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विश्व डाइजेस्ट
वॉशिंगटन : भारत को अमेरिका से मिला नाटो देशों के समान दर्जा, रक्षा संबंधों में फायदा होगा :
-वॉशिंगटन. अमेरिकी संसद ने मंगलवार को एक प्रस्ताव पास किया। इसके मुताबिक भारत को भी नाटो देशों जैसा दर्जा मिलेगा। इससे दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को और बढ़ावा मिलेगा। अब तक साउथ कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और जापान को यह दर्जा प्राप्त था।


द. कोरिया : ट्रम्प ने इवांका और पोम्पियो को मंच पर बुलाया, कहा- ब्यूटी एंड बीस्ट से मिलिए :
- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प रविवार को दो दिन के दक्षिण कोरिया के दौरे पर थे। इस दौरान भी वे अपने मजाकिया अंदाज में नजर आए। प्योंगटेक में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपनी बेटी इवांका ट्रम्प और अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो को मंच पर बुलाया और दोनों को ब्यूटीफुल कपल बताया। हालांकि, उन्होंने इवांका को ब्यूटी और माइक को बीस्ट बताया।


यूएई : दुबई की राजकुमारी हया बच्चों और 271 करोड़ रु. के साथ देश से फरार, जर्मनी से शरण मांगी : रिपोर्ट :
- दुबई. अरबपति शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम की छठी पत्नी राजकुमारी हया बिन्त अल हुसैन ने देश छोड़ दिया है। हया करीब 271 करोड़ रुपए और अपने दो बच्चों के साथ फरार हो गईं हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हया फिलहाल लंदन में छिपी हैं। रानी हया जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला की सौतेली बहन हैं।


दक्षिण अफ्रीका- सूडान के राष्ट्रपति बशीर पर गिरफ्तारी का संकट :
- सूडान के राष्ट्रपति उमर अल-बशीर पर गिरफ्तारी का संकट आ गया है। बशीर अफ्रीकी संघ के दो दिवसीय सम्मेलन के लिए दक्षिण अफ्रीका में हैं। बशीर को इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (आईसीसी) ने 2009 में दारफुर नरसंहार मामले में युद्ध अपराध का दोषी ठहराया था। आईसीसी के प्रमुख ने कहा है कि दक्षिण अफ्रीका को चाहिए कि वह सूडान के राष्ट्रपति को गिरफ्तार करे।


पाकिस्तान - अंतरराष्ट्रीय एनजीओ ' सेव द चिल्ड्रन' पर लगे प्रतिबंध को हटाया :
- पाकिस्तान ने रविवार को अपने उस आदेश को निलंबित कर दिया जिसमें उसने अंतरराष्ट्रीय एनजीओ 'सेव द चिल्ड्रन' पर प्रतिबंध लगा दिया था। माना जा रहा है अमेरिका के दबाव की वजह से उसे ऐसा करना पड़ा। संस्था पर आरोप
था कि वह राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल है। इसके बाद 11 जून को संस्था का कामकाज प्रतिबंधित कर ऑफिस सील कर दिया गया था।

जर्मनी - आर्मी बेस कैंप में दबा हुआ है हिटलर का खजाना, कीमत 5 अरब रु. :
-हिटलर का खजाना जर्मनी के एक आर्मी बेस कैंप के नीचे दबा हुआ है। यह दावा है हॉलैंड के एक पत्रकार सिरिल विस्लर का। हालांकि, इस खजाने को लेकर सभी अनुमान और अटकलें गलत निकली हैं। नाजी शासन के दौरान लूटी गई सोने की छड़ें,जेवरात और विदेशी मुद्रा का सबसे बड़ा खजाना द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद गायब हो गया था। इसकी कीमत 5 अरब रुपए आंकी गई है।



काबुल में गुरुद्वारे पर फिदायीन हमला, 4 श्रद्धालुओं की मौत; तालिबान ने कहा- इससे हमारा कोई लेनादेना नहीं
25 March 2020
काबुल. अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में आतंकियों ने बुधवार को एक गुरुद्वारे को निशाना बनाया। फिदायीन हमला सुबह 7.30 बजे हुआ, तब यहां सिख समुदाय के सैकड़ों लोग प्रार्थना के लिए जुटे थे। धमाके में 4 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। इसके बाद सुरक्षाबलों ने गुरुद्वारे की घेराबंदी कर जवाबी कार्रवाई की। अभी किसी आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। बता दें कि अफगानिस्तान में करीब 300 सिख परिवार रहते हैं। इनकी संख्या काबुल और जलालाबाद में अधिक है। इन्हीं दो शहरों में गुरुद्वारे भी हैं।
कानूनविद नरिंद्र सिंह खालसा ने बताया कि उनके पास गुरुद्वारे से फोन आया था। कॉल करने वाले ने कहा कि गुरुद्वारे में 150 से ज्यादा लोग मौजूद हैं। चार लोग मारे जा चुके हैं। आतंकी गुट तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने ट्वीट किया- इस हमले से संगठन का कोई लेनादेना नहीं है। हमने कोई हमला नहीं किया।
पिछले साल आईएसआईएस ने किया था हमला
अफगानिस्तान में अल्पसंख्यक सिखों और हिंदुओं के धार्मिक स्थलों पर आए दिन हमले होते रहते हैं। इसके पहले 2018 में राष्ट्रपति अशरफ गनी से मुलाकात करने जा रहे हिंदुओं और सिखों के काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ था। इसमें 19 सिख और हिंदु मारे गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) ने ली थी। इन हमलों से सिख और हिंदु समुदाय डरा हुआ है। बड़ी संख्या में सिखों और हिंदुओं ने देश छोड़ने का फैसला कर लिया है। तीन सालों में काफी पीड़ितों ने भारत से शरण मांगी है।

WHO समेत पूरी दुनिया की नजर भारत पर टिकी, चेचक, पोलियो के बाद अब कोरोना से छिड़ी जंग
24 March 2020
जिनेवा: विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने उम्मीद जताई है कि भारत दो साइलेंट किलर चेचक और पोलियो जैसी बीमारियों को खत्म करने वाली अपनी भूमिका को दोहराते हुए वैश्विक महामारी कोविड-19 के खिलाफ आक्रमक कार्रवाई करेगा. कोरोनावायरस संक्रमण के चलते दुनिया भर में अब तक 16 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. डब्ल्यूएचओ के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर माइकल जे. रयान ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस महामारी का भविष्य काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि भारत और चीन जैसे घनी आबादी वाले देश इस अभूतपूर्व स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिए क्या करते हैं.
रयान ने कहा, "भारत बेहद आबादी वाला देश है. इस महामारी का भविष्य काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि घनी आबादी वाले देशों में क्या होता है. यह वास्तव में महत्वपूर्ण है कि भारत सार्वजनिक स्वास्थ्य स्तर पर आक्रामक कार्रवाई करे, और समाज के स्तर पर इस बीमारी को नियंत्रित कर लोगों की जान बचाए.
" उन्होंने आगे कहा, "भारत ने दो साइलेंट किलर चेचक और पोलियो जैसी बीमारियों को खत्म करने के लिए विश्व का नेतृत्व किया था. भारत ने अच्छा काम करके बीमारियों को खत्म कर दुनिया को एक बेहतरीन उपहार दिया था. भारत में जबरदस्त क्षमता है."
गौरतलब है कि रयान की यह टिप्पणी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वर्तमान में भारत ने कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए पूरे देशभर में सख्त लॉकडाउन किया है.

कोरोना वायरस पर WHO के इस अधिकारी ने दिया बड़ा बयान, लॉकडाउन को एकमात्र उपाय समझना नाकाफी
24 March 2020
नई दिल्ली: अगर आप समझ रहे हैं कि कोरोना वायरस (Corona Virus) से बचाव के लिए लॉकडाउन सही कदम है तो आप गलत भी हो सकते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह कहकर सबको चौंका दिया है कि शहरों और देशों को सिर्फ लॉकडाउन करके ही कोरोना वायरस से बचाने वाला उपाय नाकाफी है. उन्होने जो तर्क दिया है वो हम सभी को सोचने पर मजूबर कर सकता है.
लॉकडाउन क्यों नहीं है नाकाफी
WHO के सीनियर इमरजेंसी एक्सपर्ट माइक रेयान (Mike Ryan) का कहना है कि सरकारों द्वारा सिर्फ लॉकडाउन करके कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने का प्रयास करने से कुछ नहीं होने वाला. उनका कहना है कि लॉकडाउन के बाद जब सभी शहरों को राज्यों को खोल दिया जाएगा तो इससे आम जनता की भीड़ अचानक से सार्वजनिक स्थानों पर उमड़ पड़ेगी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रेयान का कहना है कि अगर सही और कड़े कदम नहीं लिए गए तो कोरोना वायरस एक ब्रेक के बाद ज्यादा आक्रामकता से लोगों पर हमला कर सकता है.
3.81 लाख से ज्यादा लोग है प्रभावित
जॉन हॉपकिंस की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अब तक पूरी दुनिया में कोरोना वायरस से 3,81 लाख लोग संक्रमित हो चुके है. इनमें से 16,559 लोग अब तक दम तोड़ चुके हैं. लेकिन इसके साथ ही एक अच्छी बात ये है कि अब तक कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बावजूद 1.01 लाख लोग ठीक भी हो चुके हैं.
दुनिया के ज्यादातर देशों ने कर रखा है लॉकडाउन
जानकारों का कहना है कि दुनिया के ज्यादातर कोरोना संक्रमित देशों ने लॉकडाउन कर दिया है. इटली, ईरान, अमेरिका और तमाम यूरोपीय देशों ने आम लोगों को घर से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी है.

जब कोरोना से निपटने के लिए जूझ रहा चीन, तब पड़ोसी देश बेफ्रिक होकर कर रहा मिसाइल टेस्ट
21 March 2020
प्योंगयांग: उत्तर कोरिया ने शनिवार को छोटी दूरी की दो बैलिस्टिक मिसाइलों को उत्तर प्योंगन प्रांत से पूर्वी सागर में दागा है. समाचार एजेंसी योनहाप दक्षिण कोरिया के 'ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ' के हवाले से यह जानकारी दी. देश ने ये मिसाइल परीक्षण ऐसे समय में किया है, जब दुनिया कोरोनावायरस महामारी से जूझ रही है.
बीबीसी के मुताबिक, उत्तर कोरिया ने इस महीने की शुरुआत में 'फायरिंग ड्रिल' के हिस्से के रूप में कई मिसाइल दागे थे. अमेरिका और चीन ने उत्तर कोरिया से परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम खत्म कर फिर से वार्ता पर लौटने का आह्वान किया है.
दक्षिण कोरिया की सेना ने शनिवार को कहा कि वह स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. उत्तर कोरिया द्वारा यह घोषणा करने के बाद कि वह 10 अप्रैल को सुप्रीम पीपल्स असेंबली (देश की संसद) का सत्र आयोजित करेगा, इसके बाद मिसाइल प्रक्षेपण किया गया है. विश्लेषकों का कहना है कि इस बैठक में लगभग 700 नेता शामिल होंगे.

कोविड-19 : पाकिस्तान को 58 करोड़ डॉलर की मदद देगा एडीबी और विश्व बैंक
21 March 2020
इस्लामाबाद: कोरोना वायरस (Coronavirus) से लड़ने के लिए पाकिस्तान (Pakistan) के पास फंड की कमी हो गई है. पैसों की कमी को पूरा करने के लिए पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने एशियाई विकास बैंक (एडीबी) और विश्व बैंक (World Bank) से 58.8 करोड डॉलर की मदद की मांग की है. कोविड-19 से लड़ने के लिए पाकिस्तान को कर्ज देने वाली दो एजेंसियों के मुखिया के साथ गुरुवार को हुई बैठक में इसकी घोषणा की गई थी.
पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार एक आधिकारिक बयान में ये सामने आया है कि कोविड-19 जैसी आपात स्थिति और इसके साथ जुड़े सामाजिक एवं आर्थिक व्यवधान को दूर करने के लिए एडीबी और विश्व बैंक पाकिस्तान की मदद करेंगे. पाकिस्तान को 23.8 करोड डॉलर की मदद विश्व बैंक देगा जबकि एडीबी 35 करोड डॉलर पाकिस्तान को प्रदान करेगा.
गुरुवार को आयोजित हुई इस बैठक में "पाकिस्तान राष्ट्रीय आपातकालीन तैयारी एवं कोविड-19 के लिए प्रतिक्रिया योजना" को भी मंजूरी दी गई. बताते चलें कि पाकिस्तान में कोरोना वायरस का प्रसार लगातार बढ़ रहा है. यहां शुक्रवार तक संक्रमण की वजह से दो लोग अपनी जान गवां चुके हैं, जबकि संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 453 तक पहुंच गई है. पाकिस्तान में सिंध प्रांत सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है, जहां देश के सबसे ज्यादा 245 मामले सामने आए हैं.

कोरोना वायरस की वजह से स्पेन के 2 खेल पत्रकारों की मौत
21 March 2020
नई दिल्ली: कोराना वायरस (Coronavirus) का कहर पूरी दुनिया में बरकरार है. अब इस बीमारी की वजह से स्पेन में 2 खेल पत्रकारों की मौत हो गई है. इंटरनेशनल स्पोर्ट्स प्रेस एसोसिएशन (AIPS) के मुताबिक 59 साल के जोस मारिया कैनडेला (Jose Maria Candela) और 78 साल के थॉमस डिएज वाल्डेस (Tomas Diaz-Valdes) की इस खतरनाक बीमारी की वजह से मौत हो गई. जोस रेडियो नेशनल डे स्पेन (RNE) के लिए काम करते थे और थॉमस मोटरप्वाइंट नेटवर्क एडिटर्स (Motorpoint Networks Editores) के डायरेक्टर जनरल थे. इसके साथ ही वो 30 साल तक स्पेन के अखबार एएस के रिपोर्टर भी थे.
आरएनई ने ट्विटर पर जानकारी दि कि जोस का निधन कोरोना वायरस की वजह से हुआ है. वो अपने घर में अकेले मृत पाए गए. जोस के दोस्त और एआईपीएस के सदस्य प्रिटो ने कहा कि शुक्रवार को उनका मेडिकल टेस्ट होना था. लेकिन इससे पहले ही वो खत्म हो गए. उन्होंने कहा, "वो कमजोर महसूस कर रहे थे, लेकिन उनकी जांच आज (शुक्रवार) को होनी थी. वो यहां स्पेन में जांच नहीं कर रहे हैं। उनके भाई ने आखिरी बार उनसे बात की थी."

चीन से लौटे पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी, इतने दिन तक आइसोलेशन में रहेंगे
19 March 2020
इस्लामाबाद: पाकिस्तान (Pakistan) के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी कोरोना वायरस (Coronavirus) के प्रसार को रोकने के लिए अपने आपको समाज से अलग-थलग करते हुए अपने घर में ही आइसोलेशन में चले गए हैं. चीन से लौटने के तुरंत बाद कुरैशी ने एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया है. एक न्यूज रिपोर्ट के अनुसार कुरैशी बीजिंग की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा करके लौटे हैं.
कुरैशी पाकिस्तान के राष्ट्रपति डॉ. आरिफ अल्वी व अन्य अधिकारियों के साथ चीन के दो दिवसीय दौरे पर थे. कुरैशी ने इस्लामाबाद स्थित अपने घर पर अपने आपको आइसोलेट कर लिया है. विदेश मंत्री कुरैशी ने एक बयान में कहा है कि उन्हें स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने यह सलाह दी है.
पाकिस्तान में कोरोना तेजी से फैल रहा है. अब तक यहां कोरोना के 249 पॉजिटिव मामले सामने आ चुके हैं और यह संख्या बढ़ने की आशंका है. उन्होंने चीन जाने से पहले अपना टेस्ट कराया था और चीन पहुंचकर उनका दोबारा टेस्ट हुआ था. टेस्ट के बाद ही वह चीन के कार्यक्रमों में हिस्सा ले पाए थे.
कुरैशी ने एक पाकिस्तानी टीवी चैनल को बताया कि वह 5 दिनों तक खुद को आइसोलेशन में रखेंगे. इसके बाद वह फिर से टेस्ट कराएंगे और अगर उनका टेस्ट नेगेटिव आया तभी वह बाहर निकलेंगे.
पाकिस्तान में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है. कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित पाकिस्तान का सिंध प्रांत है. वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि कोरोना से बचने के लिए देश के बड़े शहरों को बंद नहीं किया जा सकता है क्योंकि इसका नकारात्मक असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है. उनका कहना है कि अगर शहर बंद कर दिए गए तो गरीबी में रह रहे लोग कोरोना से तो बच जाएंगे मगर भूख से मर जाएंगे.

बांग्लादेश में मिले कोरोना के 3 नए मरीज, संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर हुई 17
19 March 2020
ढाका: कोरोना वायरस (Coronavirus) ने दुनियाभर में हाहाकार मचा रखा है. महामारी बच चुके इस वायरस से अब तक कई लाखों लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है. दिन-प्रतिदिन संक्रमित लोगों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. इस वायरस ने बांग्लादेश (Bangladesh) में भी अपने पैर पसारने शुरू दिए हैं. गुरुवार को बांग्लादेश में तीन नए कोरोना वायरस मरीजों की पुष्टि हुई है. जिसके बाद देश में संक्रमित मरीजों का आंकड़ा बढ़कर 17 हो गया है.
नए मरीजों में वायरस की पुष्टि महामारी विज्ञान, रोग नियंत्रण और अनुसंधान संस्‍थान (आईईडीसीआर) ने की है. वायरस की पुष्टि होने के बाद तीनों मरीजों को इलाज के लिए आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है. बताते चलें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 30 जनवरी 2020 को कोरोना वायरस को महामारी घोषित किया था.
WHO की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार ये वायरस 166 देशों में फैल चुका है. वहीं 207,860 लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है. जबकि 8,657 लोगों की मौत हो चुकी है. सिर्फ भारत में ही अबतक 151 मामलें सामने आ चुके हैं. जबकि तीन लोगों की मौत भी हो चुकी है.

सिंगापुर एयरपोर्ट पर भारतीय छात्र फंसे, मदद के लिए आगे आए सीएम उद्धव
19 March 2020
मुंबई: कोरोना वायरस (Coronavirus) के प्रकोप के चलते कुछ भारतीय छात्र सिंगापुर एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं. ये छात्र फिलीपींस से चले थे. मलेशियाई सरकार ने इन्हें सिंगापुर एयरपोर्ट भेजा लेकिन अब उन्हें भारत लौटने का कोई साधन नहीं मिल रहा है. एयरपोर्ट पर फंसे इन छात्रों ने एक वीडियो जारी कर भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है. ज़ी न्यूज पर खबर दिखाए जाने के बाद महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे छात्रों की मदद के लिए आगे आए हैं.
सिंगापुर में फंसे छात्रों को मुंबई सकुशल लाने के लिए सीएम उद्धव ठाकरे ने खुद सिंगापुर के भारतीय दूतावास से संपर्क किया है. वो लगातार दूतावास के संपर्क में बने हुए हैं. सीएम ने एक छात्रा से बात कर उसे मदद का भरोसा दिलाया है. सीएम उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस कर प्रदेश के लोगों से अनुरोध किया कि भीड़भाड़ वाले इलाके में न जाएं. जरूरी न होत तो घर से न निकलें. जितना हो सके घर पर रहकर ही अपने काम निपटाएं. उन्होंने कहा कि मेरी पीएम मोदी से फोन पर बात हुई है और उन्होंने महाराष्ट्र को मदद का आश्वासन दिया है. उन्होंने प्रदेश के लोगों से अपील की है कि सरकार से कोई भी जानकारी न छुपाएं.केन्द्र सरकार से पूरी मदद मिल रही है पीएम मोदी और केन्द्रीय स्वाथ्य मंत्री से लगातार बातचीत हो रही है.
सीएम ने कहा कि सरकारी कर्मचारी , डॉक्टर, नर्स, डब्बावाले लगातरा आपके लिए काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सिंगापुर मे फंसे छात्रों से भी बात की है. मुंबई में बाहर से आए लोगों से कोरोना वायरस फैला है. सरकार की तरफ से दी जा रही सूचना का पालन करें और कोरोना के रोकथाम में हमारी सहायता करें. उन्होंने कहा कि खाने-पीने के सामानों की कोई कमी नहीं है लोग परेशान ना हों और अफवाहों पर ध्यान न दें. हम सब मिलकर इस संकट को मात देंगे.
छात्रों ने जारी किया था वीडियो
छात्रों ने वीडियो जारी कर भारत सरकार से कहा, हमारी मदद कीजिए ताकि हम जल्द से जल्द यहां से निकल सकें. हम पहले से ही डेढ़ दिन से बाहर हैं, अभी स्थिति और खराब होती जा रही है. जितनी जल्दी हो सके हमें यहां से निकालिए. हम अलग-अलग देशों से हैं. हमें पता नहीं है कि कौन इंफेक्टेड है और कौन नहीं. हमारी मदद करें हम यहां थक गए हैं.' बताया जा रहा है कि इनमें महाराष्ट्र के कुछ छात्र भी हैं.
बंद रहेंगी दुकानें
कोरोना वायरस का सबसे ज्यादा असर महाराष्ट्र में दिख रहा है. यहां अब तक 41 लोगों में कोरोना की पुष्टि हो चुकी है. एहतियात के तौर पर मुंबई के कुछ इलाकों में दुकानें बंद रखने का आदेश भी जारी कर दिया गया है. कुछ इलाकों में एक-एक दिन दुकान खुलेंगे. मुंबई में धारा 144 लगा दी गई है.
डब्बावालों ने बंद की सर्विस
मुंबई के डब्बा वालों ने 31 मार्च तक के लिए अपनी सर्विस बंद रखने का निर्णय लिया है. आज से डिब्बा वाले दफ्तरों में खाना पहुंचाते नजर नहीं आएंगे. आपको बता दें कि महाराष्ट्र सरकरा ने मुंबई में प्राइवेट कंपनियों को अपने कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा देने को कहा है. ताकि कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके.
स्कूल-कॉलेज, मंदिर सब बंद
मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में स्कूल-कॉलेजों को 31 मार्च तक के लिए पहले ही बंद किया जा चुका है. सिद्धिविनायक, मुंबा देवी और शिरडी समेत महाराष्ट्र के सभी बड़े मंदिरों को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया है.

चीन में नहीं थम रहा कोरोना का तांडव, मरने वालों की संख्या 3237 हुई
18 March 2020
बीजिंग: चीन (China) में कोरोना वायरस का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है. यहां COVID-19 के प्रकोप के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 3,237 हो गई है, जबकि एशियाई देश में कन्फर्म मामलों की संख्या बढ़कर 80,894 हो गई है. अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, चीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने चीन में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण 11 नई मौतों और 13 नए कन्फर्म मामलों की जानकारी दी.
राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के अनुसार, सभी मौतें हुबेई प्रांत में हुई हैं.
वहीं, मंगलवार को भी 21 नए संदिग्ध मामले सामने आए. ठीक होने के बाद कुल 922 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि गंभीर मामलों की संख्या 208 घटकर 2,622 हो गई. चीन में कुल कन्फर्म मामलों की संख्या मंगलवार रात तक 80,894 तक पहुंच गई, जिनमें 8,056 मरीजों का अभी भी इलाज चल रहा है, 69,601 को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है और 3,237 लोग जान गंवा चुके हैं.
आयोग ने कहा कि संक्रमित लोगों के निकट संपर्क में आए 9,222 लोग अभी भी चिकित्सा निगरानी में हैं. मंगलवार को 1,014 लोगों को चिकित्सा निगरानी से छुट्टी दे दी गई.
हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र (एसएआर) में चार मौतों सहित 167 कन्फर्म मामलों की जानकारी है, जबकि मकाऊ एसएआर में 13 कन्फर्म मामले और ताइवान में एक मौत सहित 77 कन्फर्म मामले हैं.
हांगकांग में 92, मकाऊ में 10 और ताइवान में 22 लोगों को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है.

चीन ने अमेरिका से लिया बदला, तीन अमेरिकी पत्रकारों को किया देश से बाहर
18 March 2020
बीजिंग: चीन ने बुधवार यानि 18 मार्च को अमेरिका (America) के तीन पत्रकारों को देश से बाहर निकाल दिया है. चीन के विदेश मंत्रालय ने न्यूयॉर्क टाइम्स, वाशिंगटन पोस्ट और वॉल स्ट्रीट जर्नल के पत्रकारों को 10 दिनों के अंदर अपने मीडिया पास वापस करने के आदेश दिए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से कोरोना को चीनी वायरस कहने के बाद चीन ने ये सख्त कदम उठाया है. पिछले कुछ सालों में विदेशी मीडिया पर चीन की तरफ से की गई ये सबसे कठोर कार्रवाई मानी जा रही है. चीन के इस कदम ने दो महाशक्तियों के बीच जारी तनाव को और बढ़ा दिया है.
चीन ने वॉइस ऑफ अमेरिका, द न्यूयॉर्क टाइम्स, द वॉल स्ट्रीट जर्नल, द वॉशिंगटन पोस्ट और टाइम मैगजीन से कहा है कि वह चीन में मौजूद अपने कर्मचारियों, संपत्तियों, कामकाज और रियस एस्टेट प्रॉपर्टी के बारे में लिखित में जानकारी दे. इसके अलावा चीन ने एक बयान में कहा है कि उन्हें हांगकांग और मकाओ सहित चीन के किसी में हिस्से में बतौर पत्रकार काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. बता दें कि हाल ही में अमेरिका ने चीन की सरकारी मीडिया के लिए यही नियम लागू किए थे.
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ट्वीट करके कोरोना वायरस को चीनी वायरस करार दिया था. जिसपर चीन सरकार ने कड़ी आपत्ति जताई थी. तीन पत्रकारों को बाहर करने पर चीन ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने फैसला लिया है कि वह चीन के सरकारी मीडिया से जुड़े चुनिंदा पत्रकारों को ही अपने देश में रहने की इजाजत देगा.
चीन ने कार्रवाई को बताया जवाबी
चीनी के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी मीडिया संस्थानों पर की गई कार्रवाई को जवाबी करार कार्रवाई करार दिया है. उसका कहना है कि अपने मीडिया संस्थानों के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई के बदले में वह इस कदम को उठाने पर मजबूर हुआ है. वहीं अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने चीन को इस कदम पर विचार करने के लिए कहा है.

कैदियों की रिहाई को लेकर फंसा पेंच, तालिबान ने बातचीत खत्म करने की दी धमकी
18 March 2020
काबुल: अफगानिस्तान (Afghanistan) के राष्ट्रपति अशरफ गनी के एक सलाहकार वहीद उमर ने कहा है कि तालिबान से बातचीत शुरू होने और देश में हिंसा की घटनाओं में कमी आने के बाद ही तालिबान के कैदियों को धीरे-धीरे रिहा किया जाएगा. वहीद उमर के सोमवार को दिए बयान कहा कि इन 2 शर्तो को मानने के बाद ही तालिबान के कैदियों की रिहाई संभव है.
वहीद उमर ने कहा, "हम तालिबान के कैदियों की सूची की समीक्षा कर रहे हैं. एक साथ 5,000 कैदियों को रिहा करना संभव नहीं है. हर एक कैदी को किस अपराध के लिए कैद किया गया है, हम उन अपराधों के बारे में जानने का प्रयास कर रहे हैं. इसमें समय लगेगा."
वहीं दूसरी तरफ तालिबान ने धीरे-धीरे कैदियों की रिहाई की अफगानिस्तान सरकार की योजना को खारिज कर दिया और कहा कि यदि एक साथ सभी 5,000 कैदियों को नहीं छोड़ा जाता तो वह वार्ता नहीं करेंगे.
राष्ट्रपति अशरफ गनी के आदेश के मुताबिक पहली बारी में कुछ कैदियों को 14 मार्च को रिहा किया जाना था लेकिन अब प्रक्रिया में देरी हो रही है.

कोरोना वायरस ने स्पेन और इटली में मचाई तबाही, एक दिन में 468 से ज्यादा लोगों की मौत
16 March 2020
मैड्रिड: कोरोना वायरस (Corona Virus) ने पूरी दुनिया में कहर बरपाया हुआ है. एएफपी के मुताबिक स्पेन में रविवार को कोरोना से संबंधित 2000 नए मामले सामने आए हैं. बीते 24 घंटों में यहां 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इटली के बाद स्पेन दूसरा यूरोपीय देश है जहां कोरोना वायरस ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है.
वहीं कोरोना की वजह से इटली में एक दिन में 368 लोगों की मौत हुई है. यहां अब तक कुल 1809 लोगों की मौत कोरोना की चपेट में आने की वजह से हुई है.
स्पेन में कोरोना से पीड़ित लोगों की संख्या 7753 हो गई है. यहां अब तक कुल 288 लोगों की मौत हो चुकी है. इससे पहले स्पेन सरकार देशव्यापी बंद का ऐलान कर चुकी है. लोगों के घर से बाहर जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. लोगों को केवल काम पर जाने, मेडिकल केयर लेने और खाना खरीदने के लिए बाहर जाने की अनुमति दी गई है.
न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक कोरोना वायरस की वजह से दुनियाभर में मौत का आंकड़ा बढ़कर 6,036 हो गया है और 1,59,844 लोग इस वायरस से पीड़ित हैं. चीन में सबसे ज्यादा 3,199 मौतें हुई हैं.

कोरोना वायरस का खौफ! चीन में सार्वजनिक शौचालय में 10 दिन की बच्ची को छोड़ चली गई मां
16 March 2020
बीजिंग: दुनिया में कोरोना वायरस (coronavirus) का खतरा बढ़ता जा रहा है. लोगों में इस बीमारी का खौफ इतना ज्यादा है कि वह इससे बचने के लिए कुछ भी करने को तैयार है. ऐसा ही एक मामला चीन (China) के सिचुआन प्रांत में आया है. जहां एक 10 दिन बच्ची को किसी ने सार्वजनिक शौचालय (public toilet) में छोड़ दिया है. बच्ची (baby) के बदन पर कपड़े नहीं थी और वह ठंठ से ठिठुर रही थी.
सार्वजनिक शौचालय में पड़ी इस बच्ची को एक राहगीर ने देखा और उसने तुरंत पुलिस और प्रशासन को इसकी जानकारी दी. पुलिस और प्रशासन की टीम बच्ची को मियानयांग शहर के कोरोना क्वारंटीन सेंटर लेकर गई जहां बच्ची के सभी मेडिकल टेस्ट हुए.
फिलहाल बच्ची को एक अनाथलाय में रखा गया है जहां बच्ची को देखने रोज काफी लोग आ रहे हैं. प्रशासन का कहना है कि अगर बच्ची कोरोना वायरस से पीड़ित पाई गई तो इसका पूरा इलाज किया जाएगा.
पुलिस का कहना है कि उन्हें शक है कि कोरोना वायरस से पीड़ित कोई महिला बच्ची को छोड़ गई. पुलिस-प्रशासन का कहना है कि उन्होंने बच्ची का डीएनए सैंपल लिया है जिसकी मदद से वह इसके मां-बाप को खोजने की कोशिश करेंगे.
वैसे चीन में एक बच्चे के नियम के कारण भी कई माता-पिता अपने दूसरे बच्चे को जन्म के बाद छोड़कर चले जाते हैं. चीन में अगर कोई माता-पिता अपने बच्चे को कहीं छोड़ दें तो कानून के तहत उन्हें पांच साल की जेल की सजा दी जाती है.

कराची में हिंदू दंपति का अपहरण, किडनैपिंग के खिलाफ हिंदुओं का सड़क पर प्रदर्शन
13 March 2020
कराची: पाकिस्तान (Pakistan) में अल्पसंख्यक समुदाय पर अत्याचार की घटनाएं आए दिन होती रहती हैं. पाकिस्तान से हिंदू व सिक्ख लड़कियों का अपहरण करके जबरन निकाह करवाया जाता है. अब पाकिस्तान के कराची में एक हिंदू दंपति का अपहरण कर लिया गया है. बुधवार को इसके खिलाफ स्थानीय हिंदुओं ने बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर प्रदर्शन किया.
बता दें कि कराची में एक हिंदू दंपति 3 दिनों से लापता है. इसके विरोध में बुधवार को कराची में बड़ी संख्या में हिंदू समुदाय के लोग इकट्ठा हुए और उन्होंने अल्पसंख्यक समुदाय पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाई. हिंदू समुदाय के लोगों का कहना है कि आरोप लगाया कि दबंग महिला ने हिंदू समुदाय से संबंध रखने वाले दोनों पति-पत्नी का अपहरण करवा दिया है. किडनैप हुए दंपति को कराची से नवाबशाह ले जाया गया है.
दरअसल राजा रोहताश नाम का शख्स कराची महानगर निगम में एक सफाई कर्मचारी है जो इस दबंग महिला के घर पर काम करता था. दबंग महिला ने पहले राजा रोहताश पर कीमती सामान चुराने का आरोप लगाया और फिर उसकी जमकर पिटाई की. जब रोहताश की पत्नी पोपल दारो उसे बचाने के लिए पहुंची तो दबंग महिला ने उसे भी बुरी तरह पीटा.
गौरतलब है कि पाकिस्तान में नवंबर 2019 से लेकर जनवरी 2020 तक केवल 3 महीनों के दौरान करीब 50 हिंदू और सिक्ख लड़कियों के जबरन धर्म परिवर्तन की घटनाएं सामने आईं. इनमें से ज्यादातर मामलों में सरकार, स्थानीय प्रशासन या पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की.
खास बात यह है कि इस ताजा घटनाक्रम में सुर्खियां बटोरने के लिए पाकिस्तान की इमरान खान सरकार के नेता भी इस घटना पर अपनी संवेदना व्यक्त कर रहे हैं. हिंदू समुदाय के विरोध प्रदर्शन में इमराना खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के सांसद शहजाद कुरैशी और राजा अजहर खान सहित अन्य राजनीतिक नेताओं ने भी हिस्सा लिया.
हिंदू समुदाय का कहना है कि राजा रोहताश को शुरुआत के 2 दिन बंगले में ही रखा गया और उसे वहां बहुत प्रताड़ित किया गया. ये भी हो सकता है रोहताश और उसकी पत्नी रक झूठे मामले दर्ज किए गए हों. मगर उनके परिजनों को दंपति के ठिकाने के बारे में नहीं बताया जा रहा है.

पैर पसारता कोरोना वायरस, कतर में एक दिन में बढ़े Kovid-19 के 238 मामले
12 March 2020
दोहा: कतर (Qatar) में केवल एक दिन के अंतराल में कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमित मामलों की संख्या में 238 की बढ़ोतरी हो गई. देश के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी है. कतर के अखबार द पेनिनसुला ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि बुधवार को अपने एक बयान में मंत्रालय ने घोषणा की कि ये नए मामले वो हैं जो पहले तीन मामले सामने आने के बाद से निगरानी में थे.
बुधवार के बयान में मंत्रालय ने यह भी कहा कि कोरोनावायरस संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ने की संभावना उन लोगों में पहले से ही थी जो संक्रमित लोगों के संपर्क में थे.
द पेनिनसुला कतर की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रालय ने कहा "समुदाय के सभी सदस्यों को आश्वस्त किया जाना चाहिए कि जिन लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है, उनकी स्थिति अच्छी है और संक्रमणकारी बीमारियों के लिए बने केन्द्र में अच्छी चिकित्सा देखभाल पा रहे हैं. " मंत्रालय के लोग अपनी और पूरे समुदाय की इस वायरस से बचाव के लिए जरूरी उपाय कर रहे हैं.
अब तक कतर में इस वायरस के कारण किसी व्यक्ति की मौत की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन शैक्षणिक संस्थाएं बंद हो गई हैं, सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं, जिसमें मोटो जीपी भी शामिल है. कोरोनावायरस के प्रकोप के चलते एहतियात के तौर पर 14 देशों के यात्रियों को प्रतिबंधित कर दिया गया है.

कोरोना वायरस: डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप से अमेरिका की यात्रा पर लगाई 30 दिनों के लिए रोक
12 March 2020
वॉशिंगटन: कोरोना वायरस ( Corona virus) के बढ़ते प्रकोप के चलते ब्रिटेन को छोड़कर यूरोप (Europe) के बाकी देशों से अमेरिका तक की सभी यात्रा को निलंबित कर दिया गया है.
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव के चलते ब्रिटेन को छोड़कर यूरोपीय देशों से अमेरिका तक की सभी यात्रा को 30 दिनों के लिए स्थगित कर दिया है.
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एकता दिखाने की अपील करते हुए कहा, "मीडिया को चाहिए कि वह वर्तमान स्थिति को एकता और ताकत दिखाने के रूप में देखे. वास्तव में दुनिया सहित हमारा एक आम दुश्मन है, 'कोरोनावायरस'. हमें यथासंभव जीतना जल्दी हो सके, इसे सुरक्षित रूप से हरा देना चाहिए."
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "अमेरिकी नागरिकों के जीवन और सुरक्षा से ज्यादा महत्वपूर्ण मेरे लिए कुछ भी नहीं है!"
कोरोना वायरस महामारी घोषित
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने नोवल कोरोना वायरस को महामारी घोषित किया है, जिसके बाद संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस पर कार्रवाई करने का आह्वान किया है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने गुटेरेस के एक संदेश के हवाले से कहा, "आज की महामारी की घोषणा सभी के लिए कार्रवाई का आह्वान है. सभी राष्ट्रों और लोगों को एकजुट होकर जिम्मेदारी लेनी चाहिए."
हालांकि, भय के खिलाफ उन्होंने चेताते हुए कहा, "जैसा कि हम वायरस से लड़ रहे हैं ऐसे में हम डर को वायरल नहीं होने दे सकते." उन्होंने सभी देशों की सरकारों से इस संदर्भ में तुरंत काम करने और अपने प्रयासों को बढ़ाने के साथ ही उचित भूमिका निभाने का भी आह्वान किया.

WHO ने कोरोना को महामारी घोषित किया, भारत सरकार ने लिया ये बड़ा फैसला
12 March 2020
नई दिल्ली: वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO)ने कोरोना वायरस (Corona Virus)को महामारी घोषित कर दिया है. कोरोना से बचाव के लिए भारत सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. भारत ने विदेश से आने वाले यात्रियों के वीजा सस्पेंड कर दिए हैं. इसके अलावा केंद्र सरकार ने भारतीय नागरिकों को सलाह दी है कि यदि जरूरत न हो तो विदेश यात्रा से बचें. बता दें कि भारत में कोरोना वायरस के अब तक 60 मरीजों की पुष्टी हो चुकी है. दुनियाभर में कोरोना से अब तक 4 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.
अब भारत आने के लिए केवल राजनायिकों और यूएन कर्मचारियों को ही वीजा दिया जाएगा. इनके अलावा सभी के वीजा सस्पेंड कर दिए हैं. विदेश से आने वाले यात्रियों के वीजा 15 अप्रैल तक के लिए सस्पेंड कर दिए गए हैं. यह रोक ओसीआई कार्डधारकों पर भी जारी रहेगी.
एयर इंडिया ने 28 मार्च इटली और 25 मार्च तक दक्षिण कोरिया की सभी उड़ानें रद्द की.
कोरोना वायरस: खतरे और रोकथाम के प्रयासों की मंत्रियों के समूह ने की समीक्षा
कोरोना वायरस के व्‍यापक खतरे को देखते हुए मंत्रियों के समूह (GOM) ने उच्‍च स्‍तरीय समीक्षा की. इसकी निगरानी और रोकथाम के लिए की जा रही तैयारियों के प्रबंधन का जायजा लिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशों पर केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉ हर्षवर्द्धन के नेतृत्‍व में इस GOM का गठन किया गया था.
इसके तहत मंत्रियों के समूह के समक्ष देश में कोरोना वायरस के खतरे के संबंध में एक प्रेजेंटेशन पेश किया गया. अभी तक इसकी रोकथाम के लिए क्‍या प्रबंध किए गए हैं, इस बारे में भी बताया गया. वैश्विक हालात के मद्देनजर सरकार की तरफ से जो ट्रेवल एडवाइजरी जारी की गई हैं, उसके बारे में जानकारी दी गई. गौरतलब है कि 10 मार्च को भी सरकार की तरफ से ऐहतियात के रूप में दो एडवाइजरी जारी की गई हैं.
इसमें जिक्र किया गया कि जिन यात्रियों ने हाल में चीन, हांगकांग, दक्षिण कोरिया, जापान, इटली, थाइलैंड, सिंगापुर, ईरान, मलेशिया, फ्रांस, स्‍पेन और जर्मनी की यात्रा की है, उनको बेहद सावधानी बरतते हुए स्‍वदेश आने की तिथि से 14 दिनों तक खुद को बाकियों से अलग रखना चाहिए. कंपनियों को भी ऐसे कर्मचारियों को घर से ही काम करने की सुविधा उपलब्‍ध करानी चाहिए.
इसमें ये भी बताया गया कि इनके समेत कुल 12 देशों से आने वाली सभी फ्लाइट के यात्रियों की यूनिवर्सल स्‍क्रीनिंग की जा रही है. इसके साथ ही ये भी कहा गया कि सभी राज्‍यों और केंद्रशासित प्रदेशों को ये सलाह दी गई है कि लोगों की सघन जांच के साथ उनको रोकथाम, लक्षण के विषय में जागरूक किया जाना चाहिए और इसके लिए हेल्‍पलाइन नंबर जारी किए जाने चाहिए.

काबुल में धमाका, कम से कम 10 लोग घायल
27 February 2020
काबुल: अफगानिस्तान (Afghanistan) की राजधानी काबुल के पुलिस डिस्ट्रिक्ट छह में बुधवार दोपहर को धमाका हो गया. भारी मात्रा में विस्फोटक एक मोटरबाइक में लदे हुए थे. इस धमाके में कम से कम 10 लोग बुरी तरह से घायल हो गए.
घटनास्थल पर मौजूद शख्स ने नाम न उजागर करने की शर्त पर समाचार एजेंसी सिन्हुआ को बताया, "मैंने 10 घायल लोगों को देखा, जो खून से लथपथ पड़े थे. मोटरबाइक में विस्फोट स्थानीय समयनुसार 3.30 बजे हुआ था."
बता दें कि इस घटना पर काबुल में मौजूद सुरक्षा अधिकारियों ने कोई प्रतिक्रिया जाहिर नहीं की है. सभी सुरक्षा अधिकारी मीडिया के सामने बयान देने से बच रहे हैं.

सोमालीया सेना का आतंकवादियों के खिलाफ बड़ा एक्शन, अब तक इतनों को किया ढेर
27 February 2020
मोगादिशू: दक्षिणपश्चिमी स्टेट फोर्स द्वारा समर्थित द सोमाली नेशनल आर्मी(एसएनए) ने दिनसोर शहर में एक अभियान में अल-शबाब (Al-Shabab) के सात आतंकवादियों को मार गिराया है. एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी. समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, दिनसोर के गवर्नर आब्दी सलाम सिडोह ने पत्रकारों से कहा कि क्षेत्र में आतंकवादियों के छिपे होने की सूचना सेना को मिलने के बाद हमने एक संयुक्त अभियान चलाया.
सिडोह ने कहा, "सेना ने आतंकवादियों पर हमला किया. उन्होंने हमें चुनौती पेश की, लेकिन आखिरकार हम उनपर काबू पाने में सफल हुए." उन्होंने कहा, "हम अब शहर में हैं और आतंकवादी यहां से भाग गए हैं. हमने अभियान में सात आतंकवादियों को मार गिराया." स्थानीय निवासियों ने बताया कि सरकारी सेना ने शहर में अल शबाब के आतंकवादियों पर हमला किया.

पाकिस्तान सरकार ने इस पूर्व प्रधानमंत्री को किया भगोड़ा घोषित, दी ये वजह
27 February 2020
इस्लामाबाद: पाकिस्तान (Pakistan) में सत्तारूढ़ इमरान सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ (Nawaz Sharif) की जमानत अवधि को बढ़ाने से इनकार करते हुए उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया है. सरकार ने जमानत की शर्तो का 'उल्लंघन' करने पर यह फैसला किया है. पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया.
प्रधानमंत्री की सूचना प्रसारण मामलों की सलाहकार फिरदौस आशिक अवान ने बैठक की जानकारी देते हुए कहा, "नवाज शरीफ लंदन (London) के किसी भी अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट पेश नहीं कर सके. इसके बाद मेडिकल बोर्ड ने उनके द्वारा भेजे गए मेडिकल सर्टिफिकेट को खारिज कर दिया और सरकार ने उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया है. अब कानून के हिसाब से नवाज शरीफ एक भगोड़े हैं और अगर वह देश नहीं लौटे तो उन्हें घोषित अपराधी करार दे दिया जाएगा."
अवान ने यह नहीं साफ किया कि शरीफ को कैसे कानूनन एक भगोड़ा घोषित किया जाएगा. लेकिन, यह माना जा रहा है कि पंजाब प्रांत की सरकार इस्लामाबाद हाईकोर्ट (Islamabad Highcourt) में इस बारे में अर्जी लगाएगी कि अदालत तय करे कि उन्हें भगोड़ा या घोषित अपराधी करार दिया जाए या नहीं.
गौरतलब है कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग(नवाज) के नेता नवाज शरीफ भ्रष्टाचार के मामलों में जेल में बंद थे. उनकी सेहत बहुत बिगड़ने के बाद उन्हें इलाज के लिए विदेश जाने की इजाजत देते हुए अदालत ने उनकी जमानत मंजूर की थी. बीते साल 29 अक्टूबर को उन्हें आठ हफ्ते की जमानत दी गई. उनकी जमानत अवधि खत्म हो चुकी है.

रॉकेट हमलों के बाद इजरायल ने गाजा के सभी रास्ते किए बंद, मछली पकड़ने पर लगाई रोक
26 February 2020
जेरूशलम: इजरायल (Israel) ने कहा है कि गाजा-इजरायल सीमा के निकट रॉकेट हमले होने के बाद वह गाजा पट्टी जाने वाले सभी मार्गो को बंद कर रहा है और उसने फिलिस्तीन के तटीय क्षेत्र में मछली पकड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है. कब्जे वाले वेस्ट बैंक और गाजापट्टी में इजरायल सरकार की गतिविधियों के मुख्य समन्वयक कामिल अबु रुकोन ने कहा, "गाजा और इजरायल के बीच मार्गो को सोमवार रात से अगला अगला आदेश आने तक बंद रखा जाएगा."
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने बताया कि उनके कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार उन्होंने कहा कि जरूरी वस्तुओं को लाने ले जाने वाले मार्ग केरेम शालोम क्रॉसिंग को महत्वपूर्ण मानवीय उपकरणों के अतिरिक्त अन्य सभी वस्तुओं के परिवहन के लिए बंद कर दिया जाएगा. इससे पहले अबु रुकोन ने एरेज क्रॉसिंग को बंद करने की घोषणा की थी. यह कब्जे वाले क्षेत्र और इजरायल के लोगों के लिए आने-जाने का एकमात्र मार्ग है.
इजरायल ने इसके साथ-साथ गाजा के तट पर मछली पकड़ने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे आर्थिक रूप से विपन्न क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और खाद्य संसाधन पर विपरीत प्रभाव पड़ा है. अबु रुकॉन ने कहा कि इजरायल ने यह कदम गाजा में विद्रोहियों द्वारा दक्षिण इजरायल पर दर्जनों रॉकेट दागने के बाद उठाया है.

डोनाल्‍ड ट्रंप और पीएम मोदी के बीच होंगे 3 अरब डॉलर के रक्षा समझौते
25 February 2020
नई दिल्‍ली: भारत यात्रा के दूसरे दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप का आज सुबह सबसे पहले राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया. इस मौके पर सेना के तीनों अंगों की मिली जुली टुकड़ी ने ट्रंप को 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया. इसके साथ ही उन्हें 21 तोपों की सलामी भी दी गई. इस मौके पर भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति का स्वागत किया. उसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हैदराबाद हाऊस में उनकी मुलाकात जारी है. इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीन अरब डॉलर के रक्षा समेत कई व्‍यापारिक समझौते होने की उम्‍मीद है.
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत और अमेरिका मंगलवार को दिल्ली में तीन अरब डॉलर के दो रक्षा सौदों पर हस्ताक्षर करेंगे. रक्षा सौदे भारतीय नौसेना के लिए 24 एमएच-60आर हेलीकॉप्टरों और सेना के लिए छह एएच-64ई अपाचे हेलीकॉप्टरों की बिक्री से संबंधित हैं.
सोमवार को गुजरात पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति ने अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम में कहा, "हम अपने रक्षा सहयोग को निरंतर आगे बढ़ाते रहेंगे. अमेरिका भारत को विश्व के ग्रह के सर्वश्रेष्ठ और सर्वाधिक घातक सैन्य उपकरण प्रदान करने के लिए तत्पर है. हम सबसे अच्छे हथियार बनाते हैं और हम अब भारत के साथ सौदा कर रहे हैं."
उन्होंने कहा, "मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि मंगलवार को हमारे प्रतिनिधि भारतीय सैन्य बलों के लिए तीन अरब डॉलर से भी अधिक के विक्रय सौदे पर हस्ताक्षर करेंगे, जिनमें अत्याधुनिक सैन्य हेलीकॉप्टर और अन्य सैन्य उपकरण शामिल हैं." ट्रंप की भारत यात्रा से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति ने 19 फरवरी को 24 एमएच-60 'रोमियो' नौसैनिक बहु-मिशन हेलीकाप्टरों को 2.12 अरब डॉलर और छह एचएच -64ई अपाचे हेलिकॉप्टरों के लिए अमेरिका से 79.6 करोड़ रुपये के दो सौदों को मंजूरी दी थी.

कश्मीर मसले पर पाकिस्तान का साथ देने वाले इस PM को देना पड़ा इस्तीफा, सामने आई ये वजह
24 February 2020
कुआलालंपुर: मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने सोमवार को इस्तीफा दे दिया. उन्होंने अपना इस्तीफा देश के सुल्तान को सौंप दिया. समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने प्रधानमंत्री कार्यालय के एक बयान के हवाले से कहा, "महातिर मोहम्मद ने आज मलेशिया के प्रधानमंत्री पद से अपना इस्तीफा भेज दिया." 94 वर्षीय प्रधानमंत्री का फैसला रविवार को यह जानकारी सामने आने के बाद आया कि उनकी पार्टी एक नई सरकार बनाने की योजना बना रही है, जिसमें उनके उत्तराधिकारी और पीपुल्स जस्टिस पार्टी (पीकेआर) के अध्यक्ष अनवर इब्राहिम बाहर होंगे. इससे पहले, सोमवार को उपप्रधानमंत्री वान अजीजा वान इस्माइल और अनवर इब्राहिम ने महातिर से उनके निजी आवास पर मुलाकात की. पाकतान हरपन, या एलायंस ऑफ होप गठबंधन की मई 2018 में आम चुनाव में जीत के बाद महातिर प्रधानमंत्री के रूप में लौटे थे. वह गठबंधन के चार घटक दलों में से एक, पार्टी प्रीबूमि बेर्सटू मलेशिया (पीपीबीएम) के अध्यक्ष भी हैं. बता दें कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और महातिर के बीच दोस्ती गाढ़ी दोस्‍ती है. महातिर ने कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान के समर्थन किया था. इसके बाद भारत और मलेशिया के बीच दोस्ती में थोड़ा तनाव उत्‍पन्‍न हो गया था. भारत ने मलेशिया से पाम ऑयल के ऑयल के कटौती कर दी थी. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक महातिर की पार्टी बेरास्तु ने साझा सरकार के गठबंधन को छोड़ दिया है. लिहाजा उन्हें इस्तीफा देना पड़ा. विश्व के सबसे उम्रदराज नेता, 94 वर्ष के महातिर ने उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों द्वारा सरकार गिराने की कोशिशों के बाद ये फैसला लिया. उनके कार्यालय ने एक बयान में कहा कि महातिर ने 'मलेशिया के प्रधानमंत्री के तौर पर अपना इस्तीफा भेज दिया है.
चीन: पारंपरिक दवाइयों से किया जाएगा कोरोना वायरस का इलाज, मिलेंगे बेहतर परिणाम
24 February 2020
बीजिंग: नए कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण की रोकथाम और रोगियों के इलाज में चीन की पारंपरिक दवाइयों की महत्वपूर्ण भूमिका साबित हुई है. राष्ट्रीय पारंपरिक दवाई प्रबंधन विभाग के अनुसार कुल 60 हजार रोगियों के इलाज में चीनी पारंपरिक दवाइयों का प्रयोग किया गया है और इसका बेहतरीन नतीजा नजर आया है. चीनी (China) विज्ञान व तकनीक मंत्रालय के उप मंत्री शू नान पींग के अनुसार नए कोरोना वायरस संक्रमण के रोगियों के इलाज में चीनी पारंपरिक दवाइयों का सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुआ है.
अब नए कोरोना वायरस संक्रमण इलाज योजना में पारंपरिक दवा भी शामिल की गई है. वुहान (Wuhan) शहर में किए गए नैदानिक अनुसंधान के मुताबिक पारंपरिक दवाइयों के प्रयोग से हल्के रूप से ग्रस्त रोगियों का इलाज समय और भर्ती समय एक से दो दिनों तक कम हुआ है और इन रोगियों की इलाज दर में 33 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई.
चीनी पारंपरिक चिकित्सा के प्रशासन विभाग के उप प्रधान यू यैन हूंग ने कहा कि पारंपरिक चिकित्सा के प्रयोग से हल्के रोगियों की स्थितियों में स्पष्ट सुधार आया है और गंभीर रोगियों के इलाज में उनकी स्थिति और गंभीर होने से बची है. पारंपरिक चिकित्सा और आधुनिक मेडिसन के संयुक्त प्रयोग से नए कोरोना वायरस संक्रमण रोगियों के इलाज में संतोषजनक प्रभाव मिला है.
चीनी राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग और पारंपरिक चीनी चिकित्सा ब्यूरो ने संयुक्त रूप से पारंपरिक दवाइयों से बने डिटॉक्स सूप की सिफारिश की थी. गत 17 फरवरी तक देश के 10 राज्यों के 57 अस्पतालों में कुल 701 रोगियों के इलाज में इस दवा का प्रयोग किया गया और अधिकांश रोगियों की स्थितियों में संतोषजनक परिणाम नजर आया है.

भारत दौरे पर बेटी इवांका और दामादा जेरेड भी होंगे डोनाल्ड ट्रंप के साथ
21 February 2020
नई दिल्ली: अमेरिक (US) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump ) के दौरे को लेकर नई जानकारी सामने आई है. उनकी बेटी इवांका ट्रंप और ट्रंप के दामाद जेरेड कशनर भी उनके साथ भारत आ रहे हैं. बता दें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 24 फरवरी को दो दिवसीय यात्रा पर भारत आ रहे हैं. उनके साथ उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप भी होंगीं.
इससे पहले खबर आई थी कि डोनाल्ड ट्रंप ने अहमदाबाद में साबरमती आश्रम जान का कार्यक्रम रद्द कर दिया है. बताया जा रहा है कि ताजमहल देखने के लिए ज्यादा समय मिल सके इसलिए ट्रंप ने ऐसा किया है.
24 फरवरी को ये होंगे कार्यक्रम
- ट्रंप 24 फरवरी को 11:30 बजे के आसपास अहमदाबाद पहुचेंगे.
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डोनाल्ड ट्रंप और मेलानिया ट्रंप का एयरपोर्ट पर स्वागत करेंगे.
- इसके बाद एयरपोर्ट से मोटेरा स्टेडियम तक मोदी-ट्रंप रोड शो करेंगे.
- दोपहर 12:30 से 1 बजे के बीच पीएम मोदी और ट्रंप मोटेरा स्टेडियम पहुंचेंगे. वहां वे मोटेरा स्टेडियम में 'नमस्ते ट्रम्प' कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे
- शाम साढ़े तीन बजे डोनाल्ड ट्रंप और मेलानिया ट्रंप आगरा के लिए रवाना होंगे.
- शाम 5 बजे डोनाल्ड ट्रंप और मेलानिया ट्रंप आगरा में ताजमहल देखेंगे. इसके बाद वो दिल्ली के लिए रवाना होंगे.
- 24 फरवरी को वे दिल्ली के ITC मौर्या (ITC Maurya) होटल में रुकेंगे
25 फरवरी को ये होंगे कार्यक्रम
- सुबह 10 बजे राष्ट्रपति भवन जाएंगे.
- सुबह 10:45 बजे डोनाल्ड ट्रंप अपनी पत्नी के साथ राजघाट जाएंगे.
- सुबह साढ़े 11 बजे हैदराबाद हाउस में पत्रकारों को संबोधित करेंगे.
- शाम 3 बजे भारत के दिग्गज कारोबारियों के साथ मुलाकात करेंगे. आधिकारिक जानकारी के मुताबिक भारत में ट्रंप का ये आखिरी कार्यक्रम होगा.

भारत से नेपाल जा रहे रोहिंग्या मुसलमान, नेपाल के जेहादी गुटों से मिल रही फंडिंग
20 February 2020
नई दिल्ली: रोहिंग्या मुसलमान भारत से नेपाल की तरफ पलायन कर रहे हैं और ये भी सामने आया है कि इन्हें नेपाल के जेहादी गुटों से फंडिंग मिल रही है. खुफिया एजेंसियों ने गृह मंत्रालय को भेजी एक रिपोर्ट में कहा है कि भारत में रह रहे रोहिंग्या नेपाल की ओर पलायन कर रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 378 ऐसे रोहिंग्या मुसलमानों के बारे में ये जानकारी सामने आई है. ये पिछले कुछ दिनों मेंं भारत नेपाल सीमा पर नेपाल के इलाके में बस गये हैं. ये भी कहा गया है कि यह सभी नेपाल के कुछ बिचौलियों के संपर्क में हैं और इनकी मदद से वो नेपाल सीमा से सटे इलाकों में बसने के लिए जमीनें भी खरीद रहे हैं.
खुफिया एजेंसी से जुड़े एक अधिकारी ने ज़ी न्यूज़ से बताया है कि नेपाल की ओर जाने वाले रोहिंग्या भारत-नेपाल सीमा पर सक्रिय कुछ रोहिंग्या मुसलमानों के संपर्क में हैं. ये नेपाल में जमीन से लेकर नेपाल की नागिरकता से जुड़े दस्तावेज हासिल करने के लिए हजारों रुपए घूस भी दे रहे हैं. कुछ मामलों में हमें पता चला है कि इन बिचौलियों को नेपाल में बसने के लिए 40-50 हजार रुपए तक जा रहे हैं.
नेपाल के ढाढिंग (Dhading) जिले में रोहिंग्या मुसलमानों के करीब 35 अस्थायी घर भी देखे गए हैं, जो पिछले कुछ दिनों में बने हैं. इसी तरह लासंतूर में 104 रोहिग्या मुसलमानों और इसी समुदाय के कुछ लोगों के पनौती जिले में बसने की खबर मिली है. रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल के इस्लामिक संगठन इन रोहिंग्या मुसलमानों को नेपाल में बसने के लिए फंड मुहैया करा रहे हैं. इसमें इस्लामिक संघ नेपाल (ISN) की गतिविधियां काफी संदिग्ध हैं.
गृह मंत्रालय में तैनात एक अधिकारी के मुताबिक, रोहिंग्या मुसलमानों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने की जरूरत है. पाकिस्तान की आईएसआई लंबे वक्त से भारत-नेपाल सीमा पर लश्कर और जैश जैसे आतंकी गुटों के बेस बनाने की साजिश में लगी हुई है. ऐसे में रोहिंग्या मुसलमानों को फंड मुहैया करवा कर भारत-नेपाल सीमा पर बसाने के पीछे एक बड़ी साजिश हो सकती है. हालंकि अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी.
कुछ महीनों पहले भारतीय खुफिया एजेंसियों ने खुलासा किया था कि पाकिस्तान की आईएसआई ने थाइलैंड और म्यांमार के बॉर्डर पर स्थित मेरीसोट नाम की जगह पर आतंकी कैंप बनवाए हैं, जिसमें पाकिस्तानी-तालिबानी लड़ाके इन कैंपो में रोहिंग्या जेहादियों को आतंकी हमले के लिए तैयार कर रहे हैं. रिपोर्ट में ये शक जताया गया है कि ISI इन कैंपों में आतंकियों को तैयार कर बंग्लादेश और भारत में आतंकी हमले कराने की भी साजिश हो सकती है.
इन कैंपों के बारे में जानकारी पहली बार कुछ खालिस्तान समर्थित आतंकियों से पूछताछ के बाद मिली थी. रिपोर्ट के मुताबिक, टेरर कैंप को एक्टिव करने के लिए हाफिज सईद ने रोहिंग्या जेहादियों के साथ बैठक भी की थी. आईएसआई जेेहादी गुट हरकत-उल-जिहाद इस्लामी-अराकान (हुजी-ए) की मदद कर पाकिस्तान, तालिबान से ट्रेनिंग दिलवा रहा है. वहीं इस गुट का नेता मौलाना अब्दुल कुद्दुस इस वक्त पाकिस्तान में है.

जापानी क्रूज डायमंड प्रिंसेज पर कोरोना वायरस से 2 की मौत, 7 भारतीय नागरिक भी संक्रमण की चपेट में
20 February 2020
नई दिल्ली:जापानी क्रूज डायमंड प्रिंसेज पर कोरोना वायरस की वजह से दो लोगों की मौत हो गई है और 7 भारतीय नागरिक अभी इस संक्रमण की चपेट में हैं. क्रूज पर सवार इन यात्रियों में कोरोना वायरस का टेस्ट पॉजिटिव पाया गया है. क्रूज पर अभी कई लोग सवार हैं, जिनमें इसे देखकर दहशत बढ़ती जा रही है. क्रूज की एक क्रू मेंबर सोनाली ठक्कर ने जहाज से ही वीडियो के जरिए भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद मांगी है.
टोक्यो में स्थित भारतीय दूतावास से मिली जानकारी के मुताबिक, सात संक्र​मित भारतीयों को जापान के ही एक अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। दूतावास की तरफ से किए गए ट्वीट में कहा गया है कि क्रूज पर मौजूद लोगों का बुधवार को टेस्ट किया गया जिनमें से 88 केस पॉजीटिव पाए गए.
ट्वीट में कहा गया है, सभी कोरोना वायरस से संक्रमित भारतीयों का इलाज जापान में चल रहा है। इस जापानी क्रूज पर 138 भारतीय हैं, जिनमें से 132 क्रू मेंबर्स हैं. खबरों के मुताबिक क्रूज पर कोरोना वायरस की चपेट में आकर दो जापानी नागरिकों की मौत हो गई है. ये दोनों बुजुर्ग यात्री थे. मीडिया ​रिपोर्ट में सरकारी प्रसारक ‘एनएचके’ ने बताया कि एक महिला और एक पुरुष वायरस से संक्रमित थे और दोनों की मौत हो गई है. इनकी उम्र 80 साल के आसपास थी. हालांकि स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से अभी तक कोई बयान नहीं आया है.
बता ​दें कि इस क्रूज में कोरोना वायरस संक्रमण के 600 से अधिक मामलों की पुष्टि हुई थी लेकिन संक्रमण की वजह से मौत की पहली खबर सामने आई है. जहाज पर 3,711 यात्री सवार थे. हालांकि जहाज पर सवार जिन लोगों की कोरोना वायरस की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है. उन्हें बाहर निकालने की अनुमति मिल गई. जहाज पांच फरवरी को योकोहामा बंदरगाह पहुंचा था. जहाज में एक मलेशियाई नागरिक था, जो कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया. इसके बाद क्रूज को बंदरगाह पर 14 दिनों के लिए खड़ा कर दिया गया था.

