Untitled Document


register
REGISTER HERE FOR EXCLUSIVE OFFERS & INVITATIONS TO OUR READERS

REGISTER YOURSELF
Register to participate in monthly draw of lucky Readers & Win exciting prizes.

EXCLUSIVE SUBSCRIPTION OFFER
Free 12 Print MAGAZINES with ONLINE+PRINT SUBSCRIPTION Rs. 300/- PerYear FREE EXCLUSIVE DESK ORGANISER for the first 1000 SUBSCRIBERS.

   >> सम्पादकीय
   >> पाठक संपर्क पहल
   >> आपकी शिकायत
   >> पर्यटन गाइडेंस सेल
   >> स्टुडेन्ट गाइडेंस सेल
   >> सोशल मीडिया न्यूज़
   >> नॉलेज फॉर यू
   >> आज खास
   >> राजधानी
   >> कवर स्टोरी
   >> विश्व डाइजेस्ट
   >> बेटी बचाओ
   >> आपके पत्र
   >> अन्ना का पन्ना
   >> इन्वेस्टीगेशन
   >> मप्र.डाइजेस्ट
   >> निगम मण्डल मिरर
   >> मध्यप्रदेश पर्यटन
   >> भारत डाइजेस्ट
   >> सूचना का अधिकार
   >> सिटी गाइड
   >> लॉं एण्ड ऑर्डर
   >> सिटी स्केन
   >> जिलो से
   >> हमारे मेहमान
   >> साक्षात्कार
   >> केम्पस मिरर
   >> हास्य - व्यंग
   >> फिल्म व टीवी
   >> खाना - पीना
   >> शापिंग गाइड
   >> वास्तुकला
   >> बुक-क्लब
   >> महिला मिरर
   >> भविष्यवाणी
   >> क्लब संस्थायें
   >> स्वास्थ्य दर्पण
   >> संस्कृति कला
   >> सैनिक समाचार
   >> आर्ट-पावर
   >> मीडिया
   >> समीक्षा
   >> कैलेन्डर
   >> आपके सवाल
   >> आपकी राय
   >> पब्लिक नोटिस
   >> न्यूज मेकर
   >> टेक्नोलॉजी
   >> टेंडर्स निविदा
   >> बच्चों की दुनिया
   >> स्कूल मिरर
   >> सामाजिक चेतना
   >> नियोक्ता के लिए
   >> पर्यावरण
   >> कृषक दर्पण
   >> यात्रा
   >> विधानसभा
   >> लीगल डाइजेस्ट
   >> कोलार
   >> भेल
   >> बैरागढ़
   >> आपकी शिकायत
   >> जनसंपर्क
   >> ऑटोमोबाइल मिरर
   >> प्रॉपर्टी मिरर
   >> सेलेब्रिटी सर्कल
   >> अचीवर्स
   >> पाठक संपर्क पहल
   >> जीवन दर्शन
   >> कन्जूमर फोरम
   >> पब्लिक ओपिनियन
   >> ग्रामीण भारत
   >> पंचांग
   >> येलो पेजेस
   >> रेल डाइजेस्ट
  





कोरोना खतरे पर सीएम केजरीवाल ने कहा- 72 लाख लोगों को हर महीने फ्री मिलेगा 7.5 किलो राशन
21 March 2020
नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Corona Virus) के बढ़ते खतरे पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने बयान दिया है. उन्होंने दिल्ली की जनता से अपील करते हुए कहा कि दिल्ली के लोग घर में रहें, बाहर ना जाएं. कल दिल्ली में 50 फीसदी बसें नहीं चलेंगी.
सीएम केजरीवाल ने कोरोना के खतरे की वजह से दिल्ली में मिलने वाले राशन के कोटा को बढ़ा दिया गया है और इसे फ्री देने का फैसला किया गया है. इसके तहत 72 लाख लोगों को हर महीने 7.5 किलो राशन फ्री दिया जाएगा. नाइट शेल्टर में मुफ्त खाना दिया जाएगा.
सीएम ने लोगों से राशन की दुकानों पर भीड़ ना लगाने की भी अपील की. उन्होंने कहा कि अभी बंद जैसी स्थिति नहीं है लेकिन जरूरत पड़ी तो दिल्ली में लॉकडाउन करेंगे.
इसके अलावा सीएम ने दिल्ली के बुजुर्ग, विधवा और विकलांगों को मिलने वाली पेंशन को दोगुना करने का फैसला किया है. सीएम ने अपील की है कि बुजुर्ग अपने घर से बाहर ना निकलें. उन्होंने यह भी कहा कि पांच से ज्यादा लोग एक साथ इकट्ठा ना हों.

कोरोना का कहर जारी, राजधानी एक्सप्रेस में सफर कर रहे 2 यात्री ट्रेन से उतारे गए
21 March 2020
नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Corona Virus) की वजह से पूरे देश में हड़कंप मचा हुआ है. सरकार और जनता हर तरह से इस वायरस से बचाव में लगी हुई है. अब 2 यात्रियों को राजधानी ट्रेन से बाहर निकाला गया है. इन दोनों यात्रियों को अनिवार्य रूप से क्वैरैंटीन के लिए मार्क किया गया था.
ट्रेन बेंगलुरु से दिल्ली के लिए जा रही थी. यात्रियों को ट्रेन से बाहर करने के बाद पूरे कोच को सैनीटाइज किया गया. ये जानकारी रेल मंत्रालय ने दी है.
रेल मंत्रालय ने ये भी बताया कि वो 8 यात्री जो 13 मार्च को आंध्र प्रदेश संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे थे, वह सब शुक्रवार को कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. ये ट्रेन दिल्ली से रामागुंडम के लिए चल रही थी.
बता दें कि कोरोना से बचने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है. इससे पहले मुंबई मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने घोषणा की है कि रविवार को मुंबई मेट्रो सेवाएं बंद रहेंगी. यह निर्णय कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा की गई अपील के मद्देनजर लिया गया है.
बता दें कि पीएम मोदी ने रविवार, 22 मार्च को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक 'जनता कर्फ्यू' का पालन करने के लिए कहा है. यानी कि इस दौरान लोग अपने घरों में ही रहें. उन्होंने कहा है कि यह जनता द्वारा जनता के लिए लगाया गया कर्फ्यू है, जो इस घातक वायरस से निपटने में मददगार साबित होगा.

सैनिटाइजर की कीमत पर सरकार का बड़ा फैसला, अब आपसे कोई नहीं ले सकता इससे ज्यादा पैसे
21 March 2020
नई दिल्ली. देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) के प्रकोप की रोकथाम के लिए सरकार ने सैनिटाइजर और फेस मास्क की कीमत तय कर दी है. केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान ने शुक्रवार को ट्वीट के जरिए यह जानकारी दी.
उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस (कोविड-19) के फैलने के बाद से बाजार में विभिन्न फेस मास्क, इसके निर्माण में लगने वाली सामग्री और हैंड सैनिटाइजर की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि देखी गई है, इसलिए सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए इनकी कीमतें तय कर दी हैं.
केंद्र सरकार ने दो और तीन प्लाई वाले सर्जिकल फेस मास्क और हैंड सैनिटाइजर की कीमत तय की है. पासवान ने कहा, "आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत 2 और 3 प्लाई मास्क में इस्तेमाल होने वाले फैब्रिक की कीमत वही रहेगी जो 12 फरवरी 2020 को थी. 2 प्लाई मास्क की खुदरा कीमत 8 रु./मास्क और 3 प्लाई की कीमत 10 रु./मास्क से अधिक नहीं होगी."
केंद्रीय मंत्री ने कहा, "हैंड सैनिटाइजर की 200 एमएल बोतल की खुदरा कीमत 100 रुपये से अधिक नहीं होगी. अन्य आकार की बोतलों की कीमत भी इसी अनुपात में रहेंगी. ये कीमतें 30 जून, 2020 तक पूरे देश में लागू रहेंगी."

कमलनाथ के इस्‍तीफे के बाद BJP की सत्‍ता में वापसी तय
20 March 2020
नई दिल्‍ली: मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री कमलनाथ के इस्‍तीफे के बाद अब ये तय हो गया है कि बीजेपी एक बार फिर 15 महीने के बाद सूबे की सत्‍ता में वापसी करेगी. ऐसा इसलिए क्‍योंकि कांग्रेस के 22 विधायकों के इस्‍तीफे स्‍वीकार होने के बाद बहुमत का आंकड़ा बीजेपी के पक्ष में आ गया है. इसके साथ ही बीजेपी खेमे में सबसे बड़ा सवाल ये उठने लगा है कि इस बार कौन बनेगा मुख्‍यमंत्री?
कहा जा रहा है कि शिवराज सिंह चौहान के अलावा, नरोत्‍तम मिश्रा, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी मुख्‍यमंत्री पद की रेस में हैं. लेकिन किसको मुख्‍यमंत्री बनाया जाएगा, ये अभी साफ नहीं है. बीजेपी के प्रवक्‍ता संबित पात्रा ने इस संबंध में कहा कि बीजेपी का संसदीय बोर्ड तय करेगा कि मुख्‍यमंत्री कौन बनेगा. हालांकि 13 साल तक मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री रहे शिवराज सिंह चौहान को बाकियों की तुलना में सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा है.
बहुमत का आंकड़ा आपको बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद प्रदेश कांग्रेस के 22 विधायकों ने कांग्रेस से बागी होकर अपने त्यागपत्र दे दिए थे. इसके बाद मध्य प्रदेश में कमलनाथ की सरकार अल्पमत में आ गई थी. मप्र असेंबली में 230 विधायकों की कुल संख्या में 2 विधायकों की आकस्मिक मृत्यु हो चुकी है और इनकी सीटों पर उपचुनाव होने हैं.
इस तरह मध्य प्रदेश विधानसभा में अब 206 विधायक ही बचे हैं. यानी बहुतम का आकंड़ा 104 है. भाजपा के पास 106 विधायक हैं, यानी बहुमत के आंकड़े से 3 ज्यादा. कांग्रेस के पास अपने 92 विधायक हैं.
असेंबली की स्थिति
मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल विधायकों की संख्या है- 230
इनमें से 2 विधायकों के आकस्मिक निधन से संख्या है- 228
कांग्रेस के 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद संख्या है- 206
इस तरह विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा बैठता है- 104
मौजूदा आंकड़े
भाजपा - 106 विधायक, बहुमत के आंकड़े से 2 ज्यादा.
कांग्रेस - 92 विधायक, 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद.
सपा, बसपा, निर्दलीय- 07 विधायक (सपा- 2, बसपा-1, निर्दलीय- 4)
बीते 2 मार्च को शुरू हुआ था सियासी ड्रामा
मध्य प्रदेश में बीते 2 मार्च से कमलनाथ सरकार पर संकट के बादल छाए थे. सबसे पहले कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने 2 मार्च को ट्वीट कर भाजपा पर हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाया था. इसके बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा नेताओं शिवराज सिंह चौहान, नरोत्तम मिश्रा और अरविंद भदौरिया पर कमलनाथ सरकार को गिराने की साजिश रचने का आरोप लगाया था. लेकिन असली खेल तब शुरू हुआ था, जब ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 10 मार्च को कांग्रेस पार्टी से बगावत कर भाजपा में शामिल होने का फैसला किया. 11 मार्च को सिंधिया ने भाजपा का दामन थामा और उनके नक्शेकदम पर चलते हुए कांग्रेस में इस्तीफे का दौर शुरू हो गया.

7 साल, 3 महीने और 4 दिन बाद इंसाफ मिला; तिहाड़ में चारों दुष्कर्मियों को फांसी, मोदी ने कहा- न्याय की जीत हुई
20 March 2020
नई दिल्ली. 7 साल, 3 महीने और 4 दिन के बाद वह सुबह आ ही गई, जब निर्भया सच में मुस्कुराई। शुक्रवार सुबह साढ़े पांच बजे उसके सभी दोषियों को एक साथ तिहाड़ जेल में फांसी पर लटका दिया गया। 16 दिसंबर 2012 की रात दिल्ली में छह दरिंदों ने निर्भया से दुष्कर्म किया था। एक ने जेल में खुदकुशी कर ली थी, दूसरा नाबालिग था इसलिए तीन साल बाद छूट गया। बाकी बचे चार- मुकेश (32), अक्षय (31), विनय (26) और पवन (25) अपनी मौत से 2 घंटे पहले तक कानून के सामने गिड़गिड़ाते रहे। अंत में जीत निर्भया की ही हुई।
सभी दुष्कर्मियों को निचली अदालत ने 9 महीने में ही फांसी की सजा सुना दी थी। दिल्ली हाईकोर्ट को फांसी की सुनाई जा चुकी सजा पर मुहर लगाने में 6 महीने लगे। इसके 2 साल 2 महीने बाद मई 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने भी कह दिया कि फांसी ही होगी। फिर 2 साल 10 महीने और गुजर गए। 4 बार डेथ वारंट जारी हुए। आखिरी बार शुक्रवार को फांसी का दिन मुकर्रर कर दिया गया।
इससे पहले दुष्कर्मियों ने 15 घंटे में 6 अर्जियां लगाईं। शुक्रवार तड़के सवा तीन बजे तक हाईकोर्ट से लेकर सर्वोच्च अदालत तक सुनवाई होती रही, लेकिन सभी अर्जी खारिज हुईं। सुबह 5 बजे तिहाड़ जेल में फांसी की आखिरी तैयारियां शुरू कर दी गईं। दुष्कर्मियों को फांसी के तख्ते तक ले जाया गया। चारों के हाथ-पैर बांधे गए। दोषी विनय रोने लगा। फिर सभी दोषियों के चेहरे पर नकाब डाला गया और फंदे कस दिए गए। ठीक साढ़े पांच बजे जल्लाद पवन ने लीवर खींचा... और मानो देश को इंसाफ मिल गया। महज 7 मिनट बाद जेल अधिकारी ने चारों की मौत की पुष्टि कर दी। 30 मिनट बाद डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया।
अपडेट्स
11.25 AM: केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा- फांसी का न्यायपालिका, सरकार, सिविल सोसाइटी पर प्रभाव पड़ा है। यह दिखता है कि दोषियों ने फांसी की सजा मिलने के बाद भी 7 साल तक कानून का गलत इस्तेमाल करते रहे।
11.20 AM: गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा- कुछ मामलों में सजा जल्दी दी जानी चाहिए, इसलिए भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और आपराधिक दंड संहिता (सीआरपीसी) के कमजोर कानूनों को खत्म किया जाएगा।
11:15 AM: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया- इंसाफ की जीत हुई।
10:40 AM: तिहाड़ के डीजी ने बताया कि कल रात मुकेश और विनय ने खाना खाया था, जबकि अक्षय ने सिर्फ चाय पी थी। विनय रोया था, हालांकि चारों दोषी शांत ही रहे। चारों को कोर्ट का अपडेट दिया जाता रहा। अगर उनके परिवार शव पर दावा करते हैं तो उन्हें दिया जाएगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो अंतिम संस्कार हमारी ड्यूटी है।
8:30 AM: पोस्टमॉर्टम के लिए शव दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल लाए गए। इस प्रक्रिया के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।
8:00 AM: उत्तर प्रदेश के बलिया में निर्भया के गांव में जश्न मनाया गया।
7:30 AM: निर्भया के पिता बद्रीनाथ सिंह ने कहा कि आज हमारी जीत हुई। आप मेरी मुस्कुराहट देखकर समझ सकते हैं कि मेरे मन में क्या है।
7:10 AM: दो एंबुलेंस तिहाड़ जेल पहुंची। जेल परिसर के बाहर से सुरक्षा हटाई गई।
6: 50 AM: राष्ट्रीय महिला आयोग और दिल्ली महिला आयोग ने सजा पर खुशी जाहिर की। कहा- आप तारीखें खींच सकते हो, पर आपको सजा मिलेगी।
6: 40 AM: तिहाड़ के बाहर निर्भया अमर रहे और भारत माता की जय के नारे लगे। जश्न मनाया गया।
6:25 AM: दुष्कर्मियों के शवों को फंदे से उतारा गया।
6.10 AM: मेडिकल अफसर ने चारों दुष्कर्मियों को मृत घोषित किया।
5:37 AM: जेल प्रशासन ने 7 मिनट बाद दोषियों की मौत की पुष्टि की।
5:30 AM: जल्लाद ने चारों दोषियों को फांसी के फंदे पर लटकाया।
36 साल 5 महीने पहले एकसाथ 4 दोषियों को फांसी दी गई थी
निर्भया केस से 36 साल 5 महीने पहले यानी 25 अक्टूबर 1983 को पुणे की येरवड़ा सेंट्रल जेल में राजेंद्र जक्काल, दिलीप सुतार, शांताराम जगताप और मुनव्वर शाह को एकसाथ फांसी पर लटकाया गया था। ये सभी जनवरी 1976 से मार्च 1977 के बीच 10 सीरियल किलिंग के दोषी थे।

इटली के पर्यटक ने दम तोड़ा, लेकिन 5 दिन पहले रिपोर्ट निगेटिव थी; मंत्री बोले- मौत का कारण कोरोना से अलग है
20 March 2020
जयपुर. देश में कोरोनावायरस के संक्रमित मिले पहले विदेशी पर्यटक की शुक्रवार को जयपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने कहा कि इटली का पर्यटक रेगुलर स्मोकर था। कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने पर उसे दूसरी बीमारियों के इलाज के लिए फोर्टिस हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया था। अब मौत का कारण कोरोना से अलग मिला है। इससे पहले भारत में कोरोनावायरस से कर्नाटक के कलबुर्गी, दिल्ली, मुंबई और पंजाब के नवांशहर में मौतें हो चुकी हैं। बड़ी बात यह कि सभी मृतक 60 साल से ज्यादा उम्र के थे।
इटली से आए 69 वर्षीय एंड्री कार्ली 29 फरवरी से सवाई मानसिंह अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती थे। 2 मार्च को उनकी रिपोर्ट में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इसके बाद 15 मार्च को रिपोर्ट निगेटिव मिली थी। एंड्री की पत्नी ने इटली दूतावास से उन्हें जयपुर के ही फोर्टिस हॉस्पिटल में भर्ती करने की अनुमति मांगी थी। जहां उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था। एंड्री इटली के उसी पर्यटक दल का हिस्सा थे, जिसके 16 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। एंड्री के बाद उनकी पत्नी की भी कोरोनावायरस रिपॉर्ट पॉजिटिव आई थीं। इलाज के बाद पत्नी की रिपोर्ट भी निगेटिव आई थी। अब वह स्वस्थ बताई जा रही हैं।
1-28 फरवरी तक राजस्थान में घूमता रहा यह दल
इटली के जिस दल में एंड्री आए थे, उसमें 23 विदेशी पर्यटक, एक ड्राइवर, एक हेल्पर और एक गाइड शामिल था। यह दल 21 फरवरी को सबसे पहले राजस्थान के झुंझुनूं पहुंचा। इसके बाद बीकानेर, जैसलमेर, जोधपुर और फिर उदयपुर होते हुए जयपुर पहुंचा था। एंड्री के पॉजिटिव पाए जाने के बाद पूरे दल की जांच की गई, जिसमें 16 विदेशी पर्यटक और एक ड्राइवर समेत 17 लोग पॉजिटिव पाए गए थे। इसके बाद तीन लोग जयपुर में एडमिट थे, जबकि बाकी लोगों को दिल्ली में एडमिट कराया गया था।

कोरोना के खौफ से गांव लौट रहे लोग, इस तरह किया जा रहा वेरिफिकेशन
18 March 2020
मुस्तान मिर्ज़ा, उस्मानाबाद: महाराष्ट्र में कोरोना वायरस (Corona Virus) पॉजिटिव की संख्या लगातार बढ़ रही है. इसका सीधा खौफ ग्रामीण इलाकों में दिख रहा है. उस्मानाबाद से भी काफी लोग रोजगार के लिए पुणे और मुंबई आते हैं लेकिन कोरोना के डर की वजह से अब ये लोग वापस अपने गांव लौट रहे हैं.
उस्मानाबाद में पुणे और मुंबई से लौटने वाले लोगों को लेकर खौफ का माहौल है. इस खौफ को कम करने के लिए वापस लौटे लोगों का गांव में सत्यापन किया जा रहा है. उस्मानाबाद के गांवों में शहर से लौटे लोगों के सत्यापन के लिए ढोल पीटकर अपील की गई है. कोरोना के खौफ के बाद ग्रामीणों ने यह नया तरीका अपनाया है.
लगभग हर दिन गांव में लोग वापसी कर रहे हैं. ऐसे लोगों का सत्यापन करना शुरु कर दिया गया है. बाकायदा रजिस्टर में शहरों से गांव लौटे लोगों का नाम दर्ज किया जाता है, साथही इनको कोई बीमारी तो नहीं है, इसकी पूछताछ भी की जा रही है. पूछताछ के बाद इसकी जानकारी प्रशासन को दी जा रही है.
इन वापस लौटे लोगों में मजदूरों के साथ छात्रों की संख्या भी है. छात्रों का परिवार उन्हें घर वापस बुला रहा है. उस्मानाबाद जिले के गांवों में यह अब आम बात है. शहर से गांव लौटे भाऊसाहेब ने बताया, 'हम काम के सिलसिले में पुणे मे रहते थे, लेकिन कोरोना की वजह से बहुत सारी चीजें बंद हुईं, जिसकी वजह से हमारा काम छिन गया. इसलिए हम गांव वापस लौट आए.'
पोलीस पाटील दत्तात्रय कोल्हे ने बताया कि प्रशासन ने हमें आदेश दिए हैं कि, जो शहरों से गांव मे आता है, उसका नाम रजिस्टर कराएं और अगर कोई बीमार हो तो उसकी जानकारी, प्रशासन को दें.

प्राइवेट कंपनियों को BMC की चेतावनी, '50% कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम दें वर्ना
18 March 2020
मुंबई: देश में सबसे ज्यादा कोरोना के मरीज (Corona patients) महाराष्ट्र (Maharashtra) में मिले हैं. राज्य में अब तक 42 मामलों की पुष्टि हो चुकी है. इसी बीच, मुंबई में कोरोना वायरस (Corona virus) के खतरे के मद्देनजर
बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) ने 50 फीसदी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा न देने वाली प्राइवेट कंपनियों को चेतावनी दी है.
बीएमसी ने कहा है कि हमारी टीम निजी कंपनियों के दफ्तर में जाकर चेकिंग करेगी और दोषी पाए जाने पर आईपीसी की धारा 188 के तहत कानूनी कार्रवाई करेगी. बीएमसी का कहना है कि कोरोना के स्टेज तीन पर पहुंचने के मद्देनजर ये ऐहतियात बरतनी बहुत जरूरी है. बीएमसी ने लोगों से भी अपील की है कि वो अपनी शिकायत या अन्य काम को लेकर बीएमसी के मुख्यालय या हेडक्वार्टर पर ना जाएं. इसकी बजाय ईमेल या फिर टेलीफोन हेल्पलाइन 1916 का इस्तेमाल करें.
केंद्र सरकार की सूचना के मुताबिक, खाड़ी देश से काफी लोग मुंबई लौटने वाले हैं, ऐसे में उन्हें क्वारंटाइन करने के लिए काफी जगह की जरूरत होगी. इसलिए इस काम के लिए प्राइवेट हास्पिटल की मदद ली जा सकती है. कुछ होटलों में भी रूम लेकर क्वारंटाइन की सुविधा की गई है.
कोरोना वायरस की वजह से शहरों में इन दिनों खौफ ऐसा है कि लोगों ने अपने घरों के लिए खाने-पीने के सामान जमा करने शुरू कर दिए हैं. किराने की दुकानों और डिपार्टमेंटल स्टोर्स की बिक्री बढ़ गई हैं. दुकानदारों के मुताबिक पिछले 15 दिनों में इनके यहां बिक्री में 20 से 30 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. राशन की बिक्री में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई है. मुंबई में भी किराने की दुकानों और डिपार्टमेंटल स्टोर्स पर खरीदारों की भीड़ बढ़ गई है. लोग खुद को किसी भी इमरजेंसी के लिए पहले से तैयार कर रहे हैं. इसीलिए एडवांस में राशन खरीद रहे हैं.

फिलीपींस में फंसे 1500 भारतीय छात्रों की मदद के लिए आगे आई BJP!
18 March 2020
दिल्ली: फिलीपींस में फंसे एमबीबीएस छात्रों की मदद के लिए राजस्थान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया आगे आए हैं. कोरोना वायरस के चलते फिलीपींस में फंसे करीब 1500 भारतीय बच्चों को वहां से वापस लाने की दिशा में कदम उठाते हुए सतीश पूनिया ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को अवगत करवाया है.
जानकारी देते हुए पूनिया ने कहा कि अध्यक्ष ओम बिरला ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से इस बारे में बात की है. बड़ी संख्या में राजस्थान समेत अन्य जगहों के छात्र फिलीपींस एयरपोर्ट पर फंसे हैं. फंसे हुए स्टूडेंट्स से कम्युनिकेशन नहीं हो पा रहा है. उन्हें अगली फ्लाइट से नहीं निकाला गया तो वहीं पर ही उनको लॉक कर दिया जाएगा. 24 घंटे के अंदर भी फिलीपींस से नहीं निकले तो सारी इंटरनेशनल फ्लाइट रद्द की जा सकती हैं.
दरअसल, कोरोना वायरस की वजह से दुनियाभर में दहशत का माहौल बना हुआ है. अब तक दुनिया भर में 7000 से ज्यादा लोगों की जान कोरोना की वजह से जा चुकी है.
वहीं, फिलीपींस में 1500 भारतीय छात्रों के फंसे होने की जानकारी आ रही है. नितिन भाकल नाम के भारतीय मेडिकल स्टूडेंट ने ज़ी मीडिया से संपर्क कर बताया है कि पूरे फिलीपींस में तकरीबन 1500 मेडिकल स्टूडेंट लॉक डाउन की वजह से फंस गए हैं. फिलीपींस सरकार ने इन्हें 72 घंटों में देश छोड़ने के आदेश दिए हैं लेकिन भारत से हवाई सेवाएं बंद होने की वजह से ये लोग अब फिलीपींस में ही फंसे हुए हैं.
फंसे हुए छात्रों में तकरीबन 200 छात्र राजस्थान से
जानकारी के अनुसार, फंसे हुए छात्रों में तकरीबन 200 छात्र राजस्थान से हैं और उनमें भी 50 छात्र नागौर जिले के बताए जा रहे हैं. पूरे फिलीपींस में लॉकडाउन के बाद कर्फ्यू की स्थिति बनी हुई है. बाजार पूरी तरह से बंद हैं. लोगों को अपने घरों में रहने की हिदायत दी गई है, जिसकी वजह से यह छात्र भी फंस गए हैं और इनके पास खाने-पीने का सामान भी नहीं है.
मदद की लगा रहे गुहार
मेडिकल स्टूडेंट्स भारत सरकार से उनकी सहायता करने और एयर लिफ्ट की अपील कर रहे हैं. फिलीपींस में फंसे हुए कुछ लोग मलेशिया चले गए थे लेकिन ये लोग वहीं पर फंस गए, जिनको सरकार ने बुलाने की व्यवस्था का आश्वासन दिया है लेकिन फिलीपींस में फंसे छात्रों के लिए सरकार की तरफ से अब तक कोई बयान नहीं आया है. ऐसे में यह सभी मेडिकल छात्र घबराए हुए हैं और सरकार से मदद की अपील कर रहे हैं.

बैंक घोटाले पर राहुल का केंद्र से सवाल, अनुराग ठाकुर बोले- 'कुछ लोग अपने पाप दूसरों पर मढ़ना चाहते है'
16 March 2020
नई दिल्ली. लोकसभा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बैंक घोटाले को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाया है. सदन की कार्यवाही के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार से बैंक लूटने वालों पर कार्रवाई करने की मांग की. उन्होंने केंद्र से पूछा, 'देश में 50 बड़े डिफॉल्टर कौन हैं, पीएम मोदी उनके नाम बताएं. जिन्होंने बैंक लूटने का काम किया है, उनके खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई करें.'
राहुल गांधी ने सवाल किया, 'पीएम कहते हैं कि जिन लोगों ने हिन्दुस्तान के बैंकों से चोरी की है तो उनको वापस लाउंगा. पीएम से 50 नाम पूछें...अभी तक जवाब नहीं मिला.' लोकसभा में विपक्ष के नेता नारे लगाते रहे, वी वॉन्ट जस्टिस....वी वॉन्ट जस्टिस. राहुल गांधी के सवाल पूछने के बाद से हंगामा चल रहा है स्लोगन के साथ कह रहे हैं, 'नाम बताओ नाम बताओ.'
राहुल गांधी को अनुराग ठाकुर ने दिया जवाब बीजेपी की तरफ से राहुल गांधी केसवालों का जवाब देने के लिए वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर सामने आए, अनुराग ठाकुर ने कहा, 'जिस तरह से खराब तरीके से प्रश्न पूछा गया. अगर सवाल पूछा है तो उत्तर सुनिए. 2010 - 14 तक जो एडवांस दिए गए हैं, वो कितने फ्रॉड होते थे. ये क्यों हुआ, 18% एडवांस ग्रोथ रेट दिया जाता था और फ्रॉड होते थे. 50 फ्रॉड की बात...सीआईसी के विलफुट डिफॉल्टर के नाम दिए जाते हैं. कुछ लोग अपने किए गए पापों को दूसरों पर मढ़ना चाहते हैं वो हम होने नहीं देंगे....
....अगर आप नाम पढ़ना चाहते हैं तो सभा पटल पर रख सकता हूं, नाम भी पढ़ सकता हूं. पैसा इन्होंने बांटा, हमने रिवकरी का काम किया. जो भगौड़े इनके समय में भागे से उनसे. मैं ये नहीं कहना चाहता हूं कि पैसा किसके खाते में गया...यस बैंक का हर डिपोजिट सुरक्षित है. फोटोग्राफ में इनके साथ पूर्व वित्त मंत्री नजर आए. पेंटिंग इन्होंने बिकवाई.'
अनुराग ठाकुर ने कहा, 'विलफुल डिफॉल्टर्स की लिस्ट वेबसाइट पर उपलब्ध है. इसमें छिपाने का कुछ भी नहीं है. ये सभी लोग कांग्रेस के कार्यकाल में पैसा लेकर भागे हैं. जिस तरह का सवाल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद ने उठाया है उससे पता चलता है कि उन्हें इस विषय के बारे में कितनी जानकारी है.'
राहुल गांधी ने सदन से बाहर आने के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा, 'मैंने विलफुल डिफॉल्टर से जुड़ा बहुत ही सरल प्रश्न पूछा था. लेकिन मुझे कोई उत्तर नहीं मिला. मैं जिस बात से सबसे ज्यादा दुखी हुआ वह यह थी कि स्पीकर ने मुझे दूसरा प्रश्न पूछने की अनुमति ही नहीं दी, जो सांसद होने के नाते मेरा अधिकार है.'

Coronavirus: ईरान से जैसलमेर पहुंचा भारतीयों का दूसरा दल, एयरपोर्ट पर हो रही स्क्रीनिंग
16 March 2020
मनीष रामदेव, जैसलमेर: ईरान में कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते भारतीयों को वापस लाने का सिलसिला लगातार जारी है. रविवार को जहां के एयर इंडिया के दो विशेष विमानों से 236 भारतीय लोगों को जैसलमेर लाया गया. वहीं आज 53 लोगों का दल एयर इंडिया की विशेष फ्लाइट से जैसलमेर पहुंचा है. जैसलमेर पहुंचने पर एयरपोर्ट पर इन सभी की स्क्रीनिंग की जा रही है और उसके बाद इन्हें जैसलमेर स्थित मिलिट्री स्टेशन ले जाया जाएगा, जहां पर बने विशेष आइसोलेशन वार्ड में इन सभी को रखा जाएगा.
जैसलमेर लाए जाने वाले यह सभी यात्री कोरोना नेगेटिव बताए जा रहे हैं, लेकिन विदेश से आए हैं, ऐसे में एहतियात के तौर पर इन्हें मिलिट्री स्टेशन स्थित आइसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा, जो कि कोरोना से संक्रमित देश से लाए जाने वाले यात्रियों के लिए एक सामान्य प्रक्रिया है.
जैसलमेर स्थित मिलिट्री स्टेशन में कोरोना वायरस के चलते विदेश से जैसलमेर एयरलिफ्ट करने वाले भारतीयों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं. मिलिट्री स्टेशन में आइसोलेशन वार्ड स्थापित किए गए हैं, जहां पर जैसलमेर लाए जाने वाले भारतीयों को एहतियात के तौर पर 14 दिन तक डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाएगा, उसके बाद इन सभी को उनके घरों के लिए रवाना कर दिया जाएगा. इससे पहले कल 14 मार्च को ईरान से विशेष विमान द्वारा 236 लोग लाये गए थे.

भगवान से प्रार्थना, भाजपा में सुरक्षित रहे सिंधिया: दिग्विजय सिंह ने कसा तंज
12 March 2020
भोपाल: पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) द्वारा कांग्रेस का दामन छोड़कर भाजपा में शामिल होने पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने अपने ही तरीके से बधाई दी है. उन्होंने भगवान से सिं‍धिया की सुरक्षा की प्रार्थना की है. पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा, "भगवान से प्रार्थना करता हूं कि सिंधिया को भाजपा में सुरक्षित रखें."
पूर्व मुख्यमंत्री ने गांधी परिवार द्वारा सिंधिया परिवार के सदस्यों को महत्व दिए जाने का जिक्र करते हुए कहा, "गांधी परिवार ने सदैव माधवराव जी व ज्योतिरादित्य जी का सम्मान किया है." उन्‍होंने अपने ट्वीट के साथ राहुल गांधी के उस बयान को भी टैग किया है जिसमें राहुल गांधी ने कहा था, वे इकलौते व्यक्ति हैं जो मेरे घर कभी भी आ सकते हैं.
ज्ञात हो कि, सिंधिया ने मंगलवार को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था और बुधवार को भाजपा की सदस्यता ले ली थी. इसके साथ ही राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा थी कि गांधी परिवार ने सिंधिया को मुलाकात का समय नहीं दिया था.

उत्तर-पूर्वी दिल्ली हिंसा: पुलिस ने कहा- अब तक 712 FIR दर्ज, 200 से ज्यादा गिरफ्तार
12 March 2020
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने गुरुवार को दावा किया कि उत्तर पूर्वी दिल्ली (North East Delhi) में हालात अब सामान्य हैं. पुलिस (Delhi Police) ने कहा कि उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा (Delhi Violence) को लेकर अब तक 200 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
पुलिस ने कहा कि अब तक 712 एफआईआर दर्ज हो चुकी है. पुलिस ने कहा उसे लोगों और मीडियाकर्मियों से बहुत से वीडियो मिले हैं. पुलिस ने कहा कि वीडियो की जांच जारी है.
दिल्ली पुलिस PRO एम. एस. रंधावा ने कहा, 'हम सभी फुटेज का विश्लेषण कर रहे हैं, लोगों को पहचानने के लिए फेस रिकग्निशन तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. काफी लोग अपने बयान दर्ज कराने के लिए आगे आए हैं. हमारे जो टेक्निकल सबूत हैं, उनके मध्यम से SIT और पुलिस काम कर रही है.'
दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता ने कहा हर एफआईआर पर आगे जांच जारी है जिन्होंने भी कानून को अपने हाथ में लिया है उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जो भी निर्दोष हैं उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी'
पुलिस ने कहा कि हेड कांस्टेबल रतन लाल की मौत के मामले में 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही अकबरी बेगम हत्या मामले में 2 लोग गिरफ्तार, नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में एक नाले से 4 लोगों के शव बरामद होने के मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने बुधवार को इस विषय पर एक विस्तृत रिपोर्ट गृहमंत्री अमित शाह को सौंपी. साथ ही उन्हें दिल्ली की मौजूदा स्थिति से भी अवगत कराया. दिल्ली पुलिस अधिकारियों की एक टीम, जिसमें विशेष पुलिस आयुक्त प्रवीर रंजन और दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता मनदीप सिंह रंधावा शामिल थे, ने गृहमंत्री को यह रिपोर्ट सौंपी.
साथ ही 1984 में हुए दंगों के बाद से अबतक के सबसे बुरी हिंसा के बाद देश की राजधानी में कानून-व्यवस्था की स्थिति के बारे में ब्रीफ भी किया. संसद में बहस से पहले टीम ने संसद में गृहमंत्री के चैंबर में उन्हें यह रिपोर्ट सौंपी.

जांच में खुलासा- गिरफ्तार कश्मीरी दंपति के मोबाइल में मिला इस आतंकी का पूरा प्रोफाइल
12 March 2020
नई दिल्ली: ISIS से कथित संबंधों के आरोप में गिरफ्तार कश्मीरी पति-पत्नी के मोबाइल और लैपटॉप से अहम सुराग मिले हैं. दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने इन दोनों के मोबाइल और लैपटॉप भी जब्त किए थे जिनसे अब यह बड़ा खुलासा हुआ है.
इनके मोबाइल और लैपटॉप से आतंकी आमिर सुल्तान उर्फ हुजैफा अल बाकिस्तानी का पूरा प्रोफाइल मिला है. इसमें आमिर सुल्तान उर्फ हुजैफा अल बाकिस्तानी की एक तस्वीर भी है. हुजैफा की इस तस्वीर को इस्लामिक स्टेट द्वारा उसकी मौत के बाद रिलीज किया गया था.
इस प्रोफाइल में आमिर सुल्तान उर्फ हुजैफा अल बाकिस्तानी के बारे में और उसकी गतिविधियों के बारे में सब काफी जानकारियां लिखी हुई हैं. वह कब ISJK से जुड़ा, वह कब लश्कर-ए-तैयबा के मुखिया हाफिज सईद की रैलियों में जाने लगा, वह कब लश्कर-ए-तैयबा के मीडिया डिपार्टमेंट से जुड़ा और वह किस तरह हाफिज सईद के लिए प्रोपेगेंडा फैलाता था. इस प्रोफाइल में यह भी लिखा है कि आमिर सुल्तान उर्फ हुजैफा अल बाकिस्तानी का भाई पाकिस्तान में स्पेशल सर्विस ग्रुप यानी SSG का कमांडो था.
बता दें रविवार (8 मार्च) को, दिल्ली पुलिस की विशेष इकाई ने आईएस खोरासन मॉड्यूल के साथ कथित संबंधों के चलते ओखला से एक कश्मीरी दंपत्ति को गिरफ्तार किया था. दंपति की पहचान जहांजेब समी (पति) और हिना बशीर बेग (पत्नी) के तौर पर की गई है.
पुलिस ने कुछ आपत्तिजनल सामग्री भी जब्त की थी और अभी वह उनसे पूछताछ कर रही है. सूत्रों के मुताबिक, दंपति शाहीन बाग में नागरिक संशोधन कानून के खिलाफ विरोध भड़का रहे थे.

यूपी होर्डिंग: HC का फैसला बरकरार, योगी सरकार को झटका, मामला बड़ी बेंच को भेजा गया
12 March 2020
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश (Utter Pradesh) में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से हिंसा फैलाने वालों के पोस्टर लखनऊ में लगाए जाने का मामला सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) पहुंच गया है. उत्तर प्रदेश सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से पक्ष रखते हुए कहा कि जिनके पोस्‍टर लगाए गए हैं वे सभी 57 लोग हिंसा में शामिल थे. उन्‍होंने इलाहबाद हाई कोर्ट के फैसले के बारे में सुप्रीम कोर्ट को बताया. उन्‍होंने कहा कि निजता के अधिकार की सीमाएं है. इस पर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ललित ने कहा कि किसी ने खुलेआम अनुशासनहीनता की है. किसी ने वीडियो बना लिया. आप कह रहे हैं कि ये बात सार्वजनिक है. लेकिन सवाल यह है कि क्या आप इस तरह फोटो लगा सकते हैं?
तुषार मेहता ने कहा कि मसलन अगर लोग इसकी दुहाई देकर मीडिया रिपोर्ट्स में खुद को दिखाए जाने पर ऐतराज करने लग जायें तो क्या होगा? जस्टिस ललित ने तुषार मेहता से कहा कि अभी ऐसा कोई क़ानून नहीं है, जो आपके बैनर लगाने के इस कदम का समर्थन करता हो. इसके साथ ही कोर्ट ने यूपी में दंगाइयों के पोस्‍टर लगाने के मामले को सुप्रीम कोर्ट की बड़ी बेंच के पास भेजा. सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच मामले की सुनवाई करेगी. इसके साथ ही कोर्ट ने व्‍यवस्‍था देते हुए कहा कि कि वो हाई कोर्ट के आदेश पर फिलहाल रोक नही लगाएंगे. अगले हफ्ते उचित बेंच मामले की सुनवाई करेगी.
जस्टिस बोस: कोई व्यक्ति कुछ भी कर सकता है जो कानूनन मना हो लेकिन सरकार वही कर सकती है जो कानून में हो
तुषार मेहता: SC के पुराने पुटटास्वामी फैसले का हवाला दिया. सड़क पर बंदूक लहराने वाले निजता के अधिकार की दुहाई नहीं दे सकते. होर्डिंग हटा लेना बड़ी बात नहीं है लेकिन विषय बड़ा है.
जस्टिस यू यू ललित: हम आपकी चिंता को समझ सकते हैं. तोड़फोड़ करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए लेकिन क्या आप दो कदम आगे जाकर ऐसे कदम उठा सकते हैं?
तुषार मेहता: कोई भी व्‍यक्ति निजी जीवन में कुछ भी कर सकता है लेकिन सार्वजनिक रूप से इसकी मंजूरी नहीं दी जा सकती है.
तुषार मेहता: हमने आरोपियों को नोटिस जारी करने के बाद फैसला लिया कि 57 लोग आरोपी हैं जिससे वसूली की जानी चाहिए.
अभिषेक मनु सिंघवी: पूर्व आइपीएस दारापुरी की तरफ से दलील दी. सरकार का मकसद ऐसे पोस्टर के जरिये शर्मिंदा करना हो सकता है, पर इसके चलते lynching की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
SC: SG तुषार मेहता से पूछा कि क्या इन सब को मुआवजे की भरपाई के लिए दी समयसीमा खत्म हो चुकी है?
तुषार मेहता: इससे इनकार किया. अभी समयसीमा बची है पर इसे भी HC में चुनौती दी गई है.
हाई कोर्ट का आदेश
आपको बता दें कि बुधवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सीएए प्रदर्शन के दौरान कथित हिंसा के आरोपियों का पोस्टर हटाने का आदेश दिया था. लखनऊ के अलग-अलग चौराहों पर वसूली के लिए 57 कथित प्रदर्शनकारियों के 100 पोस्टर लगाए गए हैं.
चीफ जस्टिस गोविंद माथुर और जस्टिस रमेश सिन्हा की बेंच ने अपने आदेश में कहा कि लखनऊ के जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर 16 मार्च तक होर्डिस हटवाएं. साथ ही इसकी जानकारी रजिस्ट्रार को दें. हाई कोर्ट ने दोनों अधिकारियों को हलफनामा भी दाखिल करने का आदेश दिया. इसके बाद हाईकोर्ट के आदेश को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी.
दिसंबर 2019 में लखनऊ में हुई थी CAA हिंसा
गौरतलब है कि गत 19 और 20 दिसंबर 2019 को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हुए हिंसक प्रदर्शन में सरकारी संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचा था. इसके अलावा दंगाईयों ने आम लोगों की गाड़ियों में भी आग लगा दी थी. उत्तर प्रदेश पुलिस ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए आगजनी और हिंसा करने वालों की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पहचान कर उन्हें नुकसान की भरपाई का नोटिस थमाया था. उत्तर प्रदेश पुलिस ने लखनऊ में कुल 57 लोगों को नोटिस भेजा था. उन सभी की तस्वीरें, नाम और पते ​के साथ पोस्टर पर लगवाए थे.
लखनऊ के 100 प्रमुख चौराहों पर लगे पोस्टर
लखनऊ जिला प्रशासन ने शहर के हजरतगंज समेत चार थाना क्षेत्रों के 100 प्रमुख चौराहों पर कथित दंगाईयों की होर्डिंग लगवाई थी. इस पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने स्वत: संज्ञान लेते हुए लखनऊ जिला प्रशासन को आगामी 16 मार्च तक ये सभी होर्डिंग्स और पोस्टर हटाने के आदेश दिये. उच्च न्यायालय ने इसे राइट टू प्रावेसी का उल्लंघन माना. इलाहाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा की पीठ ने यह फैसला सुनाया था.

केजरीवाल ने कहा- आप नेता दंगे में शामिल हो तो उसे डबल सजा मिले, राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर कोई राजनीति न हो
27 February 2020
नई दिल्ली. राजधानी के उत्तर पूर्वी हिस्से में हुई हिंसा में आप पार्षद ताहिर हुसैन के शामिल होने को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा- माहौल खराब करने वाला किसी भी पार्टी का हो, पुलिस को उस पर कार्रवाई करनी चाहिए। अगर कोई आम आदमी पार्टी का नेता इसमें शामिल पाया जाता है, तो उसे डबल सजा होनी चाहिए। राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर किसी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए। केजरीवाल ने हिंसा प्रभावितों के लिए मुआवजे का ऐलान भी किया। मृतकों के परिजन को 10 लाख रुपए, गंभीर रूप से घायलों 2 लाख, जिनका घर जला उन्हें 5 लाख और दिव्यांग हुए लोगों को 5 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा।
केजरीवाल ने कहा- जिनकी दुकानें या संपत्तियां जली हैं, उन्हें मुआवजा देने के लिए विशेष कैंप लगाए जाएंगे। जिनकी गाड़ियां जली हैं, उनके लिए भी कैंप लगाए जाएंगे और बीमा कंपनियों को भी इसमें बुलाया जाएगा। लोगों के पास गाड़ियों का बीमा हो सकता है, इसलिए कैंपों में बीमा कंपनियों को भी बुलाया जाएगा। दिल्ली सरकार के वित्त विभाग को ऐसे लोगों की मदद के लिए कहा गया है। जिन लोगों की दुकानें जली हैं या रोजगार खत्म हो गया है, उनकी मदद के लिए सब्सिडी देने का निर्देश दिया गया है। जिन लोगों के दस्तावेज हिंसा के दौरान हुई आगजनी में जल गए हैं उनके लिए भी विशेष कैंप लगाए जाएंगे। उन्हें जल्द दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे। ई-रिक्शा जलने पर 25 हजार रुपए की मदद दी जाएगी।
फरिश्ते योजना के तहत निजी अस्पतालों में इलाज
केजरीवाल ने कहा- सरकारी अस्पतालों में घायलों का इलाज किया जा रहा है। जो घायल प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती कराए गए हैं, उन्हें भी सरकार की तरफ से मदद मिलेगी। उन्होंने दिल्ली सरकार की फरिश्ते योजना के तहत निजी अस्पतालों में घायलों का मुफ्त इलाज कराने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध करा रही है। इस काम में स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद भी ली जा रही है।
दिल्ली हिंसा में मरने वालों की संख्या 34 हुई
उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सीएए के मुद्दे पर हुई हिंसा में मरने वालों की संख्या गुरुवार को 34 तक पहुंच गई। जबकि 250 से ज्यादा लोगों का राजधानी के जीटीबी और एलएनजेपी अस्पताल में इलाज चल रहा है। यहां के जाफराबाद-मौजपुर और आसपास के इलाकों में 23, 24 और 25 फरवरी को नागरिकता संशोधन कानून के सर्मथक और विरोधी गुटों में हिंसक झड़प हुई थीं। इस दौरान उपद्रवियों ने पथराव, आगजनी और फायरिंग की थी। हालांकि, बुधवार और गुरुवार को हिंसा की कोई नई घटना सामने नहीं आई। इस बीच, अमेरिका और रूस ने भारत में रह रहे अपने नागरिकों को भी एडवायजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि लोगों को हिंसाग्रस्त इलाके में जाने से बचना चाहिए।
पुलिस ने 18 एफआईआर दर्ज कीं
पुलिस ने हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने कि अब तक 18 एफआईआर दर्ज की हैं और 106 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। अब पुलिस की नजर पड़ोसी राज्यों से आकर दिल्ली में उपद्रव करने वालों पर है। इसके अलावा सैकड़ों वॉट्सऐप ग्रुप और वायरल वीडियो भी खंगाले जा रहे हैं। रविवार से मंगलवार तक हुई हिंसा के दौरान दिल्ली की सीमाएं खुली थीं। उपद्रवियों के यूपी के रास्ते राजधानी में घुसने की आशंका जताई गई है।
हिंसाग्रस्त इलाकों में आज शांति, लेकिन दुकानें बंद
दिल्ली के हिंसाग्रस्त जाफराबाद, मौजपुर, चांद बाग, गोकलपुरी और भजनपुरा समेत आसपास के इलाकों में गुरुवार को माहौल शांत है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान गलियों में फ्लैग मार्च कर रहे हैं। ज्यादातर इलाकों में दुकानें बंद हैं और सड़कें सुनसान हैं। ऐसे माहौल में लोग घरों में ही रहना पसंद कर रहे हैं। उधर, दिल्ली फायर सर्विस को बुधवार रात से गुरुवार सुबह तक उत्तर-पूर्वी दिल्ली में आग की 19 कॉल मिलीं। 100 दमकलकर्मियों के साथ वरिष्ठ अधिकारी आग बुझाने में जुटे हैं।
पोस्टमॉर्टम में देरी, परिजनों को शव मिलने का इंतजार
वहीं, लोगों को हिंसा में मारे गए परिजन के शव लेने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। पुलिस-प्रशासन का कहना है कि पोस्टमॉर्टम के बाद ही बॉडी दी जाएगी, तब तक इंतजार करें। इस मामले में जीटीबी अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट सुनील कुमार ने कहा, ''पोस्टमॉर्टम करने के लिए बोर्ड गठित करने की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के ऊपर है। हमने 4 पोस्टमॉर्टम किए हैं, जिनके मामले गंभीर थे। उम्मीद है कि जल्द ही इसके लिए बोर्ड बना लिया जाएगा।'' इस मामले में वकील महमूद पारचा ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट इस पर शुक्रवार को सुनवाई करेगा।
मोदी ने हिंसा के 3 दिन बाद शांति की अपील की
इससे पहले हिंसा के 3 दिन बाद बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से शांति-भाईचारे की अपील की थी। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा- हिंसा प्रभावित इलाकों में सेना तैनात की जाए। एनएसए अजीत डोभाल ने लगातार दूसरे दिन हिंसाग्रस्त सीलमपुर और मौजपुर का दौरा किया था। यहां कानून व्यवस्था का जायजा लिया और इलाके में लोगों से बातकर उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिया था। इससे पहले मोदी कैबिनेट की मीटिंग भी हुई थी।

दिल्ली हिंसा को लेकर हैदराबाद में बवाल, CPI नेताओं ने की गृहमंत्री का पुतला फूंकने की कोशिश
27 February 2020
नई दिल्ली: दिल्ली हिंसा (Delhi Violence) को लेकर तेलंगाना में बवाल मच गया है. उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के विरोध में हैदराबाद में CPI नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया. बुधवार को हैदराबाद में भारी संख्या में CPI नेता इकटट्ठा हुए और गृहमंत्री के खिलाफ नारेबाजी शुरू की. प्रदर्शनकारियों ने गृहमंत्री का इस्तीफा मांगते हुए उनका पुतला फूंकने की कोशिश भी की. जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प हुई. पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कुछ सीपीआई नेताओं को हिरासत में ले लिया है.
समाचार एजेंसी एएनआई ने पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प का वीडियो साझा किया है. हैदराबाद में फिलहाल तनाव का माहौल बना हुआ है.
उधर, दिल्‍ली हिंसा (Delhi Viloence) के मद्देनजर हरियाणा के मंत्री रंजीत चौटाला (Ranjit Chautala) का एक बयान सुर्खियों का सबब बन रहा है. उन्‍होंने इस सिलसिले में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, ''दंगे तो होते रहे हैं. पहले भी होते रहे हैं, ऐसा नहीं है. जब इंदिरा गांधी की हत्‍या हुई तो पूरी दिल्‍ली जलती रही. ये तो जीवन का हिस्‍सा हैं, जो होते रहते हैं.''
इस बीच दिल्‍ली के नार्थ-ईस्‍ट इलाके में हिंसा के बाद धीरे-धीरे दिल्ली अपने पुराने मिजाज पर वापस लौटने के लिए जद्दोजहद करती दिख रही है. दिल्ली के नॉर्थ ईस्ट इलाके में हिंसा के 4 दिनों के बाद हिंसाग्रत रहे इलाके अब रोजमर्रा के कामों में मशगूल दिखने लगे हैं. ऐसा ही उत्तर पूर्व दिल्ली का इलाका गोकुलपुरी है, जहां सोमवार की रात को जबरदस्त हिंसा हुई थी. इस क्षेत्र का गंगा विहार मुहल्ला सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ था. हिंसा के दौरान कई मकानों और दुकानों में आग लगा दी गई थी, लेकिन दो दिन बाद गुरुवार को इस इलाके में शांति है. पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवान लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं.
पूछताछ के बाद पता चला कि इस इलाके में हिंसा मामूली सी बात पर शुरू हुई थी. सालों से एक साथ रहने के बावजूद यहां हिंसा की चिंगारी कैसे फैली, इस पर इस शख्स ने बताया, "सोमवार की शाम कुछ असामाजिक तत्वों ने बिना उकसावे के गंगा विहार वरिष्ठ नागरिक कल्याण केंद्र पर कुछ बोतलें फेंक दी. जिसके बाद आसपास के लोग उत्तेजित हो गए. उसके बाद जिसको जो समझ में आया उसने किया. बाद में इस इलाके में कई दुकानों और मकानों को आग के हवाले कर दिए गया. नतीजा लगभग 100 परिवार को इस इलाके से जान बचाकर भागना पड़ा."
लेकिन अब यहां शांति है किसी प्रकार का कोई तनाव नहीं है. लोग पिछली बातों को भुलाना चाहते हैं. मंगलवार शाम से इलाके में अर्धसैनिक बल की एक कंपनी तैनात है.
इलाके में तैनात एक पुलिस अधिकारी ने नाम नहीं लेने की शर्त पर बताया, "यहां पिछले 35 सालों में ऐसी कोई घटना नहीं घटी, लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों के उकसावे के बाद यह घटना हो गई, लिहाजा अब यहां स्थिति कंट्रोल में है. सोमवार को घटना के बाद आज गुरुवार को गंगा विहार इलाके में दुकानें खुलने लगी है और रेहड़ी पटरी वाले अपना काम शुरू कर रहे हैं. लोग बड़ी संख्या में घरों से बाहर निकल रहे हैं और खरीदारी करते देखे जा सकते हैं.

1984 में जैसे राजीव गांधी ने बयान दिया, 2020 में उसी तरह सोनिया ने किया: प्रकाश जावड़ेकर
27 February 2020
नई दिल्‍ली: केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने दिल्‍ली हिंसा के मुद्दे पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा है. उन्‍होंने कहा कि ये 2 महीने का आंदोलन नहीं बल्कि उससे पहले से भड़काया जा रहा है. रामलीला मैदान में सोनिया ने कहा था....इस पार या उस पार. राहुल ने कहा था...डरो मत, कांग्रेस आपके साथ है. प्रियंका गांधी ने भी ऐसा ही कहा. 1984 में राजीव गांधी ने कहा बड़ा पेड़ गिरने वाला बयान दिया था. 2020 में उसी तरह का बयान सोनिया का रहा...इस पार या उस पार.
उन्‍होंने कहा कि आम आदमी पार्टी जीतकर आई है, जहां दंगा भड़का वहां जाकर काम करना चाहिए था जबकि विधानसभा में धर्म और जाति बता रही है. ताहिर हुसैन AAP का पार्षद है. इससे पहले 20 दिसंबर की हिंसा में भी उस पर FIR दर्ज है. उसके घर में असलहा वगैरह मिला है. उन्‍होंने कहा कि शाहीन बाग से जिन्ना वाली आजादी की बात की जा रही है. असम को अलग करने वाला बयान दिया जा रहा है. ये उकसाने वाला नहीं है तो क्‍या है? इस पर ना ही कांग्रेस और ना ही आप बोल रही है. जिस हिंसा में आईबी, पुलिस के अधिकारी जख्‍मी होते हैं. शहादत होती है. तो भी ये पार्टियां चुप हैं. 15 करोड़ का धमकाने वाला बयान दिया जा रहा है. इन पर सब चुप हैं और केवल बीजेपी पर आरोप लगाए जा रहे हैं. इसके साथ ही कहा कि दिल्‍ली में पिछले 2 दिन से शांति है. जांच चल रही है. दोषियों पर कार्रवाई होगी.

दिल्‍ली में हिंसा के लिए गृह मंत्रालय जिम्‍मेदार, अमित शाह को इस्‍तीफा देना चाहिए: सोनिया गांधी
26 February 2020
नई दिल्‍ली: दिल्‍ली हिंसा पर कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने कहा कि दिल्‍ली में हिंसा सोची-समझी साजिश का परिणाम है. बीजेपी नेताओं ने भड़काऊ भाषण दिया. बीजेपी ने नफरत और डर का माहौल बनाया. सरकार ने तीन दिन तक कुछ नहीं किया. हालात बिगड़ने पर सेना को क्‍यों नहीं बुलाया गया? दिल्‍ली में हिंसा के लिए गृह मंत्रालय जिम्‍मेदार है. लिहाजा गृह मंत्री अमित शाह इस्‍तीफा दें.
सोनिया गांधी ने कहा कि दिल्‍ली चुनावों के दौरान भी इस तरह की साजिश देखी गई थी. उस दौरान भी बीजेपी ने कई नेताओं ने भड़काऊ भाषण दिए थे. दिल्‍ली पुलिस पिछले 72 घंटे से हाथ पर हाथ रखे बैठी है. उत्‍तर-पूर्वी दिल्‍ली में बिना रुके हिंसा जारी है. हेड कांस्‍टेबल समेत 18 लोगों की मौत हो गई है. सैकड़ों घायल हैं. कई लोगों को गोलियां लगी हैं.
सोनिया गांधी ने कहा कि दिल्‍ली सरकार और मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी इसके लिए जिम्‍मेदार हैं. उन्‍होंने शांति और भाईचारे को स्‍थापित करने के लिए सक्रिय भूमिका नहीं निभाई. यह राज्‍य और केंद्र दोनों सरकारों की सामूहिक विफलता है. नतीजतन देश की राजधानी में इतनी बड़ी घटना घटी.
सोनिया गांधी ने कहा कि हम 5 सवाल पूछना चाहते हैं...
1). रविवार से अमित शाह कहां थे और क्या कर रहे थे?
2). केजरीवाल कहां थे और क्या कर रहे थे?
3). इंटेलिजेंस इनपुट पर क्या कार्रवाई हुई?
4). कितनी फोर्स दंगों वाली जगह पर लगाई गई?
5). जब दिल्ली में हालात बेकाबू हो गए थे...पुलिस का जब कंट्रोल नहीं बचा था तो पैरामिलेट्री फोर्स क्‍यों नहीं बुलाई गई?
प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी कहा कि मैं दिल्‍ली के लोगों से अपील करती हूं कि वह शांति बनाएं रखें और सतर्क रहें. हिंसा से दूर रहें. हमने अपने यूपी के कार्यकर्ताओं से कहा है कि यदि वहां भी हिंसा फैलती है तो वे शांति बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास करें.

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को फटकारा, कहा- पेशेवर ना होने की वजह से बिगड़े हालात
26 February 2020
नई दिल्ली: शाहीन बाग (Shaheen Bagh) में सड़क खुलवाने के मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इस मौके पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हिंसा पर भी बात की. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा कि शाहीन बाग वाली याचिका पर सुनवाई के लिए माहौल ठीक नहीं है, फिलहाल सुनवाई टालना सही रहेगा.
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने चंद्रशेखर आजाद और नकवी द्वारा पूर्वी दिल्ली में हिंसा की SIT जांच की मांग वाली याचिका खारिज की, कहा कि हाई कोर्ट इस मामले को देख रहा है. दिल्ली हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाया और कहा कि दंगा भड़काने वाले बयान देने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं की. UK पुलिस का उदाहरण देते हुए एससी ने कहा कि पुलिस को उनकी तर्ज पर प्रोफेशनल होने की जरूरत है. उनके गैर प्रोफेशनल होने की वजह से हालात बिगड़े.
बता दें कि अभी तक दिल्ली हिंसा में 20 लोगों की मौत हो चुकी है और 180 से ज्यादा लोग घायल है.
कोर्ट ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा. कोर्ट ने कहा कि सरकार ने ऐसे कदम नहीं उठाए कि पुलिस बिना किसी बाहरी निर्देश की जरूरत समझे कानून सम्मत एक्शन ले सके. सुप्रीम कोर्ट ने राजनैतिक दलों से भी सौहार्दपूर्ण माहौल बनवाने का आह्वान किया. सोलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि दंगों में एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई है और घायल डीसीपी वेंटिलेटर पर हैं.
इससे पहले सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि दिल्ली में दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी है, 13 लोगों की जान गई है, जिसे नहीं होनी चाहिए. हम इस याचिका के स्कोप को शाहीन बाग जाम मामले से नहीं बढ़ा सकते.
वहीं अब शाहीन बाग मामले में अगली सुनवाई 23 मार्च को होगी. सुप्रीम कोर्ट ने आज कोई आदेश नहीं दिया है. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी है. जिसे नहीं होनी चाहिए. हम इस याचिका के स्कोप को शाहीन बाग जाम मामले से नहीं बढ़ा सकते.
इससे पहले पिछले सोमवार 24 फरवरी को भी इस मामले की सुनवाई टल गई थी. सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त वार्ताकार साधना रामचंद्रन ने आज सुप्रीम कोर्ट में सीलबंद कवर में रिपोर्ट सौंपी थी. कोर्ट ने कहा था कि हमें रिपोर्ट देखने दीजिए, बुधवार को सुनवाई करेंगे.
इससे पहले 17 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने समस्या के समाधान के लिए वकील संजय हेगड़े और साधना रामचन्द्रन को वार्ताकार नियुक्त किया था. कोर्ट ने कहा था कि सड़क रोककर बैठे लोगों से बात कर उन्हें किसी दूसरी जगह पर धरना देने के लिए समझाएंगे, कोर्ट ने कहा था कि पूर्व सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्लाह अगर चाहें तो साथ जा सकते हैं.
सुनवाई के दौरान जस्टिस जोसेफ ने कहा था कि लोगों को प्रदर्शन करने की इजाजत होनी चाहिए. हम CAA की बात नहीं कर रहे हैं लेकिन लोगों को विरोध करने का, प्रदर्शन करने का अधिकार होना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जिस मुद्दे को लेकर धरना प्रदर्शन चल रहा है वह सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए लंबित है.
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि समाज का एक हिस्सा किसी कानून से सहमत नहीं है. लेकिन यह मामला अभी कोर्ट में लंबित है, हम धरने पर कुछ नहीं कह रहे हैं.
कोर्ट ने कहा था कि हम ये नहीं कह रहे कि विरोध प्रदर्शन का अधिकार नहीं होना चाहिए. लेकिन सवाल ये है कि विरोध प्रदर्शन कहां किया जाए. आज प्रोटेस्ट यहां हो रहा है, कल कहीं और होगा, अगर ऐसे जारी रहा तो शहर के विभिन्न इलाके ब्लॉक हो जाएंगे. हमारी चिंता इस बात को लेकर है कि अगर इस तरह सड़क या सार्वजनिक स्थान को ब्लॉक किया जाने लगा तो दिक्कत होगी.

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किशन रेड्डी बोले- कुछ तत्व दिल्ली में पैदा कर रहे दिक्कत
25 February 2020
हैदराबाद: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किशन रेड्डी ने मंगलवार को कहा कि कुछ तत्व अभी भी दिल्ली में हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं. मंत्री ने कहा, "खबरें आ रही हैं कि आज भी हिंसा पैदा करने की कोशिश की जा रही है. हम हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए उच्च स्तरीय जांच करेंगे और लोगों के सामने सच्चाई लाएंगे." उन्होंने कहा कि कुछ अराजक तत्व अभी भी दिक्कत पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. दिल्ली पुलिस व अर्धसैनिक बल उचित कदम उठा रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र निर्दोष लोगों की हत्या, निजी व सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान व ड्यूटी के दौरान पुलिस कर्मियों पर हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि दिल्ली में हिंसा पूर्व नियोजित है और इसका उद्देश्य अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यात्रा के दौरान भारत की छवि को धूमिल करना है. इस बीच पुलिस ने जानकारी दी है कि दिल्ली में सोमवार को सीएए समर्थकों और सीएए विरोधियों के बीच हुई हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है. बता दें उत्तर-पूर्वी दिल्ली में मंगलवार सुबह भी हिंसा व पत्थरबाजी की कई छिटपुट वारदातें होती रही. मौजपुर, बाबरपुर, जाफराबाद, गोकुलपुरी, बृजपुरी आदि इलाकों में पुलिस व रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की तैनाती की गई है. हालांकि इन क्षेत्रों के कई अंदरूनी इलाकों में आपसी भिड़ंत व एक दूसरे पर पत्थरबाजी की वारदातें अभी भी हो रही हैं. स्थानीय लोगों के मुताबिक उपद्रवी भीड़ ने यहां कई दुपहिया वाहनों को भी आग लगाने की कोशिश की है. मंगलवार सुबह मौजपुर के समीप ब्रह्मपुरी इलाके में उपद्रवी भीड़ ने एक बार फिर पथराव किया. छोटे-छोटे गुटों में बंटे उपद्रवियों के ये समूह पुलिस व कुछ अन्य लोगों पर पथराव करते दिखे. हालांकि बड़ी संख्या में पुलिस की मौजूदगी और सतर्कता के चलते यह उपद्रवी हिंसा फैलाने में नाकाम रहे. हिंसा की छिटपुट घटनाएं जाफराबाद, मौजपुर और बाबरपुर के अंदरूनी हिस्सों में भी सामने आई हैं.
हिंसा: ओवैसी का केंद्रीय मंत्री से सवाल, ऐसे मौके पर आप दिल्‍ली से बाहर क्‍यों हैं?
25 February 2020
नई दिल्ली. AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने दिल्ली हिंसा पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि दिल्ली में जो भी हिंसा हो रही है, वो राज्य प्रायोजित है. यदि दिल्ली का एक पूर्व MLA डीसीपी के सामने खड़ा होकर अल्टीमेटम देता है तो इसका मतलब हुआ कि उसे ऐसा करने के लिए कहा गया था.
ओवैसी ने कहा कि अगर सरकार को इस बात की जानकारी थी कि ट्रंप के दौरे के दौरान हिंसा हो सकती है तो उन्होंने कार्रवाई क्यों नहीं की. उन्होंने कहा कि ये साम्प्रदायिक हिंसा नहीं है बल्कि सरकार समर्थित हिंसा है.
भीड़ को खुलेआम छोड़ दिया गया है. मॉब किसी को मार रहा है, दरगाह को जला रहा है, कोई कुछ नहीं कर रहा है. आप हिंसा करो और कुछ नहीं होगा, ये तो सरकार से शह मिलने वाली ही बात है.
ओवैसी ने कहा कि 2002 का तजुर्बा इनलोगों ने आज तक हासिल नहीं किया. हमें तो लगा कि अब तक तजुर्बा हो गया होगा.
बता दें कि दिल्ली हिंसा में अबतक एक कॉन्स्टेबल समेत 7 लोगों की मौत हो चुकी है.

