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मध्यप्रदेश डाइजेस्ट |
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एमसीयू के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय मीडिया में दिया ऐतिहासिक योगदान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ![]() 20 AUG 2025 समाज का छपे हुए शब्दों पर भरोसा कायम : डॉ. कुमार विश्वास दादा माखनलाल चतुर्वेदी की प्रतिमा का अनावरण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय ने पिछले पैंतीस वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति अर्जित की है। यहां से शिक्षा प्राप्त पत्रकारों ने मीडिया की दुनिया में मानक स्थापित किए हैं। वे यहां माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के अकादमिक सत्र 2025-2026 का सत्रारंभ समारोह में मुख्य अतिथि की आसंदी से बोल रहे थे। इस मौके पर प्रख्यात कवि डॉ. कुमार विश्वास, विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी, राज्य शासन में मंत्री कृष्णा गौर, महापौर मालती राय, विधायक भगवान दास सबनानी, रामेश्वर शर्मा, उमाकांत शर्मा, जनसम्पर्क आयुक्त डॉ. सुदाम खाडे़ विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने दादा माखनलाल चतुर्वेदी की 12 फीट उंची प्रतिमा का अनावरण भी किया। इस दौरान अतिथियों ने परिसर में पौधरोपण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समाज के संचालन में पत्रकारों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि देवर्षि नारद आदि पत्रकार हैं जिनके जीवन और कार्यव्यवहार से हमें ज्ञात होता है कि अगर पत्रकारिता में लोककल्याण का भाव होगा तो पत्रकारिता बेहतर होगी। मुख्यमंत्री ने रामायणकाल में हनुमानजी को भी एक खोजी पत्रकार के बतौर महत्वपूर्ण संदेश देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता विश्वविद्यालय की साख पूरे देश में है। माखनलाल चतुर्वेदी जी की पत्रकारिता से जुड़े रतौना प्रसंग तथा ब्रिटिश हुकूमत की क्रूरता पर चर्चा करते हुए डॉ यादव ने कहा कि एमसीयू ने आज भी उस परंपरा को जीवित रखा है।
समाज का छपे हुए शब्दों पर भरोसा कायम : डॉ. कुमार विश्वास
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जाने माने कवि और रामकथा विशेषज्ञ डॉ. कुमार विश्वास ने नवागत विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे एक चुनौतीपूर्ण व्यवसाय में प्रवेश कर रहे हैं जिसकी सबसे बड़ी अनिवार्यता विश्सनीयता है। उन्होंने कहा कि समाज का आज भी छपे हुए और बोले हुए शब्दों पर भरोसा कायम है। इस विश्वास को कायम रखना आने वाली पत्रकार पीढ़ी की जिम्मेदारी है। मुख्य वक्ता जाने-माने कवि डॉ. कुमार विश्वास ने कहा कि देश की पत्रकारिता में पिछले 10-11 वर्षों में बहुत अंतर आया है। आज मीडिया में थोपे गए विषय नेपथ्य में जा रहे हैं और देश तथा समाज से जुड़े जो अहम विषय पहले नजरअंदाज कर दिये जाते थे आज वे पत्रकारिता में प्रमुखता से नजर आने लगे हैं। डॉ. विश्वास ने कहा कि किसी विचार को केंद्र में रखते हुए भी तटस्थ होकर लिखना ही पत्रकारिता है। पत्रकारिता के युवा विद्यार्थी परम्परा से पत्रकारिता के पाठ सीख सकते हैं। भारत के ज्ञान और उसकी परंपरा के प्रति किसी भी प्रकार की ग्लानि का भाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने रामायण से जुड़े अनेक प्रसंगों में संचार के महत्व तथा हनुमान जी, अंगद की निर्भीकता, तटस्ठता, समर्पण जैसे गुणों को पत्रकारिता के संदर्भों में समझाया। विद्यार्थियों को अपने संदेश में उन्होंने कहा कि युवा अध्ययनशील बनें और नैतिकता के साथ कार्य करते हुए राष्ट्रधर्म को सर्वोच्च रखें। सत्रारंभ के पहले दिन साफ्ट स्किल्स पर संवाद करते हुए वरिष्ठ संपादक और लेखक एन. रघुरामन ने कहा कि जीवन के हर क्षेत्र में सफल होने के लिए लोगों से व्यवहार करने का कौशल, पूर्वाग्रहों से मुक्त रहना, क्रोध को काबू में रखने के कौशल जैसे गुण बहुत जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि आज हर क्षेत्र में सॉफ्ट स्किल्स एक आवश्यक गुण है। इसके बाद एनिमेशन की दुनिया से जुड़े वरिष्ठ फिल्मकार तथा विशेषज्ञ श्री आशीष कुलकर्णी ने एआई के दौर में बदलती तकनीकों पर संवाद किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में हर कार्यक्षेत्र में तकनीक का समावेश हो चुका है। आने वाले दौर में मीडिया में वीडियो, वर्नाकुलर (क्षेत्रीय कंटेंट) और वाइस का बहुत योगदान बढ़ने वाला है। श्री कुलकर्णी ने कहा कि तकनीक परिवर्तनशील होती है इसीलिए युवाओं को चाहिए कि वे अपने बुनियादी ज्ञान को बेहतर बनाएं। आज के अलग-अलग सत्रों में विश्वविद्यालय की पूर्व छात्राओं निधि परमार, जूही कुलश्रेष्ठ तथा स्वाति कौशिक ने भी विश्वविद्यालय में अपने अध्ययन और अनुभवों से जुड़े विचार साझा किए। उद्घाटन सत्र में श्री विनय उपाध्याय तथा बाद के सत्रों में प्रो. सीपी अग्रवाल, डॉ. अविनाश वाजपेयी तथा डॉ. अनीता सोनी ने संचालन किया। कार्यक्रम के अंतिम सत्र के बाद आभार विश्वविद्यालय की कुलसचिव प्रो. डॉ. पी.शशिकला ने किया। कुलगुरू विजय मनोहर तिवारी ने नवागंतुक विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि वे निरंतर अध्ययन करते रहें तथा अपने अभिभावकों की आशाओं पर खरा उतरने का प्रयास करें। कुलगुरू ने यह भी कहा कि आगामी समय में विश्वविद्यालय एआई, डीप फेक और साइबर सिक्योरिटी जैसे नए विषयों पर नए पाठ्यक्रम आरंभ करेगा। कुलगुरू श्री तिवारी ने कहा कि एमसीयू में देश की अग्रणी समाचार पत्रों द्वारा दुर्लभ घटनाक्रमों के कवरेज से जुड़े प्रथम पृष्ठों की एक गैलरी परिसर में स्थापित की है।
कुमार विश्वास उवाच
· देश में आज भी छपे और बोले गए शब्दों पर लोगों का भरोसा कायम है। इसलिए पत्रकारिता की विश्वसनीयता सबसे बड़ा सवाल है। इसके लिए जिंदगी लगा दें। · यह कहना सबसे बड़ा झूठ है कि हम जनता की पसंद का कंटेंट देते हैं। लोकरूचि के नियामक हम हैं। अपने पाठकों की रूचि बनाना भी हमारा काम है। · विचार और पत्रकारिता के बीच का अंतर नारद बताते हैं। वे नारायण भक्त हैं, किंतु उनके दरबार में भी सच बोल सकते हैं। · हमारे विचारों पर पश्चिम की बहुत गहरी छाया है। हमें आज भी लगता है कि जो कुछ अच्छा है वह पश्चिम से आया है। अब अंदर झांकने का समय है। भारत के ज्ञानबोध के प्रति ग्लानि से मुक्त होना जरूरी है। · किसी कस्बे में बैठा पत्रकार स्थानीय थानेदार से अन्यान्य कारणों से रिश्ते नहीं बिगाड़ना चाहता वह ठीक है। किंतु दिल्ली में बैठकर अनूकूल आकाओं के लिए लिखने वालों को क्षमा नहीं किया जा सकता। अपने विचारों से तटस्थ होकर लिखना ही पत्रकारिता है। · जिन्हें अच्छा पत्रकार बनना है, वे कम से कम तीन साल प्रिंट मीडिया में लगाएं। इससे आप भाषा का संस्कार और सार्थक उपयोग सीख पाएंगे। लघु उद्योग भारती मप्र का स्टार्टअप उद्यमी महाकुंभ 2025 भोपाल में ![]() 19 AUG 2025 उद्यमी महाकुंभ 24 अगस्त को गोविंदपुरा के एमएसएमई कन्वेंशन सेंटर में भोपाल भोपाल: लघु उधोग भारती मप्र द्वारा आगामी 23 -24 अगस्त को भोपाल के गोविंदपुरा स्थित एम.एस.एम.ई. कन्वेंशन सेंटर में दो दिवसीय स्टार्टअप उद्यमी महाकुंभ 2025 आयोजित किया जा रहा हैं। आयोजन के विषय मे सयुंक्त रूप से जानकारी देते हुए लघु उद्योग भारती के प्रदेश अध्यक्ष श्री राजेश कुमार मिश्रा, महामंत्री श्री अरुण सोनी ने बताया कि 23-24 अगस्त को भोपाल में स्टार्टअप उद्यमी महाकुंभ 2025 आयोजित किया जा रहा हैं, जिसमें गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र में बने लघु उधोग भारती के नवीन भवन का लोकार्पण भी किया जाएगा.. श्री सोनी ने बताया कि इस दो दिवसीय आयोजन में प्रदेश भर से 1000 उद्यमी शामिल होंगे जिसमे स्वावलंबी भारत अभियान, स्वदेशी अभियान के अंतर्गत लोकल फॉर वोकेल,प्रदेश में नवीन लघु उद्योग स्थापित करने, महिला उद्यमियों के कार्यो को बढ़ाने एवं प्रदेश भर में लघु उद्योग से जुड़े उद्यमियों के कार्य को कैसे आगे बढ़ाया जाए, लघु उधोग से जुड़े हुए उद्यमियों को व्यापार में आने कठिनाइयों पर भी विमर्श होगा.. इस आयोजन के संदर्भ में विगत दिवस लघु उद्योग भारती के प्रदेश कार्यालय भोपाल में बैठक आयोजित की गई प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को मध्यप्रदेश आने का निमंत्रण ![]() 19 AUG 2025 मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रधानमंत्री से पार्लियामेंट हाउस नई दिल्ली में मुलाकात भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से पार्लियामेंट हाउस नई दिल्ली में सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुलाकात कर मध्यप्रदेश आने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में हाल ही में होने वाले किसान सम्मेलन और भोपाल मेट्रो ट्रेन का शुभारंभ करने प्रधानमंत्री श्री मोदी से आग्रह किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी का पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिवादन किया। प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगीकरण का वातावरण चल रहा है। इस दिशा में स्वदेशी का अभियान भी पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है। आत्मनिर्भर भारत बनाने की कड़ी में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारा लक्ष्य है कि स्वदेशी अभियान के तहत गुणवत्तायुक्त उत्पाद बनाए जाए। इसके लिए हम सबको अधिक काम करने की जरूरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि पिछले सवा साल से औद्योगीकरण का प्रदेश में बड़ा अभियान चलाया जा रहा है, जिसके फलस्वरुप 30 लाख करोड़ से अधिक के एमओयू किए जा चुके हैं। इसमें 21 लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में इसी क्रम से राज्य सरकार काम करती रहेगी और निरंतर विकास की राह पर अग्रसर होती रहेगी। संजय अग्रवाल की 365 डिग्री किताब का विमोचन ![]() 19 AUG 2025 365 डिग्री पुस्तक में संजय अग्रवाल जी की सफलता के दिखे रंग भोपाल दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय में रविवार को पुस्तक 365 डिग्री का विमोचन किया गया। पुस्तक के लेखक संजय आग्रवाल हैं जो एक विचारक, चिंतक और भारतीय राजस्य सेवा के वरिष्ठ अधिकारी हैं। यह कृति लेखकीय दृष्टिकोण से न केवल दैनिक जीवन के अनुभवों को समेटती है. बनिक पाठकों को आत्मनिरीक्षण और प्रेरण की दिशा में भी आग्रसर करती है। रिटायर्ड डीजीपी एसपी त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अईएएस ओपी श्रीवास्तव रहे। लेखक संजय ने कहा 365 डिग्री एक ऐसा प्रयास है, जिसमें हर दिन के अनुभव संघर्ष सफलता और आत्मचिंतन को 365 रंगों में समेटने की कोशिश की गई है। यह पुस्तक पाठक को अपने भीतर झांकने और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करती है। मध्यप्रदेश अब बनेगा क्रिटिकल मिनरल्स हब: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ![]() 19 AUG 2025 मध्यप्रदेश में मिला रेयर अर्थ एलिमेंट्स का भंडार, चीन पर निर्भरता होगी समाप्त भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अब क्रिटिकल मिनरल्स हब बनेगा। मध्यप्रदेश ऊर्जा राजधानी के साथ क्रिटिकल मिनरल्स की राजधानी भी कहलाएगा। इसके साथ ही भारत वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी देश बनेगा। सिंगरौली जिले में रेयर अर्थ एलिमेंट्स (आरईई) का अकूत भंडार मिलने से अब भारत की चीन जैसे देशों पर निर्भरता नहीं रहेगी। केन्द्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने संसद में जानकारी दी थी कि भारत में पहली बार इतनी विशाल मात्रा में इन दुर्लभ तत्वों का पता चला है। यह उपलब्धि भारत को ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
भारत को आत्मनिर्भर बनाने की ओर बड़ा कदम
रेयर अर्थ एलिमेंट्स को आधुनिक तकनीक का आधार कहा जाता है। अब तक भारत इन खनिजों के लिए चीन और अन्य देशों पर निर्भर रहा है। प्रदेश के सिंगरौली की यह खोज भारत को आयात-निर्भरता से मुक्त कर वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बनाएगी। आने वाले समय में यह खोज आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती देने के साथ ही औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देगी।
सिंगरौली : भविष्य का क्रिटिकल मिनरल हब
कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा किए गए शोध में सिंगरौली की कोयला खदानों और चट्टानों में REEs (जैसे स्कैंडियम, यिट्रियम आदि) की आशाजनक सांद्रता पाई गई है। कोयले में इनकी औसत मात्रा 250 पीपीएम और गैर-कोयला स्तर पर लगभग 400 पीपीएम आंकी गई है। जुलाई 2025 में इस खोज की आधिकारिक घोषणा हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में कोयले की राख और ओवरबर्डन भी क्रिटिकल मिनरल्स का सैकण्डरी स्रोत बन सकते हैं।
आईआरईएल के साथ सहयोग
रेयर अर्थ एलिमेंट्स की खोज को देखते हुए राज्य सरकार अब इनके प्रसंस्करण और शोध-अन्वेषण के लिए बेसिक इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में जुटी है। हाल ही में खनिज संसाधन विभाग के प्रतिनिधिमंडल ने इंडियन रेयर अर्थ लिमिटेड (आईआरईएल) की भोपाल इकाई का दौरा किया और संभावित सहयोग पर चर्चा की। विभाग रेयर अर्थ एलिमेंट्स पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की संभावनाएं तलाश रहा है, जो अनुसंधान, प्रशिक्षण और उद्योग को विश्वस्तरीय आधार प्रदान करेगा।
वैश्विक नेतृत्व की ओर भारत
सिंगरौली जिले में मिले इस खजाने से भारत ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहनों और उच्च तकनीकी उद्योगों में आत्मनिर्भर बनेगा। आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश केवल ऊर्जा राजधानी ही नहीं बल्कि क्रिटिकल मिनरल्स की राजधानी भी कहलाएगा। चीन पर निर्भरता समाप्त होगी और भारत वैश्विक मंच पर शक्तिशाली देश के रूप में स्थापित होगा।
प्रमुख स्रोत और भूगर्भीय संरचनाएँ
रेयर अर्थ एलिमेंट्स प्राकृतिक रूप से कई खनिज संरचनाओं में पाए जाते हैं। इनमें बास्टनेसाइट, जेनोटाइम, लोपेराइट और मोनाजाइट प्रमुख हैं। भारत के तटीय क्षेत्रों की रेत और अपक्षयित ग्रेनाइट मिट्टी भी इन तत्वों से समृद्ध मानी जाती है।
रेयर अर्थ एलिमेंट्स के उपयोग
रेयर अर्थ एलिमेंट्स का उपयोग अनेक आधुनिक उद्योगों में किया जाता है, इसमें प्रमुख हैं:- रक्षा और अंतरिक्ष तकनीक : सैमरियम-कोबाल्ट और नियोडिमियम चुम्बक उच्च-प्रदर्शन वाले हथियारों, उपग्रह संचार और रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स में अनिवार्य हैं। पेट्रोलियम उद्योग : लैंथेनम और सेरियम का उपयोग ऑटोमोटिव कैटेलिटिक कन्वर्टर्स और रिफाइनिंग में उत्सर्जन कम करने में होता है। स्थायी चुम्बक : नियोडिमियम-आयरन-बोरॉन तथा सैमरियम-कोबाल्ट चुम्बक इलेक्ट्रिक वाहनों और पवन ऊर्जा संयंत्रों के लिए आवश्यक हैं। डिस्प्ले और प्रकाश उपकरण : यूरोपियम, टर्बियम और यिट्रियम एलईडी, एलसीडी और फ्लैट पैनल डिस्प्ले में उपयोग में आते हैं। कैमरा और स्मार्टफोन लेंस 50% तक लैथेनम से निर्मित होता है। ऑटोमोबाइल सेक्टर : हाइब्रिड वाहनों की बैटरियों में लैथेनम आधारित मिश्र धातुओं का प्रयोग होता है। इस्पात और मिश्रधातु : मिशमेटल (सेरियम, लैथेनम, नियोडिमियम और प्रेजोडायमियम का मिश्रण) इस्पात की गुणवत्ता सुधारने में उपयोगी है। स्वास्थ्य क्षेत्र : गैडोलीनियम MRI स्कैन में कंट्रास्ट एजेंट के रूप में प्रयोग होता है, जबकि ल्यूटेटियम और यिट्रियम समस्थानिक कैंसर उपचार और PET इमेजिंग में सहायक हैं। राज्यपाल श्री पटेल ने प्रदेशवासियों को दीं स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ ![]() 14 AUG 2025 राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। राज्यपाल श्री पटेल ने देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान करने वाले क्रांतिकारियों, देशभक्तों और वीर शहीदों को नमन किया है। भोपाल राज्यपाल श्री पटेल ने अपने संदेश में कहा है कि आज का दिन हमारे महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, बलिदानियों और राष्ट्र निर्माताओं के अदम्य साहस, समर्पण, त्याग और देशभक्ति को स्मरण करने का अवसर है, जिन्होंने अपना सर्वस्व न्यौछावर कर हमें स्वतंत्र भारत का अमूल्य उपहार दिया। हम सभी उन्हें कृतज्ञता के साथ नमन करते हैं। राज्यपाल श्री पटेल ने नागरिकों से अपील है कि स्वतंत्रता अधिकार के साथ एक जिम्मेदारी भी है। हमें राष्ट्र की एकता, अखंडता और प्रगति के लिए सतत प्रयासरत रहना चाहिए। सभी संकल्प लें कि “सबका साथ-सबका विश्वास और सबका प्रयास” के संकल्प सूत्र के साथ भारत को सशक्त, समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित बनाने में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वतंत्रता दिवस पर भोपाल में करेंगे ध्वजारोहण ![]() 14 AUG 2025 उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा जबलपुर और उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल शहडोल में करेंगे ध्वजारोहण 28 जिला मुख्यालयों पर मंत्रीगण ध्वजारोहण करेंगे भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वतंत्रता दिवस की 78वीं वर्षगांठ पर 15 अगस्त को राजधानी भोपाल में आयोजित राज्य-स्तरीय समारोह में ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों के नाम संदेश देंगे। इस अवसर पर राजधानी भोपाल सहित जिला मुख्यालयों पर विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियां भी होंगी। राउप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा जबलपुर और उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल शहडोल में ध्वजारोहण करेंगे। मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह रतलाम, मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय धार, मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल भिण्ड, मंत्री श्री राकेश सिंह नर्मदापुरम, मंत्री श्री करन सिंह वर्मा मुरैना, मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह बालाघाट, मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके मंडला, मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट बुरहानपुर, मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना दतिया, मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया मंदसौर, मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत नरसिंहपुर, मंत्री श्री विश्वास सारंग खरगौन, मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ग्वालियर, मंत्री श्री नागर सिंह चौहान अलीराजपुर, मंत्री श्री प्रदुम्न सिंह तोमर शिवपुरी और मंत्री श्री राकेश शुक्ला श्योपुर में ध्वजारोहण करेंगे। मंत्री श्री चैतन्य काश्यप राजगढ़, मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार दमोह, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर सीहोर, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी खंडवा, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल सीधी, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल बड़वानी, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल मउगंज, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री नारायण सिंह पंवार रायसेन, राज्यमंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल बैतूल, राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी डिंडोरी, राज्यमंत्री श्री दिलीप अहिरवार अनूपपुर और राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह सिंगरौली में ध्वजारोहण करेंगे। सेना के पराक्रम के सम्मान में चलाया जा रहा है हर घर तिरंगा अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ![]() 14 AUG 2025 मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अगुआई में ग्वालियर में निकली भव्य तिरंगा यात्रा तिरंगा यात्रा से उठीं देशभक्ति के जज्बे की हिलोरें भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सेना के पराक्रम को नमन करने के लिये “हर घर तिरंगा” अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत् वीर सपूतों, बलिदानियों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की धरती ग्वालियर में आयोजित हुई देशभक्ति से ओतप्रोत भव्य तिरंगा यात्रा में शामिल होकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है। गर्व की बात है कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने इस बार पाकिस्तान में आतंकवादियों को मारने के साथ उनके विमान और अस्त्र-शस्त्र नष्ट करने का साहसिक काम किया है। ऐतिहासिक नगरी ग्वालियर में सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अगुआई में राजमाता विजयाराजे सिंधिया चौराहा से विशाल तिरंगा यात्रा निकली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव खुले वाहन पर सवार होकर विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, उद्यानिकी एवं सामाजिक न्याय मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और श्री जयप्रकाश राजौरिया सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक सहभागी बने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तिरंगा यात्रा के शुभारंभ अवसर पर कहा कि पूरे देश में घर-घर तिरंगा अभियान चल रहा है। मध्यप्रदेश के सभी हिस्सों में रैलियों के माध्यम से देश की सेना ने ऑपरेशन सिंदूर में जो कर दिखाया है, उसके प्रति सम्मान प्रकट करते हुए स्वतंत्रता का उत्सव मनाया जा रहा है। मेरी ओर से ग्वालियरवासियों को इस अभियान को भव्यता के साथ मनाने के लिये बधाई। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में दुनिया के सामने हमारी सेना ने जो दमखम दिखाया है, वह वाकई में अद्भुत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह खुशी की बात है कि आज ग्वालियर में सेना के पराक्रम के सम्मान में तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है। साथ ही एकात्म मानववाद के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों पर केन्द्रित कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने महापुरुषों की वेशभूषा में आए बच्चों पर की पुष्प वर्षा
तिरंगा यात्रा शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजमाता विजयाराजे सिंधिया चौराहे पर तिरंगा यात्रा कार्यक्रम में महापुरुषों की वेशभूषा में आए बच्चों पर पुष्प वर्षा कर उनका उत्साहवर्धन किया। तिरंगा यात्रा सिटी सेंटर, पटेल नगर, गाँधी रोड़ व आकाशवाणी तिराहे से होते हुए राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय पहुँची। इसका एक वृहद हिस्सा आकाशवाणी तिराहे से ठाठीपुर, कुम्हरपुरा व शहीद गेट होते हुए बारादरी मुरार तक पहुँचा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तिरंगा यात्रा के सम्मान में खड़े लोगों एवं प्रतिभागियों पर पुष्प वर्षा कर सभी का उत्साहवर्धन किया।
सम्पूर्ण यात्रा मार्ग हुआ तिरंगामय
भारतीय आन-बान और शान के प्रतीक तिरंगा थामकर बाइकर्स, सैन्य व पुलिस बल के जवान, एनसीसी की सभी विंग, भूतपूर्व सैनिक, विद्यार्थी, दिव्यांग, जनप्रतिनिधि, विभिन्न शासकीय, सामाजिक व स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधिगण तिरंगा यात्रा में निकले तो सम्पूर्ण यात्रा मार्ग तिरंगामय हो गया। बीच-बीच में विभिन्न स्थानों पर बने मंचों पर गूँज रहे आजादी के तराने व भारतीय संस्कृति से ओत-प्रोत रंगारंग कार्यक्रमों से लोगों में देश भक्ति का जज्बा हिलोरें लेने लगा। साथ ही जगह-जगह पर रंगों व फूलों की रंगोलियां और आजादी व देश की रक्षा के लिये अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों की वेशभूषा में सजे-धजे बच्चे व कलाकार एवं तिरंगा लेकर शामिल हुए दिव्यांग बाइकर्स एवं एसएएफ द्वितीय वाहिनी बैंड की प्रस्तुतियाँ भी आकर्षण का केन्द्र रहीं।
कलेक्टर एवं एसएसपी सहित अन्य अधिकारी भी हुए यात्रा में शामिल
संभाग आयुक्त श्री मनोज खत्री, पुलिस महानिरीक्षक श्री अरविंद सक्सेना और पुलिस उप महानिरीक्षक श्री अमित सांघी भी तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। साथ ही कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री धर्मवीर सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक कुमार, नगर निगम आयुक्त श्री संघ प्रिय व अपर कलेक्टर श्री कुमार सत्यम सहित जिला प्रशासन व पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तिरंगा थामकर स्कूटी व बाइक पर सवार होकर तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। नशे के अवैध कारोबार में लिप्त आरोपियों के खिलाफ जारी रहेगी ठोस कार्रवाई : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ![]() 14 AUG 2025 नशा नाश की जड़ है, इसकी लत से होने वाला कष्ट किसी से नहीं छिपा प्रदेश सरकार समाज से नशे की बीमारी को जड़ से समाप्त करने के लिए संकल्पित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नशा मुक्त भारत अभियान की 5वीं वर्षगांठ पर नशा मुक्ति के लिए दिलाई शपथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 56.52 लाख से अधिक पेंशन हितग्राहियों को 339 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का किया अंतरण मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय समारोह को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नशा परिवार, समाज और देश की खुशहाली और समृद्धि को कई गुना पीछे ले जाता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नशा मुक्त भारत अभियान की शुरुआत 5 वर्ष पहले की थी। नशा मुक्त मध्यप्रदेश के संकल्प की सिद्धि के लिए राज्य सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। प्रदेश के 19 धार्मिक क्षेत्रों में शराब दुकानों और बार पर प्रतिबंध लगाया गया है। पुलिस द्वारा 15 जुलाई से 31 जुलाई तक प्रदेश में "नशे से दूरी है जरूरी" अभियान का सफल संचालन किया गया। पुलिस नशा कारोबारियों के मास्टरमाइंड पर शिकंजा कस रही है। नशा मुक्त मध्यप्रदेश के लिए कानून के साथ सामाजिक जागरूकता की दिशा में भी काम किया जा रहा है। सरकार समाज से नशे की बीमारी को जड़ से समाप्त करने के लिए संकल्पित हैं। भोपाल पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार में लिप्त आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की है। कोई कितना भी पहुंच वाला क्यों न हो, आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को रवींद्र भवन स्थित हंसध्वनि सभागार में नशा मुक्त भारत अभियान की पांचवीं वर्षगांठ पर आयोजित राज्य स्तरीय वृहद नशा मुक्ति शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित किया।
विवेकानंद नशा मुक्ति पुरस्कारों का हुआ वितरण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर नशा मुक्ति शपथ ग्रहण समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 56 लाख 52 हजार से अधिक हितग्राहियों के खातों में 339 करोड़ रुपए की पेंशन का सिंगल क्लिक से अंतरण भी किया। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और नशा मुक्ति पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2023-24 के लिए विवेकानंद नशा मुक्ति पुरस्कार भी वितरित किए। इसके अंतर्गत शुद्धि नशामुक्ति केंद्र के अध्यक्ष श्री राजीव तिवारी, शहीद भगत सिंह सेवा समिति से श्री सुजीत कुमार द्विवेदी, अतिरिक्त पुलिस उप-आयुक्त इंदौर श्री राजेश दंडौतिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विदिशा श्री प्रशांत चौबे और उप पुलिस अधीक्षक हॉकफोर्स बालाघाट श्री संतोष पटेल को पुरस्कार प्रदान किया गया।
प्राचीन भारतीय ज्ञान-विज्ञान को देखकर आश्चर्यचकित है दुनिया
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ज्ञान-विज्ञान के आधार पर परिष्कृत भारतीय दर्शन को विश्व बड़े आश्चर्य से देखता है। भारत के महान वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बसु ने पौधों में प्राण होने की बात कही तो विश्व के वैज्ञानिक अचंभित थे। प्रत्येक व्यक्ति को अपने संस्कार, सहकार युक्त जीवन और सामाजिक उत्तरदायित्वों का बोध होना चाहिए। भारत एक-दूसरे के प्रति सामंजस्य की भावना और अपनी संस्कृति के लिए जाना जाता है। इन व्यवस्थाओं के बल पर ही भारत को विश्व में विशेष स्थान प्राप्त है।
नशा मुक्ति के लिए गायत्री परिवार, ब्रह्मा कुमारी और श्री रामचंद्र मिशन के कार्य उल्लेखनीय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि व्यक्ति को सकारात्मक विचारों से प्रेरणा लेकर स्वयं नशा छोड़ते हुए दूसरों को भी नशा से मुक्ति के लिए प्रेरित करने का संकल्प लेना चाहिए। समाज को जागरुक करने के लिए गायत्री परिवार, ब्रह्मा कुमारी संस्था और श्री रामचंद्र मिशन उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभागार में उपस्थित सभी लोगों को नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भगवान श्री बलराम और श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को प्रदेशस्तर पर हर्षोल्लास के साथ मनाएगी।
जन सहयोग से सफल हुआ नशा मुक्ति अभियान : मंत्री श्री कुशवाहा
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प भारत नशा मुक्ति अभियान की यह 5वीं वर्षगांठ है। अगस्त माह में नशे के खिलाफ देशव्यापी जन जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। मध्यप्रदेश में भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में पुलिस ने जन सहयोग से अभियान को सफल बनाया है। उन्होंने कहा कि नशा समाज के लिए अभिशाप है। जन सहयोग से हम विकसित भारत, समृद्ध भारत के संकल्प को पूर्ण करेंगे। कार्यक्रम में विधायकद्वय श्री भगवानदास सबनानी, श्री रामेश्वर शर्मा, महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी, परशुराम कल्याण बोर्ड अध्यक्ष श्री विष्णु राजौरिया, बड़ी संख्या में ब्रह्म कुमारी, गायत्री परिवार और रामचंद्र मिशन के प्रतिनिधि, प्रमुख सचिव समाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण श्रीमती सोनाली वायंगणकर, एडीजी नारकोटिक्स श्री संजीव कंचन सहित समाजसेवी उपस्थित रहे। उद्योगों की मांग अनुसार कौशल विकास पाठ्यक्रम डिजाइन करें : राज्यपाल श्री पटेल ![]() 12 AUG 2025 संभाग स्तर पर स्थापित होंगे क्रिस्प संस्था के केन्द्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव क्रिस्प का तीन विश्वविद्यालयों के साथ हुआ एम.ओ.यू क्रिस्प का 29वां स्थापना दिवस समारोह भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि क्रिस्प प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के उद्योगों में रोजगार की मांग का आकलन कर उसके अनुसार कौशल विकास के कार्यक्रम डिजाइन करे। स्थानीय उद्योगों की मांग के अनुरूप स्थानीय विद्यार्थियों का कौशल विकास करें, जिससे उन्हें अपने क्षेत्र में ही रोज़गार प्राप्त हो सकें। राज्यपाल श्री पटेल कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में सेंटर फॉर रिसर्च एण्ड इंडस्ट्रियल स्टॉफ़ परफॉर्मेंस (क्रिस्प) के 29वें स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने क्रिस्प के 29 वें स्थापना दिवस के अवसर पर उपस्थितजनों को बधाई दी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का क्रिस्प स्थापना दिवस बधाई वीडियो संदेश प्रदर्शित किया गया। उच्च शिक्षा, आयुष और तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार भी उपस्थित रहे। राज्यपाल श्री पटेल ने कार्यक्रम में सक्षम योजना के तहत महिला प्रशिक्षार्थियों और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त प्रशिक्षणार्थियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों द्वारा तैयार की गई प्रदर्शनी का अवलोकन कर सराहना भी की। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि संस्थान ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत कौशल विकास के कार्यक्रमों से युवाओं को आत्मनिर्भरता की नई राह दिखाई है। यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण के संकल्प की दिशा में सराहनीय प्रयास है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश, कौशल भारत और कुशल भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। उनकी विजनरी लीडरशिप में भारत आर्थिक महाशक्ति बन रहा है। भारत अब विश्व का तीसरा बड़ा स्टार्ट-अप ईको सिस्टम वाला देश है। प्रदेश सरकार भी युवाओं के कौशल विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार के कार्यक्रमों ने विशेष कर बेटियों को भी आगे बढ़ने के अवसर दिए हैं। इसी का सुखद परिणाम है कि अब आई.आई.टी., एन.आई.टी., ट्रिपल आई.टी. जैसे संस्थानों के दाखिलों में बेटियों की भागीदारी बढ़ने लगी है।
रोज़गार अवसरों की वृद्धि में 'फ़ोरलेन मॉडल' कारगर उपाय
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि भारत में रोज़गार अवसरों को बढ़ाने के लिए 'फोरलेन मॉडल' कारगर भूमिका निभा सकता है। इसमें विकेंद्रीकरण, स्वदेशी, उद्यमिता और सहकारिता शामिल हैं। ऐसा देखा गया है जब देश में सहकारिता आधारित उद्योग सक्रिय होते हैं तो देश में सामाजिक समरसता को भी गतिशीलता मिलती है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि आज भी भारत के युवाओं को सर्वाधिक रोज़गार देने वाला क्षेत्र कृषि है। लगभग 35 प्रतिशत युवा कृषि पर ही निर्भर है। भारत में लगभग 11 करोड़ लोगों ने लघु और कुटीर उद्योगों के माध्यम से स्वरोजगार को अपनाया है, जो रोज़गार के लगभग 20% से अधिक है। उन्होंने कहा कि संस्थान, प्रशिक्षण प्रयासों में स्किल डेवलपमेंट के साथ स्किल अपडेशन के नए कार्यक्रमों का आयोजन करें।
उज्जैन में स्थापित होगा क्रिस्प का पहला संभागीय केन्द्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने क्रिस्प के 29वें स्थापना दिवस कार्यक्रम के लिए जारी वीडियो संदेश में कहा कि सेंटर फॉर रिसर्च एंड इंडस्ट्रियल स्टाफ परफॉर्मेंस (क्रिस्प) के केन्द्रों का विस्तार संभाग स्तर तक किया जाएगा। प्रदेश में औद्योगिक और निवेश गतिविधियों के विस्तार के परिणाम स्वरूप कुशल श्रमिकों की मांग लगातार बढ़ रही है। इसके दृष्टिगत प्रदेश में कौशल उन्नयन के लिए आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से क्रिस्प के केन्द्रों की संभाग स्तर पर स्थापना से प्रदेश के युवाओं को लाभ होगा। यह पहल प्रदेश के युवाओं को रोजगारपरक कार्यों से जोड़कर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और देश-प्रदेश की प्रगति में सहायक होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी "पीएम मित्र पार्क" के भूमि-पूजन के लिए 25 अगस्त को बदनावर-धार आ रहे हैं। भविष्य में इस क्षेत्र में कुशल श्रमिकों की मांग बढ़ेगी। अत: संभाग स्तर पर क्रिस्प के केन्द्र स्थापित करने की शुरुआत उज्जैन से की जाएगी।
क्रिस्प कौशल विकास का प्रतिष्ठित केन्द्र : मंत्री श्री परमार
उच्च शिक्षा, आयुष और तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि क्रिस्प कौशल विकास का प्रतिष्ठित केन्द्र है। बदलते समय के साथ संस्थान को नई जरूरतों के अनुरूप नए पाठ्यक्रम चलाना चाहिए। कार्यक्रम में बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल, क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय खरगौन और देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के साथ क्रिस्प के सहकार्यता अनुबंध (एम.ओ.यू.) का आदान-प्रदान किया गया। राज्यपाल श्री पटेल का क्रिस्प के प्रबंध संचालक डॉ. श्रीकांत पाटिल ने पुष्पगुच्छ, शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। डॉ. पाटिल ने संस्थान के कार्यों, उद्देश्यों और उपलब्धियों की विस्तार से जानकारी दी। आभार क्रिस्प के संचालक श्री अमोोल वैद्य ने माना। कार्यक्रम में बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कुलगुरू श्री सुरेश कुमार जैन, आर.जी.पी.वी. विश्वविद्यालय के कुलगुरू श्री राजीव त्रिपाठी, क्रिस्प के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और प्रशिक्षणार्थी उपस्थित थे।
क्रिस्प ने बड़ी संख्या में विद्यार्थी, प्रशिक्षकों और अधिकारी-कर्मचारियों को किया प्रशिक्षित
प्रदेश में 1997 में भारत-जर्मन तकनीकी सहयोग समझौते के तहत स्थापित तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग की स्वशासी संस्था क्रिस्प प्रदेश की अग्रणी संस्थाओं में से एक है। विगत 28 वर्षों से यह संस्था कौशल विकास, औद्योगिक प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में गतिविधियां संचालित कर रही है। क्रिस्प ने प्रदेश के लगभग एक लाख 50 हजार विद्यार्थियों, 1500 प्रशिक्षकों और राज्य शासन के 10 हजार से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह से नई दिल्ली में की सौजन्य भेंट ![]() 12 AUG 2025 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को संसद भवन, नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह से सौजन्य भेंट की भोपाल इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री श्री शाह को प्रदेश में नए आपराधिक कानून लागू करने और सहकारिता के क्षेत्र में किए गए नवाचारों से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में देश की राजधानी बने। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में देश में प्रदेश की हिस्सेदारी, जो अभी 9 प्रतिशत है, उसको बढ़ाकर 25% करने का लक्ष्य रखा गया है। नए कानून लागू करने में मध्य प्रदेश अग्रणी राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में चल रहे नवाचारों के माध्यम से सुशासन के क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री श्री शाह से मिल रहे मार्गदर्शन और सहयोग के लिये आभार माना। जनता की सेवा पवित्र भाव से करें : राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ![]() 12 AUG 2025 राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि वे सभी सौभाग्यशाली हैं, जिन्हें प्रदेश की जनता की सेवा का अवसर मिला है। जनता की सेवा हमेशा पवित्र भाव से करें। समाज के ग़रीब, वंचित और जरूरतमंदों की पूरी निष्ठा के साथ मदद करें भोपाल उन्हें न्याय दिलाने का हर संभव प्रयास करें। राज्यपाल श्री पटेल ने प्रदेश की सबसे प्रतिष्ठित सेवा में सफलता के लिए प्रशिक्षु उप जिलाध्यक्षों को बधाई दी। राज्यपाल श्री पटेल मंगलवार को मध्यप्रदेश राज्य लोक सेवा आयोग की 2020 और 2021 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रशासनिक सेवा, केवल एक नौकरी नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का महान अवसर है। आप सभी अमृत काल की उस पीढ़ी के प्रतिनिधि हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में विकसित भारत के सपनों को साकार करने का महान लक्ष्य मिला है। प्रदेश के विकास और कल्याण में भागीदारी का सुअवसर मिला है। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि लोक सेवक सुशासन के आधार होते हैं। उनके विवेकपूर्ण, न्यायसंगत और लोक हितकारी व्यवहार से जनता का प्रशासन पर विश्वास बढ़ता है। एक सफल अधिकारी अच्छा टीम लीडर होता है। आपकी सफलता आपके सहकर्मियों के साथ सामंजस्य, सहयोग और पारदर्शिता पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि हमेशा सीखते रहें। उम्र के हर पड़ाव पर सीखें। अपने सहकर्मियों से आत्मीय रहें, उनके अनुभवों का लाभ ले। अपनी सीख का प्रदेश की जनता के जीवन को बेहतर करने में उपयोग करें। राज्यपाल श्री पटेल का प्रशासनिक अकादमी भोपाल के संचालक श्री मुजीबुर रहमान खान ने पौधा भेंट कर स्वागत, अंग वस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। संचालक श्री रहमान ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षु अधिकारियों की ओर से श्री अक्षय डिगरसे और सुश्री अंकिता पाटकर ने प्रशिक्षण के अपने अनुभवों को बताया। आभार प्रशासनिक अकादमी की सह-प्रशिक्षण संचालक श्रीमती रूचि जैन ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव और प्रशिक्षु अधिकारी मौजूद रहें। रक्षाबंधन पर Ekaa Welfare Foundation द्वारा रोड सेफ्टी अवेयरनेस अभियान – एक रक्षासूत्र, सुरक्षा के नाम ![]() 07 AUG 2025 रक्षाबंधन का पर्व जहाँ भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का प्रतीक है, वहीं यह एक-दूसरे की सुरक्षा और जिम्मेदारी का भाव भी जगाता है। इसी उद्देश्य को केंद्र में रखते हुए आज 08 अगस्त 2025, व्यापम चौराहा, भोपाल पर Ekaa Welfare Foundation द्वारा एक विशेष रोड सेफ्टी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भोपाल इस आयोजन के माध्यम से लोगों से अपील की गई कि वे हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना, गति सीमा का पालन करना और ट्रैफिक नियमों को गंभीरता से लेना अपनी आदत बनाएं – न कि सिर्फ एक औपचारिकता। फाउंडेशन की अध्यक्ष सुश्री नेहा बग्गा ने इस अवसर पर उपस्थित लोगों को भावुक कर देने वाला संदेश देते हुए कहा: "राखी का यह धागा सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि एक वादा है – अपनों की सुरक्षा और जीवन की हिफ़ाज़त का। जब कोई व्यक्ति सड़क पर निकलता है, तो उसके पीछे कोई उसका इंतज़ार करता है – माँ, बहन, जीवनसाथी या बच्चे। आइए, इस रक्षाबंधन पर हम यह संकल्प लें कि हम खुद को और दूसरों को सुरक्षित रखने के लिए हर नियम का पालन करेंगे। यही सबसे बड़ी सेवा है अपनों के प्रति – और यही सच्चा रक्षा-सूत्र भी।" उन्होंने आगे कहा: "हमारी यही कामना है कि हर व्यक्ति अपने गंतव्य तक सुरक्षित पहुँचे, हर रिश्ता जीवित रहे और हर परिवार मुस्कुराता रहे। रक्षाबंधन का यह दिन हमें याद दिलाता है कि जीवन की रक्षा, सबसे बड़ा उपहार है।" कार्यक्रम के अंत में फाउंडेशन की ओर से लोगों को प्रतीकात्मक राखियाँ, सुरक्षा-संदेश वाले स्टिकर्स और ट्रैफिक नियमों से संबंधित जागरूकता सामग्री वितरित की गई। आयोजन में स्थानीय नागरिकों, युवाओं और ट्रैफिक पुलिस के प्रतिनिधियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। रक्षाबंधन पर बालिकाओं ने दिखाई आत्मनिर्भरता की मिसाल ![]() 07 AUG 2025 रक्षाबंधन के पारंपरिक पर्व को आत्मनिर्भरता और रचनात्मकता से जोड़ते हुए शासकीय बालिका गृह, नेहरू नगर, भोपाल की बालिकाओं ने एक प्रेरणास्पद पहल की है। बालिकाओं द्वारा स्वयं निर्मित आकर्षक राखियों का स्टॉल राजधानी के प्रशासनिक केन्द्र वल्लभ भवन में लगाया गया, जिसने न केवल सभी का ध्यान आकर्षित किया बल्कि उन्हें भावनात्मक रूप से भी जोड़ा। भोपाल यह स्टॉल वल्लभ भवन-2 के गेट क्रमांक 8 एवं वल्लभ भवन-3 के गेट क्रमांक 13 पर स्थापित किया गया। अपर मुख्य सचिव महिला बाल विकास श्रीमती रश्मि अरुण शमी तथा सचिव श्रीमती जी.वी. रश्मि ने स्टाल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बालिकाओं की कलात्मक प्रतिभा की मुक्तकंठ से सराहना की और राखियाँ खरीदकर उनके आत्मविश्वास को प्रोत्साहन प्रदान किया। स्टॉल पर पहुंचे विभिन्न विभागों के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारियों ने भी बालिकाओं की मेहनत और लगन को सराहा तथा राखियाँ खरीदकर उनके प्रयास को सफल बनाया। बालिकाओं में आत्मनिर्भरता का आत्मविश्वास और उनके चेहरों पर रचनात्मक सफलता की मुस्कान, इस आयोजन को विशेष बना गई। इस पहल ने न केवल बालिकाओं में हस्तकला, स्वावलंबन और सामाजिक सहभागिता की भावना को सशक्त किया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि जब अवसर और मंच मिले, तो हर बालिका अपनी प्रतिभा से समाज को दिशा दे सकती है। रेल कोच इकाई भोपाल मेट्रोपोलिटन सिटी के विकास को गति देगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ![]() 07 AUG 2025 10 अगस्त को रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह करेंगे भूमिपूजन 60 हेक्टेयर भूमि पर 1800 करोड़ रूपए की लागत से बनेगी रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग इकाई 1500 से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की भूमिपूजन कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर प्रदेश को रेल कोच इकाई की बड़ी सौगात प्राप्त हो रही है। भारत अर्थ मूवर्स परियोजना द्वारा भोपाल जिले की सीमा के पास रायसेन के ग्राम उमरिया में 60 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर 1800 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाली ब्रह्मा परियोजना (बीईएमएल रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग) से भोपाल, रायसेन, सीहोर और विदिशा आदि जिलों को लाभ होगा। इन जिलों के तकनीकी संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। परियोजना में 1500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलना प्राप्त होगा। मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित हो रहे भोपाल क्षेत्र को इस परियोजना से बहुत लाभ होगा। यह परियोजना प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में चल रहे मेक इन इंडिया मिशन के भाव का प्रकटीकरण है। यहां बनने वाले वंदे भारत-अमृत भारत और मेट्रो ट्रेनों के कोच से सम्पूर्ण भारतीय रेल व्यवस्था के नए युग का सूत्रपात होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रेल कोच निर्माण सुविधा के लिए औबेदुल्लागंज में 10 अगस्त को केंद्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह के मुख्य आतिथ्य में होने वाले भूमि पूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में समत्व भवन में हई बैठक में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षेत्र के विकास को गति देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि भूमिपूजन में बड़ी संख्या में क्षेत्रीयजन शामिल होंगे। अत: उनके आवागमन और बैठक की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिभागियों के स्वाल्पाहार, भोजन, पेयजल आदि के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। जानकारी दी गई कि परियोजना का भूमिपूजन 10 अगस्त को औबेदुल्लागंज के दशहरा मैदान में होगा। कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, रक्षा उत्पाद सचिव श्री संजीव कुमार, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष श्री सतीश कुमार, भारत अर्थ मूवर्स परियोजना के अध्यक्ष श्री शांतनु राय शामिल होंगे। इस अवसर पर भारत अर्थ मूवर्स परियोजना पर केन्द्रित लघु फिल्म, प्रस्तावित प्लांट का 3थी वॉक थ्रू और नए संयंत्रों के मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे। कार्यक्रम में लगभग 10 हजार प्रतिभागी शामिल होंगे। बैठक में कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल, मछुआ कल्याण एवं मत्सय विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा रायसेन जिले के प्रभारी मंत्री श्री नारायण सिंह पंवार तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। मध्यप्रदेश राज्य में स्वावलंबी गौ-शालाओं की स्थापना नीति-2025" स्वीकृत ![]() 26 July 2025 गौ-शालाओं में प्रति गाय 40 रूपये प्रति दिवस किये जाने का निर्णय मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना का नाम "डॉ. अम्बेडकर पशुपालन विकास योजना" रखे जाने की स्वीकृति प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए एडसिल (इण्डिया) लिमिटेड से एमओयू किए जाने का निर्णय मंदसौर में 2932 करोड़ 30 लाख रूपये की मल्हारगढ़ (शिवना) दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में निराश्रित गौवंश की समस्या के निराकरण के लिए पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अंतर्गत "मध्यप्रदेश राज्य में स्वावलंबी गौशालाओं की स्थापना की नीति : 2025" की स्वीकृति देने का निर्णय लिया गया हैं।
गौ-शालाओं को प्रति गाय 40 रूपये प्रति दिवस किये जाने का निर्णय
मंत्रि-परिषद द्वारा गौशालाओं की स्थापना को प्रोत्साहित करने और मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के अनुक्रम में गौ-शालाओं को 20 रुपये प्रति गौवंश प्रति दिवस से बढ़ाकर 40 रूपये प्रति गौवंश प्रति दिवस किये जाने का निर्णय लिया गया।
"मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना" को "डॉ. अम्बेडकर विकास योजना" किये जाने की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा राज्य में पशुपालन एवं डेयरी से संबंधित गतिविधियों में रोजगार के नवीन अवसर बढ़ाने, उत्पादकता बढाने, किसानों की आय बढने से जीएसडीपी में वृद्धि और राष्ट्र की जीडीपी में योगदान बढाने के लिए मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना की निरन्तरता (वर्ष 2024-25 तथा 2025-26) रखते हुए योजना का नाम "डॉ. अम्बेडकर पशुपालन विकास योजना" रखे जाने का निर्णय लिया गया। स्वीकृति अनुसार सहकारिता के माध्यम से पशुपालन गतिविधियों के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसान को क्रेडिट कार्ड उपलब्ध करायें जायेंगे। नस्ल सुधार के लिए भ्रूण प्रत्यारोपण कार्यक्रम और बांझ निवारण शिविरों का आयोजन किया जायेगा। मुख्यमंत्री डेयरी प्लस कार्यक्रम, चारा उत्पादन कार्यक्रम, प्रदेश की मूल गौवंशीय नस्ल एवं भारतीय उन्नत नस्ल की दूधारू गायों के लिए पुरस्कार कार्यक्रम, मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय कार्यक्रम तथा पशुपालकों को योजनाओं की जानकारी प्रदाय करने एवं उन्मुखीकरण के लिए प्रचार-प्रसार कार्यक्रम की निरन्तरता पर स्वीकृती दी गयी।