जर्मनी में दो अलग-अलग जगहों पर फायरिंग, कम से कम 8 लोगों की मौत
20 February 2020
हनाऊ: जर्मनी (Germany) में हनाऊ शहर में देर रात दो अलग-अलग जगहों पर फायरिंग हुई. जिसमें 8 लोगों की मौत हो गई और 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. जिनका इलाज अस्पताल में अभी जारी है. हनाऊ के शिशा बार में दो अज्ञात हमलावरों ने लोगों पर गोलीबारी की. पुलिस अब तक मौके पर मौजूद है और घटना की जांच कर रही है. आपको बता दें कि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों हमलावर पहले शिशा बार में घुसे और फिर अंदर मौजूद लोगों की भीड़ पर अंधाधुंध फायरिंग शुरु कर दी. जिसमें 8 लोगों की मौत हो गई और 5 लोग घायल हो गए. हमलावर शिशा बार में गोलीबारी के बाद दूसरी जगह एक नई घटना को अंजाम देने एक दूसरे शहर कसेल भाग गए.
गौरतलब है कि ये घटना इतनी भयानक थी कि पुलिस ने अभी मरने वालों का टोटल नंबर जारी नहीं किया है. जबकि बिल्ड अखबार की रिपोर्ट्स के मुताबिक शिशा बार में हुई गोलीबारी में अब तक कुल 8 लोगों की मौत हो चुकी है और 5 लोग गंभीर रूप से घायल हैं. वहीं लोकल न्यूजपेपर हेसेनशाउ के अनुसार रात को दो अज्ञात हमलावरों ने हनाउ के शिशा बार में मौजूद लोगों पर गोलीबारी की और फिर वहां से भाग गए. गोली चलाने वाले कौन थे इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई. पुलिस अभी भी इन हमलावरों की तलाश में जुटी है.

चीन: कोरोना वायरस महामारी के बाद पटरी पर लौट रही जिंदगी, ये उद्याेग हुए फ‍िर शुरू
19 February 2020
बीजिंग: चीन (China) में सोमवार तक 80 प्रतिशत से अधिक केंद्रीय उद्यमों में कामकाम फिर से शुरू हो गया है. नए कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी से केंद्रीय उद्यमों के उत्पादन लक्ष्यों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. चीनी राज्य परिषद के राज्य-अधिकृत संपत्ति के पर्यवेक्षण और प्रबंध आयोग के उप प्रमुख रन होंगपिन ने मंगलवार को पेइचिंग में यह बात कही. नए कोरोना वायरस निमोनिया की महामारी फैलने के बाद चीन के केंद्रीय उद्यमों ने पूरी तरह से महामारी की रोकथाम और नियंत्रण का समर्थन किया. सीओएफसीओ निगम हर दिन 200 टन से अधिक चावल वुहान (Wuhan) पहुंचाता है.
रन होंगपिन ने कहा कि काम और उत्पादन की बहाली महामारी की रोकथाम और आर्थिक विकास की महत्वपूर्ण गारंटी है. प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार 80 प्रतिशत से अधिक केंद्रीय उद्यमों ने अपने कामकाज बहाल किया है. पेट्रोलियम, संचार, पावर ग्रिड और परिवहन आदि व्यवसाय में फिर से काम शुरू करने की दर 95 से 100 प्रतिशत तक जा पहुंची है.

चीन में कोरोना वायरस बरपा रहा कहर, हॉस्पिटल के डायरेक्टर की हुई मौत
19 February 2020
बीजिंग: नोवेल कोरोना वायरस- कोविड-19 (Corona Virus) के प्रकोप के केंद्र वुहान में वुचंग अस्पताल के निदेशक लियू झिमिंग का मंगलवार को संक्रमण के कारण निधन हो गया. स्थानीय सरकारी अधिकारियों ने एक बयान में यह जानकारी दी. डेली मेल की रिपोर्ट की अनुसार, इस महीने की शुरुआत में वुहान में एक 34 वर्षीय डॉक्टर ली वेनलियांग की भी कोरोना वायरस के कारण मौत हो गई थी.
लियू झिमिंग एक न्यूरो सर्जन थे, जो कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वाले पहले अस्पताल प्रमुख हैं. उनकी मृत्यु इस आलोचना को और भी हवा दे सकती है कि चीन सरकार ने बीमारी से लड़ रहे पहली पंक्ति के चिकित्सा कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए हैं. डॉक्टर व अस्पताल कर्मचारियों को विपरीत परिस्थितियों में अतिरिक्त काम करना पड़ा रहा है.
चीन की राष्ट्र संचालित मीडिया ने मंगलवार को बताया कि प्रकोप को रोकने की कोशिश करते हुए मरने वाले डॉक्टरों और नर्सों को आधिकारिक तौर पर 'शहीदों' के रूप में नामित किया जाएगा.
चीनी स्वास्थ्य प्राधिकरण ने कहा कि 31 प्रांतीय स्तर के क्षेत्रों और झिंजियांग उत्पादन एवं निर्माण कोर से सोमवार को नोवेल कोरोना वायरस संक्रमण के 1,886 नए मामले सामने आए हैं और 98 मौत दर्ज की गई हैं.
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, नई मौतों में 93 हुबेई प्रांत में, तीन हेनान में और एक-एक हेबेई और हुनान में हुई हैं.

पाकिस्तान: UN महासचिव ने करतारपुर साहिब गुरुद्वारे का दौरा किया
19 February 2020
करतारपुर (पाकिस्तान): संयुक्त राष्ट्र (United Nations) महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने मंगलवार को करतारपुर कॉरीडोर (Kartarpur Corridor) और करतारपुर साहिब गुरुद्वारे का दौरा किया. 'रेडियो पाकिस्तान' की रिपोर्ट के अनुसार, गुटेरेस ने करतारपुर में संवाददाताओं से कहा कि 'कॉरीडोर को खोला जाना पाकिस्तान की शांति और अंतर सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देने की इच्छा का वास्तविक प्रमाण है.'
इस दौरान उनके साथ पाकिस्तान (Pakistan) के धार्मिक मामलों के संघीय मंत्री पीर नूरुल हक कादरी भी थे. गुटेरेस ने पहले करतारपुर कॉरीडोर को देखा जो भारतीय सीमा से पाकिस्तान के करतारपुर स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब तक श्रद्धालुओं को ले जाता है. उन्होंने इस कॉरीडोर को खोले जाने को एक अच्छा कदम बताया और कहा कि इससे धार्मिक सद्भाव को बढ़ावा मिलेगा.
इसके बाद गुटेरेस गुरुद्वारे गए जहां सिख समुदाय की धार्मिक हस्तियों ने उनका स्वागत किया. उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए गए. संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने गुरुद्वारे में लंगर चखा. सिख धार्मिक नेताओं ने उन्हें गुरुद्वारे के इतिहास के बारे में बताया और कहा कि यह सिख धर्म के पवित्रतम स्थानों में से एक है क्योंकि यहां सिख धर्म के संस्थापक बाबा गुरु नानक देव ने अपने जीवन के अंतिम दिन बिताए थे.
इससे पहले, लाहौर (Lahore) पहुंचने के बाद गुटेरेस ने एक स्कूल का दौरा किया और वहां कुछ बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई. इसके अलावा वह लाहौर यूनिवर्सिटी ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज भी गए और वहां छात्रों को संबोधित किया. उन्होंने आधुनिक प्रौद्योगिकी के हिसाब से पाठ्यक्रम में सुधार की जरूरत पर जोर दिया. जलवायु परिवर्तन के खतरे और जनसंख्या नियंत्रण की आवश्यकता पर भी उन्होंने बात रखी.

पाकिस्तान: जहरीली गैस से 6 की मौत, गैस कहां से लीक हो रही है अब तक पता नहीं
17 February 2020
करांची: पाकिस्तान (Pakistan) में करांची के केमारी इलाके में जहरीली गैस का रिसाव होने के कारण 6 लोगों की मौत हो गई और करीब 136 लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया. जहरीली गैस से मरने वालों की संख्या अभी और भी बढ़ सकती है. आपको बता दें कि पाकिस्तानी नेवी की बायोलॉजिकल यूनिट मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है कि इस जहरीली गैस का रहस्य क्या है? इस जहरीली गैस का रिसाव कहां से हो रहा है और ये कौन सी गैस है?
करांची में गैस रिसाव के कारण हुई मौतों पर पाकिस्तान के समुद्री मामलों के मंत्री अली जैदी ने कहा- इस मामले में जांच शुरु हो चुकी है. नेवी की टीम ने अलग-अलग अस्पतालों से ब्लड सैंपल लिए हैं. इसके अलावा पानी के भी सैंपल लिए गए हैं. जिनकी जांच से पता चलेगा कि आखिर ये मामला क्या है. कहा जा रहा है कि करांची पोर्ट पर अमेरिका से आए किसी शिप से गैस का रिसाव हुआ है लेकिन मैंनें खुद घटनास्थल पर जाकर देखा कि शिप में कोई लीकेज नहीं है.

अपने नागरिकों को बचाने के लिए नेपाल ने लगा दी जान की बाजी, चीन से 175 लोगों को निकाला
16 February 2020
काठमांडू: नेपाल ने रविवार को चीन के शहर वुहान से अपने 175 नागरिकों को निकाल लिया. चीन के वुहान में घातक कोरोना वायरस(सीओवीआईडी-19) का प्रकोप है . इन नागरिकों में ज्यादातर छात्र हैं. समाचार एजेंसी एफे से नेपाल एयरलाइंस के निदेशक कैप्टन दीपू जवरचन ने कहा कि एयरबस ए330 विमान 134 पुरुषों व 41 महिलाओं के साथ काठमांडू के त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर दोपहर बाद उतरा. इसमें से 170 छात्र हैं. सभी निकाले गए लोगों को अलग जगह पर रखा जाएगा और कम से कम दो हफ्तों तक इनमें कोरोनावायरस के लक्षणों की निगरानी की जाएगी.
जवरचन के अनुसार, विमान ने दो कैप्टन, आठ फ्लाइट अटेंनडेंट, चार मेडिकल रिप्रजेंटेटिव, एक इंजीनियर व दूसरे तकनीकी कर्मियों ने साथ शनिवार को दोपहर बाद चीन के लिए उड़ान भरा था. उन्होंने कहा कि 48 घंटे तक खड़े रहे विमान के केबिन की गहन सफाई होगी और वह कीटाणुशोधन की प्रक्रिया से गुजरेगा.
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक प्रवक्ता सागर दहाल ने एफे से कहा कि कॉकपिट क्रू को एक हफ्ते ऑइसोलेशन में रहने के बाद ड्यूटी पर लौटने की इजाजत दी जाएगी, बशर्ते उनमें कोई लक्षण नहीं दिखाई दें.

यमन: सऊदी अरब के प्लेन क्रैश के बाद यमन पर एयर स्ट्राइक, 31 की मौत
16 February 2020
यमन: अरब दुनिया की लड़ाई में एक बार फिर से बड़ी लड़ाई ठन गई है. कल शनिवार को यमन (Yemen) के उत्तरी अल ज़ौफ प्रांत में एक भयानक एयर स्ट्राइक हुई. जिसमें कुल 31 लोगों की मौत हो गई और 12 लोग घायल हो गए. आपको बता दें कि मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. दरअसल ये हमला सऊदी अरब (Saudi Arabia) के टॉरनेडो एयरक्राफ्ट के क्रैश होने के बाद हुआ है.
आपको बता दें कि एयर स्ट्राइक के एक दिन पहले शुक्रवार को हूती विद्रोहियों ने एक वीडियो जारी करके बताया कि उनके पास जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल है. यमन के विद्रोहियों ने सऊदी अरब के टॉरनेडो एयरक्राफ्ट को हवा में उड़ा दिया. इसके बाद से ही सऊदी अरब बहुत गुस्से में था.
संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि सऊदी अरब के विमान को गिराने के बाद ईरान समर्थित हूती विद्रोही सऊदी अरब की बदले की कार्रवाई का शिकार हुए. दरअसल सऊदी अरब का टॉरनेडो एयरक्राफ्ट यमन में लड़ रही सेना के लिए सामान लेकर जा रहा था जिसे ज़ौफ प्रांत में हूती विद्रोहियों ने मार गिराया.
एक सऊदी प्रेस एजेंसी का कहना है कि टॉरनेडो एयरक्राफ्ट के क्रैश होने से पहले ही विमान उड़ा रहे दोनों पायलट पैराशूट लेकर विमान से निकल चुके थे लेकिन हूती विद्रोहियों ने उनको मार डाला जोकि अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानूनों के खिलाफ है. इसके पहले हूती विद्रोहियों के प्रवक्ता मोहम्मद अब्दिलसलाम ने ट्वीट करके कहा था कि टॉरनेडो को मार गिराना दुश्मन सेना के लिए बड़ी चोट है और ये हमला यमन विद्रोहियों की एयर डिफेंस की ताकत को दिखाता है.

अफगानिस्तान: हवाई हमले में बड़ी चूक, तालिबानी आतंकियों की जगह आम नागरिक बन गए निशाना
15 February 2020
काबुल: अफगानिस्तान में तालिबान आतंकवादियों को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमले में एक बच्चे समेत 8 नागरिकों के मारे जाने की जानकारी सामने आई है. यह जानकारी सरकारी अधिकारी ने शनिवार (15 फरवरी) को दी. ज्ञात हो कि अमेरिका और तालिबान के बीच शांति वार्ता चल रही है. यह हवाई हमला शुक्रवार (14 फरवरी) को नांगरहार के पूर्वी प्रांत में किया गया.
प्रांतीय गर्वनर के प्रवक्ता अताउल्लाह खोगयानाई ने समाचार एजेंसी एफे को बताया, "दुर्भाग्यवश तालिबान के खिलाफ एक अभियान में एक बच्चा समेत आठ नागरिक मारे गए." प्रांतीय काउंसिल के सदस्य अजमल उमर ने कहा कि नागरिक पिकनिक मना कर वापस लौट रहे थे, तभी वे हमले की चपेट में आ गए.
वहीं नांगरहार के सुरक्षा अधिकारी ने यह भी कहा कि सेना के अभियान में 9 तालिबान लड़ाके भी मारे गए. हालांकि तालिबान ने सोशल मीडिया पर दावा किया है कि सरकारी बलों के हमले में 11 नागरिक मारे गए हैं.
वाशिंगटन में विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि संभावित शांति समझौते के रूप में अमेरिका और तालिबान 7 दिनों के लिए हिंसा को कम करने के लिए सहमत हो गए हैं. इस बयान के कुछ घंटे बाद ही नागरिकों के मारे जाने की पुष्टि की गई.

कोरोना वायरस से चीन की जंग जारी, हुबेई प्रांत में खोले गए 9 अस्थायी अस्पताल
15 February 2020
वुहान: कोरोनो वायरस से संक्रमित रोगियों के इलाज के लिए चीन के हुबेई प्रांत में 6,960 से अधिक बेड वाले 9 अस्थायी अस्पताल खोले गए हैं. नेशनल हेल्थ कमिशन (एनएचसी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी. समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने वुहान की प्रांतीय राजधानी में एक प्रेस कांफ्रेंस में एनएचसी के उप प्रमुख वांग हेशेंग द्वारा दिए गए बयान का हवाला देते हुए कहा कि इन अस्पतालों में वर्तमान में 5,606 मरीज इलाज करवा रहे हैं.
वुहान में इस महीने की शुरुआत में योजनाबद्ध तरीके से खोले गए दो अस्पताल हुओशेंशान और लीशेंशान में शुरुआत से ही मरीजों का इलाज किया जा रहा है.
हुओशेंशान अस्पताल का निर्माण 10 दिनों में पूरा किया गया था, जिसने रिकॉर्ड भी बनाया है.
वांग ने यह भी कहा कि वर्तमान में सीओवीआईडी-19 प्रकोप का रोकथाम और नियंत्रण चीन में अपने सबसे महत्वपूर्ण चरण में है, जबकि वुहान में इससे लड़ाई अभी भी जारी है.
उन्होंने कहा, "संक्रमण दर को कम करने की कोशिश के मद्देनजर, हुबेई प्रांत खास तौर पर वुहान में सामुदायिक स्तर पर रोकथाम और नियंत्रण बलों को मजबूत किया जाएगा और लक्ष्य किए गए प्रबंधन को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि समुदायों को महामारी के खिलाफ एक मजबूत किले के रूप में परिवर्तित किया जा सके."
एक अन्य घोषणा में एनएचसी के अधिकारी जियाओ याहुई ने कहा कि वुहान के दो मुख्य अस्पतालों में से 30 से 39 प्रतिशत मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है.

18 साल से चले आ रहे युद्ध के खत्म होने की उम्मीद जगी! US-तालिबान एक हफ्ते के युद्ध विराम पर राजी
15 February 2020
वॉशिंगटन: अमेरिका और तालिबान के बीच अफगानिस्तान में एक हफ्ते की जंगबंदी पर सहमति हो गई है. पाकिस्तानी मीडिया में अमेरिकी रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन की तरफ से जारी एक बयान के हवाले से यह जानकारी दी गई है. इसमें कहा गया है कि अमेरिका और तालिबान ने एक हफ्ते तक एक दूसरे के खिलाफ हिंसक कार्रवाई नहीं करने पर सहमति जताई है.
इस पर अगर अमल सही तरीके से हुआ तो फिर दोनों पक्ष संघर्षविराम के साथ-साथ अफगानिस्तान में स्थाई समझौते की दिशा में आगे बढ़ेंगे. 'एक्सप्रेस न्यूज' ने अमेरिकी मीडिया के हवाले से कहा है कि यह युद्ध विराम आज (शुक्रवार) से लागू हो गया है. 'जियो न्यूज' ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने ब्रसेल्स में मीडिया से बातचीत में अफगान तालिबान के साथ एक हफ्ते की जंगबंदी की पुष्टि की.
उन्होंने कहा कि हिंसा में कमी पर अफगानिस्तान में 18 साल से चले आ रहे युद्ध को खत्म कराने की उम्मीदें बढ़ जाएंगी. उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के मसले का अगर कोई हल हो सकता है तो वह राजनैतिक ही होगा. इस दिशा में प्रगति हुई है और सकारात्मक खबरें जल्द सामने आएंगी.
गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप ने भी एक दिन पहले कहा था कि अफगानिस्तान में शांति समझौते के अच्छे आसार बन रहे हैं. करार (तालिबान से) का एक अच्छा मौका है और आने वाले हफ्तों में इस बारे में तस्वीर साफ हो जाएगी.

पत्नी को बचाने के प्रयास में 90 फीसदी झुलसा प्रवासी भारतीय
13 February 2020
दुबई: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के उम अल कुवैन में एक अपार्टमेंट में आग लगने पर अपनी पत्नी को बचाने के प्रयास में एक भारतीय प्रवासी जल गया. पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी. पीड़ित की एक करीबी संबंधी ने द खलीज टाइम्स को बताया कि अनिल नीनान 90 फीसदी तक जल चुका है और अबूधाबी स्थित माफराक हॉस्पिटल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है.
अस्पताल में मौजूद अनिल की करीबी संबंधी जूली ने कहा, "डॉक्टरों ने कहा कि उसकी हालत बहुत नाजुक है." उनकी पत्नी नीनू भी उसी अस्पताल में भर्ती हैं, लेकिन उनकी हालत स्थिर बनी हुई है. जूली ने कहा, "उनकी (नीनू) की सेहत में सही प्रगति हो रही है. वह सिर्फ 10 प्रतिशत जलीं और अब ठीक हो रही हैं."
मूल रूप से केरल (Kerala) निवासी दंपत्ति का चार साल का एक बेटा भी है. घटना सोमवार रात की है और संदेह किया जा रहा है कि आग उम अल कुवैन में उनके अपार्टमेंट के कॉरीडोर में लगे इलेक्ट्रिक बॉक्स में शॉर्ट सर्किट होने से लगी थी.

पाकिस्तान: आतंकी हाफिज सईद को साढ़े 10 साल की जेल, टेरर फंडिंग केस में दोषी करार
12 February 2020
इस्लामाबाद: लाहौर की आतंकवाद-रोधी अदालत (ATC) ने पाकिस्तान के कुख्यात आतंकी हाफिज सईद को 10 साल 6 महीने के लिए जेल की सजा सुनाई है. साथ ही उस पर 15,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया है. आतंकी संगठन के मुखिया हाफिज को टेरर फंडिंग के दो मामलों में दोषी करार दिया गया है. एक मामले में सवा 5 साल की कैद की सजा दी गई है. सईद प्रतिबंधित जमात-उद-दावा का नेता है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सईद पर आतंक वित्तपोषण, धनशोधन, अवैध रूप पसे जमीन हड़पने समेत 29 मामलों में मामला चल रहा है. बीते 6 फरवरी को उनके खिलाफ दो मामलों में फैसला सुरक्षित रख लिया गया था.
जमात-उद-दावा (JUD) लीडरशीप को आतंकवाद के वित्तपोषण और धन शोधन से संबंधित दो दर्जन से अधिक मामलों का सामना करना पड़ रहा है, जो पांच शहरों में दर्ज हैं. सुरक्षा चिंताओं के कारण लाहौर आतंकवाद-रोधी अदालतों के समक्ष सभी मामले दर्ज किए गए हैं.

अफगानिस्तान: कार बम विस्फोट में हुई 6 की मौत, 12 घायल
11 February 2020
काबुल: अफगानिस्तान (Afghanistan) की राजधानी काबुल (Kabul) स्थित सैन्य विश्वविद्यालय के बाहर मंगलवार को एक आत्मघाती बम विस्फोट में छह लोगों की मौत हो गई और 12 अन्य लोग घायल हो गए. अफगानिस्तान के आंतरिक मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की. प्रवक्ता ने कहा कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है.
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने मंत्रालय के प्रवक्ता नसरत रहीमी के हवाले से कहा, "एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से भरी अपनी कार को पुलिस जिला 5 में चार राही कंबर क्षेत्र में सुबह सात बजे उड़ा दिया. इसमें तीन सैन्यकर्मियों और दो नागरिकों की मौत हो गई तथा पांच नागरिकों समेत 12 लोग घायल हो गए."
प्रत्यक्षदर्शियों ने समाचार एजेंसी सिन्हुआ से कहा कि यह विस्फोट मार्शल फहीम राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय में हुआ जब सैन्य कैडेट्स और विवि कर्मी परिसर में प्रवेश कर रहे थे.उन्होंने कहा कि धमाके से वहां व्यस्त सड़क पर गुजर रहे कई वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए. फिलहाल हमले की जिम्मेदारी किसी संगठन ने नहीं ली है. पिछले साल मई में भी इसी विवि में हमला हुआ था, जिसकी जिम्मेदारी आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने ली थी.

अफगानिस्तान: 'अफगान यूनिफॉर्म' पहने शख्स ने की गोलीबारी, 2 अमेरिकी सैनिकों की मौत, कई घायल
10 February 2020
काबुल: अफगानिस्तान (Afghanistan) के नांगरहार प्रांत में 'अफगान यूनिफॉर्म' पहने एक संदिग्ध ने अमेरिका (US) और अफगानिस्तान के संयुक्त बल पर अंधाधुंध गोलियां चला दी, जिससे दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई. एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी. टोलो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, शेरजाद जिले में शनिवार रात यह घटना हुई.
अमेरिकी सेना के प्रवक्ता कर्नल सोनी लेग्गेट ने शनिवार रात एक बयान में कहा, "जिला केंद्र में एक प्रमुख नेता के कार्यक्रम का आयोजन हो रहा था. वर्तमान रिपोटरें से संकेत मिलता है कि अफगान यूनिफॉर्म में एक शख्स ने अमेरिका और अफगान संयुक्त बल पर एक मशीनगन से फायरिंग की." लेग्गेट ने यह भी पुष्टि की कि अमेरिका के छह सैनिक गोली लगने से घायल हुए हैं. उन्होंने कहा कि हमले के पीछे की वजह जानने के लिए जांच चल रही है.
एक फेसबुक (Facebook) पोस्ट में, नांगरहार के गवर्नर शाह महमूद मियाखेल ने कहा: "(अफगान) आर्मी स्पेशल फोर्स और रेजलूट सपोर्ट के जवानों ने जिले में प्रवेश किया. जब उन्होंने प्रवेश किया तो किसी ने उन पर गोली चलानी शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया." उन्होंने आगे कहा, "गोलीबारी में तीन (अफगान) कमांडो घायल हो गए और कई आरएस (रेजलूट सपोर्ट) सैनिक भी घायल हो गए."

कोरोना ने चीन में मचाया मौत का तांडव, PM मोदी ने जिनपिंग से कहा- हम मदद के लिए तैयार
10 February 2020
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने चीन के राष्ट्रपति शी जिंनपिंग (Xi Jinping) को चिट्ठी लिखकर जानलेवा कोरोना वायरस से निपटने के लिए मदद की पेशकश की है. पीएम मोदी ने चीन के हुबेई प्रांत से भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए चीन सरकार द्वारा प्रदान की गई सुविधा के लिए सराहना की. चीन में कोरोना वायरस से अबतक 811 लोगों की मौत और और 37 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं. कोरोनावायरस से चीन के बाहर फिलीपींस और हांगकांग में भी एक-एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है.
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, चीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि उन्हें 31 प्रांतीय स्तर के क्षेत्रों और शिंजियांग प्रोडक्शन एंड कंस्ट्रक्शन कॉर्प्स से शनिवार को कोरोनवायरस संक्रमण के कन्फर्म 2,656 नए मामलों और 89 मौतों की जानकारी मिली है.
सिन्हुआ ने चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के हवाले से बताया कि इन मौतों में 81 हुबेई प्रांत में, हेनान में दो, हेबेई, हीलोंगजियांग, अनहुई, शानडोंग, हुनान और गुआंग्झी ऑटोनोमस रीजन में एक-एक मौत हुई है. आयोग ने कहा कि शनिवार को 3,916 नए संदिग्ध मामले सामने आए. शनिवार को ही 87 मरीज गंभीर रूप से बीमार पड़ गए और 600 लोगों को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.
चीन में कोरोनावायरस के पुष्ट हुए मामलों की संख्या शनिवार के अंत तक 37,198 तक पहुंच गई. आयोग ने कहा कि इस बीमारी से कुल 811 लोगों की मौत हो चुकी है. बताया गया कि 6,188 मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है और 28,942 लोगों के वायरस से संक्रमित होने का संदेह है. ठीक होने के बाद कुल 2,649 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है.
आयोग ने कहा कि 3,71,905 लोगों के कोरोनावायरस पीड़ितों से करीबी संपर्क में होने का पता चला है, उनमें से 31,124 को शनिवार को चिकित्सा निगरानी से छुट्टी दे दी गई है, जबकि 1,88,183 अन्य अभी भी चिकित्सा निगरानी में हैं.
शनिवार के अंत तक, हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र (एसएआर) में एक की मौत सहित 26 मामलों की पुष्टि हुई, जबकि 10 मकाउ एसएआर में और ताइवान में 17 मामलों की पुष्टि हुई है. मकाऊ और ताईवान में एक-एक मरीज को ठीक होने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है.

विवादास्पद मौलाना ने किया इस्लामाबाद की लाल मस्जिद पर कब्जा, सुरक्षा बलों ने की घेराबंदी
10 February 2020
इस्लामाबाद: बीती दो सरकारों की नाक में दम करने के बाद, एक बार फिर विवादास्पद मौलाना अब्दुल अजीज (Maulana Abdul Aziz) ने इस्लामाबाद (Islamabad) की लाल मस्जिद (Lal Masjid) पर कब्जा कर लिया है. अजीज का कहना है कि सरकारी नियंत्रण वाली इस मस्जिद का उन्हें फिर से इमाम बनाया जाए.
इस घटनाक्रम के बाद से इस्लामाबाद के मस्जिद के पास के इलाके में तनाव फैल गया है और मस्जिद के इर्द गिर्द बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात कर मौलाना को बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है.
'डॉन' की रिपोर्ट के अनुसार, मौलाना अब्दुल अजीज के साथ उनके जामिया हफ्सा मदरसे की सौ से अधिक छात्राएं भी मस्जिद में मौजूद हैं और मौलाना का समर्थन कर रही हैं. इससे स्थिति और नाजुक हो गई है.
चरमपंथी सोच वाले मौलाना अजीज को इस मस्जिद के इमाम के पद से हटा दिया गया था. उनकी मांग है कि उन्हें इस पर पर बहाल किया जाए.
रिपोर्ट में कहा गया है कि मस्जिद में फिलहाल कोई इमाम या उप इमाम नहीं थे. मौके का फायदा उठाकर अजीज दो हफ्ते पहले मस्जिद में दाखिल हो गए. प्रशासन को इस बारे में बताया भी गया लेकिन कोई त्वरित कार्रवाई नहीं हुई और अब नतीजा यह हुआ है कि वह सौ छात्राओं के साथ मस्जिद के बड़े हिस्से को बंद कर अंदर हैं और बाहर सुरक्षाकर्मी मस्जिद की घेराबंदी किए हुए हैं.
अधिकारी मौलाना से बात करने पहुंचे लेकिन मौलाना ने कहा कि वह संघीय मंत्री स्तर के कम किसी व्यक्ति से बात नहीं करेंगे. जुमे की नमाज सख्त पहरे में मस्जिद के एक हिस्से में पढ़ी गई. इस नमाज के बाद किसी को अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई.
मौलाना ने फोन पर डॉन से कहा, "अधिकारियों ने जामिया हफ्सा की जगह खाली करने के लिए कहा है और ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई की धमकी दी है. खाने-पीने के समान की सप्लाई भी रोक दी है. लेकिन, हम इस्लाम के लिए डटे रहेंगे. यह लोग देश में शरीयत को लागू नहीं कर रहे हैं."
सरकार का कहना है कि जामिया हफ्सा जिस जगह पर बना है, उस पर अवैध कब्जा किया गया था. यह जगह प्राकृतिक पानी का स्रोत थी, जहां मदरसा बना दिया गया.

चीन के शहर वुहान में बनाए जाएंगे 13 और नए अस्पताल
7 February 2020
बीजिंग: नए कोरोना वायरस (Coronavirus) निमोनिया के मरीजों का समय पर इलाज हो सके इसके लिए वुहान (Wuhan) शहर में 3 फरवरी की आधी रात को मरीजों के इलाज के लिए एक हजार बेड के नए अस्पताल की शुरुआत की गई. प्रशासन ने कहा है कि इस तरह के 13 और अस्पतालों का निर्माण किया जाएगा और बेड 10 हजार से अधिक हो जाएंगे. चीन (China) ने एक सप्ताह के भीतर दो नए अस्पतालों का निर्माण किया है जिसमें एक अस्पताल 1000 बेड का और दूसरा अस्पताल 1300 बेड का है.
यांगशिफिन एप्प ने 24 घंटों में इन अस्पतालों के निर्माण की लाइव ब्रॉडकास्टिंग की. पहले यांगशिफिन ने हुवोशनशान और लेइशनशान दो अस्पतालों का लाइव ब्रॉडकास्टिंग किया था, जिसे 9 करोड़ से अधिक नेटीजन क्राउड ओवरसियर बन गए थे.
चीन का वुहान शहर कुछ व्यायामशालाओं और कन्फ्रेंस सेंटरों को अस्पताल में बदलने की कोशिश कर रहा है, ताकि नए कोरोना वायरस निमोनिया के सामान्य मरीजों का इलाज दिया जा सके.

Corona Virus का पता लगाने वाले डॉक्टर की ऐसे हुई मौत, चीनी ने राज खोलने से किया था मना
7 February 2020
नई दिल्ली: आखिर वही हुआ जो नहीं होना चाहिए था. कोरोना वायरस (Corona Virus) का पता लगाने वाले डॉक्टर ली वेनलियांग की गुरुवार शाम मौत हो गई. ये वही डॉक्टर हैं जिन्होने सबसे पहले कोरोना वायरस का पता लगाया था. खतरनाक वायरस की जानकारी देने के तुरंत बाद चीनी सरकार ने इस डॉक्टर को 'अंडरग्राउंड' कर दिया था. बता दें कि शुक्रवार सुबह तक इस वायरस की वजह से 636 लोग दम तोड़ चुके हैं. चीन समेत पूरी दुनिया में इस जानलेवा संक्रमण की चपेट में 31,000 से ज्यादा लोग आ चुके हैं.
इस कारण हुई है डॉ. ली की मौत
अंतरराष्ट्रीय मीडिया के अनुसार गुरुवार को डॉ. ली वेनलियांग की मौत हो गई. डॉ. ली कोरोना वायरस संक्रमण से ही ग्रसित थे. चीन के आधिकारिक मीडिया पीपुल्स डेली और वीबो ने डॉ. ली के कोरोना वायरस से मरने की पुष्टि की है. बताया जा रहा है कि डॉ. ली के चेस्ट में संक्रमण फैल गया था.
क्यों 'गायब' कराया था चीन सरकार ने डॉक्टर को
विभिन्न रिपोर्ट्स के मुताबिक 30 दिसंबर को पहली बार वुहान शहर के डॉक्टर ली वेनलियांग ने पहली बार सोशल ऐप WeChat में के जरिए लोगों से कोरोना वायरस के बारे में जानकारी साझा की थी. अपने पोस्ट में डॉ. ली ने लिखा था कि शहर के नजदीकी मछली बाजार में एक सार्स जैसा वायरस पाया गया है. इसके संक्रमण की वजह से लगभग सात लोगों को अस्पताल के अलग वार्ड में दाखिल किया गया है. पहली बार डॉ. ली ने ही कोरोना वायरस को खोजा था.
अंतरराष्ट्रीय साइटों के मुताबिक डॉ. ली द्वारा इस खबर को सोशस साइट में साझा किए जाने के तुरंत बाद ही स्थानीय वुहान पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था. आखिरी पोस्ट में उन्होने लिखा था कि वे कोरोना वायरस से ग्रसित हो चुके हैं. लेकिन कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया के हवाले से खबर है कि चीन अपने देश के किसी भी नेगेटिव खबर के खिलाफ काफी सख्ती से पेश आता है. ऐसे में संभावना जताई जा रही थी कि डॉक्टर ली को मौत की सजा दे दी गई हो.

मलाला युसुफजई को गोली मारने वाला आतंकवादी PAK सेना की जेल से हुआ फरार
7 February 2020
इस्लामाबाद: नोबुल पुरस्कार विजेता मलाला युसुफजई (Malala Yusufzai ) को गोली मारने वाला आतंकी पाक ( Pakistan) सेना की जेल से फरार हो गया है. एहसानुल्ला एहसान नाम का यह आरोपी पेशावर स्कूल हमले (Peshawar school attack 2014) में भी शामिल था. बता दें 2014 में हए पेशावर स्कूल हमले में 132 बच्चे मारे गए थे.
एहसानुल्लाह एहसान का एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. इसमें एहसान कह रहा है कि वह पाकिस्तान सिक्योरिटी एजेंसियों की कैद से 11 जनवरी को भाग निकला है. एहसान ने दावा किया कि उसके सरेंडर के समय पाक सेना ने जो वादा किया था वह नहीं निभाया.
एहसानुल्लाह ने कहा कि पाक सेना के साथ हुए एक समझौते के तहत उसने 5 फरवरी 2017 को सरेंडर किया था. उसने कहा, मैंने समझौते का तीन साल तक पालन किया लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने समझौते का उल्लंघन करते हुए मेरे बच्चों के साथ मुझे कैद कर दिया जिसके बाद में सुरक्षा एजेंसियों के चुंगल से फरार होने का फैसला किया.
एहसान ने कहा, अल्लाह की मदद से मैं 11 जनवरी को कैद से भागने में कामयाब रहा. हालांकि एहसान ने यह नहीं बताया कि फिलहाल वह कहां से बोल रहा है लेकिन उसने कहा कि अपनी कैद को लेकर वह जल्द की एक विस्तृत बयान जारी करेगा.
गौरतलब है कि पाकिस्तान की स्वात घाटी में मलाला युसुफजई को 2012 में लड़कियों के लिए शिक्षा अभियान से जुड़ने की वजह से गोली मार दी गई थी.

Coronavirus से थर्राया पाकिस्तान, महामारी के डर से उठाया यह कदम
1 February 2020
इस्लामाबाद: पाकिस्तान (Pakistan) ने शुक्रवार को तत्काल प्रभाव से चीन (China) से आने और जाने वाली उड़ानों पर रोक लगा दी. चीन में कोरोना वायरस (Coronavirus) के प्रकोप से मरने वालों की संख्या बढ़कर 213 तक पहुंच चुकी है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इसे वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया है.
अधिसूचना के हवाले से कही गई ऐसी बात
'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' ने सिविल एविएशन अथॉरिटी द्वारा जारी एक अधिसूचना के हवाले से कहा, "पाकिस्तान और चीन के बीच सीधी उड़ान के संचालन को फिलहाल दो फरवरी तक तत्काल आधार पर रोक दिया गया है." बयान में इस रोक को आगे भी बढ़ाए जाने की ओर इशारा करते हुए कहा गया है कि इस निर्णय पर बाद में समीक्षा हो सकती है. इससे पहले पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) ने गुरुवार को बीजिंग के लिए दो फरवरी तक उड़ानें स्थगित करने का फैसला किया था.
विमानन के वरिष्ठ संयुक्त सचिव अब्दुल सत्तार खोखर ने डॉन न्यूज को बताया कि पीआईए पाकिस्तान और चीन के बीच दो उड़ानें संचालित कर रहा है, लेकिन उसने फिलहाल इन उड़ानों को स्थगित करने का फैसला किया है. गुरुवार को स्वास्थ्य मामलों पर प्रधानमंत्री के विशेष सहायक जफर मिर्जा ने घोषणा की कि सरकार ने डब्ल्यूएचओ की सिफारिशों के अनुसार चीन में फंसे पाकिस्तानी नागरिकों को वापस नहीं बुलाने का फैसला किया है. इससे एक दिन पहले ही मिर्जा ने घोषणा की थी कि चीन में रह रहे चार पाकिस्तानी छात्रों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने का पता चला है.

बलोचिस्तान के एक गोदाम से मिले इतने किलो DRUGS, कीमत जान रह जाएंगे हैरान
1 February 2020
रावलपिंडी: पाकिस्तान (Pakistan) के बलोचिस्तान (Balochistan) प्रांत से मादक पदार्थों की एक भारी भरकम खेप जब्त की गई है. अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 11 अरब (पाकिस्तानी) रुपये बताई जा रही है. पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, मादक पदार्थ रोधी बल (एएनएफ) ने बलोचिस्तान में 1088 किलो ड्रग्स पकड़े हैं, जिनकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत 11 अरब पाकिस्तानी रुपये बताई गई है.
एएनएफ हेडक्र्वाटर रावलपिंडी (Rawalpindi) के प्रवक्ता ने बताया कि खुफिया सूचना मिलने पर बलोचिस्तान में ईरान (Iran) सीमा के पास तफ्तान में बल द्वारा कार्रवाई की गई. मादक पदार्थ एक गोदाम में छिपाए गए थे. इनमें 848 किलो अफीम, 84 किलो चरस, 71 किलो आइस हेरोइन, 53 किलो मॉरफीन और 32 किलो गुर्दा चरस शामिल थीं.
प्रवक्ता ने बताया कि इस सिलसिले में अभी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है लेकिन आरोपी जल्द ही पकड़ लिए जाएंगे.

ब्रिटेन ने यूरोपीय संघ से तोड़ा 47 साल पुराना नाता, होंगे ये बड़े बदलाव
1 February 2020
ब्रिटेन (Britain) ने यूरोपीय संघ (European Union) से 47 साल पुराना गठबंधन तोड़ दिया है. ब्रिटेन सरकार ने 31 जनवरी को यूरोपीय संघ से अलग होने का ऐलान कर दिया. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (Boris Johnson) ने ब्रेक्जिट (Brexit) की पुष्टि की और बताया कि ब्रिटेन अब आधिकारिक तौर पर यूरोपीय संघ से अलग हो गया है. उन्होंने कहा, 'आज रात हम यूरोपीय संघ से अलग हो गए और ब्रिटेन के लिए यह एक ऐतिहासिक पल है. उन्होंने कहा कि इससे पूरे ब्रिटेन की क्षमता उजागर होगी.' वहीं फ्रांस ने कहा कि यह ब्रिटेन के लिए 'ऐतिहासिक चेतावनी का संकेत' है.
लगभग 4 साल तक चली खींचतान के बाद ईयू संसद ने 49 के मुकाबले 621 मतों के बहुमत से ब्रेग्जिट (Brexit) समझौते पर मुहर लगा दी. आपको बता दें कि ब्रिटेन 2020 के आखिर तक ईयू की आर्थिक व्यवस्था में बना रहेगा, लेकिन उसका नीतिगत मामलों में कोई दखल नहीं होगा. वह ईयू का सदस्य भी नहीं रहेगा.

कोरोना वायरस से ग्रसित वुहान से अपने नागरिकों को बाहर नहीं निकालेगा पाकिस्तान
31 January 2020
इस्लामाबाद: पाकिस्तान (Pakistan) की सरकार ने यह फैसला किया है कि वह चीन (china) के वुहान (Wuhan) शहर से अपने नागरिकों को नहीं निकालेगा. बता दें कोरोना वायरस ( Corona virus) से प्रभावित चीन का यह शहर पूरी दुनिया में चर्चा का केंद्र बना हुआ है.
पाकिस्तान ने यह फैसला तब लिया है जब उसके चार नागरिक चीन में कोरोना वायरस से ग्रसित हो चुके हैं. एक सीनियर अफसर ने गुरुवार को कहा कि चीन के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने के उद्देश्य से पाकिस्तान ने यह फैसला लिया है.
स्वास्थ्य पर प्रधानमंत्री के विशेष सहायक डॉ जफर मिर्जा दावा है कि है कि पाकिस्तान चीन से अपने नागरिकों को नहीं निकालने का फैसला WHO के सुझावों पर अमल करते हुए ही लिया है.
उन्होंने कहा, ने कहा, 'हम मानते हैं कि अभी चीन में रह रहे हमारे नागरिकों के हित में है कि वे वहीं रहें, यह क्षेत्र, विश्व, देश के वृहद् हित में है कि हम उन्हें अभी बाहर न निकालें.'
डॉ मिर्जा ने कहा, “हम चीन के साथ पूरी एकजुटता के साथ खड़े हैं. चीन की सरकार संक्रमण को वुहान शहर में रोकने में कामयाब हो गई है. यदि हम लोगों को वहां से निकालेंगे तो यह संक्रमण पूरे विश्व में जंगल की आग की तरह फैल जाएगा.”

चीन में 600 से ज्यादा भारतीय छात्र फंसे, विदेश मंत्रालय ने पूछा - पहली फ्लाइट से कौन लौटना चाहता है
30 January 2020
नई दिल्ली: चीन में लगातार फैल रहे कोराना वायरस के कहर से बचने के लिए शुक्रवार से भारतीय छात्रों के लिए पहली फ्लाइंट भेजने का इंतजाम भारत ने पूरा कर लिया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार के मुताबिक हमने हमार फोकस चीन के कोराना वायरस से प्रभावित इलाके में रह रहे हैं. भारती छात्रों पर है. हमारे अनुमान के मुताबिक तकरीबन 12 सौ के लगभग इस इलाके में भारतीय छात्र हैं जिनमें से 600 से ज्यादा से हमारे मिशन ने संपर्क कर लिया है और हम उन लोगों से पूछ रहे हैं कि कौन-कौन पहली फ्लाइट से भारत वापस जाने को तैयार है. रवीश कुमार ने कहा है कि हमे चीन की तरफ से फ्लाइट ऑपरेट करने की औपचारिक परमिशन मिलने का इंतजार है. रात तक अनुमति मिलती है तो भारतीय छात्रों को वापिस लाने का काम शुक्रवार से शुरू हो सकता है. दरअसल, चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ खतरनाक कोराना वायरस धीरे-धीरे पूरी दुनिया में फैल रहा है. चीन में वायरस से प्रभावित लोगो की संख्या लगागार बढ़ती जा रही है. वुहान में रह रहे कुछ भारतीय छात्रों ने सोशल मीडिया पर वीडियो के जरिये भारत सरकार से मदद भी मांगी थी. लिहाजा, ऐसे इलाकों से भारतीय छात्रों को वापस लाने के लिए दो फ्लाइट भारत की तरफ से तैयार रखी गई हैं. चीन से अनुरोध किया गया है कि वो वुहान में फंसे भारतीय छात्रों की वापसी में मदद करे. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि चीन सहयोग कर रहा है और लगातार चीनी अधिकारियों के संपर्क में भारतीय विदेश मंत्रालय बना हुआ है. ADVERTISEMENT POWERED BY PLAYSTREAM भारत सरकार ने इस वायरस के खतरे से निपटने के लिए पहले से ही अलर्ट के तौर पर तैयारी कर रखी है. जो भी संभावित मामले सामने आ रहे हैं, उनके सैंपल पुणे के लैब से टेस्ट कराए जा रहे हैं. बुधवार को पुणे की लैब ने 27 भारतीयों के सेंपल टेस्ट किये थे. सब के सब नेगिटिव आए थे. हालांकि, केरल में गुरुवार को एक मामला पॉजिटिव आया है जिसने भारत सरकार के समक्ष चुनौती बढ़ा दी है. हालांकि, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय सभी राज्यों के साथ तालमेल रखकर हालात से निपटने की पूरी तैयारी कर रहा है. 21 एयरपोर्ट पर चीन से आने वाले यात्रियों को पहले से ही थर्मल स्केनिंग से गुजारा जा रहा है. इसके साथ ही सभी 21 एयरपोर्ट पर मेडिकल-पैरामेडिकल की टीमें चौबीसों घंटे काम कर रही हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय इसको लेकर एडवाइजरी भी जारी कर चुका है. कोराना वायरस से निपटने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय भी हर दिन हालात की समीक्षा कर रहा है. विदेश मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ ही राज्यों के हेल्थ सेकेट्री के साथ लगातार तालमेल कर हालात की समीक्षा की जा रही है. हालात अभी तक काबू में हैं. विदेश मंत्रालय ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर और भी फ्लाइट का इंतजाम चीन से भारतीयों छात्रों को वापस लाने के लिए किया जाएगा.
चीन में कहर बरपा रहा है ये वायरस, 170 से ज्यादा हो चुकी हैं मौत
30 January 2020
नई दिल्ली: वुहान कोरोना वायरस (Wuhan Coronavirus) चीन में कहर बरपाने लगा है. आधिकारिक आंकड़ों के हिसाब से पड़ोसी देश में ही अब तक लगभग 170 लोग दम तोड़ चुके हैं. पूरी दुनिया में लगभग 7,700 लोग कोरोना वायरस की गिरफ्त में आ चुके हैं. हालांकि अभी तक विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस वायरस के अटैक को पब्लिक इमरजेंसी घोषित नहीं किया है. लेकिन रोजाना इस संक्रमण से हो रहीं मौत और फैलता वायरस चीन के लिए स्वास्थ्य आपातकाल जैसी स्थिति पैदा कर चुका है.
भारतीय नागरिकों को निकालने की हो रही कोशिश
इधर भारत सरकार ने अपने नागरिकों को निकालने के लिए कोशिशें तेज कर दी है. विदेश मंत्रालय ने वुहान शहर में फंसे भारतीय नागरिकों को कंसेंट फॉर्म उपलब्ध कराया है. इसकी मदद से विदेश मंत्रालय चीन के इस शहर में फंसे लोगों की सटीक जानकारी ले सकेगा. इसकी मदद से ही वतन वापसी के लिए सही तैयारी की जाएगी. चीन में संक्रमण फैलने के बीच भारत सरकार ने अपनी निगरानी भी बढ़ा दी है. केंद्र सरकार ने संक्रमण के खतरे को देखते हुए निगरानी का काम 20 हवाई अड्डों तक बढ़ा दिया है.
पूरी दुनिया क्यों चिंतित है कोरोना वायरस से
संक्रमण मामले से जुड़े एक विशेषज्ञ का कहना है कि चीन में जन्में कोरोना वायरस से चिंतित होना लाजमी है. चीन ने सार्स वायरस के बारे में भी पूरी दुनिया को सही जानकारी नहीं दी थी. सार्स पूरे चीन में तेजी से फैल रहा था और नागरिक संक्रमित होकर मर रहे थे. इसके बावजूद चीनी अधिकारियों ने अंतरराष्ट्रीय संगठनों से सटीक जानकारी छुपा कर इसके बेहद कम मामले बताए थे. इस गलती की वजह से खतरे का सही अनुमान नहीं लग पाया और 17 देशों में हजारों लोग सार्स वायरस से संक्रमित हुए. जानकारी छिपाने की वजह से सही समय पर सार्स से लड़ने के टीके भी नहीं बन पाए थे.

PAK: बच्‍चों को पोलियो की दवा पिला रही थीं महिलाएं, कट्टरपंथियों ने मार दी गोली
30 January 2020
इस्लामाबाद : पाकिस्तान (Pakistan) में पोलियो (Polio) की वैक्सीन पिलाने वाली दो महिलाओं की गोली मारकर हत्या कर दी गई है. जहां शकीला बीवी (28) की मौके पर ही मौत हो गई वहीं गोली लगने से गंभीर रूप से घायल घुनचा गुल (30) की बाद में अस्पताल में मौत हो गई. समाचार एजेंसी एफे के अनुसार, महिलाएं वेक्सीन किटें जमा करने अस्पताल जा रही थी, तभी बाइकसवार हमलावरों ने उनपर हमला कर दिया.
पुलिस ने कहा कि वे खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वाब जिला में परमोली कस्बे में बच्चों को पोलियो की वेक्सीन पिलाती थीं.
स्थानीय पुलिस के अनुसार, यह क्षेत्र उच्च संवेदनशील स्थानों में नहीं होने के कारण यहां पोलियो वेक्सीन देने वालों के साथ सुरक्षाकर्मी उपलब्ध नहीं कराए गए थे.
परमोली स्टेशन प्रमुख जिहाद खान ने एफे को बताया, "ड्यूटी करने के बाद दोनों महिलाएं अपनी किटें जमा करने टहलते हुए जा रही थीं कि एक बाइक पर दो अज्ञात बंदूकधारियों ने उन पर पीछे से गोली चला दी." उन्होंने कहा, "हमलावर मौके से भागने में सफल रहे."
पुलिस अधिकारी ने बताया कि गुल को शुरुआत में स्वाब स्थित कालू खान हॉस्पिटल ले जाया गया, जिसके बाद उसे पेशावर स्थित लेडी रीडिंग हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया गया, जहां उसकी मौत हो गई.
रूढ़िवादी खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांतों में पोलियोकर्मियों पर हमले आम बात है. दुनिया में सिर्फ पाकिस्तान, अफगानिस्तान और नाइजीरिया ही ऐसे देश हैं जहां पोलियो का बच्चों पर प्रकोप जारी है.

भारत की बड़ी अंतरराष्‍ट्रीय जीत, CAA के खिलाफ यूरोपीय संसद में प्रस्ताव पर नहीं होगी वोटिंग
30 January 2020
नई दिल्ली/लंदन: नागरिकता संशोधन कानून (CAA) पर भारत (India) की बड़ी अंतरराष्ट्रीय जीत हुई है. यूरोपीय संसद में नागरिकता कानून के खिलाफ प्रस्ताव पर आज वोटिंग नहीं होगी. दरअसल, भारत के भारी विरोध और मित्र देशों के दबाव के चलते सीएए के खिलाफ यूरोपीय संसद (ईपी) में पेश 5 विभिन्न संकल्पों से संबंधित संयुक्त प्रस्ताव पर मतदान मार्च तक टल गया है. पहले प्रस्ताव पर बुधवार को बहस के बाद गुरुवार को मतदान होना था. पाकिस्तान ने अपने कुछ यूरोपीय मित्र देशों की मदद से प्रस्ताव पर वोटिंग कराने की कोशिश की थी, लेकिन यहां भी मात मिली.
यूरोपीय संसद की तरफ से इस बाबत बयान जारी करते हुए कहा गया कि 'ब्रसेल्स में आज का सत्र शुरू होने पर यूरोपीय संसद के सदस्यों द्वारा लिए गए फैसले के बाद सीएए पर पेश प्रस्ताव पर वोटिंग को मार्च माह तक टाला गया है.'
सूत्रों के मुताबिक, भारत ने इस घटनाक्रम का स्वागत किया है. भारत ने कहा कि यूरोपीय संसद में देश के दोस्त आज एक बार फिर पाकिस्तान के समर्थकों पर भारी पड़े हैं. इसके अलावा, भारत ने नागरिकता कानून को आंतरिक मामला बताया है और कहा है कि इसे समुचित लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत लाया गया है.
यूरोपीय संसद ने प्रस्ताव पर वोटिंग प्रक्रिया को मार्च के अंतिम सप्ताह तक के लिए टाल दिया है. अब यूरोपीय संसद का दूसरा सत्र मार्च में आयोजित होगा. यूरोपियन पीपुल्स पार्टी ग्रुप (ईपीपी ग्रुप) नागरिकता कानून के खिलाफ प्रस्ताव पर वोटिंग टालने के लिए आज एक प्रस्ताव संसद में लाया था. यह प्रस्ताव 199 के मुकाबले 271 वोट से पास हुआ. 13 सदस्य अनुपस्थित रहे.
सूत्रों ने ZEE MEDIA के सहयोगी चैनल WION को बताया, "नागरिकता कानून के खिलाफ प्रस्ताव पर ब्रिटिश सांसद शफ्फाक मोहम्मद की कोशिश भारत की कूटनीति के आगे नाकाम रही. अब उनका कार्यकाल शुक्रवार को खत्म हो रहा है."
अब 13 मार्च को प्रस्ताव के खिलाफ वोटिंग होगी. इसी दिन पीएम मोदी भारत-ईयू समिट में हिस्सा लेने के लिए ब्रुसेल्स के दौरे पर होंगे. यूरोपीय संघ पहले ही कश्मीर और नागरिकता कानून के खिलाफ प्रस्ताव से अपनी दूरी बना चुका है. यूरोपीय संघ के विदेश मामलों और सुरक्षा नीति के प्रवक्ता वर्जीन बट्टू हेनरिकस्न का कहना है, "यूरोपीय संसद और इसके सदस्यों द्वारा व्यक्त की गई राय यूरोपीय संघ की आधिकारिक स्थिति को प्रदर्शित नहीं करता."

चीन में कोरोना वायरस से अब तक 106 की मौत, 4515 मामले आए सामने
28 January 2020
बीजिंग: चीन (China) में नोवेल कोरोना वायरस (Coronavirus) के प्रकोप के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 106 हो गई है, वहीं 30 प्रांतीय स्तर के क्षेत्रों में 4,515 मामलों की पुष्टि हुई है. चीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने कहा कि 976 मरीजों की स्थिति गंभीर बनी हुई है और सोमवार तक कुल 6,973 लोगों के वायरस से संक्रमित होने का संदेह था.
ठीक होने के बाद कुल 60 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी. सोमवार को 1,771 नए मामलों की पुष्टि हुई, 2,077 नए संदिग्ध मामले सामने आए और 26 मौतें हुईं, जिनमें से 24 हुबेई प्रांत में और एक-एक बीजिंग (Beijing) और हाइनान में हुई.
कुल 47,833 करीबी संपर्को का पता चला. आयोग ने कहा कि उनमें से 914 को सोमवार को मेडिकल ऑब्जर्वेशन से छुट्टी दे दी गई, 44,132 अन्य अभी भी निगरानी में थे. फिलहाल, चीन में तिब्बत एकमात्र ऐसा प्रांत है, जहां कोरोनावायरस का एक भी मामला सामने नहीं आया है. समाचार एजेंसी एफे ने क्षेत्रीय स्वास्थ्य अधिकारियों के हवाले से बताया कि इस बीच, जर्मनी में, बवेरिया राज्य के स्टारनबर्ग के एक व्यक्ति को कोरोनोवायरस से संक्रमित होने की पुष्टि की गई. जो देश में पहला मामला है. अधिकारियों ने सोमवार शाम यह जानकारी दी.
बवेरियन हेल्थ एंड फूड सेफ्टी अथॉरिटी के अनुसार, मरीज की स्थिति फिलहाल ठीक है और आइसोलेशन में उस पर निगरानी रखी जा रही है. इसके अलावा सोमवार की रात, कंबोडिया के स्वास्थ्य मंत्री मैम बन हेंग ने देश में पहले कोरोनावायरस के मामले की पुस्टि की . 60 वर्षीय चीनी व्यक्ति में जिसने परिवार के तीन सदस्यों के साथ वुहान से सिहानूकविल की यात्रा की थी, वह इस बीमारी से ग्रस्त पाया गया.
रोगी की स्थिति सामान्य बताई जा रही है और डॉक्टर उसके परिवार के सदस्यों की निगरानी कर रहे हैं, जिनमें जिन्होंने के कोई संकेत नहीं दिखाए दिए हैं. श्रीलंका ने भी सोमवार रात को हुबेई की एक 43 वर्षीय चीनी महिला पर्यटक के इस रोग की चपेट में आने की पुष्टि की. स्थानीय मीडिया ने यह जानकारी दी.
चीन, हांगकांग (Hongkong), ताइवान (Taiwan) और मकाऊ के बाहर थाईलैंड, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, अमेरिका (US), जापान (Japan), मलेशिया (Malaysia), दक्षिण कोरिया, फ्रांस (France), वियतनाम, कनाडा (Canada), आइवरी कोस्ट और नेपाल में कोरोनावायरस के मामलों की पुष्टि हुई है. चीन के बाहर इस बीमारी से किसी की मौत नहीं हुई है.

PAK: अल्पसंख्यक हिंदू लड़कियों के जबरन धर्मातरण के खिलाफ कराची में बड़ा प्रदर्शन
28 January 2020
इस्लामाबाद/नई दिल्ली: पाकिस्तान (Pakistan) में अल्पसंख्यक समुदायों की लड़कियों के जबरन धर्मातरण के खिलाफ रविवार को कराची (Karachi) प्रेस क्लब के सामने एक बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपियों को पकड़ने के बजाए प्रदर्शन करने वाले हिंदुओं को ही राष्ट्र विरोध गतिविधियों के झूठे आरोप लगाकर गिरफ्तार कर रही है.
द न्यूज इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में अल्पसंख्यक लड़कियों का अपहरण कर जबरन धर्म परिवर्तन कराने जैसी कथित घटनाओं के विरोध में 26 जनवरी को कराची प्रेस क्लब के बाहर हिंदू समुदाय के लोगों सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया.
रिपोर्ट में बताया गया कि प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि जबरन धर्म परिवर्तन की सबसे हालिया घटना 15 साल की हिंदू लड़की महक कुमारी की है, जो 16 जनवरी को लापता हो गई थी. महक जैकोबाबाद की रहने वाली है. एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "उसके परिवार का कहना है कि एक मुस्लिम समुदाय के प्रभावशाली व्यक्ति ने उसका अपहरण कर कर धर्मांतरण करा दिया है. उसे शिकारपुर के दरगाह अमरोत शरीफ में इस्लाम धर्म कबूल कराकर उससे निकाह किया गया."
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पुलिस सिंध बाल विवाह निरोधक कानून के तहत कार्रवाई नहीं कर रही है, क्योंकि इसमें शामिल परिवार गैर-मुस्लिम है. सामाजिक कार्यकर्ता बिरमा जेसरानी ने कहा, "दुर्भाग्य से अधिकारियों ने गंभीरता नहीं दिखाई है. अल्पसंख्यकों की नाबालिग लड़की को कथित तौर पर अपहरण कर लिया गया है. उसका जबरन धर्मातरण कराकर निकाह करा दिया गया है."
उन्होंने कहा कि ऐसी हिंदू लड़कियों को ढूंढने और हिंदू समुदाय को सुरक्षा प्रदान करने के बजाए पुलिस ने जैकोबाबाद में हिंदू समुदाय के सदस्यों का ही उत्पीड़न किया है. विरोध प्रदर्शन के आयोजक राज कुमार ने कहा, "पुलिस ने धर्म परिवर्तन का विरोध करने वाले चार हिंदू लोगों को राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के झूठे मामले में गिरफ्तार किया है. अब उनके घरों पर छापेमारी करके समुदाय को परेशान किया जा रहा है."
प्रदर्शनकारियों ने यह सवाल भी पूछा कि केवल युवा हिंदू लड़कियों को ही इस्लाम अपनाने के लिए प्रेरित क्यों किया जा रहा है और उम्रदराज हिंदू ऐसा (धर्म परिवर्तन) करते हुए क्यों नहीं पाए जाते? प्रदर्शनकारियों ने प्रांत में अल्पसंख्यक समुदाय के साथ अत्याचारों के खिलाफ नारे लगाए और बैनर लहराए. इन बैनरों पर विभिन्न स्लोगन लिखे गए थे. इनमें 'अपहरण के बाद हिंदू लड़कियों के जबरन धर्मांतरण को रोकें', 'जबरन धर्म परिवर्तन एक इस्लामिक विचारधारा नहीं है' और 'कृपया हमें शांति से जीने दें' शामिल थे.
पाकिस्तान हिंदू काउंसिल (पीएचसी) ने भी पांच जुलाई 2019 को कराची के प्रेस क्लब के सामने एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया था, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए थे.

हमास प्रमुख ने अमेरिका की मध्य पूर्व शांति संधि की खारिज, दी ये वजह
28 January 2020
गाजा: इस्लामिक हमास आंदोलन के प्रमुख इस्माइल हानिये ने अमेरिका (US) की मध्य पूर्व शांति योजना को खारिज करने की घोषणा कर दी है. उनके कार्यालय ने एक बयान में यह जानकारी दी. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने इस योजना को डील ऑफ द सेंचुरी (सदी का समझौता) बताया है.
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने रविवार को जारी हुए बयान के हवाले से कहा, "अपना रास्ता खुद बनाने तथा अपने जेरूशलम और अपने पवित्र स्थलों को बचाने के लिए हम फतेह पार्टी में अपने भाइयों तथा काहिरा में सभी धड़ों के साथ आकस्मिक बैठक करने के लिए तैयार हैं. फिलिस्तीनी धड़ों ने अमेरिकी मध्य पूर्व शांति योजना की आलोचना की है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार को इजरायल (Israel) के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के व्हाइट हाउस दौरे के दौरान इस योजना का खुलासा करेंगे.
ट्रंप ने 23 जनवरी को संवाददाताओं से कहा था कि 'फिलिस्तीनी शुरुआत में इस योजना पर नकारात्मक प्रतिक्रिया दे सकते हैं, लेकिन वास्तव में यह उनके लिए बहुत सकारात्मक है. ट्रंप इजरायल और फिलिस्तीन के बीच शांति के लिए अपनी 'डील ऑफ द सेंचुरी' का प्रकाशन कई बार स्थगित कर चुके हैं.
ट्रंप की योजना के आर्थिक भाग पिछले साल जून में बहरीन में अमेरिका की अगुआई हुए सम्मेलन में खुलासा हुआ था. फिलिस्तीनियों ने इस सम्मेलन का बहिष्कार कर दिया था. साल 2017 में अमेरिका द्वारा इजरायल की राजधानी के रूप में जेरूशलम को मान्यता देने और 2018 में अमेरिकी दूतावास जेरूशलम स्थानांतरित करने पर अमेरिका और फिलिस्तीन के राजनीतिक संबंध नाजुक स्थिति में पहुंच गए थे.

