलेगा प्रवेश
परीक्षा हॉल में प्रवेश के लिए परीक्षार्थियों को पहचान पत्र दिखाना होगा। व्यापमं ने पहचान पत्रों की सूची में वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइंसेंस, आधार कार्ड, हाईस्कूल की मार्कशीट को शामिल किया है। इनमें से एक दस्तावेज विद्यार्थी को प्रवेश पत्र के साथ परीक्षा केंद्र के अधिकारी को दिखाना पड़ेगा।


भोपाल के ऋषभ ने रचा एक और इतिहास, जेईई-मेन्स में मिली 23वीं रैंक
Our Correspondent :03 July 2013
भोपाल। सीबीएसई ने जेईई-मेन्स की रैंक लिस्ट जारी कर दी है। यह परीक्षा 7 अप्रैल को हुई थी। इसमें भोपाल के ऋषभ मित्तल को 23वीं रैंक हासिल हुई है। भोपाल से 50 से अधिक सिलेक्शन हुए हैं। इसमें सफल छात्र देश की टॉप एनआईटीज व अन्य संस्थानों में दाखिला ले सकते हैं। यह परिणाम उन छात्रों के लिए खास मायने नहीं रखता, जिनका सिलेक्शन जेईई एडवांस्ड में हो चुका है।
टीचर्स के टच में बने रहें...
देश की टॉप एनआईटीज व अन्य संस्थानों के लिए स्टूडेंट्स की रैंक आ गई है। जॉइंट एंट्रेंस एक्जाम (जेईई) मेन्स का परिणाम मंगलवार को घोषित हुआ। इसमें भोपाल से लगभग 50 से अधिक सिलेक्शन होने की जानकारी है। हालांकि यह परिणाम उन स्टूडेंट्स के लिए खास मायने नहीं रखता, जिनका सिलेक्शन जेईई एडवांस्ड में हो चुका है। मेन्स में भोपाल के ऋषभ मित्तल को 23वीं और सौरभ वर्मा को 1499वीं रैंक मिली है। इसके अलावा अंडर-1600 में चार अन्य रैंक संभावित हैं। गौरतलब है कि जेईई मेन्स का यह परिणाम 12वीं के 40 फीसदी वेटेज को शामिल करके तैयार किया गया है, जिसके कारण रैंक पीछे हुई हैं। अन्य शहरों में स्टूडेंट्स का १२वीं का स्कोर 98 फीसदी तक रहा, जिसका फायदा उन्हें जेईई मेन्स की रैंक में मिल गया।
महीनेभर चला सेलिब्रेशन
'ऋषभ की जेईई एडवांस्ड में 80वीं रैंक थी। पूरे परिवार को महीनेभर सेलिब्रेशन का मौका दिया। पिता के तौर पर मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी यही है कि वो मुझसे भी आगे है। इस रिजल्ट के बाद एनआईटी में दाखिला लेने की जरूरत नहीं है क्योंकि उसे आईआईटी दिल्ली में इलेक्ट्रॉनिक्स में एडमिशन मिल जाएगा।
- डॉ. अरविंद मित्तल (ऋषभ के पिता)


डीयू में दाखिले के लिए उमड़ी छात्रों की भीड़
Our Correspondent :02 July 2013
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में दूसरी कटऑफ आने के बाद कॉलेजों में एक बार फिर छात्रों की भीड़ उमड़ी। श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स को छोड़कर नार्थ कैंपस के सभी कॉलेजों में प्रवेश के लिए छात्रों की भीड़ होती है। पहली कटऑफ के अनुभव के आधार पर लगभग सभी कॉलेजों ने हेल्पडेस्क सहित अन्य सुविधाएं छात्रों को मुहैया कराई थीं। दूसरी कटऑफ में प्रवेश अनुकूल रहा।
रामजस कॉलेज में बची हुई सीटों के लिए ओबीसी, एससी, एसटी के छात्रों ने प्रवेश लिया। कॉलेज प्रशासन ने प्रवेश के लिए पर्याप्त इंतजाम किए थे। हिंदू कॉलेज में दाखिला समिति के प्रमुख डॉ. पीके विजयन ने बताया कि दूसरी कटऑफ के लिए यहां कुल 23 दाखिले हुए। सबसे अधिक 22 दाखिले भौतिकी में हुए। उन्होंने ऐसी संभावना जताई है कि अंग्रेजी और अर्थशास्त्र ऑनर्स के लिए तीसरी कटऑफ निकल सकती है।
श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के प्रिंसिपल डॉ. पीसी जैन ने बताया कि बीकॉम ऑनर्स की सीटें पहले ही भरी जा चुकी हैं। अर्थशास्त्र ऑनर्स में भी 60 सीटों पर 69 छात्रों का दाखिला किया गया है। विभिन्न विषयों में दूसरी कटऑफ लिस्ट में 15-20 फीसद कम करने वाले श्री अरबिंदो कॉलेज के पि्रंसिपल डॉ. हरिओम का कहना है कि कटऑफ कम करने से दाखिले बढ़े हैं। हम हिंदी सहित अन्य विषयों में भी तीसरे कटऑफ में 2-5 फीसद की कमी करेंगे।
रामजस कॉलेज में दूसरी कटऑफ निकलने के बाद 114 दाखिले हुए। कई कोर्स में दाखिले पूरे होने के बाद यहां भी तीसरी कटऑफ निकलने की संभावना जताई जा रही है।
डीयू ने भेजा शुद्धि पत्र
डीयू ने किरोड़ी मल कॉलेज और श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज फॉर वुमेन के लिए दूसरी कटऑफ में शुद्धिपत्र भेजा है। किरोड़ीमल कॉलेज में निम्न कोर्स के कटऑफ में बदलाव किए गए हैं। अब एससी के कॉमर्स की कटऑफ 90-93.24, अंग्रेजी की 83-84.99, हिंदी की 75-78.99 तथा एसटी वर्ग में कॉमर्स में 84-93.4, अर्थशास्त्र में 93.75-93.99, हिंदी 76-79.99, इतिहास-82-83.99 है। विज्ञान के विषय में एससी वर्ग में भौतिकी में 88-88.99, रसायन में 86-87.99, सांख्यिकी में 85-89.99 तथा एसटी वर्ग में भौतिकी में 76-80.99, रसायन में 88-84.99, वनस्पति विज्ञान में 72-74.99, गणित में 82-84.99, सांख्यिकी में 80-84.99 है।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज फॉर वुमेन में इतिहास में सामान्य वर्ग में 63, ओबीसी में 57, एससी में 60, एसटी में 60 तथा शारीरिक रूप से अक्षम छात्रों के लिए 63 फीसद है।
रामजस में इसीए कोटा में ट्रायल शुरू
रामजस कॉलेज में पेंटिंग, गायन, नृत्य और अन्य एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज में छात्र-छात्राओं ने ट्रायल दिया। रामजस कॉलेज में नृत्य, संगीत और अन्य विधाओं के माध्यम से छात्रों का चयन करने के लिए यह ट्रायल आयोजित किया गया। मॉर्डन डांस में ट्रायल देने आई संगीता ने बताया कि उसने 92 फीसद अंक पाए हैं और उसका प्रवेश लक्ष्मीबाई कॉलेज में हो भी गया है, लेकिन वह इस माध्यम से रामजस में प्रवेश लेना चाहती है। पल्लवी ने कुचिपुड़ी नृत्य का ट्रायल दिया। उसका कहना है कि मुझे उम्मीद है कि यहां मुझे प्रवेश मिल जाएगा क्योंकि यहां मेरी प्रस्तुति से निर्णायक मंडल खुश था।


एमई-एमटेक में दाखिले के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग 4 से
Our Correspondent :02 July 2013
भोपाल। प्रदेश के निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में संचालित एमई-एमटेक कोर्स में दाखिले के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग 4 जुलाई से शुरू होगी। ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (गेट) के स्कोर कार्ड के आधार पर छात्र 15 जुलाई तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे।
इसी बीच छात्रों के दस्तावेजों का सत्यापन होगा। ६ जुलाई से छात्र कॉलेज चयन कर च्वाइस फिलिंग कर सकेंगे। मेरिट सूची १६ जुलाई को जारी होगी। १८ जुलाई को कॉलेज आवंटित किया जाएगा। छात्रों को आवंटित कॉलेज में २२ जुलाई तक प्रवेश लेना होगा। इसके बाद रिक्त सीटों के लिए छात्र अहर्ताकारी परीक्षा के आधार पर १९ जुलाई तक रजिस्ट्रेशन, दस्तावेजों का सत्यापन तथा पसंद लॉक करा सकेंगे। इन छात्रों की मेरिट सूची २३ जुलाई को जारी की जाएगी।
एमफार्मा के लिए काउंसलिंग 5 से
भोपालत्नप्रदेश के निजी फार्मेसी कॉलेजों में संचालित एमफार्मा कोर्स के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग 5 जुलाई से शुरू होगी। ग्रेजुएट फार्मेसी एप्टीट्यूड टेस्ट (जीपेट) स्कोर के आधार पर छात्र १६ जुलाई तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। छात्रों की मेरिट सूची १७ जुलाई को जारी की जाएगी। इसके बाद छात्रों को 19 जुलाई को कॉलेज आवंटित किया जाएगा। छात्रों को आवंटित कॉलेज में २३ जुलाई तक प्रवेश लेना होगा।
इसके बाद रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए छात्र अहर्ताकारी परीक्षा के आधार पर २क् जुलाई तक रजिस्ट्रेशन, सत्यापन तथा पसंद लॉक करा सकेंगे। मेरिट सूची २४ जुलाई को जारी की जाएगी तथा कॉलेज का आवंटन २६ जुलाई को किया जाएगा। छात्र ३क् जुलाई तक प्रवेश ले सकेंगे।


