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:: राजधानी ::

 

रेलवे स्टेशनों पर विकलांगों को अधिक सुविधाएं देने पर होगा विचार-रेल राज्य मंत्री
नारायण सेवा संस्थान में 251 पूर्व पोलियोग्रस्त बच्चों के शल्य चिकित्सा शिविर का उद्घाटन

21 September 2015

उदयपुर, केन्द्रीय रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा है कि रेलों में यात्रा पर विकलांगों के लिए 50 प्रतिशत छूट ह,ै इन्हें और अधिक रियायत एवं सुविधाएॅ देने पर रेल मंत्रालय विचार करेगा।
वे रविवार को नारायण सेवा संस्थान के बड़ी परिसर में 251 पूर्व पोलियोग्रस्त बच्चों व किशोर-किशोरियों के दस दिवसीय निःशुल्क शल्य चिकित्सा शिविर के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि मंत्रालय रेलवे स्टेशनों पर नारायण सेवा संस्थान जैसी स्वयंसेवी संस्थाओं को विभिन्न सेवा कार्य के दायित्व देने पर भी विचार करेगा। पीडि़तों की सेवा कर निश्चित रूप से उनमें भगवान के दर्शन किये जा सकते हैं। इस अवसर पर उन्होंने मूकबधिर बच्चों के हस्त शिल्प को देखा और संस्थान में भर्ती विभिन्न राज्यों के विकलांगों से बातचीत कर उनके शीघ्र अपने पैरों पर खड़ा होने की कामना की। उन्होंने बिहार, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश आदि राज्यों के जरूरतमंद विकलागों को ट्राई साइकिल एवं व्हील चेयर प्रदान की। आरम्भ में संस्थान संस्थापक पद्मश्री कैलाश मानव ने रेल राज्यमंत्री का स्वागत करते हुए आग्रह किया कि उदयपुर के रेलवे स्टेशन सहित देश के अन्य रेलवे स्टेशनों पर वृद्ध विकलांगों की सहायता के लिए कियोस्क उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने उदयपुर का स्मार्ट सिटी के रूप में चयन करने के लिए भारत सरकार का आभार व्यक्त किया।
सांसद अर्जुन लाल मीणा ने कहा कि नारायण सेवा संस्थान ने आदिवासी बहुल क्षेत्रों में न सिर्फ अपाहिजों बल्कि दीन दुखियों, निराश्रितों, वृद्धों की सेवा का बड़ा काम किया है। उन्होंने रेल राज्यमंत्री का इस बात के लिए आभार माना कि उन्होंने उदयपुर अहमदाबाद ब्राँडगेज के लिए इस वर्ष 350 करोड़ रूपये का बजट आवंटित किया है। इससे उदयपुर दक्षिण भारत से जुड़कर विकास के नए आयाम तय करेगा।
महापौर चन्द्र सिंह कोठारी ने कहा कि सेवा के लिए मन की जरूरत पडती है और यह नारायण सेवा संस्थान ने सिद्ध करके भी दिखाया है। भारतवासी पुनर्जन्म में विश्वास करते हैं इसलिए सेवा का पुण्य कार्य प्रत्येक को करना चाहिए समारोह को संस्थान अध्यक्ष श्री प्रशान्त अग्रवाल, दिल्ली के संत श्री दयालु जी महाराज, संस्थान निदेशक श्रीमती वन्दना अग्रवाल व ट्रस्टी देवेन्द्र चौबीसा ने भी सम्बोधित किया। समारोह में जयपुर व अजमेर रेल मण्डल के अधिकारी तथा उद्यमी हरिश राजानी, पार्षद आशा बोर्दिया भी उपस्थित थे। संचालन श्री महिम जैन ने किया।


मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य एवं टीकाकरण की जानकारी

22 August 2015

उदयपुर, क्षेत्रीय प्रचार निदेशालय द्वारा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए आयोजित अभियान के तहत मंगलवार को जिले की ऋषभदेव पंचायत समिति के माण्डवा फला में महिला सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सरपंच लीला देवी मीणा ने मां एवं बच्चे के स्वास्थ्य पर विचार व्यक्त किये। सीडीपीओ माया पण्ड्या ने शिशु स्वास्थ्य एवं उचित देखभाल संबंधी जानकारी दी। क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी रामेश्वर लाल मीणा ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे। श्री मीणा ने बताया कि ऋषभदेव पंचायत समिति की मसारों की ओवरी ग्राम पंचायत के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र परिसर मे बुधवार को विशेष जन चेतना कार्यक्रम सांसद अर्जुन लाल मीणा के मुख्यातिथ्य में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर बतौर अतिथि विधायक नानालाल अहारी, अमृत लाल मीणा, हीरालाल दरांगी, प्रताप गमेती, फूलसिंह मीणा, जिला प्रमुख शान्तिलाल मेघवाल, उपप्रमुख सुन्दरलाल भाणावत, प्रधान सविता मीणा व उपखण्ड अधिकारी शैलेश सुराणा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि व अधिकारीगण मौजूद रहेंगे। ------------- 61 किलोग्राम पॉलिथिन जब्त उदयपुर, 25 अगस्त/नगर निगम एवं लेक पेट्रोल टीम ने मंगलवार को कार्यवाही के दौरान 4 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर 61 किलोग्राम पॉलिथिन ज़ब्त की। पुस्षोत्तम लीलानी व राजेश राठौड़ की टीम ने शास्ति के रूप 1200 रुपये के चालान भी काटे।


61 किलोग्राम पॉलिथिन जब्त

26 August 2015

उदयपुर, नगर निगम एवं लेक पेट्रोल टीम ने मंगलवार को कार्यवाही के दौरान 4 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर 61 किलोग्राम पॉलिथिन ज़ब्त की। पुस्षोत्तम लीलानी व राजेश राठौड़ की टीम ने शास्ति के रूप 1200 रुपये के चालान भी काटे।


अब मोबाईल से लाईव देखिये ‘छलकता फतहसागर’ जिला प्रशासन ने झीलप्रेमियों के लिए की पहल

22 August 2015

शहर की शान फतहसागर झील के नैसर्गिक सौंदर्य को देश दुनिया तक पहुंचाने की दिशा में जिला प्रशासन उदयपुर द्वारा एक पहल की गई है। इसके तहत अब पूरी दुनिया में कोई भी व्यक्ति एक मोबाईल एप के जरिये घर बैठे छलकती हुई फतहसागर झील को लाईव देख सकता है। जिला कलक्टर रोहित गुप्ता की पहल पर जिला सूचना विज्ञान केन्द्र की तकनीकी सहायता से की गई इस व्यवस्था के तहत इस मोबाईल एप को डाउनलोड करते हुए कोई भी व्यक्ति इंटरनेट के सहारे कहीं से भी चौबीसों घण्टे फतहसागर झील को अपने मोबाईल पर देख सकता है। यह व्यवस्था गुरुवार रात्रि से प्रारंभ हो गई है और बड़ी संख्या में झील प्रेमियों द्वारा लेकसिटी के इस नैर्सिर्गक सौंदर्य को देखने का लुत्फ उठा रहे हैं।

इस तरह देखा जा सकेगा फतहसागर:

राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र के उपनिदेशक जितेन्द्र वर्मा ने बताया कि फतहसागर को लाईव देखने के इच्छुक को प्ले स्टोर पर जाकर 17.63 एमबी का ‘जीडीएमएसएस एलआईटीई’ एप को डाउनलोड कर इंस्टाल करना होगा। इसके बाद कैमेरा ऑप्शन सलेक्टर करने के बाद डिवाईस मैनेजर क्लिक करना होगा। इसके बाद एड डिवाईस में जाकर आईपी डोमेन सलेक्ट करना होगा और यहां पर नाम की जगह एफएस, एड्रेस की जगह 117 डॉट 239 डॉट 31 डॉट 186 तथा पोर्ट नंबर की जगह 37777 भरकर सेव करना होगा। इसके बाद स्टाई लाईव प्रिव्यू पर क्लिक करते ही फतहसागर को लाईव देखा जा सकेगा।

यह प्रयास किए:

वर्मा ने बताया कि फतहसागर को लाईव दिखाने के लिए वायरलेस नेटवर्क का उपयोग किया गया है और फतहसागर पर कैमेरा लगाते हुए इंटरनेट से 4 एमबीपीएस की स्पीड की लाईन का प्रयोग करते हुए सिग्नल को मोबाईल इंटरनेट पर उपलब्ध कराया गया है। फतहसागर के सिग्नल को मोबाईल इंटरनेट के अलावास नीमच माता मंदिर, यूआईटी और चेटक सर्कल पर स्थापित एलईडी तक पहुंचाया गया जिससे फतहसागर को लाईव देखना आसान हुआ है।
चेटक सर्कल पर भी दिखेगा ‘लाईव फतहसागर’:
जिला प्रशासन द्वारा किए गए प्रयासों के कारण चेटक सर्कल पर लगाई गई एलईडी पर भी छलकते हुए फतहसागर को लाईव देखा जा सकता है। यहां पर प्रत्येक 12 मिनट के अंतराल में दो मिनट तक फतहसागर को लाईव देखा जा सकता है। वर्मा ने बताया कि शीघ्र ही लाईव फतहसागर के सिग्नल को शहर में स्थित अन्य एलईडी पर भी दिखाया जाएगा।


दो दिवसीय पासपोर्ट शिविर आज से गृह मंत्री कटारिया करेंगे शुभारंभ

22 August 2015

उदयपुर संभाग के नागरिकों की सुविधार्थ दो दिवसीय पासपोर्ट शिविर का शुभारंभ शनिवार सुबह 9.30 बजे गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया के मुख्य आतिथ्य में सूचना केंद्र में होगा। क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी विवेक जैफ ने बताया कि इस मौके पर उदयपुर महापौर चंद्रसिंह कोठारी विशिष्ट अतिथि मौजूद रहेंगे। दो दिवसीय पासपोर्ट शिविर में 350 ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (अपाइंटमेंट प्राप्त) करा चुके नागरिकों को ही शिविर में साक्षात्कार का मौका दिया जायेगा। शिविर का समय दोनो दिनों 9.30 से 4.30 बजे तक रहेगा।


आ‌र्म्स एक्ट मामले में सलमान की राहत अवधि 11 तक बढ़ी

07 March 2015

जयपुर। काला हिरण शिकार प्रकरण के आ‌र्म्स एक्ट मामले में मंगलवार को जोधपुर की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने फिल्म अभिनेता सलमान खान की राहत अवधि 10 मार्च तक बढ़ा दी है। अदालत ने अभियोजन पक्ष के द्वारा वर्ष 2006 में पेश किए गए प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई करते उन्हें आंशिक रूप से स्वीकृति दी है। इन पत्रों में अभियोजन पक्ष ने 24 और गवाह पेश करने की मंजूरी मांगी थी। लेकिन अदालत ने चार गवाहों को बुलाने की मंजूरी दी तथा तीन एफएसएल रिपोटरें के संबंध में मालखाने का रजिस्ट्रर न्यायालय में पेश करने की मंजूरी प्रदान की है। अदालत ने इस मामले की अगली तारीख 10 मार्च देते हुए अभियोजन पक्ष को अन्तिम अवसर दिया है,यदि 10 मार्च को गवाह और साक्ष्य लाने में अभियोजन पक्ष विफल रहता है तो मामला निर्णय के लिए रख दिया जाएगा। अभियोजन पक्ष ने वर्ष 2006 में चार प्रार्थना पत्र पेश कर इन गवाहों एवं कुछ साक्ष्य प्रस्तुत करने की अनुमति मांगी थी लेकिन मामला उच्च न्यायालय में ले जाने के कारण पत्रावली वहां भेज दी गई थी और यह आवेदन बिना सुने ही रह गए थे। गौरतलब है कि इस मामले पर अदालत 25 फरवरी को फैसला सुनाने वाली थी लेकिन सरकारी वकील की तरफ से पेश चार लंबित याचिकाओं के सामने आने के बाद फैसला टाल दिया गया था। गौरतलब है कि वर्ष 1998 में फिल्म 'हम साथ साथ है' की शूटिंग के दौरान सलमान के खिलाफ जोधपुर के लूणी पुलिस थाने में आ‌र्म्स एक्ट का केस दर्ज हुआ था। कांकाणी क्षेत्र में दो काले हिरणों के शिकार के लिए उपयोग में लिए गए हथियार रिवॉल्वर एस एण्ड डब्ल्यू 32 बोर और राइफल 22 बोर की लाइसेंस अवधि समाप्त हो चुकी थी और वन विभाग ने यह मामला अलग से आ‌र्म्स एक्ट के तहत सलमान के खिलाफ दर्ज कराया था।


कांग्रेसियों का फूटा गुबार

07 March 2015
अजमेर। बिजली की दरें बढ़ाने के विरोध में अजमेर शहर व देहात कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारे लगाए। कलक्ट्रेट परिसर में जबरन प्रवेश करने पर आमादा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने पीछे धकेल दिया। बाद में प्रतिनिधि मंडल ने अतिरिक्त जिला कलक्टर हरफूल यादव को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं में इस बात का भी गुस्सा था कि जयपुर में प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज किया गया। इसमें पार्टी प्रदेशाध्यक्ष पायलट समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता चोटिल हो गए। शहर अध्यक्ष महेन्द्रसिंह रलावता, देहात अध्यक्ष नाथूराम सिनोदिया एवं अजमेर प्रभारी कुलदीप सिंह राजावत के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता कलक्ट्रेट पहुंचे।
कमेटी उपाध्यक्ष कैलाश झालीवाल के अनुसार लाठीचार्ज की पार्टी ने निंदा की है। ज्ञापन में बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में मात्र 3-4 घंटे बिजली आपूर्ति हो रही है। कम्पनियां विद्युत चोरी व छीजत रोकने में नाकाम है। इसके बाद भी विद्युत दरों में 17 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी। इसका भार किसान, बीपीएल सहित आम आदमी पर पड़ेगा। बिलों में फ्यूल सरचार्ज 450 से एक हजार रूपए प्रति उपभोक्ता कर दिया। विद्युत कम्पनियों के वित्तीय कुप्रबंधन के चलते आर्थिक बोझ बढ़ गया।
सरकार ने विद्युत कम्पनियों के घाटे को पाटने की किसी नीति का खुलासा नहीं किया है। इससे भविष्य में जनता को विद्युत दरें बढ़ाकर महंगाई से और सामना करना पड़ेगा। प्रदर्शन में अमलोक सिंह छाबड़ा, विपिन बैसिंल, सौरभ बजाड़, राजेन्द्र वर्मा, लोकेश कोठारी, लोकेश शर्मा, संदीप रिचर्ड, शब्बीर खान, निर्मल बैरवाल, तारा मीणा, प्रमिला कौशिक सहित कई कांग्रेसियों ने प्रदर्शन में भाग लिया।

इन्होंने किया सम्बोधित

प्रदर्शन के दौरान पूर्व शिक्षा राज्यमंत्री नसीम अख्तर, संसदीय सचिव ब्रह्मदेव कुमावत, नसीराबाद विधायक रामनारायण गुर्जर ने विचार व्यक्त किए। इसी प्रकार जसराज जयपाल, डॉ. श्री गोपाल बाहेती, हेमंत भाटी, डॉ. राजकुमार जयपाल, रामस्वरूप चौधरी, बीरमसिंह रावत, राकेश पारीक, प्रद्युम्न सिंह, प्रताप यादव, जयराम चौधरी, कुलदीप कपूर, नौरत गुर्जर, विजय नागौरा, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष सबा खान आदि ने भी भाजपा सरकार की नीतियों को विरोध किया।


पूर्व मंत्री मास्‍टर भंवरलाल की तबीयत नासाज, अस्‍पताल में भर्ती

07 March 2015
जयपुर। पूर्व मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल की तबीयत नासाज बताई जा रही है। उन्‍हें जयपुर के एसएमएस अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है। सूत्रों के अनुसार उन्‍हें नमोनिया की शिकायत है और चिकित्‍सक उपचार कर रहे हैं।

बयानों के कारण चर्चित रहे, चार बार विधायक बने:

