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4022 गाँव में 15 समूह नल-जल योजना से घर-घर पहुँचेगा शुद्ध पेयजल
14 March 2020
प्रदेश के 13 जिले के 4022 गाँव में 15 समूह नल-जल योजनाओं के माध्यम से ग्रामीणों को घरेलू नल कनेक्शन दिये जाएंगे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने इसके लिये 7855 करोड़ की कार्य-योजना तैयार की है, जिसका क्रियान्वयन राज्य जल निगम द्वारा किया जायेगा।
योजनानुसार बैतूल, छतरपुर,धार, खरगौन, जबलपुर, डिन्डौरी एवं मण्डला जिले के 1925 गाँव में 11 समूह नल-जल योजनाएँ लागू की जायेंगी। नाबार्ड सहायतित इन योजनाओं पर 2990 करोड़ 65 लाख रूपये व्यय किये जायेंगे। बाह्य वित्तीय सहायतित परियोजना 'जायका' के तहत मंदसौर एवं नीमच जिले के सभी गाँव और रतलाम जिले के आलोट विकासखण्ड के सभी गाँव सहित कुल 1735 गाँव में 2 समूह नल-जल योजनाओं के क्रियान्वयन पर 4308 करोड़ से अधिक की राशि खर्च की जाएगी। इसमें जायका का ऋण 85 फीसदी अर्थात 3661 करोड़ 85 लाख रूपये होगा। शेष 15 फीसदी अर्थात 642.21 करोड़ रूपये का राज्यांश राज्य शासन खर्च करेगा।
सागर, खण्डवा, खरगौन एवं बुरहानपुर जिले के 362 गाँव में एन.डी.बी. सहायतित परियोजना में दो समूह नल-जल योजनाएँ क्रियान्वित की जायेंगी। इन दोनों योजनाओं पर करीब 556 करोड़ की राशि खर्च होगी। इन योजनाओं में सागर जिले के 276 गाँव में मड़िया (राहतगढ़-जैसी नगर) समूह नल-जल योजना और खण्डवा,खरगौन एवं बुरहानपुर जिले के 86 गाँव के लिए अपरवेदा समूह नल-जल योजना शामिल है।
अभी तक कोरोना वायरस से संबंधित कोई पॉजिटिव प्रकरण नहीं
14 March 2020
प्रदेश में अभी तक नोवल कोरोना वायरस से संबंधित कोई भी पॉजिटिव प्रकरण नहीं पाया गया है। कुछ संचार माध्यमों में भोपाल में कोरोना वायरस का पहला मरीज मिलने की खबर पूर्णत: असत्य है। एम्स भोपाल के डायरेक्टर ने जानकारी दी है कि उनके संस्थान में श्री ओमकार सिंह नाम का कोई भी मरीज न तो भर्ती हुआ है और न ही कोरोना वायरस संक्रमित सेम्पल पॉजिटिव पाये गये हैं। यही स्थिति सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में है।


मध्यप्रदेश बनेगा फिल्म जगत और कलाकारों का डेस्टिनेशन
27 February 2020
राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश फिल्म पर्यटन नीति- 2020 को लागू कर प्रदेश को आर्थिक रूप से सम्पन्न बनाने की क्रान्तिकारी शुरूआत की है। अब वह दिन दूर नहीं, जब फिल्म जगत को हर विषय की फिल्म बनाने के लिए केवल मध्यप्रदेश ही सर्वश्रेष्ठ वेन्यू दिखाई देगा। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने फिल्म जगत के लिये मध्यप्रदेश के दरवाजे खोलकर फिल्में के माध्यम से प्रदेश के आर्थिक विकास का मार्ग प्रशस्त कर दिया है।
पर्यटन नीति 2020 लागू कर मध्यप्रदेश को फिल्म निर्माताओं की पहली पसंद बनाया जा रहा है। नीति में फिल्मों के लिए प्रदेश को सेंट्रल हब बनाने का भी निर्णय लिया गया है। फिल्म निर्माण के लिये बुनियादी ढाँचा तैयार कर फिल्म निर्माताओं और फिल्मों से जुड़े उद्योगों को निवेश के लिये प्रोत्साहित किया जायेगा। प्रदेश के पर्यटन स्थलों को फिल्मों के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अर्न्तराष्ट्रीय पहचान मिलेगी। राज्य सरकार द्वारा फिल्म शूटिंग की अनुमति की प्रक्रिया को आसान बना दिया गया है, जिससे प्रदेश में अधिक से अधिक फिल्मांकन को प्रोत्साहन मिलेगा।
सलाहकार/साधिकार समिति का गठन
फिल्म पर्यटन नीति के क्रियान्वयन के लिए स्पष्टीकरण/ व्याख्या विवाद निराकरण के लिये राज्य-स्तरीय समिति प्राधिकृत की गई है। इसमें फिल्म पर्यटन नीति 2020 मूलरूप से पर्यटन नीति 2016 संशोधित 2019 को ही हिस्सा है। इसमें क्रियान्व्यन और निगरानी के कार्य को प्राथमिकता दी गई है।
फिल्म सुविधा सेल
मध्यप्रदेश में एक समर्पित फिल्म सुविधा सेल का गठन किया गया है। प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड की अध्यक्षता में यह सेल फिल्म पर्यटन विकास के लिये नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा। यह सेल स्टेक होल्डर्स के साथ फिल्म पर्यटन नीति के क्रियान्वयन, प्रक्रिया निर्धारण, आवेदनों के निराकरण संबंधी समन्वय करेगा तथा फिल्म उद्योग की अद्यतन प्रवृत्तियों के अनुसार नीति संबंधी सुझाव एवं नियामक सुधार के लिए समय-समय पर प्रस्ताव तैयार करेगा।
सिंगल विंडो क्लीयरेंस
मध्य प्रदेश में फिल्मों/धारावाहिकों/वेब सीरिज की शूटिंग करने के इच्छुक फिल्म निर्माताओं के लिए वन-प्वाइंट एंट्रेस सिस्टम और समयबद्ध अनुमति तंत्र के लिए ऑनलाईन फिल्म वेब पोर्टल तैयार किया जा रहा है। यह पोर्टल फिल्म पर्यटन नीति के लिये सूचना-प्रसार के एक मंच के रूप में कार्य करेगा। इसमें फिल्म फेसीलिटेशन सेल द्वारा ऑल लाईन तरीके से वेब पोर्टल तैयार न होने तक ऑफ लाईन आवेदन लिये जायेंगे। अन्य सुविधाओं और सेवाओं से संबंधित जानकारी भी इस पोर्टल पर मिलेगी।। प्रत्येक जिले में एस.डी.एम.स्तर के अधिकारी को फिल्म पर्यटन नीति के क्रियान्वयन के लिये नोडल अधिकारी प्राधिकृत किया जायेगा। नोडल अधिकारी जिला स्तर पर सहयोग और समन्वय भी करेंगे।
प्रचार-प्रसार एवं प्रोत्साहन सहायता
फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये राज्य सरकार मनोरंजन उद्योग का विकास कर रही है। इसके अंतर्गत थीम पार्क और सेल्फी प्वाइंट बनाये जा रहे हैं। प्रदेश में राष्ट्रीय एवं अन्तराष्ट्रीय फिल्म समारोह, गोष्ठी और सेमीनार आयोजित किये जायेंगे। देश के प्रमुख फिल्म निर्माताओं के फेम टूअर्स आयोजित किये जायेंगे। प्रदेश के फिल्म शूटिंग स्थलों पर फिल्मांकित की गई फिल्मों और पर्यटन स्थल को पर्यटन उत्पाद के रूप में विकसित कर प्रचार-प्रसार किया जायेगा।
वित्तीय प्रोत्साहन
राज्य सरकार ने फिल्म पर्यटन नीति के अंतर्गत किसी भी भाषा में फिल्म निर्माण के लिये प्रदेश में फिल्मों के अधिक से अधिक फिल्मांकन पर अनुदान के पात्रता मापदंड निर्धारित किये हैं। पहली फिल्म की शूटिंग के लिये अनुदान एक करोड़ रूपये तक अथवा फिल्म की कुल लागत का 25 प्रतिशत, जो भी कम हो, देय होगा। इसके लिये फिल्म के संपूर्ण शूटिंग दिवसों के न्यूनतम 50 प्रतिशत शूटिंग दिवस मध्यप्रदेश में होना जरूरी है। इसी तरह, दूसरी फिल्म के लिये 1 करोड़ 25 लाख रूपये तक या फिल्म की कुल लागत का 25 प्रतिशत, जो भी कम हो, देय होगा। इसके लिये फिल्म के संपूर्ण शूटिंग दिवसों के न्यूनतम 50 प्रतिशत शूटिंग दिवस मध्यप्रदेश में होना जरूरी होगा। इसके अलावा, तीसरी और आगे की फिल्मों के लिये 1 करोड़ 50 लाख रूपये तक या फिल्मों की लागत का 75 प्रतिशत, जो भी कम हो, देय होगा। इसके लिये फिल्म के संपूर्ण शूटिंग दिवसों के न्यूनतम 50 प्रतिशत शूटिंग दिवस मध्यप्रदेश में होना जरूरी होगा। फिल्म पर्यटन नीति में प्रदेश में 75 प्रतिशत से अधिक शूटिंग दिवस वाली फीचर फिल्म के फिल्मांकन में मध्यप्रदेश को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाता है, ऐसी फिल्म को प्रोत्साहित करने वाली प्रत्येक श्रेणी (प्रथम/द्वितीय/तृतीय एवं आगामी फिल्म) में 50 लाख रूपये का अतिरिक्त अनुदान दिया जाएगा। इसका निर्णय फिल्म फेसेलिटेशन सेल द्वारा लिया जायेगा। प्रदेश पर आधारित कहानी/स्क्रिप्ट पर फिल्मांकन एवं फिल्म की परियोजना की लागत का 50 प्रतिशत या 5 करोड़ रूपये, जो भी कम हो, पर विशेष अनुदान दिया जायेगा। अनुदान का निर्णय फिल्म फेसेलिटेशन सेल द्वारा लिया जायेगा। यदि फिल्म निर्माण में मध्यप्रदेश के स्थानीय कलाकारों को काम के अवसर दे रहे है, तो तीन स्तर पर अतिरिक्त अनुदान दिया जाएगा। कहानी के अनुसार प्रमुखता से प्रदर्शित होने वाले कैरेक्टर पर अधिकतम 25 लाख रूपये दिये जायेंगे। इसी तरह, 5 द्वितीय स्तर पर कहानी के अनुसार प्रमुखता से प्रदर्शित होने वाले कैरेक्टर के अतिरिक्त अन्य प्रमुख कैरेक्टर के कलाकारों के लिए अधिकतम 10 लाख रूपये अथवा दोनों श्रेणियों के लिये कलाकारों के वास्तविक भुगतान की 50 प्रतिशत राशि, जो भी कम हो, दी जायेगी।
फिल्म सिटी
प्रदेश सरकार राज्य में फिल्म सिटी स्थापित करने का भी प्रयास करेगी, ताकि एक ही स्थान पर फिल्म निर्माताओं के लिये पूर्ण बुनियादी ढाँचा उपलब्ध हो सके। निजी क्षेत्र की सहायता से फिल्म सिटी/शहरों/फिल्म लैब की स्थापना की संभावनाओं का आंकलन करने के लिये राज्य के पर्यटन विभाग द्वारा एक विशेषज्ञ एजेंसी के माध्यम से व्यवहार्यता अध्ययन कराया जाएगा तथा क्रियान्वयन के लिये एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
राज्य सरकार प्रदेश में फिल्म सिटी की स्थापना के लिये पर्यटन नीति 2016 (संशोधित 2019) के अनुसार भूमि भी प्रदान करेगी और सक्रिय बुनियादी ढाँचे के निर्माण में सक्रिय रूप से सहयोग भी देगी।
इस तरह अब मध्यप्रदेश फिल्म जगत और कलाकारों का गंतव्य बनेगा। इसमें उन्हें हर सुविधा मिलेगी। साथ ही, आर्थिक मदद भी।
संयंत्र की स्थापना से प्रदेश की ऊर्जा जरूरतों की पूर्ति होगी : श्री कराड़ा
27 February 2020
जल संसाधन मंत्री श्री हुकुम सिंह कराड़ा ने बताया है कि गैर परंपरागत ऊर्जा के स्त्रोत के रूप में मध्य प्रदेश के महत्वाकांक्षी सौर ऊर्जा संयंत्रों के समूह ''सोलर पार्क’’ की स्थापना शाजापुर जिले में की जायेगी। जिले की शाजापुर एवं मो. बड़ोदिया तहसील के कुल 11 ग्रामों की 1272.822 हे.क्षेत्र की पड़त भूमि पर सोलर पार्क की स्थापना से प्रतिदिन लगभग 450 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। इस परियोजना की लागत लगभग 1800 करोड़ रूपये है। सोलर पार्क स्थापना करने की इच्छुक विभिन्न कंपनियों, जिनमें 6 विदेशी कंपनियां भी हैं, के प्रतिनिधियों ने आज सोलर पार्क के लिए आरक्षित भूमि का अवलोकन किया।
सोलर पार्क के लिए आरक्षित भूमि का अवलोकन इनेल ग्रीन पॉवर, राइजिंग सन एनर्जी, बीएचईएल, गेल, इडेन रिनिवेबल एनर्जी, विक्टर ग्रीन कंपनी, टाटा पॉवर रिनिवेबल एनर्जी, एनटीपीसी, ज्यूनिपर ग्रीन एनर्जी, रिनिव पॉवर प्रा.लि., एएमपी एनर्जी, एसबी एनर्जी, एनजील सोलर, जेएसडब्ल्यू एनर्जी, स्प्रींग एनर्जी, एओन एनर्जी, सोलर पेक एनर्जी कंपनी के प्रतिनिधियों ने किया। सोलर पार्क के लिए शाजापुर तहसील के ग्राम हनौती में 164.61 हेक्टेयर, सूरजपुर में 53.74 हेक्टेयर तथा लालपुर में173.572 हेक्टेयर कुल 391.922 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है। इसी तरह मो. बड़ोदिया तहसील के ग्राम जावदी में 53.24 हे.,परसुला में 137.02 हे., फावका में 22.62 हे., धतरावदा में 218.2 हे., देहरीपाल में 154.66 हे. चौमा में 55.5 हे., बुरलाय में 95.23 हे. तथा बिजनखेड़ी में 144.43 हेक्टेयर कुल 880.9 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है। इस प्रकार शाजापुर एवं मो. बड़ोदिया तहसील के11 ग्रामों में कुल 1272.822 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है।
जल संसाधन मंत्री श्री हुकुम सिंह कराड़ा के विशेष प्रयासों से यह परियोजना शाजापुर जिले में आई है। इस सोलर पार्क को मार्च 2022 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इस सोलर पार्क से प्रदेश की विद्युत वितरण कंपनियों को बिजली प्रदान की जाएगी तथा वहां से बिजली उपभोक्ताओं को प्राप्त होगी। मंत्री श्री कराड़ा ने बताया कि इस संयंत्र की स्थापना से प्रदेश की ऊर्जा जरूरतों की पूर्ति होगी तथा क्षेत्र का विकास भी होगा।
नाबार्ड के सहयोग से बढ़ाई जाएगी खाद्यान्न भंडारण क्षमता : मंत्री श्री तोमर
24 February 2020
खाद्य-नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने कहा है कि नाबार्ड के सहयोग से प्रदेश में खाद्यान्न भंडारण क्षमता का विस्तार किया जाएगा। निजी गोदाम संचालकों को प्रोत्साहित किया जायेगा। नये गोदामों का निर्माण कराया जायेगा। इस काम में नाबार्ड के माध्यम से 221 करोड़ 27 लाख रुपये व्यय किये जायेंगे।
मंत्री श्री तोमर ने बताया कि इस परियोजना में अनावश्यक खाद्यान्न परिवहन व्यय को कम करने के लिये विकासखंड स्तर पर 136 चिन्हित स्थानों पर और 76 उपार्जन केन्द्रों पर 500-500 मैट्रिक टन क्षमता के गोदाम-सह-उचित मूल्य दुकानों के लिये भवनों का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन भवनों में किसानों एवं हितग्राहियों के लिए शुद्ध पेयजल और सुलभ काम्पलेक्स आदि मूलभूत सुविधाएँ सुनिश्चित की जायेंगी। इस कार्य पर परियोजना की कुल राशि में से 77 करोड़ 40 लाख रुपये की राशि व्यय की जाएगी।
श्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने बताया कि परियोजनान्तर्गत वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन की भण्डारण क्षमता का विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश में अभी वेयर हाऊसों की भण्डारण क्षमता 23 लाख मैट्रिक टन है। अब इन वेयर हाउसों में सीमेन्ट कॉन्क्रीट रोड और बाउड्रीवाल का निर्माण कराया जा रहा है। साथ ही, 250 वेयर हाउसों में सुलभ कॉम्पलेक्स और पेयजल सुविधा के विस्तार का काम जारी है। श्री तोमर ने बताया कि 74 हजार मैट्रिक टन क्षमता के केप को भी गोदाम के रूप में परिवर्तित किया जा रहा है। राज्य सरकार ने प्रदेश में 2 स्थानों पर आधुनिक पद्धति से सर्वसुविधायुक्त गोदाम बनाने तथा 66 स्थानों पर डिजिटाईज्ड-9-वे ब्रिज बनाने का निर्णय लिया गया है। इन कार्यो पर परियोजना की कुल राशि में से 143 करोड़ 87 लाख रूपये की राशि व्यय की जाएगी।
खाद्य-नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री ने बताया है कि निजी गोदाम संचालकों को दिए जाने वाले किराये की राशि को 8 रूपये प्रति टन प्रति माह से बढ़ाकर 18 रूपये प्रतिटन प्रतिमाह किया गया है। इससे नवीन गोदामों के निर्माण के लिए लोग प्रोत्साहित होंगे।
सांची में अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध संग्रहालय बनेगा : मंत्री श्री शर्मा
24 February 2020
जनसम्पर्क एवं आध्यात्म मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने द बुद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया के बुद्ध स्टैच्यू डोनेशन कार्यक्रम में कहा कि राज्य सरकार महाबोधि सोसायटी के साथ सांची में बौद्ध संग्रहालय तथा अध्ययन एवं प्रशिक्षिण केन्द्र बनाएगी। उन्होंने बताया कि पिछले माह श्रीलंका यात्रा के दौरान महाबोधि सोसायटी के अध्यक्ष और श्रीलंका सरकार से उन्होंने इस संबंध में विस्तृत चर्चा की है।
मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि श्रीलंका, जापान, थाइलैंड आदि देशों से भगवान बुद्ध की शिक्षा और संदेश आदि के संबंध में जानकारी प्राप्त की जा रही है। यह जानकारी सांची में अन्तर्राष्ट्रीय बौद्ध संग्रहालय, अध्ययन और प्रशिक्षण संस्थान को बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि श्रीलंका में सीता मैया के मंदिर का भी निर्माण किया जाएगा।
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि विश्व में सांची ऐसा बौद्ध केन्द्र है, जहां भगवान बुद्ध के संदेश और शिक्षा के बारे में विस्तार से जानकारी मिलती है। सांची को दुनिया के अन्य देशों और महानगरों से एयर कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए भोपाल-कोलंबो और भोपाल-बैंकाक आदि महानगरों के लिए सीधी वायुयान सेवा शुरू की जाएगी। श्री शर्मा ने कार्यक्रम में स्थानीय समितियों के पदाधिकारियों को अष्टधातु से निर्मित नौ इंच की भगवान बुद्ध की स्टैच्यू प्रदान की।
ऊर्जा मंत्री द्वारा चार करोड़ से अधिक के कार्यों का भूमि-पूजन/लोकार्पण
20 February 2020
भोपाल.ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह ने राजगढ़ जिले की खिलचीपुर तहसील के विभिन्न ग्रामों में चार करोड़ से अधिक की लागत के विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन/लोकार्पण किया।
उन्होंने ग्राम धामनिया जोगी में 2 करोड़ 6 लाख की लागत के और ग्राम डालूपुरा में एक करोड़ 62 लाख की लागत के 33/11 के.व्ही. नवीन विद्युत ग्रिड उपकेन्द्र, ग्राम पीपल्या कला में 57 लाख की लागत के वेयर हाउस का भूमि-पूजन और पीपल्या कला में ही 24 लाख की लागत के उप-स्वास्थ्य केन्द्र भवन का लोकार्पण किया।
ऊर्जा मंत्री श्री सिंह ने कहा कि राजगढ़ जिले में 13 और राजगढ़ संसदीय क्षेत्र में 22 विद्युत ग्रिड पहली बार एक साथ स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिन ग्रिड़ों का भूमि-पूजन आज किया गया है उनका निर्माण 30 जून तक पूरा कर लिया जाएगा। श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में 5 हजार से अधिक मेगावाट बिजली का उत्पादन कर कीर्तिमान स्थापित किया गया है। इंदिरा गृह ज्योति योजना में एक करोड़ से अधिक बिजली उपभोक्ता लाभान्वित हो रहे हैं। किसानों के बिजली के बिल भी आधे किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जिले में 30 गौ-शालाओं का निर्माण शुरू किया गया है। इस दौरान राजगढ़ विधायक श्री बापूसिंह तंवर सहित अन्य जन-प्रतिनिधियों ने भी विचार व्यक्त किए।

तामिया का सफर यादगार और मनोरम बनायेगा "सेरेन्डिपिटी लेक एण्ड रिसोर्ट"
20 February 2020
भोपाल.वर्ष भर समशीतोष्ण जलवायु वाला तामिया मध्यप्रदेश के छिन्दवाड़ा जिले के सबसे अधिक दर्शनीय क्षेत्रों में से एक है, जहाँ समय के साथ उसकी नैसर्गिकता अब तक बरकरार है। सतपुड़ा की वादियों में बसे यहाँ के गांव भी उतने ही पुराने हैं, जितनी इसके आसपास की प्रकृति। पर्यटकों के लिये यहाँ करने के लिए बहुत कुछ है। यह जैव विविधता का महत्वपूर्ण स्थल भी है। यहाँ की नैसर्गिक पातालकोट क्षेत्र की भारिया जनजाति और उसका रहन-सहन लोगों के आकर्षण और शोध का विषय रहा है। इस क्षेत्र में "सेरेन्डिपिटी लेक एण्ड रिसोर्ट" खुल जाने से पर्यटकों के लिये अब तामिया का सफर यादगार और मनोरम हो जायेगा। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ की विशेष पहल पर 21 फरवरी 2020 से प्रारंभ हो रहे इस रिसोर्ट से एक ओर जहाँ पर्यटकों की संख्या में वृध्दि होगी, वहीं दूसरी ओर स्थानीय भारिया जनजाति समुदाय को रोजगार के नये अवसर मिल सकेंगे और वे समाज की मुख्य धारा से जुड सकेंगे।
"सेरेन्डिपिटी लेक एण्ड रिसॉर्ट्स" तामिया एक शानदार 30 कमरों वाला ईको-एडवेंचर रिसॉर्ट है, जो महानगरीय वातावरण से दूर एक निर्मल और शांत वातावरण देता है और घर से दूर घर की भावना को जागृत करता है। सतपुड़ा पर्वत की गोद में बसा हुआ यह रिसॉर्ट पर्यटकों को प्राकृतिक और सांस्कृतिक आश्चर्य में डूबी एक रहस्यमयी यात्रा पर ले जायेगा। तामिया पहुंचकर पर्यटक प्रकृति की नैसर्गिक खूबसूरती से जुडेंगे और अपने आप को तरो-ताजा व जीवंत महसूस करेंगे।
पर्यटकों के लिये यहाँ करने के लिए बहुत कुछ है। पर्यटक चाहें तो यहाँ रात्रि में आकाश में झिलमिलाते लाखों तारों पर टकटकी लगा सकते हैं, इसके खूबसूरत इलाकों की सैर कर सकते हैं, "द हीलिंग विलेज" में अपना कायाकल्प कर सकते हैं। सेरेन्डिपिटी में "शिनरिन योकू" का अनुभव कर सकता हैं जो एक तरह का जंगल स्नान है जिसमें मन, आत्मा और शरीर को एक साथ ठीक करने का कार्य किया जाता है। सेरेन्डीपिटी के "सोल करी-डाइनिंग रेस्तरां" में अपनी गैस्ट्रोनॉमी को संतुष्ट कर सकता हैं या "पपी द टशन-द ढाबा" में ग्रामीण पहाड़ी व्यंजनों का स्वाद ले सकता है या बेलिनी-द बार में मनपसंद पेय पदार्थों का आनंद ले सकते हैं या "विस्सो-द लाउंज" में मनचाहे संगीत का लुत्फ उठा सकते हैं। व्यक्तिगत एडवेंचर्स का आनंद उठाने के लिये "तामिया एडवेंचर्स एंड बियॉन्ड" की मदद से एडवेंचर्स या ट्रेकिंग के रोमांच का आनंद ले सकते हैं या पातालकोट ट्राइबल दुकान में कलात्मक वस्तुओं या औषधियों की खरीदारी कर सकता है। सेरेन्डीपिटी ने मेहमानों की दुनिया के लिये कई अलग-अलग मनोरंजन और गतिविधियों के अनुभव की व्यवस्था की है। साथ ही वातानुकूलित आवासीय कमरों, अनुकूलित बाथरूम, व्हीलचेयर, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग पर्यटकों की आसान पहुँच के लिये सुविधाजनक व्यवस्था भी की है। यहाँ पर्यटक अपने साथ पालतू जानवर भी ला सकते हैं।
पर्यटक यहाँ पर आदिवासी दोस्तों के साथ लुभावनी पगडंडियों पर नेचर वॉक कर, गूढ़, रहस्यमयी कहानियां सुनकर और भावपूर्ण वार्तालाप कर अपने आपको दूसरी दुनिया में होने का अहसास कर सकेंगे और अपने इस अनुभव को एक खूबसूरत और अप्रतिम संस्मरण के रूप में हमेशा याद रख सकेंगे। पर्यटक अपनी इच्छा और रूचि के अनुसार सिरेन्डिपिटी के माध्यम से विशेष यात्रा कार्यक्रम बनाकर पातालकोट और उसके आस-पास के कई स्थानों का भ्रमण कर सकेंगे। साथ ही रंगों को प्रचुरता से देखने, मनचाही सैर करने, विभिन्न देशी वनस्पतियों और इसके औषधीय गुणों को जानने, वन्य जीवों, झरनों, पहाड़ियों, मंदिरों, किलों, संग्रहालयों आदि का भ्रमण कर सकेंगे। यहाँ छु‍टिटयां बिताने का सबसे खूबसूरत, प्रिय और अच्‍छा अवसर यह है कि यहाँ आने वाला पर्यटक यहाँ का खूबसूरत अहसास और भावनायें अपने साथ लेकर घर जा सकेगा। "सिरेन्डिपिटी रिसॉर्ट्स" का दिलखुश आतिथ्य, रहस्यमय कहानियों की अनसुलझी जिज्ञासा, आतिथ्य में लगे जनजातीय लोगों के चेहरे की प्राकृतिक मुस्कुराहट के साथ ही अन्य और भी बहुत कुछ पर्यटकों को हमेशा याद रहेगा।
यह रिसॉर्ट कुछ एकड़ क्षेत्र में झील के शानदार दृश्यों, हरे-भरे वातावरण, खड़ी पहाड़ियों और घाटी के साथ लगभग 3 हजार 500 एकड़ जंगल तक विशेष पहुंच के साथ फैला हुआ है। यह तामिया में सर्विस और स्टाईल के एक नये वर्जन को परिभाषित कर रहा है। अछूता और अनिर्दिष्ट तामिया दुनिया से अलग होने और पूर्ण शांति का अनुभव करने के लिए आदर्श स्थान है। किसी भी मौके पर शहरी वातावरण से दूर प्रकृति के साथ जश्न मनाने के लिए सेरेन्डिपिटी एक परफेक्ट गेट-वे है। यह रिसॉर्ट नागपुर-छिंदवाड़ा-पिपरिया रोड पर स्थित है। यह नागपुर से केवल तीन घंटे की ड्राइव पर है और यहाँ आसानी से पहुँचा जा सकता है।
आवासीय व्यवस्था
पर्यटकों को ग्रामीण व आदिवासी परिवेश का एहसास कराने के लिये 185 वर्ग फुट औसत आकार के 6 फेमिली विलेज हट्स (झोपडियां) गांव की थीम को ध्यान में रखते हुए आदिवासी डिजाइन में बनाये गये हैं, जो कला का एक उत्कृष्ट नमूना है और प्रत्येक झोपड़ी एक परिवार या 4 लोगों के रहने के लिये आरामदायक है। इस रिसॉर्ट के अंदर पातालकोट विलेज हट्स में पर्यटक को शांति व सुकून का अनुभव देने की क्षमता हैं। ये झोपड़ियां जनजातीय सामुदायिक जीवन शैली पर आधारित हैं, जहाँ प्रकृति पर्यटक की आत्मा को परिपूर्ण और मन को तरो-ताजा कर सकेगी। पर्यटक इन विलेज हट से लगे हुये वीसो लाउंज तक पहुँच सकते हैं और सामने के खुले स्थान पर आउटिंग कर सकते हैं। इस इको रिजॉर्ट को आधुनिक सुख-सुविधाओं के साथ बनाया गया है। बडे रॉयल कॉटेज पर्यटकों को परिष्कृत आवास प्रदान करने के लिये उपयुक्त हैं। प्राकृतिक और आरामदायक साज-सज्जा के साथ ये कमरे पर्यटक व उसके आराम व परिवार के ठहरने के लिए एकदम सही हैं। डिस्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी से सुसज्जित ये कॉटेज ऊंची छत और बड़ी तस्वीर वाली खिड़कियों के साथ एक आधुनिक आवासीय वातावरण बनाती हैं। हरे-भरे प्राकृतिक परिवेश इन कॉटेज के तीनों तरफ स्थित हैं। एक बड़े परिवार या दोस्तों के समूह के पर्यटन को ध्यान में रखते हुए 185 वर्ग फीट औसत आकार और 55 वर्ग फीट औसत आकार की शीर्ष मंजिल के 2 डुप्लेक्स हट्स बनाये गये हैं, जिनमें 6 लोगों को आसानी से समायोजित किया जा सकता हैं। इसमें 4 लोग ग्राउण्ड फ्लोर पर और 2 लोग शीर्ष मंजिल पर रह सकते हैं। इसी प्रकार 255 वर्ग फीट औसत आकार के 6 डीलक्स डबल रूम और 3 डीलक्स ट्विन रूम भी बनाये गये हैं। कमरों में वाई-फाई सहित कई प्रकार की कॉम्प्लीमेंटरी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। पर्यटकों की सुविधा के लिये 255 वर्ग फीट औसत आकार के 13 रॉयल कॉटेज भी बनाये गये हैं।छत से झरने के आश्चर्यजनक दृश्य का लुत्फ उठाया जा सकता हैं। अतिरिक्त कीमत पर व्यक्तिगत बटलर की सेवायें ली जा सकती हैं। चयनित कमरों में एयर कंडीशनिंग, निजी बरामदा या सनडेक, डायरेक्ट डायल टेलीफोन, सैटेलाइट टी.व्ही., फ्लैट स्क्रीन टीवी, इन-रूम चाय व कॉफी मेकर, शावर, निजी मिनी बार, विशेष बाथरूम सुविधाएं, बाथरूम, हेयर ड्रायर, इस्त्री बोर्ड, 24 घंटे ड्यूटी पर उपलब्ध कर्मचारियों के माध्यम से कमरे और कॉटेज में ही चेक इन की सुविधा, द्वारपाल सेवा, अतिरिक्त लागत पर निजी बटलर सेवा, ट्रेवल एण्ड टूर सहायता, आपातकालीन चिकित्सा सहायता, एडवेंचर प्लानर, दुकान-पातालकोट जनजातीय सामुदायिक केंद्र, कंप्यूटर और प्रिंटर एक्सेस, जिम, सार्वजनिक क्षेत्र में कॉम्प्लीमेंटरी वाई-फाई सुविधा उपलब्ध कराई गई हैं।
सम्मेलन और भोज
सिरेंडिपिटी में पर्यटकों के लिए अलग-अलग भोजन विकल्प उपलब्ध हैं, जिनका आनंद यहाँ के विशिष्ट स्थानों पर अपने स्वाद के अनुसार उठाया जा सकता है। सिरेंडिपिटी में बैंकेट, कॉम्पैक्ट मीटिंग, 100 अतिथियों के सेमिनार और 80 प्रतिनिधियों के सम्मेलनों से लेकर किसी भी कार्यक्रम के लिए आदर्श बैठक व्यवस्था की गई है। एक सफल व्यवसाय समारोह, सम्मेलन या सामाजिक कार्यक्रम के आयोजन में सहायता के लिए यह रिसॉर्ट आधुनिक सुविधायें प्रदान करता है और एलसीडी प्रोजेक्टर्स, वाई-फाई और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के समुचित ढंग से संचालन के लिये संचार तकनीक के तकनीशियनों की एक टीम बनाई गई है। रिसॉर्ट के पास होस्ट के साथ ही एक समर्पित ईवेंट टीम और वेडिंग को-ऑर्डिनेटर है, जो यह सुनिश्चित करता हैं कि कोई भी आयोजन बाधारहित रहे जो इवेंट और एक्टिविटी गतिविधियों और बिलिंग सेवाओं को पूरा करने के लिए आवश्यक है। रिसॉर्ट का उद्देश्य मेहमानों के एक यादगार कार्यक्रम या रात्रिभोज के साथ व्यवसाय या सामाजिक आयोजन के लिये उपयुक्त माहौल, मेनू, सजावट और मनोरंजन की व्यवस्था करना है।
हैल्थ एण्ड फिटनेस-कैराली आयुर्वेदिक फिटनेस सेंटर
पर्यटकों के स्वास्थ्य और फिटनेस की दृष्टि से कैराली आयुर्वेदिक फिटनेस सेंटर उपलब्ध है, जिसमें बहु-संवेदी अनुभव के साथ पारंपरिक स्वास्थ्य उपचारों सहित मालिश, शरीर स्पा और समग्र चिकित्सा का चयन कर पर्यटक लाभ उठा सकते हैं। साथ ही जापानी चिकित्सा पध्दति "शिनरिन-योकू" का लाभ भी पर्यटक ले सकते हैं। इस चिकित्सा पध्दति के अंतर्गत पर्यटक को वन वातावरण में ले जाने या जंगल स्नान कराकर उसे पुन: युवा और सबल बनाने वाले स्वास्थ्य लाभ कराये जाते है। इस चिकित्सा पध्दति के अंतर्गत पर्यटक को हर कुछ मीटर पर आसन और सुखद ट्रैक पर 2 से ढाई मीटर की पैदल दूरी पर एक शांत और धीमी गति से चलाया जाता है। यदि मौसम अनुकूल होता है, तो पर्यटक को प्राकृतिक जलमार्ग से भी ले जाया जाता है। यह इलाका सुरक्षित और रिसॉर्ट के करीब है। वन में चलने पर पर्यटक को प्राकृतिक मौन से मिलवाकर धरती का स्पर्श और अहसास कराया जाता है, पत्तियों की ध्वनि और उसकी बनावट से अवगत कराया जाता है, हवा की आवाज, हथेली पर ओस का स्पर्श आदि भी महसूस कराया जाता है। उल्लेखनीय है कि जापानी चिकित्सा पध्दति शिनरिन-योकू 1980 के दशक के दौरान जापान में विकसित की गई जिसमें जापान और दक्षिण कोरिया के शोधकर्ताओं ने एक जीवित जंगल की छतरी के नीचे समय बिताने के स्वास्थ्य लाभों पर वैज्ञानिक साहित्य के एक मजबूत निकाय की स्थापना की है और उनका यह शोध पूरी दुनिया में शिनरिन-योकू और वन थेरेपी स्थापित करने में मदद कर रहा है। इस चिकित्सा पध्दति से शरीर की नेचुरल किलर कोशिकाओं की संख्या में वृध्दि के साथ बूस्टेड इम्यून सिस्टम फंक्शनिंग, घटा हुआ ब्लड प्रेशर, कम तनाव, बेहतर मूड, ध्यान केंद्रित करने की क्षमता में वृध्दि, एडीएचडी वाले बच्चों में सर्जरी या बीमारी से त्वरित स्वास्थ्य लाभ, ऊर्जा स्तर में वृध्दि, बेहतर नींद, गहरा और स्पष्ट अंतर्ज्ञान, ऊर्जा प्रवाह में वृध्दि, भूमि और इसकी प्रजातियों के साथ संवाद करने की क्षमता में वृध्दि, एरोस/जीवन शक्ति के प्रवाह में वृध्दि, मित्रता का गहरा होना, खुशी की भावना में वृध्दि, प्रकृति के प्रति संवेदनाओं को खोलने का अंतर्ज्ञान, अपने आसपास की दुनिया में नये तरीकों से संपर्क करना सीखना आदि लाभ मिलते हैं।
स्थिरता और सामुदायिक निवेश
यह रिसॉर्ट प्रत्येक पर्यटक अतिथि की यात्रा को यादगार और टिकाऊ बनाने की प्रतिबध्दता के साथ ही संस्कृति, पर्यावरण और पर्यटकों की आर्थिक स्थिति के प्रति भी गंभीर है। सिरेन्डिपिटी तामिया की उल्लेखनीय जैव विविधता के संरक्षण और अपने पर्यावरणीय संरक्षण के लिए समर्पित है। यह रिसॉर्ट स्थानीय कलाकारों के साथ पार्टनरशिप, स्थानीय युवाओं को शैक्षिक और व्यावसायिक अवसर उपलब्ध करवाकर सामुदायिक भागीदारी भी सुनिश्चित करता है। अधिकांश कर्मचारी स्थानीय भारिया आदिवासी समुदाय के पातालकोट क्षेत्र के 12 गाँवों के हैं, जिन्हें रिसॉर्ट ने गोद लिया है और सभी एक्स-ताज आतिथ्य प्रशिक्षण टीम द्वारा प्रशिक्षित हैं, जिससे पर्यटकों को एक दिलचस्प आतिथ्य का अनुभव मिल सकेगा।

राजस्व मंत्री श्री राजपूत ने 34 पटवारियों को दिये ई-बस्ते
18 February 2020
राजस्व एवं परिवहन मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने सागर में डॉ. हरिसिंह गौर केन्द्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित समारोह में राहतगढ़ तहसील के 34 पटवारियों को ई-बस्ता (लैपटॉप) वितरित किये। उन्होंने कहा कि पटवारी प्रशासन का वो चहरा होता है, जिसके आचार-विचार एवं व्यवहार के कारण शासन की छवि आम जनता तक पहुँचती है। श्री राजपूत ने कहा कि वास्तव में पटवारी राजस्व की दृष्टि से शासन और जनता के बीच सेतु के रूप में काम करता है।
मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि राजस्व विभाग अब नई तकनीक के साथ अपने काम को एक्यूरेसी के साथ पूरा कर रहा है। ई-बस्ता वितरण भी इस दिशा में एक कड़ी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भारत सरकार के सर्वे ऑफ इंडिया के साथ एमओयू साइन किया है, जिसमें सीमांकन अब ड्रोन एवं ट्रेकिंग मशीन से एक्यूरेसी के साथ साल भर किया जा सकेगा। श्री राजपूत ने कहा कि अभी तक सीमांकन कराने में अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सीमांकन वर्ष भर में एक निश्चित अवधि में ही संभव हो पाता है। उन्होंने कहा कि अब पोर्टल एम.पी. ऑनलाइन के सहयोग से खसरा, बी-वन, नक्शा और अन्य राजस्व रिकार्ड घर बैठे ऑनलाइन प्राप्त किये जा सकेंगे।
राजस्व एवं परिवहन मंत्री ने बताया कि वर्षों से लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिये राज्य सरकार ने राजस्व लोक अदालतों के माध्यम से लगभग डेढ़ लाख प्रकरणों का निराकरण किया है। उन्होंने बताया कि 19 फरवरी को लोक अदालतों को अगला चरण प्रारंभ होगा।
इस अवसर पर आयुक्त भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त श्री ज्ञानेश्वर पाटिल ने कहा कि सागर से मध्यप्रदेश में स्मार्ट पटवारी बनाने की शुरूआत की गई है। लैपटॉप प्राप्त पटवारियों से उन्होंने कहा कि वे अपने कार्य को पूरी ईमानदारी के साथ इस प्रकार पूरा करें। प्रदेश के अन्य 20 हजार पटवारियों के सामने मील का पत्थर साबित हों।
मंत्री श्री पटवारी ने 1599 किसानों को दिये 10.62 करोड़ फसल ऋण माफी प्रमाण-पत्र
18 February 2019
उच्च शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री जीतू पटवारी ने अपने प्रभार के जिला देवास में हाटपिपलिया कृषि उपज मंडी प्रांगण में 'जय किसान फसल ऋण माफी'' योजना में द्वितीय चरण में 1599 किसानों को 10 करोड़ 62 लाख रुपए के ऋण माफी प्रमाण-पत्र वितरित किए। उन्होंने बताया कि दो चरणों में देवास जिले के लगभग एक लाख किसानों का कर्ज माफ किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सोच है कि किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य मिले। इसके लिए सरकार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों का बिजली का बिल आधा कर दिया गया है।
मंत्री श्री पटवारी ने बताया कि गाँव की समस्याओं का गाँव में ही समाधान करने के लिए 'आपकी सरकार-आपके द्वार'' कार्यक्रम शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पहले वर्ष एक हजार गौ-शालाएँ स्वीकृत कीं। अब दूसरे साल 3 हजार गौ-शाला खोलने का निर्णय लिया गया है। देवास जिले में पहले वर्ष 30 गौ-शालाएँ स्वीकृत की गई। दूसरे साल में 90 गौ-शालाएँ और बनाई जाएंगी।
मंत्री श्री पटवारी ने स्थानीय शासकीय महाविद्यालय में भवन नवीनीकरण, इंडोर स्टेडियम, लैब आदि निर्माण कार्य और नेवरी-चापड़ा मार्ग का कार्य शीघ्र शुरू कराने का आश्वासन दिया।
आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मिलेंगे मोबाइल और साइकिलें - मंत्री श्रीमती इमरती देवी
11 February 2020
महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती इमरती देवी ने ग्वालियर में आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के एक दिवसीय राज्य-स्तरीय सम्मेलन में कहा कि आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मोबाइल फोन और साइकिलें दी जायेंगी, ताकि वे अपना कार्य बेहतर और सुचारु रूप से कर सकें। उन्होंने कहा कि आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिये प्रदेश में शीघ्र ही नया ड्रेस कोड लागू किया जायेगा। श्रीमती इमरती देवी ने कहा कि यह निर्णय लिया गया है कि आँगनवाड़ी कार्यकर्ता हितग्राहियों को सेवाएँ देने के अलावा अन्य कोई कार्य नहीं करेंगी।
मंत्री श्रीमती इमरती देवी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ का प्रयास है कि प्रदेश कुपोषण से मुक्त हो। आँगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं एवं विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों को इसके लिये समर्पित भाव से कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि कुपोषण कोई बीमारी नहीं है। यह बच्चों के आहार में पोषक तत्वों की कमी से होने वाली स्थिति है। सामान्यत: इसे घरों में उपयोग होने वाले पोषक खाद्य-पदार्थों का अधिकाधिक उपयोग कर इसे दूर किया जा सकता है।
महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती इमरती देवी ने कहा कि प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर दो-दो पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। यह आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और अधिकारियों-कर्मचारियों की मेहनत और लगन का ही परिणाम है।
इस अवसर पर श्रीमती इमरती देवी ने पोषण-शिक्षा पर आधारित वार्षिक कैलेण्डर का विमोचन और हैण्ड-वॉश किट का लोकार्पण किया। उन्होंने आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को शाल और प्रशंसा-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
सभी शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम
11 February 2020
कौशल विकास संचालनालय के समन्वय से भारतीय रिजर्व बैंक ने प्रदेश के सभी 243 शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में माह फरवरी-2020 के अंतर्गत वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है। प्रथम चरण में प्रदेश के सभी 52 जिला मुख्यालयों पर स्थित 66 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में 3 से 7 फरवरी तक प्रतिनियुक्त बैंक अधिकारियों द्वारा वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम आयोजित किये गये। द्वितीय चरण में शेष 180 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में 15 फरवरी तक वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं।
इन कार्यक्रमों में सामान्य वित्तीय साक्षरता के साथ बैंक अधिकारियों द्वारा एमएसएमई लोन से संबंधित जानकारी भी प्रतिभागियों को उपलब्ध कराई जा रही है। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को स्व-रोजगार के लिये प्रेरित करना और उसके लिये आवश्यक वित्त संबंधी आवश्यक जानकारी देना है।
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा वर्ष 2020 का वित्तीय साक्षरता सप्ताह 'सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम'' थीम पर मनाया जा रहा है। इसमें वित्तीय समावेशन और विकास विभाग, भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा भोपाल स्थित तीन औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITIs) के लगभग 300 प्रशिक्षुओं के लिये वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम आयोजित किये गये हैं। साथ ही बैंक ऑफ इण्डिया एवं एचडीएफसी बैंक के 'सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम'' के क्षेत्र में कार्यरत अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षुओं को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम के उद्यमियों के लिये उपलब्ध ऋण सुविधाओं, ऋण से संबंधित औपचारिकताओं एवं अन्य संबंधित विषयों पर जानकारी दी जा रही है। कार्यक्रम के दौरान बैंकिंग विषयों से संबंधित प्रतिभागियों के प्रश्नों का भी निराकरण भी किया जा रहा है।
आदर्श आईटीआई, गोविंदपुरा में वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम
वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम आदर्श आईटीआई, गोविंदपुरा, भोपाल के सभागार में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में भारतीय रिजर्व बैंक के अधिकारियों द्वारा एमएसएमई से संबंधित पॉलिसी, सीजीटीएमएसई योजना, टीआरईडीएस योजना, भारत और राज्य सरकार की एमएसएमई से संबंधित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही पूँजी योजनाएँ, अधिक ब्याज दरों पर निवेश का लालच, बैंकिंग लोकपाल योजना, एटीएम का सुरक्षित परिचालन, लोन प्रक्रिया, सुरक्षित लेन-देन, करेंसी नोटों की सुरक्षा विशेषताएँ, सस्ते धन के ई-मेल/एसएमएस द्वारा प्रस्ताव, धोखेबाजों द्वारा फोन पर एटीएम पिन संबंधित जानकारी मांगना, कैश-लेश लेन-देन के फायदे, बचत, ऋण, सुरक्षित निवेश तथा ऋण के समय पर भुगतान सहित वेबसाइट इत्यादि के बारे में जानकारी दी गई।
वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक, भोपाल के महाप्रबंधक डॉ. आदित्य गेहा, महाप्रबंधक श्री जतिन रावल, श्री विकास गोयल, कैप्टन अरुण इनामदार, श्री सौरभ शर्मा एवं कौशल विकास संचालनालय मध्यप्रदेश से अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री डी.के. व्यास, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जी.एन. अग्रवाल और संयुक्त संचालक श्री डी.एस. ठाकुर, श्री शक्ति सिंह, श्री अभिषेक सिंह, श्री बृजेश वर्मा और आईटीआई, भोपाल के अन्य अधिकारी शामिल हुए।
सुप्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री वहीदा रहमान, किशोर कुमार सम्मान से अलंकृत
4 February 2020
संस्कृति मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ मुम्बई में सुप्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री वहीदा रहमान के निवास पर पहुँचीं और उन्हें मध्यप्रदेश शासन के राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान से अलंकृत किया। डॉ. साधौ ने वहीदा जी को सम्मान-स्वरूप 2 लाख रुपये, शॉल-श्रीफल और प्रशस्ति-पट्टिका सौंपी। इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री पंकज राग भी उपस्थित थे।
वहीदा जी को लुभाता है मध्यप्रदेश का वन-सौंदर्य
तीन दशकों से भी अधिक समय तक सिने जगत की प्रख्यात अभिनेत्री रहीं वहीदा रहमान को मध्यप्रदेश का वन-सौंदर्य आज भी बहुत लुभाता है। वहीदा जी ने डॉ. साधौ के कर-कमलों से मध्यप्रदेश सरकार का राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान ग्रहण करते हुए मध्यप्रदेश के घने जंगलों और वन्य-जीवों को याद किया।
वहीदा जी ने स्व. किशोर कुमार को याद करते हुए कहा कि उनमें अभिनय और गायन की अद्भुत प्रतिभा थी। उन्होंने किशोर कुमार के साथ सीमा पर जाकर देश के सैनिकों के प्रोत्साहन के लिये किये गये कार्यक्रम का भी जिक्र किया।
दो बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का फिल्म फेयर अवार्ड हासिल करने वाली वहीदा जी को फिल्म फेयर का जीवनकाल सफलता पुरस्कार और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिल चुका है। वहीदा जी भारतीय सिनेमा में उत्कृष्ट योगदान (महिला) के लिये आईआईएफए पुरस्कार से सम्मानित फिल्मी हस्ती हैं।
मध्यप्रदेश को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की तीन श्रेणियों में मिले राष्ट्रीय पुरस्कार
3 February 2020
मध्यप्रदेश को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में उल्लेखनीय कार्य के लिये तीन श्रेणियों में राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किये गये हैं। केन्द्रीय महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती स्मृति जुबिन इरानी ने नई दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह में प्रदेश की महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती इमरती देवी को ये पुरस्कार प्रदान किये। इस अवसर पर प्रमुख सचिव महिला-बाल विकास श्री अनुपम राजन, आयुक्त महिला बाल विकास श्री नरेशपाल कुमार और इंदौर कलेक्टर श्री लोकेश जाटव उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय कार्य के लिये राज्य स्तरीय श्रेणी में मध्यप्रदेश को प्रथम पुरस्कार मिला है। योजना में जिला स्तरीय श्रेणी में प्रदेश के इंदौर जिले को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना सप्ताह के क्रियान्वयन के लिये प्रदेश को देश में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। प्रदेश में यह सप्ताह 2 से 8 दिसम्बर 2019 तक मनाया गया था।
कुपोषण दूर करना हमारा लक्ष्य : श्रीमती इमरती देवी
महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती इमरती देवी ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के क्रियान्वयन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर बाल शिक्षा केन्द्र खोले जा रहे हैं, जिससे ज्यादा से ज्यादा कुपोषित बच्चे लाभांवित हो सकें। श्रीमती इमरती देवी ने कहा कि प्रदेश से कुपोषण को दूर करना ही हमारा लक्ष्य है।
3 हजार से ज्यादा डे-केयर सेन्टर खोले जायेगे
प्रमुख सचिव श्री अनुपम राजन ने बताया कि प्रदेश में 3 हजार से ज्यादा डे-केयर सेन्टर खोले जा रहे हैं। बच्चों को ज्यादा से ज्यादा पोषक आहार दिया जा रहा है। साथ ही, अभिभावकों को पोषण आहार से संबंधित जानकारी भी दी जा रही है। श्री राजन ने बताया कि सभी जिलों, ब्लाक एवं गाँव में कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर योजना का अधिक से अधिक लाभ पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में प्रदेश में अब तक कुल 14 लाख 55 हजार 501 हितग्राहियों को पंजीकृत किया गया है। लगभग 13 लाख 40 हजार 224 हितग्राहियों को पहली किश्त, 12 लाख 60 हजार 304 हितग्राहियों को दूसरी और 8 लाख 80 हजार 517 हितग्राहियों को तीसरी किश्त का भुगतान किया गया है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का उद्देश्य
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं एवं माताओं को 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह सहायता राशि उनके खाते में सीधे जमा कराई जाती है। योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भावस्था, प्रसव और स्तनपान के दौरान महिलाओं को जागरूक करना और जच्चा-बच्चा देखभाल तथा संस्थागत सेवा के उपयोग को बढ़ावा देना है। महिलाओं को पहले 6 महीनों के लिये प्रारंभिक और विशेष स्तनपान का पालन करने के लिये प्रोत्साहित करना और इन्हें बेहतर स्वास्थ और पोषण के लिये नगद प्रोत्साहन प्रदान करना है।
तीन किश्तों में मिलती है प्रोत्साहन राशि
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में पात्र हितग्राही महिला को गर्भावस्था के दौरान पंजीकरण के समय एक हजार रुपये की पहली किश्त, गर्भावस्था के 6 माह बाद और प्रसव के पहले 2 हजार रुपये की दूसरी किश्त दी जाती है। बच्चे के जन्म का पंजीकरण और उसके प्रथम चक्र का टीकाकरण पूरा होने पर 2 हजार रुपये की तीसरी किश्त देय होती है।
इतिहास का एक अनूठा अध्याय- रामराजा का नगर ओरछा
3 February 2020
बुन्देला राजाओं की प्राचीन राजधानी रही है ओरछा। ओरछा विश्व का एकमात्र नगर है, जिसका राजा राम को माना जाता है। ओरछा की स्थापना वर्ष 1501 में रूद्रप्रताप सिंह ने की थी। वीरसिंह देव महान योद्धा रहे है, जिन्होंने इसकी सीमाओं और वैभव में वृद्धि की। उन्होंने ओरछा में मंदिरों, भवनों और दुर्गों का निर्माण कराया। वैसे तो बुदेलखंड के हर शहर और हर गाँव के पास सुनाने को बहुत सी कहानियाँ हैं। पर ओरछा, इतिहास का ऐसा अध्याय है, जो अपने में अनूठी कहानियाँ समाहित किये हुए है।
बुंदेला राज्य के पहले शासक बनारस के गहड़ वाल वंश के सोहनपाल (1261-1268ई.) थे, जो अपने पिता से मतभेद के बाद बुंदेलखंड आ गए थे। ई. 1269 से 1501 ई. तक इस वंश के आठ शासकों ने राज्य किया। ई. 1501 में रूद्रप्रताप शासक बने जो वीर योद्धा थे। इन्होंने मई 1531 में अपनी राजधानी गड़कुण्डार से ओरछा बनायी और इसी वर्ष उनकी मृत्यु हो गयी। रूद्रप्रताप की मृत्यु के बाद उनके पुत्र भारती चंद्र शासक बने। ई.1554 में उनकी मृत्यु के बाद उनके भाई मधुकरशाह शासक बने, जिनके समय राज्य का पराभव हुआ। ई.1577 में ओरछा राज्य पर मुगलों ने अधिकार कर लिया।
ई. 1591 में ग्वालियर के आस-पास के क्षेत्र पर अधिकार कर मधुकरशाह ने मुगलों को चुनौती दी, पर मुगल सेना से पराजित हो गये। मधुकरशाह के पुत्र रामशाह ने बाद में मुगल सम्राट अकबर से सुलह कर ली। उन्होंने 1604 ई. तक शासन किया। उनके भाइयों वीरसिंह, इन्द्रजीत और प्रताप की गतिविधियों के कारण उनकी परेशानी बनी रही। इनमें से वीरसिंह ने मुगल शहजादे जहांगीर से मित्रता करने के लिये ग्वालियर के निकट आंतरी नाम के स्थान पर 1602 ई. में अबुल-फजल को मार दिया। उस समय अबुल-फजल असीरगढ़ को विजय कर लौट रहा था। इससे नाराज होकर अकबर ने शाही सेना को ओरछा भेजा। ओरछा मुगलों ने जीत लिया, पर वीरसिंह देव को नहीं पकड़ पाये।
जब 1605 ई. में जहांगीर दिल्ली का सुल्तान बना तो उसने अपने मित्र वीरसिंह देव को ओरछा का शासक बना दिया। प्रभावशाली व्यक्तिव और दृढ़ आत्म-विश्वास वाले इस शासक ने राज्य की सीमाओं में वृद्धि की। साथ ही मंदिरों, भवनों और दुर्गों का निर्माण कराया। इसके बाद अगले शासक जुझार हुए। खानजहां लोधी ने मुगलो के विरूद्ध विद्रोह किया था, वह 1628 ई. में बिना किसी बाधा के ओरछा के पास से गुजर गया। इससे मुगल नाराज हो गये। किंतु 1602 ई. में जब खानजहां लोधी पुन: ओरछा के पास से गुजर रहा था, तो उस पर हमला कर जुझार ने मुगलों की मैत्री हासिल कर ली। उन्हें मुगलों ने दक्षिण भेज दिया। उनकी अनुपस्थिति में उनके भाई हरदौल शासन चलाते रहे। जब वे दक्षिण से लौटे तो उन्हें अपनी पत्नी और भाई हरदौल की घनिष्ठता पर शंका हुई। उन्होंने भाई को विष पीने के लिये कहा। देवर-भाभी के रिश्तों की पवित्रता को बनाये रखने के निये हरदौल ने विष पी लिया। उनके इस त्याग ने पूरे बुंदेलखंड में उन्हें अमर बना दिया। आज भी वे लोकगीतों में नायक है। फूलबाग में उनकी समाधि है, जो श्रध्दा का केन्द्र है।
ई.1635 से 1641 ई. तक ओरछा शासक विहीन रहा। वर्ष 1641 में मुगल सम्राट शाहजहां ने वीरसिंह के पुत्र पहाड़सिंह को ओरछा का राज्य लौटा दिया। उसके बाद सुजानसिंह ( 1653-72 ई.), इन्द्रमनी ( 1672-75 ई.), जसवंतसिह ( 1675-84 ई.) और भागवंत सिंह ( 1684-89 ई.) शासक रहे। महाराजा उद्योत सिंह ( 1689-35 ई.) के समय बुंदेलखंड पर मराठों के आक्रमण शुरू हुए। धीरे-धीरे बुंदेला राज्य की सीमाएँ कम होने लगी। पृथ्वीसिंह ( 1635-52 ई.) के समय राज्य केवल ओरछा नगर तक सीमित हो गया। बाद के बुंदेला शासक समय-समय पर मुगलों, मराठों और अंग्रेजों की मैत्री से अपनी अस्तिस्व बनाये रहे। ई.1789 में विक्रमाजीत ने ओरछा राज्य की राजधानी को ओरछा से टीकमगढ़ स्थानान्तरित किया। इस परिवर्तन के साथ ही ओरछा के वैभव का पराभव शुरू हो गया।
समय और प्रकृति ने ओरछा की सुंदर इमारतों को खंडहरों में बदल दिया है। परन्तु आज ये भवन, मंदिर, दुर्ग अपने वैभव की कहानी कहते हैं। इनमें रामराजा मंदिर, चतुर्भुजी मंदिर, लक्ष्मी मंदिर जैसे भव्य मंदिर है। राजमंदिर, जहाँगीर महल, शीशमहल,
राय प्रवीण महल जैसे सुंदर महल है। साथ ही ओरछा के आस-पास का प्राकृतिक और नैसर्गिक सौन्दर्य भी अद्भुत है।
रामराजा मंदिर- इस मंदिर को ओरछा नरेश भारतीचंद्र ने 1532 ई. में बनवाया था। इसे नौ चौकिया भवन भी कहते है। ई. 1574 में श्री रामराजा भगवान इस महल में विराजमान हुए। इसी समय से यह रामराजा मंदिर कहलाने लगा। पूर्व में यह महल था।
चतुर्भुजी मंदिर- स्थानीय जनश्रुति के अनुसार रामराजा की मूर्ति की स्थापना के लिये 16वीं सदी में बुंदेला राजा मधुकरशाह ने इसे बनवाया था। पर 1574 ई. में श्री रामराजा रानी महल में विराजमान हो गये। फिर इसमें चतुर्भुज भगवान की स्थापना की गयी। वास्तु कला की दृष्टि से इस मंदिर का विशेष महत्व है। इसमें बुंदेला स्थापत्य कला में वातायन और गुम्बद शैली का सम्मिलन है।
लक्ष्मी मंदिर- ओरछा में श्री रामराजा मंदिर के पीछे लक्ष्मीनारायण का मंदिर है। इसे महाराजा वीरसिंह देव ने 1618 ई. में बनवाया था। यह बाहर से देखने में त्रिकोण लगता है किंतु भीतर से चौकोर है।
राज मंदिर (राजा महल)-इसे महाराजा मधुकरशाह ने 1575 ई. में बनवाया था। ये चतुर्भुजी मंदिर के सामने है। इस भव्य महल में नीचे तहखाना बना है तथा ऊपर कई छोटे-छोटे खुले मंडप है।
जहाँगीर महल- ओरछा के सबसे सुंदर भवनों में से एक है। इसे राजा वीरसिंह ने 1618 ई. में बनवाया था। आठ सुंदर गुम्बदों पर यह वर्गाकार भवन स्थित है। इस भवन में तत्कालीन वास्तु-कला की पूर्णता प्रदर्शित हुई है।
शीश महल- इसका निर्माण 1706 ई. में महाराजा उद्योत सिंह ने करवाया था। इसके नीचे तहखाना है।
राय प्रवीण महल- इसका निर्माण 1618 ई. में मधुकरशाह के पुत्र इंद्रजीत ने कराया था। इसमें राय प्रवीण का निवास था। महल के आगे राय प्रवीण का चबूतरा है, जिस पर संगीत सभा हुआ करती थी।
खुमानसिंह की हवेली- खुमान सिंह महाराजा पहाड़सिंह के सामंत थे, जिन्होंने गोंडवाना आक्रमण में बुंदेली सेना का नेतृत्व किया था। उनकी यह हवेली उनकी वीरता का गौरवशाली इतिहास है।
इसके अलावा बेतवा नदी के कंचनघाट पर ओरछा शासकों की छत्रियाँ हैं। ओरछा में 1606 ई. में बने सावन-भादों नाम के दो स्तंभ है। इन्हीं के पास हरदौल का भी भवन है।
नगरपालिका मंदसौर के अध्यक्ष पद के उप निर्वाचन का सम्मिलन 17 फरवरी को
1 February 2020
राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री बसंत प्रताप सिंह ने नगरपालिका परिषद् मंदसौर के अध्यक्ष पद के उप निर्वाचन के लिये आम निर्वाचन-2015 में निर्वाचित पार्षदों का सम्मिलन 17 फरवरी,2020 को आयोजित करने का निर्देश कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मंदसौर को दिया है। श्री सिंह ने अध्यक्ष का उप निर्वाचन, निर्वाचन नियम-2019 में निहित प्रावधानों के तहत करवाकर जानकारी आयोग को भेजने के निर्देश दिये हैं।


आदिवासी बाहुल्य बस्तियों में विकास कार्यों के लिये 17 करोड़ स्वीकृत
1 February 2020
प्रदेश के राजगढ़, अनूपपुर, खरगौन, सिवनी, श्योपुर, बड़वानी, दमोह, जबलपुर, डिण्डोरी और मंडला जिलों की आदिवासी बाहुल्य बस्तियों में सी.सी. रोड, पुलिया निर्माण आदि अधोसंरचना विकास के 26 निर्माण कार्यों के लिये आदिम जाति कल्याण विभाग ने 17 करोड़ 32 लाख रुपये स्वीकृत किये हैं। यह रा‍शि आदिवासी बस्ती विकास योजना के अन्तर्गत व्यय की जायेगी। योजना का मूल उद्देश्य आदिवासी बाहुल्य ग्रामों, बस्तियों और वार्डों में मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराना है।


वन मंत्री श्री सिंघार ने आईएफएस पर्वतारोही अखिल बंसल को दी बधाई
30 January 2020
भोपाल.वन मंत्री श्री उमंग सिंघार ने देश और विश्व में सुप्रसिद्ध लद्दाख के चादर ट्रेक पर मध्यप्रदेश शासन और वन विभाग का प्रतिनिधित्व करने वाले भारतीय वन सेवा अधिकारी श्री अखिल बंसल को बधाई दी है। पर्वतारोही श्री अखिल बंसल ने लद्दाख के 10 हजार 500 अल्टीट्यूड और समुद्र तल से 12 हजार फीट ऊँचाई वाले चादर ट्रेक पर सफल आरोहण पूरा किया है। इस दौरान चादर ट्रेक का दिन का तापमान -15 से -20 डिग्री सेल्सियस और रात्रि तापमाप -25 से -35 डिग्री सेल्सियस था। श्री बंसल का लक्ष्य अंटार्टिका पोल और माउंट एवरेस्ट पर सफलता पाने का है।
सर्दियों में लद्दाख में बहने वाली नदी और झरने जम जाते हैं। जमने के बाद नदी पर बर्फ की चादर-सी बन जाती है। स्थानीय लोग इस पर चलकर रास्ता पार करते हैं। इसी कारण इसका नाम चादर ट्रेक पड़ा। श्री बंसल ने तिलाद सुमडो से टिब गुफा और वापस गुफा से तिलाद सुमडो तक 50 किलोमीटर से अधिक की ट्रेकिंग की। रास्ते में स्नो लेपर्ड, आईबेक्स, उरियाल (ब्लू शीप) आदि दुर्लभ प्रजाति के वन्य-प्राणी भी देखने को मिलते हैं।

युवा पीढ़ी में गाँधी जी के आदर्शों के प्रति प्रेम भाव पैदा करना जरूरी
30 January 2020
भोपाल.उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी ने युवा पीढ़ी का आव्हान किया है कि वे महात्मा गाँधी के विचार को आत्मसात कर सत्य और अंहिसा को अपनाएँ। श्री पटवारी संत हिरदाराम कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की पुण्य-तिथि पर 'गाँधी तुम्हे नमन' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के पॉच विश्वविद्यालय में 'गाँधी चेयर' तथा सभी महाविद्यालयों में 'गाँधी स्तंभ' का प्रतीकात्मक लोकार्पण किया।
मंत्री श्री जीतू पटवारी ने विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में गाँधी स्तंभ और गाँधी चेयर की स्थापना की आवश्यकता बताते हुए कहा कि युवा पीढ़ी में गाँधी जी के आदर्शों के प्रति प्रेम पैदा करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अब यह आवश्यक हो गया है कि हम महात्मा गाँधी और उनके समतुल्य महापुरूषों के अवदान को सही परिप्रेक्ष्य में युवाओं के सामने रखा जाये और उन्हें समझाने की कोशिश की जाये। उन्होंने कहा कि महात्मा गाँधी ने हमें न सिर्फ मानवता का पाठ पढ़ाया बल्कि अंहिसा को अपनाकर सफलता हासिल करने का मार्ग भी दिखाया। श्री पटवारी ने कहा कि राष्ट्रपिता के विचारों को अंग्रेजों ने भी आत्मसात किया। उन्होंने बताया कि केम्ब्रिज विश्वविद्यालय के सभी महाविद्यालयों में महात्मा गाँधी की मूर्ति स्थापित है। मंत्री श्री पटवारी ने कहा कि इस वर्ष अक्टूबर माह तक सभी 1400 प्राईवेट कॉलेज में गाँधी स्तंभ की स्थापना की जायेगी।
ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह ने कहा कि महात्मा गाँधी पूरी सदी का मार्गदर्शन करने वाले व्यक्तित्व थे। उन्होंने कहा कि साम्राजवादी ताकतों के बीच स्वराज स्थापित करना एक कठिन संघर्ष था। श्री सिंह ने युवाओं का आव्हान किया कि वे अपने मूल्यों से समझौता किए बिना आगे बढ़े।
शहीद हेमू कालानी एजुकेशनल सोसायटी के अध्यक्ष श्री सिद्ध भाऊ ने कहा कि गाँधी जी सत्य के उपासक थे क्योंकि सत्य ही ईश्वर है। उन्होंने उच्च शिक्षा मंत्री श्री पटवारी द्वारा महाविद्यालयों में 'गाँधी स्तंभ' की स्थापना से युवा उनके संघर्ष से रू-ब-रू कराने की पहल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में 'गाँधी चेयर' की स्थापना से युवाओं में महात्मा गाँधी के आदर्शों को समझने का मौका मिलेगा।
इस अवसर पर मंत्रीगण ने संत हिरदाराम गर्ल्स स्नतकोत्तर महाविद्यालय में स्थापित गाँधी स्तंभ का अनावरण किया। साथ ही, विभिन्न महाविद्यालयों में आयोजित महात्मा गाँधी पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने साकार किया 767 जरूरतमंदों के घर का सपना
26 January 2020
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने इंदौर में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में जिले में संचालित ऑपरेशन क्लीन अभियान में विभिन्न गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं के लाभान्वित सदस्यों को आवासीय भूखण्ड के कब्जा-पत्र सौंपे। अभियान के प्रथम चरण में विभिन्न गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं के 767 सदस्यों को लाभान्वित किया गया। इससे गृह निर्माण सहकारी समितियों की अनियमितताओं से परेशान सदस्यों का अपने आशियाने का सपना साकार हुआ है। मुख्यमंत्री ने प्रतीक स्वरूप सात संस्थाओं के पाँच-पाँच सदस्यों को भूखण्ड आवंटन-पत्र एवं कब्जा-पत्र सौंपे। अभियान के द्वितीय चरण में 31 मार्च 2020 तक लगभग दो हजार पात्र सदस्यों को भूखंड/ प्रकोष्ठ प्रदाय जायेगा।
इंदौर जिले में इस अभियान में पंजीकृत सहकारी गृह निर्माण संस्थाओं में से लक्ष्मण नगर गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्यादित इंदौर के 31 सदस्यों को 31 भूखंड, सुविधा गृह गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्यादित इंदौर के 17 सदस्यों को 17 भूखंड, कसेरा गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्यादित इंदौर के 58 सदस्यों को 58 भूखंड, लक्ष्मण नगर गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्यादित इंदौर के 50 सदस्यों को 50 भूखंड, आस्था गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्यादित इंदौर के 50 सदस्यों को 50 भूखंड, रूपरेखा गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्यादित इंदौर के 536 सदस्यों को 536 भूखंड, महात्मा गांधी गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्यादित इंदौर के 23 सदस्यों को 23 भूखंड के आवंटन पत्र तथा कब्जा पत्र प्रदान किये गये।
लाभान्वित सदस्यों ने जाहिर की खुशियाँ
कार्यक्रम में लाभान्वित सदस्य अपने आशियाने का सपना साकार होने से बेहद खुश दिखायी दिये। लाभान्वित सदस्य राजेन्द्र कुमार, रामकुमार, चन्द्रशेखर, निशा गर्ग आदि का कहना था कि बरसों से भटक रहे हम सदस्यों को अब न्याय मिला है। इसके लिये शासन और प्रशासन बधाई के पात्र हैं। भू-माफिया के विरूद्ध मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के निर्देश पर चलाये गये अभियान के परिणामस्वरूप आज हमें अपना हक मिला।

