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D-81439/16-06-2017


तीन तलाक पर फैसला: अमित शाह बोले- मुस्लिम महिलाओं के लिए नए युग की शुरुआत
22 Aug 2017
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ऐतिहासिक फैसला देते हुए तीन तलाक को 'असंवैधानिक' व 'मनमाना' करार दिया. तीन तलाक पर फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा, 'इस्लाम का हिस्सा नहीं' है. पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने दो के मुकाबले तीन मतों से दिए अपने फैसले में कहा कि तीन तलाक को संवैधानिक संरक्षण प्राप्त नहीं है. कोर्ट के इस फैसले पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा, 'इस के साथ ही मुस्लिम महिलाओं के लिए नए युग की शुरुआत होगी.' मोदी सरकार की पहली प्रतिक्रिया: तीन तलाक के मसले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का केंद्र सरकार ने स्वागत किया है. सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री कार्यालय और कानून मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को संतोषजनक बताया है. सरकार कहना है कि देश की सर्वोच्च अदालत ने महिलाओं के हक में फैसला सुनाया है. यह लैंगिक बराबरी और सम्मान का मामला है.सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री ने ये कभी नहीं कहा कि यह धर्म से जुड़ा मामला है. कोर्ट का यह फैसला हमारे रुख का समर्थन है. ये है कोर्ट का फैसला: तीन तलाक पर फैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ, न्यायमूर्ति रोहिंटन फली नरीमन और न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित ने कहा कि तीन तलाक इस्लाम का मौलिक रूप से हिस्सा नहीं है, यह कानूनी रूप से प्रतिबंधित और इसे शरियत से भी मंजूरी नहीं है. वहीं, प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति जे.एस. खेहर और न्यायमूर्ति एस. अब्दुल नजीर ने कहा कि तीन तलाक इस्लामिक रीति-रिवाजों का अभिन्न हिस्सा है और इसे संवैधानिक संरक्षण प्राप्त है. न्यायमूर्ति खेहर ने अपने फैसले में संसद से इस मामले में कानून बनाने की अपील की उन्होंने अगले छह माह के लिए तीन तलाक पर रोक लगा दी. साथ ही विभिन्न राजनीतिक दलों से अपील की कि वे अपने मतभेदों को भूलकर इससे संबंधित कानून बनाएं.

D-81439/16-06-2017


राज्यसभा चुनाव : अमित शाह, स्‍मृति ईरानी, अहमद पटेल और चुनाव आयोग को गुजरात हाई कोर्ट का नोटिस
21 Aug 2017
अहमदाबाद: राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के दो बागी विधायकों के मत अमान्य करार देने के निर्वाचन आयोग के निर्णय को चुनौती देने वाली भाजपा उम्मीदवार बलवंत सिंह राजपूत की याचिका पर गुजरात हाई कोर्ट ने निर्वाचन आयोग और कांग्रेस नेता अहमद पटेल को आज नोटिस जारी किए. न्यायमूर्ति बेला त्रिवेदी ने निर्वाचन आयोग, पटेल और भाजपा के दो अन्य उम्मीदवारों-पार्टी अध्यक्ष अमित शाह एवं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को भी नोटिस जारी किए. अदालत ने 21 सितंबर को नोटिस का जवाब देने को कहा है. गुजरात से राज्यसभा चुनाव हारने वाले भाजपा उम्मीदवार राजपूत ने कांग्रेस के दो बागी विधायकों के वोट रद्द करने के निर्वाचन आयोग के निर्णय के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया है. उन्होंने आठ अगस्त को हुए चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़ दी थी. राजपूत ने दावा किया है कि दो अन्य कांग्रेस विधायकों के वोट भी गिने नहीं जाने चाहिए क्योंकि उन्होंने भी अपने मतपत्र अनधिकृत लोगों को दिखाए थे और उन्हें (राजपूत को) विजेता घोषित किया जाना चाहिए. निर्वाचन आयोग के निर्णय से कांग्रेस के उम्मीदवार पटेल की जीत का मार्ग प्रशस्त हुआ था जिन्हें जीत के लिए न्यूनतम आवश्यक 44 मत मिले थे. राजपूत को 38 मत मिले थे. राजपूत की याचिका में कहा गया है कि दो मतों को वैध घोषित करते समय निर्वाचन अधिकारी द्वारा अपने विवेक का प्रयोग किए जाने के बाद आयोग के पास ''निर्वाचन अधिकारी को कोई मत स्वीकार या खारिज करने का कोई निर्देश जारी करने का अधिकार नहीं है.'' आयोग ने कांग्रेस के पूर्व विधायकों राघवजी पटेल और भोलाभाई गोहिल के मत अवैध घोषित कर दिए थे
गोरखपुर हादसा: राहुल गांधी पीड़ितों के परिजनों से मिलने पहुंचे, CM योगी बोले-पिकनिक स्‍पॉट न बनाएं
19 Aug 2017
गोरखपुर: गोरखपुर मेडिकल हादसे के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी शनिवार को पीड़ित परिजनों से मिलने पहुंचे. उनके साथ कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता गुलाम नबी आजाद भी मौजूद थे. उनका बाबा राघव दास (बीआरडी) मेडिकल कॉलेज जाने का भी कार्यक्रम है जहां कुछ दिन पहले कथित तौर पर ऑक्सीजन की कमी की वजह से 36 बच्चों की मौत हो गई थी. पिछले दिनों कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल गुलाम नबी आजाद के नेतृत्‍व में गोरखपुर गया था. कांग्रेस नेताओं ने अस्पताल में बच्चों की मौत के लिए सीधे तौर पर योगी आदित्यनाथ सरकार को कठघरे में खड़ा किया था. घटना के बाद यूपी कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर ने बड़ी तादाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ लखनऊ की सड़कों पर बैठकर योगी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था. इससे पहले यूपी के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ स्‍वच्‍छ यूपी, स्‍वस्‍थ यूपी अभियान के तहत शनिवार को गोरखपुर पहुंचे. उनका यह दौरा इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्‍योंकि इस वक्‍त यह जिला बीमारी और बाढ़ से बेहाल है. यहां योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि आसपास की गंदगी को दूर कर काफी हद तक बीमारियों से बचा जा सकता है. गंदगी की वजह से इंसेफेलाइटिस फैलता है. इसलिए इंसेफेलाइटिस को रोकने के लिए स्‍वच्‍छता जरूरी है. गौरतलब है कि गोरखपुर और निकटवर्ती तराई इलाका जापानी इंसेफेलाइटिस से बहुत प्रभावित है. पिछले दिनों गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में कई बच्‍चों की मौत राष्‍ट्रीय सुर्खियों का सबब बनी. योगी आदित्‍यनाथ ने इस मसले पर कहा कि राजनीति से भी गंदगी दूर होना चाहिए और इस घटना के लिए पुरानी सरकार जिम्‍मेदार है क्‍योंकि स्‍वच्‍छता अभियान की ओर ध्‍यान अपेक्षित ध्‍यान नहीं दिया गया. इस अवसर पर योगी आदित्‍यनाथ ने कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी और सपा नेता अखिलेश यादव पर बड़ा हमला करते हुए कहा कि गोरखपुर को पिकनिक स्‍पॉट नहीं बनाया जाना चाहिए. उन्‍होंने राहुल गांधी को युवराज और अखिलेश यादव को शहजादा कहा.
भोपाल पहुंचे अमित शाह, एक दिन पहले छूट गई थी फ्लाइट
18 Aug 2017
भोपाल : भाजपा अध्यक्ष अमित शाह अपने कार्यक्रम में दो बार बदलाव होने के बाद शुक्रवार सुबह तीन-दिवसीय दौरे पर भोपाल पहुंचे. शाह अपने तय कार्यक्रम से करीब 12 घंटे की देरी से यहां पहुंचे हैं. पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उन्हें 17 अगस्त की रात 9 बजे यहां पहुंचना था. यहां राजा भोज हवाईअड्डे पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया. निर्धारित कार्यक्रम के तहत शाह को सामान्य विमान से शुक्रवार रात नौ बजे भोपाल पहुंचना था, लेकिन किसी महत्वपूर्ण बैठक के कारण वह गुरुवार रात नहीं आ सके. वह दिल्ली-भोपाल उड़ान नहीं ले सके. निर्धारित कार्यक्रम के तहत शाह को सामान्य विमान से शुक्रवार रात नौ बजे भोपाल पहुंचना था, लेकिन किसी महत्वपूर्ण बैठक के कारण वह गुरुवार रात नहीं आ सके. वह दिल्ली-भोपाल उड़ान नहीं ले सके. इसके बाद कहा गया था कि भाजपा अध्यक्ष एक विशेष विमान से गुरुवार रात करीब साढ़े दस बजे भोपाल पहुंचेंगे, लेकिन उसमें तकनीकी खराबी आने के कारण रात को उनकी यात्रा रद्द हो गयी. अगले आम चुनावों में मोदी के नेतृत्व में भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लक्ष्य से पार्टी के रणनीतिकार अतिम शाह देश के सभी राज्यों के 110 दिवसीय दौरे पर हैं. अपने इसी विस्तृत प्रवास के तहत वह शुक्रवार को भोपाल पहुंचे हैं. वह तीन दिन यहां रूकेंगे. उम्मीद है कि इस दौरान मध्यप्रदेश में चौथी बार भाजपा की सरकार लाने और उसे मजबूत बनाने की कार्ययोजना पर भी चर्चा होगी 18 से 20 अगस्त तक के इस दौरे पर शाह पार्टी के केन्द्रीय पदाधिकारियों, प्रदेश कोर ग्रुप के सदस्यों, प्रदेश पदाधिकारियों, प्रदेश प्रवक्ता, सांसदों, विधायकों, जिला अध्यक्षों, संभागीय संगठन मंत्रियों, विभिन्न मोर्चो के प्रदेश अध्यक्षों, विभाग, प्रकोष्ठ और प्रकल्पों के प्रदेश संयोजकों तथा पार्टी के जिला प्रभारियों के साथ संयुक्त बैठक करेंगे. इस दौरान वह जनसंघ संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा का शहर स्थित लालघाटी चौराहे पर शुक्रवार सुबह लोकार्पण करेंगे.मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने बताया कि शाह के इस दौरे का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में भाजपा को और मजबूत बनाना है. चौहान ने बताया कि शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ-साथ सांसद, विधायक एवं कोर ग्रुप की बैठक करने के अलावा शाह मुख्यमंत्री आवास पर सामाजिक प्रमुखों और संत समुदाय के साथ भी चर्चा करेंगे
राहुल गांधी बोले, पीएम नरेंद्र मोदी को 'स्वच्छ' और हमें 'सच' भारत चाहिए
17 Aug 2017
नई दिल्ली: कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार हर संस्था में आरएसएस के लोगों को बिठाना चाहती है. जदयू के बागी नेता शरद यादव की ओर से बुलाए गए 'साझा विरासत बचाओ सम्मेलन' में राहुल गांधी ने कहा कि पुलिस, प्रशासन, जज, मीडिया हर जगह अपने लोग बिठाने में लगी है. जिस दिन हर सरकारी संस्था के शीर्ष पदों पर आरएसएस के लोग बैठ जाएंगे तो वे हमे कहेंगे अब ये देश हमारा है. राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर झूठ बोलने का आरोप लगाया. कहा, प्रधानमंत्री जहां भी जाते हैं कुछ न कुछ झूठ बोल जाते हैं. राहुल गांधी ने कहा, 'पीएम मोदी कहते हैं, हमें स्वच्छ भारत चाहिए, मैं कहता हूं हमे सच भारत चाहिए.'
'न 15 लाख आए न दो करोड़ नौकरी मिली': कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने सभी के बैंक खाते में 15-15 लाख भेजने का वादा किया था, जो अब तक नहीं आए. उन्होंने वादा किया था कि दो करोड़ लोगों को नौकरियां देंगे. इस संबंध में जब संसद में उनके मंत्री से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि पिछले साल एक लाख लोगों को रोजगार दिया. जबकि अकेले कर्नाटक सरकार ने 30 हजार लोगों को नौकरियां दी. इस साल तो मोदी सरकार की हालत और भी खराब है, रोजगार देने के बजाय रोजगार के अवसर घटा दिए.
फेल हो चुका है 'मेड इन इंडिया': राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी हर जगह 'मेक इन इंडिया' की बात करते हैं, लेकिन आप जहां भी जाएं आपको 'मेड इन चाइना' दिखेगा. वे इस झूठ को छुपा रहे हैं कि मेक इंडिया पूरी तरह फ्लॉप हो चुका है.
सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार के सदस्यों ने दी तिरंगे को सलामी:राहुल गांधी ने आरएसएस और मोदी सरकार पर बड़ा हमला करते हुए कहा, तब तक तिरंगे को सलामी नहीं दी जब तक सत्ता में नहीं आए. आरएसएस कहती है, ये देश हमारा है, तुम इसके नहीं हो. गुजरात में दलितों की पिटाई की और कहा ये देश हमारा है. तुम इसके नहीं हो. आरएसएस जानती है कि उनकी विचारधारा से चुनाव नहीं जीत सकती है, इसलिए वो अपने लोग हर संस्थान में रखने लगी है. राहुल गांधी ने सम्मेलन में मौजूद नेताओं की इशारा करते हुए कहा, 'अगर हम सब एकजुट हो जाएं तो आसानी से मोदी और RSS की सरकार को उखाड़ फेकेंगे.इस सम्मेलन में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, रामगोपाल यादव, राहुल गांधी, गुलाम नबी आजाद, प्रकाश अंबेडकर, सुधाकर रेड्डी, डी राजा, जयंत चौधरी शामिल होने पहुंचे. बाबूलाल मरांडी व फारुख अब्दुल्ला भी सम्मेलन में पहुंचे हैं. कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, असली जदयू शरद यादव की है, नीतीश कुमार को तो बीजेपी है. शरद यादव ने बीते दिनों दावा किया है कि देश के साझा विरासत को बचाने के उद्देश्य से इस सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है.

राजदेव रंजन मर्डर केस: सीबीआई दो हफ्ते में सुप्रीम कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करेगी, 18 सितंबर को होगी सुनवाई
14 Aug 2017
नई दिल्‍ली: सीवान में पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या के मामले में CBI ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वह दो हफ्ते में इस मामले में जांच पूरी कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करेगी. कोर्ट में अब 18 सितंबर को इस मामले की सुनवाई होगी. दरअसल राजदेव रंजन की पत्नी आशा रंजन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. उसमें बिहार के बाहुबली नेता शहाबुद्दीन और स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप सिंह के ख़िलाफ हत्या के आरोपियों मोहम्मद कैफ और मोहम्मद जावेद की मदद और शरण देने के मामले में FIR दर्ज कर जांच की मांग की गई है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने शहाबुद्दीन को बिहार की जेल से दिल्ली की तिहाड़ जेल में ट्रांसफर कर दिया था. राजदेव रंजन की पत्नी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर कहा गया है कि मामले की जांच सीबीआई को अपने हाथ में लेने का निर्देश दिया जाए, साथ ही उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई जाए. मामले की जांच पहले ही सीबीआई को सौंप दी गई है और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. याचिकाकर्ता महिला आशा रंजन की ओर से उनके एडवोकेट किसलय पांडेय ने बताया कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है. याचिका में कहा गया है कि 13 मई 2016 को सीवान में उनके पति राजदेव रंजन की गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस मामले में नगर थाने में हत्या का केस दर्ज किया गया. अर्जी में कहा गया है कि शिकायती महिला ने मामले में शूटर के अलावा शहाबुद्दीन पर भी आरोप लगाया था लेकिन पुलिस ने शहाबुद्दीन को नामजद नहीं किया.
गोरखपुर हादसा: ऑक्‍सीजन सिलिंडर पहुंचाने वाली कंपनी के मालिक मनीष भंडारी के घर छापेमारी
12 Aug 2017
गोरखपुर: गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में लिक्विड ऑक्‍सीजन सिलिंडर पहुंचाने वाली कंपनी पुष्‍पा सेल्‍स प्राइवेट लिमिटेड के दफ्तर पर पिछले रात से छापेमारी हुई है. इस कंपनी के मालिक मनीष भंडारी के घर और उसके रिश्‍तेदारों के यहां भी छापेमारी हुई है. मनीष भंडारी लेकिन फरार बताया जा रहा है. उल्‍लेखनीय है कि गोरखपुर में पिछले पांच दिनों में 60 बच्चों की दर्दनाक मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. जान गंवाने वाले बच्चों में 5 नवजात शिशु भी थे. हॉस्पिटल में होने वाली कुल मौतें 30 हैं. मौतों की वजह आधिकारिक तौर पर भले ही नहीं बताई जा रही हो लेकिन कहा जा रहा है कि इसके पीछे ऑक्सीजन की कमी ही कारण है. हालांकि यूपी सरकार का कहना है कि ऑक्सीजन की कमी से मौत नहीं हुई. 9 तारीख की आधी रात से लेकर 10 तारीख की आधी रात को 23 मौतें हुईं जिनमें से 14 मौतें नियो नेटल वॉर्ड यानी नवजात शिशुओं को रखने के वॉर्ड में हुई जिसमें प्रीमैच्योर बेबीज़ रखे जाते हैं. यह भी हैरतअंगेज है कि 10 अगस्त की रात को ऑक्सीजन की सप्लाई खतरनाक रूप से कम हो गई.
धरना-प्रदर्शन शुरू बाबा राघवदास मेडिकल कालेज स्थित नेहरू हॉस्पिटल में भर्ती 30 बच्चों की मौत के मामले पर विभिन्न सामाजिक संगठन और राजनीतिक दल आज मेडिकल कॉलेज परिसर में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मेडिकल कालेज पहुंच गये हैं. प्रदर्शन कर रहे लोगों में सपा, बसपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता शामिल हैं. प्रदर्शनकारी उक्त घटना में सम्मिलित चिकित्सक, प्रधानाचार्य और अधीक्षक पर हत्या का मामला दर्ज करके इन सबकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं. वे मृतक बच्चों के परिवारों को 20-20 लाख रुपये का मुआवजा देने की भी मांग कर रहे हैं जिला प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल मेडिकल कॉलेज परिसर में तैनात कर दिया है. मेडिकल कॉलेज पहुंचने वाले कांग्रेस के नेताओं में वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर शामिल हैं.