स्कूलों ने ज्यादा फीस वसूली तो 2 लाख तक जुर्माना लगाने की तैयारी
Our Correspondent :02 July 2013
भोपाल। तय की गई फीस से ज्यादा राशि वसूलने वाले स्कूलों पर दो लाख रुपए तक का जुर्माना लगाने की तैयारी है। इसके लिए निजी विद्यालय शुल्क विनियम-2013 में प्रावधान किया गया है। तैयार नियमों के अनुसार फीस निर्धारण के लिए जिला व राज्य स्तरीय कमेटी का गठन किया जाएगा। कमेटी को अधिकार होगा कि स्कूल प्रबंधन द्वारा अधिक फीस लेने पर वह प्रबंधन से एक लाख रुपए का जुर्माना वसूल करे। इसके अलावा राज्य फीस विनियामक अपील कमेटी भी बनेगी। यह कमेटी छात्र से अधिक वसूली गई फीस वापस करने की सिफारिश करेगी और स्कूल प्रबंधन पर 2 लाख रुपए तक का जुर्माना कर सकेगी।
मंत्रालय सूत्रों ने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा तैयार ड्रॉफ्ट को वरिष्ठ सचिवों की कमेटी ने मंजूरी दे दी है। जल्दी ही कैबिनेट की स्वीकृति लेकर इसे लागू करने की तैयारी है।
सत्र शुरू होने से छह माह पहले तय होगी फीस
निजी विद्यालय विनियम के मुताबिक फीस का निर्धारण शिक्षण सत्र शुरू होने के छह माह पूर्व करना अनिवार्य होगा। इसलिए नए नियम अगले शैक्षणिक सत्र से लागू किए जाएंगे। खास बात यह है कि फीस में बढ़ोतरी के लिए राज्य स्तरीय कमेटी और अपील कमेटी का निर्णय दो साल तक के लिए लागू माना जाएगा।
अभिभावक-शिक्षक संघ बनेगा
प्रत्येक स्कूल में अभिभावक-शिक्षक संघ का गठन होगा। इसकी एक कार्यपालिका कमेटी होगी। इस कमेटी का अध्यक्ष प्राचार्य अथवा प्रधान अध्यापक, उपाध्यक्ष- अभिभावक, सदस्य सचिव- शिक्षक एवं संस्था के प्रत्येक विभाग में अध्ययनरत छात्रों के अभिभावकों में से तीन अभिभावक सदस्य होंगे। अभिभावकों का चयन लाटरी पद्धति से होगा।
जिला फीस विनियामक कमेटी : कार्यपालिका कमेटी की अनुशंसा के संबंध में स्कूल प्रबंधन द्वारा की जाने वाली अपील पर सुनवाई कर 60 दिन में निराकरण करेगी। इस कमेटी में कलेक्टर सभापति होंगे। संभागीय मुख्यालय में संयुक्त संचालक शिक्षण और जिले में डीईओ सदस्य सचिव रहेंगे, जबकि पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री, वित्त सेवा के अधिकारी और विशेषज्ञ प्राचार्य अथवा प्रधान अध्यापक सदस्य बनाए गए हैं।
राज्य फीस विनियामक कमेटी : यदि जिला कमेटी का निर्णय प्रबंधन को मान्य नहीं होता है तो वह इस कमेटी के समक्ष 30 दिन के भीतर अपील कर सकेगा। यह कमेटी 60 दिन में अपील का निराकरण करेगी। इस कमेटी में स्कूल शिक्षा मंत्री पदेन सभापति होंगे।
राज्य फीस विनियामक अपील कमेटी : जिला कमेटी और राज्य कमेटी के निर्णय के विरुद्ध अपील सुनने वाली इस कमेटी में स्कूल शिक्षा मंत्री को सभापति बनाया गया है, जबकि स्कूल शिक्षा, वित्त और इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट का प्रतिनिधित्व करने वाले चार शासकीय सदस्य होंगे।
कैबिनेट को जल्द भेजेंगे ड्रॉफ्ट
निजी स्कूलों में फीस निर्धारण को लेकर नियम बनाए जा रहे हैं। इसे जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। अन्य विभागों से इस ड्राफ्ट पर विचार-विमर्श चल रहा है।
- संजय सिंह, प्रमुख सचिव, स्कूल शिक्षा
ऐसे होगा फीस का निर्धारण
प्रस्तावित अधिनियम में स्कूल का स्थान, छात्रों की संख्या, अध्ययन संबंधी वर्ग, इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्कूल की आय, शिक्षकों की गुणवत्ता आदि के आधार पर फीस का निर्धारण होगा। इसमें स्पष्ट किया गया है कि फीस का मतलब शिक्षण, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, कम्प्यूटर, कॉशन-मनी, परीक्षा, हॉस्टल व भोजन तथा प्रवेश शुल्क के रूप में ली जाने वाली राशि है। स्कूल प्रबंधन द्वारा तय की जाने वाली फीस पर कार्यपालिका कमेटी निर्णय लेगी। प्रबंधन द्वारा तय की गई फीस में कमेटी 10 प्रतिशत से अधिक राशि का संशोधन करती है और प्रबंधन को यह मान्य नहीं होता है तो 30 दिन के भीतर वह जिला फीस विनियामक कमेटी को अपील कर सकेगा।
इसलिए बनाए नए नियम
स्कूल प्रबंधन द्वारा हर साल फीस में अकारण वृद्धि की जाती है। इससे छात्रों और अभिभावकों में असंतोष रहता है। फीस निर्धारण प्रक्रिया और शुल्क तर्कसंगत हो, इसलिए नियम बनाए गए हैं।


सामान्य वर्ग के लिए नहीं निकलेगी दूसरी कटऑफ लिस्ट
Our Correspondent :01 July 2013
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) से संबद्ध कॉलेजों में पहली कटऑफ के बाद उमड़ी भीड़ के बाद कुछ कॉलेज अब सामान्य वर्ग की कटऑफ नहीं निकालेंगे। कई कॉलेजों में सामान्य वर्ग की सीटें भर गई हैं, जबकि ओबीसी और एसटी, एससी की लगभग 75 फीसद सीटें खाली हैं। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि इन सीटों को भरने के लिए दूसरी कटऑफ 4 से 6 फीसद घट सकती है। कई कॉलेजों ने दूसरी कटऑफ की सूची भी विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंप दी है।
गार्गी कॉलेज में सभी कोर्स में दाखिले पूरे :-
श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) में बीकॉम ऑनर्स में सामान्य की सभी सीटें भर गई हैं, जबकि अर्थशास्त्र ऑनर्स में एक सीट बची है। उधर, गार्गी कॉलेज में लगभग सभी कोर्स में दाखिले पूरे हो चुके हैं। कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. शशि त्यागी ने बताया कि केवल इतिहास और संस्कृत में ओबीसी और एससी, एसटी में दाखिला बाकी है और इसी के लिए कटऑफ निकाली जाएगी। सामान्य वर्ग के दाखिले पूरे हो चुके हैं।
हिन्दू कॉलेज में भी सीटें भरी :-
हिन्दू कॉलेज में भी 750 सीटों के लिए 660 दाखिले हुए हैं। कई विषयों में सीटों से अधिक दाखिले हुए हैं। यहां भी सामान्य वर्ग की अधिकांश सीटें भरी जा चुकी है।
मिरांडा व रामजस जारी नहीं करेंगे कटऑफ :-
मिरांडा हाउस कॉलेज की प्रिंसिपल प्रतिभा जॉली ने बताया कॉलेज में 60 फीसद प्रवेश हो गया है। सामान्य वर्ग में इतिहास, समाजशास्त्र सहित चार विषयों में कटऑफ नहीं निकाली जाएगी। जबकि रामजस कॉलेज में 325 सीटें भर गई हैं
अन्य प्रदेश के छात्रों को रामजस ने दिया प्रवेश :-
रामजस कॉलेज में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश सहित अन्य प्रदेश से आए छात्रों को शनिवार को प्रवेश दे दिया गया। शुक्रवार को बड़ी संख्या में इन छात्रों को कॉलेज प्रशासन ने प्रवेश नहीं दिया था, क्योंकि इनके पास अंकपत्र की मूलप्रति नहीं थी। जिसके बाद सभी छात्रों ने कॉलेज के सामने अपना विरोध दर्ज कराया था। बाद में कॉलेज ने सबको स्टूडेंट वेलफेयर विभाग के पास भेजा था। कॉलेज ने उनसे शपथ पत्र लेकर प्रवेश कर लिया।


नहीं बढ़ेगी सरकारी मेडिकल कॉलेजों की यूजी सीट, खारिज हुआ राज्य सरकार का प्रस्ताव
Our Correspondent :01 July 2013
भोपाल। राजधानी के गांधी मेडिकल कॉलेज समेत राज्य के अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इस साल एमबीबीएस की सीटें नहीं बढ़ेगी। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, रीवा और जबलपुर के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटें बढ़ाने के राज्य सरकार के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, साथ ही चिकित्सा शिक्षा विभाग को सीटें बढ़वाने के लिए नए सिरे से तय फार्मेट में आवेदन करने को कहा है। दूसरी ओर चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने कॉलेजों में एमबीबीएस कोर्स की सीटें बढ़वाने नए सिरे से आवेदन करने की तैयारी शुरू कर दी है।
चिकित्सा शिक्षा संचालनालय के अधिकारियों ने बताया इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा के मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 80 सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव एमसीआई को दिया था। पांचों कॉलेजों को एमसीआई के 150 सीटों के मानकों पर खरा होना बताया था। इसे खारिज करते हुए एमसीआई ने कहा कॉलेजों का निरीक्षण किए बिना सीटें नहीं बढ़ाई जा सकतीं। राज्य सरकार फिर निरीक्षण कराएं और आवेदन करे। इसके बाद ही राज्य के किसी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीटें बढ़ाई जाएंगी।
एमसीआई ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों के सीट बढ़ोतरी के प्रस्ताव को अगर खारिज किया है, तो हम दोबारा तय फार्मेट में सीटें बढ़वाने आवेदन करेंगे। फिलहाल अब तक एमसीआई ने सीट बढ़ोतरी के प्रस्ताव को खारिज करने की सूचना नहीं दी है।


इंटरनेशनल इंग्लिश ओलंपियाड में भोपाल की समृद्धि खरे को सिल्वर मेडल
Our Correspondent :01 July 2013
भोपाल। राजधानी के सेंट थेरेसास गल्र्स हा.से. स्कूल में पढऩे वाली समृद्धि खरे को इंटरनेशनल इंग्लिश ओलंपियाड में रजत पदक प्राप्त हुआ है। इंटरनेशनल इंग्लिश ओलंपियाड का आयोजन साइंस ओलंपियाड फाउंडेशन द्वारा आयोजित किया जाता है जो ब्रिटिश काउंसिल से एसोसिएट है।
इस ओलंपियाड का आयोजन गत जनवरी माह में किया गया था जिसका परिणाम हाल ही में आया है। समृद्धि खरे को इस उपलब्धि पर उनके स्कूल की प्राचार्य सिस्टर रोजी ने सम्मानित करते हुए उन्हें पदक तथा प्रमाण पत्र प्रदान किया। समृद्धि खरे ने स्कूल में दूसरी तथा राज्य में इस परीक्षा में 215वीं रैंक हासिल की है। समृद्धि खरे ने इस वर्ष 10वीं बोर्ड की परीक्षा में भी 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं।


फार्मेसी के लिए 1040 रजिस्ट्रेशन आवंटन आज
Our Correspondent :29 June 2013
भोपाल। प्रदेश के सरकारी व निजी कॉलेजों में संचालित बी.फार्मेसी व डी.फार्मेसी कोर्स की इस बार हालत खस्ता है। बी. फार्मेसी व डी.फार्मेसी की करीब 7800 सीटों के लिए इस बार केवल 1040 रजिस्ट्रेशन ही हुए हैं। इसमें भी च्वॉइस फिलिंग करने वालों की संख्या महज 664 है।
तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख 15 जून से बढ़ाकर 19 जून करना भी कॉलेजों को फायदा नहीं पहुंचा सका। इस बार भी फार्मेसी की सीटें भरना मुश्किल हैं। विभाग सामान्य पूल के छात्रों को फार्मेसी कोर्स के लिए शनिवार को कॉलेज व सीटों का आवंटन जारी करेगा। छात्रों को 2 जुलाई तक आवंटित कॉलेज में प्रवेश लेना होगा
इधर, पॉलिटेक्निक संस्थानों में डिप्लोमा इंजीनियरिंग कोर्स की करीब 15, 256 सीटों के लिए पहले चरण में 13, 154 रजिस्ट्रेशन हुए, जिनमें से 3, 835 ने च्वॉइस फिलिंग की है। अपग्रेडेशन के बाद छात्रों को सीटों का आवंटन शनिवार को किया जाएगा।