1977 में राजनीति की शुरुआत करने वाले मास्टर भंवरलाल की कांग्रेस में एससी नेता के तौर पर पहचान है। चुरु जिले के सुजानगढ़ विधानसभा क्षेत्र से 9 बार चुनाव लड़े भंवरलाल चार बार (1980, 90, 98 और 2008)) में विधायक बने। पांच चुनाव हारे। शिक्षा मंत्री रहते श्रीगंगानगर जिले के प्रभारी मंत्री रहे और पिछले लोकसभा चुनाव में श्रीगंगानगर सीट के प्रभारी थे। कर्मचारियों व तबादलों पर राजनीतिक बयानों की वजह से चर्चित रहे भंवरलाल कांग्रेस की गहलोत सरकार में मंत्री पद का पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा नहीं कर सके थे।


सरकारी व अस्थायी बिजली कनेक्शनों पर लगेंगे प्रीपेड मीटर

27 February 2015

जयपुर। बिजली कंपनी इस साल जून के बाद कनेक्शन लेने वाले सरकारी विभाग व अस्थायी कनेक्शनों पर केवल प्री पेड मीटर ही लगाएगी। राजस्थान ऐसा पहला राज्य होगा, जहां प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे।
दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात आदि राज्यों में जहां प्राइवेट कंपनियों के पास बिजली आपूर्ति का जिम्मा है और उन्होंने प्रीपेड मीटर लगाए हैं। सरकारी विभागों के समय पर बिजली बिल जमा नहीं कराने और अस्थायी कनेक्शनों पर बिजली चोरी की आशंका को देखते हुए बिजली कंपनी ने यह निर्णय किया है। इसके लिए 35 हजार सिंगल फेज व 25 हजार थ्री फेज मीटर खरीदे जा रहे हैं। सभी जिलों के अधीक्षण अभियंताओं से प्री-पेड मीटर लगाने के लिए डिमांड मांगी है।
बिजली कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल सरकारी व अस्थायी बिजली कनेक्शनों पर करीब 60 हजार मीटर लगाए जाएंगे ताकि बिल जमा कराने व बिजली चोरी की दिक्कत नहीं हो। दूसरे चरण में बिजली चोरी की आशंका वाले इलाकों में प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे।

बैलेंस कम रहते ही बजेगा अलार्म:

प्रीपेड मोबाइल फोन की तरह ही प्रीपेड मीटर रिचार्ज होंगे और राशि खत्म होते ही बिजली बंद हो जाएगी। प्रीपेड मीटर के रीचार्ज करने के लिए शहर में कई काउंटर खोले जाएंगे। इन काउंटरों से उपभोक्ता रीचार्ज कूपन खरीद सकेगा। बैलेंस कम होने पर मीटर में अलार्म या सिटी बजेगी। इससे उपभोक्ता को पता चल जाएगा कि उसे रीचार्ज कराना है। प्रीपेड मीटर में मोबाइल फोन की तरह कार्ड व माइक्रोचिप होगी।।


मोटरसाइकिलें भिड़ीं, चार घायल

27 February 2015
प्रतापगढ़। धमोत्तर थाना क्षेत्र में गुरूवार शाम दो मोटरसाईकिलों की आमने-सामने की भिडंत में चार जने घायल हो गए। जिनमें से दो गम्भीर घायलों को जिला चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार के बाद उदयपुर रैफर किया गया। थानाधिकारी उदयसिंह ने बताया कि शाम करीब 4 बजे किसी राहगीर ने थाने में फोन कर भगवानपुरा-खेरियादो मार्ग पर हादसे की सूचना दी।
इस पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने 108 एम्बूलेंस और पुलिस जीप के माध्यम से घायलों को जिला चिकित्सालय पहुंचाया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद दो जनों को तत्काल उदयपुर रैफर कर दिया गया। थानाधिकारी ने बताया कि हादसे में एक मोटरसाइकिल पर सवार मेरियाखेड़ी निवासी कालू मीणा तथा अनिल मीणा तथा दूसरी मोटरसाइकिल पर सवार दोपड़ निवासी देवीलाल मीणा और मानपुरा निवासी राजू मीणा घायल हुए। जिनमें से कालू और अनिल को उदयपुर रैफर कर दिया गया।


डीजीपी भारद्वाज आज होंगे रिटायर, शाम को आरएसी देगी विदाई

27 February 2015
जयपुर। डीजीपी ओमेंद्र भारद्वाज को शुक्रवार शाम आरएसी की ओर से विदाई दी जाएगी। उल्‍लेखनीय है कि ओमेंद्र भारद्वाज और केंद्रीय कृषि सचिव एवं राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी आशीष बहुगुणा शुक्रवार को रिटायर होंगे। इनकी रिटायरमेंट 28 फरवरी है, लेकिन उस दिन शनिवार के कारण राजकीय अवकाश रहेगा। इस कारण अंतिम वर्किंग डे शुक्रवार को ही कार्यमुक्त हो जाएंगे। इसी दिन नए डीजीपी की घोषणा की जा सकती है।
गुरुवार को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया में नए डीजीपी को लेकर चर्चा हुई। संभावना है कि शुक्रवार को आदेश जारी हो जाएं। सीनियारिटी के हिसाब से एसीबी डीजी मनोज भट्ट सबसे आगे हैं।
किसी कारणवश भट्ट को डीजीपी नहीं बनाए जाने पर सरकार के पास तीन ऑप्शन रहेंगे। इनमें विशिष्ट डीजी नवदीप सिंह, जसवंत संपतराम और अजीत सिंह। उधर, भारद्वाज को आरपीएससी चेयरमैन बनाए जाने की चर्चा है। दूसरी ओर, आरएएस अधिकारी एवं जयपुर के अतिरिक्त संभागीय आयुक्त जगदीश राम भादू और बारां में माडा में एसीईओ रामस्वरूप बडग़ुर्जर भी शुक्रवार को रिटायर हो जाएंगे।


सरकारी स्कूल की जमीन का क्यों नहीं रखा ख्याल

20 February 2015

जयपुर। हाईकोर्ट ने अजमेर में सरकारी प्राथमिक विद्यालय के पांच बीघा खेल मैदान पर एक कंपनी के कब्जे के मामले में अजमेर विकास प्राधिकरण द्वारा रद्द कि ए नक्शों को बहाल करने पर नगरीय विकास विभाग के संयुक्त सचिव से शपथ पत्र के जरिए स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही, संयुक्त सचिव के आदेश के पालन पर रोक लगाते हुए मामले में जवाब के लिए राज्य सरकार, नगरीय विकास विभाग के प्रमुख सचिव, अजमेर विकास प्राधिकरण, अजमेर कलक्टर, तहसीलदार, प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक व तीन अन्य को नोटिस जारी किया है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुनील अंबवानी व न्यायाधीश प्रकाश गुप्ता की खण्डपीठ ने श्री वीर तेजाजी सर्व धर्म विकास समिति की जनहित याचिका पर यह अंतरिम आदेश दिया। याचिका में कहा कि अजमेर जिले के कोटड़ा स्थित प्राथमिक विद्यालय के पांच बीघा खेल मैदान पर एक कंपनी ने कब्जा कर लिया गया है।


स्वाइन फ्लू का कहर: मौत के आकड़े ने लगाई डबल सेंचुरी

20 February 2015
जयपुर. प्रदेश में स्वाइन फ्लू से 10 और मौतें हो गईं। इन्हीं के साथ अब तक कुल मौतों का आंकड़ा दो सौ पार कर गया। गुरुवार को जोधपुर, कोटपूतली में दो-दो और जयपुर, अजमेर, चूरू, टोंक, कोटा, सवाईमाधोपुर में 1-1 मौत हुई। अब तक राज्य में 204 मौतें स्वाइन फ्लू से हो चुकी हैं।
उधर कलेक्टर कृष्ण कुणाल ने स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए घर-घर जाकर सर्वे की रिपोर्ट रोजाना कलेक्ट्रेट में भेजने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने ये आदेश गुरुवार को महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक को दिए।


पीएम दौरे पर राजे बोलीं- पंजाब भेज रहा नहरों में प्रदूषित पानी

20 February 2015
जयपुर. राजस्थान की सीएम वसुंधरा राजे ने पंजाब से आ रहे दूषित पानी के मुद्दे को गुरुवार को पीएम नरेंद्र मोदी व पंजाब सीएम प्रकाश सिंह बादल के सामने जोरदार तरीके से उठाया। सूरतगढ़ के नगरपालिका स्टेडियम में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने पंजाब सीएम से माफी मांगते हुए कहा कि पंजाब से श्रीगंगानगर की ओर आने वाली नहरों में जमकर प्रदूषित पानी आ रहा है।
उन नहरों में पंजाब की फैक्ट्रियों द्वारा अपशिष्ट पदार्थ डाले जा रहे हैं और पंजाब वही पानी राजस्थान में भेज रहा है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि यह गंदा पानी पीने से श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ में तेजी से कैंसर फैल रहा है। यहां तक कि इन क्षेत्रों से जाने वाली तीन ट्रेनों को कैंसर स्पेशल कहा जाने लगा है। उन्होंने पंजाब सीएम से इस दिशा में ठोस कदम उठाकर सुधार करने को कहा।
राजनीतिक मायने... राजनीति के जानकार मान रहे हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी प्रदेश की सीएम वसुंधरा के कामकाज से ज्यादा संतुष्ट नहीं हैं। यही वजह है कि पीएम ने उम्मीदाें के अनुरूप राजस्थान को कोई बड़ी सौगात नहीं दी। उल्लेखनीय है कि पीएम व सीएम के संबंधों में काफी समय से खटास की खबरें आ रही हैं। कुछ समय पहले तो यह भी चर्चा जोरों से फैली थी कि पीएम राजस्थान सीएम को ही बदलना चाह रहे हैं।
पधारे मोदी, ट्विटर पर छाया- एक तरफ राजस्थान में मोदी कृषि और किसानों के विकास पर जोर दे रहे थे वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर भी प्रधानमंत्री के इस दौरे की खूब चर्चा चल रही थी। पूरे दिन ‘राजस्थान’ ट्विटर पर टॉप ट्रैंड में शामिल रहा। इसकी शुरुआत भी खुद प्रधानमंत्री कार्यालय से हुई। पीएमओ इंडिया के ट्विटर हैंडल से दोपहर 2 बजे पहला ट्विट किया गया।
इसमें वसुंधरा राजे द्वारा प्रधानमंत्री के स्वागत की जानकारी दी गई। इसके बाद इस ट्विटर हैंडल से लगातार 13 ट्वीट किए गए। इनमें से 2 ट्वीट्स में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चव्हाण की तारीफ की गई। फेसबुक पर भी राजे के पेज पर कार्यक्रम से संबंधित फोटो शेयर की गई। इसे 19 हजार से ज्यादा लाइक्स और 400 बार शेयर किया गया।

ट्विटर पर पीएमओ के ट्वीट्स...

1. मैं प्रधानमंत्री का राजस्थान में स्वागत करती हूं : वसुंधरा राजे
2. मेहनत से हम राजस्थान को बहुत आगे ले जाएंगे : मुख्यमंत्री, राजस्थान
3. मैं प्रधानमंत्री को भरोसा दिलाती हूं कि हम मेक इन इंडिया के साथ मेक इन राजस्थान को भी कामयाब बनाएंगे।


जयपुर में आएगी पाक नेता के बेेटे की बरात

19 February 2015

जयपुर. पाकिस्तान के अमरकोट के राणा हमीर सिंह सोढा के बेटे करणी सिंह सोढा और जयपुर के कानोता ठिकाने की पद्मिनी की 20 फरवरी को होने वाली शादी की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मुख्य आयोजन स्थल नारायण निवास है, तो कानोता गढ़ में भी होंगे कई कार्यक्रम।
ठाकुर मानसिंह कानोता ने बताया कि बराती पिछले सप्ताह से आना शुरू हो गए थे। कुछ जयपुर में हैं तो कुछ फिलहाल प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हैं। सभी मेहमान 19 से 19 फरवरी तक जयपुर पहुंचेंगे। पाकिस्तान से करीब सवा सौ बरातियों को भारत आने का वीजा मिला है। बरात शुक्रवार शाम साढ़े चार बजे त्रिमूर्ति सर्कल से होकर नारायण निवास पहुंचेगी। तोरण की रस्म के बाद पूल साइड डिनर रखा गया है।

भारत-पाक की राजनीति का संगम

पाकिस्तान की राजनीति में दखल रखने वाले वीआईपी वेडिंग की शान होंगे, वहीं जुबैदा, डेली बैली, जेड प्लस और 786 मूवी फेम बॉलीवुड एक्टर राहुल सिंह भी इस खास शादी के लिए जयपुर में हैं। राणा हमीर सिंह के पिता राणा चंद्र सिंह पाकिस्तान के असेम्बली सदस्य (एमएनए) थे और इस परिवार की भुट्टो परिवार से नजदीकियां रही हैं।
लिहाजा पाकिस्तान से कुछ एमएनए का आना तय हुआ है, जिनमें सत्तार बचानी, कमाल चंग, लाल माल्ही और एमएनए व धर्मगुरु पीर नूर मोहम्मद शाह जिलानी शामिल हैं। मेहमानों को ठहराने के लिए शहर के पांच और तीन सितारा होटल्स बुक किए गए हैं। वहीं मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी आमंत्रण स्वीकार कर आने की हामी भरी है। इनके अलावा यूपी के बलरामपुर स्टेट का राजपरिवार, आगरा के पास आभागढ़ का परिवार, मैसूर, खिम्सपुर के राजपरिवार, जयपुर राज घराना भी आएंगे।

होली तक सोढा परिवार इंडिया में रहेगा

सोढा परिवार करीब डेढ़ महीने से जयपुर में ही है। साथ ही अब परिवार और जोड़ा होली मनाकर ही पाकिस्तान लौटेगा। ऐसा कुछ रस्मों के चलते किया जा रहा है। इससे पहले अमरकोट में जोड़े के स्वागत की भव्य तैयारियां की जाएंगी। 19 व 20 फरवरी को ऐसा ही स्वागत कानोता गांव में किया जाएगा।


लोगों की जान जाए, जयपुर मेट्रो अधिकारियों को परवाह नहीं

19 February 2015
जयपुर। जयपुर मेट्रो रेल कारपोरेशन (जेएमआरसी) आपदा प्रबंधन के प्रावधानों को हल्के में ले रहा है। इसकी बानगी छोटी चौपड़ मेट्रो साइट पर हुए हादसों में दिखाई देती है। इसके बावजूद जेएमआरसी ने चांदपोल और त्रिपोलिया बाजार में पिछले दो महीनों से भारी मशीनों से मेट्रो स्टेशन का काम चला रखा है। निर्माण के दौरान ही बरामदों में व्यापार चालू रहने और हजारों लोगों के भारी मशीनों के पास खरीदारी करने से हमेशा उनके सिर पर खतरा मंडराता रहता है। इसके बावजूद मेट्रो अधिकारियों ने सुरक्षा की आज तक सुध नहीं ली और न ही यहां कोई आपदा प्रबंधन के उपाय किए।
हैरानी की बात यह है कि दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) की ओर से अधिकृत आपदा प्रबंधन विशेष्ाज्ञ पिछले आठ महीनों से जेएमआरसी के दफ्तर में चक्कर लगा रहा है, लेकिन जेएमआरसी ने उसकी सेवा लेने का प्रयास ही नहीं किया। अधिकारियों ने दिखावे के लिए कागजों में मेट्रो का आपदा प्रब ंधन प्लान तैयार तो किया है, लेकिन प्लान के अनुसार कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने की पहल नहीं की। वहीं ठेका कंपनी कॉन्टीनेंटल इंजीनियरिंग कारपोरेशन (सीईसी) भी आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण के मामले में बचने में लगी है। जेएमआरसी और डीएमआरसी जयपुर में आपदा प्रबंधन के प्रशिक्षण और प्रमाण पत्र के मामले को एक दूसरे पर टालने में लगे हैं।

कहीं बड़ी दुर्घटना न हो जाए

आपदा प्रबंधन विशेष्ाज्ञों के अनुसार परकोटे में मेट्रो परियोजना के निर्माण कार्य के दौरान जरा सी चूक भी बड़ी दुर्घटना का रूप ले सकती है। ऎसे में सरकार को चाहिए कि वह बिना आपदा प्रबंधन प्लान के चल रहे मेट्रो के कार्य पर संज्ञान ले और आम जनता पर मंडरा रहे खतरे से बेपरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई करे।