BJP ने वेंकैया नायडू को उपराष्‍ट्रपति आखिर क्‍यों बनाया? जानें 5 वजहें
11 Aug 2017
एम वेंकैया नायडू ने देश के 13वें उपराष्‍ट्रपति के रूप में शपथ ली है. इस प्रकार भैरों सिंह शेखावत के बाद वह इस पद तक पहुंचने वाले बीजेपी के दूसरे नेता बन गए हैं. 68 वर्षीय नायडू आंध्र प्रदेश के प्रभावी कम्‍मा समुदाय से ताल्‍लुक रखते हैं और महज 28 साल की उम्र में पहली बार एमएलए बनकर सियासी सफर की शुरुआत की थी. उनके शपथ ग्रहण के साथ ही सवाल उठ रहा है कि आखिर किन वजहों से बीजेपी ने उनको इस पद के लिए चुना. आइए इससे जुड़ी 5 संभावित वजहों पर डालें एक नजर:
1. दक्षिण भारत से नाता एम वेंकैया नायडू आंध्र प्रदेश से ताल्‍लुक रखते हैं. बीजेपी के नेतृत्‍व वाले एनडीए ने पहले ही राष्‍ट्रपति के रूप में उत्‍तर भारत से रामनाथ कोविंद को चुना. इसलिए क्षेत्रीय संतुलन के लिहाज से दक्षिण भारत को ध्‍यान में रखते हुए उपराष्‍ट्रपति पद के लिए वेंकैया नायडू को चुना.
2. मजबूत आधार की तलाश दूसरी बात यह है कि बीजेपी अपेक्षाकृत दक्षिण भारत के राज्‍यों में कमजोर हैं. पार्टी इन क्षेत्रों में अपनी पैठ बनाना चाहती है और 2019 के लोकसभा चुनाव को ध्‍यान में रखते हुए अपने आधार को मजबूत करना चाहती है. इसलिए भी दक्षिण भारत से इस पद के लिए पार्टी ने उम्‍मीदवार चुना.
3. राज्‍यसभा में अनुभव वेंकैया नायडू चार बार राज्‍यसभा के सदस्‍य रहे. इस लिहाज से उच्‍च सदन में उनका लंबा अनुभव है. बीजेपी अब भले ही उच्‍च सदन में सबसे बड़ी पार्टी बन गई हो लेकिन संख्‍याबल के लिहाज से अभी भी यूपीए के पक्ष में ही आंकड़ा है. वेंकैया नायडू के सभी दलों के नेताओं से बेहतर संबंध रहे हैं. संसदीय मामलों की बेहतर समझ है. इस लिहाज से माना जा रहा है कि उनके नेतृत्‍व में उच्‍च सदन को चलाना आसान होगा.
4. बीजेपी कार्यकर्ता नायडू हमेशा से संघ और बीजेपी के सदस्‍य रहे हैं. 1975 में इमरजेंसी के दौर में जेल में भी रहे हैं. उनकी नियुक्ति के साथ ही देश के तीन सर्वोच्‍च संवैधानिक पदों पर बीजेपी की पृष्‍ठभूमि वाले नेता आसीन हो गए हैं.
5. वरिष्‍ठता पीएम मोदी की कैबिनेट में वेंकैया नायडू की पांचवीं पोजीशन थी. पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज और वित्‍त मंत्री अरुण जेटली के बाद उनकी पोजीशन थी. जब बीजेपी ने तय किया कि उपराष्‍ट्रपति पद का उम्‍मीदवार दक्षिण भारत से होना चाहिए तो वरिष्‍ठता और संसदीय मामलों की समझ के लिहाज से वेंकैया नायडू पार्टी की सहज पसंद बने. मोदी सरकार के संकटमोचक की छवि भी रही है

हामिद अंसारी ने 'मुसलमानों की बेचैनी' पर उठाया सवाल, शिवसेना बोली- पहले इस्तीफा क्यों नहीं दिया
10 Aug 2017
नई दिल्ली: उप-राष्ट्रपति के पद से विदा हो रहे हामिद अंसारी ने जाते-जाते सरकार पर कई सवाल खड़े कर दिए. राज्यसभा टीवी को दिए एक इंटरव्यू में अंसारी ने कहा कि मुस्लिमों में बेचैनी का अहसास है. उनमें असुरक्षा की भावना घर कर रही है. स्वीकार करने का माहौल ख़तरे में है. भारतीय मूल्य, संस्थाएं कमज़ोर हो रही हैं. किसी की भारतीयता पर सवाल उठाना बेहद परेशान करने वाला है. बार-बार राष्ट्रवाद साबित करने की ज़रूरत नहीं है. मैं एक भारतीय हूं और यही काफ़ी है. इसके बाद बीजेपी और शिवसेना ने प्रतिक्रिया दी है
पहले इस्तीफा क्यों नहीं दिया : शिवसेना हामिद अंसारी के बयान पर शिवसेना ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि अगर उन्हें मुस्लिमों में बेचैनी और असुरक्षा की भावना दिखती है तो इस विषय को लेकर उन्होंने पहले ही अपने पद से इस्तीफा क्यों नहीं दे दिया. अब जब वह जा रहे हैं, तब इस तरीके का बयान दे रहे हैं. उनको पहले ही इस्तीफा देकर जनता के बीच में जाना चाहिए था. यह मुसलमानों की अंतरआत्मा की आवाज नहीं है. यूपी में मुसलमानों ने बीजेपी को वोट दिया है. इस तरह की बात करके उनके मन में भ्रम न पैदा करें. बीजेपी प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा है कि मुसलमानों के लिए पूरी दुनिया में भारत से अच्छा कोई देश नहीं है और न हिंदुओं से बेहतर कोई दोस्त उप-राष्ट्रपति के रूप में 80 साल के हामिद अंसारी का दूसरा कार्यकाल बुधवार को पूरा हो रहा है. अंसारी ने कहा कि उन्होंने असहनशीलता का मुद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके कैबिनेट सहयोगियों के सामने उठाया है . उन्होंने इसे ‘‘परेशान करने वाला विचार’’ करार दिया कि नागरिकों की भारतीयता पर सवाल उठाए जा रहे हैं. देश के उप-राष्ट्रपति होने के नाते संसद के उच्च सदन राज्यसभा के सभापति का पद भी संभाल रहे अंसारी ने कहा, ‘हां..हां . लेकिन उप-राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के बीच क्या बातें हो रही हैं, यह विशेषाधिकार वाली बातचीत के दायरे में ही रहना चाहिए.’ उन्होंने यह भी कहा कि अन्य केंद्रीय मंत्रियों के सामने भी उन्होंने इस मुद्दे को उठाया है.

मूसा समेत सुरक्षाबलों के शिकंजे में फंसे 5 आतंकी, 3 मारे गए
9 Aug 2017
जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबलों की मुहिम रंग ला रही है. बुधवार को दक्षिण कश्मीर में पांच आतंकी शिकंजे में फंसे. सूत्रों के मुताबिक़ मुठभेड़ के में तीन आतंकियों को मार दिया गया है. मारे गए आतंकियों के नाम रसिक और हमद के रूप में सामने आ रहा है. तीसरे आतंकी की पहचान सामने नहीं आई है. सूत्रों के मुताबिक ज़ाकिर मूसा भी फंसा हो सकता है. गुलाब बाग़ त्राल में मुठभेड़ अभी जारी है. दक्षिण कश्मीर में सुरक्षाबालों के लिए यह बड़ी सफलता है.
कौन है जाकिर मूसा जाकिर हिजबुल मुजाहिदीन का पूर्व कमांडर था. उसने अलकायदा ज्वाइन कर लिया है. पिछले दिनों उसका एक वीडियो सामने आया था जिसमें उसने कश्मीर में जारी आतंक की लड़ाई को इस्लाम की लड़ाई करार दिया था. इस बीच कुपवाड़ा में मारे गए आतंकियों के पास से काफी मात्रा में हथियार और गोला बारूद बरामद हुआ है. माछिल सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश करने वाले पांच आतंकियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया था.

कांग्रेस का आरोप, दो तरह के 500 रुपये के नोट छापकर 'सदी का सबसे बड़ा घोटाला' किया नरेंद्र मोदी सरकार ने
8 Aug 2017
नई दिल्ली: अलग-अलग तरह के 500 रुपये के नोट छापे जाने के विपक्ष के आरोप को लेकर संसद में मंगलवार को ज़ोरदार हंगामा हुआ. कांग्रेस ने उच्च सदन राज्यसभा में 500 रुपये के दो नोटों की तस्वीर दिखाते हुए दावा किया कि उनका आकार और डिज़ाइन अलग-अलग है, और पार्टी ने इसे 'सदी का सबसे बड़ा घोटाला' करार दिया. कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद ने कहा, "हमने भी शासन किया, लेकिन कभी भी दो तरह के नोट नहीं छापे, एक पार्टी के लिए, एक सरकार के लिए - दो तरह के 500 रुपये के नोट, और दो तरह के 2,000 रुपये के नोट..." वित्तमंत्री अरुण जेटली ने इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर मुद्रा के बारे में 'गैरज़िम्मेदाराना बयान' देने तथा शून्यकाल का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया, जिसके दौरान महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाती है. अरुण जेटली ने कहा, "ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जहां आप कोई भी काग़ज़ का टुकड़ा लहराकर उसे मुद्दा बना देंगे... देश की मुद्रा के बारे में गैरज़िम्मेदाराना बयान दिए जा रहे हैं... शून्यकाल का दुरुपयोग किया जा रहा है..." इसके बाद कांग्रेस के सदस्य नारे लगाते हुए सदन के बीचोंबीच एकत्र हो गए. पार्टी के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कहा, "आज हमें पता चला कि सरकार ने नोटबंदी का फैसला क्यों किया था... आरबीआई (रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया) दो तरह के नोट छाप रहा है, जिनके आकार और डिज़ाइन अलग-अलग हैं..." तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ'ब्रायन ने कांग्रेस का समर्थन करते हुए कहा, "नोटों को देखिए... (कपिल) सिब्बल जी ने एक गंभीर मुद्दा उठाया है..." इसके बाद केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने नोटों के स्रोत पर सवाल खड़े किए. बाद में अरुण जेटली ने कहा कि वह इन नोटों की प्रामाणिकता की जांच करवाएंगे. उन्होंने NDTV से कहा, "इतने बड़े प्रिंट ऑर्डर को ध्यान में रखें, तो हो सकता है कि किसी अपवाद के रूप में कोई नोट ज़रा-सा बड़ा या छोटा हो..." वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक नोटों के आकार या डिज़ाइन में मामूली-सा अंतर मुमकिन है, और उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सरकार ने नोटों के दो सेट छापने के लिए नहीं कहा था. सूत्रों का कहना है, "अलग-अलग प्रिंटिंग प्रेसों में आकार और डिज़ाइन में मामूली-सा अंतर हो सकता है... इसका अर्थ यह नहीं है कि दो अलग-अलग तरह के बैंक नोट छापे जा रहे हैं..."
अवाम की तकदीर से जुआ खेल रहे मोदी, देश को जंग की ओर धकेल रहे हैं: चीन
5 Aug 2017
बीजिंग.चीन के सरकारी न्यूज पेपर ग्लोबल टाइम्स ने अपने एडिटोरियल में एक बार फिर डोकलाम विवाद को लेकर भारत के खिलाफ तीखी टिप्पणी की है। चीन ने कहा कि मोदी हमारे लिए हार्ड लाइन स्टैंड अपनाकर अपनी अवाम की किस्मत के साथ जुआ खेल रहे हैं और अपने मुल्क को जंग की ओर धकेल रहे हैं। मोदी को पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की जबरदस्त ताकत का अंदाजा होना चाहिए, जो डोकलाम में भारतीय सेनाओं को कुचलने में सक्षम है। बता दें कि सिक्किम सेक्टर में भूटान ट्राइजंक्शन के पास चीन एक सड़क बनाना चाहता है और भारत इसका विरोध कर रहा है। करीब 2 महीने से इस इलाके में भारत और चीन के सैनिक आमने-सामने हैं। ...
2 हफ्ते में भारतीय सेना को खदेड़ देंगें - सिक्किम के डोकलाम एरिया पर भारत से जारी विवाद के बीच चीन के एक एक्सपर्ट ने बीजिंग की तरफ से छोटे पैमाने पर मिलिट्री ऑपरेशन की आशंका जताई है। एक्सपर्ट ने कहा है, "चीन डोकलाम में लंबे वक्त तक गतिरोध बने रहने की इजाजत नहीं दे सकता, इसलिए वहां से भारतीय सैनिकों को हटाने के लिए 2 हफ्तों के भीतर छोटे पैमाने पर मिलिट्री ऑपरेशन किया जा सकता है।"
मिलिट्री ऑपरेशन की आशंका - चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स में शनिवार को पब्लिश एक आर्टिकल में चीनी एक्सपर्ट हू झियॉन्ग ने यह कमेंट किया है। अखबार ने इस आर्टिकल को 'मिलिट्री क्लैशेज पॉसिबल एज बॉर्डर स्टैंडऑफ ड्रैग्स ऑन' टाइटल दिया है। इसके मुताबिक चीनी एक्सपर्ट ने पिछले 24 घंटे के दौरान डोकलाम विवाद पर आए 6 मंत्रियों और इंस्टीट्यूशंस के बयान के बाद छोटे पैमाने पर मिलिट्री ऑपरेशन की आशंका जताई है। - हू झियॉन्ग शंघाई एकेडमी ऑफ सोशल साइंसेज के इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस में रिसर्च फेलो हैं। इनके मुताबिक चीन अपना मिलिट्री ऑपरेशन शुरू करने से पहले भारत की फॉरेन मिनिस्ट्री को इन्फॉर्म भी करेगा।
क्यों सड़क बनाने पर अड़ा है चीन? क्यों जरूरी है उसे रोकना? - चीन जहां सड़क बना रहा है, उसी इलाके में 20 किलोमीटर हिस्सा सिक्किम और नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों को भारत के बाकी हिस्से से जोड़ता है। यह ‘चिकेन नेक’ भी कहलाता है। चीन का इस इलाके में दखल बढ़ा तो भारत की कनेक्टिविटी पर असर पड़ेगा। भारत के कई इलाके चीन की तोपों की रेंज में आ जाएंगे। - चीन अपनी सड़क को डोकलाम से साउथ में गामोचेन की तरफ बढ़ाना चाहता है। गामोचेन पर भारत की सिक्युरिटी फोर्स तैनात है। गामोचेन से ही जम्फेरी रिज शुरू होता है। यह रिज भूटान के इलाके में है। - अगर चीन ने सड़क को बढ़ाया तो वह न सिर्फ भूटान के इलाके में घुस जाएगा, बल्कि वह भारत के सिलीगुड़ी काॅरिडोर के सामने भी खतरा पैदा कर देगा।
मानसरोवर यात्रा का सिक्कम विवाद से क्या संबंध है? - मानसरोवर यात्रा के लिए नाथु ला पास वाला रास्ता डोकलाम भी जाता है। डोकलाम में ही चीन सड़क बना रहा था। - दिल्ली से नाथु ला के रास्ते मानसरोवर आने-जाने में 19 दिन लगते हैं। नाथु ला के रास्ते मानसरोवर जाने के लिए सिर्फ ढाई दिन पैदल चलना पड़ता है। बाकी सफर प्लेन और बसों में होता है। इस रास्ते की दूरी 3000 किमी है। - दिल्ली से चलकर उत्तराखंड और लीपूलेख के रास्ते कैलाश-मानसरोवर अाने-जाने में 22 दिन लगते हैं। इसमें 12 दिन पैदल चलना पड़ता है। पर दिल्ली से इस रास्ते की दूरी 854 किमी है। - चीन ने शुरू में मानसरोवर यात्रा रोके जाने की वजह नहीं बताई, बाद में खुलासा हुआ कि वह डोकलाम को लेकर चल रही तनातनी की वजह से यात्रा रोक रहा है। भारत ने फिलहाल इस रास्ते से यात्रा रद्द कर दी।

मोहाली हवाई अड्डे पर करंट से पांच मजदूर झुलसे, एक की मौत
4 Aug 2017
चंडीगढ़। मोहाली स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शुक्रवार सुबह हुए हादसे में करंट लगने से पांच मजदूर झुलस गए। घायलों में एक मजदूर की मौत हो गई जबकि चार अन्य फोर्टिस हार्ट अस्पताल में उपचाराधीन हैं। जानकारी के अनुसार अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कारगो में निर्माण कार्य चल रहा है जिसके चलते यहां सैकड़ों मजदूर काम कर रहे हैं। बारिश का मौसम होने के कारण आज सुबह सीढ़ियों में अचानक करंट आ गया और सीढ़ी पर सवार पांच मजदूर झटका लगने के कारण काफी दूर जा गिरे। मौके पर मौजूद प्रबंधकों ने झुलसे मजदूरों को मोहाली के फोर्टिस हार्ट अस्पताल में पहुंचाया। जहां मूल रूप से बिहार निवासी शंकर साहू की मौत हो गई, जबकि चार अन्य अभी अस्पताल में उपचाराधीन हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में प्रबंधकों की लापरवाही सामने आ रही है।
रक्षाबंधन को लेकर बाजार में बढ़ी रौनक, बच्चों को लुभा रहा छोटा भीम तो भैया-भाभी को कपल्स राखी.
3 Aug 2017
जयपुर बाजार में रक्षा बंधन के त्योहार की रौनक परवान चढऩे लगी है। कई स्थानों पर राखियों की अस्थार्इ दुकानें सज गई है। स्थार्इ दुकानों में भी अलग अलग रंगों और डिजाइनों की राखियां बहिनों को लुभा रही है। इस बार साधारण और सुंदर राखियां सभी को पसंद आ रही है। इसमें फैन्सी और पराम्परिक राखियां शामिल है।
लाेगाें काे म्यूजिकल राखियां भी लुभा रहीं बच्चों के लिए छोटा भीम छोटे (बच्चों के लिए टीवी में आने वाले कार्टून शो के पात्रों) के नाम की राखी श्रेष्ठ है। इसमें मोटे तौर पर छोटा भीम, डोरीमोन, मोटू-पतलु, मिनियन सरीखी राखियां बच्चों की पहली पसंद बनी हुर्इ हैं। इसके अलावा म्यूजिकल राखिया भी लुभा रही है।
कपल्स राखी की चमक बाजार में कपल्स राखियों की भी भरमार है। स्टॉन जडि़त ये राखियां खासकर भैया-भाभी के लिए तैयार की गई है। इसके अलावा बड़ों के आकर्षण का केन्द्र मोली धागा से निर्मित राखी है। राम राखी का प्रचलन फैन्सी राखियोंं के साथ ही धागों से बनी परम्परागत राखियों की मांग आज भी बनी हुई है।
सिक्के पर बनी राखियां भी बाजार में धागे से निर्मित इन राखियों को राम राखी का नाम दिया गया है। इसके अलावा सिक्के पर बनी (गिन्नी) राखियां भी नया आकर्षण है। राखी विक्रेता मोहित भाटिया ने बताया कि फैंसी के साथ ही साधारण डिजाइन की राखियोंं इस बार डिमांड अधिक है। राम राखी की कीमत जहां 10 रुपए है, वहीं एडी नामक विशेष राखी जिनकी कीमत 220 रुपए है।