3.75 लाख रुपए हुई निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की फीस
Our Correspondent :29 June 2013
भोपाल. प्रदेश के चार निजी मेडिकल व दस डेंटल कॉलेजों में एमबीबीएस व बीडीए की पढ़ाई महंगी हो गई है। एमबीबीएस की फीस अगले तीन सत्रों के लिए 3 लाख 75 हजार रुपए प्रतिवर्ष तय कर दी है। वहीं दस डेंटल कॉलेजों में बीडीएस की फीस में 10 प्रतिशत का इजाफा किया गया है। इंडेक्स इंस्टिट्यूट ऑफ डेंटल साइंस इंदौर व इंडेक्स मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर इंदौर की फीस में कोई वृद्धि नहीं की गई है।
प्रदेश के चार निजी मेडिकल व दस डेंटल कॉलेजों में एमबीबीएस व बीडीए की पढ़ाई महंगी हो गई है। प्रवेश एवं शुल्क निर्धारण विनियामक समिति ने चार इन कॉलेजों में एमबीबीएस की फीस अगले तीन सत्रों के लिए 3 लाख 75 हजार रुपए प्रतिवर्ष तय कर दी है।
वहीं दस डेंटल कॉलेजों में बीडीएस की फीस में 10 प्रतिशत का इजाफा किया गया है। फीस कमेटी की शुक्रवार को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। पांच निजी मेडिकल व ग्यारह डेंटल कॉलेज संचालक उपस्थित हुए। इंडेक्स इंस्टिट्यूट ऑफ डेंटल साइंस इंदौर व इंडेक्स मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर इंदौर की फीस में कोई वृद्धि नहीं की गई है।


2 लाख से ज्यादा छात्रों को सीट आवंटित, स्टूडेंट को दी गई एसएमएस से जानकारी
Our Correspondent :28 June 2013
भोपाल। प्रदेश के सरकारी व निजी कॉलेजों के स्नातक प्रथम सेमेस्टर में एडमिशन के लिए गुरुवार को २ लाख ३ हजार ६२३ छात्रों को सीटें आवंटित की गईं। इसकी सूचना संबंधित छात्र को उसके मोबाइल फोन पर एसएमएस के जरिए दी गई है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा यह अलॉटमेंट शाम छह बजे किया गया।
इस अलॉटमेंट के बाद कुल २ लाख 30 हजार सीटों में से अब २६, ३७७ सीटें खाली बची हैं। हालांकि, पहले ही चरण में अधिकांश कॉलेजों की सीटें भर गई हैं। सीट आवंटन के बाद छात्रों को २ जुलाई तक आवंटित कॉलेज में फीस जमा करनी होगी। कॉलेज द्वारा प्रवेशित विद्यार्थियों की सूची २७ जून से ३ जुलाई के बीच ऑनलाइन जारी की जाएगी। प्रथम चरण में हुए एडमिशन के बाद खाली रह गई सीटों के लिए दूसरे चरण की काउंसलिंग ४ जुलाई से शुरू होगी। विद्यार्थी ४ से ७ जुलाई के बीच ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। दूसरे चरण की सीटों का आवंटन १क् जुलाई को होगा।
दूसरे चरण की काउंसलिंग १५ जुलाई तक चलेगी। इस चरण में भी सीटें खाली रह जाने पर कॉलेज लेवल की काउंसलिंग १७ जुलाई से शुरू होगी। स्नातक प्रथम सेमेस्टर के लिए ३ लाख ४२ हजार ७३५ रजिस्ट्रेशन तथा २ लाख ८५ हजार ६८२ सत्यापन हुए थे। आयुक्त उच्च शिक्षा वीएस निरंजन का कहना है कि प्राचार्यो को दस फीसदी सीटें बढ़ाने का अधिकार होने के कारण सीटों की संख्या में थोड़ा और इजाफा हो सकता है।
पीजी के लिए आज जारी होगा अलॉटमें
स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर के लिए उच्च शिक्षा विभाग शुक्रवार को अलॉटमेंट जारी करेगा। इसके लिए कुल ७९, २८क् छात्रों ने रजिस्ट्रेशन तथा ५६, ८२५ ने सत्यापन कराया है। छात्रों को ३ जुलाई तक आवंटित कॉलेज में फीस जमा करना होगी। कॉलेज में एडमिशन लेने वाले छात्रों की जानकारी ४ जुलाई को व प्रथम चरण में प्रवेश के बाद कॉलेजों में रिक्त सीटों की जानकारी ५ जुलाई को कॉलेज के पोर्टल पर जारी की जाएगी।


नॉन पीपीपी, होटल मैनेजमेंट व बीआर्क के लिए 1 जुलाई तक होंगे प्रवेश
Our Correspondent :28 June 2013
भोपाल। तकनीकी शिक्षा विभाग ने नॉन पीपीटी, होटल मैनेजमेंट व बीआर्क कोर्स में एडमिशन के लिए चल रही ऑनलाइन काउंसलिंग की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। इन पाठ्यक्रमों के लिए रजिस्ट्रेशन व च्वाइस फिलिंग करने वाले छात्र 29 जून के बजाए 1 जुलाई तक आवंटित संस्थान में उपस्थिति दर्ज कराकर प्रवेश ले सकेंगे।
इन तीनों पाठ्यक्रमों में एडमिशन लेने की आखिरी तारीख 29 जून थी। जानकारी के अनुसार इन पाठ्यक्रमों के लिए हुए कम एडमिशन के कारण ही विभाग ने इसकी अंतिम तिथि आगे बढ़ाई है। हालांकि विभाग ने इन पाठ्यक्रमों के लिए हुए रजिस्ट्रेशन की संख्या का फिलहाल खुलासा नहीं किया है।


डीयू की पहली कटऑफ लिस्ट: कॉमर्स का प्रतिशत बढ़ा
Our Correspondent :28 June 2013
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू)की बहुप्रतीक्षित पहली कटऑफ लिस्ट बुधवार देर रात जारी कर दी गई। पिछले वर्ष की तुलना में कॉमर्स, विज्ञान और आ‌र्ट्स के विषयों में कटऑफ में मामूली बढ़ोत्तरी हुई है। पहली बार डीयू में चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम और बीटेक कोर्स लागू होने से छात्रों में संशय की स्थिति बनी हुई थी, लेकिन कटऑफ लिस्ट देखकर उन्हें थोड़ी राहत मिली होगी।
कॉमर्स में हिंदू कॉलेज सबसे आगे:-
कॉमर्स की सबसे ऊंची कटऑफ हिंदू कॉलेज ने रखी है। यहां सामान्य के लिए कटऑफ अधिकतम 99.75 फीसद व न्यूनतम 96.75 रखी गई है। वहीं श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में 97 फीसद है। शहीद भगत सिंह कॉलेज में अधिकतम कटऑफ 99 फीसद है। अर्थशास्त्र ऑनर्स में सबसे अधिक कटऑफ किरोड़ीमल कॉलेज की है। यहां सामान्य वर्ग के लिए अधिकतम 98.5 फीसद तथा न्यूनतम 95.5 फीसद है।
विज्ञान में हंसराज कॉलेज में सबसे ज्यादा :-
हंसराज कॉलेज में कटऑफ भौतिकी में सामान्य वर्ग में 97 तथा रसायन में भी 97 फीसद है। हिंदू, रामजस, मिरांडा हाउस, किरोड़ीमल, लेडी श्रीराम कॉलेज, श्रीवेंकटेश्वर कॉलेज में भौतिकी और रसायन का कटऑफ 94 से अधिक है। गणित में सबसे अधिक कटऑफ हंसराज में 96.75 फीसद है, जबकि सांख्यिकी में हिन्दू में 97.5 फीसद है।


एक यूनिवर्सिटी से संबद्ध रहेंगे सिर्फ 100 कॉलेज, बढ़ेगी पढ़ाई की गुणवत्ता
Our Correspondent :27 June 2013
भोपाल. प्रदेश के विश्वविद्यालयों में पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए हर विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों की संख्या कम करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके तहत अब हर विश्वविद्यालय से केवल 100 कॉलेज ही संबद्ध रहेंगे। बड़े और सुविधासंपन्न कॉलेजों को स्वशासी का दर्जा दिया जाएगा।
उच्च शिक्षा विभाग इसके लिए मप्र विवि अधिनियम में बदलाव करने जा रहा है। उच्च शिक्षा आयुक्त वीएस निरंजन का कहना है कि किसी भी बदलाव से पहले विवि अधिनियम में संशोधन जरूरी है, इसीलिए एक्ट के साथ ही कॉलेजों की वर्तमान स्थिति का अध्ययन किया जा रहा है। दरअसल विवि अनुदान आयोग (यूजीसी) ने विश्वविद्यालयों की अकादमिक गुणवत्ता में सुधार के लिए राष्ट्रीय उच्च शिक्षा अभियान (रूसा) शुरू किया है। इसमें हर विवि से अधिकतम १क्क् कॉलेजों की ही संबद्धता की बात कही गई है। प्रदेश में फिलहाल 18 कॉलेजों को स्वशासी का दर्जा प्राप्त है।
रूसा की सूची में मप्र के तीन विवि : रूसा की रिपोर्ट के अनुसार देश में 20 विश्वविद्यालय ऐसे हैं, जिनसे सबसे ज्यादा कॉलेज संबद्ध हैं। इस सूची में मप्र की बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विवि और माखनलाल यूनिवर्सिटी शामिल हैं।
ज्यादा कॉलेजों से ये परेशानी : जानकारों का कहना है कि यूनिवर्सिटी से ज्यादा कॉलेज संबद्ध होने पर शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। उनका अधिकांश समय परीक्षा कराने में ही निकल जाता है। इससे अध्ययन व अनुसंधान परध्यान ही नहीं दिया जाता। इस समस्या से निपटने के लिए शिक्षाविदों ने एक विश्वविद्यालय से 100 से अधिक कॉलेजों को संबद्ध नहीं देने का सुझाव दिया है। जिसे लेकर यूजीसी भी गंभीर है।
विवि और संबद्ध कॉलेजों की संख्या
माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विवि, भोपाल ५४९
राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विवि, भोपाल ४६७
बरकतउल्ला विवि, भोपाल ३८६ जीवाजी विवि, ग्वालियर २५क् देवी अहिल्या विवि, इंदौर १६७
रानी दुर्गावती विवि, जबलपुर १७८
एपीएस विवि, रीवा, १२७
विक्रम विवि, उज्जैन १क्१
डॉ.हरीसिंह गौर विवि, सागर ७७