जर्मनी: गोलीबारी में 6 की मौत, 2 की हालत गंभीर
25 January 2020
बर्लिन: जर्मनी (Germany) के दक्षिण-पश्चिम में स्थित शहर रोट एम सी में शुक्रवार को एक युवक ने गोलीबारी कर दी, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई और दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. स्थानीय पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि स्थानीय रेलवे स्टेशन के निकट एक इमारत में हमलावर (26) ने कई गोलियां चलाईं और उसके बाद उसने पुलिस के सामने समर्पण कर दिया.
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, पीड़ित हमलावर के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं. इनमें हमलावर के पिता (65), मां (56), 36 और 69 साल के दो पुरुष और 36 तथा 62 वर्ष की दो महिलाएं हैं. इसके अलावा गोली लगने से एक आदमी और एक औरत गंभीर रूप से घायल भी हो गए.
घटना में किसी और के शामिल होने के संकेत नहीं मिले हैं. स्थानीय पुलिस प्रमुख रीनर मोएलर ने कहा कि पहली नजर में यह पारिवारिक विवाद लग रहा है. हालांकि हमलावर का उद्देश्य अभी भी स्पष्ट नहीं हुआ है.
मोएलर ने कहा कि बंदूकधारी ने इससे पहले कोई अपराध नहीं किया था. घटनास्थल पर 100 से ज्यादा अधिकारी तैनात कर दिए गए हैं और उसके आसपास के इलाकों की अस्थाई तौर पर घेराबंदी कर ली गई है.

तुर्की में भूकंप से भारी तबाही, अबतक 18 की मौत, 550 से ज्‍यादा घायल
25 January 2020
अंकारा: पूर्वी तुर्की (Eastern Turkey) में शुक्रवार को आए भीषण भूकंप (Earthquake) से भारी तबाही हुई है. 6.8 तीव्रता के इस भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है, जबकि 550 से अधिक लोग घायल हुए हैं. देश के गृह मंत्री सुलेमान सोयलू ने शनिवार को यह जानकारी दी.
न्‍यूज एजेंसी Anadolu ने देश की आपदा और आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी का हवाला देते हुए बताया कि शुरुआती भूकंप के बाद से 35 आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद के हल्‍के झटके) भी महसूस किए गए, जिनकी तीव्रता 2.7 से 5.4 के बीच रही.
तुर्की के कई मानवीय संगठनों ने अपनी टीमों को मौके पर भेजा है, जो भूकंप से प्रभावित लोगों को भोजन, कंबल और अन्य आवश्यकताएं प्रदान कर रहे हैं.

भारत द्वारा पाम ऑयल पर बैन से नेपाल चिंतित, कहा- 'यह एक झटके की तरह है'
25 January 2020
काठमांडू : नेपाल (Nepal) के वित्त मंत्री डॉ. युबा राज खातीवाड़ा (Dr Yuba Raj Khatiwada) ने शनिवार को उम्मीद जताई कि भारत (India) रिफाइंड पाल ऑयल (R‍efined Palm Oil) के आयात पर प्रतिबंध संबंधी अपने फैसले पर पुनर्विचार करेगा. उन्‍होंने कहा कि "हम नहीं जानते कि हमारे पड़ोसी देश ने पाम ऑयल पर प्रतिबंध क्यों लगाया. इसके पीछे कुछ और राजनीति हो सकती है."
उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि भारत सरकार अपने फैसले पर पुनर्विचार करेगा. हम अपने राजनयिक चैनल के माध्यम से इस पर चर्चा कर रहे हैं, यदि आवश्यक हो तो हम राजनीतिक चैनल के माध्यम से भी जा सकते हैं."
मंत्री ने कहा कि नेपाल द्वारा भारत को निर्यात का 25 प्रतिशत हिस्‍सा पाल ऑयल उद्योग से संबंधित है. इस पर प्रतिबंध से हमारे उद्योग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा."
यह कहते हुए कि दोनों देश व्यापार घाटे को कम करने के लिए सहमत हैं, मंत्री ने कहा कि हम इस बात पर सहमत हुए हैं कि हमें व्यापार घाटे को कम करने की कोशिश करनी चाहिए और उस भावना से हमें उम्मीद है कि भारत अपने फैसले पर पुनर्विचार करेगा.
उन्होंने कहा कि "इसके बारे में कोई पूर्व संकेत नहीं था, इसलिए यह एक झटके की तरह था. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि नेपाल को भारत और चीन के निवेशकों के लिए निकटतम गंतव्य होना चाहिए.
दोनों देशों के व्यापार संबंधों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि "नेपाल का प्रमुख व्यापारिक साझीदार भारत निश्चित रूप से है. हमारे व्यापार का दो-तिहाई से अधिक हिस्सा भारत के साथ है.

चीन से लौटे कोरोना वायरस के दो संदिग्‍ध मरीज मुंबई में भर्ती
24 January 2020
मुंबई: दुनिया भर में सुर्खियां बने कोरोना वायरस (CoronaVirus) के दो संदिग्ध मरीज यहां पाए गए. दोनों को कस्तूरबा अस्‍पताल के स्पेशल वार्ड में रखा गया है. ये दोनों चीन से लौटे थे जहां कोरोना वायरस का खतरा सबसे ज्यादा पाया गया है. बीएमसी ने कोरोना वायरस के खतरे से निपटने के लिए कस्तूरबा हास्पिटल में स्पेशल वार्ड बनाया है. इस वार्ड को बाकी वार्ड से अलग-थलग रखा गया है जहां कोरोना वायरस के प्रभावित मरीज़ों को मेडिकल आब्जर्वेशन में रखा गया है और उनके इलाज़ की व्यवस्था की गई है.
मुंबई के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर डाक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि चीन से लौटने वाले किसी भी मुसाफिर में कोरोना वायरस के जरा भी लक्षण देखें तो तुरंत कस्तूरबा हास्पिटल के स्पेशल वार्ड भेज दें. सभी प्राइवेट डाक्टरों को भी निर्देश दिए गए हैं कि कोरोना वायरस के लक्षण वाला कोई मरीज उनके क्लीनिक में आएं तो तुरंत इसकी खबर बीएमसी को दें.
महाराष्ट्र सरकार ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए बीएमसी को पर्याप्त निर्देश दिए हैं. कोरोना वायरस से सामान्य सर्दी-जुकाम से लेकर सांस संबंधित गंभीर बीमारी हो सकती है लेकिन चीन में जिस तरह के वायरस से लोगों की मौत हुई वैसा पहले कभी नहीं देखा गया. नोवल कोरोना वायरस से बुखार, खांसी, सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्या हो सकती है.
उल्‍लेखनीय है कि चीन में रहस्यमयी कोरोना वायरस(Coronavirus) से मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है. स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि खतरनाक कोरोना वायरस की चपेट में आने से अबतक 25 लोगों की मौत हो गई है. जबकि इसके 830 मामलों की पुष्टि की गई है. हुबेई प्रांत में 24 और हेबेई में एक की मौत हुई है. गुरुवार मध्यरात्रि तक, हांगकांग में दो, मकाऊ में दो और ताइवान में एक मामले की पुष्टि हुई. थाईलैंड में तीन मामलों की पुष्टि की गई थी, जिनमें से दो मरीज अब ठीक हैं. जापान में इस रोग की चपेट में आया एक मरीज अब ठीक है. जबकि दक्षिण कोरिया, अमेरिका और सिंगापुर में एक-एक और वियतनाम में दो मामलों की पुष्टि हुई है. वहीं, भारत इस रहस्यमयी कोरोनावायरस पर बारीकी से निगरानी कर रहा है. बीजिंग में भारतीय दूतावास वुहान में चीनी अधिकारियों के साथ-साथ हुबेई प्रांत में भारतीयों के संपर्क में है.
क्या है कोरोना वायरस
कोरोना असल में वायरसों का एक बड़ा समूह है जो जानवरों में आम है. अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीएस) के अनुसार, कोरोना वायरस जानवरों से मनुष्यों तक पहुंच जाता है. नया चीनी कोरोनो वायरस, सार्स वायरस की तरह है. इसके संक्रमण से बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्याएं हो जाती हैं. यह न्यूमोनिया का कारण भी बन सकता है.
हांगकांग विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के वायरोलॉजिस्ट लियो पून, जिन्होंने पहले इस वायरस को डिकोड किया था, उन्हें लगता है कि यह संभवतः एक जानवर में शुरू हुआ और मनुष्यों में फैल गया.
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के उपाय:-
जिन्हें सर्दी या फ्लू जैसे लक्षण हों, उनके साथ करीबी संपर्क बनाने से बचें.
अपने हाथ साबुन और पानी या अल्कोहल युक्त हैंड रब से साफ करें.
मीट और अंडों को अच्छे से पकाएं.
खांसते या छींकते वक्त अपनी नाक और मुंह को टिश्यू या मुड़ी हुई कोहनी से ढकें.
जंगल और खेतों में रहने वाले जानवरों के साथ असुरक्षित संपर्क न बनाएं.

चीन ने सही समय पर दी कोरोनावायरस रोग की जानकारी: WHO
24 January 2020
बीजिंग: चीन (China) ने सही समय पर नए कोरोनावायरस (Coronavirus) रोग की सूचना साझा की और उसने संबंधित कदम उठाए और उच्च पारदर्शिता दिखाई. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक ट्रेडोस अधानोम घेब्रेयसुस ने जिनेवा में यह बात कही. डब्ल्यूएचओ (WHO) ने बुधवार को आपात समिति का सम्मेलन आयोजित किया, जिसमें विचार विमर्श किया गया कि क्या कोरोनावायरस रोग अंतरराष्ट्रीय आपातकाल का मुद्दा बन जाएगा या नहीं.
महासचिव घेब्रेयसुस ने सम्मेलन के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ज्यादा सूचना प्राप्त करके तय किया जाएगा कि नए कोरोनावायरस रोग को अंतरराष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया जाएगा या नहीं. डब्ल्यूएचओ का दल अभी चीन में स्थानीय विशेषज्ञों और अधिकारियों के साथ सहयोग करते हुए जांच कर रहा है.
घेब्रेयसुस ने रोग की रोकथाम और नियंत्रण के क्षेत्र में चीनी स्वास्थ्य विभागों और डब्ल्यूएचओ के बीच सहयोग का आभार जताया. उनका मानना है कि चीनी नेताओं द्वारा उठाए गए रोकथाम और नियंत्रण कदम महत्वपूर्ण है. चीन ने ठीक समय पर रोग स्थिति से संबंधित सूचना साझा की और इससे निपटने में कदम भी उठाए और साथ ही चीन ने उच्च पारदर्शिता भी दिखाई.

यमन में फिर मिसाइल से हमला, 3 दिन के अंदर अब तक 102 लोगों की मौत
23 January 2020
सना: यमन के मध्य में स्थित प्रांत मारिब में हौती विद्रोहियों के एक मिसाइल हमले में दो लोगों की मौत हो गई. सरकार के एक सूत्र ने यह जानकारी दी. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, हमले की चपेट में प्रांत की राजधानी मारिब के पास स्थित अल-रावदाह में एक नागरिक मकान आ गया. मृतकों में एक महिला और एक बच्चा है वहीं छह लोग घायल हो गए. हमले में घर पूरी तरह नष्ट हो गया. हौती संगठन ने हालांकि इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इससे पहले शनिवार को एक सैन्य प्रशिक्षण शिविर में एक संदिग्ध हौती मिसाइल हमले में 100 से ज्यादा सैनिकों की मौत हो गई थी और दर्जनों लोग घायल हो गए थे.
हौतियों के कब्जे में राजधानी सना से लगभग 170 किलोमीटर पूर्व में स्थित मारिब पर यमन के राष्ट्रपति अब्द-रब्बू मनसौर हादी की सरकारी सेना का नियंत्रण है. यमन के एक सरकारी अधिकारी ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर सिन्हुआ को बताया कि इससे पहले सऊदी की अगुआई में गठबंधन ने यमन सरकार के सहयोग से सना से लगभग 60 किलोमीटर पूर्वोत्तर में नेह्म जिले में हौती विद्रोहियों पर हवाई हमले किए.
सरकार समर्थित न्यूज वेबसाइट अल-मसदार ऑनलाइन के अनुसार, मारिब और सना के बीच नेह्म में यह हिंसा चार दिन चली, जिसमें दोनों तरफ से कई लोगों की मौत हुई. सरकार साना की तरफ बढ़ रही है.

कैलिफोर्निया हवाईअड्डे पर विमान दुर्घटना, 4 की मौत
23 January 2020
लॉस एंजेलिस: कैलिफोर्निया (California) में बुधवार को कोरोना म्यूनिसिपल एयरपोर्ट पर एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई. स्थानीय प्रशासन ने यह जानकारी दी. कोरोना पुलिस विभाग ने ट्विटर पर बताया कि दुर्घटना स्थानीय समय अनुसार अपराह्न 12.11 बजे हवाईअड्डे के पूर्वी भाग में हुई. लोगों ने विमान को आग से धधकता पाया.
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, कोरोना दमकल विभाग ने ट्वीट किया कि विमान में 3-4 लोग सवार थे और लगभग 80 गैलन ईधन था. दोनों विभाग मौके पर पहुंच गए थे. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विमान में कितने लोग सवार थे. हवाईअड्डे को फिलहाल बंद कर दिया गया है.

US: अमेरिकी सीनेट ने ट्रंप के दस्तावेजों को लेकर डेमोक्रेटिक की मांग को नकारा
22 January 2020
वाशिंगटन: अमेरिकी सीनेट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के खिलाफ चल रहे महाभियोग के मुकदमे के दौरान डेमोक्रेट द्वारा प्रस्तावित प्रस्ताव के लिए मतदान किया, जिसमें यूक्रेन (Ukraine) के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति के डील से संबंधित दस्तावेजों की व्हाइट हाउस (White House) से मांग की गई.
हालांकि, प्रस्ताव खारिज हो गया. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, प्रस्ताव जो कि मुकदमा प्रक्रिया को गाइड करने वाले रिपब्लिकन-प्रस्तावित प्रस्ताव में संशोधन के संबंध में था, को सीनेट के अल्पसंख्यक नेता चक शूमर द्वारा मंगलवार को लाया गया. इसमें व्हाइट हाउस द्वारा रखे गए किसी भी 'दस्तावेज, कम्युनिकेशन और अन्य रिकॉर्ड' को पेश करने के लिए कहा गया था.
संशोधन के पक्ष में 47 वोट पड़े जबकि विरोध में 53 वोट पड़े जिससे यह खारिज हो गया. डेमोक्रेट अब एक दूसरे संशोधन को पेश कर रहे हैं जिसमें विदेश विभाग से दस्तावेजों और रिकॉडरें को पेश करने की मांग की गई है.

चीन: IMF ने 2020 में आर्थिक वृद्धि की जताई संभावना, गिनाए ये कारण
22 January 2020
बीजिंग: अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आईएमएफ ने 20 जनवरी को स्विट्जरलैंड (Switzerland) के दावोस में जारी वैश्विक आर्थिक आउटलुक रिपोर्ट में चीन (China) की 2020 आर्थिक वृद्धि उम्मीद को पिछले अक्टूबर के 5.8 प्रतिशत से 6 प्रतिशत तक बढ़ाया. रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2020 और 2021 में चीन की आर्थिक वृद्धि 6 प्रतिशत और 5.8 प्रतिशत होगी.
आईएमएफ (IMF) के मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने कहा कि चीन की आर्थिक वृद्धि दर कम होने का कारण संरचनात्मक परिवर्तन है. अनुमान है कि आने वाले वर्षो में चीन की आर्थिक वृद्धि उचित रूप से धीमी हो रही है, क्योंकि चीन की अर्थव्यवस्था का संरचनात्मक परिवर्तन हो रहा है.
चीन की आर्थिक वृद्धि उम्मीद बढ़ाने के बावजूद आईएमएफ ने दुनिया की समग्र आर्थिक वृद्धि उम्मीद को घटाया है. अनुमान है कि वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर 2019 में 2.9 प्रतिशत हुई और 2020 व 2021 में 3.3 और 3.4 प्रतिशत होगी, जो पिछले अक्टूबर में जारी वैश्विक आर्थिक आउटलुक रिपोर्ट से 0.1, 0.1 और 0.2 प्रतिशत कम हुई.
रिपोर्ट के अनुसार, 2020 और 2021 में विकसित आर्थिक समुदायों की आर्थिक वृद्धि दर 1.6 प्रतिशत तक कायम रहेगी, जबकि नवोदित बाजारों और विकासशील आर्थिक समुदायों की आर्थिक वृद्धि दर 4.4 और 4.6 प्रतिशत होगी.

बगदाद: 3 रॉकेट हमले से दहल गया अमेरिकी दूतावास, ईरान पर घूमी शक की सुई
21 January 2020
बगदाद: इराक की राजधानी बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास के नजदीक रॉकेट दागे गए हैं. सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि बेहद सुरक्षित इलाके में स्थित अमेरिकी दूतावास के नजदीक तीन रॉकेट दागे गए हैं. हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ है. घटना के बाद पूरे इलाके में सायरन की आवाज गूंजने लगा. अमेरिका ने इस तरह के हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है. हालांकि ईरान ने इसकी कभी भी जिम्मेदारी नहीं ली है.
मालूम हो कि मौजूदा वक्त में ईरान और अमेरिका के रिश्ते तल्ख हैं. अमेरिका ने ईरानी कमांडर की हत्या कर दी तो जवाब में ईरान अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर मिसाइल से हमला कर चुका है. इराक में 8 जनवरी को दो अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए ईरानी मिसाइल हमले में 11 अमेरिकी सैनिकों के घायल होने का दावा किया गया था. हालांकि अमेरिका ने इसे नकार दिया था. अमेरिकी केंद्रीय कमान के प्रवक्ता कैप्टन बिल अर्बन के हवाले से बताया था, 'अल असद हवाईअड्डे पर 8 जनवरी को हुए ईरानी हमले में भले ही कोई अमेरिकी सैनिक नहीं मारा गया था, लेकिन कई लोगों के मस्तिष्काघात के लक्षणों का इलाज किया गया और अभी भी उनकी निगरानी की जा रही है.'
ईरान ने 8 जनवरी को ऐन अल असद और इरबिल में अमेरिकी सेना और गठबंधन सैनिकों की तैनाती वाले दो इराकी सैन्य ठिकानों पर सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें दागी थी. 3 जनवरी को बगदाद हवाईअड्डे के पास अमेरिकी ड्रोन हमले में ईरानी मेजर कासिम सुलेमानी के मारे जाने के बाद ईरान का यह जवाबी कार्रवाई था. हमले के बाद पेंटागन ने कहा था कि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.
अर्बन ने कहा कि ऐहतियात के तौर पर हमले के बाद कुछ सैनिकों की मस्तिष्क की जांच की गई और परिणामस्वरूप लक्षण पाए गए. सिन्हुआ ने सीएनएन की रिपोर्ट के हवाले से कहा कि आठ सैनिकों को जर्मनी भेजा गया और तीनों को आगे की जांच के लिए कुवैत भेज दिया गया. वर्तमान में, आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट (आईएस) के खिलाफ लड़ाई में देश की सेनाओं का सहयोग करने के लिए 5,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक इराक में तैनात हैं.
अमेरिकी हमले में ईरानी कमांडर की मौत यहां बता दें कि अमेरिकी ड्रोन हमले में ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत हो गई है. ईरान की न्यायपालिका के प्रवक्ता का कहना है कि ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या के लिए ईरान, अमेरिकी सेना और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ मुकदमा दायर करेगा. ईरान की न्यायपालिका के प्रवक्ता गुलाम हुसैन इस्माइली ने बुधवार को कहा, 'हम ईरान, इराक और हेग कोर्ट (इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस) में अमेरिकी सेना और ट्रंप के खिलाफ मुकदमा दायर करने का इरादा रखते हैं.'

लंदन में सिख गुटों में हुई झड़प, 3 की मौत
21 January 2020
लंदन: लंदन (London) में रविवार रात दो सिख गुटों की झड़प में समुदाय के तीन लोगों की मौत हो गई. इस मामले में सोमवार को दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस का दावा है कि दो गुटों झड़प की वजह से तीन लोगों की मौत हुई है. जांच एजेंसी तिहरा हत्याकांड की जांच शुरू कर दी है और मृतकों के परिवारों को घटना के बारे में सूचित कर दिया है.
मेल ऑनलाइन के मुताबिक, इस मामले में हत्या (Murder) के संदिग्ध के तौर पर 29 और 39 वर्षीय दो सिख युवकों को गिरफ्तार किया गया है. यह घटना पूर्वी लंदन के इलफोर्ड में सेवन किंग्स रेलवे स्टेशन के नजदीक हुई. तीन अज्ञात मृतकों की उम्र 20 से 30 के बीच है. उन पर चाकुओं से हमला किया गया था और वारदात स्थल पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया.
इस हत्याकांड के भयानक दृश्य सोशल मीडिया (Social Media) पर पोस्ट किए गए हैं, जिसमें एक मृतक खून से लथपथ स्टेशन के नजदीक सीढ़ियों के नीचे पड़ा था. स्टेशन के नजदीक स्थित एक टैक्सी कंपनी के मालिक ने कहा कि एक आदमी अपने घर से खून से लथपथ अवस्था में बाहर निकला और मदद की गुहार लगा रहा था.

शाही परिवार से अलग होने के बाद पहली बार प्रिंस हैरी ने तोड़ी चुप्पी, कहा- 'इसके अलावा कोई और विकल्प नहीं था'
21 January 2020
लंदन: इंग्लैंड के प्रिंस हैरी ने कहा है कि उनके पास ब्रिटेन के शाही परिवार के सदस्य के दर्जे से पीछे हटने के अलावा कोई विकल्प नहीं था. यहां एक चैरिटी कार्यक्रम में हैरी ने कहा, "पत्नी (मेगन मर्केल) और खुद के लिए मैंने जो पीछे हटने का निर्णय लिया है, उसे मैंने हल्के में नहीं लिया है." उन्होंने कहा, "वर्षो की चुनौतियों बाद महीनों तक बातचीत हुई और मैं जानता हूं कि मुझे हमेशा यह सही नहीं लगा, लेकिन जहां तक इन सारी चीजों का सवाल है, वाकई में इसके अलावा कोई विकल्प नहीं था."
ड्यूक ऑफ ससेक्स ने हालांकि यह स्पष्ट किया कि वह और मेगन दूर नहीं जा रहे हैं. उन्होंने कहा, "इंग्लैंड मेरा घर है और इसे मैं प्यार करता हूं, जो कभी नहीं बदलेगा." अपने और अपनी पत्नी के शाही परिवार से अलग होने की घोषणा के बाद हैरी ने पहली बार सार्वजनिक तौर पर बयान दिया है और वे अब औपचारिक रूप से रानी के प्रतिनिधि नहीं बनेंगे.
उन्होंने कहा, "आपने जिन सारी बातों को पिछले कुछ सप्ताहों के दौरान सुना है और शायद पढ़ा है, मैं सिर्फ उसकी कल्पना भर कर सकता हूं." उन्होंने कहा, "इसलिए मैं आपको खुद सच बताना चाहता हूं, एक राजकुमार के तौर पर नहीं, बल्कि हैरी के तौर पर."

ईरान में स्वदेश निर्मित उपग्रह लॉन्च के लिए तैयार, 90 किलोग्राम होगा वजन, करेगा ये जरूरी काम
20 January 2020
तेहरान: तेहरान (Tehran) में स्वदेश निर्मित उपग्रह जफर लॉन्च के लिए पूरी तरह से तैयार है. लॉन्च के लिए उपग्रह को ईरान स्पेस एजेंसी (आईएसए) को सौंप दिया गया है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने उपग्रह जफर को डिजाइन करने वाले ईरान (Iran) के विश्वविद्यालय 'यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी' के अधिकारी के हवाले से कहा, "अगले तीन महीनों के भीतर उपग्रह को कक्षा में स्थापित कर दिया जाएगा."
ईरान के सूचना और संचार प्रौद्योगिकी मंत्री (आईसीटी) मोतेर्जा बरारी ने कहा, "रंगीन कैमरों से सुसज्जित जफर 90 किलोग्राम का रिमोट-सेंसिंग उपग्रह है, जिसका इस्तेमाल तेल भंडार, खानों, जंगलों और प्राकृतिक आपदाओं के सर्वेक्षण के लिए किया जा सकता है." ईरान के पहले स्वदेश निर्मित उपग्रह का नाम ओमिद (उम्मीद) था, जिसे वर्ष 2009 में लॉन्च किया गया था.
मंत्री बरारी जो ईरान स्पेस एजेंसी के प्रमुख भी हैं, उन्होंने कहा कि यह उपग्रह गोलाकार कक्षा में घूम सकता है और अपने खोजपूर्ण अभियानों के दौरान संदेश भेज सकता है. ईरानी अधिकारी ने कहा कि यदि यह लॉन्च कामयाब रहता है, तो जफर नाम का यह उपग्रह 530 किलोमिटर की ऊंचाई पर 18 महीनों तक पृथ्वी के चक्कर काटेगा.

पाकिस्तान सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री शरीफ की मेडिकल रिपोर्ट खारिज की, जताई फर्जी होने की आशंका
20 January 2020
कराची: पाकिस्तान (Pakistan) के पंजाब प्रांत की सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ (Nawaz Sharif) की मेडिकल रिपोर्ट को खारिज कर दिया है. सरकार का कहना है कि यह रिपोर्ट लंदन (London) के उनके जनरल फिजिशयन ने नहीं बल्कि एक निजी डॉक्टर ने तैयार की है. द एक्सप्रेस ट्रिब्यून द्वारा प्राप्त की गई जानकारी के अनुसार, मेडिकल रिपोर्ट में शरीफ की ब्लड प्लेटलेट्स काउंट से संबंधित इलाज का विवरण नहीं है.
सात साल की जेल की सजा पा चुके पूर्व प्रधानमंत्री की जमानत मंजूर किए जाने के बाद उन्हें उनके प्लेटलेट काउंट में लगातार गिरावट होने के कारण इलाज के लिए विदेश जाने की भी अनुमति दी गई थी. सूत्रों का दावा है कि शरीफ ने उस डॉक्टर द्वारा तैयार की गई मेडिकल रिपोर्ट भेजी है, जिससे उन्होंने लंदन में अपना चेकअप भी नहीं कराया था.
ब्रिटेन (Britain) में नियमों के अनुसार, एक मरीज जिस डॉक्टर से नियमित तौर पर अपना इलाज करवाता है, मरीज के चेकअप का पूरा विवरण भी वही डॉक्टर जारी कर सकता है. द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, नियमों के तहत विवरण की एक प्रति डॉक्टर अपने पास रखता है और दूसरी प्रति मरीज को दी जाती है, जबकि तीसरी कॉपी अस्पताल के पास रिकॉर्ड के तौर पर मौजूद रहती है.
रिपोर्ट के अनुसार, शरीफ को प्लेटलेट कमी और (आईटीपी) बीमारी के कारण चार कार्डियाक चेकअप से गुजरना पड़ा, वहीं एक कार्डियोलॉजिस्ट ने कुछ और टेस्ट कराने के लिए कहा है. कार्डियोलॉजिस्ट (हृदय संबंधी डॉक्टर) साइमन ब्रेट वुड द्वारा लंदन के गायज हॉस्पिटल में शरीफ के तीन चेकअप करने के बाद उन्हें एंजियोप्लास्टि करने का निर्देश दिया था. सूत्रों ने हालांकि दावा किया है कि वुड ने कोई भी रिपोर्ट जमा नहीं कराई है.

यमन में हुआ बैलेस्टिक मिसाइल हमला, 70 सैनिकों की मौत
20 January 2020
साना: यमन (Yaman) के मारिब प्रांत में एक बैलेस्टिक मिसाइल हमले में 70 जवानों की मौत हो गई. सरकारी सूत्रों ने रविवार को इस बात की जानकारी दी. समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने एक सरकारी सूत्र के हवाले से कहा, "अल-एस्टिकबल सैन्यअड्डे में एक मस्जिद के पास शनिवार रात हुए इस हमले में दर्जनों सैनिकों को गंभीर चोटे आई हैं."
यमनी सरकारी अधिकारियों ने हमले के लिए ईरान (Iran)-सहयोगी हौथी विद्रोहियों को दोषी ठहराया है, लेकिन हौथियों ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है.
स्थानीय लोगों के अनुसार, मारिब के इस हमले के कुछ घंटे बाद ही यमन सरकीर की समर्थक सऊदी (Saudi) के नेतृत्व वाले गठबंधन ने हौथी विद्रोहियों समूह की राजधानी सना के दक्षिण-पूर्व में उनके नियंत्रण वाले सैन्यअड्डे पर कई सीरीज में हवाई हमले किए. इनमें किसी के भी मारे जाने की कोई खबर नहीं है.

परवेज मुशर्रफ को बड़ा झटका, सजा-ए-मौत के फैसले के खिलाफ अर्जी पर SC का सुनवाई से इनकार
18 January 2020
नई दिल्‍ली/इस्‍लामाबाद : पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट (Pakistan Supreme Court) रजिस्‍ट्रार कार्यालय ने देशद्रोह मामले में पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ (Pervez Musharraf) को दी गई सजा के खिलाफ उनकी तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है. मुशर्रफ ने अर्जी के जरिये विशेष अदालत के फैसले को रद्द करने की मांग की है, जिस पर रजिस्ट्रार कार्यालय की तरफ से आपत्तियां लगाई गई हैं.
रजिस्ट्रार कार्यालय का कहना है कि इस तरह के किसी भी कदम के लिए मुशर्रफ को पहले खुद सरेंडर करना होग. परवेज मुशर्रफ ने गुरुवार को लाहौर उच्च न्यायालय के फैसले को आधार बनाते हुए सर्वोच्च न्यायालय में एक आवेदन दायर किया था, जिसमें उनके खिलाफ विशेष अदालत के फैसले को रद्द करने और खारिज करने की मांग की गई थी.
रजिस्ट्रार कार्यालय ने इस आधार पर अपील लौटा दी कि जबतक याचिकाकर्ता आत्मसमर्पण नहीं कर देता, उसकी याचिका पर विचार नहीं किया जाएगा. मुशर्रफ के वकील अब जल्द ही याचिका लौटाने के रजिस्ट्रार के फैसले के खिलाफ अपील कर सकते हैं.
मुशर्रफ ने इस्लामाबाद की विशेष अदालत द्वारा 17 दिसंबर 2019 को दिए गए फैसले के खिलाफ गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी. विशेष अदालत ने देशद्रोह मामले में मुशर्रफ को मौत की सजा सुनाई थी.
बैरिस्टर सलमान सफदर द्वारा दायर याचिका में कहा गया था कि मामले की सुनवाई संविधान का उल्लंघन करते हुए हुई थी, इसलिए इस फैसले को रद्द कर दिया जाना चाहिए.
अपील में सुनवाई के दौरान अनुपस्थित रहने की स्थिति में सुप्रीम कोर्ट से मामले की बहस को सुनने का अधिकार मांगा गया है, इसके अलावा न्याय और निष्पक्षता के हित में फैसले पर रोक लगाने की मांग की गई.
दिसंबर में विशेष अदालत का यह फैसला पाकिस्तान के इतिहास का पहला फैसला था, जिसमें किसी पूर्व सैन्य प्रमुख को देशद्रोह के मामले में दोषी करार देकर मौत की सजा सुनाई गई हो.
मामले की सुनवाई शुरू होने के छह साल बाद मुशर्रफ को मौत की सजा सुनाई गई. 3 नवंबर, 2007 में संविधान रद्द कर पूर्व राष्ट्रपति ने देश में आपातकाल लागू कर दिया था, जिसपर पाकिस्तान मुस्लिम लीग - नवाज (पीएमएल-एन) सरकार ने मामला दर्ज किया था. पूर्व सैन्य प्रमुख फिलहाल दुबई में हैं. पिछले महीने तबियत बिगड़ने के बाद से वे अस्पताल में भर्ती हैं.

कश्मीर मुद्दे पर रूस ने एक बार फिर भारत का समर्थन किया
18 January 2020
नई दिल्ली: रूस ने शुक्रवार को दोहराया कि जम्मू एवं कश्मीर राज्य का संवैधानिक पुनर्गठन, भारत का आंतरिक मामला है और इससे उसका कोई सरोकार नहीं है. भारत में रूस के राजदूत निकोले कुदाशेव ने यहां एक प्रेस ब्रीफिंग में कश्मीर के संबंध में कई सवालों के जवाब दिए. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) द्वारा एक बार फिर पाकिस्तान के इशारे पर कश्मीर पर चर्चा करने के चीन के अनुरोध को खारिज करने के एक दिन बाद यह टिप्पणी आई है.
कुदाशेव ने यहां दूतावास में कहा कि द्विपक्षीय संबंधों के मूल सिद्धांतों में से एक, आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने से बचने का है. इस सवाल पर कि क्या वह कश्मीर की मौजूदा स्थिति पर पश्चिमी मीडिया द्वारा जाहिर किए गए संदेह को देखते हुए कश्मीर का दौरा करना चाहते हैं, रूस के राजदूत ने कहा कि वह कश्मीर का दौरा करने के लिए विशेष रूप से उत्सुक नहीं हैं.
उन्होंने कहा, "मेरे पास यात्रा करने का कोई कारण नहीं है. जिन्हें चिंता और संदेह हैं, वे यात्रा कर सकते हैं. लेकिन हम आंतरिक मुद्दों और देशों के संवैधानिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करते हैं." इस दौरान उन्होंने भारत व इसकी विदेश नीति की भी जमकर प्रशंसा की.

चीन में कंट्रोल होने लगी जनसंख्या, 7 दशक में पहली बार सबसे कम रही जन्म दर
17 January 2020
बीजिंग: चीन में 70 साल पहले पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के गठन के बाद से जन्म दर सबसे कम हो गई है. ऐसा एक बच्चा नीति में ढील दिए जाने के बावजूद हुआ है. चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (एनबीएस) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.
बीबीसी ने एनबीएस के हवाले से कहा कि 2019 में जन्म दर प्रति हजार पर 10.48 फीसदी रही. इसमें यह भी कहा गया कि 2019 में एक करोड़ 46 लाख 50 हजार बच्चों का जन्म हुआ.
देश की जन्म दर सालों से गिर रही है, जो दुनिया की दूसरे सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के समक्ष एक चुनौती है.
एनबीएस ने कहा कि जन्म दर गिरने के बावजूद चीन में मृत्यु दर के कम होने से जनसंख्या 2019 में 1.4 अरब हो गई, जो पहले 1.39 अरब थी.
1979 में चीन सरकार ने राष्ट्रव्यापी रूप से 'वन चाइल्ड पॉलिसी' शुरू की है. ऐसा जनसंख्या वृद्धि को रोकने के लिए किया गया.
बीबीसी ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले परिवारों को जुर्माना, रोजगार से हाथ धोना पड़ता था और कभी-कभी गर्भपात के लिए मजबूर होना पड़ता था. लेकिन इस नीति को लिंग असंतुलन के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है. 2019 के आंकड़ों के अनुसार पुरुष, महिलाओं से तीन करोड़ से ज्यादा संख्या में हैं.
साल 2015 में सरकार ने वन चाइल्ड पॉलिसी को खत्म कर दिया और दंपतियों को दो बच्चे पैदा करने की अनुमति दी. लेकिन यह सुधार देश में जन्म दर को बढ़ाने में कारगर नहीं रहा है.

आस्ट्रेलिया के जंगल में लगी आग ने धुंधला किया आसमान, धुएं की वजह से कई उड़ानें रद्द
16 January 2020
सिडनी: ऑस्ट्रेलियाई (Australia) जंगल में लगी आग से उठ रहे धुएं की वजह से मेलबर्न हवाई अड्डे पर 50 घरेलू उड़ानें बुधवार को बाधित हो गईं. धुएं के कारण दृश्यता कम होने से उड़ान के लिए परिस्थिति खतरनाक हो गई है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, विक्टोरिया के पूर्वी गिप्सलैंड क्षेत्र में जंगल में लगी आग से निकलते धुएं की वजह से यातायात नियंत्रकों को हवाई अड्डे के एक रनवे को बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ा.
इस वजह से 50 घरेलू उड़ानों को रद्द कर दिया गया. हवाई अड्डे के एक प्रवक्ता ने सिन्हुआ को बताया कि यात्रियों को अपनी उड़ानों के अपडेट पर नजर बनाए रखनी होगा. उन्होंने कहा, "हमें आशंका है कि शाम के दौरान उड़ानों में कुछ देर होने के साथ ही यह देरी कल भी संभवत: जारी रहेगी."
यह दूसरा ऐसा दिन है जब मेलबर्न में मंगलवार को कुछ उड़ानें प्रभावित हुईं. साथ ही वायु की गुणवत्ता में गिरावट दर्ज की गई है. धुएं के कारण ऑस्ट्रेलियाई ओपन का क्वालीफाइंग सत्र भी प्रभावित रहा, जिससे मैच स्थगित हो गए.

ईरान: गिरते विमान का वीडियो बनाना एक व्यक्ति पर पड़ा भारी, लगे ये गंभीर आरोप
15 January 2020
तेहरान: ईरान (Iran) ने कहा है कि उसने मिसाइल हमले के बाद गिर रहे यूक्रेन (Ukraine) के एक यात्री विमान का वीडियो शूट करने के अपराध में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. बीबीसी की मंगलवार की रिपोर्ट के अनुसार, माना जा रहा है कि आरोपित व्यक्ति पर राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित आरोप लगाए जाएंगे.
बुधवार को तेहरान से उड़ान भरने के बाद उड़ान संख्या पीएस752 गिर गया था, जिससे उसमें सवार 176 नागरिकों की मौत हो गई थी. ईरान ने कहा है कि उस विमान पर गलती से हमला हो गया और उसने घोषणा की है कि इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
राष्ट्रपति हसन रूहानी (Hassan Rouhani) ने कहा कि उनके देश की जांच एक विशेष कोर्ट की निगरानी में होगी. एक भाषण में उन्होंने कहा, "यह कोई सामान्य या आम मामला नहीं है. इस कोर्ट को पूरी दुनिया देखेगी." रूहानी ने जोर देकर कहा कि इस 'दुखद दुर्घटना' की जिम्मेदारी किसी एक पर नहीं डालनी चाहिए. उन्होंने कहा, "इसमें सिर्फ ट्रिगर दबाने वाला व्यक्ति ही नहीं, बल्कि अन्य लोग भी जिम्मेदार हैं."

पाकिस्तान में कुदरत का टूटा ऐसा कहर, टूट गया 50 साल का रिकॉर्ड, अब तक 30 की मौत
14 January 2020
क्वेटा: पाकिस्तान में भारी बर्फबारी, बारिश और बाढ़ की वजह से कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई है. अधिकारियों को राजमार्गो को साफ करने और फिर से खोलने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि मौसम बेहद खराब है. द न्यूज इंटरनेशनल के मुताबिक, बलूचिस्तान में एक शीर्ष अधिकारी ने सोमवार को कहा कि पाकिस्तान के सबसे बड़े प्रांत के विभिन्न हिस्सों में मुख्य रूप से भारी बर्फबारी और घरों की छत गिरने के कारण पिछले 24 घंटों में 14 लोग मारे गए.
आपातकालीन अधिकारियों ने कहा कि पंजाब प्रांत में भारी बारिश से 11 लोग मारे गए, जबकि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के इलाकों में पांच अन्य की मौत हो गई. डॉन न्यूज के अनुसार, इस बीच, क्वेटा-चमन राजमार्ग पर यातायात को बंद कर दिया गया क्योंकि अफगानिस्तान के साथ पाकिस्तान को जोड़ने वाले खोजाक-पास में भी भारी बर्फबारी हुई, जिससे अफगान पारगमन व्यापार में ठहराव आया क्योंकि सैकड़ों ट्रक और अन्य माल वाहन सीमा के दोनों ओर फंसे हुए थे.
चार वाहनों में लगभग दो दर्जन यात्री पाकिस्तान-ईरान सीमा के निकट काचर के दूर-दराज के इलाके में फंसे हुए थे.बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री बलूचिस्तान जाम कमाल खान ने कहा कि प्रांतीय सरकार सड़कों को खोलने और बारिश व बर्फ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को हर संभव मदद सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से सक्रिय है.
रविवार को भारी हिमपात के कारण प्रांत के मस्तंग, किला अब्दुल्ला, केच, जियारत, हरनई और पिशिन जिलों में आपातकाल घोषित कर दिया गया. मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के लिए राजधानी क्वेटा सहित प्रांत के अधिकांश हिस्सों में ठंड और शुष्क मौसम रहने के आसार हैं.
गिलगित-बाल्टिस्तान में भारी बर्फबारी ने 50 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जबकि क्वेटा में यह 20 साल के रिकॉर्ड को पार कर गया.

चीन-अफ्रीका के बीच बढ़ रहा व्यापार, 2019 में इतना रहा: वांग यी
14 January 2020
बीजिंग: चीनी विदेश मंत्री वांग यी (Wang Yi) ने कहा कि चीन-अफ्रीका सहयोग मंच की उपलब्धियां अफ्रीका के विभिन्न क्षेत्रों तक फैली हैं. गत वर्ष चीन-अफ्रीका व्यापार 2 करोड़ अमेरिकी डॉलर (US Dollar) से अधिक रहा. चीन लगातार 11 सालों से अफ्रीका का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना हुआ है.
चीन-अफ्रीका सहयोग मंच के प्रोत्साहन में अन्य देशों ने भी अफ्रीका पर ध्यान बढ़ाया, जिससे अफ्रीका के विकास के लिए ज्यादा अवसर पैदा हुए. वांग यी ने जिम्बाब्वे की राजधानी हरारे में जिम्बाब्वे के विदेश मामलों और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मंत्री सिबुसिसो मोयो के साथ मुलाकात की.
वांग यी ने कहा कि यह साल चीन-अफ्रीका सहयोग मंच की स्थापना की 20वीं वर्षगांठ है. पिछले 20 सालों में, यह चीन (China) और अफ्रीका (Africa) के बीच वार्ता का महत्वपूर्ण मंच और व्यावहारिक सहयोग की कारगर व्यवस्था बन चुका है. चीनी विदेश मंत्री ने कहा कि मंच का अगला सम्मेलन अगले साल अफ्रीका में आयोजित होगा.

अफगानिस्तान में प्रकृति का कहर, भारी बर्फबारी-बारिश से अबतक 19 की मौत
14 January 2020
काबुल: अफगानिस्तान (Afghanistan) के दक्षिण और पश्चिम हिस्से में पिछले 24 घंटों में भारी बर्फबारी और बाढ़ के कारण कम से कम 19 लोग मारे गए और 16 अन्य घायल हो गए. देश के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन मंत्रालय के एक प्रवक्ता तमीम अजीमी ने समाचार एजेंसी एफे न्यूज को बताया कि भारी बर्फबारी (Snowfall) शनिवार को शुरू हुई और देश के 34 प्रांतों में से कम से कम 21 में जारी रहने की आशंका है जबकि बाकी क्षेत्रों में भारी बारिश होने की आशंका है, विशेष रूप से दक्षिण में.
स्थानीय सरकार के प्रवक्ता बहीर अहमदी ने बताया कि दक्षिण कंधार प्रांत में बाढ़ के कारण घरों की छत ढह जाने से हुए हादसों में आठ लोगों की मौत हो गई है. मृतकों में चार महिलाएं, तीन बच्चे और एक पुरुष शामिल हैं. अन्य 13 ग्रामीण घायल हो गए. स्थानीय सरकार ने इस क्षेत्र में मानवीय सहायता पर चर्चा करने के लिए एक आपात बैठक की. पड़ोसी हेलमंद प्रांत में एक अलग घटना में, बाढ़ (Flood) के कराण तीन ग्रामीणों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए.
पश्चिमी प्रांत हेरात के अधिकारियों ने कहा कि आद्रास्कान, एनजिल और शिन्दांड में भारी बारिश के कारण घरों की छत गिरने के तीन अलग-अलग मामलों में आठ लोग मारे गए . हेरात के गवर्नर के प्रवक्ता जैलानी फरहाद ने एफे को बताया, "राजधानी और हेरात और अन्य प्रांतों के बीच कुछ जिलों में भारी बर्फबारी के कारण फिलहाल सभी सड़कें और राजमार्ग बंद हैं."
हेरात पुलिस ने एक बयान में नागरिकों से अनावश्यक यात्रा करने से बचने के लिए कहा है, क्योंकि भारी बर्फबारी ने राजमार्गो और सड़कों को अवरुद्ध कर दिया है, जबकि पुलिस राजमार्गो पर फंसे लोगों की मदद और बचाव के लिए काम कर रही है.

अमेरिका के 4 दूतावास ईरान के निशाने पर थे, डोनाल्ड ट्रंप का नया खुलासा
11 January 2020
वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा है कि आगामी दिनों में ईरान अमेरिका के चार दूतावासों पर पूर्वनियोजित हमला कर सकता है. फॉक्स न्यूज को शुक्रवार को दिए साक्षात्कार में ईरान के निशानों के बारे में पूछने पर ट्रंप ने कहा, "हम आपको बताएंगे कि शायद यह बगदाद में दूतावास पर होना था."
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, ट्रंप ने कहा, "मैं इसका खुलासा कर सकता हूं कि मैं मानता हूं कि ये चार दूतावास हैं."
अमेरिका ने हाल ही में बगदाद हवाईअड्डे पर हवाई हमला कर ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गॉर्ड्स कॉर्प्स के कुद्स फोर्स के पूर्व कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या कर दी थी.
सुलेमानी की हत्या से अमेरिका के विशेषज्ञों और डेमोक्रेटिक नेताओं ने संदेह व्यक्त करते हुए तर्क दिया था कि ट्रंप का निर्णय 'भड़काऊ और अनुचित' था और इससे अमेरिका और तेहरान के बीच अनियंत्रित युद्ध भड़क सकता है.

अरब में इस देश पर सबसे ज्यादा '50 साल' तक शासन करने वाले 'सुल्‍तान' का हुआ निधन
11 January 2020
मस्कट: ओमान (Oman) के सुल्तान काबूस (Sultan Qaboos) बिन सईद अल सईद का 79 वर्ष की अवस्था में निधन हो गया. वे अरब (Arab) में सबसे ज्यादा शासन करने वाले सुल्तान थे. सरकारी मीडिया ने शनिवार को यह जानकारी दी.
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने सरकारी टीवी पब्लिक चैनल के ट्विटर के हवाले से कहा, "रॉयल कोर्ट के दीवान ने शोक तथा तीन दिन तक सार्वजनिक और निजी क्षेत्र में आधिकारिक काम बंद करने तथा अगले 40 दिनों तक झंडा झुकाने की घोषणा की है."
मीडिया के अनुसार, ओमान पर लगभग आधी सदी तक शासन करने वाले सुल्तान अविवाहित थे और उनका कोई वारिस या नामित उत्तराधिकारी नहीं था. बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, बेल्जियम में स्वास्थ्य जांच और इलाज के बाद पिछले महीने वे स्वदेश लौटे थे.
सुल्तान काबूस ने 1970 में 29 वर्ष की अवस्था में ब्रिटेन के सहयोग से अहिंसक रूप से अपने पिता का तख्तापलट कर दिया था. उसके बाद उन्होंने देश की तेल संपदा का उपयोग कर उसे विकास के मार्ग पर अग्रसर किया था.
सल्तनत के बेसिक स्टेट्यूट के अनुसार, खाली हुए पद को भरने के लिए 50 पुरुष सदस्यों वाली रॉयल फेमिली काउंसिल के सदस्यों को तीन दिन के अंदर नया सुल्तान चुनना चाहिए.
परिवार अगर राजी नहीं होता है तो रक्षा परिषद के सदस्य और सुप्रीम कोर्ट के चेयरमैन, सलाहकार परिषद और राज्य परिषद एक सीलबंद लिफाफा खोलेंगे, जिसमें सुल्तान काबूस ने गोपनीय रूप से अपनी पसंद का नाम रिकॉर्ड किया था. इसके बाद वे उस व्यक्ति को नए सुल्तान के रूप में नियुक्त कर देंगे.
ओमान में सर्वोच्च निर्णायक सुल्तान होता है. उसके पास प्रधानमंत्री, सैन्य बलों का सुप्रीम कमांडर होता है और उसके पास रक्षा, वित्त और विदेश मंत्रालय होते हैं.

यूक्रेनी विमान पर 'मानवीय गलती' से दागी गईं थी ईरानी मिसाइलें, खुद ईरान के राष्‍ट्रपति ने कबूला
11 January 2020
तेहरान : ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने यूक्रेन के प्‍लेन के दुर्घटनाग्रस्‍त होने पर खेद जताते हुए कहा पर जांच ने निष्कर्ष निकला है कि 'मानवीय गलती' के कारण इस प्‍लेन पर मिसाइलें दागी गईं, जिससे यूक्रेनी विमान की भयावह दुर्घटना 176 निर्दोष लोगों की मौत का कारण बनी. साथ ही रूहानी ने कहा कि इस बेहद बड़ी त्रासदी और अक्षम्य गलती की जांच की जा रही है और इससे जिम्‍मेवारों की पहचान की जा रही है, जिन पर मुकदमा चलाया जाएगा. इस्लामी गणतंत्र ईरान को इस विनाशकारी गलती पर गहरा पछतावा है. साथ ही उन्‍होंने कहा कि मेरी चिंता और प्रार्थना उन सभी शोकाकुल परिवारों के लिए है. मैं अपनी ईमानदारी से संवेदना प्रकट करता हूं.
बता दें कि शनिवार सुबह (भारतीय समयानुसार) ईरान ने बीते 8 जनवरी को ईरान (Iran) में यूक्रेन (Ukraine) के यात्री विमान के दुर्घटनाग्रस्‍त होने पर खुलासा करते हुए खुद यूक्रेनी विमान को मार गिराने की बात कबूली. ईरान ने माना कि उसने गलती से यूक्रेन के विमान को मार गिराया था. साथ ही ईरान ने अमेरिका पर इसका ठीकरा फोड़ते हुए कहा कि अमेरिकी हमले की वजह से यह मानवीय भूल हुई.
ईरानी स्टेट टीवी ने एक सैन्य बयान का हवाला देते हुए कहा, "अनजाने में" देश ने बुधवार तड़के एक यूक्रेनी एयरलाइंस के यात्री विमान को मार गिराया. स्थानीय समयानुसार शनिवार सुबह यह बयान आया. इस बड़ी विमान दुर्घटना में सभी 176 लोगों की मौत हो गई थी.
ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने ट्वीट कर पीड़ित परिवारों के लिए "गहरा अफसोस, माफी और शोक" व्यक्त किया. उन्‍होंने ट्विटर पर लिखा, "एक दुखद दिन." सशस्त्र बलों द्वारा आंतरिक जांच के प्रारंभिक निष्कर्ष : अमेरिका के एडवेंचरिज्‍म के कारण हुई इस मानवीय भूल ने तबाही मचाई. हमारा गहरा अफसोस, हमारे लोगों, सभी पीड़ितों के परिवारों और अन्य प्रभावित राष्ट्रों के लिए हमारा गहरा पछतावा, माफी और संवेदना है.
इससे पहले ईरान की फार्स न्यूज़ एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से दावा किया था शनिवार को ईरान यूक्रेन के विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की वजह के बारे में घोषणा कर सकता है.
उल्‍लेखनीय है कि बीते 8 जनवरी को यूक्रेन का यात्री विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. इस हादसे में विमान में सवार सभी 176 लोगों की मौत हो गई थी. विमान में ईरान के 82, यूक्रेन के 11 और कनाडा के 63 लोग सवार थे. इनके अलावा विमान में स्वीडन, ब्रिटेन, अफ़ग़ानिस्तान और जर्मनी के नागरिक भी थे.
अमेरिका और कनाडा ने पुरजोर आशंका जताई थी कि यूक्रेन के इस विमान को ईरानी मिसाइल से मार गिराया गया था. हालांकि पहले ईरान ने इसका खंडन किया था. अमेरिकी मीडिया ने इस बात के अनुमान लगाए थे कि यूक्रेन के यात्री विमान को ईरान ने युद्धक विमान समझकर मार गिराया होगा.
यूक्रेन के इंटरनेशनल एयरलाइंस फ्लाइट पीएस 752 के तेहरान एयरपोर्ट के पास दुर्घटनाग्रस्त होने की ख़बर, इराक़ स्थित अमरीकी सैन्य ठिकानों पर ईरान के मिसाइल हमले के कुछ देर बाद आई थी.

24 घंटे के भीतर इराक में दूसरा हमला, अमेरिकी दूतावास के पास दागे गए रॉकेट
9 January 2020
नई दिल्‍ली: इराक में अमेरिकी बेस पर ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों के हमले के 24 घंटे के भीतर राजधानी बगदाद के सबसे सुरक्षित इलाके ग्रीन जोन में दो रॉकेट दागे गए. इस इलाके में अमेरिका समेत दुनिया के विभिन्‍न देशों के दूतावास हैं. कहा जा रहा है कि अमेरिकी दूतावास के पास हमला किया गया. इस इलाके को इराक में सबसे सुरक्षित जगह माना जाता है. फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. खास बात ये है कि अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के ईरान को चेतावनी देने के बाद ये रॉकेट हमला हुआ.
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान (Iran) के हमले के बाद बुधवार को राष्ट्र को संबोधित किया. अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी बेस पर ईरान के हमले के बावजूद सभी सैनिक सुरक्षित हैं और कोई नुकसान नहीं हुआ है. उन्होंने यह भी दोहराया कि जब तक वह अमेरिका के राष्ट्रपति हैं, ईरान परमाणु हथियार हासिल नहीं कर पाएगा.
ट्रंप ने राष्ट्र के नाम संदेश में कहा, "कल रात के हमले में सभी नागरिक और सैनिक सुरक्षित हैं. हमारी सेना किसी भी चुनौती के लिए तैयार है. ईरान का पीछे हटना पूरी दुनिया के लिए एक अच्छा संकेत है. मैं अमेरिका के सभी सैनिकों की हिम्मत को सलाम करता हूं. ईरान आतंक का केंद्र है और दुनिया को परमाणु हमले की धमकी देता रहता है. हमने इसे खत्म करने की कोशिश की है. मेरे निर्देश पर अमेरिकी सेना ने जनकल कासिम सुलेमानी को मारा. उन पर कई तरह के अत्याचारों का आरोप था. उन्होंने कई अमेरिकियों की हत्या की और आगे भी ऐसा ही करना का इरादा था. सुलेमानी को पहले ही मार देना चाहिए था. सुलेमानी राक्षस था."
ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने का संकेत देते हुए ट्रंप ने कहा, "ईरान पर प्रतिबंध जारी रहेंगे. नए आर्थिक प्रतिबंध भी लगाए जांएगे. जब तक ईरान शांति की राह पर नहीं आता. ईरान को अपना परमाणु कार्यक्रम छोड़ना होगा. रूस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस को ये सच्चाई समझनी होगी. हमें मिलकर ईरान से लड़ना होगा ताकि दुनिया को ज्यादा सुरक्षित और शांत बनाया जा सके. आज मैं नाटो को बोलने वाला हूं वो मध्य एशिया में ज्यादा काम करें."
ट्रंप ने कहा, "मेरे कार्यकाल में अमेरिका की सेना ज्य़ादा मजबूत हुई है और इस पर हमने ढाई ट्रिलियन डॉलर्स खर्च किए हैं. हमारे पास परमाणु हथियार हैं लेकिन हम उसका इस्तेमाल नहीं करना चाहते. हमारी सैन्य ताकत और आर्थिक ताकत की हमारा सबसे बड़ा हथियार है .कुछ हफ्तों पहले हमने अबु बक्र अल बगदादी को भी मारा था."
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "हमें मिडिल ईस्ट से तेल की जरूरत नहीं. ईरान को परमाणु रास्ते से हटन होगा. ईरान आतंकवाद छोड़े तो अमेरिका शांति के लिए तैयार है. ईरान पीछे हैट रहा है जो अच्छा है. ईरान के रवैये को बहुत समय से झेला जा रहा है."
ईरानी मिसाइल हमला अमेरिका के 'गाल पर तमाचा'
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामनेई ने बुधवार को अमेरिका से कहा कि वह क्षेत्र से अपनी सेना हटा ले. खामनेई का यह बयान इराक स्थित दो अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए मिसाइल हमले के बाद आया है. खामनेई ने अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी मिसाइल हमले को 'गाल पर तमाचा' बताया है.
खामनेई ने कहा, "हालांकि इस तरह का सैन्य अभियान पर्याप्त नहीं है और महत्वपूर्ण यह है कि क्षेत्र में अमेरिका की गैरवाजिब मौजूदगी खत्म की जाए." उन्होंने ईरान के धार्मिक शहर कोम में एक भाषण दिया, जिसे सरकारी टीवी पर लाइव प्रसारित किया गया.
खामनेई ने कहा कि अमेरिका ने क्षेत्र में युद्ध, देशद्रोह, तबाही और विभाजन को पैदा किया है. उन्होंने कहा कि हमारा क्षेत्र और हमारे क्षेत्र के देश अमेरिका की उपस्थिति अब बर्दाश्त नहीं करेंगे.
खामनेई ने बुधवार के भाषण में जनरल कासिम सुलेमानी की बहादुरी की भूरि-भूरि प्रशंसा की. इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स के कुद्स फोर्स के कमांडर सुलेमानी अमेरिका द्वारा किए गए एक हवाई हमले में शुक्रवार को मारे गए थे.

ट्रंप की दो टूक- जब तक मैं अमेरिका का राष्ट्रपति हूं, ईरान की यह इच्छा पूरी नहीं होगी
9 January 2020
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान (Iran) के हमले के बाद बुधवार को राष्ट्र को संबोधित किया. अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी बेस पर ईरान के हमले के बावजूद सभी सैनिक सुरक्षित हैं और कोई नुकसान नहीं हुआ है. उन्होंने यह भी दोहराया कि जब तक वह अमेरिका के राष्ट्रपति हैं, ईरान परमाणु हथियार हासिल नहीं कर पाएगा.
ट्रंप ने राष्ट्र के नाम संदेश में कहा, "कल रात के हमले में सभी नागरिक और सैनिक सुरक्षित हैं. हमारी सेना किसी भी चुनौती के लिए तैयार है. ईरान का पीछे हटना पूरी दुनिया के लिए एक अच्छा संकेत है. मैं अमेरिका के सभी सैनिकों की हिम्मत को सलाम करता हूं. ईरान आतंक का केंद्र है और दुनिया को परमाणु हमले की धमकी देता रहता है. हमने इसे खत्म करने की कोशिश की है. मेरे निर्देश पर अमेरिकी सेना ने जनकल कासिम सुलेमानी को मारा. उन पर कई तरह के अत्याचारों का आरोप था. उन्होंने कई अमेरिकियों की हत्या की और आगे भी ऐसा ही करना का इरादा था. सुलेमानी को पहले ही मार देना चाहिए था. सुलेमानी राक्षस था."
ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने का संकेत देते हुए ट्रंप ने कहा, "ईरान पर प्रतिबंध जारी रहेंगे. नए आर्थिक प्रतिबंध भी लगाए जांएगे. जब तक ईरान शांति की राह पर नहीं आता. ईरान को अपना परमाणु कार्यक्रम छोड़ना होगा. रूस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस को ये सच्चाई समझनी होगी. हमें मिलकर ईरान से लड़ना होगा ताकि दुनिया को ज्यादा सुरक्षित और शांत बनाया जा सके. आज मैं नाटो को बोलने वाला हूं वो मध्य एशिया में ज्यादा काम करें."
ट्रंप ने कहा, "मेरे कार्यकाल में अमेरिका की सेना ज्य़ादा मजबूत हुई है और इस पर हमने ढाई ट्रिलियन डॉलर्स खर्च किए हैं. हमारे पास परमाणु हथियार हैं लेकिन हम उसका इस्तेमाल नहीं करना चाहते. हमारी सैन्य ताकत और आर्थिक ताकत की हमारा सबसे बड़ा हथियार है .कुछ हफ्तों पहले हमने अबु बक्र अल बगदादी को भी मारा था."
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "हमें मिडिल ईस्ट से तेल की जरूरत नहीं. ईरान को परमाणु रास्ते से हटन होगा. ईरान आतंकवाद छोड़े तो अमेरिका शांति के लिए तैयार है. ईरान पीछे हैट रहा है जो अच्छा है. ईरान के रवैये को बहुत समय से झेला जा रहा है."

तेहरान में नारों के बीच सुलेमानी का अंतिम संस्कार शुरू, जनाजा उठने के दौरान बेटी ने कही ये बड़ी बात
7 January 2020
तेहरान: अमेरिकी हमले में मारे गए ईरान (Iran) के मेजर जनरल कासिम सुलेमानी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए सोमवार को तेहरान में लाखों लोग एकत्रित हुए. इनमें देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई भी थे. जनरल सुलेमानी को बीते सप्ताह अमेरिका (US) ने बगदाद (Bagdad) में मार गिराया. समाचार एजेंसी एफे की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार सुबह से ही एंगेलैब स्क्वायर के पास तेहरान यूनिवर्सिटी की तरफ लोग जुटने लगे, जहां अमेरिका व इजरायल (Israel) के खिलाफ नारों के बीच अंतिम संस्कार की रस्में शुरू हुईं. जनाजे के उठने के दौरान लोग सुलेमानी की तस्वीरें, ईरानी झंडा और बैनर व अमेरिका के खिलाफ लिखे नारे लिए हुए थे. तेहरान (Tehran) स्थित प्रेस टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, भीड़ को संबोधित करते हुए जनरल सुलेमानी की बेटी जैनब ने कहा, "हज कासिम सुलेमानी का नाम अब यहूदीवाद के अड्डे, तकफीरीवाद और प्रभुत्ववाद को हिला रहा है." जैनब ने कहा, "अमेरिका व यहूदीवाद (जियोनिज्म) को समझना चाहिए कि मेरे पिता की शहादत ने प्रतिरोध के मोर्चे पर ज्यादा लोगों को जागरूक किया है. यह उनके लिए जीवन को दुस्वप्न बना देगा." बड़ी संख्या में श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों की मौजूदगी की संभावना के कारण यातायात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की तैनाती की गई थी और निवासियों को सड़कों से अपने वाहनों को हटाने के लिए पहले ही कह दिया गया था. अधिकारियों ने राजधानी में सुरक्षा उपायों को बढ़ाया है और रविवार दोपहर बाद से हेलीकॉप्टर उड़ान भर रहे हैं. खामनेई ने सुलेमानी की नमाज-ए-जनाजा पढ़ाई. उच्च रैकिंग के सरकारी व सैन्य अधिकारियों ने भी इसमें भाग लिया. सुलेमानी और अमेरिकी हमले में मारे गए इराकी मिलीशिया पापुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज के उपनेता अबू मेहंदी अल मुहनदिस का पार्थिव शरीर रविवार को ईरान पहुंचा. मुहनदिस के शव अवशेष को डीएनए टेस्ट के लिए ईरान लाया गया है. अंतिम संस्कार की रस्में रविवार को अहवाज में भी हुईं. अंतिम संस्कार की रस्में मंगलवार को सुलेमानी के दक्षिणी गृहनगर केरमन में भी होंगी, जहां उनके पार्थिव शरीर को बुधवार को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा.
क्रोएशिया: राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर में जीते जोरान, पहले भी रह चुके हैं प्रधानमंत्री
7 January 2020
जाग्रेब: क्रोएशिया के पूर्व प्रधानमंत्री जोरान मिलनोविक ने रविवार को राष्ट्रपति चुनाव का दूसरा दौर जीत लिया. देश के निर्वाचन आयोग के परिणामों में यह बात सामने आई. मतगणना में 99 प्रतिशत से अधिक मतों के साथ, जोरान ने रविवार को राष्ट्रपति पद की दौड़ में मौजूदा राष्ट्रपति कोलिंदा ग्रैबर किटारोविच को मिले 47.3 प्रशित वोट के मुकाबले 52.7 प्रतिशत वोट हासिल किए.
22 दिसंबर, 2019 को राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में कुल 11 उम्मीदवारों ने किस्मत आजमाई थी. जोरान मिलनोविक, जो सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी (एसडीपी) और कई अन्य केंद्र-वाम दलों के उम्मीदवार के रूप में लड़ रहे थे, ने पहले दौर में लगभग 30 प्रतिशत वोटों के साथ जीत हासिल की, जबकि सत्तारूढ़ क्रोएशियन यूनियन (एचडीजेड) सत्ताधारी द्वारा समर्थित एक कंजर्वेटिव उम्मीदवार कोलिंदा लगभग 27 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रही थीं.
चूंकि किसी भी उम्मीदवार ने 50 फीसदी से अधिक मत प्राप्त नहीं किया था, इसलिए रविवार को शीर्ष दो उम्मीदवारों के साथ दूसरे दौर का मतदान कराया गया. निर्वाचन आयोग के अनुसार, 38 लाख से अधिक पात्र मतदाताओं में से लगभग 55 प्रतिशत ने राष्ट्रपति चुनाव में अपना वोट डाला. क्रोएशिया में हर पांच साल में एक बार राष्ट्रपति का चुनाव होता है.
रविवार रात अपनी जीत के भाषण में जोरान मिलनोविक ने वादा किया कि वह सभी नागरिकों को सुनेंगे और उनका प्रतिनिधित्व करेंगे. कोलिंदा ने मिलनोविक को उनकी जीत पर बधाई दी. 53 वर्षीय मिलानोविक दिसंबर 2011 से जनवरी 2016 तक क्रोएशियाई प्रधानमंत्री के रूप में अपनी सेवा दे चुके हैं.