यह भी एक रास्ता

विशेष्ाज्ञों के अनुसार निर्माण कार्य के दौरान बेरिकेडिंग से प्रभावित दुकानदारों को उचित मुआवजा देकर दुकानों को बंद कराया जाए। बरामदों व उनके ऊपर से आम लोगों के आने-जाने पर रोक लगाई जाए।

केस - 1

मेट्रो की खुदाई से त्रिपोलिया बाजार में बरामदे क्षतिग्रस्त हो गए। इस दौरान यहां तीन दुकानों के नीचे करीब 20 दुकानदार और कर्मचारियों सहित 50 से अधिक खरीदार थे। गिरते बरामदों को देखकर मेट्रो के श्रमिक, सुपरवाइजर, इंजीनियर भाग खड़े हुए। पहचान छिपाने के लिए अपनी टोपी और जैकेट उतार दी। यदि बरामदे पूरे गिर जाते तो बड़े जानमाल की हानि हो सकती थी।

केस - 2

चांदपोल बाजार में पानी की लाइन टूटने से लाखों लीटर पानी व्यर्थ ही बह गया। बरामदों व दुकानों के तहखानों में भरने से दुकानदार और राहगीर कई दिन तक परेशान रहे। ऎसे में यहां भी बरामदों और दुकानों के ढहने का खतरा पैदा हो गया। समन्वय के अभाव में पानी को काफी समय बाद बंद कराया जा सका। कई घरों में पानी नहीं पहुंचने से परेशानी हुई सो अलग।

केस - 3

त्रिपोलिया बाजार में 8 इंच की पाइपलाइन टूटने से गाइड वॉल के लिए खोदी गई जगह में पानी भर गया। ठेका कंपनी के इंजीनियरों और श्रमिकों को काफी देर तक हालात से निपटने का उपाय नहीं सूझा। यदि समय रहते पानी नहीं निकाला जाता तो बाजार के उत्तरी बरामदे मिट््टी के कटाव से ढ़ह जाते और उनके नीचे खड़े लोग दुर्घटना का शिकार हो सकते थे।

ट्रैक पर ट्रॉली परीक्षण

जयपुर. मेट्रो के वाणिज्यिक परिचालन से पूर्व जयपुर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अधिकारियों ने ट्रैक पर मोटर ट्रॉली परीक्षण किया। इस दौरान कई कमियां पाई गई, जिन्हें दूर करने के निर्देश दिए। जयपुर और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के वरिष्ठ अधिकारियों ने बुधवार को फेज वन ए में मानसरोवर से चांदपोल तक की लाइन पर सघन मोटर ट्रॉली निरीक्षण किया। दो मोटर ट्रॉलियों के जरिए ट्रैक के हर महत्वपूर्ण हिस्से की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान लाइन के दोनों ओर लगे बिजली के तारों, सिग्नलों और दूरभाष्ा यंत्रों को भी बारीकी से जांचा गया। आपातकालीन स्थिति में उपयोग के लिए ट्रैक के पास बने वॉक वे की भी जांच की गई।

मेट्रो चलने पर होगा भव्य समारोह

जेएमआरसी ने मेट्रो के प्रथम वाणिज्यिक संचालन को यादगार बनाने के लिए भव्य समारोह की तैयारी की है। ट्रेन सहित सभी नौ स्टेशनों को भी फूलों और रंगीन लाइटों से सजाया जाएगा। जेएमआरसी समारोह के आयोजन का काम इवेंट कम्पनी को देगी, जिसके लिए निविदा जारी कर दी गई है।

दो महीने पहले कहा था

आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण बहुत जरूरी है। मेट्रो संचालन से पहले सभी कर्मचारियों को इसका प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।

- निहाल चंद गोयल, सीएमडी, जेएमआरसी

यह सब चीजें जेएमआरसी देख रही है। वही कुछ बता सकती है। हम अपने स्तर पर सुरक्षा के लिए मॉक ड्रिल कराते रहते हैं। अभी तक कितनी बार मॉक ड्रिल हो चुकी है, आंकड़े देखकर ही बता पाऊंगा।

- अतुल गाडगिल, चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर, डीएमआरसी

सीईसी के श्रमिकों को आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण के लिए आप रामाराजू से बात कर लीजिए, वही सीईसी के सेफ्टी हैड हैं।

- जॉय मजूमदार, सीईसी के छोटी चौपड़ साइट इंचार्ज

इसके बारे में मजूमदार ही बताएंगे। वह साइट इंचार्ज हैं। मुझसे इस बारे में बात मत कीजिए।

- रामाराजू, सीईसी के सेफ्टी हैड

अब यह बयान

हमने अपने कर्मचारियों को दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन से छह महीने की ट्रेनिंग दिलाई थी, इसमें आपदा प्रबंधन भी शामिल था। फेज वन-बी में कार्य कर रही क ॉन्टीनेंटल इंजीनियरिंग कारपोरेशन (सीईसी) के श्रमिक भी आपदा प्रबंधन में ट्रेंड हैं।

- निहाल चंद गोयल, सीएमडी, जेएमआरसी

हमारे यहां आपदा प्रबंधन की कोई जरूरत ही नहीं है। सीईसी का अपना स्वयं का सेफ्टी सेल और इंस्ट्रक्शन मैन्युअल है।

- अश्विनी सक्सेना, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, जेएमआरसी

जेएमआरसी की ओर से सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। आठ महीनों से मुझे चक्कर कटवा रहे हैं और कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण दिलाने में पहल नहीं कर रहे हैं।

- ए.के. सिंह, डीएमआरसी के अधिकृत आपदा प्रबंधन विशेष्ाज्ञ


करीब 10 फीसदी बिजली चोरी, चोरी में गई 2500 करोड़ की बिजली!

19 February 2015
जयपुर। तंगहाल स्थिति का राग अलापने वाले राजस्थान डिस्कॉम को बिजली चोरी का "करंट" झेलना पड़ रहा है। चोरी रोकने में डिस्कॉम "फ्यूज" साबित हुआ है। पिछले वित्तीय वर्ष 2013-14 के आंकड़ों के मुताबिक करीब 2500 करोड़ रूपए की बिजली चोरी की "रीडिंग" आई है। ये तो तब है जबकि 14 फीसदी की तकनीकी छीजत को अलग रखा गया है। रही सही कसर पिछले चुनावी सीजन ने पूरी कर दी।
कथित सियासी दबाव के कारण बिजली चोरी रोकने में डिस्कॉम का अमला चुनावी सीजन में कार्रवाई के नाम पर "शॉर्ट सर्किट" ही रहा। स्थिति ये है कि बिजली चोरी से हुई इस चपत को घाटे में दर्शाकर डिस्कॉम ने बिजली दरों में 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी की याचिका राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग में पेश कर दी। हालांकि, अभी तक आयोग ने याचिका का निस्तारण नहीं किया है।
राजस्थान पत्रिका के बुधवार के अंक में "हर बिजली उपभोक्ता पर 69 हजार का कर्ज!" शीर्षक से प्रकाशित समाचार के बाद सरकार ने अधिकारियों से रिपोर्ट तलब कर ली। शाम को भेजी रिपोर्ट में घाटा पाटने के प्रयासों का उल्लेख किया गया है।

छीजत से 1.62 रूपए/यूनिट भार

दूसरे राज्यों की बिजली कंपनियों से समीक्षा में विद्युत खरीद की लागत का उल्लेख भी है। कंपनियो की औसत प्रति यूनिट खरीद 4.20 रूपए है। सभी खर्च मिला लागत 8.87 रूपए प्रति यूनिट बैठती है। इसमें प्रति यूनिट छीजत से 1.62 रूपए और कर्ज के ब्याज के पेटे 1.81 रूपए भी जोड़ा गया है।

चपत का गणित

- पिछले वित्तीय वर्ष में करीब 6 हजार करोड़ यूनिट बिजली की खरीद।
- इस दौरान 24 फीसदी बिजली की छीजत दर्ज।
- यदि 14 फीसदी तकनीकी छीजत हटाएं भी तो 10 फीसदी चोरी पेटे।
- एक फीसदी छीजत बढ़ने से करीब 250 करोड़ रूपए की चपत।
- 10 फीसदी छीजत से करीब 2500 करोड़ रूपए का भार आया।

और कागजों के हवाले लक्ष्य

बढ़ते घाटे से डिस्कॉम को बैंकों ने वष्ाü 2011-12 में कर्ज देना बंद कर दिया। केंद्र सरकार ने इससे उबरने के लिए वित्तीय पुनर्गठन योजना बनाई। इसमें छीजत को रोकना अहम शर्त रखी गई। डिस्कॉम ने आनन-फानन में इसे लागू भी कर दिया, लेकिन छीजत थमने के बजाय लगातार बढ़ती जा रही है।


बच्चों के लिए रोजाना 500 रू. भी नहीं जेडीए के पास

18 February 2015

जयपुर। जमीन बेच कर करोड़ों रूपए जुटाने वाले जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) के पास बच्चों की टॉय ट्रेन के रखरखाव के लिए ही पैसा नहीं है। रखरखाव की जिम्मेदारी उठाने की बजाय जेडीए ने अनुबंधकर्ता को टॉय ट्रेन का ही किराया बढ़ाने की खुली छूट दे कर बच्चों की मुस्कुराहट छीन ली।
टोंक रोड पर नेहरू बालोद्यान में संचालित टॉय ट्रेन में टोंक रोड पर नेहरू बालोद्यान में संचालित टॉय ट्रेन में सफर कर खिलखिलाने वाले बच्चों के इस आनंद में कोई खलल न पड़े इसके लिए जेडीए ट्रेन संचालक को किराया न बढ़ाने की शर्त पर हर तीन माह से 50 हजार रूपए का भुगतान करता था। इस मद में जेडीए पर रोजाना करीब 550 रू पए का खर्च आ रहा था। लेकिन हाल ही जेडीए के अधिकारियों ने 50 हजार रूपए का भुगतान रोकते हुए ठेकेदार को किराया बढ़ाने की छूट दे दी। गत तीन फरवरी से ट्रेन क ा बच्चों का किराया अनुबंधकर्ता में 5 से बढ़ाकर 10 रूपए वहीं बड़ों का 10 से बढ़ाकर 15 रूपए कर दिया गया।
इस बढ़ोतरी में भी बड़ी सफाई से बच्चों का किराया दो गुना किया गया जबकि बड़ों का डेढ़ गुना। क्योंकि इसमें 80 फीसदी बच्चे और बीस फीसदी बड़े यात्रा करते हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद जेडीए को हर माह 16,666 रूपए का ठेकेदार को भुगतान करने की बजाय अब हर माह ठेकेदार से 24 हजार रूपए मिलेंगे। खास यह है कि 1800 करोड़ रूपए सालाना बजट का खाका तैयार करने वाले जेडीए को इस ट्रेन के रखरखाव के लिए रोजाना 550 रूपए भारी पड़ गए। खास बात यह है कि बढ़ाए गए शुल्क की वसूली जनता से की जाएगी और इसमें से जेडीए हर माह करीब 24 हजार रूपए कमाएगा। इसके लिए शर्तो में बदलाव कर अनुबंधित फर्म को संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कंपनी तीन साल तक संचालन करेगी और इस दौरान भी शुल्क बढ़ोतरी की गली छोड़ी गई है।

कितना शुल्क

लम्बाई पुराना नया
4 फीट 6 इंच तक 5 10
इससे अधिक पर 10 15
(शुल्क रूपए में)


राज्य की सुरक्षा का जिम्मा, घर की आग कैसे बुझेगी? पता नहीं

18 February 2015
जयपुर. शहर में बड़े सरकारी दफ्तरों में आग लग जाए तो अग्निशमन के अफसरों को पता ही नहीं चले कि आग बुझाने के भवन में क्या इंतजाम हैं? इंतजाम है भी या नहीं? आमजन की आवाजाही वाले इन दफ्तरों, भवनों में जनता और सरकार का महत्वपूर्ण रिकॉर्ड भी है। निजी भवनों को फायर एनओसी के लिए नोटिस थमाने वाले निगम अधिकारियों ने कभी इन भवनों की जांच तक नहीं की है।
आज तक फायर एनओसी के लिए निगम के अधिकारी नोटिस भी जारी नहीं कर सके हैं। बापूनगर निवासी डॉ. संजीव गुप्ता ने शहर के 44 सरकारी भवन, अस्पताल, मंदिर और बड़े भवनों में फायर की जांच व एनओसी की जानकारी मांगी तो निगम ने फायर एनओसी जारी होने से इंकार कर दिया। नेशनल बिल्डिंग कोड ऑफ इंडिया 2002 के अनुसार 15 मीटर से अधिक ऊंचाई के भवनों के लिए फायर एनओसी जरूरी है। दिल्ली में भीकाजी कामाप्लेस में आग की बड़ी घटना घटी। चार दिन पहले नीमराना में एक होटल में आग लगने से तीन जनो की मौत हो गई थी, जिससे सरकार ने कोई सबक नहीं लिया।


हर बिजली उपभोक्ता पर 69 हजार का कर्ज!

18 February 2015
जयपुर। बिजली का बिल जमा कराने के बावजूद प्रदेश के हर उपभोक्ता पर 69 हजार रूपए का कर्ज! चौंकिए मत, ये आंकड़ा उपभोक्ता की गलती नहीं, राजस्थान डिस्कॉम में कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार के चलते जा पहुंचे 72 हजार करोड़ रूपए के कर्ज का है। राजस्थान डिस्कॉम्स की दूसरे राज्यों से की गई आर्थिक समीक्षा में ये तथ्य सामने आए। हरियाणा में 43,406, पंजाब में 24,738, उत्तर प्रदेश में 24,198, मध्यप्रदेश में 20,437 रूपए का प्रति कनेक्शन कर्ज है। कर्ज से हर यूनिट पर ब्याज का भार भी राजस्थान में अधिक बैठ रहा है। डिस्कॉम अब इस कर्ज को प्रत्येक उपभोक्ता के हिसाब से दर्शाकर बिजली की दरों में बढ़ोतरी की तैयारी में जुटी हुई है। सूत्रों के अनुसार इसे आधार बना बिजली बिल में 15 से 20 फीसदी का इजाफा होगा।

घोटालों पर साधी चुप्पी

समीक्षा में डिस्कॉम्स ने सस्ते बिजली उत्पादन स्रोत, सालाना घाटे के अलावा प्रति यूनिट पर देय ब्याज के हिसाब से अन्य राज्यों की खुद से तुलना कर स्थिति को बयां की है, लेकिन सामने आ चुके घोटालों पर चुप्पी साध रखी है।

प्रति यूनिट ब्याज भार
राजस्थान 1.81 रूपए
हरियाणा 0.71 रूपए
उत्तर प्रदेश 0.71 रूपए
पंजाब 0.68 रूपए
मध्य प्रदेश 0.39 रूपए
हर साल बढ़ता कर्ज

2008-09 21,404 करोड़
2009-10 32,809 करोड़
2010-11 42,532 करोड़
2011-12 50,781 करोड़
2012-13 63,939 करोड़
2013-14 72,722 करोड़

और ये है स्थिति
- बिजली प्रबंधन में डिस्कॉम्स पूरी तरह विफल साबित हुई।
- कथित राजनीतिक दबाव और अभियंताओं की मिलीभगत से बढ़ती छीजत।
- चार साल पहले वित्तीय पुनर्गठन में वर्ष 2014-15 में छीजत 14.70 फीसदी का लक्ष्य रखा, लेकिन
- वर्तमान में ये 25 फीसदी पार।
- राजनीतिक प्रभाव वाले कई जिलों में 40 फीसदी से अधिक बिजली चोरी।
- राजस्व वसूली में अनदेखी, बिलिंग में गड़बड़ी, ट्रांसफार्मर की बढ़ती चोरी।

घाटे पर डिस्कॉम्स का तर्क
- प्रति यूनिट लागत 8.87 रूपए, जबकि राजस्व 5.27 रूपए। - वर्ष 2004 के बाद 7 साल तक बिजली दरों की समीक्षा नहीं होना। - चौकसी के बावजूद बिजली छीजत में प्रभावी रोक नहीं।
- कर्ज का ब्याज चुकाने के लिए भी कर्ज लेने की मजबूरी।

ऊर्जा राज्य मंत्री पुष्पेंद्र सिंह बोले घाटे का भार दर में बढ़ोतरी से पाटेंगे?
बिजली कंपनियों की माली हालत काफी खराब है। अन्य राज्यों से समीक्षा की गई है। पिछले साल तक घाटा 77 हजार करोड़ था, जो अब और भी ज्यादा होने वाला है। ऎसे में अब बिजली दरों की समीक्षा जरूरी है।

दरें बढ़ाने से घाटा खत्म हो जाएगा ?