स्कूल चलें हम कैसे? 50 गांवों में 2 स्कूल, सफर 15 किमी!
Our Correspondent :27 June 2013
भोपाल।बनवार-बम्होरी अंचल के अंतर्गत आने वाले 50 गांव में 21 मिडिल स्कूल संचालित हैं, वहीं हाईस्कूल की संख्या मात्र दो है। जिससे इन मिडिल स्कूलों में पढऩे वाले अधिकांश छात्र-छात्राएं कक्षा आठवीं की परीक्षा पास करने के बाद या तो घर पर ही बैठ जाती हैं या फिर उन्हें हाईस्कूल के लिए 15 किमी का सफर तय करना पड़ता है
क्षेत्र के रोंड, पटना, घटेरा के समीप दर्जनों गांव से प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं आठवीं की परीक्षा पास करते हैं, लेकिन इन सभी गांवों से हाईस्कूल की दूरी दस से 15 किमी दूर है, जिससे विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई जारी रखने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इनमें से कुछ छात्र-छात्राएं ही मजबूरीवश बस में सफर तय कर हाईस्कूल में प्रवेश ले लेती हैं, लेकिन अधिकांश अभिभावक अपने बच्चों को हाईस्कूल की अधिक दूरी के कारण अकेले स्कूल जाने की बजाय पढ़ाई बंद करवाकर बच्चों को घरेलू कामकाज में झोंक देते हैं। इस सैकड़ों बच्चों हाईस्कूल के अभाव में आगे की पढ़ाई से वंचित रह जाते हैं।
वर्षों से की जा रही हाईस्कूल की मांग: क्षेत्र की जनता द्वारा अनेक वर्षों से रोंड, पटना और घटेरा गांव में संचालित मिडिल स्कूल को हाईस्कूल में उन्नयन की मांग की जा रही है। इसके चलते शिक्षा सत्र 2012-13 में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा राज्य स्कूल शिक्षा विभाग भोपाल को भेजे गए प्रस्ताव में तीनों गांव के नाम सबसे ऊपर हैं, लेकिन बीते शिक्षा सत्र से लेकर शुरुआती शिक्षा सत्र 2013-14 में इन स्कूलों का उन्नयन कार्य फाइलों में ही अटककर रह गया है। जिससे लोगों को शिक्षा सत्र शुरू होने के बाद भी हाईस्कूल की सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजकुमार सिंह का कहना है कि इन गांवों में हाईस्कूल खोलना अति आवश्यक है, लेकिन इस ओर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत हर पांच किमी की दूरी पर हाई स्कूल का होना जरूरी है। बावजूद इसके हर शिक्षा सत्र में हाईस्कूल की लंबी दूरी अभिभावकों व बच्चों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है।
घटेरा के सरपंच राम सिंह का कहना है कि हाई स्कूल के अभाव में अधिकांश अभिभावक अपने बच्चों को आठवीं की पढ़ाई करने के बाद घरेलू कामकाज में लगा देते हैं, जिससे अधिकांश छात्राएं आगे की पढ़ाई नहीं कर पाते। जनप्रतिनिधि कल्लू ने बताया कि जनपद जबेरा की घटेरा ग्राम पंचायत में गढिया, चंदपुरा, सलैया, देवरी, कुसाई सहित आसपास के ऐसे दर्जनों गांव हैं, जहां के छात्राओं को हाईस्कूल पढ़ाई से वंचित रहना पड़ रहा है। आठवीं के वाद पढ़ाई छोड़ चुकी छात्रा ललिता, प्रतिमा, विमला, सुनीता का कहना है कि वह आगे भी पढ़ाई जारी रखना चाहती थीं, लेकिन गांव से हाई स्कूल दस किमी दूर बनवार में है, जिस कारण हमारे माता-पिता इतनी दूर अकेले जाने नहीं देते जिससे हमें मजबूरी में पढ़ाई छोडऩा पड़ती है।
सरपंच राजेंद्र सिंह, जनपद उपाध्यक्ष धनीराम यादव, रामसिंह, देवी सिंह, केशव राय, छिदामी सिंह, राजाराम सिंह, बबलू दीवान, भागचंद यादव सहित क्षेत्र की जनता ने जिला प्रशासन से शीघ्र ही क्षेत्र में हाईस्कूल खोलने की मांग की है।
इनका कहना है
जबेरा बीईओ जेके जैन का कहना है कि घटेरा और रोंड में हाईस्कूल खुलना प्रस्तावित हैं। जिसके लिए भूमि, भवन, दूरी आदि की जानकारी एकत्र कर डीईओ को भेज दी गई है। ब्लॉक से पांच हाईस्कूल खोलने की जानकारी भेजी है जिसमें से रोंड और घटेरा के नाम प्रस्तावित हैं।
डीईओ एसके नेमा का कहना है कि बीते शिक्षा सत्र में स्कूल शिक्षा विभाग को जिले से भेजे गए 51 स्कूलों का हाईस्कूलों में उन्नयन प्रस्ताव में रोंड, पटना और घटेरा के नाम शामिल हैं, जिसके लिए मैंने दोबारा पत्र भी लिखा है। उम्मीद है इसी सप्ताह के अंत तक इन गांवों के मिडिल स्कूलों में हाईस्कूल की शालाएं लगाने के आदेश स्कूल शिक्षा विभाग भोपाल से आ सकते हैं।


यूनिवर्सिटी: नालंदा परिसर में एबीवीपी कार्यकर्ताओं का हंगामा
Our Correspondent :27 June 2013
इंदौर. उत्तराखंड की त्रासदी के पीड़ितों को मदद के नाम पर चंदा मांगने पहुंचे एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने बुधवार को यूनिवर्सिटी के नालंदा परिसर में जमकर उत्पात मचाया। एबीवीपी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियों के साथ गुंडागर्दी की। रजिस्ट्रार के साथ भी बदसलूकी की। बाद में जब आक्रोशित कर्मचारी एकजुट हुए तो घबराए कार्यकर्ताओं ने लिखित में माफी मांगी। लगभग दो घंटे यूनिवर्सिटी नालंदा परिसर में जमकर तमाशा चलता रहा। इसदौरान आला अफसर और कुलपति असहाय नजर आए।
दरअसल उत्तराखंड आपदा का शिकार हुए लोगों को मदद पहुंचाने के लिए चंदा मांगने एबीवीपी संगठन मंत्री हरिप्रसाद दांगी और नगर मंत्री रोहिन राय कार्यकर्ताओं के साथ यूनिवर्सिटी पहुंचे। कैश काउंटर पर बैठे कर्मचारी सुरेश जोशी से चंदा मांगा तो उन्होंने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि सारे कर्मचारी पहले ही एक दिन का वेतन कटवा चुके हैं। इसी बात पर कार्यकर्ताओं ने अपशब्द कहते हुए कॉलर पकड़ ली। इससे नाराज जोशी कुलसचिव के पास शिकायत करने पहुंच गए।
रजिस्ट्रार पर भी दादागीरी
जोशी कुलसचिव से शिकायत कर बाहर निकले ही थे कि एबीवीपी पदाधिकारियों ने उन्हें समझौते के लिए भीतर बुलाया और दरवाजा बंद कर दिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने उन्हें रजिस्ट्रार डॉ. आर.डी. मूसलगांवकर के सामने पीट दिया। जब रजिस्ट्रार ने विरोध किया तो कार्यकर्ताओं ने उससे यहां तक कह दिया कि आप मत बोलिए अन्यथा एक मिनट में तबादला करवा देंगे। उनके गार्ड रामप्रकाश आंजना ने जब बीच-बचाव किया तो एक कार्यकर्ता भगत उनसे भी मारपीट करने लगा। मारपीट में गार्ड को चोट लगी। जोशी की आंखों में भी चोट आई है।
कर्मचारियों ने कहा- बाहर निकलने दो, छोड़ेंगे नहीं
जब यूनिवर्सिटी कर्मचारियों को इसकी भनक लगी तो एकजुट हो गए। बड़ी संख्या में कर्मचारी अलग-अलग चैनल गेट पर जमा हो गए। सभी ने तय किया कि अगर ये लिखित माफी नहीं मांगते हैं तो बाहर निकलने पर किसी को छोड़ा नहीं जाएगा। इससे घबराए एबीवीपी पदाधिकारियों ने लिखित माफी मांगी लेकिन उसमें भी कर्मचारी पर ही आरोप मढ़ दिया। इससे कर्मचारी नाराज हो गए। फिर एबीवीपी ने दूसरा माफीनामा लिखा।
हंगामे की सूचना पर छोटी ग्वालटोली टीआई रामनारायण शर्मा मौके पर पहुंचे। चर्चा के दौरान एक एबीवीपी कार्यकर्ता टीआई के बहुत करीब पहुंच गया। इस दौरान ऐसा लगा मानो पुलिस सहम गई हो।
नेता पहुंचे, समझौता कराया
एबीवीपी के पूर्व संगठन मंत्री और भाजयुमो के प्रदेश मंत्री गौरव रणदिवे भी मौके पर पहुंच गए। सभी को कुलपति के पास ले गए। वहां लगभग आधा घंटा बहस चली। कर्मचारी एफआईआर दर्ज करवाने पर आमादा थे लेकिन अधिकारी तैयार नहीं हुए। समझौते के साथ मामला खत्म हो गया। इस दौरान रणदिवे ने यह भी कहा कि अगर किसी कर्मचारी को ठेस पहुंची है तो मैं माफी मांगता हूं।
पदाधिकारियों का किया बचाव
मामले में एबीवीपी ने अपने पदाधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की। उलटा उनका बचाव किया है। प्रदेश अध्यक्ष सचिन शर्मा ने कहा कि हमारे पदाधिकारी तो छात्रों की मदद के लिए गए थे। कर्मचारी बिना वजह बीच में पड़ा। चंदे का विवाद है ही नहीं।
भाजयुमो की सफाई
एबीवीपी के पूर्व पदाधिकारी होने के नाते मैं वहां गया। संगठन मंत्री का फोन आया था। इसीलिए विवाद को सुलझाना हमारी जिम्मेदारी थी। इसीलिए मैंने जाकर सभी के बीच बातचीत करवाकर विवाद खत्म किया।


पीजीडीसीए परीक्षा के फार्म मिलना शुरू, 3 जुलाई अंतिम दिन
Our Correspondent :26 June 2013
भोपाल। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय द्वारा सत्र 2012-13 के लिए आयोजित की जाने वाली पीजीडीसीए प्रथम सेमेस्टर एटीकेटी तथा दूसरे सेमेस्टर के परीक्षा फार्म बुधवार से मिलने शुरू होंगे। सामान्य शुल्क के साथ फार्म जमा करने की आखिरी तारीख 3 जुलाई है। वहीं विलंब शुल्क 300 रुपए के साथ परीक्षा फार्म 4 से 8 जुलाई के बीच जमा होंगे।
विवि द्वारा परीक्षा फार्म की कीमत 100 रुपए निर्धारित की गई है तथा दूसरे सेमेस्टर के लिए परीक्षा शुल्क 1100 रुपए लगेगा। एक विषय के लिए शुल्क 660 रुपए तथा दो विषय के लिए शुल्क 850 रुपए लगेगा। कॉलेजों के लिए विवि में फार्म जमा करने की आखिरी तारीख 4 जुलाई रहेगी। जबकि विलंब शुल्क के साथ कॉलेज 8 जुलाई तक फार्म जमा कर सकेंगे।