ट्रेन में छुपकर बना रहा था लड़की का वीडियो, पकड़े जाने पर बताया इसलिए बना रहा था.
2 Aug 2017
कोलकाता हाल ही में मुंबई में एक शमर्नाक घटना सामने आई थी, जिसमें लड़की को देखकर युवक ट्रेन में ही गलत काम कर रहा था। लड़की ने बहादुरी का परिचय दिया आैर युवक के इस अश्लील कारनामे का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। एेसा ही एक आैर मामला सामने आया है। घटना पश्चिम बंगाल की है। कोलकाता के हावड़ा-मालदा इंटरसिटी ट्रेन में युवक छुपकर लड़की का वीडियो बना रहा था। तभी लड़की की दोस्त ने उसे वीडियाे बनाते देख लिया। लड़की ने हिम्मत दिखार्इ आैर उससे माेबाइल छीन लिया। कोलकाता की रहने वाली सतरूपा चक्रवर्ती ने इस घटना का वीडियो फेसबुक पर अपलोड किया है। सतरूपा ने लिखा कि पिंटू मंडल नाम का शख्स जो उस ट्रेन का नियमित पैसेंजर है। अक्सर वह लड़कियों के वीडियो बनाता है। उस दिन वो उसकी सहेली का वीडियो बना रहा था। जब उसने उसे अपनी सहेली का वीडियो बनाते देखा तो उसका फोन छीन लिया, लेकिन फोन लॉक था। जब उससे पासवर्ड मांगा ताे उसे बताने से मना कर दिया। बहुत बहस के बाद उसने आखिर वीडियाे बनाने की बात स्वीकार की। उसने कहा कि उसे लड़की के शरीर पर बना टैटू पसंद आ गया, इसलिए वीडियो बनाया। उसने लड़कियों को धमकी दी कि अगर हिम्मत है तो उसे पुलिस के हवाले करके दिखाए।
आखिरकार PM मोदी ने भी ली राजस्थान की सुध, बाढ़ से मरने वालों को दो-दो लाख देने की घोषणा
31 July 2017
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान में बाढ़ से मरने वाले लोगों के परिजनों को दो-दो लाख रुपय की सहायता राशि देने की घोषणा की है। पीएम मोदी ने राजस्थान के साथ ही असम में बाढ़ के कारण घायल हुए लोगों को 50-50 हजार रुपय की राहत देने की घोषणा की है। दोनों ही राज्यों में हाल में आई बाढ़ से जानमाल का काफी नुकसान हुआ है। इससे पहले पीएम मोदी गुजरात में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए पिछले सप्ताह राज्य के दौरे पर गए थे।
...इधर सीएम निकली प्रभावित क्षेत्रों का जायज़ा लेने. प्रदेश के कई हिस्सों में बरसात का दौर लगातार जारी है। इस बीच मुख्यमंत्री बाढग्रस्त ज़िलों के दौरे पर आज सुबह जयपुर से रवाना हुईं। सीएम हैलीकॉप्टर से पाली, सिरोही, जालोर और बाडमेर जिलों में हवाई सर्वेक्षण करेंगी। मुख्यमंत्री के साथ आपदा प्रबंधन सचिव हेमंत गेरा समेत आला अधिकारी मौजूद रहेंगे। सीएम सबसे पहले जालोर पहुंची जहां उन्होंने सांकरणा पुलिया का दौरा किया और अब तक हुए बाढ़ बचाव और आपदा राहत के कार्यों की समीक्षा की। जालौर दौरे पर पहुंची मुख्यमंत्री ने जिला स्तरीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की ली। मुख्यमंत्री ने अब तक हुए बाढ़ बचाओ और आपदा राहत कार्यों की समीक्षा की है और जिला कलेक्टर को सहन करना पुलिया के शीघ्र मरम्मत और जिले के अन्य सभी मार्गों की तत्काल मरम्मत करके जनता को राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। सुबह करीब 11:40 पर जालौर पहुंची सीएम ने जालौर के समीप प्रसन्न करना पुलिया का निरीक्षण किया और उसे तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए। वहीं प्रभावित जिलों के कलक्टर, विधायक व प्रभारी मंत्री भी बाढ प्रभावित जिलों में लगातार दौरे कर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज रहे है। इधर, बाढ प्रभावित जिलों में राहत पहुंचाने के लिए सचिवालय में उच्च स्तरीय बैठक होगी जिसमें बाढ से हुए नुकसान का आंकलन कर केन्द्र सरकार को राहत पैकेज देने के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।
पायलट का भी दो दिन तक दौरे का कार्यक्रम. राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट भी आज से दो दिन जोधपुर, जालोर एवं सिरोही जिलों के दौरे पर रहेंगे। यहां पर वह बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे। मंगलवार को रानीवाड़ा, भीनमाल, सिरोही पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे।
संकट बरकरार, कई लोग अब भी फंसे बाड़मेर जिले में बीस घंटे से बारिश का भय थमा तो नदी का डर अब कई गांवों के लिए संकट बन गया है। जवाई बांध के गेट खोलने और लूणी नदी का बहाव तेज होने से बालोतरा, सिणधरी, गुड़ामालानी और धोरीमन्ना क्षेत्र के करीब तीस से अधिक गांवों के घिरने की आशंका है। जिसके चलते करीब 15 हजार लोग मुश्किल में फंसे हैं। प्रशासनिक अमला अभी नदी की वजह से बंद हुए रास्तों से लोगों को निकालने में जुटा है। लोग जगह-जगह फंसे हुए है, लेकिन 70 प्रतिशत ग्रामीणों ने गांव नहीं छोड़ा है। जिले में बालोतरा में लूणी नदी का बहाव रविवार को चार फीट बढ़ गया। सिणधरी में नदी बारह फीट के उफान पर है। शनिवार रात को 90 के करीब लोगों को गुड़ामालानी में निकाला। 29 लोगों को रविवार को गादेवी में रेस्क्यू किया गया। उधर कवास में बारिश कम होने से फिलहाल संकट टल गया है, लेकिन ग्रामीणों का अभी वहां से निकाला जा रहा है।
जवाई के तीन गेट से अब भी निकासी. पाली जिले में पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से चल रहा बरसात का दौर रविवार को थम गया। उधर सुमेरपुर क्षेत्र में स्थित जवाईबांध के तीन गेट से अब भी पानी की निकासी की जा रही है। इस बीच रविवार को लाखोटिया तालाब व लोर्डिया बांध ओवरफ्लो होने से पाली शहर की 10से अधिक कॉलोनियों में पानी भर गया।
जालोर : सात उपखंडों में बाढ़. जालोर में बारिश कम होने के बावजूद जिले के सातों उपखंड क्षेत्रों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। जिले में अब तक दस मौतें हुई हैं और पांच सौ को रेस्क्यू किया गया है। जालोर शहर में करीब एक हजार लोगों ने सार्वजनिक जगहों पर शरण ले रखी है। जिले में करीब 80 फीसदी फसल खराब होने का अनुमान है। नर्मदा मुख्य नहर 25 जगह से टूट चुकी है। जिले के पांच बांध ओवरफ्लो हैं।

बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए 294 श्रद्धालुओं का जत्था रवाना
29 July 2017
जम्मू। बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए शनिवार सुबह तीर्थयात्रियों का 30वां जत्था जम्मू के भगवती नगर स्थित आधार शिविर से रवाना हुआ। शनिवार को जम्मू से रवाना होने वाले जत्थे में 294 तीर्थयात्री हैं। जैसे-जैसे अमरनाथ यात्रा अपने अंतिम पड़ाव तक पहुंच रही है, अमरनाथ यात्रियों के जत्थे में गिरावट देखी जा रही है। इस जत्थे में 180 पुरुष, 20 महिलाएं, 68 साधु तथा 26 साधवी शामिल हैं, जो कि शनिवार सुबह दो बजकर 45 मिनट पर 11 वाहनों में सवार होकर कड़ी सुरक्षा के बीच जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से पहलगाम व बालटाल के लिए रवाना हो गए। जम्मू से रवाना होने वाले जत्थे में भारी उत्साह देखा गया। श्रद्धालु बम-बम भोले के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते जा रहे हैं। बताते चलें कि 40 दिन चलने वाली यह यात्रा 29 जून को शुरू होकर सात अगस्त श्रवण पूर्णिमा (रक्षा बंधन) वाले दिन समाप्त हो जाएगी।
पुणे में बुजुर्ग महिला से एक करोड़ के पुराने नोट बरामद
28 July 2017
मुंबई। पुणे में पुलिस ने एक 70-वर्षीय बुजुर्ग महिला गीता शाह के पास से एक करोड़ रुपये के पुराने नोट बरामद किये हैं। पुलिस महिला को हिरासत में लेकर मामले की जांच कर रही है। डेक्कन पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर पुणे स्थित एफसी रोड पर ऑटो रिक्शा से जा रही गीता शाह को पुराने नोटों सहित गिरफ्तार किया है। उनके पास से एक करोड़ रुपये के पुराने नोट बरामद हुए हैं। डेक्कन पुलिस ने बरामद हुए पुराने नोटों को आयकर विभाग के पास जमा करवा दिया है और आगे की कार्रवाई आयकर विभाग करेगा, ऐसा पुलिस ने बताया है।
नीतीश कुमार छठी बार बने बिहार के मुख्यमंत्री, सुशील मोदी ने ली उप मुख्यमंत्री पद की शपथ
27 July 2017
पटना जनता दल (यूनाइटेड) के नेता नीतीश कुमार ने गुरुवार को एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ बनने वाली उनकी सरकार को राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी ने शपथ दिलाई। सुशील कुमार मोदी ने उप मुख्यमंत्री पद के लिए शपथ ली। नीतीश कुमार छठी बार बिहार के मुख्यमंत्री बने हैं। इस मौके पर केन्द्रीय मंत्री जे.पी.नड्डा और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अनिल जैन के अलावा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय , जनता दल यूनाईटेड (जदयू) प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह के अलावा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के कई सांसद, विधायक समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे । बुधवार की शाम नीतीश के इस्तीफा के बाद 20 महीने से चल रही महागठबंधन की सरकार गिर गई थी। इसके बाद बुधवार की देर रात नीतीश कुमार को जद (यू) और भाजपा संयुक्त विधायक दल का नेता चुन लिया गया। नीतीश ने देर रात ही नई सरकार बनाने का दावा पेश किया। राज्यपाल ने उन्हें नई सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है। इसके पूर्व बुधवार की रात नीतीश कुमार ने राज्यपाल से मिलकर भाजपा, जद (यू), हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी, लोक जन शक्ति पार्टी के विधानसभा सदस्यों के अतिरिक्त दो निर्दलीय विधानसभा सदस्यों सहित कुल 131 विधायकों के समर्थन का पत्र प्रस्तुत किया था। इसके बाद राज्यपाल ने नीतीश को सरकार बनाने का न्योता दिया। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को शपथ-ग्रहण के बाद 29 जुलाई तक बिहार विधान सभा में बहुमत सिद्घ करने को कहा है ।
नीतीश : छठी बार शपथ. - पहली बार उन्होंने 3 मार्च 2000 को सीएम पद की शपथ ली थी, लेकिन 7 दिन ही सरकार चली थी। - दूसरी बार वे 2005 के विधानसभा चुनाव में जीतकर आए और पांच साल सरकार चलाई। - 2010 के चुनाव में फिर जीते। लेकिन 2014 लोकसभा के चुनाव में हार के बाद इस्तीफा दे दिया। - 2015 में वे मांझी को हटाकर फिर सीएम बने।

राम जेठमलानी ने छोड़ा अरविंद केजरीवाल का साथ, नहीं लड़ेंगे मानहानि का केस, मांगी 2 करोड़ की फीस
26 July 2017
नर्इ दिल्ली। देश के मशहूर वकील राम जेठमलानी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का केस छोड़ दिया है। जेठमलानी ने पत्र लिखकर केजरीवाल को केस छोड़ने के बारे में बताया है। साथ ही उन्होंने केस के लिए अपनी फीस भी मांगी है। हम आपको बता दें कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने केजरीवाल के खिलाफ सिविल आैर अापराधिक मानहानि का केस दायर कर रखा है। इस केस में केजरीवाल के वकील राम जेठमलानी हैं। एक अंग्रेजी अखबार की खबर के मुताबिक, राम जेठमलानी ने केजरीवाल को एक पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि निजी चर्चा के दौरान केजरीवाल की अोर से जेटली के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया जाता था। साथ ही केजरीवाल को उन्होंने अपनी फीस देने के लिए भी कहा है। इस मामले में जेठमलानी की फीस दो करोड़ रुपए से ज्यादा की है। इससे पहले दिल्ली सरकार की आेर से जेठमलानी को 3.5 करोड़ रुपए का फीस के रूप में भुगतान किया गया था। इस मामले में अब तक जेठमलानी 11 बार केजरीवाल की तरफ से अदालत में पेश हुए हैं। जेठमलानी ने एक करोड़ रुपए का रिटेनर आैर प्रति सुनवार्इ के 22 लाख रुपए की फीस ली थी। अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को दिल्ली हार्इकोर्ट में कहा था कि उन्होंने मानहानि मामले में अरुण जेटली के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियों का इस्तेमाल करने का अपने वकील राम जेठमलानी को निर्देश नहीं दिया था। हालांकि इससे पहले हुर्इ एक सुनवार्इ के दौरान जेठमलानी ने जेटली के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। अदालत में उस वक्त जब जेटली ने जेठमलानी से पूछा कि क्या उन्होंने अभद्र भाषा का प्रयोग अपने क्लाइंट केजरीवाल के निर्देश पर किया है तो जेठमलानी ने इसका जवाब हां में दिया था। इसके बाद में जेटली ने केजरीवाल पर एक आैर मुकदामा दायर कर दिया था। हम आपको बता दें कि अरुण जेटली ने केजरीवाल वे अन्य 5 आप नेताआें के खिलाफ 10 करोड़ रुपए की मानहानि का मामला दायर कर रखा है। जेठमलानी के आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद उन्होंने केजरीवाल पर एक आैर मुकदमा कर दिया था।
नीतीश सरकार के मंत्री ने सीबीआई की तुलना 'कुत्ते' से की, भाजपा ने की बर्खास्तगी की मांग
24 July 2017
पटना। बिहार के आपदा प्रबंधन मंत्री चंद्रशेखर द्वारा केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की तुलना 'कुत्ते' से करने के बाद बिहार की राजनीति गर्म हो गई है। बिहार में मुख्य विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंत्री चंद्रशेखर को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की है। नीतीश सरकार के मंत्री प्रोफेसर चंद्रशेखर ने रविवार को राजद कार्यकर्ताओं की एक बैठक में कहा कि राजद अध्यक्ष लालू जी से पांच गुना से ज्यादा संपत्ति रखने वाले यहां एक हजार परिवार होंगे, परंतु किसी पर डंडा नहीं चलेगा, किसी के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) नहीं है, किसी के लिए सीबीआई नहीं है। मगर लालू के संपूर्ण परिवार को दफना देने के लिए ईडी भी है और सीबीआई भी है। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के लोग संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के जमाने में कहते थे कि सीबीआई तो सरकार का 'तोता' है। अब क्या हो गया उनको? 'तोता' नहीं अभी तो 'कुत्ते' जैसा हाल भी नहीं है उसका। इस बयान के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता प्रेम कुमार ने सोमवार को कहा कि किसी भी संवैधनिक संस्था पर ऐसे बयान देना उचित नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से ऐसे बयान देने वाले मंत्री को तत्काल बर्खास्त करने की मांग करते हुए कहा कि ऐसे बयान देने वाले लोगों को मंत्रिमंडल में नहीं रखा जा सकता। उल्लेखनीय है कि पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव पर सीबीआई ने भ्रष्टाचार के एक मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसके बाद से राजद के नेता केंद्र सरकार पर सीबीआई का दुरुपयोग करने का आरोप लगा रहे हैं।
गुजरात में भारी वर्षा का दौर जारी, वायु सेना और अन्य एजेंसियां राहत-बचाव में जुटीं
22 July 2017
अहमदाबाद। गुजरात में हो रही भारी वर्षा से कई स्थानों पर बाढ जैसी स्थिति पैदा हो गर्इ है। इसके चलते वायु सेना और एनडीआरएफ समेत विभिन्न एजेंसियों को राहत और बचाव कार्य में लगाया गया है। अब तक 214 लोगों को बाढग्रस्त क्षेत्रों से बचाया गया है जबकि नदियों और जलाशयों के उफान पर आने अथवा छलक जाने से सैकडों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। 50 से अधिक रास्ते बरसात से क्षतिग्रस्त हो गए हैं जबकि कई स्थानों पर रेल पटरियों पर भी जलभराव हो गया है जिससे दर्जनों ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ है और कई को रद्द भी किया गया है। सडकों पर भी जलभराव से जाम लगे हैं। पिछले 24 घंटे के दौरान सभी 33 जिलों के 240 तालुका में बरसात हुई है जिसमें सर्वाधिक 325 मिमी सुरेन्द्रनगर के चोटिला में हुई है जहां कुछ ही दिन पहले 600 मिमी वर्षा दर्ज की गयी थी। वहां एनडीआरएफ की टीम को बचाव कार्य में तैनात किया गया है। राजकोट, मोरबी, बनासकांठा समेत अन्य स्थानों पर भी भारी वर्षा हुई है। राज्य में वर्षा का प्रतिशत 52 के पार पहुंच गया है। अहमदाबाद शहर में भी कल रात और आज हो रही लगातार वर्षा से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। कई स्थानों पर जलभराव हो गया है। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने आज राज्य में वर्षा के कारण पैदा हुई स्थिति के मद्देनजर समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि दो दिन से हो रही भारी वर्षा और अगले 48 घंटे में भी भारी वर्षा की चेतावनी के चलते बाढ नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे खुला रखा जा रहा है। इसके अलावा राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में खाने के पैकेट और अन्य सामग्रियां भी वितरित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि कुल मिला कर स्थिति नियंत्रण में है।
जीत के बाद बोले कोविंद- गरीबों के प्रतिनिधि के रूप में जाऊंगा राष्ट्रपति भवन
21 July 2017
नई दिल्ली। देश के 14वें राष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित होने पर रामनाथ कोविंद ने गुरुवार को कहा कि वह गांव में फूस की झोपड़ी में रहने वाले गरीबों के प्रतिनिधि के रूप में राष्ट्रपति भवन जाएंगे और 'सर्वे भवन्तु सुखिन:' की भावना से देश की सेवा करेंगे। कोविंद ने संसद भवन परिसर में राष्ट्रपति चुनाव के निर्वाचन अधिकारी लोकसभा महासचिव अनूप मिश्रा द्वारा उनके निर्वाचन की घोषणा किए जाने के बाद उन्हें समर्थन देने वाले सभी राजनीतिक दलों एवं उनके नेताओं, सांसदों, विधायकों का आभार व्यक्त किया और विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार को भी शुभकामनाओं सहित धन्यवाद दिया। उन्होंने अपने बयान में कहा कि जिस पद का गौरव डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सर्वपल्लि राधाकृष्णन, एपीजे अब्दुल कलाम और प्रणब मुखर्जी ने बढ़ाया है, उस पद पर आना मेरे लिए गौरव की बात और जिम्मेदारी का एहसास करा रहा है। मेरे लिए ये भावुक क्षण है। उन्होंने कहा कि आज दिल्ली में सुबह से बारिश हो रही है, ये बारिश का मौसम मुझे मेरे बचपन की याद दिलाता है, जब मैं अपने पैतृक गांव में रहता था घर कच्चा था, मिट्टी की दीवारें थी, फूंस की छत थी तब काफी तेज बारिश होती थी, तो हम सब भाई बहन दीवार के किनारे खड़े होकर बारिश के रुकने का इंतजार करते थे। आज देश में ऐसे कितने ही रामनाथ कोविंद होंगे, जो भीग रहे होंगे, कोई खेती कर रहा होगा, शाम को भोजन खाना है इसके लिए प्रबंध कर रहे होंगे। मैं उन सभी से कहना चाहता हूं कि परौख गांव का ये रामनाथ कोविंद उनका प्रतिनिधि बनकर जा रहा है। बिहार के राज्यपाल रहे कोविंद ने कहा कि उन्हें ये जिम्मेदारी दिया जाना देश के ऐसे हर व्यक्ति के लिए संदेश है जो ईमानदारी और प्रमाणिकता के साथ अपना काम करता है। उन्होंने कहा कि इस पद पर चुना जाना, न ही मेरा लक्ष्य था और न ही मैंने सोचा था। लेकिन अपने समाज और देश के लिए अथक सेवा भाव मुझे यहां तक ले आया है, यह इसी सेवा भाव का ही नतीजा है और यही हमारे देश की परंपरा भी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के पद पर उनका चयन भारतीय लोकतंत्र का प्रतीक है। इस पद की गरिमा बनाए रखना उनका पहला लक्ष्य तथा संविधान की मर्यादा को बनाए रखना उनका कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि मैं देश के सभी लोगों को नमन करते हुए ये विश्वास दिलाता हूं कि मैं सर्वे भवन्तु सुखिन: के भाव के साथ निरंतर देश की सेवा में लगा रहूंगा।
विचारधारा और मूल्यों की लड़ाई जारी रहेगी: मीरा कुमार :. राष्ट्रपति चुनाव में पराजित होने के बाद विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार ने कहा कि विचारधारा और मूल्यों की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। मीरा कुमार ने राष्ट्रपति चुनाव जीतने के लिए रामनाथ कोविंद को बधाई और शुभकामनायें दी। उन्होंने कहा कि कोविंद पर अब देश के संविधान की रक्षा करने का दायित्व है। उन्होंने निर्वाचक मंडल के सदस्यों से अंतर्रात्मा की आवाज पर मतदान करने की अपील की थी। मीरा कुमार ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव का परिणाम आ जाने से विचाराधारा और मूल्यों की लड़ाई समाप्त नहीं हुई है बल्कि यह आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि वह सामाजिक न्याय, पारदर्शिता, धर्मनिरपेक्षता, अभिव्यक्ति की आजादी और जातिवादी व्यवस्था के विनाश के लिए संघर्ष करती रहेेगी क्योंकि सभी लोग यही चाहते हैं। उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव का उम्मीदवार बनाए जाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी तथा अन्य विपक्षी दलों के प्रति आभार जताया। उन्होंने निर्वाचक मंडल के सदस्यों को भी धन्यवाद दिया।
मुंबई -अहमदाबाद हाइवे पर दो कंटेनरों की टक्कर, आग में चालक की मौत
21 July 2017
मुंबई। मुंबई -अहमदाबाद हाइवे पर शुक्रवार की सुबह दो बड़े कंटेनर में हुई जोरदार टक्कर से एक कंटेनर में आग लग गई। इस घटना में कंटेनर चालक की जलकर मौत हो गई। इससे हाइवे पर ट्रैफिक जाम लग गया। मुंबई-अहमदाबाद हाइवे पर पालघर के पास कुड़े गांव के पास कार से लदे कंटेनर को पीछे से दूसरे कंटेनर ने जोरदार टक्कर मार दी। इस घटना में पीछे वाले कंटेनर में अचानक भीषण आग लग गई। सुबह के समय अग्निशमन के जवान समय पर नहीं पहुंच सके, जिससे यहां कंटेनर में सवार चालक की घटनास्थल पर ही जलकर मौत हो गई। यहां दोनों कंटेनर का मलबा हटाने का काम जारी है और स्थानीय पुलिस ट्रैफिक नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है।
हिमाचल प्रदेश में दर्दनाक हादसा, खार्इ में बस गिरने से 28 लोगों की मौत, 9 घायल
20 July 2017
शिमला। हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में खनारी के पास गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा हुआ। एक बस के गहरी खाई में गिर जाने से 28 लोगों की मौत हो गर्इ। साथ ही नौ लोगों के घायल होने की खबर है। बताया जा रहा है कि इस हादसे में मरने वाले लोगों की संख्या आैर भी ज्यादा हो सकती है। हादसे की जानकारी मिलते ही रामपुर के पुलिस उपाधीक्षक देव कुमार नेगी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। जानकारी के मुताबिक ये बस रेकांग पियो से सोलन जा रही थी। बस के गहरी खाई में गिर जाने से 28 लोगों की मौत हो गर्इ। साथ ही हादसे में 9 अन्य लोगों के घायल होने की खबर है। उन्होंने बताया कि राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया है। घायलों को खनारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि ये बस किन्नौर फेडरेशन पब्लिक सर्विस की थी। जानकारी के मुताबिक बस में करीब तीन दर्जन यात्री सवार थे। चालक के वाहन पर से नियंत्रण खो देने के कारण बस रामपुर के पास सतलुज नदी के किनारे स्थित पहाड़ी से लगभग 250 मीटर गहरी खाई में गिर गर्इ। दुर्घटनास्थल रामपुर शहर से महज पांच किलोमीटर दूर है। मृतकों की संख्या बढऩे की आशंका है। पुलिस ने बताया कि इस मार्ग पर चलने वाली ज्यादातर बसों में आम तौर पर 35 से 40 यात्री सवार रहते हैं जिनमें से ज्यादातर किन्नौर के स्थानीय लोग, कर्मचारी और छात्र शामिल हैं। हम आपको बता दें कि इस तरह की ये कोर्इ पहली घटना नहीं है। पहाड़ी इलाकों में इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। हाल ही में अमरनाथ दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं से भरी एक बस जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाइवे पर गड्ढ़े में गिर गर्इ थी। इस हादसे में 16 तीर्थयात्रियों की मौत हो गई थी, जबकि 19 से ज्यादा श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
मुलायम सिंह यादव बोले- चीन कर रहा है भारत से युद्घ की तैयारी, सरकार बताए हम कितने हैं तैयार
19 July 2017
नर्इ दिल्ली। देश के पूर्व रक्षामंत्री मुलायम सिंह यादव ने चीन के साथ बढ़ते तनाव का मुद्दा लोकसभा में उठाया। मानसून सत्र के दौरान मुलायम सिंह यादव ने कहा कि चीन युद्घ की तैयारी कर चुका है। साथ ही उन्होंने कहा कि हमारे विरोध के बाद भी तिब्बत चीन के हाथों सौंप दिया गया। अगर चीन अब हमला करेगा तो तिब्बत के रास्ते ही करेगा। उन्होंने सरकार को सुझाया कि उसे अब तिब्बत की आजादी का मुद्दा उठाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार को ये बताना चाहिए कि हमारी क्या तैयारी है। मेरे बार-बार इस मुद्दे को उठाने के बाद भी केन्द्र सरकार नहीं बता रही है कि भारत चीन के खिलाफ क्या कदम उठा रहा है? मुलायम सिंह यादव ने कहा कि देश का सबसे बड़ा दुश्मन पाकिस्तान नहीं चीन है। उन्होंने इसके साथ ही कहा कि चीन आैर पाकिस्तान लगातार हमें घेरने की कोशिश में जुटे हैं। चीन भारत पर हमले की तैयारी भी कर चुका है। इसके साथ ही उन्होंने तिब्बत को चीन को सौंपने का विरोध किया आैर इसे बड़ी भूल बताया। इसके लिए मुलायम सिंह यादव ने पूर्व सरकार की जमकर आलोचना की। मुलायम सिंह यादव ने कहा कि किसी भी कीमत पर तिब्बत को चीन को नहीं सौंपना चाहिए था। अब उसी तिब्बत में चीन की सेना युद्घाभ्यास में जुटी हुर्इ है। उन्होंने कहा कि हमें चीन से सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भूटान की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है। साथ ही मुलायम सिंह ने चीन से आने वाले घटिया सामान की बढ़ती आवक का भी जिक्र किया। हम आपको बता दें कि डोकलाम के मुद्दे पर चीन आैर भारत के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। चीन का सरकारी मीडिया लगातार भारत को धमकी दे रहा है। उसने कहा है कि भारत से निपटने के लिए चीन तैयार है। उधर, रक्षा राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने कहा है कि भारत चीन से लगती सीमा पर 73 सड़कें बना रहा है, जो कि सामरिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है।
भारत ने पाक से कहा- तुम तोडते हो हमेशा सीजफायर, हम तो सिर्फ जवाब देते हैं
17 July 2017
जम्मू/नई दिल्ली. सीमा पर जारी तनाव के बीच भारत ने पाकिस्तान को दो टूक शब्दों में कहा है कि युद्ध विराम का उल्लंाघन हमेशा उसी की ओर से किया जाता है। भारत सिर्फ पाकिस्तान की ओर से हुई गोलीबारी का जवाब दे रहा है। इसके अलावा भारत की ओर से तभी फायरिंग की जाती है जब हथियार बंद घुसपैठिए पाकिस्तान की चौकियों के करीब से हमारी सीमा में घुसने का प्रयास करते हैं। भारतीय सेना के महानिदेशक (मिलिट्री ऑपरेशंस) ने पाकिस्तान में अपने समकक्ष से हुई हॉटलाइन बातचीत में ये कहा है। पाकिस्तान की ओर से शुरू हुई डीजीएमओ स्तर की बातचीत में पाकिस्तानी सेना ने अथमुकाम सेक्टर में भारतीय सेना की ओर से कथित गोलीबारी में उसके चार सैनिकों के मारे जाने का मामला उठाया था। जिस पर हमारी डीजीएमओ की तरफ से ये बात कही गई।
पाकिस्तान बिगाड़ रहा है सीमा पर शांति भारत ने यह भी कहा है कि सीमा पर पाकिस्तानी समर्थन से घुसपैठ जारी है। इससे सीमा पर माहौल बिगड़ रहा है। इस बात के साक्ष्य भी हैं, जो कई बार पाकिस्तान के सीधे समर्थन से भारतीय चौकियों को निशाना बनाया गया।
जैश-ए-मोहम्मद कर सकता है प्रधानमंत्री मोदी और सीएम योगी पर केमिकल हमला
15 Jul 2017
लखनऊ। पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के एक नए रिकॉर्डेड टेप के जरिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धमकी दी गई है। अब इस टेप की जांच यूपी एटीएस के साथ एनआईए कर रही है। वहीं उत्तर प्रदेश विधानभवन में विस्फोटक मिलने के बाद योगी आदित्यनाथ पर आतंकवादी खतरे की आशंका के तहत सुरक्षा और कड़ी की गई है। जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के इस टेप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर बारूद के बजाए दवा और केमिकल से हमला करने का जिक्र है। धमकी भरा यह टेप कश्मीर बेस कैम्प से जैश-ए-मोहम्मद ने जारी किया है। जहां उत्तर प्रदेश एटीएस इस टेप को फर्जी बता रही है, वहीं आईबी से लेकर देश की बड़ी सुरक्षा एजेंसियां इस धमकी को गंभीरता से लेते हुए जांच कर रही है। गौरतलब है कि बीते दो हफ्ते में प्रधानमंत्री मोदी तथा योगी आदित्यनाथ को यह दूसरी धमकी मिली है।
विधानसभा पर हमले का अरोपी है मसूद भारत की संसद पर साल 2001 में आतंकी हमले का मास्टरमाइंड मसूद अजहर अपने धमकी संदेश में साफ कह रहा है कि अब हमले के लिए पारंपरिक तरीकों जैसे बंदूक, ग्रेनेड और गोलियों को छोड़कर नए और घरेलू तरीकों को अपनाना चाहिए। मसूद अजहर ने हमले के नए तरीकों के लिए खासतौर पर नए उपकरणों जैसे व्हीकल, बिजली, पेट्रोल, फर्टिलाइजर और खासतौर पर दवाइयों को इस्तेमाल करने की सलाह दी थी। यूपी विधानसभा में कल मिला विस्फोटक पीईटीएन का दवाइयों के प्रयोग में इस्तेमाल होता है। यह हृदय संबंधी बीमारियों जैसे सीने में दर्द के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
सबसे बड़े ऑनलाइन सेक्स रैकेट का हुआ भंडाफोड़- सरगना अरेस्ट, 'हाईटेक' अंदाज़ से ग्राहकों तक पहुंचाता था लड़कियां
14 Jul 2017
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल साइबर अपराध शाखा ने पिछले दो महीने से फरार चल रहे ऑनलाइन सेक्स रैकेट के सरगना को धरदबोचा है। साइबर अपराध पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक दो महीने पहले सामने आए अश्लील वेबसाइट के मामले में गिरोह का मुख्य सरगना सुभाष उर्फ वीर द्विवेदी फरार था। आरोपी पर पांच हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था। उसे पकडऩे में साइबर अपराध शाखा के अलावा मंगलवारा थाने की भी अहम भूमिका रही। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर दिल्ली में अश्लील वेबसाइट बनाई थी। वेबसाईट के माध्यम से ग्राहकों से संपर्क कर लडकियां उपलब्ध कराते थे। ग्राहकों से पेटीएम या बैंक खाते के माध्यम से पैसा जमा करवाते थे। मूल तौर पर रीवा निवासी सरगना सुभाष ने वेबसाईट संचालन के लिये अपने गिरोह में कार्य कर रहे सभी सदस्यों को अलग-अलग कार्यो में लगाया था। वेबसाईट का पता चलते ही साइबर पुलिस ने स्थानीय पॉश कॉलोनी अरेरा कॉलोनी एवं भरत नगर स्थित फ्लैट पर छापा मारकर आरोपियों को गिरफ्तार किया था। फरारी के दौरान वह महाराष्ट्र के शिरडी धाम में रहा, जहां उसे खाना मुफ्त में मिल जाता था। इस ऑनलाइन सेक्स रैकेट का करीब दो महीने पहले खुलासा हुआ था। मामले में पुलिस ने नौ आरोपियों को पकड़ा था, जिसमें भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित मोर्चा का तत्कालीन मीडिया प्रभारी नीरज शाक्य भी शामिल था। मामले के सामने आने पर पार्टी ने उसे निष्कासित कर दिया था।
सीबीआई ने तपस दत्ता को किया गिरफ्तार, न्यायालय में करेंगे पेश
13 Jul 2017
नई दिल्ली । केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने रांची (झारखंड) के आयकर आयुक्त तपस कुमार दत्ता को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर चल रहे पद का दुरुपयोग और रिश्वत लेने के मुकदमे में उन्हें गुरुवार को रांची कोर्ट में पेश किया जाएगा। दरअसल सीबीआई ने बुधवार को उनके रांची और कोलकाता स्थित कुल 23 ठिकानों पर छापेमारी की थी। जिसमें करीब 3.5 करोड़ रुपये की नकदी और पांच किलो सोना जब्त किया था। इस मामले में जानकारी देते हुए सीबीआई प्रवक्ता आर के गौड़ ने बताया कि सीबीआई ने कोलकाता और रांची में कुल 23 ठिकानों पर छापेमारी की। इनमें दत्ता और अन्य का आवास भी शामिल है। सीबीआई अधिकारी ने कहा कि दत्ता और अन्य के खिलाफ भष्ट्राचार के आरोपों में एफआईआर दर्ज करने के बाद कोलकाता में 18 स्थानों पर और रांची में पांच स्थानों पर छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान एजेंसी ने दत्ता के आवास से 3.5 करोड़ रुपये जब्त किए हैं। इसके अलावा पांच किलो सोना भी जब्त किया गया। दत्ता के घर से कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी एजेंसी ने बरामद किए हैं।