दिल्ली हिंसा: मुख्यमंत्री केजरीवाल ने की शांति बनाए रखने की अपली, अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश
25 February 2020
नई दिल्ली: उत्तर पूर्वी दिल्ली में सोमवार को हुई हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. इसके साथ उन्होंने हिंसा को नियंत्रित करने के लिए कई निर्देश दिए भी अधिकारियों को हैं
मुख्यमंत्री ने कहा, 'पिछले 2 दिन से दिल्ली के कुछ इलाकों में शांति व्यवस्था के हालात खराब होते जा रहे हैं, खासतौर से पूर्वी दिल्ली में. ये बहुत ही चिंता का विषय है. मेरी दिल्ली के सभी लोगों से अपील है कि शांति बनाए रखें, जिसके जो भी मामले हैं वो शांतिपूर्वक बैठकर हल हो सकते हैं.'
मैंने प्रभावित इलाकों के सभी विधायकों की बैठक बुलाई जिसमें बीजेपी के भी विधायक भी शामिल थे. अस्पताल प्रबंधन को मुस्तैदी से काम करने, घायलों को तुरंत इलाज देने का निर्देश दिया गया है.
केजरीवाल ने कहा, 'फायर विभाग को आदेश दिया गया है पुलिस के साथ तालमेल कर वह मौके पर पहुंचे. विधायकों की शिकायत थी कि पुलिस की संख्या बहुत कम है और नीचे स्तर पर पुलिस को एक्शन लेने के अधिकार नहीं है. स्थानीय लोगों ने भी पुलिस से बात की तो वह कुछ एक्शन नहीं ले पा रहे हैं क्योंकि उन्हें ऊपर से ऑर्डर नहीं मिल रहे हैं. ' केजरीवाल ने कहा कि वह इस बारे में गृहमंत्री से बात करेंगे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बॉर्डर के इलाकों के विधायकों ने कहा कि बाहर से बहुत सारे लोग आ रहे हैं इसलिए बॉर्डर को सील करने की जरुत हैं. संदिग्ध लोगों को अरेस्ट करने की जरुरत है.
उन्होंने कहा, 'एसडीएम और डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए हैं कि वे स्थानीय स्तर पर शांति मार्च निकाले, मंदिरों और मस्जिदों से शांति बनाए रखने की अपील की जाए. '
इस बीच पुलिस ने जानकारी दी है कि दिल्ली में मंगलवार को सीएए समर्थकों और सीएए विरोधियों के बीच हुई हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है.
बता दें उत्तर-पूर्वी दिल्ली में मंगलवार सुबह भी हिंसा व पत्थरबाजी की कई छिटपुट वारदातें होती रही. मौजपुर, बाबरपुर, जाफराबाद, गोकुलपुरी, बृजपुरी आदि इलाकों में पुलिस व रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की तैनाती की गई है. हालांकि इन क्षेत्रों के कई अंदरूनी इलाकों में आपसी भिड़ंत व एक दूसरे पर पत्थरबाजी की वारदातें अभी भी हो रही हैं. स्थानीय लोगों के मुताबिक उपद्रवी भीड़ ने यहां कई दुपहिया वाहनों को भी आग लगाने की कोशिश की है.
मंगलवार सुबह मौजपुर के समीप ब्रह्मपुरी इलाके में उपद्रवी भीड़ ने एक बार फिर पथराव किया. छोटे-छोटे गुटों में बंटे उपद्रवियों के ये समूह पुलिस व कुछ अन्य लोगों पर पथराव करते दिखे. हालांकि बड़ी संख्या में पुलिस की मौजूदगी और सतर्कता के चलते यह उपद्रवी हिंसा फैलाने में नाकाम रहे. हिंसा की छिटपुट घटनाएं जाफराबाद, मौजपुर और बाबरपुर के अंदरूनी हिस्सों में भी सामने आई हैं.

दोषी विनय शर्मा की याचिका खारिज, कोर्ट ने कहा- उसे इलाज की जरूरत नहीं
22 February 2020
नई दिल्ली: निर्भया केस (Nirbhaya Case) में दोषी विनय शर्मा की इलाज की याचिका को पटियाला हाउस कोर्ट ने खारिज कर दिया है. कोर्ट ने कहा है कि तिहाड़ जेल के मुताबिक विनय की दिमागी हालत ठीक है और उसे इलाज की जरूरत नहीं है. इससे पहले विनय के वकील ने कोर्ट से मांग की थी कि विनय के बेहतर इलाज का इंतजाम किया जाए.
गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजधानी के वसंत विहार इलाके में 16 दिसंबर, 2012 की रात 23 साल की पैरामेडिकल छात्रा निर्भया के साथ चलती बस में बहुत ही बर्बर तरीके से सामूहिक दुष्कर्म किया गया था. इस जघन्य घटना के बाद पीड़िता को इलाज के लिए सरकार सिंगापुर ले गई थी जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी.
इस मामले में दिल्ली पुलिस ने बस चालक सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया था. इनमें एक नाबालिग भी शामिल था. इस मामले में नाबालिग को तीन साल तक सुधार गृह में रखने के बाद रिहा कर दिया गया था. जबकि एक आरोपी राम सिंह ने जेल में खुदकुशी कर ली थी.
फास्ट ट्रैक कोर्ट ने इस मामले में चार आरोपियों पवन, अक्षय, विनय और मुकेश को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई थी. फास्ट ट्रैक कोर्ट के इस फैसले को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा था. अब दोषियों को 3 मार्च को फांसी होनी है.

ओडिशा में होगी खेलों इंडिया की शुरुआत, प्रधानमंत्री मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करेंगे उद्घाटन
22 February 2020
कटक: ओडिशा के कटक में बने ज्वाहर लाल नेहरू स्टेडियम में आज खेलो इंडिया विश्वविद्यालय प्रतियोगिता की शुरुआत होने आ रही हैं. पहली बार विश्वविद्यालय स्तर पर इस प्रयोगिता को आयोजित किया जा रहा है. प्रतियोगिता में देशभर के 80 से ज्यादा विश्वविद्यालय प्रतिभाग करेंगे.
इस प्रतियोगिता का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया जाएगा. इस दौरान ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पट्टनायक, केंद्रीय खेल मंत्री किरण रिजिजू और केंद्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान भी उपस्थित रहेंगे. आपको बता दें कि पिछले महीने भी गुवाहटी में खोले इंडिया यूथ गेम का आयोजन हुआ था.
विभन्न वर्गों में आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता में 17 प्रकार के खेल शामिल होंगे. ये प्रतियोगिता ओडिशा के कलिंगा स्टेडियम, बारवटी स्टेडियम और जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित की गई है. इस प्रतियोगिता में देशभर से करीब 3350 छात्र हिस्सा लेंगे, जिसमें 1738 पुरूष और 1605 महिलाएं शामिल होंगी.
सबसे ज्यादा खेल भुवनेश्वर के 10 वेन्यू में खेले जायेंगे. इसमें बेडमिंटन, बॉस्केट बाल, फुटबॉल, हॉकी, टेबल टेनिस, रग्बी फुटबॉल आदि खेल शामिल होंगे. वहीं व्यक्तिगत खेलों में तीरंदाजी एथलेटिक्स, जूडो, स्विमिंग, वेट लिफ्टिंग, कुस्ती आदि शामिल हैं.

NPR और NRC को लेकर कांग्रेस ने शिवसेना को घेरा, कहा- मुख्यमंत्री ठाकरे समझाएं कि कैसे दोनों अलग
22 February 2020
नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (NPR) पर शिवसेना की भूमिका को लेकर कांग्रेस पार्टी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है. कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने इसे लेकर एक ट्वीट किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री नागरिकता संशोधन कानून, नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (NRC) के बीच जो कड़ियां हैं, उसे समझाएं कि किस तरह एनपीआर और एनआरसी जुड़े हुए हैं. एनपीआर इसके लिए आधार की तरह काम करेगा. इसके साथ ही तिवारी ने कहा कि एक बार एनपीआर लागू हो गया, तो एनआरसी को कोई रोक नहीं सकता. मनीष तिवारी ने कहा कि सीएए को भारतीय संविधान के अनुसार बदला जाना चाहिए, क्योंकि नागरिकता कानून धर्म के आधार पर नहीं बनाया जा सकता. इस बीच नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अबू आजमी ने भी मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को धमकी भरे अंदाज में चेताया है. अबू आजमी ने कहा कि जिस तरह से केरल और बंगाल में प्रस्ताव पास हुआ, उसी तरह से महाराष्ट्र भी करे, इस कानून से मुसलमानों को परेशानी होगी. अगर महाराष्ट्र मेँ जनगणना की तरह ही एनपीआर लागू किया जाता है, तो ठीक नहीं होगा, हम इसका विरोध करते हैं. फिलहाल हम मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से निवेदन कर रहें हैं. लेकिन जरूरत पड़ी तो हम इसका जमकर विरोध करने से हिचकेंगे नहीं. बता दें कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की सरकार कांग्रेस, एनसीपी और समाजवादी पार्टी जैसी सूबे की दूसरी छोटी पार्टियों के विधायकों के समर्थन पर टिकी हुई है. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से शुक्रवार रात दिल्ली में मुलाकात के बाद कहा था कि सीएए और एनपीआर प्रदेश में लागू करने पर उनकी सरकार कायम है. वहीं इस पूरे मामले पर राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख का कहना है कि मुख्यमंत्री ने जो भी कहा उसपर उन्हें कोई प्रतिक्रिया नहीं देनी है, लेकिन CAA और NPR का पूरा मामला तीनों पार्टियों की समन्वय समिति के पास जाएगा और समिति जो फैसला करेगी, उसे राज्य शासन की तरफ से बताया जाएगा.
दलितों पर अत्याचार को राहुल गांधी ने बताया भयावह और घिनौना, सरकार को कार्रवाई करने को कहा
20 February 2020
नई दिल्ली: राजस्थान के नागौर जिले में दलित युवकों के साथ हुई बर्बरता को राहुल गांधी ने भयावह और घिनौना बताते हुए राज्य सरकार से इस पर सख्त कार्रवाई करने को कहा है. बता दें कि नागौर में दलित युवक को चोरी के आरोप में बुरी तरह पीटा गया था और उसके गुप्तांग में पेट्रोल डाला गया था. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. राहुल गांधी ने आज इस घटना पर ट्वीट करते हुए लिखा, 'नागौर से 2 दलित युवकों के साथ हुई बर्बरता का वीडियो सामने आया है, यह भयावह औऱ घिनौना है. मैं राज्य सरकार से इस चौंकाने वाले अपराध के अपराधियों को न्याय दिलाने के लिए तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह करता हूं.'
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. घटना 16 फरवरी की बताई जा रही है. 19 फरवरी को पांचोड़ी थाने में मामला दर्ज हुआ है. पीड़ितों के अनुसार उनको जान से मारने की धमकी दी जा रही थी. डर के मारे वो मामला दर्ज नहीं करवा पा रहे थे. बुधवार को किसी तरह पीड़ितों ने हिम्मत दिखाते हुए पांचोड़ी थाने में मामला दर्ज करवाया, जिसके बाद पुलिस ने एक्शन लेते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
वीडियो में दिख रहा है कि कुछ लोग युवकों को बुरी तरह से पीट रहे हैं.पहले चमड़े के बेल्ट से युवकों की पिटाई की. इसके बाद भी जब मन नहीं भरा तो युवक के प्राइवेट पार्ट्स में पेट्रोल डाल दिया. घटना खींवसर के करणु गांव की है.
जानकारी के मुताबिक हीरो सर्विस सेंटर पर दो युवक गाड़ी के सर्विस करवाने पहुंचे थे. कुछ ही देर में रिसेप्शन पर बैठे युवक ने रुपये चोरी करने का आरोप लगाते हुए धक्का मारकर मारपीट शुरू कर दी.

राम मंदिर ट्रस्ट के सभी सदस्य आज PM से करेंगे मुलाकात, महंत बोले, 'मोदी-योगी राज में बनेगा मंदिर'
20 February 2020
नई दिल्ली: अयोध्या में भगवान राम मंदिर के भव्य मंदिर के निर्माण के लिए बनाए गए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सभी सदस्य आज पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे. ऐसा बताया जा रहा है कि यह मुलाकात आज शाम 05.30 बजे पीएम आवास (लोक कल्याण मार्ग) पर होगी. ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास ने कहा है कि मोदी जी और योगी जी के राज में ही अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण होगा. उन्होंने बताया कि एक दो महीनों में मंदिर निर्माण का काम शुरू हो जाएगा.
वहीं विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) का कहना है कि अगले 15 दिनों राम मंदिर निर्माण का कार्य शुरू हो.
ट्रस्ट के अध्यक्ष बनाए गए महंत नृत्य गोपाल दास, चंपत राय होंगे महासचिव
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र' ट्रस्ट की पहली बैठक में महंत नृत्य गोपाल दास को ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाया गया है. वहीं, विश्व हिंदू परिषद (VHP) नेता चंपत राय को ट्रस्ट का महासचिव बनाया गया है. रिटायर्ड आईएएस अधिकारी नृपेंद्र मिश्र को राम मंदिर भवन निर्माण समिति का चेयरमैन और गोविंद देव गिरि को ट्रस्ट का कोषाध्यक्ष नामित किया गया है. बता दें कि नृपेंद्र मिश्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्व प्रधान सचिव रह चुके हैं. ट्रस्ट की पहली बैठक में मंदिर निर्माण की तारीख को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है. जानकारी के मुताबिक अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कब शुरू होगा, इस सवाल का जवाब 15 दिन बाद मिलेगा. जब अयोध्या में एक बार फिर ट्रस्ट के पदाधिकारी जुटेंगे. इस बैठक में भवन निर्माण समिति अपनी रिपोर्ट भी पेश करेगा.
अयोध्या SBI बैंक में खोला गया खाता
जानकारी के मुताबिक पुराने राम मंदिर के मॉडल पर ही राम मंदिर का निर्माण होगा. 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र' ट्रस्ट का बैंक अकाउंट अयोध्या SBI बैंक में खोला गया है. अकाउंट का संचालन अनिल मिश्रा, गोविंद देव गिरि और चंपत राय संयुक्त तौर पर करेंगे. दिल्ली की फर्म वी शंकर अय्यर एंड कंपनी को ट्रस्ट के लिए चार्टेड एकाउंटेंट नियुक्ति किया गया है.

मुस्लिम शख्‍स बना मठ का महंत, कहा-ईश्‍वर ने दिखाया रास्‍ता
20 February 2020
बेंगलुरू: एक मुस्लिम शख्‍स के कर्नाटक के प्रसिद्ध मठ के महंत बनने का रास्‍ता साफ हो गया है. 33 साल के दीवान शरीफ मुल्‍ला कर्नाटक के गडाग स्थित मुरुगा राजेंद्र मठ के महंत होंगे. उनको मठ के पीठाधीश्‍वर श्री मुरुगजेंद्र कोरानेश्‍वर स्‍वामी ने नियुक्‍त किया है. इस सिलसिले में शरीफ ने कहा कि मुझे ऐसा करने के लिए किसी ने नहीं कहा. ईश्‍वर की प्रेरणा और मार्गदर्शन से ऐसा हुआ.
इस बारे में श्री मुरुगजेंद्र कोरानेश्‍वर स्‍वामी ने कहा कि आप किस जाति के हैं, ये कोई मायने नहीं रखता. यदि ईश्‍वर ने आपको सद्भावना और त्‍याग के रास्‍ते पर भेजा है तो मनुष्‍यों द्वारा बनाए गए धर्म, जाति के बंधन बेमानी हो जाते हैं. फिर आप इन सबके बावजूद ईश्‍वर के बताए रास्‍ते पर आगे बढ़ जाते हैं.
दीवान शरीफ मुल्‍ला ने मठाधीश बनाए जाने पर कहा कि उनको इस सम्‍मान से नवाजे जाने के साथ ही 'इष्‍ट लिंग' दिया गया. मैंने उसको धारण कर लिया है. मैं धर्म के रास्‍ते पर आगे बढ़ूंगा. मुझको प्रेम और त्‍याग का संदेश दिया गया है और मैं उसका ही प्रचार-प्रसार करना चाहता हूं.

गृह मंत्री अमित शाह से मिले सीएम केजरीवाल, शाहीन बाग मुद्दे पर दिया ये बयान
19 February 2020
नई दिल्ली: सीएम अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) से मुलाकात की है. इस मौके पर केजरीवाल का बयान भी सामने आया है. केजरीवाल ने कहा है कि अमित शाह के साथ शाहीन बाग मुद्दे पर कोई बात नहीं हुई है.
शाह के साथ मीटिंग पर केजरीवाल ने कहा, 'ये एक अच्छी मुलाकात थी जो मैत्रीपूर्ण माहौल में हुई. हमने कई मुद्दों पर बात की. हम इस बात से सहमत हैं कि केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को दिल्ली के विकास के लिए साथ काम करने की जरूरत है. हम साथ में काम करेंगे.'
इस दौरान केजरीवाल ने ये भी बताया कि तीन दिन का असेंबली सेशन 24 फरवरी को बुलाया गया है.
बता दें कि अरविंद केजरीवाल ने रामलीला मैदान में शपथ ग्रहण के दौरान कहा था, 'चुनाव में जो राजनीति होनी थी वो हो गई. अब दिल्ली को आगे ले जाने के लिए हमें मिलकर काम करना है. विपक्ष ने चुनाव में मेरे बारे में जो कुछ भी कहा उसे मैंने माफ कर दिया. मैं केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहता हूं. हमें मिलकर दिल्ली को आगे ले जाना है. दिल्ली में नई तरह की राजनीति को जन्म दिया है. ये राजनीति 24 घंटे बिजली देने की है. यह राजनीति अच्छे स्कूल देने की है, अच्छे अस्पताल देने की है. दिल्ली के 2 करोड़ लोग मेरा परिवार हैं.'

यूपी: अलीगढ़ में सपा नेता के बेटे की हत्या, परिजनों ने सड़क पर लगाया जाम
19 February 2020
अलीगढ़: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के अलीगढ़ में बाइक टकराने को लेकर हुए विवाद में समाजवादी पार्टी के नेता के बेटे की गोली लगने से मौत हो गई. इस हत्या का आरोप भाजपा नेता के बेटे पर लगा है. दरअसल कल मंगलवार को दो बाइकों की भिड़ंत ने इतना विकराल रूप ले लिया. इसके बाद दो गुटों में पथराव शुरु हो गया. फिर आगजनी भी हुई और गोलियां चलीं. जिसमें सपा नेता के बेटे सचिन और चाचा घायल हो गए. जिसके बाद दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया. फिर इलाज के दौरान सचिन की उपचार के दौरान मौत गई. सचिन की मौत पर अलीगढ़ के एएसपी विशाल पाण्डेय ने बताया कि कल बाइक टकराने को लेकर विवाद हो गया था. इस दौरान एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. मामले में 3 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है.
आपको बता दें कि आज सचिन के परिजनों ने रोड पर शव रखकर जाम लगाया और सरकार से मुआवजे और सरकारी नौकरी देने की मांग की. इस घटना पर पूर्व सपा विधायक ठाकुर राकेश सिंह ने कहा कि सपा के पूर्व प्रदेश सचिव पूरनमल प्रजापति के बेटे की कल कुछ लोगों ने पुलिस की मौजूदगी में जिस प्रकार से हत्या की. ये बेहद निंदनीय है. जिस प्रकार से पूरे प्रदेश लूट हत्या की घटनाएं बढ़ रही हैं ऐसा लगता है कि प्रदेश में जंगलराज व्याप्त है. वो बच्चा बहुत ही पढ़ने लिखने वाला था. पीड़ित परिवार की ये मांगें हैं कि सरकार 50 लाख रुपए मृतक के परिवार वालों को दे और सरकारी नौकरी भी दे. इसके अलावा सरकार घटना में घायल हुए लोगों को भी 30 लाख रुपए का मुआवजा दे.

मद्रास हाईकोर्ट ने CAA के खिलाफ मुस्लिम संगठनों के प्रदर्शन पर लगाई रोक
19 February 2020
चेन्नई: तमिलनाडु (Tamilnadu) में मद्रास हाईकोर्ट ने मंगलवार को 'नागरिकता संशोधन कानून', एनआरसी और एनपीआर के विरोध में मुस्लिम संगठनों द्वारा तमिलनाडु विधानसभा की घेराबंदी करने पर रोक लगा दी. मद्रास हाईकोर्ट में जस्टिस एम. सत्यनारायण और आर. हेमलता की बेंच ने मुस्लिम संगठनों के द्वारा तमिलनाडु विधानसभा की घेराबंदी करने पर 11 मार्च तक अंतरिम रोक लगा दी है. मद्रास हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए तमिलनाडु पुलिस को 11 मार्च तक प्रदर्शन की अनुमति ना देने का आदेश दिया. इस मामले की अगली सुनवाई 12 मार्च को होगी.
आपको बता दें कि तमिलनाडु इस्लामिक एंड पॉलिटिकल ऑर्गनाइजेशन और इसके सहयोगी मुस्लिम संगठनों ने 19 फरवरी को 'नागरिकता संशोधन कानून', एनआरसी और एनपीआर के विरोध में तमिलनाडु विधानसभा की घेराबंदी करने का आह्वान किया था. मद्रास हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी साफ किया कि वो 'नागरिकता संशोधन कानून', एनआरसी और एनपीआर पर कोई राय कायम नहीं कर रहे हैं.
गौरतलब है कि डीएमके पार्टी के नेता टीकेएस इलांगोवन ने कहा कि सरकार सीएए-एनआरसी के खिलाफ इन आंदोलनों को किसी भी तरह से रोकना चाहती है. वो कोर्ट का भी सहारा लेकर सभी तरह के दबाव डालने की कोशिश कर रहे हैं. हमनें सीएए, एनआरसी, एनपीआर के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाया और अब तक 2 करोड़ 5 लाख हस्ताक्षर इकट्ठे हो चुके हैं. हम इन हस्ताक्षरों को राष्ट्रपति को सौपेंगे.

चारों गुनहगारों का तीसरा डेथ वॉरंट जारी, 3 मार्च को सुबह 6 बजे फांसी दी जाएगी; अब दोषी पवन क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल करेगा
17 February 2020
नई दिल्ली. निर्भया केस में पटियाला हाउस कोर्ट ने सोमवार को चारों दोषियों का तीसरा डेथ वॉरंट जारी किया। एडिशनल सेशन जज ने 3 मार्च को सुबह 6 बजे फांसी देने का आदेश दिया है। निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद कि 3 मार्च को दोषियों को फांसी दे दी जाएगी। उन्होंने कहा कि न्याय में देर होती है, अंधेर नहीं होता। उधर, दोषियों के वकील एपी सिंह ने कहा कि अभी कानूनी विकल्प बाकी हैं और इनका इस्तेमाल न किए जाने को इंसाफ देने में नाकामी कहा जाएगा। उन्होंने बताया कि दोषी पवन क्यूरेटिव पिटीशन और मर्सी पिटीशन लगाना चाहता है। दुष्कर्मी अक्षय भी गुनाह के वक्त अपने नाबालिग होने को लेकर नई याचिका दाखिल करना चाहता है।
दोषी विनय मानसिक रूप से बीमार, ऐसे में फांसी नहीं दी जा सकती- वकील
सुनवाई के दौरान कोर्ट में जानकारी दी गई कि गुनहगार विनय शर्मा तिहाड़ में भूख हड़ताल कर रहा है। दोषी मुकेश सिंह ने कोर्ट से कहा कि वह नहीं चाहता कि वृंदा ग्रोवर उसकी तरफ से पैरवी करें। इसके बाद कोर्ट ने उसके लिए वकील रवि काजी को नियुक्त किया। विनय के वकील ने कोर्ट से कहा कि मेरा मुवक्किल मानसिक रूप से काफी बीमार है, लिहाजा उसे इस वक्त फांसी नहीं दी जा सकती।
निर्भया के माता-पिता ने दाखिल की थी अर्जी
पीड़ित के माता-पिता और दिल्ली सरकार ने नया डेथ वारंट जारी करने के लिए अर्जी दाखिल की थी। 15 फरवरी को दोषियों को अलग-अलग फांसी देने संबंधी केंद्र की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि केंद्र की याचिका लंबित रहने का ट्रायल कोर्ट द्वारा फांसी के लिए नया डेथ वॉरंट जारी करने पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
अदालत में रो पड़ी थीं निर्भया की मां
14 फरवरी को दोषी पवन ने अदालत से कहा था कि उसने अपने पुराने वकील को हटा दिया है और नए वकील के लिए उसे वक्त की जरूरत है। इसके बाद अदालत ने उसके अधिकारों की बात कहते हुए नया वकील नियुक्त किया था। मामले की सुनवाई के दौरान निर्भया की मां ने कोर्ट में कहा था- मामले को 7 साल हो चुके हैं। मैं भी इंसान हूं, मेरे अधिकारों का क्या होगा? मैं आपके सामने हाथ जोड़ती हूं, कृपया डेथ वॉरंट जारी कर दीजिए। इसके बाद वे कोर्ट में रो पड़ी थीं।
ट्रायल कोर्ट ने दोषियों की फांसी पर रोक लगाई थी
पटियाला हाउस कोर्ट ने पिछले महीने 7 जनवरी को 22 जनवरी को सुबह 7 बजे तिहाड़ जेल में सभी चार दोषियों को फांसी देने के लिए ब्लैक वॉरंट जारी किया था। हालांकि, एक दोषी की दया याचिका राष्ट्रपति के पास लंबित रहने की वजह से उन्हें फांसी नहीं दी जा सकी। बाद में ट्रायल कोर्ट ने 17 जनवरी को दोषियों की फांसी की तारीख 1 फरवरी तय की। लेकिन 31 जनवरी को कोर्ट ने इसे अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया था।

काशी-महाकाल एक्सप्रेस में भगवान शिव की 'सीट' पर सियासत, IRCTC ने दी सफाई
17 February 2020
नई दिल्ली: काशी-महाकाल एक्सप्रेस (Kashi Mahakal Express) में भगवान शिव के लिए सीट आरक्षित करने पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने धर्मनिरपेक्षता का हवाला देकर सवाल खड़े किए हैं. इस विवाद पर इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) ने सफाई देते हुए कहा है कि ट्रेन और सवारियों की बेहतरी के लिए इसमें भगवान शिव को भी एक एक बर्थ दी गई थी. यह व्यवस्था सिर्फ पहले दिन के लिए ही थी.
16 फरवरी को काशी-महाकाल एक्सप्रेस ट्रेन के उद्घाटन के लिए IRCTC ने कई तैयारियां की थीं. ट्रेन को फूलों से भी सजाया गया था और गंतव्य की ओर रवाना होने से पहले पूजा-पाठ भी किया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस गाड़ी को हरी झंडी दिखाई थी. IRCTC ने साफ किया कि जिस तरह ट्रेन के उद्घाटन के लिए सजावट की गई थीं, उसी तरह ट्रेन के बेहतर भविष्य के लिए इसमें भगवान शिव को भी एक बर्थ दी गई थी. यह व्यवस्था सिर्फ पहले दिन के लिए थी.
संविधान का हवाला दिया
ट्रेन में भगवान के नाम एक बर्थ करने पर असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री को टैग करके संविधान की प्रस्तावना ट्वीट की है. ओवैसी ने संविधान में सभी धर्म के लोगों को समान अधिकार दिए जाने के मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधा है. दरअसल रेलवे के अनुसार ऐसा पहली बार हुआ है जब एक सीट भगवान शिव के लिए आरक्षित और खाली रखी गई है.
साधु-संतों का ऐतराज
सांसद असदुद्दीन ओवैसी के ट्वीट पर साधु संतों की सर्वोच्च संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने कड़ा एतराज जताया है. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी ने वाराणसी से इन्दौर के बीच चलायी गई महाकाल एक्सप्रेस को लेकर जहां पीएम नरेन्द्र मोदी का आभार जताया है. वहीं, उन्होंने कहा है कि ट्रेन में एक सीट छोड़ने का फैसला बिल्कुल उचित और स्वागत योग्य कदम है. उन्होंने ओवैसी के विरोध पर कहा है कि उनका काम ही विरोध करना है, इसलिए उनके विरोध को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए.
कलयुग का शिशुपाल
उधर, योगगुरु स्वामी आनन्द गिरी ने असदुद्दीन ओवैसी को कलयुग का शिशुपाल बताते हुए कहा है कि कृष्ण जो भी काम करेंगे वे उसका विरोध ही करेंगे. स्वामी आनन्द गिरी ने पीएम मोदी की तुलना कृष्ण से करते हुए कहा है कि महाकाल एक्सप्रेस ट्रेन चलाये जाने से इस बार की शिवरात्रि शिव भक्तों के लिए बेहद खास होने जा रही है, क्योंकि एक ओर शिव भक्त काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शनों का पुण्य लाभ अर्जित कर सकेंगे, तो वहीं उज्जैन में महाकाल के भी दर्शनों का लाभ प्राप्त करेंगे.
हज यात्रा और मदरसों की सब्सिडी क्यों नहीं दिखती
स्वामी आनन्द गिरी ने कहा है कि ओवैसी धर्म की राजनीति करते हैं. आखिर उन्हें सब्सिडी पर हज यात्रा और मदरसों में दिए जाने वाले अनुदान क्यों नहीं दिखायी देते हैं? उन्होंने कहा कि हज के नाम पर उनकी विदेश यात्रा के लिए सरकार उन्हें लगभग 80 हज़ार क़ी सब्सिडी देती है, लेकिन देश के अलग-अलग राज्यों में रहने वालों लोग बेहद मामूली ख़र्च पर अपना गुजारा करते हैं. देश के मदरसों को सरकार अनुदान देती है औऱ मौलानाओं को सरकार तनख्वाह देती है, तब उन्हें संविधान नहीं दिखता है.
दरअसल, महाकाल एक्सप्रेस अभी ट्रायल रन पर है. इस ट्रेन में सफर करने के लिए आपको 20 फरवरी से पहले की टिकट नहीं मिलेगी.

झारखंड: बगावत से विलय के सफर में बाबूलाल मरांडी को लगे 14 साल, हुए बीजेपी में शामिल
17 February 2020
रांची: जेवीएम के केंद्रीय अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने अपनी पार्टी का विलय भारतीय जनता पार्टी (BJP) में कर दिया है. इस मौके पर बीजेपी के सांसद भी मंच पर मौजूद रहे. बाबूलाल ने इस विलय का सूत्रधार राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम प्रकाश माथुर को बताया. उन्होंने कहा कि यहां तक पहुंचने में बीजेपी और संगठन के कार्यकर्ताओं का योगदान भी रहा है.
विलय के दौरान गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने बाबूलाल मरांडी का माला पहनाकर स्वागत किया. अमित शाह ने कहा, 'बाबूलाल के आने से बीजेपी की ताकत और बढ़ेगी. हम झारखंड में चुनाव जरूर हारे हैं, पर झारखंड में बीजेपी के कार्यकर्ताओं को कहने आए हैं कि बीजेपी का लक्ष्य चुनाव जीतना नहीं है बल्कि देश-प्रदेश को आगे बढ़ाना होता है.'
शाह ने कहा, 'झारखंड की जनता ने जो जनादेश दिया है, बीजेपी उसका सम्मान करती है. हम झारखंड की जनता को भरोसा दिलाते हैं कि सत्ता में रहते हुए जितना काम किया, उससे ज्यादा विपक्ष में रहते हुए सत्ताधारी दल का कान पकड़कर करेंगे. भ्रष्टाचार, नक्सलवाद, आतंकवाद की बढ़ोतरी का प्रयास यहां हो रहा है.'
शाह ने कहा, 'सूबे में नई सरकार बनी है, रघुवर सरकार ने जिस काम को आगे बढ़ाया उसे नई सरकार भी आगे बढ़ाने का काम करे, बीजेपी जिम्मेदार विपक्ष के नाते उनके साथ खड़ी रहेगी. लेकिन जिस तरह से पश्चिमी सिंहभूमि में 7 आदिवासियों की निर्मम हत्या हुई, मैंने अपने जीवन मे ऐसी निर्मम हत्या कहीं भी नहीं देखी है और राज्य सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की है.'
शाह ने कहा, 'अगर इसी प्रकार राज्य की कानून व्यवस्था चली तो बीजेपी सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी. झारखंड को पतन के रास्ते पर जाते हुए हम नहीं देख सकते.' अमित शाह ने बाबूलाल को भरोसा दिलाया कि उनकी शक्तियों का उपयोग हम राज्य के लिए करेंगे.
उन्होंने कहा, '2014 से ही अध्यक्ष बनने के बाद से हम बाबूलाल को लाने का प्रयास करते रहे पर सच कहा बाबूलाल ने, थोड़े जिद्दी किस्म के हैं जल्दी नहीं माने.'
वहीं विलय समारोह में बाबूलाल ने कहा, 'जब हम पार्टी छोड़े, तभी से बीजेपी के नेता वापस लाने का प्रयास कर रहे थे, पर हर आदमी की अपनी जिद होती है, अपने आप को मनाना भी मुश्किल होता है.' बाबूलाल ने 2019 विधानसभा चुनाव के बाद यहां तक पहुंचाने में बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओमप्रकाश माथुर को सूत्रधार बताया और कहा कि उम्मीद नहीं थी किबीजेपी के कार्यकर्ता वापस आने पर इतना प्यार देगें.
बाबूलाल ने कहा, 'यहां जो भी जिम्मेवारी मिलेगी उसे निभाऊंगा. चाहें झाड़ू लगाने का ही काम हो. अगर आज देश सेक्युलर है तो हिंदुत्व की विचारधारा के कारण. आज देश की अधिकांश पार्टी परिवार तक सीमित हैं.'
बाबूलाल ने हेमन्त सरकार पर भी निशाना साधा और कहा, 'सूबे के सीएम बता रहे हैं खजाना खाली है, काम करते नहीं हैं और कहते हैं खजाना खाली है. ट्विटर पर सरकार बहुत दिन चलती नहीं है. राज्य में कानून व्यवस्था की हालत बदतर है, रोज हत्याएं हो रही हैं.'
इस विलय समारोह में पूर्व सीएम रघुवरदास ने मंच से कहा, 'हमारे इस मिलन समारोह से सत्ताधारी दल जरूर परेशान हो रहे होंगे. हम जल्द वापसी करेंगे.' उन्होंने कहा कि 5 साल की अवधि तक हमारी सरकार ने झारखंड का चेहरा बदलने का काम किया. भ्रष्टाचार के लिए बदनाम राज्य को बेदाग सरकार देने का काम किया पर वर्तमान सरकार एक ही काम कर रही है कि कैसे पूर्ववर्ती सरकार को बदनाम किया जाए.
रघुवरदास ने कहा कि झारखंड में उग्रवाद फिर से बढ़ा है. कानून व्यवस्था चौपट हो चुकी है. नई सरकार के गठन के डेढ़ महीने बीतने के साथ ही सत्ता के गलियारों में दलाल और बिचौलिओं का जमावड़ा होने लगा है.
केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कार्यक्रम में कहा, 'बाबूलाल का संगठन का लंबा अनुभव रहा है. हम सबको उनके अनुभव का लाभ मिलेगा. बीजेपी हमेशा से देश को एक परिवार के रूप में देखती है.' झारखंड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ ने कहा कि जेवीएम के विलय होने से झारखंड में बीजेपी और मजबूत होगी.

आप को लगातार दूसरी बार बहुमत, पर 4 सीटों का नुकसान; 22 साल बाद भी भाजपा सत्ता से दूर, कांग्रेस दूसरी बार शून्य पर
11 February 2020
नई दिल्ली. दिल्ली विधानसभा चुनाव के रुझानों में 63 सीटों पर बढ़त बनाने वाली आम आदमी पार्टी (आप) को स्पष्ट बहुमत मिलना तय लग रहा है। हालांकि, उसे 4 सीटों का नुकसान हो रहा है। भाजपा 7 सीटों पर आगे है, यानी पिछली बार से 4 सीटों की बढ़त है। कांग्रेस का लगातार दूसरे चुनाव में खाता खुलता नजर नहीं आ रहा है। पटपड़गंज से उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया 12 राउंड की गिनती तक पीछे चले और 13वें राउंड में आगे हुए। उन्होंने अपनी जीत पर कहा कि भाजपा ने नफरत की राजनीति की, पर दिल्ली ने काम करने वालों को चुना। भाजपा ने कहा कि हम दिल्ली का जनादेश स्वीकार करते हैं। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने केजरीवाल को जीत की बधाई दी और कहा कि हम सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएंगे।
70 विधानसभा सीटों के लिए 8 फरवरी को 62.59% वोट डाले गए थे। भाजपा 22 साल और कांग्रेस 7 साल से सत्ता से दूर है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तीसरी बार सीएम बनने जा रहे हैं। वे पहली बार 2013 में 48 दिन इस पद पर रहे, फिर इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने दूसरी बार 14 फरवरी 2015 को सत्ता संभाली थी।
अपडेट्स
>>. 13 राउंड तक पीछे रहे मनीष सिसोदिया 13वें राउंड की गिनती के बाद आगे हुए। उन्होंने तीसरी बार एमएलए बनने पर खुशी जाहिर की।
>>. राजेंद्र नगर से आम आदमी प्रत्याशी राघव चड्ढा और आतिशी मर्लेना कालकाजी से जीतीं। चड्ढा ने कहा- लोगों ने साबित कर दिया कि दिल्ली का बेटा आतंकवादी नहीं, बल्कि सच्चा राष्ट्रवादी है।
>>. अरविंद केजरीवाल दोपहर 3 बजे पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं और मीडिया को संबोधित करेंगे।
नतीजों के दिन दिल्ली सबसे तेज, 21 मिनट में 70 सीटों की तस्वीर साफ हुई
डाक मत पत्रों की गिनती के बाद मंगलवार सुबह टीवी चैनलों के रुझानों में शुरुआती 15 मिनट में ही यह तय हो गया था कि आप की जीत पक्की है। इसके बाद अगले 7 मिनट में यानी 8 बजकर 21 मिनट पर सभी 70 सीटों के रुझान आ गए और आप ने 50+ सीटों पर लीड बना ली।

ट्रेंड्स कायम, एग्जिट पोल भी सही साबित हो रहे
ट्रेंड्स: दिल्ली में जब भी वोटिंग कम होती है तो सरकार नहीं बदलती। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 में 62.59% वोट डाले गए। यह पिछली बार के मुकाबले करीब 5% कम हैं। इस बार भी केजरीवाल की सरकार की वापसी तय है। 2003 में 53% और 2008 में 58% वोटिंग हुई थी। इन दोनों ही चुनावों में सरकार नहीं बदली थी। 2013 में दिल्ली के लोगों ने उस वक्त तक की सबसे ज्यादा 65.63% वोटिंग की थी। जब नतीजे आए, तो 15 साल से सत्तारूढ़ कांग्रेस की विदाई हो गई। 2015 के चुनाव में अब तक का सबसे ज्यादा 67.12% मतदान हुआ। 70 में से 67 सीटें आम आदमी पार्टी ने जीती थीं।
पोल ऑफ एग्जिट पोल्स: वोटिंग के बाद दिल्ली में एग्जिट पोल के अनुमान सामने आए। 7 एग्जिट पोल में आप को स्पष्ट बहुमत का अनुमान जाहिर किया गया। पोल ऑफ पोल्स में आप को 55, भाजपा को 14 और कांग्रेस को 01 सीटें दी गई थीं। पोल ऑफ पोल्स रुझानों के काफी करीब है।
चुनाव प्रचार में भाजपा आगे, पर आप का ‘टीना’ फैक्टर भारी पड़ा
भाजपा ने 2019 का लोकसभा चुनाव नरेंद्र मोदी के ही चेहरे पर लड़ा और उसे 303 सीटें मिलीं। आप ने इसी से सबक लिया। जिस तरह भाजपा ने प्रचारित किया था कि मोदी के सिवाय देश में कोई विकल्प नहीं है, उसी तरह आप ने भी दिल्ली विधानसभा चुनाव में यह प्रचारित किया कि केजरीवाल के सिवाय कोई विकल्प नहीं है। इसे ‘टीना’ यानी देयर इज नो अल्टरनेटिव (TINA) फैक्टर कहते हैं। आप का प्रचार इसी पर केंद्रित रहा।
भाजपा ने 36 साल पुराना अनुच्छेद 370 हटाने का वादा पूरा किया, पर 4 में 3 चुनाव हारी
भाजपा ने पहला चुनाव 1984 में लड़ा था। तब जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 हटाने का वादा किया था। 5 साल बाद 1989 में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और यूनिफॉर्म सिविल कोड भी भाजपा के मूल वादों की फेहरिस्त में जुड़ गया। दोनों ही वादे पूरे हो चुके हैं। लेकिन, इन्हें पूरा करने के बाद हुए चार में से तीन विधानसभा चुनाव में भाजपा हार चुकी है। महाराष्ट्र में भाजपा सबसे ज्यादा सीटें हासिल करने के बावजूद विपक्ष में बैठी। हरियाणा में जजपा की मदद से सरकार बनानी पड़ी। झारखंड में हार गई और दिल्ली भी।
2 साल में एनडीए 8 राज्यों में हारा
भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए पिछले दो साल में आठ राज्यों में चुनाव हार चुका है। दिल्ली समेत 12 राज्यों में अभी भी भाजपा विरोधी दलों की सरकारें हैं। एनडीए के पास 16 राज्यों में ही सरकार है। इन राज्यों में 42% आबादी रहती है।

दिल्ली चुनाव में भाजपा के प्रदर्शन पर मनोज तिवारी ने कहा- 2015 के मुकाबले हमारा वोट प्रतिशत बढ़ा, पिछले चुनाव में 23% था, अभी 40% के आसपास
11 February 2020
नई दिल्ली. दिल्ली विधानसभा चुनाव के शुरुआती रुझानों में केजरीवाल की आम आदमी पार्टी जीत की हैट्रिक लगाने की ओर बढ़ रही थी। यही स्थिति शाम तक भी बनी रही। वहीं, भाजपा 7 सीटों पर आगे रही जबकि 2015 की तरह इस बार भी कांग्रेस का खाता नहीं खुला। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा- 2015 के मुकाबले हमारा वोट प्रतिशत बढ़ा है। पिछले चुनाव में 23% था, अभी 40% के आसपास है। दिल्ली में अब नई शुरुआत हो रही है, दो दलों के बीच। कांग्रेस लगभग लुप्तप्राय हो गई है। पिछली बार के मुकाबले उसका वोट प्रतिशत आधा हो गया है।
विभिन्न पार्टियों के नेताओं की बात:
मनोज तिवारी ने कहा- कार्यकर्ताओं को उनकी मेहनत के लिए धन्यवाद देता हूं। दिल्ली के जनादेश का सम्मान करता हूं और अरविंद केजरीवाल को बधाई देता हूं। मुझे उम्मीद है वे दिल्ली की अपेक्षाओं की पूर्ति करेंगे।
हमने काफी अपेक्षाएं रखी थीं, जो खरी नहीं उतरीं, इसकी समीक्षा करेंगे। भाजपा को 7 सीटों की बढ़त दिख रही है।
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा- लोगों ने मन बना लिया था कि वे आप या भाजपा को वोट देंगे। यह चुनाव विकास के मुद्दे पर हुआ। यह ‘दैत्य और बौने’ के बीच की लड़ाई रही, जिसमें ‘बौना’ जीत गया।
प्रधानमंत्री से लेकर कार्यकर्ताओं तक पूरी सरकार चुनाव में झोंक दी गई थी।
पश्चिमी दिल्ली के भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा ने कहा- मैं जनादेश का सम्मान करता हूं। पिछले 22 साल से हमारी सरकार दिल्ली में नहीं बन पाई। हम जनता का विश्वास हासिल करने के लिए और प्रयास करेंगे।
दिल्ली में पिछले तीन महीने से लोगों को मुफ्त बिजली, पानी और बसों में यात्राएं कराई जा रही थीं। मैं नई सरकार को शुभकामनाएं देता हूं। दिल्लीवासियों की आशाओं को पूरा किया जाए।''
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने दिल्ली चुनाव में जीत के लिए केजरीवाल को बधाई दी और कहा कि हम सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएंगे।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा- लोगों ने दिखा दिया है कि देश ‘जन की बात’ से चलती है न कि ‘मन की बात’ से। भाजपा ने केजरीवाल को आतंकी कहा, लेकिन उन्हें हरा नहीं सके।
आप नेता मनीष सिसोदिया ने अपनी जीत पर कहा- मैं पटपड़गंज सीट से दोबारा एमएलए बनकर खूश हूं। भाजपा ने नफरत की राजनीति करने की कोशिश की, लेकिन दिल्ली के लोगों ने वैसी पार्टी को चुना जो उनके लिए काम करे।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा- मैं दिल्ली के लोगों को भी धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने नफरत, विश्वासघात और तबाही की राजनीति को नकार दिया। इस चुनाव परिणाम के बाद, भाजपा को कोई ‘बाग’ याद नहीं रहेगा।
तृणमूल सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा- जीत के लिए अरविंद केजरीवाल को बधाई। जनता ने भाजपा को नकार दिया, वह सिर्फ विकास ही चाहती है। सीएए, एनआरसी और एनपीआर का बहिष्कार होगा।
मॉडल टाउन सीट से भाजपा उम्मीदवार कपिल मिश्रा ने कहा- भाजपा राज्य में लगातार 5वीं बार चुनाव हार गई। इसका मतलब है कि हम कहीं न कहीं दिल्ली के लोगों से जुड़ने में विफल रहे हैं।
ओखला सीट से आप उम्मीदवार अमानतुल्लाह खान ने कहा- दिल्ली की जनता ने आज भाजपा और अमित शाह जी को करंट लगाने का काम किया है। ये काम की जीत हुई है और नफरत की हार। मैंने नहीं जनता ने रिकॉर्ड तोड़ा है।
भाजपा सांसद गौतम गंभीर ने कहा- हम नतीजे स्वीकार करते हैं और अरविंद केजरीवाल और दिल्ली के लोगों को बधाई देते हैं। मुझे उम्मीद है कि केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली का विकास होगा।
दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने कहा- मैं पार्टी के खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी लेता हूं। हम इसके पीछे के कारणों का विश्लेषण करेंगे। हमारे वोट प्रतिशत में गिरावट का कारण भाजपा और आप दोनों द्वारा ध्रुवीकरण की राजनीति है।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा- हम पहले से कांग्रेस के प्रदर्शन से अवगत थे। सवाल ये है कि बड़े-बड़े दावे करने वाली भाजपा को क्या हुआ?
दिग्विजय सिंह ने ईवीएम पर सवाल उठाए
कांग्रेस नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने दिल्ली चुनाव के नतीजों को लेकर ईवीएम पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “ईवीएम टैंपर प्रूफ नहीं है और कोई भी विकसित देश इसका इस्तेमाल नहीं करता है। एक पल के लिए तो सोचें कि आखिर ये देश इसका इस्तेमाल क्यों नहीं कर रहे हैं?” उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग से ईवीएम मुद्दे पर ध्यान देने का अनुरोध किया।

हार-जीत का फैसला 11 को, लेकिन वोटिंग के मामले में 'हार' गई दिल्ली
7 February 2020
नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा (Delhi Assembly Election 2020) की 70 सीटों के लिए वोटिंग खत्म हो गई है. शाम 6 बजे तक करीब 58% वोटिंग हुई है. अब केवल जो लोग मतदान केंद्रों के अंदर हैं, उनका ही वोट पड़ना बाकी है. इसके अलावा अब वोटिंग बंद हो गई है और अंतिम आंकड़ा आना अभी बाकी है.
राजनीतिक दलों की हार-जीत का फैसला भले ही 11 फरवरी को हो लेकिन वोटिंग के मामले में दिल्ली हार गई है. दिल्लीवासियों ने वोटिंग के मामले में कंजूसी दिखाई. मतदान फीका रहा. 2015 में कुल वोटिंग प्रतिशत 67.12 रहा था. चुनाव आयोग की तमाम कोशिशों के बावजूद दिल्ली के वोटरों मतदान को लेकर कम उत्साहित नजर आए.
दिल्ली विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, शाम 5 बजे तक 45 फीसदी मतदान हुआ था. घोंडा विधानसभा में सबसे ज्यादा 55% और ओखला विधानसभा जिसमें शाहीन बाग है, वहां 30.93 % वोटिंग हुई.
वहीं दिल्ली विधानसभा चुनाव में दोपहर साढ़े तीन बजे तक 41 फीसदी मतदान हुआ था. जिलेवार मतदान की बात करें तो नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली में 45.87%, नॉर्थ ईस्ट में 50.75 फीसदी, साउथ में 43%, सेंट्रल दिल्ली में 41.76 प्रतिशत, साउथ वेस्ट में 42.23, ईस्ट में 46.02%, वेस्ट में 42.54%, नॉर्थ में 45.54%, नई दिल्ली में 40.63%, शाहदरा में 46.84% और साउथ ईस्ट में 42.47% मतदान हुआ था.

पंजाब के तरनतारन में पटाखों से भरी ट्रॉली में बड़ा धमाका, 14 लोगों की मौत।
7 February 2020
तरनतारन: पंजाब के तरनतारन में शनिवार को एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान धमाका होने से 14 लोगों की मौत हो गई जबकि कई लोग घायल हो गए. घायलों को इलाज के लिए अस्पताल रेफर कर दिया गया है. वहीं, सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन ने मौके पर पहुंच गया है.
जानकारी के मुताबिक, शहर में बाबा दीप सिंह जी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में नगर कीर्तन के दौरान एक पटाखों से भरी ट्रॉली में जबरदस्त विस्फोट हो गया. धमाका इतना जोरदार था कि करीब एक दर्जन लोगों ने मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तमाम घायल हो गए. वहीं, घटनास्थल से अस्पताल रेफर किए गए कुछ गंभीर घायलों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.
उधर, मौके पर पहुंचे पुलिस-प्रशासन ने बचाव कार्य शुरू कर दिया है. वहीं, लोगों से पूछताछ के आधार पर हादसे की पूरी वजह का पता लगाया जा रहा है.
बता दें कि तरनतारन जिला पंजाब राज्य के माझा क्षेत्र का एक शहर है. इस जिले की सीमा पाकिस्तान से भी सटी हुई है. पुलिस आतंकी घटना के एंगल से भी हादसे की जांच कर रही है.

बलात्कारियों की अब खैर नहीं! देश में खुला पहला 'दिशा' महिला पुलिस स्टेशन
7 February 2020
विजयवाड़ा: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी (YS Jagan Mohan Reddy) ने शनिवार को 'दिशा' महिला पुलिस स्टेशन का शुभारंभ किया. देश में पहली बार महिलाओं की सुरक्षा के लिए दिशा पुलिस थाना आंध्र प्रदेश के राजामुंद्री में स्थापित किया गया है. इससे पहले आंध्र प्रदेश सरकार ने दिशा एक्ट 2019 प्रस्ताव को पारित करके राष्ट्रपति के पास भेज दिया है.
आपको बता दें कि तेलंगाना में बीते साल दिसंबर में हुए 'दिशा' रेप और हत्या मामले के बाद मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने दिशा एक्ट लाने की बात कही थी. उन्होंने कहा था कि बलात्कार और हत्या के आरोपी को 21 दिन में मौत की सजा दिलाने के लिए दिशा एक्ट 2019 कानून बनाया जाएगा.
जानकारी के मुताबिक, प्रदेशभर में 18 दिशा पुलिस स्टेशन स्थापित किए जाएंगे. ये पुलिस स्टेशन 24 घंटे कार्य करेंगे. इसके अलावा दिशा कंट्रोल रूम भी 24 घंटे काम करेंगे. देश का यह पहला पुलिस स्टेशन है. इसके लिए 52 कर्मचारियों को तैनात किया गया है. हर थाने को विशाखा स्थित कंट्रोल रूम को जोड़ा जाएगा.

नई कंपनियों के लिए कॉरपोरेट टैक्स की दर 15%, पुरानी कंपनियों के लिए रहेगी इतनी
1 February 2020
नई दिल्ली: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने शनिवार को लोकसभा में आम बजट पेश करते हुए कहा कि नई कंपनियों के लिए कॉरपोरेट टैक्स की दर 15 फीसदी जबकि पुरानी कंपनियों के लिए 22 फीसदी होगी.
वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट (2020-2021) पेश कर दिया है. मध्‍यम वर्ग को बड़ी राहत मिली है. कुछ शर्तों के साथ 15 लाख तक की आय वालों के लिए इनकम टैक्‍स में बड़े बदलाव किए गए हैं. बजट में कई नई घोषणाएं की गई हैं. नतीजतन कई चीजें महंगी और कई चीजें सस्‍ती होने का अनुमान है. इस संदर्भ में आइए जानें कि आपके जरूरत की क्‍या चीजें महंगी हो सकती हैं और क्‍या सस्‍ती?
महंगा
मोबाइल फोन
पंखा
इंर्पोटेड जूते-चप्पल
फर्नीचर
स्टेशनरी
फ्रिज, AC से जुड़े उपकरण
तंबाकू, सिगरेट
मेडिकल इक्विपमेंट
पंखे
घरेलू उपकरणों पर एक्साइज ड्यूटी बढ़कर हुई 20 फीसद
ऑटो और ऑटो पार्ट पर बढ़ी कस्टम ड्यूटी. नतीजतन महंगे होंगे
सस्‍ता
घर होंगे सस्ते, हाउसिंग डेवलेपर्स को टैक्स छूट
न्यूजप्रिंट पेपर
दूसरा बजट संसद में पेश किया
उल्‍लेखनीय है कि आर्थिक सुस्‍ती और मौजूदा वित्‍त वर्ष में 5% प्रतिशत विकास दर की संभावना के बीच वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना दूसरा बजट (Budget 2020) संसद में पेश किया. सरकार ने बजट में आम आदमी को बड़ी राहत देते हुए पांच लाख रुपये तक की आय पर पूरी तरह से छूट दे दी है. यानी पांच लाख तक की आय वाले को कोई टैक्‍स नहीं देना होगा. इसी तरह 5-7.5 लाख रुपये की कमाई पर अभी तक 20% टैक्स पड़ता था. उसको सरकार ने घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया है. 7.5 लाख-10 लाख की इनकम टैक्स स्लैब 20% से घटाकर 15% की गई. इसी तरह 10-12.50 लाख वालों की इनकम टैक्स स्‍लैब 30% से घटाकर 20% कर दी गई है. 15 लाख से ऊपर की इनकम पर बिना किसी छूट के 30%टैक्स देना होगा. हालांकि इनकम टैक्‍स का नया स्‍लैब वैकल्पिक होगा. नए टैक्‍स का लाभ लेने के लिए पुराने टैक्‍स में छूट को छोड़ना होगा. यानी इसका फायदा तभी मिलेगा जब आप अपनी मिलने वाली छूट को छोड़ देंगे. वित्‍त मंत्री ने कहा कि 15 लाख तक कमाने वाले अभी छूट का लाभ नहीं उठा रहे हैं, उन्‍हें अब सालाना 78 हजार की बचत होगी.

Budget 2020 का स्‍टॉक मार्किट पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
1 February 2020
नई दिल्‍ली : मोदी सरकार 2.0 का बजट 2020 (Budget 2020) पेश करने के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मीडिया से मुखातिब हुईं और बजट के मुख्‍य बिंदुओं पर प्रकाश डाला. उन्‍होंने कम आयकर दरों के विकल्प पर कहा कि हम लोगों के हाथ में पैसा रखना चाहते थे. खासकर मध्यम वर्ग और निम्न मध्यम वर्ग. हम आयकर प्रक्रिया को आसान बनाना चाहते थे और अनुपालन को बढ़ाना चाहते थे.
बजट भाषण के लंबा होने पर उन्‍होंने कहा कि मैं सहमत हूं कि मेरा बजट भाषण लंबा था, लेकिन भाषण में, मैंने युवाओं के लिए रोजगार की योजनाओं के बारे में बात की थी. साथ ही साथ उन्हें लाभ भी दिया.
उन्‍होंने कहा कि कॉरपोरेट टैक्स में कटौती और नई कंपनियों द्वारा प्राप्त लाभ, साथ ही जीएसटी संग्रह में सुधार से राजस्व उत्पादन में सुधार होगा और विनिवेश में सुधार के साथ अगले साल राजकोषीय घाटे को कम किया जा सकेगा.
Budget2020 का स्‍टॉक मार्किट पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. यह इस देश में पहली बार है कि बांड बाजार को मजबूत करने के लिए इस तरह के महत्वपूर्ण और साहसिक सुधार पेश किए गए हैं.

Budget 2020 को सपा ने बताया 'कॉमेडी आफ्टरनून विद निर्मला सीतारमण'
1 February 2020
लखनऊ: केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) शनिवार को लोकसभा में बजट (Budget 2020) पेश कर रही रही थीं और इसी बीच विरोधियों ने बजट और वित्तमंत्री को आड़े हाथ लेना शुरू कर दिया. यूं तो बजट पर भाजपा के सभी धुर-विरोधी घात लगाए बैठे थे मगर, समाजवादी पार्टी (SP) ने सबसे पहले ट्वीट कर दिया.
सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आई.पी. सिंह ने तो अपने ट्विटर हैंडल पर साफ-साफ लिख डाला, "कॉमेडी आफ्टरनून विद निर्मला सीतारमण."
हालांकि बजट पेश करने में मशरूफ वित्तमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के पास इन बयानों पर प्रतिक्रया देने का मौका ही नहीं था. तब तक तमाम विरोधियों ने बजट पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया जमाने के सामने परोस दी. सपा नेता और अखिलेश यादव के विश्वासपात्र आई.पी. सिंह ने अपने ट्विटर हैंडल पर आगे लिखा, "5 नई स्मार्ट सिटी की घोषणा? अरे निर्मला जी, इसे बजट सत्र की जगह कॉमेडी ऑफ्टरनून विद निर्मला सीतारमण का नाम दिया जाना चाहिए था. हद हो गई ल़फ्फाजी की."
आई.पी. सिंह के ट्विटर अकाउंट पर उनके द्वारा जारी की गई पोस्ट में आगे लिखा गया, "प्रधानमंत्री शिक्षा बजट 94 हजार करोड़ से 99 हजार करोड़ की कर पाए. इतना छोटा दिल क्यों दिखा रहे हैं आप मोदी जी, छात्रों के लिए? छात्रों के विकास के बिना देश का विकास होगा? अमेरिका क्या मूर्ख है, जो जीडीपी का अहम हिस्सा शिक्षा पर खर्च करता है? खैर, जो खुद कभी पढ़ा न हो..."
हमेशा बेबाक टिप्पणी करने के लिए चर्चित सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आई.पी. सिंह ने आगे लिखा है, "अब यह बजट का नाटक बंद करिए. सभी लोग मिलकर नरेंद्र मोदी जिंदाबाद के नारे लगाते हुए सदन से ही दिल्ली चुनाव का प्रचार शुरू कर दीजिए. देश को बांटिए और चुनाव जीतने का प्रयास तेज करिए."
सपा प्रवक्ता आगे लिखते हैं, "एनएचएआई कर्ज में डूबा है. इसका जिक्र नितिन गडकरी खुद कर चुके हैं. प्रोजेक्ट्स रुके पड़े हैं. बावजूद इसके निर्मला जी एक्सप्रेस-वे की बात करके जनता को बहला रही हैं." सपा ने इस बजट को सबसे महत्वपूर्ण वक्त पर इतिहास का सबसे कमजोर बजट करार दिया है.
सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता के मुताबिक, "ग्रामीण विकास के लिए 1.23 लाख करोड़ का समग्र आवंटन. मगर यह किन-किन योजनाओं के लिए हुआ है, इसका खुलासा ही नहीं किया. ऐसा तभी होता है, जब प्रधानमंत्री कार्यालय से बजट ठीक एक दिन पहले जाता है वित्तमंत्री के हाथों में."
आई.पी. सिंह के मुताबिक, किसानों की कर्जमाफी भी प्रधानमंत्री के मीठे शब्दबाणों में मौजूद छलावे के सिवाय और कुछ नहीं है.

आसान भाषा में समझें पूरा बजट
1 February 2020
नई दिल्‍ली: वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना दूसरा बजट (Budget 2020) संसद में पेश किया. सरकार ने बजट में आम आदमी को बड़ी राहत देते हुए पांच लाख रुपये तक की आय पर पूरी तरह से छूट दे दी है. यानी पांच लाख तक की आय वाले को कोई टैक्‍स नहीं देना होगा. इसी तरह 5-7.5 लाख रुपये की कमाई पर अभी तक 20% टैक्स पड़ता था. उसको सरकार ने घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया है. 7.5 लाख-10 लाख की इनकम टैक्स स्लैब 20% से घटाकर 15% की गई. इसी तरह 10-12.50 लाख वालों की इनकम टैक्स स्‍लैब 30% से घटाकर 20% कर दी गई है. 15 लाख से ऊपर की इनकम पर बिना किसी छूट के 30%टैक्स देना होगा. हालांकि इनकम टैक्‍स का नया स्‍लैब वैकल्पिक होगा. नए टैक्‍स का लाभ लेने के लिए पुराने टैक्‍स में छूट को छोड़ना होगा. यानी इसका फायदा तभी मिलेगा जब आप अपनी मिलने वाली छूट को छोड़ देंगे. वित्‍त मंत्री ने कहा कि 15 लाख तक कमाने वाले अभी छूट का लाभ नहीं उठा रहे हैं, उन्‍हें अब सालाना 78 हजार की बचत होगी.
बजट की अहम बातें:
इकोनॉमी के फंडामेंटल्स काफी मजबूत
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) में ऐतिहासिक कामयाबी मिली है
27 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकाले हैं
4 साल में GST में 60 लाख टैक्सपेयर्स जुड़े
गरीबों के विकास के लिए काम जरूरी
FY14-19 में 7.4% औसत जीडीपी रही
भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी इकोनॉमी
पिछले 5 साल में सरकारी कर्ज 3.5% घटा
मार्च 2019 तक जीडीपी के 48.7% बराबर कर्ज
आंत्र्पयोर्नस को बढ़ावा देने की जरूरत
2020 में जीएसटी का आसान वर्जन आएगा
बजट की थीम सबका साथ सबका विकास
इंफास्ट्रक्चर को सुधारा जाएगा
डिजीटल गर्वेनस से डिलीवरी में सुधार
Aspiration India हमारे बजट की थीम
Competitive फार्मिंग से किसानों की स्थिति में सुधार
2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने का लक्ष्य
कृषि में सुधार की जरूरत
केंद्रीय नियमों के आधार पर कृषि वाले राज्यों को प्रोत्साहन
ग्रामीण सड़क योजना से किसानों की आय बढ़ी
सरकार का फोकस Irrigation की तरफ
कुसुम योजना से सबको बिजली उपलब्ध कराएंगे
पानी से जुड़ी समस्या काफी गंभीर
सोलर पंप लगाने में मदद करेंगे
खाली पड़ी जमीन पर सोलर प्लांट लगाने में मदद दी जाएगी
इसको सोलर ग्रिड से जोड़ा जाएगा
सोलर पंप से 22 लाख किसानों को फायदा
किसानों के लिए 16 सूत्रीय कार्यक्रम
ब्लॉक और तहसील लेवल पर वेयरहाउस बनाने में सरकार मदद करेगी
वेयरहाउस, FCI और वेयरहाउस कार्पोरेशन के अंतर्गत होगा और मुद्रा योजना से आसान लोन उपलब्ध होगा
कृषि उड़ान योजना शुरू होगी
नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर होगी योजना
कृषि उपज को बढ़ाने के लिए One Product One District योजना
किसान रेल चलाई जाएगी
ग्रामीण गोदाम योजना
किसान रेल में रेफ्रिजरेटिड बोगियां बनाएगी
2025 तक दूध उत्पादन को 53.5 मिलियन मिट्रिक टन से बढ़ाकर 108 मिलियन मीट्रिक टन का लक्ष्य
ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने की जरूरत
केमिकल फर्टिलाइजर के इंसेटिव तरीकों में बदलाव
किसानों के लिए 283 लाख करोड़ का आवंटन
इंद्रधनुष योजना में 12 नई बीमारियों का इलाज
मेडिकल डिवाज पर टैक्स का प्रस्ताव
किसानों के लिए करीब 3 लाख करोड़ का
69,000 करोड़ हेल्थ सेक्टर के लिए
कृषि सिंचाई के लिए 2.83 लाख करोड़ का आवंटन
PPP के जरिए देशभर में नए अस्पताल खोले जाएंगे
नई एजुकेशन पॉलिसी का जल्द ऐलान करेंगे
2025 तक TB बीमारी को खत्म
FY21 जल जीवन मिशन पर ~11500 करोड़ का आवंटन
नई शिक्षा नीति पर राज्यों से बातचीत
हर घर जल के लिए ~3.6 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट
भारत को उच्च शिक्षा का हब बनाएंगे
एजुकेशन सेक्टर के लिए ~99300 करोड़ का प्रस्ताव
PPP मॉडल के जरिए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे
स्किल डेवलपमेंट के लिए ~3,000 करोड़ का प्रस्ताव
विदेश में नौकरी के लिए नर्स, टीचर तैयार करेंगे
निवेश के लिए इनवेस्टमेंट क्लियरेंस सेल का प्रस्ताव
Study in India Mission
घरेलू मैन्युफेक्चरिंग, इलेक्ट्रनिक्स प्रोडक्ट को बढ़ावा देने के लिए योजना का ऐलान जल्द
5 नए स्मार्ट सिटी बनाएंगे
निवेश को आसान बनाने पर जोर
मोबाइल फोन बनाने के लिए नई स्कीम जल्द
'NIRVIK' के तहत एक्सपोर्टस को क्रेडिट सुविधा
'NIRVIK' के तहत कम प्रीमियम पर ज़्यादा बीमा
इंडस्ट्री के विकास के लिए ~27,300 करोड़ का प्रस्ताव
नेशनल लॉजिस्टिक पॉलिसी का ऐलान जल्द
9000 किमी का इकोनॉमिक कोरिडोर बनाएंगे
रेलवे ट्रैक के साथ-साथ सोलर पॉवर प्लांट लगाए जाएंगे
टूरिस्ट डेस्टिनेशन के लिए तेजस जैसी नई ट्रेनों का प्रस्ताव
2023 तक दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पूरा होगा
बंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे बनाएंगे
भारतीय रेल 150 निजी ट्रेन चलाएगी
रेलवे का 27,000 का विद्युतीकरण का लक्ष्य
2024 तक 100 नए एयरपोर्ट
2024 तक 12 हाइवे को मोनेटाइज करेंगे
मुंबई-अहमदाबाद के लिए बुलेट ट्रेन का काम जारी
137000 किमी ऑयल फील्ड EXPLORATION के लिए दिया जाएगा
पोर्ट ट्रस्ट्रस को कारपोरेशन में बदलेंगे
पॉवर, रिन्यबल एनर्जी सेक्टर के लिए 22,000 करोड़ का प्रस्ताव
Discoms का रिफॉर्म का प्रस्ताव
नेशनल गैस ग्रिड को बढ़ाकर 27,000 किमी तक करने का लक्ष्य
बंगलुरु रेल प्रोजेक्ट के लिए 18,600 करोड़ का आवंटन
गैस में प्राइस डिसकवरी के लिए नई पॉलिसी का एलान जल्द
भारतनेट के लिए 6,000 करोड़ का आवंटन
भारतनेट से 1 लाख करोड़ पंचायत को जोड़ेंगे
प्राइवेट सेक्टर में डेटा सेक्टर के लिए प्रोत्साहन
क्ववांटम टेक्नॉलिजी पर 8,000 करोड़ का खर्च
जेनेटिक लैंडस्केप के लिए 2 योजना बनाएंगे
गैस की सही कीमत तय करने के लिए मानक लाएंगे
पोषण अभियान के लिए ~35,600 करोड़ का आवंटन
राज्यों के टैक्स आमदनी का 42% देंगे
महिला विकास के लिए ~28,600 करोड़ का आवंटन
आदिवासी विकास के लिए ~53,700 करोड़ का आवंटन
पिछडे तबके के लिए ~85,000 करोड़ का आवंटन
सीनियर सिटीजन्स के लिए ~9500 करोड़ का आवंटन
SC और OBC के लिए 85,000 करोड़ का आवंटन
रांची में ट्राइबल म्यूजियम बनाएंगे
कल्चर डेवलपमेंट के लिए 3,000 करोड़ का आवंटन
प्रदूषण फैलाने वाले थर्मल पावर प्लांट बद करने का सुझाव
क्लाइमेंट चेंज से निपटने के लिए ~4400 करोड़ का आवंटन
वेल्थ क्रिएटर्स का सम्मान करेंगे
देश की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकिता
टैक्सपेयर्स को परेशान नहीं किया जाएगा
टैक्स मामलों में आपाराधिक मामला नहीं बनेगा
सरकार नेशनल रिक्रूटमेंट एंजेसी बनाएगी
रिक्रूटमेंट एंजेसी के जरिए रोजगान बढ़ाएंगे
कंपनी कानून में बदलाव करेंगे
आजादी की 75वीं सालगिरह पर ~100 करोड़ का आवंटन
Contract एक्ट को और मजबूत करेंगे
बिज़नेस के लिए अच्छा माहौल बनाएंगे
FY21 में 3.5% वित्तीय घाटा का लक्ष्य
कापोरेटिव बैंकों को मज़बूत करने के लिए बैंकिंग एक्ट में बदलाव का प्रस्ताव
लोन वसूली के लिए nbfc को और अधिकार का प्रस्ताव
बैंक डूबा तो 5 लाख तक के डिपॉजिट वापिस मिलेंगे
J&K और लद्दाख के लिए 30,800 करोड़ आवंटित
IDBI बैंक में सरकार अपना हिस्सा बेचेगी
सरकारी बैंकों को बाजार से पूंजी जुटाने की मंजूरी
को-ऑपरेटिव बैंकों पर RBI को और अधिकार देंगे
MSME लोन रिस्ट्रक्चर स्कीम को 1 साल और बढ़ाएंगे
नया DEBT ETF लाने का प्रस्ताव
कॉरपोरेट निवेश में NRI की बॉन्ड सीमा बढ़ाकर 15%
LIC का IPO आएगा, इसके जरिये सरकार अपनी हिस्‍सेदारी बेचेगी
गिफ्ट सिटी में इंटरनेशन बुलियन एक्सचेंज
15वीं वित्त आयोग की सिफारशों की मंजूरी
FY21 के लिए 10% नॉमिनल GDP ग्रोथ का लक्ष्‍य
FY20 में 19.32 लाख करोड़ आमदनी का अनुमान
FY21 में ~22.46 लाख करोड़ आमदनी का अनुमान
5 लाख तक की आय पर कोई टैक्‍स नहीं
~5 लाख-7.5 लाख की इनकम टैक्स स्‍लैब 20 से घटाकर 10%
7.5 लाख-10 लाख की इनकम टैक्स स्लैब 20% से घटाकर 15%
10-12.50 लाख पर इनकम टैक्स 30% से घटाकर 20%
12.50-15 लाख की इनकम पर टैक्स 30% से घटाकर 25%
15 लाख से ऊपर की इनकम पर 30%टैक्स देना होगा बिना किसी छूट के
टैक्सेशन की प्रकिया को आसान करने का प्रस्ताव, IT फॉर्म पहले से भरे आएंगे
DDT पूरी तरह से हटाया गया
DDT: DIRECT DIVIDEND TRANSFER
कंपनियों को डिवीडेंड पर टैक्स नहीं देना होगा
जो डिवीडेंड ले रहा है, टैक्स देना होगा
DDT हटने से सरकार को ~25,000 करोड़ का नुकसान
इंफ्रा में निवेश करने वाले फंड्स को 100% टैक्स छूट
स्टार्ट अप में EPOS नियमों में बदलाव
स्टार्ट अप शुरु करने वालों को टैक्स से राहत
स्टार्ट लिमिट की टर्नओवर 25 करोड़ से बढ़ाकर 100 करोड़ किया
मार्च 2021 तक हाउसिंग स्कीम की समयसीमा बढ़ी
अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम 1 साल के लिए और बढ़ाई गई
Charity Institution को UID की सुविधा
टैक्स विवाद निपटाने के लिए 'विवाद से विश्वास स्कीम'
Long Term Capital Gain (LTCG) में कोई बदलाव नहीं
FY21 में विनिवेश के लिए ~2.1 लाख करोड़ का लक्ष्य
जूते, फर्नीचर के इंपोर्ट पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाई गई

बोडो समझौता ऐतिहासिक, असम में एकता को मिलेगा बढ़ावा: PM मोदी
30 January 2020
नई दिल्‍ली: उत्‍तर-पूर्व में पिछले 50 वर्षों से चली आ रही बोडो समस्‍या का समाधान हो गया है. इस समस्‍या के कारण करीब चार हजार लोगों की जान गईं. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में सोमवार को बोडो मुद्दे के समाधान के लिए समझौता किया गया. इस सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सिलसिलेवार एक के बाद कई ट्वीट कर कहा कि बोडो लोगो के लिए ये एक नई शुरुआत है. इससे असम की एकता को बढ़ावा मिलेगा. बोडो समझौते ने एक बार फिर सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्‍वास के नारे को चरितार्थ किया है. इसने एक भारत-श्रेष्‍ठ भारत की भावना को भी मजबूत किया है. इसके साथ ही उन्‍होंने कहा कि बोडो क्षेत्र का विकास सरकार की प्राथमिकताओं में शुमार है. 1500 करोड़ रुपये के विकास पैकेज का काम शुरू हो गया है.
पीएम मोदी ने कहा, ''महात्मा गांधी की पुण्‍यतिथि जब आज भारत पूज्‍य बापू को याद कर रहा है तो इस दिन असम शांति और विकास के नए ऐतिहासिक अध्‍याय का गवाह बन रहा है. 50 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद बोडो मित्रों के साथ समझौता नई शुरुआत है. यह असम की एकता को मजबूत करेगा और उज्‍ज्‍वल भविष्‍य के लिए विकास के नए पथ को प्रशस्‍त करेगा.''
इसके साथ ही उन्‍होंने कहा कि बोडो संगठनों के साथ इस ऐतिहासिक समझौते के बाद हमारी सरकार की प्राथमिकता संबंधित बोडो क्षेत्र के विकास की है. इस दिशा में 1500 करोड़ रुपये के समग्र विकास पैकेज पर काम शुरू हो गया है. हमारा विशेष फोकस यहां के लोगों के जीवन को सुगम बनाना और यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी स्‍कीमों का लाभ बोडो लोगों को मिले.
उल्‍लेखनीय है कि जब 27 जनवरी को ये समझौता हुआ तो ये तय किया गया कि इस समझौते के बाद 1500 से अधिक हथियारधारी सदस्य हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हो जाएंगे. समझौते में भारत सरकार और राज्य सरकार विशेष विकास पैकेज द्वारा 1500 करोड़ रुपये असम में बोडो क्षेत्रों के विकास के लिए विशिष्ट परियोजनाएं शुरू करना शामिल है. इसके अलावा बोडो आंदोलन में मारे गए लोगों के प्रत्येक परिवार को 5 लाख का मुआवजा दिया जाएगा.
इस कड़ी में असम में अलगाववादी नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) के चारों धड़ों के लगभग 1,500 सदस्यों ने मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के सामने गुरुवार को गुवाहाटी में अपने हथियार डाल दिए. गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ऑडिटोरियम में इस अवसर पर राज्य के वित्त मंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे.
प्रधानमंत्री मोदी ने ये भी कहा कि बोडो समूहों के शांति के पथ के आगे बढ़ने के साथ ही ये स्‍पष्‍ठ संदेश गया कि यदि हिंसा का रास्‍ता छोड़कर लोकतंत्र और संविधान में आस्‍था दिखाएं तो मुद्दे का समाधान संभव है. मैं बोडो संगठनों का मुख्‍यधारा में आने का स्‍वागत करता हूं. हम बोडो क्षेत्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं.

अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा पर चुनाव आयोग का कड़ा एक्शन
30 January 2020
नई दिल्ली: चुनाव आयोग (Election Commission) ने बीजेपी (BJP) सांसद प्रवेश वर्मा (pravesh verma) और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके प्रचार पर रोक लगा दी है. बता दें दोनों के खिलाफ यह कार्रवाई उनके विवादास्पद बयानों के चलते की गई है.
चुनाव आयोग ने 72 घंटे के लिए अनुराग ठाकुर के चुनाव प्रचार पर रोक लगा दी है. वहीं 96 घंटे के लिए प्रवेश वर्मा के चुनाव प्रचार पर रोक लगाई गई है.
इससे पहले चुनाव आयोग ने बुधवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी के प्रचारकों की सूची से केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और सांसद प्रवेश वर्मा को तत्काल हटाने का आदेश दिया था. चुनाव आयोग ने आदर्श आचार संहिता तथा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 का उल्लंघन करने के मामले में वर्मा और ठाकुर को नोटिस भी भेजा था.
दिल्ली चुनाव कार्यालय ने मंगलवार को चुनाव आयोग को भाजपा के स्टार प्रचारकों -वर्मा और ठाकुर- द्वारा आदर्श आचार संहिता का संदिग्ध उल्लंघन किए जाने पर अपनी रिपोर्ट दाखिल की थी. रिपोर्ट में वर्मा के शाहीन बाग पर बयान देने और धर्मस्थलों से संबंधित उनके ट्वीट के साथ-साथ एक जनसभा में ठाकुर के 'गोली मारो गद्दारों को' बयान का उल्लेख किया गया था.
वर्मा ने कहा था कि राजधानी में लगभग 500 स्थानों पर सरकारी संपत्ति पर मस्जिद एवं कब्रिस्तान के साथ-साथ हॉस्पिटल और स्कूल बने हैं. उन्होंने कहा कि ये अवैध इमारतें दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और दिल्ली जल बोर्ड तथा अन्य सरकारी एजेंसियों की हैं.

निर्भया गैंगरेप के दोषियों ने फिर निचली अदालत में लगाई अर्जी, कहा- फांसी रोक दीजिए
30 January 2020
नई दिल्‍ली : निर्भया गैंगरेप केस (Nirbhaya Gang Rape Case) के दोषियों के वकील एपी सिंह ने पटियाला हाउस कोर्ट में अर्जी दाखिल कर 1 फ़रवरी को होने वाली फांसी पर रोक की मांग की है. इस अर्जी में वकील ने दोषी विनय की दया याचिका लंबित होने को आधार बताया है. पटियाला हाउस कोर्ट आज ही इस अर्जी पर सुनवाई करेगा.
उधर, तिहाड़ जेल के सूत्रों का कहना है कि वो दिल्ली सरकार के गृह मंत्रालय को पत्र लिखेंगे, जिसमें वो कहेंगे कि निर्भया के दोषी विनय की दया याचिका लंबित है. लिहाज़ा 1 फ़रवरी को होने वाली फांसी पर रोक लगाई जाए. नियम के मुताबिक, जब तक दया याचिका का निपटारा नहीं हो जाता तब तक फांसी नही हो सकती.
वहीं, सूत्र बता रहे हैं कि निर्भया के दोषियों को फांसी देने की 1 फरवरी की तारीख तय है. अभी तक तिहाड़ जेल को फांसी रोकने का कोई ऑर्डर नहीं मिला है. अगर कोर्ट फांसी पर स्टे लगाने को बोलती है तो अगले ब्लैक वारंट जारी होने तक फांसी टाल दी जाएगी, वरना 1 फरवरी को फांसी दे दी जाएगी. पवन जल्लाद भी आज तिहाड़ जेल पहुंचने वाला है.

शरजील इमाम ने किया सरेंडर करने का दावा, पुलिस ने कहा- उसे गिरफ्तार किया गया
28 January 2020
नई दिल्ली: दिल्ली के शाहीन बाग में भड़काऊ भाषण देने के मामले में शरजील इमाम को बिहार के जहानाबाद के काको थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है. क्राइम ब्रांच के डीसीपी राजेश देव ने बड़ा बयान दिया है.
डीसीपी राजेश देव ने कहा है कि शरजील इमाम का दो वीडियो पुलिस ने दिया है. इसमें से एक वीडियो अलीगढ़ का है और दूसरा वीडियो दिल्ली का है. 25 जनवरी को शरजील इमाम के ऊपर राजद्रोह का केस दर्ज किया गया है.
उन्होंने साथ ही कहा कि 26 जनवरी को हम पटना गए थे, वहां पुलिस के साथ मिलकर कई जगहों पर रेड किया. शरजील इमाम का भाई कल रात में मिला था, उससे पूछताछ के बाद वाइटल क्लू मिले थे. उसे गांव से डिटेन किया गया. उसे सरेंडर नहीं अरेस्ट किया गया है.
वहीं, शरजील इमाम ने अपने ट्विटर के जरिए दावा किया है कि उसने आत्मसमर्पण किया है. ट्वीट में शरजील ने लिखा है कि मुझे कानून व्यवस्था पर पूरा भरोसा है. मेरी सुरक्षा अब दिल्ली पुलिस के हाथों में है.
आपको बता दें कि शरजील इमाम को जहानाबाद-- एसीजेएम 1 आरके रजक के कोर्ट में पेश किया गया है. शरजील की मेडिकल जांच के लिए सिविल सर्जन कोर्ट पहुंच चुके हैं.
आपको बता दें कि सोमवार को शरजील इमाम के तीन रिश्तारों को भी गिरफ्तार किया गया था. शरजील इमाम के ऊपर पांच राज्यों में केस दर्ज है. शरजील पर असम, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर में उनके खिलाफ मामले दर्ज हैं.
शरजील इमाम को गिरफ्तार करने का दबाव लगातार दिल्ली पुलिस पर काफी समय से था. वहीं, दिल्ली पुलिस ने शनिवार को शरजील इमाम पर देशद्रोह का केस दर्ज किया था. उसके बाद से दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच बिहार के जहानाबाद, पटना में छापेमारी कर रही थी.
उसके परिजनों से लगातार पूछताछ की जा रही है. आखिरकार जहानाबाद से शरजील को गिरफ्तार किया गया और अब ट्रांजिट कोर्ट में पेश करके दिल्ली लाया जाएगा. कई बार ये बातें भी सामने आई है कि वो आत्मसमपर्ण कर सकता है लेकिन मंगलवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

निर्भया केस: दोषी मुकेश की वकील ने कहा- दया याचिका पर राष्ट्रपति ने नहीं लिया दिमाग से काम
28 January 2020
नई दिल्ली: निर्भया केस (Nirbhaya Case) में दोषी मुकेश की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई पूरी हो चुकी है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट बुधवार को फैसला सुनाएगा. याचिका में राष्ट्रपति के दया याचिका खारिज करने के आदेश को चुनौती दी गई थी. अब इस मामले में दोषी मुकेश की वकील अंजना प्रकाश का कहना है कि राष्ट्रपति ने दया याचिका पर अपने दिमाग से काम नहीं लिया है.
वहीं तीन सदस्यीय बेंच की अगुवाई कर रही जस्टिस भानुमति ने कहा कि राष्ट्रपति के फैसले की समीक्षा का कोर्ट के पास सीमित अधिकार है. कोर्ट को केवल यह देखना है कि राष्ट्रपति के पास केस से जुड़े जरूरी दस्तावेज रखे गए थे या नहीं.
सुनवाई में पहले मुकेश की एडवोकेट अंजना प्रकाश ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट गौर करे कि क्या दया याचिका के निपटारे में पूरी प्रकिया का पालन हुआ है. उन्होंने कहा, 'मेरे मुवक्किल ने माना है कि वो बस में चल रहा था पर उसकी वजह से निर्भया की जान नहीं गई. वो रेप में शामिल नहीं था. फोरेंसिक एविडेंस भी मेरी इस दलील के पक्ष में है.'
अंजना प्रकाश ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले का हवाला देते हुए कहा कि मानवीय फैसलों में चूक हो सकती है. जीवन और व्यक्तिगत आजादी से जुड़े मसलों को गौर से देखने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि माफी का अधिकार किसी की व्यक्तिगत कृपा न होकर, संविधान के तहत दोषी को मिला अधिकार है.
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति को मिले माफी के अधिकार का बहुत जिम्मेदारी से पालन जरूरी है. मुकेश की ओर से पेश वकील ने कहा कि हम न्यायिक फैसले की समीक्षा का अधिकार नहीं रखते, लेकिन मौत के मामले की उनको संविधान के तहत समीक्षा का अधिकार है.
मुकेश की वकील ने कहा, 'गवर्नर और राष्ट्रपति दया याचिका के मामले में अपने विवेक का इस्तेमाल नहीं करते हैं. लोकतांत्रिक राष्ट्र में मुकेश की दया याचिका तथ्यों पर बगैर ध्यान दिए मनमाने ढंग से खारिज की गई है.'
मुकेश की वकील एक केस का हवाला देते हुए कहा, 'आंध्र प्रदेश के ईपुरु सुधाकर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह अच्छी तरह से तय है कि राष्ट्रपति या राज्यपाल द्वारा क्षमा शक्ति का अभ्यास या गैर अभ्यास, जैसा भी मामला हो, न्यायिक समीक्षा से बाहर नहीं है. अदालत ने माना कि अनुच्छेद 72 या अनुच्छेद 161 के तहत राष्ट्रपति या राज्यपाल के आदेश की न्यायिक समीक्षा, जैसा भी मामला हो, उपलब्ध है और उनके आदेश पर कई आधारों पर चुनौती दी जा सकती है.'
मुकेश की वकील ने कहा कि पहला आधार यह हो सकता है कि यह आदेश विवेक के इस्तेमाल के बिना पारित किया गया है. दूसरा आधार ये हो सकता है कि यह आदेश दुर्भावनापूर्ण है. तीसरा, यह आदेश बिना प्रासंगिक विचारों पर पारित किया गया है. चौथा, प्रासंगिक सामग्री को विचार से बाहर रखा गया है और पांचवां आधार ये हो सकता है कि यह आदेश मनमाना है.
मुकेश की वकील ने कहा कि सरकार ने दया याचिका खारिज करने की राय के साथ राष्ट्रपति कार्यालय में केस के सभी दस्तावेज पेश नहीं किए. मुकेश की वकील ने दलील दी कि दया याचिका के बिना खारिज हुए फांसी की सजा पाए अपराधियों को एकांत कारावास में रखना असंवैधानिक है, जबकि निर्भया के हत्यारों को एकांत कारावास में रखा गया.
मुकेश की वकील अंजना प्रकाश ने दलील दी कि दया याचिका को मनमाने ढंग से जल्दबाजी में खारिज किया गया. इस पर कोर्ट ने कहा कि आप ऐसा कैसे कह सकती है कि राष्ट्रपति ने दया याचिका पर अपने विवेक से काम नहीं लिया?
कोर्ट के इस सवाल पर मुकेश की वकील ने कहा कि राष्ट्रपति ने अपने विवेक से काम नहीं लिया क्योंकि उनके सामने रिकॉर्ड्स नहीं रखे गए.
दूसरी तरफ सोलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि दया याचिका पर राष्ट्रपति के देरी से फैसला लेने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है लेकिन जल्दी फैसला लेने पर नहीं. राष्ट्रपति के सामने सारे रिकॉर्ड्स रखे गए थे.
SG तुषार मेहता ने कहा कि यह भी देखे जाने की जरूरत है कि आज जीवन के मूल्य की वकालत कौन कर रहा है और उसके लिए जीवन का मूल्य क्या था. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में राष्ट्रपति का संतुष्ट होना ही जरूरी है कि वह दया देना चाहते हैं या नहीं. इस मामले में कोर्ट के पास सीमित अधिकार हैं.
तुषार मेहता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने खुद ही कहा था कि दया याचिका को लंबित रखना अमानवीय है. सरकार ने कोर्ट की इस भावना का सम्मान किया है. राष्ट्रपति ने सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर बिना विलंब के याचिका पर फैसला किया है. यह आरोप सही नहीं है कि मनमाने ढंग से दया याचिका खारिज की गई.
तुषार मेहता ने कहा कि जेल में दुर्व्यवहार के आरोप की सुनवाई इस स्टेज में सुप्रीम कोर्ट में नहीं की जा सकती. दोषी यह आधार नहीं ले सकता कि जेल में उसका शोषण हुआ था. जिस दोषी ने एक लड़की के साथ इतनी क्रूरता की, वह जेल में खुद के साथ हुए दुर्व्यवहार की बात कर रहा है.
बता दें कि निर्भया मामले में दोषी मुकेश ने राष्ट्रपति के पास दया याचिका खारिज होने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. साथ ही 1 फरवरी को होने वाली फांसी के आदेश पर रोक लगाने की मांग की थी.

AAP प्रत्याशी विशेष रवि के खिलाफ रिट याचिका दायर, हलफनामे में छुपाई ये जानकारी
28 January 2020
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे विधायक विशेष रवि के खिलाफ दिल्ली हाइकोर्ट में रिट याचिका दायर की गई है. विशेष रवि पर चुनाव आयोग के समक्ष दिए गए हलफनामे में एजुकेशन से संबंधित जानकारी छुपाने का आरोप है. याचिकाकर्ता के मुताबिक रवि ने 2013 में चुनावी हलफनामे में कहा था कि वह बीकॉम पास हैं, 2015 में कहा था कि बीए इग्नू से पास हैं, जबकि 2020 में जो हलफनामे दिए गए हैं उसमें 10 वीं पास बताया है. इसलिए रवि विशेष की नॉमिनेशन को रद्द किया जाए.


निर्भया के एक दोषी का नया दांव, दया याचिका खारिज होने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा
25 January 2020
नई दिल्‍ली : निर्भया केस में चार दोषियों में से एक दोषी मुकेश कुमार सिंह ने दया याचिका खारिज होने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. मुकेश ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर राष्ट्रपति की दया याचिका खारिज करने के फैसले को चुनौती दी. याचिका में 1 फरवरी के डेथ वारंट पर रोक लगाने की भी मांग की गई है.
इससे पूर्व शनिवार को निर्भया गैंगरेप केस (Nirbhaya Gang Rape Case) के दोषियों को एक बार फिर कोर्ट से राहत नहीं मिली. दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने शनिवार को आदेश में कहा कि जेल प्रशासन की तरफ से सभी दस्तावेज दिए जा चुके है और ऐसे में किसी भी प्रकार के आदेश की जरूरत नहीं है. इसके साथ दोषियों के वकील एपी सिंह की ओर से दायर अर्जी का कोर्ट ने निपटारा भी कर दिया.
दरअसल, दो दोषियों ने अर्जी में कहा था कि जेल प्रशासन ने उन्हें दस्तावेज नहीं दिए. दोषियों की याचिका पर सुनवाई के दौरान जेल प्रसाशन की तरफ से कोर्ट कोर्ट बताया गया कि दोषियों की तरफ से मांगे गए दस्तावेज उनको दे दिए गए है. तिहाड़ जेल प्रशासन ने कोर्ट में कहा कि निर्भया के दोषी जानबूझकर इस मामले में देरी करना चाहते है और उनकी ये याचिका महज़ एक "देरी कराने की चाल" है और कुछ नहीं, क्योंकि दस्तावेज उन्हें पहले ही दिए जा चुके है.
उधर, तिहाड़ जेल सूत्रों के मुताबिक निर्भया के दोषियों के परिवार वालों को तिहाड़ जेल प्रशासन ने पत्र लिखा था. अपने पत्र में लिखा था कि दोषियों को 1 फ़रवरी की सुबह 6 बजे फांसी पर लटकाया जाएगा. उससे पहले अगर कोई परिवार का सदस्य या रिश्तेदार दोषियों से अंतिम मुलाकात करना चाहता है तो कर सकता है. निर्भया के चारों गुनहगारों की अंतिम इच्‍छा का तिहाड़ जेल प्रशासन को अभी भी इंतजार है. सूत्रों के मुताबिक दोषियों ने अभी तक अपनी अंतिम इच्‍छा नहीं बताई है.

'ये शाहीन बाग नहीं, तौहीन बाग', JNU छात्र के आपत्तिजनक भाषण पर BJP की तीखी प्रतिक्रिया
25 January 2020
नई दिल्ली: जेएनयू (JNU) छात्र के एक बेहद भड़काऊ भाषण के वायरल वीडियो पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया की है. बीजेपी ने कहा है कि शाहीन बाग अब तौहीन बाग बन गया है.
बता दें भारतीय नागरिकता कानून (CAA) और एनआरसी (NRC) के खिलाफ देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच एक बेहद आपत्तिजन भाषण सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. यह वीडियो जेएनयू (JNU) के एक छात्र शरजिल इमाम का बताया जा रहा है. वीडियो में इमाम बेहद आपत्तिजनक भाषण देते हुए असम (Assam) को भारत (India) से काट देने की बात कर रहा है. हालांकि यह साफ नहीं हो पाया है कि यह वीडियो कहां का है.
क्या कहा बीजेपी ने?
संबित पात्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि शाहीन बाग की साजिश पूरे विश्व के सामने आ गया है. शाहीन बाघ को तौहीन बाघ कहना चाहिए. शाहीन बाघ में एंटी नेशनल बातें की गई. असम को भारत से आज़ाद करने की बात कही गई है.
संबित पात्रा ने शरजिल इमाम का वीडियो शेयर करते हुए कहा कि दोस्तों शाहीन बाग (shaheen bagh) की असलियत देखें. पात्रा ने यह सवाल किया है कि क्या यह देशद्रोह नहीं है.
क्या है वायरल वीडियो में?
इस वीडियो में शरजिल इमाम हुए कहता है, 'हम गैर मुस्लिमों से बोले की अगर हमदर्द हो तो हमारी शर्तों पर आकर खड़े हों अगर हमारी शर्तों पर आकर नहीं खड़े हो सकते तो उन्हें हमदर्द नहीं मान सकते.'
वीडियो में इमाम कहता है, 'मैंने बिहार में देखा, बिहार में बहुत सारी रैलियां हो चुकी हैं, हर रोज एक दो बड़ी रैली होती हैं, कन्हैया वाली रैली देख लीजिए पांच लाख लोग थे उसमें...अगर पांच लाख लोग हमारे पास ऑर्गेनाइज्ड हो तो हम हिंदुस्तान और नॉर्थ ईस्ट को परमानेंटली कट कर सकते हैं. परमानेंटली नहीं तो कम से कम एक महीने के लिए तो अलग कर ही सकते हैं. मतलब इतना मवाद डालो पटरियों पर कि उनको हटाने में एक महीना लग जाए.' असम को काटना हमारी जिम्मेदारी है, असम और इंडिया कट कर अलग हो जाए तभी यह हमारी बात सुनेंगे.

JNU छात्र के भड़काऊ भाषण का वीडियो वायरल, 'असम को भारत से काटना हमारी जिम्मेदारी'
25 January 2020
नई दिल्ली: भारतीय नागरिकता कानून (CAA) और एनआरसी (NRC) के खिलाफ देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच एक बेहद आपत्तिजन भाषण सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. यह वीडियो जेएनयू (JNU) के एक छात्र शरजिल इमाम का बताया जा रहा है. वीडियो में इमाम बेहद आपत्तिजनक भाषण देते हुए असम (Assam) को भारत (India) से काट देने की बात कर रहा है. इस वीडियो में शरजिल इमाम हुए कहता है, 'हम गैर मुस्लिमों से बोले की अगर हमदर्द हो तो हमारी शर्तों पर आकर खड़े हों अगर हमारी शर्तों पर आकर नहीं खड़े हो सकते तो उन्हें हमदर्द नहीं मान सकते.' वीडियो में इमाम कहता है, 'मैंने बिहार में देखा, बिहार में बहुत सारी रैलियां हो चुकी हैं, हर रोज एक दो बड़ी रैली होती हैं, कन्हैया वाली रैली देख लीजिए पांच लाख लोग थे उसमें...अगर पांच लाख लोग हमारे पास ऑर्गेनाइज्ड हो तो हम हिंदुस्तान और नॉर्थ ईस्ट को परमानेंटली कट कर सकते हैं. परमानेंटली नहीं तो कम से कम एक महीने के लिए तो अलग कर ही सकते हैं. मतलब इतना मवाद डालो पटरियों पर कि उनको हटाने में एक महीना लग जाए.' असम को काटना हमारी जिम्मेदारी है, असम और इंडिया कट कर अलग हो जाए तभी यह हमारी बात सुनेंगे. ' हालांकि यह वीडियो कहां का यह साफ नही है लेकिन संबित पात्रा ने शरजिल इमाम का वीडियो शेयर करते हुए कहा कि दोस्तों शाहीन बाग (shaheen bagh) की असलियत देखें. पात्रा ने यह सवाल किया है कि क्या यह देशद्रोह नहीं है. बाद में संबित पात्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि शाहीन बाग की साजिश पूरे विश्व के सामने आ गया है. शाहीन बाघ को तौहीन बाघ कहना चाहिए. शाहीन बाघ में एंटी नेशनल बातें की गई. असम को भारत से आज़ाद करने की बात कही गई है.
जम्मू-कश्मीर में पुलिस की चप्पे-चप्पे पर नजर, परिंदे भी नहीं मार पाएंगे पर
24 January 2020
दिल्ली: शहर के चप्पे चप्पे पर सुरक्षा को लेकर पुलिस मुस्तैद है. कहीं कोई चूक न हो इसके लिए हर पुलिस चौकी को पूरी तरह से अलर्ट रहने को कहा गया है. ये तैयारी किसी और दिन के लिए नहीं बल्कि 26 जनवरी यानि गणतंत्र दिवस के लिए है. शहर में भीड़भाड़ वाले इलाकों को लेकर पुलिस ज्यादा सावधानी बरत रही है क्योंकि आईबी और केन्द्रीय खुफिया एजेंसियों की ओर से जारी किए गए अलर्ट में आतंकी हमले का खतरा बताया गया है. जम्मू एवं कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) विजय कुमार ने शुक्रवार को कहा कि कश्मीर में सुरक्षा बल सुनिश्चित करेंगे कि गणतंत्र दिवस शांतिपूर्ण तरीके से बीते.
श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम में गणतंत्र दिवस परेड के लिए फुल ड्रेस रिहर्सल के दौरान उन्होंने कहा कि सुरक्षा बढ़ा दी है और अतिरिक्त व्यवस्था की गई है. उन्होंने कहा कि पुलिस पूर्ण रूप से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक उपकरणों का उपयोग कर रही है और किसी भी आतंकवादी योजना को विफल करने के लिए काउंटर प्लानिंग की जा रही है.
आतंकी हमलों से संबंधित खुफिया सूचनाओं के बाद जम्मू-कश्मीर में अलर्ट जारी किया गया है. पूरे कश्मीर में कई स्थानों पर चेक पॉइंट बनाए गए हैं. पुलिस कर्मियों द्वारा विभिन्न स्थानों पर वाहनों को रोककर जांच की जा रही है. मुख्य गणतंत्र दिवस समारोह जम्मू में आयोजित किया जाएगा, जहां उपराज्यपाल जी. सी. मुर्मू सलामी लेंगे. वहीं श्रीनगर में गणतंत्र दिवस समारोह शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा.
केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में सभी पुलिस मुख्यालयों में भी गणतंत्र दिवस समारोह आयोजित किए जाएंगे. इस महीने की शुरुआत में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने श्रीनगर में एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए पांच आतंकवादियों को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार जैश आतंकियों के पास से जिलेटिन की छड़ें, विस्फोटक, डेटोनेटर और बॉडी वेस्ट सहित भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया था.

कश्‍मीर पर ट्रंप के बयान पर भारत का जवाब, यहां पर तीसरे पक्ष को लेकर कोई जगह नहीं
23 January 2020
नई दिल्‍ली: कश्‍मीर के मुद्दे पर भारत और पाकिस्‍तान के बीच एक बार फिर अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप की मध्‍यस्‍थता की पेशकश को भारत ने ठुकरा दिया है. स्विट्जरलैंड के शहर दावोस में विश्‍व आर्थिक मंच (WEF) से इतर पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री इमरान खान से मुलाकात के दौरान डोनाल्‍ड ट्रंप के कश्‍मीर पर मदद की बात पर भारत ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कश्‍मीर एक द्विपक्षीय मसला है. यहां पर तीसरे पक्ष की मध्‍यस्‍थता की कोई जगह नहीं है.
कश्‍मीर पर पाकिस्‍तान की बयानबाजी पर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता रवीश कुमार ने कहा कि पाक की टिप्पणियों में कोई नई बात नहीं है. वे ऐसा काफी महीनों से बोल रहे हैं. उनके बयान विरोधाभासी और तथ्‍यों से परे हैं. उनके दोहरे मानदंड हैं और हताशा को दर्शाते हैं. पाकिस्‍तान एक तरफ तो पीडि़त कार्ड खेलता है और दूसरी तरफ आतंकियों को पनाह देता है. अगर वो गंभीर हैं तो आतंकवादियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई क्‍यों नहीं करते? उनको इस तरह की बयानबाजी से बाज आना चाहिए. अपने देश की चुनौतियों से कैसे निपटना है, उस पर ध्‍यान देना चाहिए.
चीन में कोरोना वायरस फैलने के मसले पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि जो लोग चीन से आ रहे हैं उनको स्क्रीनिंग से गुजरना होगा. बाकि जो लोग वहां पर रह रहे हैं, उनको उससे कैसे बचना है, उसके लिए प्रयास करना होगा.
जो लोग चीन से आ रहे है उनको स्क्रीनिंग प्रोसेस से गुजरना होगा, चाहे वो भारतीय स्टूडेंट्स हो या कोई और.

बाला साहेब हमेशा दृढ़ रहे, अपने आदर्शों के साथ उन्होंने कभी समझौता नहीं किया: अमित शाह
23 January 2020
नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शिवसेना के संस्थापक बाला साहेब ठाकरे को उनकी जंयती के अवसर पर श्रद्धांजलि दी. अमित शाह ने बाला साहेब को अपने आदर्शों से समझौता नहीं करने वाला नेता बताया. उन्होंने कहा कि बाल साहेब का जीवन और उनके मूल्य हमें प्ररेणा देते रहेंगे.
अमित शाह ने गुरुवार को अपने ट्वीट में लिखा, बाला साहेब ठाकरे जी को उनकी जयंती पर नमन. बालासाहेब जी अपने समय के शानदार व्यक्तित्व रहे, वह हमेशा अपनी ओजस्वी वाणी से जनता को मंत्रमुग्ध करते थे. वह हमेशा दृढ़ रहे और अपने आदर्शों के साथ उन्होंने कभी समझौता नहीं किया, बालासाहेब जी का जीवन और उनके मूल्य हमें प्रेरणा देते रहेंगे.
मोदी ने बाल ठाकरे की जयंती पर दी श्रद्धांजलि
बाला साहेब ठाकरे के नाम से प्रसिद्ध शिवसेना के संस्थापक बाल केशव ठाकरे की 94वे वीं जयंती पर गुरुवार को उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें 'निर्भीक नेता बताया जो जन कल्याण के मुद्दे उठाने में कभी नहीं झिझके.' मोदी ने ट्वीट कर कहा कि ठाकरे से लाखों लोग प्रेरित होते हैं.
मोदी ने कहा, "महान बाला साहेब ठाकरे को उनकी जयंती पर नमन. साहसी और अदम्य बाला साहेब जन कल्याण के मुद्दे उठाने में कभी नहीं झिझके. उन्हें हमेशा भारतीय संस्कृति और मूल्यों पर गर्व रहा. उनसे लाखों लोग प्रेरित होते हैं."
ठाकरे का महाराष्ट्र के पुणे में जन्म 1926 में आज के ही दिन हुआ था.

कश्मीर में केंद्रीय मंत्रियों का लोगों से संवाद जारी, रखी गई कई प्रोजेक्ट की नींव
22 January 2020
नई दिल्ली: कश्मीर में केंद्री मंत्रियों का लोगों से संवाद जारी जारी है. आज दूसरे दिन चार मंत्रियों ने कश्मीर के विभिन इलाकों में जाकर लोगों से बातचीत की. कई नए प्रोजेक्ट की नींव रखी गई. घाटी के लोगों को आश्वासन दिया कि मोदी सरकार का मकसद यहां के लोगों का उज्वल भविष्य करना है.
जम्मू-कश्मीर के दौरे पर आए केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने बुधवार को सुर्खियों में रहने वाले लाल चौक का दौरा कर वहां के स्थानीय कारोबारियों और आम जनता से मुलाकात की. इस दौरान नकवी ने लोगों की समस्याएं भी सुनीं. नकवी लाल चौक में स्थित मक्का मार्केट में भी गए. इस दौरान उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोगों में काफी विश्वास है और भविष्य में भी लोगों से मिलने की प्रक्रिया को जारी रखना चाहिए. केंद्रीय मंत्री के साथ जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल के सलाहकार फारूक खान भी थे.
नकवी ने कहा, "लोगों में बहुत विश्वास है, सकारात्मक माहौल है और हम यहां लोगों के पास जा रहे हैं तथा इस सकारात्मकता को दूसरे लोगों में भी फैला रहे हैं. हम बदलाव का मजबूत माहौल बनाने के लिए काम कर रहे हैं."
वही केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का विकास केंद्र सरकार के लिए प्राथमिकता है. उन्होंने बड़गाम में कई प्रोजेक्ट्स का उट्घाटन किया. गर्ल्स हॉस्टल, डॉक्टर हॉस्टल का उट्घाटन किया तो बडगाम में मनरेगा कार्यों की नींव रखी. लोगों तक पहुंचने की प्रक्रिया को जारी रखते हुए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री राय ने शेखपोरा बड़गाम में एक बड़ी सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जम्मू की तरक्की के लिए सरकार वचनबद्ध है.
उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोलने के लिए नए नीतियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. इसके अलावा, उन्होंने कहा, घाटी में शिक्षा क्षेत्र के सुधार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को देश के अन्य राज्यों के बराबर पहुंचाने के लिए विकास प्रदान किया जाएगा. लोकतंत्र को देश की ताकत करार देते हुए, मंत्री ने कहा कि सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे इसे मजबूत करें क्यूंकि लोकतंत्र से ही तैराकी हासिल हो सकती है. आउटरीच कार्यक्रम के दौरान बीडीसी अध्यक्षों, रिंग रोड प्रतिनिधिमंडल, सहित विभिन्न प्रतिनिधिमंडल मंत्री से मिले और उनके साथ बातचीत की.
केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने गांदरबल का दौरा किया. 20 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन किया और दुधरामा बाईपास की नींव रखी. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने बुधवार को गांदरबल का दौरा किया और लोगों को आश्वासन दिया कि विकास, शांति और आर्थिक ​बेहतरी जल्द ही जम्मू और कश्मीर में लोगों की किस्मत बदलेगी.
मंत्री ने बाद में जिले में 20.39 करोड़ रुपये की लागत के साथ कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिसमें सरकारी डिग्री कॉलेज में ​मल्टीपर्पज़ हॉल का निर्माण, खेल स्टेडियम में मिनी ब्लॉक का निर्माण, 100​ बेड्स वाले ​गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण शामिल है. उन्होंने दुधेरमा तक दो लेन बाईपास सड़क के निर्माण की ​भी नींव रखी​. ​देर शाम घाटी पहुंचे केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हमारी सरकार चाहती है कि जम्मू-कश्मीर की अवाम विकसित हो, यहां के युवाओं का भविष्य उज्वल हो.
​केंद्रीय मंत्री ने इस अवसर पर 40 सीटों की क्षमता वाले आईटी लैब के अलावा लड़कों और लड़कियों के लिए दो अलग-अलग ​हॉस्टल का उद्घाटन किया.​​ श्रीनगर के जीपीओ पहुंचकर उन्होंने महिलों के एक पोस्ट ऑफिस का भी उट्घाटन किया. रवि शंकर प्रसाद कल बरमुल्हा के दौर करेंगे.

जम्मू कश्मीर: अवंतीपोरा में सुरक्षाबलों ने आतंकियों को घेरा, 1 को किया ढेर, एनकाउंटर जारी
21 January 2020
श्रीनगर: जम्मू कश्मीर में पुलवामा जिले के अवंतिपोरा में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ की खबर है. ऐसा बताया जा रहा है कि यह मुठभेड़ अवंतीपोरा के जनतरंग के जंगलों में हो रही है. खबर है कि भारतीय सुरक्षाबलों यहां एक आतंकी को मार गिराया है. मारे गए आतंकी के बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं मिल सकी है. ऐसी भी खबर है कि इस मुठभेड़ में 2 जवान भी घायल हुए हैं. ताजा जानकारी के मुताबिक दोनों तरफ से गोलीबारी जारी है, सुरक्षाबलों ने 2 से 3 आतंकियों को घेर रखा है.


J&K से अनुच्छेद 370 हटाने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, 5 जजों की पीठ कर रही सुनवाई
21 January 2020
नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने और जम्मू-कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेश बनाने के फैसले के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की संविधान पीठ सुनवाई कर रही है. याचिकाकर्ता की तरफ से पेश हुए वकील संजय पारिख और दिनेश द्विवेदी ने मामला बड़ी बेंच को भेजने की मांग की है.
दूसरी तरफ केंद्र सरकार ने मामले को बड़ी बेंच में भेजने का विरोध किया है. वकील राजीव धवन ने कहा कि पहले वह वकील अपना पक्ष रखें जो इस मामले को बड़ी बेंच के पास भेजने की मांग कर रहे हैं. इस पर अटॉर्नी जनरल ने कहा कि सरकार इस मामले की सुनवाई बड़ी बेंच में करने के पक्ष में नहीं है.

भारत-नेपाल को मिला एक नया चेक पोस्ट, मोदी-ओली ने किया उद्घाटन
21 January 2020
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने आज संयुक्त रूप से चेक पोस्ट परियोजना का उद्घाटन किया. दोनों देशों को पीएम ने मंगलवार को जोगबनी-विराटनगर में दूसरी एकीकृत निगरानी चौकी का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया. भारत की सहायता से इस चौकी का निर्माण किया गया है. इससे लोगों को आवाजाही में आसानी होगी.
प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक ट्वीट में कहा कि भारत और नेपाल कई क्रॉस बॉर्डर कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट जैसे रोड, रेल और ट्रांसमिशन लाइन पर काम कर रहे हैं. हमारे देशों के बीच सीमा के प्रमुख स्थानों पर इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट आपसी व्यापार और आवागमन को बहुत सुविधाजनक बना रही हैं.
इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि 2015 में नेपाल का भूंकप एक दर्दनाक हादसा था. भूकंप जैसी प्राकृत आपदाएं मनुष्य की दृढ़ता और निश्चय की परीक्षा लेती हैं. हर भारतीय को गर्व है कि इस त्रासदी के दुःखद परिणामों का सामना हमारे नेपाली भाइयों और बहनों ने साहस के साथ किया.
पीएम ने कहा कि पड़ोसी देशों के साथ आवागमन को सरल और सुचारू बनाने, और हमारे बीच व्यापार, संस्कृति, शिक्षा, इत्यादि क्षेत्रों में संपर्क को और सुगम बनाने के लिए भारत प्रतिबद्ध है.
उन्होंने कहा कि यह बहुत संतोष का विषय है कि भारत-नेपाल सहयोग के अंतर्गत पचास हजार में से पैंतालीस हजार घरों का निर्माण हो चुका है. हमारी आशा है कि बाकी घरों का निर्माण भी शीघ्र पूरा होगा. और इन घरों को नेपाली भाइयों और बहनों को जल्दी ही समर्पित किया जा सकेगा.
पीएम मोदी ने कहा मेरी कामना है कि नए वर्ष में आपके सहयोग और समर्थन से हम अपने संबंधों को और ऊंचाई पर ले जाएं. यह नया दशक भारत-नेपाल संबंधों का स्वर्णिम दशक बने.

पूरे दिन रोड शो करते रहे अरविंद केजरीवाल, नहीं भर पाए चुनावी नामांकन
20 January 2020
नई दिल्‍ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 (Delhi Assembly Elections 2020) के मद्देनजर मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind kejriwal) आज नई दिल्‍ली सीट से अपना नामांकन करने वाले थे लेकिन आज वह ऐसा नहीं कर सके. उन्‍होंने कहा कि मुझे आज तीन बजे नामांकन करना था लेकिन ऑफिस तीन बजे बंद हो जाता है. मुझसे कहा गया कि आप इससे पहले नामांकन भर लीजिए लेकिन रोड शो में जो लोगों का हुजूम आया है, उनको छोड़कर मैं कैसे चला जाऊं? लिहाजा अब मैं कल अपना नामांकन पत्र भरुंगा. अरविंद केजरीवाल तीसरी बार नई दिल्‍ली सीट से चुनाव लड़ने जा रहे हैं. 2013 में वह पहली बार इस सीट से उतरे थे और उन्‍होंने तत्‍कालीन मुख्‍यमंत्री शीला दीक्षित को हराया था.
इससे पहले जब केजरीवाल आज नामांकन दाखिल करने के लिए निकले उससे पहले अपने माता-पिता का आशीर्वाद लिया और मंदिर मार्ग स्थित वाल्मिकी मंदिर से रोड शो शुरू किया. मां ने केजरीवाल को तिलक लगाया, हाथों में कलावा बांधा फिर नामांकन के लिए जाने को कहा.
मालूम हो कि नई दिल्ली विधानसभा सीट पहले गोलमार्केट विधानसभा सीट के नाम से जानी जाती थी. 1998 और 2003 के विधानसभा चुनाव यहां से पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने जीत हासिल की थी. 2008 में परिसिमन के बाद यह नई दिल्ली विधानसभा सीट में बदल दी गई. 2008 में नेता शीला दीक्षित ने इस नई सीट पर चुनाव जीता. लेकिन यह 2013 का चुनाव था जब नई दिल्ली विधानसभा सीट चर्चा के केंद्र में आ गई. पहली बार राजनीति में उतर केजरीवाल ने इस सीट पर शीला दीक्षित को चुनौती दी.
इस चुनाव में हार के बाद शीला दीक्षित का राजनीतिक करियर पर ब्रेक लग गया और केजरीवाल न सिर्फ दिल्ली में बल्कि देश की राजनीति में एक बड़ा सितारा बनकर उभरे. इसके बाद 2015 का विधानसभा चुनाव उन्होंने इस सीट से आसानी से जीत लिया था.

BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने जेपी नड्डा, निर्विरोध चुने गए
20 January 2020
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नए अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा (जेपी नड्डा) बन गए हैं. सोमवार को बीजेपी स्थित मुख्यालय में जेपी नड्डा निर्विरोध इस पद के लिए चुने गए. राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह ने जेपी नड्डा के बीजेपी अध्यक्ष बनने की घोषणा की. बीजेपी में अध्यक्ष पद बिना मुकाबले के चुने जाने की परंपरा रही है, जो इस बार भी जारी रहा. नड्डा का कार्यकाल 2022 तक रहेगा.
जेपी नड्डा ने अमित शाह (Amit Shah) की जगह ली है. शाह करीब साढ़े पांच साल तक बीजेपी के अध्यक्ष रहे. अमित शाह का साढ़े पांच साल का कार्यकाल बीजेपी के लिए स्वर्ण युग के तौर पर याद किया जाएगा. इस दौरान पार्टी ने सफलता के नए शिखर छुए. बीजेपी ने जहां अधिकतर विधानसभा चुनाव जीते वहीं 2019 के लोकसभा चुनाव में एतिहासिक जीत हासिल की. अमित शाह के गृहमंत्री बनने के चलते उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी से खुद को मुक्त किया है.
दिल्ली चुनाव होगी पहली चुनौती
नड्डा के सामने शाह का शानदार रिकॉर्ड एक चुनौती के तौर पर रहेगा. अध्यक्ष के तौर पर उनकी पहली चुनौती दिल्ली विधानसभा चुनाव होगा. गौरतलब है कि पिछले दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी की करारी हुई थी. पार्टी ने सिर्फ तीन ही सीटें जीती थी.
पीएम मोदी की पंसद
अमित शाह के गृहमंत्री बनने के बाद से ही नया अध्यक्ष चुनने की कवायद शुरू हो गई थी. इस पद के लिए नड्डा को पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की पसंद के तौर पर देखा जा रहा है.
नड्डा छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय रहे हैं और आरएएस से भी उनका करीबी संबंध रहा है. 2019 के लोकसभा चुनाव में नड्डा उत्तर प्रदेश में बीजेपी के प्रभारी थे. राजनीतिक रूप से अहम उत्तर प्रदेश में बीजेपी के सामने एसपी-बीएसपी महागठबंधन को मात देने की चुनौती थी. माना जा रहा था इस गठबंधन की वजह से पार्टी 2019 में 2014 वाल प्रदर्शन नहीं दोहरा पाएगी लेकिन बीजेपी ने यहां की 80 लोकसभा सीटों में से 62 सीटों पर जीत हासिल की थी.

नागरिकता कानून के खिलाफ दार्जिलिंग में रैली करेंगी ममता बनर्जी, बोलीं, 'CAA के खिलाफ पास करेंगे प्रस्ताव'
20 January 2020
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा है कि वह नागरिकता कानून के खिलाफ प्रस्ताव पारित कराएंगी. ममता बनर्जी दार्जिलिंग में एनआरसी, एनपीआर और सीएए के खिलाफ 22 जनवरी को रैली करने वाली हैं. दार्जिलिंग रवाना होने से पहले मीडिया से बात करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, 'पश्चिम बंगाल पहला राज्य था जिसने एनआरसी, सीएबी और एनपीआर के खिलाफ संयुक्त रूप से प्रस्ताव पारित किया था.'
सीएम ममता ने कहा, 'पहले यह सीएबी था, अब यह एक्ट बन गया है तो सीएए हो गया है, हम तीन-चार दिनों में इसके खिलाफ प्रस्ताव पास करेंगे. मैं अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों से भी अपील करती हूं कि वह भी इस एक्ट के खिलाफ प्रस्ताव पास करें. हम कोलकाता में विपक्षी नेताओं की बैठक करेंगे, लेकिन हर कोई फरवरी के दूसरे सप्ताह में होने वाली सरस्वती पूजा में व्यस्त है.'

अजमेर जेल से पैरोल पर मुंबई आया आतंकी जलीस अंसारी लापता, 'डॉक्टर बम' के नाम से कुख्यात है
17 January 2020
मुंबई. 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट और अजमेर धमाकों का दोषी आतंकी जलीस अंसारी (68) गुरुवार को मुंबई से लापता हो गया। वह 21 दिन पहले अजमेर जेल से पैरोल पर बाहर आया था। वह आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन से जुड़ा था। अजमेर ब्लास्ट के मामले में टाडा कोर्ट ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अंसारी आतंकियों को बम बनाने की ट्रेनिंग देता था, इसी के चलते वह 'डॉक्टर बम' के नाम से कुख्यात है।
अंसारी मुंबई के अग्रीपाड़ा इलाके के मोमिनपुरा का रहने वाला है। वह पैरोल पर अपने घर आया था। इस दौरान उसे रोजाना थाने में हाजिरी लगानी होती थी। पैरोल शुक्रवार को खत्म हो रही है, लेकिन गुरुवार सुबह से ही अंसारी की कोई खबर नहीं है।
बेटे ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई पुलिस के मुताबिक, अंसारी के बेटे जैद ने गुरुवार दोपहर पिता के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि पिता सुबह नमाज पढ़ने के लिए घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। अंसारी के लापता होने की शिकायत मिलते ही मुंबई क्राइम ब्रांच और एटीएस ने उसकी तलाश शुरू कर दी।
डॉक्टर बम के नाम से कुख्यात है अंसारी
जलीस अंसारी इंडियन मुजाहिद्दीन के आतंकियों को बम बनाने की ट्रेनिंग देता था, इसी के चलते लोग उसे 'डॉक्टर बम' के नाम से बुलाने लगे। 2008 के मुंबई ब्लास्ट केस में भी एनआईए ने 2011 में अंसारी से पूछताछ की थी।

भारत के सबसे ताकतवर संचार उपग्रह जीसैट-30 का प्रक्षेपण सफल; अब जहां नेटवर्क नहीं, वहां भी सिग्नल मिलेगा
17 January 2020
पेरिस. इसरो का संचार उपग्रह जीसैट-30 सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित हो गया है। इसे शुक्रवार सुबह 2:35 बजे फ्रेंच गुआना के कौरू स्थित स्पेस सेंटर यूरोपियन रॉकेट एरियन 5-वीटी 252 से लॉन्च किया गया। लॉन्च के करीब 38 मिनट 25 सेकंड बाद सैटेलाइट कक्षा में स्थापित हो गया। 3357 किलोग्राम वजनी यह सैटेलाइट देश की संचार प्रौद्योगिकी में बदलाव लाएगा। इसरो के मुताबिक, 3357 किलो वजनी सैटेलाइट 15 साल तक काम करेगा।
इसरो के यूआर राव सैटेलाइट सेंटर के निदेशक पी कुन्हीकृष्णन ने इस मौके पर कहा, “2020 की शुरुआत एक शानदार लॉन्च के साथ हुई है। इसरो ने 2020 का मिशन कैलेंडर जीसैट-30 के सफल प्रक्षेपण के साथ किया है। खास बात यह है कि इसे जिस एरियन 5 रॉकेट से लॉन्च किया गया, उसका पहली बार 2019 में इस्तेमाल किया गया, तब भी रॉकेट का इस्तेमाल भारतीय सैटेलाइट को लॉन्च करने के लिए हुआ।
इंटरनेट स्पीड तेज होगी, डीटीएच सेवाओं में सुधार होगा
इसके लॉन्च होने के बाद देश की संचार व्यवस्था और मजबूत हो जाएगी। इससे इंटरनेट की स्पीड बढ़ेगी। साथ ही देश में जहां नेटवर्क नहीं है, वहां मोबाइल नेटवर्क का विस्तार हाेगा। इसके अलावा डीटीएच सेवाओं में भी सुधार होगा। यह एक दूरसंचार उपग्रह है, जो इनसैट सैटेलाइट की जगह काम करेगा। इसमें दो सोलर पैनल और बैटरी लगी है, जिससे इसे ऊर्जा मिलेगी।
इसकी जरूरत क्यों पड़ी?
पुराने संचार उपग्रह इनसैट सैटेलाइट की उम्र पूरी हो रही है। देश में इंटरनेट की नई तकनीक आ रही है। 5जी पर काम चल रहा है। ऐसे में ज्यादा ताकतवर सैटेलाइट की जरूरत थी। जीसैट-30 उपग्रह इन्हीं जरूरतों को पूरा करेगा।

J&K: आतंकियों के मददगार DSP देवेंद्र सिंह से वापस लिया गया गैलेंट्री अवॉर्ड, नौकरी भी जाएगी
16 January 2020
श्रीनगर: आतंकवादियों के बीच सांठगांठ मामले में गिरफ्तार हुए जम्मू-कश्मीर के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) देवेंद्र सिंह (Devinder Singh) से गैलेंट्री अवॉर्ड वापस ले लिया गया है. जम्मू कश्मीर सरकार ने कहा है कि डीएसपी देवेंद्र सिंह (Devinder Singh) से गैलेंट्री अवॉर्ड वापस लिया जाता है. साथ ही जम्मू कश्मीर पुलिस ने देवेंद्र सिंह (Devinder Singh) की सेवा समाप्ति की भी सिफारिश की है. सूत्रों का कहना है कि एनआई जैसे ही देवेंद्र सिंह (Devinder Singh) को हिरासत में लेगी वैसे ही देवेंद्र की जम्मू कश्मीर पुलिस में सेवा समाप्त मान ली जाएगी.
Devinder Singh
डीएसपी देवेंद्र सिंह (Devinder Singh) के अतीत को खुफिया एजेंसियां खंगालने वाली हैं. शनिवार को देवेंद्र सिंह (Devinder Singh) की गिरफ्तारी के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गृह मंत्रालय को गिरफ्तारी की जानकारी दी और गृह सचिव को कुलगाम मुठभेड़ के बारे में जानकारी दी गई.
देवेंद्र सिंह (Devinder Singh) जम्मू-कश्मीर पुलिस के आतंकवाद रोधी विशेष अभियान समूह (एसओजी) में एक सब-इंस्पेक्टर के रूप में शामिल हुए थे और वह वीरता के लिए प्रतिष्ठित पुलिस पदक हासिल करने के साथ डीएसपी रैंक पर तेजी से पहुंचे. उन्हें यह वीरता पुरस्कार आतंकवाद रोधी ड्यूटी के लिए मिला. देवेंद्र सिंह (Devinder Singh) से अब खुफिया ब्यूरो, रिसर्च एंड एनालिसिस विंग व मिलिट्री इंटेलीजेंस टीम पूछताछ करेगी. सूत्रों ने कहा कि देवेंद्र सिंह (Devinder Singh) से उनका राष्ट्रपति वीरता पदक पुरस्कार लिया जा सकता है. इस प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है.
देवेंद्र सिंह (Devinder Singh) का नाम पहली बार संसद हमले के दोषी अफजल गुरु द्वारा अपने बचाव के दौरान कोर्ट में उनके खिलाफ गंभीर आरोप लगाए जाने पर ग्रे जोन में आया था. लेकिन इसके बाद राज्य पुलिस व खुफिया एजेंसियों ने आतंकवादी के दिमाग की उपज मानकर उन आरोपों को खारिज कर दिया था.
अफजल गुरु ने अदालत में हलफनामे में अपने बयान में कहा था कि सिंह ने प्रताड़ित किया था और परिवार को मारने की धमकी थी. गुरु ने कहा था कि सिंह ने उसे संसद हमले के आतंकवादियों को जम्मू एवं कश्मीर से दिल्ली ले जाने के लिए बाध्य किया था और दिल्ली में किराये का कमरा भी लिया था. इसके साथ ही उसने सफेद रंग की सेकेंड हैंड एम्बैसडर कार भी खरीदी थी जिसे आतंकवादियों ने संसद हमले के दौरान इस्तेमाल किया था. अफजल गुरु की ये बातें उस वक्त स्थानीय अखबारों में छपी थी लेकिन पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने इसे आतंकवादी के दिमाग की उपज बताकर नकार दिया था.
शनिवार की सिंह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आईएएनएस से कहा कि देविंदर सिंह अपने जम्मू के घर में आतंकवादियों को पनाह देता था. इसके साथ ही अपने पैतृक घर पुलवामा जिले के त्राल में भी वह ऐसा ही करता था. कश्मीर जोन के इंस्पेक्टर जनरल विजय कुमार ने कहा कि आतंकवादियों को जम्मू तक पहुंचाने के लिए सिंह 12 लाख रुपये लेता था.
देवेंद्र सिंह (Devinder Singh) को गृह मंत्रालय ने सम्मानित नहीं किया था : जम्मू एवं कश्मीर पुलिस
जम्मू एवं कश्मीर पुलिस ने मंगलवार को मीडिया के कुछ वर्गो में चल रही खबर का खंडन करते हुए कहा कि पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) दविंदर सिंह को गृह मंत्रालय ने कभी किसी पदक से सम्मानित नहीं किया था. हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी नवीद बाबू के साथ संबंधों के चलते शनिवार को डीएसपी दविंदर सिंह को गिरफ्तार किया गया है.
जम्मू एवं कश्मीर पुलिस ने ट्वीट में कहा, 'यह स्पष्ट करना है कि जैसा कि कुछ मीडिया आउटलेट्स में दिखाया जा रहा है, डीएसपी दविंदर सिंह को एमएचए (गृह मंत्रालय) द्वारा किसी गैलेंट्री या मेधावी पदक से सम्मानित नहीं किया गया है.'
ट्वीट में कहा गया, 'पूर्व में जम्मू-कश्मीर राज्य द्वारा 2018 में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उनकी सेवा के दौरान केवल वीरता पदक से उन्हें सम्मानित किया गया था.'
पुलिस ने कहा कि जिला पुलिस लाइंस पुलवामा में जब वह डीएसपी के रूप में तैनात थे, तब 25-26 अगस्त 2017 को यहां आतंकवादियों द्वारा एक फिदायीन हमले का सामना करने में उनकी भागीदारी के लिए उन्हें पदक प्रदान किया गया था.
मीडिया के एक वर्ग ने यह खबर चलाई थी कि पिछले साल सिंह को वीरता के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. ऐसे में पुलिस ने मीडियाकर्मियों को तथ्यहीन कहानियों से बचने की सलाह दी है.

इंदिरा गांधी और करीम लाला पर दिए बयान पर संजय राउत ने मांगी माफी
16 January 2020
पुणे: शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) की ओर से अंडरवर्ल्ड डॉन करीम लाला (Karim Lala) और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की मुलाकात की बात कहने से राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो चुकी है. अब संजय राउत (Sanjay Raut) ने अपने ताजा बयान में यह जाहिर करने की कोशिश की है कि उन्होंने ये बातें गांधी परिवार की छवि खराब करने के लिए नहीं कही थी. अपने बयान पर माफी मांगते हुए संजय राउत ने कहा, 'इंदिरा गांधी का अंडरवर्ल्ड डॉन करीम लाला से मिलने जाने वाली बात से हमारे दोस्त कांग्रेस को आहत होने की जरूरत नहीं है. अगर किसी को लगता है कि मेरे बयान से इंदिरा गांधी की छवि को धक्का पहुंचा है या किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो मैं अपने बयान को वापस लेता हूं.'
इसस पहले संजय राउत (Sanjay Raut) ने कहा, 'विपक्ष में रहते हुए भी मैंने इंदिरा गांधी, पंडित नेहरू, राजीव गांधी और गांधी परिवार के प्रति सम्मान दिखाया है. जब भी लोगों ने इंदिरा गांधी पर निशाना साधा है, मैं उनके लिए खड़ा रहा हूं.'
राउत ने आगे कहा, 'करीम लाला (Karim Lala) से मिलने के लिए कई राजनेता आते थे. वह पठान समुदाय के नेता थे, वह अफगानिस्तान से आए थे. इसलिए, लोग पठान समुदाय की समस्याओं के बारे में उनसे मिलते थे.'
यहां आपको बता दें कि इस वक्त महाराष्ट्र में शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी की गठबंधन सरकार है. ऐसे में शिवसेना के बड़े नेता संजय राउत (Sanjay Raut) की ओर से इंदिरा गांधी जैसी शख्सियत का अंडरवर्ल्ड डॉन के साथ मुलाकात की बात उजागर करने से कांग्रेस पार्टी असहज हो गई है. महाराष्ट्र में मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी राउत के बयान को आधार बनाकर कांग्रेस पर आक्रामक हो गई है.
संजय राउत (Sanjay Raut) ने क्या कहा? शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को लेकर बड़ा खुलासा किया था. उन्होंने दावा किया कि इंदिरा गांधी अंडरवर्ल्ड डॉन करीम लाला (Karim Lala) से मिलने के लिए मुंबई आया करती थीं. राउत ने मुंबई में अंडरवर्ल्ड के दौर की बात करते हुए कहा, 'एक दौर था जब दाऊद इब्राहिम, छोटा शकील और शरद शेट्टी यह तय किया करते थे कि मुंबई के पुलिस कमिश्नर कौन होंगे और सरकार के किस मंत्रालय में कौन बैठेगा? हमने अंडरवर्ल्ड का वह दौर देखा है, लेकिन अब वह यहां सिर्फ चिल्लर हैं.' राउत ने मुंबई के उस दौर को याद करते हुए कहा, 'जब हाजी मस्तान मंत्रालय आया करता था, पूरे मंत्रालय के कर्मचारी उसे देखने नीचे आया करते थे.'
शिवसेना सांसद राउत का बयान ऐसे समय सामने आया है जब गैंगस्टर एजाज़ लकड़ावाला ने मुंबई पुलिस की पूछताछ में डी कंपनी को लेकर बड़ा खुलासा किया है. सूत्रों के मुताबिक एज़ाज़ लकड़ावाला ने बताया है कि दाऊद इब्राहि अब भी कराची में रहता है. एजाज़ लकड़ावाला ने पुलिस को दाऊद के कराची के घर का पता बताया है. उसने 6A, खायाबान तंज़ीम, फेज़-5, डिफेंस हाउसिंग एरिया, कराची और D-13, ब्लॉक-4, क्लिफटन, कराची, पाकिस्तान ये दो पते बताए हैं.
मुंबई का सबसे पहला माफिया डॉन करीम लाला (Karim Lala) था
हाजी मस्तान को भले ही मुंबई अंडरवर्ल्ड का पहला डॉन कहा जाता है, लेकिन सही मायने में कहा जाए तो करीम लाला (Karim Lala) ही मुंबई के पहला माफिया डॉन थे. करीम लाला (Karim Lala) ने मुंबई में 1960 से लेकर 1980 तक पूरी मुंबई में जुआ और शराब के अड्डे चलाए. जब करीम लाला (Karim Lala) की मुंबई में तूती बोलती थी, तब हाजी मस्तान और वरदाराजन मुदलियार भी इस शहर में सक्रिय थे. तीनों ने मिलकर इलाके बांट लिए थे ताकि खूनखराबा न हो. 2002 में करीम लाला (Karim Lala) की मौत हो गई थी.

ओडिशा के कटक में रेल हादसा, पटरी से उतरे ट्रेन के 8 डिब्‍बे, 40 घायल
16 January 2020
कटक: ओडिशा (Odisha) के कटक (Cuttack) में आज सुबह 12879 लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस के 8 डिब्बे पटरी से उतर गए. इस हादसे में 40 से ज्यादा यात्री घायल बताए जा रहे हैं जिनमें से पांच की हालत गंभीर है. बताया जा रहा है कि मालगाड़ी के गार्डवैन से ट्रेन की टक्कर होने के बाद 8 डिब्बे पटरी से उतर गए.
हादसे में घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हादसे की जगह पर घना क कोहरा होने के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी हो रही है. रेलवे ने हेल्पलाइन जारी कर दिया है.
भुवनेश्वर हेडक्वाटर ऑफिस- 18003457401/402
भुवनेश्वर स्टेशन- 0674-1072
पुरी- 06752-1072
यात्रियों को भेजा जा रहा नजदीकी स्टेशन
घटनास्थल पर पहुंचे अधिकारियों ने बताया कि घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है. पांच लोग गंभीर रूप से घायल हैं जिनको कटक के मेडिकल कॉलेज में पहुंचाया गया है. उन्होंने कहा कि घटनास्थल से 10-12 किलोमीटर टूर है जबकि भुवनेश्वर 35 किलोमीटर है. ऐसे में यार्त्रियों को पहुंचाने के लिए बसों की व्यवस्था कर दी गई है.
ये ट्रैनें डायवर्ट
ट्रेन को पटरी से हटाना का काम शुरू कर दिया गया है. हादसे के चलते कई ट्रेनों को डायवर्ट कर दिया गया है. 12880 एक्सप्रेस (भुवनेश्वर–LTT), 58132 (पुरी–राउरकेला) पैसेंजर ट्रेन, 18426 एक्सप्रेस (दुर्ग–पुरी), 12831 धनबाद–भुवनेश्वर राजधानी एक्सप्रेस, 68413 (तालचेर–पुरी) को नरज (Naraj) से डायवर्ट कर आगे भेजा जा रहा है.

दिल्ली: ISIS के गढ़ सीरिया और मलेशिया से जुड़े हैं गिरफ्तार आतंकियों के तार
11 January 2020
नई दिल्ली: गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मुठभेड़ के बाद पकड़े गए आईएसआईएस के तीन आतंकवादियों के तार सीरिया से मलेशिया तक जुड़े पाए गए हैं. सीरिया दुनिया में आईएसआईएस का गढ़ है. भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दिलवाने का मुख्य आरोपी जाकिर नाईक कई सालों से मलेशिया में है.
दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल द्वारा गुरुवार को पकड़े गए आईएसआईएस समर्थित इन तीनों आतंकवादियों से पूछताछ के लिए कर्नाटक, केरल, बिहार, मध्यप्रदेश, तमिलनाडु, जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना सहित अन्य कुछ राज्यों की पुलिस टीमों ने दिल्ली में डेरा डाल दिया है. फिलहाल खुफिया एजेंसियों'रॉ', 'आईबी' और दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के अधिकारियों की मौजूदगी में हर राज्य की पुलिस तीनों से पूछताछ कर रही है. इनसे दिन-रात पूछताछ जारी है.
मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किए
आईएएनएस को शनिवार को यह जानकारी दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की उस विशेष टीम के एक सदस्य ने दी, जिस टीम ने गुरुवार को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के वजीराबाद इलाके में इन तीनों को एक जबरदस्त मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया था.
तीनों तक पहुंचने के लिए दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद कुमार सिंह कुशवाह के नेतृत्व में सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) ललित मोहन नेगी, हृदय भूषण, इंस्पेक्टर सुनील रजैन, इंस्पेक्टर रविंद्र जोशी, इंस्पेक्टर विनोद बडोला और इंस्पेक्टर विनय पाल की पांच-छह टीमें तैयार की गई थीं.
जाल बिछा रखा था
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की इन टीमों ने कई महीनों से तमिलनाडु से लेकर नेपाल-भारत सीमा तक जाल बिछा रखा था. स्पेशल सेल की इन टीमों ने कई बार आईएसआईएस से प्रभावित इन आतंकवादियों के बीच होने वाली बातचीत भी सुनी थी. ये आतंकवादी और उनके आका इस कदर शातिर दिमाग हैं कि ये लोग किसी भी एक शहर में दो-तीन दिन से ज्यादा नहीं टिक रहे थे.
वजीराबाद इलाके में घेर लिया
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के कान तब खड़े हुए जब इन आतंकवादियों की बातचीत में मलेशिया में छिपे जाकिर नाईक और दुनिया में आईएसआईएस के गढ़ सीरिया का नाम सुनाई देने लगा. इसके बाद दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने तय किया कि इन आतंकवादियों को किसी भी तरह दिल्ली पहुंचने दिया जाए. जैसे ही ये आतंकी दिल्ली पहुंचे, स्पेशल सेल की टीमों ने गुरुवार को इन्हें दिल्ली के वजीराबाद इलाके में घेर लिया.
जाकिर नाईक का प्रभाव
स्पेशल सेल की टीम के एक सदस्य ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर शुक्रवार को बताया, "पकड़े गए एक आतंकवादी पर जाकिर नाईक का प्रभाव इस कदर है कि उसने अपनी दाढ़ी तक कटवा डाली. तीनों आईएसआईएस की नजरों में आने के लिए भारत में किसी भी बड़ी से बड़ी वारदात को अंजाम देने का रास्ता दिन-रात खोजने में जुटे थे. इन्हें उम्मीद थी कि हिंदुस्तान की राजधानी दिल्ली में अगर वे किसी बड़ी घटना को अंजाम देने में कामयाब हो गए तो जाकिर नाईक और आईएसआईएस खुद ही इन्हें अपने करीब बुलाने का इंतजाम कर लेंगे."
हिंदूवादी नेता के हत्यारे
गुरुवार को स्पेशल सेल के हाथ लगे ख्वाजा मोइदीन (52), सईद अली नवास (32) और अब्दुल समद उर्फ नूर (28) तमिलनाडु के रहने वाले हैं. तीनों ही तमिलनाडु में हिंदूवादी नेता के.पी. सुरेश की हत्या करने के बाद पकड़े गए थे और बाद में सशर्त जमानत मिलने के बाद से गायब हो गए थे.
इन्हें नेपाल में भी दबोच सकते थे
स्पेशल सेल के एक आला-अफसर के अनुसार, "खुफिया तरीके से इन तीनों आतंकवादियों की जो दिल दहला देने वाली बातें दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की टीमों ने सुनीं, उनके मुताबिक तो हम इन्हें नेपाल में भी दबोच सकते थे. लेकिन अंतर्राष्ट्रीय कानूनों के तहत और नेपाल-भारत के बीच मौजूद संधि के तहत तीनों को वहां से भारत लाना मुश्किल हो जाता. इसीलिए हमने (स्पेशल सेल) सब्र से काम लिया."
...इन पर हाथ डालना नहीं चाह रहे थे
इन आतंकवादियों को दबोचने वाली स्पेशल सेल की टीम के एक अन्य सदस्य के मुताबिक, "गिरफ्तारी से पहले कई ऐसे मौके आए जब लगा कि तीनों हमारे हाथ से निकल जाएंगे. इसके बाद भी हम लोग सब्र के साथ, इनके आकाओं से हो रही इनकी बातचीत सुनते रहे. हम इन पर हर लम्हा नजर बनाए रहे, क्योंकि हम दिल्ली की सीमा से बाहर इन पर हाथ डालना नहीं चाह रहे थे."
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के ही सूत्रों के मुताबिक, "राजधानी में गुरुवार को इनकी गिरफ्तारी की बात मीडिया के जरिए फैलते ही कई राज्यों की पुलिस टीमें दिल्ली पहुंच चुकी हैं. दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल, आईबी और रॉ के अधिकारियों की मौजूदगी में हर राज्य की पुलिस टीम इनसे बारी-बारी से पूछताछ कर रही है."