मिंटो हॉल में 57 साल बाद फिर लगेगी क्लास
Our Correspondent :26 June 2013
भोपाल। करीब 57 साल बाद एक बार फिर मिंटो हॉल (पुरानी विधान सभा) में क्लास लगेगी। अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय को नए सत्र की कक्षाएं लगाने के लिए यहां चार हॉल मिले हैं। खुद का नया भवन तैयार होने तक हिंदी विवि की कक्षाएं मिंटो हॉल में ही संचालित होंगी।
शासकीय हमीदिया कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय के बाद हिंदी विवि दूसरा शिक्षण संस्थान होगा, जिसके विद्यार्थी मिंटो हॉल में बैठकर पढ़ेंगे। विवि ने उच्च शिक्षा विभाग से मिंटो हॉल में स्थान दिए जाने की मांग की थी। लंबी कवायद के बाद इसकी मंजूरी मिल गई है। विवि के रजिस्ट्रार डॉ. यूएन शुक्ला ने बताया कि एडमिशन प्रक्रिया खत्म होते ही कुछ विषयों की क्लास मिंटो हॉल में लगने लगेंगी। हालांकि, विवि इसके लिए कितना किराया चुकाएगा, इसकी जानकारी फिलहाल उन्हें नहीं है।


10000 से ज्यादा देंगे संयुक्त उपयंत्री भर्ती परीक्षा
Our Correspondent :26 June 2013
भोपाल। व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा संयुक्त उपयंत्री (सिविल) भर्ती परीक्षा आगामी 30 जून को आयोजित की जाएगी। मंडल ने पात्र आवेदकों के प्रवेश पत्र अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिए हैं। आवेदक मंडल की वेबसाइट से अपने प्रवेश पत्र डाउनलोड कर परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। यह परीक्षा भोपाल, इंदौर, ग्वालियर व जबलपुर में होगी।
परीक्षा के लिए प्रदेश में 28: केंद्र बनाए गए हैं। इस परीक्षा में कुल 10 हजार 804 अभ्यर्थी शामिल होंगे। अकेले भोपाल के 12 केंद्रों पर कुल 4 हजार 274 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। मंडल परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को अपने साथ ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड आदि जैसे पहचान पत्र लाना अनिवार्य किया है। बिना पहचान पत्र के अभ्यर्थी को परीक्षा में शामिल नहीं किया जाएगा।


मप्र केबिनेट का फैसला: संविदा शिक्षकों के 12600, पुलिस के 5500 नए पद मंजूर
Our Correspondent :26 June 2013
भोपाल। चुनावी वर्ष में राज्य सरकार ने बेरोजगारों के लिए नौकरी के दरवाजे खोल दिए हैं। राज्य कैबिनेट ने संविदा शिक्षकों के 12600 और पुलिस के 5500 नए पद मंजूर किए हैं। संविदा शिक्षक के ये पद पिछले साल अपग्रेड किए गए और अगले वित्तीय वर्ष में शुरू होने वाले 200 हाईस्कूल और 600 हायर सेकंडरी स्कूलों के लिए वर्ग एक व दो के हैं।
इसी तरह कानून व्यवस्था मजबूत करने के लिए भोपाल सहित चारों महानगरों में पुलिस के 9253 नए पद सृजित किए गए हैं। प्रथम चरण में 5500 पदों को मंजूरी दी गई है। इनमें से 800 से 1000 पद हाईकोर्ट की सुरक्षा, विशेष किशोर पुलिस इकाई के गठन व अपराध अन्वेषण के लिए हैं। भर्ती प्रक्रिया अगस्त माह में शुरू होगी।


बीयू : 5 वें सेमेस्टर में प्रथम श्रेणी रहे 54 में से 51 छात्र एक ही विषय में फेल
Our Correspondent :26 June 2013
भोपाल। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय से संबद्ध जेएच कॉलेज बैतूल के बीसीए छठवें सेमेस्टर के 54 में से 51 छात्र एक ही विषय में फेल हो गए हैं। इन छात्रों को सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के पेपर में महज 5 से 8 नंबर ही मिले हैं। यह सभी छात्र 5वें सेमेस्टर तक टॉपर रहे हैं। छात्रों ने अपनी समस्या को लेकर सोमवार को विवि के मुख्य गेट पर प्रदर्शन किया। छात्रा एकता सोनकपुरिया ने बताया कि जिन छात्रों को एक विषय में फेल किया गया है, उनमें से कुछ का चयन एमपी पीएससी व एनआईआईटी में हो चुका है, लेकिन मूल्यांकन में हुई लापरवाही से छात्रों का भविष्य ही दांव पर लग गया है।
छात्रों ने रेक्टर डॉ. डीसी गुप्ता के अलावा परीक्षा नियंत्रक को भी ज्ञापन सौंपा। छात्रों से रेक्टर ने स्पॉट चैकिंग का फॉर्म भरने को कहा है। इसके तहत छात्रों की कॉपी उन्हीं के सामने चैक की जाएंगी।


पैरामेडिकल स्टॉफ चयन परीक्षा 1 सितंबर को, फार्म उपलब्ध
Our Correspondent :25 June 2013
भोपाल। व्यावसायिक परीक्षा मंडल आयुष विभाग के अंतर्गत पैरामेडिकल स्टॉफ की सीधी, बैकलॉग व संविदा भर्ती के लिए चयन परीक्षा आगामी 1 सितंबर को आयोजित करेगा। इस परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन उपलब्ध हो चुके हैं। आवेदन की आखिरी तारीख 24 जुलाई है।
आवेदक अपने आवेदन में 25 जुलाई से 3 अगस्त के बीच संशोधन करा सकेंगे। मंडल ने परीक्षा का कार्यक्रम व नियम पुस्तिका जारी कर दी है। यह परीक्षा सीधी भर्ती के तहत आयुर्वेद कंपाउंडर के 462, होम्योपैथी कंपाउंडर के 85, यूनानी कंपाउंडर के 32, महिला आयुर्वेद स्वास्थ्य कार्यकर्ता के 499, औषधालय सेवक दवासाज के 424 पदों सहित अन्य पदों के लिए आयोजित की जा रही है।
परीक्षा दो पाली में होगी। पहली पाली का समय सुबह 10 से 12.15 बजे तथा दूसरी पाली का समय दोपहर 3 से शाम 5.15 बजे होगा। परीक्षा भोपाल के अलावा ग्वालियर, इंदौर व जबलपुर में होगी।


उच्च शिक्षा ऋण के संबंध में कलेक्टरों को निर्देश
Our Correspondent :24 June 2013
भोपाल। राज्य शासन ने उच्च शिक्षा ऋण के संबंध में कलेक्टरों को निर्देश जारी किये हैं। आयुक्त, संस्थागत वित्त श्री आशीष उपाध्याय ने सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर कहा है कि शासन के ध्यान में यह बात आयी है कि एक निर्धारित संख्या के बाद उच्च शिक्षा ऋण के आवेदनों पर विचार करने में बैंक रूचि नहीं ले रहे हैं।
श्री उपाध्याय ने कलेक्टरों से कहा है कि जिलों को दिये गये लक्ष्य न्यूनतम हैं। लिहाजा, बैंक को सलाह दी जाए कि वे उन्हें प्राप्त होने वाले आवेदनों में से सभी पात्र आवेदकों को शिक्षा ऋण स्वीकृत करें। साथ ही बैंकों को सलाह देने को कहा गया है कि वे शिक्षा ऋण के लिए उच्च शिक्षा ऋण आवेदन के लिए मध्यप्रदेश सरकार द्वारा विकसित ‘‘ ऑन-लाइन हायर एजुकेशन लोन’’ एप्लीकेशन मॉनीटरिंग सिस्टम का प्रयोग करें।


13 वर्षीय सत्यम आइआइटी प्रवेश परीक्षा में चयनित
Our Correspondent :24 June 2013
आरा। बिहार के सत्यम कुमार ने महज 13 साल की उम्र में आइआइटी प्रवेश परीक्षा में दुबारा चयनित होकर इतिहास रच दिया है। 12वीं की परीक्षा पास करने वाले सत्यम ने 679वीं रैंक प्राप्त की है। किसान पिता सिद्धनाथ सिंह अपने बेटे के इस कामयाबी पर फूले नहीं समा रहे हैं।
भोजपुर जिला अंतर्गत बड़हरा प्रखंड निवासी सिद्धनाथ सिंह के 13 वर्षीय पुत्र सत्यम का आइआइटी प्रवेश परीक्षा में दुबारा चयन किया गया है। विगत वर्ष सत्यम ने परीक्षा में 8137वीं रैंक प्राप्त की थी, जिसके चलते उसे मनोवांछित संकाय में नामांकन से वंचित होना पड़ा था। इस वर्ष सत्यम ने 679वीं रैंक प्राप्त की है।
भोजपुर जिले की नवोदित मेधा शक्ति के रूप में उभर रहे सत्यम ने कम्प्यूटर साइंस के क्षेत्र में विश्व कीर्तिमान स्थापित कर दुनिया को नायाब तोहफा देने का फैसला किया है।


सुपर-30 का फिर धमाल, 28 छात्र आइआइटी में सफल
Our Correspondent :22 June 2013
पटना। आइआइटी की प्रवेश परीक्षा में सुपर-30 संस्थान के अठाइस छात्र सफल हुए हैं। परीक्षा के परिणामों की घोषणा शुक्रवार को की गई। सुपर-30 की स्थापना गणितज्ञ आनंद कुमार द्वारा 2002 में की गई थी। इसमें समाज के कमजोर वर्ग के छात्रों को आइआइटी की कोचिंग निशुल्क कराई जाती है। छात्रों को निशुल्क भोजन और आवास भी उपलब्ध कराया जाता है।
कुमार ने बताया, 'आइआइटी जेईई (एडवांस) में सफल होने वाले सुपर-30 के 28 छात्र समाज के कमजोर वर्ग के हैं।' उत्तर प्रदेश के मजदूर रामप्यारे ने बताया कि बहुत बार तो मेरे परिवार को भोजन के बिना ही गुजारा करना पड़ता था। उनका बेटा भानु सुपर-30 की मदद से आइआइटी प्रवेश परीक्षा में सफल रहा है। समस्तीपुर का प्रणव कुमार भी परीक्षा में सफल रहा है। उसके पिता भूमिहीन किसान हैं।
हाजीपुर के अंकित को भी इस परीक्षा में सफलता मिली है, जिसके पिता की पिछले वर्ष सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। मैकेनिक के बेटे अभिषेक कुमार ने भी परीक्षा में बाजी मारी है। अंकित ने कहा, 'किसी तरह मुझे सुपर-30 के बारे में पता चला और मैनें स्क्रीनिंग टेस्ट पास किया। यहां ऐसा लगा कि आनंद सर के रूप में मुझे एक नया पिता मिल गया है। उनके परिवार वालों ने अच्छी तरह मेरी देखभाल की और मुझे कभी यह अनुभव नहीं हुआ कि मैं घर से दूर हूं।'


जेईई एडवांस: ऋषभ ने किया भोपाल में टॉप
Our Correspondent :21 June 2013
भोपाल। ज्वाइंट एंट्रेस एक्जाम(जेईई) एडवांस का रिजल्ट शुक्रवार को घोषित हुआ, जिसमें भोपाल के ऋषभ मित्तल ने ऑल इंडिया 80 वीं रैंक हासिल की है। ऋषभ ने बारहवीं में बोर्ड परीक्षा में 97.4 फीसदी अंकों के साथ टॉप भी किया था। ऋषभ के पिता अरविंद मित्तल मैनिट में प्रोफेसर हैं।