कांग्रेस सरकार ने बस योजना बनाई, बिजली चोरी रोकने के कोई प्रयास नहीं किए। बिजली दरों में समीक्षा के साथ-साथ बिजली चोरी पर अंकुश लगाकर घाटे को नियंत्रित करने के प्रयास किए जाएंगे।

कुप्रबंधन-भ्रष्टाचार रोकने के क्या कदम उठाए हंै?

हमने सत्ता में आने के बाद कंपनियों के प्रबंधन में काफी सुधार किया है। आगे भी करेंगे। निगरानी तंत्र को और अधिक चौकस बनाया है। ऑडिट की रफ्तार में भी तेजी लाई जाएगी।

कई नेताओं के क्षेत्र में बिजली चोरी होती है, कैसे लगाम लगेगी?
बिजली चोरी की घटनाओं के खिलाफ युद्ध स्तर पर अभियान छेड़ा गया है। इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों से भी समझाइश करेंगे कि वे बिजली चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद करें।


फर्जी निकला पाली जिला प्रमुख की दसवीं का सर्टिफिकेट

17 February 2015

पाली. पाली के नवनिर्वाचित जिला प्रमुख पेमाराम चौधरी द्वारा रिटर्निंग अधिकारी को प्रस्तुत दसवीं कक्षा का प्रमाण पत्र फर्जी है। उन्होंने जिला परिषद का चुनाव लड़ने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश से वर्ष 2001 में प्राइवेट छात्र के रूप में दसवीं कक्षा उत्तीर्ण का प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था।
यूपी बोर्ड ने कहा- पेमाराम का रिकॉर्ड ही नहीं

यूपी बोर्ड के चार क्षेत्रीय कार्यालय हैं। इनमें एक वाराणसी में भी है। भास्कर ने यूपी बोर्ड से मामले की सच्चाई जानने के लिए सूचना के अधिकार के तहत आवेदन किया। बोर्ड ने 13 फरवरी को बताया-उनके पास वर्ष 2001 में किसी पेमाराम पुत्र केराराम का कोई रिकॉर्ड नहीं है। इस पर भास्कर ने यूपी में माध्यमिक शिक्षा निदेशक वासुदेव यादव से बात की। उन्होंने बताया-मैं 2001 में सचिव हीं नहीं था तो प्रमाण पत्र पर मेरे हस्ताक्षर कहां से आ गए। यादव 2003 के बाद दो बार सचिव रहे हैं।

कलेक्टर ने कहा डीईओ कर रहे हैं जांच, डीईओ बोले- आज तक नहीं मिला जांच का आदेश

भास्कर ने सोमवार को इस मामले की जांच रिपोर्ट को लेकर कलेक्टर रोहित गुप्ता से सवाल किया। उनका कहना था कि मामले की जांच डीईओ कर रहे हैं। मैं छुट्‌टी पर हूं।
एक-दो दिन में रिपोर्ट आई हो जानकारी नहीं। अगर दस्तावेज फर्जी होंगे तो नियमानुसार कार्रवाई करेंगे। वहीं इस मामले में जिला माध्यमिक शिक्षा अधिकारी भंवरलाल नरवाल का कहना है कि उन्हें आज तक जिला प्रमुख के शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच का आदेश नहीं मिला है। उन्हें ऐसा कोई पत्र भी अब तक नहीं मिला है।

शक ऐसे हुआ

पेमाराम ने जब नामांकन भरा था, तब भी आपत्तियां उठी थीं। शिकायत में कहा गया था कि चौधरी आठवीं कक्षा ही पास हैं। नौवीं में स्कूल नहीं जाने के कारण उनका नाम स्कूल से काट दिया गया था। अब अचानक वे दसवीं पास कैसे हो गए। रिटर्निंग अधिकारी ने ये आपत्तियां जांच का निर्देश देकर खारिज कर दीं। इसके बाद चौधरी चुनाव जीत गए।


जयपुर सहित प्रदेशभर में हर्षोल्‍लास से मनाई जा रही महाशिवरात्रि

17 February 2015
जयपुर। महाशिवरात्रि का पर्व आज प्रदेशभर में उच्च राशिगत गुरु-शुक्र के मंगलकारी योग में हर्षोल्‍लास के साथ मनाया जा रहा है। उच्च राशि कर्क में बृहस्पति और उच्च राशि मीन में शुक्र के साथ ही निशीथ काल में चतुर्दशी के समय में चार प्रहर की पूजा श्रेष्ठ फलदायी मानी गई है और राजधानी जयपुर में भी इस अवसर पर शिव मंदिरों में श्रद्धा का सैलाब उमड़ा हुआ है।
शहर के शिवालयों में कांवड़ से लाए गए पवित्र तीर्थों के जल से रूद्राभिषेक एवं सहस्रघट आयोजन का दौर चल रहा है। दूध, जल, बिल्वपत्र, चंदन, आक, धतूरा, भांग, चावल, रोली, मोली, केसर, गाजर, बेर का शिव को अर्पण कर शिव को रिझाया जा रहा है। सुबह से ही दर्शनार्थियों की लंबी कतारें लगी हुई है जो देर शाम तक रहेंगी। ओम नम: शिवाय और बम बम भोले के जयघोष से भोलेनाथ के दर गूंज उठे हैं।

चार प्रहर में चलेगी शिव पूजा

शिवजी की पूजा के लिए चार प्रहर में पूजा श्रेष्ठ फलदायी और मनोकामना पूर्ण करने वाली मानी गई है। शिवरात्रि में चार प्रहर की पूजा के लिए प्रथम प्रहर की पूजा शाम 6:17 बजे से, दूसरे प्रहर की पूजा रात 9:29 बजे से, तीसरे प्रहर की पूजा अर्ध-रात्रि 12:37 बजे से और चतुर्थ प्रहर की पूजा अर्ध-रात्रि बाद 3:54 बजे से की जाएगी।

त्रयोदशी में मनाया जा रहा है शिव पर्व

उदयकाल में त्रयोदशी दोपहर 12.36 बजे तक रहेगी। इसके बाद चतुर्दशी शुरू होगी। बुधवार को चतुर्दशी और अमावस्या दोनों रहेंगी। इस कारण मंगलवार को शिव रात्रि मनाई जा रही है। निशीथ काल में चतुर्दशी श्रेष्ठ : शास्त्रों में निशीथ काल में चतुर्दशी श्रेष्ठ मानी गई है। मंगलवार अर्द्ध रात्रि 12.15 से 1.07 बजे तक चतुर्दशी में निशीथ काल रहेगा।

प्राचीन मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

शहर के सबसे प्राचीन चौड़ा रास्ता स्थित ताड़केश्वर मंदिर में सैकड़ों रामझारे छाकड़ की व्यवस्था की गई है। श्री बब्बू सेठ मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से क्वींस रोड पर झारखंड महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए करीब 600 रामझारों की व्यवस्था की गई है। बनीपार्क के जंगलेश्वर महादेव मंदिर, झोटवाड़ा रोड पानीपेच स्थित चमत्कारेश्वर महादेव मंदिर में शिवरात्रि की पूर्व संध्या पर सोमवार को सोम प्रदोष की झांकी सजाई गई। प्रबंध समिति के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार अग्रवाल ने बताया कि महाशिवरात्रि के अवसर पर संपूर्ण रात को चार प्रहर की सेवा पूजा हुई। भजन संध्या का आयोजन हुआ। मंगलवार को शाम 7:30 बजे से भजन संध्या एवं श्री नयनाभिराम की झांकी होगी।

एकलिंगी मंदिर के खुले पट

साल में एक बार खुलने वाला मोतीडूंगरी शंकरगढ़ की पहाड़ी पर एकलिंगजी मंदिर के पट भी मंगलवार को खुले। यहां अलसुबह से ही दर्शनार्थियों की कतार देखी जा रही हैं।


मुख्यमंत्री ग्रामीण बीपीएल आवास योजना पर लटकी तलवार!

17 February 2015
बाड़मेर. प्रदेश के बीपीएल परिवारों को पक्की छत मुहैया करवाने के उद्देश्य से इंदिरा आवास योजना की तर्ज पर शुरू की गई मुख्यमंत्री ग्रामीण बीपीएल आवास योजना पर तलवार लटकी है। तीन साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से शुरू की गई महत्ती योजना को वसुंधराराजे सरकार ने रोक दिया है।
वित्तीय वर्ष 2014-15 में बीपीएल आवास के लक्ष्य व बजट आवंटन नहीं किया गया है। ऐसे में आशियाने का ख्वाब देख रहे राज्य के लाखों गरीबों को निराशा होना पड़ रहा है। बाड़मेर जिले में तीन फैज में मुख्यमंत्री ग्रामीण बीपीएल आवास योजना से करीब 31911 आवास निर्माण पर 155 करोड़ रुपए खर्च किए गए। उल्लेखनीय है कि इंदिरा आवास योजना से पर्याप्त बजट नहीं मिलने पर गहलोत सरकार की ओर से मुख्यमंत्री ग्रामीण बीपीएल आवास योजना स्वीकृत की गई थी।
राज्य के सभी जिलों में जून 2011 में मुख्यमंत्री ग्रामीण बीपीएल आवास योजना शुरू की गई। प्रथम फेज में जिलेवार आवास लक्ष्य आवंटित किए गए। बाड़मेर को योजना के तहत 18033 आवास स्वीकृत किए गए। इसके लिए हुडको से 8170 लाख रुपए का ऋण स्वीकृत किया गया। इसी तरह फेज द्वितीय वर्ष 2012-13 व तृतीय फेज 2013-14 में अलग अलग लक्ष्य तय कर बजट आवंटित किया गया।
जिला परिषद के माध्यम से बीपीएल परिवारों के आवासों की स्वीकृतियां जारी होने पर तीन किश्तों में राशि हस्तांतरित की गई। इस बार वर्ष 2014-15 में आवास निर्माण के लिए बजट का प्रावधान नहीं रखा गया। इतना ही नहीं लक्ष्य तक तय नहीं किए गए। इस स्थिति में गरीबों के आवास का ख्वाब टूटता नजर आ रहा है।


हिंदुस्तान जिंक पर ग्रामीणों का हमला, 16 बाइक फूंकी, 18 घायल

16 February 2015

अजमेर. कायड़ स्थित हिंदुस्तान जिंक के प्लांट पर गांव के एक गुट के करीब डेढ़ सौ लोगों ने शनिवार को लाठी-सरिए से लैस होकर हमला कर दिया। 16 बाइक फूंक दी तथा करीब 30 को क्षतिग्रस्त कर दिया। पथराव भी किया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और हवाई फायर किए। पथराव में नसीराबाद सीओ हरिप्रसाद सहित 10 पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। उधर, पुलिस कार्रवाई में 8 ग्रामीण घायल हुए।
करीब पांच घंटे दहशत के माहौल के बाद दोपहर करीब डेढ़ बजे स्थिति शांत हुई। ग्रामीणों का यह गुट अपने लोगों को प्लांट में मजदूरी दिलाना चाहता है। इलाके में धारा 164 लगा दी गई है। एहतियात के तौर पर प्लांट के आसपास और कायड़ गांव में पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है।

स्थानीय लोगों की उपेक्षा नहीं

हिंदुस्तान जिंक के प्रबंधक पीएस जिठानिया ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया में भेदभाव नहीं किया जा रहा है। कुछ लोग अपनी मर्जी से लोगों को काम दिलवाना चाहते हैं, लेकिन कंपनी के नियमानुसार भर्ती की जाती है। ग्राम पंचायत के अधिकृत लोगों की सलाह से स्थानीय लोगों को भर्ती में प्राथमिकता दी जा रही है।


चीन-जापान जैसी बनानी होगी सप्लाई चेन, मैनेजमेंट से होगा सुधार

16 February 2015
उदयपुर. चीन का सप्लाई चेन मैनेजमेंट भारत के मुकाबले 25 साल आगे है। यही कारण है कि चीन और जापान के प्रोडक्ट हमसे कई गुना सस्ते हैं। इस लिहाल से मेक इन इंडिया का सपना तभी साकार होगा, जब सप्लाई चेन बेहतर बनाई जाए। इससे प्रोडक्ट की कीमत डेढ़ गुना तक कम हो सकती है। कमजोर मैनेजमेंट से प्रोडक्ट की क्षति की सारी भरपाई उपभोक्ताओं से वसूली जाती है। यह बात होम प्रॉडक्ट्स बनानी वाली कंपनी टप्पर वेयर के प्लांट मैनेजर श्यामल चटर्जी ने कही।
वे आईआईएम यू में शनिवार को सप्लाई चेन समिट-2015 में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने स्टूडेंट्स को सप्लाई चेन मैनेजमेंट में कॅरियर बनाने की सलाह देते हुए कहा कि 1990 में जितना आईटी सेक्टर डवलप हो चुका था, उतना ही आज सप्लाई चेन सेक्टर डवलप हो पाया है। चटर्जी ने कहा कि आने वाले वर्षों में इंडस्ट्री सेक्टर में स्टूडेंट्स के लिए सबसे ज्यादा जॉब सप्लाई चेन मैनेजमेंट में होंगे। सारी बड़ी कंपनियां इस पर वृहद स्तर पर काम कर रही हैं। वे मैनेजमेंट स्टूडेंट्स को इसका सूत्रधार बनाएंगी।
किसी भी इंडस्ट्री के सफल होने के पीछे सप्लाई चेन मैनेजर की अहम भूमिका होती है, जो प्लानिंग, पर्चेजिंग, ट्रांसपोर्टेशन, स्टोरेज व डिस्ट्रीब्यूशन में लगे कोस्ट को देखते हुए प्रोडक्ट की कीमत तय करता है। ऐसे में सप्लाई चेन बेहतर बनाकर प्रोडक्ट सस्ता किया जा सकता है। इसमें कॅरियर के लिहाज से कुछ संस्थाएं सप्लाई चेन मैनेजमेंट में पीजी भी करवा रही हैं। समिट में एप्पल, कोका कोला सहित कई मल्टीनेशनल कंपनियों के मैनेजर आए, जिन्होंने मेक इन इंडिया, सप्लाई चेन, ई-कॉमर्स आदि विषयों पर अपने विचार रखे। डायरेक्टर प्रो. जनत शाह भी मौजूद रहे।


संडे बना सिटी का "वन डे"

16 February 2015
जयपुर। देश में क्रिकेट को लेकर ऎसी दीवानगी है कि लोग मैच के रोमांच को देखने के लिए नींद की कुर्बानी देने को तैयार हो जाते हैं। जयपुराइट्स जहां एक दिन पहले वैले ंटाइंस डे की पार्टी में मशगूल रहे, वहीं रविवार का दिन क्रिकेट के नाम रहा। टीम इंडिया की 300 रनों की पारी ने उनके उत्साह को और बढ़ा दिया। दूसरी पारी में इंडियन बॉलर्स के सामने घुटने टेकती पाक टीम ने क्रिकेट प्रेमियों में जोश भर दिया। शानदार जीत का जश्न लोगों ने आतिशबाजी के साथ मनाया।
शहर के होटल्स, मॉल्स और रिसोट्र्स ने शहरवासियों के आनंद को दोगुना करने के लिए खास इंतजाम किए थे। यहां लोगों ने बिग स्क्रीन पर भारत-पाक का महामुकाबला देखा और हर बॉल पर इस तरह रिएक्ट किया, जैसे स्टेडियम में बैठे हों। इस बार अमिताभ बच्चन की कमेंट्री सुनने का क्रेज भी नजर आया।

सड़कें रही सुनसान

शहरवासियों में भारत-पाक मैच का रोमांच इस कदर था कि शहर के सभी व्यस्त इलाके खाली नजर आए। शहर की जिन शॉप्स में टेलीविजन लगा था, वहां लोगों का जमावड़ा जरूर देखने को मिला।