प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए एडसिल (इण्डिया) लिमिटेड से एमओयू किए जाने का निर्णय
मंत्रि-परिषद द्वारा समग्र शिक्षा अभियान के अन्तर्गत भारत सरकार से संबद्ध संस्था एडसिल (इण्डिया) लिमिटेड के माध्यम से प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किए जाने के लिए एमओयू किए जाने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय से संबद्ध संस्था एडसिल (इण्डिया) लिमिटेड (भारत सरकार की मिनी रत्न श्रेणी-1) सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एन्टरप्राइजेज (सीपीएसई) संस्था है। संस्था के द्वारा म.प्र. में समग्र शिक्षा अभियान अंतर्गत गुणवत्ता सुधार, एलईपी (कक्षा VI-XII) के अंतर्गत स्वीकृत विभिन्न गतिविधियों को संचालित किया जायेगा। इसमें सीखने में वृद्धि कार्यशालाएँ, सीखने के परिणाम आधारित मूल्यांकन, राज्य के बाहर वैज्ञानिक एक्सपोजर विजिट, शिक्षक विकास, सतत व्यावसायिक विकास और परिणाम शिक्षण रणनीतियों में सुधार शामिल हैं।
मल्हारगढ़ (शिवना) दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक परियोजना अंतर्गत मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ (शिवना) दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना लागत राशि 2932 करोड़ 30 लाख रूपये, सैंच्य क्षेत्र 60 हजार हैक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृत परियोजना से मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ तहसील के 32 ग्राम एवं मंदसौर तहसील के 115 ग्राम लाभान्वित होंगे।
विद्युत कंपनियों के लिए कार्यशील पूँजी ऋण सुविधा के लिए शासकीय प्रत्याभूति प्रदान किये जाने की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश की विद्युत कंपनियों के लिए कार्यशील पूँजी ऋण या नगद साख सुविधा के लिए शासकीय प्रत्याभूति प्रदान किये जाने की स्वीकृति दी गयी।
लोक वित्त से वित्त पोषित कार्यक्रमों (योजनाओं) अन्तर्गत आने परीक्षण तथा प्रशासकीय अनुमोदन
मंत्रि-परिषद द्वारा लोक वित्त से वित्त पोषित कार्यक्रमों (योजनाओं) अन्तर्गत आने परीक्षण तथा प्रशासकीय अनुमोदन वाली परियोजनाओं के परीक्षण और प्रशासकीय अनुमोदन की प्रक्रिया का अनुमोदन किया गया हैं। इसे जारी करने के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया हैं।
चिकित्सा महाविद्यालयों को पीपीपी मोड पर स्थापित करने संशोधित निविदा प्रपत्र प्रारूप का कार्योत्तर अनुमोदन
मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में चिकित्सा महाविद्यालयों को पीपीपी मोड पर स्थापित करने संशोधित निविदा प्रपत्र प्रारूप को कार्योत्तर अनुमोदन दिया। साथ ही निविदा प्रपत्र में आवश्यक परिवर्तन करने एवं अन्य निराकरण किये जाने के लिये मुख्य सचिव की अध्यक्षता में पी.पी.पी. परियोजनाओं के लिए गठित राज्य स्तरीय सशक्त समिति को अधिकृत किया गया है। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल के जन्म-दिवस 3 अगस्त पर विशेष कुछ व्यक्तित्व केवल अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व नहीं करते, वे एक विचार बन जाते हैं राजनीति में नैतिकता, जनसेवा और नवाचार के अद्वितीय संयोजक : श्री राजेन्द्र शुक्ल ![]() 05 AUG 2025 कुछ व्यक्तित्व केवल अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व नहीं करते, वे एक विचार बन जाते हैं। राजनीति, प्रशासन, विकास और जन-भावनाओं के मध्य जब संतुलन की आवश्यकता होती है, तब कुछ ही लोग होते हैं जो इस संतुलन को दृढ़ता, संवेदनशीलता और दूरदृष्टि के साथ निभा पाते हैं। ऐसे ही एक कर्मठ नेता हैं— श्री राजेन्द्र शुक्ल। भोपाल
रीवा की धरती से राष्ट्रीय दृष्टिकोण तक की यात्रा
उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल का जीवन एक अभ्यास है — उन मूल्यों का जो राजनीति को सत्ता का साधन नहीं, सेवा और संवेदना का पथ बनाते हैं। रीवा की सांस्कृतिक भूमि पर पले-बढ़े शुक्ल जी की संगठन क्षमता और जन-भावना को समझने की उनकी क्षमता ने उन्हें प्रारंभ से ही विशिष्ट बना दिया। आज वे पाँच बार से लगातार विधानसभा सदस्य हैं, यह कोई आकस्मिक राजनीतिक उपलब्धि नहीं, यह जनता द्वारा उस ईमानदार नेतृत्व को बार-बार चुने जाने की स्वाभाविक प्रतिक्रिया है।
विनम्रता, स्पष्टवादिता और संवादशीलता: न कभी बात घुमाते हैं, न टालते हैं
श्री शुक्ल जी का व्यक्तित्व सतही राजनैतिक भाषणों से इतर, गंभीर, परिपक्व और सन्नद्ध विचारशीलता का है। वे जिस आत्मीयता से जन-सामान्य से संवाद करते हैं, वह केवल एक राजनेता की शैली नहीं, बल्कि एक जन-सेवक की सहज प्रवृत्ति है। स्पष्टता उनके व्यक्तित्व की रीढ़ है, चाहे वह किसी प्रशासनिक निर्णय पर हो, या किसी सामाजिक विषय पर; वे न कभी बात घुमाते हैं, न टालते हैं।उनका यह स्वभाव उन्हें लोकप्रियता से परे जाकर विश्वसनीयता प्रदान करता है। कार्यकर्ताओं के लिए वे ‘राजेन्द्र भैया’ हैं और अफसरों के लिए एक ‘न्यायप्रिय, अनुशासित और विचारवान मार्गदर्शक’। यह दुर्लभ संतुलन उन्हें मध्यप्रदेश के प्रशासनिक ढाँचे का एक आधार स्तंभ बनाता है।
राजनीतिक जीवन के प्रारंभिक वर्षों से ही उन्होंने संगठनात्मक अनुशासन,
विचारधारात्मक प्रतिबद्धता और विकासोन्मुख सोच के साथ सार्वजनिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाई। जन-सेवक के रूप में उन्होंने शासन की विभिन्न जिम्मेदारियाँ संभालते हुए आवास, पर्यावरण, वन, जैव-विविधता, ऊर्जा, खनिज, उद्योग, जनसम्पर्क, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी जैसे जटिल विभागों का नेतृत्व न केवल जिम्मेदारी से किया, बल्कि प्रत्येक क्षेत्र में दीर्घकालिक नीतिगत परिवर्तन लाने का कार्य किया। ऊर्जा विभाग में कार्य करते हुए उन्होंने राज्य को 24 घंटे बिजली देने के सपने को अटल ज्योति योजना के माध्यम से यथार्थ में बदल दिया। उनका विश्वास था कि सशक्त ऊर्जा व्यवस्था के बिना औद्योगिक विकास और ग्रामीण सशक्तिकरण अधूरा है। नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में रीवा का ऐशिया का सबसे बड़ा सोलर पॉवर प्लांट विकास और पर्यावरण संतुलन की अद्वितीय मिसाल है।
स्थानीय भावनाओं के साथ विकास की एकात्मता
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने यह भली-भांति समझा कि विकास का अर्थ केवल भौतिक नहीं है, बल्कि जन-भावनाओं, परंपराओं और सांस्कृतिक प्रतीकों के साथ उसका समन्वय भी जरूरी है। यही कारण रहा कि उन्होंने स्थानीय गौरव सफेद बाघ को उसके प्राकृतिक आवास में पुनः लाकर लोगों की भावनाओं का सम्मान किया। यह निर्णय मात्र वन्य संरक्षण का नहीं, बल्कि उस सांस्कृतिक अस्मिता का था, जिसे जनता दशकों से जीवंत देखना चाहती थी।पर्यावरण संरक्षण उनके चिंतन का स्थायी हिस्सा रहा है।गौ-संरक्षण, तालाबों के पुनर्जीवन, बड़े पुलों और सड़कों के निर्माण, मंदिरों एवं तीर्थ-स्थलों के संरक्षण और रिंग रोड जैसी परियोजनाओं के माध्यम से उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि विकास केवल आँकड़ों में नहीं, बल्कि आम जन-जीवन के अनुभवों में परिलक्षित हो। जन-स्वास्थ्य, सिंचाई, सड़क, शिक्षा, एयरपोर्ट, हवाई सेवाओं का विस्तार और शहरी अधोसंरचना जैसे विषयों पर उनकी सोच स्थायित्व और समावेशिता पर केन्द्रित रही। उन्होंने पेयजल योजनाओं, सिंचाई विस्तार, स्वास्थ्य संस्थानों की गुणवत्ता में सुधार और चिकित्सकों की नियुक्ति जैसे कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। श्री शुक्ल का विश्वास रहा है कि शासन केवल निर्देश देने का माध्यम नहीं, बल्कि जन-सामान्य की भागीदारी से संचालित सामाजिक अनुबंध है। उन्होंने खाली पड़ी शासकीय भूमि को हरित बगीचों और उद्यानों में बदलकर शहरी सौंदर्य में वृद्धि की। युवाओं के लिए खेल अधोसंरचना तैयार कर उन्हें स्वाभिमान और राष्ट्रीयता के साथ जोड़ा। गौ-सेवा के प्रति उनका समर्पण उनके संवेदनशील नेतृत्व की झलक देता है। उन्होंने गौ-सेवा को आर्थिक रूप से व्यवहार्य एवं सामाजिक रूप से समावेशी बनाकर एक मॉडल प्रस्तुत किया। गौ-अभयारण्य और गौ-प्रबंधन के नवाचारों के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण अर्थ-व्यवस्था में एक स्थायी आय स्रोत की कल्पना साकार की।
शिक्षा और संस्कृति के प्रति दीर्घदृष्टि
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल के चिंतन का महत्वपूर्ण स्तम्भ शिक्षा रहा है। संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना, नवीन महाविद्यालयों की संरचना और छात्रावासों के निर्माण में उन्होंने निरंतर नेतृत्व प्रदान किया। संस्कृति के संरक्षण को उन्होंने केवल आयोजनों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे शिक्षा, अधोसंरचना और नेतृत्व विकास का आधार बनाया।
विकास के प्रति उनकी सोच: गहराई और समरसता
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल विकास को मात्र योजनाओं की श्रृंखला नहीं मानते। उनके लिए यह एक बहु-आयामी प्रक्रिया है, जो शासन की संवेदनशीलता, समाज की भागीदारी, और भविष्य की परिकल्पना के साथ मिलकर पूर्ण होती है।उनके भाषणों और संवादों में अक्सर यह बात उभर कर आती है कि "हर योजना को बनाने से पहले उसके अंतिम लाभार्थी की आवश्यकता, सामर्थ्य और परिस्थिति को समझना चाहिए।" यही सोच उन्हें योजनाओं के मूल्यांकन, संशोधन और समावेशी पुनर्रचना की ओर प्रेरित करती है।
संघर्षशीलता और संवादशीलता: नेतृत्व की दो धाराएँ
श्री शुक्ल का राजनीतिक जीवन वैचारिक स्पष्टता और व्यक्तिगत ईमानदारी का समन्वय है। उन्होंने कभी भी संघर्ष से कतराने की प्रवृत्ति नहीं अपनाई, चाहे वह जमीनी मुद्दों को शासन तक पहुँचाना हो या संकट की घड़ी में जनता के बीच खड़े रहना।वहीं दूसरी ओर, वे संवाद के पक्षधर हैं। उन्होंने प्रशासन और जनता के बीच सेतु बनकर भरोसे और पारदर्शिता की संस्कृति को मजबूत किया है।श्री शुक्ल केवल एक जन-प्रतिनिधि नहीं हैं। वे मूल्य-आधारित राजनीति के जीवंत प्रतीक हैं। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि यदि नेतृत्व ईमानदार, दृष्टि-संपन्न और संवेदनशील हो, तो कोई भी क्षेत्र पिछड़ा नहीं रह सकता, कोई भी समाज दिशाहीन नहीं होता।उनके नेतृत्व में स्थानीय आकांक्षाओं को गति मिली है, क्षेत्र को सांस्कृतिक पुनरुत्थान और सतत विकास की दिशा प्राप्त हुई है। सोच जो सामान्य से असामान्य की ओर ले जाती है यदि श्री शुक्ल जी की कार्यशैली को एक शब्द में बांधना हो, तो वह है ‘समस्याओं को अवसर में बदलने की दृष्टि’। नीति निर्धारण में भावनाओं और संभावनाओं का समावेश।वे यह मानते हैं कि विकास तब संपूर्ण होगा, जब उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे, चाहे वह किसी जन-जातीय अंचल में हो या किसी शहरी झुग्गी में।श्री शुक्ल मानते हैं कि आज की राजनीति में यदि सबसे बड़ी ज़रूरत किसी चीज़ की है, तो वह है, आत्मावलोकन और उत्तरदायित्व का भाव। उनका मानना है कि नेतृत्व केवल मंच पर भाषण देने का नाम नहीं, अदृश्य श्रम और सुलभ संवाद का निरंतर अभ्यास है। वे युवाओं को सलाह देते हैं: जोश को होश से जोड़िए। विचारशील बनिए, केवल प्रतिक्रियाशील नहीं। अपने भीतर उस नागरिक को खोजिए, जो केवल अधिकार नहीं माँगता, बल्कि कर्तव्यों की भी चिंता करता है। उनकी यह सलाह केवल भाषण का अंश नहीं, उनकी पूरी कार्यशैली की आत्मा है। राजनीति सिर्फ सत्ता की होड़ नहीं होती, बल्कि यह समाज की दिशा, उम्मीदों का निर्माण और साझा ज़िम्मेदारी का माध्यम होती है। ऐसे नेता कम ही होते हैं जो सत्ता को साधन मान कर, सिद्धांत, सेवा और संवेदना को लक्ष्य मानते हैं। श्री राजेन्द्र शुक्ल ऐसे ही दुर्लभ नेताओं में से एक हैं।श्री शुक्ल का जीवन-दर्शन स्पष्ट है: सत्ता तो क्षणिक होती है, पर सिद्धांत स्थायी। ज्ञान और नैतिकता के बिना कोई समाज सशक्त नहीं रह सकता।मंत्री पद पर रहते हुए वे कभी अकेले निर्णय नहीं लेते। लोकहित, प्रभावशाली क्रियान्वयन एवं प्रशासन का समन्वय उनके निर्णय की मूल आधारशिला हैं।उनकी सबसे बड़ी विशेषता है संवाद के माध्यम से नीति निर्माण।जनता की सुनवाई करते हैं, केवल समस्या नहीं, बल्कि माँग को समझते हैं।अधिकारियों से बातचीत करते हैं, लेकिन उन्हें मानव-सम्मान और दृष्टिकोण से जोड़ते हैं।हर निर्णय को केवल तकनीकी नहीं, बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से देखते हैं।वे नीतियों को केवल कागज़ी दस्तावेज़ नहीं मानते, बल्कि मानवतावादी प्रक्रियाएँ बनाते हैं।उनकी यह प्रक्रिया केवल शासन-पद्धति नहीं, बल्कि एक मानव-केंद्रित दर्शन पेश करती है। नैतिकता और संयम: राजनीति का संतुलित पथ आम राजनीतिक हलचलों में जहाँ कटुता, ध्रुवीकरण, स्वार्थ की राजनीति और जोर ज़रूरी हो जाता है, वहाँ श्री शुक्ल जी ने अपनी कर्मठता, सादगी, संयम, सत्यनिष्ठा को अपनाया। उनका मानना है किबहस को संवाद तक सीमित रखिए, विवेकहीन आलोचना की जगह सृजनात्मक सुझाव दीजिए, जनहित को स्वयं से ऊपर रखिए।इस दृष्टिकोण ने उन्हें एक ऐसी स्थिति दी, जहाँ राजनीति धर्म, नैतिकता, और लोक-संगठन का अंग बन गई। राजनेता के साथ-साथ एक व्यक्तिगत जीवन भी होता है, जिसे श्री शुक्ल ने सादगी, प्रेम और नैतिकता से निभाया।परिवार में वे शांत, विचारशील और समय देने वाले सदस्य हैं।मित्रों में वे भरोसेमंद, संघर्षशील और सकारात्मक्ता से परिपूर्ण हैं।श्री शुक्ल सहकर्मियों और ऑफिस स्टॉफ के प्रति सदैव संवेदनशील रहते हैं।अपने व्यवहार में वे सरल और संवादप्रिय हैं। अपने पिता विंध्य की पहचान, समाजसेवी स्व. श्री भैयालाल शुक्ल के चरित्र की विशेषताओं और जनसेवा के भाव को शिरोधार्य कर उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल उनकी विरासत को सहेजने और आगे ले जाने का कार्य कर रहे हैं। उनकी मीठी वाणी, विनम्रता और विचारों का सहज आदान-प्रदान करने की प्रवृत्ति सबको आकर्षित करती है। इन व्यक्तिगत अभिव्यक्तियों ने उन्हें जनता के दिलों में और मन में सरल, सशक्त और स्नेहमयी तस्वीर दी है। कारगिल विजय दिवस वीरता, त्याग और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक : उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल शहीदों के पराक्रम को किया नमन ![]() 26 July 2025 उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अद्वितीय शौर्य, बलिदान और राष्ट्रप्रेम का अमिट प्रतीक है। यह दिन हमें यह स्मरण कराता है कि भारत की ओर आँख उठाने वाले को हमारी सेना मुंहतोड़ जवाब देती है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल रीवा के मानस भवन में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद द्वारा आयोजित कारगिल विजय दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि हमारे सैनिकों की वीरता और शहादत चिरकाल तक राष्ट्र की स्मृति में बनी रहेगी। उनकी बहादुरी, अदम्य साहस और देशभक्ति का गुणगान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि यह केवल एक युद्ध नहीं था, बल्कि हमारी मातृभूमि की रक्षा के लिए दिया गया एक पवित्र बलिदान था, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने वीर नारियों का शाल और श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। उन्होंने कहा कि देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों के परिवारों का संबल बनना सरकार का कर्तव्य है। कार्यक्रम में रीवा सांसद श्री जनार्दन मिश्रा, मनगवां विधायक इंजीनियर श्री नरेंद्र प्रजापति, वीर सैनिकों के परिजन, भूतपूर्व सैनिक और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। सभी ने मिलकर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और देश की रक्षा में समर्पित जवानों के प्रति आभार प्रकट किया।
विंध्य के सैनिक सपूत देश की धरोहर
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि देश की आन-बान-शान को बनाए रखने में विंध्य के सैनिकों ने अपना अभूतपूर्व योगदान दिया है। विंध्य के हमारे सैनिक सपूत देश की धरोहर हैं। उन्होंने भारत माता की रक्षा के लिए पूरे जोश के साथ अदम्य साहस से देश की रक्षा की। उप मुख्यमंत्री ने पूर्व सैनिक कल्याण संगठन द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि एवं शौर्य सम्मान समारोह में भूतपूर्व सैनिकों को सम्मानित किया। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय में आयोजित कारगिल विजय दिवस की 26वीं वर्षगांठ पर उप मुख्यमंत्री ने विंध्य के शहीद सैनिकों को नमन किया और कहा कि उनकी शहादत हमें आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त करती रहेगी। इस अवसर पर पूर्व सैनिक तथा बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित रहे। बहन-बेटियों के लिए सम्मान का प्रतीक है “लाड़ली बहना योजना’’ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ![]() 26 July 2025 लाड़ली बहना योजना की राशि में होगी चरणबद्ध वृद्धि परिवार परम्परा का आधार है मातृशक्ति महिलाओं की आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक समरसता और अधिकार सम्पन्नता के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध सतना को प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ जिला बनाने के लिए दिलाया संकल्प मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मातृशक्ति उत्सव के अंतर्गत महिला सम्मेलन को किया संबोधित सतना जिले के सिंहपुर में मना मातृशक्ति उत्सव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार महिलाओं की आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक समरसता और सभी की अधिकार सम्पन्नता के लिए सामाजिक रचना के ताने-बाने में सभी स्तर पर आवश्यक योगदान दे रही है। इसी का परिणाम है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप किसान, युवा, गरीब कल्याण और महिला सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाएं और कार्यक्रम संचालित हैं। हमारी संस्कृति में देश के लिए मातृत्व भाव विद्यमान है, हम सब भारत माता पर सर्वस्व न्यौछावर करने के लिए सदैव तत्पर हैं। आज का मातृशक्ति सम्मेलन- माताओं-बहनों के प्रति सनातन संस्कृति के अनुरूप अनन्य श्रद्धा-स्नेह-प्रेम और सम्मान का प्रकटीकरण है। भारत की कुटुम्ब या परिवार परम्परा हमारी संस्कृति को समृद्ध और सशक्त बनाती है। परिवार परम्परा का आधार मातृशक्ति ही है। बेटियां एक ही नहीं दो परिवारों का उद्धार करती हैं। बहन-बेटियों के प्रति इस सम्मान के परिणामस्वरूप ही प्रदेश में “लाड़ली बहना योजना’’ आरंभ की गई। सावन के महीने में लाड़ली बहनों के खाते में 1250 रूपए के साथ 250 रूपए अतिरिक्त रूप से आने वाले हैं। यह बहन-बेटियों प्रति हमारी सरकार का आदर और स्नेह है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को सतना जिले के सिंहपुर में आयोजित मातृशक्ति उत्सव के अंतर्गत आयोजित महिला सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
प्रदेश की सभी बहनें हमारा मान हैं, अभिमान हैं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत बहनों को जारी की जाने वाली राशि में चरणबद्ध रूप से वृद्धि होगी और वर्ष 2028 तक बहनों को तीन हजार रूपए प्रतिमाह उपलब्ध कराए जाएंगे। योजना के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण और उनके कल्याण के लिए 1500 करोड़ रूपए से अधिक प्रतिमाह अंतरित किए जा रहे हैं। प्रदेश की सभी बहनें हमारा मान हैं, अभिमान हैं। इनके मान-सम्मान और कल्याण के लिए हम कोई कसर नहीं रखेंगे। दीपावली के बाद आने वाली भाईदूज तक राज्य सरकार सभी लाड़ली बहनों को 1250 रुपए से बढ़ाकर हर माह 1500 रूपए सहायता राशि देगी। बहन-बेटियों के सशक्तिकरण केलिए स्व-सहायता समूहों का संचालन, नौकरियों और स्थानीय व नगरीय निकायों और पंचायतों में आरक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी लोकसभा और विधानसभा में बहनों का 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है। माताओं-बहनों के कल्याण के लिए ही सभी परिवारों को पक्के मकान, घर-घर गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। दीदीयां लखपति बनकर प्रगति कर रही हैं, बेटियों के लिए शिक्षा की उचित व्यवस्था है, उन्हें साइकिलें उपलब्ध कराने के साथ-साथ परीक्षा में अच्छा परिणाम लाने पर प्रोत्साहन स्वरूप लेपटॉप उपलब्ध कराए जा रहे हैं। डॉक्टर-इंजीनियर बनने के लिए भी आवश्यक हरसंभव सहायता बेटियों को उपलब्ध है। उद्योगों में काम करने वाली बहनों के लिए भी राज्य सरकार विशेष सहायता प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की जिन्दगी बदलने के लिए उन्हें बिजली में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सोलर पम्प पर अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। अगले डेढ़ माह में बरगी नहर का कार्य पूर्ण हो रहा है, इससे रीवा-सतना क्षेत्र में पेयजल और सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। हमारी सरकार ने हर खेत तक पानी पहुंचाने का संकल्प लिया है और हम इसे पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। वर्ष 2002-03 तक केवल 7 लाख हेक्टेयर में सिंचाई सुविध उपलब्ध थी। वर्तमान में हम 55 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2028 तक 100 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में इस वर्ष 2600 रूपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया गया। अगले दो साल में संभवत: 2700 रूपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी के माध्यम से शीघ्र ही गरीबों के लिए 4 करोड़ आवास स्वीकृत होने वाले हैं, वर्ष 2028 तक 80 करोड़ लोगों को नि:शुल्क राशन की व्यवस्था है, बच्चों की शिक्षा के लिए सांदिपनी विद्यालय जैसे स्कूल विद्यमान हैं, यह सब रामराज की संकल्पा को साकार करने के समान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार श्रीराम वन गमन पथ का निर्माण करा रही है। साथ ही भगवान श्रीकृष्ण ने जहां-जहां लीलाएं की हैं, वे स्थल तीर्थ के रूप में विकसित किए जाएंगे। किसानों की आय में वृद्धि केलिए गौपालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है, इससे दुग्ध उत्पादन में वृद्धि से परिवार के सभी सदस्यों को पर्याप्त पोषण भी उपलब्ध हो सकेगा। अत: सरकार घर-घर गौपालन को प्रोत्साहित करने के लिए 'जिसके घर गाय वह गोपाल' के भाव से कार्य कर रही है। प्रदेश में देश का 9 प्रतिशत दुग्ध उत्पादन होता है, इसे 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। यदि कोई गौ-पालक 25 गायों का पालन करता है तो उन्हें लागत के 40 लाख रूपए में से 10 लाख रूपए अनुदान के रूप में उपलब्ध कराए जाएंगे। गौशालाओं में भी प्रति गौमाता 20 रूपए के स्थान पर 40 रूपए की राशि उपलब्ध कराई जा रही है। पांच हजार से अधिक गौमाताएं पालने पर 130 एकड़ जमीन और 40 रूपए प्रति गाय के मान से सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। गौमाताओं की उचित देखभाल के लिए नगर निगम, नगर परिषद और पंचायतों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा-सतना क्षेत्र में पर्याप्त औद्योगिक गतिविधियां संचालित हैं। इस क्षेत्र में पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए होमस्टे विकसित करने में राज्य सरकार सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतना जिला भगवान श्रीराम से जुड़ता है अत: क्षेत्र के विकास के लिए कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित जनसमुदाय को अपने गांव-मोहल्ले का उन्नयन करते हुए सतना जिले को प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ जिला बनाने में योगदान देने का संकल्प दिलाया।
विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मातृ शक्ति उत्सव कार्यक्रम में 93 करोड़ से अधिक राशि के 232 कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। इन विकास कार्यों में 44 करोड़ 7 लाख की लागत के 135 कार्यों का लोकार्पण और 49 करोड़ 11 लाख की लागत के 97 कार्यों का भूमि-पूजन शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रैगाव विधानसभा क्षेत्र में सिंहपुर में प्रस्तावित सोलर प्लांट स्थापित करने की पहल की जाएगी। सरकार अक्षय ऊर्जा को बड़ावा देने सोलर पावर के लिए अनुदान भी दे रही है। किसानों के पंपों को ऊर्जीकृत करने सोलर ऊर्जा के लिए अनुदान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर गांव और हर खेत में सिंचाई का पानी पहुंचाने का संकल्प सरकार ने लिया है। सतना जिले में नर्मदा जल शीघ्र पहुंचाया जाएगा। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव रक्षाबंधन का त्यौहार मनाने सतना जिले के सिंहपुर पहुंचे हैं। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण की दिशा में कई कार्य हो रहे हैं। सतना जिले में ही 12 हजार से अधिक दीदीयां लखपति दीदी की श्रेणी में आ चुकी हैं। किसानों के कल्याण, युवाओं को उन्नति के अवसर उपलब्ध कराने और गरीबों को हरसंभव सहायता पहुंचाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत, विश्व का शक्तिशाली राष्ट्र बनने के पथ पर अग्रसर है। नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव श्रावण मास में रक्षाबंधन के पूर्व क्षेत्र में आकर बहनों के साथ भाई-बहन का सबसे बड़ा त्योहार उत्सव मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में नारी शक्ति आज सशक्त होकर मजबूत बन रही है। पंचायतीराज और नगरीय निकायों में प्रतिनिधि के रूप में अपने क्षेत्र और गांव के विकास में अपनी भागीदारी निभा रही हैं। उन्होंने बताया कि रैगांव विधानसभा क्षेत्र में अब तक 5 अरब 3 करोड़ रुपए के विकास कार्य मौजूदा सरकार ने कराए है। हमारी सरकार ने संकल्प से सिद्धि की ओर बढते हुए मातृ शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही आर्थिक रूप से मजबूती प्रदान की है। सांसद श्री गणेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने अनेक नवाचार करते हुए योजनाओं को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने का कार्य किया है। उन्होंने माताओं और बहनों को सशक्तीकरण की योजनाओं से जोडने के साथ ही कामधेनू योजना के अंतर्गत स्वेत क्रान्ति का आंदोलन भी शुरू किया है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में औद्वोगिक क्रांति, पर्यटन क्रान्ति को बढावा देने संभाग स्तर पर कॉनक्लेव का आयोजन किया जा रहा है, जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
मुख्यमंत्री को बहनों ने बांधी राखी, प्रदर्शनी का किया अवलोकन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और महिला स्व-सहायता समूह द्वारा बनाए गए उत्पादों का स्वाद भी लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मातृ शक्ति उत्सव के अवसर पर लगाए गए साज-सज्जा युक्त झूलों के पास जाकर लाड़ली बेटियों को आशीर्वाद दिया और उन्हें झूला झुलाकर उपहार भी दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मंच पर लाड़ली बहनों ने 20 फीट लम्बी राखी स्नेहपूर्वक भेंट की और उनकी कलाई पर राखियां भी बांधी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य आजीविका मिशन के 10 स्व-सहायता समूहों को सीसीएल राशि के प्रतिकात्मक चेक भी वितरित किये। “एक पेड मां के नाम’’ कार्यक्रम की थीम पर प्रदेश में शुरू किये गये नवांकुर सखी हरियाली यात्रा अभियान के तहत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्यारह नवांकुर बहनों को बीज रोपित पौधे भेंट किये। रक्षाबंधन के दिन यह नवांकुर बहनें इन पौधों को राखी बांधकर इनके पालन-पोषण का संकल्प लेंगी। कार्यक्रम में विधायक श्री नागेंद्र सिंह, श्री विक्रम सिंह, श्री सुरेंद्र सिंह गहरवार, जिला पंचायत अध्यक्ष रामखेलावन कोल, उपाध्यक्ष सुष्मिता सिंह, महापौर योगेश ताम्रकार सहित बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें मौजूद रही। हमारे वीर सैनिक देश की आन-बान-शान के हैं सच्चे प्रहरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ![]() 26 July 2025 हमारी सेना मर्यादा में रहकर देश की सीमाओं की रक्षा के लिए सदैव तत्पर सर्जिकल स्ट्राइक, आपरेशन सिंदूर ने हर देशवासी को किया गौरवान्वित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कारगिल विजय दिवस पर दी वीर शहीदों को श्रृद्धांजलि भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारे वीर सैनिक देश की आन-बान-शान के सच्चे प्रहरी हैं। हमारी तीनों सेनाएँ मर्यादा में रहकर देश की सीमाओं की रक्षा के लिए सदैव तत्पर हैं। वर्ष 1999 का कारगिल युद्ध अब तक का सबसे चुनौती पूर्ण युद्ध रहा है। दुश्मन ने छल से देश की सीमा के अंदर घुसपैठ कर ऊंचे स्थानों पर छिपकर हमला किया था। लेकिन 60 से अधिक दिनों तक चले इस चुनौती पूर्ण युद्ध में हमारी सेना ने अपने पुरूषार्थ और पराक्रम से असंभव से लगने वाले कार्य को भी संभव कर दिखाया। कारगिल युद्ध के दौरान हमें रोज नई वीर गाथाएँ सुनने को मिल रही थी। प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में वीर सैनिकों ने हर कठिन चुनौती का सामना कर दुश्मन को मार भगाने का काम किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को कारगिल विजय दिवस के अवसर पर सैनिक स्कूल रीवा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहीद स्मारक में पुष्पचक्र अर्पित कर देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले वीर सैनिकों की शहादत को नमन किया। साथ ही कारगिल युद्ध में शहीद सैनिकों के चित्र पर भी पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने कारगिल युद्ध में शहादत देने वाले गनर श्री छोटे लाल सिंह की पत्नी श्रीमती विद्या देवी तथा नायक श्री कालू प्रसाद की पत्नी श्रीमती श्यामकली देवी को शाल और श्रीफल कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश सशक्त हुआ है। यह देश का स्वर्णिम काल है। आज हमारी सेना अमेरिका और इजराइल की तरह अपने देश की सीमा के बाहर भी दुश्मनों को मारने में सक्षम है। सर्जिकल स्ट्राइक, विंग कमांडर अभिनंदन की वापसी और आपरेशन सिंदूर के माध्यम से देश ने बता दिया है कि यदि आतंकवाद की घटनाएं नहीं रूकी तो उन्हें घर में घुसकर मारेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेना के शौर्य और पराक्रम ने प्रत्येक देशवासी को गौरवान्वित किया है। सैनिक स्कूल के योगदान की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि आज देश की थल सेना और नौ सेना का नेतृत्व करने वाले दोनों अध्यक्ष विन्ध्य के सपूत हैं और उनकी नींव सैनिक स्कूल में रखी गयी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के लिए शहादत देने वाले लोग बहुत ही पुण्यशाली होते हैं। पूरी निष्ठा से देश के लिये समर्पित होकर अपना योगदान देना ही इन वीर शहीदों को सच्ची श्रृद्धांजलि होगी। इस अवसर पर भारतीय सेना की डेयर डेविल टीम द्वारा अपने साहसिक कारनामों से अतिथियों में ऊर्जा का संचार किया तथा सभी को देश प्रेम की भावना से ओतप्रोत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय सेना के मोटर साइकिल अभियान ''वीरता के पहिये'' को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री और रीवा जिले के प्रभारी मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, सांसद श्री जनार्दन मिश्र, विधायक सिरमौर श्री दिव्यराज सिंह, विधायक त्योंथर श्री सिद्धार्थ तिवारी, विधायक मनगवां श्री नरेन्द्र प्रजापति, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, पूर्व महापौर श्री वीरेन्द्र गुप्ता सहित अन्य जन-प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य नागरिकों ने शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर वीर सैनिकों की शहादत को नमन किया। राज्यपाल श्री पटेल ने दिव्यांग बालिकाओं के साथ किया सह-भोज ![]() 25 July 2025 राज्यपाल का सांकेतिक भाषा में बहुदिव्यांग बालिकाओं ने जताया आभार बहुदिव्यांग बालिकाओं ने राजभवन का किया भ्रमण भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि जीवन में सफलता और आगे बढ़ने के लिए निरंतर सीखते रहना चाहिए। राज्यपाल बहुदिव्यांग बालिकाओं से उनके शिक्षकों के माध्यम से राजभवन के सभा कक्ष जवाहर खण्ड में आत्मीय चर्चा कर रहे थे। राज्यपाल श्री पटेल से सौजन्य भेंट करने के लिए आनंद सर्विस सोसायटी की मूकबधिर बहुदिव्यांग बालिकाएं शुक्रवार को इंदौर से राजभवन आईं थीं। इस अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव श्री के.सी. गुप्ता भी मौजूद थे।
निरंतर सीखने और आगे बढ़ने के लिए किया प्रेरित
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने दिव्यांग बालिकाओं से उनके मार्ग दर्शकों के माध्यम से परिचय प्राप्त किया। उनके जीवन की कठिनाईयों और सफलताओं को जाना। उनको निरंतर सीखने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। दिव्यांग बालिकाओं के साथ बालिका सुश्री गुरदीप कौर वासु के संघर्ष और सफलता की कहानी पर आधारित वीडियो फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। उन्होंने दिव्यांग बालिकाओं और शिक्षकों के साथ सह-भोज भी किया।
राजभवन भ्रमण के अनुभव किए साझा
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने सभी बालिकाओं से राजभवन भ्रमण के अनुभव जाने और सामूहिक चित्र भी खिंचवाया। बालिकाओं ने सांकेतिक भाषा में ऐतिहासिक राजभवन परिसर और विशेष रूप से आर्ट गैलेरी भ्रमण के सुखद अनुभव साझा किए। उन्होंने राज्यपाल के प्रति मुलाकात, सह-भोज करने और राजभवन भ्रमण का अवसर देने के लिए आत्मीय आभार जताया।
राज्यपाल को स्व-रचित कलाकृतियां की भेंट
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल से भेंट के अवसर पर मूकबधिर बहुदिव्यांग बालिका सुश्री दिव्या गोले और वैष्णवी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। उन्हें सुश्री किरण विश्वकर्मा और अन्य बालिकाओं ने स्वयं द्वारा सृजित पैंटिंग और कलाकृतियां भेंट की।
राज्यपाल ने देखी बहुदिव्यांग गुरदीप पर बनी फिल्म
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने बालिकाओं के साथ मध्यप्रदेश वाणिज्य कर विभाग में कार्यरत मूकबधिर बहुदिव्यांग शासकीय सेवक सुश्री गुरदीप के जीवन और संघर्षों पर आधारित लघु फिल्म को देखा। उन्होंने उपस्थित बालिकाओं से गुरदीप के जीवन के संघर्षों और सफलताओं से प्रेरणा लेने और निरंतर सीखते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने गुरदीप के परिजनों, संस्था के शिक्षकों और प्रतिनिधियों के समर्पण की प्रशंसा की।
इस अवसर पर राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव, संस्था की को-फाउंडर और संचालक श्रीमती मोनिका पुरोहित, सचिव श्री ज्ञानेन्द्र पुरोहित, गुरदीप की माताजी श्रीमती सीमा मंजीत कौर, शिक्षिका श्रीमती मृणालिनी शर्मा और बालिकाएं उपस्थित रही।
पीकेसी के साथ कुंभराज वृहद सिंचाई परियोजना से गुना जिले के खेत होंगे सिंचित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ![]() 25 July 2025 5138 करोड़ लागत वाली कुंभराज परियोजना से 97500 हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित गुना जिले में 175.76 करोड़ लागत से 604 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमि-पूजन श्री खंडेलवाल की बेटी के लीवर ट्रांसप्लांट के लिए 4 लाख और ममता विश्वकर्मा को 1 लाख रुपए सहायता राशि देने की घोषणा बीनागंज में गौशाला विकास के लिए 12 लाख रुपए देने की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया पीकेसी नदी लिंक परियोजना आभार सभा को किया संबोधित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुंभराज वृहद सिंचाई परियोजना के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी का माना आभार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। हमारे यहां कोई ग्लेशियर नहीं हैं, लेकिन सघन वन और जलराशि उपलब्ध है। प्रदेश का कोई भी गांव, कोई भी खेत पानी से वंचित न रहे इसके लिए हमारी सरकार ने प्रदेश में तीन बड़ी नदी जोड़ो परियोजनाओं पर काम शुरू किया है। पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना इन्हीं में से एक है। गुना जिले को पीकेसी के साथ-साथ कुंभराज वृहद सिंचाई परियोजना का भी बड़ा लाभ मिलेगा इससे यहां के गांव-गांव और खेत-खेत तक पानी पहुंचेगा। यह परियोजना गुना जिले की तस्वीर बदल देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को गुना जिले की चाचौड़ा विधानसभा क्षेत्र के बीनागंज में पीकेसी नदी लिंक परियोजना के लिए जिलेवासियों द्वारा आयोजित आभार सभा को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने करीब 5138 करोड़ रूपए की लागत वाली कुंभराज वृहद सिंचाई परियोजना की स्वीकृति पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। इस परियोजना से गुना जिले की 97500 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को बारहमासी सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो गई है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुना जिले के समग्र विकास के लिए कुल 175.76 करोड़ रूपए की लागत से विभिन्न श्रेणी के 604 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच से ग्राम बीनागंज के श्री राजेश खंडेलवाल की बेटी के लीवर ट्रांसप्लांट के लिए 4 लाख रुपए देने की घोषणा की। बेटी के इलाज के लिए सरकार द्वारा एक लाख रूपए पहले ही दिए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमती ममता विश्वकर्मा को 1 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने बीनागंज में गौशाला के संपूर्ण विकास के लिए 12 लाख रुपए देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगी प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्या पूजन एवं दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का विधिवत् शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का भगवान गणेश की गोबर से निर्मित प्रतिमा भेंटकर स्वागत किया गया। क्षेत्रीय बहनों ने श्रावण मास पर मुख्यमंत्री को दो बड़ी राखियां भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच से लाड़ली लक्ष्मी योजना, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन सहित अन्य शासकीय योजनाओं के चिन्हित हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चाचौड़ा के दर्शनीय स्थलों पर केंद्रित एक मार्गदर्शिका का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 2003 तक विपक्षी दल की सरकार थी और उस दौर में किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिला। तब की सरकार ने किसानों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा 55 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। गुना के गुलाब और धनिया में यहां के किसानों की कड़ी मेहनत की खुशबू आती है। गुना जिला मालवा और चंबल का दरवाजा है। उन्होंने कहा कि किसी जमाने में चंबल में दस्यु संकट चरम पर था। हमारी सरकार बनने पर डाकुओं का सफाया कर दिया गया। अगर 50 साल पहले दस्यु समस्या का हल निकल जाता, तो इस अंचल का अत्यधिक विकास होता। पार्वती, कालीसिंध और चंबल नदी योजना बाबा महाकाल का आशीर्वाद हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में नदी जोड़ो परियोजना का कार्य जारी है। पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजना से चंबल और मालवा के 13 जिलों को लाभ मिलेगा इससे राजस्थान के भी 13 जिले लाभान्वित होंगे। विपक्षी दल की सरकारों ने पीकेसी परियोजना का विरोध किया और कई सालों तक अटकाए रखा। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में समस्या का हल निकाला गया। पीकेसी की सहायक कुंभराज वृहद सिंचाई परियोजना से अब गुना जिले की हर तहसील, हर गांव और खेत में सिंचाई जल और पेयजल का लाभ भी मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में 4 करोड़ गरीबों को पक्का मकान मिल चुका है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के पास अपना कोई मकान नहीं, लेकिन वे करोड़ों लोगों के मकान बनवा रहे हैं। गरीब-जरूरतमंदों को आयुष्मान भारत के अलावा नि:शुल्क राशन योजना का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सावन का महीना चल रहा है, बहनों को 250 रुपए का शगुन मिलेगा। प्रदेश की लाड़ली बहनों को इसी साल दीपावली से 1500 रुपए हर माह भेजे जाएंगे। लाड़ली बहनें अगर फैक्ट्री में काम करेंगी, तो उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप 14 हजार रुपए मेहनताना दिलवाएंगे। युवाओं को भी रोजगार के लिए फैक्ट्री में काम करने पर सरकार 5000 रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत हम केन्द्र सरकार के साथ मिलकर पात्र किसानों को कुल 12 हजार रुपए दे रहे हैं, जिसमें 6 हजार रूपये केन्द्र से एवं 6 हजार राज्य सरकार की ओर से दिए जा रहे हैं। किसानों को बिजली बिल से मुक्ति दिलाने के लिए प्रदेश में सोलर पॉवर से चलित सिंचाई पंप बांटे जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार विरासतों का हरसंभव तरीके से संरक्षण करते हुए प्रदेश को विकास की धारा से जोड़ रही है। प्रदेश में विकास का क्रम लगातार जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में गंभीर घायलों और गरीब जरूरतमंदों को एयर एम्बुलेंस का लाभ मिल रहा है। राहवीर योजना के माध्यम से सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की सहायता करने और अस्पताल पहुंचाने पर मदद करने वाले राहवीर को 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए गौपालकों को अनुदान देने की शुरुआत की है। गौशालाओं के लिए प्रति गाय अनुदान 20 रुपए से बढ़ाकर 40 रुपए कर दिया गया है। हम भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े सभी स्थलों को धाम के रूप में विकसित करेंगे। जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) नदी लिंक परियोजना एक अकल्पनीय कार्य है। इसकी लागत 72 हजार करोड़ की है। परियोजना से चंबल और मालवा अंचल के 13 जिले लाभान्वित होंगे। 6 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी। उन्होंने कहा कि 40 लाख आबादी को इस परियोजना से लाभ मिलेगा। प्रदेश में सिंचाई का रकबा कभी 7 लाख हेक्टेयर था, जो अब बढ़कर 55 लाख हेक्टेयर हो गया है। उन्होंने बताया कि केन-बेतवा लिंक नदी जोड़ो परियोजना 44 हजार 605 करोड़ की योजना है और इससे एक लाख 11 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। परियोजना से से 103 मेगावॉट बिजली पैदा होगी और करीब 44 लाख लोगों को शुद्ध पेयजल मिलेगा। तीसरी बड़ी नदी परियोजना तापी मेगा रिचार्ज परियोजना 19 हजार करोड़ की है। इससे प्रदेश के दो जिले खंडवा और बुरहानपुर लाभान्वित होंगे। यह विश्व की पहली भू-जल रीचार्ज परियोजना है। कार्यक्रम को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण तथा गुना जिले के प्रभारी मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने भी संबोधित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का हृदय से आभार व्यक्त किया। चाचौड़ा विधायक श्रीमती प्रियंका मीणा ने कहा कि ईआरसीपी-पीकेसी परियोजना देश की सबसे बड़ी परियोजना है। जिसे अब मध्यप्रदेश की भूमि पर साकार किया जा रहा है। कुंभराज वृहद सिंचाई परियोजना का लाभ 4 जिलों को मिलेगा और इससे किसानों को सिंचाई और उद्योगों के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। कार्यक्रम में राजगढ़-ब्यावरा के लोकसभा सांसद श्री रोडमल नागर, विधायक श्री पन्नालाल शाक्य, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरविंद धाकड़, जिलाध्यक्ष श्री धर्मेंद्र सिकरवार, श्री राहुल कोठारी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रीय किसान बंधु एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे। भारतीय नायकों के गौरवशाली इतिहास से युवाओं को परिचित कराने का नाटक सशक्त माध्यम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ![]() 24 July 2025 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वास्तव में नाटक कला अनूठी है। नाटकों के माध्यम से भारतीय इतिहास के गौरवशाली व्यक्तित्वों की जानकारी वर्तमान पीढ़ी को प्राप्त होती है। मुख्यमंत्री ने संस्कृति विभाग की संस्था मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय के सहयोग से रवीन्द्र भवन में आयोजित छह दिवसीय हरिहर राष्ट्रीय नाट्य समारोह का शुभारंभ किया भोपाल इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष श्री रामकृष्ण कुसमरिया, पूर्व राज्यसभा सदस्य श्री रघुनंदन शर्मा, प्रमुख सचिव संस्कृति श्री शिवशेखर शुक्ला, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के निदेशक श्री चितरंजन त्रिपाठी, फिल्म सेंसर बोर्ड के सदस्य सुश्री वाणी त्रिपाठी और अन्य अतिथि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह संयोग है कि वे हरिहर की नगरी से आते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की चौदह विद्याओं और चौसठ कलाओं में नाट्य शास्त्र के सभी आयाम शामिल हैं। उज्जैन ऐसी नगरी है, जहां भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा हुई साथ ही महाकाल की नगरी होने का आशीर्वाद भी इसे मिला है। उज्जैन में श्रावण माह, कार्तिक माह और अन्य अवसरों पर होने वाले आयोजन अनूठे होते हैं। हमारे इतिहास में जहां राष्ट्र के दुर्बल होने के निराशाजनक उदाहरण देखने को मिलते हैं, वहीं हमारे समर्थ होने के भी प्रमाण मिलते हैं। विदेशी आक्रांताओं ने आराध्य स्थलों को नष्ट करने और प्रतिमाएं अन्य देशों में ले जाने का कृत्य किया, लेकिन यह भी सत्य है कि हमारे पराक्रमी और राष्ट्रप्रेमी शासकों ने उन प्रतीकों को पुन: स्वदेश लाने का कार्य भी किया।
नाटक कला अनूठी है
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे स्वयं विद्यालयीन और महाविद्यालयीन स्तर से नाटकों के मंचन से जुड़े रहे हैं। उन्हें अनेक वर्ष पूर्व महानाट्य जाणताराजा देखने का सौभाग्य मिला, जो शिवाजी महाराज के साहसिक जीवन पर केन्द्रित था। बाद में इस तर्ज पर सम्राट विक्रमादित्य के जीवन को मंच पर लाने में सफलता मिली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्राट विक्रमादित्य के जीवन के विविध पक्षों का उल्लेख करते हुए बताया कि शिवाजी महाराज की तरह सम्राट विक्रमादित्य सुशासन और शौर्य के प्रतीक थे। उनके राज्य का काफी विस्तार हुआ। उन्होंने अपने भूभाग के समस्त नागरिकों का ऋण समाप्त करने का ऐतिहासिक कार्य किया और विक्रम संवत् के प्रर्वतन की दिशा में आगे बढ़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्कृति विभाग को छह दिवसीय नाट्य समारोह के आयोजन के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीर भारत न्यास द्वारा प्रकाशित पुस्तक 'लोक में मणिधर-बघेश्वर' और नाट्य समारोह की स्मारिका का विमोचन किया। प्रमुख सचिव श्री शिवशेखर शुक्ला ने हरिहर राष्ट्रीय नाट्य समारोह में प्रस्तुत होने वाले नाटकों और भरतमुनि राष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रस्तुत होने वाले शोध पत्रों की जानकारी दी। अतिथियों का स्वागत संस्कृति संचालक श्री एन.पी. नामदेव ने किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्री श्रीराम तिवारी सहित विभिन्न सांस्कृतिक संस्थाओं के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कलाप्रेमी उपस्थित थे।। मध्यप्रदेश को औद्योगिक और रोजगार संपन्न राज्य बनाएंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ![]() 24 July 2025 मुख्यमंत्री ने किया 6 औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में शीघ्र प्रारंभ होगी पुलिस चौकी, महिला अधिकारी भी होंगी पदस्थ 15 करोड़ 61 लाख लागत के विस्तारित अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र का हुआ भूमि-पूजन युवा उद्योगपतियों को वितरित किए भूमि आवंटन आशय-पत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से किया संवाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारे उद्योग और कारखाने मंदिरों की तरह हैं, जो लोगों के कष्ट मिटाते हैं। मध्यप्रदेश में उद्योगों का निरंतर जाल फैलाया जा रहा है। प्रदेश के युवाओं को पलायन की आवश्यकता नहीं है, नए उद्योग शुरू होने से प्रदश में तेजी से समृद्धि आएगी। युवाओं को रोजगारपरक उद्योगों में प्रोत्साहन देते हुए 5 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी। मध्यप्रदेश को औद्योगिक और रोजगार संपन्न राज्य बनाएंगे और मध्यप्रदेश देश का नंबर एक राज्य होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को भोपाल के निकट अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 416 करोड़ रूपये निवेश वाली 6 नवीन औद्योगिक इकाईयों के भूमि-पूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अचारपुरा विशेष औद्योगिक केन्द्र के रूप में उभरेगा। उन्होंने अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र एक्सटेंशन फेज-3 (ग्राम हज्जामपुर) का शिलान्यास भी किया, जो 31.21 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होगा। मुमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में दुनिया के बड़े-बड़े उद्योगपति उद्योग लगाने के लिए आ रहे हैं। अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में आज हर पीढ़ी के उद्यमी हैं। जहां गोकलदास एक्सपोर्टस प्रा.लि. के श्री प्रभात सिंह उपस्थित हैं वहीं सिनाई हेल्थकेयर के युवा श्री आदित्य शर्मा और एसेड्स प्राइवेट लिमिडेट के श्री रौनक चौधरी की उपस्थिति प्रसन्नता प्रदान कर रही है। अचारपुरा की तस्वीर बदल गई है। सावन का समय है और यहां उद्योगों की वर्षा हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सहित देशभर में उद्योग-व्यापार का वातावरण बना है। मध्यप्रदेश में उद्योग प्रारंभ करने के लिए छोटे-बड़े उम्र की कोई सीमा नहीं है और सरकार के द्वार सभी के लिए खुले हैं। उन्होंने कहा कि खुशी का विषय है कि अचारपुरा की फैक्ट्रियों में ऐसी जैकेट बनाई जा रही हैं जो अमेरिका और अन्य देशों में निर्यात होती हैं। मध्यप्रदेश की प्रतिभाएं इन उत्पादों को तैयार कर विश्व में पहुंचा रही हैं। चीन जैसा देश हमारे कॉटन को बेच रहा है। मध्यप्रदेश की कपास की गुणवत्ता विश्व विख्यात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेहनत के मंदिर हमारे कारखाने इस बात के प्रतीक हैं कि वे सभी की तकलीफें दूर करते हैं। उद्योगपतियों की पूंजी और युवाओं का परिश्रम मिलकर अच्छा परिणाम देता है। राज्य सरकार ने देश के अलग-अलग शहरों में उद्योगों की स्थापना के लिए रोड शो आयोजित कर निवेशकों को आकर्षित किया है। राज्य सरकार भारत ही नहीं यूके, दुबई, स्पेन, जर्मनी, जापान सहित अनेक देशों से निवेश लेकर आई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अर्थव्यवस्था के मामले में भारत का नंबर दुनिया में वर्ष 2014 में 15वें स्थान पर था, अब भारत तीसरे स्थान की ओर बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी राष्ट्र में संपन्नता लाने का कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में 20 वर्ष पूर्व प्रति व्यक्ति आय 11 हजार रुपए थी, जो अब 1 लाख 52 हजार रुपए हो गई है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाकर 55 लाख हेक्टेयर है जिसे बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर करेंगे। प्रदेश की सभी पात्र लाड़ली बहनों को दीपावली के बाद 1500 रुपए की राशि हर माह दी जाएगी। सावन का महीना है, बहनों को शगुन की राशि भी देंगे। लाड़ली बहनों की राशि साल दर साल बढ़ाएंगे और इसे वर्ष 2028 तक बढ़ाकर 3000 रुपए तक ले जाएंगे।