दो दिन के दौरे पर कोलकाता पहुंचे पीएम मोदी, एयरपोर्ट पर स्वागत के लिए नहीं पहुंची ममता
11 January 2020
कोलकाता/नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर हंगामे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे के लिए कोलकाता पहुंच गए हैं. एयरपोर्ट पर स्वागत के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नहीं पहुंचीं. पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ और ममता सरकार के मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया. कोलकाता के मेयर भी एयरपोर्ट पर स्वागत के लिए मौजूद थे. पीएम मोदी के स्वागत में बीजेपी के कई नेता एयरपोर्ट आए.
पीएम मोदी की आज मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी मुलाकात होगी. पीएम मोदी के कोलकाता पहुंचने से पहले ही विपक्षी पार्टियां आज कोलकाता में सड़कों पर हैं. टीएमसी, लेफ्ट पार्टियां, कांग्रेस और छात्र संगठन का की जगहों पर प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए राजभवन के आसपास धारा 144 लगा दी गई है. राजभवन, एयरपोर्ट के आसपास भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं. पीएम मोदी अगर सड़क मार्ग से राजभवन जाते हैं तो उसके लिए एयरपोर्ट से राजभवन तक पूरी सड़क पर बैरिकेडिंग कर दी गई है.
कोलकाता में पीएम मोदी का कार्यक्रम
1. कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट की 150वीं वर्षगांठ समारोह में शामिल होंगे.
2. कोलकाता की 4 धरोहर इमारतें को राष्ट्र को समर्पित करेंगे.
3. पुरानी करेंसी बिल्डिंग, बेल्वेदेरे हाउस, मेटकॉफ हाउस, विक्टोरिया मेमोरियल शामिल होंगे.
4. पोर्ट ट्रस्ट के कर्मचारियों के पेंशन फंड के लिए 501 करोड़ का चेक भेंट करेंगे.
5 हल्दिया डॉक कॉम्पलेक्स पर रिवरफ्रंट डेवलपमेंट स्कीम को हरी झंडी दिखाएंगे.
6. स्वामी विवेकानंद की जयंती पर बेलूर मठ में पीएम मोदी ध्यान करेंगे.
इससे पहले, पीएम मोदी ने दौरे शुरू करने से पहले अपने गुरु को याद किया. प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, "मैं आज और कल पश्चिम बंगाल में रहने को लेकर उत्साहित हूं. मैं रामकृष्ण मिशन में समय बिताने को लेकर खुश हूं और वह भी तब जब हम स्वामी विवेकानंद की जयंती मना रहे हैं. उस स्थान के बारे में एक विशेष स्थान भी है." उन्होंने आगे कहा, "फिर भी वहां कुछ कमी होगी." उन्होंने कहा, "मुझे जन सेवा ही प्रभु सेवा का सिद्धांत बताने वाले आदरणीय स्वामी आत्मस्थानंदजी वहां नहीं होंगे. रामकृष्ण मिशन में उपस्थिति होना अकल्पनीय है."

वडोदरा में ऑक्सीजन कंपनी में ब्लास्ट, 5 की मौत, 15 घायल
11 January 2020
वडोदरा: गुजरात के वडोदरा के पादरा इलाके में एक ऑक्सीजन कंपनी में हुए भीषण ब्लास्ट में 5 लोगों के मारे जाने की खबर है. ये ब्लास्ट वडोदरा के पादरा इलाके स्थित AIMS ऑक्सीजन कंपनी में हुआ. ब्लास्ट के कारणों के अभी पता नहीं चला है. इस घटना में 5 लोगों की मौत हो गई है, घटना में 10 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है. पादरा पुलिस घटनास्थल पर पहुंच चुकी है. लोगों को बाहर निकालने का काम जारी है.


16 देशों का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा कश्‍मीर, स्थानीय लोगों ने मोदी सरकार के बारे में कही ये बड़ी बात
9 January 201920
श्रीनगर: अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद लैटिन अमेरिकी और अफ्रीकी देशों के 16 प्रतिनिधि गुरुवार को जम्मू-कश्मीर पहुंचे. इस डेलिगेशन ने सिविल सोसायटी के सदस्यों से मुलाकात की. राज्य के अधिकारियों के मुताबिक राजनयिकों ने केंद्र शासित प्रदेश का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था के हालात का जायजा लिया. इस समूह में मुख्य तौर पर लैटिन अमेरिकी और अफ्रीकी देशों के सांसद शामिल थे. विदेशी प्रतिनिधिमंडल में वियतनाम, दक्षिण कोरिया, ब्राज़िल, उज़्बेकिस्तान, नाइजर, नाइजीरिया, मोरक्को, गुआना, अर्जेंटीना, फिलीपींस, नॉर्वे, मालदीव, फ़िजी, टोगो, बांग्लादेश और पेरू के प्रतिनिधि शामिल थे.
कश्मीर घाटी का जायजा लेने के बाद विदेशी प्रतिनिधियों ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में स्थानीय लोगों ने पाकिस्तान के उन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिनमें पड़ोसी मुल्क द्वारा कहा जा रहा था कि घाटी में रक्तपात हो रहा है.
लोगों ने जम्मू-कश्मीर में हत्याओं के लिए पाकिस्तान को दोषी ठहराया और दूतों को पाकिस्तान पर दबाव बनाने के लिए कहा ताकि पड़ोसी मुल्क हस्तक्षेप नहीं कर सके. उन्होंने बताया गया कि जम्मू-कश्मीर के लोग पाकिस्तान को एक इंच भी दखल नहीं देने देंगे.
5 अगस्त 2018 यानी अनुच्छेद 370 के हटने की तारीख के बाद राज्य में किसी तरह का खून-खराबा नहीं हुआ. इसको लेकर केंद्र शासित प्रदेश के स्थानीय नेताओं ने प्रतिनिधिमंडल के सामने केंद्र सरकार की काफी प्रशंसा की.
प्रतिनिधमंडल से स्थानीय लोगों ने कहा कि इस मामले में सहमत होने में कुछ कठिनाइयां थीं, लेकिन व्यवस्था बनाए रखना आवश्यक था. वहीं, उन्होंने आतंक फैलाने के लिए पाकिस्तान की हताशा और अनथक प्रयासों को भी उजागर किया.
कश्मीर दौरे पर पहुंचे दूतों ने श्रीनगर की सड़कों पर खुली दुकानें और सड़कों यातायात और लोगों को सामान्य माहौल में घूमते देखा.
सूत्रों के मुताबिक, इन विदेशी प्रतिनिधियों ने 9-10 जनवरी को वहां जाने की अनुमति मांगी थी. सूत्रों का यह भी कहना है कि इनकी तरफ से कश्‍मीर के हालात का जायजा लेने की गुजारिश आई थी.

पश्चिम यूपी को दहलाने की आतंकी साजिश नाकाम, स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किए तीन ISIS आतंकी
9 January 201920
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की स्पेशल सेल को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. स्पेशल सेल ने आईएसआईएस (ISIS) से जुड़े तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया है. ये आतंकी दिल्ली और पश्चिम यूपी में किसी बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देना चाहते थे. फिलहाल वो ISIS से निर्देश मिलने का इंतजार कर रहे थे.
जानकारी के मुताबकि, दिल्ली के वजीराबाद में गुरुवार को सुबह एनकाउंटर के बाद तीनों को गिरफ्तार किया गया. आतंकियों के पास से पुलिस ने हथियार भी बरामद किए हैं. बताया जा रहा है कि तीनों से पूछताछ के बाद स्पेशल सेल दिल्ली में कई जगहों पर छापेमारी कर रही है. इस मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि आतंकी नेपाल के रास्ते दिल्ली आए थे.
पुलिस ने बताया कि आतंकी दिल्ली को दहलाने की बड़ी साजिश रच रहे थे. उनके पास से हथियार भी बरामद किए गए हैं. पुलिस ने कहा कि फिलहाल तीनों ISIS से निर्देश मिलने का इंतजार कर रहे थे.
सूत्रों ने बताया कि इन तीनों से मिली जानकारी के आधार पर तमाम संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी भी शुरू कर दी गई है.
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल सूत्रों के मुताबिक, "गुरुवार को तीनों आतंकवादियों को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के वजीराबाद इलाके में हुई एक मुठभेड़ के बाद पकड़ा जा सका. ये तीनों आतंकवादी आईएसआईएस से प्रभावित थे."
उल्लेखनीय है कि 25 नवंबर, 2010 को भी दिल्ली पुलिस ने आईएसआईएस से प्रभावित तीन आतंकवादियों को असम में पकड़ा था. उन आतंकवादियों के पास से विस्फोटक भी जब्त किया गया था.

CAA के विरोध पर CJI ने जताई चिंता, कहा- 'देश मुश्किल दौर में, उद्देश्य शांति लाने का होना चाहिए'
9 January 201920
नई दिल्‍ली : नागरिकता कानून (CAA) को संवैधानिक घोषित करने की मांग वाली याचिका पर जल्दी सुनवाई की मांग पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने गुरुवार को कहा कि "देश मुश्किल दौर से गुज़र रहा है. उद्देश्य शांति लाने का होना चाहिए. इस तरह की याचिका शांति लाने में मददगार नहीं होगी."
CJI ने वकील विनीत ढांडा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्‍पणी की. याचिका में सभी राज्यों से CAA लागू करने और हिंसा पर सख्ती का निर्देश देने की मांग भी की गई है.
इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस एस. ए. बोबडे, जस्टिस बी. आर. गवई और जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने की.

दिल्ली विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान, 8 फरवरी को वोटिंग, 11 फरवरी को नतीजे
6 January 201920
नई दिल्‍ली: दिल्ली में विधानसभा चुनावों (#DelhiElection2020) की तारीखों का आज ऐलान हो गया. राष्ट्रीय राजधानी की 70 विधानसभा सीटों पर 8 फरवरी (Delhi Elections Date) को मतदान होंगे. सभी सीटों पर एक चरण में ही वोटिंग होगी. सभी सीटों के नतीजे 11 फरवरी को आएंगे. भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त सनील अरोड़ा (Sunil Arora) ने आज ऐलान किया कि चुनावों की घोषणा के साथ ही दिल्‍ली में आचार संहिता लागू हो गई है. दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में से 12 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं. चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में 1.46 करोड़ वोटर्स हैं. जिनके लिए 13,750 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं.
ये तारीखें रखे याद...
- 14 जनवरी को नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा.
- नामांकन की आखिरी तारीख 21 जनवरी है.
- छंटनी 22 जनवरी को होगी.
- नामांकन वापस लेने की तारीख 24 जनवरी.
- 8 फरवरी शनिवार को मतदान का दिन
- 11 फरवरी मंगलवार को नतीजे आएंगे
पिछली बार 2015 में हुए विधानसभा चुनाव में अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने 70 सदस्‍यीय विधानसभा में रिकॉर्ड 67 सीटें जीती थीं. बीजेपी को बाकी बची तीन सीटें हासिल हुई थीं. कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला था.
हालांकि 2015 विधानसभा चुनावों (Delhi Assembly Elections) के बाद हुए नगर निगम चुनावों में बीजेपी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दिल्ली के तीनों निगमों में अपनी सरकार बनाई थी. इसके बाद साल 2019 के चुनावों में भी दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी 7 लोकसभा सीटों में से किसी भी सीट पर जीत दर्ज नहीं कर सकी थी. कई सीटों पर तो आम आदमी के प्रत्याशियों की जमानत तक जब्त हो गई थी. हालांकि कांग्रेस का प्रदर्शन आप से बेहतर रहा था और उसके वोट प्रतिशत में बढ़ोतरी देखी गई थी.
दिल्ली चुनाव के लिए बीजेपी ने भी पूरी तैयारी कर ली है. बीजेपी ने दिल्ली की अनाधिकृत कॉलोनियों के लोगों को मालिकाना हक दिलाने का काम किया है. बीजेपी नेता दिल्ली में गंदे पानी और प्रदूषण को मुद्दा बनाए हुए हैं. वहीं सत्ताधारी आम आदमी पार्टी सत्ती बिजली, मुफ्त पानी और बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था के दावे को लेकर चुनावी मैदान में उतरने वाली है. दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने चुनावों से ठीक पहले ही दिल्ली की कई कॉलोनियों में सीसीटीवी लगवाने और वाईफाई की सुविधा देने का वादा पूरा करने का भी दावा किया है.

लेफ्ट नेता ने भीड़ को उकसाया, हिंसा के वक्त हमारा कोई छात्र नहीं था: ABVP
6 January 2020
नई दिल्ली: जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में रविवार शाम को हुई हिंसा के मामले में आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने अपना पक्ष रहा. एबीवीपी का कहना है कि रविवार शाम को हुई हिंसा में हमारा कोई भी छात्र शामिल नहीं था. एबीवीपी ने कहा कि वामपंथियों ने प्रोयजित तरीके से हिंसा की. विद्यार्थी परिषद ने कहा कि जेएनयू हिंसा में जामिया के भी कुछ लोग शामिल हैं.
एबीवीपी का आरोप है कि वामपंथी छात्र संगठन आईसा (AISA) के सतीश चंद यादव ने भीड़ को उकसाया, और डंडों से छात्रों की पिटाई की. वामपंथी छात्र लगातार जेएनयू में गतिरोध बनाए हुए थे. उन्होंने रजिस्ट्रेशन करवा रहे छात्रों के हाथों से फार्म छीनकर फाड़ दिए.
कोड वर्ड के जरिये रची गई थी हिंसा की साजिश
बता दें कि जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में हुई हिंसा के बाद एक के बाद एक मामले की परतें खुल रही हैं. सूत्रों के मुताबिक जेएनयू में एबीवीपी और लेफ्ट विंग के छात्रों के बीच पिछले 2-3 दिनों से तनाव चल रहा था. लेकिन जब लेफ्ट विंग के छात्रों ने रजिस्ट्रेशन के सर्वर को डैमेज किया तो तनाव और ज्यादा बढ़ गया. उसके बाद छात्रों के बीच झगड़ा हुआ. पेरियार होस्टल पर कल करीब 4 बजे के बाद मामला बढ़ता चला गया. अंदर करीब 10 पुलिसकर्मी सादा वर्दी में थे. उनके साथ भी हाथापाई हुई. इसकी पीसीआर कॉल भी हुई थी.
वॉट्स एप ग्रुप पर हुई बदला लेने की प्लानिंग
सूत्रों के मुताबिक उसके बाद कुछ वॉट्स एप ग्रुप बनाये गए और बदला लेने की प्लॉनिंग हुई. फिर बाहर से नकाबपोश लोग आए. उनको कोड वर्ड दिया गया जिसके जरिये हमलवार अपने लोगों की पहचान कर पाएं और उन्हें न पीटें. करीब 6 बजे लाठी डंडों से लैस नकाबपोश भीड़ ने हमला कर दिया उस समय अंधेरा था इसलिए कौन 'राइट' और कौन 'लेफ्ट' वाला है उसकी पहचान करना मुश्किल था. इसलिए कोड वर्ड के जरिये हमलावरों ने किसे मारना है, किसे नहीं मारना है उसे पहचाना.
7 बजे के आसपास वीसी की परमीशन लेकर पुलिस अंदर गई. लेकिन तब तक हमलवार भाग गए थे. हमलावरों में कुछ जेनएयू के छात्र भी शामिल बताए जाते हैं. ज्यादातर बाहरी हैं. जहां हिंसा हुई वहां कोई सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं. कुछ हमलावरों की पहचान हो गई है.

जेएनयू हिंसा: कोड वर्ड के जरिये रची गई थी हिंसा की साजिश
6 January 2020
नई दिल्‍ली: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में हुई हिंसा के बाद एक के बाद एक मामले की परतें खुल रही हैं. सूत्रों के मुताबिक जेएनयू में एबीवीपी और लेफ्ट विंग के छात्रों के बीच पिछले 2-3 दिनों से तनाव चल रहा था. लेकिन जब लेफ्ट विंग के छात्रों ने रजिस्ट्रेशन के सर्वर को डैमेज किया तो तनाव और ज्यादा बढ़ गया. उसके बाद छात्रों के बीच झगड़ा हुआ. पेरियार होस्टल पर कल करीब 4 बजे के बाद मामला बढ़ता चला गया. अंदर करीब 10 पुलिसकर्मी सादा वर्दी में थे. उनके साथ भी हाथापाई हुई. इसकी पीसीआर कॉल भी हुई थी.
सूत्रों के मुताबिक उसके बाद कुछ वॉट्स एप ग्रुप बनाये गए और बदला लेने की प्लॉनिंग हुई. फिर बाहर से नकाबपोश लोग आए. उनको कोड वर्ड दिया गया जिसके जरिये हमलवार अपने लोगों की पहचान कर पाएं और उन्हें न पीटें. करीब 6 बजे लाठी डंडों से लैस नकाबपोश भीड़ ने हमला कर दिया उस समय अंधेरा था इसलिए कौन 'राइट' और कौन 'लेफ्ट' वाला है उसकी पहचान करना मुश्किल था. इसलिए कोड वर्ड के जरिये हमलावरों ने किसे मारना है, किसे नहीं मारना है उसे पहचाना.
7 बजे के आसपास वीसी की परमीशन लेकर पुलिस अंदर गई. लेकिन तब तक हमलवार भाग गए थे. हमलावरों में कुछ जेनएयू के छात्र भी शामिल बताए जाते हैं. ज्यादातर बाहरी हैं. जहां हिंसा हुई वहां कोई सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं. कुछ हमलावरों की पहचान हो गई है.
क्राइम ब्रांच कर रही जांच
उधर JNU हिंसा की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने के तुरंत बाद क्राइम ब्रांच एक्शन में आ गया है. आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, क्राइम ब्रांच की जांच टीम को 3 हिस्सों में बांटा गया है, सबका काम अलग अलग है. एक यूनिट इस वक़्त JNU कैंपस में मौजूद है, जो कैंपस में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज एकत्र करने पहुंची है जोकि हिंसा की जांच में अहम सबूत होंगे. दूसरी यूनिट पहचाने गए आरोपियों की धरपकड़ में लगी है.
तीसरी यूनिट वायरल वीडियो और Whatsapp ग्रुप में हिंसा के दौरान छात्रों को उकसाने और इकट्ठा होने की बात कर रहे आरोपियों को चिन्हित कर रही है.
सबसे अहम है नकाबपोशों की पहचान, फिलहाल इसमे कोई खास कामयाबी अभी तक जांच टीम को नहीं मिली है. अधिकारियों का कहना है कि कुछ की गिरफ्तारी के बाद नकाबपोशों के वीडियो को दिखाकर पहचान की कोशिश की जाएगी.

कोटा: अशोक गहलोत से नाराज सचिन पायलट! बोले - जवाबदेही तय करनी होगी
4 January 2020
जयपुर: कोटा (KOTA) मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए राजस्थान के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने कहा कि पिछली सरकार के बुरे कामों को दोष देने से कुछ नहीं होगा, हमें जिम्मेदारी तय करनी होगी. बता दें जेके लोन अस्पताल (Jk Lon Hospital) में 34 दिन में बच्चों की मौत का आंकड़ा 107 तक पहुंच गया है.
पायलट ने अशोक गहलोत ( Ashok Gehlot) सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, 'मुझे लगता है कि इस पर हमारी प्रतिक्रिया अधिक दयालु और संवेदनशील हो सकती थी. 13 महीने तक सत्ता में रहने के बाद मुझे लगता है कि पिछली सरकार के बुरे कामों को दोष देने से कुछ हल होने वाला नहीं है. जवाबदेही तय होनी चाहिए.'
बता दें कि गहलोत सरकार को कोटा के अस्पताल जे के लोन अस्पताल में बच्चों की मौत के मामले की हैंडलिंग को लेकर भारी भरकम आलोचना का सामना करना पड़ रहा है.
लोकसभा अध्यक्ष ने की पीड़ित परिजनों से मुलाकात
वहीं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने आज कोटा अस्पताल में जान गंवाने वाले बच्चों के परिजनों से मुलाकात की. सबसे पहले बिरला अनंतपुरा थांने के पास स्थित सुभाष विहार में मृत बच्ची के घर पहुंचे. बिड़ला ने बच्ची के माता-पिता से बातचीत कर शोक व्यक्त किया. बच्ची की मौत 29 दिसंबर को जेके लोन हॉस्पिटल में हुई थी. परिजनों ने बच्ची की मौत के पीछे डॉक्टरों की लापरवाही होना बताया है.
बिड़ला ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि 'उपकरणों की आवश्यकता थी, वो उपलब्ध करवाए, और भी जरूरत होगी तो उपलब्ध करवाएंगे, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी पत्र लिखा है'

श्रीनगर में आतंकियों ने दागा ग्रेनेड, निशाने पर थी CRPF पिकेट, लेकिन...
4 January 2020
श्रीनगर : श्रीनगर (Srinagar) के डाउंटाउन इलाक़े के कावडरा इलाक़े में आतंकियों ने शनिवार दोपहर क़रीब 12 बजे एक ग्रेनेड हमला किया. यह ग्रेनेड इलाक़े में स्थित सीआरपीएफ पिकेट से कुछ दूरी पर फटा. पुलिस के मुताबिक, एक बाइक पर सवार दो आतंकियों ने कावडरा में स्थिति सीआरपीएफ पिकेट को निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन निशाना चूका गया और ग्रेनेड पिकेट से कुछ दूरी पर फटा. इसमें एक स्‍थानीय नागरिक घायल हो गया, जिसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया. उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है.
एक चश्मदीद मोहम्मद इसाक ने कहा कि मैंने अपनी गाड़ी क्‍लीनिक के बाहर रखी थी. इतने में धमाका हुआ. मैं बाहर निकता तो मैंने अपनी गाड़ी छतिग्रस्‍त देखी.
घटना के बाद तुरंत बाद सीआरपीएफ और पुलिस द्वारा इस इलाक़े को घेरे में लेकर तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन आतंकी घटनास्थल से फ़रार होने में सफल रहे. इस इलाक़े के सभी एंट्री और एक्ज़िट प्‍वाइंट्स पर नाकेबंदी कर वाहनों की तलाशी की जा रही है.
इस हमले से इशारा मिलता है कि आतंकी शहर में अपनी मौजूदगी दिखाना चाहते हैं. दरअसल, सुरक्षाबलों की सख़्ती के कारण आतंकी के लिए कोई भी गतिविधि करना मुश्किल हो गया है.
श्रीनगर में यह हमला लगभग एक महीने बाद हुआ है. इससे पहले आतंकियों ने श्रीनगर के हरी सिंह हाई स्ट्रीट में ग्रेनेड दागा था, जिसमें क़रीब 22 स्‍थानीय नागरिक घायल हो गए थे. उसके बाद सुरक्षाबलों ने कड़ी चौकसी पूरे शहर में शुरू की थी.
गौरतलब है कि सुरक्षाबलों की चौकसी इतनी बड़ी है कि बीती रात एक लश्कर के एक आतंकियों को उस वक्त गिरफ़्तार किया गया, जब वो एक अस्पताल में छिपा था और पुलिस ने उसकी पहचान निसार अहमद डार के तौर पर की है और कहा है कि वो श्रीनगर में किसी हमले के फ़िराक में था. पुलिस के मुताबिक़, उसके पास से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया गया है.

दिल्ली: सीमापुरी में हुई हिंसा पर SIT का बड़ा खुलासा, दंगे में शामिल थे 15 से ज्यादा बांग्लादेशी
3 January 2020
नई दिल्ली: नागरिकता कानून को लेकर सीमापुरी इलाके में 20 दिसंबर को हुई हिंसा पर क्राइम ब्रांच की SIT जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. एसआईटी के मुताबिक, दिल्ली दंगे में करीब 15 से ज्यादा बांग्लादेशी शामिल थे. सीमापुरी इलाके में 20 दिसंबर शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद भड़के दंगों में उपद्रवियों की भीड़ में 15 से ज्यादा बांग्लादेशी शामिल थे. ये तमाम वो बांगालदेशी अपराधी हैं जो गैर कानूनी तरीके से सीमापुरी इलाके में रह रहे थे. इन दंगाईयों की पहचान कर ली गई है, जल्द उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.
सोमवार से मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच की SIT तिहाड़ जेल में जाकर दिल्ली दंगों के मामले में गिरफ्तार करीब 55 आरोपियों से पूछताछ करेगी. दिल्ली दंगे में करीब 15 PFI कार्यकताओं के नाम सामने आए हैं जिनसे जल्द पूछताछ हो सकती है. इन लोगों के मोबाईल फोन कॉल डीटेल्स खंगाली जा रही है ताकि दिल्ली दंगों के वक्त इन लोगों की लोकेशन को स्थापित किया जा सके. दिल्ली दंगों के लिए हुई फंडिग और लॉजिस्टिक स्पोर्ट के कुछ सुराग भी SIT के हाथ लगे हैं जिनका खुलासा भी जल्द SIT करेगी. दंगों से जुड़े कई संदिग्ध फोन कॉल डिटेल्स भी खंगाली जा रही है.

मंत्रियों के विभागों को लेकर अजित पवार और अशोक चव्हाण के बीच हुई तू तू-मैं मैं
3 January 2020
मुंबई: महाराष्‍ट्र में मंत्रियों के बीच विभागों के बंटवारे के मुद्दे को लेकर महाविकास आघाड़ी सरकार के नेताओं के बीच बुधवार देर रात को चली 4 घंटे की बैठक में डिप्टी सीएम अजित पवार और मंत्री अशोक चव्हाण में तकरार हो गई. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस ने इस बैठक में कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय की मांग की जबकि दोनों ही मंत्रालय पहले से ही शिवसेना और एनसीपी के पास है.
सूत्रों के मुताबिक बैठक में अजित पवार ने कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण का नाम लिया तब असहज अशोक चव्हाण ने जवाब में कहा कि हम भी मंत्रिमंडल में है जबकि पृथ्‍वीराज मंत्रिमंडल के सदस्य नहीं है. उन्‍होंने कहा कि मैं भी पूर्व मुख्यमंत्री हूं और कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष रह चुका हूं. इसलिए जो सामने है उनसे बात किया जाय और मंत्रियों के मंत्रालय बदलकर दे दिये जाएं.
इस बात पर अजित पवार ने कहा कि पृथ्वीराज चव्हाण संयमी नेता हैं. जिस पर बैठक का माहौल और बिगड़ गया. अजित पवार ने आगे कहा कि पृथ्वीराज वरिष्ठ नेता हैं. चर्चा में वो थे आप में से नेता कौन है. यह बाहर जाकर तय करिये. इसके बाद गुस्साये अशोक चव्हाण बैठक छोड़कर निकल गए थे.
करीब 4 घंटे तक चली इस बैठक में कोई हल नहीं निकला. सूत्रों के मुताबिक अशोक चव्हाण ने खुद को राजस्व विभाग मिले इसलिए कांग्रेस पार्टी में दबाव भी बनाया. बताया जाता है कि अशोक चव्हाण ने सोनिया गांधी को भी राजस्व मंत्रालय के लिए फ़ोन किया है.
द्धव ठाकरे सरकार में मुख्यमंत्री को मिलाकर कुल 43 मंत्री हैं. जबकि विभाग कम हैं. लिहाज़ा प्रदेश में नए मंत्रालय बनाने पर सरकार गौर कर रही है. महाराष्ट्र में नए मंत्रालय बनाकर मंत्रियों को सौंपने की तैयारी है. प्रदेश सरकार सूबे में नया मंत्रालय बनाने की तैयारी में है. तीर्थक्षेत्र विकास मंत्रालय (जिसमें शिर्डी, सिद्धिविनायक मंदिर संस्थान) और मेट्रो परियोजनाओं के लिए अलग से एक मंत्रालय बनाने की बात है, जबकि सीएमओ मंत्रालय और वाणिज्य मंत्रालय बनाने की तैयारियों पर उद्धव ठाकरे सरकार फैसला ले सकती है.

कोटा: अब तक 104 बच्‍चों की मौत, 34 दिन बाद अस्‍पताल आए स्वास्थ्य मंत्री के लिए बिछाया गया ग्रीन कार्पेट
3 January 2020
कोटा: जेके लोन अस्पताल (JK Lon hospital) में 104 बच्चों की मौत के बाद भी प्रशासन ने कोई सबक नहीं सीखा है. शुक्रवार को उस समय प्रशासन ने लापरवाही की सारी हदें पार कर दीं जब स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा (Raghu sharma) के स्वागत के लिए जेके लोन अस्पताल में ग्रीन कार्पेट बिछा दिया गया.
बता दें इस अस्पताल में पिछले 34 दिनों में अब तक 104 बच्चों की मौत हो चुकी है लेकिन राज्य के स्वास्थय मंत्री रघु शर्मा इस 33 दिन तक इस अस्पताल का दौरा करने नहीं आए.
वहीं स्वास्थ्य मंत्री के दौरे की सुनकर प्रशासन इस अस्पताल में ताबड़तोड़ काम करवाने में जुट गया. इसी के तहत उनके स्वागत में ग्रीन कार्पेट बिछा दिया गया हालांकि जब इस पर मीडिया की नजर पड़ी तो यह कार्पेट हटा भी दिया गया.
स्वास्थ्य मंत्री ने लगाया बीजेपी पर आरोप
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने जेके लोन अस्पताल में बच्चों की मौत के मामले में बीजेपी नेताओं पर शर्मनाक सियासत करने का आरोप लगाया है. रघु शर्मा ने कहा है कि राज्य सरकार के अलावा जब केंद्र सरकार की कमेटी की रिपोर्ट मान चुकी है कि बच्चों के उपचार में किसी प्रकार की कोई क्लीनिकल लापरवाही नहीं बरती गई, तब बीजेपी नेताओं को कोटा के अस्पताल को पर्यटन का अड्डा नहीं बनाना चाहिए. रघु शर्मा ने राजस्थान में वसुंधरा सरकार पर कांग्रेस की ओर से की गई घोषणाओं को भी लागू नहीं करने का आरोप लगाया.
अस्पताल के आस-पास पकड़े गए 50 सूअर
बच्चों की मौत के बाद नींद से जागे नगर निगम की ओर से अस्पताल परिसर के आसपास घूम रहे आवारा सुअरों को पकड़ने का विशेष अभियान चलाया गया है. इस अभियान के तहत निगम की टीम अबतक करीब 50 सुअर पकड़ चुकी है. निगम की टीम जेके लोन अस्पताल में सफाई अभियान भी शुरू करेगी ताकि अस्पताल आने वाले लोगो को गंदगी की समस्या से जूझना न पड़े.
केंद्र की टीम जाएगी कोटा
वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की एक विशेष टीम राजस्थान के कोटा स्थित जे.के. लोन हॉस्पिटल जाएगी. इस टीम में जोधपुर एम्स के विशेषज्ञ डॉक्टर, स्वास्थ्य, वित्त और क्षेत्रीय निदेशक शामिल होंगे इसके अलावा जयपुर से भी विशेषज्ञों को इसमें शामिल किया गया है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने बताया कि उन्होंने इस बारे में राजस्थान के मुख्यमंत्री से बात की है. उनके मुताबिक, केंद्र सरकार ने राजस्थान सरकार को बच्चों के इलाज में हर संभव मदद देने का भरोसा दिया है.

कोहरे का कहर जारी, दिल्ली आने वाली ट्रेनें चल रही है देरी से
1 January 2020
नई दिल्ली, नए साल के पहले ही दिन कोहरे की मार की वजह से ट्रेने लेट चल रही हैं. उत्तर भारत के कई भागों में घने कोहरे के कारण दिल्ली आने वाली कम से कम 29 ट्रेनें नौ घंटे तक देरी से चल रही हैं. रेलवे अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी. उत्तर रेलवे के अनुसार, नांदेड़-अमृतसर सचखंड एक्सप्रेस नौ घंटे देरी से चल रही है, इसके बाद डिब्रूगढ़-लालगढ़ अवध असम एक्सप्रेस और जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन महाकौशल एक्सप्रेस पांच घंटे देरी से चल रही है.
मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली में अभी भी ठंड का कहर जारी है. दिल्ली में 1 जनवरी को न्यूनतम तामपान 3 डिग्री नापी गई है. साथ ही अधिकतम तापमान 16 डिग्री तक बढ़ने का अनुमान है. 2 जनवरी को भारी कोहरे का अंदेशा भी जताया गया है. यानि कल आज से ज्यादा ट्रेने लेट हो सकती हैं.
जो ट्रेनें आज लेट चल रही हैं उनमें गया-नई दिल्ली महाबोधि एक्सप्रेस 4.30 घंटे, पुरी-नई दिल्ली पुरुषोत्तम एक्सप्रेस और हावड़ा-नई दिल्ली पूर्वा एक्सप्रेस 3.30 घंटे देरी से चल रही हैं.
रीवा-आनंद विहार रीवा एक्सप्रेस और कटिहार-अमृतसर एक्सप्रेस तीन घंटे तथा इलाहाबाद-नई दिल्ली प्रयागराज एक्सप्रेस 2.30 घंटे देरी से चल रही हैं. मंगलवार को दिल्ली आने वाली 34 ट्रेनें उत्तर भारत में घने कोहरे के कारण 15 घंटे तक देरी से चल रही थीं.

भारत-पाकिस्तान आज साझा करेंगे एक दूसरे के जेलों में बंद कैदियों की सूची
1 January 2020
नई दिल्ली: भारत (India) और पाकिस्तान (Pakistan) एक-दूसरे की जेलों में बंद कैदियों की सूची आज एक-दूसरे के साथ साझा करेंगे. आपको बता दें कि 2008 के समझौते के प्रावधानों के तहत हर साल 1 जनवरी और 1 जुलाई को दोनों देशों को एक-दूसरे की हिरासत में मौजूद कैदियों की सूची एक-दूसरे के साथ साझा करनी होती है.
इसके अलावा आज दोनों देश परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची का आदान-प्रदान भी करेंगे. 31 दिसंबर 1988 को हुए एक समझौते के तहत दोनों देश हर साल की पहली जनवरी को एक दूसरे को परमाणु प्रतिष्ठानों की सूचना देते हैं. दोनों देशों के बीच इस तरह की सूची का पहला आदान-प्रदान 1 जनवरी 1992 को हुआ था.

जम्मू कश्मीर: LoC पर पाकिस्तानी घुसपैठियों के साथ मुठभेड़, सेना के 2 जवान शहीद
1 January 2020
जम्मू: जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर पाकिस्तान ने एक बार फिर घुसपैठ की कोशिश की. पाक घुसपैठियों ने राजौरी जिले में एलओसी से सटे इलाकों से भारत में घुसपैठ की कोशिश की. लेकिन सीमा पर मुस्तैद भारतीय सुरक्षाबलों ने पाक घुसपैठियों को खदेड़ने के लिए फायरिंग की. इस दौरान घुसपैठियों ने भी सेना पर फायरिंग कर दी.
ताजा जानकारी के मुताबिक इस मुठभेड़ में सेना के 2 जवानों के शहीद होने की खबर है.


जम्मू कश्मीर: LoC के नजदीक बारूदी सुरंग में धमाका, एक युवक गंभीर रूप से घायल
31 December 2019
जम्मू कश्मीर: पुंछ जिले के गुलपुर सेक्टर के नियंत्रण रेखा के नजदीकी गांव बगयालदरा में मंगलवार सुबह बारूदी सुरंग की चपेट में आने से 22 साल का युवक घायल हो गया जिसे परिजनों ने जिला अस्पताल पुंछ पहुंचाया. घायल शख्स का इलाज चल रहा है. मिली जानकारी के अनुसार भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान की तरफ से घुसपैठ को नाकाम करने के लिए नियंत्रण रेखा पर बारूदी सुरंगें बिछाई जाती हैं और बारिश के तेज पानी में बारूदी सुरंगें एक जगह से दूसरी तरफ बहकर चली जाती हैं. इसी वजह से अक्सर ऐसी घटनाएं घटती रहती हैं.
इससे पहले भी कई बार ऐसी घटनाएं घट चुकी हैं. परिजनों ने बताया कि जिस जगह पर दुर्घटना घटी ये इलाका नियंत्रण रेखा के नजदीक है और युवक सुबह लगभग दस बजे के करीब अपनी बकरियों के लिए घास (पतर) लेने के लिए जंगल में गया था. तभी युवक का पांव बारूदी सुरंग पर पड़ गया और ये दुर्घटना घटी.
इससे पहले जानकारी मिली थी कि पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन किया था. पाकिस्तानी सेना ने शुक्रवार रात हीरानगर सेक्टर और शनिवार सुबह मेंढर-पुंछ के कृष्णाघाटी सेक्टर में सीजफायर का उल्लंघन किया था और सेना और रिहाइशी ठिकानों पर मोर्टार बरसाए थे. हालांकि भारतीय सेना से इसका मुंहतोड़ जवाब दिया.
बता दें कि जम्मू के अखनूर सेक्टर से लेकर कश्मीर घाटी के तंगधार-केरन सेक्टर में भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई में पिछले कुछ दिनों में 10 पाकिस्तानी सैनिक मारे जा चुके हैं और कई चौकियां ध्वस्त हो चुकी हैं.
साल 2019 में पाकिस्तानी सेना ने 3200 से अधिक बार सीजफायर तोड़ा है. अकेले दिसंबर में ही पाकिस्तान ने अभी तक 331 बार सीजफायर का उल्लंघन किया है. जम्मू कश्मीर के यूनियन टेरिटरी बनने के बाद अगस्त से 28 दिसंबर तक पाकिस्तान ने 1585 बार सीजफायर तोड़ा है. नौशेरा के स्थानीय पूर्व विधायक रविंदर रैना का कहना है कि सेना, पाकिस्तान की हरकतों का मुंहतोड़ जवाब दे रही है. वहीं सरहदी इलाकों में रहने वाले लोगों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह बंकर की संख्या बढ़ाए. बीजेपी के सीनियर नेता और पूर्व डिप्टी सीएम कविंदर गुप्ता का कहना है कि पाकिस्तान की हरकतों का सेना पूरी तरह से जवाब दे रही है.

भाजपा धर्म के आधार पर नागरिकता देना चाहती है : अखिलेश
31 December 2019
लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर मंगलवार को निशाना साधा और कहा कि भाजपा धर्म के आधार पर नागरिकता देना चाहती हैं, और वह चाहती है कि मुसलमानों का नागरिकता न मिले. अखिलेश मंगलवार को नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर व राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के खिलाफ लखनऊ में साइकिल मार्च को हरी झंडी दिखा कर रवाना कर रहे थे.
अखिलेश ने इस दौरान कहा, "आप (भाजपा) नागरिकता धर्म के आधार पर देना चाहते हैं, आप चाहते हैं कि मुसलमानों को नागरिकता न मिले. भाजपा तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है. क्या असम और पूर्वोत्तर के लोग इस कानून से खुश हैं? आधार में सब मौजूद है. समाजवादी पार्टी सीएए और एनआरसी और एनपीआर का विरोध करती है."
उन्होंने कहा कि "भारत की अर्थव्यवस्था का नाश हो गया है, और बैंकिग प्रणाली डूबा दिया. अपने लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए आप ऐसा कर रहे हैं."
अखिलेश ने भगवा पर कहा, "पता नहीं कहां पर खलबली मची है. किसी का अधिकार थोड़े ही है. केवल रंग बदलने के लिए ऐसा किया जा रहा है. भगवा में ऐसा क्या है? पीताम्बर रंग भी है, लेकिन देश का रंग तिरंगा ही रहेगा. जाति के आधार पर जनगणना होनी चाहिए, ताकि आबादी के आधार पर सबको अधिकार मिले."
अखिलेश ने कहा, "भाजपा नए साल में अपने पापों की माफी मांगे नहीं तो जनता सजा देगी आपको. पूरे यूपी की जनता जानती है कि कानून-व्यवस्था इनके हाथ में नहीं हैं. निवेश नहीं आ रहा है, इसलिए एनपीआर आ रहा है. निवेश नहीं आया, इसलिए एनआरसी आ रहा है. हमारे देश की पहचान खराब हो रही है, देश की बदनामी हो रही है. कोई ग्लोबल निवेश नहीं आएगा."
साइकिल मार्च से सपा नेता विधान भवन पहुंचे. गौरतलब है कि अखिलेश यादव ने इसके पहले एनपीआर का विरोध करते हुए कहा था कि वह कोई फॉर्म नहीं भरेंगे. उन्होंने कहा था कि वह भारतीय हैं, और उन्हें इसका प्रमाण देने की जरूरत नहीं है.

इस राज्य के मुख्यमंत्री ने नागरिकता कानून के खिलाफ पेश किया प्रस्ताव
31 December 2019
त्रिवेंद्रम: नागरिकता संशोधन विधेयक (CAA) के खिलाफ 10 गैर बीजेपी शासित प्रदेशों के आवाज बुलंद करने के बाद अब केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने इस प्रस्ताव को रद्द करने की मांग विधानसभा में कर दी है. आज राज्य विधानसभा में मुख्यमंत्री विजयन ने सीएए को रद्द करने का एक प्रस्ताव पेश किया जिसे पारित कर दिया गया है. प्रस्ताव को पेश करते हुए देश के इकलौत वाम शासित मुख्यमंत्री ने कहा, 'नागरिकता कानून धर्मनिरपेक्ष नजरिए और देश के ताने-बाने के खिलाफ है और इसके लागू होने से नागरिकता देने में धर्म के आधार पर भेदभाव होगा.'
विधानसभा में बीजेपी के इकलौते विधायक ओ राजागोपाल ने इस प्रस्ताव का विरोध किया. उन्होंने कहा, 'यह गैरकानूनी है क्योंकि संसद के दोनों सदनों ने सीएए कानून को पारित कर दिया है. यह संकीर्ण राजनीतिक मानसिकता को दर्शाता है.'
इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए सीपीआई नेता सी दिवाकरन ने कहा, 'विधानसभा इस तरह के प्रस्ताव को स्थानांतरित करने के लिए मजबूर है. हम भारत में विरोध की एक श्रृंखला देख रहा है, जो हमने पहले नहीं देखी थी. इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाते हुए, विधानसभा दुनिया को एक संदेश भेज रही है.
मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव पेश करते हुए कहा, 'सीएए संविधान के आधारभूत मूल्यों और सिद्धांतों के विरोधाभासी है.' विजयन ने कहा, 'देश के लोगों के बीच चिंता को देखते हुए केंद्र को सीएए को वापस लेने के कदम उठाने चाहिए और संविधान के धर्मनिरपेक्ष नजरिए को बरकरार रखना चाहिए.' विजयन ने विधानसभा को यह भी आश्वासन दिया कि इस दक्षिणी राज्य में कोई निरोध केंद्र नहीं खोला जाएगा.
उधर तमिलनाडु के विपक्ष के नेता एमके स्टालिन ने केरल विधानसभा द्वारा उठाए गए प्रस्ताव का स्वागत किया. स्टालिन ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री से 6 जनवरी को बुलाई गई तमिलनाडु विधानसभा में भी इसी तरह का प्रस्ताव अपनाने का आग्रह किया. "लोग चाहते हैं कि प्रत्येक राज्य विधानसभा ऐसा करे, ताकि संविधान के आधार सिद्धांतों की रक्षा हो सके."

शेख अब्दुल्ला जयंती पर अब नहीं होगी छुट्टी, प्रशासन ने अवकाश की नई लिस्ट जारी की < 28 December 2019
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने अगले साल के लिए घोषित सरकारी अवकाश की लिस्ट जारी की है. 2020 में 2019 के मुकाबले एक छुट्टी कम है. खास बात यह है कि लिस्ट में पूर्व मुख्यमंत्री और कद्दावर नेता शेख अब्दुल्ला की जयंती और शहीद दिवस को जगह नहीं दी गई है. बता दें शेख अब्दुल्ला का जन्म 5 दिसंबर 1905 को हुआ था.
इस लिस्ट में 26 को अक्टूबर को जगह दी गई है जिसे 'विलय दिवस' के तौर पर मनाया जाता है. बता दें 26 अक्टूबर 1947 को महाराजा हरी सिंह ने भारत के साथ विलय पर हस्ताक्षर.
शहीद दिवस जम्मू कश्मीर में हर साल 13 जुलाई को मनाया जाता रहा है. यह दिवस 1931 में शहीद हुए लोगों की याद में मनाया जाता है. 1931 में इस दिन डोगरा शासक महाराजा हरि सिंह के सिपाहियों द्वारा प्रदर्शन कर रहे लोगों पर फायरिंग कर दी गई थी.

दिल्ली में खुला पहला गार्बेज कैफ़े, जहां प्लास्टिक के बदले मिलेगा खाना < 28 December 2019
नई दिल्ली: दिल्ली को प्लास्टिक फ्री बनाने के लिए दक्षिण दिल्ली नगर निगम ने खोला दिल्ली का पहला गार्बेज कैफे (Garbage cafe) जिसमें प्लास्टिक कचरे के बदले लोगों मुफ्त नाश्ता और खाना दिया जा रहा है. अगर आप भी अपने घर का प्लास्टिक वेस्ट कूडेदान में फेक देते हैं तो अब इसे जमा करना शुरू कर दीजिए, क्योंकि अब आपको इस प्लास्टिक वेस्ट के बदले मिल सकता है फ्री खाना. और वो भी मॉल में.
इतना ही नहीं आप प्लास्टिक कचरे के बदले में मॉल के कई ऑउटलेट्स में डिस्काउंट भी पा सकते हैं. इसके लिए द्वारका सेक्टर -12 के सिटी सेंटर मॉल में गारबेज कैफे खोला गया है.
इस कैफे में 250 ग्राम प्लास्टिक कचरे के बदले नाशता और 1 किलो कचरे के बदले खाना दिया जाता है. इसके लिए मॉल के चारों तरफ पोस्टर लगाए गए हैं, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस मुहिम के बारे में पता चले और वो अपने घर का कचरा फेंकने की बजाय यहां जमा कर सकें. इस कैफे में हर दिन 4 दिनों में 40 से ज्यादा लोग कचरे के बदले खाना ले चुके हैं. गारबेज बैंक के प्रबंधक, कुलदीप राठी का कहना है कि इस कैफे को खोलने का मुख्य उद्देश्य लोगों में जागरुकता फैलाना है. हम चाहते हैं कि ज्यादा ये ज्यादा लोग इस मुहीम से जुडें और दिल्ली को साफ रखने में योगदान करें.
इस कैफे की खास बात ये है कि ये मॉल फूड कोर्ट में बनाया गया है. जहां से खाना लेने में आपको ऐसा लगेगा जैसे आप मॉल के किसी आउटलेट से खाना ले रहे हैं. खाने की क्वालिटी पर भी खास ध्यान दिया गया है. नाशते में समोसा, चाय, बर्गर, सैंडविच, परांठा और खाने में बटर रोटी के साथ सब्जी या दाल चावल कुछ भी लिया जा सकता है. इतना ही नही, आप प्लास्टिक कचरा जमा कर उसके बदले में मॉल के कई फूड ऑउटलेट के लिए डिस्काउंट कूपन भी ले सकते हैं.
DMC की स्टैंडिग कमेटी के चेयरमैन भूपेंद्र गुप्ता का कहना है कि हम प्लास्टिक वेस्ट के बदले में पैेसे देने की बजाए खाना दे रहे. इसके लिए कई रेस्टोरेंटस, रेडी वालों से भी बात की जा रही है. कि वो प्लास्टिक के बदले खाना देने की मुहीम शुरु करें. इस से सारा प्लास्टिक वेस्ट एक जगह इकट्ठा करने में आसानी होगी.
इस फैफे में हर दिन करीब 8 से 10 किलो कचरा इकट्ठा हो रहा है. हर दिन जो कचरा जमा होगा उसे SDMC के प्रोसेसिंग प्लांट में रिसाइकिल किया जाएगा. इस से पहले देश का पहला गारबेज कैफे छत्तीसगढ़ में खोला गया था. इसके बाद दिल्ली को प्लास्टिक मुक्त करने की ये पहल अगर सफल होती है तो आगे इस तरह के और भी कैफे खोले जा सकते हैं.

BJP नेता राम माधव ने कहा, 'जम्मू-कश्मीर की जनता ने केंद्र शासित दर्जे का स्वागत किया' < 28 December 2019
जम्मू: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के महासचिव राम माधव (Ram Madhav) ने शुक्रवार को दावा किया कि जम्मू एवं कश्मीर (Jammu and Kashmir) की जनता ने केंद्र शासित प्रदेश के दर्जे का स्वागत किया है, क्योंकि संविधान के अनुच्छेद 370 (Article 370) को खत्म करने के केंद्र सरकार के फैसले के बाद पूरे क्षेत्र में शांति बनी हुई है.
राम माधव ने कहा, 'जम्मू एवं कश्मीर की जनता ने केंद्र शासित प्रदेश के गठन का स्वागत किया है. मैं श्रीनगर और जम्मू में कई प्रतिनिधियों, युवाओं और स्थानीय निवासियों से मिला हूं. प्रत्येक व्यक्ति उज्जवल भविष्य की उम्मीद कर रहा है.'
उन्होंने कहा, 'सरकार के ऐतिहासिक निर्णय लेने के बाद से क्षेत्र में शांति बनी हुई है. पिछले पांच महीनों में कोई जनहानि नहीं हुई है. इससे भी बढ़कर घाटी के वे क्षेत्र शांत हैं, जहां नियमित तौर पर पत्थरबाजी की घटनाएं होती रहती थीं.'
उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश में कानून-व्यवस्था कायम रखने के लिए राज्य के पुलिस और प्रशासनिक विभाग की प्रशंसा की. उन्होंने कहा, 'शांतिपूर्ण माहौल का श्रेय जनता को भी जाता है.' उन्होंने हाईस्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) की परीक्षा समय पर कराने के लिए स्थानीय प्रशासन की प्रशंसा की.
माधव ने कहा, 'परीक्षा में लगभग 99 प्रतिशत छात्र उपस्थित रहे. यह दिखाता है कि जनता भी केंद्र शासित प्रदेश को सही दिशा में विकसित होने देना चाहती है.' बीजेपी नेता ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर में राजनीतिक गतिविधियां सामान्य हो रही हैं और प्रदेश में सिर्फ 30-32 प्रमुख नेताओं को ही हिरासत में रखा गया है.
उन्होंने जनता को आश्वासन दिया कि इन नेताओं को चरणबद्ध तरीके से रिहा किया जाएगा. उन्होंने कहा कि स्थिति अनुकूल होते ही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार जम्मू एवं कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने पर विचार कर सकती है.
विपक्षी दलों पर करारा हमला करते हुए उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन सिर्फ 'राजनीतिक और सांप्रदायिक साजिश' है.

बेंगलुरु एयरपोर्ट पर पकड़ा गया कंबोडियाई नागरिक, बैग में मिले जंगली सुअर के 3 दांत
26 December 2019
बेंगलुरु​: सीआईएसएफ (CISF) ने बेंगलुरु एयरपोर्ट (Bengaluru Airport) पर कंबोडिया (Cambodia) के एक नागरिक को जंगली सुउर (wild boar) के तीन दांतों के साथ पकड़ा है. कंबोडिया के इस नागरिक का नाम सोपहीप चान है और ये बेंगलुरु से वाराणसी इंडिगों की फलाईट से जा रहा था.
सोपहीप चान जब बेंगलुरु एयरपोर्ट पर सिक्योरिटी चेक करवा रहा था तभी CISF ने इस यात्री के हैंड बैग में इन तीन दांतों को देखा.
इन दांतों को ले जाने और रखने के किसी तरह के दस्तावेज इस यात्री के पास नहीं थे और इसी के बाद कस्टम अधिकारियों और वन्य जीव अधिकारियों को इस बात की जानकारी दी गई.
फिलहाल कंबोडिया के इस नागरिक से कस्टम और वन्य जीव अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं ताकी यह पता लगाया जा सके कि जंगली सुउर के ये दांत कहां से लाए गए थे और इस तस्करी में कौन-कौन लोग शामिल हैं.

राहुल का PM पर निशाना, BJP का पलटवार, 'कोई ज्ञान नहीं, मगर हर विषय पर बोलना है'
26 December 2019
नई दिल्ली: बीजेपी (BJP) ने गुरुवार को राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पर पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी से भद्रता और अच्छी भाषा की अपेक्षा करना ही गलत है. बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा (Sambit Patra) ने कहा, आज राहुल गांधी जी ने कुछ ट्वीट किया है और जिस प्रकार की भाषा का प्रयोग किया है वो बहुत आपत्तिजनक है. बता दें कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आज एक ट्वीट कर कहा था कि आरएसएस का प्रधानमंत्री भारत माता से झूठ बोलता है.
पात्रा ने कहा, राहुल गांधी ने कहा है की RSS का प्रधानमंत्री भारत माता से झूठ बोलता है. राफेल पर झूठ फैलाने के बाद सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी जी ने माफी मांगी थी. आज वह प्रधानमंत्री जी की बात को लेकर भ्रम फैला रहे हैं.
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा, 'प्रधानमंत्री जी ने कहा था कि ऐसा कोई डिटेंशन कैंप नहीं है, जिसमें एनआरसी के बाद हिंदुस्तान के मुसलमानों को रखा जाएगा. ये झूठ फैलाया जा रहा है. इसमें प्रधानमंत्री जी ने क्या झूठ बोला है?'
उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी को जानना कुछ नहीं है, लेकिन बोलना सबकुछ है. किसी भी विषय पर राहुल गांधी जी को कोई ज्ञान नहीं है, मगर हर विषय पर बोलना है.'
कांग्रेस के समय खोले गए डिटेंशन सेंटर : BJP
संबित पात्रा ने दावा किया कि 13 दिसंबर 2011 को केंद्र सरकार की एक प्रेस रिलीज में कहा गया था कि 3 डिटेंशन कैंप असम में खोले गए हैं. 2011 में केंद्र में कांग्रेस सरकार थी.
पात्रा ने कहा कि '20 अक्टूबर 2012 को असम की कांग्रेस सरकार ने श्वेत पत्र जारी किया था. इसमें पेज 38 में लिखा है कि केंद्र सरकार ने असम सरकार को यह निर्देश दिया है कि आप डिटेंशन सेंटर सेट कीजिए.'
संबित पात्रा ने कहा, 'गुवाहटी हाईकोर्ट में हुए एक केस के अनुसार कोर्ट ने माना है कि 2009 में जो पत्रक उस समय के गृह मंत्रालय ने जारी किया था, उसके अंदर डिटेंशन सेंटर और उसमें लोगों को रखने के नियम हैं. अदालत स्पष्ट कहती है कि ये सब तब के गृह मंत्रालय के अनुसार हुआ था.
क्या कहा था राहुल ने?
बता दें राहुल गांधी ने गुरुवार को एक ट्वीट कर कहा था की आरएसएस का प्रधानमंत्री भारत माता से झूठ बोलता है. राहुल गांधी ने अपने ट्वीट के साथ एक वीडियो भी शेयर किया था जिसमें डिटेंशन सेंटर से जुड़ी एक न्यज थी.

राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर अपडेट करने के लिए 8500 करोड़ रु. का फंड, सरकार ने कहा- कोई दस्तावेज नहीं देना होगा
24 December 2019
नई दिल्ली. केंद्रीय कैबिनेट ने राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) अपडेट करने को मंजूरी दे दी है। एनपीआर अपडेशन के लिए कैबिनेट ने 8500 करोड़ रुपए के फंड आवंटन को भी स्वीकृति दी है। इसमें देश के नागरिकों का डेटा होगा। अगले साल अप्रैल से एनपीआर अपडेट करने का काम शुरु किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया कि एनपीआर अपडेशन के दौरान व्यक्ति द्वारा दी गई जानकारी को ही सही माना जाएगा, उसे कोई दस्तावेज नहीं देना होगा।
Q&A में एनपीआर से जुड़ी सारी जानकारी:
1. क्या पहली बार जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) लाया जा रहा है?
नहीं, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में इसे शुरू किया गया। अब केवल इसे अपडेट किया जा रहा है। 2011 की जनगणना के लिए 2010 में घर-घर जाने के दौरान ही एनपीआर के लिए जानकारी इकठ्ठा की गई थी। इस डाटा को 2015 में घर-घर सर्वे करके अपडेट किया गया था। इस जानकारी का डिजिटलाइजेशन भी किया गया। 2. एनपीआर के लिए आंकड़े कब और कहां से इकठ्ठा किए जाएंगे?
रजिस्ट्रार जनरल और सेंसस (जनगणना) कमिश्नर के मुताबिक, असम को छोड़कर देश की सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अप्रैल से सितंबर 2020 तक जनगणना के आंकड़े जुटाए जाएंगे। इसी दौरान एनपीआर को भी अपडेट किया जाएगा। इसके लिए इसी साल अगस्त में नोटिफिकेशन भी जारी किया गया था। 3. एनपीआर क्या है और किसके लिए है?
राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) देश के सभी स्थानीय निवासियों का ब्यौरा है। स्थानीय स्तर का अर्थ गांव, कस्बा, जिला से लेकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर डाटाबेस तैयार करना है। इसे 'नागरिकता कानून 1955' और 'नागरिकता पंजीयन व राष्ट्रीय पहचान पत्र आवंटन नियम, 2003' के मुताबिक तैयार किया जाता है। देश के हर स्थानीय निवासी को एनपीआर में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। अगर कोई बाहरी (विदेशी) व्यक्ति देश के किसी हिस्से में छह महीने से ज्यादा समय से रह रहा है, तो उसका ब्यौरा भी एनपीआर में दर्ज होगा।
4. एनपीआर, एनआरसी और सीएए में क्या फर्क है?
एनपीआर (राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर): इसका इस्तेमाल सरकार अपनी योजनाओं को लागू करने के लिए करती है। लोगों के बायोमेट्रिक डाटा के जरिए योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान करने में मदद मिलती है। अगर कोई बाहरी व्यक्ति देश के किसी हिस्से में छह महीने से ज्यादा समय से रह रहा है, तो उसका ब्यौरा भी एनपीआर में दर्ज किया जाता है। एनपीआर में लोगों द्वारा दी गई सूचना को ही सही माना जाता है। यह नागरिकता का प्रमाण नहीं होता।
एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर): इसके जरिए देश में अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों की पहचान की जाती है। सरकार इसके लिए सूचना जारी करके किसी भी क्षेत्र में रहने वाले लोगों से उनकी पहचान के वैध दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहती है। इन दस्तावेजों का परीक्षण किया जाता है। इसके बाद वैध नागरिकों की सूची प्रकाशित की जाती है। इसमें दावे-आपत्ति का प्रावधान भी होता है। इसके बाद नागरिकता की अंतिम सूची जारी की जाती है। इस सूची में शामिल लोगों को ही राज्य या देश का नागरिक माना जाता है। हाल ही में असम में एनआरसी लागू की गई है।
सीएए (नागरिकता संशोधन कानून): नए कानून के तहत पाक, बांग्लादेश, अफगानिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण आए हिंदू, ईसाई, सिख, पारसी, जैन और बौद्ध धर्म के लोगों को नागरिकता दी जाएगी। जो 31 दिसंबर 2014 से पहले आ गए हैं, उन्हें नागरिकता मिलेगी। इससे भारतीय नागरिक प्रभावित नहीं होंगे। उन्हें संविधान के तहत मिले मौलिक अधिकार हासिल होंगे। सीएए सहित कोई भी कानून इन अधिकारों को नहीं छीन सकता। सीएए से मुस्लिम भी प्रभावित नहीं होंगे। किसी भी देश या धर्म का नागरिक भारत के नागरिकता कानून 1955 की धारा 6 के तहत आवेदन कर सकता है। मौजूदा संशोधन उसके साथ कोई छेड़छाड़ नहीं करता है।
5. एनपीआर लाने का उद्देश्य क्या है?
एनपीआर का उद्देश्य देश के हर स्थानीय निवासी की पहचान का संपूर्ण डाटाबेस तैयार करना है। इसमें उसका परिचय और बायोमेट्रिक ब्यौरा शामिल रहेगा। सरल शब्दों में यह देश के हर नागरिक की जानकारी को एक जगह इकठ्ठा करने का काम है।
6. एनपीआर में कौन सी जानकारी ली जाती है?
सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों से उनके बारे में जानकारी लेते हैं। हर स्थानीय निवासी से नाम, माता-पिता, लिंग, वैवाहिक स्थिति, पति/पत्नी का नाम, घर के मुखिया से संबंध, लिंग, जन्मतिथि, जन्मस्थान, राष्ट्रीयता, वर्तमान पता, निवास की अवधि, शैक्षणिक योग्यता, व्यवसाय की जानकारी मांगी जाती है। इसे नोट करके उसकी रसीद भी दी जाती है।
7. एनपीआर के मुताबिक स्थानीय निवासी कौन है?
जनसंख्या रजिस्टर में शामिल करने के लिए स्थानीय निवासी का अर्थ किसी स्थान पर 6 महीनों या उससे ज्यादा समय से रह रहा व्यक्ति है। उस स्थान पर अगले 6 महीनों या उससे ज्यादा वक्त तक उसी स्थान पर रहने की इच्छा रखने वाले व्यक्ति को भी स्थानीय निवासी माना जाएगा। इसमें लोगों द्वारा दी गई सूचना को ही दर्ज किया जाएगा।

मृतकों के परिजनों से मिलने मेरठ जा रहे राहुल-प्रियंका को पुलिस ने रोका, कोलकाता में ममता ने मार्च निकाला
24 December 2019
कोलकाता/नई दिल्ली. कांग्रेस नेता राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी को मंगलवार को मेरठ में जाने से उत्तर प्रदेश पुलिस ने रोक दिया। दोनों नेता नागरकिता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर हुए प्रदर्शन में मारे गए युवकों के परिजन से मिलने जा रहे थे। प्रशासनिक अधिकारियों ने राहुल से बताया कि शहर में अभी धारा-144 लागू है। लिहाजा अनुमति देना संभव नहीं है। पुलिस के समझाने पर दोनों नेता वापस लौटे। मेरठ में शुक्रवार को हुए हिंसक प्रदर्शन में चार प्रदर्शनकारियों की मौत हुई थी।
उधर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को नागरिकता कानून (सीएए) और एनआरसी के विरोध में कोलकाता में मार्च निकाला। दिल्ली के मंडी हाउस में भी प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रशासन ने इलाके में धारा 144 लागू कर दी है।
राज्यों में विरोध प्रदर्शन
दिल्ली: जामिया यूनिवर्सिटी के छात्र मंडी हाउस से जंतर मंतर तक मार्च निकाल रहे हैं। इसकी अगुआई स्वराज पार्टी के नेता योगेंद्र यादव कर रहे हैं। हालांकि, पुलिस ने इसके लिए इजाजत नहीं दी है। मंडी हाउस के आसपास धारा 144 लगाई गई। यहां भारी संख्या में पुलिसबल तैनात है। संसद मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोकी गई।
बंगाल: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मंगलवार को कोलकाता में तृणमूल समर्थकों के साथ रैली निकालीं। यह रैली स्वामी विवेकानंद के घर से गांधी भवन तक निकाली गई।
असम: सभी स्टूडेंट यूनियन के बैनर तले बुधवार को नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ डिब्रूगढ़ में रैली निकाली जाएगी। यह मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल का गृह जिला है। यहां पिछले कई दिनों से व्यापक स्तर पर प्रदर्शन हो रहा है।
कांग्रेस ने धरना दिया था
इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को राजघाट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, डॉ. मनमोहन सिंह, गुलाम नबी आजाद, अहमद पटेल और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ शामिल हुए। सोनिया, राहुल और मनमोहन ने संविधान की प्रस्तावना पढ़ी। वहीं, प्रियंका ने लोगों से संविधान की रक्षा का संकल्प लेने का आव्हान किया।

किरारी अग्निकांड के मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजा
23 December 2019
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) के किरारी क्षेत्र में आग (Kirari fire) लगने की घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को दिल्ली सरकार ने 10 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है. दिल्ली के गृहमंत्री सत्येंद्र जैन (Satyendar Jain) ने घायलों को भी एक लाख रुपये देने की घोषणा की है.
जैन ने कहा, "अंडरग्राउंड गोदाम बना था और ऐसी अनियमितता जांचने का काम नगर निगम का था. जिम्मेदारियां तय करने के लिए एक जांच समिति गठित की गई है और सात दिनों के अंदर रिपोर्ट मांगी गई है." उन्होंने यह भी कहा कि सरकार घायलों के इलाज का खर्चा वहन करेगी. जैन ने किरारी दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने के बाद यह घोषणा की.
किरारी क्षेत्र में कपड़ों के एक गोदाम में आग लगने से कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई. दिल्ली फायर सर्विस (डीएफएस) के अनुसार, गोदाम तीन मंजिल की इमारत के अंडरग्राउंड में था और इमारत में कोई आग से सुरक्षा का कोई उपकरण नहीं लगा था.
डीएफएस ने कहा कि 10 लोगों को बचाकर निकाल लिया गया. मृतकों में दो वरिष्ठ नागरिक और चार बच्चे भी शामिल हैं.

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे बोले, 'झारखंड में लोगों ने BJP की नीतियों के खिलाफ किया वोट'
23 December 2019
नई दिल्ली: हेमंत सोरेन की अगुवाई में झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम), कांग्रेस (congress) और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के महागठबंधन के 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में आधी सीटों पर बढ़त बनाए जाने को लेकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने सोमवार को कहा कि जनादेश सत्तारूढ़ बीजेपी (bjp) व राज्य में उसकी नीतियों के खिलाफ है. पार्टी मुख्यालय में यहां संवाददाताओं से बातचीत में खड़गे ने कहा, "यह एक अच्छा परिणाम है और बीजेपी सरकार के प्रति लोगों का गुस्सा दिखा है." उन्होंने कहा कि झारखंड में लोग बीजेपी सरकार से परेशान हो चुके थे. कांग्रेस नेता ने कहा, "केंद्र में भी, लोग बेरोजगारी, महंगाई को लेकर परेशान हैं और यहां तक कि किसानों भी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं. इन सभी चीजों ने कांग्रेस और उसके गठबंधन सहयोगियो (जेएमएम और आरजेडी) को मदद किया है. उस संदर्भ में लोगों ने कांग्रेस और उसके गठबंधन के लिए मतदान किया." खड़गे की यह टिप्पणी, उनके महागठबंधन के 81 सदस्यीय विधानसभा में 42 सीटों पर बढ़त बनाने के तुरंत बाद आई है. जेएमएम 24 सीटों पर आगे है और कांग्रेस व आरजेडी क्रमश: 13 व पांच सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं. बीजेपी 29 सीटों पर आगे है.
ममता सरकार को झटका, CAA-NRC लागू नहीं करने के विज्ञापनों पर HC ने लगाई रोक
23 December 2019
नई दिल्ली: एनआरसी (nrc) और सीएए (CAA) का विरोध कर रहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (mamta banerjee) को कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court,) से बड़ा झटका लगा है. कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार के सीएए और एनआरसी लागू नहीं करने के विज्ञापनों पर रोक लगा दी है. बता दें ममता बनर्जी ने टीवी चैनलों नागरिकता कानून नहीं लागू करने का विज्ञापन दिया था.
बता दें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने सीएए और एनआरसी की मुखर विरोधी रही हैं. सोमवार (16 दिसंबर) को सीएए व एनआरसी के खिलाफ मध्य कोलकाता इलाके से चले एक लंबे जुलूस का नेतृत्व किया. जुलूस में हजारों लोगों ने भाग लिया.
ममता ने राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर की गतिविधि व नए नागरिकता कानून (सीएए) के राज्य में क्रियान्वयन को अनुमति नहीं देने को लेकर लोगों को संकल्प दिलाया.
संकल्प में कहा गया था, "हम सभी नागरिक हैं. हमारा आदर्श सभी धर्मो में सौहार्द है. हम किसी को बंगाल नहीं छोड़ने देंगे. हम शांति के साथ व चिंता मुक्त होकर रहेंगे. हम बंगाल में एनआरसी व सीएए को अनुमति नहीं देंगे. हमें शांति बनाए रखना है."
इस मौके पर ममता ने कहा था, "एकजुट भारत के लिए बंगाल एकजुट खड़ा है. हम एनआरसी, सीएए नहीं चाहते, हम शांति चाहते हैं. यही हमारा नारा है. लोकतांत्रिक व शांतिपूर्ण आंदोलन से देशभर के लोगों द्वारा विरोध दर्ज कराने के लिए हम इसमें शामिल हैं."