दुनिया की शीर्ष 100 यूनिवर्सिटी में भारत की एक भी नहीं
Our Correspondent :21 June 2013
वाशिंगटन। दुनियाभर में नई पीढ़ी की यूनिवर्सिटी तेजी से अपनी साख बना रही हैं। मगर आर्थिक तंगी और संसाधनों के अभाव में भारतीय विश्वविद्यालय विश्व की उन सौ सर्वश्रेष्ठ यूनिवर्सिटी की सूची में जगह बना पाने में नाकाम रहे हैं, जिनकी स्थापना को 50 साल से ज्यादा समय नहीं हुआ है। द टाइम्स द्वारा जारी सूची में 28 देश की यूनिवर्सिटी शामिल हैं, लेकिन भारत, चीन और रूस की एक भी इसमें स्थान नहीं बना पाई।
बुधवार को जारी सूची में लगातार दूसरे साल दक्षिण कोरिया की पोहांग यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी शीर्ष पर काबिज रही। टाइम्स अखबार की मैगजीन हायर एजुकेशन द्वारा जारी '100 अंडर 50' रैंकिंग में स्विट्जरलैंड की इकोल पॉलिटेक्नीक फेडरल ऑफ लुसाने दूसरे, दक्षिण कोरिया की ही कोरिया एडवांस इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी तीसरे जबकि हांगकांग की यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी चौथे स्थान पर रही।
शीर्ष सौ में किसी भी अन्य देश के मुकाबले ब्रिटेन के 18 इंस्टीट्यूट शामिल हैं। सूची में फ्रांस, स्पेन और ताइवान के इंस्टीट्यूट ने भी जगह बनाई है। अमेरिका के आठ इंस्टीट्यूट में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के इरवाइन और सांता क्रूज के कैंपस पांचवें और 11वें स्थान पर रहे। वहीं डलास की यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास, शिकागो की यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनायस, जॉर्ज मेसन यूनिवर्सिटी, बाल्टीमोर काउंटी की द यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड और सैन एंटोनियो में यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास शीर्ष 20 में जगह पाने में कामयाब रही। पिछले साल तीन इंस्टीट्यूट के मुकाबले इस साल ब्रिटेन की सिर्फ एक-यूनिवर्सिटीऑफ यॉर्क शीर्ष दस में स्थान बना सकी। यह रैंकिंग नामी गिरामी कैनेडियन मल्टीनेशनल मीडिया और इंफार्मेशन फर्म थामसन रायटर द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर दी गई है।
टाइम्स हायर एजुकेशन रैंकिंग के संपादक फिल बैटी ने कहा कि यह सूची दर्शाती है कि आम तौर पर सर्वश्रेष्ठ कॉलेज की सूची में शीर्ष पर काबिज होने वाले प्रसिद्ध संस्थानों का उत्कृष्टता पर एकाधिकार नहीं है। हमें भारत में 50 साल से कम समय में स्थापित कोई ऐसी यूनिवर्सिटी नहीं मिली जो हमारे मौजूदा मानकों को पूरा करती हो। सूची में पुर्तगाल, सऊदी अरब, न्यूजीलैंड और ईरान की यूनिवर्सिटी भी शामिल हैं।
सूची में सिर्फ एक आनलाइन इंस्टीट्यूट, ब्रिटेन का द ओपन यूनिवर्सिटी भी शामिल है जो 600 कोर्स संचालित करता है। यह रैंकिंग 13 मानकों पर आधारित है, जिसमें इंस्टीट्यूट द्वारा शोध पर किया गया खर्च भी शामिल है। सूची में 1963 से स्थापित यूनिवर्सिटी को शामिल किया गया।


आईईएस-2012’ में छाए सिटी के स्टूडेंट्स, भोपाल के हर्षित को तीसरी रैंक
Our Correspondent :21 June 2013
भोपाल इंडियन इंजीनियरिंग सर्विसेज (आईईएस) -2012 के परिणाम गुरुवार को घोषित किए गए। भोपाल के हर्षित श्रीवास्तव देशभर में तीसरे स्थान पर रहे। मैनिट के 2012 बैच के छात्र मनुदेव जैन ने 8वीं और वेदप्रकाश ने 23वीं रैंक हासिल की।
‘आईईएस-2012’ में छाए सिटी के स्टूडेंट्स
नाम
मनुदेव जैन
ब्रांच इलेक्ट्रॉनिक्स
ऑल इंडिया रैंक 8
इंडियन इंजीनियरिंग सर्विसेस (आईईएस)-2012 के परिणाम गुरुवार को घोषित हुए। इसमें भोपाल के हर्षित श्रीवास्तव ने थर्ड, मनुदेव जैन ने ८वीं और वेदप्राकश ने २३वीं रैंक हासिल की। उन्होंने सिटी भास्कर से अपना सक्सेस फंडा शेयर किया।
पापा ने भी दिया था आईईएस का एक्जाम
‘मैं मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) का स्टूडेंट रहा। सिर्फ एक साल की तैयारी में मैंने यह एक्जाम क्रेक किया और अब इंडियन रेलवे को अपनी सेवाएं देंगे। मेरे पिता भी इसी एक्जाम के जरिए इंडियन इंजीनियरिंग सर्विसेस में आए। भोपाल से ही मैंने कोचिंग (मेड ईजी) ली लेकिन जनरल स्टडीज और इंग्लिश की तैयारी खुद की। मेरा मानना है कि कॉलेज के दिनों से ही तैयारी शुरू कर दी जाए तो ग्रेजुएशन के बाद आसानी से एक्जाम देकर सिलेक्शन हासिल किया जा सकता है। हालांकि मेरी जुड़वा बहन कनुप्रिया की तैयारी बहुत अच्छी थी, लेकिन इंटरव्यू में उनका सिलेक्शन नहीं हुआ। इस बात से मुझे हैरानी है क्योंकि उन्हीं ने मुझे गाइड किया था। मेरी मां दुनिया में नहीं हैं और दादी ने हम दोनों भाई-बहन को पाला।’


निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में बीई की फीस 3500 रुपए प्रति सेमेस्टर तक बढ़ी
Our Correspondent :21 June 2013
भोपाल. प्रदेश के 77 निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में बीई की फीस बढ़ गई है। इसमें भोपाल के २९ कॉलेज शामिल हैं। पिछले साल की तुलना में यह वृद्धि प्रति सेमेस्टर २क्क् से ३५क्क् रुपए की है। यह बढ़ोतरी अगले तीन सालों के लिए की गई। इससे कुछ कॉलेजों की अधिकतम फीस 62 से 65 हजार रुपए सालाना तक हो गई है।
इसके अलावा यातायात के लिए प्रति सेमेस्टर एक हजार रुपए ज्यादा देने होंगे। पिछले साल तक छात्रों से चार हजार रुपए प्रति सेमेस्टर यातायात फीस ली जाती थी। अब पांच हजार रुपए लिए जाएंगे। प्रवेश एवं शुल्क निर्धाराण विनियामक समिति ने गुरुवार को 2013-14, 2014-15, 2015-16 सत्र के लिए 204 इंजीनियरिंग कॉलेजों की बीई की फीस घोषित की। कॉलेजों की न्यूनतम फीस 18,500 रुपए प्रति सेमेस्टर तथा अधिकतम फीस 32,500 रुपए प्रति सेमेस्टर तक निर्धारित की गई है। नया फीस स्ट्रक्चर कमेटी की वेबसाइट www.afrcmp.org पर अपलोड कर दिया गया है।
फीस कमेटी के ओएसडी सुनील कुमार ने बताया कि कॉलेजों की ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल की तुलना में मामूली वृद्धि हुई है।
हॉस्टल तथा ट्रेनिंग व प्लेसमेंट की फीस में कोई वृद्धि नहीं की गई है। हॉस्टल की फीस 3 हजार रुपए तथा ट्रेनिंग व प्लेसमेंट की फीस 500 रुपए प्रति सेमेस्टर ही रखी गई है। इसके साथ ही फीस कमेटी ने विकास शुल्क 2500 रुपए तथा कॉशन मनी 1500 रुपए तय कर दिए हैं। शिक्षण शुल्क योजना के तहत प्रवेश लेने वाले छात्रों को प्रति सेमेस्टर ली जाने वाली फीस में से 2500 रुपए विकास शुल्क के अदा करना होगा।
बाक्स-
एमएएम की फीस 20 हजार प्रति सेमेस्टर तय
फीस कमेटी ने मैनेजमेंट के पांच वर्षीय कोर्स मास्टर ऑफ एप्लाइड मैनेजमेंट (एमएएम) की भी फीस घोषित कर दी है। 11 निजी संस्थानों में संचालित इस कोर्स की फीस प्रति सेमेस्टर 20 हजार रुपए तय की गई है। फीस कमेटी के ओएसडी सुनील कुमार ने बताया कि नया कोर्स होने के कारण फिलहाल इस कोर्स की फीस केवल सत्र 2013-14 के लिए ही तय की गई है। कॉलेजों ने इस कोर्स के लिए न्यूनतम 40 हजार तथा अधिकतम 60 हजार रुपए फीस का प्रस्ताव दिया था।
बाक्स- शहरवार कॉलेजों की संख्या जिनकी फीस में वृद्धि हुई है
कॉलेज संख्या
भोपाल 29
इंदौर 19
जबलपुर 9
ग्वालियर 5
सागर 3
उज्जैन 3
सतना 2
खरगौन, रीवा, दमोह, खण्डवा, बानमोड़, दतिया व बुरहानपुर 1-1


देश के तीस विश्वविद्यालयों में बीएचयू अव्वल
Our Correspondent :20 June 2013
वाराणसी। देश के शीर्ष 30 शासकीय विश्वविद्यालयों में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय को अव्वल का दर्जा मिला है। पीपीपी सेल के चेयरमैन प्रो. रवि प्रताप सिंह ने दावा किया है कि पेरिस की एक संस्था ने देश के 30 विश्वविद्यालयों की रेटिंग की है, जिसमें बीएचयू के हिस्से यह उपलब्धि आई है।
बताया गया है कि इस रेटिंग में दिल्ली विवि को दूसरा, मुंबई विवि को तीसरा, जवाहर लाल नेहरू विवि को चौथा तथा इलाहाबाद विवि को पांचवां स्थान मिला है।
उन्होंने कहा कि कुलपति डा. लालजी सिंह के निर्देशन में बीएचयू वैश्विक विश्वविद्यालय बनने की ओर अग्रसर है। शिक्षण एवं शोध गतिविधियों के लिए अनुकूल वातावरण होने के चलते बीएचयू नंबर वन बना है।