उद्योगों को समयबद्ध अनुमतियाँ देने बनेगा कानून: मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
26 January 2020
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने गणतंत्र दिवस पर अपने संदेश में कहा है कि मध्यप्रदेश में उद्योग चलाना और लगाना आसान बनाने के लिये जल्दी ही मध्यप्रदेश एक नया कानून बनाएगा। इसमें सभी तरह की अनुमतियाँ अधिकतम सात दिनों में मिलेंगी। सात दिन में अनुमतियाँ न मिलने पर उसे अनुमति मान लिया जाएगा। इससे ऐसी आर्थिक गतिविधियाँ बढाने में मदद मिलेगी, जिनमें रोजगार का सृजन होता है। नए उद्योगों में प्रदेश के युवाओं के लिए 70 प्रतिशत रोजगार को अनिवार्य किया गया है। रियल एस्टेट सेक्टर में रोजगार की संभावनाओं को देखते हुए इसमें लगने वाली 27 अनुमतियों की संख्या को घटाकर पाँच कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने इंदौर में गणंतत्र दिवस समारोह में ध्वजारोहण किया और पारंपरिक परेड की सलामी ली।
गण और तंत्र अपनी सोच बदलें, परिवर्तनों को अपनायें
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से गण और तंत्र के रिश्तों को परिणामकारी बनाने का संकल्प लेने का आव्हान किया। उन्होने कहा कि गण और तंत्र दोनों अपने नजरिये को बदलें, अपनी सोच बदलें और परिवर्तनों को अपनायें। उन्होने संविधान के शिल्पी भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर और संविधान सभा के सदस्यों का स्मरण किया।
अजजा प्लान पुन: लागू कराने का प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने अनुसूचित जनजाति प्लान बनाने की प्रथा को खत्म कर दिया है। इससे इन क्षेत्रों के विकास में लगने वाली राशि के आंकलन का काम कठिन हो गया है। अब भारत सरकार से चर्चा कर इसे पुन: लागू कराने का प्रयास होगा। उन्होने कहा कि जीएसटी के कारण भारत सरकार से पिछले एक साल में राज्य को मिलने वाली राशि में कमी हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी के सपने को साकार करने के लिए विजन-टू-डिलीवरी रोडमैप 2020-25 बनाया गया है। वर्ष 2025 तक मध्यप्रदेश को देश के सर्वश्रेष्ठ प्रदेशों में एक बनाना सरकार का लक्ष्य है।
किसानों की ऋण माफी
खेती को लाभकारी बनाने की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि एक साल में लगभग 20 लाख किसानों के ऋण माफ किए जा चुके हैं। इसमें 2 लाख रुपये तक के कालातीत फसल ऋण और 50 हजार रुपये तक के चालू फसल ऋण हमने माफ किए हैं। ऋण माफी का दूसरा चरण अब शुरू हो गया है। जिसमें एक लाख रुपये तक के चालू फसल ऋण और 2 लाख रुपये तक के कालातीत फसल ऋण के बचे किसानों के ऋण माफी का काम किया जा रहा है।
भंडारण क्षमता की नई योजना ‘भविष्य’
प्रदेश में भंडारण क्षमता को बढ़ाने के लिए एक नई योजना ‘भविष्य’ शुरू करने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 30 लाख टन भण्डारण की अतिरिक्त क्षमता का निर्माण करने की योजना है। प्रदेश की सिंचाई क्षमता को 60 लाख हेक्टेयर तक करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 हॉर्स पावर तक के स्थायी कृषि पंप कनेक्शन के बिजली बिल आधे किए जा चुके हैं। हमने इंदिरा गृह ज्योति योजना लागू कर दी है। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के एक करोड़ से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संभागीय मुख्यालयों में स्थित आईटीआई संस्थानों को मेगा आईटीआई में परिवर्तित किया जायेगा। प्रत्येक गाँव को सड़क, बिजली और ब्राडबैंड यानि इंटरनेट सुविधा से जोडा जायेगा। उन्होने कहा कि 40 लाख आवासहीन परिवारों के लिये आवास की व्यवस्था की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पानी के अधिकार को लेकर कानून बनाने का काम शुरू हो गया है। इसी प्रकार एक हजार गौशाला बनाने का काम शुरू किया गया है। गौशाला को चारा- भूसा का रोजाना मिलने वाला अनुदान तीन रुपये से बढ़ाकर 20 रुपये प्रति गोवंश कर दिया गया है।
वनाधिकार प्रकरणों में एक माह में अंतिम निर्णय
मुख्यमंत्री ने कहा कि वनाधिकार संबंधी प्रकरणों पर अगले एक माह में अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा। आदिवासी बंधुओं के साहूकारी कर्ज को माफ करने लिये अधिनियम बनाकर भारत सरकार को भेजा जा चुका है । अब प्रयास है कि इसे शीघ्र स्वीकृति मिल जाए।
श्री कमल नाथ ने कहा कि आदिवासी परिवारों में जन्म पर 50 किलो अनाज और मृत्यु पर 100 किलो अनाज नि:शुल्क देने के लिए ‘मदद’ योजना लागू की गई है। आदिवासी समुदाय के देव-स्थानों के संरक्षण के लिये ‘आष्ठान’ योजना लागू की गयी है। इस वर्ष गोंडी कला वर्ष मनाया जा रहा है। रानी दुर्गावती, बादल भोई, टंट्या भील और जनगणसिंह श्याम स्मृति पुरस्कार स्थापित किए गए हैं। उन्होने कहा कि अब इंटरव्यू और प्रमोशन समितियों में अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधि को रखना जरूरी है। शहरी परिवहन को बेहतर बनाने और प्रदूषण की रोकथाम के लिये इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी लागू की गई है।
विश्व-स्तरीय पर्यटन नक्शे पर लगाया जाएगा मध्यप्रदेश
पर्यटन की संभावनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन संभावनाओं का अभी तक सही उपयोग नहीं हुआ है। यहाँ की संस्कृति, विरासत, जल-क्षेत्र और वन्य-प्राणी पूरे विश्व को आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं। इनका सही ढंग से दोहन करते हुए प्रदेश को विश्व-स्तरीय पर्यटन नक्शे पर लाया लायेगा, जिससे प्रदेश के लोगों को आर्थिक लाभ के साथ- साथ रोजगार प्राप्त हो।
शिक्षा की गुणवत्ता बढाने गठित होगी शिक्षाविदों की परिषद
शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सेक्टर बहुत बड़ी चुनौती है। स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिये करीब 21 हजार शिक्षकों की भर्ती की जा रही है। प्राथमिक शाला शिक्षकों की भर्ती का काम भी शुरू हो चुका है। गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए राज्य स्तर पर प्रसिद्ध शिक्षाविदों को लेकर परिषद का गठन किया जायेगा, जिसके सुझावों पर समयबद्ध तरीके से काम होगा। उन्होने कहा कि पिछले दो सत्रों में सात नए मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किए जा चुके हैं और छह अन्य कॉलेजों की स्वीरकृति की कार्यवाही जारी है।
श्री कमल नाथ ने कहा कि मुख्यमंत्री कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा योजना से साढ़े बारह लाख कर्मचारी और पेंशनर लाभान्वित होंगे। कर्मचारियों की सालों से लंबित समस्याओं को हल करने के लिए कर्मचारी आयोग की स्थापना भी की गई है। सरकारी सेवाएँ नागरिकों के घर पहुँचाने की शुरूआत इन्दौर शहर से कर दी गई है।
जारी रहेगा 'शुद्ध के लिये युद्ध' अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि 'शुद्ध के लिये युद्ध' अभियान निरंतर जारी है। अमानक दवाइयों, नकली खाद, बीज, कीटनाशक का उत्पादन और बिक्री करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। उन्होने कहा कि ईमानदार और काम करने वाली सरकार को अपने काम गिनाने की जरूरत नहीं होना चाहिए। सरकार के काम स्वयं बोलने चाहिये । उन्होने शासन, प्रशासन और लोगों की बेहतरी के कामों में भी जन-सहयोग की अपेक्षा की।

प्रदेश की 94 हजार शासकीय माध्यमिक शालाओं में प्रबंधन समिति के सदस्यों ने ली शपथ
25 January 2019
स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने शासकीय माध्यमिक शाला, नीलबड़ में नवगठित शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों को शाला को उत्कृष्ट बनाने की शपथ दिलाई। इस स्कूल के साथ आज प्रदेश की 94 हजार शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में नवगठित शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों ने भी अपनी-अपनी शाला को उत्कृष्ट बनाने की शपथ ग्रहण की।
मंत्री डॉ. चौधरी ने शाला प्रबंधन समितियों के सदस्यों से कहा कि शालाओं में ऐसा माहौल बनायें, जिससे बच्चे शाला में आने और पढ़ने के लिये लालायित रहें। बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ अन्य रचनात्मक गतिविधियों के लिये भी तैयार करें। शाला छोड़ चुके बच्चों को फिर से शाला में लाने की हर संभव कोशिश करें।
स्कूल शिक्षा मंत्री ने इस मौके पर छात्र-छात्राओं द्वारा आयोजित शिक्षा-प्रदर्शनी देखी और बच्चों की परिकल्पना की सराहना की। उन्होंने समिति के सदस्यों के साथ-साथ शिक्षकों से भी कहा कि बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभाओं को पहचानें और उन्हें उभरने के अवसर प्रदान करें।
प्रमुख सचिव श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने बताया कि स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिये अभिभावकों, जन-प्रतिनिधियों एवं शिक्षा संबंधी स्थानीय संस्थाओं के व्यक्तियों को शाला प्रबंधन समिति में शामिल किया गया है। इन समितियों का कार्यकाल 2 वर्ष का रहेगा। समितियों का गठन शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत किया गया है।
संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्रीमती आईरिन सिंथिया जे.पी. ने बताया कि शाला प्रबंधन समितियों का गठन विशेष नवाचार के अन्तर्गत किया गया है। ये समितियाँ 18 सदस्यीय हैं इनमें 14 सदस्य विद्यार्थियों के पालक/अभिभावक हैं और 2 सदस्य स्थानीय जन-प्रतिनिधि हैं। शाला के प्रधान पाठक को समिति का सदस्य सचिव बनाया गया है तथा सबसे वरिष्ठ महिला शिक्षक को समिति में सदस्य मनोनीत किया गया है।
शपथ ग्रहण समारोह के बाद शाला के छात्र-छात्राओं को संविधान की उद्देशिका का वाचन कराया गया। समारोह में बच्चों की सत्रान्त सांस्कृतिक गतिविधियाँ आयोजित की गई। बच्चों ने अनेकता में एकता की थीम पर आकर्षक नृत्य, गायन एवं नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की।
राष्ट्रीय कवि प्रदीप सम्मान से अलंकृत हुए श्री अशोक चक्रधर
25 January 2019
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर संस्कृति विभाग द्वारा रविंद्र भवन में अखिल भारतीय कवि सम्मलेन आयोजित किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार श्री अशोक चक्रधर, नई दिल्ली को राष्ट्रीय कवि प्रदीप सम्मान 2018 से अलंकृत किया गया। प्रमुख सचिव, संस्कृति श्री पंकज राग ने श्री चक्रधर को सम्मान प्रदान किया। सम्मान-स्वरूप दो लाख रुपए, शाल और प्रशस्ति-पत्र भेंट किया गया। इस अवसर पर कवि स्वर्गीय प्रदीप जी की बिटिया मितुल प्रदीप भी उपस्थित थी। सम्मानित कवि श्री अशोक चक्रधर ने कहा कि वे इस प्रतिष्ठित सम्मान को प्राप्त कर गौरव का अनुभव कर रहे हैं। उन्होंने अपनी साहित्यिक यात्रा और मंच पर काव्य पाठ के कुछ संस्मरण भी सुनाए। कवि सम्मेलन में बड़ी संख्या में काव्य प्रेमी उपस्थित थे। राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का श्रोताओं ने भरपूर आनंद लिया। कवि सम्मेलन में कवि श्री कुंवर बैचेन (गाजियाबाद), सुश्री सरिता शर्मा (नई दिल्ली), श्री अरुण जैमिनी (नई दिल्ली), श्री आशीष अनल (लखीमपुर), श्री सांड नरसिंहपुरी (नरसिंहपुर), सुश्री सरिता कोहेनूर (वारासिवनी), सुश्री अनु सपन (भोपाल), श्री बद्र वास्ती (भोपाल) और श्री संतोष शर्मा ने (विदिशा) काव्य पाठ किया।
मंत्री श्री पांसे द्वारा 21.85 करोड़ की ग्रामीण समूह जल-प्रदाय योजना का शुभारंभ
24 January 2020
भोपाल.लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री सुखदेव पांसे ने उज्जैन जिले की तहसील खाचरोद के ग्राम भगतपुरी में 21 करोड़ 85 लाख रुपये लागत की नव-निर्मित नागदा ग्रामीण समूह जल-प्रदाय योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के क्रियान्वयन से आसपास के 22 गाँव में ग्रामीणों को घर-घर नल से जल मिलेगा। इस योजना की जल-प्रदाय क्षमता 2.5 एमएलडी है।
मंत्री श्री पांसे ने कहा कि ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिये राज्य सरकार कृत-संकल्पित है। प्रदेश में शीघ्र ही पानी का अधिकार कानून लागू किया जायेगा। इससे ग्रामीण पेयजल समस्या का शत-प्रतिशत समाधान सुनिश्चित हो सकेगा। श्री पांसे ने कहा कि ग्रामीण अंचल में आवश्यकतानुसार समूह जल-प्रदाय योजनाएँ शुरू की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना की लागत में ग्रामीणों को 10 प्रतिशत जन-भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी और राज्य सरकार 90 प्रतिशत आर्थिक सहयोग देगी। उन्होंने कहा कि अति कम जल वाले गाँवों में सिंगल फेज को भी दुरुस्त किया जायेगा। जिन गाँव में बोर खनन में जल-स्रोत नीचे चला गया है, वहाँ एक हजार फीट तक बोर खनन कराया जायेगा। कार्यक्रम को स्थानीय विधायक श्री दिलीप सिंह गुर्जर ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर बताया गया कि नागदा ग्रामीण समूह जल-प्रदाय योजना से ग्राम भगतपुरी सहित परामारखेड़ी, गिदवानिया, किलोड़िया, झिरमिरा, दीवेल, चंदोड़िया, तारोद, मोकड़ी, खजुरिया, भीमपुरा, गिड़गढ़, निपानिया, अटलावदा, अलसी, बेरछा, बनवाड़ा, राजगढ़, रजला, उटियाखेड़ी, कलसी और नैनावतखेड़ा भी लाभान्वित होंगे। इस योजना का क्रियान्वयन मध्यप्रदेश जल निगम, इंदौर द्वारा किया जायेगा।

राज्य का पहला एयर कार्गो टर्मिनल भोपाल में माह के अंत तक
24 January 2020
भोपाल.प्रदेश का पहला एयर कार्गो टर्मिनल भोपाल में जनवरी के अंत तक आरंभ होगा। राजा भोज इन्टरनेशनल एयरपोर्ट पर प्रमुख सचिव विमानन श्री अनिरुद्ध मुखर्जी ने आज कार्गो टर्मिनल शुरू करने के लिए की जा रहीं तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान एयरपोर्ट निदेशक श्री अनिल विक्रम, केप्टन श्री संजय श्रीवास्तव, केप्टन श्री आदर्श राय, सुरक्षा प्रभारी श्री सोनी और एयर इण्डिया, इण्डिगो तथा स्पाइस जेट के स्टेशन मैनेजर भी मौजूद थे।
प्रमुख सचिव श्री मुखर्जी ने बताया कि प्रदेश की इन्वेस्टर फ्रेण्डली नीति के तहत एयर कनेक्टिविटी को बढ़ावा दिया जा रहा है। भोपाल में कार्गो हब बनने से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा मिलेगी और इससे प्रदेश में रोजगार का सृजन होगा। प्रमुख सचिव श्री मुखर्जी ने बताया कि प्रदेश का पहला एयर कार्गो शुरू करने की तैयारियाँ लगभग पूरी हो चुकी हैं।

श्री अशोक चक्रधर को राष्ट्रीय कवि प्रदीप सम्मान
24 January 2020
भोपाल.राज्य शासन द्वारा वरिष्ठ साहित्यकार श्री अशोक चक्रधर, नई दिल्ली को राष्ट्रीय कवि प्रदीप सम्मान 2018 से अलंकृत किया जाएगा। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 25 जनवरी को रविंद्र भवन में शाम 7 बजे से आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मलेन में श्री चक्रधर अलंकृत किये जाएंगे।
संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में कवि श्री कुंवर बैचेन (गाजियाबाद), सुश्री सरिता शर्मा (नई दिल्ली), श्री अरुण जैमिनी (नई दिल्ली), श्री आशीष अनल (लखीमपुर), श्री सांड नरसिंहपुरी (नरसिंहपुर), सुश्री सरिता कोहेनूर (वारासिवनी), सुश्री अनु सपन (भोपाल), श्री बद्र वास्ती (भोपाल) और श्री संतोष शर्मा (विदिशा) काव्य-पाठ करेंगे। कवि सम्मेलन में प्रवेश निःशुल्क रहेगा।

प्रदेश में 45 नये आयुष ग्राम बनाने के निर्देश
23 January 2020
सचिव आयुष डॉ. एम.के. अग्रवाल ने विभागीय समीक्षा बैठक में निर्देश दिये हैं कि आयुष चिकित्सा सेवाओं को और अधिक जनोन्मुखी और सुगम बनाया जाए। लक्ष्यों को योजनाबद्ध तरीके से समयावधि में पूरा करें। उन्होंने स्थल चिन्हित कर 'वेलनेस टूरिज्म सेंटर' स्थापित करने के निर्देश दिये।
सचिव डॉ. अग्रवाल ने कहा कि आयुष चिकित्सा पद्धतियों की जानकारी आमजन तक पहुँचाने के लिये पद्धतियों, उपाय एवं उपयोग से संबंधित पत्रिका का प्रकाशन शुरू करें। जन-प्रतिनिधियों और आमजन से सतत् सम्पर्क स्थापित कर उनके मन में पद्धतियों के प्रति का विश्वास जगाएं। चिकित्सा-सुविधा विहीन क्षेत्रों में अधिक से अधिक संख्या में आयुष चिकित्सा शिविर लगाएं।
डॉ. एम.के. अग्रवाल ने प्रदेश में 45 नए आयुष ग्राम बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने प्रत्येक आयुष महाविद्यालय को पंचकर्म के साथ-साथ एक अन्य विशिष्ट विधा में विशेषता विकसित करने को कहा। डॉ. अग्रवाल ने महाविद्यालयों को अपने-अपने क्षेत्र में हर माह मेगा कैम्प आयोजित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि बच्चों के संपूर्ण शारीरिक एवं बौद्धिक विकास, स्मरण-शक्ति और रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए 'स्वर्ण प्राशन' संस्कार योजना प्रारंभ करें। उन्होंने कहा कि सभी आयुष औषधालयों में हर्बल गार्डन स्थापित कर उनका संरक्षण और संवर्धन किया जाये। आमजन को औषधीय पौधों के महत्व एवं उपयोग की जानकारी दें। हर्बल गार्डन में रोजमर्रा के उपयोग से जुड़ी कम से कम 15 औषधीय वनस्पतियाँ विकसित करें।
समीक्षा बैठक में शासकीय आयुष महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य, चिकित्सालय अधीक्षक समस्त संभागीय एवं जिला आयुष अधिकारी उपस्थित थे।

कर्नल अश्वनी कुमार (से.नि.) की संविदा नियुक्ति समाप्त
23 January 2020
संचालनालय सैनिक कल्याण में सहायक संचालक के पद पर संविदा नियुक्ति पर कार्यरत कर्नल अश्वनी कुमार (से.नि.) के कार्यकाल की आर्थिक अनियमिताएं उजागर होने के कारण उनकी संविदा नियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है।
कर्नल अश्वनी कुमार (से.नि.) को अनियमितताओं के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। उनके द्वारा प्रस्तुत जवाब समाधानकारक नहीं पाया गया। अश्वनी कुमार का कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन माना गया। गंभीर आर्थिक अनियमितताएँ पाए जाने के कारण एक माह की पूर्व सूचना अथवा वेतन भुगतान संबंधी नियुक्ति के शर्तों के लागू नही होने के चलते उनकी संविदा नियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है।
प्रकरण में वित्तीय गबन का मामला सामने आने और बड़ी मात्रा में राशि निजी बैंक खातों में अंतरित किये जाने के आरोप हैं। शासन द्वारा सम्पूर्ण मामले की जाँच अपराध अनुसंधान विभाग (सी.आई.डी.) अन्तर्गत विशेष जाँच दल से कराई जाने का निर्णय लिया गया है।

मध्यप्रदेश को भण्डारण हब बनाया जाएगा : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
22 January 2020
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि मध्यप्रदेश को भण्डारण का हब बनाया जाएगा। मध्यप्रदेश देश के केन्द्र में स्थित है, इसलिए निकट भविष्य में लाजिस्टिक हब के रूप में विकसित होगा। इससे प्रदेश के भण्डारण हब बनने में भी सहयोग मिलेगा। उन्होंने लाजिस्टिक और भण्डारण क्षेत्र में सक्रिय निवेशकों को प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ से वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम दावोस की वार्षिक बैठक के दूसरे दिन विश्व के नामी उद्योगपतियों ने मध्यप्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी, स्वागत क्षेत्र, पर्यटन के नए क्षेत्रों में निवेश पर चर्चा की। निवेशकों ने श्री कमल नाथ के नेतृत्व और दूरदृष्टि में विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश जल्दी ही इकॉनोमिक फोर्स के रूप में नजर आएगा।
हेवलेट पैकार्ड इंटरप्राइज डिवीजन के अध्यक्ष एवं सीईओ श्री एंटोनियो नेरी, प्रॉक्टर एण्ड गैंबल के एशिया पैसिफिक, मध्य पूर्व अफ्रीका के अध्यक्ष श्री मगेश्वरन सुरंजन, विप्रो के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर श्री अबीदाली नीमचवाला, इमरटिस् एयरलाइंस चेयरमेन और सीईओ श्री अहमद बिन सईद अली मख्तूम, वीपीएस हेल्थ केयर ग्रुप के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डॉ. शमशीर वयलिल, 2000 वॉट स्मार्ट सिटी के संस्थापक श्री एंड्रेस बिलकर्ट ने मुख्यमंत्री से वन-टू-वन चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने हेवलेट पैकार्ड इंटरप्राइज डिवीजन के अध्यक्ष और सीईओ श्री एंटोनियो नेरी से डाटा सेंटर स्थापित करके, हार्डवेयर निर्माण और आईटी पार्क स्थापित करने से जुड़े विषयों पर चर्चा की।
मध्यप्रदेश में कम्प्यूटर हार्डवेयर निर्माण और आईटी पार्क में होने वाले आईटी ऑपरेशन के संबंध में बातचीत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आईटी क्षेत्र में निवेश के लिए सर्वाधिक अनुकूल वातावरण है क्योंकि शांति होने के साथ-साथ यहाँ प्रतिभाशाली युवा आईटी प्रोफेशनल बड़ी संख्या में उपलब्ध हैं।
विप्रो लिमिटेड के सीईओ अबीदाली नीमचवाला ने मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ से मध्यप्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी सेवा इकाइयों और पार्क स्थापित करने की नई संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने श्री कमल नाथ के नेतृत्व में विश्वास जताते हुए कहा कि प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निवेश की संभावनाएँ बनी हैं। इंटर कॉन्टिनेटल होट्ल्स ग्रुप (आईएचजी) के अध्यक्ष श्री पेट्रिक सिस्सकाऊ और सीईओ श्री केतवार ने प्रदेश में स्वागत उद्योग की संभावनाएँ रेखांकित करते हुए निवेश की इच्छा जताई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मध्यप्रदेश के प्रमुख पर्यटन-स्थलों पर विश्व-स्तरीय रिजार्ट स्थापित करने, वन्य-जीव पर्यटन और हेरिटेज होटल्स के निर्माण में निवेश करने के संबंध में चर्चा की।

कड़कनाथ मुर्गी पालन के लिये हितग्राहियों को प्रोत्साहित करें : मंत्री श्री यादव
22 January 2020
पशुपालन, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास मंत्री श्री लाखन सिंह यादव ने बानमोर में सहकारी दुग्ध संघ मुरैना द्वारा संचालित दुग्ध संयंत्र एवं रायरू में शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार कड़कनाथ और आरआईआर प्रजाति की मुर्गियों के चूजे पालकर अपनी आय बढ़ा सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इन प्रजातियों के मुर्गी-पालन के लिये हितग्राहियों को प्रोत्साहित करें। मंत्री श्री यादव ने प्रक्षेत्र में कड़कनाथ, आरआईआर और चेपब्रो प्रजाति के मुर्गी पालन के साथ इन प्रजातियों की मुर्गियों के अंडों से विशेष मशीन द्वारा 21 दिन में चूजे निकलने की प्रक्रिया को देखा। इस प्रक्रिया में 18 दिन तक अंडों को मशीन में रखकर निर्धारित तापमान दिया जाता है। इसके बाद तीन दिन हेचर होने पर मुर्गी का चूजा प्राप्त होता है। चूजों को अनुकूल वातावरण देकर उनकी देख-रेख की जाती है। शासकीय कुक्कुट-पालन प्रक्षेत्र रायरू में 6-7 हजार मुर्गे एवं मुर्गियां हैं। यहाँ तैयार चूजे ग्वालियर एवं चंबल संभाग में सप्लाई किए जा रहे हैं। पशुपालन मंत्री ने प्रक्षेत्र की गतिविधियों की सराहना की। पशुपालन मंत्री श्री लाखन सिंह यादव ने बानमोर में अधिकारियों को दुग्ध संयंत्र की क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिये। उन्होंने दूध की पैकिंग, पाउडर प्लांट, क्वालिटी कन्ट्रोल लैब, कलेक्शन डॉक और आरएसआरडी का अवलोकन किया।
ग्लोबल स्किल्स पार्क में प्रीसिजन इंजीनियरिंग का एडवांस कोर्स शुरू
21 January 2019
ग्लोबल स्किल्स पार्क का एक अंश सिटी कैंपस के रूप में गोविंदपुरा भोपाल में स्थापित किया गया है। इसमें प्रीसिजन इंजीनियरिंग सेक्टर में प्रदेश के आईटीआई, पॉलीटेक्निक तथा इंजीनियरिंग कॉलेजों से उत्तीर्ण विद्यार्थियों को ग्लोबल स्किल्स पार्क सिटी कैम्पस में प्रिसीजन इंजीनियरिंग के एक वर्षीय कोर्स में प्रवेश दिया जा रहा है। इसमें प्रतिवर्ष 240 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। वर्तमान में 15 जुलाई, 2019 से एक वर्षीय एडवांस सर्टिफिकेट कोर्स इन प्रीसिजन इंजीनियरिंग का प्रशिक्षण शुरू किया गया है। इसमें वर्तमान में 82 विद्यार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
इसमें प्रिसिजन इंजीनियरिंग सेक्टर में प्रदेश के आईटीआई, पॉलिटेकनिक और इंजीनियरिंग कालेजों से उत्तीर्ण विद्यार्थियों के साथ कारखानों में कार्यरत आईटीआई उत्तीर्ण कर्मचारियों को "एडवांस सर्टिफिकेट कोर्स इन प्रिसिजन इंजीनियरिंग" तथा "स्पेशलाइजेशन सर्टिफिकेट कोर्स" में प्रशिक्षित किया जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता एवं मानकों पर आधारित दक्षता के लिए यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
ग्लोबल स्किल्स पार्क, भोपाल के निर्माण एवं व्यवस्थापन के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक नार्म्स अनुसार अंतर्राष्ट्रीय तकनीकी परामर्शी के रूप में इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नीकल एजुकेशन, एजुकेशन सर्विसेस (ITE Education Services) सिंगापुर को एजेंसी नियुक्त किया गया। इसके साथ ही, TATA Consulting Engineers Limited से ग्लोबल स्किल्स पार्क की डिजाइन एंड कंस्ट्रक्शन सुपरविजन कंसल्टेंसी (DSC) के लिए अनुबंध किया गया है। परियोजना के लिए पूर्ण समर्पित एवं योग्य विशेषज्ञों से सुसज्जित परियोजना प्रबंधन इकाई काम कर रही है।
ग्लोबल स्किल्स पार्क की विशेषताओं में कोर्स एवं प्रशिक्षण के लिए इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नीकल एजुकेशन, एजुकेशन सर्विसेस (TEES), सिंगापुर के साथ सम्पर्क, इंडस्ट्री की तर्ज की प्रयोगशाला एवं इंडस्ट्री के साथ MOU किया गया है। इसमें रोजगार के अवसर, अंतरराष्ट्रीय स्तर के औजार, उपकरण उपलब्ध कराना, कक्षाएँ एवं प्रयोगशाला, अंतर्राष्ट्रीय रोजगार के अवसर और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षित प्रशिक्षक आदि शामिल हैं।
अग्नि-पीड़ित श्री अहिरवार को एयर एम्बुलेंस से दिल्ली भेजा जाएगा
21 January 2019
राज्य सरकार ने सागर जिले के अग्नि-पीड़ित श्री धनप्रसाद अहिरवार को विशेषज्ञ चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिये एयर एम्बुलेंस से सफदरजंग हॉस्पिटल भेजे जाने का निर्णय लिया है। भोपाल स्थित शासकीय हमीदिया हॉस्पिटल में इलाजरत श्री अहिरवार को चिकित्सीय परामर्श और राष्ट्रीय अनुसूचित-जाति आयोग के निर्देशानुसार तत्काल विशेष चिकित्सा सुविधा दिये जाने के लिये नई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल भेजा जा रहा है। श्री अहिरवार के इलाज के लिये आयुक्त, अनुसूचित-जाति विकास श्री मसूद अख्तर ने सफरजंग हॉस्पिटल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट को पत्र भेजकर अनुरोध किया है कि नई दिल्ली एयरपोर्ट पर सफदरजंग हॉस्पिटल की मेडिकल टीम को एम्बुलेंस के साथ भेजकर हॉस्पिटल में श्री अहिरवार का बेहतर इलाज सुनिश्चित करें। इलाज पर होने वाला व्यय मध्यप्रदेश सरकार द्वारा वहन किया जायेगा।
मंत्री श्री हर्ष यादव ने अस्पताल पहुँचकर धनप्रसाद के इलाज की जानकारी ली
20 January 2019
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा और कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री हर्ष यादव ने शासकीय हमीदिया अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती सागर निवासी धनप्रसाद अहिरवार के उपचार एवं स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की। पूर्व मंत्री श्री सुरेन्द्र चौधरी साथ थे। श्री यादव को डीन डॉ. आदित्य अग्रवाल ने उपचार की जानकारी दी। उन्होंने रोगी के परिजनों से भी बात की।
मंत्री श्री हर्ष यादव ने कहा कि श्री धनप्रसाद अहिरवार के इलाज में पैसों की कमी आड़े नहीं आएगी। उपचार की बेहतर व्यवस्था कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि परिजन यदि चाहें तो अन्य संस्थान में भी उपचार करवाया जा सकता है। परिजन ने जारी उपचार पर संतोष व्यक्त किया। सागर जिला प्रशासन ने धनप्रसाद के इलाज के लिये एक लाख रुपए की सहायता राशि स्वीकृत की है।
खिलाड़ियों को एकता के सूत्र में बांधती है खेल भावना: मंत्री श्री वर्मा
20 January 2019
स्व. अमर सिंह राठौर की स्मृति में पृथ्वीपुर जिला निवाड़ी में आयोजित वॉलीबॉल टूर्नामेंट का आज भव्य समापन हुआ। पृथ्वीपुर में 18 से 20 जनवरी तक यह टूर्नामेंट आयोजित किया गया। इस प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर की 11 टीमों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के समापन अवसर पर लोक निर्माण एवं पर्यावरण मंत्री श्री सज्जन सिंह वर्मा, वित्त, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री श्री तरूण भनोत, ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह, श्रम मंत्री श्री महेन्द्र सिंह सिसौदिया, खनिज साधन मंत्री श्री प्रदीप जायसवाल तथा वाणिज्यिक कर मंत्री श्री बृजेन्द्र सिंह राठौर विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर विशाल जनसमूह ने खेलों एवं सांस्कृतिक संध्या के कार्यक्रमों का आनंद लिया।
वाणिज्यिक कर मंत्री श्री बृजेन्द्र सिंह राठौर ने समापन समारोह में पृथ्वीपुर विधानसभा क्षेत्र एवं निवाड़ी जिले के विकास कार्यों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। साथ ही अतिथियों से टीकमगढ़ तथा निवाड़ी जिले में लंबित शासकीय योजनाओं को शीघ्र पूर्ण कराने और दोनों जिलों के सर्वांगीण विकास के लिए सहयोग की मांग रखी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोक निर्माण मंत्री श्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि खेल-भावना खिलाड़ियों को एकता के सूत्र में बांधे रखती है। उन्होंने कहा कि हमें यदि प्रेरणा लेना है, तो खिलाड़ियों से लें, जो अपनी टीम और राष्ट्र के लिए खेलते हुए सामाजिक एकता को मजबूती प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट को शिखर तक ले जाने के लिए वाणिज्यिक कर मंत्री द्वारा रखी गई मांगें पूरी होंगी। इसके साथ ही निवाड़ी एवं टीकमगढ़ जिले की लंबित विकास योजनाओं पर शीघ्र अमल किया जायेगा।
श्रम मंत्री श्री महेन्द्र सिंह सिसौदिया ने कहा कि श्रमिकों के कल्याण के लिये शासन द्वारा अनेक योजनायें संचालित हैं। उन्होंने बताया कि पृथ्वीपुर में आईटीआई शीघ्र प्रारंभ की जायेगी। ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह ने कहा कि बेहतर प्रबंधन के लिए निवाड़ी एवं टीकमगढ़ जिले में अलग-अलग डीई कार्यालय स्थापित होंगे। साथ ही ओरछा में विद्युत सब डिवीजन भी बनायेंगे। खनिज मंत्री श्री प्रदीप जायसवाल ने कहा कि जिले की खनिज उत्खनन व्यवस्थाओं में सुधार किया जायेगा। साथ ही खनिज व्यापार को और अधिक पारदर्शी बनाया जायेगा।
सीआरपीएफ दिल्ली ने जीती विजेता की शील्ड
कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार श्री राजेश बादल, श्री संदीप चौधरी, श्री प्रशांत गुप्ता, श्री नवीन कुमार को शॉल-श्रीफल एवं स्मृति-चिन्ह प्रदान कर सभी मंत्रियों द्वारा सम्मानित किया गया। निवाड़ी जिले के प्रतिभावान एवं मेधावी छात्र-छात्राओं को भी पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा रंगारंग आकर्षक देश भक्ति पूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। राष्ट्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता के फाईनल मैच में सीआरपीएफ दिल्ली ने लगातार तीनों मैच जीत कर विजेता की शील्ड प्राप्त की। कार्यक्रम में आये सभी मंत्रियों को स्मृति-चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। वालीवॉल टूर्नामेंट के सफल 39 वर्षों के आयोजन पर आधारित स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान से विभूषित होंगे सुमन कल्याणपुर और कुलदीप सिंह
16 January 2019
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा सुगम संगीत के क्षेत्र में सुविख्यात पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर को वर्ष 2017 और संगीत निर्देशन के क्षेत्र में विख्यात संगीत निर्देशक श्री कुलदीप सिंह को वर्ष 2018 के लिये राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान प्रदान किया जायेगा। सम्मान के अंतर्गत 2 लाख रुपये की आयकर मुक्त राशि, सम्मान पट्टिका तथा शाल-श्रीफल भेंट किया जायेगा।
इंदौर में फरवरी माह में आयोजित किये जा रहे भव्य समारोह में दोनों विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा। समारोह की तैयारियाँ की जा रही हैं। यह सम्मान संगीत निर्देशन और गायन के क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिये एक वर्ष के अंतराल से दिया जाता है।
हाल ही में मुम्बई में हुई चयन समिति की बैठक में सुमन जी और कुलदीप जी का सम्मान के लिये चयन किया गया। बैठक में वरिष्ठ पार्श्व गायक सुरेश वाडकर, प्रख्यात फिल्म पत्रकार एवं माधुरी पत्रिका के संपादक रहे विनोद तिवारी और फिल्म पत्रकार सुमंत मिश्र शामिल हुए।
सुश्री सुमन कल्याणपुर पार्श्व गायन के क्षेत्र में 50 साल से भी अधिक समय से सृजनशील हैं। इन्होंने फिल्म बात एक रात की, दिल एक मंदिर, दिल ही तो है, सांझ और सवेरा, जहांआरा जैसी अनेक उत्कृष्ट फिल्मों में गीतों को आवाज दी। इसी प्रकार, संगीत निर्देशक एवं म्यूजिक कम्पोजर कुलदीप सिंह ने अंकुश और साथ-साथ जैसी फिल्मों में संगीत निर्देशन से अपनी पहचान बनाई है।
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 1984-85 में श्री नौशाद, वर्ष 1985-86 के लिये किशोर कुमार, 1986-87 के लिये जयदेव, 1987-88 के लिये मन्ना डे, 1988-89 के लिये खय्याम, 1989-90 के लिये सुश्री आशा भोंसले, 1990-91 के लिये लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल, 1991-92 के लिये येसुदास, 1992-93 के लिये राहुल देव वर्मन, 1993-94 के लिये श्रीमती संध्या मुखर्जी, 1994-95 के लिये अनिल विश्वास, 1995-96 के लिये तलत महमूद, 1996-97 के लिये कल्याणजी-आनंदजी 1997-98 के लिये जगजीत सिंह, 1998-99 के लिये इलिया राजा, 1999-2000 के लिये एस.पी. बालसुब्रमण्य, 2000-2001 के लिये भूपेन हजारिका, 2001-2002 के लिये महेन्द्र कपूर, 2002-2003 के लिये रवीन्द्र जैन, 2003-2004 के लिये सुरेश वाडकर, 2004-2005 के लिये ए. आर. रहमान, 2005-2006 के लिये सुश्री कविता कृष्णमूर्ति, 2006-2007 के लिये पं. हृयनाथ मंगेशकर, 2007-2008 के लिये नितिन मुकेश, 2008-2009 के लिये रवि, 2009-2010 के लिये सुश्री अनुराधा पौडवाल, 2010-2011 के लिये राजेश रोशन, 2011-2012 के लिये हरिहरन, 2012-2013 के लिये सुश्री उषा खन्ना, 2015-2016 के लिये उदित नारायण और वर्ष 2016-2017 के लिये अनु मलिक को यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया।
लॉयन जोड़ा पहुँचा वन विहार : मंत्री श्री सिंघार ने किया स्वागत
16 January 2019
वन मंत्री श्री उमंग सिंघार के प्रयासों के बाद आज बिलासपुर-छत्तीसगढ़ के कानन पेंडारी जूलॉजिकल पार्क से बब्बर शेर का जोड़ा भोपाल के वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में सकुशल पहुँच गया। वन मंत्री श्री उमंग सिंघार ने स्वयं लॉयन सत्या और लॉयनेस नंदी की अगवानी की। चार वर्ष उम्र वाले इस जोड़े को देखभाल और परीक्षण के लिये क्वेरेंटाइन में रखा गया है।
सत्या और नंदी के वन विहार में आने के बाद 4 नर और 2 मादा लॉयन हो गये हैं। संचालक वन विहार श्रीमती कमलिका मोहंता के साथ 6 सदस्यीय टीम शेर के जोड़े को लेने बिलासपुर गई थी।

18 वर्ष पुराना विमान बेचकर नया विमान खरीदने का निर्णय
14 January 2019
राज्य सरकार ने शासकीय बेड़े में शामिल 18 वर्ष पुराने शासकीय विमान बी-200, वर्ष 2001 को बेचकर नया विमान खरीदने का निर्णय लिया है। मंत्रि-परिषद की सहमति से राज्य सरकार ने यूएसए की विमान निर्माता संस्था मेसर्स टेक्सट्रान एविएशन प्रा.लि. से नया विमान टर्बिन इंजिन 7+2 सीटर विमान मॉडल बी-200 जीटी (बीच क्रॉफ्ट किंग एयर 250) खरीदने के लिये विगत 15 नवम्बर, 2019 को एमओयू साइन किया है।
राज्य सरकार द्वारा नया जेट विमान नहीं खरीदा जा रहा है बल्कि 18 वर्ष पुराने विमान को बेचकर नया विमान खरीदा जा रहा है। पुराने विमान की टेक्नालॉजी पुरानी होने के कारण अब व्यवहारिक उपयोग के लायक नहीं थी। पुरानी तकनीक के इस विमान की मरम्मत के लिये आवश्यक कल-पुर्जों की उपलब्धता भी अनिश्चित-सी रहती है। इसलिये इस विमान को बेचकर नया विमान खरीदा जा रहा है।
बस्ती विकास योजना में विकास कार्यों के लिये 98 लाख से अधिक का आवंटन
14 January 2019
आदिम जाति कल्याण विभाग ने अनुसूचित जनजाति बस्ती विकास कार्य के लिये 98 लाख 92 हजार रूपये का आवंटन जारी किया है। यह राशि अलीराजपुर, उज्जैन, नरसिंहपुर जिलों में ग्रामीण विकास और पेयजल से संबंधित विकास कार्यों के लिये खर्च की जायेगी।
अलीराजपुर, उज्जैन और नरसिंहपुर जिलों में 84 लाख 79 हजार रूपये की राशि ग्रामीण यांत्रिकी विभाग को जारी की गई है। अलीराजपुर जिले में पेयजल व्यवस्था के लिये 13 लाख 73 हजार रूपये की राशि जारी की गई है। निर्माण एजेन्सियों को सभी निर्माण कार्य नियत समय में गुणवत्ता के साथ पूरा किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित आदिवासी बस्ती विकास योजना का मुख्य उद्देश्य आदिवासी-बहुल बस्तियों में मूलभूत सुविधाएँ जिनमें पेयजल, विद्युत व्यवस्था, आंतरिक क्षेत्रों में पक्की सड़कें, नाली निर्माण, मुख्य सड़क से आदिवासी बस्ती तक सड़क निर्माण, पुलिया निर्माण और सामुदायिक भवन शामिल हैं। विभाग द्वारा वर्ष 2018-19 में बस्ती विकास योजना में करीब 135 करोड़ की राशि विकास कार्यों पर खर्च की गई।
ऊर्जा मंत्री द्वारा दतिया जिले में उप महाप्रबंधक, अधीक्षण यंत्री कार्यालय लोकार्पित
13 January 2019
ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह ने दतिया जिले के सेवढ़ा में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के उप महाप्रबंधक संभागीय कार्यालय, इंदरगढ़ में 33/11 के.व्ही. सब-स्टेशन और दतिया में अधीक्षण यंत्री कार्यालय ऊर्जा का लोकार्पण किया। ऊर्जा मंत्री ने सेवढ़ा में विधायक निधि से प्रदत्त एम्बुलेंस भी जनता को समर्पित की।
ऊर्जा मंत्री श्री सिंह ने कहा कि विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की मांग पर बिजली की अतिरिक्त पूर्ति के लिए भगुवापुरा में 132 के.व्ही. का विद्युत सब-स्टेशन स्थापित किया जाएगा। परसौदा गूजर, अटरा, सिकरी में नए विद्युत सब-स्टेशन शुरू करेंगे। इससे सेवढ़ा क्षेत्र में अतिरिक्त बिजली की पूर्ति होगी। उन्होंने कहा कि जहां सिंचाई का रकबा बढ़ा है, उन क्षेत्रों में बिजली की सुविधाएँ बढ़ाई जाएंगी।
ऊर्जा मंत्री ने स्थानीय नागरिकों की मांग पर सेवढ़ा नगर के दो वार्डों में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्युत उपभोक्ताओं से अपील की कि वे विद्युत बिलों का समय पर भुगतान करें।
सामान्य प्रशासन एवं सहकारिता मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने कहा के सेवढ़ा क्षेत्र में विद्युत की मांग बढ़ी है और इस बार क्षेत्र में धान का रकबा भी बढ़ा है। अब किसान क्षेत्र में दो फसलें लेने लगे हैं, जिसके फलस्वरूप बिजली की मांग बढ़ी है। सामान्य प्रशासन एवं सहकारिता मंत्री ने सेवढ़ा में बस स्टेण्ड के लिए उपयुक्त जमीन तलाशने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां सहकारी संस्थाएँ हैं और जमीन उपलब्ध है, वहां भंडारण के लिए गोदाम बनवाएं जाएंगे, ताकि उपज की खरीदी के समय भंडारण की दिक्कत न हो। श्री सिंह ने भू-माफिया और रेत माफिया के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश दिए। क्षेत्रीय विधायक श्री घनश्याम सिंह ने भी संबोधित किया।
ऊर्जा मंत्री द्वारा दबोह में क्रिकेट प्रतियोगिता का शुभारंभ
ऊर्जा मंत्री श्री सिंह ने भिण्ड जिले के दबोह लहार में स्व. मथुरा सिंह स्मृति 14वें अंतर्राज्यीय क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ किया। उन्होंने दबोह में एक स्टेडियम और 132 के.व्ही. का विद्युत सब-स्टेशन बनवाने की घोषणा की। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने नौगाँव में क्रिकेट टूर्नामेंट के खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया
13 January 2019
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने छतरपुर जिले के नौगाँव में नगरपालिका द्वारा आयोजित अंतर्राज्यीय क्रिकेट टूर्नामेंट के समापन पर खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरित किये। श्री सिंह ने कहा कि क्षमतावान खिलाड़ियों के प्रतिभा प्रदर्शन के लिये टूर्नामेंट बेहतर माध्यम होता है।
श्री सिंह ने स्टेडियम के विकास के लिये एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि नगर के सौंदर्यीकरण के लिये भी योजना बनाई जायेगी। श्री सिंह ने विजेता टीम गाजियाबाद को एक लाख और उप विजेता टीम दिल्ली को 51 हजार रुपये का चेक और ट्रॉफी प्रदान की। उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अन्य खिलाड़ियों को भी पुरस्कृत किया।
इस दौरान विधायक सर्वश्री नीरज विनोद दीक्षित, आलोक चतुर्वेदी, कुंवर विक्रम सिंह नाती राजा, नीलांशु चतुर्वेदी, प्रद्युम्न सिंह लोधी और अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
विश्वविद्यालयों में "गाँधी चेयर"और महाविद्यालयों में "गाँधी स्तंभ" की स्थापना होगी
13 January 2019
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ महात्मा गाँधी की पुण्य-तिथि 30 जनवरी को भोपाल में राज्य स्तरीय समारोह में प्रदेश के विश्वविद्यालयों में स्थापित किये जा रहे "गाँधी चेयर" और महाविद्यालयों में स्थापित "गाँधी स्तंभ" का प्रतीकात्मक सामूहिक उद्घाटन करेंगे। उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और सभी शासकीय/अशासकीय महाविद्यालयों को 26 जनवरी तक इस बारे में कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिये हैं।
विश्वविद्यालयों में राजनीतिक शास्त्र विभाग के अधीन "गाँधी चेयर" की स्थापना की जाएगी। इसके लिये पाँच सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें कुलपति अध्यक्ष एवं राजनीति शास्त्र विभाग के विभागध्यक्ष सचिव के रूप में मनोनीत होंगे। इसके अतिरिक्त, गाँधीवादी छवि के प्राध्यापक/विद्यार्थियों में से तीन सदस्य विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा मनोनीत किये जाएंगे। गाँधी चेयर के तत्वावधान में महात्मा गाँधी पर केन्द्रित शोध करने वाले शोधार्थियों को अन्य छात्रवृत्ति के साथ 5 हजार रुपये प्रति माह के मान से 60 हजार रुपये प्रतिवर्ष अधिकतम तीन वर्ष के लिये प्रोत्साहन राशि के रूप में दिये जाएंगे।
प्रत्येक अकादमिक सत्र में गाँधी जयंती के अवसर पर महात्मा गाँधी पर केन्द्रित शोध स्मारिका का प्रकाशन किया जाएगा। स्मारिका में महात्मा गाँधी पर केन्द्रित शोध पत्र, आलेख और विविध आयोजनों का प्रतिवेदन और छायाचित्र प्रकाशित होंगे।
"गाँधी स्तंभ" का निर्माण ऐसे शासकीय/अशासकीय महाविद्यालयों में किया जाएगा ,जिनके पास स्वयं की भूमि और भवन उपलब्ध है। अध्यक्ष, जन-भागीदारी समिति की सहमति से स्तंभ निर्माण के लिये उपयुक्त स्थान का चयन किया जाएगा। निर्माण पर होने वाला व्यय शासकीय महाविद्यालयों में उपलब्ध जन-भागीदारी मद से और अशासकीय महाविद्यालयों में स्वयं की निधि से किया जाएगा।
महाविद्यालयों में स्थापित होने वाले "गाँधी स्तंभ" का आकार चौकोर होगा। स्तंभ के सामने वाले भाग में "गाँधी स्तंभ का संकल्प" अंकित किया जाएगा। स्तंभ के पीछे वाले बाँये भाग में "मध्यप्रदेश में महात्मा गाँधी जी" और दाँये भाग में "महात्मा गाँधी जी के प्रमुख आन्दोलन" अंकित किया जाएगा।
उद्योगपति समय पर जमा कराएं बिजली बिल- उर्जा मंत्री श्री सिंह
11 January 2019
उर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह इंदौर में एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज की परिचर्चा में शामिल हुए। श्री सिंह ने उद्योगपतियों से अपील की कि वे अपना बिजली बिल समय पर जमा करायें।
ऊर्जा मंत्री श्री सिंह ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को औद्योगिक हब बनाने के लिये कृत-संकल्पित है। इसलिये उद्योगों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिये जा रहे हैं और उन्हे जमीनी स्तर पर क्रियान्वित भी किया जा रहा है। उर्जा मंत्री ने उद्योगपतियों की समस्याओं को सुना एवं उनका निराकरण करने के लिये अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिये।

आमजन की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है सरकार - मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह
11 January 2019
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने अपने प्रभार के जिला राजगढ़ में सुठालिया तहसील के ग्राम लखनवास में 'आपकी सरकार-आपके द्वार'' शिविर में लोगों की समस्याएं सुनीं और समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिये। शिविर में विधायक श्री गौवर्धन दांगी, पूर्व सांसद श्री नारायण सिंह आमलाबे एवं अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार आमजन की रोजमर्रा की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि लोगों को समस्या के निराकरण के लिये तहसील और जिला मुख्यालय तक न जाना पड़े, इसलिये ग्राम पंचायतों में 'आपकी सरकार-आपके द्वार'' शिविर लगाये जा रहे हैं। इसमें अधिकारी सुबह गाँव में पहुँचकर नागरिकों की समस्याएं सुनते हैं, उनकी मांगे जानते हैं और निराकरण की कार्रवाई करते हैं।
शिविर में 570 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 488 का मौके पर ही समाधान किया गया। शेष 42 आवेदनों में समय-सीमा निश्चित की गई। सभी अधिकारी कलेक्ट्रेट से बस में सवार होकर ग्राम लखनवास पहुँचे।
मंत्री श्री पटेल द्वारा ग्राम सीतापुर में गौ-शाला का लोकार्पण
11 January 2019
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल ने रीवा जिले की मऊगंज जनपद अन्तर्गत सीतापुर में 27.62 लाख रूपये लागत की गौ-शाला का लोकार्पण किया। उन्होंने मऊगंज की रकरी ग्राम पंचायत में नवीन गौ-शाला का भूमि-पूजन भी किया। श्री पटेल ने सुदूर ग्राम सड़क योजनान्तर्गत 57 लाख की 5 सड़कों का लोकार्पण तथा अन्य 20 ग्राम पंचायतों में विभिन्न सड़कों का भूमि-पूजन भी किया।
श्री पटेल ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की उन्नति और गायों की सुरक्षा के लिये प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि गौ-शालाओं का संचालन ग्राम पंचायत और ग्रामीण आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूहों द्वारा किया जाएगा ताकि गौमूत्र और गोबर से बनने वाली सामग्री बाजार में बिके और समूह स्वावलंबी बन सकें।
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम
मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल सीतापुर में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने लोगों से कहा कि सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करें। नशे में वाहन न चलायें, दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट लगायें और चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट जरूर बाँधे।
मंत्री श्री हर्ष यादव द्वारा खादी उत्सव का शुभारंभ
7 January 2019
कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री हर्ष यादव ने गौहर महल में खादी उत्सव-2020 का शुभारंभ किया। श्री यादव ने कहा कि आमजन को इस खादी उत्सव में आने के लिये प्रेरित करें। उत्सव के माध्यम से लोगों को खादी के विभिन्न उत्पादों की उपलब्धता, उपयोगिता और महत्व की जानकारी दी जाये। इससे खादी को लोकप्रिय बनाने में मदद मिलेगी।
खादी उत्सव के अन्तर्गत गौहर महल में विगत 4 जनवरी से आयोजित प्रदर्शनी में 10 राज्यों की 45 खादी उत्पादन इकाईयों ने अपने उत्पाद विक्रय के लिये उपलब्ध करवाये हैं। इसमें खादी के साथ सूती, ऊनी और रेशमी वस्त्र भी उपलब्ध करवाये गये हैं।
यह प्रदर्शनी 13 जनवरी तक प्रतिदिन दोपहर 12 से रात 8 बजे तक आमजन के लिये जारी रहेगी। यहाँ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 150वें जयंती वर्ष पर खादी उत्पादों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त छूट दी रही है। उपभोक्ताओं को खादी और अन्य सामग्री पर कुल 30 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।
मंत्री श्री हर्ष यादव ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस मौके पर प्रमुख सचिव श्री अनिरूद्ध मुखर्जी भी उपस्थित थे।
साँची में चैत्य गिरि विहार का जीर्णोद्धार किया जाएगा
7 January 2019
विश्वभर में फैले बुद्ध धर्म के केन्द्रों में मध्यप्रदेश के साँची का विशिष्ट स्थान है। साँची में विश्व बौद्ध संग्रहालय और भिक्षु प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना के साथ चैत्य गिरि विहार का जीर्णोद्धार भी किया जाएगा। श्रीलंका के राष्ट्रपति श्री गोतबाया राजपक्षे ने कोलम्बो में मध्यप्रदेश के आध्यात्म मंत्री श्री पी.सी. शर्मा से भेंट के दौरान यह जानकारी दी। मंत्री श्री शर्मा के साथ
अपर मुख्य सचिव श्री मनोज श्रीवास्तव, महाबोधि सोसायटी के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री भिक्खु वानगल उपतिस्स नायक थेरो और सलाहकार श्री व्ही.के. अमर उपस्थित थे।
श्रीलंका के राष्ट्रपति श्री राजपक्षे से भेंट में अपर मुख्य सचिव श्री श्रीवास्तव ने आध्यात्म प्रोजेक्ट में शामिल कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। राष्ट्रपति ने मध्यप्रदेश और श्रीलंका के बीच कल्चरल एक्सचेंज प्रोग्राम के नियमित आयोजन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इससे दोनों देशों के बीच पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। प्रतिनिधि-मण्डल ने श्रीलंका के विदेश मंत्री श्री दिनेश गुणवर्धने से भी मुलाकात की।
गांधीवादी विचार ही फलीभूत कर रहे "वसुधैव कुटुम्बकम्" की अवधारणा
5 January 2020
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य को देखते हुए गांधीवादी विचार ही वसुधैव कुटुम्बकम की अवधारणा को फलीभूत कर रहा है। 'जय जगत यात्रा' से युवा पीढ़ी का जुड़ाव यह दर्शाता है कि गांधी जी के संदेश को देश ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण विश्व में प्रसारित करना वर्तमान समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि 'जय जगत यात्रा' में शामिल हुए विदेशी पदयात्री इसका अनूठा उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। उनका यह कार्य नई पीढ़ी को सीख प्रदान करेगा। श्री कमल नाथ छिंदवाड़ा में गांधी प्रवास शताब्दी शुभारंभ समारोह के अंतर्गत गांधी जी के प्रथम नगर आगमन के सभा-स्थल के सौंदर्यीकरण कार्य के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि अफ्रीका प्रवास के दौरान उनकी मुलाकात एक देश के राष्ट्रपति से हुई। उनके कक्ष में गांधी जी की प्रतिमा का होना यह बता रहा था कि गांधी जी को भारत ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण विश्व आदर्श के रूप में मानता है। श्री कमल नाथ ने कहा कि जय जगत यात्रा का छिंदवाड़ा में आगमन होना भारतीय संस्कृति की इस नगरी के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिये गांधी जी का संदेश वर्तमान में और अधिक प्रासंगिक है। मुख्यमंत्री ने जय जगत यात्रा का नेतृत्व कर रहे श्री राजगोपाल एवं उनके गांधीवादी चिंतक पदयात्रियों की सराहना की।
प्रख्यात गांधीवादी चिंतक श्री राजगोपाल ने कहा कि यात्रा को अपनी बुलंदियों पर पहुँचाने में सभी साथियों का सहयोग मिल रहा है। यात्रा के दौरान बच्चों, महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों का स्नेह प्राप्त हुआ है, जिससे यात्रा सफलतापूर्वक तय की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सत्य और अहिंसा के आदर्शों के समावेश के लिये छिंदवाड़ा जिला सबसे बेहतर मॉडल बन सकता है। जल पर्यटन के साथ अब शांति पर्यटन के लिए यह प्रदेश उपयुक्त प्रतीत होता है। श्री राजगोपाल ने कहा कि इस अवधारणा को मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के नेतृत्व में साकार किया जा सकता है।
सहयात्रियों ने यात्रा का उद्देश्य बताते हुए जानकारी दी कि जय जगत यात्रा की शुरूआत 2 अक्टूबर 2019 को महात्मा गांधी की समाधि राजघाट, दिल्ली से शुरू हुई है। राजघाट में प्रार्थना कर और वहाँ की पावन मिट्टी को कलश में आशीर्वाद स्वरूप लेकर भारत के अलग-अलग राज्यों और 15 अन्य देशों के 50 पदयात्री 365 दिन की पदयात्रा कर 10 देशों से होते हुए इस यात्रा का समापन 30 जनवरी को सेवा ग्राम वर्धा में करेंगे।
यह यात्रा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 2 अक्टूबर 2020 को स्विट्जरलैंड, जिनेवा पहुँचेगी। महात्मा गांधी और कस्तूरबा गांधी के 150वें जन्म शताब्दी वर्ष में यह यात्रा अहिंसा और न्याय के साथ-साथ गरीबी उन्मूलन, जलवायु संकट, असमानता हटाओ और युध्दरहित दुनिया के ध्येय के साथ चार मुद्दों को लेकर अक्टूबर 2020 में संयुक्त राष्ट्र से संवाद करेगी।
यात्रा में अंतर्राष्ट्रीय पदयात्रियों में फ्रांस की सबसे कम उम्र की पदयात्री क्लेयर, फ्रांस से लैहौंज़, इज़ालिन, बैरोनिक स्पेन से डॉ.काबियर, न्यूज़ीलैंड से बेन, केन्या से सिडनी, स्विटजरलैंड से मिशेल आदि शामिल हैं। राष्ट्रीय पदयात्रियों में एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रणसिंह परमार, राजस्थान से जयसिंह जादौन, छत्तीसगढ़ से सीताराम स्वामी, मुरली दास पंत एवं निर्मला, झारखण्ड से चुन्नूलाल सोरेन, महाराष्ट्र से योगेश माथुरिया, जालंधर पश्चिम बंगाल से देबाशीष, बुन्देलखण्ड से संतोष सिंह, मध्यप्रदेश से सरस्वती उइके, शोभा तिवारी, कस्तूरी पटेल व कैलाश श्रीवास्तव, उत्तरप्रदेश से आशिमा बिश्नोई, भिण्ड से नीरू दिवाकर, बैंगलोर से रिया रेचल साइमन, केरल से अजित व बेंजी, छिंदवाड़ा से मुदित श्रीवास्तव, भोपाल से खुशबू चौरसिया, शाहबाज़ ख़ान तथा सतीश राज आचार्य, तमिलनाडु से श्रुति नायडू, गुजरात से पार्थ पटेल एवं बिहार से सन्नी कुमार पूरे एक साल के लिए पदयात्रा में शामिल हैं।
इस अवसर पर सांसद श्री नकुल नाथ, प्रभारी मंत्री श्री सुखदेव पांसे और पूर्व मंत्री श्री दीपक सक्सेना सहित विशिष्ट जन-प्रतिनिधियों द्वारा गांधी जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किये गये। स्थानीय कलाकारों द्वारा भजन संध्या में गांधी जी के प्रिय भजनों का गायन हुआ।
कार्यक्रम में विधायक सर्वश्री सुनील उईके, विजय चौरे, नीलेश उईके, सोहनलाल वाल्मीकि एवं सुजीत सिंह चौधरी, राज्य अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष श्री गंगा प्रसाद तिवारी और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विश्वनाथ ओक्टे सहित अन्य स्थानीय जन-प्रतिनिधि, मुख्यमंत्री के उपसचिव श्री अनुराग सक्सेना, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री संजय श्रीवास्तव तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ स्थानीय कलाकारों द्वारा आयोजित भजन संध्या में भी शामिल हुए। कार्यक्रम में गांधी जी के संदेश को पूरे विश्व में फैलाने के लिए प्रख्यात गांधीवादी चिंतक श्री पी.व्ही. राजगोपाल के नेतृत्व में निकले जय जगत यात्रा के यात्रीगण विशिष्ट रूप से उपस्थित थे।

मिलेट मिशन को गति देने बनाएं प्रोजेक्ट : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
5 January 2020
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने अधिकारियों को छिन्दवाड़ा जिले शिकारपुर स्थित निवास पर जिले में मिलेट मिशन को गतिदेने के लिये प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों के जिला अधिकारियों की बैठक में कहा कि प्रोजेक्ट में कोदो, कुटकी, ज्वार, बाजरा, रागी, समा इत्यादि फसलों को शामिल किया जाये। प्रोजेक्ट में ऑर्गेनिक खेती की जैविक प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को शामिल करते हुए प्रोसेसिंग एवं मार्केटिंग की सुविधा भी उपलब्ध करायें। बैठक में श्री नकुल नाथ, प्रभारी मंत्री श्री सुखदेव पांसे, मुख्यमंत्री के उप सचिव श्री अनुराग सक्सेना उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने ली बांस परियोजना की बैठक
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने छिन्दवाड़ा में बांस परियोजना की बैठक ली। सांसद श्री नकुल नाथ, प्रभारी मंत्री श्री सुखदेव पांसे, कलेक्टर डॉ.श्रीनिवास शर्मा, मुख्यमंत्री के उप सचिव श्री अनुराग सक्सेना, पुलिस अधीक्षक श्री मनोज कुमार राय, सी.सी.एफ. श्री के.के. गुरूवानी के साथ सभी संबंधित अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने बांस परियोजना में जिले के कुल वन क्षेत्र और बांस के लिये उपलब्ध क्षेत्र के संबंध में चर्चा करते हुए कहा कि बांस संसाधन वृध्दि को प्रोत्साहित करें। बांस कारीगरों के कौशल उन्नयन की दिशा में कार्य करें और बांस इकाईयों को स्थापित करने के लिये लोगों प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि गांव में बांस की पूर्ण बाजार श्रंखला स्थापित करें। बांस खेती को बढ़ावा देते हुए नये बांस का पौधारोपण करायें।
मुख्यमंत्री ने बांस परियोजना के संबंध में सीसीएफ एवं अन्य संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर बांस उत्पादन की चरणबध्द रणनीति बनाने, बांस का उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने के लिये बांस नर्सरी की स्थापना करने और बांस शिल्पियों को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिये । साथ ही बांस से बने फर्नीचर, हैण्डीक्राफ्ट, अगरबत्ती स्टिक्स आदि के संबंध में भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना के माध्यम से स्थानीय स्व-रोजगार को बढ़ावा देने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री द्वारा गरीबों और जरूरतमंदों को कंबल वितरित
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने गांधी गंज में गांधी प्रवास शताब्दी शुभारंभ समारोह में गरीबों और जरूरतमंदों को कंबल वितरित किये। कार्यक्रम में जिला अनाज व्यापारी संघ और गांधी गंज व्यापारी संघ के सौजन्य से लगभग 300 व्यक्तियों को इस कार्यक्रम में कंबल वितरित किये गये।
कार्यक्रम में सांसद श्री नकुल नाथ, प्रभारी मंत्री श्री सुखदेव पांसे और पूर्व मंत्री श्री दीपक सक्सेना सहित विधायकगण उपस्थित थे।

ई-गवर्नेंस सिस्टम से बेहतर हुई यातायात एवं परिवहन व्यवस्था
5 January 2020
भोपाल.प्रदेश में यातायात और पविहन व्यवस्था को सुदृढ़ और जनोपयोगी बनाने के लिये राज्य सरकार ने वर्ष 2019 में ई-गवर्नेंस सिस्टम लागू किया। इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी, अवैध परिवहन पर नियन्त्रण और परिवहन विभाग की कार्य-प्रणाली में बड़े पैमाने पर बदलाव नजर आने लगा है इस नवाचार के लिये प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर 'स्कॉच' अवार्ड से सम्मानित किया गया।
परिवहन राजस्व में 8 प्रतिशत की वृद्धि
राज्य सरकार ने परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली में कसावट लाकर राजस्व को भी बढ़ाया। इसके परिणामस्वरूप पिछले साल परिवहन राजस्व संग्रहण में करीब 8 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वर्ष 2018-19 में माह नवम्बर तक 1782 करोड़ राजस्व प्राप्त हुआ और वर्ष 2019-20 में नवम्बर माह तक 1918.14 करोड़ परिवहन राजस्व संग्रहण हुआ। बकाया राजस्व की वसूली के लिये 5 वर्ष से अधिक और 50 वर्ष से कम आयु वाले परिवहन वाहनों को क्रमबद्ध तरीके से छूट प्रदान की गई।
महिलाओं और महाविद्यालयीन छात्राओं को नि:शुल्क ड्रायविंग लायसेंस
राज्य सरकार ने वचन पत्र के अनुसार बीते एक वर्ष में महाविद्यालयी छात्राओं को 65 हजार नि:शुल्क ड्रायविंग लायसेंस वितरित किये। दिव्यांग हितेषी मानकों के अनुरूप जून 2019 में परिवहन विभाग की नई वेबसाइट लांच कर उसे लाईव किया गया। महिलाओं को निःशुल्क एक लाख 11 हजार 898 लर्निंग लायसेंस जारी किये गये, जो गत वर्ष जारी लायसेंस की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक थे। देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गाँधी के जन्म-दिवस 19 नवम्बर 2019 से प्रियदर्शिनी दिवस पर महिलाओं के लिये एक साल तक निश्चित अवधि के अंतर से त्रैमासिक निःशुल्क शिविर लगाने का निर्णय ले कर उसका क्रियान्वयन शुरू किया गया।
प्रदेश में पीपीपी मोड पर ऑटोमेटेड ड्रायविंग टेस्टिंग ट्रेक स्थापित करने का निर्णय लिया गया। इसे परियोजना का स्वरूप दिया गया। इसके संचालन के लिये सीआईआरटी को तकनीकी कंसलटेंट नियुक्त कर परियोजना पर कार्य शुरू किया गया। प्रारम्भिक तौर पर 10 संभागीय परिवहन कार्यालयों में पीपीपी मोड ऑटोमेटेड फिटनेस एवं सर्टिफिकेशन सेन्टर की स्थापना की जा रही है।
जीपीएस बेस्ड व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम
सुगम और सहज लोक परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिये परमिट जारी होने के बाद आर.टी.ओ. द्वारा प्रति हस्ताक्षर किये जाने की दूरी को 25 किलोमीटर से बढ़ाकर 250 किलोमीटर कर दिया गया है। लोक परिवहन एवं वाणिज्यिक वाहनों में जीपीएस बेस्ड व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम लगवाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसकी मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोल एंड कमांड सेंटर की स्थापना की जा रही है। पीयूसी सेंटर के लिए प्रदेश में एकीकृत वेब एप्लीकेशन की व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया। इसके लिये अन्य राज्यों में प्रदेश में संचालित व्यवस्था का अध्ययन कर उन संस्थाओं के प्रस्तुतीकरण का परीक्षण कर आगामी कार्यवाही की जाएगी।
एग्रीगेटर पॉलिसी
प्रदेश में मैक्सी-कैब, मोटर कैब, आटो-रिक्शा और मोटर-साईकिल को भाड़े पर देने के लिये एग्रीगेटर पॉलिसी जारी की गई। विद्यार्थियों के लिये सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शैक्षणिक वाहनों के लिये नियंत्रण एवं विनियमन योजना-2019 शुरू की गई। बैटरी चलित वाहनों पर एक समान 4 प्रतिशत कर की नीति निर्धारित की गई। राज्य सरकार ने ग्वालियर व्यापार मेले में 2018-19 में गैर परिवहन यानों तथा छोटे परिवहन यानों को जीवनकाल-कर में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की गई। एक अन्य आदेश के अनुसार बकाया राजस्व की वसूली के लिए ऐसे व्यवसायिक वाहनों के करों में छूट प्रदान की गई जिनकी आयु 5 वर्ष से अधिक और 20 वर्ष से कम हो, क्रमबद्ध तरीके से छूट दी गई।