शादी समारोह में भी क्रिकेट क्रेज

रविवार को शहर में कई शादी समारोह चल रहे थे। दिन में वहां भी मैच का आनंद लिया। जेएलएन मार्ग स्थित एक होटल में आयोजित शादी में स्पेशल स्क्रीन का इंतजाम कि या गया।

फेसबुक पर बदलते रहे कमेंट्स

क्रिकेट लवर्स के हाथों में एक ओर जहां टीवी का रिमोट था, वहीं दूसरी ओर स्मार्टफोन। मैच शुरू होते ही लोग फेसबुक पर मैच देखने की इन्फॉर्मेशन शेयर करने लगे। इसके बाद पल-पल की जानकारी देते नजर आए। ऎसा ही लोगों ने अपने वाट्सअप ग्रुप पर भी किया। जैसे ही इंडिया की जीत आसान लगने लगी, लोगों ने पाक टीम के खिलाडियों पर चुटकी लेना शुरू कर दिया। मैच जीतते ही फेसबुक पर रोचक कमेंट्स आने लगे। लोगों ने भारत-पाक मैच पर हाल ही दिखाई जाने वाले विज्ञापन का भी सोशल नेटवर्किंग पर जिक्र किया।


आरएएस से आईएएस में पदोन्नति प्रक्रिया शुरू

14 February 2015

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट के निर्णय के बाद राज्य सरकार ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) के अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में पदोन्नत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को इस सम्बन्ध में कार्मिक विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। अब आरएएस से आईएएस में पदोन्नति के लिए साक्षात्कार बोर्ड गठित करने के लिए शीघ्र ही केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। राजस्थान आरएएस एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने इस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री के सचिव तन्मय कुमार से भेंट की।
अध्यक्ष वीपी सिंह के अनुसार मुख्यमंत्री ने पदोन्नति के सम्बन्ध में कार्मिक विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। राज्य सरकार चयन बोर्ड के गठन के लिए केन्द्र को पत्र भेजेगी। आरएएस एसोसिएशन का कहना था कि पत्र भेजने के साथ बोर्ड जल्द गठित करवाने के लिए राज्य सरकार के स्तर पर भी प्रयास करने चाहिए। मुख्यमंत्री के सचिव ने इस सम्बन्ध में सकारात्मक आश्वासन दिया है।

45 पद रिक्त

सिंह का कहना है कि आरएएस से आईएएस में पदोन्नति के लिए राज्य सरकार के पास 45 पद रिक्त हैं। चयन बोर्ड बनने के बाद प्रक्रिया जल्द पूरी होती है तो अधिकारियों की कमी की समस्या से निजात मिल सकेगी। उन्होंने बताया कि बैठक में आईएएस का कैडर रिव्यू भी शीघ्र करने का अनुरोध किया गया। इस पर बताया गया कि कार्मिक विभाग का प्रस्ताव मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच गया है। इस पर भी शीघ्र निर्णय किया जाएगा। आईएएस का कैडर रिव्यू हर पांच साल बाद होता है।
पद कटौती का विरोध : एसोसिएशन ने हायर सुपर टाइम स्केल के पदों में कटौती के प्रस्ताव का विरोध करते हुए सरकार से पुनर्विचार का आग्रह किया है। वित्त विभाग ने गत दिनों पदों को आठ से घटाकर तीन प्रतिशत करने का फैसला किया था। मुख्यमंत्री के सचिव ने कार्मिक विभाग से राय लेने का भरोसा दिलाया है।


बजट की प्रति फाड़ महापौर पर फेंकी

14 February 2015
जयपुर। नगर निगम के पांचवें बोर्ड की पहली साधारण सभा हंगामेदार रही। महापौर के बजट अभिभाष्ाण पढ़ने के साथ हीे शुरू हुआ हंगामे का सिलसिला अंत तक चलता रहा। कांग्रेसी जनप्रतिनिधियों ने सदन की गरिमा को ताक पर रख बजट अभिभाष्ाण की प्रतियां फाड़ महापौर के ऊपर फेंक दी और काले रंग की जैकेट उतारकर लहराते रहे। इस बीच ज्यादातार पाष्ाüदों ने नगर निगम सीईओ और अन्य अफसरों पर जमकर निशाना साधा। सीधे तौर पर शहर के विकास कार्यो में रूकावट के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की।
बदहाल सफाई, सीवर, टूटी सड़कें, बंद रोड लाइट का मामला बार-बार उठा तो महापौर निर्मल नाहटा को कहना पड़ा कि जो अधिकारी लागों के हित में काम नहीं करेगा, उसकी निगम में जगह नहीं रहेगी। इस बीच ज्यादातर पाष्ाüदों ने बजट को बेहतर बताया, लेकिन ज्यादा व्यावहारिक बनाने के लिए सुझाव दिए। हंगामे व आरोप-प्रत्यारोप के बीच करीब 8 घंटे चली सभा में वित्तीय वष्ाü 2015-16 के लिए 1257 करोड़ रूपए का बजट पास हुआ। हालांकि, बजट पर चर्चा की बजाय पाष्ाüद समस्या गिनाने रहे। सभा में विधायक सुरेन्द्र पारीक भी पहुंचे।

सफाई ठेके में गड़बड़ी, होगी जांच

नगर निगम की ओर से हाल ही अस्थाई सफाईकर्मियों के लिए दिया ठेका सवालों के घेरे में आ गया है। पाष्ाüद अनिल शर्मा ने गंभीर आरोप लगाया कि अफसरों ने मिलीभगत क र दो रूपए प्रति अस्थाई कर्मचारी की ज्यादा दर में डीम कंस्ट्रक्शन फर्म को ठेका दे दिया गया। जबकि, अन्य कंपनियों ने सफाई के लिए 262 रूपए और सीवर सफाई के लिए 290 रूपए प्रति बीट हिसाब से दर दी थी। इससे निगम को हर माह करीब 2.50 लाख रूपए का नुकसान हो रहा है। मामला गरमाया तो भाजपा, कांग्रेस सहित कई निर्दलीय पाष्ाüद भी समर्थन में आ गए। उन्होंने भी ज्यादा दर में ठेका देने पर आयुक्त (स्वास्थ्य) व उच्चाधिकारियों को कठघरे में खड़ा किया। महापौर ने इसकी जांच कराने की बात क ही, तब जाकर मामला शांत हुआ। अभी करीब 3 हजार अस्थाई कर्मचारी काम कर रहे हैं।

बजट 129 करोड़ बढ़ा, पर नया कुछ नहीं

पिछले वष्ाü की तुलना में इस बार बजट राशि 129 करोड़ रूपए ज्यादा है। इसके बावजूद शहर के लिए ज्यादा कुछ नया नहीं है। इसमें शहर की सम्पत्तियों का जीआईएस तक नीक से सर्वे कराकर डेटाबेस तैयार करने, खेल के मैदान विकसित करने की संभावना तलाशने के अलावा ज्यादातर नियमित कार्यो को ही तरजीह दी गई है। इसमें राजस्व बढ़ोतरी में गृहकर वसूलना भी अंकित किया है, जबकि सरकार वष्ाü 2007 में इसी खत्म कर चुकी है। पिछली बार नगरीय विकास कर वसूलने का लक्ष्य 150 करोड़ रूपए बताया गया, जबकि अब तक 30 करोड़ रूपए की वसूली नहीं हो सकी। 192 कच्ची बस्तियों के विकास, शुल्क जमा कराने की ऑनलाइन सुविधा, बदहाल सीवरेज लाइन बदलना, सफाईकर्मियों की नियमित स्वास्थ्य जांच का दावा किया गया है।

हंगामें के बीच पढ़ा अभिभाषण

महापौर ने सुबह 11.40 बजे बजट पढ़ना शुरू किया। कांग्रेसी पाष्ाüद गुलामनबी और उमरदराज ने महापौर को खड़े होकर बजट अभिभाष्ाण पढ़ने और पिछली बैठक की पुष्टि क रने की मांग की। महापौर ने इसे गैर जरूरी बताते हुए कुर्सी पर बैठकर ही अभिभाष्ाण पढ़ना जारी रखा। इससे दोनों पाष्ाüदों का पारा चढ़ गया और सभी महापौर आसन के आगे तक पहुंच गए।
इस बीच गुलामनबी ने बजट प्रति फाड़कर फेंकी। अन्य कांग्रेसी पाष्ाüदों ने भी अपनी-अपनी बजट प्रति उठाई और फाड़कर महापौर के ऊपर फेंक दी। उमरदराज व अन्य पाष्ाüद महापौर तक पहुंचने के लिए तेजी से आगे बढ़े तो पुलिसकर्मी सकते में आ गए। उन्होंने चारों तरफ घेरा बनाकर उन्हें रोका। हंगामे के बीच ही महापौर ने दोपहर 12.51 बजे बजट पर अभिभाष्ाण खत्म किया। करीब 1 घंटा 11 मिनट तक यही सिलसिला चलता रहा। उपमहापौर मनोज भारद्वाज, पाष्ाüद अशोक लाहोटी कई बार कांग्रेसी पाष्ाüदों को समझाने की कोशिश की।


दारा सिंह एनकाउंटर प्रकरण में एडीजी रहे जैन आरोप मुक्त

14 February 2015
जयपुर। हाईकोर्ट ने दारा सिंह एनकाउंटर मामले में आरोपित तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ए के जैन को आरोप मुक्त कर दिया है। इससे पहले इसी मामले में स्वास् थ्य मंत्री राजेन्द्र राठौड़ भी आरोप मुक्त हो चुके हैं। जयपुर जिला न्यायालय ने एक मई 2012 को जैन के खिलाफ हत्या सहित आईपीसी की विभिन्न धाराओं में आरोप तय किए थे, इसी आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। न्यायाधीश निशा गुप्ता ने इस मामले में जैन की याचिका के आधार पर उनके खिलाफ आरोप तय करने के अधीनस्थ अदालत के आदेश को शुक्रवार को रद्द कर दिया है। जैन जमानत पर चल रहे थे।
यह भी तथ्य: मामले में 17 को आरोपित माना गया, जिनमें से विजय चौधरी की मौत हो गई। शेष्ा 16 में से जैन के साथ ही निलम्बित आईपीएस ए पोन्नूचामी अंतरिम जमानत पर थे। अब पुलिसकर्मी नरेश शर्मा, अरशद अली, जुल्फिकार और सुभाष्ा गोदारा को छोड़कर सभी जमानत पर है। राठौड़ और जैन आरोप मुक्त हो चुके हैं।

यह कहा है कोर्ट ने

आरोप : जैन ने ष्ाड्यंत्र रचा

हाईकोर्ट : इसके पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं। टेलीफोन पर हुई बातचीत का पता चलने तक केवल जैन और राठौड़ के बीच टेलीफोन सम्पर्क को सबूत नहीं माना जा सकता। घटना के समय राठौड़ संसदीय कार्य मंत्री थे और विधानसभा का सत्र चल रहा था, ऎसे में दोनों के बीच बात होने को संदेह का आधार नहीं माना जा सकता। यह भी कोई प्रमाण नहीं है कि दोनों के बीच बात होने के बाद जैन ने एसओजी टीम को फोन किया या एसओजी टीम ने जैन को फोन किया हो। इसलिए सबूतों की कड़ी नहीं जुड़ रही है। फोन पर बात होने के आधार पर हत्या का ष्ाडयंत्र साबित नहीं होता। सीबीआई ने स्वयं यह माना है कि दारा सिंह आदतन अपराधी था और मुठभेड़ से पहले उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं था।

आरोप $: आनन-फानन में 25 हजार रूपए का इनाम घोçष्ात किया
हाईकोर्ट : पुलिस अधीक्षक चूरू ने बहुत पहले ही दारा सिंह को मोस्ट वांटेड की सूची में रखने और गिरफ्तारी के लिए इनाम घोçष्ात करने की सिफारिश कर दी थी। मृतक दारा सिंह की पत्नी सुशीला भी कह चुकी कि पांच हजार रूपए का इनाम था, जो 25 हजार रूपए कर दिया। इनाम घोçष्ात करने और फोन रिकॉर्ड के आदेश झूठे

तथ्य के आधार पर नहीं थे। याचिकाकर्ता जैन इस मामले में केवल माध्यम था।

आरोप : जैन तबादला होने पर फाइल को साथ ले गए।
हाईकोर्ट : इसका अपराध साबित होने से कोई सम्बन्ध नहीं है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने 16 फरवरी 2010 को एक मामले में प्रगति रिपोर्ट पेश की, उसने वष्ाü 2008 की अवार्ड फाइल से दस्तावेज हासिल किए। इसलिए फाइल साथ ले जाने की दलील बेकार है। सीबीआई ने पहली चार्जशीट में राठौड़ के खिलाफ अनुसंधान लम्बित रखा और इसके बाद सीबीआई ने तत्कालीन अटार्नी जनरल जी ई वहानवती से राय ली, जिसमें उन्होंने कहा कि पुख्ता सबूत नहीं हैं। सीबीआई ने बिना अग्रिम अनुसंधान राठौड़ के खिलाफ आरोप पत्र पेश कर दिया। इसमें दोनों के बीच ष्ाड्यंत्र के आरोप लगा दिए, जबकि इसका प्रमाण नहीं था कि मारने के ष्ाडयंत्र के लिए दोनों मिले थे। इसलिए पुख्ता सबूत नहीं है। मोबाइल टावर के आधार पर यह नहीं माना जा सकता कि विजय चौधरी ने दारा सिंह को एयरपोर्ट के पास एसओजी टीम को सौंपा और टीम ने उसे लालवास के पास रखा। केवल कल्पना के आधार पर किसी को अभियुक्त नहीं बनाया जा सकता।


राजस्थान में स्वाइन फ्लू से 114 मौतें

13 February 2015

जयपुर। राजस्थान में स्वाइन फ्लू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। आज जयपुर में 3 लोगों की और हनुमानगढ़ में 2 लोगों की फ्लू से मौत हो गई। मौतों के बाद चिकित्सा महकमें में हड़कंप मच गया। प्रदेशभर में मृतकों की संख्या 114 तक पहुंच गई है।
इधर, फ्लू पर सरकार भी सख्त हुई है। जयपुर के एसएमएस अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही बरतने पर 3 डॉक्टरों पर कार्रवाई की गई है।
चिकित्सा विभाग ने स्वाइन फ्लू के इलाज और व्यवस्थाओं में गंभीर लापरवाही का दोषी मानते हुए एसएमएस अस्पताल के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. लक्ष्मीकांत को सेवा से बर्खास्त करने के आदेश जारी कर दिए। साथ ही ऐसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राघवेन्द्र चौधरी को एपीओ करने और यूनिट एंचार्ज डॉ. पी. एस. पीपलीवाड को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया।


राजस्थान में टैक्स फ्री हुई आयुष्मान की "हवाईजादा"

13 February 2015
जयपुर। राजस्थान सरकार ने आयुष्मान स्टारर फिल्म "हवाईजादा" को राज्य में मनोरंजन कर मुक्त घोषित कर दिया है। इस संबंध में वित्त विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना के मुताबिक पूरे राज्य में एक साल तक इस फिल्म को सौ फीसदी मनोरंजन कर से मुक्त घोषित कर दिया है।
अधिसूचना में सिनेमाघरों और मल्टीप्लेक्स के मालिकों को दर्शकों से मनोरंजन कर की राशि नहीं वसूलने के लिए कहा गया है। उल्लेखनीय है कि एमपी और यूपी में फिल्म को टैक्स फ्री किया जा चुका है। फिल्म के निर्माताओं ने सभी राज्य सरकारों से फिल्म को मनोरंजन टैक्स फ्री घोषित करने की गुजारिश की है।
"हवाईजादा" भारतीय वैज्ञानिक शिवकर बापूजी तलपड़े के जीवन पर आधारित फिल्म है। तलपड़े को भारत का पहला मानव रहित विमान बनाने वाला वैज्ञानिक माना जाता है। फिल्म में आयुष्मान खुराना, पल्लवी शारदा ने मुख्य भूमिका निभाई है।