निजी कॉलेजों के लिए बस की फीस होगी घोषित
Our Correspondent :20 June 2013
भोपाल. प्रोफेशनल कोर्स संचालित करने वाले प्रदेश के निजी कॉलेजों में शिक्षण शुल्क योजना के तहत प्रवेश लेने वाले छात्रों की डेवलपमेंट व यातायात फीस गुरुवार को घोषित होगी। प्रवेश एवं शुल्क निर्धारण समिति में डेवलपमेंट व यातायात फीस को लेकर बुधवार को देर शाम तक मंथन चला, लेकिन फीस घोषित नहीं हो सकी।
जानकारी के अनुसार खुद फीस कमेटी अध्यक्ष हर्षवर्धन तिवारी व संचालक तकनीकी शिक्षा अरुण नाहर के बैठक में करीब दो घंटे की देरी से पहुंचने के कारण फीस पर रात 8 बजे तक चर्चा होती रही। बैठक दोपहर साढ़े 4 बजे शुरू होनी थी। श्री तिवारी का कहना है कि फीस पर सहमति बन गई है, लेकिन आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा गुरुवार को की जाएगी। उल्लेखनीय है कि निजी कॉलेज संचालकों ने यातायात शुल्क में 12 हजार रुपए सालाना तक वृद्धि करने का आग्रह किया था। वर्तमान में यातायात शुल्क 8 हजार रुपए सालाना तय है।


निजी विश्वविद्यालयों के लिए डीटीई करा सकता है काउंसलिंग
Our Correspondent :19 June 2013
भोपाल। प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों में इस साल प्रवेश कराने की जिम्मेदारी तकनीकी शिक्षा विभाग (डीटीई) को मिल सकती है। इस मामले में फिलहाल मंथन चल रहा है। अंतिम फैसले के लिए प्रस्ताव विभागीय मंत्री को भेजा जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक डीटीई इस शर्त पर निजी विश्वविद्यालयों के लिए काउंसलिंग कराने पर हामी भर सकता है कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से मान्यता प्राप्त सीटों से अधिक पर प्रवेश दिए जाने पर विवि के खिलाफ आर्थिक दंड का प्रावधान हो। प्रति अतिरिक्त सीट प्रवेश देने पर दंड की राशि एक लाख रुपए तय करने पर विचार किया जा रहा है।
उधर, तकनीकी शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव अजिता बाजपेयी पांडे के अनुसार निजी विश्वविद्यालयों में प्रवेश का मामला अभी शासन स्तर पर लंबित है। इस पर जल्द ही फैसला लिया जाएगा।


इंटरनेशनल इंग्लिश ओलिंपियाड में संस्कार वैली की उदिति को गोल्ड
Our Correspondent :19 June 2013
भोपाल.द संस्कार वैली स्कूल की छठवीं कक्षा की छात्रा उदिति सिंह ने इंटरनेशनल इंग्लिश ओलंपियाड में गोल्ड मेडल (इंटरनेशनल मेरिट लिस्ट में फस्र्ट रैंक) प्राप्त किया है।
ब्रिटिश काउंसिल के हेड चार्ली वॉकर ने नई दिल्ली में हाल ही में आयोजित एक समारोह में उदिति को मेडल प्रदान किया। यह ओलिंपियाड जनवरी में आयोजित किया गया था। इसमें 14 देशों के दस लाख से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया था।




आरजीपीवी से पीएचडी के लिए फार्म अपलोड
Our Correspondent :18 June 2013
भोपाल। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) से इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, फार्मेसी व एप्लाइड साइंस में पीएचडी के लिए फार्म मिलने लगे हैं। आवेदन की आखिरी तारीख 30 जुलाई है। छात्रों को विवि द्वारा मान्य किए गए गाइड व रिसर्च सेंटर से फारवर्ड कराकर फार्म तय समय सीमा में जमा करना होगा। विवि ने पीएचडी के फार्म अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिए हैं। हालांकि अभी विवि ने पीएचडी के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षा की तारीख घोषित नहीं की है। आने वाले फॉर्म की स्क्रूटनी करने के बाद प्रवेश परीक्षा की तारीख तय की जाएगी।

जामिया में प्रवेश परीक्षा परिणाम की तिथि घोषित
Our Correspondent :18 June 2013
नई दिल्ली। जामिया मिलिया इस्लामिया ने स्नातक, परास्नातक, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स के प्रवेश परीक्षा परिणाम की तिथि घोषित कर दी है। एमबीए फुल टाइम और एग्जीक्यूटिव व एमआइबी की प्रवेश परीक्षा का परिणाम 18 जून को आएगा। जबकि एमएससी बायोटेक्नोलॉजी, एमएससी बायो साइंस और बीएड के प्रवेश परीक्षा परिणाम की घोषणा 19 जून को होगी।
बीटेक की प्रवेश परीक्षा का परिणाम 21 जून को आएगा। इसके अलावा एमएससी बायोकेमिस्ट्री, एमएससी बायोइंफारमेटिक, एमए पर्सियन, एमएससी फिजिक्स, एमएससी टेक इंडस्ट्रियल मैथ्स और एमए इस्लामिक स्टडीज के प्रवेश परीक्षा परिणाम 21 जून को घोषित होंगे। इसी तरह अर्थशास्त्र, लोक प्रशासन और राजनीति विज्ञान में एमए की प्रवेश परीक्षा का परिणाम भी 21 जून को घोषित होगा।


प्रोफेशनल कोर्स चलाने वाले 10 फीसदी कॉलेजों की फीस में होगा इजाफा
Our Correspondent :17 June 2013
भोपाल। इंजीनियरिंग सहित अन्य प्रोफेशनल कोर्स संचालित करने वाले प्रदेश के 90 फीसदी निजी कॉलेजों की फीस इस बार नहीं बढ़ेगी। केवल 10 फीसदी कॉलेजों की फीस में ही 5 से 10 फीसदी का इजाफा होगा। इसके लिए प्रवेश एवं शुल्क निर्धारण विनियामक समिति ने इंजीनियरिंग, बी. फार्मेसी, एमबीए, एमसीए व डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की फीस तय कर ली है। इसकी घोषणा सोमवार को होगी। समिति ने निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में संचालित करीब साढ़े सात सौ पाठ्यक्रमों की फीस तय करने के लिए हाल ही में सुनवाई की है। इनमें से ज्यादातर कॉलेजों ने खुद ही फीस नहीं बढ़ाने के लिए समिति से आग्रह किया था।


बच्चों की पढ़ाई तोड़ सकती है बड़ों की कमर, प्राइवेट स्कूलों में बढ़ाई फीस
Our Correspondent :17 June 2013
भोपाल। राजधानी के अधिकांश निजी स्कूल सोमवार से खुलने जा रहे हैं। नए शिक्षण सत्र में निजी स्कूलों की पढ़ाई और महंगी होने जा रही है। बढ़ी हुई स्कूल फीस, महंगी यूनिफॉर्म और किताबों का बोझ अभिभावकों पर पडऩा तय है।
इन तीनों में होने जा रही बढ़ोतरी के बाद निजी स्कूलों में पढ़ाई करीब 20 से 25 फीसदी तक महंगी हो जाएगी। निजी स्कूलों ने फीस में 13 फीसदी तक का इजाफा कर दिया है।
इसके पीछे प्राचार्यों का तर्क है कि बढ़ती महंगाई में स्कूल संचालन का खर्च निकालना मुश्किल हो रहा है। इधर, कागज और ट्रांसपोर्टेशन का खर्च बढऩे से किताबें और यूनिफॉर्म का कपड़ा भी महंगा हो गया है।
प्रकाशकों ने बढ़ाए दाम
किताबों की कीमत हमने नहीं बढ़ाई हैं। प्रकाशकों ने इसमें बढ़ोतरी की है। कागज से लेकर ट्रांसपोर्टेशन तक सब महंगा हो गया है।


हिन्दी विश्वविद्यालय के लिए आवेदन 18 जून से उपलब्ध होंगे
Our Correspondent :17 June 2013
भोपाल। अटल बिहारी बाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय के सत्र 2013-14 में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन 18 जून से उपलब्ध होंगे। आवेदन की आखिरी तारीख 28 जून है। विवि ने विभिन्न् पाठ्यक्रमों में प्रवेश का कार्यक्रम जारी कर दिया है। आवेदन करने वाले छात्रों की योग्यता सूची 3 जुलाई को जारी की जाएगी।इसके बाद 4 से 10 जुलाई के बीच दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा।
फीस जमा करने की तिथि 10 जुलाई होगी तथा कक्षाएं 11 जुलाई से शुरू हो जाएगी। पीएचडी व एमफिल के लिए विवि आवेदन की प्रक्रिया बाद में शुरू करेगा। कुलसचिव डॉ यूएन शुक्ला ने बताया कि फिलहाल 13 विषयों के साथ स्नातक (ऑनर्स) तथा 16 विषयों के साथ स्नातकोत्तर कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। इनके अलावा संभारतंत्र एवं आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन तथा व्यावसायिक अर्थशास्त्र में एमबीए के लिए भी प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हो गई है।


बीयू के बायोसाइंस विभाग की हालत खस्ता, केवल एक आवेदन आया
Our Correspondent :15 June 2013
भोपाल। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के बायोसाइंस विभाग की हालत इस बार खस्ता है। ऑनलाइन एडमिशन की प्रक्रिया शुरू हुए आधा महीना बीत गया और बायोसाइंस विभाग में चल रहे कोर्स में एडमिशन के लिए अब तक केवल एक आवेदन आया है।
यही स्थिति सतत शिक्षा व विस्तार कार्यक्रम, इलेक्ट्रानिक्स, एन्वायरोन्मेंटल साइंस एंड लिम्नोलॉजी, योग व फार्मेसी की भी है। एकमात्र लॉ डिपार्टमेंट के लिए ही आवेदनों की संख्या सौ के पार हुई है। लॉ पाठ्यक्रमों के लिए अब तक १२१ आवेदन प्राप्त हुए हैं।
जानकारी के अनुसार बीयू के 24 विभागों में संचालित पाठ्यक्रमों की कुल 1795 सीटों पर प्रवेश के लिए केवल 361 ऑनलाइन आवेदन ही प्राप्त हुए हैं। पिछले साल के मुकाबले यह संख्या फिलहाल काफी कम है। इसकी वजह स्नातक छठवें सेमेस्टर के कई विषयों के परिणाम विवि द्वारा अभी तक घोषित नहीं किया जाना बताई जा रही।
विभागवार प्राप्त आवेदनों की संख्या
लॉ
121
इंजीनियरिंग
33
बायोटेक्नोलॉजी
22
कंप्यूटर साइंस एंड एप्लीकेशन
20
बायोकेमेस्ट्री एंड जेनेटिक्स
18
भौतिक
16
मनोविज्ञान
13
फिजिकल एजुकेशन
10
माइक्रोबायोलॉजी
14
भूविज्ञान
11
भाषा
10
एक्वाकल्चर एंड जूलॉजी
15
कॉमर्स
11
समाजशास्त्र
11
आरपीईजी
9
फार्मेसी
7
योग
6
एन्वायरोन्मेंटल साइंस एंड लिम्नोलॉजी
5
इलेक्ट्रानिक्स
5
सतत शिक्षा
3