आतंकी संगठन IS के खात्मे के लिए भारत ने पहली बार उठाया ये बड़ा कदम, फिलीपींस को 3 करोड़ से ज्यादा की दी सहायता.
12 Jul 2017
नर्इ दिल्ली। आतंकी संगठन आर्इएस के खतरे को देखते हुए दुनिया के मुल्क चिंतित हैं। भारत में भी आर्इएस के झंडे लहराने से लेकर कुछ लोगों के इस आतंकी संगठन में शामिल होने तक की कर्इ खबरें आती रहती है। एेसे में अब भारत ने आर्इएस के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। भारत ने आर्इएस को रोकने के लिए पहली बार फिलीपींस को 5 लाख डाॅलर यानी करीब 3.2 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद दी है। फिलीपींस के मारावी शहर में सेना आैर आर्इएस आतंकियों के बीच जंग छिड़ी हुर्इ है। यह पहली बार है जब भारत ने आर्इएस के खिलाफ लड़ने के लिए किसी देश को आर्थिक मदद दी है। इस संकट से निपटने के लिए आर्थिक मदद देने वालों में भारत अब सबसे बड़ा देश है। चीन ने भी आर्इएस के खिलाफ फिलीपींस को करीब दो करोड़ रुपए की आर्थिक मदद मुहैया करार्इ है। भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज आैर फिलीपींस के विदेश मंत्री अलन पीटर के बीच 6 जुलार्इ केा मुलाकात हुर्इ थी। इसी बातचीत के बाद भारत ने फिलीपींस की आर्थिक मदद के लिए दरवाजे खोल दिए। मनीला में भारतीय दूतावास ने एक बयान जारी कर कहा है कि मारावी सिटी में मारे गए लोगों के प्रति सुषमा स्वराज ने शोक व्यक्त किया है। एक अंग्रेजी अखबार की खबर के मुताबिक फिलीपींस की सेना आैर आर्इएस आतंकियों के बीच चल रहा संघर्ष सात हफ्तों से जारी है। इस संघर्ष में अब तक सेना ने 380 आतंकियों केा मार गिराया है। वहीं सेना के 90 जवान शहीद हुए हैं आैर दो दर्जन से ज्यादा आम लोग मारे गए हैं। शहर में अब भी संघर्ष जारी है। यहां 100 से ज्यादा आतंकियों के छुपे होने की जानकारी है, जिनके खात्मे के लिए फिलीपींस की सेना लगातार कोशिशों में जुटी है।


अनंतनाग हमला : ड्राइवर की सूझबूझ से 45 लोगों की बचाई गई जान.
11 Jul 2017
अहमदाबाद। श्रीनगर के अनंतनाग में सोमवार की रात को आतंकियों ने गुजरात की जिस बस पर हमला किया, उसमें टूर ऑपरेटर और हर्ष देसाई भी मौजूद थे। इस हमले में दोनों को भी गोलियां लगी हैं। हर्ष ने बताया कि बस के ड्राइवर को दो गोली लगी थी। इसके बावजूद ड्राइवर बस को आतंकी घेरे से पांच किमी. दूर ले गया जहां उसे आर्मी की एक गाड़ी दिखी। वहां जाकर ड्राइवर ने घटना की जानकारी आर्मीवालों को दी। घटना की खबर लगते ही आर्मीवाले आतंकियों को पकड़ने के लिए घटना स्थल की ओर गए, लेकिन तब तक आतंकी वहां से भाग गए थे। बताया जा रहा है कि उनमें से एक आतंकी बस में घुसने जा रहा था तभी बस के कंडक्टर ने उसे लात मार कर बाहर गिरा दिया और बस का दरवाजा बंद कर लिया। जब बस को रास्ते पर मोड़ने लगे तभी लगभग 25 आतंकियों ने बस को घेर गोलियां बरसानी शुरू कर दी। इस तरह ड्राइवर की सूझबूझ के कारण बस में सवार 45 लोगों की जान बचाई गई है।


लश्कर आतंकी संदीप शर्मा गिरफ्तार, पुलिसकर्मियों की हत्या सहित बैंक लूट की वारदातों में रहा है शामिल.
10 Jul 2017
श्रीनगर। जम्मू कश्मीर पुलिस ने उत्तर प्रदेश निवासी और आतंकवादी संगठन लश्करे-तैयबा से जुड़े एक आतंकवादी को गिरफ्तार किया है। पुलिस उपमहानिरीक्षक (कश्मीर रेंज) मुनीर अहमद खान ने संवाददाताओं को बताया कि पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर निवासी संदीप कुमार शर्मा उर्फ आदिल को एक अभियान के दौरान गिरफ्तार किया। खान ने बताया कि संदीप 2012 में कश्मीर घाटी आया था और यहां एक वेल्डर के रूप में काम कर रहा था। लश्करे-तैयबा में शामिल होने से पहले वह शाहिद अहमद के संपर्क में आया था। उन्होंने बताया कि बशीर लश्करी के समूह से जुड़ा संदीप पिछले महीने अनंतनाग में एक थाना अधिकारी फिरोज अहमद सहित छह पुलिस कर्मियों की हत्या के लिए जिम्मेदार था। बाद में एक मुठभेड़ में लश्करी भी मारा गया और इस दौरान संदीप उसके साथ था। उसके खिलाफ सुरक्षा बलों पर हमले के अलावा चार बैंकों में डकैती डालने और लूट की रकम लश्करे-तैयबा सदस्यों के बीच बांटने का मामला दर्ज था। एेसा पहली बार सामने आया है जब कोर्इ गैर कश्मीरी लश्कर में शामिल हुआ है। पकड़े गए आतंकी संदीप कुमार शर्मा अपनी दो अलग-अलग पहचान रखता है। उसके पिता का नाम राम शर्मा है। 2012 में घाटी में आने के बाद वह 2017 में ही आतंकवाद में शामिल हुआ था। वह पहली बार पंजाब में शाहिद अहमद से मिला था। पुलिस ने उसने मानेर शाह अइौर शाहिद अहमद के साथ मिलकर एक गिरोह बनाया था।


सीबीआई छापों पर लालू यादव बोले- बीजेपी और प्रधानमंत्री मोदी को हटाकर ही दम लेंगे..
7 Jul 2017
रांची। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने शुक्रवार को कहा कि रेलवे के होटलों को सुधारने के लिए खुली निविदा के तहत आईआरसीटीसी ने होटलों को आवंटित करने का काम किया। लालू यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि रेल मंत्री रहते हुए उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया और सीबीआई को वह हर सवाल का जवाब देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि वह छापे से डरने वाले नहीं हैं और बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को हटाकर ही दम लेंगे राजद अध्यक्ष ने कहा कि वह भाजपा के गीदड़ भभकी से डरने वाले नहीं हैं और भाजपा को तोड़कर ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि 27 अगस्त को 'भाजपा हटाओ देश बचाओÓ रैली का आयोजन पटना में किया गया है और इसी को लेकर उन्हें राजनीतिक विद्वेष के तहत परेशान किया जा रहा है। लालू ने कहा कि जो लोग भाजपा के खिलाफ बोलते हैं उन्हें केन्द्रीय जांच ब्यूरो और आयकर विभाग द्वारा परेशान किया जाता है। उन्होंने कहा कि पटना स्थित राबड़ी देवी के आवास से सीबीआई को क्या-क्या मिला यह बतायें।


यूपी में रोडवेज बस और इनोवा के बीच भीषण टक्कर, नौ लाेगाें की मौत..
6 Jul 2017
बिजनौर उत्तर प्रदेश में एक भीषण सड़क हादसे में तीन बच्चाें सहित नाै लाेगाें की माैत हाे गई । हादसा इतना भयंकर था कि जिसने देखा उसकी आंखाें में आंसू आ गए। हादसा बिजनौर एनएच 74 पर धामपुर और शेरकोट के बीच हुआ। जानकारी के अनुसार, सुबह छह बजे रोडवेज बस और इनोवा कार में आमने-सामने की टक्कर हुई। हादसे में आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक की बाद में मौत हो गई। इस दुर्घटना में अब तक तीन बच्चे आैर तीन महिलाओं समेत नौ लोगों की मौत हो गई। वहीं बस में सवार किसी भी व्यक्ति को चोट नहीं आई और रोडवेज चालक बस छोड़कर मौके से फरार हो गया। कार में 13 लोग सवार थे जाे हरिद्वार से लखीमपुर जा रहे थे। सभी मरने वाले रोहित टंडन परिवार के हैं। इनका लखीमपुर में अपना मारुति का शोरूम है। यह परिवार वहीं जा रहा था कि रास्ते में ही बड़ा हादसा हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। घायलों की हालत ज्यादा गंभीर देख तीन को बिजनौर के लिये रेफर कर दिया गया, जबकि एक मेरठ के लिए रेफर किया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।