अविश्वास प्रस्ताव रद्‌द, ललित मोदी के पास 11 वोट

13 February 2015
जयपुर. हाईकोर्ट ने राजस्थान क्रिकेट संघ (आरसीए) में ललित मोदी के खिलाफ 5 माह पहले लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने चार सप्ताह में नए सिरे से नियमानुसार अविश्वास प्रस्ताव लाने को कहा है। आमीन पठान ग्रुप 11 अक्टूबर को मोदी के अलावा सचिव सोमेंद्र तिवारी, कोषाध्यक्ष पवन गोयल व डिप्टी प्रेसिडेंट महमूद आब्दी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया था।
न्यायाधीश बेला एम.त्रिवेदी ने यह आदेश बुधवार को ललित मोदी (जरिए महमूद आब्दी) सहित अन्य की याचिकाओं पर दिए। अदालत ने कहा कि इस अवधि के दौरान 17 अक्टूबर 2014 का अंतरिम आदेश बहाल रहेगा। इस अंतरिम आदेश से अदालत ने राज्य खेल परिषद के अध्यक्ष को आरसीए के कामकाज का प्रबंध देखने का निर्देश दिया था।
ललित मोदी की ओर से याचिका में कहा कि आमीन ने आरसीए के दफ्तर पर कब्जा कर उन्हें बिना नोटिस दिए ही अविश्वास प्रस्ताव लाकर स्वयं को कार्यवाहक अध्यक्ष मनोनीत किया है, जबकि आरसीए के चुनाव सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश पर हुए थे। अब चुने हुए सदस्यों को काम करने से रोका जा रहा है और संविधान में इसका प्रावधान नहीं है। इसलिए चुने प्रतिनिधियों को काम करने दिया जाए। वहीं आमीन पठान की दलील थी कि बहुमत उनके साथ है और संविधान में आर्बीट्रेशन के जरिए ही विवाद का निपटारा करने का प्रावधान है। ऐसे में कोर्ट चाहे तो संघ के चुनाव दुबारा करा सकती है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनकर नए सिरे से अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए कहा।

यह था मामला

11 अक्टूबर, 2014 को आमीन पठान के नेतृत्व में कुछ जिला संघों ने मोदी, तिवारी, गोयल व आब्दी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित करने का दावा किया था। इनके स्थान पर आमीन को कार्यवाहक अध्यक्ष, शक्तिसिंह को कार्यवाहक सचिव, मोहम्मद इकबाल को कार्यवाहक कोषाध्यक्ष व विमल शर्मा को कार्यवाहक डिप्टी प्रेसिडेंट नियुक्त कर दिया था। मोदी इसके खिलाफ कोर्ट में गए थे।

समस्या यह भी

अविश्वास प्रस्ताव के समय वोटों की वैधानिकता को लेकर भी विवाद की स्थिति हो सकती है, क्योंकि आरसीए के चुनाव के बाद कुछ जिला संघों में चुनाव हो गए। इसी तरह सवाईमाधोपुर जिला संघ में पिछले चुनाव में जिसने वोट दिया था, उस ग्रुप को खेल परिषद नहीं मानती। खेल परिषद ने दूसरे ग्रुप को मान्यता दे रखी है। ऐसे में अब खुद परिषद अध्यक्ष की देखरेख में प्रक्रिया अपनाई जाएगी, तो देखना होगा कि वे किसे वोट का अधिकार देते हैं।
कोर्ट के निर्णय से हम राहत मिली है और यह साफ हो गया है कि आमीन पठान ग्रुप द्वारा अंसवैधानिक तरीके से कार्रवाई की गई थी। हम अविश्वास से दूर नहीं भागते, लेकिन कानूनी तरीके से निश्चित प्रक्रिया अपनानी चाहिए थी। हमारे पास पूरा बहुमत है। महमूद आब्दी, प्रवक्ता ललित मोदी

कोर्ट के फैसले का हम सम्मान करते हैं। बहुमत हमारे पास है, इसलिए कोर्ट ने मोदी ग्रुप को सत्ता नहीं सौंपी है। हम फिर से अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे। क्रिकेट में बाहरी लोगों का कोई काम नहीं है। -आमीन पठान

अविश्वास प्रस्ताव का गणित

आमीन पठान ग्रुप के जिला संघों द्वारा अविश्वास को नोटिस देने पर खेल परिषद अध्यक्ष संघ की एजीएम बुलाएंगे। यह मीटिंग 12 मार्च तक बुलानी है। अविश्वास प्रस्ताव पास करने के लिए तीन चौथाई वोट चाहिए। यानी आरसीए के कुल 33 में से 25 वोट। ऐसे में मोदी ग्रुप को अपने बचाव के लिए सिर्फ नौ वोट की जरूरत होगी। उनके पास फिलहाल 11 वोट हैं।


भाजपा ने कांग्रेस से छीनी 17 जिलों की सत्ता

07 February 2015

जयपुर। पंचायतीराज चुनाव में भाजपा ने कांग्रेस से 17 जिलों की सत्ता छिन ली जबकि कांग्रेस भाजपा से सिर्फ एक जिला परिषद हथियाने में कामयाब रही। शुक्रवार रात तक घोषित 32 जिला परिषदों के नतीजों में यह सामने आया है कि कांग्रेस आठ जिला परिषदों को बचाने में कामयाब रही। कांग्रेस ने बांसवाड़ा, बाड़मेर, बीकानेर, बूंदी, दौसा, जैसलमेर, करौली और कोटा जिला परिषदों में फिर से बाजी मारी है वहीं भाजपा ने अजमेर, चित्तौड़गढ़, गंगानगर, झालावाड़, प्रतापगढ़ और सिरोही जिला परिषदों में पुरानी बढ़त बनाए रखी है।
भाजपा ने कांग्रेस से छीनी ये जिला परिषद

अलवर, बारां, भीलवाड़ा, चूरू, धौलपुर, डूंगरपुर, हनुमानगढ़, जयपुर, जालौर, जोधपुर, नागौर, पाली, राजसमंद, सीकर और टोंक जिला परिषदों में पिछले चुनाव में कांग्रेस का कब्जा था जिसे इस बार भाजपा ने ध्वस्त कर दिया है। झुंझुनूं में इस बार भाजपा-कांग्रेस बराबरी पर रही हैं।

कांग्रेस से हथियाई 90 पंचायत समितियां

पंचायत समितियों में भी भाजपा ने कांग्रेस को करारी शिकस्त दी है। पिछली बार 248 पंचायत समितियों में से 159 में कांग्रेस का कब्जा था। इस बार इनमें से 138 में भाजपा ने बढ़त बनाई है। भाजपा ने इस बार 90 पंचायत समितियों में कांग्रेस का कब्जा तोड़कर बाजी मारी है।
कांग्रेस भी 28 पंचायत समितियां भाजपा से छीनने में कामयाब रही है। भाजपा ने 48 पंचायत समितियों में अपनी सत्ता बनाए रखी है जबकि कांग्रेस ने 73 पंचायत समितियों में फिर से अपना कब्जा जमा लिया है।

नई पंचायत समितियों में भी भाजपा भारी

प्रदेश में इस बार पुनर्गठन के बाद बनाई गई 47 पंचायत समितियों में 28 में भाजपा को बढ़त मिली है। कांग्रेस ने 18 पंचायत समितियों में बाजी मारी है। एक पंचायत समिति में कांग्रेस और भाजपा बराबरी पर रही हैं।


33 में से 22 जिलों में वसुंधरा टीम का आना तय

07 February 2015
जयपुर. प्रदेश की 33 जिला परिषदों में से 22 में भाजपा व नौ में कांग्रेस ने बहुमत हासिल किया है। किसी तरह की उठापटक या जोड़ तोड़ नहीं हुआ तो 22 जिलों में भाजपा व 9 जिलों में कांग्रेस के जिला प्रमुख बनना लगभग तय है। प्रदेश की 295 पंचायत समितियों में से 129 में भाजपा आगे है, जबकि 121 में कांग्रेस। 45 पर स्थिति अस्पष्ट बनी हुई है।
झुंझुनूं जिला परिषद में दोनों पार्टियों के बराबर सदस्य जीते हैं। यहां एक सीट पर बतौर निर्दलीय जीतने वाले पर दोनों पार्टियों की नजर रहेगी। भरतपुर में वोटों की गिनती का काम देर रात तक जारी था। वहां पर एक भी रिजल्ट घोषित नहीं हुआ है। शनिवार को निर्वाचित सदस्य जिला प्रमुख व पंचायत समिति सदस्य प्रधान का चुनाव करेंगे। रविवार को उप जिला प्रमुख व उप प्रधान चुनेंगे। उधर, दोनों दलों में देर रात तक प्रमुख और प्रधानों के नाम पर मशक्कत चलती रही।


सीएम तय करेंगी जिला प्रमुख, भारतीय जनता पार्टी को मिला बहुमत

07 February 2015
जयपुर. जयपुर का जिला प्रमुख शनिवार सुबह मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के स्तर पर तय होगा। जिला परिषद में भाजपा को बहुमत मिला है। जिला प्रमुख बनाने के लिए प्रमुख दावेदार माने जा रहे पूर्व विधायक कन्हैयालाल मीणा व मूलचंद मीणा की लॉबी सक्रिय हो गई है। ऐसे में शुक्रवार देर रात तक भाजपा की ओर से जिला प्रमुख तय नहीं हो पाया।
लंबा राजनैतिक अनुभव होने के कारण पूर्व विधायक कन्हैयालाल मीणा का नाम आगे हैं लेकिन अतीत में उनका भाजपा के खिलाफ विधानसभा चुनाव लड़ना उनके लिए माइनस प्वाइंट बना हुआ है। भाजपा ने जिला परिषद से जीते सभी प्रत्याशियों की बिलोची के सनराइज होटल में प्रशिक्षण के नाम पर तीन दिन से बाडे़बंदी कर रखी है। इन नवनिर्वाचित जिला परिषद सदस्यों के साथ शुक्रवार देर रात तक पार्टी के पदाधिकारी बैठक कर राय जानते रहे।
जिला परिषद के 51 वार्डों में से भाजपा के 27, कांग्रेस के 22 व 2 निर्दलीय जिला पार्षद निर्वाचित हुए हैं। जिला प्रमुख पद इस बार अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित है। जिला परिषद में एसटी (सामान्य) के लिए तीन वार्ड (19, 41 व 51) आरक्षित थे। एसटी के लिए आरक्षित जिला परिषद के 19 व 41 वार्ड से कांग्रेस प्रत्याशी जीते है। वहीं वार्ड नं. 51 से भाजपा के मूलचंद मीणा को विजय मिली है। हालांकि सामान्य वार्ड-24 से पूर्व विधायक कन्हैयालाल मीणा ने भी जीत हासिल की थी।

जिला प्रमुख के दावेदार

कन्हैयालाल मीणा : पूर्व विधायक (बस्सी)
ताकत : लंबा राजनैतिक अनुभव, भाजपा के बड़े नेताओं से अच्छे संबंध, बस्सी से विधायक के साथ ही भैरूसिंह शेखावत सरकार में मंत्री रह चुके है।
कमजोरी : भाजपा से बगावत करके निर्दलीय के रूप में दो बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। पिछला विधानसभा चुनाव हार चुके है।

मूलचंद मीणा : पंचायती राज विभाग से रिटायर्ड अधिकारी
ताकत : पंचायत राज विभाग की समझ, प्रशासनिक अनुभव
कमजोरी : ज्यादा राजनीतिक अनुभव नहीं
ये रहे हैं जयपुर जिला प्रमुख : जिला प्रमुख के पद पर पिछले बीस साल में 15 साल भाजपा का शासन रहा है।
1995 से 2000 : रामचरण बोहरा (सांसद) (भाजपा)
2000 से 2005 : मधु शर्मा (भाजपा)
2005 से 2010 : रामगोपाल गार्ड (भाजपा)
2010 से 2015 : हजारीलाल नागर (कांग्रेस)


जयपुर : 15 में से 7 कांग्रेस, 6 भाजपा

06 February 2015

जयपुर। जिले की पन्द्रह पंचायत समितियों की गुरूवार को हुई मतगणना में कांग्रेस का पलड़ा भारी रहा। रात एक बजे तक जारी परिणामों के अनुसार कांग्रेस को 7 और भाजपा को 6 पंचायत समितियों में बढ़त मिली। जबकि सांभरलेक व बस्सी पंचायत समितियों में किसी को बहुमत नहीं मिला।
अब पंचायत समिति प्रधान बनाने में निर्दलीय फैसला करेंगे। सांभरलेक व बस्सी पंचायत समिति में बहुमत भले ही किसी दल को नहीं मिला, लेकिन सांभरलेक में भाजपा तथा बस्सी पंचायत में कांग्रेस के सदस्यों की संख्या ज्यादा है। उधर, जिला परिषद के 51 वार्डो में से देर रात 16 वार्डो के रूझान मिले थे, इनमें कांग्रेस 14 तथा भाजपा 2 वार्डो में आगे चल रही थी।

रूझान के साथ ही चढ़ती गई सांसें

ईवीएम मशीन का बटन दबा और मतों की संख्या सामने। कुछ पलों में रूझान और दो से तीन घण्टे में नतीजे आने के साथ ही चुनाव परिणाम का माहौल समाप्त। लोकसभा, विधानसभा और शहरी निकाय चुनाव के इस माहौल के विपरीत गुरूवार को गांवों की सरकार के नतीजे को लेकर शहर में सुबह से शाम तक लोगों में उत्साह बना रहा।
पंचायत चुनाव में ईवीएम के बजाय मतपत्रों के जरिए डाले गए वोटों की गिनती देर शाम तक चलती रही। इस बीच कॉमर्स कॉलेज व राजस्थान कॉलेज के बाहर के साथ-साथ झालाना संस्थानिक क्षेत्र तथा गांधी नगर में वाहनों के जमावड़े के साथ ही ग्रामीणों का हुजूम लगा रहा। मतगणना के दौरान राउंड-दर-राउंड रूझान आने के साथ ही लोगों की सांसें चढ़ती गई।
मतगणना के समय अक्सर जवाहर लाल नेहरू मार्ग को अवरूद्ध कर दिया जाता है, लेकिन इस बार यातायात पुलिस ने आम लोगों की सुविधा को देखते हुए इस मार्ग पर यातायात सुचारू रखा। मार्ग पर पूरे दिन भीड़ रही, लेकिन जाम जैसी स्थिति नहीं बनने दी गई।

मतगणना अव्यवस्थित, आधी रात तक नहीं मिले पूरे परिणाम

जयपुर जिले की 15 पंचायत समिति और जिला परिषद चुनाव की गुरूवार को राजस्थान व कॉमर्स कॉलेज में हुई मतगणना के दौरान जिला प्रशासन की व्यवस्था फेल रही। सुबह 8 बजे मतगणना का काम चालू हुआ, लेकिन दोपहर बाद तक तो मतगणना कर्मी वोटों के पर्चे संभालने में ही लगे रहे। इसकी नतीजा यह रहा कि रात बारह बजे तक तो सभी पंचायत समितियों के परिणाम जारी नहीं हो सके। उधर, जिला परिषद के 51 वार्डो के लिए मतगणना रात दस बजे बाद शुरू हुई। ऎसे में रात बारह बजे तक तो जिला परिषद के किसी वार्ड का जिला प्रशासन के अधिकारी रूझान तक नहीं बता सके।

भाजपा के खिलाफ अविश्वास का वोट : पायलट

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने राज्य के पंचायत चुनाव नतीजों को कांग्रेस के लिए उत्साहजनक बताते हुए कहा कि चुनाव का जनादेश सत्ताधारी भाजपा के खिलाफ अविश्वास का वोट है। इन चुनावों में कांग्रेस का मत प्रतिशत करीब पन्द्रह प्रतिशत बढ़ा है। इससे जाहिर होता है कि प्रदेश की जनता ने भाजपा के एक साल के विफल शासन का संज्ञान लिया है और कांग्रेस को एक बार फिर आशीर्वाद दिया है। नतीजों से भाजपा का अहम व अहंकार टूटेगा।
पायलट ने पीसीसी में गुरूवार शाम संवाददाता सम्मेलन में कहा कि चुनावों के रूझानों से विधानसभा, लोकसभा व स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में भी भाजपा का दबदबा होने के सत्ताधारी नेताओं के दावे धाराशायी हो गए हैं। भाजपा की बाड़ाबंदी, धन व बाहुबल का उपयोग व लालच की राजनीति के बावजूद गांवों में कांग्रेस की पकड़ मजबूत हुई है। प्रदेश की जनता ने इन नतीजों के जरिए संकेत दिया है कि जनता वादाखिलाफी को बर्दाश्त नहीं करेगी।
पायलट ने कहा कि सरकार वादों को पूरा करने में नाकाम रही है। यूरिया, खाद, बिजली व पानी की कमी से परेशान ग्रामीणों ने राज्य सरकार के खिलाफ मतदान किया है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आठ जिलों में कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिलने जा रहा है। फिर भी भाजपा जोड़-तोड़ की राजनीति कर सकती है, क्योंकि उसे हार बर्दाश्त नहीं होती। इसलिए कांग्रेस सतर्क है कि कहीं उसके बहुमत में भाजपा सेंध नहीं लगा ले। उन्होंने दावा किया कि इन नतीजों का असर शनिवार को हो रहे दिल्ली विधानसभा चुनावों पर भी पड़ेगा।