फ्रांस, तुर्की, रूस समेत कई देशों ने अमेरिका और इराक से संयम बरतने का किया आग्रह
6 January 2020
बीजिंग: अमेरिका (US) के हमले में ईरानी इस्लामिक रेवोल्युशन गार्ड कॉर्प्स के अधीनस्थ कोड्स फोर्स के कमांडर कासेम सोलेमानी समेत 8 लोगों की मौत के बाद इस कई देशों ने वक्तव्य जारी कर विभिन्न पक्षों से संयम से काम लेने का आग्रह किया, ताकि स्थिति न बिगड़े.
अमेरिकी सेना ने इराक (Iraq) की राजधानी बगदाद (Bagdad) स्थित अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमला किया, जिसमें ईरानी इस्लामिक रेवोल्युशन गार्ड कॉर्प्स के अधीनस्थ कोड्स फोर्स के कमांडर कासेम सोलेमानी समेत 8 लोगों की मौत हो गई. ब्रिटेन (Britain) के विदेश दूत डोमिनिक राब ने विभिन्न पक्षों से अपील की कि सोलेमानी की मौत के बाद मुठभेड़ की स्थिति को शिथिल बनाएं. उन्होंने कहा कि मुठभेड़ हमारे हित के अनुरूप नहीं है.
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन (Emmanuel Macron) ने अलग अलग तौर पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और तुर्की (Turkey) के राष्ट्रपति रिसेप तैय्यप एडरेऑन के साथ फोन पर मध्य-पूर्व क्षेत्र की स्थिति पर बात की. तीनों नेताओं ने मध्य-पूर्व क्षेत्र की स्थिति पर चिंता जताई और विभिन्न पक्षों से संयम से काम लेने की अपील की.
सीरिया (Syria) के विदेश मंत्रालय ने वक्तव्य जारी कर इराक और ईरान को संवेदना दी और अमेरिका की निंदा की. वक्तव्य में कहा गया है कि इराक की अस्थिरता का कारण अमेरिका है. इसके साथ साथ सीरिया (Syria) और लेबनान के विदेश मंत्रालय ने भी वक्तव्य जारी कर विभिन्न पक्षों से संयम से काम लेने की अपील की, ताकि मध्य-पूर्व क्षेत्र की स्थिति न बिगड़े.

ट्रंप ने फिर दी ईरान को धमकी, 'अगर हमला हुआ तो ऐसा करारा जवाब देंगे जो सोचा नहीं होगा'
6 January 2020
वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बार फिर ईरान को धमकी दी है. ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान (Iran) ने अमेरिका (US) पर हमला किया तो हम इतना कठोर जवाब देंगे जैसा उन्होंने पहले कभी नहीं झेला होगा.
ट्रंप ने ट्वीट कर कहा, उन्होंने (ईरान) हम पर हमला किया, हमने जवाब दिया. अगर वो फिर हमला करते हैं (जिसकी सलाह मैं नहीं दूंगा) तो हम उन्हें इतना कठोर जवाब देंगे, जैसा उन्होंने कभी झेला नहीं होगा.'
अपने एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, अमेरिका ने सैन्य उपकरणों पर सिर्फ दो ट्रिलियन डॉलर खर्च किए हैं. हम दुनिया में सबसे बड़े और सबसे बेहतरीन हैं! अगर ईरान किसी अमेरिकी बेस, या किसी अमेरिकी पर हमला करता है, तो हम नए खूबसूरत उपकरणों का इस्तेमाल करेंगे ... बिना किसी हिचकिचाहट के!
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी थी कि अगर ईरान ने हमला किया तो उसके 52 ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ट्वीट कर कहा है कि इन 52 साइट्स (ईरान द्वारा बंधक बनाए गए 52 अमेरिकी बंदियों की याद में) में कई ईरान और ईरानी संस्कृति के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं. उन्‍होंने कहा कि इन ठिकानों और खुद ईरान को बहुत तेजी से और बहुत विध्‍वंसक तरीके से निशाना बनाया जाएगा. अमेरिका और ज्‍यादा धमकी नहीं चाहता है. ट्रंप ने यह धमकी बगदाद में शनिवार रात अमेरिकी ठिकानों पर हुए हमलों के बाद दी है.

ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी भीषण आग: अब तक 50 करोड़ जानवरों की मौत, प्रधानमंत्री ने रद्द की भारत यात्रा
6 January 2020
नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया (Australia) के जंगलों में लगी भीषण आग में अब 50 करोड़ से ज्यादा जानवर मारे जा चुके हैं. इस भयावह प्राकृतिक आपदा को देखते हुए हुए देश के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन (Prime Minister Scott Morrison) ने अपनी भारत यात्रा रद्द कर दी है. ऑस्ट्रेलियाई पीएम 13 जनवरी से चार दिवयीस भारत यात्रा पर आने वाले थे जिसे उन्होंने रद्द कर दिया है. प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा कि वह इस महीने के लिए भारत की आधिकारिक यात्रा रद्द कर रहे हैं ताकि इस भयावह संकट से निपटने के लिए योजना बनाई जा सके.
उन्होंने कहा कि वह आगामी महीनों में सही समय पर एक बार फिर से यात्रा की तारीख तय करेंगे. 13 जनवरी से शुरू होने वाली यात्रा के दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) से मुलाकात कर व्यापक द्विपक्षी बातचीत करने वाले थे.
इससे पहले शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई पीएम जंगलों में लगी आग को लेकर बातचीत की. आग के कारण हुए जानमाल के नुकसान को लेकर उन्होंने सभी भारतीयों की ओर से संवेदना व्यक्त की. पीएम मोदी ने अभूतपूर्व प्राकृतिक आपदा का बहादुरी से सामना कर रहे ऑस्ट्रेलिया और ऑस्ट्रेलियाई लोगों के लिए मदद की पेशकश भी की.
आपको बता दें कि बीते साल सितंबर में आग लगने के बाद से विक्टोरिया और न्यू साउथ वेल्स में कम से कम 20 लोग मारे गए हैं और दर्जनों लापता हैं. आग ने अब तक 1,300 से अधिक घरों को नष्ट कर दिया है. इसके अलावा अभी तक 50 करोड़ से अधिक जंगली जानवरों के मारे जाने की खबर है.
ऑस्ट्रेलिया में स्थित एक भारतीय रेस्तरां के मालिक विक्टोरिया राज्य में जंगल में लगी आग से प्रभावित लोगों को मुफ्त में भोजन खिला रहे हैं. द डेली मेल की एक रिपोर्ट के अनुसार, कंवलजीत सिंह और उनकी पत्नी कमलजीत कौर पूर्वी विक्टोरिया के बर्न्‍सडेल में देसी ग्रिल रेस्तरां के मालिक हैं, जहां आग ने घरों को नष्ट कर दिया और एक शख्स की मौत हुई है.
दंपति और उनके कर्मचारी करी और चावल पका रहे हैं, जो मेलबर्न स्थित चैरिटी सिख वॉलंटियर्स ऑस्ट्रेलिया द्वारा अस्थायी आश्रय में रहने वालों को दिया जा रहा है. सिंह, छह साल से इलाके में रह रहे हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें लगा कि उनके साथी आस्ट्रेलियाई लोगों की मदद करना उनका 'कर्तव्य' है.

दिल्ली में आतंकी हमले की साजिश रचने के जिम्मेदार थे कासिम सुलेमानी : डोनाल्‍ड ट्रंप का दावा
4 January 2020
लॉस एंजेलिस: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने दिवंगत ईरानी सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी (Qasem Soleimani) पर नई दिल्ली में आतंकवादी हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया है. ट्रंप ने शुक्रवार को फ्लोरिडा में अपने मार-आ-लागो रिसोर्ट में कहा, "सुलेमानी ने अपने पागलपन में निर्दोष लोगों की हत्या की, नई दिल्ली और लंदन में आतंकी हमलों की साजिश रची."
सुलेमानी को मारने के लिए मिसाइल हमले का आदेश देने के संबंध में उन्होंने कहा, "आज हम सुलेमानी के अत्याचारों के शिकार हुए लोगों को याद करते हैं और सम्मानित करते हैं और हमें यह जानकर सुकून मिलता है कि उनका आतंकराज अब खत्म हो गया है."
ट्रंप ने भारत में किसी आतंकी साजिश का जिक्र कर रहे थे, इसका उल्लेख उन्होंने नहीं किया, लेकिन शायद वह 2012 में भारत में इजरायली राजनयिक की पत्नी की कार पर हुए बम हमले का उल्लेख कर रहे थे.
13 फरवरी, 2012 को कार में चुंबक के सहारे बम लगाकर किए गए हमले में ताल येहोशुआ कोरेन घायल हो गई थीं और उन्हें सर्जरी करानी पड़ी थी. इसके अलावा उनका चालक तथा पास खड़े दो और लोग भी घायल हो गए थे.
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि हमले के पीछे ईरान का हाथ था और इसी तकनीक का उपयोग कर जॉर्जिया में भी हमले की कोशिश की गई. अभी तक नई दिल्ली का मामला सुलझा नहीं है और भारत ने हमले का संबंध ईरान से नहीं बताया है.
उस समय की खबरों के अनुसार, ईरान ने वह हमला तेहरान में उसके परमाणु वैज्ञानिक मुस्तफा अहमदी रोशन की हत्या के जवाब में किया था. परमाणु वैज्ञानिक की हत्या कथित रूप से इजरायल ने की थी.
भारत के एक पत्रकार सैयद मोहम्मद अहमद काजमी को उसी साल छह मार्च को गिरफ्तार किया गया था और उस पर हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया गया था. उसे गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत रखा गया. उसे उसी साल अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट ने विदेश नहीं जाने की शर्त पर जमानत दे दी थी.
तत्कालीन समाचारों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने आरोप लगाया कि उसने हमला करने वाले ईरानियों की देखभाल की थी. पुलिस के बयान के अनुसार, हमले में शामिल पांच लोग इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गॉर्ड्स के सदस्य थे जो दिल्ली आए थे.
ईरानी मेजर जनरल सुलेमानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गॉर्ड्स कॉर्प्स की विशिष्ट इकाई कुद्स फोर्स के कमांडर थे. लेकिन भारत में हुए हमले के दौरान इसका नाम नहीं आया था.
गुरुवार को इराक मे सुलेमानी की मौत के बाद शुक्रवार को ट्रंप ने कहा, "सुलेमानी अमेरिकी अधिकारियों और सैनिकों पर हमले की योजना बना रहे थे, लेकिन हमने उन्हें पकड़ लिया और उनकी हत्या कर दी."
उन्होंने सुलेमानी के निर्देशन में कथित रूप से कराए गए और कुद्स फोर्स तथा सहयोगी सेना द्वारा कराए गए हमलों को सूचीबद्ध किया.
ट्रंप ने कहा, "इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गॉर्ड कॉर्प्स और उसकी क्रूर कुद्स फोर्स ने सालों तक सुलेमानी के नेतृत्व में सैकड़ों अमेरिकी नागरिकों और कर्मियों को निशाना बनाया, उन्हें घायल किया और उनकी हत्या की है."

अमेरिका और ईरान में छिड़ सकता है संघर्ष, राष्ट्रपति रूहानी बोले, 'Iran इसका बदला लेगा'
3 January 2020
तेहरान: अमेरिकी एयर स्ट्राइक में ईरान (Iran) टॉप कमांडर मेजर जनरल कासिम सुलेमानी की मौत पर राष्ट्रपति हसन रूहानी (Hassan Rouhani) ने इसका बदला लेने की बात कही है. बता दें बगदाद (Baghdad) एयरपोर्ट पर अमेरिका ने गुरुवार रात को एयर स्ट्राइक की थी.
हसन रूहानी ने ट्वीट कर कहा, 'देश की क्षेत्रीय अखंडता और क्षेत्र में आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई में जनरल सोलीमनी के झंडे को उठाया जाएगा, अमेरिकी ज्यादतियों का प्रतिरोध जारी रहेगा. महान देश ईरान इस जघन्य अपराध का बदला लेगा.
बता दें ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) कुद्स फोर्स के प्रमुख जनरल कासिम सुलेमानी इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिकी हवाई हमले में मारे गए. तेहरान स्थित प्रेस टीवी के मुताबिक, IRGC ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि हमले में हशद शाबी या इराकी पॉपुलर मोबलाइजेशन फोर्सेज (PMF) के डिप्टी कमांडर अबू महदी अल-मुहांदिस भी सुलेमानी के साथ मारे गए. बगदाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट रोड पर उनके वाहन को निशाना बनाया गया.
PMF ने भी घटना की पुष्टि की है, और शुक्रवार को एक बयान में कहा, "हशद के उप प्रमुख, अबू महदी अल-मुहांदिस, और कुद्स फोर्स के प्रमुख, कासिम सुलेमानी अमेरिकी हमले में मारे गए. उनकी कार को निशाना बनाया गया."
हमले पर अमेरिका ने क्या कहा?
अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस की ओर से जारी बयान में कहा गया, 'राष्ट्रपति के निर्देश पर अमेरिकी मिलिट्री ने अमेरिका की सुरक्षा के लिए इस निर्णायक सुरक्षात्मक कार्रवाई को अंजाम दिया जिसमें ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की कुद्स फोर्स के चीफ मेजर जनरल कासिम सुलेमानी की मौत हो गई.'
बयान में कहा गया, 'जनरल सुलेमानी इराक और उस इलाके में अमेरिकन डिप्लोमेट्स और सर्विस मेंबर्स पर हमले की योजना बना रहा था. जनरल सुलेमानी और उसकी कुद्स फोर्स सैकड़ों अमेरिकन और गठबंधन सेवा के सदस्यों की मौत के जिम्मेदार थी.'
बयान में कहा गया कि जनरल सुलेमानी ने पिछले कई महीनों में गठबंधन के ठिकानों पर हमलों को अंजाम दिया था. इन हमलो में 27 दिसंबर का वह हमला भी शामिल था जिसमें अमेरिकी और इराकी नागरिकों की मौत हुई. जनरल सोलमनी ने इस हफ्ते बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर हुए हमले को भी मंजूरी दी थी.
बयान में कहा गया कि, 'यह एयरस्ट्राइक भविष्य में ईरानी हमले की योजनाओं को रोकने के मकसद से की गई. अमरीका, चाहे जहां भी हो, अपने नागरिकों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई को करना जारी रखेगा.'
बता दें बगदाद एयरपोर्ट पर अमेरिकी एयर स्ट्राइक में पॉप्‍युलर मोबलाइजेशन फोर्स के डेप्‍युटी कमांडर अबू मेहदी अल मुहांदिस के भी मारे जाने की खबर है.

इस देश में नए साल के जश्‍न ने चिड़ियाघर में ले ली 30 से ज्‍यादा जानवरों की जान
3 January 2020
बर्लिन : नया साल आने के कुछ ही घंटों बाद जर्मनी (Germany) में एक चिड़ियाघर (Zoo) में आग लग जाने से 30 से ज्यादा जानवरों की मौत हो गई. स्थानीय मीडिया ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि देश में यह कई दशकों में सबसे भयानक हादसों में से है.
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, स्थानीय मीडिया ने पुलिस के हवाले से बताया कि जर्मनी के पश्चिम में स्थित क्रेफेल्ड शहर में यह आग शायद आसमानी लेंटर के कारण लगी. लेंटर के कारण सबसे पहले बंदर के घर की छत पर आग लगी. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
मारे गए जानवरों में वनमानुष, गोरिल्ला, गोल्डन तमारिन तथा पिग्मी मार्मोसेट्स जैसे छोटे बंदरों के अलावा चमगादड़ और पक्षी शामिल हैं.
दो चिंपांजी आग से बच गए और उन्हें पास के दूसरे घर में भेजा गया. चिड़ियाघर में लगभग 200 प्रजातियों के लगभग 1,000 पशु पक्षी रहते हैं.

हांगकांग: नए साल के मार्च के बाद पुलिस ने 400 प्रदर्शनकारियों को किया गिरफ्तार
3 January 2020
हांगकांग: नए साल पर सरकार विरोधी मार्च में 'गैर-कानूनी रूप से इकट्ठा होने और हथियार रखने' के आरोप में हांगकांग पुलिस (Hongkong Police) ने करीब 400 लोगों को गिरफ्तार किया. मार्च आयोजकों ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि मार्च में दस लाख से अधिक लोग शामिल हुए. एफे न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, भारी संख्या में हांगकांग (hongKong) के नागरिक बुधवार को बाहर आए और पुलिस के आदेश की अवेहलना की. इसके बाद पुलिस अधिकारियों और अधिक कट्टर प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं.
हालांकि, प्रदर्शन (Hongkong Protest) के लिए इजाजत दे दी गई थी, लेकिन इसके शुरू होने के तीन घंटे बाद पुलिस ने आयोजकों सीविल ह्यूमन राइट्स फ्रंट से अनुरोध किया कि वे इसे समाप्त करें. पुलिस ने कहा कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने पत्थर व मोलोटोव कॉकटेल (ज्वलनशील पदार्थ) फेंकने शुरू कर दिए और दुकानों व बैंकों को आग के हवाले किया.
स्थानीय मीडिया की खबरों के अनुसार, दिक्कत वहां से शुरू हुई जब प्रदर्शनकारियों ने एचएसबीसी बैंक की एक ब्रांच में तोड़फोड़ की. इसके बाद पुलिस को उन्हें नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. मार्च में आगे खड़े अन्य प्रदर्शनकारियों ने मानव श्रृंखला बनाकर वहां से हटने से इनकार किया, जिसके बाद पुलिस से उनकी झड़प हुई और यह गिरफ्तारी के बाद खत्म हो सकी.
इस झड़प को छोड़कर, पूर्व ब्रिटिश कॉलोनी में हजारों की संख्या में लोगों ने शांतिपूर्ण ढंग से मार्च किया और नागरिकों से 2020 में भी प्रदर्शन को जारी रखने का आह्वान किया.

ताइवान : हेलीकॉप्‍टर की इमरजेंसी लैंडिंग के बाद सेना प्रमुख लापता, वायुसेना के जनरल भी थे सवार
2 January 2020
ताइवान : ताइवान (Taiwan) के सैन्‍य प्रमुख के हेलीकॉप्‍टर की इमरजेंसी लैंडिंग के बाद से सेना प्रमुख लापता हो गए हैं. ताइवान के रक्षा मंत्रालय द्वारा गुरुवार को दी गई जानकारी में बताया गया कि हेलीकॉप्‍टर की देश के उत्‍तरी इलाके में इमरजेंसी लैंडिंग हुई, जिसके बाद से मिलिट्री चीफ ऑफ जनरल स्‍टाफ लापता हैं.
सामाचार एजेंसी स्पुतनिक के अनुसार, इस हेलीकॉप्‍टर में अन्‍य कई वरिष्ठ अधिकारी भी थे, जिनमें वायुसेना के जनरल शेन यी-मिंग भी शामिल हैं.
एजेंसी के अनुसार, नियंत्रण कक्ष ने लैंडिंग के बाद हेलीकॉप्टर के साथ संचार खो दिया.

तालिबान का अफगानिस्तान की हाईवे पुलिस चौकी पर हमला, 8 अफगान सैनिकों की मौत
2 January 2020
काबुल: अफगानिस्तान (Afghanistan) के बल्ख प्रांत में तालिबान के हमले में कम से कम आठ सैनिक मारे गए. टोलो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, बल्ख हाईवे पुलिस कमांडर फवाद सालेह ने कहा कि हमला मंगलवार रात बल्ख प्रांत के आलम खील गांव स्थित एक हाईवे पुलिस चौकी पर हुआ.
सालेह ने कहा कि हमले के वक्त चौकी पर कुल 14 सैनिक थे, जिनमें से केवल छह सैनिकों की जान बच पाई. यह चौकी बल्ख-जॉज्जन राजमार्ग पर स्थित है. एक सूत्र ने टोलो न्यूज को बताया कि तालिबान ने एक घुसपैठिए की मदद से हमले को अंजाम दिया. तालिबान (Taliban) ने हालांकि अभी तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है.
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि तखार प्रांत में मंगलवार रात तालिबान के एक हमले में दो एएनए सैनिक मारे गए. यह घटना देर रात दरकाद जिले में हुई, जब तालिबान के एक समूह ने संयुक्त बलों की चौकी पर हमला किया. मंत्रालय ने कहा कि हमले में एक पुलिस अधिकारी सहित दो अन्य घायल हो गए.

ईरान के परमाणु मामले के समाधान का प्रयास करेगा चीन: वांग यी
1 January 2020
बीजिंग: चीनी स्टेट काउंसिलर व विदेश मंत्री वांग यी (Wang Yi) ने मंगलवार को पेइचिंग में कहा कि चीन अंतर्राष्ट्रीय निष्पक्षता और न्याय की दृढ़ता से रक्षा करेगा, किसी एकपक्षीय और धमकाने वाली कार्रवाई का विरोध करेगा तथा राजनीतिक और राजनयिक रूप से ईरान के परमाणु मामले के समाधान को आगे बढ़ाएगा.
वांग यी ने मंगलवार को ईरान (Iran) के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जारीफ के साथ वार्ता की. वांग यी ने कहा कि चीन, ईरान के साथ दोनों देशों के नेताओं द्वारा संपन्न सहमतियों के कार्यान्वयन, आपसी राजनीतिक विश्वास, व्यवहारिक सहयोग को आगे बढ़ाना चाहता है, ताकि दोनों देशों के बीच सर्वांगीण रणनीतिक साझेदारी संबंधों को आगे बढ़ाया जा सके.
वांग यी ने जोर देते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र (United Nations) सुरक्षा परिषद ने ईरान के परमाणु मामले के सर्वांगीण समझौते की अनुमति दी. यह बहुपक्षीय वार्ता का महत्वपूर्ण परिणाम है. चीन (China) वर्तमान तनाव स्थिति को कम करने, ईरान के परमाणु मामले के सर्वांगीण समझौते की रक्षा करने वाले सभी प्रयासों का समर्थन करता है.
जारीफ ने कहा कि ईरान चीन के साथ घनिष्ठ रूप से संपर्क करना, बहुपक्षवाद का समर्थन करना, व्यवहारिक रूप से ईरान के परमाणु मामले के सर्वांगीण समझौते की रक्षा करना चाहता है. ईरान चीन के साथ दोनों देशों के बीच सर्वांगीण रणनीतिक साझेदारी संबंध को आगे बढ़ाना चाहता है.

US: गोलीबारी की एक घटना में अफ्रीकी मूल के अमेरिकी युवक की मौत
1 January 2020
वाशिंगटन: अमेरिकी प्रांत टेनेसी की राजधानी नेशविले में गोलीबारी की एक घटना में अफ्रीकी (Africa) मूल के एक अमेरिकी (US) युवक की मौत हो गई. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, पुलिस ने मृतक की पहचान 22 वर्षीय मोंटी ग्रे के रूप में की है.
स्थानीय मीडिया ने बताया कि जब पुलिस (US police) पहुंची, तो उन्होंने पाया कि ग्रे गोली लगने से गंभीर रूप से घायल अवस्था में एक दो मंजिला इमारत के बाहर पड़ा हुआ था. माना जा रहा है कि वह वहां रहा करता था. ग्रे को पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे बाद में मृत घोषित कर दिया गया.


अफगानिस्तान: प्रदूषण के कहर से काबुल भी बेहाल, 7 दिन में हुई 17 लोगों की मौत
1 January 2020
काबुल: अफगानिस्तान (Afghanistan) की राजधानी काबुल में प्रदूषण (Pollution) के स्तर में हुई वृद्धि के चलते पिछले एक सप्ताह में श्वसन संक्रमण और संबंधित स्वास्थ्य स्थितियों के कारण कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई. मिनिस्ट्री ऑफ पब्लिक हेल्थ ने इस बात की जानकारी दी.
टोलो न्यूज के अनुसार, मंत्रालय ने सोमवार को एंटी-पॉल्यूशन कैंपेन (प्रदूषण विरोधी अभियान) की शुरुआत करते हुए कहा कि आम सर्दी और फेफड़ों की समस्याओं सहित श्वसन संक्रमण की स्थिति के चलते पिछले हफ्ते करीब 8,800 मरीजों ने काबुल के सरकारी अस्पताल (Government Hospital) में अपना इलाज कराया.
मंत्रालय ने बताया कि आंकड़ों के अनुसार, इस अवधी में पिछले साल के मुकाबले इस साल 1.600 अधिक मरीज सरकारी अस्पताल में अपना इलाज कराने के लिए आए. अंतर्राष्ट्रीय निगरानी संगठन एयर विजुअल की मानें तो काबुल (Kabul) में पिछले एक महीने में हवा में प्रदूषण का स्तर खतरनाक हो गया है.
अधिकारियों ने कहा कि सरकारी भवनों, बरात घर, घरों और कुछ अन्य निजी व्यवसायों के लिए कोयला सहित निम्न-गुणवत्ता वाला ईंधन के प्रयोग के चलते यह स्थिति पैदा हुई है. मंत्रालय ने कहा कि शहर के 16 व्यस्त इलाकों में लोगों को मास्क बांटे जाएंगे.

अफगानिस्तान 'समझौते' के बाद करेगा शांति प्रतिनिधियों की सूची का ऐलान
30 December 2019
काबुल: अफगान सरकार शांति वार्ता करने वाली टीम के प्रतिनिधियों की सूची का खुलासा तब करेगी, जब अमेरिका (US) और तालिबान (Taliban) अपने शांति समझौते को अंतिम रूप दे देंगे. प्रेसिडेंशियल पैलेस ने इन अटकलों के बीच कि आतंकवादी समूह थोड़े समय की अवधि के लिए संघर्षविराम पर सहमत हो गया है, यहां यह जानकारी दी. टोलो न्यूज के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल अफगानिस्तान (Afghanistan) की सरकार का प्रतिनिधित्व करेगा और इसे अंतर-अफगान वार्ता शुरू होने के साथ पेश किया जाएगा.
राष्ट्रपति अशरफ गनी (Ashraf Ghani) के उप प्रवक्ता दुरानी जावेद वजीरी ने कहा, "जब वे (तालिबान) अमेरिका के साथ एक अंतिम निष्कर्ष पर पहुंच जाएंगे और अफगान लोगों के साथ बात करने की भावना दिखाएंगे तो हम अपनी शांति वार्ता टीम को पेश करने और भेजने के लिए तैयार हैं."
इस बीच, तालिबान के एक पूर्व सदस्य जलालुद्दीन शिनवारी ने कहा कि समूह अमेरिका के साथ एक सप्ताह के संघर्षविराम पर इस शर्त पर सहमत हुआ है कि दोनों पक्षों के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं. युद्धविराम संबंधी मामले में प्रगति पर तालिबान द्वारा आधिकारिक घोषणा करना अभी बाकी है.

US: टेक्सास के चर्च में गोलीबारी, दो की मौत, एक की हालत गंभीर
30 December 2019
टेक्सास: अमेरिका (America) के टेक्सास (Texas) के एक चर्च में हुई गोलीबारी (Firing in Church) में दो लोगों की मौत हो गई है जबकि एक शख्स की हालत गंभीर है. रविवार को स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 10 बजे व्हाइट सेटलमेंट शहर के वेस्ट फ्रीवे चर्च ऑफ क्राइस्ट में एक बदूकधारी व्यक्ति ने गोलीबारी शुरू कर दी. इस हमले में दो लोगों की जान चली गई जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है.
लोकल एमरजेंसी सर्विस के हवाले से डलास मॉर्निंग न्यूज ने कहा कि एक व्यक्ति की मौत शूटिंग के दौरान हो गई जबकि अस्पताल जाने के दौरान रास्ते में एक व्यक्ति ने दम तोड़ दिया.
फोर्ट वर्थ फायर डिपार्टमेंट के माइक ड्रिवदहल ने कहा कि फिलहाल हालात काबू में हैं. पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है.

जापान: तट पर मिला 'घोस्ट बोट', पांच शवों के साथ दो इंसानों के कटे सिर बरामद
30 December 2019
टोक्यो: एक रिपोर्ट के अनुसार, जापान (Japan) के तट पर एक टूटी हुई नाव में पांच शवों के साथ दो इंसानों के कटे सिर बरामद हुए हैं. बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, नाव जापान के साडो द्वीप के तट पर शुक्रवार को बहकर आई थी. अधिकारी वहां शनिवार को पहुंचे. बुरी तरह से क्षतिग्रस्त नाव के किनारे पर कोरियाई भाषा में कुछ लिखा हुआ है.
हालांकि पुलिस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि कटे हुए सिर इन शवों के हैं या नहीं, लेकिन जापानी मीडिया का कहना है कि ये शव आंशिक रूप से कंकाल बन चुके हैं, जिससे लगता है कि पीड़ित लंबे समय से समुद्र में फंसे रहे होंगे. ऐसा माना जाता है कि ये 'घोस्ट बोट्स' उत्तरी कोरिया (North Korea) के हैं, जो आम तौर पर जापान के तटों पर आ जाते हैं. नाव या तो पूरी तरह से खाली रहती हैं, या उनमें सिर्फ नर कंकाल रहता है.

फुकुशिमा परमाणु संयंत्र के दो रिएक्टरों से रिसे रेडियोएक्टिव ईंधन की सफाई को लेकर हुआ बड़ा फैसला
28 December 2019
टोक्यो : जापानी (Japan) अधिकारियों ने साल 2011 में आए भूकंप और सुनामी से क्षतिग्रस्त हुए फुकुशिमा दायची परमाणु संयत्र (Fukushima Daiichi nuclear plant) के दो रिएक्टरों से रिसे रेडियोएक्टिव ईंधन की सफाई के काम में विलंबर करने का निर्णय लिया है. यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों ने दी. समाचार एजेंसी एफे के अनुसार, फुकुशिमा प्रांत में स्थित संयंत्र के छह रिएक्टर 11 मार्च, 2011 को आए 9.0 तीव्रता वाले भूकंप और सुनामी की वजह से क्षतिग्रस्त हो गए थे.
इस परमाणु संयंत्र का निर्माण टोक्यो इलेक्ट्रिक पॉवर कंपनी (टीईपीसीओ) ने 1970 में किया था, जिसे 2041-2050 के मध्य पूरी तरह से धवस्त किए जाने की समयसीमा तय की गई थी. सरकार ने रिएक्टर एक और दो से ईंधनों को हटाने में देरी करने का फैसला शुक्रवार को लिया.
चीफ कैबिनेट सेक्रेटरी योशीहिदे सुगा ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार ने फुकुशिमा केंद्र को पूरी तरह से ध्वस्त करने को लेकर मध्यकालिक और दीर्घकालिक योजना पर चर्चा की है.
रिएक्टर एक से ईंधनों को हटाने में चार-पांच साल तक की देरी करने का फैसला किया गया है, जिससे इस कार्य की शुरुआत 2027 और 2028 में और रिएक्टर दो को लेकर प्रक्रिया में एक से लेकर तीन साल तक देर किए जाने का फैसला किया गया है. इस पर काम साल 2024 और 2026 में शुरू हो सकता है.
कंपनी द्वारा बताए गए कारणों में से एक कारण रेडिएशन की चरम सीमा बताई जा रही है, जिसकी वजह से वहां भेजे गए इलेक्ट्रिॉनिक और रोबोटिक डिवाइस भी खराब हो गए. ऐसे में वहां पर मानव को भेजना अत्यंत घातक साबित हो सकता है.

अमेरिका से टैंकभेदी मिसाइल प्रणाली जैवलिन खरीदेगा यूक्रेन
28 December 2019
कीव: यूक्रेन (Ukraine) ने अमेरिका (US) से अतिरिक्त टैंकभेदी मिसाइल प्रणाली जैवलिन को खरीदने के लिए नए अनुबंध किए हैं. यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी दी. समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने यूक्रेन के उप रक्षा मंत्री एनातोली पेट्रेंको के हवाले से कहा, "चौथी तिमाही के दौरान यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने टैंकभेदी मिसाइल प्रणाली 'जैवलिन' की दूसरी खेप की आपूर्ति के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर करने में कामयाबी हासिल की.
" यूक्रेन दूतावास ने अपने फेसबुक (Facebook) पेज पर कहा कि यह यूक्रेन के लिए एक बहुत बड़ा कदम है. पुराना कानून यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय को सीधे विदेशी देशों से हथियार और उपकरण खरीदने से मना करता है. इस बदलाव से देश की सैन्य-प्रौद्योगिकी और रक्षा क्षमता को मजबूत करने की हमारी क्षमताओं का विस्तार होगा.
अमेरिका में यूक्रेन दूतावास ने कहा कि अनुबंध बड़े पैमाने पर यूक्रेन और अमेरिका के बीच प्रत्यक्ष अंतर-सरकारी रक्षा खरीद का पहला मामला है. इस साल की शुरुआत में, यूक्रेन के प्रधानमंत्री ओलेक्सी होन्चेरुक ने अगले साल के लिए रक्षा खर्च में वृद्धि की घोषणा की थी. जैवलिन प्रणाली की पहली खेप पिछले साल अप्रैल में यूक्रेन पहुंचाई गई थी.

कजाकिस्तान: अलमाटी में यात्री विमान क्रैश, 100 लोग थे सवार, कम से कम 15 लोगों की मौत
27 December 2019
अल्माटी : कजाकिस्तान (Kazakhstan) के अल्माटी (Almaty) शहर के पास शुक्रवार को बेक एयर कंपनी (Bek Air) का एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. हवाई अड्डे के अधिकारियों ने यह जानकारी दी. स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मृतकों की संख्‍या 15 तक पहुंच चुकी है. इनमें एक घायल शख्‍स की अस्‍पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई. अधिकारियों के मुताबिक, कुल 66 घायलों को अस्‍पताल ले जाया गया. अभी 50 लोग अस्‍पताल में भर्ती है, जिनमें 12 की हालत गंभीर है.
मंत्रालय के अनुसार, विमान टेक-ऑफ के बाद ऊंचाई तक नहीं पहुंच पाया और संतुलन खो बैठा तथा दो मंजिला इमारत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. एक फेसबुक पोस्ट में अल्माटी हवाई अड्डे के अधिकारियों ने आगे कहा कि कुछ लोग दुर्घटना में बच गए हैं, लेकिन संख्याओं की पुष्टि होनी बाकी है.
विमान में 95 यात्री और चालक दल के पांच सदस्य सवार थे. विमान अल्माटी से कज़ाख राजधानी नूर-सुल्तान की यात्रा कर रहा था, लेकिन रडार से गायब हो गया. खबर लिखे जाने तक बचाव अभियान जारी था.
कजाख सरकार ने इस घटना की जांच के लिए एक विशेष आयोग बनाया है. आयोग दुर्घटनास्थल की ओर जा रहा था.
मंत्रालय ने कहा हिक दुर्घटना के सभी विवरण और कारण मिल जाएंगे. जब तक घटना की स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक इस प्रकार के विमानों की सभी उड़ानें निलंबित रहेंगी.
विमान एक आवासीय क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जहां लोगों को निकाला जा रहा है. हवाई अड्डे के अधिकारियों ने यह भी कहा कि उन्होंने हवाई दुर्घटना के बाद फोकर-100 विमानों की उड़ानें निलंबित कर दी हैं. बेकम एयर एयरलाइन अल्माटी से नूर-सुल्तान तक की उड़ानों के लिए फोकर-100 विमानों का उपयोग करती है.

नवाज शरीफ इलाज के ल‍िए कब तक लंदन में रह सकते हैं, जल्‍द लिया जाएगा फैसला
26 December 2019
लाहौर: पाकिस्तान (Pakistan) के पंजाब प्रांत के अधिकारियों ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ (Nawaz Sharif) की हालत 'बहुत गंभीर' होने के दावे पर विदेश में ठहरने की अवधि बढ़ाने के आग्रह पर निर्णय लेने के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया है. शरीफ ने पंजाब के गृह सचिव से चिकित्सीय उपचार के लिए विदेश में रहने के लिए मांगी गई चार सप्ताह की अवधि के खत्म होने के बाद विदेश में ठहरने की अवधि (अनिश्चित काल के लिए) बढ़ाने का अनुरोध किया है.
डॉन समाचार को बुधवार को एक सूत्र ने बताया कि प्रांतीय सरकार ने इस मामले की देखरेख करने के लिए कानून मंत्री मोहम्मद बशारत राजा की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन किया है. पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की सरकार द्वारा चिकित्सा उपचार के लिए चार सप्ताह की जमानत अवधि के दौरान विदेश जाने की अनुमति मिलने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री पिछले महीने लंदन (London) के लिए रवाना हो गए थे.
इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने शरीफ को निर्देश दिया था कि यदि भविष्य में आवश्यकता पड़े तो वे राहत के लिए पंजाब सरकार की अनुमति ले सकते हैं.

साइबर क्राइम मामले में 99 हजार संदिग्ध गिरफ्तार, 18,000 मामलों का हुआ निपटारा
26 December 2019
बीजिंग: चीन में साइबर धोखाधड़ी (Cyber Crime) मामले में 99 हजार संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है और इससे संबंधित 18,000 मामलों का निपटारा किया गया है. अपराधियों ने संचार उपकरणों व आधुनिक ऑनलाइन बैंकिंग (Online Banking) तकनीक के इस्तेमाल से धोखाधड़ी की गतिविधि की, जिससे पीड़ितों को गंभीर आर्थिक नुकसान हुआ. इस वर्ष की दूसरी छमाही में, नए प्रकार के साइबर अपराध का मुकाबला करने के लिए चीनी (China) सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय ने विशेष कार्रवाई की. हाल के वर्षो में, दूरसंचार साइबर धोखाधड़ी जैसे नए प्रकार के साइबर अपराध तेजी से बढ़े हैं. देश भर में सार्वजनिक सुरक्षा ब्यूरो ने इस साल जून से अक्टूबर तक इसके खिलाफ विशेष कार्रवाई की. बताया गया है कि विशेष कार्रवाई अगले साल जनवरी के अंत तक जारी रहेगी.
कनाडा में आया 6.2 तीव्रता का भूकंप, सुनामी की चेतावनी नहीं...
25 December 2019
नई दिल्‍ली : कनाडा (Canada) के पोर्टहार्डी (Port Hardy) में बुधवार को रिक्टर पैमाने पर 6.2 तीव्रता के भूकंप (Earthquake) के झटके महसूस किए गए. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, 1 किलोमीटर की गहराई के साथ इसका केंद्र शुरू में 50.573 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 130.001 डिग्री पश्चिम देशांतर पर निर्धारित किया गया. हालांकि, प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र के अनुसार, वर्तमान में सुनामी की कोई चेतावनी नहीं है.
इससे पहले बीते 20 दिसंबर को अफगानिस्तान में एक भारी भूकंप आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 6.3 मापी गई थी. मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि भूकंप के झटके शाम 5.09 बजे महसूस किए गए और इसका केंद्र काबुल के उत्तरपूर्व में 246 किमी दूर हिंदू कुश की पहाड़ियों में स्थित था. भूकंप के झटके दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत में भी महसूस किए गए.
चंडीगढ़ में मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा था कि भूकंप के झटके पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में शाम 5.13 बजे कई सेकेंड तक महसूस किए गए. भारत मौसम विभाग के अनुसार, भूकंप की गहराई 190 किमी रही. विभाग ने शुरुआत में इसकी तीव्रता 7.1 बताई थी, जिसमें बाद में संशोधन किया. किसी के हताहत होने या नुकसान की अभी कोई जानकारी नहीं मिली है.

बुर्किना फासो में आतंकी हमले में 35 नागरिकों की मौत, सुरक्षाबलों ने मार गिराए 80 आतंकवादी
25 December 2019
औगाडौगू (बुर्किना फासो) : उत्तरी बुर्किना फासो (Northern Burkina Faso) के एक शहर में आतंकवादियों (Terrorist) द्वारा किए गए हमले में 35 नागरिक मारे गए, जिनमें ज्यादातर महिलाएं हैं. देश के राष्ट्रपति रोच मार्क काबोर (Roch Marc Kabore) ने जानकारी दी. साथ ही उन्‍होंने बताया कि इस घटना के बाद सुरक्षाबलों द्वारा की गई कार्रवाई में 80 आतंकवादी मारे गए.
काबोर द्वारा अपने ट्विटर (Twitter) हैंडल पर पोस्ट किए गए एक बयान के अनुसार, यह घटना देश के सौम प्रांत के अर्बिंडा शहर में हुई. उन्‍होंने अपने बयान में कहा, "हमारे सैनिकों की वीरतापूर्ण कार्रवाई में 80 आतंकवादियों का मार गिराया गया. इसके साथ ही महत्वपूर्ण सैन्य उपकरण भी उनके कब्‍जे से बरामद किए गए."
राष्‍ट्रपति ने बताया कि "इस बर्बर हमले में 35 आम नागरिकों की मौत हुई है, जिनमें से अधिकांश महिलाएं हैं." इस हमले की अभी तक किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है. राष्ट्रपति ने दो दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है. अभी अन्य जानकारी का इंतजार है.

इंडोनेशिया : बस खड्ड में गिरी, 26 लोगों की मौत
25 December 2019
बैंकॉक: इंडोनेशिया के दक्षिण सुमात्रा में एक यात्री बस के खड्ड में गिर जाने से कम से कम 26 लोगों की मौत हो गई. पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी. पुलिस ने कहा कि बस मध्य रात्रि से पहले एक गार्ड रेल से टकराई, जिससे वह 150 मीटर नीचे खड्ड में गिर गई. बस सोमवार को बेंगकुलु से पालेमबंग जा रही थी. समाचार एजेंसी एफे से पागरालम पुलिस विभाग की डॉली गुमारा ने मंगलवार को कहा कि इस दुर्घटना में अन्य 13 लोग घायल हो गए. उन्होंने कहा कि कुछ पीड़ितों की अभी भी पहचान की जा रही है.
घायलों को बेसमाह पागर आलम अस्पताल ले जाया गया. गुमारा ने कहा, 'हम अभी भी पीड़ितों की तलाश कर रहे हैं, जो ढलान पर और नदी के पास हो सकते हैं.' उन्होंने कहा कि दुर्घटना के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है.
गुमारा ने कहा, 'दुर्घटना के कारणों की जांच की जानी है और दक्षिण सुमात्रा के ट्रैफिक के प्रमुख अपने दल के साथ यहां आ रहे हैं. एक कारण दुर्गम क्षेत्र हो सकता है.' उन्होंने कहा कि घुमावदार सड़क दूसरी संभावना हो सकती है.

US 2020 में यूक्रेन को देगा 30 करोड़ डॉलर की सैन्य सहायता, ट्रंप ने किए विधेयक पर हस्ताक्षर
24 December 2019
कीव: अमेरिका (US) में वित्त वर्ष 2020 के लिए राष्ट्रीय रक्षा नीति विधेयक ने यूक्रेन (Ukraine) को 30 करोड़ डॉलर की सैन्य सहायता करने की मंजूरी दे दी है. कीव स्थित अमेरिकी दूतावास ने ट्विटर पर यह जानकारी दी. कीव में अमेरिकी दूतावास ने कहा, "राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण अधिनियम से यूक्रेन को अमेरिकी सूरक्षा सहयोग मजबूत होगा और यूक्रेन के लिए मजबूत द्विदलीय समर्थन सुनिश्चित करता है."
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, कांग्रेस में पारित किए जाने के बाद इस विधेयक पर पिछले सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने हस्ताक्षर किए थे. अमेरिका रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्रों में यूक्रेन का सामरिक साझेदार है, जो अप्रैल 2014 में पूर्वी यूक्रेन में संघर्ष शुरू होने के बाद से उसे सबसे ज्यादा सहयोग प्रदान कर रहा है.

सोमालिया: सेना ने अल-शबाब के 8 आतंकवादियों को किया ढेर
24 December 2019
मोगादिशू: सोमालियाई सेना ने सोमालिया के दक्षिणी क्षेत्र में भीषण मुठभेड़ में अल-शबाब (Al Shabab) के आठ आतंकवादियों को मार गिराया है. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने गूफ-गडुड बुरे के गवर्नर हसन मायो इसाक के पत्रकारों को दिए बयान के हवाले से कहा, "आतंकवादियों ने सोमवार को गूफ-गडुड बुरे में एक सैन्य अड्डे पर हमला कर दिया."
इसाक ने कहा, "अल-शबाब के आतंकवादियों ने अड्डे पर कब्जा करने की कोशिश की लेकिन वे हार गए. हमारी सेना ने मुठभेड़ में उनके आठ लोगों को मार गिराया और हम अब बचे हुए लोगों का पीछा कर रहे हैं." उन्होंने कहा, "नगर पर हमारे सैनिकों का पूरा नियंत्रण है और आतंकवादियों को खदेड़ दिया गया." हालिया घटना आतंकवादियों द्वारा सोमालिया (Somalia) में मुदुग के मध्य में स्थित गालकायो नगर में एक कार बम धमाका करने के अगले दिन ही हो गई. बम धमाके में पांच लोगों की मौत हो गई थी और छह लोग घायल हो गए थे.
अलकायदा के सहयोगी अल-शबाब ने सोमवार के हमले में जीत का दावा करते हुए कहा कि मुठभेड़ में सोमालियाई सेना के आठ सैनिक मारे गए. सोमालियाई सेना और अफ्रीकी यूनियन की सेना द्वारा अगस्त 2011 में अल-शबाब को राजधानी मोगादिशू से भगाने के बाद सोमालिया के दक्षिणी और मध्य क्षेत्रों में सरकारी सेना और अल-शबाब के आतंकवादियों के बीच कई मुठभेड़ें हुई हैं.

होंडुरस जेल में 48 घंटे चली झड़प, 18 कैदियों की मौत
24 December 2019
तेगुसिगल्पा: होंडुरस (Honduras) की राजधानी तेगुसिगल्पा के समीप स्थित एक जेल (Prison) में प्रतिद्वंद्वी गिरोहों के बीच हुई झड़प में करीब 18 कैदियों की मौत हो गई. इसके ठीक दो दिन पहले एक अन्य जेल में गोलीबारी में 18 कैदियों के मारे जाने की जानकारी सामने आई थी. समाचार एजेंसी एफे के अनुसार, इंटरइंस्टीट्यूशनल सिक्योरिटी फोर्स (फूसीना) के प्रवक्ता जोस कोएलो ने मीडिया को बताया कि फ्रांसिस्को मोरजान विभाग के एल पोरवेनिर की नगरपालिका में स्थित जेल में रविवार को मरने वाले कैदियों की संख्या बढ़कर 18 हो गई.
वहीं दो अन्य कैदी चाकू की वार से जख्मी हुए हैं, जिन्हें तेगुसिगल्पा स्कूल हॉस्पिटल में भर्ती कराया था, जिसमें कथित तौर पर एक की मौत हो गई है, हालांकि अधिकारियों ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है. होंडुरन की जेल में 48 घंटों में हुई इन मौतों के पीछे कारणों का पता नहीं चल पाया है.

सीरियाई हवाई रक्षा प्रणाली ने इजरायली मिसाइल हमला रोका, सेना के ठिकानों को बनाया था निशाना
23 December 2019
दमिश्क: सीरिया (Syria) की हवाई रक्षा प्रणाली ने रविवार रात इजरायल (Israel) के अंदर से दागी गई मिसाइलों को रोक दिया. सरकारी टीवी ने यह जानकारी दी. राजधानी दमिश्क में लोगों ने रात में मिसाइल हमले पर हवाई रक्षा प्रणाली की जवाबी कार्रवाई के तहत हुए तेज विस्फोट सुने.
सरकारी समाचार एजेंसी सना ने कहा कि हवाई रक्षा प्रणाली ने कब्जाए गए क्षेत्र के अंदर से दागी गई दुश्मन की मिसाइलों को विफल कर दिया. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, "उनमें से एक मिसाइल दमिश्क के ग्रामीण क्षेत्र में स्थित एक नगर अकराबा में गिरी."
इस बीच सीरियाई ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स वार मॉनिटर ने कहा कि हवाई रक्षा प्रणाली द्वारा इजरायली मिसाइल हमले को रोकने पर तीन विस्फोट सुनाई दिए. यह हमला राजधानी में सीरियाई सेना और ईरान (Iran) समर्थित सेना के ठिकानों पर किया गया था.

क्रोएशियाई राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान शुरू, त्रिकोणीय मुकाबला होने की उम्मीद
23 December 2019
जाग्रेब: क्रोएशियाई राष्ट्रपति चुनाव में पहले दौर का मतदान रविवार को शुरू हुआ, जिसमें त्रिकोणीय मुकाबला होने की उम्मीद है. समाचार एजेंसी एफे की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 38 लाख लोग 6,500 अधिकृत मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के पात्र हैं. मतदान स्थानीय समयानुसार सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 7 बजे चलेगा.
मतदाताओं में से करीब 1,77,000 विदेश में और आधे बोस्निया में रहते हैं, जहां जातीय क्रोट, क्रोएशिया में भी मतदान कर सकते हैं.
पोलिंग के अनुसार, 11 में से सिर्फ तीन उम्मीदवार अगली प्रतिस्पर्धा में जाते दिखाई देते हैं, जो 5 जनवरी को आयोजित होगी. ऐसा तभी होगा अगर इनमें से किसी को पूर्ण बहुमत हासिल नहीं होता है.
प्रतिस्पर्धा में मौजूद लोगों में वर्तमान राष्ट्रपति कंजर्वेटिव कोलिंडा ग्रेबर-कितारोविंक, पूर्व प्रधानमंत्री जोरान मिलानोविक और स्वतंत्र उम्मीदवार मिरोसलाव सकोरो. सकोरो एक लोकप्रिय लोक गायक और अर्थशास्त्री हैं, जिसे राष्ट्रवादी धुर दक्षिणपंथी पार्टियों का समर्थन प्राप्त है.

Uber ड्राइवर ने कैंसिल की राइड, गुस्साए गैंगस्टर ने उतारा मौत के घाट
23 December 2019
ब्राजीलिया: ब्राजील में एक गैंगस्टर ने गुस्से में चार राइडशेयर चालकों की हत्या कर दी. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उसकी बीमार मां की उबर राइड रद्द कर दी गई थी. रिपोर्ट्स के अनुसार, उबर (Uber) और ब्राजील (Brazil) की ट्रांजिट कंपनी 99 के लिए काम करने वाले चालकों को सल्वाडोर सिटी में 13 दिसंबर को पहले प्रताड़ित किया गया और बाद में एक झोपड़ी के पीछे उनकी हत्या कर दी गई.
पांचवां चालक वहां से बच निकलने में कामयाब रहा और बाद में उसने पुलिस को यह जानकारी दी. मीडिया आउटलेट ने बाहिया के गवर्नर रुई कोस्टा के हवाले से कहा, "गैंगस्टर ने इन लोगों की हत्या का आदेश इसलिए दे दिया क्योंकि उसकी मां ने उबर कार बुलाया था, लेकिन कार नहीं पहुंची."
बचकर भागने में सफल हुए चालक ने स्थानीय टीवी स्टेशन को बताया कि उसे पिकअप के लिए कॉल आया था, वहां पहुंचने पर बंदूक की नोंक पर उसे कार से बाहर निकाला गया और झोपड़ी के पीछे ले जाया गया, जहां उसने देखा कि अन्य चालकों को प्रताड़ित किया जा रहा है. एक अन्य चालक द्वारा अपहरणकर्ताओं से पिस्तौल छीनने के बाद वह वहां से भाग निकला. रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने चालकों के अपरहरण वाले दिन ही मुठभेड़ में दो संदिग्धों को मुठभेड़ में मार गिराया.

डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में महाभियोग प्रस्ताव पारित
20 December 2019
वाशिंगटन: अमेरिका में डेमोक्रेटिक की अगुआई वाले हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव ने बुधवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव में वोट दिया. इसके साथ इस सदन में उनपर महाभियोग प्रस्ताव पारित हो गया है. ट्रंप पर कांग्रेस को बाधित करने और सत्ता का दुरुपयोग करने का आरोप है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, वोटिंग समाप्त होने पर ट्रंप अमेरिका के इतिहास के तीसरे ऐसे राष्ट्रपति बन गए हैं, जिनपर महाभियोग होगा. महाभियोग की वोटिंग से पहले सदन की बहस के समय पर ट्रंप ने बुधवार तड़के से ट्वीट कर और रीट्वीट किए गए ट्वीट्स कर डेमोक्रेट्स के महाभियोग के प्रयास को देश के साथ-साथ रिपब्लिकन पार्टी पर 'एक हमला' करने का प्रयास बताया. ट्रंप ने महाभियोग को अमेरिकी लोकतंत्र में युद्ध की घोषणा जैसा बताया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को एक पत्र लिखकर हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी और विपक्षी डेमोक्रेटिक पर तख्तापलट की कोशिश करके अमेरिकी लोकतंत्र को नष्ट करने का आरोप लगाते हुए निशाना साधा. समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ पूरी जांच 'अमेरिकी लोकतंत्र पर खुलेआम युद्ध की घोषणा है.' और मांग की कि 'प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैन्सी पेलोसी महाभियोग प्रक्रिया को फौरन रोक दें.' ट्रंप ने पेलोसी को लिखे पत्र में कहा, 'अवैध महाभियोग प्रक्रिया के साथ आगे बढ़ते हुए, आप अपने पद की शपथ का उल्लंघन कर रही हैं, आप संविधान के प्रति अपनी निष्ठा को तोड़ रही हैं और आप अमेरिकी लोकतंत्र में खुलेआम युद्ध की घोषणा कर रही हैं.' छह पेज वाले पत्र में विपक्षी डेमोक्रेट पर निशाना साधा गया है. उन्होंेने कहा, 'आप वे हैं जो अमेरिका के चुनावों में हस्तक्षेप कर रहे हैं. आप अमेरिका के लोकतंत्र को प्रभावित कर रहे हैं. आप न्याय को बाधित करने वाले हैं. आप अपने खुद के व्यक्तिगत, राजनीतिक और दलगत लाभ के लिए हमारे गणराज्य में दर्द और तकलीफ ला रहे हैं.' इस बुधवार को निचले सदन का एक पूरा सत्र ट्रंप के खिलाफ आरोपों पर मतदान करने के लिए निर्धारित है, जो संभवत: बड़े डेमोक्रेटिक बहुमत के कारण तुरंत पारित हो जाएगा, जो बदले में ट्रंप को पद से हटाने के लिए सीनेट में एक प्रक्रिया शुरू करने के लिए ग्रीन सिग्नल होगा, जो जनवरी में शुरू होगा.
पाकिस्तानी टिकटॉक स्टार को दुबई में झेलनी पड़ी प्रताड़ना
20 December 2019
इस्लामाबाद: पाकिस्तान की टिकटॉक स्टार हरीम शाह एक बार फिर सुर्खियों में हैं. शाह दुबई में एक स्टोर के उद्घाटन समारोह के दौरान अतिथि बनकर पहुंची थी, जहां वह भीड़ की अभद्रता का शिकार हो गईं. उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए अपना दुख बयां किया है. डॉन न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, शाह ने एक ट्वीट में कहा, 'मैं दुबई के ओसिस मॉल की ओपनिंग पर मेहमान के तौर पर आमंत्रित की गई थी. वहां सैकड़ों पाकिस्तानी युवकों ने मुझे धक्का दिया, गालियां दी और कुछ ने तो मुझे लातें तक मारी. क्या आप इसी तरह अपनी महिलाओं के साथ व्यवहार करते हैं?' उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी हरीम शाह उत्पीड़न का शिकार हो चुकी हैं. दरअसल एक कार्यक्रम के दौरान उन्हें युवकों ने तस्वीर लेने के बहाने घेर लिया था. उस वक्त उन्होंने बताया था, 'तस्वीर लेने के बहाने एक युवक ने मेरा हाथ पकड़ा और मेरे साथ गलत हरकत करने की कोशिश की, लेकिन मैं समय रहते उस व्यक्ति से दूर हो गईं.' गौरतलब है कि हरीम करीब दो महीने पहले पाकिस्तान के फॉरेन अफेयर्स कमेटी रूम में टिकटॉक वीडियो बनाने के कारण विवादों में आ गईं थीं. इस मुद्दे पर जमकर विवाद हुआ था और सवाल पूछे गए थे कि टिकटॉक वीडियो के लिए उन्हें अनुमति कैसे मिली.
PM Johnson promises to wrap up Brexit for Christmas, parliament to vote on Friday
19 December 2019
LONDON: The British parliament will vote on Boris Johnson`s Brexit deal on Friday, a move the prime minister described as delivering on his promise to "get the Brexit vote wrapped up for Christmas" following his landslide election victory.
After suffering several heavy defeats in the previous parliament, Johnson now enjoys a large majority and should face little opposition in passing the bill to implement Britain`s biggest foreign and trade policy shift in more than 40 years.
More than three years since Britain voted to exit the European Union in a 2016 referendum, the deep uncertainty over Brexit has been replaced by the firm deadline of Jan. 31.
"Today we will deliver on the promise we made to the people and get the Brexit vote wrapped up for Christmas," Johnson said before the vote, expected to take place at around 1430 GMT.
"Then, at the beginning of the new decade, at the beginning of a new dawn for our country, our parliamentarians will return to Westminster to immediately finish the job, take us out of the EU on the 31st January and move this country forward."
The final stages of ratification will take place after Christmas, but Johnson wants to hold a vote before then as a sign of his intent.
After leaving, Britain will need to secure new trading arrangements with the EU. The so-called withdrawal agreement bill seeks to make sure that there can be no legal chance of extending those talks beyond the end of next year.
Just a week after he won the largest Conservative majority since Margaret Thatcher in 1987, Johnson has set out an ambitious government programme with securing Brexit at the top of his agenda to repay the trust of voters.
Hoping to satisfy the demands of voters in northern and central England who broke their tradition of backing the opposition Labour Party to support him, he has also pledged more funding to the state health service, education and policing.
"After years of delay and rancour in parliament, we will deliver certainty, and hard-working businesses and people across this country will have a firm foundation on which to plan for the future," he said. "Next year will be a great year for our country."

Pakistan Anti-Terrorism Court indicts Hafiz Saeed in terror financing charges
19 December 2019
New Delhi: An Anti-Terrorism Court in Pakistan has indicted Hafiz Saeed, founder of both Lashkar-e-Taiba (LeT) and its supposedly humanitarian arm Jamaat ud-Dawa (JuD), on charges of terror financing. This is Saeed's 3rd known Indictment in the 11 cases that were registered against him on 3rd July by Punjab Counterterrorism Department (CTD).
The Pakistan-based JuD chief, who continues to remain under arrest, has pleaded not guilty in the case.
The court has adjourned the matter for next hearing on December 21.
Back in July, Saeed along with top 13 members of the JuD, were booked in nearly two dozen cases for terror financing and money laundering under Pakistan's Anti-Terrorism Act (ATA), 1997.
The CTD, which registered the cases in five cities of Punjab province, had said that JuD was financing terror from massive funds collected through non-profit organisations and trusts. These organisations were subsequently banned in April after the CTD had found that they had links with the JuD and its top leadership.
Subsequently, Saeed was arrested from Gujranwala on charges of terror financing by the Punjab Counterterrorism Department. He is currently lodged at Kot Lakhpat Jail in Lahore.
The indictment comes ahead of a meeting by the Financial Action Task Force (FATF) next year which will decide whether Pakistan will be blacklisted over its failure to curb terror funding.
The global task force kept the country on its grey list for an extended period up to February 2020 and warned that Islamabad would be blacklisted if it did not comply with the remaining 22 out of 27 points related to anti-money laundering and counter-terrorist financing.

Gunman attacks Russian security service HQ in Moscow, kills employee
19 December 2019
MOSCOW: A gunman opened fire on the headquarters of Russia`s FSB security service in central Moscow on Thursday evening in a rare shooting incident that the FSB said had left at least one of its employees dead.
The attack happened shortly after President Vladimir Putin had delivered his annual news conference and while he was speaking at a Kremlin event designed to celebrate the work of the security services.
The FSB suspected the attack may have been planned to coincide with Putin`s evening speech, a source close to the FSB told Reuters.
The FSB, Russia`s domestic security service, said it had "neutralised" the gunman and was working to establish his identity, the Interfax news agency reported. It was not immediately clear what his motive was.
Footage posted on social media showed automatic gunfire hitting the walls of the FSB`s main building on Lubyanka Square in central Moscow. Sirens, gunshots and screams were heard by people in the area, which is also a busy shopping district popular with tourists that is a short walk from the Kremlin.
The FSB, which Putin used to head, said several people had been wounded in the attack. Interfax cited the Health Ministry as saying five people had been hurt, some of them seriously, including two FSB employees.
Russian investigators said in a statement they had opened a criminal case into the attempted murder of law enforcement officers.
Putin was aware of the incident, Russian news agencies cited the Kremlin as saying.
Reuters reporters heard several gunshots during the evening, followed by what sounded like an explosion amid unconfirmed reports that sappers were defusing explosive devices left behind by the gunman.
Unverified videos shared on social media showed several people resembling police officers holding assault rifles running along a nearby street.
One witness told Reuters he had seen the lifeless body of what he thought was a police officer lying in the street.
"The shooting began around 17:40," one witness told Reuters. "I saw a member of the traffic police running down the road, hiding behind vehicles."
Five ambulances were seen leaving the cordoned-off area.