मंत्री श्री आरिफ अकील द्वारा डोडी में गौ-शाला का लोकार्पण
2 January 2019
अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री आरिफ अकील ने अपने प्रभार के जिला सीहोर के ग्राम डोडी में नव-निर्मित गौ-शाला का लोकार्पण किया। उन्होंने गौ-शाला निर्माण के लिये सरपंच सुश्री शहनाज बी की सराहना की। श्री अकील ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वचन-पत्र के अनुसार प्रत्येक ग्राम में गौ-शाला का निर्माण कराया जा रहा है।
श्री आरिफ अकील ने कहा कि सीहोर जिले के गाँवों की शासकीय शालाओं का उन्नयन कराया जायेगा। उन्होंने ग्राम रूपेटा में सामुदायिक भवन और पंचायत भवन तथा ग्राम मोगराराम में सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया।
मंत्री श्री आरिफ अकील ग्राम सेवदा में 'आपकी सरकार-आपके द्वार' कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने जन-समुदाय की समस्यायें सुनी और यथाशीघ्र निराकरण के निर्देश दिये। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती उर्मिला मरेठा और नगर पालिका अध्यक्ष श्री कैलाश परमार भी उपस्थित थे।
डिण्डोरी जिले में कहीं भी कृषि योग्य भूमि खाली नहीं रहने दी जायेगी
2 January 2019
आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री ओमकार सिंह मरकाम ने कहा है कि डिण्डोरी जिले में कहीं भी कृषि योग्य भूमि खाली नहीं रहने दी जायेगी। जिले की पड़त भूमि में कृषि कार्य किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को समृद्ध और खुशहाल बनाना चाहती है। राज्य में जय किसान फसल ऋण माफी योजना में किसानों के 2 लाख रुपये तक के ऋण माफ किये जा रहे हैं।
श्री मरकाम बुधवार को डिण्डोरी जिले के जनपद पंचायत बजाग के सुनपुरी में 'आपकी सरकार-आपके द्वार' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री मरकाम ने कार्यक्रम में जन समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को इसका निराकरण करने के निर्देश दिये।
मंत्री श्री मरकाम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ की सरकार वचन-पत्र में किये गये वायदों को निरंतर पूरा कर रही है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि 300 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये कर दी गई है। आगे चलकर इसे बढ़ाकर 1000 रुपये तक कर दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि डिण्डोरी जिले के देवस्थल करवेमट्टा जाने के लिये पक्की सड़क का निर्माण और श्रद्धालुओं को विश्राम के लिये 50 लाख रुपये लागत से सामुदायिक भवन का निर्माण किया जा रहा है। मंत्री श्री मरकाम ने मदद योजना के अन्तर्गत हितग्राहियों को अनाज का वितरण किया और दिव्यांगों को उपकरण बाँटे। स्कूल जाने वाले छात्रों को नि:शुल्क सायकल वितरित की गई। मंत्री श्री मरकाम ने राज्य सरकार की उपलब्धियों पर केन्दित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
मंत्री श्री अकील की पहल पर वक्फ सम्पत्ति बेचने वाले के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज
31 December 2019
पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री आरिफ अकील की पहल पर होशंगाबाद में वक्फ सम्पत्ति बेचने वाले पर आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है। अवैध विक्रय से वक्फ को लगभग एक हजार करोड़ की क्षति हुई है।
शेख मोहम्मद फाज़िल साहब मरहूम वाके होशंगाबाद की वक्फ सम्पत्ति को अवैध रूप से विक्रय करने वाले विक्रयकर्ता परिवार के विरुद्ध जिला होशंगाबाद, थाना कोतवाली में आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है। वक्फ अधिनियम-1995 संशोधित 2013 की धारा-52 (2-ए) के तहत भादवि की धारा-406 एवं 34 के अंतर्गत यह कार्यवाही की गई है।
मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड, भोपाल के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री आरिफ अकील ने 30 दिसम्बर को जिला अंतर्गत वक्फ से संबंधित समस्याओं एवं वक्फों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया था कि वक्फ शेख मोहम्मद फाज़िल साहब मरहूम वाके, होशंगाबाद की वक्फ सम्पत्ति को अवैध रूप से बेचा गया।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ द्वारा पत्रकार श्री राधेश्याम शर्मा के निधन पर दु:ख व्यक्त
31 December 2019
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने वरिष्ठ पत्रकार एवं माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के संस्थापक-महानिदेशक श्री राधेश्याम शर्मा के निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि श्री शर्मा ने विभिन्न समाचार-पत्रों में काम करते हुए पत्रकारिता के दायित्वों का निष्ठा के साथ निर्वहन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के पत्रकारिता विश्वविद्यालय के संस्थापक महानिदेशक के रूप में श्री राधेश्याम शर्मा ने पत्रकारिता संस्थान के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके निधन से हमने एक बेहतर पत्रकार को खो दिया।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार को यह गहन दु:ख सहन करने की शक्ति देने की ईश्वर से प्रार्थना की है।
तीर्थदर्शन स्पेशल ट्रेन को मंत्री श्री शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना किया
27 December 2019
धार्मिक न्यास-धर्मस्व एवं जनसम्‍पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने दरगाह अजमेर शरीफ़ के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अन्तर्गत स्पेशल ट्रेन शुक्रवार शाम को हबीबगंज रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि तीर्थदर्शन स्पेशल ट्रेन से भोपाल नगर और आस-पास के क्षेत्र के श्रद्धालु अजमेर शरीफ जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ द्वारा प्रदेश में साम्प्रदायिक सौहार्द्र, गंगा-जमुनी तहजीब बनाए रखने और प्रदेश के हर नागरिक के जीवन में खुशहाली और तरक्की के लिए सौंपी गई चादर लेकर जा रहे तीर्थ यात्री भी शामिल हैं। चादर दरगाह अजमेर शरीफ पर मुख्यमंत्री की ओर से चढाई जाएगी। मंत्री श्री शर्मा ने स्पेशल ट्रेन के हर कोच में पहुंचकर तीर्थ यात्रियों का पुष्प-गुच्छ से स्वागत किया।
इसके पूर्व धार्मिक न्यास-धर्मस्व एवं जनसम्‍पर्क मंत्री श्री शर्मा दोपहर में रोशनपुरा चौराहे पर अजमेर शरीफ जाने वाले यात्रियों का स्वागत भी किया। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं यात्रा पर जाने वाले धर्मावम्बियों के परिजन विशेष रूप से मौजूद थे।
नई रेत नीति से प्राप्त होगा 1400 करोड़ का राजस्व
27 December 2019
खनिज साधन मंत्री श्री प्रदीप जायसवाल ने बीते एक वर्ष की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया है कि प्रदेश में नई रेत नीति लागू होने से खनिज राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। केवल 43 जिलों में रेत नीलामी में प्राप्त निविदाओं में कुल 1400 करोड़ का राजस्व प्राप्त होगा, जो पूर्ववर्ती सरकार को मात्र 240 करोड़ का प्राप्त होता था। इसी तरह, ई-नीलामी में छतरपुर जिले की 364 हेक्टेयर की बंदर हीरा खदान, आदित्य बिड़ला ग्रुप की कम्पनी मेसर्स ऐस्सल माइनिंग एण्ड इण्डस्ट्रीज लिमिटेड, मुम्बई को 30.05 प्रतिशत अधिक बोली लगाने पर पट्टे पर दी गई है। राज्य शासन ने हाल ही में इस कम्पनी को हीरा बंदर खदान का आशय-पत्र सौंपा है। बंदर हीरा खदान से सम्पूर्ण पट्टा अवधि में राज्य सरकार को 23 हजार 506 करोड़ राजस्व मिलेगा अर्थात प्रतिवर्ष लगभग 600 करोड़ रूपये राजस्व प्राप्त होगा।
मंत्री श्री जायसवाल ने बताया कि नये रेत नियम-2019 अंतर्गत कुल 43 जिला समूह के लिये रेत खदानों के संचालन के लिये निविदाएँ जारी की गई थीं। इसका सरकारी आरक्षित मूल्य लगभग 475 करोड़ रुपये रखा गया था जिसके, विरुद्ध मात्र 36 जिलों के लिये खोले गये प्राप्त वित्तीय प्रस्तावों में कुल 1400 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा। मुख्य खनिज की सफलतापूर्वक नीलामी प्रक्रिया पूर्ण होने पर प्रदेश को लगभग 6,331 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त होना अनुमानित है। कुछ जिला समूह के लिये नियत ऑफसेट प्राइज की तुलना में 6 गुना से भी अधिक के वित्तीय प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। होशंगाबाद जिले के लिये ऑफसेट प्राइज में 100 करोड़ रुपये के विरुद्ध 217 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। नई नीति में निविदाकार रेत खदानों की नीलामी में कार्यवाही को ऑनलाइन लाइव देख पा रहे हैं।
खनिज साधन विभाग द्वारा प्रदेश के 8 क्षेत्रों में खनिजों का पूर्वेक्षण/खोज कार्य किया जा रहा है। इसमें जिला दमोह, धार और सतना में खनिज चूना पत्थर तथा जिला डिण्डोरी में खनिज बॉक्साइट, लेटेराइट एवं जिला मंदसौर में लेटेराइट का सर्वेक्षण/पूर्वेक्षण कार्य प्रगति पर है। इन क्षेत्रों में खनिज का भण्डारण प्रमाणित होने पर नियमानुसार ई-ऑक्शन प्रक्रिया से खनिज ब्लॉक की नीलामी की जाएगी। प्रदेश में उपलब्ध खनिज सम्पदा का पता लगाने एवं पूर्वेक्षण कार्य के लिये एनएमडीसी, एमओआईएल, एमईसीएल से एमओयू साइन किया गया है।
एक साल में 2226 करोड़ 85 लाख खनिज राजस्व
मंत्री श्री प्रदीप जायसवाल ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में अभी तक 2226 करोड़ 85 लाख का राजस्व संग्रहण किया गया है। पिछले साल वर्ष इसी अवधि में संग्रहीत खनिज राजस्व की तुलना में यह 34 करोड़ 35 लाख अधिक है। जिला खनिज प्रतिष्ठान में इस वित्तीय वर्ष में नवम्बर तक 495 करोड़ से अधिक और राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण न्यास में 34 करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ। इस दौरान खनिजों के अवैध उत्खनन के 1330, अवैध परिवहन के 8294 और अवैध भण्डारण के 531 प्रकरण पंजीबद्ध कर कार्यवाही की गई। अवैध उत्खनन से 5 करोड़ 27 लाख 51 हजार रुपये, अवैध परिवहन से 24 करोड़ 12 लाख 20 हजार रुपये और अवैध भण्डारण से एक करोड़ 36 लाख 55 हजार रुपये के अर्थदण्ड की वसूली की गई।
बंदर हीरा खदान 30.05 प्रतिशत अधिक बोली पर हुई नीलाम
इस वित्तीय वर्ष में तृतीय चरण की नीलामी के लिये 13 खनिज खण्डों का चिन्हांकन कर चूना पत्थर की 5, स्वर्ण धातु की 2, आधारभूत खनिजों की 3, हीरा खनिज तथा ग्रेफाइट और बॉक्साइट खनिज के एक-एक ब्लॉक की ई-नीलामी के लिये राज्य एनआईटी प्रकाशित की गई। निविदा विज्ञप्ति में बंदर डायमण्ड ब्लॉक तहसील बक्सवाहा जिला छतरपुर के लिये एसेल माइनिंग एण्ड इण्डस्ट्रीज द्वारा 30.05 प्रतिशत उच्चतम बोली प्राप्त होने पर नियमानुसार अधिमानी बोलीदार घोषित किया गया। इस खदान से सम्पूर्ण पट्टा अवधि में 23 हजार 506 करोड़ का राजस्व प्राप्त होगा।
बड़े पैमाने पर खनिजों की खोज जारी
एमईसीएल नागपुर द्वारा सतना जिले के जमोड़ी महन्ना, घुंघचिहाई तथा नौबस्ता-कोलार्ड ब्लॉक में चूना पत्थर एवं खनिज के लिये जी-2 स्तर का पूर्वेक्षण कार्य किया गया है। नेशनल मिनरल डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन हैदराबाद द्वारा प्रदेश के पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, सीधी, दमोह, जबलपुर एवं कटनी जिलों के 24 क्षेत्रों में हीरा एवं आयरन खनिज के लिये पूर्वेक्षण कार्य किया जा रहा है। मैंगनीज ओर इण्डिया लिमिटेड, नागपुर द्वारा बालाघाट, छिन्दवाड़ा और जबलपुर जिले में मैंगनीज खनिज की खोज के लिये पूर्वेक्षण कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा मैंगनीज ओर इण्डिया लिमिटेड नागपुर से प्रदेश में उपलब्ध खनिज भण्डारों का पता लगाने के लिये पूर्वेक्षण कार्यों की गति को बढ़ाने के लिये एमओयू भी किया जा रहा है।
नई रेत नीति में ई-टेण्डर प्रक्रिया
मध्यप्रदेश रेत नियम-2019 में रेत खनिज के निवर्तन के लिये जिलेवार रेत खदानों के समूह बनाकर ई-टेण्डर की प्रक्रिया लागू की गई है। इस प्रक्रिया से राज्य शासन को अधिकतम राजस्व की प्राप्ति होगी। मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम में भी संशोधन किये गये हैं। विधि विभाग से परीक्षण के बाद नये नियमों को अधिसूचित कर दिया जायेगा।
नर्मदा नदी में मशीनों से रेत उत्खनन पर रोक
मध्यप्रदेश रेत (खनन, परिवहन, भण्डारण एवं व्यापार) नियम-2019 के प्रावधानों में नर्मदा नदी में रेत खनिज का उत्खनन मशीनों से नहीं किया जा सकेगा। अन्य नदियों में रेत खनिज उत्खनन में मशीन का उपयोग करने की अनुमति पर्यावरण स्वीकृति के आधार पर दिये जाने का प्रावधान किया गया है। संबंधित ग्राम पंचायतों को इससे प्राप्त होने वाली राशि में भी वृद्धि के प्रावधान किये गये हैं।
25 करोड़ निवेश कर उद्योग लगाने पर बिना नीलामी मिलेंगे पट्टे
प्रदेश में 25 करोड़ का निवेश कर उद्योग स्थापित करने के इच्छुक आवेदकों को अनुसूची-5 के उत्खनन पट्टे नीलामी के बिना आवंटित किये जायेंगे। अनुसूची-5 की 31 गौण खनिज खदानों के आवंटन में गति लाने, खनिज के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने एवं रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम-1996 में जरूरी संशोधन किये गये हैं। इन संशोधन संबंधी अधिसूचना जनवरी के प्रथम सप्ताह में जारी की जायेगी।
एम सेंड को बढ़ावा देगी सरकार
खनिज नियमों में संशोधन कर पत्थर को बारीक पीसकर एम सेंड बनाने की लीज स्वीकृत करने का भी प्रावधान किया गया है। लघु उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिये रॉयल्टी दर 25 रुपये प्रति घन मीटर तय की गई है। ग्रेनाइट जैसे आकारीय पत्थर की खदानों में खनिज ब्लॉक में उत्पादन के दौरान प्राप्त वेस्ट मेटेरियल से गिट्टी एवं बोल्डर बनाकर विक्रय करने का प्रावधान किया गया है। इसकी रॉयल्टी दर 120 रुपये प्रति घनमीटर रखी गई है। किसानों को शासकीय तालाब, बाँध, नहर, जल-निकाय और जल-संरचनाओं से निकलने वाली गाद का भूमि सुधार के लिये नि:शुल्क उपयोग करने की छूट देने का भी प्रावधान किया गया है।
नई रेत नीति में किसानों के निजी मकान निर्माण सुधार, कुओं, शौचालयों का निर्माण, अनुसूचित जाति, जनजाति, अनुवांशिक कुम्हारों को मिट्टी, रेत के लिये प्रधानमंत्री आवास, मुख्यमंत्री आवास योजना में रायल्टी से छूट रखी गई है।
इस दौरान प्रमुख सचिव खनिज साधन श्री नीरज मंडलोई, सचिव खनिज साधन श्री नरेन्द्र सिंह परमार और संचालक भौमिकी एवं खनिकर्म श्री विनीत आस्टिन उपस्थित थे।
प्रदेश के सभी पर्यटन क्षेत्रों का होगा नियोजित विकास : मंत्री श्री शर्मा
26 December 2019
जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल ने होशंगाबाद जिले के सुप्रसिद्ध पर्यटन स्थल पचमढ़ी में 5 दिवसीय पचमढ़ी उत्सव का शुभारंभ किया। मंत्रीद्वय ने उत्सव में शामिल होने आये, स्थानीय एवं प्रादेशिक, राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकारों का अभिवादन किया और उन्हें नव-वर्ष की शुभकामनाएँ दीं।
मंत्री श्री शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी पर्यटन क्षेत्रों का नियोजित विकास सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है। इसके लिये पर्यटन की नई नीतियाँ निर्धारित की गई हैं। श्री शर्मा ने कहा कि अगले वर्ष से संस्कृति एवं पर्यटन विभाग संयुक्त रूप से पचमढ़ी उत्सव आयोजित करेंगे।
मंत्री श्री पटेल ने कहा कि पचमढ़ी उत्सव को प्रदेश के संस्कृति कैलेण्डर में शामिल किया जायेगा। उन्होंने बताया कि पचमढ़ी उत्सव में प्रदेश के स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित वस्तुओं के विक्रय के लिये मंच प्रदान किया गया है। इस प्रयास से उत्सव में शामिल कलाकार और पर्यटक प्रदेश की हस्तशिल्प तथा अन्य विधाओं से परिचित हो सकेंगे।
पचमढ़ी उत्सव के शुभारंभ अवसर पर कलाकारों ने बधाई नृत्य की रोचक प्रस्तुति दी। इसके साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरूआत हुई।
प्रतिदिन आयोजित कार्यक्रम और अन्य गतिविधियाँ
प्रदेश के एक मात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में 30 दिसम्बर तक प्रतिदिन दैनिक एवं सांध्य गतिविधियाँ होंगी। आज पहले दिन पचमढ़ी में कार्निवाल आयोजित किया गया। शाम को पद्मभूषण राजन-साजन मिश्र द्वारा शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति दी गई। प्रसिद्ध नृत्यांगना डॉ.लता सिंह मुंशी ने भरतनाट्यम् नृत्य की प्रस्तुति दी।
पचमढ़ी उत्सव में दूसरे दिन 26 दिसम्बर को शाम को रॉक स्टार फिल्म के गीत 'कुन फाया कुन' गीत से ख्याति प्राप्त कलाकार निजामी बंधुओं द्वारा प्रस्तुति दी जायेगी। तीसरे दिन 27 दिसम्बर की शाम हास्य कवि सम्मेलन में प्रख्यात कवि श्री संपत्त सरल का कविता पाठ होगा। कवि सम्मेलन में श्री अरूण जैमनी, श्री पार्थ नवीन, श्री चिराग जैन, श्री मनीष शुक्ला भी अपनी अपनी रचनायें सुनाएंगे।
चौथे दिन 28 दिसम्बर की शाम 'आशिकी टू' फिल्म के गीत 'सुन रहा है ना तू' गीत से अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त श्री अंकित तिवारी एवं सुश्री कनिका चौधरी, मो.दानिश खान द्वारा आकर्षक प्रस्तुति दी जायेगी। पांचवे दिन 29 दिसम्बर की शाम संगीत नाटक अकादमी के नृत्य समूह कलाकारों द्वारा लोक नृत्य की प्रस्तुति दी जायेगी। नृत्य प्रस्तुति में प्रमुख रूप से सुभाष रियांग एंड ग्रुप द्वारा होजगिरी नृत्य, सब्बीर सिददी एंड ग्रुप द्वारा सिद्दी धमाल नृत्य एवं मनोज जाले ग्रुप और अन्य द्वारा फाग नृत्य की प्रस्तुति दी जायेगी। इसके बाद अखिलेश तिवारी एंड ग्रुप द्वारा सुगम संगीत की प्रस्तुती दी जायेगी। अंतिम दिन 30 दिसम्बर को ख्याति प्राप्त गजल गायिका पीनॉज मसानी द्वारा प्रस्तुति दी जायेगी और संगीत नाटक अकादमी दल के पवित्र कुमार महापात्रा द्वारा लोक नृत्य का प्रदर्शन होगा।
पचमढ़ी उत्सव के दौरान प्रतिदिन दिन में पर्यटकों के लिए विभिन्न साहसिक गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। इसमें मुख्य रूप से ट्रेकिंग इकोट्रायल, जीपलाइन, रॉक क्लाइंबिंग, मोटर बाईक राईडिंग, हॉर्स राईडिंग, पैरासेलिंग सहित अन्य गतिवधियां होगीं।
पचमढ़ी उत्सव में प्रतिदिन फोटीग्राफी, डांस, सिगिंग, पेंटिंग आदि प्रतियोगिताएँ होंगी। उत्सव में दूसरे दिन 26 दिसम्बर को डांस प्रतियोगिता का आडिशन राउंड और तीसरे दिन 27 दिसम्बर को सिगिंग प्रतियोगिता का आडिशन राउंड होगा। नृत्य और गीत प्रतियोगिता का सेमी फायनल 28 दिसम्बर को होगा। फायनल राउंड 29 दिसम्बर को होगा और 30 दिसम्बर को सभी प्रतियोगिताओं में विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरण किया जायेगा।
आदिवासी वर्ग का सर्वांगीण विकास राज्य सरकार की प्राथमिकता
26 December 2019
प्रदेश के आदिवासी समुदाय के सर्वांगीण विकास तथा उन्हें पूरा सम्मान और वाजिव हक दिलाने के लिये राज्य सरकार ने एक वर्ष की अवधि में कई अभिनव प्रयास किये हैं। इस अवधि में पूर्व प्रचलित योजनाओं और कार्यक्रमों पर तेजी से अमल किया गया। साथ ही आहार अनुदान, मदद, आष्ठान जैसी नयी योजनाएँ लागू की गयी। विभागीय योजनाओं का कम्प्यूटरीकरण किया गया। राज्य सरकार ने आदिवासी समुदाय के हितों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करने के लिये इस वर्ष से 9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस के ऐच्छिक अवकाश को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया।
ऋण माफी
मध्यप्रदेश अनुसूचित-जनजाति वित्त एवं विकास निगम एवं अन्य निगमों से अनुसूचित-जनजाति वर्ग के व्यक्तियों को दिये गये एक लाख रूपये तक की सीमा के ऋण माफ किये गये हैं। कुल 45 करोड़ की राशि माफ की गई है।
आहार अनुदान योजना
प्रदेश की प्रमुख जनजाति सहरिया, भारिया और बैगा परिवारों को कुपोषण से मुक्ति दिलाने की विशेष पोषण आहार योजना में प्रत्येक परिवार की महिला मुखिया के खाते में 1000 रूपये की राशि प्रतिमाह जमा करवाई जा रही है। इस वर्ष 2 लाख 21 हजार 519 महिलाओं को 155 करोड़ की राशि का वितरण किया गया है।
नवीन और अभिनव "मदद" योजना से मिलने लगी है मदद
जनजातीय समुदाय में जन्म, मृत्यु आदि संस्कारों पर सामाजिक भोज परम्परागत रूप से अनिवार्य माना जाता है। इन कार्यों में आदिवासी परिवारों को आर्थिक सहायता पहुँचाने के लिये 89 आदिवासी विकास खण्ड में मदद योजना शुरू की गई है। अब तक में 89 आदिवासी विकासखण्डों के 12 हजार 245 ग्रामों में 30 करोड़ की राशि बर्तन खरीदने के लिये उपलब्ध कराई गई है। जन्म के समय के कार्यक्रमों के लिये 50 किलोग्राम अनाज एवं मृत्यु के अवसर पर 100 किलोग्राम अनाज प्रति परिवार उचित मूल्य दुकान से दिलाये जाने की व्यवस्था भी इस योजना में की गई है।
आष्ठान योजना
प्रदेश के निवासी आदिवासियों की संस्कृति और उनके देव-स्थलों के संरक्षण के लिये नवीन आष्ठान योजना प्रारंभ की गई है। योजना में आदिवासी समुदायों के कुलदेवता और ग्राम देवी-देवताओं के स्थानों में निर्मित देवगुड़ी, मढ़िया और देवठान के निर्माण और जीर्णोद्धार, इन स्थानों पर आने वाले श्रद्धालुओं के विश्राम के लिये सामुदायिक भवनों का निर्माण तथा उनमें स्थित सभाकक्ष, पेयजल, स्नानागार आदि में विद्युत व्यवस्था के लिये बजट में प्रावधान किया गया है। इस वर्ष प्रथम चरण में छिन्दवाड़ा जिले के हरियागढ़, मण्डला जिले के चौगान, डिण्डोरी जिले के करवेमट्टा और रमेपुर, जबलपुर जिले के नरईनाला, झाबुआ जिले के बारहदेव और बड़वानी जिले के भँवरगढ़ (टंट्या भील) आदि आस्था केन्द्रों के संरक्षण और विस्तार का कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार के इस कदम का आदिवासी समुदायों में अच्छा स्वागत भी हुआ है।
वन अधिकार अधिनियम
आदिम-जाति कल्याण विभाग को वन अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत दिसम्बर-2018 से 30 नवम्बर 2019 तक 3159 नवीन दावे प्राप्त हुए हैं। पूर्व के निराकरण के लिये लंबित सहित इस वर्ष 8683 दावों का निराकरण किया गया है। 5905 दावे मान्य और 2778 दावे अमान्य किये गये हैं। पिछले 11 माह में 1738 वन अधिकार-पत्र वितरित किये गये हैं। अधिनियम की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाये जाने और निरस्त दावों के पुन: पुरीक्षण के लिये एम.पी. वन मित्र पोर्टल तैयार किया गया है। अब तक 24 हजार 509 दावेदारों द्वारा अपने दावे इस पोर्टल में दर्ज किये जा चुके हैं।
आदिवासी समुदाय का शैक्षणिक विकास
राज्य सरकार ने आदिवासी समुदाय के छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति की प्रक्रिया को सरल बनाया है। अब छात्रवृत्ति की राशि विद्यार्थियों के खातों में चंद मिनटों में ट्रान्सफर हो रही है। विभाग की प्री-मेट्रिक और पोस्ट-मेट्रिक छात्रवृत्ति के माध्यम से आदिवासी वर्ग के बच्चों को पढ़ने के बेहतर अवसर मिल रहे हैं। करीब 19 लाख 60 हजार विद्यार्थियों को 333 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति वितरित की गयी। इस वर्ष 7 विद्यार्थियों को 82 लाख रुपये की विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति दी गई। जेईई, नीट और क्लेट की प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिये 800 आदिवासी विद्यार्थियों को कोचिंग दी जा रही है। इस पर राज्य सरकार करीब 14 करोड़ 50 लाख की राशि खर्च कर रही है। जनजातीय वर्ग की बालिकाओं की शिक्षा और साक्षरता वृद्धि के लिये संचालित 82 कन्या शिक्षा परिसरों के संचालन के लिये 60 करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रावधान है।
जनजातीय एवं अनुसूचित-जाति शिक्षण संवर्ग के अंतर्गत 53 हजार 235 अध्यापकों का नियमित संवर्ग में संविलियन किया गया है। इन अध्यापकों को नियमित कर्मचारियों की भाँति सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिये सेवा शर्तें जारी कर दी गई हैं। आदिवासी स्कूलों में रिक्त करीब 8000 उच्च माध्यमिक और माध्यमिक शिक्षकों के पदों की भर्ती की जा रही है।
पिछले एक वर्ष में 9 कन्या शिक्षा परिसरों और 4 गुरुकुलम आवासीय विद्यालयों का एकलव्य में उन्नयन किया गया है और 13 नवीन एकलव्य विद्यालय खोले गये हैं। प्रदेश के 12 एकलव्य आवासीय विद्यालयों में उन्नत ऑडिटोरियम बनाने के लिये 13 करोड़ से ज्यादा की राशि मंजूर की गई है। पाँच कन्या शिक्षा परिसर का निर्माण पूरा किया गया है। आदिम जाति कल्याण विभाग के 36 विद्यालयों में नवीन भवनों के निर्माण और अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के लिये 118 करोड़ की राशि जारी की गई। चार संभागों में सौ-सौ सीटर छात्रावास भवनों के निर्माण की स्वीकृति प्राप्त कर ली गई है। विभाग के 43 कन्या और बालक छात्रावास भवनों का निर्माण 91 करोड़ 65 लाख की राशि से किया जा रहा है। छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों की शिष्यवृत्ति की राशि में भी बढ़ोत्तरी की गई है। छात्रावास में रहने वाले करीब 95 हजार विद्यार्थियों के खाते में डीबीटी के माध्यम से पौने 14 करोड़ की राशि अंतरित की गई है। इस वर्ष ऐसे 62 हजार से अधिक महाविद्यालयीन आदिवासी विद्यार्थियों को, करीब 72 करोड़ की आवास सहायता दी गई।
विशेष पिछड़ी जनजातियों का विकास
विशेष पिछड़ी जनजाति भारिया, सहरिया और बैगा के निवास वाले 15 जिलों में 3 संभाग स्तर के सामुदायिक भवन, 10 जिला स्तर के सामुदायिक भवन और 37 विकासखण्ड स्तर के सामुदायिक भवन निर्माण के लिये 34 करोड़ 50 लाख की राशि मंजूर की गई है। इस वर्ष गुरुकुलम विद्यालयों, आश्रम शाला, छात्रावास भवन और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवन निर्माण के लिये 510 करोड़ की राशि मंजूर की गई है। विभागीय शैक्षणिक और आवासीय संस्थाओं के भवनों की मरम्मत के लिये भी 40 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं। ग्वालियर, इंदौर और जबलपुर संभागीय मुख्यालयों पर 250 कन्या एवं 250 बालक प्रति संभाग 500 सीट क्षमता के बड़े छात्रावास भवन निर्माण पर 57 करोड़ 46 लाख खर्च किये जा रहे हैं।
विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, भारिया और सहरिया के जनजातीय विकास और सांस्कृतिक केन्द्र की स्थापना के लिये भोपाल में साढ़े 18 करोड़ की राशि से सांस्कृतिक केन्द्र भवन का निर्माण कराया जा रहा है। विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल छिन्दवाड़ा, शहडोल, शिवपुरी और मण्डला जिलों में कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र बनाए जा रहे हैं।
विभागीय योजनाओं का कम्प्यूटराइजेशन
जनजातीय हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ ऑनलाइन दिलाने के लिये कम्प्यूटराइजेशन किया जा रहा है। मोबाइल एप से योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। अब हितग्राही विभिन्न योजनाओं में मोबाइल एप के अलावा MPTAAS पोर्टल से भी आवेदन कर पा रहे हैं।
विमुक्त, घुमक्कड एवं अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति वर्ग के हित में लिये गये निर्णय
राज्य सरकार ने विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्धघुमक्कड़ जनजाति वर्ग के हित में अनेक महत्वपूर्ण फैसले लिये है। पिछले एक वर्ष में इन जनजाति वर्ग के विकास पर साढ़े 17 करोड़ की राशि खर्च की गई है।
विधायक स्व. श्री बनवारी लाल शर्मा की राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि
22 December 2019
मुरैना जिले की जौरा विधानसभा के विधायक स्वर्गीय श्री बनवारी लाल शर्मा की उनके पैतृक ग्राम जापथाप में राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि सम्पन्न हुई। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ, पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित अन्य मंत्रियों और विधायकों ने स्वर्गीय श्री शर्मा के पार्थिव शरीर पर पुष्प-चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। स्वर्गीय श्री शर्मा के ज्येष्ठ पुत्र श्री मुकेश शर्मा ने उन्हें वैदिक मंत्रोचार के साथ मुखाग्नि दी।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, सहकारिता मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह, पशुपालन मंत्री श्री लाखन सिंह यादव, खाद्य-नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती इमरती देवी और विधायक सर्वश्री रघुराज सिंह कंषाना, गिर्राज डण्डोतिया, कमलेश जाटव, बैजनाथ कुशवाह, ओ.पी.एस. भदौरिया और अपेक्स बैंक के प्रशासक श्री अशोक सिंह ने शोक संवेदना व्यक्त की।
!----------- Post Begin---------22 December 2019--------------> जबलपुर शहर में संभागायुक्त ने किया कर्फ्यू क्षेत्र का भ्रमण
22 December 2019
जबलपुर शहर में संभागायुक्त श्री रवीन्द्र कुमार मिश्रा ने चार थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू में ढील के दौरान भ्रमण किया। श्री मिश्रा ने आम नागरिकों एवं ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों से मिलकर कानून-व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया।
संभागायुक्त श्री मिश्रा ने जबलपुर शहर के गोहलपुर, रद्दी चौकी, बहोराबाग, बूढ़ी खेरमाई मार्ग, मछली मार्केट, हनुमानताल बाजार, रजा चौक आदि क्षेत्र का भ्रमण कर दैनिक जरूरत की सामग्री खरीदने निकले लोगों, खासतौर पर युवाओं एवं बुजुर्गों से बातचीत की। श्री मिश्रा ने लोगों के साथ आबिद होटल में चाय पी। कर्फ्यू में ढील के वक्त नागरिकों ने शांति और सद्भावनापूर्ण वातावरण में आवश्यक वस्तुएँ खरीदीं और मेल-मुलाकात की।
सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख श्री मरावी की मृत्यु की जाँच के आदेश
21 December 2019
राज्य शासन ने छिंदवाड़ा में पदस्थ सहायक अधीक्षक, भू-अभिलेख श्री प्रवीण मरावी की मृत्यु की प्रशासनिक जाँच के आदेश जारी किये हैं। आयुक्त, जबलपुर संभाग को जाँच अधिकारी नियुक्त किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी इस आदेश में कहा गया है कि आयुक्त, जबलपुर संभाग 15 दिन में राज्य शासन को अपना जाँच प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे।
छिंदवाड़ा में पदस्थ सहायक अधीक्षक, भू-अभिलेख श्री प्रवीण मरावी की मृत्यु दिनांक 19-20 दिसम्बर की दरम्यानी रात में हुई। जाँच अधिकारी मृत्यु की परिस्थितियों की जाँच करेंगे।


मंत्री श्री यादव द्वारा सायर डायरेक्टरी और पशुधन बीमा योजना के पोस्टर का विमोचन
21 December 2019
पशुपालन मंत्री श्री लाखन सिंह यादव ने आज प्रदेश की सायर (नंदी) डायरेक्ट्री और पशुधन बीमा योजना के पोस्टर का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय वीर्य संस्थान, भोपाल द्वारा प्रकाशित इस डायरेक्ट्री से पशुपालकों को विभिन्न उन्नत किस्म के नंदी की विस्तृत जानकारी मिलेगी और उन्हें अपने पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान के लिये उन्नत किस्म के वीर्य का चयन करने में सुविधा होगी।
श्री यादव ने बताया कि वर्तमान में मध्यप्रदेश में एक मात्र वीर्य संस्थान भोपाल में स्थित है। इसमें लगभग 205 नंदी रखे जाने की सुविधा है। वर्तमान में 198 नंदी इस संस्थान में वीर्य संकलन के लिये उपलब्ध हैं। संस्थान में दूध देने वाले पशुओं की कुल 16 नस्लों के नंदी रखे गये हैं। इसमें प्रमुख रूप से गिर, थारपरकर, मुर्रा जैसे दुधारु नस्ल के नंदी हैं। उन्होने बताया कि जर्सी एवं एचएफ जैसी अधिक मात्रा में दूध देने वाली नस्लों के नंदी भी इस संस्थान में रखे गये हैं। पशुपालन मंत्री ने कहा कि डायरेक्ट्री में 198 नंदी का विस्तृत विवरण प्रत्येक पृष्ठ पर उपलब्ध है। इसमें कुछ भैंसीय एवं शेष गौवंशीय सायर हैं।
पशुधन बीमा योजना
मंत्री श्री यादव ने बताया कि पशुपालकों को पशुधन बीमा के बारे में बिन्दुवार जानकारी आज जारी पोस्टर के माध्यम से दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में लगभग एक-एक हजार पोस्टर पशुपालकों को वितरण के लिये भेजे जा रहे हैं।
पशुपालन मंत्री श्री लखन यादव ने कहा कि पशुधन बीमा योजना प्रदेश के प्रत्येक जिले में लागू की गई है। इसमें पशुपालक अपने दुधारु पशुओं के साथ सभी प्रकार के पशुओं का बीमा करा सकेंगे। एक हितग्राही अपने 5 पशुओं का बीमा करा सकेगा। भेड़, बकरी, शूकर आदि श्रेणी में 10 पशुओं की एक पशु इकाई मानी जाएगी।
मंत्री श्री यादव ने कहा कि बीमा प्रीमियम पर एपीएल श्रेणी के पशुपालकों को 50 प्रतिशत अनुदान तथा बीपीएल और अजा-अजजा श्रेणी के पशुपालकों को 70 प्रतिशत अनुदान राज्य सरकार द्वारा दिया जाएगा। शेष राशि पशुपालक द्वारा भुगतान की जाएगी। बीमा प्रीमियम की अधिकतम दर एक वर्ष के लिये 3 प्रतिशत तथा 3 वर्ष के लिये 7.50 प्रतिशत देय होगी। बीमा न्यूनतम एक वर्ष तथा अधिकतम 3 वर्ष के लिये किया जा सकेगा।
कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव श्री मनोज श्रीवास्तव, प्रबंध संचालक कुक्कुट विकास निगम, डॉ. एच.बी.एस. भदौरिया एवं केन्द्रीय वीर्य संस्थान की प्रभारी डॉ. दीपाली देशपाण्डे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
हर वार्ड में बनाएं महिला स्व-सहायता समूह : नगरीय विकास मंत्री श्री सिंह
18 December 2019
राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में 18 हजार युवाओं को ट्रेनिंग देकर रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा। जिन 110 शहरों में मिशन संचालित है, वहाँ आश्रय-स्थल, हॉकर्स कॉर्नर्स और हाट बाजार बनाये जाएंगे। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत भोपाल में आयोजित "आजीविका मेला'' में यह बात कही। उन्होंने कहा कि हर वार्ड में महिला स्व-सहायता समूह बनाएं। श्री सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन की शुरूआत मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ जब केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री थे, तब हुई थी। भोपाल के साथ ही प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में आजीविका मेला लगाया गया है।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ने बताया कि आजीविका मेला में 704 स्व-सहायता समूहों को बैंक लिंकेज किया गया है। स्व-सहायता समूहों को एक करोड़ 4 लाख 90 हजार रुपये का रिवाल्विंग फण्ड उपलब्ध करवाया गया है। उन्होंने बताया कि 1926 हितग्राहियों को स्व-रोजगार के लिये 22 करोड़ 83 लाख 74 हजार रुपये का ऋण वितरण विभिन्न बैंकों द्वारा किया गया है। श्री सिंह ने बताया कि 3,198 शहरी पथ-विक्रेताओं को पहचान-कार्ड भी आज वितरित किये गए।
6 नम्बर स्टॉप में बनेगा 2 मंजिला हॉकर्स कॉर्नर
मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने कहा कि भोपाल में 6 नम्बर स्टॉप के पास 2 मंजिला हॉकर्स कॉर्नर बनाया जाएगा। हॉकर्स कॉर्नर बनाने की माँग जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने की थी। श्री सिंह ने बताया कि शहरी महिलाओं को ई-रिक्शा दिये जा रहे हैं। इंदौर में ई-रिक्शा वितरित किये जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि अन्य नगर निगमों में भी महिलाओं को ई-रिक्शा वितरित किये जाएंगे। श्री सिंह ने कहा कि शहर की निराश्रित और गरीब महिलाओं को स्व-सहायता समूह से जोड़ें।
एक महिला सक्षम होती है, तो पूरा परिवार सक्षम होता है
जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने कहा कि एक महिला सक्षम होती है, तो पूरा परिवार सक्षम होता है। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूह के माध्यम से ऐसी सामग्री बनाएं, जिसकी माँग अपने शहर ही नहीं, बाहर भी हो। उन्होंने बताया कि शहरों को झुग्गीमुक्त और आवासयुक्त बनाया जाएगा। श्री शर्मा ने भदभदा के पास हाट बाजार बनाने का भी सुझाव दिया। नगर निगम भोपाल के नेता प्रतिपक्ष श्री मोहम्मद सगीर ने भी विचार व्यक्त किये।
मंत्रीद्वय ने हितग्राहियों को हित-लाभ, प्रशिक्षण चयन, हितग्राही चयन, प्लेसमेंट सर्टिफिकेट और पथ-विक्रेता पहचान-पत्र वितरित किये। मंत्रीद्वय ने विभिन्न समूहों द्वारा लगाये गये उत्पादों के स्टॉल का भी अवलोकन किया। एडिशनल कमिश्नर नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री आशीष सक्सेना ने मिशन के अंतर्गत चल रहे कार्यों की जानकारी दी। इस दौरान नगरपालिका निगम के अध्यक्ष श्री सुरजीत सिंह चौहान, आयुक्त नगर निगम श्री विजय दत्ता एवं अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
दूध में मिलावट करने वालों पर रासुका में कार्रवाई : मंत्री श्री यादव
18 December 2019
पशुपालन मंत्री श्री लाखन सिंह यादव ने आज साँची दूध में मिलावट की घटना की विभागीय समीक्षा करते हुए कहा कि दूध में मिलावट करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वो विभागीय अधिकारी हों अथवा अन्य कोई व्यक्ति। श्री यादव ने अधिकारियों से साँची दूध टैंकर में मिलावट की घटना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
मंत्री श्री यादव ने कहा कि संबंधित दुग्ध टैंकर मालिक योगेन्द्र पाण्डे को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। घटना की एफआईआर रविवार को ही थाने में दर्ज करा दी गई थी। टैंकर के मालिक पर रासुका में प्रकरण दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि घटना की विभागीय जाँच के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने अपर मुख्य सचिव से कहा कि एक ही स्थान पर लंबे समय से पदस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अन्यत्र ट्रांसफर करें।
पशुपालन मंत्री श्री लाखन सिंह यादव ने दूध टैंकर्स के संदिग्ध मार्गो को चिन्हित कर उनकी विशेष मॉनिटरिंग करने के लिये कहा। प्रबंध संचालक श्री शम्सुद्दीन ने क्वालिटी कंट्रोल के लिए और अधिक सेंसेटिव इक्यूपमेंट की आवश्यकता पर जोर दिया। अपर सचिव श्री मनोज कुमार श्रीवास्तव द्वारा बताया गया कि संबंधित टेंकर मॉलिक का भुगतान रोक दिया गया है। उन्होंने कस्टमर कान्फिडेंस प्राप्त करने के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करें।
छिंदवाड़ा में दो दिवसीय राज्य स्तरीय कॉर्न फेस्टिवल शुरू
15 December 2019
छिन्दवाड़ा में आज से शुरू हुए दो दिवसीय राज्य स्तरीय कॉर्न फेस्टिवल में आज पहले दिन प्रदेश के सभी जिलों के मक्का उत्पादक किसान पहुंचे। फेस्टिवल में आज किसानों की मक्का फसल विशेषज्ञ वैज्ञानिकों के साथ परिचर्चा आयोजित की गई। परिचर्चा में देश के अग्रणी कृषि शोध संस्थानों के कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को मक्का के फायदों, मक्का उत्पादन में बढ़ोतरी के उपायों, मक्का के पारम्परिक तथा व्यवसायिक उपयोग के अतिरिक्त अन्य उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गयी।
कृषि वैज्ञानिक डॉ.खनोरकर और डॉ. गुलवीर सिंह पवार ने फेस्टिवल में किसानों को मक्का के उन्नत बीजों एवं खेती के बारे में जानकारी दी। उन्होंने ने मक्का की सिंगल क्रॉस हाइब्रिड बीजों की खेती के बारे में किसानों को विस्तार से बताया। डॉ. खनोरकर ने मक्का के औषधीय गुणों और मक्का का पशुपालन, कपड़ा उद्योग तथा तेल उत्पादन में उपयोग के बारे में बताया। राष्ट्रीय बीज निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक डॉ. पवार ने मक्का फसल उत्पादन में बीजों की गुणवत्ता और उसके महत्त्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय बीज निगम द्वारा मक्का के उन्नत बीजों का प्रदेश के साथ देशभर में लगातार उत्पादन एवं वितरण कराया जा रहा है।
किसानों ने साझा किये अपने अनुभव
फेस्टिवल में आयोजित मक्का कार्यशाला में हरियाणा के कृषक डॉ. अरुण कुमार ने मक्का की सफल खेती के बारे में अपने अनुभव किसानों से साझा किए। उन्होंने हरियाणा के अलग-अलग क्षेत्रों में उत्पादित होने वाली स्वीट कॉर्न एवं बेबी कॉर्न की खेती से जुड़ी जानकारी दी। खंडवा जिले के किसान शिव प्रसाद चौहान, क्वार सिंह, थोम सिंह, भाव सिंह, रामेश्वर ठाकरे और दादू कासडे ने बताया कि हम लोग कई पीढ़ियों से मक्के की सफल खेती कर रहे हैं। मक्के की औसतन खेती आर्थिक रूप से लाभदायक रहती है। खंडवा जिले में इस वर्ष अधिक बारिश के बावजूद मक्का उत्पादन औसत से बेहतर रहेगा।
संपूर्ण मध्यप्रदेश में मक्का उत्पादन में अग्रणी जिला छिन्दवाड़ा की महिला किसान भी परिचर्चा में शामिल हुईं। ग्राम सहजपुरी की महिला किसान श्रीमती सुरती धुर्वे ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे विगत 16 वर्षों से मक्के की खेती कर रही हैं। उन्होंने 3 एकड़ में 45 क्विंटल तक मक्के का उत्पादन लिया है, जो अन्य फसलों से अधिकतम है। महिला किसान श्रीमती सजनी उईके ने कहा कि वे 4-5 सालों से मक्के की खेती से जुड़ी हैं। इनके द्वारा किये जा रहा मक्का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है।
उच्च शिक्षा का स्वर्णिम वर्ष
15 December 2019
उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और उत्कृष्टता से युवाओं का स्वर्णिम भविष्य सुनिश्चित होता है। मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार ने अपने कार्यकाल के पहले वर्ष में ही उल्लेखनीय कदम उठाकर करोड़ों युवाओं के मन में उनके सुनहरे कल का विश्वास जगाया है। देश के चुनिंदा और बेहतर शिक्षा के लिए अग्रणी प्रदेशों के समकक्ष बनने की ओर मध्यप्रदेश ने शिक्षक-छात्र अनुपात बेहतर करने के साथ मजबूती से कदम बढ़ाये हैं। आधुनिक संसाधनों से शिक्षा संस्थानों को परिपूर्ण करना, अधोसंरचना का निर्माण, बेटियों के लिए सुलभ और बेहतर शिक्षा, प्रवेश प्रक्रिया को सरल बनाने, कौशल विकास और रोजगारमुखी शिक्षा, ग्रंथपाल और क्रीड़ा अधिकारियों की नियुक्ति, ई-लायब्रेरी और खेल मैदान की उपलब्धता जैसी नीतियों के लागू और पूरा होने से प्रदेश का शैक्षणिक परिवेश रचनात्मक और विश्वसनीय बना है।
मध्यप्रदेश ने उच्च शिक्षा की अनदेखी का बुरा दौर देखा है, महाविद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थी कई सालों से शिक्षकों की कमी से जूझ रहे थे, इसका असर प्रदेश में शिक्षा के स्तर पर भी पड़ा। लेकिन वर्तमान सरकार युवाओं का भविष्य उज्जवल बनाने के लिए कृत-संकल्पित है। कमलनाथ सरकार ने प्रतिबद्धता से इस ओर कदम उठाए हैं। इसीलिए प्रदेश के शिक्षा संस्थान अब प्राध्यापक विहीन नहीं रहेंगे। उच्च स्तर की परीक्षाओं में चयनित हमारे काबिल शिक्षक प्रदेश के कोने-कोने में उत्कृष्ट शिक्षा देने के लिए विद्यार्थियों के बीच उपलब्ध होंगे। आधुनिकतम लायब्रेरी में उच्च स्तर और गुणवत्तापूर्ण पुस्तकें हों और उसका लाभ आम विद्यार्थी को मिले, इसलिए ग्रंथपालों की नियुक्ति की गई है। शिक्षा के साथ युवा वर्ग खेल की विधाओं में भी राज्य और देश का नाम रोशन करें, इसलिए कोई भी महाविद्यालय अब क्रीड़ा अधिकारी विहीन नहीं होगा, यह सुनिश्चित किया जा रहा है।
शिक्षा संस्थानों का उद्देश्य विद्यार्थी के शैक्षणिक विकास के साथ उसका सर्वांगीण विकास भी है। प्रवेश प्रक्रिया को सरल बनाते हुए इसे आम विद्यार्थी के लिए सुलभ बनाया गया है। महाविद्यालयों की अपनी जमीन हो और आधुनिक संसाधनों के साथ उनका अपना खेल मैदान, गार्डन इत्यादि भी हो। कमलनाथ सरकार ने समस्त शासकीय महाविद्यालयों की भूमि का स्वामित्व सुनिश्चित करने के लिए भूमि सुरक्षा अभियान शुरू किया है, जिसे इस साल तक पूर्ण करने की योजना है। इसमें 30 वर्षों की विकास योजना को आधार बनाकर विकास किया जा रहा है। शिक्षा संस्थानों की अधोसंरचना विकास के कार्य लगातार किए जा रहे हैं। शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए वर्चुअल कक्षा का प्रसारण लगातार किया जा रहा है, जिससे प्रदेश के कोने-कोने तक शिक्षा के वातावरण को बेहतर और सर्वसुलभ बनाने में मदद मिल रही है।
उच्च शिक्षा विभाग में पिछले कई वर्षों से कर्मचारियों-अधिकारियों की लंबित शिकायतों का अम्बार लग चुका है। अफसोस है कि पिछले कुछ वर्षों से इन समस्याओं की अनदेखी की गई। कर्मचारियों-अधिकारियों की लंबित मांगों के अविलंब निवारण के लिए आंतरिक शिकायत निवारण कमेटी कृत-संकल्पित होकर काम कर रही है। अब राजीव गाँधी ज्ञान ज्योति अभियान के द्वारा प्राध्यापकों के ज्ञान और अनुसंधान का लाभ सभी को मिले और उनकी काबिलियत शासन के उच्च स्तर तक पहुँचे, इस दिशा में कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है।
मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों में उद्यमिता कौशल विकास एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिये नॉलेज कार्पोरेशन से विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शिक्षा के साथ रोजगार मिलने की संभावनाएं सुनिश्चित होगी। विद्यार्थी में उद्यमिता कौशल ,व्यक्तित्व विकास, अंग्रेजी भाषा कौशल, डिजिटल लिस्ट्रेसी और क्म्युनिकेशन स्किल को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य में स्किल विश्वविद्यालय की स्थपना से औद्योगिक नवाचार की नई संभावनाएं जागेंगी। शैक्षणिक पाठयक्रमों में औद्योगिक नवाचार के तहत स्थानीय संसाधनों एवं स्थानीय बड़े,छोटे एवं मझोले उद्योग की जरूरत के अनुसार विभिन्न पाठयक्रम तैयार करने और पी.पी.पी.मॉडल पर उद्योगों के द्वारा प्रशिक्षित ट्रेनरों से प्रशिक्षिण दिए जाने से युवाओं को रोजगार मिलेगा और कौशल विकास की ओर युवा अग्रसर भी होंगे।
कमल नाथ सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के लिए नवाचार के कई कार्य कर रही है। इसके अन्तर्गत प्रवेश प्रक्रिया को नियमित और समयावधि में पूर्ण करने के लिए सुधार के साथ एम.पी.ऑननाइन को बेहतर बनाया गया है, जिससे समय पर प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण हुई है। बालिकाओं के लिए प्रवेश शुल्क पूरी तरह माफ करने से लाखों बेटियाँ लाभांवित हुई हैं।
बेटियों की सुरक्षा, सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता में शुमार है। कन्या महाविद्यालय में पुलिस चौकी की स्थापना कर उन्हें बेहतर और सुरक्षित शैक्षणिक माहौल दिया जा रहा है। हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था,उच्च शिक्षा कौशल एवं विकास गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए, जिससे बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ रोजगार के लिए भी शिक्षित किया जा सके। हम शिक्षा का ढांचा कुछ इस प्रकार संचालित करने जा रहे है, जिससे विद्यार्थी का सर्वागीण विकास हो और वह उन्नति की ओर अग्रसर हो सके, अर्थात उसकी आध्यात्मिक, मानसिक, सामाजिक और भौतिक उन्नति एक साथ हो।
मध्यप्रदेश के करोड़ों लोगों की आशाओं और अपेक्षाओं का यह वर्ष उमंग और विश्वास का प्रतीक बन गया है। अच्छी और बेहतर शिक्षा से प्रदेश के युवाओं का भविष्य बेहतर बने, इस लक्ष्य को लेकर कमलनाथ सरकार निरंतर कार्य कर रही और इसके उजले परिणाम भी सामने आ रहे हैं। बहरहाल बेहतर शिक्षा से स्वर्णिम मध्यप्रदेश के निर्माण की शानदार शुरूआत हो चुकी है
एकलव्य की तरह हुनरमंद बनकर देश का नाम रौशन करें विद्यार्थी
13 December 2019
आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री ओमकार सिंह मरकाम ने आज यहां टी.टी. नगर स्टेडियम में एकलव्य आवासीय आदिवासी विद्यालयों की राष्ट्रीय खेलकूद प्रतियोगिता के समापन समारोह में खिलाड़ी बच्चों से कहा कि एकलव्य की तरह हुनरमंद बनकर खेलों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रौशन करें। श्री मरकाम ने प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और टीमों को पदक और प्रमाण-पत्र प्रदान किये।
मंत्री श्री मरकाम ने कहा कि वे बच्चों को एकलव्य आवासीय विद्यालय में पढ़ने के लिये प्रेरित करने वाले माता-पिता के आभारी हैं। उन्होंने खेल मैदान में बच्चों के साथ 'आदिवासियों की शान है-एकलव्य हमारा महान है'' नारा लगाया।
उपायुक्त आदिम-जाति कल्याण विभाग श्रीमती सीमा सोनी ने बताया कि खेल प्रतियोगिता में 16 विधाओं में 1980 पदकों के लिये खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में 4,057 खिलाड़ी शामिल हुए। राष्ट्रीय खेलकूद प्रतियोगिता में बेस्ट प्लेयर ऑफ टूर्नामेंट का खिताब अलीराजपुर जिले के सोण्डवा की छात्रा शालिनी तोमर ने जीता। बेस्ट ईएमआरएस स्टेट का खिताब उत्तराखण्ड और ओवर-ऑल चेम्पियन ट्रॉफी मध्यप्रदेश को मिली। मंत्री श्री मरकाम ने समापन समारोह में विभिन्न राज्यों के हेड कोच को भी सम्मानित किया।
इस मौके पर प्रमुख सचिव आदिम-जाति कल्याण श्रीमती दीपाली रस्तोगी, श्रीमती कुसुम मरकाम और संचालक आदिवासी क्षेत्रीय विकास योजना श्री राकेश सिंह मौजूद थे।
हाईड्रोलिक प्लेटफार्म के लिये राशि आवंटित
12 December 2019
जबलपुर नगर पालिक निगम को 52 मीटर ऊँचाई का हाईड्रोलिक प्लेटफार्म अथवा टर्न टेबल लेडर खरीदने के लिये स्वीकृत राशि की अंतिम किश्त 2 करोड़ 84 लाख 99 हजार रुपये आज आवंटित की गई। इसके लिये कुल 5 करोड़ रूपये स्वीकृत किए गये थे। स्वीकृत राशि की पहली किश्त 2 करोड़ 15 लाख रुपये एक हजार रूपये पूर्व में आवंटित की जा चुकी है। हाईड्रोलिक प्लेटफार्म जेम पोर्टल से क्रय करने के निर्देश दिये गये हैं।