6 नई औद्योगिक इकाईयों का किया भूमि-पूजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा नए उद्योगों के भूमि-पूजन के साथ-साथ युवा उद्यमियों को भूमि-आवंटन के आशय पत्र भी बांटे जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां 6 नई औद्योगिक इकाईयों ऐसेड्स प्राइवेट लिमिटेड, सिनाई हेल्थ केयर, गोकुलदास एक्सपोर्ट, इंडो एकॉर्ड अपरल्स, थिंक गैस एवं समर्थ अग्रीटेक का रिमोट दबाकर भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक सप्ताह के अंदर अचारपुरा में पुलिस चौकी काम करना शुरू कर देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित आईजी (पुलिस) को इस चौकी पर महिला पुलिसकर्मियों को तैनात करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अचारपुरा में गोकलदास गारमेंट इकाई का भ्रमण किया। उन्होंने यहां कार्य करने वाली बहनों से बातचीत की और उनका उत्साहवर्धन किया। गोकलदास एक्सपोर्टस प्रा.लि. में क्षेत्र की लगभग 2500 महिलाएँ दक्षता से कार्य कर रही हैं।मध्यप्रदेश के युवा उद्योगपति बनकर यहीं उद्योग स्थापित कर रहे हैं।मुख्यमंत्री डॉ. यादव हाल ही दुबई एवं स्पेन की यात्रा से आए हैं।वे निरंतर उद्योगपतियों से संवाद कर रहे हैं जिससे औद्योगिक परिदृश्य बदला है एवं मध्यप्रदेश का स्थान विश्व में ऊँचा उठ रहा है।प्रदेश में सम्पूर्ण विकास की अवधारणा बनी है। कृषि एवं औद्योगिक विकास के साथ रोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।प्रदेश में उद्योगपतियों की आवश्यकताओं के आधार पर औद्योगिक नीतियां बनाई गई हैं एवं निरंतर उद्योगपतियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। यही कारण है कि आज नवीन औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन हो रहा है और अनेक निवेशकों को उद्योग के लिए भूमि आवंटन के आशय-पत्र दिए गए हैं। बैरसिया विधायक श्री विष्णु खत्री ने कहा कि अचारपुरा और आसपास का क्षेत्र औद्योगिक गतिविधियों का सक्रिय केंद्र बनना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सतत प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने बताया कि MSME क्षेत्र के अंतर्गत 280 हेक्टेयर में औद्योगिक विकास की योजना से बैरसिया का हर घर किसी न किसी रूप में औद्योगिक विकास से जुड़ेगा। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र अब राज्य का एक सक्रिय और आदर्श औद्योगिक केंद्र बन चुका है। उन्होंने बताया कि 100 से अधिक औद्योगिक इकाइयों की उपस्थिति और 4000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार इसके विकासशील स्वरूप का प्रमाण है। ग्राम हज्जामपुरा फेज़-3 में 15.61 करोड़ रु. की लागत से विकसित होने वाले नए औद्योगिक पार्क से इस क्षेत्र में मल्टी-सेक्टर इकाइयों को प्रोत्साहन मिलेगा।
गोकुलदास एक्सपोर्ट्स 2 इकाई लगाकर 2500 बहनों को देगा रोजगार
गोकुलदास एक्सपोर्ट्स के डायरेक्टर श्री प्रभात सिंह ने कहा कि कंपनी देशभर में 36 इकाइयाँ संचालित कर रही है, जिनमें से एक कीनिया में भी स्थित है। वर्तमान में उनकी इकाई में 2500 महिलाएं कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि अचारपुरा क्षेत्र में एक और इकाई स्थापित करने जा रहे हैं, जहां लगभग 2500 बहनों को और रोजगार मिलेगा। श्री सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश का निवेश फ्रेंडली वातावरण, निवेशक-हितैषी नीति और मजबूत औद्योगिक ईकोसिस्टम उन्हें इस क्षेत्र में और अधिक फैक्ट्रियाँ स्थापित करने के लिए प्रेरित कर रहा है। प्रवेश में अधिक से अधिक इंडस्ट्री स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि अचारपुरा क्षेत्र को महिला सशक्तिकरण और औद्योगिक उत्पादन दोनों के लिए एक मॉडल के रूप में स्थापित किया जाए।
सिंगल विंडो के माध्यम से सभी अनुमतियों का तुरंत मिल जाना सराहनीय :आदित्य शर्मा
सिनाई हेल्थ केयर के डायरेक्टर श्री आदित्य शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सतत प्रयासों से मध्यप्रदेश में निवेश का सकारात्मक वातावरण बना है। श्री शर्मा ने भूमि आवंटन से लेकर सभी अनुमतियों के मिलने की प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बताया और मुख्यमंत्री एवं उनकी टीम को इसके लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि अचारपुरा में 120 करोड़ रु. के निवेश से सिनाई हेल्थ केयर इंडस्ट्री स्थापित की जाएगी। उन्होंने बताया कि यहां के उत्पाद को न केवल भारत, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी निर्यात किया जाएगा।
देश के मध्य में स्थित निवेश के लिये आदर्श स्थल है म.प्र. : श्री रौनक चौधरी
श्री रौनक चौधरी,डायरेक्टर एसेडस प्रा.लि. ने बताया कि उन्होंने औद्योगिक इकाई गुरुग्राम में रजिस्टर की थी और पूरे देश में भ्रमण के बाद सर्वश्रेष्ठ जगह अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र भोपाल में स्थापित की। भोपाल देश के मध्य में है। अचारपुरा के नजदीक में राजा भोज एयरपोर्ट है एवं बेहतर सड़कें हैं जिससे यह एक आदर्श औद्योगिक क्षेत्र बनता है। उन्होंने उद्योगपतियों को अच्छी सुविधाएं देने के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया। रक्षा मंत्री श्री सिंह रायसेन में करेंगे रेल कोच निर्माण इकाई का भूमिपूजन ![]() 24 July 2025 केन्द्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह आगामी 10 अगस्त को रायसेन में 1800 करोड़ रूपए के निवेश से प्रारंभ होने वाली रेल कोच निर्माण इकाई का शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में मेसर्स बीईएमएल लिमिटेड बैंगलुरु के चेयरमेन, मैनेजिंग डायरेक्टर श्री शांतनु रॉय, निदेशक रेल एवं मेट्रो श्री राजीव गुप्ता, महाप्रबंधक बीईएमएल श्री चंद्रशेखर और ईडी श्री ओ.पी. सिंह ने सौजन्य भेंट की। भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जानकारी दी गई कि बीईएमएल द्वारा औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, रायसेन जिला प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के साथ सम्पर्क कर रायसेन जिले की गौहरगंज तहसील के ग्राम उमरिया में अत्याधुनिक रेल कोच फैक्ट्री के शिलान्यास की आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। इस इकाई के फलस्वरूप 1575 व्यक्तियों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त होगा। इकाई को आवंटित शासकीय भूमि को रेल लाइन से जोड़ने के लिए अधिग्रहण की कार्यवाही की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बीईएमएल के पदाधिकारियों को मध्यप्रदेश में विभिन्न सेक्टर्स में आ रहे निवेश की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रायसेनजिले में रेल कोच निर्माण इकाई प्रारंभ होने से स्थानीय युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार मिलेगा और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन आयेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट के दौरान प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह भी उपस्थित थे। स्थानीय स्तर पर रोजगार की संभावनाओं के लिए तैयार करें पाठ्यक्रम : राज्यपाल श्री पटेल आगे ![]() 23 July 2025 स्किल ही करेंसी है, युवाओं के लिए आईटी और एग्रीकल्चर क्षेत्र में शुरू हुए रोजगारपरक कोर्स: मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकसित भारत @2047 अंतर्गत रोजगार आधारित शिक्षा: रुझान एवं नए अवसर राष्ट्रीय कार्यशाला में राज्यपाल और मुख्यमंत्री हुए शामिल भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि स्थानीय स्तर पर रोजगार की संभावनाओं को पहचान कर विश्वविद्यालय पाठ्यक्रम तैयार करें। उन्होंने प्रदेश में देश विदेश से निवेश प्रस्ताव प्राप्त करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल की सराहना की है। अपेक्षा की है कि निवेश परियोजना क्रियान्वयन के साथ ही उद्योग में रोजगार के लिए उपयुक्त अभ्यर्थी उपलब्ध कराने के लिए कोर्स प्रारम्भ करें, जिससे परियोजना शुरू होने के साथ ही आवश्यकता अनुसार स्थानीय स्तर के युवा उपलब्ध हो सकें। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज करेंसी का जमाना है, लेकिन स्किल (कौशल) ही करेंसी है, भारत इसे अच्छी तरह समझता है। इसीलिए हम नवाचार करते हुए कौशल विकास की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। मध्यप्रदेश एक कृषि प्रधान और तेजी से बढ़ता राज्य है। इसीलिए हम खेती की पढ़ाई को सामान्य महाविद्यालयों तक लेकर गए हैं। अगर कोई युवा खेती में करियर बनाना चाहे तो उसे आधुनिक तकनीक की जानकारी होनी चाहिए। विश्वविद्यालयों के दायरे विस्तृत होने चाहिए। सभी कोर्स यहां से संचालित होने चाहिए। राज्यपाल श्री पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उक्त विचार उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विकसित मध्यप्रदेश @2047 ‘रोजगार आधारित शिक्षा-रूझान एवं नए अवसर’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कही है। कार्यशाला का आयोजन बुधवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में किया गया। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय रोजगार आधारित शिक्षा-रूझान एवं नए अवसर कार्यशाला समय की आवश्यकता है। भविष्य की तैयारी का सशक्त मंच है। रोजगार केन्द्रित शिक्षा और विकसित भारत के निर्माण में प्रदेश के योगदान को बढ़ाने की प्रभावी पहल है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि शिक्षा समाज की रीढ़ है। यह समय के साथ तालमेल बैठाने, नवाचारों को अपनाने और नवीन अवसरों का लाभ उठाने के लिए व्यक्ति, समाज और राष्ट्र को सक्षम बनाती है। इसलिए हमारी शिक्षा प्रणाली ऐसी होनी चाहिए जो विद्यार्थियों को रोजगार के अवसरों तक सुलभ पहुंच देने के साथ ही उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त बनाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा से मनुष्य का समग्र विकास होता है। यह आयोजन को बदलते दौर में रोजगार आधारित शिक्षा और अवसरों का विकास करने के क्रम किया जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर सबसे पहले 1968 और उसके बाद 1988 में मंथन हुआ। अब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर तीसरी बार मंथन हो रहा है। लेकिन आजादी के बाद 2020 से पहले कभी भी लार्ड मैकाले की शिक्षा पद्धति से बाहर आकर विचार नहीं किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल शासन की मंशा को समझने वाले दृष्टा थे। इसी भाव से उन्होंने सोमनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार करते हुए देश की जड़ों को मजबूत करने का कार्य किया। महात्मा गांधी ने अहिंसा के अस्त्र का उपयोग करते हुए देश के गांव-गांव तक स्वतंत्रता की अलख जगाई थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुनिया, भारत के आने के लिए लालायित है। आक्रांताओं ने भारतीय संस्कृति पर आक्रमण करने के लिए हमारी शिक्षा के बड़े केंद्रों तक्षशिला, नालंदा और विक्रमशिला को तोड़ने और जलाने का कार्य किया। मध्य प्रदेश 64 कलाओं की शिक्षा वाली भूमि है। इसीलिए भगवान श्रीकृष्ण शिक्षा ग्रहण करने के लिए उज्जैन के सांदीपनि आश्रम आए थे। हम उस देश के वासी हैं, जहां होठों पर सच्चाई रहती है और जो होठों पर सच्चाई लेकर आए वही शिक्षा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में शासकीय और निजी मिलाकर 70 से अधिक विश्वविद्यालय हैं। भारत विश्वगुरु है और गुरु वह जो हमारे जीवन में अंधकार हटाकर उसे प्रकाशमय कर दे। जेएनयू ने भी मध्यप्रदेश की कुलगुरु परंपरा को आत्मसात कर लिया है। सरकार प्रदेश में 10 हजार से अधिक शैक्षणिक संस्थाओं में एनईपी लागू करने पर आगे बढ़ चुकी है। प्रदेश में 220 से अधिक सांदीपनि विद्यालयों की शुरुआत की गई है। यहां विद्यार्थियों के लिए आधुनिक कंप्यूटर कोडिंग लैब स्थापित की गई हैं। शिक्षा केवल कागज की डिग्री लेने के लिए न हो, बल्कि वह भविष्य की चुनौतियों से लड़ने और उसे समझने में समर्थ हो। इसीलिए प्रदेश के विश्वविद्यालयों में आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा साइंस, मशीन लर्निंग, क्लाउड कंप्युटिंग और बायोटेक्नोलॉजी जैसे कोर्स शुरू किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश दूध उत्पादन में देश में तीसरे स्थान पर है। हमने शीर्ष स्तर पर पहुंचने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में 6 करोड़ से अधिक पशुधन है, इसीलिए राज्य सरकार प्रदेश में वेटेनरी कॉलेज की संख्या बढ़ाने पर जोर दे रही है। हम सिंचाई के रकबे के साथ-साथ मत्स्य उत्पादन को भी बढ़ाने के लिए संकल्पित हैं। उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि शिक्षा हर काल में सर्वोच्च रही है। भारतीय संस्कृति में संस्कारों को आगे बढ़ाते हुए रोजगार देने की परंपरा थी। बिना संस्कारों के हम श्रेष्ठ और कर्तव्यनिष्ठ नागरिक नहीं बना सकते हैं। प्रदेश में नई शिक्षा नीति और कार्य की जवाबदेही तय करने की पहल देश भर में स्थान बनाएगी और प्रदेश के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगी। कार्यक्रम के प्रारंभ में राज्यपाल श्री पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन कर किया। राज्यपाल श्री पटेल का उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अनुपम राजन ने पौधा, श्रीफल, अंग वस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। कार्यशाला में विषय -विशेषज्ञ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) नई दिल्ली के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी और आई.ई.यू.ए.सी. के निदेशक डॉ. ए.सी. पांड़े ने विचार रखे। राष्ट्रीय कार्यशाला के प्रारंभ में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन ने स्वागत उद्बोधन दिया। मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष प्रो. भरत शरण सिंह ने आभार व्यक्त किया। बदलते दौर का उज्जैन विश्व में छोड़ेगा अनूठी छाप: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपी गई स्वच्छता अवार्ड की ट्राफी ![]() 23 July 2025 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बदलते दौर का उज्जैन सिर्फ उज्जैन के लिए नहीं बल्कि भारत और पूरे विश्व के लिए महवपूर्ण छाप छोड़ने का कार्य करेगा। मेट्रोपॉलेटिन सिटी में शामिल होने के बाद इंदौर-उज्जैन वृहद महानगरीय क्षेत्र बन जाएगा भोपाल उज्जैन नगर निगम के महापौर, सभापति और अन्य पदाधिकारियों ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास के समत्व भवन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट कर उसे 10 लाख की आबादी श्रेणी में उज्जैन को सर्वश्रेष्ठ स्वच्छता आवार्ड की उपलब्धि से अवगत करवाकर उन्हें ट्राफी और प्रशस्ति पत्र सौंपा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन से आए जनप्रतिनिधि को संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों ओर नागरिकों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश को स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 पुरस्कारों में मध्यप्रदेश को कुल 8 अवार्ड मिले हैं, जो हर्ष और गर्व का विषय है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी अभिनंदन के पात्र हैं, क्योंकि उन्होंने स्वच्छता पुरस्कारों के लिए अनेक श्रेणियां निर्धारित कीं जिससे अनेक नगरीय निकाय योग्य होने पर पुरस्कार से वंचित नहीं हुए। अवंतिका नगरी की पहचान कई तरह की है। बाबा महाकाल की नगरी होने के साथ ही उज्जैन साइंस सिटी और खगोल विज्ञान की नगरी है। उज्जैन का गौरवशाली इतिहास है और राष्ट्र प्रेम भी उज्जैन के नागरिकों के संस्कार में शामिल है।
विश्व के सबसे बड़े मेले सिंहस्थ: 2028 को यादगार बनाना है: मुख्यमंत्री डॉ यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में सिंहस्थ:2028 को यादगार बनाना है। यह विश्व का सबसे बड़ा मेला होगा। भविष्य में ग्वालियर और जबलपुर महानगरीय क्षेत्र भी परस्पर कनेक्ट
होंगे। इस तरह जुड़वा महानगरीय क्षेत्र प्रदेश की पहचान बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक समय था जब नागरिकों को सिंगल रोड से आना जाना होता था। आज देवास-इंदौर
सिक्स लेन मार्ग है। अन्य अनेक फोर लेन और सिक्स लेन सड़कें आवागमन को आसान बना रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में राष्ट्र के
गौरवशाली इतिहास का स्मरण कर विरासत को सहेजने और विकास को तीव्र करने का कार्य हुआ है। उज्जैन में कोठी पैलेस में वीर भारत संग्रहालय, भारत के महापुरुषों और राष्ट्रभक्तों की
गाथा बताने का कार्य करेगा।
उज्जैन के महापौर श्री मुकेश टटवाल ने कहा कि 17 जुलाई को नई दिल्ली में विज्ञान भवन में हुए पुरस्कार समारोह में उज्जैन को 3 से 10 लाख आबादी की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ शहर का अवार्ड देते हुए राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने तीन बार उज्जैन का विशेष उल्लेख किया। वे गत वर्ष सितम्बर माह में सफाई मित्रों के सम्मान कार्यक्रम में उज्जैन आई थीं तब उन्होंने महाकाल मंदिर परिसर को बुहारने का कार्य भी किया था। विधायक श्री अनिल जैन कालूखेड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव कर्म में विश्वास रखते हैं। उन्होंने केन-बेतवा सहित अन्य अंतर्राज्जीय सिंचाई परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए दिन रात एक कर दिया। नगर निगम उज्जैन की अध्यक्ष श्रीमती कलावति यादव ने उज्जैन को प्राप्त उपलब्धि के लिए जनप्रतिधियों, नागरिकों, प्रशासनिक अमले और सफाई मित्रों की सक्रिय भूमिका की प्रशंसा की। श्री संजय अग्रवाल, श्री राजेंद्र भारती, अनेक पार्षदगण,उज्जैन नगर निगम के आयुक्त श्री आशीष पाठक भी कार्यक्रम में शामिल थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को अचारपुरा में करेंगे 406 करोड़ रूपये के निवेश की 5 औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन ![]() 23 July 2025 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मध्यप्रदेश को औद्योगिक और रोजगार संपन्न राज्य बनाने की पहल रंग ला रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 24 जुलाई को भोपाल के अचारपुरा में 406 करोड़ के निवेश वाली 5 औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन करेंगे। साथ ही 8 उद्योगों के निवेशकों को भूमि आवंटन के आशय-पत्र भी सौपेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत अचारपुरा स्थित गोकलदास एक्सपोर्ट्स की गारमेंट यूनिट के भ्रमण से होगी, जहाँ लगभग 2500 महिलाएँ कार्यरत हैं। भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यरत महिला श्रमिकों से संवाद करेंगे और इकाई में हो रहे उत्पादन कार्यों का अवलोकन करेंगे। यह इकाई न केवल औद्योगिक गतिविधियों बल्कि महिला सशक्तिकरण का भी एक सफल उदाहरण बनकर उभरी है। टेक्सटाइल, फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को मिलेगा विस्तार मुख्यमंत्री डॉ. यादव टेक्सटाइल, फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर से जुड़ी 5 प्रमुख इकाइयों का भूमि -पूजन करेंगे। इसमें इंडो एकॉर्ड अप्पैरल्स द्वारा 125 करोड़ रूपये के निवेश से 500 रोजगार, एसेड्स प्रा. लि. द्वारा 106 करोड़ रूपये के निवेश से 100 रोजगार, सिनाई हेल्थकेयर द्वारा 100 करोड़ रूपये से 200 रोजगार, समर्थ एग्रीटेक द्वारा 50 करोड़ रूपये से 200 रोजगार और गोकलदास एक्सपोर्ट्स द्वारा 25 करोड़ रूपये के निवेश से 500 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। ये सभी 5 इकाइयाँ 12.88 हेक्टेयर क्षेत्रफल में स्थापित होगी, जिसमें 406 करोड़ रूपये का निवेश और 1500 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा।
विशेष औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरेगा अचारपुरा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव अचारपुरा में 31.21 हेक्टेयर भूमि पर विकसित की जा रही नई औद्योगिक परियोजना का भूमि-पूजन भी करेंगे। यह परियोजना लगभग 15.61 करोड़ रूपये से विकसित
की जाएगी, जिससे भविष्य में 800 करोड़ रूपये तक के निवेश आकर्षित होने की संभावना है और 1000 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इस क्षेत्र को विशेष रूप से टेक्सटाइल
और फार्मा सेक्टर के लिए विकसित किया जा रहा है।
8 नई इकाइयों को सौंपे जाएंगे भूमि आवंटन के आशय-पत्र
मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में महालक्ष्मी दाल उद्योग, जियो फिल्टेक, प्रवाह एंटरप्राइजेज, योगी इंडस्ट्रीज, अजमेरा इंडस्ट्रीज, सामवी एंटरप्राइजेज और बैग क्रिएशन इंडिया इकाइयों को औद्योगिक भूखंड आवंटन के आशय पत्र भी सौंपेंगे। ये 8 इकाइयाँ 12494.5 वर्ग मीटर भूमि पर 1770 लाख रूपये का निवेश करेंगी और 186 से अधिक रोजगार के अवसर प्रदान करेंगी।
निवेशकों ने जताया विश्वास, सराहा सरकार का सहयोग
गोकलदास एक्सपोर्ट्स के प्रतिनिधि प्रदेश में निवेश के अनुभवों को साझा करेंगे। मध्यप्रदेश की स्थिर नीतियाँ, कुशल श्रमिक बल और समय पर मिल रही सुविधाओं से उन्होंने अचारपुरा में विस्तार का निर्णय लिया है। टेक्सटाइल, फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के अन्य उद्यमी भी प्रदेश सरकार और प्रशासन द्वारा दिए जा रहे सक्रिय सहयोग और नीतियों को साझा करेंगे।
निवेश के लिए सुविधाजनक वातावरण, कुशल लॉजिस्टिक्स और 'प्लग एंड प्ले' की सुविधा
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेंद्र कुमार सिंह अचारपुरा को निवेशकों के लिए उद्योग अनुकूल बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा दी रही सुविधाओं की जानकारी देंगे। सरकार द्वारा निवेशकों को 'प्लग एंड प्ले' मॉडल, तेज़ स्वीकृति प्रक्रियाएँ और बेहतर लॉजिस्टिक्स जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन सुविधाओं से औद्योगिक इकाइयों को सुगमता से संचालन का लाभ मिलेगा और क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियाँ तेज़ होंगी। मंत्रि-परिषद ने "सांख्यिकी से समृद्धि" के लिए डाटा सुदृढ़ीकरण योजना को दी स्वीकृति ![]() 22 July 2025 गांधीसागर जल विद्युत गृह की इकाइयों के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण का अनुमोदन मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के अंतर्गत सांख्यिकी संबंधी आंकड़ों का समयावधि में संकलन (डाटा कलेक्शन) एवं विश्लेषण कर विभागों, आमजन एवं योजनाविदों के उपयोग के लिए आंकड़े उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में ''डाटा सुदृढ़ीकरण योजना'' की स्वीकृति प्रदान की गयी। राज्य सरकार इस योजना के माध्यम से "सांख्यिकी से समृद्धि" की दिशा में एक नई पहल कर रही है।ख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की स्पेन और दुबई यात्रा में 11 हजार 119 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं जिससे 14 हजार से अधिक व्यक्तियों को रोजगार भी प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गरीब से गरीब व्यक्ति की जिंदगी बदलना आवश्यक है। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी इसके लिए भरसक प्रयत्न कर रहे हैं। गरीब, युवा, महिला,किसान सभी वर्गों को साथ लेकर विरासत सहेजने से लेकर विकास की गति बढ़ाने का दृढ़ संकल्प है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी नागरिकों से प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए संकल्पित रहने को कहा।। योजना से सरकार को डाटा के आधार पर बेहतर और सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी। साथ ही डाटा और उसका विश्लेषण समय पर मिलने से सरकार बेहतर नीति बना सकेगी। समस्त विभाग बिना किसी रुकावट के डाटा साझा कर सकेंगे, जिससे काम में पारदर्शिता आएगी और कर्मचारियों की कार्यक्षमता में भी वृद्धि होगी। स्वतंत्र शोधकर्ताओं और नीति-निर्माताओं को भी डाटा उपलब्ध होगा, जिससे नई योजनाओं का निर्माण आसान होगा। नागरिकों को भी डाटा की जानकारी मिल सकेगी, जिससे शासन अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगा। डाटा की उपलब्धता से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और राज्य में निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
गांधीसागर जल विद्युत गृह की इकाइयों के नवीनीकरण का अनुमोदन
मंत्रि-परिषद द्वारा म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के अंतर्गत संचालित (5x23) मेगावाट गांधीसागर एवं (4x43 मेगावाट) राणाप्रताप सागर जल विद्युत गृह के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण के लिए मध्यप्रदेश द्वारा देय राशि का अनुमोदन प्रदान किया गया। निर्णय अनुसार गांधीसागर जल विद्युत गृह की पांचों इकाइयों (5x23 मेगावाट) के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण की पुनरीक्षित अनुमानित लागत 464 करोड़ 55 लाख रुपये का अनुमोदन प्रदान किया गया। राणा प्रताप सागर जल विद्युत गृह की चारों इकाइयों (4x43 मेगावाट) के नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण की डी.पी.आर. में वर्णित अनुमानित लागत 573 करोड़ 76 लाख रूपये का अनुमोदन प्रदान किया गया। दोनो परियोजनाओं की स्वीकृति परियोजना राशि पर निर्धारित अंशपूँजी को मध्यप्रदेश एवं राजस्थान राज्य द्वारा 50:50 अनुपात पर वित्त विभाग के परामर्श अनुसार मध्यप्रदेश की हिस्से की राशि 127 करोड़ 6 लाख रुपये को वर्षवार प्रदान किये जाने का अनुमोदन किया गया। मशीनरी बदलने के लिए राशि का व्यय होगा। परियोजना अगले 40 साल के लिए उपयोगी है दोनों प्रदेश कि विद्युत् उत्पादन कंपनियां अपने-अपने राज्य में स्थित परियोजना का क्रियान्वयन करेगी एवं कार्यों की लागत का लेखा-जोखा पारदर्शी रूप से संधारित कर एक दूसरे से साझा करेंगी तथा मौजूदा प्रथा के अनुसार वितीय खातों का तिमाही/वार्षिक मिलान कर समायोजित करेगी।
विक्रमोत्सव व्यापार मेला उज्जैन मोटरयान कर में 50 प्रतिशत छूट के निर्णय का अनुसमर्थन
मंत्रि-परिषद ने उज्जैन के विक्रमोत्सव व्यापार मेला वर्ष-2025 में ऑटोमोबाइल विक्रय पर मोटरयान कर में 50% छूट प्रदान करने का निर्णय लेते हुए परिवहन विभाग की अधिसूचना 14 जनवरी 2025 एवं 9 अप्रैल 2025 का अनुसमर्थन किया गया।। निर्णय अनुसार ऐसे समस्त गैर-परिवहन यानों (मोटर साइकिल, मोटर कार, निजी उपयोग के लिए ओमनी बस) तथा हल्के परिवहन यानों को, विक्रय पर जीवनकाल मोटरयान कर की दर में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी, जिनका कि वर्ष 2025 में उज्जैन व्यापार मेला की मेला अवधि के दौरान विक्रय किया जाएगा। छूट केवल विक्रीत वाहनों का क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, उज्जैन से स्थाई पंजीयन कराने पर ही प्रदान की जाएगी। उज्जैन के बाहर से आने वाले ऑटोमोबाइल व्यवसायी को क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, उज्जैन से व्यवसाय प्रमाण-पत्र प्राप्त करने तथा उज्जैन में मेला प्रांगण में अपनी भौतिक उपस्थिति सुनिश्चित करने के उपरांत ही वाहन विक्रय करने को अनुमत किया जाएगा।
ग्वालियर व्यापार मेला 2024-25 में मोटरयान कर में 50 प्रतिशत छूट के निर्णय का अनुसमर्थन
मंत्रि-परिषद द्वारा ग्वालियर व्यापार मेला 2024-25 में ऑटोमोबाइल विक्रय पर कर में 50% छूट प्रदान करने का निर्णय लेते हुए परिवहन विभाग की अधिसूचना 14 जनवरी 2025 का अनुसमर्थन किया गया। अधिसूचना में ग्वालियर व्यापार मेला वर्ष 2024-25 के लिए शर्तों के आधार पर सहमति प्रदाय की गई थी। निर्णय अनुसार ग्वालियर व्यापार मेला वर्ष 2024-2025 में गैर-परिवहन यानों (मोटर साइकिल, मोटर कार, ओमनी बस निजी उपयोग के लिए) और हल्के परिवहन यानों को मेला अवधि के दौरान विक्रय पर जीवनकाल मोटरयान कर की दर में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी। विक्रीत वाहनों का क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, ग्वालियर से स्थाई पंजीयन करने पर ही छूट प्रदान की जाएगी। ग्वालियर के बाहर से आने वाले ऑटोमोबाइल व्यवसायी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, ग्वालियर में व्यवसाय प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के उपरांत मेला प्रांगण में अपनी भौतिक उपस्थिति सुनिश्चित करने पर ही वाहन विक्रय कर सकेंगे। मध्यप्रदेश स्वच्छता क्षेत्र में निरंतर रहेगा आगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ![]() 22 July 2025 मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भोपाल की महापौर श्रीमती राय ने की भेंट मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्वच्छता ट्राफी और प्रशस्ति-पत्र सौपा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मंगलवार की शाम मंत्रालय में भोपाल की महापौर श्रीमती मालती राय के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों ने भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को श्रीमती राय ने राष्ट्रपति द्वारा भोपाल को स्वच्छता क्षेत्र में दिये गये प्रशस्ति पत्र एवं ट्राफी भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा व्यक्त की कि मध्य प्रदेश स्वच्छता के क्षेत्र में निरंतर अग्रणी बना रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महापौर श्रीमती मालती राय सहित नगर निगम भोपाल के अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी, श्री रविंद्र यति, श्री राजेश हिंगोरानी और अन्य पदाधिकारी गण को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने भोपाल, इंदौर सहित मध्यप्रदेश के अन्य शहरों को स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 पुरस्कारों से गत सप्ताह सम्मानित किया। भोपाल को 10 लाख से अधिक जनसंख्या की श्रेणी में स्वच्छ शहर का द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से बुधनी नगर निकाय के पदाधिकारी गण ने भी भेंट की और 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों में बुधनी के पुरस्कृत होने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दोनों निकायों के पदाधिकारियों को बधाई दी। महापौर श्रीमती मालती राय ने बताया कि स्वच्छता के क्षेत्र में श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए भोपाल नगर के सफाई मित्रों को भी पुरस्कृत किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि भोपाल के साथ ही इंदौर को 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाली स्वच्छ लीग अवार्ड श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ स्वच्छ शहर से पुरस्कृत किया गया। इसी श्रेणी में 3 से 10 लाख जनसंख्या वाले शहरों की श्रेणी में उज्जैन को सर्वश्रेष्ठ स्वच्छ शहर का पुरस्कार प्राप्त हुआ। फिल्म " तन्वी द ग्रेट" मध्यप्रदेश में कर मुक्त होगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ![]() 22 July 2025 डीबी माल के सिनेमाघर में हुआ फिल्म का प्रदर्शन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फिल्म "तन्वी द ग्रेट" का देखा विशेष प्रदर्शन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में फिल्म "तन्वी द ग्रेट" कर मुक्त होगी। मध्यप्रदेश शासन द्वारा ऐसी सार्थक फिल्मों को प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फिल्म अभिनेता और निर्देशक श्री अनुपम खेर के साथ मंगलवार की रात्रि भोपाल में फिल्म "तन्वी द ग्रेट" का विशेष प्रदर्शन देखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फिल्म सिने प्रेमियों को संबोधित करते हुए कहा कि फिल्म का विषय चयन, कलाकारों का अभिनय, गीत संगीत, सभी दर्शकों का दिल जीतने योग्य रहा। यह फिल्म मानवीय संवेदनाओं और हमारे तानेबाने से संबंधित सार्थक संदेश देती है। यह फिल्म नहीं बल्कि एक सीख और एक पाठ है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी भी सेना से जुड़े विषयों पर ऐसी फिल्मों को प्रोत्साहित करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आटिज्म से प्रभावित बच्चे भी सक्षम होते हैं और वे सेना में भर्ती होने की योग्यता भी रखते हैं। यह फिल्म में बखूबी दिखाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फिल्मकार श्री अनुपम खेर और सभी कलाकार अभिनंदन के पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डीबी मॉल स्थित सिनेमाघर परिसर में अनेक नागरिकों से भेंट और चर्चा भी की। फिल्म के प्रदर्शन के प्रारंभ में अभिनेता और निर्देशक श्री अनुपम खेर ने सभी का स्वागत किया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। श्री खेर ने फिल्म प्रदर्शन के बाद कहा कि पिता का स्वप्न पूरा करने के लिए बेटी सभी जतन करती है। कोई व्यक्ति सबसे अलग हो सकता है लेकिन वह कमजोर नहीं होता। इस फिल्म की नायिका ने सिद्ध किया है, कि उसकी योग्यता से ही भारतीय सेना में उसका चयन होता है। फिल्म प्रदर्शन के अवसर पर श्री हेमंत खण्डेलवाल, उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोंविद सिंह राजपूत, संस्कृति, पर्यटन मंत्री श्री धर्मेंद्र लोधी, विधायक श्री भगवान दास सबनानी, समाजसेवी श्री रविन्द्र यति सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। सुंदर-स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण का उपहार है पौधरोपण - मुख्यमंत्री डॉ. यादव ![]() 22 July 2025 डीमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक दिवसीय पौधरोपण अभियान में लगाया बेल-पत्र का पौधा राष्ट्रीय मानव संग्रहालय परिसर में हुआ पौधरोपण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यह सौभाग्य का विषय है कि मध्यप्रदेश में देश के अन्य राज्यों की तुलना में सर्वाधिक वन संपदा विद्यमान है। वृक्ष ही पृथ्वी पर जीवन का आधार हैं। कार्बन डाइऑक्साइड और ऑक्सीजन का परस्पर एक दूसरे पर अवलंबन ही धरा पर जीवन प्रदान करता है। सावन के महीने में पौधारोपण का संकल्प राजधानी की आने वाली पीढ़ियों को सुंदर, स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण का उपहार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को नगर निगम भोपाल और भोजपाल मित्र परिषद के सहयोग से राष्ट्रीय मानव संग्रहालय परिसर में सामूहिक वृहद् पौध-रोपण कार्यक्रम में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेल-पत्र का पौधा रोपा एवं स्कूली विद्यार्थियों द्वारा पौधारोपण एवं पर्यावरण जागरुकता का संदेश देती पेंटिंग्स और प्रोजेक्ट्स का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। उन्होंने कहा कि अतीत में जो क्षेत्र प्रभावित हुए हैं, वहां दोबारा पौधारोपण करना आवश्यक है। पौधारोपण से प्रभावित क्षेत्र पुनः हरे-भरे और जीवंत हो उठेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पुनीत कार्य में समर्पित संस्थाओं को बधाई और शुभकामनाएं दीं। एक दिवसीय वृहद पौधरोपण कार्यक्रम के तहत भोपाल शहर में 5100 पौधे लगाने का संकल्प लिया गया है। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं कल्याण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय सहित जनप्रतिनिधि, पर्यावरण प्रेमी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं। नवीन विधायक विश्राम गृह का नवनिर्माण आधुनिक प्रक्रियाओं के साथ भविष्य की ओर अग्रसर होने के भाव को दर्शाता है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ![]() 21 July 2025 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की नवीन विधायक विश्राम गृह के द्वितीय चरण के निर्माण की घोषणा नवीन विधायक विश्राम गृह का भूमि-पूजन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में सिंहावलोकन की परंपरा रही है। पिछले अनुभवों की समीक्षा करते हुए भविष्य की कार्य योजना बनाना और उसका क्रियान्वयन सुखद और सफलता प्रदान करने वाला रहता है। समय की मांग के अनुरूप हो रहा विधायक विश्रामगृह का नवनिर्माण आधुनिक प्रक्रियाओं के साथ भविष्य की ओर अग्रसर होने के भाव को दर्शाता है। भवन निर्माण और वास्तुकला के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों के उपयोग से बनने वाला यह भवन लोक कल्याण और जन सेवा के लिए विधायकों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराएगा। राज्य सरकार ने विधायकों के कार्यालयों के आधुनिकीकरण के लिए बजट में 5-5 लाख रुपए के आवंटन का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवीन विधायक विश्रामगृह के द्वितीय चरण के निर्माण को भी स्वीकृति प्रदान करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नवीन विधायक विश्रामगृह के निर्माण कार्य के भूमि पूजन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य और विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में विधायक विश्राम गृह परिसर में नवीन विधायक विश्रामगृह के निर्माण कार्य का भूमि पूजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में संसदीय कार्य मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह भी उपस्थित थे। नवीन विधायक विश्रामगृह लगभग 160 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा, इसमें सभी आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ 102 फ्लैट्स का निर्माण प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भूमिपूजन के बाद शिलालेख अनावरण किया तथा भगवान श्रीराम और भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन और वंदे मातरम गान के साथ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि अगले स्वच्छता सर्वेक्षण में भोपाल को शीर्ष स्तर पर लाने का लक्ष्य रखा है। अगर कुछ कमियां हैं तो उन्हें दूर करेंगे। प्रदेश को नई-नई सौगातें मिल रही हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने 11 साल में अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं, जिससे दुनिया चकित है। स्पेन सहित यूरोप में भारतीय संस्कृति, खानपान और पहनावे को वहां के लोग आदर के साथ आत्मसात कर रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश का सिंचाई रकबा बढ़ रहा है, स्वच्छता की मुहिम चल रही है। सरकार विकास कार्यों को गति प्रदान करते हुए आगे बढ़ रही है। श्रावण मास में प्रदेश की लाड़ली बहनों को शगुन के तौर पर 250 रूपये की विशेष सौगात मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में उदारता का भाव कूट-कूट कर भरा है। डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संगठित रहने और शिक्षित बनने का संदेश दिया। राज्य सरकार उनके विचारों को क्रियान्वित करते हुए सबके लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल उन्नयन के लिए तकनीकी दक्षता उपलब्ध कराने की दिशा में सघन प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रावण मास की एकादशी और बाबा महाकाल की दूसरी सवारी का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के देवस्थानों पर समाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न अंचलों में निवासरत जनजातीय समुदायों के समूह नृत्य और संगीत की छटा बिखेरते हुए महाकाल की सवारी में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार राष्ट्रीय अखंडता के लिए प्रतिबद्ध है, इसी के चलते जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाई गई। सभी वर्गों के कल्याण के लिए समर्पित प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मुस्लिम बहनों को तीन तलाक से मुक्ति दिलाई है। विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि विधायक जनता का प्रतिनिधि होते हैं और उनको समयानुकूल सुविधाएं मिलना आवश्यक है और इसकी पूर्ति करने के लिए नए विधायक विश्राम गृहों का निर्माण किया जा रहा है। आने वाले समय में मध्यप्रदेश की विधानसभा ई-असेंबली के रूप में तैयार हो जाएगी तो इसका लाभ विधायकों को मिलेगा। वर्तमान विधायक विश्राम गृह का निर्माण वर्ष 1958 में हुआ था जो अब पुराना हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश को विकास में अग्रणी बनाने के लिए संकल्प के साथ जुड़े हैं। प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए उन्होंने विदेश दौरा संपन्न किया है। स्वच्छता में प्रदेश के 8 शहरों ने झंडे गाड़े हैं। इंदौर तो स्वच्छ है ही, अगले वर्ष भोपाल को नंबर-1 बनाने के लिए सभी कृतसंकल्पित हैं। नगरीय विकास एवं आवास तथा संसदीय कार्य मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह विश्राम गृह आधुनिक सुविधाओं, सुरक्षा और तकनीकी आवश्यकताओं से सुसज्जित होगा, जो विधायकों को कार्य और चिंतन के लिए उपयुक्त वातावरण प्रदान करेगा। उन्होंने विधायक जीवन के प्रारंभिक वर्षों की स्मृतियाँ साझा करते हुए वर्तमान में हो रहे बदलावों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज विधायकों के लिए तकनीकी संसाधनों की दिशा में निरंतर प्रयास हो रहे हैं, इससे वे विकास प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा सकेंगे। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने मध्यप्रदेश के आठ शहरों को स्वच्छता पुरस्कार मिलने पर भी प्रसन्नता व्यक्त की और इसे प्रदेश की विकासशील सोच और समर्पित नेतृत्व का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव और विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर के मार्गदर्शन में विधानसभा को आधुनिक तकनीकी से लैस किया जा रहा है। दुबई और स्पेन की यात्रा मध्यप्रदेश के लिए खोलेगी विकास के नए द्वार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ![]() 21 July 2025 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उनकी दुबई और स्पेन की यात्रा मध्यप्रदेश में विकास के नए द्वार खोलेगी। दुबई और स्पेन के निवेशक मध्यप्रदेश में निवेश के लिए उत्साहित हैं। इस यात्रा से मध्यप्रदेश को 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे पूर्व भी जर्मनी, जापान और यूके आदि की यात्रा के दौरान वहां से मध्यप्रदेश में निवेश के लिए बड़े प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। मध्यप्रदेश में निरंतर देश-विदेश से आ रहे निवेश प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने में सहायक होंगे। यह अत्यंत आनंद का विषय है कि मध्यप्रदेश वैश्विक निवेश का केंद्र बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को दुबई और स्पेन की यात्रा से लौटने पर स्टेट हैंगर भोपाल में आयोजित कार्यक्रम एवं मीडिया संवाद में यह जानकारी दी। भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की स्पेन और दुबई यात्रा में 11 हजार 119 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं जिससे 14 हजार से अधिक व्यक्तियों को रोजगार भी प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गरीब से गरीब व्यक्ति की जिंदगी बदलना आवश्यक है। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी इसके लिए भरसक प्रयत्न कर रहे हैं। गरीब, युवा, महिला,किसान सभी वर्गों को साथ लेकर विरासत सहेजने से लेकर विकास की गति बढ़ाने का दृढ़ संकल्प है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी नागरिकों से प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए संकल्पित रहने को कहा।।
“प्रधानमंत्री श्री मोदी ने दुबई को बनाया प्रमुख केंद्र"
मुमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की प्रगति के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी अभिनंदन के पात्र हैं। उन्होंने अपने ग्यारह वर्ष के कार्यकाल में सात बार दुबई की यात्रा कर दो तरफा व्यापारिक और औद्योगिक साझेदारी को बढ़ाने का कार्य किया है। दुबई एक लघु विश्व की तरह है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे प्रधानमंत्री जी की नीतियों का अनुसरण करते हुए उद्योग एवं व्यापार वर्ष 2025 में देश-विदेश से निवेश लाने के प्रयास कर रहे हैं। इस क्रम में दुबई और स्पेन की यात्रा महत्वपूर्ण रही। प्रधानमंत्री के संकल्प को पूर्ण करने के लिए इस यात्रा को सार्थक बनाने का प्रयास किया गया। प्रधानमंत्री श्री मोदी का एक-एक निर्णय विश्व में भारत की साख बढ़ाने का कार्य कर रहा है।
प्रदेश में 20 वर्ष में बदला वातावरण, अब विकास की गति तीव्र"
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में गत दो दशक विकास के दशक रहे हैं। वर्ष 2002-03 तक प्रदेश की विभिन्न क्षेत्रों में जो स्थिति रही उसमें निर्णायक परिवर्तन आया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पिछले 20 वर्षों के कार्यकाल को मध्यप्रदेश के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इन वर्षों में नागरिकों को यह अनुभव करवाया गया है कि सरकार क्या होती है। देश में गुजरात के बाद मध्यप्रदेश ऐसा राज्य होगा जो प्रधानमंत्री श्री मोदी के विकसित भारत के स्वप्न को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। जहां गुजरात में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सरदार सरोवर परियोजना में सबसे बड़े बांध को पूर्ण करवाकर राष्ट्र को समर्पित किया वहां मध्यप्रदेश के हित में अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजनाओं की स्वीकृति देकर उल्लेखनीय कदम उठाया। अब प्रदेश के विकास की गति तीव्र से तीव्रतम होगी।
भारत स्पेन सांस्कृतिक सहयोग वर्ष"
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि भारत सरकार ने भारत-स्पेन सांस्कृति सहयोग वर्ष की घोषणा की है। इस नाते उनकी स्पेन यात्रा अधिक प्रासंगिक हो गई है। इस वर्ष में अन्य गतिविधियों के साथ मध्यप्रदेश में स्पेन के कला और सांस्कृतिक जगत के प्रतिनिधियों और कलाकारों के मंचीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
निवेश बढ़ाने के निरंतर प्रयास"
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुबई और स्पेन की यात्रा में विभिन्न क्षेत्रों में प्राप्त निवेश प्रस्तावों की विस्तार से जानकारी दी। प्रदेश में सम्पन्न संभाग स्तरीय उद्योग कॉनक्लेव, भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, दुबई और स्पेन यात्रा के पूर्व इंग्लैंड, जर्मनी और जापान की यात्राओं में नए निवेश के माध्यम से मध्यप्रदेश की समृद्धि के प्रयास किए गए हैं। भारत के प्रमुख नगरों कोलकाता, कोयम्बटूर, सूरत, लुधियाना में भी सेक्टर वाइज बैठकों और संगोष्ठियों के माध्यम से मध्यप्रदेश में उद्योग क्षेत्र में नई इकाईयों की स्थापना के लिए ठोस प्रयास किए गए हैं।