देशद्रोह केस में मौत की सजा होने पर मुशर्रफ बोले, 'कोर्ट का फैसला बदले की भावना पर आधारित'
19 December 2019
दुबई: पाकिस्तान (Pakistan) में देशद्रोह मामले में विशेष अदालत से मृत्युदंड (death sentence) की सजा पाए पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ (Pervez Musharraf,) ने इसपर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह फैसला उनसे व्यक्तिगत बदला लेने के लिए लिया गया है.
द न्यूज इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, मुशर्रफ ने बुधवार को कहा कि उन्होंने अपने खिलाफ दिए गए फैसले को टीवी पर सुना. उन्होंने कहा कि उनके पास ऐसे मामले का ऐसा कोई उदाहरण नहीं है जहां प्रतिवादी या उसके वकील को अपनी दलीलें पेश करने तक का मौका नहीं दिया गया हो.
मुशर्रफ ने कहा कि उन्होंने अपना बयान एक विशेष आयोग को देने का प्रस्ताव दिया था अगर वह दुबई आने पर राजी हो. पूर्व सैन्य तानाशाह यहां अपना इलाज करा रहे हैं. उन्होंने कहा कि उनके आग्रह को हालांकि नजरंदाज कर दिया गया. उन्होंने कहा, 'मैं इस निर्णय को संदिग्ध कहूंगा क्योंकि मामले की सुनवाई में शुरुआत से अंत तक कानून का पालन नहीं किया गया.'
मुशर्रफ ने कहा कि वे पाकिस्तान की न्यायपालिका और मुख्य न्यायाधीश आसिफ सईद खोसा का सम्मान करते हैं. उन्होंने कहा कि वे मानते हैं कि कानून के लिए सब समान हैं.
मुशर्रफ ने कहा, 'हालांकि मेरे विचार से मुख्य न्यायाधीश खोसा ने यह कहकर अपने इरादे और जनता के प्रति अपने संकल्प को दिखाया कि उन्होंने इस मामले में शीघ्र निर्णय सुनिश्चित किया. मेरे शासन में व्यक्तिगत लाभ पाने वाले न्यायाधीश मेरे खिलाफ फैसला कैसे दे सकते हैं?'
मुशर्रफ (76) ने कहा कि वे अपने कानूनी सलाहकारों से चर्चा करने के बाद इस संबंध में अपनी आगे की योजना बताएंगे. इसबीच पाकिस्तान सरकार ने सेवानिवृत्त जनरल का बचाव करते हुए कोर्ट के निर्णय पर अपील करने का फैसला किया है. पाकिस्तान के महान्यायवादी अनवर मंसूर ने कहा कि यह निर्णय 'अनुचित' है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव पास, सत्ता के दुरुपयोग का आरोप
19 December 2019
वाशिंगटन: अमेरिका (US) के राष्ट्रपति डोलान्ड ट्रंप (Donald Trump) के खिलाफ महाभियोग (Impeachment) प्रस्ताव हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव (House of Representatives) में पास हो गया है. डोनाल्ड ट्रंप पर आरोप हैं कि उन्होंने 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में संभावित प्रतिद्वंद्वी जो बिडेन समेत अपने घरेलू प्रतिद्वंद्वियों की छवि खराब करने के लिए यूक्रेन से गैरकानूनी रूप से मदद मांगी।
मुश्किल है ट्रंप को कुर्सी से हटाना हालांकि डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव पास हो गया है लेकिन उनका कुर्सी से हटना मुश्किल है. महाभियोग का प्रस्ताव निचले सदन से पारित हो जाने के बाद अब ऊपरी सदन सीनेट में केस चलेगा और सीनेट में उनकी पार्टी को बहुमत है. बता दें हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी रिपब्लिकन के पास बहुमत नहीं है. यहां डेमोक्रेट्स का नियंत्रण है.
डोनाल्ड ट्रंप एक ही तरीके से अब कुर्सी से हट सकते हैं अगर कम से कम 20 रिपब्लिकन सांसद उनके खिलाफ बगावत कर दें. लेकिन इसकी संभावना काफी कम है.
महाभियोग प्रस्ताव पास हो जाने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट किया, वास्तव में वे मेरे पीछे नहीं है, वे आपके पीछ हैं
'महाभियोग US लोकतंत्र में युद्ध की घोषणा जैसा'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को एक पत्र लिखकर हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी और विपक्षी डेमोक्रेटिक पर तख्तापलट की कोशिश करके अमेरिकी लोकतंत्र को नष्ट करने का आरोप लगाते हुए निशाना साधा था.
ट्रंप ने कहा था कि उनके खिलाफ पूरी जांच 'अमेरिकी लोकतंत्र पर खुलेआम युद्ध की घोषणा है।" और मांग की कि 'प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैन्सी पेलोसी महाभियोग प्रक्रिया को फौरन रोक दें।'
ट्रंप ने पेलोसी को लिखे पत्र में कहा था, 'अवैध महाभियोग प्रक्रिया के साथ आगे बढ़ते हुए, आप अपने पद की शपथ का उल्लंघन कर रही हैं, आप संविधान के प्रति अपनी निष्ठा को तोड़ रही हैं और आप अमेरिकी लोकतंत्र में खुलेआम युद्ध की घोषणा कर रही हैं'.
दो पूर्व राष्ट्रपतियों पर हो चुकी है महाभियोग की कार्यवाही
गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप से पहले अमेरिकी राष्ट्रपतियों के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही हुई हो चुकी है. 1868 में ऐंड्यू जॉनसन और 1998 में बिल क्लिंटन के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू हुई थी. हालांकि दोनों ही नेता अपनी कुर्सी बचाने में सफल रहे थे. वहीं राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने महाभियोग से पहले ही इस्तीफा दे दिया था.

अफगान सुरक्षाबलों ने 25 आतंकवादियों को मार गिराया
19 December 2019
कंधार: अफगानिस्तान के दक्षिणी कंधार प्रांत में पिछले 24 घंटों में आतंकवादियों के सफाए के लिए आभियान जारी है और इस दौरान कम से कम 25 आतंकवादी मारे गए हैं. सेना ने बुधवार को यहां एक बयान जारी कर यह जानकारी दी. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, सेना का अभियान प्रांत के अशांत जिले शाह वली कोट में चल रहा है. बयान में जोर देकर कहा गया कि लड़ाकू विमानों की मदद के साथ मंगलवार सुबह से चलाए गए अभियान में कई आतंकवादी घायल भी हुए हैं.
हताहत सुरक्षबालों की संभावित संख्या के बारे में जानकारी दिए बिना, बयान में उल्लेख किया गया है कि अभियान तब तक चलेगा जब तक कि क्षेत्र से हथियारबंद आतंकवादियों का सफाया नहीं हो जाता.
तालिबान आतंकवादी, जो कंधार प्रांत के कुछ अशांत इलाकों में सक्रिय हैं, ने अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है.

न्यूजीलैंड: ज्वालामुखी विस्फोट में अब तक 18 मरे, 2 लापता
18 December 2019
वेलिंगटन: न्यूजीलैंड (NewZealand) के व्हाइट आइलैंड में ज्वालामुखी (Volcano) विस्फोट के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है. स्थानीय अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने सभी पीड़ितों की पहचान प्रक्रिया पूरी कर ली है, जिनमें दो लापता व्यक्ति भी शामिल हैं, जिन्हें मृत घोषित कर दिया गया है. एफे न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने 17 लोगों के नाम जारी किए हैं, लेकिन एक व्यक्ति की पहचान नहीं की, जिसकी ऑस्ट्रेलिया (Australia) के एक अस्पताल में मौत हो गई है.
इस विस्फोट के बाद पीड़ितों में से दो व्यक्ति लापता हो गए थे. इनमें एक 17 वर्षीय ऑस्ट्रेलियाई नागरिक विनोना लैंगफोर्ड और दूसरा स्थानीय टूर गाइड हेडन मार्शल इनमैन (40) शामिल है. विस्फोट नौ दिसंबर को हुआ था. पुलिस उपायुक्त जॉन टिम्स ने एक बयान में कहा कि पुलिस के ईगल हेलीकॉप्टर ने मंगलवार को दोनों लोगों को खोजने के लिए तुंगवाका खाड़ी में अभियान चलाया.
17 पहचाने गए पीड़ितों में दो न्यूजीलैंड के, 12 ऑस्ट्रेलियाई और तीन अमेरिका (US) के निवासी थे जो ऑस्ट्रेलिया में रहते थे. फिलहाल, करीब 14 लोग न्यूजीलैंड के एक अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से अधिकांश गंभीर रूप से जले हुए हैं. इसके अलावा 12 पीड़ित ऑस्ट्रेलिया में जिंदगी और मौत से लड़ रहे हैं.
जिस समय यह विस्फोट हुआ, उस वक्त कुल 47 लोग द्वीप पर मौजूद थे. इन लोगों में 24 ऑस्ट्रेलियाई, नौ अमेरिकी, पांच न्यूजीलैंड निवासी, चार जर्मन, दो ब्रिटेन (Britain) के निवासी, दो चीनी (China) और एक मलेशियाई नागरिक शामिल हैं.

चीन के कोयला खदान में विस्फोट, 14 की मौत
17 December 2019
बीजिंग: चीन में मंगलवार को एक कोयला खदान में विस्फोट हो गया. विस्फोट में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई है. जबकि दो अन्य फंस गए. समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, यह घटना गुइझोऊ प्रांत में देर रात करीब 1.30 बजे हुई और बचाव दल ने एनलॉन्ग काउंटी के ग्वांगलांग कोयला खदान के अंदर 23 मजदूरों में से सात को बचा लिया.
आपातकालीन सेवा कर्मियों को 14 खनिकों के शव मिले, जबकि दो अन्य मजदूर खदान के अंदर फंसे हुए हैं.
आपको बता दें कि 14 दिसंबर को सिचुआन प्रांत में एक कोयला खदान में बाढ़ आ गई थी, जिससे कम से कम पांच लोग मारे गए थे और 13 खनिक फंस गए थे, जबकि 329 कर्मी बच निकलने में सफल रहे थे.

चीन: शी जिनपिंग ने हांगकांग की वर्तमान स्थिति और सरकार के कार्यो का लिया जायजा, कैरी लैम से की मुलाकात
17 December 2019
बीजिंग: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) ने सोमवार को हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र की प्रमुख कैरी लैम से मुलाकात की. कैरी लैम ने शी को हांगकांग की वर्तमान स्थितियों और हांगकांग (Hongkong) सरकार के कार्यो की जानकारी दी. कैरी लैम अपने काम की रिपोर्ट देने के लिए पेइचिंग पहुंची.
शी ने कहा कि बीते एक साल में हांगकांग में भिन्न कठिनाइयों और दबाव के सामने आप ने एक देश में दो व्यवस्थाएं सिद्धांत पर डटा रहकर अपनी ड्यूटी पर बहुत काम किया है. केंद्र सरकार आपके साहस और जिम्मेदारी की खूब प्रशंसा करती है. शी ने कहा कि हम आप के नेतृत्व में हांगकांग सरकार के शासन, और हांगकांग पुलिस के सख्त कानून प्रवर्तन का समर्थन करेंगे.
शी ने कहा, "मैंने 14 नवम्बर को ब्राजील (Brazil) में ब्रिक्स देशों के शिखर सम्मेलन में बयान देकर हांगकांग स्थिति के प्रति केंद्र सरकार का बुनियादी रुख प्रकट किया. केंद्र सरकार देश की प्रभुसत्ता, सुरक्षा और विकास हितों की रक्षा करने की कल्पना नहीं बदलेगी और हम दृढ़ता के साथ किसी भी बाह्य शक्ति द्वारा हांगकांग मामलों पर हस्तक्षेप लगाए जाने का विरोध करेंगे."

पाकिस्‍तान: बिलावल भुट्टो ने सीपीईसी मार्ग बदले जाने की आलोचना की
16 December 2019
इस्लामाबाद: पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो-जरदारी ने कहा है कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) का मार्ग बदलकर बलूचिस्तान प्रांत के लोगों को परियोजना के लाभ से वंचित किया गया है. प्रांत की राजधानी क्वेटा में रविवार को समर्थकों को संबोधित करने के दौरान बिलावल ने कहा, "हम (पीपीपी) सीपीईसी जैसी क्रांतिकारी परियोजनाएं लेकर आए, जो बलूचिस्तान के लोगों (विशेषकर) के लिए, खासतौर से ग्वादर के निवासियों के लिए थी.. यह आपके लिए नौकरी के अवसर पैदा करने और आपकी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए थी." उन्होंने कहा, "दुर्भाग्य से, (पूर्व) राष्ट्रपति जरदारी के दृष्टिकोण के विपरीत, जो चाहते थे कि परियोजना को सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों का लाभ मिले .. कि मार्ग एफएटीए (संघ प्रशासित कबायली क्षेत्र) से बलूचिस्तान तक शुरू होना चाहिए, लेकिन मार्ग बदल दिया गया है. अब यह लाहौर और सिंध से शुरू हो रहा है." द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक, पीपीपी अध्यक्ष ने कहा, "ये चुने हुए पपेट (मौजूदा सरकार) आपको उन लाभों को प्रदान नहीं कर सकती हैं." उन्होंने कहा कि सिर्फ उनकी पार्टी ही थी, जिसने सुनिश्चित किया था कि परियोजना उस क्षेत्र के निवासियों को लाभान्वित करे, जहां इसे लॉन्च किया गया था.
ब्राजील: मादक पदार्थो की तस्करी के खिलाफ अभियान के दौरान वाहन में मिले 7 शव
16 December 2019
रियो डी जनेरियो: ब्राजील (Brazil) में प्रशासन को रविवार को एक वाहन के अंदर सात पुरुषों के शव मिले. सैन्य पुलिस ने यह जानकारी दी. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, दक्षिणी रियो डी जनेरियो (Rio de Janeiro) में अंगरा डोज रीस नगर में स्थानीय अग्निशमन विभाग के बाहर खड़े वाहन में ये शव मिले.
प्रशासन को क्षेत्र में मादक पदार्थो की तस्करी से संबंधित अपराध होने का संदेह है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस ने कहा कि उन्हें अभी तक यह पता नहीं चला है कि ये हत्याएं कैसे की गईं. क्षेत्र में मादक पदार्थो की तस्करी के खिलाफ अभियान के दौरान सैन्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स बोप को ये शव मिले. इस अभियान के दौरान दो हथियार और दो ग्रेनेड भी बरामद हुए.
शनिवार को दो आपराधिक गिरोहों के बीच हिंसा होने के बाद यह अभियान चलाया गया. इससे पहले एक नवंबर को अंगरा डोस रीस में सैन्य पुलिस के एक अन्य अभियान में आठ लोगों की मौत हुई थी.

बांग्लादेश: इलेक्ट्रिक पंखों की फैक्ट्री में लगी भीषण आग, 10 की मौत
16 December 2019
ढाका: बांग्लादेश की राजधानी ढाका (Dhaka) में एक फैक्ट्री में रविवार को आग लगने से कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई. माना जा रहा है कि यह फैक्ट्री अवैध रूप से संचालित थी. पिछले सप्ताह भी राजधानी के बाहरी क्षेत्र में स्थित एक फैक्ट्री में आग लगने से 17 लोगों की मौत हुई थी. समाचार एजेंसी एफे के अनुसार, अग्निशमन विभाग ने कहा कि राजधानी के निकट गाजीपुर में एक इलेक्ट्रिक पंखों की फैक्ट्री में शाम 5.45 बजे आग लग गई और इमारत में से अंत में 10 शव बाहर निकाले गए.
फायरफाइटर्स एंड सिविल डिफेंस डिवीजन के प्रमुख देबाशीष बर्धन ने कहा, "तीन मंजिला इमारत में लोहे की नालीदार छत है और इमारत में सिर्फ एक निकास है. फैक्ट्री के पास फायर लाइसेंस नहीं है तो हमें लगता है कि फैक्ट्री अवैध है." उन्होंने कहा कि आग पर काबू पाए जाने के बाद अग्निशमन कर्मियों को दूसरी मंजिल पर 10 शव मिले. हालांकि इसमें अन्य किसी के घायल होने की खबर नहीं है.
बांग्लादेश (Bangladesh) में आग लगना या औद्योगिक इकाइयों में घातक दुर्घटनाएं आम हैं. फैक्ट्रियों में संदिग्ध सुरक्षा स्थितियों के कारण बांग्लादेश हाल के वर्षो में अंतर्राष्ट्रीय जांच का सामना कर रहा है. हालांकि, यह लगता है कि प्रशासन ऐसे खतरों को कम करने में नाकाम रहा है. बांग्लादेश अग्निशमन सेना के आंकड़ों के अनुसार, 2004 से 2018 के बीच दर्ज किए गए आग लगने के 89,923 मामले में 1,970 लोगों की मौत हुई है. पिछले सप्ताह राजधानी के बाहरी क्षेत्र में प्लास्टिक की एक फैक्ट्री में आग लगने से 17 लोगों की मौत हो गई थी.

CPEC के तहत SEZ विकसित करने की डील को अंतिम रूप देंगे चीन और पाकिस्तान
14 December 2019
इस्लामाबाद: चाइना रोड एंड ब्रिज कॉर्पोरेशन (CRBC) की एक टीम द्वारा चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) के तहत राशकई विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) के विकास को लेकर एक समझौते को अंतिम रूप देने के लिए दिसंबर के अंत तक पाकिस्तान (Pakistan) का दौरा किए जाने की उम्मीद है.
एक पाकिस्तानी अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. केपीईजेडडीएमसी के अरबाब हारोन (एक्जीक्यूटिव बिजनेस डिवेलपमेंट, मीडिया) ने समाचार एजेंसी को बताया, "खैबर पख्तूनख्वा आर्थिक क्षेत्र विकास एवं प्रबंधन कंपनी (केपीईजेडडीएमसी) और सीआरबीसी के बीच इस महीने के अंत में समझौते को अंतिम रूप दिया जाएगा." हारोन ने समझौते की तारीख का खुलासा नहीं किया.
हारोन ने कहा कि राशकई सेज का तेजी से विकास करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंेने कहा कि यह औद्योगीकरण और आर्थिक उत्थान को प्रोत्साहित करके देश की प्रगति और समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा
सीआरबीसी के एक अधिकारी ने कहा कि कंपनी ने दिसंबर के अंत तक पाकिस्तान में एक प्रतिनिधिमंडल भेजने की योजना बनाई है, ताकि राशकई सेज के विकास के लिए समझौते पर चर्चा की जा सके, लेकिन सटीक तारीख पाकिस्तानी पक्ष के साथ समन्वय पर निर्भर करेगी.
गुरुवार को राशकई सेज पर प्रगति की चर्चा और समीक्षा करने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करते हुए, खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री महमूद खान ने राशकई सेज में बुनियादी ढांचे के काम को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया था.

जाकिर नाइक को मालदीव ने नहीं दी एंट्री, कहा- नफरत फैलाने वालों को इजाजत नहीं देते
14 December 2019
नई दिल्ली: विवादित इस्लामी प्रचारक जाकिर नाइक (Zakir Naik) ने मालदीव (Maldives) जाने की कोशिश की थी लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिल पाई थी. मालदीव सरकार ने उसे अपने देश में आने की इजाजत नहीं दी थी.
मालदीव संसद के स्पीकर एम नशीद ने यह जानकारी दी है. न्यूज एजेंसी एएनआई से उन्होंने कहा, 2009 में हमने उन्हें (जाकिर नाइक) आने की इजाजत दी थी उस वक्त उन्हें लेकर कोई विवाद नहीं था. हाल ही उसने फिर वीजा लेने की कोशिश की थी लेकिन सरकार ने उन्हें एंट्री देने से मना कर दिया. हम उन उपदेशकों को पंसद करते हैं जो अच्छा इस्लाम सिखाते हैं लेकिन अगर आप नफरत फैलाते हैं तो हम इसे इजाजत नहीं दे सकते.
बता दें ढाका के होली आर्टिसन बेकरी में जुलाई 2016 में हुए आतंकी हमले में जाकिर नाइक का नाम आने के बाद आतंकवाद से जुड़े गंभीर आरोपों के सिलसिले में उसे भारत में वांटेड घोषित किया गया था. नाइक एक भगोड़ा है और उसने मलेशिया में शरण ली है.
विवादास्पद पीस टीवी के संस्थापक 53 वर्षीय नाइक का जन्म मुंबई में हुआ था. यहां से भागने के बाद वह 2017 से मलेशिया (Malaysia) में रह रहा है और वहां की पिछली सरकार ने उसे स्थायी निवासी भी बनाया हुआ है. वर्तमान मलेशियाई सरकार ने अब तक उसे भारत वापस भेजने का फैसला नहीं किया है, लेकिन उसे अपने सार्वजनिक भाषण देने से रोक दिया है.
इसी साल सितंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अपने मलेशियाई समकक्ष महाथिर मोहम्मद के साथ विवादास्पद इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण के मुद्दे को उठाया. नाइक एक भगोड़ा है और उसने मलेशिया में शरण ली है.

ब्रिटेन के चुनाव में भारतीय मूल के कई नेताओं की जीत, प्रीति पटेल दोबारा निर्वाचित
14 December 2019
लंदन: ब्रिटेन में हुए आम चुनावों में सत्तारूढ़ कंजर्वेटिव और विपक्षी लेबर पार्टी की ओर से चुनाव लड़ने वाले भारतीय मूल के राजनेताओं ने बड़ी जीत हासिल की है. भारतीय मूल की ब्रिटेन की गृह सचिव प्रीति पटेल को उनके विथम निर्वाचन क्षेत्र से फिर से चुना गया है.
पटेल ने शुक्रवार को ट्वीट किया, "मुझे अपने सांसद के रूप में फिर से निर्वाचित करने के लिए विथम निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं का धन्यवाद. मैं आपकी मजबूत आवाज बनी रहूंगी."
एसेक्स लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, पटेल को 32,876 वोट मिले, जिससे पार्टी को लेबर के मुकाबले 66.6 फीसदी वोट मिले.
हर्टफोर्डशायर मर्करी की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण पश्चिम हर्टफोर्डशायर निर्वाचन क्षेत्र में कंजर्वेटिव पार्टी के गगन मोहिंद्रा ने 30,327 वोट प्राप्त किए. उन्होंने कुल 49.6 फीसदी वोट हासिल किए.
गोवा मूल के कंजर्वेटिव सांसद क्लेयर कॉटिन्हो ने पूर्वी सरे सीट से 24,040 मतों के साथ जीत दर्ज की.
विपक्षी लेबर पार्टी ने हालांकि इन चुनावों में 1935 के बाद से अपने सबसे बुरे नतीजों का सामना किया है, लेकिन पार्टी के कुछ भारतीय मूल के सांसद अपनी सीटों को बरकरार रखने में कामयाब रहे.
2017 के चुनाव में पहली ब्रिटिश सिख महिला सांसद के रूप में इतिहास रचने वाली प्रीत कौर गिल को उनके एजबेस्टन निर्वाचन क्षेत्र से फिर से चुना गया. उन्हें कुल 21,217 वोट मिले.
इसके अलावा सिख सांसद तनमनजीत सिंह ढेसी ने भी बर्कशायर निर्वाचन क्षेत्र से अपनी सीट बरकरार रखी. वहीं वीरेंद्र शर्मा ने भी अपनी ईलिंग साउथॉल सीट को बरकरार रखने में कामयाबी हासिल की.

आम चुनाव में कंजर्वेटिव पार्टी की बड़ी जीत, बोरिस जॉनसन को मिला जनादेश
13 December 2019
लंदन : ब्रिटेन (Britain) की सत्तारूढ़ कंजर्वेटिव पार्टी (Conservative Party) ने शुक्रवार को आम चुनाव में स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है. प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (Boris Johnson) को जहां जनादेश मिला है, वहीं विपक्षी लेबर पार्टी (Labor party) के लिए 1935 के बाद से यह सबसे खराब चुनाव परिणाम है. समाचार एजेंसी एफे के अनुसार, कंजर्वेटिव ने हाउस ऑफ कॉमन्स में कुल 334 सीटों पर जीत दर्ज कर 74 सीटों का बहुमत हासिल किया है (45 सीटों का लाभ), क्योंकि दक्षिणपंथी पार्टी ने लेबर उम्मीदवारों के पारंपरिक गढ़ में सेंध लगा दी.
अक्सब्रिज और साउथराइस्लिप में आसानी से निर्वाचित होने के बाद नतीजों से खुश जॉनसन ने कहा, "यह ऐसा लगता है कि जैसे कंजर्वेटिव सरकार को ब्रेक्सिट लागू कराने के लिए एक शक्तिशाली नया जनादेश दिया गया है."
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी की जीत "ब्रिटिश लोगों की लोकतांत्रिक इच्छा का सम्मान करने, इस देश को बेहतर बनाने और इस देश के सभी लोगों की क्षमता को उजागर करने का मौका प्रदान करेगी."
दूसरी ओर, नतीजों से निराश लेबर नेता जेरेमी कॉर्बिन ने एलान किया कि वह भविष्य में आम चुनाव में पार्टी का नेतृत्व नहीं करेंगे. लेबर पार्टी महज 201 सीटों (57 का नुकसान) पर सिमट गई है. इसके पहले 1935 में पार्टी ने सबसे खराब प्रदर्शन करते हुए सबसे कम सीटें सिर्फ 154 सीटें जीती थी. वहीं, 1983 में भी खराब प्रदर्शन करते हुए लेबर पार्टी ने 209 सीटें जीती थीं.
कॉर्बिन ने अपनी इजलिंगटन नॉर्थ काउंटिंग सेंटर में समर्थकों से कहा कि स्पष्ट रूप से यह पार्टी के लिए बहुत निराशाजनक रात है."
इस बीच, लिबरल डेमोक्रेट्स नेता, जो स्विन्सन ईस्ट डनबर्टनशायर सीट स्कॉटिश नेशनल पार्टी (एसएनपी) के हाथों गंवा बैठीं. उन्होंने इस सीट का 12 वर्षो से अधिक समय तक प्रतिनिधित्व किया था.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रारंभिक परिणामों से खुश हैं. उन्होंने ट्वीट किया, "ब्रिटेन में बोरिस के लिए एक बड़ी जीत मालूम पड़ रही है."

नाइजर में सेना के शिविर पर आतंकवादियों का बड़ा हमला, 71 जवानों की मौत
13 December 2019
नियामे: नाइजर में सेना के शिविर पर हथियारबंद आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले में सेना के करीब 71 जवानों की मौत हो गई. यह जानकारी दक्षिण अफ्रीकी देश के रक्षा मंत्री ने दी. ऑल अफ्रीका (Africa) न्यूज वेबसाइट के अनुसार, यह हमला मंगलवार को माली के समीप नाइजर सीमा के पास स्थित शिविर पर हुआ.
मंत्रालय ने बुधवार को जारी बयान में बताया कि तीन घंटे तक चले हमले को "भारी हथियारों से लैश सैकड़ों आतंकवादियों" ने अंजाम दिया. बयान में यह भी बताया गया कि 57 हमलावरों को भी मार गिराया गया है.
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, अभी तक किसी भी आतंकवादी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन ये हमलावर क्षेत्र में सक्रिय इस्लामिक स्टेट (आईएस) और नाइजीरिया (Nigeria) के बोको हरम से जुड़े हो सकते हैं.

अमेरिकी एयरबेस के पास तालिबान ने किया बम विस्फोट, 2 की मौत, 73 घायल
13 December 2019
काबुल: अफगानिस्तान (Afghanistan) के सैन्य अड्डे के पास कार बम विस्फोट से दो नागरिकों की मौत हो गई, जबकि सेना के कुछ जवान सहित 70 से अधिक लोग घायल हो गए. विस्फोट में बगराम स्थित संयुक्त राज्य अमेरिका (US) के सबसे बड़े सुरक्षा अड्डे (एयरबेस) के पास निर्माणाधीन एक अस्पताल बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है. यह जानकारी अधिकारियों ने दी. एफे न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को हुए इस हमले की जिम्मेदारी तालिबान (Taliban) ने ली है. गृह मंत्रालय के प्रवक्ता नसरत रहीमी ने अपने ट्विटर अकाउंट के जरिए बताया कि हमले में एक महिला सहित दो नागरिक मारे गए हैं, जबकि 73 नागरिक घायल हुए हैं. बगराम जिले के गवर्नर शुकूर कूदूसी ने एफे को बताया कि यह विस्फोट इतना जबरदस्त था कि आसपास के गांव के कई घर क्षतिग्रस्त हो गए.
अल्बटरे फर्नांडीज ने अर्जेंटीना के नए राष्ट्रपति के रूप में ली शपथ, आर्थिक संकट में मदद का किया आग्रह
11 December 2019
ब्यूनस आयर्स: अल्बटरे फर्नांडीज ने मंगलवार को नेशनल कांग्रेस में एक समारोह में अर्जेटीना (Argentina) के नए राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, राष्ट्रपति के रूप में अपने पहले भाषण में फर्नांडीज ने एकजुट होकर देश को आर्थिक संकट से बाहर निकालने में मदद करने का आग्रह किया.
फर्नांडिज ने कहा, "मैं बिना किसी भेद-भाव के अर्जेंटीना को अपने पैरों पर खड़ा करने का आपसे आह्वान करने आया हूं, ताकि यह कदम से कदम मिलाकर गरिमा व सामाजिक न्याय के साथ विकास के पथ पर चलना शुरू कर सके." 60 साल के फर्नांडीज ने अपने पूर्ववर्ती मौरिसियो मैक्री से पदभार संभाला.
फर्नांडीज ने कहा कि नई सरकार कर्ज के बोझ को कम करने और एक उत्पादक अर्थव्यवस्था के विकास को फिर से शुरू करने का प्रयास करेगी जिससे देश का निर्यात बढ़ेगा और इस तरह से भुगतान करने की क्षमता पैदा करेगी.

अमेरिका के न्यू जर्सी में फायरिंग, एक पुलिस अधिकारी समेत 6 की मौत
11 December 2019
न्यू जर्सी: अमेरिका (America) के न्यू जर्सी (New Jersey) में मंगलवार को स्टोर के बाहर हुई गोलीबारी में 1 पुलिस ऑफिसर समेत 6 लोगों की मौत की खबर है. मिली जानकारी के मुताबिक, न्यू जर्सी में करीब घंटे भर चली फायरिंग में एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई है इसके अलावा 5 अन्य नागरिकों की भी मौत हुई है. फायरिंग में 2 पुलिस अधिकारी घायल भी हुए हैं.
न्यू जर्सी के मुख्य पुलिस अधिकारी माइकल केली ने जानकारी देते हुए कहा कि पुलिस को जानकारी मिली थी कि कुछ लोग हथियार के साथ एक दुकान में घुस गए हैं. इसके बाद मौके पर पुलिस की टीम पहुंची तो बदमाशों ने दुकान के भीतर से पुलिस पर फायरिंग कर दी. गोलिबारी में एक पुलिस अफसर समेत 6 लोगों की मौत हो गई है.
शहर के पब्लिक सेफ्टी डायरेक्टर जेम्स शी ने कहा कि अधिकारियों का मानना ​​है कि यह आतंकवादी घटना नहीं है. लेकिन फिर भी इसकी जांच की जा रही है.
उधर, गोलीबारी की घटना के बाद आस-पास के स्कूलों को बंद करा दिया गया है. शूट आउट के वक्त पुलिस ने हडसन नदी के पास के मुख्य रास्ते भी बंद कर दिए हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद इस पर नज़र रखे हुए हैं.

इंफोसिस के पूर्व सीईओ विशाल सिक्का ओरेकल के निदेशक मंडल में
11 December 2019
कैलिफोर्निया: क्लाउड दिग्गज ओरेकल ने इंफोसिस के पूर्व सीईओ और एआई कंपनी वियानई सिस्टम्स के संस्थापक एवं सीईओ विशाल सिक्का को अपनी कंपनी के निदेशक मंडल के लिए चयनित किया है. वियानई सिस्टम शुरू करने से पहले विशाल सिक्का तकनीकी कंपनियों एसएपी और इंफोसिस में शीर्ष पदों पर काबिज रहे हैं. ओरेकल के सीईओ सफरा कैत्ज ने सोमवार देर रात एक बयान में कहा, 'विशाल स्पष्ट रूप से समझते हैं कि ओरेकल के जेन-2 क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्च र, ऑटोनॉमस डेटाबेस और एप्लिकेशन ओरेकल क्लाउड में एक साथ कैसे आएंगे, जिससे हमारे ग्राहकों को फायदा पहुंच सके.'
सालों से ओरेकल डेटाबेस दुनिया के हर बड़े और महत्वपूर्ण संगठन के लिए काफी महत्वपूर्ण बना हुआ है.
सिक्का ने कहा, 'आज ओरेकल बड़ी चार क्लाउड कंपनियों में से एकमात्र है, जो एक एकल क्लाउड में एंटरप्राइज एप्लिकेशन सूट और सिक्योर इन्फ्रास्ट्रक्च र दोनों प्रौद्योगिकियों की पेशकश करती है.'
उनके अनुसार, दोनों एप्लिकेशन और बुनियादी ढांचे में ओरेकल की अद्वितीय स्थिति आगे के समय में भारी नवाचार और विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी.
ओरेकल के अध्यक्ष और सीटीओ लैरी एलिसन ने कहा कि विशाल सिक्का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निग के क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी विशेषज्ञ हैं.
ओरेकल ने हाल ही में एक बीमारी के कारण अपने लंबे समय से कार्यरत सह-सीईओ मार्क हर्ड को खो दिया है.

पाकिस्तान का अफगानिस्तान से ऐतिहासिक संबंध, 30 लाख अफगान शरणार्थियों को दी शरण: कुरैशी
10 December 2019
इस्लामाबाद: पाकिस्तान (Pakistan) के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी (Shah Mehmood Qureshi) ने पूरे क्षेत्र की आर्थिक प्रगति और समृद्धि के लिए एक सुरक्षित और स्थिर अफगानिस्तान के लक्ष्य को प्राप्त करने की जरूरत पर जोर दिया है. विदेश कार्यालय (एफओ) ने यहां एक बयान में यह बात कही.
डॉन न्यूज के मुताबिक, सोमवार को इस्तांबुल में 'हार्ट ऑफ एशिया-इस्तांबुल प्रोसेस' की आठवीं मंत्रिस्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए कुरैशी ने कहा कि कोई भी अन्य देश अफगानिस्तान (Afghanistan) के साथ अधिक ऐतिहासिक संबंध होने का दावा नहीं कर सकता है और न ही कोई देश वहां पाकिस्तान की तुलना में शांति और स्थिरता के लिए अधिक इच्छुक है.
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने पिछले चार दशकों से 30 लाख से अधिक अफगान शरणार्थियों को शरण देना जारी रखा है और पड़ोसी देश के विकास और पुनर्निर्माण के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जिसमें विकास सहायता में एक अरब डॉलर से अधिक की रकम शामिल है. कुरैशी ने दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण संस्थागत ढांचे के रूप में अफगानिस्तान-पाकिस्तान एक्शन प्लान फॉर पीस एंड सॉलिडैरिटी (एपीएपीपीएस) के महत्व को रेखांकित किया.
अफगानिस्तान में स्थायी शांति के लिए पाकिस्तान की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, मंत्री ने कहा कि अफगानिस्तान में हाल ही में शांति और स्थिरता प्राप्त करने के लिए प्रयासों को फिर से शुरू करना एक सकारात्मक विकास है. उन्होंने शांति प्रक्रिया को 'समावेशी अंतर-अफगान वार्ता' के रूप में देखने के लिए पाकिस्तान की इच्छा व्यक्त की.
अपने संबोधन के बाद, कुरैशी ने बैठक से इतर दक्षिण एशिया मामलों की अमेरिकी (America) कार्यवाहक सहायक विदेश मंत्री एलिस वेल्स से भी बातचीत की. विदेश कार्यालय के अनुसार, बातचीत के दौरान, पाकिस्तान-अफगानिस्तान द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने से संबंधित मामलों पर चर्चा की गई.

मिस्र के विदेश मंत्री से मिले माइक पोम्पियो,लीबिया के मौजूदा हालात और क्षेत्रीय मुद्दों पर की चर्चा
10 December 2019
वाशिंगटन: अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो (Mike Pompeo) ने मिस्र के विदेश मंत्री समीह शौकरी के साथ मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की. अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि पोम्पियो और शौरी ने सोमवार को 'अमेरिका (US) और मिस्र के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदारी के महत्व' पर चर्चा की और लीबिया (Lybia) के मौजूदा हालात सहित क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया.
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, उन्होंने मानव अधिकारों और मिस्र में हिरासत में लिए गए अमेरिकियों के बारे में भी बात की. जहां वाशिंगटन (Washington) का दावा है कि दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंध हैं, वहीं दोनों के बीच कुछ विवाद भी हैं.
पिछले महीने, अमेरिका ने रूस (Russia) से लड़ाकू जेट खरीदने के फैसले के लिए कथित तौर पर मिस्र को दंडित करने की धमकी दी थी. इस बीच, काहिरा ने ईरान (Iran) और इजरायल (Israel) के बारे में कुछ अमेरिकी नीतियों का समर्थन नहीं किया.

न्यूजीलैंड में ज्वालामुखी फटने से 5 मरे, 24 घंटों में एक और विस्फोट की संभावना
10 December 2019
वेलिंगटन: न्यूजीलैंड (New Zealand) के व्हाइट आइलैंड में सोमवार को ज्वालामुखी (Volcano) विस्फोट से कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई. पुलिस ने कहा कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि वहां मौजूद लोगों की वास्तविक संख्या की जानकारी नहीं है. न्यूजीलैंड हेराल्ड की रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल ऑपरेशन कमांडर उपायुक्त जॉन टिम्स ने मीडिया से कहा कि पीड़ित और लापता व्यक्ति दोनों न्यूजीलैंड के और ओवेशन ऑफ द सीज क्रूज जहाज के पर्यटक थे.
टिम्स ने कहा कि पर्यटकों की नागरिकता का अभी पता लगाना संभव नहीं है. अबतक, 18 लोगों को बचाया गया है और इन्हें बर्न इंजरी (Burn Injury) हुई है. टिम्स ने कहा कि पुलिस को इस बारे में सूचना नहीं है कि लापता लोग जीवित हैं या नहीं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अन्य विस्फोट की भी संभावना है. उन्होंने कहा, "पुलिस को इस बारे में पूरी तरह से पता नहीं है कि कितने लोग आईलैंड में बचे हैं, लेकिन यह संख्या दो अंकों में हो सकती है." सुरक्षा बलों को भी उनके हालातों के बारे में भी जानकारी नहीं है, क्योंकि किसी भी तरह का संपर्क अभी तक स्थापित नहीं हो पाया है.
उपायुक्त ने कहा, "विशेषज्ञों ने कहा है कि आईलैंड पर जाना हमारे लिए सुरक्षित नहीं है. आईलैंड अस्थिर है, और वहां जाना सही नहीं है. यह महत्वपूर्ण है कि हम उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा पर ध्यान दें, जो आईलैंड वापस जाएंगे." आईलैंड फिलहाल राख और ज्वालामुखीय मलबों से भर गया है. देश के भूगर्भीय खतरा सूचना केंद-जीओनेट के केन ग्लेडहिल ने कहा, "यह कोई बड़ा विस्फोट नहीं है, यह एक तरह का 'थ्रोट क्लीयरिंग' विस्फोट है और संभवत: इसीलिए इसका मलबा मुख्य भूमि तक नहीं पहुंच सका है."
अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्लेडहिल ने कहा, अपराह्न् 2.11 बजे विस्फोट हुआ और इसका धुंआ 12,000 फुट तक हवा में नजर गया. यह हालांकि शांत हो गया, लेकिन इस बारे में पता नहीं चला पाया है कि क्या अगले 24 घंटों में भी एक अन्य विस्फोट होगा. इस बीच, प्रधानमंत्री जेसिका अर्दन ने मीडिया से कहा कि सक्रिय पुलिस खोज व तलाशी अभियान चलाया गया है. हमारी संवेदना प्रभावित लोगों के प्रति है.

अमेरिका में पाकिस्तानी दूतावास के बाहर प्रदर्शन, इमरान खान के खिलाफ जमकर लगे नारे
9 December 2019
नई दिल्ली: पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के विरोध में भारतीय अमेरिकियों ने रविवार को वाशिंगटन स्थित पाकिस्तानी दूतावास के बाहर प्रदर्शन किया. इस दौरान लोगों ने पाकिस्तान और प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ जमकर नारे लगाए. प्रदर्शनकारियों ने आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान की पॉलिसी की भी जमकर निंदा की.
प्रदर्शनकारी बैनर और पोस्टर लेकर वॉशिंगटन स्थित पाकिस्तानी दूतावास के सामने इकट्ठे हुए और नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पिछले 20 वर्षों में अमेरिका में हुए सभी आतंकवादी हमलों में 90 प्रतिशत से अधिक में पाकिस्तान का हाथ रहा है.उन्होंने पाकिस्तान को आतंकवाद का गढ़ बताया.

जुलूस से पहले पुलिस ने की छापेमारी, हथियार समेत 11 लोगों को किया गिरफ्तार
9 December 2019
हांगकांग: हांगकांग पुलिस ने रविवार को शहरभर में छापे के दौरान एक बंदूक सहित कई हथियार जब्त किए और 11 लोगों को गिरफ्तार किया. अधिकारियों का मानना है कि हथियारों का इस्तेमाल बाद में होने वाले सरकार विरोधी बड़े प्रदर्शन में अराजकता पैदा करने के लिए किया जाता.साउथ चाइना मॉर्निग पोस्ट ने फोर्स के एक टेलीविजन प्रेस कांफ्रेस के हवाले से अपनी रिपोर्ट में कहा कि इन प्राप्त की गई वस्तुओं में ग्लॉक सेमी-ऑटोमेटिक पिस्तौल के साथ पांच मैगजीन, जिसमें से तीन लोलेड थी और कुल 105 गोलियां थीं.
यह पहली बार है कि छह महीने के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक बंदूक जब्त की गई है. गुप्तचरों का कहना है कि हथियारों का इस्तेमाल जुलूस के लिए होना था, जो 11 जगहों पर छापेमारी के दौरान पाए गए.
पुलिस ने कहा कि 9एमएम पिस्तौल का पाया जाना साक्ष्य है कि लोगों को जुलूस व रैली के दौरान अलर्ट रहना चाहिए, जिसे सिविल ह्यूमन राइट्स फ्रंट द्वारा आयोजित है.
अधिकारियों ने कहा कि चाकू, कृपाण, बेंत, पीपर स्प्रे व पटाखे भी जब्त किए गए हैं. इस बीच आठ पुरुषों व तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है, जिनकी उम्र 20 से 63 के बीच है.
पुलिस के अनुसार, ये लोग 20 अक्टूबर को मोंग कोक पुलिस स्टेशन में पेट्रोल बम फेंकने के संबंध में वांछित एक समूह का हिस्सा थे.

इमारत से गिरकर भारतीय लड़की की मौत, आत्महत्या या हत्या फिलहाल पुष्टि नहीं
9 December 2019
शारजाह: शारजाह में एक इमारत की 10वीं मंजिल से गिरने के बाद एक 15 वर्षीय भारतीय लड़की की मौत हो गई. गल्फ न्यूज के अनुसार, एक अधिकारी ने शनिवार को कहा कि पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि शुक्रवार को हुई घटना आत्महत्या का मामला है या नहीं. लड़की कथित तौर पर शारजाह में एक भारतीय स्कूल की छात्रा थी.
अधिकारी ने कहा कि जानकारी मिलने के बाद, पुलिस और पैरामेडिक्स घटनास्थल पर पहुंचे और गिरने से लड़की को गंभीर चोटें आई थीं. उसे कुवैती अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया.

पूर्व PM खालिदा जिया को झटका, जमानत याचिका पर सुनवाई टली
5 December 2019
ढाका: बांग्लादेश (Bangladesh) के सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया (Khaleda Zia) की भ्रष्टाचार के मामले में जमानत पर सुनवाई टाल दी. इससे पहले अधिकारियों ने उनके स्वास्थ्य पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए और अधिक समय की मांग की थी. बीडी न्यूज 24 की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधान न्यायाधीश सैयद महमूद हुसैन की अध्यक्षता वाली अपीली डिवीजन की छह सदस्यीय पीठ ने अधिकारियों को मेडिकल रिपोर्ट सौंपने के लिए 11 दिसंबर तक का समय दिया.
इसके साथ ही अदालत ने मामले से संबंधित अगला आदेश जारी करने के लिए 12 दिसंबर की तारीख तय की. शीर्ष अदालत ने 28 नवंबर को बंगबंधु शेख मुजीब मेडिकल यूनिवर्सिटी अस्पताल (बीएसएमएमयू) में खालिदा के डॉक्टरों को जिया चैरिटेबल ट्रस्ट भ्रष्टाचार मामले में उनकी जमानत के संबंध में उनके स्वास्थ्य पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया था.
शीर्ष अदालत ने तब याचिका पर सुनवाई पांच दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दी थी. 29 अक्टूबर, 2018 को ढाका की एक विशेष अदालत ने खालिदा को सात साल जेल की सजा सुनाई थी. पूर्व प्रधानमंत्री को इस साल एक अप्रैल को इलाज के लिए बीएसएमएमयू में स्थानांतरित किया गया था. खालिदा फरवरी 2018 से जिया अनाथालय और जिया चैरिटेबल ट्रस्ट भ्रष्टाचार मामलों में कुल 17 साल जेल की सजा काट रही हैं.

फिलीपींस में चक्रवात कम्मुरी से 11 की मौत, 1 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
5 December 2019
मनीला: फिलीपींस (Philippines) में चक्रवात कम्मुरी से अब तक 11 लोगों की मौत हो गई है और हजारों लोगों को अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा है. अधिकारियों ने बताया कि मूसलाधार बारिश और तीव्र गति से चलने वाली हवाओं ने संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया है. समाचार एजेंसी एफे के अनुसार, नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट काउंसिल (एनडीआरआरएमसी) ने कहा कि लगभग 1,14,52 घरों में पानी भरने के बाद बाढ़ और भूस्खलन की आशंका से 4,58,020 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है.
एनडीआरआरएमसी ने कहा कि लगभग 9,360 परिवारों या 37,388 लोगों की सहायता की जा रही है. काउंसिल ने कहा कि कुल मिलाकर कम से कम पांच क्षेत्रों में चक्रवात से प्रभावित परिवारों की संख्या बढ़कर लगभग 1,24,000 हो गई है. एनडीआरआरएमसी ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में स्कूल बुधवार को बंद रहे.
काउंसिल के सूत्रों ने कहा कि बिकॉल क्षेत्र (पूर्व) में पांच, मिमारोपा क्षेत्र (पश्चिमी) में पांच और ओरमॉक (मध्य) में एक और व्यक्ति की मौत होने की खबर है. फिलीपींस में टिसॉय के नाम से प्रसिद्ध इस चक्रवात के कारण 38 इमारतें, दर्जनभर बिजली के तार, 12 सड़कें और आठ पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं.

नवाज शरीफ को झटका, पाकिस्‍तान ने ब्रिटेन को लिखा- इलाज पूरा होने पर उन्हें पाकिस्तान वापस भेजें
5 December 2019
इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने ब्रिटेन सरकार को देश के बीमार पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का इलाज पूरा होने के बाद उन्हें वापस स्वदेश भेजने के लिए पत्र लिखा है. इस बात का खुलासा एआरवाई न्यूज टॉक शो 'पॉवर प्ले' में मंगलवार को हुआ. ब्रिटेन (Britain) के अधिकारियों को लिखे पत्र में पाकिस्तानी सरकार ने कहा है कि शरीफ पाकिस्तान में विभिन्न मामलों में बहुत सारे आरोपों का सामना कर रहे हैं और उन्हें एक मामले में दोषी भी ठहराया गया है.
पत्र में नवाज शरीफ (Nawaz Sharif) के बारे में विभिन्न मामलों का विस्तृत ब्यौरा दिया गया है. शरीफ अपने छोटे भाई शहबाज शरीफ, निजी चिकित्सक के साथ दोहा के रास्ते एयर ऐंबुलेंस से 19 नवंबर को लंदन (London) पहुंचे थे. इससे पहले, लाहौर (Lahore) हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित बांड को दाखिल किए बगैर ही पूर्व प्रधानमंत्री को ब्रिटेन जाने की इजाजत दी थी.
न्यायमूर्ति अली बकर नजफी ने केंद्र सरकार को पाकिस्तान (Pakistan) मुस्लिम लीग (पीएमएल-एन) के प्रमुख के नाम को बिना किसी शर्त के एक्जिट कंट्रोल लिस्ट (ईसीएल) से हटाने के लिए कहा था, जिसके बाद वह इलाज कराने के लिए लंदन जा पाए.

महाभियोग जांच की प्राथमिक रिपोर्ट में डोनाल्ड ट्रंप दोषी करार, राष्ट्रहित से किया समझौता
4 December 2019
न्यूयॉर्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के खिलाफ चल रही महाभियोग (Impechment) जांच की प्राथामिक रिपोर्ट आ गई है. इस रिपोर्ट में डोनाल्ड ट्रंप को दोषी पाया गया है. ऐसा बताया जा रहा है कि रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रंप ने राष्ट्रहित से समझौता किया है. बता दें कि आज ट्रंप के खिलाफ हाउस ज्यूडिशरी कमेटी की पहली महाभियोग जांच रिपोर्ट आई है. इससे पहले व्हाइट हाउस ने हाउस ज्यूडिशरी कमेटी को सूचित कर दिया था कि वह बुधवार (4 दिसंबर) को प्रस्तावित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ समिति के पहली महाभियोग जांच में शामिल नहीं होगा.
व्हाइट हाउस के वकील पैट किपोलोने ने हाउस ज्यूडिशरी कमेटी के अध्यक्ष जैरी नाडलर को लिखे अपने पांच पन्नों के पत्र में रविवार को कहा, 'हम उस सुनवाई में भाग लेना उचित नहीं समझते हैं, जिसके गवाहों के नाम अभी भी जाहिर किए जाने हैं और यह अभी तक अस्पष्ट बना हुआ है कि क्या न्यायिक समिति अतिरिक्त सुनवाई के जरिए राष्ट्रपति के मामले की निष्पक्ष सुनवाई कर पाएगी.'
व्हाइट हाउस ने कहा था, 'सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है कि कानून के प्रोफेसरों के साथ एक अकादमिक वार्ता के लिए निमंत्रण देने मात्र से राष्ट्रपति के खिलाफ सही जांच की कोई झलक नहीं दिखती है.' किपोलेने ने कहा, 'इसी तरह मौजूदा परिस्थितियों के तहत, हम आपके बुधवार की सुनवाई में भाग नहीं लेना चाहते हैं.' नाडलर्स समिति बुधवार को सुनवाई आयोजित करेगी, जिसका शीर्षक 'राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप को लेकर महाभियोग जांच : राष्ट्रपति के महाभियोग के लिए संवैधानिक आधार' है.
अपने पत्र में किपोलोने ने न्यूयॉर्क डेमोक्रेट नाडलर पर जानबूझकर सुनवाई की तारीख ऐसे समय तय करने का आरोप लगाया, जब नाटो सम्मेलन के लिए ट्रंप लंदन के दौरे पर होंगे. ट्रंप ने भी एक ट्वीट में इस सुनवाई को लेकर सवाल उठाए थे और डेमोक्रेट्स पर देश हित के साथ समझौता करने का आरोप लगाया था.
ट्रंप पर लगाया है यह आरोप
अप्रैल 2019 में डेमोक्रेट सीनेटर एलिजाबेथ वारेन ने अमेरिका की प्रतिनिधि सभा से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही शुरू करने की अपील की थी. उन्होंने चुनाव में रूसी हस्तक्षेप की जांच के नतीजों का हवाला देते हुए यह अपील की थी.
विशेष अधिवक्ता रॉबर्ट मूलर की 22 महीने की जांच के नतीजों की संशोधित रिपोर्ट जारी होने के एक दिन बाद उन्होंने यह अपील की है. 400 पृष्ठों से अधिक के दस्तावेज में कहा गया है कि ट्रंप के चुनाव प्रचार अभियान की रूस की हस्तक्षेप की कोशिशों के साथ मिलीभगत नहीं थी लेकिन उसने पाया कि राष्ट्रपति रूस के हथकंडों से फायदा पाकर खुश थे और उन्होंने लगातार मूलर की जांच को बाधित करने की कोशिश की. वारेन ने कहा था, ‘‘इसका मतलब है कि संसद को अमेरिका के राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही शुरू करनी चाहिए.’’
डोनाल्ड ट्रंप ने महाभियोग जांच को जबरन निशाना बनाया जाने वाला बताया
27 नवंबर की खबर के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डोमोक्रेट नेताओं की आलोचना की थी और फ्लोरिडा के सनराइज में एक चुनाव अभियान रैली के दौरान अपने खिलाफ महाभियोग जांच को उन्हें जबरन निशाना बनाया जाना कहकर इसकी निंदा की थी. समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, ट्रंप ने सनराइज के खचाखच भरे बीबीएंडटी सेंटर में समर्थकों से मुलाकात के दौरान यह टिप्पणी की, जो लगभग 20,000 लोगों के बैठने की क्षमता वाला है.
ट्रंप ने मौजूद लोगों का अभिवादन करते हुए कहा, 'अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है, वेतन बढ़ रहा है, अपराधों में कमी आ रही है, गरीबी कम हो रही है, आत्मविश्वास बढ़ रहा है और अमेरिका पहले से कहीं ज्यादा मजबूत है.'
पिछली रैलियों की तरह, उन्होंने कुछ आर्थिक सूचक, सैन्य खर्च और मेक्सिको की दीवार सहित अपने प्रशासन की उपलब्धियों का जिक्र किया. उन्होंने कहा, 'दीवार पर काम हो रहा है. यह तेजी से बन रही है और यह एक असली दीवार है.' इस मौके पर उन्होंने अपने प्रशासन की तारीफ करते हुए आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट के सरगना अबू बक्र अल-बगदादी के मारे जाने का भी जिक्र किया.
ट्रंप ने जोर देते हुए कहा कि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के साथ उनकी फोन कॉल 'एक बेहतरीन फोन कॉल थी.' उन्होंने कहा कि जेलेंस्की ने कहा है कि उन पर कोई दबाव नहीं डाला गया. ट्रंप ने कहा कि डेमोक्रेट नेता देश को बांटने की कोशिश कर रहे हैं. ट्रंप ने कहा था, 'वे (डेमोक्रेट्स) महाभियोग के जरिए जबरन निशाना बना रहे हैं और काफी बुरी चीजें उनके साथ हो रही हैं. आप देख रहे है कि चुनाव में क्या हो रहा है? हर कोई कह रहा है कि 'यह सच में बकवास है'.'

हिट-एंड-रन केस में दो भारतीय छात्रों की मौत, आरोपी ने किया समर्पण
4 December 2019
वाशिंगटन: अमेरिकी (America) राज्य टेनेसी में एक हिट-एंड-रन (Hit and Run) की घटना में दो भारतीय छात्रों की मौत हो गई. आरोपी ने खुद को पुलिस के समक्ष समर्पण कर दिया. मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई. नॉक्सविले स्थित डब्ल्यूवीएलटी-टीवी ने एक रिपोर्ट में कहा कि यह दुर्घटना 28 नवंबर को थैंक्सगिविंग डे पर हुई थी और पीड़ितों की पहचान 26 वर्षीय वैभव गोपीसेट्टी और 23 वर्षीय जूडी स्टेनली पिनहिरो के रूप में की गई, जो टेनेसी स्टेट यूनिवर्सिटी में भारतीय छात्र थे.
आरोपी डेविड टॉरेस के जीएमसी ट्रक की कथित तौर पर 2015 निसान सेंट्रा से टक्कर हो गई, जिसे आगे की सीट पर पिनहिरो के साथ बैठे गोपीसेट्टी चला रहे थे. पुलिस ने कहा कि ट्रक ने कार के पैसेंजर साइड को टक्कर मार दी. प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि जीएमसी की रफ्तार काफी तेज थी और चौराहे पर वह रेड लाइट की ओर तेजी से मुड़ी. टॉरेस ने एक दिसंबर को मेट्रो नैशविले पुलिस के सामने समर्पण कर दिया.
यूनिवर्सिटी ने भी एक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया, "टेनेसी स्टेट यूनिवर्सिटी परिवार थैंक्सगिविंग की रात एक ऑटो दुर्घटना में मारे गए दो छात्रों की मौत से दुखी है. 23 वर्षीय जूडी स्टेनली और 26 वर्षीय वैभव गोपीसेट्टी भारत के रहने वाले स्नातक छात्र थे, जो कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर से खाद्य विज्ञान में पढ़ाई कर रहे थे. स्टेनली मास्टर डिग्री के लिए और गोपीसेट्टी डॉक्टरेट के लिए पढ़ाई कर रहे थे."

राजपक्षे ने ईस्टर संडे आतंकी हमलों की जांच तेज करने के दिए निर्देश
4 December 2019
कोलंबो: श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे (Gotabaya Rajapaksa) ने 21 अप्रैल को हुए ईस्टर (Easter) संडे के आतंकी हमलों की जांच करने वाली एक समिति को निर्देश दिया है कि वे अपनी जांच को तेज कर सभी अपराधियों की पहचान करें और उन्हें कानून के कटघरे में खड़ा करें. उनके कार्यालय द्वारा मंगलवार को जारी एक बयान में यह बात कही गई.
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, राष्ट्रपति राजपक्षे ने हमलों की जांच और पूछताछ के लिए राष्ट्रपति जांच आयोग (पीसीओआई) के सदस्यों के साथ चर्चा की. इस दौरान उन्होंने कहा कि उक्त घटना की जड़ों और इसके तौर-तरीकों की पहचान करने के साथ ही हत्याकांड से संबंधित सभी सूचनाओं को उजागर करने की तत्काल आवश्यकता है.
राष्ट्रपति ने कहा कि खुफिया अधिकारियों के साथ सुरक्षा स्थिति की लगातार समीक्षा की गई है. राजपक्षे ने पीसीओआई से आगे ऐसी त्रासदियों की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए सिफारिशें करने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है.
उन्होंने विशेष आयोग द्वारा सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने की भी पेशकश की. 21 अप्रैल के आत्मघाती हमलों में 250 से अधिक लोग मारे गए थे. इन हमलों में इस द्वीपीय देश श्रीलंका (Srilanka) में तीन चचरें और तीन लक्जरी होटलों को निशाना बनाया था. एक स्थानीय चरमपंथी समूह नेशनल तौहीद जमात को इस हमले के लिए जिम्मेदार माना गया है.

पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की तबीयत बिगड़ी, दुबई के अस्पताल में भर्ती
3 December 2019
इस्लामाबाद: पाकिस्तान (Pakistan) के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ (Pervez Musharraf) को दिल और रक्तचाप संबंधी समस्या के बाद दुबई ( Dubai,) के एक अस्पताल (Hospital) में भर्ती कराया गया है. उनके पार्टी के सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है.
डॉन न्यूज के मुताबिक, सोमवार को टेलीविजन चैनलों ने 'आपातकालीन उपचार की आवश्यकता' का हवाला देते हुए पूर्व राष्ट्रपति को दुबई के अमेरिकी अस्पताल में एक स्ट्रेचर पर ले जाने के फुटेज दिखाए थे, जिसकी पुष्टि बाद में उनकी पार्टी ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग के सूत्रों ने की.
पार्टी के प्रवक्ता ने कहा, "वह स्वास्थ्य संबंधी कुछ गभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं और हाल ही में उन्हें सीने में दर्द और बैचेनी की शिकायत भी रही है."
उन्होंने कहा, "डॉक्टरों ने उनके ठहरने के स्थान पर जाकर उन्हें आगे की जटिलताओं से बचने के लिए फौरन अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी. पूर्व राष्ट्रपति के कुछ परीक्षण हुए हैं, जो उनके स्वास्थ्य की स्थिति बताने में मदद करेंगे."

वेस्ट बैंक में इजरायली बस्तियों को लेकर फिलिस्तीन ने की अमेरिका की निंदा
2 December 2019
रामल्ला: फिलिस्तीन ने वेस्ट बैंक के दक्षिण में स्थित हेब्रोन शहर में एक नई बस्ती बसाने के इजरायल के निर्णय का समर्थन करने पर अमेरिका की आलोचना की है.
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने फिलिस्तीन लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन के महासचिव सएब एरेकात के हवाले से कहा, 'कब्जे वाले हेब्रोन में अवैध बस्ती बसाने का इजरायल का निर्णय उपनिवेशवाद को वैधता देने के अमेरिका (US) के निर्णय का पहला ठोस परिणाम है.' उन्होंने ट्वीट किया, 'बस्तियों के खिलाफ प्रतिबंध लगाने समेत ठोस कदम उठाना अंतर्राष्ट्रीय जिम्मेदारी है.'
उनका यह ट्वीट इजरायल के रक्षामंत्री नाफ्ताली बेनेट द्वारा हेब्रोन में नई बस्ती के निर्माण को मंजूरी देने के बाद आया है. इजरायल की बस्ती बसाने की गतिविधियां फिलिस्तीन से उसके बीच शांति वार्ता में बाधा अटकाने वाले सबसे प्रमुख मुद्दों में से है.
फिलिस्तीन के हालिया आंकड़ों के अनुसार, वेस्ट बैंक में 135 बस्तियों और 100 अवैध आउटपोस्ट्स में लगभग चार लाख अवैध इजरायली रह रहे हैं. यहां फिलिस्तीन की जनसंख्या बढ़कर 26 लाख हो चुकी है.

मोरक्को में सड़क दुर्घटना में 8 की मौत, कई घायल
2 December 2019
रबात: मोरक्को के बाब मारजौका नगर के निकट एक बस पलटने से आठ लोगों की मौत हो गई और 42 लोग घायल हो गए. यह नगर राजधानी रबात से 300 किलोमीटर पूर्व में है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, रविवार हुई दुर्घटना में घायल हुए लोगों को ताजा शहर में एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
स्थानीय प्रशासन ने कहा कि दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच चल रही है. मोरक्को में तेज रफ्तार, खराब सड़कों और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण खतरनाक दुर्घटनाएं आम हैं.
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मोरक्को में 2019 की पहले चार महीनों में सड़क दुर्घटनाओं में 1,357 लोगों की मौत हो चुकी है.

भाग रहे अपराधियों ने डांस पार्टी में घुसकर पुलिस पर की फायरिंग, भगदड़ में 9 की मौत
2 December 2019
ब्राजीलिया: ब्राजील के साओ पाउलो शहर में एक कार्यक्रम में भगदड़ मचने से कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई और सात अन्य लोग घायल हो गए. प्रशासन ने यह जानकारी दी. यह दुर्घटना रविवार को पराइसोपोलिस में एक फंक डांस पार्टी में घटी. पार्टी में लगभग 5,000 लोग थे, तभी पुलिस दो संदिग्धों का पीछा करते हुए वहां पहुंच गई. पुलिस पर गोलीबारी करने के बाद ये लोग कार्यक्रम की भीड़ में शामिल हो गए थे.
भीड़ ने पुलिस पर टूटी बोतलें और पत्थरबाजी करनी शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस ने प्रतिक्रिया में आंसू गैस के गोले और रबर की गोलियां चलानी शुरू कर दीं. जिससे वहां भगदड़ मच गई और इसमें नौ लोगों की मौत हो गई. साओ पाउलो मिलिट्री पुलिस के प्रवक्ता एमर्सन मासेरा ने मीडिया से कहा कि 'अपराधियों के भीड़ में शामिल होने के बाद भी पुलिस पर गोलीबारी करने से भगदड़ शुरू हुई.'
उन्होंने कहा, "पुलिस से बचने के लिए अपराधियों ने भीड़ का उपयोग मानवीय ढाल के रूप में की. जब पुलिस पहुंची तो लोग अधिकारियों की तरफ बढ़ गए और अधिकारियों ने आत्मरक्षा में यह कार्रवाई की." मृतकों में सात पुरुष, एक महिला और एक 14 वर्षीय किशोर है.
साओ पाउलो राज्य के गवर्नर जोआओ डोरिया ने इस घटना पर दुख जताया है और परिस्थितियां जांचने के तथ्यों और घटना के जिम्मेदार लोगों की पहचान के लिए सख्त जांच के आदेश दिए हैं.