राष्ट्रीय एकलव्य खेलकूद प्रतियोगिता का समापन 13 दिसम्बर को
12 December 2019
राष्ट्रीय एकलव्य खेलकूद प्रतियोगिता का समापन 13 दिसम्बर को सुबह 11 बजे भोपाल के टी.टी. नगर स्टेडियम में होगा। समापन समारोह में केन्द्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्रीमती रेणुका सरूता मुख्य अतिथि होंगी। आदिम-जाति कल्याण मंत्री श्री ओमकार सिंह मरकाम कार्यक्रम में विशेष अतिथि रहेगे।
भोपाल में 9 दिसम्बर से जारी इस 4 दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता में 20 राज्यों के 4,057 से अधिक खिलाड़ियों ने 16 खेल विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। बालक-बालिकाओं के लिये खेल प्रतियोगिता दो आयु वर्ग समूह अण्डर-14 और अण्डर-19 में सम्पन्न हुई। प्रदेश के 26 आवासीय विद्यालयों के करीब 550 से अधिक विद्यार्थियों ने भी प्रतियोगिताओं में विभिन्न खेल विधाओं में अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
मंत्री श्री मरकाम ने किया खिलाड़ियों का उत्साहवर्द्धन
आदिम-जाति कल्याण मंत्री श्री मरकाम राष्ट्रीय खेलकूद प्रतियोगिता के दौरान विभिन्न राज्यों की टीमों के खिलाड़ियों से मिले। श्री मरकाम ने खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिये बधाई दी। उन्होंने कबड्डी की अण्डर-19 प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों को भी स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी। आदिम-जाति कल्याण मंत्री ने तमिलनाडु और मध्यप्रदेश के बीच हुआ कबड्डी मैच देखा। मध्यप्रदेश की टीम इस मैच में 30-15 से विजयी रही। प्रतियोगिता में बॉक्सिंग में मध्यप्रदेश को ओवर-ऑल 12 स्वर्ण, 7 रजत और 9 काँस्य पदक प्राप्त हुए। इनमें से भोपाल के गुरुकुलम विद्यालय ने 11 स्वर्ण, 6 रजत और 9 काँस्य पदक प्राप्त किये।
लोगो और मेस्कॉट रहे आकर्षण का केन्द्र
राष्ट्रीय खेलकूद प्रतियोगिता में प्रतीक-चिन्ह (लोगो) "एकलव्य'' और शुभंकर (मेस्कॉट) "मुन्ना'' आकर्षण का केन्द्र रहे। प्रतीक-चिन्ह महाभारत के पात्र एकलव्य की प्रतिकृति पर आधारित था। यह शक्ति, समर्पण, निष्ठा और निडरता को प्रदर्शित करता रहा। शुभंकर "मुन्ना'' बाघ पर आधारित था। इसे खिलाड़ियों ने गर्व, ताकत, निडरता और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक माना।
800 तीर्थ-यात्री 27 दिसम्बर को जाएंगे अजमेर
11 December 2019
मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना में 27 दिसम्बर को भोपाल के हबीबगंज स्टेशन से लगभग 800 तीर्थ-यात्री राजस्थान के अजमेर शरीफ तीर्थ स्थल जाएंगे। अजमेर शरीफ की यात्रा के लिये 20 दिसम्बर तक आवेदन आंमत्रित किये गये हैं।
अजमेर तीर्थ-यात्रा भोपाल के हबीबगंज स्टेशन से शुरू होकर सीहोर, उज्जैन होती हुई 30 दिसम्बर को अजमेर शरीफ पहुँचेगी। इसमें भोपाल से 400, सीहोर से 200 और उज्जैन से 200 यात्री शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना में प्रदेश के 60 वर्ष अथवा अधिक आयु के बुजुर्ग, जो आयकर दाता नहीं है, को प्रदेश के बाहर विभिन्न तीर्थ-स्‍थानों की यात्रा कराई जाती है। यात्रा के दौरान भोजन, नाश्ता, चाय आदि नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाता है। शासन द्वारा यात्रियों के रूकने तथा तीर्थ-स्थल तक बस द्वारा लाने-ले जाने की संपूर्ण व्यवस्था की जाती है। पैंसठ वर्ष से अधिक आयु के पती-पत्नि अगर साथ यात्रा कर रहे हैं, तो उन्हें एक अनुरक्षक साथ ले जाने की पात्रता है। इसी प्रकार, 60 प्रतिशत विकलांग दिव्यांग भी इस यात्रा के लिये पात्र हैं तथा उन पर आयु का बंधन लागू नहीं होगा। दिव्यांग व्यक्ति को अनुरक्षक ले जाने की पात्रता है।
शहरी आजीविका मिशन में प्रशिक्षण के लिये आवेदन आमंत्रित
11 December 2019
उद्यमिता विकास केन्द्र (सेडमैप) द्वारा राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में भोपाल शहर में गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के बेरोजगार युवक-युवतियां के लिये नि:शुल्क कौशल विकास प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण फ्रंट ऑफिस एक्जीक्यूटिव ट्रेड में दिया जाएगा। प्रशिक्षण के लिये आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 20 दिसम्बर निर्धारित है।
प्रशिक्षण पूर्णत: नि:शुल्क रहेगा। प्रशिक्षण के बाद सभी सफल प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार दिलाने का प्रयास किया जाएगा। प्रशिक्षण के लिये 18 से 45 वर्ष आयु तक के बेरोजगार आवेदन कर सकते हैं। प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए प्रशिक्षणार्थी को बी.पी.एल. राशन-कार्ड, अंक-सूची, आधार कार्ड और फोटो 20 दिसम्बर तक सेडमैप में जमा कर आवेदन करना होगा। इच्छुक व्यक्ति श्री अरूण गुप्ता जिला समन्वयक उद्यमिता विकास केन्द्र म.प्र. (सेडमैप) 16-A अरेरा हिल्स भोपाल अथवा मोबाइल 9752140680 पर संपर्क कर सकते हैं।
फर्जी भुगतान के मामले में 3 उपयंत्री निलंबित
10 December 2019
प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण श्री आर.के. मेहरा ने ठेकेदार को फर्जी और अधिक भुगतान के मामले में उप संभाग सीहोर के 2 उपयंत्रियों एवं उप संभाग विदिशा के एक उपयंत्री को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित होने वाले उपयंत्रियों में कु. सुनीता धुर्वे, एम.आर. लिल्लौरे तथा नीतेश पटेल शामिल हैं।
उक्त उपयंत्रियों ने सीहोर जिले में सोया चौपाल से हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी तक स्ट्रीट लाइट कार्य के भुगतान में अनियमितता बरती थी। जाँच में इस मामले में लगभग 10 लाख रुपये का अधिक एवं फर्जी भुगतान किया जाना पाया गया।
निलंबन अवधि में कु. सुनीता धुर्वे एवं एम.आर. लिल्लौरे का मुख्यालय कार्यालय कार्यपालन यंत्री लो.नि.वि. (वि/यां) रहेगा, जबकि नीतेश पटेल का मुख्यालय कार्यालय कार्यपालन यंत्री लो.नि.वि. (वि/यां) संभाग जबलपुर रहेगा।
सैन्य परिवारों ने शहीद कैप्टन देवाशीष को दी श्रद्धांजलि
10 December 2019
सैनिक विश्राम गृह में आज सपूत शहीद केप्टन देवाशीष शर्मा की पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस मौके पर सैन्य परिवारों ने शहीद कैप्टन को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। कैप्टन शर्मा ने 10 दिसम्बर 1994 को अपने कर्तव्यों के दौरान प्राणों की आहूति दी थी। भारत सरकार ने शहीद कैप्टन शर्मा को मरणोपरान्त कीर्ति चक्र से सम्मानित किया। शहीद कैप्टन की माताश्री श्रीमती निर्मला शर्मा ने अपने पुत्र की पुण्य तिथि पर इस वर्ष भी सैरेमिक कलाकृतियों की प्रदर्शनी का आयोजन किया। श्रीमती शर्मा ने कलाकृतियों के विक्रय से प्राप्त एक लाख 51 हजार रूपये की राशि सशस्त्र सेना झण्डा निधि में दान की। इस अवसर पर कर्नल यशवंत के. सिंह, कर्नल एस.सी. दीक्षित, कर्नल एस. कुमार, कर्नल रणनवेर, जिला सैनिक बोर्ड एवं भोपाल एक्स सर्विसेस लीग के पदाधिकारी, सेवानिवृत्त सैन्य कार्मिक एवं उनके परिवारजन उपस्थित थे।
ग्लोबल स्किल्स पार्क में मॉडल मेकिंग प्रतियोगिता
10 December 2019
ग्लोबल स्किल्स पार्क सिटी कैंपस में संचालित कोर्स एडवांस सर्टिफिकेट इन प्रिसिसन इंजीनियरिंग के सीसीए क्लब के अंतर्गत संचालित हो रहे इंजीनियरिंग क्लब के विद्यार्थियों ने मॉडल मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया। प्रतियोगिता का उद्देश्य रचनात्मकता और इंजीनियरिंग स्किल्स को बढ़ावा देना था। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने भा- वहन क्षमता के आधार पर विभिन्न मॉडल्स का निर्माण किया। विजेताओं को पुरुस्कृत किया गया।
प्रतियोगिता का संचालन संस्था के सीसीए प्रभारी श्री आकाश तिवारी द्वारा किया गया। एचओडी श्री आर. के. ऑस्टिन ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन पर विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। परियोजना संचालक ने प्रशिक्षणार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए भविष्य में भी इस तरह की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिये प्रोत्साहित किया।
राज्य सेवा परीक्षा 2019 में आयु सीमा में मिलेगी एक वर्ष की छूट
9 December 2019
सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह के निर्देश पर आज सामान्य प्रशासन विभाग ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा परीक्षा 2019 में बैठने वाले उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु सीमा में एक वर्ष की अतिरिक्त छूट दिए जाने के आदेश जारी कर दिए हैं। इस परीक्षा के लिये आयु की गणना की तिथि यथावत रखी गई है। सचिव मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग से कहा गया है कि इस परिवर्तन के चलते परीक्षा फार्म भरने के लिए परीक्षार्थियों को अतिरिक्त समय भी दिया जाए।
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा राज्य सेवा परीक्षा 2019 के विज्ञापन में परीक्षा देने वाले आवेदकों की आयु गणना 1 जनवरी 2020 की स्थिति में किए जाने का उल्लेख किया गया था। आवेदकों द्वारा समक्ष में तथा पत्र के माध्यम से सामान्य प्रशासन मंत्री को अवगत कराया गया था कि आयु गणना की तिथि एक जनवरी 2019 के स्थान पर एक जनवरी 2020 कर दिए जाने से पात्र आवेदक परीक्षा में बैठने से वंचित हो जाएंगे। परीक्षार्थियों की इस समस्या के समाधान के लिए सामान्य प्रशासन मंत्री ने अपर मुख्य सचिव को आवश्यक निर्देश दिए थे।
बंदियों को प्रतिदिन मिलने वाली राशि में वृद्धि
9 December 2019
गृह एवं जेल मंत्री श्री बाला बच्चन और चिकित्सा शिक्षा आयुष एवं संस्कृति मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ ने आज बड़वानी केन्द्रीय जेल में करीब 4 करोड़ लागत से बनने वाले 4 पुरुष बैरक और एक महिला बैरक सहित वाच-टॉवर निर्माण का भूमि-पूजन किया। मंत्रीद्वय ने केन्द्रीय स्कूल के सामने पहाड़ी पर बने 3 करोड़ से अधिक लागत के नव-निर्मित सर्किट हाउस का लोकार्पण भी किया।
जेल मंत्री श्री बाला बच्चन ने भूमि-पूजन कार्यक्रम में बंदियों को प्रतिदिन मिलने वाली राशि 45 रूपये को बढ़ाकर 48 रूपये करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय जेल का दर्जा मिलने के कारण बड़वानी जेल में बंदियों की संख्या क्षमता से बढ़कर दोगुनी हो गई है। निर्मित होने वाले बैरक से बंदियों को रखने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि बंदियों की सुरक्षा के लिये बनाए जाने वाले अष्टकोणीय वाच-टॉवर से 24 घंटे सुरक्षाकर्मी जेल के अंदर-बाहर पैनी नजर रख सकेंगे।
कार्यक्रम में जेल महानिदेशक श्री संजय चौधरी और विधायक श्री प्रेम सिंह पटेल, श्री ग्यारसीलाल रावत, सुश्री चंद्रभागा किराड़े तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लतादेवी रावत एवं श्री रमेश चौहान और जेल उप महानिरीक्षक श्री संजय पाण्डे उपस्थित थे।
मंत्री श्री राठौर ने किया नव-निर्मित गौ-शाला का लोकार्पण
8 December 2019
वाणिज्यक कर मंत्री श्री बृजेन्द्र सिंह राठौर ने आज टीकमगढ़ जिले की ग्राम पंचायत करमासन हटा में 27.72 लाख की नव-निर्मित जिले की पहली गौ-शाला का लोकार्पण किया। इस गौ-शाला में एक शेड एवं भूसा घर 100 स्वस्थ्य गायों के लिये, एक शेड एवं भूसा घर बीमार 100 गायों के लिये, एक शेड बछड़ों के लिये, छः हजार लीटर क्षमता वाली पानी की टंकी, पांच एकड़ में चारागाह तथा बिजली एवं बोरवैल उपलब्ध है।
मंत्री श्री राठौर ने कहा कि गौ-वंश के सम्मानजनक संरक्षण से क्षेत्र में समृद्धि आएगी। इन गौशालाओं में क्षेत्रीय के गौ-वंश के साथ ही अच्छी नस्ल की गायें भी रखी जाएंगी। ये गायें स्वस्थ्य होंगी, तो क्षेत्र के लोगों को अच्छा घी-दूध मिलेगा और गांव में समृद्धि आएगी।
अगले दो वर्ष में प्रदेश में खुलेंगी 36 नई खेल अकादमी
8 December 2019
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री जीतू पटवारी ने कहा है कि राज्य शासन द्वारा अगले दो वर्षों में प्रदेश में 36 नई खेल अकादमी स्थापित की जाएंगी। इन अकादमियों में प्रदेश के प्रतिभावान खिलाड़ियों को राज्य शासन के खर्च पर ठहरने एवं प्रशिक्षण की सुविधाएं नि:शुल्क प्रदान की जाएंगी। श्री पटवारी ने इंदौर में गुरूनानक देवजी प्रान्तीय ओलंपिक खेल प्रतियोगिता में दो दिवसीय संभागीय स्पर्धा का शुभारंभ करते हुए यह जानकारी दी।
मंत्री श्री पटवारी ने कहा कि ग्रामीण अंचलों की प्रतिभाओं को अवसर प्रदान करने के लिये यह खेल प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य है, जहां इस तरह की प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है।
श्री पटवारी ने कहा कि हर व्यक्ति को खेल भावना को आत्मसात करना चाहिये क्योंकि खेल से सकारात्मक सोच बनती है। उन्होंने खिलाड़ियों को विश्वास दिलाया कि निष्पक्ष रूप से योग्यता के आधार पर ही खिलाड़ियों का टीमों में चयन किया जाएगा। प्रतिभावान एवं योग्य खिलाड़ियों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शासकीय नौकरी में खिलाड़ियों के लिये पाँच प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया जा रहा है।
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की कुलपति श्रीमती रेणू जैन ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं, उनका हौसला बढ़ाया। इंदौर में आयोजित संभागीय स्पर्धा में संभाग के आठों जिलों के एक हजार से अधिक खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। इसमें कबड्डी, व्हालीबॉल, एथलेटिक्स, कुश्ती, फुटबॉल, खो-खो बास्केटबॉल, टेबल टेनिस, हॉकी, बेडमिंटन आदि प्रतियोगिता आयोजित की जा रही हैं।
केन्द्रीय खेल सचिव श्री जुलानिया ने की शूटिंग अकादमी की व्यवस्थाओं की सराहना
8 December 2019
केन्द्रीय खेल सचिव श्री राधेश्याम जुलानिया ने कहा है कि मध्यप्रदेश को राज्य सरकार के सहयोग से ओलम्पिक 2028 के लिए नेशनल सेंटर ऑफ एक्सिलेन्स बनाया जायेगा। उन्होंने अकादमी के खिलाड़ियों से अपेक्षा की कि ओलंपिक-2024 में देश को चार मेडल अवश्य दिलाएं। श्री जुलानिया ने आज मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी का निरीक्षण करते हुए यह बात कही। उन्होंने अकादमी में राष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया और खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी देखा।
श्री राधेश्याम जुलानिया ने साई खेल प्रक्षेत्र पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों से चर्चा की। इस मौके पर संचालक खेल और युवा कल्याण डॉ. एस.एल. थाउसेन, भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के क्षेत्रीय निदेशक श्री अजीत सिंह, एनआरएआई के संयुक्त महासचिव श्री पवन सिंह और शूटिंग के मुख्य प्रशिक्षक श्री मनशेर सिंह उपस्थित थे।
केन्द्रीय खेल सचिव ने 10 मीटर, 25 मीटर और 50 मीटर शूटिंग रेंज का निरीक्षण किया। उन्होंने ट्रेप और स्कीट रेंज पहुंचकर खिलाड़ियों का प्रदर्शन देखा। साथ ही, शूटिंग खिलाड़ियों और उनके प्रदर्शन के संबंध में अधिकारियों तथा खेल प्रशिक्षकों से चर्चा की। श्री जुलानिया ने प्रशासनिक भवन का अवलोकन किया और खिलाड़ियों तथा आफिशियल्स के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। शूटिंग रेंज में गुणवत्तापूर्ण कार्यों की सराहना करते हुए श्री जुलानिया ने एनआरएआई के संयुक्त महासचिव श्री पवन सिंह से कहा कि सभी राष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिताएं इस अकादमी में हों, ऐसे प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि केन्द्र मध्यप्रदेश में खेलों के विकास के लिए हरसंभव सहयोग देगा।
खेल संचालक डॉ. थाउसेन ने बताया कि खिलाड़ियों को आत्म-निर्भर बनाने के उद्देश्य से स्पोर्ट्स पर्सन कैरियर डेवलपमेंट प्रोग्राम तैयार किया जा रहा है। इस प्रोग्राम में खिलाड़ियों को उनकी रूचि से संबंधित विधा का प्रशिक्षण देकर आत्म-निर्भर बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को प्रशिक्षक, स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट, स्पोर्ट्स फीजियोथैरेपी, स्पोर्ट्स कॉमेंटेटर, अंपायर, रैफरी, स्पोर्ट्स फोटोग्राफर, कंप्यूटर ऑपरेटर, मॉडलिंग, स्पोर्ट्स जिम ट्रेनर इत्यादि विधाओं में ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी।
चुनौतियों का सामना करने के लिये बदलनी होगी सोच : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
7 December 2019
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने इंदौर में रोटरी इंटरनेशनल द्वारा ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि चुनौतियों का सामना करने के लिये हम सभी को अपनी सोच बदलनी होगी, अपने तरीके बदलने होंगे। उन्होंने कहा कि वे रोटरी की संस्कृति और उद्देश्यों से बहुत अच्छी तरह परिचित हैं। वे स्वयं रोटरी क्लब के कोलकाता मिड टर्म सेशन के वक्त चार्टर मेम्बर रह चुके हैं। मुख्यमंत्री ने रोटरी इंटरनेशनल द्वारा विगत दिनों मण्डला जिले में आयोजित स्वास्थ्य शिविर की सराहना करते हुए कहा कि रोटरी के सेल्फलेस कमिटमेंट समाज के प्रति उसके निस्वार्थ सेवा भाव को दर्शाते हैं।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने वैश्विक परिदृश्य और उससे जुड़ी चुनौतियों की चर्चा करते हुए कहा कि जो सपने भारत आजादी के वक्त देखता था, वे आज के सपनों से एकदम अलग और चुनौतीपूर्ण थे। उन्होंने कहा कि आज का युवा ऊर्जा और आशाओं से पूर्ण एक नए भारत की तस्वीर दिखाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ही नहीं, सम्पूर्ण विश्व के सामने तकनीकी और पर्यावरण की नई चुनौतियाँ उभरकर सामने आ रही हैं। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति का यह कर्त्तव्य है कि वह आपसी भाईचारे तथा बदलते परिदृश्य में स्वयं के भीतर बदलाव लाकर इन चुनौतियों का सामना करे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रोटेरियन्स की पहुँच छोटे से गाँव से लेकर बड़े शहरों तक है। उन्होंने विश्वास जताया कि रोटेरियन्स देश की एकजुटता के साथ चुनौतियों का सामना बेहतर ढंग से करने का संदेश लोगों तक पहुँचाने में सफल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं नौजवान पीढ़ी से अपेक्षा करता हूँ कि हमारे आज के प्रयास ऐसे हों, जिससे हम कल के युवाओं को बेहतर अवसर तथा बेहतर जिंदगी दे सकें।
कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह, इंदौर जिले के प्रभारी गृह एवं जेल मंत्री श्री बाला बच्चन, लोक निर्माण मंत्री श्री सज्जन सिंह वर्मा, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री जीतू पटवारी तथा विधायक श्री संजय शुक्ला, श्री सदाशिव राव, श्री विनय बाकलीवाल, श्री प्रमोद टंडन, श्री नरेन्द्र सलूजा और देश-विदेश से आये रोटेरियन्स उपस्थित थे।
एशियन और वर्ल्ड कप शूटिंग प्रतियोगिता के लिए मध्यप्रदेश तैयार- मंत्री श्री पटवारी
7 December 2019
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री जीतू पटवारी ने कहा है कि मध्यप्रदेश एशियन और वर्ल्ड कप शूटिंग प्रतियोगिता की मेजबानी के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश की अकादमी अन्तर्राष्ट्रीय मानकों में सबसे अव्वल है। श्री पटवारी आज यहाँ गोरेगांव स्थित शूटिंग अकादमी में 63वीं राष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिता का शुभारंभ कर रहे थे।
मंत्री श्री पटवारी ने कहा कि हमारे लिए गर्व का विषय है कि मध्यप्रदेश शूटिंग अकादमी की चिंकी यादव और ऐश्वर्य प्रताप सिंह ने ओलंपिक कोटा हासिल किया है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा शूटिंग के खिलाड़ियों और इस खेल को और अधिक विकसित करने के लिए हर संभव मदद दी जाएगी। श्री पटवारी ने कहा कि हमारी कोशिश रहेगी कि अगले ओलंपिक में मध्यप्रदेश शूटिंग अकादमी के दस खिलाड़ी ओलंपिक कोटा हासिल करें। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ने प्रतियोगिता में भाग ले रहे खिलाडियों को आश्वस्त किया कि प्रतियोगिता के दौरान किसी भी प्रकार की कोई कमी हो, तो सीधे उनसे सम्‍पर्क करें अथवा संचालक खेल को बताएं।
संचालक खेल एवं युवा कल्याण डॉ. एस. एल. थाऊसेन ने बताया कि इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश भर के लगभग 7हजार 472 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं, यह एक रिकार्ड है। उन्होंने बताया कि देश के ओलम्पिक कोटा प्राप्त 15 शूटर भी इस प्रतियोगिता में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे। श्री थाऊसेन ने कहा कि शूटिंग अकादमी में अधोसंरचना विकास की गतिविधियाँ लगातार जारी हैं।
नेशनल राइफल शूटिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया के श्री पवन सिंह ने बताया कि इस तरह की प्रतियोगिता का आयोजन लगभग 50 साल बाद किया जा रहा है। मध्यप्रदेश शूटिंग अकादमी में सभी अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्थाएं की गई हैं उन्होंने कहा कि यह विश्‍व का सबसे सुविधाजनक और आधुनिक शूटिंग रेंज है।
36 जिला समूहों की रेत खदानों के लिये 1234 करोड़ की निविदा प्राप्त
7 December 2019
प्रदेश में 36 जिला समूह की रेत खदानों के तीन वर्षीय संचालन के लिये आमंत्रित निविदाओं से 1234 करोड़ रूपये का राजस्व वार्षिक मिलेगा। आज म.प्र. राज्य खनिज निगम में इन जिला समूहों की निविदाएँ ऑनलाइन खोली गई। यह 'निविदा आमंत्रण राजस्व' आज तक का सर्वाधिक होगा। खनिज मंत्री श्री प्रदीप जायसवाल स्वयं म.प्र. राज्य खनिज निगम के मुख्यालय में निविदाएँ खोलने की प्रक्रिया के दौरान मौजूद रहे।
प्रमुख सचिव खनिज और राज्य खनिज निगम के प्रबंध संचालक श्री नीरज मंडलोई के अनुसार पिछले तीन वर्षों में प्रतिवर्ष पूरे प्रदेश का रेत खनिज राजस्व 250 करोड़ के लगभग ही रहा है। वर्ष 2016-17 में रेत खनिज राजस्व 240 करोड़, वर्ष 2017-18 में 249 करोड़ और 2018-19 में 223 करोड़ प्राप्त हुआ था।
आज खोली गई 36 जिला समूहों की निविदा सहित कुल 43 जिलों की रेत खदानों के लिये निविदा आमंत्रित की गई थी। शेष 7 जिला समूहों की निविदाओं की कार्रवाई प्रचलन में है। इन सभी 43 जिलों के लिये सरकारी आरक्षित मूल्य कुल 475 करोड़ रूपये रखा गया था।
भोपाल में एकलव्य आवासीय विद्यालयों की राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता 9 दिसम्बर से
7 December 2019
सोमवार 9 दिसम्बर को भोपाल के टी.टी. नगर स्टेडियम में एकलव्य आवासीय विद्यालयों की 5 दिवसीय राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता शुरू होगी। प्रतियोगिता की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री ओमकार सिंह मरकाम ने आज टी.टी. नगर स्टेडियम में प्रतियोगिता के लिये तैयार किये गये स्टोल, टी-शर्ट और स्मृति-चिन्ह (कॉफी मग) का अनावरण कर आवासीय विद्यालयों की गतिविधियों पर केन्द्रित प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस मौके पर प्रमुख सचिव, आदिम-जाति कल्याण श्रीमती दीपाली रस्तोगी उपस्थित थीं।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ 9 दिसम्बर को शाम 5 बजे प्रतियोगिता का शुभारंभ करेंगे। समारोह में केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री अर्जुन मुंडा प्रमुख अतिथि और प्रदेश के आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री ओमकार सिंह मरकाम विशिष्ट अतिथि रहेंगे। प्रतियोगिता में 20 राज्यों के 284 एकलव्य विद्यालयों के 4,500 खिलाड़ी 15 खेल विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
खेल प्रतियोगिताएँ राजधानी भोपाल के 6 खेल मैदानों पर होंगी। इनमें से टी.टी. नगर स्टेडियम में एथलेटिक्स, बेडमिंटन, कबड्डी, कराटे, व्हाली-बॉल, बॉक्सिंग, कुश्ती, बॉस्केट-बॉल, ताईक्वांडो और टेबल-टेनिस प्रतियोगिताएँ होंगी। मोतीलाल नेहरू स्टेडियम और एमव्हीएम ग्राउण्ड में फुटबाल प्रतियोगिता होगी। अंकुर स्कूल, 6 नम्बर स्टॉप स्थित खेल मैदान में तीरंदाजी प्रतियोगिता, लाल परेड ग्राउण्ड पर खो-खो और हैण्ड-बॉल, मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम में हॉकी और प्रकाश तरुण पुष्कर में तैराकी प्रतियोगिता होगी। प्रतियोगिता में शामिल होने वाले खिलाड़ियों और ऑफिशियल्स के आवास एवं परिवहन की समुचित व्यवस्था की गई है। प्रतियोगिता के सफल संचालन के लिये विभिन्न समितियों का गठन भी किया गया है।
पन्ना बाघ पुन:स्थापना के 10 वर्ष पूरे होने पर होंगे राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम
6 December 2019
पन्ना जिला वर्ष 2009 में बाघ शून्य हो गया था। आज लगभग 10 साल बाद वहाँ आधा सैकड़ा बाघ हैं। बाघ पुन:स्थापना में पन्ना विश्वगुरु के रूप में स्थापित हो चुका है। बाघ पुन:स्थापना की स्मृतियों को पुन: जीवित करने के लिये मध्यप्रदेश राज्य जैव-विविधता बोर्ड और वन विभाग द्वारा पन्ना में 20 से 26 दिसम्बर, 2019 तक 'पन्ना 10 इयर्स, पन्ना टी-3 वॉक'' मनाया जा रहा है। इसमें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के बाघ संरक्षक और बाघ प्रेमी भाग लेंगे।
सदस्य राज्य जैव-विविधता बोर्ड और तत्कालीन पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक श्री श्रीनिवास मूर्ति ने बताया कि 'जन-समर्थन से बाघ संरक्षण'' के कारण स्थानीय लोगों, बाघ संरक्षकों और बाघ प्रेमियों के आभार प्रदर्शन के रूप में यह कार्यक्रम पहले बाघ टी-3 के पन्ना पहुँचने और पन्ना से निकलने की कोशिश करने के रास्ते पर वापस ट्रेकिंग से होगा। बाघ आबादी पुन: स्थापित करने के उद्देश्य से टी-3 को 6 दिसम्बर को पेंच टाइगर रिजर्व से पन्ना राष्ट्रीय उद्यान भेजा गया था। इसके पहले पन्ना में 3 और 6 मार्च को 2 बाघिन टी-1 और टी-2 को क्रमश: बाँधवगढ़ और कान्हा से लाया गया था लेकिन टी-3 बाघ पन्ना में बसने के बजाए उद्यान से निकल गया। उसे बड़ी मशक्कत के बाद बेहोश कर पुन: 25 दिसम्बर को पन्ना राष्ट्रीय उद्यान में लाया गया। पन्ना राष्ट्रीय उद्यान के अधिकारियों-कर्मचारियों की रात-दिन की कड़ी मेहनत, सतत निगरानी और स्थानीय लोगों का सहयोग रंग लाया। बाघ टी-1 ने पहली बार 16 अप्रैल, 2010 को 4 शावकों को जन्म देकर वन्य-प्राणी जगत में पन्ना टाइगर रिजर्व का नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा दिया।
श्री मूर्ति ने बताया कि सफल दशक पूर्ण होने पर पहला कार्यक्रम 5 नवम्बर, 2019 को पन्ना टाइगर रिजर्व में मनाया गया। इसमें लोगों ने बाघ पुन:स्थापना में शामिल होकर अपने अनुभव साझा किये। पार्क प्रबंधन ने विशेष सहयोग के लिये पन्ना, बुंदेलखण्ड और बघेलखण्ड के लोगों को खासतौर से धन्यवाद दिया। टी-3 द्वारा अपनाए गये रास्ते पर 20 से 26 दिसम्बर तक बाघ प्रेमियों और संरक्षकों द्वारा वॉक की जायेगी। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के ये प्रतिभागी 19 दिसम्बर को पन्ना टाइगर रिजर्व में रिपोर्ट करेंगे। बीस दिसम्बर को 12 किलोमीटर लम्बे देवरादेव, गेहारीघाट और टी-3 ग्रेट स्केप पाइंट, 21 दिसम्बर को 10 किलोमीटर लम्बे माटीपुरा, राजपुरा और टी-3 फाइनल स्केप पाइंट, 22 दिसम्बर को 10 किलोमीटर के पहले पग मार्क मिलने वाले कॉरिडोर पर, 23 दिसम्बर को 10 किलोमीटर लम्बे सगुनि जंगल, 24 दिसम्बर को 15 किलोमीटर के पातरीकोटा, जहाँ से बाघ को वापस लाये थे और 25 दिसम्बर को 10 किलोमीटर लम्बे गन्ने के खेत, जहाँ से टी-3 को पुन: टाइगर रिजर्व लाया गया था, पर वॉक होगा। छब्बीस दिसम्बर को प्रतिभागी पन्ना टाइगर रिजर्व के खमनी तालाब पर अपने अनुभव साझा करेंगे। दोबारा पार्क पहुँचने पर टी-3 को यहीं छोड़ा गया था।
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की खेल-कूद प्रतियोगिता के प्रवेश पास की व्यवस्था
6 December 2019
भोपाल के टी.टी. नगर स्टेडियम में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की अखिल भारतीय खेल-कूद प्रतियोगिता 9 दिसम्बर से 13 दिसम्बर तक आयोजित की जा रही है। प्रतियोगिता का शुभारंभ 9 दिसम्बर को शाम 4 बजे टी.टी. नगर स्टेडियम में होगा।
कार्यक्रम में प्रवेश पास की व्यवस्था टी.टी. नगर स्टेडियम के कन्ट्रोल रूम में की गई है। कन्ट्रोल रूप का फोन नम्बर 0755-2665510 है।


मंत्री श्री सचिन यादव का दौरा कार्यक्रम
5 December 2019
किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री श्री सचिन यादव शुक्रवार 6 दिसम्बर को इंदौर में शौर्य दिवस स्मृति में आयोजित 'रेजांग-ला' कार्यक्रम में शामिल होंगे। श्री यादव 7 तथा 8 दिसम्बर को इंदौर में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे।



महाविद्यालय स्तर पर दिये जाएंगे "उच्च शिक्षा उत्कृष्टता सम्मान"
5 December 2019
प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले महाविद्यालयों और वहां कार्यरत अधिकारियों को प्रोत्साहित करने के लिए "उच्च शिक्षा उत्कृष्टता सम्मान" दिये जाएंगे। उच्च शिक्षा द्वारा महाविद्यालयों में स्वस्थ्य प्रतिस्पर्धा का वातावरण निर्मित करने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की जा रही है।
चयन के लिए मापदंड
योजना के अंतर्गत सम्मान प्रदान करने के लिये राज्य स्तर पर 20 शिक्षक और 5-5 प्राचार्य, क्रीडा अधिकारी, ग्रंथपाल तथा एनसीसी अधिकारी और संस्था वर्ग से 5-5 महाविद्यालय, प्रयोगशाला एवं ग्रंथालय का चयन किया जाएगा। अधिकारी एवं संस्था वर्ग का मूल्यांकन गत तीन अकादमिक सत्र से संबंधित जानकारी पर आधारित होगा।
चयन प्रक्रिया
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा सम्मान के लिए विज्ञापन के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किये जाएंगे। आवेदन करने के लिए न्यूनतम एक माह का समय दिया जाएगा। सभी आवेदनों का समिति द्वारा परीक्षण किया जाएगा। समिति द्वारा आयुक्त उच्च शिक्षा की अध्यक्षता में गठित अनुशंसा समिति को रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। अनुशंसा समिति अपनी रिपोर्ट उच्च शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में गठित निर्णायक मंडल को प्रस्तुत करेगी। सम्मान के लिए चयनित अधिकारी और संस्थान के नाम की घोषणा आयुक्त उच्च शिक्षा द्वारा की जाएगी। यह सूचना उच्च शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी प्रदर्शित की जाएगी।
राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में मध्यप्रदेश को बनाना है नम्बर वन
4 December 2019
राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में मध्यप्रदेश को नम्बर वन राज्य बनाना है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिये सभी लोग मिलकर कार्य करें। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के कार्यो की समीक्षा के दौरान यह बात कही।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री सिंह ने कहा कि स्व-सहायता समूह का टारगेट 4 हजार से बढ़ाकर 15 हजार करें। जिन समूहों को रिवाल्विंग फण्ड नहीं मिल रहा है, उन्हें बंद करें। समूहों को स्वीकृत लोन का वितरण बैंको से जल्द करवाएं। शहर के स्कूलों के बच्चों की ड्रेस बनाने का कार्य स्व-सहायता समूह से कराये जा सकते हैं। श्री सिंह ने डबरा में विकलांग लोगों के समूह की गतिविधियों की सराहना की।
17 दिसम्बर से सभी 110 शहरों में ट्रेनिंग
मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में सभी 110 शहरों में प्रशिक्षण का काम 17 दिसम्बर को एक साथ शुरू करें। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के बाद योग्य युवाओं के प्लेसमेंट की योजना भी बनाएं। समूह के सभी सदस्यों को राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे वचनों की पूर्ति के संबंध में भी अवगत कराएं। रिक्त पदों पर भर्ती जल्द करें। श्री सिंह ने कहा कि सरकार का विजन क्षेत्र में दिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि पैसा पोर्टल के संबंध में भी प्रशिक्षण करवायें।
मंत्री श्री सिंह ने कहाकि स्ट्रीट वेंडर को नये परिचय-पत्र जारी करें। उन्होंने जबलपुर में निवाड़गंज सब्जी मंडी में हाट बाजार और विभिन्न शहरों में शेल्टर होम का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिये। समूह की बैठक प्रति माह करने के लिये भी कहा। मंत्री श्री सिंह ने बताया कि शहरी आजीविका मिशन से जुड़े कर्मचारियों की समस्याओं पर सहानुभूति पूर्वक विचार किया जायेगा।
बैठक में आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री पी. नरहरि, अपर आयुक्त श्री आशीष सक्सेना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
विश्व बैंक के सहयोग से संचालित योजनाओं को समय-सीमा में पूरा करें
4 December 2019
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने कहा कि विश्व बैंक के सहयोग से संचालित योजनाओं को समय-सीमा में पूरा करें। श्री सिंह ने आज विश्व बैंक की सीनियर म्यूनिसिपल इंजीनियर और को-टास्क टीम लीडर एमपीयूडीपी श्रीमती पूनम अहलूवालिया से प्रदेश के 7 शहरों में संचालित योजनाओं के बारे में चर्चा की। विश्व बैंक की सहायता से भेड़ाघाट, नसरूल्लागंज, महेश्वर, धरमपुरी, शाजापुर, छिंदवाड़ा और शहडोल में मल-जल निस्तारण योजना और बुरहानपुर, मुरैना, खरगोन, सेवढ़ा और श्योपुर कला में जल प्रदाय योजना प्रस्तावित है।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ने कहा कि योजनाओं में जमीन संबंधी विवाद तुरंत हल करें। अगले चरण में ऐसे कार्यों के लिये पैकेज में टेन्डर होना चाहिए। श्री सिंह ने कहा कि विश्व बैंक द्वारा भी डीपीआर के संबंध में स्पष्ट गाइड लाइन जारी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीवेज और पानी के प्रोजेक्ट के साथ ही सड़कों के प्रोजेक्ट पर भी विश्व बैंक की टीम विचार करे। श्रीमती अहलूवालिया ने इन शहरों में सूचना, शिक्षा और संचार अभियान चलाने के संबंध में भी चर्चा की।
कोटरा में धर्मस्व मंत्री श्री शर्मा द्वारा मंदिर निर्माण का भूमि-पूजन
3 December 2019
जनसम्पर्क, धार्मिक न्यास-धर्मस्व, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने कोटरा में मंदिर निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया। मंत्री श्री शर्मा ने मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विधायक निधि से 2 लाख रुपए देने की घोषणा भी की। पार्षद श्री मोनू सक्सेना, पूर्व पार्षद श्री जवाहर पंजाबी, मंदिर निर्माण समिति के पदाधिकारी और स्थानीय नागरिक मौजूद थे।


सामूहिक वंदे-मातरम् गायन में शामिल हुए जनसम्पर्क मंत्री शर्मा
2 December 2019
जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी.शर्मा की उपस्थिति में मंत्रालय के सामने सरदार पटेल पार्क में आज सुबह प्रात: 11 बजे राष्ट्रगीत 'वंदे-मातरम्' और राष्ट्रगान 'जन-गण-मन' का सामूहिक गायन संपन्न हुआ। अपर मुख्य सचिव पशुपालन एवं अध्यात्म श्री मनोज श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव गृह श्री एस.एन.मिश्रा, प्रमुख सचिव मछुआ कल्याण श्री अश्विनी कुमार राय, प्रमुख सचिव किसान कल्याण और सहकारिता श्री अजीत केसरी सहित मंत्रालय, सतपुड़ा एवं विंध्याचल भवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
सामूहिक राष्ट्रगीत गायन के पहले पुलिस बैंड ने शौर्य स्मारक से सरदार पटेल पार्क तक मार्च करते हुए देश भक्ति गीतों की धुनें प्रस्तुत की। मार्च तथा गायन में शांति और अंहिसा के लिए आरंभ हुई जय जगत-2020 यात्रा के पदयात्री भी शामिल हुए।
ठक्कर बापा जयंती पर आदिवासी मेले में शामिल हुए मंत्री श्री मरकाम
29 November 2019
आदिम-जाति कल्याण मंत्री श्री ओमकार सिंह मरकाम आज डिण्डोरी जिले की बजाग जनपद के ग्राम बोंदर में ठक्कर बापा जयंती पर आयोजित आदिवासी मेले में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने ग्राम बोंदर में विद्यालय और छात्रावास के लिये भूमि दान करने वाले दानदाताओं का आभार व्यक्त किया। श्री मरकाम ने ग्राम में विद्यालय और छात्रावास भवन के लिये 2 करोड़ 6 लाख रुपये की राशि दिये जाने की घोषणा की।
मंत्री श्री मरकाम ने बताया कि डिण्डोरी जिले में नल-जल योजना के लिये 3 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है। इस योजना के जरिए आदिवासी अंचल के प्रत्येक गाँव के घर-घर तक नर्मदा नदी का पानी पहुँचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले के आदिवासी युवाओं में तकनीकी ज्ञान को प्रोत्साहित करने के लिये 5 करोड़ रुपये लागत से कम्प्यूटर सेंटर खोला जा रहा है। साथ ही, आदिवासी कला-संस्कृति के संरक्षण के लिये केन्द्र भी प्रारंभ किया जा रहा है। श्री मरकाम ने आदिवासी विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना की और प्रत्येक दल को 5-5 हजार रुपये इनाम दिये जाने की घोषणा की।
दुग्ध उत्पादन से बढ़ेगी पशु-पालकों की आय
मंत्री श्री मरकाम ने आज डिण्डोरी में जिला-स्तरीय गोपालन पुरस्कार योजना में श्रेष्ठ पशु-पालकों को पुरस्कार वितरित किये। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार गौ-संवर्धन के लिये प्रत्येक विकासखण्ड में उन्नत गौ-शाला का निर्माण करवा रही है। उन्होंने पशु-पालकों को उन्नत तकनीक अपनाने की समझाइश भी दी।
मंत्री श्री आरिफ अकील ने पर्वतारोही सुश्री परमार को दिया एक लाख का चैक
29 November 2019
अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री आरिफ अकील से युवा पर्वतारोही सुश्री मेघा परमार ने सौजन्य भेंट की। श्री अकील ने सीहोर निवासी सुश्री मेघा परमार को प्रोत्साहन स्वरूप एक लाख रूपये का चैक भेंट किया। यह चैक कॉर्पोरेट सोशल रिस्पाँसिबिलिटी (सीएसआर) फंड से दिया गया।



जून 2020 तक बाल श्रम और बंधक श्रम से मुक्त होगा प्रदेश : श्रम मंत्री श्री सिसोदिया
25 November 2019
श्रम मंत्री श्री महेन्द्र सिंह सिसोदिया ने कहा है कि राज्य सरकार अपने वचन पत्र के मुताबिक प्रदेश में बाल श्रम एवं बंधक श्रम की सामाजिक कुरीति समाप्त करने के वचन को पूरा करने के लिये दृढ़-संकल्पित है। उन्होंने कहा कि जून 2020 तक प्रदेश को बाल श्रम और बंधक श्रम की कुरीतियों से मुक्त करवा दिया जाएगा। श्री सिसोदिया ने आज यहाँ आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में राज्य-स्तरीय मध्यप्रदेश बाल श्रम उन्मूलन कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए यह जानकारी दी।
श्रम मंत्री श्री सिसोदिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन कुरीतियों को समाप्त करने के लिये कार्य-योजना बनाएं। कार्य-योजना में प्रत्येक जिले के लिये निर्धारित लक्ष्य की समय-सीमा में पूर्ति की सुनिश्चित व्यवस्था की जाए। उन्होंने बताया कि प्रदेश में हाल ही में 211 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया है। आगामी 6 माह में 5 हजार बाल श्रमिकों को मुक्त कराने का लक्ष्य निर्धारित है।
श्रम मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सिर्फ कानून बनाने से बाल श्रम उन्मूलन की समस्या समाप्त नहीं होगी। इसके लिये राज्य सरकार के साथ स्वयंसेवी संगठनों को भी सक्रिय रूप से जमीनी स्तर पर कार्य करना होगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने बाल श्रम और बंधक मजदूरी को समाप्त करने के लिये सख्त निर्देश दिए हैं।
प्रमुख सचिव श्री अशोक शाह ने भी कार्यशाला को संबोधित किया। श्रम विभाग द्वारा पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई। इस अवसर पर यूनिसेफ के प्रतिनिधि श्री माईकल जुमा, श्रम आयुक्त श्री आशुतोष अवस्थी तथा विधि-विधायी कार्य, पुलिस, महिला-बाल विकास, श्रम विभाग के सभी जिला अधिकारी और स्वयंसेवी संगठनों के प्रति‍निधि उपस्थित थे।
50 लाख में होगा आरोन तालाब का सौंदर्यीकरण : मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह
25 November 2019
नगरीय विकास एवं आवास श्री जयवर्द्धन सिंह ने गुना जिले के आरोन विकासखण्ड में विकास कार्यों और हितग्राहीमूलक योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने आरोन में बमुरिया रोड तालाब के सौंदर्यीकरण के लिये 50 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की।
मंत्री श्री सिंह ने कहा कि सभी स्वीकृत निर्माण कार्य समय-सीमा में पूरा करें। उन्होंने कहा कि हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को दिलाना सुनिश्चित करें। योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। श्री सिंह ने कहा कि निर्धारित समय पर किसानों को खेती के लिये निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने स्वीकृत गौ-शालाओं का निर्माण जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ने आरोन में 4 स्थानों पर सुलभ शौचालय के निर्माण की भी मंजूरी दी।

कोटरा की बस्तियों में पहुँचे मंत्री श्री शर्मा और श्री सिलावट
22 November 2019
जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा और लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने आज कोटरा नगर की बस्तियों में घर-घर जाकर नागरिकों से डेंगू से बचाव और रोकथाम के उपाय अपनाने का अनुरोध किया। मंत्री द्वय ने आकाश नगर में महेश शर्मा, भज्जू श्याम और सतीश भार्गव के घर पहुँचकर परिजनों से भेंट की। घरों में रखे पानी के बर्तनों और गमलों में लार्वा का अपने सामने परीक्षण करवाया। आकाश नगर बस्ती के अधिकांश घरों में डेंगू प्रजाति के मच्छरों का लार्वा जाँच में पाया गया। मंत्रीद्वय ने डेंगू से बचाव के लिये पहली जरूरत घर में रखे पानी के बर्तनों से समय-समय के अंतराल पर पानी को बदलने की बात कही। अपने सामने गमलों, फ्लावर प्लांट और अन्य बर्तनों में रखे 2-3 दिनों के पानी को बदलवाया। उन्होंने लोगों से कहा कि चिकित्सकों के परामर्श से होम्योपेथिक प्रिवेंटिव मेडिसिन का उपयोग करें। स्थानीय नागरिक अपने घर और आसपास के क्षेत्र को साफ रखें। मंत्रीद्वय ने प्रतीकात्मक तौर पर खाली पड़े स्थान और गंदगी वाले स्थानों पर मलेरियारोधी दवा का छिड़काव किया।
मंत्रीद्वय ने डेंगू को खत्म करने के संकल्प अभियान के पोस्टर पर हस्ताक्षर किये। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के अधिकारियों को बस्तियों में रोजाना सफाई करवाने और वर्षा जल के भराव वाले स्थानों से जल को खाली करवाने के निर्देश दिये। मंत्रीद्वय आकाश नगर बस्ती से पैदल नया बसेरा पहुँचे और नागरिकों से मिलकर डेंगू तथा अन्य बीमारियों से बचाव और रोकथाम के उपाय अपनाने का आग्रह किया।
संभागायुक्त श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव, आयुक्त नगर निगम श्री बी. विजय दत्ता, पार्षद श्री योगेन्द्र सिंह चौहान, श्री मोनू सक्सेना, अमित शर्मा, स्वास्थ्य, नगर निगम और जिला प्रशासन के अधिकारी साथ थे।
मंत्री श्री हर्ष यादव से मिले नार्वे की कम्पनी के सीईओ श्री इमाम
22 November 2019
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री हर्ष यादव से मंत्रालय में नार्वे की कंपनी हेमलेट एण्ड सोलर प्रोजेक्ट कॉलोब्रेटर्स प्रा. लिमिटेड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अफसर इमाम ने मुलाकात की। इस मौके पर मध्यप्रदेश में सोलर पॉवर पर आधारित ग्रीन हाउस, स्मार्ट गौ-शाला, एकीकृत सौर ऊर्जा इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के संबंध में विस्तृत चर्चा हुई। दिल्ली के पर्यावरण को पराली जलाने की वजह से हुई क्षति के अनुभव को देखते हुए नार्वे की कंपनी ने मध्यप्रदेश में किसानों द्वारा फसल कटाई के बाद नरवाई (पराली) अवशेष से ऊर्जा उत्पादन की संभावनाओं पर भी चर्चा की।
बैठक में प्रदेश में पायलेट आधार पर किसानों के हित में कार्य प्रारंभ करने के बारे में विचार विमर्श किया गया। सोलर पॉवर ग्रीन हाउस में एक से दो हेक्टेयर क्षेत्र में संयंत्र स्थापित कर कृषकों को जैविक उत्पादन, लगभग 5000 गाय क्षमता वाली स्मार्ट गौ-शालाओं के विकास का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसमें बायो सीएनजी प्लांट, बायो फर्टिलाइजर, बायो पेस्टिसाईट्स फरमेंटर प्लांट और एक से दो मेगावॉट क्षमता के सोलर प्लांट लगाने की पहल की जाएगी। इसके साथ की गाँव में स्ट्रीट लाईट के लिये भी सौर ऊर्जा के उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी।
बैठक में नार्वे की कंपनी द्वारा 'स्मार्ट विलेज एण्ड रूरल डेव्लपमेंट इन मध्यप्रदेश' का पावर प्रेजेंटेशन दिया गया। प्रबन्ध संचालक म.प्र. ऊर्जा विकास निगम श्री राजीव रंजन मीना और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
ड्रायविंग लाइसेंस बगैर गाड़ी न चलायें- मंत्री श्री पांसे
19 November 2019
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री सुखदेव पांसे ने कहा है कि सभी युवक-युवतियाँ, जिन्होंने निर्धारित उम्र पूरी कर ली है, ड्रायविंग लाइसेंस बनवाने के बाद ही वाहन चलाएं। श्री पांसे मुलताई में महाविद्यालयीन छात्राओं को नि:शुल्क ड्रायविंग लाइसेंस वितरित कर रहे थे। उन्होंने 110 छात्राओं को ड्रायविंग लाइसेंस वितरित किए।
मंत्री श्री पांसे ने विद्यार्थियों से कहा कि वे रोड-सेफ्टी नियमों का हमेशा पालन करें। दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चार पहिया वाहन चलाते समय सीट-बेल्ट का उपयोग जरूर करें।
मंत्री श्री पांसे ने उत्कृष्ट विद्यालय मुलताई में खण्ड स्तरीय गुरू नानक देव जी कबड्डी ओलम्पिक का शुभारंभ प्रतिभागियों से परिचय प्राप्त कर किया।
पंचायत भवन लोकार्पित
मंत्री श्री पांसे जनपद पंचायत प्रभात पट्नम के ग्राम पंचायत नाँदकुड़ी में 'आपकी सरकार आपके द्वार' कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने पंचायत भवन का लोकार्पण भी किया।
नगरीय विकास मंत्री श्री सिंह ने ब्रह्माकुमारी केन्द्र, नीलबड़ में लगाया आम का पौधा
19 November 2019
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने ब्रह्माकुमारी केन्द्र नीलबड़ के परिसर में आम का पौधा लगाया। श्री सिंह ने मेनरोड से केन्द्र तक सड़क बनवाने के निर्देश दिये।
श्री सिंह ने केन्द्र में मेडीटेशन और अन्य कार्यक्रमों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि केन्द्र में संचालित गतिविधियों का लाभ लोगों को मिलेगा। इस दौरान ब्रह्माकुमारी बहनें और भाई उपस्थित थे।


मंत्री श्री शर्मा ने रामेश्वरम् धाम के लिये रवाना की स्पेशल ट्रेन
17 November 2019
जनसम्पर्क तथा धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने आज हबीबगंज रेलवे स्टेशन से मुख्यमंत्री तीर्थ योजना के अंतर्गत रामेश्वरम् धाम के लिये श्रद्धालुओं की स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस तीर्थ दर्शन यात्रा ट्रेन में भोपाल, रायसेन और विदिशा जिले के लगभग एक हजार श्रद्धालु रवाना हुए।श्री शर्मा ने ट्रेन को रवाना करने के पूर्व बोगियों में पहुँचकर श्रद्धालुओं का पुष्पहारों से स्वागत किया और सुखद एवं मंगलमय यात्रा के लिए शुभकामनाएँ दी।
इस अवसर पर पार्षद श्री योगेंद्र सिंह चौहान, श्री अमित शर्मा, श्रीमती संतोष कसाना तथा अन्य जन-प्रतिनिधि मौजूद थे।
स्वच्छता की गाड़ी देगी डेंगू और मलेरिया से बचने का संदेश
17 November 2019
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने इंदौर में डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिये अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि शहर की कॉलोनियों में डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिये स्वच्छता गाड़ी के माध्यम से संदेश पहुँचाएँ। मंत्री श्री सिलावट ने इंदौर में इन बीमारियों की रोकथाम के लिये किये जा रहे प्रयासों की समीक्षा की।
बैठक में बताया गया कि इंदौर में डेंगू, मलेरिया, चिकुनगुनिया और स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिये 16 टीमें लार्वा की खोज कर उसे नष्ट करने का कार्य कर रही हैं। अभी तक एक लाख 22 हजार घरों का सर्वे किया जा चुका है, जिसमें से 2 हजार घरों में लार्वा पाया गया, जिसे नष्ट कर दिया गया है। शहर में 38 फॉगिंग मशीन के माध्यम से दवाई का छिड़काव किया जा रहा है। शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में संक्रमित रोगों के विरुद्ध सघन कार्यवाही तेज कर दी गई है।
मंत्री श्री सिलावट ने जन-जागरूकता अभियान को और तेज करने के निर्देश दिये। बैठक में सुझाव दिया गया कि इन रोगों की रोकथाम के लिये ऐसी जगह होर्डिंग्स लगाये जायें, जहाँ से इनका व्यापक प्रचार-प्रसार हो सके। बैठक में बताया गया कि शहर में खाली पड़े प्लाटों के मालिकों को नोटिस दिया गया है और आर्थिक दण्ड की कार्यवाही भी की गई है। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने स्थानीय निकायों के अधिकारियों को सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के लिये कहा।
निजी भूमि पर भी बाँस उत्पादन की योजना बनाने के निर्देश
15 November 2019
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज मंत्रालय में बांस मिशन की बैठक में कहा है कि बाँस प्रदेश में रोजगार और आय का साधन बने। इस दिशा में विशेष प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने इसके लिए वन और ग्रामीण क्षेत्रों में बाँस रोपण के साथ ही निजी भूमि पर भी बाँस उत्पादन की योजना बनाने के निर्देश दिए। बैठक में वन मंत्री श्री उमंग सिंघार तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बाँस उत्पादन के जरिए हम किसानों की आय में वृद्धि करने के साथ ही बेरोजगारों को व्यापक पैमाने पर रोजगार उपलब्ध करवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि बाँस से उत्पादित वस्तुओं का एक बहुत बड़ा बाजार पूरे विश्व में है। इसका लाभ मध्यप्रदेश को मिले, इसके लिए सुनियोजित प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाँस उत्पादन में इस बात का ध्यान रखा जाए कि इससे जुड़े उद्योगों को कौन-सी गुणवत्ता के बाँस की आवश्यकता है। उन्होंने बाँस उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए उद्योग की आवश्यकता के अनुरुप बाँस उत्पादन की योजना बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती, अपर मुख्य सचिव वन श्री ए.पी. श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती गौरी सिंह, एपीसीसीएफ (सेवानिवृत्त) डॉ. ए.के. भट्टाचार्य एवं बाँस कृषक व्यवसायी श्री सुभाष भाटिया सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
बाल दिवस पर मंत्री श्री राजपूत ने बच्चों को दी शुभकामनाएँ
15 November 2019
परिवहन एवं राजस्व मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत नेहरूजी की 130वीं जयंती पर सागर के किडजी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। श्री राजपूत को बच्चों ने अपने हाथों से बनाए छोटे-छोटे खिलौने और चित्र भेंट किये। श्री राजपूत ने बच्चों की कला और सोच को सराहते हुए उन्हें उपहार दिये। परिवहन एवं राजस्व मंत्री ने इस अवसर पर खेल प्रतियोगिताओं के प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया और बाल दिवस की शुभकामनाएँ दी।

मीटरीकरण अभियान को सफल बनाएं : ऊर्जा मंत्री श्री सिंह
15 November 2019
ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह ने बताया है कि प्रदेश के सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू, इंडस्ट्रियल पॉवर और गैर घरेलू उपभोक्ताओं के परिसर में आधुनिक मीटर लगाने का काम तेजी से पूरा किया जा रहा है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे मीटरीकरण अभियान को सफल बनाएं, जिससे वास्तविक बिजली खपत से अधिक फायदा मिल सके।
वास्तविक खपत से फायदे
इंदिरा गृह ज्योति योजना में प्रतिमाह 100 यूनिट बिजली सिर्फ 100 रूपये में मिलती है। योजना का लाभ 150 यूनिट तक की मासिक खपत पर ही मिलता है। गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के 100 वॉट लोड वाले उपभोक्ताओं को 30 यूनिट तक खपत पर मात्र 25 रूपये बिजली बिल देना होगा।
उपभोक्ताओं से अपील
ऊर्जा मंत्री ने उपभोक्ताओं से अपील की है किमीटर रीडिंग के समय अथवा बिल प्राप्त होने पर बिल में उल्लेखित रीडिंग एवं अपने मीटर की रीडिंग का मिलान कर लें। इसमें अधिक अंतर होने पर विद्युत वितरण कंपनी को तुरंत सूचना दें। मीटर बंद या खराब होने की सूचना भी तुरंत विद्युत वितरण कंपनी को दें। किसी कारणवश मीटर रीडिंग नहीं होने पर आप स्वयं पहल कर रीडिंग के आधार पर संबंधित बिजली कार्यालय से अपना बिल प्राप्त करें। विद्युत मीटर से छेड़छाड़ की घटना होने पर उसकी जानकारी तुरंत बिजली कंपनी को दें। यदि कोई व्यक्ति मीटर रीडिंग में कमी लाने का प्रलोभन देते हुए राशि की मांग करता है, तो उसकी जानकारी तत्काल बिजली कंपनी को दें।
स्कूली वाहनों में ओव्हर-लोडिंग करने पर होगी सख्त कार्रवाई : परिवहन मंत्री श्री राजपूत
6 November 2019
परिवहन मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने वाले वाहनों में ओव्हर-लोडिंग किए जाने अथवा नियमों का पालन नहीं करने पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। श्री राजपूत ने यह निर्देश परिवहन विभाग की समीक्षा करते हुए दिया।
श्री राजपूत आज मंत्रालय में प्रमुख सचिव, परिवहन एवं परिवहन आयुक्त के साथ विभागीय समीक्षा बैठक ले रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों एवं जिला कार्यालयों में ऑटोमेटेड ड्रायविंग टेस्टिंग ट्रेक एवं ऑटोमेटिक फिटनेस सेंटर सहित जीपीएस आधारित व्हीकल लोकेशन एवं ट्रेकिंग सिस्टम की स्थापना शीघ्र की जाये। इसके क्रियान्वयन के लिये कंट्रोल एण्ड कमाण्ड सेंटर की स्थापना संबंधी अन्य प्रदेशों में कार्यरत एजेंसियों से इन सिस्टमों का प्रस्ताव आमंत्रित करें। अन्य प्रदेशों में यह सिस्टम किस प्रकार काम कर रहा है, उसके प्रस्तुतिकरण के आधार पर यह सुनिश्चित करें कि यह सिस्टम मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति एवं परिवहन व्यवस्था के परिप्रेक्ष्य में किस प्रकार अधिक से अधिक कारगर हो सकेगा।
परिवहन मंत्री ने कहा कि प्रदेश में पॉल्यूशन अण्डर कंट्रोल सेंटर की स्थापना एवं ऑनलाइन/रियल टाइम के आधार पर पीयूसी जारी करने की प्रणाली लागू करने के लिये जिन प्रदेशों में यह प्रणाली लागू हो, उनके अनुभव एवं परिणामों को देखते हुए इसे व्यावहारिक रूप से लागू करें।
श्री राजपूत ने कहा कि सरकार अपने वचन-पत्र को बिन्दुवार धरातल पर लाने के लिये वचनबद्ध है। वचन-पत्र के कई काम पूर्ण हो चुके हैं, कुछ कामों को 6 माह की समय-सीमा में पूरा किया जाये। शेष कार्यों को आगामी वर्ष के 6 माह में पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित करें।
सड़क परिवहन विभाग के कर्मचारियों को अन्य विभागों में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ करने की कार्यवाही की जाये। जो कर्मचारी वीआरएस का लाभ लेना चाहेंगे, उनके लिये वीआरएस पैकेज का प्रस्ताव शासन के समक्ष रखा जाये।
विभागीय सीमित परीक्षा के माध्यम से लिपिक वर्ग से उप निरीक्षक-परिवहन के पदों की पूर्ति की जायेगी। इसके लिये शीघ्र ही प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश उन्होंने दिये। बैठक में प्रमुख सचिव श्री एस.एन. मिश्रा, परिवहन आयुक्त श्री व्ही. मधु कुमार एवं ओएसडी श्री कमल नागर उपस्थित थे।
मंत्री श्री राठौर ने 21 करोड़ की लागत से 128 आवासों एवं पुलिस चौकियों का किया शिलान्यास
6 November 2019
वाणिज्यिक कर मंत्री श्री बृजेन्द्र सिंह राठौर ने पुलिस लाईन निवाड़ी में 128 आवास गृह, पुलिस हाईवे सुरक्षा चौकी, महिला हेल्प लाईन डेस्क निर्माण कार्य का शिलान्यास एवं भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री पुलिस आवास योजना के तहत 21 करोड़ रूपये की लागत से निर्माण कार्य कराए जायेंगे।
मंत्री श्री राठौर ने कहा कि पुलिस निरंतर कठिन परिस्थितियों में कार्य करती है। उनकी जरूरतों और सहूलियतों का ध्यान रखना शासन का कर्त्तव्य है, ताकि वे पूरी लगन और समर्पण से और बेहतर कार्य कर सकें। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की प्राथमिकता है कि पंक्ति के अंतिम व्यक्ति को भी शासन की योजनाओं का लाभ मिले। लोगों की सुरक्षा में लगी हमारी पुलिस को बेहतर सुविधाएँ एवं साधन उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक प्रयास है।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, संभागायुक्त श्री आनंद कुमार शर्मा, आईजी सागर श्री एस.के. सक्सेना, डीआईजी छतरपुर श्री अनिल माहेश्वरी, कलेक्टर श्री अक्षय कुमार सिंह, एसपी श्री एम.के. श्रीवास्तव तथा जन-प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ दुबई पहुँचे
5 November 2019
दुबई मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ एशियन बिजनेस लीडरशिप फोरम में शामिल होने के लिये दुबई पहुँच गये हैं। मुख्यमंत्री बुधवार 6 नवंबर की शाम को जुमेराह एमीरेटस टॉवर में एशियन बिजनेस लीडरशिप अवार्ड समारोह में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री इसके पहले बुधवार की सुबह एमीरेट्स एयरलाइन समूह के चेयरमेन और चीफ एक्जीक्यूटिव्ह एच.एच. शेख अहमद बिन सईद अल मखदूम से इन्दौर-दुबई एमीरेट्स प्लाइट चालू करने और मध्यप्रदेश में निवेश संबंधी चर्चा करेंगे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ इसी दिन यूएई की अंतर्राष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री और एक्सपो 2020 दुबई ब्यूरो की महानिदेशक एच.ई. रीम इब्राहिम अल हाशिमी, मशरिक बैंक के सीईओ एच.ई. अब्दुल अजीज अल गुरैर और डीपी वर्ल्ड के ग्रुप चेयरमेन एवं सीईओ एच.ई. सुल्तान अहमद बिन सुलायेम से भी वन-टू-वन चर्चा करेंगे।
वन-टू-वन चर्चा के अलावा मुख्यमंत्री फ्रेंडस आफ एम.पी., यू.एई सहित आधा दर्जन प्रतिनिधि-मंडल से भी मुलाकात करेंगे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के साथ मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहन्ती, प्रमुख सचिव उद्योग डॉ. राजेश राजौरा, सचिव मुख्यमंत्री श्री सेलवेन्द्रम और प्रबंध संचालक राज्य औद्योगिक विकास निगम श्री विवेक पोरवाल दुबई प्रवास पर हैं।
मध्यप्रदेश में संकटापन्न और दुर्लभ वृक्ष प्रजाति संरक्षण
5 November 2019
देश में सर्वाधिक वन क्षेत्र मध्यप्रदेश में है। प्राचीनकाल से ही मध्यप्रदेश में जड़ी-बूटियों की बहुतायत रही है। विगत कई वर्षों में हुए शोध और अध्ययन में प्रदेश के वन क्षेत्रों में लगभग 216 वृक्ष प्रजातियाँ पाई गई हैं। इनमें से 32 प्रजातियाँ संकटापन्न और दुर्लभ स्थिति में हैं। वन विभाग ने 14 संकटापन्न और 18 विलुप्ति की कगार पर पहुँची वृक्ष प्रजातियों को बचाने के हर संभव प्रयास शुरू कर दिये हैं। इन प्रजातियों का औषधीय और वन्य-प्राणियों के लिये चारे का महत्व होने के साथ वनवासियों की परम्पराओं, रीति-रिवाजों और विभिन्न आवश्यकताओं की पूर्ति से भी गहरा संबंध है। जैव-विविधता की दृष्टि से इनका स्थानीय पारिस्थितिक तंत्र में भी महत्वपूर्ण स्थान है।
अध्ययन में संकटापन्न वृक्ष प्रजातियों को 4 वर्गों-अत्यधिक खतरे में, संवेदनशील और दुर्लभ/खतरे के नजदीक वर्ग में विभाजित किया गया है। प्रदेश में 3 प्रजातियाँ दहिमन, शल्यकर्णी और मेंदा को अत्यधिक खतरे वाली प्रजाति में रखा गया है। शल्यकर्णी वृक्ष की पत्तियाँ महाभारत के युद्ध में सैनिकों के घाव को भरने के लिये ऐतिहासिक रूप से प्रसिद्ध भी हैं। इसकी छाल और पत्ती शारीरिक दर्द, मधुमेह, बवासीर, गंजापन, कैंसर में भी उपयोग करते हैं। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने 27 सितम्बर को भोपाल में वृक्ष महोत्सव के दौरान अन्य दुर्लभ प्रजातियों के साथ इस पौधे को भी रोपा है। दहिमन का प्रयोग स्त्री रोग, रक्त विकार, ह्रदय विकार, रक्तदाब, चर्मरोग और विष विकार में किया जाता है। मेंदा छाल और पत्ती का प्रयोग कैंसर, ह्रदय रोग, बवासीर, हड्डी टूटना और पशु रोग में होता है।
खतरे वाली प्रजातियों में सोनपाठा, गरुड़ वृक्ष, बीजा और लोध शामिल हैं। सोनपाठा या अरलू वृक्ष की जड़, छाल, पत्ती और फल का औषधीय प्रयोग होता है। इससे बनी दवाइयों का प्रयोग उदर विकार, घायलावस्था, श्वांस रोग, वातरोग और मिर्गी दूर करने में होता है। गरुड़ या सोनपाडर की जड़, पत्ती और फल का उपयोग उदर विकार और सर्प विष दूर करने वाली दवाइयों में होता है। बीजा वृक्ष की लकड़ी और गोंद उपयोगी हैं। गोंद का प्रयोग मधुमेह, उदर विकार, रक्तदाब और पुरुष रोग में होता है, जबकि लकड़ी का उपयोग ढोलक बनाने में होता है। लोध वृक्ष का उपयोगी भाग छाल और फूल हैं। इनका प्रयोग बुखार, कफ, ह्रदय रोग, रक्तदाब, सूजन, स्त्री और चर्म रोग में किया जाता है।
संवेदनशील प्रजातियों में कुम्भी, पीला पलाश, खरपट, पाडर, कुल्लू, रोहिना और शीशम शामिल हैं। कुम्भी की जड़, छाल और फल का उपयोग सर्पदंश, परिवार नियोजन, बुखार, कुष्ठ रोग और घाव भरने की दवा बनाने में किया जाता है। पीला पलाश या गबदी की छाल और गोंद का प्रयोग चर्म, मिर्गी रोग और उदर विकार औषधि में किया जाता है। खरपट या केंकड की छाल का प्रयोग किडनी, कैंसर और श्वांस की औषधियों में होता है। पाडर या अर्धपाकरी वृक्ष की छाल, पत्ती और फल से नेत्र और मानसिक विकार की आयुर्वेदिक औषधियाँ तैयार की जाती हैं। कुल्लू की छाल और गोंद का प्रयोग उदर विकार, ह्रदय रोग, अस्थिभंग और पशु चिकित्सा में करते हैं। रोहन या रोहिना वृक्ष की छाल रक्तदाब, ह्रदय, लीवर, प्रसूति और वात रोग की औषधियों में करते हैं। शीशम की लकड़ी का प्रयोग फर्नीचर में सर्वविदित है परंतु बहुत कम लोग जानते हैं कि इसकी छाल और पत्ती पुरुष रोग और चर्म रोग के लिये औषधि निर्माण में बहुत उपयोगी है।
खतरे के नजदीक वृक्ष श्रेणी में धावड़ा, सलई, भिलवा, गधा पलाश, धामन, निर्मली, अंजन, मोखा, तिंसा, खरहर, भेड़ार, अचार, कुसुम, भुडकुट, खटाम्बा, पीपरी बड़ प्रजाति और बड़ प्रजाति शामिल है जबकि हल्दू खतरे में (एन्डेंजर्ड) प्रजाति में शामिल है। हल्दू की छाल और पत्ती का प्रयोग पुरुष रोग और चर्म रोग औषधि तथा लकड़ी फर्नीचर बनाने में काम आती है।
धावड़ा या धवा की छाल श्वांस रोग औषधि में प्रयोग की जाती है। धवा की लकड़ी बहुत मजबूत होने के कारण इसका उपयोग कृषि उपकरण बनाने में होता है। इसकी लकड़ी बहुत देर तक जलने के कारण भी मशहूर है। सलई वृक्ष की छाल, बीज और गोंद का प्रयोग टी.बी., घायलावस्था और वात रोग की दवाइयाँ बनाने के साथ खाद्य पदार्थ और सौंदर्य प्रसाधन में भी किया जाता है। भिलवा या भिलमा वृक्ष की छाल और बीज का प्रयोग बाल एवं चर्म रोग के साथ स्याही बनाने में भी होता है।
गधा पलाश वृक्ष के छाल, पत्ते और फूल का प्रयोग सूजन, खून की कमी, पुरुष रोग और पशु रोग में होता है। कुचला या निर्मली वृक्ष के बीज का प्रयोग कैंसर, वात और चर्म रोग में होता है। इसका बीज काफी विषैला होता है। अंजन वृक्ष के सभी 5 भागों का प्रयोग स्त्री रोग और विष विकार में होता है। मोखा वृक्ष के फल का प्रयोग नेत्र विकार में करते हैं। तिंसा वृक्ष की छाल का उपयोग उदर विकार और निमोनिया में करते हैं। इसकी छाल का प्रयोग मछली पकड़ने में किया जाता है।
खरहर वृक्ष की छाल और पत्ती का उपयोग उदर, यकृत विकार, घाव भरने और पशुओं के तिलबढ़ रोग में होता है। भेड़ार वृक्ष की जड़ और फल का प्रयोग उदर और लिवर की बीमारी में होता है। अचार वृक्ष की छाल और बीज का उपयोग उदर विकार औषधि के साथ खाद्य पदार्थों में भी होता है। कुसुम वृक्ष की छाल और बीज का उपयोग विष विकार, पशु रोग और चर्म रोग में होता है। भुडकुट वृक्ष की जड़, छाल और बीज का प्रयोग सर्पदंश, पुरुष रोग, शीतवात और सूजन की दवा बनाने में होता है। खटाम्बा वृक्ष की जड़, छाल और फल का प्रयोग ह्रदय रोग, रक्तदाब, स्त्री रोग एवं उदर रोग में किया जाता है। पीपरी बड़ प्रजाति वृक्ष की छाल और पत्ती का प्रयोग मधुमेह, घाव भरने एवं मुँह के छालों में किया जाता है। बड़ प्रजाति वृक्ष की जड़, छाल एवं पत्तों का प्रयोग बुखार, चर्म रोग, घाव भरने और मुँह के छालों में किया जाता है।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने राष्ट्र की एकता और अखण्डता की शपथ दिलाई
31 October 2019
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने लौह पुरूष और देश के प्रथम गृह मंत्री स्वर्गीय श्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर आज मंत्रालय के समक्ष सरदार पटेल उद्यान में स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। श्री कमल नाथ ने उपस्थित लोगों को राष्ट्रीय एकता, अखण्डता और सुरक्षा की शपथ दिलाई।
श्री कमल नाथ के उपस्थित लोगों को संकल्प दिलाया कि 'मैं राष्ट्र की एकता, अखण्डता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए स्वयं को समर्पित करूंगा और अपने देशवासियों के बीच यह संदेश फैलाने का भी भरसक प्रयत्न करूंगा। मैं यह शपथ अपने देश की एकता की भावना से ले रहा हूँ, जिसे सरदार वल्लभ भाई पटेल की दूरदर्शिता एवं कार्यों द्वारा संभव बनाया जा सका। मैं अपने देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपना योगदान करने का भी सत्यनिष्ठा से संकल्प करता हूँ।'
इस मौके पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल, सांसद श्री विवेक तन्खा, श्री दीपक बावरिया, मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती, अपर मुख्य सचिव श्री के.के. सिंह एवं प्रमुख सचिव, सचिव तथा मंत्रालय के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ दुबई में एशियन बिजनेस लीडरशिप फोरम में शामिल होंगे
31 October 2019
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ दुबई में एशियन बिजनेस लीडरशिप फोरम में शामिल होंगे। फोरम का आयोजन 6 नवंबर को दुबई में शेख नाहयान मुबारक अल नाहयान के संरक्षण में हो रहा है। वे संयुक्त अरब अमीरात में केबिनेट मेंबर और टॉलरेन्स मंत्री हैं। आयोजन में यूएई के आर्थिक मंत्रालय और एशिया बिजनेस लीडरशिप फोरम के बीच संयुक्त भागीदारी है।
इस फोरम में बिजनेस लीडर्स के बीच वार्तालाप होगा। बिजनेस लीडर अवार्ड दिया जाएगा और बिजनेस लीडरशिप मैगजीन का विमोचन होगा। फोरम का नेटवर्क संयुक्त अरब अमीरात के अलावा पूरे विश्व में फैला हुआ है जिसका संचयी राजस्व 900 बिलियन डॉलर से अधिक है। अपने 12 वर्षों के इतिहास में फोरम पहली बार अतिथि देश "भारत" को यह आयोजन समर्पित कर रहा है। यह आयोजन महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर, जो विश्व के लिए शांति के और अहिंसा के प्रतीक हैं, हो रहा है। यह अवसर शेख जायद बिन सुल्तान अल नाहयान को भी उनके 101वें जन्म-दिन पर समर्पित है।
एशियन बिजनेस फोरम लीडरशिप अवार्ड एक वैश्विक आयोजन है। इसके माध्यम से विश्व के प्रमुख उद्योगपतियों और नीति निर्धारकों को एक मंच उपलब्ध कराया जाता है जहाँ उद्योग क्षेत्र में नई संभावनाओं पर विचार किया जा सके और एशिया की अर्थ-व्यवस्था की ताकत को दुनिया के सामने लाया जा सके।
एशियन बिजनेस फोरम लीडरशिप अवार्ड-2019 की थीम "परस्पर जुड़े विश्व में इनक्लूसिव लीडरशिप: सहनशीलता के माध्यम से निरंतरता और प्रगति" है।
इस फोरम में एशिया के जो प्रमुख उद्योगपति शामिल हो रहे हैं, उनमें डॉ. सुश्री मूलयानी इन्द्रावती, पूर्व प्रबंध संचालक और सीओओ, विश्व बैंक, डॉ. मायथा सलेम अल शम्सी मिनिस्टर ऑफ स्टेट यूएई, श्री राजीव के. लूथरा संस्थापक और प्रबंध सहयोगी एल एण्ड एल पार्टनर्स लॉ ऑफिसेस, भारत, कोल्म मेक्लोगलिन कार्यपालक उपाध्यक्ष और सीईओ, दुबई ड्यूटी फ्री, यूएई, डॉ. तौफिक बिन फवजान अल राबिया स्वास्थ्य मंत्री, सऊदी अरब, एंग मोहम्मद अहमद बिन अब्दुल अजीज अल शीही, अवर सचिव, आर्थिक मामले, संयुक्त अरब अमीरात, तारिक अल गुर्ग सीईओ, दुबई केयर यूएई, श्री गोपीचंद हिंदुजा, सह अध्यक्ष हिंदुजा ग्रुप ऑफ कंपनीज और अध्यक्ष, हिंदुजा ऑटोमोटिव लिमिटेड, यूके, सुश्री शोभना भरतिया, अध्यक्ष और संपादकीय निदेशक हिन्दुस्तान टाइम्स मीडिया, भारत, डॉ. साइरस एस पूनावाला अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, श्री कुमार मंगलम बिरला चेयरमेन आदित्य बिड़ला समूह, भारत, श्री जयदेव एस श्रॉफ ग्लोबल सीईओ, यूपीएल लिमिटेड, भारत, अब्दुलअज़ीज़ अल गुरैर चेयरमेन, मशरिक बैंक, यूएई, श्री बी.के. गोयनका अध्यक्ष, वेलस्पन ग्रुप और अध्यक्ष एसोचैम, भारत, श्री सज्जन जिंदल अध्यक्ष जे.एस. डब्ल्यू ग्रुप, भारत, डॉ. निरंजन हीरानंदानी सह-संस्थापक और प्रबंध निदेशक हीरानंदानी समूह और राष्ट्रीय अध्यक्ष, नारेदको, शम्स सालेह सीईओ, दुबई महिला प्रतिष्ठान, यूएई, अलीशा मूपेन डिप्टी एमडी और सीईओ, एस्टर डीएम हेल्थकेयर, यूएई, नाडिया जाल सीईओ, अल बरारी और ज़या लिविंग, यूएई, डॉ. शेखा अल मस्करी मानद अध्यक्ष, अल मस्करी होल्डिंग, यूएई, श्री मधुसूदन अग्रवाल सह-संस्थापक और उपाध्यक्ष अजंता फार्मा लिमिटेड, भारत शामिल हैं।
प्रदेश में 8 औद्योगिक इकाइयों में 6013.90 करोड़ रुपये पूँजी निवेश सुनिश्चित
15 October 2019
राज्य शासन ने प्रदेश के रायसेन, धार और दमोह जिले में आठ नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और दो औद्योगिक इकाइयों का विस्तार करने के लिये उद्योग संवर्धन नीति के अन्तर्गत सुविधाएँ देने का निर्णय लिया है। इन औद्योगिक इकाइयों के जरिये प्रदेश में 6013 करोड़ 90 लाख रूपये का पूँजी निवेश होगा। इन इकाइयों में से रायसेन जिले में दो, धार जिले में तीन तथा दमोह जिले में एक औद्योगिक इकाई स्थापित होगी। साथ ही, रायसेन जिले में दो औद्योगिक इकाइयों का विस्तार होगा।
उद्योग संवर्धन नीति के अंतर्गत रायसेन जिले की गौहरगंज तहसील के ग्राम सिमरई में 175 करोड़ रुपये के पूँजी निवेश से फर्मास्क्यूटिकल्स एवं हेल्थ केयर प्रोटेक्ट परियोजना और 300 करोड़ रुपये के पूँजी निवेश से पर्सनल केयर प्रोडक्ट परियोजना की स्थापना की जा रही है। धार जिले के पीथमपुर स्मार्ट इण्डस्ट्रियल पार्क में 1788 करोड़ 50 लाख रुपये के पूँजी निवेश से रेडियल टॉयर निर्माण इकाई, ग्राम करोंदिया में 425 करोड़ 40 लाख रुपये के पूँजी निवेश से सीमेंट विनिर्माण परियोजना और 225 करोड़ रुपये के स्थाई पूँजी निवेश से बायर राड विनिर्माण परियोजना की स्थापना की जा रही है। दमोह जिले में 1400 करोड़ रुपये के स्थाई पूँजी निवेश से 2.20 मिलियन टन प्रतिवर्ष क्षमता का इंटीग्रेटेड सीमेंट प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इसके अलावा रायसेन जिले में मेसर्स प्रोक्टर एण्ड गेम्बल होम प्रोडक्ट प्रा.लि. की विद्यमान इकाई का 500 करोड़ रुपये के पूँजी निवेश से विस्तार किया जा रहा है। इसी के साथ मण्डीदीप में मेसर्स एचईजी लिमिटेड द्वारा 1200 करोड़ रुपये के पूँजी निवेश से परियोजना का विस्तार किया जा रहा है।
उद्योग संवर्धन नीति-2014 (यथा संशोधित 2018) में औद्योगिक इकाइयों को प्रथम चरण में भवन, प्लांट और मशीनरी पर स्थाई पूँजी निवेश पर 20 से 40 प्रतिशत तक प्रोत्साहन सहायता प्रदान की जायेगी। प्रोत्साहन सहायता राशि अधिकतम 200 करोड़ रुपये से अधिक नहीं होगी। रोजगार एवं निर्यात गणक का लाभ अलग से प्राप्त होगा।
औद्योगिक इकाई को वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने के दिनांक से 5 से 7 वर्ष तक के लिये 5 रुपये प्रति यूनिट की दर से विद्युत उपलब्ध कराई जायेगी। विद्युत देयक की शेष राशि (यदि कोई हो) संबंधित विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा एम.पी.आई.डी.सी. से प्राप्त की जा सकेगी। विद्युत शुल्क में 7 से 10 वर्ष तक के लिये छूट भी दी जायेगी।
मध्यप्रदेश के मूल निवासियों को औद्योगिक इकाई में रोजगार प्राप्त होने पर तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग द्वारा नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशन्स फ्रेम वर्क के एलाइड पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण की व्यवस्था की जायेगी।
सभी औद्योगिक इकाइयों को उद्योग संवर्धन नीति-2014 (यथा संशोधित 2019) के अंतर्गत प्रावधानित अन्य सुविधाओं का लाभ शर्तों के अध्याधीन प्राप्त होगा। औद्योगिक इकाइयों को लीज भूमि पर देय स्टाम्प शुल्क और पंजीयन शुल्क की प्रतिपूर्ति औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग द्वारा की जायेगी।
धार जिले के पीथमपुर स्मार्ट इण्डस्ट्रियल पार्क में रेडियल टॉयर निर्माण इकाई को आदेश दिनांक से 4 वर्ष के भीतर वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने की शर्त पर उद्योग संवर्धन नीति के अंतर्गत सुविधाएँ प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। शेष औद्योगिक इकाइयों के लिये वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने की समय-सीमा 3 वर्ष निर्धारित की गई है।
धार िजले में सीमेंट विनिर्माण परियोजना, रायसेन जिले में मेसर्स एचईजी लिमिटेड मण्डीदीप की विस्तार परियोजना और दमोह जिले की हटा तहसील के ग्राम गेसावाद में इंटीग्रेटेड सीमेंट प्लांट में सड़क परिवहन तथा अन्य संबंधित सेवाओं के लिये मध्यप्रदेश राज्य में पंजीकृत वाहनों का उपयोग सुनिश्चित करना अनिवार्य किया गया है।
धार जिले में स्मार्ट इण्डस्ट्रियल पार्क, पीथमपुर में रेडियल टॉयर निर्माण इकाई को 100 एकड़ भूमि प्रचलित प्रीमियम के 25 प्रतिशत की दर पर आवंटित करने का निर्णय लिया गया है। कम्पनी से भूमि के लिये देय राशि 4 समान वार्षिक किश्तों में प्राप्त की जायेगी।
मध्यप्रदेश भू-संपदा नीति तथा मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2019 अनुमोदित
15 October 2019
मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश भू-संपदा नीति 2019 और मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2019 को अनुमोदन प्रदान किया गया। इससे प्रदेश में नवीन निवेश आकर्षित किए जा सकेंगे। डिजिटल तकनीक के माध्यम से हितग्राहियों के कार्यो में बेहतर समन्वय तथा आवेदक मित्र व्यवस्था लागू करने का प्रयास किया गया है। इससे कार्य में स्पष्टता, पारदर्शिता और जवाबदेही स्थापित हो सकेगी।
अब 27 के स्थान पर 5 दस्तावेज होंगे मान्य
मध्यप्रदेश भू-संपदा नीति 2019 में नागरिकों, कॉलोनाईजर और निवेशक सभी के लिए प्रावधान किये गये हैं। नागरिकों को छोटे आवासों की तत्काल अनुमति, नुजूल एन.ओ.सी. के प्रावधानों को कम करने, राजस्व, टाउन एंड कट्री प्लानिंग और नगरीय निकायों के दस्तावेजों में सामन्जस्य, लैंड पुलिंग के माध्यम से अधिक भूमि की वापसी, पुरानी स्कीम के लिए पारदर्शी निर्णय की प्रक्रिया, बंधक संपत्ति को चरणों में रिलीज करने की व्यवस्था, 27 प्रकार के दस्तावेज कम कर 5 दस्तावेज आवश्यक करने संबंधी व्यवस्था की गई है। कॉलोनाईजर के लिए एक राज्य एक पंजीकरण, अवैध कॉलोनाईजेशन रोकने के लिए 2 हेक्टेयर की सीमा समाप्त करने, कॉलोनी के विकास और पूर्णता की तीन चरणों में अनुमति, ईडब्ल्यूएस निर्माण की अनिर्वायता से छूट जैसे प्रावधान किए गए हैं। इसी प्रकार निवेशकों के लिए राजस्व, प्लानिंग एरिया की सीमा पर फ्री एफ.ए.आर., ईडब्ल्यूएस/एलआईजी बनाने वाले निवेशकों को प्रोत्साहन जैसे कई प्रावधान भू-संपदा नीति में किए गए हैं।
मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2019 को अनुमोदन
मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2019 को अनुमोदन प्रदान किया। शहरी सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ बनाने और शहरों में बढ़ते वायु प्रदूषण को कम करने तथा गैर पेट्रोलियम वाहनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस नीति में चार्जिंग, अधोसंरचना विकास और इलेक्ट्रिक वाहन और उसके घटकों के निर्माण पर छूट का प्रावधान है। इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर मोटर व्हीकल टैक्स एवं रजिस्ट्रेशन टैक्स में शत-प्रतिशत रियायत प्रदान की जाएगी। प्रथम पाँच वर्षो में नगरीय निकायों के अधीनस्थ संचालित पार्किंग में शत-प्रतिशत रियायत का प्रावधान भी है। इसके साथ ही इंजीनियरों और टेक्नीशियनों को प्रशिक्षित कर नये रोजगार सृजित किए जाएंगे।
मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम 1996 में संशोधन
मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम 1996 में संशोधन को अनुमोदन प्रदान किया। गौण खनिज आधारित न्यूनतम 25 करोड़ रूपये निवेश से नवीन उद्योग/विस्तार के प्रस्तावों पर दो करोड़ रूपए की बैंक गारंटी लेने पर सीधे उत्खननपट्टा आवंटन किया जाएगा। अनुसूची-एक में मेन्युफेक्चर्ड सेंड (एम-सैंड) के नाम से एक नये गौण खनिज को जोड़ा जा रहा है, जिसकी रायल्टी 50 रूपये प्रति घनमीटर प्रस्तावित की गई है। इस प्रावधान से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर के साथ अतिरिक्त खनिज राजस्व भी प्राप्त होगा। ग्रेनाईट एवं अन्य आकारीय पत्थर की खदानों में अतिरिक्त मात्रा में निकलने वाले अनुपयोगी पत्थर (वेस्ट) के विक्रय की व्यवस्था नहीं है। इस पत्थर की माँग निर्माण सामग्री के लिए काफी है। अत: ऐसे अनुपयोगी पत्थर को गिट्टी/बोल्डर निर्माण के लिए अनुसूची-एक में अनुक्रमांक 9 पर जोड़ा जा रहा है, जिसकी रायल्टी 120 रूपये प्रति घनमीटर प्रस्तावित की गई है। इस प्रावधान से स्थानीय स्तर पर विभिन्न निर्माण कार्यो के लिए गौण खनिज सुगमता से उपलब्ध हो सकेगा।
अनुसूची-एक और दो के चार हेक्टेयर तक के क्षेत्र जिले के कलेक्टर/अपर कलेक्टर स्वीकृत कर सकेंगे। चार हेक्टेयर से अधिक पर 10 हेक्टेयर तक के क्षेत्र, संचालक भौमिकी तथा खनिकर्म स्वीकृत कर सकेंगे तथा राज्य शासन की पूर्व अनुमति से इन खनिजों के 250 हेक्टेयर तक के क्षेत्र संचालक स्वीकृत कर सकेंगे।
उद्यमियों और स्टार्टअप को प्रोत्साहन
मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश एमएसएमई विकास नीति 2019 को अनुमोदन प्रदान किया। इसके अन्तर्गत फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाईल्स और पॉवरलूम जैसे चयनित सेक्टर्स के लिए रियायतों के विशेष पैकेज, यंत्र-संयत्र के साथ-साथ भवन पर भी अनुदान तथा महिला/अजा/अजजा उद्यमियों द्वारा संचालित ईकाइयों को अतिरिक्त अनुदान का प्रावधान किया गया है।
मंत्रि-परिषद ने 'मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति 2019' को अनुमोदन प्रदान किया। यह नीति एक अप्रेल 2020 से लागू की जाएगी। इससे इन्क्यूबेटर्स एवं स्टार्टअप को प्रदान की जाने वाली सुविधाओं में वृद्धि होगी। इससे नवाचार युक्त एवं नवीन प्रोडक्ट्स के साथ अपना स्टार्टअप स्थापित करने के इच्छुक प्रदेश के नव उद्यमी लाभान्वित होंगे।
बेड एन्ड ब्रेकफास्ट योजना अनुमोदित
मंत्रि-परिषद ने पर्यटन क्षेत्र में रोजगार के अवसर निर्मित करने और पर्यटकों को आवास सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नवीन योजनाओं के प्रर्वतन के क्रम में मध्यप्रदेश बेड एण्ड ब्रेकफास्ट स्थापना योजना 2019 को अनुमोदन प्रदान किया। योजना का उद्देश्य देशी-विदेशी पर्यटकों को किफायती दरों पर आवास और नाश्ता/भोजन सुविधा प्रदाय करना, देशी-विदेशी पर्यटकों को भारतीय संस्कृति तथा आतिथ्य से परिचित कराना, नागरिकों को अपने आवास में उपलब्ध अतिरिक्त क्षमता से आय अर्जन और रोजगार सृजन के अवसर प्रदान करना, स्थानीय स्तर पर पर्यटकों के लिए आवासीय सुविधाओं का विकास एवं अभिवृद्धि तथा प्रदेश में निजी क्षेत्र के माध्यम से पर्यटक आवासीय सुविधाओं का विस्तार करना है।
अन्यनिर्णय
मंत्रि-परिषद ने स्मार्ट इण्डस्ट्रीयल पार्क पीथमपुर की जापानीज तथा सुदूर पूर्व एवं दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के निवेशकों के लिए आरक्षित कुल भूमि में से 72.77 हेक्टेयर भूमि को प्रदेश/देश के निवेशकों के लिए मल्टी प्रोडक्ट औद्योगिक क्षेत्र के रूप में अनारक्षित करने को अनुसमर्थन प्रदान किया।
अनुसूचित जाति वर्ग के संवैधानिक अधिकारों और प्रावधानों का सख्ती से पालन हो
27 September 2019
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि संविधान में अनुसूचित जाति वर्ग के लिए जो प्रावधान और अधिकार हैं, सभी शासकीय विभागों में उनका सख्ती से पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि सलाहकार मंडल सार्थक हो और इसके जरिए अनुसूचित जाति वर्ग को लाभ पहुंचना सुनिश्चित हो। यह जिम्मेदारी हम सभी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा है कि यह बैठक नियमित रूप से हो। इसके सुझाव और सलाह पर अनुसूचित जाति वर्ग के हित में निर्णय हों। श्री कमल नाथ ने आज 6 साल बाद मंत्रालय में हुई अनुसूचित जाति सलाहकार मंडल की बैठक में यह बात कही। सलाहकार मंडल के सभी सदस्यों ने बैठक बुलाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने ना सिर्फ बैठक बुलाई बल्कि समय-समय पर बैठक आयोजित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए हैं।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि विभागीय समीक्षा के दौरान उनके ध्यान में यह बात आई िक वर्ष 2013 से अनुसूचित जाति सलाहकार मंडल की कोई बैठक नहीं हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक गंभीर चूक थी और आगे ऐसा न हो, यह सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज की बैठक में सलाहकार मंडल की भूमिका और उसकी सार्थकता के साथ एक ऐसी व्यवस्था बने, जो अनुसूचित जाति के अधिकारों की रक्षा कर सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान, कानून और अनुसूचित जाति वर्ग के हितों का संरक्षण करने वाली योजनाओं का सख्ती से पालन हो। श्री कमल नाथ ने कहा कि अनुसूचित वर्गों को लाभ पहुंचाने में हम कहाँ असफल हो रहे हैं, इसके सुझाव भी मिलें, ताकि उन कमियों को दूर किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह चिंता का विषय है कि हमारी योजनाओं की क्रियान्वयन प्रक्रिया ठीक नहीं है। इसमें व्यापक सुधार करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सलाहकार मंडल के सिस्टम में बदलाव होना चाहिए। बैठक के पूर्व सदस्यों के सुझाव प्राप्त किए जाएं। इन सुझावों पर संबंधित विभागों की टीप के साथ बैठक में चर्चा हो, जिससे उन पर निर्णय लिया जा सकें।
सलाहकार मंडल के उपाध्यक्ष एवं अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री लखन घनघोरिया ने सफाई कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया में सुधार लाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कम संख्या वाली अनुसूचित जाति के लोगों को जाति प्रमाण-पत्र मिलने में होने वाली असुविधाओं का निदान करने को कहा।
चिकित्सा शिक्षा एवं संस्कृति मंत्री डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ ने कहा कि विभिन्न विभागों में अनुसूचित जाति मूलक योजनाओं के लिए जो पैसा जाता है, वह उन्हीं वर्गों के कल्याण पर खर्च हो, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुसूचित वर्गों के बच्चों की शिक्षा में भी व्यापक सुधार लाने की आवश्यकता है। डॉ. साधौ ने अप्रसांगिक योजनाओं को बंद करने का सुझाव दिया।
लोक निर्माण मंत्री श्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि अनुसूचित जाति की बस्तियों के पर्यावरण में सुधार लाना चाहिए ताकि वे अच्छे वातावरण में जीवन यापन कर सकें। उन्होंने अनुसूचित जाति वर्ग के प्रकरणों के निराकरण के लिए त्वरित गति से कार्य करने की आवश्यकता बताई। श्री वर्मा ने कहा कि हमारा प्रयास होना चाहिए कि अनुसूचित जाति तथा अन्य वर्गों के बीच विवाद के प्रकरणों का निराकरण अदालतों की बजाय आपसी सामंजस्य और सद्भाव के साथ हो। ऐसी प्रक्रिया अपनाई जाना चाहिए। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने बैकलॉग के पदों पर तत्काल भर्ती करने का सुझाव दिया। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरीने हर जिले में ज्ञानोदय विद्यालय खोलने और शिक्षा में सुधार लाने का सुझाव दिया। महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती इमरती देवीने कहा कि अनाथ आश्रम में रहने वाले बच्चों का भी जाति प्रमाण-पत्र बनाया जाए। छात्रावासों में अनुसूचित जाति वर्ग के भोजन की राशि में वृद्धि की जाए और इन छात्रावासों में अनुसूचित जाति वर्ग के अधीक्षक ही पदस्थ किये जाएं।
विधायक श्री हरिशंकर खटीक, श्री हरि सिंह सप्रे, श्री कमलेश जाटव, श्रीमती रक्षा संतराम सरोनिया, श्री जसमंत जाटव, श्री जजपाल, श्री शिवदयाल बागरी, श्री सोहनलाल वाल्मीक, श्री महेश परमार, श्री रामलाल मालवीय एवं श्री मनोज चावला ने भी सुझाव दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन श्री के.के. सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री वी.के. सिंह और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
दुर्घटनाएँ रोकने के लिये रफ्तार पर नियंत्रण जरूरी: विषय विशेषज्ञों की राय
27 September 2019
सहायक पुलिस महानिरीक्षक श्री कुमार सौरभ ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार वर्ष 2020 तक दुर्घटनाओं में 50 प्रतिशत कमी लाने का लक्ष्य है। इसके मद्देनजर कई तरह के सुरक्षा उपायउपयोग में लाये जा रहे हैं। इसी कड़ी में आज सभी जिलों को ब्रीथ एनालाईजर उपलब्ध कराये गये। साथ ही उपयोग विधि द्वारा इसका प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। श्री सौरभ ने कहा कि उपकरण का बेहतर ढ़ग से उपयोग हो ताकि अच्छे परिणाम सामने आयें। श्री सौरभ आज पुलिस प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (पी.टी.आर.आई) में सड़क सुरक्षा क्रियान्वयन समिति के नोडल अधिकारियों एवं पुलिस कर्मियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
एम.ए.एन.आई.टी. के प्रोफेसर और विषय विशेषज्ञ श्री राहुल तिवारी ने बताया कि दुर्घटनाएँ अधिकतर कन्‍फ्यूजन से होती हैं। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिये रफ्तार पर नियंत्रण बहुत जरूरी है। दुर्घटना के समय जितनी ज्यादा स्पीड होती है, उतनी ज्यादा मृत्यु की संभावनाएँ बढ़ जाती हैं। दुर्घटनाओं को कम करने में रोड सेफ्टी के घटकों का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। इसमें इंजीनियरिंग, इन्फोर्समेंट और एजुकेशन बहुत जरूरी है। इसके अलावा, दुर्घटना के बाद इमरजेंसी केयर की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
विशेषज्ञ श्री तिवारी ने बताया कि कई बार गलत साईन बोर्ड भी दुर्घटना के कारण बनते हैं। समय और स्थान पर आवश्यकता के अनुसार साईन बोर्ड का उपयोग किया जाना चाहिये। अधिकतर देखने में आता है कि दुर्घटना के समय लोग एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने में व्यर्थ समय बर्बाद करते हैं और पीड़ित की सुध नहीं लेते। उन्होंने स्टॉपिंग साइट डिस्टेंस और ओवर टेकिंग साइट डिस्टेंस सहित ब्लैक स्पॉट और ब्लाइंड स्पॉट की जानकारी भी दी।
प्रशिक्षण में सहायक पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती अनिता मालवीय और श्री प्रशांत शर्मा भी उपस्थित थे।
मंत्री श्री राठौर ने खेतों में पहुँचकर देखीं क्षतिग्रस्त फसलें
27 September 2019
वाणि‍ज्यिक कर मंत्री श्री बृजेन्द्र सिंह राठौर ने कहा है कि अति-वृष्टि से क्षतिग्रस्त फसलों का सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को नियमानुसार पूरा मुआवजा दिया जायेगा। श्री राठौर ने आज निवाड़ी जिले में अतिवृष्टि से खराब हुई फसलों का खेतों में पहुँचकर निरीक्षण के दौरान किसानों को यह जानकारी दी।
मंत्री श्री राठौर ने ग्राम दुर्गापुर मौजा, विरौराखेत, राजापुर, मकारा, जुगराई एवं वासबान सहित अनेक ग्रामों में अधिकारियों और किसानों के साथ खेतों में जाकर फसलों को देखा।