गोवा में पांचवीं के बच्चे ई-नोटपैड पर पढ़ेंगे
Our Correspondent :15 June 2013
पणजी। गोवा के स्कूली बच्चे अब ई-नोटपैड पर पढ़ाई करेंगे। इसके लिए राज्य सरकार करीब 50 हजार ई- नोटपैड स्कूलों को उपलब्ध कराएगी। इस योजना में निजी स्कूल भी शामिल होंगे। ये नोटपैड पांचवीं और छठी कक्षा के बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रदान किए जाएंगे।
राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर ने कहा है कि ई-नोटपैड की थोक खरीद के लिए निविदा इसी माह के अंत तक जारी कर दी जाएगी और जुलाई के अंत तक ई-नोटपैड बच्चों के हाथ में होगा। इस गेजेट में इन कक्षाओं से संबंधित पाठ्यक्रम अपलोड होगा और समय-समय पर इसे अपडेट किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी स्कूलों को दिसंबर के अंत तक तेज रफ्तार इंटरनेट सेवा वाई-फाई मुहैया कराई जाएगी, जिससे बच्चे क्लास में इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकेंगे।
इसके साथ उन्होंने सफाई दी कि ई- नोटपैड देने का मतलब यह कतई नहीं है कि स्कूल से ब्लैक बोर्ड और नोटबुक के माध्यम से होने वाली पढ़ाई गायब होने जा रही है। ई-नोट पैड बच्चों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए दिया जा रहा है।


शिक्षक पुरस्कार के लिए आवेदन 10 जुलाई तक
Our Correspondent :15 June 2013
भोपाल। लोक शिक्षण संचालनालय ने शिक्षक सम्मान पुरस्कार के लिए आवेदन की तारीख घोषित कर दी है। पुरस्कार के ऑनलाइन एंट्री एजुकेशन पोर्टल ऑफ एमपी पर 10 जुलाई तक की जा सकेंगी। आयुक्त एसके पाल ने बताया कि कुल 14 शिक्षकों को विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कृत किया जाएगा।
पुरस्कार के लिए प्रारंभिक श्रेणी यानी कक्षा 1 से 8वीं तक के लिए 5, माध्यमिक स्तर 9वीं से 12वीं के लिए 4, संस्कृत पाठशालाओं व मदरसों के लिए 1-1 दिया जाएगा। इसके अलावा नि:शक्त बच्चों को पढ़ाने व उनसे संबंधित ट्रेनिंग लेने और नि:शक्त श्रेणी के शिक्षकों के लिए 3 पुरस्कार दिए जाएंगे।
इसके लिए विस्तृत टाइम-टेबल इस प्रकार रहेगा।
एजुकेशन पोर्टल पर बनाए गए शिक्षक पोर्टल पर ऑनलाइन एंट्री 10 जुलाई की शाम 5.30 बजे तक होंगी।
डीईओ व डीडीओ इन एंट्री को 15 जुलाई तक लॉक कर देंगे।
शिक्षकों की पात्रता का परीक्षण व प्रस्ताव की पुष्टि डीईओ द्वारा 20 जुलाई तक।
जिला चयन समिति की बैठक का आयोजन 25 से 30 जुलाई तक होंगी।
जिला स्तरीय चयन समिति द्वारा राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान के लिए अनुशंसाएं 30 जुलाई से 5 अगस्त तक।
डीईओ द्वारा जिला चयन समिति के बैठक में चयनित प्रस्तावों को राज्य स्तर पर 5 से 8 अगस्त तक भेजे जाएंगे।
राज्य स्तरीय परीक्षण समिति द्वारा जिला स्तर से प्राप्त प्रस्तावों का 8 से 14 अगस्त तक परीक्षण होगा।
राज्य स्तरीय चयन समिति की बैठक का आयोजन शिक्षकों के चयन के लिए 16 से 20 अगस्त तक।
राज्य स्तरीय चयनित शिक्षकों के नाम की सूची 25 अगस्त को शिक्षक पोर्टल पर डिस्प्ले कर दी जाएगी।


बीटेक छठे सेमेस्टर का पेपर लीक
Our Correspondent :15 June 2013
कुरुक्षेत्र। बेशक कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय नेक से ए ग्रेड होने के साथ ही अपने आप को देश के बेहतरीन विश्वविद्यालयों में शुमार मानता हो, लेकिन आए दिन परीक्षा शाखा इस साख पर बट्टा लगाती रहती है। शुक्रवार को भी परीक्षा शाखा की लापरवाही ने विवि की छवि को दागदार कर दिया।
प्रशासन की कमी के कारण शुक्रवार को आयोजित बीटेक परीक्षा का पेपर लीक हो गया। प्रश्न पत्र परीक्षा से ठीक डेढ़ घंटा पहले छात्रों को नेट पर उपलब्ध हो गया, जिसका छात्रों ने भरपूर लाभ उठाया।
शुक्रवार को बीटेक इलेक्ट्रानिक के छठे सेमेस्टर के डिजिटल सिग्नल प्रोसेसिंग का पेपर था। इस परीक्षा को दोपहर बाद ढाई बजे शुरू किया जाना था, लेकिन प्रश्न पत्र दोपहर लगभग एक बजे लीक हो गया। छात्रों को यह प्रश्न पत्र उनकी मेल आइडी पर मिल गया। कुछ ही देर में छात्रों ने प्रदेश भर में अपने दोस्तों को मेल के जरिये ही पूरा पेपर पहुंचा दिया। कई छात्रों ने इस पेपर को देखकर थोड़ी बहुत तैयारी भी की। यही पेपर हूबहू परीक्षा में भी मिला। छात्रों ने बताया कि प्रश्न पत्र पर एक रोलनंबर भी लिखा था। विवि प्रशासन ने अभी कुछ भी कहने से इन्कार किया है, लेकिन माना जा रहा है कि प्रश्न पत्र बरवाला में लीक हुआ है।


लेटरल एंट्री से एमसीए के लिए रजिस्ट्रेशन 29 जून से
Our Correspondent :15 June 2013
भोपाल। लेटरल एंट्री के माध्यम से मास्टर ऑफ कम्प्यूटर एप्लीकेशन (एमसीए) कोर्स के दूसरे वर्ष में प्रवेश के लिए काउंसलिंग 29 जून से शुरू होगी।
छात्र 11 जुलाई तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। इन्हीं तिथियों में छात्रों के दस्तावेजों का सत्यापन होगा तथा पसंद लॉक की जाएगी। छात्रों की मेरिट सूची 12 जुलाई को जारी होगी तथा छात्रों को उन्हें कॉलेज आवंटन 15 से 18 जुलाई के बीच किया जाएगा। छात्रों को इसी दौरान आवंटित कॉलेज में प्रवेश लेना होगा।


यूपीएससी: ई-एडमिट कार्ड 30 तक करें डाउनलोड
Our Correspondent :14 June 2013
भोपाल। यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (यूपीएससी) ने अपनी वेबसाइट पर कंबाइंड मेडिकल सर्विसेस एक्जामिनेशन और इंजीनियरिंग सर्विसेस एक्जामिनेशन के ई-एडमिट कार्ड अपलोड कर दिए हैं। स्टूडेंट्स 30 जून तक डाउनलोड कर सकते हैं।
यूपीएससी इंजीनियरिंग सर्विसेस एक्जामिनेशन 28 जून और कंबाइंड मेडिकल सविर्सेस एक्जामिनेशन 30 जून को कंडक्ट करेगा। स्टूडेंट्स को ई-एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और डेट ऑफ बर्थ डालना होंगे। नीचे टेक्स्ट बॉक्स पर लिखे हुए केरेक्टर्स को टाइप करने के बाद उसे सबमिट करना होगा।अधिक जानकारी के लिए www.upsc.gov.in पर लॉग ऑन कर सकते हैं।


बीई काउंसलिंग का पहला चरण खत्म, अभी तक 43 हजार छात्रों ने चुना अपना भविष्य
Our Correspondent :14 June 2013
भोपाल। प्रदेश के सरकारी, स्वशासी व निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों के लिए चल रही ऑनलाइन काउंसलिंग का पहला चरण गुरुवार को खत्म हो गया। गुरुवार शाम तक इंजीनियरिंग के लिए 43 हजार 338 रजिस्ट्रेशन हुए। सामान्य पूल के 33 हजार 761 व शिक्षण शुल्क योजना के 14 हजार 630 छात्रों ने च्वाइस फिलिंग की।
पहले चरण में रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा ५० हजार पार नहीं होने से निजी कॉलेजों की परेशानी बढ़ गई है। करीब 220 इंजीनियरिंग कॉलेजों की एक लाख 15 हजार सीटों के मुकाबले यह संख्या काफी कम है। कॉलेजों की उम्मीद अब 8 जुलाई से शुरू होने वाली दूसरे चरण की काउंसलिंग पर है।
इस बार उम्मीद से कम रजिस्ट्रेशन की वजह राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों के लिए काउंसलिंग की स्थिति साफ नहीं होना तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों के लिए आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा के रिजल्ट घोषित नहीं होना है। संचालक तकनीकी शिक्षा अरुण नाहर के अनुसार काउंसलिंग का दूसरा चरण शुरू होने तक छात्र प्रदेश के कॉलेजों की तरफ रुख कर सकते हैं।
रिपोर्टिंग के समय 20 हजार का डीडी
इस बार लागू की गई नई व्यवस्था के तहत छात्रों को संस्था आवंटन के बाद रिपोर्टिंग के समय 20 हजार का डिमांड ड्राफ्ट डीटीई के नाम जमा करना होगा। आरक्षित वर्ग के छात्रों के लिए यह राशि 10 हजार रुपए तय की गई है। यह व्यवस्था छात्रों को दलालों से बचाने के लिए लागू की गई है।


मैनिट में एमबीए के लिए एडमिशन 20 व 21 जून को
Our Correspondent :14 June 2013
भोपाल। मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) में संचालित मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए) कोर्स के प्रथम वर्ष में छात्रों को प्रवेश 20 व 21 जून को मिलेगा। मैनिट प्रबंधन ने छात्रों को कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट) के स्कोर कार्ड के साथ तय तिथि में बुलाया है। इसके अलावा छात्रों को साथ में एडमिशन फार्म का प्रिंट आउट,10 वीं व 12 वीं की मार्कशीट, स्नातक के सभी सेमेस्टर की मार्कशीट, ट्रांसफर व माइग्रेशन सर्टिफिकेट तथा पहचान पत्र के साथ अन्य जरूरी दस्तावेज साथ लेकर संस्थान में उपस्थित होना होगा।
डे स्कॉलर छात्रों को प्रति सेमेस्टर ३०,११५ रूपये तथा हॉस्टलर को ३३,५६५ ट्यूशन फीस लगेगी। इसके अलावा हॉस्टलर को मैस की फीस १८ हजार रूपये सालाना जमा करना होगा। कक्षाएं ८ जुलाई से लगनी शुरू हो जाएगी। मैनिट ने सत्र २०१३-१५ के लिए कुल ९२ छात्रों का चयन किया है। इनमें सामान्य वर्ग के ४८, ओबीसी के २३, अजा के ९ व अजजा के ५ छात्र शामिल है। जबकि ७ छात्र अभी प्रतीक्षा सूची में है।


इस बार भोपाल में 6100 परीक्षार्थी देंगे यूजीसी-नेट
Our Correspondent :14 June 2013
भोपाल। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा लेक्चरश