मुख्तार अब्बास नकवी बोले, 'CAA और NRC को लेकर गढ़ी जा रहीं हैं झूठी कहानियां'
20 December 2019
नई दिल्ली: केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने शुक्रवार को कहा कि 'झूठ के झाड़' से 'सच के पहाड़' को नहीं छुपाया जा सकता. उन्होंने आरोप लगाया कि सीएए और एनआरसी को लेकर झूठी कहानियां गढ़ी जा रही हैं. नकवी ने यहां आयोजित मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन एवं केंद्रीय वक्फ कौंसिल की संयुक्त बैठक में कहा, "नागरिकता कानून और एनआरसी को लेकर बेबुनियाद और झूठी कहानियां गढ़ी जा रहीं हैं, अफवाह से अमन को अगवा करने की कोशिश हो रही है."
नकवी ने कहा, "मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन, केंद्रीय वक्फ कौंसिल के सदस्य देश भर में शैक्षिक संस्थानों, धार्मिक प्रतिनिधियों, गैर-सरकारी संगठनों, आम लोगों से संपर्क-संवाद कर समाज के बड़े वर्ग में पैदा की जा रही 'सियासी साजिश' से भरपूर गलतफहमी को दूर कर सच्चाई की ताकत से झूठ और दुष्प्रचार को बेनकाब करने का अभियान शुरू करेंगे."
नकवी ने आगाह किया, "हमें पूरी तरह से होशियार रहना चाहिए ऐसी साजिशों से, जो समाज के सौहार्द्र के ताने-बाने को अपने सियासी फायदे के लिए तार-तार करने पर उतारू हैं. एनआरसी के नाम पर अनार्की इसी का जीता-जागता प्रमाण है."
नकवी ने याद दिलाया कि "1951 से असम में चल रही एनआरसी प्रक्रिया सिर्फ असम तक सीमित है, देश के किसी भी हिस्से में यह लागू नहीं है. एनआरसी को मुसलमानों की नागरिकता से जोड़ना सफेद झूठ ही नहीं, भ्रम एवं भय का भूत खड़ा करने की कोशिश है."
नकवी ने कहा कि "मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन, केंद्रीय वक्फ कौंसिल के सदस्य आम लोगों के बीच जाएंगे और नागरिकता कानून और एनआरसी को लेकर कुछ लोगों द्वारा जो दुष्प्रचार, फेक फैब्रिकेटेड फसाना चलाया जा रहा है उसे बेनकाब करेंगे. लोगों को यह समझाएंगे कि नागरिकता कानून से किसी भी भारतीय की नागरिकता को कोई खतरा नहीं है, हर भारतीय नागरिक की नागरिकता सुरक्षित है."
उन्होंने कहा कि झूठ के पैर नहीं होते, वह औंधे मुंह गिरता है, जो लोग 'सत्यमेव जयते' की जगह 'झूठमेव जयते' के सिद्धांत के साथ अमन को अफवाह से अगवा करने की कोशिश कर रहे हैं वे नाकाम होंगे और 'सत्यमेव जयते' ही 'झूठमेव जयते' की साजिशी सियासत को पटखनी देगा.
नकवी ने कहा, "हमें दुष्प्रचार के दानवों से होशियार रहना चाहिए. सिटीजनशिप एक्ट, नागरिकता देने के लिए है, छीनने के लिए नहीं. हिंदुस्तान में अल्पसंख्यक तरक्की के बराबर के हिस्सेदार-भागीदार हैं. एनआरसी और नागरिकता बिल को जोड़ कर देश को गुमराह करने की साजिश को परास्त करना है. 1951 में असम में शुरू एनआरसी प्रक्रिया मात्र असम तक सीमित है, जो अभी खत्म नहीं हुई है. लिस्ट में जिनका नाम नहीं आया है, वे ट्रिब्यूनल और उसके बाद अदालतों में अपील कर सकते हैं. सरकार भी उनकी मदद कर रही है."

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया ऐलान- बिहार में नहीं लागू करेंगे NRC
20 December 2019
पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज एक कार्यक्रम में बड़ा बयान देते हुए एनआरसी पर अपना स्टैंड साफ कर दिया है. नीतीश कुमार ने कहा है कि बिहार में एनआरसी नहीं लागू किया जाएगा.
आपको बता दें कि गुरुवार को भी नीतीश कुमार ने कहा था कि हमारे रहते अल्पसंख्यक हितों से छेड़छाड़ नहीं होगी. हम इसकी गारंटी देते हैं. किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है. अल्पसंख्यकों को भरोसा देने के साथ मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए आरजेडी (RJD) पर जोरदार हमला किया और कहा कि जब बड़ी कुर्सी पर बैठे थे, तो अल्पसंख्यकों के लिए क्या किया, ये बताएंगे.
आपको बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर बिहार में हो रहे विरोध पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नजर है. इसकी चर्चा उन्होंने गुरुवार को गया के जागरूकता सम्मेलन में की और कहा कि लोग किस-किस मुद्दे पर लड़ाने की कोशिश करते रहते हैं, लेकिन हम उस पर ध्यान नहीं देते हैं. मुद्दा खोजते रहते हैं, लेकिन हम लोग काम के लिए प्रतिबद्ध हैं. हर तबके का विकास कैसे हो, इस पर योजना बना कर काम कर रहे हैं, लेकिन उनकी फितरत बिना जाने समझे सिर्फ विरोध करने और लड़वाने की है.
उन्होंने आगे कहा कि जब तक हम है, तब तक अल्पसंख्यकों के हितों से किसी तरह का खिलवाड़ नहीं होने देंगे. हम इसकी गारंटी देते हैं. आप लोग चैन से रहिए. किसी बात की चिंता करने की जरूरत नहीं है.
अब नीतीश कुमार ने साफ कर दिया है कि बिहार में एनआरसी लागू नहीं किया जाएगा और ऐसे में बीजेपी की क्या प्रतिक्रिया रहेगी इस पर हर किसी की निगाहें रहेगी.

कुलदीप सेंगर को ताउम्र जेल में रहना होगा, 1 माह मेें भरना होगा 25 लाख का जुर्माना
20 December 2019
नई दिल्‍ली : उन्नाव रेप (Unnao Rape Case) व अपहरण मामले में दोषी करार दिए गए कुलदीप सिंह सेंगर (Kuldeep Singh Sengar) को तीस हजारी कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है. कुलदीप सेंगर को उम्र भर जेल में रहना होगा. साथ ही अदालत ने सेंगर पर 25 लाख का जुर्माना भी लगाया. सेंगर को 1 महीने के भीतर 25 लाख रुपए जुर्माना भरना होगा. जुर्माना नहीं दिया तो यूपी सरकार भू-राजस्व की तरह वसूलेगी, यानी संपत्ति जब्त हो सकती है.अदालत ने कुलदीप सेंगर को आईपीसी की धारा 376 (रेप) और पोक्सो एक्‍ट की धारा 5C और 6 के तहत दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई. अदालत ने जुर्माना राशि से 10 लाख रुपये पीडि़ता को देने के आदेश दिए हैं.
इससे पहले अदालत ने दोपहर 2 बजे तक अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. सीबीआई ने मुआवजे पर कहा कि कोर्ट को जो उचित लगे वो पीड़ित को मुआवजा दे.
इससे पहले तीस हज़ारी कोर्ट में कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ सजा पर बहस हुई. सुनवाई के दौरान पीडि़त की तरफ से अदालत से सेंगर को उम्रकैद की सजा दिए जाने की मांग की गई, जबकि कुलदीप सिंह सेंगर के वकील से इस पर विरोध जताया गया है.
सुनवाई के दौरान जज ने पीड़ित के वकील धर्मेश मिश्रा को बार बार टोकने पर फटकार लगाई. जज ने कहा आप बत्तमीजी न करें. जज ने धर्मेश मिश्रा को कहा अब बहुत हो गया. हमने आपको सुन लिया. जज ने कहा कि अगर आपको मुआवजे पर बहस करनी है तो आप कर सकते हैं.
केस की सुनवाई की शुरुआत के दौरान जज ने पूछा कि कुलदीप सिंह सेंगर कहां है? इस पर जज ने कहा कि आरोपी को कोर्ट में बुलाया जाए, जिसके बाद कुलदीप सिंह सेंगर को कोर्ट में पेश किया गया.
सेंगर के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल पर पर लोन चल है. उन्‍होंने अपनी बेटी की पढ़ाई के लिए लोन लिया था. पीड़ित की तरफ से कहा गया कि कुलदीप विधायक हैं और उन्होंने इस मामले में अपने पद का दुरुपयोग किया. पीड़ित के वकील ने कहा कि कुलदीप सिंह को अधिकतम सजा देनी चाहिए. पीड़ित ने कहा कि इस मामले में उम्रकैद की सज़ा देनी चाहिए. इस पर जज ने कहा उम्रकैद को लेकर सुप्रीम कोर्ट का एक फैसला है, जिसमें मारूराम बनाम केंद्र सरकार में सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि उम्रकैद का मतलब उम्रकैद है.
हालांकि कोर्ट ने कहा कि हम रेमिशन के हिस्से में नहीं जाएंगे. कुलदीप सिंह सेंगर की तरफ से सुप्रीम कोर्ट के चार फैसलों का जिक्र किया गया. सेंगर के वकील ने कहा कि जब अपराध हुआ था उस समय अगर कोई एक्ट नहीं था और बाद में कोई एक्ट बना तो उस केस में नए एक्ट के तहत सजा नहीं हो सकती.
दरअसल, पिछली सुनवाई में सीबीआई ने कहा था कि जिन धाराओं के तहत कुलदीप सिंह सेंगर को दोषी करार दिया गया है, उसमें कम से कम 10 साल और अधिकतम उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है. ऐसे सेंगर को कड़ी से कड़ी सजा दी जाने की जरूरत है, जिससे कि समाज में कड़ा संदेश जा सके.
वहीं, कुलदीप सिंह सेंगर के वकील की दलील थी कि कुलदीप सिंह सेंगर को इन धाराओं में जो न्यूनतम सजा है वह दी जाए, क्योंकि कुलदीप सिंह सेंगर का जेल में आचरण काफी अच्छा रहा है. इतना ही नहीं पिछले करीबन 31 सालों से वह सार्वजनिक जीवन में है और कभी उसके ऊपर किसी तरह का आरोप नहीं लगा. यहां तक कि सार्वजनिक जीवन में रहते हुए कुलदीप सिंह सेंगर ने कई विकास के काम करवाएं और अपने इलाके का निरंतर विकास किया है. पीड़िता के वकील ने पीड़िता के लिए उचित मुआवजा देने की मांग भी की थी, जिसका सेंगर के वकील ने विरोध किया था. जिसके बाद अदालत ने कहा था कि मामले में कितना उचित मुआवजा हो सकता है यह दोनों पक्षों की आर्थिक हालात को देखते हुए तय किया जा सकता है. लिहाजा पीड़िता के आर्थिक हालात कैसे हैं इस बारे में पीड़िता के वकील से जानकारी मांगी गई थी. वहीं सेंगर के आर्थिक हालात कैसी हैं, इस बारे में सेंगर के वकील शुक्रवार को होने वाली सुनवाई में कोर्ट को जानकारी देंगे.
आपको बता दें कि कुलदीप सिंह सेंगर को रेप (IPC की धारा 376) और पोस्को एक्ट के तहत दोषी करार देते हुए कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि मौजूद केस में वो सारी मजबूरियां और लाचारियां हैं जो दूरदराज में रहने वाली ग्रामीण महिलाओं के सामने अक्सर आती हैं. जिनसे जूझकर लड़कियां और महिलाएं अपना जीवन डर और शर्म से अपना नारकीय जीवन काटती हैं. कोर्ट ने कहा कि हमारे विचार से इस जांच मैं पुरुषवादी सोच हावी रही है और इसी वजह से लड़कियों के खिलाफ यौन हिंसा और शोषण में जांच के दौरान संवेदनशीलता और मानवीय नजरिये का अभाव दिखता है.

CAA के खिलाफ प्रदर्शन से जाम हुई दिल्‍ली, सड़कों पर दौड़ने की बजाए खड़े द‍िखे वाहन, जानें प्रभावित इलाके
19 December 2019
नई दिल्ली : नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) के खिलाफ एक सप्ताह से चल रहा प्रदर्शन गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में चरम पर पहुंच गया. प्रदर्शनों के चलते दिल्ली (Delhi) और राष्ट्रीय राजधानी के आसपास स्थित सीमा क्षेत्र के प्रवेश मार्गों पर यातायात बंदोबस्त चरमरा गए. सबसे ज्यादा प्रभावित नई दिल्ली (New Delhi), मध्य दिल्ली और दक्षिण-पूर्वी, उत्तरी दिल्ली जिले रहे. जबकि बार्डर पर सबसे ज्यादा जाम का झंझट नोएडा-डीएनडी मार्ग, महरौली-गुरुग्राम (एमजी रोड) तथा दिल्ली गुरुग्राम नेशनल हाईवे-8 पर देखने को मिला.
दिल्ली पुलिस (Delhi Police) और आमजन का सबसे पहले और सबसे ज्यादा परेशानी से सामना सुबह करीब 11 बजे से उत्तरी दिल्ली के कोतवाली थाना इलाके में स्थित लाल किले के चारों ओर स्थित मार्गों पर हुआ. दिल्ली पुलिस से अनुमति न मिलने के बाद भी यहां जमा हुई भीड़ के कारण लाल किला, चांदनी चौक, सदर बाजार जाने वाला रास्ता (बाया लाहोरी गेट), राजघाट के आसपास के रास्ते बुरी तरह जाम हो गए.
उत्तरी दिल्ली में लाल किले के चारों ओर के रास्तों पर अचानक आई भीड़ के सैलाब से मध्य दिल्ली जिले के दरियागंज, जामा मस्जिद, तुर्कमान गेट, एलएनजेपी, कमला मार्केट, बहादुर शाह जफर मार्ग (प्रेस एरिया के सामने), मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के आसपास की सड़कों पर वाहनों की भीड़ लग गई.
जाम से आमजन को बचाने के लिए हालांकि दिल्ली पुलिस ने बुधवार रात ही खास रणनीति बना ली थी. सिविल पुलिस के अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस को भी अधिक संख्या में इलाके की सड़कों पर यातायात इंतजाम के लिए उतारा गया. इसके बावजूद भीड़ के सामने पुलिस के तमाम इंतजाम धरे रह गए.
दोपहर बाद करीब साढ़े 12 बजे उत्तरी दिल्ली और मध्य दिल्ली की सड़कों पर बढ़ी वाहनों और प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने पुलिस के तमाम इंतजाम चौपट कर दिए. परेशान हाल और भीड़ में फंसे तमाम वाहन चालक जल्दी मंजिल तक पहुंचने के चक्कर में माता सुंदरी रोड, मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के भीतर की सड़कों पर, दीनदयाल उपाध्याय रोड (हिंदी भवन के आसपास) को कनेक्ट करती संकरी गलियों में जाकर फंस गए. जाम के चलते कई वाहन चालकों को आपस में तू-तू मैं-मैं करते भी सुना देखा गया. इन गलियों में पुलिस का कोई इंतजाम न होने से जाम और भी बुरे हाल में पहुंच गया.
मध्य दिल्ली और उत्तरी दिल्ली जिले का जाम नई दिल्ली स्थित मंडी हाउस, प्रगति मैदान और सुप्रीम कोर्ट के बीच वाली सड़क, तिलक मार्ग (इंडिया को जोड़ने वाला रास्ता) पर घंटों वाहनों को रेंगते देखा गया. सड़कों पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस किसी तरह से वाहनों को आगे बढ़ाने में जुटी देखी गई. तमाम मुख्य मार्गों पर जाम के चलते लाल-बत्तियां भी बेईमानी सी लगने लगीं. रेड-लाइट्स अपना काम निरंतर करती रहीं, मगर रेड-लाइट्स से बेखबर वाहन धीरे-धीरे आगे की ओर रेंगते देखे गए.
नई दिल्ली में सबसे ज्यादा मुसीबत तब रोड पर शुरू हुई, जब प्रदर्शनकारी मंडी हाउस पहुंच गए. अपराह्न् करीब एक बजे के आसपास यहां ट्रैफिक बंदोबस्त पूरी तरह चौपट हो गए. जाम को बढ़ाने में दिल्ली पुलिस द्वारा सड़कों पर खड़ी की गई वे सैकड़ों बसें, जिनमें प्रदर्शनकारियों को भरकर ले जाना था, की भी काफी हद तक भूमिका रही.
मध्य दिल्ली में आईटीओ के पास लगे जाम के चलते पूर्वी जिले के लक्ष्मी नगर, शकरपुर से आईटीओ की ओर यमुना ब्रिज के रास्ते आने वाले वाहनों का जाम लग गया. जिससे यमुना ब्रिज पर पांव रखने की जगह नहीं बची. इस भीड़ के चलते आईटीओ की दोनो मुख्य रेड-लाइट्स जलती बुझती देखी गई. मगर रेड लाइट्स से बेखबर वाहन चालक वाहनों को धीरे-धीरे आगे की ओर रेगाते हुए देखे गए.
दोपहर करीब 12 बजे के आसपास दिल्ली सीमा पर स्थित हरियाणा के गुरुग्राम (नेशनल हाईवे-8), दिल्ली के महिपालपुर, कापसहेड़ा आदि इलाकों से सड़कों पर जाम लगने की खबरें आने लगीं. हांलांकि दोपहर करीब साढ़े बारह बजे महिपालपुर निवासी सुरेश ने आईएएनएस को फोन पर बताया कि महिपालपुर में जाम नहीं है. उनके मुताबिक, रोड जाम के हालात कापसहेड़ा और दिल्ली से गुरुग्राम, व गुरुग्राम से दिल्ली आने वाले नेशनल हाईवे-8 पर हैं.
राष्ट्रीय राजधानी से सटी यूपी की गाजियाबाद सीमा (गाजीपुर बार्डर पूर्वी दिल्ली) पर दोपहर बाद एक बजे तक हालात सामान्य देखने को मिले. यहां राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 9 (पहले 24 था) पर वाहनों को सामान्यत: आते-जाते देखा गया. जबकि नोएडा से अक्षरधाम की ओर आने-जाने वाले वाहन भी धीरे धीरे ही सही मगर चलते हुए दिखाई दिए.
नोएडा से दिल्ली और दिल्ली से नोएडा (ब-रास्ता डीएनडी) आने जाने वाले वाहनों को अपराह्न् एक बजे तक जाम में फंसे देखा गया. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस (दक्षिणी परिक्षेत्र) के एक आला अफसर ने नाम न छापने की शर्त पर आईएएनएस से बातचीत में माना कि दक्षिणी और दक्षिण पूर्वी दिल्ली जिला के आश्रम चौक, कालिंदी कुंज, सरिता विहार, बदरपुर, शाहीन बाग, ओखला, जामिया नगर आदि इलाकों में जाम के हालात बने हुए हैं. ट्रैफिक की स्पीड भीड़ के चलते बेहद कम है.

HC ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को जारी किया नोटिस, 4 फरवरी को होगी अगली सुनवाई
19 December 2019
नई दिल्ली: जामिया के प्रदर्शनकारी छात्रों को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है. हाई कोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. मामले की अगली सुनवाई 4 फरवरी को होगी.
बता दें जामिया नगर में नगारिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे प्रदर्शानकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई थी. बता दें नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रोटेस्ट कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच रविवार को हुई हिंसक झड़प में कई छात्र और पुलिसकर्मी भी घायल हुई थे.
विश्वविद्यालय में विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पांच जनवरी तक अवकाश घोषित कर दिया गया। इसके साथ ही यहां होने वाली परीक्षाओं को भी कुछ समय के लिए टाल दिया गया। दिल्ली के जामिया मिलिया विश्वविद्यालय में बुधवार को भी नागरिक संशोधन कानून के खिलाफ पिछले छह दिन से चला आ रहा छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। इस दौरान जामिया टीचर्स एसोसिएशन ने भी यहां विरोध मार्च निकाला।

दोषी पवन की याचिका खारिज, HC ने कहा- अपराध के वक्त वह नाबालिग नहीं था
19 December 2019
नई दिल्ली: निर्भया गैंगरेप और हत्या मामले ( Nirbhaya gangrape case) के चार दोषियों में से एक पवन गुप्ता की याचिका दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने खारिज कर दी है. हाई कोर्ट ने कहा है कि अपराध के वक्त पवन नाबालिग नहीं था. कोर्ट ने पवन के वकील ए पी सिंह पर 25 हज़ार का जुर्माना लगाया।
बता दें निर्भया केस में दोषी पवन ने दिल्ली हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर खुद को घटना के समय नाबालिग होने की बात कही थी.पवन को सुप्रीम कोर्ट से फांसी की सजा मिल चुकी है. पवन कुमार ने अर्जी में दावा किया था कि दिसंबर 2012 में घटना के वक्त वो नाबलिग था. जांच अधिकारी द्वारा उम्र की जांच के लिए मेडिकल परीक्षण नहीं कराया गया था, उसे जुवेनाइल जस्टिस एक्ट कर तहत संदेह का लाभ दिया जाना चाहिए.
इससे पहले गुरुवार को हाई कोर्ट ने अपना फैसला वापस लेते हुए आज ही सुनवाई करने का निर्णय लिया. इससे पहले गुप्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने 24 जनवरी को सुनवाई का आदेश दे दिया था. कोर्ट के फैसले के बाद निर्भया की मां ने अदालत से गुहार लगाई की मामले की सुनवाई को न टाला जाए जिसके बाद कोर्ट ने कहा 24 जनवरी तक मामले को टालने के आदेश को वापस लिया.
बता दें निर्भया के साथ 16 दिसंबर, 2012 की रात पांच पुरुषों और एक नाबालिग ने एक चलती बस में मिलकर क्रूरता के साथ दुष्कर्म किया था. बाद में पीड़िता ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था.

दोषियों को दया याचिका दाखिल करने के लिए 1 सप्ताह का समय मिले, तिहाड़ जेल प्रशासन को नोटिस
18 December 2019
नई दिल्ली: निर्भया केस (Nirbhya Case) में दोषियों को जल्द फांसी की सजा दिए जाने की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने बुधवार को तिहाड़ जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि वह निर्भया के दोषियों को दया याचिका के लिए एक सप्ताह का नोटिस जारी करे. इसके बाद कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के लिए 7 जनवरी 2020 का दिन निर्धारित किया है. इससे पहले आज सुप्रीम कोर्ट द्वारा हत्यारे अक्षय ठाकुर की पुनर्विचार याचिका को खारिज किए जाने के बाद पटियाला हाउस कोर्ट में दोषियों को जल्द फांसी दिए जाने की याचिका पर सुनवाई हुई.
सुनवाई से पहले जज ने अक्षय की पुनर्विचार याचिका के बारे में भी पूछा. इस पर निर्भया के वकील ने कहा कि दोषियों की पुनर्विचार याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज हो चुकी है. कोर्ट में निर्भया के वकील ने मांग है कि दोषियों के लिए डेथ वारंट जारी किया जाए और फांसी देने के लिए 14 दिन का वक्त तय किया जाए.
कोर्ट के पास याचिका खारिज होने की आधिकारिक जानकारी पहुंच गई है. पटियाला हाउस कोर्ट में आज इस मामले में सुनवाई टल गई है. अब 7 जनवरी 2020 को इस मामले में अगली सुनवाई होगी. सुनवाई टलने के बाद कोर्ट रूम में खड़ी निर्भया की मां आशा देवी रोने लगीं.
इससे पहले जब 13 दिसंबर को सुनवाई हुई तो कोर्ट ने कहा कि दोषी अक्षय की पुनर्विचार याचिका पर 17 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट में होनी है, उस पर फैसले का इंतजार करना होगा. उसके बाद 18 दिसंबर को सुनवाई होगी. सुनवाई के दौरान याचिका दायर करने वाले निर्भया के माता-पिता भी कोर्ट रूम में मौजूद थे. दोषी के वकील एपी सिंह ने कहा कि हमारी कई अर्जियां अलग-अलग जगह लंबित है. इस पर कोर्ट ने कहा कि आपको कई बार पहले सूचना दी जा चुकी है. आप मामले को लंबा खींचने की कोशिश कर रहे हैं.
एपी सिंह ने कहा कि पवन आरोप के वक़्त नाबालिग था. उसकी अर्जी लंबित है. कोर्ट ने कहा कि आपको तब अर्जी देना था जब निचली अदालत ने सजा दी थी. कोर्ट ने कहा कि हम रिव्यू पर SC का इंतजार करेंगे. इस बीच निर्भया की मां ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. अक्षय की पुनर्विचार याचिका के विरोध में अर्जी दाखिल करने की इजाजत मांगी. चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने याचिका दायर करने की इजाजत दी. फांसी के मामले में पुनर्विचार याचिका पर खुली अदालत में सुनवाई होती है.
इस बीच निर्भया की मां ने कहा कि उम्‍मीद है कि दोषी की पुनर्विचार याचिका खारिज होगी. सात साल से लड़ाई लड़ रहे हैं, आगे भी लड़ाई जारी रहेगी. इसके साथ ही उन्‍होंने दोषियों के खिलाफ डेथ वारंट जारी करने की मांग की. उल्‍लेखनीय है कि निर्भया दुष्कर्म व हत्याकांड के आरोपी अक्षय कुमार सिंह की पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 17 दिसंबर को सुनवाई करेगा.
दोषी अक्षय ने दायर की पुनर्विचार याचिका
इससे पहले निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्याकांड में मौत की सजा पाए चार दोषियों में से एक अक्षय कुमार सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में मामले को लेकर पुनर्विचार याचिका दायर करते हुए कहा कि दिल्ली गैस चैंबर है, ऐसे मैं मौत की सजा देने की क्या जरूरत है. वकील ए.पी.सिंह के माध्यम से दायर समीक्षा याचिका में अक्षय ने कहा, "दिल्ली-एनसीआर में पानी और हवा को लेकर जो कुछ हो रहा है, उससे हर कोई वाकिफ है. जीवन छोटा होता जा रहा है, फिर मृत्युदंड क्यों?"
सुप्रीम कोर्ट 9 जुलाई 2018 को ही अन्य तीन दोषियों की पुनर्विचार याचिका को रद्द कर चुका है. उस समय अक्षय ने याचिका दायर नहीं की थी. वकील सिंह ने अपने मुवक्किल की ओर से 10 दिसंबर शीर्ष अदालत में याचिका दायर की.
याचिका में अक्षय ने निवेदन करते हुए दावा किया कि दिल्ली की हवा की गुणवत्ता बिगड़ गई है, और राजधानी शहर सचमुच गैस चैंबर बन गया है. यहां तक कि शहर में पानी भी जहर से भरा है. गौरतलब है कि 16 दिसंबर, 2012 की रात दक्षिण दिल्ली में एक चलती बस में छह लोगों ने निर्भया (23) के साथ मिलकर दुष्कर्म किया था. सामूहिक दुष्कर्म इतना वीभत्स था कि इससे देशभर में आक्रोश पैदा हो गया था और सरकार ने दुष्कर्म संबंधी कानून और सख्त किए थे.
छह दुष्कर्म दोषियों में से एक नाबालिग था, जिसे बाल सुधार गृह में भेज दिया गया और बाद में रिहा कर दिया गया. एक दोषी ने जेल में ही आत्महत्या कर ली थी. शीर्ष अदालत ने मुकेश (30), पवन गुप्ता (23) और विनय शर्मा (24) की पुनर्विचार याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि मृत्युदंड की समीक्षा के लिए अभियुक्तों द्वारा कोई आधार स्थापित नहीं किया गया है.

कांग्रेस सीएए का विरोध करने से पहले 1947 का प्रस्ताव देखे : अमित शाह
18 December 2019
नई दिल्ली : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने बुधवार को कांग्रेस (Congress) को याद दिलाया कि सीएए पर मोदी सरकार की आलोचना से पहले उसे अपनी कार्यकारिणी के 1947 के प्रस्ताव को देखना चाहिए. अमित शाह ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) के साथ कांग्रेस को महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू व सरदार पटेल के बयानों को देखना चाहिए.
शाह ने कहा, "कांग्रेस पार्टी को सीएए का विरोध करने व इस पर देश भर में अफवाह और अशांति फैलाने से पहले महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सरदार पटेल के 25 नवंबर, 1947 की कांग्रेस कार्यकारिणी में प्रस्ताव को पढ़ना और सुनना चाहिए." उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने नेता अशोक गहलोत के बयान को देखना चाहिए.

निर्भया केस: दोषियों को जल्द फांसी पर सुनवाई 7 जनवरी तक टली, रो पड़ीं निर्भया की मां
18 December 2019
नई दिल्ली: देश को दहला देने वाले निर्भया केस (Nirbhya Case) में सुप्रीम कोर्ट द्वारा हत्यारे अक्षय ठाकुर की पुनर्विचार याचिका को खारिज किए जाने के बाद पटियाला हाउस कोर्ट में दोषियों को जल्द फांसी दिए जाने की याचिका पर सुनवाई हुई. सुनवाई से पहले जज ने अक्षय की पुनर्विचार याचिका के बारे में भी पूछा. इस पर निर्भया के वकील ने कहा कि दोषियों की पुनर्विचार याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज हो चुकी है. कोर्ट में निर्भया के वकील ने मांग है कि दोषियों के लिए डेथ वारंट जारी किया जाए और फांसी देने के लिए 14 दिन का वक्त तय किया जाए.
कोर्ट के पास याचिका खारिज होने की आधिकारिक जानकारी पहुंच गई है. पटियाला हाउस कोर्ट में आज इस मामले में सुनवाई टल गई है. अब 7 जनवरी 2020 को इस मामले में अगली सुनवाई होगी. सुनवाई टलने के बाद कोर्ट रूम में खड़ी निर्भया की मां आशा देवी रोने लगीं.
इससे पहले जब 13 दिसंबर को सुनवाई हुई तो कोर्ट ने कहा कि दोषी अक्षय की पुनर्विचार याचिका पर 17 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट में होनी है, उस पर फैसले का इंतजार करना होगा. उसके बाद 18 दिसंबर को सुनवाई होगी. सुनवाई के दौरान याचिका दायर करने वाले निर्भया के माता-पिता भी कोर्ट रूम में मौजूद थे. दोषी के वकील एपी सिंह ने कहा कि हमारी कई अर्जियां अलग-अलग जगह लंबित है. इस पर कोर्ट ने कहा कि आपको कई बार पहले सूचना दी जा चुकी है. आप मामले को लंबा खींचने की कोशिश कर रहे हैं.
एपी सिंह ने कहा कि पवन आरोप के वक़्त नाबालिग था. उसकी अर्जी लंबित है. कोर्ट ने कहा कि आपको तब अर्जी देना था जब निचली अदालत ने सजा दी थी. कोर्ट ने कहा कि हम रिव्यू पर SC का इंतजार करेंगे. इस बीच निर्भया की मां ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. अक्षय की पुनर्विचार याचिका के विरोध में अर्जी दाखिल करने की इजाजत मांगी. चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने याचिका दायर करने की इजाजत दी. फांसी के मामले में पुनर्विचार याचिका पर खुली अदालत में सुनवाई होती है.
इस बीच निर्भया की मां ने कहा कि उम्‍मीद है कि दोषी की पुनर्विचार याचिका खारिज होगी. सात साल से लड़ाई लड़ रहे हैं, आगे भी लड़ाई जारी रहेगी. इसके साथ ही उन्‍होंने दोषियों के खिलाफ डेथ वारंट जारी करने की मांग की. उल्‍लेखनीय है कि निर्भया दुष्कर्म व हत्याकांड के आरोपी अक्षय कुमार सिंह की पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 17 दिसंबर को सुनवाई करेगा.
दोषी अक्षय ने दायर की पुनर्विचार याचिका
इससे पहले निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्याकांड में मौत की सजा पाए चार दोषियों में से एक अक्षय कुमार सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में मामले को लेकर पुनर्विचार याचिका दायर करते हुए कहा कि दिल्ली गैस चैंबर है, ऐसे मैं मौत की सजा देने की क्या जरूरत है. वकील ए.पी.सिंह के माध्यम से दायर समीक्षा याचिका में अक्षय ने कहा, "दिल्ली-एनसीआर में पानी और हवा को लेकर जो कुछ हो रहा है, उससे हर कोई वाकिफ है. जीवन छोटा होता जा रहा है, फिर मृत्युदंड क्यों?"
सुप्रीम कोर्ट 9 जुलाई 2018 को ही अन्य तीन दोषियों की पुनर्विचार याचिका को रद्द कर चुका है. उस समय अक्षय ने याचिका दायर नहीं की थी. वकील सिंह ने अपने मुवक्किल की ओर से 10 दिसंबर शीर्ष अदालत में याचिका दायर की.
याचिका में अक्षय ने निवेदन करते हुए दावा किया कि दिल्ली की हवा की गुणवत्ता बिगड़ गई है, और राजधानी शहर सचमुच गैस चैंबर बन गया है. यहां तक कि शहर में पानी भी जहर से भरा है. गौरतलब है कि 16 दिसंबर, 2012 की रात दक्षिण दिल्ली में एक चलती बस में छह लोगों ने निर्भया (23) के साथ मिलकर दुष्कर्म किया था. सामूहिक दुष्कर्म इतना वीभत्स था कि इससे देशभर में आक्रोश पैदा हो गया था और सरकार ने दुष्कर्म संबंधी कानून और सख्त किए थे.
छह दुष्कर्म दोषियों में से एक नाबालिग था, जिसे बाल सुधार गृह में भेज दिया गया और बाद में रिहा कर दिया गया. एक दोषी ने जेल में ही आत्महत्या कर ली थी. शीर्ष अदालत ने मुकेश (30), पवन गुप्ता (23) और विनय शर्मा (24) की पुनर्विचार याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि मृत्युदंड की समीक्षा के लिए अभियुक्तों द्वारा कोई आधार स्थापित नहीं किया गया है.

नागरिकता कानून: इंडिया गेट पर प्रियंका गांधी को धरना खत्म करने के लिए कहा गया
16 December 2019
नई दिल्ली: नागरिकता (संशोधन) कानून को लेकर जामिया मिलिया इस्लामिया (दिल्ली) और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा इंडिया गेट पर धरने पर बैठी हैं. पुलिस ने सुरक्षा कारणों के चलते कांग्रेस नेताओं से धरना खत्म करने को कह दिया है. इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, गुलाम नबी आजाद, एके एंटनी, केसी वेणुगोपाल, एके एंटनी और पीएल पुनिया समेत पार्टी के तमाम बड़े नेता मौजूद हैं. विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर डीएमआरसी ने ऐतिहयात बरतते हुए केंद्रीय सचिवालय, उद्योग भवन, पटेल चौक, जामिया यूनिवर्सिटी मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया है. इन स्टेशनों पर मेट्रो नहीं रुकेंगी. दिल्ली मध्य के पुलिस उपायुक्त मनदीप सिंह रंधावा के अनुसार, शनिवार को जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में प्रदर्शनकारी छात्रों और पुलिस के बीच रविवार को हुए संघर्ष में 30 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. उन्होंने कहा कि इस दौरान लगभग 100 निजी वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं. इस दौरान 39 प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं. उन्होंने बताया कि मामले की जांच अपराध शाखा को सौंप दी गई है.
विधायक कुलदीप सेंगर नाबालिग से दुष्कर्म और अपहरण का दोषी करार, 18 दिसंबर को सजा सुनाई जा सकती है
16 December 2019
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के उन्नाव दुष्कर्म केस में दिल्ली कोर्ट ने भाजपा से निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सोमवार को दोषी करार दिया। उसकी सजा पर बहस 18 दिसंबर को होगी। उसी दिन सजा सुनाई जा सकती है। सेंगर और उसके साथियों ने 2017 में लड़की को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म किया था। तीस हजारी कोर्ट ने सेंगर को आपराधिक षड्यंत्र, अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी माना है। वहीं, लड़की को सेंगर के पास लेकर जाने वाली सहआरोपी शशि सिंह को बरी कर दिया।
इसी साल जुलाई में पीड़ित की कार की ट्रक से भिड़ंत हो गई थी। तब वह रायबरेली इसमें उसकी चाची और मौसी की मौत हो गई थी। पीड़ित लड़की और उसके वकील तभी से दिल्ली एम्स में भर्ती हैं। विधायक के भाई की शिकायत पर लड़की का चाचा जेल में है। फिलहाल, सेंगर तिहाड़ जेल में बंद है।
चार्जशीट दाखिल करने में देरी पर सीबीआई को फटकार
कोर्ट ने कहा कि दोषी एक ताकतवर इंसान है और पीड़ित गांव की लड़की है। वह बड़े और शिक्षित शहर से नहीं आती है, इसी के चलते केस दर्ज कराने में देरी हुई। हमें पीड़ित के बयान सच्चे लगते हैं। इसमें कोई दोराहे नहीं कि उसके साथ दुष्कर्म हुआ और जान को खतरा था। बदले के लिए पीड़ित के परिजन पर कई केस दर्ज कराए गए। दोषी सेंगर के रुतबे के चलते लड़की के पिता के खिलाफ भी केस दर्ज हुआ था। इसके अलावा कोर्ट ने चार्जशीट दाखिल करने में देरी पर सीबीआई को फटकार लगाई। जज ने कहा- पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों को भी ठीक तरह से लागू नहीं किया गया। पीड़ित के बयान दर्ज करने के लिए सीबीआई के पास महिला अफसर होनी चाहिए। पीड़ित के पास जाकर बयान लेने की बजाय उसे जांच एजेंसी के दफ्तर बुलाया गया।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केस दिल्ली ट्रांसफर हुआ था
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर केस लखनऊ से दिल्ली कोर्ट ट्रांसफर हुआ था। इसके बाद 5 अगस्त से रोजाना बंद कमरे में सुनवाई हो रही थी। इस दौरान अभियोजन पक्ष के 13 गवाहों और बचाव पक्ष के 9 गवाहों से जिरह हुई। पीड़ित का बयान दर्ज करने के लिए एम्स में स्पेशल कोर्ट बनाया गया था। तीस हजारी कोर्ट ने 10 दिसंबर को फैसला सुरक्षित रखा था।
42 महीने में 4 मौतें, 4 जून 2017 से अब तक उन्नाव केस के अहम मोड़
रेप के 10 दिन बाद पुलिस पीड़ित का पता लगा सकी
04 जून 2017- नाबालिग पीड़ित का गांव के ही दो युवकों शुभम और अवधेश ने अपहरण किया। दोनों युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज।
21 जून 2017- दस दिन बाद पुलिस अपहृत किशोरी का पता लगा सकी। पीड़ित ने तीन लोगों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया।
22 जुलाई 2017- पीड़ित ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिख इंसाफ की गुहार लगाई। पीड़ित ने कि विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने दुष्कर्म किया।
पीड़ित के पिता पर जानलेवा हमला किया गया
30 अक्टूबर 2017- विधायक की तरफ से पीड़ित और उसके परिवार के खिलाफ मांखी थाने में मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया गया।
03 अप्रैल 2018- आरोपी विधायक के भाई अतुल सिंह सेंगर ने साथियों संग पीड़ित के पिता पर मारपीट कर जानलेवा हमला किया।
04 अप्रैल 2018- मारपीट मामले में पीड़िता के पिता के खिलाफ ही संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेज दिया।
09 अप्रैल 2018- जेल में पीड़ित के पिता हालत दिन-पर-दिन खराब होती गई और आखिरकार उन्होंने जेल में ही दम तोड़ दिया।
सुबह 4 बजे कुलदीप सेंगर को हिरासत में लिया था
13 अप्रैल 2018- सीबीआई ने सुबह चार बजे दुष्कर्म मामले में आरोपी भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को हिरासत में लिया।
11 जुलाई 2018- सीबीआई ने दुष्कर्म मामले में चार्जशीट दायर की, जिसमें कुलदीप सेंगर, भाई अतुल सिंह और पांच अन्य लोगों को आरोपी बनाया।
18 अगस्त 2018- दुष्कर्म मामले के मुख्य गवाह यूनुस की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत।
04 जुलाई 2019- पीड़िता के चाचा को 19 साल पुराने एक मामले में कोर्ट ने 10 साल के कारावास की सजा सुनाई।
12 जुलाई 2019- पीड़ित की तरफ से चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई को पत्र लिखा, आरोपी विधायक से पूरे परिवार को जान को खतरा बताया।
एक्सीडेंट में मारी गईं पीड़ित की मौसी और चाची
28 जुलाई 2019- रायबरेली के गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र में ट्रक व कार की टक्कर में पीड़ित की चाची और मौसी की मौत। पीड़ित और उनके वकील गंभीर रूप से घायल हुए।
29 जुलाई 2019- सड़क दुर्घटना मामले में कुलदीप सिंह सेंगर, उसके भाई मनोज सिंह सेंगर, विनोद मिश्र सहित 15-20 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज।
सुप्रीम कोर्ट ने केस दिल्ली ट्रांसफर किए, रोज सुनवाई का आदेश दिया
31 जुलाई 2019- चीफ जस्टिस ने पीड़ित के पत्र पर संज्ञान लिया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेट्री जनरल को देरी पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया।
01 अगस्त 2019- सुप्रीम कोर्ट ने पांच मामलों को दिल्ली ट्रांसफर करने, प्रतिदिन सुनवाई का आदेश दिया। भाजपा ने सेंगर को पार्टी से निकाला।
10 दिसम्बर 2019- तीस हजारी कोर्ट ने गवाहों की सुनवाई के कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।

कुलपति का आरोप- बिना इजाजत कैंपस में घुसकर तोड़फोड़ की, पुलिस का जवाब- भड़काने के बावजूद संयम रखा
16 December 2019
नई दिल्ली. जामिया यूनिवर्सिटी में नागरिकता कानून के खिलाफ हुए उग्र प्रदर्शन को लेकर कुलपति नजमा अख्तर ने सोमवार को बयान दिया। उन्होंने कहा- पुलिस ने बिना इजाजत यूनिवर्सिटी में घुसकर तोड़फोड़ की। लाइब्रेरी में बैठे छात्रों पर लाठियां चलाईं, जिसमें 200 छात्र जख्मी हुए। हम पुलिस के खिलाफ एफआईआर कराएंगे। उन्होंने कहा- शुक्रवार को पहली बार जामिया के बच्चों ने अपने जुलूस निकाले, फिर टीचर्स ने। जो लोग बाहर से आ रहे थे, उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने जामिया के गेट पर बैरिकेड्स लगा दिए थे। हमने उन्हें बैरिकेड्स लगाने से रोका था। कुछ बाहरी लोग कैंपस में घुस गए थे। उसके पीछे पुलिस अंदर गई।
कुलपति ने कहा- हम सब अंदर बैठे थे, कि अगर पुलिस आएगी तो हम उनकी मदद करेंगे। लेकिन वे जबरन लाठियां चलाने लगे। आप मुझसे पूछते, रजिस्ट्रार से पूछते। हमारे छात्र लाइब्रेरी में थे। पुलिस वालों ने वहां लाठियां चलाईं। बच्चों को जिस बर्बरता से डराया गया है, वह ठीक नहीं है। यूनिवर्सिटी का काफी नुकसान हुआ।
पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रियंका का धरना
जामिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने धरना दिया। खिलाफ इंडिया गेट पर इस प्रतीकात्मक धरने में पुलिस कार्रवाई की निंदा की गई। प्रियंका के साथ केसी वेणुगोपाल, एके एंटनी, पीएल पूनिया, अहमद पटेल सहित कई कांग्रेस नेता भी धरने में शामिल हुए।
जामिया को टारगेट किया जा रहा: कुलपति
कुलपति नजमा ने कहा- यूनिवर्सिटी में पुलिस के घुसने पर एफआईआर कराएंगे। हम चाहेंगे कि इस पर उच्चस्तरीय जांच हो। यूनिवर्सिटी के किसी भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई। ये अफवाह है। कई छात्र जख्मी हुए हैं। मुझे लगता है कि आने वाले समय में भी भीड़ जामिया की सड़क से ही जाएगी इसलिए हम चाहते हैं कि एक बायपास बने। जामिया को सिक्योर करने के लिए बगल वाली रोड हमें दे दी जाए। जामिया को टारगेट न किया जाए। यह नेशनल मूवमेंट से निकली यूनिवर्सिटी है। यह इश्यू पूरे इंडिया में हो रहा है, लेकिन नाम हर जगह जामिया का आ रहा है।
जामिया-अलीगढ़ में रविवार रात क्या हुआ?
जामिया यूनिवर्सिटी में रविवार रात प्रदर्शनकारियों ने 4 बसों समेत 8 वाहन फूंक दिए थे। पुलिस के बल प्रयोग में करीब 100 से अधिक छात्र जख्मी हुए थे। 52 छात्रों को हिरासत में लिया गया था। इसके खिलाफ जामिया और जेएनयू के छात्रों ने पुलिस हेडक्वार्टर का घेराव किया। सोमवार तड़के पुलिस ने सभी छात्रों को छोड़ दिया। जामिया हिंसा को लेकर दो एफआईआर दर्ज हुई हैं।
जामिया में पुलिस कार्रवाई के विरोध में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में भी रात को छात्रों का प्रदर्शन उग्र हो गया। पुलिस पर पत्थरबाजी के बाद छात्रों पर लाठीचार्ज हुआ। इसमें 60 से ज्यादा छात्र जख्मी हुए। एएमयू और जामिया प्रशासन ने 5 जनवरी तक छुट्‌टी घोषित कर दी है। एएमयू के रजिस्ट्रार अब्दुल हमीद ने बताया कि छात्रों से रविवार देर रात हॉस्टल खाली कराए गए। उन्हें बस और ट्रेन से घर भेजने के इंतजाम किए गए। जामिया के भी कई छात्र सोमवार को अपने घर रवाना हो गए।
सोमवार को लखनऊ के नदवा कॉलेज में भी छात्रों ने विरोध जताया। पत्थरबाजी के बाद पुलिस ने काॅलेज के गेटों को बाहर से बंद कर दिया। इस दौरान जामिया के छात्रों के समर्थन में नारेबाजी हुई। लखनऊ एसपी कलानिधी नैथानी ने कहा कि 150 से ज्यादा लोग जब प्रदर्शन के लिए आए, तब करीब 30 सेकंड तक पत्थरबाजी हुई। फिलहाल स्थिति सामान्य है। छात्र अपनी क्लासों में लौट गए।
दक्षिणी दिल्ली के स्कूल सोमवार को बंद रहेंगे
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। वहीं, दिल्ली में जामिया में हिंसा के बाद उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोमवार को ओखला, जामिया, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी और मदनपुर खादर इलाके के सभी स्कूल बंद रखने की घोषणा की। हिंसा के बाद दिल्ली में 14 मेट्रो स्टेशन बंद करने पड़े, जो सोमवार सुबह फिर शुरू कर दिए गए।

प्लाईवुड फैक्ट्री में आग, एक हफ्ते में दूसरी घटना; दमकल की 21 गाड़ियां मौके पर
13 December 2019
नई दिल्ली. राजधानी के मुंडका क्षेत्र में स्थित एक प्लाईवुड फैक्ट्री में शनिवार तड़के आग लग गई। दमकल की 21 गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। हालांकि इससे किसी भी तरह की जनहानि की खबर नहीं है। आग पास की बल्ब फैक्ट्री तक पहुंच गई। आग लगने के कारण का फिलहाल पता नहीं चला है।
इससे पहले 8 दिसंबर को दिल्ली के अनाज मंडी में एक फैक्ट्री में आग लगी थी। इसमें 43 लोगों की मौत हुई थी। इस फैक्ट्री में प्लास्टिक के सामान, खिलौने, स्कूल बैग बनाए जाते थे।
आग पर काबू पा लिया गया
दमकल अधिकारी एसएस तुली ने कहा, ‘‘हमें सबसे पहला फोन सुबह करीब 5 बजे आया था। गोदाम में लकड़ियां भरी हुई थीं। इससे पहले की आग दूसरी बिल्डिंग तक पहुंचती, हमने उस पर काबू पा लिया।’’

भारी बर्फबारी से जनजीवन प्रभावित, कश्मीर का संपर्क देश के बाकी हिस्सों से कटा
13 December 2019
श्रीनगर: घाटी में भारी हिमपात (Snowfall) के चलते कश्मीर का संपर्क देश के बाकी हिस्सों से कट गया है. हवाई यातायात के साथ जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) राष्ट्रीय राजमार्ग भी बंद पड़ा है. अगले 12 घंटों तक मौसम के ऐसे ही मिजाज बने रहने के आसार जताये गए हैं.
कश्मीर घाटी में पिछले 40 दिनों में शुक्रवार को चौथी बार भारी हिमपात हुआ. कश्मीर घाटी देश के बाकी हिस्सों से पूरी तरह कट गई है. बीती रात से हो रहे भारी हिमपात के कारण जम्मू कश्मीर राष्ट्रीय राजमार्ग, श्रीनगर लेह राजमार्ग और मुगल रोड यातायात के लिए बंद कर दिया गया हैं। हवाई यातयात पिछले 7 दिनों से प्रभावित हैं, एक सप्ताह से ना कोई फ्लाइट कश्मीर आ सकी हैं ना जा सकी हैं।
बीती रात से कश्मीर घाटी में खास कर दक्षिणी कश्मीर में भारी मात्रा में बर्फ जमा हुई है. मौसम विभाग के मुताबिक बनिहाल जवाहर सुरंग पर 3.5 फीट बर्फ जमा हुई हैं जबकि पर्यटन स्थल पहलगाम में 3.8 फीट तो गुलमर्ग में 1.7 फ़ीट बर्फ जमा हुई हैं. वही राष्ट्रीय राजमार्ग के काजीगुंड में 3.5 फ़ीट बर्फ जमा हुवी हैं. राजदान टॉप और साधना टॉप पर 5-6 फ़ीट बर्फ जमा हुई हैं।
तापमान की बात करें तो घाटी में कोई जगह नहीं हैं जहां तापमान शून्य से ऊपर दर्ज हुआ हो. श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 1.4 पहलगाम में माइनस 0.6, गुलमर्ग में माइनस 3.6 तो लेह में माइनस 10.4 वही सब से काम तापमान कारगिल के द्रास में रहा जहां माइनस 15.2 दर्ज किया गया। मौसम विभाग की भविष्वाणी के मुताबिक अगले 12 घंटों तक कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र ऐसा ही बना रहेगा।

महाराष्‍ट्र में भी नहीं लागू होगा नागरिकता संशोधन बिल, उद्धव सरकार में मंत्री थोराट ने दिए संकेत
13 December 2019
नई दिल्ली: महाराष्‍ट्र सरकार में मंत्री और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बालासाहेब थोराट ने नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB) को राज्‍य में लागू न किए जाने के संकेत दिए हैं. उन्‍होंने कहा है कि कांग्रेस पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की इस बिल के विरोध में जो भूमिका है, वही हमारी भूमिका है.
दरअसल, इससे पहले तीन राज्यों पंजाब, पश्चिम बंगाल और केरल के मुख्यमंत्रियों ने नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB) को संविधान के खिलाफ बताते हुए इसे अपने-अपने राज्यों में लागू नहीं करने का ऐलान किया है. बता दें इस बिल को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपनी मंजूरी दे चुके हैं जिसके बाद अब यह कानून बन चुका है.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (Amarinder Singh) ने सीएबी व नेशनल रजिस्टर फॉर सिटीजन (एनआरसी), दोनों को गलत बताया. कैप्टन ने कहा कि पंजाब किसी हालत में इस विधेयक को मंजूर नहीं करेगा, क्योंकि यह भी एनआरसी की तरह लोकतंत्र की भावना के विपरीत है. उन्होंने कहा कि पंजाब में इसे लागू नहीं किया जाएगा.
गौरतलब है कि भारत-पाकिस्तान सीमा का एक लंबा हिस्सा सीमावर्ती राज्य पंजाब से लगता है. भारत से पाकिस्तान जाने व पाकिस्तान से भारत आने का सबसे प्रमुख रास्ता भी पंजाब से ही होकर जाता है व इसी रास्ते सैकड़ों हिंदू शरणार्थी भारत आए हैं. इन शरणार्थियों में से कई परिवार अभी भी पंजाब में ही रह रहे हैं.
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन (Pinarai Vijayan) ने कहा है कि केरल CAB को स्‍वीकार नहीं करेगा। विजयन ने इस संशोधन को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार भारत को धार्मिक आधारों पर बांटने की कोशिश कर रही है।
एएनआई के अनुसार, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (जो कि इस बिल की विरोधी रही हैं) ने खड़गपुर में कहा, मेरे शासन में यह बिल राज्य में लोगों पर लागू नहीं पाएगा. CAB से डरने की जरूरत नहीं है. हम आपके साथ हैं. जब तक हम यहां हैं कोई इसे आप पर नहीं थोप सकता.
पश्चिम बंगाल की तृणमूल सरकार में मंत्री डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि पश्चिम बंगाल में एनआरसी और कैब दोनों लागू नहीं किए जाएंगे। ओ ब्रायन ने कहा कि सीएम ममता पहले ही यह बात कह चुकी हैं।
राष्ट्रपति ने किए बिल पर हस्ताक्षर
इस बिल पर राष्ट्रपति कोविंद ने गुरुवार देर रात हस्ताक्षर कर दिए हैं जिसके बाद नागरिकता कानून, 1955 में संबंधित संशोधन हो गया है. इस बिल के कानून बन जाने के बाद अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण 31 दिसंबर 2014 तक भारत आए गैर मुस्लिम शरणार्थियों - हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता आसानी से मिल जाएगी.

जम्‍मू-कश्‍मीर की जेलों में हिरासत में नहीं हैं बच्‍चे, हाईकोर्ट के जजों ने SC में सौंपी रिपोर्ट
13 December 2019
नई दिल्‍ली : जम्मू एवं कश्मीर हाईकोर्ट (Jammu Kashmir High Court) के चार जजों ने राज्य की विभिन्न जेलों का दौरा कर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें कहा गया है राज्य में बच्चों को हिरासत में रखने का आरोप ग़लत है. दरअसल, याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि राज्य सरकार ने ख़ुद स्वीकारा है कि 89 बच्चों को हिरासत में रखा गया था. उन्होंने कोर्ट से मांग कि वो रिपोर्ट की कॉपी उन्हें भी उपलब्ध कराए. सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के जजों की रिपोर्ट पर संतोष जताते हुए इसका निपटान कर दिया.
दरअसल, जम्‍मू कश्‍मीर हाईकोर्ट के चार जजों ने खुद राज्‍य की जेलों का दौरा किया और मुआयने में पाया कि घाटी में राज्य अधिकारियों द्वारा नाबालिगों को हिरासत में रखे जाने का आरोप गलत है. इस बाबत उनकी तरफ से सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट दायर की गई.
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि J&K सरकार ने खुद स्वीकार किया है कि 89 बच्चों को हिरासत में लिया गया था.

ISRO ने लॉन्च किया RISAT-2BR1 सैटेलाइट, भारत को मिली एक और खुफिया आंख
11 December 2019
नई दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो (ISRO) ने आंध्र प्रदेश (Andra Pradesh) के श्रीहरिकोटा (Sriharikota) से RISAT-2BR1 सैटेलाइट लॉन्च किया है. यह भारत के लिए दूसरी खुफिया आंख की तरह काम करेगा. आज दोपहर 3 बजकर 25 मिनट पर पीएसएलवी सी-48 रॉकेट के साथ इसे लॉन्च किया गया. आपको बता दें कि इस बार इसरो ने पीएसएलवी के जरिए एक साथ 10 सैटेलाइट को आसमान में रवाना किया. जिसमें देश की दूसरी खुफिया आंख कही जा रही रडार इमेजिंग अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट आरआईसैट-2बीआर1 भी शामिल है.
इसरो के मुताबिक, इस सैटेलाइट को अंतरिक्ष में 576 किलोमीटर की ऊंचाई वाली कक्षा में 37 डिग्री झुकाव पर स्थापित किया जाएगा. इस सैटेलाइट के अंतरिक्ष में स्थापित होने के साथ देश की सीमाओं पर घुसपैठ की कोशिश लगभग नामुमकिन हो जाएगी.
क्या है RISAT-2BR1 की खासियत
RISAT-2BR1 में लगे खास सेंसर की वजह से सीमापार आतंकियों के जमावड़े की भी सूचना पहले ही मिल जाएगी. 22 मई को लॉन्च किया गया आरआईसैट-2बी पहले से ही देश की खुफिया आंख के तौर पर निगरानी का काम कर रहा है. इसके अलावा पीएसएलवी के साथ जाने वाले 9 दूसरे सैटेलाइट विदेशी हैं, जिनमें अमेरिका के 6, इस्राइल का 1, इटली का 1 और जापान का 1 सैटेलाइट है.

नागरिकता बिल के विरोध में असम में हजारों छात्रों का प्रदर्शन, डिब्रूगढ़ में लाठीचार्ज; सेना का फ्लैगमार्च
11 December 2019
गुवाहाटी/नई दिल्ली. राज्यसभा में बुधवार को नागरिकता संशोधन बिल पर बहस के बीच असम, मणिपुर, त्रिपुरा, मिजोरम, अरुणाचल और मेघालय में प्रदर्शन हुए। असम में हजारों छात्रों ने विधानसभा की तरफ मार्च निकाला। डिब्रूगढ़ में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। हालात देखते हुए सेना को स्टैंडबाई पर रखा गया है। त्रिपुरा में भी प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर मार्च निकाला। यहां राज्य सरकार ने इंटरनेट बैन कर रखा है। नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन (नेसो) की अगुआई में तीन दिन से जारी विरोध को 30 छात्र और वाम संगठन समर्थन दे रहे हैं।
नॉर्थ ईस्ट में यह डर बना हुआ है कि बिल लागू होते ही यहां की भाषा, संस्कृति और पहचान खतरे में पड़ जाएगी। हालांकि, अमित शाह ने लोकसभा और राज्यसभा में स्पष्ट कर दिया है कि नॉर्थ ईस्ट के राज्यों की भाषा, संस्कृित और पहचान की रक्षा के लिए केंद्र प्रतिबद्ध है।
भाजपा सांसद के घर में घुसे प्रदर्शनकारी, पुतला फूंका
असम में गुवाहाटी, डिब्रूगढ़ और जोरहाट में प्रदर्शन ने उग्ररूप ले लिया। यहां बिल के विरोध में हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। असम के कई हिस्सों में सेना ने फ्लैग मार्च निकाला। गुवाहाटी और डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय में आज होने वाली सभी परीक्षाएं निरस्त कर दी गईं। असम में कई हाईवे पर प्रदर्शनकारियों ने आगजनी भी की। ऑल असम स्टूडेंट यूनियन के सदस्य गुवाहाटी से लोकसभा सांसद क्वीन ओझा के घर में घुस गए और भाजपा नेता का पुतला फूंका। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. हेमंत बिस्वा शर्मा के घर के बाहर भी काले झंडे दिखाए गए। डिब्रूगढ़ में छात्रों ने 10 किमी लंबा "दिसपुर चलो' मार्च निकाला। उन्होंने पुलिस के कई बैरिकेड्स तोड़े। हालात काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया।
नॉर्थ फ्रंटियर रेलवे ने कई ट्रेनें कैंसल कीं, कई का समय बदला गया
नॉर्थ फ्रंटियर रेलवे (एनएफआर) ने बताया कि मंगलवार को प्रदर्शन की वजह से करीब 14 ट्रेनों को कैंसल करना पड़ा या इनका समय बदलना पड़ा।
नॉर्थ ईस्ट के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा हूं- राहुल गांधी
राहुल गांधी ने नागरिकता बिल पर कहा कि मैं नॉर्थ ईस्ट के लोगों के साथ मजबूती के साथ खड़ा हूं। मोदी और शाह की सरकार इस बिल के जरिए नॉर्थ ईस्ट को जातीय आधार पर साफ करना चाहती है। यह एक आपराधिक हमला है। यह नॉर्थ ईस्ट के जीने के तरीके और भारत की परिकल्पना पर हमला है।
लोकसभा के बाद राज्यसभा में शाह ने कहा- नॉर्थ ईस्ट की चिंताओं को दूर करेंगे
गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में कहा कि मोदी सरकार नॉर्थ ईस्ट के लोगों की चिंताओं को दूर करेगी। हम यहां के लोगों के अधिकारों और सामाजिक पहचान की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

सरकार हिंदुत्व के एजेंडे को आगे बढ़ा रही: चिदंबरम; राउत बोले- समर्थन न करने वाले को देशद्रोही बता रहे
11 December 2019
नई दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार दोपहर 12 बजे नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 राज्यसभा में पेश किया। शाह ने कहा कि देश की जनता इस सदन की बहस को देख रही है। बिल से पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान के गैर-मुस्लिमों को भारत की नागरिकता मिलेगी। यह झूठ फैलाया जा रहा है कि बिल मुस्लिमों के खिलाफ है। मैं पूछना चाहता हूं कि जो देश के नागरिक हैं, उन्हें किस बात की चिंता है। आप क्या चाहते हैं कि पूरी दुनिया से जो मुस्लिम आएं उन्हें नागरिकता दे दें। बिल में साफ है कि हम तीन देशों के अल्पसंख्यक शरणार्थियों को ही नागरिकता देने जा रहे हैं। कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने जवाब में कहा कि बिल को लेकर सरकार राज हठ छोड़कर गांधीजी के चश्मे से देखें।
‘असम के नागरिकों के हितों की रक्षा करेंगे’
शाह ने यह भी कहा, ‘‘भारत के अल्पसंख्यकों और मुस्लिमों को किसी को भी चिंता करने की जरूरत नहीं है। मेरी विपक्ष के सदस्यों को चुनौती है कि जो मुद्दे हैं, बहस में उठाएं। चले मत जाइएगा। मैं हर सवाल पर जवाब दूंगा। जिनका वीजा खत्म हो जाता है, उन्हें अवैध प्रवासी माना जाता है। हमने इस बात को बिल में शामिल किया है। धार्मिक आधार पर प्रताड़ितों को भी नागरिकता मिलेगी। 1955 के कानून की धारा 5 के तहत यह भी प्रावधान है कि लोगों को उसी तारीख से भारत का नागरिक माना जाएगा, जिस दिन से वे भारत आए थे। उन्हें कोई कानूनी प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा।’’
‘‘जनजातियों, मिजोरम समेत पूर्वोत्तरी राज्यों पर बिल लागू नहीं होगा। 35 साल तक किसी को किसी को असम के लोगों की भाषाई और सांस्कृतिक विरासत की चिंता ही नहीं हुई। असम की जनता को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि हम आपके सभी हितों की रक्षा करेंगे। असम की समस्या की सच्चा समाधान करने का वक्त आ गया है। इसलिए हमने क्लॉज 60 कमेटी बनाईं। जितनी जल्दी रिपोर्ट मिलेगी, सरकार निर्णय ले पाएगी। मेरी विपक्ष से अपील है कि बिल को लेकर जो शंकाएं हैं, उन्हें रखें, जो कुछ लोकसभा में छूट गया, उसे यहां स्पष्ट कर दूंगा।’’
बिल को इतिहास इसे कैसे देखेगा: आनंद शर्मा (कांग्रेस)
कांग्रेस के आनंद शर्मा ने सभापति वेंकैया नायडू को गलती से उपसभापति कह दिया, इसके लिए माफी मांगी। उन्होंने कहा, ‘‘2016 में भी यह बिल लाया गया था। उस बिल में और इसमें अंतर है। इसकी जांच परख हो गई है। मैं इससे सहमत नहीं हूं। इसकी स्क्रूटनी जरूरी है। आपने (सरकार) कहा कि यह ऐतिहासिक होगा, लेकिन इतिहास इसे कैसे देखेगा? सरकार जल्दबाजी में है। हम इसका विरोध करते हैं। इसका कारण राजनीतिक नहीं, संवैधानिक और नैतिक है। बिल लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ है। लोगों को बांटने वाला है।’’
‘‘आजादी के बाद नागरिकता को लेकर संविधान सभा में चर्चा हुई थी। महात्मा गांधी के नेतृत्व में जिन्होंने आंदोलन में हिस्सा लिया था। उन्होंने नागरिकता के महत्व को समझा था। संविधान निर्माताओं ने इसे पिछले पीढ़ियों से तय किया था। अगर हम इस पर 70 साल बाद सवाल करें, क्या उन्हें कोई समझ नहीं थी। लाखों लोग बंटवारे के बाद आए थे। उनमें से दो प्रधानमंत्री बने मनमोहन सिंह और आईके गुजराल।’’ ‘‘नागरिकता कानून 1955 में आया, इसमें 9 बार बदलाव भी हुए, लेकिन कोई टकराव नहीं हुआ। आपने दूसरे सदन (लोकसभा) में आजादी के लिए कुर्बानी देने वालों को बंटवारे का जिम्मेदार बताया। उनके संघर्ष को विचारधारा के आधार पर नकारा नहीं जा सकता। इतिहास को बदला नहीं जा सकता। विनायक सावरकर हिंदू महासभा के नेता थे। दो देशों की थ्योरी भी हिंदू महासभा में रखी गई थी। आप अंग्रेजों की चर्चा क्यों नहीं करते, जिन्ना को उनका समर्थन था।’’
‘‘आपने किसी को नया इतिहास लिखने का कोई प्रोजेक्ट दिया है तो मेरी अपील है कि ऐसा मत करिए। नागरिकता को लेकर 9 संशोधन हुए। उनके जरिए गोवा, दमन-दीव के लोगों को नागरिकता दी गई। युगांडा के लोगों को भी नागरिकता दी गई। जब भी नागरिकता दी गई, भारत की सरकारों ने धर्म को आधार नहीं बनाया। इसलिए यह अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है। भारत ने उत्पीड़न और हिंसा के शिकार लोगों को हमेशा से शरण दी है। चाहे वे यहूदी या ईसाई ही क्यों न रहे हों।’’
‘‘पूरे देश को स्वामी विवेकानंद पर गर्व है। शिकागो में धर्म संसद में दिए उनके भाषण की एक-एक पंक्ति सीढ़ियों पर लिखी है। उन्होंने भारत की एकता की बात कही थी, न कि धार्मिक आधार पर भेदभाव की। अगर बिल सही है तो असम में विरोध क्यों हो रहा है। असम जल रहा है। एनआरसी के डिटेंशन सेंटरों में परिवारों को दूर रखा गया है। आप डेलिगेशन लेकर आएं और देखें कैसे 500 लोगों को एक जगह रखा गया है।’’ ‘‘मेरा आग्रह है कि प्रधानमंत्री जी अगर महात्मा गांधी आपसे मिल लें तो ये जरूर कहेंगे कि क्या कर रहे हो? आप गांधीजी के चश्मे से देखें। गृह मंत्री जी, राज हठ छोड़कर बिल को कमेटी के पास भेजें। कोई जल्दबाजी न करें।’’
पी चिदंबरम ने कहा, ‘‘सरकार इस बिल के जरिए हिंदुत्व के एजेंडे को आगे बढ़ा रही है। आज दुखद दिन है। मुझे साफ दिख रहा है कि यह कानून विपरीत असर डालेगा।’’
बिल जिन्ना की कब्र पर सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा: डेरेक ओ’ब्रायन (तृणमूल कांग्रेस)
‘‘आप देश के लोगों को रोटी, कपड़ा और मकान नहीं दे पा रहे, और दूसरे पड़ोसी देशों के अधिकारों की बात करते हैं। नागरिकता बिल के विरोध में व्यापक आंदोलन खड़ा हो गया है। आपने घोषणा पत्र में यह भी कहा था कि किसी को भी चिंता करने की जरूरत नहीं है। नोटबंदी, बेरोजगारी, गोरखा के मुद्दे पर प्रधानमंत्री के वादे खोखले साबित हुए। सरकार वादे करने में अच्छी है लेकिन उन्हें पूरा करने में उतनी ही खराब है।’’ ‘‘एनआरसी में बंगाली हिंदुओं को नागरिकता देने का झूठा वादा किया गया है। आप कहते हैं कि नागरिकता बिल सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। यह हमारे राष्ट्रपिता नहीं, जिन्ना की कब्र पर सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा।’’
आप जिस स्कूल में है, हम उसके हेडमास्टर: संजय राउत (शिवसेना)
‘‘ये कहा जा रहा है कि जो बिल का समर्थन नहीं करेगा वो देशद्रोही और समर्थन करने वाला देशभक्त। ऐसा भी कहा गया है कि कुछ लोग पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं, क्या ये पाकिस्तान का सदन है। अगर पाकिस्तान की भाषा पसंद नहीं है, उस देश में अल्पसंख्यकों के साथ छल होता है तो पाकिस्तान को खत्म करो। हम आपके साथ हैं।’’
‘‘मजबूत प्रधानमंत्री और गृह मंत्री हैं। जिस स्कूल में आप छात्र हैं, हम उसके हेडमास्टर हैं। वो बाला साहब ठाकरे थे। बिल पर मानवता के आधार पर चर्चा होनी चाहिए। हमें घुसपैठियों और शरणार्थियों में अंतर पता है। अगर शरणार्थियों को जगह दे रहे हैं तो घुसपैठियों को बाहर निकालें। मैं मानता हूं कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार होता है, लेकिन इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।’’ राहुल ने ट्वीट में बिल पर विरोध जताया
राहुल गांधी ने लिखा, ‘‘यह बिल सरकार का पूर्वोत्तर के लोगों, उनके जीने के तरीके और भारत के विचार पर आपराधिक हमला है।’’
वॉकआउट करना मोदी सरकार के समर्थन का सबसे आसान रास्ता: दिग्विजय
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘‘यह रोचक होगा कि जो पार्टियां संघ और भाजपा की विचारधारा के खिलाफ हैं, उनका उच्च सदन में नागरिकता बिल पर वोटिंग में क्या रुख रहता है। चर्चा के दौरान वॉकआउट करना मोदी सरकार को समर्थन देने का सबसे आसान रास्ता है। नीतीशजी और रामविलासजी आप लोहिया के सिद्धांतों को मानते हैं तो थोड़ा सोचिए।
14 घंटे बहस के बाद बिल लोकसभा से पारित हुआ
लोकसभा में विधेयक पर सोमवार को करीब 14 घंटे तक बहस हुई थी। इसके पक्ष में 311 और विपक्ष में 80 वोट पड़े थे। मंगलवार को असम और त्रिपुरा में कई जगहों पर प्रदर्शन और आगजनी भी हुई। कांग्रेस इस बिल के विरोध में आज देशव्यापी प्रदर्शन करेगी। पार्टी ने अपनी राज्य इकाइयों से कहा है कि नागरिकता बिल के विरोध में प्रदेश कांग्रेस मुख्यालयों के बाहर प्रदर्शन करें। विपक्षी दलों ने बिल को धर्म के आधार पर भेदभाव करने वाला बताया।
गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब में कहा था कि यह बिल यातनाओं से मुक्ति का दस्तावेज है और भारतीय मुस्लिमों का इससे कोई लेना-देना नहीं है। शाह ने कहा कि यह बिल केवल 3 देशों से प्रताड़ित होकर भारत आए अल्पसंख्यकों के लिए है और इन देशों में मुस्लिम अल्पसंख्यक नहीं हैं, क्योंकि वहां का राष्ट्रीय धर्म ही इस्लाम है। मोदी सरकार के पिछले कार्यकाल में भी नागरिकता बिल लोकसभा से पारित हुआ था, लेकिन विपक्ष के विरोध के कारण राज्यसभा में अटक गया था।
राज्यसभा का गणित...
राज्यसभा में भी बिल के समर्थन में बहुमत से 7 ज्यादा सांसद
240 सांसद
5 रिक्त सीटें
कुल सीटें- 245
121 बहुमत का आंकड़ा
128 सांसद समर्थन में
110 सांसद खिलाफ
2 सांसदों का रुख साफ नहीं
समर्थन में: भाजपा- 83, बीजेडी-7, अन्ना द्रमुक-11, जेडीयू-6, नामित- 4, अकाली दल- 3, शिवसेना-3, आजाद व अन्य- 11
इनमें पूर्वोत्तर के 2 सांसद शामिल नहीं हैं, जिन्होंने रुख साफ नहीं किया है। ये 2 सांसद वोटिंग के दौरान वॉकआउट करते हैं तो बहुमत का आंकड़ा 120 रह जाएगा।
विरोध में: कांग्रेस-46, टीएमसी-13, सपा-9, वामदल-6, डीएमके-5, टीआरएस-6, बसपा-4 और अन्य-21
कांग्रेस के मोतीलाल वोरा बीमारी की वजह से गैरहाजिर रह सकते हैं। अन्य दलों के सांसद भी गैरहाजिर रहे तो बहुमत का आंकड़ा और कम हो जाएगा। वैसे भी बिल के समर्थन में पर्याप्त सांसद हैं, इसलिए बिल आसानी से पारित हो सकता है।
Q&A में समझें नागरिकता संशोधन विधेयक...
1. नागरिकता कानून कब आया, वर्तमान में इसका स्वरूप कैसा है?
जवाब: यह कानून 1955 में आया। इसके तहत किसी भी व्यक्ति को भारतीय नागरिकता लेने के लिए कम से कम 11 साल भारत में रहना अनिवार्य है।
2. क्या इस कानून के तहत अवैध तरीके से दाखिल हुए लोगों को भी नागरिकता मिल सकती है?
जवाब: भारत में अवैध तरीके से दाखिल होने वाले लोगों को नागरिकता नहीं मिल सकती। उन्हें वापस उनके देश भेजने या हिरासत में रखने के प्रावधान हैं।
3. सरकार क्या संशोधन करने जा रही है?
जवाब: संशोधित विधेयक में पड़ोसी देशों अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के अल्पसंख्यक शरणार्थियों (हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई) को नागरिकता मिलने का समय घटाकर 11 साल से 6 साल किया गया है। मुस्लिमों और अन्य देशों के नागरिकों के लिए यह अवधि 11 साल ही रहेगी।
4. विपक्ष क्यों विरोध कर रहा?
जवाब: इसके 2 बड़े कारण हैं। पहला- इस बिल को संविधान की मूल भावना के खिलाफ बताया जा रहा है क्योंकि पड़ोसी देशों से आए 6 धर्मों के लोगों को भारतीय नागरिकता देने में ढील दी जा रही है लेकिन मुस्लिमों को इसमें शामिल नहीं किया गया है। दूसरा- पूर्वोत्तर राज्यों का विरोध है कि यदि नागरिकता बिल संसद में पास होता है बांग्लादेश से बड़ी तादाद में आए हिंदुओं को नागरिकता देने से यहां के मूल निवासियों के अधिकार खत्म होंगे। इससे राज्यों की सांस्कृतिक, भाषाई और पारंपरिक विरासत पर संकट आ जाएगा।
6. इस बिल के पक्ष में सरकार के क्या तर्क हैं?
जवाब: सरकार का कहना है कि पड़ोसी देशों में बड़ी संख्या में गैर-मुस्लिमों को धर्म के आधार पर उत्पीड़न झेलना पड़ा है और इस डर के कारण कई अल्पसंख्यकों ने भारत में शरण लेकर रखी है। इन्हें नागरिकता देकर जरूरी सुविधाएं दी जानी चाहिए।
7. बिना दस्तावेजों के रहने वाले गैर-मुस्लिमों को भी क्या नागरिकता मिल सकती है?
जवाब: जिन्होंने 31 दिसंबर, 2014 को या उससे पहले वैध यात्रा दस्तावेजों के बिना भारत में प्रवेश किया है या उनके दस्तावेजों की वैधता समाप्त हो गई है, उन्हें भी भारतीय नागरिकता प्राप्त करने की सुविधा रहेगी। बिना वैध दस्तावेजों के पाए गए मुस्लिमों को जेल का निर्वासित किए जाने का प्रावधान ही रहेगा।

कुलभूषण जाधव को लेकर पाकिस्तान का नया पैंतरा, बोला- पाकिस्तानी वकील रखेगा जाधव का पक्ष
9 December 2019
नई दिल्ली: पाकिस्तान की जेल में बंद कुलभूषण जाधव को लेकर पाकिस्तान ने फिर एक नया पैंतरा चला है. पाकिस्तान ने कहा है कि कुलभूषण जाधव मामले में आगे होने वाली कार्रवाई में कुलभूषण जाधव का पक्ष कोर्ट में कोई पाकिस्तानी ही रखेगा.
सूत्रों के मुताबिक भारत के सामने शर्त रखते हुए पाकिस्तान की तरफ से कहा जा रहा है कि वो पाकिस्तान के ही किसी वकील को इस मामले में पावर ऑफ अटॉर्नी दे.
आपको बता दें कि जाधव के मामले में इंटरनेशलन कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) के आदेश के बाद मिले कॉन्सुलर एक्सेस के दौरान जाधव ने भारतीय उच्चायोग को इस मामले में उनका पक्ष रखने का अधिकार दिया था.

हाई कोर्ट में अब गुरुवार को होगी सुनवाई
9 December 2019
हैदराबाद: दिशा गैंगरेप-मर्डर केस में तेलंगाना हाई कोर्ट ने सुनवाई गुरुवार तक के लिए टाल दी. इसके साथ ही कोर्ट ने ये भी निर्देश दिया कि आरोपियों की बॉडी को गांधी सरकारी अस्‍पताल में शुक्रवार तक सुरक्षित रखा जाए. इससे पहले छह दिसंबर को तेलंगाना हाई कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए राज्‍य सरकार को निर्देश दिया था कि मुठभेड़ में मारे गए चार आरोपियों के शव को 9 दिसंबर को शाम 08:00 बजे तक सुरक्षित रखा जाए. साथ ही हाई कोर्ट ने चारों शवों के पोस्टमार्टम की पूरी वीडियोग्राफी कराने को कहा था. साथ ही पूरे एनकाउंटर की रिपोर्ट भी मांगी है. गौरतलब है कि तेलंगाना की राजधानी में वैटनरी डॉक्टर के साथ गैंगरेप और निर्मम हत्या की वारदात के 10 दिन बाद पुलिस ने छह दिसंबर को रंगारेड्डी जिले में शादनगर के पास मुठभेड़ में चारों आरोपियों को मार गिराया.
इस बीच हैदराबाद में रेप और मर्डर के आरोपियों के एनकाउंटर (Encounter) के मामले में दाखिल जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई होगी. बता दें कि हैदराबाद मुठभेड़ मामले में पुलिसकर्मियों के खिलाफ वकील द्वारा याचिका दायर की गई है. अभी याचिका सुनवाई के लिए कोर्ट की लिस्ट में नहीं लगी है, लेकिन वकील ने याचिका पर जल्द सुनवाई करने के लिए चीफ़ जस्टिस की कोर्ट में मेंशन किया.
यह याचिका सुप्रीम कोर्ट के वकील जी एस मणि ने खुद दाखिल की है. याचिका में एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच एजेंसी से जांच कराने की मांग की गई है. साथ ही सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के तहत साइबराबाद पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार और एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की गई है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि एनकाउंटर पर सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया गया.

दिल्ली की कोर्ट ने रॉबर्ट वाड्रा को विदेश जाने की अनुमति दी
9 December 2019
नई दिल्ली: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court) ने रॉबर्ट वाड्रा (Robert Vadra) को विदेश जाने की अनुमति दे दी है. दरअसल, वाड्रा ने अर्जी दायर कर मेडिकल ट्रीटमेंट और बिजनेस के सिलसिले में विदेश जाने के लिए 2 हफ्ते की मांग की थी. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने वाड्रा की अर्जी पर प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था.
दरअसल, रॉउज एवेन्यु कोर्ट ने वाड्रा को अग्रिम ज़मानत देते वक्त, विदेश जाने के लिए इजाज़त लेने की शर्त लगाई थी.वाड्रा पर लदंन में 19 लाख पाउंड कीमत की संपत्ति की खरीद में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है. गौरतलब है कि एक अप्रैल को पटियाला हाउस कोर्ट ने रॉबर्ट वाड्रा को पांच लाख रूपए के निजी मुचलके पर अग्रिम जमानत दे दी थी.
कोर्ट ने वाड्रा को निर्देश दिया था कि वो ईडी की जांच में सहयोग करेंगे और गवाहों को प्रभावित नहीं करेंगे. निचली अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि वाड्रा अदालत के आदेश के बिना विदेश नहीं जा सकते. इसके अलावा वाड्रा के करीबी मनोज अरोड़ा को भी कोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी थी.
आपको बता दें कि रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ विदेश में संदिग्ध संपत्ति और बीकानेर में जमीन खरीदने की जांच चल रही है. लंदन मे एक फ्लैट को लेकर प्रवर्तन निदेशालय ने वाड्रा के करीबी सहयोगी मनोज अरोड़ा के खिलाफ केस दर्ज किया था. ईडी का आरोप है कि यह फ्लैट मनोज अरोड़ा के बजाय वाड्रा का है जिसे हथियार डीलर संजय भंडारी से 2010 में खरीदा गया था.ईडी इस केस में रॉबर्ट वाड्रा से 7 बार पूछताछ कर चुकी है.वाड्रा पर देश से बाहर बेनामी संपत्ति रखने का आरोप है.

नीरव मोदी को बड़ा झटका, भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित, होगी संपत्ति जब्‍त
5 December 2019
नई दिल्‍ली/मुंबई : पंजाब नेशनल बैंक घोटाला (PNB Scam) मामले में नीरव मोदी (Nirav Modi) को बड़ा झटका लगा है. पंजाब नेशनल बैंक घोटाला मामले में देश छोड़कर भागे हीरा व्यापारी नीरव मोदी को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया गया है. विशेष कोर्ट (ED) ने नीरव को आर्थिक भगोड़ा अपराधी घोषित किया है. अब जल्द ही नीरव मोदी की संपत्तियों को का जब्त करने का आदेश भी दिया जाएगा.
इससे पहले बुधवार को अदालत ने नीरव सहित तीन लोगों के खिलाफ नोटिस जारी कर 15 जनवरी तक कोर्ट के सामने हाज़िर होने का आदेश दिया. कोर्ट ने कहा कि अगर तीनों आरोपी न्यायालय में हाज़िर नही होंगे, तो उन्हें फरार घोषित किया जाएगा.
नीरव मोदी के साथ उसके करीबी निशल मोदी और सुभाष परब के खिलाफ भी विशेष सीबीआई अदालत ने समन जारी कर उन्हें अदालत में हाज़िर होने का आदेश दिया था. न्‍यायालय ने साफ कहा कि अगर ये तीनों आरोपी कोर्ट के सामने हाज़िर नहीं होते तो इनको फरार घोषित किया जाएगा.
कानूनन किसी आरोपी को फरार घोषित किया जाता है तो जांच एजेंसी उसकी प्रोपर्टी अटैच भी करने की कार्रवाई कर सकती है. स्पेशल ईडी कोर्ट में ईडी ने नीरव मोदी को फरार घोषित किया जाए ऐसी अर्जी दी थी. इस केस में जाली दस्तावेज के सहारे कर्ज लेने के मामले की जांच एजेंसियां कर रही है.

गलत हाथों में अर्थव्‍यवस्‍था, देश की GDP 1.5%, सरकार मेरी आवाज नहीं दबा सकती: चिदंबरम
5 December 2019
नई दिल्‍ली: आईएनएक्‍स मीडिया केस (INX Media Case) में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद पी चिदंबरम (P Chidambaram) ने गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि सरकार मेरी आवाज नहीं दबा सकती. बिना आरोप नेताओं को हिरासत में लिया गया. मंत्री के रूप में मेरा रिकॉर्ड और अंतररात्‍मा साफ है. मेरे साथ काम करने वाले अधिकारियों, संपर्क रखने वाले बिजनेसमैन और पत्रकार ये बात भलीभांति जानते हैं. जेल से 106 दिनों बाद रिहाई के पलों के अनुभवों को साझा करते हुए पी चिदंबरम ने कहा कि जब कल रात मैं तकरीबन आठ बजे रिहा हुई तो मेरे ख्‍याल और दुआओं में में सबसे पहले कश्‍मीर घाटी के 75 लाख लोग आए जो चार अगस्‍त, 2019 के बाद से अपने बुनियादी अधिकारों से वंचित हैं.
पी चिदंबरम ने कहा कि मैं खासकर उन राजनीतिक नेताओं के लिए चिंतित हूं जिनको बिना किसी आरोप में हिरासत में रखा गया. आजादी का कोई मोल नहीं है. इसलिए यदि हम अपनी आजादी को बचाए रखना चाहते हैं तो हमें उनकी आजादी के लिए लड़ना होगा. आईएनएक्‍स म‍ीडिया केस के संबंध में कहा कि चूंकि ये मामला कोर्ट में विचाराधीन है लिहाजा वह इस विषय पर कोई टिप्‍पणी नहीं करेंगे.
आरबीआई की आज मौद्रिक नीति की घोषणा के बाद देश की अर्थव्‍यवस्‍था के संबंध में सरकार पर निशाना साधते हुए चिदंबरम ने कहा कि इकोनॉमी मौजूदा सरकार के दौर में 8% से गिरकर 4.5% रह गई. देश में मंदी जैसे हालात हैं लेकिन सरकार मानने को तैयार नहीं है. उन्‍होंने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए ये कहा जा सकता है कि साल के अंत में यदि वृद्धि दर पांच प्रतिशत रखी गई तो हम भाग्‍यशाली साबित होंगे.
पूर्व मुख्‍य आर्थिक सलाहकार डॉ अरविंद सुब्रमण्‍यम ने पहले ही चेताया था कि जिस तरह की पद्धति को अपनाकर ये सरकार आंकड़े पेश कर रही है, उसके मुताबिक ये वृद्धि दर 5% नहीं बल्कि 1.5% के करीब है. प्रधानमंत्री असाधारण रूप से इस मुद्दे पर खामोश हैं. उन्‍होंने इस मुद्दे को अपने मंत्रियों पर छोड़ दिया है. अर्थशास्त्रियों के मुताबिक इसका नतीजा ये निकला कि सरकार अर्थव्‍यवस्‍था को संभालने के लिहाज से 'अक्षम मैनेजर' साबित हुई है. देश की अर्थव्‍यवस्‍था गलत हाथों में है. टैक्‍स आतंकवाद, जीएसटी और नोटबंदी के कारण देश की अर्थव्‍यवस्‍था बर्बाद हो गई है.
चिदंबरम को मिली जमानत
उल्‍लेखनीय है कि आईएनएक्‍स मीडिया केस (INX media case) में पी चिदंबरम को मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े ईडी के मामले में सुप्रीम कोर्ट से बुधवार को जमानत मिल गई है. इस केस में चिदंबरम पर सीबीआई और ईडी ने अलग अलग दो FIR दर्ज की थी. चिदंबरम को 21 अगस्त को सीबीआई ने गिरफ़्तार किया था. 22 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई के केस में चिदंबरम को ज़मानत दी थी, लेकिन इससे पहले ही ईडी ने 17 अक्‍टूबर को अपने केस में चिदंबरम को गिरफ़्तार कर लिया था. सुप्रीम कोर्ट ने 2 लाख के बेल बांड और दो सिक्योरिटी पर जमानत दी है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बिना कहीं भी यात्रा नहीं कर सकेंगे. गवाहों के साथ किसी भी तरीके का संपर्क नहीं रखेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पी चिदंबरम इस केस के संबंध में किसी भी तरीके की सार्वजनिक बयानबाजी और प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करेंगे.
हालांकि इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह इस बात से सहमत है कि आर्थिक अपराध गंभीर अपराध की श्रेणी में आते हैं लेकिन पी चिदंबरम को जमानत देते हुए अदालत ने कहा कि जमानत नियम है और जेल अपवाद. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने पी चिदंबरम को निर्देश दिया कि जब भी ईडी कहे तो उसकी जांच में वह सहयोग करें.
सुप्रीम कोर्ट ने चिदंबरम को ज़मानत दिए जाने के आदेश में कहा कि चिदंबरम अब सत्ता में नहीं हैं और न ही सरकार में कोई ऐसे पद पर हैं जिसके जरिये वो जांच में दखल देने की स्थिति में हो. सिर्फ़ 'फेस वैल्यू' के आधार पर उनके खिलाफ ऐसे आरोप स्वीकार नहीं किये जा सकते. कोर्ट ने कहा कि अगर किसी गवाह ने चिदंबरम का सामना करने में असमर्थता जताई है तो इसके लिये चिंदबरम को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. खासतौर पर तब जबकि चिंदबरम या उनकी ओर से किसी और के, गवाहों को धमकाने के आरोप साबित करने के लिए कोई पुख्ता सबूत नहीं है.

सामूहिक खुदकुशी मामले में पुलिस का खुलासा, राकेश वर्मा ने की थी डेढ़ करोड़ की धोखाधड़ी
4 December 2019
गाजियाबाद: पांच लोगों की हत्या-आत्महत्या मामले में गाजियाबाद पुलिस ने आरोपी राकेश वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के मुताबिक राकेश वर्मा ने गुलशन को बड़े व्यापार का सपना दिखा कर उससे करीब 1.5 करोड़ रुपये ले लिए और ये पैसा प्रॉपर्टी में लगवा दिया. साल 2018 में राकेश वर्मा और उसकी मां ने गुलशन के नाम से ली गई प्रॉपर्टी को धोखाधड़ी से अपने नाम करवा लिया. जिसके बाद गुलशन ने अपने पैसे मांगने शुरू कर दिए. लगातर रुपये मांगने पर राकेश वर्मा ने कई चेक गुलशन को दिए जो बाउन्स हो गए.
गाजियाबाद एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि इतने बड़े नुकसान के बाद गुलशन के परिवार को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा जिससे पूरा परिवार डिप्रेशन में आ गया था. गुलशन ने कई लोगों से पैसे उधार लेकर राकेश वर्मा को व्यापार में लगाने के लिए दिए थे. ऐसे में उधार देने वालों ने भी गुलशन से पैसे मांगने शुरू कर दिए और बार-बार उस पर दवाब बनाने लगे.
पुलिस ने बताया कि देनदारों के दवाब और राकेश वर्मा के पैसे न लौटने के कारण मानसिक रूप से परेशान गुलशन ने मंगलवार की सुबह अपने 15 साल के बेटे की गला रेत कर और बेटी की रस्सी से गला घोंट कर हत्या कर दी. फिर घर मे मौजूद गुलशन उसकी पत्नी और महिला बिजनेस पार्टनर ने बालकनी में कुर्सी लगाकर 8वीं मंजिल से एक साथ छलांग लगा दी.
पुलिस को राकेश वर्मा के खिलाफ गुलशन के घर से अग्रीमेंट की कॉपी समेत कई अन्य सबूत मिले हैं. इसलिए पुलिस इस मामले में राकेश वर्मा और उसकी मां के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है.

एससी-एसटी आरक्षण 10 साल के लिए बढ़ाया गया, 5 अन्य बिलों को कैबिनेट की हरी झंडी
4 December 2019
नई दिल्ली: मोदी सरकार की कैबिनेट बैठक में बुधवार को 6 अहम बिलों को हरी झंडी दिखाई. इनमें सबसे अहम नागरिकता संशोधन बिल, एससी-एसटी को आरक्षण और सीनियर सिटीजन अमेंडमेंट बिल को मंजूरी दी गई. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके जानकारी दी कि नागरिकता संशोधन बिल को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है और इसे जल्द ही संसद में पेश किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि एससी-एसटी को जो आरक्षण मिलता है उसे हर 10 साल बाद बढ़ाना पढता है. इस बार भी सरकार ने एससी-एसटी आरक्षण को 10 साल के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया है. आपको बता दें कि यह आरक्षण 2020 में खत्म हो रहा था जिसे 2030 तक के लिए बढ़ा दिया गया है.
जावड़ेकर ने बताया कि कैबिनेट ने सिटिजन अमेंडमेंट बिल को भी मंजूरी दे दी है. उन्होंने कहा कि सीनियर सिटिजन को तमाम सुविधाएं मुहैया कराने के लिए कैबिनेट ने सीनियर सिटीजन अमेंडमेंट बिल को हरी झंडी दिखा दी है.
इसके अलावा तीन संस्कृत की डीम्ड यूनिवर्सिटी के एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाने की मंजूदी दी गई है. इसे जल्द ही संसद में पेश किया जाएगा. इसके अलावा जम्मू और कश्मीर आरक्षण (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2019 को वापस लेने की मंजूरी भी कैबिनेट ने दे दी है.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बैठक में व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक, 2019 (Personal Data Protection Bill, 2019) को भी मंजूरी दी गई. संसद के वर्तमान सत्र में इस बिल को पेश किया जाएगा.

PAK की आतंकी साजिश का खुलासा, ISI खालिस्तान समर्थित ग्रुप को दे रही है ऑनलाइन ट्रेनिंग
4 December 2019
नई दिल्ली: खुफिया सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि पाकिस्तान भारत में बड़े आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए पंजाब में खालिस्तान समर्थित आतंकियों को ऑनलाइन ट्रेनिंग दे रहा है. खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई प्लान K2 (कश्मीर-खालिस्तान नेक्सस) के तहत भारत में आतंकी हमलों की योजना बनाकर उसे अंजाम देने की फिराक में है.
इस रिपोर्ट से यह भी संकेत मिलते हैं कि पंजाब में खालिस्तान समर्थित तत्व सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं और वह पाकिस्तान आधारित आतंकी इकाई से ऑनलाइन ट्रेनिंग ले रहे हैं जिसमें विस्फोटक निर्माण योजना और आतंकी हमले को अंजाम देना भी शामिल हैं.
खुफिया इनपुट के मुताबिक पाकिस्तान में बैठे आईएसआई एजेंट पंजाब में एक्टिव खालिस्तानी मॉड्यूल को विस्फोटक बनाने के लिए फंडिंग भी कर रहे हैं.
पंजाब आधारित कट्टरपंथी अब पाकिस्तान आईएसआई द्वारा सक्रिय हो गए हैं. खुफिया सूत्रों ने ऑस्ट्रेलिया और इटली में बैठे खालिस्तानी समर्थकों द्वारा भारत में खालिस्तानी गतिविधियों को बढ़ाने की मंशा के बारे में भी संकेत दिया है.

पूनम महाजन ने अधीर रंजन से कहा- 'निर्बल तो आप हैं जो एक ही परिवार की महिला के लिए खड़े हैं'
3 December 2019
नई दिल्‍ली: कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी के वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण को 'निर्बला' कहने के बाद उठे हंगामे के बीच आज बीजेपी सांसद पूनम महाजन ने अधीर रंजन पर पलटवार किया. पूनम महाजन ने कहा कि कल तेलंगाना की डॉक्‍टर के रेप और हत्‍या के मामले में सभी सांसद एकजुट थे. कुछ समय बाद जिनके नाम में 'धीर' है वैसे अधीर रंजन जी के अपने धीर क बांध फूट गया. वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण पर उन्‍होंने जो टिप्‍पणी की वो सबसे बुरा हुआ. इसके साथ ही पूनम महाजन ने अधीर रंजन से कहा, ''निर्बल तो आप हैं दादा जोकि एक ही परिवार की महिला के लिए आप खड़े हैं और उसी के सम्‍मान और सुरक्षा के लिए लड़ रहे हैं.''
इससे पहले बीजेपी सांसदों ने पीएम मोदी, अमित शाह और निर्मला सीतारमण के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्‍पणी करने के लिए अधीर रंजन से माफी की मांग की. इससे पहले बीजेपी (bjp) की संसदीय दल की बैठक मंगलवार को दिल्ली में संपन्न हुई. बैठक में कांग्रेस (congress) में लोकसभा के नेता अधीर रंजन चौधरी (Adhir Ranjan Chaudhary) के पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और अमित शाह को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी का भी मुद्दा उठा. बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ( rajnath singh) ने कहा कि जिस स्तर पर कांग्रेस नेता ने भाषा का इस्तेमाल किया है, उस स्तर पर हमें नहीं जाना है. राजनाथ सिंह ने कहा कि हमें आक्रामक रहना चाहिए लेकिन गरिमा के साथ. इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने यह भी कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) बैठक में सांसदों की सदन में गौरमौजूदगी को लेकर चिंतित हैं. पीएम मोदी चाहते हैं संसद में सांसदों को मौजूद रहना चाहिए.
क्या कहा था अधीर रंजन चौधरी ने?
बता दें रविवार को लोकसभा में कांग्रेस (Congress) के नेता अधीर रंजन चौधरी ने एक विवादित देते हुए पीएम मोदी और अमित शाह को घुसपैठिए कहा था. अधीर रंचन चौधरी ने कहा, 'एनआरसी नाम लेकर एक ऐसा माहौल पैदा हो गया कि जो हमारे देश के वास्तविक नागरिक हैं वे भी सोचने लगे हैं कि हमारा क्या होगा. आम जन सारे कागजात लेकर नहीं बैठे रहते, गरीब, आदिवासी, पिछड़े वर्ग के लोगों को रोटी की चिंता रहती है, कागजात के बारे में सोचने का उनके पास समय नहीं है.'
कांग्रेस नेता ने कहा, ''वो दिखाना चाहते हैं कि मुसलमान को भगाएंगे. मुसलमान अगर इस देश का नागरिक है तो भागेगा क्यों, हिंदुस्तान सबके लिए है हिंदू के लिए है मुसलमान के लिए है, लेकिन वो दिखाना चाहते हैं कि हम हिंदुओं को यहां रहने देना चाहते हैं, मुसलमानों को भगा देंगे. चौधरी ने कहा, 'यह हिंदुस्तान किसी की जागीर है क्या? सबका अधिकार समान है, मैं तो यह कह सकता हूं कि पीएम नरेंद्र मोदी जी, अमित शाह जी खुद घुसपैठिए हैं. घर आपका गुजरात, आ गए दिल्ली, आप तो खुद माइग्रेंट हैं. कानूनी और गैरकानूनी बाद में देखा जाएगा.'

बढ़ने वाली है भारतीय नौसेना की ताकत, अमेरिका से जल्द मिलेंगे 24 मल्टी रोल हेलीकॉप्टर
3 December 2019
नई दिल्ली: नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह (Navy Chief Admiral Karambir Singh) ने मंगलवार (3 दिसंबर) को बताया कि अमेरिका से 24 एमएच-60 आर मल्टी रोल हेलीकॉप्टर के लिए स्वीकृति पत्र (LoA) मिल गया है. उन्होंने कहा कि जल्द ही इस सौदे पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है. उन्होंने नैसेना दिवस (Navy Day) से एक दिन पहले यानी कि मंगलवार (3 दिसंबर) को दिल्ली में पत्रकारों को संबोधित करते हुए यह बात कही.
एडमिरल करमबीर सिंह ने यह भी कहा कि साल 2012-13 के मुकाबले देश की रक्षा बजट में कटौती हुई है. साल 2012-13 के मुकाबले साल 2019-20 में रक्षा बजट में करीब पांच प्रतिशत की कटौती हुई है. आपको बता दें कि 4 दिसंबर को देश भर में नौसेना दिवस मनाया जाएगा. उससे पहल यानी कि मंगलवार (3 दिसंबर) को दिल्ली में पत्रकारों को संबोधित करते हुए नौसेना प्रमुख ने यह बात कही.
उन्होंने बताया कि भारतीय नौसेना (Indian Navy) ने एंटी-पायरेसी ऑपरेशन के तहत 44 चोरी के प्रयासों को नाकाम करते हुए 120 समुद्री डाकुओं को गिरफ्तार किया है. उन्होंने कहा 48 भारतीय शिपयार्ड के साथ-साथ भारतीय नौसेना 50 जहाज और पनडुब्बियों का निर्माण कर रही है.
पत्रकारों को संबोधित करते हुए एडमिरल करमबीर सिंह ने कहा कि नेवी की योजना तीन एयरक्राफ्ट कैरियर्स को बेड़े में शामिल करने की है. ताकी दो हमेशा परिचालन में रहें. उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि यह इलेक्ट्रो मैग्नेटिक प्रोपल्शन के साथ 65,000 टन का हो.

गलत तरीके से चंदे के लेन-देन के मामले में आयकर विभाग ने कांग्रेस को भेजा नोटिस
3 December 2019
नई दिल्‍ली: आयकर विभाग (IT) ने चंदे के लेन-देन के एक मामले में कांग्रेस को नोटिस कर जवाब मांगा है. दरअसल हैदराबाद में अक्टूबर महीने में IT ने छापेमारी की थी और करोड़ों की टैक्स चोरी का पता चला था. उसी छापे में पता चला था कि कांग्रेस पार्टी को काफी पैसा गलत तरीके से चंदा दिखा कर दिया गया था. कांग्रेस ने अक्टूबर में इसी मामले को लेकर प्रेस कांफ्रेंस भी की थी. उसी का जवाब कांग्रेस पार्टी से नोटिस देकर मांगा है कि पैसा कैसे आया था.
हैदराबाद में एक बड़े बिज़नेस ग्रुप से गलत तरीके से पैसे लेने के आरोप में जवाब मांगा गया. विस्‍तृत विवरण की प्रतीक्षा है.

मंत्री होने के बावजूद फैसले नहीं ले पातीं, आपको निर्मला कहें या 'निर्बला' सीतारमण: अधीर रंजन
2 December 2019
नई दिल्‍ली: पीएम मोदी के खिलाफ विवादित बयानबाजी के 24 घंटे के भीतर ही लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने एक और विवादित बयान दिया है. छह वर्षों में जीडीपी दर सबसे कम रहने और अमेरिका-चीन ट्रेड वार पर जब वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना पक्ष रखा तो उसके बाद अधीर रंजन ने उनको लाचार मंत्री कहा. अधीर रंजन ने कहा, ''आपके लिए सम्‍मान तो है लेकिन कभी-कभी सोचता हूं कि आपको निर्मला सीतारमण की जगह 'निर्बला' सीतारमण कहना ठीक होगा कि नहीं. आप मंत्री पद पर तो हैं लेकिन जो आपके मन में है वो कह भी पाती हैं या नहीं.''
इससे पहले एनआरसी के मुद्दे पर रविवार को कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने पीएम मोदी और अमित शाह पर निशाना साधा था. उन्‍होंने कहा, 'एनआरसी नाम लेकर एक ऐसा माहौल पैदा हो गया कि जो हमारे देश के वास्तविक नागरिक हैं वे भी सोचने लगे हैं कि हमारा क्या होगा. आम जन सारे कागजात लेकर नहीं बैठे रहते, गरीब, आदिवासी, पिछड़े वर्ग के लोगों को रोटी की चिंता रहती है, कागजात के बारे में सोचने का उनके पास समय नहीं है.' कांग्रेस नेता ने कहा, ''वो दिखाना चाहते हैं कि मुसलमान को भगाएंगे. मुसलमान अगर इस देश का नागरिक है तो भागेगा क्यों, हिंदुस्तान सबके लिए है हिंदू के लिए है, मुसलमान के लिए है, लेकिन वो दिखाना चाहते हैं कि हम हिंदुओं को यहां रहने देना चाहते हैं, मुसलमानों को भगा देंगे.
चौधरी ने कहा, 'यह हिंदुस्तान किसी की जागीर है क्या? सबका अधिकार समान है, मैं तो यह कह सकता हूं कि पीएम नरेंद्र मोदी जी, अमित शाह जी खुद घुसपैठिए हैं. घर आपका गुजरात, आ गए दिल्ली, आप तो खुद माइग्रेंट हैं. कानूनी और गैरकानूनी बाद में देखा जाएगा.'
इस पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने निशाना साधा है. उन्‍होंने अधीर रंजन के लिए कहा, ''उनके राजनीतिक गोत्र का डीएनए खराब है. जिसने पूरे भारत में तुष्टिकरण की राजनीति की हो. इनका राजनीतिक डीएनए है तुष्टिकरण. 1971 में श्रीमती गांधी ने कहा था कि हमारा जनसंख्या विस्फोट इतना अधिक है कि हम सह नहीं सकते हैं. लेकिन वोट के सौदागरों के आगे घुटने टेक दिए.''
गिरिराज सिंह ने कहा, ''आज भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने एक देश- एक कानून बनाने का काम किया. नेहरू की गलतियों को, कश्मीर की नीतियों को, 35A और 370 को हटाकर सही किया. देश को एनआरसी की जरूरत है. धर्मशाला रूट, जो कांग्रेस ने धर्मशाला बना दिया है भारत को, जो आए, जो रह जाए. वोट दें कांग्रेस को, और यही रह जायें. हिंदुस्तान में उसको हटा दिया गया है अब. देश के लिए कानून होगा. वह कानून होगा एनआरसी के तहत, जो भारत का नागरिक है वो रहेगा. जो गैर भारतीय है. उसे जाना पड़ेगा. अगर पाकिस्तान का है, बांग्लादेश का है, रोहिंग्या है, कोई भी है, उसे जाना पड़ेगा.''
गिरिराज सिंह ने कहा, ''देखिए देश को इसे वोट के चश्मे से नहीं देखना चाहिए. देश को आज तक कांग्रेस ने इसे वोट के चश्मे से देखा. मैं तमाम लोगों से कहता हूं देश के चश्मे से देखें. देश की जनसंख्या विस्फोट के चश्मे से देखें. देश में बढ़ती आबादी है. हम घुसपैठियों का भार नहीं सकते. इसलिए एनआरसी चाहिए पूरे देश में लागू हो. बिहार हो या बंगाल पूरे देश में लागू होना चाहिए एनआरसी.''
इससे पहले उन्‍होंने ट्वीट कर कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा, ''मुगलों को अपना वोट बैंक बनाने वाले कांग्रेस को राष्ट्रवादी मोदी बाहरी और घुसपैठिए लगने लगे हैं...कांग्रेस मुगलों और रोहिंग्‍यों से माफ़ी मांगे ना मांगे इसे देशवासियों से माफी मांगनी पड़ेगी. मेरा मुंह खुलवाएंगे तो गूंज इटली तक जाएगी.''

पुलवामा हमले के बाद दिल्ली में बड़ा आतंकी हमला करना चाहता था जैश-ए-मोहम्मद
2 December 2019
नई दिल्ली: पुलवामा हमले (Pulwama attack) की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. एनआईए (nia) ने कोर्ट में दायर चार्जशीट में कहा है कि जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) पुलवामा हमले के बाद दिल्ली (Delhi) में बड़ा आतंकी हमला करना चाहता था.
जैश ने दिल्ली के साउथ ब्लॉक और सेंट्रल सेक्रेटरिएट की रेकी भी की थी जिससे पुलवामा की तरह एक और बड़े हमले को अंजाम दिया जा सके.
एनआईए के मुताबिक जैश आतंकी अहमद खान ने एनआईए से पूछताछ में खुलासा करते हुए कहा है कि उसने जैश के टॉप कमांडर्स के कहने पर साउथ ब्लॉक, सेंट्रल सेक्रेटरिएट, पुरानी दिल्ली, सिवल लाइन्स ,बी के दत्त कॉलोनी, कश्मीरी गेट, लोधी एस्टेट, मंडी हाउस और दरियागंज की रेकी की थी.
बता दें कि 14 फरवरी को जम्‍मू और कश्‍मीर के पुलवामा जिले में जैश ए मोहम्‍मद के आतंकियों ने सीआरपीएफ के काफिले पर हमला किया था. इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे. इस हमले में आतंकियों ने 300 किलो विस्‍फोटक से भरी कार का इस्‍तेमाल किया था. आतंकियों ने पहले विस्‍फोटक से भरी इस कार को काफिले की एक बस से टक्‍कर मारकर विस्‍फोट किया था.

हैदराबाद गैंगरेप-मर्डर केस, संसद में बोलीं जया बच्चन 'गुनाहगारों की हो सार्वजनिक लिंचिंग'
2 December 2019
नई दिल्ली: संसद (parliament) के दोनों सदनों में सोमवार को हैदराबाद गैंगरेप-हत्याकांड का मुद्दा उठा. लोकसभा और राज्यसभा में बोलते हुए सांसदों ने इस घटना पर अपना आक्रोश जाहीर किया. राज्यसभा में बोलते हुए सासंद जया बच्चन (Jaya Bachchan) बहुत बड़ा बयान दे डाला. उन्होंने कहा कि रेप के गुनहगारों को सार्वजिक तौर पर सजा दी जाए उनकी लिंचिंग की जाए.
जय बच्चन ने कहा, 'मुझे नहीं पता कितनी बार मैंने इस मसले पर अपनी बात रखी है. मुझे लगता है कि लोग चाहते हैं कि सरकार अब एक निर्णायक जवाब दे. मुझे लगता है कि यह जो घटना हैदराबाद में हुई क्या वहां के जो सिक्योरिटी इंचार्ज है क्या आपको नहीं लगता कि उनसे जवाब मांगा जाना चाहिए कि वे उस इलाके की सुरक्षा क्यों नहीं कर पाए क्योंकि वहां एक दिन पहले भी यह घटना हुई थी. ऐसे लोगों को देश के समाने लाकर उन्हें शर्मिंदा करना चाहिए.
उन्होंने आगे कहा, 'जिन लोगों ने यह अपराध किया है....इस तरह की चीजें कुछ देशों में होती हैं वहां जनता इसका फैसला देती है, मुझे लगता है कि इस तरह के लोग जनता के बीच लाया जाए जहां इनकी लिंचिंग हो. '
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (rajnath singh) ने कहा, 'हैदराबाद की जो यह घटना घटित हुई है. इससे बड़ा और कोई दूसरा अमानवीय कृत्य नहीं हो सकता है. सारा देश इस घटना को लेकर शर्मसार हुआ. इस घटना से सभी आहत हुए है. सदन में सभी ने कहा है कि जो भी अपराधी है उसे कठोर से कठोर सजा मिलनी चाहिए. '
जब निर्भया कांड हुआ था तो उसके बाद एक कठोर कानून बना था और लोगों ने उस समय यह मान लिया था कि इन घटनाओं में काफी हद तक कमी आएगी. मैं कहना चाहूंगा अध्यक्ष महोदय की अगर आप चर्चा कराना चाहते हैं तो हमें कोई आपत्ति नहीं होगी. उन्होंने कहा सदन में जिस तरह के कठोर कानून बनाने पर सहमति बनेगी हम उस तरह का कानून बनाने के लिए तैयार है.
AIADMK सांसद विजिला सत्यानथ ने लोकसभा में कहा, देश में बच्चे औह महिलाएं सुरक्षित नहीं है. चार लोग जिन्होंने यह अपराध किया है उन्हें 31 दिसंबर से पहले फांसी पर लटका दिया जाना चाहिए. इस मामले में एक फास्ट ट्रेक कोर्ट बनाया जाना चाहिए.

पीड़िता को पहले केरोसीन डालकर जलाया, फिर लौटकर देखने आए बॉडी पूरी जली या नहीं
30 November 2019
Hyderabad Doctor Murder: हैदराबाद में डॉक्टर की नृशंस हत्या ने देश को हिलाकर रख दिया है। जिस दरिंदगी से डॉक्टर की हत्या की गई उसे सुनकर ही रौंगटे खड़े हो जाते हैं। जिन 4 वहशी दरिंदों ने इस वारदात को अंजाम दिया वह पुलिस गिरफ्त में आ चुके हैं। लेकिन इस घटना के बाद एक बार फिर सामने आ गया है कि अपराधियों पर पुलिस का खौफ खत्म हो चुका है। डॉक्टर के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद आरोपियों ने केरोसीन डालकर आग लगा दी थी। इसके बाद उसे जलता हुआ छोड़कर चले गए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना को अंजाम देने के बाद दरिंदे घटनास्थल से चले गए थे। लेकिन 4 में से 2 वापस घटनास्थल पर यह तसल्ली करने के लिए पहुंचे थे कि डॉक्टर का शव पूरी तरह से जला की नहीं।
2 आरोपी दोबारा शव देखने पहुंचे
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस नृशंस हत्या को अंजाम देने वाले चारों आरोपियों ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है। तेलंगाना टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, अंडरपास के नीचे आरोपियों ने रात लगभग 2 से 2.30 के बीच वारदात को अंजाम दिया और घटनास्थल से ट्रक और स्कूटर से रवाना हो गए थे। इसके थोड़ी देर बाद आरोपी स्कूटर से दोबारा लौटकर यह देखने आए कि शव पूरी तरह से जला की नहीं।
महिला आयोग के सदस्य पहुंचे डॉक्टर के घर
डॉक्टर की हत्या को बदमाशों ने जिस तरह से अंजाम दिया इसके बाद पूरे देश में गुस्सा फूट पड़ा है। सोशल मीडिया पर यूजर्स आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं। डॉक्टर की हत्या ने राज्य की पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा कर दिया है। राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य भी आज डॉक्टर के परिवार से मिलने पहुंची हैं।

फ्लोर टेस्ट से पहले BJP का वॉकआउट, फडणवीस बोले, 'असंवैधानिक है यह अधिवेशन'
30 November 2019
मुंबई: BJP विधायकों ने उद्धव सरकार के फ्लोर टेस्ट से पहले विधानसभा से वाक आउट किया. पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ( Devendra Fadnavis) ने दावा किया संवैधानिक नियमों को ताक पर रखकर विधानसभा का यह सत्र बुलाया गया है. फडणवीस ने तीन बिंदुओं पर इस सरकार पर निशाना साधा
1-फडणवीस ने दावा किया कि विधानसभा अधिवेशन बुलाने के लिए संविधान के लिए जो नियम तय किए गए उन्हें ताक पर रखकर यह अधिवेशन बुलाया गया है. फडणवीस ने कहा कि इससे पहले जो अधिवेशन हुआ था वह सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हुआ था. उस अधिवेशन के आखिर में राष्ट्रगान गाया गया जिसके साथ ही वह अधिवेशन खत्म हो गया था लेकिन आज उसी अधिवेशन को जारी रखा गया. यह पूरी तरह से संविधान का उल्लंघन है.
2-फडणवीस ने कहा कि प्रोटेम स्पीकर को हटाना संविधान का उल्लंघन है. नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए प्रोटेम स्पीकर को हटाने की कार्रवाई की गई. उन्होंने कहा कि आज तक कभी बहुमत परीक्षण विधानसभा स्पीकर के चुनाव से पहले नहीं हुआ.
3-इसके साथ ही फडणवीस ने आरोप लगाया कि उद्धव सरकार का शपथग्रहण समारोह में संविधान की धज्जिया उड़ाई गईं. उन्होंने आरोप लगाया कि शपथ ग्रहण समारोह में लोगों ने शरद पवार, सोनिया गांधी, बाल ठाकरे के नाम पर प्रतिज्ञा ली, जो कि संविधान के खिलाफ है.

उद्धव सरकार ने महाराष्‍ट्र विधानसभा में बहुमत साबित किया, 169 विधायकों ने समर्थन दिया
30 November 2019
मुंबई: महाराष्‍ट्र (Maharashtra) विधानसभा में आज उद्धव ठाकरेे सरकार ने बहुमत सिद्ध कर दिया. 2 बजे शुरू हुई कार्यवाही में विपक्ष के भारी हंगामे और सदन से बीजेपी और उसके घटक दलों के वॉकआउट के बीच उद्धव ठाकरे सरकार ने सदन में बहुमत सिद्ध कर दिया. सदन में 169 विधायकों ने उद्धव सरकार के पक्ष में मतदान किया, जबकि विरोध में 0 वोट आए. इसके अलावा 4 मत तटस्‍थ रहे. यानि उन्‍होंने किसी का समर्थन नहीं किया. इनमें 2 AIMIM, 1 CPM जबकि एक विधायक मनसे का था. इस तरह उद्धव ठाकरे की सरकार ने सदन में बहुमत साबित कर दिया.
सदन में बहुमत साबित कर लेने के बाद उद्धव ठाकरे ने महाराष्‍ट्र विधानसभा में पहली बार संबोधन देते हुए कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का वंदन कर मैं यहां आया हूं. हमारा महाराष्‍ट्र छत्रपति शिवाजी महाराज का महाराष्‍ट्र है. वह हमारे देवता समान हैं. उन्‍होंने आगे कहा कि सदन में विरोधी पक्ष नहीं हैं. देवेंद्र फडणवीस ने अगर हमनें शपथ ग्रहण के दौरान शिवाजी महाराज, साहूजी महाराज और डॉ. भीमराव अंबेडकर का नाम लिया तो इन्‍हें आपत्ति क्‍यों है? ये लोग भी तो हमेशा इन महानुभावों के नाम लेते हैं. जिस तरह सदन से वॉकआउट किया गया, मैं कहना चाहूंगा कि ये वो महाराष्‍ट्र नहीं है, जैसा हम चाहते हैं. हमनें जिन भी महानुभावों के नाम अपनी शपथ ग्रहण के लिए हमें उन पर गर्व है. मैं मैदान में लड़ने वाला इंसान हूं.
उनके बाद प्रोटेम स्‍पीकर ने सभी विधायकों को बधाई दी एवं कहा कि सदन की कार्यवाही कल सुबह 11 बजे शुरू होगी और स्‍पीकर का चुनाव होगा.
सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे शुरू हो गई थी. सदन की कार्यवाही शुरू होते ही वहां हंगामा हो गया. पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा अधिवेशन पर सवाल उठाए. हंगामे के बीच उद्धव ठाकरे ने प्रोटेम स्पीकर के आदेश के बाद सरकार की कैबिनेट में शपथ ले चुके नये मंत्रियों का पहले सदन मे परिचय कराया, लेकिन हंगामा जारी रहा. इसी बीच राज्‍य के पूर्व सीएम अशोक चव्‍हाण ने विधानसभा में विश्‍वास प्रस्‍ताव पेश किया. इनके बाद एनसीपी नेता नवाब मलिक के अलावा सुनील प्रभु, जयंत पाटिल ने विश्‍वास प्रस्‍ताव का अनुमोदन किया. इसके बाद सदन में विश्‍वास मत पर वोटिंग होनी थी, लेकिन विपक्ष ने भारी हंगामा किया. बीजेपी विधायकों ने विरोधस्‍वरूप सदन से वॉकआउट कर दिया.
सदन के बाहर फडणवीस ने मीडिया से कहा कि नियमों के खिलाफ विधानसभा का सत्र बुलाया गया है. विधानसभा में नियमों को ताक पर रखा जा रहा है. उन्‍होंने सदन में यह भी कहा कि उन्‍होंने स्‍पष्‍ट रूप से कहा कि संविधान के अनुरूप के विधानसभा के जो नियम बनाए गए हैं उन्हें ताक पर रखकर यह अधिवेशन बुलाया गया है. पुराना अधिवेशन जोकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुआ था, वह जनगणमन के साथ समाप्त हो गया, लेकिन उस अधिवेशन को आज भी जारी रखा गया. शपथग्रहण समारोह में संविधान की धज्जियां उड़ाई गईं. शपथ ग्रहण करने वालों ने शरद पवार, सोनिया गांधी, बाल ठाकरे के नाम लेकर भी प्रतिज्ञा ली, जोकि संविधान के खिलाफ है.
उन्‍होंने यह भी कहा कि प्रोटेम स्पीकर को हटाना संविधान का उल्लंघन है. प्रोटेम स्पीकर को हटाया गया. संविधान को ताक पर रखकर यह कार्रवाई की गई. आज तक कभी भी बहुमत परीक्षण विधानसभा स्पीकर के चुनाव से पहले नहीं हुआ. हम राज्यपाल से अनुरोध करने वाले हैं कि यह सारी कार्यवाही निरस्त हो.
इससे पहले सदन के भीतर भी हंगामे के बीच फडणवीस ने कहा कि उन्‍होंने कहा कि 'विधानसभा सत्र नियमों के खिलाफ बुलाया गया. विधानसभा सत्र की शुरुआत वंदे मातरम से क्‍यों नहीं की गई? आधी रात को विधानसभा सत्र की जानकारी दी गई. विधानसभा में विपक्ष सदस्‍यों ने दादागिरी नहीं चलेगी के नारे लगाए. फ्लोर टेस्‍ट नियमों के खिलाफ हो रहा है. उद्धव के मंत्रियों ने नियमों के खिलाफ शपथ ली है'. फडणवीस ने आगे कहा कि महाराष्‍ट्र विधानसभा में पहले अध्‍यक्ष का चुनाव होता रहा है, उसके बाद ही फ्लोर टेस्‍ट होता रहा है, लेकिन इस बार उल्‍टा हो रहा है. सारे नियमों को ताक पर रखा गया है. उन्‍होंने प्रोटेम स्‍पीकर की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए. बिना अध्‍यक्ष के आज तक बहुमत परीक्षण नहीं हुआ.
कार्यवाही शुरू होने से पहले मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे दोपहर करीब 12.45 बजे विधानसभा पहुंच गए थे. बहुमत परीक्षण से पहले यहां उन्‍होंने सबसे पहले छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति को माला पहनाई. वहीं, एनसीपी नेता सुप्रिया सुले और पूर्व मुख्‍यमंत्री व भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस भी महाराष्‍ट्र विधानसभा पहुंच गए थे.
फ्लोर टेस्‍ट से पहले शिवसेना और एनसीपी ने अपने विधायकों के लिए व्हिप जारी कर उन्‍हें सदन में उपस्थित रहने को कहा. वहीं, कांग्रेस ने भी अपने विधायकों के नाम तीन लाइन का व्‍हिप जारी किया था.
इससे पहले विधानसभा अध्‍यक्ष पद के लिए में महाविकास अघाडी‌ के उम्मीदवार कांग्रेस के नाना पटोले ने ज़ी मीडिया से बात करते हुए कहा कि संख्याबल हमारे साथ है, इसलिए जीत हमारी होगी. बहुमत साबित करने के लिए हम पूरी तरह से सक्षम हैं. हम अपनी सरकार को लेकर पूरी तरह आश्‍वस्‍त हैं. जहां तक बात है शपथ के दौरान संविधान के नियमों का पालन नहीं करने की, वहां राज्यपाल महोदय थे ही... अगर कुछ गड़बड़ है तो राज्यपाल ही इस मुद्दे पर निर्णय लेंगे. नाना पटोले की तरफ से विधानसभा अध्‍यक्ष पद के लिए नामांकन किया गया.
वहीं, एनसीपी नेता प्रफुल्‍ल पटेल ने कहा कि उप मुख्यमंत्री पद एनसीपी के पास है और इसके नाम का ऐलान हम नागपुर सत्र के बाद करेंगे. साथ ही उन्‍होंने कहा कि मैं दिल्ली में सांसद हूं. उप मुख्यमंत्री पद की रेस में मेरे नाम का सवाल ही नहीं उठता.
वहीं सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले अजित पवार, प्रफुल्‍ल पटेल और जयंत पाटिल विधानसभा पहुंच गए. वहीं, बहुमत सिद्ध करने से कुछ देर पहले ही एनसीपी की बैठक होगी.
वहीं, विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए बीजेपी की तरफ से उसके विधायक किसन कथोरे को चुना गया है. किसन कथोरे ठाणे जिले की मुरबाड सीट से विधायक हैं. विधानसभा स्पीकर का कल यानि रविवार को चुनाव है. आज विधानसभा की कार्यवाही प्रोटेम स्पीकर दिलीप वल्से पाटिल की अध्यक्षता में होगी.
बालासाहेब थोराट ने सुबह ही बताया कि, नाना पटोले कांग्रेस पार्टी की तरफ से विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार होंगे. नाना पटोले महाराष्ट्र के चन्द्रपूर इलाके से चुनाव जीतकर आए हैं. पटोले पहले बीजेपी मे हुआ करते थे, लेकिन किसानों के मुद्दे पर उन्‍होंने बीजेपी छोड़ दी थी और पिछला लोकसभा चुनाव केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी के सामने कांग्रेस पार्टी के टिकट पर लड़ा था. उधर, बालासाहेब थोराट ने कहा कि कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने निर्णय लिया है कि हम बहुमत सिद्ध करेंगे और इस बात को लेकर हम सभी पूरी तरह से निश्‍चित हैं.
इससे पहले शनिवार सुबह राज्‍य के पूर्व उप मुख्‍यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार, विधायक दल के नेता और महाराष्‍ट्र सरकार में मंत्री जयंत पाटिल पार्टी प्रमुख शरद पवार से मिलने के लिए उनके आवास सिलवर ओक पहुंचे. वहीं, कांग्रेस के प्रदेश अध्‍यक्ष और उद्धव ठाकरे के साथ मंत्रीपद की शपथ लेने वाले बालासाहेब थोराट भी यहां पहुंचे थे. इसके कुछ देर बाद नीतिन राउत और बाला साहेब थोराट वहां से निकल गए. इनके बाद अजित पवार, जयंत पाटिल और प्रफुल्‍ल पटेल भी सिल्‍वर ओक से निकलते देखे गए.
नांदेड़ से बीजेपी (BJP) सांसद प्रतापराव ने एनसीपी (NCP) नेता अजित पवार (Ajit Pawar) से मिलने पहुंचे. उद्धव सरकार द्वारा शनिवार दोपहर को विधानसभा में बहुमत साबित करने के कुछ घंटे पहले ही यह मुलाकात हुई. मुलाकात के बाद अजित पवार ने कहा, यह एक सदिच्छा भेंट थी. राजनीति में ऐसी मुलाकातें होती रहती हैं. मुझसे कई पार्टियों के नेता मिलते हैं..
बता दें उद्धव सरकार के बहुमत साबित करने, नए अध्यक्ष के चुनाव, विरोधी पक्ष नेता की घोषणा और राज्यपाल के अभिभाषण के लिए महाराष्ट्र (Maharashtra) विधानसभा के दो दिन का विशेष सत्र बुलाया गया है.
शिवसेना(Shiv Sena) -एनसीपी (NCP)-कांग्रेस (congress) वाली सत्तारूढ़ 'महा विकास अघाड़ी' का दावा है कि उसके पास 170 विधायकों का दावा है. महाराष्ट्र (Maharashtra) विधानसभा मे बहुमत का आंकड़ा 145 है.

एम्स में इलाज करवाना हो सकता है महंगा, डॉक्टर बनने की फीस भी बढ़ने की संभावना
28 November 2019
नई दिल्‍ली : एम्स (AIIMS) में अब इलाज करवाना भी महंगा हो सकता है और पढ़ना भी. एम्स के फाइनेंस डिपार्टमेंट की तरफ से जारी किए गए एक लैटर में एम्स के सभी विभागों से ये पूछा गया है कि फिलहाल किस सेवा का क्या चार्ज लिया जा रहा है. साथ ही ये बताने को भी कहा गया है कि ये चार्ज लागत से कितना कम है और क्या कारण है कि ये चार्ज लागत से कम पर वसूला जा रहा है.
फिलहाल एम्स में एमबीबीएस करने का सालाना खर्च 6000 रुपए है, जो 50,000 तक किया जा सकता है. एम्स प्रशासन के मुताबिक, एमबीबीएस करने वाले एक डॉक्टर पर संस्थान 1.8 करोड़ रुपए खर्च करता है.
एम्स में ओपीडी में दिखाने के लिए 10 रुपए का कार्ड बनता है, जबकि भर्ती होने पर 25 रुपए का.
स्वास्थ्य मंत्रालय चाहता है कि एम्स का रेवेन्यू बढ़े. सरकार दिल्ली एम्स को सालाना 3 हज़ार 5 सौ करोड़ रुपए देती है, जबकि देश में बने बाकी एम्स को 300 से 500 करोड़ मिलते हैं.
एम्स के डॉक्टरों की एसोसिएशन ने इस कदम का विरोध किया है. एम्स के रेजीडेंट डॉक्टर और स्टूडेंट एसोसिएशन ने प्रेस रिलीज़ जारी कर रहा है कि स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों ही क्षेत्रों को अफोर्डेबल यानी किफायती होना चाहिए जिससे हर कोई इन सेवाओं को हासिल कर सके.

पंजाब के सरकारी दफ्तरों में पंजाबी भाषा लागू करने के लिए आदेश जारी
28 November 2019
चंडीगढ़: पंजाब के सरकारी दफ्तरों में पंजाबी भाषा लागू करने के लिए पंजाब सरकार ने आदेश जारी कर दिए है . बोर्ड कारपोरेशन व सभी विभागों में पंजाबी लागू करने को कहा है . उच्च शिक्षा विभाग की और से जारी पत्र में कहा गया है कि देखने में आया कि पंजाब सरकार की और से राजभाषा एक्ट 2008 में लागू होने के बावजूद भी कई विभाग इस एक्ट को लागू नहीं कर रहे है .
पंजाब सरकार ने पहले भी आदेश जारी किये थे लेकिन उनको लागू नहीं किया जा रहा. पंजाब में विपक्ष काफी समय मांग कर रहा है कि पंजाब में कई विभाग पंजाबी भाषा में काम नहीं कर रहे है. यह मामला विधानसभा में भी उठता रहा है.
अब सरकार के फिर से विभागों को आदेश जारी किया है के सरकार के आदेशों को लागू किया जाए.

पी चिदंबरम की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित
28 November 2019
नई दिल्‍ली: INX मीडिया हेराफेरी मामले से जुड़े मनी लॉड्रिंग केस में पी चिदंबरम की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी हो गई है. सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. इससे पहले आज ED ने पी चिदंबरम की जमानत का विरोध किया. सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि कल चिदंबरम की तरफ से कहा गया है कि मैं रंगा बिल्ला नहीं हूं, तो मुझे क्यों जेल में रखा जा रहा है, इसका जवाब ये है कि इस अपराध की गंभीरता समाज पर प्रभाव डालती है. पी चिदंबरम के बाद अब कार्ति चिदंबरम पर भी गिरफ़्तारी की तलवार लटक सकती है. ED ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वो कार्ति चिदंबरम को गिरफ्तार करना चाहती है बस प्रोटेक्शन हटते ही कार्ति को गिरफ्तार कर लेंगे.
तुषार मेहता ने कहा कि ED मामले में कार्ति चिदंबरम की गिरफ्तारी अभी होनी है. उन्होंने अब तक अग्रिम जमानत की अर्ज़ी नहीं लगाई है. PMLA के कुछ प्रावधानों को उन्होंने चुनौती दे रखी है लिहाज़ा अदालत में उन प्रावधानों पर लगे स्टे की वजह से वो अब तक बचे हुए हैं. कोर्ट का स्टे हटते ही वो गिरफ्तार होंगे.
मेहता ने कहा कि चिदंबरम इतने प्रभावशाली हैं कि एक गवाह चिदंबरम के सामने बयान देने से पीछे हट गया, ये इनका प्रभाव ही था कि गवाह ने आमना-सामना करने से मना कर दिया. हमने उसका बयान दर्ज किया है जो सीलबंद लिफाफे में अदालत को दिया है. आम आदमी का सिस्टम से भरोसा खत्म हो जाएगा, आरोपी फाइनेंस मिनिस्टर के पद पर थे.
SG ने कहा कि एक गवाह ने उनके साथ आमने सामने बैठने से मना कर दिया. कहा कि वो बहुत प्रभावशाली हैं, तुषार मेहता ने कहा क्या हम तभी कार्रवाई करेंगे जब अपराध करने वाला रंगा बिल्ला होगा.

अयोध्‍या केस में मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन का विवादित बयान, 'देश की शांति-सौहार्द हमेशा हिंदू बिगाड़ता है'
27 November 2019
नई दिल्‍ली : अयोध्‍या केस (Ayodhya Case) में मुस्लिम पक्ष के वकील रहे राजीव धवन (Rajiv Dhawan) ने विवादित बयान दिया है. राजीव धवन ने अयोध्या मसले पर सुप्रीम फैसले (Ayodhya Case) के संदर्भ में कहा कि भारत में रहने वाले मुस्लिमों के साथ अन्याय हुआ है. इसके साथ ही वह यह भी कह गए कि देश की शांति और सौहार्द को हमेशा हिंदू ही बिगाड़ता है. मुस्लिमों ने ऐसा काम कभी नहीं किया है. इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर भी जमकर निशाना साधा.
ANI के अनुसार, राजीव धवन ने कहा कि संघ परिवार तालिबान की तरह बात करता है! उन्‍होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अखलाक के लिए कौन जिम्मेदार है? गौरी लंकेश के लिए कौन जिम्मेदार है? गोवा में क्राइम के लिए और डाभोलकर के लिए कौन जिम्मेदार है? इसके साथ ही राजीव धवन ने कहा कि 1934 में मस्जिद किसने गिराई, किसने लिंचिंग की, किसने हत्याएं की हैं?
उल्‍लेखनीय है कि इससे पहले भी अयोध्‍या केस की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सुन्नी वक्फ बोर्ड के वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने एक पिक्टोरियल मैप को फाड़ दिया, जिसमें भगवान राम के जन्मस्थल को चिह्न्ति किया गया था. इस मैप को अखिल भारतीय हिंदू महासभा की ओर से वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने अदालत के समक्ष रखा था. उनके द्वारा नक्शे को फाड़े जाने की घटना की वकील समुदाय ने निंदा की थी, जिनका कहना था कि वकीलों को कार्यवाहियों के दौरान अदालतों की मर्यादा को बनाए रखना चाहिए.
मामले में बीते 16 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष की ओर से पेश धवन ने प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के सामने इस मैप को फाड़ दिया था, जिस पर सीजेआई और अन्‍य जजों ने कड़ी टिप्‍पणी भी की थी. उनके इस कृत्य की कानून समुदाय से इतर बाहर के लोगों ने भी आलोचना की थी.
हिंदू महासभा के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा था कि धवन का व्यवहार अनैतिक, गैर-पेशेवर था और उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था. अदालत में उस वक्त मौजूद अयोध्या वार्ता समिति के अध्यक्ष मौलाना सुहैब कासमी ने भी उनके इस कृत्य की आलोचना की और कहा कि वरिष्ठ वकील का व्यवहार अनुचित था.
निर्मोही अखाड़ा के प्रवक्ता कार्तिक चोपड़ा ने कहा था कि जो भी धवन ने किया वह गलत था लेकिन प्रधान न्यायाधीश ने उन्हें मैप फाड़ने की इजाजत दी थी. इसके अलावा इस मामले से नहीं जुड़े हुए वकीलों ने भी धवन की इस बाबत आलोचना की.
प्रसिद्ध वकील एमएस खान ने धवन के व्यवहार की आलोचना की और कहा, "यद्यपि प्रधान न्यायाधीश ने वरिष्ठ वकील को मैप फाड़ने की इजाजत दी थी, लेकिन उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था. कोर्ट की मर्यादा बनी रहनी चाहिए."
इस मामले में अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने बार कौंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष को पत्र लिखकर वरिष्ठ वकील के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी.

पुलिस ने उस वाहन की पहचान की जिससे गिरा था कैमिकल
27 November 2019
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने उस वाहन की पहचान कर ली है जिसमें से 23 नवंबर को मोरी गेट इलाके में कैमिकल निकला था, इस वाहन से गिरे केमिकल की वजह से 3 युवकों की दर्दनाक मौत हो गई थी.. पुलिस वाहन के लिए राजस्थान के जोधपुर गई हैं.
बता दें कि शनिवार (23 नवंबर) की सुबह करीब 5 बजे कश्मीरी गेट के मोरी गेट इलाके पर सड़क पर गिरे एक रहस्यमयी कैमिकल की वजह से बाइक सवार 3 युवकों की मौत हो गई थी. एक शादी समारोह से अपनी बाइक पर लौट रहे 3 युवक मोरी गेट की मार्किट के पास सड़क पर फिसल गए. कुछ सेकंड तक तो उन्हें केवल ये एक मामूली एक्सीडेंट लगा.
तीनों युवक तुरंत खड़े हो गये. लेकिन कुछ पलों के बाद ही तीनों को बहुत तेज जलन महसूस हुई और देखते ही देखते उनके शरीर पर दाने निकल आये. पास है मौजूद पुलिस चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी भी तब तक वहां पहुंच गए.
उन्होंने तुरंत तीनों को अरुण आसिफ अली हॉस्पिटल में भर्ती कराया. वहां तीनों की हालत खराब होने लगी. शरीर नीला पड़ने लगा तो तीनों को एलएनजेपी अस्पताल रेफर कर दिया गया. जहां 23 साल के शिवम और 24 साल महेश की महज कुछ घंटों बाद मौत हो गई. जबकि मोनू की हालत गंभीर बनी रही. इलाज के दौरान मोनू ने भी 25 नवंबर की सुबह दम तोड़ दिया.
पुलिस लेने आई सैंपल तो जल गए जूते और चप्पल
मामले की गंभीरता देखते हुए पुलिस ने सड़क पर गिरे केमिकल का सेम्पल उठा लिया और फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया. लेकिन जो पुलिस टीम केमिकल लेने गयी थी उनके भी जूते चप्पल भी जल गए. पीड़ित के परिवार वालों के मुताबिक तीनो की मौत बाइक फिसलने से नही बल्कि केमिकल की वजह से हुई है.
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है मौत की वजह क्या है पोस्मार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चल पाएगा. लेकिन बेहद गंभीर सवाल है कि आखिर इतना खतरनाक केमिकल कहां से आया और इसका मकसद क्या था. हालांकि पास में है केमिकल मार्किट है लेकिन खतनाक केमिकल को लाने ले जाने के लिए कड़े नियम बने हुए है उसके बावजूद भी ऐसा केमिकल जिसके केवल संपर्क में आने से तीन घरों के चिराग बुझ गए किसकी लापरवाही से सड़क पर फैल गया.

सुप्रीम कोर्ट में पी चिदंबरम के वकील की दलील- 'क्‍या वह दुर्दांत अपराधी रंगा-बिल्ला हैं?'
27 November 2019
नई दिल्‍ली : INX मीडिया हेराफेरी (INX Media Case) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले (Money Laundering Case) में पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम (P Chidambaram) की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में बुधवार को सुनवाई के दौरान उनके वकील कपिल सिब्‍बल ने अपनी दलील में कहा कि रिमांड अर्जी में ED ने आरोप लगाया है कि पी चिंदबरम गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उनके मुवक्किल तो ED की कस्टडी में थे. क्या ED के अधिकारी ये कहना चाहते हैं कि ED के दफ्तर में जहां फोन भी उपलब्ध नहीं था, वहां से वह गवाहों को प्रभावित कर रहे थे? केस की सुनवाई जारी है.
सुनवाई के दौरान पी चिदंबम की तरफ से कपिल सिब्‍बल ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि हाईकोर्ट ने ED की तीनों बड़ी दलील (सबूतों के साथ छेड़छाड़ की आशंका, फ्लाइट रिस्क, गवाहों को प्रभावित करने की संभावना) को ठुकरा दिया, लेकिन इसके बावजूद सिर्फ ये कहते हुए ज़मानत देने से इंकार कर दिया कि चिंदबरम गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं. उन्हें इस स्कैम का सरगना साबित कर दिया गया, जबकि उनसे जुड़ा कोई डॉक्युमेंट नहीं है. बाकी लोग जिन्हें आरोपी बनाया गया है, उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है या फिर ज़मानत पर बाहर हैं.
पी चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि कैसे काउंटर एफिडेविट कोर्ट की फाइंडिंग हो सकती है. सिब्बल ने कहा कि 10 लाख के अपराध के आरोप को करोड़ों रूपये के अपराध की तरह पेश किया जा रहा है. सिब्बल ने चिदंबरम की ओर से कहा कि 'हाईकोर्ट ने जनता में ग़लत संदेश दिया की यह मामला गंभीर है, इनको ज़मानत नही दी जा सकती. जैसे यह दुर्दांत अपराधी रंगा-बिल्ला हैं'.
सिब्बल ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि वहां ED ने अपने हलफनामे में जो कहा, वहीं दिल्ली HC का निष्कर्ष बन गया. हाई कोर्ट ने ED के जवाब का हूबहू अपने फैसले में लिया और यही जमानत अर्जी को ठुकराने का आधार बन गया.
सिब्बल ने चिदंबरम की ओर से कहा कि 'पी चिदंबरम से जुड़ा कोई भी मेल, मैसेज या दस्तावेज और बैंक अकाउंट की जानकारी नहीं है. मामले में सभी आरोपी जमानत पर हैं, लेकिन सिर्फ मैं जेल में हूं, उसके बाद भी मै किंगपिन हूं, क्योंकि मैं कार्ति चिदंबरम के पिता हूं'.
चिंदबरम की ओर से सिब्बल ने कहा, 'आज जेल में मेरा 99 वां दिन है. इस केस में मेरे खिलाफ कोई डॉक्यूमेंट/ SMS या ईमेल नहीं है, लेकिन ED की कोशिश किसी भी तरह मुझे जेल में रखने की है. पहले वो मुझसे पूछताछ के लिए कस्‍टडी मांग रहे थे, लेकिन CBI वाले केस में ज्यूडिशियल कस्टड़ी ख़त्म हो जाने के बाद उन्होंने मुझसे पूछताछ नहीं की. जब मामला SC में सुनवाई के लिए लगने वाला था, तो उन्होंने 23 नवंबर को पूछताछ की.
उल्‍लेखनीय है कि INX मीडिया हेराफेरी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पी चिदंबरम की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार के लिए सुनवाई टल गई थी. दरअसल, सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता जम्मू-कश्मीर के पाबंदी मामले की सुनवाई में व्यस्त थे. चिदंबरम केस में वो ईडी की तरफ पेश होते हैं. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को नोटिस जारी कर 26 नवंबर तक जवाब मांगा था. इससे पहले चिदंबरम ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी. चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने जमानत याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग की थी.
आपको बता दें कि INX मीडिया केस में पी चिदंबरम को बड़ा झटका देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने इससे जुड़े ED केस में जमानत याचिका खारिज कर दी थी. हाई कोर्ट के जस्टिस सुरेश कैथ ने अपने आदेश में कहा था कि अगर इस स्टेज पर चिदंबरम को जमानत दी जाती है तो 70 बेनामी बैंक एकाउंट समेत शेल कंपनी और मनी ट्रेल को साबित करना जांच एजेंसी के लिए मुश्किल हो जाएगा.
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने चिदंबरम को 1 लाख रुपए के निजी मुचलके पर सीबीआई मामले में जमानत दे दी थी. सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि चिदंबरम को इस मामले में तब तक जमानत नहीं दी जानी चाहिए जब तक इस मामले का ट्रायल शुरू नहीं हो जाता और अहम गवाहों के बयान नहीं दर्ज कर लिए जाते.
क्‍या है मामला?
सीबीआई ने 2007 में 305 करोड़ रुपये का विदेशी चंदा लेने के लिए आईएनएक्स मीडिया समूह को विदेशी निवेश संबर्द्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की एक मंजूरी में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए 15 मई, 2017 को प्राथमिकी दर्ज की थी. इसके बाद ईडी ने 2017 में इस संबंध में मनी लॉड्रिंग का मामला दर्ज किया था.

देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद से दिया इस्तीफा, कहा- 'हमारे पास बहुमत नहीं है'
26 November 2019
नई दिल्ली: महाराष्ट्र में बहुमत परीक्षण को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से अचानक से राज्य में बड़े सियासी बदलाव होना शुरू हो गए है. डिप्टी सीएम अजित पवार के इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया. देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य की जनता ने बीजेपी और शिवसेना गठबंधन को बहुमत दिया था. नतीजों में बीजेपी ने जितनी सीटें लड़ी उनमें से 70 प्रतिशत सीटें जीतीं. वहीं शिवसेना ने 40 प्रतिशत जीती थी. शिवसेना ने नतीजों के बाद ही यह कहना शुरू कर दिया कि दोनों पार्टियों का ढाई-ढाई साल का सीएम होगा. लेकिन ऐसा कोई प्रस्ताव चुनाव से पहले नहीं दिया गया था ना ही ऐसा कोई समझौता हुआ था.
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह जी ने स्पष्ट रूप से बताया था कि ऐसा कोई वादा नहीं किया गया था. जो वादे हुए थे उस पर हम कायम थे लेकिन ढाई साल सीएम बनाने का कोई वादा नहीं था. लेकिन इसी दौरान शिवसेना ने एनसीपी और कांग्रेस से बात करना शुरू कर दिया. इसके बाद सबसे बड़ी पार्टी के रूप में राज्यपाल ने बीजेपी को बुलाया था लेकिन हमारे पास संख्या नहीं थी. इसके बाद शिवसेना को बुलाया गया था, शिवसेना के दावे का खुला मजाक बना ना कोई चिट्ठी आई ना कोई सरकार बनी. इसके बाद एनसीपी को भी मौका दिया गया और बाद में राष्ट्रपति शासन लगाया गया. कई दिनों की राजनीतिक गतिविधियों के बीच शिवसेना-एनसीपी और कांग्रेस ने सरकार बनाने के लिए जोड़तोड़ शुरू कर दिया. लेकिन तीनों दलों के बीच कोई कॉमन मिनिमम प्रोग्राम नहीं बन पाया.
फडणवीस ने कहा 'जब तीनों में सहमति नहीं बनी तो ऐसे समय में अजित पवार ने कहा कि हम आपके साथ मिलकर सरकार बनाएंगे तो हमने उनके साथ मिलकर सरकार बनाई. लेकिन आज सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अजित पवार ने मुझे इस्तीफा दे दिया. तो अब हमारे पास करने के लिए कुछ भी नहीं है. मैं राज्यपाल महोदय के पास जा रहा हूं और अपना इस्तीफा उन्हें सौंप दूंगा.'
फडणवीस ने कहा कि हम किसी भी दल के विधायक को अपनी तरफ लाने का प्रयास नहीं करेंगे. बीजेपी महाराष्ट्र में प्रभावी विपक्ष की भूमिका निभाएगी. पिछले पांच साल में हमने जो काम किया है उससे पता चलता है कि हम जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतरे हैं.
महाराष्ट्र में आज सत्ता के लोभ के लिए अलग अलग विचारधारा वाली पार्टियां एक साथ आई हैं. यह सरकार कितने दिन चलेगी कुछ नहीं कहा जा सकता है.
उद्धव ठाकरे 5 साल के लिए सीएम बनेंगे
अजित पवार के इस्तीफे के बाद शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा का 5 साल के शिवसेना के उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री होंगे. संजय राउत ने कहा कि पांच साल के लिए एनसीपी कांग्रेस और शिवसेना गठबंधन से सरकार चलेगी. संजय राउत ने यह भी कहा कि अजित पवार भी हमारे साथ में आएंगे.
वहीं दूसरी तरफ नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है. इस बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मौजूद हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने कल 5 बजे तक बहुमत साबित करने का दिया था वक्त
मंगलवार सुबह सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अपना अहम फैसला सुनाते हुए देवेंद्र फडणवीस को कल (बुधवार) शाम 5 बजे से पहले विधानसभा में फ्लोर टेस्ट पास करने के लिए कहा. सुप्रीम कोर्ट ने प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति करने का भी आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा कि फ्लोर टेस्ट गुप्त मतदान के जरिए ना हो इसका लाइव प्रसारण भी हो.
जस्टिस रमना ने आज मामले पर फैसला सुनाते हुए कहा कि कोर्ट और विधायिका के अधिकार पर लंबे समय से बहस चली आ रही है. लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा होनी चाहिए और लोगों को अच्छे शासन का अधिकार है. इस मामले ने राज्यपाल की शक्तियों को लेकर बहुत अहम संवैधानिक मुद्दे को उठाया है. कोर्ट ने अपने फैसले में कर्नाटक और उत्तराखंड के मामलों को भी जिक्र किया. कल सुबह 11 बजे विधायकों का शपथ ग्रहण हो, शाम 5 बजे तक बहुमत परीक्षण हो. कोर्ट ने कहा कि विधायकों को शपथ प्रोटेम स्पीकर करवाएंगे. कोर्ट ने कहा कि संसदीय परम्पराओं में कोर्ट का दखल नहीं लेकिन लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए फ़ैसला सुना रहे है.
सरकार को नीतिगत फ़ैसला लेने से रोकन पर कोर्ट ने कुछ नहीं कहा
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तत्काल बाद कपिल सिब्बल ने कोर्ट से कहा कि जब तक फ्लोर टेस्ट नहीं होता, तब तक फडणवीस सरकार को नीतिगत फ़ैसला या कोई बडा फ़ैसला लेने पर रोक लगाई जानी चाहिए. कोर्ट ने इसपर कोई आदेश नहीं पारित किया. सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी और अजीत पवार व सभी पक्षकारों को 8 सप्ताह का समय इस मुद्दे पर जवाब दायर करने के लिए दिया है कि राज्यपाल के निर्णय की न्यायिक समीक्षा हो सकती है या नहीं. जस्टिस रमना ने कहा कि इस मामले में महाराष्ट्र में बहुमत साबित करने के लिए फ्लोर टेस्ट का अंतरिम आदेश जारी करना जरूरी है. लोकतांत्रिक मूल्यों को बने रखने के लिए ये जरूरी है, लोगों को अच्छे शासन का अधिकार है.
एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा कि यह आदेश मील का पत्थर साबित होगा. कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि आज संविधान दिवस के मौके पर संविधान की जीत हुई है. मैं मांग करता हूं कि देवेंद्र फडणवीस तुरंत अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंपे. बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले के स्वागत करते हैं. हमें पूरा विश्वास है कि देवेंद्र फडणवीस बहुमत हासिल करेंगे और यह सरकार पूरे पांच साल चलेगी.

उद्धव ठाकरे 5 साल के लिए महाराष्ट्र के CM बनेंगे, अजित पवार भी हमारे साथ: संजय राउत
26 November 2019
नई दिल्ली: महाराष्ट्र में बहुमत परीक्षण को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से अचानक से राज्य में बड़े सियासी बदलाव होना शुरू हो गए है. दोपहर बाद डिप्टी सीएम अजित पवार ने इस्तीफा दे दिया. इसके बाद शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा का पांच साल के शिवसेना के उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री होंगे. संजय राउत ने कहा कि पांच साल के लिए एनसीपी कांग्रेस और शिवसेना गठबंधन से सरकार चलेगी. संजय राउत ने यह भी कहा कि अजित पवार भी हमारे साथ में आएंगे.
खबर ये भी है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं. बता दें कि बुधवार फ्लोर टेस्ट कराए जाने को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दोपहर 03.30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. खबर है कि इसी में सीएम अपने इस्तीफे का ऐलान कर सकते हैं.
वहीं दूसरी तरफ नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है. इस बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मौजूद हैं.
बता दें कि महाराष्ट्र में जारी सियासी संकट पर आज सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अपना अहम फैसला सुनाया. सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की एक संयुक्त याचिका पर आदेश दिया है कि कल (बुधवार) शाम 5 बजे से पहले विधानसभा में फ्लोर टेस्ट हो. सुप्रीम कोर्ट ने प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति करने का भी आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा कि फ्लोर टेस्ट गुप्त मतदान के जरिए ना हो इसका लाइव प्रसारण भी हो.
सरकार को नीतिगत फ़ैसला लेने से रोकन पर कोर्ट ने कुछ नहीं कहा
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तत्काल बाद कपिल सिब्बल ने कोर्ट से कहा कि जब तक फ्लोर टेस्ट नहीं होता, तब तक फडणवीस सरकार को नीतिगत फ़ैसला या कोई बडा फ़ैसला लेने पर रोक लगाई जानी चाहिए. कोर्ट ने इसपर कोई आदेश नहीं पारित किया. सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी और अजीत पवार व सभी पक्षकारों को 8 सप्ताह का समय इस मुद्दे पर जवाब दायर करने के लिए दिया है कि राज्यपाल के निर्णय की न्यायिक समीक्षा हो सकती है या नहीं. जस्टिस रमना ने कहा कि इस मामले में महाराष्ट्र में बहुमत साबित करने के लिए फ्लोर टेस्ट का अंतरिम आदेश जारी करना जरूरी है. लोकतांत्रिक मूल्यों को बने रखने के लिए ये जरूरी है, लोगों को अच्छे शासन का अधिकार है.
एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा कि यह आदेश मील का पत्थर साबित होगा. कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि आज संविधान दिवस के मौके पर संविधान की जीत हुई है. मैं मांग करता हूं कि देवेंद्र फडणवीस तुरंत अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंपे. बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले के स्वागत करते हैं. हमें पूरा विश्वास है कि देवेंद्र फडणवीस बहुमत हासिल करेंगे और यह सरकार पूरे पांच साल चलेगी.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पृथ्वराज चव्हाण ने कहा, 'यह हमारी सैद्धांतिक जीत है'
26 November 2019
नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र (Maharashtra) के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण (prithviraj chavan) ने कहा है कि हमें सैद्धांतिक जीत मिली है, जैसा हमने चाहा था वैसा ही फैसला आया है.
चव्हाण ने कहा हम प्रधानमंत्री से सवाल करना चाहते हैं कि आखिर किस नैतिकता के आधार पर उन्होंने अजित पवार (Ajit Pawar) का समर्थन किया. समर्थन के 24 घंटे के अंदर उन्हें घोटालों से क्लीन चिट मिल गई क्या इसलिए ही फडणवीस ने अजित पवार के खिलाफ बड़ी - बड़ी बातें कही थीं.
उन्होंने कहा, हम पूरी तरह स आश्वस्त हैं, हमारे पास जरूरी आकंड़ा है, देवेंद्र फडणवीस बताएं कि वह जरूरी संख्या बल कैसे हासिल करेंगे.
क्या है सुप्रीम कोर्ट का आदेश
बता दें महाराष्ट्र के विपक्षी दलों की याचिकाओं पर विचार करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को बुधवार शाम पांच बजे से पहले विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने का अंतरिम निर्देश दिया.
शीर्ष अदालत के न्यायमूर्ति एन.वी. रमना, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की सदस्यता वाली पीठ ने विपक्षी दलों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि चूंकि विधायकों ने शपथ ग्रहण नहीं किया है, इसलिए 27 नवंबर को जल्द से जल्द बहुमत परीक्षण हो जाना चाहिए. पीठ ने कहा कि बहुमत परीक्षण बुधवार शाम पांच बजे से पहले हो जाना चाहिए.
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि इसके लिए एक प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया जाएगा और बहुमत परीक्षण गुप्त मतदान द्वारा नहीं होगा और सदन की कार्यवाही का लाइव प्रसारण किया जाएगा.

फडणवीस ने संभाला कामकाज, मुख्यमंत्री राहत कोष के चेक पर किए पहले हस्ताक्षर
25 November 2019
मुंबई: महाराष्ट्र में जारी सियासी खींचतान के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपना कामकाज सोमवार को संभाल लिया. फडणवीस ने इस दौरान पहले हस्ताक्षर मुख्यमंत्री राहत कोष के तहत दिए जाने वाले एक चेक पर किए. मुख्यमंत्री ने यह चेक कुसुम वेंगुरलेकर को दिया.
इससे पहले मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री अजित पवार विधानभवन पहुंचे और उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री यशवंतराव चव्हाण की पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की.


NCP-कांग्रेस-शिवसेना ने विधायकों के समर्थन की चिट्ठी राजभवन को सौंपी, 162 MLAs की सपोर्ट का दावा
25 November 2019
मुंबई: कांग्रेस (congress), एनसीपी (NCP) और शिवसेना (shiv sena) ने विधायकों की समर्थन की चिट्ठी राजभवन को सौंप दी है. राजभवन को दी गई अपनी चिट्ठी में तीनों दलों ने दावा किया है कि महाराष्ट्र (maharashtra) की मौजूदा सरकार अल्पमत मे हैं, उसके पास बहुमत का आंकड़ा नहीं है.
तीनों दलों की चिट्ठी में कहा गया है कि हमारे पास सरकार गठन के लिए पूरा संख्याबल है. एनसीपी नेता जयंत पाटिल ने कहा हमने 162 विधायकों के समर्थन की चिट्ठी राजभवन को सौपी दी है. बता दें फिलहाल राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी मुंबई में नहीं है वह करीब दोपहर 1.30 बजे मुंबई पहुंचेेंगे.
गौरतलब है कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने शनिवार सुबह आठ बजे बीजेपी (bjp) नेता देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलवाई.
एनसीपी प्रमुख शरद पवार के बागी भतीजे अजीत पवार ने भी उनके साथ उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली.

महाराष्ट्र मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा, कल 10.30 बजे आएगा निर्णय
25 November 2019
नई दिल्ली: महाराष्ट्र में जारी सियासी संकट पर आज सुप्रीम कोर्ट में दूसरे दिन भी अहम सुनवाई हुई. इस मामले पर कोर्ट ने आज फैसला सुरक्षित रख लिया है. अब इस मामले में कोर्ट कल सुबह 10.30 बजे फैसला सुनाएगा. जस्टिस एनवी रमना की अध्यक्षता वाली 3 जजों की पीठ के समक्ष शिवसेना की तरफ से वकील कपिल सिब्बल, एनसीपी की तरफ से अभिषेक मनु सिंघवी, देवेंद्र फडणवीस की तरफ से मुकुल रोहतगी पेश हुए और अजित पवार की तरफ से पूर्व अजीत पवार की ओर से वरिष्ठ वकील और पूर्व सॉलिसिटर जनरल मनिन्दर सिंह पेश हुए
केंद्र यानि राज्यपाल की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील रखी.
कोर्ट ने आज इस मामले में सभी पक्षों की दलीले सुनीं और अपना फैसला कल तक के लिए सुरक्षित रख लिया. कोर्ट अब इस केस में 10.30 बजे फैसला सुनाएगा. आज कोर्ट में राज्यपाल की तरफ से पेश हुए वकील तुषार मेहता ने अजित पवार के समर्थन की वह चिट्ठी भी पेश की जिसमें 54 विधायकों के समर्थन की बात कही गई थी.
कोर्ट को बताया कब-कब क्या क्या हुआ
केन्द्र के वकील सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता चुनाव परिणाम से अब तक का घटनाक्रम कोर्ट को बताया. उन्होंने कोर्ट को बताया कि राज्यपाल ने कब-कब क्या किया. तुषार मेहता ने कहा कि राज्यपाल ने 9 नवंबर तक इंतजार किया. BJP ने मना कर दिया. 10 तारीख को शिवसेना से पूछा तो उसने भी मना कर दिया. 11 को एनसीपी ने भी मना किया तो राष्ट्रपति शासन लगाया गया. उसके बाद से किसी ने सरकार बनाने का दावा पेश नहीं किया. अजित पवार का समर्थन पत्र पेश हुए, NCP के विधायक दल के नेता के तौर पर जिसमें 54 विधायक का नाम है.
अजित पवार ने 54 विधायकों की चिट्ठी सौंपी थी
तुषार मेहता ने कहा कि क्या आर्टिकल 32 की याचिका में राज्यपाल के आदेश को इस तरह से चुनौती दी जा सकती है या नहीं? राज्यपाल को पता था कि चुनाव पूर्व का एक गठबंधन जीता है. राज्यपाल की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को अजित पवार की चिट्ठी सौंपी जिसमें 54 विधायकों के नाम थे. उन्होंने बताया कि 21 अक्टूबर को चुनाव हुआ, 24 को नतीजा घोषित हुआ, BJP के 105 सदस्य है शिवशेना के 56 सदस्य NCP के 54 सदस्य है. शिवसेना और BJP का प्री पोल अलाइंस था. सबसे पहले BJP को बुलाया गया वह बहुमत नही साबित कर पाए उसके बाद शिवसेना को बुलाया गया वह भी बहुमत नही साबित कर पाए उसकके बाद NCP को बुलाया गया था.
अजित पवार की चिट्ठी के बाद ही राज्यपाल ने हटाया राष्ट्रपति शासन
तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार के पत्र के आधार पर राज्यपाल ने राष्ट्रपति शासन हटाने की सिफारिश की थी. गवर्नर के वकील तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि देवेंद्र फडणवीस की चिट्ठी में लिखा गया है कि उनके साथ NCP के 54 विधायकों के साथ 11 निर्दलीय का समर्थन है. अजित पवार विधायक दल के नेता हैं.उन्होंने चिट्ठी पढ़ी. जिसमें कहा है कि मुझे सभी एनसीपी विधायकों का समर्थन है. हमने तय किया है कि फडणवीस को समर्थन दें. चिट्ठी में कहा गया है कि राष्ट्रपति शासन ज्यादा नहीं चलने चाहिए, इसलिए उन्हें सरकार बनाने का न्यौता दिया जाए..
तुषार मेहता ने कहा कि राज्यपाल ने अपने विवेक से सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए बुलाया है, उसका पर्याप्त आधार है. राज्यपाल की तरफ से पेश हुए तुषार मेहता ने कहा कि मुझे दो से तीन दिन का वक्त दिया जाए, ताकि रिप्लाई फाइल किया जा सके. तुषार मेहता ने कहा कि इनको चिंता है कि विधायक भाग जाएंगे. अभी इन्होंने किसी तरह से उनको पकड़ा हुआ है. विधानसभा की कार्रवाई कैसे चले? इसमें दखल से भी कोर्ट को परहेज करना चाहिए.
मामले पर विस्तृत सुनवाई की जरूरत है, इसे हड़बड़ी में नहीं निपटाया जा सकता
देवेंद्र फडणवीस के वकील मुकुल रोहतगी ने दलील देते हुए कहा कि अजित पवार ने कहा कि हमारा समर्थन आपके साथ है. वे लोग हॉर्स ट्रेडिंग कर रहे हैं, और हम पर आरोप लगा रहे हैं. हमारे चुनाव पूर्व साथी शिवसेना ने चुनाव के बाद हमारा साथ छोड़ दिया. फिर एनसीपी आई और हमारे सदस्य 170 हो गए. राज्यपाल ने हमें आमंत्रण दिया. अजित पवार हमारे साथ हैं. एक पवार दूसरी तरफ बैठे हैं. जिनके पारिवारिक झगड़े से हमे कोई लेना देना नहीं है. ये केस येदुरप्पा मामले से अलग है. मामले पर विस्तृत सुनवाई की जरूरत है, इसे हड़बड़ी में नहीं निपटाया जा सकता.
रोहतगी ने कहा कि अब जो होगा विधानसभा के फ्लोर पर होगा. लेकिन राज्यपाल पर आरोप क्यों? उन्होंने भी तो फ्लोर टेस्ट के लिए ही बोला है. फ्लोर टेस्ट कब होगा ये तय करने का अधिकार राज्यपाल का है. इसे कोर्ट को तय नहीं करना चाहिए. राज्यपाल पर आरोप लगाना गलत है. फ्लोर टेस्ट के लिए राज्यपाल को नहीं कहा जा सकता कि कितने दिन में कराना है. यह राज्यपाल का विवेकाधिकार है. राज्यपाल के कदम को दुर्भावना से प्रेरित नहीं कहा जा सकता.
'मैं ही एनसीपी हूं'
अजित पवार के वकील पूर्व सॉलिसिटर जनरल मनिन्दर सिंह ने कहा, 'मैंने 22 नवंबर को एनसीपी विधायक दल के नेता के रूप में काम किया. उस दिन अन्यथा दिखाने के लिए कुछ भी नहीं था. राज्यपाल ने अपने विवेक से कार्य किया.अजित पवार की ओर से मनिंदर सिंह ने कहा, 'जो चिट्ठी राज्यपाल को दी गई वो कानूनी रूप से सही. फिर विवाद क्यों? अजित पवार ने कहा था कि मैं एनसीपी हूं. विधायक दल का नेता हूं. यही सही है, कोर्ट को आर्टिकल 32 के तहत इस याचिका को नहीं सुनना चाहिए. इन्हें हाईकोर्ट जाने को कहना चाहिए. अगर बाद में कोई स्थिति बनी है इसे राज्यपाल देखेंगे. उनके ऊपर छोड़ा जाए. कोर्ट इसमें दखल क्यों दें?'
जस्टिस रमना ने कहा, क्या आदेश देना है, ये हम पर छोड़ दें
जस्टिस रमना ने कहा, क्या आदेश देना है, ये हम पर छोड़ दें. सुप्रीम कोर्ट ने सिंघवी को कहा कि अपनी दलीलों को याचिका कि मांगों तक सीमित रखिए. इस पर सिंघवी ने कहा, 'Mylord आपका कहना सही है. मगर वे बातें अंतरात्मा को धक्का पहुंचती है, जब कोई कोर्ट में खड़ा होकर कहता है कि मैं एनसीपी हूं.' सिंघवी ने कहा कि अजित पवार को विधायक दल का नेता चुनने के लिए किए गए विधायकों के हस्ताक्षर राज्यपाल को दिए गए पत्र में लगा दिए गए हैं. सिंघवी ने कहा कि मैं इन बातों पर जोर नहीं देना चाहता, मगर ये बातें अपने आप में आधार हैं. फ्लोर टेस्ट आज ही हो जाना चाहिए. सिंघवी और रोहतगी में बहस होने पर जस्टिस रमना ने दोनों को शांत होने के लिए कहा.
रोहतगी ने कहा कि राज्यपाल ने फ्लोर टेस्ट के लिए कोई महीनों का समय नहीं दिया है. उन्होंने 30 नवंबर को फ्लोर टेस्ट कराने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट राज्यपाल को 24 घंटे के भीतर फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश नहीं दे सकता. ये कह रहे हैं कि कोर्ट सत्र बुलाये और ये भी तय करे कि को कब नाश्ता करेगा और कब लंच करेगा. मुकुल रोहतगी ने कहा कि पूर्व में कोर्ट ने संसद की कार्रवाई में दखल देने से मना किया था. इनका केस यह है कि आज ही फ्लोर टेस्ट हो.
एनसीपी के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि दोनों पक्ष फ्लोर टेस्ट को सही कह रहे हैं तो फिर इसमें देर क्यों? इसी तर्क के केस में कोर्ट के पुराने आदेश हमारे सामने हैं, उनकी उपेक्षा नहीं कि जा सकती. अनकवरिंग लेटर और अनएड्रेस लेटर को राज्यपाल ने कैसे स्वीकार किया.
जब कोर्ट में सब हंसने लगे
तुषार मेहता ने कोर्ट से कहा, 'आपके आदेश का दूरगामी असर होगा. विस्तृत सुनवाई के बाद ही आदेश जारी करें. जो चिट्ठी राज्यपाल को दी गई वो कानूनी रूप से सही है. इस मामले में पूर्व के कुछ आदेशों के आधार पर अंतरिम आदेश न दें. इस मामले में हमें विस्तृत जवाब दायर करने दीजिए.'तुषार मेहता ने कहा कि ये लोग एक याचिका दायर कर यहां आए हैं और एक वकील पर तो सहमत नहीं हो पाए. गठबंधन में सहमत कैसे हो पाएंगे. कोर्ट में सब हंसने लगे.तुषार मेहता ने कहा कि जो नई चिट्ठी ये कोर्ट को दे रहे हैं, उसमें भी कई विधायकों के नाम पते नहीं है. आपके अनुसार हम फ्लोर टेस्ट हारने को तैयार हैं. तो फ्लोर टेस्ट तय समय पर होने दो.
जस्टिस खन्ना ने कहा कि यह बात आपकी याचिका में नहीं है, इसे न बोलें.
शिवसेना के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि 22 नवंबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई. ऐलान किया कि एनसीपी, शिवसेना और कांग्रेस मिलकर सरकार बना रही हैं. ये शाम को 7 बजे हुआ. सुबह 5 बजे तक राष्ट्रपति शासन हटाने का फैसला क्यों लिया गया?ऐसा राष्ट्रीय आपातकाल क्या था. यह दुर्भाग्यपूर्ण था. देश मे ऐसी क्या राष्ट्रीय विपदा आ गई थी कि सुबह 5 बजे राष्ट्रपति शासन हटा और 8 बजे मुख्यमंत्री की शपथ भी दिलवा दी गई. जिस तरह पीएम के कहने पर बिना कैबिनेट मीटिंग के फैसले हुआ, वह आपातकालीन प्रावधान है. जस्टिस खन्ना ने कहा कि यह बात आपकी याचिका में नहीं है, इसे न बोलें.
शिवसेना के वकील सिब्बल ने कहा कि कोर्ट को तत्काल फ्लोर टेस्ट का आदेश देना चाहिए. 24 घंटे के अंदर फ्लोर टेस्ट होना चाहिए. कोर्ट ने पहले भी किया है, आज भी करना चाहिए. सबसे सीनियर मेंबर प्रोटेम स्पीकर होता है, वीडियो रिकॉर्डिंग होती है. कोर्ट को आदेश देना चाहिए.
बता दें कि इससे पहले रविवार को अहम सुनवाई करते हुए महाराष्ट्र के राज्यपाल, सीएम और डिप्टी सीएम को नोटिस जारी किया था. कोर्ट ने इस मामले में गवर्नर (केंद्र), सीएम और डिप्टी सीएम को राज्यपाल को सौंपे गए दस्तावेज आज कोर्ट में पेश करने को कहा था.

संजय राउत का दावा- अजित पवार को किया गया ब्‍लैकमेल, जल्‍द लौट आएंगे
23 November 2019
नई दिल्‍ली. महाराष्‍ट्र (Maharashtra) में अचानक बदले राजनीतिक घटनाक्रम के बाद शिवसेना (Shiv Sena), एनसीपी (NCP) और कांग्रेस (Congress) को झटका लगा है. इस पर शिवसेना नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने अजित पवार पर विधायकों को धोखे से अपने साथ ले जाने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा, 'एनसीपी नेता अजित पवार (Ajit Pawar) के साथ गए 8 में से 5 नेता वापस लौट आए हैं. उनसे झूठ बोला गया, उन्‍हें कार में बैठाया गया, उनकी किडनैपिंग तक की कोशिश हुई.'
शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा, 'हम धनंजय मुंडे के संपर्क में हैं. अजित पवार के वापस लौटने की संभावनाएं हैं. अजित पवार को ब्‍लैकमेल किया गया है. इसके पीछे कौन है, उसका नाम जल्‍द ही शिवसेना के मुखपत्र सामना में सामने लाया जाएगा.' उन्‍होंने बीजेपी को चुनौती देते हुए कहा, 'अगर हिम्‍मत है तो विधानसभा में बहुमत साबित करके दिखाएं.'
महाराष्‍ट्र (Maharashtra) में शनिवार को तेजी से बदले राजनीतिक घटनाक्रम के बाद एनसीपी (NCP) और शिवसेना (Shiv Sena) ने संयुक्‍त प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करके बीजेपी (BJP) पर निशाना साधा. इसके बाद कांग्रेस (Congress) ने अलग प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करके बीजेपी पर निशाना साधा. कांग्रेस की इस प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में अहमद पटेल के साथ मल्लिकार्जुन खड़गे भी मौजूद थे. उन्होंने कहा कि हम राजनीतिक, कानूनी रूप से लड़ेंगे.
कांग्रेस नेता अहमद पटेल (Ahmed Patel) ने इस दौरान कहा, 'महाराष्‍ट्र में बिना बैंड बाजा और बारात के मुख्‍यमंत्री व डिप्‍टी सीएम की शपथ ली गई. उन्‍हें बिना किसी जांच के शपथ दिलाई गई. नेता चोरी छिपे जाते हैं और शपथ लेते हैं. सबकुछ छिपाकर किया गया. ऐसे में मुझे बू आती है कि कहीं ना कहीं कुछ गलत हुआ गया है.' अहमद पटेल ने कहा कि इन्‍होंने बेशर्मी की इंतेहा को भी पार कर दिया है. आज का इतिहास काली स्‍याही से लिखा जाएगा.
वहीं सरकार बनाने में देरी के सवाल पर पटेल ने कहा, 'एक प्रक्रिया चल रही थी एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना के बीच. पहले तय हुआ था कि अपने सहयोगियों को विश्‍वास में लेना है. हमने सभी दलों को विश्‍वास में लिया था. एक मीटिंग उद्धव ठाकरे के साथ हुई. दो मीटिंग शरद पवार के साथ हुई. कुछ मुद्दों पर आज 12 बजे मिलने वाले थे.'
इस दौरान अहमद पटेल ने कहा कि सुबह के कांड की आलोचना के लिए शब्‍द नहीं. हमारे विधायक हमारे साथ हैं. हमें कुछ मुद्दों पर थोड़ा समय लगा. उन्‍होंने कहा कि इस मुद्दे पर शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस साथ हैं. और हमें विश्‍वास है कि हम बीजेपी को विश्‍वास मत में परास्‍त करेंगे. कांग्रेस के सभी विधायक हमारे साथ हैं. दो विधायक अभी गांव गए हैं, लेकिन वे भी हमारे साथ हैं.
वहीं शिवसेना और एनसीपी ने संयुक्‍त प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करके बीजेपी (BJP) पर हमला बोला. साथ ही इस प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में शरद पवार (Sharad Pawar) अजित पवार के साथ गए एनसीपी के विधायकों को भी सामने लाए थे.
एनसीपी के विधायकों का कहना है कि उन्‍हें गुमराह करके राजभवन ले जाया गया. उनके मुताबिक उनके पास रात 12 बजे एनसीपी नेता अजित पवार का फोन आया था. उन्‍होंने विधायकों से कहा था कि कहीं चर्चा के लिए जाना है. इसके बाद ही प्रदेश में राजनीतिक घटनाक्रम अचानक बदल गया.
प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में एनसीपी के विधायक राजेंद्र शिंगणे ने कहा, 'अजित पवार ने मुझे फोन करके कहा था कि हमें किसी बात पर चर्चा करनी है. इसके बाद मुझे अन्‍य विधायकों के साथ राजभवन ले जाया गया. इससे पहले कि हम कुछ समझ पाते शपथ ग्रहण समारोह खत्‍म हो गया था. इसके बाद मैं तुरंत पवार साहब (शरद पवार) के पास गया और उन्‍हें इसकी जानकारी दी. मैं शरद पवार और एनसीपी के साथ हूं.'
एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने इस पर कहा कि अजित पवार ने जो किया है उसके लिए उनके खिलाफ प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी. अजित के साथ गए विधायक मेरे साथ हैं. उन्‍होंने कहा कि महाराष्‍ट्र में सरकार हम ही बनाएंगे. सरकार हम ही बनाएंगे इसमें कोई दो राय नहीं है. बीजेपी ने चोरी छिपे सरकार बनाई है. हमारे पास सरकार बनाने के लिए जरूरी आंकड़े हैं.

महाराष्‍ट्र पर बोली कांग्रेस- 'बिना बैंड, बाजा-बारात के हुई शपथ, हम राजनीतिक और कानूनी रूप से लड़ेंगे
23 November 2019
नई दिल्‍ली. महाराष्‍ट्र (Maharashtra) में शनिवार को तेजी से बदले राजनीतिक घटनाक्रम के बाद एनसीपी (NCP) और शिवसेना (Shiv Sena) ने संयुक्‍त प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करके बीजेपी (BJP) पर निशाना साधा. इसके बाद कांग्रेस (Congress) ने अलग प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करके बीजेपी पर निशाना साधा. कांग्रेस की इस प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में अहमद पटेल के साथ मल्लिकार्जुन खड़गे भी मौजूद थे. उन्होंने कहा कि हम राजनीतिक, कानूनी रूप से लड़ेंगे.
कांग्रेस नेता अहमद पटेल (Ahmed Patel) ने इस दौरान कहा, 'महाराष्‍ट्र में बिना बैंड बाजा और बारात के मुख्‍यमंत्री व डिप्‍टी सीएम की शपथ ली गई. उन्‍हें बिना किसी जांच के शपथ दिलाई गई. नेता चोरी छिपे जाते हैं और शपथ लेते हैं. सबकुछ छिपाकर किया गया. ऐसे में मुझे बू आती है कि कहीं ना कहीं कुछ गलत हुआ गया है.' अहमद पटेल ने कहा कि इन्‍होंने बेशर्मी की इंतेहा को भी पार कर दिया है. आज का इतिहास काली स्‍याही से लिखा जाएगा.
वहीं सरकार बनाने में देरी के सवाल पर पटेल ने कहा, 'एक प्रक्रिया चल रही थी एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना के बीच. पहले तय हुआ था कि अपने सहयोगियों को विश्‍वास में लेना है. हमने सभी दलों को विश्‍वास में लिया था. एक मीटिंग उद्धव ठाकरे के साथ हुई. दो मीटिंग शरद पवार के साथ हुई. कुछ मुद्दों पर आज 12 बजे मिलने वाले थे.'
इस दौरान अहमद पटेल ने कहा कि सुबह के कांड की आलोचना के लिए शब्‍द नहीं. हमारे विधायक हमारे साथ हैं. हमें कुछ मुद्दों पर थोड़ा समय लगा. उन्‍होंने कहा कि इस मुद्दे पर शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस साथ हैं. और हमें विश्‍वास है कि हम बीजेपी को विश्‍वास मत में परास्‍त करेंगे. कांग्रेस के सभी विधायक हमारे साथ हैं. दो विधायक अभी गांव गए हैं, लेकिन वे भी हमारे साथ हैं.
बता दें कि महाराष्‍ट्र (Maharashtra) में शनिवार को अचानक बदले राजनीतिक घटनाक्रम से शिवसेना (Shiv Sena), कांग्रेस (Congress) और एनसीपी (NCP) को झटका लगा है. देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) के मुख्‍यमंत्री पद और अजित पवार (Ajit Pawar) के डिप्‍टी सीएम पद की शपथ लेने के बाद शिवसेना और एनसीपी ने संयुक्‍त प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करके बीजेपी (BJP) पर हमला बोला था. साथ ही इस प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में शरद पवार (Sharad Pawar) अजित पवार के साथ गए एनसीपी के विधायकों को भी सामने लाए थे.
एनसीपी के विधायकों का कहना है कि उन्‍हें गुमराह करके राजभवन ले जाया गया. उनके मुताबिक उनके पास रात 12 बजे एनसीपी नेता अजित पवार का फोन आया था. उन्‍होंने विधायकों से कहा था कि कहीं चर्चा के लिए जाना है. इसके बाद ही प्रदेश में राजनीतिक घटनाक्रम अचानक बदल गया.
प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में एनसीपी के विधायक राजेंद्र शिंगणे ने कहा, 'अजित पवार ने मुझे फोन करके कहा था कि हमें किसी बात पर चर्चा करनी है. इसके बाद मुझे अन्‍य विधायकों के साथ राजभवन ले जाया गया. इससे पहले कि हम कुछ समझ पाते शपथ ग्रहण समारोह खत्‍म हो गया था. इसके बाद मैं तुरंत पवार साहब (शरद पवार) के पास गया और उन्‍हें इसकी जानकारी दी. मैं शरद पवार और एनसीपी के साथ हूं.'
एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने इस पर कहा कि अजित पवार ने जो किया है उसके लिए उनके खिलाफ प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी. अजित के साथ गए विधायक मेरे साथ हैं. उन्‍होंने कहा कि महाराष्‍ट्र में सरकार हम ही बनाएंगे. सरकार हम ही बनाएंगे इसमें कोई दो राय नहीं है. बीजेपी ने चोरी छिपे सरकार बनाई है. हमारे पास सरकार बनाने के लिए जरूरी आंकड़े हैं.
वहीं शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि लोकतंत्र के नाम पर जो खेल चल रहा है, उसे पूरा देश देख रहा है. जनादेश का हमने आदर किया है. बीजेपी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि हम जोड़ने का काम करते हैं जबकि बीजेपी तोड़ने का काम कर रही है. यह सरकार सदन में बहुमत साबित नहीं कर पाएगी. उद्धव ठाकरे ने कहा कि हम जो भी करते हैं दिन के उजाले में करते हैं. बीजेपी ने चोरी छुपे सरकार बनाई. ऐसा ही उन्होंने बिहार और हरियाणा में भी किया.

देवेंद्र फडणवीस के CM बनते ही लगा बधाइयों का तांता, PM मोदी बोले महाराष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए वो काम करेंगे
23 November 2019
नई दिल्ली. लंबे से समय से चले आ रहे गतिरोध के बाद आखिरकार महाराष्ट्र (Maharashtra) में नई सरकार का गठन हो गया है. देवेंद्र फडणवीस ने नए सीएम के तौर पर शपथ ले ली है. राजभवन में आज फडणवीस (Devendra Fadnavis) के अलावा अजित पवार (Ajit Pawar) ने डिप्टी सीएम की शपथ ली है. इन दोनों के शपथ लेते ही बधाइयों का तांता लग गया. पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि नई सरकार महाराष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए काम करेगी.
पीएम मोदी ने लिखा, 'देवेंद्र फडणवीस जी और अजित पवार जी को मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री बनने के लिए बधाई. मुझे पूरा विश्वास है कि दोनों महाराष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए काम करेंगे.'
गृहमंत्री अमित शहा ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि ये सरकार महाराष्ट्र के विकास और कल्याण के प्रति निरंतर कटिबद्ध रहेगी और प्रदेश में प्रगति के नये मापदंड स्थापित करेगी.
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी उम्मीद जताई है कि महाराष्ट्र में नई सरकार बनने से लगातार विकास होगा.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने देवेंद्र फडणवीस के सीएम बनने पर हैरानी जताई है. शुरुआत में उन्हें लगा कि ये कोई फेक न्यूज़ है.

ममता की अपील- एनआरसी को लेकर जनता किसी भी नेता के उकसावे में न आए
21 November 2019
कोलकाता. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (एनआरसी) को लेकर गृह मंत्री अमित शाह पर तंज कसा। ममता ने लोगों से कहा, ‘‘कुछ लोग हैं, जो एनआरसी के नाम पर आपको उकसाते हैं। ऐसे किसी भी नेता पर आप विश्वास न करें। सिर्फ हम पर विश्वास करें। हम इस जमीन के लिए लड़ रहे हैं। आपके साथ बराबरी से खड़े हैं।’’
शाह ने राज्यसभा में कहा था कि एनआरसी में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिसके तहत किसी धर्म विशेष को इससे बाहर रखा जाए। देश के सभी नागरिक, भले ही उनका धर्म कोई भी हो.. इसमें शामिल किए जाएंगे। शाह ने कहा था कि एनआरसी नागरिकता संशोधन बिल से अलग है।
'नागरिकता संशोधन बिल गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को नागरिकता देने के लिए'
गृहमंत्री ने कहा था- नागरिकता संशोधन बिल की आवश्यकता इसलिए है ताकि पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान से धर्म के आधार पर बहिष्कृत किए गए हिंदू, जैन, बौद्ध, सिख, क्रिश्चियन, पारसी शरणार्थियों को भारत की नागरिकता मिल सके। नागरिकता संशोधन बिल 2016 इसी साल 8 जनवरी को लोकसभा से पास किया गया था। इसका मकसद 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत में आए गैर-मुस्लिम लोगों को भारतीय नागरिकता देना है।

PM मोदी ने NCP की तारीफ की, महाराष्‍ट्र की राजनीति से जोड़े जा रहे प्रशंसा के तार
18 November 2019
नई दिल्‍ली: महाराष्‍ट्र की सियासत के चाणक्‍य माने जाने वाले शरद पवार जहां शिवसेना और कांग्रेस के साथ राज्‍य में वैकल्पिक गठबंधन बनाने के सूत्रधार कहे जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पीएम मोदी ने उनकी राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की राज्‍यसभा में तारीफ की. इस शीतकालीन सत्र में राज्‍यसभा के 250वें सत्र के मौके पर बोलते हुए पीएम मोदी ने दो बार एनसीपी की तारीफ की. उन्‍होंने कहा कि NCP और BJD ने सदन में अनुशासन को बनाए रखा. दोनों ही पार्टियों ने वेल में जाकर विरोध नहीं करने का फैसला किया और उस पर अमल भी किया. इससे इन दलों की राजनीति विकास यात्रा पर कोई फ़र्क नहीं पड़ा. NCP की तारीफ़ को महाराष्ट्र की ताजा राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है.
पीएम मोदी ने कहा कि उच्‍च सदन की दो खास बाते हैं: 1) स्थायित्व 2) विविधता. स्थायित्व - लोकसभा तो भंग होती है लेकिन ये कभी भंग नहीं होती. विविधता - राज्यों का प्रतिनिधित्व प्राथमिकता है. भारत की विविधता-अनेकता में एकता का सूत्र सबसे बड़ी ताकत है. वह इस सदन में दिखता है. हर किसी के लिए चुनावी अखाड़ा पारकर पाना आसान नहीं होता लेकिन इससे उनकी उपयोगिता कम नहीं होती और देश के नीति निर्धारण में लाभ मिलता है.
पीएम मोदी ने कहा, 'यह मेरे लिए सौभाग्य का विषय है कि मुझे इस अवसर में शामिल होने का अवसर मिला. अनुभव कहता है कि संविधान निर्माताओं ने जो व्यवस्था दी वह कितनी अद्भूत है. इस सदन ने देश में इतिहास बनते देखा है. अनेक महानुभावों का लाभ हमें राज्यसभा के माध्यम से मिला है. यही राज्यसभा थी जहां से बाबा साहब अंबेडकर को आने का मौका मिला, क्योंकि लोकसभा से तो उन्हें आने नहीं दिया गया. सदन ने बदले हालात में खुद को ढालने की कोशिश की. इस सदन में ऐसे विद्वान लोग बैठे थे जिन्होंने शासन व्यवस्था को कभी निरंकुश नहीं होने दिया.'

शरद पवार पहुंचे दिल्ली, शाम 5 बजे सोनिया गांधी से मुलाकात संभव, महाराष्ट्र की सियासत पर होगी चर्चा
18 November 2019
नई दिल्ली: महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर सोनिया गांधी से बैठक करने के लिए शरद पवार (sharad pawar) दिल्ली पहुंच गए हैं. माना जा रहा है शाम 5 बजे होने जा रही इस बैठक के बाद महाराष्ट्र में बनने जा रही सरकार की तस्वीर साफ हो जाएगी.
दिल्ली पहुंचने पर जब पत्रकारों ने उसने सवाल पूछे तो उनका जवाब सरकार गठन के सस्पेंस को बढ़ा देने वाला था. उन्होंने कहा, 'शिवसेना बीजेपी अपना रास्ता तय करे, एनसीपी कांग्रेस अपना रास्ता तय करेंगे.'
सोनिया से मुलाकात पहले शरद पवार पहले नई दिल्ली में सोनिया गांधी द्वारा नामित कांग्रेस के प्रतिनिधियों से मिलेंगे. सूत्रों ने कहा है कि कांग्रेस के तीन नेता अहमद पटेल, मल्लिकार्जुन खड़गे और के.सी वेणुगोपाल शरद पवार के साथ बैठक करेंगे ताकि सोनिया गांधी द्वारा इस डील को अंतिम करार देने से पहले सत्ता के समझौते को लेकर तीनों पक्षों के बीच न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर सहमति बन सके.
एक सूत्र ने कहा कि पावर शेयरिंग समझौता अंतिम चरण में है. राज्य से एक वरिष्ठ नेता ने कहा, "हम जल्दबाजी में नहीं हैं विचारधारा एक बड़ी बात है, जिसे हल किया जा रहा है. इस प्रकार के गठबंधन में समय लगता ही है."
संसद में विपक्ष में बैठेगी शिवसेना
इस बीच एक प्रमुख राजनीतिक घटनाक्रम में शिवसेना संसद के दोनों सदनों में विपक्ष के साथ बैठेगी. सोमवार से संसद का सत्र शुरू हो रहा है. पार्टी के इस कदम से विपक्ष को शीतकालीन सत्र से पहले बढ़ावा मिलेगा. शिवसेना के लोकसभा में 18 और राज्यसभा में तीन सांसद हैं.
सूत्रों के मुताबिक, अब वह विपक्षी कतार में 198 नंबर की सीट पर बैठेंगे. शिवसेना के दो अन्य राज्यसभा सांसदों की कुर्सी भी संजय राउत के आसपास रहेगी. वहीं लोकसभा में शिवसेना के 18 सांसदों का सीटिंग अरेंजमेंट भी विपक्षी कतार में किया गया है. सूत्रों के मुताबिक उन्हें पांचवीं कतार में कुर्सी मिलेगी.

जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे पी चिदंबरम, 20 नवंबर को होगी सुनवाई
18 November 2019
नई दिल्ली: INX मीडिया केस (INX Media Case) में पी चिदंबरम (P Chidambaram) ने जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का दरवाजा खटखटाया है. चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने कहा बुधवार (20 नवंबर) को मामले की सुनवाई होगी. चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने जमानत याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग की थी. सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि चिदंबरम पिछले 90 दिनों से जेल में बंद हैं. दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी जिसके खिलाफ वो सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं.
आपको बता दें कि INX मीडिया केस में पी चिदंबरम को बड़ा झटका देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने इससे जुड़े ED केस में जमानत याचिका खारिज कर दी थी. हाई कोर्ट के जस्टिस सुरेश कैथ ने अपने आदेश में कहा कि अगर इस स्टेज पर चिदंबरम को जमानत दी जाती है तो 70 बेनामी बैंक एकाउंट समेत शेल कंपनी और मनी ट्रेल को साबित करना जांच एजेंसी के लिए मुश्किल हो जाएगा.
दरअसल इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने चिदंबरम को 1 लाख रुपए के निजी मुचलके पर सीबीआई मामले में जमानत दे दी थी. सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि चिदंबरम को इस मामले में तब तक जमानत नहीं दी जानी चाहिए जब तक इस मामले का ट्रायल शुरू नहीं हो जाता और अहम गवाहों के बयान नहीं दर्ज कर लिए जाते.
वहीं, चिदंबरम की ओर से वकील कपिल सिब्बल ने अदालत को भरोसा दिलाने की कोशिश की थी कि चिदंबरम देश छोड़कर नहीं भागेंगे. हाई कोर्ट ने भी माना था कि चिदंबरम किसी पद पर नहीं हैं इसलिए वो सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं कर सकते हैं और देश छोड़कर नहीं भाग सकते हैं. सीबीआई ने हाल ही में उनके तथा अन्य लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है जिनमें उनके बेटे कार्ति तथा कुछ नौकरशाह शामिल हैं. इन पर कथित रूप से भ्रष्टाचार निरोधक कानून तथा भारतीय दंड संहिता के तहत दंडनीय अपराध करके राजकोष को नुकसान पहुंचाने के मामले में आरोपपत्र दाखिल किया गया था. चिदंबरम फिलहाल आईएनएक्स मीडिया मनी लॉड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में है.
क्‍या है मामला?
सीबीआई ने 2007 में 305 करोड़ रुपये का विदेशी चंदा लेने के लिए आईएनएक्स मीडिया समूह को विदेशी निवेश संबर्द्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की एक मंजूरी में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए 15 मई, 2017 को प्राथमिकी दर्ज की थी. इसके बाद ईडी ने 2017 में इस संबंध में मनी लॉड्रिंग का मामला दर्ज किया था.

शिवसेना, कांग्रेस, NCP ने तैयार किया CMP, इन मुद्दों पर अभी भी हो सकता है टकराव
16 November 2019
मुंबई: महाराष्ट्र में शिवसेना (Shiv Sena), कांग्रेस (Congress) और एनसीपी (NCP )की गठबंधन सरकार का रास्ता करीब-करीब साफ हो गया है. कांग्रेस और शिवसेना शिवसेना पर दवाब बना कर काफी हद तक कॉमन मिनिमम प्रोग्राम से उग्र हिंदुत्व को दूर रखने में कामयाब रही है लेकिन अब भी कुछ मुद्दे हैं जिन असहमति कायम है.
जिन कुछ मुददों पर कांग्रेस एनसीपी से शिवसेना का टकराव हो सकता है उनमें कामन सिविल कोड, एनआरसी को लागू करने, बालासाहेब का भव्य स्मारक और पाकिस्तान विरोधी पार्टी एजेंडे पर बरकरार है.
शिवसेना की दलील है कि अयोध्या में श्रीराम राम मंदिर और जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 जैसे दो अहम हिंदुत्व मुद्दों का हल पहले ही निकल चुका है. फिर भी इसका ये मतलब नहीं कि शिवसेना ने हिंदुत्व मुद्दा छोड दिया है.
बता दें प्रदेश मे सियासी उठापटक के बीच सरकार गठन के लिए शिवसेना, कांग्रेस और एन.सी.पी कई कॉमन मिनिमम प्रोग्राम (CMP) बनाते पर सहमत हो गए हैं.
इसमें शिवसेना की सियासत का आधार रहे हिंदुत्व के मुद्दे को बाहर कर दिया गया है.
कामन मिनीमम प्रोग्राम में किसानों की कर्जमाफी से लेकर किसानों के मुद्दोँ पर फोकस किया गया है. जैसे किसानों के पूरे कर्ज की माफी, किसानों की फसलों की बीमा पॉलिसी नए सिरे से प्रभावी ढंग से लागू करने. किसानों की बिजली बिजल में राहत देने जैसे मुद्दे शामिल हैं.

ऑड-ईवन से कोई फायदा नहीं- CPCB, सुप्रीम कोर्ट ने चार राज्यों के मुख्य सचिव तलब किए
15 November 2019
नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में दिवाली के बाद से ही पॉल्यूशन (Pollution) खतरनाक स्तर पर बना हुआ है. सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण रोकने में नाकाम रहने पर दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिवों को तलब किया है. 29 नवंबर को सभी को कोर्ट में पेश होना होगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केवल कार पर ऑड ईवन लगाने से काम नहीं चलेगा. क्योंकि ये इतना प्रभावित नहीं हैं. यह सिर्फ़ मिडिल क्लास पर प्रभाव डालता है जबकि अमीरों के पास हर नंबर की कार है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिन देशों में ऑड ईवन लागू है वहां पब्लिक ट्रांसपॉर्ट काफी मजबूत और फ्री है, लेकिन यहाँ नहीं है.
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने शुक्रवार को केंद्र से दिल्ली में जगह-जगह एयर प्यूरीफायर टावर लगाने पर विचार करने को कहा है. उधर, दिल्ली सरकार ने ऑड-इवन का बचाव करते हुए कहा कि इससे 5-15% प्रदूषण घटा है जबकि सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) का कहना है कि हमारे अध्ययन के मुताबिक ऑड-Rवन से कोई फायदा नहीं हुआ.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बंद कमरों में AQI बहुत खराब है जबकि बाहर हालत बदतर हैं. पिछले साल अक्टूबर में AQI ठीक था जबकि ऑड ईवन नहीं था. कोर्ट ने कहा आज भी AQI 600 है लोग कैसे सांस ले रहे हैं हालात बहुत गंभीर है. इसपर दिल्ली सरकार ने ऑड-ईवन के पक्ष में दलील देते हुए कहा कि ऑड-ईवन के कारण इस साल AQI और भी बेहतर है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऑड-ईवन, प्रदूषण की समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हो सकता.
केंद्र सरकार ने दिल्ली-NCR में प्रदूषण का डेटा लेकर एक हलफनामा दाखिल किया. इसके अलावा सरकार ने SC को बताया कि दिल्ली में एयर प्यूरीफायर टावर 'वायु' लगाया गया है. जिसका ट्रायल चल रहा है. ट्रायल में कम से कम 1 साल का समय लगेगा.
केंद्र ने IIT बॉम्बे के प्रोफेसर का हवाला देते हुए कहा कि टॉवर 1 किलो मीटर के दायरे में हवा साफ करेगा. IIT बॉम्बे के प्रोफेसर ने चीन में जैसा टावर लगा है वैसा ही टावर लगाने का सुझाव दिया है.
इसपर जस्टिस अरुण मिश्रा ने कहा कि कोई और टेक्नोलॉजी ढूंढ़िए जो कम से कम 10 किलो मीटर की रेंज में हवा साफ कर सके.

ED केस में चिदंबरम को झटका, दिल्ली HC ने जमानत याचिका खारिज़ की
15 November 2019
नई दिल्‍ली: INX मीडिया केस में पी चिदंबरम (P Chidambaram) को बड़ा झटका लगा है. दिल्ली हाई कोर्ट ने इससे जुड़े ED केस में जमानत याचिका खारिज़ की. हाई कोर्ट के जस्टिस सुरेश कैथ ने अपने आदेश में कहा कि अगर इस स्टेज पर चिदंबरम को जमानत दी जाती है तो 70 बेनामी बैंक एकाउंट समेत शेल कंपनी और मनी ट्रेल को साबित करना जांच एजेंसी के लिए मुश्किल हो जाएगा. दरअसल इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने चिदंबरम को 1 लाख रुपए के निजी मुचलके पर सीबीआई मामले में जमानत दे दी थी. सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि चिदंबरम को इस मामले में तब तक जमानत नहीं दी जानी चाहिए जब तक इस मामले का ट्रायल शुरू नहीं हो जाता और अहम गवाहों के बयान नहीं दर्ज कर लिए जाते. वहीं, चिदंबरम की ओर से वकील कपिल सिब्बल ने अदालत को भरोसा दिलाने की कोशिश की थी कि चिदंबरम देश छोड़कर नहीं भागेंगे. हाई कोर्ट ने भी माना था कि चिदंबरम किसी पद पर नहीं हैं इसलिए वो सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं कर सकते है और देश छोड़कर नहीं भाग सकते हैं.सीबीआई ने हाल ही में उनके तथा अन्य लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है जिनमें उनके बेटे कार्ति तथा कुछ नौकरशाह शामिल हैं. इन पर कथित रूप से भ्रष्टाचार निरोधक कानून तथा भारतीय दंड संहिता के तहत दंडनीय अपराध करके राजकोष को नुकसान पहुंचाने के मामले में आरोपपत्र दाखिल किया गया था. चिदंबरम फिलहाल आईएनएक्स मीडिया मनी लॉड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में है.
डीके शिवकुमार की जमानत को चुनौती देने वाली ED की याचिका खारिज
15 November 2019
नई दिल्ली: धनशोधन मामले में दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा कर्नाटक के पूर्व मंत्री डीके शिवकुमार को दी गई जमानत के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (Ed) की दायर याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को खारिज कर दिया है.
बता दें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक के पूर्व मंत्री डी.के. शिवकुमार को दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार (23 अकूटबर) को जमानत दे दी थी. कोर्ट ने उन्हें 25 लाख रुपये के निजी मुचलका भरने का निर्देश दिया था.
दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें बिना अनुमति विदेश न जाने का भी निर्देश दिया था. शिवकुमार को धन शोधन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तीन सितंबर को गिरफ्तार किया था. ईडी मामले की जांच कर रहा है.
शिवकुमार ने कर्नाटक में जनता दल (सेकुलर) और कांग्रेस की गठबंधन सरकार बनवाने में प्रमुख भूमिका निभाई थी.

राष्ट्रपति शासन लागू; उद्धव ने कहा- हम सरकार बनाने की स्थिति में, राकांपा-कांग्रेस चर्चा के बाद समर्थन पर फैसला करेंगी
13 November 2019
मुंबई. महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने केंद्र के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। राज्यपाल ने केंद्र को भेजी रिपोर्ट में कहा था कि नतीजे सामने आने के 15 दिन बाद भी कोई भी दल सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में राष्ट्रपति शासन लगाना ही बेहतर विकल्प है। इस फैसले के बाद राकांपा और कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने का फैसला लोकतंत्र का मजाक उड़ाना है। दोनों पार्टियों ने सरकार गठन पर कहा कि सभी बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट होने के बाद हम इस पर आगे बात करेंगे। हमारे बीच स्थितियां स्पष्ट होने के बाद शिवसेना को समर्थन देने पर बात की जाएगी।
पवार ने कहा कि हम किसी भी सूरत में महाराष्ट्र को दोबारा चुनाव में नहीं जाने देंगे। वहीं, भाजपा नेता नारायण राणे ने कहा- मुझे लगता है कि एनसीपी-कांग्रेस शिवसेना को मूर्ख बनाने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा नेता नारायण राणे से जब पूछा गया कि क्या कांग्रेस-राकांपा के नेता उनके संपर्क में हैं तो राणे बोले- मैं इस पर कुछ भी नहीं कह सकता हूं। केवल इतना कहूंगा कि मैं बस सरकार गठन में मदद की कोशिश कर रहा हूं।
हम राज्य के लोगों के साथ खड़े होंगे: भाजपा
भाजपा नेता मुनगंटीवार ने पार्टी कोर कमेटी की बैठक के बाद कहा- हमने राष्ट्रपति शासन लगने की उम्मीद तो नहीं की थी। हम निश्चित रूप से कोशिश करेंगे कि जनता ने जो जनादेश दिया है, उसका सम्मान हो। हम राज्य में स्थिर सरकार के गठन को लेकर कोशिश करेंगे। हम राज्य के लोगों के साथ खड़े होंगे।
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा- हमने राज्यपाल से वक्त मांगा था मगर हमें समय नहीं दिया गया।
उद्धव ठाकरे ने कहा- भाजपा ने जब सरकार बनाने से इनकार किया तो हमें सोमवार 7:30 तक सरकार बनाने को लेकर मंशा जाहिर करने को कहा गया। कांग्रेस और राकांपा ने हमसे संपर्क किया था।
‘राज्यपाल से हमने सरकार बनाने की इच्छा जाहिर की थी। हमारी राकांपा से बातचीत जारी है। हम अभी भी सरकार बनाने की स्थिति में हैं।’
‘कांग्रेस और राकांपा को जिस तरह से स्पष्ट हालात जानने के लिए समय की आवश्यकता थी, उसी तरह हमें भी वक्त की आवश्यकता थी। हमने 48 घंटे मांगे थे और हमें यह समय नहीं दिया गया।’
‘सरकार बनाने का हमारा दावा अभी भी कायम है। महाराष्ट्र में सरकार बनाना मजाक बात नहीं है। भिन्न विचारधारा के मुद्दे पर दल सरकार बनाना चाहते हैं तो चर्चा जरूरी होती है। राकांपा ने खुद कहा कि हमने संपर्क किया है। भाजपा कहती है कि हमारे पास समय नहीं था। समय हमारे पास था, लेकिन जिस तरह से हमसे बातचीत हो रही थी। वह हमें पसंद नहीं था।’
‘माननीय राज्यपाल महोदय ने 6 महीने दिए हैं। मैं तो लोकसभा के पहले भी उनसे अलग हो रहा था, वे लोग सामने से आए थे। जो खत्म किया है, वह भाजपा ने किया है और जो बातचीत हुई थी हम लोगों के बीच, उस पर अमल करो।’
शिवसेना ने 11 नवंबर को आधिकारिक तौर पर संपर्क किया था- राकांपा
राकांपा-कांग्रेस की कॉन्फ्रेंस में शरद पवार ने कहा- पहले हम गठबंधन के दलों के बीच सभी बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट करेंगे और इसके बाद शिवसेना से भी बातचीत की जाएगी। उनसे भी सभी बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट की जाएगी और उसके बाद ही सरकार बनाने के बारे में आगे कोई फैसला लिया जाएगा। शिवसेना ने पहली बार कांग्रेस और राकांपा से पहली बार 11 नवंबर से आधिकारिक तौर पर संपर्क किया था। अहम फैसला लेने से पहले जरूरी था कि सभी बिंदुओं पर स्पष्टीकरण होना चाहिए। जिस तरह से राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की गई, उसकी हम आलोचना करते हैं। ये मनमाना तरीका है और इसकी हम निंदा करते हैं। यह लोकतंत्र और संविधान का मजाक उड़ाने की कोशिश।
राज्यपाल ने भाजपा-शिवसेना के बाद राकांपा को न्योता दिया था
राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने सबसे पहले सबसे बड़े दल भाजपा को सरकार बनाने का न्योता सौंपा था। लेकिन, भाजपा ने सरकार गठन की इच्छा जाहिर नहीं की। इसके बाद शिवसेना को न्योता दिया गया। लेकिन, शिवसेना ने 2 दिन का वक्त मांगा था। राजभवन ने इससे इनकार कर दिया। इसके बाद तीसरे सबसे बड़े दल राकांपा से राज्यपाल ने सरकार बनाने की इच्छा के बारे में पूछा। राकांपा ने कहा कि हमें मंगलवार रात 8:30 बजे तक का वक्त सौंपा गया है।
शिवसेना को समर्थन के पक्ष में 44 में से 26 कांग्रेस विधायक
न्यूज एजेंसी एनएनआई के मुताबिक, महाराष्ट्र कांग्रेस के 44 में से 26 विधायक इस पक्ष में हैं कि शिवसेना को समर्थन दिया जाए। राज्य में राकांपा-शिवसेना और कांग्रेस की सरकार बने। ये 26 विधायक मराठा है। इनके अलावा भी ज्यादातर विधायक इस पक्ष में नहीं हैं कि नए सिरे से चुनाव हों।

ब्राजील पहुंचे पीएम मोदी, BRICS देशों से सहयोग बढ़ाने पर देंगे जोर
13 November 2019
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्राजील में होने वाले ब्रिक्स देशों के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए ब्राजील पहुंच चुके हैं। पीएम मोदी मंगलवार शाम को दिल्ली से रवाना हुए थे। ब्रिक्स देशों का यह सम्मेलन 13 व 14 नवंबर को होगा, जिसमें डिजिटल इकोनॉमी, विज्ञान व प्रौद्योगिकी व आतंकवाद रोधी अभियान जैसे क्षेत्रों में सहयोगी बढ़ाने पर चर्चा होगी। ब्रिक्स में पांच देश उभरती व बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश शामिल हैं। इन देशों की विश्व की कुल आबादी में 42 फीसदी व जीडीपी में 23 फीसदी हिस्सेदारी है।
आतंकवाद रोधी प्रणाली तैयार करने पर रहेगा जोर
पीएम मोदी ने ब्राजील रवाना होने से पहले बयान जारी कर कहा कि ब्रिक्स के 11 वें शिखर सम्मेलन में आतंकवाद रोधी प्रणाली बनाने पर खास जोर रहेगा। मोदी ने कहा कि वह ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो से मुलाकात कर द्विपक्षीय सामरिक साझेदारी बढ़ाने पर जोर देंगे। संगठन के अन्य सदस्य देशों के नेताओं से भी रिश्ते और मजबूत करने व सहयोग बढ़ाने पर बात करेंगे। दो दिनी शिखर बैठक में पांच देशों के नेता कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे।
पुतिन, जिनपिंग से भी होगी बात
हाल ही में चीनी राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद अब एक बार फिर से पीएम मोदी उनसे मिलने वाले हैं। पीएम मोदी की रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन व चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ भी अलग-अलग द्विपक्षीय मुलाकातें होंगी। वह ब्रिक्स बिजनेस फोरम व शिखर बैठक के उद्घाटन व समापन सत्रों में भी मौजूद रहेंगे।
छठी बार मोदी करेंगे सम्मेलन में शिरकत
पीएम मोदी ने 2014 में ब्राजील के ही फोर्टेलेजा में ब्रिक्स सम्मेलन में पहली बार शिरकत की थी। यह छठा मौका है जब वे इस अहम संगठन की बैठक में भाग लेंगे।
इसलिए ब्रिक्स नाम
ब्रिक्स देशों में ब्राजील, रूस, इंडिया, चीन व साउथ अफ्रीका शामिल हैं। इनके पहले अक्षरों को मिलाकर संगठन का नाम ब्रिक्स रखा गया है।

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू, रामनाथ कोविंद ने कैबिनेट की सिफारिश को मंजूरी दी
12 November 2019
मुंबई. सरकार गठन को लेकर असमंजस की स्थिति के बीच महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कैबिनेट की सिफारिश को मंजूरी दे दी। राष्ट्रपति शासन को लेकर शिवसेना ने सुप्रीम कोर्ट में दो याचिकाएं दाखिल कर तत्काल सुनवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि कपिल सिब्बल शिवसेना की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पैरवी कर सकते हैं। गृह मंत्रालय ने कहा- राज्यपाल का मानना है कि नतीजे सामने आने के 15 दिन बाद भी कोई भी दल सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में राष्ट्रपति शासन लगाना ही बेहतर विकल्प है।
राज्यपाल ने शिवसेना को 2 दिन का वक्त नहीं दिया था
राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने सबसे पहले सबसे बड़े दल भाजपा को सरकार बनाने का न्योता सौंपा था। लेकिन, भाजपा ने सरकार गठन की इच्छा जाहिर नहीं की। इसके बाद शिवसेना को न्योता दिया गया। लेकिन, शिवसेना ने 2 दिन का वक्त मांगा था। राजभवन ने इससे इनकार कर दिया। इसके बाद तीसरे सबसे बड़े दल राकांपा से राज्यपाल ने सरकार बनाने की इच्छा के बारे में पूछा। राकांपा ने कहा कि हमें मंगलवार रात 8:30 बजे तक का वक्त सौंपा गया है।
अब कांग्रेस की सरकार बनाने में दिलचस्पी
सोमवार को दो बैठकों के दौरान सोनिया ने महाराष्ट्र विधायकों से सरकार बनाने पर राय मांगी और साथ ही राकांपा से भी चर्चा की। सूत्रों का कहना है कि अब कांग्रेस की दिलचस्पी महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर बढ़ रही है। मंगलवार को हुई कांग्रेस की बैठक में सरकार बनाने को लेकर ही चर्चा हुई। इसके बाद सोनिया गांधी ने केसी वेणुगोपाल, मल्लिकार्जुन खड़गे और अहमद पटेल को राकांपा के साथ समन्वय का जिम्मा सौंपा है। वेणुगोपाल ने बताया कि हम सभी राकांपा अध्यक्ष शरद पवार से मिलने मुंबई रवाना हो रहे हैं। सत्ता गठन को लेकर फैसला सोनिया और पवार की बातचीत के बाद ही होगा।
राकांपा नेता अजित पवार ने मंगलवार को कहा कि हमने (राकांपा और कांग्रेस) साथ-साथ चुनाव लड़ा है, इसलिए सरकार बनाने का फैसला हम अकेले नहीं ले सकते। उन्होंने कहा- कल 10 बजे से शाम 7 बजे तक हम उनके पत्र की राह देखते रहे, लेकिन शाम तक वह नहीं मिला। हमारा अकेले पत्र देना ठीक नहीं था। हमारे पास कुल 98 विधायक हैं। आज शाम को राकांपा और कांग्रेस नेताओं की मुंबई में बैठक होगी।
राष्ट्रपति शासन के सवाल पर अजित ने कहा- अगर हम एक साथ चर्चा कर रहे हैं, तो आगे किसी चीज का कोई सवाल ही नहीं उठता।
शिवसेना को समर्थन के पक्ष में 44 में से 26 कांग्रेस विधायक
न्यूज एजेंसी एनएनआई के मुताबिक, महाराष्ट्र कांग्रेस के 44 में से 26 विधायक इस पक्ष में हैं कि शिवसेना को समर्थन दिया जाए। राज्य में राकांपा-शिवसेना और कांग्रेस की सरकार बने। ये 26 विधायक मराठा है। इनके अलावा भी ज्यादातर विधायक इस पक्ष में नहीं हैं कि नए सिरे से चुनाव होंे।

योगी आदित्यनाथ को राम मंदिर ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाने की मांग
12 November 2019
अयोध्या। सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या की विवादित 2.7 एकड़ जमीन पर रामलला का अधिकार बताते हुए केंद्र सरकार से राम मंदिर निर्माण के लिए 3 माह में ट्रस्ट गठित करने का आदेश दिया है। इसके बाद ट्रस्ट बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इस बीच, राम जन्मभूमि न्यास चाहता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ट्रस्ट के अध्यक्ष बनें। यानी योगी आदित्यनाथ की देखरेख में ही राम मंदिर का निर्माण हो। राम जन्मभूमि न्यास के महंत नृत्य गोपाल दास ने यह बात कही है।
महंत नृत्य गोपाल दास के अनुसार, योगी आदित्यनाथ को एक मुख्यमंत्री के रूप में नहीं बल्कि गोरक्ष पीठ के महंत के रूप में ट्रस्ट की अध्यक्षता करें। गोरखपुर का ख्यात गोरखनाथ मंदिर गोरक्षपीठ का है, जिसने राम मंदिर आंदोलन में अहम भूमिका निभाई है। सबसे पहले महंत दिग्विजय नाथ, फिर महंत आदित्यनाथ और अब योगी आदित्थनाथ ने राम मंदिर में अहम भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भव्य राम मंदिर निर्माण में न्यास की भी अहम भूमिका रहेगी। हालांकि उन्होंने इस बारे में विस्तार से बताने से इन्कार कर दिया। हालांकि यह जरूर कहा कि न्यास की तरफ से चम्पत राय (विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष) और ओम प्रकाश सिंघल (विश्व हिंदू परिषद के खजांची) राम मंदिर ट्रस्ट में शामिल हो सकते हैं। बता दें 2015 में अशोक सिंघल के निधन के बाद से चम्पत राय विहिप का पूरा कामकाज देख रहे हैं। चम्पत राय और ओम प्रकार सिंघल, दोनों दिल्ली के रहने वाले हैं।
इस बीच, चर्चा शुरू हो गई है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, सुन्नी वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ जमीन कहां दी जाए। सुन्नी वक्फ बोर्ड 26 नवंबर को तय करेगा कि जमीन लेना है या नहीं और लेना है तो कहां।

ड्यूटी के दौरान ट्रैफिक जवान नहीं रख सकेंगे मोबाइल, बात करते पाए गए तो होगी कार्यवाही
12 November 2019
अहमदाबाद। गुजरात के राजकोट में ड्यूटी के दौरान ट्रैफिक पुलिस जवान अपने पास मोबाइल फोन नहीं रख सकेंगे। ड्यूटी के दौरान मोबाइल पर मस्त रहने वाले पुलिस कर्मियों की शिकायत मिलने के बाद राजकोट पुलिस आयुक्त मनोज अग्रवाल ने यह आदेश दिया है। देश में ट्रैफिक के नियमों का पालन सख्ती से करवाया जा रहा है। वाहन चालकों से हेल्मेट, सीट बेल्ट, लाइसंस, पीयूसी सहित वाहन के कागजात नहीं रखने पर भारी भरकम जुर्माना वसूला जा रहा है। ऐसे में ट्रैफिक के नियमों का पालन करवाने वाली ट्रैफिक पुलिस ही ड्यूटी के दौरान मोबाइल पर व्यस्त रहते होने की आये दिन शिकायतें मिलती हैंं। जिसके मद्देनजर राजकोट पुलिस आयुक्त मनोज अग्रवाल ने मंगलवार से ड्यूटी के दौरान ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को मोबाइल फोन अपने पास न रखने का आदेश दिया है।
यह लिखा है आदेश में
पुलिस आयुक्त के आदेश के अनुसार ट्रैफिक पुलिस कर्मियों के ड्यूटी के दौरान अपने इंचार्ज पुलिस अधिकारी के पास अपना मोबाइल फोन जमा करवाना रहेगा। अगर कोई कर्मी ड्यूटी के दौरान मोबाइल पर बात करते हुए दिखाई देगा तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने के आदेश दिये गये हैं।
इसलिए उठाया गया यह कदम
राजकोट जोन-2 के पुलिस उपाधीक्षक ने मनोहरसिंह जाड़ेजा ने बताया कि उनके पास ट्रैफिक को लेकर कई शिकायतें मिली हैंं। जिसमें सबसे अधिक पुलिस कर्मियों के खिलाफ शिकायत मिली है। इसमें कहा गया है कि ड्यूटी के दौरान ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी मोबाइल पर बातें करते रहते है। इसके कारण वाहन चालकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि मोबाइल से ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की उपस्थिति दर्ज करने के बाद सबंधित ट्रैफिक प्वाइन्ट के इंचार्ज के पास मोबाइल फोन जमा करवाना पड़ेगा।

राम के साथ-साथ अयोध्या का विकास रोटी से भी जुड़ना चाहिए: कल्याण सिंह
11 November 2019
लखनऊ: अयोध्या विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह (Kalyan Singh) का कहना है कि राम मंदिर के निर्माण का संकल्प पूरा होने जा रहा है. उन्होंने कहा कि 500 साल विवाद हल हो गया है. यह किसी की हार और जीत नहीं है. हम राम मंदिर के मुद्दे को राजनीति से नहीं जोड़ते, यह मुद्दा सांस्कृतिक है.
बीजेपी नेता ने कहा कि अयोध्या में इतना विकास होना चाहिए कि लोगों को लगे कि यह राम की नगरी है. राम के साथ-साथ अयोध्या का विकास रोटी से भी जुड़ना चाहिए- यानी राम और रोटी, रोजगार मिल सके ऐसा विकास.
कल्याण ने कहा, ''मैं राम का भक्त हूं, अयोध्या का विकास और राम मंदिर के निर्माण का सपना देखता रहा हूं. अब करोड़ों लोगों का सपना साकार हुआ है.''
काफी चेहरे चर्चित रहे
पता हो कि जब बाबरी मस्जिद के ढांचे को हजारों कारसेवकों द्वारा ध्वस्त कर दिया गया था तब कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे. मस्जिद के विध्वंस के बाद हालांकि उन्होंने स्थिति को नियंत्रित करने में विफल रहने के बाद 6 दिसंबर की शाम को पद से इस्तीफा दे दिया. सिंह ने छह दिसंबर की रैली से पहले सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामे पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें कहा गया था कि वह और उनकी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि मस्जिद को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा.
सुप्रीम कोर्ट का फैसला
अयोध्या विवाद मामले में 70 सालों तक चली कानूनी लड़ाई और सुप्रीम कोर्ट में 40 दिनों तक लगातार चली सुनवाई के बाद शनिवार को ऐतिहासिक फैसला आ गया. फैसला विवादित जमीन पर रामलला के हक में सुनाया गया. फैसले में कहा गया कि राम मंदिर विवादित स्थल पर बनेगा और मस्जिद निर्माण के लिए अयोध्या में पांच एकड़ जमीन अलग से दी जाएगी. अदालत ने कहा कि विवादित 02.77 एकड़ जमीन केंद्र सरकार के अधीन रहेगी. केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को मंदिर बनाने के लिए तीन महीने में एक ट्रस्ट बनाने का निर्देश दिया गया है. राजनीतिक रूप से संवेदनशील राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ ने निर्मोही अखाड़ा और शिया वक्फ बोर्ड के दावों को खारिज कर दिया, लेकिन साथ ही कहा कि निर्मोही अखाड़े को ट्रस्ट में जगह दी जाएगी.

अयोध्या केस: ओवैसी के बयान पर AIMPLB और मुस्लिम पक्षकार ने जताया ऐतराज
11 November 2019
लखनऊ : सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अयोध्या भूमि विवाद (Ayodhya case) पर आए फैसले के बाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin owaisi) के बयान को लेकर अयोध्या में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के सदस्य और बाबरी पक्षकार ने ऐतराज जताया है.
एआईएमपीएलबी के वरिष्ठ सदस्य मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने सोमवार को आईएएनएस से कहा, "पूरे मुल्क में जिस तरह से इतने बड़ा फैसला आने के बावजूद किसी प्रकार की कोई वारदात नहीं हुई, इससे संदेश मिलता है कि तमाम हिन्दुस्तानी चाहते हैं कि अब मंदिर-मस्जिद मुद्दे से आगे की बात होनी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट द्वारा सदियों पुराना मसला खत्म कर दिया गया है. अब इस मुद्दे पर किसी राजनीतिक व्यक्ति की सियासत के लिए कोई जगह बची नहीं है. जिस प्रकार से अवाम द्वारा लगातार शांति बरकार है, इससे उन लोगों को संदेश मिल गया होगा जो इस पर सियासत करते हैं."
26 नवंबर को मस्जिद की जमीन पर फैसला
उन्होंने इस मामले में पुनर्विचार याचिका डाले जाने पर कहा, "अब इस मुद्दे को यहीं खत्म कर देना चाहिए. इसमें आगे अब जाना नहीं चाहिए. पांच एकड़ जमीन पर क्या होना चाहिए इसका फैसला मुस्लिम वक्फ बोर्ड को करना है. 26 नवंबर को बोर्ड की बैठक में इस पर निर्णय लिया जाएगा."
कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं
अयोध्या विवादित भूमि मामले (Ayodhya Case) में बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला किया है हम उसका सम्मान करते हैं. कौन इसमें क्या बोलता है यह कोर्ट के फैसले से खत्म हो जाता है. सुप्रीम कोर्ट ने हमें पांच एकड़ जमीन दी है. उस जमीन का क्या करना है यह हम तय करेंगे, लेकिन हम ऐसा कोई काम नहीं करेंगे जिससे सौहार्द्र बिगड़े."
माहौल खराब करना चाहते हैं ओवैसी
अंसारी ने कहा, "हम खुद पक्षकार हैं, कोई क्या कह रहा है, हम सुनते भी नहीं हैं, मैं पुनर्विचार याचिका नहीं डालूंगा. एक फैसला आने में सत्तर साल लग गए, जबकि सारे गवाह और सबूत हमने दिए. हम चाहेंगे कि हिंदू-मुस्लिम भाईचारा बना रहे." राम जन्म भूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा, "ओवैसी की बात न तो मुसलमान सुनते हैं न ही हिन्दू. उनकी बातों को कोई गंभीरता से नहीं लेता है." उन्होंने कहा, "भड़काऊ बयानबाजी करके वह माहौल खराब करना चाहते हैं. उनकी बातों को कोई वर्ग महत्व नहीं देता है. सभी लोग सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं."
फैसले से संतुष्ट नहीं
ज्ञात हो कि सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या विवाद पर अपना फैसला सुना दिया है. एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था "मैं कोर्ट के फैसले से संतुष्ट नहीं हूं. सुप्रीम कोर्ट वैसे तो सबसे ऊपर है, लेकिन अपरिहार्य नहीं है."
हम पर कृपा करने की जरूरत नहीं
उन्होंने कहा, "हम अपने अधिकार के लिए लड़ रहे हैं, हमें खैरात के रूप में पांच एकड़ जमीन नहीं चाहिए. हमें इस पांच एकड़ जमीन के प्रस्ताव को खारिज कर देना चाहिए. हम पर कृपा करने की जरूरत नहीं है." ओवैसी ने आगे कहा, "अगर मस्जिद वहां पर रहती तो सुप्रीम कोर्ट क्या फैसला लेता. यह कानून के खिलाफ है. बाबरी मस्जिद नहीं गिरती तो फैसला क्या आता? जिन्होंने बाबरी मस्जिद को गिराया, उन्हें ट्रस्ट बनाकर राम मंदिर बनाने का काम दिया गया है."

समर्थन के लिए नेता हमेशा ठाकरे के घर मातोश्री गए, अब उद्धव सत्‍ता के लिए पवार से मिलने गए
11 November 2019
मुंबई: महाराष्‍ट्र की सियासत में ठाकरे परिवार के घर 'मातोश्री' की हमेशा से हनक रही है. विभिन्‍न दलों के नेता हमेशा शिवसेना के समर्थन के लिए इस परिवार के मुखिया से मिलने के लिए मातोश्री जाते रहे हैं. लेकिन इस बार विधानसभा चुनाव के बाद महाराष्‍ट्र की सियासत नई करवट ले रही है. बीजेपी-शिवसेना गठबंधन के बिखरने के साथ ही सत्‍ता के लिए नए साथी तलाशने की चाहत में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को 'मातोश्री' से निकलना पड़ा है. इस सिलसिले में उद्धव आज होटल ताज लैंड्स एंड में एनसीपी नेता शरद पवार से मिलने पहुंचे. दोनों नेताओं के बीच क्या बात हुई अभी इस बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है. हालांकि सूत्रों के मुताबिक मुलाकात में उद्धव ठाकरे ने सरकार बनाने के लिए शरद पवार को साथ आने का न्‍योता दिया है. उद्धव ने कहा कि केंद्र की गलत नीतियों के कारण एक साथ आना जरूरी है.
इससे पहले आज सुबह एनसीपी की बैठक के बाद पार्टी नेता नवाब मलिक ने कहा कि शाम चार बजे कांग्रेस की बैठक के बाद उनका दल अपनी पोजीशन स्‍पष्‍ट करेगा. उन्‍होंने कहा कि एनसीपी और कांग्रेस दोनों ने मिलकर चुनाव लड़ा था. इसलिए कांग्रेस की राय जानने के बाद ही एनसीपी अगले कदम का ऐलान करेगी. इस बीच उद्धव से मुलाकात के बाद शरद और अजित पवार एक बार फिर एनसीपी के वरिष्‍ठ नेताओं के साथ शाम चार बजे मुलाकात करने वाले हैं.
इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि महाराष्‍ट्र में शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के सहयोग से सरकार बनाने की कोशिशें कर रही है. गवर्नर ने भी उनको आज शाम साढ़े सात बजे तक अपनी स्थिति स्‍पष्‍ट करने को कहा है.
अब सारी निगाहें कांग्रेस पर टिकी है. वरिष्‍ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्‍व शाम चार बजे महाराष्‍ट्र इकाई के नेताओं के साथ बैठक करेगा. सूत्रों के मुताबिक उसमें शिवसेना को अंदर या बाहर से समर्थन देने का फैसला लिया जाएगा. वैसे सूत्रों का ये भी कहना है कि कांग्रेस के 44 विधायकों में से ज्‍यादातर शिवसेना के नेतृत्‍व में बनने वाली सरकार में शामिल होने के इच्‍छुक हैं.
अरविंद सावंत ने दिया इस्‍तीफा
इन सबके बीच शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर शिवसेना से किए 50:50 फॉर्मूले का वादा तोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे भाजपा-शिवसेना के गठबंधन के जारी रखने पर सवाल खड़ा हो गया है. केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री ने कहा, "राज्य में नई सरकार और नया गठबंधन बनेगा."
उन्होंने कहा, "हालिया घटनाओं के बाद मंत्री बने रहना ठीक नहीं है, इसीलिए मैंने इस्तीफा देने का फैसला किया है." यह पूछने पर कि क्या शिवसेना भाजपा की अगुआई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से निकल रही है?, उन्होंने कहा, "मेरी कार्रवाई से इसका मतलब कोई भी समझ सकता है."

कश्मीर में भारी बर्फबारी, 7 की मौत, 200 से ज्यादा मकानों को पहुंचा नुकसान
8 November 2019
श्रीनगर: नवंबर में बेवक्त हुई भारी बर्फ़बारी ने जम्मू कश्मीर की सुंदरता तो बढ़ा दी मगर लोगों की मुश्किलें भी बड़ा दी. पिछले 48 घंटों में बर्फबारी ( snowfall) के कारण 7 लोगों की जान चली गई हैं.
एक रिपोर्ट के मुताबिक कश्मीर के ऊपरी इलाकों खास कर उत्तरी कश्मीर की कई जगहों पर 6 फीट तक की बर्फबारी रिकॉर्ड की गई है. बर्फबारी की वजह से 200 से ज्यादा मकानों को नुकसान पहुंचा है. वही यह रिपोर्ट कहती हैं कि पूरे बर्फबारी की वजह से हजारों पेड़ उखड़ गए.
दक्षिणी और उत्तरी कश्मीर में सब से ज्यादा नुकसान सेब के बागों को हुआ हैं जहां 40% पेड़ों पर अब भी फल मौजूद थे. एक अनुमान के तहत सेब इंडस्ट्री को लगभग 100 करोड़ तक नुकसान पहुंचा है.
वहीं बिजली की बहाली सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गई है क्योंकि कश्मीर घाटी में कई हज़ार पेड़ उखाड़ गए हैं. इन उखड़े हुए पेड़ों ने बिजली की तारों को काट दिया है.
बिजली विभाग के मुताबिक कश्मीर में बर्फबारी के कारण बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर को काफी नुकसान पहुंचा है और उसे ठीक करने का काम तेज़ी से जारी है. विभाग ने उम्मीद जताई हैं की शुक्रवार देर रात तक बिजली को कई इलाकों में बहाल किया जाएगा.
गुरुवार देर रात बर्फ़बारी बंद होने के बाद प्रशासन का दावा हैं कि रेस्टोरेशन के काम में तेजी आई. शुक्रवार सुबह कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर के नेतृत्व में प्रशासन की स्पेशल टीम श्रीनगर में हर जगह का दौरा करती दिखीं. प्रशासन के मुताबिक अगर मौसम ने साथ दिया तो अगले एक दो दिनों में कश्मीर में जीवन पटरी पर लौटेगा.
श्रीनगर में मुख्य रास्तों को तो खोल दिया गया हैं और इंटर डिस्ट्रिक्ट रस्ते भी खोल दिए गए हैं मगर अभी इंटीरियर रास्ता बंद हैं. वहीं कश्मीर को देश से जोड़ने वाले तीनों राष्ट्रीय राजमार्ग अब भी बंध हैं. शुक्रवार को दूसरे दिन दोपहरत तक एयर ट्रैफिक फिर से शुरू नहीं हो पाया है.

देवेंद्र फडणवीस मीडिया से होंगे मुखातिब, उद्धव शाम को होटल में विधायकों से करेंगे मुलाकात
8 November 2019
मुंबई: महाराष्‍ट्र (Maharashtra Assembly Elections 2019) की मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल आज मध्‍यरात्रि को समाप्‍त हो रहा है. आखिरी मौके पर सरकार बनाने की कोशिशें जारी हैं. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने बंगले वर्षा पर सुधीर मुनगुंटीवार, गिरीश महाजन, चंद्रशेखर बावनकुले समेत बीजेपी के वरिष्‍ठ नेताओं के साथ मुलाकात की. वह साढ़े चार बजे मीडिया से बातचीत करेंगे.
उधर शिवसेना मुंबई के ब्रांदा इलाके में रंग शारदा होटल में ठहरे अपने विधायकों को वहां से निकालकर मुंबई के किसी और रिजॉर्ट या होटल में भेजने की तैयारी कर रही है. इस सिलसिले में दो एसी बसें वहां भेजी गई हैं. हालांकि ये भी कहा जा रहा है कि उससे पहले रंग शारदा होटल में उद्धव ठाकरे शाम पांच बजे अपने विधायकों से मिलने आएंगे.
इस बीच महाराष्ट्र एडवोकेट जनरल आशुतोष कुंभकोनी आज फिर से महाराष्ट्र के राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी से मिलने के लिए राजभवन पहुंचे. वहीं केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार के घर पहुंचे. मीटिंग के बाद शरद पवार ने कहा, ''रामदास आठवले मुझसे मिलने आये थे और राज्य की स्थिति पर मुझसे सलाह लेने आए थे. जनता ने बीजेपी-शिवसेना को बहुमत दिया है इसीलिए वो बैठकर चर्चा करें और सरकार बनायें...राज्यपाल और राष्ट्रपति कितने दिन रुकेंगे...कर्नाटक में ऐसी ही स्थिति थी तो राज्यपाल ने समय दिया था...बीजेपी शिवसेना को बहुमत मिला है तो राज्य में अस्थिरता ना आये इसके लिए उन्हें कोशिश करनी चाहिए...एनसीपी इसमें कुछ नहीं कर सकती...बीजेपी-शिवसेना सरकार स्थापना से भाग रही हैं.''
मैं मध्‍यस्‍थता को तैयार: नितिन गडकरी
सरकार गठन को लेकर बीजेपी और शिवसेना के बीच जारी गतिरोध पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि जरूरत पड़ने पर मैं मध्‍यस्‍थता के लिए तैयार हूं. देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में महाराष्ट्र में सरकार बनेगी. जहां तक मुझे पता है तो शिवसेना के साथ ढाई-ढाई साल की कोई बात नहीं हुई थी. बालासाहेब ने भी कहा था कि जिसके ज्यादा विधायक होंगे मुख्यमंत्री उनका ही होगा. गुरुवार को नागपुर में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात के बाद आज मुंबई पहुंचे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी मुंबई के वर्ली स्थित अपने घर पर ठहरे हुए हैं. शाम को गडकरी नवी मुंबई के घनसोली इलाके में एक निजी कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए मुंबई आए हैं.

तीस हजारी कोर्ट हिंसा: SC ने पुलिस और वकीलों को लगाई डांट, कहा- एक हाथ से ताली नहीं बजती
8 November 2019
नई दिल्ली: ओडिशा (Odisha) के वकीलों की हड़ताल पर सुनवाई के दौरान आज तीस हजारी कोर्ट (Tis Hazari Court) हिंसा का मसला सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में उठा. सुप्रीम कोर्ट ने तीस हज़ारी कोर्ट हिंसा पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि, 'ताली एक हाथ से नहीं बजती'. कमियां दोनों पक्षों में हैं. बेहतर है कि हम इस मसले में कुछ न कहें. दरअसल, उड़ीसा में हुए वकीलों की हड़ताल से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने तीस हज़ारी कोर्ट हिंसा मामले में पुलिस की ज़्यादती का मामला उठाया था. सुनवाई के दौरान मनन कुमार मिश्रा ने कोर्ट से कहा कि हमें उम्मीद है कि दो दिनों में इस समस्या का समाधान हो जाएगा.
आपको बता दें कि, 2 नवंबर को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट परिसर में पुलिस लॉकअप के पास पार्किंग को लेकर एक वकील से विवाद हो गया था. इसके बाद वहीं पुलिस और वकीलों के बीच दंगे जैसे हालात बन गए थे और वकीलों ने पुलिस की गाड़ियों में आग लगा दी थी. इतना ही नहीं महिला अधिकारियों के साथ भी बदसलूकी और धक्का-मुक्की के वीडियो और हिंसा के कई वीडियो सामने आए हैं. इस मामले पर मानवाधिकार आयोग ने भी संज्ञान लिया है. वहीं इस घटाना के विरोध में पुलिसकर्मियों ने हेडक्वार्टर के सामने प्रदर्शन भी किया था.
इस घटना के अगले दिन 3 नवंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए न्यायिक जांच के आदेश दिए थे. हाई कोर्ट ने न्यायिक जांच रिटायर्ड जज एसपी गर्ग के नेतृत्व में कराने का फैसला लिया था. हाईकोर्ट ने कहा था कि वकीलों और पुलिस के बीच हुई इस हिंसक झड़प की जांच में सीबीआई के डायरेक्टर, आईबी के डायरेक्टर, विजिलेंस डायरेक्टर और सीनियर अधिकारियों की मदद ली जाएगी.
इसके अलावा हाई कोर्ट ने दिल्ली के पुलिस कमिश्नर को घायल वकीलों के बयान दर्ज करने के भी आदेश दिए थे. हाई कोर्ट ने यह भी आदेश दिया था कि मामले में आरोपित पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर जांच के लिए कमेटी का गठन किया जाए और यह कमेटी अगले 6 सप्ताह में जांच पूरी कर हाई कोर्ट को रिपोर्ट सौंपे.

पासपोर्ट अनिवार्यता पर पाक बदल रहा बयान, भारतीय विदेश मंत्रालय ने कही यह बात
7 November 2019
नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच हुए समझौते के तहत गुरुनानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव पर्व के पूर्व 9 नवंबर को करतारपुर कॉरिडोर का शुभारंभ होने जा रहा है। भारतीय श्रध्दालुओं के लिए यह बड़ी सौगात है। लेकिन पाकिस्तान की ओर से करतारपुर कॉरिडोर का इस्तेमाल करने के लिए पासपोर्ट की अनिवार्यता को लेकर स्थिति अब भी असमंजस से भरी बनी हुई है। दरअसल, पाकिस्तान की ओर से लगातार विरोधाभासी बयान सामने आ रहे है। पूर्व में पाक की ओर से कहा गया कि श्रध्दालुओं को पासपोर्ट की जरुरत नहीं रहेगी, बाद में बयान बदलकर कहा गया कि हर श्रध्दालु के लिए पासपोर्ट अनिवार्य रहेगा।
गुरुवार को एक बार फिर पाकिस्तान की ओर से एक नया बयान सामने आया है। इसमें पाकिस्तान मीडिया के हवाले से कहा गया है कि आर्मी के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने कहा है कि करतारपुर कॉरिडोर का उपयोग करने के लिए भारतीय सिख श्रध्दालुओं के लिए पासपोर्ट की अनिवार्यता रहेगी।
पाकिस्तान की ओर से करतारपुर कॉरिडोर के इस्तेमाल को लेकर सामने आ रहे विरोधाभासी बयान के बाद आज भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से बयान जारी किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि 'पाकिस्तान की ओर से आ रहीं रिपोर्ट्स विरोधाभासी हैं। कभी वह कहते हैं कि पासपोर्ट जरुरी है और कभी कहते हैं कि इसकी जरुरत नहीं है। हमें लगता है कि वहां विदेश मंत्रालय और अन्य एजेंसियों के बीच मतभेद हैं। हमने एक एमओयू साइन किया है, यह नहीं बदला गया है। इसके मुताबिक करतारपुर कॉरिडोर के इस्तेमाल के लिए पासपोर्ट की अनिवार्यता है।'
रवीश कुमार ने आगे कहा कि 'हमें पता है कि भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए गए हैं। जिसमें साफ तौर पर बताया गया है कि श्रध्दालुओं को कौन से दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य रहेंगे। इस वर्तमान एमओयू में एकतरफा बदलाव नहीं किया जा सकता है। इसमें दोनों पक्षों की सहमति जरुरी है।'

जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी के कारण कईं रास्ते बंद, हिमस्खलन में दो जवान शहीद
7 November 2019
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में गुरुवार को मौसम में पहली बार भारी बर्फबारी हुई है। कल से जारी इस बर्फबारी की वजह से यहां का सामान्य जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। राज्य में कईं रास्ते बर्फबारी की वजह से बंद हो गए हैं वहीं फ्लाइट्स भी उड़ान नहीं भर पा रही हैं। हंदवाड़ा में तो हिमस्खलन की वजह से दो जवान शहीद हो गए हैं। राज्य में भारी बर्फबारी के कारण सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है और पारे ने भी गोता लगा दिया है। आलम यह है कि खाटी में पिछले 18 घंटे से बिजली नहीं है ऐसे में आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, कश्मीर में कल से ही भारी बर्फबारी जारी है जिसकी वजह से राज्य के कईं अहम हाईवे बंद हो गए हैं और यात्री रास्ते में फंसे हुए हैं। हालांकि, सैलानी बर्फबारी का मजा उठा रहे हैं लेकिन लगातार गिर रही बर्फ ने उन्हें भी परेशान कर दिया है। इसकी वजह से श्रीनगर में 100 से ज्यादा जगहों पर पेड़ गिरने की खबर है जबकि श्रीनगर आने और जाने वाली सारी फ्लाइट्स रद्द कर दी गई हैं।
मौसम की भविष्यवाणी करने वाली प्राइवेट एजेंसी स्कायमेट के अनुसार, कश्मीर में इस भारी बर्फबारी का सीधा असर जल्द ही मैदानी इलाकों में नजर आने लगेगा और दिल्ली, पंजाब के अलावा हरियाणा में भी 9 तारीख के सर्द हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आठ नवंबर तक मौसम के मिजाज तीखे रहेंगे। इस दौरान बर्फबारी व बारिश के साथ ओलावृष्टि की भी संभावना है।
दो जवान शहीद
बर्फबारी ने जहां आम जनजीवन को प्रभावित करते हुए भारी नुकसान किया है वहीं हंदवाड़ा में हिमस्खलन की वजह से दो जवानों के शहीद होने की सूचना है। जानकारी के अनुसार कुपवाड़ा में अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे कैंप पर हिमस्खलन हुआ जिसमें दो जवान दब गए। जब तक उन्हें निकाला जाता तब तक वो शहीद हो गए।

राम रहीम की करीबी हनीप्रीत 2 साल बाद डेरा सच्चा सौदा पहुंची, दंगों की साजिश रचने के मामले में मिली जमानत
7 November 2019
नई दिल्ली। डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख रहे गुरमीत राम रहीम की करीबी हनीप्रीत के लिए बुधवार को अच्छी खबर सामने आई थी। पंचकूला की विशेष कोर्ट द्वारा हनीप्रीत की जमानत याचिका मंजूर कर ली गई थी। लगभग दो साल बाद कोर्ट से राहत मिलने के बाद अंबाला सेंट्रल जेल से रिहा होते ही हनीप्रीत सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा पहुंची। सामने आ रही जानकारी के मुताबिक देर रात हनीप्रीत डेरा सच्चा सौदा में पहुंच गई थी। हनीप्रीत पंचकूला में साल 2017 में हुए दंगों को भड़काने की साजिश रखने की आरोपी है। पुलिस ने हनीप्रीत पर राजद्रोह की धाराएं भी लगाई थीं। बीते दिनों पंचकूला कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सबूत ना पाए जाने पर हनीप्रीत पर से राजद्रोह की धाराएं हटा दी थी, इसके साथ ही उसके जमानत मिलने का रास्ता बहुत हद तक साफ हो गया था। बुधवार को हनीप्रीत की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने उसकी जमानत मंजूर कर ली थी।
हनीप्रीत पर है साजिश रचने का आरोप
डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख रहे गुरमीत राम रहीम पर साध्वियों के दुष्कर्म और पत्रकार की हत्या के मामले में अगस्त 2017 में कोर्ट फैसला सुनाने वाला था। फैसले के पूर्व पंचकूला में 25 अगस्त 2017 को दंगे भड़के थे। राम रहीम के अनुयायी इस फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतर आए थे। इसके बाद हुई हिंसा में 42 लोगों की मौत हो गई थी। दंगे की साजिश रचने के मामले में पुलिस ने हनीप्रीत को गिरफ्तार करते हुए उसके खिलाफ राजद्रोह सहित विभिन्न धाराएं लगाई थी। पुलिस ने हिंसा के मामले में डेरा अनुयायियों के खिलाफ लगभग 200 प्रकरण दर्ज किए थे। इसमें 1 हजार से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी भी की गई थी।

वकीलों की मांग- गोली चलाने वाले पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी हो, सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई
6 November 2019
नई दिल्ली/पुड्डुचेरी. दिल्ली पुलिस और वकीलों के बीच हुई झड़प के मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। यह याचिका पीड़ित कॉन्स्टेबल की पत्नी ने दायर की है। इसमें मांग कि गई है कि ड्यूटी के दौरान अगर पुलिसकर्मी की मौत हो जाती है तो उसे अवॉर्ड दिया जाए। परिवार के एक सदस्य को नौकरी मिले। साथ ही परिवार को मृतक की पूरी तनख्वाह दी जाए। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई करेगा।
उधर, रोहिणी और साकेत कोर्ट के बाहर वकीलों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी है। रोहिणी कोर्ट के एक वकील ने कहा कि हमारी लड़ाई केवल उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ है, जिन्होंने हम पर गोली चलाई और लाठीचार्ज किया। हम तब तक विरोध करेंगे, जब तक उन्हें गिरफ्तार नहीं कर लिया जाता। बार काउंसिल के अध्यक्ष मनन मिश्रा ने कहा कि कल जो हमने मीडिया रिपोर्ट्स देखीं उसको देखकर हमारे वकीलों ने बताया कि पुलिस का प्रदर्शन देखकर बार काउंसिल ऑफ इंडिया डर गई। पुलिस के पास बंदूक है, गोली है, लाठी-डंडे हैं। आप जिम्मेदारी से काम लें। यह कह रहे हैं कि हम न्यायाधीशों से सुरक्षा वापस ले लेंगे। मैं अपील करुंगा कि आप इसकी भर्त्सना करें। कल इन्होंने पिटीशन दी थी। कोर्ट की बात सड़कों पर लाकर आप आंदोलन करें। यह न्यायपूर्ण नहीं है।
इस बीच पुड्डुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी ने दिल्ली पुलिस का समर्थन किया है। बेदी ने ट्वीट किया- नेतृत्व एक ऐसी विशेषता है, जो जिम्मेदारी दिखाते हुए कड़े फैसले कर सके। अधिकार और जिम्मेदारी एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। सोमवार और मंगलवार को साकेत और तीस हजारी कोर्ट के बाहर उनके सहयोगियों पर वकीलों द्वारा हमला किया गया। लेकिन, सीनियर अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। जब हम कानून का पालन करने की अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं तो कोई संघर्ष नहीं होता।
‘हमला झेलने के लिए वर्दी नहीं पहनी’
मंगलवार को हजारों से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने दिल्ली के आईटीओ में पुलिस मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कई पुलिसकर्मियों ने किरण बेदी की प्रशंसा में नारे लगाए। जवानों ने कहा- पुलिस कमिश्नर कैसा हो, किरण बेदी जैसा हो। पुलिसकर्मियों ने कहा- हम पीटते रहे, लेकिन कमिश्नर मौन बने रहे। हमने यह वर्दी इसलिए नहीं पहनी है कि हर दिन हम पर हमला होता रहे। 2 नवंबर को तीस हजारी कोर्ट में और 4 नवंबर को साकेत और कड़कड़डूमा कोर्ट में पुलिस और वकीलों के बीच झड़प हुई थी। इसमें करीब 20 पुलिसकर्मी और कुछ वकील घायल हुए थे।
दिल्ली के पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक ने मंगलवार को पुलिसकर्मियों से काम पर लौटने की अपील की थी और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। स्पेशल कमिश्नर सतीश गोलछा ने कहा था- हिंसक घटना में जितने पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, उन्हें कम से कम 25 हजार रुपए मुआवजा दिया जाएगा। पुलिसकर्मियों ने अधिकारियों से आश्वासन मिलने के बाद धरना खत्म करने का फैसला किया था।
कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को वकीलों के खिलाफ सख्ती न बरतने का आदेश दिया था
गृह मंत्रालय ने मंगलवार को हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी, जिसमें 3 नवंबर के कोर्ट के आदेश को संशोधित करने की मांग की गई थी। गृह मंत्रालय का कहना है कि 2 नवंबर को तीस हजारी कोर्ट में वकील और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद की घटनाओं पर यह आदेश लागू न किया जाए। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को वकीलों के खिलाफ सख्ती न बरतने का आदेश दिया था। गृह मंत्रालय की याचिका पर अदालत ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) समेत वकीलों के दूसरे संगठनों को नोटिस जारी किया।

करतारपुर साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं का किराया देगी हरियाणा सरकार, मुख्यमंत्री खट्टर का ऐलान
6 November 2019
चंडीगढ़: करतारपुर साहिब जाने वाले हरियाणा के साढ़े 5 हजार लोगों के बस और ट्रेन का किराया सरकार देगी. इच्छुक लोग 'पहले आओ-पहले पाओ' के आधार पर जिला उपायुक्त के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने बुधवार को तीन दिवसीय विधानसभा सत्र की समाप्ति के दिन यह ऐलान किया.
इसके अलावा मुख्यमंत्री खट्टर ने अपने मंत्रिमंडल विस्तार की बात भी कही. उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र के बाद मुख्य काम मंत्रिमंडल का विस्तार है. इसी हफ्ते हरियाणा मंत्रिमंडल का विस्तार होगा.
वहीं, कॉमन मिनिमम प्रोग्राम पर मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा कि इसके लिए 5 लोगों की कमेटी अनिल विज की अध्यक्षता में बना दी गई है. इसमें तीन लोग बीजेपी और दो लोग जेजेपी के होंगे.

प्याज का रेट 80 रुपए किलो हुआ, 7 दिन में 45% बढ़ोतरी; सरकार ईरान समेत 4 देशों से आयात करेगी
6 November 2019
नई दिल्ली. प्याज की खुदरा कीमत 80 रुपए प्रति किलो पहुंच गई। दिल्ली में 7 दिन में रेट 45% बढ़ चुका है। 31 अक्टूबर को भाव 55 रुपए था। सप्लाई बाधित होने की वजह से दिल्ली-एनसीआर में पिछले एक महीने से कीमतें ऊंचे स्तरों पर बनी हुई हैं। मौजूदा रेट एक साल पहले की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा हो गया है। पिछले साल नवंबर में प्याज का भाव 30-35 रुपए प्रति किलो था। प्याज सप्लाई बढ़ाने और कीमतें काबू में रखने के लिए सरकार ने ईरान, अफगानिस्तान, इजिप्ट और तुर्की से आयात का फैसला लिया है। न्यूज एजेंसी ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी।
केंद्र सरकार मदर डेयरी के जरिए 25 रुपए किलो में प्याज बेच रही
>> उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अधिकारी का कहना है कि अगले कुछ दिनों में रेट कम होने की उम्मीद है, क्योंकि महाराष्ट्र, राजस्थान और कर्नाटक में नई फसल की आवक शुरू हो चुकी है। दिल्ली में बफर स्टॉक से प्याज की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है। मदर डेयरी के सफल आउटलेट पर 24.90 रुपए के रेट पर प्याज बेचा जा रहा है।
>> हालांकि, कुछ आउटलेट्स पर प्याज का स्टॉक खत्म होने की शिकायतें भी मिल रही हैं। जंगपुरा एक्सटेंशन आउटलेट पर एक महिला ने बताया कि प्याज खरीदने के लिए उसने 2 घंटे लाइन में लगकर इंतजार किया, लेकिन उसकी बारी आई तो स्टॉक खत्म हो गया।

बम धमाके से दहली मणिपुर की राजधानी इम्फाल, 4 पुलिसकर्मियों सहित 5 घायल
5 November 2019
इम्फाल। पूर्वोत्तर के राज्य मणिपुर की राजधानी इम्फाल आज एक भीषण बम धमाके से दहल गई। एक शक्तिशाली IED ब्लास्ट में 4 पुलिसकर्मियों सहित एक आम नागरिक भी घायल हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक IED ब्लास्ट सुबह 9.30 बजे के आसपास इम्फाल के थांगल बाजार में हुआ। माना जा रहा है कि यह ब्लास्ट पुलिसकर्मियों को निशाना बनाते हुए किया गया था। इस धमाके में 4 पुलिसकर्मी घायल हो गए वहीं एक आम नागरिक भी इसकी चपेट में आ गया है। सभी घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भेजा गया है। घायलों में इम्फाल पश्चिम जिले के ASP, एक SI, दो ASI और एक राइफलमैन के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
ब्लास्ट का CCTV फुटेज सामने आया
इम्फाल के थांगल बाजार में हुए IED ब्लास्ट का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। इस फुटेज में बम धमाके के पूर्व कुछ पुलिसकर्मी नजर आ रहे हैं। बम धमाका होने के बाद बाजार में भगदड़ हो गई है। वहीं कुछ पुलिसकर्मी घायल भी नजर आ रहे हैं, जिन्हें उनके साथ पुलिसकर्मी उठाने की कोशिश कर रहे हैं। इस ब्लास्ट के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
बम धमाके के बाद इलाके में घेराबंदी कर दी गई है। यह पिछले चार दिनों में दूसरा मौका है जब राजधानी बम धमाकों से दहली है। इसके पूर्व 2 नवंबर को भी इम्फाल के पूर्वी जिले के तेलीपटी क्षेत्र में हुए धमाके में BSF के तीन जवान घायल हो गए थे।

ऑफिस में घुसकर महिला तहसीलदार को जलाया, गंभीर झुलसने से हुई मौत
5 November 2019
हैदराबाद। तेलंगाना में दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। यहां दफ्तर में घुसकर एक महिला तहसीलदार को पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई। गंभीर झुलसने की वजह से महिला अधिकारी की मौत हो गई है। दिन दहाड़े हुई इस घटना के बाद तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया। घटना सोमवार दिन की है। माना जा रहा है कि एक जमीन विवाद के मामले में आरोपी से तहसीलदार की बहस होने के बाद आरोपी ने तहसीलदार विजया रेड्डी पर पेट्रोल डाला और लाइटर से आग लगा दी। इस घटना में गंभीर झुलसने की वजह से महिला अधिकारी की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद वहां मौजूद दो कर्मचारियों ने विजया को बचाने की कोशिश की लेकिन वह ऐसा करने में नाकाम रहे। इस घटनाक्रम में आरोपी भी झुलस गया है।
सामने आई जानकारी के मुताबिक घटना सोमवार दोपहर 1.30 बजे के आसपास की है। सुरेश नाम का शख्स विजया रेड्डी के दफ्तर में पहुंचा और विवाद के बाद पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इस कदम को उठाने के पीछे की वजह जमीन से जुड़ा कुछ विवाद होने की बात कही जा रही है।
इस घटना में आरोपी सहित झुलसे दो अन्य कर्मचारियों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राचाकोंडा पुलिस कमिश्नर महेश भागवत ने बताया कि पहली बार ऐसा कोई घटनाक्रम सरकारी दफ्तर में हुआ है। तहसीलदार को जलाने वाला शख्स भी झुलस गया है और उसका इलाज चल रहा है। वह हमारी कस्टडी में है। वह भी 50 से 60 फीसदी झुलसा है।
उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में यह अटैक कुछ जमीन विवाद को लेकर है। आरोपी ने ऐसा कदम क्यों उठाया या फिर किसी ने उसे ऐसा करने के लिए उकसाया इसका खुलासा आगे की जांच के बाद हो सकेगा। उसे पेट्रोल के साथ सरकारी दफ्तर में किसने घुसने दिया इसकी भी जांच की जाएगी।
इस हादसे को लेकर रेवेन्यू डिविजनल ऑफिसर इब्राहिम पतनाम ने बताया कि जिस वक्त यह घटना घटी उस वक्त तहसीलदार विजया अपने चेंबर में अकेली थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक चीख पुकार सुनने के बाद कुछ कर्मचारी तहसीलदार के चेंबर की ओर दौड़े और देखा की तहसीलदार विजया आग की लपटों से घिरी हुईं थी।
इस घटना की जानकारी लगने के बाद शिक्षा मंत्री पी सबिता इंद्रा रेड्डी और पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। वहीं मंत्री सबिता ने कहा किआरोपी ने यह कदम क्यों उठाया अभी यह पता नहीं चला है।

सोशल मीडिया में अयोध्या पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों पर लगेगा रासुका
5 November 2019
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने कहा है कि अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के आने वाले फैसले के मद्देनजर अगर किसी ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट कर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की तो ऐसे लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत भी कार्रवाई करने में हिचक नहीं होगी।
उन्होंने कहा- 'हम पूरी तरह तैयार हैं। किसी भी हालत में किसी को कानून हाथ में नहीं लेने देंगे। हमारी इंटेलिजेंस मशीनरी तत्पर है। जरूरत पड़ी तो कानून-व्यवस्था की बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर रासुका भी लगाया जाएगा।"
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अधिकारियों की एक टीम कड़ी निगरानी रख रही है और किसी भी भड़काऊ या आपत्तिजनक पोस्ट करने पर कार्रवाई की जाएगी।
मालूम हो कि अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला इसी महीने 17 तारीख से पहले आने की संभावना है। इसके अलावा भी सरकार ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई तरह की पाबंदियां लागू की हैं। इसके तहत इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों पर भी अयोध्या में बहस आयोजित करने पर प्रतिबंध लगाया गया है।

केरल के सीएम ने कहा- सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर कानून संभव नहीं
4 November 2019
तिरुवनंतपुरम: केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन (Pinarayi Vijayan) ने सोमवार को कहा कि सबरीमाला के अयप्पा मंदिर (Ayyapa Temple) में सभी उम्र की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति संबंधी उच्चतम न्यायालय के फैसले को पलटने के लिए कोई कानून लाना राज्य सरकार के लिए संभव नहीं है. विजयन ने विधानसभा में विपक्षी यूडीएफ के एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि शीर्ष अदालत का 28 सितंबर, 2018 का फैसला जल्लीकट्टू या बैलगाड़ी दौड़ से संबंधित फैसले जैसा नहीं है. उन्होंने कहा, ‘‘सबरीमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश से संबंधित उच्चतम न्यायालय का फैसला मौलिक अधिकारों से जुड़ा फैसला है. राज्य सरकार शीर्ष अदालत का फैसला लागू करने के लिए बाध्य है.''
उन्होंने कहा कि जो लोग सबरीमाला मंदिर में प्रवेश पर कानून लाने की बात करते हैं, वे श्रद्धालुओं को ठग रहे हैं. माकपा नीत वाम लोकतांत्रिक मोर्चा सरकार पिछले वार्षिक तीर्थाटन सत्र के दौरान रजस्वला आयुवर्ग की दो महिलाओं के मंदिर में प्रवेश पर आलोचना से घिर गयी थी.

महाराष्ट्र में बीजेपी CM और कई अहम मंत्रालयों पर 'कोई समझौता नहीं' के रुख पर कायम
4 November 2019
नई दिल्ली: एक ओर महाराष्ट्र में शिवसेना बीजेपी पर 50-50 फॉर्मूले को लेकर बीजेपी पर लगातार दबाव बनाने की कोशिश कर रही है. वहीं आज दिल्ली में महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और महासचिव भूपेन्द्र यादव से मुलाकात की है. वहीं बीजेपी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पार्टी इंतजार करो और देखो की रणनीति अपना रही है और लगता है कि शिवसेना से बातचीत की अभी उम्मीद है. अगले दो दिन में सरकार गठन की संभावना बेहद कम है लेकिन आठ नवंबर तक गतिरोध का हल निकलने की बीजेपी को उम्मीद है. लेकिन पार्टी का इस पर भी रुख साफ है कि मुख्यमंत्री पद और महत्वपूर्ण मंत्रालयों पर कोई समझौता नहीं होगा.
आपको बता दें कि शिवसेना नेता संजय राउत आज शाम ही महाराष्ट्र के राज्यपाल से मिलने वाले हैं और खबरों के मुताबिक वह इस मुलाकात में राज्यपाल से कह सकते हैं कि वह सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करें. इसके साथ ही संजय राउत ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि उनके पास 170 विधायकों का समर्थन है अगर बीजेपी सरकार बनाने में कामयाब नहीं होती है तो शिवसेना इस पर दावा कर सकती है. वहीं आज ही दिल्ली में आज कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और एनसीपी प्रमुख शरद पवार की भी मुलाकात होनी है. इससे पहले संजय राउत भी शरद पवार से मुलाकात कर चुके हैं. इसके बाद से इस बात के कयास लगाए जाने लगे हैं कि क्या शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस का समर्थन लेकर सरकार बनाएगी.

राहुल गांधी का मोदी सरकार पर निशाना- ‘मेक इन इंडिया’ अब ‘बाय फ्रॉम चाइना’ हो गया
4 November 2019
नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने क्षेत्रीय समग्र आर्थिक समझौते (RECP) को लेकर सोमवार को केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि ‘मेक इन इंडिया' अब ‘बाय फ्रॉम चाइना' (चीन से खरीदो) हो गया है. इसके साथ ही राहुल ने RECP से जुड़ी एक खबर का हवाला देते हुए यह दावा भी किया कि RECP से भारत में सस्ते सामान की बाढ़ आ जाएगी, जिससे लाखों नौकरियां चली जाएंगी और अर्थव्यवस्था को गहरा नुकसान पहुंचेगाराहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘‘मेक इन इंडिया' अब ‘बाय फ्रॉम चाइना' बन गया है. हर साल हम प्रति भारतीय के लिए 6000 रुपये की वस्तुओं का आयात करते हैं. 2014 के बाद से आयात में 100 फीसदी का इजाफा हुआ है.'
राहुल ने दावा किया, ‘RECP से भारत में सस्ते सामान की बाढ़ आ जाएगी, जिससे लाखों नौकरियां चली जाएंगी और अर्थव्यवस्था को गहरा नुकसान होगा.'

चिदंबरम को 1 और दिन की ED कस्टडी भेजने से कोर्ट का इनकार, 14 दिन के लिए तिहाड़ जेल भेजा
30 October 2019
नई दिल्ली: आईएनएक्स मीडिया केस में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कांग्रेस नेता पी चिदंबरम की ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) कस्टडी बढ़ाने से इनकार कर दिया है. राउज एवेन्यू कोर्ट ने चिदंबरम को तिहाड़ जेल भेजने का आदेश दिया. चिदंबरम को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है. अब चिदंबरम 13 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे. उन्हें अलग सेल में रखा जाएगा जिसमें वेस्टर्न टॉयलेट होगा. इसके अलावा चिदंबरम को खाना भी घर का मिलेगा.
ईडी ने कोर्ट से 1 और दिन का रिमांड मांगा था. बता दें कि चिदंबरम अब तक 13 दिन की ईडी की हिरासत में रह चुके हैं. ईडी ने कोर्ट से कहा कि चिदंबरम की तबियत खराब थी. लिहाजा, एम्स में इलाज कराया गया, इसलिए ज्यादा समय तक पूछताछ नहीं हो पाई. फिलहाल, और कुछ सवालों के जवाब ईडी को चिदंबरम से चाहिए.
चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने एक दिन कस्टडी के ईडी की मांग का विरोध करते हुए कहा कि क्या 14 दिन की कस्टडी के दौरान किसी से आमना सामना नहीं कराया. हर दिन की कहानी ईडी की एक ही है. 14 दिन में चिदंबरम का आमना सामना ईडी ने किसी से नहीं कराया.
ईडी ने कोर्ट में कहा, 'हमने आईएनएक्स मामले में कई लोगों को सम्मन जारी किया. चिदंबरम बहुत प्रभावशाली व्यक्ति है लिहाजा दूसरे आरोपियों को ईडी तक पहुचाने में रोक भी सकते है.
चिदंबरम की ताजा मेडिकल रिपोर्ट कोर्ट में दायर की. ईडी ने कोर्ट से कहा कि अभी भी कानून एक दिन कस्टडी पी चिदंबरम का उन्हें मिल सकता है. लिहाजा, विरोध करने का कोई आधार नही बनता. अभी भी मामले में जांच चल रही है और चिदंबरम से सवाल पूछे जा रहे है. चिदंबरम के स्वास्थ्य का पूरा ख्याल एजेंसी रख रही है.

ईयू सांसदों ने कहा- कश्मीर भारत का आंतरिक मसला, उसे दूसरा अफगानिस्तान नहीं बनने देना चाहते
30 October 2019
श्रीनगर. अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद यूरोपियन यूनियन (ईयू) के 23 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल कश्मीर के दो दिन के दौरे पर है। बुधवार को सांसदों ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि कश्मीर भारत का आंतरिक मसला है। हम यहां की राजनीति में उलझकर कश्मीर को दूसरा अफगानिस्तान नहीं बनने देना चाहते। डेलिगेशन के एक सांसद थिएरी मारियानी ने कहा कि हम आतंकवाद से पीड़ित रहे कश्मीर की स्थिति देखने आए हैं।
मरियानी ने कहा, भारतीय मीडिया का एक वर्ग हमें नाजीवादी बता रहा है, लेकिन अगर हम ऐसे होते तो जनता हमें नहीं चुनती। इससे पहले एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि ईयू के सांसदों को यूनियन ने नहीं भेजा है, ये लोग नाजीवादी हैं।
यूरोपियन आर्थिक और सामाजिक कमेटी के अध्यक्ष हेनरी मलोस ने कहा कि कश्मीर के पास वो सबकुछ है जिससे यह सबसे तेजी से विकास करने वाला क्षेत्र बन सकता है। भारत विकास के स्तर पर अच्छा विकास कर चुका है, जबकि कश्मीर सब्सिडी मिलने के बावजूद अपनी स्थिति की वजह से पिछड़ा है।
उन्होंने आगे कहा, कश्मीर दौरे से हमें जो संदेश मिला है वो यह है कि अभी उम्मीद है। हमें यहां अच्छी स्वास्थ्य स्थिति, संचार, इन्फ्रास्ट्रक्चर के नए प्रोजेक्ट्स और शिक्षा का समर्थन करना होगा। मलोस ने कहा कि हमें फासीवादी और नस्लवादी तक कहा जा रहा है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। हमें पता है कि कश्मीर दुर्भाग्य से खतरे में है। कल ही 5 निर्दोष मजदूरों की हत्या हो गई।
एक सांसद ने कहा, ''पहले भी कई बार भारत आ चुका हूं। कश्मीर को लेकर कई तरह से दुष्प्रचार किया जा रहा है, जो सही नहीं है। हमें यहां राजनीति से कोई लेना-देना नहीं। हम सिर्फ तथ्य जानने के लिए आए हैं। यहां सामान्य जीवन पटरी पर लाने के लिए किस प्रकार के कदम उठाए जा रहे हैं, यही जानना चाहते हैं।''
''कश्मीर के लोगों ने बताया कि वे भारतीय हैं और वे विकास के लिए हर संभव सरकार की मदद करना चाहते हैं। कश्मीर के नागरिक अच्छे अस्पताल और नौकरी चाहते हैं। मैं पाकिस्तान और सीरिया भी जा चुका हूं। आतंकी सिर्फ अपनी लड़ाई लड़ते हैं। अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई चल रही है।''
'कश्मीर में भ्रष्टाचार, केंद्र से भेजा पैसा लोगों को नहीं मिलता'
दूसरे सांसद ने कहा, ''कल आतंकियों ने जिन मजदूरों को मारा, उनके परिवार के प्रति संवेदना जताता हूं। यूरोप में हम एक-दूसरे के खिलाफ कई सालों से लड़ते रहे, लेकिन अब हमने शांति से रहना सीख लिया है। यूरोप और भारत के बीच काफी मजबूत रिश्ते हैं। भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ रहा है। हम यहां यही स्थिति जानने आए हैं। हमने लोगों से बात की। कश्मीर के लोगों ने कहा कि केंद्र सरकार से बड़ा फंड आता है, लेकिन वह नागरिकों तक नहीं पहुंच पाता। यहां बहुत भ्रष्टाचार है।''
''हम यहां कश्मीर को लेकर जो सोच बन रही है, उसे जानने आए हैं। आतंकवाद सिर्फ भारत की नहीं, बल्कि हमारी और विश्वभर की समस्या है। हम भारत के साथ हैं। भारत यूरोप के कई देशों से बड़ा है। हम चाहते हैं कि भारत आतंकवाद के खिलाफ कड़े कदम उठाए, इसमें हम उसके साथ बराबरी से खड़े हैं। हम कश्मीर की स्थिति जानने आए हैं। हम नाजीवादी नहीं हैं। हम हिटलर समर्थक नहीं हैं। हम उम्मीद करते हैं कि यूरोप को कश्मीर और भारत के बारे में हमारे द्वारा सही जानकारी मिल पाएगी।''
'कश्मीर में सुधार के प्रयास बेहतर, लोगों से यहां घूमने को कहेंगे'
ब्रिटेन के सांसद ने कहा कि 370 भारत का आंतरिक मामला है। इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता। हमने पहले भी भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद सुलझाने की कोशिश की। यहां हमने कई लोगों से बात की। विकास के लिए अच्छा काम हो रहा है। भारत में प्रेस की आजादी अच्छी बात है। हमें लोगों ने अपनी आजादी से चुना है। हम नाजी नहीं हैं। अन्य सांसद ने कहा कि कश्मीर में सुधार के लिए सरकार जो कदम उठा रही है, वे ठीक हैं। हम यूरोप जाकर इन्हें बताएंगे। प्रतिनिधिमंडल में 8 देशों के सांसद हैं। हम यूरोप के लोगों से कश्मीर घूमने की बात कहेंगे। हमें भारत का समर्थन करना चाहिए। पाकिस्तान और वहां के अल्पसंख्यकों की स्थिति को भी यूरोप जाकर बताएंगे।
ईयू सांसदों ने डल झील में शिकारे से सैर की, लोगों से मिले
ईयू के 27 सांसदों को कश्मीर जाना था, लेकिन मंगलवार को 4 दिल्ली से वापस लौट गए। बताया जाता है कि इन चारों ने बिना सुरक्षा स्थानीय लोगों से मुलाकात की मांग की थी, जिसे सरकार ने नहीं माना। सांसदों ने पहले दिन श्रीनगर में पंच-सरपंचों, छात्र-छात्राओं, महिलाओं, व्‍यापारियों और फल उत्‍पादकों से मुलाकात की। उन्होंने डल झील में शिकारे से सैर की। सेना के कमांडरों ने उन्हें कश्मीर की स्थिति की जानकारी दी। मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रमण्यम और डीजीपी ने भी सांसदों को राज्य के हालात का ब्यौरा दिया। ईयू सांसदों ने सोमवार को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की थी।
हमारे पास छिपाने को कुछ नहीं, सिर्फ दिखाने को है: भाजपा
भाजपा प्रवक्ता शहनवाज हुसैन ने कांग्रेस के विरोध पर कहा, ‘‘जब अनुच्छेद-370 हटा था, तब शांति-व्यवस्था के लिए कुछ जरूरी कदम उठाए गए थे। हालात सामान्य होते ही सब रोक हटा ली गई। अब हमारे पास कुछ छिपाने को नहीं, सिर्फ दिखाने को है। कश्मीर जाना है तो कांग्रेस के नेता भी फ्लाइट पकड़कर जा सकते हैं। गुलमर्ग जाएं, अनंतनाग जाएं, सैर करें, घूमें-टहलें। उन्हें किसने रोका है? देशी-विदेशी सभी पर्यटकों के लिए कश्मीर को खोल दिया गया है। ऐसे में विदेशी सांसदों के दौरे को लेकर सवाल उठाने का कोई मतलब नहीं।’’
‘यूरोपीय सांसदों के लिए सरकार लाल कालीन बिछा रही’ इससे पहले राहुल गांधी ने ट्वीट किया था कि भारतीय सांसदों की कश्मीर यात्रा पर उन्हें हिरासत में ले लिया गया और श्रीनगर से वापस भेज दिया गया। वहीं यूरोपीय सांसदों के लिए सरकार लाल कालीन बिछा रही है। इससे पहले कांग्रेस आनंद शर्मा ने एक बयान में कहा कि यूरोपीय सांसद कश्मीर जा रहे हैं। उन्हें पूरी जानकारी से अवगत कराया जा रहा है। ये भारतीय संसद की संप्रभुता के खिलाफ है और भारतीय सांसदों के विशेष अधिकारों का हनन है।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख कल से केंद्र शासित प्रदेश होंगे, उर्दू की बजाय हिंदी में काम होगा
30 October 2019
नई दिल्ली (मुकेश कौशिक). जम्मू-कश्मीर और लद्दाख 31 अक्टूबर गुरुवार से दो नए केंद्र शासित प्रदेश के रूप में अस्तित्व में आ जाएंगे। केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि यहां की आधिकारिक भाषा उर्दू की जगह हिंदी हो जाएगी। जम्मू-कश्मीर देश का एकमात्र राज्य था, जहां आधिकारिक भाषा उर्दू थी। अब यहां आधार समेत 106 नए कानून पहली बार लागू होंगे। विशेष राज्य का दर्जा होने से यहां 153 कानून विशेष रूप से लागू किए गए थे, जो खत्म हो जाएंगे।
जेएंडके पुनर्गठन अधिनियम के सेक्शन 47 के मुताबिक नई विधानसभा का गठन होने के बाद नई सरकार किसी एक या इससे अधिक भाषाओं को प्रशासन के कामकाज की भाषा चुन सकेगी। ऐसी स्थिति में भी हिंदी के आधिकारिक भाषा के रूप में इस्तेमाल करने का विकल्प बना रहेगा। विधानसभा में भी यही व्यवस्था लागू होगी। विधानसभा का कामकाज निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा तय की गई भाषा या हिंदी या अंग्रेजी में होगा। वीरवार से मुस्लिम बहुल इस केंद्र शासित प्रदेश में मुस्लिमों को अल्पसंख्यक के रूप में दर्जा और अधिकार भी मिलेंगे। राज्य में दो नए रेडियो स्टेशन भी लॉन्च किए जाएंगे।
लद्दाख चंडीगढ़ और जेएंडके पुडुचेरी की तर्ज पर काम करेगा
लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश चंंडीगढ़ और जम्मू-कश्मीर पुड्‌डुचेरी के मॉडल की तर्ज पर काम करेगा। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में 107 सदस्य हैं और परिसीमन के बाद इनकी संख्या 114 तक पहुंच जाएगी। इनके अलावा लेफ्टिनेंट गवर्नर को विधानसभा में दो महिला सदस्य मनोनीत करने का अधिकार रहेगा। विधानसभा में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की सीटों की संख्या भी उनकी आबादी के हिसाब से आरक्षित की जाएगी। सभी आयोग भंग कर दिए जाएंगे।
पहली बार लागू होंगे ये कानून
पहली बार 106 नए कानून लागू होंगे। इनमें आधार, मुस्लिम विवाह विच्छेद कानून, शत्रु संपत्ति कानून, मुस्लिम वुमन प्रोटेक्शन एक्ट, भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम, आरटीआई, शिक्षा का अधिकार, व्हिसल ब्लोअर शामिल हैं।
पुलिस-प्रशासन और नियुक्ति
इन सेवाओं के अधिकारियों के बंटवारे में दोनों प्रदेशों के लेफ्टिनेंट गवर्नरों की सिफारिशों के आधार पर केंद्र सरकार निर्णय लेगी। इन केंद्रीय सेवाओं के लिए नियुक्तियां अरुणाचल, गोवा, मिजोरम यूनियन टेरेटरी काडर से की जाएगी।
टोल टैक्स में छूट जारी रहेगी
नया केंद्र शासित प्रदेश बनने के बावजूद यहां के जिन वाहनों को टोल टैक्स में छूट है, वह केंद्र के नए फैसले तक जारी रहेगा। परमिट भी नई व्यवस्था तक वैध रहेंगे। लद्दाख के वाहनों को एलडीके की नंबर प्लेट मिलने की संभावना है।

आज धनतेरस पर खरीदारी के 5 मुहूर्त, शाम को होगी भगवान धन्वंतरि और यमराज की पूजा
25 October 2019
दीपावली का त्योहार धनतेरस से प्रारंभ होता है। हर वर्ष कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस मनाया जाता है। धनतेरस पर भगवान धनवंतरी और धर्मराज यम की पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन जो कुछ भी खरीदा जाता है, उसमें लाभ होता है। धन संपदा में भी इजाफा होता है। धनतेरस के दिन सोना-चांदी खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। इसके अलावा आध्यात्मिक मान्यताओं में दीपावली की महानिशा से दो दिन पहले आने वाला यह दिन धन ही नहीं, चिकित्सा जगत की समृद्ध विरासत का भी प्रतीक है।
धनतेरस पर खरीदारी और पूजा के मुहूर्त
सुबह 8:10 से 10:35 तक
सुबह 11:42 से दोपहर 12:20 तक
दोपहर 12:10 से 01:20
शाम 04:17 से 05:35 तक
रात 09:00 से 10:25 तक
कैसे मनाएं
इस दिन सूर्योदय से पहले उठकर नहाने के बाद पूरे घर में झाड़ू-पौंछा लगाएं। इसके बाद आंगन को गोबर से लिपकर वहां पर रंगोली बनाएं।
नए कपड़े पहनें और घर के मुख्य स्थानों पर हल्दी और कुमकुम से स्वस्तिक और अन्य मांगलिक चिन्ह बनाएं।
इस दिन आभूषण, कपड़े, वाहन और महत्वपूर्ण खरीदारी के साथ बर्तन खरीदने की भी परंपरा
इस दिन शाम को पूरे घर को दीपक से सजाएं और प्रदोष काल में भगवान धन्वंतरि और धर्मराज यम की पूजा करें।
इस दिन हल जुती मिट्टी को दूध में भिगोकर उसमें सेमर की शाखा डालकर तीन बार अपने शरीर पर फेरना चाहिए और कुंकुम लगाना चाहिए।
सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में घाट, गौशाला, कुआं, बावड़ी, तुलसी, आंवला के साथ अन्य औषधि पौधों के पास और देव मंदिरों पर दीपक जलाना चाहिए।
धन्वंतरि पूजा विधि
नहाकर साफ वस्त्र पहनें। इसके बाद भगवान धन्वंतरि की मूर्ति या चित्र को साफ स्थान पर इस तरह स्थापित करें कि पूजा करने वाले का मुंह पूर्व दिशा की ओर हो। उसके बाद भगवान धन्वंतरि का आह्वान करते समय ये मंत्र बोलें।
मंत्र
सत्यं च येन निरतं रोगं विधूतं
अन्वेषित च सविधिं आरोग्यमस्य।
गूढं निगूढं औषध्यरूपम्, धन्वन्तरिं च सततं प्रणमामि नित्यं।।
इसके बाद पूजा चावल चढ़ाएं फिर आचमन के लिए जल दें। भगवान धन्वंतरि की मूर्ति या चित्र पर गंध, अबीर, गुलाल पुष्प, रोली और अन्य सुगंधित एवं पूजा सामग्री चढ़ाएं। फिर चांदी के बर्तन में खीर का भोग लगाएं। चांदी का बर्तन न हो तो अन्य किसी नए या साफ बर्तन में भी भोग लगा सकते हैं। इसके बाद पुन: आचमन के लिए जल छोड़ें। मुख शुद्धि के लिए पान, लौंग, सुपारी चढ़ाएं। भगवान धन्वंतरि को वस्त्र या मौली अर्पण करें। फिर शंखपुष्पी, तुलसी, ब्राह्मी आदि पूजनीय औषधियां भी भगवान धन्वंतरि को अर्पित करें और रोग नाश की कामना के लिए नीचे लिखा