मणिपुर में बाढ़ से बिगड़े हालात, भूस्खलन से बचाव आैर राहत कार्यों में आ रही है दिक्कत..
5 Jul 2017
मणिपुर में पिछले पांच दिनों से लगातार हो रही बारिश और बाढ़ से जनजीवन प्रभावित है। अधिकतर क्षेत्रों में पानी भरने तथा भूस्खलन होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन और स्वयं सेवी संस्थाएं बाढ़ प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं लेकिन बड़े पैमाने पर हुए भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग और सड़कों पर यातायात बाधित है। इस कारण से राहत एवं बचाव कार्य में दिक्कतें आ रही हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों मेें पिछले पांच दिनों से बिजली आपूर्ति ठप है। इस बीच राज्य सरकार ने संकट के समय में ड्यूटी पर मौजूद नहीं रहने के कारण एक वरिष्ठ अधिकारी को निलंबित करने का आदेश दिया है। राज्य सरकार बाढ़ की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। राज्य सरकार ने इसे राज्य आपदा घोषित कर दिया है तथा मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने केंद्र सरकार से इसे भीषण आपदा घोषित करने की अपील की है।


गले में गांठ थी, कैंसर के डर से युवक ने लगा ली फांसी, पढ़ें दिल दहला देने वाली खबर..
4 Jul 2017
सीकर हर्ष पर्वत पर भैरूजी को धोक लगाने के लिए हनुमानगढ़ के परिवार के साथ आए युवक ने खाई के पास पेड़ पर फंदा बनाकर फांसी लगा ली। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को युवक का शव उतारने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। 11 सौ फीट की खाई होने के कारण पुलिस ने गांव से रस्सी का इंतजाम किया। गपेड़ के तने से लटके शव को उतारने में सबसे बड़ी चुनौती शव के नीचे खाई में गिरने की थी। बाद में चौकी प्रभारी ने करीब 20 लोगों की सहायता से शव को नीचे उतराया। पुलिस ने शव को कल्याण अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। सांवली चौकी प्रभारी जयप्रकाश ने बताया कि हनुमानगढ़ के नोहर निवासी शिव कुमार पिछले कुछ दिनों सें गले में गांठ के कारण परेशान था। सोमवार को परिवार के सभी सदस्यों के साथ हर्ष पर भैरूजी के दर्शन करने आया था। परिवार के सदस्य पत्नी व बच्चे तथा भाई के परिवार के लोग मंदिर में खाना खाकर आराम कर रहे थे। इसी दौरान शिवकुमार वन विभाग के गेस्ट हाउस के पास बने रास्ते से पहाड़ी के बीच चला गया। वहां गहरी खाई के पास लगे पेड़ से तौलिए से फांसी का फंदा बनाकर लटक गया। शिवकुमार के नहीं मिलने पर परिजनों ने तलाश की तो ग्रामीण ने पेड़ से लटके होने की जानकारी दी। बाद में सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। शिवकुमार नोहर में एम्बुलेंस चलाता था। परिजनों का कहना है कि वह पिछले कुछ दिनों से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था


सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों का किया एनकाउंटर, आंसू गैस- हवाई फायर से लोगों को करना पड़ा तितर-बितर.
3 Jul 2017
सुरक्षाबलों ने जम्मू कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान दल (एसओजी) के साथ संयुक्त रूप से तलाशी अभियान चलाया। आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने भी जबावी कार्रवाई की। जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए हैं। इस दौरान सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में बाधा पहुंचाने के लिए एकत्र प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करके के लिए आंसू गौस के गोल छोड़े और हवाई फायरिंग की जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया। इससे पहले इसी जिले के दूसरे गांव में रविवार रात चलाये गए तलाशी अभियान को तड़के बंद कर दिया गया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जिले के बहम्नू गांव में आतंकवादियों के छिपे होने की खुफिया सूचना पर सुरक्षाबलों ने जम्मू कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान दल (एसओजी) के साथ संयुक्त रूप से तलाशी अभियान चलाया। सूत्रों के अनुसार सुरक्षाबल गांव में एक विशेष इलाके की तरफ बढ़ रहे थे कि आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने भी जबावी कार्रवाई की। आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों की घेराबंदी से भागने की कोशिश की। इस बीच सुरक्षाबलों की गोलीबारी में एक आतंकवादी मारा गया और दो आतंकवादी भाग कर पास के घर में छिप गए। सूत्रों के अनुसार सुरक्षाबलों की कार्रवाई में एक घर में छिपा एक और आतंकवादी मारा गया। एक और आतंकवादी घर में छिपा हुआ है जो सुुरक्षाबलों पर गोलीबारी कर रहा है। अंतिम समाचार मिलने तक मुठभेड़ जारी थी।


GST: रात 12 बजे तक होती रही खरीदारी, कुछ ही मिनट में करोड़ों का बिजनेस..
1 Jul 2017
भोपाल. जीएसटी लागू होने के कुछ मिनट पहले तक शहर के सभी मॉल्स, बड़े स्टोर्स में दीवाली जैसा माहौल नजर आया। इलेक्ट्रॉनिक्स, गारमेंट्स, फर्नीचर की दुकानों पर ग्राहकों ने भारी डिस्काउंट पर जमकर खरीददारी की। इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारियों ने एक ही दिन में करीब 25 करोड़ का कारोबार किया। हालांकि जीएसटी के विरोध में शहर के विभिन्न बाजार दिनभर बंद रहे।
बाजार के दो रंग; कहीं दुकानों पर दीवाली सी भीड़, कहीं कारोबार बंद जीएसटी लागू होने से एक दिन पहले शुक्रवार को राजधानी के बाजारों में दो अलग-अलग रंग दिखाई दिए। एक तरफ जीएसटी के विरोध में सभी बड़े बाजार बंद रहे, दूसरी तरफ इलेक्ट्राॅनिक्स गुड्स की दुकानों पर दीपावली जैसी भीड़ थी। बंद के समर्थन में व्यापारी धरना दे रहे थे और इलेक्ट्राॅनिक्स कारोबारियों के पास बात करने की भी फुर्सत नहीं थी। जानकारों के मुताबिक बंद से शहर में करीब 250 करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ। वहीं इलेक्ट्राॅनिक्स व्यापारियों ने एक ही दिन में 25 करोड़ रुपए का माल बेचा। इलेक्ट्राॅनिक्स गुड्स व्यवसायी श्याम बंसल ने बताया कि पिछले दस दिनों में एसी, एलसीडी, फ्रिज, मोबाइल व अन्य इलेक्ट्राॅनिक्स आइटम की ज्यादा बिक्री हुई है।
मॉल्स व बड़े रीटेल स्टोर्स में जमकर खरीदारी. इलेक्ट्रॉनिक्स गुड्स बेचने वाले कारोबारियों ने शुक्रवार को एक ही दिन में करीब 25 करोड़ रुपए का कारोबार किया। गारमेंट्स शहर के बड़े मॉल्स और सभी बड़े रीटेल स्टोर्स में ब्रांडेड कपड़ों का कारोबार करीब 05 करोड़ रुपए का रहा। फर्नीचर समेत अन्य कई उपभोक्ता वस्तुओं पर स्टॉक क्लीयरेंस सेल रही। भारी डिस्काउंट के कारण अच्छी खरीदारी हुई।
लग रही है पांच तरह की दर.. चौक, सोमवारा, मंगलवारा, सिंधी मार्केट, हनुमानगंज, न्यू मार्केट, बैरागढ़ सहित तमाम बाजार दिनभर बंद रहे। भोपाल डीलर्स एसोसिएशन (एफएमसीजी) के अध्यक्ष सुनील जैन ने कहा कि जीएसटी में हमें पांच तरह की दर लग रही है। हर कंपनी को अपना साॅफ्टवेयर बनाकर देना चाहिए।
जीएसटी की जटिलताओं का विरोध.. व्यापारी जीएसटी की जटिलताओं के विरोध में हैं। सरकार जीएसटी लागू करे, लेकिन उसे सरल बनाया जाए। आजादी के बाद पहली बार ऐसा हुआ कि कपड़े पर टैक्स लगाया गया हो।


GST पर बोले जेटली, बड़े कदमों से बदलती है देश की तकदीर, कुछ नया करने पर शुरू में दिक्कतें, बाद में सुधार..
30 Jun 2017
नर्इ दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू करने को लेकर हो रहे विरोध के बीच वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि कुछ नया करने पर शुरू में दिक्कतें आती हैं, लेकिन उसमें सुधार कर लिया जाता है। जीएसटी लागू होने से चंद घंटे पहले यहाँ एक टेलीविजन चैनल के सम्मेलन में जेटली ने कहा कि पिछले 70 साल में किसी विधेयक पर इतनी बहस नहीं हुई है जितनी जीएसटी पर हुई है। इसके लागू होने को बड़ा मौका बताते हुए उन्होंने कहा कि बड़े कदमों से ही देश की तकदीर बदलती है। उन्होंने कहा कि इसे लागू करने में कई नेताओं की अहम भूमिका रही है। कई राज्यों के मंत्रियों ने इसे पास कराने में काफी मदद की है। इस पर सबकी सहमति के लिए सरकार ने कई बैठकें कीं। कई बैठकें तो दो-तीन दिन तक चली। देश की आजादी के बाद जीएसटी को सबसे बड़े आर्थिक सुधार के रूप में देखा जा रहा है। 'एक देश, एक करÞ के स्लोगन के साथ जीएसटी का आज मध्य रात्रि में संसद के केन्द्रीय कक्ष में शुभारंभ किया जायेगा। इस मौके पर राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उनके मंत्रिमंडल के सदस्य, सदी के महानायक और जीएसटी एम्बेसडर अमिताभ बच्चन, जानेमाने उद्योगपति और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहेंगे। हालाँकि, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल समेत कई अन्य विपक्षी दलों ने जीएसटी जलसे में भाग नहीं लेने की घोषणा की है। जेटली ने कहा कि जीएसटी पर सब कुछ केन्द्र ने तय नहीं किया है। केन्द्र सरकार के साथ 31 राज्य सरकारों ने कई दौर की बैठकों के बाद इस पर आम सहमति बनार्इ है। उन्होंने कहा सभी विपक्षी दलों ने हर मौके पर इस पर साथ दिया है। उन्हें जीएसटी के जश्न में शामिल होना चाहिए। वित्त मंत्री ने कहा, 'कुछ नया करने पर शुरू में दिक्कतें आती हैं, लेकिन उसमें सुधार कर लिया जाता है। हमारे देश की कई विशेषतायएं हैं। जब नोटबंदी लागू की गर्इ थी तो लोगों ने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद गिर जाएगा किन्तु ऐसा कुछ नहीं हुआ। नोटबंदी के शुरूआती कुछ दिनों में दिक्कत हुई थी। उन्होंने कहा जिन देशों में जीएसटी सफल नहीं हुआ वहाँ कुछ अलग परिस्थितियाँ थीं। हमारे देश में उन देशों से अलग व्यवस्था है। जो लोग आलोचना करते हैं उन्हें यह समझना चाहिए कि पिछले 70 साल से हमारी सरकारें उधार लेकर काम चला रही है। वित्त मंत्री ने कहा यदि हर कोई कर देना शुरू कर दे तो उधार की नौबत नहीं आएगी। देश को चलाने के लिए कर प्रणाली को बेहतर करना जरूरी है। देश की आबादी 130 करोड़ है किन्तु पाँच लाख से अधिक आय वाले केवल 71 लाख लोग हैं। इसमें से भी 61 लाख वेतनभोगी हैं। बाकी लोगों में सभी टैक्स नहीं देते। अप्रत्यक्ष कर की जहाँ तक बात है केवल 80 लाख लोग ही इसकी अदायगी करते हैं। उम्मीद है कि जीएसटी लागू होने पर कर देने वालों की संख्या बढ़ेगी। जीएसटी को लेकर लोगों में घबराहट की जिक्र करते हुए जेटली ने कहा हम एक नर्इ व्यवस्था में आ रहे है। इसकी वजह से लोगों में घबराहट है। व्यापारियों की दिक्कतों पर उन्होंने कहा कि जीएसटी के तहत सभी रिटर्न सॉफ्टवेयर से भरे जाएंगे। इससे उनको कोई दिक्कत नहीं होगी। देश का एक बड़ा व्यापारी वर्ग नर्इ कर व्यवस्था के पक्ष में है।


मप्र: एक जुलाई से मिलेगा सातवां वेतनमान, 4% महंगाई राहत के आदेश भी जारी..
29 Jun 2017
भोपाल।मध्य प्रदेश सरकार एक जुलाई से अपने रेगुलर अधिकारियों-कर्मचारियों को सातवां वेतनमान देगी। फाइनेंस डिपार्टमेंट के इसे लिए फॉर्मेट तय किया है, जिसे जल्द कैबिनेट में लाया जाएगा। बता दें कि मप्र सरकार के पांच लाख से ज्यादा रेगुलर अधिकारी कर्मचारी हैं।
पांच किस्तों में मिलेगा एरियर... - नया वेतनमान एक जनवरी 2016 से लागू किया जाएगा। 18 माह का एरियर पांच किस्तों में दिया जाएगा। - कैबिनेट मीटिंग में सातवां वेतन मान का प्रस्ताव मंगलवार को लाया जाने वाला था, लेकिन मीटिंग कैंसिल होने के कारण अब इसे 6 जुलाई को लाया जाएगा।
मप्र के 97 हजार लोगों को फायदा.. भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर वाई श्रेणी में आते हैं, जबकि उज्जैन, सागर, रतलाम, खंडवा समेत अन्य बड़े शहर जेड श्रेणी में। रेलवे, आयकर, डाक, रक्षा, जनगणना, ऑडिट समेत अन्य केंद्रीय विभाग मिलाकर प्रदेश में करीब 97 हजार केंद्रीय कर्मचारी हैं। इनमें भोपाल के 11 हजार कर्मचारी हैं।
4% महंगाई राहत के आदेश, जुलाई में मिलेगी बढ़ी पेंशन. मप्र के पेंशनरों को चार फीसदी महंगाई राहत के आदेश मंगलवार को जारी हो गए। इससे तीन लाख से अधिक पेंशनरों को फायदा मिलेगा। जुलाई में इन्हें बढ़ी पेंशन और एरियर मिल जाएगा। अभी उन्हें 132 फीसदी महंगाई राहत मिलती है। बढ़ोतरी के बाद यह 136 फीसदी हो जाएगी। वित्त विभाग के अनुसार यह महंगाई राहत 1 जनवरी 2017 से दी जाएगी। इसी तरह 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के पेंशनरों को देय अतिरिक्त पेंशन पर भी महंगाई राहत दी जाएगी। पेंशनरों के मामले में देरी इसलिए होती है, क्योंकि करीब 25 फीसदी पेंशनर छत्तीसगढ़ में हैं। वहां से क्लीयरेंस के बाद ही आदेश होते हैं।
15 प्रतिशत तक हो सकता है सैलरी में इजाफा. - सरकार के इस फैसले से राज्य सरकार के इम्प्लॉइज की सैलरी में 15 प्रतिशत तक इजाफा हो सकता है। - इसके लिए फाइनेंस डिपार्टमेंट ने छत्तीसगढ़ द्वारा तय किए वेतनमान का अध्ययन किया है। - लेकिन मध्य प्रदेश में वेतनमान की श्रेणी अधिक होने से यहां श्रेणियां ज्यादा रहेंगी जिसके मुताबिक वेतनमान दिया जाएगा।
4% महंगाई राहत के आदेश, जुलाई में मिलेगी बढ़ी पेंशन.. मप्र के पेंशनरों को चार फीसदी महंगाई राहत के आदेश मंगलवार को जारी हो गए। इससे तीन लाख से अधिक पेंशनरों को फायदा मिलेगा। जुलाई में इन्हें बढ़ी पेंशन और एरियर मिल जाएगा। अभी उन्हें 132 फीसदी महंगाई राहत मिलती है। बढ़ोतरी के बाद यह 136 फीसदी हो जाएगी। फाइनेंस डिपार्टमेंट के अनुसार यह महंगाई राहत 1 जनवरी 2017 से दी जाएगी। इसी तरह 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के पेंशनरों को देय अतिरिक्त पेंशन पर भी महंगाई राहत दी जाएगी। पेंशनरों के मामले में देरी इसलिए होती है, क्योंकि करीब 25 फीसदी पेंशनर छत्तीसगढ़ में हैं। वहां से क्लीयरेंस के बाद ही आदेश होते है।


विपक्ष की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार मीरा कुमार ने दाखिल किया नामांकन पत्र..
28 Jun 2017
नई दिल्ली विपक्ष की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार मीरा कुमार ने बुधवार को यहां अपना नामांकन पत्र दाखिल किया । सत्रह विपक्षी दलों की प्रत्याशी और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष कुमार ने संसद भवन में निर्वाचन अधिकारी एवं लोकसभा महासचिव अनूप मिश्रा के समक्ष अपने नामांकन पत्र के चार सेट दाखिल किए। कुमार के साथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्राइन, माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सचिव डी राजा, द्रमुक नेता कनिमोझी, बहुजन समाज पार्टी के महासचिव सतीश चन्द्र मिश्रा तथा समाजवादी पार्टी के नरेश अग्रवाल मौजूद थे। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिन्दर सिंह, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, पुड्डुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायण सामी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नवी आजाद, लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खडगे भी इस मौके पर मौजूद थे । इससे पहले आज ही राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवरार रामनाथ कोङ्क्षवद की ओर से नामांकन पत्र का चौथा सेट दाखिल किया गया । कोङ्क्षवद नामांकन पत्र के तीन सेट 23 जून को दाखिल कर चुके हैं ।


मध्य प्रदेश: CM काफिले के आगे 'प्रभावशाली' शख्स ने लगा डाली अपनी गाडी, फिर क्या हुआ जानिये..
27 Jun 2017
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक युवक द्वारा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के काफिले को रास्ता नहीं दिए जाने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि युवक ने पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद भी गाड़ी से उतरने से न केवल इंकार कर दिया, बल्कि पुलिस को गाड़ी ले जाने से भी रोक दिया। इसके बाद उसकी गाड़ी को पुलिस क्रेन से खिंचवाकर थाने तक ले कर गई। भोपाल उत्तर पुलिस अधीक्षक अरविन्द सक्सेना के अनुसार सुबह राजधानी के कोहेफिजा थाना क्षेत्र से गुजर रहे मुख्यमंत्री चौहान के काफिले के रास्ते में एक गाड़ी आ रही थी। काफी कोशिशों के बाद भी उस गाड़ी ने मुख्यमंत्री के काफिले को रास्ता नहीं दिया। थोडा आगे जाकर पुलिस ने घेराबंदी कर उस गाड़ी को रोका और उसमें सवार अंबिका तिवारी नाम के युवक को गाड़ी से उतरने को कहा। युवक काफी मशक्कत के बाद गाड़ी में से उतरा, लेकिन राजधानी निवासी अपने प्रभावशाली पिता का रुतबा दिखाते हुए गाड़ी को पुलिस थाने ले जाने से इंकार कर दिया। गाड़ी को कुछ दूर तक क्रेन से खिंचवा कर थाने लाया गया। सक्सेना के मुताबिक युवक पर सड़क पर किसी काफिले में अवरोध पैदा करने संबंधित धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसके बाद अभी उससे पूछताछ की जा रही है। युवक का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।