वसुंधरा के ड्रीम प्रोजेक्ट को मिलेंगा 3000 करोड़ का ऋण

06 February 2015
जयपुर। राज्य में 20 हजार किमी सड़कें बनाने के मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के ड्रीम प्रोजेक्ट के प्रस्ताव को वित्त मंत्रालय ने गंभीरता से लिया है। राज्य के मुख्य सचिव की ओर से भेजे प्रस्ताव के मुताबिक पहले चरण में राज्य सरकार 12 हजार करोड़ रुपए की लागत से प्रदेश में 4 हजार किमी किमी सड़कें बनाएगी। इसके लिए सरकार ने एडीबी से 3 हजार करोड़ रुपए का ऋण मांगा है।
केंद्रीय वित्त सचिव राजीव महर्षि के निर्देश पर एडीबी के कंट्री डायरेक्टर (ट्रांसपोर्ट), कंट्री के रीजनल ऑफिसर (ट्रांसपोर्ट ) समेत तीन शीर्ष अधिकारी दिल्ली से शुक्रवार को जयपुर आएंगे। राज्य सरकार दो चरणों में एडीबी से 6 हजार करोड़ रुपए का ऋण लेना चाह रही है। यह 20 साल में चुकाना होगा।
एडीबी की यह तीन सदस्यीय टीम राज्य सरकार की ओर से दिए गए केंद्र को दिए गए प्रपोजल का विभिन्न मापदंडों के आधार पर आंकलन करके देखेगी। इसके लिए एडीबी के रीजनल ऑफिसर अनिल मोटवानी समेत तीन शीर्ष अधिकारी शुक्रवार को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, वित्त विभाग और पीडब्ल्यूडी के शीर्ष अधिकारियों के साथ भी बैठक कर सकते हैं।
क्षमताओं के आंकलन की एडीबी की ओर से एक महीने में रिपोर्ट तैयार करके वित्त मंत्रालय को सौंपी जाएगी। सबकुछ ठीक रहा तो वित्त मंत्रालय से दो महीने में पहले फेज के लिए ऋण का अनुमोदन हो जाएगा। प्रक्रिया के तहत राज्य सरकार की ओर से टेंडर प्रक्रिया का पेपर वर्क पूरा होने पर एडीबी की ओर से पहले चरण में 3 हजार करोड़ रुपए का ऋण दे दिया जाएगा। राज्य सरकार 12 हजार किमी सड़कों के लिए शेष राशि पीपीपी मोड के तहत जुटाई जाएगी।


राजस्थान लोक सेवा आयोग कार्यालय को मानव बम से उड़ाने की धमकी

06 February 2015
अजमेर. राजस्थान लोक सेवा आयोग कार्यालय को मानव बम से उड़ाने की धमकी मिली है। आयोग कार्यालय में बुधवार को डाक से धमकी भरा पत्र मिला है। इसमें कहा गया है कि एलडीसी भर्ती परीक्षा परिणाम शीघ्र जारी नहीं किए गए तो पूरे कार्यालय को बम विस्फोट कर तहस-नहस कर दिया जाएगा।
आयोग अधिकारियों की शिकायत पर गुरुवार को पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने एहतियात के तौर पर आयोग कार्यालय पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं। गुरुवार को पुलिस दल ने आयोग कार्यालय परिसर में चप्पे-चप्पे की जांच की। पुलिस ने कोई भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति मिलने से इनकार किया है। पुलिस के अनुसार आयोग कार्यालय में अज्ञात व्यक्ति ने धमकी भरा पत्र भेजा है।
पत्रमें लिखा है कि एलडीसी भर्ती परीक्षा के परिणाम शीघ्र जारी नहीं किए गए तो मानव बम से आयोग कार्यालय को उड़ा दिया जाएगा। धमकी को गंभीर मानते हुए आयोग प्रशासन ने एसपी को मामले की जानकारी दी। एसपी बहादुर सिंह राठौड़ के निर्देश पर सिविल लाइंस थाना प्रभारी हनुमान विश्नोई ने जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने आयोग कार्यालय की सुरक्षा के लिए पुलिस दल भी तैनात कर दिया। थाना प्रभारी ने मय दल के आयोग कार्यालय परिसर की बारीकी से जांच की। मेटल डिटेक्टर से परिसर में जांच की गई। विश्नोई के अनुसार पत्र के आधार पर जांच की जा रही है।

एलडीसी परीक्षा परिणाम रोकने से अभ्यर्थी हैं नाराज

आरपीएससी की ओर से एलडीसी भर्ती परीक्षा 11 जनवरी 2014 को ली गई थी, लेकिन परिणाम जारी नहीं किया गया है। अभ्यर्थियों ने परिणाम जारी करने और नियुक्ति देने की मांग को लेकर कई बार आयोग प्रशासन को ज्ञापन दिए हैं। बुधवार को भी अभ्यर्थियों ने आयोग कार्यालय पर प्रदर्शन किया था। आयोग सचिव नरेश कुमार ठकराल के अनुसार परिणाम आयोग में विचाराधीन है।
एसपी के आदेश से पत्र भेजने वाले के बारे में तफ्तीश शुरू कर दी गई है। इस दौरान आयोग परिसर पर निगरानी के लिए पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। -हनुमान राम विश्नोई, थाना प्रभारी, सिविल लाइंस


कटारिया-गहलोत की बीमारी ने सिखाया स्वाइन फ्लू का इलाज

05 February 2015

उदयपुर. प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया को स्वाइन फ्लू होने के बाद सरकार को इस बीमारी के इलाज की नई दिशा मिल गई। इनकी बीमारी के बाद सरकार ने अलर्ट जारी किया और निशुल्क जांच की सुविधा शुरू की। मरीज पाए जाने पर आसपास के क्षेत्र की स्क्रीनिंग भी जरूरी कर दी।
बुधवार को जयपुर में स्वाइन फ्लू के लिए नया वार्ड भी खोला गया। उधर, कटारिया और गहलोत की तबीयत में सुधार है। डॉक्टर की रिपोर्ट के मुताबिक कटारिया 26 को दिल्ली गए थे। तभी से उन्हें गले में दर्द आदि के लक्षण दिखे। उसके बाद वे मुंबई व जयपुर भी गए। 2 फरवरी को उनकी जांच में स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाया गया था। उनकी पत्नी को रोग नेगेटिव आया था। इसके बाद उनके निवास स्थल पर ही सेपरेट व्यवस्था की गई थी।

खुद सीएमएचओ ने कराई एंटी फ्लू एक्टिविटी: स्वाइन फ्लू रोग से पॉजिटिव आते ही सीएमएचओ डॉ. संजीव टांक ने खुद अपनी देखरेख में एक्टिविटी कराई। करीब दो घंटों तक आसपास के घरों में जाकर दवाइयां बंटवाई व उनके लक्षण भी पूछे।

कटारिया : राउंड द क्लॉक देखरेख

उदयपुर में तीन दिन से राउंड द क्लॉक मेडिकल स्टाफ उनकी देखरेख कर रहा है। कटारिया के घर सुबह व शाम तीन डॉक्टरों की टीम जांच के लि‍ए उनके घर जाती है। दिन में एक बार सीएमएचओ टीम भी मॉनिटरिंग के लिए पहुंचती है। सुबह फिजिशियन डॉ. महेश दवे के नेतृत्व व शाम को डॉ. डी सी कुमावत के नेतृत्व में दो डॉक्टर व एक एनेस्थिसिया के डॉक्टर की टीम मेडिकल एंबुलेंस के साथ पहुंचती है। एंबुलेंस की किट में उनके लिए टेमी फ्लू की दवाओं के अलावा, सभी तरह की एंटीबायोटिक, बुखार, फेंफड़ों में इंफेक्शन की दवाएं मौजूद रहती हैं। इसके अलावा उनके लिए अलग से ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटीलेटर की व्यवस्था कर रखी है।


नवनियुक्त शिक्षकों को वोट का अधिकार देने की मांग

05 February 2015
जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय में प्रस्तावित सिंडिकेट के शिक्षक प्रतिनिधि पद के चुनाव के लिए कवायद तेज हो गई है। इसके लिए नवनियुक्त सहायक प्रोफेसरों को वोटि ंग का अधिकार नहीं देने से शिक्षकों में रोष्ा भी है। इधर, इनके वोटिंग अधिकार को लेकर सीनेट के निर्वाचित प्रतिनिधि डॉ. एस. एस.चौहान ने मांग की है कि इनको भी समान रूप से वोट का अधिकार दिया जाए। उन्होंने बताया कि इन्हें वोटिंग के अधिकार से नहीं रोका जा सकता।


हारे सरपंच प्रत्याशी को भेंट किए 11.11 लाख

05 February 2015
जोधपुर। जिले के बिलाड़ा पंचायत समिति के भावी पंचायत में सरपंच पद के प्रत्याशी की हार से उसके समर्थक इतने आहत हुए कि उन्होंने इसे अपनी प्रतिष्ठा का विष्ाय बना लिया और ग्रामीणों ने चंदा कर पराजित प्रत्याशी को 11.11 लाख रूपए की माला भेंट की। इसी प्रकार सांगरिया में सरपंच पद की पराजित प्रत्याशी धीरज कंवर को भी उनके समर्थकों ने साढ़े पांच लाख रूपए भेंट किए।
भावी में सरपंच पद के उम्मीदवार शंकरलाल ढाका चुनाव में हार गए। यह बात सरपंच के समर्थक ग्रामीणों को अखरी। उन्होंने अपने प्रत्याशी के खर्चे की भरपाई की ठान ली। उनको सहयोग के रूप में नोटों की माला पहनाई। गांव के प्रत्येक घर से यह राशि एकत्र की गई। शाम तक 11 लाख 11 हजार 111 रूपए की राशि एकत्र हो गई। इसी तरह का दूसरा रोचक नजारा सांगरिया में देखने को मिला। ग्राम पंचायत में इस बार सरपंच पद के लिए धीरज कंवर पत्नी प्रवीण सिंह शेखावत ने भाग्य आजमाया। आखिरी चरण में उन्हें 380 मतों से हार का सामना करना पड़ा। विभिन्न समाज व संगठन के लोगों ने धीरज कंवर को सहायक के लिए करीब 5.50 लाख रूपए उपलब्ध करवाए।


क्रॉस वोटिंग करने वालों को बाहर करेगी कांग्रेस

04 February 2015

जयपुर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव व राजस्थान के प्रभारी गुरदास कामत ने कहा कि जिला परिषदों व पंचायत समितियों में प्रमुख व प्रधान पद के चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग करने वाले निर्वाचित कांग्रेसजनों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। क्रॉस वोटिंग सामने आने पर संबंधित सदस्य को तुरन्त पार्टी से निष्कासित किया जाएगा। वहीं ऎसे प्रत्याशी को पार्टी का टिकट दिलाने की पैरवी करने वाले नेताओं को भी जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
कामत ने मंगलवार को यहां प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से कहा कि कांग्रेस पर्यवेक्षकों व अन्य लोगों से मिले फीडबैक के अनुसार पंचायत चुनाव में कांग्रेस को आशातीत सफलता मिलेगी, फिर भी पार्टी के प्रांतीय नेतृत्व को सरकारी मशीनरी के दुरूपयोग तथा धन व बाहूबल के इस्तेमाल की आशंका के मद्देनजर सतर्क रहने को कहा गया है।
चुनाव में बगावत पर निष्कासन और फिर बागी नेताओं को वापस ले लेने के सवाल पर कामत ने कहा कि जिन लोगों को वापस लिया गया है, उन्होंने पार्टी आलाकमान के सामने पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए अपने कृत्यों के लिए माफी मांगी है। यदि इनकी वापसी से पार्टी को मजबूती मिलती है, तो इस पर किसी को हैरानी नहीं होनी चाहिए।
लगातार हार से राज्य में पार्टी की कमजोर होती स्थिति और खुद उनके दो महीनों से राजस्थान से दूर रहने के सवाल पर कामत ने कहा कि वे प्रभार वाले अन्य राज्यों में व्यस्तता के कारण नहीं आ पाए। वैसे प्रदेश कांग्रेसाध्यक्ष सचिन पायलट पूरी क्षमता व जिम्मेदारी के साथ काम कर रहे हैं।

कामत व पायलट ने लिया एक-एक जिले का फीडबैक

कांग्रेस महासचिव गुरूदास कामत व प्रदेश कांग्रेसाध्यक्ष सचिन पायलट ने मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में लगभग पांच घंटे तक पंचायत चुनाव के लिए कांग्रेस पर्यवेक्षकों, प्रदेश पदाधिकारियों व प्रमुख कांग्रेसजनों से मुलाकात कर पंचायत चुनावों पर चर्चा की। बाद में पत्रकारों से बातचीत में दोनों नेताओं ने कहा कि सभी जगह से फ ीडबैक अच्छा आया है। यूरिया-खाद व बिजली-पानी की तंगी से परेशान ग्रामीणों में सरकार के प्रति रोष का कांग्रेस को चुनावों में फायदा मिलेगा, लेकिन सूत्रों की मानें तो क ई जिलों के पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट उत्साहजनक नहीं है। कई जिलों में पर्यवेक्षकों की गलती से कांग्रेस प्रत्याशियों के नामांकन खारिज होने पर कामत ने हैरानी जताई।

जिसका बहुमत, टिकट उसे ही : पायलट के अनुसार पर्यवेक्षकों को मंगलवार को ही वापस जिलों में भेज दिया गया है। इन्हें जिला प्रमुख-उप प्रमुख तथा प्रधान-उप प्रधान के सिम्बल दे दिए गए हैं। लेकिन जिला परिषद व पंचायत समिति में जीतने वाले जिस प्रत्याशी के पास बहुमत होगा, उसे ही पार्टी प्रत्याशी बनाएगी।

अंडरटैकिंग का सहारा : पंचायत चुनावों में न तो दलबदल कानून लागू होता है और न ही व्हिप जारी की जा सकती है। लेकिन आशंकित कांग्रेस जीत कर आए लोगों से पहले तो अधिकृत प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने की अंडरटैकिंग लेगी।

कार्यकर्ताओं से करेंगे संवाद

कामत ने कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सभी नेताओं को ब्लॉक स्तर पर कार्यकर्ताओं से संवाद स्थापित कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। राजस्थान में सम्भाग स्तर पर ऎसे संवाद कार्यक्रमों में वे खुद शामिल होंगे। कार्यकर्ताओं के फीडबैक के आधार पर राज्य की रिपोर्ट 28 फरवरी को आलाकमान के समक्ष पेश की जाएगी। जिलों में संगठन में फेरबदल के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस पर बाद में फैसला किया जाएगा।


अब दिल्ली जाने की जरूरत नहीं, यहीं मिलेगा प्रशिक्षण

04 February 2015
जयपुर। हत्या, डकैती, दुष्कर्म जैसे संगीन अपराध होने पर पुलिस भी घटना स्थल पर बारीकी से वैज्ञानिक सबूत जुटा सकेगी। इसके लिए राजस्थान पुलिस अकादमी के नजदीक विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) परिसर में ही प्रशिक्षण केन्द्र खोलने की तैयारी चल रही है। एफएसएल सूत्रों के मुताबिक केन्द्र खोलने के लिए भवन निर्माण चल रहा है, जो आगामी मार्च तक तैयार हो जाएगा। बाद में प्रशिक्षण के लिए जरूरी उपकरण खरीदे जाएंगे।
सूत्रों के मुताबिक अभी विधि विज्ञान प्रयोगशाला के वैज्ञानिक दिल्ली में नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर सेंट्रल फोरेंसिक सर्विस ट्रेनिग सेंटर में प्रशिक्षण लेने जाते हैं। जयपुर में केन्द्र चालू होने पर वैज्ञानिकों के साथ पुलिस और न्यायिककर्मी भी प्रशिक्षण ले सकेंगे। अभी दिल्ली में प्रशिक्षण के लिए वैज्ञानिकों को ही भेजा जाता है। पुलिस को घटनास्थल पर वैज्ञानिक साक्ष्य सुरक्षित रखने और आवश्यक होने पर एकत्र करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