बहनों को देंगे रक्षा बंधन का तोहफा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रक्षा बंधन 9 अगस्त से पहले लाड़ली बहनाओं के खाते में 1500 रुपए पहुंचने वाले हैं। योजना में दी जाने वाली 1250 रुपए की मासिक राशि के अलावा रक्षाबंधन पर शगुन के रूप में अतिरिक्त 250 रुपए दिए जाएंगे। . वीरगति को प्राप्त हुए सिपाही श्री हरिओम नागर का पार्थिव शरीर पहुंचा भोपाल मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने दी श्रद्धांजलि ![]() 21 July 2025 जम्मू-कश्मीर के सियाचिन में मातृभूमि की सेवा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए राजगढ़ जिले के ग्राम टूटियाहैड़ी निवासी सिपाही श्री हरिओम नागर का पार्थिव शरीर सोमवार सायं लगभग 4 बजे विशेष विमान से भोपाल पहुंचा। भोपाल भोपाल एयरपोर्ट पर नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला तथा अपर जिला दण्डाधिकारी श्री अंकुर मेश्राम ने पार्थिव देह पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और भारत माँ के इस वीर सपूत को नमन किया। बैमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगे कहा कि मध्यप्रदेश सरकार की ओर से इस ‘विकास यात्रा’ को इस भावना के साथ डिज़ाइन किया गया है कि यह राज्य के आर्थिक विकास और वैश्विक साझेदारियों के लिए एक मजबूत आधार बने। उल्लेखनीय है कि सिपाही हरिओम नागर सियाचिन में भारत-पाक सीमा पर 13,000 फीट की ऊंचाई पर तैनात थे। ड्यूटी के दौरान 20 जुलाई की सुबह लगभग 9 बजे अचानक हुए भूस्खलन में एक विशाल शिला उनके ऊपर गिर गई, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए और वीरगति को प्राप्त हुए। . मध्यप्रदेश फूलों के उत्पादन में देश में तीसरे स्थान पर जल्दी ही बनेगा देश का सिरमौर ![]() 21 July 2025 मध्यप्रदेश ने फूलों के उत्पादन में देश में अलग पहचान बनाई है। देश में मध्यप्रदेश पुष्प (फूल) उत्पादन में तीसरे स्थान पर है। प्रदेश में उद्यानिकी के कुल 27.71 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में फूल उत्पादन की भागीदारी 42 हजार 978 हैक्टेयर है। प्रदेश के किसानों द्वारा वर्ष 2024-25 में 5 लाख 12 हजार 914 टन फूलों का उत्पादन किया गया है, जो रिकार्ड है। वह दिन दूर नहीं जब फूलों के उत्पादन में मध्यप्रदेश देश का सिरमौर बनेगा। भोपाल प्रदेश में किसानों का फूलों के उत्पादन के प्रति बढ़ता रूझान ही है कि गत चार वर्षों में फूलों का उत्पादन रकबा जो वर्ष 2021-22 में 37 हजार 647 हैक्टेयर था वह वर्ष 2024-25 में बढ़कर 42 हजार 976 हैक्टेयर और उत्पादन में 86 हजार 294 टन की बढ़ोत्तरी हुई है। किसानों की आय को दोगुना करने और खेती को लाभ का धंधा बनाने में केन्द्र और राज्य सरकार किसान को कैश-क्रॉप की ओर प्रेरित कर रही है। छोटी कृषि जोत रखने वाले किसान, जिनके पास एक-दो एकड़ या तीन एकड़ की कृषि भूमि है, वे फूलों का उत्पादन कर अच्छा लाभ कमा सकते है। मध्यप्रदेश के उत्पादित फूलों की मांग देश के महानगरों के साथ विदेशों में भी बढ़ी है। गुना जिले के गुलाब की महक जयपुर, दिल्ली, मुम्बई के बाद अब पेरिस और लंदन में भी पहुँच रही है। शिक्षित युवाओं के साथ गांव में रहने वाले ग्रामीण किसान भी फूलों के उत्पादन की ओर आकर्षित हुए है। राजधानी भोपाल की ग्राम पंचायत बरखेड़ा बोदर की रहने वाली श्रीमती लक्ष्मीबाई कुशवाह धान, गेहू, सोयबीन की खेती छोड़कर गुलाब, जरबेरा और गेंदा के फूल का उत्पादन कर, हर महीने तीन से चार लाख रूपये कमा रही है। ऐसे अनेक उदाहरण है, जिनसे प्रदेश में फूलों का उत्पादन बढ़ा है। मध्यप्रदेश में प्रमुख रूप से उत्पादित किये जाने वाले फूलों में गेंदा, गुलाब, सेवन्ती, ग्लेडूलस, रंजनीगंधा तथा औषधीय पुष्पों में इसेवगोल, अश्वगंधा, सफेद मूसली और कोलिक्स है। प्रदेश में सर्वाधिक उत्पादन क्षेत्र गेंदा के फूल का है। किसानों द्वारा 24 हजार 214 हैक्टेयर में गेंदे की खेती की जा रही है। दूसरे स्थान पर गुलाब है जिसका रकबा 4 हजार 502 हैक्टेयर और तीसरे स्थान पर सेवन्ती एक हजार 709 हैक्टेयर, चौथे स्थान पर ग्लेडूल्स एक हजार 58 हैक्टेयर, पांचवें स्थान पर रंजनीगंधा 263 हैक्टेयर सहित अन्य पुष्प 11 हजार 227 हैक्टेयर में बोए जा रहे है। प्रदेश में फूलों की प्रति हैक्टेयर उत्पादकता 15.01 मैट्रिक टन है, जो फूलों की दृष्टि से सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। इस उत्पादकता के लिये प्रदेश की जलवायु, यहाँ की मिट्टी के साथ सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और किसानों को शासन का सहयोग है। फूलों के उत्पादन से लेकर फूलों की गुणवत्ता में सुधार और मार्केटिंग महत्वपूर्ण विषय है, जिस पर मध्यप्रदेश शासन उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग लगातार काम कर रहा है। मध्यप्रदेश में वर्ष 2024-25 में उद्यानिकी फसलों के क्षेत्र में 14 हजार 438 हैक्टेयर का विस्तार हुआ है और इसमें फूलों का रकबा 5329 हैक्टेयर बढ़ा है। प्रदेश में 33 प्रतिशत से अधिक फूलों (पुष्प) के उत्पादन को प्रोत्साहित करने में उद्यानिकी विभाग की हाइटेक नर्सरी, प्रशिक्षण के माध्यम से कृषकों को तकनीकी की जानकारी प्रदान करना लगातार जारी है। इसी कड़ी में केन्द्र सरकार के सहयोग से ग्वालियर जिले में 13 करोड़ रूपये की लागत से हाइटेक फ्लोरी कल्चर नर्सरी विकसित की जा रही है। यह नर्सरी मध्यप्रदेश में पुष्प उत्पादन के लिये वरदान साबित होगी। वह दिन दूर नहीं जब मध्यप्रदेश फूलों के उत्पादन में देश का सिरमौर बनेगा। . अब तक की सफलतम विदेश यात्रा रही दुबई और स्पेन की यात्रा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव 7 दिन की विदेश यात्रा से स्वदेश लौटे ![]() 20 July 2025 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 7 दिन की दुबई और स्पेन की विदेश यात्रा से रविवार को स्वदेश लौट आए। वैदेशिक संबंधों को नई ऊर्जा देने वाली दुबई और स्पेन की इस यात्रा को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सफलतम यात्रा निरूपित किया है। भोपाल मुमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यात्रा की सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूर-दृष्टि और कुशल नेतृत्व को दिया है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मीडिया से चर्चा में कहा कि प्रदेश में अलग-अलग सेक्टर में काफी निवेश की संभावनाएं हैं। दुबई और स्पेन के 7 दिन के प्रवास से मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की अच्छी संभावनाएं बनी है। यात्रा के दौरान कई विदेशी कंपनियों से मध्यप्रदेश में निवेश और नॉलेज शेयरिंग के लिए करार भी हुए हैं।
“अभी तक की सफलतम विदेशी यात्राओं में स्पेन दुबई की यात्रा"
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इससे पहले मध्यप्रदेश में रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव और भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से लगभग 30.77 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। निवेश धीरे-धीरे धरातल पर भी उतर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस विदेश यात्रा से मध्यप्रदेश में कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, खनन, उद्योग और पर्यटन विकास के क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं निकलकर सामने आईं हैं, जिससे रोजगार के नए अवसरों के साथ-साथ औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अब बड़ी तेजी से निवेश के लिए एक आदर्श राज्य के रूप में उभर रहा है।
. महिला सशक्तिकरण सैद्धांतिक नहीं, कार्य रूप में परिणित करने का विषय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ![]() 20 July 2025 सत्य साईं महिला महाविद्यालय में ऑडिटोरियम और लैब के लिए राज्य शासन देगा सहयोग महाविद्यालय ने मनाया स्वर्ण जयंती महोत्सव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज विश्व के कई देशों के लिए महिला सशक्तिकरण चर्चा का विषय हो सकता है, लेकिन भारत देश के संदर्भ में महिला सशक्तिकरण प्राचीन काल से आराधना का विषय भी रहा है। हमारे भारतीय समाज में महिलाओं के लिए आदर कोई सैद्धांतिक विषय नहीं है, महिलाओं को सशक्त बनाने का संकल्प कार्य रूप में परिणित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने महिलाओं के लिए एक तिहाई जनप्रतिनिधित्व पर जोर दिया है। मध्यप्रदेश सरकार भी शासकीय सेवाओं में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण प्रदान कर रही है। प्रदेश में नए-नए उद्योग आ रहे हैं, इनमें भी महिलाओं को बड़ी संख्या में रोजगार मिल रहा है। रेडीमेड गारमेंट उद्योग में कार्य करने वाली बहनों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। लाड़ली लक्ष्मी और लाड़ली बहना योजना के साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में बालिकाओं को विशेष सुविधाएं दी जा रही हैं। सत्य साईं महिला महाविद्यालय जैसे उच्च शिक्षण संस्थान बधाई के पात्र हैं, जो नेशनल असेसमेंट एंड एक्रीडिटेशन कॉउंसिल (नैक) द्वारा ए प्लस ग्रेड प्राप्त है। इस महाविद्यालय की स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होना एक विशेष उपलब्धि है। मध्यप्रदेश के उत्पादित फूलों की मांग देश के महानगरों के साथ विदेशों में भी बढ़ी है। गुना जिले के गुलाब की महक जयपुर, दिल्ली, मुम्बई के बाद अब पेरिस और लंदन में भी पहुँच रही है। शिक्षित युवाओं के साथ गांव में रहने वाले ग्रामीण किसान भी फूलों के उत्पादन की ओर आकर्षित हुए है। राजधानी भोपाल की ग्राम पंचायत बरखेड़ा बोदर की रहने वाली श्रीमती लक्ष्मीबाई कुशवाह धान, गेहू, सोयबीन की खेती छोड़कर गुलाब, जरबेरा और गेंदा के फूल का उत्पादन कर, हर महीने तीन से चार लाख रूपये कमा रही है। ऐसे अनेक उदाहरण है, जिनसे प्रदेश में फूलों का उत्पादन बढ़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को सत्य साईं महाविद्यालय, भेल भोपाल के स्वर्ण जयंती महोत्सव और पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में शामिल होकर संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाविद्यालय में ऑडिटोरियम निर्माण और आइ.टी. और ए.आइ रिसर्च लैब के लिए राज्य शासन द्वारा आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहनों और बेटियों के बिना संसार सूना है। महिलाओं का सम्मान सर्वोपरि है। आज भारत पूरे विश्व को महिला सशक्तिकरण का संदेश भी दे रहा है। देश के सर्वोच्च राष्ट्रपति पद पर जनजातीय समाज की बहन आसीन हैं। विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के सम्मान और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। हमारे राष्ट्र की संस्कृति प्राचीन समय से महिलाओं के सम्मान के कारण जानी जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अध्यात्म के क्षेत्र में रहते हुए पूज्य सत्य साईं महाराज ने उच्च शिक्षा को भी प्रोत्साहित किया। उनकी प्रेरणा से भोपाल में इस महाविद्यालय की स्थापना और प्रगति आनंद का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सत्य साईं महाराज की इस वर्ष 23 नवम्बर को जन्मशती पर आंध्रप्रदेश के पुट्टपर्थी सहित विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रमों की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। सनातन की ध्वजा धारण करने वाले महापुरूष समाज कल्याण के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वूपर्ण योगदान देते रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्पूर्ण महाविद्यालय परिवार को रजत जयंती महोत्सव के अवसर पर बधाई दी। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त घुमक्कड़ और अर्द्धघुमन्तु राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने विभिन्न प्रतिभाओं को पुरस्कृत किया। प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पौधे भेंट कर स्वागत किया गया। महाविद्यालय की प्रगति का प्रतिवेदन प्राचार्य डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने प्रस्तुत किया। स्वर्ण जयंती महोत्सव में सत्य साईं संगठन के पदाधिकारी श्री निमिष पंड्या, श्री जम्मू भंडारी, श्रीमती मीना पिम्पलापुरे सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘भारत मार्ट’ को बताया वैश्विक व्यापार का प्रवेशद्वार ![]() 15 July 2025 डीपी वर्ल्ड और जाफजा अधिकारियों से महत्वपूर्ण बैठक मध्यप्रदेश को लॉजिस्टिक्स और निर्यात का हब बनाने की दिशा में मजबूत कदम भारतीय एमएसएमई उत्पादों को मिलेगा वैश्विक मंच भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई यात्रा के तीसरे दिन डीपी वर्ल्ड और जेबेल अली फ्री ज़ोन (JAFZA) के वरिष्ठ अधिकारियों से भेंट कर “भारत मार्ट” परियोजना और उससे जुड़ी लॉजिस्टिक्स संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। यह बैठक भारत के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को वैश्विक बाज़ार से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत मार्ट को “वैश्विक व्यापार का प्रवेशद्वार” बताते हुए कहा कि यह आधुनिक व्यापार केंद्र भारतीय उत्पादों, विशेष रूप से खाद्य प्रसंस्करण, कृषि और हस्तशिल्प जैसे उत्पादों की मध्य पूर्व, अफ्रीका और यूरोप जैसे बाजारों तक सीधी पहुँच उपलब्ध कराएगा। भारत मार्ट 2026 में परिचालन में आएगा और ‘लोकल से ग्लोबल’ की नीति को नई दिशा देगा।
“भारत मार्ट” भारत और यूएई के बीच व्यापारिक संबंधों का प्रतीक"
भारत मार्ट, जेबेल अली फ्री ज़ोन (JAFZA), दुबई में लगभग 2.7 मिलियन वर्ग फुट में विकसित किया जा रहा एक बहुआयामी अंतरराष्ट्रीय व्यापार केंद्र है। इसकी आधारशिला प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम द्वारा फरवरी 2024 में संयुक्त रूप से रखी गई थी। यह केंद्र डीपी वर्ल्ड द्वारा संचालित किया जा रहा है और इसमें 1500 से अधिक शोरूम, अत्याधुनिक गोदाम और कार्यालय सुविधाएं शामिल होंगी। यह परियोजना भारतीय एमएसएमई को वैश्विक मंच प्रदान करने के लिए तैयार की जा रही है, जिससे वे अपनी गुणवत्ता युक्त वस्तुओं का निर्यात आसानी से कर सकें। भारत मार्ट, वैश्विक व्यापार में भारत की हिस्सेदारी को बढ़ाने वाला एक मजबूत स्तंभ बनेगा।
“मध्यप्रदेश से भारत मार्ट तक निर्बाध लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी"
बैठक में विशेष रूप से मध्यप्रदेश में डीपी वर्ल्ड द्वारा प्रस्तावित रेल टर्मिनल और उज्जैन–नागदा रूट को भारत मार्ट तक निर्बाध माल आपूर्ति का एक निर्णायक माध्यम बताया गया। यह लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी भारत से दुबई तक तेज़, किफायती और सुगम माल परिवहन सुनिश्चित करेगी, जिससे राज्य के निर्यातकों को सीधा लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, “हमारी सरकार इस यात्रा को केवल व्यापार नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के आर्थिक भविष्य की नींव मान रही है। भारत मार्ट के ज़रिये हमारा प्रदेश वैश्विक आपूर्ति शृंखला में एक मज़बूत कड़ी बनेगा।”
"डीपी वर्ल्ड: भारत और मध्यप्रदेश के लिए संभावनाओं से भरा साझेदार"
डीपी वर्ल्ड, दुबई स्थित एक अग्रणी वैश्विक लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखला समाधान प्रदाता है, जो 78 से अधिक देशों में 100 से अधिक टर्मिनलों और पोर्ट्स का संचालन करता है। प्रति वर्ष 70 मिलियन TEU कंटेनर हैंडल करने वाली यह कंपनी विश्व की सबसे बड़ी पोर्ट ऑपरेटरों में गिनी जाती है।
"भारत में संचालन"
डीपी वर्ल्ड भारत के मुंबई, मुंद्रा, कोचीन, चेन्नई और विशाखापत्तनम जैसे प्रमुख बंदरगाहों पर छह टर्मिनलों का संचालन करती है। साथ ही यह कोल्ड चेन लॉजिस्टिक्स, कंटेनर फ्रेट स्टेशन और एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट सेवाओं का भी प्रबंधन करती है।
"म.प्र. में ड्राय पोर्ट के विकास में दिखाई रूचि"
डीपी वर्ल्ड ने मध्यप्रदेश में इनलैंड कंटेनर डिपो (ICD), मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (MMLP), कृषि-लॉजिस्टिक्स हब और ड्राय पोर्ट के विकास में गहरी रुचि दिखाई है। यह राज्य की लॉजिस्टिक्स और निर्यात नीति के अनुरूप है, और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के माध्यम से दीर्घकालिक अधोसंरचना विकास को मजबूती देने वाला कदम है।
. व्यापारिक साझेदारियों की दिशा में दुबई यात्रा सफल : मुख्यमंत्री डॉ यादव ![]() 15 July 2025 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 13 से 15 जुलाई के दौरान अपने दुबई प्रवास के दौरान विभिन्न व्यापारिक बैठकों और निवेश संवाद कार्यक्रमों में शामिल हुए। दौरे के समापन पर मुख्यमंत्री ने दुबई से एक विशेष संदेश जारी कर इस यात्रा को “विकास यात्रा की एक मजबूत नींव” बताया। भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, “मेरे दुबई प्रवास के दौरान अनेक व्यापारिक बैठकों का आयोजन हुआ। मैं यहां के निवेशकों, भारतीय समुदाय के नागरिकों, सरकार के अधिकारियों और भारत के महावाणिज्य दूत का हृदय से धन्यवाद करता हूं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दुबई की सामर्थ्य को पहचाना है और 2015 से ही उन्होंने इस शहर को वैश्विक व्यापार का प्रवेश द्वार बनाने की दिशा में कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “प्रधानमंत्री श्री मोदी ने दुबई के माध्यम से विश्व में व्यापार के एक नए द्वार को खोलने का कार्य किया है,” बैमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगे कहा कि मध्यप्रदेश सरकार की ओर से इस ‘विकास यात्रा’ को इस भावना के साथ डिज़ाइन किया गया है कि यह राज्य के आर्थिक विकास और वैश्विक साझेदारियों के लिए एक मजबूत आधार बने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के इस दौरे के दौरान दुबई स्थित डीपी वर्ल्ड, जाएफजा (जेबेल अली फ्री ज़ोन), भारतीय उद्यमियों और निवेशकों के साथ कई रणनीतिक बैठकों का आयोजन हुआ, जिसमें भारत मार्ट जैसे महत्वाकांक्षी वैश्विक व्यापार केंद्र को लेकर सहमति भी बनी। . समग्र आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) से बढ़ेगा भारत-यूएई व्यापार, मध्यप्रदेश बना सहयोग का नया केंद्र ![]() 15 July 2025 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई में एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयूदी के साथ भारत-यूएई समग्र आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) के तहत आर्थिक और औद्योगिक सहयोग को विस्तार देने पर गहन चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत-यूएई CEPA एक मजबूत आर्थिक आधार प्रदान करता है, और मध्यप्रदेश इस साझेदारी का पूर्ण लाभ उठाकर निवेश, व्यापार, और तकनीकी सहयोग के नए द्वार खोलने के लिए तैयार है। भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश भौगोलिक स्थिति, उन्नत बुनियादी ढांचे और बेहतर उद्योग नीति समर्थन ने इसे लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में एक उभरते निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से ऑटोमोबाइल, फार्मा, टेक्सटाइल, रक्षा विनिर्माण और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों में यूएई के निवेश का स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का अग्रणी सोयाबीन, दाल और जैविक उत्पादक राज्य है। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण और कृषि-तकनीक में यूएई के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई, जिससे भारत और खाड़ी देशों के बीच कृषि आपूर्ति श्रृंखला को सशक्त किया जा सके। प्रतीक स्वरूप 50 विद्यार्थियों को साइकिल वितरित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत स्कूली बच्चों को नि:शुल्क साइकिल वितरण के 2 दिवसीय अभियान का शुभारंभ करते हुए 50 विद्यार्थियों को नि:शुल्क साइकिलें वितरित कीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विद्यार्थियों ने एक धुन में साइकिल की घंटी बजाकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की और मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिवादन किया। अभियान के पहले दिन विभिन्न जिलों में विद्यार्थियों को 4 लाख 30 हजार साइकिलें बांटी गईं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरु पूर्णिमा के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में गुरुजनों को सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए शिक्षक श्री मनोज सोहनी, श्री देवेंद्र बंसल, डॉ. एस.के. पाल, श्री मनोज कौशल, श्री सुरीत दास बनोथे, श्रीमती शुभांगी नामड़े, श्रीमती सारिका शर्मा, श्रीमती वंदना रामचंदानी, श्री योगेश विश्नोई और श्रीमती बख्तौर खान को अंगवस्त्र एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। इस अवसर पर सांदीपनि विद्यालय पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया। अक्षय ऊर्जा और स्मार्ट टेक्नोलॉजी में भागीदारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. जेयूदी को सौर ऊर्जा, स्मार्ट ऑटोमेशन, एम्बेडेड इलेक्ट्रॉनिक्स और इंडस्ट्री 4.0 जैसे क्षेत्रों में यूएई की विशेषज्ञता को आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में तेजी से विकसित हो रही नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं यूएई के निवेशकों के लिए निवेश का आकर्षक अवसर हैं। प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क और क्लस्टर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विरासत के साथ विकास की भावना से प्रदेश के सर्व सुविधायुक्त विद्यालय अब महर्षि सांदीपनि के नाम से पहचान बना रहे हैं। इन विद्यालयों में बच्चों के आवागमन के लिए शासकीय बस सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। दूसरी ओर, पात्र स्कूली बच्चों को विद्यालय आने-जाने के लिए राज्य सरकार साइकिलें बांट रही है। ये साइकिलें हमारी आत्मनिर्भरता का प्रतीक हैं। इनसे हमारा स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है। सरकार अगले सत्र में बच्चों को यूनिफॉर्म तैयार करवा कर बांटेगी। साथ ही अगले वर्ष 75 प्रतिशत तक अंक लाने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लगभग 1 लाख लैपटॉप बांटे जाएंगे। प्रदेश सरकार मेधावी विद्यार्थियों को इलेक्ट्रिक स्कूटी भी वितरित करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस वर्ष झाबुआ और रतलाम सांदीपनि विद्यालय को अंतरराष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार मिला। दसवीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने प्राइवेट स्कूलों को पीछे छोड़ दिया। उज्जैन में प्रारंभ होगा आईआईटी का सेटैलाइट सेंटर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानकारी दी कि धार में पीएम मित्रा पार्क (वस्त्र), तामोट और बिलौआ में प्लास्टिक पार्क, उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क, पीथमपुर में ऑटो, भोपाल में इलेक्ट्रॉनिक्स, और देवास में फार्मा क्लस्टर यूएई के निवेशकों के लिए तैयार हैं, जहां अधोसंरचना के साथ मध्यप्रदेश सरकार की उद्योग मित्र पॉलिसी उनका स्वागत करने के लिये तैयार है। मानव संसाधन और कौशल विकास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सिंगापुर के सहयोग से भोपाल स्थित “ग्लोबल स्किल पार्क”, विकसित हो रहा है। यह पार्क लॉजिस्टिक्स, हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर और मेकाट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराएगा जो यूएई की आवश्यकताओं के अनुरूप होगा। पर्यटन, खनिज और फार्मा में संभावनाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश की पर्यटन क्षमता, खनिज संपदा (हीरा, तांबा, बॉक्साइट, चूना पत्थर), और WHO-GMP व USFDA प्रमाणित फार्मा इकाइयाँ अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए सुनहरा अवसर प्रदान करती हैं। UAE-केंद्रित निवेश नीति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिये राज्य की नवीन औद्योगिक नीति 2025 में कई अहम बदलाव किए गए हैं। यूएई जैसे रणनीतिक साझेदारों के लिए रियायती भूमि, 100% SGST प्रतिपूर्ति और पूंजीगत अनुदान जैसे विशेष प्रावधान किये गये हैं जो मध्यप्रदेश के साथ निवेश को सशक्त बनाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को I2U2 (इंडिया, इज़राइल, यूएई और अमेरिका) की रणनीतिक साझेदारी के तहत क्लीन टेक्नोलॉजी, फूड कॉरिडोर और इंडस्ट्रियल इनोवेशन क्षेत्रों में पायलट प्रोजेक्ट्स के लिये उपयुक्त बताया। यह बैठक न केवल भारत-यूएई CEPA को धरातल पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल थी, बल्कि मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर एक निर्णायक भूमिका में स्थापित करने की ओर बढ़ता कदम भी साबित हुई है। . मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दुबई में शेख अहमद बिन सईद अल मकतूम से भेंट मध्यप्रदेश बनेगा एविएशन और लॉजिस्टिक हब ![]() 15 July 2025 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एयर एंबुलेंस फ्लाइट सेक्टर में अच्छी संभावना है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्ग दर्शन में मध्यप्रदेश एविएशन में जो काम कर रहा है उसमें भी दुबई सहयोग देने को तैयार है। भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई यात्रा के दौरान एमिरेट्स एयरलाइंस और दुबई सिविल एविएशन अथॉरिटी के चेयरमैन शेख अहमद बिन सईद अल मकतूम के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक मध्यप्रदेश और यूएई के बीच उड्डयन संबंधों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम पड़ाव साबित हुई। बैठक में मुख्य रूप से इंदौर और भोपाल शहरों से दुबई के लिए सीधी विमान सेवाएं शुरू करने पर चर्चा हुई। मध्य भारत में एक क्षेत्रीय कार्गो हब स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी। एविएशन ट्रेनिंग और MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल) इन्फ्रास्ट्रक्चर में संयुक्त निवेश एवं प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना को लेकर भी सकारात्मक विचार-विमर्श हुआ। प्रदेश में इनबाउंड टूरिज्म को बढ़ावा देने और एमिरेट्स एविएशन अकादमी के कैंपस की स्थापना की संभावना पर भी गंभीर चर्चा की हुई। मध्यप्रदेश को भारत का एक प्रमुख एविएशन और लॉजिस्टिक्स हब बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो राज्य के आर्थिक और औद्योगिक विकास में नई उड़ान भरेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक के बाद दुबई में मीडिया से संवाद करते हुए कहा कि आज सुबह से निवेशकों और उद्योगपतियों के साथ अलग-अलग चर्चाओं का दौर शुरू हुआ है। सबसे पहले हमारे महावाणिज्यदूत और एंबेसी के लोगों के साथ विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि एयर एंबुलेंस फ्लाइट सेक्टर में अच्छी संभानाएँ है। मध्यप्रदेश एविएशन में जो काम कर रहा है दुबई उसमें सहयोग करने के लिए तैयार है। हमारी सरकार विदेश में कैसे आसानी से व्यापार करे, सरकार किन-किन क्षेत्रों में व्यापार कर सकती है, उस पर गहन विचार-विमर्श हुआ। मध्यप्रदेश में खदानें भी हैं, उद्योग भी हैं, फूड पार्क भी हैं। निवेशकों से अलग-अलग सेक्टर को लेकर चर्चा की। वन-टू-वन बैठक में भी निवेशकों से अच्छी और सकारात्मक बात की है। बैठकों के दौरान वेलनेस, हेल्थ, एनर्जी, सर्विस सेक्टर में अच्छे सुझाव मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुबई के निवेशकों ने मध्यप्रदेश में गोल्ड एवं डायमंड माइनिंग सहित कई सेक्टर में निवेश करने की रुचि दिखाई। . मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे रियल एस्टेट निवेशकों से संवाद ![]() 10 July 2025 शहरी विकास के ब्लूप्रिंट और भविष्य की योजनाओं पर केंद्रित होगा कॉन्क्लेव शहरी विकास के नए युग की ओर बढ़ते कदम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 11 जुलाई को इंदौर स्थित ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित “मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025 – सिटीज ऑफ टुमॉरो” का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कॉन्क्लेव में होटल, पर्यटन, रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों के प्रमुख निवेशकों से संवाद करेंगे। यह आयोजन प्रदेश में शहरी विकास के ब्लूप्रिंट और भविष्य की योजनाओं पर केंद्रित रहेगा। इस उच्च स्तरीय आयोजन में देश के 1500 से अधिक निवेशकों, उद्योगपतियों, कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों की सहभागिता होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर 1:30 बजे कॉन्क्लेव स्थल पर पहुँचकर एक्जीबिशन का अवलोकन करेंगे, उसके बाद विशिष्ट अतिथियों के साथ बैठक करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर 3 बजे दीप प्रज्ज्वलन के साथ कॉन्क्लेव का शुभारंभ करेंगे। कॉन्क्लेव में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय और नगरीय प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। आयोजन में क्रेडाई, नगर निगम, आईडीए, स्मार्ट सिटी, हाउसिंग बोर्ड, मैट्रो, हुडको, एलआईसी सहित कई संस्थाओं की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। तकनीकी सत्रों का आयोजन कॉन्क्लेव में चार तकनीकी-सत्र आयोजित होंगे, जिनमें “शहरी उत्कृष्टता के लिए आधिनिक तकनीक, विकास के केंद्र के रूप में शहर, भविष्य के लिए सतत हरित शहरीकरण और भविष्य के शहरों की यातायात व्यववस्था” जैसे विषयों पर विशेषज्ञ सहभागिता करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कॉन्क्लेव में MP लॉकर, ET अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन समिट 2025 ब्रोशर का विमोचन, एमओयू साइनिंग और “सौगात” का उद्घाटन एवं अनावरण करेंगे। वह निवेशकों को प्रशस्ति-पत्र भी भेंट करेंगे। इसके साथ ही मध्यप्रदेश के शहरीकरण में निवेश अवसरों पर आधारित लघु फिल्मों का प्रदर्शन भी किया जायेगा। शहरीकरण में निवेश के अवसर प्रदेश में मेट्रो, ई-बस, मल्टीमॉडल हब, अफोर्डेबल हाउसिंग, वॉटरफ्रंट डेवेलपमेंट, सीवेज नेटवर्क, ई-गवर्नेंस, स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, स्मार्ट रोड्स जैसे क्षेत्रों में निवेश की असीम संभावनाएँ हैं। प्रदेश में अफोर्डेबल हाउसिंग में 8 लाख 32 हजार से अधिक किफायती आवास तैयार किये जा चुके हैं और 10 लाख से अधिक नए आवासों पर कार्य चल रहा है, जिनमें लगभग ₹50,000 करोड़ का निवेश संभावित है। रियल इस्टेट की योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन उपलब्ध हैं। पाईपलाइन वॉटर सप्लाई कवरेज की सुविधा और शतप्रतिशत शहरी क्षेत्र सीवरेज सिस्टम उपलब्ध है। नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय निकायों में 23 सेवाएं ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफार्म पर उपलब्ध कराई गई हैं। नगरीय निकायों में सेन्ट्रलाइज पोर्टल के माध्यम से मंजूरी दी जा रही है। प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी 17 हजार 230 योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है। शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ पर्यावरण के लिये 2 हजार 800 करोड़ और वॉटर फ्रंट से संबंधित डेव्हलपमेंट में 2 हजार करोड़ रूपये की परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में शहरी क्षेत्रों में सुगम परिवहन व्यवस्था के विस्तार के लिये 21 हजार करोड़ रूपये की परियोजनाएं संचालित हैं। वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और पेट्रोलियम ईंधन के कार्बन फुट-फ्रंट रोकने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश के बड़े शहरों में 552 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया जा रहा है। प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी-2025 लागू की गई है। इंदौर में आयोजित यह ग्रोथ कॉन्क्लेव न केवल प्रदेश की शहरी योजनाओं को रफ्तार देगा, बल्कि निवेशकों को एक मजबूत और विश्वसनीय मंच भी प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की नेतृत्व में प्रदेश शहरी परिवर्तन की ओर तेज़ी से अग्रसर है। . प्रदेश की लाड़ली बहनों को 12 जुलाई को मिलेगी राशि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ![]() 09 July 2025 मध्यप्रदेश के नवाचार को जेएनयू दिल्ली ने भी अपनाया म.प्र. की तरह जेएनयू में भी अब कुलगुरु के नाम से जाने जायेंगे कुलपति बीआरटीएस हटने से मृत्यु में 70 और हादसों में 51 प्रतिशत कमी आई गुरु पूर्णिमा 10 जुलाई को भोपाल के कमला नेहरू सांदीपनि विद्यालय का होगा लोकार्पण जिलों में भी होंगे गुरु पूर्णिमा के कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लाडली बहनों के खाते में 12 जुलाई को राशि अंतरित की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगले माह आने वाले रक्षाबंधन के अवसर पर लाडली बहना योजना के तहत वर्तमान में दी जा रही मासिक आर्थिक सहायता राशि के अतिरिक्त 250 रूपए की विशेष सहायता राशि भी अंतरित की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की करीब 1.27 करोड़ लाड़ली बहनों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश सरकार के एक नवाचार को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ने भी अपना लिया है। मध्यप्रदेश की तरह जेएनयू दिल्ली में भी कुलपति अब कुलगुरु के नाम से जाने जाएंगे। जेएनयू ने मध्यप्रदेश से प्रेरणा लेकर यह कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरु पूर्णिमा 10 जुलाई को है। इस दिन प्रदेश के सभी विद्यालयों एवं महाविद्यालय में दो दिवसीय गुरु पूर्णिमा उत्सव कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में जिले के प्रभारी मंत्री भी प्रमुखता से शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रबुद्ध नागरिक, गुरुजन एवं साधु संतों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर भोपाल शहर में (कमला नेहरू स्कूल) सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीआरटीएस हटाने से बड़े ही सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। मुख्यमंत्री ने एक रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि बीआरटीएस हटाने से हादसों में 51 प्रतिशत और हादसों की वजह से मृत्यु में 70 प्रतिशत तक की कमी आई है। यह मध्यप्रदेश सरकार के जनहित में लिए गए निर्णयों के सुचारू क्रियान्वयन का सुखद परिणाम है। उन्होंने बताया कि सरकार ने जनवरी 2024 में बीआरटीएस हटाने का निर्णय लिया था। निषादराज सम्मेलन होंगे 12 जुलाई को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में मत्स्य पालन के क्षेत्र में कार्यरत सभी व्यक्तियों के समग्र कल्याण एवं सम्मान के लिए निषादराज सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि निषादराज जयंती 10 जुलाई को है, परंतु प्रदेश में समन्वित रूप से 12 जुलाई को निषादराज सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इस सम्मेलन में मत्स्य पालन क्षेत्र में कार्यरत व्यक्तियों की पारिश्रमिक दरों में वृद्धि, बोनस वितरण, उनके विश्राम के लिए जलाशयों के किनारे प्लेटफॉर्म्स की स्थापना के संबंध में प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि भोपाल में करीब 5 करोड़ की लागत से आधुनिक केवट प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना के लिए भी ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। विधानसभावार बनवायें विज़न डाक्यूमेंट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी मंत्रीगण से कहा कि मध्यप्रदेश सरकार के विजन 2023 के संदर्भ में अपने-अपने प्रभार के जिलों में भ्रमण करें और शेष रह गयीं विधानसभा से विज़न डाक्यूमेंट तैयार करने संबंधी कार्यों को अगले 10 दिन में पूर्ण कर लें। उन्होंने कहा कि विधानसभा के विकास से संबंधित कार्यों को बजट में शामिल करायें और इनके क्रियान्वयन के लिए भी समुचित कार्रवाई करें। लुधियाना के उद्योगपति भी जुड़ना चाहते हैं मध्यप्रदेश से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गत 7 जुलाई को पंजाब के लुधियाना में उद्योगपतियों के साथ हुए संवाद के अनुभव साझा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों पर वहां बड़े उद्योगपतियों से चर्चा हुई। इन्टरैक्टिव सेशन में उद्योग जगत के 400 से अधिक प्रतिनिधियों ने बड़ी आत्मीयता और सक्रियता से भाग लिया। उन्होंने बताया कि लुधियाना सत्र में सरकार को 15606 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इस निवेश के धरातल पर आने से मध्यप्रदेश में लगभग 20275 से अधिक नये रोजगार सृजित होने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि पंजाब के सभी उद्योगपति मध्यप्रदेश से आत्मीयता से जुड़ना चाहते हैं। 13 से 19 जुलाई के दौरान होगी दुबई और स्पेन यात्रा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश का एक प्रतिनिधिमंडल 13 से 19 जुलाई के दौरान दुबई और स्पेन की यात्रा पर रहेगा। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल व्यावसायिक बैठकों और विभिन्न कंपनियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग भी करेगा। उन्होंने बताया कि इस भ्रमण का उद्देश्य प्रमुख क्षेत्रों में निवेश प्राप्त करना, प्रौद्योगिकी के पारस्परिक हस्तांतरण और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक अपनी पहुंच बनाना, रोजगार के नए अवसर सृजित करने एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में और अधिक इजाफा करना है। उन्होंने कहा कि म.प्र. में वैश्विक निवेश की संभावनाएं तलाशने की दिशा में यह प्रवास एक बड़ा कदम साबित होगा। समय पर हो जाति प्रमाण-पत्र प्रदाय की समुचित व्यवस्था मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले नगरीय प्रशासन एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का उनकी सहदृयता के लिए पौधा भेंटकर स्वागत-सम्मान किया। उन्होंने बताया कि जाति प्रमाण-पत्र में आंशिक त्रुटि होने के कारण गत दिवस एमपीपीएससी से चयनित दो अभ्यार्थियों की जॉइनिंग में परेशानी आ रही थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की ओर से संबंधित जिला कलेक्टर को निर्देशित किये जाने पर उन दोनों अभ्यर्थियों को समय पर जाति प्रमाण-पत्र मिल गया और अब उन्होंने अपने नए पद पर ज्वाइन कर लिया है। इस प्रसंग का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी मंत्रीगण और वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि वे सभी जरूरतमंदों को जाति प्रमाण-पत्र की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए समुचित व्यवस्था करें। सिर्फ जाति प्रमाण-पत्र के अभाव या इसमें आंशिक त्रुटि के कारण किसी को भी परेशान न होना पड़े। . वर्ल्ड रोज कन्वेंशन 2028 वैश्विक संवाद और आतिथ्य का अभूतपूर्व अवसर : राज्यपाल ![]() 08 July 2025 आयोजन, विश्व स्तर पर भारत की बढ़ती साख का प्रतिफल: राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल राजभवन में गुलाब की विभिन्न प्रजातियों का उत्पादन होगा दोगुना भोपाल: राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि वर्ल्ड रोज कन्वेंशन 2028 का भोपाल में आयोजन, भारत के लिए ऐतिहासिक और गौरवशाली क्षण है। यह आयोजन विश्व स्तर पर भारत की बढ़ती साख का प्रतिफल है। भारत को विश्वगुरू के रूप में स्थापित करने की ओर बढ़ा कदम है। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल 21वें वर्ल्ड रोज कन्वेंशन- 2028 संबंधी बैठक को संबोधित कर रहे थें। इस अवसर पर उन्होंने मध्यप्रदेश रोज सोसायटी के मुख्य संरक्षक के रूप में वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ रोज सोसायटी द्वारा भारत को 2028 के आयोजन की मेजबानी के लिए मई 2025 में सौंपे गए ध्वज को ग्रहण किया। कन्वेंशन का आयोजन भोपाल में वर्ष 2028 में 7 से 13 जनवरी तक होगा। बैठक का आयोजन राजभवन के सांदीपनि सभागार में इण्डियन रोज फेडरेशन के तत्वावधान में मध्यप्रदेश रोज सोसायटी द्वारा किया गया था। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ रोज सोसायटी के ध्वज को ग्रहण करना देश और प्रदेश के लिए अत्यंत गौरव का पल है। यह ध्वज 2028 के ऐतिहासिक आयोजन के गौरवपूर्ण कार्यक्रम की जिम्मेदारी, वैश्विक संवाद और आतिथ्य के अभूतपूर्व अवसर का प्रतीक है। राज्यपाल श्री पटेल ने वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ रोज सोसायटी द्वारा भारत को पहली बार आयोजन की जिम्मेदारी सौंपने के लिए आभार ज्ञापित किया। उन्होंने वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ रोज सोसायटी के पहले भारतीय अध्यक्ष बनने पर श्री सुशील प्रकाश को सम्मानित किया। इण्डियन रोज फेडरेशन और मध्यप्रदेश रोज सोसायटी को आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि वर्ल्ड रोज कन्वेंशन 2028 का मध्यप्रदेश के भोपाल में आयोजन, प्रदेश को विश्व स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाएगा। आयोजन की मेजबानी सम्पूर्ण मध्यप्रदेश और भोपाल शहर के लिए हर्ष और गर्व का विषय है। आयोजन के लिए रोज सोसायटी द्वारा भोपाल को रोज सिटी के रुप में विकसित करने की जानकारी पर राज्यपाल श्री पटेल ने राजभवन में गुलाब की विभिन्न प्रजातियों के वर्तमान उत्पादन को दोगुना करने की पहल करने के लिए कहा है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि गुलाब धार्मिकता और पर्वित्रता का प्रतीक है। यह आत्मीयता और सहृदयता की पहचान है। उन्होंने कहा कि हम सभी आयोजन से जुड़े प्रत्येक कार्य और जिम्मेदारियों को भव्यता और दिव्यता के साथ सम्पन्न करने का संकल्प ले ताकि यह आयोजन दुनियां भर के प्रतिनिधियों के मन में प्रेरणादायी और यादगार अनुभव के रूप में अंकित हो। राज्यपाल श्री पटेल ने मध्यप्रदेश और भोपाल के गुलाब प्रेमियों से आयोजन को सफल बनाने में सहयोग की अपील भी की। बैठक में संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि वर्ल्ड रोज कन्वेंशन 2028 का आयोजन मध्यप्रदेश टूरिज्म को बढ़ाने में भी मददगार होगा। पर्यटन विभाग द्वारा मेहमानों को मध्यप्रदेश दर्शन कराने की योजना भी तैयार की जाएगी। उन्होंने मध्यप्रदेश में इस आयोजन के लिए वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ रोज सोसायटी को धन्यवाद ज्ञापित किया। संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी का स्वागत उच्च शिक्षा, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अनुपम राजन ने किया। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल का पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव श्री शिवशेखर शुक्ला ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया और परिचयात्मक उद्बोधन दिया।बैठक में वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ रोज सोसायटी के अध्यक्ष श्री सुशील प्रकाश ने वर्ल्ड रोज कन्वेंशन 2028 की तैयारी, योजना आदि पर आधारित पी.पी.टी. प्रस्तुतिकरण दिया। आभार मध्यप्रदेश रोज सोसायटी के अध्यक्ष श्री एस.एस. गर्दे ने व्यक्त किया। बैठक में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव श्री के. सी. गुप्ता सहित मध्यप्रदेश रोज़ सोसाइटी के सदस्य और संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। . लुधियाना इंटरैक्टिव सेशन में मिले 15,606 करोड़ के निवेश प्रस्ताव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ![]() 07 July 2025 20 हजार से अधिक रोजगार का होगा सृजन लुधियाना और पंजाब के निवेशकों को मध्यप्रदेश में किया आमंत्रित मध्यप्रदेश में निवेश करें और विकसित भारत के निर्माण में बने भागीदार पंजाब और मध्यप्रदेश मिलकर करेंगे देश का विकास श्रमिकों के हित में मध्यप्रदेश सरकार ने बड़े स्तर पर लंबित सेटलमेंट किये क्लियर निवेशकों को राज्य की औद्योगिक नीतियों से कराया अवगत इंटरैक्टिव सेशन और संवाद-सत्र में 400 से अधिक प्रतिभागी हुए शामिल वन-टू-वन चर्चा में 15 से अधिक उद्योगपतियों से किया संवाद निवेशकों ने म.प्र. के विभिन्न क्षेत्रों में दिखाई निवेश के प्रति रूचि भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश का आर्थिक तंत्र मजबूत हुआ है। देश में औद्योगीकरण बढ़ा है, अब हम विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गए हैं। लुधियाना भारत का मैन्चेस्टर है। यहां के उद्योगपतियों ने बड़ी मेहनत से अपनी पहचान बनाई है। लुधियाना में निर्मित ए-वन और हीरो साइकिल्स देश-दुनिया में मशहूर हैं। पंजाब के निवेशक देश की आर्थिक समृद्धि में योगदान देने वाले प्रमुख ध्वजवाहक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज लुधियाना में हुये इंटरैक्टिव सेशन, वन-टू-वन चर्चा और संवाद सत्रों में यहां के उद्योगपतियों से 15 हजार 606 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुये हैं, जिससे 20 हजार से अधिक रोजगार का सृजन होगा। हमने लुधियाना और पंजाब के उद्योपतियोंत को मध्यप्रदेश में उद्योग लगाने के लिये आमंत्रित किया। साथ ही उन्हें मध्यप्रदेश में उपलब्ध संसाधनों के साथ राज्य की औद्योगिक नीतियों से भी अवगत कराया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को पंजाब की उद्योग नगरी लुधियाना में मध्यप्रदेश में निहित निवेश की संभावनाओं के संबंध में निवेशकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का एकमात्र प्रदेश है, जहां पन्ना जिले में हीरा तो शहडोल में आयरन डिपाजिस्ट्स है। बीते दिनों सिंगरौली जिले में सोने की खदानें भी मिली हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी निवेशकों को मध्यप्रदेश की रत्नगर्भा भूमि में निवेश करने के लिए आत्मीयता से आमंत्रित करते हुए कहा कि यहां व्यापार की असीम संभावनाएं हैं। आइये और मध्यप्रदेश में अपना दूसरा घर बनाईये। उन्होंने कहा कि निवेशक मध्यप्रदेश में जितने चाहें, उतने उद्योग-धंधे लगाएं, सरकार पलक-पावड़े बिछाकर आपका स्वागत करेगी, आपकी हर संभव मदद करेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योग-धंधे लगाने के लिए जरूरत के मुताबिक भूमि, बिजली, पानी, कुशल कार्यशक्ति सब उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और पंजाब दोनों भाइयों की तरह हैं। अनाज के उत्पादन में पंजाब बड़ा और मध्यप्रदेश छोटा भाई है। अब दोनों भाई मिलकर देश और मध्यप्रदेश का विकास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश प्रगति पथ पर है। पंजाब वीरों की धरती है, इसकी अलग ही पहचान है। यह गुरु परंपरा की अद्भुत धरती है। मध्यप्रदेश के इंदौर की पहचान स्वच्छता में है, तो लुधियाना की पहचान उद्योगों से है। हम उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में उद्योग लगाने के लिए आमंत्रित करने आए हैं। आप खुले दिल से और बिना किसी हिचक के निवेश करें, सरकार जितनी हो सकेगी, आपकी उतनी मदद करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत बदलते दौर में सिरमौर बन रहा है। उद्योगों से कई परिवारों का उदर-पोषण होता है और गरीबों के जीवन में आमदनी का उजाला आता है। यह एक पवित्र कार्य है। उद्योगपति अपने परिवार का पोषण करते हुए दूसरों का भी घर रौशन करते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब अमर शहीद भगत सिंह की धरती है, जिन्होंने सर्वोच्च बलिदान देकर देश की आजादी में अहम भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप लोग यहां भी काम करते रहें और अपने कारोबार का विस्तार करते हुए एक-दो फैक्ट्री मध्यप्रदेश में भी लगाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) में मध्यप्रदेश सरकार ने अपनी उद्योग अनुकूल नीतियों को दुनिया के सामने रखा। हमने उद्योगपतियों को कई सौगातें दी हैं। टेक्सटाईल्स सेक्टर के इंडस्ट्रियल वर्कर्स की सैलरी में मध्यप्रदेश सरकार 5 हजार रुपए की अतिरिक्त मदद देगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में स्कूली बच्चों को साइकिलें बांटी जा रही हैं। साइकिलें मुख्यत: पंजाब में ही बनती हैं। यही साइकल मध्यप्रदेश में भी बन सकती हैं। उद्योगपति मध्यप्रदेश में साइकल बनाने की फैक्ट्री लगाएं। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में सोने की चिड़िया की पहचान रखता था। वर्ष 1947 में देश आजाद हुआ, तब भारत दुनिया की 15वीं अर्थ-व्यवस्था हुआ करता था। इजरायल और जापान जैसे देश कहां से कहां पहुंच गए। वर्ष 2014 में भारत 11वें स्थान पर था और आज बदलते दौर में प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की चौथी बड़ी अर्थ-व्यवस्था बन गया है और अब तीसरी अर्थ-व्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने कोयम्बटूर, सूरत और अब लुधियाना में रोड-शो कर निवेशकों के साथ संवाद किया है। राज्य में संभाग स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव भी आयोजित की गईं। इसी साल फरवरी में भोपाल में हुई जीआईएस के माध्यम से मध्यप्रदेश को 30.77 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले थे। राज्य में इंडस्ट्री के विभिन्न सेक्टर्स के विकास के लिए अलग-अलग विषयों पर समिट आयोजित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश विभिन्न खनिज संपदाओं से संपन्न क्षेत्र है। यहां निवेश करना नि:संदेह फायदे का सौदा है। श्रमिकों के हित में बड़े स्तर पर सेटलमेंट किये क्लियर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाल ही में प्रदेश सरकार ने श्रमिकों के हित में सैकड़ों करोड़ रुपये के सेटलमेंट क्लियर किये हैं। यह निर्णय प्रदेश सरकार की श्रमिकों के प्रति संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि यदि किसी नीति में निवेशकों को सुविधा देने के लिए संशोधन की आवश्यकता होगी तो सरकार कैबिनेट स्तर पर भी बदलाव करने के लिए तत्पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभिन्न उद्योगपतियों द्वारा प्रदेश में निवेश हेतु 15,606 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे लगभग 20,275 से अधिक रोजगार सृजन की संभावना है - पंजाब के निवेशकों के लिए मध्यप्रदेश लैंड ऑफ अपॉर्च्युनिटी : एसीएस श्री मंडलोई सत्र के दौरान मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई ने देश के दिल मध्यप्रदेश में सभी निवेशकों का स्वागत करते हुए कहा कि आज मध्यप्रदेश के विकास की झलक पंजाब में दिखाई दी है। पंजाब के निवेशकों के लिए मध्यप्रदेश लैंड ऑफ अपॉर्च्युनिटी बन सकती है। राज्य में वर्ल्ड क्लास लॉजिस्टिक इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध है। पंजाब के जैसे ही मध्यप्रदेश में उद्योग-व्यापार की अनंत संभावनाएं हैं। उद्योगपतियों को प्रदेश की नीतियों से कराया अवगत प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश तकनीक के क्षेत्र में तेजी से बढ़ता राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पूरा ध्यान राज्य के औद्योगिकीकरण पर है। मध्यप्रदेश में निवेश की अनंत संभावनाएं हैं। प्रदेश में नार्थ, साउथ कॉरिडोर हैं। यहां लॉजिस्टिक की अच्छी सुविधाएं हैं। हमारे पास एक लाख एकड़ से ज्यादा लैंड बैंक है। केंद्र की ओर से उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क, धार में पीएम मित्र पार्क, मुरैना में लेदर पार्क और बाबई में इलेक्ट्रिक उपकरण पार्क मिला है। राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास पर केंद्रित 18 नई नीतियां फरवरी में लागू की हैं। राज्यों में हमारी जीएसडीपी ग्रोथ सबसे अधिक रही है। निवेशकों को इंसेंटिव प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश में कई राष्ट्रीय संस्थान हैं। प्लांट मशीनरी पर इन्वेस्टमेंट प्रमोशन असिस्टेंस 40 प्रतिशत तक है। मध्यप्रदेश सरकार हरित औद्योगिकरण को बढ़ावा दे रही है। वर्कर्स के लिए हॉस्टल बनाए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश टाइगर, चीता और घड़ियाल के लिए भी जाना जाता है। भारत के 7 प्रतिशत वन मध्यप्रदेश में है। मध्यप्रदेश में उद्योग-व्यापार की अनंत संभावनाएं : चेयरमैन ट्राइडेंट ग्रुप श्री गुप्ता चेयरमैन ट्राइडेंट ग्रुप श्री राजेंद्र गुप्ता ने कहा कि लुधियाना पंजाब का मैनचैस्टर जैसा है। पंजाबियों के हौंसले बुलंद हैं, जो देश-विदेश में जाकर काम कर रहे हैं। हमारे ग्रुप को 10 साल में मध्यप्रदेश से काफी सहायता मिली और आज हम एमपी से दुनिया के 100 देशों में निर्यात करते हैं। मध्यप्रदेश से अच्छा कोई राज्य देश में नहीं है। यहां 5 लाख करोड़ का निवेश अगले तीन साल में पूरा करेंगे। उज्जैन के पास एक इंस्टीट्यूट की शुरुआत करेंगे। पंजाब के जैसे ही मध्यप्रदेश में उद्योग-व्यापार की अनंत संभावनाएं हैं। मध्यप्रदेश ग्लोबल मार्केट के लिए लॉन्च पैड है। मध्यप्रदेश है ग्लोबल मार्केट के लिये लांच पैड उद्योगपति श्री संजीव कालरा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का लुधियाना की धरती पर स्वागत है। हमारी कंपनी ने पीथमपुर में दुनिया की बड़ी ट्रक निर्माण यूनिट लगाई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व और विजन से हमें प्रेरणा मिलती है। मध्यप्रदेश को 500 बिलियन की इकोनॉमी बनाने का विजन प्रशंसनीय है। राज्य सरकार जमीन से जुड़े कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हम पीथमपुर प्लांट से यूरोप समेत अन्य देशों में निवेश कर रहे हैं। मध्यप्रदेश ग्लोबल मार्केट के लिए लॉन्च पैड है। इंदौर देश का सबसे स्वच्छ शहर है। इंदौर में 300 एकड़ में बना व्हीकल टेस्टिंग ट्रैक हमारी कंपनी ने भी यूज किया है। उन्होंने उद्योगपतियों से कहा कि मध्यप्रदेश रेडी टू लीड स्टेट है। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव का लुधियाना पहुँचने पर उद्योगपतियों ने जोरदार स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंटरैक्टिव सत्र का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया और अनेक उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बाद में पत्रकार वार्ता में भी सम्मिलित हुए। . प्रदेश के 50 प्रतिशत ग्रामों को जोड़ेंगे दुग्ध नेटवर्क से : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 06 July 2025 भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाकर किसानों और पशुपालकों की आर्थिक उन्नति के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के 50 प्रतिशत गांवों को दुग्ध नेटवर्क में लाने की रणनीति पर कार्य किया जा रहा है। नई 381 दुग्ध सहकारी समितियों का गठन कर 9500 दुग्ध उत्पादकों को सहकारी डेयरी प्रणाली से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को मुख्यमंत्री निवास में पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग के वरष्ठि अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने मध्यप्रदेश के लिए डेयरी विकास योजना को क्रियान्वित करने के लिए आवश्यक संशोधन कर अधिक लाभकारी बनाने के निर्देश दिए थे। अब राज्य में दुग्ध उत्पादन की 72 प्रतिशत संभावित क्षमता को कवर करने और बाजार पहुंच को 15प्रतिशत बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने दुग्ध संग्रहण बढ़ाने, दुधारू पशुओं की नस्ल सुधार, राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के सहयोग से देशी नस्ल के पशुओं के लिए मॉडल फार्म विकसित करने, सांची ब्रांड की लोकप्रियता बढ़ाने, भोपाल दुग्ध संघ के अंतर्गत हीफर रियरिंग सेंटर की स्थापना, दुग्ध उत्पादक किसानों को खरीदे गए दूध की कीमत का समय पर भुगतान, डिजीटाइजेशन वर्क की प्रगति की जानकारी प्राप्त कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। दुग्ध संघों ने बढ़ाई है ढाई से छह रुपए प्रति लीटर राशि इस अवसर पर बताया गया कि प्रदेश के दुग्ध संघों में न सिर्फ दुग्ध संग्रहण बढ़ रहा है, बल्कि किसानों और दुग्ध उत्पादकों का हित भी सुनिश्चित हो रहा है। दुग्ध संघों में दुग्ध मूल्यों में ढाई रुपए से लेकर छह रुपए तक प्रति लीटर वृद्धि का कार्य किया है। प्रदेश में दो दुग्ध संघों जबलपुर और ग्वालियर में दुग्ध संग्रहण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जबलपुर और ग्वालियर दुग्ध संघ को दुग्ध उत्पादकों के लंबित भुगतान के लिए दो-दो करोड़ रुपए की कार्यशील पूंजी भी उपलब्ध करवाई गई है। . प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता को मिल रहे नए आयाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ![]() 05 July 2025 नए कार्यों में सहकारी समितियों को दी जा रही है प्राथमिकता युवाओं को स्वावलंबी बनाने का सशक्त माध्यम हैं सहकारी समितियां युवाओं को दिए सहकारिता के मूल मंत्र किसी भी काम में सफल होने के लिए जरूरी है मजबूत आत्मविश्वास सफलता के लिए कार्य अनुभव और उसके संबंध में जानकारी आवश्यक सहकारिता को लेकर लागू है पारदर्शी व्यवस्था, अब 30 दिन में हो रहा नई समिति का पंजीयन महिलाएं समिति बनाकर सतपुड़ा टाइगर रिर्जव में चला रही हैं सफारी मुख्यमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस पर युवाओं से किया संवाद विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का किया समाधान भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में मध्यप्रदेश के सहकारिता क्षेत्र को नए आयाम मिल रहे हैं। दुग्ध-उत्पादन, औद्योगिक विकास सहित अन्य क्षेत्रों में हो रहे नए कार्यों में सहकारी समितियों को प्राथमिकता मिलेगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता समाज को एक करने के साथ ही युवाओं को बेरोजगारी से बचाने का माध्यम है। रोजगार का अर्थ सिर्फ सरकारी नौकरी नहीं है। युवाओं को स्वरोजगार और स्वावलंबन से जोड़ने के लिए प्रदेश सरकार संकल्पित है और वर्ष 2025 को रोजगार एवं उद्योग वर्ष के रूप में मना रही है। उन्होंने तीन नए आपराधिक कानूनों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में न्याय की देवी की आंखों से पट्टी हटी है, क्योंकि आंख पर पट्टी रहते हुए न्याय कैसे हो सकता है। नागरिकों के मूल अधिकार संविधान में उल्लेखित हैं और इसी भावना से व्यक्तियों के आपसी स्वावलंबन और सहभागिता का समावेश सहकारिता में है। वर्तमान सरकार में सहकारिता को लेकर व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी है। नई समिति की पंजीयन प्रक्रिया 30 दिन में पूर्ण की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय सहकारी दिवस के अवसर पर समन्वय भवन में म.प्र. राज्य सहकारी संघ एवं अपेक्स बैंक ट्रेनिंग कॉलेज की ओर से आयोजित सहकारी युवा संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहकारिता ध्वज फहराकर समन्वय भवन में आयोजित कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। अपर मुख्य सचिव श्री अशोक वर्णवाल कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम में अतिथियों को पौधा भेंटकर स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहकारी युवा संवाद कार्यक्रम में उपस्थित महाविद्यालयीन विद्यार्थियों से संवाद किया और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सहकारिता से उद्योग प्राप्त करने वाली 30 महिलाओं को सिलाई मशीन टूल किट वितरण के प्रतीक स्वरूप एक महिला को सिलाई किट प्रदान की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद सरदार वल्लभ भाई पटेल ने देश में सहकारिता का आंदोलन खड़ा करने के लिए गुजरात में अमूल की स्थापना की। हजारों लोगों को दुग्ध-उत्पादन से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने और बेरोजगारी खत्म करने का कार्य किया। राज्य सरकार भी दुग्ध-उत्पादन बढ़ाने के लिए संकल्पबद्ध है। अभी दुग्ध-उत्पादन में प्रदेश तीसरे स्थान पर है, जो भविष्य में शीर्ष पर पहुंचेगा। इसी उद्देश्य से दुग्ध-उत्पादन में प्रदेश का योगदान 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें सहकारिता क्षेत्र की बड़ी भूमिका होगी। डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी भारत के महान राष्ट्रवादी नेता थे, जिनका जीवन देशभक्ति और समर्पण की मिसाल है। वे पद, प्रतिष्ठा या स्वार्थ से ऊपर उठकर केवल देश की सेवा में लगे रहे। डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी का जीवन हमें सिखाता है कि सच्चा राष्ट्रवाद केवल सत्ता प्राप्ति का साधन नहीं, बल्कि सिद्धांतों और न्याय के लिए निरंतर संघर्ष है। आज जब भारत 2047 में स्वावलंबी और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है, तब उनकी शिक्षाएं और भी प्रासंगिक हो जाती हैं। डॉ. मुखर्जी का आदर्श और बलिदान हमारे लिए एक अमर प्रेरणा हैं, जो आने वाली पीढ़ियों को एकजुट, मजबूत और आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए प्रेरित करते रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं को दिए मूल मंत्र ![]() सभी क्षेत्रों में युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रही सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवाओं के जीवन की असली परीक्षा कॉलेज की शिक्षा पूर्ण होने के बाद शुरू होती है। राज्य सरकार सभी क्षेत्रों में युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश वन्य संपदा और जलराशियों से संपन्न है। प्रदेश में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार संकल्पित है। हमारे युवा सभी साधनों से संपन्न होकर प्रदेश को आग बढ़ाए, इसी भावना से राज्य सरकार कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य से अलग-अलग मंचों पर युवाओं से संवाद किए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में उन्हें भी नेतृत्व का अवसर मिले। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत 2047 में विकसित राष्ट्र बनेगा। सहकारिता और भारतीय दर्शन के माध्यम से हम सबके कल्याण की प्रार्थना करते हैं। आय बढ़ाने के साथ समाज को एक करने की पहल है सहकारिता ![]() मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों की जिज्ञासा का किया समाधान मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सामने महाविद्यालय छात्र-छात्राओं ने युवा संवाद कार्यक्रम में कई जिज्ञासाएं रखीं। एक छात्रा के सहकारी समिति बनाने की प्रक्रिया और शासकीय कार्य-प्रणाली संबंधी प्रश्न का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में सहकारिता में पारदर्शी व्यवस्था स्थापित की गई है और नई समितियों का पंजीयन 30 दिन में पूर्ण हो रहा है। एक अन्य छात्रा ने सहकारिता संबंधी विषय स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने का सुझाव रखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हर विषय पाठ्यक्रम में रखना कठिन है। लोगों को स्वयं सहकारिता की ओर पहल करनी चाहिए। सहकारिता में सबका स्वागत है, इसमें शिक्षा या आय का कोई बंधन नहीं है। मढ़ई क्षेत्र में जिप्सी चलाने वाली संगीता का मंच से कराया परिचय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में सहकारिता के क्षेत्र में कई नवाचार हो रहे हैं। इसी के अंतर्गत को-ऑपरेटिव पब्लिक पार्टनरशिप (सीपीपीपी) के माध्यम से सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में सफारी चलाने के कार्य में भी महिलाओं की समिति सक्रिय है। उन्होंने मढ़ई क्षेत्र में जिप्सी चलाने वाली संगीता सोलंकी का मंच से परिचय कराया। संगीता ने बताया कि बाघ सहित कई वन्य प्राणियों से समृद्ध मढ़ई क्षेत्र में वे बिना डर के पर्यटकों को जंगल सफारी कराती हैं और प्रति माह लगभग 14 हजार रूपए की आय हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजा हरिशचंद्र और प्रेमचंद की कहानी पंच-परमेश्वर का उदाहरण देते हुए सहकारी समितियों के संचालन में पारदर्शिता, स्पष्टता और न्यायप्रियता की महत्ता का उल्लेख किया। . डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के जन्मदिवस 6 जुलाई पर आलेख ![]() 05 July 2025 1. डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी: एक राष्ट्र, एक संविधान के महान सेनानी 2. डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी: भारत की एकता के अमर प्रहरी -हेमन्त खण्डेलवाल भोपाल: कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जो अपने विचारों, संघर्षों और बलिदानों से समय की धारा को मोड़ने का संकल्प रखते हैं। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ऐसे ही युगपुरुष थे, जिनकी राष्ट्रभक्ति, दूरदृष्टि और दृढ़ संकल्प ने भारत की एकता-अखंडता को सुदृढ़ किया। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ऐसे ही एक युगद्रष्टा थे, जिनका जीवन भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता के लिए समर्पित था। वे केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि शिक्षाविद, समाज सुधारक और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रबल प्रवक्ता थे। 6 जुलाई को उनका जन्मदिवस केवल एक स्मरण तिथि नहीं, बल्कि राष्ट्रनिष्ठा, त्याग और सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। देश की स्वतंत्रता के पश्चात जम्मू-कश्मीर को लेकर जो परिस्थितियाँ निर्मित हुईं, वे राष्ट्र की एकता के लिए चुनौती बन गईं थी। अनुच्छेद 370 और 35ए जैसे प्रावधानों ने जम्मू-कश्मीर को भारत से पृथक करने का प्रयास किया। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इस वैचारिक विभाजन का डटकर विरोध किया। उनका स्पष्ट मत था कि "एक देश में दो प्रधान, दो विधान और दो निशान नहीं चल सकते।" यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि उनका जीवन दर्शन था। उन्होंने कहा था कि जब कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, तो वहाँ भी भारत के समान संविधान और शासन होना चाहिए। अपने इस सिद्धांत को सत्य सिद्ध करने के लिए उन्होंने अपना जीवन न्यौछावर कर दिया। उनका बलिदान व्यर्थ नहीं गया, वर्षों बाद उनका सपना साकार हुआ जब 2019 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में अनुच्छेद 370 और 35ए को निरस्त किया गया। यह कदम केवल एक संवैधानिक सुधार नहीं था, बल्कि यह भारत की एकता और अखंडता को मजबूत करने का ऐतिहासिक संकल्प था। इस निर्णय के पीछे डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवाद की विचारधारा स्पष्ट रूप से झलकती है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारतीय राजनीति में एक स्पष्ट और सशक्त राष्ट्रीय विचारधारा प्रस्तुत की। जब पंडित जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में वैचारिक प्रतिबद्धताएँ राष्ट्रहित से टकराने लगीं, तब उन्होंने मंत्रिमंडल से त्यागपत्र दे दिया। यह केवल पद का त्याग नहीं था, बल्कि राष्ट्रहित के लिए एक साहसिक और कर्त्तव्य निष्ठ कदम था। इसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंघ की स्थापना की, जो भविष्य में भारतीय जनता पार्टी के रूप में विकसित होकर देश की सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति बनी। डॉ. मुखर्जी का सबसे बड़ा संघर्ष जम्मू-कश्मीर की 'परमिट प्रणाली' के खिलाफ था। यह व्यवस्था कश्मीर में भारतीय नागरिकों की स्वतंत्र आवाजाही को सीमित करती थी, जिससे भारत के अंदरूनी हिस्सों को एक-दूसरे से जोड़ना मुश्किल हो रहा था। 1953 में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जम्मू-कश्मीर की यात्रा करने का साहस दिखाया, जिसके पश्चात उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। श्रीनगर की जेल में रहस्यमय परिस्थितियों में उनकी मृत्यु 23 जून 1953 को हुई। अत्यंत पीड़ादायक है कि न उन्हें समुचित चिकित्सा व्य्वस्था प्रदान की गई और न ही उनकी मौत की निष्पक्ष जांच की गई। उनकी माता श्रीमती योगमाया देवी ने इसे ‘मेडिकल मर्डर’ करार दिया, पर सत्ता तंत्र मौन रहा। डॉ. मुखर्जी का यह बलिदान व्यर्थ नहीं गया। उनके निधन के कुछ सप्ताहों के भीतर ही कश्मीर की परमिट प्रणाली समाप्त कर दी गई और धीरे-धीरे वह व्यवस्था बदली, जिसने देश के भीतर अलगाव और तनाव पैदा किया था। हालांकि कांग्रेस सरकारों ने दशकों तक उनकी चेतावनियों को नजरअंदाज किया, परन्तु उनकी विचारधारा आज भी भारतीय राष्ट्रवाद का आधार है। 2004 के बाद जब देश में कांग्रेस की सत्ता रही, तब जम्मू-कश्मीर को विशेष स्वायत्तता देने की बातें पुनः उठी। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने 2010 में जम्मू-कश्मीर की स्वायत्तता की बात कहकर भारत की जनता के हितों के साथ खिलवाड़ किया। कांग्रेस ने पीडीपी की कठपुतली बनकर आतंकवादियों के प्रति नरमी बरती, जिससे कश्मीर में दशकों तक हिंसा और विस्थापन हुआ। हजारों नागरिक शरणार्थी बने और उनकी जिंदगी कठिन हुई। इस दौरान अलगाववादी शक्तियों को बढ़ावा मिला और भारत विरोधी गतिविधियां फलने-फूलने लगीं। इसके विपरीत, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 2014 के बाद जम्मू-कश्मीर से आतंकवाद और अलगाववाद को दफन कर देश की एकता को मजबूत किया। डॉ. मुखर्जी के संघर्ष और बलिदान के कारण ही जम्मू-कश्मीर आज भारत का अभिन्न हिस्सा है। भारतीय जनसंघ से भाजपा तक की राजनीति का मूल राष्ट्रवाद रहा है, जिसने देश की अखंडता और सुरक्षा को सर्वोपरि रखा। शिक्षा के क्षेत्र में भी डॉ. मुखर्जी ने अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने उच्च शिक्षा को भारतीय संस्कृति से जोड़ने पर जोर दिया, ताकि देश की युवा पीढ़ी अपने सांस्कृतिक मूल्यों के साथ आधुनिक ज्ञान प्राप्त कर सके। आज नई शिक्षा नीति में भी उनके विचारों की परछाई मिलती है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार की कई जनकल्याणकारी योजनाएं प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, तीन तलाक विरोधी कानून, डॉ. मुखर्जी के सामाजिक दृष्टिकोण और राष्ट्रहित के विचारों का प्रतिफल हैं। ये योजनाएं देश के गरीब और पिछड़े तबकों को सशक्त बनाने का प्रयास करती हैं, जैसा कि डॉ. मुखर्जी ने सदैव समर्थन किया। डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी भारत के महान राष्ट्रवादी नेता थे, जिनका जीवन देशभक्ति और समर्पण की मिसाल है। वे पद, प्रतिष्ठा या स्वार्थ से ऊपर उठकर केवल देश की सेवा में लगे रहे। डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी का जीवन हमें सिखाता है कि सच्चा राष्ट्रवाद केवल सत्ता प्राप्ति का साधन नहीं, बल्कि सिद्धांतों और न्याय के लिए निरंतर संघर्ष है। आज जब भारत 2047 में स्वावलंबी और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है, तब उनकी शिक्षाएं और भी प्रासंगिक हो जाती हैं। डॉ. मुखर्जी का आदर्श और बलिदान हमारे लिए एक अमर प्रेरणा हैं, जो आने वाली पीढ़ियों को एकजुट, मजबूत और आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए प्रेरित करते रहेंगे। -लेखक भारतीय जनता पार्टी मध्य प्रदेश के अध्यक्ष व बैतूल विधायक हैं। सबको शिक्षा ही हमारा विकास मंत्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ![]() 04 July 2025 हम बनायेंगे प्रदेश का नया और उज्जवल भविष्य मुख्यमंत्री ने किया 94234 विद्यार्थियों को लैपटॉप क्रय के लिए 235 करोड़ रुपए प्रोत्साहन राशि का अंतरण प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को अगले साल से दिए जाएंगे और अपडेटेड लैपटॉप 15 साल में 4 लाख 32 हजार से अधिक विद्यार्थियों को मिला प्रोत्साहन योजना का लाभ कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में हुआ प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि अंतरण का राज्य स्तरीय समारोह भोपाल।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शिक्षा मनुष्य के समग्र विकास की धुरी है और ‘सबको शिक्षा’ ही राज्य सरकार का विकास मंत्र है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश के हर बच्चे तक शिक्षा का प्रकाश पहुंचाने के हरसंभव प्रयास किए हैं। केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि प्रतिभावान विद्यार्थियों को नई तकनीक और नई शिक्षा पद्धति से जोड़कर उनके उज्जवल भविष्य की नींव भी रखी जा रही है। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लैपटॉप देकर हम प्रदेश का एक बेहतर और स्वर्णिम भविष्य गढ़ने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में लैपटॉप प्रोत्साहन राशि अंतरण के राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शैक्षणिक सत्र 2024-25 में कक्षा 12वीं में 75 प्रतिशत या इससे अधिक अंक लाने वाले प्रदेश के 94,234 मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप क्रय करने के लिए 235 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की। योजना के तहत लैपटॉप खरीदने के लिए प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को 25-25 हजार रुपये डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए उनके बैंक खातों में सिंगल क्लिक के जरिए हस्तांतरित किये गये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अगले साल से प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि के स्थान पर 25 हजार रुपए मूल्य के और अधिक गुणवत्ता वाले अपडेटेड लैपटॉप देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने मंच से 15 मेधावी विद्यार्थियों को लेपटॉप भी वितरित किए। मुख्यमंत्री ने खुद सेल्फी लेकर सभी बच्चों का उत्साहवर्धन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रतिभाओं को सम्मान देना और स्वर्णिम भविष्य की संभावनों को पोषित करना और हर संभव सहायता करना प्रदेश सरकार का दायित्व है। योजना के अंतर्गत माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाले जिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए राशि दी गई है, उनमें 60 प्रतिशत छात्राएं और 40 प्रतिशत छात्र शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी बेटियां चुनौतियों को पार करते हुए हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। 15 साल पहले शुरू हुई इस योजना का लाभ अब तक 4 लाख 32 हजार से अधिक मेधावी विद्याथियों को मिल चुका है। इस दौरान राज्य सरकार ने विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरण पर 1080 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि खर्च की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब हमारे विद्यार्थी आधुनिक तकनीक से लैस होकर बेहतर तरीके से पढ़ाई कर सकेंगे। लैपटॉप सिर्फ एक उपकरण नहीं, बल्कि यह सुनहरे भविष्य की तैयारी का सशक्त माध्यम है। नई विधाएं, नए कौशल और नई सोच के साथ हमारे बच्चे अब प्रतिस्पर्धा की दौड़ में और भी आगे बढ़ सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार द्वारा विद्यार्थियों को कापी-किताबें, गणवेश, सायकिल और स्कूटी भी दिलाई गई है और अब हम लैपटॉप भी दे रहे हैं। यह कदम विद्यार्थियों को डिजिटल एवं आधुनिक शिक्षा से जोड़ने में बेहद मददगार सिद्ध होगा। शासकीय स्कूलों का परीक्षा परिणाम निजी स्कूलों से रहा अधिक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार स्कूल शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रही है और शासकीय स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसी का परिणाम है कि इस वर्ष शासकीय स्कूलों में बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट 52 प्रतिशत और निजी स्कूलों में 48 प्रतिशत रहा है। वर्ष 2025 में सरकारी स्कूलों के लगभग 49 हजार और निजी स्कूलों के 44 हजार से अधिक विद्यार्थियों को प्रोत्साहन योजना के तहत लैपटॉप का लाभ मिला है। यह योजना 2009 में शुरू की गई थी, तब 85 प्रतिशत प्राप्तांक की सीमा तय की गई थी और मात्र 500 विद्यार्थियों को लैपटॉप राशि बांटी गई थी, लेकिन आज प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की संख्या 94 हजार 234 हो गई है। राज्य सरकार ने बोर्ड परीक्षा में 85 प्रतिशत से अधिक अंक लाने पर हाल ही में 15 हजार 600 मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान की है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी मेहनत के लिए स्कूल में मिला पुरस्कार जीवन भर याद रहता है। पुरस्कार स्वरूप पुस्तकें भी दी जानी चाहिए, क्योंकि पुस्तकें मनुष्य की सबसे अच्छी साथी होती हैं। मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में भी सहयोग कर रही सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को स्कूल से आगे उच्च शिक्षा में भी सरकार पूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है। मेधावी छात्र-छात्राओं की मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई की पूरी फीस सरकार की ओर से भरी जा रही है। अगर कोई विद्यार्थी नीट प्रवेश परीक्षा पास कर लेता है, तो उसकी चिकित्सा शिक्षा नि:शुल्क हो जाती है। पूरे कोर्स की करीब 80 लाख रुपये फीस राज्य सरकार भर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए अनेक निर्णय लिए हैं। नये मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं, इस वित्त वर्ष के अंत तक प्रदेश में 36 मेडिकल कॉलेज हो जाएंगे। अगले 2 साल में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 50 तक पहुंचाने का हमारी सरकार का लक्ष्य है। विद्यार्थी किसी भी कोर्स की पढ़ाई करना चाहें, सरकार सदैव उनके साथ खडी है। मुख्यमंत्री ने आहवान किया कि प्रदेश के बच्चे खूब पढ़ें लिखें, आगे बढ़ें परन्तु अपने गृह प्रदेश से प्रेम करें और अपने लोगों की सेवा करने का जज्बा जरूर रखें। मातृ भूमि को हमेशा याद रखना चाहिए। सरकारी स्कूलों से निकल रहे गुदड़ी के लाल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में सीमित संसाधन होते हुए भी कई गुदड़ी के लाल सामने आए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और वे स्वयं और मंत्रिमंडल के सभी साथियों ने सरकारी स्कूलों में ही प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की है। सरकारी स्कूलों से ही देश को गुदड़ी के लाल मिले हैं। सरकारी स्कूल ही अब बेहद प्रभावकारी हो गए हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने डीबीटी की शुरुआत की, जिससे पारदर्शिता आई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश डिजिटलाइजेशन की राह में तेजी से आगे बढ़ा है। भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना शुरू हुई। स्वर्णिम चतुर्भुज योजना से देश की चारों दिशाओं को जोड़ गया। प्रधानमंत्री श्री मोदी के कार्यकाल में डीबीटी का शुभारंभ हुआ, जिससे शासन की कार्यशैली में व्यापक स्तर पर पारदर्शिता आई है। जीरो बैलेंस पर गरीबों के जनधन खाते खोलना एक क्रांतिकारी कदम है। वर्ष 2013 से पहले इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुछ दिनों में गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा। गुरु वह है जो हमें प्रकाश का मार्ग दिखाता है। राज्य सरकार ने कुलपति पद का नाम बदलकर कुलगुरु किया है। देहदान और अंगदान करने वाले होंगे सम्मानित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने अंगदान और देहदान को प्रोत्साहन देने के लिए हाल ही में एक निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि देहदान या अंगदान करने वालों के परिजन को राज्य सरकार द्वारा 26 जनवरी एवं 15 अगस्त के कार्यक्रमों में सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मृत्यु के बाद किसी को अपने अंगों और देह का दान कर जीवन देना अमरता पाने जैसा है। इसलिए अब देहदान अथवा हृदय, लीवर व गुर्दा दान (डोनेट) करने वाले देहदानियों/अंगदानियों के पार्थिव शरीर को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि स्कूल शिक्षा की बेहतरी के लिए हमारी सरकार ने अधोसंरचनात्मक विकास के साथ-साथ आधुनिक तकनीक के उपयोग को भी बढ़ावा दिया है। होशियार बच्चों को लैपटाप देकर प्रोत्साहित करने जैसे कदम हमारी सरकार द्वारा नये भविष्य की बुनियाद रखने की दिशा में किया गया एक सार्थक प्रयास है। उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि शैक्षणिक सत्र में जुलाई के पहले हफ्ते में ही लैपटाप खऱीदने की राशि दी जा रही है। इसी सत्र से हमने बच्चों को पुस्तकें भी सत्र के शुरू होते ही प्रदाय कर दी है। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि मेधावी विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए लैपटॉप देने की राज्य सरकार की यह पहल मील का पत्थर साबित होगी। इससे न केवल विद्यार्थियों की तकनीकी दक्षता बढ़ेगी, बल्कि यह पहल डिजिटल शिक्षा की दिशा में मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने में भी सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने अखिल भारतीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं में जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए हर संभाग में 100-100 सीटर छात्रावास की स्थापना के लिए 25-25 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। सांसद भोपाल श्री आलोक शर्मा, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, श्री विष्णु खत्री, श्री भगवानदास सबनानी, विधायक जबलपुर श्री अभिलाष पांडे, महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय, आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता सहित रवींद्र यति, जनप्रतिनिधि सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारी, शिक्षक, लैपटॉप के लिए प्रोत्साहन राशि पाने वाले विद्यार्थी और उनके परिजन भी उपस्थित थे। इन 15 मेधावी विद्यार्थियों को मिला लैपटॉप मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेधावी विद्यार्थी मैहर जिले के श्री प्रियल द्विवेदी (492 अंक), सतना जिले के श्री हर्ष पाण्डे (490 अंक), रीवा जिले के श्री अंकुर यादव (489 अंक), सीधी जिले के श्री अभय सिंह (489 अंक), रीवा जिले के श्री आर्यन पाण्डे जिला रीवा (488 अंक), शहडोल जिले की कु. हिना देवी (488 अंक), भोपाल जिले की कु. निशु पंडित (487 अंक), भोपाल जिले के श्री प्रांजल कुशवाह (487 अंक), छिंदवाड़ा जिले के श्री हरिओम साहू (486 अंक), डिण्डोरी जिले के श्री रघुवीर गौतम (484 अंक), दमोह जिले की कु. गार्गी अग्रवाल (484 अंक), सीधी जिले के श्री दिव्यांशु तिवारी (484 अंक) सतना जिले की कु. दीपिका सिंह (483 अंक), सीहोर जिले के श्री पार्थ राठौर (483 अंक) एवं भिण्ड जिले की कु. योग्यता टंक (478 अंक) को मंच से लैपटॉप प्रदान किए। इन विद्यार्थियों ने कुल 500 अंकों में से ये अंक पाए हैं। स्वागत उद्बोधन में सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल ने बताया कि लैपटॉप के तहत गत वर्ष की संख्या से इस वर्ष करीब 4500 से अधिक विद्यार्थी बढ़ गए हैं। यह तथ्य साबित करता है कि हमारे शासकीय स्कूलों में कितनी अच्छी और बेहतर तरीके से पढ़ाई कराई जा रही है। . भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनते ही हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस को दे दी चुनौती, खुद को बताया आम कार्यकर्ता ![]() 02 July 2025 हेमंत खंडेलवाल ने किया बीजेपी अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करते ही कांग्रेस को दी चुनौती। बोले- मैं आम कार्यकर्ता हूं, मुझे पद नहीं दायित्व सौंपा गया है। भोपाल: लंबी उठापटक के बाद बुधवार को मध्य प्रदेश भाजपा के नए अध्यक्ष का औपचारिक ऐलान हो गया है। हेमंत खंडेलवाल को प्रदेश भाजपा का नया अध्यक्ष चुन लिया गया है। वहीं हेमंत खंडेलवाल ने अध्यक्ष पद ग्रहण करते ही कांग्रेस को चुनौती दे डाली है। उन्होंने कहा कि, जैसा चुनाव बीजेपी ने प्रदेश अध्यक्ष बनाने के लिए कराया है, वैसा चुनाव कांग्रेस पार्षद चयन करने में ही करके दिखा दे। राजधानी भोपाल में स्थित बीजेपी कार्यालय में भाजपा के नए प्रदेश अद्यक्ष का पदभार ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। हेमंत खंडेलवाल ने औपचारिक रूप से भाजपा की मध्य प्रदेश इकाई के नए प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण करने के बाद हेमंत खंडेलवाल ने संबोधन किया। इस दौरान उन्होंने कहा- मुझे पद नहीं दायित्व सौंपा गया है। ![]() भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जनसंघ से लेकर अब तक 27 अध्यक्ष रह चुके हैं। कुशाभाऊ ठाकरे जी ने बीजेपी को दुनिया का सबसे बड़ा आर्दश संगठन बनाया। वहीं, उन्होंने अटलजी से लेकर राजमाता सभी पूर्व प्रदेश अध्यक्षों के कामों का जिक्र किया। हेमंत ने कहा- भाजपा की बुलंदी को बरकरार रखने के साथ साथ औ आगे बढ़ाना है। कांग्रेस को चुनौती हेमंत खंडेलवाल ने कहा- मैं आम कार्यकर्ता हूं। बीजेपी क्षमता के हिसाब से पद और जिम्मेदारी सौंपती है। हम सबको मिलकर नया इतिहास गढ़ना है। वहीं हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा- जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव कराया है, वैसे ही कांग्रेस पार्टी सिर्फ पार्षद का ही चयन करके दिखा दे। पहले ही संबोधन में गिनाई प्राथमिकता हेमंत खंडेलवाल ने अपने पहले संबोधन में अपनी प्राथमिकता गिनाई। उन्होंने कहा कि बीजेपी का झंडा हमेशा बुलंद रहे। हर कार्यकर्ता का सम्मान रहेगा, जो क्षमता कार्यकर्ता की होगी उसे वह कार्य मिलेगा। जनता की भावना के अनुरूप काम करें। हमे अनुशासन में रहना है, अनुशासन में रहने वालों का सम्मान होगा, जो पार्टी से दाए बाय होगा उसे दिक्कत आएगी। . मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी का माना आभार ![]() 02 July 2025 केंद्र सरकार से मिली पीएम मित्र पार्क की सौगात - प्रदेश के विकास और कपड़ा उद्योग में नए युग का शुभारंभ - मुख्यमंत्री डॉ. यादव पीएम मित्र पार्क के प्रथम चरण में विकास कार्यों की प्रक्रिया प्रारम्भ कपड़ा उद्योग को नई गति देने के लिए धार में 2158 एकड़ भूमि पर विकसित हो रहा पीएम मित्र पार्क भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार जिले में निर्माणाधीन प्रधानमंत्री मित्र पार्क के प्रथम चरण में अधोसंरचना विकास की प्रक्रिया आरंभ होने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय कपड़ा मंत्री श्री गिरिराज सिंह का हृदय से आभार माना है। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार द्वारा धार की 2158 एकड़ भूमि पर लगभग 2050 करोड़ की लागत से विकसित हो रहे पीएम मित्र पार्क के लिए हाल ही में 773 करोड़ रुपए लागत के टेंडर जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह पहल मध्यप्रदेश में कपड़ा उद्योग (टेक्सटाइल सेक्टर) को नई गति प्रदान करेगी। मध्यप्रदेश लगातार विकसित राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा दी गई पीएम मित्र पार्क की सौगात निश्चित रूप से प्रदेश के विकास और कपड़ा उद्योग में नए युग का शुभारंभ करेगी। . प्रधानमंत्री श्री मोदी को धर्म चक्रवर्ती की उपाधि से अलंकृत करना सम्पूर्ण सनातन अनुयायियों के लिए गर्व का विषय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ![]() 28 June 2025 प्रधानमंत्री का आचार्य विद्यानंद जी महाराज के शताब्दी समारोह में हुआ सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री श्री मोदी का किया अभिनंदन भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'धर्म चक्रवर्ती' की उपाधि से सम्मानित किए जाने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का प्रदेशवासियों की ओर से आत्मीय अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की प्राचीन संस्कृति और परंपराओं ने सदैव ही विश्व को प्रकाशित किया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी को 'धर्म चक्रवर्ती' की उपाधि से अलंकृत करना सम्पूर्ण सनातन अनुयायियों के लिए गर्व का विषय है। उल्लेखनीय है कि आचार्य विद्यानंद जी महाराज के शताब्दी समारोह में आचार्य श्री 108 प्रज्ञा सागर जी महाराज ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को धर्म, नीति सेवा, आत्मबल और राष्ट्र के समग्र विकास के संकल्प को साकार करने के लिए यह उपाधि प्रदान की गई। समारोह में बताया गया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के 11 वर्ष के सफल कार्यकाल में उनके नेतृत्व में राष्ट्र प्रथम की भावना का जनचेतना में प्रभावी संचार करते हुए भारत की सीमाओं को सुरक्षित करने का कार्य किया गया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अहिंसा, पर्यावरण और स्वदेशी चिंतन, सांस्कृतिक सोच, विश्व शांति और जन-कल्याण के प्रयासों से देश को विश्व में गौरवपूर्ण स्थान दिलवाया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के इस योगदान के लिए ही उन्हें 'धर्म चक्रवर्ती' की उपाधि से विभूषित किया गया है। . मुख्यमंत्री डॉ. यादव 28 जून को ग्राम दंदरौआ में 44.5 करोड़ रूपये के विकास कार्यों की देंगे सौगात ![]() 27 June 2025 भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 28 जून 2025 को भिण्ड जिले के विकासखण्ड मेहगांव के ग्राम दंदरौआ में आयोजित किसान एवं रोजगार सम्मेलन कार्यक्रम में जिले के 44.5 करोड़ रूपये से अधिक राशि के विभिन्न विकास और निर्माण कार्यों का लोकार्पण तथा शिलान्यास करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा 43.91 करोड़ रूपये लागत के 48 निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन किया जाएगा और 59 लाख रुपये लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा। . मुख्यमंत्री डॉ. यादव भगवान श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा में हुए शामिल ![]() 27 June 2025 उज्जैन गोपाल मंदिर में की आरती भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को उज्जैन में खाती समाज और इस्कॉन के द्वारा प्रतिवर्ष निकाले जाने वाली रथ यात्रा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोपाल मंदिर पहुंचकर रथ यात्रा में सहभागिता की और भगवान की आरती की। इस दौरान जय जगन्नाथ का जयघोष किया। मुख्यमंत्री ने कालिदास संस्कृत अकादमी परिसर में बनाई गई गुंडिचा नगरी पहुंचकर भगवान श्री जगन्नाथ के विगृह को अपने कंधे पर उठाकर उनकी स्थापना की। मुख्यमंत्री ने भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान श्री बलराम और देवी सुभद्रा की आरती भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज पूरे विश्व में उडीसा में निकाली गई भगवान श्री जगन्नाथ की यात्रा का प्रसारण किया गया है। उज्जैन में भी काफी वर्षों से यह यात्रा निकाली जा रही है। यह हम सबके लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है। उडीसा में स्थित भगवान जगन्नाथ जी का धाम चार धाम में से प्रमुख धाम है। उज्जैन के राजा इंद्रद्युम्न ने उडीसा में वर्तमान में स्थित मंदिर का निर्माण करवाया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की यात्रा का इतिहास हजारों वर्ष पुराना है। आज भी यात्रा के माध्यम से हमें उन अवस्मिरणीय पलों की स्मृति होती है। खाती समाज के द्वारा निकाली जाने वाली यात्रा में दूर-दूर से श्रद्धलु और समाज जन शामिल होते है, जो हम सब की जीवटता का प्रमाण है। मध्यप्रदेश सरकार के द्वारा इस्कॉन के माध्यम से निकाली जाने वाली जगन्नाथ यात्रा में विक्रमादित्य शोध पीठ को भी जोडा गया है, जिससे भगवान जगन्नाथ की अन्य लीलाओं और कथाओं की जानकारी भी आमजन को प्राप्त हो सके। भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलराम और देवी सुभद्रा की बहुत सारी गाथाएं यात्रा से जुडी हुई हैं। इन सभी कथाओं का निचोड़ यह है कि भगवान के प्रति हम सभी अपने शुध्द कर्मों के आधार पर प्रेम अर्पित करें और उनकी भक्ती करें। परमात्मा की हम सबके उपर कृपा बनी रहे और उनके प्रेम की वर्षा हम सब पर होती रहे बस यही प्रार्थना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने उज्जैन से ही शिक्षा ग्रहण की थी और विश्व गुरु बने। भगवद गीता का जो ज्ञान उन्होनें अर्जुन सहित पूरे विश्व को दिया था, उसका बीज उज्जैन से ही अंकुरित हुआ। महर्षि सांदिपनी व्यास के द्वारा प्रदान की गई शिक्षा और ज्ञान से भगवान श्रीकृष्ण ने पूरे विश्व को आलोकित किया। भगवद गीता के अध्याय और श्लोक हम सबको जीवन में मार्गदर्शन देने के साथ कर्म करने की प्रेरणा भी देते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अवसर पर इस्कॉन के द्वारा निर्मित गीता ऐप की शुरुआत की। उल्लेखनीय है कि इस ऐप के माध्यम से भगवत गीता के श्लोक और अध्यायों का अध्ययन अध्यापन किया जाएगा और एक साथ बहुत सारे लोग भगवद गीता से संबंधित परीक्षाओं में सम्मिलित हो सकेंगे। विधायक श्री अनिल जैन कालूहेडा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित क्षेत्रो, उनके उपदेशों और उनकी लीलाओं का व्यापक प्रचार- प्रसार करने के लिए श्रीकृष्ण पाथेय का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में गीता भवन बनाने का निर्णय लिया गया है। हर भवन में एक लाइब्रेरी होगी और पुस्तकों और ग्रंथों के माध्यम से भगवान श्री कृष्ण के उपदेश और जीवन लीलाओं का व्यापक प्रचार प्रसार कर सभी लोगों से परिचित करवाने का कार्य गीता भवन के माध्यम से किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का इस्कॅान की ओर से श्री राधा मदनमोहन का चित्र और भगवद गीता भेंट कर सम्मान किया गया। इस दौरान महापौर श्री मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापती श्रीमती कलावती यादव, श्री संजय अग्रवाल, श्री जगदीश पांचाल सहित नागरिक और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। . किसान सम्मेलन और रोजगार मेले में मिलेगी सौगात ![]() 27 June 2025 मुख्यमंत्री डॉ. यादव "प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना" सोलर पंप पोर्टल का करेंगे शुभारंभ भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को दोपहर 2:00 बजे भिण्ड जिले की तहसील मेहगांव के ग्राम दंदरौआ में आयोजित किसान सम्मेलन और रोजगार मेले में किसानों को सौगात देंगें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों को बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिये महत्वपूर्ण सौगात देने जा रहे है। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में आगामी समय में 32 लाख से अधिक किसानों को सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा है। किसान अपनी आवश्यकतानुसार सौर ऊर्जा का उत्पादन कर उपयोग कर सकेंगे और अधिक बिजली सरकार को बेच सकेंगे। किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव "प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना" में सोलर पंप पोर्टल का शुभारंभ करेंगे। "प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना" प्रमुख बिन्दु कृषकों को योजना का लाभ लेने के लिये सोलर पंप आवेदन के लिए आधार, ई-केवायसी आधारित पंजीयन करना होगा। कृषक द्वारा पोर्टल पर चयनित खसरा, आवेदक के नाम से व आधार लिंक होना आवश्यक है। योजना में सोलर पम्प स्थापना के लिए 30 प्रतिशत केन्द्रीय अनुदान का प्रावधान किया गया है। राज्यांश के लिये कृषक द्वारा ऋण लिया जायेगा, जिसका भुगतान राज्य शासन द्वारा किया जायेगा। किसान 1 हार्स पॉवर (एच.पी.) से 7.5 हार्स पॉवर (एच.पी.) क्षमता तक के सोलर पंप की स्थापना कर सकते है। विभाग के पोर्टल पर पूर्व से पंजीकृत कृषकों को पात्रतानुसार प्राथमिकता मिलेगी। वर्ष 2023-24 और 2024-25 में अस्थायी विद्युत संयोजन वाले कृषकों व अविद्युतिकृत कृषकों को सोलर पंप का लाभ दिया जायेगा। कृषक अपनी इच्छानुसार सोलर पंपों की स्थापना के लिए विभिन्न क्षमतावार कुल 36 पैनलबद्ध इकाइयों में से इकाई का चयन कर सकते है। . मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कार्यकाल में मध्यप्रदेश लोकसेवा आयोग ने की 3,756 पदों पर भर्ती ![]() 26 June 2025 5 हजार 317 पदों के लिए 61 भर्ती प्रक्रिया जारी भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यकाल में अब तक मध्यप्रदेश लोकसेवा आयोग ने 3 हजार 756 पदों पर भर्ती की है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. राजेश लाल मेहरा ने बताया कि दिसम्बर 2023 से अब तक जारी 75 विज्ञापनों में शामिल 4 हजार 492 पदों के लिये 3 हजार 756 उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए संबंधित विभागों को अनुशंसा पत्र भेजे गये हैं। आयोग ने 81 भर्ती विज्ञापन जारी किए हैं। इनके माध्यम से आगामी महीनों में 5 हजार 562 पद भरे जाएंगे। वर्तमान में 5 हजार 317 पदों के लिए 61 भर्ती प्रक्रियाएं जारी हैं। आयोग जारी किये गए वार्षिक परीक्षा कैलेंडर का पालन करते हुए भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। उपर्युक्त सभी परिणाम मध्यप्रदेश शासन एवं उच्च न्यायालय के कुल विज्ञापित पदों में से 87% पदों के परिणाम घोषित करने के निर्देशों के अनुपालन में घोषित किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि एक संस्था के रूप में मध्यप्रदेश लोकसेवा आयोग ने प्रतिष्ठित सरकारी भूमिकाओं के लिए सबसे उपयुक्त और प्रतिभाशाली युवाओं की पहचान कर उनका चयन किया और राज्य की सेवा के प्रति अपने समर्पण को लगातार प्रदर्शित किया है। आयोग ने ऐसा करके राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सार्थक योगदान दिया है। इस तरह आयोग ने एक सक्षम और कुशल राज्य प्रशासन की आधारशिला के रूप में अपनी भूमिका को पुष्ट किया है। आयोग के सचिव श्री प्रबल सिपाहा ने बताया कि आयोग द्वारा उक्त अवधि में 3 राज्य सेवा परीक्षा - 2019, 2021, 2022 के लिए 1,109 पदों और 3 राज्य वन सेवा परीक्षा के लिए 200 पदों के लिए अंतिम चयन परिणाम घोषित किए गए। संबंधित विभागों को संस्तुतियां शीघ्र भेजी गईं, जिससे चयनित अभ्यर्थियों को विभिन्न विभागों में शीघ्र कार्यभार ग्रहण कराने में सुविधा हुई। उपर्युक्त अवधि में राज्य सेवा परीक्षा के माध्यम से सामान्य प्रशासन एवं गृह विभाग को क्रमश: 72 डिप्टी कलेक्टर एवं 51 उप पुलिस अधीक्षक के पदों के लिए संस्तुतियां भेजी गईं। इसके अतिरिक्त इस परीक्षा के माध्यम से सहायक संचालक स्कूल शिक्षा विभाग के 132 पदों तथा मप्र वित्त सेवा के 22 पदों के लिए भी स्कूल शिक्षा एवं वित्त विभाग को संस्तुतियां की गईं। राज्य वन सेवा परीक्षा के अंतर्गत सहायक वन संरक्षक के 19 तथा वन क्षेत्रपाल एवं परियोजना क्षेत्र अधिकारी के 181 पदों के लिए वन विभाग को अनुशंसा पत्र भेजे गए। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में रेडियोलॉजी विशेषज्ञ के 7 पदों के लिए अनुशंसा भेजी गई। आयुष विभाग के लिए 17 विषयों में आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी के 543 तथा आयुष व्याख्याता के 71 पदों के लिए विभाग को अनुशंसा की गई। उच्च शिक्षा विभाग को सहायक प्राध्यापक परीक्षा 2022 के अंतर्गत 25 विषयों के 727 पदों के लिए अनुशंसा की गई। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग भारतीय संविधान के अनुच्छेद 315 के तहत स्थापित एक संवैधानिक निकाय है। इसकी प्राथमिक जिम्मेदारी मध्यप्रदेश राज्य की विभिन्न सार्वजनिक सेवाओं में उम्मीदवारों की भर्ती के लिए एक स्वतंत्र, निष्पक्ष, न्यायसंगत और पारदर्शी चयन प्रक्रिया सुनिश्चित करना है। आयोग द्वारा चयनित और अनुशंसित उम्मीदवारों को मध्यप्रदेश सरकार के लगभग 48 सरकारी विभागों द्वारा एक अनिवार्य और कठोर प्रक्रिया के बाद नियुक्त किया जाता है। अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों को छोड़कर, मध्यप्रदेश सरकार के 55 जिलों और विभिन्न विभागों में सेवारत सभी राजपत्रित अधिकारियों का चयन किसी न किसी समय मध्यप्रदेश लोकसेवा आयोग के माध्यम से हुआ है। विगत कुछ वर्षों में मध्यप्रदेश लोकसेवा आयोग की उपलब्धियाँ वास्तव में सराहनीय रही हैं। आयोग द्वारा जारी किए गए भर्ती विज्ञापनों की संख्या, आयोजित परीक्षाएँ, घोषित परिणाम और उसके बाद नियुक्ति के लिए बड़े पैमाने पर की गई सिफारिशों ने अगले तीन से चार दशकों के लिए राज्य के विभागों की मानव संसाधन आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। . वीरांगना रानी दुर्गावती की वीरता-शौर्य और पराक्रम भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ![]() 24 June 2025 रानी दुर्गावती के नाम पर चिड़ियाघर व रेस्क्यू सेंटर बनाए जाने की घोषणा बलिदान दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि रानी दुर्गावती अपने नाम के अनुरूप मां दुर्गा के समान वीर और पराक्रम की प्रतिमूर्ति थीं। आज उनका बलिदान दिवस है। रानी दुर्गावती का जन्म लगभग 500 वर्ष पहले हुआ था। अमेरिका सहित पश्चिम के देशों को सामान्य तौर पर संस्कृति में अग्रणी माना जाता है, लेकिन भारत का गौरवशाली अतीत रहा है। आदिवासी अंचल की रानी दुर्गावती और रानी अवंतीबाई नारी सशक्तिकरण की सबसे बड़ी उदाहरण हैं। रानी दुर्गावती के पिता ने 500 साल पूर्व उन्हें घुड़सवारी, तलवारबाजी और युद्ध कौशल में निपुण बनाया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को जबलपुर के नर्रई नाला स्थित वीरांगना रानी दुर्गावती की समाधि पर श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद बारहा ग्राम में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। भोपाल के वन विहार की तर्ज पर जबलपुर में बनेगा आधुनिक चिड़ियाघर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जबलपुर का ठाकुरताल पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा। यहां भोपाल के वन विहार की तर्ज पर एक आधुनिक चिड़ियाघर (रेस्क्यू सेंटर एवं जू) बनाया जाएगा, यह सेंटर गौंडवाना साम्राज्य की वीरांगना रानी दुर्गावती को समर्पित होगा। यह वन्यप्राणी रेस्क्यू सेंटर रानी दुर्गावती के नाम से जाना जाएगा। राज्य सरकार रानी दुर्गावती सहित सभी महान हस्तियों का सम्मान करते हुए आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मैराथन जैसे आयोजनों के लिए नगर निगम जबलपुर को 5 लाख रुपए और कार्यक्रम में मनमोहक प्रस्तुति देने वाले प्रत्येक लोक कलाकार को 5-5 हजार रुपए देने की घोषणा की। स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल होंगी दुर्गावती की वीरता की कहानियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मोटे अनाज के प्रोत्साहन एवं उपार्जन के लिए रानी दुर्गावती के नाम पर योजना की प्रारंभ की है। रानी दुर्गावती ने अपने जीवनकाल में 52 लड़ाइयां लड़ीं और 51 में विजय श्री प्राप्त की। उनके गौंडवाना साम्राज्य में 23 हजार गांव शामिल थे। वीर रानी दुर्गावती ने 3 बार मुगल सेना को धूल चटाई थी। राज्य सरकार ने उनकी वीरता की कहानियों को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया है। यह विरासत से विकास का एक क्रम है। वीरांगना दुर्गावती ने जल संरक्षण की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रयास किए थे। उनके साथ इसी स्थान पर विश्वासघात हुआ था और उन्होंने वीरतापूर्वक अपना बलिदान कर दिया था। रानी दुर्गावती भी चंद्रशेखर आजाद की तरह आजाद रहीं दुश्मन उन्हें कभी हाथ नहीं लगा पाया। उन्होंने वीरांगनाओं को याद करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में रानी अवंतीबाई व रानी लक्ष्मीबाई की शौर्य व पराक्रम की अद्भुत गाथा है। वर्तमान समय में आदिवासी अंचल की बहन राष्ट्रपति पद को गौरवांवित कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परिसीमन के बाद विधानसभा चुनाव में बहनों को भी 33 प्रतिशत आरक्षण देने की भावना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के दौरान रानी दुर्गावती मैराथन दौड़ प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले धावकों को चेक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद कैबिनेट की पहली बैठक रानी दुर्गावती को समर्पित करते हुए गोंडवाना की धरती पर करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों 10 करोड़ रुपए की राशि समाधि स्थल के विकास के लिए स्वीकृत कराई गई थी। समाधि स्थल को और भव्य तथा आकर्षक बनाने के लिए केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से और राशि स्वीकृत करने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में रानी दुर्गावती का यह समाधि स्थल महाकौशल के लिए नहीं बल्कि पूरे देश में नारी शक्ति के बलिदान की जीती जागती मिसाल होगी। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके, राज्य सभा सदस्य श्रीमती सुमित्रा वाल्मीकि, सांसद श्री आशीष दुबे, महापौर श्री जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक सर्वश्री सुशील कुमार तिवारी इंदु, अशोक रोहाणी, संतोष वरकड़े, डॉ. अभिलाष पांडे एवं नीरज सिंह, जनजातीयजन और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। . मंत्रि-परिषद ने म.प्र. लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 का किया अनुमोदन ![]() 17 June 2025 भोपाल: 2 लाख नवीन पद होंगे निर्मित म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 5163 करोड़ रुपये का अनुमोदन 459 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन एवं भवन निर्माण के लिए 143 करोड़ 46 लाख रूपये की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद का निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 का अनुमोदन किया गया है। अनुमोदन अनुसार आरक्षित वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित कर उनके हितों को संरक्षित किया गया है। अनुसूचित जनजाति के लिये 20% एवं अनुसूचित जाति के लिये 16% आरक्षण का प्रावधान किया गया है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लोकसेवकों को भी मेरिट के आधार पर पदोन्नति प्राप्त करने का अवसर दिया गया है। वर्तमान वर्ष में ही आगामी वर्ष की रिक्तियों के लिए पदोन्नति समिति की बैठक कर चयन सूची बनाये जाने का प्रावधान किया गया है, अर्थात अग्रिम डी.पी.सी. के प्रावधान किये गये है। पदोन्नति के सूत्र में वरिष्ठता का पर्याप्त ध्यान रखा गया है। वरिष्ठ लोक सेवकों में से मेरिट के अनुसार न्यूनतम अंक लाने वाले लोक सेवक पदोन्नति के लिए पात्र होंगे, प्रथम श्रेणी के लोक सेवकों के लिए merit cum seniority का प्रावधान किया गया है। पदोन्नति के सूत्र में कार्यदक्षता को प्रोत्साहित किया जाना लक्षित है, पदोन्नति के लिए अपात्रता का स्पष्ट निर्धारण किया गया है। किन परिस्थितियों में कोई लोक सेवक अपात्र होगा एवं दण्ड का क्या प्रभाव होगा यह स्पष्ट रूप से लेख किया गया है। किसी भी विभागीय पदोन्नति समिति बैठक के सन्दर्भ में निर्णय के पुनर्विलोकन के लिए रिव्यू डी.पी.सी. की बैठक आयोजित किये जाने के लिये स्पष्ट प्रावधान किये गये है। नवीन पदोन्नति नियमो में परिभ्रमण की व्यवस्था समाप्त की गई है। इससे पदोन्नति के लिए अधिक पद हो सकेंगे। पदोन्नति समिति को शासकीय सेवक की उपयुक्तता निर्धारण करने का अधिकार दिया गया है चतुर्थ श्रेणी के लिये अंक व्यवस्था नहीं होगी, केवल पदोन्नति के लिए उपयुक्त होने पर ही पदोन्नति प्राप्त हो सकेगी। अर्हकारी सेवा के लिए किसी वर्ष में की गई आंशिक सेवा को भी पूर्ण वर्ष की सेवा माना जायेगा, यदि वर्ष के एक भाग की सेवा भी की गई है तो उसे पूर्ण वर्ष की सेवा माना जाएगा। यदि किसी वर्ष में 6 माह का ही गोपनीय प्रतिवेदन उपलब्ध है तो उसे पूर्ण वर्ष के लिये मान्य किया जा सकेगा। यदि गोपनीय प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं होने के कारण किसी की पदोन्नति रुकती है तो उसे पदोन्नति प्राप्त होने पर पूरी वरिष्ठता दी जायेगी। अप्रत्याशित रिक्तियों को चयन सूची/प्रतीक्षा सूची से भरे जाने का स्पष्ट प्रावधान किया गया है। प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए शासकीय सेवक (जो आगामी वर्ष अर्थात पदोन्नति वर्ष में उपलब्ध नहीं होंगे) के पद के विरुद्ध पदोन्नति का प्रावधान किया गया है। गोपनीय प्रतिवेदनों में से यदि कोई गोपनीय प्रतिवेदन एन.आर.सी (नो रिपोर्ट सर्टिफिकेट), सक्षम स्तर से स्वीकृत अवकाश, पदग्रहण काल अथवा प्रशिक्षण के कारण है अथवा गोपनीय प्रतिवेदन में निर्धारित समय पर स्वमूल्यांकन के साक्ष्य है तो ऐसी स्थिति में गोपनीय प्रतिवेदन की अनुपलब्धता के आधार पर पदोन्नति नहीं रोकी जायेगी। विभागीय पदोन्नति समिति के बैठक से पूर्व केवल कारण बताओ सूचना पत्र के आधार पर बंद लिफाफा की कार्यवाही नहीं की जायेगी, जिससे अधिक लोक सेवकों को पदोन्नति के अवसर प्राप्त होंगे। कुल मिलाकर पदोन्नति के पद जिस दिन उपलब्ध हो उसी दिन उपयुक्त योग्य एवं आरक्षित वर्गों के प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखकर भरे जा सके। इस तरह से लगभग 2 लाख नए पद निर्मित होंगे। इससे प्रशासन में सुधार एवं कार्यक्षमता बढ़ेगी। 459 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन तथा भवन निर्माण के लिए 143 करोड़ 46 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा 'सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0" योजना अंतर्गत विशेष जनजाति क्षेत्रों में PM-JANMAN कार्यक्रम के लिए 459 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना, संचालन तथा भवन निर्माण की स्वीकृति दी गयी।स्वीकृति अनुसार 459 आंगनवाडी केन्द्रों के संचालन के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 459 पद (मानसेवी), आंगनवाड़ी सहायिका के 459 पद (मानसेवी) तथा आंगनवाड़ी केन्द्रों के पर्यवेक्षण के लिए पर्यवेक्षक के 26 पद (नियमित शासकीय सेवक पद वेतनमान 25,300-80,500) के सृजन की स्वीकृति दी गयी है। वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक योजना पर राशि का व्यय भारत सरकार द्वारा प्राप्त स्वीकृति के अनुसार किया जायेगा। योजना पर 143 करोड़ 46 लाख रूपये का व्यय अनुमानित है। इसमें केन्द्रांश राशि 72 करोड़ 78 लाख रूपये और राज्यांश राशि 70 करोड़ 68 लाख रूपये होगा ।म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए 5 हजार 163 करोड़ रुपये का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश की विद्युत पारेषण कंपनी द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 के लिए प्रचलित/निर्माणाधीन पूंजीगत योजनाओं और अनुमानित लागत राशि 5 हजार 163 करोड़ रूपये का अनुमोदन दिया गया। निर्णय अनुसार म.प्र. पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के लिए योजना लागत राशि 5 हजार 163 करोड़ रुपये का अनुमोदन प्रदान किया गया। योजना के लिए 20 प्रतिशत अंशपूंजी राज्य शासन के द्वारा तथा शेष 80 प्रतिशत ऋण वित्तीय संस्थाओं/बैंकों से प्राप्त किया जाएगा।योजनान्तर्गत आगामी वर्षों में अति उच्चदाब पारेषण परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए यथा केंद्रीय पारेषण इकाई से स्वीकृत पारेषण प्रणाली सुदृढीकरण के लिए आवश्यक निर्माण और उन्नयन कार्य के लिए 1 हजार 154 करोड़ रूपये, सिंहस्थ-2028 के लिए आवश्यक कार्य के लिए 185 करोड़ रूपये, प्रदेश में नवीन अति उच्चदाब उपकेन्द्रों का निर्माण के लिए 1 हजार 15 करोड़ रूपये, मुरैना संभागीय मुख्यालय और ग्वालियर शहर के उत्तरी भाग को अनवरत विद्युत् आपूर्ति के लिए नवीन अति उच्चदाब लाइनों के निर्माण के लिए 54 करोड़ रूपये, प्रदेश में विद्यमान अति उच्च्दाब ट्रांसफार्मरों की क्षमता संवर्धन/वृद्धि के लिए 1280 करोड़ रूपये, आरडीएसएस योजना के अंतर्गत वितरण कंपनियों के लिए 184 नग नवीन 33 केव्ही बे निर्माण के लिए 81 करोड़ रूपये, डीपी / एफपी लाइन (डबल पोल/फोर पोल) लाईन को डीसीडीएस /डीसीएसएस (डबल सर्किट डबल स्ट्रन्ग/डबल सर्किट सिंगल स्ट्रन्ग) टॉवर लाइन में रुपांतरण के लिए 662 करोड़, अति उच्चदाब टेप लाइनों के स्थान पर लाईनों का लूप-इन लूप-आउट (एलआईएलओ) किया जाना एवं एकल स्त्रोत से प्रदायित उपकेंद्रों के लिए नई लाइनों का निर्माण के लिए 451 करोड़ रूपये तथा अन्य कार्य जिसमें SCADA प्रणाली का प्रतिस्थापन, 132 केवी द्वितीय मुख्य बस तथा 132/33 केवी बस कपलर का निर्माण, 33 केवी कैपेसिटर बैंक की स्थापना एवं अन्य कार्य) के लिए 281 करोड़ रूपये स्वीकृत किये गये है। पांढ़ुर्णा, मैहर और मउगंज में जिला कोषालय की स्थापना का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा नव गठित जिलों पांढ़ुर्णा, मैहर और मउगंज में जिला कोषालय की स्थापना का अनुमोदन किया। मंत्रि-परिषद की बैठक वंदे-मातरम गान के साथ प्रारंभ हुई।. 19 जून से 6 जुलाई तक होगा मूंग और उड़द उपार्जन के लिए पंजीयन ![]() 17 June 2025 भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य शासन द्वारा किसानों के हित में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूंग और उड़द के उपार्जन का निर्णय लिया गया है। प्रदेश के 36 मूंग उत्पादक जिलों में 8682 रुपए प्रति क्विंटल की दर से मूंग और 13 उड़द उत्पादक जिलों में 7400 रुपए प्रति क्विंटल की दर से उड़द उपार्जित की जाएगी। कृषक 19 जून से 6 जुलाई तक पंजीयन करा सकेंगे, इसके बाद 7 जुलाई से 6 अगस्त तक उपार्जन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में निवेश प्रोत्साहन के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित हैं। इस क्रम में गंगा दशमी के अवसर पर उज्जैन में वैलनेस पर केंद्रित वृहद आयोजन संपन्न हुआ। इसी क्रम में 27 जून को "एमएसएमई-डे" पर रतलाम में क्षेत्रीय उद्योगों और रोजगार पर समिट आयोजित की जा रही है। लुधियाना में 7 जुलाई को एमएसएमई पर राष्ट्रीय इंटरएक्टिव सेशन भी होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल मेट्रो के प्रथम चरण का लोकार्पण माह सितम्बर में करने की समय-सीमा तय है। भोपाल मेट्रो के लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से अनुरोध किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन के अवसर पर 250 रुपए राशि का अतिरिक्त रूप से भुगतान किया जाएगा। इस वर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का एक दशक पूरा हो रहा है। इस उपलक्ष्य में "योग संगम" के अंतर्गत 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के अधिक से अधिक नगरीय निकायों, वार्डों, पंचायतों में योग पर कार्यक्रम आयोजित कर देश में रिकार्ड स्थापित करने का प्रयास किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन में एक वर्ष में 19.6 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। वर्ष 2024 में 13 करोड़ 41 लाख पर्यटक मध्यप्रदेश आए। यह संख्या वर्ष 2023 की तुलना में 19.6 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2024 में 1 लाख 67 हजार विदेशी पर्यटक मध्यप्रदेश आए। पर्यटन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश तेजी से बढ़ता राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को उनके विभागों में संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करने तथा उन्हें और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुझाव साझा करने के निर्देश भी दिए। . राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु की गरिमामय उपस्थिति में विश्व सिकल सेल दिवस 19 जून को ![]() 09 June 2025 भोपाल: बड़वानी में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम सिकल सेल उन्मूलन प्रयासों को किया जायेगा सशक्त, उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतें होंगी सम्मानित सिकल सेल रोगियों के लिए प्रभावित 33 जिलें में लगाये जाएँगे विशेष शिविर राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन-2047 के अंतर्गत विश्व सिकल सेल दिवस 19 जून को बड़वानी में ग्राम पंचायत तलून के खेल स्टेडियम में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि रहेंगी। कार्यक्रम में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल सहित अन्य मंत्रीगण शामिल होंगे। इस अवसर पर कई नवाचारों का शुभारंभ किया जाएगा। इनमें जेनेटिक काउंसलिंग जागरूकता वीडियो और प्रभावित गर्भवती महिलाओं के लिए व्यापक दिशानिर्देश/मॉड्यूल शामिल हैं। लक्षित आयु वर्ग की शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग पूर्ण करने वाली पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम दिवस में प्रदेश में सिकल सेल रोग के प्रति जागरूकता लाने की गतिविधियाँ आयोजित की जायेंगी। सिकल सेल प्रभावित 33 जिलों में विशेष परामर्श शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहाँ उन्हें आनुवंशिक परामर्श, रोग प्रबंधन, भावी पीढ़ी के लिए संभावनाओं और आवश्यक चिकित्सकीय सेवाओं की जानकारी दी जाएगी। उप-केन्द्रों से लेकर जिला अस्पतालों तक सभी प्राथमिक एवं माध्यमिक स्वास्थ्य संस्थानों में विशेष शिविर लगाकर रोगियों की पहचान, स्क्रीनिंग तथा परिवार के अन्य सदस्यों की भी जांच की जायेगी। सिकल सेल रोगियों और उनके देखभाल कर्ताओं को पेन क्राइसिस जैसी तीव्र स्थितियों में प्रबंधन के तरीकों से अवगत कराया जाएगा। जिले की विशेष रूप से प्रभावित जनजातीय एवं ग्रामीण पंचायतों में स्क्रीनिंग और परामर्श के लिए अभियान चलाया जाएगा। राज्य स्तर पर विकसित जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड का वितरण किया जाएगा, जिससे लोगों को आनुवंशिक जानकारी समझने में सुविधा होगी। विकलांगता योजनाओं और वित्तीय सहायता से सिकल-सेल रोगियों को जोड़ने की प्रक्रिया सरल करने के लिए यूडीआईडी कार्ड निर्माण के लिए मेगा शिविरों का आयोजन भी किया जाएगा। प्रदेश में राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन के अंतर्गत अब तक 1 करोड़ 5 लाख नागरिकों की सिकल सेल स्क्रीनिंग पूरी की जा चुकी है। इनमें 2 लाख से अधिक वाहक चिन्हित हुए और 28 हज़ार 297 लोग सिकल सेल रोग से ग्रसित पाए गए। इन मरीजों का उपचार जारी है। अब तक 75 लाख 36 हज़ार से अधिक सिकल सेल कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। जिनसे प्रभावित नागरिक अपनी स्वास्थ्य स्थिति को समझ कर उचित उपचार प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश में मिशन की शुरुआत 15 नवंबर 2021 को राज्य हिमोग्लोबिनोपैथी मिशन के रूप में अलीराजपुर और झाबुआ में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की थी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मिशन को 1 जुलाई 2023 को राष्ट्रीय स्तर पर शहडोल से लॉन्च किया था। वर्तमान में प्रदेश के 33 जिलों में स्क्रीनिंग जारी है, जिसमें 20 जिलों के 89 विकासखंड एवं 13 अतिरिक्त जिले (पीएम जनमन योजना) शामिल हैं। सिकल सेल उन्मूलन के लिए हमने एम्स भोपाल में नवजात शिशुओं की 72 घंटे में जाँच के लिए विशेष लैब स्थापित है। सभी चिन्हित मरीजों को हाइड्रॉक्सीउरिया, फॉलिक एसिड और निःशुल्क रक्ताधान की सुविधा प्रदान की जा रही है। गंभीर मरीजों के लिए इंदौर मेडिकल कॉलेज में बोनमेरो ट्रांसप्लांट यूनिट स्थापित की गई है, जहाँ 100 से अधिक ट्रांसप्लांट हो चुके हैं। रीवा में सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस स्थापित किया गया है। मध्यप्रदेश में मिशन के तहत 2047 तक सिकल सेल को पूरी तरह समाप्त करने के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में सतत और सशक्त प्रयास किये जा रहे है। . मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सोमवार को नरसिंहपुर के गाडरवाड़ा प्रवास पर नगर वासियों ने उनका जोरदार स्वागत किया। ![]() 05 June 2025 भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सोमवार को नरसिंहपुर के गाडरवाड़ा प्रवास पर नगर वासियों ने उनका जोरदार स्वागत किया। . सिकल सेल रोग अनुसंधान के लिए चिकित्सक आगे आएं: राज्यपाल श्री पटेल ![]() 09 June 2025 भोपाल: शादी के पूर्व जेनेटिक कार्ड मिलान जरूर किया जाये राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल सिकल सेल सेंसेटाइजेशन कार्यक्रम में हुए शामिल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिकल सेल उन्मूलन प्रयासों में शोध और अनुसंधान पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। चिकित्सा की विभिन्न पद्धतियों के द्वारा रोग उन्मूलन के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमारे वनों में प्रचुर मात्रा में जड़ी-बूटियां उपलब्ध है। आवश्यकता शोध और अनुसंधान के द्वारा उनकी उनकी उपयोगिता के प्रमाणीकरण की है। राज्यपाल श्री पटेल गांधी मेडिकल कॉलेज में आयोजित सिकलसेल सेंसेटाइजेशन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन गांधी मेडिकल कॉलेज की एलुमिनाई द्वारा किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल भी मौजूद रहे। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिकल सेल के उन्मूलन प्रयासों के लिए सबके साथ और सबके प्रयासों की एकजुट आवश्यकता है। प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर पर सिकल सेल की जागरुकता में सक्रिय सहभागिता करें। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि वर्ष 2047 तक सिकल सेल उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जागरुकता ही सबसे बड़ा टूल है। हम में से प्रत्येक व्यक्ति सिकल सेल के लक्षणों, उपचार और संभावनाओं के प्रति स्वयं जागरूक हो। फिर जागरूकता दूत के रूप में अपने आस-पास, और समुदाय को जागरूक करें। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि नई पीढ़ी को सिकल सेल एनीमिया से बचाने के लिए वर-वधू शादी के पूर्व सिकल सेल जेनेटिक कार्ड का मिलान ज़रूर करें। गर्भावस्था में जरूरी जाँचे कराए। संतान के जन्म के 72 घंटे के भीतर उनकी सिकल सेल एनीमिया की जाँच अवश्य करें। राज्यपाल श्री पटेल ने सिकल सेल से पीड़ित बच्चों एवं उनके परिजनों से आत्मीय मुलाक़ात की। उनकी कुशल क्षेम जानी। सभी को अच्छे ख़ान-पान, व्यायाम और पौष्टिक आहार लेने की सलाह दी। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शहडोल से प्रारम्भ हुए सिकल सेल उन्मूलन मिशन- 2047 के तहत प्रदेश सरकार के प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सिकल सेल जाँच की गहनता को बढ़ाने, प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में प्रीनेटल टेस्टिंग के सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी। सांसद श्री आलोक शर्मा ने सिकल सेल उन्मूलन की प्रतिबद्धता के लिए केंद्रों एवं राज्य सरकार के सघन प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी और सराहना की। राज्यपाल श्री पटेल का कार्यक्रम में पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया। राज्यपाल श्री पटेल को सिकल सेल जागरूकता पर आधारित किताब और एच.पी.सी.एल. की डायग्नोस्टिक किट भेंट की गई। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राज्यपाल श्री पटेल को एलुमिनाई एसोसिएशन के प्रतिनिधियों द्वारा पौधे भेंट किए गए। उन्होंने इन पौधों को गांधी मेडिकल कॉलेज परिसर में रोपण के लिए दे दिया। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. कविता सिंह ने दिया। आयोजन समिति के सचिव डॉ. ललित श्रीवास्तव ने सिकल सेल एनीमिया सेंसेटाजेशन कार्यक्रम की विस्तार से जानकारी दी। सिकल सेल उन्मूलन, शोध और रोकथाम प्रयासों में काम करने वाले विभिन्न क्षेत्रों के विषय, विशेषज्ञों डॉ. राहुल भार्गव, डॉ. आर. के. निगम, डॉ. दानिश जावेद, एन.एच.एम. उप संचालक डॉ. रूबी खान ने जानकारी दी। कार्यक्रम में एलुमिनाई एसोसिएशन के पदाधिकारी, गांधी चिकित्सा महाविद्यालय के चिकित्सक, शोधार्थी, विशेषज्ञ और छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। . राज्यपाल श्री पटेल ने रामफल का पौधा रोप कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश ![]() 05 June 2025 भोपाल:पेड़ लगा कर देखभाल भी करे, राज्यपाल ने प्रदेशवासियों से की अपील राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राजभवन के नवग्रह उद्यान में पौधारोपण किया। उन्होंने रामफल का पौधा लगाया। राज्यपाल श्री पटेल ने प्रदेशवासियों से भी पेड़ लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हम सभी अपने जीवन के विशेष अवसरों जैसे जन्म दिवस, वर्षगांठ आदि पर एक पेड़ अवश्य लगाएं। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव श्री के. सी. गुप्ता ने लीची का पौधा लगाया। अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव ने सिंदूर का पौधा लगाया। . पचमढ़ी राजभवन में 3 जून को होगी कैबिनेट बैठक ![]() 02 June 2025 भोपाल: पचमढ़ी स्थित धूपगढ़ पहाड़ी: प्रकृति और इतिहास का अविस्मरणीय संगम गोंड शासक राजा भभूत सिंह के शौर्य और पराक्रम की स्मृति को चिर स्थायी बनाने के प्रयास मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 3 जून मंगलवार को पचमढ़ी के राजभवन में मंत्रि-परिषद की बैठक होगी। विरासत से विकास और जनजातीय नायकों को सम्मान देने के लिये मुख्यमंत्री डॉ. यादव और राज्य शासन कृत संकल्पित है। राजा भभूत सिंह के शौर्य को समर्पित होगी केबिनेट मंत्रि-परिषद की बैठक विशेष रूप से जनजातीय समाज और शौर्य पराक्रम के प्रतीक रहे राजा भभूत सिंह की स्मृति को समर्पित होगी, जिनकी ऐतिहासिक भूमिका को मंत्रि-परिषद की बैठक के दौरान पुनः स्मरण किया जाएगा। पचमढ़ी गोंड शासक राजा भभूत सिंह के ऐतिहासिक योगदान को समेटे हुए है। उन्होंने इस पहाड़ी भूभाग का उपयोग शासन संचालन, सुरक्षा और सांस्कृतिक धरोहरों की रक्षा के लिए किया।शानदार विरासत पचमढ़ी पचमढ़ी भगवान भोलेनाथ की नगरी के रूप में भी प्रसिद्ध है। पचमढ़ी की धूपगढ़ चोटी समुद्र तल से लगभग 1,350 मीटर (4,429 फीट) की ऊँचाई पर स्थित है। यह स्थल सतपुड़ा पर्वतमाला का प्रमुख आकर्षण है। धूपगढ़ से दिखाई देने वाला सूर्योदय और सूर्यास्त न केवल पर्यटकों को मंत्रमुग्ध करता है, बल्कि यह स्थल गोंड साम्राज्य की रणनीतिक शक्ति और प्राकृतिक संरक्षण दृष्टिकोण को भी दर्शाता है। पचमढ़ी मध्यप्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन भी है। मंत्रि-परिषद की बैठक का आयोजन प्रशासनिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। यह पचमढ़ी की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक विरासत को सम्मानित करने का अवसर है।. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खंडवा जिले को जल संरक्षण और पुनर्भंडारण कार्य में देशभर में प्रथम स्थान मिलने पर दी बधाई ![]() 02 June 2025 भोपाल: प्रधानमंत्री श्री मोदी की मंशा के अनुरूप बारिश की बूंद-बूंद सहेजने के लिए राज्य सरकार संकल्पित जल संरक्षण अभियान में नदियों, तालाब, बाबड़ी, पोखर और कुओं का जीर्णोद्धार प्रगति पर इन कार्यों से नए दौर में प्रवेश करेगा मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देशभर में जल संरक्षण और जल के पुनर्भंडारण कार्य में खंडवा जिले को प्रथम स्थान मिलने पर प्रदेशवासियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सभी राज्य सरकारों से वर्षा जल के संरक्षण और भूगर्भ जल भंडारण के लिए अभियान चलाने का आह्वान किया था। मध्य प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री श्री मोदी की भावना के अनुरूप 'जल ही जीवन है' के नारे को चरितार्थ करने के लिए बारिश की बूंद-बूंद सहेजने के लिए संकल्पित है। प्रदेश सरकार ने इस वर्ष गुड़ी पड़वा से 90 दिनों तक चलने वाले जल गंगा संरक्षण अभियान की शुरुआत की, यह अभियान 30 जून तक जारी रहेगा। अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में जल संरचनाओं को संरक्षित करने के कार्य प्रगति पर हैं। गत वर्ष भी जल संरक्षण के लिए एक माह का अभियान चलाया गया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मीडिया को जारी संदेश में यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश का इंदौर शहर स्वच्छता में नंबर-1 है, राजधानियों में भोपाल शीर्ष पर है, धार्मिक नगरी में उज्जैन नंबर-1 पर आ रही है। ऐसे में खंडवा को जल संरक्षण में प्रथम स्थान मिलना, निश्चितरूप से प्रदेशवासियों के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। इसके लिए स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन के अधिकारी और बूंद-बूंद बचाने के प्रयास में जुटे सभी प्रदेशवासी बधाई के पात्र हैं। जल संरक्षण के लिए जारी विकास कार्यों में मध्य प्रदेश की स्थिति अन्य राज्यों से बेहतर है। अभी कई जिलों के आंकड़े आना शेष हैं। जल संरक्षण अभियान में प्रदेश की नदियों, तालाब, बाबड़ी, पोखर और कुओं का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। प्रदेशभर में नए खेत तालाबों का भी निर्माण जारी है। इन सभी प्रयासों से शीघ्र ही प्रदेश नए दौर में प्रवेश करेगा। . मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व सांसद स्व. श्री कैलाश सारंग की जयंती पर किया नमन ![]() 02 June 2025 भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद स्व. श्री कैलाश नारायण सारंग की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में संगठन के विस्तार से जनसेवा तक श्रद्धेय श्री सारंग की जीवन यात्रा अनुकरणीय है। . विश्वगुरु बनना है भारत की नियति... ![]() 2 Jun 2025 भोपाल: समाज हितैषी कार्य करते हुए जन-जन तक पहुँचा संघ भोपाल।रायसेन,सिरोंज एवं विदिशा में पिछले 15 दिवस से आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, मध्यभारत प्रान्त के संघ शिक्षा वर्गों का प्रकटोत्सव समारोह रविवार को सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर वर्ग के दौरान प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले स्वयंसेवकों ने सूर्य नमस्कार, योग, व्यायाम योग, दंड युद्ध, नियुद्ध और पदविन्यास का प्रभावी प्रदर्शन किया। रायसेन में मुख्यवक्ता प्रांत संघचालक श्री अशोक पांडेय ने कहा कि शुरुआती दौर में संघ को उपेक्षा, उपहास और अपमान का सामना करना पड़ा, फिर भी संघ समाज हित में निरंतर कार्य करते हुए जन-जन तक पहुंचा। वर्तमान में देशभर में संघ की लगभग 73,000 शाखाएं, हजारों मिलन और 40 से अधिक समविचारी संगठन सक्रिय हैं। उन्होंने पंच परिवर्तन के विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संघ शताब्दी वर्ष में समाज में पाँच परोपकारी कार्य लेकर समाज की दृष्टि से कार्य कर रहा है जिसमें पर्यवारण जिसके द्वारा वृक्ष और जल का संरक्षण तथा सिंगल यूज़ प्लास्टिक मुक्त भारत, समरसता के माध्यम से समाज में व्याप्त क्लेश तथा जन्म आधारित छुआछूत और अस्पृश्यता को समाप्त करना, परिवार नामक हमारी संस्था के टूटने के कारण समाज में व्याप्त गिरावट को कुटुम्ब प्रबोधन के माध्यम से रोकना, अपने गौरवशाली अतीत को याद कर उस पर गर्व करना अपने श्रेष्ठ ज्ञान/परंपराओं आदि का पुनः स्थापित करने "स्व बोध" का भाव जागरण करना एवं नागरिक शिष्टाचार के माध्यम से प्रत्येक नागरिक कर्तव्य व शासन-समाज के नियम और कानून का पालन कर सभी राष्ट्र को परम वैभव पर ले जाने के पवित्र कार्य मे सहयोगी बनें। सिरोंज में प्रकटोत्सव समारोह की अध्यक्षता कर रहे श्री श्री 1008 ईश्वर दास जी ने आशीर्वचन ने देते हुए कहा कि स्वयंसेवक अपनी साधना एवं त्याग के बल पर समाज सेवा में रत रहते हैं। स्वयंसेवकों को यह शिक्षा शाखा एवं वर्ग के माध्यम से प्राप्त होती है। मुख्यवक्ता प्रांत संघचालक डॉ राजेश सेठी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना 1925![]() . लोकमाता देवी अहिल्याबाई राष्ट्र निर्माण में नारी शक्ति के अमूल्य योगदान का प्रतीक- प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 31 May 2025 ![]() प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई राष्ट्र निर्माण में नारी शक्ति के अमूल्य योगदान का प्रतीक हैं। समाज में बड़ा ![]() परिवर्तन लाने वाली लोकमाता देवी अहिल्या को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देवी अहिल्या के प्रेरक कथन "जो कुछ भी हमें मिला है वहजनता द्वारा दिया ऋण है- जिसे हमें चुकाना है" का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार लोकमाता अहिल्याबाई के इन्हीं मूल्यों पर चलते हुए कार्य कर रही है, "नागरिक देवो भवः" वर्तमान में गवर्नेंस का मंत्र है। लोकमाता देवी अहिल्याबाई की 300वीं जयंती,देवी अहिल्याबाई का मानना था कि "जनता की सेवा और उनके जीवन में सभी देशवासियों के लिए प्रेरणा और राष्ट्र निर्माण के लिए हो रहे भागीरथी प्रयासों में अपना योगदान देने का अवसर है। देवी अहिल्याबाई का मानना था कि "जनता की सेवा और उनके जीवन में सुधार लाना ही शासन का उद्देश्य है", उनकी इस सोच को आगे बढ़ाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार वूमेन लेड डेवलपमेंट के विजन को विकास की धुरी बना रही है, सरकार की हर बड़ी योजना के केंद्र में माताएं- बहने -बेटियां हैं। देश में गरीबों के लिए चार करोड़ घर बनाए जा चुके हैं और इनमें से अधिकतर घर माता -बहनों के नाम पर हैं, वे पहली बार घर की मालकिन बनी हैं। सरकार हर घर तक नल से जल पहुंचा रही है, माता-बहनों को असुविधा न हो और बेटियां पढ़ाई लिखाई में ध्यान दे सकें, इस उद्देश्य से बिजली, उज्जवला गैस भी उपलब्ध कराई गई हैं। यह सुविधाएं माता बहनों के सम्मान का विनम्र प्रयास है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर के 300वीं जयंती वर्ष के अवसर पर भोपाल में जम्बूरी मैदान पर महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने लोकमाता देवी अहिल्याबाई पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में लोकमाता अहिल्या बाई द्वारा सुशासन, महिला स्वावलंबन, धार्मिक स्थलों के उन्नयन के लिए संचालित गतिविधियों को प्रदर्शित किया गया। इसके साथ ही देवी अहिल्या पर केंद्रित पुस्तकें और शोध पत्र भी प्रदर्शित किए गए। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने हथकरघा- हस्तशिल्प को समर्पित महिलाओं और ड्रोन दीदी से संवाद किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के लिए जारी गतिविधियों, ग्रामीण आवास योजना, ग्रामीण पर्यटन, कृषि आदि क्षेत्र में महिलाओं द्वारा की जा रही पहल और ग्रामीण व नगरीय निकायों में महिला प्रतिनिधित्व के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रदर्शनी में प्रदेश में अधोसंरचना विकास के अंतर्गत संचालित गतिविधियों, विभिन्न धार्मिक लोक के विकास सहित राज्य के अन्य विकासोन्मुखी नवाचारों का भी अवलोकन किया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने लोकमाता देवीअहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस अवसर पर उपस्थित थे। प्रधानमंत्री श्री मोदी का ![]() राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने देवी अहिल्याबाई होल्कर के जरी जरदोजी से बना चित्र भेंट कर अभिवादन किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पगड़ी पहना कर तथा बैतूल जिले के भरेवा शिल्प से निर्मित पुष्पक विमान भेंट कर उनका स्वागत किया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का महिला सशक्तिकरण और स्वावलंबन की प्रतीक प्रदेश की चार महिलाओं ने भी स्वागत किया। इस क्रम में जबलपुर में कैंसर रोगियों की देखरेख को समर्पित सुश्री ज्ञानेश्वरी देवी, पहली भारतीय कैनोइस्ट और अर्जुन पुरस्कार प्राप्त सुश्री प्राची यादव ,ग्राम स्तर पर स्वच्छता और विकास कार्यों को समर्पित ग्राम तिरला-जिला धार की सरपंच श्रीमती आरती पटेल और महेश्वरी साड़ी निर्माण में लगी नागेश्वरी स्वयं सहायता समूह महेश्वर की सुश्री मीनाक्षी ठाकले ने स्वागत अभिवादन किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने छत्तीसगढ़ की जनजातीय कलाकार डॉ. जयमती कश्यप को देवी अहिल्या बाई राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर को समर्पित डाक टिकट और 300 रूपये का सिक्का जारी किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने दतिया और सतना एयरपोर्ट का लोकार्पण तथा इंदौर मेट्रो का भी शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रदेश में 1271 नए अटल ग्राम सेवा सदन (पंचायत भवन) निर्माण के लिए प्रथम किस्त के अंतर्गत 483 करोड़ रुपए का वर्चुअल अंतरण भी किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि इंदौर मेट्रो की शुरुआत और दतिया व सतना के हवाई सेवा से जुड़ने से मध्यप्रदेश में सुविधाएं बढ़ेंगी, विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसरों का इससे सृजन भी होगा। मध्यप्रदेश में अनेक विकास के कार्य हो रहे हैं। भारत के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर को अब मेट्रो की पहचान मिली है। केंद्र सरकार ने मालवा क्षेत्र में परिवहन सुविधाओं के विस्तार के लिए रेल लाइनों के विकास को मंजूरी दी है। दतिया व सतना के हवाई सेवा से जुड़ने से अब मां पीतांबरा और मां शारदा देवी के दर्शन और सुलभ हो जाएंगे। बुंदेलखंड और बघेलखंड की कनेक्टिविटी बढ़ेगी। आज भारत को अहिल्याबाई की प्रेरणा से अपना परिश्रम और सामर्थ्य बढ़ाना है। रानी कमलापति, रानी दुर्गावती, रानी अवंतीबाई, रानी चेनम्मा जैसे ![]() नाम हमें गौरव से भर देते हैं। हमें भारत की नींव मजबूत करनी है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई ने अपने कार्यकाल में विकास के साथ विरासत को सहेजा था। आज का भारत भी इसी संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आज बेटियां डॉक्टर, इंजीनियर और साइंटिस्ट बन रही हैं। गांव-गांव में बैंक सखियां बैंकिंग व्यवस्था को मजबूत कर रही हैं। एक समय था, जब महिलाओं को नई तकनीक से दूर रखा जाता था लेकिन आज गांव की बहनें ड्रोन दीदी बनकर खेती में मदद कर रही हैं। गांव में उनकी अलग पहचान बन रही हैं। पहले महिलाएं अपनी बीमारियां छिपाती थी, क्योंकि परिवार पर इलाज का बोझ न पड़े लेकिन अब महिलाएं आयुष्मान योजना में 5 लाख तक का नि:शुल्क इलाज करा सकती हैं। गत 11 साल में हमारी केन्द्र और राज्य की सरकारों ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त किया है। हमारी सरकार ने 30 करोड़ जनधन खाते खुलवाए हैं, जिनमें उन्हें पैसे भेजे जा रहे हैं। बहनें आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं। मुद्रा योजना का लाभ लेने वाली ज्यादातर महिला उद्यमी हैं। देशभर में 10 करोड़ बहनें स्व-सहायता समूह से जुड़ी हैं और कमाई कर रही हैं। सरकार ने 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाने का संकल्प लिया है। नमो ड्रोन योजना के अंतर्गत अब तक 1.5 करोड़ बहने लखपति बन चुकी हैं। देश में साइंस और मैथ्स पढ़ने वाली बेटियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। चंद्रयान 3 मिशन में 100 से अधिक महिला वैज्ञानिक शामिल थीं। देश में स्टार्टअप की संख्या बढ़ रही है, इनमें 45 प्रतिशत नेतृत्व महिलाओं के पास है। हमारी सरकार में पहली बार पूर्णकालिक महिला रक्षा और वित्त मंत्री बनीं। इस बार 75 सांसद महिलाएं हैं, पंचायतों में भी महिला प्रतिनिधियों की भागीदारी बढ़ रही है। सरकार के नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पीछे भी यही भावना है। अब संसद और विधानसभाओं में भी महिला आरक्षण दे दिया गया है। भारत सरकार बहनों को हर क्षेत्र में सशक्त कर रही है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मां भारती और मातृशक्ति को प्रणाम करते हुए कहा कि महासम्मेलन में बड़ी संख्या में आईं माताओं-बहनों के दर्शन पाकर मैं धन्य हो गया हूं। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर नाम सुनकर मन में श्रद्धा का भाव आता है। उनके संकल्पों से सीख मिलती है कि परिस्थितियां कितनी भी विपरीत क्यों न हो इच्छाशक्ति से उन्हें पूर्ण किया जा सकता है। आज से 250-300 साल पहले जब देश गुलामी की बेड़ियों में जकड़ा था, तब उन्होंने इन कार्यों को पूर्ण किया। वे हमेशा शिवलिंग साथ लेकर चलती थीं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में राज्य का कार्यभार संभाला और राज्य को समृद्धि दी। देवी अहिल्याबाई भारत की विरासत की संरक्षक थीं। ![]() जब देशभर में हमारे मंदिरों, तीर्थ स्थलों पर हमले हो रहे थे तो उन्होंने इन्हें संरक्षित करने का कार्य किया। उन्होंने काशी विश्वनाथ समेत अनेक मंदिरों का निर्माण कराया। प्रधामनंत्री श्री मोदी ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि काशी ने उन्हें भी सेवा का अवसर दिया है। काशी में देवी अहिल्याबाई की मूर्ति भी देखने को मिलती है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि देवी अहिल्याबाई ने विकास का ऐसा मॉडल अपनाया, जिसमें गरीबों और वंचितों को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने उद्योग, खेती और जल संरक्षण को बढ़ावा दिया। वर्तमान में कैच द रैन के माध्यम से बारिश की एक-एक बूंद बचाने का प्रयास हो रहा है। देवी अहिल्याबाई ने 250-300 साल पहले हमें जल संरक्षण का रास्ता दिखाया था। उन्होंने किसानों को कपास की खेती के लिए प्रेरित किया। देवी अहिल्या ने किसानों को धान और गेंहू की खेती के अतिरिक्त फसल विविधीकरण को प्रोत्साहन दिया। देवी अहिल्या ने महेश्वरी साड़ी के लिए नए उद्योग लगाए। वे हुनर की पारखी थीं, जूनागढ़ (गुजरात) से कुछ बुनकर परिवारों को महेश्वर लाकर साड़ी उद्योग को बढ़ावा दिया। आज महेश्वरी साड़ी देश की महिलाओं की पसंद बन चुकी है। देवी अहिल्याबाई ने समाज सुधार की दिशा में कार्य किए। वे हमेशा मातृशक्ति के विकास के बारे में सोचती थीं। उन्होंने बाल विवाह को रोकने के लिए कदम उठाए। उन्होंने समाज सुधारकों को भरपूर समर्थन दिया। मालवा की सेना में महिलाओं की एक टुकड़ी बनाई। मां अहिल्या के कार्यकाल में महिलाओं की ग्राम सुरक्षा टोलियां बनाई गई थीं। पश्चिम के लोग हमें माताओं-बहनों के नाम पर नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं, लेकिन देवी अहिल्याबाई की सोच और कार्य महिला सशक्तिकरण को समर्पित थे। वे राष्ट्र निर्माण के लिए परिवर्तन लाने वाली शासक थीं। उनका आशीर्वाद हम सभी पर बना रहे। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि भारत संस्कृति का देश है, सिंदूर हमारी परंपरा है। यह हनुमान जी को चढ़ता है और बहनों के लिए सम्मान का प्रतीक है। यही सिंदूर अब भारत के शौर्य का प्रतीक बना है। पहलगाम में आतंकियों ने भारतीयों का खून ही नहीं बहाया, हमारी संस्कृति पर प्रहार किया है। उन्होंने भारत को बांटने की कोशिश की। आतंकियों ने भारत की नारी शक्ति को चुनौती दी, लेकिन यह शक्ति उनके लिए काल बन गई। ऑपरेशन सिंदूर बंद नहीं हुआ है, यह आतंकियों के खिलाफ सबसे सफल ऑपरेशन है। जहां तक पाकिस्तानी सेना ने सोचा नहीं था, भारतीय सेना ने कई सौ किलोमीटर अंदर धुसकर उन्हें मारा है। अब जो आतंकियों की मदद करेगा, उसे भी इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। भारत का हर नागरिक कह रहा है कि अगर तुम गोली चलाओगे तो गोली का जवाब गोले से दिया जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर हमारी नारी शक्ति के सामर्थ्य का प्रतीक बना है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि बीएसएफ का इस ऑपरेशन में बड़ा रोल रहा है। बीएसएफ की बेटियां सीमा से मोर्चा संभाल रही थीं। उन्होंने दुश्मनों की कई पोस्ट ध्वस्त कर अद्भुत शौर्य दिखाया है। आज दुनिया राष्ट्र रक्षा में भारत की बेटियों का शौर्य देख रही है। भारत सरकार ने पहली बार सैनिक स्कूलों के दरवाजे बेटियों के लिए खोले हैं। वर्ष 2014 से पहले एनसीसी में सिर्फ 25 प्रतिशत बेटियां कैडेट्स होती थीं। हमारी सरकार ने इसे 50 प्रतिशत किया है। उन्होंने बताया कि कल ही एनडीए से महिला कैडेट्स का पहला बैच पास आउट हुआ है। अब बेटियां मोर्चे पर तैनात हो रही हैं। बेटियां युद्धपोत संभालने से लेकर लड़ाकू विमान तक उड़ा रही हैं। नेवी की दो वीर बेटियों ने 250 दिनों में नाव से धरती का चक्कर लगाया है। यह बोट सिर्फ हवा से चलती है, यह दिखाता है कि चुनौती कितनी भी बड़ी हो भारत की बेटियां उस पर विजय पा सकती हैं। नक्सल ऑपरेशन में भी बेटियां सुरक्षा की ढाल बन रही है। मुख्यमंत्री ड़ॉ. यादव ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि दुनिया के सबसे बड़े गणतंत्र के नायक प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी देवी अहिल्याबाई होल्कर की ![]() पावन धरा पर पधारे हैं। हमारे लिए आज का दिन अद्वितीय है। लोकमाता अहिल्या महारानी का जन्म 300 वर्ष पूर्व हुआ। उन्होंने एक आदर्श बहू और आदर्श पत्नी रहते हुए शासन चलाया। देवी अहिल्या ने घर के धन और शासन के धन का अंतर बताया। उनके कार्यकाल को देखा जाए तो आज अहिल्या माता के सुशासन के आधार पर ही पूरा शासन तंत्र चल रहा है। मध्यप्रदेश में विगत 500 साल के काल पर नजर डालें तो गोंडवाना की रानी अवंतीबाई ने तीन बार अकबर को धूल चटाई थी। इसी प्रकार रानी दु्र्गावती ने भी मुगलों के सामने कभी भी आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया। ग्वालियर की राजमाता सिंधिया ने भी भारतीय लोकतंत्र को मजबूत किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इंदौर की सुमित्रा ताई को लोकसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी देकर प्रदेश का मान बढ़ाया। आज राष्ट्रपति भी एक महिला हैं। अहिल्या देवी की 300वीं जयंती के अवसर पर पूरे देश में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ड़ॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना ने आतंकी सरकार और आतंकवादियों को धूल चटाई । पूरा देश आपका अभिनंदन कर रहा है। जिन आतंकियों ने बहनों का सिंदूर उजाड़ने का काम किया, उन्हें सबक सिखाया है। उन्होंने कहा कि भारत ने जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की उपलब्धि हासिल की है। मध्यप्रदेश सरकार गरीब, किसान, युवा और नारी सहित हर वर्ग के कल्याण के लिए केंद्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया में शिखर पर पहुंचेगा। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री, श्री जगदीश देवड़ा और श्री राजेंद्र शुक्ला, सांसद खजुराहो श्री वी.डी. शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री ![]() प्रहलाद सिंह पटेल, सूक्ष्म एवं लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती निर्मला भूरिया, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, संस्कृति पर्यटन धार्मिक न्यास मंत्री श्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, पंचायत और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह, भोपाल सांसद श्री आलोक शर्मा और भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय उपस्थित थी। कार्यक्रम में इंदौर से केन्द्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्यमंत्री श्री तोखन साहू तथा प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास, संसदीय कार्य मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, दतिया से केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री राममोहन नायडू, केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर तथा प्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एंदल सिंह कंषाना, सतना से केन्द्रीय नागरिक उड्डयन एवं सहकारिता राज्यमंत्री श्री मुरलीधर मोहोल तथा प्रदेश के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री श्री दिलीप जायसवाल वर्चुअली शामिल हुए। . प्रधानमंत्री श्री मोदी ने किया प्रदर्शनी का अवलोकन सशक्त महिलाओं से किया संवाद 31 May 2025 ![]() . प्रधानमंत्री श्री मोदी के भोपाल आगमन पर हुआ आत्मीय स्वागत 31 May 2025 ![]() स्वागत के समय विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर, खेल एवं सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, विधायक श्री गोपाल भार्गव, विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, डीजीपी श्री कैलाश मकवाना, एसीएस श्री संजय दुबे, संभाग आयुक्त भोपाल श्री संजीव सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। . मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री अंगारेश्वर महादेव मंदिर में पूजन-अर्चन किया 31 May 2025 ![]() . इंदौर मेट्रो रेल का ऐतिहासिक शुभारंभ 31 May 2025 ![]() आधुनिक नगरों की सूची में शामिल इंदौर मेट्रो परियोजना के शुभारंभ ने इंदौर को देश के उन आधुनिक नगरों की सूची में शामिल कर दिया है, जहां भविष्य की परिवहन प्रणाली अब हकीकत बन चुकी है। यह परियोजना न केवल यातायात की भीड़ को कम करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएगी।तांगे से मेट्रो तक: एक ऐतिहासिक सफर इंदौर का सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का इतिहास तांगे, टेम्पो, वेन और मिनी बसों से शुरू होकर अब अत्याधुनिक मेट्रो तक पहुंचा है। यह केवल तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि शहर की समग्र प्रगति का प्रतीक है।महिलाओं के लिए विशेष सुविधाएं इस परियोजना को महिलाओं को समर्पित किया गया है। जिसमें मुख्य रूप से प्रत्येक स्टेशन पर महिला सुरक्षा बल (महिला गार्ड्स) की तैनाती रहेगी। मेट्रो डिब्बों में आरक्षित कोच रहेगा और सीसीटीवी से निगरानी रहेगी। टिकट वितरण और स्टेशन प्रबंधन में महिला कर्मचारियों की विशेष भागीदारी होगी। गर्भवती महिलाओं और बुजुर्ग महिलाओं के लिए विशेष सीट आरक्षण और सहायता सुविधा उपलब्ध रहेगी।