जोधपुर में बनेगा विश्व का अनूठा और सबसे ऊंचा शिवलिंग, 25 लाख रुद्राक्ष से होगा निर्माण..
24 Jun 2017
ओसियां/जोधपुर. शिव भक्तों के लिए इस साल श्रावण मास में जोधपुर से अच्छी खबर है। जोधपुर जिले के ओसियां कस्बे में इस बार विश्व का सबसे अनूठा और ऊंचा शिवलिंग बनेगा। यह शिवलिंग रूद्राक्ष का होगा, जिसकी तैयारी तीन महीने से चल रही है। सवा तेतीस फीट ऊंचे इस शिवलिंग को बनाने के लिए 25 लाख रुद्राक्ष नेपाल के विराट नगर एवं नेपाल गंज से मंगवाए हैं। आयोजन समिति के रमेश कुमार सोनी ने बताया कि यह शिवलिंग तीन लाख स्क्वायर मीटर जगह में बनाया जा रहा है। इसके निर्माण के लिए धर्मपुर (गुजरात) के 160 कारीगर लगे हैं। रुद्राक्ष महाशिवलिंग परंपरा के सर्जक बटुक भाई व्यास के सान्निध्य में रविवार 9 जुलाई (गुरु पूर्णिमा) से 17 जुलाई (अष्टमी) तक महारुद्राभिषेक, महारुद्र यज्ञ तथा शिव महापुराण कथा का आयोजन होगा। उल्लेखनीय है कि अभी तक रुद्राक्ष का कोई भी शिवलिंग विश्व में कहीं भी नहीं बना है और जो शिवलिंग अभी तक सबसे ऊंचा बना है, वह अधिकतम 31 फीट ऊंचा ही है। जोधपुर में बन रहे शिवलिंग की ऊंचाई 33 फीट से अधिक होगी। इस शिवलिंग के निर्माण को लेकर तैयारियां अप्रेल माह से ही शुरू हो गई थी। सर्वप्रथम 5 अप्रेल को धर्मपुर गुजरात में रुद्राक्ष का चयन किया गया। इसके लिए दो महीने सात दिन तक इन रुद्राक्ष दिन रात काम चला कर साफ किया गया। साथ ही यह भी देखा गया कि कहीं कोई रूद्राक्ष खंडित तो नहीं है। इसके बाद इन सभी रूद्राक्ष की मालाएं बनाई गई। जो शिवलिंग बनाने में काम आएंगी। इसके बाद यह रुद्राक्ष पैक करवाकर रखा गया है। फिलहाल शिवलिंग की शक्ति पीठ का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसमें करीब 40 हजार ईंटे लगी है। शिवलिंग तक पहुंचने के लिए अलग से प्लेटफार्म बनाया जाएगा। आयोजन में महाशिवलिंग का अभिषेक कैलाश मानसरोवर के नाम से होगा। साथ ही रूद्राक्ष के पौधे का पूजन भी किया जाएगा। प्रत्येक रूद्राक्ष शिव के समान है। लाखों रूद्राक्ष के अर्चन और अभिषेक से लाखों शिव की पूजन का फल प्राप्त होगा।


राष्ट्रपति चुनाव: रामनाथ कोविंद ने भरा नामांकन, बोले- राष्ट्रपति का पद दलगत राजनीति से ऊपर..
23 Jun 2017
नर्इ दिल्ली। एनडीए के राष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद ने नामाकंन भर दिया है। संसद भवन में नामांकन भरने के दौरान उनके साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी आैर मुरली मनोहर जोशी भी मौजूद रहे। पीएम मोदी के साथ ही लालकृष्ण आडवाणी आैर मुरली मनोहर जोशी उनके प्रस्तावक बने। नामाकंन दाखिल करने के बाद कोविंद ने कहा कि राष्ट्रपति का पद सबसे गरिमामय पद है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में संविधान सर्वोपरि है आैर इसकी गरिमा बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का पद दलगत राजनीति से ऊपर है। उन्होंने कहा कि कुछ सालों में देश आजादी के 75 साल मनाने वाला है। एेसे में वह भारत निर्माण के सपने काे पूरा करने के लिए हमेशा प्रयासरत रहेंगे। साथ ही उन्होंने पीएम मोदी आैर एनडीए के घटक दलों का आभार जताया। कोविंद ने नामांकन के चार सैट दाखिल किए। चार सैट के नामांकन में प्रत्येक सैट में 60 प्रस्तावक आैर 60 समर्थक हैं। इस मौके पर भाजपा के साथ एनडीए के घटक दलों के नेता भी इस मौके पर मौजूद थे। वहीं भाजपा शासित राज्यों के अलावा तेलंगाना के सीएम चंद्रशेखर राव, तमिलनाडु के सीएम पलनिसामी आैर आंध्रप्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू भी मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि विपक्ष के 17 दलों ने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को अपना राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है। राष्ट्रपति पद चुनाव के लिए 17 जुलाई को मतदान होगा।


MP में बारिश ने गर्मी से दिलाई राहत, अगले 2-3 दिन यूं ही रहेगा मौसम..
22 Jun 2017
बभोपाल। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना जताई है। राज्य में गुरुवार की सुबह मौसम अन्य दिनों के मुकाबले सुहावना रहा, धूप की चुभन और उमस कम है। -मौसम विभाग के अनुसार, बीते 24 घंटों में भोपाल में 16 मिलीमीटर, जबलपुर में दो मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों में रीवा, शहडोल और उज्जैन संभाग के अलावा बालाघाट, मंडला, सिवनी, टीकमगढ़, छतरपुर, होशंगाबाद, बुरहानपुर, झाबुआ और अलीराजपुर में बारिश की संभावना जताई है। -राज्य में बुधवार की रात को हुई बारिश के चलते तापमान में गिरावट आई है। गुरुवार को भोपाल का न्यूनतम तापमान 23 डिग्री, इंदौर का 25 डिग्री, ग्वालियर का 25.9 डिग्री और जबलपुर का 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले बुधवार को भोपाल का अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री, इंदौर का 35 डिग्री, ग्वालियर का 39 डिग्री और जबलपुर का 38.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। -मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह प्री मानसून बारिश है। मानसून के लिए अभी दो- तीन दिन और इंतजार करना पड़ सकता है। बारिश होने से आठ दिन से गर्मी और उमस से परेशान लोगों राहत मिली।


आज का सबसे बड़ा दिन, कर्क रेखा पर सूर्य आज लंबवत, साये भी छोड़ देंगे साथ..
21 Jun 2017
बेंगलूरु कहा जाता है कि इंसान का साया कभी उसका साथ नहीं छोड़ता। लेकिन, बुधवार को अगर आप कर्क रेखा के पास हों तो यह कहावत झूठी साबित हो जाएगी। दरअसल, 21 जून को साल का सबसे बड़ा दिन होता है और इस दिन सूर्य देर तक चमक बिखेरता है। वहीं अगर आप कर्क रेखा के करीब (उज्जैन के आसपास) हैं तो दोपहर के समय आपकी परछाईं भी आपका साथ छोड़ देगी क्योंकि यहां सूर्य लंबवत होगा। भारतीय ताराभौतिकी संस्थान के प्रोफेसर (से.नि.) रमेश कपूर ने बताया कि 21 जून की दोपहर में सूर्य पृथ्वी से आकाश में सर्वाधिक ऊंचाई पर होता है। तब परछाइयां साथ छोडऩे लगती हैं यानी छायाएं छोटी बनती हैं। कर्क रेखा पर इस दिन दोपहर के समय छाया नहीं बनती।
कर्क रेखा के पास है उज्जैन.. देश की प्राचीनतम कालगणना की नगरी उज्जैन कर्क रेखा के पास है और यहां सूर्य लंबवत होता है। यहां दोपहर में परछाइयां नहीं बनती। प्रोफेसर कपूर ने बताया कि पृथ्वी सूर्य का चक्कर लगाती है और अपने अक्ष पर भी घूमती है। अपनी कक्षा के प्रति इसका अक्ष 23.5 डिग्री झुका हुआ है। अक्ष के झुकाव के कारण सूर्य का प्रकाश पृथ्वी के गोलाद्र्धों पर सदैव एक समान नहीं पड़ता। इसलिए दिन-रात की अवधि भी एक समान नहीं रहती।


ट्रैफिक पुलिस SI ने एंबुलेंस को रास्ता देने के लिए रुकवाया राष्ट्रपति का काफिला, देश भर हो रही है चर्चा..
20 Jun 2017
इऑफिसर के इस साहस को देखते हुए और उसके काम से खुश होकर ट्रैफिक पुलिस इस्ट डिविजन बेंगलूरु के डिप्टी कमिश्नर अभय गोयल ने ट्वीट कर बधाई दी है।
नई दिल्ली। बेंगलुरु के एक ट्रैफिक पुलिस ऑफिसर ने मनावता और साहस का परिचय देते हुए एक मिसाल पेश की है। जहां ट्रैफिक पुलिस अधिकारी ने राष्ट्रपति के काफिले के मूवमेंट के बावजूद अपनी ड्यूटी निभाते हुए एक एंबुलेंस को रास्ता दिया। और राष्ट्रपति के काफिले को रोक दिया। जहां एक तरफ पुलिस विभाग अपनी कार्यशैली और तमाम नाकामियों के लिए बदनाम है, वहीं बेंगलुरु के ट्रैफिक पुलिस ऑफिसर के इस कदम को लेकर आलाअधिकारियों समेत सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है। जबकि पुलिस ऑफिसर के इस काम को देखते हुए बेंगलुरु पुलिस ने उसे इनाम देने का ऐलान किया है। दरअसल, पूरा मामला त्रिनिटी क्षेत्र में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के एक कार्यक्रम से भाग लेने से जुड़ा था। जहां कार्यक्रम में भाग लेने जा रहे राष्ट्रपति का काफिला उस सड़क से गुजर रहा था। तभी एक एंबुलेंस की गाड़ी एक भारी ट्रैफिक में फंसी हुई थी। इसी बीच ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिस इंस्पेक्टर एमएल निजलिंगप्पा ने साहस का परिचय देते हुए राष्ट्रपति के काफिले को रोक दिया और एंबुलेंस के निकलने के रास्ता सुनिश्चित करवाया। ऑफिसर के इस साहस को देखते हुए और उसके काम से खुश होकर ट्रैफिक पुलिस इस्ट डिविजन बेंगलूरु के डिप्टी कमिश्नर अभय गोयल ने ट्वीट कर ऑफिसर को बधाई दी और सम्मानित भी किया


45 लाख का पैकेज छोड़ कर रहे मंदिर में सेवा, US में दोनों भाई करते थे जॉब
19 Jun 2017
इंदौर.प्रकाश और विकास छाबड़ा, दोनों सगे भाई। विदेश में पढ़े। 45-45 लाख रुपए के पैकेज पर अमेरिका में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर। पांच साल तक जॉब भी किया, लेकिन धर्म की ऐसी आस्था जागी कि दोनों भाइयों ने नौकरी छोड़ दी।
दोनों की पत्नियों ने भी इसलिए छोड़ दी नौकरी... अब पाठशाला में बच्चों, युवाओं को जैन धर्म की शिक्षा, नैतिक शिक्षा दे रहे हैं और सुखी जीवन जीने की कला सिखा रहे हैं। वह भी बिना शुल्क लिए। साल में चार संस्कार शिविर का आयोजन करते हैं। - यही अब उनकी दिनचर्या बन गई है। पहले बड़े भाई प्रकाश और बाद में छोटे भाई विकास ने धर्म के मार्ग पर चलने के लिए नौकरी छोड़ी और वापस वतन लौट आए। - दोनों भाइयों की शादी भी हो चुकी है। पत्नियां भी अमेरिका में ही नौकरी कर रही थी, लेकिन उन्होंने भी नौकरी छोड़ दी। - प्रकाश की पत्नी पूजा सीए हैं। वहीं विकास की पत्नी सारिका सॉफ्टवेयर इंजीनियर।
बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी उठाते - प्रकाश बताते हैं कि गांधी नगर में जैन मंदिर है, जिसकी देखरेख हमारे परिवार के लोग ही करते हैं। - वहां पर पाठशाला संचालित करने के अलावा आसपास के जरूरतमंद बच्चों के स्कूल की फीस से लेकर कॉपी-किताबें का खर्च भी उठाते हैं।


किसानों ने लगाया NH पर जाम, छतरपुर कलेक्टर का फरमान-कर्ज चुकाओं, वर्ना लाइसेंस रद्द
16 Jun 2017
भोपाल। कर्ज माफी की मांग मनवाने के लिए किसान संगठनों ने शुक्रवार को देशभर में नेशनल हाईवे जाम कर दिए। 62 किसान यूनियनों के संगठन राष्ट्रीय किसान महासंघ ने दोपहर 12 से 3 बजे तक जाम का आह्वान किया था। उधर, छतरपुर जिला कलेक्टर रमेश भंडारी ने आदेश जारी किया है कि 20 जून तक किसानों ने कर्ज का भुगतान नहीं किया तो उनके हथियारों के लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे। हालांकि कलेक्टर ने ऐसेे किसी आदेश से इनकार किया है। कलेक्टर ने इस संबंध में प्रेस रिलीज जारी करने पर सहकारी बैंक के महाप्रबंधक वायके सिंह को नोटिस भेजा है। -शहर के मिसरोद चौराहे पर बड़ी संख्या में किसानों ने चक्काजाम किया था। इसी बीच किसान नेता शिवकुमार शर्मा और उनके समर्थकों को पुलिस ने 11 मील तिराहे से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद शर्मा ने कहा कि, हमारा आंदोलन जारी रहेगा। 21 जून को हम सभी पीएम मोदी के साथ योग करने के लिए दिल्ली पहुंचेंगे। योग दिवस पर वहां मौजूद सभी लोग योग करेंगे, जबकि किसान शवासन करेंगे। मध्यप्रदेश में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, रीवा, राजगढ़, जबलपुर से भी बड़े चक्काजाम की सूचना है। -किसानों के प्रदर्शन को लेकर प्रदेश के सभी हिस्सों में पुलिस प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। प्रदेश में जाम का मिला-जुला असर दिखाई दिया। मिसरोद अनुविभागीय दंडाधिकारी पुलिस अतीक अहमद खान ने बताया कि शिव कुमार शर्मा अपने समर्थकों के साथ राजमार्ग जाम करने आए थे। इसी दौरान शांति भंग की आशंका के मद्देनजर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। -अपनी गिरफ्तारी के पहले शर्मा ने संवाददाताओं से कहा कि अगर उन्हें लंबे समय तक भी जेल में रखा गया, तो वे जमानत नहीं कराएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों की आत्महत्याओं का दौर उन्हें गिरफ्तार करने से नहीं रुकेगा और प्रशासन को किसानों की आत्महत्याएं कैसे रुके, इस बात पर विचार करना चाहिए। इंदौर से मिली खबर के मुताबिक अंचल में सभी स्थानों पर शांति कायम है और चक्काजाम के दौरान कहीं से किसी अप्रिय स्थिति की सूचना नहीं है। हालांकि सभी राजमार्गों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है। -प्रदेश के ग्वालियर और जबलपुर समेत अन्य हिस्सों से भी किसी अप्रिय घटना के बारे में कोई सूचना नहीं है। इसी बीच किसानों के समर्थन में पूर्व केंद्रीय मंत्री और लोकसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का भोपाल के दशहरा मैदान में चल रहा तीन दिवसीय सत्याग्रह भी अंतिम दौर में है। सत्याग्रह के दौरान सिंधिया के अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, राज्यसभा सांसद सत्यव्रत चतुर्वेदी, मध्यप्रदेश विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ राजेंद्र कुमार सिंह समेत प्रदेश के कई पूर्व मंत्री भी मौजूद रहे। -महासंघ के सदस्य रघुपति सिंह ने बताया कि कर्ज माफी के अलावा किसानों को फसलों का उचित दाम दिलवाना और मध्यप्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू करना भी उनकी मांगों में शामिल हैं। मंदसौर में छह किसानों की मौत के बाद संगठन ने 10 जून को हाईवे जाम करने का फैसला लिया था। -मप्र के मंदसौर में पुलिस फायरिंग में छह किसानों की मौत के बाद संगठन ने 10 जून को दिल्ली में हुई बैठक में हाईवे जाम करने का फैसला लिया था। इसके तहत किसानों ने पहले 11 से 15 जून तक विभिन्न जिलों में धरने-प्रदर्शन कर मांगें मनवाने के लिए दबाव बनाया। रघुपति ने बताया कि मंदसौर में किसानों की हत्या के मामले में महासंघ जल्द ही राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के पास भी जाएगा।


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी की सभा से पहले ही गिरा वाटर प्रूफ पंडाल, नीतीश कुमार बोले- खाली हाथ न आएं यहां
15 Jun 2017
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ योगी के दरभंगा दौरे के पहले ही कार्यक्रम के लिए बनाया गया पंडाल तेज आंधी और बारिश के कारण गिर गया। केंद्र सरकार के तीन साल पूरे होने पर आदित्यनाथ योगी दरभंगा राज मैदान में लोगों को संबोधित करने वाले हैं। योगी कार्यक्रम में लोगों को केंद्र सरकार की उपलब्धियां बताएंगे। आज करीब ढाई बजे उनका दरभंगा आने का कार्यक्रम है। कहा जा रहा है कि अब सभा खुले में होगी। जानकारी के अनुसार, बारिश की आशंका के चलते वाटरप्रूफ पंडाल बनाया गया था, लेकिन बुधवार रात आई तेज आंधी की वजह से पूरा पंडाल ध्वस्त हो गया। योगी आदित्यनाथ इससे पहले दो दिवसीय दौरे पर बिहार आने वाले थे, लेकिन राजनीतिक कारणों से 16 जून का पटना दौरा रद्द हो गया था। भाजपा विधायक संयज सरावगी का कहना है कि सीएम योगी की सभा में चार लाख लोग पहुंच सकते हैं। योगी लगभग 2.30 बजे दरभंगा पहुंचेंगे और तीन बजे दरभंगा के राज मैदान में जनसभा को संबोधित करेंगे और पांच बचे दरभंगा से यूपी के लिए रवाना हो जाएंगे। आदित्यनाथ के बिहार दौरे को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आग्रह करते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खाली हाथ बिहार का दौरा नहीं करें। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में शराबबंदी और स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू करें। नीतीश कुमार ने केंद्र की मोदी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनावों और विधानसभा चुनावों के दौरान लोगों से किए गए अपने वादों को भी भूल गए, लेकिन, हम जो भी वादा करते हैं।


मोदी सरकार का किसानों को तोहफा, कर्ज के ब्याज पर मिलेगी ज्यादा छूट
14 Jun 2017
मोदी सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है। केंद्र सरकार ने कृषि ऋण का समय से भुगतान करने वालों किसानों को ब्याज में तीन प्रतिशत की छूट देने और दो प्रतिशत की सब्सिडी देने का फैसला लिया है। मंत्रिमंडल की बुधवार को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया।
नई दिल्ली। मोदी सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है। केंद्र सरकार ने कृषि ऋण का समय से भुगतान करने वालों किसानों को ब्याज में तीन प्रतिशत की छूट देने और दो प्रतिशत की सब्सिडी देने का फैसला लिया है। मंत्रिमंडल की बुधवार को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। किसानों को राहत देेने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। कृषि ऋण पर नौ प्रतिशत की दर से ब्याज लिया जाता है। अब पांच प्रतिशत की छूट मिलने से किसानों को चार प्रतिशत ब्याज का भुगतान करना होगा। इस स्कीम में सरकार करीब 19000 करोड़ रुपए खर्च करेगी। गौरतलब है कि पहले महाराष्ट्र उसके बाद मध्य प्रदेश में हुए किसान आंदोलन के बाद से कर्जमाफी की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। मध्य प्रदेश में आंदोलन उग्र होने पर पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी थी, जिसमें 6 किसानों की मौत हो गई। इस कारण राज्य के 9 जिले कई दिनों तक हिंसा की चपेट में रहे। दरअसल यूपी विधानसभा चुनावों से पहले बीजेपी ने सरकार बनने के बाद किसानों की कर्जमाफी का एलान किया था। जिसके बाद सीएम योगी ने अपनी पहली कैबिनेट में किसानों का कर्ज माफ करने का फैसला किया था। इसी के बाद से देश के अन्य राज्यों में किसान आंदोलन कर कर्जमाफी की मांग करने लगे थे।


मोदी के 'गढ़' में स्मृति ईरानी पर भरे समारोह में शख्स ने फेंकी चूड़ियां, केंद्रीय मंत्री बोलीं- 'कांग्रेस की स्ट्रेटर्जी सही नहीं
13 Jun 2017
चूड़ियां फेंके जाने की घटना पर केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गुजरात में चुनाव आ रहा है इसलिए इस तरह के करतबों की मुझे अपेक्षा है।
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर एक व्यक्ति ने एक समारोह के दौरान अचानक से चूड़ियां फेंक दी जिससे हड़कंप की स्थिति बन गई। पुलिस ने फ़ौरन ऐसा करने वाले शख्स को हिरासत में ले लिया। ये घटना गुजरात के अमरेली में सोमवार को हुई। चूड़ियां फेंके जाने की घटना पर केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गुजरात में चुनाव आ रहा है इसलिए इस तरह के करतबों की मुझे अपेक्षा है। ईरानी ने कहा कि एक पुरुष को भेजा है महिला पर आक्रमण करने के लिए कांग्रेस की वो स्ट्रेटर्जी थोड़ी गलत है।