तुर्की में अंतर्राष्ट्रीय रेशम मार्ग उद्यमी शिखर सम्मेलन आयोजित, 23 देशों के 700 मेहमानों ने लिया हिस्सा
30 November 2019
बीजिंग: चौथा अंतर्राष्ट्रीय रेशम मार्ग उद्यमी शिखर सम्मेलन तुर्की (Turkey) के ट्राबजोन में आयोजित हुआ. 23 देशों से आए 700 से अधिक मेहमानों ने इस सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में भाग लिया. तुर्की कोष व वित्त मंत्री बरत अलबारक ने कहा कि चीन द्वारा पेश बेल्ट एंड रोड (Belt And Road) पहल तुर्की की मध्य कॉरिडोर योजना से मिलती जुलती है. इस बार के उद्यमी शिखर सम्मेलन में दोनों को और अच्छी तरह से जोड़ा जा सकेगा और रेशम मार्ग से संबंधित देशों के बीच आर्थिक व व्यापारिक सहयोग का और विस्तार किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि इस बार के शिखर सम्मेलन में रेशम मार्ग से संबंधित क्षेत्रों में सहयोग और घनिष्ठ होंगे और बाजार का विस्तार किया जाएगा. खास तौर पर काला सागर और कैस्पियन सागर के देशों के बीच व्यापार व पूंजी-निवेश का विकास करने और क्षेत्रीय उद्योग व वाणिज्य व्यवसाय में सहयोग के नए मौके को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की जाएगी. गौरतलब है कि तुर्की स्थित चीनी राजदूत डेन ली और चीनी पूंजी वाले उद्यमों के प्रतिनिधि मंडल ने भी इस सम्मेलन में भाग लिया.

मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन को 5 साल की जेल
30 November 2019
माले: मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन को धनशोधन मामले में दोषी पाया गया और उन्हें पांच साल कारावास की सजा सुनाई गई. इसके साथ ही उनपर 50 लाख डॉलर का जुर्माना भी लगाया गया है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, मालदीव के अपराध न्यायालय के न्यायाधीश अली रशीद ने गुरुवार को कहा कि निसंदेह साबित हो चुका है कि यामीन ने धन लिया था और उन्हें पता था कि यह गबन है.
यामीन पर एक निजी कंपनी के जरिए 10 लाख डॉलर सरकारी धन प्राप्त करने का आरोप है. यह धन होटल के विकास के लिए द्वीपों को पट्टों पर देने के सौदे के तहत प्राप्त किया गया. हालांकि, पूर्व राष्ट्रपति ने सभी आरोपों से इनकार किया.
स्थानीय मीडिया रिपटों में कहा गया है कि महाअभियोजक कार्यालय ने मालदीव पुलिस सर्विस के एक बयान के बाद पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ धनशोधन और गबन व जांच को गुमराह करने के लिए झूठे बयान देने का आरोप लगाया. यामीन के समर्थक गुरुवार शाम सुनवाई के विरोध में कोर्ट क्षेत्र के चारों तरफ जमा हो गए और उनकी रिहाई के लिए नारेबाजी करने लगे.

अफगानिस्तान में बोले डोनाल्ड ट्रंप, 'तालिबान समझौता चाहता है'
30 November 2019
काबुल: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अफगानिस्तान में पहली बार अमेरिकी सैनिकों के साथ 'थैंक्सगिविंग' मनाने ेके लिए देश का औचक दौरा किया और वहां तैनात सैनिकों को आश्वासन दिया कि तालिबान बातचीत में लगा है. ट्रंप ने बाग्राम एयर बेस पर सैनिकों से कहा, 'तालिबान एक समझौता करना चाहता है.' वहां उन्होंने अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी से भी मुलाकात की. शांति वार्ता को फिर से शुरू करने के उद्देश्य से तालिबान के कैदयों की अदला-बदली के बाद यह यात्रा हुई. ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ने काफी हद तक अफगानिस्तान में सैनिकों की तैनाती में कमी कर रहा है. 2001 के 9/11 के हमलों के बाद तालिबान को हटाने के लिए अमेरिकी हस्तक्षेप के 18 साल बाद भी 13,000 अमेरिकी सेना अफगानिस्तान में बनी हुई है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, सैन्य एयर बेस में बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने इस बात को रेखांकित किया कि 'अगर तालिबान शांति समझौते पर पहुंचने के लिए अपनी प्रतिबद्धता में ईमानदार हैं, तो उन्हें युद्धविराम स्वीकार करना चाहिए.' अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिकी और अफगान सैनिक शांति समझौते तक पहुंचने के लिए तालिबान को अधिक इच्छुक बना रहे थे. समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, ट्रंप ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्हें एक दर्जन अमेरिकी सैनिकों के साथ बातें करते देखा जा सकता है और गनी उनके पीछे खड़े हैं. ट्वीट किया, 'हमारी द्विपक्षीय बैठक में, हमने पूर्वी अफगानिस्तान में दाएश (इस्लामिक स्टेट या आईएस समूह) को कुचलने सहित युद्ध के मैदान में अपने सैन्य प्रयासों में संयुक्त रूप से महत्वपूर्ण प्रगति पर चर्चा की. राष्ट्रपति ट्रंप ने अफगान सुरक्षा बलों के अथक प्रयासों की सराहना की.' बैठक के बाद दोनों राष्ट्रपतियों ने अमेरिकी सैनिकों के साथ जश्न-ए-शुक्रिया (थैंक्सगिविंग) मनाया.
श्रीलंकाई राष्ट्रपति राजपक्षे अपने पहले विदेशी दौरे पर भारत आएंगे, पीएम मोदी से करेंगे मुलाकात
26 November 2019
नई दिल्ली/कोलंबो: श्रीलंका (Sri Lanka) के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे (Gotabaya Rajapaksa) गुरुवार को अपने पहले विदेशी दौरे पर भारत पहुंच रहे हैं. इस दौरान राजपक्षे दोनों पड़ोसी देशों के संबंधों को मजबूत करने का प्रयास करेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दौरान दोनों नेता क्षेत्रीय सुरक्षा, शांति और आर्थिक विकास पर चर्चा करेंगे.
राष्ट्रपति गोटाबाया इस यात्रा के दौरान अपने भारतीय समकक्ष रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री मोदी से मिलने वाले हैं.
श्रीलंका के राष्ट्रपति के सचिव पी. बी. जयसुंदरा, विदेश सचिव रविनाथ आर्यसिन्हा, ट्रेजरी सचिव एस. आर. एट्टीगेल, राष्ट्रपति के सलाहकार ललित वीरथुंज और राष्ट्रपति के निजी सचिव सुदेश्वर बांदरा यात्रा के दौरान राष्ट्रपति के साथ होंगे.
राष्ट्रपति के रूप में राजपक्षे के चुनाव के तुरंत बाद भारत ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को कोलंबो भेजा था. इस दौरान उन्होंने श्रीलंका के नए राष्ट्रपति से मुलाकात की और उन्हें भारत आने का निमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया.
मोदी ने अपने बधाई संदेश में संबंधों को मजबूत करने के लिए श्रीलंका की सरकार के साथ काम करना जारी रखने के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई.
गुरुवार शाम पहुंच भारत पहुंच रहे श्रीलंकाई राष्ट्रपति से विदेश मंत्री जयशंकर शुक्रवार सुबह आईटीसी मौर्य में मुलाकात करेंगे.
राष्ट्रपति भवन में एक औपचारिक स्वागत समारोह के बाद, राजपक्षे और मोदी दोपहर को बातचीत करेंगे. शाम को वह राष्ट्रपति कोविंद से मुलाकात करेंगे. शनिवार को श्रीलंका के राष्ट्रपति दिल्ली में होने वाले कार्यक्रमों में शामिल होंगे और शाम को स्वदेश रवाना हो जाएंगे.

सेना प्रमुख बाजवा को झटका, PAK सुप्रीम कोर्ट ने सेवा विस्तार की अधिसूचना को निलंबित किया
25 November 2019
इस्लामाबाद: पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के सेवा विस्तार वाली अधिसूचना को निलंबित कर दिया. पाकिस्तान (Pakistan) में राजनीतिक माहौल पहले से ही काफी गर्म है. मुसीबतों ने इमरान खान (Imran Khan) सरकार को कई मोर्चो पर पहले से ही घेर रखा है. सेना और सरकार के बीच तनातनी की खबरें भी लगातार आती रहती हैं.
पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश आसिफ सईद खोसा ने सेना प्रमुख का कार्यकाल तीन साल के लिए बढ़ाने की अधिसूचना को बुधवार तक के लिए निलंबित कर दिया है. जुरिस्ट फाउंडेशन द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश मजहर आलम और मंसूर अली शाह के साथ प्रधान न्यायाधीश की तीन सदस्यीय पीठ ने इस निलंबन का निर्णय दिया.
जुरिस्ट फाउंडेशन ने सेना प्रमुख को दिए गए सेवाविस्तार को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देते हुए इसे गैरकानूनी करार देकर रद्द करने की मांग की है. बाजवा 29 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय ने अगस्त में सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा (Qamar Javed Bajwa) के सेवाविस्तार वाली अधिसूचना को जारी किया था. इस पर सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश आसिफ सईद खोसा ने कहा, "सिर्फ पाकिस्तान के राष्ट्रपति ही सेना प्रमुख के सेवाविस्तार का आदेश दे सकते हैं."
अटॉर्नी जनरल अनवर मंसूर खान ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि बाजवा का कार्यकाल राष्ट्रपति आरिफ अल्वी (Arif Alvi) की मंजूरी के बिना नहीं बढ़ाया गया है. उन्होंने कहा, "संघीय कैबिनेट ने इसकी मंजूरी दी है." सुप्रीम कोर्ट ने इसमें शामिल सभी पक्षों को नोटिस जारी किया है. बुधावार को मामले की फिर सुनवाई होगी.

अफगानिस्तान की वायुसेना का आतंकी ठिकानों पर हमला, 9 तालिबान आतंकी मारे गए
25 November 2019
काबुल: अफगानिस्तान (Afghanistan) के पूर्वी लघमान प्रांत में अफगानिस्तान वायुसेना द्वारा किए गए दो अलग-अलग हवाई हमलों में करीब नौ तालिबानी आतंकवादियों के मारे जाने की जानकारी सामने आई है. देश की राजधानी काबुल (Kabul) से 90 किलोमीटर पूर्व में स्थित लघमान में तालिबान (Taliban) आतंकवादी सक्रिय हैं.
एएनएएसओसी के बयान के हवाले से समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने जानकारी दी कि अफगान नेशनल आर्मी स्पेशल ऑपरेशंस कॉर्प्स (एएनएएसओसी) के ऑपरेशंस कमांड द्वारा अलिशिंग और पड़ोसी जिला अलिंगार में आतंकवादियों के ठिकानों पर हमले की मंजूरी के बाद देर सोमवार को हमले शुरू कर दिए गए. बयान के अनुसार, "सेना का विशेष बल आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई को तेज करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा."

ग्रीस में आंधी-बारिश का कहर, 3 की मौत, 300 से ज्यादा घर तबाह
25 November 2019
एथेंस: ग्रीस (Greece) में रविवार से चल रहे बेहद खराब मौसम के चलते मरने वालों की संख्या तीन हो गई है. यहां रोड्स द्वीप पर सोमवार को एक बुजुर्ग महिला की उसके घर में मौत हो गई. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, विकलांग महिला का बेसमेंट अपार्टमेंट बाढ़ (Flood) के पानी से भर गया जिसके बाद उसकी मौत हो गई.
इससे पहले सोमवार को ग्रीक अधिकारियों ने दो आदमियों के शव बरामद किए, जिनकी नौका तेज हवाओं के बीच पश्चिमी ग्रीस में रविवार को डूब गई थी और वे तब से लापता थे. सोमवार को ही अग्निशमन विभाग ने एथेंस के दक्षिण-पश्चिम में किनेटा में घरों और कारों से 40 लोगों को निकालने में मदद की. इंफ्रास्ट्रक्चर एवं परिवहन मंत्रालय के शुरुआती अनुमानों के अनुसार, इलाके में लगभग 300 घरों को नुकसान पहुंचा है.

लोकतंत्र समर्थक समूहों को बड़ी बढ़त, 278 सीटों पर जीत दर्ज
25 November 2019
हांगकांग: हांगकांग (Hongkong) में जिला परिषद चुनाव के शुरुआती परिणामों में लोकतंत्र समर्थक आंदोलन ने अभूतपूर्व बढ़त बना ली है. अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीजिंग (Beijing) समर्थक उम्मीदवारों के 42 सीटों पर जीत की तुलना में लोकतंत्र समर्थक उम्मीदवारों ने अबतक 278 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है. हांगकांग जिला पार्षदों के पास अल्प राजनीतिक शक्ति है और ये मुख्य रूप से बस मार्गो, कबाड़ एकत्रीकरण जैसे स्थानीय मुद्दे देखते हैं. और इस तरह आम लोगों में इन चुनावों के प्रति कुछ खास लगाव नहीं है, लेकिन यह चुनाव पहला ऐसा मौका है, जब लोगों को मतपत्र के माध्यम से मुख्य कार्यकारी कैरी लैम के इस संकट से निपटने पर अपने विचार से अवगत कराने का मौका मिला है. यह संकट प्रत्यर्पण कानून के कारण उत्पन्न हुआ है. हालांकि कानून को वापस ले लिया गया है.
बीबीसी के अनुसार, मतगणना प्रक्रिया देखने के लिए भी भारी भीड़ उमड़ रही है. याऊ मा तेई उत्तरी मतदान केंद्र के दरवाजे खुलते हुए स्थानीय निवासी वहां इकट्ठे हो गए और वे जनता के लिए रिक्त स्थान पर इकट्ठे हो गए. इससे लगता है कि वे सुनिश्चित करना चाहते हैं कि मतगणना प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी हो. बीबीसी के अनुसार, एक के बाद एक चौंकाने वाले परिणाम आने पर भीड़ चिल्लाकर खुशी जाहिर कर रही है.
अस्थिरता के बीच वोटों के साथ छेड़खानी होने या उनके रद्द होने के डर के बावजूद पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही. रिकॉर्ड 41 लाख लोगों को मतदान के लिए पंजीकृत किया गया था, जो कुल जनसंख्या के आधे से भी ज्यादा है. और 452 सीटों पर 29 लाख से ज्यादा लोगों (71 प्रतिशत से ज्यादा) ने मतदान किया. यह आंकड़ा 2015 में 47 प्रतिशत था.

अफगान का तालिबान पर हवाई हमला, एक नेता समेत 3 आतंकवादी मारे गए
25 November 2019
काबुल: अफगानिस्तान (Afghanistan) के हेरात व फराह प्रांतों में अफगान नेशनल आर्मी के एयर फोर्स द्वारा किए गए हवाई हमलों में तीन तालिबान (Taliban) आतंकवादी मारे गए. कमांड ऑफ स्पेशल फोर्सेज ने रविवार को यह जानकारी दी. समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने अफगान नेशनल आर्मी स्पेशल ऑपरेशंस कॉर्प के बयान के हवाले से कहा कि रविवार को स्थानीय समयानुसार सुबह 9.48 बजे हेरात प्रांत के शिंदनाद जिले में एक हवाई हमले में मरवान बजबोरी मारा गया. बजबोरी, तालिबान का एक स्थानीय नेता था और आतंकवादियों को हथियार व गोला-बारूद उपलब्ध कराता था.
बयान में कहा गया कि पड़ोसी फराह प्रांत में स्थानीय समयानुसार शनिवार सुबह 9.26 बजे असद जमकई गांव में हवाई हमले के दौरान दो आतंकवादी मारे गए और एक अन्य घायल हो गया. बयान में कहा गया है कि निशाना बनाए गए आतंकवादी मुख्य सड़क के किनारे एक बारूदी सुरंग बिछा रहे थे और हमले में विस्फोटक लदा वाहन भी नष्ट हो गया. अफगान सुरक्षा बलों ने हाल में तालिबान आतंकवादियों के खिलाफ सुरक्षा ऑपरेशन बढ़ा दिया है.

खाई में बस गिरने से 10 लोगों की मौत, 20 घायल
25 November 2019
लीमा: पेरू (Peru) के मध्य में हुआनुको डिपार्टमेंट में एक यात्री बस के खाई में गिरने से 10 लोगों की मौत हो गई और 20 अन्य लोग घायल हो गए. स्थानीय मीडिया ने रविवार को यह जानकारी दी. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, जुनिन में हुआंकेयो से पूर्वोत्तर के उकायली में पुकाल्पा जा रही बस कार्पिश सुरंग से लगभग 500 मीटर दूर सड़क से फिसलकर खाई में गिर गई. टीवी चैनल कैनाल एन के अनुसार, स्थानीय समय अनुसार रात लगभग एक बजे (जीएमटी के अनुसार सुबह छह बजे) बस जब 200 मीटर गहरी खाई में गिरी तब उसमें लगभग 50 यात्री सवार थे.
सरकारी समाचार एजेंसी एंडीना ने कहा कि शुरुआती जांच से प्रतीत हो रहा है कि बारिश, रपटीले रास्ते, घने कोहरे और तेज गति के कारण बस चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया. परिवहन एवं संचार मंत्रालय के कार्गो एंड मर्चेडाइज (सुट्रन) के ग्राउंड ट्रांसपोर्टेशन फॉर पीपुल प्रमुख पैट्रिसिया कामा ने कहा कि वाहन के जीपीएस में वाहन की अंतिम रिकॉर्ड गति 47 किलोमीटर प्रतिघंटा दर्ज की गई. घायलों को क्षेत्र के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.

अमेरिका ने पाकिस्तान को चीन के चंगुल में फंसने से आगाह किया
23 November 2019
वाशिंगटन: अमेरिका ने पाकिस्तान को चीन की आर्थिक नीतियों के प्रति चेताते हुए कहा है कि चीन के साथ बड़े पैमाने के आर्थिक संबंध में लंबे समय में उसे बहुत कम फायदा होगा जबकि नुकसान बहुत अधिक होगा. अमेरिका ने यह भी कहा है कि वह पाकिस्तान के लिए चीन की तुलना में एक बेहतर मॉडल दे सकता है. अमेरिका की दक्षिण व मध्य एशिया मामलों की मंत्री एलिस वेल्स ने गुरुवार को वुडरो विल्सन इंटरनेशनल सेंटर फार स्कॉलर्स में कहा कि जिस चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) को दोनों एशियाई देश 'गेम चेंजर' के रूप में प्रचारित कर रहे हैं, वह केवल चीन के लिए ही फायदेमंद होगा. वेल्स ने कहा, 'यह स्पष्ट है, या फिर इसे स्पष्ट किए जाने की जरूरत है कि सीपीईसी किसी तरह की मदद के लिए नहीं है.'
उन्होंने कहा कि अरबों डॉलर की यह परियोजना चीन के गैर रियायती कर्जो से संचालित हो रही है जिसके लिए चीनी कंपनियां अपने कर्मचारी व सामान भेज रही हैं. और, यह सब पाकिस्तान में लगातार बढ़ रही बेरोजगारी के बीच हो रहा है. यह गलियारा पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए कड़ी परीक्षा साबित होने जा रहा है, विशेषकर आने वाले चार से छह साल में जब कर्जे के भुगतान का समय आएगा. अगर इस समय को आगे के लिए भी खिसका दिया गया तो भी यह प्रधानमंत्री इमरान खान के सुधार एजेंडे और पाकिस्तान के सिर पर तलवार की तरह लटकता रहेगा.
हाल के वर्षो में पाकिस्तान के साथ अमेरिका के संबंध अच्छे नहीं रहे हैं और पाकिस्तान को कई तरह की अमेरिकी मदद रोक दी गई है. इसके बावजूद, वेल्स ने कहा कि अमेरिका, पाकिस्तान के लिए विकास का बेहतर मॉडल दे सकता है. उन्होंने माना कि अमेरिका, पाकिस्तान के लिए सरकारी कंपनियों के प्रस्तावों के जरिए सामने नहीं आ सकता लेकिन अमेरिका से निजी स्तर पर होने वाला निवेश और यहां से मिलने वाली मदद पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को सुधार सकती है.
उन्होंने कहा कि दुनियाभर में देखा गया है कि अमेरिकी कंपनियां अपने साथ केवल पूंजी नहीं लातीं, वे अपने साथ मूल्य व विशेषज्ञता लेकर आती हैं, जो स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं के लिए क्षमता निर्माण में सहायक होती हैं.

बेनी गेंट्ज नहीं बना पाए सरकार
22 November 2019
जेरूशलम: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के प्रतिद्वंद्वी बेनी गेंट्ज ने घोषणा कर दी है कि मध्यरात्रि की समयसीमा से पहले वह सरकार नहीं बना पाए हैं. इसके साथ ही इजरायल में एक साल के अंदर तीसरी बार चुनाव होने की संभावना बढ़ गई है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, गेंट्ज ने बुधवार को कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति रूवेन रिवलिन को अपना निर्णय बता दिया और राष्ट्रपति द्वारा उन्हें पिछले महीने दिया गया सरकार बनाने का शासनादेश वापस कर दिया.
उन्होंने कहा कि नेतन्याहू ने भ्रष्टाचार के कई मामलों में संसदीय प्रतिरक्षा की मांग खत्म करने से इंकार कर दिया है, जिसमें वह मुख्य संदिग्ध हैं.
गेंट्ज ने 17 सितंबर को हुए चुनाव का हवाला देते हुए कहा, 'इजरायल के इतिहास में यह खतरनाक और पहला प्रयास है, जिसमें इजरायल के लोगों को वह सरकार नहीं बनाने दी गई हो, जिसके लिए उन्होंने वोट दिया है.'
चुनाव में गेंट्ज की पार्टी को सबसे ज्यादा वोट मिले थे. उन्होंने नेतन्याहू पर अभियोग से बचने के लिए एक साल तक अंतरिम सरकार चलाने का आरोप लगाया. इससे पहले राष्ट्रपति ने नेतन्याहू को सरकार बनाने का आमंत्रण दिया था, लेकिन वह इजरायल की 120 सीटों वाली संसद में 61 सदस्यों का समर्थन नहीं हासिल कर सके. किसी दल को अब सिर्फ 21 दिनों के अंदर 61 सदस्यों के समर्थन से संसद में सरकार बनाने का दावा पेश करना होगा, नहीं तो इसके बाद एक बार फिर चुनाव की घोषणा कर दी जाएगी.

महिंदा राजपक्षे ने श्रीलंका के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली
22 November 2019
कोलंबो: श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने गुरुवार को राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे की मौजूदगी में राष्ट्रपति सचिवालय में देश के 23वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली. संडे टाइम्स की
रिपोर्ट के मुताबिक, राजपक्षे 2005 से 2015 तक श्रीलंका के राष्ट्रपति रहे हैं. राजपक्षे, आम चुनाव के होने तक सरकार के कार्यवाहक मंत्रिमंडल का नेतृत्व करेंगे.
यह घटनाक्रम उनके पूर्ववर्ती व पूर्व सत्तारूढ़ यूनाइटेड नेशनल पार्टी के नेता रानिल विक्रमसिंघे के पद से इस्तीफा देने के एक दिन बाद सामने आया है.
विक्रमसिंघे ने अपनी पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार साजिथ प्रेमदासा के शनिवार को राष्ट्रपति चुनाव में हारने के बाद अपना इस्तीफा दिया है.

अमेरिकी का सैन्य विमान पाकिस्‍तान के हवाई क्षेत्र में घुसा, PAK ने दिया यह बयानबाजी
22 November 2019
इस्लामाबाद: पाकिस्तान में इस बात की चर्चा है कि अमेरिका के एक सैन्य विमान ने अनाधिकृत रूप से देश के हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया था. हालांकि, देश के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने इन चर्चाओं को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है. पाकिस्तानी मीडिया में इस आशय की रिपोर्ट प्रकाशित हुई हैं कि अमेरिकी सैन्य विमान बिना इजाजत पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ.
एआरवाई न्यूज ने बुधवार को सूत्रों के हवाले से बताया कि मस्कट से आने वाला यह विमान कराची (Karachi) के क्षेत्र में दाखिल हुआ. विमान के पाइलट से इजाजतनामे और कोड के बारे में पूछा गया जिस पर उसने जवाब नहीं दिया. रिपोर्ट में कहा गया है कि एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ने इसके बाद अमेरिकी विमान को चेतावनी दी जिस पर विमान पाकिस्तानी क्षेत्र से बाहर चला गया. इस बीच, 'डेली टाइम्स' की रिपोर्ट में कहा गया है कि उड्डयन विभाग के वरिष्ठ संयुक्त सचिव व प्रवक्ता अब्दुल सत्तार खोखर ने बताया कि मस्कट के अधिकारियों ने 18 नवंबर को सुबह सवा नौ बजे बताया कि एक विमान पाकिस्तानी एयरस्पेस की तरफ जा रहा है.
खोखर ने कहा, "लेकिन, विमान हमारे हवाई क्षेत्र में दाखिल नहीं हुआ और अंतर्राष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में बना रहा. अधिकारियों ने विमान से उसकी पहचान के लिए संपर्क किया लेकिन पाइलट ने जवाब नहीं दिया. विमान अमेरिकी (America) था लेकिन मैं इसकी पुष्टि नहीं कर सकता कि यह सैन्य विमान था या फिर लड़ाकू या बमवर्षक था या फिर परिवहन विमान था
पाकिस्तान (Pakistan) के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के प्रवक्ता इस्माइल खोसा ने गुरुवार को कहा कि कोई विमान पाकिस्तानी क्षेत्र में अनाधिकृत रूप से नहीं दाखिल हुआ. उन्होंने कहा, "संबद्ध विभाग ने मुझे बताया है कि कोई भी विमान पाकिस्तानी क्षेत्र में नहीं दाखिल हुआ. हमारे रिकार्ड के मुताबिक, किसी विमान ने हमारे एयरस्पेस का उल्लंघन नहीं किया है." खोसा ने कहा कि इलाके में पाकिस्तान के अलावा अन्य देशों के भी हवाई क्षेत्र हैं जिनके बारे में वह कुछ नहीं कह सकते.

बहुमत मिलने के बावजूद बेनी गेंट्ज नहीं बना पाए सरकार, जानिए क्या है वजह...
21 November 2019
जेरूशलम: इजरायल (Israel) के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के प्रतिद्वंद्वी बेनी गेंट्ज ने घोषणा कर दी है कि मध्यरात्रि की समयसीमा से पहले वह सरकार नहीं बना पाए हैं. इसके साथ ही इजरायल में एक साल के अंदर तीसरी बार चुनाव होने की संभावना बढ़ गई है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, गेंट्ज ने बुधवार को कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति रूवेन रिवलिन (Reuven Rivlin) को अपना निर्णय बता दिया और राष्ट्रपति द्वारा उन्हें पिछले महीने दिया गया सरकार बनाने का शासनादेश वापस कर दिया.
उन्होंने कहा कि नेतन्याहू ने भ्रष्टाचार के कई मामलों में संसदीय प्रतिरक्षा की मांग खत्म करने से इंकार कर दिया है, जिसमें वह मुख्य संदिग्ध हैं. बेनी गेंट्ज (Benny Gantz) ने 17 सितंबर को हुए चुनाव का हवाला देते हुए कहा, "इजरायल के इतिहास में यह खतरनाक और पहला प्रयास है, जिसमें इजरायल के लोगों को वह सरकार नहीं बनाने दी गई हो, जिसके लिए उन्होंने वोट दिया है." चुनाव में गेंट्ज की पार्टी को सबसे ज्यादा वोट मिले थे.
उन्होंने नेतन्याहू पर अभियोग से बचने के लिए एक साल तक अंतरिम सरकार चलाने का आरोप लगाया. इससे पहले राष्ट्रपति ने नेतन्याहू को सरकार बनाने का आमंत्रण दिया था, लेकिन वह इजरायल की 120 सीटों वाली संसद में 61 सदस्यों का समर्थन नहीं हासिल कर सके. किसी दल को अब सिर्फ 21 दिनों के अंदर 61 सदस्यों के समर्थन से संसद में सरकार बनाने का दावा पेश करना होगा, नहीं तो इसके बाद एक बार फिर चुनाव की घोषणा कर दी जाएगी.

यूक्रेन से ट्रंप के जांच के अनुरोध पर गवाहों को संदेह
21 November 2019
न्यूयॉर्क: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की जांच में चार मुख्य गवाहों ने इस पर संदेह व्यक्त किया है कि ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से कहा है कि वह पूर्व उपराष्ट्रपति जो बिडेन और उनके बेटे की वहां कारोबारी सौदे में संलिप्तता की जांच कराएं. राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एनएससी) में यूक्रेनी विशेषज्ञ लेफ्टिनेंट कर्नल अलेक्जेंडर विंडमैन और उपराष्ट्रपति माइक पेंस की विदेश नीति सलाहकार जेनिफर विलियम्स ने मंगलवार को स्पष्ट रूप से कहा कि ट्रंप का अनुरोध अनुचित है. डेमोक्रेट ने इन दोनों को गवाही देने के लिए कहा था. रिपब्लिकन के अनुरोध पर जिन दो अन्य लोगों को सुनवाई के लिए बुलाया गया था, जिनमें यूक्रेन के पूर्व विशेष प्रतिनिधि कर्ट वोकर और ट्रंप के पूर्व सलाहकार व एनएससी के वरिष्ठ अधिकारी टिम मॉरिसन शामिल हैं, इन्होंने राष्ट्रपति द्वारा जांच का अनुरोध करने के बारे में संदेह जाहिर किया है. पहली बार खुली सुनवाई हुई, जिसे लोगों ने सुना. जिन्होंने सीधे फोन कॉल को सुना, जिसमें ट्रंप ने अपने लाभ के लिए जेलेन्स्की से बिडेन और उनके बेटे के बारे में जांच कराने के लिए कहा था. 25 जुलाई का फोन कॉल महाभियोग के मूल में है, क्योंकि डेमोक्रेट नेताओं ने इसे अमेरिकी राजनीति में किसी बाहरी देश को खुद को शामिल करने की कोशिश करार दिया है, क्योंकि अगले साल के चुनाव में ट्रंप का सामना करने के लिए इस दौड़ में बिडेन सबसे आगे हैं. वाशिंगटन में मंगलवार को डेमोक्रेट-नियंत्रित प्रतिनिधि सभा की खुफिया समिति द्वारा सुनवाई की गई. यह 10 घंटे से ज्यादा समय तक चली. विंडमैन ने कहा कि ट्रंप को अनुरोध करते सुनना 'मेरे लिए भयानक था कि हमारी यूक्रेन नीति कैसे चल रही है और अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए इसके कितना महत्वपूर्ण निहितार्थ होने की संभावान है.' विलियम्स ने कहा कि यह 'असामान्य और अनुचित' और राजनीतिक था. लेकिन मॉरिसन ने कहा कि ट्रंप का अनुरोध करना गलत नहीं था, फिर भी यह ऐसा कुछ नहीं था, जिसके लिए उन्हें सिफारिश करने की जरूरत थी. वोकर ने कहा कि 2016 के चुनाव में यूक्रेन की भागीदारी के बारे में यूक्रेन के नेता से बिडेन पिता-पुत्र के बारे और सिद्धांतों की जांच करने के लिए कहना अमेरिका के लिए यूक्रेन के साथ हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति के हिस्से के रूप में आगे बढ़ने के लिए मायने नहीं रखते. राष्ट्रीय टेलीविजन पर सुनवाई अक्सर पार्टी के प्रचार अभियानों की तरह थी, जिसमें दोनों पक्ष के नेताओं नागरिकों के सामने प्रत्यक्ष रूप से अपनी बात रखी. उन्होंने एक-दूसरे पर हमला करने के साथ ही ट्रंप और स्पीकर नैंसी पेलोसी पर भी निशाना साधा.
श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने इस्तीफा दिया
21 November 2019
कोलंबो: श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफे दे दिया. इसके बाद अपनी पसंद के प्रतिनिधियों व नई सरकार की नियुक्त को लेकर नए राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे का अब रास्ता साफ हो गया है. हाल ही में संपन्न हुए चुनावों में राष्ट्रपति पद के विपक्षी उम्मीदवार गोटाबाया राजपक्षे को जीत मिली और उनके राष्ट्रपति चुने जाने के बाद प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे का इस्तीफा सामने आया है.
राजपक्षे पहले ही संकेत दे चुके हैं कि वह नए संसदीय चुनाव तक 15 सदस्यीय कार्यवाहक मंत्रिमंडल की नियुक्ति करेंगे. नए राष्ट्रपति संसदीय चुनाव होने तक कार्यवाहक मंत्रिमंडल नियुक्त कर सकें, इसके लिए पहले ही मंत्रिमंडल के कई सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है.
श्रीलंका के संविधान के अनुसार, प्रधानमंत्री अगले संसदीय चुनाव होने तक अपने पद पर कार्य कर सकता है. हालांकि, अपनी ही पार्टी के दबाव के चलते विक्रमसिंघे ने पद छोड़ने का फैसला किया. श्रीलंका में संसदीय चुनाव अगले साल अप्रैल में होने हैं. कोलंबो गजट के अनुसार, विक्रमसिंघे को जनवरी 2015 में प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया था. इसके बाद मैत्रीपाला सिरिसेना ने 2015 का राष्ट्रपति चुनाव जीता था.

2016 में ढाका कैफे हुए हमले का फैसला 27 नवंबर को
18 November 2019
ढाका: बांग्लादेश में आतंकवाद-रोधी न्यायाधिकरण 2016 में हुए हॉले आर्टिसान कैफे पर हुए हमले के मामले में 27 नवंबर को अपना फैसला सुनाने वाला है. हमले में विदेशी समेत 22 लोग मारे गए थे. बीडी न्यूज24 ने सोमवार को लोक अभियोजक गुलाम सरवर खान जाकिर के हवाले से कहा, "ढाका के आतंकवाद-रोधी विशेष न्यायाधिकरण के न्यायाधीश मोहम्मद मुजीबुर रहमान ने मामले में सरकार और बचाव पक्ष की बहस और सुनवाई के बाद फैसले के लिए तिथि मुकर्रर कर दी."
इससे पहले मामले में आठ प्रतिवादियों ने एक जुलाई, 2016 को हुए वीभत्स हमले में खुद को दोषी नहीं ठहराने का अनुरोध किया था. हमले के दौरान पांच सशस्त्र आतंकवादियों ने ढाका स्थित हॉले आर्टिसान कैफे को 12 घंटे तक अपने कब्जे में ले लिया था और वहां स्थित दर्जनों लोगों को बंधक बनाने के साथ नौ इतालवी और सात जापानियों समेत 22 लोगों की हत्या कर दी थी.
आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट(आईएस) ने हमले की जिम्मेदारी ली थी, हालांकि बांग्लादेश सरकार ने कहा था कि हमले के पीछे जिहादी समूह जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश(जेएमबी) का हाथ है.
अदालत ने 27 अक्टूबर को मामले में 113 गवाहों के बयान को दर्ज करने का काम पूरा कर लिया था.

जांच अधिकारी हुमायूं कबीर ने कहा, "मामले में 21 संदिग्धों में से 13 को विभिन्न समय, विभिन्न छापों में मार गिराया गया है और बचे आठ आरोपी जेल में बंद हैं."
मामले में शामिल मारे गए 13 आतंकवादियों में वे आतंकवादी भी शामिल हैं, जिन्हें घटना के दौरान बंधकों को छुड़ाने के प्रयास में मार गिराया गया था.

काबुल में सैनिक ट्रेनिंग सेंटर के बाहर आत्मघाती हमला, 4 जवान घायल
18 November 2019
काबुल: अफगानिस्तान का पीडी9 काबुल शहर आज एक के बाद एक दो धमाकों से दहल उठा. न्यूज एजेंसी पजवोक अफगान न्यूज के मुताबिक, काबुल-जलालाबाद रोड पर काबुल सैन्य प्रशिक्षण केंद्र (KTMC) के पास हुए धमाकों में चार जवान घायल हो गए. इसे आत्मघाती हमला बताया जा रहा है. घटना के बाद सड़क पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है और सुरक्षाबल मौके पर पहुंच गए हैं. इसको लेकर अभी तक कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है.


हांगकांग में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच लड़ाई जारी, सभी स्कूल फिर बंद
18 November 2019
हांगकांग: हांगकांग के एजुकेशन ब्यूरो ने रविवार को पॉलिटेक्निक विश्वविद्यालय के बाहर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से सोमवार को सभी स्कूलों को बंद रखने की घोषणा की है. साउथ चाइना मॉर्निग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, शहर में परिवहन अव्यवस्था के कारण 14 और 15 नवंबर को स्कूलों को आधिकारिक तौर पर बंद रखा गया था. हालांकि कई लोगों ने बीते सप्ताह की शुरुआत में ही बंद करने का विकल्प चुना था.वहीं, लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शन को देखते हुए ब्यूरो ने किंडरगार्डेन, प्राईमरी स्कूलों और सेकेंडरी स्कूलों और विशेष स्कूलों को एक और दिन बंद रखने का निर्णय लिया. ब्यूरो ने रविवार को एक बयान में हालांकि कहा कि स्कूलों को फिर से कक्षा शुरू करने की तैयारी करनी चाहिए, लेकिन छात्र घर पर ही रहें और किसी भी अवैध गतिविधियों में भाग न लें.ब्यूरो ने कहा, "सड़कों और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में सुधार के बावजूद अभी भी अनियमितताएं हैं." यह घोषणा रविवार की सुबह हांगकांग के प्रदर्शनकारियों द्वारा लोगों और चीन के पीपुल लिबरेशन आर्मी (पीएलए) पर पत्थर फेंके जाने पर आंसूगैस के गोले दागे जाने के बाद की गई.
नवाज शरीफ को इलाज के लिए विदेश जाने की मिली इजाजत, सरकार कोर्ट में ऑर्डर के ख़िलाफ ड्राफ्ट सौंपेगी
16 November 2019
लाहौर: लाहौर हाईकोर्ट (Lahore High Court) ने आज (शनिवार) पाकिस्तान (Pakistan) के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ (Nawaz Sharif) को पाकिस्तान से बाहर विदेश में जाकर इलाज करवाने की इजाज़त दे दी. आपको बता दें कि नवाज शरीफ को 26 अक्टूबर के दिन दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ा था, जिसके बाद से उनकी हालत नाजुक बनी हुई है. नवाज शरीफ विदेश जाकर अपना इलाज करवाना चाहते हैं लेकिन नवाज का नाम 'मनी लॉन्ड्रिंग केस' में फंसे होने की वजह से 'नो फ्लाई लिस्ट' (No Fly List) में है और इसी वजह से वो पाकिस्तान के बाहर नहीं जा सकते थे.
नवाज पिछले एक साल से लाहौर जेल में बंद हैं, वो एक मनी लॉन्ड्रिंग केस में 7 साल की सजा काट रहे हैं.
लाहौर हाईकोर्ट ने नवाज शरीफ और उनके भाई शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) का विदेश जाने का प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर लिया और पाकिस्तान सरकार (Pakistan Government) को ऑर्डर दिया कि वो नवाज शरीफ को इलाज के लिए विदेश जाने से ना रोकें. लेकिन इसके बावजूद भी पाकिस्तान सरकार ने नवाज को इलाज के लिए विदेश जाने देने के ऑर्डर का विरोध करने का फ़ैसला किया है और वो कोर्ट में ऑर्डर के ख़िलाफ ड्राफ्ट सौंपेगी.
आपको बता दें कि इससे पहले पाकिस्तान सरकार की कैबिनेट ने नवाज शरीफ को ऑफर दिया था कि अगर वो अपने इलाज के लिए युनाइटेड किंगडम (United Kingdom) जाना चाहते हैं तो उन्हें अपनी जमानत के तौर पर 700 करोड़ रूपए जमा करवाने होंगे. नवाज शरीफ ने पाकिस्तान सरकार के इस ऑफर को रिजेक्ट कर दिया था.

मतदाताओं को ले जा रही 2 बसों पर बंदूकधारियों ने की गोलीबारी
16 November 2019
कोलंबो:अज्ञात बंदूकधारियों के एक समूह ने शनिवार को श्रीलंका के मन्नार जिले में मतदाताओं (voters) को ले जा रही दो बसों पर अंधाधुध गोलीबारी की. बता दें देशभर में शनिवार को राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान हो रहे हैं. पुलिस के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी.
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, "समूह ने पहली बस पर पत्थर फेंके, जिससे बस की खिड़कियों के शीशे टूट गए और फिर उन लोगों ने पीछे से दूसरी बस पर अंधाधुंध गोलीबारी करनी शुरू कर दी." उन्होंने कहा कि कोई भी यात्री घायल नहीं हुआ है लेकिन बसों को नुकसान पहुंचा है.
प्रवक्ता ने कहा कि पुलिसकर्मियों के घटना स्थल पर पहुंचने से पहले बंधूकधारियों का समूह भागने में सफल रहा और बताया कि मतदाताओं को सुरक्षित रूप से उनके मतदान केंद्रों तक पहुंचा दिया गया. अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और पुलिस फिलहाल घटना की जांच कर रही है.
राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान जारी
श्रीलंका के आठवें राष्ट्रपति का चुनाव करने के लिए शनिवार को देशभर में मतदान हो रहा है, जिसमें मुख्य रूप से सत्तारूढ़ न्यू डेमोक्रेटिक फ्रंट (एनडीएफ) के साजित प्रेमदासा और श्रीलंका पोडुजना पेरमुना (एसएलपीपी)के गोतबाया राजपक्षे के बीच मुकाबला है। 12,845 मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे से शुरू हुआ मतदान शाम 5 बजे समाप्त होगा।
लगभग 1.6 करोड़ श्रीलंकाई अपने मताधिकार का प्रयोग करने के पात्र हैं। इस बार रिकॉर्ड 35 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं।
राजपक्षे और प्रेमदासा के अलावा, अन्य महत्वपूर्ण उम्मीदवार मार्क्‍सवादी जनत विमुक्ति पेरमुना (जेवीपी) या पीपल्स लिबरेशन फ्रंट के अनुरा कुमारा डिसेनायका और नेशनल पीपल्स मूवमेंट (एनपीएम) के महेश सेनानायके हैं, जो सेना में 36 साल सेवा देने के बाद अगस्त 2019 में सेवानिवृत्त हुए थे।

कुवैत की सरकार का इस्तीफा स्वीकार, अगले साल हो सकते हैं संसदीय चुनाव
15 November 2019
कुवैत सिटी: कुवैती अमीर शेख सबा अल-अहमद अल-जबर अल-सबा ने गुरुवार को प्रधानमंत्री द्वारा सौंपी गई सरकार का इस्तीफा स्वीकार कर लिया. कुवैत न्यूज एजेंसी (केयूएनए) ने यह जानकारी दी.
केयूएनए ने बताया कि अमीर ने कैबिनेट को आदेश दिया कि जब तक नई सरकार नहीं बनेगी, तब तक वह कार्यवाहक के रूप में काम करे.
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, कुवैत के प्रधानमंत्री शेख जबर अल-मुबारक अल-हमाद अल-सबाह ने गुरुवार को अपनी सरकार का इस्तीफा अमीर को सौंप दिया.
सरकार के आधिकारिक प्रवक्ता, तारेक अल-मिजरेम ने विस्तृत ब्यौरा दिए बिना एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा इस्तीफा सरकारी कार्यों को पुनर्व्यवस्थित करने के लिए सौंपा गया.
कुवैत में लगातार कैबिनेट फेरबदल होता रहा है. नवीनतम कैबिनेट को गठित हुए दो साल से भी कम समय हुआ था.

मात्र 24 घंटे बचे नवाज के लिए! डॉक्टर बोले- जल्द भेजो विदेश; सरकार बोली- पहले 7 अरब रुपए दो
15 November 2019
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का इलाज कर रहे चिकित्सकों ने कहा है कि शरीफ की हालत बेहद नाजुक है और उन्हें इलाज के लिए अगले 24 घंटे के अंदर ही विदेश ले जाना जरूरी है. उनका कहना है कि अगर इसमें देरी की गई तो पूर्व प्रधानमंत्री की जान को खतरा हो सकता है. मीडिया रिपोर्ट में एक तरफ नवाज शरीफ की सेहत को लेकर इस तरह की रिपोर्ट हैं, दूसरी तरफ उनका नाम विदेश जाने के लिए प्रतिबंधित लोगों की सूची एग्जिट कंट्रोल लिस्ट (ईसीएल) से निकालने को लेकर पाकिस्तान में जमकर राजनीति हो रही है.
सरकार ने नवाज शरीफ को चार हफ्ते के लिए सशर्त विदेश जाने की अनुमति दी है जिसके खिलाफ नवाज शरीफ की पार्टी मुस्लिम लीग-नवाज ने गुरुवार शाम को लाहौर हाईकोर्ट की शरण ली. हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई की और इसे कल (शुक्रवार) तक के लिए स्थगित कर दिया.
लाहौर हाईकोर्ट ने मुस्लिम लीग-नवाज द्वारा नवाज शरीफ का नाम बिना शर्त ईसीएल से निकालने की याचिका पर सुनवाई की. सरकारी वकील ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि नवाज शरीफ अभी रिहा हैं. अदालत ने उनसे पूछा कि क्या सरकार के पास इसका अधिकार है कि वह ईसीएल से नाम निकालने के लिए शर्त लगाए. अदालत ने पूछा कि क्या नवाज शरीफ इलाज के लिए विदेश जाना चाहते हैं. इस पर नवाज के वकील ने कहा कि हां, जाना चाहते हैं, अगर उन्हें इसकी इजाजत दी जाए तो.
अदालत ने संघीय सरकार के वकील को जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए सुनवाई कल (शुक्रवार) तक के लिए स्थगित कर दी. भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी करार दिए जा चुके नवाज शरीफ को अदालतों ने सेहत के आधार पर जमानत दी है.
पाकिस्तान की सरकार ने कहा है कि वह करीब सात अरब रुपये (पाकिस्तानी) बॉन्ड के रूप में जमाकर विदेश जा सकते हैं. इस पर मुस्लिम लीग-नवाज ने कहा कि यह रकम एक तरह से अवैध वसूली है और नवाज इस शर्त को कबूल नहीं करेंगे. उन्हें इलाज के लिए विदेश जाने की बिना शर्त इजाजत मिले.


15 November 2019

भारत से तल्‍ख रिश्‍ते रखना पाकिस्‍तान को पड़ रहा भारी, इस वजह से अब कपड़ा इंडस्‍ट्री पड़ी ठप
13 November 2019
नई दिल्‍ली : जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) से अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाए जाने के बाद भारत (India) से तल्‍ख रिश्‍ते बनाए पाकिस्‍तान (Pakistan) को काफी नुकसान झेलना पड़ा रहा है. खास तौर से कारोबारी लिहाज से, जिसका असर न केवल उसकी इंडस्‍ट्रीज पर पड़ रहा है, बल्कि आम जनता भी इससे बेहद जूझ रही है. दरअसल, भारत से कारोबारी रिश्‍ते खत्‍म कर देने की वजह से पाकिस्‍तान में कपास की भारी कमी हो गई है. नतीजतन उसका कपड़ा इंडस्‍ट्री ठप पड़ गई है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान में कपास (Cotton) उत्पादन में करीब 35 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. इसकी बड़ी वजह है भारत से व्यापार बंद होने के कारण पाकिस्‍तान के कपड़ा उद्योगों के पास कपास का न पहुंचना.
व्‍यापारिक संबंध खत्‍म होने से पहले पाकिस्‍तान बड़ी तादात में भारत से कपास मंगाता था. सीमावर्ती देश होने के कारण पाकिस्तान को भारत से कपास आयात करने में ट्रांसपोर्टेशन की लागत भी बेहद कम आती थी, लेकिन अब यह बंद है, जिसके चलते वह कपास की कमी से निपटने के लिए दूसरे मुल्‍कों पर निर्भर हो चला है और उसने अमेरिका, स्पेन और ब्राज़ील से कपास का आयात शुरू कर दिया है. यह उसे भारत से कपास आयात करने की तुलना में बहुत महंगा पड़ रहा है.
पाकिस्तान कॉटन जिनर्स एसोसिएशन (पीसीजीए) ने भी हाल ही में कपास के उत्पादन में 26.54 फीसदी की गिरावट की आशंका जताई थी. भारत पाकिस्तान के बीच रिश्ते बिगड़ने के बाद कपास उद्योग को बड़ा झटका लग गया.
इस समय भारतीय कपास का भाव करीब 69 सेंट प्रति पौंड है... जबकि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कपास का भाव 74 सेंट प्रति पौंड है. इस लिहाज से भी पाकिस्तान के लिए भारत से कपास का आयात करना सस्ता पड़ता है.

ब्रिक्स सम्मेलन : ब्राजील पहुंचे पीएम मोदी, व्यापार-आतंकवाद मुद्दों पर रहेगा फोकस
13 November 2019
नई दिल्ली: ब्राजील में आज (13 नवंबर) से शुरू हो रहे ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) बुधवार दोपहर करीब 2 बजे ब्राजील पहुंचे. यहां राजधानी ब्रासीलिया में एयरपोर्ट पर उनका स्‍वागत किया गया. ब्राजील रवाना होने से पहले मंगलवार को उन्होंने कहा कि वह व्यापक सहयोग के विभिन्न मुद्दे पर चारों देशों के नेताओं के साथ चर्चा करने को लेकर आशान्वित हैं. उन्होंने कहा कि वह ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर.एम. बोल्सनारो के साथ भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी को बढ़ाने के तरीकों पर उनसे चर्चा करेंगे. पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, "मैं इस वर्ष 13 और 14 नवंबर को ब्राजील में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लूंगा. सम्मेलन का थीम 'नवाचार भविष्य के लिए आर्थिक वृद्धि' है. मैं ब्रिक्स नेताओं के साथ विविध विषयों पर व्यापक सहयोग के संबंध में चर्चा को लेकर आशान्वित हूं." ब्राजील की राजधानी ब्रासीलिया में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी का फोकस आतंकवाद विरोधी सहयोग बढ़ाने पर भी रहेगा. उन्होंने कहा कि ब्रिक्स सम्मेलन से इतर, वह ब्रिक्स व्यापार फॉरम को संबोधित करेंगे और इसके साथ ब्रिक्स व्यापार परिषद और न्यू डवलपमेंट बैंक के अधिकारियों से संवाद करेंगे. ब्रिक्स विश्व की पांच उभरती अर्थव्यवस्था के संघ का एक शीर्षक है. इसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं.
जिंदगी-मौत से जूझ रहे नवाज; लंदन जाने में इमरान सरकार ने लगाया अड़ंगा, चली नई चाल
13 November 2019
इस्लामाबाद: गंभीर रूप से अस्वस्थ पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री मंगलवार को भी इलाज के लिए लंदन रवाना नहीं हो सके. सरकार उनका नाम 'एग्जिट कंट्रोल लिस्ट' (ईसीएल) से निकालने पर अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है. इस मुद्दे पर कैबिनेट की उपसमिति की मंगलवार को हुई बैठक में कोई फैसला नहीं किया जा सका है. ईसीएल में उन लोगों का नाम शामिल है जिन पर आपराधिक मामलों के कारण पाकिस्तान से बाहर जाने पर रोक लगी हुई है. भ्रष्टाचार के मामले में दोषी करार दिए जा चुके नवाज शरीफ का नाम इस लिस्ट में है.
उनकी गंभीर हालत को देखते हुए अदालत ने इलाज के लिए उन्हें आठ हफ्ते की जमानत दी हुई है. उनके परिजन उन्हें इलाज के लिए लंदन ले जाना चाहते हैं लेकिन ईसीएल संबंधी कानूनी बाध्यता के कारण वे मंगलवार को भी ऐसा नहीं कर सके.इससे पहले शरीफ की रविवार (10 नवंबर) और सोमवार (11 नवंबर) की उड़ानों को रद्द करना पड़ा और आज (मंगलवार को) भी वह लंदन नहीं रवाना हो सके.
इस्लामाबाद: गंभीर रूप से अस्वस्थ पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री मंगलवार को भी इलाज के लिए लंदन रवाना नहीं हो सके. सरकार उनका नाम 'एग्जिट कंट्रोल लिस्ट' (ईसीएल) से निकालने पर अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है. इस मुद्दे पर कैबिनेट की उपसमिति की मंगलवार को हुई बैठक में कोई फैसला नहीं किया जा सका है. ईसीएल में उन लोगों का नाम शामिल है जिन पर आपराधिक मामलों के कारण पाकिस्तान से बाहर जाने पर रोक लगी हुई है. भ्रष्टाचार के मामले में दोषी करार दिए जा चुके नवाज शरीफ का नाम इस लिस्ट में है.
उनकी गंभीर हालत को देखते हुए अदालत ने इलाज के लिए उन्हें आठ हफ्ते की जमानत दी हुई है. उनके परिजन उन्हें इलाज के लिए लंदन ले जाना चाहते हैं लेकिन ईसीएल संबंधी कानूनी बाध्यता के कारण वे मंगलवार को भी ऐसा नहीं कर सके.इससे पहले शरीफ की रविवार (10 नवंबर) और सोमवार (11 नवंबर) की उड़ानों को रद्द करना पड़ा और आज (मंगलवार को) भी वह लंदन नहीं रवाना हो सके.

बांग्लादेश में 2 यात्री ट्रेनों के बीच भीषण टक्कर, 15 लोगों की मौत
12 November 2019
ढाका : बांग्लादेश (Bangladesh) के ब्राह्मणबाड़िया जिले में मंगलवार को दो यात्री ट्रेनों के बीच आमने-सामने की टक्कर के बाद कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई. अखौरा रेलवे पुलिस के प्रमुख श्यामल कांति दास के हवाले से बीडीन्यूज 24 ने बताया कि सिलहट से चटगांव जाने वाली उदयन एक्सप्रेस की मंगलवार तड़के 2.15 बजे चटगांव से ढाका जाने वाली टुर्ना निशिता से मोंडोभाग रेलवे स्टेशन पर टक्कर हो गई.
उपायुक्त हयात-उद-दौला खान के अनुसार, नौ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह अन्य की विभिन्न अस्पतालों में मौत हुई. इस दुर्घटना के बाद चटगांव और सिलहट के साथ ढाका का रेल लिंक प्रभावित हुआ.
जिले के पुलिस प्रमुख मोहम्मद अनीसुर रहमान ने कहा कि मृतकों की संख्या बढ़ने की संभावना है क्योंकि 28 घायलों में से कई की हालत गंभीर है. उन्होंने कहा कि बचाव अभियान जारी है. हादसे के कारणों की जांच की जा रही है.

अफगानिस्तान: विपक्षी विरोध के बावजूद राष्ट्रपति चुनाव के वोटों की गिनती फिर शुरू
11 November 2019
काबुल : अफगानिस्तान (Afghanistan) के स्वतंत्र चुनाव आयोग (आईईसी) ने 28 सितंबर हुए राष्ट्रपति चुनावों में डाले गए वोटों की गिनती करनी फिर से शुरू कर दी है. प्रमुख चुनाव प्रचार टीमों के विरोध के बावजूद वोटों की गिनती शुरू की गई है, जिन्होंने धोखाधड़ी वाले वोटों को छांटने की मांग की है. सोमवार को यह जानकारी दी गई. टोलो न्यूज ने आईईसी सचिवालय के प्रमुख हबीब-उर-रहमान नांग के हवाले से बताया कि कुल 26,000 में से 8,494 मतदान केंद्रों के मतों की गणना फिर की जाएगी.
धोखाधड़ी और तकनीकी समस्या संबंधी मुद्दों की रिपोर्ट के साथ पिछले कुछ हफ्तों में आयोग पर दबाव बढ़ गया है. 15 उम्मीदवारों के साथ, पिछले कुछ हफ्तों के दौरान, राष्ट्रपति अशरफ गनी और उनके मुख्य कार्यकारी अब्दुल्ला सहित प्रमुख उम्मीदवारों की टीम द्वारा आरोपों और बाधाओं के कारण मतगणना बाधित हुई है.
इस बीच, अब्दुल्ला ने रविवार को काबुल (Kabul) में अपने समर्थकों की एक सभा को संबोधित करते हुए वोटिंग की प्रक्रिया पर अपना रुख स्पष्ट कर दिया. अब्दुल्ला ने कहा, "पिछले पैंतालीस दिनों में, 2,400 बैलेट बॉक्स उन लोगों के नियंत्रण में थे, जिन्होंने चुपके से धोखाधड़ी की साजिश रची है और बॉक्स में कुछ भी मिल सकता है." टोलो न्यूज के अनुसार, चुनावी कानून के अनुच्छेद 19 के अनुसार, मतभेद की स्थिति में केवल बायोमेट्रिक पंजीकृत वोटों की ही फिर से गणना की जानी चाहिए.
राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार फरमर्ज तमन्ना ने कहा, "नॉन-बायोमेट्रिक वोट, साथ ही चुनाव तिथि पर उपयोग किए गए वोटों की फिर से गिनती होगी. इन वोटों को किसी भी परिस्थिति में नहीं गिना जाना चाहिए." अब्दुल्ला के अलावा, राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों की परिषद - जिसमें राष्ट्रपति पद के 18 में से 10 उम्मीदवार शामिल हैं- ने भी रविवार को फिर से वोटों की गिनती कराने की प्रक्रिया का बहिष्कार किया.
राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार और परिषद के सदस्य शहाब हकीमी ने कहा, "हमारा रुख पहले की तरह ही है. हम चुनावों का बहिष्कार करना चाहते थे, इसलिए हम नतीजों का भी बहिष्कार करते हैं." राष्ट्रपति चुनाव 28 सितंबर को हुए थे. आईईसी के अनुसार, प्रारंभिक परिणाम गुरुवार को घोषित किए जाएंगे.

पाकिस्तान: नवाज शरीफ को इलाज के लिए भेजा जाएगा लंदन, डॉक्टरों ने पूरी की तैयारी
11 November 2019
लाहौर: पाकिस्तान (Pakistan) के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ (Nawaz Sharif) इलाज के लिए लंदन जाने के लिए एग्जिट कंट्रोल लिस्ट (ईसीएल) से नाम हटाए जाने का इंतजार कर रहे हैं, वहीं डॉक्टर उनके शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या कम से कम यात्रा के लिए जरूरी स्तर तक लाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. डॉन न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) प्रवक्ता मरियम औरंगजेब ने रविवार को कहा कि सोमवार को शरीफ की लंदन रवानगी की संभावनाओं को देखते हुए उन्हें बड़ी मात्रा में स्टेरॉएड दिया गया है.
उन्होंने कहा, "डॉक्टरों ने उन्हें बार-बार इतनी ज्यादा मात्रा में स्टेरॉएड्स देने के खिलाफ चेतावनी दी है." उन्होंने कहा, "शरीफ की प्लेटलेट्स बढ़ाने के चक्कर में वे और जोखिम नहीं ले सकते." औरंगजेब ने कहा कि शरीफ की प्लेटलेट्स में लगातार होती गिरावट से डॉक्टर चिंतित हैं. उन्होंने कहा, "वे इस बात को लेकर आशंकित हैं कि उनका इलाज कैसे किया जाए. उन्हें उनके स्वास्थ्य में और गिरावट होने की चिंता है."
मरियम ने कहा कि शरीफ की तबियत आगे भी बिगड़ती है, तो उन्हें विदेश ले जाना लगभग असंभव हो जाएगा. इस्लामाबाद (Islamabad) हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह शरीफ को अल-अजीजिया मिल घोटाले में मिली सात साल की सजा उनके स्वास्थ्य के आधार पर निलंबित कर उन्हें आठ सप्ताह की जमानत दी थी. इससे पहले उन्हें इसी आधार पर लाहौर हाईकोर्ट से भी चौधरी चीनी मिल मामले में जमानत मिल गई थी.
इस बीच विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने रविवार को कहा कि डॉक्टरों द्वारा शरीफ का जीवन बचाने के लिए विदेश में इलाज कराने पर जोर देने के बाद उन्हें विदेश भेजने के बीच आने वाली सारी कानूनी अड़चनें हटाई जा रही हैं. डॉन न्यूज के अनुसार, सरकार ने शनिवार को शरीफ का नाम नो-फ्लाई सूची से हटाने में देरी की, जिसके बाद उन्हें रविवार को इलाज के लिए लंदन जाने की योजना रद्द करनी पड़ी.

रूसी प्रोफेसर के बैकपैक में मिला प्रेमिका का हाथ
11 November 2019
मॉस्को: रूस में इतिहास के एक प्रख्यात प्रोफेसर के बैकपैक से उनकी प्रेमिका पूर्व छात्रा का हाथ मिला है. प्रोफेसर ने उसकी हत्या की बात कबूल कर ली है. रूस के बंदरगाह शहर सेंट पीटर्सबर्ग नदी में उन्हें एक बैकपैक के साथ पाया गया, जिसमें उनकी पूर्व छात्रा का हाथ मिला है. सेंट पीटर्सबर्ग पुलिस ने प्रोफेसर ओलेग सोकोलोव (63) को अपनी पूर्व छात्रा अनसतासिया येसचेंको (24) की हत्या मामले में हिरासत में ले लिया है.
मास्कोटाइम्स डॉट कॉम के मुताबिक, पुलिस ने उसके बाद प्रोफेसर के घर की तलाशी ली, जहां छात्रा का सिर कटा शव मिला. सेंट पीटर्सबर्ग स्टेट यूनिवर्सिटी में अनसतासिया प्रोफेसर की छात्रा थी और बाद में दोनों ने मिलकर कई किताबें भी लिखी.
लोकल मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि प्रोफेसर जब छात्रा के अंग नदी में फेंकने गया था, उस समय वह शराब के नशे में था और नदी में जा गिरा था. बताया जाता है कि छात्रा के अंगों को ठिकाने लगाने के बाद प्रोफेसर की आत्महत्या करने की योजना थी.
अनसतासिया प्रोफेसर के साथ रिश्ते में थी, और कथित तौर पर दोनों के बीच हुई एक बहस के दौरान दुर्घटनावश प्रोफेसर ने उसकी हत्या कर दी.
प्रोफेसर फिलहाल अस्पताल में भर्ती है और तनाव में है.
प्रोफेसर और अनसतासिया दोनों ने फ्रेंच इतिहास का अध्ययन किया था और वे पारंपरिक परिधान पहनने के शौकीन थे. प्रोफेसर अक्सर नेपोलियन बोनापार्ट जैसी ड्रेस पहनते थे.

ईरान में 5.9 तीव्रता का भूकंप, 5 की मौत; 120 से ज्यादा घायल
8 November 2019
तेहरान: ईरान के पूर्वी अजरबैजान प्रांत में रिक्टर पैमाने पर 5.9 की तीव्रता वाला भूकंप आने के बाद शुक्रवार को कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई और 120 से अधिक घायल हो गए.
प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, प्रांतीय राजधानी तबरेज से लगभग 120 किलोमीटर दूर भूकंप की गहराई 8 किलोमीटर रही और इसने पास के टार्क शहर को प्रभावित किया.
दहशत के कारण कई लोग अपने घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए.
यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर (ईएमएससी) के अनुसार, लगभग 2 करोड़ लोगों ने ईरान और संभवत: पड़ोसी तुर्की में भूकंप के झटके को महसूस किया.
प्रेस टीवी ने पूर्वी अजरबैजान के संकट प्रबंधन केंद्र के प्रमुख मोहम्मद बाकर होनर के हवाले से कहा कि कम से कम आठ बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में भेजे गए.
प्रारंभिक रिपोटरें में मियानेह शहर के कम से कम तीन गांवों में घरों और इमारतों को बड़ा नुकसान होने की पुष्टि हुई है.