कागजी कार्यवाही होती रहेगी, किसानों और बाढ़ प्रभावितों को तत्काल दी जाए राहत
23 September 2019
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कागजी कार्रवाई होती रहेगी। किसानों और बाढ़ प्रभावितों को तत्काल राहत दी जाए। उन्होंने कहा कि समय-सीमा में सभी किसानों के खातों में राशि जमा हो जाना चाहिए। श्री कमल नाथ ने कहा कि हम किसानों के चेहरे पर मुस्कुराहट देखना चाहते हैं। राहत कार्यों में कोई भी अड़चन नहीं आने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने आज मंदसौर जिले के ग्राम कायमपुर में बाढ़ प्रभावितों से चर्चा करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री के साथ जिले के प्रभारी जल संसाधन मंत्री श्री हुकुम सिंह कराड़ा और विधायक श्री हरदीप सिंह डंग उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री श्री नाथ ने कहा कि हमारी सरकार ने कार्य करने की संस्कृति को बदला है। उन्होंने कहा कि जब हमें सामने यह दिख रहा है कि खेत डूबे हुए हैं, मकान टूटे हुए हैं, तब हमें सर्वे का इंतजार किए बगैर प्रभावितों को तत्काल राहत पहुँचाना चाहिए। हमारी प्राथमिकता है जिन किसानों की फसल नष्ट हुई है, मकान टूट गए है, घर में रखा हुआ अनाज नष्ट हो गया है, यहाँ तक की बच्चों की कॉपी-किताब तक बाढ़ में बह गई है, उन्हें तत्काल राहत और मदद पहुँचाई जाए। उन्होंने कहा कि सरकार सभी के बारे में सोच रही है। हमनें तय किया है कि 15 अक्टूबर तक हर प्रभावित व्यक्ति के पास तक मदद पहुँच जाएगी।
मुख्यमंत्री ने किसानों और बाढ़ प्रभावितों को दी जाने वाली राहत का उल्लेख करते हुए कहा कि आरबीसी 6(4) के प्रावधानों के अनुसार हम सभी प्रभावित किसानों को 33 से 50 प्रतिशत तक की फसल को क्षति पहुँचने पर 8 हजार रुपए से लेकर 26 हजार रुपए तक प्रति हेक्टेयर और 50 प्रतिशत से अधिक फसल खराब होने पर 16 हजार से लेकर 30 हजार रुपए तक प्रति हेक्टेयर मुआवजा देंगे। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को तत्काल 50 किलो नि:शुल्क अनाज और अगले 6 माह तक परिवार के एक सदस्य के मान से 5 किलो तक का खाद्यान्न उपलब्ध करवाया जाएगा। बच्चों को कॉपी-किताब भी दी जाएगी। क्षतिग्रस्त आवासों को एक लाख रुपए और बेघर हो गए लोगों को आवास निर्माण के लिए डेढ़ लाख रुपए तक की राशि सरकार देगी। इसके अलावा, प्रभावितों को बिजली बिलों में राहत दी जाएगी। नया सवेरा योजना के पात्र हितग्राहियों के तीन माह के 300 रुपए तक के बिजली बिल तथा अन्य प्रभावितों के 1000 रुपए तक की बिजली बिल राशि सरकार चुकाएगी। पशुओं के मृत होने पर पोस्टमार्टम की अनिवार्यता समाप्त कर पात्रता के अनुसार 3 हजार रुपए से लेकर 30 हजार रुपए तक की सहायता दी जाएगी। रबी फसलों के लिए बीज उपलब्ध करवाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मंदसौर जिले में 40 हजार 530 किसानों के 392 करोड़ रुपए के फसल ऋण माफ हुए है। फसल बीमा योजना में मंदसौर के 1 लाख 261 किसानों ने फसल बीमा करवाया है। बीमा की दावा राशि तत्काल किसानों को मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने ग्राम कायमपुर के कृषक तोलाराम, खातून बी, रामकन्या बाई, गोपाल, बहादुर सिंह, श्यामलाल, मिट्ठू सिंह, त्रिलोक कुमार, आशीष, रमेशचंद्र, रामदयाल, विनोद, जसवंत सिंह, मोहन लाल, कन्हैया लाल एवं गुमान सिंह को राहत राशि वितरित की।
बाढ़ पीड़ित चिंतित न हों, सरकार पूरी मदद देगी
23 September 2019
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज मंदसौर जिले के बाढ़ प्रभावित गाँव पायाखेड़ी और बेटिखेड़ी का दौरा किया। श्री कमल नाथ ने बाढ़ प्रभावितों से कहा कि वे चिंतित न हों, सरकार उनके साथ है और उन्हें पूरी मदद दी जाएगी। श्री नाथ ने इस मौके पर बाढ़ पीड़ितों को बचाते हुए अपने प्राणों का बलिदान करने वाले स्वर्गीय शहजाद मंसूरी के परिवार को चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने सुवासरा तहसील के ग्राम पायाखेड़ी और बेटिखेड़ी पहुँचकर नष्ट हुई फसलों, क्षतिग्रस्त मकानों के साथ हुए अन्य नुकसानों को देखा। मुख्यमंत्री ने प्रभावितों से चर्चा भी की। मुख्यमंत्री ने प्रभावितों से कहा कि सरकार उनके साथ है, उनके हर नुकसान की भरपाई की जाएगी। जिला प्रशासन को बाढ़ से हुए नुकसान का सर्वे करने के निर्देश दे दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने किसानों को बताया कि राहत पहुँचाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। सभी प्रभावितों को 15 अक्टूबर तक राहत पहुँचा दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ितों से कहा कि अधिकारियों को फसलों का वास्तविक आकलन करने और सर्वे कार्य ईमानदारी के साथ समय-सीमा में करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्व. शहजाद मंसूरी के परिवार को सांत्वना प्रदान करते हुए कहा कि उन्हें हर संभव मदद सरकार देगी।
मुख्यमंत्री के साथ जिले के प्रभारी जल संसाधन मंत्री श्री हुकुम सिंह कराड़ा, विधायक श्री हरदीप सिंह डंग, पूर्व सांसद सुश्री मीनाक्षी नटराजन और संभाग तथा जिले के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

अति-वृष्टि प्रभावित गरीब बस्तियों में पहुँचे जनसम्पर्क मंत्री श्री शर्मा
20 September 2019
भोपाल.जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने अति-वृष्टि प्रभावित पंचशील नगर, राहुल नगर और अंबेडकर नगर जाकर जल-भराव की स्थिति और जल-निकासी व्यवस्था का निरीक्षण किया। स्थानीय रहवासियों की शिकायतों और समस्याओं को भी सुना तथा उनके निराकरण के निर्देश अधिकारियों को दिये।
मंत्री श्री शर्मा ने बस्तीवासियों को बताया कि अति-वृष्टि और बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत देने के लिये राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रभावितों कों सभी सम्भव सहायता और राहत दी जा रही है। जनसम्पर्क मंत्री के साथ पार्षद श्री योगेन्द्र सिंह चौहान, श्री अमित शर्मा, श्री प्रवीण सक्सेना और अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।

केन्द्रीय मोटरयान अधिनियम में जुर्माना प्रावधानों का होगा युक्तियुक्तकरण : मंत्री श्री राजपूत
18 September 2019
राजस्व एवं परिवहन मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने आज मंत्रालय में केन्द्रीय मोटरयान अधिनियम 1988 के प्रावधानों की समीक्षा की। श्री राजपूत ने कहा कि राज्य शासन द्वारा नागरिकों के हित में जुर्माना राशि का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। नियम तोड़ने वालों से उचित सीमा तक जुर्माना भी वसूला जाएगा।
बैठक में प्रमुख सचिव परिवहन श्री एस.एन. मिश्रा और परिवहन आयुक्त डॉ. शैलेन्द्र श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


अतिवृष्टि से खराब हुई सड़कों को सुधारने की कार्यवाही करें: प्रमुख सचिव गृह श्री मिश्रा
15 September 2019
प्रमुख सचिव गृह श्री एस.एन. मिश्रा ने निर्देश दिये हैं कि प्रदेश में अतिवृष्टि के कारण बड़ी-छोटी नदियों के पुल-पुलियों से पानी उतरने पर खराब हुई सड़कों को सुधारने की कार्यवाही सड़क निर्माण एजेन्सी द्वारा शुरू की जाये। सुरक्षा की दृष्टि से पुल-पुलिया को भी बारीकियों से देख लिया जाये कि वो क्षतिग्रस्त नहीं हुई हो। पुल-पुलियों के क्षतिग्रस्त होने या उनमें दरार आने पर आवश्यक सुधार कार्य तत्काल कराये जायें। श्री मिश्रा ने आज मंत्रालय में राज्य सड़क सुरक्षा क्रियान्वयन समिति की बैठक में यह निर्देश दिये।
प्रमुख सचिव श्री मिश्रा ने कहा कि यातायात नियमों के उल्लंघन के मामलों में ड्रायविंग लायसेंस निलम्बन की कार्रवाई के लिये लायसेंस नम्बर के साथ पूरी सूची परिवहन विभाग को उपलब्ध करायें। यह कार्यवाही पूरे प्रदेश में की जाये। बताया गया कि इस वर्ष अभी तक लगभग 5726 ड्रायविंग लायसेंस निलम्बित किये गये हैं। पहले 6 माह में 306 फिटनेस निलम्बन और 408 ओव्हर लोडिंग वाहन के विरुद्ध कार्यवाही की गई है। श्री मिश्रा ने कहा कि एक स्थान पर दो या दो से अधिक दुर्घटना होने पर कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला परिवहन अधिकारी और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी आवश्यक रूप से स्थल निरीक्षण करें। बताया गया कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिये स्कूल बस पॉलिसी भी बनाई गई है।
प्रमुख सचिव ने निर्देश दिये कि 20 से 25 प्रतिशत दुर्घटनाओं वाले जिलों में दुर्घटना रोकने के लिये विशेष प्रयास किये जायें। श्री मिश्रा ने लीड एजेन्सी में नोडल अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा। बताया गया कि प्रदेश में 44 स्थानों पर ट्रॉमा सेन्टर बनाये गये हैं। जिला चिकित्सालयों को भी ट्रॉमा सेन्टर के रूप में उपयोग किया जा रहा है। प्रमुख सचिव ने एम्बुलेंसो को दो चरणों में एकीकृत/केन्द्रीयकृत करने के निर्देश दिये।
बैठक में विशेष पुलिस महानिदेशक श्री महान भारत सागर और परिवहन आयुक्त श्री शैलेन्द्र श्रीवास्तव उपस्थित थे।
अत्यधिक वर्षा को देखते हुए सभी जिलों में आपदा से निपटने की पूरी तैयारी
15 September 2019
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के निर्देश पर वर्षा प्रभावित जिलों में जान-माल की रक्षा और बचाव के काम युद्ध-स्तर पर तेज कर दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने चौबीसों घंटे मुस्तैद रहते हुए आपदा से निपटने की पूरी तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री श्री नाथ ने मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव राजस्व एवं संबंधित जिले के कलेक्टर से सतत् संपर्क रखकर बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री नाथ के निर्देश पर वर्षा से प्रभावित 36 जिलों में बचाव और राहत के काम तत्काल शुरु किए गए हैं। राज्य आपदा मोचक बल (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा मोचक बल (एनडीआरएफ) के साथ स्थानीय जिला प्रशासन को सक्रिय किया गया है। प्रभावित क्षेत्र में 255 जिला आपदा रिस्पांस सेंटर और 51 आपात ऑपरेशन सेंटर खोले गए हैं, जो 24 घंटे निरंतर काम कर रहे हैं। एसडीआरएफ के 100 और होमगार्ड के 600 प्रशिक्षित जवान बचाव कार्य में लगाये गए हैं। एनडीआरएफ के 210 तथा 15 हजार होमगार्ड और पुलिस के जवान राहत और बचाव कार्यों में तैनात किए गए हैं।
45 हजार को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया गया है
राज्य-स्तर पर स्थापित आपदा नियंत्रण कक्ष 24 घंटे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के निगरानी कर रहा है और उन्हें आवश्यक मदद उपलब्ध करवा रहा है। सेना को भी सतर्क किया गया है और जहाँ भी आवश्यकता होगी, तत्काल यह सहायता प्रभावितों की मदद के लिए उपलब्ध करवाई जाएगी। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 45 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है। स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के लिए विशेष दल बनाये गए हैं और प्रभावित क्षेत्रों में उनके अस्थायी कैंप लगाए गए हैं। राज्य में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 150 राहत शिविरों में लोगों को पहुँचाया गया है। बाढ़ प्रभावित जिलों को 100 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है ताकि प्रभावितों के रहने, खाने तथा अन्य नुकसान की भरपाई की जा सके। आपदा और बचाव कार्य पर 325 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। राज्य सरकार ने भारी बारिश के कारण हुए नुकसान के लिए भारत सरकार से तत्काल प्रारम्भिक आंकलन के लिए अध्ययन दल भेजने को कहा है। राज्य सरकार के आग्रह पर केन्द्र से इंटर मिनिस्ट्रीयल सेंटर टीम शीघ्र भेजने का आश्वासन मिला है।
बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत और बचाव के कार्य युद्ध-स्तर पर शुरु
अतिवृष्टि से प्रभावित मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, भिंड, श्योपुर, नीमच, दमोह, रायसेन, और अशोकनगर जिले में प्रभावितों के लिए राहत और बचाव के कार्य युद्ध-स्तर पर शुरु किए गए है।
मंदसौर- मंदसौर में बाढ़ के कारण 12 हजार 800 लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें से 10 हजार लोगों को राहत कैम्प में ठहराया गया है। पूरे जिले में 53 राहत कैम्प स्थापित किए गए हैं। शिविरों में कपड़ों,सोने और भोजन की पूरी व्यवस्था की गई है। स्वयंसेवी संस्थाएँ और नागरिक जिला प्रशासन के साथ सहयोग कर रहे हैं। आवागमन ठप्प हो जाने से मार्ग में फंसे 470 लोगों को राहत शिविरों में ठहराया गया है, जहाँ उन्हें सोने और भोजन आदि की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। प्रभावित क्षेत्रों के रहवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है। गाँधीसागर बाँध के आसपास के गाँवों को खाली करवा लिया गया है। मदद के लिए मोबाइल नं. 7587969401 पर कोई भी व्यक्ति फोन करके सहायता प्राप्त कर सकता है। होमगार्ड के सैनिक नाव और बोट से निरंतर निगरानी रख रहे हैं।
रतलाम- रतलाम जिले में अतिवृष्टि के हालातों से निपटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा एनडीआरएफ की मदद से लोगों को बचाने का काम मुस्तैदी से किया गया। बाजना विकासखंड के ग्राम भड़ानखुर्द के ग्रामीणों को सुरक्षित कैम्पों में पहुँचाया गया है। इसी तरह, ग्राम रोला के 250 ग्रामीणों को पड़ोस के ग्राम रिंगनोद में शिफ्ट किया गया है। ग्राम रणायरागुर्जर के 300 नागरिकों को विभिन्न शासकीय भवनों में सुरक्षित पहुँचाया गया है, जहाँ उनके भोजन, रहने आदि की व्यवस्था की गई थी। रणायरागुर्जर में बाढ़ में फंसे मांगीलाल तथा सावत्रीबाई को एनडीआरएफ की टीम ने बचाकर राहत शिविर पहुँचाया है। पिपलौदा में भी 4 व्यक्तियों को स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों की मदद से बचाया गया है।
आगर-मालवा- भारी वर्षा के कारण आगर-मालवा की कंठाल नदी में जलस्तर बढ़ने से नगरीय क्षेत्र सोयत में लोगों के घरों में पानी भर गया है। जिला प्रशासन ने तत्काल पुलिस-होमगार्ड और एनडीआरएफ की टीम के साथ बचाव कार्य शुरु किया और 750 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया। उनके खाने-पीने, सोने आदि की व्यवस्था राहत शिविरों में की गई। जो नागरिक अपने घरों में बाढ़ के कारण फंसे हुए हैं, उन लोगों को खाने-पीने तथा अन्य जरूरी सामान बोट द्वारा पहुँचाया गया। बाढ़ के कारण दुकानों और घरों को जो नुकसान पहुँचा है, उसके लिए चार सदस्यीय टीम गठित की गई है, जिन्होंने सर्वे का काम शुरू कर दिया है। जल जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष स्वास्थ्य दल गठित किए गए हैं, जो शिविर लगाकर लोगों को उपचार उपलब्ध करवा रहे हैं।
शाजापुर -शाजापुरजिले में बाढ़ प्रभावितों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने के लिए शासकीय भवनों में राहत-शिविर खोले गये हैं। प्रभावित क्षेत्रों पर निगरानी रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरे इंतजाम किए गए हैं।
मुरैना संभाग - पार्वती और चंबल नदी में बाढ़ से निपटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा युद्ध-स्तर पर बचाव कार्य शुरु कर दिया गया है। श्योपुर जिले में बाढ़ में फंसे 12 गाँव के लोगों को राहत शिविरों में पहुँचाया गया है। एक व्यक्ति जो बाढ़ में फंस गया था, उसे भी सुरक्षित निकाला गया है। जिले के नदियों के समीप बसे 15 गाँव, जो नदियों के किनारे बसे हैं, उनसे सतत् संपर्क रखा जा रहा है। साथ ही सेना भी बुला ली गई है। भिंड जिले में बाढ़ से निपटने के लिए आर्मी लॉ वन कॉलम दल को अटेर में तैनात किया गया है। जो लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा रहे हैं। भिंड जिले के ग्राम कोसड़ में स्थापित राहत शिविरों में लोगों को पहुँचाया गया है। मुरैना-भिंड और श्योपुर जिले में राहत और बचाव कार्य के लिए 50 एसएएफ, 10 एसडीआरएफ और होमगार्ड के जवान तैनात किए गए हैं। पशुओं के इलाज के लिए भी चिकित्सकों को सेवा में लगाया गया है।
दमोह- दमोह जिले में आज सुबह से बचाव के लिए तैनात टीम लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने का काम कर रही है। राहत शिविरों में पूरे इंतजाम किए गए हैं।
रायसेन- रायसेन जिले में बाढ़ के कारण हुए नुकसान पर सर्वे शुरु कर दिया गया है। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी ने जिले के प्रभावित गांव कायमपुर और निनोद गाँव में पहुँचकर बाढ़ प्रभावितों से मुलाकात कर उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार हर संभव मदद करेगी।
अशोकनगर- अशोक नगर जिले में बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में फसलों, मकानों तथा अन्य नुकसानों के प्रारंभिक आंकलन का कार्य शुरु कर दिया है। आंकलन के बाद सभी प्रभावितों को आरबीसी 6-4 के तहत सहायता उपलब्ध करवायी जाएगी।

मंत्री श्री शर्मा ने शुरू की टोल-फ्री 8982464232 नंबर नागरिक सेवा
15 September 2019
भोपाल.जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने आज दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों के लिये टोल-फ्री नम्बर सेवा शुरू की। श्री शर्मा ने अपने निवास पर नागरिकों को टोल-फ्री नंबर 8982464232 देते हुए एक कार्ड भी वितरित किया, जिसमें नागरिकों की हर समस्या और शिकायतों के बारे में उल्लेख है। उन्होंने नागरिकों से कहा कि प्रदेश में राज्य सरकार अब 'आपकी सरकार-आपके द्वार' योजना के बाद 'आपकी सरकार-आपके टेलीफोन पर' भी उपलब्ध है।
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि नागरिकों को अपनी समस्याओं के बारे में इधर-उधर भटकने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। वे सीधे टोल-फ्री नंबर पर अपनी समस्या की जानकारी दे सकेंगे। उन्होंने कहा कि टोल-फ्री नंबर पर प्राप्त समस्याओं का निराकरण होने के बाद संबंधित नागरिक को इसकी जानकारी भी दी जायेगी। श्री शर्मा ने कहा कि टोल-फ्री नंबर और जानकारी वाला कार्ड नागरिकों को घर-घर पहुँचाया जायेगा।
जनसम्पर्क मंत्री द्वारा नागरिकों को वितरित कार्ड में पेयजल, सीवेज, स्ट्रीट लाईट, बिजली, सड़क, साफ-सफाई की समस्या का उल्लेख है। साथ ही जनोपयोगी दस्तावेज जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र, राशन कार्ड, गरीब रेखा कार्ड, चिकित्सा सहायता अनुदान, शिक्षा अनुदान और वृद्धावस्था तथा कल्याणी पेंशन योजना संबंधी समस्याओं का निराकरण भी इस टोल-फ्री नंबर पर संभव होगा।

भारी बारिश से जान-माल और फसल नुकसान का प्रारंभिक आकलन करें
12 September 2019
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने सभी जिला कलेक्टर्स को भारी बारिश से जान-माल और फसल के नुकसान का प्रारंभिक आकलन करने के निर्देश दिए हैं ताकि बिना किसी विलम्ब के क्षतिपूर्ति राशि दी जा सके। उन्होंने रबी फसलों के लिए खाद की आवश्यकता का आकलन करने के भी निर्देश दिए। आज यहाँ मंत्रालय में जनाधिकार कार्यक्रम में वीडियों कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टर्स से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स से कहा कि किसानों की ऋण माफी के संबंध में प्राथमिक रिपोर्ट भिजवायें। हर जिले में ऋण-माफी से संबंधित समस्या का स्वरूप अलग-अलग है। उन्होंने बिजली बिलों को लेकर आने वाली शिकायतों पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि आम उपभोक्ताओं की शिकायतें अत्यधिक बिल आने से संबंधित हैं। आपकी सरकार-आपके द्वार कार्यक्रम में ऐसे प्रकरणों का समाधान प्राथमिकता के साथ करें। उन्होंने कलेक्टरों से कहा कि वे अपने जिलों में जवाबदेही का वातावरण बनायें।
वनाधिकार के अस्वीकृत प्रकरणों का निराकरण स्वविवेक से करें
मुख्यमंत्री ने वनाधिकार अधिनियम के अंतर्गत तकनीकी कारणों से अस्वीकृत किए गए प्रकरणों की तत्काल समीक्षा कर सकारात्मक निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी कमियों को लेकर से पात्र परिवार वनाधिकार पट्टों से वंचित नहीं रहने चाहिए। कलेक्टर अपने विवेक से भी तकनीकी कमियों को दूर कर सकते हैं। तकनीकी कमियों के कारण अस्वीकृत प्रकरणों में कलेक्टर की जवाबदेही तय की जायेगी। उन्होंने कहा कि आदिवासी परिवारों से सबूत लाने पर जोर देने से बेहतर है कि स्वविवेक से उनकी मदद करें ताकि उनके प्रकरणों का सकारात्मक निराकण हो सके।
बारिश के बाद सड़कों की मरम्मत तत्काल शुरू करें
मुख्यमंत्री ने बारिश खत्म होते ही खराब हुई सड़कों की मरम्मत प्राथमिकता के साथ शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 20 सितम्बर से काम शुरू कर दें और 20 नवम्बर तक इसे पूरा कर लें।
श्री कमल नाथ ने गौ-शालाएँ खोलने और उन्हें संचालित करने के इच्छुक लोगों के आग्रह को देखते हुए कलेक्टरों से कहा कि इस काम को प्रोत्साहित करें। सभी जिलों में ऐसी संस्थाएँ ओर लोग सामने आ रहे हैं जो गौ-शालाएँ खोलना चाहते हैं। आगे बढ़कर उनकी मदद करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 में शिकायतों का संतुष्टिपूर्वक निराकरण करने में जिन अधिकारियों का खराब प्रदर्शन रहा है उनकी सूची बनायें।
मुख्यमंत्री ने कई हितग्राहियों के प्रकरणों का समाधान किया। उन्होंने दमोह के श्री विवेक तोमर, धार के श्री रेवाराम पाटीदार, राजगढ़ की श्रीमती रायला बाई, सागर के श्री घनश्याम अहिरवार, सतना के श्री राम नरेश साहू, अनूपपुर के श्री अजय बैगा, बैतूल के श्री हनुवंत कुशवाहा के प्रकरणों का निराकरण किया और आवश्यक निर्देश दिये।

नर्स और पैरामेडिकल स्टॉफ के पद शीघ्र भरे जायेंगे : मंत्री डॉ. साधौ
9 September 2019
चिकित्सा शिक्षा एवं आयुष मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ ने कहा है कि संजय गांधी हास्पिटल तथा सुपर स्पेशियालिटी हास्पिटल से विन्ध्य क्षेत्र के लोगों को उपचार की बेहतर सेवाएँ मिलेंगी। इनमें नर्स और पैरामेडिकल पदों पर शीघ्र भर्ती की जायेगी। डॉ. साधौ ने रीवा मेडिकल कॉलेज की सामान्य सभा की बैठक में यह बात कही। उन्होंने अधूरे निर्माण कार्य 15 अक्टूबर तक पूरा करने के निर्देश दिये।
मंत्री डॉ. साधौ ने बताया कि सुपर स्पेशियालिटी हास्पिटल में डाक्टरों को भत्ते के रूप में एम्स से अच्छा पैकेज दिया जा रहा है। उन्होंने मेडिकल रिसर्च कार्य पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि संजय गांधी हास्पिटल की ओ.पी.डी. में प्रतिदिन लगभग 2000 मरीज आते हैं। डॉ. साधौ ने कैंसर और सी.टी. स्केन यूनिट्स के बारे में प्राप्त शिकायतों की जाँच कर दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने ब्लड बैंक, पैथोलॉजी, गांधी मेमोरियल हास्पिटल के जीर्णोद्धार, आयुष्मान योजना, बर्न यूनिट और निर्माण कार्यों की समीक्षा की। बैठक में सांसद श्री जनार्दन मिश्र और विधायक श्री दिव्यराज सिंह भी उपस्थित थे।
भोपाल, रायसेन के शहरी क्षेत्रों के 35,000 स्कूली बच्चों को आधुनिक किचन से मध्यान्ह भोजन
9 September 2019
भोपाल और रायसेन जिले के शहरी क्षेत्रों के 35,000 विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराने के लिये मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ की उपस्थिति में आज यहाँ मंत्रालय में एच.ई.जी.लि. मंडीदीप और अक्षयपात्र फाउंडेशन तथा भोपाल एवं रायसेन जिला पंचायतों के बीच एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर हुए। अक्षयपात्र फाउंडेशन अत्याधुनिक किचन स्थापित करेगा और भोपाल एवं रायसेन के शहरी क्षेत्रों की शालाओं में मध्यान्ह भोजन पहुँचायेगा।
अत्याधुनिक किचन स्थापित करने के लिये एलएनजे भीलवाड़ा ग्रुप के चैयरमेन श्री रवि झुनझुनवाला ने एच.ई.जी.लि. मंडीदीप की ओर से सामाजिक दायित्व निभाते हुए अक्षय पात्र फाउंडेशन को 7.30 करोड़ रुपए की अनुदान राशि प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा बच्चों को भोजन देने के कार्य को नेक काम बताते हुए इस प्रयास की प्रशंसा की और अन्य जिलों में भी इसके विस्तार की संभावनाएँ तलाशने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने इस नेक काम में सहयोग देने के लिये एच.ई.जी. ग्रुप की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भोजन की कमी या अनुपलबधता के कारण शिक्षा में कमी आना या शिक्षा छूट जाना अप्रिय स्थिति है। राज्य सरकार प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिये प्रतिबद्ध है।
एच.ई.जी.लि. की ओर से अध्यक्ष श्री रवि झुनझुनवाला, सी.ओ.ओ. श्री मनीष गुलाटी और अक्षयपात्र फाउंडेशन की ओर से इसके उपाध्यक्ष श्री चंचलपति दास ने एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किए। भोपाल जिला पंचायत की ओर से मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सतीश कुमार एस. एवं रायसेन जिला पंचायत की ओर से मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभि प्रसाद ने हस्ताक्षर किए।
उल्लेखनीय है कि अक्षय पात्र फाउंडेशन देश के 12 राज्यों की शासकीय शालाओं में 17.7 लाख बच्चों को मिड-डे मील कार्यक्रम के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण भोजन पहुँचा रहा है। इसका लक्ष्य 50 लाख बच्चों को भोजन पहुँचाना है। यह काम 43 अत्याधुनिक किचन और वितरण के लिये विशेष वाहनों के माध्यम से किया जा रहा है।
इस अवसर पर अक्षयपात्र फाउंडेशन की ओर से मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ का सम्मान किया गया। ग्रामीण विकास मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री अशोक वर्णवाल, भोपाल कलेक्टर श्री तरूण पिथौड़े एवं वरिष्ठ अधिकारी, अक्षयपात्र फाउंडेशन की ओर से संचालक श्री भरताश्रभ दास तथा सलाहकार श्री रवीन्द्र चमेरिया उपस्थित थे।
स्व-रोजगार योजनाओं से 3,434 बेरोजगार बने व्यवसायी
4 September 2019
प्रदेश में इस वर्ष मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना से 3 हजार 434 बेरोजगार स्वावलंबी बने हैं। इन्हें परियोजना लागत पर कुल 116 करोड़ 35 लाख रूपये की अनुदान राशि प्रदान की गई है। इन्हें 3 करोड़ 14 लाख रूपये की अनुदान सहायता भी दी गई है। मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना में 2,671 हितग्राही लाभान्वित हुए। इन्हें कुल 3 करोड़ 38 लाख अनुदान सहायता दी गई। मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना में 763 हिताग्राहियों को एक करोड़ 9 लाख रूपये अनुदान सहायता देकर व्यवसाय उन्नयन का लाभ दिया गया।
मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना में परियोजना लागत का न्यूनतम 50 हजार और अधिकतम 10 लाख तक राशि उद्यमियों को दी जाती है। कढ़ाई, वस्त्र बुनाई, बाँस शिल्प, काष्ठ शिल्प, वस्त्रों पर हाथ से छपाई, बर्तन उद्योग, कागज के थैले और लिफाफे बनाना, खेल का सामान, पत्थर शिल्प, संगमरमर की कलाकृतियाँ बनाने की इकाइयों के उन्नयन के लिए सहायता दी जाती है। मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना में शिल्प कार्य से संबंधित गतिविधियों में शिल्पियों को उद्यम की स्थापना और उपकरण खरीदने के लिए कार्यशील पूंजी के रूप में अधिकतम 50 हजार की परियोजना लागत पर अनुदान दिया जाता है। छिन्दवाड़ा में बने वस्त्रों का महानगरों में विक्रय करने के लिए सर्वे
छिन्दवाड़ा जिले में सौंसर के हाथकरघा वस्त्रों की बाजार में मांग को देखते हुए संत रविदास मध्यप्रदेश हस्तशिल्प और हाथकरघा विकास निगम ने पहल शुरू की है। राजधानी भोपाल सहित देश के पाँच बड़े नगर मुम्बई, दिल्ली, चेन्नई और बैंगलुरू में सौंसर के वस्त्रों के विक्रय के लिये सर्वे किया जा रहा है। हाथकरघा संचालनालय ने सौंसर के पारम्परिक वस्त्रों की मांग में वृद्धि के लिए नवीन उत्पादन विकास के लिए सात लाख रूपये की राशि स्वीकृत की है। छिन्दवाड़ा के वस्त्रों में उत्पादन विविधता, अद्यतन डिजाइन, आकर्षक रंग संयोजन के प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि बुनकरों को निरन्तर रोजगार मिले और उनकी आय बढ़े। इस उद्देश्य से उन्हें पारम्परिक साड़ी, सूट, क्लाथ, ड्रेस मटेरियल तक सीमित न रखते हुए विभिन्न पेटर्न में कार्य के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बाजार के ट्रेड के अनुसार बुनकरों द्वारा टसर और कॉटन शर्ट तथा अन्य ट्रेड के अनुसार उत्पाद तैयार करवाने की पहल की गई है। मृगनयनी एम्पोरियम नए उत्पादों की बिक्री में विशेष सहयोगी होंगे।
आदिवासी वर्ग को आर्थिक बोझ से बचाने शुरू हुई मदद योजना
4 September 2019
राज्य सरकार ने आदिवासी वर्ग के परिवारों को जन्म एवं मृत्यु के अनिवार्य सामाजिक संस्कारों में आर्थिक सहायता देने के लिये 89 आदिवासी विकासखण्ड में 'मदद योजना' शुरू की है। प्रारम्भिक तौर पर झाबुआ जिले के राणापुर और झाबुआ विकासखण्ड के कुल 222 गाँव को योजना के क्रियान्वयन के लिये 55 लाख 50 हजार रूपये की राशि आवंटित की गई है। इसमें से प्रतिग्राम 25 हजार रूपये के मान से झाबुआ विकासखण्ड के 127 ग्रामों के लिये 31 लाख 75 हजार और राणापुर विकासखण्ड के 95 ग्रामों के लिये 23 लाख 75 हजार रूपये की राशि आवंटित की गयी है।
योजना में आदिवासी विकासखण्ड में आदिवासी परिवार को जन्म के समय 50 किलोग्राम गेहूँ अथवा चावल और परिवार में मृत्यु होने पर 100 किलोग्राम अनाज नि:शुल्क उपलब्ध कराया जायेगा।
सिवनी जिले में शिक्षक बने मेरा विद्यालय-मेरा देवालय मनोवृत्ति के संवाहक
2 September 2019
सिवनी जिले के आदिवासी विकासखण्ड घंसौर के शासकीय हाईस्कूल कटिया के शिक्षकों ने ''मेरी शाला-मेरी जिम्मेदारी'' भावना को आत्मसात कर लिया है। यहाँ के शिक्षक अपनी शाला को देव-स्थान मानते हैं। उन्होंने ''मेरा विद्यालय-मेरा देवालय'' की मनोवृत्ति अपनाकर शाला परिसर की साफ-सफाई की जिम्मेदारी ले ली है। प्राचार्य श्री एस.के.बोपचे के निर्देशन में शाला के शिक्षक प्रतिदिन का चार्ट बनाकर परिसर की सफाई के साथ शौचालय की सफाई भी करते हैं। प्राचार्य भी सोमवार को शाला की सफाई करते हैं।
अब इस हाई स्कूल का परिसर और कक्षाएँ साफ-सुथरी और व्यवस्थित रहती हैं। इससे यहाँ पढ़ रहे बच्चे भी स्वच्छता में सहभागी हो गये हैं। इसी तरह प्राथमिक शाला कुर्मी ठेलमाल भी साफ-सफाई की मिसाल बन गई है। यहाँ के 60 वर्षीय शिक्षक चुरामन सिंह मार्को बीमारी के कारण खड़े होने में असमर्थ हैं। फिर भी अपनी शाला की स्वयं रोजाना साफ-सफाई करते हैं।
तंवर समाज बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाये : मंत्री श्री पी.सी. शर्मा
1 September 2019
जनसम्पर्क, विधि-विधायी, ससंदीय कार्य, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री पी.सी. शर्मा तथा नगरीय विकास एवं आवास तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह आज राजगढ़ में बाबा रामदेव जन्मोत्सव समारोह में सम्मिलित हुए।
जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने कहा कि तंवर समाज स्वाभिमानी समाज है। समाज अपने बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें। राज्य शासन ने पिछड़ा वर्ग के लिये 27 प्रतिशत आरक्षण दिया हैं। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव के मूल स्थान की यात्रा के लिए मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 05 सितम्बर को तीर्थ यात्रा ट्रेन भेजी जा रही है, जिसमें बुजुर्ग निःशुल्क यात्रा करें। उन्होंने कहा कि समाज बाबा रामदेव के इतिहास पर आधारित सामग्री को संकलित कर उपलब्ध करायें, जिसे जनसम्पर्क विभाग के माध्यम से एक पुस्तक के रूप में प्रकाशित करने में मदद की जायेगी। उन्होंने कहा कि नर्मदा परिक्रमा मार्ग की तर्ज पर बाबा रामदेव जन्मस्थान यात्रा मार्ग पर यात्री निवास बनवाये जा सकते हैं।
नगरीय विकास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने कहा कि तंवर समाज संगठित होकर विकास करें। हम आपके साथ है। उन्होंने कहा कि जिले के कालीपीठ में गौ-शाला खोली गई है। उन्होंने कहा कि राजगढ़ जिले में सोयाबीन, मक्का की खराब फसलों का सर्वे कराया जा रहा है। तंवर समाज के पिछड़ा वर्ग छात्रावास के लिये प्रयास करेंगे। बाबा रामदेव यात्रा मार्ग में सामुदायिक भवन बनवाने का भी प्रयास किया जाएगा। मंत्री द्वय ने बाबा रामदेव के भण्डारे की प्रसादी भी ग्रहण की। संचालन विधायक श्री बापू सिंह तंवर ने किया।
ग्राम खजुरिया जोड़ में यात्री प्रतीक्षालय का भूमि-पूजन
मंत्री द्वय ने ब्यावरा तहसील के ग्राम खजुरिया जोड़, नरसिंहगढ़ रोड पर यात्री प्रतीक्षालय एवं तोरण द्वार का शिलान्यास किया। कार्यक्रम में हितग्राहियों को नया सवेरा योजना में 02-02 लाख की राशि के चेक वितरित किये गये। मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने कहा कि प्रतीक्षालय का शिलान्यास ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध करवाने का एक प्रयास है।
मंत्री द्वय ने बाबा रामदेव के चित्र पर माल्यार्पण कर उपस्थित जन-समुदाय को सम्बोधित किया। विधायक श्री गोवर्धन दांगी, श्री बापू सिंह तंवर, सांसद श्री रोडमल नागर, पूर्व सांसद श्री नारायण सिंह आमलाबे, पूर्व विधायक श्री रघुनदंन शर्मा, अमर सिंह यादव, श्री रामचन्द्र दांगी, तंवर समाज अध्यक्ष श्री तखत सिंह, श्रीमती मोना सुस्तानी सहित बड़ी संख्या में तंवर समाज बन्धु उपस्थित रहे।
आदिवासी छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा के सभी जरूरी इंतजाम होंगे
1 September 2019
आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री ओमकार सिंह मरकाम ने कहा है कि प्रदेश में आदिवासी छात्र-छात्राओं को बेहतर ‍‍शिक्षा देने के सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित किये जायेंगे। उन्होंने आदिवासी शालाओं में पदस्थ शिक्षकों से समर्पण भाव से कार्य करने का आग्रह किया। मंत्री श्री मरकाम जबलपुर में संभागीय बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। बैठक में विभाग के संभागीय अधिकारी, शालाओं के प्राचार्य और शिक्षक मौजूद थे।
मंत्री श्री मरकाम ने कहा कि आश्रम और छात्रावासों में इंटरनेट समेत सभी आधुनिक संचार सुविधाएँ उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने अधीक्षकों और शाला प्रभारियों से कहा कि वे शैक्षणिक संस्थाओं में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने शैक्षणिक कैलेण्डर के अनुरूप पाठ्यक्रम, खेल-कूद और सांस्कृतिक गतिविधियाँ संचालित करने के निर्देश दिये। मंत्री श्री मरकाम ने आदिवासी क्षेत्रों के सभी निर्माण कार्य समय-सीमा में पूरे किये जाने के लिये कहा।
स्वर्ण पदक प्राप्त सुश्री रागिनी का किया सम्मान
मंत्री श्री मरकाम ने स्पेन के मेड्रिड में विश्व तीरंदाजी युवा चेम्पियनशिप 2019 में स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाली सुश्री रागिनी मार्को का सम्मान किया। उन्होंने सम्मान स्वरूप विभाग की ओर से सोने की चेन, पेन और कॉपी भेंट की। सुश्री मार्को जबलपुर के विकासखण्ड कुण्डम के ग्राम छपरा करौंदी की निवासी हैं।
खाद्य-पदार्थों में मिलावट के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही की जाए : मुख्य सचिव श्री मोहंती
30 August 2019
मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहन्ती ने कहा है कि खाद्य-पदार्थों में मिलावटखोरी मानव जीवन और स्वास्थ्य के प्रति जघन्य अपराध से कम नहीं है। मध्यप्रदेश को मिलावट-मुक्त प्रदेश बनाने की दिशा में खाद्य और पेय पदार्थों में मिलावट करने वालों के विरूद्ध नियमित रूप से प्रभावी कार्यवाही की जाए। मुख्य सचिव ने यह निर्देश जबलपुर संभाग के कलेक्टर और वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में संभागीय समीक्षा के दौरान दिए।
श्री मोहंती ने आरसीएमएस में दर्ज राजस्व प्रकरणों को अभियान चलाकर निराकृत करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रीष्म काल में पेयजल का संकट उत्पन्न न हो, इसकी कार्ययोजना अभी से तैयार करने के निर्देश भी दिए। मुख्य सचिव ने जिलों में वर्षा और अतिवृष्टि-राहत तथा फसलों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में आपदा-प्रबंधन के उपायों के चलते अतिवृष्टि और बाढ़ से ज्यादा क्षति नहीं हुई है। सभी कलेक्टर खरीफ फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी की आवश्यक तैयारियाँ अभी से पूर्ण कर लें। उन्होंने कहा कि खरीफ और रबी की समर्थन मूल्य पर खरीदी में किसी भी स्थिति में नान एफएक्यू जिन्स की खरीदी नहीं की जानी चाहिए।
मुख्य सचिव ने आरसीएमएस पर दर्ज राजस्व प्रकरणों के जिलेवार पंजीयन और निराकरण की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आगामी 3 माह के भीतर पंजीकृत होने वाले राजस्व प्रकरणों की तुलना में अधिकाधिक संख्या में प्रतिमाह निराकरण भी दर्ज हो। उन्होंने जिलेवार खरीफ फसलों की बोनी, खाद-बीज की उपलब्धता और वितरण तथा रबी फसल के लिये अग्रिम खाद भण्डारण के बारे में भी जानकारी ली।
मुख्य सचिव ने विभिन्न जिलों में वनाधिकार के पट्टों के अमान्य दावों और शासन के निर्देशानुसार अमान्य दावों के ऑनलाईन पुनर्सत्यापन कार्य की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र हितग्राही वनाधिकार से वंचित नहीं रहना चाहिये। वनमित्र सॉफ्टवेयर द्वारा अमान्य दावों के सत्यापन और हितग्राहियों के दावे के साक्ष्य के लिये संबंधित क्षेत्र और ग्राम सभाओं में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाये। मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त सीएम मॉनिट के प्रकरणों के निराकरण की भी समीक्षा की।
मुख्य सचिव ने कहा कि आगामी माह के त्यौहारों के मद्देनजर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक समन्वित रूप से कानून-व्यवस्था की स्थिति को मजबूत रखें। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अपना इन्फॉरमेशन नेटवर्क भी मजबूत बनाये रखें।
मुख्य सचिव ने संभाग के प्रत्येक जिले में रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण के विरुद्ध की गई कार्यवाही की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि रेत के अवैध उत्खनन व परिवहन पर सख्त कार्यवाही की जाये।
सांसद श्री तन्खा ने सौंपा जबलपुर का विजन डाक्यूमेंट सौंपा गया राज्य सभा सदस्य श्री विवेक कृष्ण तन्खा ने मुख्य सचिव को जबलपुर के चहुँमुखी विकास का "विजन डाक्यूमेंट" सौंपा।

रेरा म.प्र. में सूचना संचार तकनीकी के उपयोग के अच्छे परिणाम मिले
30 August 2019
मध्यप्रदेश रियल एस्टेट रेग्युलरिटी अथॉरिटी (रेरा) के चेयरमेन श्री अन्टोनी डिसा ने कहा कि मध्यप्रदेश में रेरा की कार्य-प्रणाली में सूचना संचार तकनीकी (आई.सी.टी.) के उपयोग अच्छे परिणाम सामने आये हैं। उन्होंने कहा कि इस तकनीकी का प्रभावी उपयोग के व्यवसाय प्रक्रिया सुधार के साथ संचालित हुआ है। उन्होंने कहा कि सूचना संचार तकनीकी का रेरा में उपयोग अभी भी 'कार्य प्रगति पर है' के स्तर पर है, जिसे और अधिक लचीला बनाये जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अभी भी इसमें कुछ कमियाँ है, जैसे पीडीएफ फार्मेट सर्टिफिकेट, पेमेन्ट पोर्टल का एकीकृत नहीं होना, जिन्हें निर्धारित किया जाने की जरूरत महसूस हुई है। श्री डिसा आज नई दिल्ली में आई.आई.एम.टी. के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में मध्यप्रदेश में रेरा एक्ट के क्रियान्वयन में (आई.सी.टी.) सूचना संचार तकनीकी के उपयोग पर प्रेजेन्टेशन दे रहे थे।
श्री डिसा ने कहा कि मध्यप्रदेश रेरा में सूचना संचार तकनीकी (आईसीटी) के उपयोग ने न केवल उद्देश्य को पूर्ण किया है बल्कि वह उससे भी आगे बढ़ा है। उन्होंने कहा कि रेरा के कार्यों में आईसीटी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिये देश में सबसे पहले मध्यप्रदेश रेरा ने एक सॉफ्टवेयर विकसित किया। वर्तमान में देश के अनेक राज्यों की रेरा अथॉरिटी के साफ्टवेयर इसी पर बेस्ड है। म.प्र. रेरा इस सॉफ्टवेयर में निरंतर सुधार कर रहा है। उन्होंने एक मोबाइल एप विकसित किये जाने की आवश्यकता भी बताई।
श्री डिसा ने म.प्र. रेरा में आईसीटी के उपयोग की सफलता के पीछे राजनैतिक इच्छा शक्ति, आईसीटी क्षमता निर्माण, ई-उपार्जन में आईसीटी के उपयोग के अनुभव को मिली जनस्वीकृति और व्यावसायिक सुधार प्रक्रिया के साथ समन्वय को प्रमुख कारक बताया। श्री डिसा ने कहा कि मध्यप्रदेश रेरा में उपयोग किया जा रहा एम.पी. वेब एप्लीकेशन मुख्यत: परियोजना, सम्प्रवर्तक, एजेंटस और आवंटियों के इर्द-गिर्द बनाया गया है। यह यूजर फ्रेडंली होने के साथ ही द्विभाषी भी है अर्थात् इस पर हिन्दी और अंग्रेजी दोनों में कार्य किया जा सकता है। प्रदेश रेरा में सभी एप्लीकेशन वर्तमान में ऑनलाइन प्राप्त किये जा रहे हैं। साथ ही इस पर सभी तरह का कार्य व्यवहार 'ट्रेक' किया जा सकता है।
रेरा अध्यक्ष श्री डिसा ने कहा कि मध्यप्रदेश रेरा में आईसीटी के उपयोग के जो फौरी परिणाम प्राप्त हुए हैं उनमें प्रमुखत: प्रबंधन सूचना तंत्र (एमआईएस) का जनरेशन और डाटाबेस की आसानी से उपलब्धता है। यह तकनीकी समग्र में प्राधिकरण के कार्यों में सुधार लाने और रीयल एस्टेट सेक्टर में व्यावसायिक दक्षता बढ़ाने में मददगार हो रही है। श्री डिसा ने अपने प्रेजेन्टेशन में बताया कि रेरा के प्रशासन में आईसीटी के उपयोग में कुल मिलाकर क्षमता(गति, गुणवत्ता, मूल्य), पारदर्शिता (समय पर सूचना की प्राप्ति) और कारण, जिम्मेदारी बोध और भ्रष्टाचार में कमी ( व्यक्तिगत या आमने-सामने के सम्पर्क को न्यूनतम करना) शामिल है।
श्री अन्टोनी डिसा ने कहा कि रियल एस्टेट (रेग्युलेशन एन्ड डेव्हलपमेन्ट) एक्ट 2016 के सेक्शन 4(3) और सेक्शन 34 ( बी), (सी) और ( डी) में कार्य सम्पादन में आईसीटी (सूचना संचार तकनीकी) के उपयोग का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि इन प्रावधानों का अर्थ ही रियल एस्टेट प्रोजेक्टस के पंजीयन और पर्यवेक्षण, रियल एस्टेट एजेन्टस को लायसेंस प्रदाय और उपभोक्ताओं की शिकायतों के निराकरण में आईसीटी का उपयोग है। जिसे मध्यप्रदेश में सफलता से किया जा रहा है। श्री डिसा ने प्रेजेन्टेशन में वर्तमान में म.प्र. रेरा में रियल एस्टेट परियोजनाओं ऑनलाइन पंजीयन, पंजीकृत प्रकरण में उपभोक्ताओं को राहत, शिकायतों के समाधान में आई.सी.टी. के उपयोग के आँकड़ों को भी दर्शाया।

राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में मनाया जायेगा सितम्बर माह
30 August 2019
प्रदेश में राष्ट्रीय पोषण अभियान में इस वर्ष भी सितंबर माह राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में मनाया जायेगा। 1 से 30 सितम्बर तक मनाये जाने वाले पोषण माह की टैग लाईन 'हर घर पोषण का त्यौहार' रखी गयी है। पूरे माह राज्य, जिला, विकासखण्ड और आँगनवाड़ी स्तर पर पोषण जागरूकता एवं इसे जन-आंदोलन का रूप देने विभिन्न कार्यक्रम होंगे।
राष्ट्रीय पोषण माह का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य एवं पोषण आवश्यकता के प्रति जागरूकता, गर्भावस्था जाँच और पोषण देखभाल, शीघ्र स्तनपान व्यवहार, सही समय पर ऊपरी आहार और निरन्तरता आदि पर प्रचार-प्रसार कर समुदाय को जागरूक करना है। इसके अतिरिक्त एनीमिया या शरीर में खून की कमी को दूर करने के लिये आयरन सेवन एवं खाद्य विविधता संबंधित उपायों तथा पाँच वर्ष तक के बच्चों की शारीरिक वृद्धि निगरानी, किशोरी-शिक्षा, पोषण शिक्षा का अधिकार, सही उम्र में विवाह, सफाई और स्वच्छता की गतिविधियों के माध्यम से पोषण विषय को जन-आन्दोलन का रूप देना है।
पोषण माह के सफल आयोजन में महिला-बाल विकास विभाग के साथ-साथ नगरीय प्रशासन एवं विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्कूल शिक्षा, खाद्य-नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, उच्च शिक्षा, दूरदर्शन एवं रेडियो, आकाशवाणी तथा डेव्हलपमेंट पार्टनर्स (यूनिसेफ, जीआईजेड डब्ल्यू. डब्ल्यू. एच CHAI, पीरामल फाउन्डेशन, एन.आई. ACF, न्यूट्रीशन बोर्ड, ल्यूपिन) आदि सहभागी होंगे।
पोषण माह में होने वाली सभी गतिविधियों की जानकारी केन्द्र सरकार के पोर्टल पर अपडेट की जाएगी तथा वेबसाइट के माध्यम से इसकी रोजाना समीक्षा भी होगी।

हर वर्ष ग्रामीण प्रतिभाओं को निखारने के लिये होगा म.प्र. ओलम्पिक
17 August 2019
ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को न अच्छा अवसर मिलता है, अच्छी अधोसंरचना, बेहतर कोचिंग व्यवस्था और प्रशिक्षक नहीं मिल पाता है। यही कारण है कि इन प्रतिभाओं को वो सम्मान नहीं मिल पाता है, जिनके वे हकदार हैं। अब इन ग्रामीण प्रतिभाओं को निखारने के लिये हर वर्ष मध्यप्रदेश ओलम्पिक का आयोजन होगा। खेल मंत्री श्री जीतू पटवारी से आज शिवपुरी जिले के ग्राम नरवर के ग्रामीण धावक रामेश्वर गुर्जर ने मुलाकात की।
खेल मंत्री ने कहा कि ग्रामीण प्रतिभाओं को म.प्र. ओलम्पिक के माध्यम से चयन कर खेल अकादमी में चयन होगा। साथ ही स्कूल शिक्षा विभाग से समन्वय कर अब स्कूली खेल प्रतियोगिताओं में भी टेलेंट हंट कर खिलाड़ियों को चिन्हित किया जायेगा। श्री पटवारी ने कहा कि ग्रामीण प्रतिभाओं को अवसर प्रदान करना हमारा कर्तव्य है और हम हर संभव मदद के लिये कटिबद्ध हैं।
खेल मंत्री श्री पटवारी ने केन्द्रीय खेल मंत्री श्री किरण रिजीजू का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने मध्यप्रदेश में खेल सुविधाओं के अधोसंरचना विकास परियोजनाओं के लिये 80 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करने की स्वीकृति दी है। श्री पटवारी ने केन्द्रीय खेल मंत्री श्री रिजीजू को रामेश्वर गुर्जर को अवसर देने की बात पर साधुवाद देते हुए कहा कि अच्छी व्यवस्था को आगे बढ़ाने में श्री रिजीजू हर संभव सहयोग करेंगे।
शिवपुरी जिले में रामेश्वर गुर्जर ने नगर पंचायत में नंगे पैर 100 मीटर रेस 11 सेकेण्ड में तय की थी। खेल मंत्री ने रामेश्वर को भोपाल आमंत्रित किया था। रामेश्वर गुर्जर कहते हैं कि खेल मंत्री से मिलकर उनके मन में खेल के प्रति असीम ऊर्जा का संचार हुआ है। अब उसे एक मौका भर मिल जाये, तो किसी भी रेस में प्रदेश और देश का नाम जरूर रोशन करेगा।

भगवान महाकाल मंदिर के विकास और विस्तार की 300 करोड़ की योजना शुरु होगी
17 August 2019
भगवान महाकाल के दर्शन करने उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 300 करोड़ की योजना शुरु होगी। महाकाल मंदिर के विस्तार और व्यवस्थाओं में सुधार के लिए मंत्रिमंडल के सदस्य मंत्रियों की एक त्रिस्तरीय सदस्य समिति गठित होगी। इसके साथ ही महाकाल मंदिर के अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव भी केबिनेट में लाया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ की अध्यक्षता में यह निर्देश आज मंत्रालय में भगवान महाकाल मंदिर की व्यवस्थाओं में सुधार और सुविधाओं के विस्तार पर हुई बैठक में दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना समय-सीमा आधारित हो जिसमें काम शुरु होने से लेकर उसके पूरे होने तक का समय निर्धारित हो। श्री नाथ ने कहा कि इसकी मॉनिटरिंग मुख्य सचिव करेंगे।
महाकाल मंदिर के कारण मध्यप्रदेश की विश्व में पहचान
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने बैठक में कहा कि भगवान महाकाल के कारण पूरे विश्व में मध्यप्रदेश की पहचान है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के इस केन्द्र का सुनियोजित विकास किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु सिर्फ दर्शन करने के लिए नहीं आए बल्कि उज्जैन में ऐसी व्यवस्थाएँ हो जिसके कारण वह एक-दो दिन रूके इसमें महाकाल मंदिर से जुड़ी पौराणिक गाथाएं तथा अन्य आकर्षण शामिल है। इससे उज्जैन शहर और यहाँ के रहवासियों का भी विकास होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विस्तार और व्यवस्था में सुधार के दौरान महाकाल मंदिर में मूल ढांचे के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
मंत्रियों की त्रिस्तरीय समिति
मुख्यमंत्री श्री नाथ के निर्देश पर गठित मंत्रियों की त्रिस्तरीय समिति में उज्जैन जिले के प्रभारी एवं लोकनिर्माण मंत्री श्री सज्जन सिंह वर्मा, आध्यात्म विभाग के मंत्री श्री पी.सी. शर्मा एवं नगरीय निकाय मंत्री श्री जयवर्धन सिंह सदस्य होंगे। यह कमेटी महाकाल मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े लोगों, जन-प्रतिनिधियों से चर्चा कर विकास और विस्तार के संबंध में आवश्यक निर्णय लेगी। मुख्यमंत्री ने समिति को निर्देशित किया कि अगले तीन दिन में यह बैठक हो। उन्होंने महाकाल मंदिर एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव भी इसी माह मंत्रिमंडल से अनुमोदित करवाने और 30 सितम्बर तक महाकाल मंदिर के विकास की योजना को अंतिम रूप देकर काम शुरु करने के निर्देश दिए।
महाकाल मंदिर विकास योजना
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के समक्ष प्रस्तुत महाकाल मंदिर के विकास और विस्तार योजना में बताया गया कि यात्रियों की सुविधाओं को बढ़ाने के साथ ही प्रवेश और निर्गम, फ्रंटियर यार्ड, नंदी हाल का विस्तार, महाकाल थीम पार्क, महाकाल कॉरिडोर,वर्केज लॉन पार्किंग आदि का विकास और निर्माण होगा। द्वितीय चरण में महाराज बाड़ा, काम्पलेक्स, कुंभ संग्रहालय, महाकाल से जुड़ी विभिन्न कथाओं का प्रदर्शन, अन्नक्षेत्र, धर्मशाला, रुद्रसागर की लैंड स्केपिंग, रामघाट मार्ग का सौंदर्यीकरण, पर्यटन सूचना केन्द्र, रुद्र सागर झील का पुनर्जीवन, हरि फाटक पुल, यात्री सुविधाओं एवं अन्य सुविधाओं का निर्माण भी विस्तार किया जाएगा।
मध्यप्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने महाकाल मंदिर की व्यवस्थाओं की सुध ली
बैठक में महाकाल मंदिर के पुजारी श्री आशीष पुजारी ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के इतिहास में पहली बार है जब किसी मुख्यमंत्री ने महाकाल मंदिर के विकास और व्यवस्थाओं में सुधार के लिए मंत्रालय में बैठक की है। उन्होंने इसके लिए पुजारियों और श्रद्धालुओं की ओर से मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ को धन्यवाद दिया।
महाकाल मंदिर के पुजारियों ने मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ को शाल-श्रीफल देकर सम्मानित किया और उन्हें भगवान महाकाल का प्रसाद दिया
बैठक में लोक निर्माण एवं उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री श्री सज्जन सिंह वर्मा, आध्यात्म एवं जनसंपर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा, नगरीय विकास मंत्री श्री जयवर्धन सिंह उज्जैन जिले के विधायक श्री मनोज चावला, श्री महेश परमार, श्री मुरली मोरवाल जनपद अध्यक्ष श्री अजीत, महाकाल प्रबंधन समिति के सदस्य श्री आशीष पुजारी श्री विजय शंकर एवं श्री दीपक मित्तल उपस्थित थे।

खेल मंत्री श्री पटवारी ने ग्रामीण धावक रामेश्वर को बुलाया भोपाल
13 August 2019
खेल मंत्री श्री जीतू पटवारी शिवपुरी जिले के ग्राम नर्वर निवासी 19 वर्षीय युवा रामेश्वर गुर्जर को नगर पंचायत में नंगे पैर 100 मीटर रेस 11 सेकेण्ड में तय करता देख बहुत प्रभावित हुए। श्री पटवारी ने रामेश्वर को भोपाल आमंत्रित करते हुए कहा कि ऐसी प्रतिभा को बेहतर खेल सुविधा, अच्छे शूज और प्रशिक्षण दिया जाए, तो वह 100 मीटर की दूरी 9 सेकेण्ड में ही तय कर सकता है। खेल मंत्री ने रामेश्वर की तरह उभरती ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिये हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
रामेश्वर गुर्जर ने 10 वीं कक्षा तक पढ़ाई की है। इसके परिवार में माता-पिता और पाँच भाई-बहन हैं। पूरा परिवार खेती-किसानी करता है। रामेश्वर ने परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण आगे पढ़ाई नहीं की। मंत्री श्री जीतू पटवारी की ओर से आमंत्रण पाकर रामेश्वर के मन में खेल के प्रति असीम ऊर्जा का संचार हुआ है। अब कह रहा है कि उसे एक मौका भर मिल जाये, तो किसी भी रेस में प्रदेश और देश का नाम जरूर रोशन करेगा।

राज्य संग्रहालय में 22 अगस्त तक " स्वाधीनता आन्दोलन 1920-1947 " प्रदर्शनी
13 August 2019
राज्य संग्रहालय, श्यामला हिल्स, भोपाल में 14 से 22 अगस्त तक 'स्वाधीनता आन्दोलन 1920-1947 ' प्रदर्शनी लगायी जायेगी। संस्कृति मंत्री डॉ.विजयलक्ष्मी साधौ 14 अगस्त को दोपहर 12.00 बजे प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगी।
प्रदर्शनी में असहयोग आन्दोलन (1920), सविनय अवज्ञा आन्दोलन (1930) एवं भारत छोड़ो आन्दोलन (1942) से संबंधित महत्वपूर्ण ऐतिहासिक एवं दुर्लभ अभिलेख एवं छायाचित्र प्रदर्शित किये जायेंगे। आम जनता के लिये प्रदर्शनी सुबह 10.30 से शाम 05.30 बजे तक खुली रहेगी। प्रदर्शनी में प्रवेश नि:शुल्क है।

भगवान महाकाल की भस्मारती में शामिल हुए मंत्री श्री शर्मा
5 August 2019
धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री पी.सी. शर्मा आज सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उज्जैन में भगवान महाकालेश्वर की भस्मारती में शामिल हुए। उन्होंने बाबा महाकाल का अभिषेक किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। श्री शर्मा ने नागचंद्रेश्वर भगवान के दर्शन भी किये।
मध्यप्रदेश पर्यटन क्विज-2019 का पहला चरण 7 अगस्त को
5 August 2019
मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा प्रदेश के समस्त शासकीय एंव अशासकीय स्कूलों के 9 वीं से 12 वीं कक्षा तक अध्ययनरत बच्चों के लिये दो चरण में 'मध्यप्रदेश पर्यटन क्विज -2019' आयोजित की जा रही है। इसका टाइटल 'प्रश्नों के सही उत्तर बताओ-हिन्दुस्तान का दिल घूमकर आओ' है। क्विज का पहला चरण जिला स्तरों पर 7 अगस्त को और दूसरा चरण राज्य स्तर पर 5 सितम्बर को होगा। प्रथम चरण में चयनित 6 टीम के बीच द्वितीय चरण में आडियो, विजुअल/मल्टी-मीडिया आधारित क्विज होगा। इसमें प्रथम स्थान प्राप्त प्रतिभागी विद्यालय राज्य स्तर पर सहभागिता करेंगे।
मध्यप्रदेश पर्यटन क्विज का उद्देश्य स्कूली छात्रा-छात्राओं को प्रदेश के समृद्ध इतिहास, परम्पराओं, ऐतिहासिक धरोहर, सांस्कृतिक रंगों, कला, प्राकृतिक समृद्धि, महापुरूषों, पर्यटन महत्व की संभावनाओं से परिचित कराना तथा उनमें सीखने की प्रक्रिया विकसित करना है। क्विज के दोनों चरण में मध्यप्रदेश के पर्यटन एवं उससे संबंधित परिक्षेत्र, कला, अध्यात्म, प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक परिवेश से संबंधित प्रश्न होंगे।
जिला स्तरीय क्विज में कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, पर्यटन के प्रमोशन/संवर्धन के लिये गठित डिस्ट्रिक्ट टूरिज्म प्रमोशन काउंसिल के प्रतिनिधि, जिला शिक्षा अधिकारी एवं शिक्षा विभाग से एक क्विज मास्टर का सहयोग और समन्वय रहेगा।
प्रत्येक जिले की प्रथम 3 विजेता टीम को 2 रात 3 दिन तथा 3 उप-विजेता टीम को एक रात दो दिन मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के होटलों में ठहरने के कूपन दिये जाएंगे। संबंधित पर्यटन स्थल तक लाना-ले-जाना, भोजन, रुकना, स्थानीय भ्रमण आदि का व्यय मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड वहन करेगा।

व्यापम की कार्य-प्रणाली की समीक्षा करेगी मंत्रि-परिषद समिति
23 July 2019
राज्य शासन ने व्यापम (प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड) की कार्य-प्रणाली और उसके विकल्पों की समीक्षा के लिए मंत्रि-परिषद समिति का गठन किया है। समिति एक माह में अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगी।
समिति में मंत्री श्री बाला बच्चन, श्री तुलसीराम सिलावट, श्री प्रियव्रत सिंह, श्री पी.सी.शर्मा और श्री तरूण भनोत सदस्य बनाये गये हैं।
प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार समिति के संयोजक होंगे। समिति बोर्ड की वर्तमान कार्य-प्रणाली, बोर्ड द्वारा संचालित कार्यो के निष्पादन के लिए संभावित विकल्प और कोई अन्य विषय, जो बोर्ड के कार्यों से संबंधित हों, पर विचार करेगी।

घर के पास से मिली अगवा मासूम की जली हुई लाश, IG मौके पर
16 July 2019
भोपाल। कोलार इलाके से रविवार शाम को अगवा हुए तीन साल के वरूण की जली हुई लाश उसके घर के पास से ही मिली है। जिस मकान से बच्चे का जला हुआ शव बरामद हुआ है। वो काफी सालों से बंद था। मकान के पीछे के हिस्से का दरवाजा खोलकर अंदर शव को जलाया गया है। इस मामले में पुलिस को बड़ी लापरवाही सामने आई है। जिस दिन बच्चा अगवा हुआ था। पुलिस ने घर के सामने के मकान की ठीक से तलाशी नहीं ली थी। शुरुआती जांच में बच्चे के साथ दुष्कर्म की भी आशंका जताई जा रही है।
बच्चे का शव मिलने के बाद आईजी योगेश देशमुख के साथ ही भोपाल डीआईजी इरशाद वली मौके पर पहुंचे हैं और जांच से जुड़ी जानकारी ले रहे हैं। वहीं डॉग स्क्वॉड भी मौके पर पहुंच गया है। जिस घर के अंदर से बच्चे का शव जली हुई हालत में मिला है। उसके बाहर पैर के निशान भी मिले हैं। ऐसे में पुलिस उस सिरे को पकड़कर अपनी तलाश आगे बढ़ा रही है। इस बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी ट्वीट करके हत्या पर अफसोस जताया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि बच्चे के हत्यारे को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
बता दें कि रविवार शाम सात बजे वरूण टॉफी लेने गया था। उसके बाद से ही वो घर नहीं लौटा था। इस दौरान इलाके में एक संदिग्ध कार घूमते हुए नजर आई थी। इलाके के सीसीटीवी में भी इस कार की तस्वीर आई थी। इस बीच आज सुबह प्रदेश के जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा और डीआईजी इरशाद वली बच्चे के परिजनों से मिलने पहुंचे थे। लेकिन अब उसकी मौत की खबर आ रही है।
बता दें कि ग्राम बैरागढ चीचली में रहने वाले विपिन मीणा के तीन साल के बेटे वरुण को बीते रविवार शाम को घर के बाहर से खेलते समय अगवा कर लिया गया था। शाम करीब सात बजे दादा नारायण मीणा से बच्चा टॉफी के लिए दस रुपए लेकर निकला था। उसके दादा वन विभाग में नाकेदार हैं। कोलार थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज करने के बाद एडीशनल एसपी अखिल पटेल के निर्देशन में दो सीएसपी व पांच थानों की टीम ने सर्चिंग शुरू की, लेकिन सोमवार देर रात तक सुराग नहीं मिला था।
मां का रो-रोकर बुरा हाल
माता-पिता का वरुण इकलौता बेटा है। बेटे के अपहरण के बाद से ही परिजन रात-दिन उसे खोजने में इधर-उधर तलाश कर रहे थे। मां का रो-रोकर बुरा हाल था। वह सिर्फ बच्चे को कहीं से भी लाने की बात कह रही थी। लेकिन आज ऐसी खबर आ गई है। बच्चे के दादा का कहना है कि हमारी किसी से भी कोई रंजिश नहीं थी।
जंगल और आसपास के इलाके में हो रही थी तलाश
इससे पहले बच्चे के अगवा होने के बाद से ही पुलिस बल को सर्चिंग में लगा दिया था। दो सीएसपी व पांच थानों के टीआई समेत करीब 60 जवान बैरागढ़ चीचली के जंगल और आसपास के इलाके में तलाश कर रहे थे। रात में बच्चे की उसके ही घर के आसपास तलाश की गई थी।
केरवा चौकी के वन विभाग के सुरक्षा प्रहरी से हुई थी बहस
पुलिस को जिस संदिग्ध कार में मासूम के अपहरण की आशंका थी, वो बच्चे के अगवा होने वाले दिन केरवा वन चौकी पर करीब 15 मिनट रुकी रही थी। इस दौरान वन चौकी के प्रहरी कार को नहीं जाने दे रहे थे, लेकिन कार में सवार लोगों ने अपने को पुलिस का अफसर बताकर रौब गांठा तो कार को जाने दिया था।

स्निफर डॉग डीएसपी ज्योति और राज का तबादला रुकवाने के लिए पीएचक्यू पहुंचे हैंडलर
16 July 2019
भिंड। अभी तक आपने सरकारी नौकरी कर रहे लोगों के ट्रांसफर रुकवाने के मामले जरूर सुने होंगे। पर प्रदेश में स्निफर डॉग्स के ट्रांसफर होने के बाद इन्हें रुकवाने का काम भी शुरू हो गया है। भिंड पदस्थ डीएसपी रैंक की स्निफर डॉग ज्योति और राज ट्रांसफर रूकवाने के लिए भिंड से इनके हैंडलर भोपाल आए हुए हैं।
दरअसल बीते पीएचक्यू द्वारा जारी की गई स्निफर डॉग्स की तबादला सूची में भिंड के डीएसपी रैंक की स्निफर डॉग ज्योति का ट्रांसफर उमरिया और राज का ट्रांसफर नीमच किया गया है। बुधवार को दोनों को भिंड से रिलीव भी होना है। इस बीच दोनों के हैंडलर ने भिंड के एसपी रूडोल्फ अल्वारेस को दोनों स्निफर डॉग्स को नीमच और उमरिया में होने वाली परेशानियों के बारे में बताया। हैंडलर ने एसपी से कहा कि अगर राज और ज्योति को रिलीव किया जाता है तो इस मौसम में इनके स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। नई जगह में दोनों बीमार पड़ सकते हैं। इसलिए इनका ट्रांसफर कैंसिल किया जाए।
हैंडलर की बात सुनने के बाद एसपी ने हैंडलर को सोमवार शाम को पुलिस मुख्यालय भोपाल रवाना कर अधिकारियों से बात कर ट्रांसफर रुकवाने की बात करने भेज दिया। आज हैंडलर भोपाल में पुलिस मुख्यालय पहुंच दोनों स्निफर डॉग्स का ट्रांसफर निरस्त करने के लिए अधिकारियों से मिल रहे हैं। अगर आज दोनों स्निफर का ट्रांसफर निरस्त नहीं होता तो बुधवार को ज्योति और राज को भिंड से रिलीव कर दिया जाएगा।
स्थानांतरण आदेश शिवराज को भेजेगी कांग्रेस: कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई के प्रतिनिधि आज पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के समय में हुए डॉग हैंडलर्स के स्थानांतरणों के आदेश की प्रति उन्हें भेजेंगे। मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने बताया कि कांग्रेस आज शिवराज सरकार के समय हुए डॉग हेंडलर के ट्रांसफ़र के आदेश उनके घर भेजेगी। आदेश भेजकर उन्हें याद दिला जाएगा कि उनकी सरकार में भी इस तरह के आदेश होते थे। ये एक सामान्य प्रक्रिया है।

खुले बॉक्स और झूलते तारों से हादसे का डर
12 July 2019
राजधानी में बारिश के दौरान निर्बाध रूप से बिजली सप्लाई करने के लिए विद्युत कंपनी मेंटेनेंस कार्य करती है। इसके तहत खुले पड़े डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स और सड़कों पर झूलते तारों को दुरुस्त किया जाता है। इसके साथ ही लटकती पेड़ की शाखाएं छांटी जाती हैं। लेकिन यह काम कुछ इलाकों तक ही सीमित है। शहर की अधिकांश कॉलोनियों में मेंटेनेंस के अभाव में आए दिन बिजली गुल हो रही है। थोड़ी सी बारिश या तेज हवा चलने से लाइट चली जाती है। कई जगहों पर बिजली के तार पेड़ों की शाखाओं पर झूल रहे हैं। इस कारण तारों के टकराने से शार्ट सर्किट हो रहा है। बारिश के दौरान खुले डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स और खंभों में करंट फैलने से हादसे की आशंका बनी रहती है। अगर किसी इलाके की बिजली सप्लाई बंद हो जाए तो शिकायत करने के बाद भी कर्मचारी समय पर नहीं पहुंचते हैं। एमपी नगर, प्रोफेसर कॉलोनी, कोलार रोड, शाहजहांनाबाद, जहांगीराबाद, जेल रोड पर अब भी कई बाॅक्स खुले पड़े हैं।
समय पर करें
साल भर मेंटेनेंस क्यों नहीं होता है? बिजली कंपनी को बारिश के दौरान मेंटेनेंस की याद क्यों आती है? तेज हवा और बारिश होने से अक्सर फॉल्ट होते हैं और बॉक्स में आग भी लग जाती है। बिजली कंपनी बारिश से पहले मेंटेनेंस कर ले तो कुछ हद तक समस्या से निजात मिल सकती है। रवि शर्मा, निवासी, एमपी नगर
मेंटेनेंस कार्य जारी है
मेंटेनेंस चल रहा है। अगर कहीं नहीं हुआ है तो शीघ्र ही हो जाएगा। बिजली कंपनी के अधिकारी भी फील्ड में रहकर काम देख रहे हैं। मनोज द्विवेदी, पीआरओ, मक्षेविवि कंपनी

पांच लाख बेरोजगारों का भविष्य दांव पर
12 July 2019
प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (पीईबी) ने फरवरी-मार्च 2019 में शिक्षक भर्ती परीक्षा आयोजित की थी। लेकिन इसका परिणाम घोषित न होने से करीब पांच लाख युवाओं का भविष्य दांव पर लग गया है। उनका आरोप है कि इसी परीक्षा के साथ नीट की ऑनलाइन परीक्षा भी हुई थी, लेकिन उसका परीक्षा परिणाम आ चुका है। इस मामले में युवाओं ने पीईबी के अधिकारियों से संपर्क किया तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं।
परीक्षार्थियों का कहना है कि उन्हें धोखे में रखकर विभाग परिणाम आगे बढ़वाने पर तुला है। परीक्षार्थियों को डर है कि अगर परिणाम आने में देरी हुई तो ओवर एज होने के कारण यह मौका भी उनके हाथ से न निकल जाए। वहीं कुछ परीक्षार्थी ऐसे भी हैं जिन्होंने नौकरी छोड़कर इस परीक्षा के लिए तैयारी की थी। उन्हें उम्मीद थी कि परीक्षा परिणाम जल्द आएगा तो वे सरकारी नौकरी में आ जाएंगे। लेकिन रिजल्ट घोषित न होने से उनका भविष्य भी अधर में लटक गया है। विभाग पहले दो बार रिजल्ट जल्द घोषित होने की बात कह चुका है। अब वह तीसरी बार भी कह रहा है कि इस माह के अंत तक रिजल्ट घोषित हो जाएगा। लेकिन परीक्षार्थियों को उनकी बात पर भरोसा नहीं है।
किसी प्रकार का अन्याय नहीं होगा
शिक्षक भर्ती परीक्षा का परिणाम क्यों अटका है? इस मामले में पीईबी के अधिकारियों से चर्चा की जाएगी। परीक्षार्थियों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। मैं उनको आश्वस्त करता हूं कि उनके साथ अन्याय नहीं होगा। प्रभुराम चौधरी, स्कूल शिक्षा मंत्री
पीईबी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रहा
मैंने शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी प्राइवेट नौकरी छोड़कर इस आशा से की थी, ताकि जल्द परीक्षा परिणाम घोषित होने पर नई नौकरी ज्वॉइन कर लूंगा। लेकिन परिणाम घोषित करने में देरी की जा रही है। पीईबी भी स्पष्ट जवाब नहीं दे रहा है। सुरजीत सिंह, परीक्षार्थी

मंत्री श्री शर्मा ने छात्र संघ शपथ ग्रहण समारोह में छात्रों को दिलाई शपथ
6 July 2019
जनसंपर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने आज आकृति ईको सिटी स्थित वर्ल्ड वे इंटरनेशनल स्कूल में छात्र संघ शपथ ग्रहण समारोह में छात्रों को शपथ दिलाई। इस दौरान मंत्री श्री शर्मा ने नए प्रवेश सत्र में छात्रों की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि सभी छात्र नई ऊर्जा से पढ़ाई में जुट जाएं। अपने लक्ष्य को पाने के लिए निरंतर प्रयास करते रहें ,तो सफलता मिलती ही है। मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार छात्रों को अच्छी और तकनीकी शिक्षा देने की तरफ अग्रसर है। अब कोई भी छात्र चाहे वो किसी भी वर्ग या धर्म का हो, सबको शिक्षा के समान अधिकार के तहत प्रदेश सरकार पूरी मदद करेगी।
शब्दों का मकड़जाल और महँगाई बढ़ाने वाला बजट - मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
6 July 2019
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने केन्द्रीय वित्त मंत्री सुश्री निर्मला सीतारमण द्वारा आज संसद में प्रस्तुत बजट 2019-20 को शब्दों का मकड़जाल बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट कम भाषण ज्यादा है। बजट के महत्वपूर्ण बिन्दुओं का कोई उल्लेख नहीं किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट युवाओं, किसानों और मध्यम वर्ग को बेहद निराश करने वाला है। जनता अपने आपको ठगा-सा महसूस कर रही है। जैसा कि केन्द्र की सरकार की पहचान नये जुमले बनाने वाली सरकार के रूप में होने लगी है, इस बजट में भी कोई ठोस बात नहीं की गई है। पिछले कार्यकाल की बातें दोहराने की नाकाम कोशिश की है। जो काम मामूली सुधार से हो सकते थे उन्हें बजट में शामिल कर ध्यान भटकाने की कोशिश हुई है। मुख्यमंत्री श्री नाथ ने कहा कि देश को अपेक्षा थी कि बजट में किसानों के दुख:-दर्द को दूर करने वाले उपायों के बारे में उल्लेख होगा। बेरोजगारी दूर करने और युवाओं के सपनों को साकार करने के बारे उल्लेख होता। अनुसूचित वर्गों के विकास की चर्चा होती। इन बिन्दुओं पर बजट ने निराश किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट से एक बात साफ हो जाती है कि चंद महीने पहले पेश किये गये अंतरिम बजट में राज्यों को जो हिस्सा मिलना था उसे कम कर दिया गया है। मध्यप्रदेश के हिस्से के 2677 करोड़ रूपये कम कर दिये गये हैं। शायद इसी कारण वित्त मंत्री ने महत्वपूर्ण योजनाओं और खर्च के संबंध में चुप रहना ही ठीक समझा। इससे केन्द्र सरकार के बेहद खराब आर्थिक प्रबंधन की झलक मिलती है। बजट से सरकार के आर्थिक वृद्धि दर के गलत आंकड़े भी सामने आये हैं। मुख्यमंत्री श्री नाथ ने कहा कि बजट के पहले उम्मीद थी कि पेय जल के लिये नये मेगा प्लान की घोषणा होगी जिससे लोगों की जल समस्या दूर होगी। इसके विपरीत वित्त मंत्री के बजट भाषण में इस संबंध में कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर विशेष एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने से आम लोगों का जीना मुश्किल हो जायेगा। इससे व्यापार पर विपरीत प्रभाव तो पड़ेगा ही साथ ही महँगाई भी बढ़ेगी। यह ऐसा बजट है जो महँगाई बढ़ाने वाला है। उन्होंने कहा कि हाल में चुनाव में विकास के सभी जरूरी मुद्दों को दरकिनार किया गया और अब नये भारत का जुमला बनाकर फिर से जनता को परोसा गया है। गरीबी, महँगाई और बेरोजगारी के साथ नया भारत कैसे बनेगा, इसका कोई रोडमैप बजट में नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेरोजगारी दूर करने के उपायों और युवाओं को आगे बढ़ने के मौके देने के बारे में बजट में कोई ठोस बात नहीं है। मीडिया और बीमा क्षेत्र को विदेशी पूंजी निवेश के लिए खोलने का कदम 'मेक इन इंडिया' के विपरीत है क्योंकि इससे देश की प्रतिभाओं को अनावश्यक प्रतियोगिता का दबाव सहना पड़ेगा। स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं को भी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि गाँव, गरीब और किसान की बातें 2014 से हर साल हो रही हैं लेकिन इस बजट में भी उनके लिये कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
मध्‍यप्रदेश में ठंड का पलटवार, अगले कुछ दिनों तक रहेगा यही हाल
9 February 2019
भोपाल। प्रदेश के कई स्थानों पर बरसात होने। साथ ही राजस्थान पर बने प्रेरित चक्रवात के समाप्त होने के कारण ठंड ने फिर यू टर्न लिया है। जिसके चलते प्रदेश में दिन और रात के तापमान में एक बार फिर गिरावट का दौर शुरू हो गया है। इसी क्रम में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात को भोपाल का तापमान 8.6 डिग्रीसे. दर्ज हुआ,जो बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात के तापमान(16.4) के मुकाबले 7.8 डिग्रीसे.कम रहा। इसके पूर्व फरवरी 2014 में न्यूनतम तापमान 7 डिग्रीसे.दर्ज किया गया था। शुक्रवार को इंदौर, श्यौपुरकला, उज्जैन, शाजापुर, रतलाम, धार और खंडवा में शीतल दिन रहा। उधर, शुक्रवार शाम से हवा का रुख बदलकर उत्तरी हो गया है। इससे मौसम विज्ञानियों ने अभी 3-4 दिन तक वातावरण में ठंड बढ़ने की संभावना जताई है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक पिछले दिनों राजस्थान पर एक प्रेरित चक्रवात बना हुआ था। उस सिस्टम के कारण प्रदेश के ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा संभाग के जिलों में बरसात हो रही थी। इससे वातावरण में ठंडक बढ़ गई। शुक्रवार को सिस्टम के समाप्त होने से आसमान साफ होने लगा है। वरिेष्ठ मौसम विज्ञानी उदय सरवटे ने बताया कि राजस्थान पर बने सिस्टम के समाप्त होने से शुक्रवार शाम से हवा का रुख भी दक्षिणी, पश्चिमी से बदलकर उत्तरी हो गया है। इससे एक बार फिर उत्तर भारत की सर्द हवाएं आने लगी हैं। इससे रात के तापमान में अभी 3-4 दिन तक गिरावट बनी रहेगी। शुक्रवार को चार महानगरों का तापमान शहरअधिकमतन्यूनतम भोपाल23.38.6 इंदौर21.87.4 ग्वालियर23.68.6 जबलपुर24.114.2
मंत्री ने कार्यकर्ताओं से कहा- जिस अधिकारी-कर्मचारी को हटाना है, आपसी सहमति से लिस्ट बनाओ
8 February 2019
भोपाल। जिन्हें हटाना है उन अधिकारी-कर्मचारी की आपसी सहमति से लिस्ट बना लो.. यह नहीं होना चाहिए कि एक पैरवी करे और एक हटाने की बात करे.. जो होने लायक काम हैं वह तो करेंगे ही.. लेकिन जो काम करने लायक नहीं हैं वह भी हम करेंगे। आप लोग चिंता मत करिए। एक नहीं ऐसे 50 काम करेंगे। यह बात गुरुवार को सहकारिता मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने रोशनपुरा स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय की बैठक में कही। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की जंबूरी मैदान में सभा की तैयारी को लेकर बैठक का आयोजन किया गया था। बैठक में कई पदाधिकारियों ने वरिष्ठ नेताओं व मंत्रियों द्वारा कार्यकर्ताओं को अनदेखा करने की बात बैठक में कही थी। पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, विधायक आरिफ मसूद, जिलाध्यक्ष कैलाश मिश्रा, कांग्रेसी पार्षदों व जिला पदाधिकारियों के साथ कई कार्यकर्ता बैठक में मौजूद थे। पदाधिकारियों ने सभा की तैयारी से ज्यादा कार्यकर्ताओं की समस्याओं पर फोकस किया। मंत्रियों को ट्रेनिंग देने की जरूरत है बैठक में सेवा दल के प्रदेश संयोजक योगेश यादव ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की मजबूत स्थिति कार्यकर्ताओं के कारण है। नए मंत्रियों को ट्रेनिंग देकर सिखाने की जरूरत है। मंत्रियों को यह पता नहीं है कि अधिकारियों के साथ मीटिंग से पहले 15 सालों से तपस्या कर रहे कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करनी चाहिए। नगर निगम नेता प्रतिपक्ष मो. सगीर ने कहा कि कार्यकर्ताओं ने लंबे समय से पार्टी के लिए लड़ाई लड़ी है। परिवार के बारे में भी नहीं सोचा। हकीकत यह है कि दो वक्त की रोजी-रोटी के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है। हम हमेशा पार्टी के साथ हैं। सरकार को हमारे लिए रोजगार की योजना बनानी चाहिए। पास की व्यवस्था कराई जाए ग्रामीण कांग्रेस जिलाध्यक्ष अरुण श्रीवास्तव ने कहा कि पहले भी ऐसे कई कार्यक्रम हुए, जहां लोगों को तवज्जो नहीं दी गई। ग्रामीण क्षेत्रों में सिर्फ पास देखकर ही खुश हो जाते हैं। भोपाल से सटे आसपास क्षेत्रों के लोगों के लिए ज्यादा से ज्यादा पास की व्यवस्था कराई जानी चाहिए। बैठकें और संवाद जरूरी है बैठक में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी ने कहा कि कार्यकर्ताओं से ही पार्टी है। कार्यकर्ताओं को मान-सम्मान और उचित स्थान मिलना चाहिए। कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें और निरंतर संवाद भी जरूरी है। कोलार को निगम सीमा से अलग करने की मांग बैठक में जिलाध्यक्ष कैलाश मिश्रा ने कोलार को नगर निगम सीमा से अलग करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा होता है तो भोपाल व कोलार में आगामी चुनावों में कांग्रेस का महापौर होगा। निकाय चुनावों में जीत के लिए यह बेहद जरूरी है। इस संबंध में जल्द नगरीय विकास एवं आवास मंत्री जयवर्धन सिंह से मिलने की बात कही। साथ ही मंत्री गोविंद सिंह से मांग करते हुए कहा कि परिसीमन की तारीख को आगे बढ़ाई जाए।
Lok Sabha Elections सिर पर, MP में भाजपा सांसद और स्थानीय नेताओं के बीच नहीं थम रहे विवाद
6 February 2019
भोपाल। लोकसभा चुनाव सिर पर हैं, लेकिन विधानसभा चुनाव की हार के बाद सांसदों और स्थानीय भाजपा नेताओं के बीच शुरू हुए विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। इन विवादों से पार्टी के लिए कई सीटों पर मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। मंडला में पूर्व केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते और संपतिया उईके, बुंदेलखंड में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव और सांसद प्रहलाद पटेल, मंदसौर में सुधीर गुप्ता बनाम यशपाल-सकलेचा, उज्जैन में चिंतामणि मालवीय और पारस जैन व मोहन यादव, खंडवा में नंदकुमार सिंह चौहान बनाम अर्चना चिटनीस, बालाघाट में पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन और सांसद बोध सिंह भगत के बीच विवाद लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इन नेताओं के बीच विवाद प्रहलाद पटेल - दमोह सीट से सांसद प्रहलाद पटेल और नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव के बीच पांच साल से पटरी नहीं बैठ रही है। विधानसभा चुनाव में भी संबंध बेहद तल्ख रहे। भार्गव ने एक सांसद प्रतिनिधि को चुनाव में खड़ा करने का आरोप भी लगाया। भार्गव के बेटे अभिषेक ने फेसबुक पर सांसद के खिलाफ बड़ी पोस्ट लिखी थी। प्रहलाद के साथजयंत मलैया के रिश्ते भी ठीक नहीं हैं। नंदकुमार सिंह चौहान - पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस के साथ कई साल पहले से विवाद चला आ रहा है। विधानसभा चुनाव में हार के बाद चिटनीस ने खुला आरोप लगाया कि उनके ख्ािलाफ खड़े हुए निर्दलीय प्रत्याशी सुरेंद्र सिंह शेरा को चौहान ने सपोर्ट किया। इसी सीट के विजय शाह, देवेंद्र वर्मा और टिकट काटे जाने से लोकेंद्र सिंह तोमर भी चौहान से नाराज हैं। बोधसिंह भगत - बालाघाट सांसद बोधसिंह भगत का पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन के साथ विवाद सार्वजनिक मंच पर गाली-गलौज तक पहुंच चुका है। भगत का टिकट काटे जाने और बिसेन की बेटी मौसम को टिकट दिए जाने को लेकर कवायद चल रही है। यहां आठ में से मात्र तीन सीट पर भाजपा जीती है। पूर्व सांसद केडी देशमुख से भी भगत की पटरी नहीं बैठ रही। सुधीर गुप्ता - मंदसौर सांसद सुधीर गुप्ता के खिलाफ कई विधायक हैं। जिले के वरिष्ठ नेता यशपाल सिंह सिसोदिया, ओमप्रकाश सकलेचा, राजेंद्र पांडे और जगदीश देवड़ा सांसद से नाराज हैं। यशपाल ने तो पार्टी से शिकायत की थी कि सांसद ने उनके विधानसभा क्षेत्र में विरोधियों का साथ दिया। चिंतामणि मालवीय - उज्जैन सांसद मालवीय से स्थानीय विधायक मोहन यादव और पारस जैन नाराज हैं। मालवीय को लेकर क्षेत्र में हस्तक्षेप करने का आरोप है। पार्टी के समक्ष तराना से भाजपा प्रत्याशी रहे अनिल फिरोजिया ने तो हारने के लिए मालवीय को जिम्मेदार ठहराया। गणेश सिंह - सतना सांसद गणेश सिंह के खिलाफ ओबीसी बनाम सामान्य विवाद चल रहा है। शंकरलाल तिवारी और सांसद के बीच तो पहले से ही तल्ख रिश्ते रहे हैं। रामपुर बघेलान से जीते विक्रम सिंह ने विधानसभा चुनाव में सिंह पर विरोध करने का आरोप लगाया था। सांसद के बारे में कहा जाता है कि वे सिर्फ ओबीसी लोगों की ही मदद करते हैं। कहीं संकट का सामना न करना पड़ जाए पार्टी सूत्रों के मुताबिक सीधी सांसद रीति पाठक, शहडोल सांसद ज्ञानसिंह, मंडला सांसद फग्गनसिंह कुलस्ते, धार सांसद सावित्री ठाकुर, भोपाल सांसद आलोक संजर सहित कई सांसद स्थानीय स्तर पर पार्टी के ही नेताओं का विरोध झेल रहे हैं। ऐसे हालात में लोकसभा चुनाव में पार्टी को संकट का सामना करना पड़ सकता है। आंतरिक लोकतंत्र है पार्टी में किन्हीं समसामयिक विषयों पर सहमति या असहमति को विवाद नहीं कहा जा सकता है। भारतीय जनता पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र है। हम सभी वरिष्ठ नेता भी इन सब विषयों पर ध्यान देते रहते हैं।
स्वाद के जरिये समाज में बदलाव संभव: शेफ संजीव कपूर
6 February 2019

पब्लिक रिलेशन सोसाइटी, भोपाल द्वारा मंगलवार को स्वराज भवन में 'चेंजिंग फ़ूड ट्रेंड्स इन इंडिया' पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। इस अवसर पर सेलिब्रिटी शेफ संजीव कपूर ने इस विषय पर व्याख्यान दिया।
बदलाव समय के साथ होता है बदलाव धीरे-धीरे होता है कोई भी बदलाव बहुत बड़ा नहीं होता है हमारे नजरिए की वजह से यह बदलाव बड़े लगने लगते हैं यह कहना था 'चेंजिंग फ़ूड ट्रेंड्स इन इंडिया' पर स्पेशल लेक्चर देने आए सिलेब्रिटी शेफ संजीव कपूर का भारतीय व्यंजनों के बदलते स्वरूप विषय पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि हमारे यहां आज चार स्वाद जाने जाते हैं खट्टा, मीठा, तीखा और नमकीन। वहीं करीब 100 साल पहले जापानियों द्वारा पांचवे स्वाद उमामी की खोज की गई जबकि 5000 साल पहले हमारी भारतीय संस्कृति में “छठ रस” की बात की जा चुकी है भारत में खाने के बदलते स्वरूप पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे यहां खाने में आखरी बदलाव चौदहवी शताब्दी में हुआ था वही आलू मिर्च और टमाटर जिनके बिना आज के भारतीय खाने की कल्पना भी नहीं की जा सकती है आज से 400 साल पहले पुर्तगालियों के साथ भारत आए थे।
भोजन में एथिक्स है जरूरी
सेलिब्रिटी शेफ संजीव कपूर संजीव कुमार ने कहा कि खाने-खिलाने के बदलते स्वरूप से नैतिकता गायब होती जा रही है उनका मानना है कि भोजन को अगर नैतिकता के साथ जोड़ा जाए तो उसमें स्वाद अपने आप आ जाएगा।
स्वाद से समाज में बदलाव संभव
समाज में आ रहे बदलाव के लिए कहीं ना कहीं स्वाद जिम्मेदार है उन्होंने कहा कि जब से महिलाओं ने समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बनानी शुरू की है तब से समाज में बदलाव आने शुरू हो चुके हैं उन्होंने कहा कि हमारे समाज में हमेशा किचन से महिलाओं का नाता रहा है लेकिन बदलते परिवेश के साथ वे समाज के अन्य क्षेत्रों में व्यस्त होती चली गई। वही किचन के रोल में फिट होने में पुरुष आज भी संकोच करता है जिसकी वजह से घर में खाना बनाने का कल्चर कम होने लगा है उनका मानना है कि अगर सारी विषमताओं को भूल कर पुरुष भी बराबरी निभाए किचन में सहयोग करें और इसे अपनी जिम्मेदारी समझे तो समाज में सार्थक बदलाव मुमकिन है।
घर के भोजन की आदत डालें
दुनिया में भारतीय जायके को पहचान दिलाने वाले शैफ ने कहा कि हम घर के खाने से दूर होते जा रहे हैं जबकि बाहर का खाना कभी भी स्वाद और पौष्टिकता के मामले में घर के खाने की बराबरी नहीं कर सकता। उनका सुझाव है कि अगर आपको जंक फूड भी खाना हो तो उसे घर पर ही बनाने की कोशिश करें क्योंकि अपनेपन और प्यार से भरा खाना कभी भी आपके और आपके अपनों के लिए हानिकारक नहीं हो सकता । अपनी बात रखते हुए संजीव कपूर ने कहा कि हर जगह की विशेषताएं होती हैं वहां कुछ ना कुछ ऐसा जरूर होता है जो उसकी पहचान बन जाए उन्होंने खुले शब्दों में कहा कि अपने आतिथ्य के लिए प्रसिद्ध भोपाल खुद के स्वाद से अछूता है। इसलिए आज हमें खुद की जड़े तलाश कर उसे प्रचारित करने की जरूरत है।
कुछ अलग करने की चाह ने बना दिया शेफ
शेफ बनने का ख्याल कब आया इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वह भीड़ से हटकर कुछ अलग करना चाहते थे और यह फील्ड उन्हे चैलेंजिंग लगा जिससे उन्होंने यह रास्ता चुन लिया वहीं इस सवाल से जुड़े एक अन्य जवाब में उन्होंने बताया कि अगर आज अगर शेफ नहीं होते तो वह एक आर्किटेक्ट होते।
ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने की जरूरत
आज की इस भाग-दौड़ भरी जिंदगी में खुद को फिट रखना किसी चैलेंज से कम नहीं है और ऐसे में केमिकल पेस्टिसाइड्स खाना बेहद हानिकारक हो सकता है उनका कहना है कि मुनाफे से ऊपर उठकर किसानों को ऑर्गेनिक खेती की तरफ मुड़ना चाहिए और यह तभी संभव है जब हम ऑर्गेनिक खाने को अपनी प्राथमिकता देना शुरू करेंगे इस मौके पर उपस्थित भोपाल के जाने-माने उद्यमी नवाब राजा साहब ने कहा कि व्यवसाय में नैतिकता बहुत आवश्यक है कोई भी व्यवसाय समाज हित से जुड़ा हो तो वह आगे बढ़ता है आज होटल इंडस्ट्री रेस्टोरेंट्स हॉस्पिटैलिटी समाज हित से जुड़ी बातें हो रही हैं अच्छा भोजन ऑर्गेनिक भोजन सेहतमंद भोजन उपलब्ध कराना भी हमारी प्राथमिकताओं में होना चाहिए तभी यह व्यवसाय सही दिशा में अग्रसर होगा इस कार्यक्रम में संजीव कपूर के साथ ही सिनेमा उद्योग मुंबई से आए अमित कुमार सिंह संजीव कपूर की कंपनी के सीईओ राजीव महटा, सीएफओ संजय वल्लभ और प्रशासनिक हैड केदार गोडसे, बाबू की कुटिया के प्रबंधक नवीन के साथ ही पब्लिक रिलेशन सोसाइटी भोपाल के अध्यक्ष पुष्पेंद्र पाल सिंह, संजीव गुप्ता कोषाध्यक्ष, मनोज द्विवेदी, संयुक्त सचिव योगेश पटेल, गोविंद चौरसिया डॉक्टर बीएन पाठक , इरफान हैदर एवं परवेज़ उपस्थित रहे।