EVM विवाद से चुनाव आयोग खफा, सवाल उठाने वालों पर मांगा अवमानना की कार्रवाई का अधिकार
12 Jun 2017
ईवीएम विवाद पर अपनी छवि खराब होने और झूठे आरोप लगने की वजह से चुनाव आयोग खफा नजर आ रहा है।
नई दिल्ली। ईवीएम विवाद पर अपनी छवि खराब होने और झूठे आरोप लगने की वजह से चुनाव आयोग खफा नजर आ रहा है। चुनाव आयोग ने केंद्रीय कानून मंत्रालय को पत्र लिख अवमानना की कार्रवाई के अधिकार की मांग की है, ताकि आधारहीन आरोपों के खिलाफ ऐक्शन लिया जा सके। एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयोग ने अदालत की अवमानना अधिनियम 1971 में संशोधन की मांग की है। इस रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि चुनाव आयोग इस अधिनियम में ऐसे प्रावधान जुड़वाना चाहता है, ताकि उसकी अवमानना करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर सके। रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयोग ने करीब एक महीने पहले यह खत लिखा है। फिलहाल केंद्रीय कानून मंत्रालय चुनाव आयोग के खत पर विचार कर रहा है। आयोग ने अपने खत में पाकिस्तान के चुनाव आयोग समेत दूसरे देशों का भी उदाहरण दिया है। इलेक्शन कमिशन ऑफ पाकिस्तान के पास अधिकार हैं कि वह उसकी छवि खराब करने वालों के खिलाफ अवमानना का केस चला सकता है। हम आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश चुनाव के बाद कर्इ पार्टियों ने र्इवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। यहां तक की दिल्ली विधानसभा में आम अादमी पार्टी ने र्इवीएम से छेड़छाड़ का डेमाे तक दिया था। इसके बाद चुनाव आयोग ने पार्टियों को र्इवीएम हैक करने की चुनाैती दी थी। हालांकि ज्यादातर पार्टियों ने इससे किनारा कर लिया था।


आग मत लगाओ, चर्चा करो: उपवास पर बैठे शिवराज की किसानों से अपील
10 Jun 2017
भोपाल. हिंसक किसान आंदोलन के बीच मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार से यहां BHEL दशहरा मैदान पर अनिश्चितकालीन उपवास शुरू कर दिया। उन्होंने किसानों को समस्याओं पर चर्चा के लिए खुला न्योता दिया। शिवराज ने कहा, "जब-जब प्रदेश में किसानों पर संकट आया, मैं सीएम आवास से निकलकर उनके बीच पहुंच गया। हम नया आयोग बनाएंगे जो फसलों की सही लागत तय करेगा। उस लागत के हिसाब से हम किसानों को सही कीमत दिलाएंगे। ...किसान आग न लगाएं, चर्चा के लिए आएं।" अनशन से पहले शिवराज और उनकी पत्नी साधना सिंह ने पूर्व सीएम कैलाश जोशी के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। जोशी ने तिलक कर सफल होने की शुभकामनाएं दी। इस बीच, प्रदेश के कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने कहा, "किसानों के कर्ज माफ करने का कोई सवाल ही नहीं उठता, मैं पहले भी इसके पक्ष में नहीं था और अब भी नहीं हूं।'' हर वर्ग का कल्याण हो, सरकार का यही लक्ष्य... - सीएम के उपवास के लिए दशहरा मैदान पर वाटरप्रूफ पंडाल बनाया गया। मंदसौर में फिलहाल हालात नॉर्मल हैं। उधर, होम मिनिस्ट्री ने सभी पड़ोसी राज्यों को अलर्ट किया है। हिंसा में घिरे इलाकों में सुरक्षा के लिए कुल 13 कंपनियां तैनात की गई हैं। - अनशन की शुरुआत करते हुए शिवराज ने कहा, "प्रदेश में हर वर्ग का कल्याण होना चाहिए। हमारा एक ही लक्ष्य रहा है- प्रदेश का विकास। मुख्यमंत्री बनते समय मेरी प्राथमिकता किसान भाई-बहन रहे। प्रदेश को आगे बढ़ाना है तो खेती को आगे बढ़ाना है। मुख्यमंत्री बना तो साढ़े सात लाख हेक्टेयर में सिंचाई होती थी, अब ये रकबा 40 लाख हेक्टेयर तक बढ़ चुका है।" - "खेतों में पानी पहुंचाने में हमने कोई कसर नहीं छोड़ी। हमने 18% कर्ज घटाकर 0% कर दिया। -10% पर लोन दिया। जब संकट की घड़ी आई, मैं कभी सीएम आवास पर नहीं बैठा, खेतों में गया। किसानों को पर्याप्त राहत देने की कोशिश की। पिछले साल सोयाबीन की फसल खराब हुई थी, हमने 4800 करोड़ का मुआवजा दिया।" - "मालवा रेगिस्तान बनने की दिशा में बढ़ रहा था। हमने नर्मदा ले जाकर ये सुनिश्चित किया कि मालवा रेगिस्तान ना बने। दुनिया में सिर्फ मध्यप्रदेश में ऐसा होता है कि एक लाख ले जाओ, खाद-बीज के लिए और 90 हजार ही वापस करो।" - "पिछले साल प्याज के दाम गिर गए थे। तब मैंने तय किया कि प्याज 6 रुपए किलो खरीदा जाएगा। इस साल भी बंपर फसल आई है। अन्न के भंडार भर गए हैं। जब उत्पादन बंपर होता है तो कीमत गिरती है। इससे किसान को नुकसान होता है। इससे किसान को तकलीफ होती है। इसलिए हमने फैसला किया कि पूरा प्याज 8 रुपए किलो खरीदा जाएगा।"
किसान की मेहनत को बेकार नहीं जाने देंगे - उन्होंने कहा, "किसान की मेहनत और परिश्रम को बेकार नहीं जाने दिया जाएगा। किसान को लाभकारी मूल्य देने में मध्यप्रदेश सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। मर्जी के बिना किसान की जमीन नहीं ली जाएगी। किसान विरोध मुद्दों को ऑर्डिनेंस लाकर बदला जाएगा।" - "चेक पेमेंट में परेशानी आई तो किसान चेक लेकर घूमता रहा। हमने फैसला किया कि आरटीजीएस से पेमेंट किया जाएगा। किसानों को लाभकारी मूल्य देना मध्यप्रदेश में सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए केंद्र द्वारा तय न्यूनतम समर्थन मूल्य पर पैदावार ली जाएगी। इसके अलावा हमने एक आयोग बनाने का फैसला किया है जो किसान की लागत का आकलन कर यह तय करेगा कि किसान को लाभकारी मूल्य दिया जा सके। - "सही कीमत देने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष बना रहे हैं। इसके लिए 1 हजार करोड़ का कोष बनाया जा रहा है। एक बड़ी विसंगति है कि किसान बेचता है तो सस्ता बिकता है। उपभोक्ता को महंगा मिलता है। मेरी कोशिश रहेगी कि 8% आढ़त को घटाकर 2% किया जाए।" - "भविष्य में हम ये कोशिश करेंगे कि किसान और उपभोक्ता के बीच कोई बिचौलिया ना रहे जिससे किसान को उसकी फसल का उचित मूल्य मिल सके।"
किसानों को भड़काया जा रहा है - मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने कहा, ''जो जैसा व्यवहार करेगा, उसके साथ वैसे ही निपटा जाएगा। यह आंदोलन अब किसानों का नहीं रहा। राहुल गांधी यहां क्यों आए थे, उनका जन्म मप्र में हुआ है क्या? किसानों के कर्ज माफी का कोई सवाल ही नहीं उठता मैं पहले भी इसके पक्ष में नहीं था और अब भी नहीं हूं।'' - जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि सरकार ने किसानों को बातचीत के लिए खुला मंच दिया है। वे यहां आकर अपनी समस्या रख सकते हैं। - राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि ये सरकार किसानों की है। हम हरसंभव मदद के लिए तैयार हैं। किसानों से अपील है कि वे शांति बनाए रखे और सीएम के सामने अपनी मांगे रखें।
विपक्ष ने कहा- ये सब नौटंकी - विपक्ष ने सीएम के उपवास और दशहरा मैदान से सरकार चलाने के फैसले को महज नौटंकी करार दिया है। कांग्रेस का कहना है कि चौहान को नौटंकी करने के बजाय किसानों की समस्याओं को सुनकर उन्हें दूर करना चाहिए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने कहा, "खुद को संवेदनशील मुख्यमंत्री बताने वाले चौहान छह किसानों की मौत के बाद मंदसौर नहीं गए, यहां तक कि बालाघाट में एक पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट में 25 लोगों की मौत के बाद उन्होंने वहां भी जाना मुनासिब नहीं समझा। वे सिर्फ नौटंकी और मुद्दों से भटकाने की कोशिश करते रहे हैं। उपवास भी इसी का हिस्सा है।"
क्या हैं किसानों की मांगें, क्यों अनशन पर बैठे हैं शिवराज? - महाराष्ट्र के बाद जून की शुरुआत में मध्य प्रदेश में भी किसानों ने आंदोलन शुरू किया। - मध्य प्रदेश के किसानों की मांग है कि उन्हें कर्ज माफी दी जाए, फसलों पर मिनिमम सपोर्ट प्राइस मिले, जमीन के बदले मुआवजे पर कोर्ट जाने का हक मिले और दूध के रेट बढ़ाए जाएं। - सबसे पहले 3 जून को इंदौर में यह आंदोलन हिंसक हो गया था। बाद में मंदसौर, उज्जैन और शाजापुर जैसे राज्य के बाकी हिस्सों में फैल गया। - मंदसौर में पुलिस की फायरिंग में 6 किसानों की मौत हो गई। शुक्रवार को यह हिंसक आंदोलन राजधानी भोपाल के पास फंदा तक पहुंच गया। - इसके बाद शिवराज ने शुक्रवार रात फैसला किया कि वे शनिवार को अनशन करेंगे। उन्होंने प्रदर्शनकारी किसानों से कहा कि वे भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आएं और मुझसे बात करें।
मध्य प्रदेश सरकार ने अब तक क्या कदम उठाए? - सीएम चौहान ने किसानों पर केस खत्म करने, जमीन मामले में किसान विरोधी प्रावधानों को हटाने, फसल बीमा को ऑप्शनल बनाने, मंडी में किसानों को 50% कैश पेमेंट और 50% आरटीजीएस से देने का एलान किया था। - यह भी कहा था कि सरकार किसानों से इस साल 8 रु. किलो प्याज और गर्मी में समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदेगी। खरीदी 30 जून तक चलेगी। - सरकार ने यह भी एलान किया था कि एक आयोग बनेगा जो फसलों की लागत तय करेगा। उस पर किसानों को फायदा होने लायक कीमत मिले, यह सरकार सुनिश्चित कराएगी।


राजधानी तक पहुंची हिंसा: भोपाल-इंदौर हाइवे पर उपद्रवी किसानों पर लाठी चार्ज, आंसू गैस छोड़ी
9 Jun 2017
भोपाल।मंदसौर में पुलिस की गोली से मारे गए 6 किसानों के बाद उग्र हुए किसान आंदोलन का असर मप्र के कई जिलों खासकर मालवा-निमाड़ पर व्यापक देखा जा रहा है। भोपाल-इंदौर मार्ग पर बसों की आवाजाही अब भी सुचारू नहीं हो पाई है। इस बीच शुक्रवार को फंदा ब्लॉक पर टोल नाके प्रदर्शन के दौरान हिंसा पर उतारू लोगों को पुलिस ने खदेड़ दिया। उपद्रवियों ने ट्रकों में लगाई आग... -शुक्रवार सुबह किसानों ने भोपाल-इंदौर हाइवे पर फंदा में चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। इस दौरान आंदोलनकारियों को काबू में करने पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ीं। उन पर आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े। उपद्रवियों ने बसों के कांच फोड़ दिए। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। उपद्रवियों को काबू में करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। यहां से बड़ी संख्या में किसानों को गिरफ्तार किया गया है। अप्रिय स्थिति को देखते हुए इंदौर जाने वालीं चार्टर्ड बसें वापस लौटा दी गईं। उपद्रवियों ने कुछ ट्रकों में आग लगा दी। --पुलिस ने जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष अवनीश भार्गव सहित 100 से ज्यादा कांग्रेसियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। पुलिस ने रातीबढ़ युवक कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रोहित राजौरिया को भी हिरासत में लिया है। -युवक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुणाल चौधरी ने आरोप लगाया कि आंदोलन कर रहे किसानों को पुलिस कुचलने का प्रयास कर रही है। -उधर, सागर में भी भोपाल मार्ग पर किसानों ने प्रदर्शन करते हुए जाम लगा दिया। ग्राम फंदा के सामने शुक्रवार को किसान आंदोलन और चक्का जाम प्रस्तावित था। इस दौरान कानून व्यवस्था एवं आवागमन को ध्यान में रखकर पुलिस ने ट्रैफिक व्यवस्था में कुछ बदलाव किए थे। -उधर, महिला कांग्रेस ने इस मामले में बोर्ड आफिस चौराहे पर प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया।


हिरासत में लिए गए राहुल गांधी, एमपी की 'नो एन्ट्री' में कर रहे थे प्रवेश, बाइक पर बैठकर पहुंच रहे थे मंदसौर
8 Jun 2017
उदयपुर अखिल भारतीय कांग्रेस के उपाघ्यक्ष राहुल गांधी गुरुवार को उदयपुर पहुंचे। यहां डबोक एयरपोर्ट पहुचने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। इस मौके पर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट, राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी, पूर्व मंत्री डा गिरिजा व्यास सहित वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने उनकी अगवानी की। हवाई अड्डे पर बडी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के कारण पुलिस को उन पर नियंत्रण करने के लिए भारी मशक्कत करनी पडी। गांधी के पहुंचते ही हवाई अड्डे पर राहुल गांधी ज़िंदाबाद के नारे लगाए। इसके बाद राहुल गांधी कार को छोड़कर एक बाइक में बैठकर मंदसौर के लिए रवाना हुए। राहुल गांधी के इस अचानक से लिए गए फैसले का किसी को अंदेशा नहीं था। गौरतलब है कि राहुल गांधी को फिलहाल के लिए एमपी प्रशासन ने प्रवेश के लिए अनुमति नहीं दी है। इधर, राहुल गांधी के एमपी में प्रवेश को लेकर बॉर्डर पर जाब्ता तैनात किया गया। चित्तौड़गढ़ जिले के निंबाहेड़ा के पास जलिया चोराहा पर कई कांग्रेसी मौजूद रहे। मध्य प्रदेश सीमा पर स्थित नए गांव जावरा टोल टैक्स पर आरएएफ और पुलिस की टीमें तैनात की गईं। यहां तैनात पुलिस बल से प्राप्त जानकारी के अनुसार राहुल गांधी को यहां हिरासत में लेने के लिए कोई आदेश इनको नहीं मिला है सिर्फ सुरक्षा के लिए इनको यहां तैनात किया गया है।


गुड़गांव में बदमाशों ने 9 महीने की बच्ची को चलते ऑटो से फेंका, मां से गैंगरेप
6 Jun 2017
नई दिल्ली.गुड़गांव में 9 महीने की बच्ची की हत्या के बाद मां से गैंगरेप का मामला सामने आया है। वारदात को तीन बदमाशों ने चलते ऑटो में अंजाम दिया। जब बच्ची रोने लगी तो बदमाशों ने उसे ऑटो से बाहर फेंक दिया। फिलहाल, पीड़ित महिला हॉस्पिटल में एडमिट है। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। घटना 29 मई की बताई जा रही है, लेकिन इसका खुलासा अब हुआ। पति से झगड़े के बाद महिला मायके जा रही थी। एक्सप्रेस-वे के पास हुई वारदात... - सोमवार को पुलिस ने बताया कि पति से झगड़े के बाद 23 साल की महिला अपनी बच्ची को लेकर मायके (खंडसा गांव) जा रही थी। इसी दौरान रात को उसे एक ऑटो दिखा। इसमें ड्राइवर समेत 3 लोग सवार थे। घर छोड़ने का भरोसा देकर इन लोगों ने उसे ऑटो में बैठा लिया। - महिला ने पुलिस को बताया कि मुझे दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेस-वे के पास सूनसान इलाके में ले जाकर बदमाशों ने छेड़छाड़ शुरू कर दी। इसी दौरान बच्ची रोने लगी, बदमाशों ने गुस्से में उसे चलते ऑटो से फेंक दिया। इसके बाद गैंगरेप किया और फरार हो गए। मदद के लिए करीब 5 घंटे तक भटकती रही। - विक्टिम की फैमिली का आरोप है कि पुलिस ने पहले इस मामले को मामूली छेड़छाड़ समझकर हत्या का केस दर्ज कर लिया। बाद में महिला के बयान के आधार पर गैंगरेप की धाराएं जोड़ी गईं।


कामयाबी से एक कदम पीछे ISRO: GSLV मार्क-3 मिशन की उल्टी गिनती शुरु, अबतक का सबसे वजनी रॉकेट-उपग्रह उड़ान के लिए तैयार
5 Jun 2017
दनई दिल्ली। जीएसएलवी मार्क-3 की लॉन्चिंग के लिए उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। सोमवार को शाम 5:28 बजे श्रीहरिकोटा से इसरो द्वारा लॉन्च किये जाने वाला भारी-भरकम जीएसएलवी मार्क-3 अन्य देशों के 4 टन श्रेणी के उपग्रहों को प्रक्षेपित करने की दिशा में भारत के लिए अवसर खोलेगा।


बहुचर्चित भंवरी देवी हत्याकांड की आरोपी इंद्रा मप्र में गिरफ्तार
3 Jun 2017
देवास। वर्ष 2011 में राजस्थान की राजनीति में तूफान मचा देने वाले भंवरी देवी हत्याकांड की आरोपी इंद्रा विश्नोई को मध्य प्रदेश के देवास में गिरफ्तार कर लिया गया है। वह नर्मदा तट पर एक घर बनाकर सामान्य महिला की तरह रह रही थी। राजस्थान एटीएस ने शुक्रवार शाम उसे गिरफ्तार किया। बताया जाता है कि वह भंवरी देवी की हत्या के बाद इंद्रा विश्नोई वह फरार हो गई और देवास में नर्मदा किनारे एक घर बनाकर विगत छह वर्षों से रह रही थी। उस पर पांच लाख का इनाम भी घोषित था। राजस्थान एटीएस ने छह साल बाद मुखबिर की सूचना पर उसे ढूंढ निकाला और गिरफ्तार कर राजस्थान लेकर गई। उल्लेखनीय है कि इंद्रा विश्नोई ने पूर्व विधायक मलखान सिंह और पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा के साथ मिलकर भंवरी देवी की हत्या की साजिश रची थी। भंवरी के मलखान और महिपाल मदेरणा के साथ संबंध होने की बात भी सामने आई थी। 2011 में भंवरी देवी का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में इंद्रा को आरोपी बनाया गया था। उसके फरार होने पर उसकी गिरफ्तारी के लिए पांच लाख का इनाम घोषित किया गया था। छह साल बाद एटीएस को सफलता हासिल हुई।


भारत साउथ एशिया में शांति पैदा होने के रास्ते में बड़ा रोड़ा: PAK प्रेसिडेंट ममनून बोले
2 Jun 2017
इस्लामाबाद. पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने कहा है कि भारत साउथ एशिया में शांति पैदा होने के रास्ते में बड़ा रोड़ा बन गया है। उन्होंने पार्लियामेंट के ज्वाइंट सेशन को ऐड्रेस करते हुए कश्मीर मसले को भारत-पाकिस्तान बंटवारे का 'अनफिनिश्ड एजेंडा' करार दिया।
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ममनून हुसैन ने पार्लियामेंट के ज्वाइंट सेशन को गुरुवार को ऐड्रेस किया। इस दौरान उन्होंने कश्मीर मुद्दे और भारत-पाक के बीच तनाव से भरे संबंधों की चर्चा की। - उन्होंने कहा कि भारत-पाक के बीच विवाद की असली जड़ कश्मीर मुद्दा है जो उपमहाद्वीप के बंटवारे का अनफिनिश्ड एजेंडा है।
कश्मीरी अपने हक के लिए लड़ रहे हैं - ममनून हुसैन ने कहा, "हमारे कश्मीरी भाई, बहन और उनके बेटे-बेटियां आजादी का अपना मौलिक अधिकार हासिल करने के लिए प्रोटेस्ट कर रहे हैं और इस दौरान उन पर निर्मम अत्याचार किया जा रहा है।" - "कश्मीर विवाद का सिर्फ यही हल है कि वहां यूएन रेजोल्यूशन्स के तहत जनमत संग्रह (plebiscite) कराया जाए।" भारत आतंकियों, जासूसों को पाक में भेज रहा - राष्ट्रपति ममनून ने यह भी कहा, "पाकिस्तान की शांति की कोशिशों का पॉजिटिव रिस्पॉन्स देने के बजाय भारत कुलभूषण जाधव जैसे जासूसों और आतंकियों को देश में भेज रहा है। पाकिस्तान बातचीत के जरिये सभी समस्याओं को खत्म करना चाहता है, लेकिन भारत कोई जवाब नहीं दे रहा है।" - बता दें कि पाक मिलिट्री ने जाधव को जासूसी और देश विरोधी गतिविधियों के आरोप में फांसी की सजा सुनाई है। हालांकि, इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने आखिरी फैसले तक फिलहाल इस पर रोक लगा दी है।