नागरिकों की प्रतिक्रिया: उत्साह और उम्मीदों से भरी शहरवासियों ने इस ऐतिहासिक पल पर अपनी भावनाएं खुलकर व्यक्त कीं। सुश्री ज्योति शर्मा का कहना है कि अब हमें कॉलेज आने-जाने में बहुत सहूलियत होगी, ट्रैफिक और ऑटो वालों की मनमानी से मुक्ति मिलेगी। निजी कंपनी में काम करने वाले श्री सुनील चौहान ने बताया कि मेट्रो से समय की बचत होगी और ऑफिस पहुंचना अब ज्यादा भरोसेमंद रहेगा। इंदौर का भविष्य बहुत उज्ज्वल लग रहा है। आम गृहिणी उमा बाई ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर जैसी महान महिला की जयंती पर यह मेट्रो शुरू हुई, यह हम महिलाओं के लिए गर्व की बात है। कॉलेज छात्रा सुश्री यामिनी गौड़ ने कहा कि मैने कभी नहीं सोचा था कि इंदौर में मेट्रो चलेगी। लेकिन राज्य सरकार ने इसे साकार कर दिखाया। यह सौगात मिलने से में बहुत खुश हूं। गृहिणी किरण दुबे ने बताया कि आज मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। कि अब मेरे शहर इंदौर की गिनती भी मेट्रो शहर के रूप में हो गई है। इंदौर की पहचान अभी तक स्वच्छता में थी। अब मेट्रो के रूप में एक और मुकुट जुड़ेगा। इंजीनियर सुश्री नताशा बिल्लोरे ने कहा कि अब तक इंदौर में आईआईएम, आईआईटी जैसे देश के प्रतिष्ठित शिक्षा संस्थान थे, अब उसमें एक और राष्ट्रीय स्तर की परिवहन सुविधा जुड़ गई है। बेशक इससे इंदौर का नाम राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चमकेगा। दिव्यांग युवती सुश्री पूजा शर्मा मेट्रो ट्रेन शुरू होने से बेहद उत्साहित है। लगभग 10 किलो मीटर का सफर अपने भाई के साथ तय कर इस ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बनने के लिये कार्यक्रम में पहुंची। उसका कहना था कि हम दिव्यांगों को परिवहन के लिये इससे बड़ी और कोई सौगात नहीं होगी।हरित भविष्य की ओर कदम मेट्रो परियोजना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल है। इससे डीज़ल और पेट्रोल वाहनों की निर्भरता कम होगी और वायु प्रदूषण में उल्लेखनीय गिरावट आएगी। इंदौर, जो पहले से ही स्वच्छता में नंबर एक है, अब हरित परिवहन की दिशा में भी अग्रणी बन रहा है। इंदौर मेट्रो न केवल एक शहरी सुविधा है, बल्कि यह शहर की सांस्कृतिक विरासत, तकनीकी उन्नति और सामाजिक समानता का प्रतीक बनकर उभरी है। प्रधानमंत्री श्री मोदी की "नारी शक्ति" और "नए भारत" की कल्पना को अर्थ देने वाली यह परियोजना आने वाले वर्षों में इंदौर को वैश्विक स्मार्ट सिटी की सूची में मजबूती से स्थापित करेगी।उत्सवी वातावरण कार्यक्रम का शुभारंभ उत्सवी वातावरण में हुआ। अतिथि केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू और नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और उन्होंने सर्वप्रथम लोकमाता देवी अहिल्याबाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर विधि विधान से गणेश पूजन और अन्य वास्तु पूजन भी किया गया। इस अवसर पर शंखध्वनि से पूरा वातावरण गुंजायमान हो गया। कार्यक्रम में पारम्परिक वस्त्र पहने महिलाओं ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर भारत माता की जय उदघोष से पूरा वातावरण राष्ट्र भक्ति से ओतप्रोत कर दिया। कार्यक्रम में भोपाल से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के उद्बोधन का प्रसारण भी सीधा दिखाया गया।महिलाओं ने किया सफर मेट्रो रेल का प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा उद्घाटन करने के साथ ही इंदौर में मेट्रो रेल का सफर प्रारंभ हो गया। पहले सफर में महिलाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। भारत माता की जय के नारों के साथ मेट्रो रेल में बैठी और उन्होंने सफर किया। महिलाओं ने मेट्रो रेल के साथ सेल्फी भी ली। भजन गाते हुए उन्होंने सफर पूरा किया।. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हिन्दी पत्रकारिता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दीं ![]() 30 May 2025 भोपाल:मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिन्दी पत्रकारिता दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि हिंदी पत्रकारिता गरीब, वंचित, कमजोर वर्ग के कल्याण के साथ लोकतंत्र की सुदृढ़ता और देश की प्रगति के लिए समर्पित है। हिन्दी पत्रकारिता ने ऐसे अनमोल रत्न प्रदान किए हैं, जिन्होंने पत्रकारिता जगत के साथ हिंदी साहित्य को भी समृद्ध किया। मुख्यंमत्री डॉ. यादव ने पत्रकारिता जगत के सभी बंधुओं को अपने कर्तव्य निर्वहन से नए प्रतिमान स्थापित करने के लिए शुभकामनाएं दीं। स्थानांतरण पर प्रतिबंध से छूट की अवधि को 10 जून,2025 तक बढ़ाया ![]() 30 May 2025 भोपाल: राज्य एवं जिला स्तर पर अधिकारियों/कर्मचारियों की स्थानांतरण नीति द्वारा 1 मई से 30 मई 2025 तक की अवधि के लिये स्थानांतरण पर प्रतिबंध शिथिल किया गया था। राज्य शासन ने स्थानांतरण पर प्रतिबंध से शिथिलता अवधि को बढ़ाने का निर्णय लिया है। स्थानांतरण पर प्रतिबंध से शिथिलता अवधि को बढ़ाकर 10 जून 2025 किया गया है। लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम है सोशल मीडिया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव` ![]() 30 May 2025 जन-जन को जागरूक करना सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स का दायित्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डिजिटल मार्केटिंग कार्यशाला का किया शुभारंभ भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि वास्तविक तथ्यों को जन-जन तक पहुंचने में सोशल मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है, इस दृष्टि से सोशल मीडिया लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सोशल मीडिया की इस क्षमता को पहचान कर सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म के माध्यम से जन-जन से निरंतर संवाद और संपर्क में रहते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय अनुसंधान संस्थान (टी.आर.आई.) द्वारा जनजातीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के लिए आयोजित डिजिटल मार्केटिंग कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय संग्रहालय में दीप प्रज्वलित कर तथा जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को तुलसी का पौधा, रुद्राक्ष की माला और अंगवस्त्रम भेंट कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट इंदौर के निदेशक डॉ. हिमांशु रॉय मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे। अपर मुख्य सचिव तथा निदेशक टी.आर.आई श्री विनोद कुमार, बाल भारती के पूर्व अध्यक्ष श्री निशांत खरे, आयुक्त तथा सचिव जनसंपर्क श्री सुदाम खाड़े विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग कर व्यक्ति अपनी क्षमता, योग्यता और प्रतिभा को बहुत आसानी से बढ़ा सकता है, यह जनसामान्य को वर्तमान समय में उपलब्ध हुई सरल किन्तु महत्वपूर्ण और जीवन बदल देने वाली तकनीक है। प्रजातांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक व्यक्ति को आगे बढ़ने के अवसर समान रूप से उपलब्ध हैं, इस स्थिति में सोशल मीडिया की तकनीकों की उपलब्धता सौभाग्य का विषय है। इसके उपयोग से व्यक्ति अपनी क्षमता का लगातार विस्तार कर सकता है। सोशल मीडिया तकनीकों का उपयोग अपने व समाज के हित और प्रगति के लिए करना सभी के लिए लाभदायक है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी डिजिटल प्लेटफार्म पर सक्रिय होने के लिए सभी को प्रेरित व प्रोत्साहित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने अपने संकल्प के बल पर इतिहास रचा। उन्होंने आईसीएस की परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के बाद उसे तिलांजलि देकर विश्व में भारतीय प्रतिभा और योग्यता को स्थापित किया। भारतीय इतिहास वीर और पराक्रमी योद्धाओं तथा स्वतंत्रता सेनानियों से भरा है। परंतु कुछ महापुरूषों के पराक्रम और देश के लिए योगदान संबंधी जानकारी के प्रसार का अभाव रहा। महान शासक माने जाने वाले राजा अकबर को रानी दुर्गावती ने तीन बार परास्त किया। परंतु इसकी गूंज इतिहास में कम सुनाई देती है। समाज और इतिहास को प्रभावित करने वाली घटनाओं को जन-जन तक पहुंचाना और जागरूकता लाना सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स का प्रमुख दायित्व है। मुख्य वक्ता इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट इंदौर के निदेशक डॉ. हिमांशु रॉय ने इन्फुएंसर्स की विशेषता, नेतृत्व के गुण, फॉलोअर्स के प्रति दायित्व, संवाद और सम्प्रेषण की प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सफलता के लिए निरंतर प्रयास करना आवश्यक है। कार्य की सफलता में परिश्रम के साथ-साथ दृढ़संकल्प भी समान रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कार्य में सफलता के लिए अपनी पूरी सामर्थ्य और क्षमता के साथ प्रयास करना जरूरी है। अपर आयुक्त टी.आर.आई श्री लक्ष्मण सिंह मरकाम ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिली प्रेरणा के अनुरूप जनजातीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के लिए डिजिटल मार्केटिंग कार्यशाला आयोजित की जा रही है। जनजातीय युवाओं को स्थानीय बोली और भाषा में समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के प्रचार-प्रसार के लिए डिजिटल कंटेंट तैयार करने के संबंध में कार्यशाला में प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह कार्यशाला युवाओं में डिजिटल मार्केटिंग कौशल विकसित करेगी और वे शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारियां जरूरतमंदों तक पहुंचाकर उन्हें लाभान्वित कर सकेंगे। इस कार्यशाला में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से 276 प्रतिभागियों ने रजिस्ट्रेशन किया है, जिनमें 76 इन्फ्लुएंसर्स के सोशल मीडिया फॉलोअर्स की संख्या 2 लाख से अधिक है। कार्यशाला के प्रथम भाग में 8 विषय-विशेषज्ञ, इन्फ्लुएंसर्स को मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। संवाद और संचार की दुनिया में बज रहा हिंदी का डंका: प्रो.संजय द्विवेदी ![]() 30 May 2025 प्रो.संजय द्विवेदी , भारतीय जन संचार संस्थान- आईआईएमसी, नई दिल्ली के पूर्व महानिदेशक।.कोलकाता से 200 साल पहले जब पं.युगुलकिशोर शुक्ल ने हिंदी का पहला पत्र 30 मई,1826 को प्रारंभ किया होगा, तो उन्होंने यह सोचा भी न होगा कि हिंदी पत्रकारिता देश की आवाज बन जाएगी। वह इस महान देश के सपनों, आकांक्षाओं, संघर्षों, आंदोलनों, दुखों और आर्तनाद की सबसे प्रखर भाषा की वाहक बनेगी। हिंदी पत्रकारिता के पहले संपादक का सपना था, हमारी पत्रकारिता 'हिंदुस्तानियों के हित के हेत' हो। यह वाक्य उन्होंने अपने पहले संपादकीय में लिखा और हमें हमारा संकल्प बता दिया। हमारी कृतध्नता देखिए कि इस महान नायक की स्मृति में देश में कोई स्मारक नहीं है। न कोलकाता में, न ही उनकी जन्मस्थली पर। अपने पुरखों के प्रति हम कितने लापरवाही से भरे हुए हैं, उसका उदाहरण है कि शुक्ल जी का कोई चित्र हमारे पास नहीं है। इसलिए 'उदंत मार्तण्ड' का पृष्ठ लगाकर उन्हें याद करते हैं। हद तो तब हो गई जब दो-तीन वर्षों से युगल किशोर शुक्ल के नाम पर हिंदी पत्रकारिता दिवस पर अनेक अखबारों में साहित्यकार श्री शिवपूजन सहाय के चित्र छापे जा रहे हैं। आज भी गूगल में सर्च करने पर शुक्ल जी के नाम पर सहाय जी का चित्र आंखों के सामने तैरता है। मैंने भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) में अपनी पदस्थापना के दौरान वहां के पुस्तकालय और वाचनालय का नामकरण शुक्ल जी के नाम पर किया। वह देश में उनकी स्मृति में पहला स्मारक था। यह तो रही हमारी स्मृति हीनता की बात। लेकिन शुक्ल जी रोपा पौधा आज लहलहा रहा है। देश की आवाज हिंदी पत्रकारिता देश की सबसे खास आवाज बन चुकी है। इसके साथ ही संचार और संवाद की हिंदी सबसे खास भाषा है। सिर्फ पत्रकारिता से नहीं अपने विविध माध्यमों पर उपलब्ध कंटेंट से हिंदी को बड़ा आधार मिला है। रजिस्ट्रार आफ न्यूजपेपर्स फार इंडिया (आर एन आई) 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 1 लाख, 47 हजार से अधिक पत्र-पत्रिकाएं पंजीकृत हैं, जिनमें 45 प्रतिशत हिंदी के हैं। इंडियन रीडरशिप सर्वे की मानें तो हिंदी अखबारों की पाठक संख्या 38 करोड़ से अधिक है। भारत में 750 से अधिक टीवी चैनल हैं , जिनमें 35 प्रतिशत हिंदी के हैं। ये आंकड़े बताते हैं हिंदी पत्रकारिता ने एक लंबी यात्रा में अपना सामाजिक आधार विस्तृत किया है।डिजिटल दुनिया में राज कर रही हिंदी हिंदी पत्रकारिता का विस्तार अब डिजिटल दुनिया में भी संभव हुआ है। डिजिटल का सूरज कभी डूबता नहीं और जो डिजिटल पर है,वह ग्लोबल होने की संभावना से भरा हुआ है। इस दुनिया में भी हिंदी का डंका बज रहा है। गूगल और केपीएमजी की 2024 की रिपोर्ट बताती है कि भारत में इंटरनेट उपभोक्ता अब 85 करोड़ से अधिक हैं। इनमें 70 प्रतिशत भारतीय भाषाओं, विशेषकर हिंदी में सामग्री पढ़ना,सुनना, देखना चाहते हैं। हिंदी डिजिटल का बाजार हर साल 20 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। 2024 के आंकड़े बताते हैं कि 75 प्रतिशत से अधिक वीडियो कंटेंट हिंदी और भारतीय भाषाओं में देखे जा रहे हैं। नए समय में ए-आई, भाषा माडल्स और वायस टू टेक्स्ट तकनीक से हिंदी कंटेंट को बहुत बढ़ावा मिल रहा। कल तक हिंदी टेक्स्ट को पढ़ने में कठिनाइयां महसूस कर रहे लोग दुनिया भर में हिंदी कंटेंट को सुन और देख रहे हैं। 2016 में डिजिटल माध्यम पर हिंदी पढ़ने वालों की संख्या 5.5 करोड़ थी, जो 2025 में बढ़कर 15.6 करोड़ होने का अनुमान है।सोशल मीडिया पर भी दमदार उपस्थिति हिंदी में हर माह 10 अरब घंटे से ज्यादा वीडियो देखे जाने का आंकड़ा बताता है भाषा का विस्तार, शक्ति और गहराई क्या है। देश में यूट्यूब के उपयोगकर्ताओं की संख्या 50 करोड़ से ऊपर है, जो इसे संभव बनाते हैं। भारत में इंस्टाग्राम के 30 करोड़ उपयोगकर्ताओं ने संचार की दुनिया में गहरा हस्तक्षेप किया। इंस्टा पर हिंदी रील्स की औसत व्यूवरशिप अंग्रेजी के मुकाबले दोगुनी से अधिक है। यूट्यूब और इंस्टा पर हिंदी कंटेंट बनाने वालों की संख्या भी 2020 के मुकाबले दोगुनी हो गई है। वायस सर्च में हिंदी का उपयोग उसे विस्तार दे रहा है।ओटीटी पर हिंदी राज कोरोना में मनोरंजन संचार की सबसे बड़ी घटना थी। ओटीटी कंटेंट का विस्तार और स्वीकार। आज भारत में यह लगभग 23,000 करोड़ रुपए का बाजार है। अनुमान है कि 2027 तक यह 40,000 करोड़ का हो जाएगा। भारत में ओटीटी के 50 करोड़ से अधिक उपभोक्ता हैं, जिनमें 70 से अधिक हिन्दी भाषी हैं। कंपनियां सबसे ज्यादा ओरिजनल कंटेंट हिंदी में बना रही हैं। समग्रता में देखें तो 1826 में एक पत्र चलाना कितना कठिन था। शुक्ल जी उसे दो साल भी नहीं चला सके। आज इतने सारे संचार माध्यमों पर राज कर रही हिंदी का विस्तार देखकर उनकी आत्मा निश्चित ही प्रसन्न होकर संचार के साधकों पर आशीर्वाद की वर्षा कर रही होगी। अब जबकि हम हिन्दी पत्रकारिता के 200 साल पूरे करने जा रहे हैं, तो हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने सभी संचार माध्यमों को ज्यादा जनपक्षधर, मानवीय, संवेदनशील, अश्लील सामग्री मुक्त और विमर्श का केंद्र बनाएं।उप राष्ट्रपति श्री धनखड़ ने कृषि उद्योग समागम 2025 कृषि प्रदर्शनी का किया शुभारंभ ![]() 30 May 2025 उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़, राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नरसिंहपुर में कृषि उद्योग समागम-2025 में कृषि प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। भोपाल: कृषि प्रदर्शनी में आधुनिक कृषि तकनीकों, यंत्रों और नवाचारों का प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनी में ड्रोन आधारित कृषि तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युक्त उपकरण, पॉवर स्प्रेयर, सूक्ष्म सिंचाई संयंत्र, जैविक एवं नैनो फर्टिलाइज़र सहित विविध नवीनतम संसाधनों को प्रदर्शित किया गया। उपराष्ट्रपति श्री धनखड़ ने सभी स्टॉलों का अवलोकन कर विकसित की गई तकनीकों की प्रशंसा की। उप राष्ट्रपति ने प्रदर्शनी में कृषकों से प्रत्यक्ष संवाद कर उत्पादों की गुणवत्ता, तकनीक एवं विपणन के विषय में जानकारी ली तथा उनके नवाचारों की सराहना की। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं के प्रयासों की सराहना की एवं उन्हें आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए सशक्त कड़ी बताया। पशुपालन विभाग द्वारा आचार्य गोवंश संवर्धन योजना के अंतर्गत प्रदर्शनी में भारतीय उन्नत नस्ल की दुधारू गायों का प्रदर्शन किया गया। इसमें गिर नस्ल की उस गाय को विशेष रूप से प्रस्तुत किया गया, हाल ही में आयोजित भारतीय उन्नत नस्ल की दुधारु गाय प्रतियोगिता 2025 में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उपराष्ट्रपति श्री धनखड़ ने स्वयं गाय को चारा खिलाकर गौसंवर्धन के प्रति अपनी संवेदनशीलता प्रदर्शित की वित्तीय अधिकारों के प्रत्यायोजन को मंजूरी` ![]() 27 May 2025 वित्तीय अधिकार पुस्तिका 2025 भाग-1 का अनुमोदन मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद का निर्णय भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा वित्तीय अधिकार पुस्तिका 2025, भाग-1 का अनुमोदन किया गया है। वित्त विभाग को लिपिकीय त्रुटियों को सुधारने और भावी आवश्यकताओं के अनुसार संशोधन करने की अनुमति दी गई है। साथ ही, हिन्दी अनुवाद जारी करने की भी अनुमति दी गई है। अनुमोदित वित्तीय अधिकार 1 जुलाई, 2025 से लागू होंगे। वित्तीय अधिकार पुस्तिका 2012, भाग-1 में संशोधन के प्रमुख कारणों में 13 वर्ष से अधिक की अवधि में विभिन्न मदों के मूल्यों/लागतों में वृद्धि, कार्यालय संचालन से संबंधित कतिपय नवीन स्वरूपों के व्यय भी प्रचलन में आये हैं। अप्रासंगिक हो गई मदों का विलोपन, वर्तमान परिप्रेक्ष्य में नवीन मदों को सम्मिलित किया जाना, अप्रासंगिक हो चुके कार्यालयीन उपकरण / सामग्री का विलोपन, अधिकारों का विकेंद्रीकरण के क्रियान्वयन में गति प्रदान करने के लिए, बजट प्रावधान का समयसीमा में उपयोग शामिल हैं। वित्तीय अधिकार पुस्तिका 2012, भाग-1 में संशोधन नवीन प्रावधान अंतर्गत्बजट नियंत्रण अधिकारी घोषित किया जाने के लिए प्रशासकीय विभाग को अधिकार, Consultancy Firm/ Agency से कार्य के लिए अधिकार, Interns को संलग्न करने के लिए अधिकार, मूलभूत नियम 46 अंतर्गत मानदेय की स्वीकृति, पेंशन / उपदान के अधिक भुगतान को write off करने का अधिकार है। विभागीय भवन तोड़ने की अनुमति संबधित विभाग देगा। 80 प्रतिशत मेडिकल एडवांस देने का अधिकार विभाग को, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग की अनुमति/परामर्श की आवश्यकता नहीं होगी। वित्तीय अधिकार पुस्तिका 2025 भाग-1 का अनुमोदन इज ऑफ डूइंग बिजनेस शासकीय कायों में लाने का प्रयास हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी 31 मई को क्षिप्रा नदी पर 778 करोड़ के घाट निर्माण कार्यों का 80 करोड़ के स्टॉप डैम/बैराज/वेटेड कॉजवे निर्माण का भी होगा भूमि-पूजन ![]() 27 May 2025 भोपाल: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 31 मई को भोपाल के जम्बूरी मैदान से सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों के अंतर्गत 'नमामि क्षिप्रे परियोजना' के तहत घाट निर्माण एवं अन्य कार्यों का वर्चुअल भूमि-पूजन करेंगे। क्षिप्रा नदी पर 778.91 करोड़ रुपए की लागत वाले ये निर्माण कार्य धार, उज्जैन, इंदौर और देवास जिले के हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी 83.39 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले बैराज/स्टॉप डैम/वेटेड कॉजवे का भी भूमि-पूजन करेंगे। साथ ही कालियादेह स्टॉप डैम के 1.39 करोड़ रूपए लागत के मरम्मत कार्य भी शुरू होंगे। जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि क्षिप्रा नदी के दोनों किनारों पर शनि मंदिर से नागदा बाईपास तक कुल 29.21 किलोमीटर लम्बाई में घाट निर्माण कार्य किया जाएगा। घाटों पर श्रद्धालुओं के स्नान के लिये आवश्यक जल स्तर और आवागमन बनाए रखने के लिये वेटेड कॉजवे का निर्माण किया जाएगा। सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए क्षिप्रा नदी को अविरल एवं प्रवाहमान बनाए रखने के लिये क्षिप्रा नदी पर बैराज का निर्माण एवं स्टॉप डैम का मरम्मत कार्य भी किया जाएगा। बैराज/स्टॉप डैम/वेटेड कॉजवे निर्माण मंत्री श्री सिलावट ने बताया कि क्षिप्रा नदी पर जल संसाधन विभाग देवास द्वारा 2.53 करोड़ रुपए की लागत से गाजनोद खेडा बैराज ,3.23 करोड़ रूपए की लागत से दखनाखेड़ी बैराज,3.15 करोड़ रूपए की लागत से पटाड़ा बैराज कम कॉजवे,![]() उप राष्ट्रपति श्री धनखड़ ने कृषि उद्योग समागम 2025 कृषि प्रदर्शनी का किया शुभारंभ ![]() 26 May 2025 उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़, राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नरसिंहपुर में कृषि उद्योग समागम-2025 में कृषि प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। भोपाल: कृषि प्रदर्शनी में आधुनिक कृषि तकनीकों, यंत्रों और नवाचारों का प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनी में ड्रोन आधारित कृषि तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युक्त उपकरण, पॉवर स्प्रेयर, सूक्ष्म सिंचाई संयंत्र, जैविक एवं नैनो फर्टिलाइज़र सहित विविध नवीनतम संसाधनों को प्रदर्शित किया गया। उपराष्ट्रपति श्री धनखड़ ने सभी स्टॉलों का अवलोकन कर विकसित की गई तकनीकों की प्रशंसा की। उप राष्ट्रपति ने प्रदर्शनी में कृषकों से प्रत्यक्ष संवाद कर उत्पादों की गुणवत्ता, तकनीक एवं विपणन के विषय में जानकारी ली तथा उनके नवाचारों की सराहना की। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं के प्रयासों की सराहना की एवं उन्हें आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए सशक्त कड़ी बताया। पशुपालन विभाग द्वारा आचार्य गोवंश संवर्धन योजना के अंतर्गत प्रदर्शनी में भारतीय उन्नत नस्ल की दुधारू गायों का प्रदर्शन किया गया। इसमें गिर नस्ल की उस गाय को विशेष रूप से प्रस्तुत किया गया, हाल ही में आयोजित भारतीय उन्नत नस्ल की दुधारु गाय प्रतियोगिता 2025 में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उपराष्ट्रपति श्री धनखड़ ने स्वयं गाय को चारा खिलाकर गौसंवर्धन के प्रति अपनी संवेदनशीलता प्रदर्शित की कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं के लिए धन की कोई कमी नहीं- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ![]() 29 Feb 2024 एक मार्च को लाड़ली बहनों के खातों में राशि हस्तांतरित की जायेगी सामूहिक विवाह समारोह फिजूलखर्ची रोकने का सशक्त माध्यम है तय समय पर होगा जमीन का नामांतरण, बँटवारा और सीमांकन मुख्यमंत्री आष्टा में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में हुए शामिल विवाह सम्मेलन में 748 कन्याओं का विवाह एवं 179 निकाह हुये भोपाल:मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आष्टा में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर-वधुओं को आशीर्वाद देते हुए उज्जवल भविष्य के लिए मंगल कामना की। विवाह सम्मेलन में 748 कन्याओं का विवाह धार्मिक रीति-रिवाज अनुसार संपन्न हुआ। समारोह में 179 मुस्लिम कन्याओं का निकाह भी कराया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर-वधु को विवाह योजना के चेक भी प्रदान किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि सामूहिक विवाह सम्मेलन फिजूलखर्ची रोकने एक अच्छा सशक्त है। सामूहिक विवाह सम्मेलन में सीमित संख्या में परिजन के साथ उपस्थित होकर पूरे रीति-रिवाज और धूमधाम से अपने बेटे-बेटियों का विवाह करने से फिजूल खर्ची नहीं होती और इससे धनराशि की बचत भी होती है, जो बच्चों के भविष्य की योजनाओं के लिए उपयोग की जा सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दो दिन पहले मैंने भी अपने पुत्र का विवाह किया है। जिसमें मात्र 200 अतिथियों को ही आमंत्रित किया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संपन्न व्यक्ति अपने बच्चों की शादी में अपने और बच्चों के सपने साकार कर लेते हैं। गरीब मां-बाप के लिए यह सपना ही रह जाता और शादी के लिए जमीन बेचने से लेकर कर्ज तक लेना पड़ता है। ऐसे ही गरीब मॉ-बाप की बेटियों की शादी पारंपरिक रीति-रिवाज और धूमधाम से करने के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना चलाई जा रही है। आज निर्धन माता-पिता अपनी बेटी की शादी की चिंता से मुक्त हैं। डॉ. यादव ने कहा कि जनता के कल्याण के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजना के लिए धन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत वधु को 55 हजार रूपए शासन की और से दिए जाते हैं, जिसमें 49 हजार रूपए का चेक दिया जाता है। कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं के लिए धन की कमी नहीं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। डबल इंजन की सरकार होने के कारण विकास की गति तेज हो गई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के लिए यह प्रसन्नता का विषय है कि आज शाम 4 बजे प्रधानमंत्री श्री मोदी मध्यप्रदेश के 17 हजार 500 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों का भूमि पूजन और लोकार्पण करेंगे। उन्होंने सभी नागरिकों से कहा कि वे प्रधानमंत्री के इस कार्यक्रम से जुड़ें और प्रदेश के विकास में सहभागी बनें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहा कि 28 फरवरी को प्रधानमंत्री श्री मोदी ने किसानों के खाते में किसान सम्मान निधि की 16वीं किश्त की राशि ट्रांसफर की है। जल्द ही मध्य प्रदेश सरकार भी किसानों के खाते में सम्मान निधि की राशि हस्तांतरित करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक मार्च को लाडली बहनों के खाते में राशि हस्तांतरित की जाएगी। उन्होंने कहा कि गरीब, किसान, मजदूर की भलाई के लिए चलाई जा रही योजनाओं के लिए धन की कमी नहीं आने दी जाएगी।तय समय पर होगा नामांतरण, बँटवारा और सीमांकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को अब अपनी जमीन के क्रय विक्रय के पश्चात नामांतरण के लिए भटकना नहीं पड़ेगा सरकार द्वारा नामांतरण, बँटवारा, सीमांकन इन सबके लिए समय निर्धारित कर दिया गया है। अब जमीन खरीदने के साथ ही नामांतरण की व्यवस्था कर दी गई है। किसानों को नामांतरण के लिए पटवारी, तहसीलदार के चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा अब साइबर तहसील की व्यवस्था प्रारंभ कर दी गई है जिसके तहत नामांतरण के लिए आवेदन करते ही उनका नाम खाते में दिखने लगेगा और अब राजस्व प्रकरणों का निराकरण निर्धारित समय में हो जाएगा।जनता के मान-सम्मान में ठेस बर्दाश्त नहीं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार जनता की सरकार है। गांव, गरीब और किसानों की सरकार है। सरकार चलाने का अर्थ है जनता की सेवा करना और उनके दु:ख-दर्द को दूर करना और समस्याओं का समाधान करना है। हमारी सरकार जनता की सरकार है और जनता के मान-सम्मान को बढ़ाने के लिए काम कर रही है। डॉ. यादव ने कहा कि जनता के मान-सम्मान को कोई ठेस पहुँचाएं, यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।सनातन संस्कृति त्याग और सेवा की संस्कृति है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति में त्याग और सेवा करने वाले लोगों की पूजा की जाती है। हमारी संस्कृति यह सिखाती है कि प्रत्येक व्यक्ति का सम्मान करना चाहिए। सभी भारतीय हमारी सनातन संस्कृति के संवाहक हैं। उन्होंने कहा कि हमारी गंगा-जमुनी संस्कृति के कारण ही राम मंदिर का शिलान्यास और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा पर पूरे देश में हर्षोल्लास का वातावरण निर्मित हुआ और कहीं भी कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। उन्होंने उपस्थित जन-प्रतिनिधियों से कहा कि पद पाकर जरा भी अहंकार नही आने दें और वह अपने कार्य, व्यवहार एवं सादगी और सरलता के साथ लोगों की सेवा करने की जनप्रतिनिधियों से अपील की। उन्होंने सामूहिक विवाह सम्मेलन में वैवाहिक-सूत्र में बंधे सभी नव-दंपतियों को संयुक्त परिवार का महत्व बताते हुए सभी को साथ लेकर चलने और पूरे परिवार को एक माला में पिरोकर रखने के लिए कहा।राजस्व संबंधी लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए राजस्व महाअभियान सामूहिक विवाह कार्यक्रम में राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि किसानों के राजस्व संबंघी लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए राजस्व महाअभियान पूरे प्रदेश चलाया जा रहा है। कार्यक्रम में सांसद महेन्द्र सिंह सोलंकी तथा विधायक श्री गोपाल सिंह इंजीनियर ने भी संबोधित किया।दूल्हों ने मुख्यमंत्री के साथ ली सेल्फी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामूहिक विवाह समारोह स्थल पर पहुंच कर सबसे पहले दूल्हों का स्वागत किया। उन्होंने दूल्हों पर पुष्प वर्षा की और उन्हें आशीर्वाद दिया। इस दौरान दूल्हे मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी लेते रहे।कार्यक्रम में यह थे उपस्थित सीहोर विधायक श्री सुदेश राय, पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य श्री सीताराम यादव, पूर्व विधायक श्री रघूनाथ सिंह मालवीय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रचना सुरेंद्र मेवाड़ा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री जीवन सिंह मण्डलोई, आष्टा जनपद अध्यक्ष श्रीमती दीक्षा सोनूगुणवान, आष्टा नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती हेमकुंवर मेवाड़ा, श्री रवि मालवीय एवं अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डिंडोरी में हुई वाहन दुर्घटना में व्यक्तियों के असामयिक निधन पर शोक व्यक्त किया ![]() 29 Feb 2024 मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये और घायलों को एक-एक लाख रूपये की आर्थिक सहायता भोपाल:मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने डिंडोरी में हुई वाहन दुर्घटना में 14 व्यक्तियों के असामयिक निधन पर गहन शोक व्यक्त किया है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति व परिजनों को इस वज्रपात को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुर्घटना में मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये और घायलों को एक-एक लाख रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। जिला प्रशासन को घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके को घायलों के उपचार और सभी आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए डिंडोरी भेजा गया हैं। घटना की उच्चस्तरीय जांच की जाकर समुचित कार्रवाई की जाएगी। मध्यप्रदेश निवेश के लिए तैयार - मुख्यमंत्री डॉ. यादव ![]() 29 Feb 2024 सिंगापुर के निवेशक और कंपनियां मध्यप्रदेश में निवेश के लिए इच्छुक मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सिंगापुर के उच्चायुक्त श्री साइमन वांग ने प्रतिनिधि मंडल के साथ की सौजन्य भेंट भोपाल:मध्यप्रदेश के हर क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। निवेश के लिए इच्छुक सभी संस्थाओं को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जायेगी। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास पर भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त श्री साइमन वांग के प्रतिनिधिमंडल के साथ सौजन्य भेंट के दौरान कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिनिधिमंडल का शॉल और पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को उच्चायुक्त श्री वांग ने बताया कि वे पहली बार मध्यप्रदेश आए हैं। मध्यप्रदेश में नवगठित सरकार ने पिछले 60 दिनों में विकास और जनहित के जो कार्य किए हैं वह प्रशंसा योग्य है। साथ ही प्रदेश में विकास के लिए निवेश के नए द्वार के रूप में उज्जैन में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन एक ऐतिहासिक निर्णय है। सिंगापुर के निवेशक और कंपनियां भी मध्यप्रदेश में निवेश के लिए इच्छुक हैं और उज्जैन के रीजनल कॉन्क्लेव में भाग लेने के लिए आए हैं। सिंगापुर की कंपनी सैमकॉम ग्रीन ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश करती है। लोकसभा चुनाव के बाद यह कंपनी पवन ऊर्जा और सौर ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश के लिए मध्यप्रदेश आने की इच्छुक है। प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि उन्होंने भोपाल में ग्लोबल स्किल पार्क का भ्रमण किया है और स्किल के तकनीकी कोर्स में सिंगापुर भी एक सांझेदार है। उच्चायुक्त श्री वांग ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सिंगापुर आने के लिए आमंत्रित भी किया। प्रतिनिधिमंडल में सिंगापुर के कॉन्सुलेट जनरल श्री चियोंग मिंग फूंग, फर्स्ट सेक्रेटरी (पॉलिटिकल) श्री सीन लिम, फर्स्ट सेक्रेटरी (इकोनॉमिक) श्री विवेक रागुरामन, वाइस कोंसुल (पॉलिटिकल) श्री जाकाउस लिम और पॉलिटिकल एक्सोनॉमिकल विशेषज्ञ सुश्री एरिका मारिया साथ थी। उज्जैन रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव 1 और 2 मार्च ![]() 28 Feb 2024 भोपाल, इन्दौर, उज्जैन सहित 20 जिलों के 56 प्रोजेक्ट का होगा भूमि-पूजन और लोकार्पण 74 हजार करोड़ रुपये से अधिक का होगा निवेश भोपाल:उज्जैन में 1 व 2 मार्च को रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव कुल 56 प्रोजेक्ट का भूमि-पूजन और लोकार्पण करेंगे। यह प्रोजेक्ट प्रदेश के भोपाल, उज्जैन, इन्दौर सहित 20 जिलों में हैं। इन 56 प्रोजेक्ट से 74 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश आएगा, जिससे 17 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा। इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में अब तक 35 कंपनियों से 74 हजार 711 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव पर सहमति बन गई है। यह आंकड़ा कॉन्क्लेव तक और बढ़ेगा। कॉन्क्लेव में 800 से अधिक इन्वेस्टर्स शामिल होंगे। साथ ही 30 फॉरेन डेलिगेट्स भी सहभागिता करेंगे। कॉन्क्लेव में बड़े उद्योपतियों को बुलाने और बड़े एमओयू साइन करने की बजाय सरकार का फोकस है कि ज्यादा से ज्यादा प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारा जाए। इसी रणनीति के तहत सरकार ऐसी कंपनियों और इंडिविजुअल इन्वेस्टर को प्राथमिकता दे रही है जो तुरन्त निवेश के लिए तैयार हों। कॉन्क्लेव में निर्यात को बढ़ावा देने के लिए बायर-सेलर मीट पर काफी फोकस किया जा रहा है। अभी तक 3200 से ज्यादा यूनिट् ने बायर-सेलर मीट में रजिस्ट्रेशन कराया है। इसके जरिए प्रदेश के उत्पादकों, कृषि उत्पादों, हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट्स को वैश्विक बाजार तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी। निवेशकों से मुख्य़मंत्री वन-टू-वन करेंगे मुलाकात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव निवेशकों से वन-टू-वन चर्चा करेंगे। इससे निवेशक सीधे अपनी बात मुख्यमंत्री के सामने रख सकेंगे। प्रदेश की औद्योगिक नीति के बारे में विस्तार से चर्चा करने और उद्योगपतियों को जानकारी प्रदान करने के लिये पांच सेक्टोरियल सेशन भी होंगे। इसमें विषय विशेषज्ञ उद्योगपतियों को प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य और नीतियों के बारे में जानकारी प्रदान करेंगे।उज्जैन और इंदौर संभाग के जिलों में रीजनल इण्डस्ट्री काँक्लेव में 644.97 एकड़ भूमि पर विभिन्न औद्योगिक इकाइयों द्वारा विभिन्न उत्पादों के प्लांट लगाए जाएंगे, जिसमें लगभग 8014.94 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है, जिसके माध्यम से 12 हजार से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हो सकेगा। खाद्य प्रसंस्करण, प्लास्टिक, फार्मास्युटिकल, मेडिकल डिवाइसेस, टेक्नीकल टेक्सटाईल, एडवांस कार्बन, सीमेंट, ऑक्सीजन सिलेण्डर, इथेनॉल, कपड़ा एवं परिधान, डिटर्जेंट इत्यादि उत्पादों पर केन्द्रित इकाईयां उज्जैन और इन्दौर संभाग के जिलों में स्थापित की जाएगी। विभिन्न औद्योगिक इकाइयों द्वारा लगाई जायेगी प्रदर्शनी रीजनल इण्डस्ट्री काँक्लेव में विभिन्न औद्योगिक इकाईयों द्वारा अपने उत्पादों पर केन्द्रित प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जिसमें प्रमुख रूप से वीईसीवी लिमिटेड द्वारा ऑटो-ओईएम उत्पाद, श्रीजी पॉलीमर द्वारा प्लास्टिक प्रोडक्ट, बेस्ट कॉर्पोरेशन द्वारा गारमेंट, इंवायरो रिसाइकलिंग द्वारा प्लास्टिक रिसाइकलिंग, सुधाकर पाईप्स द्वारा पीवीस पाईप्स, गुजरात गैस लिमिटेड द्वारा गैस डिस्ट्रिब्यूशन, ब्रांड कांसेप्ट द्वारा बैग मेन्युफेक्चरिंग, यासेन द्वारा मेडिकल डिवाइसेस, वनुषी प्रा.लि. द्वारा मेडिकल डिवाइसेस, टेटवेलप्स द्वारा ई-बाईक और ई-साइकल पर केन्द्रित प्रदर्शनी लगाई जाएगी।12 से अधिक औद्योगिक क्षेत्रों पर किया जाएगा भूमि पूजन और लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा रीजनल इण्डस्ट्री काँक्लेव में प्रदेश के 12 से अधिक औद्योगिक स्थानों पर विभिन्न इकाईयों का वर्चुअल भूमि पूजन एवं लोकार्पण किया जाएगा। औद्योगिक विकास के प्रति जन-जागरूकता प्रदेश के कोने-कोने पहुंचाने के लिये लोकार्पण एवं भूमि पूजन के इन कार्यक्रमों को स्थानीय स्तर पर बड़ा रूप दिया जा रहा है। साथ ही कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और इकाइयों के प्रतिनिधियों के साथ जन-सामान्य भी उपस्थित रहेंगे।असामयिक वर्षा/ओला वृष्टि से हुई फसल क्षति का सर्वे समय सीमा में करने के निर्देश - राजस्व मंत्री श्री वर्मा 28 Feb 2024 भोपाल:राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा ने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया है कि 26 एवं 27 फरवरी को हुई असामयिक वर्षा/ ओला वृष्टि से हुई फसल क्षति का सर्वेक्षण समय सीमा में करें। उन्होंने कहा है कि सर्वेक्षण संवेदनशीलता के साथ किया जाये। गौरतलब है कि 26 एवं 27 फरवरी को पश्चिमी विक्षोभ के कारण जबलपुर, शहडोल, ग्वालियर एवं नर्मदापुरम संभाग के सभी जिलों, रीवा संभाग के कुछ जिलों और सागर, दमोह, खण्डवा, इंदौर, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, सतना, बड़वानी, पन्ना, भोपाल, विदिशा, रायसेन, खरगोन, सिंगरौली एवं सीधी जिलों में असामयिक वर्षा हुई है। पूर्व में हुई ओला वृष्टि पर 17 करोड़ 81 लाख की राहत राशि स्वीकृत मंत्री श्री वर्मा ने बताया है कि पूर्व में 11 से 14 फरवरी 2024 के मध्य हुई असामयिक वर्षा एवं ओलावृष्टि से प्रभावित 8 जिलों में सर्वे के बाद 25 तहसीलों के 196 गाँवों के 16 हजार 481 किसानों को 17 करोड़ 81 लाख रूपये की राहत राशि वितरित करने की कार्यवाही की जा रही है।मध्यप्रदेश मंत्रीमंडल की बैठक में हुए कई अहम फैसलें ![]() 27 Feb 2024 भोपाल:शहरों में सिटी बस सेवाओं के बुनियादी ढांचे के विस्तार और ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने के लिये प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत प्रदेश के 6 नगरीय निकायों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन एवं सागर में 552 शहरी ई-बसों का संचालन पीपीपी मॉडल के आधार पर किया जायेगा। इंदौर में 150, भोपाल,जबलपुर और उज्जैन में सौ-सौ, ग्वालियर में 70 और सागर में 32 बसों का संचालन किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की आज हुई बैठक में मन्दसौर, राजगढ़, सीधी, सिवनी और बालाघाट जिलों की विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं और सार्वजनिक निजी भागीदारी के तहत राज्य के विभिन्न शहरों में वायुसेवा संचालन के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गयी.मंत्रि-परिषद ने अनुसूचित जाति कल्याण विभाग में अनुदान प्राप्त अशासकीय संस्थाओं के शिक्षकों और कर्मचारियों को एक जनवरी, 2006 से छटवें वेतनमान का लाभ देने की स्वीकृति भी दी गई। पीएम स्वानिधि योजना में 11 लाख से अधिक पथ विक्रेताओं को पहुँचाई गई आर्थिक मदद ![]() 26 Feb 2024 पथ विक्रेताओं को दिया गया 1588 करोड़ रूपये का ब्याज मुक्त ऋण भोपाल।प्रदेश में पीएम स्वानिधि योजना के माध्यम से नगरीय क्षेत्र में व्यापार करने वाले पथ विक्रेताओं को राज्य सरकार के नगरीय विकास विभाग द्वारा ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है। योजना के माध्यम से अब तक 11 लाख से अधिक पथ विक्रेताओं को कार्यशील पूंजी के रूप में 1588 करोड़ रूपये की राशि उपलब्ध कराई गई है। इन पथ विक्रेताओं ने सरकार से प्राप्त राशि से अपने व्यापार को और बेहतर किया है। राज्य में चयनित पथ विक्रेताओं को उनकी जरूरत के मुताबित 3 चरणों में ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिये मध्यप्रदेश को देश में इस योजना में प्रथम पुरस्कार भी प्राप्त हो चुका है। अधिक से अधिक पात्र शहरी पथ विक्रेताओं को पहुँचे लाभ नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने पीएम स्वानिधि योजना का लाभ प्रदेश के पात्र शहरी पथ विक्रेताओं तक पहुँचाए जाने के निर्देश शहरी निकायों को दिये है। उन्होंने कहा किपथ विक्रेताओं को योजना को लाभ योजना में चरणबद्ध तरीके से पथ विक्रेताओं को 10 हजार, 20 हजार और तीसरे चरण में 50 हजार रूपये तक की कार्यशील पूंजी उपलब्ध करायी जा रही है। चयनित पथ विक्रेताओं को सर्वेक्षण के बाद पहचान पत्र जारी किये गये हैं। प्रदेश में पीएम स्वानिधि योजना के प्रथम चरण में 10 हजार रूपये की ऋण राशि 7 लाख 97 हजार पथ विक्रेताओं को 797 करोड़ रूपये की राशि, द्वितीय चरण में 20 हजार रूपये तक की ऋण राशि 2 लाख 71 हजार शहरी पथ विक्रेताओं को 542 करोड़ रूपये और तीसरे चरण में 50 हजार रूपये की ऋण राशि करीब 50 हजार शहरी पथ विक्रेताओं को 248 करोड़ 53 लाख रूपये का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान किया गया है।डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा पीएम स्वानिधि योजना के अंतर्गत प्रदेश में डिजिटल लेनदेन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में विशेष अभियान चलाकर पथ विक्रेताओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। अब तक 4 लाख से अधिक शहरी पथ विक्रेताओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। डिजिटल ट्रांजेक्शन में कैशबैक का भी प्रावधान किया गया है। इसका लाभ राशि के रूप में पथ विक्रेताओं को दिया जा रहा है।श्री पंकज उधास का निधन, एक लोकप्रिय स्वर साधक की विदाई : मुख्यमंत्री डॉ.यादव 26 Feb 2024 भोपाल।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रसिद्ध गायक पद्मश्री पंकज उधास के निधन पर दुख व्यक्त्किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रसिद्ध गीत और गजल गायक श्री पंकज उधास का निधन गायन के क्षेत्र में बड़ी क्षति है। उनके निधन से एक लोकप्रिय स्वर साधक की विदाई हो गई है। बहुत छोटी उम्र से उन्होंने संगीत केरियर शुरू किया था। चिट्ठी आई है...... चांदी जैसा रंग तेरा और न कजरे की धार.... जैसे मधुर गीतों से उनकी पहचान बनी थी। वे मध्यप्रदेश में अनेक अवसरों पर कार्यक्रम प्रस्तुति के लिए पधारे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिवंगत श्री पंकज उधास की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पत्रकार श्री अनुराग अमिताभ के पिताजी के निधन पर किया दुख व्यक्त 26 Feb 2024 भोपाल।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नेशनल न्यूज चैनल इंडिया टीवी के ब्यूरो चीफ एवं वरिष्ठ पत्रकार श्री अनुराग अमिताभ के पिताजी श्री कालिका प्रसाद मिश्रा के निधन पर शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ईश्वर से स्व.श्री कालिका प्रसाद मिश्रा की दिवंगत आत्मा को शांति और परिजन को यह गहन दु:ख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है। महाकाल मंदिर परिसर में जल्द ही इलेक्ट्रिक ट्रेन में बैठकर महालोक के दर्शन हो सकेंगे ![]() 26 Feb 2024 भोपाल:महाकाल मंदिर परिसर में जल्द ही इलेक्ट्रिक ट्रेन में बैठकर महालोक के दर्शन हो सकेंगे। इस परियोजना पर करीब डेढ़ करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। इस सम्बन्ध में एक निजी कंपनी को सर्वे का काम सौंपा है, जो रिपोर्ट बनाकर मंदिर समिति को प्रस्तुत करेगी। फिलहाल त्रिवेणी संग्रहालय से महालोक परिसर में रूद्रसागर किनारे यह ट्रेन चलाने की योजना है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व स्तरीय रेलवे स्टेशन व रेल सुविधाओं की सौगात दी - मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ![]() 24 Feb 2024 प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 41 हजार करोड़ लागत की रेल परियोजनाएं राष्ट्र को की समर्पित मध्यप्रदेश में 33 से अधिक रेलवे स्टेशनों का होगा पुनर्विकास और मिलेगी 133 रोड ओवर ब्रिज/अंडर पास की सौगात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की रेलवे स्टेशन पुनर्विकास परियोजनाओं की शिलापट्टिकाओं का किया अनावरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कार्यक्रम में सीहोर से हुए शामिल भोपाल।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आधुनिक और तेज रेलवे के लिए अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत 41 हजार करोड़ की लागत से देश के 554 रेलवे स्टेशनों के कायाकल्प और 1500 रोड ओवर ब्रिज/अंडरपास के शिलान्यास, उद्घाटन समर्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सीहोर से शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के 33 से अधिक रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की सौगात देने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी का आभार माना। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में 77 हजार करोड़ रुपए के निर्माण कार्य जारी हैं, प्रदेश में रेलवे सुविधाओं का लगातार विस्तार हो रहा है, और हमें नई तकनीक और नई व्यवस्थाओं के साथ विश्व स्तरीय रेलवे स्टेशन एवं रेल सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सीहोर जिले की जन आभार यात्रा में शामिल हुए। केन्द्रीय रेल, संचार, इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से राष्ट्रीय कार्यक्रम को संबोधित किया। डबल इंजन की सरकार से हम समर्थ और सक्षम राज्य के लक्ष्य की ओर अग्रसर हैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में मध्यप्रदेश विकास की पटरी पर तेज गति से आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश देश के मध्य में स्थित है, रेलवे अधोसंरचना के विकास की यहां बहुत संभावनाएं हैं। यहां देश की दो प्रमुख रेलवे लाइनें तो संचालित हैं हीं, इसके साथ ही सीहोर होकर रामगंज मंडी तथा बुधनी की रेल लाइन बिछाने के कार्य को भी गति दी जा रही है। रेलवे अधोसंरचना के विकास को तेजी से पूरा किया जाएगा, इससे प्रदेश के विकास को और भी गति मिलेगी। हम समर्थ और सक्षम राज्य के लक्ष्य की ओर निरंतर अग्रसर हैं।भोपाल-सीहोर-रायसेन, भोपाल-विदिशा, उज्जैन-इंदौर और उज्जैन-देवास ट्विन सिटी के रूप में विकसित होंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग, रोजगार में बढ़ोत्तरी के साथ ही महिलाओं, युवाओं और कमजोर वर्ग की प्रगति के लिए कई योजनाएं चलाईं जा रही है। किसी भी योजना के लिए धन की कमी नहीं रहने दी जाएगी। सीहोर नगर पालिका द्वारा उनके सम्मुख रखे गए प्रस्तावों को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि भोपाल और सीहोर का विकास समन्वित रूप से ट्विन सिटी के आधार पर होगा। दोनों नगरों को जोड़कर आवागमन के साधन, आवासीय परियोजनाएं और रोजगार के अवसरों के समग्र विकास की योजना का क्रियान्वयन किया जाएगा। उज्जैन-इंदौर, उज्जैन-देवास, भोपाल-विदिशा, भोपाल-सीहोर-रायसेन जिले अमृत काल में 2047 तक ट्विन सिटी के रूप में विकसित किए जाएंगे।प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में आगामी वर्षों में देश चहुंमुखी विकास करेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए विकास और प्रगति से दुनिया में देश का नाम स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि धारा 370 की समाप्ति और मुस्लिम बहनों को तीन तलाक से मुक्ति बड़ी उपलब्धियां है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आगामी वर्षों में देश चहुंमुखी विकास करेगा, अंतरिक्ष में और अधिक उपलब्धियों के साथ ही गरीबों और महिलाओं के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, खंडवा, सीहोर सहित प्रदेश के 33 रेलवे स्टेशनों का होगा पुनर्विकास मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के रेलवे स्टेशनों की पुनर्विकास परियोजनाओं की शिलापट्टिकाओं का अनावरण किया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मध्यप्रदेश के 33 स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए शिलान्यास के साथ ही 133 रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) एवं अंडरपास का शिलान्यास एवं उद्घाटन किया। प्रदेश के जिन 33 रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास के लिए शिलान्यास किया गया, उनमें सीहोर, जबलपुर, बीना, अशोकनगर, खिरकिया, साँची, शाजापुर, ब्यौहारी, बरगवाँ, नरसिंहपुर, पिपरिया, इन्दौर, उज्जैन, मंदसौर, मक्सी, नागदा, नीमच, शुजालपुर, खाचरोद, बालाघाट, छिंदवाड़ा, खण्डवा, मंडला फोर्ट, नैनपुर, सिवनी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, बिजुरी, मुरैना, हरपालपुर, दतिया और भिंड स्टेशन शामिल हैं। आरओबी में जबलपुर रेल मंडल के दो और भोपाल रेल मंडल के चार आरओबी शामिल हैं। अंडरपास के अंतर्गत जबलपुर में एक एवं भोपाल मंडल में दो स्थानों पर कार्य होंगे। उल्लेखनीय है कि मानवयुक्त समपार फाटकों को खत्म करने के लिए आरओबी/अंडरपास बनाया जाता है।