चीन : 10 देश खोलेंगे राष्ट्रीय फ्लैगशिप स्टोर, ई-कॉमर्स अंतरराष्ट्रीय सहयोग को देंगे बढ़ावा
8 November 2019
बीजिंग : चीन (China) अंतर्राष्ट्रीय आयात एक्सपो में चीन सरकार ई-कॉमर्स (E-Commerce) अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देगी. एक्सपो के दूसरे दिन कई विदेशी वित्त पोषित उद्यमों ने अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए. अमेरिकी (America) कंपनी जॉनसन समूह उनमें से एक है. जॉनसन चीनी शाखा के अध्यक्ष डेंग शू ने कहा, "हम अलीबाबा ग्रुप के ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म लाजादा के माध्यम से दक्षिण पूर्व एशिया के साथ अधिक आयात-निर्यात करने को तैयार हैं, ताकि एक स्थायी और स्थायी रणनीतिक साझेदारी बन सके."
इसके साथ ही न्यूजीलैंड (Newzealand), चिली, सिंगापुर (Singapore), मलेशिया (Malaysia), फिलीपींस, रूस, पेरू, और अर्जेटीना सहित 10 देशों ने भी घोषणा की कि वे राष्ट्रीय फ्लैगशिप स्टोर खोलने के लिए अलीबाबा (Alibaba) के टीमॉल के साथ सहयोग करेंगे. चीनी वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल की पहली तीन तिमाहियों में, चीन के ऑनलाइन खुदरा बाजार में स्थिर और तेजी से विकास हुआ. राष्ट्रीय ऑनलाइन खुदरा बिक्री मात्रा 73.2 खरब युआन तक पहुंची, जो पिछले साल की तुलना में 16.8 प्रतिशत अधिक है.

बिना पासपोर्ट के एक साल तक करतारपुर साहिब आ सकेंगे श्रद्धालु: पाकिस्तान
8 November 2019
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को साफ किया कि करतारपुर गुरुद्धारे आने वाले श्रद्धालुओं को पासपोर्ट लाने से छूट दी गई है और वे अगले एक साल तक बिना पासपोर्ट करतारपुर यात्रा कर सकेंगे. मंत्रालय ने कहा है कि पाकिस्तान ने बाबा गुरु नानक के 550वें प्रकाशोत्सव के अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए सद्भावना के तहत यह फैसला किया है.
गौरतलब है कि इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा था कि इस साल 12 नवंबर को मनाए जाने वाले बाबा गुरु नानक के प्रकाशोत्सव के अवसर पर करतारपुर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पासपोर्ट की बाध्यता नहीं होगी. लेकिन, इसके बाद सेना के प्रवक्ता ने यह बयान दिया कि करतारपुर आने वाले श्रद्धालुओं को अपने साथ पासपोर्ट लाना होगा.
पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ. मुहम्मद फैसल ने गुरुवार को प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि इस साल करतारपुर गलियारे के उद्घाटन के अवसर पर यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पासपोर्ट साथ लाने की बाध्यता नहीं होगी, साथ ही यात्रियों को पूरे एक साल तक इससे छूट दी जाएगी.
पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा के प्रमुख मेजर जनरल आसिफ गफूर ने कहा था कि करतारपुर कॉरिडोर के माध्यम से पाकिस्तान के पंजाब प्रांत स्थित करतारपुर गुरुद्वारे आने वाले भारतीय यात्रियों के पास पासपोर्ट होना अनिवार्य होगा. उन्होंने कहा था कि सुरक्षा के लिहाज से यह जरूरी है. सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता.
गफूर के इस बयान के बारे में पूछे जाने पर फैसल ने कहा, "यह (करतारपुर यात्रियों के लिए पासपोर्ट एक साल तक अनिवार्य नहीं होना) विदेश मंत्रालय की आधिकारिक अवस्थिति है. आईएसपीआर का बयान भी इससे अलग नहीं है."
प्रवक्ता ने कहा कि करतारपुर गलियारे के उद्घाटन के बाद नौ और दस नवंबर को श्रद्धालुओं से बीस डॉलर का सेवा शुल्क नहीं लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के सद्भावना के कदमों के तहत दस दिन पहले यात्रा के लिए सूचित किए जाने की जरूरत को भी समाप्त किया गया है.
उन्होंने कहा कि भारतीय राजनेता नवजोत सिंह सिद्धू को करतारपुर की यात्रा के लिए पाकिस्तान ने वीजा जारी कर दिया है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की इच्छुक है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सदियों से प्राचीन सभ्यताओं का केंद्र रहा है. देश में मौजूद हिंदू और बौद्ध स्थलों को विकसित करने पर अब जोर दिया जाएगा.
उन्होंने इस बात को गलत बताया कि पाकिस्तान करतारपुर कॉरिडोर के जरिए खालिस्तान आंदोलन को बढ़ावा दे रहा है. उन्होंने कहा, "हमारी नीति में ऐसी कोई नकारात्मकता नहीं है."
उन्होंने कहा कि करतारपुर गलियारा परियोजना पूरी तरह से प्रधानमंत्री इमरान खान की पहल है जिसे 'काफी हिचकिचाहट के बाद भारत ने मंजूर किया.'
यह पूछे जाने पर कि क्या पाकिस्तान कारगिल और लद्दाख के सीमावर्ती इलाकों में भी परिवारों को मिलने-जुलने देने के लिए ऐसे ही गलियारे खोलेगा, फैसल ने कहा कि 'पाकिस्तान को इसमें कोई आपत्ति नहीं है लेकिन विचार विमर्श के प्रति भारत की हिचकिचाहट एक बड़ी बाधा है.'

आर्थिक भगोड़े नीरव मोदी को फिर झटका, लंदन में 5वीं बार जमानत याचिका खारिज
6 November 2019
नई दिल्ली. लंदन की अदालत ने आर्थिक भगोड़े नीरव मोदी (Nirav Modi) की जमानत याचिका खारिज कर दी है. लंदन की कोर्ट (London's Court) ने पांचवी बार नीरव मोदी की याचिका खारिज की है. नीरव मोदी 14,000 करोड़ रुपये के पीएनबी घोटाले (PNB Scam) का मुख्य आरोपी है. नीरव मोदी लगभग दो अरब डॉलर के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी और धनशोधन मामले में भारत को प्रत्यर्पित किए जाने के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है.
अनुमान है कि नीरव मोदी को लंदन में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट (Westminster Magistrates) की अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा. उसके खिलाफ अगले साल मई में मुकदमे की सुनवाई शुरू होगी और वह तब तक जमानत पाने की कोशिश कर रहा है.
इस जेल में बंद है आरोपी
वह इंग्लैंड की सबसे भीड़भाड़ वाली जेलों में से एक दक्षिण-पश्चिम लंदन के वैंड्सवर्थ जेल में मार्च से बंद है. ब्रिटेन की क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (सीपीएस) के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘जमानत याचिका पर बुधवार छह नवंबर को वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में सुनवाई होगी. सुनवाई से पहले याचिका के आधार को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है.’’ सीपीएस प्रत्यर्पण मामले में भारत सरकार का पक्ष अदालत में रख रही है.

हांगकांग में बीजिंग समर्थक सांसद पर चाकू से हमला, फूल लेकर पहुंचा था हमलावर
6 November 2019
हांगकांग. हांगकांग (Hong Kong) में बीजिंग समर्थक एक नेता पर बुधवार को चाकू (Knife) से हमला हुआ. हमला तब हुआ जब सांसद जूनिस हो हांगकांग के बाहरी क्षेत्र में चीन की सीमा से लगते अपने निर्वाचन क्षेत्र तेन मून में चुनाव प्रचार कर रहे थे. हमलावर उनके पास बुके (Bouquet) लेकर आया था.
सीसीटीवी (CCTV) फुटेज में हमलावर व्यक्ति नेता से एक तस्वीर (Photo) खिंचवाने का अनुरोध करता दिख रहा है और तुरंत ही वह अपने बैग से चाकू (Knife) निकाल कर नेता पर हमला कर देता है. लोकतंत्र समर्थकों के बीच जूनिस बेहद अलोकप्रिय हैं.
पुलिस ने कहा कि हमले में तीन लोग घायल हुए हैं. हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया है.
राष्ट्रपति शी चिनफिंग को दिया समर्थन
इस बीच हांगकांग की नेता कैरी लैम ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई को चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने एक मुलाकात के दौरान समर्थन दिया है. इससे पहले रविवार को एक व्यक्ति ने लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों पर चाकू से हमला किया था.
लोकतंत्र के नेता का चबा लिया था कान
हमलावर ने लोकतंत्र के नेता एंड्रयू चियू का कान चबा लिया था. दरअसल हमलावर लोगों पर हमला करने के बाद भागने की फिराक में था और चियू ने उसे पकड़ने की कोशिश की थी. घटना के बाद लोगों ने उसके साथ मारपीट की और पुलिस के हवाले कर दिया. हमले में पांच लोग घायल हो गए थे, जिनमें

कर्मचारी के साथ आपसी सहमति से संबंध बनाने पर मैकडॉनल्ड्स ने सीईओ ईस्टरब्रुक को निकाला
5 November 2019
न्यूयॉर्क। मैकडॉनल्ड्स ने रविवार को कहा कि कंपनी के अध्यक्ष और सीईओ स्टीव ईस्टरब्रुक को एक कर्मचारी के साथ आपसी सहमति से संबंध बनाने के मामले में निकाला जा रहा है। उनकी जगह मैकडॉनल्ड्स यूएसए के अध्यक्ष क्रिस केम्पजिंस्की को सीईओ नियुक्त किया गया है। उन्हें निदेशक मंडल के लिए भी चुना गया था। कंपनी ने एक बयान में कहा कि ईस्टरब्रुक को कंपनी से अलग कर दिया गया है। कंपनी की नीति का उल्लंघन करने और एक कर्मचारी के साथ हाल में सहमति से संबंध बनाने के खराब फैसले की वजह से बोर्ड के दृढ़ संकल्प के बाद उन्हें कंपनी से अलग कर दिया गया है।
कंपनी पुष्टि करती है कि यह नेतृत्व परिवर्तन कंपनी के परिचालन या वित्तीय प्रदर्शन से संबंधित नहीं है। मैकडॉनल्ड्स के कर्मचारियों को भेजे गए एक ईमेल में ईस्टरब्रुक ने कहा कि उनका कर्मचारी के साथ आपसी सहमति से बना संबंध 'एक गलती' था, जिसने कंपनी की नीति का उल्लंघन किया था। कंपनी के मूल्यों को देखते हुए, मैं बोर्ड से सहमत हूं कि यह मेरे लिए पद छोड़ने का समय है।
कंपनी ने कहा कि प्रेसिडेंट ऑफ इंटरनेशनल ऑपरेटेड मार्केट्स जो एर्लिंगर मैकडॉनल्ड्स यूएसए के प्रमुख के रूप में कार्यभार संभालेंगे। अपनी सबसे हालिया कमाई की रिपोर्ट में 22 अक्टूबर को मैकडॉनल्ड्स ने कहा कि तीसरी तिमाही में मुनाफे में 1.8 प्रतिशत की गिरावट आई। कंपनी के राजस्व 1.1 प्रतिशत पर पहुंचकर 5.4 अरब डॉलर हो गया है। बताते चलें कि मैकजॉनल्ड्स के 100 से अधिक देशों में 38,000 रेस्तरां हैं।
फास्ट फूड की दिग्गज कंपनी ने वैश्विक तुलनीय बिक्री में 5.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका में जबरदस्त वृद्धि शामिल है। मगर, टेक्नोलॉजी, रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर खर्च बढ़ने से कंपनी का मुनाफा कम हो रहा है। हाल के वर्षों में मैकडॉनल्ड्स ने होम डिलीवरी और मोबाइल पे में पहल करने के लिए भारी निवेश किया है।

चीन ने लॉन्च किया निगरानी सैटेलाइट गाओफेन-7, कहा असैन्य क्षेत्र में होगा इस्तेमाल
5 November 2019
ताइयुआन। अंतरिक्ष में बड़ी छलांग लगाते हुए चीन ने हाई रेजोल्यूशन वाला एक सैटेलाइट लांच किया है। चीन के उत्तरी हिस्से में स्थित ताइयुआन उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र से रविवार को निगरानी सैटेलाइट गाओफेन-7 को लांच किया है। बताया जा रहा है कि यह धरती के किसी भी हिस्से की निगरानी करने में सक्षम है। हालांकि, चाइना नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (सीएनएसए) का कहना है कि गाओफेन-7 का इस्तेमाल असैन्य क्षेत्र में बड़े पैमाने पर किया जाएगा। चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, लॉन्ग मार्च -4 बी रॉकेट से भेजे गए गाओफेन-7 को अपने श्रेणी में सबसे उन्नत किस्म का सैटेलाइट है। ऑप्टिकल फाइबर से लैस यह उपग्रह दूर अंतरिक्ष से पृथ्वी पर मौजूद चीजों की सटीक तस्वीर लेने में सक्षम है।
चीन का कहना है कि इस सैटेलाइट का इस्तेमाल भूमि सर्वेक्षण व मैपिंग और सांख्यिकीय जांच जैसे कार्यों में किया जाएगा। उपग्रह गाओफेन-7 के साथ तीन अन्य सैटेलाइट भी अंतरिक्ष में भेजे गए। इन उपग्रहों को भी वैज्ञानिक प्रयोग के उद्देश्य से भेजा गया है। सैटेलाइट और कैरियर रॉकेट को चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी कॉर्पोरेशन के तहत चाइना एकेडमी ऑफ स्पेस टेक्नोलॉजी (CAST) और शंघाई एकेडमी ऑफ स्पेसफ्लाइट टेक्नोलॉजी ने विकसित किया था।
बताया जा रहा है कि उपग्रह के उपयोगकर्ता मुख्य रूप से प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय, आवास मंत्रालय और शहरी-ग्रामीण विकास मंत्रालय व राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो होंगे। सीएनएसए के अनुसार, हाई-रेजोल्यूशन के ऑप्टिकल 3डी अवलोकन डेटा और हाई परसेशन लेजर अल्टीमेट्री डेटा प्राप्त कर सकता है और चीन में नागरिक उपयोग के लिए 1:10,000 पैमाने के उपग्रह 3डी मैपिंग कर सकता है।

हांग कांग में मॉल में घुसे प्रदर्शनकारी, नेता का कान चाकू से काटा और कई लोग हुए घायल
5 November 2019
हांग कांग। सरकार के विरोध में हांग कांग में शुरू हुए विरोध प्रदर्शन खत्म होने का नाम नहीं ले रहे हैं। बीते 22 हफ्तों से प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ लामबंद हो रहे हैं। मगर, शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुआ यह प्रदर्शन अब दिनों-दिन ज्यादा हिंसक होता जा रहा है। रविवार को एक मॉल में घुसे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच संघर्ष हुआ, जिसमें चाकू लिए एक एक शख्स ने कई लोगों को घायल कर दिया और एक स्थानीय नेता का कान चाकू से काट दिया।
ताइकु शिंग के पूर्वी उपनगर सिटीप्लाजा में एक मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन कर रहे लोग पुलिस के साथ आमने-सामने आ गए और उनके बीच संघर्ष हो गया। पुलिस ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने मॉल में शांतिपूर्ण तरीके से नारेबाजी करने के बाद एक रेस्तरां में तोड़फोड़ की थी। सफेद टी-शर्ट में पहने एक व्यक्ति के बारे में माना जा रहा है कि उसने मॉल में चाकू बाजी की थी।
उसके साथ ही मॉल में मौजूद कई लोग घायल हो गए, जिन्हें प्रदर्शनकारियों ने लाठी से पीटा था। एक अन्य व्यक्ति मॉल के बाहर फुटपाथ पर खून से लथपथ पड़ा था। डेमोक्रेटिक डिस्ट्रिक्ट काउंसलर एंड्रयू चिउ भी इस हमले में घायल हो गए थे और उनके कान से खून टपक रहा था। डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद जेम्स ने संवाददाताओं को बताया कि चाकू बाज ने चिउ के कान का हिस्सा काट दिया और अन्य लोगों पर भी चाकू से वार किए थे।
उन्होंने कहा कि अन्य घायल चिउ की तुलना में अधिक गंभीर रूप से घायल हुए थे। मॉल के बाहर जमीन पर एक चाकू पड़ा हुआ था। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है, जो नारेबाजी कर रहे थे और पुलिस की क्रूरता का जिक्र करने के लिए 'ब्लैक पुलिस' चिल्ला रहे थे। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए ताइकू शिंग में ईस्ट होटल के बाहर आंसू गैस के गोले दागे। पुलिस ने पत्रकारों पर मिर्ची स्प्रे का भी इस्तेमाल उस वक्त किया, जब वे पुलिस के काफी करीब थे। इसके साथ ही एक पत्रकार को गिरफ्तार कर लिया गया।

फ्रांस में अवैध तरीके से घुसने की फिराक में थे 31 पाकिस्तानी, हुई गिरफ्तारी
4 November 2019
नाइस (फ्रांस) : दक्षिणी फ्रांस (France) में अवैध रूप से प्रवेश करने की कोशिश कर रहे 31 पाकिस्तानी प्रवासियों को एक लॉरी में छिपे हुए पाया गया. अभियोजन पक्ष ने शनिवार को इस बात की जानकारी दी. डॉन न्यूज के अनुसार, उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी (Pakistan) वाहन चालक को भी हिरासत में ले लिया गया है.
ब्रिटेन (Britain) में पिछले महीने 39 लोगों के एक रेफ्रीजरेटर ट्रक में मृत पाए जाने के बाद से खोजी अभियान चलाया जा रहा है. प्रवासी अवैध रूप से यूरोप में प्रवेश करने के लिए जोखिम उठाते रहते हैं. फ्रेंच वकील ने कहा कि 31 पाकिस्तानी प्रवासियों का यह समूह पुलिस के हाथ उस वक्त लगा, जब शुक्रवार को इटली (Italy) की सीमा के पास मोटरवे में रूटीन तलाशी चल रही थी.
आव्रजन प्रक्रियाओं के अनुसार, तीन किशोरों सहित सभी प्रवासियों को इटली के अधिकारियों को सौंप दिया गया है. दक्षिण पूर्वी शहर नाइस में स्थित वकीलों के कार्यालय की ओर से कहा गया, "जैसा कि हम हमेशा इस प्रकार के मामले में करते आ रहे हैं, हम इस गिरोह का पता लगाने और इसे पकड़वाने की कोशिश करेंगे."

भारत-उज्बेकिस्तान के बीच सैन्य चिकित्सा, शिक्षा संबंधित समझौतों पर हस्ताक्षर
4 November 2019
ताशकंद : रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की तीन दिन की ताशकंद की आधिकारिक यात्रा के दौरान भारत और उज्बेकिस्तान के बीच सैन्य चिकित्सा और सैन्य शिक्षा से संबंधित तीन समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए. अधिकारियों ने रविवार को इस बात की जानकारी दी. उज्बेकिस्तान में अपने समकक्ष मेजर जनरल बखोदिर निजामोविच कुर्बानोव के साथ रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने एक द्विपक्षीय बैठक की. जिसके बाद दोनों देशों के बीच समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए.
रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "दोनों देशों की सेनाओं के बीच सैन्य चिकित्सा को लेकर सहयोग करने के बारे में सहमति बनी. दोनों देशों के उच्च सैन्य शिक्षण संस्थानों के बीच प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण को लेकर भी हस्ताक्षर हुए."
किसी भारतीय रक्षामंत्री की 15 साल बाद इस मध्य एशियाई देश की पहली यात्रा है. भारत के सिकंदराबाद स्थित कॉलेज ऑफ डिफेंस मैनेजमेंट और ताशकंद के आर्म फोर्स अकादमी के बीच एक वीडियो-लिंक पर पहली बार आदान-प्रदान करने को लेकर सहमति बनी हैं, जिसके गवाह रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और उनके उज्बेकिस्तान समकक्ष बखोदिर बने हैं.

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति से मिले पीएम मोदी, समुद्री क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुआ भारत
4 November 2019
बैंकाक : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) व इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो (Joko Widodo) ने रविवार को साथ मिलकर शांति, सुरक्षा व समृद्धि के लिए काम करने और भारत-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सहयोग के अपने साझा विजन को हासिल करने की प्रतिबद्धता जाहिर की. भारत (India) के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि दोनों नेताओं ने आतंकवाद व चरमपंथ के खतरे पर चर्चा की और द्विपक्षीय तौर पर काम करने और इस संकट से वैश्विक रूप से निपटने पर सहमति जताई.
मोदी ने विडोडो को इंडोनेशिया (Indonesia) के राष्ट्रपति के तौर पर दूसरे कार्यकाल के लिए बधाई दी और भारत की इंडोनेशिया के साथ रक्षा, सुरक्षा, संपर्क, व्यापार व निवेश के क्षेत्र में काम करने की प्रतिबद्धता जाहिर की.
दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय व्यापार को आगे बढ़ाने पर चर्चा की और मोदी ने फार्मास्यूटिकल, ऑटोमोटिव व कृषि उत्पादों सहित भारतीय वस्तुओं के लिए बाजार की जरूरत पर बल दिया.

KGB के सार्वजनिक किए दस्तावेजों से हुआ खुलासा- कर्तव्य निष्ठ और अनुशासित जासूस थे पुतिन
1 November 2019
मॉस्को। रूस के राष्ट्रपति बनने से पहले पुतिन देश की खुफिया एजेंसी केजीबी के लिए काम करते थे। अब सार्वजनिक किए गए केजीबी के दस्तावेजों के अनुसार, अब 67 साल के हो चके पुतिन अपने करियर की शुरूआत में कर्तव्य निष्ठ और अनुशासित जासूस थे। हालांकि, सोवियत संघ के जासूस के रूप में उन्होंने क्या काम किए थे, इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं पता है। मगर, दस्तावेजों में कहा गया है कि कॉमरेड पुतिन ने लगातार अपने वैचारिक, राजनीतिक और पेशेवर स्तर को बढ़ाया है।
सार्वजनिक किए गए दस्तावेजों के अनुसार, युवा पुतिन को अपने अच्छी तरह से व्यवस्थित कार्य और नतीजों के लिए केजीबी के अपने वरिष्ठ अधिकारियों से बधाई भी मिली थी। साल 2016 में पुतिन ने खुलासा किया था कि वह भावनात्मक कारणों की वजह से अपना यूएसएसआर कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यता कार्ड को अपने पास रखते हैं। वह करीब दो दशकों से राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री के रूप में सत्ता में बने हुए हैं।
पुतिन की तारीफ में ये बातें केजीबी में उनके सीनियर अधिकारियों ने लिखी थीं। उस वक्त पुतिन की उम्र महज 20 साल थी। यह जानकारी रूसी मीडिया को जारी एक दस्तावेज में दी गई है। बताते चलें कि पुतिन ने 1970 के दशक के मध्य से गुप्त सेवा के लिए काम करना शुरू किया था और 1985 में 1990 तक पूर्वी जर्मनी के ड्रेसडेन में वह तैनात थे। उस समय सोवियत सत्ता चरमरा रही थी। उनके कई पूर्व सहयोगी वर्तमान में रूसी सरकार के महत्वपूर्ण पदों पर काम कर रहे हैं।
क्रेमलिन में पुतिन ने अपने चारों तरफ गुप्तचर सेवा केजीबी के पूर्व कर्मचारियों के अलावा अपने उत्तराधिकारी एफएसबी के अधिकारियों को भी तैनात कर रखा है, जो वर्तमान में एक शक्तिशाली एजेंसी बनी हुई है।

20 मिनट तक ट्रैक पर दौड़ती रही पाकिस्तान की बर्निंग ट्रेन
1 November 2019
मुल्तान। पाकिस्तान में कराची-रावलपिंडी तेजगाम एक्सप्रेस में लगी आग के बारे में दिल दहला देने वाली जानकारी सामने आई है। हादसे में जिंदा बचे एक पीड़ित ने बताया कि आग लगने के 20 मिनट बाद तक ट्रेन टैक पर दौड़ती रही, जिससे आग तेजी से फैल गई। जान बचाने के लिए दर्जनों लोग चलती ट्रेन से नीचे कूद गए थे, जिससे वे जलने से तो बच गए, लेकिन गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौत हो गई थी। हादसे में कुल मिलाकर 74 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 35 यात्री घायल बताए जा रहे हैं।
ट्रेन के ब्रेक की स्थिति के बारे में यह चौंकाने वाली बात उस वक्त सामने आई है, जब ट्रेन के कंडक्टर ने कहा कि आग को देखते ही ब्रेक लगा दिए गए थे और महज तीन मिनट में ट्रेन रुक गई थी। कंडक्टर सादिउ अहमद खान ने कहा कि ट्रेन के आपातकालीन ब्रेकिंग सिस्टम सही तरह से काम कर रहे थे। आग लगने के पहले संकेत मिलते ही ब्रेक लगा दिए गए थे और महज तीन मिनट में ही ट्रेन रुक गई थी। एक चालक के रूप में यह मेरे जीवन की सबसे बुरी त्रासदी है।
जांचकर्ताओं ने कहा कि वे आग लगने के समय ब्रेक की स्थिति का पता करने के लिए ट्रेन की ब्रेकिंग प्रणाली को जांचेंगे। हादसे में जिंदा बचे लोगों ने कंडक्टर को सूचित करने के लिए ट्रेन की चेन को भी खींचा था, लेकिन उसके बावजूद भी ट्रेन की रफ्तार कम नहीं हुई। पड़ोसी सिंध प्रांत के नवाबशाह शहर से पत्नी और दो बच्चों के साथ ट्रेन में सवार हुए गुलाम अब्बास ने भी अन्य यात्रियों की इस बात की पुष्टि की थी कि ट्रेन के रुकने में लगभग 20 मिनट लग गए। अब्बास ने बताया कि वह घबराए हुए यात्रियों को तेज रफ्तार से दौड़ रही ट्रेन से कूदते हुए देख रहा था।
हमें बाद में पता चला कि ट्रेन से कूदने वाले अधिकांश लोगों की मौत हो गई थी। अब्बास की पत्नी सुलाई खान बीबी ने कहा कि वह डर रही थीं कि उनके बच्चों का क्या होगा। हम मौत के बेहद करीब थे, लेकिन अल्लाह ने हमें बचा लिया। बताते चलें कि कराची से रावलपिंडी जा रही ट्रेन में राजधानी से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर गुरुवार को भीषण आग लग गई थी। हादसे के समय ट्रेन में करीब 857 यात्री सवार थे। मृतकों में अधिकांश इस्लामिक संगठन तबलीकी-ए-जमात के लोग शामिल थे। माना जा रहा है कि आग उनके ही डिब्बे में लगी थी।
बताया जा रहा है कि जमात के लोग गैस सिलेंडर से उसमें अंडे उबाल रहे थे और इस दौरान धमाका होने के बाद ट्रेन में आग लग गई थी। देखते ही देखते इस आग ने इकोनॉमी क्लास के दो और बिजनेस क्लास के एक डिब्बे को अपनी चपेट में ले लिया था। हादसा पंजाब प्रांत के रहीम यार खान कस्बे के पास हुआ था।

ट्रंप बोले- न्यूयॉर्क में मेरे साथ हुआ बुरा व्यवहार, अब फ्लोरिडा में रहूंगा
1 November 2019
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि वह अपने स्थायी निवास को न्यूयॉर्क से फ्लोरिडा के पाम बीच में स्थानांतरित कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया हा कि उनके पैतृक शहर में उनके साथ "बहुत बुरा व्यवहार" किया गया है। ट्रंप ने ट्वीट किया- मेरा परिवार और मैं फ्लोरिडा के पाम बीच को अपना स्थायी निवास बना रहे हैं। मैं न्यूयॉर्क और न्यूयॉर्क के लोगों से प्यार करता हूं और हमेशा करता रहूंगा।
मगर, दुर्भाग्य यह है कि हर साल शहर, राज्य और स्थानीय करों में लाखों डॉलर का भुगतान करने के बावजूद शहर और राज्य दोनों के राजनीतिक नेताओं ने मेरे साथ बुरी तरह से व्यवहार किया और कुछ लोगों ने तो बहुत बुरा व्यवहार किया है। द न्यू यॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप न्यूयॉर्कर (मूल रूप से न्यूयॉर्क के रहने वाले) हैं। उनकी पत्नी मेलानिया ने सितंबर में अपने अधिवास (डोमिसाइल) की व्यक्तिगत घोषणा दायर करते हुए मैनहट्टन की जगह पाम बीच को प्राथमिक निवास बताया था।
न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा है कि व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने इस बारे में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि ट्रंप ने अपना प्राथमिक निवास क्यों बदला। मगर, राष्ट्रपति के करीबी एक सूत्र ने बताया कि यह मुख्य रूप से कर बचाने के मकसद से किया जा रहा है। व्हाइट हाउस के अलावा ट्रंप का मुख्य निवास अब उनका मार-ए-लागो रिसॉर्ट होगा। राष्ट्रपति बनने के बाद से ट्रंप ने यहां सिर्फ 99 दिन ही बिताए हैं, जबकि पूर्व प्राथमिक निवास ट्रंप टॉवर में महज 20 दिन ही बिताए हैं।
ट्रंप ने कहा कि न्यूयॉर्क की हमेशा मेरे दिल में एक खास जगह होगी। मगर, न्यूयॉर्क ने हमेशा ट्रंप बदले में प्यार नहीं किया है। ट्रंप टॉवर के बाहर प्रदर्शन आम हैं। सबसे हालिया उदाहरण इस महीने की शुरुआत में तब सामने आया था, जब न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले के एक संघीय न्यायाधीश ने व्यक्तिगत और कॉर्पोरेट टैक्स रिटर्न तक पहुंच को रोकने के ट्रंप के आग्रह को खारिज कर दिया था।

अमेरिकी वायुसेना का मानवरहित अंतरिक्ष यान पृथ्वी की कक्षा में 780 दिन चक्कर लगाकर लौटा
30 October 2019
वॉशिंगटन. अमेरिकी वायुसेना का मानवरहित अंतरिक्ष यान एक्स-37बी पृथ्वी की कक्षा में 780 दिन चक्कर लगाने के बाद रविवार को लौट आया। अमेरिका करीब 10 साल से एक रहस्यमयी अभियान पर काम कर रहा है। इसके तहत भेजा गया यह सबसे लंबा मिशन था। वायुसेना के अनुसार, यह विमान छोटे से अंतरिक्ष यान की तरह दिखता है। इसे कक्षा में प्रयोगों के लिए उपयोग किया जाता है, जिसे परीक्षणों के लिए धरती पर वापस लाया जा सकता है।
स्पेस में चुनौतियां कम करने का इरादा
1. वायुसेना ने इन प्रयोगों के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी है। सिर्फ यह बताया कि इस तरह के कार्यक्रम का उद्देश्य अंतरिक्ष में चुनौतियों को कम करना और अंतरिक्ष यान तकनीक को दोबारा इस्तेमाल होने लायक बनाना है।
2. वायुसेना ने कहा- एक्स-37बी मिशन ने वायुसेना अनुसंधान प्रयोगशाला (एएफआरएल) के लिए कई प्रयोग किए। एएफआरएल अंतरिक्ष, वायु और साइबरस्पेस सेक्टरों के लिए वॉरफाइटिंग टेक्नोलॉजी विकसित करता है। इसकी वेबसाइट के अनुसार- यह लेजर हथियार विकसित कर रहा है, जिसे विमान पर लगाया जा सकता है।
3. विमान एक्स-37बी को नए नेविगेशन सिस्टम का परीक्षण करने के लिए डिजाइन किया गया है। साथ ही वायुमंडल में विमान के प्रवेश और सुरक्षित लैंडिंग के लिए बनाया गया है। वायुसेना के अनुसार, पिछले मिशनों ने नेविगेशन, थर्मल प्रोटेक्शन सिस्टम, ऑटोनोमस ऑर्बिटल फ्लाइट जैसी तकनीक का परीक्षण किया है।
2020 में छठे एक्स-37बी मिशन की तैयारी शुरू
4. एक्स-37बी स्पेसक्राफ्ट करीब 29 फीट लंबा और 9.5 फीट चौड़ा है। इसके पंख करीब 15 फीट लंबे हैं। इसे स्पेसएक्स फॉल्कन-9 रॉकेट से सितंबर 2017 में लॉन्च किया गया था। वायुसेना ने कहा है कि वह 2020 में छठा एक्स-37बी मिशन शुरू करने की तैयारी कर रहा है।

किंग सलमान ने आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया, मोदी के सम्मान में लंच की मेजबानी की
30 October 2019
रियाद. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को रियाद में सऊदी अरब के किंग सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सऊद से मुलाकात की। दोनों के बीच भारत-सऊदी के द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा हुई। सऊदी किंग ने दोनों देशों के बीच आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। विदेश मंत्रालय में वित्तीय मामलों के सचिव टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच तेल और गैस, मैरीटाइम सिक्योरिटी और तकनीक पर बात की। किंग ने मोदी के सम्मान में बैंक्वेट लंच की भी मेजाबनी की। भारतीय विदेश मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा कि यह मुलाकात दोनों देशों की सदियों पुरानी दोस्ती दर्शाती है।
मोदी ने जॉर्डन के किंग से भी मुलाकात की
इससे पहले मोदी ने रियाद में जॉर्डन के किंग शाह अब्दुल II से व्यापार और निवेश के मुद्दे पर चर्चा की। मोदी ने यूएन के मंच से आतंकवाद के खिलाफ बोलने के लिए किंग शाह अब्दुल की तारीफ की। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, मोदी इसके बाद सऊदी के 3 मंत्रियों के साथ वार्ता में शामिल हुए। यहां उनकी व्यापार और निवेश के साथ, ऊर्जा, पेट्रोल भंडारण, कौशल विकास और जल मामलों में सहयोग जैसे मामलों पर बात हुई। सऊदी किंग के न्यौते पर मोदी सोमवार रात ही रियाद पहुंचे। मोदी ने यहां फ्यूचर इंवेस्टमेंट इनीशिएटिव फोरम (एफआईआई) के तीसरे सत्र में हिस्सा लिया।
'भारत के लिए सऊदी अरब कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत'
मोदी ने अरब न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा, “भारत सऊदी अरब से अपनी जरूरत का 18% कच्चा तेल आयात करता है। इस प्रकार, सऊदी भारत के लिए कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत है। दोनों देश एक करीबी रणनीतिक साझेदारी की ओर बढ़ रहे हैं जिसमें तेल और गैस परियोजनाओं में निवेश शामिल है। हम अपनी ऊर्जा जरूरतों के महत्वपूर्ण और विश्वसनीय स्रोत के रूप में सऊदी अरब की भूमिका को अधिक महत्व देते हैं। हमारा मानना है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के विकास के लिए, विशेष रूप से विकासशील देशों के लिए तेल की कीमतों का स्थिर रहना महत्वपूर्ण हैं।”
'भारत पेट्रोलियम भंडार में अरामको की भागीदारी पाने को लेकर उत्सुक'
मोदी ने कहा, “सऊदी अरब की अरामको कंपनी भारत के पश्चिमी तट पर एक बड़ी रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल परियोजना में भाग ले रही है। हम भारत के पेट्रोलियम भंडार में अरामको की भागीदारी पाने को लेकर उत्सुक हैं। जी-20 देशों में भारत और सऊदी अरब असमानता को कम करने और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। मुझे यह जानकर खुशी हो रही है कि सऊदी अरब अगले साल जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा और भारत 2022 में स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर इसकी मेजबानी करेगा। मेरा मानना है कि एशियाई ताकत जैसे भारत और सऊदी अरब अपने पड़ोसी से एक समान सुरक्षा चिंता से पीड़ित है। इस संदर्भ में, मुझे खुशी है कि दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग विशेषकर आतंकवाद रोधी, सुरक्षा और रणनीतिक मुद्दों के क्षेत्र में प्रगतिशील है।”
कई दशक पुराने संबंध और भी मजबूत होंगे: भारत
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया, “भारत-सऊदी अरब मजबूत द्विपक्षीय प्रतिस्पर्धी हैं। इस दौरे से कई दशक पुराने संबंध और भी मजबूत होंगे।” विदेश मंत्रालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री मंगलवार को रियाद में सऊदी के कुछ मंत्रियों से भी मुलाकात करेंगे। स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप काउंसिल के साथ एक समझौते पर भी हस्ताक्षर होंगे। इस साल दिसंबर में दोनों देशों के नौसेना के बीच संयुक्त युद्धाभ्यास भी होने की उम्मीद है।

ट्रम्प का दावा- बगदादी का उत्तराधिकारी सेना के हमले में मारा गया
30 October 2019
वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने अबु बकर अल-बगदादी के उत्तराधिकारी को मार गिराया है। ट्रम्प ने यह दावा बगदादी के मारे जाने के ऐलान के लगभग 48 घंटों बाद किया है। ट्रम्प ने रविवार को घोषणा की कि अमेरिकी सेना से घिरने के बाद बगदादी ने खुद को ही उड़ा लिया था। उन्होंने कहा था कि बगदादी कुत्तों और कायरों की तरह मारा गया। बगदादी की मौत के तुरंत बाद ही मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि आईएस ने कर्दाश को अपना सरगना घोषित किया।
ट्रम्प ने ट्वीट में लिखा, “अभी पुष्टि हुई की अबु बकर अल-बगदादी का उत्तराधिकारी अमेरिकी सेना के हमले में मारा गया। माना जा रहा था कि वही आईएस का सरगना बनता, लेकिन अब वह मर चुका है।” ट्रम्प ने ट्वीट में आतंकी का नाम नहीं बताया, हालांकि माना जा रहा है कि यह कर्दाश ही है। कर्दाश इराक के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन की सेना में अफसर रह चुका था।
बगदादी ने 2014 में खुद को खलीफा घोषित किया था
कर्दाश को बगदादी का बेहद करीबी माना जाता है और दोनों 2003 में अलकायदा से संबंध होने के आरोप में इराक में बसरा स्थित जेल में एक साथ रहे थे। बगदादी को 2014 में एक मस्जिद में देखा गया था। तब भाषण देते हुए उसने खुद को इराक और सीरिया का खलीफा घोषित किया था।

इराक में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में 24 की मौत, 2000 घायल
26 October 2019
बगदाद : इराक (Iraq) सरकार ने शुक्रवार को कहा कि बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और जन सेवाओं की कमी के विरोध में चल रहे राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 24 हो गई और 2,000 से ज्यादा लोग घायल हो गए. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, इराकी इंडिपेंडेंट हाई कमीशन ऑफ ह्यूमन राइट्स (आईएचसीएचआर) द्वारा जारी बयान के अनुसार, आंसू गैस के गोलों से दम घुटने या प्रांतीय सरकारों और राजनीतिक दलों के कार्यालयों की सुरक्षा करने वाले सुरक्षाकर्मियों की गोली लगने से 24 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई.
संसद द्वारा मान्यता प्राप्त आयोग ने कहा कि राजधानी बगदाद में आठ, मायसन प्रांत में छह, धी कार प्रांत में छह और बसरा तथा मुथन्ना प्रांतों में चार प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है. प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों को मिलाकर घायलों की संख्या बढ़कर 2,047 हो गई है और राजधानी बगदाद में सबसे ज्यादा घायल हुए हैं.
बयान के अनुसार, "सबसे ज्यादा मौतें गोली लगने, आंसू गैस या रबर की गोली लगने से हुईं." शुक्रवार को शुरुआत में टिगरिस नदी के पूर्व की तरफ सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने जुलूस निकाला और इराकी सरकार का प्रशासनिक केंद्र ग्रीन जोन जाने के लिए अल-जुम्हौरिया पुल पार करने की कोशिश की.
प्रदर्शनकारियों द्वारा बार-बार पुल पार करने की कोशिश करने के बाद सुरक्षा बलों को पुल को तीन मीटर ऊंची कंक्रीट की दीवार से ब्लॉक कर दिया. इसी महीने बगदाद और अन्य मध्य तथा दक्षिणी प्रांतों में इन्हीं कारणों के कारण हुए प्रदर्शनों में सुरक्षाकर्मियों समेत 157 लोगों की मौत हो गई थी.

सऊदी अरब ने दोबारा उमरा करने पर लिए जाने वाले शुल्क को किया खत्म
26 October 2019
नई दिल्ली : सऊदी अरब(Saudi Arab) की राजशाही ने इस आशय की रिपोर्ट को गलत बताया है कि उसने वीजा के लिए शुल्क को बढ़ा दिया है. सऊदी अरब ने कहा है कि उसने वीजा प्रणाली को नया रूप दिया है और हज, उमरा के लिए आने वालों व अन्य लोगों में प्रत्येक के लिए तीन सौ सऊदी रियाल (करीब 5600 रुपये) का शुल्क तय किया है.
सऊदी अरब के दूतावास ने एक बयान में यह जानकारी देते हुए बताया है कि एक अन्य बड़े फैसले में सऊदी कैबिनेट ने दोबारा उमरा करने पर श्रद्धालुओं से लिए जाने वाले शुल्क को खत्म कर दिया है.
बयान में कहा गया है कि अभी तक नियम यह था कि अगर कोई तीन साल के अंदर दोबारा उमरा करने के लिए मक्का व मदीना की धार्मिक यात्रा करता है तो उसे दो हजार सऊदी रियाल (करीब 37700 रुपये) का अतिरिक्त शुल्क चुकाना पड़ता था. अब इस नियम को रद्द कर दिया गया है.
यह स्पष्टीकरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Narendra Modi) की 28-29 अक्टूबर को सऊदी अरब की होने वाली यात्रा से पहले सऊदी अरब द्वारा जारी किया गया है. मोदी की यात्रा के दौरान भारत व सऊदी अरब के बीच कई बड़े ऊर्जा समझौतों को अंतिम रूप दिया जाने वाला है.

बोलीविया की जनता हुई राष्ट्रपति के खिलाफ, पूरे देश में अफरा तफरी का माहौल
26 October 2019
ला पाज : विवादित परिणामों के बावजूद बोलीविया(Bolivia) के राष्ट्रपति इवो मोरालेस(Evo Morales) को राष्ट्रपति चुनावों में विजेता घोषित किए जाने के बाद पूरे बोलीविया में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं. मोरालेस का ये चौथा कार्यकाल होगा, वो बोलीविया के पहले ऐसे राष्ट्रपति हैं जो इतने लम्बे समय तक लगातार राष्ट्रपति बने रहेंगे. दरअसल बोलीविया के संविदान मुताबिक कोई भी उम्मीदवार सिर्फ 2 ही बार राष्ट्रपति बन सकता है, पर इसके बावजूद भी मोरालेस ने लगातार चौथी बार चुनाव लड़ा. जिसकी वजह से वहां की आधी से ज्यादा जनता खफा है.
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने कहा कि मोरालेस ने 47.1 फीसदी वोट हासिल किया और अपने करीबी प्रतिद्वंद्वी कार्लोस मेसा को हराया. मेसा को 36.51 फीसदी वोट मिले. मेसा ने पदासीन राष्ट्रपति पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है. इलेक्टोरल ट्रिब्यूनल के एक प्रवक्ता ने कहा कि बाकी का 0.01 फीसदी वोट बेनी के क्षेत्र में अमान्य कर दिया गया. ये वोट चुनाव के नतीजे को बदलने के लिए पर्याप्त नहीं होंगे.
मोरालेस, लातिन अमेरिका के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले नेता हैं, जो 2025 तक सत्ता में रहेंगे. इस बीच मोरालेस के विजेता घोषित किए जाने के बाद देशभर में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं. बुधवार को शुरू हुआ प्रदर्शन जारी है और मेसा ने समर्थकों से अपील की है कि वे अपना प्रदर्शन जारी रखें.

राष्ट्रपति का ऐलान- भारतीयों को हमारे यहां आने के लिए वीजा की जरूरत नहीं
25 October 2019
साओ पाउलो. भारतीय और चीनी नागरिक अब बिना वीजा के ब्राजील जा सकेंगे। राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो ने गुरुवार को कहा कि उनकी सरकार दोनों देशों के पर्यटकों और व्यापारियों के लिए वीजा खत्म करेगी। हाल ही में ब्राजील ने अमेरिका, कनाडा, जापान और ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों के लिए वीजा खत्म किया था।
ब्राजील में इसी साल चुनाव जीतकर राष्ट्रपति बने बोल्सोनारो ने अपनी नीतियों से स्पष्ट कर दिया था कि उनकी सरकार विकासशील देशों के लिए वीजा जरूरतों को खत्म करेगी। हालांकि, भारत-चीन के लिए बोल्सोनारो का यह ऐलान उनके बीजिंग दौरे से ठीक पहले आया है।
ब्रिक्स समिट में मोदी से मिलेंगे बोल्सोनारो
इस साल ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) समिट ब्राजील की राजधानी ब्रासीलिया में 13-14 नवंबर को आयोजित होगी। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हिस्सा लेंगे। माना जा रहा है कि मोदी और बोल्सोनारो यहां बैठक के दौरान कई मुद्दों पर समझौते करेंगे। इससे पहले दोनों नेता जून में जी-20 समिट के दौरान मिले थे। यहां दोनों के बीच व्यापार और कूटनीतिक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई थी।

नवाज शरीफ की हालत बेहद गंभीर; बेटी को साथ रहने की मंजूरी, विदेश में इलाज पर संशय
25 October 2019
इस्लामाबाद. पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की हालत बेहद गंभीर है। उनकी सजा के निलंबन के लिए पार्टी पीएमएल-एन ने शुक्रवार को इस्लामाबाद हाईकोर्ट में अपील दायर की गई। इस पर सुनवाई के दौरान सरकारी अस्पताल के निदेशक ने नवाज का हेल्थ अपडेट दिया। दूसरी तरफ, पूर्व प्रधानमंत्री की बेटी मरियम को अस्पताल में उनके साथ रहने की मंजूरी मिल गई। गुरुवार को सरकार ने इससे इनकार कर दिया था।
हालांकि, अब तक यह साफ नहीं है कि शरीफ को इलाज के लिए विदेश ले जाने की अनुमति मिलेगी या नहीं। हाईकोर्ट ने कहा- हम सभी बातों पर विचार कर रहे हैं। हर तथ्य और पक्ष पर विचार करेंगे। चौधरी शक्कर मिल घोटाले में नवाज को 7 साल की सजा सुनाई गई है।
तत्काल सुनवाई की मांग मंजूर
शुक्रवार को पाकिस्तान में छुट्टी थी, लेकिन नवाज की पार्टी की याचिका पर सुनवाई के लिए हाईकोर्ट की बेंच बैठी। पीएमएल-एन ने दो मांगें रखीं। पहली- गंभीर बीमारी के मद्देनजर पूर्व प्रधानमंत्री की सजा निलंबित की जाए। दूसरी- नवाज को इलाज के लिए विदेश ले जाने की मंजूरी मिले। एक अन्य मांग सरकार और स्थानीय अदालत से थी। इसमें कहा गया था कि बेटी मरियम को अस्पताल में नवाज के साथ रहने दिया जाए। मरियम खुद भ्रष्टाचार के मामले में जेल में हैं। सरकार ने गुरुवार को ये मंजूरी नहीं दी थी लेकिन शुक्रवार को इसकी इजाजत दे दी।
डॉक्टर से सवाल-जवाब
सर्विस अस्पताल में नवाज का इलाज चल रहा है। इसके निदेशक डॉक्टर सलीम चीमा खुद हाईकोर्ट में पेश हुए। उन्होंने कुछ दस्तावेज पेश करते हुए बेंच से कहा कि नवाज की हालत बेहद गंभीर है। चीमा ने कहा, “नवाज को जितने प्लेटलेट्स चढ़ाए गए वो सभी बेकार हो रहे हैं। फिलहाल, इसकी वजह नहीं जानते। 9 डॉक्टरों की टीम उन पर नजर रख रही है। पूर्व प्रधानमंत्री के कई जरूरी टेस्ट इसलिए नहीं किए जा सके हैं क्योंकि उनकी हालत बिगड़ती जा रही है।” हाईकोर्ट ने पूछा- क्या नवाज के जीवन पर खतरा है? इस पर डॉक्टर ने कहा- अगर उन्हें समय पर उचित उपचार नहीं दिया गया तो जान का जोखिम तय है।

कैलिफोर्निया के जंगलों में आग, 50 हजार लोगों को घर छोड़ने का आदेश
25 October 2019
लॉस एंजेलिस. कैलिफोर्निया के जंगलों में लगी आग 5,000 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में फैल गई है। दरअसल, लॉस एंजेलिस से लगभग 65 किमी. दूर सैंटा क्लेरिटा में सोमवार को आग लगी थी। न्यूज एजेंसी ने बताया कि अब तक 500 घर जल चुके है। कई क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
शुक्रवार को अधिकारियों ने बताया था कि सैंटा पाऊला की निवासी महिला वर्जिनिया पेसोला (70) की मौत हो गई। आग से होने वाली यह पहली मौत है। सावधानी के तौर पर दमकल विभाग ने 50,000 लोगों को घर खाली करने का आदेश दिया है।
अस्तबल में गई घोड़ों की दम घुटने से मौत
इससे पहले गुरुवार देर रात सैन डियागो के अस्तबल में आग फैलने से कई घोड़ों की दम घुटने से मौत हो गई जबकि कुछ घोड़ों को समय रहते बचा लिया गया था। आग बुझाने के लिए 1000 कर्मचारी, 500 दमकल वाहन, एयर टैंकरों और हेलिकॉप्टरों की मदद ली जा रही है।
रविवार को बढ़ सकती है हवा की रफ्तार
नेशनल वेदर सर्विस के पूर्वानुमान के अनुसार, शुक्रवार देर शाम तक तेज हवाओं के कम होने की संभावना है। हालांकि, रविवार तक इसकी रफ्तार तेज हो सकती है। उत्तरी कैलिफोर्निया के वाइन कंट्री में भी बुधवार को जंगली झाड़ियों में आग भड़की थी। बाद में यह आग 16,000 एकड़ में फैल गई थी, जिसके बाद 2000 लोगों को घर खाली करने के आदेश दिए गए थे।
लाखों उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति प्रभावित
कैलिफोर्निया के उत्तरी हिस्से में बिजली कंपनियों ने लगभग 1,80,000 उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति बंद कर दी है। कंपनियों ने चेतावनी दी है कि दुर्घटनावश और आग के फैलने का खतरा कम करने के लिए बिजली कटौती बढ़ाई जा सकती है।
काउंटी शेरिफ मार्क एस्सिक ने ढ़ांढ़स बंधाया
सोनोमा काउंटी शेरिफ मार्क एस्सिक ने कहा, ‘‘दो साल पहले ही आग ने हमारे समुदाय को तहस-नहस कर दिया था। आग लगने के बाद बहुत सारे लोगों के लिए ये तनावपूर्ण और चिंताजनक समय है।’’ 2017-18 में भी इस क्षेत्र में आग लगी थी, जिसमें 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।

हांगकांग ने आखिरकार आधिकारिक रूप से वापस लिया विवादित प्रत्यर्पण विधेयक
23 October 2019
हांगकांग: हांगकांग (Hong Kong) ने बुधवार को विवादित प्रत्यर्पण विधेयक को आधिकारिक तौर पर वापस ले लिया. इसके कारण यहां 20 सप्ताहों से प्रदर्शन चल रहे थे और राजनीतिक उथल-पुथल मची हुई थी. हांगकांग फ्री प्रैस की रिपोर्ट के अनुसार, यह कदम विधान परिषद में मुख्य कार्यकारी के संबोधन के दौरान विरोध प्रदर्शन के कारण एक सप्ताह देरी से उठाया जा सका. विधेयक की दूसरी रीडिंग बुधवार को फिर से शुरू की गई. सुरक्षा सचिव जॉन ली ने इसके बाद सदन से विधेयक वापस लेने का आग्रह किया.
दरअसल, कुछ महीने पहले हांगकांग में यह बिल लाया गया जिसमें कहा गया था कि हांगकांग में विरोध प्रदर्शन या फिर जुर्म करने वालों के खिलाफ हांगकांग में नहीं बल्कि चीन में मुकदमा चलाया जाएगा जिसके बाद प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरने लगे और चीन की नाक में दम कर दिया है. प्रदर्शनकारी स्वतंत्रता से कम किसी भी बात पर मानने को तैयार नहीं थे.

इराक में आतंकी हमला, 2 बड़े पुलिस अफसरों समेत 7 की मौत
23 October 2019
बगदाद : इराक (Iraq) के सलादीन प्रांत में आतंकवादी संगठन काफी सक्रिय है. हाल ही इस्लामिक स्टेट पर हुए हमले में पुलिस विभाग का एक जनरल कमांडर और एक ब्रिगेडियर जनरल के अलावा पांच और पुलिसकर्मी मारे गए. सलादीन के ऑपरेशनल कमांड के प्रवक्ता मोहम्मद कमल ने बताया कि स्वचालित हथियारों से लैस आतंकवादियों के एक दल ने मंगलवार को गश्ती पुलिस के संयुक्त दल और पॉपूलर मोबिलाइजेशन फोर्सेस पर हमला कर दिया.
हमले में चौथी पुलिस डिवीजन के ऑपरेशनल डायरेक्टर जनरल अली अल-लेमी, ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अलवी और पांच अन्य पुलिसकर्मी मारे गए. सूत्रों के अनुसार, एक अधिकारी समेत चार लोग घायल हो गए, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया. कमल के अनुसार, गश्ती दल क्षेत्र में एक सुरक्षा ऑपरेशन शुरू करने के लिए निरीक्षण करने आया था. इस क्षेत्र में आईएस सदस्य मौजूद हैं.
आंतरिक मंत्री यासीन अल-यसीरी ने सरकारी अल-इराकिना टीवी पर अल-लेमी की मौत की पुष्टि की है. बगदाद ने हालांकि दिसंबर 2017 में ही पूरे देश से आईएस (IS) के खात्मे की घोषणा कर दी थी, लेकिन आतंकवादी संगठन देश में अभी भी मौजूद है और इराक में प्रतिदिन होने वाले हमलों की जिम्मेदारी लेता रहता है.

सऊदी अरब का 2100 पाकिस्तानी कैदियों की रिहाई से इनकार; 6 महीने पहले हुआ था समझौता
23 October 2019
इस्लामाबाद. समझौते के बावजूद सऊदी अरब ने पाकिस्तानी कैदियों की रिहाई से इनकार कर दिया। सऊदी की जेलों में करीब 2100 पाकिस्तानी कैदी हैं। फरवरी में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और सऊदी किंग सलमान के बीच कैदियों की रिहाई पर अहम समझौता हुआ था। 563 की रिहाई भी हुई थी। लेकिन, अब सऊदी सरकार ने समझौते को दरकिनार करते हुए बाकी बंदियों को छोड़ने से इनकार कर दिया है। उसका कहना है कि इन पर ड्रग तस्करी के आरोप हैं। इन पर केस चलेगा और सजा भी सुनाई जाएगी।
कानून के हिसाब से कार्रवाई होगी
पाकिस्तान के अखबार ‘द ट्रिब्यून’ ने सऊदी सरकार के फैसले की जानकारी दी है। इस न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक, करीब तीन हजार पाकिस्तानी सऊदी की विभिन्न जेलों में हैं। फरवरी में जब इमरान रियाद आए तो किंग सलमान के साथ उन्होंने कैदियों की रिहाई पर लिखित समझौता किया। स्वदेश वापसी पर इमरान ने इसे खूब प्रचारित भी किया। लेकिन, अब सऊदी सरकार ने समझौता के पालन से इनकार कर दिया है। सऊदी प्रशासन के मुताबिक, बाकी 2100 पाकिस्तानी कैदियों को रिहा नहीं किया जाएगा। इन पर ड्रग तस्करी के आरोप हैं। इन पर सऊदी कानून के मुताबिक केस चलाया जाएगा और सजा भी सुनाई जाएगी।
पाकिस्तान की फजीहत
2 राष्ट्र प्रमुखों के बीच समझौते के बाद सऊदी अरब का इससे पलट जाना इमरान सरकार के लिए बहुत बड़ा झटका है। ओवरसीज पाकिस्तानी फाउंडेशन यानी ओपीएफ के अनुसार, यह राष्ट्र के सम्मान से जुड़ा मामला है। सऊदी में ज्यादातर पाकिस्तानी मजदूरी करते हैं। ये शिक्षित भी नहीं हैं। पाकिस्तान में यह मामला जनभावना से जुड़ा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इमरान मुस्लिम देशों से बेहतर संबंधों और एटमी ताकत होने का दम भरते हैं लेकिन सऊदी और यूएई जैसे मुल्क इसे कतई तवज्जो नहीं देते। सऊदी अरब सरकार के बदले रुख पर पाकिस्तान सरकार ने कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी। हालांकि, कैदियों की रिहाई पर उसके इनकार की जानकारी एक संसदीय समिति को जरूर दी गई है।

अफगानिस्तान: मस्जिद हमले में गई 62 लोगों की जान, UN प्रमुख ने की कड़ी निंदा
19 October 2019
संयुक्त राष्ट्र : संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने अफगानिस्तान में एक मस्जिद के अंदर हुए हमले की कड़ी निंदा की है. हमले में कई लोगों की मौत हो गई थी. उनके प्रवक्ता ने स्टीफन डुजारिक ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, "हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए."
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, महासचिव ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की. बयान के अनुसार, गुटेरस ने अफगानिस्तान के लोगों और सरकार के प्रति संयुक्त राष्ट्र की एकजुटता प्रदर्शित की.
अफगानिस्तान के पूर्व में नांगरहार प्रांत की सरकार ने बताया कि एक मस्जिद में जुमे (शुक्रवार) की नमाज के दौरान हुए हमले में 62 लोगों की मौत हो गई थी और दर्जनों लोग घायल हो गए थे.
विस्फोट की जांच की जा रही है. फिलहाल किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन काबुल से 120 किलोमीटर पूर्व में स्थित प्रांत के कई हिस्सों पर तालिबान और इस्लामिक स्टेट का कब्जा है.
यूएन अलायंस ऑफ सिविलाइजेशन के उच्च प्रतिनिधि मिगुएल मोराटिनोस ने भी हमले की कड़ी निंदा की. उनके प्रवक्ता निहाल साद ने उनके हवाले से एक बयान में कहा कि धार्मिक स्थानों और श्रद्धालुओं पर निशाना बनाने वाले हिंसा और आतंकवाद का हर रूप निंदनीय है, चाहे वह किसी भी धर्म या मत में विश्वास रखता हो.
मोरेटिनोस ने यूएन प्लान ऑफ एक्शन टू सेफगॉर्ड रिलीजियस साइट्स का उल्लेख किया. इसे उनकी टीम ने विकसित किया है और पिछले महीने गुटेरस ने लॉन्च किया था.

मैक्सिको ने अमेरिका जाने की कोशिश करने वाले 311 भारतीयों को वापस भेजा
19 October 2019
नई दिल्ली: अमेरिका के एच1बी वीजा में सख्ती बरतने के बाद मैक्सिको के आव्रजन अधिकारियों ने देश में अवैध रूप से प्रवेश करने और अमेरिका जाने की कोशिश करने वाले 311 से अधिक भारतीयों को वापस भारत भेज दिया है. इसमें कुछ साफ्टवेयर इंजीनियर भी हैं. जानकारी के मुताबिक, अवैध रूप से अमेरिका जाने के लिए इन दिनों लोग मैक्सिको और हंगरी को चुन रहे हैं.
शुक्रवार को मैक्सिको आव्रजन अधिकारियों ने 311 भारतीयों को वापस भारत भेजा, जिनमें 310 पुरुष और महिला शामिल थी. मैक्सिको के रास्ते अमेरिका में घुसने का प्रयास कर रहे यह भारतीय शुक्रवार को एक विशेष विमान से दिल्ली हवाईअड्डे पर पहुंचे. भारत ने इंजीनियरों, आईटी पेशेवरों के लिए अमेरिका से एच1बी वीजा में नरमी बरतने की अपील की है, हालांकि अभी तक इसमें कोई ढील नहीं दी गई है. इसकी वजह से अमेरिका में साफ्टवेयर कंपनियों को प्रतिभावान सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की कमी से जूझना पड़ रहा है.
मैक्सिको पहुंचे भारतीयों को मैक्सिकन राज्यों ओक्साका, बाजा कैलिफोर्निया, वेराक्रूज, चियापास, सोनोरा, मैक्सिको सिटी, डुरंगो और तबस्स्को में कई महीनों के दौरान पकड़ा गया था. मैक्सिकन अधिकारियों का आरोप है कि ये भारतीय अवैध रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रवेश करने के लिए पिछले कुछ महीनों में मैक्सिको पहुंचे थे.
अधिकारियों के अनुसार, सभी भारतीयों को आपातकालीन प्रमाण पत्र जारी किया गया. यह प्रमाण पत्र एक तरह से वह यात्रा दस्तावेज है, जो एक आपातकालीन स्थिति में भारतीय नागरिकों को भारत में प्रवेश करने की अनुमति देता है. यह कागजात उन लोगों को जारी किए जाते हैं, जिनके यात्रा दस्तावेज गुम हो गए हों, उन्हें नुकसान पहुंचा हो या फिर उनके पास कोई वैध पासपोर्ट न हो.
यह मैक्सिको द्वारा की गई पहली ऐसी कार्रवाई है. मैक्सिको ने अमेरिका में घुसने के लिए अपने क्षेत्र का उपयोग करने वाले लोगों पर नकेल कसने के प्रयासों को काफी बढ़ाया हुआ है. मैक्सिकोने सीमा पर सुरक्षा बढ़ाने और प्रवासियों को वापस भेजने की अपनी नीति का विस्तार किया है. दरअसल, जून में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मैक्सिको को उसकी सीमाओं के माध्यम से अमेरिका में प्रवेश करने वाले लोगों पर रोक लगाने की चेतावनी जारी की थी. इसके बाद अब मैक्सिको ने यह कदम उठाया है. सरकार के सूत्रों ने कहा कि भारत किसी भी देश में अवैध प्रवास को सही नहीं मानता है.

उत्तर सीरिया में तुर्की के हमले के बाद 3 लाख लोग विस्थापित
19 October 2019
दमिश्क: तुर्की द्वारा 9 अक्टूबर को उत्तर सीरिया में कुर्द बलों के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किए जाने के बाद से अब तक 300,000 लोग विस्थापित हो चुके हैं. एक युद्ध निगरानी कार्यालय ने यह जानकारी दी. सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स के मुताबिक, तुर्की समर्थित स्थानीय सीरियाई विद्रोहियों की मदद से तुर्की ने हमला शुरू किया गया था, जिसमें 72 नागरिकों के साथ-साथ 416 कुर्द लड़ाके और तुर्की समर्थित विद्रोही भी मारे गए.
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, ब्रिटेन स्थित निगरानी कार्यालय ने गुरुवार को कहा कि तुर्की की सेना और संबद्ध सीरियाई विद्रोहियों ने लगभग 70 क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया और हसाका के उत्तरपूर्वी प्रांत में रास अल-ऐन शहर को घेर लिया.
तुर्की और स्थानीय विद्रोही समूहों ने 9 अक्टूबर को उत्तरी सीरिया में कुर्द बलों को खत्म करने के लिए हमला शुरू कर दिया, जिन्हें तुर्की अपनी दक्षिणी सीमा पर 'आतंकवादी और अलगाववादी' समूहों के खतरे के रूप में मानता है.
सीरिया सरकार और कुर्द लड़ाकों के बीच रूसी-मध्यस्थता डील के तहत कुर्द नेतृत्व वाले सीरियाई डेमोक्रेटिक बलों (एसडीएफ) के नियंत्रण वाले क्षेत्रों का नियंत्रण लेने के जरिए सीरियाई सेना तुर्की के हमले का मुकाबला करने के लिए आगे बढ़ी.
सीरियाई सेना ने अब तक तुर्की के पास उत्तरपूर्वी अलेप्पो में मानबीज शहर में तैनात की गई है, साथ ही उत्तरपूर्व सीरिया के हसाका प्रांत में ताल ताम्र शहर और रक्का प्रांत के अयन इस्सा में तैनात की गई है.
तुर्की के सैन्य अभियान की सीरियाई सरकार ने और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने कड़ी निंदा की है. गुरुवार को सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद ने तुर्की के हमले को सीरिया को खिलाफ स्पष्ट आक्रमण बताया. असद ने कहा कि सीरिया पर तुर्की के हमले का सामना हर तरीके से किया जाएगा.