मप्र / मुंगेरी लाल के सपने देख रही कांग्रेस, बिहार में राहुल और नाथ ने गलत जानकारी दी: शिवराज
4 February 2019
भोपाल. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी मुंगेरी लाल जैसे सपने देख रहे हैं। रविवार को राहुल और मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बिहार में कहा कि उन्होंने मध्यप्रदेश में सरकार बनते ही किसानों का कर्जा माफ कर दिया है। लेकिन, हकीकत में प्रदेश में अभी तक एक भी किसान का कर्जा माफ नहीं हुआ है। कांग्रेस सरकार कागज के टुकड़ों पर कर्ज माफ कर रही है। शिवराज सिंह सोमवार को भोपाल में भाजपा के प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अगर कर्जमाफी में घोटाला हुआ है तो दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर जेल में डाला जाना चाहिए। कांग्रेस सरकार की मंशा ठीक नहीं है। कर्जमाफी के नाम पर सिर्फ समय काट रही है। उसे मालूम है कि लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने वाली है। अभी तक फार्म भरवाए जा रहे हैं। उन्होंने 22 फरवरी की डेट दी है। तब इक्का-दुक्का किसानों का कर्ज माफ कर देंगे। इसके बाद आचार संहिता लगा जाएगी और कर्ज माफ नहीं करने का ठीकरा इस पर फोड़ देंगे। मोदी सरकार ने किए काम : शिवराज ने कहा कि अगला लोकसभा चुनाव सिर पर है। बीते साढ़े चार साल में जितने काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किए हैं। उतने काम कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों ने कभी नहीं किए। उन्होंने कहा कि भाजपा का घोषणापत्र कमरों में बैठकर नहीं बल्कि लोगों से पूछकर बनाया जाएगा। इसके लिए ये रथ 29 लोकसभा क्षेत्रों के हर विधानसभा क्षेत्र में जाकर लोगों से उनके सुझाब एकत्रित करेंगे। 29 डिजिटल रथ : प्रदेश भाजपा ने लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए 29 डिजिटल रथ तैयार किए गए हैं। ये रथ प्रदेश की सभी 29 संसदीय क्षेत्रों में जाकर लोगों को केंद्र सरकार की योजनाएं बताएंगे और लोगों से चुनाव घोषणा पत्र के लिए सुझाब मांगेगे। ये रथ प्रदेश की सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचेंगे। जनसंपर्क मंत्री ने कहा जरूर होगी गिरफ्तारी: किसानों की कर्जमाफी के बाद सामने आ रहे घोटाले सामने आने के बाद मुख्यमंत्री के बयान के बाद जनंसपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि घोटाले की जांच शुरू हो गई है। जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी भी जरूर होगी। पटना में क्या कहा था कमलनाथ ने : मुख्यमंत्री कमलनाथ ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर देश के किसानों तथा नौजवानों को धोखा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सरकार जल्द ही भाजपा के राज में मध्यप्रदेश में किसानों को कर्जा देने में हुए घोटाले का बड़ा खुलासा करेगी। नाथ ने पटना में कांग्रेस की 'जन आकांक्षा' रैली को संबोधित करते हुए कहा कि आज इस देश की जनता मोदी से सवाल कर रही है कि किसान बिना दाम के, नौजवान बिना काम के तो फिर मोदी-नीतीश किस काम के। उन्होंने कहा कि भाजपा राज में मध्यप्रदेश बलात्कार में नंबर वन था, बेरोजगारी में नंबर वन था, किसानों की आत्महत्या में नंबर वन था और महिलाओं पर अत्याचार में नंबर वन था। जनता ने जब यह सच्चाई जानी तो उन्होंने 15 साल के भाजपा शासन को नकार दिया। एक महीने में कर्जा माफ हो जाएगा : नाथ ने कहा कि आज 3 फरवरी है, अगले 3 मार्च को प्रदेश के 30 लाख किसानों का कर्जा माफ हो जाएगा और उसके बाद 15 लाख किसानों का शेष कर्जा माफ किया जाएगा।
Madhya Pradesh के 75 लाख किसानों को मिलेगी छह हजार रुपए सम्मान निधि
2 February 2019
भोपाल। केंद्र सरकार की किसान सम्मान निधि का लाभ प्रदेश के 75 लाख खातेधारक किसानों को मिलेगा। इसमें सीमांत किसान 48.33 लाख और लघु किसान 27.24 लाख हैं। इन्हें छह हजार रुपए सम्मान निधि के तौर पर सीधे खाते में मिलेंगे। हालांकि, केंद्र के इस कदम को कृषि के जानकार फौरी राहत करार दे रहे हैं। इनका मानना है कि यह स्थाई हल नहीं है। यदि किसानों को उपज का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) वास्तव में दे दिया जाता है तो सरकारों को ऐसे कदम उठाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। कृषि विभाग के आंकड़ों के हिसाब से 75 लाख 57 हजार लघु और सीमांत खातेधारक किसान हैं। इसमें एक किसान के पास दो या इससे अधिक खाते भी हो सकते हैं। जब निधि की राशि किसानों के खाते में ट्रांसफर होगी, तभी वास्तविक लाभार्थियों की संख्या पता लग पाएगी। वैसे प्रदेश में लघु और सीमांत किसानों की संख्या कुल किसानों की 70 फीसदी से ज्यादा है। जोत लगातार घटने की वजह से यह संख्या बढ़ी है। एमएसपी का डेढ़ गुना मिलता तो ज्यादा फायदा होता वहीं, पूर्व कृषि संचालक जीएस कौशल ने इस योजना को चुनावी साल में उठाया गया कदम करार दिया है। उन्होंने कहा कि छह हजार रुपए सालाना पांच एकड़ तक के किसान के लिए कोई बड़ी राशि नहीं है पर इससे राहत तो मिलेगी। वैसे देखा जाए तो किसान को इसकी जरूरत नहीं है। किसान को सरकार यदि एमएसपी का डेढ़ गुना वास्तव में दिला दे तो उन्हें किसी तरह की मदद की दरकार ही नहीं है। यदि सरकारें वास्तव में किसान का भला करना चाहती हैं तो वे लालच देना छोड़कर ग्राम आधारित प्रोसेसिंग यूनिट लगवाए और उनके उत्पाद को बाजार मुहैया करा दें। उधर, भारतीय किसान संघ के संगठन मंत्री शिवाकांत दीक्षित का कहना है कि हमारी अपेक्षा कहीं अधिक थी। इस राशि से देश के 12 करोड़ किसानों की मदद तो होगी पर यह एक हजार रुपए माह होती तो ज्यादा बेहतर होता। पांच सौ रुपए महीना कम है। ब्याज प्रोत्साहन भी अच्छा कदम माना जाएगा।
MP के खनिज मंत्री बोले- पुलिस की अवैध वसूली से महंगी हो रही रेत
1 February 2019
भोपाल। भोपाल-होशंगाबाद रेत सप्लायर एसोसिएशन इन दिनों पुलिस की चौथ वसूली के खिलाफ हड़ताल पर है। दो दिन पहले एसोसिएशन ने खनिज मंत्री प्रदीप जायसवाल से मुलाकात की थी। बुधवार को खनिज मंत्री जायसवाल गृहमंत्री बाला बच्चन से मिले और उनसे पुलिस की अवैध वसूली रोकने का आग्रह किया। जायसवाल ने कहा कि रेत कारोबारियों से बुदनी, औबेदुल्लागंज और मंडीदीप-मिसरोद सहित कई थानों की पुलिस ओवर लोडिंग के नाम पर अवैध वसूली करती है। इस कारण रेत महंगी हो रही है। कारोबारियों ने खनिज मंत्री को सारी हकीकत से अवगत कराया था। उन्होंने मंत्री को बताया कि हर थाने में 50-50 लाख रुपए महीने की वसूली सिर्फ रेत कारोबार से हो रही है। इनका कहना है कार्रवाई करेंगे खनिज मंत्री रेत कारोबारियों की समस्या लेकर मेरे पास आए थे। ऐसी कोई दिक्कत है तो हम उस पर उचित कार्रवाई करेंगे।
CM कमलनाथ का बड़ा आरोप, शिवराज सरकार ने किसानों के नाम पर 3 हजार करोड़ का घोटाला किया
30 January 2019
भोपाल। प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पूर्ववर्ती भाजपा सरकार पर 3 हजार करोड़ से ज्यादा घोटाले का आरोप लगाया है। कमलनाथ ने निशाना साधते हुए कहा कि किसानों के नाम पर शिवराज सरकार ने बड़ा घोटाला किया है। इस घोटाले में सीएम ने शासन को बैंक अधिकारियों के खिलाफ FIR करने के निर्देश भी दिए हैं। भोपाल में मीडिया से चर्चा में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि उन्होंने 3-4 जिलों के किसानों से मुलाकात की। किसान ऋण माफी योजना को लेकर उन्हें आ रही परेशानियों के बारे में उन्होंने बताया। किसानों ने ये भी बताया कि उन्होंने कर्ज लिया ही नहीं, फिर भी उनका नाम बकायादार की सूची में आ रहा है। ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं। इसी से समझ आ रहा है कि पिछली सरकार में फर्जी ऋण बांटा गया। ये बड़ा घोटाला है। उन्होंने कहा कि ये घोटाला 2 से 3 हजार करोड़ तक का घोटाला हो सकता है। कमलनाथ ने कहा- हम किसी को नहीं छोड़ेंगे। हम इसकी पूरी जांच करेंगे और दोषियों को सजा दिलाएंगे। कमलनाथ ने दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए। गौ शाला के मामले पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें इस बात से बहुत दुख पहुंचा कि पिछले 15 सालों में शिवराज सरकार ने एक भी गौ शाला नहीं बनाई। जबकि ये लोग खुद को बड़े गौ रक्षक होने का दावा करते हैं। कमलनाथ ने घोषणा की कि हम अपने वचन पत्र में किए वादे के मुताबिक 4 महीनों में 1000 गौ शाला बनाएंगे। हम हर माह इसकी समीक्षा भी करेंगे। उन्होंने ये भी बताया कि गौ शाला निर्माण से 1 लाख निराश्रित गोवंश को आसरा मिलेगा। कमलनाथ ने कहा कि हमारी सरकार गोल्फ कोर्स की सरकार नहीं है, इसलिए हमने गोल्फ कोर्स निरस्त करने का निर्णय लिया। राम मंदिर को लेकर हुए सवाल पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि जब चुनाव आते हैं तभी मोदीजी को राम मंदिर की याद आती है। साढ़े 4 साल में मोदी सरकार को कभी राम मंदिर की याद नहीं आई। उन्होंने ये भी बताया कि युवा स्वाभिमान स्वरोजगार योजना को जल्द कैबिनेट में पेश किया जाएगा।
Cold Wave In MP: यहां एक डिग्री हुआ तापमान, कारों पर जम गई बर्फ
29 January 2019
भोपाल/इंदौर/जबलपुर। कश्मीर में जारी बर्फबारी और उत्तरी हवाओं का असर पूरे प्रदेश में बना हुआ है। प्रदेश के अधिकतर शहरों में सोमवार को न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम रहा। वहीं, खजुराहो का न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस, नौगांव 3.0, बैतूल 3.5, दतिया 2.6 दर्ज किया गया। प्रदेश के अनेक शहरों में आठवीं तक के विद्यार्थियों की छुट्टी घोषित कर दी गई है। वहीं शाजापुर में भी ठंडी हवाओं का सितम जारी है। यहां आज का न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। यहां बच्चे पहले ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे और फिर उन्हें उल्टे पांव लौटा दिया गया। प्रशासन की लेटलतीफी के चलते समय पर नहीं जारी हो सका छुट्टी का आदेश। ऐसे में बच्चों को सुबह-सुबह कड़ाके की ठंड के बीच स्कूल पहुंचना पड़ा। विंध्य और महाकोशल में भी ठंड का सितम जारी है। डिंडोरी में तेज ठंड से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। यहां न्यूनतम तापमान एक डिग्री दर्ज किया गया है। कारों पर बर्फ की परत जम गई है। सुबह आठ बजे तक यहां कोहरा छाया रहा। सब्जी के साथ तेज ठंड की वजह से फसलें भी प्रभावित हो रही हैं। नरसिंहपुर में भी शीतलहर ने ठिठुरन बढ़ा दी है। वहीं सतना और आसपास के दूसरे जिलो में भी ठंड से राहत मिलती नहीं दिख रही है। तेज धूप के बाद भी सर्द हवाएं कपकंपाने पर मजबूर कर रही हैं। सोमवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 19.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 7 डिग्री कम है। वहीं, न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो कि सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस कम है। राजधानी में दिनभर शीतलहर चली। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हिमालयी क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ का असर प्रदेश में पड़ रहा है। वहीं आसमान खुलते ही हवाओं का रुख उत्तरी हो गया है। इससे वातावरण में नमी की मात्रा कम हुई और हवा की रफ्तार बढ़ी है। जिसके कारण ठंड का अहसास हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी 24 घंटे के अंदर सागर, उज्जैन, होशंगाबाद, ग्वालियर, चंबल, रीवा, जबलपुर और इंदौर संभाग के कुछ जिलों में तीव्र शीतलहर चलने की संभावना है। वहीं ग्वालियर, उज्जैन, होशंगाबाद, सागर, रीवा संभाग में पाला पड़ने की भी संभावना जताई गई है। भोपाल के स्कूलों में छुट्टी नहीं, पर समय बढ़ाया इधर, शीतलहर के बावजूद राजधानी के स्कूलों में अवकाश तो घोषित नहीं किया गया, लेकिन समय बढ़ा दिया गया है। कलेक्टर डॉ. सुदाम पी खाडे का कहना है कि मौसम विभाग से मंगवाई रिपोर्ट में उन्होंने मौसम के सामान्य होने की बात कही है, इसलिए स्कूलों में अवकाश नहीं दिया गया है। हालांकि, ठंड के चलते प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, रतलाम, सहित अन्य शहरों में स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। खंडवा में भी पहली से आठवीं कक्षा के लिए कलेक्टर ने घोषित किया अवकाश। मौसम विभाग का यह है पक्ष पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में मौसम शुष्क रहा। कुछ स्थानों पर कोल्ड-डे रहा तथा जबलपुर, सागर होशंगाबाद, भोपाल, इंदौर उज्जैन एवं ग्वालियर संभाग में शीतलहर चली। रीवा एवं शहडोल संभाग के कुछ जिलों में न्यूनतम तापमान में खासी गिरावट आई है। जबलपुर, सागर एवं होशंगाबाद संभाग के जिलों में भी न्यूनतम तापमान काफी गिरा है। शेष संभागों में कोई विशेष परिवर्तन नहीं रहा। चार बड़े शहरों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की स्थिति भोपाल19.36.4 इंदौर 20.17.3 जबलपुर 21.27.6 ग्वालियर 20.94.5
पिताजी ने कहा था, उस्ताद कभी मत बनना, हमेशा शागिर्द रहना
28 January 2019
भोपाल। मोबाइल पर इधर से जैसे ही उस्तादजी नमस्कार कहा गया, उधर से गूंज भरी आवाज उभरी... भाई मैं उस्ताद नहीं हूं। मुझे आप जाकिर या जाकिर भाई कहो। उस्ताद कभी बनना भी नहीं चाहूंगा, क्योंकि पिताजी ने कहा था कि उस्ताद बनने की कोशिश मत करना। हमेशा शागिर्द बने रहना, क्योंकि संगीत में इतनी गहराई है कि उम्र भर सीखते रहो तो भी कम है। इसलिए उस्तादी के मायाजाल में नहीं उलझना। मैं सोचने लगा कि जिस शख्स को दुनिया उस्ताद कहते नहीं थकती है, वो इस आसमानी कामयाबी के बावजूद किस कदर जमीन से जुड़ा है। ध्यान उनकी गूंज भरी आवाज पर भी गया, जिसका नाद तबले की नायाब थाप जैसा ही एहसास करा रहा था। बात हो रही है विश्वविख्यात तबला नवाज उस्ताद जाकिर हुसैन की। लाइव से विशेष चर्चा में उस्ताद ने कहा कि भोपाल और इंदौर शहर से कई खूबसूरत यादें जुड़ी हैं। पहली बार यहां आया था तब उम्र 12-13 साल रही होगी। लौटते समय मैं बाबा (उस्ताद अल्लारखा) के साथ ट्रेन से रतलाम की ओर जा रहा था। प्यास लगी तो बाबा एक स्टेशन पर पानी लाने उतर गए। वो पानी ला पाते, इससे पहले ही ट्रेन चल दी। उस दिन पहली दफा पिताजी को मैंने दौड़ते हुए देखा। किसी तरह उन्होंने ट्रेन तो पकड़ ली मगर इस बात का ध्यान रखा कि पानी भरे कुल्हड़ से पानी न छलक जाए वरना उनका बेटा प्यासा रह जाएगा। आज भी वो दृश्य यादकर अनजाने ही आंखें छलक उठती हैं। उल्लेखनीय है कि उस्ताद जाकिर हुसैन सोमवार को इंदौर में एक कार्यक्रम में प्रस्तुति देने आ रहे हैं। इंदौर में मिले वो पांच रुपए पिताजी को इंदौर में प्रोग्राम देना था उसमें पं. रविशंकर, उस्ताद अली अकबर खां, पं. ओंकारनाथ ठाकुर, उस्ताद बिस्मिल्ला खां और पं. कुमार गंधर्व भी परफॉर्म कर रहे थे। किसी ने पिताजी से पूछा आपका बेटा भी तो तबला बजाता है। फिर मुझे स्टेज पर बिठा दिया गया। मैंने सोलो बजाया तो लहरा देने के लिए हारमोनियम पर अप्पा झलगांवकर मौजूद थे। तब मेरा वादन सुनकर पं. ओंकारनाथ ने हाथ में पांच रुपए रखते हुए पूछा तुम मेरे साथ बंदिश बजाओगे? उन्होंने राग नट नारायणी की बंदिश बजाई थी। और वैसा ही हुआ पं. जसराज के साथ मैंने कई बड़े कंसर्ट्स में हिस्सा लिया। अमेरिका में एक कंसर्ट के दौरान किसी वजह से हारमोनियम वादक नहीं आ सका तो उन्होंने कहा जाकिर भाई तबले से हारमोनियम की कमी भी पूरी कर देंगे। इनके बाएं से भी सुर निकलता है और फिर कुछ ऐसा ही हुआ। तीन घंटे तक प्रोग्राम चला मगर क्या मजाल कि श्रोताओं को हारमोनियम की रत्ती भर कमी खली हो। मुझे लगता है कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि पं. जसराज को तबले की गहरी समझ है। शास्त्रीय गायन सीखने से पहले उन्होंने खूब तबला बजाया है। मैं बेस्ट तबला प्लेयर नहीं पं. सामता प्रसाद, किशन महाराज और पिताजी को मैं तबले का त्रिदेव मानता हूं। इन्होंने पेशकार, रेले, तिहाई, लग्गी, लड़ियां इस तरह बनाई हैं कि उनका जवाब नहीं है। इसलिए जब लोग कहते हैं कि आपकी वजह से तबला इतना मकबूल हो रहा है तो मैं उनसे इत्तेफाक नहीं रखता। आज भी 15-20 कलाकार ऐसे हैं जो मेरे बराबर या शायद मुझसे कहीं बेहतर बजा रहे हैं। जिनकी वजह से ये साज दुनिया भर में पसंद किया जा रहा है। अब तो अनुराधा पाल का अनुसरण कर कई लड़कियां कर रही हैं।
मध्‍यप्रदेश के मंत्री सज्‍जन सिंह वर्मा ने BJP को बताया रावण की वंशज
24 January 2019
भोपाल। प्रदेश के लोक निर्माण विभाग के मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा है कि हमने वचन पत्र के माध्यम से वचन को पूरा किया तो हम राम के वंशज हैं और जिन्होंने तीन चुनाव के वादों को नहीं निभाया वे रावण के वंशज हुए। भाजपा तीन चुनाव से किसानों के 50 हजार रुपए के कर्ज माफ करने का वादा कर रही थी, लेकिन कभी पूरा नहीं किया। इसलिए जो वचन नहीं निभाए, वह रावण का वंशज हैं। यह बात वर्मा ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में बुधवार को किसान विजय रथ यात्रा के शुभारंभ कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि जनता ने दिखा दिया है कि जो यथार्थ के धरातल पर किसान, नौजवान के हित की बात करेगा, वह उनके दिल और प्रदेश पर राज करेगा। किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश गुर्जर की विधानसभा चुनाव के पहले की गई यात्रा पर वर्मा ने कहा कि उससे किसानों में कांग्रेस के प्रति विश्वास जागा। किसान, महिलाओं, नौजवानों, दलित और शोषित लोगों ने सरकार बनाई है। लोस चुनाव के बाद किसान जो कहेगा वह होगा वर्मा ने कहा है कि किसानों का आभार जताने के लिए यात्रा निकाली जा रही है, जिससे उन्हें बताया जा सके कि किसान का बेटा कहने वाले ने 15 साल तक उनकी छाती पर मूंग दली है और असली किसानों की हितैषी पार्टी कांग्रेस है। वर्मा ने कहा कि यात्रा से किसानों को विश्वास दिलाएं कि लोकसभा चुनाव में केंद्र में कांग्रेस सरकार बनाने पर किसान जो कहेगा, वह सरकार करेगी। किसान ही नहीं, सेना के साथ भी भाजपा ने छल किया। रथ यात्रा स्थानीय नेताओं के जिम्मे किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश गुर्जर ने बीमारी का हवाला देते हुए कहा कि डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि वे भोपाल के आसपास के क्षेत्र में यात्रा के साथ रहेंगे और प्रदेशभर में स्थानीय किसान कांग्रेस नेता यात्रा संभालेंगे। कुल 41 दिन प्रदेश में घूमने के बाद पांच मार्च को यात्रा मनासा में पहुंचेगी, जहां इसका समापन होगा। इस मौके पर जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा, वाणिज्यिक कर मंत्री बृजेंद्र सिंह राठौर, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल, किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष नाना पटोले, एआईसीसी के सचिव महेंद्र जोशी, पीसीसी महामंत्री प्रशासन राजीव सिंह भी मौजूद थे।
मैडम...! वाट्सएप व फेसबुक के कारण नहीं हो रही पढ़ाई, कैसे पाएं छुटकारा
23 January 2019
भोपाल। मैडम! वाट्सएप व फेसबुक के कारण पढ़ाई नहीं हो पा रही है, इससे कैसे छुटकारा मिलेगा। जब भी वाट्सएप पर मैसेज आता है तो ध्यान वहीं चला जाता है, जबकि बोर्ड परीक्षा पास है। यह प्रश्न सीबीएसई स्कूल के एक छात्र ने माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की हेल्पलाइन में पूछा। काउंसलर ने उसकी परेशानी को समझते हुए सलाह दी कि परीक्षा तक आप मोबाइल से दूर रहें। जब पढ़ाई करते-करते थक जाएं तो थोड़ी देर मनोरंजन के लिए मनपसंद गाने सुन लें। इस समय सोशल साइट्स से बिल्कुल दूरी बना लें, नहीं तो आप परीक्षा पर केंद्रित नहीं हो पाएंगे। काउंसलिंग में एक विद्यार्थी ने पूछा कि स्कूल में गणित का कोर्स पूरा नहीं हो सका है। इसका रिवीजन नहीं हो पा रहा है। गणित में मैं कमजोर हूं, इसलिए परीक्षा से डर लग रहा है, कोई विशेषज्ञ का नंबर दे दीजिए। हेल्पलाइन में विषय से संबंधित शिक्षकों की पैनल विषयों का समाधान कर रही है। माशिमं की हेल्पलाइन में कई सीबीएसई स्कूल के विद्यार्थियों के भी व्यक्तिगत समस्याओं से संबंधित कॉल आ रहे हैं। एक जनवरी से शुरू हुई हेल्पलाइन में अब तक 4700 कॉल आ चुके हैं। काउसंलर्स का मानना है कि गणित विषय की तैयारी से संबंधित प्रश्न अधिक पूछे जा रहे हैं। अभी विद्यार्थियों को पढ़ाई पर पूरा ध्यान लगाना चाहिए, उन्हें टीवी या सोशल साइट्स से दूर रहना चाहिए। वहीं माशिमं द्वारा विषय विशेषज्ञों की पैनल बनाई गई है। यदि किसी भी विद्यार्थी को विषय संबंधी समस्या होती है, तो उसे संबंधित विषय के टीचर का नंबर देकर उसकी समस्या का समाधान किया जाता है। समय प्रबंधन कर करें तैयारी काउंसलर्स ने बताया कि लगभग एक माह का समय बचा है। ऐसे में समय प्रबंधन कर सभी विषयों को बराबर समय सीमा में बांटकर पढ़ाई करें। सभी विषयों की बराबर तैयारी करें। साथ ही रिवीजन के लिए लिखकर प्रयास करें तो परीक्षा के समय स्पीड भी बरकरार रहेगी। हेल्पलाइन में विद्यार्थियों द्वारा अभिभावकों द्वारा दबाव बनाने की शिकायतें भी आ रही हैं। जिस पर काउंसलर्स की अभिभावकों को सलाह है कि बच्चों पर पढ़ाई करने या अधिक नंबर लाने का दबाव नहीं बनाएं। इन हेल्पलाइन में नंबरों में करें संपर्क फोन नं. 0755-2570248, 2570258 टोल फ्री नंबर 18002330175 परीक्षा से संबंधित कॉल ज्यादा परीक्षा से संबंधित विद्यार्थियों द्वारा प्रश्न पूछे जा रहे हैं। अभी विषय विशेषज्ञों के लिए अधिक कॉल आ रहे हैं, साथ ही कुछ व्यक्तिगत समस्याओं से संबंधित प्रश्न भी विद्यार्थियों द्वारा पूछे जा रहे हैं
शिक्षा विभाग में प्रमुख पदों पर महिलाएं, फिर भी स्कूल जाने में छात्राएं पीछे
22 January 2019
भोपाल । प्रदेश में सरकारी स्कूलों में साल-दर-साल बच्चों की संख्या कम हो रही है। हर साल प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों में 3 से 4 लाख बच्चों की संख्या घट रही हैं। प्रदेश में चल रहे 'स्कूल चले हम' अभियान, 'बेटी पढ़ाओ' सहित अनेक योजनाओं में सालाना करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद सरकारी स्कूलों में बच्चों की दर्ज संख्या में बढ़ोतरी नहीं हो रही। हालात यह है कि पिछले दो सालों में छह लाख बच्चों ने सरकारी स्कूल छोड़ दिया है। शाला त्यागी (ड्राप आउट) बच्चों में छात्राओं की संख्या छात्रों के मुकाबले ज्यादा है। स्कूल शिक्षा विभाग ने यह रिपोर्ट जारी की है। वहीं, शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत गैर सरकारी संगठन प्रथम के वार्षिक सर्वेक्षण एनुअल स्टेटस ऑफ एजुकेशन रिपोर्ट (असर) में भी यह बात सामने आई है कि आठवीं में शाला त्यागी छात्राओं का प्रतिशत 26.8 है, जबकि छात्रों की संख्या 20.2 प्रतिशत है। हालांकि छात्राओं के नामांकन का प्रतिशत छात्रों के मुकाबले ज्यादा है, लेकिन स्कूल छोड़ने में भी छात्राएं आगे हैं। यह स्थिति तब है जब स्कूल शिक्षा विभाग में विभिन्न पदों पर महिलाएं ही प्रमुख हैं। इनमें स्कूल शिक्षा प्रमुख सचिव रश्मि अरुण शमी, लोक शिक्षण संचालनालय की आयुक्त जयश्री कियावत और राज्य शिक्षा केंद्र की संचालिका आईरिन सिंथिया हैं, फिर भी छात्राओं को स्कूल में आकर्षित करने में ये महिला अधिकारी पीछे हैं। बच्चों को लुभाने में 500 करोड़ खर्च करता है विभाग प्रदेश सरकार की सभी योजनाएं बच्चों को लुभाकर सरकारी स्कूल तक पहुंचाने की हैं। इसमें केंद्र सरकार द्वारा भी 500 करोड़ का बजट स्कूल चले हम अभियान के तहत दिया जाता है। सरकारी स्कूलों में बच्चों की दर्ज संख्या बढ़े, इसके लिए सरकार निःशुल्क किताबें, यूनिफार्म व साइकिल वितरण जैसी योजनाएं चला रही है। सिर्फ किताबों के लिए 200 करोड़ रुपए का कागज खरीदा जाता है। इसी तरह प्रत्येक बच्चे के हिसाब से गणवेश के लिए 600 रुपए व लगभग 2500 रुपए साइकिल खरीदने के लिए दिए जाते हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के आंकड़े प्रदेश में स्कूल की स्थिति - प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों की संख्या : 1,42,512 - 2016-17 में बच्चों की दर्ज संख्या : 72,04,678 2017-18 में बच्चों की दर्ज संख्या : 70,20,008 - 2016-17 में शाला त्यागी बच्चे : 4,18,844 इनमें छात्राएं - 2,53,252 व छात्र- 1,65,592 - वर्ष 2017-18 में शाला त्यागी बच्चे - 1,84,670 इनमें छात्राएं- 95,872, व छात्र- 88,798 असर की रिपोर्ट - नामांकन ड्रॉपआउट आठवीं कक्षा में छात्राएं (2018) 61 % 26.8 % आठवीं कक्षा में छात्र (2018) 59.4 % 20.2 % आठवीं कक्षा में छात्राएं (2016) 57.2 % 29.8 % आठवीं कक्षा में छात्र (2016) 55.4 % 20.2 % इनका कहना है हमारा प्रयास होगा कि अधिक से अधिक संख्या में बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ने जाएं। इसमें छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाने के लिए विभागों द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। साथ ही अभिभावकों को भी जागरूक किया जाएगा- प्रभुराम चौधरी, स्कूल शिक्षा मंत्री, मप्र सरकारी स्कूलों में आठवीं के बाद छात्राओं की संख्या ग्रामीण क्षेत्रों में कम होने का सबसे बड़ा कारण अभिभावकों के मन में बालिकाओं को लेकर असुरक्षा का भाव पैदा होना है। इसके अलावा उनकी शादियां भी कम उम्र में कर दी जाती है- सुनीता सक्सेना, शिक्षाविद्
महिला थाने में एक साल में दर्ज हुए 78 फीसदी दहेज प्रताड़ना के केस
21 January 2019
भोपाल। दहेज प्रथा पर रोक लगाने के लिए चाहे कितने भी कानून बन जाएं, लेकिन ऐसे मामलों में कमी नहीं आ रही है। राजधानी के महिला थाने में साल 2018 में सबसे अधिक दहेज प्रताड़ना के मामले दर्ज हुए हैं। एक साल में दर्ज हुए कुछ 177 अपराधों में से 139 दहेज प्रताड़ना के हैं। बता दें कि 78.5 प्रतिशत दहेज प्रताड़ना, 10.1 प्रतिशत मारपीट, 4.5 प्रतिशत दुष्कर्म के मामले दर्ज हुए हैं। वहीं छेड़छाड़ के 3.9 प्रतिशत मामले दर्ज किए गए हैं। इस साल देह व्यापार का भी एक मामला दर्ज हुआ है। शिकायत पर कराई जाती है काउंसलिंग काउंसलर का कहना है कि महिला थाने में पहुंचने वाली शिकायतों पर पहले परिवार परामर्श केंद्र में काउंसलिंग कराई जाती है। जब दोनों पक्ष तैयार नहीं होते, तब एफआईआर दर्ज की जाती है। सबसे पहले तीन से चार बार पति-पत्नी और बाद में घरवालों की भी काउंसलिंग की जाती है। जब मामला बिल्कुल नहीं संभलता, तब एफआईआर दर्ज की जाती है। केस-1 : 5 लाख रुपए और कार की मांग कोलार निवासी शकुंतला साहू (काल्पनिक नाम) ने शिकायत कर अपने पति योगेश साहू और ससुराल पक्ष के खिलाफ 5 लाख रुपए और एक कार मांगने को लेकर दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कराया। इनकी शादी को तीन साल हुए थे और ससुराल वाले महिला को शारीरिक व मानसिक रूप से दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे थे और मायके में छोड़ दिया था। केस-2 : ससुराल वालों पर दर्ज कराया केस अशोकागार्डन निवासी प्राची यदुवंशी (काल्पनिक नाम) की शादी डेढ़ साल पहले रेलवे में कार्यरत राजेश यदुवंशी से हुई थी। ससुराल वाले हमेशा दहेज की मांग करते थे। प्राची ने पति व ससुराल वालों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कराया। जबकि प्राची के घर वाले इस शादी में करीब 15 लाख रुपए खर्च कर चुके हैं। फैक्ट फाइल महिला थाना में साल 2018 में दर्ज मामले : 177 दहेज प्रताड़ना : 139 छेड़छाड़ : 07 दुष्कर्म : 08 मारपीट : 18 पीटा : 01 अन्य : 07 पहले काउंसलिंग कराते हैं थाने में आने वाली शिकायतों पर दो से तीन बार काउंसलिंग कराकर घर बचाने का प्रयास करते हैं, जब ससुराल वाले बिल्कुल नहीं मानते हैं, तब एफआईआर दर्ज की जाती है। पिछले साल सबसे अधिक दहेज प्रताड़ना के मामले दर्ज हुए हैं-
Madhya Pradesh में कर्मचारियों की पदोन्नति को लेकर उलझन में कमलनाथ सरकार
18 January 2019
भोपाल। प्रदेश के कर्मचारियों की पदोन्नति को लेकर राज्य सरकार उलझन में है। जहां कर्मचारी नई सरकार से पदोन्नति शुरू करने की आस लगाए बैठे हैं, वहीं सरकार लोकसभा चुनाव को देखते हुए बर्र के छत्ते में हाथ डालने से बच रही है। हालांकि हर स्तर पर कर्मचारियों को भरोसा दिलाया जा रहा है कि सरकार उनके साथ है और पदोन्नति शुरू करने के लिए हरसंभव कोशिश करेगी। गौरतलब है कि बीते 34 माह में प्रदेश में 36 हजार कर्मचारी बगैर पदोन्नति सेवानिवृत्त हो गए हैं। कमलनाथ सरकार ने 17 दिसंबर को कार्यभार संभाला है। सरकार को एक माह हो गया है, लेकिन अब तक कर्मचारियों की पदोन्न्ति पर सरकार का नजरिया स्पष्ट नहीं हुआ है। इससे कर्मचारियों में नाराजगी देखी जा रही है। वे विधि मंत्री और स्थानीय विधायक पीसी शर्मा से मिलकर पदोन्नति शुरू कराने का अनुरोध कर चुके हैं। उन्हें आश्वासन भी मिला है पर पदोन्नति शुरू होने की संभावना दिखाई नहीं देने से कर्मचारी कांग्रेस सरकार के खिलाफ भी मुखर होने लगे हैं। कर्मचारी चाहते हैं कि लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लगने से पहले सरकार फैसला ले, लेकिन वर्तमान में इसके आसार नहीं दिख रहे हैं। वोट बैंक की राजनीति के चलते भाजपा की तरह ही कांग्रेस सरकार भी इस मामले में कुछ भी करने से बच रही है। 34 माह में 36 हजार का हक छिना प्रदेश में पदोन्नति पर रोक लगे मार्च में तीन साल पूरे हो जाएंगे। यानी 34 माह से पदोन्नति पर रोक है। इस अवधि में करीब 55 हजार अधिकारी-कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए हैं। उनमें से 36 हजार को इसी अवधि में पदोन्नति मिलनी थी। उल्लेखनीय है कि 30 अप्रैल 2016 को जबलपुर हाई कोर्ट ने पदोन्नति में आरक्षण मामले में फैसला सुनाते हुए 'मप्र लोक सेवा (पदोन्नति ) अधिनियम 2002" खारिज कर दिया था। मई 2016 में राज्य सरकार ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी, जिस पर सुनवाई चल रही है। इस बीच 2006 में आए एम. नागराज प्रकरण में गलत फैसले का तर्क दिया गया, जिसकी सुनवाई कर संविधान पीठ ने फैसला सुना दिया है। अब नए सिरे से युगल पीठ ने इस मामले में सुनवाई शुरू की है। पहले ही सुना चुके थे व्यथा कर्मचारी विधानसभा चुनाव से पहले ही कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और अब मुख्यमंत्री कमलनाथ को अपनी व्यथा सुने चुके हैं। कानूनी लड़ाई में फंसकर पदोन्न्ति गंवा बैठे दोनों वर्ग के कर्मचारी भी सशर्त पदोन्नति के लिए तैयार हैं। पिछली सरकार ने दोनों पक्षों के इस प्रस्ताव को सुना, पर सहमति नहीं दी। हालांकि पूर्ववर्ती सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 62 साल करके इस विरोध को साधने की कोशिश की है। इनका कहना है संविधान पीठ ने अपने फैसले में सब साफ कर दिया है। इस हिसाब से जबलपुर हाई कोर्ट का अप्रैल 2016 को आया फैसला सही है। सरकार को उस फैसले को लागू करना चाहिए। यदि दिक्कत हो, तो सशर्त पदोन्नति तो शुरू करें। हमने विधि मंत्री को ज्ञापन सौंपा है। अजय जैन, संस्थापक सदस्य, सपाक्स संविधान पीठ फैसला सुना चुकी है। बिहार सरकार इस फैसले के संदर्भ में आदेश जारी कर चुकी है जिससे वहां पदोन्न्ति शुरू हो गई हैं। यहां भी सरकार को ऐसा ही करना चाहिए। यदि ऐसा करने में कोई अड़चन ही है, तो सरकार को सशर्त पदोन्नति देना चाहिए। इसे लेकर हम सीएम से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंप चुके हैं। विजय श्रवण, प्रवक्ता, अजाक्स
Madhya Pradesh में बंद नहीं होगी मीसाबंदी सम्मान निधि, सत्यापन के बाद मिलेगी
17 January 2019
भोपाल। मीसाबंदियों को दी जा रही मासिक सम्मान निधि कमलनाथ सरकार बंद नहीं करेगी। लोकतंत्र सेनानियों का भौतिक सत्यापन घर जाकर किया जाएगा। इस दौरान स्थानीय व्यक्तियों से पूछताछ भी की जाएगी। सब कुछ ठीक पाए जाने पर सम्मान निधि का भुगतान होना शुरू हो जाएगा। सत्यापन के लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को कमिश्नर और कलेक्टरों को निर्देश दिए। यह काम राजस्व निरीक्षक स्तर से कम का अधिकारी नहीं करेगा। प्रदेश में लगभग दो हजार व्यक्तियों को सरकार मीसाबंदी सम्मान निधि दे रही है। कांग्रेस ने वचन पत्र में इस योजना को बंद करने का वादा किया था। सामान्य प्रशासन विभाग ने कमलनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद इस योजना को लेकर निर्णय करने का प्रस्ताव भेजा था। सरकार ने मीसाबंदियों को दी जा रही सम्मान निधि पर रोक लगाते हुए पहले सत्यापन कराने का निर्णय लिया। सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को इसके आदेश जारी कर दिए। इसमें सभी कमिश्नर और कलेक्टरों से कहा गया है कि वे लोकतंत्र सेनानियों और दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों के आश्रित के भौतिक सत्यापन की कार्यवाही स्थल पर जाकर कराएं। यह कार्यवाही राजस्व निरीक्षक स्तर के कर्मचारी से कराई जाए। इस दौरान स्थानीय व्यक्तियों से पूछताछ भी हो। सत्यापन के बाद सम्मान निधि की राशि के वितरण किया जाए। उल्लेखनीय है कि मीसाबंदी सम्मान निधि बंद किए जाने की संभावना को देखते हुए लोकतंत्र के सेनानियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की चेतावनी दी थी। वहीं, सरकार योजना में किसी प्रकार का बदलाव करती है तो इसके लिए विधानसभा में संशोधन विधेयक लाना होगा, क्योंकि शिवराज सरकार ने लोकतंत्र सेनानी सम्मान निधि अधिनियम बना दिया है।
Organ Transplant Center: भोपाल में बनेगा प्रदेश का सबसे बड़ा ऑर्गन ट्रांसप्लांट केन्द्र
15 January 2019
भोपाल। ऑर्गन ट्रांसप्लांट के लिए प्रदेश का सबसे बड़ा सेंटर भोपाल में बनाने की तैयारी है। यहां पर हार्ट, लिवर, किडनी, कॉर्निया व अंगों का ट्रांसप्लांट हो सकेगा। चिकित्सा शिक्षा संचालनालय इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर रहा है। ईदगाह हिल्स में खाली पड़ी सरकारी जमीन पर यह केन्द्र बनाया जाना है। 2015 से प्रदेश में कैडेवर डोनेशन बढ़ा है। इसमें ब्रेन डेड मरीज (जिसके ब्रेन ने काम करना बंद कर दिया है) के अंग दान किए जाते हैं। इस मामले में पहले नंबर पर इंदौर और दूसरे नंबर पर भोपाल है। इसके चलते सरकारी आर्गन ट्रांसप्लांट सेंटर बनाने की जरूरत महसूस की जा रही थी। भोपाल प्रदेश के बीचों-बीच होने की वजह से यहां पर सेंटर बनाने की तैयारी है। चिकित्सा शिक्षा संचालनालय के अफसरों ने बताया कि हार्ट, लिवर, कॉर्निया, बोनमैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू होगी। बता दें कि एम्स समेत प्रदेश के किसी भी सरकारी अस्पताल में हार्ट, किडनी, लिवर ट्रांसप्लांट नहीं हो रहा है। इस वजह से मरीजों को निजी अस्पतालों में आर्गन ट्रांसप्लांट कराना पड़ रहा है। एम्स व हमीदिया समेत कुछ अस्पतालों में सिर्फ कार्निया का ट्रांसप्लांट हो रहा है। यह होगा फायदा -मरीजों का कम खर्च में आर्गन ट्रांसप्लांट हो जाएगा। य पीजी व सुपर स्पेशलिटी कोर्स की पढ़ाई करने वाले छात्र आर्गन ट्रांसप्लांट के बारे में सीख सकेंगे। -एक ही जगह पर सभी तरह के ट्रांसप्लांट होने मरीज और डॉक्टर दोनों के लिए आसानी होगी।
Rose exhibition: 7 हजार गुलाब के फूल शामिल, ये वैराइटी बनी किंग ऑफ द शो
14 January 2019
भोपाल। शहर वासियों को लिंक रोड़ नंबर एक पर न सिर्फ 'राजा' बल्कि 'रानी' से भी रूबरू होने का मौका मिला। इसके अलावा उन्हें राजकुमार से भी मिलने का मौका मिला। एक से बढ़कर एक चटख रंगों के गुलाब देखकर मन खिल गया। इन फूलों की खूबसूरती देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक रविवार को गुलाब उद्यान पहुंचे। गुनगुनी धूप के साथ फूल की दुनिया के साथ समय बिताना सुखद आनंद की अनुभूति दे गया। मप्र रोज सोसायटी की ओर से जारी 38वीं गुलाब प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसमें 450 लोगों की एंट्री आई थी, जिसमें सात हजार गुलाब के फूल शामिल थे। इस प्रदर्शनी में निर्णायक के तौर पर कोलकाता के संजय मुखर्जी, दिल्ली के एडवोकेट राहुल कुमार और पुणे रोज सोसायटी के रविंद्र भिड़े शामिल हुए। पिछले साल की तुलना में कम रहे गमले मप्र रोज सोसायटी के अध्यक्ष एसएस गद्रे ने बताया कि इस बार पिछले साल की तुलना में गमलों की एंट्री कम हुई है। इस बार करीब 100 गमले कम आए हैं। वहीं फूलों की ज्यादा एंट्री आई है। जोकि पिछले वर्ष से 1000 ज्यादा हैं। उन्होंने बताया कि 'किंग ऑफ द शो' शीर ब्लिस और 'क्वीन ऑफ द शो' समर स्नो को चुना गया। किंग ऑफ द शो का खिताब सिंगल फूल की कैटेगिरी में दिया जाता है, जबकि क्वीन ऑफ द शो का खिताब गुच्छे वाले फूलों की कैटेगिरी में मिलता है, वहीं प्रिंस ऑफ द शो मिनिएचर कैटेगिरी में और प्रिंसेज ऑफ द शो पॉलीयन कैटेगिरी में दिया जाता है। ऐसे ही रेड रोज, यलो रोज, पिंक रोज, सेंटेड और व्हाइट रोज जैसी कैटेगिरी भी होती हैं
MP CM Kamalnath: मंत्रियों को जिलों के प्रभार सौंपे, CM कमलनाथ ने जरूरी निर्देश भी दिए
12 January 2019
भोपाल। कमलनाथ मंत्रिमंडल के गठन के बाद सभी को इंतजार था कि आखिरकार किस मंत्री को कौन से जिले का प्रभार दिया जाएगा। काफी दिनों की अटकलों के बाद कमलनाथ ने मंत्रियों को जिलों का प्रभार सौंप दिया है। इसमें खास बात ये है कि मंत्रियों को अपने गृह जिलों से दूर रखा गया है। कमलनाथ सरकार ने जिलों का प्रभार सौंपने के साथ ही मंत्रियों को किसान कर्जमाफी, पाला प्रभावित किसानों की सुनवाई के अलावा किसानों और अन्य वर्गों से जुड़े मामलों पर संवेदनशीलता बरतने के निर्देश भी दिए। सरकार कर्जमाफी की प्रक्रिया 15 जनवरी से शुरू कर रही है, ऐसे में सरकार का सबसे ज्यादा फोकस इसी योजना को लेकर है। प्रभारी मंत्रियों की सूची इस प्रकार है -
जानिए क्यों 14 साल बाद राष्ट्रीय राजनीति में भेजे गए पूर्व सीएम शिवराज
11 January 2019
भोपाल। पिछले 13 साल से प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे शिवराज सिंह चौहान का मध्यप्रदेश में दखल कम करने की कोशिश परवान चढ़ने लगी है। बताया जाता है कि विधानसभा चुनाव में मिली पराजय से नाराज पार्टी शिवराज द्वारा नेता प्रतिपक्ष के चयन में हाईकमान के फैसलों को चुनौती देने से खुश नहीं थी। विधानसभा स्पीकर व डिप्टी स्पीकर चुनाव के फैसले को गलत बताना भी पार्टी को रास नहीं आया। विधायक दल में खुद को आगे करने और नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी पर बैठने जैसी छोटी-छोटी बातें हाईकमान तक पहुंचाई जा रही थीं। माना जा रहा है कि अब उन्हें किसी अन्य राज्य का प्रभार देकर प्रदेश की राजनीति से रोजमर्रा का होने वाला दखल खत्म कर दिया। मुख्यमंत्री बनने के बाद कमलनाथ ने जिस तरह शिवराज की तारीफ की उसकी शिकायतें भी दिल्ली तक पहुंचाई गईं। हाल ही में उन्होंने पाला पीड़ित क्षेत्रों में दौरा करने का कार्यक्रम भी बनाया है। वे यह भी चाह रहे थे कि लोकसभा चुनाव में उनकी सक्रिय भूमिका मध्यप्रदेश में दिखे। इन सब कारणों के चलते पार्टी ने शिवराज को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाकर राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय कर दिया। गौरतलब है कि 14 साल पहले वे राष्ट्रीय महामंत्री पद से प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए थे। तब से वे प्रदेश में काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय कार्यसमिति से ठीक पहले हुए इस फैसले का प्रदेश की राजनीति पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा।
मध्‍यप्रदेश में कर्जमाफी के लिए मात्र 5 हजार करोड़ का इंतजाम, भाजपा बनाएगी मुद्दा
10 January 2019
भोपाल।कांग्रेस के वचन पत्र में किसानों की कर्जमाफी का मुद्दा अहम था। सरकार में आते ही कांग्रेस ने कैबिनेट में फैसला भी कर लिया पर अनुपूरक बजट में इसके लिए कोई खास इंतजाम नहीं किया गया है। 35 हजार करोड़ रुपए की जरूरत है और पांच हजार करोड़ की व्यवस्था की गई है। विभिन्न् किसान संगठन भी कर्जमाफी में देरी से नाराज हैं और वे आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं। इधर, भाजपा किसान मोर्चे ने भी कर्जमाफी पर आंदोलन की चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री बनते ही कमलनाथ ने भी सबसे पहले कर्जमाफी की फाइल पर हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद किसानों का दो लाख रुपए तक का कर्जमाफ करने के दिशा-निर्देश जारी किए गए। माना जा रहा है कि लगभग 33 लाख किसानों को इस योजना का लाभ मिलेगा पर अनुपूरक बजट में की गई व्यवस्था से स्पष्ट है कि सरकार खाली खजाने में से इससे अधिक रकम कर्जमाफी के लिए नहीं निकाल सकती थी। ऊंट के मुंह में जीरा बराबर : अग्रवाल भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल का कहना है कि कांग्रेस ने वचन पत्र में जो वादा किया, उसके मुताबिक नियमित और डिफॉल्टर किसानों के सभी प्रकार के लोन यानी फसलीय और गैर फसलीय कर्ज माफ करना था, जिनके लिए पांच हजार करोड़ ऊंट के मुंह में जीरा समान है। दस दिन के बजाय सौ दिन में भी सौ किसानों के कर्ज माफ होने की प्रक्रिया का पालन सरकार नहीं कर पा रही है। हम किसानों से यही आग्रह करेंगे कि बैंक जाएं और पता लगाएं कि उनका दो लाख का लोन माफ हुआ या नहीं। लोकसभा चुनाव तक कांग्रेस कर्ज वसूली पर रोक लगा ले पर उसके बाद किसानों को प्रताड़ित करने का काम होगा। जैसा कर्नाटक में हो रहा है, जहां मात्र 800 किसानों का कर्ज माफ हुआ है।
मप्र विधानसभा: प्रजापति विधानसभा अध्यक्ष बने, ऐसे खारिज हुआ भाजपा का दावा
8 January 2019
भोपाल। गोटेगांव से कांग्रेस विधायक एनपी प्रजापति मप्र विधानसभा के अध्यक्ष होंगे। प्रोटेम स्पीकर ने भाजपा प्रत्याशी के प्रस्ताव स्वीकार नहीं करते हुए नियमों के तहत प्रजापति को अध्यक्ष घोषित कर दिया गया। इससे पहले मप्र विधानसभा में सदन में दूसरे दिन की कार्रवाई हंगामे का साथ शुरू हुई। विधानसभा में अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर ये हंगामा उस समय मचा जब प्रोटेम स्पीकर दीपक सक्सेना ने भाजपा प्रत्याशी विजय शाह का प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया। इस पर भाजपा विधायक नाराज होकर आसंदी तक पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। हंगामे के बीच प्रोटेम स्पीकर ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस के प्रत्याशी का प्रस्ताव पास नहीं होगा उसके बाद ही भाजपा का प्रस्ताव लिया जाएगा। लेकिन सदन में मत विभाजन की स्थिति नहीं बनीं और ऐसे में भाजपा प्रत्याशी का प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया जा सकता। लिहाजा एनपी प्रजापति विधानसभा के अध्यक्ष होंगे। भाजपा ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया है। इधर इससे पहले चर्चा थी कि संख्या बल में खुद को पिछड़ता देख भाजपा विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव से हट सकती है और विजय शाह अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। लेकिन हंगामे के बीच प्रजापति मप्र विधानसभा के नए स्पीकर बन गए। प्रजापति 4 बार के विधायक हैं और वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में से हैं।
भाजपा विधायकों ने भोपाल में किया सामूहिक वंदे मातरम गान
7 January 2019
भोपाल। अपनी पूर्व घोषणा के मुताबिक भाजपा विधायकों और नेताओं ने मंत्रालय के सामने स्थित उद्यान में सामूहिक वंदे मातरम गायन किया। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में हुए इस गायन में भाजपा के अधिकांश विधायक पहुंचे। इस मौके पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार कोई परंपरा तोड़ेगी तो उसका मजबूती से विरोध किया जाएगा। गौरतलब है कि भाजपा की पूर्ववर्ती सरकार ने हर महीने की पहली तारीख को वंदे मातरम गायन की परंपरा शुरू की थी, लेकिन प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनते ही ये परंपरा टूट गई। वंदे मातरम का गायन नहीं होने पर भाजपा ने जबर्दस्त विरोध किया और इससे कांंग्रेस बैकफुट पर आई और कमलनाथ सरकार ने इसे नए स्वरुप के साथ शुरू करने की बात कही। लेकिन इसी दौरान शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में मंत्रालय के सामने उद्यान में सामूहिक वंदे मातरम गाने की घोषणा की। इसी घोषणा के मुताबिक भाजपा के विधायकों ने सामूहिक वंदे मातरम का गायन किया। वंदे मातरम गायन की परंपरा टूटने पर शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा था कि अगर कांग्रेस को राष्ट्र गीत के शब्द नहीं आते हैं या फिर राष्ट्र गीत के गायन में शर्म आती हैए तो मुझे बता दें! हर महीने की पहली तारीख को वल्लभ भवन के प्रांगण में जनता के साथ वंदे मातरम मैं गाऊंगा। वंदे मातरम गायन के बाद शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भाजपा नेता मार्च करते हुए विधानसभा नहीं जाएंगे। क्योंकि सरकार ने वंदे मातरम अलग फॉर्म में शुरू किया है। उन्होंने ये भी कहा कि सरकार कोई परंपरा तोड़ेगी तो प्रचंड विरोध किया जाएगा।
मध्य प्रदेश में दोहराया जा सकता है कर्नाटक एपीसोड, बचने के लिए कांग्रेस ने उठाया ये कदम
5 January 2019
भोपाल। 15 साल बाद सरकार में लौटी कांग्रेस के लिए अगले चार-पांच दिन अग्नि परीक्षा से कम नहीं हैं। खुद के असंतुष्ट और सहयोगी दलों सहित निर्दलीय विधायकों को स्पीकर के चुनाव तक पार्टी एकजुट रखना चाह रही है। इसके लिए राजधानी के होटलों में ठहराने के इंतजाम भी किए गए हैं। उनसे मिलने-जुलने वालों पर नजर रखने के लिए कांग्रेस के लोगों को भी उनके साथ ही ठहराया जा रहा है। कांग्रेस को डर है कि भाजपा कर्नाटक की तरह उनके विधायकों को प्रलोभन में फंसा सकती है। कांग्रेस ने प्रदेश में सरकार बनाने के लिए राजभवन को अपने 114 विधायकों के साथ चार निर्दलीय, दो बहुजन समाज पार्टी और एक समाजवादी पार्टी के विधायकों के आधार पर बहुमत जताया था। कांग्रेस ने विधायकों के लिए की होटल में व्यवस्था मंत्रिमंडल गठन के बाद पनपे असंतोष और भाजपा द्वारा स्पीकर का चुनाव लड़ने की खबरों से कांग्रेस सहमी हुई है। मायावती द्वारा भी समर्थन वापसी की धमकी ने कांग्रेस की नींद उड़ा रखी है। कांग्रेस सूत्रों ने भी स्वीकार किया कि वह ऐसे सभी विधायकों के संपर्क में है। इधर एक लक्जरी होटल में रियल स्टेट कंपनी के नाम से कमरों की बुकिंग कराई गई है। इसमें कल से राजधानी पहुंचने वाले विधायकों को ठहराया जाएगा। सरकार गिराना चाहती है भाजपा: दिग्विजय पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया है कि भाजपा प्रदेश की कांग्रेस सरकार को गिराना चाहती है। उसके कुछ विधायक कांग्रेस विधायकों को खरीदने के लिए रुपए लेकर घूम रहे हैं। मगर कांग्रेस विधायक इतने कमजोर नहीं हैं कि वे बिक जाएं। दिग्विजय सिंह ने यह आरोप एक न्यूज चैनल के साथ बातचीत में लगाए हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि जिस तरह 2003 में वे अकेले पड़ गए थे, उसी तरह 2018 में शिवराज सिंह चौहान अकेले पड़ गए और भाजपा हार गई। कांग्रेस में सभी नेताओं के प्रयासों से प्रदेश में सरकार बन सकी है।
कांग्रेस का एक और वचन पूरा: आनंद और धर्मस्व को मिलाकर बनाया ये नया विभाग
4 January 2019
भोपाल। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कांग्रेस के वचन पत्र के एक और वादे को गुरुवार को पूरा कर दिया। सामान्य प्रशासन विभाग ने अध्यात्म विभाग के गठन की अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशन के लिए भेज दी। प्रदेश के इस 68वें विभाग में आनंद और धर्मस्व विभाग को समाहित (मर्ज) कर दिया गया। नया विभाग नर्मदा न्यास, ताप्ती, मंदाकिनी और क्षिप्रा नदी के न्यास का गठन, मध्यभारत गंगाजली निधि न्यास, पवित्र नदियों को जीवित इकाई बनाने के संबंध में कार्यवाही, राम वनगमन पथ में पड़ने वाले अंचलों का विकास सहित धर्मस्व और आनंद विभाग के अधीन आने वाले काम करेगा। सीएम बनने के बाद कमलनाथ ने अध्यात्म विभाग गठित किए जाने फैसला किया था, जिसे गुरुवार को मूर्त रूप दे दिया गया। इसमें धार्मिक न्यास और धर्मस्व व आनंद विभाग को मिला दिया। विभाग भारत व प्रदेश के मिश्रित संस्कृति के विकास के लिए प्रयास करेगा। विभाग के अंतर्गत वे सभी अधिनियम और नियम भी आएंगे, जो धर्मस्व विभाग के अधीन आते हैं। यह काम भी करेगा विभाग -धर्मस्थानों से जुड़े ऐतिहासिक स्थानों का रखरखाव। -धार्मिक स्थलों पर लगने वाले मेलों और आयोजनों पर भीड़ प्रबंधन एवं सुरक्षा की विशेष व्यवस्थाओं पर सुझाव देना। प्रदेश और बाहर के चिह्नित तीर्थस्थलों की यात्रा का प्रबंधन। - धार्मिक संस्थाओं की भूमि का प्रबंधन। पुजारी, महंत और कथावाचकों की नियुक्ति और उनको हटाना। -नगर, शहर और स्थानों को पवित्र घोषित करना।
Habibganj Station: फ्री हैंड तो छोड़ा नहीं, फिर पार्किंग में 1000 रुपए तक क्यों वसूल रहे
3 January 2019
भोपाल। हबीबगंज स्टेशन के री-डेवलपमेंट के लिए बंसल पाथ-वे हबीबगंज प्राइवेट लिमिटेड से रेलवे ने एग्रीमेंट ही तो किया है। फ्री हैंड तो नहीं छोड़ा है। फिर पार्किंग में यात्रियों से 1000-500 रुपए वसूल करने की शिकायतें संसद तक क्यों पहुंच रही हैं। आप (री-डेवलपमेंट कंपनी के अधिकारी की तरफ इशारा करते हुए) ये बंद करवा दो। हबीबगंज में वसूली का मामला काफी दिनों से गरमा रहा है। मेरे पास संसद, आम नागरिक और जनप्रतिनिधियों तक की शिकायतें हैं। ये चौथ वसूली बंद नहीं हुई तो परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना। हबीबगंज स्टेशन में बुधवार सुबह 11.58 बजे ये चेतावनी रेलवे बोर्ड की पैसेंजर सर्विसेस कमेटी के चेयरमैन रमेश चंद्र रत्न ने डेवलपर कंपनी के अधिकारियों को दी। चेयरमैन के साथ कमेटी के सदस्य सुरेंद्र भगत, पूजा विधानी, रमेश शर्मा और एडीआरएम अजीत रघुवंशी व सीनियर डीसीएम विनोद तमोरी थे। सभी ने हबीबगंज व भोपाल स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का जायजा लिया। कमियां मिलने पर फूड प्लाजा व स्टाल संचालकों पर 1 लाख 35 हजार रुपए का जुर्माना ठोंका। हबीबगंज व भोपाल स्टेशन में इन कमियों पर ठोंका जुर्माना 1- प्लेटफार्म-1 के मुख्य फूड प्लाजा में गंदगी मिली। कुछ खान-पान सामग्री खुली मिली। ज्यादातर पर प्रिंट रेट नहीं मिला। ऐसी खाद्य सामग्री भी थी, जिन्हें बेचने की अनुमति नहीं थी। -प्लेटफार्म 4-5 के फूड स्टालों में रेट लिस्ट, बिलिंग सुविधा, कर्मचारियों के मेडिकल प्रमाण पत्र, लाइसेंस नहीं मिले। एक स्टाल पर बदबूदार क्रीमरोल मिले। भोपाल स्टेशन के प्लेटफार्म-1 के रेलवे भोजनालय में भी ये कमियां मिलीं। एक फूड स्टॉल पर पेटिस में आलू का मसाला पुराना मिला। इन सभी कमियों को लेकर संचालकों पर जुर्माना लगाया। साथ ही सुधार करने चेतावनी दी। 2- हबीबगंज के प्लेटफार्म नंबर 4 व 5 पर यात्रियों ने बताया कि रैंप हटाने से बुजुर्ग व बीमार यात्री परेशान हैं। इस पर अधिकारियों से पूछा कि कब तक समस्या खत्म होगी। जवाब मिला कि सब-वे तैयार हैं, जल्द चालू कर देंगे। 3- हबीबगंज स्टेशन पर जीआरपी जवानों के लिए स्टेशन परिसर में अलग शौचालय नहीं होने की शिकायत मिली। इस पर बोले कि जवान शौच करने बाहर जाएंगे तो यात्रियों की सुरक्षा कौन करेगा। जल्द शौचालय बनवाओ। 4- मौके पर कई लोगों ने पार्किंग में अधिक वसूली की शिकायत की। इस पर जमकर भड़के। बोले- रेलवे बोर्ड में इस मुद्दे को उठाएंगे। ऐसा नहीं चलने देंगे। 5- हबीबगंज री-डेवलपमेंट के काम में देरी होना बताया और आपत्ति जताई। स्टेशन को वर्ल्ड क्लास बनाने के पहले पार्किंग में अधिक वसूली को बंद करने की चेतावनी दी। 6- भोपाल स्टेशन के बुक स्टालों पर सालों से बिकने वाली मैगजीन में भड़कीले फोटो होने को लेकर अश्लील पठन सामग्री बताई और न बेचने की सलाह दी। 7- भोपाल स्टेशन पर प्लेटफार्म व ट्रेनों के बीच अधिक गैप होने पर आपत्ति जताई। कहा- यात्री की जान जा सकती है। इसे ठीक करें। 8- भोपाल पर रिजर्वेशन रूम में गए, यात्रियों की कम संख्या होने पर आपत्ति ली। प्लेटफार्म 4 व 5 पर रेलनीर पानी की बोतल नहीं मिलने पर पूछताछ की। साफ-सफाई में कमियां मिलने पर बोले कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान में कमी नहीं रहनी चाहिए। इन सवालों के गोलमाल जवाब दिए - हबीबगंज की पार्किंग में 1000-500 रुपए की वसूली करने की शिकायत किसने की है, यह पूछने पर कहा कि नहीं बताएंगे। लेकिन शिकायत करने वाले झूठ नहीं बोलेंगे। - दो महीने में कमेटी ने यात्री सुविधाओं में क्या कमियां पाईं और क्या सुधार होंगे। इस पर कुछ नहीं बता पाए। - रेलवे बोर्ड के तत्कालीन चेयरमैन अश्वनी लोहानी व इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट कार्पोरेशन के एमडी एसके लोहिया द्वारा हबीबगंज को 31 दिसंबर 2018 तक वर्ल्ड क्लास बनाने के दावे और काम की जमीनी हकीकत के बारे में पूछा तो कहने लगे कि देरी हो रही है, बोर्ड में इस पर चर्चा करेंगे। हालांकि, एग्रीमेंट के मुताबिक काम पूरा होने की अवधि जुलाई 2019 है। पूर्व के दौरे की तरह ही खानापूर्ति की कमेटी के चेयरमैन व सदस्यों ने पूर्व में हुए दौरे की तरह ही खानापूर्ति की। कोई नई पहल या नई कार्रवाई नहीं की। निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानीय नेता हावी दिखे। स्टेशनों पर चली आ रही सालों पुरानी समस्याओं जैसे गंदगी, यात्रियों को बिल नहीं देने, बासी खाद्य सामग्री व रेलवे द्वारा निर्धारित से अलग सामग्री बेचने पर ही पूरा फोकस किया। ये नहीं चेतावनी दी कमेटी के चेयरमैन रमेशचंद्र रतन ने कहा कि केंद्र में नरेंद्र मोदी की सख्त सरकार है। हमें जो कमियां मिली हैं वे ठीक हुई है या नहीं, इसकी कभी भी मॉनीटरिंग कर सकते हैं। हमारे लोग सभी जगह हैं। इसलिए दौरे को गंभीरता से लें। चेयरमैन व सदस्यों की शाम को हबीबगंज डीआरएम दफ्तर में अधिकारियों के साथ बैठक हुई, जिसमें कमियों पर चर्चा हुई। इन पर लगाया जुर्माना हबीबगंज फूड प्लाजा पर 50 हजार व एक स्टाल संचालक पर 15 और दो स्टाल संचालकों पर 10-10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। इसी तरह भोपाल में आरआर भोजनालय पर 20 हजार, एचआर चोपड़ा, मेसर्स खिलौना स्टॉल, एक्सप्रेस फूड, हरिश तिवारी, एसके एंड संस व अन्य पर 5-5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। वहीं, सूत्रों का कहना है कि देर शाम को कुछ फूड प्लाजा व स्टाल संचालकों पर ठोका गया जुर्माना मान-मनव्वल के बाद माफ कर दिया है। लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई।
लोकसभा चुनाव में हार-जीत से तय होगा मंत्रियों का दमखम, सीटों की मिल सकती है जिम्मेदारी
2 January 2019
भोपाल । कमलनाथ मंत्रिमंडल के मंत्रियों की परीक्षा लोकसभा चुनाव में होने वाली है। वरिष्ठता और कनिष्ठता का भेद किए बिना मंत्री बनाने के बाद पार्टी अब लोकसभा चुनाव में पार्टी के क्षेत्रीय प्रत्याशी को मिलने वाली हार-जीत से उनका दमखम (क्षमता) तय करने का विचार कर रही है। दिग्गजों की सीटों को छोड़कर अन्य सीटों पर मंत्रियों को जिम्मेदारी देने की तैयारी है। मध्य प्रदेश में 15 साल बाद कांग्रेस सत्ता में लौटी है और अब उसकी नजरें लोकसभा चुनाव पर हैं। विधानसभा चुनाव के नतीजों को देखें तो कांग्रेस मुरैना, भिंड, ग्वालियर, गुना, दमोह, बालाघाट, मंडला, छिंदवाड़ा, राजगढ़, उज्जैन, रतलाम, धार, खरगोन, खंडवा लोकसभा क्षेत्रों में ही भाजपा के मुकाबले ज्यादा विधानसभा सीटें जीत सकी है, जबकि भाजपा ने सागर, टीकमगढ़, खजुराहो, सतना, रीवा, सीधी, होशंगाबाद, विदिशा, भोपाल, मंदसौर लोकसभा सीटों में कांग्रेस से ज्यादा विधानसभा सीटें जीती हैं। वहीं शहडोल, जबलपुर, देवास, इंदौर और बैतूल सीटों पर दोनों ही पार्टियों ने चार-चार विधानसभा सीटें जीती हैं। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस लोकसभा चुनाव में 24 सीटों का लक्ष्य लेकर रणनीति तैयार करने में जुटी है। इसके लिए मंत्रियों को भी लोकसभा सीट जिताने की रणनीति बनाए जाने पर विचार मंथन शुरू हुआ है। उनकी क्षमता को लोकसभा चुनाव में दी जाने वाली सीट की हार-जीत से जोड़े जाने की तैयारी है। हालांकि इसको लेकर संगठन स्तर पर पदाधिकारी चुप्पी साधे हैं। गौरतलब है कि इस तरह की रणनीति भाजपा सरकार भी हर चुनाव में अपनाती रही है। भाजपा के प्रभाव वाले क्षेत्र पर जोर सूत्रों का कहना है कि सागर, टीकमगढ़ और दमोह सीटों के लिए मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, बृजेंद्र सिंह राठौर, हर्ष यादव को जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। वहीं जबलपुर में लखन घनघोरिया, मंडला में ओंकार सिंह मरकाम, विदिशा में डॉ. प्रभूराम चौधरी, भोपाल में पीसी शर्मा व आरिफ अकील, देवास में सज्जन सिंह वर्मा, धार में उमंग सिंघार, बैतूल में सुखदेव पांसे, खरगोन व खंडवा में डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ व सचिन यादव तो इंदौर में दोनों मंत्री तुलसीराम सिलावट व जीतू पटवारी को लोकसभा चुनाव जिताने का जिम्मा सौंपने पर विचार चल रहा है। किस सीट पर कांग्रेस की कैसी स्थिति
माता-पिता समझें कि पढ़ाई कर रहा है, बच्चे ने किताब काटकर फिट कर दिया मोबाइल
28 December 2018
भोपाल। एक निजी स्कूल का 12वीं का छात्र दिन-रात मोबाइल पर चैटिंग करता था। इसलिए मां-बाप उसे टोकते रहते थे। उनकी डांट से बचने के लिए उसने किताब को काटकर उसमें मोबाइल फिट कर दिया। घरवालों को लगता बेटा सुधर गया है और पढ़ने लगा है। लेकिन जब वह छमाही परीक्षा में फेल हुआ, तब माता-पिता को उसके कारनामे का पता चला। यह मामला काउंसलिंग के लिए चाइल्ड लाइन में पहुंचा। काउंसलर्स ने माता-पिता और बच्चे की काउंसलिंग कर समझाइश दी। बच्चा साकेत नगर में रहता है। उसकी मां प्रोफेसर और पिता बैंक में कार्यरत हैं। तब बेटे की काउंसलिंग के लिए माता-पिता उसे लेकर चाइल्ड लाइन पहुंचे। बता दें कि चाइल्ड लाइन में एक माह में करीब 5 से 6 ऐसे मामले आ रहे हैं, जिसमें मोबाइल पर रोकटोक और पढ़ाई के डर से बच्चे घर छोड़ कर भाग रहे हैं। ऐसा करने वालों में 13 ये 18 वर्ष की उम्र के बच्चे शामिल हैं। चाइल्ड लाइन की काउंसलर्स का कहना है कि मोबाइल के लिए रोक-टोक करने पर आजकल बच्चे अग्रेसिव हो जा रहे हैं। ऐसे बच्चों की काउंसलिंग बहुत जरूरी है। ऐसे मामलों में बच्चों को चाइल्ड लाइन में अन्य बच्चों के साथ रखने के लिए भी अभिभावकों से कहा जाता है, ताकि वे दूसरे बच्चों की परेशानी को समझ सके। काउंसलिंग में कई ऐसे मामले आ रहे हैं। केस- 1 शाहपुरा निवासी 16 वर्षीय किशोरी अपनी मां की डांट से परेशान होकर घर छोड़कर चली गई थी। दो-तीन बाद झांसी से रेलवे चाइल्ड लाइन ने उसे सीडब्ल्यूसी में पेश किया। काउंसिलिंग में बालिका ने बताया कि उसकी मां उसे मोबाइल पर बात कम करने और पढ़ाई करने के लिए डांटती थी। जिससे परेशान होकर वह घर छोड़कर चली गई। केस-2 अशोका गार्डन निवासी 9वीं की छात्रा के माता-पिता ने चाइल्ड लाइन में शिकायत की कि उनकी बेटी रात-रात भर फोन पर बात करती है। मना करते हैं तो वह खुद को कमरे में बंद कर लेती है। सामान तोड़ने-फोड़ने लगती है। काउंसलिंग में छात्रा ने बताया कि मम्मी-पापा फोन पर बात करने से रोकते हैं, जो उसे अच्छा नहीं लगता है। केस-3 कोलार निवासी 11वीं के छात्र को पिता ने दिनभर मोबाइल पर चैटिंग करने से रोका तो वह घर छोड़कर ही भाग गया। वह मुंबई चला गया। करीब तीन से चार दिन बाद छात्र को भोपाल चाइल्ड लाइन लेकर आई। जब बच्चे की काउंसलिंग की गई तो उसने बताया कि पापा उसे मोबाइल पर चैटिंग के लिए डांटते और पढ़ाई के लिए कहते रहते थे। समझाइश देते हैं चाइल्ड लाइन में हर माह 5 से 6 किशोर बच्चों के भागने के मामले सामने आ रहे हैं, जिसमें वे मोबाइल पर रोक लगाने और पढ़ाई करने के लिए अभिभावकों से मिले डांट-फटकार के कारण बच्चे घर छोड़कर भाग रहे हैं। काउंसलिंग कर उनको समझाइश दी जाती है-
भोपाल: प्रोफेसर समेत तीन महिलाओं को लूटा, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात
27 December 2018
भोपाल। शहर में बाइक सवार लुटेरे फिर सक्रिय हो गए हैं। बुधवार को महिलाओं के साथ लूट के तीन मामले सामने आए हैं। अकेले कोलार में दोपहर को एक घंटे में दो वारदात हुईं। पहली लूट सीआई पार्क व्यू कोलार में रिटायर्ड डीजीएम की पत्नी के साथ हुई। उनका पर्स लूट लिया गया। दूसरी वारदात इसके एक घंटे बाद गुड शेफर्ड कॉलोनी में महिला प्रोफेसर के साथ हुई। बदमाश उनका मंगलसूत्र छीनकर फरार हो गए। जबकि तीसरी लूट बागसेवनिया में बुजुर्ग महिला के साथ हुई। बाइक सवार उनकी सोने की चेन छीनकर फरार हो गए। इन तीनों वारदात में बदमाशों का हुलिया एक जैसा होने की बात सामने आ रही है। सीसीटीवी में बदमाश कैद हो गए हैं, लेकिन फुटेज धुंधले हैं। पुलिस मामले दर्ज कर बदमशों को तलाश रही है। कोलार थाना प्रभारी एसआई नवीन पांडे के मुताबिक ऐश्वर्या मिश्रा (40) डीके-2 में रहती हैं। वह आईईएस कॉलेज रातीबड़ में प्रोफेसर हैं। बुधवार दोपहर वह कॉलेज की बस से लौटीं। दो बजे गुड शेफर्ड कॉलोनी चौराहे पर उतरकर वह घर के लिए पैदल जाने लगी। इसी दौरान बाइक सवार दो बदमाश आए और गले पर झपट्टा मारकर डेढ़ तोले का मंगलसूत्र ले उड़े। उसकी कीमत 32 हजार रुपए बताई जा रही है। बदमाशों की तस्वीर सीसीसीवी कैमरे में कैद हो गई है। लेकिन फुटेज धुंधले हैं। बाइक चला रहा बदमाश हेलमेट पहने हुए था, जबकि पीछे बैठा बदमाश सिर पर पगड़ी जैसा कुछ पहना हुआ था। बाइक पर नंबर नहीं था। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है लुटेरे से संघर्ष में रिटायर्ड डीजीएम की पत्नी घायल सीआई पार्क व्यू कोलार में रहने वाली 64 वर्षीय क्षमा भटनागर गृहिणी हैं। उनके पति जीके भटनागर दुग्ध संघ से डीजीएम पद से रिटायर हुए हैं। पीड़िता के परिवार का कहना है कि बुधवार दोपहर एक बजे क्षमा सामान लेकर मार्केट से घर लौट रही थी। रास्ते में एक पैदल बदमाश तेजी से उनके पास आया और झपट्टा मारकर पर्स छीनकर फरार हो गया। बुजुर्ग महिला ने बदमाश से संघर्ष किया, लेकिन वह सड़क पर गिरकर घायल हो गईं। पर्स में 700 रुपए थे। घर पहुंचने पर उन्होंने परिजनों को पूरा घटनाक्रम बताया। इस वारदात की सूचना उन्होंने पुलिस को नहीं दी है। महिला से पता पूछने के बहाने गले से चेन झपटी इधर बागसेवनिया में एक बुजुर्ग महिला से लूट का मामला सामने आया है। पीड़िता घर के बाहर धूप सेंक रही थी। इस दौरान बाइक सवार लुटेरे आए और पता पूछने के बहाने उनकी चेन लूटकर फरार हो गए। कौशल्या सोनी (62) 9-बी साकेत नगर में रहती हैं और गृहणी हैं। बुधवार की दोपहर को वे अपने घर के बाहर बैठकर धूप सेंक रही थी। इसी दौरान बाइक सवार दो बदमाश उनके पास पहुंचे। पता पूछने के बहाने एक बदमाश उनके नजदीक आया। महिला ने पते की जानकारी नहीं होने की बात कही, तभी बदमाश ने गले पर झपट्टा मारकर सोने की चेन खींच ली। महिला ने भी चेन हाथ से पकड़ ली और शोर मचाने लगी, तभी बदमाश मौके से भाग निकले। कौशल्या से टूटी हुई चेन का हिस्सा तो मिल गया, लेकिन तीन ग्राम वजनी सोने का पैंडल नहीं मिला है। इस मामले में भी बदमाशों का हुलिया वही बताया गया है, जो कोलार इलाके में वारदात करने वालों का बताया गया था।
तौलिए चोरी होने से तंग रेलवे अब मुसाफिरों को देगा ईको फ्रेंडली नैपकिन, ऐसे होगा खास
25 December 2018
भोपाल। ट्रेनों में तौलिए चोरी होने से परेशान रेलवे अब अपने यात्रियों को पर्यावरण फ्रेंडली डिस्पोजल नैपकिन देने की तैयारी कर रहा है। ये नैपकिन एक बार उपयोग होंगे। खुले में फेंकने पर ये पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। क्योंकि ये बायोडिग्रेडेबल होंगे। यानी पूरी तरह पर्यावरण फ्रेंडली होंगे। अभी ट्रेनों के एसी कोचों में सफर करने वाले यात्रियों को रेलवे द्वारा बेडशीट, कंबल के साथ तौलिए दिए जाते हैं। रेलवे एक यात्री के लिए एक तौलिए देता है। यात्री सफर के दौरान इन तौलियों का उपयोग करते हैं। बाद में रेलवे की गिनती में ये तौलिए कम निकलते हैं, रेलवे का तर्क है कि तौलिए चोरी हो जाते हैं। अभी हबीबगंज से हजरत निजामुद्दीन के बीच चलने वाली भोपाल एक्सप्रेस के एसी-1 और एसी-2 में यात्रियों को तौलिए मिलते हैं। अकेले भोपाल एक्सप्रेस में से सालाना 250 से लेकर 300 तौलिए चोरी हो जाते हैं। इसके पहले सालाना 800 से 1000 तौलिए चोरी होते थे। यही स्थिति देशभर में चलने वाली राजधानी, शताब्दी, दुरंतो एक्सप्रेस और मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में रहती है। इस समस्या को देखते हुए शनिवार भोपाल पहुंचे रेलवे बोर्ड के एडीशनल मेंबर (मैकेनिकल) अनिल अग्रवाल ने हबीबगंज डिपो में कहा कि अब ट्रेनों में यात्रियों को नैपकिन देना चाहिए। भोपाल एक्सप्रेस में भी उन्होंने तौलिए की जगह डिस्पोजल नैपकिन देने की बात कही है। ये होंगे डिस्पोजल नैपकिन के फायदे - चोरी होने की चिंता नहीं होगी। क्योंकि एक बार उपयोग करने के बाद ये दोबारा उपयोग करने योग्य नहीं बचेगी। - तौलिए की तरह धुलाई की चिंता नहीं होगी। अभी तौलिए को धुलना पड़ता है। एक बार में तौलिए को धुलने में 2 से 3 रुपए का खर्च आता है। जबकि डिस्पोजल नैपकिन की कीमत 2 से ढाई रुपए की होती है। ऐसे में नैपकिन ही ज्यादा ठीक हो सकते हैं। - कई बार तौलिए ठीक से साफ नहीं होते, इसके कारण यात्रियों को उपयोग करने में संकोच होता है। नैपकिन के साथ यह स्थिति नहीं होगी। - ज्यादातर यात्री पुराने तौलिए का उपयोग करना ठीक नहीं समझते। ऐसे यात्री खुद साथ में तौलिए लेकर सफर करते हैं। इन यात्रियों को आशंका रहती है कि किसी दूसरे के द्वारा उपयोग किए गए तौलिए को ठीक से धोया नहीं होगा। कई बार तो रेलवे को तौलिए से बदबू तक आने की शिकायत मिल चुकी है। - तौलिए चोरी होने पर संबंधित ट्रेन में चलने वाले अटेंडर के वेतन से उसकी कीमत वसूली जाती है, इसके कारण उन्हें नुकसान होता है। नैपकिन देने से यह समस्या खत्म हो जाएगी। ये हो सकती है दिक्कत अभी एक यात्री को एक तौलिए दिए जाते हैं, जिसका वह सफर के दौरान कई बार उपयोग करता है। लेकिन नैपकिन का एक बार ही उपयोग किया जा सकता है। ऐसे में एक यात्री को एक से अधिक नैपकिन देने होंगे। यात्रियों से लिया जाएगा फीडबैक रेलवे बोर्ड के अधिकारियों की माने तो तौलिए की जगह नैपकिन देने के बाद रेलवे यात्रियों से फीडबैक लेगा। फीडबैक में यात्रियों ने नैपकिन को उचित बताया तो ही नैपकिन देने वाली व्यवस्था को स्थाई रूप से लागू किया जाएगा।
प्रदेश के सबसे बड़े हॉस्पिटल में नहीं हो पा रही बेसिक जांचें
23 November 2018
भोपाल, हमीदिया-सुल्तानिया बिस्तरों के लिहाज से प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल हैं। दोनों अस्पतालों में मिलाकर हर दिन करीब 70 ऑपरेशन होते हैं। लेकिन, इनकी सर्जरी तभी हो सकती है, जब जांचें बाहर से कराकर लाएं। वजह है, हमीदिया अस्पताल में करीब महीने भर से एक दर्जन जरूरी जांचें बंद हैं। किट नहीं होने की वजह से यह जांचें नहीं हो पा रही हैं। ओपीडी में आने वाले मरीजों में हर दिन करीब 200 मरीज बिना जांच लौट रहे हैं। बजट की कमी के चलते किट की खरीदी नहीं हो पा रही है। दो महीने पहले भी इसी तरह की दिक्कत हुई थी। इसके बाद कुछ दिन के लिए किट आ गईं। अब फिर से वही हालात बन गए हैं। मरीजों को आधी जांचें हमीदिया में और उतनी ही बाहर से करानी पड़ रही हैं। एक जांच पर 150 से लेकर 450 रुपए तक खर्च होते हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत इमरजेंसी में आने वाले या भर्ती मरीजों को हो रही है। अपरान्ह 3 बजे से अगले दिन सुबह 9 बजे तक इन मरीजों की सिर्फ सुगर व इलेक्ट्रोलाइट (सोडियम व पोटेशियम) की जांच की जाती है। यह जांचें नहीं हो रहीं ट्राइग्लिसराइड : खून को गाढ़ा करने वाला तत्व कोलेस्ट्रॉल : नसों को ब्लॉक करने वाले तत्व की जांच बिलीरुबिन (टोटल व डायरेक्ट) : पीलिया की जांच सीरम एल्केलाइन फॉस्फेट : लिवर की जांच सीपीके एमबी : नसों में ब्लॉकेज का रिस्क पता करने के लिए यूरिया : किडनी की बीमारी, आर्थराइटिस व अन्य की जांच के लिए क्रेटनिन : किडनी की बीमारी एचबीए 1सी : डायबिटीज की जांच सीरम एसिड फॉस्फेट : किडनी की जांच - कई जरूरी जांचें आज तक शुरू ही नहीं हुईं हमीदिया अस्पताल की सेंट्रल पैथोलॉजी लैब में हमीदिया-सुल्तानिया के मरीजों की जांच की जाती है। करीब 250 मरीजों की हर दिन 1500 से 1800 जांचें यहां की जाती हैं। मेडिकल कॉलेज होने के बाद यहां कई जरूरी जांचें नहीं हो रही हैं। डॉक्टर निजी लैब से जांच कराने की सलाह देते हैं। विभिन्न विभाग के डॉक्टर हर दिन करीब 40 मरीजों को विटामिन डी व विटामिन बी-12 की जांच कराने की सलाह देते हैं। हमीदिया में यह जांच नहीं हो रही हैं। प्रोस्टेट कैंसर का पता करने के लिए पीएसए, किडनी की बीमारी पता करने के लिए माइक्रो एल्बुमिन साधारण जांचें हैं, जो हमीदिया में नहीं हो रही हैं।
ऑनलाइन ठगी की जांच के लिए अमेरिकी जांच एजेंसी FBI भोपाल पहुंची, मामले से जुड़े अहम साक्ष्य सौंपे
20 November 2018
भोपाल, अमेरिका की खुफिया एजेंसी एफबीआई की टीम सोमवार को भोपाल पहुंची और साइबर क्राइम भोपाल के अफसरों से मुलाकत की। उनका भोपाल आने का एक ही मकसद है कि इंद्रपुरी में संचालित कॉल सेंटर द्वारा अमेरिकी और कैनेडियन नागरिकों से हुई धोखाधड़ी के आरोपितों की गिरफ्तारी की जा सके। एफबीआई की टीम ने ठगी के शिकार अमेरिकी नागरिकों के बयान भी साइबर क्राइम को सौंप दिए हैं। टीम ने भरोसा दिलाया है कि उनको किसी भी नागरिक के बारे में जानकारी चाहिए तो वह वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए ले सकते हैं। यह पहला मौका है कि किसी आपराधिक मामले को लेकर एफबीआई भोपाल पहुंची है और साइबर क्राइम के साथ मिलकर जांच कर रही है। इस ठगी के खुलासे के लिए सायबर पुलिस को अमेरिकी एजेंसी एफबीआई से प्रशंसा पत्र और स्मृति चिह्न भी मिला है। बता दें कि भोपाल के इंद्रपुरी में अवैध कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था। जहां पर साइबर क्राइम ने 31 अगस्त को छापा मारा तो लोगों के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी के काफी साक्ष्य बरामद किए थे। वहीं पर पुलिस को अमेरिका के नागरिकों का डाटा भी मिला था, जिन्हें ठगी का शिकार बनाया गया था। अभी इस मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। इसके साथ ही जयपुर में भी इसी प्रकार के रैकेट का खुलासा किया गया था। एफबीआई की टीम ने सौंपे अहम साक्ष्य अमेरिका की खुफिया एजेंसी एफबीआई ने सोमवार को ठगी के शिकार हुए अमेरिकी नागरिकों कथन, अपराध में उपयोग किए गए फर्जी ईमेल, आईडी, अमेरिका के नाािगरिकों को भेजे जा रहे फर्जी दस्तावेज, अरेस्ट वारंट, जब्त अमेरिकन नागरिकों का डाटा वेरीफिकेशन कर साक्ष्य साइबर क्राइम को सौंप दिए। पिछले दिनों ही साइबर क्राइम की स्पेशल डीजी अरुणा मोहन राव अपनी टीम के साथ दिल्ली गई थीं। जहां एफबीआई टीम को इस धोखाधड़ी के बारे में जानकारी दी गई थी। एफबीआई ने नई शिकायतें भी सौंपी साइबर क्राइम के एसपी राजेश सिंह भदौरिया का कहना है कि एफबीआई की टीम भोपाल पहुंची है। एफबीआई के अफसर सुहैल दाउद ने अमेरिकन नागरिकों द्वारा की नई शिकायत की गई थी । जिनको भी साइबर क्राइम को सौंप दिया। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि जिनके साथ धोखाधड़ी हुई थी। वह साइबर क्राइम को वीडियो कान्फ्रेसिंग के जारिए जानकारी के उपलब्ध रहेंगे। एफबीआई के अफसर ने साइबर क्राइम के अफसरों से भी मुलाकत की और भरोसा दिलाया कि आगे भी इस प्रकार की ठगी में आगे भी कोई मदद की जरूरत हो तो वह मदद को तैयार हैं। अमेरिकी लैंग्वेज में आस्ट्रेलियन तथ्य थे एफबीआई के अफसर सुहैल दाउद ने साइबर क्राइम को बताया कि आरोपियों द्वारा जो पीड़ितों को भेजे गए अरेस्ट वारंट फर्जी थे। उनमें अमेरिकी लैंग्वेज के साथ आस्ट्रेलियन तथ्यों को भी जोड़ा गया था, जिसे पीड़ित समझ नहीं पाए और जालसाजी का शिकार हो गए। अब एफबीआई वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अमेरिका में बैठे पीड़ितों के बयान जिला अदालत में दर्ज कराएगी।
भोपाल: सीएम शिवराज का विरोध करने वाले पूर्व विधायक गिरिजाशंकर शर्मा की भाजपा में वापसी
15 November 2018
भोपाल। पूर्व विधायक और भाजपा से निष्कासित किए गए पूर्व विधायक गिरिजाशंकर शर्मा की भाजपा में वापसी हुई है। भाजपा के प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे ने गिरिजाशंकर शर्मा की वापसी कराई। गिरिजाशंकर शर्मा ने नर्मदा में अवैध उत्खनन को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तक का विरोध किया था। हालांकि पार्टी ने उनका निलंबन वापस ले लिया है। आपको बता दें कि गिरिजाशंकर शर्मा विधानसभा अध्यक्ष सीतासरन शर्मा के भाई हैं और पूर्व विधायक हैं। नगरीय निकाय चुनाव के दौरान उन्होंने पार्टी से बगावत की थी जिसके चलते भाजपा ने उन्हें 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया था। लेकिन गुरुवार को उनकी ससम्मान पार्टी में वापसी हुई। उनके साथ 10 अन्य लोग की भी पार्टी में वापसी हुई। इस दौरान भाजपा के प्रदेश कार्यालय में विनय सहस्त्रबुद्बे के अलावा संगठन महामंत्री सुहास भगत, विनोद गोटिया, ब्रजेश लूनावत और अन्य नेता मौजूद थे। गिरिजाशंकर ने सीएम शिवराज सिंह के खिलाफ बुधनी में हुए कांग्रेस के जल सत्याग्रह में भी हिस्सा लिया। वे बुधनी से ही कांग्रेस से टिकट चाह रहे थे, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला। बाद में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा के बाद उनकी वापसी तय हुई। गिरिजाशंकर की वापसी से भाजपा को होशंगाबाद में लाभ मिलेगा। क्योंकि फिलहाल होशंगाबाद से डॉ. सीतासरण शर्मा के खिलाफ पूर्व मंत्री सरताज सिंह मैदान में हैं।
भोपाल: जीका का कहर जारी, 15 नए मरीज सामने आए
13 November 2018
भोपाल, शहर में जीका वायरस का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। सोमवार को इससे पीड़ित 15 नए मरीज सामने आए हैं। एम्स भोपाल में हुई जांच में उनमें जीका वायरस होने की पुष्टि हुई है। अंतिम जांच के लिए यह नमूने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) पुणे भेजे गए हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही बुखार व लार्वा सर्वे में लगी टीमों की संख्या कम होती जा रही है। शुरू में 165 टीमें लगी थीं, पर अब सिर्फ 125 टीमें ही काम कर रही हैं। टीम कम होने के चलते जीका प्रभावित जगह से सिर्फ एक किमी के दायरे में छिड़काव किया जा रहा है। नेशनल वेक्टर बार्न डिसीज कंट्रोल प्रोग्राम (एनवीडीसीपी) की गाइड लाइन के अनुसार प्रभावित जगह से तीन किमी के दायरे में सर्वे जरूरी है। 15 नए मरीज मिलने के साथ ही भोपाल में जीका पीड़त मरीजों की संख्या 44 हो गई है। इनमें 39 मरीज पिछले पांच दिन में मिले हैं। इन मरीजों के घरों व दफ्तरों के तीन किमी के दायरे में बुखार व लार्वा सर्वे करने के लिए कम से कम 400 टीमों की जरूरत है। कर्मचारी कम होने की वजह से टीमें नहीं बढ़ाई जा रही हैं। लिहाजा अब सर्वे का दायरा कम कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि चारों ओर एक किमी के दायरे में सर्वे किया जा रहा है। हालांकि, हकीकत यह है कि 400 मीटर के दायरे में आने वाले घरों में ही सर्वे किया जा रहा है। ऐसे में मरीजों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। कोचिंग, स्कूल और दफ्तरों से मिल रहा जीका का संक्रमण चार इमली क्षेत्र में जीका का पहला मरीज मिला था। उसके साथ कोचिंग में पढ़ने वाले गौतम नगर एक छात्र भी जीका की चपेट में आ गया। कोचिंग से उसे जीका का संक्रमण मिला। भोपाल में मिले अभी तक मरीजों में 60 फीसदी स्कूल, कॉलेज या दफ्तर जाने वाले हैं। जीका मच्छर दिन में काटता है। लिहाजा घर की जगह बाहर से उन्हें संक्रमण का खतरा ज्यादा है, लेकिन टीमें कम होने की वजह से स्वास्थ्य विभाग सिर्फ प्रभावित मरीज के घर के एक किमी दायरे में ही सर्वे करा रहा है। सोमवार को कहां कितने मिले नए मरीज भोपाल- 15 सीहोर- 20 विदिशा- 31 नरसिंहपुर- 1 रायसेन- 3 सागर- 1 भोपाल से भेजे गए नमूने- 20 प्रदेश में अब तक लिए गए नमूने- 241 जीका से संक्रमित मरीजों की संख्या- 109 गर्भवती महिलाएं- 11 जांच रिपोर्ट आना बाकी- 43 मौत- 2 इनका कहना है जीका से संक्रमित 109 मरीज मिले हैं, लेकिन किसी की मौत नहीं हुई है। इस वायरस से मौत नहीं होती। हां, गर्भवती महिला के संक्रमित होने पर शिशु का सिर छोटा हो सकता है। इसके लिए संक्रमित मिलीं गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी कराई जा रही है। उन्हें प्रसव होने तक निगरानी में रखा जाएगा
MP Election 2018 भाजपा ने जारी की 177 उम्मीदवारों की सूची
2 November 2018
भोपाल। भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार सुबह मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अपने 177 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में हुई बैठक के बाद नाम तय किए गए। इस लिस्ट में 2 वर्तमान मंत्री और 27 विधायकों का टिकट कट गया है। मंत्री माया सिंह का टिकट गया गया है उनकी जगह पर ग्वालियर ईस्ट से सतीश सिकरवार को उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं मंत्री गौरीशंकर शेजवार की जगह उनके बेटे मुदित को सांची से टिकट दिया गया है। जिन सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की गई है उसमें इंदौर की सीटों सहित कैलाश विजयवर्गीय की सीट महू और भोपाल में बाबूलाल गौर की सीट शामिल हैं। ये हैं बड़े नाम - बुधनी से शिवराज सिंह चौहान - मुरैना से रुस्तम सिंह - गोहद से लालसिंह आर्य दतिया से नरोत्तम मिश्रा - शिवपुरी से यशोधरा राजे सिंधिया दमोह से जयंत मलैया - विजयराघवगढ़ से संजय पाठक बालाघाटा से गौरीशंकर बिसेन - हरदा से कमल पटेल - भोपाल दक्षिण-पश्चिम से उमाशंकर गुप्ता - देवास से गायत्री राजे पवार - हरसूद से विजय शाह - शहपुरा से ओमप्रकाश धुर्वे - बुरहानपुर से अर्चना चिटनीस - सेंधवा से अंतर सिंह आर्य - धार से नीना वर्मा - उज्जैन उत्तर से पारस जैन
नहीं पड़ेगी सर्जरी की जरूरत, सिर्फ एक इंजेक्शन से दूर होगा हर मर्ज से जुड़ा दर्द
8 October 2018
भोपाल। कैंसर का दर्द, जोड़ों का दर्द, रीढ़ की हड्डी का दर्द, ऑपरेशन के बाद का दर्द या हर तरह के न्योरोलॉजिकल दर्द का इलाज अब आसानी से हो सकेगा। इसके लिए सर्जरी की जरूरत नहीं होगी। सिर्फ एक इंजेक्शन से ही असहनीय दर्द को दूर किया जा सकता है। यह संभव है इंटरनेशनल पेन मैनेजमेंट के जरिए। यह बात रविवार को हमीदिया अस्पताल में आयोजित वर्कशॉप में इंटरनेशनल पेन विशेषज्ञ डॉ. कैलाश कोठारी फोर्टिस अस्पताल मुंबई और गांधी चिकित्सा महाविद्यालय के डॉ. जयदीप सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि दर्द की जांच कर बीमारी का पता लगाया जाता है। जिस जगह पर असहनीय दर्द है, वहां पर विशेष दवा का इंजेक्शन लगाया जाता है। इसके बाद यह दर्द हमेशा के लिए खत्म हो जाता है। इसे पेन मैनेजमेंट थैरेपी कहा जाता है। हमीदिया अस्पताल के डॉ. जयदीप सिंह ने कहा कि दर्द नस दबने से होता है। सर्जरी में दर्द के कारक को काटकर अलग कर दिया जाता है, लेकिन इससे उस पूरे अंग को नुकसान होता है। पेन मैनेजमेंट में एक निडिल के आकार का कैमरा दर्द की मूल जड़ तक भेजा जाता है। वजह पता करने के बाद नस के उस सटीक स्थान पर इंजेक्शन से दवा डाली जाती है। इस वर्कशॉप का आयोजन निश्चेतना विभाग गांधी चिकित्सा महाविद्यालय के विभागाध्यक्ष द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि अब हमीदिया अस्पताल में इस तरह की अत्यधिक सुविधाएं पेन क्लीनिक में प्रत्येक सोमवार उपलब्ध रहेंगी।
भोपाल उत्‍तर सीट पर मतदाताओं की नाराजगी भेद सकती है कांग्रेस का किला
3 October 2018
भोपाल। बीते बीस सालों से अभेद किले के रूप में राजधानी की उत्तर विधानसभा कांग्रेस की मजबूत सीट मानी जाती है। वर्ष 1998 से इस सीट से कांग्रेस विधायक आरिफ अकील का कब्जा रहा है। लेकिन इस बार के विधानसभा चुनावों में जीत बरकरार रखना कांग्रेस के लिए मुश्किल होगा। करीब 1 लाख 26 हजार मतदाताओं के इस क्षेत्र में सालों पुरानी समस्याएं आज भी जस की तस है। राजधानी के सबसे पिछड़े क्षेत्र में से एक उत्तर सीट पर आज भी मुद्दे मूलभूत आवश्कताओं से जुड़े हैं। मुस्लिम बाहुल्य इस विधानसभा में पानी की किल्लत, ट्रैफिक,अव्यवस्थित बसाहट, अवैध कब्जे और गरीबी के साथ-साथ गैस पीड़ितों की भी समस्याएं हैं। हालांकि यहां मुद्दों से ज्यादा जातिगत समीकरण ही जीत-हार तय करते हैं। अल्पसंख्यकों में विधायक आरिफ अकील की बेहद गहरी पकड़ मानी जाती है लेकिन इस बार क्षेत्र में उनकी निष्क्रियता भी लोगों में नाराजगी की बड़ी वजह है। वहीं इस बार भाजपा ने सीट पर पकड़ बनाने के लिए पार्षदों के माध्यम से पिछली बार की अपेक्षा ज्यादा काम कराया है। मुस्लिम समुदाय में पकड़ ली जीत की राह पुराने भोपाल के इस विधानसभा क्षेत्र के 2008 और 2013 के चुनावी आंकड़ों में नजर डाली जाए तो छह हजार के आसपास ही जीत का आकड़ा रहा है। वहीं कुछ हद तक निर्णायक भूमिका में सिख, सिंधी और एससी वर्ग के मतदाता भी अपनी अहम भूमिका निभाते हैं। बीते चुनावों की तर्ज पर इस बार भी भाजपा मुस्लिम उम्मीदवार पर दांव खेल सकती है। भाजपा के अल्पसंख्यक नेताओं में रशीद खान उजीजुउद्दीन व ऐजाज खान बीते एक साल से क्षेत्र में सक्रिय है। वहीं रमेश शर्मा, पंकज चौकसे, महेश मकवाना, आलोक शर्मा, हरदीप सिंह भी भाजपा की ओर से दावेदार हैं। गैस पीड़ितों में भी रोष उत्तर विधानसभा में गैस पीड़ित मतदाताओं की संख्या कम नहीं है लिहाजा पेंशन, रोजगार और गैस राहत के अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी भी एक बड़ा मुद्दा है। गैस राहत से जुड़े आधा दर्जन संगठन लगातार सरकार के खिलाफ लामबंदी कर रहे हैं। मतलब साफ है कि भाजपा सरकार पर गैस पीड़ितों का रोष भारी पड़ सकता है। अब तक इस क्षेत्र के गैस पीड़ितों का वोट बैंक कांग्रेस के पाले में रहा है। लेकिन स्थानीय विधायक की क्षेत्र में ज्यादातर गैर मौजूदगी और व्याप्त समस्याओं के कांग्रेस से यह वर्ग खफा है। उत्तर विधानसभा में अब तक सिर्फ एक बार खिला कमल यह सीट 1977 में अस्तित्व में आई। तब पहली बार इस सीट से जनता पार्टी के हामिद कुर जीते। इसके बाद 1980 और 1985 में कांग्रेस के रसूल अहमद चुनाव जीते। 1990 में हुए चुनाव में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। 1990 में निर्दलीय उम्मीदवार आरिफ अकील को जीत मिली। इस सीट पर बीजेपी का खाता साल 1993 में खुला, जब रमेश शर्मा यहां से विजयी हुए । 1998 से लेकर अब तक आरिफ अकील विधायक हैं।
समाज ही तय करे विधानसभा चुनाव में किसे उम्मीदवार बनाना है: डॉ. त्रिवेदी
29 September 2018
भोपाल। विधानसभा चुनाव में किसे कहां से उम्मीदवार बनाना है समाज (लोकल कम्युनिटी) तय करेगा। संस्था अपनी तरफ से किसी का नाम घोषित नहीं करेगी। अभी 70 लोगों ने बतौर उम्मीदवार मैदान में उतरने की इच्छा जाहिर की है। यह बात सपाक्स समाज संस्था (सामान्य, पिछड़ा, अल्पसंख्यक कल्याण समाज संस्था) के संरक्षक डॉ. हीरालाल त्रिवेदी ने कही। वे 30 सितंबर को राजधानी में प्रस्तावित संस्था की महाक्रांति रैली और आमसभा की तैयारियों पर बात कर रहे थे। डॉ. त्रिवेदी ने साफ कहा कि कौन चुनाव लड़ेगा और कौन नहीं सब समाज पर छोड़ दिया है। स्थानीय लोग अपना प्रत्याशी तय करेंगे। उन्होंने कहा हम वोट बैंक की राजनीति नहीं करते। इसलिए शक्ति प्रदर्शन की जरूरत नहीं है। यह तो हमारे संगठित होने का प्रमाण होगा। उन्होंने कहा हमारी लड़ाई एट्रोसिटी एक्ट में हुए संशोधन और पदोन्न्ति में आरक्षण को लेकर है। हम चाहते हैं कि आरक्षण आर्थिक आधार पर दिया जाए और एट्रोसिटी एक्ट में फिर से संशोधन किया जाए। डॉ. त्रिवेदी ने संस्था को बाहरी आर्थिक सहयोग और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बयानों को राजनीति से प्रेरित बताया। मुद्दों से सहमत हैं तो साथ आएं अजाक्स के बयान पर डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि उन्हें अनारक्षित वर्ग के वोटों की जरूरत नहीं होगी। हमें तो है और हम सभी से सहयोग मांगेंगे। जो हमारे मुद्दों से सहमत हैं, वे साथ आएं। एक लाख लोगों के आने की उम्मीद कलियासोत एडवेंचर ग्राउंड पर 30 सितंबर को आयोजित सपाक्स की महाक्रांति रैली में एक लाख से ज्यादा लोगों के आने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि संस्था इस मामले में पत्ते नहीं खोल रही है। संरक्षक डॉ. त्रिवेदी कहते हैं कि लोग स्व-प्रेरणा से आ रहे हैं। हमारा तो सिर्फ आव्हान है। इसलिए यह नहीं कह सकते कि कितने लोग आएंगे। महाक्रांति रैली में आने वाले लोगों से खाना साथ लाने या उसका इंतजाम खुद करने को कहा है। डॉ. त्रिवेदी ने बताया कि ग्राउंड पर आमसभा होगी। जिसमें आगे की रणनीति जाहिर की जाएगी।
10 लोगों से शुरू हुआ संगठन विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बन गया : अमित शाह
25 September 2018
भोपाल। अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज हम सभी भाजपा के कार्यकर्ताओं के लिए संकल्प लेने का दिन है। आज पंडित दीनदयाल जी की जयंती है, उनकी अगली जयंती आएगी तब 5 राज्यों चुनाव सहित केंद्र में चुनाव भी आएगा। जो पार्टी 10 सदस्यों के साथ शुरू हुई वो विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। 19 प्रदेश में भाजपा की सरकार है। केंद्र में पहली बार गैरकांग्रेसी दल की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी है, वो भाजपा की है। भारत के मानचित्र पर देश के 70 प्रतिशत भूभाग पर भाजपा की सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बनी है। उन्होंने कहा कि इस महाकुंभ में लाखों की संख्या में जो कार्यकर्ता उपस्थित हैं उनसे कहना चाहता हूं। भाजपा को हर गांव, हर बूथ तक पहुंचाने का काम कार्यकर्ताओं को करना है। मप्र के 65 हजार से ज्यादा बूथों से जो कार्यकर्ता आएं हैं वे सभी संकल्प लेकर जाएं। आने वाले चुनावों में मध्यप्रदेश में भाजपा की सरकार बने और केंद्र में फिर भाजपा की सरकार बने।
किस आधार पर वोट मांगेंगी कांग्रेस शाह ने कहा कि राहुल बाबा कहीं भाषण कर रहे थे और कह रहे थे कि मप्र, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनेगी। राहुल बाबा सपना देखने में कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन किसके आधार पर आप इन राज्यों में सरकार बनाएंगे। देश की सुरक्षा को ताक पर रखने वाली बात के आधार पर वोट मांगोगे। मप्र में राजा, महाराजा और उद्योगपति की तिकड़ी के आधार पर वोट मांगोंगे। कांग्रेस ने मप्र के बीमारू राज्य बना दिया था। भाजपा की सरकार को मध्यप्रदेश में 18 साल हो गए, इसे और आगे बढ़ाना है। पहले सिर्फ मप्र की सरकार काम करती थी, क्योंकि केंद्र में यूपीए की सरकार थी। लेकिन केंद्र में मोदी जी की सरकार आने के बाद मप्र की और तरक्की हुई। यूपीए की सरकार ने भाजपा शासित राज्यों के साथ सही व्यवहार नहीं किया था। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा नरेंद्र मोदी सरकार ने किया है वो है देश का गौरव बढ़ाने का काम। इस बार प्रधानमंत्री दाओस गए और वहां पर पूरी दुनिया को देश की भाषा हिंदी में भाषण देकर उन्हें अपने देश की ताकत से परिचय कराया। मोदी जी ने देश की सरकार के सोचने का स्केल बदलने का काम किया। पहले पंचवर्षीय योजनाएं होती थी, उसमें तय किया जाता था कि क्या काम किया जाएगा। उन्होंने तय किया कि ऐसे फैसले नहीं होते हैं, उन्होंने सोचने का तरीका बदला। आज देश में आज 2 करोड़ घरों में बिजली पहुंच गई। साढ़े सात करोड़ से ज्यादा घरों में शौचालय बन गया। मुद्रा लोन देने का काम भाजपा की सरकार ने किया। फिर भी राहुल बाबा को सपना आता है कि उनकी सरकार बनेगी।
चुनाव में ऐसी विजय दिलाएं कि दुश्मनों का दिल दहल जाए शाह ने कहा कि जहां-जहां राज्यों में चुनाव आए वहां कांग्रेस और अन्य पार्टी गई और भाजपा की सरकार बनी। जहां भाजपा का नाम भी नहीं था वहां भी आज हमने भाजपा की सरकार बनाई। ये मध्यप्रदेश है, यहां आपकी सरकार बन ही नहीं सकती। मध्यप्रदेश में इसी वर्ष में चुनाव आने वाला है, हमारी यह चुनावी विजय ऐसी करें कि दुश्मनों के दिल दहल जाएं। अभी-अभी मेरे आने के पहले नमो ऐप डाउनलोड किया गया है। आज भोपाल छोड़ने के पहले मेरा आपसे अनुरोध है कि आप नमो ऐप डाउनलोड करिए। इसके बाद आप खुद मप्र की जनता को बता सकते हो कि हमारी सरकार ने क्या-क्या काम किए हैं। हमारी सरकार ने कोई भी ऐसा काम नहीं किया है कि कार्यकर्ताओं को सिर झुकाना पड़े। वो सीना तानकर लोगों के पास जाकर अपनी सरकार की उपलब्धियां बताएं। सभी कार्यकर्ता 3-3 लोगों को नमो ऐप डाउनलोड कराएं। नए लोगों को जोड़िए, पार्टी का विस्तार करिए। उन्होंने कहा कि जब-जब चुनाव आता है तब कांग्रेस ध्यान भटकाने का काम करती है। किसी भी मामले में हमारी स्पर्धा नहीं हो सकती
पीएम मोदी का संबोधन एनआरसी में 40 लाख घुसपैठिए सामने आए, इस देश से घुसपैठिए जाने चाहिए कि नहीं जाने चाहिए। एनआरसी जैसे ही हमने किया, कांग्रेस ने इसका विरोध किया। आप जितना रोकने का प्रयास करना हो करो, एनआरसी की प्रक्रिया रूकने वाली नहीं है। विकास के मामले में हमारी स्पर्धा नहीं हो सकती, अर्थ तंत्र को सुधारने के मामले में हमारी स्पर्धा नहीं हो सकती। राष्ट्र भक्ति के मामले में हमारी स्पर्धा नहीं हो सकती। शाह ने कहा कि हमें इस तरह चुनाव जीतना है कि टीवी पर हमारे विरोधी नतीजें देखें तो उनका दिल धड़कना बंद हो जाए।