अभी ये होती हैं जांच

विधि विज्ञान प्रयोगशाला में अभी डॉक्यूमेंट्स, केमिस्ट्री, आरसन एंड एक्सप्लोसिव, फोटो, नारकोटिक्स, बायोलॉजी, फिजिक्स, बैलेस्टिक, सेरोलॉजी, टॉक्सीकोलॉजी और डीएनए डिवीजन में नमूनों की जांच होती है। अब यह तय होगा कि एक साथ सभी डिवीजन का प्रशिक्षण चालू किया जाए या फिर शुरूआत में कुछ डिवीजन का।


मास्टर प्लान अटका, राजस्थान के शहरों का स्मार्ट सिटी का सपना टूटा

04 February 2015
जोधपुर. हाईकोर्ट के कड़े रुख को देखते हुए मंगलवार को मास्टर प्लान से संबंधित याचिका पर हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से आश्वस्त किया गया कि याचिका विचाराधीन रहने तक जोधपुर सहित प्रदेश के छह शहरों में प्रस्तावित मास्टर प्लान लागू नहीं किया जाएगा। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा- मास्टर प्लान ऐसा होना चाहिए जो कॉमनमैन के समझ में आए, जबकि यह तो ऐसा मास्टर प्लान है जो इतने दिन की सुनवाई के बावजूद हमें भी समझने में जोर आ रहा है और आप समझा भी नहीं पा रहे हैं।
मास्टर प्लान पर सुनवाई बुधवार को भी जारी रहेगी। कोर्ट के कड़े रुख को देखते हुए सरकार की ओर से पेश हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता डॉ. पीएस भाटी ने वहां मौजूद मुख्य नगर नियोजक से विचार-विमर्श कर याचिका विचाराधीन रहने या कोर्ट की अनुमति मिलने तक जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, अजमेर, कोटा व बीकानेर शहर में नए मास्टर प्लान को लागू नहीं करने के लिए आश्वस्त किया।


भाजपा विधायक व जिलाध्यक्ष के फूहड़ नृत्य पर कांग्रेस का विरोध

03 February 2015

जयपुर। कांग्रेस ने रामगढ़ (अलवर) से भाजपा विधायक ज्ञानदेव आहूजा व अलवर भाजपा जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह द्वारा लोहड़ी मेले के दौरान अभद्र प्रदर्शन की निंदा की है। कमेटी मीडिया चेयरपर्सन डॉ. अर्चना शर्मा ने कहा कि प्रदेश में स्वाइन फ्लू के प्रकोप के कारण महामारी फैली हुई जिससे 51 से ज्यादा लोगों की मौतें हो चुकी हैं। प्रदेश में अपराध अनियंत्रित रूप से बढ़ रहे हैं, लेकिन भाजपा नेता इन सबसे बेफिक्र होकर मौज-मस्ती में मशगूल हैं। प्रदेश भाजपा के नेता शायद भूल गए कि उन्हें जनादेश जनता की सेवा के लिए मिला है, न कि सार्वजनिक रूप से अभद्रता के लिए। महिलाओं के नृत्य के दौरान विधायक पैसा उछाल रहे हैं। ऐसी स्थिति ने पूरे प्रदेश की जनता को शर्मसार किया है। डॉ. शर्मा ने कहा कि महिला मुख्यमंत्री को अपने नेताओं के आचरण को संज्ञान में लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।


अब स्कूल की क्वालिटी पर फोकस

03 February 2015
जयपुर। सीबीएसई की ओर से शुरू किया गया "स्कूल क्वालिटी एसेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन" इस साल ज्यादा प्रभावी किया जाएगा। सीबीएसई ने सभी स्कूलों को एक्रेडिटेशन करवाने के लिए निर्देश दिया है। ऎसे में अब स्कूलों में क्वालिटी असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन प्रोसेस को रफ्तार मिलने वाली है। हालांकि यह योजना पिछले साल से चालू है, लेकिन इस साल इसे प्रमुखता से रखा गया है। यह इनिशिएटिव बोर्ड के नए साल के तोहफों में शामिल है। इसके अलावा भी बोर्ड ने एजुकेशन क्वालिटी को बढ़ाने के लिए कुछ इनिशिएटिव लिए हैं, जिनमें कई पुरानी योजनाओं को अच्छी तरह फॉलो करने के साथ-साथ कुछ नए कदम भी उठाए गए हैं। बोर्ड के चेयरपर्सन सतबीर बेदी ने न्यू ईयर सर्कुलर में यह सूचना जारी की है।

स्कूल क्वालिटी एसेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन

यह प्रोजेक्ट अब पूरे देश में लागू हो चुका है। इसके तहत शहर के हर सीबीएसई स्कूल को एक्रेडिटेशन करवाना है, जिसमें स्कूलों को ग्रेडिंग दी जाएगी। इस प्रोसेस में सिर्फ स्कूल प्रशासन ही नहीं, बल्कि पैरेंट्स, स्टूडेंट्स और सीबीएसई की एक्रेडिटेशन एजेंसी सभी शामिल हो रही है। इसमें स्कूल की क्वालिटी पर फोकस रहेगा। इसमें लीडरशिप, इन्फ्रास्ट्रेक्चर, एजुकेशन एंड स्कूल एडमिनिस्ट्रेशन की मॉनिटरिंग होगी।

एम्पावरमेंट प्रोग्राम फॉर प्रिंसिपल एंड टीचर्स

सीबीएसई प्रिंसिपल और टीचर्स के लिए एम्पावरमेंट प्रोग्राम लॉन्च को भी रफ्तार देने की सोच रही है। इसमें कंटीन्यूअस एंड कॉम्प्रेहेंसिव इवैल्यूएशन को अमल में लाने, लर्निग प्रोसेस को इफे क्टिव बनाने, जेंडर सेंसिविटी और वैल्यू एजुकेशन को लागू करने से लेकर क्वालिटी एजुकेशन को बढ़ावा मिलेगा। प्रोग्राम के तहत टीचर्स और प्रि ंसिपल की ट्रेनिंग पहले से ज्यादा इफे क्टिव बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य स्कूल हैड्स और टीचर्स को टेक्नोलॉजी से जोड़ना है, ताकि ई-लर्निग को बढ़ावा मिल सके।

इन पर भी रहेगा फोकस

- मॉनिटरिंग एंड एवेल्यूशन ऑफ इम्पैनल एजेंसी
- इंडिया के नॉर्थ ईस्टर्न स्टेट के कल्चर और हैरिटेज से स्टूडेंट्स को जोड़ना
- सीबीएसई उड़ान प्रोजेक्ट
- सारांश-स्कूल सेल्फ रिव्यू टूल
- सीबीएसई एक्सपे्रशंस सीरीज
- क्लास नाइंथ एंड इलेवंथ के लिए प्रॉब्लम सोल्विंग एसेसमेंट
- सीबीएसई इंटरनेशनल करिकुलम
- असेसमेंट ऑफ स्पीकिंग एंड लिसनिंंग स्किल
- सीबीएसई चैनल ऑन यूट्यूब


तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती पर रोक कायम

03 February 2015
जोधपुर। तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2013 के मामले में आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों का अनारक्षित श्रेणी में माइग्रेशन नहीं करने के राज्य सरकार के निर्देश पर लगाई गई हाईक ोर्ट की अंतरिम रोक जारी रहेगी। अगली सुनवाई 12 फरवरी को होगी। राज्य सरकार ने इस मामले में कैविएट दायर किया है।
न्यायालय ने मामले में लगाई गई रोक जारी रखने और एक सप्ताह बाद 12 फरवरी को सुनवाई करने के निर्देश दिए। न्यायालय ने विशनाराम, नाथूराम व अन्य की याचिकाओं पर प्रारम्भिक सुनवाई के बाद ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग को नोटिस जारी कर राज्य सरकार के निर्देशों पर रोक लगा दी थी।


स्वाइन फ्लू से मौतों में राजस्थान सबसे आगे, दूसरे पर गुजरात

02 February 2015

जयपुर। स्वाइन फ्लू से मौतों के मामले में राजस्थान देश में सबसे आगे है। दूसरे नम्बर पर गुजरात है। राजस्थान में अब तक स्वाइन फ्लू के 160 मामले सामने आए इनमें से 38 की मौत हुई। वहीं गुजरात में 170 मामले सामने आए इनमें से 22 मरीजों की मौत हुई। हालांकि स्वाइन फ्लू के सबसे अधिक 509 मामले तेलंगाना में सामने आए, लेकिन यहां समय पर मरीजों का इलाज होने से मृतकों की संख्या 21 रही। दिल्ली में 361 मामले सामने आए इनमें से पांच मरीजों की मौत हुई। आंध्र प्रदेश में दो, हरियाणा में अब तक सात मौतें हो चुकी है।
राजस्थान में मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। देश में अब तक सबसे ज्यादा 30 दिन में 38 मौतें प्रदेश में हुई है। यह आंकड़ा यह बताने के लिए काफी है कि स्वाइन फ्लू से लोगों को बचाने के लिए सरकारी इंतजाम हमारे यहां कितने नाकाफी हैं। बाजारों में वैक्सीन नहीं है। अस्पतालों में जांच किट से लेकर आइसोलेशन वार्ड भी अभी तैयार नहीं हैं।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के विशेषज्ञों के मुताबिक स्वाइन फ्लू से पीडि़त मरीजों के परिजनों को भी हाई रिस्क श्रेणी में रखा जाना चाहिए, साथ ही उन्हें भी वैक्सीन दी जानी चाहिए, लेकिन ऐसा हो नहीं रहा। स्वाइन फ्लू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम भेजी, मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने दो बार मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए, लेकिन जिला स्तर के एवं ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में इलाज के माकूल इंतजाम नहीं हो सके। राजस्थान में पिछले साल 12 माह में जितनी मौतें हुई उससे ज्यादा इस बार एक माह में हो गई। राज्य में वर्ष 2014 में स्वाइन फ्लू से 34 लोगों की मौत हुई थी, लेकिन इस साल जनवरी माह में ही यह आंकड़ा 38 तक पहुंच गया है।
उल्लेखनीय है कि 2009 में अब स्वाइन फ्लू को पेंडेमिक घोषित किया गया था उस वक्त उसका स्ट्रेन एच1एन1 था। जिसने दुनियाभर में हजारों लोगों की जान ली। इससे पहली मौत मैक्सिको में हुई थी। भारत में अब तक हजार से मौतें हो चुकी है। प्रदेश के चिकित्सा मंत्री राजेन्द्र राठौड़ का कहना है कि सरकार हर संभव प्रयास कर रही है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. बीआर मीणा ने बताया कि हमारे पास 2.90 लाख टेमी फ्लू टेबलेट हैं। इन्हें विभिन्न अस्पतालों में भेजा जा रहा है। इसके अलावा 10 लाख और दवाओं का ऑर्डर दिया गया है। ये दवाएं कुछ ही दिन में आए जाएंगी और प्रदेश के सभी अस्पतालों से लेकर डिस्पेंसरियों तक वितरित करा दी जाएंगी।


देश-दुनिया में बिकेगी कोटा की तकनीक

02 February 2015
कोटा। कोटा विश्वविद्यालय द्वारा फ्लाईऎश पर किए गए शोध की तकनीक अब देश-दुनिया में बेची जाएगी। इसके लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की इकाई नेशनल रिसर्च डवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एनआरडीसी) ने समझौता पत्र (एमओयू) तैयार किया है। इस पर कोटा विश्वविद्यालय और मंत्रालय दोनों की सहमति भी बन चुकी है। समझौता होने के साथ ही एनआरडीसी को कोटा विश्वविद्यालय की तकनीक को देश-दुनिया में बेचने की अनुमति मिल जाएगी। इसके लिए कोटा विश्वविद्यालय को खोजक र्ता (इनवेंटर) के रूप में रॉयल्टी भी देय होगी। विश्वविद्यालय के डिपार्टमेंट ऑफ प्योर एण्ड एप्लाइड केमेस्ट्री विभाग द्वारा यह शोध किया गया है। शोध 2010 में ही प्रो. आशुरानी के निर्देशन में पूर्ण कर लिया गया था।

यह होगा समझौता

समझौते पत्र में एनआरडीसी ने स्पष्ट कर दिया है कि लाइसेंस कोटा विश्वविद्यालय उपलब्ध करवाएगा। इसके बाद इसके डाटा एनालिसिस, प्रजेन्टेशन, कॉमर्शियल यूज के बारे में जानकारी देने जैसे सभी कार्य एनआरडीसी द्वारा किए जाएंगे। इसके अलावा यदि विदेशी कंपनी इस तकनीक का उपयोग करती है और इसके लिए लाइसेंस व अन्य औपचारिकताओं का खर्च दोनों संस्थाएं 50-50 प्रतिशत बांटेंगी।

क्या है शोध

कोटा में थर्मल पॉवर प्लांट से निकलने वाली फ्लाईऎश के उपयोग को लेकर यह शोध केन्द्रित था। शोध में फ्लाईऎश को उत्प्रेरक (कैटेलिस्ट) के रूप में काम लेने प्रक्रिया खोजी गई थी। इसके तहत फ्लाईऎश की परत पर केमिकल का इस्तेमाल किया गया था। किसी एक केमिकल व फ्लाइऎश के मिश्रण का उपयोग, एक तापमान पर दूसरे के मिकल में बदला जा सकता है।

यह होगा उपयोग

इस शोध का उपयोग मेडिसिन व कॉस्मेटिक्स के उत्पादन में किया जा सकेगा। मेडिसिन व कॉस्मेटिक के उपयोग के दौरान कई चरणों में केमिकल रिएक्शन होते हैं। इन चरणों में से किसी भी एक चरण में फ्लाईऎश को उत्प्रेरक के रूप में काम में लिया जा सकेगा।


बीएड करने वालों को खुद जमा करानी होगी राशि

02 February 2015
उदयपुर। बीएड पाठ्यक्रम के सत्र 2014-15 में प्रवेश के लिए अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और विशेष्ा पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के पंजीकरण शुल्क के अलावा शेष्ा राशि जमा करने की जिम्मेदारी से सरकार ने पल्ला झाड़ लिया है। शेष्ा शुल्क के 20,450 रूपए विद्यार्थियों को ही भरने का फरमान सुना दिया गया है। इतना ही नहीं, यह राशि जमा कराने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। सरकार का यह निर्णय आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए मुसीबत साबित हो रहा है।
राज्य सरकार के आदेश के अनुसार जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर ने प्री टीचर एज्यूकेशन टेस्ट-2014 के माध्यम से बीएड पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए पूर्व में जिन अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग व विशेष्ा पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के समय महाविद्यालय आवंटन के बाद शेष्ा शुल्क राशि 20,450 में छूट दी थी। सरकार ने इसी सत्र से छात्रवृत्ति के बजाए शेष्ा शुल्क राशि जमा करने का निर्णय किया था। अब सरकार ने निर्णय को बदलते हुए छात्रवृत्ति के मार्फत ही राशि उपलब्ध करने की बात कही है।
राशि जमा कराने का आदेश विद्यार्थियों के साथ ही कॉलेज के लिए भी समस्या का सबब बन गया। पहले तो पंजीकरण शुल्क मात्र के बल पर अनुसूचित जाति-जनजाति आदि के विद्यार्थियों को प्रवेश देने के लिए कहा गया। इसके बाद सरकार ने दस-पंद्रह दिन का समय देकर नया आदेश निकाल दिया है कि राशि विद्यार्थियों से ले ली जाए।
- डॉ. शशि चित्तौड़ा, प्राचार्य, लोकमान्य तिलक शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान