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केंद्र ने कश्मीर में भेजी अर्धसैनिक बलों की 100 कंपनियां
23 February 2019
नई दिल्ली/श्रीनगर। केंद्र सरकार का आकंतियों के खिलाफ ऑपरेशन जारी है वहीं दूसरी तरफ सरकार ने अर्धसैनिक बलों की 100 कंपनियां श्रीनगर भेज दी हैं। पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद से ही सरकार सख्त कदम उठा रही है और श्रीनगर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए शुक्रवार रात जेकेएलएफ के प्रमुख और अलगाववादी नेता यासीन मलिक को पुलिस के गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी सुप्रीम कोर्ट में धारा 35ए पर होने वाली सुनवाई के मद्देनजर हुई है। मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार घाटी ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए अर्धसैनिक बलों की 100 कंपनियां भेजी गई हैं। इनमें सीआरपीएफ की 45 कंपनियां, 35 बीएसएफ की और सशस्त्र सेना बल के अलावा आईटीबीपी की 10-10 कंपनियां शामिल हैं। घाटी में जारी सरकार की कार्रवाई से अलगाववादी घबराए हुए हैं। पिछले दिनों घाटी में जमात-ए-इस्लामी के कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सरकार के इन कदमों को जमात-ए-इस्लामी नेक्षेत्र को अनिश्चितता में डालने के लिए तैयार साजिश करार दिया है। इस कार्रवाई से महबूबा मुफ्ती भी नाखुश नजर आईं और उन्होंने ट्वीट कर इसकी आलोचना की है। उन्होंने लिखा है कि पिछले 24 घंटों में हुर्रियत नेताओं और कईं जमात कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। इसे समझ नहीं पा रहे हैं।
चुनाव में कांग्रेस ने माओवादियों के साथ किया था गठबंधन : जेटली
11 February 2019
रायपुर। केंद्रीय वित्त मंत्री अस्र्ण जेटली के एक टि्वट ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल मचा दी है। सोमवार को जेटली ने एक ट्वीट करते हुए कांग्रेस पर सीधे नक्सलियों का समर्थन करने और शहरी नक्सलियों को प्रश्रय देने का आरोप लगाया। अपने ट्वीट में जेटली ने लिखा कि 'हाल के छत्तीसगढ़ चुनावों में कांग्रेस ने माओवादी के साथ गठबंधन किया। राहुल गांधी दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में टुकड़े टुकड़े गिरोह के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े थे। कोर्ट में शहरी नक्सलियों का बचाव करने में कांग्रेस सबसे आगे थी।" जेटली के इस टि्वट से छत्तीसगढ़ में सियासत का माहौल गर्म हो गया है। जेटली के इस टि्वट के जवाब में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मंत्री मो. अकबर ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर बैठे एक नेता और केंद्रीय मंत्री का इस तरह के बयान देना कतई सही नहीं है। बिना किसी तथ्य के उन्हें इस तरह के गलत आरोप लगाकर पार्टी की छवि खराब नहीं करनी चाहिए। इधर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी ट्वीट करके जेटली के खिलाफ पलटवार किया है।
रॉबर्ट वाड्रा से पूछताछ जारी, भारतीय संपत्तियों के बारे में हो रहे सवाल
9 February 2019
नई दिल्ली। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय आज फिर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के पति राबर्ट वाड्रा से पूछताछ कर रहा है। वाड्रा ईडी दफ्तर पहुंच चुके हैं। यह तीसरी बार है जब प्रवर्तन निदेशायल ने वाड्रा को पूछताछ के लिए बुलाया है। यहां उनसे पूछताछ शुरू हो चुकी है और ईडी के डिप्टी डायरेक्टर के नेतृत्व में टीम उनसे सवाल-जवाब कर रही है। जानकारी के अनुसार आज ईडी, वाड्रा से उनकी भारतीय संपत्तियों के बारे में सवाल पूछ रही है। इनमें यह पूछा जा रहा है कि भारत में वाड्रा की कितनी प्रॉपर्टी हैं, पहली प्रॉपर्टी कब ली, कहां-कहां पॉबपर्टी है, कितने फ्लैट और प्लॉट हैं। इससे पहले छह और सात फरवरी को उनसे करीब 15 घंटे तक पूछताछ की गई थी। सोनिया गांधी के दामाद और प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा पर आरोप है कि उन्होंने विदेश में अवैध रूप से संपत्तियां खरीदी। इसी मामले में ईडी जांच कर रहा है। ईडी ने आज एक बार फिर वाड्रा को पूछताछ के लिए बुलाया है। ये है मामला बता दें कि यह मामला लंदन में 12 ब्रायनस्टन स्क्वायर पर 19 लाख पाउंड की संपत्ति की खरीद में कथित रूप से धनशोधन के आरोप से जुड़ा हुआ है। यह संपत्ति कथित तौर पर रॉबर्ट वाड्रा की कही जाती है। इस जांच एजेंसी ने अदालत से यह भी कहा था कि उसे लंदन की कई नयी संपत्तियों के बारे में सूचना मिली है जो वाड्रा की है। इनमें पचास और चालीस लाख पाउंड के दो घर और छह अन्य फ्लैट और अन्य संपत्तियां हैं। विवादों से राबर्ट वाड्रा का पुराना नाता है। उनकी कंपनियों पर बार-बार विवादित सौदों के आरोप लगते रहे हैं। सबसे पहले 2011 में वाड्रा पर गुरुग्राम में 300 करोड़ की संपत्ति अवैध तरीके से बनाने का आरोप लगा था। यह अलग बात है कि अब पहली बार उनपर कानून का शिकंजा कसता दिख रहा है और उन्हें प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश होकर बेनामी संपत्ति के आरोपों पर जवाब देना पड़ा है। मूल रूप से मुरादाबाद के तांबे के बर्तनों के कारोबारी के घर पैदा हुए राबर्ट वाड्रा की शादी 1997 में प्रियंका गांधी से हुई थी। इसके बाद उन्होंने हैंडीक्राफ्ट वस्तुओं के निर्यात का कारोबार शुरू किया। 2004 में संप्रग की सरकार बनने के तीन साल बाद राबर्ट वाड्रा ने एक के बाद कई कंपनियां शुरू की। जिनमें मुख्यतौर पर वे और उनकी मां मॉरीन वाड्रा निदेशक हैं। 2014 में वॉल स्ट्रीट जनरल में छपी एक खबर के मुताबिक 2007 में एक लाख रूपये की पूंजी से शुरू की गई वाड्रा की कंपनियों की कुल संपत्ति 2012 में 300 करोड़ रुपये से ऊपर हो गई थी। वैसे वाड्रा पहली बार विवादों के केंद्र में 2011 में आए। डीएलएफ से 65 करोड़ रुपये का लोन लेकर उसी की जमीन खरीद के मामले में विपक्ष ने मुद्दा बनाया और वाड्रा पर गुरूग्राम में 300 करोड़ की संपत्ति अवैध तरीके से हथियाने का आरोप लगाया था। लेकिन तमाम विवादों के बाद भी डीएलएफ मामलों को कंपनी का कारोबारी मामला बताया गया और वाड्रा जांच एजेंसियों के चंगुल से साफ बच निकले। उनकी असली मुसीबत तब शुरु हुई जब बीकानेर जमीन घोटाले में उनकी कंपनी स्काईलाईट हास्पीटलिटी का नाम आया। इस मामले की ईडी मनी लांड्रिंग के तहत जांच कर रही है। इस मामले में ईडी की पूछताछ से अब तक बचते रहे राबर्ट वाड्रा को राजस्थान हाईकोर्ट ने 11 फरवरी को ईडी के सामने पेश होने का आदेश दिया था। इसके साथ ही गुड़गांव के कई जमीन सौदों में उनकी भूमिका जांच के दायरे में है। 2016 में जब आयकर विभाग ने रक्षा सौदों की दलाली करने वाले संजय भंडारी के यहां छापा मारा तो राबर्ट वाड्रा के साथ करीबी संबंधों का पता चला। भंडारी के पास मिले दस्तावेजों से राबर्ट वाड्रा की विदेशों में बेनामी संपत्तियों की सूची देखकर जांच एजेंसियां चौंक गई। आशंका है कि ये संपत्तियां रक्षा और पेट्रोलियम सौदों में दलाली की रकम से बनाई गईं थी। ईडी ने इस मामले में मनी लांड्रिंग रोकथाम कानून के तहत जांच शुरू कर दी। कानून का बढ़ते शिकंजे को देखते हुए संजय भंडारी नेपाल के रास्ते देश से फरार हो गया। लेकिन संजय भंडारी के पास के मिले दस्तावेजों के आधार पर ईडी वाड्रा के खिलाफ सबूत जुटाती रही और पिछले साल दिसंबर में वाड्रा की कंपनियों पर छापा भी मारा। ईडी ने इस मामले में वाड्रा के सहयोगी मनोज अरोड़ा से भी पूछताछ शुरू की। तब जाकर वाड्रा को पहली बार गिरफ्तारी की डर सताने लगा। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई। अदालत ने 16 फरवरी तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए ईडी के सामने पेश होने का आदेश दे दिया।
कुमारस्वामी ने ऑडियो क्लिप जारी कर, भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का लगाया आरोप
8 February 2019
नई दिल्‍ली। कर्नाटक के सियासी नाटक में रोजाना किसी नई बात से बवाल हो रहा है। अब कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने एक ऑडियो क्लिप जारी कर भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया है। ऑडियो क्लिप में बीएस येदियुरप्पा और जेडीएस विधायक नगनागौड़ा कांडकुर के बेटे शरना की बातचीत कर रहे हैं। इसमें येदियुरप्पा उनके पिता को 25 लाख और मंत्री पद देने का प्रस्ताव दे रहे हैं। कुमारस्‍वामी ने एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के दौरान कहा कि वह (प्रधानमंत्री) व्‍यवस्थित तरीके से इस देश के लोकतंत्र को खत्‍म करने और लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। मैं सभी विपक्षी पार्टियों से अपील करता हूं कि सभी मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के झूठ को सामने लाएं। भाजपा हमारे विधायकों को चुराने की कोशिश कर रही है। इससे पहले कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आरोपों का जवाब तथ्यों के साथ दिया है। उन्होंने दावा किया कि अभी तक 1900 करोड़ रुपये करीब 4 लाख किसानों को दिए जा चुके हैं। लोकसभा में अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस के साथ-साथ विपक्षी दलों पर भी जमकर निशाना साधा था। कर्नाटक की कांग्रेस और जेडीएस सरकार पर हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दावा किया कि उनकी सरकार ने सभी किसानों की कर्जमाफी का वादा पूरा नहीं किया है। प्रधानमंत्री के दावों को कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने झूठ का पिटारा बताया है। पीएम मोदी ने कहा था कि कर्नाटक में अब तक सिर्फ 60 हजार किसानों का कर्ज माफ हुआ है, जबकि कुमारस्वामी ने दावा किया है कि उनकी सरकार ने चार लाख किसानों को कर्जमाफी का लाभ पहुंचाया है। उन्होंने ट्वीट कर दावा किया कि अभी तक 1900 करोड़ रुपये करीब 4 लाख किसानों को दिए जा चुके हैं। फरवरी तक सभी किसानों को कर्ज माफी की पहली किस्त मिल जाएगी। उन्होंने इसकी पूरी जानकारी जानने के लिए एक लिंक भी साझा किया है। कुमारस्वामी ने लिखा कि नरेंद्र मोदी लोकतंत्र के मंदिर से देश को गुमराह कर रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने भी ट्वीट कर पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने लिखा कि कर्नाटक सरकार ने कर्जमाफी का वादा किया था, जो जारी है। लेकिन भाजपा ने राम मंदिर, स्वच्छ गंगा, 15 लाख देने का वादा किया था, लेकिन उस पर अभी तक कुछ नहीं हुआ है। गौरतलब है कि लोकसभा में अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने कर्नाटक की सरकार पर कर्जमाफी का ढोंग रचने का आरोप लगाते हुए कहा था कि कर्नाटक सरकार ने किसानों का कर्ज माफ करने का ऐलान किया था, 43 लाख लोगों को इसका फायदा मिलना चाहिए था, लेकिन सिर्फ 60 हजार किसानों का कर्ज माफ हुआ। मध्य प्रदेश और राजस्थान में 10 दिन में कर्जमाफी का दावा किया गया था, लेकिन वहां अभी कागज ही तैयार नहीं है।
राहुल गांधी और रॉबर्ट वाड्रा पर भाजपा का हमला, बताया अपराधी
6 February 2019
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव करीब हैं और इससे पहले दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर प्रियंका गांधी, राहुल गांधी और रॉबर्ट वाड्रा के पोस्टर नजर आए हैं। इन पोस्टरों को हालांकि, नगर निगम ने हटा दिया है लेकिन इन पर सियासत शुरू हो चुकी है। रॉबर्ट वाड्रा की आज मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी के सामने पेशी भी होने वाली है। इसी को लेकर भाजपा ने भी रॉबर्ट वाड्रा और कांग्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा नेता संबित पात्रा ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि 'दिल्ली में अपराधियों के पोस्टर लगे हैं और दोनों अपराधी जेल के बाहर हैं। रॉबर्ट वाड्रा के पास लंदन में 8-9 प्रॉपर्टी है जो उन्होंने डिफेंस डील में मिलने वाली दलाली से खरीदा है।' संबित पात्रा ने कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि, 'कांग्रेस मुख्यालय के बाहर दो अपराधियों के पोस्टर लगे हैं। दोनों जमानत पर बाहर हैं। इनमें से एक पर नेशनल हेराल्ड मामले में आरोप हैं वहीं दूसरे रॉबर्ट वाड्रा है जिनसे आज मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय पूछताछ करेगा।'
अन्ना ने दी पद्म भूषण लौटाने की धमकी, जारी है धरना
4 February 2019
मुंबई। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने केंद्र में लोकपाल और राज्यों में लोकायुक्त की नियुक्ति की मांग नहीं मानने पर पद्म भूषण लौटाने की धमकी दी है। वहीं दूसरी तरफ अनशन को लेकर राजनीतिक सरगर्मी भी बढ़ गई है। राज्य के जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन और विधानसभा में विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल ने अन्ना से मुलाकात कर अनशन खत्म करने की अपील की। महाजन मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस का पत्र लेकर हजारे से मिलने आए थे। वह सोमवार को फिर उनसे मिलेंगे। समाजसेवी अन्ना हजारे का रालेगण सिद्धि में बेमियादी आमरण अनशन रविवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। इसी दौरान उन्होंने कहा, "अगर यह सरकार देश से किए गए वादों को अगले कुछ दिनों में पूरा नहीं करती है तो वह अपना पद्म भूषण सम्मान लौटा देंगे। मोदी सरकार लोगों का विश्वास तोड़ रही है।" उधर, अन्ना के स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे डॉ. धनंजय पोटे ने बताया कि पांच दिन में उनका करीब 3.8 किलो वजन घटा है। ब्लड प्रेशर और शुगर के स्तर में वृद्धि के साथ ही यूरिन में संक्रमण भी बढ़ गया है। अन्ना समर्थकों ने हाईवे किया जाम अन्ना समर्थकों ने पारनेर तहसील के सूपा गांव में अहमदनगर-पुणे स्टेट हाईवे को जाम कर दिया। यह स्थान रालेगण सिद्धि से 38 किमी दूर है। कई घंटे बाद पुलिस ने जाम खुलवाया। इस दौरान करीब 110 लोगों को हिरासत में भी लिया गया, हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। अन्ना की जान से ना खेलें: उद्धव शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार से कहा कि वह अन्ना का अनशन खत्म कराने के लिए तुरंत दखल दे और उनकी जान से नहीं खेले। ठाकरे ने पीएमओ के उस कथित पत्र को निंदनीय और हास्यास्पद बताया, जिसमें अन्ना द्वारा भेजे गए पत्र पर ठंडी प्रतिक्रिया जताई गई थी। शिवसेना प्रमुख ने कहा कि अन्ना की लड़ाई भ्रष्टाचार के खिलाफ है, जिससे सारा देश जूझ रहा है।
Budget 2019: जेटली ने की 'किसान व गरीब हितैषी बजट' के लिए गोयल की तारीफ
2 February 2019
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार को 'किसान व गरीब हितैषी बजट' के लिए कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह बजट मध्यमवर्गीय लोगों की क्रय शक्ति को बढ़ाएगा। जेटली इन दिनों इलाज के लिए अमेरिका में हैं। इसके कारण पीयूष गोयल को हाल में ही वित्त मंत्री का कार्यभार सौंपा गया था, जिन्होंने वर्ष 2019-20 के लिए अंतरिम बजट प्रस्तुत किया। जेटली ने एक के बाद एक कई ट्वीट करते हुए कहा, बजट निर्विवाद रूप से विकासोन्मुख, आर्थिक सूझबूझ वाला, किसान व गरीब हितैषी तथा भारतीय मध्यमवर्ग की क्रयशक्ति को सशक्त करने वाला है।' उन्होंने कहा कि वर्ष 2014-19 तक प्रस्तुत बजटों में मध्यमवर्ग को काफी राहत दी गई है। बजट में राजकोषीय दृष्टि भी निखरकर आई है। जेटली ने यह भी कहा कि अंतरिम बजट सरकार द्वारा पांच साल तक किए गए कार्यों को जनता के समक्ष रखने का अवसर भी प्रदान करता है।
बजट 2019-20 पर प्रधानमंत्री का वक्तव्य
1 February 2019
देश को सटीक योजनाओं के माध्यम से शक्तिशाली राष्‍ट्र बनाने की दिशा में एक अहम कदम है इस बजट में मीडिल क्‍लास से लेकरके श्रमिकों तक किसान उन्‍नती से लेकर कारोबारियों की प्रगति तक इनकमटैक्‍स रीलिफ से लेकर इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर तक मेन्‍यूफैक्‍चरिंग से लेकर एमएसएमई सेक्‍टर तक हाऊसिंग से लेकर हेल्‍थ केयर तक, इकोनॅमी को नयी गति से लेकर न्‍यूइंडिया के निर्माण तक सबका ध्‍यान इस बजट में रखा गया है। साथियों हमारी सरकार की योजनाओं ने देश के हर व्‍यक्ति के जीवन पर सकारात्‍मक प्रभाव डाला है। आयुष्‍मान भारत योजना का लाभ 50 करोड़ गरीबों को मिलना सुनिश्चित हुआ है। प्रधानमंत्री जीवन ज्‍योति योजना और सुरक्षा बीमा योजना का लाभ 21 करोड़ गरीबों को मिल रहा है। स्‍वच्‍छ भारत मिशन का लाभ 9 करोड़ से ज्‍यादा परिवारों को हुआ है। उज्‍ज्‍वला योजना के तहत छह करोड़ से ज्‍यादा परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्‍शन मिला है। प्रधानमंत्री आवास योजना की वजह से 1.5 करोड़ परिवारो को उनके अपने पक्‍के घर मिले हैं। अब इस बजट में 12 करोड़ से ज्‍यादा किसानों को 3 करोड़ से ज्‍यादा मध्‍यम वर्ग के टैक्‍स पेयर परिवारों को और 30, 40 करोड़ श्रमिकों को सीधा लाभ मिलना तय हुआ है। साथियों सरकार के प्रयासों से आज देश में गरीबी रिकार्ड गति से कम हो रही है लाखों करोड़ों लोग गरीबी को परास्‍त करके न्‍यू मीडिल क्‍लास, मीडिल क्‍लास में प्रवेश कर रहे हैं। देश का यह बहुत बड़ा वर्ग आज अपने सपने साकार करने में और साथ साथ देश के विकास को गति देने में जुटा हुआ है। ऐसे समय में इस बढ़ते मीडिल क्‍लास की आशा, आकांक्षाओं को कुछ कर दिखाने के जज्‍बे को हौसला मिले उसको सपोर्ट मिले इसके लिए सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है। मैं देश के मीडिल क्‍लास, सैलरिड मीडिल क्‍लास को Income Tax की दरो में मिली छूट के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हॅू। ये मध्‍यम वर्ग और उच्‍चतम मध्‍यम वर्ग की उदारता ही उनकी ईमानदारी ही है कानून को मानकर चलने की उनकी प्रतिबद्धता ही है जिसकी वजह से देश को टैक्‍स मिलता है देश की योजनाएं बनती हैं, गरीब का कल्‍याण होता है। वर्षों से यह मांग रही है कि पांच लाख रूपए तक की आय को Income Tax से मुक्‍त घोषित किया जाए। इतने वर्षेां से की जा रही इस मांग को पूरा करने का काम हमारी सरकार ने किया है। साथियों किसानों के लिए समय-समय पर अलग-अलग योजनाएं अलग-अलग सरकारों ने बनाई हैं लेकिन ऊपरी सतह के दो, तीन करोड़ किसानों से ज्‍यादा किसान इन योजनाओं के दायरे में आए ही नहीं। अब प्रधानमंत्री किसान सम्‍मान निधि यानि जिसे पीएम-किसान योजना कहा जा रहा है उसका लाभ 12 करोड़ से ज्‍यादा उन किसानों को मिलेगा जिनके पास पांच एकड़ या पांच एकड़ से कम भूमि है। एक प्रकार से आजादी के बाद देश के इतिहास में किसानों के लिए बनी ये सबसे बड़ी योजना है। हमारी सरकार किसानों के लिए एक के बाद एक ठोस कदम उठा रही है। पशुपालन, गौसंवर्द्धन,मछली पालन जैसे ग्रामीण जीवन और कृषि जीवन से जुड़े अहम क्षेत्रों का भी इस बजट में विशेष ध्‍यान रखा गया है। राष्‍ट्रीय कामधेनु आयोग, और मछली पालन का अलग डिपार्टमेंट करोड़ों किसानों को अपनी आजीविका बढ़ाने में मदद करेगा। मछवारों की मदद करेगा। हमारा यह पूरा प्रयास है कि किसान को सशक्‍त करके उसे वो साधन दें, संसाधन देंजिससे वो अपनी आय दोगुनी कर सके। आज के निर्णयों से इस मिशन को और तेजी मिलेगी। साथियों आज भारत में अनेक क्षेत्रों में विकास हो रहा है नये नये प्रकार के क्षेत्रों में नये-नये विस्‍तारों में नये नये प्रकार की योजनाओं में प्रगति हो रही है और इन क्षेत्रों काम करने वाले लोगों की संख्‍या भी निरंतर बढ़ती जा रही है। लेकिन असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, मजदूरों अनऑर्गेनाइज्‍ड लेबर जिसमें घर पर काम करने वाले लोगा होंया खेतिहर मजदूर हो या ढेले चलाने वाले लोग हों ऐसे समाज तक बहुत बड़ा तबका है मेरे भाइयो-बहनो इन मेरे बंधुओं की चिंता कभी नहीं की गयी है। उन्‍हें उनके नसीब पर छोड़ दिया गया। हमारे देश में इनकी संख्‍या अनऑर्गेनाइज्‍ड लेबर की संख्‍या करीब करीब 40, 42 करोड़ है उनके लिए प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना उनके जीवन के उत्‍तरार्द्ध 60 वर्ष की आयु के बाद की जिंदगी के लिए बहुत बड़ा संबल होगी उन्‍हें आयुष्‍मान भारत योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्‍योति योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी अनेक योजनाओं का लाभ तो मिलेगा ही। बुढापे में रोजमर्रा की जिंदगी गुजारने के लिए पेंशन भी मिला करेगा। भाइयों और बहनों हमारी सरकार देश के हर उस नागरिक को विकास की मुख्‍य धारा से जोड़ने का प्रयास कर रही है जो अब भी कुछ कारणों से विकास का पूरा लाभ नहीं ले पाए हैं। समाज की आखिरी पंक्ति में खड़े व्‍यक्ति तक पहुंचने के इस प्रयास में सरकार ने घुमंतु समुदायों जैसे मदारीहै, सपेरा हैं, बंजारा है गाडिया लोहार है आदि के लिए एक वेलफेयर बोर्ड बनाने का भी फैसला किया है। मुझे उम्‍मीद है कि सही पहचान होने के बाद सरकार के विकास कार्यों का लाभ इन समुदायों को और तेजी से मिलेगा। साथियों व्‍यापारी वर्ग के लिए ट्रेडर्स के लिए कोई मंत्रालय हो उस विचार से एक नयी व्‍यवस्‍था को विकसित करने की दिशा में हम आगे बढ़े हैं। देश के व्‍यापारी वर्ग, ट्रेडर्स और अनेक कर्मचारी की आवश्‍यकताओं को समझते हुए उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए डीआईपीपी को रिस्‍ट्रक्‍चर करके उसे विशेष जिम्‍मेदारी दी गयी है। अब ये विभाग डिपार्टमेंट फार प्रमोशन ऑफ इंडस्‍ट्रीज एंड इंटरनल ट्रेड के नाम से जाना जाएगा। मुझे प्रसन्‍नता है कि अगले दशक के अंत तक की आवश्‍यकताओं को और लक्ष्‍यों को ध्‍यान में रखते हुए भी इस बजट में योजनाओं को समाहित किया गया है। ये बजट गरीब को शक्ति देगा, किसान को मजबूती देगा, श्रमिकों को सम्‍मान देगा, मीडिल क्‍लास के सपनों को साकार करेगा, ईमानदार टैक्‍स पेयर के गौरव का गान करेगा, ट्रेडर्स को सशक्‍त करेगा, इंस्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर निर्माण को गति देगा अर्थ व्‍यवस्‍था को नया बल देगा। देश का विश्‍वास मजबूत करेगा। ये बजट न्‍यू इंडिया के लक्ष्‍यों की प्राति में देश के 130 करोड़ लोगों को नई ऊर्जा देगा। ये बजट सर्वव्‍यापी, सर्वस्‍पर्शी, सर्वसमावेशी है। सर्वोत्‍कर्ष को समर्पित है। मैं एक बार फिर हमारे मित्र अरूण जी को और पीयुष जी को और उनकी टीम को इस उत्‍तम बजट के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूँ। धन्‍यवाद!
Budget 2019: अरुण जेटली के बजट पेश ना करने पर ये बोले पीयूष गोयल
1 February 2019
नई दिल्ली। लोकसभी चुनाव के पहले शुक्रवार को अंतरिम बजट भाषण पेश किया गया। मोदी सरकार बनने के बाद ये पहला मौका था जब किसी कार्यवाहक वित्तमंत्री द्वारा आम बजट पेश किया गया हो। वित्तमंत्री अरूण जेटली की सेहत खराब होने के चलते बजट पेश करने की जिम्मेदारी कार्यवाहक वित्तमंत्री पीयूष गोयल को सौंपी गई थी। बजट भाषण शुरू करने के पहले गोयल ने अरूण जेटली के बजट पेश ना करने पर दुख जताया।बता दें कि अरूण जेटली गंभीर रूप से बीमार है यही वजह है कि इलाज के लिए वे विदेश में है। रुण जेटली इस समय इलाज के लिए में अमेरिका में हैं। इसके चलते वे बजट पेश नहीं कर पाएंगे। हालांकि, सरकार में वे बिना विभाग के मंत्री बने रहेंगे। जेटली का हुआ है ऑपरेशन केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली का न्यूयॉर्क के एक अस्पताल में ऑपरेशन हुआ है। 66 वर्षीय जेटली 13 जनवरी को अमेरिका गए थे। इसी सप्ताह उनकी सॉफ्ट टिश्यू कैंसर के लिए जांच की गई थी। इससे पहले 2018 में उनका एम्स में किडनी प्रत्यारोपण हुआ था। उल्लेखनीय है कि जेटली की गैरहाजिरी में गोयल को दूसरी बार वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। पिछले साल मई में जब जेटली इलाज के लिए अमेरिका गए थे, उस समय भी सौ दिनों तक वित्त मंत्रालय का कामकाज गोयल ने देखा था।
2008 Assam Blast case: एनडीएफबी प्रमुख रंजन दैमारी समेत 9 को उम्रकैद
30 January 2019
गुवाहाटी। 2008 Assam Serial Bomb Blast case केस में बड़ा फैसला सुनाते हुए सीबीआई की विशेष अदालत ने नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) प्रमुख रंजन दैमारी समेत 9 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस मामले में कोर्ट ने दैमारी समेत 14 लोगों को दोषी करार दिया था। 2008 में एक के बाद एक हुए 18 धमाकों में 88 लोगों की जान गई थी। विशेष सीबीआई जज अपरेश चक्रवर्ती ने भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत इन सभी को दोषी ठहराते हुए सजा का ऐलान किया है। दैमारी के अलावा दोषी ठहराए गए लोगों में जॉर्ज बोडो, बी थराई, राजू सरकार, निलिम दैमारी, अंचई बोडो, इंद्रा ब्रह्मा, लोको बासुमतारी, खड़गेश्वर बासुमतारी, प्रभात बोडो, जयंत बोडो, अजय बासुमतारी, मृदुल गोयारी, माथुराम ब्रह्मा और राजेन गोयारी शामिल हैं। एनडीएफबी ने 30 अक्टूबर, 2008 को गुवाहाटी, कोकराझार, बोंगाईगांव और बारपेटा रोड में जगह-जगह धमाके कराए थे, जिसमें 88 लोगों की मौत हो गई थी और 500 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। गुवाहाटी के पान बाजार, गणेशगढ़ी और कचारी में तीन ब्लास्ट हुए थे, जिसमें सबसे ज्यादा 53 लोगों की मौत हुई थी। कोकराझार में हुए तीन धमाकों में 20 लोगों की जान गई थी, जबकि, बारपेटा रोड में हुए ब्लास्ट में 15 लोग मारे गए थे। बोंगाईगांव में धमाके में किसी की जान नहीं गई थी। पहले असम पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी। बाद में सीबीआइ को जांच सौंपी गई थी। सीबीआइ ने 22 लोगों को आरोपित करते हुए 2009 और 2010 में दो चार्जशीट दाखिल की। सात आरोपित अभी भी फरार हैं। 2011 में मामले की सुनवाई शुरू हुई थी। 2017 में यह मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट को सौंपा गया था। सुनवाई के दौरान 650 लोगों की गवाही हुई और 600 से ज्यादा दस्तावेज पेश किए। दैमारी को 2010 में बांग्लादेश में गिरफ्तार किया गया था। बाद में उसे गुवाहाटी सेंट्रल जेल में रखा गया था। 2013 में कामरूप जिला एवं सत्र अदालत से दैमारी को सशर्त जमानत मिल गई थी। केंद्र और एनडीएफबी के साथ चल रही शांति वार्ता को देखते हुए राज्य सरकार और सीबीआइ ने उसकी जमानत का विरोध नहीं किया था। जमानत की शर्तो में अदालत ने दैमारी पर आठ प्रतिबंध लगाए थे, जिनमें सार्वजनिक सभा करने और मीडिया से बातचीत करने पर रोक शामिल थी। इस समय दैमारी को छोड़कर सभी आरोपित न्यायिक हिरासत में हैं। दैमारी, जिसे डी आर नाबला के नाम से भी जाना जाता है, ने 3 अक्टूबर, 1986 को बोरो सिक्यूरिटी फोर्स के नाम से संगठन का गठन किया था, बाद में इसका नाम एनडीएफबी कर दिया था। 2005 में केंद्र सरकार के साथ उसका शांति समझौता हुआ था, लेकिन वह बीच-बीच में समझौते का उल्लंघन करता रहता था। 2008 के सीरियल ब्लास्ट में दैमारी को मुख्य आरोपित बनाए जाने के बाद एनडीएफबी दो फाड़ हो गया था। इस मामले में दैमारी के खिलाफ 14 मामले दर्ज किए गए थे।
जॉर्ज फर्नांडिस का निधन, जया जेटली बोलीं- ऐसे होगा अंतिम संस्कार
29 January 2019
नई दिल्ली। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में रक्षा मंत्री रहे जॉर्ज फर्नांडिस का मंगलवार को 88 साल की उम्र में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार थे। वो अल्जाइमर नाम की बीमारी से पीड़ित थे और दिल्ली के अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। दिग्गज नेता के निधन के बाद उनके करीब रहीं समता पार्टी की पूर्व अध्यक्ष जया जेटली ने बताया, जॉर्ज फर्नांडिस की इच्छा थी कि हिंदू रीति-रिवाज से उनका अंतिम संस्कार किया जाए, लेकिन जीवन के आखिरी पलों में उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें दफनाया जाए। इसलिए हम पहले उनका अंतिम संस्कार करेंगे और फिर अस्थियों तथा राख को दफनाएंगे, ताकि उनकी दोनों इच्छाएं पूरी हो सकें। जॉर्ज फर्नांडिस श्रमिक संगठन के भूतपूर्व नेता, तथा पत्रकार थे। वे राज्यसभा और लोकसभा के सदस्य रह चुके थे और उन्होंने समता पार्टी बनाई थी। फर्नाडीस बिहार के मुजफ्फरपुर से सांसद रहे और केंद्र में मंत्री भी रहे। वे आखिरी बार 2009 से 2010 के बीच सांसद रहे थे। वे 1998 से 2004 तक की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की केन्द्रीय सरकार में रक्षा मंत्री थे। जॉर्ज फर्नांडिस के ही कार्यकाल में पोखरण परीक्षण और कारगिल युद्ध हुआ था। 3 जून 1930 को जन्में जॉर्ज फर्नांडिस को 1946 में बैंगलोर में संत बनने के लिए भेजा गया था लेकिन वे वहां से 1949 में मुंबई आ गए और ट्रेड यूनियन के नेता बन गए। उन्होंने 1967 में उन्होंने दक्षिण मुंबई से कांग्रेस नेता एसके पाटिल को संसदीय चुनाव में हराया था। इमरजेंसी के बाद 1977 में एक बार फिर वे संसदीय चुनाव जीते लेकिन इस बार वे मुजफ्फरपुर से चुनाव लड़े थे। केंद्रीय मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने निवेश के उल्लंघन के कारण, अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनियों आईबीएम और कोका-कोला को देश छोड़ने का आदेश दिया था। वह 1989 से 1990 तक रेल मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान कोंकण रेलवे परियोजना के पीछे प्रेरणा शक्ति थे।
कांग्रेस से नाराज कुमारस्वामी ने दी कुर्सी छोड़ने की धमकी, खड़गे ने दी नसीहत
28 January 2019
नई दिल्ली। कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस की गठबंधन सरकार की मुश्किलें पहले दिन से ही जारी हैं। पिछले दिनों तेजी से बदले घटनाक्रम से वर्तमान सरकार अभी उबरी नहीं है और फिर नया ड्रामा शुरू होता नजर आ रहा है। खबरों के अनुसार मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कांग्रेस से आहत होते हुए पद छोड़ने की धमकी दी है। इसके बाद एक बार फिर से राज्य की राजनीति में उबाल आता नजर आ रहा है। जानकारी के अनुसार कुमारस्‍वामी ने यह धमकी सिद्धारमैया कैंप की ओर से हो रहे हमलों से आहत होकर दी है। कांग्रेस विधायकों द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को अपना नेता बताए जाने पर कुमारस्वामी ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को इन मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। मैं उसके लिए सही शख्स नहीं हूं...। अगर वे ऐसा ही करते रहना चाहते हैं, तो मैं पद छोड़ देने के लिए तैयार हूं। वे हद पार कर रहे हैं... कांग्रेस नेताओं को अपने विधायकों को नियंत्रित करना चाहिए। बता दें कि कुमारस्‍वामी का बयान ऐसे समय पर आया है जब सिद्धारमैया के समर्थक विधायकों ने उन्‍हें अपना सीएम बताया था। कर्नाटक के सीएम कुमारस्‍वामी ने सोमवार को सिद्धारमैया समर्थकों के बयान पर मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस नेतृत्‍व को इन सब मुद्दों को देखना होगा। मैं इसको लेकर बहुत चिंतित नहीं हूं। यदि वे इन सबके साथ जारी रखना चाहते हैं तो मैं पद छोड़ने के लिए तैयार हूं। वे सीमा रेखा लांघ रहे हैं...कांग्रेस नेताओं को अपने विधायकों को नियंत्रण में रखना होगा।' कुमारस्वामी के बयान के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपनी पार्टी के विधायकों को नसीहत देते हुए कहा है कि वे मीडिया के सामने इस तरह बयानबाजी ना करें। उन्होंने कहा कि हम कांग्रेस और संघ से लड़ने के लिए साथ आए हैं। यह किसी को भी नहीं कहा जाएगा कि वो पार्टी हाई कमान के खिलाफ बोले। इस तरह की घटनाए गठबंधन में आशंका पैदा करेंगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा- इसमें गलत क्या है इस बीच सीएम कुमारस्‍वामी के पद छोड़ने की धमकी पर कांग्रेस की ओर से भी बयान आया है। राज्‍य के डिप्टी सीएम और कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता जी परमेश्‍वरा ने कहा कि सिद्धारमैया सर्वश्रेष्‍ठ मुख्‍यमंत्री रहे हैं। वह हमारे कांग्रेस विधायक दल के नेता हैं। विधायकों के लिए वह (सिद्धारमैया) सीएम हैं। उन्‍होंने अपनी राय रखी है। इसमें गलत क्‍या है? हम (कर्नाटक के सीएम एचडी कुमारस्‍वामी) से खुश हैं। कैबिनेट की बैठक को रद्द किया गया गौरतलब है कि कर्नाटक में सत्‍तारूढ़ जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन के बीच पिछले कई दिनों से सत्‍ता को लेकर टकराव जारी है। इसी टकराव का नतीजा है कि सोमवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक को रद्द कर दिया गया है।' ताजा विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब सिद्धारमैया के समर्थकों ने रविवार को एक इवेंट में उनका स्वागत किया। इस दौरान वह कांग्रेस के मंत्री सी पुत्तरंगा शेट्टी के साथ मौजूद थे। उनके समर्थकों ने यहां कहा कि अपने नेता (सिद्धारमैया) को अभी भी सीएम मानते हैं। कर्नाटक की सरकार पर हमला बोलते हुए कांग्रेस विधायक एसटी सोमशेखर ने कहा कि गठबंधन की सरकार को 7 महीने हो चुके हैं लेकिन विकास के नाम पर कुछ नहीं हुआ। अगर सिद्धारमैया को सीएम के रूप पांच साल और मिले होते तो हमें सही मायनों में विकास देखने को मिलता। जानिए- क्या कहा था कांग्रेस विधायक ने पूर्व मुख्यमंत्री की प्रशंसा करते हुए सामाजिक कल्याण मंत्री सी पुत्तरंगा शेट्टी ने कहा कि आप जो भी कहें, सिर्फ सिद्धारमैया ही मेरे मुख्यमंत्री हैं... मैं किसी और को उस पद पर कल्पना नहीं कर सकता।' इस पर जेडी (एस) अध्यक्ष एचडी देवगौड़ा ने कहा कि गठबंधन की सरकार में विचारों में मतभेद स्वभाविक हैं वह इन पर इतना ध्यान नहीं देते हैं। उन्होंने कहा कि मैं इस पर प्रतिक्रिया नहीं देना पसंद करूंगा। जब आप गठबंधन की सरकार में हों तो ऐसी चीजें होती हैं।'
बाबूलाल गौर को कांग्रेस से लोकसभा टिकट का ऑफर, दी ऐसी प्रतिक्रिया
24 January 2019
भोपाल। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर को कांग्रेस की ओर से लोकसभा टिकट का ऑफर मिला है। गौर ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि पिछले दिनों दिग्विजय सिंह जब उनसे मिलने आए थे, तब उन्होंने भोपाल से कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ने का ऑफर दिया था। गौर ने ये भी कहा कि वे इस ऑफर पर विचार कर रहे हैं। गौर के इस बयान के बाद एक बार फिर भाजपा में अंदरुनी खींचतान सामने आ गई है। विधानसभा चुनावों के दौरान गौर ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर की थी। काफी विवाद के बाद गौर की बहू कृष्णा गौर को टिकट दिया गया। इसके बाद से ही गौर काफी मुखर होकर भाजपा की आलोचना करने से भी नहीं चूक रहे। 18 जनवरी को दिग्विजय सिंह ने गौर से मुलाकात की थी। गौर के मुताबिक इसी मुलाकात के दौरान उन्हें भोपाल से कांग्रेस का लोकसभा टिकट ऑफर किया गया। गौर की ओर से किया गया ये खुलासा भाजपा के लिए फिर परेशानी माना जा रहा है। गौर ने ये भी कहा कि उनकी राजनीति अभी खत्म नहीं हुई है और वे लोकसभा का चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं। उन्होंने ये भी कहा कि उनके दिग्विजय सिंह के साथ पुराने रिश्‍ते हैं और इसी कारण उनकी ओर से उन्हें ऑफर दिया गया। गौर ने कहा कि वे इस ऑफर पर विचार कर रहे हैं। गौरतलब है कि बाबूलाल गौर भाजपा से नाराज चल रहे हैं। पार्टी के कुछ नेता उनके इस बयान को प्रेशर पॉलिटिक्स भी करार दे रहे हैं। गौर ने कहा कि भाजपा से नाराजगी का सवाल नहीं है, लेकिन जिस तरह विधानसभा चुनावों से पहले और चुनाव के दौरान पार्टी के नेताओं ने उनसे व्यवहार किया, उससे उन्हें काफी ठेस लगी। बहू कृष्णा को टिकट जरुर दिया, लेकिन खुशी-खुशी नहीं दिया। गौर ने अपने चिर-परिचित अंदाज में कहा कि अभी तो लड़की देख रहे हैं, जो जमेगी उससे शादी कर लेंगे।
कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को बनाया महासचिव, बनाया पूर्वी यूपी का प्रभारी
23 January 2019
नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं की लंबे समय से चली आ रही मांगी बुधवार को पूरी हो गई। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव 2019 के बड़ा फैसला लेते हुए प्रियंका गांधी का पार्टी का महासचिव बनाया है। इसके साथ ही प्रियंका गांधी की सक्रिय राजनीति में एंट्री हो गई है। खबरों के अनुसार प्रियंका गांधी को इसके साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने इसके अलावा ज्योतिरादित्य सिंधिया को पश्चिमी यूपी का प्रभारी बनाया है जबकि केसी वेणुगोपाल को भी महासचिव बनाया गया है। कांग्रेस अध्यक्ष के इस कदम को लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी का मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है। लंबे समय से प्रियंका को सक्रिय राजनीति में लाने की मांग चल रही थी और हाल ही में रायबरेली में उन्हें चुनाव लड़ाने की मांग करने वाले पोस्टर भी नजर आए थे।
वाराणसी में PM मोदी ने पासपोर्ट को लेकर यह घोषणा, जानिए क्या है e-Passport की खासियतें
22 January 2019
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को प्रवासी भारतीय दिवस के मौके पर बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि सरकार जल्द चिप वाला पासपोर्ट लेकर आने वाली है। प्रधानमंत्री ने यहां अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा कि ई पासपोर्ट की दिशा में काम चल रहा है। साथ ही हमारी सरकार ने PIO Cards को OCI Cards में बदलने की प्रक्रिया को भी आसान बनाया है। पीएम बोले कि प्रवासी भारतीयों के लिए कुछ महीने पहले ही एक नया कदम भी उठाया गया है। दुनियाभर में हमारी Embassies और Consulates को पासपोर्ट सेवा प्रोजेक्ट से जोड़ा जा रहा है। इससे आप सभी के लिए पासपोर्ट सेवा से जुड़ा एक Centralized System तैयार हो जाएगा। हमारी सरकार ने PIO Cards को OCI Cards में बदलने की प्रक्रिया को भी आसान बनाया है। क्या है ई पासपोर्ट प्रधानमंत्री ने जिस ई पासपोर्ट का जिक्र किया है वो चिप वाला पासपोर्ट होगा। जल्द विदेश मंत्रालय चिप वाले ई-पासपोर्ट जारी करने जा रहा है। इस पासपोर्ट में एडवांस्ड सिक्योरिटी फीचर्स होंगे और साथ इस पासपोर्ट की प्रिंटिंग व पेपर क्वालिटी भी अच्छी होगी। इलेक्ट्रॉनिक चिप लगा यह ई-पासपोर्ट आपके पुराने पासपोर्ट की जगह लेने वाला है। यदि इस चिप के साथ छेड़छाड़ करेगा तो पासपोर्ट सेवा सिस्टम को इस बात का पता चल जाएगा और पासपोर्ट ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाएगी। चिप में होगी पूरी डिटेल्स ई-पासपोर्ट में लगी इस चिप में आपकी सारी डिटेल्स शामिल होगी। इसमें बायोमीट्रिक डाटा और डिजिटल साइन स्टोर किए जाएंगे। खास बात यह है कि इससे यात्रा करते वक्त व्यक्ति की पूरी जानकारी एयरपोर्ट सिस्टम में दिखाई देगी। दूसरी खास बात यह होगी कि अगर कोई पासपोर्ट में लगी चिप के साथ छेड़छाड़ करता है तो पासपोर्ट सेवा सिस्टम को एक अलर्ट मिलेगा। इसके बाद पासपोर्ट ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाएगी। विदेश में मौजूद देश की सभी एम्बेसी को ई-पासपोर्ट प्रोजेक्ट से जोड़ा जाएगा। अमेरिका और ब्रिटेन में भारतीय दूतावासों को इस प्रोजेक्ट्स से पहले ही जोड़ा जा चुका है। इन देशों में लागू है चिप वाले पासपोर्ट विदेश में भारतीय एम्बैसीज और कॉन्सुलेट्स में पासपोर्ट जारी करने के जिन मामलों में पुलिस वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं है उन्हें सात दिनों के अंदर तत्काल आधार पर नए पासपोर्ट जारी किए जाएंगे। इसी तरह पुराने पासपोर्ट को रिइश्यू किया जाएगा। अमेरिका, इटली, जर्मनी, जापान, यूरोपीय देश, हांगकांग, इंडोनेशिया और पाकिस्तान समेत दुनिया के तकरीबन 86 देशों में ई-पासपोर्ट चलन में हैं। यहां बनेगा ई-पासपोर्ट जानकारी के अनुसार सरकार ने ई-पासपोर्ट की मैन्युफैक्चरिंग को ग्रीन सिग्नल दे दिया है। ई-पासपोर्ट की मैन्युफैक्चरिंग नासिक की इंडियन सिक्योरिटी प्रेस (ISP)में कराई जाएगी। इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन (ICAO) ने ISP को ई-पासपोर्ट के ऑपरेटिंग सिस्टम लेने के लिए टेंडर डालने की अनुमति दे दी है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही ई-पासपोर्ट बनाने का काम शुरू हो जाएगा।
PNB घोटालाः मेहुल चौकसी ने छोड़ी भारतीय नागरिकता, गृहमंत्री बोले- भगोड़ों को लाएंगे वापस
21 January 2019
नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में आरोपी बनाए गए मेहुल चौकसी को भारत लाना अब और मुश्किल होगा। चौकसी ने भारतीय नागरिकता छोड़ दी है और अपना पासपोर्ट एंटीगुआ में सरेंडर कर दिया है। उसने अपना पासपोर्ट हाई कमिशन को दिया है। उसके इस कदम के बाद उसे वापस लाने की भारत सरकार की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। इस खबर के बाद केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि सरकार ने भगोड़े आर्थिक अपराधी बिल को पास किया है और जो लोग देश छोड़कर भाग गए हैं उन्हें वापस लाया जाएगा। इसमें थोड़ा समय लग सकता है लेकिन ऐसा होगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चौकसी ने Z3396732 नंबर वाला पासपोर्ट एंटीगुआ उच्चायोग में जमा करवाया है। इसके बाद अब भारत का नहीं बल्कि एंटीगुआ का नागरिक हो गया है। उसने इस दौरान 177 डॉलर फीस भी चुकाई है। विदेश मंत्रालय ने इसकी सूचना गृह मंत्रालय को दे दी है। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि पासपोर्ट सरेंडर करने के फार्म में चौकसी ने अपना पता जौली हार्बर सेंट मार्स एंटीगुआ लिखा है। बता दें कि उसके प्रत्यर्पण को लेकर मंगलवार को ही सुनवाई होनी है और उसके ठीक पहले उसने भारत की नागरिकता छोड़ दी है।
बॉर्डर पर शहीद हो रहे सैनिक क्योंकि हम ठीक से काम नहीं कर रहे : मोहन भागवत
18 January 2019
नागपुर। लोकसभा चुनाव से पहले नेताओं की बयानबाजी काफी मायने रखती है। ऐसे में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत द्वारा गुरुवार को दिए गए बयान के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। मोहन भागवत ने नागपुर में कहा कि सीमा पर लगातार सैनिक शहीद हो रहे हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि हम अपना काम ठीक ढंग से नहीं कर रहे हैं। आरएसएस प्रमुख ने नागपुर में प्रहार समाज जागृति संस्था के रजत जयंती कार्यक्रम के अवसर पर कहा कि देश इस समय कोई युद्ध नहीं लड़ रहा है। किसी देश ने भारत पर हमला नहीं किया है। इसके बावजूद देश की सीमाओं पर सैनिक शहीद हो रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में आरएसएस प्रमुख ने कई ऐसे बयान दिए हैं, जिसे केंद्र सरकार पर तंज कहा जा सकता है। आरएसएस प्रमुख ने आगे कहा कि देश की सीमाओं पर हमारे सैनिक इसलिए शहीद हो रहे हैं, क्योंकि हम अपना काम ठीक से नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'भारत को आजादी मिलने से पहले देश के लिए जान कुर्बान करने का वक्त था। आजादी के बाद युद्ध के दौरान किसी को सीमा पर जान कुर्बान करनी होती है। लेकिन, हमारे देश में (इस वक्त) कोई युद्ध नहीं है फिर भी लोग (सैनिक) शहीद हो रहे हैं..., क्योंकि हम अपना काम ठीक ढंग से नहीं कर रहे हैं।' मोहन भागवत ने इस दौरान किसी पार्टी या राजनेता का नाम नहीं लिया। मगर, बयान से साफ पता चल रहा है कि वह किसकी ओर अंगुली उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'अगर कोई युद्ध नहीं है तो कोई कारण नहीं है कि कोई सैनिक सीमा पर अपनी जान गंवाए, लेकिन ऐसा हो रहा है।' उन्होंने कहा कि इसे रोकने और देश को महान बनाने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। उन्‍होंने कहा कि लड़ाई हुई, तो सारे समाज को लड़ना पड़ता है। सीमा पर सैनिक जाते हैं, सबसे ज्यादा खतरा वे मोल लेते हैं। खतरा मोल लेकर भी उनकी हिम्मत कायम रहे, सामग्री कम न पड़े, अगर किसी का बलिदान हो गया, तो उसके परिवार को कमी न हो, ये चिंता समाज को करनी पड़ती है। उन्‍होंने कहा, 'देश में नीतियां सभी को प्रभावित करती हैं। मैं न तो नीति बनाता हूं और न ही आप, लेकिन हम सभी को इसका प्रभाव झेलना पड़ता है। मुद्रास्फीति में वृद्धि हुई है, मैंने इसे नहीं बढ़ाया और न ही आपने, लेकिन हम सभी को भुगतना होगा। बेरोजगारी बढ़ गई, मैंने ये नहीं किया, न तो इसे बढ़ाएं और न ही आपने, लेकिन हम सभी को भुगतना होगा, इसीलिए हमें अपने देश के लिए जीना सीखना होगा।' गौरतलब है कि नए साल की शुरुआत से ही राजौरी व पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर गोलाबारी कर रहे पाकिस्तान ने मंगलवार को कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर में भी अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया। पाकिस्तानी रेंजर्स की ओर से हीरानगर में दागे गए स्नाइपर फायर से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक अधिकारी शहीद हो गए। शहीद की पहचान बीएसएफ की 19वीं बटालियन के असिस्टेंट कमांडेंट विनय प्रसाद निवासी गांव नथुआ, पुलिस स्टेशन मारवा, जिला छपरा, बिहार के रूप में हुई है, जो मौजूदा समय में कोलकत्ता के हावड़ा में रह रहे थे।
NIA व ATS ने यूपी, पंजाब में फिर मारा छापा, संदिग्ध गुफरान व परिजनों से पूछताछ जारी
17 January 2019
अमरोहा। आईएस आतंकी मॉड्यूल के सामने आने के बाद गुरुवार सुबह एनआईए व एटीएस की टीम ने पंजाब और उत्तर प्रदेश के 7 ठिकानों पर फिर से छापेमारी की है। एनआईए के आईजी ने इसकी पुष्टि कर दी है। एनआईए और एटीएस की टीम अमरोहा के गांव खेड़ी में संदिग्ध गुफरान के घर छापा मारने पहुंची। बीते आधे घंटे से परिजनों व गुफरान से पूछताछ जारी है। इस कार्रवाई से गांव में हड़कंप मचा हुआ है। बुधवार रात जिले में पहुची एनआईए व एटीएस की टीमों ने गुरुवार को दिन निकलते ही कार्रवाई शुरु कर दी। लगभग पौने आठ बजे टीम नोगावा सादात के गांव खेड़ी में पहुच गई तथा यहां संदिग्ध गुफरान के घर छापा मार दिया। इस दौरान नोगावा सादात पुलिस भी टीम के साथ रही। खुफिया एजेंसियों ने संदिग्ध गुफरान व उसके परिजनों को घर मे कैद कर लिया तथा पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस ने गुफरान के घर को घेर लिया था। इस कार्रवाई से गांव में हड़कंप मच गया। दिन निकले जब गांव में गाड़ियों का काफिला पहुचा तो लोग सकते में आ गए। परंतु जैसे ही टीम ने गुफरान के घर को घेरा तो सारा माजरा समझ मे आ गया। क्योंकि गुफरान को एनआईए पहले पूछताछ के लिए दिल्ली बुला चुकी है। बता दें कि संदिग्ध आतंकी मुफ्ती सुहैल के मोबाइल में गुफरान का नम्बर मिला था तथा दोनों की फोन पर भी बात होती थी। गुफरान भी मौलवी है तथा अमरोहा व मुरादाबाद के मदरसों में पढ़ा था। फिलहाल वह घर पर ही है तथा अपने पिता के साथ आटा चक्की चलाता है। फिलहाल टीम गांव में मौजूद है।
बसपा सुप्रीमो ने कार्यकर्ताओं से मांगा यह तोहफा, भाजपा-कांग्रेस पर साधा निशाना
15 January 2019
लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती का मंगलवार को 63 साल की हो गईं। इस मौके पर लखनऊ से लेकर दिल्ली तक जश्न का माहौल है। मायावती ने लखनऊ में मीडिया को संबोधित किया और कहा कि उनका यह जन्मदिन इसलिए भी खास है क्योंकि कुछ ही समय बाद लोकसभा चुनाव होने हैं। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से लोकसभा चुनाव में बसपा-सपा गठबंधन को जीत दिलाने का गिफ्ट मांगा। साथ ही विभिन्न मुद्दों को लेकर केंद्र की नीतियों के लिए मोदी सरकार पर निशाना साधा। मौका जन्मदिन का, नजरें चुनाव पर - मायावती ने कहा, केंद्र सरकार सीबीआई का दुरुपयोग कर रही है। मोदी अपनी रैलियों में वादे कर रहे हैं, क्योंकि चुनाव करीब आ रहे हैं। उन्होंने भाजपा को अहंकारी और वादाखिलाफी करने वाली पार्टी बताया। - मायावती ने कहा कि कांग्रेस के खराब शासन बानगी एक महीने में ही सामने आने लगी। मध्य प्रदेश के साथ छत्तीसगढ़ व राजस्थान में जनता काफी परेशान है। भाजपा को भी समझ लेना चाहिए कि झूठे वादे और जुमलेबाजी से किसान व दलित विरोधी सरकार की दाल ज्यादा दिन तक गलने वाली नहीं है। यही वजह है कि कांग्रेस की तीन राज्यों में बनी सरकार पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। चाहे बात किसान के कर्ज माफी की हो या फिर दलितों को फायदा देने की सरकार पर सवाल पूछे जाने लगे हैं। - मायावती ने कहा कि थोड़ा सा कर्जा माफ करने से किसानों को कोई राहत नहीं मिलेगी। किसानों के पूरे कर्ज को माफ किया जाना चाहिए। ऐसा करके ही हम किसानों की मदद कर पाएंगे। किसानों के हितों को लेकर हमारी पार्टी का यह भी कहना है कि हम देश में किसान, दलित व पिछड़ों की समस्या का संतोषजनक समाधान निकालने की स्थिति में हैं। फेक लिस्ट ने किया हलकान इससे पहले सोमवार को बसपा प्रत्याशियों की एक फेक सूची सोशल मीडिया पर वायरल हुई जिसे लेकर बसपा नेता हलकान दिखे। इस सूची में तमाम बाहुबलियों और उनकी सीटों का जिक्र था। साथ ही मायावती को सहारनपुर से चुनाव लड़ने की बात कही गई है। बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने इसका पुरजोर खंडन करते हुए इसे विरोधी दलों की साजिश करार दिया है। दरअसल सपा-बसपा गठबंधन में दोनों दलों के बीच 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ने की सहमति बनी है। मायावती ने जल्द ही सीट और प्रत्याशी के नामों का ऐलान करने की घोषणा भी की है। इसी वजह से दोनों दलों से किस सीट पर कौन चुनाव लड़ेगा, इसे लेकर कौतूहल बढ़ता जा रहा है।
कर्नाटक में फिर सरकार अस्थिर करने के आरोप, CM बोले विधायक मेरे संपर्क में
14 January 2019
बेंगलुरु। कर्नाटक में एक बार फिर से कुमारस्वामी सरकार के अस्थिर होने की खबरें आ रही हैं। हालांकि, खुद मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने कहा है कि विधायक उनके संपंर्क में हैं। खबरों के अनुसार राज्य के जल संसाधन मंत्री डीके शिवकुमार ने रविवार को आरोप लगाया था कि राज्य सरकार को अस्थिर करने के लिए भाजपा आपरेशन लोटस चला रही है। कांग्रेस के तीन विधायक मुंबई के एक होटल में भाजपा के कुछ नेताओं के साथ ठहरे हुए हैं। शिवकुमार ने कहा, "राज्य में हार्स ट्रेडिंग जारी है। हमारे तीन विधायक मुंबई में एक होटल में भाजपा के कुछ विधायकों और नेताओं के साथ ठहरे हुए हैं। हमें पता है कि उनके बीच क्या बातचीत हुई है और उन्हें कितने की पेशकश की गई है।" आपरेशन लोटस 2008 में कर्नाटक की तत्कालीन बीएस येद्दयुरप्पा सरकार की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए विपक्ष के कुछ विधायकों को दलबदल के लिए लालच देने को कहा जाता है। पूर्व में कांग्रेस को कई मौकों पर संकट से उबार कर प्रतिष्ठा अर्जित करने वाले शिवकुमार ने मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी पर भाजपा की तरफ झुकाव रखने का आरोप लगाया। उनके इन आरोपों के बाद एक बार फिर से राज्य में सियासी उबाल आ गया है। मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने दावा किया है कि तीनों विधायक लगातार उनके संपंर्क में हैं। वो मुझे सूचना देने के बाद ही मुंबई गए थे और सरकार को कोई खतरा नहीं है। मुझे पता है भाजपा उनसे क्या बात कर रही है क्या ऑफर दे रही है। वहीं उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वरा ने कहा कि भाजपा कह रही है कि हमारी सरकार गिर जाएगी लेकिन ऐसा होगा नहीं। कुछ विधायक मुंबई गए हैं लेकिन वो परिवार के साथ घूमने, मंदिरों में दर्शन करने के लिए गए हैं। इन दावों के बीच भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री सदानंद गौड़ा ने कहा है कि वो अपने हाउसेस को ऑर्डर में रखे। वो अपने विधायक नहीं संभाल पा रहे हैं और भाजपा पर उंगली उठा रहे हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलीं मायावती- यह मोदी और शाह की नींद उड़ाने वाला मौका
12 January 2019
लखनऊ। लोकसभा चुनाव से पहले सपा और बसपा अब से कुछ ही देर बाद अपने चुनावी गठबंधन की घोषणा कर सकते हैं। मायावती और अखिलेश यादव की होटल ताज में प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू हो चुकी है और इसकी शुरुआत करते हुए बसपा चीफ मायावती ने पीएम मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि यह दोनों की नींद उड़ाने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस है। इस बड़े मौके को लेकर लखनऊ की मुख्य सड़कें अखिलेश और मायावती के पोस्टरों के अलावा दोनों दलों के झंडों से सज गईं हैं। हालांकि, खबर यह है कि अब तक गठबंधन में पेंच फंसा हुआ है क्योंकि अजीत सिंह 5 सीटें मांग रहे हैं लेकिन मायावती इस पक्ष में नहीं हैं। भाजपा के विजय रथ को रोकने के लिए एक बार फिर दो बड़ी राजनीतिक पार्टियां गठबंधन करने जा रही हैं। दो वर्ष पूर्व विधानसभा चुनाव से पहले राजधानी लखनऊ के पांच सितारा ताज होटल में अखिलेश यादव और राहुल गांधी ने "यूपी के लड़के" और "यूपी को यह साथ पसंद है" नारे के साथ चुनावी गठजोड़ किया था। अब लोकसभा चुनाव के मद्देनजर शनिवार को उसी होटल में अखिलेश यादव, मायावती से चुनावी गठबंधन करने जा रहे हैं। इस बीच कन्नौज में अखिलेश ने बसपा से गठबंधन होने की पुष्टि भी की है। सपा का तकरीबन ढाई दशक पहले बसपा से गठबंधन करने का फार्मूले हिट रहा था। सपा प्रमुख अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायावती शनिवार को संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में एक साथ मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ने का एलान करेंगे। प्रदेश की राजनीति में धुर विरोधी माने जाने वाले सपा-बसपा का ढाई दशक बाद एक मंच पर आना सूबे की सियासत का बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को पहली बार आयोजित साझा पत्रकार वार्ता में मायावती और अखिलेश मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ने और गठबंधन में अन्य समान विचारधारा वाले छोटे दलों को भी शामिल करने की घोषणा कर सकते हैं। हालांकि, सीटों के बंटवारे का विस्तृत ब्योरा बाद में ही सामने आने की उम्मीद है। कांग्रेस को अलग रखकर बनाए जा रहे गठबंधन में राष्ट्रीय लोकदल, निषाद पार्टी, पीस पार्टी, सुभासपा व अपना दल जैसे स्थानीय दलों को भी जगह मिल सकती है। बशर्ते, इनके बीच सीट बंटवारे का गणित फिट बैठ जाए। सपा व बसपा में गठबंधन को लेकर चार जनवरी को दिल्ली में मायावती के आवास पर अखिलेश से हुई लंबी वार्ता में सहमति बन चुकी है। कांग्रेस को गठबंधन में साथ लेने के बजाए अमेठी व रायबरेली संसदीय क्षेत्रों में वाक ओवर देने का निर्णय भी हो चुका है। रालोद को साथ में लेने पर बनी सहमति में सीटों का पेंच फंसा है। मंगलवार को अखिलेश से मिले रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने पांच सीटों पर दावेदारी जताई थी लेकिन दो-तीन सीटें ही मिलने की उम्मीद से बात आगे नहीं बढ़ी। 1993 जैसे करिश्मे की आस नब्बे के दशक में राम लहर पर बेक्र लगाने का काम भी सपा-बसपा गठबंधन ने किया था। तब बसपा के संस्थापक कांशीराम और सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने मिलकर 1993 में विधानसभा चुनाव लड़ा था। बाबरी ढांचा गिरने के बाद भाजपा का सत्ता में वापसी का ख्वाब भी टूट गया था। अब 25 वर्ष बाद मुलायम सिंह के बेटे अखिलेश यादव और कांशीराम की उत्तराधिकारी मायावती एक बार फिर से भाजपा को रोकने के लिए एका कर रहे हैं।
शिवराज, रमन और वसुंधरा को नई जिम्मेदारी, बनाए गए भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
11 January 2019
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों शिवराज सिंह चौहान, रमन सिंह व वसुंधरा राजे को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी। सूत्रों के अनुसार, इन तीनों नेताओं को लोकसभा चुनाव लड़ने को कहा गया है। हाल में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में हुए चुनावों में भाजपा की हार के बाद यह फैसला किया गया है। चुनाव नतीजों के बाद ही यह तय हो गया था कि इन नेताओं को प्रदेश से राष्ट्रीय राजनीति में लाया जाएगा, ताकि राज्यों में नया नेतृत्व उभारा जा सके। शाह ने यह नियुक्तियां राष्ट्रीय परिषद की बैठक के ठीक पहले की है। बैठक में तीनों नेता नई भूमिका में मंच पर रहेंगे। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भाजपा पहले से ही नए नेताओं को विधायक दल का नेता चुन चुकी है। अब राजस्थान में भी नया नेता चुना जाएगा। तीनों नेताओं को लोकसभा चुनावों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से भी जोड़ा जाएगा। प्रधानमंत्री 29 को फिर से परीक्षा पर चर्चा करेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आने वाली 29 जनवरी को एक बार फिर छात्रों के साथ परीक्षा और उससे संबंधित तनाव पर चर्चा करेंगे। सरकार ने छात्रों से खुद को रजिस्टर कर ‘परीक्षा पे चर्चा’ प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का आह्वान किया है। इस कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में किया जाएगा। इसमें छात्र प्रधानमंत्री से बातचीत कर पाएंगे। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, प्रतियोगिता केवल कक्षा 9-12वीं और स्नातक व परास्नातक के छात्रों, उनके माता-पिता एवं शिक्षकों के लिए है। परीक्षा पे चर्चा के प्रथम संस्करण में पिछले साल प्रधानमंत्री ने देशभर के अनेक छात्रों से बातचीत की थी। देश के साथ-साथ विदेश के प्रतिभागी भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कार्यक्रम में हिस्सा ले पाएंगे।
सपा-बसपा गठबंधन का कल हो सकता है ऐलान, माया-अखिलेश ने बुलाई प्रेस कॉन्फ्रेंस
11 January 2019
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव से पहले सियासी गठजोड़ की कवायदें तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में सपा और बसपा गठबंधन भी होने जा रहा है। बसपा सुप्रीमो मायावती गुरुवार शाम लखनऊ पहुंची हैं और अब खबर आ रही है कि वो अखिलेश यादव से मुलाकात कर सकती हैं। इसके बाद शनिवार को दोनों नेता एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गठबंधन का ऐलान कर सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सपा की तरफ से एक पत्र जारी किया गया है जिसमें शनिवार को दोपहर 12 बजे गोमती नगर स्थित होटल ताज में मायावती और अखिलेश यादव एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। माना जा रहा है कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों दलों के बीच गठबंधन का औपचारिक ऐलान हो सकता है। बता दें कि इससे पहले आई खबरों में यह बात सामने आई थी कि राज्य में केवल सपा और बसपा ही गठबंधन करने वाली है और कांग्रेस को इससे अलग रखा गया है। खबर है कि पिछले दिनों लंबे विचार-विमर्श के बाद उत्तर प्रदेश के दोनों क्षेत्रीय दलों के बीच जो चुनावी समझौता हुआ है, उसके मुताबिक दोनों पार्टियां राज्य में बराबर-बराबर सीटों पर अपने-अपने प्रत्याशी उतारेंगी। जबकि कांग्रेस को इस क्षेत्रीय गठजोड़ से बाहर कर दिया गया है। सपा-बसपा गठबंधन से संयुक्त विपक्ष के महागठबंधन को धक्का लगा है। 5 सितंबर को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती के बीच राजधानी दिल्ली में देर शाम तक बैठक चली, जिसमें मोटे तौर पर फैसला हो गया था। प्रदेश की 80 में से 37 सीटों पर बसपा और 37 सीटों पर दोनों सपा चुनाव लड़ेगी, जबकि बाकी छह सीटें दूसरे दलों के लिए चुनाव की रणनीति के हिसाब से छोड़ी जाएंगी।
रक्षा मंत्री पर बयान देकर फंसे राहुल गांधी, महिला आयोग ने भेज दिया नोटिस
10 January 2019
नई दिल्ली। राजनीतिक बयानबाजी कईं बार परेशानी का सबब बन जाती है और ऐसा ही कुछ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ हुआ है। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण को लेकर दिए अपने बयान को लेकर मुश्किल में फंस गए हैं। उनके बयान पर संज्ञान लेते हुए महिला आयोग ने उन्हें नोटिस जारी किया है। मालूम हो कि राहुल गांधी के बयान को लेकर पीएम मोदी और भाजपा नेताओं ने उन पर निशाना साधते हुए आलोचना की थी। बता दें कि राहुल गांधी ने राफेल मुद्दे पर केंद्र सरकार का घेराव करते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री एक महिला (रक्षामंत्री) के पीछे छुप रहे हैं। इस बयान की राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने भी कड़ी निंदा की है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, 'राहुल गांधी का बयान- 'एक महिला से कहा मेरी रक्षा कीजिए?' महिला विरोधी है। क्या वह सोचते हैं कि एक महिला कमजोर है? राहुल इतने बड़े लोकतांत्रिक देश की रक्षामंत्री को कमजोर कह रहे हैं।' इसको लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को नोटिस भेजा है। राहुल गांधी को नोटिस जारी करते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग ने कहा है, 'उनकी टिप्पणी महिला-विरोधी, आक्रामक, अनैतिक तथा सामान्य रूप से महिलाओं के मान एवं प्रतिष्ठा के विरुद्ध असम्मान जाहिर करती है।' जानिए राहुल गांधी ने क्या कहा था राहुल गांधी ने अपनी एक रैली के दौरान कहा था कि प्रधानमंत्री ने संसद में अपने बचाव में एक महिला का सहारा लिया ,क्योंकि वह खुद की रक्षा नहीं कर सकते थे। राहुल ने कहा, '56 इंच का सीना वाले चौकीदार भाग खड़े हुए और एक महिला सीतारमण जी से कहा मेरी रक्षा करें। मैं खुद की रक्षा करने में समर्थ नहीं हूं। ढाई घंटे तक महिला उनकी रक्षा नहीं कर सकी। मैंने तो सीधा सा सवाल किया था, जिसका हां या ना में उत्तर था, लेकिन वह उत्तर नहीं दें सकीं।' इसके बाद पीएम मोदी पर पलटवार करते हुए राहुल गांधी ने गुरुवार देर शाम ट्वीट किया, 'बातें न घुमाइए, मर्द बनिए और मेरे सवालों का जवाब दीजिए।' इन्हीं दो टिप्पणियों पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया और राहुल गांधी को कारण बताओ नोटिस भेजा। मोदी ने किया पलटवार राहुल गांधी के इस आरोप के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस नेताओं पर देश की महिलाओं का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकसभा में राफेल सौदे पर तथ्यों के साथ पहुंचीं रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्ष की तथ्यात्मक ढंग से धज्जियां उड़ा दीं। राहुल का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा वह महिला रक्षा मंत्री का अपमान करने पर तुले हैं। यह एक महिला का नहीं पूरे भारत की नारी शक्ति का अपमान है। इसके लिए इन गैर-जिम्मेदार नेताओं को कीमत चुकानी होगी। यह गर्व का विषय है कि पहली बार एक महिला देश की रक्षा मंत्री बनी है।
CBI निदेशक आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजने का सरकार का फैसला सुप्रीम कोर्ट ने किया रद्द
8 January 2019
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दिए अपने बड़े फैसले में सीबीआई निदेशक आलोक कुमार वर्मा को उनके अधिकारों से वंचित कर छुट्टी पर भेजने के केंद्र सरकार के फैसले को रद्द कर दिया है। हालांकि वर्मा कोई नीतिगत फैसला नहीं ले पाएंगे। वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच छिड़ी जंग सार्वजनिक होने के बाद सरकार ने पिछले साल 23 अक्टूबर को दोनों अधिकारियों को उनके अधिकारों से वंचित कर अवकाश पर भेज दिया था। दोनों अधिकारियों ने एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। इसके साथ ही केंद्र ने ब्यूरो के संयुक्त निदेशक एम नागेश्वर राव को जांच एजेंसी के निदेशक का अस्थायी कार्यभार सौंप दिया था। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई, संजय किशन कौल और केएम जोसेफ की पीठ ने पिछले साल छह दिसंबर को याचिका पर सुनवाई पूरी कर ली थी। पीठ ने वर्मा, केंद्र सरकार, केंद्रीय सतर्कता आयोग और अन्य की दलील सुनने के बाद कहा था कि इस पर फैसला बाद में सुनाया जाएगा। कोर्ट ने गैर सरकारी संगठन कॉमन कॉज की याचिका पर भी सुनवाई की थी। इस संगठन ने न्यायालय की निगरानी में विशेष जांच दल से राकेश अस्थाना सहित जांच ब्यूरो के तमाम अधिकारियों के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कराने का अनुरोध किया था। न्यायालय ने जांच ब्यूरो की गरिमा बनाए रखने के उद्देश्य से केंद्रीय सतर्कता आयोग को कैबिनेट सचिव से मिले पत्र में लगाए गए आरोपों की जांच दो सप्ताह के भीतर पूरी करके अपनी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सौंपने का निर्देश दिया था। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश एके पटनायक को सीवीसी जांच की निगरानी का जिम्मा सौंपा गया था।
खनन घोटाले को लेकर अखिलेश पर भाजपा आक्रामक, कहा- गठबंधन रोकने वालों के पास है CBI
7 January 2019
लखनऊ। अवैध खनन मामले की जांच की आंच खुद तक पहुंचने के सवाल पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा के साथ कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वह जांच के लिए तैयार हैं और हर सवाल का जवाब देंगे। पहले कांग्रेस ने सीबीआई से मिलने का मौका दिया था, अब भाजपा यह मौका दे रही है। उन्होंने कहा कि हम गणित सुधारने के लिए गठबंधन कर रहे हैं। जिन्हें हमें गठबंधन से रोकना है, उनके पास सीबीआई है। रविवार को यहां पार्टी मुख्यालय में मीडिया से रूबरू अखिलेश ने चेताया कि "भाजपा जो संस्कृति छोड़कर जा रही है, उसे भी आने वाले समय में उसका सामना करना पड़ेगा। भाजपा ने अपना रंग दिखाया है। उसके पास जो है, वह चुनाव में उसका प्रयोग करेगी। चाहे सीबीआई हो या पैसा। लेकिन, वह यह भी समझ लें कि वोट जनता डालती है, सीबीआई नहीं।" अखिलेश ने कहा कि समाजवादी पार्टी वही गणित अपना रही है जो भाजपा ने सिखाया। भाजपा ने कितने गठबंधन किए हैं, गिनती करें तो हर प्रदेश में न जाने कितने गठबंधन मिलेंगे? सीट बंटवारे पर सीबीआई से ही पूछें गठबंधन में सीट बंटवारे पर गोलमोल जवाब देते हुए अखिलेश ने कहा- "37-37 सीटें मत करिए। यह हम नहीं तय करेंगे, यह तो सीबीआई को तय करना है कि 36-36 सीटें बंटेंगी या 35-35। इसका जवाब तो सीबीआई से पूछिए।" गठबंधन में कांग्रेस को शामिल करने पर उन्होंने कहा कि यह फैसला दोनों दलों के नेता करेंगे कि किसे शामिल करना है? इसकी जानकारी मीडिया को भी दी जाएगी। भाजपा के पास मात्र सौ दिन सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा के खिलाफ माहौल तैयार है। देश के युवा, किसान व व्यापारी सभी परिवर्तन चाहते हैं। भाजपा के पास मात्र सौ दिन हैं। लोग लोकसभा चुनाव का इंतजार कर रहे हैं कि कब उन्हें मौका मिले और वो बटन दबाकर भाजपा को जवाब दें। भाजपा राजनीतिक शिष्टाचार भी भूल चुकी है। वह चाहती है सब उसी की तरह बर्ताव करें। जिस तरह से कांग्रेस उसे चोर बोल रही है, हम लोग भी चोर-चोर बोलें। लेकिन समाजवादी अपना शिष्टाचार कभी नहीं छोड़ते। भाजपा के पास सीबीआई है तो उसका इस्तेमाल करेगी सपा प्रमुख ने ट्विटर के जरिए भी भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने ट्वीट किया कि हम ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतना चाहते हैं। हम गठबंधन करना चाह रहे हैं। भाजपा के पास क्या है? उनके पास सीबीआई है। उनका स्वागत है। सीबीआई से मिलने का मौका मिलेगा, पूछताछ होगी, उसका जवाब देंगे। भाजपा के पास सीबीआई है तो उसका इस्तेमाल करेगी।
Sabarimala Temple Row: 1700 प्रदर्शनकारी गिरफ्तार, बोर्ड सदस्य के घर फेंका देसी बम
5 January 2019
तिरुवनंतपुरम। सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के बाद शुरू हुए प्रदर्शन हिंसक बने हुए हैं और पूरा राज्य हिंसा की आग में जलता नजर आ रहा है। विरोध करने वालों ने कई जगहों पर तोड़ फोड़ की है वहीं हिंसक विरोध प्रदर्शनों की कुछ घटनाएं हुईं। कोझिकोड के पेरम्ब्रा में तड़के मालाबार देवस्वम्‌ बोर्ड के सदस्य के. शशिकुमार के घर पर देसी बम फेंका गया। पथानमथित्ता के अदूर में एक मोबाइल शॉप पर भी इसी तरह का बम फेंका गया। पुलिस ने बताया कि कन्नूर में भी देसी बम फेंके जाने की चार घटनाएं हुईं। यहां स्थानीय भाजपा कार्यालय में भी आग लगा दी गई। पथानमथित्ता, कन्नूर, कोझिकोड और तिरुवनंतपुरम में भाजपा और माकपा कार्यकर्ताओं के कई घरों पर हमले किए गए। 1,718 लोग गिरफ्तार पुलिस के मुताबिक, पिछले दो दिनों में हुई हिंसा के संबंध में अब तक 1,718 लोगों को गिरफ्तार किया है और इस सिलसिले में 1,108 मामले दर्ज किए हैं। 1,009 लोगों को एहतियातन हिरासत में रखा गया है। पुलिस ने बताया कि हिंसा में 132 पुलिसकर्मियों और 10 मीडियाकर्मियों समेत 174 लोग घायल हुए हैं। पुजारी से स्पष्टीकरण तलब सबरीमाला मंदिर का प्रबंधन संभालने वाले त्रावनकोर देवस्वम्‌ बोर्ड (टीडीबी) ने दो महिलाओं के प्रवेश के बाद शुद्धीकरण के लिए मंदिर बंद करने पर पुजारी कंडारारू राजीवारू से स्पष्टीकरण मांगा है। इसके लिए उन्हें 15 दिन का समय दिया गया है। 10 जिलों में रथ यात्राएं विभिन्न हिंदूवादी समूहों के संगठन सबरीमाला कर्म समिति और भाजपा ने शुक्रवार को केरल सरकार के खिलाफ आंदोलन और तेज करने का फैसला किया। इस क्रम में 11 से 13 जनवरी तक राज्य के 10 जिलों में रथ यात्राओं का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा 14 जनवरी को राज्यभर में 18 करोड़ "मक्र ज्योति" प्रज्ज्वलित की जाएंगी। कांग्रेस ने लोकसभा में जताई चिंता कांग्रेस सदस्य केके वेणुगोपाल ने शुक्रवार को लोकसभा में शून्यकाल के दौरान सबरीमाला का मामला उठाते हुए केरल में तनावग्रस्त स्थिति पर चिंता व्यक्त की। वेणुगोपाल बांह में काली पट्टी बांधे हुए थे। इस बीच, माकपा सदस्य पी. करुणाकरन ने हालात से निपटने में राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश के संविधान के अनुसार हर नागरिक को अपनी आस्था के मुताबिक संबंधित धार्मिक स्थान में प्रवेश करने का अधिकार है। वहीं, भाजपा सदस्य मीनाक्षी लेखी ने दावा किया कि हिदुत्व को नहीं समझने वाले लोग गलत परंपरा स्थापित कर रहे हैं। रात के अंधेरे में प्रवेश "कायरतापूर्ण" : माधवन नायर हाल में भाजपा में शामिल हुए प्रख्यात अंतरिक्ष वैज्ञानिक और पूर्व इसरो चेयरमैन जी. माधवन नायर ने शुक्रवार को कहा कि सबरीमाला मंदिर में रात के अंधेरे में 10 से 50 आयुवर्ग की दो महिलाओं द्वारा प्रवेश "कायरतापूर्ण" कृत्य है। उन्होंने केरल सरकार को सलाह दी कि वह पिछली साल आई बाढ़ के कारण तबाह हुए केरल के पुनर्निर्माण पर ध्यान केंद्रित करे। भाजपा से जुड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा, "पार्टी तंत्र में मैं कोई सक्रिय भूमिका नहीं निभा रहा हूं, लेकिन मैं बौद्धिक सहयोग कर रहा हूं।" उन्होंने बताया कि वह केरल के लिए विकास का एक एजेंडा तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं। यह जल्द ही तैयार हो जाएगा।
लोकसभा में राफेल पर चर्चा, रक्षा मंत्री दे रही हैं जवाब
4 January 2019
नई दिल्‍ली। राफेल मुद्दे पर शुक्रवार को भी लोकसभा में चर्चा जारी है। बारी-बारी से सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता अपनी बात रख रहे हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतरमन अभी विपक्ष के सवालों का जवाब दे रही हैं। संसद में सत्‍ता पक्ष-विपक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर घमासान जारी है। संसद के शीतकालीन सत्र का आज 15वां दिन हैं। अब तक दोनों सदनों में ज्‍यादातर हंगामा ही देखने को मिला है। आज दोनों सदनों में शुक्रवार की वजह से गैर सरकारी कामकाज होगा और कई प्राइवेट मेम्बर बिल पेश किए जाएंगे। लोकसभा में आज भी नियम 193 के तहत राफेल मुद्दे पर आगे की चर्चा हो रही है। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण सदन में इस मामले पर जवाब दे सकती हैं। हालांकि राफेल डील पर मोदी सरकार को सुप्रीम कोर्ट से क्‍लीन चिट मिल चुकी है। - भाजपा नेता अनुराग ठाकुर ने कहा, 'अपने 95 मिनट के इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर मुद्दे पर जवाब दिया। महिला पत्रकार से राहुल गांधी ने क्या अपेक्षा की थी? आपको क्या खाना पसंद है, आपका dog आदि कैसा है? ऐसे सवालों की। राहुल गांधी ने इस इंटरव्यू को लेकर महिला पत्रकार पर सवाल उठाए, जो कि बेहद निंदनीय है।' - भाजपा नेता अनुराग ठाकुर ने राफेल पर कांग्रेस का घेराव करते हुए कहा, 'बहस की तैयारी के लिए कांग्रेस को 20 से भी ज्यादा दिन का समय लग गया। जब विपक्ष अपने एक नेता को चर्चा का नेतृत्व करने के लिए आगे लेकर आए, वे एक कंफ्यूज और भ्रष्ट नेता थे, जो कि जमानत पर बाहर हैं। वो 20 मिनट में 20 झूठ बोलकर चले गए।' खड़गे ने लोकसभा में कहा कि सरकार कोर्ट के फैसले के आधार पर क्लीन चिट लेना चाहती है, लेकिन हमने पहले ही इसे खारिज कर दिया था कि इसपर फैसला जनता की अदालत संसद में होना है। उन्होंने कहा कि हमने जब झूठ पकड़ा तब सरकार ने इस मामले में गलती सुधारने के लिए कोर्ट में आवेदन किया है। केंद्र सरकार तो कोर्ट को भी अंग्रेजी पढ़ाना सिखा रही है। खड़गे ने कहा कि विमान की कीमत पर शक के दायरे में हैं। सरकार शुरू से ही कीमत छुपा रही है और इसके लिए करार का हवाला दे रही है। - लोकसभा में कांग्रेस सांसद खड़गे ने कहा कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के सामने राफेल मामले में झूठ बोला है। सरकार ने इस बारे में सीएजी रिपोर्ट संसद में आने की बात की थी, जो सरासर झूठ है। मैं पीएसी का अध्यक्ष में हूं, लेकिन मेरे सामने कोई रिपोर्ट आजतक आई ही नहीं। खड़गे ने कहा कि हम सरकार के झूठ पकड़वाने के लिए मामले की जांच के लिए जेपीसी का गठन चाहते हैं। कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकसभा में राफेल पर चर्चा के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में आकर चर्चा को सुनें और जवाब दें। उन्‍होंने कहा कि जब तक प्रधानमंत्री जवाब नहीं देंगे, तब तक यह मसला हल होने वाला नहीं है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ऐसे मुद्दों की जांच नहीं करेगी, इसका हल संसद के भीतर जेपीसी ही निकाल सकती है, ये बात हम कोर्ट के फैसले से पहले भी कह चुके हैं। - राष्ट्रीय जनता दल के सांसद जय प्रकाश यादव ने कहा कि देश के सामने सत्ताधारी पार्टी का पोल खुल गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने जो सवाल उठाए हैं, उनका जवाब देश जानना चाहिए। यादव ने कहा कि राफेल डील की जांच के लिए जेपीसी का गठन किया जाना चाहिए। - लोकसभा में स्पीकर ने राफेल पर नियम 193 के तहत चर्चा को मंजूरी दी। इसके बाद सपा के धर्मेंद्र यादव इस मुद्दे पर बोल रहे हैं। यादव ने कहा कि यूपीए को पहले ही राफेल विमान वायुसेना को उपलब्ध करा देने थे। लेकिन साल 2014 में जो सरकार आई उसपर इस डील में भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि सरकार ने प्राइवेट कंपनी के साथ करार किया, जिसके बाद से शंकाएं और बढ़ गई हैं। सरकार बताए कि यूपीए के जहाज से आपका जहाज तीन गुना महंगा क्यों है? यादव ने कहा कि तकनीक सार्वजनिक नहीं की जा सकती, लेकिन कीमत सार्वजनिक करने का कोई करार नहीं होता है। - लोकसभा में कांग्रेस के सांसद के सी वेणुगोपाल ने सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे केरल के लोगों और श्रद्धालुओं में काफी गुस्सा है। उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ बीजेपी ने प्रदर्शन किया, जहां पर हिंसा की गई और मीडिया पर भी हमला किया गया। - लोकसभा में एआइएडीएमके सांसद थंबीदुरई ने सदन की कार्यवाही से सस्पेंड किए गए एआइएडीएमके और टीडीपी सांसदों के निलंबन को वापस लेने की अपील की है। - लोकसभा में प्रश्न काल समाप्‍त हुआ। इससे पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली ने तीन बैंकों के विलय से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए कहा कि विलय से बैंक मजबूत होंगे और एनपीए वापस आएगा। बैंकों के विलय से किसी भी कर्मचारी की नौकरी जाएगी नहीं, बल्कि रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे। मंत्री ने कहा कि कांग्रेस की सरकार में बैंकों की लूट हुई है। - कांग्रेस की सांसद विप्लव ठाकुर ने कहा कि जब तक महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण नहीं मिलेगा, तब तक महिलाएं आगे नहीं आएंगीं। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने स्थानीय चुनाव में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिया था और कई राज्यों में उसे 50 फीसदी तक किया गया। - डीएमके सांसद कनिमोझी ने कहा कि यह दुख की बात है कि महिला आरक्षण बिल अबतक पारित नहीं हो चुका है और घर-परिवार की तरह संसद में भी फैसले पुरुष ही ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार से महिला आरक्षण बिल को बीजेपी के घोषणापत्र में शामिल करने की मांग की और कहा कि उनकी पार्टी इसका पूरी तरह से समर्थन करती है। - महिला आरक्षण बिल पर चर्चा करते हुए एआइएडीएमके की सांसद विजिला सत्यानंत ने केंद्र सरकार से दिवंगत पार्टी प्रमुख और तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता को भारत रत्न देने की मांग की। उन्होंने कहा कि वह सदी से सबसे महान नेता थीं और उनका सम्मान किया जाना चाहिए और संसद से इस बिल को पारित किया जाना चाहिए। - महिला आरक्षण के बिल पर चर्चा करते हुए सपा सांसद जया बच्चन ने कहा कि हमारी पार्टी आरक्षण बिल के खिलाफ नहीं है, लेकिन हमारी कुछ सिफारिशें हैं। उन्होंने कहा कि मौजूद बिल सिर्फ शहरी महिलाओं के लिए लाभकारी होगा, जबकि आरक्षण गरीब, ग्रामीण, दलित और पिछड़े वर्ग की महिलाओं को भी दिया जाना चाहिए। -कांग्रेस सांसदों सुनील जाखड़ तथा गुरजीत सिंह औलजा ने संसद परिसर में पंजाब के किसानों की समस्याएं उठाने के लिए आलू बेचकर विरोध प्रदर्शन किया। आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे तेलुगूदेशम पार्टी के सांसद भी कांग्रेस के प्रदर्शन में शामिल हुए। - राज्यसभा में सभापति वेंकैया नायडू ने कहा कि सदन की महिला सदस्यों ने मुझे संसद में महिलाओं के प्रतिनिधित्व से संबंधित मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की है और साथ में नोटिस भी दिया है। सभापति ने कहा कि महिला आरक्षण संबंधी कानून इस सदन से पहले ही पारित हो चुका है और दूसरे सदन में लंबित है। अगर सदस्य इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे तो यह राजनीतिक हो जाता है और यह अपने मकसद से भटक जाता है। उन्होंने कहा कि फिर भी जया बच्चन से इस चर्चा की शुरुआत करना चाहता हूं। - लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है। राज्यसभा में पूरे सदन ने संसदीय कार्य राज्यमंत्री विजय गोयल को जन्मदिन की बधाई दी। लोकसभा में प्रश्न काल शुरू हो चुका है और कांग्रेस सांसद शशि थरूर वित्त मंत्री अरुण जेटली से राज्यों में संसाधनों के वितरण संबंधी सवाल पूछ रहे हैं। -संसद परिसर में आंध्र प्रदेश के लिए विशेष दर्ज की मांग पर टीडीपी के सांसद प्रदर्शन कर रहे हैं। गुरुवार को दोनों सदनों में खूब हुआ हंगामा लोकसभा में गुरुवार को राफेल डील पर चर्चा होनी थी, लेकिन सांसदों के हंगामे की वजह से चर्चा नहीं हो सकी। इसके बाद सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। दूसरी ओर राज्यसभा में शीतकालीन सत्र के दौरान पहली बार कामकाज सुचारू ढंग से चला। बीते दिन उच्च सदन में कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लगाने से संबंधित संकल्प पर चर्चा हुई। साथ ही शिक्षा से जुड़े दो अहम विधेयकों पर भी राज्यसभा में ध्वनिमत से मुहर लगाई गई।
सबरीमाला मामला: मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का हो रहा विरोध, CM ने RSS पर लगाए आरोप
3 January 2019
तिरूवनंतपुरम। सबरीमाला मंदिर में बुधवार को दो महिलाओं के प्रवेश कर जाने के बाद यह मामला और गरमा गया है। इसके विरोध में हिंदूवादी संगठनों ने आज राज्य में बंद बुलाया है और जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस बीच मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शन में घायल एक व्यक्ति की मौत हो गई है। इस व्यक्ति की पहचान 55 वर्षीय चंदन उन्नीथन के रूप में हुई है। प्रदर्शन के दौरान राज्य सचिवालय करीब पांच घंटे तक संघर्ष स्थल में तब्दील हो गया और सत्तारूढ़ माकपा तथा भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई और उन्होंने एक दूसरे पर पत्थर फेंके। मुख्यमंत्री पी विजयन ने इस मुद्दे पर मीडिया से कहा कि महिलाओं को सुरक्षा देना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार ने संवैधानिक जिम्मेदारी को पूरा किया है। संघ परिवार सबरीमाला को युद्धक्षेत्र बनाने की कोशिश कर रहा है। हिंसक प्रदर्शनों में 7 पुलिस वाहन, 79 राज्य परिवहन की बसों को नुकसान पहुंचाया गया है वहीं 7 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं जिनमें ज्यादातर महिलाएं हैं। मीडया वाले भी भीड़ के शिकार बने हैं। वहीं गुरुवार को राज्य के कई हिंदूवादी संगठनों द्वारा बुलाए गए एक दिन के बंद को लेकर भाजपा ने समर्थन में मार्च भी निकाला है साथी ही बयान जारी किया है और कहा है यह बंद शांतिपूर्ण हो। सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के मुद्दे को लेकर यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट राज्य में 'काला दिवस' मनाने का एलान किया है। कई संगठनों के बंद के आह्वान को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गए हैं। बुधवार को महिलाओं के मंदिर में प्रवेश की खबर फैलने के बाद, दक्षिणपंथी समूहों के कार्यकर्ताओं ने विरोध करते हुए हाइवे ब्लॉक कर दिया। दुकानें और बाजार जबरन बंद करा दिए। बंद के कारण यातायात पर बुरा असर पड़ा है और राज्य परिवहन की बसों के अलावा हवाई यातायात भी प्रभावित हुआ है। प्रवेश पर भाजपा नेता बोले यह षडयंत्र मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर भाजपा नेता वी मुरलीधरन ने कहा है कि जो महिलाएं मंदिर में गईं वो श्रद्धालु नहीं थीं। वो नक्सली थीं, सीपीएम ने चुनिंदा पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर प्लान बनाया और महिलाओं को मंदिर प्रवेश करवाया यह नक्सली, केरल सरकार और सीपीएम द्वारा प्लान किया गया षडयंत्र है। झड़प में एक कार्यकर्ता की मौत पंडालम में सीपीआइएम और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प में घायल हुए सबरीमाला कर्म समिति के एक 55 वर्षीय कार्यकर्ता ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हालांकि, पुलिस मामले की जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि मरने वाले शख्स का नाम चंदन उन्नीथन था। यह महिलाओं के मंदिर में प्रवेश करने का विरोध कर रहा था। महिलाओं ने किया सबरीमाला मंदिर में प्रवेश गौरतलब है कि बुधवार को लंबी जद्दोजहद के बाद दो महिलाएं सबरीमाला मंदिर में प्रवेश पाने में कामयाब हो गईं। इसके साथ ही वर्षों से चली आ रही परंपरा भी टूट गई और सुप्रीम कोर्ट के फैसले को अमल में लाने में केरल सरकार कामयाब हो गई। वहीं, महिलाओं के प्रवेश के बाद मंदिर को शुद्धिकरण की प्रक्रिया के लिए बंद कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक करीब 40 वर्षीय दो महिलाएं बिंदू और कनकदुर्गा ने सुबह पौने चार बजे के करीब मंदिर में प्रवेश कर गईं और वहां पूजा अर्चना की। उन दोनों के साथ पुलिस भी थी। सबरीमाला में नहीं थी प्रवेश के इजाजत केरल राज्‍य में स्थित सबरीमाला मंदिर में दस से 50 साल तक की महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध है। इसके पीछे यह मान्यता है कि इस मंदिर के मुख्य देवता अयप्पा ब्रह्मचारी थे। ऐसे में इस तरह की महिलाओं के मंदिर में जाने से उनका ध्यान भंग होगा। यहां सिर्फ छोटी बच्चियां और बूढ़ी महिलाएं ही प्रवेश कर सकती हैं। सबरीमाला मंदिर में हर साल नवम्बर से जनवरी तक, श्रद्धालु अयप्पा भगवान के दर्शन के लिए जाते हैं, बाकि पूरे साल यह मंदिर आम भक्तों के लिए बंद रहता है। सर्वोच्‍च अदालत का सुप्रीम फैसला गौरतलब है कि 800 साल पुरानी इस प्रथा पर देश की शीर्ष अदालत ने अपना सुप्रीम फैसला सुनाते हुए नारियों को सबरीमाला मंदिर में जाने की इजाजत दे दी। अब सबरीमाला मंदिर में महिलाएं भी भगवान अयप्‍पा के दर्शन कर सकती हैं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी महिलाओं के मंदिर में प्रवेश करने को लेकर विरोध हो रहा था। केरल की पिनरई विजयन सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले को अमल में लाने को बाध्य थी तो दूसरी ओर उसे विरोध का भी सामना करना पड़ रहा था। आखिरकार आज महिलाएं मंदिर में प्रवेश पाने में कामयाब हो गईं।
राज्यसभा में सरकार ने फिर पेश किया तीन तलाक बिल, पांच दिन में कराना होगा पारित
2 January 2019
नई दिल्ली। पिछले साल कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी और व्यापार युद्ध जैसी विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेज विकास वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बनी रही। देश की विकास दर में हालांकि इस दौरान काफी उतार-चढ़ाव भी देखा गया, लेकिन यह सात फीसद से ऊपर बनी रही। जनवरी-मार्च तिमाही में देश की विकास दर 7.7 फीसद रही, उसके बाद अप्रैल-जून तिमाही में विकास दर 8.2 फीसद और जुलाई-सितंबर तिमाही में यह 7.1 फीसद रही। इस बीच ब्याज बढ़ने और नकदी की उपलब्धता घटने के कारण फिच रेटिंग ने चालू वित्त वर्ष में देश की विकास दर के अपने अनुमान को 7.8 फीसद से घटाकर 7.2 फीसद कर दिया। नीति आयोग के वाइस चेयरमैन राजीव कुमार के मुताबिक नए साल में सरकार का ध्यान विकास दर में तेजी लाने के लिए सुधार की गति को तेज करने पर रहेगा। नए साल में भारत की विकास दर 7.8 फीसद रहेगी। इस दौरान निवेश में और तेजी आएगी और निजी निवेश बढ़ेगा। विशेषज्ञों का हालांकि मानना है कि विकास दर में गिरावट को देखते हुए सरकार अगले आम चुनाव से पहले खर्च बढ़ाने को बाध्य हो सकती है और इसके कारण वित्तीय स्थिति दबाव में आ सकती है। तेल कीमत में अचानक बढ़ोतरी (जिसमें अब काफी गिरावट आई है), डॉलर में मजबूती, अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की विकास दर में गिरावट और सालभर में ही फेडरल रिजर्व (अमेरिकी केंद्रीय बैंक) द्वारा चार बार ब्याज दर बढ़ाने का नकारात्मक असर 2018 में भारत की अर्थव्यवस्था पर रहा। गत वर्ष बैंकिंग सेक्टर सुर्खियों में रहा। साल के शुरू में सबसे बड़ा बैंकिंग घोटाला सामने आया। 14 फरवरी को पंजाब नेशनल बैंक ने कहा कि उसे 11,400 करोड़ रुपए के एक घोटाले का पता चला है। इस घोटाले में अरबपति ज्वेलर नीरव मोदी की संलिप्तता थी। गत साल 77,417 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड विनिवेश सरकार ने गत साल सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी का विनिवेश कर रिकॉर्ड 77,417 करोड़ रुपए कमाए। इस दौरान सरकार ने विनिवेश लक्ष्य हासिल करने के लिए कंपनियों के विलय का एक नया तरीका भी अपनाया। सरकार के विनिवेश कार्यक्रमों में प्रमुखता से शामिल रहे एचपीसीएल का ओएनजीसी द्वारा अधिग्रहण, सीपीएसई ईटीएफ, भारत-22 ईटीएफ और कोल इंडिया की हिस्सेदारी बिक्री। इसके अलावा छह प्रारंभिक पब्लिक ऑफर (आइपीओ) भी लाए गए। इस बीच एयर इंडिया की 74 फीसद हिस्सेदारी बेचने की सरकार की योजना परवान नहीं चढ़ पाई।
स्मार्ट सिटी मिशन-2018
चार चरण में 100 स्मार्ट सिटी का चुनाव- सभी स्मार्ट सिटी में एसपीवीएस सम्मिलित

1 January 2019
आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने नागरिकों के अनुकूल शहरी क्षेत्र विकसित करने के लिए 6,85,758 करोड़ रुपए से ज्यादा के निवेश सहित कई अन्य पहल की गई है। इसके जरिए भारतीय शहरों के कायाकल्प और रुपांतर का लक्ष्य हासिल करने के लिए दुनिया की सबसे महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की गई है. स्वच्छ भारत मिशन के जरिए मूलभूत शहरी सुधार, शहरों के कायाकल्प की योजनाएं, निजी और सार्वजनिक शौचालय का निर्माण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के जरिए बदलाव की शुरुआत की जा चुकी है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 2,05,018 करोड़ रुपए के 5000 से ज्यादा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की शुरुआत और कार्यान्वयन किया जा चुका है। प्रधान मंत्री आवास योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में 65 लाख से ज्यादा आवास के निर्माण को स्वीकृति दी जा चुकी है। मिशन अमृत योजना के तहत पानी, सीवरेज और सफाई के लिए 77,640 करोड़ रुपए की योजना का प्रावधान. नई मेट्रो लाइन के जरिए शहरी यातायात का विस्तार करने, शहरी युवाओं का कौशल विकास कर दीनदयाल अंत्योदय योजना- राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत रोजगार योग्य बनाने के लक्ष्य पर आगे चलने के साथ ही 12 शहरों के लिए सिटी हृदय योजना के कार्यान्वयन को मंजूरी भी दी जा चुकी है। मंत्रालय घर खरीदारों के हित के लिए पूरे देश में रेरा (RERA) के तहत कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के साथ ही पूरी ताकत से रियल स्टेट के क्षेत्र में भी सुधार के लिए लगा हुआ है।
स्मार्ट सिटी मिशन
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत अखिल भारतीय प्रतियोगिता के चार राउंड के जरिए 100 स्मार्ट शहरों का चयन किया गया है। सभी 100 शहरों को स्पेशल पर्पस व्हीकल (एसपीवी) में सम्मिलित किया गया है। मिशन की शुरुआत के साथ ही 100 शहरों में 5,151 प्रोजेक्ट चिन्हित किए गए, जिनके विकास पर 2 लाख करोड़ से ज्यादा की राशि खर्च की जानी है. इन सारे प्रोजेक्ट में अलग अलग चरणों पर कार्य चल रहा है। 10,116 करोड़ रुपए के 534 प्रोजेक्ट पर कार्य पूरा किया जा चुका है। 43,493 करोड़ रुपए की 1,177 योजनाओं का कार्यान्वयन शुरू हो चुका है। जबकि 38,207 करोड़ रुपए के 677 प्रोजेक्ट पर निविदा की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है. स्मार्ट सोल्यूशन, स्मार्ट सड़कें, स्मार्ट पेयजल, छत पर सौर ऊर्जा, दर्शनीय और प्रभावपूर्ण प्रोजेक्ट जैसी योजनाओं की प्रगति नीचे दर्शाई गई है:  स्मार्ट कमांड और कंट्रोल सेंटर योजना के लिए 11 शहरों में 1,558 करोड़ के प्रोजेक्ट पूरे किए जा चुके हैं. 3,049 करोड़ के प्रोजेक्ट 29 शहरों में प्रगति पर हैं। 21 शहरों के लिए 2,730 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट के लिए निविदा जारी की जा चुकी है। स्मार्ट सड़क प्रोजेक्ट के तहत 4 शहरों में 228 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट पूरा कराए जा चुके हैं। 34 शहरों में 3,819 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट निर्माणाधीन हैं। 10 शहरों में 2,069 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट के लिए निविदा जारी की जा चुकी है। स्मार्ट वाटर प्रोजेक्ट के तहत 18 शहरों में 902 करोड़ रुपए के कार्य पूरे किए जा चुके हैं। 35 शहरों में 5,961 करोड़ रुपए के कार्य प्रगति में हैं। जबकि 17 शहरों में 921 करोड़ रुपए के कार्यों की निविदा जारी की जा चुकी है। सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट के तहत 8 शहरों 58 करोड़ रुपए के कार्य किए जा चुके हैं। 42 शहरों में 828 करोड़ रुपए के कार्य प्रगति पर हैं। जबकि 9 शहरों में 300 करोड़ रुपए के कार्यों के लिए निविदा जारी की जा चुकी है। दर्शनीय और प्रभावपूर्ण प्रोजेक्ट के तहत 16 शहरों में 179 करोड़ रुपए के कार्य पूरे किए जा चुके हैं। 32 शहरों में 3,701 करोड़ रुपए के कार्य प्रगति पर हैं। जबकि 20 शहरों में 2,828 करोड़ रुपए के कार्य के लिए निविदा जारी की जा चुकी है।  वैल्यू कैप्चर फाइनांस (वीसीएफ) का नीतिगत ढांचा मंत्रालय ने 28 फरवरी 2017 को जारी कर दिया है। राज्यों/ शहरों में आधारभूत संरचना के विकास से संबंधित जरूरी कार्यों के लिए अतिरिक्त धन उपलब्ध कराने का ये बेहद कारगर तरीका है। अब तक 17 राज्य वीसीएफ का ढांचा विकसित करने के लिए पेशेवर कंपनियों को इस कार्य में लगा चुके हैं. उम्मीद है कि इसके विकसित होने पर राज्यों को अतिरिक्त आय प्राप्त करने में मदद मिलेगी। स्मार्ट सिटी मिशन के जरिए दूसरे महत्वपूर्ण पहल आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (एमओएचयूए) ने ‘ईज ऑफ लिविंग’ सूचकांक की शुरुआत की है। शहरों में रहन-सहन को लेकर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के हिसाब से देश के शहरों की स्थिति की पड़ताल और मूल्यांकन के आधार पर शहरी विकास और प्रबंधन के स्तर में सुधार के लिए किया है। जून 2017 में ये तय किया गया कि रहन-सहन के सूचकांक के आधार पर 116 शहरों की रैंकिंग की जाएगी। 19 जनवरी 2018 को मूल्यांकन के आधार पर कार्यान्वयन की शुरुआत की गई। 13 अगस्त 2018 को मंत्रालय ने 111 शहरों को रहन-सहन के सूचकांक के हिसाब से रैंकिंग जारी की. इसके तहत शहरी विकास (प्राकृतिक, संस्थागत, सामाजिक और आर्थिक) के सभी महत्वपूर्ण स्तंभों के मानकों पर गौर किया गया और 15 वर्गों (संचालन, पहचान और संस्कृति, शिक्षा, स्वास्थ्य, बचाव और सुरक्षा, वित्त, किफायती आवास, भूमि उपयोग योजना, सार्वजनिक खुला जगह, परिवहन, सुनिश्चित पेजयल आपूर्ति, अपशिष्ट जल प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, ऊर्जा और पर्यावरण की गुणवत्ता) में 78 सूचकांकों के आधार पर शहरों का वर्गीकरण किया गया।  भारतीय स्मार्ट सिटी फेलोशिप और भारतीय स्मार्ट सिटी इंटर्नशिप प्रोग्राम की शुरुआत 9 जुलाई 2018 को की गई। फेलोशिप के लिए 3000 से ज्यादा आवेदन प्राप्त किए गए. नवंबर 2018 में शहरी प्रबंधन, शहरी डिजाइन, इंजीनियरिंग, सूचना तकनीक, शहरी गतिशीलता, वित्तिय, सामाजिक क्षेत्र और पर्यावरण के मुद्दों से जुड़े 30 युवा ग्रेजुएट/ पोस्ट ग्रेजुएट और पीएचडी छात्रों का चयन मंत्रालय ने किया गया।  अखिल भारतीय प्रतिस्पर्धा सीआईटीआईआईएस (सिटीज इनवेस्टमेंट टू इनोवेट इंटीग्रेट एंड सस्टेन) की शुरुआत 9 जुलाई 2018 को एजेंस फ्रैंकेस डी डेवेलॉपमेंट (एएफडी) और यूरोपिय यूनियन के सहयोग से की गई। अखिल भारतीय प्रतिस्पर्धा के तहत चुने गए स्मार्ट शहर को 15 नवीन परियोजनाओं के लिए एजेंस फ्रैंकेस डी डेवेलॉपमेंट (एएफडी) 100 मिलियन यूरो का ऋण देगा। सभी परियोजनाएं चार सेक्टर- सस्टेनेबल मोबिलिटी, सार्वजनिक खुली जगह, शहरी संचालन और सूचना और संचार तकनीक के साथ ही कम आय वाले इलाकों में सामाजिक और संस्थागत नवीकरण के क्षेत्र में चलाई जाएंगी। चुने गए प्रदर्शनीय परियोजनाओं की तैयारी और निर्माण के लिए तकनीकी सहयोग और वैश्विक विशेषज्ञता भी उपलब्ध कराई जाएगी। सितंबर 2018 में अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा सीआईटीआईआईएस से संबंधित तैयारी के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया था। शहरों ने जो प्रस्ताव जमा किए हैं उसका मूल्यांकन किया जा रहा है।  स्मार्ट सिटी डिजिटल पेमेंट अवॉर्ड 2018 की शुरुआत 9 जुलाई 2018 को की गई थी। इस अवॉर्ड का मकसद डिजिटल लेनदेन को प्रोत्साहित करने और भुगतान के अभिनव पहल के लिए स्मार्ट शहरों को मार्गदर्शन, प्रेरणा, पहचान देना और पुरस्कृत करना है। 65 शहरों ने प्रश्नावली के दूसरे चरण में हिस्सा लिया. प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया जा रहा है। जल्द ही नतीजे भी घोषित किए जाएंगे।

प्रधानमंत्री आज पूर्वांचल के दौरे पर, देंगे कईं बड़ी सौगातें, वाराणसी में बिताएंगे तीन घंटे
29 December 2018
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गाजीपुर और वाराणसी में होंगे। प्रधानमंत्री दोपहर में गाजीपुर के आरटीआई मैदान में आयोजित समारोह में महाराजा सुहेलदेव पर डाक टिकट जारी करने के बाद राजभर समाज की सभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान गाजीपुर मेडिकल कालेज का शिलान्यास भी वह करेंगे। गाजीपुर की जनसभा में एक लाख से अधिक की भीड़ जुटने का अनुमान है। गाजीपुर जिले में उनका हेलीकाप्टर आरटीआई मैदान में दोपहर 12.20 बजे लैंड करेगा। वे गाजीपुर में करीब सवा घंटे तक रहेंगे। प्रधानमंत्री बनने के बाद गाजीपुर में उनका यह दूसरा आगमन है। इससे पहले वह 14 नवंबर 2016 को इसी मैदान में आ चुके हैं। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में राज्यपाल राम नाईक के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व केंद्रीय रेल राज्‍य मंत्री मनोज सिन्हा सहित केंद्र व प्रदेश सरकार के कई मंत्री मौजूद रहेंगे। गाजीपुर में सभा के उपरांत उनका हेलीकाप्टर वाराणसी के भुल्लनपुर स्थित पीएसी हेलीपैड पर लैंड करेगा। यहां से वे चांदपुर स्थित नवनिर्मित अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान केंद्र जाएंगे जहां उन्हें अंतरराष्‍ट्रीय केंद्र का उद्घाटन करना है। इसके बाद पीएम बड़ा लालपुर स्थित ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर प्रस्थान करेंगे, जहां वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। 2100 करोड़ का ऋण करेंगे वितरित ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर में प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी समेत पूर्वांचल के 11 जिलों के हस्तशिल्पियों को 21 सौ करोड़ से अधिक का ऋण वितरित करने के साथ ही किट प्रदान करेंगे। प्रयागराज में होने वाले कुंभ पर आधारित काफी टेबल बुक का विमोचन करने के साथ ही प्रधानमंत्री मोदी काशी विश्वनाथ मंदिर कारिडोर के फाइनल डिजाइन का ब्लू प्रिंट देखने के साथ ही काशी में भविष्य में होने वाले विकास कार्यों का प्रेजेंटेशन भी देखेंगे। भविष्य का रोडमैप देखेंगे प्रधानमंत्री वर्ष 2018 में अपने अंतिम दौरे पर शनिवार को आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर काशी की सौगातों से झोली भरेंगे। प्रधानमंत्री मोदी का अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में यह सोलहवां दौरा होगा। अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान केंद्र का शुभारंभ करने आ रहे पीएम मोदी इस बार 278 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं की सौगात देंगे। 98 करोड़ 73 लाख की विभिन्न चौदह योजनाओं का शिलान्यास करेंगे तो 180 की लागत से तैयार 15 प्रोजेक्ट का लोकार्पण करेंगे। जिलाधिकारी और कमिश्नर प्रधानमंत्री को टीएफसी में ही काशी के भविष्य का रोडमैप दिखाने के साथ ही बीते दिनों अहमदाबाद में फाइनल हुए काशी विश्वनाथ मंदिर कारिडोर की डिजाइन का ब्लू प्रिंट भी प्रेजेंटेशन के माध्यम से दिखाएंगे। साढ़े तीन घंटे काशी में रहेंगे पीएम प्रधानमंत्री 29 दिसंबर को वाराणसी में लगभग साढ़े तीन घंटे रहेंगे। बाबतपुर एयरपोर्ट से 29 को पीएम मोदी सेना के हेलीकाप्टर से पहले गाजीपुर जाएंगे। वहां महाराजा सुहेलदेव पर डाक टिकट जारी करने के साथ ही जनसभा को संबोधित करेंगे। जनसभा के बाद पीएम वापस वाराणसी आएंगे। हेलीकाप्टर से पीएम मोदी सीधे भुल्लनपुर स्थित पीएसी के हेलीपैड उतरेगा। वहां से वह कलेक्ट्री फार्म स्थित अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान केंद्र का शुभारंभ करेंगे। चावल अनुसंधान केंद्र का शुभारंभ करने के बाद पीएम मोदी टीएफसी में आयोजित ओडीओपी कार्यक्रम में बुनकरों को ऋण वितरण, किट वितरण के साथ ही लाभार्थियों से संवाद करेंगे। वहीं पर शिलान्यास, लोकार्पण के साथ ही विश्वनाथ मंदिर कारिडोर व भविष्य की काशी से संबंधित प्रेजेंटेशन देंगे। टीएफसी में कार्यक्रम के बाद पीएम रिंग रोड होते हुए बाबपुर फोरलेन के रास्ते एयरपोर्ट पहुंचेंगे और वहां से अंडमान के लिए प्रस्थान करेंगे।
Anti Narcotics : 1000 करोड़ रुपए की ड्रग्स के साथ 4 लोग हुए गिरफ्तार
28 December 2018
मुंबई। महाराष्ट्र पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने बुधवार को वकोला इलाके से फेंटानिल नाम की प्रतिबंधित ड्रग्स के साथ चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इसका इस्तेमाल एनेस्थीसिया के तौर पर दर्द से राहत दिलाने के लिए किया जाता है। इसका उपयोग नशे के लिए भी होता है। यह ड्रग नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थ एक्ट के तहत प्रतिबंधित है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 1,000 करोड़ रुपए बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि इस ड्रग्स को अमेरिका भेजने की तैयारी थी। नारकोटिक्स विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपियों की पहचान सलीम डोला, घनश्याम सरोज, भाई चंद्रमणि और संदीप तिवारी के रूप में हुई है। चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें 1 जनवरी तक की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। वे अमेरिका के अलावा अन्य देशों में भी इस ड्रग्स को भेजने की तैयारी कर रहे थे। इसके लिए वे दलालों के संपर्क में भी थे। उनके पास से ड्रग्स से भरे चार ड्रम जब्त हुए हैं। कोर्ट ने आरोपियों को 1 जनवरी तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है। डोला को एक बार पहले भी राजस्व खुफिया निदेशालय और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने दिल्ली से गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने कोर्ट में दावा किया कि उनके पास से जब्त किया गया पदार्थ फेंटानिल नहीं है। साथ ही उनके पास इसकी खरीदी के दस्तावेज भी हैं। फेंटानिल का इस्तेमाल एनेस्थीसिया और कैंसर के इलाज में किया जाता है। नशे के लिए इसे कोकीन और हेरोइन में मिलाया जाता है। सलीम डोला को पहले भी दिल्ली में एनसीबी ने ड्रग्स सप्लाई के केस में गिरफ्तार किया था। साल 2016 में 79 किलो चरस के केस में उसे मुंबई की एक अदालत ने बरी कर दिया था।
PM Modi Rally : हिमाचल में भाजपा का एक साल पूरा, PM मोदी बोले घर जैसा लगता है यहां
27 December 2018
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार का एक साल पूरा हो गया है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धर्मशाला में पहुंचे, तो सीएम जयराम ठाकुर ने पीएम मोदी का स्वागत किया। इसके बाद पीएम मोदी धर्मशाला केंद्र और राज्य सरकार की योजना के लाभार्थियों से भी रू-ब-रू हुए। राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार को आज एक साल पूरा होने के मौके पर उन्होंने राज्य सरकार की उपलब्धियों का दस्तावेज जारी किया। इस अवसर पर कांगड़ा के धर्मशाला शहर में प्रधानमंत्री की बड़ी रैली आयोजित की जा रही है, जिसमें मोदी ने जन आभार रैली को संबोधित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता कर दिया गया है। हिमाचल सरकार आज के दिन को ‘गुड गवर्नेंस दिवस’ के तौर पर मना रही है। हिमाचल आकर लगता है, घर आ गया हूं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा क‍ि जब भी ह‍िमाचल आने का मौका म‍िलता है, तो लगता है अपने घर आ गया हूं अपनों के बीच आ गया हूं। बहुत लंबे अरसे तक यहां के कोने-कोने में जाकर संगठन का काम करने का सौभाग्‍य म‍िला, काफी कुछ सीखने को म‍िला। ज‍िनके साथ उस समय काम करने का मौका म‍िला, आज खुशी है क‍ि वे सभी हिमाचल की पहली पंक्ति के नेता बन गए हैं। यह बेहद खुशी का पल है। उन्‍होंने इस दौरान ह‍िमाचल के शक्तिपीठों को याद करते हुए कहा क‍ि यहां का हर गांव देवी-देवताओं का गांव है। ह‍िमाचल आकर शांत‍ि व भाईचारा अनुभव होता है। यह ह‍िमाचल की एक बड़ी पहचान है। धर्मशाला ने आज खेल के क्षेत्र में दुन‍िया भर में अपना नाम बनाया है। बेहद कम समय में यहां का व‍िकास हुआ है। पीएम ने याद की कांगड़ी धाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा क‍ि कांगड़ा की कांगड़ी धाम को कभी नहीं भूला हूं। चने और माह की दाल, जीमीकंद की सब्‍जी, रंगीन चावल और जब मदरा परोसा जाता है, तो उस स्‍वाद को मैं आज तक नहीं भूला हूं। इस दौरान उन्‍होंने पूर्व पीएम अटल ब‍िहारी वाजपेयी को भी याद क‍िया। पीएम ने कहा क‍ि अटल जी के कारण ही आज ह‍िमाचल में औद्योगिक क्रांति आई है। उनके योगदान को नहीं भुलाया जा सकता है। उन्‍होंने कहा क‍ि पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी पहाड़ के काम नहीं आती है। आज ह‍िमाचल की सरकार ने यह साब‍ित कर द‍िया है क‍ि पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी भी पहाड़ के काम आएगी। उन्‍होंने कहा क‍ि ह‍िमाचल में रेल नेटवर्क के ल‍िए करोड़ों रुपए खर्च क‍िए जा रहे हैं। ह‍िमाचल में पर्यटन को बढ़ावा देने के ल‍िए सरकार कार्य कर रही है। इस रैली के ल‍िए प्रदेश भर से हजारों की संख्‍या में लोग धर्मशाला के पुल‍िस ग्राउंड पहुंचे हैं। नरेंद्र मोदी का यहां पहुंचने पर राज्‍यपाल आचार्य देवव्रत व मुख्‍यमंत्री जय राम ठाकुर सह‍ित मंत्र‍िमंडल के अन्‍य सदस्‍यों ने स्‍वागत क‍िया। नरेंद्र मोदी ने यहां पहुंचने के बाद प्रदेश सरकार की एक साल की उपलब्धियों को दर्शाती प्रदर्शनी का अवलोकन क‍िया। एक साल बेमिसाल गौरतलब है कि 27 दिसंबर, 2017 को ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने 11 मंत्रियों के साथ शपथ ग्रहण की थी। उस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष भी शामिल हुए थे। 68 विधानसभा सीटों के हिमाचल प्रदेश में बीजेपी ने 44 सीटों पर जीत हासिल कर प्रचंड बहुमत हासिल किया था। प्रधानमंत्री के दौरे से पूर्व राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि केंद्र सरकार ने पिछले एक साल में राज्य को 9 हजार करोड़ रुपए से अधिक की मदद की है। इसके अलावा जल्द ही राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की ओर से निवेश मेले का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान राज्य में 80 हजार करोड़ रुपए के निवेश कराने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार के एक साल का काम बेमिसाल है। सीएम ने गिनाई उपलब्धियां इस दौरान सीएम जयराम ठाकुर ने अपने संबोधन में सरकार के एक साल के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन को बढ़ाकर 1300 रुपए कर दिया गया है। विकास को और ज्यादा गति देने के लिए हिमाचल सरकार प्रतिबद्ध है। सीएम ने कहा कि जनमंच कार्यक्रम से सरकार सीधे लोगों की समस्याओं का समाधान कर रही है। अभी तक 20 हजार से ज्यादा समस्याओं का समाधान किया जा चुका है। सीएम ने कहा कि साल 2019 के लोक सभा चुनावों में भी भाजपा चारों सीटें पर जीतेगी। रैली के लिए बच्चों को ले जा रही बस पलटी मोदी की रैली के ल‍िए धर्मशाला आ रही एक स्‍कूल बस हादसे का श‍िकार हो गई। इस कारण 45 छात्र घायल हो गए हैं। इनमें चार छात्रों को टांडा अस्‍पताल लाया गया है। जबक‍ि अन्‍य का लंज प्राथम‍िक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र में उपचार क‍िया जा रहा है। इन छात्रों में 10 छात्राओं को मामूली चोटें आई हैं। ज‍िला कांगड़ा के तहत आने वाले सेंट रुद्राक्ष कॉन्वेंट स्कूल खब्बल कथोली नगरोटा सूरियां की बस कंप्यूटर सेंटर के स्किल डवेल्पमेंट विद्यार्थियों को लेकर ज‍िला मुख्‍यालय धर्मशाला में आयोज‍ित होने वाली पीएम की रैली को जा रही थी कि लंज के पास बस पलट गई है। पलटने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। घायलों को उपचार के लिए पीएचसी लंज में प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है, जबकि चार विद्यार्थियों को टांडा अस्पताल में रैफर किया गया है। हादसे के बाद सभी छात्र छात्राओं को लंज के प्राथम‍िक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र ले जाया गया। मगर, वहां सुव‍िधाएं व अध‍िक बेड न होने से घायलों को जमीन में लेटाकर उपचार शुरू क‍िया गया है।
Kamal nath Cabinet: मंत्रियों के नामों पर लगी मुहर, सीएम भोपाल के लिए रवाना
25 December 2018
भोपाल। मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल गठन के लिए पिछले 5 दिनों से जारी मंथन मंगलवार सुबह समाप्त हो गया। कांग्रेस आलाकमान ने मंत्रियों के नामों पर मुंहर लगा दी इसके बाद सीएम कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया और विवेक तन्खा राजकीय विमान से भोपाल के लिए रवाना हुए। करीब 1 बजे तक वे भोपाल पहुंच जाएंगे। शपथ ग्रहण समारेाह में आने वाली भीड़ को देखते हुए राजभवन में आने-जाने वाहनों पर रोक लगाई गई है। वाहन अंदर जाएंगे और आमंत्रितगणों को छोड़कर बाहर आ जाएंगे। पहली बार राजभवन के बाहर मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय के ग्राउंड में शपथ ग्रहण के लाइव प्रसारण के लिए एलसीडी स्क्रीन लगाई गई है। मंत्री बनने वालों के समर्थक यहां बैठकर कार्यक्रम देख सकेंगे। स्टेट गैरेज ने 30 मंत्रियों के लिए कार तैयार करके रखी हैं, यह सभी गाड़ियां राजभवन परिसर में ही खड़ी रहेंगी, मौके पर ही मंत्रियों को वाहनों का आवंटन किया जाएगा। वहीं मंत्रियों को इस बार एक-एक करके शपथ दिलाई जाएगी। सूत्रों के मुताबिक कमलनाथ सरकार में जिन मंत्रियों को लिया जा रहा है, उनमें डॉ. गोविंद सिंह, आरिफ अकील, केपी सिंह, बिसाहूलाल सिंह, बृजेंद्र सिंह राठौर, बाला बच्चन, जीतू पटवारी, डॉ. प्रभुराम चौधरी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, इमरती देवी, गोविंद सिंह राजपूत, तुलसीराम सिलावट, राजवर्द्धन सिंह, लाखन सिंह यादव, कमलेश्वर पटेल, हिना कांवरे, झूमा सोलंकी, लखन घनघोरिया, तरुण भनोत, दीपक सक्सेना, हुकुमसिंह कराड़ा, सज्जन सिंह वर्मा, लक्ष्मण सिंह या जयवर्द्धन सिंह के नाम प्रमुखता से सामने आए हैं। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष के लिए चर्चा में चल रहे नामों में डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ और एनपी प्रजापति में से जिसे भी स्पीकर चुना जाता है तो अन्य को मंत्रिमंडल में लिए जाने की संभावना है। दो निर्दलीय प्रत्याशियों प्रदीप जायसवाल और ठा. सुरेंद्र सिंह शेरा भैया को मंत्रिमंडल में लिए जाने का नाथ पहले ही संकेत दे चुके हैं।
राहुल गांधी ने विदिशा में नरेंद्र मोदी सरकार पर साधा निशाना
23 November 2018
मध्य प्रदेश में चुनाव के लिए अब सिर्फ 5 दिन बाकी हैं। आज कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की सभा विदिशा जिले के बासौदा, रायसेन के मंडीदीप और सीहोर जिले के नसरुल्लागंज में है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की सभा छिंदवाड़ा के पांर्ढुना, सिवनी के लखनादौन, बालाघाट और जबलपुर के सिहोरा में है। शाम को वे कटनी शहर में रोड शो करेंगे। केंद्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीमारमण की ग्वालियर में सभा। शाहनवाज हुसैन की सभा उज्जैन जिले के घट्टिया के ताजपुर और बुरहानपुर में। दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी की जनसभा छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव, बैतूल जिले के आमला, बालाघाट के कटंगी और रायसेन के भोजपुर में। सिंगरौली में बसपा सुप्रीमा मोयावती ने चुनावी सभा में कहा कि हमारी सरकार में हर वर्ग के लोगों ने राहत महसूस की है। हमारे विधायक जीते और सरकार बनी तो हम साबित कर देंगे कि भाजपा कांग्रेस से बेहतर हम सरकार चला सकते हैं। इस मौके पर बसपा के वरिष्ठ नेताओं एवं जिलाध्यक्ष व पार्टी प्रत्याशी सुरेश शाहवाल शिव शंकर वर्मा अशोक सिंह पैगाम ने भी अपने विचार रखते हुए समर्थन मांगा। राहुल गांधी बोले- मप्र को कांग्रेस पांच साल के अंदर हिंदुस्तान का कृषि का सेंटर बना देगी। किसान मंडी में जाता है तो उसे कहा जाता है कि अभी ठहरो, किसान थक जाता है उसे सही दाम नहीं मिलता। कांग्रेस की सरकार हर जिले में आपके खेत के पास फूड प्रोसेसिंग का कारखाना लगा देगी। अगर कोई किसान टमाटर उगाता है तो उसके खेत के पास कैचअप की फैक्ट्री लगाएंगे। फैक्ट्री से उसे सही दाम मिलेगा। उसी फैक्ट्री में किसान के बेटे और बेटी को रोजगार भी मिलेगा। राहुल गांधी ने कहा कि जिस दिन राफेल मामले में जांच शुरू हो गई, सिर्फ दो नाम सामने आएंगे। नरेंद्र मोदी और अनिल अंबानी। केंद्र में मोदी जी और प्रदेश में शिवराज जी यही कर रहे हैं एमपी में नकल करके परीक्षा पास की जाती है। एमपी में ई-टेंडरिंग घोटाला हुआ है। इसमें मप्र का युवा पिसता है। मप्र में कांग्रेस की सरकार बनना तय है। मैं जो वादा करुंगा वह पूरा होगा। मैं झूठे वादे नहीं करता। आप जो टैक्स का पैसा देते हो उसका पैसा माल्या और नीरव मोदी जैसे लोगों के जेब में जा रहा है। गंजबासौदा में राहुल गांधी बोले- राफेल खरीदी में मोदी सरकार ने गड़बड़ी की है। उन्होंने अनिल अंबानी को फायदा पहुंचाने के लिए कांट्रेक्ट दिलवाया। 45 हजार करोड़ रुपए का अनिल अंबानी का कर्जा है। हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स को इसका कांट्रेक्ट नहीं दिया। फ्रांस के राष्ट्रपति ने भी इस मामले में अपना बयान दिया। 30 हजार करोड़ रुपए का फायदा नरेंद्र मोदी ने अनिल अंबानी को पहुंचाया। हिंदुस्तान की रक्षा मंत्री का कहना है कि मैंने यह कांट्रेक्ट नहीं करवाया। मोदी ने सभी को नरजअंदाज कर यह फायदा पहुंचाया गया। उनके नेता अरुण शौरी राफेल मामले में सवाल उठाते हैं। राहुल बोले कि जब मैंने पीएम से पूछा कि आप किसानों का कर्जा कब माफ करेंगे। इस पर वे कुछ नहीं बोले। मप्र और हिंदुस्तान में पैसे की कोई कमी नहीं है। विजय माल्या, चौकसी और नीरव मोदी पैसे लेकर भाग गए। स्कैमों की लाइन लगी है। चुनाव के बाद हमारी सरकार बनी तो 10 दिन के अंदर कांग्रेस किसानों का कर्जा माफ कर देगी। राहुल गांधी बोले- 15 लाख लोगों को आपने 3 लाख 50 हजार करोड़ रुपए पकड़ा दिए। आपने यह क्यों कि मुझे यह नहीं पता। पर आप मुझे यह समझाइये कि आप हिंदुस्तान में किसानों का कर्ज माफ क्यों नहीं करते। आप उन उद्योगपतियों का कर्ज माफ करते हो तो किसानों का भी करो। राहुल गांधी ने कहा कि मोदी ने कहा था कि दो करोड़ युवाओं को रोजगार दूंगा, किसानों को भी कहा था कि उन्हें सही दाम मिलेंगी। जब उनसे सवाल किया गया कि आपकी सरकार ने कितने लोगों को रोजगार दिया। तो उनके मंत्री ने कहा कि 24 घंटे में सरकार 450 युवाओं को रोजगार दे पाती है।
राजनाथ ने आगर-मालवा, तो मायावती ने शिवपुरी में की सभा
22 November 2018
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अब केलव 6 दिन बाकी हैं। राजनीतिक दलों के स्टार प्रचारक लगातार पूरे प्रदेश में घूमकर अपनी पार्टी के पक्ष में मतदाताओं मनाने में लगे हैं। गृहमंत्री राजनाथ सिंह की आगर-मालवा और रतलाम में सभा है। बसपा सुप्रीम मायावती की शिवपुरी में सभा। स्मृति ईरानी की इंदौर, बुरहानपुर, नेपानगर, बड़वाह और देवास में जनसभा। नवजोत सिंह सिद्धू की छिंदवाड़ा, पांर्ढुना, बैतूल और भोपाल सभा। इनके साथ सीएम शिवराज सिंह चौहान, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ, पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद कमलनाथ और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह भी प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में सभा करेंगे। राजनाथ सिंह ने अशफाक उल्ला खान की फांसी की सजा को हंसते-हंसते गले लगाने वाले वाकये को विस्तार से बताते हुए राजनीति को परिभाषित किया। करीब चार मिनट तक अशफाक उल्ला खान का वाकया सुनाते रहे राजनाथ। राजनाथ ने कहा राजनीति सुभाष चंद्र बोस और महात्मा गांधी के हाथों में आ जाती है तो शक्ति बन जाती है। लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं, जिनके हाथों में राजनीति आ जाएं तो सांप्रदायिकता विपत्ति बन जाती है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने नाम लिए बगैर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीति राम जैसे लोगों के हाथ में आ जाती है तो भक्ति बन जाती है। आगर-मालवा में राजनाथ सिंह ने कहा सफेद झंडा लहराने के बाद भी अगर कोई बात नहीं होती तो हमने सेना से कहा दिया कि अगर सीमा पार से गोलियां चलेगी तो हमारी तरफ से इतनी गोलियां चलेंगी कि गिनी नहीं जाएगी। राजनाथ सिंह ने कहा 2014 में सितंबर महीने में सेना से बातचीत की, हमनें सोलह बार सफेद झंडा लहराया। जिसका मतलब होता है हम समाधान चाहते हैं। मायावती ने कहा कि दूसरी पार्टियों की सरकारें बड़े पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए ही नीतियां बनाती हैं। बाद में इन्हीं पूंजीपतियों की मदद से ये पार्टियां सत्ता में आती हैं। ऐसे में आम जनता की तकलीफों और परेशानियों की तरफ इन पार्टी की सरकारों का ध्यान नहीं जाता। वे आम जनता के उत्थान के लिए कोई नीति नहीं बना रही। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थिति में बहुजन समाज पार्टी को समर्थन दें और उनकी पार्टी के प्रत्याशियों को जीत दिलाएं। उन्होंने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी के कारण देश की अर्थ व्यवस्था गड़बड़ा गई है और विपरित असर पड़ा है। केंद्र और राज्यों में विभिन्न पार्टियों की सरकारें कई सालों से गरीबों और पिछड़ा वर्ग के लिए कई योजनाएं चला रही हैं लेकिन इसका कोई असर नहीं दिख रहा। मायावती ने कहा कि आज गरीब, मजदूर, किसान, कर्मचारी, व्यापारी और अन्य सभी वर्ग दुखी हैं। मध्यप्रदेश में किसान तो सबसे ज्यादा दुखी और परेशान हैं। केंद्र और राज्यों में विभिन्न पार्टियों की सरकारों की गलत आर्थिक नीति के चलते गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई बढ़ी है। मायावती ने ये भी कहा कि दलितों, मुस्लिम, पिछड़ा वर्ग, गरीब, मजदूर वर्ग के लिए कांग्रेस और भाजपा दोनों ने ही कोई काम नहीं किया और आज इन वर्गों की हालत चिंताजनक हो गई है। मायावती ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि दलित और पिछड़ा वर्ग के लोगों को पूरे देश में आरक्षण का बहुत कम लाभ मिल पा रहा है। केंद्र में जब कांग्रेस की सरकार थी, तभी मंडल कमीशन की रिपोर्ट आ गई थी, लेकिन कांग्रेस सरकार ने उसे लागू नहीं किया। इसे लागू कराने के लिए हमारी पार्टी को पूरे देश में काफी संघर्ष करना पड़ा। भाजपा भी नहीं चाहती कि ये रिपोर्ट लागू हो।
MP Election 2018: राजनाथ सिंह बोले- शांति, सद्भाव से राम मंदिर बने तो सब होंगे खुश
21 November 2018
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार करने पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भोपाल में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर बड़ा बयान दिया। सिंह ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि राम मंदिर बनेगा तो सभी को खुशी होगी। हमारा यह मानना है कि एक अच्छे वातावरण में शांति और सद्भाव के साथ यह बने तो सब खुश होंगे। राजनाथ सिंह यहां हरदा, सिवनी मालवा और सोहागपुर में चुनावी सभा करने के लिए पहुंचे हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने वादे पूरे किए हैं। कांग्रेस ने पुराने घोषणापत्रों के वादे पूरे नहीं किए हैं। मध्य प्रदेश में क्लियर मेजोरिटी के साथ भाजपा सरकार बनाने जा रही है। शिवराज सिंह चौहान ने 13 साल में जनता का विश्वास जीता है। कांग्रेस ने जनता का विश्वास खोया है।
कश्मीर में पंचायत चुनाव के लिए दूसरे चरण का मतदान जारी
20 November 2018
जम्मू। राज्य में लोकतंत्र को नीचले स्तर तक मजबूत बनाने के लिए शुरू हुई पंचायतों के गठन की प्रक्रिया के तहत मंगलवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के दूसरे चरण में 15 जिलो के 40 ब्लाकों में मतदान शुरु हो गया है। आज सरपंच और पंच के 1567 हल्कों में अपना भाग्य आजमारहे 4014 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा। दोपहर 12 बजे तक 30 प्रतिशत तक मतदान होने की सूचना है। गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर में पंचायतों के गठन के लिए नौ चरणों में चुनाव होने हैं। पहले चरण का चुनाव गत शनिवार 17 नवंबर को हुआ जिसमें तमाम मुश्किलों के बावजूद 74.1 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। अंतिम और नौवें चरण का मतदान अगले माह 11 दिसंबर 2018 को होना है। आज दूसरे चरण के तहत कश्मीर में कुपवाड़ा जिले के कलारूस, मच्छल और राजवार, बांडीपोरा के गनिस्तान व नौगाम, बारामुला के संग्रामा और वागूरा, गांदरबल के कंगन, बडग़ाम जिले के बडग़ाम व रठसुना, अनंतनाग जिले में अनंतनाग और बिजबिहाड़ा, करगिल में बांबट, करशा, सांकू, शाकर चकटान, शारगोल और लोच्छम व लेह के खलस्ती, सकूरबुचन, दिस्कित, तुर्तुक और पनमिक में मतदान हो रहा है। वहीं जम्मू संभाग जिला किश्तवाड़ के त्रिगाम, पलमार और ठकराई, डोडा के भागवा व कासतीगढ़, रामबन में बनिहाल, ऊधमपुर में जगानू, सवाना, नरसू और टिकरी, कठुआ में लोहाई मल्हार, बगान और डुगन, राजौरी में लंबेड़ी व सयोट और पुंछ के मंडी व लोरन ब्लॉक में लोग मतदान अपने पंच-सरपंच चुन रहे हैं। मतदान के दाैरान आतंकी कोई गड़बड़ी नहीं कर सकें,इसके लिए सभी इलाकों में सुरक्षा का कड़ा बंदोबस्त किया गया है।
PM ने किया KMP एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन, कहा- कॉमनवेल्थ में होना था उपयोग, अब बना
19 November 2018
नई दिल्ली। कुंडली-गाजियाबाद-पलवल ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे (केजीपी) के उद्घाटन के महज छह माह बाद ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) जनता को समर्पित कर दिया। 6,434 करोड़ रुपए की लागत से बने 135.65 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का 53 किलोमीटर लंबा पलवल से मानेसर तक का हिस्सा हरियाणा सरकार ने अप्रैल 2016 को पूरा कर जनता के लिए खोल दिया था। प्रधानमंत्री मोदी ने शेष बचे कुंडली से मानेसर मार्ग का उद्घाटन किया। इससे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को यातायात जाम और प्रदूषण से राहत मिलेगी। इसके बाद प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यूपीए और कांग्रेस सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस एक्सप्रेस-वे का इस्तेमाल कामनवेल्थ गेम्स में होना था। लेकिन कामनवेल्थ खेल जो गति की गई, वही कहानी इस एक्सप्रेस वे की भी है। मुझे ध्यान है कि जब प्रगति की बैठकों में मैंने इस प्रोजेक्ट की समीक्षा करनी शुरु की थी, तो कितने सारे पेंच पता चले थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले की सरकार में जिस तरह काम हुआ, वो एक केस स्टडी है कि कैसे जनता के पैसे को बर्बाद किया जाता है। जब ये प्रोजेक्ट शुरू हुआ था, तो अनुमान लगाया गया था कि इस पर 1200 करोड़ रुपए खर्च होंगे। आज इतने वर्षों की देरी की वजह से इसकी लागत बढ़कर 3 गुना से ज्यादा हो गई। प्रधानमंत्री ने इस दौरान केएमपी के साथ ही फरीदाबाद के मुजेसर से बल्लभगढ़ तक 3.02 किलोमीटर लंबे मेट्रो रेल लिंक का भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उद्घाटन किया।इस मार्ग पर 580 करोड़ रुपए की लागत आई है। पीएम बोले कि लोग वहीं हैं, काम करने वाले वही हैं, लेकिन जब इच्छाशक्ति हो, संकल्पशक्ति हो, तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। यही वजह है कि जहां साल 2014 से पहले देश में एक दिन में सिर्फ 12 किलोमीटर हाईवे बनते थे, आज लगभग 27 किलोमीटर हाईवे का प्रतिदिन निर्माण हो रहा है। 2006 में बनाई थी योजना साल 2006 में कांग्रेस सरकार ने दिल्ली को जाम व प्रदूषण से मुक्ति दिलाने के लिए दिल्ली के पूर्व में कुंडली-गाजियाबाद-पलवल (केजीपी) और पश्चिम में केएमपी एक्सप्रेस वे की योजना बनाई थी। तब जुलाई 2009 तक इन दोनों मार्गों का दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स-2010 से पहले निर्माण पूरा होना था। मगर, तत्कालीन सरकार केएमपी पर ही निर्माण शुरू करा पाई और नवंबर 2014 तक आधा हिस्सा भी पूरा नहीं हुआ था। प्रदेश में सतारूढ़ होने पर भाजपा सरकार ने नवंबर 2014 में इसे अपने हाथ में लिया। उद्योग विभाग ने इस साल 27 मई को जनता के लिए खोले गए केजीपी एक्सप्रेस मार्ग की लागत 9,428 करोड़ रुपए की तुलना में 2,994 करोड़ रुपए कम लागत में तैयार कराया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पूर्व और पश्चिम में बने केजीपी और केएमपी एक्सप्रेस मार्ग से एनसीआर के शहरों फरीदाबाद, गुरुग्राम, गाजियाबाद, नोएडा के साथ हरियाणा, राजस्थान व उत्तर प्रदेश के दूसरे शहरों को भी सीधा फायदा होगा। गुरुग्राम, फरीदाबाद, बहादुरगढ़ के बाद बल्लभगढ़ मेट्रो रेल लाइन से जुड़ने वाला हरियाणा का चौथा शहर हो जाएगा। प्रधानमंत्री इस रैली स्थल से ही पलवल के दूधौला गांव में श्री विश्र्वकर्मा कौशल विश्र्वविद्यालय की भी आधारशिला रखी। देश के इस पहले कौशल विश्वविद्यालय के निर्माण पर 989 करोड़ रुपए की लागत आएगी। यह विश्वविद्यालय 82.5 एकड़ में बनाया जा रहा है।
MP Chunav 2018: PM मोदी, शाह और राहुल की आज MP में चुनावी सभाएं
16 November 2018
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 नवंबर को ग्वालियर एवं शहडोल में चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह खजुराहो, सागर, दमोह और टीकमगढ़ में रहेंगे। इसी तरह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी शुक्रवार को देवरी, बरघाट और मंडला में चुनावी सभाएं संबोधित करेंगे। मोदी 16, 18, 20, 23 और 25 नवंबर को मप्र में कुल 10 सभाएं करेंगे। अमित शाह 16, 18, 19, 23, 24 और 26 नवंबर को मध्य प्रदेश में रहेंगे। राहुल गांधी 16 एवं 17 नवंबर को प्रदेश के चुनावी दौरे पर रहेंगे। 17 नवंबर को वह कटनी, जबलपुर और सिवनी जिले में चुनाव प्रचार करेंगे। इस दौरान उनके साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ भी रहेंगे। अखिलेश यादव की 18 को बुंदेलखंड में चुनावी सभाएं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 18 नवंबर को बुंदेलखंड क्षेत्र में चुनावी सभाएं संबोधित करने आ रहे हैं। वह यहां दमोह जिले के बटियागढ़ और पवई (पन्ना) में चुनावी सभाएं संबोधित करेंगे। सपा के प्रवक्ता यश यादव ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष 17 नवंबर को छत्तीसगढ़ प्रवास पर रहेंगे।
MP Chunav 2018 : महाराष्ट्र से आ रही कार से मिले डेढ़ करोड़, पुलिस कर रही जांच
15 November 2018
बड़वानी। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में किसी भी तरह के कालेधन का इस्तेमाल न हो। इसे लेकर चुनाव आयोग पुूरी तरह मुस्तैद है। पुलिस के साथ उड़न दस्ता अलग-अलग राज्यों से लगी सीमाओं पर चौकसी बरत रहा है। इसी कड़ी में बड़वानी जिले के खेतिया में आज उड़न दस्ते ने महाराष्ट्र से आई एक गाड़ी से डेढ़ करोड़ रुपए जब्त किए हैं। जिस इनोवा कार से ये राशि जब्त की गई है, उसका नंबर MH-19, BU-8969 है। उसमें महाराष्ट्र के मालेगांव के दो लोग सवार थे। जिनके नाम शरीफ पिता खालिद मेमन और शरीफ पिता अब्दुल गनी मेमन हैं। शुरुआती जांच में इन लोगों ने पुलिस को बताया कि ये राशि खेतिया के शांति ट्रेडर्स की है। जिसे वो खेतिया के बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा में जमा कराने के लिए महाराष्ट्र के शाहदा से ला आ रहे थे। दरअसल ये राशि पिछले बीस दिनों में शाहदा, नंदूरबार और खेतिया शहर में पान मसाला बेचकर जमा की गई थी। इसी राशि को शांति ट्रेडर्स के खाते में जमा कराने के लिए ये दोनों लोग शाहदा से खेतिया आ रहे थे। आज सुबह जब ये गाड़ी खेतिया पहुंचीं तो शहर की सीमा के बाहर निगरानी दल ने जांच के लिए इसे रोका। जांच के दौरान दल को कार से डेढ़ करोड़ नकद राशि मिली। इसके बाद ड्राइवर और कार में सवार एक और शख्स को पूछताछ के लिए खेतिया थाने ले जाया गया। जहां उन्होंने पूछताछ में ये जानकारी दी है। पुलिस शांति ट्रेडर्स के बारे में भी पता लगा रही, जिसकी राशि होने का दावा किया जा रहा है। दरअसल खेतिया बड़वानी जिले की पानसेमल विधानसभा के तहत आता है। ये महाराष्ट्र से बिल्कुल सटा हुआ है। ऐसे में निगरानी दल अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं।
पंडित नेहरू की जयंती पर सोनिया गांधी और मनमोहन समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
14 November 2018
नई दिल्ली। देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की आज जयंती है और इस दिन को बाल दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। बच्चों के प्यारे चाचा के रूप में मशहूर पंडित नेहरू की जयंती पर प्रधानमंत्री मोदी,राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट कर उन्हें श्रद्धांजलि दी वहीं सोनिया गांधी ने उनकी समाधि पर जाकर पुष्प अर्पित किए। पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा, देश के प्रथम प्रधानमंत्री को स्मरण। इस मौके पर स्वतंत्रता संग्राम और प्रधानमंत्री रहने के दौरान उनके योगदान को याद कर रहा हूं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि हमारे पहले प्रधानमंत्री की जयंती पर हम उन्हें याद कर रहे हैं। इससे पहले मंगलवार को कांग्रेस की शीर्ष नेता सोनिया गांधी ने नरेंद्र मोदी सरकार पर परोक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा समय में सरकार में बैठे लोगों द्वारा पंडित जवाहर लाल नेहरू की लोकतांत्रिक मूल्यों के सम्मान वाली विरासत को कमतर करने का प्रयास किया जा रहा है। आधुनिक भारत के निर्माण में देश के प्रथम प्रधानमंत्री के योगदान को याद करते हुए सोनिया ने कहा कि नेहरू ने जिन लोकतांत्रिक मूल्यों को आगे बढ़ाया, आज उनको चुनौती दी जा रही है। वह कांग्रेस सांसद शशि थरूर की पुस्तक 'नेहरू: द इन्वेंशन ऑफ इंडिया' के पुनर्विमोचन के अवसर पर बोल रही थीं।सोनिया ने कहा कि नेहरू ने देश की सभी लोकतांत्रिक संस्थाओ के प्रति सम्मान और उनको मजबूत बनाने की संस्कृति पैदा की जिससे लोकतंत्र मजबूत हुआ। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष ने नेहरू के आर्थिक मॉडल और गुटनिरपेक्षता केंद्रित विदेश नीति को भी याद किया और कहा कि उन्होंने जिन लोकतांत्रिक मूल्यों को आगे बढ़ाया था आज उससे जुड़ी विरासत को कमतर करने का प्रयास हो रहा है। वहीं, थरूर ने कहा कि नेहरू ने हमेशा इस विचार को आगे रखा कि देश किसी व्यक्ति से महत्वपूर्ण है और संस्थाओं का सम्मान होना चाहिए। आधुनिक भारत के जनक पंडित जवाहर लाल नेहरू स्वतंत्रता सेनानी और देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू का जन्म 1889 में आज ही उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुआ था। उनके पिता मोती लाल नेहरू बैरिस्टर थे। नेहरू ने कैंब्रिज विश्वविद्यालय लंदन से कानून की शिक्षा हासिल की थी। 1947-1964 तक देश के प्रधानमंत्री रहे। भारत को गुट निरपेक्ष रख कर दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय नायक के रूप में उभारा। उनके नेतृत्व में कांग्रेस 1951, 57 और 62 में चुनाव जीतकर देश की सबसे बड़ी पार्टी बनी। 1916 में कमला नेहरू से शादी की। 27 मई 1964 के दिन वो चिरनिद्रा में लीन हो गए। इनके जन्म दिवस को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है।
ट्विटर को सरकार का अल्टीमेटम, बात मानो या कार्रवाई के लिए रहो तैयार
13 November 2018
नई दिल्ली। सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्विटर पर पोस्ट किए जाने वाले आपत्तिजनक ट्वीट को लेकर सरकार का रुख सख्त हो गया है। सरकार ने स्पष्ट शब्दों में कह दिया है कि वह अपने प्लेटफार्म से आपत्तिजनक ट्वीट समय पर हटा ले या कार्रवाई के लिए तैयार हो जाए। गृह सचिव राजीव गौबा ने ट्विटर के वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाकर स्पष्ट किया कि यदि जांच एजेंसियों के अनुरोध पर भी आपत्तिजनक ट्वीट को तत्काल प्रभाव से नहीं हटाया गया, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। ट्विटर के साथ-साथ यूट्यूब, वाट्सएप, इंस्टाग्राम समेत सभी सोशल मीडिया कंपनियों के प्रतिनिधियों से उन्होंने बात की है। इसके बाद से वाट्सएप ने फर्जी मैसेज रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं और आगे भी कई उपायों का एलान किया है। वहीं, ट्विटर इसे गंभीरता से नहीं ले रहा था। यही कारण है कि सोमवार को उसके वरिष्ठ अधिकारियों को अलग से बुलाना पड़ा। राजीव गौबा ने ट्विटर के अधिकारियों को साफ कर दिया कि भारतीय कानून में आपत्तिजनक ट्वीट नहीं हटाने की दिशा में पर्याप्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है और जरूरत पड़ने पर इसे लागू किया जा सकता है। पुख्ता प्रणाली तैयार करने को कहा इसके साथ ही गृह सचिव ने ट्विटर को आपत्तिजनक ट्वीट तत्काल हटाने के लिए पुख्ता प्रणाली तैयार करने को कहा है। गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आपत्तिजनक ट्वीट नहीं हटाने को लेकर जांच और सुरक्षा एजेंसियों की शिकायत को देखते हुए गृह सचिव राजीव गौबा ने ट्विटर के सुरक्षा मुद्दों के ग्लोबल हेड विजया गड्डे और भारतीय प्रतिनिधि महिमा कौल को तलब किया था। दोनों के सामने तथ्यों को रखते हुए राजीव गौबा ने कहा कि जांच एजेंसियों की ओर से कानूनी प्रक्रिया के तहत किए गए अनुरोध के बावजूद ट्विटर आपत्तिजनक ट्वीट नहीं हटा रहा है। उन्होंने बताया कि ऐसे कुल अनुरोध में से केवल 60 फीसद पर ही कार्रवाई की गई है। वह भी समय पर नहीं हुई। दिल्ली पुलिस के अनुरोध का उदाहरण दिया उदाहरण के तौर पर उन्होंने दिल्ली पुलिस द्वारा किया गया एक अनुरोध भी दिखाया, जिसमें एक ट्वीट में हिंसा भड़काने की बात कही गई थी। दिल्ली पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत ट्विटर से इसे हटाने का अनुरोध किया था, लेकिन इस ट्वीट को पूरी तरह से नहीं हटाया गया। जिन थोड़े से भाग को हटाया भी गया, उसमें भी काफी वक्त लगा। राजीव गौबा ने ट्विटर को भारत में चौबीस घंटे काम करने वाला तंत्र सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है, ताकि आपत्तिजनक ट्वीट को तत्काल प्रभाव से हटाया जा सके। इसके साथ ही भारत में एक संपर्क अधिकारी नियुक्त करने को भी कहा गया है, जो जांच व सुरक्षा एजेंसियों के लिए हमेशा आसानी से उपलब्ध रहे। गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि गृह सचिव इस साल जून से ही लगातार सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ बातचीत कर आपत्तिजनक व फर्जी सामग्री पर तत्काल कार्रवाई का तंत्र खड़ा करने का अनुरोध कर रहे हैं।
राम मंदिर पर संघ का बयान, कहा- जनभावना को समझ कोर्ट जल्द दे फैसला
2 November 2018
मुंबई। राम मंदिर को लेकर गुरुवार को भाजपा सांसद राकेश सिन्हा के ट्वीट के बाद अब इस मामले में संघ का बयान आया है। संघ ने कहा है कि न्यायालय जनभावन को समझते हुए जल्द फैसला दे। यह बात संघ के सर कार्यवाह भैय्याजी जोशी ने शुक्रवार को मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही। यहां पिछले तीन दिनों से जारी संघ की बैठक के अंतिम दिन मीडिया को संबोधित करते हुए भैय्याजी जोशी ने संघ के विस्तार को लेकर जानकारी दी। इस दौरान जब उनसे राम मंदिर को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह आंदोलन 30 साल से चल रहे है और अब न्यायालय की प्रतिक्षा भी लंबी हो गई है। उन्होंने कहा कि 'राम मंदिर को लेकर 2010 में लखनऊ बेंच का निर्णय आया था और 2011 में सुप्रीम कोर्ट मामला पहुंचा। तीन जजों की बेंच बनी तो हमें आशा थी कि कुछ निर्णय आएगा लेकिन दुर्भाग्य से फैसला नहीं आ पाया और बेंच का कार्यकाल समाप्त हुआ। नई बेंच बनी और 29 अक्टूबर सुनवाई के लिए तय की गई। हमें उम्मीद थी कि दिवाली से पहले कुछ शुभ समाचार सुनने को मिलेगा लेकिन मामला अनिश्चित समय के लिए टल गया।' भैय्याजी जोशी ने आगे कहा कि 'सुनवाई टालने को लेकर जब कोर्ट से पूछा गया तो कोर्ट ने कहा कि हमारी प्राथमिकताएं अलग हैं, इससे हमें आहत हुआ। यह करोड़ों की आस्था से जुड़ा विषय है और अगर न्यायलय की प्रायोरिटी में नहीं आता है तो यह आश्चर्यजनक है। इससे हिंदू समाज अपमानित महसूस करता है। हम न्यायालय से अपील करते हैं कि वो इस पर पुन: सुनवाई करे। हमने कभी न्यायालय के निर्णयों की उपेक्षा नहीं कि, हम संविधान का सम्मान करते हैं। लेकिन न्यायालय की भी जिम्मेदारी है कि वो जनभावना को समझे और इस मुद्दे पर फिर से पुनर्विचार करे।' जब उनसे राम मंदिर पर अध्यादेश को लेकर सवाल पूछा गया तो भैय्याजी जोशी ने कहा कि 'कानून बनाने और अध्यादेश बनाने की मांग जिन्होंने की यह उनका अधिकार है। जब अध्यादेश आएगा तब देखेंगे, फिलहाल कुछ नहीं कह सकते।' संघ प्रमुख से मिले भाजपा अध्यक्ष इससे पहले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने महाराष्ट्र में संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की। दोनों के बीच करीब घंटाभर तक चर्चा हुई। माना जा रहा है कि इस दौरान राम मंदिर के मुद्दे को लेकर बात हुई है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर की सुनवाई जनवरी तक के लिए टाल दी है। तभी से संघ और भाजपा के कई नेताओं समेत हिंदू संगठन और संत समाज सरकार पर राम मंदिर बनवाने के लिए दबाव बनाने में जुटा है। संघ प्रमुख भागवत तो राम मंदिर के लिए अध्यादेश तक लाने की सलाह दे चुके हैं। हालांकि, अभी सरकार की ओर से मुद्दे पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है।
Statue of Unity: सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा की 8 साल पहले हो गई थी प्लानिंग, पीएम मोदी के भाषण की 10 बातें
1 November 2018
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी((Prime Minister Narendra Modi) ने सरदार वल्लभ भाई पटेल (Sardar Vallabhbhai Patel) की जयंती पर बुधवार को उनकी 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' (Statue of Unity) का अनावरण किया. 182 मीटर ऊंची यह प्रतिमा दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है. इससे पहले चीन के स्प्रिंग टेंपल में बुद्ध की 153 मीटर ऊंची मूर्ति के नाम पर यह रिकॉर्ड था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी दुनिया का एक अजूबा है. उन्होंने कहा, सरदार साहब का सामर्थ्य तब भारत के काम आया था, जब 'मां भारती' साढ़े पांच सौ से ज्यादा रियासतों में बंटी पड़ी थी. मोदी ने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि उस दौर में भी निराशावादी थे, जो समझते थे कि भारत अपनी विविधताओं से ही बिखर जाएगा, मगर सरदार पटेल ने कौटिल्य की कूटनीति और शिवाजी महाराज के शौर्य का समावेश थे. पांच जुलाई 1947 को रियासतों को संबोधित करते हुए सरदार साहब ने कहा था-विदेशी आक्राताओं के सामने हमारे आपसी झगड़े, आपसी दुश्मनी और बैर का भाव ही हमारी सबसे बड़ी कमजोरी है. इस गलती को नहीं दोहराना है. सरदार साहब के आह्वान पर देश के सैकड़ों राजे-रजवाड़े ने त्याग की मिसाल कायम की थी. इस त्याग को भी नहीं भूलना चाहिए था.
10 बातें
1-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- आज जो ये सफर एक पड़ाव तक पहुंचा है, उसकी यात्रा 8 वर्ष पहले आज के ही दिन शुरु हुई थी. 31 अक्टूबर 2010 को अहमदाबाद में मैंने इसका विचार सबके सामने रखा था.
2-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया की ये सबसे उंची प्रतिमा पूरी दुनिया और हमारी भावी पीढ़ियों को सरदार साहब के साहस, सामर्थ्य और संकल्प की याद दिलाती रहेगी. आज जब धरती से लेकर आसमान तक सरदार साहब का अभिषेक हो रहा है, तब भारत ने न सिर्फ अपने लिए एक नया इतिहास रचा है, बल्कि भविष्य के लिए प्रेरणा का गगनचुम्बी आधार भी रखा है. आज भारत के वर्तमान ने अपने इतिहास के एक स्वर्णिम पृष्ठ को उजागर करने का काम किया है.
3-उन्होंने कहा कि कच्छ से कोहिमा तक, कारगिल से कन्याकुमारी तक आज अगर बेरोकटोक हम जा पा रहे हैं तो ये सरदार साहब की वजह से, उनके संकल्प से ही संभव हो पाया है. सरदार साहब ने संकल्प न लिया होता, तो आज गिर के शेर को देखने के लिए, सोमनाथ में पूजा करने के लिए और हैदराबाद में चारमीनार को देखने के लिए हमें वीज़ा लेना पड़ता. सरदार साहब का संकल्प न होता, तो कश्मीर से कन्याकुमारी तक की सीधी ट्रेन की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी.
4-पीएम मोदी बोले-जिस कमज़ोरी पर दुनिया हमें उस समय ताने दे रही थी, उसी को ताकत बनाते हुए सरदार पटेल ने देश को रास्ता दिखाया। उसी रास्ते पर चलते हुए संशय में घिरा वो भारत आज दुनिया से अपनी शर्तों पर संवाद कर रहा है, दुनिया की बड़ी आर्थिक और सामरिक शक्ति बनने की तरफ आगे बढ़ रहा है.
5-आज मौलिक अधिकार हमारे लोकतंत्र का प्रभावी हिस्सा है. आज यह प्रतिमा सरदार वल्लभ भाई पटेल उसी प्रण, प्रतिभा और परमार्थ का जीता-जागता प्रमाण है. सरदार पटेल की यह प्रतिमा न्यू इंडिया, नए भारत के बढ़ते आत्मविश्वास की अभिव्यक्ति है. यह प्रतिमा राष्ट्र और किसानों के स्वाभिमान का प्रतीक है.
6-विदेशी आक्रांताओं के सामने हमारे आपसी झगड़े, आपसी दुश्मनी, वैर का भाव, हमारी हार की बड़ी वजह थी. अब हमें इस गलती को नहीं दोहराना है और न ही दोबारा किसी का गुलाम होना है. पीएम मोदी ने कहा कि सरदार साहब का सामर्थ्य तब भारत के काम आया था जब मां भारती साढ़े पांच सौ से ज्यादा रियासतों में बंटी थी...
7-'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' का अनावरण कर बोले पीएम मोदी- कौटिल्य की कूटनीति और शिवाजी के शौर्य के समावेश थे सरदार पटेल. उन्होंने कहा कि जब सबको लगता था कि देश ऐसे ही बिखरा रहेगा, ऐसे निराशा के दौर में सरदार पटेल ही आशा की किरण थे.
8- पीएम मोदी ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे सरदार साहब की इस विशाल प्रतिमा को देश को समर्पित करने का अवसर मिला है. जब मैंने गुजरात के सीएम के तौर पर इसकी कल्पना की थी तो एहसास नहीं था कि एक दिन प्रधानमंत्री के तौर पर मुझे इसके अनावरण का सौभाग्य मिलेगा.
9- पीएम मोदी ने कहा कि आज का यह दिन भारत के इतिहास के ऐसे ही कुछ क्षणों में से एक अहम पल है. आज भारत के वर्तमान में अपने इतिहास के एक स्वर्णिम पूत्र को उजागर करने का काम किया है. आज धरती से लेकर आसामन तक सरदार का अभिषेक हो रहा है.
10-पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी देश के इतिहास में ऐसे अवसर आते हैं, जब वो पूर्णता का एहसास कराते हैं. आज यह वह पल होता है जो किसी राष्ट्र के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो जाता है और उसे मिटा पाना बहुत मुश्किल होता है.

जम्मू-कश्मीरः मतदान के पहले भाजपा उम्मीदवार का दिल का दौरा पड़ने से निधन
10 October 2018
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में निकाय चुनाव के दूसरे चरण के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान जारी है। 13 जिलों में हो रहे मतदान को देखते हुए पूरे दक्षिण कश्मीर में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। वहीं राज्य के अन्य हिस्सों में इसे घटाकर 2जी कर दिया गया है। कड़े सुरक्षा घेरे के बीच होने जा रहे मतदान में 1029 उम्मीदवारों का राजनीतिक भाग्य वोटिग मशीनों में बंद हो जाएगा। दूसरे चरण में मतदान करने से ठीक पहले बीजेपी के एक उम्मीदवार की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के पूर्व कर्मचारी 62 वर्षीय आजाद सिंह राजू मतदान करने ही वाले थे लेकिन स्थानीय मतदान केंद्र में ही उनकी मौत हो गई। सुबह 10 बजे तक अनंतनाग में 6 प्रतिशत, बांदीपुरा में 14.2 प्रतिशत, बारामुला में 1.1, कुपवाड़ा में 3 प्रतिशत, श्रीनगर में 0.8 प्रतिशत, किश्तवाड़ में 34, डोडा में 36, रामबन में 35, रीसी में भी 35, उधमपुर में 30 और कठुआ में सर्वाधिक 39.4 प्रतिशत मतदान हो चुका था। दूसरे चरण में राज्य में 30 नगर निकायों के 384 वार्ड हैं। इनमें श्रीनगर नगर निगम के 20 वार्ड भी शामिल हैं, लेकिन मतदान सिर्फ 263 वार्ड में ही होगा, क्योंकि 65 वार्डों में उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित हो चुके हैं और 56 में एक भी उम्मीदवार नहीं है। राज्य में करीब 13 साल बाद नगर निकाय चुनाव हो रहे हैं। यह चुनाव आठ से 16 अक्टूबर तक चार चरणों में होंगे। दूसरे चरण के लिए कुल 1198 नामांकन आए थे, जिनमें से 1095 ही उम्मीदवार चुनावी दौड़ में शामिल रहे और इनमें से 65 निर्विरोध निर्वाचित हुए। इनमें 61 कश्मीर घाटी से संबंध रखते हैं। कश्मीर घाटी में दूसरे चरण में शामिल विभिन्न निकायों में 56 वार्ड ऐसे हैं,जहां किसी उम्मीदवार के न होने के कारण मतदान नहीं होगा। सुरक्षाकर्मी मुस्तैदः अलगावादियों की धमकियों और अलगाववादियों के चुनाव बहिष्कार को देखते हुए प्रशासन ने न सिर्फ मतदान वाले इलाकों में बल्कि वादी के अन्य हिस्सों में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। सभी संवेदनशील इलाकों में पुलिस व अर्द्धसैनिकबलों की गश्त बढ़ा दी गई है। इसके अलावा कई जगह आने जाने के रास्तों को भी कंटीली तारों से बंद कर दिया गया है। सभी मतदान केंद्रों को पूरी तरह सील कर दिया गया है। सुरक्षा शिविरों और सभी महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को भी बढ़ाया गया है। मुख्यधारा की राजनीति से संबंधित नेताओं व उम्मीदवारों की सुरक्षा की समीक्षा कर उसे और ज्यादा चाक चौबंद बनाया गया है।
जम्मू-कश्मीर निकाय चुनाव : 11 बजे तक बांदीपुरा में महज 2 प्रतिशत डले वोट
8 October 2018
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में कड़ी सुरक्षा के बीच सोमवार को स्थानीय निकाय चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान शुरू हुआ। सुबह 11 बजे तक जहां कुछ जगहों पर अच्छा मतदान हुआ वहीं बांदीपुरा में महज 2 प्रतिशत वोट डले थे। जानकारी के अनुसार अनंतनाग में 5 प्रतिशत, बडगाम में 3 प्रतिशत, बंदीपुरा में 2 प्रतिशत, बारामुला में 3 प्रतिशत, श्रीनगर में 3.4 प्रतिशत, जम्मू में 34 प्रतिशत, करगील में 33 प्रतिशत, कुपवाड़ा में 18 प्रतिशत, लेह में 26, पुंछ में 47 प्रितशत और राजौरी में सर्वाधिक 55 प्रतिशत मतदान हुआ है। चुनाव को लेकर राज्य में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं वहीं इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। मतदान सुबह 7 बजे से शुरू होकर शाम 5 बजे तक चलेगा। राज्य के सात जिलों के 422 वार्डों में 1283 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में चार चरणों में होने वाले निकाय चुनाव में 2990 उम्मीदवार मैदान में हैं। जबकि 244 उम्मीदवार निर्विरोध चुनाव जीत चुके हैं। रविवार को राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी शालीन काबरा ने श्रीनगर में उच्च स्तरीय बैठक में चुनावी तैयारियां का जायजा लिया। चुनाव को निष्पक्ष बनाने के लिए किए प्रबंधों व सुरक्षा तैयारियों पर चर्चा की। राज्य में चुनाव पर कड़ी नजर रखने के लिए 22 जिलों में 23 कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। रविवार शाम को सभी मतदान केंद्रों में सुरक्षाकर्मियों और पोलिग स्टाफ के सदस्यों ने डेरा डाल दिया। जम्मू शहर के 75 वार्डों में 447 उम्मीदवारों का फैसला करीब चार लाख मतदाता करेंगे। श्रीनगर नगर निगम के वार्ड नंबर 16, 17 और 74 में आठ उम्मीदवार भाग्य आजमा रहे हैं। इसके अलावा जिन म्युनिसिपल कमेटियों के लिए सोमवार को मतदान होना है, उनमें जम्मू संभाग की बिश्नाह, अरनिया, आरएसपुरा, घो मन्हासां, अखनूर, ज्यौड़ियां, खौड़, राजौरी, थन्नामंडी, सुंदरबनी, पुंछ व कालाकोट शामिल हैं। इसके अलावा कश्मीर संभाग की कुपवाड़ा, हंदबाड़ा, बांडीपोरा, बड़गाम, चाडूरा, देवसर, अच्छाबल, कोकरनाग, कांजीगुंड, कारगिल, लेह व बारामूला शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर में चार चरणों में 16 लाख 97 हजार 291 मतदाता वोट डालने के योग्य हैं। पहले चरण में आठ अक्टूबर, दूसरे चरण में 10, तीसरे चरण में 13 व चौथे व अंतिम चरण में मतदान 16 अक्टूबर को होगा। वोटों की गिनती 20 अक्टूबर को होगी। कुल मिलाकर राज्य में चार चरणों में दो नगर निगमों के साथ म्युनिसिपल कमेटियों व म्युनिसिपल काउंसिलों के 1145 वार्डों में वोट पड़ेंगे। इन वार्डों में 90 वार्ड अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं तो 38 वार्ड अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए 31 व अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए 13 वार्ड आरक्षित हैं। ओपन वर्ग में महिलाओं के लिए राज्य में 322 वार्ड आरक्षित किए गए हैं। पहले चरण में 190 मतदान केंद्र अति संवेदनशील जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की धमकियों के चलते पहले चरण में 190 मतदान केंद्र अति संवेदनशील हैं। पहले चरण में 820 मतदान केंद्रों में वोट डाले जाएंगे। इसमें राज्य के पांच लाख 86 हजार 64 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध आतंकवादियों की धमकियों के चलते कश्मीर में मतदान के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। राज्य में करीब 40 हजार सुरक्षाकर्मियों को चुनाव की सुरक्षा सुनिश्चित करने का जिम्मा सौंपा गया है। पीडीपी व नेशनल कांफ्रेंस ने चुनाव का बहिष्कार किया है।
बिलासपुर के इनोवेशन मोक्षा को PM मोदी व राष्ट्रपति पुतिन ने सराहा
5 October 2018
बिलासपुर । गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल के छात्रों ने दो महत्वपूर्ण आविष्कारों को प्रधानमंत्री मोदी और रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने सराहा है। गौरतलब है कि बिलासपुर के छात्रों ने मोक्षा नाम के एक यंत्र का आविष्कार किया है, जो चिता की राख को परिष्कृत कर जैविक खाद में तब्दील कर देता है, वहीं दूसरा आविष्कार जिम के जरिए बिजली का उत्पादन है। इन दोनों ही आविष्कारों को राष्ट्रपति पुतिन और पीएम मोदी के सामने शुक्रवार को प्रदर्शित किया गया था। दोनों छात्रों ने अपने अपने आविष्कारों का प्रभावी तरीके से प्रदर्शन इन नेताओं के सामने प्रदर्शित किया। पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने जिम के जरिए बिजली उत्पादन को गौर से देखा और छात्र योगेश मानिकपुरी से इनोवेशन के संबंध में जानकारी भी मांगी। योगेश ने जिम के जरिए बिजली बनाने के प्रोजेक्ट को लेकर विस्तार से जानकारी दी।
सरकार ने शुरू की डिजी यात्रा, चेहरा दिखाकर घुस सकेंगे एयरपोर्ट में
4 October 2018
नई दिल्ली। जल्द ही देशभर में हवाई यात्रा करने वाले लोगों को एयरपोर्ट में फेशियल रिकग्निशन बायोमीट्रिक की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। यह डिजी यात्रा इनीशिएटिव के तहत किया जा रहा है। नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभू ने कहा कि यह पहल भविष्य की जरूरत को देखते हुए शुरू की गई है। इस सुविधा को जल्द ही देश में लागू कर दिया जाएगा। इससे यात्रियों के एयरपोर्ट में लगने वाले समय में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि यात्रियों के लिए यह सुविधा वैकल्पिक होगी। वे चाहें, तो हवाई यात्रा के लिए फेशियल रिकग्निशन बायोमीट्रिक का विकल्प चुन सकते हैं। डिजी यात्रा पहल का मकसद पेपरलेस और बिना हड़बड़ाहट के यात्रा को प्रमोट करना है। यह बायोमीट्रिक आधारित डिजिटल प्रोसेसिंग सिस्टम है। इससे यात्री एयरपोर्ट में बिना किसी असुविधा के प्रवेश कर सकते हैं। डिजी यात्रा प्लेटफॉर्म को फरवरी 2019 में लागू कर दिया जाएगा।
एस400 और राफेल डील हमारे लिए बूस्टर डोज : वायुसेना चीफ
3 October 2018
नई दिल्ली। राफेल डील को लेकर कांग्रेस के विरोध और आरोपों के बीच एक बार फिर से वायुसेना ने इस डील का समर्थन किया है। जहां एक तरफ विपक्ष इस डील को लेकर हंगामा कर रहा है वहीं इस बार खुद वायुसेना प्रमुख ने बुधवार को इस डील का समर्थन किया है। उन्होंने दिल्ली में एक बयान में इसे बूस्टर डोज करार दिया है। खबरों के अनुसार वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ ने एक बयान में कहा कि राफेल एक अच्छा एयरक्राफ्ट है और जहां तक उपमहाद्वीप की बात है तो यह गेम चेंबर साबित होगा। उन्होंने कहा कि इस डील में हमें कई फायदे हैं। राफेल और एस400 एयर मिसाइल डिफेंस सिस्टम डील हमारे लिए एक बूस्टर डोज होगा। राफेल विमानों की संख्या 126 से 36 किए जाने को लेकर वायुसेना प्रमुख ने कहा कि उचित जगह पर वायुसेना से बातचीत की गई थी। हमने कुछ विकल्प भी दिए थे। इसके बाद यह सरकार का फैसला था कि वो क्या चुनाव करे। एएचएल को लेकर उन्होंने कहा कि इमरजेंसी जरूरतों के लिए सरकार से सरकार के बीच दो स्काड्रन खरीदने का फैसला हुआ था। तकनीक के ट्रांसफर और लाइसेंस प्रोडक्शन में में एचएएल शामिल था, उसे डील से बाहर करने का सवाल ही नहीं है।
कम्‍प्‍यूटर बाबा ने राज्‍यमंत्री का दर्जा लौटाया, सरकार पर उपेक्षा का आरोप
1 October 2018
भोपाल। मध्‍यप्रदेश सरकार में राज्‍यमंत्री का दर्जा प्राप्‍त कम्‍प्‍यूटर बाबा ने आज अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया। उन्‍होंने एक प्रेस कांफ्रेंस कर राज्‍यमंत्री का दर्जा लौटाने की घोषणा की है। सोमवार शाम राजधानी में मीडिया से बातचीत में कम्‍प्‍यूटर बाबा ने राज्‍य सरकार पर उपेक्षा के आरोप लगाए। उन्‍होंने कहा कि सरकार ने धर्म की उपेक्षा की है। सरकार द्वारा गौ मंत्रालय बनाने की घोषणा पर भी उन्‍होंने सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि सरकार संत समाज की उपेक्षा कर रही है। कम्‍प्‍यूटर बाबा का कहना था कि सरकार ने उनकी कही कई बातों पर ध्‍यान नहीं दिया। सरकार धर्म के प्रति अच्‍छा रवैया नहीं रखती। उल्‍लेखनीय है कि कम्‍प्‍यूटर बाबा ने नर्मदा के संरक्षण के लिए पिछले दिनों एक यात्रा का ऐलान किया था। इससे पहले उन्‍होंने सरकार से अपील की थी कि वह नर्मदा नदी को संरक्षित करने के लिए अलग से एक मंत्रालय का गठन करें। उनके अनुसार नर्मदा नदी की वर्तमान स्थिति ठीक नहीं है और इसके लिए एक मंत्रालय जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार से गोरक्षा के लिए जितनी सुविधाओं की जरूरत है, उतनी ही सुविधाओं की आवश्यकता नर्मदा नदी के लिए भी है।
Apple कंपनी के मैनेजर की हत्या पर पत्नी ने सीएम योगी को लिखी चिठ्ठी, रखी ये मांग
29 September 2018
लखनऊ। उत्तरप्रदेश की लखनऊ पुलिस की एक कार्रवाई पर बड़ा सवाल उठा है। जानकारी के मुताबिक, चेकिंग के दौरान कार न रोकने पर सिपाही ने गोली चला दी। इसके बाद कार एक खंभे से टकरा गई और उसमें सवार एपल कंपनी के मैनेजर विवेक तिवारी की मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में विवेक तिवारी की ठुड्ढी में गोली लगने की पुष्टि हो गई है। गोली गर्दन व सिर के बीच में फंसी। जिसके कारण अधिक रक्तस्राव से मौत हो गई। आरोपी सिपाही को गिरफ्तार कर लिया गया है। यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने भी इस घटना पर अफसोस जताया है। उन्होंने कहा कि, कॉन्स्टेबल ने बताया कि उसने आत्मरक्षा में ऐसा किया है। इस मामले में अपने केस दर्ज किया है। ये पूरी तरह अपराध है। इस मामले में मृतक विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना ने सीएम योगी आदित्यनाथ को चिठ्ठी लिखकर सीबीआई जांच की मांग की है। वहीं मृतक की पत्नी ने एक करोड़ का मुआवजे के साथ ही पुलिस डिपार्टमेंट में नौकरी भी मांगी है। इस मामले में यूपी के मुख्यमंत्री का बयान सामने आया है। उन्होंने इसे एनकाउंटर मानने से इंकार कर दिया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, जरूरत पड़ने पर सीबीआई जांच भी कराई जा सकती है। लखनऊ के एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि दोनों सिपाहियों ने तैश में आकर गोली मारी। घटना शुक्रवार देर रात करीब डेढ़ बजे की है। कार में विवेक तिवारी के साथ सना नामक युवती भी थी। सना भी विवेक के साथ एपल में काम करती है। पुलिस का कहना है कि चेकिंग दौरान काले रंग की महिंद्रा एक्सयूवी 500 कार को रोकने का इशारा किया गया। कार सवार ने गाड़ी की स्पीड तेज कर दी, जिससे पुलिस की बाइक पर सवार दो कॉन्टेबल को चोट लग गई। इनमें से एक ने कार पर गोली चला दी। विवेक एपल में एरिया सेल्स मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। उनके परिवार में दो बहने हैं। विवेक आईफोन की लॉन्चिंग करके लौट रहे थे। रास्ते में पुलिस ने उन्हें गाड़ी रोकने का इशारा किया तो बात बढ़ गई और कॉन्स्टेबल ने विवेक पर गोली चला दी। लखनऊ के एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि गोमतीनगर थाने कॉन्टेबल के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। शिकायतकर्ता सना खान ने बताया है कि कल देर रात अपने कलीग विवेक तिवारी के साथ घर जा रही थीं। सीएमएस गोमतीनगर विस्तार के पास उनकी गाड़ी खड़ी थी, तभी सामने से दो पुलिसवाले आए और इन्होंने बचकर निकलने की कोशिश की। इसके बाद कॉन्स्टेबल ने बाइक दौड़ाकर विवेक के गले में गोली मारी। सना की शिकायत पर ही हत्या का मामला दर्ज किया गया है। शुरू में पुलिस की ओर से बताया गया था कि चेकिंग के डर से भाग रहे विवेक को पुलिस ने रोकने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं रुके, तो कॉन्स्टेबल ने गोली चला दी। इसके बाद घबराकर उनकी कार अंडरपास के पिलर से टकरा गई और विवेक को गहरी चोट आई। पुलिस उसे अस्पताल ले गई जहां देर रात उसकी मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से एसएसपी ने बताया कि बच निकलने के चक्कर में विवेक की गाड़ी ने एक पुलिसवाले की मोटरसाइकल को भी टक्कर मारी। इस घटना के बाद कॉन्स्टेबल प्रशांत चौधरी ने एक फायर किया, जिसके बाद बुलेट कार के विंड शील्ड को पार कर गया। विवेक की मौत कार के टकराने से आई ऐक्सिडेंटल चोट की वजह से या गोली लगने से हुई है यह सब तो पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट हो पाएगा। आरोपी कॉन्स्टेबल को गिरफ्तार कर लिया गया है।
जस्टिस चंद्रचूड़ ने दो साल में पलटे पिता के दो फैसले
28 September 2018
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ उस पीठ में शामिल थे, जिसने व्यभिचार को अपराध साबित करने वाली भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा-497 को गुरुवार को असंवैधानिक घोषित कर दिया। इस तरह यह दो साल में दूसरा फैसला है, जिसमें जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने अपने पिता और पूर्व प्रधान न्यायाधीश वाईवी चंद्रचूड़ द्वारा सुनाए गए फैसले को पलटा है। 1985 में तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश जस्टिस वाईवी चंद्रचूड़ ने जस्टिस आरएस पाठक और जस्टिस एएन सेन के साथ आईपीसी की धारा-497 की वैधता को बरकरार रखा था। सोमित्रि विष्णु मामले में जस्टिस वाईवी चंद्रचूड़ ने अपने फैसले में लिखा था- "सामान्य तौर पर यह स्वीकार किया गया है कि संबंध बनाने के लिए फुसलाने वाला आदमी ही है न कि महिला। समय के साथ यह स्थिति भले ही कुछ बदल गई हो लेकिन इस पर विचार विधायिका को ही करना है कि समाज में हुए बदलाव को ध्यान में रखते हुए धारा-497 में बदलाव करना है अथवा नहीं। 33 साल बाद जस्टिस वाईवी चंद्रचूड़ के बेटे जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने इस साल अगस्त में ऐसे ही मामले की सुनवाई करते हुए कहा- "हमें ऐसे फैसले सुनाने चाहिए जो वर्तमान में प्रासंगिक हों। काम करने वाली ऐसी महिलाओं के मामले सामान्य हैं, जो घर की देखभाल करती हैं और अपने ऐसे पतियों से पिटती भी हैं जो कुछ कमाते भी नहीं हैं। वह तलाक लेना चाहती है लेकिन मामला वर्षों तक अदालत में लटका रहता है। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने सवाल किया, अगर वह किसी और आदमी में अपने लिए प्यार, दुलार और सहानुभूति तलाशती है तो क्या उसे इससे वंचित किया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि कई बार व्यभिचार तब देखने को मिलता है जब शादी पहले ही टूट चुकी होती है और पति-पत्नी अलग-अलग रह रहे होते हैं। ऐसे में अगर दोनों में से कोई भी अन्य व्यक्ति के साथ शारीरिक संबंध बनाता है तो क्या उसे धारा-497 के तहत दंडित किया जाना चाहिए? डीवाई चंद्रचूड़ ने अपने फैसले में साफ लिखा है कि व्यभिचार कानून पितृसत्ता का संहिताबद्ध नियम है। उन्होंने कहा कि यौन स्वायत्तता को महत्व दिया जाना चाहिए। निजता का मामला इसी तरह, पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने निजता को मौलिक अधिकार करार दिया था। लेकिन पिछले कई मौकों पर सुप्रीम कोर्ट ने इस रुख का समर्थन नहीं किया था। एडीएम जबलपुर के इस मामले में 1976 में एक अभूतपूर्व फैसले में सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय पीठ ने इस दलील को खारिज कर दिया था कि निजता जीवन के अधिकार के तहत मौलिक अधिकार है। इस पीठ में तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश जस्टिस एएन राय, जस्टिस वाईवी चंद्रचूड़, जस्टिस पीएन भगवती, जस्टिस एमएच बेग और जस्टिस एचआर खन्ना शामिल थे। जस्टिस एचआर खन्ना ने बहुमत के फैसले से अलग फैसला लिखते हुए निजता को मौलिक अधिकार करार दिया था। 41 साल बाद जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने लिखा कि एडीएम जबलपुर मामले में बहुमत के फैसले में गंभीर खामियां थीं। इस मामले में जस्टिस आरआर खन्ना द्वारा लिखे गए फैसले की प्रशंसा करते हुए जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने लिखा कि जस्टिस खन्ना पूरी तरह सही थे। उन्होंने लिखा कि संविधान को स्वीकार करके भारत के लोगों ने अपना जीवन और निजी आजादी सरकार के समक्ष आत्मसमर्पित नहीं कर दी है।
भाजपा महाकुंभ में बोले मोदी, अब देश के बाहर गठबंधन खोज रही कांग्रेस
25 September 2018
भोपाल, मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा ने अपना चुनावी बिगुल फूंक दिया है। भाजपा महाकुंभ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष को जमकर निशाने पर लिया और भाजपा के दृष्टिकोण की बात की। पीएम मोदी ने वोट बैंक की राजनीतिक को दीमक जैसा बताया, तो वहीं शाह और शिवराज ने भी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को निशाने पर लिया।
पीएम मोदी का संबोधन कार्यकर्ता महाकुंभ के दौरान पीएम मोदी ने कहा, ' हम कितने भाग्यवान है, पता नहीं किस जन्म में हमने कितने पुण्य किए होंगे कि हमें भी इस महान पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता के रूप में मां भारती की सेवा करने का मौका मिला।' उन्होंने कहा कि 19 राज्यों में भाजपा की सरकार होना गौरव की बात है। लेकिन उससे भी बड़ा गौरव इस बात से है कि ये विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है।
कांग्रेस बन गई बोझ पीएम मोदी ने कहा कि सवा सौ साल पुरानी पार्टी में कुछ नहीं बचा है, कांग्रेस बोझ बन गई है। ये पार्टी हिंदुस्‍तान में गठबंधन करने में सफल नहीं हो रही है इसलिए भारत के बाहर गठबंधन खोजा जा रहा है। दुनिया के देश अब तय करेंगे कि भारत में प्रधानमंत्री कौन होगा? कांग्रेस पार्टी क्‍या हाल हो गया है आपका? क्‍या सत्‍ता खोने के बाद अपना संतुलन भी खो दिया? डिक्शनरी में कोई ऐसी गाली नहीं जो कांग्रेस ने मुझपर इस्तेमाल नहीं किया हो, ऐसा कोई मौका नहीं मिला जब हम पर कीचड़ नहीं उछाला गया है। लेकिन जितना कीचड़ उछालोगे, उतना ही कमल खिलेगा। वोटबैंक की राजनीति की वजह से कांग्रेस तीन तलाक को खत्म नहीं होने देना चाहती है।
महात्मा गांधी, दीन दयाल, लोहिया को किया याद पंडित दीन दयाल उपाध्याय को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उनके विचार ही हमारी प्रेरणा है। साथ ही उन्होंने महात्मा गांधी, लोहिया और अटल जी को भी याद किया। उन्होंने कहा, 'हमारे प्रिय अटल जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी, राजमाता सिंधिया जी और हमारे लाखों मेहनती कार्यकर्ताओं ने इस भूमि की सेवा करने का कोई मौका नहीं छोड़ा है। उनसे प्रेरणा लेते हुए, हम अपने देश के कल्याण की दिशा में काम करना जारी रखेंगे।' उन्होंने कहा कि हम वो लोग है जिन्हें गांधी भी मंजूर है, राम मनोहर लोहिया भी मंजूर है और दीनदयाल उपाध्याय भी मंजूर है क्योंकि हम समन्वय, सामाजिक न्याय और सबका साथ, सबका विकास में विश्वास करते हैं।
वोट बैंक की राजनीति दीमक जैसी प्रधानमंत्री ने 2014 में दिए अपने नारे का जिक्र करते हुए कहा, 'सबका साथ सबका विकास ये सिर्फ चुनावी नारा नहीं है। उज्जवल भारत के लिए, कोटि-कोटि भारतीय आशा और आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए सोच समझ के चुना हुआ ये हमारा मार्ग है।' उन्होंने कहा, 'हमारे देश में वोट बैंक की राजनीति ने समाज को दीमक की तरह तबाह कर दिया है और इसीलिए आज़ादी के 70 साल में जो बर्बादी आयी, उससे हमें देश को बचाना होगा। वोट बैंक की राजनीति के दीमक से देश को मुक्त कराना, ये भाजपा की विशेष जिम्मेवारी है।
अमित शाह का संबोधन इस मौके पर भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर जीत का संकल्प लिया। उन्होंने कहा, 'आज हम सब संकल्प लेकर जाए कि आने वाले पांच विधानसभा चुनावों और 2019 लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी का ध्वज फिर से ऊंचा करने का काम करें।' उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को देश के हर बूथ और हर गांव तक पहुंचाने का काम हम सभी कार्यकर्ताओं को करना है। भाजपा की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, 'जो पार्टी 10 सदस्यों से शुरू हुई थी, आज वो 11 करोड़ कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बन गयी है या एक दृष्टि से देखें तो भारत के मानचित्र के 70 फीसद भू-भाग पर मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार है।' शाह ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा,' पूरे विश्व में देश का मान-सम्मान और गौरव बढ़ाने का काम देश के प्रधानमंत्री मोदी ने किया है।' उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने कोई भी ऐसा काम नहीं किया है जिससे हमारे कार्यकर्ता का सर नीचा हो सके, पीएम मोदी और शिवराज जी ने इस प्रकार कार्य किया है कि हमारा कार्यकर्ता जनता के बीच सिर उठा के जा सके। इस दौरान शाह ने कांग्रेस को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, ' मध्य प्रदेश को बीमारू राज्य बना देनी वाली कांग्रेस पार्टी क्या राजा, महाराजा या फिर उद्योगपतियों के नाम पर जनता से वोट मांगेगी।'
मुख्यमंत्री का संबोधन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीएम मोदी और अमित शाह की तारीफ के साथ संबोधन शुरू किया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष दोनों एक साथ यहां मौजूद हैं, ये दुर्लभ संयोग है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपीए के समय प्रदेश को उसका हिस्सा 30 हजार करोड़ रुपए मिलता था लेकिन मोदी सरकार आने के बाद अब प्रदेश को 61 हजार करोड़ रुपए मिल रहे हैं। पहले रेलवे और सड़क के मामले में मप्र उपेक्षित था लेकिन आज हजारों करोड़ की परियोजनाएं मप्र में शुरू हुई। मोदी सरकार ने आयुष्मान भारत योजना शुरू की जिससे अब गरीब लोगों को इलाज मिल रहा है। पीएम मोदी किसानों के लिए फसल बीमा योजना लेकर आए हैं जिसका फायदा किसानों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी भगवान के वरदान के रुप में मिले हैं।
भाजपा ही बनाएगा देश विश्व गुरु मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ये नियति ने तय किया है कि भाजपा के नेतृत्व में ही देश विश्व गुरू बने।श्यामाप्रसाद मुखर्जी और दीनदयाल उपाध्याय की जोड़ी मिली। उसके बाद कुशाभाऊ ठाकरे, सुंदरलाल पटवा जैसा कुशल नेतृत्व प्रदेश को मिला। इसके बाद अटलजी, आडवाणीजी की जोड़ी आई। इस जोड़ी के नेतृत्व में पहली बार हमारी सरकार बनी। अब आई है मोदीजी और अमित शाह की जोड़ी जिन्होंने भाजपा को नई ऊंचाईयां दी। आज देश विश्व गुरू बनने की राह पर है।
राहुल को दिया करारा जवाब मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कुछ दिन पहले 'बाबा'' भी यहां आए थे, लेकिन उस समय भीड़ केवल सड़कों तक सीमित रह गई। कांग्रेस ने सभा के लिए हिम्मत भी की तो दशहरा मैदान की। उन्होंने कहा- हमें लगा कि बाबा परिपक्व हो गए होंगे, लेकिन वो देश को मजाक और राजनीति को तमाशा समझते हैं। मोदीजी को गले लगाने के बाद उन्होंने आंखों से जैसी हरकत की उससे पूरा देश शर्मसार हुआ। मध्यप्रदेश में वो शिवभक्त बनकर आए। कैलाश गए तो वहां के फोटो, वीडियो वायरल करते हो, जब विदेश जाते हो तो वहां के फोटो क्यों नहीं वायरल करते।
राहुल तो फन मशीन हैं सीएम यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि जिन्हें ये नहीं पता कि मूली जमीन के ऊपर उगती है या नीचे.. वो किसानों की बात कर रहे हैं। राहुल गांधी ने मुझे घोषणा मशीन कहा, लेकिन बाबा तो फन मशीन हैं। उन्होंने कहा - मैं घोषणा मशीन हूं लेकिन हम घोषणा के साथ पोषणा भी करते हैं। हमने सड़क, बिजली, किसान सबके लिए घोषणा की और उन्हें पूरा किया। घोषणा कौन करता है, जिसके दिल और दिमाग में जुनून हो वह घोषणा करता है। हमने नर्मदा को क्षिप्रा से जोड़ने की घोषणा की थी, जिसे हमने पूरा किया। कांग्रेस के मुख्यमंत्री ने तो इस संभावना को सिरे से खारिज कर दिया था। हमने समृद्ध मध्यप्रदेश बनाने का संकल्प लिया है जिसे हम पूरा करने की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं। हमे बीमारू मध्यप्रदेश मिला था, लेकिन आज हमने इसे विकसित राज्य बनाया था। अगले 5 सालों में हम प्रदेश को समृद्ध मध्यप्रदेश बनाएंगे और देश के शीर्षस्थ राज्यों में पहुंचेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि 2018 के चुनावों में पार्टी को प्रचंड बहुमत से जिताएंगे और चौथी बार प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाएंगे। फिर उसके बाद 2019 में प्रदेश की सभी 29 सीटें जीतकर पीएम मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष की झोली में डालेंगे।
स्टेट हैंगर पर स्वागत इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वायुसेना के विमान से और अमित शाह विशेष विमान से भोपाल पहुंचे। पीएम मोदी, अमित शाह और अन्य सभी नेता स्टेट हैंगर से ही हेलीकॉप्टर से जंबूरी मैदान पर बने हेलीपैड पहुंचे। बता दें कि इस आयोजन को 'कार्यकर्ता महाकुंभ' का नाम दिया गया है। पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर भोपाल के जंबूरी मैदान पर 'कार्यकर्ता महाकुंभ' का आयोजन किया गया है । इस मौके पर जंबूरी मैदान पर बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं के एकत्रित हुए हैं। इस सभा स्थल को देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की याद में 'अटल महाकुंभ परिसर' का नाम दिया गया है। अटल बिहारी वाजपेयी का इसी अगस्त महीने में दिल्ली में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। सभा स्थल पर भाजपा के नेता स्वर्गीय अनिल माधव दवे के नाम पर एक प्रदर्शनी हॉल बनाया गया है। इस प्रदर्शनी में भाजपा के बड़े नेताओं की जीवन और उनकी उपलब्धियों को दिखाया गया है। इसमें अटल बिहारी वाजपेयी, पीएम मोदी और शिवराज सिंह चौहान शामिल हैं।
भाजपा के पांच स्तम्भों को दिखाया जाएगा इस प्रदर्शनी में दीन दयाल उपाध्याय, श्यामा प्रसाद मुख़र्जी, अटल बिहारी वाजपेयी, राजमाता विजयाराजे सिंधिया और कुशाभाऊ ठाकरे को भाजपा के पांच स्तम्भों के रूप में दर्शाया गया है। सुरक्षा के भी पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं। लगभग 6000 सुरक्षाकर्मियों को पूरे आयोजन के लिए लगाया गया है। 6000 सुरक्षाकर्मियों में से 4000 सेंट्रल रिजर्व फोर्स के जवान हैं। कुल 22 आईपीएस अधिकारी सुरक्षा की कमान संभालेंगे। मध्यप्रदेश में इस साल के आखिरी में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। विधानसभा चुनावो को देखते हुए कांग्रेस और बीजेपी दोनों चुनावी तैयारी में जुट गए हैं।

शिवराज कैबिनेट बैठक : अविवाहित महिलाओं को पेंशन, मेट्रो रेल के लिए नए पदों को मंजूरी
24 September 2018
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। सरकार ने 50 साल से ऊपर की अविवाहित महिलाओं को भी पेंशन देने का फैसला किया है। इसके अलावा सरकार ने मंदिर प्रबंधन संस्थान की स्थापना को मंजूरी दी। साथ ही पुजारियों के वेतन के लिए सरकार ने कोष बनाया। इधर मेट्रो रेल परियोजना को देखते हुए सरकार ने नए पदों को मंजूरी दे दी है। शिवराज कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि बैठक में करीब 3 दर्जन प्रस्तावों पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि सामाजिक सुरक्षा के तहत सरकार 50 साल ऊपर की अविवाहित महिलाओं को पेंशन देगी। इसमें 50 से 79 आयु वर्ग की महिलाओं को 300 रुपए महीना और 80 साल से अधिक आयु की महिला को 500 रुपए प्रतिमाह पेंशन दी जाएगी। इसके लिए महिलाओं का मध्य प्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य होगा। आयकर दाता या सेवारत महिलाओं को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा 100 छात्रों को कोचिंग, डॉक्टरों के लिए डिप्लोमा कोर्स बैठक में ये भी तय किया गया कि प्रदेश सरकार प्रतिभावान 100 युवाओं को अखिल भारतीय सेवाओं की परीक्षा की तैयारी के लिए दिल्ली में कोचिंग दिलाएगी। इसके अलावा कॉलेज ऑफ फिजिशियन एंड सर्जन मुंबई के माध्यम से सेवारत डॉक्टरों को विशेषज्ञता दिलाने के लिए डिप्लोमा कोर्स शुरू किए जाएंगे। इसके लिए मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान परिषद कुछ नियमों में संशोधन भी करेगी। प्रशिक्षण लेने के बाद डॉक्टरों को 20 लाख रुपए का बांड भरना होगा कि उन्हें आदिवासी क्षेत्रों में सेवाएं देने भेजा जाएगा। इसमें स्वास्थ्य विभाग प्रदेश के अस्पतालों में स्त्री व शिशु रोग के अलावा निश्चेतना, जनरल मेडिसिन, साइकोलॉजिकल मेडिसिन, पैथालॉजी एवं बैक्टीरियोलॉजी, मेडिकल रेडियोलॉजी एवं इलेक्ट्रॉलॉजी, जनरल सर्जरी एवं इमरजेंसी मेडिसिन में डिप्लोमा कोर्स शुरू किए जाएंगे। मेट्रो के लिए नए पद भोपाल और इंदौर की मेट्रो रेल परियोजना को निरंतर रखने की स्वीकृति कैबिनेट में दी गई। साथ ही भोपाल और इंदौर में अतिरिक्त प्रबंध संचालक के दो पद निर्मित किए गए। परियोजना लागत की 50 फीसदी राशि का इंतजाम विदेशी वित्तीय संस्थानों से होगा। 10% की राशि मेट्रो रेल कंपनी लिमिटेड आंतरिक कर्ज बांड या पीपीटी के माध्यम से जुटाई जाएगी। इसके लिए सरकार गारंटी देगी। बैठक में ये भी तय किया गया कि जबलपुर और ग्वालियर में मेट्रो रेल के लिए फिजिबिलिटी स्टडी कराई जाएगी। इसकी रिपोर्ट के बाद आगे की रणनीति तय होगी। मंदिर प्रबंध संस्थान व पुजारी कल्याण कोष सरकार ने प्रदेश में मठ और मंदिरों के प्रबंधन के लिए मंदिर प्रबंध संस्थान बनाने का फैसला किया है। इसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री रहेंगे। इसके अलावा सनातन धर्म के चार प्रतिष्ठित आचार्य, हिंदुविधि में दक्ष दो वरिष्ठ अधिवक्ता या न्यायाधीश को सदस्य बनाया जाएगा। पुजारियों की आर्थिक मदद और वेतन के लिए दो करोड़ रुपए का पुजारी कल्याण कोष बनाने को भी मंजूरी दी गई। अन्य फैसले - उज्जैन में माकड़ौन बनेगी नई तहसील - घोड़ाडोंगरी, शाहपुर, सुरखी, निवाली, सिराली, मालनपुर बनेंगे नगर परिषद - जेल विभाग में मुख्य प्रहरी के 180 नए पद - 676 थानों में महिला कर्मी फरियादी के लिए अलग से कक्ष व प्रसाधन कक्ष
शोपियां में पुलिसकर्मियों की हत्या पर बोले डीजीपी- हताशा में आतंकियों ने किया ये काम
21 September 2018
श्रीनगर। सुरक्षाबलों के बढ़ते दबाव और स्थानीय निकाय व पंचायत चुनावों में लोगों के बढ़ते उत्साह से हताश आतंकियों ने दक्षिण कश्मीर में तीन पुलिसकर्मियों को अगवा कर उनकी हत्या कर दी है। इन पुलिसवालों के शव बरामद कर लिए गए हैं। इस घटना से राज्य के पुलिसकर्मियों में दहशत है और इसके कारण एक कॉन्स्टेबल ने इस्तीफा दे दिया है। इसे लेकर राज्य के डीजीपी दिलबाग सिंह का बयान आया है। उन्होंने कहा कि, ये बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण घटना है, जिसमें दो एसपीओ और एक पुलिस कॉन्स्टेबल को आतंकियों ने मारा है। ये आतंकियों की हताशा दिखाता है। पुलिसकर्मी उनके लिए आसान टारगेट थे। इसकी जितनी भर्त्सना की जाए वो कम है। आतंकियों ने इन पुलिसवालों में से एक के भाई को उनके घरों से अगवा कर लिया था लेकिन उसे कुछ समय बाद रिहा कर दिया गया। अगवा पुलिसकर्मियों आतंकियों की चंगुल से मुक्त कराने के लिए पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाया था लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ। हालांकि, उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। तीनों के शव बरामद कर लिए गए हैं। इसके बाद पुलिस ने पूरे सम्मान के साथ अपने साथियों को अंतिम विदाई दी। हालांकि, अधिकारिक तौर पर कोई भी पुलिस अधिकारी आतंकियों द्वारा तीन पुलिसकर्मियों व एक अन्य के अगवा की घटना की पुष्टि को तैयार नहीं था। अलबत्ता, एक पुलिस अधिकारी ने अपहरण से इंकार करते हुए कहा कि है चार पुलिसकर्मी गत रोज से लापता हैं और उनकी तलाश की जा रही है। संबधित सूत्रों ने बताया कि अगवा किए गए चारों पुलिसकर्मी दक्षिण कश्मीर में दो गांवों कापरिन और बटगुंड के रहने वाले हैं। इनमें तीन एसपीओ हैं और एक पुलिस कांस्टेबल है। यहां यह बताना असंगत नहीं होगा कि दो दिन पहले हिज्ब आतंकी रियाज नायकू ने एक वीडियो जारी कर पुलिसकर्मियों व एसपीओ को नौकरी छोड़ने की धमकी दोहराई थी। इससे पूर्व गत 31 अगस्त को दक्षिण कश्मीर में आतंकियों ने पुलिसकर्मियों के 11 रिश्तेदारों को अगवा किया था।अगवा किए गए पुलिसकर्मियों की पहचान फिरदौस अहमद कूचे, कुलदीप सिंह, निसार अहमद धोबी और फैयाज अहमद बट के रुप में हुई है।
राम माधव का बड़ा बयान, जिनका नाम NRC में नहीं, वो देश से निकाले जाएंगे
11 September 2018
नई दिल्ली। असम में लागू हुए नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन( NRC) के मुद्दे पर सियासी बवाल मचा था। अब भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव ने इस मुद्दे पर बड़ा बयान देकर मुद्दे को और गरमा दिया है। सोमवार को राम माधव ने कहा कि, असम में राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (एनआरसी) की अंतिम सूची में शामिल नहीं किए जाने वाले लोगों का वोटिंग अधिकार छीन लिया जाएगा और उन्हें वापस उनके देश भेज दिया जाएगा। न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक, सेमिनार में माधव ने कहा कि, "1985 में हुए असम समझौते’ के तहत एनआरसी को अपडेट किया जा रहा है, जिसके तहत सरकार ने राज्य के सभी अवैध प्रवासियों का पता लगाने और उन्हें देश से बाहर निकालने की प्रतिबद्धता जाहिर की थी। उन्होंने कहा, "एनआरसी से सभी अवैध प्रवासियों की पहचान सुनिश्चित हो सकेगी। अगला कदम इन अवैध प्रवासियों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए जाएंगे और उन्हें सभी सरकारी लाभों से वंचित कर दिया जाएगा। इसके अगले चरण में अवैध प्रवासियों को देश से बाहर कर दिया जाएगा।" अंतरराष्ट्रीय स्तर इसकी आलोचना के सवाल पर माधव ने कहा कि, "बांग्लादेश भी लाखों रोहिंग्याओं को वापस म्यांमार भेजने पर विचार कर रहा है, जो वहां सालों से शरण ले के बैठे हैं। उन्होंने कहा कि, कोई भी देश अवैध अप्रवासियों को बर्दाश्त नहीं करेगा, लेकिन राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए भारत इनके लिए धर्मशाला बन गया है।" राम माधव ने आगे कहा कि, "देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1950 में जब अवैध अप्रवासियों की समस्या को महसूस किया था तब वे 1951 में विदेशियों को बाहर करने के लिए राज्य-विशेष कानून लेकर आए थे। उस दौरान वहां 80 लाख नागरिक थे।" राहुल गांधी पर वार करते हुए माधव ने कहा कि," नेहरू के महान परपोते को सबसे पहले इतिहास पढ़ लेना चाहिए और इसके बाद उन्हें इस काम में मदद करनी चाहिए। माधव ने कहा कि, यह समस्या भविष्य में किसी भी दूसरे राज्य के साथ आ सकती है।"
भारत बंद : बिहार में एंबुलेस रोकने से बच्ची की मौत, कई राज्यों में बंद के दौरान हिंसा
10 September 2018
नई दिल्ली। पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों को लेकर कांग्रेस द्वारा बुलाए गए भारत बंद का देशभर में व्यापक असर नजर आया है। सोमवार सुबह से ही कई राज्यों में राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और प्रदर्शन करने लगे। बिहार में बंद के कारण एक मासूम बच्ची की जान चली गई है। बिहार के जहानाबाद में बंद के चलते प्रदर्शनकारियों ने एंबुलेंस को रास्ता नहीं दिया जिसके चलते बच्ची की मौत हो गई। जगह-जगह बंद समर्थकों के रोड जाम करने के कारण पिता बेटी को लेकर पैदल ही अस्पताल की तरफ दौड़ पड़ा मगर गौरी की सांसें तब तक उखड़ चुकी थीं। हालांकि, एसडीओ का कहना है कि मौत जाम की वजह से नहीं हुई बल्कि उसके परिवार वाले घर से ही देर से निकले थे। बंद के दौरान कुछ राज्यों में हिंसा की खबरें भी हैं और इनमें बिहार के अलावा महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश शामिल है जहां प्रदर्शनकारियों ने उग्र रूप धारण कर लिया। बिहार में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे और वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी वहीं मुंबई में मनसे कार्यकर्ताओं ने जबनर दुकानें बंद करवाईं। मध्यप्रेदेश के उज्जैन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल पंप पर तोड़फोड़ की है। बंद के दौरान कांग्रेस सड़क पर उतरी है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी के कई बड़े नेताओं ने महात्मा गांधी की समाधि से मार्च करते हुए रामलीला पहुंचकर धरना दिया। इस धरने में सोनिया गांधी के अलावा पूर्व पीएम मनमोहन सिंह भी शामिल हुए। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राजघाट पहुंचे। यहां उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और इसके बाद 9 बजे से मार्च होगा। राहुल ने इस दौरान महात्मा गांधी की समाधि पर कैलाश मानसरोवर से लाया जल भी चढ़ाया। इस मार्च में पार्टी की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी व अन्य नेता शामिल हैं। सोमवार सुबह से ही कई राज्यों में विभिन्न दलों के कार्यकर्ता सड़कों पर तेल की कीमतों का विरोध करने उतरे। भुवनेश्वर में जहां पूरी तरह से बंद नजर आया वहीं आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में सीपीएम कार्यकर्ताओं ने जाम लगा दिया। महाराष्ट्र में प्रदर्शनकारियों ने अंधेरी स्टेशन पहुंचकर रेल रोको अभियान चलाया। ओडिशा में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संभलपुर में ट्रेन रोक दी और नारेबाजी की। कर्नाटक के करलबुर्गी में नॉर्थ ईस्ट कर्नाटक रोड ट्रांसपोर्ट ने भी इस बंद के चलते एक भी बस सड़क पर नहीं उतारी। गुजरात में प्रदर्शनकारियों ने टायरों में आग लगा कर हाईवे जाम कर दिया और नारेबाजी करने लगे। जयपुर में भी बंद को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस के अनुसार एहतियातन सुरक्षा बढ़ाई गई है साथ ही यह निर्देश भी दिए गए हैं कि अगर कोई हिंसा करता है तो कड़ी कार्रवाई की जाए। कांग्रेस ने लोगों से शांतिपूर्ण बंद की अपील की है। बंद सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक रखा गया है। उधर, राजस्थान सरकार ने कांग्रेस के बंद से एक दिन पहले तेल के दाम ढाई रुपए प्रति लीटर घटा दिए। बंद को द्रमुक, राकांपा, राजद, सपा और एमएनएस सहित देश की करीब 20 छोटी-बड़ी विपक्षी पार्टियों के समर्थन का दावा भी किया है। हालांकि तृणमूल कांग्रेस, आप व बीजद ने बंद से अपने को अलग रखा है। 20 दलों का समर्थन वरिष्ठ नेता अजय माकन ने कहा कि बंद को 20 दलों का समर्थन है। राकांपा प्रमुख शरद पवार, द्रमुक प्रमुख एमके स्टालिन व वाम नेताओं ने बंद का खुला समर्थन किया है। केंद्र ने 11 लाख करोड़ कमाएकांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि केंद्र ने पिछले चार साल में 11 लाख करोड़ रुपए कमाए हैं। चार साल में पेट्रोल पर 211.7 फीसदी और डीजल पर 443 फीसदी एक्साइज ड्यूटी बढ़ी है। मई 2014 में पेट्रोल पर 9.2 रुपए एक्साइज लगता था और अब 19.48 रुपए लगता है। वहीं मई 2014 में डीजल पर 3.46 रुपए एक्साइज था, जबकि अब 15.33 रुपए लगता है। बंद का रास्ता ठीक नहीं : तृणमूल ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि बढ़ी कीमतों को लेकर उनका विरोध तो है, लेकिन बंद का रास्ता ठीक नहीं है, इससे लोगों को परेशानी होती है। वहीं ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजद ने भी तेल मूल्यवृद्धि का विरोध किया, लेकिन बंद का समर्थन नहीं किया।
रिपोर्ट में खुलासा, 20 सेकंड और देर होती तो क्रैश हो जाता राहुल का प्लेन
31 August 2018
नई दिल्ली। कर्नाटक चुनाव के दौरान हुबली में राहुल गांधी के चार्टर विमान में जो खराबी आई थी वो खतरनाक साबित हो सकती थी। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अगर 20 सेकंड और देर हो जाती तो राहुल गांधी का विमान तकनीकी खामी की वजह से क्रैश हो जाता। बीते 26 अप्रैल को नई दिल्ली से हुबली जाते समय राहुल गांधी के चार्टर्ड विमान में जो तकनीकी खराबी आई थी। घटना की आंतरिक जांच करने वाली नागरिक विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि तकनीकी खराबी पर पायलट काबू नहीं पाते तो अगले 20 सेकंड में गंभीर परिणाम सामने आ सकते थे, यहां तक की राहुल का विमान क्रैश भी हो सकता था। रिपोर्ट के मुताबिक उस दिन राहुल गांधी का चार्टर्ड विमान अचानक एक तरफ झुकने लगा था और उसके इंजन से आवाज आ रही थी। विमान ऑटो पायलट मोड पर चल रहा था। रिपोर्ट ये इशारा करती है कि इस तरह की खराबी के पीछे मानवीय भूल हो सकती थी। बता दें कि इस घटना के बाद राहुल गांधी के विमान की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी। वहीं कांग्रेस की तरफ से साजिश की आशंका जताते हुए एफआईआर दर्ज कराई गई थी। कांग्रेस ने मामले की जांच की मांग की थी। कांग्रेस की मांग के बाद डीजीसीए ने आंतरिक जांच बैठाई थी। कर्नाटक चुनाव प्रचार के दौरान हुई घटना यह घटना उस वक्त की है जब राहुल गांधी इसी वर्ष कर्नाटक विधानसभा चुनाव के प्रचार में 26 अप्रैल को दिल्ली से हुबली जा रहे थे। इस घटना का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा था कि वह अंदर से हिल गए थे।
भीमा कोरेगांव केस : SC पहुंचा गिरफ्तारी का मामला, NHRC ने लिया संज्ञान
29 August 2018
नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्‍या की साजिश रचने और नक्सलियों से साठगांठ रखने के आरोप में गिरफ्तार 5 माओवादी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तार का मामला गर्माता जा रहा है। इस गिरफ्तारी के खिलाफ बुधवार को जहां सुप्रीम का दरवाजा खटखटाया गया, वहीं राष्ट्रीय मानव अधिकार परिषद ने भी स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी किया है। आयोग ने ऑब्जर्व किया है कि मामले में इन पांच लोगों की गिरफ्तारी के लिए स्टैंडर्ड प्रोसीजर का पालन नहीं किया गया। यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का मामला हो सकता है। गिरफ्तारी के खिलाफ रोमिला थापर, प्रभात पटनाइक, सतीश देशपांडे, माया दरनाल और एक अन्य व्यक्ति ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका स्‍वीकार कर ली है और मामले की सुनवाई दोपहर 3:45 बजे करेगा। पीएम मोदी की हत्या की साजिश के सिलसिले में पुणे पुलिस ने मंगलवार को देश के छह राज्यों में छापे मारकर पांच माओवादी कार्यकर्ताओं को पकड़ा है। इन सभी को इसी साल जून में गिरफ्तार किए जा चुके पांच माओवादियों से पूछताछ के आधार पर पकड़ा गया है। सभी पर प्रतिबंधित माओवादी संगठन और नक्सलियों से रिश्ते का आरोप है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने केरल पहुंचे राहुल, पीड़ितों से की मुलाकात
28 August 2018
नई दिल्ली। केरल में पिछले दिनों आई भीषण बाढ़ का असर अब तक है और जिंदगी पटरी पर लौटने की कोशिश में लगी है। इस बीच बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी पहुंचे। अपने विदेश दौरे से लौटने के बाद राहुल मंगलवार को केरल पहुंचे। राहुल आज चेंगन्नुर, आलप्पुषा और अंगमाली समेत राज्य में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे। वहीं, बुधवार को वे वयनाड जिले में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की भी यात्रा करेंगे। इस बीच राहुल ने राहत शिविरों में पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। केरल में बाढ़ ने खासी तबाही मचाई है। बाढ़ की वजह से जान और माल का व्यापक नुकसान हुआ है। राहुल गांधी ने इसके पहले भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से बाढ़ पीड़ितों को हर संभव मदद करने को कहा था। कांग्रेस के सभी सांसदों, विधायकों और विधान परिषद के सदस्यों ने केरल बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए एक महीने की सैलरी देने की घोषणा की थी। इसके पहले सोमवार सुबह केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने दुनिया भर में रह रहे मलयाली समुदाय के लोगों से मदद मांगी है। केरल के पुर्निर्माण के लिए केरल के चीफ मिनिस्टर के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर विजयन ने दुनिया भर में रह रहे मलयाली लोगों से एक दिन की सैलरी दान करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा है कि जो लोग एक महीने की सैलरी दान नहीं कर सकते हैं। वो टुकड़ो में राहत राशि दान कर सकते हैं । केंद्र सरकार केरल में बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए 600 करोड़ रुपये की अग्रिम धनराशि दे चुकी है। केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन ने केंद्र से 2600 करोड़ की सहायता राशि की मांग की है। केंद्र के आलावा देश से सभी राज्यों ने केरल को सहायता राशि दी है।
केरल में बाढ़ से तबाही : 417 की मौत, 8.69 लाख शिविरों में और 7000 घर नष्ट, 10 बड़ी बातें
25 August 2018
नई दिल्ली: केरल में बारिश व बाढ़ की विभीषिका में अब तक 417 लोग जान गंवा चुके हैं। मुख्यमंत्री पिनारई विजयन ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि सैकड़ों लोग राहत शिविरों से घरों को लौट रहे हैं, फिर भी अभी 8.69 लाख लोग 2,787 राहत शिविरों में हैं. विजयन ने मीडिया से कहा कि 29 मई से मानसून की बारिश शुरू होने से मौतें होनी शुरू हो गईं थीं लेकिन आठ अगस्त से 265 लोगों के मौत होने की सूचना है, जब मूसलाधार बारिश की वजह से राज्य में भयावह बाढ़ आ गई. केरल में यह सदी की सबसे भयावह बाढ़ है.
10 बड़ी बातें
1-विजयन ने कहा कि 36 लोग लापता हैं. मुख्यमंत्री ने बाढ़ से प्रभावित लोगों से केरल सरकार की वेबसाइट पर अपने नुकसान की जानकारी देने का आग्रह किया है.
2-बाढ़ की वजह से 7,000 घर पूरी तरह से नष्ट हुए हैं और करीब 50,000 घरों को आंशिक रूप से नुकसान हुआ है.
3-विजयन की यह टिप्पणी अधिक संख्या में लोगों के राहत शिविरों से वापस जाने व अपना जीवन फिर शुरू करने पर आई है. राज्य में एक समय में कुल 3,000 से ज्यादा राहत शिविर थे.
4-राज्य में शुक्रवार को धूप निकली रही और ज्यादातर इलाकों में पानी तेजी से घटा. राहत शिविरों में ज्यादा संख्या में लोग अलप्पुझा, चेंगान्नूर, पारावूर, चांगनाचेरी, चालाकुडी व पथनमथिट्टा जिले के बताए जा रहे हैं.
5-कोयट्टम में कई शिविरों को बंद कर दिया गया. सीएमएस कॉलेज के एक केंद्र पर लोगों ने ओणम सदया परोसा गया. यह केरल के सबसे महत्वपूर्ण त्योहार ओणम पर परोसा जाने वाला पारंपरिक भोज है.
6-ओणम त्योहार आज है लेकिन किसी जश्न के आसार कम ही हैं. सरकार ने आधिकारिक उत्सव को रद्द कर दिया है और 39 करोड़ रुपये की राशि राहत कार्य के लिए दे दी है.
7-शिविर से जाने के लिए तैयार एक बुजुर्ग महिला थानकामा ने कहा, "शिविर के प्रबंधकों ने हमारे साथ अच्छा व्यवहार किया. हम नहीं जानते कि हमारे लौटने पर हमारी नियति क्या होगी है क्योंकि हमारे पास कपड़ों के अलावा कुछ नहीं है."
8-वित्त मंत्री थॉमस इसाक ने कहा कि करीब 5000 स्वंयसेवक कुट्टानडु के पास पानी वाले क्षेत्रों में राहत कार्य के लिए पहुंच रहे हैं.
9-उन्होंने कहा, "28 अगस्त से अलप्पुझा जिले के 13 पंचायतों में इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर और सांप पकड़ने वालों का एक समूह जा रहा है. वे अगले महीने के पहले सप्ताह तक सभी घरों को साफ करेंगे और जो राहत शिविरों में हैं उन्हें घर लाया जाएगा."
10-अलप्पुझा-चांगनाचेरी की सड़कों को वाहनों के योग्य बनाने के लिए तेजी से काम चल रहा है. केरल में बाढ़ के बाद मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष (सीएमडीआरएफ) में अतिरिक्त निधि जुटाने के लिए वित्त मंत्री थॉमस इसाक ने शुक्रवार को विशेष लॉटरी की घोषणा की. इसके हर टिकट की कीमत 250 रुपये होगी। सरकार को उम्मीद है कि इससे 100 करोड़ रुपये जुटेंगे.

आरएसएस के कार्यक्रम में शिरकत करेंगे उद्योगपति रतन टाटा, संघ प्रमुख रहेंगे मौजूद
24 August 2018
मुंबई। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के रतन टाटा भी राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। वो इस दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ भी मंच साझा करते दिखेंगे। आज शाम को मुंबई की एक संस्था (एनजीओ) नाना पालकर स्मृति समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में रतन टाटा हिस्सा लेंगे। जहां संघ प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद होंगे। बता दें कि इस एनजीओ का नाम संघ प्रचारक नाना पालकर के नाम पर रखा गया है। नाना पालकर स्मृति समिति द्वारा संचालित रोगी सेवा सदन मुंबई में कैंसर के इलाज के लिए मशहूर टाटा मेमोरियल अस्पताल के बिल्कुल नजदीक स्थित एक आवासीय व्यवस्था है। यहां एक समय में 76 मरीज और उनके दो सहायक रह सकते हैं। देश के कोने-कोने से कैंसर के इलाज के लिए आने वाले मरीजों को अक्सर लंबी अवधि के लिए मुंबई में रुकना पड़ता है। ऐसे मरीजों को आसरा उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्णकालिक प्रचारक रहे नारायण हरि पालकर उर्फ नाना पालकर की स्मृति में इस सेवा सदन की स्थापना 1968 में की गई थी। मुंबई के परेल इलाके में स्थित 10 मंजिला इमारत में चल रहे नाना पालकर स्मृति समिति द्वारा संचालित रोगी सेवा सदन में प्रतिवर्ष देश के विभिन्न हिस्सों से आकर करीब 1500 रोगी रुकते हैं। 2011-12 में तो यह संख्या 1,762 तक पहुंच गई थी। चूंकि यह संस्थान टाटा कैंसर इंस्टीट्यूट से चंद कदमों की दूरी पर स्थित है, इसलिए यहां से रोगियों का अस्पताल आना-जाना आसान हो जाता है। 24 अगस्त की शाम को नारायण हरि पालकर के जन्म शताब्दी का समापन समारोह है। इसी अवसर पर समिति ने सरसंघचालक मोहन भागवत के साथ प्रसिद्ध उद्योगपति रतन टाटा को भी आमंत्रित किया है। गौरतलब है कि इससे पहले इस साल जून महीने में नागपुर में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी संघ में कार्यक्रम में पहुंचे थे। हालांकि इसको लेकर उन्हें अपनी ही पार्टी की नाराजगी का सामना करना पड़ा था। उनकी खुद की बेटी व कांग्रेस नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने भी संघ के कार्यक्रम में उनकी शिरकत को लेकर सवाल उठाए थे।
वलसाड में बोले PM- बहनों को मिला घर, रक्षाबंधन का इससे अच्छा तोहफा नहीं हो सकता
23 August 2018
अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को एक दिन के दौरे पर गुजरात पहुंचे। मोदी ने अपने दौरे की शुरुआत वलसाड़ कस्बे के जुजवा गांव से की। यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि रक्षा बंधन का पर्व सामने हो और गुजरात में एक लाख से भी अधिक परिवारों और बहनों को उनके नाम से अपना घर मिले मैं समझता हूँ रक्षा बंधन का इसे बड़ा कोई उपहार नहीं हो सकता। पीएम आगे बोले कि देश में एक समय था जब देश में बैंक तो थे लेकिन देश का गरीब बैंकों में प्रवेश नहीं कर पाता था और एक आज का समय है, हमनें बैंकों को ही गरीब के घर के सामने लाके खड़ा कर दिया है। देश के सामान्य लोगों के सपनों को पूरा करने के लिए हम लगातार प्रयास कर रहें हैं। इससे पहले पीएम ने यहां प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभान्वितों के ई-गृह प्रवेश (सामूहिक ऑन लाइन गृह प्रवेश कार्यक्रम) करवाने के साथ ही सर्टिफिकेट भी बांटे। इसके अलावा उन्होंने योजना के लाभार्थियों से बात भी की। केंद्र की इस योजना के तहत गुजरात में एक लाख से ज्यादा आवास बनाए गए हैं। इसी कार्यक्रम स्थल से मोदी धर्मपुर व कापरडा तालुका की आदिवासी आबादी के लिए पेयजल सप्लाय प्रोजेक्ट की आधारशिला रखेंगे। वलसाड के कार्यक्रम के बाद वे सौराष्ट्र के जूनागढ़ जाएंगे और वहां विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वे जूनागढ़ के पुलिस मैदान में सभा को भी संबोधित करेंगे। बाद में वे गांधीनगर में गुजरात फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह व सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट की बैठक में भाग लेकर दिल्ली लौट जाएंगे। अपने इस दौरे पर पीएम गुजरात फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह और सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट की बैठक समेत चार कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। ट्रस्ट के सचिव पीके लाहेरी ने बताया कि पीएम मोदी सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के सात ट्रस्टियों में से एक हैं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी ट्रस्टी हैं, संभवतः वे भी इसमें शरीक होंगे। बैठक गांधीनगर स्थित राजभवन में होगी।
केरल बाढ़: 700 करोड़ की मदद देगा UAE, 30 अगस्त को बुलाया जा सकता है विशेष सत्र
21 August 2018
तिरुवनंतपुरम। भारी बारिश और बाढ़ से केरल बेहाल है। पिछले कुछ दिनों के भीतर ही केरल में तीन से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। आफत की इस घड़ी में केवल देश से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी केरल को मदद भेजी जा रही है। संयुक्त अरब अमीरात( यूएई) केरल को 700 करोड़ की मदद देगा। मंगलवार को सीएंम पी विजयन ने इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यूएई सरकार केरल बाढ़ राहत कोष में 700 करोड़ देगी इस बीच राहत और बचाव कार्य के लिए केरल विधानसभा का विशेष सत्र बुलाए जाने की जानकारी सामने आ रही है। ये सत्र तीस अगस्त को बुलाया जा सकता है। मुख्यमंत्री पी विजयन ने बताया कि, केरल कैबिनेट राज्यपाल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की अनुशंसा करेगा। इस सत्र में बचाव कार्य, पुनर्वास और पुनर्निर्माण की रुपरेखा बनाई जाएगी। वहीं सीएम विजयन ने बाढ़ और बारिश से उपजे मौजूद हालात की समीक्षा के लिए आज शाम को ऑल पार्टी मीटिंग भी बुलाई है। एमपी पुलिस ने भी मुख्यमंत्री राहत कोष में 1.31 करोड़ रुपए दान दिए हैं। वहीं मध्यप्रदेश पुलिस का हर कर्मचारी अपनी एक दिन की तनख्वाह भी दान देगा। शनिवार को यूएई के उप राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के अलावा दुबई के राजा शेख मोहम्मद बिन राशिद ने केरल की बाढ़ को लेकर अपने देश में राष्ट्रीय आपदा कमेटी बनाने के निर्देश दिए थे। ताकि लोगों तक इमदाद पहुंचाई जा सके। उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर मुश्किल की इस घड़ी में केरल के लोगों की खुले दिल से मदद की अपील भी की थी। उन्होंने लिखा कि, केरल के लोग यूएई की कामयाबी में हिस्सेदार रहे हैं। ऐसे में ये हमारी जिम्मेदारी है कि मुश्किल वक्त में हम उनकी मदद करें। इसके जवाब में पीएम मोदी ने शेख मोहम्मद बिन राशिद का शुक्रिया अदा किया था। खुद पीएम मोदी भी पिछले हफ्ते केरल गए थे और बाढ़ग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया था। इसके बाद उन्होंने केरल को फौरी तौर पर 500 करोड़ का राहत पैकेज देने का ऐलान किया था। इससे पहले गृह मंत्री ने भी अपने दौरे के बाद सौ करोड़ के राहत पैकेज देने की बात कही थी। सीएम विजयन ने बताया कि बाढ़ और बारिश से अब तक राज्य में 19,512 करोड़ का नुकसान हुआ है। उन्होंने ये जानकारी दी है कि केरल को राज्य की 83 हजार किमी लंबी सड़कों की मरम्मत के लिए अतिरिक्त 13 हजार करोड़ की राशि लगेगी।
नीरव मोदी के लंदन में होने की खबर, CBI ने दी प्रत्यर्पण के लिए अर्जी : रिपोर्ट
20 August 2018
नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक में 13 हजार करोड़ के घोटाले का आरोपी नीरव मोदी लंदन में छिपा हुआ है। मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार लंदन प्रशासन ने नीरव के लंदन में होने की पुष्टि कर दी है। वहीं दूसरी तरफ खबर है कि सीबीआई ने नीरव के प्रत्यर्पण के लिए अर्जी दे दी है। रिपोर्ट में सीबीआई के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि अगर अर्जी मंजूर होती है तो नीरव को प्रत्यर्पण के माध्यम से भारत लाया जाएगा। बता दें कि नीरव के लंदन में होने की बात काफी पहले सामने आ गई थी। साथ ही यह भी कहा गया था कि ईडी ब्रिटेन को नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की अर्जी भेज चुका है। लेकिन पिछले दिनों खबर आई थी कि नीरव दुबई में है। ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पिछले महीने नीरव मोदी के दुबई में देखे जाने की जानकारी मिली थी। ईडी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए यूएई सरकार को प्रत्यर्पण का अनुरोध भेज दिया।
केरल में 'मौत' की बाढ़ : बाढ़ से तबाह केरल के लिए पीएम मोदी ने 500 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा की
18 August 2018
केरल: केरल में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. बाढ़ से केरल के कई इलाकों में हाहाकार है. कई दशकों बाद आई इस बाढ़ की विभीषिका ने अपना विकराल रूप दिखाया है, जिसमें अब तक 324 लोगों की मौत हो गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल में बाढ़ की विभीषिका की समीक्षा करने के बाद केरल को तत्काल 500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है. प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में बताया कि मोदी ने सभी मृतकों के परिजन को दो-दो लाख रुपये की सहायता राशि और गंभीर रूप से घायल लोगों को 50-50 हजार रुपये प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से भी देने की घोषणा की है. बयान में कहा गया है, 'प्रधानमंत्री ने राज्य को 500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है. यह राशि 12 अगस्त को गृह मंत्रालय द्वारा 100 करोड़ रुपये की देने की घोषणा से अलग है.' कोच्चि में एक उच्च स्तरीय बैठक की समीक्षा के बाद प्रधानमंत्री ने बाढ़ से प्रभावित कुछ क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया. बाढ़ की तबाही से जूझ रहे अलुवा-त्रिशुर क्षेत्र के हवाई सर्वेक्षण के दौरान प्रधानमंत्री के साथ राज्यपाल पी सदाशिवम, मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, केंद्रीय मंत्री के जे अल्फोंस और अन्य अधिकारी मौजूद थे. बाढ़ की वजह से हुई जान-माल की क्षति पर दुख व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बाढ़ में फंसे लोगों को बाहर निकालना हमारी शीर्ष प्राथमिकता है. इसके बाद मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने ट्वीट किया है कि प्रधानमंत्री ने तत्काल राहत के लिए 500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है. उन्होंने कहा, '' प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक राज्य को इस बाढ़ की वजह से 19,512 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा है. प्रभावित इलाकों से बाढ़ का पानी घटने के बाद ही वास्तविक क्षति का अनुमान लगाया जा सकता है। राज्य सरकार ने तत्काल सहायता के लिए 2,000 करोड़ रुपये की मांग की है.' पीएम मोदी शनिवार रात राज्य में पहुंचे थे. वह आज सुबह कोच्चि गए और मुख्यमंत्री विजयन और अन्य अधिकारियों के साथ बाढ़ के स्थिति की समीक्षा की. प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार को आग्रह के अनुसार अनाज, दवाई सहित राहत सामग्री पहुंचाने का आश्वासन दिया है. बीमा कंपनियों से कहा गया है कि वह समय से क्षति का मूल्यांकन करके प्रभावित परिवारों और लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत मुआवजा जारी करें. इसके अलावा कृषि फसल बीमा योजना के दावों का त्वरित निपटारा करने के भी निर्देश जारी किए गए हैं. प्रधानमंत्री ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को बाढ़ से क्षति ग्रस्त हुए मुख्य राजमार्ग को प्राथमिकता देकर ठीक करने का निर्देश दिया है. वहीं एनटीपीसी और पीजीसीआईएल जैसे केंद्रीय सार्वजनिक सेक्टर उपक्रमों को राज्य सरकार को बिजली की आपूर्ति बहाल करने में हर संभव सहायता करने को कहा है. प्रधानमंत्री ने इस भयानक बाढ़ की चुनौतियों से निपटने के राज्य सरकार के प्रयासों की प्रशंसा की. मौजूदा मौसम की रिपोर्ट के मुताबिक तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, अलप्पुझा, पथनमथिट्टा, कोट्टयम, इडुक्की और एर्नाकुलम जिले में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने के साथ ही भारी बारिश की आशंका जताई गई है. राज्य आपदा प्रबंधन के नियंत्रण कक्ष से मिली सूचना के मुताबिक आठ अगस्त से अब तक 194 लोगों की जानें जा चुकी है और 36 लोग लापता हैं. राज्य इस समय पिछले 100 साल में आए सबसे ज्यादा भयानक बाढ़ का सामना कर रहा है. यहां 80 बांधों को खोला गया है और सभी नदियों में बाढ़ जैसी है. बताया जा रहा है कि करीब तीन लाख से ज़्यादा लोग राहत शिविरों में शरण लिए हैं. राज्य के 14 में से 12 ज़िलों में रेड अलर्ट है. बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने के लिए पीएम मोदी भी पहुंच चुके हैं. शुक्रवार की देर शाम अटल बिहारी वाजपेयी जी की अंत्येष्टि के बाद पीएम मोदी केरल के लिए रवाना हुए. आज वह सुबह करीब पौने आठ बजे तिरुवनंतपुरम से कोच्चि के लिए रवाना हुए. मौसम विभाग ने आज भी बारिश के आसार जताए हैं, जिससे हालात और बिगड़ने के आसार हैं. इडुक्की और एर्नाकुलम राज्य के बाक़ी हिस्सों से पूरी तरह कट गए हैं. पानी भरने की वजह से कोच्चि एयरपोर्ट को 26 अगस्त तक बंद कर दिया गया है. हज़ारों किलोमीटर सड़कें बह गई हैं. 80 बांधों को खोल दिया गया है. हालंकि, सेना, एयरफ़ोर्स, नेवी, एनडीआरएफ़ की टीमें युद्धस्तर पर राहत और बचाव का अभियान चला रही हैं.. एयरफ़ोर्स के 22 एयरक्राफ़्ट रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे हैं. वहीं, सेना बोट के ज़रिए लोगों को निकाल रही है. NDRF की 39 टीमें पहले से ही राहत-बचाव में जुटी हैं. 14 और टीमों को भेजा जा रहा है. कोस्टगार्ड के तीन जहाज़ भी ऑपरेशन में जुटे हैं. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीती रात केरल पहुंचे. आज वो प्रभावित इलाक़ों का हवाई दौरा करेंगे. इस बीच केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने भी ट्वीट कर लोगों से बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए मदद की अपील की है. बताया जा रहा है कि करीब सौ वर्षों में केरल सबसे भयावह बाढ़ को झेल रहा है. मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए डोनेशन की भी अपील की है. मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में कोई भी मदद कर सकता है, इसके लिए अकाउंट नंबर भी जारी किये गये हैं. सीएम विजयन ने रक्षा मंत्री निर्माला सीतारमण से भी बात की और बताया कि हालात लगातार 'गंभीर' होते जा रहे हैं. 50,000 से अधिक परिवारों से 2.23 लाख लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं. कुछ जगहों पर बारिश थोड़ी थमी है, लेकिन पथनमथिट्टा, अलपुझा, एर्नाकुलम और त्रिशूर जिले अब भी मानसूनी संकट से जूझ रहे हैं.
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन
16 August 2018
नई दिल्ली: भारतीय राजनीति के अजातशत्रु कहे जाने वाले बीजेपी नेता और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में गुरुवार को निधन हो गया. वह बीते 11 जून से एम्स में भर्ती थे. वाजपेयी ने गुरुवार शाम 5:05 बजे अंतिम सांस ली. बुधवार को उनकी हालत गंभीर हो गई और उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया था. वाजपेयी को गुर्दा (किडनी) की नली में संक्रमण, छाती में जकड़न, मूत्रनली में संक्रमण आदि के बाद 11 जून को एम्स में भर्ती कराया गया था. मधुमेह पीड़ित 93 वर्षीय भाजपा नेता का एक ही गुर्दा काम करता था. वाजपेयी की हालत बिगड़ने पर बुधवार की शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें देखने के लिए एम्स पहुंचे थे. साथ ही उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू भी गुरुवार को एम्स पहुंचे. उनके अलावा केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु, जितेंद्र सिंह, अश्विनी चौबे, स्मृति ईरानी, शाहनवाज हुसैन, हर्षवर्धन सहित कई बीजेपी नेता अटल बिहारी वाजपेयी के स्वास्थ्य का हाल जानने के लिए एम्स गए थे. अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री के रूप में तीन बार देश का नेतृत्व किया है. वे पहली बार साल 1996 में 16 मई से 1 जून तक, 19 मार्च 1998 से 26 अप्रैल 1999 तक और फिर 13 अक्टूबर 1999 से 22 मई 2004 तक देश के प्रधानमंत्री रहे हैं. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी के कवि, पत्रकार और प्रखर वक्ता भी थे. भारतीय जनसंघ की स्थापना में भी उनकी अहम भूमिका रही. वे 1968 से 1973 तक जनसंघ के अध्यक्ष भी रहे. आजीवन राजनीति में सक्रिय रहे अटल बिहारी वजपेयी लंबे समय तक राष्ट्रधर्म, पाञ्चजन्य और वीर अर्जुन आदि पत्र-पत्रिकाओं के सम्पादन भी करते रहे. वाजपेयी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समर्पित प्रचारक रहे और इसी निष्ठा के कारण उन्होंने आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लिया था. सर्वोच्च पद पर पहुंचने तक उन्होंने अपने संकल्प को पूरी निष्ठा से निभाया. वाजपेयी देश के उन चंद प्रधानमंत्रियों में से एक थे जिन्हें हमेशा उनके बेबाक फैसलों के लिए जाना जाता था. चाहे बात पाकिस्तान से दोस्ती के लिए बस से लाहौर जाने की हो या फिर कारगिल में लड़ाई के फैसले की. वह हमेशा से ही अपने फैसलों पर अडिग रहने वाले नेता थे. यही वजह थी कि वह देश में सबसे लंबे समय तक गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री भी रहे. अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में हुआ था. उनके पिता कृष्ण बिहारी वाजपेयी कवि होने के साथ-साथ स्कूल मास्टर भी थे. वाजपेयी जी ने स्कूल तक की शिक्षा ग्वालियर में ही ली थी. इसके बाद आगे की पढ़ाई उन्होंने ग्वालियर के विक्टोरिया कॉलेज में की. इसके बाद उन्होंने कानपुर के डीएवी कॉलेज से राजनीति शास्त्र से एमए किया. इस दौरान उन्होंने संघ के कई ट्रेनिंग कैंपों में हिस्सा भी लिया. राजनीति में उनका प्रवेश 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में हिस्सा लेने के साथ हुआ. इस आंदोलन में हिस्सा लेने की वजह से उन्हें और उनके बड़े भाई प्रेम को 23 दिनों तक जेल में रहना पड़ा. आजादी के बाद वे जनसंघ के नेता बने. देश में आपातकाल का विरोध करने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया था. इंदिरा गांधी सरकार के खिलाफ जयप्रकाश नारायण ने सभी विपक्षी दलों के एक साथ आने और एक दल बनाने की अपील की थी. जनसंघ और आरएसएस ने जेपी आंदोलन को पूरा समर्थन दिया. सन 1977 में देश की जनता ने कांग्रेस के खिलाफ जनता पार्टी को बड़े अंतर से चुनाव में जीत दिलाई. इसके बाद अटल जी को प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई की सरकार में विदेश मंत्री बनाया गया. वाजपेयी बतौर विदेश मंत्री संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी में भाषण देने वाले पहले नेता बने थे. पहली बार 1996 में बने प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पहली बार देश के प्रधानमंत्री मई 1996 में बने. हालांकि इस दौरान उनकी सरकार महज 13 दिन में ही अल्पमत मे आ गई और उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. दूसरी बार बने पीएम एनडीए के नेता के रूप में अटल बिहारी वाजपेयी वर्ष 1998-99 में दूसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने. लोकसभा चुनाव के बाद एनडीए ने सदन में अपना बहुमत साबित किया और इस तरह से बीजेपी ने एक बार फिर देश में सरकार बनाई. तीसरी बार का कार्यकाल अटल बिहारी वाजपेयी 13 अक्टूबर 1999 से 22 मई 2004 तक तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री रहे. उनके इस कार्यकाल में देश ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं. साल 2004 में आम चुनाव में बीजेपी की हार के बाद उन्होंने गिरती सेहत के चलते राजनीति से संन्यास ले लिया था. 2015 में मिला भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को वर्ष 2015 में नरेंद्र मोदी की सरकार ने देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न ने नवाजा. इस सम्मान से पहले भी वाजपेयी जी को पदम विभूषण से लेकर कई अन्य सम्मान प्राप्त हुए. अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी के कवि, पत्रकार और प्रखर वक्ता भी थे. भारतीय जनसंघ की स्थापना में भी उनकी अहम भूमिका रही. वे 1968 से 1973 तक जनसंघ के अध्यक्ष भी रहे. आजीवन राजनीति में सक्रिय रहे अटल बिहारी वाजपेयी लम्बे समय तक राष्ट्रधर्म, पाञ्चजन्य और वीर अर्जुन आदि पत्र-पत्रिकाओं के सम्पादन भी करते रहे. वाजपेयी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समर्पित प्रचारक रहे और इसी निष्ठा के कारण उन्होंने आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लिया था. सर्वोच्च पद पर पहुंचने तक उन्होंने अपने संकल्प को पूरी निष्ठा से निभाया.
अटल जी की हालत अब भी नाजुक, पीएम मोदी संग अमित शाह फिर पहुंचे एम्स
16 August 2018
नई दिल्ली। देश के पूर्व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तबीयत बुधवार से लगातार नाजुक बनी हुई है। इस बीच गुरुवार सुबह से ही एम्स में केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का मूवमेंट बढ़ गया है। ताजा जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह फिर से एम्स पहुंचे हैं। 2.00 - पीएम मोदी और अमित शाह के एम्स पहुंचने के बाद एसपीजी की गाड़ी भी पहुंची है। 1.45 - एम्स में अमित शाह, लोकसभा स्पीकर व अन्य नेता पहले से ही मौजूद हैं। 1.30 बजे - भाजपा अध्यक्ष अमित शाह फिर से एम्स पहुंचे हैं। 1.00 बजे - हालचल तेज होती नजर आ रही है और एसपीजी की टीम अटल जी के तुगलक रोड़ स्थित घर पहुंच चुकी है। 12.30 बजे- दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया एम्स पहुंचे 12. 10 बजे- फारुख अब्दुल्ला ने कहा कि हम उनके जल्द स्वस्थ्य होने की कामना करते हैं। वो केवल भारत नहीं पूरी दुनिया में शांति चाहते थे। 11.45 बजे - अटल जी के हालचाल जानने के लिए गृहमंत्री राजनाथ सिंह और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला एम्स पहुंचे। - एम्स के बाहर और उस तरफ के रास्तों पर ट्रैफिक डाइवर्ट कर दिया गया है। - एम्स से निकलकर अमित शाह सीधे भाजपा मुख्यालय पहुंचे हैं। - अस्पताल के बाहर हलचल तेज हो गई है, रास्ते बंद कर दिए गए हैं और एम्स के बाहर खड़े वाहनों को हटाया जा रहा है। पुलिस ने भी बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं और सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। इसके बाद अब तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे हैं। उपराष्ट्रपति, पीएम पहुंचे एम्स सुबह उपराष्ट्रपति वैकेंया नायडू के अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, मुख्तार अब्बास नकवी, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के अलावा कई वरिष्ठ नेता अटल जी के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए एम्स पहुंचे। उनके अलावा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी एम्स पहुंचे और अटल जी के स्वास्थ्य की जानकारी ली। इनके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी एम्स जाएंगे। पिछले 66 दिनों से एम्स में भर्ती अटल जी की तबीयत बुधवार को अचानक बिगड़ी और उसके बाद से ही उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है। जानकारी के अनुसार उनकी देखरेख में लगी डॉक्टर्स की टीम वाजपेयी के स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अटल जी के स्वास्थ्य की सूचना के बाद देर शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए एम्स पहुंचे। उन्होंने करीब एक घंटे तक एम्स के डॉक्टरों से वाजपेयी के स्वास्थ्य पर चर्चा की। रात करीब दस बजे एम्स प्रशासन की ओर से बताया गया कि अटल की तबीयत पिछले 24 घंटे से बेहद गंभीर है। जानकारी के अनुसार आज सुबह एम्स की तरफ से अटल जी के स्वास्थ्य को लेकर अपडेट आ सकता है। बुधवार दोपहर भारत रत्न व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तबीयत खराब होने की खबरों के बीच केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी एम्स पहुंचीं। उन्होंने अटल के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। इस बीच शाम तक एम्स के बाहर मीडिया का जमावड़ा लग गया। शाम करीब सात बजे वाजपेयी के स्वास्थ्य का हाल जानने के लिए पीएम मोदी बिना ट्रैफिक रूट के ही अचानक एम्स पहुंचे और करीब आठ बजे तक रुके। इसके बाद रात करीब दस बजे एम्स प्रशासन की ओर से मेडिकल बुलेटिन जारी कर बताया गया कि वाजपेयी पिछले 24 घंटे के दौरान उनकी हालत ज्यादा गंभीर हो गई है। उन्हें जीवन रक्षक उपकरणों की सहायता दी जा रही है। पीएम मोदी के अलावा अन्य केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, हर्षवर्धन, सुरेश प्रभु, जितेंद्र सिंह, अश्विनी कुमार चौबे और भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन भी एम्‍स पहुंचे। गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री पिछले दो माह से एम्स में भर्ती हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनके स्वास्थ्य की लगातार निगरानी कर रही है। उन्हें सांस लेने में परेशानी, यूरीन व किडनी में संक्रमण होने के कारण 11 जून को एम्स में भर्ती किया गया था।
राफेल पर वीडियो वॉर: BJP ने कहा- सरकार ने 12 हजार करोड़ बचाए, कांग्रेस ने कहा- सोचा समझा घोटाला
14 August 2018
नई दिल्ली: राफेल डील को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच वीडियो वॉर शुरू हो गई है. राफेल पर लगातार कांग्रेस के हमले झेल रही बीजेपी की ओर से सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया गया जिसमें अभिनेत्री पल्लवी जोशी ने आसान भाषा में राफेल डील को समझाने की कोशिश की है. उन्होंने बताया है कि कैसे यह डील हमारे लिए फायदे का सौदा है औऱ सरकार ने 12 हजार करोड़ रुपए की बचत की है? वहीं कांग्रेस ने भी एक वीडियो जारी किया है जिससे उन्‍होंने पीएम मोदी पर निशाना साधा है. ये वीडियो सामने आने के बाद अब कांग्रेस ने भी एक वीडियो जारी किया है. वीडियो जारी करने से पहले कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर पहले इसका टीज़र भी जारी किया था. कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर अपना वीडियो जारी किया है. कांग्रेस ने इस वीडियो के जरिए बताया है कि राफेल डील क्‍या है. इतना ही नहीं इस वीडियो के जरिए कांग्रेस ने चौकीदार, पकौड़े और चाय वाले के जरिए पीएम मोदी पर निशाना साधा है. कांग्रेस ने कहा है कि जिस डील का सीक्रेट बताया जा रहा है असल में वह 18 हजार करोड़ में डील हुई है जो उनकी सरकार के वक्‍त की मौजूदा डील से तीन गुना ज्‍यादा है. यह एक सोचा समझा घोटाला है और यह सब कुछ सरकार की नीतियों के चलते हुआ है
पूर्व लोकसभा स्पीकर सोमनाथ चटर्जी का निधन, लोग दे रहे अंतिम विदाई
13 August 2018
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल से 10 बार सांसद व 14वीं लोकसभा के अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी का सोमवार सुबह सवा आठ बजे के करीब कोलकाता के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वे 89 साल के थे। वह काफी दिनों से बीमार चल रहे थे और उनका डायलिसिस भी हुआ था। निधन के बाद राजनीतिक हल्के और उनके समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई। निधन के बाद चटर्जी का शव कोलकाता हाईकोर्ट लाया गया जहां कोर्ट से लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। चटर्जी ने यहां वकील के रूप में काम किया था। इसके बाद उनकी देह को विधानसभा ले जाया जाएगा। यहां श्रद्धांजलि सभा के बाद उनकी देह परिजन घर ले जाएंगे जहां से उसे एसएसकेएम अस्पताल को दान कर दिया जाएगा। बता दें कि सोमनाथ चटर्जी ने अपनी देह दान की थी। लंबे समय से थे बीमार रविवार को दिल का हल्का दौरा पड़ा था जिसके बाद उनकी स्थिति और बिगड़ गई थी। उनका उपचार करने वाली मेडिकल टीम के चिकित्सक ने रविवार को ही बताया था कि गुर्दे संबंधी समस्या से जूझ रहे चटर्जी को मंगलवार को गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पिछले महीने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष को मस्तिष्काघात के बाद अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। पिछले 40 दिनों से चटर्जी का उपचार चल रहा था। स्वास्थ्य में सुधार के संकेत मिलने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली थी लेकिन मंगलवार को हालत बिगड़ने के बाद उन्हें फिर से अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था और सोमवार को सुबह उन्होंने दुनिया छोड़ दी। अस्पताल से उनका शव दक्षिण कोलकाता स्थित आवास पर ले जाया जाएगा। सोमनाथ चटर्जी का जन्म 25 जुलाई 1929 को असम के तेजपुर में हुआ था। उनके पिता का निर्मल चंद्र चटर्जी विख्याक अधिवक्ता थे और मां का नाम वीणापाणि देवी था। सोमनाथ चटर्जी के पिता अखिल भारतीय हिंदू महासभा के संस्थाकों में से थे एक थे। सोमनाथ चटर्जी ने कोलकाता और ब्रिटेन में पढ़ाई की। ब्रिटेन के मिडिल टैंपल से लॉ की पढ़ाई करने के बाद कलकत्ता हाईकोर्ट वकील हो गये। लेकिन इसके बाद उन्होंने राजनीति में आने का फैसला किया। वह एक प्रखर वक्ता के तौर पर लोगों की नजरों में आ चुके थे। सोमनाथ चटर्जी का राजनीतिक जीवन विरोधाभाषों के साथ शुरू हुआ। उनके पिता जहां दक्षिणपंथी राजनीति से थे तो सोमनाथ ने करियर की शुरुआत वामपंथी माकपा के साथ 1968 में की। 1971 में पहली बार वह सांसद चुने गये और फिर 10 बार लोकसभा के सांसद निर्वाचित होते रहे। राजनीति में सोमनाथ चटर्जी एक बहुत ही सम्मानित नेता के तौर पर देखा जाता है। सोमनाथ चटर्जी की पत्नी रेणु चटर्जी का कुछ दिन पहले ही निधन हो गया था। उनके परिवार में एक पुत्र और दो पुत्रियां हैं। 1971 से सांसद चुने जाने के बाद वह हर लोकसभा के लिये चुने गये। साल 2004 में वह 10वीं बार लोकसभा के लिये चुने गये। उन्होंने 35 सालों तक सांसद के तौर पर देश की सेवा की और 1996 में उन्हें सर्वश्रेष्ठ सांसद के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। साल 2004 में 14वीं लोकसभा के लिये उन्हें सभी दलों की सहमति से लोकसभा का अध्यक्ष बने थे। माकपा ने पार्टी से निकाल दिया था वर्ष 2008 में भारत-अमेरिका परमाणु समझौता विधेयक के विरोध में माकपा ने तत्कालीन मनमोहन सरकार से समर्थन वापस ले लिया था। तब सोमनाथ चटर्जी लोकसभा अध्यक्ष थे। पार्टी ने उन्हें स्पीकर पद छोड़ देने के लिए कहा लेकिन वह नहीं माने। इसके बाद मार्टी ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया था। इसके बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति से संन्यास ले लिया था। ममता बनर्जी से हार गए थे लोकसभा चुनाव राजनीतिक करियर में एक के बाद एक जीत हासिल करनेवाले सोमनाथ चटर्जी जीवन का एक चुनाव पश्चिम बंगाल की वर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने हार गए थे। 1984 में जादवपुर सीट पर हुए लोकसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने तब सीपीएम के इस कद्दावर नेता को हराया था। इसके बाद ही उन्होंने अपना लोकसभा क्षेत्र बदल कर बोलवुर चले गए जहां से वह 2009 लोकसभा चुनाव के पहले तक सांसद रहे।
मुजफ्फरपुर कांड के खिलाफ RJD का दिल्ली में प्रदर्शन, तेजस्वी बोले- 'भारत माता की बेटियों की रक्षा' के लिए साथ आएं
4 August 2018
नई दिल्ली: बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका गृह रेपकांड मामले (Muzaffarpur shelter home rape case) को लेकर नीतीश सरकार के खिलाफ आज राष्ट्रीय जनता दल का हल्लाबोल होगा. दिल्ली के जंतर मंतर पर राजद नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव बिहार की नीतीश सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे और विरोध-प्रदर्शऩ करेंगे. यानी आज एक बार फिर से मुजफ्फरपुर कांड की गूंज दिल्ली की सड़क पर सुनाई देगी. बताया जा रहा है कि राजद के विरोध प्रदर्शन और कैंडल मार्च में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी शामिल हो सकते हैं. इसेस पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ने पहले ही ऐलान कर दिया है कि वह राजद के देशव्यापी धरना को अपना समर्थन देगी. राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी 4 अगस्त को होने वाले प्रदर्शन के लिए लगातार ट्वीट कर लोगों से समर्थन की अपील कर रहे हैं और नीतीश सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं. शनिवार यानी आज तेजस्वी ने ताजा ट्वीट कर लोगों से जंतर मंतर आने की अपील की और कहा कि भारत माता की बेटियों की सुरक्षा और सम्मान के लिए साथ आएं. इसके अलावा एक और अन्य ट्वीट में तेजस्वी ने कहा कि '' जंतर-मंतर पर धरना विशुद्ध रूप से ग़ैर-राजनीतिक है क्योंकि एक सामाजिक कार्यकर्ता होने से पहले मैं 7 बहनों का भाई, एक मां का बेटा और कई बेटियों व भगिनी का चाचा और मामा हूं. बच्चियों के साथ हुई इस अमानवीय घटना से मैं सो नहीं पाया हूं. नीतीश जी क्यों चुप हैं, यह उनसे बेहतर कौन जानता होगा?' हालांकि, जदयू ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल से मुजफ्फरपुर आश्रय गृह बलात्कार मामलों के विरोध में राजद के प्रस्तावित प्रदर्शन से दूरी बनाने को कहा है. जदयू ने कहा कि वे ‘‘मूल्य आधारित राजनीति’’ के लिए जाने जाते हैं जबकि लालू प्रसाद नीत पार्टी ‘‘जंगलराज और अपराधों’’ के लिए प्रसिद्ध है. जदयू प्रवक्ता के सी त्यागी ने राहुल गांधी और केजरीवाल से इस प्रदर्शन से दूर रहने को कहा. गौरतलब है कि राजद के प्रस्तावित देशव्यापी धरना से एक दिन पहले मुज्जफरपुर शेल्टर होम में बच्चियों से रेप और यातना के मामले में बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने पहली बार चुप्पी तोड़ी. मुजफ्फरपुर बालिका गृह रेप कांड पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि मुजफ्फरपुर की घटना से हम शर्मसार हो गये. उन्होंने कहा कि किसी भी दोषी को इस मामले में बख्शा नहीं जाएगा, जो भी इसमें दोषी होगा उसे कड़ी सजा मिलेगी. साथ ही उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट सीबीआई की जांच की मानिटरिंग करे. गौरतलब है कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले में 44 बच्चियों में से 34 बच्चियों के साथ यौन शोषण की पुष्टि हो चुकी है. केंद्र सरकार और बिहार सरकार की सिफारिश के बाद यह मामला अब सीबीआई के पास है और सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ मामला भी दर्ज कर लिया है. गुरुवार को मुजफ्फरपुर मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया और केंद्र सरकार और राज्य सरकार को नोटिस भेज जवाब मांगा. साथ ही इस मामले की रिपोर्टिंग को लेकर मीडिया को भी कड़ी फटकार लगाई.
मुजफ्फरपुर बालिका गृहकांड पर नीतीश कुमार ने तोड़ी चुप्पी, कहा- इस घटना से हम शर्मसार हो गये, दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी
3 August 2018
पटना: बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका गृह रेप कांड पर पहली बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी चुप्पी तोड़ी है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुजफ्फरपुर की घटना को शर्मसार कर देने वाली घटना करार दिया है. उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर में ऐसी घटना घट गई कि हम शर्मसार हो गये हैं. सीबीआई जांच कर रही है, हाईकोर्ट इसकी मॉनिटिरिंग करें. गौरतलब है कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह रेप कांड का मामला बिहार विधानसभा से लेकर देश की संसद तक में गूंज उठा है. मुजफ्फरपुर बालिका गृह रेप कांड पर पहली बार सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि 'मैं सबको आश्वस्त करना चाहूंगा कि इस मामले में किसी के प्रति उदार रवैया नहीं अपनाई जाएगी. जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे कड़ी सजा मिलेगा.' बता दें कि मुजफ्फरपुर बालिका कांड में 44 बच्चियों में से 34 बच्चियों के साथ रेप की पुष्टि हो गई है. इस मामले पर अभी तक विपक्ष का रवैया काफी हमलावर रहा है. नीतीश कुमार जिस कार्यक्रम में मुजफ्फरपुर की घटना पर दुख जता रहे थे, उस कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग की मंत्री मंजू वर्मा भी मौजूद थीं. आगे नीतीश ने कहा कि फ़िलहाल सीबीआई जांच चल रही है, लेकिन ऐसे लोगों से जिन्होंने ऐसा पाप किया हैं, उनसे सचेत रहने की अवसायकता हैं. सीएम नीतीश ने कहा कि राज्य में क़ानून का राज्य है और वो किसी तरह का कोई समझौत्ता नहीं करेंगे. राष्ट्रीय जनता दल पार्टी ने चार अगस्त को इसी मामले पर देशव्यापी धरना-प्रदर्शन का आह्वान किया है. तेजस्वी ने नीतीश कुमार पर हमला बोला और उनसे इस मामले पर चुप्पी तोड़ने को लेकर प्रदर्शन करने की बात कही. बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर नीतीश कुमार की फोटो मुख्य आरोपी ब्रजेश कुमार के साथ वायरल हो रही है. हालांकि, नीतीश कुमार ने अभी तक उन तस्वीरों को लेकर कुछ नहीं कहा है, मगर तेजस्वी अपने पिता लालू यादव के साथ ब्रेजश ठाकुर की तस्वीरों पर अपनी सफाई दे चुके हैं. गुरुवार को मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था और केंद्र सरकार और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर इस पर जवाब मांगा था. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में मीडिया की रिपोर्टिंग को लेकर भी खूब फटकार लगाई. सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया को भी फटकार लगाते हुए कहा कि मीडिया इस मामले में इतनी संवेदनहीनता क्यों बरत रहा है. जस्टिस एमबी लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की बेंच ने कहा कि मीडिया बच्चियों की तस्वीरें दिखा रहा है. साथ ही बच्चियों के इंटरव्यू भी ले रहे है, किसी को भी बच्चियों की फ़िक्र नहीं है. कोर्ट ने इस मामले में वकील अपर्णा भट्ट को एमिकस क्यूरी (अदालत मित्र) बनाया है. वही इस मामले की अगली सुनवाई 7 अगस्त को होगी.
विवाहित महिला अगर किसी विवाहित पुरुष से संबंध बनाती है तो सिर्फ़ पुरुष ही दोषी क्यों? जबकि महिला भी अपराध की जिम्मेदार: SC
2 August 2018
व्‍याभिचार को लेकर भारतीय दंड संहिता की धारा 497 को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा कि इसके लिए दोनों पक्ष समान रूप से जिम्मेदार हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विवाहित महिला अगर किसी विवाहित पुरुष से संबंध बनाती है तो सिर्फ़ पुरुष ही दोषी क्यों? जबकि महिला भी अपराध की जिम्मेदार है. कोर्ट ने आश्चर्य जताते हुए कहा अगर अविवाहित पुरुष किसी विवाहित महिला के साथ सेक्स करता है तो वो व्याभिचार नहीं होता. कोर्ट ने कहा कि शादी की पवित्रता पति और पत्नी को बनाये रखने के लिए दोनों की जिम्मेदारी होती है. कोर्ट ने कहा विवाहित महिला अगर किसी विवाहित पुरुष से संबंध बनाती है तो सिर्फ़ पुरुष ही दोषी क्यों? जबकि महिला भी अपराध की जिम्मेदार है. कोर्ट ने कहा कि धारा 497 के तहत सिर्फ पुरुष को ही दोषी माना जाना IPC का एक ऐसा अनोखा प्रावधान है कि जिसमें केवल एक पक्ष को ही दोषी माना जाता है. कोर्ट ने हैरानी जताते हुए कहा कि अगर विवाहित महिला के पति की सहमति से कोई विवाहित पुरूष संबंध बनाता है तो वो अपराध नहीं है. इसका मतलब क्या महिला पुरूष की निजी मिल्कियत है कि वो उसकी मर्जी से चले. इससे पहले प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने कहा कि वह महिलाओं के लिये भी इसे अपराध बनाने के लिये कानून को नहीं छुएगी. पीठ ने कहा, ‘हम इस बात की जांच करेंगे कि क्या अनुच्छेद 14 (विधि के समक्ष समानता) के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 497 अपराध की श्रेणी में बनी रहनी चाहिये या नहीं.’ संविधान पीठ में न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन, न्यायमूर्ति ए एम खानविल्कर और न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा भी शामिल हैं. आईपीसी की धारा 497 कहती है, ‘जो भी कोई ऐसी महिला के साथ, जो किसी अन्य पुरुष की पत्नी है और जिसका किसी अन्य पुरुष की पत्नी होना वह विश्वास पूर्वक जानता है, बिना उसके पति की सहमति या उपेक्षा के शारीरिक संबंध बनाता है जो कि बलात्कार के अपराध की श्रेणी में नहीं आता, वह व्याभिचार के अपराध का दोषी होगा, और उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास की सजा जिसे पांच वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है या आर्थिक दंड या दोनों से दंडित किया जाएगा. ऐसे मामले में पत्नी दुष्प्रेरक के रूप में दण्डनीय नहीं होगी.’ संक्षिप्त सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मामले को सात न्यायाधीशों की पीठ को सौंपने की अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल पिंकी आनंद की मांग खारिज कर दी. पीठ ने कहा कि ये मुद्दे पांच न्यायाधीशों की पीठ ने जिस मुद्दे पर 1954 में विचार किया था, उससे बिल्कुल अलग हैं. पीठ ने कहा, ‘पांच न्यायाधीशों की पीठ ने 1954 में इस मुद्दे पर विचार किया था कि क्या किसी महिला को दुष्प्रेरक माना जा सकता है. मौजूदा याचिका बिल्कुल अलग है.’ पीठ ने कहा कि व्‍याभिचार तलाक का भी आधार है और इसके अतिरिक्त विभिन्न कानूनों में अन्य दीवानी उपचार भी उपलब्ध हैं. पीठ ने कहा, ‘इसलिये, हम इस बात की पड़ताल करेंगे कि क्या व्याभिचार के प्रावधान के अपराध की श्रेणी में बने रहने की जरूरत है.’ याचिकाकर्ता जोसफ शाइन की तरफ से उपस्थित अधिवक्ता कालीश्वरम राज ने कहा कि वह आईपीसी की धारा 497 और सीआरपीसी की धारा 198 (2) को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं. शाइन एक भारतीय हैं, जो इटली में रह रहे हैं. दंड प्रक्रिया संहिता की धारा सिर्फ महिला के पति को शिकायत दायर करने की अनुमति देती है. उन्होंने कहा कि वे इस आधार पर इस प्रावधान को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं कि यह लैंगिक तटस्थ नहीं है और निजता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन करते हैं. उन्होंने कहा, ‘पीठ के समक्ष सवाल यह है कि क्या किसी व्यक्ति को इस आधार पर जेल भेजा जा सकता है कि उसका किसी विवाहित महिला के साथ यौन संबंध था
रोहिंग्या घुसपैठिये वापस भेजे जाएंगे : राजनाथ सिंह
1 August 2018
नई दिल्ली। असम में एनआरसी की मसौदा रिपोर्ट पर जारी विवाद के बीच लोकसभा में रोहिंग्या घुसपैठियों को लेकर हंगामा हुआ। विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि रोहिंग्या की पहचान की जा रही है और अंततः उन्हें वापस भेजने की भी व्यवस्था की जाएगी। वहीं राजनाथ सिंह के जूनियर राज्यमंत्री किरण रिजिजु ने साफ कर दिया कि रोहिंग्या शरणार्थी नहीं हैं, बल्कि अवैध घुसपैठिये हैं। उन्हें शरणार्थियों की सुविधाएं नहीं दी जा सकती हैं। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान अरविंद सावंत, रामस्वरूप शर्मा और सुगत बोस के पूरक प्रश्नों के उत्तर में राजनाथ सिंह ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल और असम राइफल्स को सजग किया गया है ताकि म्यांमार से लगी सीमा से रोहिंग्या भारत में प्रवेश नहीं कर सकें। इसके साथ ही देश में रह रहे रोहिंग्या घुसपैठियों की पहचान की जा रही है और इस संबंध में राज्य सरकारों को एडवाइजरी भेजी जा चुकी है। एडवाइजरी में राज्य सरकारों को रोहिंग्या घुसपैठियों की पहचान सुनिश्चित करने के साथ ही उनकी गतिविधियों पर नजर रखने को कहा गया है। राजनाथ सिंह के अनुसार पहचान हो जाने के बाद गृह मंत्रालय विदेश मंत्रालय के साथ संपर्क कर रोहिंग्या को म्यांमार वापस भेजने के रास्ते पर विचार करेगा। वहीं किरण रिजिजु ने सदन को बताया कि रोहिंग्या घुसपैठियों के अवैध गतिविधियों में शामिल होने की भी जानकारी मिली है। रिजिजू ने एक पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि रोहिंग्या भारत में शरणार्थी नहीं हैं, बल्कि अवैध घुसपैठिये हैं। रिजिजू के अनुसार राज्यों को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है कि रोहिंग्या घुसपैठिये किसी तरह का सरकारी दस्तावेज हासिल नहीं कर सकें। उनके अनुसार सबसे अधिक रोहिंग्या जम्मू-कश्मीर में हैं। इसके अलावा तेलंगाना, दिल्ली और हरियाणा में भी रोहिंग्या हैं।
असम में क्या है एनआरसी मसौदा, 40 लाख अवैध नागरिकों के पास अब कौन सा है विकल्प
30 July 2018
असम में आज नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन जारी कर दिया गया है. नये मसौदे में असम में बसे सभी भारतीय नागरिकों के नाम पते और फोटो हैं. कुल 3.29 करोड़ आवेदन में 2.89 करोड़ लोगों के नाम नेशनल रजिस्टर में शामिल किए जाने के योग्य पाए गए हैं. वहीं 40 लाख लोग वैध नागरिक नहीं पाए गए. हालांकि यह फाइनल लिस्ट नहीं है बल्कि ड्राफ्ट है. जिनका नाम इस ड्राफ्ट में शामिल नहीं है वो इसके लिए दावा कर सकते हैं. यह पहला मौका है जब राज्य में अवैध रूप से रहने वाले लोगों के बारे में जानकारी मिल सकेगी. देश में लागू नागरिकता कानून से थोड़े अलग रूप में राज्य में असम समझौता 1985 लागू है. इसके मुताबिक 24 मार्च 1971 की आधी रात तक सूबे में प्रवेश करने वाले लोगों को भारतीय नागरिक माना जाएगा. वहीं इस मसौदे के आने के बाद से राजनीति भी शुरू हो गई है. टीएमसी सांसदों के हंगामे की वजह से एक बार राज्यसभा स्थगित करना पड़ा गया तो पार्टी की मुखिया ममता बनर्जी ने प्रेस कांन्फ्रेंस कर जमकर खरी-खोटी सुनाई. उन्होंने कहा कि क्या अब इन लोगों को जबरदस्ती निकाला जायेगा. बनर्जी ने कहा कि सरकार की नीति बांटो और राज करो है वहीं हंगामे के बीच गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "यह ड्राफ्ट सूची है, अंतिम सूची (फाइनल लिस्ट) नहीं. अगर किसी का नाम फाइनल लिस्ट में भी नहीं आता है, तो भी वह विदेशी न्यायाधिकरण में जा सकता है. किसी के भी विरुद्ध बलपूर्वक कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, इसलिए किसी को भी घबराने की ज़रूरत नहीं है." केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा है कि किसी को भी घबराने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि जिनका नाम लिस्ट में नहीं है, उनके खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी. केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, "कुछ लोग अनावश्यक रूप से डर का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. यह पूरी तरह निष्पक्ष रिपोर्ट है. किसी भी तरह की गलत सूचना नहीं फैलाई जानी चाहिए
घुटनों के बल बैठकर पुलिस अधिकारी ने लिया योगी आदित्यनाथ से आशीर्वाद, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
28 July 2018
गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में तैनात एक पुलिस अधिकारी की सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ तस्वीरें इस समय चर्चा का केंद्र बनी हुई है. इन तस्वीरों में से एक में यह पुलिस अधिकारी सीएम योगी जो कि गोरखनाथ मंदिर के मंहत भी, के सामने घुटनों के बल बैठकर हाथ जोड़े हुये है. वहीं दूसरी तस्वीर में सीएम योगी पुलिस अधिकारी के माथे पर तिलक लगा रहे हैं. इस अधिकारी का नाम प्रवीण कुमार सिंह है जिन्होंने खुद भी फेसबुक पर यह तस्वीरें शेयर की हैं. एक तस्वीर में प्रवीण कुमार सिंह, सीएम योगी को माला पहना रहे हैं. आपको बता दें कि प्रवीण कुमार इस समय गोरखपुर के गोरखनाथ इलाके में सर्किल ऑफिसर हैं और उनके जिम्मे कई पुलिल स्टेशन हैं. तस्वीरों को शेयर करते हुये प्रवीण कुमार सिंह ने फेसबुक पर लिखा है कि वह गुरु पूर्णिमा के मौके पर सीएम से नहीं गोरखनाथ मंदिर के महंत से आशीर्वाद ले रहे हैं. साथ ही फोटो के साथ लिखा है 'फिलिंग ब्लिस्ड'. लेकिन इन तस्वीरों के सामने आने के बाद से नई बहस शुरू हो गई है कि क्या पुलिस की वर्दी पहनकर इस अधिकारी को ऐसा करना चाहिये. फेसबुक और ट्विटर पर इसके पक्ष और विपक्ष हर तरह से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. कई लोगों का कहना है कि इससे कई दूसरे धर्मों से संबंध रखने वाले अधिकारी भी वर्दी में ही धार्मिक गतिविधियों में हिस्सा लेने लगेंगे. वहीं कुछ कहना है पांच मिनट के लिये वर्दी बदलने की जरूरत नहीं है. गौरतलब है कि इससे पहले दिल्ली में ही इस तरह के विवाद के बाद एक पुलिस के एसएचओ को निलंबित कर दिया गया था. जहां एक साध्वी से यह पुलिस अधिकारी आशीर्वाद ले रहा था
Kargil Vijay Diwas: भारतीय सेना ने 18 हजार फीट की ऊंचाई पर पाक को चटाई थी धूल, जानिए कारगिल युद्ध से जुड़ी 10 बड़ी बातें
26 July 2018
भारत ने आज ही के दिन यानी 26 जुलाई 1999 को कारगिल युद्ध (kargil war) में विजय हासिल की थी. हर साल 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस (Kargil Vijay Diwas) के रूप में मनाया जाता है. साल 1999 में करगिल की पहाड़ियों पर पाकिस्तानी घुसपैठियों ने कब्जा जमा लिया था. जिसके बाद भारतीय सेना ने उनके खिलाफ ऑपरेशन विजय चलाया. ऑपरेशन विजय 8 मई को था और 26 जुलाई को खत्म. पाकिस्तानी घुसपैठियों के खिलाफ सेना की ओर से की गई इस कार्रवाई में भारतीय सेना के 527 जवान शहीद हुए तो करीब 1363 घायल हुए थे. इस लड़ाई में पाकिस्तान के करीब तीन हजार जवान मारे गए थे, मगर पाकिस्तान मानता है कि उसके करीब 357 सैनिक ही मारे गए थे.
कारगिल युद्व (kargil war) से जुड़ी 10 बड़ी बातें 1. एक चरवाहे ने भारतीय सेना को कारगिल में पाकिस्तान सेना के घुसपैठ कर कब्जा जमा लेने की सूचना तीन मई 1999 को दी थी. 2. भारत ने एलओसी पर से पाक सैनिकों को खदेड़ने के लिए कारगिल सेक्टर में ऑपरेशन विजय (Operation Vijay) अभियान चलाया था. 3. 26 जुलाई को भारत ने कारगिल युद्ध (kargil war) में जीत हासिल की थी. कारगिल युद्व में भारतीय सेना ने पाकिस्तान के 3 हजार सैनिकों को मार गिराया था. यह युद्ध 18 हजार फीट की ऊंचाई पर लड़ा गया था. 4. करगिल युद्ध में भारत के 527 जवान शहीद हुए और 1363 जवान घायल हो हुए थे. 5. बोफोर्स तोपें कारगिल लड़ाई में सेना के खूब काम आई थी. 6. भारतीय सेना को कारगिल के युद्ध में बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था. पाकिस्तानी सैनिक ऊंची पहाड़ियों पर बैठे थे और हमारे सैनिकों को गहरी खाई में रहकर उनसे मुकाबला करना था. भारतीय जवानों को आड़ लेकर या रात में चढ़ाई कर ऊपर पहुंचना पड़ रहा था जोकि बहुत जोखिमपूर्ण था. 7. भारतीय वायुसेना ने कारगिल युद्ध में बड़ा योगदान दिया था. भारतीय वायुसेना ने 32 हजार फीट की ऊंचाई से एयर पावर का उपयोग किया था. भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के खिलाफ मिग-27 और मिग-29 का भी इस्तेमाल किया और जहां भी पाकिस्तान ने कब्जा किया था वहां बम गिराए गए. साथ ही पाकिस्तान के कई ठिकानों पर आर-77 मिसाइलों से हमला किया गया था. 8. कारगिल (kargil) युद्ध के समय अटल बिहारी वाजपेयी देश के प्रधानमंत्री थे. 9. कारगिल युद्ध की जीत की घोषणा तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजेपयी ने 14 जुलाई को की थी, लेकिन आधिकारिक तौर पर 26 जुलाई को करगिल विजय दिवस (Kargil Vijay Diwas) की घोषणा की गई थी. 10. अटल बिहारी बाजपेई ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के साथ बातचीत कर उन्हें लताड़ा था. उन्होंने नवाज शरीफ से कहा था कि मेरा लाहौर बुलाकर स्वागत करते हैं और उसके बाद कारगिल का युद्ध छेड़ देते हैं यह बहुत बुरा व्यवहार है

मॉब लिंचिंग पर बोले CJI- अफवाहों की वजह से बढ़ी इस तरह की घटनाएं
25 July 2018
नई दिल्ली। अलवर मॉब लिंचिंग का मामला सामने आने के बाद इस पर देश में फिर से बहस छिड़ गई है। संसद से लेकर सड़क तक इस मॉब लिंचिंग को लेकर बात हो रही है। इस बीच चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा ने मॉब लिंचिंग पर अपनी बात रखी है। सीजेआई ने कहा कि, "हाल के दिनों में देश में मॉब लिंचिंग की घटनाएं बढ़ी हैं। मुझे गलत न समझा जाए, क्योंकि मैंने इस मामले पर फैसला सुनाया है। हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर अफवाहों के फैलने की वजह से कई लोगों को जान गई है। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि, सोशल मीडिया पर जिस तरह लोग विश्वास कर रहे हैं, उस पर नजर रखना जरूरी है, ताकि समाज में शांति और कानून-व्यवस्था बनाई रखी जा सके।" इससे पहले लोकसभा में देश के कुछ हिस्सों में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या के मामलों का मुद्दा मंगलवार को एक बार फिर उठा तथा गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सदन को सरकार द्वारा सख्त कदम उठाने का अश्वासन देते हुए कहा कि अगर जरूरत हुई तो ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कानून भी बनाया जाएगा। राजनाथ सिंह ने कहा कि," इस तरह के मामलों पर रिपोर्ट देने के लिए गृह मंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिसमूह (जीओएम) और गृह सचिव की अगुवाई में एक समिति का गठन किया है, जो चार हफ्ते में रिपोर्ट पेश करेगी।
मराठा आरक्षण आंदोलन हुआ हिंसक: एक मौत के बाद भड़की हिंसा, कई हाईवे बंद और गाड़ियों में भी लगाई आग
24 July 2018
मुंबई: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मराठा आंदोलनकारियों ने आज महाराष्ट्र के कई ज़िलों में बंद बुलाया है. आंदोलनकारियों ने कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया है. कई जगह लोगों ने चक्का जाम कर रखा है. मराठा मोर्चा के लोगों ने औरंगाबाद-पुणे हाइवे पर सड़क बंद कर रखा है. वहीं ये आंदोलन हिंसक रूप ले चुका है. आरक्षण की मांग को लेकर सोमवार को एक युवक की ख़ुदकुशी के बाद आंदोलन और भड़क गया है. आज इस लड़के के अंतिम संस्कार में पहुंचे शिवसेना सांसद चंद्रकांत खैरे को आंदोलनकारियों ने खदेड़ दिया. औरंगाबाद में आज एक और लड़के ने ख़ुदकुशी की कोशिश की है. मराठा आंदोलन की वजह से लातूर, बीड़ ज़िले भी प्रभावित हैं. लातूर में पंढरपुर जा रहे यात्रियों से भरी एक बस सोमवार रात से बस स्टैंड में खड़ी है. बीड जिला भी पूरी तरह से बंद है. एहतियातन स्कूल-कॉलेजों में भी छुट्टी दे दी गई है. आपको बता दें कि औरंगाबाद में जलसमाधि आंदोलन में आंदोलनकारी काका साहेब शिंदे की मौत के बाद आंदोलन तेज कर दिया गया. इस बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने युवक की मौत को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुये परिवार को मदद का भरोसा दिया है साथ ही लोगों से हिंसा नहीं करने की अपील की है. इससे पहले मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस को घेरने की तैयारी करने की योजना बना रहे मराठा क्रांति मोर्चा के कम से कम 20 सदस्यों को एहतियाती तौर पर हिरासत में लिया गया है. ये उस समारोह स्थल की ओर बढ़ रहे थे जहां आज मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस पहुंचने वाले थे. फडणवीस सोमवार को पुणे के चिंचवड इलाके में ‘ क्रांतिवीर चापेकर राष्ट्रीय संग्रहालय ’ के भूमि पूजन सहित कई समारोह में शिरकत करने जा रहे थे गौरतलब है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में कहा है कि यदि बंबई उच्च न्यायालय मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की अनुमति देता है तो प्रदेश में रिक्त 72 हजार पदों को भरते वक्त 16 प्रतिशत पद समुदाय के लोगों के लिए आरक्षित किए जाएंगे
अलवर मॉब लिंचिंग की घटना पर राहुल गांधी ने कहा- ये मोदी का क्रूर 'नया इंडिया' हैं
23 July 2018
नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर मोदी सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने लिखा है कि अलवर में मॉब लिंचिंग के शिकार, मर रहे रकबर ख़ान को सिर्फ़ 6 किलोमीटर दूर अस्पताल पहुंचाने में पुलिस को तीन घंटे लग गए, क्यों? उन्होंने रास्ते में टी ब्रेक लिया. ये मोदी का क्रूर 'नया इंडिया' है जहां इंसानियत की जगह नफ़रत ने ले ली है और लोगों को पीट कर मरने को छोड़ दिया जाता है. वहीं अलवर मॉब लिंचिंग की घटना के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने एनडटीवी से कहा कि मॉब लिंचिंग पर मंत्रालय में बैठक करेंगे. हर घटना के बाद मैं बयान नहीं दे सकता. वहीं राजस्थान के गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया का कहना है कि अगर पुलिसवालों की ग़लती पाई गई तो उन पर कड़ी कार्रवाई होगी. आपको बता दें कि राजस्थान के अलवर जिले में गो-तस्करी के शक में रकबर (28) की पीट-पीट कर हत्या किये जाने के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच की जिम्मेदारी अतिरिक्त एसपी रैंक के एक अधिकारी को सौंपी गयी है. गौतलब है कि इससे अलवर में हूं बीते साल पहलू खान नाम के शख्स की गोकशी के शक में पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी.
सबरीमाला केसः SC ने कहा- महिलाओं पर रोक अतार्किक और भेदभावपूर्णं''?
20 July 2018
नई दिल्ली। केरल के सबरीमाला मंदिर में 10 से लेकर 50 वर्ष की महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी को सुप्रीम कोर्ट ने अतार्किक और भेदभाव पूर्ण कहा। मंदिर में पूजा के लिए महिलाओं के 41 दिनों का व्रत रखने की दलीलों से असहमति जताते हुए कोर्ट ने कहा कि कानून असंभव को मान्यता नहीं देता। जो चीज सीधे नहीं की जा सकती उसे परोक्ष रूप से किया गया है। ये तल्ख टिप्पणियां प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने मामले पर सुनवाई के दौरान कीं। जस्टिस मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी मामले की सुनवाई कर रही है। मामले में आगे की बहस मंगलवार को होगी। गुरुवार को मंदिर प्रबंधन देखने वाले त्रावणकोर देवासम बोर्ड के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने निश्चित आयु की महिलाओं के मंदिर में प्रवेश पर पाबंदी को जायज ठहराते हुए कहा कि सबरीमाला मंदिर के भगवान अयप्पा बाल ब्रम्हचारी हैं और भगवान की शुद्धता बनाए रखने के लिए 10 से 50 साल की महिलाओं के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। धारणा है कि इस उम्र की महिलाओं को मासिक धर्म होता है। इसे लिंग आधारित भेदभाव नहीं कहा जा सकता क्योंकि 10 से कम और 50 से अधिक उम्र की महिलाओं पर रोक नहीं है। यहां तक कि इस मंदिर में किसी भी जाति या धर्म के व्यक्ति पर रोक नहीं है। उन्होंने कहा कि हर जगह के अपने नियम होते हैं। जैसे मंदिर में प्रवेश से पहले जूते उतारने पड़ते हैं, लेकिन चर्च में जूतों के साथ प्रवेश मिलता है। इस पर प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि मंदिर में प्रवेश के लिए जूते उतारने की शर्त तार्किक है, लेकिन यहां रोक है। यह रोक अतार्किक है। यह एक अलग तरह का भेदभाव है। सिंघवी ने कहा कि भगवान अयप्पा के हजारों मंदिर हैं कहीं भी पाबंदी नहीं है सिर्फ एकमात्र इस मंदिर में विशेष कारण से पाबंदी है। उन्होंने कहा कि इतने और मंदिर हैं वहां क्यों नहीं जाते? सबरीमाला ही क्यों आना चाहते हैं? इस पर प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि यह व्यक्ति का विश्वास है। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ के पूरे देश में हजारों मंदिर हैं फिर भी लोग पुरी जाते हैं। ऐसा इसलिए कि लोगों का विश्वास वहां है। किसी का विश्वास किसी विशेष जगह में हो सकता है। उधर केरल सरकार ने गुरुवार को एकबार फिर अपना रुख साफ करते हुए कहा कि सबरीमाला मंदिर में हर आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति मिलनी चाहिए। 10 से 50 साल की महिलाओं पर रोक ठीक नहीं है क्योंकि एक 46 वर्ष की अति बीमार महिला वहां जाने की इच्छा रख सकती है। अगर उसे 50 वर्ष के बाद आने को कहा जाए तो उसके लिए ताउम्र रोक के समान होगा। राज्य ने कहा कि मेडिकल साइंस की तरक्की के बावजूद यह नहीं कहा जा सकता कि व्यक्ति 50 वर्ष के बाद अवश्य जीवित रहेगा। कोर्ट को संवैधानिक प्रावधानों के तहत इस पर विचार करना होगा। न्याय मित्र राजू रामचंद्रन ने भी पाबंदी को अनुचित बताया।
मॉनसून सत्र LIVE: अविश्वास प्रस्ताव पर शिवसेना देगी BJP का साथ, व्हिप जारी कर सांसदों से कहा- सरकार का समर्थन करें''?
19 July 2018
नई दिल्ली: संसद के मॉनसून सत्र के दूसरे दिन भी विपक्ष का हंगामा जारी है. लोकसभा में आज भगोड़ा आर्थिक अपराध बिल पर चर्चा होनी है. बुधवार को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बिल पेश किया था. बिल में धोखाधड़ी और क़र्ज़ लेकर विदेश भागने वाले आर्थिक अपराधियों की संपत्ति ज़ब्त करने का अधिकार संबंधित एजेंसियों को देने का प्रावधान किया गया है. इस संबंध में अप्रैल में अध्यादेश जारी किया गया था. वहीं मोदी सरकार आरटीआई ऐक्ट में संशोधन की तैयारी में है. आज राज्यसभा में आरटीआई संशोधन बिल पेश किया जाएगा. प्रस्तावित संशोधन के मुताबिक, सूचना आयुक्तों के लिए वेतन, भत्ते और सेवा शर्तें केंद्र के निर्देश पर तय होंगी. कई आरटीआई कार्यकर्ताओं ने इस संशोधन का विरोध किया है. उनका कहना है कि इससे क़ानून कमज़ोर होगा. उधर, मोदी सरकार ने विवादास्पद फायनेंशियल रिज़ोल्यूशन एंड डिपॉजिट इंश्योरेंस एफआरडीआई बिल वापस लेने का फैसला किया. बुधवार को कैबिनेट ने बिल वापस लेने के फैसले को दी मंज़ूरी दी है. मॉनसून सत्र का दूसरा दिन LIVE UPDATES - शिवसेना ने सांसदों को व्हिप जारी कर कहा है कि वह शुक्रवार को अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर सरकार का समर्थन करें. - सूत्रों के मुताबिक, शिवसेना का रुख साफ है और वह शुक्रवार को होने वाली अविश्‍वास प्रस्‍ताव में बीजेपी का साथ देगी. हालांकि दोनों 2019 का चुनाव साथ नहीं लड़ेंगी. वहीं टीआएस वोटिंग से दूर रहेगी. - उद्धव ठाकरे से फोन पर बात कर अमित शाह ने अविश्वास प्रस्ताव पर मांगा समर्थन, शिवसेना आज शाम लेगी फैसला: सूत्र - कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि मॉब लिंचिंग पर लोकसभा में गृहमंत्री का बयान किसी भी तरह से संतोषजनक नहीं है. इसलिए हमने सदन से वॉक आउट किया. यह कोई पिंग-पॉन्ग का कोई खेल नहीं जो केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारियां एक दूसरे पर फेंकती रहे. - मॉब लिंचिंग पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह के बयान के खिलाफ कांग्रेस के सांसदों ने पहले प्रदर्शन किया और फिर लोकसभा से वॉक आउट किया - मॉब लिंचिंग पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में कहा कि केन्‍द्र सरकार की कोशिश भी जारी है लेकिन हिंसा रोकना राज्‍य का जिम्‍मेदारी है. केन्‍द्र सरकार ने राज्‍य सरकारों को निर्देश दिया है. फेक न्‍यूज पर रोक की भी कोशिश की जा रही है. - टीडीपी अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने सभी लोकसभा सांसदों को चिट्ठी लिखी है. चंद्रबाबू नायडू ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार का लगातार अड़ियल रवैया देखते हुए. टीडीपी संसदीय बोर्ड ने 18 जुलाई 2018 को संसद के मॉनसून सत्र में मोदी सरकार के ख़िलाफ़ फिर अविश्वास प्रस्ताव पेश किया. माननीय स्पीकर महोदया ने अविश्वास प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है और यह 20 जुलाई 2018 को सदन में आएगा. मैं आप सबसे अपील करता हूं कि हमारे सांसदों द्वारा पेश अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करें. - बीजेपी सांसद अशोक दोहरे ने एनडीटीवी से कहा, मैं नाराज नहीं हूं. पीएम मोदी हमारे मुखिया हैं. मैंने स्वयं उनसे मिल कर उन्हें पत्र दिया था. अशोक दोहरे इटावा से दलित सांसद हैं. दलितों के मुद्दे पर पीएम को पत्र लिख कर नाराज़गी जताई थी. उन्‍होंने कहा कि मैं सरकार और पार्टी के साथ, अविश्वास प्रस्ताव के विरोध में दूंगा. - कांग्रेस सांसद सुनील जाखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री जब पंजाब आए तो उन्‍होंने मक्का की एमएसपी 1700 रुपये कर दी लेकिन पंजाब में आज भी मक्‍का 900 रुपये क्विंटल बिक रहा है. किसानों को एमएसपी का रेट नहीं मिल पा रहा है. हम इस विषय को संसद में उठाएंगे. हमने आज मक्‍के की रकम को लेकर प्रदर्शन किया है. - संसद के मॉनसून सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू होने से पहले किसानों के अधिकारों की मांग के समर्थन में कांग्रेस सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया. कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मोदी सरकार की एमएसपी में बढ़ोतरी कर किसानों के साथ धोखा है. - बीजेपी सांसद छोटेलाल ने कहा कि मैं अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ वोट दूंगा. मेरी नाराज़गी केंद्र सरकार या पार्टी से नहीं थी. मोदी जी कह चुके हैं कि आरक्षण खत्म नहीं होगा. गौरतलब है कि छोटेलाल ने योगी सरकार के खिलाफ पीएम मोदी को पत्र लिखा था. छोटे लाल रॉबर्ट्सगंज से दलित सांसद हैं. - केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने दावा किया है, "(कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष) सोनिया (गांधी) जी का गणित कमज़ोर है. उन्होंने पहले भी इसी तरह कैलकुलेट किया था. हम जानते हैं, तब क्या हुआ था. उनका कैलकुलेशन एक बार फिर गलत है. (नरेंद्र) मोदी सरकार के पास संसद के भीतर और बाहर, दोनों जगह बहुमत है. NDA अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ वोट करेगा. NDA+ भी हमें समर्थन देगा. - शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा है, "लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज़ को पहले सुना जाना चाहिए, भले ही उसमें सिर्फ एक ही शख्स हो. यहां तक कि ज़रूरत पड़ने पर हम (शिवसेना) भी बोलेंगे. वोटिंग के दौरान हम वहीं करेंगे, जो उद्धव ठाकरे कहेंगे." - मॉब लिंचिंग के मुद्दे पर कांग्रेस ने संसद के निचले सदन लोकसभा में कार्यस्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है
संसद का मॉनसून सत्र LIVE: मोदी सरकार के खिलाफ पेश अविश्वास प्रस्ताव पर लोकसभा में शुक्रवार को होगी बहस''?
18 July 2018
नई दिल्ली: संसद के मॉनसून सत्र की हंगामेदार शुरुआत हुई है. संसद की कार्यवाही शुरू होते ही दोनों सदनों में हंगामा शुरू हो गया. लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान मॉब लिंचिंग के मुद्दे पर विपक्ष ने हंगामा किया और हमें न्याय चाहिए के नारे लगाए. वहीं राज्यसभा में भी विपक्ष ने खूब हंगामा किया. टीडीपी सांसदों ने आंध्र को विशेष राज्य का दर्जा देने के मुद्दे पर हंगामा किया. इसके चलते राज्यसभा की कार्यवाही पहले 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी. वहीं संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा में शास्त्रीय नर्तकी सोनल मानसिंह, मूर्तिकार रघुनाथ मोहपात्रा और लेखक राकेश सिन्हा ने बुधवार को नवनिर्वाचित सांसदों के रूप में शपथ ली. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राजनीतिक दलों से संसद के मानसून सत्र का ज्यादा से ज्यादा सदुपयोग करने का आग्रह किया और कहा कि सरकार सदन में किसी भी मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है. संसद परिसर में मोदी ने संवाददाताओं से कहा, "संसद के मानसून सत्र में आप सबका स्वागत है. कई मुद्दों पर चर्चा होनी है. मैं उम्मीद करता हूं कि सभी राजनीतिक दल सहयोग करेंगे और सत्र को सुचारू रूप से चलने देंगे." उन्होंने कहा, "सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है." संसद के मॉनसून सत्र के LIVE UPDATES - केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष द्वारा मॉनसून सत्र के पहले दिन पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव पर लोकसभा में शुक्रवार को सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी चर्चा. - कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने स्वामी अग्निवेश पर हमले का मामला उठाया, इसे अभिव्यक्ति की आजादी पर भी हमला है. - मुलायाम सिंह यादव ने NDTV से कहा कि हम अविश्‍वास प्रस्‍ताव का समर्थन करते हैं. मैं संसद में भी इसका आज समर्थन किया है. - मोदी सरकार के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव बहस के लिए मंज़ूर, लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने 10 दिन के भी भीतर इस पर बहस का दिन व समय तय करेंगी - लोकसभा में केन्‍द्र सरकार के अविश्‍वास प्रस्‍ताव के खिलाफ 50 सांसदों का समर्थन, केन्‍द्रीय संसदीय मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार - संसद में मॉनसून सत्र के पहले दिन कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लोकसभा में कहा, 'जिस सरकार के राज में किसानों ने खुदकुशी की, जिसके राज में महिलाओं से रोज़ाना बलात्कार होते हैं... हम आपके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव रखते हैं...' - आंध्र प्रदेश के लिए विशेष राज्य के दर्जे की मांग पर टीडीपी सांसदों के हंगामे के बाद राज्यसभा 12 बजे तक स्थगित. - मॉब लिंचिंग को लेकर लोकसभा में विपक्ष का हंगामा, सांसदों ने लगाए नारे - 'हमें न्‍याय चाहिए...' - सोनल मानसिंह, राकेश सिन्हा और रघुनाथ महापात्रा ने राज्यसभा के मनोनीत सदस्य के रूप में शपथ ली. - पीएम ने वरिष्ठ नेताओं अमित शाह, अनंत कुमार और अन्य मंत्री के साथ मॉनसून सत्र पर चर्चा की - पीएम मोदी ने कहा, कोई भी सांसद किसी भी विषय पर चर्चा कर सकता है, सरकार हर चर्चा के लिए तैयार है - कांग्रेस और विपक्षी दल के अन्‍य सदस्‍यों ने केन्‍द्र सरकार के खिलाफ संसद के मॉनूसन सत्र में पेश किया अविश्वास प्रस्ताव. खड़गे, वेणुगोपाल, तारिक अनवर ने पेश करेंगे अविश्‍वास प्रस्‍ताव - विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज और गृहमंत्री राजनाथ सिंह मॉनसून सत्र में शामिल होने के लिए संसद पहुंचे. - सीपीआई के सांसद डी राजा ने स्‍वामी अग्निवेश पर हुए हमले और मॉब लिंचिंग को लेकर राज्‍यसभा में स्‍थगन प्रस्‍ताव दिया है - आरजेडी के सांसद जेपी यादव ने मॉब लिंचिंग मामले में कार्य स्‍थगन प्रस्‍ताव का नोटिस लोकसभा में दिया है. यह सत्र बुधवार को शुरू होकर 10 अगस्त तक चलेगा. कांग्रेस कई मोर्चों पर मोदी सरकार को घेरने की तैयारियों में जुटी है. दरअसल, आज यानी 18 जुलाई से संसद का मॉनसून सत्र शुरू हो रहा है, उम्मीद की जा रही है कि इस बार पिछली बार की तरह हंगामेदार नहीं होगा. हालांकि, इसके लिए लोकसभा स्पीकर ने भी अपनी ओर से पहल की है. महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरने का प्रयास करते हुए सरकार ने महिला आरक्षण, एक बार में तीन तलाक और निकाह हलाला संबंधी विधेयकों को संसद से पारित करने में सहयोग करने की मुख्य विपक्षी दल से अपील की. कांग्रेस ने कहा कि संसद के मॉनसून सत्र में वह कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों के साथ भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या (मॉब लिंचिंग) तथा महिला सुरक्षा के मुद्दे उठाएगी. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "इस सत्र को सफल बनाने के लिए हम सरकार का सहयोग करेंगे. हमें उम्मीद है कि हमें देश के महत्वपूर्ण मुद्दे उठाने दिए जाएंगे. उन्होंने कहा कि सोमवार को सर्वदलीय बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सत्र के दौरान विपक्ष कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे उठाएगा. खड़गे ने कहा, "हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि सरकार पिछले चार सालों में अपने वादे पूरे करने में नाकाम रही है.
कांग्रेस 'मुसलमानों की पार्टी' विवाद के बीच राहुल गांधी का एक नया ट्वीट, कहा- ''मैं ही कांग्रेस हूं''?
17 July 2018
नई दिल्ली: कांग्रेस को मुसलमानों की पार्टी बताने के विवाद के बीच राहुल गांधी ने एक नया ट्वीट किया है. उनका कहना है, कांग्रेस कतार में खड़े आख़िरी आदमी के साथ है. आपको बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी ने पिछले हफ़्ते आजमगढ़ की एक रैली में पूछा था कि कांग्रेस सिर्फ मुस्लिम पुरुषों पार्टी है या फिर मुस्लिम महिलाओं की भी. हालांकि राहुल से मिलने वाले मुस्लिम बुद्धिजीवियों के मुताबिक राहुल ने ऐसा कुछ नहीं कहा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर पर लिखा, "मैं पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति के साथ खड़ा हूं, जो हाशिये पर धकेला गया है, दमित-पीड़ित है, अत्याचार का शिकार है. उनका धर्म, जाति और आस्था मेरे लिए मायने नहीं रखती. जो दर्द में हैं, उन्हें तलाशता हूं, और उन्हें सीने से लगाता हूं. मैं सभी प्राणियों से प्यार करता हूं. मैं ही कांग्रेस हूं वहीं उर्दू अखबार इंकलाब में कांग्रेस के अल्पसंख्यक मोर्चे के अध्यक्ष नदीम जावेद के हवाले से ये ख़बर छपी. खबर के मुताबिक राहुल गांधी ने कहा अगर बीजेपी कहती है कि कांग्रेस मुसलमानों की पार्टी है तो ठीक है. कांग्रेस मुसलमानों की पार्टी है, क्योंकि मुसलमान कमज़ोर हैं और कांग्रेस हमेशा कमज़ोरों के साथ खड़ी रही है. इसी बयान के आधार पर बीजेपी बताने में लगी है कि राहुल ने कांग्रेस को मुसलमानों की पार्टी बताया है. नदीम जावेद का कहना है, इस बात को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है गौरतलब है कि हाल ही में एक उर्दू दैनिक ने दावा किया था कि गांधी ने मुस्लिम समाज के बुद्धिजीवियों के साथ बैठक में कहा था कि ‘कांग्रेस मुसलमानों की पार्टी है.’ कांग्रेस ने इस खबर को ‘कोरी अफवाह’ करार दिया है और दावा किया है कि असल मुद्दों और ‘नरेंद्र मोदी सरकार की विफलताओं’ से ध्यान भटकाने के लिए अफवाहें फैलाई जा रही हैं.
तेजस्वी का एक और तंज: सरकार के झूठे आरोपों से परेशान होकर चूहे भी कह रहे हैं, नीतीश जी अब किसे दोषी ठहराएंगे?
14 July 2018
पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर लगातार हमलावर रुख अपनाने वाले राजद नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने एक बार और हमला बोला है. इस बार लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार पर 'चूहों' को लेकर कटाक्ष किया है. दरअसल, पिछले साल बिहार के जल संसाधन मंत्री ललन सिंह ने एक तटबंध टूटने पर इसके लिए चूहे को दोषी बताया था, जबकि शराबबंदी के बाद एक थाने के मालखाने में रखे जब्त शराब के गायब होने पर पटना के एक थाने के अधिकरियों ने चूहों के शराब पी जाने की बात कही थी. इसी को निशाना साध कर तेजस्वी ने तंज कसा है राजद नेता तेजस्वी ने नीतीश पर आरोप लगाया कि राज्य में तटबंध टूट रहे हैं, थाने से शराब गायब हो रही है, ऐसे में वे अब किसे दोषी ठहराएंगे? बता दें कि इससे पहले शुक्रवार को तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर नीतीश-शाह डिनर पर तंज कसा था कि अब नीतीश कुमार गिरिराज सिंह के साथ मिलकर सांप्रदायिकता के खिलाफ लड़ाई तेज करेंगे तेजस्वी ने शनिवार को ट्वीट किया, "1000 करोड़ रुपये का बांध टूटे, करोड़ों रुपये की जब्त नौ लाख लीटर शराब गायब हो जाए, करोड़ों रुपये की दवाई गायब हो जाए, गरीबों का राशन गायब हो जाए. नीतीश जी के कुशासनी राज में भ्रष्टाचार के दोषी चूहे ही होंगे. चूहे इनके झूठे आरोपों से परेशान हो पलायन कर कह रहे हैं, अब नीतीश जी किसे दोषी ठहराएंगे?" बता दें कि तेजस्वी ने शुक्रवार को भी तंज सकते हुए कहा था कि 'अमित शाह के साथ डिनर करने के बाद नीतीश कुमार ने अपने पसंदीदा साथी गिरिराज सिंह एंड कंपनी के साथ मिलकर महिलाओं के प्रति बढ़े अपराध, भ्रष्टाचार और बीते एक साल में उजागर हुए पांच हजार के घोटाले का जिक्र किए बिना सांप्रदायिकता के खिलाफ लड़ाई तेज कर दी है.' यानी तेजस्वी ने नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए भारतीय जनता पार्टी और गिरिराज सिंह पर भी हमला किया.
सुप्रीम कोर्ट ने केन्‍द्र सरकार को लगाई फटकार, कहा- ताजमहल को संंरक्षण दो या बंद करो या ध्वस्त कर दो
11 July 2018
नई दिल्ली: ताजमहल को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार पर जमकर फटकार लगाई है. कोर्ट ने कहा, ताज को सरंक्षण दो या बंद कर दो या ध्वस्त कर दो. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एफ़िल टॉवर को देखने 80 मिलियन लोग आते है, जबकि ताजमहल के लिए मिलियन. आप लोग ताजमहल को लेकर गंभीर नहीं है और न ही आपको इसकी परवाह है. हमारा ताज ज्यादा खूबसूरत है और आप टूरिस्ट को लेकर गंभीर नहीं है. ये देश का नुकसान है, ताजमहल को लेकर घोर उदासीनता है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर ध्‍यान रखा जाता तो हमारी विदेशी मुद्रा की दिक्कत दूर हो जाती. सुप्रीम कोर्ट ने फिर सवाल उठाया कि टीटीजेड (ताज ट्रैपेज़ियम जोन) एरिया में उद्योग लगाने के लिए लोग आवेदन कर रहे है और उनके आवेदन पर विचार हो रहा है. ये आदेशों का उल्लंघन है. सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा पीएचडी चेंबर्स को कहा है कि जो इंड्रस्‍टी चल रही है उसको क्यों ना आप खुद बंद करें. तब टीटीजेड की तरफ से कहा गया कि वो अब टीटीजेड में कोई नई फैक्ट्री खोलने आई इजाजत नहीं देंगे. सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि टीटीजेड ने कुछ नई फैक्ट्रियों के आवेदन पर विचार कर रही है. सुप्रीम कोर्ट ने टीटीजेड के चेयरमैन को नॉटिस जारी किया. टीटीजेड के प्रमुख को सुप्रीम कोर्ट में तलब किया. वहीं केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि MOEF ने एक कमिटी का गठन किया है, जो ये देखेगी प्रदूषण को देखेगी कि ताजमहल कितना और किन वजहों से प्रदूषित हुआ है. केंद्र सरकार ने ये भी कहा कि ताजमहल के आस पास के इलाकों का भी मुआयना करेगी प्रदूषण को लेकर. कमेटी की रिपोर्ट 4 महीने के भीतर आ जाएगी इसके बाद ये तय किया जाएगा कि क्या किसी विदेशी एक्सपर्ट को कमिटी में शामिल करने की जरूरत है या नहीं. टिप्पणियां 9 मई को सुप्रीम कोर्ट ने ASI को फटकार लगाई थी. ताजमहल के रंग बदलने को लेकर ASI ने काई और गंदी जुराबों को जिम्मेदार ठहराया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 1996 में पहली बार ताजमहल को लेकर आदेश जारी किया लेकिन 22 साल बाद भी कुछ नहीं हुआ. ASI के ये कहने कि ताजमहल को काई और कीड़े -मकोड़े (इंसेक्ट) से हो रहा है नुकसान, पर सुप्रीम कोर्ट नाराज हुआ. ASI ने कहा कि ताजमहल पर काई उड़कर जमा हो रही है. सुप्रीम कोर्ट ने ASI को फटकार लगते हुए पूछा कि ताजमहल को काई व कीड़ा-मकोड़े (इंसेक्ट) कैसे नुकसान पहुंचा सकते है. कोर्ट ने कहा कि ASI समझना नहीं चाहता कि ताजमहल में समस्या है? कोर्ट ने कहा कि क्या काई के पास पंख होते है जो उड़कर ताज़महल पर जा कर बैठ जाती है. कोर्ट ने ASI को कहा कि इसका मतलब है कि उनके पास पंख है जिससे वो उड़ कर चले जाते है. अगर ASI का यही स्टैंड है कोर्ट में तो केंद्र सरकार को ताजमहल के रखरखाव के लिए किसी दूसरे विकल्प का तलाश करना होगा. ASI ने कहा कि लोग जो जुराब पहनकर आते हैं वो भी कई बार गंदी होती हैं कि फर्श खराब होते हैं. ASG तुषार ने कहा कि विदेशों में कई जगहों पर डिस्पाजेबल जुराबें दी जाती हैं. याचिकाकर्ता एमसी मेहता ने कहा कि यमुना में पानी गंदा है. पहले मछलियां होती थी जो काई को खाती थीं. सरकार बैराज बना रही हैं जिसके कारण यमुना में पानी कम है केंद्र सरकार को चार हफ्ते में जवाब देने को कहा गया कि केंद्र यमुना पर कितने बैराज बना रही है. वहीं उत्तर प्रदेश सरकार को जुलाई में ताजमहल को सदियों तक सुरक्षित रखने के विजन डॉक्यूमनेट देना है.
सुनील राठी ने कबूला- मुन्ना बजरंगी पिस्टल लाया था, मैंने छीनकर उस पर 10 गोलियां दाग दीं
10 July 2018
बागपत : पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या की बात पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात सुनील राठी ने कबूल कर लिया है. उसने बताया है कि दोनों हाई सिक्योरिटी बैरक में बाहर बैठकर पहले बात कर रहे थे. बातचीत के दौरान मुन्ना बजरंगी ने कहा कि तुम मेरे खिलाफ साजिश रच रहे हो. झगड़ा इसी बात पर शुरू हो गया. सुनील का दावा है कि पिस्टल मुन्ना के पास थी उसने छीनकर मुन्ना को 10 गोलियां मार दीं. मुन्ना और सुनील राठी बड़े अपराधी हैं. दोनों ही पहले दिल्ली के तिहाड़ जेल में साथ रह चुके थे. सुनील उत्तराखंड में कुछ लोगों से जबरन उगाही कर रहा था क्योंकि सुनील लम्बे समय तक उत्तराखण्ड की जेल में रहा है और वहां कई बार गया भी है. सुनील राठी जिन लोगों से उगाही कर रहा था वो मुन्ना बजरंगी के आदमी थे. मुन्ना इससे एक बार पहले भी कह चुका था कि क्या सुनील ने उसकी सुपारी ले रखी है हत्या के बाद सुनील ने पिस्टल गटर में फेंक दी और जिसे खुदाई और काफी पानी निकालने के बाद बरामद कर लिया गया है. साथ में एक कारतूस और 2 मैगज़ीन भी बरामद हुई हैं. इसके साथ ही 10 कारतूस के खाली खोखे भी मौके से पड़े मिले हैं. सुनील राठी के खिलाफ आर्म्स एक्ट का केस भी दर्ज किया गया है. गौरतलब है कि सोमवार की सुबह मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उसे एक विधायक से रंगदारी मांगने के मामले में पेशी पर झांसी से यहां लाया गया था
निर्भया केसः सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों की पुनर्विचार याचिका की खारिज
9 July 2018
नई दिल्ली। दिल्ली में हुए निर्भया दुष्कर्म कांड के तीन दोषियों की फांसी की सजा के खिलाफ दाखिल पुनर्विचार याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। इसके बाद अब इन तीन दोषियों को फांसी की सजा भुगतनी पड़ेगी। हालांकि, इन दोषियों के पास अब भी राष्ट्रपति के सामने दया याचिका लगाने का विकल्प बचा हुआ है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मुकेश, विनय और पवन की पुनर्विचार याचिका पर बहस सुनकर गत चार मई को अपना फैसला सुरक्षित रखा था। तब तक चौथे दोषी अक्षय की ओर से पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं हुई थी। यह था मामला - 16 दिसंबर, 2012 की रात फिल्म देखकर लौटते समय 23 वर्षीय पैरामेडिकल छात्रा निर्भया (बदला हुआ नाम) के साथ छह लोगों ने चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म किया था और हैवानियत की सारी सीमाएं लांघ दी थीं। दोषियों ने निर्भया और उसके मित्र को नग्न हालत में चलती बस से नीचे फेंक दिया था। यहां तक कि दोनों को कुचलकर मारने की कोशिश भी की गई थी। इस मामले में दिल्ली की निचली अदालत और हाई कोर्ट ने चार दोषियों मुकेश, पवन गुप्ता, अक्षय ठाकुर और विनय शर्मा को मौत की सजा सुनाई थी। एक अभियुक्त ने ट्रायल के दौरान जेल मे खुदकशी कर ली थी जबकि एक अन्य नाबालिग था जो तीन साल की सजा पूरी होने के बाद छूट चुका है। दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को SC ने रखा था बरकरार - चारों अभियुक्तों ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी और सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल पांच मई को चारों की फांसी पर अपनी मुहर लगा दी थी। इसके बाद तीन अभियुक्तों ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी। कोर्ट के तय नियमों के मुताबिक फांसी की सजा पाए दोषियों की पुनर्विचार याचिका पर तीन न्यायाधीशों सीजेआई दीपक मिश्रा, आर. भानुमति और अशोक भूषण की पीठ ने खुली अदालत में बहस सुनकर फैसला सुरक्षित रखा था। पूरे देश को झकझोर कर रख देने वाले दिल्ली सामूहिक दुष्कर्म कांड के चारों दोषियों की मौत की सजा पर अपनी मुहर लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था, "इस घटना से सदमे की सुनामी आ गई थी और इसने सभ्यता के तानेबाने को पूरी तरह नष्ट कर दिया था।" दोषियों की हैवानियत और अपराध की भयावहता का वर्णन करते हुए कोर्ट ने कहा था कि ऐसा लगता है कि यह कहानी किसी दूसरी दुनिया की है जहां इंसानियत का अनादर होता है।
मॉब लिंचिंग के आरोपियों को माला पहनाने पर घिरे जयंत सिन्हा, सफाई में कहा- HC ने उनकी सजा को निलंबित कर दिया है
7 July 2018
नई दिल्ली: केन्द्रीय मंत्री जयंत सिन्हा की झारखंड के रामगढ़ में एक व्यापारी की पीट-पीटकर हत्या के दोषियों को माला पहनाते उनकी तस्वीर वायरल हो रही है. शनिवार को जयंत सिन्हा ने रामगढ़ मामले में पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी. इस मामले में जब विवाद बढ़ा तो जयंत सिन्‍हा ने सफाई देते हुए कहा कि आरोपियों की याचिका पर रांची हाईकोर्ट ने उनकी सजा को निलंबित कर दिया है और सभी आरोपियों को जमानत पर छोड़ दिया है. इस मामले में हाईकोर्ट मामले की दोबारा से सुनवाई करेगा. केन्‍द्रीय मंत्री ने कहा कि मुझे हमारी न्यायपालिका और कानून पर पूरा विश्‍वास है. उन्‍होने कहा कि दुर्भाग्यवश मेरे कार्यों के बारे में गैर जिम्मेदार बयान दिए जा रहे हैं जबकि मैं जो कुछ भी कर रहा हूं वह कानून की उचित प्रक्रिया का सम्मान है. जो निर्दोष हैं उन्हें बचाया जाएगा और दोषी को उचित रूप से दंडित किया जाएगा. उन्‍होंने कहा कि मैंने पहले ही अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है. दोषियों को सजा मिलनी चाहिए. मैं जनता का प्रतिनिधि और एक मंत्री हूं. मैंने कानून की रक्षा की शपथ ली है. किसी को भी कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है. शुक्रवार को जयंत सिन्हा ने रामगढ़ मामले में पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी. मार्च में एक स्थानीय अदालत ने एक बीजेपी नेता समेत 11 लोगों को उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई थी. पिछले साल 55 साल का अलीमुद्दीन को बीफ़ ले जाने के शक में पीट-पीटकर मार डाला गया था. गौरतलब है कि मीट कारोबारी की हत्या और उसके बाद से इस पूरे मामले को राजनीतिक रूप देने की कोशिश की जा रही है. यही वजह है कि बीजेपी के नेताओं ने इन आरोपियों का शुरू से ही समर्थन किया है. कुछ महीने पहले बीजेपी के पूर्व विधायक शंकर चौधरी इन आरोपियों को छोड़ने के लिए 15 दिनों तक धरने पर बैठे थे. 2 जुलाई को जब नित्यानंद ज़मानत पर जेल से बाहर आया तो उसे लेने शंकर चौधरी खुद गए, नित्यानंद रामगढ़ बीजेपी का ज़िलाध्यक्ष है. इस पूरे मामले के सामने आने के बाद विपक्षी पार्टियों ने जयंत सिन्हा को निशाने पर लिया. ​इस मामले में यूथ कांग्रेस ने भी जंयत सिन्हा पर हमला किया. यूथ कांग्रेस ने एक ट्वीट कर कहा कि देश के 10 राज्यों में शक के आधार पर अभी तक 27 लोगों की हत्या की जा चुकी है और जयंत सिन्हा ऐसा करने वाले आरोपियो के स्वागत में लगे हैं. झारखंड में विपक्ष के नेता हेमंत सोरेन ने ट्वीट किया. उन्होंने हॉर्वड विश्वविद्यालय को भी टैग किया. उन्होंने लिखा कि आपका पूर्व छात्र इन दिनों गौ हत्या के शक में युवक की हत्या करने वाले आरोपियो को सम्मानित करने में लगे हैं. इस विवाद को लेकर जब जयंत सिन्हा से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया. याद हो कि पिछले साल 11 लोगों को जिनमें बीजेपी का एक नेता भी शामिल था को उम्र कैद की सजा सुनाई थी.
कर्नाटक में किसानों का 2 लाख तक का कर्ज किया माफ, पेट्रोल-डीजल पर बढ़ाया टैक्‍स
5 July 2018
बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्‍यमंत्री एचडी कुमारस्वामी बजट के दौरान किसानों की कर्जमाफी के लिए 34,000 करोड़ रुपये आवंटित करने का ऐलान किया है। उन्‍होंने किसानों के दो लाख रुपये तक का कर्ज माफ करने की घोषणा की है। हालांकि कुमारस्‍वामी ने पेट्रोल और डीजल पर टैक्‍स बढ़ाने का निर्णय लिया है। पेट्रोल के दाम 1.14 प्रतिलीटर, डीजल 1.12 प्रतिलीटर और बिजली दरें 20 पैसे बढ़ा दी गई हैं। कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार का यह पहला बजट है। कुमारस्‍वामी सरकार ने पेट्रोल पर टैक्‍स 30 से बढ़ाकर 32 फीसद और डीजल पर 19 से बढ़ाकर 21 फीसद कर दिया है। इससे पेट्रोल के दाम 1.14 प्रतिलीटर और डीजल 1.12 प्रतिलीटर बढ़ जाएंगे। इसका सीधा प्रभाव आम जनता पर पड़ेगा, जो पहले ही तेल की ऊंची कीमतों के बोझ तले दब रही है। हालांकि किसानों से किया गया वादा कुमारस्‍वामी ने पूरा कर दिया है। कुमारस्‍वामी ने चुनावी वादा किया पूरा - जेडीएस के चुनावी घोषणा पत्र में किसानों का कर्ज माफ करने का वादा किया था। मुख्यमंत्री ने वादा किया था कि वे ऑफिस संभालने के 24 घंटे के भीतर करीब 53 हजार करोड़ रुपये का किसान ऋण माफ कर देंगे। लेकिन पूर्ण बहुमत नहीं मिलने का हवाला देकर कुमारस्वामी ने यह आश्वासन दिया कि वह राज्य में चरणबद्ध तरीके से कर्ज माफ करेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी ऋण माफी का मुद्दा उठाया था। राहुल गांधी ने पहले ही जता दी थी उम्‍मीद - बजट पेश होने से पहले राहुल गांधी ने ट्वीट कर ये उम्‍मीद जताई थी कि बजट में किसानों की कर्ज माफी का एलान हो सकता है। उन्होंने ट्वीट कर कहा था, 'कर्नाटक बजट की पूर्व संध्या पर मैं पूरी तरह से आश्वस्त हूं कि कांग्रेस-जेडीएस की गठबंधन सरकार अपने वादे के अनुरूप खेती को लाभकारी बनाने के लिए किसानों के ऋण माफ करेगी। यह बजट हमारी सरकार के लिए एक अवसर होगा कि वह कर्नाटक में ऐसा कर देशभर के किसानों की उम्मीद जगाए।
सीएम अरविंद केजरीवाल ने बुलाई कैबिनेट की बैठक, 24 घंटे में अफसरशाही में बड़े फेरबदल की उम्मीद
4 July 2018
नई दिल्ली: दिल्ली सरकार बनाम एलजी मामले में आम आदमी पार्टी की सरकार के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद सीएम अरविंद केजरीवाल ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है. दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने बुधवार की शाम चार बजे सचिवालय में कैबिनेट की बैठक बुलाई है. बताया जा रहा है कि अगले 24 घंटों में अफसरशाही में केजरीवाल सरकार बड़े फेरबदल कर सकती है. सुप्रीम कोर्ट ने जैसे ही दिल्ली की केजरीवाल सरकार के पक्ष में फैसला सुनाया और कहा कि दिल्ली में केवल तीन विषय यानी पुलिस, ज़मीन और कानून व्यवस्था को छोडकर सब कुछ चुनी हुई सरकार के अधीन हैं. वैसे ही केजरीवाल सरकार ने माना कि कोर्ट ने सर्विसेज विभाग उनको वापस दे दिये हैं और तुरंत शाम 4 बजे कैबिनेट की बैठक बुला ली. ये बैठक पहले सीएम केजरीवाल के घर रखी गयी, लेकिन बाद में विवाद से बचने के लिए दिल्ली सचिवालय में बैठक को स्थांतरित कर दिया गया. इसके पीछे बताया जा रहा है कि दिल्ली के मुख्य सचिव 20 फरवरी के कथित मारपीट कांड के बाद सीएम के घर नहीं जाते. सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली सरकार में प्रशासनिक स्तर पर बड़े फेरबदल होने वाले हैं. सूत्र बता रहे हैं कि अगले 24 घंटे में बड़े स्तर पर अधिकारियों की ट्रांसफर पोस्टिंग होगी. बताया जा रहा है कि दिल्ली सरकार की कैबिनेट में आज शाम 4 बजे सुप्रीम कोर्ट के फैसले को अडॉप्ट करके उसको सभी विभागों में लागू करने के आदेश दिए जाएंगे. 0 टिप्पणियां अगस्त 2016 के दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले से सर्विसेज विभाग केजरीवाल सरकार की जगह एलजी के पास चला गया था लेकिन कोर्ट के फैसले से ये वापस दिल्ली सरकार के पास आ गया है. साथ ही खबर है कि अरविंद केजरीवाल ने सभी लंबित मामले जो काफी समय से अटके हुए हैं उनकी फ़ाइल मंगाई है.
मुंबई : शुरू हुई हार्बर लाइन, देर रात तक चालू हो पाएंगी सारी लाइन्स
3 July 2018
मुंबई। मुंबई के अंधेरी स्टेशन पर रोड ओवर ब्रिज का हिस्सा टूटकर गिरने से बाधित हुई लोकल सेवाएं आज आधी रात तक पूरी तरह से चालू हो पाएंगी। फिलहाल ट्रैक से मलबा हटाने के का काम जारी है और सभी टीमें लगातार इस काम में लगी हुई हैं। इस बीच हादसे के बाद हार्बर लाइन से पहली ट्रेन रवाना हुई है। पश्चिम रेलवे के पीआरओ ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा है कि हम कोशिश कर रहे हैं कि दोपहर 2 बजे तक हार्बर लाइन को चालू कर दिया जाए जो चर्चगेट के अलावा सीएसएमटी के अलावा गोरेगांव बीच भी कनेक्टिविटी बढ़ाएगी। जहां तक फास्ट लाइन्स का सवाल है हम इसे शाम 7 बजे तक शुरू कर पाएंगे वहीं सभी लाइने आज मध्य रात्री तक शुरू हो सकेंगी। मालूम हो कि मुंबई में लगातार हो रही बारिश के कारण मंगलवार शहर के अंधेरी रेलवे स्टेशन पर रोड ओवरब्रिज गिर गया। हादसे में 5 लोगों के घायल होने की खबर है जिन्हें इलाज के लिए पास के अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है। वहीं दूसरी तरफ इसके चलते अंधेरी, विरार और चर्चगेट के बीच लोकल सेवा ठप्प हो गई है। जानकारी के अनुसार हादसा सुबह 7.30 हुआ है जिसके बाद रेल यातायात रोक दिया गया है। हादसे के बाद मौके पर फायर ब्रिगेड और बीएमसी की टीमें पहुंच गईं हैं और कहा जा रहा है कि यातायात फिर से चालू करने में 4-5 घंटे लग जाएंगे। पश्चिम रेलवे के सीपीआरओ के अनुसार जो ब्रिज गिरा है वो गोखले ब्रिज का हिस्सा है जो अंधेरी ईस्ट और अंधेरी वेस्ट को जोड़ता है। टीम मौके पर है और इस बात की जांच कर रहे हैं कि कहीं कोई शख्स मलबे में तो नहीं दबा है। वहीं एनडीआरएफ के डीजी के अनुसार मलबे को ट्रैक से हटाने के काम शुरू कर दिया गया है और इसके इसके लिए एनडीआरएफ की टीम भी पहुंच चुकी है। फिलहाल मलबे में किसी के दबे होने की आशंका नहीं है लेकिन फिर भी एहतियातन मलबा हटाया जा रहा है। भारी बारिश से दूसरी लोकल आधा घंटा लेट, सड़क पर भारी ट्रैफिक अंधेरी में ट्रैक पर मलबा गिरने से लोकल पर बुरा असर पड़ा है और इसके चलते अन्य लाइनों पर इसका दबाव बढ़ गया है। वहीं रोजाना काम पर जाने वाले लगभग 35 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इसके चलते उन्हें सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ा है और इसक कारण शहर की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है। भीड़ को मैनेज करने के लिए सेंट्रल रेलवे ने कुछ ट्रेनों का रूट बढ़ा दिया है। साथ ही लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान ना दें।
बुराड़ी मौतें: छह शवों का पोस्टमॉर्टम हुआ, सभी की मौत लटकने की वजह से हुई, शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं
2 July 2018
नई दिल्ली: दिल्ली के बुराड़ी में एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत के मामले जिन 6 लोगों का पोस्टमॉर्टम हुआ हैं उनकी मौत का कारण हैंगिंग है. इसके अलावा चोट का कोई निशान नहीं है. सभी 11 मृतकों की आंखों को उनके रिश्तेदारों के कहने पर दान किया गया. अब पोस्टमॉर्टम के बाद सभी का अंतिम संस्कार एक साथ कश्मीरी गेट के पास निगमबोध घाट पर होगा, क्योंकि इतने शव एक साथ राजस्थान के पैतृक गांव ले जाना आसान नहीं है. पुलिस सूत्रों से कई जानकारियां मिली हैं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जहां 10 लोगों के शव लटके हुए मिले, उसके पास ही एक कमरे से 2 रजिस्टर बरामद हुए हैं, जिस तरह से मौत हुई है वही तरीका दोनों रजिस्टर में लिखा गया है जिसमें मुंह बांधने और हाथ बांधने का भी ज़िक्र है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों रजिस्टर में मौत और मोक्ष को लेकर एक कहानीनुमा लंबा लेख है, जिसमें किसी आध्यात्मिक गुरु का नाम नहीं है. लेकिन मौत की क्रियाओं को लेकर एक बड़ा हिस्सा है. पुलिस ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रजिस्टर में लिखी हैंड राइटिंग परिवार में से किस की है. क्राइम ब्रांच गुत्थी सुलझाने में जुटी हैैै.. - सामूहिक आत्महत्या या हत्या? - 11 लोगों की मौत की अनसुलझी गुत्थी - दिल्ली में बुराड़ी के संतनगर की घटना - घर के एक कमरे 2 रजिस्टर मिले - रजिस्टर के नोट्स से तंत्र-मंत्र का संदेह - तंत्र-मंत्र के ऐंगल की जांच होगी: पुलिस - मौत और मोक्ष को लेकर लंबा लेख - रजिस्टर में मौत के तरीक़े का भी ज़िक्र - काफी पूजा-पाठ करने वाला परिवार - क्राइम ब्रांच गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस ने बताया कि 10 सदस्यों की आंखें और मुंह कपड़ों से बंधे हुए थे और उनके शव झूल रहे थे जबकि 77 साल की एक महिला फर्श पर मृत पाई गईं और उसकी आंखों और मुंह पर पट्टी नहीं बंधी थी. बच्चों के हाथ-पांव बंधे हुए थे. मकान की तलाशी के दौरान पुलिस को हाथ से लिखे कुछ नोट मिले जिसके बारे में उनका कहना है कि परिवार किसी धार्मिक कर्मकांड का पालन करता होगा. संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) आलोक कुमार ने बताया, ‘हमें हाथ से लिखे नोट मिले हैं जिनमें विस्तार से बताया गया है कि हाथ और पांव किस तरह बांधे जाएं और लगभग उसी तरह से 10 लोगों के शव बरामद किए गए. काफी लंबे नोट हैं और हम उनका अध्ययन कर रहे हैं.’ पुलिस ने इस मामले में हत्या का केस दर्ज किया है लेकिन पुलिस को यह भी संदेह है कि यह आपसी सहमति से खुदकुशी करने का मामला भी हो सकता है. इस बीच , मृतकों के पड़ोसियों ने बताया कि वे काफी मददगार स्वभाव वाले थे. अमरीक सिंह नाम के एक पड़ोसी ने बताया कि परिवार द्वारा चलाई जाने वाली किराने की दुकान हर रोज सुबह छह बजे खुल जाती थी और तभी बंद होती थी जब गली में रहने वाले सारे लोग सोने चले जाते थे. रविवार सुबह सात बजे तक दुकान नहीं खुली तो सभी को हैरत हुई. अमरीक के पिता गुरचरण सिंह ने कहा, ‘दूध वाला दुकान के बाहर आया था. कुछ पड़ोसी वहां इकट्ठा हुए थे क्योंकि वैन का ड्राइवर बार - बार हॉर्न बजा रहा था. मैंने मेन गेट खोला और सीढ़ियों पर चढ़कर ऊपर गया तो मैंने जो कुछ देखा उससे स्तब्ध रह गया. ’’ देवेश नाम के एक अन्य पड़ोसी ने बताया , ‘‘ किसी छोटे - मोटे सामान का अनुरोध करने पर वे कभी - कभी सुबह 5:30 में भी दुकान खोल देते थे. पास में रहने वाला चाय वाला उनका पहला ग्राहक होता था क्योंकि वह दूध खरीदने आता था. ’’ स्थानीय लोगों ने भाटिया परिवार को गली में रहने वाला ‘‘ सबसे बड़ा परिवार ’’ बताया. एक पड़ोसी ने कहा , ‘‘ वे यहां 22 साल से ज्यादा समय से रह रहे थे. हमने उन्हें कभी झगड़ते या किसी पड़ोसी को नुकसान पहुंचाते नहीं देखा.
जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के बाद झेलम खतरे के निशान से ऊपर, बाढ़ का अलर्ट जारी
30 Jun 2018
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बारिश के कारण झेलम नदी खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी है। लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य में बाढ़ से हालात पैदा हो गए हैं। प्रशासन ने इसे देखते हुए सभी स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी है वहीं स्थिति को देखते हुए राज्यपाल ने आपात बैठक कर हालात का जायजा लिया है। वहीं तवी नदी में पानी बढ़ने से यहां 6 लोग फंस गए जिन्हें स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स टीम ने बचाया। जानकारी के अनुसार राज्य बाढ़ नियंत्रण अधिकारियों ने कहा है कि झेलम का जल स्तर मुंशी बाग के करीब खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। इसे देखते हुए बाढ़ का अलर्ट जारी कर दिया है। बता दें कि राज्य में दो दिनों से लगातार हो रही मुसलाधार बारिश के चलते सभी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। वहीं इसके कारण शुक्रवार को अमरनाथ यात्रा भी रोकनी पड़ी थी। नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए अधिकारी अलर्ट हो गए हैं और बाढ़ के हालात से निपटने की तैयारियां कर ली गई हैं।
हम सिर्फ पत्थर जड़ने नहीं, बल्कि बदलाव के लिये आए हैं : पीएम मोदी
29 Jun 2018
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि उनकी सरकार का विजन कम खर्च पर देश के हर व्यक्ति को इलाज सुनिश्चित करना तथा बीमारी के कारणों को खत्म करना है और पिछले चार सालों में इसी दिशा में कदम उठाये गए हैं. एम्स और सफदरजंग अस्पताल में अत्याधुनिक सुविधाओं एवं योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हम सिर्फ पत्थर जड़ने नहीं आए है बल्कि बदलाव के लिये आए हैं. हम जो कर सकते हैं, वहीं कहते हैं.’’ मोदी ने इस संदर्भ में संसद में पूर्व में रेल बजट में घोषित योजनाओं के संदर्भ में कहा कि 1500 घोषित परियोजनाओं का काम केवल कागजों पर सीमित था. मोदी ने कहा कि उनकी सरकार का प्रयास है कि बड़े शहरों के आसपास स्वास्थ्य के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने के साथ-साथ ऐसी ही सुविधाएं टीयर 2 और टीयर 3 शहरों तक पहुंचाया जाए. मौजूदा अस्पतालों को और सुविधाओं से लैस किया जा रहा है. दूर-दराज वाले इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के एक के बाद एक नीतिगत पहल से हम उस स्थिति की तरफ बढ़ रहे हैं जहां देश के गरीब और मध्यम वर्ग को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं के लिए भटकना न पड़े और अनावश्यक खर्च न करना पड़े. प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार 58 जिला अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज के तौर पर अपग्रेड कर रही है. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के विजन के साथ ग्रामीण विकास मंत्रालय जुड़ा है, स्वच्छता और पेयजल मंत्रालय जुड़ा है, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय जुड़ा है. आयुष मंत्रालय से भी सहयोग मिल रहा है. मोदी ने कहा कि दिल्ली में एम्स पर बढ़ते दबाव को देखते हुए उसके सभी कैंपसों की क्षमता बढ़ाई जा रही है. आज 300 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बनने वाले नेशनल सेंटर फॉर एजिंग का शिलान्यास हुआ है. ये सेंटर 200 बिस्तरों वाला होगा. उन्होंने कहा कि सफदरजंग अस्पताल में भी 1300 करोड़ खर्च करके अस्पताल को आधुनिक बनाने का काम हुआ है. यहां एक इमरजेंसी ब्लॉक और एक सुपर स्पेशिलियटी ब्लॉक की सेवाओं को देश को समर्पित किया गया है. मोदी ने कहा कि देश के लगभग हर जिले में डायलिसिस सेंटर बनाए जा रहे हैं. वहां गरीबों को निशुल्क डायलिसिस की सुविधा दी जा रही है. अब तक लगभग 2.5 लाख मरीज़ इसका लाभ उठा चुके हैं.
AK-47 लेकर फरार हुआ पुलिसकर्मी बना आतंकी, हिजबुल मुजाहिदीन में हुआ शामिल
27 Jun 2018
श्रीनगर। श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित पांपोर के थाना प्रभारी के सुरक्षा दस्ते में शामिल एक पुलिसकर्मी हथियारों संग फरार हो आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन का हिस्सा बन गया है। हालांकि पुलिस ने इस बारे में अभी अधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। लेकिन, हिजबुल मुजाहिदीन ने एक बयान जारी कर इसकी पुष्टि की है। साथ ही राज्य पुलिस के सभी जवानों व अधिकारियों को नौकरी छोड़ हिज्ब में शामिल होने को कहा है। फरार हुए पुलिसकर्मी की पहचान एसपीओ इरफान अहमद डार निवासी निहामा, काकपोरा पुलवामा के रुप में हुई है। पांपोर के थाना प्रभारी के एस्कार्ट दस्ते का सदस्य था । वह अपनी सरकारी एसाल्ट राइफल, दो मैगजीन और कारतूस लेकर भागा है। वह मंगलवार की दोपहर बाद तक पुलिस स्टेशन में ही था और उसके बाद अचानक वहां से गायब हो गया। देर शाम गए जब उसे बुलाया गया तो वह कहीं नहीं मिला।उसका फोन भी स्विच ऑफ था। संबधित सूत्रों ने बताया कि फरार एसपीओ के आतंकियों के साथ जा मिला है,क्योंकि वह जिस इलाके का रहने वाला है, उसे आतंकयों के प्रभाव वाला माना जाता है। काकपोरा और उसके साथा सटे इलाकों में बीते दो सालों के दौरान कई लड़के आतंकी बने हैं और इसके क्षेत्र में जब भी सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान चलाया, उन्हें भीषण पथराव का सामना करना पड़ा है एसएसपी अवंतीपोर जैयद मलिक ने इस एसपीओ के गायब होने की पुष्टि करते हुए बताया कि हम उसका पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं। वह किन हालात में गायब हुआ है, कहां गया है, सभी तथ्यों का पता किया जा रहा है। यह पूछे जाने पर कि क्या वह आतंकी बन गया है तो उन्होंने कहा कि अभी तक हमारे हाथ ऐसा कोई सुबूत नहीं लगाहै जो उसके आतंकी बनने की पुष्टि करता हो। अलबत्ता, हिजबुल मुजाहिदीन के प्रवक्ता गाजी बुरहानुदीन ने स्थानीय न्यूज एजेंसियों को फोन पर बताया कि पांपोर पुलिस स्टेशन से लापता एसपीओ इरफान अहमद कहीं गायब नहीं है। उसने पुलिस की नौकरी छोड़ हिजबुल मुजाहिदीन का साथ देने का फैसला किया है और वह इस समय संगठन के अन्य लड़कों के साथ सुरक्षित ठिकाने पर है। हिज्ब प्रवक्ता ने कश्मीर में संगठन के आप्रेशनल चीफ कमांडर मोहम्मद बिन कासिम की तरफ से राज्य पुलिस के सभी जवानों व अधिकारियों से नौकरी छोड़ हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल होने व कश्मीर में जारी जिहाद को कामयाब बनाने की अपील की है।
विजय माल्या ने साल 2016 में पीएम मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली को लिखी चिट्ठी की सार्वजनिक
26 Jun 2018
नई दिल्ली: बैंकों का कर्ज लेकर देश छोड़कर भागने वाले विजय माल्या ने पीएम मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली को 15 अप्रैल 2016 को लिखा एक पत्र जारी किया है. भगोड़े माल्या ने का कहना है कि इस चिट्ठी को जारी करने के पीछे उसका मकसद 'चीजें सही पर परिपेक्ष्य' में हो जाएं. इस चिट्ठी को जारी करते हुये माल्या ने लिखा है कि वह बैंकों का कर्ज चुकाने के लिये हर संभव कोशिश कर रहे हैं. लेकिन उनको बैंक डिफाल्ट का पोस्टर ब्वाय बनाकर जनता के गुस्से का शिकार बना दिया गया. माल्या यूनाइटेड किगडम से जारी बयान में कहा है, 'मैंने 15 अप्रैल 2016 को पीएम मोदी और वित्त मंत्री जेटली को पत्र लिखा था. इस चिट्ठी को सार्वजनिक कर रहा हूं ताकि चीजें सही परिपेक्ष्य में आ सकें. माल्या ने बताया कि दोनों में से किसी का भी जवाब नहीं आया. गौरतलब है कि विजय माल्या पर बैंकों के साथ धोखाधड़ी का आरोप है. वह साल 2016 को भारत से फरार होकर यूके में छुप गया है और अब वह पूरी कोशिश कर रहा है कि उसका प्रत्यर्पण न होने पाये. वह भारत से उस समय फरार हो गया था जब बैकों का एक समूह ने उसके खिलाफ 9 हजार करोड़ रुपये को वापस पाने की कोशिश शुरू की थी. पिछले साल ही उसे यूके में गिरफ्तार किया गया था.
दिल्‍ली में एक के बदले 10 पेड़ लगाने के दावे में गोलमाल, कहां लगाए जाएंगे लाखों पेड़ कुछ पता नहीं
25 Jun 2018
नई दिल्ली: दिल्ली सरकार के पर्यावरण और वन विभाग ने दिल्ली के पर्यावरण और वन मंत्री इमरान हुसैन को जो स्टेटस रिपोर्ट दी है उसके मुताबिक, कुल मिलाकर अभी तक 4871 पेड़ों को काटने की मंज़ूरी दी गई, जिसमें से कुल 2627 पेड़ ही अभी तक काटे गए हैं. जो पेड़ अभी तक काटे गए हैं उसके बदले कहां पेड़ लगाए गए है इसकी जानकारी अभी तक नहीं है. वहीं हाईकोर्ट ने कहा है कि एनजीटी में मामले की सुनवाई तक रोक लगाई है. दिल्ली हाईकोर्ट ने एनबीसीसी के पेड़ काटने पर सवाल उठाए हैं. हाईकोर्ट ने कहा कि आप आवास बनाने के लिए हजारों पेड़ काटना चाहते हैं और क्या दिल्ली ये अफोर्ड कर सकते है. वहीं आम आदमी के पार्टी के प्रवक्‍ता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आप ने NBCC और केंद्र सरकार द्वारा पेड़ काटने का फैसला लिया गया था, लेकिन फिर दिल्ली सरकार के वन विभाग ने अपात्ति जताई थी. एनजीटी को दिल्ली सरकार बताएगी कि किस तरह किस्तों में कम कम आंकड़े प्रस्तावित कर पेड़ काटने की अनुमति एलजी साहब ने दी. आज दिल्ली सरकार के स्टैंडिंग कॉउंसिल रमेश कुमार ने पार्टी बनने की मांग रखी जिसे स्वीकार किया गया है. NBCC प्रोजेक्ट की अनुमति मंत्री डॉ हर्षवर्धन के विभाग ने दी. पेड़ काटने का प्लान केंद्र सरकार ने तैयार किया गया है. बीजेपी और कांग्रेस गोलमोल बातें कर रही है. बीजेपी सरकार इस योजना को बंद कर दे तब इस प्रोजेक्ट में ठेकेदार को बार बार प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करनी पड़ेगी. सुबह-सुबह वन विभाग के अधिकारियों को मंत्री इमरान हुसैन ने बुलाया था लेकिन एलजी साहब ने उन्हें आपने पास बुला लिया. 20 सेंटीमीटर पेड़ के लिए के लिए अनुमति ली जा रही हैं जबकि इससे कम सेंटीमीटर के न जाने कितने पेड़ काट दिए गए होंगे. शनिवार को आदेश दिए गए कि एक भी पेड़ न कटें. 1. नौरोजी नगर- 1454 पेड़ काटे गए, 11 ट्रांसप्लांट की मंज़ूरी दी. स्टेटस- 1302 काटे गए, 84 को ट्रांसप्लांट की कोशिश हुई 1513 में से 127 बचे/खड़े हुए हैं. 2. नेताजी नगर- 2294 हरे पेड़ काटने की इजाज़त, 21 सूखे पेड़ काटने, 175 को ट्रांसप्लांट की इजाज़त दी. स्टेटस- पहले फेज में 856 पेड़ काटने की इजाज़त दी, जिसमें से 202 काटे गए 3. किदवई नगर - 1123 पेड़ काटने की इजाज़त, 44 ट्रांसप्लांट की इजाज़त 4. मोहम्मदपुर- 447 पेड़ काटने का प्रस्ताव आया. मंत्री इमरान हुसैन ने संख्या घटाने के लिए प्रस्ताव वापिस भेजा. मुख्य सचिव ने भी मंत्री की बात को सही मानते हुए प्रस्ताव वापिस भेजा 5. त्यागराज नगर- 100 पेड़ काटने, 8 ट्रांसप्लांट की इजाज़त मांगी गई. फ़ाइल आगे भेजी गई लेकिन मंज़ूरी अभी नहीं 6. सरोजिनी नगर- 11 हज़ार पेड़ काटने का प्रस्ताव लौटाया गया, क्योंकि काटने वाले पेड़ की संख्या बहुत ज़्यादा थी और प्रस्ताव में ये कहीं नही बताया गया कि इतनी बड़ी संख्या में पेड़ काटने पर जो हर्जाने के तौर पर पेड़/पौधे लगेंगे वो कहां लगाए जाएंगे? सरकार दावा कर रही है कि एक पेड़ काटेंगे तो दस लगाएंगे लेकिन सरोजिनी नगर में जब 11 हज़ार पेड़ काटने की इजाज़त मांगी गई तो प्रस्ताव में ये नहीं बताया कि हर्जाने में लगाये जाने वाले (एक लाख दस हज़ार पेड़/पौधे) कहां लगाए जाएंगे. इसी आधार पर सरोजिनी नगर में पेड़ काटने की मंज़ूरी नहीं मिली. 7. कस्तूरबा नगर और श्रीनिवासपुरी के लिए कोई प्रस्ताव नहीं मिला है. हाईकोर्ट ने कहा कि अगर रोड बनाने आदि के लिए पेड़ काटने होते तो ठीक था. कोर्ट ने NBCC को कहा कि आप तो सिर्फ एजेंसी हैं जो काम कर रही है. हम सरकारी एजेंसियों की बात सुनना चाहते हैं. एनजीटी का आदेश कहां है जिसमें कहा गया कि पेड़ काट सकते हैं NBCC की ओर से कोर्ट में कहा गया कि दो जुलाई को मामला NGT में सुनवाई के लिए आएगा. हाईकोर्ट को मामले की सुनवाई नहीं करनी चाहिए. ट्री अथॉरिटी ने भी पेड़ काटने की इजाजत दी है. हमने आठ करोड़ रुपये डीडीए में जमा भी कराए हैं. दिल्‍ली हाइकोर्ट के दख़ल के बाद NBCC की अंडरटेकिंग दी है जिसमें कहा गया है कि 4 जुलाई तक दिल्‍ली में पेड़ नहीं काटे जाएंगे. इस मामले की सुनवाई एनजीटी में दो जुलाई को होनी है
महाराष्ट्र में आज से प्लास्टिक बैन, पकड़े जाने पर 25 हजार तक के जुर्माने का प्रावधान
23 Jun 2018
मुंबई: महाराष्ट्र में एक बार इस्तेमाल कर फेंक दिए जाने वाली प्लास्टिक पर 23 जून की मध्य रात्रि से पाबंदी लागू हो रही है. इसके लिए मुंबई में जोरदार तैयारी की गई है. प्रतिबंधित प्लास्टिक के साथ पाये जाने वालों पर कार्रवाई करने के लिए 250 इंस्पेक्टरों का विशेष दस्ता बनाया गया है. इसके अलावा वैकल्पिक सामानों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है. वर्ली के एन.एस.सी.आई में आयोजित प्रदर्शनी के जरिये बीएमसी की कोशिश ये बताने की है कि प्लास्टिक के बिना भी जिंदगी जी जा सकती है. प्रदर्शनी के उद्घाटन के लिए नेताओं के साथ-साथ अभिनेता अजय देवगन और काजोल को भी बुलाया गया था. अजय देवगन ने जहां लोगों से प्लास्टिक मुक्ति के इस अभियान से जुड़ने की अपील की, वहीं काजोल ने भी अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए बैंक बैलेंस और मकान के साथ एक बेहतर दुनिया देने की अपील की. तकरीबन 100 स्टॉलों में कागज के सुंदर मंडप, कपड़ों की तरह-तरह की थैली से लेकर, सुपारी के प्लेट, चम्मच, ग्लास और डब्बों के साथ कागज के स्ट्रा तक उपलब्ध हैं. एक चम्मच तो ऐसा भी था, जिससे खाना खाने के बाद उसे भी खाया जा सकता है. अनाज से बने चम्मच सादे और चोकलेट जैसे अलग-अलग स्वाद में उपलब्ध हैं. प्लास्टिक पर पाबंदी की बात सुन सबसे पहला सवाल उठता है कि बारीश में कैसे काम चलेगा? तो इसका जवाब है स्टार्च से बनी थैलियां. बायो ग्रीन के सीईओ मोहम्मद सादिक ने बताया कि फल और सब्जियों के स्टार्च से बनी थैलियां वाटर प्रूफ और पर्यावरण के अनुकूल भी हैं. हालांकि इसके बाद भी कुछ सवाल हैं जिनके जवाब अभी मिलने बाकी हैं. मसलन तरल पदार्थ के खुदरा विक्रेता क्या करें? ऐसे व्यापारी प्रदर्शनी में अपना जवाब ना परेशान दिखे. लेकिन बात पर्यावरण की है. इसलिए सरकार अपने फैसले पर अडिग है. शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि 23 जून से प्लास्टिक पर पाबंदी हर हाल में लागू होगी. पाबंदी प्रभावी तरीके से लागू हो इसलिए बी एम सी ने 250 इंस्पेक्टरोंका खास दस्ता बनाया है, जो 24 जून से प्रतिबंधित प्लास्टिक के साथ पाये जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगी. पहली बार पकड़े जाने पर 5000 रुपया तो दूसरी बार 10 हजार और तीसरी बार पकड़े जाने पर 25 हजार रुपया और तीन महीने की सजा का प्रावधान है. कोशिश पूरी तरह से प्लास्टिक उन्मूलन की है.
इनके इस्तेमाल पर पाबंदी : सभी तरह की प्लास्टिक की थैलियां प्लास्टिक के ग्लास, कप , कटोरी प्लेट, चम्मच थर्मोकोल की प्लेट और ग्लास डेकोरेशन के लिए भी इस्तेमाल नहीं की जा सकती
इनके इस्तेमाल पर पाबंदी नहीं : अस्पताल में इस्तमाल होने वाले प्लास्टिक के उपकरण, सलाईन, बोतल और दवाईयों के पैकेट. प्लास्टिक की पेन, दूध, रेनकोट , खेती और नर्सरी के काम में इस्तेमाल होने वाले सामान रखने के लिए अनाज रखने के लिए भी 50 माइक्रोन से ज्यादा की प्लास्टिक की थैली. टीवी , फ्रिज ,कंप्यूटर जैसे सामानों को पैक करने के लिए भी प्लास्टिक और थर्मोकोल के इस्तेमाल जारी रहेंगे. बिस्कुट, चिप्स और नमकीन के मल्टीलेयर प्लास्टिक पाउच, दूध की थैली, आधा लीटर की पानी की बोतल.

कांग्रेस ने नोटबंदी पर BJP को घेरा, कहा- अमित शाह जिस कॉपरेटिव बैंक के निदेशक रहे वहां जमा हुए सबसे ज्यादा पैसे
22 Jun 2018
नई दिल्ली: कांग्रेस ने नोटबंदी को एक घोटाला बताते हुए बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह पर हमला बोला है. कांग्रेस का आरोप है कि अमित शाह जिस बैंक के निदेशक रहे हैं वह नोटबंदी के दौरान सबसे ज्यादा प्रतिबंधित 500 और 1000 रुपये के नोट जमा करने वाला जिला सहकारी बैंक है. केंद्र सरकार ने आठ नंवबर 2016 में उस समय चलन में रहे 500 और 1000 रुपये के नोटों पर प्रतिबंध लगाकर उन्हें चलन से बाहर कर दिया था. कांग्रेस के प्रवक्‍ता रणदीप सुरजेवाला ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर आरोप लगाया कि नोटबंदी के दौरान काले धन को सफेद किया गया. गुजरात कोऑपरेटिव बैंक में हेरफेरी करके नोटबंदी के दौरान सबसे बड़ा घोटाला किया गया. कांग्रेस का आरोप है कि घोटाले से जुड़े सबूत अब सामने और गुजरात के कई कोऑपरेटिव बैंकों के चेयरमैन BJP नेता हैं. नोटबंदी घोटाले की जांच के वक़्त सबसे घोटाले के अब सबूत मिले हैं. नोटबंदी के दौरान एक बैंक में 745 करोड़ रुपये पांच दिन में जमा हुए. यह वही बैंक है जिसके निदेशक बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह रहे हैं. अहमदाबाद जिला सहकारी बैंक (एडीसीबी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नोटबंदी की घोषणा करने के महज पांच दिन के भीतर 745.59 करोड़ रुपये मूल्य के प्रतिबंधित नोट प्राप्त किए थे. गौरतलब है कि नोटबंदी की घोषणा के पांच दिन बाद 14 नवंबर 2016 को सभी जिला सहकारी बैंकों को लोगों से प्रतिबंधित नोट जमा लेने से मना कर दिया गया था क्योंकि यह आशंका जताई गई थी कि सहकारी बैंकों के जरिए काले धन को सफेद किया जा सकता है. बैंक की वेबसाइट के अनुसार, अमित शाह उस समय बैंक में निदेशक पर थे और वह कई साल से इस पद पर बने रहे. वह 2000 में बैंक के अध्यक्ष भी रहे हैं. एडीसीबी के पास 31 मार्च 2017 को कुल 5,050 करोड़ रुपये जमा थे और वित्त वर्ष 2017-18 में बैंक का शुद्ध मुनाफा 14.31 करोड़ रहा. एडीसीबी के बाद सबसे ज्यादा प्रतिबंधित नोट जमा करने वाला सहकारी बैंक राजकोट जिला सहकारी बैंक है जिसके अध्यक्ष गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की सरकार में कैबिनेट मंत्री जयेशभाई विट्ठलभाई रडाड़िया हैं. इस बैंक ने 693.19 करोड़ रुपये मूल्य के प्रतिबंधित नोट जमा लिए थे. जाहिर है कि राजकोट गुजरात में भाजपा की राजनीति का केंद्र रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार यहीं से 2001 में विधायक चुने गए थे. गौर करने बात यह है कि अहमदाबाद और राजकोट के जिला सहकारी बैंकों द्वारा जमा प्राप्ति का यह आंकड़ा गुजरात राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड द्वारा जमा प्राप्त रकम 1.11 करोड़ रुपये से बहुत ज्यादा है.
ममता बनर्जी बोलीं- हम BJP जैसा उग्रवादी संगठन नहीं, वे हिंदुओं को भी बांट रहे हैं.
21 Jun 2018
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोला है. इतना ही नहीं, सीएम ममता बनर्जी ने बीजेपी को उग्रवादी संगठन भी बताया है. एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि हम बीजेपी की तरह उग्रवादी संगठन नहीं हैं. वे सिर्फ ईसाई और मुस्लिमों के बीच ही लड़ाई नहीं करवा रहे हैं, बल्कि हिंदुओं के बीच भी लड़ाई पैदा करवा रहे हैं. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे काफी घमंडी हो गये हैं. वह मुस्लिमों, ईसाइयों और सिखों को नापसंद करते हैं. इतना ही नहीं, वह हिंदुओं को बांट रहे हैं. वे लोगों को पीट-पीट कर मार रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी, सीपीएम और माओवादी के साथ-साथ कांग्रेस भी समाज के स्याह पक्ष हैं. वे सभी एक साथ आए हैं. ईवीएम पर नजर रखिये, तीन महीने और 6 महीने में न सही, आठ महीने में चुनाव होंगे ही. बता दें कि ममता बनर्जी पार्टी संगठन पर ज्यादा जोर दे रही हैं. हालांकि, उन्होंने भी स्वीकार किया कि उनकी पार्टी में भी अंदरुनी कलह हैं और पार्टी में ही भ्रष्टाचार भी है. हालांकि, अपने भाषण में कई बार सीएम ममता बनर्जी ने भतीजे अभिषेक का जिक्र किया और कहा कि युवा टीएमसी, टीएमसी के अधीन है.
अरविंद सुब्रह्मण्यम ने मुख्य आर्थिक सलाहकार का पद छोड़ा, निजी वजहों से दिया इस्तीफा.
20 Jun 2018
नई दिल्ली: भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्मण्यम ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि, उनकी इस्तीफे को निजी वजह बताई जा रही है. अरविंद सुब्रमण्यन के इस्तीफे के संकेत अरुण जेटली के ट्वीट से मिल गया था. हालांकि, बाद में इस खबर की पुष्टि हो गई कि अरविंद सुब्रह्मण्यम अब मुख्य आर्थिक सलाहकार नहीं रहें और वह निजी वजहों से अमेरिका जा रहे हैं. फेसबुक पोस्ट में अरुण जेटली ने सूचना दी कि मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्मण्यम पारिवारिक वजहों से वापस यूएस जा रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने लिखा कोई ऑप्शन नहीं है, लेकिन वह अरविंद सुब्रह्मण्यम के फैसले से सहमत हैं. केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक पर लिखे एक पोस्ट में जानकारी दी है कि मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्मण्यम ने पारिवारिक बाध्यताओं के चलते अमेरिका लौटने का निर्णय किया है, और उनके पास अरविंद सुब्रह्मण्यम की बात मान लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं रह गया है. इसके बाद उन्होंने अरविंद सुब्रमण्यन के सरकार के साथ सफर का जिक्र करते हुए उन्हें धन्यवाद भी दिया. अरविंद सुब्रह्मण्यम अक्टूबर 2014 से अब तक भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार के रूप में सेवा दे रहे थे. मगर आज उन्होंने अपनी सेवा को विराम दे दिया. बता दें कि वे सेंट स्टीफंस कॉलेज से स्नातक हैं तथा भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद के छात्र रह चुके हैं. वे अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में अर्थशास्त्री तथा जी-20 पर वित्त मंत्री के विशेषज्ञ समूह के सदस्य भी रहे हैं
कश्मीर में भाजपा-PDP गठबंधन टूटा, महबूबा शाम तक दे सकती हैं इस्तीफा?.
19 Jun 2018
जम्मू। जम्मू कश्मीर में भाजपा और पीडीपी की गठबंधन वाली सरकार गिर चुकी है। मंगलवार को दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह द्वारा बुलाई गई महत्वपूर्ण बैठक के बाद यह फैसला लिया गया है। भाजपा नेता राम माधव ने अन्य नेताओं के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए इसकी पुष्टि कर दी है। भाजपा ने राज्यपाल को भी समर्थन वापसी की चिट्ठी सौंप दी है। इसके बाद मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि महबूबा मुफ्ती आज शाम तक अपने पद से इस्तीफा दे सकती हैं लेकिन इससे पहले उन्होंने शाम 4 बजे पीडीपी पदाधिकारियों की बैठक बुलाई है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में कश्मीर में जो परिस्थिति बनी है जिसे लेकर बैठक हुई। सभी से इनपुट लेने के बाद प्रधानमंत्री मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह व अन्य ने फैसला लिया है कि भाजपा के लिए जम्मू-कश्मीर में इस सरकार के साथ आगे चलना संभव नहीं होगी। राम माधव ने आगे कहा कि राज्य में हम परिस्थिति को सुधारने के लिए साथ आए थे वो पूरा नहीं हो पाया है। कश्मीर में हालात चिंताजनक हो गए हैं। श्रीनगर में सरेआम पत्रकार की हत्या और राज्य के हालात चिंताजनक हैं। हमारे मंत्रियों के पास जो मंत्रालय थे उनमें वो विकास के काम करने की कोशिश करते रहे लेकिन 3 साल तक पीडीपी के साथ रहने के बाद हालात में सुधार नहीं हुआ। इसे देखते हुए इस गठबंधन को आगे चलाना सही नहीं होगा। उन्होंने आगे कहा कि घाटी में आतंकवाद, रेडिकलिज्म बढ़ा है और आम लोगों के अधिकारो पर खतरा मंडराता नजर आ रहा है। शुजात बुखारी की हत्या इसका उदाहरण है। जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है। देश की सुरक्षा और अखंडता को ध्यान में रखते हुए, राज्य में पैदा हालात पर नियंत्रण पाने के लिए राज्य की सत्ता राज्यपाल के हाथ में देना उचित रहेगा। अगर राज्य में राज्यपाल शासन जारी रहता है तो भी केंद्र सरकार के आतंक के खिलाफ ऑपरेशन जारी रहेंगे। उन्होंने आगे कहा कि केंद्र ने घाटी के लिए काफी कुछ किया। हमने संघर्ष विराम पर अंकुश लगाने का प्रयास किया लेकिन पीजीपी अपने वादे पूरे करने में कामयाब नहीं हो पाई। हमारे नेताओं को घाटी में विकास कार्य करने में पीडीपी की तरफ से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। बता दें कि राज्य में पीडीपी की 28 सीटें हैं वहीं भाजपा के पास 25 सीटें हैं। दरअसल, तेज विकास व पारदर्शी प्रशासन के लक्ष्य के साथ पीडीपी से गठजोड़ करने वाला भाजपा हाईकमान महबूबा सरकार के कश्मीर केंद्रित रवैये से नाराज चल रहा था। ऐसे हालात में कड़े तेवर दिखाते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेताओं व मंत्रियों को अचानक दिल्ली तलब किया था। वहीं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने भी मंगलवार सुबह अमित शाह के घर जाकर उनसे मुलाकात की थी। इसके पहले कहा जा रहा था कि राज्य में सरकार के एकतरफा फैसलों का भाजपा के आधार क्षेत्र जम्मू में विपरीत प्रभाव हो रहा है। इन हालात में अमित शाह मंगलवार को दिल्ली में प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, मंत्रियों के साथ बैठक में राजनीतिक हालात, सरकार के कामकाज संबंधी मुद्दों पर चर्चा की। सूत्रों के अनुसार, पीडीपी ने पहले पत्थरबाजों की रिहाई, कठुआ मामले, सरकारी भूमि से गुज्जर, बक्करवालों को न हटाने जैसे फैसले कर भाजपा के लिए मुश्किलें पैदा की थीं। अब रमजान में संघर्षविराम व धार्मिक संगठन अहले हदीस को सरकारी भूमि देने के मामले में भी पीडीपी ने मनमर्जी की है। भाजपा इतना सब होने के बाद भी सरकार को श्री बाबा अमरनाथ भूमि आंदोलन में हिस्सा लेने वाले युवाओं के खिलाफ मामले वापस लेने के लिए राजी नहीं कर पाई है। इससे भाजपा आधार क्षेत्र जम्मू में घिर रही है। प्रधानमंत्री पैकेज के इस्तेमाल के मामले में सरकार नाकाम रही है व संसदीय चुनाव में इस मुद्दे का तूल पकड़ना तय है। प्रदेश भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने माना कि मौजूदा सरकार भाजपा हाईकमान की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाई है। जो लक्ष्य लेकर राष्ट्रीय पार्टी ने सरकार बनाई है, उन्हें हासिल करना अभी संभव नहीं हुआ है। इससे पार्टी की छवि पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है व इसे बड़ी गंभीरता से लिया जा रहा है।
गौरी लंकेश हत्‍याकांड पर प्रमोद मुतालिक बोले, क्‍या पीएम को हर कुत्‍ते की मौत पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए?.
18 Jun 2018
बेंगलुरू : कर्नाटक में श्रीराम सेना के विवादित प्रमुख प्रमोद मुतालिक ने पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या पर टिप्पणी करते हुए कहा कि क्या कर्नाटक में किसी कुत्ते के मरने पर भी मोदी ज़िम्मेदार हैं और क्‍या हर कुत्‍ते की मौत पर पीएम को जवाब देने की जरूरत है. श्रीराम सेना प्रमुख ने कहा, कि कर्नाटक में दो हत्याएं हुईं तो हंगामा मच गया. प्रधानमंत्री मोदी पर उंगली उठाई गई और केंद्र सरकार को फ़ेल बताया गया लेकिन कांग्रेस शासन में जब महाराष्ट्र में इसी तरह से दो हत्याएं हुई थीं, तो किसी ने भी वहां की सरकार को फ़ेल नहीं बताया था. आपको बता दें, कि गौरी लंकेश हत्याकांड में श्रीराम सेना से जुड़े कुछ लोग भी शक़ के घेरे में हैं. इस मामले में पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता गौरी लंकेश की हत्या की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मामले में श्रीराम सेना के विजयपुरा जिला अध्यक्ष राकेश मथ को पूछताछ के लिए सम्मन भेजा है. वहीं, लंकेश के परिवार ने इस मामले की जांच को लेकर संतोष जताया. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एसआईटी ने मथ से पूछताछ करने का निर्णय किया है क्योंकि गौरी को गोली मारने वाला संदिग्ध परशुराम वाघमारे इसी हिंदुत्ववादी संगठन का सक्रिय सदस्य है. एसआईटी में शामिल इस अधिकारी ने बताया कि वह इस बात का पता लगाना चाहते हैं कि गौरी की नृशंस हत्या में कहीं मथ का भी तो हाथ नहीं है अथवा इस साजिश में शामिल होने के लिए उन्होंने वाघमारे का ‘ब्रेनवाश’ तो नहीं किया है. कर्नाटक में विजयपुरा जिले के सिंदागी शहर में जनवरी 2012 में तहसीलदार कार्यालय के बाहर पाकिस्तानी झंडा फहराया गया था जिससे कि सांप्रदायिक तनाव पैदा किया जा सके. मथ और वाघमारे कथित रूप से इसमें शामिल थे. एसआईटी का मानना है कि कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों और मंगलुरू सहित तटीय इलाकों में मथ का मजबूत आधार है. अधिकारी ने कहा, ‘हमने राकेश मथ को पूछताछ के लिए बुलाया है. वह अब तक नहीं आया है.’लंकेश की पिछले साल पांच सितंबर को बेंगलुरू स्थित आवास के प्रवेश द्वार पर गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. इस बीच, श्रीराम सेना के संस्थापक अध्यक्ष प्रमोद मुतालिक ने खुद को और अपने संगठन को वाघमारे और गौरी की हत्या से अलग कर लिया है. मुतालिक ने कहा, ‘श्रीराम सेना और वाघमारे के बीच कोई संबंध नहीं है. वह न तो हमारा सदस्य है और न ही हमारा कार्यकर्ता है. यह मैं स्पष्ट रूप से कह रहा हूं.’ उन्होंने कहा कि जब पाकिस्तानी झंडा फहराने का मामला सामने आया था तो कहा गया कि वाघमारे श्रीराम सेना का सदस्य है. हालांकि, उन्होंने यह साबित कर दिया कि वाघमारे उनके संगठन का नहीं, बल्कि आरएसएस का सदस्य है. मुतालिक ने कहा, ‘आरएसएस की वर्दी में मैंने उसकी तस्वीर साझा की. मैंने उस वक्त कहा था कि वह श्रीराम सेना का नहीं, बल्कि आरएसएस का कार्यकर्ता था.’ परशुराम वाघमारे के पिता अशोक वाघमारे ने कहा कि उसका पुत्र निर्दोष है लेकिन यह नहीं कह सकता कि वह (परशुराम) लंकेश की हत्या के दिन पांच सितम्बर को कहां था. अशोक वाघमारे ने एक कन्नड़ समाचार चैनल से कहा,‘मुझे लगता है कि वह घर पर था.’मथ ने कहा कि वह पूछताछ के लिए पेश होने के एक नोटिस के बाद बेंगलुरू आया है. उन्होंने चैनल से कहा,‘मुझे एक नोटिस मिला था जिसमें पूछताछ (लंकेश हत्या मामले) के लिए मेरी उपस्थिति की जरूरत बताई गई थी. ’ मथ ने कहा कि वह परशुराम वाघमारे का मित्र है और उसकी गिरफ्तारी चौंकाने वाली है. उसने कहा कि उसे विश्वास है कि उसका मित्र इस मामले में बेदाग निकलेगा. उसने इस हत्या मामले में उसकी संलिप्तता से इनकार किया. एसआईटी के कथित हत्यारे को गिरफ्तार किये जाने के कुछ दिनों बाद उनके परिवार ने जांच पर संतोष जाहिर करते हुए कहा कि यह सही दिशा में चल रही है और उन्हें न्याय मिलेगा. लंकेश की बहन कविता और उनकी मां ने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से मुलाकात कर जांच में प्रगति को लेकर उनका आभार जताया. विशेष जांच दल (एसआईटी) ने इस सप्ताह की शुरूआत में कथित शूटर परशुराम वाघमारे को सिंदागी से गिरफ्तार किया था.
BJP सांसद झारखंड लिंचिंग के 4 आरोपियों के समर्थन में आए, बोले- कानूनी केस लड़ने का खर्च उठाऊंगा.
15 Jun 2018
रांची: झारखंड के गोड्डा में मवेशी चोरी के आरोप में दो लोगों की पीट-पीटकर हत्या के मामले में चार लोगों को गिरफ़्तार कर लिया गया है. इस मामले में गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे आरोपियों के साथ आ गए हैं. उन्होंने एलान किया है कि गिरफ़्तार आरोपियों को क़ानूनी केस लड़ने में जो भी ख़र्च होगा, उसका वहन वो करेंगे. सांसद ने कहा कि ये मेरा निजी फ़ैसला है. आपको बता दें कि यह घटना मंगलवार रात की है. जानकारी के अनुसार मंगलवार रात देवडांड़ थाना क्षेत्र के ढुल्लू गांव में कुछ चोरों ने बैलों पर हाथ साफ करना चाहा. इस दौरान वह गांववालों की नजर में आ गए. आक्रोशित ग्रामीणों ने 6 लोगों को खदेड़कर पकड़ लिया. पिटाई के बाद उन्होंने कथित तौर पर अपना जुर्म भी कबूल कर लिया. गोड्डा के एसपी राजीव रंजन सिंह ने बताया कि ग्रामीणों ने दो चोरों की पीट पीटकर हत्या कर दी. इसके बाद मौके पर पुलिस ने पहुंचकर बांकी चोरों को अपने कब्जे में लिया. एसपी राजीव रंजन सिंह ने बताया था कि अब तक मामले में चार ग्रामीणों को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने NDTV को बताया कि जिन दो लोगों की मौत हुई है उनमें से एक आपराधिक पृष्ठभूमि का था और दूसरा उसका सहयोगी था. उन्होंने बताया कि पुलिस ने दोनों डेड बॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस ने बताया कि जो लोग इस घटना के पीछे हैं उन्हें बख्शा नहीं जाएगा गौरतलब है कि झारखंड के अगल-अलग जिलों से अक्सर ऐसी घटनाएं सामने आती रहती हैं. पिछले साल मई महीने में झारखंड के पूर्वी सिंहभूम में बच्चा चोरी के आरोप में छह लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी.
नीति आयोग की रिपोर्ट में खुलासा: इतिहास के सबसे बड़े जल संकट से जूझ रहा है देश.
14 Jun 2018
नई दिल्ली: देश में जल संकट को लेकर एक ऐसी बात सामने आई है, जिसे जानकर न सिर्फ हैरान होगी, बल्कि जल संकट को लेकर सतर्क भी हो जाएंगे. नीती आयोग के जल प्रबंधन इंडेक्स के मुताबिक, देश के इतिहास के सेबसे बड़े पानी संकट से जूझ रहा है. जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी ने नीति आयोग का जल प्रबंधन इंडेक्स जारी किया है, जिसके बाद यह बात सामने आई है. नीति आयोग का जल प्रबंधन इंडेक्स के मुताबिक तकरीबन 60 करोड़ लोग पानी की भयंकर कमी से जूझ रहे हैं. वहीं, तकरीबन 75 फ़ीसदी घरों में अहाते में पीने का पानी मुहैया नहीं है. 84 फ़ीसदी ग्रामीण घरों में पाइप से पानी नहीं पहुंचता पाता है. देश में करीब 70 फीसदी पानी पीने लायक नहीं है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि देश अभी इतिहास के सबसे बड़े जन संकट से जूझ रहा है. साथ ही 60 करोड़ आबादी पानी की कमी से जूझ रही है. हालांकि, इस रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई है कि देश में पानी का सबसे बेहतर प्रबंधन गुजरात में है. नीति आयोग की बैठक के बाद केन्‍द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि मैं दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री और पर्यावरण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के साथ विशेष बैठक बुलाने का फैसला किया है जिसमें दिल्‍ली को अगले दो साल में वायु और जल प्रदूषण फ्री करने के लिए एक प्‍लान तैयार किया जाएगा.
मुंबई के वर्ली में एक बहुमंजिला इमारत के टॉप फ्लोर पर लगी आग, इस बिल्डिंग में दीपिका पादुकोण का घर भी.
13 Jun 2018
मुंबई: मुंबई के वर्ली में 33 मंजिला इमारत में आग लगी है. आग इमारत के टॉप फ़्लोर में लगी है. इस बिल्डिंग में दीपिका पादुकोण का भी घर है. दमकल की गाड़ियां घटनास्‍थल पर पहुंच चुकी है और आग बुझाने का काम जारी है. मुंबई पुलिस ने ट्वीट कर कहा है कि दमकल कर्मी मौके पर मौजूद है और आग बुझाने का काम जारी है. वह अपनी तरफ से आग बुझाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं. इमारत की 33 वीं मंज़िल पर दोपहर 2 बजकर 16 मिनट पर आग लगने की जानकारी फायर ब्रिगेड को मिली. मौके पर 5 फायर ब्रिगेड मौजूद हैं और आग बुझाने का काम अब भी जारी है. रिपोटर्स के अनुसार, इस इमारत की दो मंजिल बुरी तरह से क्षतिग्रस्‍त हो गई हैं. दमकल विभाग के अधिकारी ने बताया इस महीने में साउथ मुंबई में स्थित इनकम टैक्‍स के ऑफिस में आग लगी थी, जिसमें कोई हताहत नहीं हुआ था. उन्‍होंने बताया कि इनकम टैक्‍स की बिल्डिंग के तीसरे फ्लोर पर आग लगी थी.
आध्यात्मिक गुरु भय्यू जी महाराज ने खुद को गोली मारकर की आत्महत्या.
12 Jun 2018
भोपाल: अाध्यात्मिक गुरु भय्यूजी महाराज ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली है. इंदौर के बॉम्बे अस्पताल में उनकी मौत की पुष्टि की है. उनके खुदकुशी के पीछे पारिवारिक कारण बताये जा रहे हैं.हाल ही में उन्होंने शादी की थी. भय्यूजी महाराज उस समय चर्चा में आये थे जब अन्ना आंदोलन के समय उन्होंने सरकार के साथ बातचीत में बड़ी भूमिका निभाई थी. उस आंदोलन के समय शरद यादव ने भय्यू जी महाराज की आलोचना भी की थी. भय्यू जी महाराज के भक्तों में कई नामी-गिरामी की हस्तियां शामिल थीं. वह पहले फैशन डिजाइनर थे बाद में अध्यात्म की ओर मुड़ गये. भय्यूजी महाराज को हाईप्रोफाइल संत कहा जाता रहा है. उनका असली नाम उदय सिंह देशमुख था और वह मध्य प्रदेश के शुजानपुर के जमींदार परिवार से थे.
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी एम्स में भर्ती, बीजेपी ने बयान जारी कहा- रुटीन चेकअप.
11 Jun 2018
नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी एम्स में भर्ती हैं. इस खबर पर बीजेपी की ओर से बयान जारी कर जानकारी दी गई है कि डॉक्टरों की सलाह पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को सोमवार को दिल्ली स्थित ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ (एम्स) में रूटीन चेकअप तथा जांच के लिए भर्ती कराया गया है. पूर्व प्रधानमंत्री एम्स निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया की निगरानी में रहेंगे. वाजपेयी की सेहत पर एम्स की ओर से मेडिकल बुलेटिन जारी किया गया है जिसमें उनकी सेहत स्थिर बताई जा रही है. सूत्रों के अनुसार, नेफ्रोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरॉलॉजी, पल्मोनोलॉजी तथा कार्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टर उनकी जांच कर रहे हैं. AIIMS ने कार्डियक अरेस्ट की ख़बरों को खारिज किया है, और उनका कहना है कि यह रूटीन चेकअप है, और इसकी नौबत किसी खास वजह से नहीं आई है. मेडिकल जांच में पूरा दिन लग सकता है, इसलिए संभावना है कि श्री वाजपेयी को रातभर AIIMS में ही रुकना पड़े.​ काफी दिनों से बीमार हैं वाजपेयी आपको बता दें कि वाजपेयी काफी दिनों से बीमार हैं और वह करीब 15 साल पहले राजनीति से संन्यास ले चुके हैं. अटल बिहारी वाजपेयी ने लाल कृष्ण आडवाणी के साथ मिलकर बीजेपी की स्थापना की थी और उसे सत्ता के शिखर पहुंचाया था. भारतीय राजनीति में अटल-आडवाणी की जोड़ी सुपरहिट साबित हुई है. अटल बिहारी देश के उन चुनिन्दा राजनेताओं में से हैं जिन्हें दूरदर्शी माना जाता है. उन्होंने अपने राजनीतिक करियर में ऐसे कई फैसले लिए जिसने देश और उनके खुदके राजनीतिक छवि को काफी मजबूती दी. पोखरण में परमाणु परीक्षण उस दौर में जब देश की सत्ता संभालने वाले ज्यादातर प्रधानमंत्री ने भारत को विश्वशक्ति बनाने के लिए परमाणु बम का परीक्षण करने की बात कर रहे थे, वहीं अटल बिहारी वाजपेयी ने लीक से हटकर पहली बार पोखरण में एक के बाद एक पांच परमाणु बम परीक्षण करने का माद्दा दिखाया. उन्होंने बड़े ही गोपनीय तरीके से इस परीक्षण को अंजाम दिलाया. बने पहले गैर- कांग्रेसी प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी देश के पहले ऐसे गैर- कांग्रेसी प्रधानमंत्री बने जिन्होंने बतौर प्रधानमंत्री पांच साल सरकार चलाई. इससे पहले ऐसा कोई भी बड़ा नेता नहीं कर पाया था. पहले ऐसे सांसद जो चार राज्यों से चुने गए अटल बिहारी वाजपेयी इतने चर्चित और लोकप्रिय थे कि उन्होंने एक अलग कीर्तिमान स्थापित किया. वह पहले ऐसे सांसद बने जिन्हें चार राज्यों यूपी, एमपी, गुजरात और दिल्ली से चुना गया. पहली बार बनाई गठबंधन की सरकार अटल बिहारी वाजपेयी देश के पहले ऐसे राजनेता थे जिन्होंने पहली बार गठबंधन की सरकार बनाई. न सिर्फ उन्होंने सरकार बनाई बल्कि सभी को साथ लेकर भी चले. उनके इस सफल प्रयास ने भारतीय राजनीति को हमेशा हमेशा के लिए बदलकर रख दिया. यूएन में हिन्दी में संबोधित किया अटल बिहारी वाजपेयी का हिन्दी के प्रति लगाव सबसे ज्यादा था. यही वहज थी कि जब वह बतौर पीएम यूएन में संबोधन के लिए गए तो उन्होंने वहां हिन्दी भाषा में ही संबोधित किया. वह ऐसा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री थे. मिला भारत रत्न वर्ष 2015 में उन्हें भारत के सबसे बड़े सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया. उनके साथ-साथ पंडित मदन मोहन मालवीय को भी यह सम्मान दिया गया. ​
पुलिस का दावा : माओवादी 'राजीव गांधी हत्याकांड' की तरह पीएम मोदी के खिलाफ रच रहे थे साजिश.
8 Jun 2018
नई दिल्ली: पुणे की पुलिस ने कोर्ट में एक लेटर पेश करते हुये दावा किया है कि माओवादी पीएम मोदी की 'राजीव गांधी की तरह हत्या' करने की साजिश रच रहे थे. पुलिस ने यह बात गुरुवार को कोर्ट में बताई है. आपको बता दें कि बुधवार को ही 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिनके संबंध प्रतिबंधित सीपीआई-माओवादी संगठन से हैं. इनके नाम दलित एक्टिविस्ट सुधीर धावले, वकील सुरेंद्र गडलिंग, एक्टिविस्ट महेश राउत, शोमा सेन और रोना विल्सन हैं. पुलिस ने इनको 'अरबन माओइस्ट' का शीर्ष नेता बताया है और इनको जनवरी में हुई भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में गिरफ्तार किया है. पीटीआई में छपी खबर की मानें तो पुलिस की ओर से दी गई जानकारी दी गई है कि यह चिट्ठी रोना विल्सन के दिल्ली आवास से बरामद हुई है. रोना विल्सन इस समय राजनीतिक कैदियों की रिहाई के लिये बनाई गई समिति के सदस्य हैं. इस चिट्ठी में 8 करोड़ रुपये इकट्ठा करने की बात कही गई है ताकि एम-4 राइफल और 4 लाख राउंड कारतूस चलाने की व्यवस्था की जा सके. साथ ही एक और 'राजीव गांधी जैसी घटना' का जिक्र है. यह बात सरकारी वकील उज्ज्वला पवार ने कोर्ट को बताई है. चिट्ठी के मुताबिक उन्होंने कहा, 'हम राजीव गांधी वाली घटना की तरह कुछ सोच रहे हैं. यह आत्मघाती लगता है और खतरनाक भी. हो सकता है कि हम फेल हो जाएं लेकिन पार्टी को हमारी इस योजना के बारे में सोचना चाहिये'. एनआईए की ओर से जारी इस चिट्ठी में लिखा है कि बिहार और पश्चिम बंगाल में हार के बाद भी मोदी ने 15 राज्यों में बीजेपी की सरकारें बनवा दी हैं. अगर ऐसा जारी रहा तो पार्टी (उनके लिये) हर मोर्चे पर मुश्किल पैदा हो जाएगी. कर्नल किशन और कई वरिष्ठ कामरेड मोदी युग को खत्म करने के लिये मजबूत कदम उठाने का प्रस्ताव दिया है वहीं इस चिट्ठी के सामने आने के बाद सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने कहा है कि सुरक्षा एजेंसियों को अपना काम करना चाहिये. इस मामले में कोर्ट को फैसला करने दिया जाए. जबकि बीजेपी नेता नलिन कोहली ने कहा है कि ऐसा लगता है नक्सली कितने निराश हो गए हैं.
महाराष्‍ट्र के बाद बिहार में BJP के सामने खड़ी हुई मुश्किलें, JDU ने 2019 के लिए इतनी सीटों पर किया दावा.
7 Jun 2018
नई दिल्ली: 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी के लिए एनडीए गठबंधन के सहयोगियों को साथ लेकर चलना मुश्किल हो गया है. उपचुनावों में मिली हार के बाद बीजेपी जहां सहयोगी दलों को मनाने में जुटी है. वहीं एनडीए के सहयोगी दल बीजेपी के लिए मुश्किल खड़ी करते जा रहे हैं. बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह बुधवार को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को मनाने के लिए मुंबई स्थिति उनके घर मातोश्री पहुंचे थे. इस मुलाकात के बाद दोनों पार्टियों के बीच दूरी कम होने की संभावना जताई जा रही थी लेकिन शिवसेना ने साफ कर दिया है कि वह आगामी सारे चुनाव अकेले ही लड़ेगी. वहीं बिहार में भी बीजेपी का अपने सहयोगी दल जेडीयू के साथ कुछ सही नहीं चल रहा है. जहां जेडीयू के नेता नीतीश कुमार को गठबंधन का बड़ा भाई बता रहे हैं जबकि बिहार में जेडीयू के पास केवल 2 सांसद हैं और बीजेपी के पास 22 सांसद. इसके बाद भी बिहार के नेता 2019 के लोगसभा चुनाव में जेडीयू के लिए 25 सीटों की मांग कर रहे हैं. ऐसे में बीजेपी के सामने आने वाले दिनों में और चुनौतियां पेश हो सकती हैं. जेडीयू के नेशनल जनरल सेक्रेटरी श्‍याम रजक गुरुवार को कहा कि नीतीश कुमार महत्‍वपूर्ण भूमिका रहे हैं. हमने 25 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ा था और 2019 के लोकसभा चुनाव में इससे कम सीटों पर चुनाव लड़ने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है. उन्‍होंने कहा कि अगर एनडीए नीतीश कुमार की छवि का फायदा उठाना चाहते हैं तो उसे जेडीयू के साथ न्‍याय करना होगा. जेडीयू के राष्‍ट्रीय महासचिव ने कहा कि बिहार की ज्यूडिशियरी में आरक्षण है तो इसे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में लागू क्‍यों नहीं किया जाता. यह बीजेपी के इरादों पर संदेह उठाता है. यदि वह अम्बेडकर और दलितों के प्रति समर्पित हैं, तो उन्हें बिहार के दलितों के साथ न्याय करना चाहिए. उन्‍होने कहा कि बीजेपी को एनडीए एक मजबूत गठबंधन साबित करने के लिए हमें सम्मानजनक साझेदारी देनी चाहिए. उन्‍होंने कहा कि हम विचारधारा और नीतियों के आधार पर एनडीए के साथ हैं, लेकिन यह कहना झूठ नहीं होगा कि हमारे साथ अन्याय हुआ है. हमें जिस तरह से प्राथमिकता मिलनी चाहिए थी, वह नहीं मिली है
मोदी सरकार का फैसला: 2 लाख 60 हजार डाक सेवकों का वेतन-भत्ता 56 फीसदी बढ़ाया.
6 Jun 2018
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने ग्रामीण डाक सेवकों के लिए बड़ी घोषणा की है. केंद्रीय कैबिनेट ने देश के 2 लाख 60 हजार डाक सेवकों का वेतन और भत्ता बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. डाक सेवकों की सैलरी में 56 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी की गई है. डाक सेवकों को 1 जनवरी 2016 से एरियर प्रदान किया जाएगा. आपको बता दें ग्रामीण डाक सेवकों के वेतन-भत्ते का मुद्दा प्राइम टाइम में जोरशोर से उठाया था. ग्रामीण डाक सेवक अपने वेतन-भत्ते में बढ़ोतरी के लिए लंबे समय से मांग कर रहे थे. कई बार उन्होंने सेवाएं भी ठप कर दी थी.दूसरी तरफ, सरकार ने चीनी उद्योग को भी बड़ी राहत दी है. चीनी सेक्टर के लिए 8000 करोड़ रुपये से ज्यादा के राहत पैकेज को मंजूरी प्रदान कर दी है. इसकी संभावना पहले से ही जताई जा रही थी. वहीं सरकार ने 30 लाख टन के बफर स्टॉक को बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूर कर लिया है. सरकार शुगर मिल को बफर स्टॉक बनाने के लिए 1175 करोड़ रुपये प्रदान करेगी. इसके अलावा केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को इलाहाबाद के फाफामऊ में गंगा नदी पर 6 लेन के पुल निर्माण को मंजूरी दे दी है. केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रेस वार्ता में बताया कि पुल निर्माण पर 1948 करोड़ रुपये खर्च होगा. इसके अलावा मंत्रिमंडल ने खस्ताहाल सरकारी कंपनियों को बंद करने के दिशानिर्देशों को संशोधित किया है. कंपनियों की अतिरिक्त जमीन का इस्तामाल गरीबों के लिए आवास योजनाओं में किया जाएगा.
सुनंदा पुष्‍कर हत्‍याकांड: शशि थरूर पर चलेगा मुकदमा, 7 जुलाई को बतौर आरोपी कोर्ट में होंगे पेश.
5 Jun 2018
नई दिल्ली: सुनंदा पुष्‍कर हत्‍याकांड मामले में दिल्‍ली की अदालत ने पुलिस की चार्जशीट पर संज्ञान ले लिया है. अब शशि थरूर पर एक आरोपी के तौर ट्रायल का सामना करना होगा. थरूर पर आत्महत्या के लिए उकसाने यानी आईपीसी 306 और वैवाहिक जीवन में क्रूरता यानि 489A का आरोप है. दिल्‍ली पुलिस की चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने कहा कि शशि थरूर के खिलाफ इन धाराओं में केस चलाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं. इस मामले में सुब्रमण्यम स्वामी ने कोर्ट में दो अर्जी लगाई हैं. पहली में उन्होंने कहा कि इस केस में दिल्ली पुलिस ने जो अपने अफसरों की विजिलेंस जांच कराई थी. वो कोर्ट में पेश की जाए, क्योंकि अफसरों ने सबूतों से छेड़छाड़ की है जिसका जिक्र विजिलेंस रिपोर्ट में भी है. दूसरी अर्जी में उन्होंने कहा कि ये मामला हत्या का है इसलिए हत्या के तहत ट्रायल चले. अब इन दोनों अर्जी कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया. इस पर भी कोर्ट 7 जुलाई को सुनवाई करेगी. 7 जुलाई को बतौर आरोपी कोर्ट में पेश होना होगा. कोर्ट ने पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर को समन जारी कर कोर्ट में पेश होने के लिए कहा है. आपको बता दें कि सुनंदा की मौत के 4 साल बाद 14 मई को दिल्ली पुलिस की एसआईटी ने पटियाला हाउस कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी. चार्जशीट के मुताबिक अभियोजन पक्ष के वकील ने कोर्ट में कहा कि सुनंदा की शादी को 3 साल 3 महीने हुए थे और दोनों की ये तीसरी शादी थी. दोनों में झगड़ा आम था, एयरपोर्ट पर भी उनके बीच झगड़ा हुआ. झगड़े की बातें सुनंदा ने कई दोस्तों को बताई थी. गवाहों ने बताया कि वो डिप्रेशन के चलते अस्पताल में भर्ती हुई. उनके पास एलपरेक्स के 27 टेबलेट मिले थे, उन्होंने कितने लिए पता नहीं. मौत एलपरेक्स के ज़हर से हुई. सुनंदा ने मौत से पहले शशि थरूर को 2 मेल लिखे जिसमें लिखा था, 'मैं मरना चाहती हूं'. सुनंदा को शक था कि शशि थरूर के किसी और से रिश्ते हैं इसलिए वो ज्यादा डिप्रेशन में थी. शशि थरूर लगातार उनकी अनदेखी कर रहे थे, सुनंदा का फ़ोन नहीं उठा रहे थे. सुनंदा ने शशि थरूर से बातचीत करने की हर कोशिश की लेकिन जब वो सफल नहीं हो सकी तो फिर उसने सोशल मीडिया और दोस्तों का सहारा लिया और एंटी डिप्रेशन दवाएं लेनी शुरू कर दीं. सुनंदा ने मौत से पहले जो सोशल मीडिया में शेयर किया, पुलिस ने उसे मौत से पहले का बयान माना. सुनंदा ने मौत से पहले अपने दोस्तों से शशि थरूर से संबंधों को लेकर कई बातें बताई थीं, पुलिस ने उन दोस्तों के बयान दर्ज किए हैं.जिसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी हुई है. कुल मिलाकर पुलिस का दावा है कि शशि थरूर के खिलाफ उनके पास पुख्ता सबूत हैं.
सुशील मोदी बताएं क्या नीतीश जी बिहार में नरेन्द्र मोदी से बड़े और ज़्यादा प्रभावशाली नेता हैं: तेजस्‍वी यादव.
4 Jun 2018
नई दिल्ली: बिहार में 2019 के लोकसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है. रविवार को जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं ने एक बैठक की. इस बैठक में कई मुद्दों पर बात हुई. बैठक के बाद जेडीयू नेता पवन वर्मा ने कहा कि गठबंधन में सभी दलों का सम्मान होना चाहिए, हालांकि उन्होंने ये साफ़ किया कि अभी बीजेपी से इस मुद्दे पर कोई बात नहीं हुई है. वहीं बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने कहा कि NDA के पास अब दो चेहरे- पीएम मोदी और नीतीश कुमार. उन्‍होंने कहा कि नीतीश जी हमारे बड़े भाई हैं और दिल मिला अब सीट कौन-सी बात है. दरअसल, जेडीयू नेता पवन वर्मा ने बिहार में जेडीयू को बीजेपी का बड़ा भाई बताया था. बिहार में NDA के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर खींचतान पर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने तंज कसते हुए ट्वीट किया है. उन्‍होंने कहा है कि सुशील मोदी बताएं क्या नीतीश जी बिहार में नरेन्द्र मोदी से बड़े और ज़्यादा प्रभावशाली नेता हैं? उन्‍होंने कहा कि नीतीश जी के प्रवक्ता सुशील मोदी क्या अब भी JDU के हाथों अपने सबसे बड़े नेता को बेइज़्ज़त कराते रहेंगे? नीतीश जी ने कहा था उन्होंने सुशील मोदी के कहने पर भोज से मोदी जी की थाली खींची थी.केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का कहना है कि लोग हमारी चिंता छोड़ दें. एनडीए गठबंधन की राजनीति नीतीश और मोदी जी को करने दें. जेडीयू नेता केसी त्यागी ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा है कि हमारे आंख और कान खुले हैं. उन्‍होंने कहा कि नीतीश कुमार कमज़ोर नहीं हुए हैं और लोकसभा चुनाव हम बीजेपी के साथ तालमेल से लड़ेंगे. इस समस्या से निजात पा लेंगे और कोई गतिरोध नहीं होगा. जेडीयू के प्रवक्‍ता अजय आलोक ने कहा कि पहले भी सीट शेयरिंग का फॉर्मूला रहा है. 25 पर हम लड़ते थे और बीजेपी 15 पर लड़ती थी. एनडीए के और सहयोगी आ गए हैं सब मिल बैठकर लड़ेंगे. एनडीए का चेहरा पीएम मोदी हैं और बिहार में एनडीए का चेहरा नीतीश कुमार है तो कंफ्यूजन कहा हैं आपको बता दें कि 7 जून को बिहार एनडीए की बैठक होने वाली है. हालांकि इसका मुद्दा सीट बंटवारे से जुड़ा नहीं है. बिहार में लोकसभा की 40 सीटें हैं, जिसमें से 22 सीटें बीजेपी के पास हैं. 6 सीटें रामविलास पासवान की पार्टी एलजेपी और 3 सीटें उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के पास हैं. जबकि जेडीयू के पास सिर्फ़ दो सीटें हैं.
मंदसौर हिंसा की पहली बरसी : कई राज्यों में दिख रहा है किसानों के 'गांव बंद' का असर, सब्जी-दूध की हो सकती है कमी.
1 Jun 2018
नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के मंदसौर हिंसा की पहली बरसी पर देश के कई राज्यों के किसानों ने आज से 10 दिन का 'गांव बंद' का ऐलान किया है. देशभर के कई किसान संगठनों ने लंबे समय से अपनी मांगों को नहीं माने जाने के विरोध में बंद बुलाया है. इस बंद में महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब समेत कई राज्यों के किसान शामिल हैं. इनकी मुख्य मांग है कि इनकी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य इन्हें दिया जाए, साथ ही फलों और सब्ज़ियों का भी न्यूनतम मूल्य तय किया जाए, किसान लंबे समय से दूध की न्यूनतम क़ीमत 27 रुपये लीटर करने की भी मांग कर रहे हैं. बंद के दौरान किसान कई जगह घेराव और रैलियां निकालेंगे. इस हड़ताल से दूध, फल, सब्ज़ियों की सप्लाई पर असर पड़ रहा है. दिल्ली की अलग-अलग मंडियों में सब्ज़ी की सप्लाई कम हुई है. जिससे क़ीमत बढ़ना तय माना जा रहा है. आंदोलन को और तीव्र करने का ऐलान किसान सभा के नेता अशोक ढवले के मुताबिक आज सभी किसान अपनी अपनी तहसील कार्यालय का घेराव करेंगे. अगर फिर भी सरकार की नींद नही खुली तो सभी सामान विचार वाले संगठनों को साथ लेकर आंदोलन और तीव्र किया जाएगा. किसानों ने फेंका दूध पुणे के पास खेड शिवापुर, मनमाड और विसापुर में किसानो ने दूध को सड़कों पर फेंककर आंदोलन किया.
कैराना में जीत दर्ज करने वालीं तबस्सुम बेगम बोलीं- 2019 में साथ मिलकर बीजेपी को धूल चटाएंगे.
31 May 2018
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के कैराना लोकसभा उपचुनाव के परिणाम पर सबकी नजरें थीं, मगर अब वहां सब स्पष्ट हो चुका है और सपा-बसपा समर्थित आरएलडी प्रत्याशी तबस्सुम बेगम ने जीत दर्ज कर ली है. तब्बसुम ने बीजेपी की मृगांका सिंह को हरा दिया है. जीत से कुछ समय पहले इंटरव्यू में आरएलडी की तबस्सुम बेगह ने कहा कि अहंकारी लोगों ने यह कहना शुरू कर दिया था कि हमारे पास कोई विकल्प नहीं है. मगर विकल्प तो ऊपर वाला निकालता है. ऊपर वाले ने विकल्प निकाल दिया है और हमलोग साथ मिलकर चलेंगे और 2019 में इन्हें धूल चटाएंगे जब तबस्सुम से पत्रकार ने पूछा कि बीजेपी उत्तर प्रदेश में 73 सीटों पर काबिज थी, मगर धीरे-धीरे उसकी संख्या कम रही है. क्या आपको लगता है कि विपक्षी एकता बीजेपी को 2019 में हरा पाएगी? इस पर तबस्सुम ने कहा कि 2019 में हम सब साथ मिलकर चलेंगे और यह गठजोड़ बना रहेगा और हम बीजेपी को 2019 में धूल चटा के रहेंगे. जीत के बाद तबस्सुम ने कहा, 'यह सच की जीत है. जो कुछ भी कहा है उसके साथ मैं आज भी हूं, एक साजिश रची गई थी. मैं कभी नहीं चाहूंगी कि भविष्य के चुनाव ईवीएम से हों. संयुक्त विपक्ष का रास्ता अब बिलकुल साफ है.' बता दें कि राजनीति से तबस्सुम हसन का रिश्ता कोई नया नहीं है. बीजेपी की उम्मीदवार मृगांका सिंह की तरह तबस्सुम भी राजनीतिक घराने से आती हैं. कैराना लोकसभा उपचुनाव में आरएलडी प्रत्याशी तबस्सुम हसन को सपा, बीएसपी का समर्थन प्राप्त था. बाद में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने भी इनके खिलाफ प्रत्याशी न उतारने का फैसला कर उनका समर्थन कर दिया था.
मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी, यूपी-पश्चिम बंगाल और झारखंड में आज फिर आ सकता है आंधी-तूफान.
30 May 2018
नई दिल्ली: बिहार और उत्तर प्रदेश के कई स्थानों पर आंधी-तूफान से 34 लोगों की मौत हो गई. बिहार के आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि राज्य में सोमवार रात 19 लोगों की मौत हो गई. आंधी-तूफान से गया और औरंगाबाद में पांच-पांच, मुंगेर में चार, कटिहार में तीन और नवादा में दो लोगों की मौत हुई. उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान से 15 लोगों की मौत हो गई और 10 लोग घायल हुए. वहीं मौसम विभाग ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि पश्चिम राजस्‍थान, मध्‍य प्रदेश में आज गर्म हवाएं चलेगी. उत्‍तर-प्रदेश, पश्चिम बंगाल और झारखंड में आज आंधी-तूफान आ सकता है. मौसम विभाग ने कर्नाटक के तटीय क्षेत्र, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गुरुवार को भारी बारिश की चेतावनी दी है. बिहार, उत्‍तराखंड और ओडिशा में गुरुवार को आंधी तूफान की संभवना जाती है. 31 मई के लिये चेतावनी केरल, कर्नाटक के तटीय इलाकों, नगालैंड, मिजोरम, मेघालय और त्रिपुरा में भारी बारिश. पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों, ओडिशा और झारखंड में आंधी-तूफान. उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार में आंधी-तूफान पश्चिमी राजस्थान में धूलभरी आंधी. 1 जून के लिये चेतावनी केरल, दक्षिणी कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश. उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और झारखंड और बिहार में गरज-चमक के साथ बारिश. पश्चिमी राजस्थान में धूलभरी आंधी. 30 मई के लिए चेतावनी पूर्वी-पश्चिमी राजस्थान, मध्य प्रदेश में भीषण लू. केरल, दक्षिणी कर्नाटक, तटीय इलाके, मेघालय और नगालैंड, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश. दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब, उत्तर प्रदेश, हिमलाय से सटे इलाकों में आंधी. पश्चिमी राजस्थान में धूलभरी आंधी.
तीस हजारी कोर्ट परिसर में हुई फायरिंग में एक शख्‍स घायल, नाबालिग आरोपी गिरफ्तार.
29 May 2018
नई दिल्ली: तीस हजारी कोर्ट में हुई फायरिंग में एक शख्‍स घायल हो गया है. वहीं फायरिंग करने वाले शख्‍स को मौके से गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि जिस शख्‍स को गोली लगी है उसकी पहचान दिनेश के रूप में की गई है. दिनेश एक शार्पशूटर है और गोली उसके हाथ में लगी है. दिनेश को रोहतक से तीस हजारी कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था. दिनेश पर एक नाबालिग लड़के ने गोली चलाई थी. इस फायरिंग के बाद नाबालिग ने भागने की कोशिश की लेकिन उसे मौके से ही पकड़ा गया. उसके पास से वारदात के लिए इस्‍तेमाल में लाया गया हथियार भी बरामद कर लिया गया है. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है.
कैराना व नूरपुर में EVM में गड़बड़ी के बाद BJP ने की EC से शिकायत.
28 May 2018
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की कैराना लोकसभा सीट और नूरपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान के दौरान ढेरों ईवीएम में गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई।जहां रालोद उम्मीदवार तबस्सुम हसन ने ईवीएम से छेड़खानी के आरोप लगाए हैं वहीं भाजपा ने भी चुनाव आयोग से शिकायत की है। जानकारी के अनुसार ईवीएम में गड़बड़ी को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव आयोग से शिकायत की है। उधर कैराना में भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह ने भी ईवीएम में गड़बड़ी की आशंका जताई है। कैराना लोकसभा तथा नूरपुर विधानसभा उपचुनाव में बडी संख्या में खराब ईवीएम मशीन को लेकर भारतीय जनता पार्टी का प्रतिनिधि मण्डल प्रदेश उपाध्यक्ष जेपीएस राठौर, प्रदेश महामंत्री गोविन्द नारायण शुक्ल, प्रदेश मंत्री संजय राय के नेतृत्व में मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मिलकर तत्काल खराब ईवीएम मशीन बदलने तथा जिन बूथों पर मतदान बाधित हुआ है वहां फिर से मतदान की मांग की हैं। भाजपा प्रतिनिधि मण्डल ने मतदान केन्द्रों की सूची भी संलग्न की है। कैराना लोकसभा तथा नूरपुर विधानसभा उपचुनाव में ईवीएम गड़बड़ी को लेकर भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी आज लखनऊ में मुख्य चुनाव अधिकार एल वेंकटेश्वर लू से मिले। उनसे भेंट के दौरान ही भाजपा के पदाधिकारियों ने उनको ज्ञापन भी सौंपा है। माना जा रहा है कि भाजपा ने इस गड़बड़ी की जांच कराने के साथ ही प्रभावित जगहों पर पुनर्मतदान की मांग भी रखी है। उधर शामली में कैराना से भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी मृगांका सिंह भी बड़ी संख्या में ईवीएम में गड़बड़ी को लेकर बेहद गंभीर हैं। उन्होंने मशीनों में जानबूझकर गड़बड़ी की आशंका भी जताई है। इसको लेकर भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह की कैराना कल्याण चौपाल पर शाम को चार बजे प्रेस वार्ता भी है।
इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह से सावधान.
26 May 2018
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे गैंग को पकड़ा है जो इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर लोगों से पैसे ऐंठता था. यह गैंग अब तक 200 से ज्यादा लोगों से ठगी कर चुका है. निशांत खान, मोहम्मद जावेद, वासू, राहुल और रहीस मलिक, इन पांच लोगों के गैंग को पुलिस ने 200 से ज्यादा लोगों के साथ ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया है. आरोपी इंश्योरेंस कराने और उसमें अच्छे रिफंड के नाम पर ठगी करते थे. उत्तरी पश्चिमी जिले के डीसीपी मिलिंद डुमरे के मुताबिक इस गैंग का मास्टरमाइंड शोएब खान है जो फिलहाल फरार है. उसने नोएडा में अपना एक दफ्तर खोल रखा था और गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को ठगी की ट्रेनिंग भी दी थी. ठगी करने के लिए आरोपी सबसे पहले किसी भी पॉलिसी होल्डर को फ़ोन करते थे. उसको बताते थे कि आप पॉलिसी का जो प्रीमियम भर रहे हैं उसका बड़ा हिस्सा एजेंट के पास चला जाता है. गैंग के लोग झांसा देते थे कि अगर ग्राहक दूसरी पॉलिसी ले ले तो वे उसका फायदा करवा देंगे. फिर वे ग्राहक को किसी भी बैंक के नाम की नकली पॉलिसी करवाते थे. पेमेंट हमेशा ऑनलाइन लेते थे. पैसा ऐंठने के बाद अपने मोबाइल नंबर बंद कर देते थे.
कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने विश्वासमत हासिल किया.
25 May 2018
नई दिल्ली: कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने फ्लोर टेस्ट में विश्वासमत हासिल कर लिया है. उनके समर्थन में 117 विधायकों ने वोट किया. उनके विश्वासमत से पहले बीजेपी विधायकों ने विधानसभा से वॉकआउट कर दिया था. विश्वासमत पेश करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि काफी सोच-समझकर ही गठबंधन सरकार बनाई है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का भविष्य भी गठबंधन पर ही टिका है. विश्वास मत से पहले पहले विधानसभा के स्पीकर के लिए हुए चुनाव को कांग्रेस ने जीता. बीजेपी के स्पीकर के पद के लिए एस सुरेश कुमार ने अपना नाम वापस ले लिया है. ऐसे में कांग्रेस के पूर्व स्पीकर के आर रमेश कुमार को स्‍पीकर चुना गया. - कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने विश्वासमत हासिल कर लिया है. उनके समर्थन में 117 विधायकों ने वोट किया. - फ्लोर टेस्‍ट से पहले बीजेपी विधायकों ने किया विधानसभा से वॉकआउट - विश्वासमत पेश करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि काफी सोच-समझकर ही गठबंधन सरकार बनाई है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का भविष्य भी गठबंधन पर ही टिका है. - कर्नाटक विधानसभा के नए स्‍पीकर केआर रमेश कुमार ने बीजेपी के बी एस येदियुरप्‍पा को विधानसभा में विपक्ष का नेता चुना, गोविंद करजोल को विपक्ष के उप नेता चुना गया - सीएम कुमार स्‍वामी ने कहा, न तो जेडीएस और न ही किसी अन्य पार्टी को बहुमत मिला. मुझे दुख हुआ कि लोगों ने मुझे नहीं चुना. मैं गठबंधन के कारण मुख्यमंत्री बना और इस स्थिति से खुश नहीं हूं. - मुख्‍यमंत्री कुमारस्‍वामी ने विधानसभा में पेश किया विश्‍वासमत का प्रस्‍ताव - डिप्‍टी सीएम जी परमेश्वर ने कहा कि बीजेपी नेताओं और एस सुरेश कुमार ने जो फैसला लिया मैं उसके लिए उनका धन्‍यवाद देता हूं. उन्‍होंने कहा कि हमने आपको एक स्‍पष्‍ट राजनेता के तौर पर देखा है. आप सभी के लिए एक आदर्श मॉडल और प्रेरणा हैं. आपके पहले के अनुभव को हमने देखा है कि कैसे आपने सदन की कार्यवाही को पूरा किया है जो पूरे देश के लिए एक आदर्श है. - कुमारस्‍वामी ने कहा कि स्‍पीकर का चुनाव सर्वसम्मति से कराने पर मैं विपक्ष के सभी नेताओं का आभार व्यक्त करता हूं. क्‍योंकि इस तरह से उम्मीदवार का चुनाव होना बहुत कम देखने को मिलता है. उन्‍होंने कहा कि जब सिद्धारमैया ने स्‍पीकर के नाम के लिए आपका नाम (रमेश कुमार का नाम) प्रस्तावित किया और गुरुवार को नामांकन दाखिल किया, तो मुझे भी उपस्थित होना चाहिए था. उस समय कई लोगों को संदेह था, जिसे मैं सिरे से खारिज करता हूं. आप जिस तरह से सदन का संचालन करते हैं यह सबसे उपयुक्त तरीके से संभव है. - बीएस येदियुरप्‍पा ने कहा कि हम चाहते हैं विधानसभा स्‍पीकर का चुनाव निर्विरोध हो इसलिए हम बीजेपी उम्‍मीदवार का नामाकंन वापस ले रहे हैं - कर्नाटक विधानसभा के स्‍पीकर रमेश कुमार कोलार जिले में श्रीनिवासपुर सीट से हैं विधायक - बीजेपी स्‍पीकर पद के उम्‍मीदवार एस सुरेश कुमार ने अपना नाम वापस लिया - कांग्रेस के रमेश कुमार बने कर्नाटक विधानसभा के स्‍पीकर - कर्नाटक विधानसभा में फ्लोर टेस्‍ट थोड़ी देर में, कांग्रेस के सिद्धारमैया और बीजेपी के बीएस येदियुरप्‍पा भी मौजूद - बेंगलुरू: विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की बैठक चल रही है - फ्लोर टेस्‍ट के लिए कर्नाटक विधानसभा पहुंचे कांग्रेस विधायक - फ्लोर टेस्‍ट से पहले कुमारस्‍वामी अपने घर से निकले. - कुमारस्‍वामी ने कहा कि मुझे कोई चिंता नहीं, मैं ही जीतूंगा - बीजेपी के बी एस येदियुरप्पा ने 17 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी लेकिन सदन में विश्वास मत हासिल करने से पहले ही उन्होंने इस्तीफा देने की घोषणा कर दी थी - शपथ लेने के बाद कुमारस्वामी ने विश्वास मत हासिल किये जाने के बारे में विश्वास जताया था लेकिन उन्होंने आशंका भी जताई थीं कि उनकी सरकार को गिराने के लिए भाजपा ‘ऑपरेशन कमल’ दोहराने का प्रयास कर सकती है. - बीजेपी ने विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए आज अपने वरिष्ठ नेता और पांच बार के विधायक एस सुरेश कुमार को उतारा है. - कांग्रेस के रमेश कुमार ने सत्तारूढ़ गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में इस पद के लिए अपना नामांकन भरा है. - बीजेपी उम्मीदवार एस सुरेश कुमार ने कहा, ‘संख्या बल और कई अन्य कारकों के आधार पर हमारी पार्टी के नेताओं को विश्वास है कि मैं जीतूंगा. इसी विश्वास के साथ मैंने नामांकन दाखिल किया है.’ यह पूछने पर कि भाजपा के केवल 104 विधायक हैं तो ऐसे में उनके जीतने की संभावना क्या है, सुरेश कुमार ने कहा, ‘मैंने नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है. कल दोपहर सवा बारह बजे चुनाव है. चुनाव के बाद आपको पता चल जाएगा.’ ‘आपरेशन कमल’ या ‘ऑपरेशन लोटस’ नाम के शब्द 2008 में उस वक्त इस्तेमाल किए गए थे जब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी एस येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद संभाला था। पार्टी को साधारण बहुमत के लिए तीन विधायकों की दरकार थी. ‘ऑपरेशन कमल’ के तहत कांग्रेस और जेडीएस के कुछ विधायकों को भाजपा में शामिल होने के लिए राजी किया गया था. उनसे कहा गया था कि वे विधानसभा की अपनी सदस्यता छोड़कर फिर से चुनाव लड़ें. उनके इस्तीफे की वजह से विश्वास मत के दौरान जीत के लिए जरूरी संख्या कम हो गई थी और फिर येदियुरप्पा विश्वास मत जीत गए थे. कांग्रेस विधायक दल के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गठबंधन उम्मीदवार की जीत के बारे में विश्वास जताया. उन्होंने कहा,‘मुझे पता चला है कि भाजपा ने भी नामांकन दाखिल किया है. मुझे उम्मीद है वे नामांकन वापस ले लेंगे. यदि चुनाव होता है तो रमेश कुमार की जीत निश्चित है.’ हालांकि कुमारस्वामी के विश्वास मत हासिल करने की संभावना है और उनके लिए मंत्रिमंडल का विस्तार मुश्किल साबित होने वाला है. ऐसा बताया जा रहा है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डी के शिवकुमार उपमुख्यमंत्री पद के लिए उनकी अनदेखी किये जाने से खुश नहीं है. पार्टी ने दलित चेहरा जी परमेश्वर को उपमुख्यमंत्री बनाया है. शिवकुमार ने कहा था,‘ क्या यह उन लोगों के लिए एक समान है जो एक सीट जीतते है और या जो राज्य जीतते है. मैं संन्यास लेने के लिए राजनीति में नहीं आया हूं. मैं शतरंज खेलूंगा फुटबाल नहीं. परमेश्वर ने कहा कि गठबंधन को मुख्यमंत्री के रूप में जेडीएस नेता के कार्यकाल पर अभी चर्चा करनी है. जब उनसे यह पूछा गया कि क्या कुमारस्वामी पूरे पांच वर्ष के कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री बने रहेंगे तो उन्होंने इसके जवाब में कहा,‘हमने अभी तक इन पर चर्चा नहीं की है.’ राज्‍य में 12 मई को मतदान हुआ था और 15 मई को चुनाव के नतीजे घोषित किए गए. चुनाव परिणाम में किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला. बीजेपी ने 104 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की और राज्‍य में सबसे बड़ी पार्टी बनी. 78 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज कर दूसरे नंबर पर कांग्रेस आई जबकि तीसरे नंबर पर 38 विधानसभा सीटों पर जीत के साथ जेडीएस थी. राज्‍य में 2 निर्दलीय उम्‍मीदवार भी चुनाव जीतकर आए. राज्‍यपाल वजूभाई वाला ने राज्‍य की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी के नेता बीएस येदियुरप्‍पा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया. 17 मई को बीएस येदियुरप्‍पा ने शपथ ली लेकिन 19 मई को फ्लोर टेस्‍ट से पहले ही अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया. फिर राज्‍यपाल ने कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के नेता एचडी कुमारस्‍वामी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया. एचडी कुमारस्‍वामी ने 23 मई को कर्नाटक के मुख्‍यमंत्री पद की शपथ ली. 25 मई को विश्‍वासमत हासिल किया.
गर्भावस्था की वजह से कक्षा से अनुपस्थित रहने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज की.
23 May 2018
नई दिल्ली: गर्भावस्था की वजह से कक्षा से अनुपस्थित रहने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने महिला छात्र की याचिका खारिज कर दी है. याचिका खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट में ही जाए जहां पहले से याचिका लंबित है. बता दें कि आज ही एलएलबी का पेपर है. दरअसल, गर्भावस्था के कारण कक्षाओं से अनुपस्थित रहने के लिए छात्रा को राहत देने से इनकार करने के दिल्ली हाइकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली एलएलबी की छात्रा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की. इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा था कि एलएलबी विषय के चौथे सेमेस्टर की रोजाना क्लासों में उपस्थित होने के लिए छात्रा के पास उचित कारण है. इसके बावजूद बार काउंसिल ऑफ इंडिया के कानूनी शिक्षा नियमों से संबंधित प्रावधानों और हाईकोर्ट के पूर्व के फैसलों को देखते हुए उसे राहत नहीं दी जा सकती. अदालत ने कहा कि उपरोक्त कारणों को देखते हुए लंबित याचिका सहित रिट याचिका खारिज कर दी थी. विश्वविद्यालय के वकील ने याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि एलएलबी डिग्री पाठ्यक्रम एक पेशेवर विषय है और उसमें नियमित उपस्थिति जरूरी है.अदालत ने वकील के दावे से सहमति जताई कि एलएलबी एक विशेष पेशेवर विषय है, जहां बार काउंसिल के नियमों के तहत ढील नहीं दी जा सकती है.
राहुल का PM पर निशाना, कहा-केंद्रीय सेवाओं में RSS की पसंद के अधिकारियों को भर्ती करने की योजना...
22 May 2018
नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि PM मेरिट लिस्ट से छेड़छाड़ कर केंद्रीय सेवाओं में RSS की पसंद के अधिकारियों को भर्ती करना चाहते हैं. उन्होंने अपने ट्वीटर अकाउंट पर एक पत्र डालते हुए लिखा है कि, 'छात्रों जग जाओ, आपका भविष्य खतरे में है. आरएसएस वह चाहता है, जो आपका अधिकार है'. ट्वीट के साथ राहुल गांधी ने हैशटैग के रूप में #ByeByeUPSC भी लिखा है. आपको बता दें कि राहुल गांधी का यह ट्वीट प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की तरफ से 17 मई को यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) लिखे एक पत्र के बाद आया है. इस पत्र में PMO ने यूपीएससी को फाउंडेशन कोर्स के नंबरों के आधार पर चयनित आवेदकों को कैडर देने का सुझाव दिया है. अभी तक UPSC की परीक्षा में अंको के आधार पर सफल आवेदकों को IAS, IPS, IFS,IRS या दूसरे कैडर आवंटित होते थे. उसके बाद लाल बहादुर शास्त्री अकादमी में उनका फाउंडेशन कोर्स होता था.अब प्रधानमंत्री कार्यालय का कहना है कि फाउंडेशन कोर्स के नंबरों के आधार पर चयनित आवेदकों को कैडर मिले.यानि UPSC की परीक्षा में ज्यादा नंबर पाने या टॉप करने के बावजूद ये निश्चित नहीं होगा कि आप IAS या IPS बनेंगे, बल्कि फाउंडेशन कोर्स में मिले नंबर से कैडर अलॉट होगा. इसके पीछे प्रधानमंत्री कार्यालय की सोच यह है कि एक बार UPSC परीक्षा में सफल होने के बाद सफल परीक्षार्थी फाउंडेशन कोर्स यानि ट्रेनिंग को गंभीरता से नहीं लेता है.अगर फाउंडेशन कोर्स में परीक्षार्थी फेल भी हो जाए तो उसे दोबारा मौका मिलता है. कई बार परीक्षार्थी अपनी रैंक सुधारने के लिए फाउंडेशन कोर्स में शामिल ही नहीं होते हैं. इससे प्रधानमंत्री कार्यालय को लगता है कि नौकरशाहों की बौद्धिक और कार्यशीलता की गुणवत्ता प्रभावित होती है.
जज लोया की मौत का मामला फिर पहुंचा सुप्रीम कोर्ट...
21 May 2018
नई दिल्ली: जज लोया मामले में बॉम्बे लॉयर्स एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार विचार याचिका दाखिल की है.याचिका में मांग की गई है कि कोर्ट अपने आदेश के निष्कर्षों को हटाये जिसमें कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि न्यायपालिका की आजादी पर हमला और न्यायिक संस्थानों की विश्वसनीयता को कम करने का प्रयास किया जा रहा है. दरअसल, इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस लोया केस की SIT से जांच कराने की मांग ठुकरा दी थी.सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अब जस्टिस लोया केस में कुछ नहीं है. कोर्ट ने कहा था कि केस को देख रहे जजों पर संदेह करने का कोई कारण नहीं है.कोर्ट ने कहा था कि याचिकाकर्ताओं की मंशा न्यायपालिका को खराब करना है. सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा था कि जज लोया के मामले में जांच के लिए दी गई अर्जी में कोई दम नहीं है.कोर्ट ने यह भी कहा कि जजों के बयान पर संदेह का कोई कारण नहीं है. उनके बयान पर संदेह करना संस्थान पर संदेह करना जैसा होगा. याचिका में जस्टिस लोया के मौत की जांच SIT से कराने की मांग की गई थी.
'कांग्रेस ने जारी किया एक और ऑडियो टेप, येदियुरप्पा कांग्रेस MLA को प्रलोभन देने की कर रहे हैं कोशिश...
19 May 2018
बेंगलुरु: कर्नाटक में जारी सियासी घमासान के बीच कांग्रेस ने एक और ऑडियो टेप जारी किया है. कांग्रेस की ओर से जारी ऑडियो में येदियुरप्पा कांग्रेस विधायक बीसी पाटिल को लालच देने की कोशिश कर रहे हैं. ऑडियो में येदियुरप्पा, बीसी पाटिल को यह कहते सुने जा सकते हैं कि '' कोच्चि मत जाइए, हम आपको मंत्री बना देंगे और आप जो चाहते हैं, हर तरह से हम आपकी मदद करेंगे. जब बीसी पाटिल कहते हैं कि बताएं आगे क्या-क्या होगा, तो येदियुरप्पा कहते हैं कि समय आने पर सब बता देंंगे. फिलहाल अभी मत जाइए. इसके बाद पाटिल कहते हैं कि वह बस में हैं. फिर येदियुरप्पा कहते हैं कि किसी तरह का कोई बहाना बनाइये और बस से उतर जाइए. कर्नाटक में जारी राजनीतिक उठा-पटक के बीच भारतीय जनता पार्टी को बहुमत साबित करने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एहतियात के तौर पर मंगलौर में धारा 144 लगाया गया है बता दें कि बीजेपी के पास 104 विधायक हैं और बहुमत के लिये 112 विधायक चाहिये. वहीं कांग्रेस के 78 और जेडीएस के 38 मिलाकर 116 विधायक हैं. इसके अलावा कांग्रेस का दावा है कि 2 निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन है. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस और जेडीएस की ओर से दायर की गई याचिका की सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया
'कर्नाटक : फ्लोर टेस्‍ट कल, SC का आदेश - येदियुरप्‍पा नीतिगत फैसले नहीं लेंगे, एंग्‍लो इंडियन MLA के मनोनयन पर रोक...
18 May 2018
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने आज आदेश दिया कि कर्नाटक विधानसभा में कल शाम चार बजे बहुमत साबित किया जाए ताकि यह पता लगाया जा सके कि बीजेपी के नव नियुक्त मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा के पास राज्य में विधायकों का पर्याप्त संख्याबल है या नहीं. न्यायमूर्ति एके सीकरी की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने कहा, ‘सदन को फैसला लेने दें और सबसे अच्छा तरीका शक्ति परीक्षण होगा.’ न्यायमूर्ति एसए बोबडे और न्यायमूर्ति अशोक भूषण भी पीठ का हिस्सा थे. मुख्यमंत्री की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने सोमवार तक का वक्त मांगा था लेकिन पीठ ने शक्ति परीक्षण कल करने का आदेश दिया. बीजेपी प्रवक्‍ता संबित पात्रा ने कहा, कम से कम कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट की तारीफ तो की, उम्‍मीद है भविष्‍य में भी ऐसी तारीफ करेंगे - आजाद ने कहा कि कांग्रेस-जेडीएस के पास 117 विधायक. उन्‍होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के शुक्रगुजार हैं. - सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, SC ने की लोकतंत्र की रक्षा - फ्लोर टेस्‍ट से पहले सभी विधायक लेंगे शपथ और शपथ के बाद प्रोटेम स्‍पीकर बनेंगे. - सुप्रीम कोर्ट ने येदियुरप्‍पा नीतिगत फैसले नहीं ले सकते और एंग्‍लो इंडियन MLA मनोनित करने पर भी लगाई रोक. - राहुल ने ट्वीट कर कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट के आज के आदेश से हमारे इस रुख की पुष्टि होती है कि राज्यपाल ने असंवैधानिक ढंग से काम किया.’ उन्होंने कहा, ‘संख्या के बिना सरकार गठन के बीजेपी के दावे को न्यायालय ने खारिज किया है.’ राहुल ने दावा किया कि कानूनी रूप से रोके जाने के बाद भाजपा अब ‘सत्ता हासिल करने के लिए धन और बल इस्तेमाल करने का प्रयास करेगी.’ दरअसल, शीर्ष अदालत ने आज अपने आदेश में येदियुरप्पा को कल शाम चार बजे विधानसभा में बहुमत साबित करने को कहा है. कर्नाटक के सीएम बीएस येदियुरप्‍पा ने कहा, हमारे पास बहुमत है और कल फ्लोर टेस्‍ट में करेंगे साबित - बीजेपी नेता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि बीजेपी बहुमत साबित करेगी और हमें विश्‍वास विधानसभा में फ्लोर टेस्‍ट करेंगे पास - सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया है और कहा है कि संविधान की जीत, लोकतंत्र बरकरार. बीएस येदियुरप्पा एक दिन के सीएम रहेंगे. संविधान ने एक अवैधानिक मुख्यमंत्री को नकार दिया है. साथ ही कर्नाटक के राज्यपाल के असंवैधानिक फ़ैसले को भी नकार दिया है. - बीजेपी के वकील मुकुल रोहतगी ने SC से फ्लोर टेस्‍ट के लिए मांगा था सोमवार तक का वक्‍त, कोर्ट ने किया इनकार - अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि फ्लोर टेस्‍ट की हो वीडियोग्राफी और विधायकों को सुरक्षा मिलनी चाहिए ताकि वह वोट कर सके - सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि हम कल ही फ्लोर टेस्ट को तैयार लेकिन येदियुरप्‍पा ने तो नतीजे आने से पहले ही घोषणा कर दी थी कि बीजेपी सिंगल लार्जेस्ट पार्टी है - सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि येदियुरप्‍पा ने कहा हमारे साथ अलां फलां विधायक हैं, लेकिन a b c कौन कौन साथ हैं. वहीं कांग्रेस-जेडीएस ने सभी 117 के नाम लिख कर राज्यपाल को दिए - सुप्रीम कोर्ट ने कहा, प्री पोल गठबंधन पोस्ट पोल से अलग है. प्री पोल में लोगों को पहले से पता होता है लेकिन पोस्ट पोल थोड़ा हल्का होता है. - कर्नाटक: सिंघवी ने दलील दी कि राज्यपाल कैसे बीजेपी को बहुमत सिद्ध करने का मौका दे सकते है, जबकि कांग्रेस जेडीएस के पास पूरी संख्या है. - सुप्रीम कोर्ट ने कहा, बेहतर ये होगा कि शनिवार को फ्लोर टेस्ट हो ताकि किसी को कोई वक्त ना मिले. बजाए इसके कि राज्यपाल के येदियुरप्‍पा को आमंत्रित करने के फैसले की वैधता पर सुनवाई हो - सुप्रीम कोर्ट ने पूछा, राज्यपाल ने किस आधार पर ये निर्णय लिया कि कौन राज्य में स्थायी सरकार दे सकता है. जबकि सिंगल लार्जेस्ट पार्टी और कांग्रेस जेडीएस ने बहुमत सिद्घ करने का पत्र लिखा था. - बीजेपी वकील मुकुल रोहतगी ने येदियुरप्‍पा की चिट्ठी कोर्ट को सौंपी. कोर्ट ने कहा कि यह दूसरे पक्ष को दी जाए. दोनों लेटर में कहा गया है कि ये येदियुरप्‍पा बीजेपी के नेता चुने गए हैं, जो विधानसभा में लार्जेस्ट पार्टी है. उनके पास सपोर्ट कि जरूरत पड़ेगी तो फ्लोर टेस्ट में साबित करेंगे. - सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई शुरू, बीजेपी के वकील मुकुल रोहतगी ने SC को सौंपी येदियुरप्‍पा की गवर्नर को लिखी चिट्ठी, 15-16 मई को येदियुरप्‍पा ने ये चिट्ठी गवर्नर को लिखी थी - सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, येदियुरप्‍पा सरकार को 15 दिन में बहुमत साबित करने के समय में सुप्रीम कोर्ट कर सकता है कटौती. - एडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और पूर्व ऑटर्नी जनरल मुकुल रोहतगी भी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे - कर्नाटक के कांग्रेस विधायक हैदराबाद के ताज कृष्‍णा होटल पहुंचे सुप्रीम कोर्ट का कमरा नंबर छह में लोगों की भीड़ जुटी. कांग्रेस नेता कपिल सिब्‍बल और अभिषेक मनु सिंघवी कोर्ट पहुंचे - मुकुल रोहतगी ने कहा कि हम अदालत को मुख्यमंत्री का पत्र दिखाएंगे, इससे पता चल जाएगा कि उनके पास समर्थन है और इस मामले में कोई खरीद-फरोख्‍त नहीं हुई है. इसकी दूसरी तरफ विधायकों को रिसॉर्ट्स में ले जाया जा रहा है. बीजेपी के वकील मुकुल रोहतगी से जब पूछा गया कि उनके पास बहुमत है तो उन्‍होंने कहा- 'हां' - मल्लिकार्जुन खड़गे, गुलाम नबी आजाद और अन्य कांग्रेस नेता कर्नाटक के राज्यपाल वाजुभाई वाला के आधिकारिक निवास राजभवन के बाहर 11 बजे करेंगे विरोध प्रदर्शन - हैदराबाद के होटल पार्क होटल में ठहरेंगे कांग्रेस-JDS के विधायक, कांग्रेस सांसद ने कहा कि विधायक आने वाले हैं और उनके लिए यहां सभी प्रबंध कर दिए गए हैं. कर्नाटक में सियासी उठापटक के बीच पीएम मोदी ने देवेगौड़ा को फोन करके दी जन्‍मदिन की बधाई - बीजेपी ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस-जेडीएस ने राज्यपाल को विधायकों के समर्थन की जो चिट्ठी दी है उसमें कई दस्तखत फर्ज़ी हैं. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल ने भी ये बात कही थी. - कोर्ट में कर्नाटक से जुड़ी एक और याचिका पर सुनवाई होनी है, जिसमें विधानसभा में फ़्लोर टेस्ट तक एक एंग्लो इंडियन विधायक को मनोनीत न करने की मांग की गई है. मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल की सलाह पर राज्यपाल एंग्लो इंडियन विधायक को मनोनीत करते हैं. 0 टिप्पणियां - चार्टर्ड प्लेन को उड़ान भरने की इजाज़त नहीं देने के आरोप पर नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने ट्विटर पर इस मामले में सफ़ाई दी. एक पत्रकार के सवाल के जवाब में कहा कि घरेलू चार्टर्ड फ़्लाइट को डीजीसीए की मंज़ूरी की ज़रूरत नहीं होती है. लोकल एयर ट्रैफ़िक कंट्रोल की मंज़ूरी के बाद वो उड़ान भर सकता है.
'मैजिक नंबर' पर बात नहीं करूंगा, सदन में साबित करूंगा बहुमत : बीएस येदियुरप्‍पा...
17 May 2018
नई दिल्ली: कर्नाटक के 25वें मुख्‍यमंत्री के तौर पर शपथग्रहण के बाद पहली बार संवाददाताओं से बात करते हुए बीएस येदियुरप्‍पा ने कहा कि हम सदन में बहुमत साबित करेंगे. पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि हमें बहुमत साबित करना है और वह हम सदन में करेंगे. 'मैजिक नंबर' के सवाल पर येदियुरप्‍पा ने कहा कि मामला चूंकि कोर्ट में है, इसलिए इस पर यहां बात नहीं कर सकते. आज सुबह 9 बजे कर्नाटक राज्‍य के 25वें मुख्‍यमंत्री के तौर पर बीएस येदियुरप्‍पा ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली. येदियुरप्‍पा ने शपथग्रहण के मौके पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा, "यहां इस मुद्दे पर बात नहीं करूंगा, क्‍योंकि मामला कोर्ट में है... कल (शुक्रवार को) इस पर सुनवाई होगी और फैसला होना है... मैं सदन में बहुमत साबित करूंगा..." निर्दलीय विधायक के बारे में पूछे गए सवाल पर भी कोर्ट में मामला होने का हवाला देते हुए येदियुरप्पा ने जवाब देने से किनारा कर लिया. कर्नाटक में हुए विधानसभा चुनाव में BJP सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर सामने आई. दूसरे नंबर पर कांग्रेस रही, जबकि JDS तीसरे नंबर पर आई. राज्‍य में 222 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव में BJP को 104, कांग्रेस को 78, JDS+ को 38 और अन्‍य को दो सीटों पर सफलता मिली थी. BJP नेता बीएस येदियुरप्‍पा ने मतगणना से पहले ही कहा था कि राज्‍य में BJP की सरकार बनेगी, और वह 17 मई को शपथ लेंगे. येदियुरप्‍पा की यह बात सही साबित हुई और बृहस्‍पतिवार सुबह उन्‍होंने कर्नाटक के 25वें मुख्‍यमंत्री के तौर पर शपथ ली. शपथ से एक दिन पहले 16 मई की रात को BJP ने ट्वीट कर येदियुरप्‍पा के CM के तौर पर शपथ लेने की जानकारी दी थी. उसके बाद कांग्रेस और JDS सुप्रीम कोर्ट चले गए थे. रात में ही कोर्ट में सुनवाई हुई, लेकिन कोर्ट ने शपथग्रहण पर रोक लगाने से इंकार कर दिया. फिलहाल बीएस येदियुरप्‍पा ने अकेले शपथ ली है.
शाम तक येदियुरप्‍पा को मिल सकता है कर्नाटक में सरकार बनाने का न्‍योता, कल लेंगे शपथ- सूत्र....
16 May 2018
नई दिल्ली: कर्नाटक विधानसभा चुनावों में त्रिशंकु विधानसभा के नतीजे के बाद अब सभी की निगाहें कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला पर टिक गई हैं. राज्य में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और आनन-फानन में बने कांग्रेस व जेडीएस गठबंधन ने सरकार बनाने का दावा पेश किया है. भाजपा कर्नाटक चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी है लेकिन 224 सदस्यीय विधानसभा में जादुई आंकड़ा हासिल करने में विफल रही है. कर्नाटक के बेंगलुरु में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी की बैठक बुलाई गई है. इस बैठक में सेक्रटरी केसी वेणुगोपाल और अन्य कांग्रेस विधायक कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यालय बैठक के लिए पहुंचे. कर्नाटक में बनेगी किसकी सरकार LIVE UPDATES - कांग्रेस का दावा, 77 विधायक साथ, सिर्फ आनंद सिंह का पता नहीं. आनंद सिंह रेड्डी बंधुओं का पुराना सहयोगी. पार्टी ने कहा एक निर्दलीय विधायक भी पार्टी के साथ - कर्नाटक: मायावती ने सांसद अशोक सिद्धार्थ को बैंगलोर भेजा, BSP के इकलौते विधायक महेश को अपने साथ रखने को कहा है. महेश को बीजेपी के कुछ नेताओं ने संपर्क किया था - बीजेपी सूत्रों के अनुसार, शाम तक येदियुरप्‍पा को मिल सकता है कर्नाटक में सरकार बनाने का न्‍योता, कल लेंगे शपथ. - मुझे दोनों तरफ से ऑफर मिला है. मैं ऐसे ही नहीं कह रहा हूं. मेरे पिता के करियर में काला धब्‍बा लगा क्‍योंकि मैं 2004 और 2005 में बीजेपी के साथ चला गया था. अब भगवान ने मुझे इस काले धब्‍बे को मिटाने का एक मौका दिया है. इसलिए मैं कांग्रेस के साथ जा रहा हूं: कुमारस्‍वामी - बीजेपी ने मेरी पार्टी के लोगों को 100 करोड़ रुपये कैश और कैबिनेट पोस्‍ट देने का वादा किया है. ऐसा पहली बार हुआ है जब कोई पार्टी विपक्ष को इस स्‍तर तक धमका रही है: जेडीएस नेता कुमार स्‍वामी - जेडीएस के विधायक दल के नेता ने कहा कि बीजेपी को 104 सीटें मिली है इसका मतलब ये नहीं कि कर्नाटक के लोग बीजेपी को चाहते हैं -JDS विधायक दल की बैठक खत्‍म, एचडी कुमारस्‍वामी को नेता चुना गया - बीजेपी के विधायक दल के नेता बीएस येदियुरप्‍पा ने राज्‍यपाल को विधायकों के समर्थन वाली चिट्ठी राज्‍यपाल को सौंपी - कर्नाटक में कांग्रेस टूट से बचाने के लिए अपने विधायकों को रिसॉर्ट ले जा रही है - बीजेपी ने सरकार बनाने का दावा पेश किया, येदियुरप्‍पा ने समर्थन की चिट्ठी सौंपी. निर्दलीय विधायक आर शंकर ने दिया बीजेपी को समर्थन, समर्थन की चिट्ठी येदियुरप्‍पा को सौंपी - कांग्रेस नेता एमबी पाटिल का दावा, हम सब साथ हैं और यह सब खबर गलत है. उन्‍होंने कहा कि बीजेपी के 6 विधायक हमारे संपर्क में है. - जेडीएस नेता कुमारस्‍वामी ने कहा कि बीजेपी के साथ गठबंधन का कोई सवाल ही नहीं - कांग्रेस के 3 MLA के बाद अब JDS के 2 विधायक भी हुए लापता. जेडीएस की विधायक दल की बैठक से राजा वेंकटप्पा नायक और वेंकट राव नादागौड़ा नहीं पहुंचे. - जेडीएस की विधायक दल की बैठक शुरू - येदियुरप्‍पा को BJP विधायक दल का नेता चुना गया, राजभवन के लिए हुए रवाना - केन्‍द्रीय मंत्री सदानंद गौड़ा ने कहा कि बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है. छह महीने पहले कांग्रेस और जेडीएस लड़ रहे थे. अब वह सरकार बनाने के लिए साथ आ रहे हैं. - हम पहले ही फैसला कर चुके हैं कांग्रेस के साथ जाएंगे, इस वजह से JDS के विधायक दल की बैठक बुलाई है: कुमारस्‍वामी - जेडीएस ने कहा, बीजेपी ने उनके पांच विधायकों से किया संपर्क और पांचों विधायकों ने उनके ऑफर को ठुकरा दिया है. - येदियुरप्पा ने कहा कि विधायक दल की बैठक के दौरान नेता चुना जाएंगा. वहां से हम तुरंत राजभवन जाएंगे. हम सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे. शायद हम राज्यपाल से हमें कल समय देने के लिए कहें. - कर्नाटक के हैदाराबाद क्षेत्र के चार विधायक राजशेखर पाटिल, नरेंद्र और अनंत सिंह बैठक में नहीं पहुंचे हैं. बताया जा रहा है कि कांग्रेस के तीन लापता विधायक रेड्डी बंधुओं के करीबी हैं. - जेडीएस नेता दानिश अली ने कहा कि जेडीएस और कांग्रेस के पास नंबर है और मुझे आशा है कि राज्‍यपाल अपने संवैधानिक कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे और एचडी कुमारस्वामी को बात कर सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे. यदि बीजेपी राज्यपाल पर दबाव डालती है, तो यह लोकतंत्र की हत्‍या होगी. - कांग्रेस नेता रामलिंग रेड्डी ने कहा कि हमें अपने सभी विधायकों पर विश्‍वास है. बीजेपी उन्हें पाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है. बीजेपी लोकतंत्र में विश्वास नहीं करते हैं और सिर्फ सत्ता चाहते हैं. सभी लोग खुश हैं, यहां कोई भी नाखुश नहीं है. - कर्नाटक के पूर्व सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि हमारा कोई विधायक लापता नहीं है. हमें पूरा विश्वास है कि हम सरकार बना रहे हैं कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने कहा है कि बीजेपी हमारे विधायकों की खरीद फरोख्‍त कर रहे हैं, हम जानते हैं. हर दिन बहुत दबाव होता है, लेकिन यह इतना आसान नहीं है क्योंकि दो पार्टियों के पास आवश्यक संख्या है. - कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने कहा है कि हां हमारे पास प्लान जरूर है. हमें अपने विधायकों को बचाना होगा. हम आपको बताएंगे आगे क्या प्लान है. - कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सबसे बड़े राजनीतिक दल बीजेपी के पास बहुमत नहीं है. वहीं कांग्रेस और जेडीएस के पास 117 विधायकों के साथ बहुमत है. - बीजेपी नेता बसवराज बोमाई ने कहा कि राजनीतिक परिदृश्य अगले 2-3 दिनों में सामने आएगा. यह राजनीतिक दलों में बदलाव पर निर्भर करता है. अभी तक हम किसी भी व्यक्ति के पास नहीं जा रहे हैं लेकिन राजनीति संभावना की कला है. - कांग्रेस विधायक दल की बैठक शुरू, तीन विधायक बैठक में नहीं पहुंचे - बीजेपी विधायक केएस ईश्वरप्पा ने कहा कि इसमें कोई शक ही नहीं है कि सरकार हम ही बनाएंगे. 100 प्रतिशत सरकार हम बनाएंगे, आप बस देखते जाइए. नतीजे कल ही आए हैं, अभी बस एक ही दिन बीता है. - कांग्रेस विधायक ए एल. पाटिल बय्यापुर ने कहा कि मुझे बीजेपी नेताओं का फोन आया था और कहा कि हम आपको मंत्रालय देंगे. आपको मंत्री बना देंगे लेकिन मैं यहीं रहूंगा. चुनाव से काफी पहले भाजपा ने येदियुरप्पा को अपना मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवा घोषित किया था. सरकार गठन के वास्ते 112 का जादूई आंकड़े तक भाजपा नहीं पहुंच पायी है। कांग्रेस एवं जनता दल सेकुलर (जेडीएस) के नेताओं ने आज राज्यपाल वजूभाई वाला से भेंट की और राज्य में जेडीएस की अगुवाई में सरकार गठन का दावा पेश किया
कर्नाटक चुनाव परिणाम 2018 : एक बार फिर इन 8 बेलवेदर सीट पर मत पार्टी को ले जा रहा सत्ता तक....
15 May 2018
नई दिल्ली: कर्नाटक में चुनाव हुआ और मंगलवार को मतों की गिनती हुई. रुझानों में बीजेपी बहुमत की ओर बढ़ती जा रही है और कांग्रेस पार्टी की राज्य में करारी हार हो गई है. पार्टी नेताओं ने इस हार को स्वीकार कर लिया है और हार का ठीकरा राज्य के नेताओं पर ही फोड़ दिया. कर्नाटक चुनाव से जुड़े कुछ अंधविश्वास हैं, या कहें की मान्यताएं हैं. कहा जाता है कि जो भी पार्टी कर्नाटक विधानसभा का चुनाव जीतते हैं वह केंद्र का चुनाव हार जाती है. इतना ही नहीं, कर्नाटक की एक सीट हमेशा से ऐसी सीट रही है जो बेलवेदर सीट बनी रही है. करीब एक दर्जन से ज्यादा चुनावों में इस सीट पर जो पार्टी जीती है वही सत्ता पर पहुंची है. राज्य में हमेशा से सभी की नजर इस सीट पर बनी रहती है. शिराहट्टी, मध्य कर्नाटक के गडग जिले की सीट है जिसका नाम स्थानीय पंचायत पर पड़ा है. यहां पर लोगों ने जिस पार्टी को वोट दिया है वह पार्टी सत्ता पर पहुंची है. इतना ही नहीं इस सीट पर वोट का हाल सात विधानसभा चुनाव और पांच लोकसभा चुनाव में देखने को मिल चुका है. सिराहट्टी उन आठ बेलवेदर सीट पर टॉप है जिसने हवा के रुख को पहचानने में सबसे पहले सफलता हासिल की. आज जब मतगणना जारी है, ऐसे में सभी की नजर इस सीट पर है. दोपहर 2.15 बजे तक मतगणना के अनुसार यहां पर बीजेपी आगे चल रही है और जीत के आसार हैं. यानी एक बार फिर यह बात सच होने जा रही है कि जो भी इस सीट पर जीतता है वह सरकार बनाता है सिराहट्टी के बाद येलबुर्गा, मध्य कर्नाटक के इस इलाके ने भी ऐसा ही कुछ किया है. यहां पर लोगों ने पांच बार ऐसी पार्टी को चुना जो सत्ता पर पहुंची. यहां पर भी दोपहर बाद तक बीजेपी आगे चल रही है और जीत के करीब है. यानी यह दूसरी सीट है जहां पर इस बार विश्वास एक बार फिर पक्का होने जा रहा है. कर्नाटक चुनाव में छह और सीटें ऐसी रही हैं जहां पर लोगों ने ऐसी ही पार्टी को अपना मत दिया जो सत्ता में पहुंची. इन सीटों पर करीब 4 बार ऐसा ही हुआ है. दोपहर 2.20 तक के रुझानों के हिसाब से इन छह में से चार सीटों पर बीजेपी आगे चल रही है और दो सीट पर कांग्रेस आगे है. यह रुझान है. जेवरगी और गडग पर कांग्रेस आगे है जबकि बैंदुर, हरापनाहल्ली, तरीकीरे और दवनगिरी में बीजेपी आगे चल रही है. अभी तक के रुझान के हिसाब से भी यह बात एक बार फिर सच साबित होने जा रही है. उल्लेखनीय है कि राज्य की 224 सदस्यीय विधानसभा की 222 सीटों पर 12 मई को मतदान हुआ था. आर आर नगर सीट पर चुनावी गड़बड़ी की शिकायत के चलते मतदान स्थगित कर दिया गया था. जयनगर सीट पर भाजपा उम्मीदवार के निधन के चलते मतदान टाल दिया गया था. चुनाव कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि मतगणना लगभग 40 केंद्रों पर सुबह आठ बजे शुरू हो गई. रुझान एक घंटे के भीतर आने शुरू हो सकते हैं और चुनाव परिणाम देर शाम तक स्पष्ट होंगे.
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह ने की पीएम मोदी की राष्ट्रपति से शिकायत....
14 May 2018
नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह ने आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को चिट्ठी लिखकर पीएम मोदी की शिकायत की है. पत्र में मनमोहन सिंह ने पीएम मोदी की भाषा को लेकर शिकायत की है. उन्होंने राष्ट्रपति से कहा कि वह पीएम मोदी की ओर से 'बेबुनियाद', 'धमकी भरी' और 'डराने वाली' भाषा का इस्तेमाल कांग्रेस नेताओं के खिलाफ न करने के लिए कहें. यह प्रधानमंत्री पद के लिए शोभा नहीं देता है. गौरतलब है कि इससे पहले मनमोहन सिंह ने कर्नाटक चुनाव में भी भाषा को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि पीएम जिस भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं वैसा आज तक किसी भी प्रधानमंत्री ने नहीं किया है. उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, "हमारे देश के किसी भी प्रधानमंत्री ने अपने प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं किया है, जैसा मोदी दिन-रात करते हैं. यह प्रधानमंत्री के लिए शोभा नहीं देता कि वह इतना नीचे गिर जाएं और यह पूरे देश के लिए भी अच्छा नहीं है' पूर्व प्रधानमंत्री की ओर से लिखी इस चिट्ठी पर बीजेपी की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई प्रतिक्रिया नहीं है. गौरतलब है कि कर्नाटक चुनाव में भी बीजेपी और कांग्रेस नेताओं के बीच तल्खी चरम पर पहुंच गई थी और दोनों ही ओर से बयान दिये जा रहे थे.
महाराष्ट्र के औरंगाबाद में दो गुटों के बीच संघर्ष में 2 की मौत, 10 पुलिसकर्मी सहित 30 घायल....
12 May 2018
मुंबई: महाराष्ट्र के औरंगाबाद में कल देर रात दो गुटों के बीच झड़प में दो लोगों की मौत हो गई है. पुलिस और लोगों के बीच झड़प में 10 पुलिसवाले और 30 से ज़्यादा लोग घायल भी हुए हैं. हिंसा के बाद से तनाव का माहौल बना हुआ है. देर रात दो गुटों के बीच नल का कनेक्शन को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद पथराव और आगजनी की घटनाए हुई. शाहगंज इलाक़े में कुछ दुकानों और गाड़ियों को भी आग के हवाले किया गया है. भीड़ पर काबू पाने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। पुलिस ने इलाके में धारा 144 लगा दी है। इंटरनेट सेवा पर भी रोक लगा दी गई है. शाहगंज इलाके में कुछ दुकानों और गाड़ियों को भी आग के हवाले किया गया जिसके बाद पुलिस को भीड़ पर काबू पाने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल भी करना पड़ा. इलाके में अभी भी तनाव बना हुआ है. प्रशासन ने भी सुरक्षा के लिए ज़्यादा फोर्स को वहां पर तैनात किया है. इस पूरे मामले में कुछ लोगों के जख्मी होने की खबर है जिसमें से एक कि हालात गंभीर बताई जा रही है. बताया जा रहा है कि औरंगाबाद में देर रात शुरू हुई इस हिंसक झड़प में एक स्थानीय युवक की मौत हुई है. डीसीपी (जोन-वन) विनायक ढाकने ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हमलोगों ने प्रभावित इलाके भारी तादाद में पुलिसवालों की तैनाती की है. उपद्रवियों के खिलाफ हमलोग कड़ी कार्रवाई करेंगे. वहीं, महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री ने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान ना दें. पुलिस अधिकारी समेत 10 से ज्यादा लोग घायल यांघटना की जानकारी मिलने के बाद जिले के असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर गोवर्धन कोलेकर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, जिसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए. वहीं इस कार्रवाई का विरोध करते हुए भीड़ में शामिल कुछ युवकों ने पुलिस पर भी पथराव कर दिया. इस झड़प में असिस्टेंट कमिश्नर गोवर्धन को लेकर, इंस्पेक्टर हेमंत कदम और इंस्पेक्टर श्रीपद परोपकारी समेत कुल 10 लोग से घायल हो गए. इसके बाद तनाव की स्थिति को देखते हुए हिंसाग्रस्त इलाकों में महाराष्ट्र पुलिस के जवानों समेत केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की भी तैनाती की गई.
पीएम नरेंद्र मोदी बोले, नेपाल के बिना हमारे धाम अधूरे- हमारे राम अधूरे, 10 बातें....
11 May 2018
नई दिल्ली: दो दिनों नेपाल दौरे पर जनकपुर पहुंचे पीएम मोदी ने जानकी मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की. वहां मंजीरा बजाया और फिर वहां के पुजारियों से काफ़ी देर तक बात की. पूजा-अर्चना के बाद पीएम मोदी ने जानकी मंदिर की परिक्रमा की. इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने पीएम का अभिवादन किया. पीएम ने भी हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया. प्रधानमंत्री मोदी ने जनकपुर-अयोध्या के बीच बस सेवा को हरी झंडी दिखाई. पीएम ने इस मौक़े पर कहा कि रामायण सर्किट भारत और नेपाल दोनों के लिए अहम है. इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. इस दौरान नेपाल के पीएम केपी ओली भी पीएम मोदी के साथ रहे.
1-प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनकपुर में आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह में कहा कि 2014 में जब मैं प्रधानमंत्री के तौर पर पहली बार नेपाल आया था, तो संविधान सभा में कहा था कि जल्द ही जनकपुर आउंगा. मैं आप सबसे क्षमा चाहता हूं, मुझे आने में थोड़ी देर हो गई. आज जानकी मंदिर में दर्शन कर, मेरी बहुत सालों की मनोकामना पूरी हुई.
2पीएम मोदी ने कहा कि भारत और नेपाल दो देश हैं, लेकिन हमारी मित्रता आज की नहीं त्रेता युग की है. राजा जनक और राजा दशरथ ने सिर्फ़ जनकपुर और अयोध्या ही नहीं, भारत और नेपाल को भी मित्रता और साझेदारी के बंधन में बांध दिया था. पीएम मोदी बोले, नेपाल के बिना हमारे धाम अधूरे, नेपाल के बिना हमारे राम अधूरे
3-पीएम मोदी ने कहा कि ये बंधन है राम-सीता का. बुद्ध का, महावीर का है. यही बंधन रामेश्वरम् में रहने वाले को खींच कर पशुपतिनाथ ले आता है. यही बंधन लुम्बिनी में रहने वाले को बोधगया ले जाता है. और यही बंधन, यही आस्था, यही स्नेह, आज मुझे जनकपुर ले आया है.
4-पीएम मोदी ने कहा, भारत नेपाल संबंध किसी परिभाषा से नहीं बल्कि भाषा से बंधे हैं। ये भाषा आस्था की है, ये भाषा अपनेपन की है, ये भाषा रोटी की है और ये भाषा बेटी की है.
5-पीएम मोदी ने कहा कि हम एक नए भारत का निर्माण कर रहे हैं, जहां गरीब-से-गरीब व्यक्ति को भी प्रगति के समान अवसर मिले. जहां भेदभाव-ऊंच-नीच ना हो, सबका सम्मान हो. जहां बच्चों को पढ़ाई, युवाओं को कमाई और बुजुर्गों को दवाई मिले.
6-उन्‍होंने कहा कि विकास की पहली शर्त होती है लोकतंत्र. मुझे खुशी है कि लोकतांत्रिक प्रणाली को नेपाल के लोग मजबूती दे रहे हैं. हाल में ही आपके यहां चुनाव हुए. आपने एक नई सरकार चुनी है. अपनी आशांओं आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए आपने जनादेश दिया है.
7-पीएम मोदी ने कहा कि जनक की नगरी, सीता माता के कारण स्त्री- चेतना की गंगोत्री बनी है. सीता माता यानि त्याग , तपस्या ,समर्पण और संघर्ष की मूर्ति.
8-पीएम मोदी ने कहा, भारत की पड़ोसी प्रथम नीति में नेपाल सबसे पहले आता है. उन्‍होंने कहा कि जनकपुर और आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए नेपाल को 100 करोड़ रुपये देगा भारत.
9-जानकी मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद पीएम मोदी ने वहां एक सभा को भी संबोधित करते हुए कहा कि एकादशी के दिन जनकपुर में मां जानकी के चरणों में आना मेरा सौभाग्य है. हम नेपाल के साथ रिश्तों को मज़बूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
10-पीएम मोदी ने कहा कि भारत और नेपाल दोनों देशों के बीच 'रामायण' सर्किट बनाने की दिशा में काम करेंगे. यह दोनों देशों के बीच लोगों से संपर्क करने के लिए मजबूत लोगों के लिए आधार के रूप में कार्य करेगा.

इलाहाबाद में दिनदहाड़े वकील की गोली मारकर हत्या, विरोध में आगजनी....
10 May 2018
इलाहाबाद: इलाहाबाद में कटरा इलाके के मनमोहन पार्क के पास दिनदहाड़े एक वकील की गोली मार कर हत्या कर दी गई. सहकर्मी की हत्या के विरोध में वकीलों ने आज कचहरी के पास विरोध प्रर्दशन करते हुए आगजनी की. पेशे से वकील 48 वर्षीय राजेश श्रीवास्तव कचहरी जा रहे थे उसी दौरान उनकी हत्या कर दी गयी. गोली लगने के बाद उन्हें स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. यह घटना ऐसे समय में घटी है जब उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक कंभु कार्यों की समीक्षा के लिए शहर में मौजूद हैं. आक्रोशित वकीलों ने शव को अस्पताल के बाहर चौराहे पर रखकर सड़क जाम कर दिया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश कुलहरी को हटाने की मांग की. गुस्साए वकीलों ने कचहरी के पास दो मोटरसाइकिलों और एक सिटी बस को आग के हवाले कर दिया. क्षेत्र में तनाव की स्थिति है जिसके मद्देनजर कई थानों की पुलिस और टीएसी की 42 बटालियन बी कंपनी के एक प्लाटून की तैनाती की गई है. पुलिस महानिरीक्षक रमित शर्मा ने बताया कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की जा रही है.
जम्‍मू-कश्‍मीर: लश्‍कर के बड़े मॉड्यूल का भंडाफोड़, 6 आतंकी गिरफ्तार....
9 May 2018
श्रीनगर : जम्मू कश्मीर के बारामूला में सुरक्षाबलों ने लश्कर के बड़े मॉड्यूल का भांडाफोड़ किया है. लश्कर के 6 आतंकियों को गिरफ़्तार किया गया है. सुरक्षाबलों ने आतंकियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद बरामद किए गए हैं. पुलिस के मुताबिक़, गिरफ़्तार किए गए लश्कर आतंकी पिछले हफ़्ते बारामूला शहर में तीन स्थानीय लोगों की हत्या में शामिल थे. आतंकियों के पास से हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया गया है. आपको बता दें कि आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के गिरफ्तार आतंकवादी जबीउल्ला ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी ( एनआईए ) को बताया था कि वह सुरक्षाबलों पर ‘‘ बड़े पैमाने पर हमले ’’ करने के लिए भारत में घुसा था. एनआईए के अनुसार , उसने पूछताछ के दौरान एजेंसी से कहा कि वह इस साल मार्च में लश्कर के पांच अन्य सदस्यों के साथ सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए हथियारों के साथ भारत में घुसा था लेकिन उसके द्वारा हमला करने से पहले ही उनकी सुरक्षा बलों से मुठभेड़ हो गई जिसमें उसकी टीम के सदस्य मारे गये. इसने कहा , ‘‘ वह मुठभेड़ स्थल से फरार होने में कामयाब रहा. ’’ सुरक्षाबलों ने छह अप्रैल को जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के जुगियाल गांव से जबीउल्ला को गिरफ्तार किया था. गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर के शोपियां के बदीगाम जैनपुरा में मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने हिज्बुल कमांडर सद्दाम पादर और कश्मीर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर मोहम्मद रफी बट्ट सहित 5 आतंकी ढेर किया था. जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी एसपी वैद्य ने बताया था कि मुठभेड़ में 5 आतंकी मारे गये थे. कुछ दिन पहले ही प्रोफेसर बट्ट आतंकवाद में शामिल हो गये थे. जिस समय सुरक्षाबलों ने इनके खिलाफ ऑपरेशन शुरू किया वह हिजबुल कमांडर सद्दाम पाडेर से चुपचाप मुलाकात कर रहे थे.
Karnataka Election 2018 : चुनावों में भाजपा के 'कैंपेन फेस' पीएम मोदी....
8 May 2018
नई दिल्ली: कर्नाटक की लड़ाई निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है. 12 मई को होने वाले चुनाव से पहले भाजपा, कांग्रेस समेत तमाम दल अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं. केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले कर्नाटक को अहम पड़ाव के रूप में देख रही है. पार्टी के लिए यह लड़ाई इसलिये महत्वपूर्ण है, क्योंकि कर्नाटक उसके 'कांग्रेस मुक्त भारत' के नारे की लगभग आखिरी कड़ी है. तो दूसरी तरफ, 'दक्षिण' की खोई जमीन भी वापस हासिल करना है. भाजपा ने इस लड़ाई में अपनी सारी ताकत लगा दी है. पार्टी के लिए चुनावों में सबसे प्रमुख या कहें कि इकलौते 'खेवनहार' पीएम मोदी खुद चुनाव प्रचार में जोरशोर से जुटे हैं. चुनाव से पहले कर्नाटक में उनकी 15 रैलियां प्रस्तावित थीं. बाद में इसे बढ़ाकर 21 कर दिया गया. जिससे यह जाहिर है कि, भाजपा अपने 'चुनावी रथ' को सरपट दौड़ाने के लिए पीएम मोदी पर लगभग पूरी तरह निर्भर हो चुकी है. इसी साल फरवरी में पूर्वोत्तर के तीन राज्यों त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड के चुनावों में भी इसकी बानगी देखने को मिली थी. जहां भाजपा के चुनाव अभियान के सारथी पीएम मोदी थे. पार्टी को इसका अभूतपूर्व फायदा भी मिला. त्रिपुरा में लेफ्ट के 25 सालों की सत्ता को उखाड़कर भाजपा सत्ता पर काबिज हुई. भाजपा के अन्य 'चुनावी चेहरों' की बात करें तो पीएम मोदी के बाद लोकप्रियता और भीड़ खींचने के मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दूसरे नंबर पर रखा जाता है. वहीं पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह, राजनाथ सिंह, अरुण जेटली, नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान जैसे नेता भी चुनाव प्रचार में उतरते हैं, लेकिन अब तक के अनुभव बताते हैं कि, लोकप्रियता और लोगों को जोड़ने के मामले में ये सभी पीएम मोदी से बहुत पीछे हैं. गोरखपुर और फूलपुर के उपचुनावों के बाद बढ़ी निर्भरता : पिछले दिनों गोरखपुर और फूलपुर के उप चुनावों में भाजपा को तगड़ा झटका लगा था. प्रदेश में भाजपा की सरकार और खुद सीएम-डिप्टी सीएम का चुनावी क्षेत्र होने की वजह से पार्टी यहां जीत के लिए पूरी तरह आश्वस्त थी, लेकिन दोनों जगह पार्टी को हार का सामना करना पड़ा. यहां हार के बाद भाजपा की पीएम नरेंद्र मोदी पर निर्भरता और बढ़ गई. अब कर्नाटक के चुनावों से साफ है कि, इस साल के अंत में होने वाले मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ औऱ मिजोरम के चुनावों में भी पीएम मोदी ही पार्टी के 'खेवनहार' होंगे. यूं ही नहीं हैं पीएम मोदी चुनावों में 'वन मैन आर्मी' : पीएम मोदी चुनावी समर में भाजपा के 'वन मैन आर्मी' यूं ही नहीं हैं. इसके पीछे सबसे बड़ी वजह उनका व्यक्तित्व है. पिछले चार वर्षों के दौरान न तो उनपर कोई व्यक्तिगत आक्षेप लगा और न ही उनकी सरकार में कोई घपला-घोटाला सामने आया. दूसरी तरफ, उत्तर हो या दक्षिण, बेहतरीन संचार-कौशल और वाकपटुता की बदौलत वे जनता को अपने मोहपाश में बांध लेते हैं. चुनावों के दौरान उनकी स्टेमिना काबिलेगौर होती है. एक दिन में तीन-चार रैलियां और सभी में वही जोश. चुनावों में पार्टी के प्रति उनका समर्पण साफ दिखता है.
सुप्रीम कोर्ट ने कठुआ गैंगरेप मामले को पठानकोट भेजा, CBI जांच की मांग ठुकराई....
7 May 2018
नई दिल्‍ली: कठुआ में आठ साल की बच्ची के साथ गैंगरेप किए जाने और उसकी हत्या कर देने के मामले की सुनवाई को सुप्रीम कोर्ट ने राज्य से बाहर पठानकोट में ट्रांसफर कर दिया है, लेकिन मामले की जांच CBI से करवाने से इंकार कर दिया है. मामले की सुनवाई को ट्रांसफर करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'फेयर (Fair) और फियर (Fear) एक साथ अस्तित्व में नहीं रह सकते', और फेयर ट्रायल का मतलब स्पीडी ट्रायल भी है, इसलिए ट्रायल 'डे-टू-डे', यानी रोज़ाना होगा, जिसमें सुनवाई को टाला नहीं जाएगा. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, मामले का ट्रायल 'इन-कैमरा' होगा, और सर्वोच्च न्यायालय ट्रायल की निगरानी करेगा. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, सभी बयानों का अंग्रेज़ी में अनुवाद किया जाएगा, तथा ट्रायल रणबीर पीनल कोड के आधार पर चलेगा. कोर्ट ने जम्मू एवं कश्मीर सरकार को केस के लिए स्पेशल प्रॉसीक्यूटर नियुक्त करने का भी आदेश दिया. मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई को होगी, जिसके लिए राज्य सरकार को आदेश दिया गया है कि वह गवाहों के बयान दर्ज कराने के लिए उन्हें पठानकोट ले जाएगी और उनका खर्च वहन करेगी. कोर्ट के आदेश के मुताबिक, आरोपियों के साथ भी वैसा ही व्यवहार किया जाना चाहिए. जम्मू कश्मीर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में मामले को राज्य से बाहर करने का विरोध किया. सरकार ने कहा कि पुलिस ने इस मामले में अच्छा काम किया है और वो पीड़ित को फेयर ट्रायल दिलाएंगे. सरकार ने कहा कि अगर इस मामले को राज्य में ही ट्रांसफर किया जा सकता है. सरकार ने केस को कठुआ की जगह राज्य के दूसरे हिस्से में ट्रांसफर के लिए चार विकल्प दिए, जम्मू, उधमसिंह नगर, रामबन और सांभा. जिसपर एक याचिकाकर्ता ने कहा कि रामबन में अगर मामले का ट्रांसफर किया जाता है तो वो सहमत है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम सेशन जज को कहेंगे कि वो खुद ही मामले की सुनवाई करें. कोर्ट ने कहा कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक हो, गवाहों की सुरक्षा का ध्यान रखा जाए. वहीं याचिकाकर्ता की तरफ से आरोपियों की मांग का विरोध किया गया. कहा गया कि जम्मू औऱ पठानकोट प्रदर्शन की मुख्य जगह थी. लिहाजा मामले का ट्रांसफर इसके अलावा कहीं और किया जाए. जिसपर आरोपियों की तरफ से कहा गया कि याचिकाकर्ता जानबूझ कर मामले की सुनवाई वहां कराना चाहते है जहां दूसरे समुदाय के लोग ज्यादा हैं. इसलिए मामले को वहां ट्रांसफर न किया जाए. सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि मामले का ट्रांसफर वहीं करेंगे जहां की दूरी स्वीकार योग्य होगी. कठुआ गैंगरेप मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ि‍ता के जैविक पिता की ट्रायल को कठुआ से जम्मू ट्रांसफर करने की याचिका पर सुनवाई की. आरोपी संजीलाल और उसके बेटे विकास जगरोत्रा ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है. हलफनामे में कहा कि वो बेगुनाह हैं जम्मू कश्मीर क्राइम ब्रांच ने उनको फंसाया है. हलफनामे में मामले को सीबीआई को सौंपने की मांग करते हुए कहा गया है कि असल अपराधियों को पकड़ने और पीड़िता को इंसाफ दिलाने के लिए ये ज़रूरी है. हलफनामे में कहा गया है कि सिर्फ आशंका के आधार पर केस को जम्मू से बाहर ट्रांसफर नहीं किया जा सकता. धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक देश जहां कानून का राज है वहां फेयर एन्ड फ्री ट्रायल का अधिकार आरोपी का भी है. कठुआ में ट्रायल चल रहा है जिनमें 221 गवाह हैं, जिनके लिए 265 किलोमीटर दूर चंडीगढ़ जाकर गवाही देना मुमकिन नहीं है. पीड़ित परिवार को कोई धमकी नहीं दी जा रही. उल्टे हमें ही लोग धमका रहे हैं. इसके सबूत भी हैं.' याचिकाकर्ता ने कहा कि पीड़ि‍ता की वकील दीपिका राजावत ट्रायल कोर्ट में पीड़ित परिवार की वकील नहीं हैं लिहाजा उनकी और उनके साथी तालिब हुसैन की सुरक्षा हटाई जाए. ट्रायल के अलावा जीने के अधिकार को लेकर भी स्वतन्त्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच भी ज़रूरी. जम्मू-कश्मीर पुलिस की जांच निष्पक्ष नहीं है भेदभावपूर्ण और प्रेरित है. SIT में शामिल DSP इरफान वानी के खिलाफ रेप का मुकदमा चल रहा है. इन्स्पेक्टर निसार खान के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा चल रहा है. SIT ने केस डायरी में गड़बड़ की, आरोपियों व गवाहों को टॉर्चर किया. संजीलाल पीड़ित बच्ची के दादा की उम्र का है जबकि विशाल तो उस वक्त यूपी में इम्तिहान दे रहा था. आरोपियों ने कहा कि वो खुद के लिए फेयर ट्रीटमेंट और पीड़िता के लिए न्याय चाहते हैं.
कौन थे जनरल थिमय्या, जिनका जिक्र पीएम मोदी ने कर्नाटक में रैली के दौरान किया था....
4 May 2018
नई दिल्ली: आज़ाद भारत की थलसेना के पहले भारतीय प्रमुख जनरल कोडन्डेरा सुबय्या थिमय्या का ज़िक्र अचानक ही फिर होने लगा, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान के दौरान 'कर्नाटक के सपूत' के तौर पर उनका नाम लिया, और कांग्रेस पर उन्हें अपमानित करने का आरोप लगाया. प्यार से 'टिमी' कहकर पुकारे जाने वाले जनरल थिमय्या का जन्म 30 मार्च, 1906 को कोडागु के मदिकेरी में हुआ था, और प्रारंभिक शिक्षा के बाद आठ साल की उम्र में उन्हें पढ़ने के लिए कुन्नूर के सेंट जोसेफ कॉलेज भेज दिया गया... कुछ साल बाद उन्हें बेंगलुरू के बिशप कॉटन ब्वायज़ स्कूल में भेज दिया गया, और स्कूली पढ़ाई खत्म करने के बाद उन्होंने प्रिंस ऑफ वेल्स रॉयल इंडियन मिलिटरी कॉलेज (RIMC) में दाखिला लिया, जो उस वक्त तक भारतीय सेना में शामिल होने के लिए आवश्यक कदम था... RIMC से ग्रेजुएट हो जाने के बाद थिमय्या उन छह भारतीय कैडेटों में शामिल थे, जिन्हें आगे की ट्रेनिंग के लिए सैंडहर्स्ट स्थित रॉयल मिलिटरी कॉलेज में दाखिला दिया गया. वर्ष 1957 से 1961 के बीच भारतीय सेना के प्रमुख रहे थिमय्या अपने माता-पिता की दूसरे नंबर की संतान थे, और उनके दो भाई और तीन बहनें थीं... उनके दोनों भाई भी भारतीय सेना में अधिकारी रहे... जनरल थिमय्या एकमात्र भारतीय हैं, जिन्होंने द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान एक इन्फैन्ट्री ब्रिगेड की कमान संभाली... भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें जुलाई, 1964 में साइप्रस में संयुक्त राष्ट्र शांतिसेना का कमांडर नियुक्त किया गया, और उनका देहांत 18 दिसंबर, 1965 को साइप्रस में ही ड्यूटी पर रहने के दौरान हुआ भारतीय सेना में जनरल थिमय्या को सेकंड लेफ्टिनेंट के रूप में 4 फरवरी, 1926 को कमीशन किया गया था... आज़ादी और बंटवारे के तुरंत बाद सितंबर, 1947 में उन्हें मेजर-जनरल रैंक में प्रोन्नति दी गई, तथा चौथी इन्फैन्ट्री डिवीज़न तथा पंजाब बाउन्डरी फोर्स का प्रभार सौंपा गया... 1948 में पाकिस्तान के साथ कश्मीर को लेकर हुए संघर्ष में भी वह सक्रिय अफसर रहे... उनकी अगली नियुक्ति भी जम्मू एवं कश्मीर में 19वीं इन्फैन्ट्री डिवीज़न के कमांडर के रूप में हुई, और वह हमलावरों और पाकिस्तानी सेना को कश्मीर घाटी से खदेड़ने में कामयाब हुए... इंडियन मिलिटरी एकैडमी के कमांडेंट भी रह चुके जनरल थिमय्या को 7 मई, 1957 को भारतीय सेना प्रमुख के रूप में नियुक्ति दी गई थी.
राजस्थान में 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी, उप्र में तेज आंधी-बारिश, दोनों राज्यों में 81 मौतें?....
3 May 2018
जयपुर/लखनऊ.राजस्थान और उत्तर प्रदेश में बुधवार को आए बवंडर ने जमकर तबाही मचाई। पिछले 24 घंटे में राजस्थान में 36 तो उत्तर प्रदेश में 45 लोगों की मौत हो गई। 140 से ज्यादा लोग जख्मी हुए हैं। इस बवंडर की रफ्तार 120 किमी प्रति घंटे रही। इस दौरान कई पेड़ और बिजली के खंभे धराशायी हो गए। कई जगह सड़कों पर और रेलवे ट्रैक पर पेड़ पोल गिरने से यातायात व्यवस्था ठप रही। राजस्थान: सबसे ज्यादा 12 मौतें भरतपुर में -आपदा प्रबंधन के हेमंत कुमार गेरा ने बताया, "राजस्थान में 3 जिले भरतपुर, धौलपुर और अलवर सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। भरतपुर में 12, धौलपुर में 10 और अलवर में 4 मौतें हुईं। 100 से ज्यादा लोग जख्मी हुए।" - बीकानेर में 38 किमी घंटा की गति से चली आंधी चली। इस दौरान राज्य में 500 मीटर विजिबिलिटी रही। - बीकानेर में 38 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल, जिससे पारा 45 डिग्री से गिरकर 35 डिग्री पर आ गया। जयपुर में आंधी गति 18 किलोमीटर प्रति घंटा रही। आंधी से दृश्यता 500 मीटर ही रही। जयपुर में पारा 42.7 डिग्री था जो शाम को तेज हवाओं के कारण 8 डिग्री सेल्सियस कम हो गया। - दूसरी ओर, बुधवार को बूंदी के बाद जैसलमेर और कोटा का तापमान सबसे ज्यादा रहा। यहां 45 डिग्री सेल्सियस पारा दर्ज किया गया। वहीं, पिलानी में 23.7 एमएम बारिश दर्ज की गई। वसुंधरा ने हर जरूरी मदद देने को कहा - मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने हादसे में मारे गए लोगों के प्रति दुख जताया है और हर जरूरी मदद देने की बात कही है। वहीं, हादसे में हुई मौतों के बाद कांग्रेस महासचिव ने अशोक गहलोत ने अपना जन्मदिन मनाने से इनकार कर दिया है। उत्तर प्रदेश: सबसे ज्यादा असर आगरा में,36 मौतें - उत्तर प्रदेश में तेज आंधी और बारिश से 45 लोगों की मौत हो गई। आगरा में सबसे ज्यादा 36 लोगों की मौत हुई, वहीं, बिजनौर में 3, सहारनपुर में दो, और बरेली, मुरादाबाद, चित्रकूट और रामपुर में 1-1 व्यक्ति की आंधी की चपेट में आने से मौत हुई है। 38 लोग जख्मी हुए। - स्थानीय अधिकारियों ने सभी प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य पहुंचाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। - मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मरने वालों के परिवार को 4 लाख और घायलों को 50 हजार मुआवजा देने का एलान किया है। दिल्ली में भी चली आंधी, पारा गिरा - राजधानी के आसपास चक्रवाती हवाओं का सिस्टम बनने से बुधवार शाम मौसम अचानक बदल गया। दिनभर तेज धूप के बाद शाम 5 बजे 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चली। कुछ देर आंधी के बाद तेज बारिश हुई। इसके कारण फिरोजशाह कोटला मैदान पर दिल्ली डेयरडेविल्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच मैच भी देर से शुरू हुआ। - आंधी-बारिश से अधिकतम तापमान 38.3 डिग्री सेल्सियस सेगिरकर 20.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। आंधी-बारिश सेकरीब 26 जगह पेड़ और दीवार गिरने की सूचना मिली। इस दौरान कई जगह ट्रैफिक भी जाम रहा। इस कारण आते हैं बवंडर - ज्यादातर रेगिस्तान भूमध्य रेखा के इर्दगिर्द है। इस क्षेत्र में वायुमंडलीय दबाव बहुत अधिक होता है। यह दबाव एक सीमा से अधिक होने पर ऊंचाई पर मौजूद ठंडी शुष्क हवा जमीन की तरफ आती है। सूरज की सीधी किरणें इसे बहुत गर्म कर देती हैं। हवा में नमी नहीं होने की वजह से बारिश नहीं होती। इससे धूल के कणों की आपस में पकड़ नहीं रह पाती है। ऐसे में ये हवा के साथ बहुत आसानी से ऊपर उठना शुरू कर देते हैं। हवा की रफ्तार 40 किलोमीटर से अधिक होने पर ये कण एक बवंडर का रूप धारण कर लेते हैं। बवंडर के साथ धूल के कण 10 से 50 फीट या इससे भी ज्यादा ऊंचाई तक पहुंच जाते हैं।
फेसबुक पर सबसे ज़्यादा फॉलो किए जाने वाले नेता हैं PM नरेंद्र मोदी : अध्ययन?....
2 May 2018
नई दिल्ली: भले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर पर 'राज' कर रहे हों, लेकिन वह सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म फेसबुक पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बेहद पीछे छूट गए हैं. कम्युनिकेशन्स कंपनी बरसॉन-मार्टस्टेलर द्वारा करवाए गए तथा बुधवार को प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, नरेंद्र मोदी इस वक्त फेसबुक पर सबसे ज़्यादा फॉलो किए जाने वाले नेता हैं, जिन्हें 43.2 मिलियन (चार करोड़ 32 लाख) लोग फॉलो करते हैं. यह आंकड़ा डोनाल्ड ट्रंप के 23.1 मिलियन (दो करोड़ 31 लाख) फेसबुक फॉलोअरों की तुलना में लगभग दोगुना है. बताया गया है कि एशियाई देशों में फेसबुक को ट्विटर की तुलना में ज़्यादा इस्तेमाल किया जाता है, और यह भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा अन्य एशियाई नेताओं के ज़्यादा फॉलोअरों की एक वजह है. अध्ययन के अनुसार, कम्बोडिया के प्रधानमंत्री हुन सेन इस सूची में पांचवें पायदान पर पहुंच गए हैं, जिनके फॉलोअरों की तादाद में लगभग 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, और यह आंकड़ा अब 96 लाख है. दिलचस्प तथ्य यह है कि उनके फॉलोअरों की कुल संख्या कम्बोडिया के कुल फेसबुक यूज़रों (71 लाख) से भी ज़्यादा है, हालांकि फेसबुक पर कुल एक करोड़ 44 लाख ख्मेर-भाषियों के लिहाज़ से उनके फॉलोअरों की तादाद अभी और बढ़ सकती है. इस अध्ययन के अंतर्गत 650 राष्ट्रप्रमुखों एवं विदेश मंत्रियों के व्यक्तिगत तथा संस्थागत फेसबुक पेजों की 1 जनवरी, 2017 से अब तक की गतिविधियों का विश्लेषण किया गया. हालांकि अध्ययन के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप के पेज पर दुनिया में सबसे ज़्यादा इंटर-एक्शन (कमेंट, लाइक, शेयर) हुए. पिछले 14 महीनों में अमेरिकी राष्ट्रपति के पेज पर कुल 20 करोड़ 49 लाख इंटर-एक्शन हुए, जबकि PM नरेंद्र मोदी के पेज पर इंटर-एक्शनों की कुल तादाद 11 करोड़ 36 लाख रही. अध्ययन में यह भी पाया गया कि डोनाल्ड ट्रंप अपने फेसबुक पेज पर औसतन पांच पोस्ट रोज़ करते हैं, जो भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की जाने वाली पोस्टों के दोगुने से भी ज़्यादा है. फॉलोअरों के लिहाज़ से जोर्डन की क्वीन रानिया तीसरे स्थान पर हैं, जिनके कुल एक करोड़ 60 लाख फॉलोअर हैं.
PM मोदी पर सिद्धारमैया का पलटवार, कहा-क्या आप डर की वजह से वाराणसी और वडोदरा से चुनाव लड़े थे?....
1 May 2018
नई दिल्ली: दो सीटों से चुनाव लड़ने के पीएम नरेंद्र मोदी के हमले पर सिद्धारमैया ने ट्वीट कर पलटवार किया है. सिद्धारमैया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, क्या आप डर की वजह से 2 संसदीय सीट वाराणसी और वडोदरा से चुनाव लड़े थे? आप तो 56 इंच के सीने वाले शख़्स हैं, आपके पास इसका बुद्धिमत्तापूर्ण जवाब ज़रूर होगा!! आपको बता दें कि कर्नाटक में 224 विधानसभा सीटों पर 12 मई को चुनाव होने हैं और वोटों की गिनती 15 मई को होगी. सिद्धारमैया ने कहा कि 2 सीटों को भूल जाइए सर, आपकी पार्टी 60-70 सीटों का आंकड़ा नहीं पार कर पाएगी, इस बात की चिंता कीजिए. पीएम मोदी ने कहा था कि पीएम मोदी ने कहा कि कर्नाटक में 2+1 का फॉर्मूला चल रहा है. सिद्धारमैया खुद दो सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं कि कहीं से बच जाएंगे. खुद जहां से पहले लड़े थे वहां बेटे को भेज दिया है. उन्‍होंने कहा कि पीएम मोदी ने कहा कि सरकार की वजह से यहां न तो लॉ है और ना ऑर्डर है. इतना ही नहीं लोकायुक्‍त भी सलामत नहीं है. उन्‍होंने कहा कि जहां-जहां कांग्रेस होती है वहां-वहां भ्रष्‍टाचार, भाई भतीजावाद होता है. इससे पहले सिद्धारमैया ने ट्वीट कर कहा है कि पीएम मोदी सुना है आप हमारे कर्नाटक आ रहे हैं. हमारे राज्य में हम आपका स्वागत करते हैं. जब आप यहां होंगे तो हम कर्नाटक की जनता चाहेंगे कि आप इन मुद्दों पर अपनी बात रखें 1- क्या जर्नादन रेड्डी आपकी रैलियों में शामिल होंगे? 2- आपने रेड्डी बंधुओं और उनके 8 सहयोगियों को टिकट दिया है. 3- इस दिखावे को बंद करें. कर्नाटक के लोगों के आंखों पर कमल नहीं चढ़ा है. 4- आपने भ्रष्टाचार के आरोपी येदियुरप्पा को अपना सीएम उम्मीदवार बनाया है. 5- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ आप येदियुरप्पा के साथ मंच साझा नहीं करना चाहते हैं. 6- क्या येदियुरप्पा अभी भी आपके मुख्यमंत्री उम्मीदवार हैं? 0 टिप्पणियां7- आपने रेप के आरोपियों और उन विधायकों को टिकट दिया जो विधानसभा में पॉर्न देखते पकड़े गए थे 8- यूपी के मुख्यमंत्री ने रेप के आरोपी विधायक को संरक्षण दिया, बावजूद इसके बीजेपी कर्नाटक में रेप पर राजनीति कर रही है.
बिहार : जहानाबाद में होती रही बच्ची से छेड़छाड़, चीखती रही नाबालिग, कोई नहीं आया बचाने....
30 April 2018
पटना: बिहार के जहानाबाद जिले में ऐसा वीडियो वायरल हुआ है, जो न सिर्फ शर्मसार करने वाली है, बल्कि गुस्सा भी दिलाएगी. बिहार के जहानाबाद में एक नाबालिग़ बच्ची से छेड़छाड़ का वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें पांच-छह लड़के एक लड़की को घेरकर उससे छेड़छाड़ करते नजर आ रहे हैं और उसके साथ बदसलूकी कर रहे हैं. लड़की के लाख चिल्लाने के बाद भी लड़के उसके कपड़े उतारने की कोशिश कर रहे हैं, मगर कोई उसकी मदद नहीं कर रहा है. लड़की मनचलों से उसे छोड़ देने की गुहार लगा रही है. वह लाचार बेबस होकर अपनी इज्जत लूटने से बचाने की कोशिश कर रही है. हालांकि, पुलिस ने इस मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. हालांकि, इस वीडियो में दिखने वाले दो अन्य फरार बताए जा रहे हैं. सीनियर आईपीएस ऑफिसर नय्यर हुसैन खाने ने इस वीडियो की जांच के लिए स्पेशल टीम का गठन किया है. इस दिल दहला देने वाले वीडियो को सोशल मीडिया पर काफी शेयर किया गया. हालांकि, फरार आरोपियों की पहचान भी पुलिस ने कर ली है. वीडियो में आरोपी लड़की को गालियां देते और हंसते देखे जा रहे हैं. कुछ लड़के इस घटना का वीडियो बना रहे हैं. लाचार लड़की किसी तरह उन हमलावरों के जूझ रही है और बचने की कोशिश कर रही है. ये आरोपी उसके कपड़े उतारने की कोशिश कर रहे हैं. लड़की उससे बचने की कोशिश कर रही है. कोई भी उसे बचाने की कोशिश नहीं कर रहा है. यहां तक कि जिसने यह वीडियो बनाया है, वह भी इसे बचाने की कोशिश नहीं कर रहा है. पुलिस ने बताया कि अधिकतर हमलावर नाबालिग ही दिख रहे हैं. इनमें से किसी का एक मोटरसाइकिल भी है, जो इस वीडियो में दिख रहा है. इसी से पुलिस को सुराग मिले हैं. पुलिस ने बताया कि जिस मोबाइल से वीडियो शूट किया गया है, उसे बरामद कर लिया गया है. पुलिस ने पहली जांच रिपोर्ट के आधार पर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस घर-घर जाकर छानबीन कर रही है और बाकी हमलावरों की पहचान के लिए गांव वालों और पड़ोसियों से बात कर रही है. बता दें कि अभी हाल ही में एक अध्यादेश को मंजूरी मिली है कि 12 साल से कम उम्र की बच्ची के साथ रेप पर फांसी की सजा होगी.
लड़कों से यौन उत्पीड़न पर भी होगी फांसी, मंत्रालय ने पॉक्सो एक्ट में संशोधन का दिया है प्रस्‍ताव....
28 April 2018
नई दिल्ली: महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने कहा कि केंद्र यौन शोषण के शिकार पीड़ित लड़कों को न्याय दिलाने के लिए पोक्सो कानून में संशोधन करने की योजना बना रहा है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा 12 साल की उम्र तक की लड़कियों से बलात्कार करने वाले दोषियों को मौत की सजा देने वाले अध्यादेश को मंजूरी देने के बाद केंद्र इस पर विचार कर रहा है. मंत्रालय ने गुरुवार को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कहा, ‘सरकार हमेशा लैंगिक निष्पक्ष कानून बनाने के लिए प्रयासरत रहती है. सरकार ने यौन शोषण के शिकार लड़कों को न्याय दिलाने के लिए पोक्सो कानून में संशोधन का प्रस्ताव दिया है.’ महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने चेंज डॉट ओआरजी पर फिल्म निर्माता इंसिया दरीवाला की एक याचिका का हाल ही में समर्थन किया है जिन्होंने कहा कि लड़कों के यौन शोषण की सच्चाई को भारत में नजरअंदाज किया जाता है. याचिका के जवाब में उन्होंने कहा कि यौन शोषण के शिकार बालकों पर अध्ययन कराया जाएगा जो अपनी तरह का पहला होगा. मेनका ने कहा, ‘बाल यौन शोषण का सबसे अधिक नजरअंदाज किए जाने वाला वर्ग पीड़ित लड़कों का है. बाल यौन शोषण में लैंगिक आधार पर कोई भेद नहीं है. बचपन में यौन शोषण का शिकार होने वाले लड़के जीवन भर गुमसुम रहते हैं क्योंकि इसके पीछे कई भ्रांतियां और शर्म है. यह गंभीर समस्या है और इससे निपटने की जरुरत है.’ मंत्री ने कहा कि याचिका के बाद उन्होंने सितंबर 2017 में राष्ट्रीय बाल संरक्षण अधिकार आयोग (एनसीपीसीआर) को पीड़ित लड़कों के मुद्दे पर विचार करने के निर्देश दिए. एनसीपीसीआर ने पिछले साल नवंबर में इस संबंध में कांफ्रेंस की थी. उन्होंने कहा, ‘कांफ्रेंस से उठी सिफारिशों के अनुसार, सर्वसम्मति से यह फैसला किया गया है कि बाल यौन शोषण के पीड़ितों के लिए मौजूदा योजना में संशोधन होना चाहिए ताकि कुकर्म या यौन शोषण का सामना करने वाले लड़कों को भी मुआवजा मिल सकें.’
कठुआ रेप केस के आरोपी ने जुर्म कबूला, इसलिए की थी बच्ची की हत्या....
27 April 2018
नई दिल्ली: कठुआ में आठ साल की बच्ची से बलात्कार और उसकी हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. मामले की जांच में जुटी पुलिस ने कहा है कि आरोपियों में से एक सांझी राम ने हत्या की बात कबूल ली है. पूछताछ के दौरान उसने बताया कि उसे बच्ची के अपहरण के चार दिनों बाद बलात्कार की बात पता चली और बलात्कार में अपने बेटे के भी शामिल होने का पता चला. इसके बाद उसने बच्ची की हत्या करने का निर्णय लिया. जांचकर्ताओं ने बताया कि 10 जनवरी को अपह्रत बच्ची से उसी दिन सबसे पहले सांझी राम के नाबालिग भतीजे ने बलात्कार किया था. सांझी राम को इस घटना की जानकारी 13 जनवरी को मिली जब उसके भतीजे ने अपना गुनाह कबूल किया. सांझी राम ने जांचकर्ताओं को बताया कि उसने ‘देवीस्थान ’में पूजा की और अपने भतीजे को घर प्रसाद ले जाने को कहा, लेकिन वह देर करता रहा. इसके गुस्से में उसे पीट दिया. पिटने के बाद नाबालिग ने सोचा कि शायद उसके चाचा को लड़की से रेप करने की बात पता चल गई है और उसने खुद ही सारी बात कबूल कर ली. नाबालिग ने अपने चचेरे भाई विशाल ( सांझी राम का बेटा ) को भी इस मामले में फंसाया और कहा कि दोनों ने मंदिर के अंदर बच्ची से बलात्कार किया. यह जानने के बाद सांझी राम ने तय किया कि बच्ची को मार दिया जाना चाहिए, जिससे वह अपने बेटे तक पहुंचने वाले हर सुराग को मिटा सके. साथ ही घूमंतु समुदाय को भगाने के अपने मकसद को भी हासिल कर सके. इसके बाद 14 जनवरी को सांझी राम ने बच्ची की हत्या कर दी. हालांकि इसके बाद चीजें योजना के मुताबिक नहीं हुईं. वह बच्ची को मारने के बाद उसे हीरानगर नहर में फेंकना चाहता था, लेकिन वाहन का इंतजाम नहीं होने के कारण उसे उसी‘देवीस्थान ’ में वापस ले आया जिसका सांझी राम सेवादार था. बाद में बच्ची का शव 17 जनवरी को जंगल से बरामद हुआ था. जांचकर्ताओं ने बताया कि सांझी राम ने अपने भतीजे को जुर्म स्वीकार करने के लिए तैयार कर लिया था, लेकिन बेटे विशाल को इससे दूर रखा और उसे आश्वासन दिया था कि उसे रिमांड होम से जल्द बाहर निकाल लेगा. गौरतलब है कि इस मामले में नाबालिग के अलावा सांझी राम , उसके बेटे विशाल और पांच अन्य को आरोपी बनाया गया है। जांचकर्ताओं ने पीटीआई - भाषा को बताया कि बच्ची को हिंदू वर्चस्व वाले इलाके से घुमंतू समुदाय के लोगों को डराने और हटाने के लिए यह पूरी साजिश रची गई. दूसरी तरफ, सांझी राम के वकील अंकुर शर्मा ने जांचकर्ताओं द्वारा किए जा रहे घटना के इस वर्णन पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया और कहा कि वह अपनी बचाव रणनीति नहीं बता सकते.
UP के कुशीनगर में ट्रेन से टकराई स्कूली बच्चों की वैन, 13 की मौत- ईयरफोन लगाकर वैन चला रहा था ड्राईवर.
26 April 2018
कुशीनगर/लखनऊ.उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में गुरुवार सुबह एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ। यहां मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग पर स्कूली बच्चों को ले जा रही वैन एक पैसेंजर ट्रेन से टकरा गई। हादसे में 13 बच्चों की मौत हो गई। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथहॉस्पिटल पहुंचे। उन्होंने घायल बच्चों से मुलाकात की। बाद में योगी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वैन का ड्राईवर कानों में ईयरफोन लगाए हुए था। उन्होंने कहा कि हादसे में चार बच्चे और ड्राईवर गंभीर तौर पर घायल है। पहले जानिए कैसे हुआ हादसा? – उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में गुरुवार को एक मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग पर बड़ा हादसा हो गया। ट्रेन और स्कूली वैन की भिड़ंत में 13 बच्चों की मौत हो गई। 8 गंभीर रूप से जख्मी हैं। जिस ट्रेन से वैन की टक्कर हुई, वह सीवान से गोरखपुर जा रही 55075 पैसेंजर ट्रेन थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतक बच्चों के परिवार को 2-2 लाख का मुआवजा देने का आदेश दिया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताया है। कहां हुई घटना? – विशुनपुरा थाना क्षेत्र के दुदही बहपुरवा रेलवे क्रॉसिंग पर गुरुवार सुबह 6.50 बजे सिवान से गोरखपुर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन की चपेट में स्कूली बच्चों से भरी वैन आ गई। – पूर्वोत्‍तर रेलवे के मुख्‍य जनसंपर्क अधिकारी संजय यादव ने बताया कि दुदही के पास वैन ड्राइवर ने रेलवे क्रॉसिंग को पार करने की कोशिश की। गेट मित्र ने वैन के ड्राइवर को रोकने की कोशिश की, लेकिन ड्राइवर नहीं रुका। शायद वैन रेलवे क्रॉसिंग पर बंद हो गई, जिसके चलते हादसा हो गया। योगी ने क्या कहा? – योगी आदित्यनाथ ने कहा- मैंने रेल मंत्री से बातचीत की है। शुरुआती जांच में वैन ड्राईवर की गलती सामने आ रही है। वो ईयरफोन लगाए था और उसकी आयु को लेकर भी सवाल था। इसके लिए नियम हैं, हम जांच के दौरान ये पता लगाएंगे कि नियमों का पालन क्यों नहीं किया गया। – योगी ने आगे कहा- 13 छात्रों की मौत हुई है। 4 बच्चे और वैन ड्राईवर गंभीर रूप से घायल है। दोषियों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
नाबालिग से रेप केस में आसाराम को ताउम्र कैद की सजा, बाकी दो दोषियों को 20-20 साल की सजा.
25 April 2018
नई दिल्ली: नाबालिग से रेप मामले में आसाराम को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. जबकि इस मामले में बाकी दो दोषियों को 20-20 साल की सजा हुई है. इससे पहले बुधवार को ही जोधपुर कोर्ट ने आसाराम और उसके दो सहयोगियों को दोषी करार दिया था. आसाराम पिछले क़रीब 5 साल से ज़्यादा वक़्त से जेल में बंद था गौरतलब है कि रेप के मामले में कुल पांच लोग आरोपी थें, जिनमें दो लोगों को बरी कर दिया गया. आसाराम रेप केस में फैसला सुनाने के लिए जेल में ही कोर्ट लगा और वहीं फैसला सुनाया गया. पुलिस ने आसाराम रेप में उनके सेवादारों के ख़िलाफ़ नवंबर 2013 में चार्जशीट दाख़िल की थी. इस केस में कुल 58 गवाहों ने गवाही दी. प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए जोधपुर को किले में तब्दील कर दिया है. पूरे शहर में धारा 144 लागू है. पुलिस और सुरक्षाबलों के जवान फ़्लैग मार्च कर रहे हैं. हर आने-जाने वालों की तलाशी ली जा रही है.आसाराम के जोधपुर आश्रम को भी ख़ाली करा लिया गया है. वर्ष 2013 में सामने आया था मामला - वर्ष 2013 में शाहजहांपुर की रहने वाली 16 साल की लड़की ने आसाराम पर उनके जोधपुर आश्रम में रेप का आरोप लगाया था. यह मामला सुर्खियों में आने के बाद सभी चौंक गए. पीड़िता के परिजनों ने दिल्ली के कमला मार्केट थाने में मामला दर्ज कराया. बाद में इस मामले को जोधपुर ट्रांसफर कर दिया गया था. आरंभिक जांच के बाद जोधपुर पुलिस ने आसाराम को गिरफ्तार किया था. बाद में कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया था. पुलिस ने चार्जशीट में मानी थी रेप की बात - नवंबर 2013 में जोधपुर पुलिस ने आसाराम और चार अन्य लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर किया. चार्जशीट में कहा गया कि 16 साल की लड़की के साथ आसाराम ने रेप किया था. चार्जशीट दायर होने के बाद राजस्थान हाई कोर्ट ने जिला और सत्र न्यायालय को केस की हर दिन सुनवाई करने को कहा. इसके बाद जोधपुर की अदालत ने आसाराम के खिलाफ बलात्कार, आपराधिक षड्यंत्र और अन्य अपराधों के लिए आरोप तय किए थे. गवाहों की हुई हत्या, अपहरण भी हुए - आसाराम पर तमाम आरोपों की सुनवाई के दौरान कई गवाहों की हत्या हुई, अपहरण हुए और उन्हें धमकाया गया. रेप मामले के मुख्य गवाह कृपाल सिंह को उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के पुवायन इलाके में गोली मार दी गई थी. आसाराम के करीबी रहे और बाद में सरकारी गवाह बन गए अमरुत प्रजापति की राजकोट में कथित तौर पर हत्या हो गई थी. इसी तरह किसी जमाने में आसाराम के बेहद खास रहे दिनेश गुप्ता की उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में कथित तौर पर हत्या कर दी गई थी. इसके अलावा सूरत की दो बहनों से रेप के गवाह अखिल गुप्ता की भी गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई थी. मामले की सुनवाई के दौरान कई गवाहों पर हमले हुए. उन्हें धमकाया गया औऱ बयान बदलने का दबाव डाला गया. राजनीतिक संरक्षण भी नहीं आया काम - आसाराम की तमाम बड़े नेताओं से लेकर आईएएस-आईपीएस अधिकारियों से गरीबी थी. जिसकी वजह से उसे लगता था कि क़ानून के हाथ उस तक नहीं पहुंच सकते हैं. हालांकि जोधपुर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. पिछले पांच वर्षों से जेल में बंद आसाराम ने इस दौरान कई बार जमानत याचिका लगाई. कभी बीमारी का बहाना बनाया तो कभी कुछ और, लेकिन जमानत नहीं मिली.
मध्य प्रदेश में पीएम मोदी बोले- ऐसी कोई ताकत नहीं जो हमें गांव का विकास करने से रोक दे.
24 April 2018
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मध्य प्रदेश के मंडला के रामनगर में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस का उद्घाटन किया और तीन दिवसीय उत्सव की शुरुआत की. इस दौरान पीएम मोदी ने जन प्रतिनिधियों से कहा कि ऐसी कोई ताकत नहीं है जो गांव के विकास से हमें रोक दे. पीएम मोदी ने कहा कि गांव के विकास के लिए जनप्रतिनिधियों को आगे आना होगा. उन्हें गांव के विकास के लिए समर्पित होना होगा. बता दें कि इस दौरान पीएम मोदी ने महिला सरपंचों को सम्मानित भी किया है. पीएम मोदी ने कहा कि जन प्रतिनिधियों को पांच साल में कम से कम पांच गांवों का विकास जरूर करना चाहिए. उन्होंने कहा कि आप कुछ ऐसा काम कीजिए कि 20-30 साल के बाद जब आप बुढ़ापे से गुजर रहे होंगे तो आपके पास यह कहने को हो कि 25 साल पहले मैं पंचायत का प्रधान था और देखो मेरे समय में ये काम हुआ था. जनप्रतिनिधियों से पीएम मोदी ने कहा कि अपने गांव के लिए कुछ कर गुजरने का इरादा रखिये और पांच साल जनता के लिए खपा देने का प्रण लें, दुनिया की कोई ताकत नहीं है जो गांव की जिंदगी न बदलने दे. पीएम मोदी ने कहा कि कभी गांव के विकास में बजट के कारण मुसीबत रही होगी, मगर आज बजट की चिंता नहीं है. बल्कि उसके सही उपयोग की है. सही समय़ पर, सही काम के लिए, इमानदारी और पारदर्शिता की जरूरत है. उन्होंने कहा कि जन प्रतिनिधि हमें जवाब दें कि क्या हम गांव के बच्चों के लिए स्कूल की सही व्यस्था कर सकते हैं या नहीं, क्या गांव के किसानों की खेती ठीक कर सकते हैं या नहीं? किसान मधुमक्खी की पेटी को अपने खेत में रख लें तो दो-ढाई लाख रुपये आसानी से कमा सकता है. क्या इससे किसानों की इनकम बढ़ सकती है या नहीं? उन्होंने जन प्रतिनिधियों से कहा कि हम पंचायत में चुन कर आए हैं, तो क्या यह हमारा दायित्व नहीं है. सोचिये ऐसा कि पांच साल में ऐसा काम करूं कि एक भी बच्चा अनपढ़ न रहे. वो बच्चा बड़ा होकर कहेगा कि मैं गरीब मां का बेटा था, लेकिन गांव के प्रधान खेत से पकड़कर स्कूल ले गए. उसी की बदौलत में डॉक्टर-इंजीनियर-आईएएस बन पाया. टिप्पणियां पंचायत राज दिवस हमारे संकल्प का दिवस होना चाहिए. आपके जमाने में आरोग्य के क्षेत्र में तरक्की हुई. पोलियो की खुराक सही समय पर पिला दी जाए तो पोलियो नहीं होगा. आप किसी को दिव्यांग अवस्था में देखते होंगे तो पीड़ा होती होगी
मोदी सरकार पर बरसे राहुल गांधी, बोले- हम BJP को संविधान बर्बाद करने की इजाजत नहीं देंगे?.
23 April 2018
नई दिल्ली: दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित संविधान बचाओ रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार, बीजेपी और आरएसएस पर जमकर हमला बोला. राहुल ने संविधान बचाओ अभियान की शुरुआत के दौरान कहा कि हम बीजेपी और आरएसएस को संविधान के साथ छेड़छाड़ करने, उसे बर्बाद करने की इजाजत नहीं देंगे. हम बीजेपी को संविधान को छूने तक नहीं देंगे. 'संविधान बचाओ' अभियान की शुरुआत करने के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि जो टॉयलेट साफ करता है, जो गंध उठाता है, उसकी क्या आध्यात्मिकता होती है, किसी ने वो आध्यात्मिकता महसूस की है, जो बाल्मीकि समाज का आदमी महसूस करता है? सभा में मोदी मुर्दाबाद के नारे लगता देख राहुल गांधी ने बीच में टोकते हुए कहा कि हम कांग्रेस वाले किसी के बारे में मुर्दाबाद नहीं बोलते हैं. राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि अब हर कोई जान गया है कि पीएम मोदी के दिल में दलितों, महिलाओं, कमजोरों के लिए कोई जगह नहीं है. राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और अंबेडकर जी ने संविधान को लिखा और देश को दिया है. जो भी संवैधानिक बॉडी हैं, चाहे लोकसभा हो, राज्यसभा और आईआईटी हो, सब हमारे संविधान ने दिया है. संविधान के बिना न लोकसभा, न राज्य सभा बनते और न ही आईआईटी और न ही बेंगलुरु बनता. संविधान है तो देश है. राहुल गांधी ने हमला बोलते हुए कहा कि हमारे सभी संस्थानों में आरएसएस के विचारधारा वाले लोगों को डाला जा रहा है. पहली बार हिंदुस्तान के इतिहास में हुआ है कि चार जज जनता के पास जाकर न्याय मांग रहे हैं. हमेशा जनता जज के पास जाती है, मगर यहां उल्टा हो रहा है. यहां उनलोगों ने ससंद को बंद कर रखा है. पीएम मोदी संसद में खड़े होने से घबराते हैं. उन्होंने कहा कि नीरव मोदी, ललित मोदी और माल्या का मामला है, जिसमें सरकार बचती नजर आ रही है. मेरी 15 मिनट मोदी जी के सामने स्पीच करा दो, मैं नीरव मोदी, माल्या, राफेल की बात करुंगा ,मोदी जी वहां खड़े नहीं हो पाएंगे. पूरा देश जानता है कि राफेल में घोटाला हुआ. नीरव मोदी इतना पैसा लेकर भाग जाता है, मगर उनके दोस्त कुछ नहीं बोल रहे हैं. प्रेस को दबाया जाता है. राहुल ने कहा कि मोदी जी ने अपने मंत्रियों से कहा कि तुम मीडिया वाले को मसाला देते हो. चुप हो जाओ, देश सिर्फ मेरी मन की बात सुनेगा. बीजेपी के एमपी नहीं बोलेंगे, जेटली जी नहीं बोलेंगे, कोई भी नहीं बोलेगा, सिर्फ नरेंद्र मोदी बोलेगा. रेप की घटनाओं पर राहुल ने कहा कि महिलाओं से रेप होता है, 8 साल की बच्ची से रेप होता है, उन्नाव में रेप होता है, मगर मोदी जी ने एक बार भी कुछ नहीं बोला. मोदी जी लंदन गये और आईएमएफ के चीफ ने कहा कि मोदी जी आ प देश के महिलाओं का सम्मान नहीं कर रहे हो. राहुल ने कहा कि यह सिर्फ हिंदुस्तान की बात नहीं है, कोई भी प्रधानमंत्री हो, उससे 70 साल पहले इतिहास में ऐसा किसी ने नहीं बोला है. पूरा देश समझता है कि हमारे मोदी जी को सिर्फ मोदी जी में इंटरेस्ट है. नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री कैसे ब रहे, बस यह एक बात वह जानते हैं. राहुल ने कहा कि पहले बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ नारा था, मगर अब सिर्फ बेटी बचाओ है. अब बेटी बचाओ सिर्फ बीजेपी के नेताओं से बचाओ. बेटी के माता-पिता ही बेटी को बचाएंगे, यह है हिंदुस्तान की सच्चाई. राहुल ने रोजगार के मुद्दे पर भी पीएम मोदी पर निशाना साधा. राहुल ने कहा कि 70 साल में कांग्रेस पार्टी ने देश को संविधान दिया, इंस्टीट्यूशन बनाए. हम भाजपा और आरएसएस को संविधान छूने नहीं देंगे. 2019 चुनाव में जनता पीएम मोदी से अपने मन की बात कहेगी. अब जनता कहेगी कि मोदी जी आपने नोटबंदी और जीएसटी लाकर लोगों को मार दिया. आपने किसानों को आत्महत्या पर मजबूर कर दिया. राहुल गांधी ने कहा कि मुझे खुशी है कि आप सभी यहां आए, हमारा यह जो संविधान की रक्षा करने का जो कैंपेन है, वह कांग्रेस पार्टी जोरों से चलाएगी. मैं भी इसमें शामिल रहूंगा. जहां भी बीजेपी के लोग हिंदुस्तान की जनता पर आक्रमण करेंगे, वहां आपको कांग्रेस पार्टी का झंटा और कांग्रेस पार्टी का कार्यकर्ता दिखाई देगा. उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया भर में देश की प्रतिष्ठा को पीएम मोदी ने बर्बाद कर दिया. 70 साल में कांग्रेस पार्टी ने पूरी दुनिया में हिंदुस्तान की साख को बनाया, मगर मोदी जी ने इसे बर्बाद कर दिया और हमारी इमेज पर चोट मारी है. हमें अपने संविधान की रक्षा करनी है कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आज दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में संविधान बचाओ अभियान की शुरुआत की. कांग्रेस की योजना के मुताबिक़ ये अभियान देश भर में अगले एक साल तक चलाया जाएगा
कांग्रेस का पीएम मोदी पर हमला, पूछा- आप 'बेटियां छुपाओ' का संदेश देना चाहते हैं या 'बेटी बचाओ' का?.
12 April 2018
नई दिल्ली: कांग्रेस के कपिल सिब्बल ने सीएम योगी और पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा. कपिल सिब्बल ने पीएम मोदी पर हमला करते हुए पूछा कि आप बेटियां छुपाओ का संदेश देना चाहते हैं या बेटी बचाओ का? उन्नाव रेप केस मामले में कपिल सिब्बल ने हमला बोलते हुए कहा कि आखिर इतना होने के बाद भी सरकार और प्रशासन आरोपी विधायक को क्यों नहीं गिरफ्तार कर रही है. कपिल सिब्बल ने कहा कि योगी जी उस शख्स के ऊपर से रेप का मुकदमा वापस लेना चाहते हैं, जिस पर सीरियस चार्ज है और जो पूर्व मंत्री भी रह चुके हैं. बलात्कार के मामले में भाजपा की सरकारें अव्वल हैं, जैसे एशियन गेम में गोल्ड मेडल मिल रहा हो, शर्म की बात है. हरियाणा में भी रेप की घटनाओं में बढ़ोतरी को लेकर कपिल सिब्बल ने निशाना साधा. उन्होंने इसके लिए बकायदा आंकड़ा भी प्रस्तुत किया. टिप्पणियांकपिल ने कहा कि महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा महिलाओं के खिलाफ क्राइम के मामले सामने आए हैं. उन्होंने कहा कि 11396 क्राइम हुए, उत्तर प्रदेश में 11335, वहीं मध्य प्रदेश में करीब 8 हजार मामले सामने आए. कपिल सिब्बल ने कहा कि रेप की घटनाओं के मामले में मध्य प्रदेश सबसे ऊपर है. उसके बाद उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र का नंबर आता है. यहां भाजपा की ही सरकारें हैं
उन्नाव रेप केस : अस्पताल में बना वीडियो आया सामने, पीड़िता के पिता ने लिया था हमलावर का नाम.
11 April 2018
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की बांगरमऊ विधानसभा सीट से BJP के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर रेप का आरोप लगाने वाली नाबालिग लड़की के पिता ने अपनी मौत से कुछ ही दिन पहले अपने हमलावरों का नाम बताया था -'विधायक' का भाई. नाबालिग लड़की के पिता को हमलावरों द्वारा दर्ज करवाई गई शिकायत के आधार पर पिछले हफ्ते गिरफ्तार किया गया था, और सोमवार को पुलिस की हिरासत में ही उसकी मौत हुई थी लड़की के पिता पर हमला तब हुआ था, जब उन्होंने 16-साला बेटी को इंसाफ दिलाने की कोशिशें बंद नहीं कीं, जिसके साथ पिछले साल जून के महीने में कथित रूप से विधायक और उसके भाई ने रेप किया था. परिवार का कहना है कि लड़की के पिता ने अपनी बेटी द्वारा की गई रेप की शिकायत वापस लेने से इंकार कर दिया था. रविवार को पीड़िता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास के बाहर खुदकुशी करने की कोशिश की थी. उसी दिन उसके 55-वर्षीय पिता को एक स्थानीय अस्पताल में दाखिल करवाया गया था. अस्पताल में रिकॉर्ड किया गया एक वीडियो अब सामने आया है, जिसमें वह शुरुआती मेडिकल चेकअप के दौरान 3 अप्रैल को खुद पर हुए हमले के बारे में सवालों के जवाब दे रहा है. वीडियो में पीड़िता का पिता के चेहरे और छाती पर खरोंचें साफ दिखाई दे रही हैं, और वह कह रहा है, "अतुल सिंह, विधायक के भाई ने मुझे पीटा... वह मुझे पीटता रहा... किसी ने मुझे बचाने की कोशिश नहीं की... पुलिस वाले (संभवतः विधायक के सुरक्षाकर्मी) वहीं खड़े थे... उन्होंने कुछ नहीं किया पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि मौत की वजह गुदाद्वार तथा आंतों के एक हिस्से के चिर जाने के चलते खून विषाक्त हो जाना थी. लेकिन रिपोर्ट में 14 भयावह चोटों का भी ज़िक्र है - पेट के करीब, कूल्हों, जांघों, घुटनों के ऊपर तथा नीचे और बांहों पर कई खरोंचें मौजूद थीं. कई दिन तक अतुल सिंह को बचाने की पुलिस द्वारा की गई कोशिशों के बाद उसे मंगलवार शाम को हमले के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. उसका नाम परिवार द्वारा दर्ज करवाई गई शिकायत में था, लेकिन पुलिस द्वारा दर्ज की गई FIR में से उसका नाम हटा दिया गया था. बुधवार सुबह, कुलदीप सिंह सेंगर की पत्नी ने लखनऊ में पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी से मुलाकात की, और कहा कि वह 'अपने पति के लिए इंसाफ' चाहती हैं, जिनका इस वक्त 'मीडिया ट्रायल' किया जा रहा है कुलदीप सिंह की पत्नी ने कहा, "उन्होंने (कुलदीप सिंह सेंगर ने) खुद को एक कमरे में बंद कर लिया है, और लाचार महसूस कर रहे हैं... हम चाहते हैं कि सच्चाई सामने आए... सिर्फ 'बलात्कारी' शब्द इस्तेमाल कर लेने से कुछ भी साबित नहीं हो पाएगा
सत्‍याग्रह से स्‍वच्‍छाग्रह: पीएम मोदी बोले, 3 बड़ी कसौटियों के समय बिहार ने देश को रास्ता दिखाया
10 April 2018
पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार में मधेपुरा के रेल इंजन कारखाने में बने देश के पहले 12,000 हॉर्सपावर (एचपी) के विद्युत-चलित रेल इंजन को हरी झंडी दिखाई. इस मौके पर उन्‍होंने कहा कि जो लोग कहते हैं कि इतिहास खुद को दोहराता नहीं, वे यहां आकर देख सकते हैं कि कैसे 100 वर्ष पहले का इतिहास, आज फिर साक्षात, हमारे सामने खड़ा है. चंपारण की इस पवित्र भूमि पर जनांदोलन की ऐसी ही तस्वीर 100 वर्ष पहले दुनिया ने देखी थी, और आज एक बार फिर देख रही है. PM ने कहा कि मेरे सामने जो स्वच्छाग्रही बैठे हैं, उनमें पूजनीय बापू का अंश मौजूद है, मैं इन स्वच्छाग्रहियों के भीतर उपस्थित बापू के अंश को नमन करता हूं. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले 100 वर्ष में भारत की तीन बड़ी कसौटियों के समय बिहार ने देश को रास्ता दिखाया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सबसे पहले, जब देश गुलामी की ज़ंजीरों में जकड़ा हुआ था, तब बिहार ने गांधी जी को 'महात्मा' बना दिया था, 'बापू' बना दिया था. फिर, स्वतंत्रता के बाद जब करोड़ों किसानों के सामने भूमिहीनता का संकट आया, तो विनोबा जी ने भूदान आंदोलन शुरू किया. तीसरी बार, जब देश के लोकतंत्र पर संकट आया, तो जयप्रकाश जी उठ खड़े हुए और लोकतंत्र को बचा लिया. उन्‍होंने कहा कि मुझे बहुत गर्व है कि 'सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह' तक की इस यात्रा में बिहार के लोगों ने एक बार फिर अपनी नेतृत्व क्षमता दिखाई है. उन्‍होंने कहा कि नीतीश कुमार जी और सुशील मोदी जी के नेतृत्व में बिहार ने जो कार्य बीते दिनों करके दिखाया है, उसने सभी का हौसला बढ़ा दिया है. बिहार एकमात्र ऐसा राज्य था, जहां स्वच्छता का दायरा 50 फीसदी से कम था. लेकिन मुझे बताया गया है कि एक हफ्ते के स्वच्छाग्रह अभियान के बाद बिहार ने इस बैरियर को तोड़ दिया. पिछले एक हफ्ते में बिहार में 8,50,000 से ज्यादा शौचालयों का निर्माण किया गया है. यह गति और प्रगति कम नहीं है. मैं बिहार के लोगों को, प्रत्येक स्वच्छाग्रही को और राज्य सरकार को इसके लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं. प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जिन योजनाओं का शिलान्यास किया गया, उनमें मोतिहारी झील के जीर्णोद्धार का प्रोजेक्ट भी शामिल है. हमारा मोतिहारी शहर, जिस झील के नाम पर जाना जाता है, जो चंपारण के इतिहास का हिस्सा है, उसके पुनरुद्धार का कार्य आज से शुरू हो रहा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि 100 वर्ष पूर्व चंपारण में देशभर से लोग आए थे, गांधी जी के नेतृत्व में गली-गली जाकर काम किया था. आज 100 वर्ष बाद उसी भावना पर चलते हुए, देश के अलग-अलग हिस्सों से आए लोगों ने, यहां के उत्साही नौजवान स्वच्छाग्रहियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया है. इससे पहले, बिहार की राजधानी पटना पहुंच PM नरेंद्र मोदी का राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने किताब भेंटकर स्वागत किया था. उन्‍होंने कहा कि स्वच्छता का संबंध पानी से भी है. बेतिया को पीने के साफ पानी के लिए जूझना न पड़े, इसके लिए अमृत योजना के तहत तकरीबन 100 करोड़ रुपये की लागत से वॉटर सप्लाई योजना का शिलान्यास किया गया है. इसका सीधा लाभ डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों को मिलेगा. PM ने कहा कि घर या फैक्टरी के गंदे पानी को गंगा में जाने से रोकने के लिए बिहार में अब तक 3,000 करोड़ से ज्यादा के 11 प्रोजेक्टों की मंजूरी दी जा चुकी है. इस राशि से 1,100 किलोमीटर से भी लंबी सीवेज लाइन बिछाने की योजना है. उन्‍होंने कहा कि गंगा तट के किनारे बने गांवों को प्राथमिकता के आधार पर खुले में शौच से मुक्त बनाया जा रहा है. गंगा किनारे बसे गांवों में कचरे के प्रबंधन की योजनाएं लागू की जा रही हैं, ताकि गांव का कचरा नदी में न बहाया जाए. जल्द ही गंगा तट पूरी तरह खुले में शौच से मुक्त हो जाएगा. टिप्पणियां इस मौके पर PM ने कटिहार से नई दिल्ली के बीच सप्ताह में दो बार चलने वाली 'हमसफर एक्सप्रेस' ट्रेन को हरी झंडी दिखाई. मोतिहारी-मुजफ्फरपुर रेल लाइन के विद्युतीकरण कार्य एवं मुजफ्फरपुर-नरकटियागंज रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण कार्य की शुरुआत की, तथा मधेपुरा लोकोमोटिव फैक्ट्री द्वारा भारत और फ्रांस के संयुक्त सहयोग से विकसित 12,000 अश्वशक्ति वाला इलेक्ट्रॉनिक लोकोमोटिव राष्ट्र को समर्पित किया. आपको बता दें कि लगभग 250 एकड़ क्षेत्र में फैले इस कारखाने की आधारशिला वर्ष 2007 में तत्कालीन रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव ने रखी थी.
एससी/एसटी अधिनियम विवाद पर केरल में बंद
9 April 2018
तिरुवनंतपुरम: केरल में 30 दलित संगठनों द्वारा बंद का आह्वान किए जाने के बाद सोमवार को राज्य में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ. यह बंद अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति अधिनियम को कमजोर बनाने के खिलाफ आहूत किया गया है. ट्रेड यूनियनों द्वारा देशभर में बुलाए गए बंद के चलते दो अप्रैल को भी राज्य में ऐसे ही बंद का असर देखने को मिला था. सरकारी स्वामित्व वाले सड़क परिवहन निगम, निजी बस संचालकों और व्यापार निकाय ने इससे पहले ऐलान किया था कि परिवहन और कामकाज सामान्य रहेगा लेकिन कई जगहों पर प्रदर्शनकारियोंने बसों की आवाजाही रोकने के लएि सड़के अवरुद्ध कर दी. कोच्चि में सोमवार के प्रदर्शन के नेता गीतानंदन और उनके समर्थकों को हिरासत में ले लिया गया. गीतानंदन ने मीडिया को बताया, "राज्यभर से हमें जानकारी मिली है कि विरोध प्रदर्शन सफल होता मालूम पड़ रहा है..हमें हिरासत में लेने का कोई कारण नहीं है." टिप्पणियांदुकानों, खासकर कन्नूर जिले के दुकानों को बंद रखने के लिए कहा गया. कोल्लम में सराकरी बसों पर पत्थर फेंके गए. 10वीं कक्षा की परीक्षा की कॉपी के मूल्यांकन के लिए जिन शिक्षकों को जिले के मूल्यांकन कैंप पहुंचना था. वे जाम में फंस गए. महिला शिक्षिकाओं के एक समूह ने कहा, "हमें नहीं लगता कि हम समय पर कैम्प पहुंच पाएंगे. हमने राज्य सरकार के यातायात जाम नहीं होने और पुलिस द्वारा जाम रोकने के लिए सारे कदम उठाए जाने के आश्वासन के बाद आने का फैसला किया था, लेकिन अब हम यहां फंस गए हैं." राज्य की राजधानी में आईटी पेशेवर टेक्नोपार्क कैंपस तक पहुंचने में सफल रहे. विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया है.सर्वोच्च न्यायालय ने तीन अप्रैल को अपने फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था, जिसके बारे में कार्यकताओं का कहना है कि यह दलित और अनुसूचित जनजाति को संरक्षण प्रदान करने वाले कानून को कमजोर करता है.
Blackbuck Poaching Case: दोषी सलमान खान को मिली 5 साल कैद की सजा, जोधपुर जेल पहुंचे
5 April 2018
जोधपुर: काला हिरण शिकार मामले (Blackbuck Poaching Case) में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को जोधपुर की अदालत ने दोषी करार देते हुए 5 साल कैद और दस हजार जुर्माने की सजा सुनाई है, जबकि उनके साथ मामले में आरोपी रहे अन्य फिल्मी सितारों - सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम - को बरी कर दिया गया है. सलमान खान को जोधपुर के सेंट्रल जेल में भेजा गया है. इससे पहले सरकारी वकील का कहना था कि सलमान खान को एक रात जेल में बितानी होगी. सलमान खान के खिलाफ जजमेंट 196 पेज का है. जोधपुर के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में सज़ा पर बहस के दौरान जहां सरकारी वकील ने अधिकतम सजा की मांग की थी, वहीं सलमान के वकील ने कम से कम सजा की मांग की थी. वहीं, विश्नोई समाज अन्य सभी आरोपियों को बरी किये जाने से नाराज हैं. उनका कहना है कि सलमान के साथ अन्य सभी को भी सजा मिलनी चाहिए थी. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट देव कुमार खत्री ने 1998 में हुई इस घटना के संबंध में 28 मार्च को मुकदमे की सुनवाई पूरी करते हुये फैसला बाद में सुनाने की घोषणा की थी. गौरतलब है कि फैसला सुनाये जाने के समय सभी आरोपी कलाकार सलमान खान, सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेन्द्रे और नीलम अदालत में मौजूद थे. सलमान खान मुंबई हवाई अड्डे से चार्टर्ड विमान से रवाना हुए. इससे पहले वह ‘रेस 3’ की शूटिंग के लिये अबु धाबी में थे. सोनाली बेंद्र, तब्बू और नीलम भी मुंबई से जोधपुर पहुंचीं. सलमान पर आरोप है कि उन्होंने जोधपुर के निकट कणकणी गांव के भागोड़ा की ढाणी में दो काले हिरणों का शिकार किया था. यह घटना ‘हम साथ साथ है’ फिल्म की शूटिंग के दौरान दो अक्टूबर 1998 का है. सलमान खान वन्यजीव संरक्षण कानून की धारा 51 और अन्य कलाकार वन्यजीव संरक्षण कानून की धारा 51 तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 149 (गैरकानूनी जमावड़ा) के तहत आरोपों का सामना कर रहे हैं सरकारी वकील भवानी सिंह भाटी ने कहा कि उस रात सभी कलाकार जिप्सी कार में थे, सलमान खान वाहन चला रहे थे. हिरणों का झुंड देखने पर उन्होंने गोली चलाई और उनमें से दो हिरण मार दिये थे. टिप्पणियां सरकारी वकील का कहना है कि जब लोगों ने उन्हें देखा और उनका पीछा किया तो ये कलाकर मृत हिरणों को मौके पर छोड़कर भाग खड़े हुए. उन्होंने कहा कि उन लोगों के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं
किसी सरकार ने बाबा साहब अंबेडकर का उतना सम्मान नहीं किया, जितना हमारी सरकार ने किया: पीएम मोदी
4 April 2018
नई दिल्ली: बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की विरासत का राजनीतिकरण करने के लिये राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार ने बाबा साहब का सम्मान बढ़ाने का जितना कार्य किया, उतना किसी दूसरी सरकार ने नहीं किया. प्रधानमंत्री ने कहा कि बाबा साहब की याद में अनेक परियोजनाओं को पूरा करके हमारी सरकार ने उन्हें उचित स्थान दिलाया. उन्होंने कहा कि 26 अलीपुर रोड स्थित जिस मकान में बाबा साहब ने अंतिम सांस ली, उसे अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को समर्पित किया जायेगा. टिप्पणियां सांसदों के हॉस्टल से जुड़े वेस्टर्न कोर्ट एनेक्सी भवन का उद्घाटन करने के बाद मोदी ने कहा कि लोगों ने अंबेडकर के नाम का राजनीतिक फायदे के लिये इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र को पूरा किया जिसका विचार उस समय किया गया था जब केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार थी. मोदी ने कहा कि पूर्ववर्ती संप्रग सरकार ने वर्षों तक इस परियोजना को नहीं आगे बढ़ाया. प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब एससी-एसटी अत्याचार निवारक कानून पर उच्चतम न्यायालय के फैसले को लेकर भारत बंद के दौरान देश के कई हिस्सों में भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला.
SC/ST Act: SC/ST - सुप्रीम कोर्ट ने 20 मार्च के फैसले पर नहीं लगाई रोक, 10 दिन बाद होगी सुनवाई
3 April 2018
नई दिल्ली: SC/ST एक्ट में गिरफ्तारी से पहले जांच अनिवार्य करने के मामले में केंद्र की पुनर्विचार याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है. सुनवाई के दौरान एजी की दलील पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम एक्ट के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन बेगुनाह को सजा न मिले, यह देखा जाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा हम फिलहाल तुरंत गिरफ्तारी पर रोक के निर्देश पर रोक नहीं लगाएंगे. SC/ST एक्ट में केस दर्ज दर्ज करने के लिए प्रारंभिक जांच जरूरी कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पीडित को मुआवजे का भुगतान तुरंत किया जा सकता है चाहे शिकायत आने के बाद FIR दर्ज ना हुई हो कोर्ट ने ये भी स्पष्ट किया कि FIR IPC के अन्य प्रावधानों पर दर्ज हो सकती है. सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी - कोर्ट ने जो सुरक्षा उपाय किये है ताकि किसी निर्दोष को सजा न मिले. ये अकेला ऐसा कानून है कि जिसमें किसी व्यक्ति को कोई कानूनी उपचार नहीं मिलता. अगर एक बार मामला दर्ज हुआ तो व्यक्ति गिरफ़्तार हो जाता है. इस मामले में अग्रिम जमानत का प्रावधान नहीं है. जबकि दूसरे मामलों में संरक्षण के लिए फ़ोरम है, कोर्ट हैं जो झूठे मामलों में सरंक्षण दे सकता है. कोर्ट ने कहा कि अगर कोई दोषी है तो उसे सजा मिलनी चाहिए लेकिन बेगुनाह को सजा न मिले. कोर्ट ने कहा कि प्रेरित, दुर्भावना और झूठे आरोप लगाकर उनकी स्वतंत्रता का हनन नहीं कर सकते. जस्टिस आदर्श कुमार गोयल ने ये भी कहा इस कानून में आरोपों को वैरीफाई करना मुश्किल है इसलिए इस तरह की गाइडलाइन जारी की गई. जबकि अन्य अपराध में आरोपों को वैरीफाई किया जा सकता है. जस्टिस गोयल ने कहा हम एक्ट के खिलाफ नहीं हैं, हमारा मकसद सिर्फ निर्दोष को बचाना है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा जो लोग सडकों पर प्रदर्शन कर रहे हैं शायद उन्होंने हमारे फैसले को नहीं पढ़ा सरकार क्यों ये चाहती है कि जांच के बिना हीलोग गिरफ्तार हो अगर सरकारी कर्मी पर कोई आरोप लगाए तो वो कैसे काम करेगा हमने एक्ट को नहीं बल्कि सीआरपीसी की व्याख्या की है जस्टिस यू यू ललित ने कहा हमने जो गाइडलाइन जारी की हैं वो कानून में सेफगार्ड हैं ये जरूरी नहीं कि समुदाय के लोग ही इसका मिसयूज करें, पुलिस भी कर सकती है केंद्र की दलील - केंद्र सरकार ने कहा कि इस कानून के प्रावधान में किसी गाइडलाइन की जरूरत नहीं है. AG ने जस्टिस करनन के मामले का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने चीफ जस्टिस व सुप्रीम कोर्ट के जजों पर दलित होने की वजह से प्रताडित करने का आरोप लगाया था. AG ने कहा कि वो आरोप सही नहीं थे तो कोई कार्रवाई नहीं की गई AG ने कहा इस आदेश के बाद समाज में जबरदस्त रोष है और प्रदर्शन हो रहे हें जस्टिस गोयल ने कहा हम सिर्फ कानूनी बात करेंगे, बाहर क्या हो रहा है हमें नहीं पता हमने शिकायत की वैरिफिकेशन के लिए सात दिनों का वक्त रखा है अमिक्स क्यूरी अमरेंद्र शरण ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को देखे को सीआरपीसी भी यही कहता है कि गिरफ्तारी से पहले जांच हो. भले ही प्रावधान एक्ट के हों लेकिन प्रक्रिया सीआरपीसी की होती है ये गाइडलाइन जारी होने से केस की जांच, ट्रायल आदि प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ेगा. इससे पहले सुनवाई में एजी की ओर से खुली अदालत में इस संबंध में सुनवाई की अपील पर कोर्ट ने हामी भर दी थी. कोर्ट में एजी केके वेणुगोपाल ने कहा कि आज ही सुनवाई हो. इस पर जस्टिस आदर्श गोयल ने कहा कि वो खुली अदालत में सुनवाई को तैयार हैं, कोई परेशानी नहीं है लेकिन वही बेंच होनी चाहिए जिसका फैसला था. जस्टिस गोयल ने कहा कि बेंच के गठन के लिए चीफ जस्टिस के सामने मेंशन करें. केंद्र की ओर से AG ने आज ही दो बजे सुनवाई की मांग की. AG केके वेणुगोपाल ने सीजेआई कोर्ट में कहा, देश में कानून व्यवस्था खराब हो रही है. ऐसे में मामले की आज ही सुनवाई की जानी चाहिए. कोर्ट ने मांग मान ली. अमिक्स क्यूरी अमरेंद्र शरण ने इसका विरोध किया. सुनवाई के बाद CJI ने कहा - वही बेंच आज दो बजे सुनवाई करेगी जिसने फैसला दिया. फैसले पर रोक लगे या नहीं वहीं बेंच तय करेगी. शरण ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सिर्फ इसलिए रोक नहीं लगाई जा सकती क्योंकि कानून व्यवस्था खराब हो रही है. बता दें कि 20 मार्च के फैसले के खिलाफ केंद्र ने पुनर्विचार याचिका दाखिल की है. मामले पर जस्टिस आदर्श कुमार गोयल और जस्टिस यू यू ललित की बेंच ने आदेश दिया था. SC/ ST एक्ट मामले में केंद्र सरकार की पुनर्विचार याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट का 20 मार्च का फैसला SC/ ST समुदाय के संविधान के तहत दिए गए अनुच्छेद 21 के तहत जीने के मौलिक अधिकार से वंचित करेगा. SC/ ST के खिलाफ अपराध लगातार जारी है तथ्य बताते हैं कि कानून के लागू करने में कमजोरी है ना कि इसका दुरुपयोग हो रहा है. अगर आरोपी को अग्रिम जमानत दी गई तो वो पीडित को आतंकित करेगा और जांच को रोकेगा अग्रिम जमानत का प्रावधान 1973 में अधिकार के तहत जोड़ा गया. कोर्ट ने गलत कहा है कि जमानत देने से इंकार करना जीने के अधिकार का उल्लंघन है जब अनुच्छेद 21 के तहत जीने के अधिकार के तहत आरोपी के अधिकारों को सुरक्षित करना महत्वपूर्ण है तो SC/ ST समुदाय के लोगों को भी संविधान के अनुच्छेद 21 और छूआछात प्रथा के खिलाफ अनुच्छेद 17 के तहत सरंक्षण जरूरी है. केंद्र ने कहा है कि इस याचिका पर खुली अदालत में सुनवाई होनी चाहिए, चेंबर में नहीं
Bharat Bandh Live Updates: भारत बंद के दौरान मध्‍यप्रदेश में 4, यूपी में एक की मौत, 5 राज्‍यों में फैली हिंसा
2 April 2018
नई दिल्ली: SC-ST एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में आज कई दलित संगठनों ने भारत बंद का आह्वान किया है. भारत बंद को कई राजनीतिक पार्टियों और कई संगठनों ने समर्थन भी दिया है. संगठनों की मांग है कि अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 में संशोधन को वापस लेकर एक्ट को पहले की तरह लागू किया जाए. दलित संगठनों के विरोध का सबसे अधिक असर पंजाब में देखने को मिला, जिसकी वजह से राज्य के सभी शिक्षण संस्थान, सार्वजनिक परिवहन को आज बंद रखा गया है. इस वजह से राज्य में आज होने वाले सीबीएसई के बोर्ड के पेपर रद्द कर दिए हैं. भारत बंद का असर कई राज्‍यों में देखने को मिल रहा है. बाजार बंद है तो प्रदर्शनकारियों ने रेल सेवा को सबसे ज्‍यादा प्रभावित किया है. इतना ही नहीं कहीं-कहीं पर प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए है. वाहनों की तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं हैं. हिंसा की घटनाएं पंजाब, राजस्‍थान, झारखंड, उत्‍तर-प्रदेश और मध्‍यप्रदेश तक पहुंच चुकी हैं. तीन बजे तक मध्य प्रदेश में चार मौतें हो गई थी जबकि यूपी में एक की मौत की खबर है. SC/ST ACT पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ भारत बंद LIVE UPDATES - भारत बंद के दौरान हिंसा में मध्‍य प्रदेश में 4 लोगों की मौत हो गई है. आईजी (कानून व्‍यवस्‍था) ने इस बात की पुष्टि की है. उन्‍होंने बताया कि ग्‍वालियर में 2 लोगों की मौत हुई है जबकि भिंड और मुरैना में एक-एक शख्‍स की जान गई है. - भारत बंद के दौरान मेरठ में गोली लगने से एक आंदोलनकारी की मौत - भारत बंद के दौरान ग्‍वालियर में 19 लोग घायल जिनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है. मंगलवार शाम छह बजे तक इंटरनेट सेवा को रोका गया. - मध्‍यप्रदेश के मुरैना में एक व्‍यक्ति की मौत हो गई है. इसके बाद मध्‍यप्रदेश में कर्फ्यू लगा दिया गया है. एक लोकल चैनल का एक पत्रकार भी घायल हो गया है. - मध्‍यप्रदेश के ग्‍वालियर में प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों में आग लगाई. वहीं प्रदर्शनकारियों द्वारा फायरिंग करना का वीडियो भी सामने आया है. गुजरात के कच्‍छ में गांधीधाम पर प्रदर्शनकारियों ने वाहनों पर लगाई आग, इस दौरान महिला प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर उतर नारेबाजी भी की. दिल्ली के सभी रेलवे स्टेशनों को हॉई अलर्ट पर रखा गया है. दिल्ली पुलिस का कहना है की दिल्ली के सभी रेलवे स्टेशनों की सीमा के किसी भी प्रदर्शन करने की अनुमित नहीं है. अगर कोई कानून का पालन नहीं करेगा तो सख्त एक्शन लिया जाएगा. दिल्ली फायर सर्विस के सभी स्टेशनों को भी हॉई अलर्ट पर किया गया है, ताकि कोई भी आगजनी की घटना को तुरन्त काबू में किया जा सके. - केन्‍द्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि हम समझते हैं कि लोग प्रदर्शन क्‍यों कर रहे हैं पर विपक्ष इस पर राजनीति क्‍यों कर रहा है? उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस ने डॉ. भीम राव अंबेडकर को कभी भारत रत्‍न नहीं दिया लेकिन अब उनके अनुयायियों की तरह दिखा रहे हैं. - यूपी में मेरठ के बाद हापुड में भी प्रदर्शन हिंसक हो गया और कई वाहनों पर आग लगाई. गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हमने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की है. मैं सभी राजनीतिक दलों और संगठनों से अपील करता हूं कि वह शांति बनाएं रखें और किसी तरह की हिंसा ना करें. - दलितों के प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया है. राहुल ने कहा है कि दलितों को भारतीय समाज के सबसे निचले पायदान पर रखना आरएसएस /बीजेपी के डीएनए में है, जो इस सोच को चुनौती देता है उसे वे हिंसा से दबाते हैं. उन्‍होंने कहा कि हजारों दलित भाई-बहन आज सड़कों पर उतरकर मोदी सरकार से अपने अधिकारों की रक्षा की मांग कर रहे हैं. हम उनको सलाम करते हैं. भारत बंद को लेकर हो रही हिंसा पर यूपी के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने लोगों से अपील की है कि कानून व्‍यवस्‍था को ना बिगाड़े. उन्‍होंने कहा कि अगर किसी को कोई दिक्‍कत है तो सरकार के संज्ञान में लाए. - मेरठ में प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया. मेरठ में प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए थे और कारों में आग लगा दी थी जबकि शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने की बात कही गई थी. - ग्‍वालियर में हिंसा के बाद 4 थानों पर कर्फ्यू लगाया गया - मुरैना में भी कर्फ्यू लगाया गया है. देवास में टेलों वालों की सब्जियां गिरा दी गई है. कई जगहों पर दुकानदारों ने प्रदर्शकारियों की मांग मानने से इंकार कर दिया तो वहां झड़प की खबरें सामने आई. - यूपी में भी बंद का असर दिखाई दे रहा है. कई जगह ट्रेनों को रोका गया है. तो मेरठ में प्रदर्शनकारियों ने कार के शीशे तोड़े दिए. - राजस्‍थान में कई जगह प्रदर्शनकारियों ने ट्रेनों को रोका तो कहीं सड़क पर चक्‍का जाम किया. इतना ही नहीं बाड़मेर में प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए. इस दौरान उन्‍होंने सड़क पर खड़ी कारों पर आग लगा दी और इतना ही नहीं संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया. पंजाब के पटियाला में प्रदर्शनकारियों ने रोकी ट्रेन राजस्‍थान के भरतपुर में भी प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरें यूपी की आगरा में भी प्रदर्शन प्रदर्शनकारियों ने फारबिसगंज में ट्रेन रोकी बंद का भोजपुर में भी दिख असर, सड़क पर पसरा रहा सन्नटा, सभी दुकानें बंद और परिचालन भी हुआ ठप. - बिहार के अररिया सीपीआईएमएल के कार्यकर्ताओं ने आरा ब्‍लॉक पर ट्रेन को रोका कांग्रेस प्रवक्‍ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि SC/ST एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर निश्चित तौर पर रिव्यू पिटिशन डाला जाना चाहिए. सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के सामने ठीक से पक्ष क्यों नहीं रखा, इसकी जांच होनी चाहिए. भारत बंद का पंजाब के अमृतसर में व्‍यापक असर, बाजार बंद और सुरक्षाबल तैनात बिहार में भाकपा (माले) के कार्यकर्ताओं ने बिहार में ट्रेन रोकी ओडिशा से संभलपुर में ट्रेन रोककर किया प्रदर्शन - पंजाब की जनसंख्या में 32 फीसदी आबादी दलितों की है जो देश के किसी भी राज्य में सबसे ज़्यादा है. राज्य सरकार ने कहा है कि वो दलितों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. - पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने दलित समुदाय के नेताओं से आग्रह किया है कि वो अपने विरोध प्रदर्शनों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखें - पंजाब में बंद के चलते 4 हज़ार पुलिस के जवान, रैपिड एक्शन फोर्स भी तैनात की गई है. - राज्य सरकार ने चेतावनी दी है कि बंद के दौरान जो भी हिंसा करता नज़र आएगा उसके खिलाफ सख़्त कार्रवाई की जाएगी. - मोबाइल इंटरनेट सेवा पर भी राज्य में आज के लिए रोक लगा दी है.
हनुमान जयंती: राजस्थान में भड़काऊ संदेश साझा किये जाने पर इंटरनेट सेवा रोकी गई
30 March 2018
जयपुर: राजस्थान के बूंदी जिले में हनुमान जयंती के मौके पर किसी तरह की अनहोनी न होने पाए, इसके लिए प्रशासन ने एहतियातन कई कदम उठाए हैं. हनुमान जयंती के मद्देनजर सोशल मीडिया पर साझा होने वाले भड़काऊ संदेश और पोस्ट की वजह से प्रशासन ने जिले में इंटरनेट सेवा, बल्क एसएमएस और व्हाट्सएप्प सहित सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म को अगले आदेश तक सस्पेंड कर दिया है. हालांकि, जिले के संपूर्ण सीमा क्षेत्र में लीज लाइन व ब्रॉडबैंड को सस्पेंड नहीं किया गया है. टिप्पणियाबताया जा रहा है कि प्रशासन ने हनुमान जयंती के मद्देनजर दो समुदाय के लोगों की ओर से किये सोशल मीडिया पर भड़काउ पोस्ट्स और संदेश साझा करने की वजह से यह कदम उठाया है. हनुमान जयंती के मद्देनजर दोनों समुदाय के लोग भड़काउ पोस्ट्स और संदेश सोशल मीडिया पर साझा कर रहे थे. इसी को देखते हुए प्रशासन ने ऐसा फैसला लिया है. गौरतलब है कि इस बार 31 जनवरी को हनुमान जयंती है और इस दिन हिंदू समुदाय के लोग शोभायात्रा भी निकालते हैं. इस वजह से प्रशासन ने पहले से ही किसी अनहोनी को रोकने के लिए ऐसे कदम उठाए हैं.
तीसरा मोर्चा: ममता बनर्जी का फॉर्मूला- आपस में नहीं बीजेपी से लड़ो, पर ये हैं 7 बड़ी चुनौतियां
29 March 2018
नई दिल्ली: बीजेपी के खिलाफ मोर्चे में जान भरने के लिए कमान अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संभाली है. ममता बनर्जी बुधवार को दिल्ली में सोनिया गांधी, अरविंद केजरीवाल और बीजेपी के बागी नेताओं यशवंत सिन्हा, शत्रुघ्न सिन्हा और अरुण शौरी से अलग-अलग मिलती रहीं. नेताओं से मिलने का उनका ये सिलसिला गुरुवार को भी जारी रहेगा. ममता का दावा है कि विपक्ष एक होकर बीजेपी को टक्कर देगा तो उसे हर हाल में हरा देगा. ममता बनर्जी ने तीसरे मोर्चे के गठबंधन के लिए फ़ॉर्मूला दिया है कि आपस में नहीं बीजेपी से लड़ो. ये है ममता बनर्जी का फार्मूला.... 1 - 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 31 फीसदी वोट मिले थे. वहीं विपक्ष को 69 फीसदी वोट मिले थे. अगर ये सब एक हो जाए तो बीजेपी को हराना आसान होगा. 2 - जिस राज्य में जो भी पार्टी ताकतवर है वह बीजेपी से सीधे दो-दो हाथ करे. 3 - राज्‍यों में दूसरी पार्टियों को उस पार्टी की मदद करनी चाहिए जो ताकतवर पार्टी है. यानी हर सीट पर बीजेपी के उम्मीदवार के सामने विपक्ष का एक ही उम्मीदवार हो. 4 - अगर विपक्ष एक हो जाता है तो फूलपुर और गोरखपुर में सपा-बसपा के साथ आने से जैसे बीजेपी हारी वैसा ही सब जगह होगी. अगर ममता का नुस्खा विपक्ष के मर्ज की दवा है या नहीं, यह तो बाद में पता चलेगा, लेकिन इस फार्मूले से सबसे पहले कांग्रेस के पेट में ही दर्द होगा. राजनीतिक जानकार ममता के फार्मूले के खिलाफ कुछ तगड़ी दलीलें देते हैं. 1- अगर विपक्ष एकजुट हो भी जाता है तो नरेंद्र मोदी के खिलाफ कौन सा चेहरा उतारा जाएगा? 2- 2019 के चुनाव में नरेंद्र मोदी बनाम राहुल गांधी होंगे या कोई और? 3- दोबारा जिंदा होने की कोशिश कर रही कांग्रेस पीएम मोदी के खिलाफ लड़ाई की बागडोर राहुल गांधी के अलावा किसी और को क्यों देगी. 4- खुद ममता को ही राहुल गांधी का नेतृत्व मंजूर नहीं है. 5- पश्चिम बंगाल की ही बात करें तो ममता के साथ लेफ्ट पार्टियां सीटों का बंटवारा कैसे करेंगी. 6- यूपी में सपा-बसपा के तालमेल में कांग्रेस कहां जाएगी. 7- मोदी बनाम सब का फायदा उठा कर बीजेपी धुव्रीकरण करने में कामयाब हो सकती है.
CBSE Class10th-12th re-exam : 10वीं की गणित की और 12वीं की इकोनॉमिक्‍स की परीक्षा फिर होगी, नई तारीखों का ऐलान जल्द
28 March 2018
नई दिल्ली: सीबीएसई ने 10वीं की गणित की और 12वीं की इकोनॉमिक्‍स की परीक्षा फिर कराने का ऐलान किया है. सीबीएसई ने कहा कि नई तारीखों का ऐलान एक हफ्ते के भीतर किया जाएगा. इससे पहले आज सीबीएसई ने दोनों परीक्षाओं को निरस्त करने की बात कही. उल्लेखनीय है कि आज ही सीबीएसई का 10वीं क्लास का गणित का पेपर हुआ है जबकि 26 तारीख को इकोनोमिक्स का पेपर हुआ था. बोर्ड ने अपने नोटिस में कहा कि कुछ घटनाओं के प्रकाश में आने और कुछ रिपोर्टों के सामने आने के बाद सीबीएसई ने यह कदम उठाया है. सीबीएसई ने कहा कि बच्चों के हितों की रक्षा करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है ताकि परीक्षा में निष्पक्षता और सुचिता बनी रहे. कहा जा रहा है कि पेपर लीक की घटना के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है. बता दें कि दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया भी पेपर लीक होनी की बात कह चुके थे. तब सीबीएसई ने इस बात से इनकार किया था. इकोनोमिक्स में छात्रों से क्‍वेश्‍चन पेपर में 24 सवाल पूछे गए थे. पेपर दो भागों मैक्रोइकॉनॉमिक्स और माइक्रोइकॉनॉमिक्स में बांटा गया था. हर हिस्‍से में 12 क्‍वेश्‍चन शामिल हैं CBSE पेपर लीक टिप्पणियाइस साल सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा छात्रों द्वारा पेपर लीक होने के आरोपों के साथ विवाद में फंस गई है. अकाउंटैंसी पेपर की लीक होने के आरोपों के बाद, दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने संबंधित अधिकारियों से आरोपों की जांच के लिए कहा था. हालांकि सीबीएसई ने पेपर लीक की तमाम खबरों को खारिज करते हुए कहा था कि व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से संदेशों द्वारा पेपर लीक करने की शरारत करने की कोशिश की गई है
बीजेपी नेता ने घोषणा से पहले ही बता दी कर्नाटक विधानसभा चुनाव की तारीख, चुनाव आयोग करेगा जांच
27 March 2018
नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत के कर्नाटक चुनाव की तारीखों के ऐलान के लिए बुलाई गई प्रेस कॉन्फेंस उनके लिए शर्मिंदगी की वजह बन गई. रावत कर्नाटक की चुनाव की तारीखों की जानकारी दे ही रहे थे तभी उन्हें पत्रकारों ने बीच में रोक दिया और कहा कि आपने तो तारीखें नहीं बताई लेकिन बीजेपी के आईटी सेल के मुखिया अमित मालवीय पहले ही तारीखों को लेकर ट्वीट कर चुके हैं. जिस पर चुनाव आयुक्त हक्के बक्के रह गए और उनका चेहरा लाल हो गया. रावत ने वहां बैठे तुरंत अपने अधिकारियों से कहा कि ये क्या हो रहा है इस पर सभी अधिकारी बगले झांकने लगे और पत्रकार हमलावर तेवर में आ गए. रावत ने वहां मौजूद प्रेस से अपील करते हुए कहा कि पहले उन्हें सुन लिया जाए.​ उधर मालवीय ने ट्विटर पर एक अंग्रेजी चैनल का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें जानकारी उस चैनल मिली है. लेकिन तब तक बात हाथ से निकल चुकी थी. रावत ने जैसी ही मतगणना की तारीख का ऐलान किया वो वही तारीख थी जो मालवीय ने लिखी थी. लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त के लिए राहत ये रही कि मतगणना की तारीख 15 मई थी जो लीक हुई तारीख से अलग थी बाद में पूछे गए सवालों पर रावत यही कहते रहे कि इस पर जांच कर कड़ी कार्रवाई करेंगे. अब पत्रकारों के बीच ये सवाल पूछे जाने लगे कि अगर किसी चैनल में तारीख पहले से आई थी तो उसे किसने बताई. लेकिन इतना तय है कि चुनाव आयोग इतिहास में किसी भी चुनाव आयुक्त के लिए ऐसी शर्मिंदगी पहले कभी नहीं हुई वो भी एक ऐसे वक्त में जब चुनाव आयोग आम आदमी पार्टी के विधायकों की सदस्यता रद्द होने पर हाईकोर्ट के फैसले से पहले ही बचाव की मुद्रा में है. आपको बता दें कि चुनाव आयोग ने आज कर्नाटक विधानसभा चुनाव के तारीखों की घोषणा कर दी है. राज्य में एक ही चरण मतदान होंगे और 12 मई को चुनाव होंगे और 15 मई को नतीजे आएंगे. कर्नाटक में 56 हजार पोलिंग स्‍टेशन होंगे. कर्नाटक में आज से आचार संहिता लागू हो गई है.
बीजेपी ने लगाया डाटा लीक का आरोप, कांग्रेस ने अपना ऐप प्ले स्टोर से हटाया और वेबसाइट की बंद
26 March 2018
नई दिल्ली: नमो ऐप से डाटा लीक के आरोप के बाद अब कांग्रेस के ऐप और वेबसाइट से डाटा लीक होने के विवाद के बाद पार्टी की ओर से अपना ऐप गूगल प्ले स्टोर से हटा लिया है साथ ही मेंबरशिप वेबसाइट को भी हटा दिया गया है. बीजेपी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि उसने सिंगापुर के सर्वर पर डाटा लीक किया है. बीजेपी के आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने भी एक ट्वीट किया जिसमें उन्होंने लिखा, 'Hi! मेरा नाम राहुल गांधी है. मैं देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी का अध्यक्ष हूं. जब आप हमारे आधिकारिक ऐप को साइन अप करेंगे तो हम आप से जुड़ा पूरा डाटा सिंगापुर के दोस्तों को दे देंगे'. इस ट्वीट के साथ ही उन्होंने एक ग्राफिक भी शेयर किया है. बीजेपी-कांग्रेस के बीच डाटा लीक के आरोपों की शुरुआत कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ही शुरू किया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि नमो ऐप डाउनलोड करने वालों की सारी जानकारी बीजेपी अमेरिकी एक कंपनी को दे रही है. उनके इस आरोप के बाद ट्वीटर पर 'डिलीट नमो ऐप' भी ट्रेंड होने लगा था. पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया था, 'Hi, मेरा नाम नरेंद्र मोदी है. मैं भारत का प्रधानमंत्री हूं. जब आप मेरे आधिकारिक एप (नमो) को साइन करते हैं तो मैं आपसे जुड़ी सभी जानकारी अपने दोस्तों (अमेरिकी कंपनी) को दे देता हूं.' गौरतलब है कि इस डाटा लीक होने की खबरों की शुरुआत उस समय शुरू हुई जब खबरों के अनुसार, ब्रिटिश कंपनी ने चुनाव से पहले सोशल मीडिया के लिए रणनीति तैयार करने को लेकर कांग्रेस से संपर्क साधा था. रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि वर्ष 2019 में होने वाले आम चुनाव से पहले प्रचार अभियान के लिए कांग्रेस ने कैम्ब्रिज एनालिटिका कंपनी से संपर्क किया था. ब्रिटिश कंपनी पर सोशल साइट फेसबुक से लिए गए डाटा का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया है.
चारा घोटाला : दुमका ट्रेजरी मामले में लालू यादव को 14 साल की सजा, 60 लाख का जुर्माना
24 March 2018
पटना: चारा घोटाला के चौथे मामले में लालू यादव के खिलाफ कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया. चारा घोटाले के चौथे मामले में यानी दुमका ट्रेजरी मामले में लालू यादव को सीबीआई की विशेष अदालत ने 7-7 साल की सजा सुनाई है. साथ ही 30-30 लाख का जुर्माना भी लगाया है. चारा घोटाला में रांची की कोर्ट ने लालू यादव के खिलाफ फैसला सुनाया है. IPC की धारा 120 बी, 467, 420, 409, 468, 471, 477ए और PC Act की धारा 13(2) रेड विथ 13(1)(सी)(डी) के तहत सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत ने दोनो में 7 - 7 साल और 30 - 30 लाख की सजा सुनाई है. जुर्माना नहीं देने पर 1 साल की सजा बढ़ेगी. बता दें कि सोमवार को सीबीआई की विशेष अदालत ने दुमका कोषागार गबन के मामले में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत लालू प्रसाद यादव को दोषी करार दिया था. सीबीआई के अधिवक्ता ने बताया कि लालू को अदालत ने इस मामले में भी आपराधिक षड्यंत्र एवं भ्रष्टाचार का दोषी पाया है. अदालत ने लालू को आपराधिक षड्यन्त्र, गबन, फर्जीवाड़ा, साक्ष्य छिपाने, पद के दुरुपयोग आदि से जुड़ी भारतीय दंड संहिता की धाराओं 120बी, 409, 420, 467, 468, 471, 477ए के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत दोषी पाया. लालू प्रसाद के खिलाफ चारा घोटाले से जुड़े कुल पांच मामलों में रांची में मुकदमे चल रहे थे. फिलहाल लालू यादव चारा घोटाले के देवघर कोषागार एवं चाईबासा कोषागार मामलों में सजा सुनाये जाने के बाद यहां बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं और उन्हें हाईकोर्ट से इन मामलों में अब तक राहत नहीं मिल सकी है. लालू प्रसाद यादव के खिलाफ चारा घोटाले में यह चौथा मामला है जिसमें फैसला सुनाया गया है. चारा घोटाले के दुमका केस में फैसला आने से ठीक पहले दायर की गई अपनी याचिका में लालू ने कहा था कि दुमका कोषागार से अवैध निकासी के मामले में उस वक्त के तत्कालीन एकाउंटेंट जनरल पीके मुखोपाध्याय समेत तीन लोगों को आरोपी बनाया जाए. अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 319 के तहत लालू ने इन तीनों को भी नोटिस जारी कर इस मामले में सह अभियुक्त बनाने का अनुरोध किया है. इस याचिका पर फैसला सुनाने के बाद ही दुमका कोषागार से अवैध निकासी मामले में लालू पर फैसला सुनाया जाएगा. 2 टिप्पणिया अदालत ने बिहार के तत्कालीन महालेखा परीक्षक समेत महालेखाकार कार्यालय के तीन अधिकारियों के खिलाफ इसी मामले में मुकदमा चलाए जाने की लालू प्रसाद की याचिका स्वीकार करते हुए तीनों को समन जारी करने का निर्देश दिया. केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत के न्यायाधीश शिवपाल सिंह ने शुक्रवार को कहा था कि दुमका कोषागार से गबन मामले में शनिवार को फैसला सुनाया जाएगा. गौरतलब है कि आरजेडी सुप्रीमो को चारा घोटाले के तीन मामलों में पहले ही दोषी करार दिया जा चुका है. उन्हें कुल मिलाकर अब तक 13.5 साल की सजा सुनाई गई है. लालू पर आरोप है कि उन्होंने 1995 -96 के बीच में बिहार के मुख्यमंत्री रहते हुए इस कोषागार से 3.13 करोड़ की अवैध निकासी की. इस मामले में लालू यादव के साथ पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा और 29 अन्य लोग आरोपी हैं. दुमका कोषागार से अवैध निकासी मामले में कोर्ट में सुनवाई 5 मार्च को पूरी हो गई थी. इससे पहले इसी वर्ष 24 जनवरी को लालू प्रसाद एवं जगन्नाथ मिश्र को सीबीआई की विशेष अदालत ने चाईबासा कोषागार से 35 करोड़, 62 लाख रुपये का गबन करने के चारा घोटाले के एक अन्य मामले में दोषी करार देते हुए पांच-पांच वर्ष सश्रम कारावास एवं क्रमशः दस लाख एवं पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनायी थी. सीबीआई की विशेष अदालत ने चारा घोटाले के चाईबासा मामले में कुल 50 आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनायी थी
अन्ना का सत्याग्रह कुछ देर में: 7 साल बाद फिर सरकार के खिलाफ बिगुल, लोकपाल और किसानों से जुड़ी हैं मांगें
23 March 2018
नई दिल्ली.समाजसेवी अन्ना हजारे अब से कुछ देर बाद राजधानी के रामलीला मैदान में 7 साल बाद फिर अनशन करेंगे। इस बार आंदोलन में जनलोकपाल के साथ देशभर के किसानों की परेशानियों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। अन्ना ने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद समर्थकों के साथ शहीद मार्ग जाएंगे। फिर यहां से मार्च करते हुए रामलीला मैदान के लिए निकलेंगे। बता दें कि 2011 में अन्ना ने लोकपाल बिल की मांग को लेकर जंतरमंतर पर भूख हड़ताल की थी। इसके बाद रामलीला मैदान में बड़ा आंदोलन हुआ, जिसमें लाखों लोग जुटे थे अन्ना ने सरकार पर नाराजगी जताई - अनशन से पहले अन्ना ने पुलिस और सरकार पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि आपके प्रदर्शन से दिल्ली में ट्रेन रोकी जा सकती हैं। आप लोगों को हिंसा के लिए उकसाना चाहते हैं। सरकार ने मेरे पीछे भी पुलिस लगाई है। मैंने उन्हें कई बार लिखा कि हमें पुलिस सुरक्षा की कोई जरूरत नहीं है। आपकी सुरक्षा मुझे नहीं बचा सकती है। यह सरकार का मूर्खता भरा रवैया है। किसानों के हक के लिए आंदोलन - अन्ना इस बार के आंदोलन में किसान के मुद्दे उठाएंगे। किसानों की सुनिश्चित आय, पेंशन, खेती के विकास के लिए ठोस नीतियों समेत कई मांगें एजेंडे में शामिल हैं। - पहले उन्होंने कहा था कि मोदी सरकार किसानों के साथ अन्याय कर रही है। देश में किसान आत्महत्या कर रहे हैं, आंदोलन कर रहे हैं। जिसकी जिम्मेदार केंद्र सरकार है। आंदोलन से दूर रहेंगे राजनीतिक दल - पिछली बार के आंदोलन से सबक लेते हुए इस बार अन्ना हजारे ने साफ कह दिया है कि इस बार राजनीतिक दल उनके इस आंदोलन में शामिल नहीं होंगे, लेकिन माना जा रहा है कि योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, शांति भूषण और कुमार विश्वास जैसे कुछ पुराने सहयोगी आंदोलन को समर्थन देने पहुंच सकते हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम - पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। दिल्ली पुलिस की 6 अतिरिक्त कंपनी मंगाई गई हैं। ग्राउंड के अंदर और बाहर 32 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। - रामलीला मैदान के सभी एंट्री गेटों पर डोर फ्रेम्ड मेटल डिटेक्टर और हैंडहेल्ड मेटल डिटेक्टर से चेकिंग की होगी।
संसद ने 'टैक्स फ्री ग्रेच्युटी' की सीमा की दोगुनी, 20 लाख की रकम तक नहीं देना होगा कोई कर
22 March 2018
नई दिल्ली: ग्रेच्युटी से संबंधित उपदान भुगतान (संशोधन) विधेयक 2018 को गुरुवार को संसद की मंजूरी मिल गई. विधेयक में निजी क्षेत्र और सरकार के अधीन सार्वजनिक उपक्रम या स्‍वायत्‍त संगठनों के ऐसे कर्मचारियों के उपदान (ग्रेच्यूटी) की अधिकतम सीमा में वृद्धि का प्रावधान है, जो केंद्र सरकार के कर्मचारियों के अनुसार सीसीएस (पेंशन) नियमावली के अधीन शामिल नहीं हैं. लोकसभा इस विधेयक को पहले ही पारित कर चुकी है. कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड का गठन और आंध्रप्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने समेत अन्य मुद्दों पर विभिन्न दलों के भारी हंगामे के चलते राज्यसभा की कार्यवाही लगातार बाधित हो रही है. आज भी इन्हीं मुद्दों पर सदन में हंगामा हुआ और सदन की कार्यवाही बैठक शुरू होने के करीब 20 मिनट बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई. लेकिन ग्रेच्युटी से संबंधित उपदान भुगतान (संशोधन) विधेयक 2018 को श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार के अनुरोध पर बिना चर्चा के, सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया. गंगवार ने विधेयक पेश करते हुए कहा ‘यह अत्यंत महत्वपूर्ण विधेयक है और मैं अनुरोध करता हूं कि इसे चर्चा के बिना पारित कर दिया जाए.’ विधेयक के लिए कांग्रेस के डॉ सुब्बीरामी रेड्डी ने दो संशोधन पेश किए थे लेकिन आज उन्होंने अपने दोनों ही संशोधन वापस ले लिये. इस विधेयक के तहत केंद्र सरकार में निरंतर सेवा में शामिल महिला कर्मचारियों को वर्तमान 12 सप्ताह के स्थान पर 'प्रसूति छुट्टी की अवधि' को अधिसूचित करने का प्रावधान किया गया है. उल्लेखनीय है कि अभी दस अथवा अधिक लोगों को नियोजित करने वाले निकायों के लिए उपदान भुगतान अधिनियम 1972 लागू है जिसके तहत कारखानों, खानों, तेल क्षेत्रों, बागानों, पत्तनों, रेल कंपनियों, दुकानों या अन्य प्रतिष्ठानों में लगे कर्मचारी शामिल हैं जिन्होंने पांच वर्ष की नियमित सेवा प्रदान की है. इसी के तहत उपदान (ग्रेच्यूटी) संदाय की योजना अधिनियमित की गई थी. अधिनियम की धारा 4 के अधीन ग्रेच्यूटी की अधिकतम सीमा वर्ष 2010 में 10 लाख रुपये रखी गई थी. सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के कार्यान्वयन के बाद केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों के लिये ग्रेच्यूटी की अधिकतम सीमा को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया गया. इसलिए निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के मामले में भी महंगाई और वेतन वृद्धि पर विचार करते हुए सरकार का अब यह विचार है कि उपदान भुगतान अधिनियम,1972 के अधीन शामिल कर्मचारियों के लिए उपदान (ग्रेच्यूटी) की पात्रता में संशोधन किया जाना चाहिए. इस अधिनियम को लागू करने का मुख्‍य उद्देश्‍य सेवानिवृत्ति के बाद कामगारों की सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है, चाहे सेवानिवृत्ति की नियमावली के परिणामस्‍वरूप सेवानिवृत्ति हुई हो अथवा शरीर के महत्‍वपूर्ण अंग के नाकाम होने से शारीरिक विकलांगता के कारण सेवानिवृत्ति हुई हो. टिप्पणियाविधेयक के उद्देश्य एवं कारणों में कहा गया है कि उपदान संदाय संशोधन विधेयक 2017 में अन्य बातों के साथ साथ अधिनियम की धारा 2क का संशोधन करने का प्रावधान किया गया है जिससे सरकार को निरंतर सेवा विधेयक में शामिल महिला कर्मचारियों को वर्तमान 12 सप्ताह के स्थान पर 'प्रसूति छुट्टी की अवधि' को अधिसूचित किया जाए. ऐसा इसलिये किया गया क्योंकि प्रसूति सुविधा संशोधन अधिनियम 2017 के माध्यम से प्रसूति छुट्टी की अवधि को 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह कर दिया गया था. ऐसे में केंद्र सरकार को वर्तमान 12 सप्ताह की अवधि को ऐसी अन्य अवधि के लिये अधिसूचित करने की बात कही गई है. इसके तहत दस लाख रुपये शब्द के स्थान पर ‘एक ऐसी रकम जो केंद्रीय सरकार द्वारा समय समय पर अधिसूचित की जाए’ शब्द रखने के लिये अधिनियम की धारा 4 का संशोधन करने का प्रस्ताव है
अलीमुद्दीन हत्याकांड: झारखंड के पहले लिंचिंग मामले में सजा का ऐलान, 11 दोषियों को उम्रकैद
21 March 2018
रांची : रामगढ़ में देश के पहले लिंचिंग (गौमांस को लेकर भीड़ द्वारा पीट पीटकर हत्या) के चर्चित अलीमुद्दीन हत्याकांड मामले में रामगढ़ की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सभी आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. अदालत ने इस मामले में 11 आरोपियों को दोषी करार दिया था. दोषियों को कोर्ट ले जाते वक्‍त गेट पर जय श्री राम का नारा लगाए गए. गौ मांस को लेकर भीड़ द्वारा एक व्यक्ति को पीट पीटकर मार डालने के अलीमुद्दीन हत्याकांड मामले की रामगढ़ फा‌स्ट ट्रैक कोर्ट ने 11 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. कोर्ट ने इस मामले में 12 मे से 11 अभियुक्तों को धारा 302 के तहत दोषी करार दिया था. एक अभियुक्त को जुवेनाइल करार दिया गया. केस की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील किया गया था. वहीं केस की सुनवाई के दौरान परिजन व कई राजनीतिक पाटियों के लोग भी बड़ी संख्या में कोर्ट में मौजूद थे. रामगढ़ थाना क्षेत्र में 29 जून को स्थानीय बाजार टांड़ के समीप भीड़ ने अलीमुद्दीन को गौमांस तस्कर बताकर जमकर पीटा था. उसकी मारुति वैन में आग लगा दी थी. बाद में अस्पताल ले जाते हुए अलीमुद्दीन की मौत हो गई थी. इस मामले में कुल 12 आरोपियों को पकड़ा गया था जो अभी न्यायिक हिरासत में हैं. इनमें गोरक्षा समिति के छोटू वर्मा, दीपक मिश्रा, छोटू राणा, संतोष सिंह, भाजपा जिला मीडिया प्रभारी नित्यानंद महतो, विक्की साव ,सिकंदर राम, रोहित ठाकुर, विक्रम प्रसाद, राजू कुमार, कपिल ठाकुर, छोटू राणा हैं. सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक रामगढ़ एसके शुक्ला ने केस की कार्रवाई पूरी कराई. राज्य सरकार ने एक वर्ष में मामले की सुनवाई पूरी करने के लिए फास्ट ट्रैक का गठन किया था. फास्ट ट्रैक न्यायालय में लगभग आठ महीने में ही केस से जुड़ी सुनवाई पूरी कर ली गई. लोक अभियोजक एसके शुक्ला ने बताया कि मृतक अलीमुद्दीन की पत्नी ने रामगढ़ थाने में मामला दर्ज कराया था. इसके बाद सरकार की ओर से 19 गवाहों व 20 प्रदर्श को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था. आरोपियों की ओर से एक गवाही हुई थी. इसके बाद न्यायाधीश ओम प्रकाश ने सभी 11 आरोपियों को धारा 147/148/149/427/435/302 IPC के तहत दोषी करार दिया है जिसमें अधिकतम मृत्यु दंड व न्यूनतम आजीवन कारावास की सजा हो सकती है