UN में इस साल इमरान का भाषण सबसे लंबा रहा, लेकिन इस नेता का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाए
18 October 2019
नई दिल्‍ली: इस साल संयुक्‍त राष्‍ट्र आमसभा (UNGA) की बैठक में सबसे लंबा भाषण पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) का रहा. उन्‍होंने 50 मिनट लंबा भाषण दिया. सबसे छोटा भाषण अफ्रीकी देश रवांडा का रहा. रवांडा के प्रतिनिधि ने केवल 7 मिनट का भाषण दिया. यूएनजीए में कुल 190 देशों के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी. भाषण देने वाले 91.8 प्रतिशत पुरुष और 8.2 प्रतिशत महिलाएं थीं.
गौरतलब है कि संयुक्‍त राष्‍ट्र में सबसे लंबा भाषण देने का रिकॉर्ड लीबिया के तानाशाह कर्नल गद्दाफी के नाम दर्ज है. उन्‍होंने 2009 में 9 घंटे से भी अधिक समय तक संयुक्‍त भाषण में अपना भाषण दिया. गौरतलब है कि 2011 की अरब क्रांति के दौर में लीबिया के तानाशाह की सत्‍ता का पतन हो गया और उनको मौत के घाट उतार दिया गया.
संरा प्रमुख ने बाल गरीबी खत्म करने का आह्वान किया
इस बीच संयुक्त राष्ट्र (यूएन) महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से गरीबी खत्म करने के लिए बच्चों को सशक्त बनाने का आग्रह किया है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, गुरुवार को अंतर्राष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस के अपने संदेश में संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा कि बच्चे वयस्कों की तुलना में गरीबी की दोगुना मार झेल रहे हैं और गरीबी कई बच्चों को आजीवन नुकसान पहुंचाती है.
उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि लड़कियां विशेष रूप से जोखिम में हैं, लेकिन वे भी बदलाव की एक बड़ी वाहक हैं. उन्होंने कहा, "हर अतिरिक्त वर्ष एक लड़की के स्कूल में रहने के साथ उसकी जीवन भर की औसत आय बढ़ जाती है, उसकी शादी जल्दी होने की संभावना कम हो जाती है, और उसके बच्चों के लिए स्पष्ट रूप से स्वास्थ्य और शिक्षा लाभ होते हैं, जिससे यह गरीबी के चक्र को तोड़ने में महत्वपूर्ण कारक बन जाता है."
गुटेरेस ने कहा कि बाल गरीबी को समाप्त करने की महत्वपूर्ण शुरुआत घर से होती है, जहां से यह उत्पन्न होता है. गुटेरेस ने कहा कि गुणवत्ता वाली सामाजिक सेवाओं तक पहुंच को प्राथमिकता देना चाहिए, लेकिन आज भी लगभग दो-तिहाई बच्चों में सामाजिक सुरक्षा कवरेज का अभाव है. उन्होंने कहा कि लचीली कामकाजी व्यवस्था, माता-पिता की छुट्टी और चाइल्डकेयर सपोर्ट सहित परिवार-उन्मुख नीतियां भी जरूरी हैं. 1993 से प्रत्येक वर्ष 17 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस मनाया जाता है.

भारत और चीन विकासशील देश नहीं, आगे WTO का फायदा नहीं दे सकते : ट्रंप
18 October 2019
वाशिंगटन : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत और चीन अब विकासशील देश नहीं रहे हैं. इसके बावजूद भी दोनों ही देश विश्व व्यापार संगठन (WTO) से विकासशील दर्जे के तहत मिलने वाले फायदे ले रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि उनके प्रशासन ने डब्ल्यूटीओ को पत्र लिखकर गुजारिश की है कि भारत और चीन को इसके तहत फायदा नहीं दिया जाए.
WTO को चिट्ठी लिखी, दर्जे से अलग करने के लिए कहा
ट्रंप ने कहा डब्ल्यूटीओ अभी तक चीन को विकासशील देश मानता है, इस बारे में हमने WTO को चिट्ठी लिखकर कहा कि वह चीन को इस दर्जे से अलग करें. हम भारत को अब विकासशील देश के दर्जे में नहीं रख सकते क्योंकि दोनों ही देश अमेरिका को कड़ी टक्कर दे रहे हैं, आगे हम यह फायदा नहीं दे सकते.
यूएस और चीन के बीच ट्रेड वार चल रहा
अमेरिकी राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय में आया है जब यूएस और चीन के बीच ट्रेड वार चल रहा है. इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने चीन से आयात होने वाले सामान पर शुल्क बढ़ा दिया है. चीन ने भी जवाबी शुल्क लगाते हुए अमेरिका के सामान पर टैक्स बढ़ाया है. इससे दोनों देशों के बीच ट्रेड वार चल रहा है.
इससे पहले, जुलाई में अमेरिकी राष्ट्रपति डब्ल्यूटीओ से यह साफ करने के लिए कहा था कि वह किस आधार पर किसी भी देश को विकासशील देश का दर्जा देता है. उस समय भी यह माना जा रहा था कि ट्रंप के यह पूछने का मतलब चीन, तुर्की ओर भारत जैसे देशों को इस दर्जे से अलग करना था.
आपको बता दें विकासशील देशों को डब्ल्यूटीओ से वैश्विक व्यापार नियमों के तहत रियायत मिलती है. ट्रंप ने उस समय अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) को अधिकार देते हुए यह भी कहा था कि यदि कोई विकसित अर्थव्यवस्था डब्ल्यूटीओ की खामियों का लाभ उठाती है तो वह उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई शुरू करे.

डोनाल्ड ट्रंप का अकांउट बंद करने की मांग का ट्विटर ने दिया जवाब
18 October 2019
वॉशिंगटन: ट्विटर (Twitter) ने कैलीफोर्निया की सीनेटर और डेमोक्रेट पार्टी में राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस से कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) का अकांउट बंद नहीं किया जाएगा. कमला हैरिस को भेजे गए एक पत्र में ट्विटर (Twitter) ने उनके अनुरोध को मानने से इनकार कर दिया है. हैरिस की यह मांग इस वजह से थी क्योंकि ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति संग उनकी संदेहात्मक बातचीत को उजागर करने के चलते मुखबिरों, सांसदों और सियासी विरोधियों पर हमला बोलने के लिए इसी सोशल मीडिया साइट यानी ट्विटर (Twitter) का इस्तेमाल किया था.
कमला हैरिस के अभियान ने बुधवार को सीएनएन को बताया, 'ट्विटर (Twitter) उनके मंच पर ट्रंप द्वारा लोगों को धमकाने और हिंसक व्यवहार करने के लिए उकसाने का उन्हें जिम्मेदार नहीं मान रहा है.' ट्विटर (Twitter) ने हैरिस को एक पत्र में लिखा, 'हम हां या ना में निर्णय लेने में सक्षम नहीं है, क्योंकि यह इतना आसान नहीं है. हमने उन ट्वीट्स की समीक्षा की जिसका जिक्र आपने पत्र में किया था, वे अपमानजनक व्यवहार, लक्षित उत्पीड़न या हिंसा से संबंधित हमारी नीतियों के खिलाफ नहीं है.'
ट्रम्प अक्सर ही अपने राजनीतिक विरोधियों पर हमला बोलने के ट्विटर (Twitter) का इस्तेमाल करते रहते हैं. ऐसे में विवादास्पद ट्वीट्स पोस्ट करने के चलते ट्विटर (Twitter) पर ट्रम्प के खिलाफ कदम उठाने का दवाब है, लेकिन इस सोशल नेटवर्किं ग साइट ने अब तक ऐसा कोई कदम नहीं उठाया है.
ट्विटर (Twitter) ने इससे पहले कहा था कि विश्व के नेता उनकी अपनी नीतियों से ऊपर नहीं है, ऐसे में ट्विटर (Twitter) ने मंगलवार को इन नेताओं के ट्वीट्स को रोकने की बात कही थी जो नियमों का उल्लंघन करते हैं, हालांकि इसने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह ट्रम्प जैसे नेता जो ऐसा करते हैं, उन्हें ब्लॉक करेंगे भी या नहीं. कंपनी ने कहा, 'आप ऐसे ट्वीट पर लाइक, रिप्लाई, शेयर या रीट्वीट नहीं कर पाएंगे. फिर भी आप अपने विचारों को कमेंट के साथ रीट्वीट कर व्यक्त कर पाएंगे.'

डेमोक्रेट नेताओं का आरोप- सीरिया पर चर्चा के दौरान ट्रम्प ने स्पीकर पेलोसी को तीसरे दर्जे का नेता बताया
17 October 2019
वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को सीरिया से सेना वापस बुलाने के फैसले पर अपनी ही पार्टी के सदस्यों भी विरोध झेलना पड़ रहा है। संसद में ट्रम्प के फैसले पर बुधवार को निंदा प्रस्ताव पेश किया गया। इसे 354 सांसदों का समर्थन मिला, जबकि सिर्फ 60 सांसदों ने ही इसका विरोध किया। इसके बाद हाउज ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की स्पीकर नैंसी पेलोसी डेमोक्रेट नेताओं के साथ ट्रम्प से मिलने व्हाइट हाउस पहुंची। हालांकि, चर्चा के बीच में ही वे बाहर आ गईं। नेताओं के मुताबिक, ट्रम्प ने पेलोसी की बेइज्जती की और उन्हें तीसरे दर्जे का नेता बताया।
माना जा रहा है कि रिपब्लिकन नेता जल्दी ही नाटो सेना के साझेदार तुर्की पर और कड़े प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव पेश करेंगे। इससे पहले ट्रम्प ने सीरिया पर अपनी नीति समझाने के लिए चर्चा के लिए विपक्षी सांसदों को बुलाया। लेकिन बीच मीटिंग में ही दोनों पार्टियों के बीच गहमागहमी की स्थिति पैदा हो गई।
सीरिया विवाद पर क्यों हो रहा ट्रम्प का विरोध?
तुर्की के राष्ट्रपति रिसेप तैयप अर्दोआन ने पिछले हफ्ते आदेश दिया था कि उनकी सेना सीरिया में कुर्दिश लड़ाकों के खिलाफ ऑपरेशन शुरू करेगा। सीरिया में 35 लाख कुर्द हैं। कुर्दों का अपना अलग देश नहीं है। इसलिए वे आजादी के लिए मुहिम चला रहे हैं। इसी के चलते कुर्दों के तुर्की, इराक, सीरिया और ईरान की सरकारों से अच्छे संबंध नहीं हैं। कुर्द लड़ाके आतंकी संगठन आईएस को हराने में अमेरिका के प्रमुख सहयोगी रहे हैं। इस लड़ाई में 11 हजार कुर्द लड़ाके मारे गए थे। डेमोक्रेट नेता गंभीर समय में कुर्दों का साथ छोड़ने के लिए ट्रम्प का विरोध कर रहे हैं।
ट्रम्प ने हाल ही में व्हाइट हाउस में रिपोर्टर्स से बातचीत के दौरान कहा था कि तुर्की का सीरिया में कुर्दों के खिलाफ कोई भी ऑपरेशन उनकी समस्या नहीं है। ट्रम्प ने कहा था कि कुर्द भी कोई भगवान के दूत नहीं हैं। उनके इस बयान पर भी संसद में हंगामा हुआ। डेमोक्रेट नेताओं का कहना है कि ट्रम्प ने अपने मददगारों को ही धोखा दिया है।
कुर्दों की गिरफ्त में 12 हजार आईएस आतंकी
अमेरिकी न्यूज एजेंसी ‘द हिल’ को दिए इंटरव्यू में सीनेट (अमेरिकी उच्च सदन) के नेता चार्ल्स शुमर ने कहा कि वे जल्द ही ट्रम्प से अपील करेंगे कि वे सीरिया से सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला पलट दें। ताकि कुर्दों को बचाया जा सके और आईएस के सैनिकों को भागने से रोका जाए। दरअसल, कुर्दों की गिरफ्त में करीब 12 हजार इस्लामिक स्टेट आतंकवादी है। शुमर ने कहा कि हम यह भी तय करने की कोशिश करेंगे कि तुर्की अमेरिका के साथ किए गए समझौतों का सम्मान करे।

भगोड़े जाकिर नाइक ने कहा- एनआईए के आरोप झूठे; उसके आईजी मुझसे मलेशिया आकर बात करें
17 October 2019
कुआलालम्पुर. भगोड़े इस्लामिक धर्मगुरु जाकिर नाइक ने नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) पर झूठे आरोप लगाने का दावा किया। एक बयान में उसने कहा- एनआईए ने मेरे हजारों वीडियो खंगाले लेकिन उसे मेरे खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला। कुछ दिन पहले एनआईए के आईजी आलोक कुमार मित्तल ने कहा था कि भारत में इस्लामिक स्टेट के ज्यादातर समर्थक जाकिर नाइक के भाषणों से प्रभावित हैं। मित्तल के इस आरोप को गलत बताते हुए नाइक ने उन्हें मलेशिया आकर बातचीत करने को कहा। बता दें कि नाइक तीन साल से मलेशिया में है। वहां की सरकार उसे भारत को सौंपने में आनाकानी कर रही है।
भारत के पास सबूत नहीं
नाइक के मुताबिक, भारत की जांच एजेंसियों के पास उसके खिलाफ सबूत नहीं हैं। उसने कहा, “एनआईए, सीबीआई और पुलिस तीन साल से मेरे वीडियोज, भाषण और इनके प्रिंट्स खंगाल रही हैं। लेकिन, उनके पास ऐसा कोई दस्तावेज नहीं है जिससे वो ये साबित कर सकें कि मैं हिंसा को बढ़ावा देता हूं। अब वो कहती हैं कि आतंकी गतिविधियों में जो 127 लोग गिरफ्तार किए गए हैं, वो मुझसे प्रभावित हैं। यह झूठ है। मैं एनआईए के आईजी आलोक मित्तल को मलेशिया आने का न्योता देता हूं। यहां उनके सामने अपना पक्ष रखना चाहूंगा। उनकी गलतफहमी दूर करना जरूरी है।”
अजीब तर्क
नाइक ने आगे कहा, “करीब 2 करोड़ लोग मुझे फॉलो करते हैं। अगर मैं भड़काऊ भाषण ही देता, तो मेरे लाखों समर्थक आतंकी बन जाते। सोशल मीडिया पर अगर कोई मुझे फॉलो कर रहा है, तो उसमें मेरा क्या कसूर है। एनआईए जानबूझकर झूठ फैला रही है।”
लेकिन, मलेशिया में ही विरोध बढ़ा
मलेशिया की न्यायिक व्यवस्था की नामचीन हस्ती अम्बिगा श्रीनिवासन ने नाइक पर गंभीर आरोप लगाया है। अम्बिका ने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि जाकिर मलेशिया में आईएस की विचारधारा का प्रसार कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद से नाइक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। श्रीनिवासन ने कहा- नाइक की वजह से मलेशिया की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी। जाकिर भारत में मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों और आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने का आरोपी है। 2016 में वह भारत से भागकर मलेशिया चला गया था। जाकिर के प्रत्यर्पण के लिए भारत लगातार मलेशिया के संपर्क में है और उसे वापस लाने के लिए कई बार मलेशिया से मांग कर चुका है।

मदीना प्रांत में बस-ट्रक की टक्कर में 35 की मौत, मरने वालों में एशियाई नागरिक शामिल
17 October 2019
रियाद. सऊदी अरब के मदीना प्रांत में बुधवार शाम एक सड़क हादसे में 35 लोगों की मौत हो गई। हादसा अल-अखल इलाके में शाम करीब 7 बजे हुआ। पुलिस के मुताबिक, प्रवासियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर ट्रक से जा टकराई और उसमें तुरंत आग लग गई। बस में करीब 39 लोग सवार थे। मरने वालों में ज्यादातर एशियाई और अरब मूल के नागरिक हैं। घायलों को अल-हमना अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने हादसे पर दुख जताया
घटना पर प्रधानमंत्री मोदी ने भी दुख जताया। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “सऊदी अरब के मक्का के पास बस हादसे की घटना से दुख पहुंचा। ट्विटर पर मृतकों के परिवार के प्रति संवेदना। घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करता हूं।”


अमेरिकी संसद ने पास किया हांगकांग डेमोक्रेसी एक्ट, चीन की चेतावनी, 'दखल न दे यूएस'
16 October 2019
वाशिंगटन: अमेरिकी संसद द्वारा मंगलवार को हांगकांग में नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए एक बिल पास किया गया है. इस अर्ध स्वायत्त क्षेत्र में नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों द्वारा इसकी मांगी की गई थी. हांगकांग मानव अधिकार और लोकतंत्र अधिनियम को मंगलवार को अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में पेश किया गया और यह पास भी हो गया अब इसे कानून बनने से पहले अमेरिकी संसद के निचले सदन सीनेट में पेश किया जाएगा.
चीन ने इस एक्ट को पास करने को लेकर कड़ी नाराजगी जाहिर की हैं. चीन ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति को उन लोगों की पहचान करने और उनकी स्वीकृति देने की आवश्यकता है, जो हांगकांग में स्वायत्तता और मानव अधिकारों के गंभीर हनन के लिए जिम्मेदार हैं.
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गैंग शुआंग ने अपने बयान में कहा है, 'हांगकांग में जो कुछ भी हो रहा है वह कहीं से भी तथाकथित मानवाधिकार और लोकतंत्र का मुद्दा नहीं है, मुद्दा है वहां हो रही हिंसा पर विराम लगे और और कानून का राज कायम हो.'
गैंग ने कहा, 'अमेरिका को इस मामले में हस्तक्षेप बंद करना चाहिए.' उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि हम इस प्रस्तावित बिल का मुकाबला करने के लिए मजबूत उपाय करेंगे. अधिनियम अब कानून बनने से पहले सीनेट में एक समान वोट के लिए आगे बढ़ेगा.

'हैजीबिस तूफान' का जापान में कहर, 50 नदियों ने तोड़ा बांध, मरने वालों की संख्या 66 हुई
16 October 2019
टोक्यो: जापान में भारी तबाही मचाने वाले विनाशकारी तूफान हगिबिस में मरने वालों की संख्या बढ़कर 66 हो गई है. वहीं, लापता लोगों का पता लगाने के लिए तलाशी और बचाव अभियान मंगलवार को भी जारी है. सार्वजनिक प्रसारणकर्ता एनएचके के मुताबिक, तलाशी और बचाव कार्यो में मदद के लिए जापान के सेल्फ डिफेंस फोर्सेज को नागानो प्रांत में तैनात किया गया है.यह तूफान प्रचंड हवाएं और भारी वर्षा ले आया, जिससे लगभग 200 नदियों का जलस्तर बढ़ गया और उनमें से 50 बांध तोड़कर बहने लगी, जिसके कारण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बाढ़ की स्थिति बन गई.
एनएचके के अनुसार, 10,000 से अधिक घरों को नुकसान पहुंचा है. फुकुशिमा प्रांत सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में से एक है, 66 में से 25 मृतक इस प्रांत के हैं. अधिकारियों ने कहा कि फुकुशिमा में कई इलाकों में दो दिनों की अवधि में 40 प्रतिशत तक वार्षिक वर्षा हुई. भारी बारिश की वजह से देशभर में लगभग 140 भूस्खलन भी हुए. गुनमा प्रांत में चार लोग मारे गए, इनके घर बाढ़ में बह गए. करीब 35,000 घरों से बिजली नदारद है.
इस बीच, प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार हगिबिस को 'गंभीर प्राकृतिक आपदा' की श्रेणी में डालने की योजना बना रही है, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण कार्यों के लिए राज्य सब्सिडी बढ़ा सके.
आबे ने कहा कि सरकार 315 नगरपालिकाओं को भी 'गंभीर आपदा' प्रावधानों के तहत डालने की संभावनाओं पर विचार कर रही है, ताकि अधिकारियों को वित्तीय चिंता के बिना तत्काल मरम्मत कार्य करने में मदद मिल सके.

पाकिस्तान: मोटरसाइकिल में रखा था देसी बम, विस्फोट में पुलिसकर्मी की मौत, 10 घायल
16 October 2019
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के दक्षिण पश्चिम बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा में मंगलवार को अज्ञात आतंकवादियों द्वारा किए गए विस्फोट में एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई और 10 अन्य लोग घायल हो गए. क्वेटा पुलिस के उपमहानिरीक्षक अब्दुल रजाक चीमा ने समाचार एजेंसी सिन्हुआ से कहा कि प्रारंभिक जांच के अनुसार आतंकवादियों ने उस समय विस्फोट किया, जब पुलिस वाहन शहर में नियमित गश्त के लिए वहां से गुजर रहा था.
उन्होंने कहा, "देसी बम सड़क किनारे खड़ी एक मोटरसाइकिल में लगाकर रखा गया था.
घायलों में राहगीर और वे पुलिकर्मी शामिल हैं, जो वाहन पर सवार थे." घायलों को क्वेटा के सिविल हास्पिटल पहुंचाया गया, जहां के चिकित्सा अधीक्षक वसीम बेग ने कहा कि सभी घायलों की हालत स्थिर है.

मार्गरेट एटवुड और बर्नांडीन एवारिस्‍टो को संयुक्‍त रूप से मिला बुकर पुरस्‍कार
15 October 2019
नई दिल्‍ली: साहित्‍य के जगत में प्रतिष्ठित बुकर पुरस्‍कार (Booker Award) की घोषणा हो गई है. 2019 के लिए ये अंतरराष्‍ट्रीय पुरस्‍कार प्रसिद्ध लेखिका मार्गरेट एटवुड और बर्नांडीन एवारिस्‍टो को सामूहिक रूप से मिला है. मार्गरेट एटवुड के उपन्‍यास 'द टेस्‍टामेंट्स' (The Testaments) और बर्नांडीन की पुस्‍तक 'गर्ल, वुमन, अदर' (Girl, Woman, Other) को ये पुरस्‍कार सामूहिक रूप से मिला है. ज्‍यूरी ने अपनी परंपरा को तोड़ते हुए इस बार ये पुरस्‍कार सामूहिक रूप से दिया है. इसके साथ ही इस बार सबसे वृद्ध और पहली अश्‍वेत महिला को पुरस्‍कार देने का रिकॉर्ड भी बना है.
मार्गरेट एटवुड (79) को इससे पहले वर्ष 2000 में 'द ब्‍लाइंड असैसिन' (The Blind Assassin) के लिए बुकर पुरस्‍कार मिल चुका है. उनकी नई किताब 'द टेस्‍टामेंट्स' पिछले महीने रिलीज हुई है. इसको इस कनाडाई लेखिका की 1985 में प्रकाशित उपन्‍यास 'द हैंडमेड्स टेल' का सीक्‍वल कहा जा रहा है. एवारिस्‍टो यह पुरस्‍कार जीतने वाली पहली अश्‍वेत महिला हैं. उन्‍होंने अपने नॉवेल 'गर्ल, वुमन और अदर' में 19 से लेकर 93 साल तक की ब्रिटेन में रहने वाली प्रमुखतया 12 अश्‍वेत महिला किरदारों की कहानियों को बुना है.
हालांकि पहले सामूहिक रूप से बुकर देने का चलन रहा है और इससे पहले पहले दो बार सामूहिक विजेताओं को चुना गया था लेकिन 1993 में ये नियम बनाया गया कि केवल एक लेखक को ही विजेता के रूप में घोषित किया जाएगा. इस नियम को तोड़ते हुए ज्‍यूरी ने कहा कि जिन छह किताबों में इन दोनों उपन्‍यासों को चुना गया, उनमें से किसी एक को विजेता घोषित करना संभव नहीं था. इसलिए दोनों ही लेखिकाओं को ये पुरस्‍कार दिया जाता है.
इसके तहत बुकर पुरस्‍कार की 50 हजार पौंड (करीब 63 हजार डॉलर) की धनराशि विजेताओं में बराबर बांटी जाएगी. पुरस्‍कार को स्‍वीकार करते हुए मार्गरेट एटवुड ने अपने भाषण में कहा कि हम दोनों को ही ये पुरस्‍कार जीतने की उम्‍मीद नहीं थी.

तुर्की के हमले रोकने को कुर्दो ने सीरिया से किया समझौता
15 October 2019
दमिश्क: कुर्द अधिकारियों ने सीरियाई सरकार के साथ एक समझौता होने की घोषणा की है, जिसके तहत सीरियाई अरब सेना को तुर्की द्वारा शुरू किए गए हमले को रोकने के लिए देश की पूर्वोत्तर सीमा पर तैनात किया जाएगा. तुर्की के हमले में कई नागरिक हताहत हुए हैं और सैकड़ों इस्लामिक स्टेट (कर) के आतंकवादी भाग निकले. समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, उत्तर और पूर्वी सीरिया के स्वयंभू स्वायत्त प्रशासन (अक्सर रोजावा के रूप में संदर्भित) ने रविवार को फेसबुक के माध्यम से जारी एक बयान में कहा कि सैनिक तुर्की के हमले को रोकने के लिए 'कुर्द नेतृत्व वाले सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज (एसडीएफ) का समर्थन करेंगे.' और उन क्षेत्रों को आजाद कराएंगे जो पहले से ही अंकारा की सेनाओं द्वारा जीते जा चुके हैं, जैसे सीमावर्ती शहर रास अल-ऐन और तल आब्यद.
इससे पहले रविवार को, सीरियाई सरकारी मीडिया ने तुर्की के हमले के खिलाफ देश के उत्तर में सैनिक गतिविधि की घोषणा की थी और एक सैन्य सूत्र ने एफे से इस बात की पुष्टि की कि सेना तुर्की सीमा के पास स्थित मानबिज और एयन इस्सा के शहरों को निशाना बना रही थी. कुर्द अधिकारियों ने कहा कि तुर्की के हमलों के बीच आईएस से जुड़े कम से कम 785 विदेशी रविवार को एयन इस्सा के एक बंदी शिविर से भाग निकले हैं. रोजावा के एक बयान के अनुसार, तुर्की के भाड़े के सैनिकों के एक समूह ने बंदी शिविर पर हमला किया.
रविवार को, तुर्की के ऑपरेशनों ने सीमावर्ती शहर तल अब्यद पर फोकस किया. आधिकारिक तुर्की समाचार एजेंसी अनादोलु के अनुसार, सेना ने तुर्की नगरपालिका अक्काले की सीमा के दूसरी तरफ शहर के मध्य हिस्से को अपने कब्जे में लेने की घोषणा की. दूसरी ओर, तुर्की की तरफ से लड़ रहे सीरियाई सशस्त्र समूहों ने मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम के माध्यम से दावा किया कि उन्होंने एक दिन पहले रास-अल-एयन पर विजय प्राप्त करने के बाद तल आब्यद को अपने अधिकार में ले लिया.
तुर्की अपने सीमावर्ती 30 किलोमीटर चौड़े और 480 किसोमीटर लंबे इलाके में कुर्दो से सुरक्षा के लिए एक 'सेफ जोन' (सुरक्षित क्षेत्र) तैयार करना चाहता है. कुर्दिश लड़ाकों को वह आतंकवादी मानता है. तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने जोर देकर कहा है कि वह अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की आलोचनाओं के बावजूद तब तक हमले नहीं रोकेंगे, जब तक कि वह अपने मकसद में कामयाब नहीं हो जाते.
एसओएचआर के अनुसार, तुर्की ने पहले से ही 220 किलोमीटर के इलाके को अपने नियंत्रण में ले रखा है जो तल अब्यद के पश्चिम से लेकर रास अल-एयन के पश्चिम तक है, साथ ही एम4 रोड भी है जो अल-हसाकाह प्रांत को अलेप्पो से जोड़ती है. कुर्दिश रेड क्रीसेंट (केसीआर) जो केवल कुर्दों द्वारा नियंत्रित क्षेत्रों में संचालित होता है, के सह-निदेशक शेरवन बेरी ने समाचार एजेंसी एफे को बताया कि एक काफिले पर तुर्की के हमले में 11 लोग मारे गए और 74 घायल हुए. कुर्द समाचार एजेंसी हवार ने बताया कि इसके संवाददाता साद अहमद हमले में मारे गए और अन्य सात पत्रकार घायल हो गए.

अमेरिका तुर्की के साथ 7 लाख करोड़ रु. का व्यापार समझौता खत्म करेगा, ट्रम्प बोले- उनकी इकोनॉमी तबाह कर देंगे
15 October 2019
वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को ट्रेजरी और विदेश विभाग से कहा है कि सीरिया में अशांति फैलाने के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों, संस्थाओं या तुर्की सरकार के सहयोगियों पर प्रतिबंध लगाया जाए। राष्ट्रपति ने इससे जुड़े एक आदेश पर दस्तखत भी किए। उन्होंने कहा कि अमेरिका तुर्की के साथ 100 बिलियन डॉलर (करीब 7 लाख करोड़ रु.) के व्यापार सौदे की बातचीत को तुरंत रोक देगा। साथ ही स्टील टैरिफ को 50% तक बढ़ाया जाएगा। अमेरिका तुर्की के अर्थव्यवस्था को तेजी से नष्ट कर देगा।
ट्रम्प ने कहा कि हमारे प्रशासन ने कार्यकाल के पहले दिन से ही अमेरिका और उसके नागरिकों की सुरक्षा के लिए कई प्रयास किए हैं। तुर्की को पूर्वोत्तर सीरिया में नागरिकों, विशेष रूप से कमजोर जातीय और धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता देनी चाहिए।
तुर्की के हमले से मानवीय संकट बढ़ेगा
विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने एक बयान में कहा कि तुर्की के तीन अधिकारियों को प्रतिबंधित किए जाने के लिए नामित किया गया है। इसमें ऊर्जा और रक्षा मंत्रालय के अधिकारी भी शामिल हैं। अमेरिका ने यह कदम पूर्वोत्तर सीरिया में तुर्की की सैन्य कार्रवाई के जवाब में उठाया है। यदि तुर्की ऐसे ही हमला करता रहा तो संभावित रूप से इसके विनाशकारी परिणाम होंगे, जो मानवीय संकट को बढ़ा देगा। तुर्की की सैन्य कार्रवाइयों के कारण आईएस को खत्म किए जाने वाले अभियान, नागरिकों और पूरे क्षेत्र की सुरक्षा खतरे में है।
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने सीरिया में तुर्की के अभियान को आवेग में उठाया गया कदम करार दिया। उन्होंने कहा कि इससे इस्लामिक स्टेट के आतंकवादी समूहों को हराने के प्रयासों को धक्का लगा है। अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने कहा उत्तरी सीरिया से अमेरिकी सेना की वापसी जारी है। अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के विरोध और बार-बार चेतावनी के बावजूद, तुर्की के राष्ट्रपति रीसेप तैयप अर्दोआन ने उत्तरी सीरिया पर एकतरफा हमले का आदेश दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तुर्की के इस कदम से क्षेत्र में यह अमेरिकी सैनिकों काे बड़े संघर्ष की ओर बढ़ने का खतरा है।
हमले के कारण 1,30,000 लोगों को घर छोड़ना पड़ा
तुर्की ने कुर्दों के खिलाफ सीरिया में 9 अक्टूबर से हमले शुरू किए थे। तब से अब तक 104 कुर्द सैनिक और 60 आम नागरिक एयर स्ट्राइक में मारे जा चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, सीरिया में इस हिंसा की वजह से 1,30,000 लोगों को अपना घर छोड़कर भागना पड़ा है।
कुर्दों की गिरफ्त में 12 हजार आईएस आतंकी
अमेरिकी न्यूज एजेंसी ‘द हिल’ को दिए इंटरव्यू में सीनेट (अमेरिकी उच्च सदन) के नेता चार्ल्स शुमर ने कहा था कि वे जल्द ही ट्रम्प से अपील करेंगे कि वे सीरिया से सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला पलट दें। ताकि कुर्दों को बचाया जा सके और आईएस के सैनिकों को भागने से रोका जाए। दरअसल, कुर्दों की गिरफ्त में करीब 12 हजार आईएस आतंकी हैं। शुमर ने कहा कि हम यह भी तय करने की कोशिश करेंगे कि तुर्की अमेरिका के साथ किए गए समझौतों का सम्मान करे।
सीरिया में 35 लाख कुर्द रहते हैं
* कुर्द इराक, सीरिया, तुर्की, ईरान और अर्मेनिया के पहाड़ी इलाकों में रहते हैं। इनकी आबादी करीब 3.5 करोड़ है।
* सीरिया में 35 लाख कुर्द हैं। कुर्दों का अपना अलग देश नहीं है। पर वे आजादी के लिए मुहिम चला रहे हैं।
* आजादी की मुहिम के कारण कुर्दों का तुर्की, इराक, सीरिया और ईरान की सरकारों से अच्छे संबंध नहीं हैं।
* कुर्द लड़ाकू अपने कब्जे वाली सात जेलों में बंद 12 हजार आईएस आतंकियों, उनके परिजन की निगरानी करते हैं।

नेपाल दौरे पर जिनपिंग ने कहा- चीन को विभाजित करने वालों का कचूमर निकाल दिया जाएगा
14 October 2019
काठमांडू. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नेपाल दौरे के दौरान सख्त लहजे में कहा कि चीन को विभाजित करने के किसी भी प्रयास को कुचल दिया जाएगा। अगर कोई इसकी कोशिश करेगा तो उसका कचूमर निकाल दिया जाएगा। देश में आजादी की वकालत करने वालों की हडि्डयां तोड़ दी जाएंगी। देश को बांटने का प्रयास करने वाले या उनके समर्थकों को नहीं छोड़ा जाएगा।
जिनपिंग का यह बयान हॉन्गकॉन्ग में प्रत्यर्पण बिल के खिलाफ चार महीने से जारी प्रदर्शन से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने संबोधन में किसी भी क्षेत्र का नाम नहीं लिया। वहीं, नेपाल में राष्ट्रपति जिनपिंग के दौरे का तिबब्त के लोग वहां विरोध कर रहे थे। हालांकि, नेपाल सरकार ने इन लोगों पर कड़ी कार्रवाई की।
हॉन्गकॉन्ग में प्रदर्शनकारियों ने पटरियां तोड़ीं
हॉन्गकॉन्ग के लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों ने सप्ताह के अंत में फिर से प्रदर्शन किया। रविवार को शहर के कई मोहल्लों में रैलियां हुईं। कुछ प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर जाम लगा दिया, ट्रेन की पटरियां तोड़ दीं। साथ ही चीनी समर्थक होने के संदेह में व्यवसायों पर भी हमला किया। चीन ने अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र में अशांति फैलाने के लिए बाहरी ताकतों पर आरोप लगाया है।
जिनपिंग ने भारत-चीन के विकास के लिए 6 सूत्रीय फॉर्मूला दिया
तमिलनाडु के महाबलीपुरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अनौपचारिक बैठक के दौरान जिनपिंग ने दोनों देशों के संबंधों के निरंतर विकास के लिए छह सूत्रीय प्रस्ताव दिया था। उन्होंने कहा कि भारत-चीन के संबंधों को विवादों के बावजूद कमजोर नहीं होने दिया जाएगा। अगले कुछ साल दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के लिए महत्वपूर्ण हैं। चीन और भारत को अच्छे पड़ोसी बनकर रहना चाहिए। ड्रैगन और हाथी का एक साथ होना ही सही है।

अमेरिका ने कहा- पाकिस्तान हाफिज सईद पर कार्रवाई करे, आतंकवाद के पीड़ित भी यही चाहते हैं
14 October 2019
वॉशिंगटन. अमेरिका ने कहा है कि पाकिस्तान आतंकियों को गिरफ्तार करने के बाद उन पर मुकदमा चलाए और कार्रवाई करे। अमेरिकी विदेश विभाग में दक्षिण और मध्य एशिया मामलों की मंत्री एलिस जी वेल्स ने रविवार को कहा, “हम लश्कर-ए-तैयबा के आंतकियों को गिरफ्तार करने का स्वागत करते हैं। जो आतंकवाद का शिकार हुए हैं, उन्हें हाफिज सईद और इन आतंकियों पर होने वाली कार्रवाई को देखने का हक है।” पाकिस्तान ने 10 अक्टूबर को हाफिज और उसके कुछ करीबियों को गिरफ्तार किया था।
हाफिज को कई बार गिरफ्तार कर छोड़ चुका है पाकिस्तान
1. पाकिस्तान का पहले आतंकियों को पकड़ने और फिर छोड़ने का पुराना इतिहास रहा है। इस लिहाज से एलिस वेल्स का यह बयान अहम माना जा रहा है। पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय दबाव में हाफिज को करीब 8 बार गिरफ्तार कर चुका है। हालांकि, हर बार उसे अलग-अलग बहानों से छोड़ दिया। 2008 में मुंबई हमलों के बाद पाकिस्तान ने हाफिज को गिरफ्तार करने का दावा किया था, लेकिन बाद में सबूतों के अभाव में उस पर आगे कार्रवाई नहीं की।
पाकिस्तान पर एफएटीएफ से ब्लैकलिस्ट होने का खतरा
2.अमेरिका की तरफ से यह बयान ऐसे समय आया है, जब टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट करने पर फैसला सुनाने वाली है। रविवार को एफएटीएफ की बैठक पेरिस में शुरू हुई। ब्लैक लिस्ट से बचने के लिए उसे समिति के सामने साबित करना होगा कि उसने टेरर फंडिंग में लिप्त लोगों पर कार्रवाई की है। एफएटीएफ की बैठक 18 अक्टूबर तक चलेगी।
2018 में ग्रे लिस्ट में डाला गया पाकिस्तान का नाम
3.एफएटीएफ ने जून 2018 में पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डाल दिया था। साथ ही ब्लैक लिस्ट से खुद को बचाने के लिए 27 सूत्रीय एक्शन प्लान सौंपा था। अगर संस्था को लगता है कि पाकिस्तान ने एक्शन प्लान को सही तरीके से लागू नहीं किया है तो उसे ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाएगा।
अगस्त में पाकिस्तान को फॉलोअप सूची में डाला गया था
4.इससे पहले अगस्त में ऑस्ट्रेलिया के कैनबरा में हुई बैठक में एफएटीएफ से जुड़े एशिया पैसिफिक जॉइंट ग्रुप (एपीजेजी) ने मानकों को पूरा नहीं करने पर पाकिस्तान को इनहेन्स्ड एक्सपीडिएट फॉलोअप लिस्ट में डाल दिया था। ग्रुप के मुताबिक, पाकिस्तान आतंकियों की वित्तीय मदद और मनी लॉन्ड्रिंग के 40 में से 32 मानकों का पालन नहीं कर रहा है।

तुर्की के हमलों में 26 नागरिको की मौत; कुर्दों को बचाने के लिए अमेरिका फिर सेना भेज सकता है
14 October 2019
दमिश्क. तुर्की ने अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद सीरिया में कुर्दिश ठिकानों पर हमले जारी रखे हैं। मानवाधिकार संगठन सीरियन ऑब्जर्वेटरी के मुताबिक, रविवार को तुर्की के हमलों में करीब 26 नागरिकों की मौत हो गई। इसी बीच, अमेरिका की विपक्षी डेमोक्रेट पार्टी ने अपील की है कि ट्रम्प सीरिया में सेना वापस न बुलाएं। इसे लेकर लेकर संसद में एक प्रस्ताव भी रखा जाएगा। ट्रम्प पहले ही कह चुके हैं कि वे कुर्दों पर तुर्की के हमले रोकने के लिए उस पर कड़े से कड़े प्रतिबंध लगाएंगे।
तुर्की ने कुर्दों के खिलाफ सीरिया में बुधवार को हमले शुरू किए थे। तब से अब तक 104 कुर्द सैनिक और 60 आम नागरिक एयर स्ट्राइक में मारे जा चुके हैं। रविवार को तुर्की ने आम नागरिकों के वाहन काफिले पर हमला कर दिया। इसमें फ्रांस की एक टीवी पत्रकार स्टेफनी पेरेज बाल-बाल बच गईं। उन्होंने बताया कि चैनल के कुछ अन्य सदस्य हमले में मारे गए हैं। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, सीरिया में इस हिंसा की वजह से 1,30,000 लोगों को अपना घर छोड़कर भागना पड़ा है।
कुर्दों की गिरफ्त में 12 हजार आईएस आतंकी
अमेरिकी न्यूज एजेंसी ‘द हिल’ को दिए इंटरव्यू में सीनेट (अमेरिकी उच्च सदन) के नेता चार्ल्स शुमर ने कहा कि वे जल्द ही ट्रम्प से अपील करेंगे कि वे सीरिया से सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला पलट दें। ताकि कुर्दों को बचाया जा सके और आईएस के सैनिकों को भागने से रोका जाए। दरअसल, कुर्दों की गिरफ्त में करीब 12 हजार इस्लामिक स्टेट आतंकवादी है। शुमर ने कहा कि हम यह भी तय करने की कोशिश करेंगे कि तुर्की अमेरिका के साथ किए गए समझौतों का सम्मान करे।
सीरिया में 35 लाख कुर्द रहते हैं
* कुर्द इराक, सीरिया, तुर्की, ईरान और अर्मेनिया के पहाड़ी इलाकों में रहते हैं। इनकी आबादी करीब 3.5 करोड़ है।
* सीरिया में 35 लाख कुर्द हैं। कुर्दों का अपना अलग देश नहीं है। पर वे आजादी के लिए मुहिम चला रहे हैं।
* आजादी की मुहिम के कारण कुर्दों का तुर्की, इराक, सीरिया और ईरान की सरकारों से अच्छे संबंध नहीं हैं।
* कुर्द लड़ाकू अपने कब्जे वाली 7 जेलों में बंद 12 हजार आईएस आतंकियों, उनके परिजन की निगरानी करते हैं।
अमेरिका: कुर्दों संग आईएस को हराया, अब साथ छोड़ा
कुर्द लड़ाके सीरिया में आतंकी संगठन आईएस को हराने में अमेरिका के प्रमुख सहयोगी रहे हैं। इस लड़ाई में 11 हजार कुर्द लड़ाके मारे गए। हमलों से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि कुर्दों के खिलाफ तुर्की की योजना ठीक है। पर आलोचना होने पर कहा कि तुर्की सीरिया में हद न पार करे।

फैसला सुनाते ही भरी अदालत में जज ने निकाली पिस्‍टल और खुद को मार ली गोली...
5 October 2019
बैंकॉक : थाईलैंड (Thailand) में एक जज एक केस में खुद सुनाए गए फैसले से इतना आहत हुए कि उन्‍होंने भरी अदालत में खुद को गोली मार ली. जज ने पिस्‍टल से अपनी छाती में गोली मारी. इस तरह उन्‍होंने स्पष्ट रूप से मुवक्किलों और वकीलों से भरी कोर्ट में आत्महत्या का प्रयास किया.दरअसल, यह जज एक मामले में वरिष्ठ न्यायाधीशों द्वारा हस्तक्षेप के आरोपों का सामना कर रहे थे.
दक्षिणी थाईलैंड के याला शहर (Yala City) की एक प्रांतीय अदालत में जज ख़ानकॉर्न पियानाखाना ने पिस्‍तौल से खुद को गोली मारी. ऐसा उन्‍होंने एक केस में हत्या और हथियार रखने के आरोपों के पांच आरोपियों को बरी करने के बाद किया. इस घटना के तुरंत बाद जज को अस्‍पताल ले जाया गया, जहां उनकी सर्जरी की गई. बैंकाक पोस्ट के अनुसार, उनकी चोटें जानलेवा नहीं थीं.
इस घटना से पहले खानकोर्न से जुड़ा एक बयान सोशल मीडिया में व्यापक रूप से वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि वरिष्ठ न्यायाधीशों ने उन्हें दोषियों के मामले में अपने फैसले को बदलने के लिए कहा.
इस बयान में कहा गया कि "इस समय, देशभर में न्यायालयों के अन्य साथी न्यायाधीशों के साथ भी वैसा ही व्यवहार किया जा रहा है जैसा मेरा साथ किया गया. (अगर) मैं अपने पद की शपथ को पूरा नहीं कर सकता तो तो मैं सम्मान के बिना जीने की बजाय मैं मरना चाहूंगा".
खानकॉर्न के इस बयान से पूरे देश में एक चिंता व्यक्त की जा रही है, जिसमें थाईलैंड की न्याय प्रणाली में वरिष्ठ न्यायाधीशों के हस्‍तक्षेप पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं.

हांगकांग: आधी सदी बाद लागू किए गए आपात कानून के खिलाफ प्रदर्शन, मेट्रो, बैंक, शॉपिंग सेंटर बंद
5 October 2019
हांगकांग: व्यापक हिंसा और तोड़फोड़ के बाद हांगकांग (Hong Kong) का पूरा मेट्रो (Metro) रेल नेटवर्क शनिवार को भी बंद रहा. इसके अलावा दर्जनों शॉपिंग सेंटर, दुकानें, बैंकों (Bank) को भी बंद रखा गया है.
कैरी लाम की नेतृत्व वाली हांगकांग सरकार ने शुक्रवार की सुबह को सार्वजनिक जगहों पर लोगों के चेहरे पर मास्क पहन कर आने पर प्रतिबंध लगा दिया था. यह एक ऐसा आपातकालीन कानून है, जिसे आधी सदी से अधिक वक्त बीत जाने के बाद भी प्रयोग में नहीं लाया गया था. इस प्रतिबंध के बाद से ही हिंसा फैल गई.
साउथ चाइना मॉर्निग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रतिबंध का उद्देश्य करीब चार महीने से शहर में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर रोक लगाना था. ज्ञात हो कि शहर में अब हटाए जा चुके प्रत्यर्पण विधेयक के खिलाफ महीनों से विरोध प्रदर्शन चल रहा है.
शुक्रवार की देर रात को सभी मास ट्रांजिट रेलवे (एमटीआर) स्टेशनों के बंद को जारी रखते हुए एमटीआर निगम ने शनिवार को तड़के 3.45 बजे घोषणा की कि सुबह भी किसी लाइन का संचालन नहीं किया जाएगा.
रेल ऑपरेटर ने अपनी वेबसाइट पर कहा, 'कई जिलों में हिंसा प्रदर्शन के मद्देनजर, क्षतिग्रस्त स्टेशनों का जायजा लेने और स्टेशनों पर हुए नुकसान का आंकलने करने व मरम्मत कार्य के लिए जाने से पहले रखरखाव कर्मचारियों को भी अपनी सुरक्षा का ख्याल रखना होता है.'
शहर के दो सबसे बड़े सुपरमार्केट चेन पार्कएनशॉप ने अपने फेसबुक पेज पर घोषणा की कि आज के लिए उनका स्टोर बंद रहेगा. वहीं वाट्संस, जो कि एक फार्मेसी चेन है, उसने भी कहा कि हांगकांग हवाई अड्डे पर स्थित उनके स्टोर को छोड़ कर शहर की बाकी सभी स्टोर बंद रहेंगी.
ज्ञात हो कि शुक्रवार की रात को नए कानूनी प्रतिबंध की अवहेलना करते हुए चेहरे पर मास्क पहने प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दिए थे और कई दुकानों और बैंकों में तोड़फोड़ की थी. पुलिस ने रात में हिंसक भीड़ को काबू करने के लिए उन पर आंसू गैस से गोलीबारी की थी.

'बेबस' इमरान खान ने PoK के लोगों से कहा, 'अगर LoC पार की तो भारत...'
5 October 2019
इस्लामाबाद: पाकिस्तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) को लेकर एक बार फिर आग उगली है. उन्होंने जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 (Article 370) को खत्म किए जाने के 60 दिन पूरे होने पर ट्वीट करते हुए कहा है कि कश्मीरियों के संघर्ष को इस्लामिक आंतकवाद करार दिया जा रहा है.
इमरान खान ने ट्विट कर कहा, 'जम्मू कश्मीर में कश्मीरियों को 2 महीनों से ज्यादा समय तक कर्फ्यू में देख रहे आजाद कश्मीर के लोगों का गुस्सा मैं समझ सकता हूं. लेकिन अगर कोई भी एलओसी पार करेगा और कश्मीरी संघर्ष में मानवीय मदद देगा तो वह भारत (India) के नैरेटिव में उलझ जाएगा.'
इमरान ने कहा, 'यह नैरेटिव कश्मीरियों के संघर्ष से ध्यान हटा रह है और कश्मीरियों के संघर्ष को पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित इस्लामिक आतंकवाद करार दे रहा है.'
बता दें हाल ही यूएनजीए में भी इमरान खान के भाषण का बड़ा हिस्सा जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत पर निशाना साधने से संबंधित रहा था जिसके लिए उनकी काफी आलोचना हुई थी. अपने देश और इसकी समस्या को नजरअंदाज करते हुए, इमरान खान ने अपना ध्यान पूरी तरह से कश्मीर पर दिया था. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भारत के जम्मू एवं कश्मीर में जब कर्फ्यू हटेगा, तब वहां खूनखराबा होगा. तब क्या होगा. क्या किसी ने इस बारे में सोचा है.
उन्होंने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, 'नस्लीय श्रेष्ठता की भावना और घमंड की वजह से आदमी गलतियां करता है और गलत निर्णय लेता है.'

महाभियोग के बढ़ते तूफान पर बरसे ट्रंप, बोले यह तख्तापलट की कार्रवाई है
3 October 2019
वॉशिंगटन। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप डेमोक्रेट्स द्वारा उनके खिलाफ शुरू की गई महाभियोग जांच पर बुधवार को जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि डेमोक्रेट्स को हमारे देश के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, उन्हें हर किसी का समय और ऊर्जा नहीं बर्बाद करनी चाहिए, जो वह साल 2016 से कर रहे हैं, जब मैं राष्ट्रपति बना था। प्रतिनिधि सभा में महाभियोग जांच के डेमोक्रेटिक पॉइंट मैन एडम शिफ ने संवाददाताओं से कहा कि आगे बढ़ने के लिए तात्कालिकता की वास्तविक जरूरत है। ट्रंप ने मंगलवार देर रात कहा था कि यह महाभियोग नहीं है, यह एक तख्तापलट है।
बुधवार को भी उन्होंने फिनलैंड के राष्ट्रपति के साथ व्हाइट हाउस में खड़े होकर अपने संदेश को दोहराते हुए कहा कि हाउस स्पीकर नैंसी पेलोसी द्वारा पिछले हफ्ते घोषित की गई महाभियोग प्रक्रिया की ब्रांडिंग एक अफवाह है। बताते चलें कि ट्रंप पर यह आरोप भी लगे हैं कि उन्होंने साल 2020 में अपने प्रमुख प्रतिद्वंद्वी जो बिडेन के खिलाफ कीचड़ उछालने के लिए यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की पर दबाव डाला था।
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बातचीत का खुलासा करने वाले को जासूस करार देते हुए उसकी पहचान सार्वजनिक करने की मांग की है, अमेरिका में लोकहित में जानकारी सार्वजनिक करने वालों की सुरक्षा के लिए कानून है। ट्रंप ने पहले भी ट्वीट करके कहा था कि मैं उस व्हिसिलब्लोअर से मिलना चाहता हूं।
इस मुद्दे पर कांग्रेस के डेमोक्रेट सदस्यों ने और सख्त रुख अपना लिया है। बताते चलें कि डेमोक्रेट्स आक्रमक तरीके से इस प्रस्ताव पर आगे बढ़ रहे हैं और अगले हफ्ते बंद कमरे में इसकी सुनवाई शुरू करेगी। अमेरिकी राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि उन्होंने यूक्रेन नेता वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ फोन पर बात कर कुछ भी गलत नहीं किया है। उन्होंने कहा कि महाभियोग जांच का नेतृत्व कर रहे जांचकर्ता और सदन की खुफिया मामलों की समिति के अध्यक्ष एडम शिफ को 'राजद्रोह' के लिए गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

8 से 14 अक्टूबर तक ब्रिटेन की संसद को स्थगित करने के लिए तैयार है पीएम बोरिस जॉनसन
3 October 2019
लंदन। ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन 8 से 14 अक्टूबर तक संसद को निलंबित करना चाहते हैं। यह जानकारी उनके डाउनिंग स्ट्रीट कार्यालय ने बुधवार को दी। इससे पहले संसद को निलंबित करने की उनकी कोशिश को उस वक्त झटका लग गया था, जब इसे गैरकानूनी घोषित किया गया था। एक बयान में कहा गया है कि इस समयसीमा का मतलब है कि सरकार के नए विधायी कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने के लिए क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय के लिए सभी आवश्यक तार्किक तैयारियों को सक्षम करने के लिए कम से कम समय के संसद स्थगित है। जॉनसन ने पहले 10 सितंबर से 14 अक्टूबर तक संसद को निलंबित करने की सलाह दी थी।
हालांकि, यूरोप की तरफ झुकाव रखने वाले सांसदों ने इस पर नाराजगी जताई थी और 31 अक्टूबर को यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के निकल जाने के लंबित मामले में लोकतांत्रिक बहस को रोकने के प्रयास के रूप में इस कदम को देखा था। इंग्लैंड और स्कॉटलैंड में कानूनी चुनौतियों के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने मोनार्क को दी गई जॉनसन की सलाह को गैरकानूनी माना था। ब्रिटेन की सर्वोच्च अदालत ने बोरिस जॉनसन के इस फैसले को रद्द कर दिया था और 25 सितंबर से संसद की कार्रवाई फिर से शुरू हुई थी।
इस कदम का मतलब होगा कि संसद मंगलवार को कामकाज बंद होने के बाद निलंबित हो जाएगी। फिर 9 और 10 अक्टूबर को सिर्फ दो दिनों मिस होंगे। जुलाई में पदभार ग्रहण करने वाले जॉनसन अगर संसद के अगले सत्र के लिए विधायी कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करना चाहते हैं, तो उन्हें नए निलंबन की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि मैं लोगों की प्राथमिकताओं को पूरा करना चाहता हूं।
रानी के एक भाषण के माध्यम से सरकार एनएचएस (राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा), स्कूलों, अपराध से निपटने, बुनियादी ढांचे में निवेश करने और एक मजबूत अर्थव्यवस्था बनाने के लिए अपनी योजनाओं को स्थापित करेगी। हम 31 अक्टूबर को ब्रेक्जिट कर लेंगे और इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम करते रहेंगे।

अमेरिका में द्वितीय विश्व युद्ध के समय का लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त, सात की मौत और नौ घायल
3 October 2019
न्यूयार्क। पूर्वोत्तर अमेरिकी राज्य कनेक्टिकट के एक हवाई अड्डे पर बुधवार को 13 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के साथ उड़ान भर रहा द्वितीय विश्व के समय का लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। इस हादसे में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई। ब्रैडली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुबह करीब 10:00 बजे लैंडिंग की कोशिश करते वक्त यह विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। स्थानीय मीडिया ने बताया कि द्वितीय विश्व युद्ध के समय में बोइंग बी-17 विमान को अमेरिकी वायु सेना ने जर्मनी और जापान के खिलाफ तैनात किया था।
अधिकारियों ने बताया कि विमान में दस यात्री और चालक दल के तीन सदस्य सवार थे। इस विमान को कोलिंग्स फाउंडेशन द्वारा संचालित किया जाता है, जो विंटेज विमानों में लोगों को उड़ान का अनुभव कराता है। कनेक्टिकट के राज्य आपदा आपातकालीन अधिकारी, जेम्स रोवेला ने बताया कि वहां कुछ लोगों की मौत हुई है, लेकिन मृतकों की सही संख्या के बारे में अभी बता पाना जल्दबाजी होगी।
उन्होंने कहा कि हादसे में जल गए पीड़ितों की पहचान करना बहुत मुश्किल है। हम गलती नहीं करना चाहते। रोवेला ने कहा कि जमीन पर विमान के रख-रखाव काम करने वाला एक अधिकारी भी हादसे में घायल हो गया है।
स्थानीय मीडिया ने बाद में अधिकारियों के हवाले से कहा कि दुर्घटना में कम से कम सात लोग मारे गए हैं और उस समय जमीन पर मौजूद तीन लोगों के साथ कुल नौ लोग घायल हो गए हैं। राज्य के हवाईअड्डा प्राधिकरण के निदेशक केविन डिलन ने कहा कि सुबह 9:45 बजे उड़ान भरने के दस मिनट बाद पायलटों ने कहा कि वे समस्या का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने कहा- हम देख सकते हैं कि विमान निश्चित रूप से ऊंचाई हासिल नहीं कर पाया था। जमीन पर उतरते समय चालक दल ने विमान से नियंत्रण खो दिया और हादसा हो गया। सोशल मीडिया पर और अमेरिकी मीडिया के आउटलेट्स द्वारा ली गई तस्वीरों में क्रैश साइट से निकलने वाले धुएं की मोटी काली परत दिखाई दी।

NSA अजित डोभाल ने की सऊदी प्रिंस से मुलाकात, कश्मीर को लेकर भी हुई चर्चा
2 October 2019
रियादः राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने बुधवार को सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की. एनएसए डोभाल मंगलवार को सऊदी पहुंचे थे और आज क्राउस प्रिंस के साथ हुई उनकी बैठक करीब करीब 2 घंटे तक चली. इस द्विपक्षीय बातचीत के दौरान जम्मू कश्मीर के साथ-साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई. इस दौरान सऊदी क्राउन प्रिंस ने जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत के दृष्टिकोण और कार्यों के बारे में समझ व्यक्त की.
बता दें कि एनएसए डोभाल की सऊदी प्रिंस के साथ यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब कुछ दिन पहले ही पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने सऊदी दौरे पर कश्मीर मुद्दे पर समर्थन मांगा था.
अजीत डोभाल की यह यात्रा दोनों देशों के बीच के गहरे संबंधों को और मजबूत करेगी. यह ऐेसे समय में सहयोग के विशिष्ट क्षेत्रों की पहचान करने में मदद करेगी जब सऊदी अरब अपनी अर्थव्यवस्था को एमबीएस की दृष्टि 2030 के अनुरूप विविधता लाने के लिए देख रहा है.

अक्टूबर में चीन की यात्रा पर जाएंगे इमरान खान, निवेशकों को लुभाना होगा एजेंडा
1 October 2019
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान अक्टूबर में चीन की यात्रा पर जाएंगे। इस दौरान वह चीन के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे और निवेशकों को लुभाने की कोशिश करेंगे। यात्रा के दौरान खान 8 अक्टूबर को बीजिंग में चीन-पाकिस्तान व्यापार मंच में शिरकत करेंगे। हालांकि, इस यात्रा की तारीख की अभी तक पुष्टि नहीं की गई है। बताते चलें कि पीएम बनने के बाद इमरान खान की यह तीसरी चीन की यात्रा होगी। वह ऐसे समय में चीन की यात्रा करने जा रहे हैं, जब कश्मीर को लेकर पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव चरम पर है। बीजिंग ने कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान का समर्थन किया है, लेकिन दुनिया के बाकी देशों ने पाकिस्तान का साथ देने से इंकार कर दिया है।
बताते चलें कि भारत सरकार ने पांच अगस्त को कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अस्थाई अनुच्छेद 370 और 35ए को खत्म कर इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में बदल दिया था। इसके साथ ही लद्दाख को भी केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया था। पाकिस्तान इसके बाद से ही लगातार कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन चीन के अलावा उसका साथ किसी भी देश ने नहीं दिया है।
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने पाकिस्तान का साथ देते हुए कहा था कि ऐसा कोई भी कदम नहीं उठाना चाहिए, जो एकतरफा रूप से यथास्थिति को बदले। भारत और पाकिस्तान दोनों के पड़ोसी के रूप में चीन उम्मीद करता है कि विवाद का प्रभावी रूप से हल निकाला जाएगा और दोनों पक्षों के बीच संबंध बहाल होंगे।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा था- कश्मीर मुद्दा अतीत से चला आ रहा एक विवाद है, जिसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर, सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और द्विपक्षीय समझौते के अनुसार शांतिपूर्वक और उचित तरीके से हल किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद इमरान खान पहली बार नवंबर 2018 में चीन की यात्रा पर गए थे। अप्रैल 2019 में उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के लिए दूसरे बेल्ट एंड रोड फोरम में भाग लेने के लिए बीजिंग का दौरा किया था।

अमेरिकी सीनेटर कमला हैरिस चाहती हैं बंद कर दिया जाए ट्रंप का ट्विटर एकाउंट
1 October 2019
वॉशिंगटन। कैलिफोर्निया से सांसद कमला हैरिस ने ट्विटर से कहा है कि वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एकाउंट को बंद कर दें। सांसदों और व्हिसिलब्लोअर्स पर हमला करने के मामले में वह चाहती हैं कि कंपनी यह कदम उठाए। बताते चलें कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की पर जो बिडेन और उनके बेटे की जांच कराने का दबाव बनाने के मामले की शिकायत एक व्हिसिलब्लोअर ने की है। इस मामले को लेकर अमेरिका की राजनीति गरमा गई है। हैरिस ने कहा कि ट्रंप के ट्विटर एकाउंट को निलंबित कर दिया जाना चाहिए। इस बात के कई सबूत हैं, जो यह बताते हैं कि ट्रंप अपने शब्दों को लेकर कितने गैर-जिम्मेदार हैं, जिनका नतीजा नुकसानदेह साबित हो सकता है।
कमला हैरिस ने कहा कि यदि आप उनके आज के ट्वीट को देख रहे हैं, तो आप पाएंगे कि यह उन्होंने सीधे व्हिसलब्लोअर को लेकर लिखा है। मुझे स्पष्ट रूप से लगता है कि इसके आधार पर और इससे पहले उन्होंने जो कांग्रेस के सदस्यों पर हमला किया था, उसे देखते हुए उनके ट्विटर अकाउंट को निलंबित कर दिया जाना चाहिए। हालांकि, ट्विटर ने अभी तक कमला हैरिस की मांग पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। मगर, ट्विटर नीति के अनुसार, किसी वैश्विक नेता को ट्विटर का इस्तेमाल करने से रोकना या उनके विवादित ट्वीट को हटाने से महत्वपूर्ण जानकारी को छिपाएगा, जिसे लोगों को देखना चाहिए और बहस करनी चाहिए। ट्रंप ने अपने राजनीतिक विरोधियों पर हमला करने के लिए ट्विटर का जबरदस्त इस्तेमाल किया है।
ट्रंप ने 25 जुलाई को अपने निजी वकील रूडी गिउलियानी और अटॉर्नी जनरल विलियम बर के साथ सहयोग करने के लिए यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की पर एक यूक्रेनी गैस कंपनी की जांच करने का दबाव डाला था। यह कंपनी पूर्व उपराष्ट्रपति जो बिडेन के बेटे हंटर से संबंधित हो सकती है। यह जानकारी व्हाइट हाउस की तरफ से पिछले सप्ताह जारी किए गए कॉल की डिटेल से मिली है।
यूएस हाउस इंटेलिजेंस कमेटी ने गियुलियानी को समन भेजकर उनसे कहा है कि वह 24 सितंबर को हाउस डेमोक्रेट द्वारा शुरू किए गए ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की जांच में सहयोग करें। इसके साथ ही यूक्रेन के साथ ट्रंप के सौदेबाजी से संबंधित दस्तावेज मुहैया कराएं। हालांकि, इन आरोपों के खिलाफ ट्रंप लगातार अपना बचाव करत