भारत बंद: प्रदेश सरकार के मंत्री ने कहा- कांग्रेस के गुंडे करा रहे बंद, उज्जैन में पेट्रोल पंप में तोड़फोड़, कटनी में रेल रोकी
10 September 2018
भोपाल। कांग्रेस ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी और डॉलर के मुकाबले रुपए की गिरती कीमतों को लेकर सोमवार को भारत बंद आंशिक सफल रहा। कांग्रेस के बंद को लेकर प्रदेश सरकार के सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने कहा है कि कांग्रेस के गुंडे जबरन बंद कराकर आम जनता को परेशान कर रहे हैं। उज्जैन में चिमनगंज मंडी के सामने पेट्रोल पंप पर कांग्रेसियों द्वारा तोड़फोड़ की गई। कटनी में रेल रोकी गई। कांग्रेसी पटरियों पर लेटे हुए हैं। सागर में भी पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की झड़प हुई। नए भोपाल में इसका असर नजर नहीं आ रहा है, वहीं पुराने भोपाल में दुकाने जरूर बंद रहीं। कांग्रेस का दावा है कि 21 दलों ने बंद को समर्थन दिया है। बंद को लेकर शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भोपाल में मार्च निकाला था। वहीं कमलनाथ भी व्यापारियों के साथ बैठक कर बंद की रणनीति बनाई थी। मुरैना में ही कमलनाथ के पोस्टर पर कालिख फेंकी गई है। कमलनाथ ने की अपील मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने भारत बंद पर लोगों से समर्थन की अपील करते हुए बीजेपी की केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि बीजेपी भारत बंद असफल करने में जुटी है। एमपी में किसी बड़े नेता के सड़क पर नहीं उतरने को लेकर उन्होंने कहा कि मेरी लहार में सभा है, मैं वहां जा रहा हूं। उन्होंने कहा कि सरकार और बीजेपी जनता की आवाज नहीं सुन रही है। तोड़फोड़ की खबरों पर कमलनाथ ने कहा कि हम तोड़फोड़ की घटना की निंदा करते हैं। नेताओं के पोस्टरों पर कालिख लगाई मप्र में बंद को सफल बनाने के लिये पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ, ज्योतिरादित्य सिंधिया और नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह सहित तमाम नेताओं ने मोर्चा संभाला हुआ है। कांग्रेसियों द्वारा लोगों से बंद की अपील की जा रही है। वही कई जगहों पर नेताओं के पोस्टरों पर कालिख फेंकी गई है। भोपाल के एमपी नगर स्थित बोर्ड ऑफिस चौराहे पर कुछ लोगों ने बीजेपी और कांग्रेस नेताओं के चित्रों पर कालिख पोत कर विरोध जताया है। मुरैना में भी पीसीसी चीफ कमलनाथ के पोस्टरों पर कालिख पोती गई है। बंद कराए गए पेट्रोल पंप मप्र में भी सुबह से ही कई शहरों में इसका असर देखने को मिला। कई स्थानों पर बसें नही चली। बंद का सबसे ज्यादा असर मालवा-निमाण रहा। यहां बाजार पूरी तरह से बंद रहे। बसें भी नहीं चल रही हैं। भोपाल में कांग्रेस द्वाला जबरदस्ती पेट्रोल पंप बंद कराए गए।
प्रदेश में एक साथ तेंदूपत्ता संग्राहकों को बांटा जाएगा 495 करोड़ रुपए बोनस; सीहोर में मुख्यमंत्री बांटेंगे
31 August 2018
भोपाल. तेंदूपत्ता संग्राहकों को सीजन 2017 का प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस) शुक्रवार को प्रदेशभर में एक साथ बांटा जा रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने विधानसभा क्षेत्र और सीहोर जिले के लाड़कुई गांव में संग्राहकों को राशि बांटेंगे। वहीं मंत्रियों, सांसद और विधायकों को जिले आवंटित किए गए हैं, जहां वे संग्राहकों को राशि का वितरण करेंगे। इस दौरान बोनस के रूप में 495 करोड़ रुपए बांटे जाएंगे। 35 हजार 420 तेंदुपत्ता संग्राहकों को मुख्यमंत्री देंगे बोनस : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सीहोर जिले के लाड़कुई, शाहगंज, बुधनी, रेहटी, चकल्दी, मजालपुर, गोपालपुर, श्यामपुर, ब्रिजिसनगर, मेतवाड़ा एवं बिलकिसगंज के 35 हजार 420 तेंदुपत्ता संग्राहकों को 2017 का छह करोड़ का बोनस बांटेंगे। इसके साथ ही करीब 314 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों का शिलान्यास करेंगे। ये पहला मौका है जब तेंदुपत्ता संग्राहकों को पत्ता तोड़ने के महज सवा साल में बोनस दिया जा रहा है। आमतौर पर बोनस तैयार करने में दो साल से ज्यादा समय लग जाता है। इसके बाद ही बोनस बांटा जाता है। इस साल विधानसभा चुनाव को देखते हुए सरकार व मप्र राज्य लघु वनोपज संघ ने इसमें खासी जल्दबाजी दिखाई और सालभर में ही बोनस तैयार कर दिया। बोनस वितरण कार्यक्रम सभी जिलों में ठीक दोपहर साढ़े 12 बजे शुरू होगा। विधानसभा अध्यक्ष होशंगाबाद में बांटेंगे बोनस : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा होशंगाबाद, वनमंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार शहडोल, वित्तमंत्री जयंत मलैया दमोह, परिवहन मंत्री भूपेन्द्र सिंह सागर के मालथौन, महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनिस बुरहानपुर, खनिज साधन मंत्री राजेन्द्र शुक्ल सिंगरौली, सांसद ज्ञान सिंह उमरिया, स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री दीपक जोशी देवास के हाटपिपल्या, सामान्य प्रशासन राज्यमंत्री लाल सिंह आर्य बैतूल, खाद्य मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे और सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते मंडला और डिंडौरी के संयुक्त कार्यक्रम में तेंदुपत्ता संग्राहकों को बोनस बांटेंगे।
मध्य प्रदेश में बोगस नहीं, डुप्लीकेट वोटर्स हैं : मुख्य चुनाव आयुक्त
28 August 2018
भोपाल। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग भी हरकत में आ गया है। मंगलवार को भोपाल पहुंचे मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने कहा, 'चुनाव आयोग सभी राजनीतिक दलों से मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेकर उन पर संज्ञान ले रहा है, लेकिन बोगस मतदाताओं को लेकर की जा रही शिकायत की जांच में सामने आया कि वे बोगस नहीं, बल्कि डुप्लीकेट वोटर थे।' बकौल रावत, चुनाव आयोग मल्टीपल वोटर्स के नाम हटाने का काम कर रहा है। आयोग राजनीतिक पार्टियों की हर तरह की समस्या को हल करेगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ने मुख्य सचिव और डीजीपी के साथ बैठक कर कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा भी की। समीक्षा के बाद ही चुनाव के तैयारियों की स्थिति तय की जाएगी। मुख्य चुनाव आयुक्त होटल जहांनुमा पैलेस में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस ने मुख्यमंत्री को लेकर एक शिकायत दर्ज कराई है। कांग्रेस नेता जेपी धनोपिया का आरोप है कि मुख्यमंत्री निवास स्थान भाजपा कार्यालय की तर्ज पर उपयोग में आ रहा है। सीएम हाउस में लगातार गैर सरकारी काम हो रहे हैं। कांग्रेस ने इस पर रोक लगाने की मांग की है। इस दौरे पर मुख्य चुनाव आयुक्त नर्मदा भवन में दोपहर से रात तक पुलिस अधिकारियों और कलेक्टर के साथ भी बैठक करेंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त शाम को मीडिया से विस्तृत चर्चा करेंगे।
भोपाल में भारी बारिश: मकान ढहने से मां सहित दो बेटियों की मौत, निचली बस्तियों में पानी भरा
21 August 2018
भोपाल। सोमवार रात को हुई तेज बारिश के बाद कमला पार्क स्थित एक मकान की मकान ढह गया, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक महिला और दो बच्चे शामिल हैं। गुनगा थाना क्षेत्र में बारिश से एक व्यक्ति की मौत हो गई।टीलाजमालपुरा क्षेत्र में 15 वर्षीय एक बालक के नाले में डूबने की खबर है. महापौर आलोक शर्मा सहित कलेक्टर सुदाम खाड़े, डीआईजी धर्मेंद्र चौधरी, नगर निगम कमिश्नर अविनाश लवानिया सहित आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। भोपाल में कई कॉलोनियों में घुटने तक पानी भर गया है। अरेरा कॉलोनी, कोलार रोड, शाहपुरा, राजीव नगर, अशोका गार्डन, होशंगाबाद रोड के स्नेह नगर, रेलवे स्टेशन के आस-पास के इलाकों में घरों में पानी घुस गया है। बीते 24 घंटों में भोपाल में छह इंच बारिश दर्ज की गई है। शहर के धोबीघाट इलाके में देर रात हुई भारी बारिश से एक कच्चा मकान ढह गया। घटना में एक महिला और उसकी दो बच्चियों की मौत हो गई और पति को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों के नाम शुमाइला(मां) और दो बेटियां तंजीम और अरीबा बताए जा रहे हैं। भोपाल कलेक्टर सुदाम खाड़े ने 4-4 लाख रुपए के मुआवजे की घोषणा की है। शहर में देर रात हुई बारिश से निलचे इलाकों में पानी भर गया। अवधपुरी राधाकुंज, टैगौर नगर के सभी घरों में पानी भर गया है। अवधपुरी राधाकुंज के नाले पर अतिक्रमण होने से सड़क ही बह गई। अचानक पानी का बहाव आया और घरों में पानी घुस गया, रहवासी यहां पूरी रात परेशान होते रहे। कई इलाकों 4-4 फीट तक पानी भर गया है। 24 घंटों में बारिश का हाल मिमी में :भोपाल - 153.9, जबलपुर - 57.8, इंदौर - 37.3, खजुराहो- 22, सतना - 2, रीवा - 27.6, सीधी - 7.4, ग्वालियर - 31.2, सागर - 9.2, दमोह - 1, नौगांव - 2, रायसेन - 164.6, होशंगाबाद - 32.8, पचमढ़ी, 34, बैतूल - 24.2, गुना - 48.4, उज्जैन - 28.6, शाजापुर -15, उमरिया - 16.3, मलांजखंड - 19.4, नरसिंहपुर - 62, सिवनी - 40, खंडवा - 95, खरगोन - 40.6, धार - 46.7, श्योपुरकलां - 19, टीकमगढ़ - 6, मंडला - 55.2, दतिया - 42.2, छिंदवाड़ा -14.2। 21 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने 21 जिलों में भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में आलीराजपुर, बड़वानी, धार, रतलाम, झाबुआ, इंदौर, उज्जैन, देवास, खंडवा, खरगोन, बैतूल, हरदा, होशंगाबाद, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, जबलपुर, राजगढ़, गुना और शिवपुरी में तेज बारिश होने की आशंका जताई गई है। इन सभी जिलों में प्रशासन को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। गौरतलब है राजगढ़ में भारी बारिश से जिला मुख्यालय का संपर्क अन्य इलाकों से टूट गया है। सभी सड़क मार्ग बाधित हो गए हैं। मालवा-निमाड़ में भी बारिश जारी है। भोपाल से सागर और रायसेन का सड़क संपर्क टूट गया है।
हरिद्वार में होगा अटलजी का अस्थि विसर्जन, मध्य प्रदेश में अटल कलशयात्रा निकालने का प्लान
18 August 2018
भोपाल/ग्वालियर।रविवार को अटलजी की अस्थियां हरिद्वार में गंगा में प्रवाहित की जाएंगी। इसके अलावा उत्तर प्रदेश की सभी नदियों में चिता की भस्म का कलश प्रवाहित किया जाएगा। इधर मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में अटल कलशयात्रा निकालने की प्लान तैयार किया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी विधानसभा चुनाव से पहले तीनों प्रदेशों के हर गांव तक अटल स्मृति सभाएं भी करेगी। जिसमें स्थानीय लोगों से अटलजी के संस्मरण सुने जाएंगे। हालांकि पार्टी आलाकमान अमित शाह इस बारे में अंतिम फैसला लेंगे। मध्य प्रदेश के लगभग सभी बड़े नेता अभी दिल्ली में है। रविवार शाम तक सभी के वापस आने की संभावना है। रविवार को ही पार्टी अध्यक्ष अमित शाह स्वयं अस्थि परिजनों के साथ अस्थिकलश लेकर हरिद्वार जाएंगे। इसके बाद तीनों प्रदेशों में कलशयात्रा निकलाने के बारे में उनसे चर्चा की जाएगी। पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अमित शाह से चर्चा इस बात को लेकर होनी है कि अटल कलश यात्रा मुख्यमंत्री की जन आशीर्वाद यात्रा के साथ निकली जाए या अलग से। क्योंकि जन आशीर्वाद यात्रा को स्थगित कर दिया गया है। वैसे मध्य प्रदेश में भाजपा इस अटल कलशयात्रा मुख्यमंत्री की यात्रा से अलग निकालना चाहती है। जानकारी के अनुसार एक अस्थिकलश उनके पैतृक गांव बटेश्वर(आगरा) भी ले जाया जाएगा। यहां इसे यमुना में प्रवाहित किया जाएगा। इस अस्थिकलश को अटलजी के भांजे अनूप मिश्रा लेकर पहुंचेगे। इसके बाद एक अन्य कलश ग्वालियर लाया जाएगा। जिले उनके शिंदे की छावनी, कमल सिंह के बाग स्थित पैतृक निवास पर रखा जाएगा। इस कलश को चंबल में प्रवाहित किया जाएगा।
बाबूलाल गौर की साइकिल पर पीछे बैठते थे अटलजी, भोपाल में बड़े तालाब पर जाते थे नहाने
16 August 2018
भोपाल। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हालत चिंताजनक बनी हुई है। भोपाल शहर से भी अटलजी की यादें जुड़ी हुई हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल गौर बताते हैं कि अटलजी का भोपाल से गहरा नाता रहा है। वर्ष 1973-74 में अटलजी जब भोपाल आते थे तो उनके बरखेड़ी स्थित घर में रुकते थे। अटलजी को गौर अपनी साइकिल पर पीछे बैठाकर बड़े तालाब नहाने के लिए ले जाया करते थे। बाबूलाल गौर उम्र में अटलजी से उम्र में करीब चार साल छोटे हैं। गौर ने बताया कि अटलजी उस समय बस और ट्रेन से अकेले ही दौरे करते थे। उनके बैग में दो-तीन जोड़ी कुरता और धौती रहती थीं। एक जोड़ी कपड़े वह तीन-चार दिन पहने रहते थे। जब भोपाल आते तो मैं उन्हें नहलाने और कपड़े धुलवाने के लिए अपनी साइकिल से लेकर बड़े तालाब जाता था। यहां शीतल दास की बगिया में पहले वो कपड़े धौते और जब सूख जाते तो नहाते थे। इसके बाद वही कपड़े पहनकर वापस आ घर आ जाते। गौर कहते हैं कि आधे रास्ते वो साइकिल चलाते और आधे रास्ते अटलजी साइकिल चलाते थे। अटलजी के कई पारिवारिक लोग भी भोपाल में रहते हैं। ऐसे ही उनके एक रिश्तेदार लक्ष्मी टॉकीज के पास रहते थे। यहां से उनके लिए अकस्र टिफिन जाता था। अटलजी अपने इन रिश्तेदार के पास संदेश भेज देते थे कि उन्हें क्या खाना है। इसके बाद उन्हें उनका पसंदीदा भोजन बनाकर भिजवा दिया जाता था। ऐसे ही अटलजी की एक रिश्तेदार रायसेन में रहते हैं। अटलजी चुनाव रैली के समय वहां पहुंचे। उन्होंने अपने रिश्तेदार का नाम लेकर पनौछा की सब्जी खाने की फरमाइश की और रायसेन में रहने वाले अपने रिश्तेदार के घर से बनवाकर लाने पार्टी के लोगों से कहा। रिश्तेदार के परिचित अटलजी के घर पहुंचे और उन्हें अटलजी की फरमाइश बताई। और भोजन सहित रिश्तेदार को लेकर रेस्ट हाउस पहुंचे और अटलजी को भोजन कराया।
मूक-बधिर लड़कियों से दुष्कर्म का मामला: कांग्रेस मीडिया प्रभारी शोभा ओझा ने मंत्री गोपाल भार्गव पर लगाए गंभीर आरोप
13 August 2018
भोपाल। जिला अदालत ने चार मूक-बधिर लड़कियों से दुष्कर्म के आरोपी अश्वनी शर्मा की रिमांड एक दिन के लिए ओर बढ़ा दी है। इधर, इस मामले में सोमवार को कांग्रेस की मीडिया प्रभारी शोभा ओझा ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए शोभा ओझा ने कहा कि इस पूरे मामले में सामाजिक न्याय विभाग के मंत्री गोपाल भार्गव की भूमिका संदिग्ध है शोभा ओझा ने कहा कि इस मामले को रफा-दफा करने के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री के करीबी अश्विनी शर्मा की हॉस्टल को 74 बच्चों का अनुदान मिल रहा था। सामाजिक न्याय मंत्री गोपाल भार्गव का कहना है कि अश्विनी के एनजीओ को कोई सरकारी सहायता सीधे नहीं दी गई। जबकि सामाजिक न्याय विभाग के एक आदेश के अनुसार श्रवण बाधित निशक्तजनों को हॉस्टल सुविधा के लिए 800 रुपए प्रति विद्यार्थी प्रति माह के आधार पर अनुदान दिया था। शोभा ओझा ने कहा कि पूरे मामले में उनकी भूमिका संदिग्ध है। दुष्कर्म के आरोपी की एनजीओ रजिस्टर्ड थी या नही अब तक दस्तावेज नहीं मिले हैं। इसके बावजूद इस कथित एनजीओ को सामाजिक न्याय विभाग से 5 लाख 50 हजार रुपए दिए। इसके प्रमाण पुलिस को मिले हैं। भाजपा नेताओं से करीबी का प्रमाण:ओझा ने कहा है कि भाजपा नेताओं और आरोपी की निकटता का प्रमाण है कि यह विशेष योजना के तहत विशेष प्रकरण मानते हुए इस संस्था को 2013 के नियम 12 (3) के अनुसार यह अनुदान राशि दी गई। यह इस बात का सूचक है कि भ्रष्टाचार में इन हॉस्टलों के माध्यम से चल रही अनैतिक कारगुजारियों में नीचे से लेकर ऊपर तक सभी शामिल है। उन्होंने कहा कि जब 74 निशक्त बच्चों के नाम पर अनुदान दिया जा रहा था तो जांच केवल 4 बच्चियों तक ही सीमित क्यों है। बाकी 70 बच्चों का क्या हुआ, वे कहा हैं। शोभा ने कहा कि इस मामले में आरोपी अश्विनी शर्मा के मुख्यमंत्री से करीबी संबंध है। इस बात का प्रमाण कांग्रेस के पास है।
15 अगस्त से टाई-बेल्ट और ब्लेजर में नजर आएंगे सरकारी स्कूल के छात्र-छात्राएं
4 August 2018
भोपाल। कॉन्वेंट स्कूल की तर्ज पर अब सरकारी स्कूलों में भी टाई-बेल्ट और ब्लेजर में बच्चे नजर आएंगे। शिक्षा विभाग ने सरकारी प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों में नए सत्र से यूनिफॉर्म परिवर्तन करने के निर्देश जारी किए हैं। नए यूनिफॉर्म में माध्यमिक स्कूल में छात्रों को टाई व बेल्ट लगाना अनिवार्य होगा। वहीं छात्राओं को ब्लेजर पहनना होंगे। - नए आदेश जारी करने साथ ही स्कूलों से बच्चों की पूरी संख्या मांगी गई है, ताकि समय पर उन्हें राशि जारी की जा सके। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों में मनोवैज्ञानिक परिवर्तन लाने के लिए यह कदम उठाया है। - आमतौर पर प्राइवेट स्कूल के बच्चे अच्छी ड्रेस पहनकर जाते हैं। सरकारी स्कूलों के बच्चे जब उन्हें देखते हैं तो उनके मन में अलग भाव आते हैं। इस भेद को दूर करने के लिए विभाग ने यह निर्णय लिया है। - विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार सर्व शिक्षा अभियान मद से अजा-अजजा व बीपीएल के बच्चों को यूनिफॉर्म राशि जारी होगी। वहीं सामान्य वर्ग के बच्चों को राज्य योजना मद से यूनिफॉर्म के लिए राशि दी जाएगी। इसके लिए 600 रुपए प्रति छात्र के मान से राशि देंगे। शिक्षक भी नजर आएंगे जैकेट में :नए शिक्षा सत्र से शिक्षक भी ड्रेस कोड में नजर आने वाले हैं। शिक्षिकाएं मेहरून रंग और शिक्षक नेवी ब्लू रंग के जैकेट में स्कूल पहुंचेंगे। इसके साथ जैकेट पर राष्ट्र निर्माता का बैच भी लगा होगा। शिक्षकों को इसके लिए एक हजार रुपए दिए जाएंगे। जून में यह आदेश दिया था, लेकिन अभी तक इस संबंध में शिक्षकों को निर्देश जारी नहीं हुए हैं। ऐसी होगी सरकारी स्कूलों की नई यूनिफॉर्म:सरकारी प्राथमिक स्कूलों में ट्यूनिक व शर्ट के साथ लेगिन्स व बालकों के लिए हाफ पेंट व हाफ शर्ट को एक जोड़ी यूनिफॉर्म माना जाएगा। माध्यमिक स्कूल में बालिकाओं के लिए सलवार-कुर्ती के साथ जैकेट और बालकों के लिए फुल शर्ट, फुल पैंट व टाई होगी। प्रत्येक बच्चे को दो यूनिफॉर्म दी जाएगी। इसका रंग व डिजाइन का चयन शाला प्रबंधन समिति द्वारा स्थानीय स्तर पर किया जाएगा।
अगर मैं भी किसी काम को बोलूं तो इतनी हिम्मत होनी चाहिए कि मना कर सकें: आनंदीबेन पटेल
1 August 2018
भोपाल.बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के 48वें स्थापना दिवस समारोह शुरू हो गया है। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने दीप प्रज्वलित कर ज्ञान-विज्ञान भवन में स्थापना दिवस समारोह का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में टीबी के उन मरीजों को भी बुलाया गया था, जिन्हें प्रोफेसर्स ने गोद लिया है। इसके बाद राज्यपाल ने सभी विभागाध्यक्षों और प्रोफसर्स के साथ मीटिंग की। विश्वविद्यालय के शिक्षा सत्र में सुधार और विद्यार्थियों की समस्याओं के निपटारे पर चर्चा की गई। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल सेंट्रल लाइब्रेरी और गर्ल्स हॉस्टल भी गईं। वहां पर उन्होंने छात्र-छात्राओं से बातचीत कर फीडबैक लिया। इस मौके पर राज्यपाल और विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि ये पहला विश्वविद्यालय है, जहां मैं विभागाध्यक्षों की मीटिंग ले रही हूं। मैं कोई क्लास लेने नहीं आई हूं। मैं बस ये देखना चाहती हूं कि मैं खुद कैसा काम कर रही हूं। विश्वविद्यालय में परीक्षाएं देरी से हो रही हैं, परीक्षा परिणाम देरी से आ रहे हैं, विद्यार्थी परेशान हैं। एक विद्यार्थी मेरे पास अपनी समस्या लेकर आया था, उसने अपनी समस्या बताई। किसी के दबाव में आकर काम नहीं करना है : राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि किसी के दबाव में आकर काम नहीं करना है और न ही नियम विरुद्ध काम करना है। अगर मैं भी किसी काम के लिए कहूं तो आपमें इतनी हिम्मत होनी चाहिए कि नियमों के विरुद्ध गलत काम को करने से मना कर सकें। कार्यक्रम में कुलपति डॉ. डीसी गुप्ता ने गोद लिए गए टीबी मरीजों को बुलाया और उन्हें फल बांटे गए।
प्रधानमंत्री आवास योजना में फ्लैट दिलाने के नाम पर अधिमान्य पत्रकार ने 11 लोगों से ठगे 15 लाख
28 July 2018
भोपाल.प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान दिलाने का झांसा देने वाला जालसाज अधिमान्य पत्रकार निकला। आरोपी ने पहले हबीबगंज इलाके में 5 लोगों से सवा सात लाख रुपए ठगे थे। अब उसका एक और कारनामा सामने आया है। उसने टीटी नगर क्षेत्र में भी 6 लोगों को शिकार बनाया है। पुलिस ने एक और केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। एसपी साउथ राहुल कुमार लोढा के मुताबिक पहला केस हबीबगंज पुलिस ने दो दिन पहले ज्योति केवट की शिकायत पर दर्ज किया था। पुलिस ने इस आधार पर कुमार सौरभ श्रीवास्तव को आरोपी बनाया था। उसने ज्योति समेत पांच लोगों को अंबेडकर नगर में बनाए जा रहे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत फ्लैट दिलाने का झांसा दिया था। सभी से डेढ़-डेढ़ लाख रुपए ऐंठकर फर्जी आवंटन लेटर भी थमा दिए। इसके बाद टीटी नगर में भी उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इस बार उसने ऐसे छह लोगों से रकम ऐंठी है। उसकी करतूत तब उजागर हुई, जब लोग आवंटन लेटर लेकर नगर निगम दफ्तर पहुंचे। इस आधार पर पुलिस ने गोरखपुर, उप्र निवासी 35 वर्षीय सौरभ श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया। इन दिनों वह युगांतर कॉलोनी, अवधपुरी में रह रहा था। फर्जी आवंटन लेटर लैपटॉप पर ही तैयार करता था :पुलिस ने आरोपी के कब्जे से जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार का आईकार्ड जब्त किया है। यह कार्ड ईनायडो डिजिटल हैदराबाद के प्रमुख संवाददाता के नाम पर है, जो 31 दिसंबर तक वैध है। पुलिस फिलहाल ये पता लगा रही है कि कार्ड वाकई जनसंपर्क कार्यालय से जारी हुआ भी है या नहीं। जालसाज कार्ड दिखाकर लोगों को झांसे में ले लेता था। फर्जी आवंटन लेटर वह अपने लैपटॉप पर ही तैयार करता था। शासकीय आदेश की कापी भी वह इंटरनेट से निकाल लेता था। आरोपी पर्यावास भवन स्थित सिल्वर टच टेक्नोलॉजी में पदस्थ था, जो जनसंपर्क विभाग से संबंधित है
मध्य प्रदेश के सभी जूनियर डॉक्टरों ने दिया इस्तीफा, मांगे नहीं माने जाने से नाराज
24 July 2018
भोपाल/ग्वालियर।अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे प्रदेश के सभी मेडीकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों ने आज सामूहिक इस्तीफा दे दिया। 10 हजार रुपए तक का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टरों ने बेमियादी हड़ताल शुरू की थी, लेकिन शाम को राज्य शासन ने एस्मा लागू कर दिया। भोपाल में जूनियर डॉक्टरों ने आज डीन से मुलाकात की। इसके बाद जूनियर डॉक्टरों ने सामूहिक इस्तीफा देने का फैसला किया। डीन से मुलाकात के दौरान जूडा ने इस बात पर नाराजगी जताई कि सरकार को जूडा की मांग को लेकर चर्चा करना थी लेकिन सरकार ने जूडा और पैरामेडिकल स्टाफ की सेवाओं को अत्यावश्यक घोषित करते हुए एस्मा लगा दिया। इससे साफ है कि सरकार मांगों को लेकर बात नहीं करना चाहती। लिहाजा अब इस्तीफे के अलावा कोई विकल्प जूडा के सामने नहीं है। इसके बाद प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया। जूडा की मांगें: स्टाइपंड 45 से 65 हजार किया जाए - पीजी फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट को अभी 45 हजार स्टाइपंड मिलता है। इसे 65 हजार रुपए किया जाए। - सेकंड ईयर के लिए यह राशि 47 हजार से बढ़ाकर 67 हजार रुपए की जाए। - थर्ड ईयर के छात्रों के लिए यह राशि 49 हजार से बढ़ाकर 69 हजार रुपए की जाए। - बॉन्ड के तहत गांव में सेवा देने वाले डॉक्टरों का मानदेय 36 हजार से बढ़ाकर 70 हजार किया जाए। - मप्र मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी जबलपुर द्वारा छात्रों से ली जाने वाली मनमानी फीस बढ़ोतरी पर रोक लगे। भोपाल में मरीज हो रहे परेशान: हमीदिया और सुल्तानिया अस्पताल में हड़ताल के दूसरे दिन भी मरीजों की फजीहत हो रही है। सोमवार को जूनियर डॉक्टर्स और पैरामेडिकल कर्मचारियों द्वारा ड्यूटी का बहिष्कार करने के बाद दोनों अस्पतालों में भर्ती 60 मरीजों के रूटीन ऑपरेशन टाल दिए गए। वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार ने जूनियर डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की हड़ताल को खत्म कराने अगले तीन महीने के लिए अत्यावश्यक सेवा कानून (एस्मा) लागू कर दिया है। इससे पहले जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सचेत सक्सेना की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने एसीएस चिकित्सा शिक्षा राधेश्याम जुलानिया के साथ अपनी मांगों को लेकर बैठक की, जो बेनतीजा रही। जूनियर डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की हड़ताल का सीधा असर हमीदिया और सुल्तानिया अस्पताल में भर्ती मरीजों के इलाज पर हुआ। पैरामेडिकल स्टाफ नहीं होने के कारण हड्‌डी और सर्जरी डिपार्टमेंट के वार्डों में भर्ती तमाम मरीजों की ड्रेसिंग तक नहीं हुई। जबकि जूनियर डॉक्टर्स के ड्यूटी पर नहीं होने के कारण हमीदिया अस्पताल के विभिन्न वार्डों में भर्ती 35 और सुल्तानिया अस्पताल में 25 मरीजों के ऑपरेशन टाल दिए गए। इन मरीजों को उनकी सर्जरी स्थगित करने की सूचना सोमवार सुबह 10 बजे दी गई। जबकि सर्जरी प्रोटोकॉल के तहत इन मरीजों का खाना रविवार शाम से ही बंद कर दिया गया था। ग्वालियर:जेएएच में नर्सेस और पैरामेडिकल स्टाफ की हड़ताल से मरीज बेहाल हो गए। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों की हालत सबसे ज्यादा खराब है। इस कारण की व्यवस्थाएं गड़बड़ा गईं। ओपीडी में दोपहर 12 बजे तक मरीजों के प्लास्टर नहीं हुए। जूनियर डॉक्टरों के वार्ड में न पहुंचने के कारण सीनियर डॉक्टरों ने मोर्चा संभाला तो ओपीडी में उनके लिए मरीज इंतजार करते रहे। वहीं सेंट्रल पैथोलॉजी लैब में जांच के लिए पहुंचे कमलेश की 4 साल की बेटी दीप्ति को लौटा दिया गया। सोमवार को ओपीडी 2250 रही लेकिन दोपहर 2 बजे तक सिर्फ 70 मरीज ही भर्ती हुए। इंदौर एमवायएच में मरीज परेशान:जूडा और नर्सिंग स्टाफ के हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। अस्पताल प्रबंधन ने स्थिति से निपटने के लिए निजी नर्सिंग कॉलेज की मदद ली है। अधीक्षक डॉ. वीएस पाल ने बताया सुबह 150 नर्सों की ड्यूटी रहती है, लेकिन उनमें से 120 ने ड्यूटी की। दोपहर और शाम को परेशानी आई, लेकिन हमने निजी नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं की ड्यूटी लगा दी है। उधर, सोमवार को ओपीडी में 2000 मरीज इलाज करवाने पहुंचे, जबकि 85 मरीज भर्ती हुए।
भोपाल के फिल्टर प्लांट से गैस रिसाव, आसपास धुआं ही धुआं, सांस लेने में हो रही तकलीफ
20 July 2018
भोपाल.राजधानी भोपाल में बिरला मंदिर के पास फिल्टर प्लांट से गैस लीकेज का मामला सामने आया है। ये प्लांट भेल का है और बिरला मंदिर के पास स्थित है, जहां पर शुक्रवार को सुबह क्लोरीन गैस का रिसाव हुआ। इससे आसपास धुआं ही धुआं छा गया। पूरे इलाके में लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी। लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया। गैस के रिसाव की सूचना मिलते ही भेल से अधिकारियों और कर्मचारियों का अमला मौके पर पहुंचा। उन्होंने आनन-फानन गैस रिसाव को बंद कराया। इसके बाद डैमेज सिलेंडर को दुरुस्त कराया गया। आधे घंटे की रिसाव में आसपास की कालोनी के लोगों का सांस लेना दूभर हो गया था। - असल में, प्लांट से क्लोरीन गैस का रिसाव हुआ, जिसकी बदबू इतनी तेज थी कि लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। मौके पर भेल की टीम मौजूद रही है। नगर निगम के फायर ब्रिगेड अमले ने गैस रिसाव पर आधे घंटे की मशक्कत के बाद काबू पा लिया। फिल्टर प्लांट भेल का है, जहां पर बड़े तालाब से पानी लाया जाता है और यहां से फिल्टर होकर भेल सप्लाई किया जाता है। बताया जा रहा है कि गैस के कुछ सिलेंडर डैमेज कंडीशन में है। ऐसे में कभी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। पांच साल पहले भी क्लोरीन गैस का रिसाव हुआ था। जिससे कई लोग बीमार हो गए थे। भेल का वाटर फिल्टर प्लांट :यहां पर बड़े तालाब से पानी नगर निगम उपलब्ध कराता है। इसकी क्षमता हर रोज 225 लाख लीटर पानी साफ करता है। इसके बाद पानी भेल में सप्लाई किया जाता है।
भोपाल, इंदौर में 24 घंटे तक भारी बारिश की चेतावनी, गुजरात के गिर गढड़ा में एक दिन में 25 इंच पानी गिरा
17 July 2018
मध्यप्रदेश, गुजरात, ओडिशा और उत्तराखंड के कई इलाकों में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, होशंगाबाद और सागर में अगले 24 घंटे तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। उधर, गुजरात के सात जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं। सोमनाथ जिले के गिर गढड़ा में सोमवार से मंगलवार के बीच 25.5 इंच बारिश हुई। राज्य में कई जगह बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं। निचले इलाकों में पानी भर गया है। गणदेवी, नवसारी, अमरेली, जूनागढ़ और सूरत में फंसे करीब 1000 लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है। 14 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट: मौसम विभाग ने मंगलवार को कोंकण और गोवा, गुजरात में सौराष्ट्र रीजन, पूर्वी और पश्चिमी मध्यप्रदेश, और महाराष्ट्र के विदर्भ और मध्य महाराष्ट्र, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी राजस्थान, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। सोमवार को कहां-कहां हुई बारिश : सोमवार को दिल्ली के सफदरजंग, लोधी रोड और पालम समेत कई इलाकों में तेज बारिश से सड़कों पर पानी भर गया। कुछ जगहों पर लंबा जाम भी लगा। उत्तराखंड के चमौली में बदल फटने से कई मकान और दुकानों को नुकसान पहुंचा। 10 से ज्यादा गाड़ियां पानी में बह गईं। ऋषिकेश को गंगोत्री और यमुनोत्री को जोड़ने वाले हाईवे पर कई जगह लैंडस्लाइड हुआ। ओडिशा के 12 जिलों में रविवार से सोमवार तक औसतन 50 मिलीमीटर बारिश हुई। भुवनेश्वर, कटक और पुरी में जनजीवन प्रभावित हुआ। केरल में भी बारिश रेल और सड़क यातायात पर असर पड़ा। यहां हफ्तेभर में 12 लोगों की जान गई
अपनी ही पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षकों को हटवाएंगे कमलनाथ; कहा- शिकायतें मिली हैं, क्षेत्र में जाकर करते हैं नेतागिरी
10 July 2018
भोपाल. कांग्रेस के मध्य प्रदेश चीफ कमलनाथ ने आगामी चुनावों को देखते हुए एनजीओ से कांग्रेस घोषणापत्र के लिए सुझाव मांगा है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय पर्यवेक्षकों के व्यवहार और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाएं हैं। उन्होंने कहा कि शिकायतें मिली हैं, कुछ केंद्रीय पर्यवेक्षक क्षेत्र में जाकर नेतागिरी कर रहे हैं, उनका व्यवहार अच्छा नहीं है। ऐसे पर्यवेक्षकों को हटवाया जाएगा, इस संबंध में पर्यवेक्षकों से मिल रहा हूं। मेरी नीति है सबको जोड़कर साथ चलने की है। एनजीओ सच्चाई का साथ दें :मंगलवार को एनजीओ के साथ बैठक कर रहे कमलनाथ ने कहा कि हम एनजीओ को समझाना चाहते हैं, वैसे तो एनजीओ हमसे ज्यादा समझदार हैं। एनजीओ से यही कहूंगा कि वह प्रदेश की तस्वीर देखकर तय करें। एनजीओ कोई कांग्रेस या बीजेपी से नहीं जुड़े हैं। पर सच्चाई से उन्हें जोड़ना चाहता हूं। वह प्रदेश की तस्वीर देखकर सच्चाई से जुडे। किस तरह से मध्य प्रदेश की जनता को ठगा गया है। मध्य प्रदेश के भविष्य को नष्ट किया है। आज आवश्यकता है कि प्रदेश के भविष्य का नक्शा तैयार किया जाए। भाजपा नेताओं को लोग भगा रहे हैं : भाजपा के किसान चौपाल लगाने पर कहा, इनके पास अब कुछ बचा नहीं है। जहां जा रहे है, जनता इन्हें भगा रही है। अब धनबल से ये जनता को पटाना चाहते है। आज प्रदेश में बिजली संकट है, जबकि बिजली सरप्लस है। सब जानते है कि ये किसको किस रेट में बिजली बेच रहे है। किसकी बिजली किसको दे रहे हैं। आज किसानों को बिजली नहीं मिल पा रही है। एनजीओ से मांगा घोषणा पत्र पर सुझाव : कमलनाथ ने कहा कि एनजीओ की बैठक में बोला कि आपका राजनीति से कोई जुड़ाव नहीं है। आप तो हमें घोषणा पत्र को लेकर सुझाव दें। प्रदेश के अच्छे भविष्य को लेकर हमारा साथ दें। कमलनाथ ने कहा हमें राष्ट्रवाद का पाठ वो लोग पढ़ा रहे है, जिनका एक भी सदस्य आज़ादी के आंदोलन में नज़र नहीं आया।
हाईकोर्ट ने दिए फैकल्टी के री-ज्वॉइनिंग के आदेश, राजीव गांधी विश्वविद्यालय ने किया इंकार
5 July 2018
भोपाल.राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) में कांट्रेक्ट फैकल्टी का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। यूआईटी में पहले से कार्यरत फैकल्टी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की तो कोर्ट ने इन्हें दोबारा से ज्वॉइन करने का आदेश जारी कर दिया। लेकिन प्रशासन ने ऐसा करने से इंकार दिया है। इस बात को लेकर उम्मीदवारों ने तकनीकी शिक्षा विभाग और राजभवन तक शिकायत पहुंचाई है। इस पर विभाग ने तीन दिन में इन्हें ज्वॉइन कराने के लिए पत्र भी लिख दिया है। आरजीपीवी द्वारा यूआईटी, झाबुआ, शहडोल और पॉलिटेक्निक के लिए 177 कांट्रेक्ट फैकल्टी की भर्ती की जा रही है। उम्मीदवारों का आरोप है कि सिर्फ ऑनलाइन परीक्षा और फाॅर्म बुलाने को ही ट्रांसपेरेंसी नहीं कहा जाता। यह सब दिखाकर गाेलमाल किया जा रहा है। इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी होने को है। लेकिन, अभी तक यह बात सार्वजनिक नहीं है कि किस डिपार्टमेंट में कितनी पोस्ट खाली हैं। कितनी पोस्ट किस कैटेगरी की हैं। उम्मीदवारों की आशंका यह भी है कि कहीं बाहरी राज्यों के उम्म्ीदवारों को फायदा देने के लिए तो यह नहीं किया जा रहा है। परीक्षा क्वालीफाई करने पर जवाब मिला कि आप पात्र नहीं बुधवार को इंटरव्यू के लिए उम्मीदवारों को बुला तो लिया लेकिन एेन मौके पर अपात्र बताकर इंटरव्यू में शामिल नहीं किया। गणित विषय के लिए बुधवार को इंटरव्यू हुए। इसके लिए सभी के फाॅर्म भरा लिए गए। उम्मीदवारों ने ऑनलाइन एग्जाम को क्वालिफाई कर लिया। इसके बाद जब वे इंटरव्यू देने गए तो जवाब मिला कि आप इस भर्ती के लिए योग्य नहीं हो और उनके इंटरव्यू लेने से इंकार कर दिया
जून में मध्य प्रदेश के 51 जिलों में से 35 में हुई सामान्य बारिश, तीन-चार दिन बाद झमाझम की उम्मीद
2 July 2018
भोपाल। तीन-चार दिन बाद मध्य प्रदेश में फिर से बारिश होने की संभावना मौसम विभाग ने व्यक्त की है। जून में हुई मानसून के पहले दौर की बारिश में प्रदेश के 51 में से 35 जिलों में सामान्य या समान्य से अधिक बारिश हुई है। शेष जिलों में समान्य से कम बारिश हुई। ये अधिकांश जिले पूर्वी मध्यप्रदेश के हैं। कुल मिलाकर मध्यप्रदेश में जून में वर्षा समान्य है। मौसम खुलने से किसानों को बोवनी करने के लिए अच्छा समय मिल गया है। - मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार मानसून ने जब मध्य प्रदेश में प्रवेश किया था तब एक साथ तीन सिस्टम एक साथ सक्रिय हुए थे। पिछले दिनों जैसलमेर,कोटा से टीकमगढ़ होकर डाल्टनगंज से बंगाल की खाड़ी तक मानसून द्रोणिका (ट्रफ) बनी हुई थी। इसके प्रभाव से पूरे प्रदेश में कई स्थानों पर अच्छी बरसात हो रही थी। - दो दिन पहले मानसून द्रोणिका हिमालय की तरफ शिफ्ट हो गई। इसलिए कश्मीर, हिमाचल में भारी बारिश का दौर जारी है। वहीं मध्य प्रदेश में बरसात थम गईं। कहीं-कहीं हल्की बूंदा-बांदी फुहारे पड़ रही हैं वो लोकल सिस्टम के कारण हैं। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक एके शुक्ला के अनुसार आगामी तीन-चार दिन बाद तेज बौछारें पड़ने की संभावना है। धूप निकलने के कारण अब दिन के तापमान में बढ़ोतरी होने के साथ ही वातावरण में उमस भी बढ़ने लगी है। अब जुलाई से उम्मीद - मौसम विभाग के अनुसार जुलाई में अच्छी बारिश की उम्मीद है। हालांकि, महीने के पहले सात दिन छुटपुट बारिश को छोड़ सूखे रह सकते हैं। अरब सागर में जो सिस्टम अभी बन रहा है, अगर उसे बैक प्रेशर ठीक तरह से मिला तो वह सात जुलाई तक मध्य प्रदेश में अच्छी बारिश करा सकता है। - मौसम विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक, भोपाल में जुलाई के महीने में 14 दिन बारिश के होते हैं और औसत बारिश 371.6 मिलीमीटर होती है। - जुलाई 1986 में अब तक की सबसे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की थी जब पूरे महीने में 1031 मिलीमीटर बारिश रिकाॅर्ड की गई थी। - 22 जुलाई 1973 में 24 घंटे में 275.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी जो अब भी एक रिकॉर्ड है। - सबसे कम बारिश 35.8 मिलीमीटर 2002 में दर्ज की गई थी। 12 जुलाई 1966 को सबसे ज्यादा दर्ज हुआ था तापमान - मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जुलाई महीने का औसत तापमान अधिकतम 30.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23.3 डिग्री सेल्सियस रहता है। - 12 जुलाई 1966 को भोपाल में 41.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया था। न्यूनतम तापमान सबसे कम 13 जुलाई 1959 और 30 जुलाई 2013 को 19.0 डिग्री सेल्सियस रिक़ॉर्ड किया गया था। कब कितनी हुई बारिश 2008- 219.7 2009- 528.3 2010- 244.9 2011- 310.0 2012- 360.0 2013- 429.1 2014- 485.5 2015- 472.7 2016- 670.2 2017- 292.6
पुलिस ने छापा मार एमपी नगर के तीन हुक्का लाउंज से 26 युवक-युवती को पकड़ा
30 Jun 2018
भोपाल।रविवार रात पुलिस ने एमपी नगर जोन वन में अवैध रूप से संचालित किए जा रहे हुक्का लाउंज 26 युवक-युवती हुक्का गुड़गुड़ाते हुए पकड़ा है। पुलिस ने हुक्का लाउंज से हुक्का, मशीन, तम्बाकू फ्लेवर के सामान जब्त किए हैैं। पकड़े गए युवक-युवतियों में 18 से 25 साल तक के लोग शामिल हैैं। हालांकि पुलिस ने युवतियों को समझाइश देकर छोड़ दिया गया है। - जानकारी के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि महाराणा प्रताप नगर स्थित जोन-1 में ट्वेंटी, सोशलाइट्स सेवन और वेफर्स नामक तीन हुक्का लाउंज अवैध रूप से संचालित किए जा रहे हैं। सूचना ये भी थी कि यहां आने वाले लड़के-लड़कियों को हुक्कर के साथ ही नशीले पदार्थों का सेवन करवाया जा रहा है। - तीनों स्थानों पर पहले पुलिस ने अपने मुखबिर को भेज मामले की पुष्टि कराई और फिर रविवार रात पुलिस ने ट्वेंटी, सोशलाइट्स सेवन और वेफर्स नामक तीन हुक्का लाउंज पर छापा मारा। छापे के दौरान पुलिस को 26 युवक-युवती हुक्का गुडग़ुड़ाते मिले, जोकि तम्बाकू के विभिन्न फ्लेवर का सेवन कर रहे थे। - पुलिस ने दो हुक्का संचालकों को गिरफ्तार किया है। वहीं, सी-20 हुक्का लाउंज से चार ग्राहकों को गिरफ्तार किया है। सोशलाइट्स सेवन से भी कई लोगों को गिरफ्तार किया। अवैध रूप से शराब पिलाई जा रही थी। पुलिस ने युवतियों को समझाइश देकर छोड़ दिया। वहीं, लड़कों के परिजनों को थाने बुलाया गया है।
अस्पताल में भर्ती एएसआई अमृतलाल भिलाला की मौत, तीन युवकों ने चेकिंग के दौरान कार से रौंद दिया था
29 Jun 2018
भोपाल. वाहन चेकिंग के दौरान कार से रौंदे गए भोपाल में पदस्थ एएसआई अमृतलाल भिलाला की मौत हो गयी है। 10 दिन से भोपाल के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। अब पुलिस आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करेगी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को दूसरे दिन ही गिरफ्तार कर लिया था। क्या था मामला... - 10 दिन पहले 16 जून को वाहन चेकिंग के दौरान कार सवार तीन युवकों ने एएसआई अमृतलाल भिलाला को रौंद दिया था। आरोपी कई मीटर तक एएसआई घसीटते हुए ले गए थे। घटना रात करीब 9:30 बजे की है। एएसआई अमृतलाल भिलाला निशातपुरा थाने में पदस्थ थे। वो गाड़ियों की रुटीन चेकिंग कर रहे थे, इसी दौरान एक तेज़ रफ़्तार कार को उन्होंने रोकने की कोशिश की। - आरोपियों ने अपनी गाड़ी चेकिंग के लिए नहीं रोकी और एएसआई भिलाला को रौंदते हुए गाड़ी दौड़ा ले गए। भिलाला करीब आधा किमी तक घसीटते चले गए। आगे जाकर आरोपी कार लेकर भाग निकले। बुरी तरह से जख्मी हुए थे एएसआई - इस दिल दहला देने वाली घटना में भिलाला बुरी तरह ज़ख्मी हो गए थे। पैर में दो फ्रैक्चर और कंधे की हड्डी टूट गयी थी। साथ ही पीछे के हिस्से की चमड़ी और मांस उधड़ गया था। तब से एएसआई भिलाला का भोपाल के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। इस हादसे के अगले दिन कार के ड्राइवर सहित उसमें सवार 2 लोगों को गिरफ़्तार कर लिया गया था। भिलाला 52 साल के थे। सीएम खुद गए थे एएसआई को अस्पताल देखने - थाना निशातपुरा में पदस्थ एएसआई अमृतलाल भिलाला को देखने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी गए थे। उन्होंने अमृत लाल से बात की और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली थी। डॉक्टरों ने सीएम को भिलाला को आई गंभीर चोटों के बारे में बताया था। नर्मदा ट्रामा सेंटर की एक्सपर्ट टीम एएसआई का इलाज कर रही थी।
शहर में आज : विश्व संगीत दिवस पर योगनाद में पंडित शिवकुमार शर्मा बेटे राहुल शर्मा के साथ करेंगे जुगलबंदी
21 Jun 2018
भोपाल.राजधानी भोपाल में गुरुवार को एक बार फिर से पंडित शिवकुमार शर्मा और उनके बेटे राहुल शर्मा की जुगलबंदी सुनने को मिलेगी। असल में, गुरुवार को विश्व संगीत दिवस और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस दोनों साथ हैं। ऐसे में उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी भारत भवन में योग नाद का आयोजन कर रही है। इस मौके पर योग ध्यान पर व्याख्यान भी होगा। इसमें द योग इंस्टीट्यूट मुंबई की निदेशक हंसा जी योग ध्यान पर व्याख्यान देंगी। वहीं पंडित शिवकुमार शर्मा व राहुल शर्मा संतूर वादन की प्रस्तुति देंगे। उनके साथ तबले पर राम कुमार मिश्रा संगत करेंगे। योगनाद में पंडित शिवकुमार शर्मा व राहुल शर्मा का संतूर वादन कहां-भारत भवन समय - 07.00 बजे प्रवेश- नि:शुल्क
नगरीय निकाय कर्मचारियों को सातवें वेतनमान की सौगात, प्रदेश के 35 हजार से ज्यादा अधिकारियों-कर्मचारियों को फायदा
18 Jun 2018
भोपाल. चुनावी साल में राज्य सरकार ने एक और मांग पूरी करते हुए नगरीय निकाय के कर्मचारियों-अधिकारियों को सातवां वेतनमान की सौगात दी है। इन्हें 1 जनवरी, 2016 से 7वें वेतनमान दिया जाएगा। सरकार ने सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। इससे प्रदेश के 35 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को फायदा होगा। - 7वां वेतनमान एक अप्रैल 2018 से लागू किया जाना था, लेकिन इसमें मामला अटक गया था। सरकार के आदेश के बाद 1 जनवरी, 2016 से अब तक के वेतन एरियर्स की राशि दी जाएगी। हालांकि इस संबंध में आदेश अलग से जारी किया जाएगा। लंबे समय से हो रही थी मांग - नगरीय प्रशासन मंत्री माया सिंह ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अपने नियमित कर्मचारियों को 7वें वेतनमान के भुगतान की स्वीकृति के समय से ही नगरीय निकायों के कर्मचारी संगठनों द्वारा निरंतर मांग की जा रही थी। नगरीय निकाय संगठन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से भेंट कर सातवां वेतनमान का लाभ दिए जाने की मांग की थी। 1 जनवरी 2016 से दिया जाएगा वेतन - मुख्यमंत्री के निर्देश पर ही नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर वित्त विभाग को भेजा था। सिंह ने स्पष्ट किया है कि 1 जनवरी, 2016 से 31 मार्च, 2018 तक की अवधि में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के स्वत्वों के निर्धारण के संबंध में विभाग द्वारा अलग से निर्देश जारी किए जाएंगे। 35 हजार कर्मचारियों को फायदा - मप्र के 378 नगरीय निक