प्रदेश में सुलभ न्याय के लिये ई सेवा केन्द्र को लोकप्रिय बनाएं ![]() 24 Feb 2024 मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की कम्प्यूटर एवं ई कोर्ट कमेटी की बैठक भोपाल में हुई भोपाल।प्रदेश में जन सामान्य को न्याय सुलभ से मिल सके, इसके लिये ई सेवा केन्द्र को पंचायत स्तर तक लोकप्रिय बनाने की आवश्यकता है। कोर्ट से जुड़ी डेश बोर्ड पर उपलब्ध जानकारी का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए। इससे न्याय प्रक्रिया में बेहतर परिणाम सामने आएंगे। यह निर्देश आज भोपाल के नरोन्हा प्रशासन अकादमी में कम्प्यूटर एवं ई कोट कमेटी की बैठक में दिये गये। बैठक जस्टिस श्री रोहित आर्या और जस्टिस श्री धर्माधिकारी की उपस्थिति में हुई। बैठक में ई कोर्ट से जुड़ी परियोजनाओं की राज्य शासन के विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 21 हजार ग्राम पंचायत पर ई सेवा केन्द्र काम कर रहे हैं। इन सेवा केन्द्रों में कोर्ट से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियां सामान्यजन को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। बैठक में मेडलेपार परियोजना की समीक्षा करते हुए बताया गया कि यह सॉफ्टवेयर 26 जनवरी 2019 से तैयार किया गया है। इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से पोस्ट मार्टम और एमएलसी से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन देने की व्यवस्था की गई है। बैठक में बताया गया कि ट्रेफिक रेगुलेशन के लिये वर्चुअल कोर्ट की सुविधा है। इसमें ई चालान जारी किये जाने की व्यवस्था है। बैठक में मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के तैयार किये गये डेश बोर्ड पर चर्चा की गई। बताया गया कि डेश बोर्ड पर न्यायालयीन प्रकरण से संबंधित समग्र जानकारी समय-समय पर अपलोड की जा रही है। जरूरत इस बात की है कि त्वरित न्याय प्रक्रिया के लिये इनका उपयोग हो। बैठक में बताया गया कि खंडवा जिले में पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर ई समन वारंट का कार्य चल रहा है। जल्द ही इसे प्रदेश स्तर पर लागू किया जाएगा। प्रचार-प्रसार पर जोर बैठक में निर्देश दिये गये कि ई कोर्ट व्यवस्था के व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता है। प्रदेश में ई सेवा केन्द्र में उपलब्ध सुविधाओं का क्षेत्रीय एवं लोकभाषा में प्रचार-प्रसार किया जाए। बैठक में बताया गया कि इन सुविधाओं ही पहुँच जनसामान्य तक देने के लिये सोशल मीडिया के प्लेटफार्म का उपयोग किया जाएगा।हिन्दी में करें अधिक से अधिक कार्य बैठक में तय हुआ कि न्याय प्रक्रिया में अधिक से अधिक कार्य हिन्दी में किया जाए। कोर्ट में अंग्रेजी में दिये गये निर्णयों की हिन्दी में प्रतिलिपि देने की व्यवस्था की गई है। इसकी जानकारी जनसामन्य को दी जाए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में समाधान आपके द्वार कार्यक्रम के बेहतर परिणाम आ रहे हैं। विभिन्न शासकीय अधिकारियों को उनके विभाग से संबंधित प्रकरणों की स्थिति को डेश बोर्ड अपडेट करने के निर्देश दिये गये। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक का समन्वय सेंट्रल प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर श्री एफ. एच. काज़ी, प्रभारी प्रमुख सचिव विधि श्री उमेश पाण्डव और अतिरिक्त सचिव श्री भरत व्यास ने किया।प्रदेश में सुलभ न्याय के लिये ई सेवा केन्द्र को लोकप्रिय बनाएं ![]() 24 Feb 2024 मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की कम्प्यूटर एवं ई कोर्ट कमेटी की बैठक भोपाल में हुई भोपाल।प्रदेश में जन सामान्य को न्याय सुलभ से मिल सके, इसके लिये ई सेवा केन्द्र को पंचायत स्तर तक लोकप्रिय बनाने की आवश्यकता है। कोर्ट से जुड़ी डेश बोर्ड पर उपलब्ध जानकारी का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए। इससे न्याय प्रक्रिया में बेहतर परिणाम सामने आएंगे। यह निर्देश आज भोपाल के नरोन्हा प्रशासन अकादमी में कम्प्यूटर एवं ई कोट कमेटी की बैठक में दिये गये। बैठक जस्टिस श्री रोहित आर्या और जस्टिस श्री धर्माधिकारी की उपस्थिति में हुई। बैठक में ई कोर्ट से जुड़ी परियोजनाओं की राज्य शासन के विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 21 हजार ग्राम पंचायत पर ई सेवा केन्द्र काम कर रहे हैं। इन सेवा केन्द्रों में कोर्ट से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियां सामान्यजन को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। बैठक में मेडलेपार परियोजना की समीक्षा करते हुए बताया गया कि यह सॉफ्टवेयर 26 जनवरी 2019 से तैयार किया गया है। इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से पोस्ट मार्टम और एमएलसी से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन देने की व्यवस्था की गई है। बैठक में बताया गया कि ट्रेफिक रेगुलेशन के लिये वर्चुअल कोर्ट की सुविधा है। इसमें ई चालान जारी किये जाने की व्यवस्था है। बैठक में मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के तैयार किये गये डेश बोर्ड पर चर्चा की गई। बताया गया कि डेश बोर्ड पर न्यायालयीन प्रकरण से संबंधित समग्र जानकारी समय-समय पर अपलोड की जा रही है। जरूरत इस बात की है कि त्वरित न्याय प्रक्रिया के लिये इनका उपयोग हो। बैठक में बताया गया कि खंडवा जिले में पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर ई समन वारंट का कार्य चल रहा है। जल्द ही इसे प्रदेश स्तर पर लागू किया जाएगा। प्रचार-प्रसार पर जोर बैठक में निर्देश दिये गये कि ई कोर्ट व्यवस्था के व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता है। प्रदेश में ई सेवा केन्द्र में उपलब्ध सुविधाओं का क्षेत्रीय एवं लोकभाषा में प्रचार-प्रसार किया जाए। बैठक में बताया गया कि इन सुविधाओं ही पहुँच जनसामान्य तक देने के लिये सोशल मीडिया के प्लेटफार्म का उपयोग किया जाएगा।हिन्दी में करें अधिक से अधिक कार्य बैठक में तय हुआ कि न्याय प्रक्रिया में अधिक से अधिक कार्य हिन्दी में किया जाए। कोर्ट में अंग्रेजी में दिये गये निर्णयों की हिन्दी में प्रतिलिपि देने की व्यवस्था की गई है। इसकी जानकारी जनसामन्य को दी जाए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में समाधान आपके द्वार कार्यक्रम के बेहतर परिणाम आ रहे हैं। विभिन्न शासकीय अधिकारियों को उनके विभाग से संबंधित प्रकरणों की स्थिति को डेश बोर्ड अपडेट करने के निर्देश दिये गये। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक का समन्वय सेंट्रल प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर श्री एफ. एच. काज़ी, प्रभारी प्रमुख सचिव विधि श्री उमेश पाण्डव और अतिरिक्त सचिव श्री भरत व्यास ने किया।मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड को मिला ‘बेस्ट स्टेट टूरिज्म बोर्ड’ का अवॉर्डचर्चा ![]() 23 Feb 2024 नई दिल्ली में SATTE एग्जिबिशन के दौरान मिला सम्मान भोपाल।मध्यप्रदेश के पर्यटन गंतव्यों के प्रचार-प्रसार, नवाचार करने, पर्यटकों को अनुभव आधारित पर्य़टन प्रदान करने एवं पर्यावरण अनुकूल पर्यटन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड (एमपीटीबी) को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। ग्रेटर नोएडा में आयोजित हुई देश की प्रमुख ट्रेवल प्रदर्शनी SATTE (साउथ एशियन ट्रेवल एंड टूरिज्म एक्सचेंज) में एमपीटीबी को ‘बेस्ट टूरिज्म स्टेट बोर्ड’ का अवॉर्ड दिया गया है। प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि, पर्यटन विभाग सदैव ही प्रदेश में भ्रमण के लिए पहुंचने वाले पर्यटकों की सुलभता, सुगमता एवं सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। विभिन्न नवाचर एवं पहलों के माध्यम से अधिक से अधिक पर्यटक ‘हिंदुस्तान के दिल’ को देखने के लिये पहुंचे, ऐसा प्रयास रहता है। बोर्ड की ओर से यह सम्मान उपसंचालक श्री युवराज पडोले ने ग्रहण किया। उल्लेखनीय है कि तीन दिवसीय प्रदर्शनी में बोर्ड ने प्रमुखता से सहभागिता कर देश एवं विदेशों से आए ट्रेवल एजेंट्स, टूर ऑपरेर्ट्स, होटेलियर्स एवं विभिन्न हितधारकों के समक्ष प्रदेश के पर्यटन स्थलों एवं उत्पादों को प्रचारित किया। एमपीटीबी स्टॉल पर आगंतुकों को सांची, अमरकंटक, नर्मदा के घाटों और अन्य गंतव्यों के वर्चुअल टूर का अनुभव करने का भी मौका मिला। बोर्ड को यह सम्मान पर्यटन, बुनियादी ढांचे के विकास, स्थानीय समुदाय के आर्थिक विकास, राज्य की संस्कृति और विरासत के संरक्षण इत्यादि क्षेत्र में उच्च स्तरीय प्रदर्शन के आधार पर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीएम हेल्पलाइन के शिकायतकर्ताओं से की दूरभाष पर चर्चा ![]() 23 Feb 2024 आवेदक नवीन माथु को 1 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने के दिए निर्देश नवीन के पिता पैरालिसिस की समस्या से हैं पीड़ित उज्जैन स्मार्ट सिटी कार्यालय स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल रुम का किया निरीक्षण भोपाल।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन स्मार्ट सिटी कार्यालय स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। उन्होंने कमांड एंड कंट्रोल रूम में प्राप्त सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की जानकारी ली और उनके निराकरण की स्थिति भी देखी। इस दौरान उन्होंने रेंडमली चयन कर सीएम हेल्पलाइन के शिकायतकर्ताओं से दूरभाष पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ.यादव को ग्राम पंचायत अजीमाबादपारदी निवासी सुनैना ने बताया कि उनकी बेटी को लाडली लक्ष्मी योजना की राशि प्राप्त नहीं हो रही हैं। उन्होंने सुनैना को आश्वत किया कि शिकायत के निराकरण के साथ ही आपको हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ग्राम पंचायत अक्याजस्सा निवासी नवीन माथु ने बताया कि उनके पिताजी पैरालिसिस की समस्या से पीड़ित है। बैंक द्वारा उनका खाता भी बंद कर दिया गया है जिनसे उन्हें राशि निकालने में समस्या हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने नवीन माथु से कहा कि आपकी समस्या का शीघ्र निराकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ यादव आवेदक नवीन माथु से स्मार्ट सिटी कार्यालय में मिले और विस्तार से उनकी समस्या के बारे में जानकारी ली। उन्होंने नवीन को एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए। सहायता राशि को लेकर नवीन माथु ने मुख्यमंत्री का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल रूम में अन्य विभागों के कार्यों का निरीक्षण किया और कंट्रोल रूम का प्रभावी ढंग से क्रियान्वन करने के भी निर्देश दिये। इस दौरान विधायक श्री अनिल जैन कालूहेडा, विधायक सतीष मालवीय, कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप शर्मा, जिला पंचायत सीईओ मृणाल मीना ,नगर निगम आयुक्त श्री आशीष पाठक सहित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधी उपस्थित थे। औद्योगिक विकास के लिए निवेश को मिलेगा प्रोत्साहन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ![]() 23 Feb 2024 रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, विक्रमोत्सव और विक्रम व्यापार मेले की तैयारियाँ पूर्ण करें भोपाल।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि रीजनल इंडस्ट्री कॉनक्लेव, विक्रमोत्सव और विक्रम व्यापार मेले की तैयारियों में गति लाएं। सुनियोजित और सुव्यवस्थित ढंग से समस्त आयोजन किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव अर्थात समिट के माध्यम से औद्योगिक विकास के लिए निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। उज्जैन सहित पूरे प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों को समिट का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उज्जैन के स्मार्ट सिटी कार्यालय में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, विक्रमोत्सव और विक्रम व्यापार मेले की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास की बहुत संभावनाएं हैं। इन्हें साकार किया जाएगा। आगामी एक और दो मार्च को उज्जैन की इन्वेटर्स समिट के आधार पर पूरे प्रदेश में अलग-अलग क्षेत्र के उद्योगों की स्थापना की संभावनाएं प्रबल होंगी। विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को आमंत्रित करने के लिए यह समिट हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंडस्ट्रियल समिट के बेहतर आयोजन के लिए अन्य संभावनाएं भी तलाशें। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि राजा विक्रमादित्य न्याय के प्रतीक थे। विक्रमोत्सव में न्याय पर आधारित कार्यक्रम को भी शामिल किया जाएं। होली के अवसर पर भव्य गैर का भी आयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि उज्जैन की कोठी पैलेस के संबंध में विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर पैलेस को स्वावलंबी बनाएं। कॉन्फ्रेंस हॉल, रूफटॉप रेस्टोरेंट, सुविधाजनक पार्किंग व्यवस्था भी प्लान करें। बैठक में कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से कार्यक्रमों की रूपरेखा के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 मार्च को प्रातः 10: 30 बजे कालिदास अकादमी, उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, विक्रमोत्सव और विक्रम व्यापार मेला, विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का लोकार्पण एवं वीर भारत संग्रहालय का शिलान्यास कार्यक्रम होगा। कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में है। उज्जैन में उज्जयनी विक्रम व्यापार मेले के मुख्य आकर्षणों गैर परिवहन वाहनों तथा छोटे परिवहन वाहनों पर पंजीयन शुल्क एवं रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट,इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, विभिन्न कम्पनियों के गैर परिवहन वाहनों एवं परिवहन वाहनों, गारमेन्टस एवं अन्य उपकरणों का उचित मूल्य पर विक्रय विशिष्ट व्यंजनों से संबंधित स्टॉल्स शामिल हैं। सांस्कृतिक एवं मनोरंजन कार्यक्रम भी होंगे। मेले में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र और कुटीर एवं ग्रामोद्योग के संबंध में भी जानकारी दी जाएगी। उज्जयनी विक्रम व्यापार मेले के अंतर्गत ऑटोमोबाइल्स इलेक्ट्रॉनिक्स एवं फूड जोन का कार्यक्रम दशहरा मैदान, व्यवसायिक दुकानें, ऑटोमोबाइल्स झूला एवं फूड जोन पीजीबिटी मैदान तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम कालिदास अकादमी त्रिवेणी संग्रहालय एवं पॉलिटेक्निक मैदान में प्रस्तावित किए गए हैं। उज्जैन व्यापार मेला में भाग लेने वाले प्रमुख ऑटोमोबाइल्स इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों में प्रमुख रूप से महिंद्रा, टाटा मोटर्स, हुंडई, यामाहा, नेक्सा, रॉयल एनफील्ड, हीरोहोंडा, सैमसंग, पैनासोनिक, एचपी,डेल मारुति सुजुकी आदि शामिल हैं। जनजातियों के मातृभूमि प्रेम और बलिदान की भावना से युवा प्रेरणा ले: श्री मंगुभाई पटेल ![]() 22 Feb 2024 पाठ्यक्रम जनजातीयों के विकास का विजन डॉक्यूमेंट बने राज्यपाल जनजातीय शोध एवं अध्ययन पाठ्यक्रम कार्यशाला में शामिल हुए भोपाल।राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि नई पीढ़ी को जनजाति समुदाय से अपनी मातृभूमि के लिए प्रेम और बलिदान की भावना से प्रेरणा लेनी चाहिए। जननायकों के बलिदान को अपने हृदय में संजोकर रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनजातीयों के अध्ययन एवं शोध के लिए शोधार्थियों में जनजातीय समुदाय से जुड़ने, गहराई से समझने की अनुभूति और संवेदनशीलता का होना जरुरी है। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ जनजातियों की जीवन शैली में होने वाले परिवर्तनों की पहचान करनी चाहिए। उसी के अनुरुप शोध और अध्ययन की प्रणाली को विकसित करे, तभी अध्ययन को प्रासंगिक, प्रमाणिक और प्रभावशाली बनाया जा सकता है। राज्यपाल श्री पटेल जनजाति शोध एवं अनुशीलन केंद्र दिल्ली के तत्वावधान में राजीव गांधी प्रौद्यौगिकी विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित जनजाति शोध एवं अध्ययन पाठ्यक्रम कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि जनजातीय अध्ययन पाठ्यक्रम विजन डॉक्यूमेंट होना चाहिए। उसमें जनजातियों की सांस्कृतिक संप्रभुता, संवैधानिक प्रावधान और ऐतिहासिकता के विविध आयामों का समेकित अध्ययन किया जाना चाहिए। जरूरी है कि पाठ्यक्रम में जनजातियों के जीवन मूल्यों, नैसर्गिक सादगी की विशिष्टताएं भी शामिल हो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जनजाति समुदाय और उनके जन नायकों के प्रति संवेदनशील हैं। उन्होंने नई शिक्षा नीति में नई पीढ़ी को जनजातीय नायकों के कृतित्व और व्यक्तित्व को समझने का अवसर दिया है। प्रदेश सरकार जनजातीय शोध को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्यपाल ने जनजातीय शोध एवं अध्ययन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश के विश्वविद्यालयों के प्रयासों और विद्यार्थियों की प्रभावी सहभागिता की सराहना की। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा, तकनीकी एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने कहा कि जनजातीय समाज देश की धरोहर है। उनकी आध्यात्मिक चिंतन परंपरा और ज्ञान से नई पीढ़ी को सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि शोध एवं अध्ययन संगोष्ठी जनजातियों के लिए अंग्रेजों द्वारा किए गए अप्रमाणिक, अपूर्ण और पूर्वागृहों से जुड़ी मान्यताओं को संशोधित करने और उन्हें वास्तविकता के साथ प्रस्तुत करने का अवसर है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष श्री हर्षवर्धन सिंह चौहान ने जनजातीय समाज की समृद्ध परंपराओं को देश का गौरव और ताक़त बताया। जनजातीय शोध एवं अनुशीलन केंद्र, दिल्ली के अध्यक्ष श्री डी.एम. किरण ने कहा कि जनजातीय समुदाय के शोध एवं अध्ययन को प्रमाणिकता देने के लिए जनजातीय समुदाय के अनुभवों को आधार बनाना चाहिए। उन्होंने शोध एवं अध्ययन पाठ्यक्रम के लिए देश भर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों और कार्यशालाओं की जानकारी देते हुए अनुशीलन केंद्र द्वारा दी जा रही सुविधाओं के बारे में बताया। राज्यपाल श्री पटेल का कुलपति आर.जी.पी.वी श्री सुनील कुमार गुप्ता ने पुष्पगुच्छ से स्वागत और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। इस अवसर पर मंचासीन अतिथियों का भी शॉल और श्रीफल से अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में राजभवन जनजाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्री दीपक खांडेकर, राज्यपाल के प्रमुख सचिव श्री संजय कुमार शुक्ल, विश्वविद्यालयों के कुलपति, विद्वतजन, शोधार्थी, विद्यार्थी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भेंट किया गया असम में बना विशेष तिरंगा ![]() 22 Feb 2024 दिवंगत सैनिकों की वीर नारियां "सद्भावना कार्यक्रम" में करती है तैयार तिरंगे भोपाल।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को आज मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन में असम के तिनसुकिया में हस्तनिर्मित विशेष तिरंगा भेंट किया गया। सैनिक परिवार की वीर नारियां असम में भारतीय सेना की सद्भावना कार्यक्रम अंतर्गत संचालित लायपुली स्टिचिंग सेंटर में यह तिरंगे तैयार करने का कार्य करती हैं। इसमें मशीनों का उपयोग न किया जाकर, तिरंगे पूर्णत: हस्तकला से निर्मित किये जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इंदौर के लिट चौक फाउंडेशन के श्री निखिल दवे और श्री प्रखर दवे ने मुलाकात कर यह विशेष तिरंगा भेंट किया। लिट चौक फाउंडेशन द्वारा नागरिकों को राष्ट्र के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले जांबाज सिपाहियों और सैन्य अधिकारियों के प्रति सम्मान का भाव जागृत करने के उद्देश्य से केन्द्र में निर्मित तिरंगे झंडे विशिष्ट व्यक्तियों को भेंट किए जाते हैं। तिरंगों के निर्माण से अर्जित आय भी सैनिक परिवारों के कल्याण के लिये व्यय की जाती है। राष्ट्र के लिए सैनिकों के योगदान के पुण्य स्मरण और युवा पीढ़ी को बलिदानियों के शौर्य से अवगत कराने के लिए इंदौर के लिट चौक फाउंडेशन द्वारा कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं। मध्य प्रदेश में 11 लाख किसानों से खरीदा जाएगा 100 लाख मेट्रिक टन गेहूं ![]() 22 Feb 2024 भोपाल।प्रदेश में आगामी महीनों में लगभग 100 लाख मेट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जाना है। इससे लगभग 11 लाख किसान लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कल अधिकारियों से कहा कि गेहूं उपार्जन के लिए भारतीय खाद्य निगम, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम तथा मार्कफेड से समन्वय कर बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने भारतीय खाद्य निगम के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर दलजीत सिंह तथा महाप्रबंधक विशेष गढ़पाले से भेंट के दौरान यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खरीदी केन्द्रों पर गेहूं की गुणवत्ता की पुष्टि के लिए विशेषज्ञ अन्य आवश्यक उपकरण की उपलब्धता और किसानों के लिए सुविधाजनक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मैं मुख्यसेवक के रूप में प्रदेश के विकास और जनकल्याण के लिए समर्पित हूँ - मुख्यमंत्री डॉ. यादव ![]() 21 Feb 2024 बहन- बेटियों के कल्याण के लिए जारी कोई योजना बंद नहीं होगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मार्च माह की पहली तारीख को लाड़ली बहना योजना की जारी होगी किस्त मुख्यमंत्री ने बालाघाट में 761 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया 650 करोड़ रुपए लागत की औद्योगिक इकाईयों का हुआ भूमिपूजन डबल इंजन सरकार प्रदेशवासियों की अपेक्षाएं कर रही है पूरी भोपाल।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बहन-बेटियों के कल्याण के लिए जारी कोई योजना बंद नहीं होगी। लाड़ली बहना योजना में मार्च माह की किस्त पहली तारीख को बहनों के खाते में जारी कर दी जाएगी। मैं अपने आपको मुख्यमंत्री नहीं, जनता का मुख्य सेवक मानता हूँ। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी देश के प्रधानसेवक हैं और मैं मुख्यसेवक के रूप में प्रदेश के विकास और जनकल्याण को समर्पित हूँ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बालाघाट में रोड-शो के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 650 करोड़ रुपए लागत की हिंदुस्तान ग्रीन एनर्जी लिमिटेड और हिन्दुस्तान टेप्स प्राइवेट लिमिटेड औद्योगिक इकाईयों का भूमिपूजन किया तथा बालाघाट जिले के 761 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए। कार्यक्रम में सासंद श्री ढाल सिंह बिसेन, पूर्व मंत्री श्री गौरी शंकर बिसेन और पूर्व राज्य मंत्री श्री रामकिशोर कांवरे एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने उपस्थित जनसमुदाय को माताओं- बहनों का सम्मान-गरीबों की सेवा करने और प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में प्रदेश के विकास के लिए प्रतिबद्ध रहने का संकल्प दिलवाया। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने हितग्राहियों से संवाद भी किया। विकास प्रक्रिया में बालाघाट वासियों से सहयोगी बनने का किया आव्हान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार तेज गति से विकास को समर्पित है, इसी का प्रमाण है कि बड़ी संभावना वाले बालाघाट जिले में अनेकों विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विकास की इस प्रक्रिया में बालाघाट वासियों से सहयोगी बनने का आव्हान किया।लोकार्पण एवं भूमिपूजन बालाघाट में किये गये लोकार्पण एवं भूमिपूजन में 150 करोड़ की लागत से पीवीसी इन्सुलेशन इलेक्ट्रिकल मिरगपुर का निर्माण, 300 करोड़ की लागत से गुड़रूघाट में इंथेलॉल इकाई, 200 करोड़ की लागत से सारंडी में सिलिको, फेरो अलॉयज एवं स्टील इकाई का निर्माण, 12 करोड़ 51 लाख की लागत से किन्ही,खुरमुण्डी, अमई, कोचेवाही, बकोड़ा, बकोड़ी, पिपरझरी, धपेरा और बसेगांव के शासकीय हाई स्कूलों में विभिन्न निर्माण कार्य, 2 करोड़ 17 लाख की लागत से तिरोड़ी और मलाजखण्ड के शासकीय महाविद्यालयों में निर्माण कार्य, 11 करोड़ 43 लाख की लागत से झालीवाड़ा से मेहदुली मार्ग में चंदन नदी पर पुल का निर्माण तथा 20 करोड़ 42 लाख की लागत से विभिन्न ग्रामीण सड़क मार्ग निर्माण कार्य शामिल है। बालाघाट में 45 करोड़ 84 लाख रुपए की लागत से निर्मित 45 विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया है। इनमें अमृत-2.0 योजना के अंतर्गत 17 कारोड़ रुपए से अधिक की लागत से 20 शहरी पेयजल योजनाओं का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही 14 करोड़ 63 लाख की लागत से 11 नवीन उपस्वास्थ्य केंद्रों में निर्माण कार्य, 6 करोड़ से अधिक की सड़कों का निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण, एक करोड़ 38 लाख की लागत से बिरसा कचनारी में कस्तुरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय का निर्माण और 5 करोड़ 24 लाख रुपए लागत से 3 उच्चस्तरीय पुलों का निर्माण कार्य भी शामिल है।सागर में रानी अवंतीबाई लोधी के नाम पर विश्वविद्यालय का लोकार्पण किया जाएगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजाति क्षेत्र में कोदो-कुटकी के उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। पहले मंत्री परिषद की बैठक में रानी अवंती बाई और रानी दुर्गावती के नाम पर पुरस्कार की घोषणा की गई है। हमारा अतीत गौरवशाली है। गोंडवाना क्षेत्र में रानी दुर्गावती ने स्वाभिमान और आत्मसम्मान को डिगने नहीं दिया। सागर में शीघ्र ही रानी अवंतीबाई लोधी के नाम पर विश्वविद्यालय का लोकार्पण किया जाएगा।देश में संभावनाओं के आधार पर विकास और भावनाओं पर सनातन संस्कृति का सम्मान हो रहा है डॉ. यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति में वनवासियों को साथ लेकर, प्राणी मात्र से प्रेम करते हुए भगवान श्री राम ने आदर्श पुत्र और आदर्श शासक का उदाहरण स्थापित किया। इसी का परिणाम है कि सभी आज भी राम राज्य की स्थापना की कामना करते हैं। जिसका अर्थ गरीब के जीवन से कष्ट मिटाना, देश को स्वाभिमान के साथ जीना सीखना और हर क्षेत्र में सुव्यवस्था स्थापित करना है। भगवान श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा पर सबको गर्व है। देश में सांस्कृतिक अनुष्ठान का पर्व चल रहा है, देश में सर्वधर्म समभाव ही शासन संचालन का आधार है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश संभावनाओं के आधार पर विकास के मार्ग पर चल रहा है और भावनाओं के आधार पर सनातन संस्कृति अक्षुण्ण रहते हुए समृद्ध हो रही है।अयोध्या से अरब देश तक आज हमारे देवालय दैदिप्यमान हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देशवासी भारत को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित हैं। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि 21वीं शताब्दी भारत की होगी। आज देश की अर्थव्यवस्था निरंतर प्रगति कर रही है, दुनिया के सभी प्रमुख देश भारत से मित्रता को आतुर हैं। आज अयोध्या से अरब देश तक हमारे देवालय दैदिप्यमान हैं। यही कामना है कि देश और सनातन संस्कृति इसी तरह आगे बढ़ती रहे। भारत विश्व की पहले नंबर की अर्थव्यवस्था बने, इस उद्देश्य के लिए मध्य प्रदेश सरकार, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कार्यरत रहेगी और लोकतंत्र को सशक्त करेगी। मध्य प्रदेश देश का पहले नंबर का राज्य बनेगा।मुख्यमंत्री डॉ. यादव विधानसभावार दौरे कर योजनाओं के क्रियान्वयन का अवलोकन करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे विधानसभा वार दौरा कर विकास और जनकल्याण गतिविधियों का अवलोकन करेंगे तथा स्थानीय लोगों से संपर्क करेंगे। राज्य सरकार संवेदनशील है और गरीबों के हित को समर्पित है तथा पारदर्शी, जवाबदेह व्यवस्था स्थापित करने और सामान्य जन के मान सम्मान को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है।खुले में मांस-मछली के विक्रय पर प्रतिबंध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में खुले में मांस के विक्रय पर प्रतिबंध है। खुले में मांस का विक्रय स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है। मांस विक्रय के लिए पृथक से मार्केट विकसित किए जाएंगे। इसके लिए नगरीय निकायों को आवश्यकतानुसार राशि उपलब्ध कराई जाएगी।प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में विकास और जनकल्याण के लिए राज्य सरकार कार्यरत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के देश के विकास में योगदान का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि चुनी हुई सरकार से लोगों की आशाएं- अपेक्षाएं होती हैं और सरकार की विकास के लिए जवाबदारी होती है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जनता की सभी आशाओं, अपेक्षाओं को पूरा किया है। देश के सामने विद्यमान सभी चुनौतियों का दृढ़ता पूर्वक सामना किया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने तीन तलाक के मामले में सही निर्णय लेकर मुस्लिम बहन-बेटियों के हितों की भी रक्षा की है। राज्य सरकार विकास और जनकल्याण के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में कार्यरत है।भूमि पूजन तथा लोकार्पण से बालाघाट क्षेत्र में विकास की गति तेज होगी क्षेत्रीय सांसद श्री ढाल सिंह बिसेन ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव की डबल इंजन सरकार से प्रदेशवासियों की जो अपेक्षाएं हैं, वह सब पूरी होंगी। देश और प्रदेश में तेजी से विकास हो रहा है। आगामी समय में विकास की गति और तेज होगी तथा नई लोक कल्याणकारी योजनाओं को भी स्वीकृतियां मिलेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पूर्व राज्य मंत्री श्री रामकिशोर कांवरे ने बालाघाट जिले को आयुर्वेद महाविद्यालय की सौगात पर सहमति के लिए आभार माना। उन्होंने कहा कि आज हुए भूमि पूजन तथा लोकार्पण से बालाघाट क्षेत्र में विकास की गति तेज होगी और रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा। पूर्व मंत्री श्री गौरी शंकर बिसेन ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अभिनंदन किया।मंत्री श्री सारंग ने निर्माणाधीन ऐशबाग आरओबी का किया निरीक्षण ![]() 21 Feb 2024 जून माह के अंत तक बनकर तैयार हो जायेगा ऐशबाग आरओबी भोपाल।खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को नरेला विधानसभा अंतर्गत निर्माणाधीन ऐशबाग आरओबी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री सारंग ने वर्तमान स्थिति की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के निर्देश दिए। इस दौरान लोक निर्माण विभाग (सेतु निर्माण) के मुख्य अभियंता की गैर-मौजूदगी को लेकर मंत्री श्री सारंग ने फोन कर नाराजगी व्यक्त की। निरीक्षण में भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, रेलवे एवं लोक निर्माण विभाग (सेतु निर्माण) के अधिकारी उपस्थित थे। पाठ्य पुस्तकों का वितरण समय पर होगा स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तके समय पर वितरित की जायेंगी। इसके निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये गये है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में बच्चों के ड्रॉप आउट रेट को कम करने के भी प्रयास किये जा रहे है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों के अभिभावकों और शिक्षकों के बीच नियमित संवाद व्यवस्था को सुनिश्चित किया जा रहा है।चीफ इंजीनियर की अनुपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त मंत्री श्री सारंग ने लोक निर्माण विभाग (सेतु निर्माण) के चीफ इंजीनियर को निरीक्षण की सूचना होने के बावजूद नदारद रहने पर फोन कर नाराजगी व्यक्त की और कहा कि आपने निर्माणाधीन सेतु का कब-कब निरीक्षण किया है। निरीक्षण के अभाव में स्तरहीन गुणवत्ता का निर्माण कार्य हो रहा है। चीफ इंजीनियर द्वारा जानकारी नहीं देने पर श्री सारंग ने अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिये विभाग को निर्देश दिये। उन्होंने इसको लेकर प्रमुख सचिव लोक निर्माण से भी बात की। ज्ञात हो कि उच्च अधिकारियों द्वारा सुपरविजन नहीं करने से पूर्व में भी एक कॉलम का निर्माण तय मापदंडों के अनुरूप नहीं हुआ था, जिसे मंत्री श्री सारंग के निर्देश पर तोड़कर पुन: निर्माण कराया गया था।जून माह के अंत तक बनकर तैयार हो जायेगा ऐशबाग आरओबी मंत्री श्री सारंग ने कहा कि नरेला विधानसभा में नागरिकों की सुविधाओं के लिये सबसे अधिक फ्लाई-ओवर्स का निर्माण किया गया है। ऐशबाग सहित आसपास के यात्रियों के आवागमन की यात्रा सुगम हो, इसके लिये ऐशबाग आरओबी का निर्माण कार्य प्रगति पर है। निर्माण को लेकर एक कैलेंडर तैयार किया गया है, जिससे रेलवे एवं लोक निर्माण विभाग (सेतु निर्माण) के बीच समन्वय के साथ कार्य हो सके। जून माह के अंत तक ऐशबाग आरओबी बनकर तैयार हो जायेगा। उन्होंने बताया कि ऐशबाग रेलवे क्रासिंग बंद होने के कारण नागरिकों को लगभग डेढ़ किलोमीटर का चक्कर काटकर आना पड़ता है। निर्माण के बाद पुराने भोपाल एवं नए शहर की ओर भारी यातायात भार कम होगा। इस आरओबी से आसपास की कॉलोनियों में रहने वाले लगभग डेढ़ लाख से ज्यादा रहवासियों को भी सीधा फायदा होगा।स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने जारी की प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता रिपोर्ट ![]() 21 Feb 2024 शैक्षणिक गुणवत्ता के अंको के आधार पर तय हुई जिलों की रैंकिंग भोपाल।स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने आज मंत्रालय में प्रारंभिक शिक्षा स्तर पर जिलों में सम्पादित किये गये कार्यों के आधार पर जिलों की शैक्षणिक रिपोर्ट जारी की। यह रिपोर्ट दिसम्बर 2023 तक के आंकड़ों के आधार पर तैयार की गई है। इस मौके पर संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्री धनराजू एस भी मौजूद थे। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने कहा कि समग्र शिक्षा अभियान में तैयार की गई रिपोर्ट स्कूल शिक्षा के गुणात्मक सुधार में महत्वपूर्ण रोल अदा करेगी। उन्होंने कहा कि घुमंतु जाति के परिवारों के स्कूल जाने वाले बच्चों की पढ़ाई में रूकावट न आयें इसके लिये ऐसा कार्ड तैयार किया जायेगा, जिसके आधार पर एक स्थान छोड़कर अन्य स्थान जाने पर कार्ड के आधार पर बच्चें को स्कूल में एडमिशन दिया जायेगा। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि पिछले दो दशकों में स्कूल शिक्षा के गुणात्मक सुधार के लिये ठोस प्रयास किये गये है। प्रदेश में सीएम राईज स्कूल और पीएमश्री स्कूल खोले जा रहे है। इन स्कूलों में विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय सुविधा उपलब्ध कराये जाने के प्रयास किये जा रहे है। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की यूनिफार्म व्यवस्था के संबंध में उन्होंने बताया कि प्रदेश के 22 जिलों में यूनिफार्म बनाने का कार्य स्व सहायता समूह के माध्यम से किया जा रहा है। शेष जिलों में बच्चों के बैंक खातों में यूनिफार्म की राशि हस्तांरित की जा रही है। पाठ्य पुस्तकों का वितरण समय पर होगा स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तके समय पर वितरित की जायेंगी। इसके निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये गये है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में बच्चों के ड्रॉप आउट रेट को कम करने के भी प्रयास किये जा रहे है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों के अभिभावकों और शिक्षकों के बीच नियमित संवाद व्यवस्था को सुनिश्चित किया जा रहा है।प्रारंभिक शिक्षा रिपोर्ट रिपोर्ट में बताया गया है कि सीधी जिले की रैंकिंग पिछले वर्ष 46वें नम्बर पर थी। इस वर्ष दिसम्बर 2023 में सीधी की रैंकिंग बढ़कर 12वीं हो गई। श्योपुर जिले में शैक्षणिक गुणवत्ता में गिरावट दर्ज हुई है। इसकी रैंकिंग पिछले वर्ष 22वें स्थान की थी, जो इस वर्ष 45वें स्थान की हो गई। यह रिपोर्ट बच्चों के नामांकन और ठहराव, सीखने के परिणाम और गुणवत्ता, शिक्षक व्यवसायिक विकास, समानता, अधोसंरचना तथा सुविधाएँ, सुशासन प्रक्रियाएँ एवं वित्तीय प्रबंधन और नवभारत साक्षरता कार्यक्रम पर तैयार की गई है।प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों को दीं 400 करोड़ रुपए की सौगातें ![]() 20 Feb 2024 जम्मू से डिजिटल लॉन्च कार्यक्रम में जारी की राशि राज्यपाल डॉ. पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. यादव बरकतउल्ला विश्वविद्यालय से क्रार्यक्रम में हुए शामिल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने माना आभार बरकतउल्ला, विक्रम और जीवाजी विश्वविद्यालयों को मिलेंगे 100-100 करोड़ रुपए भोपाल ।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान अंतर्गत जम्मू से परियोजनाओं के डिजिटल लॉन्च कार्यक्रम में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल के ज्ञान विज्ञान भवन से शामिल हुए। राज्यपाल डॉ पटेल तथा मुख्यमंत्री डॉ यादव ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के विश्वविद्यालयों को 400 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। विश्वविद्यालयों में होंगे नवाचार,अनुसंधान और अधोसंरचना विकास के महत्वपूर्ण कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस राशि से विश्वविद्यालयों में नवाचार,अनुसंधान और अधोसंरचना विकास के महत्वपूर्ण कार्य सम्पन्न हो सकेगें। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा मध्यप्रदेश की बेहतर उच्च शिक्षा प्रणाली के लिए दिए गए सहयोग के लिए उन्हें धन्यवाद देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश उनकी आशाओं और अपेक्षाओं पर खरा उतरेगा और हम प्रदेश को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा दी गई सौगातों से वहां विकास के नए युग का आरंभ होगा। देश की एकता, अखण्डता के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी का यह योगदान अविस्मरणीय रहेगा।देवी अहिल्या, रानी दुर्गावती, अवधेश प्रताप सिंह, पंडित एस एन शुक्ल और महाराजा छत्रसाल बुंदेलखण्ड विश्वविद्यालय को 20-20 करोड़ रुपए की सहायता स्वीकृत उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम-उषा) के अंतर्गत जम्मू में आयोजित कार्यक्रम में जम्मू एम्स सहित 32 हजार करोड़ की 220 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण, उद्घाटन और शिलान्यास किया गया। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान से युवाओं को औद्योगिक प्रशिक्षण मिलने के साथ-साथ नई शिक्षा नीति 2020 का उद्देश्य भी पूरा होगा। कार्यक्रम में मल्टी डिसिपिनरी एजूकेशन एवं रिसर्च यूनिवर्सिटीज(मेरू)घटक के अंतर्गत बरकतउल्ला, विक्रम तथा जीवाजी विश्वविद्यालय को 100-100 करोड़ रुपए की सहायता स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार ग्रान्ट टू स्ट्रेंथन यूनिवर्सिटीज(जीएसयू)घटक में देवी अहिल्या, रानी दुर्गावती, अवधेश प्रताप सिंह, पंडित एस एन शुक्ल और महाराज छत्रसाल बुंदेलखण्ड विश्वविद्यालय को 20-20 करोड़ रुपए की सहायता स्वीकृत की गई है। इससे विश्वविद्यालयों में अधोसंरचना विकास के लिए प्रशासनिक भवन, अकादमिक भवन, रिसर्च लैब, लाइब्रेरी बिल्डिंग,कम्प्यूटर लैब, हॉस्टल और क्लासरूम का निर्माण होगा। साथ ही राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय काँफ्रेंस, सेमिनार, वेबिनार, शैक्षणिक भ्रमण, संकाय संवर्धन और व्यवसायिक प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध होगी। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्रप्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, अपर मुख्य सचिव श्री के सी गुप्ता, निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के चेयरमेन डॉ. भरत शरण सिंह, कुलपति श्री के के जैन विशेष रूप से उपस्थित थे।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भाई उद्धवदास मेहता जी की पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि अर्पित की ![]() 20 Feb 2024 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "वैदिक काल से विलीनीकरण तक भोपाल" पुस्तक का किया विमोचन भोपाल ।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भाई उद्धव दास मेहता की पुण्यतिथि पर आईटीसी कमला पार्क स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की तथा भाई उद्धव दास मेहता स्मृति न्यास द्वारा प्रकाशित पुस्तक "वैदिक काल से विलीनीकरण तक भोपाल" का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल के विकास और राजधानी बनाने में भाई उद्धवदास मेहता के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि वे हिन्दू महासभा, जनसंघ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में सक्रिय रहे। उन्होंने 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन को इस अंचल में नेतृत्व प्रदान किया, वे धर्म ग्रंथों के अध्ययन के लिए विशेष रूप से बनारस गए। सनातन संस्कृति के मूल्यों को बनाए रखने में उनके योगदान और कठिन परिस्थितियों में हिन्दू उत्सव समिति में उनकी सक्रियता पर हमें गर्व है। भाई उद्धवदास मेहता ने पूरे समाज को दिशा दिखाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह बदलते दौर का भारत है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक अनुष्ठान का यज्ञ चल रहा है, सम्राट विक्रमादित्य, राजा भोज के समृद्ध और गौरवशाली अतीत की धरोहर को सहेजने और उसे पुष्पित-पल्लवित करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुस्तक "वैदिक काल से विलीनीकरण तक भोपाल" के लेखक श्री रमेश शर्मा ने तथ्यों का समग्रता में प्रस्तुतिकरण और विश्लेषण किया है। इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, विधायक श्री भगवान दास सबनानी, महापौर श्रीमती मालती राय, पूर्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता, पूर्व राज्यसभा सदस्य श्री रघुनंदन शर्मा एवं श्री राहुल कोठारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। उज्जैन विक्रमोत्सव मेला व्यापार 2024 में मोटरयान कर की दर में 50 प्रतिशत की छूट का निर्णय ![]() 19 Feb 2024 आंवलिया मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 224 करोड़ 46 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल ।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला 2024 में गैर- परिवहन यानों तथा हल्के परिवहन यानों के विक्रय पर जीवनकाल मोटरयान कर की दर में 50 प्रतिशत की छूट का निर्णय लिया गया। निर्णय के अनुसार विक्रीत वाहनों का क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, उज्जैन से स्थाई पंजीयन कराने पर छूट दी जाएगी। उज्जैन के बाहर से आने वाले ऑटोमोबाइल व्यवसायी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, उज्जैन में व्यवसाय प्रमाण-पत्र प्राप्त करने तथा मेला प्रांगण में अपनी भौतिक उपस्थिति सुनिश्चित करने के बाद वाहन विक्रय कर सकेंगे। इंदौर-उज्जैन 4-लेन को 6-लेन मय पेव्हड शोल्डर में विकसित करने 1692 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा इंदौर-उज्जैन 4-लेन मार्ग को 6-लेन मय पेव्हड शोल्डर में विकसित करने की स्वीकृति दी गई हैं। इसकी लम्बाई 45.475 कि.मी. है। योजना अंतर्गत 1692 करोड़ रूपये लागत से 45.475 कि.मी. के इंदौर-उज्जैन 4-लेन मार्ग को 6-लेन मय पेव्हड शोल्डर में हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल (40:60) अंतर्गत निर्माण किया जाना है। परियोजना में समस्त स्ट्रक्चर्स का 6-लेन में निर्माण के साथ अतिरिक्त 1.10 किलोमीटर लम्बाई में शनि मंदिर एप्रोच रोड को 3-लेन में चौड़ीकरण किया जायेगा। परियोजना में महत्वपूर्ण जंक्शनों को ग्रेडसेपरेटर (वीयूपी और फ्लाईओवर) के साथ निर्माण किया जायेगा। मार्ग के एकरेखण में आने वाले दो फ्लाई ओवर, छः अंडरपास एवं आठ वृहद जंक्शन का निर्माण परियोजना के अंतर्गत किया जायेगा। योजना अंतर्गत आने वाले सभी जंक्शन का सुधार, सड़क सुरक्षा के लिये आवश्यक उपाय, रोड मार्किंग एवं रोड फर्नीचर इत्यादि का कार्य करवाया जायेगा।लोक सेवा आयोग में दो सदस्यों की नियुक्ति को मंजूरी मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग में 1 अध्यक्ष एवं 4 सदस्यों सहित कुल 5 पद स्वीकृत हैं और वर्तमान में एक अध्यक्ष एवं दो सदस्य कार्यरत हैं। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग में सदस्यों के दो रिक्त पद पर चयन समिति की अनुशंसा पर मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग में डॉ. एच.एस. मरकाम, सहायक प्राध्यापक (दंत रोग), मेडिकल कॉलेज, जबलपुर एवं डॉ. नरेन्द्र कुमार कोष्टी, सहायक प्राध्यापक (अर्थशास्त्र), शासकीय महाकौशल कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, जबलपुर को सदस्य नियुक्त करने का अनुमोदन मंत्रि-परिषद ने किया।आंवलिया मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 224 करोड़ 46 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा खण्डवा जिले की तहसील खालवा के ग्राम रोशनी के समीप घोड़ापछाड़ नदी पर आंवलिया मध्यम सिंचाई परियोजना सिंचित क्षेत्र 6703 हेक्टेयर रबी के लिए 224 करोड़ 46 लाख रूपये कीपुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017 में उक्त परियोजना अंतर्गत 5 हजार हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र के लिये परियोजना लागत 165 करोड़ 8 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई थी। भू-अर्जन के विशेष पैकेज, सिंचित क्षेत्र में 1703 एकड़ की वृद्धि, निर्माण लागत में वृद्धि आदि से लागत में 59 करोड़ 38 लाख रूपये की वृद्धि की गई है। पुनरीक्षित परियोजना के लिये 224 करोड़ 46 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई हैं।ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास कार्य के लिए 1500 करोड़ का प्रावधान ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास कार्य "मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं अधोसंरचना विकास योजना" के नये कार्यों को स्वीकृत करने के लिए पूंजीगत मद में 1500 करोड़ रूपये की व्यवस्था वर्ष 2023-24 के लिये की जायेगी। विभाग द्वारा सूचकांक- 1 की अधिकतम सीमा 3 से बढ़ाकर 7 करने के प्रस्ताव का मंत्रि-परिषद ने अनुमोदन दिया।दो नये विश्वविद्यालय मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक- 2024 के माध्यम से मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 में संशोधन की स्वीकृति दी गई हैं। संशोधन अनुसार नए क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय अंतर्गत खरगोन एवं अन्य जिले तथा नए तात्या टोपे विश्वविद्यालय अंतर्गत गुना, अशोकनगर सहित अन्य जिलों के महाविद्यालयों को शामिल करने का निर्णय लिया गया हैं। इस संबंध में मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा किया गया।सुकन्या समृद्धि योजना एक अभिनव योजना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ![]() 19 Feb 2024 मुख्यमंत्री डॉ यादव को भगवान श्री राम दरबार का चित्र भेंट भोपाल ।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मंत्रालय में मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल मध्यप्रदेश श्री बृजेश कुमार ने भेंट कर मध्य प्रदेश डाक परिमंडल की गतिविधियों की विस्तार पूर्वक जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को श्री बृजेश कुमार ने भगवान श्री राम दरबार का चित्र भेंट किया। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि बेटियों और बहनों के कल्याण के लिए संचालित बचत एवं बीमा योजनाओं की समीक्षा के लिए महिला बाल विकास और डाक विभाग की संयुक्त बैठक बुलाई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव को डाक विभाग द्वारा हाल ही में राममंदिर पर जारी की गई विशेष डाक टिकिट भी भेंट की गईं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मध्यप्रदेश डाक परिमंडल के अंतर्गत डाक घरों द्वारा सुकन्या समृद्धि योजना सहित संचालित की जा रही अन्य बचत योजनाओं एवं शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन का विवरण भी दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि सुकन्या समृद्धि योजना एक अभिनव योजना है। बेटियों के हित में मध्यप्रदेश में योजना का अच्छा क्रियान्वयन हो रहा है, जो सराहनीय है। डाक विभाग द्वारा बेटियों और बहनों के हित में अन्य बचत और बीमा योजनाओं का भी सभी जिलों में विस्तार होना चाहिए। यह महिला सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण कदम होगा। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि महिला बाल विकास और डाक विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक में शीघ्र ही इन योजनाओं क� |