मासूमों की अर्थी देख हर आंख हुई नम
1 Jun 2017
उदयपुर जिले में मंगलवार रात को हुआ था हादसा
pali पाली शहर के बापूनगर क्षेत्र से बुधवार को जब मासूम रूद्र (४) व जिज्ञासा (८) की अर्थी निकली तो परिजनों सहित क्षेत्रवासियों की भी आंखे नम हो गई। हर कोई हादसे को लेकर शोक में डूबा नजर आया। मासूमों के दादा-दादी अशोक-विजयलक्ष्मी त्रिवेदी व पिता विकास की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। उनको अभी भी यकीन नहीं हो रहा था कि जिन बच्चों को छुटिï्टयों में ननिहाल भेजा वे इस रूप में वापस घर आएंगे। परिजनों की हालत देख समाज के लोगों व क्षेत्रवासियों ने उन्हें संभाला। इधर मासूमों के नाना-नानी सतीश-सविता शर्मा व मामा चिराग की भी शव यात्रा गमगीन माहौल में भीनमाल (जालोर) स्थित विनायक नगर से निकाली गई। बुधवार शाम करीब छह बजे उपचार के दौरान तरुण शर्मा (२०) पुत्र सतीश शर्मा की भी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार भीनमाल हाल रानीवाड़ा निवासी सतीश शर्मा बीएसएनएल में नौकरी करते हैं। उनकी पुत्री प्रियंका की शादी पाली में बापूनगर क्षेत्र में विकास त्रिवेदी से हो रखी थी। कुछ दिनों पूर्व प्रियंका अपने पुत्र रूद्र व पुत्री जानवी (जिज्ञासा) के साथ रानीवाड़ा अपने पीहर गई थी। माइग्रेन की शिकायत होने पर परिजन उसे उपचार के लिए उदयपुर ले गए थे। मंगलवार रात को वापस आते समय उदयपुर के बेकरिया थाना क्षेत्र के क्यारी गांव के पास पुलिया पर उनकी कार बेकाबू होकर डिवाइडर पर चढ़ गई। इससे कार में सवार भीनमाल हाल रानीवाड़ा निवासी सतीश शर्मा (५४) पुत्र तिलकबिहारी शर्मा, उनकी पत्नी सविता शर्मा (४८), पुत्र चिराग शर्मा (२१), नातिन पाली बापूनगर विस्तार निवासी जिज्ञासा (८) व रूद्र (४) पुत्र विकास त्रिवेदी की मौत हो गई। इस हादसे में पाली बापूनगर विस्तार निवासी प्रियंका (३४) पत्नी विकास त्रिवेदी व तरूण शर्मा (२०) पुत्र सतीश शर्मा गंभीर घायल हो गए थे। बुधवार शाम को उदयपुर में उपचार के दौरान तरूण शर्मा की भी मौत हो गई।
दादा आम और मिठाई लाकर रखना मैं आ रहा हूं.. मासूम रूद्र व जिज्ञासा के गर्मियों की छुट्टियों में ननिहाल जाने से उनके दादा-दादी अशोक-विजयलक्ष्मी त्रिवेदी को घर काटने को दौड़ता था। ऐसे में उनकी बच्चों से रोज दिन में दो-तीन बार बात हो जाती थी। मंगलवार दिन में फोन पर बातचीत के दौरान मासूम रूद्र ने दादा अशोक त्रिवेदी को अपनी तुतलाती आवाज में कहा था दादा में आ रहा हूं। मेरे लिए मिठाई और आम लाकर रखना। रूद्र की इस मासूमीयत भरी बात का उन्होंने भी हंस कर जवाब दिया, बिलकुल लाकर रखूंगा तू आजा। लेकिन हादसे में अपने पोता-पोती की मौत की खबर ने अशोक-विजयलक्ष्मी त्रिवेदी को अंदर तक तोड़ दिया। उनको तो अभी भी विश्वास नहीं हो रहा कि रूद्र व जिज्ञासा अब इस दुनिया में नहीं हैं


रक्षा तैयारियों को मिलेगी आैर मजबूती, जुलार्इ-अगस्त तक नौसेना में शामिल होगी स्वदेशी स्काॅर्पियन पनडुब्बी कलवरी
31 May 2017
भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने बुधवार को कहा कि पहली स्वदेशी स्कॉर्पिन पनडुब्बी कलवरी जुलाई-अगस्त में सेना में शामिल कर ली जाएगी।
नई दिल्ली। भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने बुधवार को कहा कि पहली स्वदेशी स्कॉर्पिन पनडुब्बी कलवरी जुलाई-अगस्त में सेना में शामिल कर ली जाएगी। लांबा ने यहां एक सम्मेलन से इतर कहा, 'कलवरी परीक्षण के अंतिम चरण से गुजर रही है और उम्मीद है कि जुलाई-अगस्त में नौसेना में शामिल हो जाएगी।' पनडुब्बी ने 27 मई को एक टॉरपीडो को सफलतापूर्वक फायर किया था। सूत्रों ने कहा कि पनडुब्बी को नौसेना में शामिल करने से पहले यह अंतिम अहम परीक्षण था। कलवरी ने दो मार्च को पहली बार सफलतापूर्वक एंटी-शिप मिसाइल फायर की थी। भारत में स्कॉर्पिन श्रेणी की छह पनडुब्बियों का निर्माण हो रहा हैं, जिनमें कलवरी पहली पनडुब्बी है। स्कॉर्पिन पनडुब्बी का निर्माण फ्रांस के डीसीएनएस द्वारा प्रौद्योगिकी स्थानांतरण के साथ प्रोजेक्ट 75 के तहत मझगांव डॉकयार्ड लिमिटेड द्वारा किया गया था। दो पनडुब्बियां तैयार हैं, जबकि चार अन्य का निर्माण चल रहा है। दूसरी पनडुब्बी खंडेरी को इस साल 12 जनवरी को लॉन्च किया गया था, जिसे बंदरगाह व समुद्र की सतह पर कठिन परीक्षणों के दौर से गुजरना होगा, जिसके बाद उसे पानी के नीचे उतारे जाने के बाद नौसेना में शामिल किया जाएगा। अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त स्कॉर्पिन चकमा देने में माहिर है और गाइडेड हथियारों के माध्यम से दुश्मनों पर वार करने में सक्षम है। स्कॉर्पिन पानी के अंदर तथा सतह पर टॉरपीडो, एंटी-शिप मिसाइल के माध्यम से वार कर सकता है। श्रीलंका द्वारा चीनी पनडुब्बी को उसके डॉकयार्ड पर खड़ा न करने की अनुमति न देने के बारे में पूछे जाने पर नौसेना प्रमुख ने कहा, 'हम न तो श्रीलंका के साथ किसी तरह की वार्ता कर रहे हैं और न ही उनके संपर्क में हैं। यह फैसला उनका खुद का है।' स्वदेशी विमानवाहक पोत को नौसेना में शामिल किए जाने के बारे में पूछे जाने पर लांबा ने कहा कि आईएसी का निर्माण तय समय के हिसाब से चल रहा है। उन्होंने कहा, 'हमें उम्मीद है कि साल 2019 में उसका परीक्षण शुरू हो जाएगा और साल 2020 में नौसेना में शामिल हो जाएगा।'


भारत-जर्मनी एक दूजे के लिए बने: मोदी, दोनों देशों के बीच 8 करार हुए
30 May 2017
नई दिल्ली/बर्लिन.4 देशों के 6 दिन के दौरे पर सोमवार शाम जर्मनी पहुंचे नरेंद्र मोदी का मंगलवार को ऑफिशियल वेलकम हुआ। बर्लिन में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद मोदी और जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल ने इंडिया-जर्मनी इंटर-गवर्नमेंटल कॉन्सुलेशन्स (आईसीजी) की मीटिंग में शिरकत की। दोनों देशो के बीच 8 MOU साइन किए गए हैं। ज्वाॅइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोदी ने कहा- भारत और जर्मनी एक दूजे के लिए बने हैं। पीएम आज शाम जर्मन दौरा खत्म करके स्पेन रवाना हो जाएंगे। वो रूस और फ्रांस भी जाएंगे।
दुनिया के सामने आतंकवाद समेत कई चैलेंज.... - ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोदी ने कहा- दुनिया के सामने आतंकवाद समेत कई चैलेंज हैं। इसका हमें मिलकर मुकाबला करना है। जर्मनी में मेरे स्वागत के लिए तहे दिल से शुक्रिया। - एक सवाल के जवाब में पीएम ने कहा- हम एक दूसरे के लिए बने हैं। जर्मनी स्टार्टअप, गंगा सफाई और स्किल डेवलपमेंट में भारत की मदद रहा है। मोदी ने कहा- दुनिया इनोवेशन के बिना आगे नहीं बढ़ सकती। हम मेक इन इंडिया के लिए जर्मनी का स्वागत करते हैं। बता दें कि दोनों देशों के बीच 8 समझौते हुए। - पीएम ने कहा- रेलवे के मॉर्डनाइजेशन प्रोग्राम में भी जर्मनी भारत की मदद कर सकता है क्योंकि वो हमारा भरोसेमंद पार्टनर है। - मर्केल ने कहा- भारत एक बड़ी ताकत है और जर्मनी उसके साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार है।
मोदी के लिए एंगेला का प्राइवेट डिनर....
- मोदी सोमवार शाम बर्लिन पहुंचे थे। इसके बाद जर्मन चांसलर से वन टू वन बातचीत की। ब्रैंडनबर्ग जिले में स्थित 18वीं सदी के पैलेस शलॉस मीजेबर्ग के बाग में सोमवार शाम दोनों नेता साथ टहले। शलॉस मीजेबर्ग की विजिटर बुक में मोदी ने हस्ताक्षर भी किए। यहीं मर्केल ने प्राइवेट डिनर दिया। - बाद में मोदी ने बताया- "एंगेला मर्केल के साथ उनकी बातचीत काफी अच्छी रही।" - मीटिंग को एक बेहद अनौपचारिक मामला बताया गया। फॉरेन मिनिस्ट्री ने एक बयान में कहा, "यह एक फायदेमंद भागीदारी है।" - इसी बीच, मोदी के साथ गए सीनियर मिनिस्टर ने भी अपने जर्मन काउंटर पार्ट्स से बातचीत की। इनमें कॉमर्स मिनिस्टर निर्मला सीतारमण, एनर्जी मिनिस्टर पीयूष गोयल और विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर शामिल हैं।
काउंटर टेररिज्म की स्ट्रैटजी तैयार करेंगे: मोदी... -सोमवार शाम पीएम ने ट्वीट में कहा था, "मैं और जर्मन चांसलर काउंटर टेररिज्म के लिए स्ट्रैटजी तैयार करने की कोशिश करेंगे। मुझे भरोसा है कि इस विजिट से भारत और जर्मनी के रिश्ते मजबूत होंगे और दोनों देशों को फायदा होगा।" - इसके पहले एक फेसबुक पोस्ट में पीएम ने कहा- "मैं और जर्मन चांसलर दोनों देशों के बीच ट्रेड, इन्वेस्टमेंट, सिक्युरिटी और काउंटर टेररिज्म के लिए स्ट्रैटजी तैयार करने की कोशिश करेंगे।" - एक जर्मन न्यूज पेपर को दिए इंटरव्यू में पीएम ने आतंकवाद को मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। यूरोपीय देशों से अपील में मोदी ने कहा कि वो आतंकवाद के खिलाफ पुख्ता तरीके से काम करें। उन्होंने कहा- यूरोप में भी कई आतंकी हमले हुए हैं। ताजा मामला ब्रिटेन के मैनचेस्टर का है।
क्या है एजेंडा?.. एजेंडा: भारत में जर्मनी की 1600 कंपनियां हैं। इनमेंं 600 ज्वाइंट वेंचर हैं। यहां डिफेंस और सोलर एनर्जी से जुड़े कई बड़े समझौते हो सकते हैं। मोदी की कोशिश मेक इन इंडिया के तहत कई बड़ी कंपनियों को भारत लाने की होगी। कारोबार:जर्मनी भारत में सातवां सबसे बड़ा इन्वेस्टर है। अप्रैल 2000 से मार्च 2017 तक 9.69 अरब डॉलर का इन्वेस्टमेंट हो चुका है। 2016 में 19.48 अरब डॉलर का कारोबार हुआ।


(मोदी फेस्ट 26 मई से 15 जून) चुनौती को अवसर में बदलना नरेन्द्र मोदी का शगल......- भरतचन्द्र नायक
26 May 2017
देश की जनता याद करती है कि 2004 मार्च-अप्रैल के दरम्यान जब कहा जाता था कि मंहगाई कमर तोड़ रही है। यूपीए सरकार जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील होने के बजाय एक ही जबाव देकर कत्र्तव्य की इतिश्री समझ लेती थी कि मंहगाई विश्वव्यापी समस्या है। आये दिन भ्रष्टाचार और घोटाले जनचर्चा का विषय होते थे। सरकार का ध्यान सीएजी द्वारा भ्रष्टाचार का अनावरण कर दिये जाने के कारण झूठे तर्क देकर जनता के प्रति गैर जिम्मेदाराना मतिभ्रम पैदा करना रह गया था। न्यायालयों ने इनका संज्ञान लिया। यूपीए सरकार के मंत्रिगंण आरोपों के कठघरे में खड़े हुए। उनकी तिहाड़ यात्रा ने सवा अरब जनता का विश्वास खंडित कर दिया। सरकार किंकत्र्तव्य विमूढ़ और जनता हताश थी। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2014 लोकसभा चुनाव लड़े गये। सेकुलर ब्रिगेड ने बड़े इत्मीनान के साथ जनता को फुसलाया, प्रलोभित किया, बरगलाया तथा नरेन्द्र मोदी के चरित्र हनन में अपनी विशेषज्ञता प्रदर्शित करने में कसर नहीं छोड़ी। श्री नरेन्द्र मोदी ने निरर्थक आलोचना के प्रति गहन गंभीर सहिष्णुता का परिचय देते हुए जनता को गरीब हितैषी, भ्रष्टाचार मुक्त, विकासोन्मुखी सरकार देने का वायदा किया। लोकतंत्र में जनविश्वास सबसे बड़ी शक्ति है। नरेन्द्र मोदी ने हताशा से त्रस्त जनमानस में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया। जनता और भाजपा के बीच विश्वास का सेतु बना। 26 मई 2014 को जनादेश, प्रचंड बहुमत अर्जित कर नरेन्द्र मोदी ने नीतिगत अस्त-व्यस्तता के आलम में केन्द्र मंे प्रचंड बहुमत के बावजूद घटक दलों के साथ एनडीए सरकार का गठन किया। नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री पद से देश के प्रधानमंत्री का पद संभाला। तीन वर्ष के सरकार के कार्यकाल में एनडीए सरकार ने न तो जनविश्वास को खंडित किया और न ही पार्टी को लज्जित होने का अवसर आने दिया। काजल की कोठरी में बेदाग बने रहने का कीर्तिमान बनाकर जनता को सुखद परिवर्तन का अहसास कराया। देश विदेश में साफ-सुथरी, शुचितापूर्ण विकासोन्मुखी सरकार का सबूत पेश किया। मजे की बात यह है कि लोकसभा चुनाव 2014 के पश्चात हुए राज्यों के विधानसभा चुनावों, उपचुनावों में दिल्ली, बिहार और पंजाब को अपवाद मानें तो हर चुनाव में बाजी मारकर उन्होनें सिद्ध कर दिया कि करिश्माई नेतृत्व ने जो लहर पैदा की है वह अनवरत तीन साल मंे भी जस की तस बरकरार है। जनता का नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार पर अटल विश्वास है। सोलह राज्यों में पार्टी और घटक दलों की भागीदारी से सरकार है। नरेन्द्र मोदी की गणना दुनिया के श्रेष्ठ शासकों में ही नहीं उन्होनें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को भी लोकप्रियता के मामले में पीछे धकेल दिया है। जीडीपी विकास में चीन को पीछे धकेला है।
नरेन्द्र मोदी ने जिस तरह चुनौतियों को अवसर में बदला, उनके नक्शेकदम पर चलकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित भाई शाह ने पार्टी संगठन को कुशलतापूर्वक नेतृत्व देकर पार्टी को विश्व का सबसे बड़ा (12 करोड़ सदस्य संख्या वाला दल) राजनैतिक दल बना दिया है। अब तक चीन का वामपंथी दल इसका दावेदार था। सदस्यता में अंकों की कारीगरी नहीं मैदानी स्तर पर देश के हर राज्य में मतदान केन्द्र तक पार्टी का ऊर्जावान नेतृत्व खड़ा करके साबित कर दिया है कि राजनैतिक दल की सफलता नारों और वादों में नहीं मतदान केन्द्र पर खड़ी जुझारू विकासोन्मुखी कार्यकर्ताओं की टीम पर निर्भर है। जो आंचलिक समस्याओं के समाधान के लिए राह बन सके है। यह टीम तीन वर्षों की मोदी सरकार की यशोगाथा लेकर 26 मई से 15 जून 2017 तक मतदाताओं का आशीर्वाद लेने मैदान में उतरकर मतदाताओं से रूबरू हो रही है। मोदी फेस्ट के नाम से लोकप्रिय यह अभियान वन-वे ट्रैफिक नहीं, कार्यकर्ता मतदाता का सुख-दुःख में भागीदार बनकर जन समस्याओं औश्र उनके उचित समाधान में पूर्ण मनायोग से जुटे है। नरेन्द्र मोदी ने पिछले दिनों ‘मन की बात’ करके जनता से रागात्मक संबंध जोड़ा और इस दरम्यिान जन की बात सुनने के लिए ‘जन की बात’ अभियान को गति प्रदान कर लोकतंत्र की अनुभूति दी है। आजादी के बाद श्री नरेन्द्र मोदी ने जन-धन योजना आरंभ करके जीरो बैलेंस पर आम आदमी को बैंक खाता खोलने का अवसर दिया और इसे दुर्घटना बीमा का समावेशी बनाकर सामाजिक-आर्थिक कवच सुनिश्चित कर दिया। बीस करोड़ बैंक खाते खोलकर उनमें सब्सीडी दी जाने लगी है। जन-धन योजना और जीवन ज्योति बीमा योजना से सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। 1971 के गरीबी हटाओ अभियान से ठगी गयी जनता को पहली बार लगा कि मोदी सरकार कुछ परफार्मेन्स देने वाली सरकार है। लोकतंत्र में जन विश्वास ही राजनैतिक दल की सबसे बड़ी शक्ति होती है और इससे लोकतंत्र की विश्वसनीयता बढ़ती है। नरेन्द्र मोदी ने जन विश्वास के न्यासी की भूमिका में विलक्षण प्रतिभा दिखाकर करोड़ो लोगों को मुरीद बना लिया है।
नरेन्द्र मोदी ने सत्ता के पटल पर अवतरित होते ही ऐलान किया कि ‘‘न खाऊंगा और न खाने दूंगा’’। सेकुलर ब्रिगेड ने ठाठ-बाट, सूट-बूट की सरकार जैसे जुमले गढ़े, लेकिन उसे हताश तो तब हुई जब तीन वर्षों में एक भी मामला भ्रष्टाचार, घोटाले का उसके हाथ नहीं लगा। लेकिन सिर्फ यही हताशा का कारण नहीं बन रहा। आजादी के बाद पहली बार सरकार में पं. नेहरू के समय सेना की जीप खरीदी जैसे घोटाले हुए। इंदिरा जी के कार्यकाल में तो स्टेट बैंक से तक फर्जी काल पर रकमें निकाली गयी। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने स्वीकार किया कि शासन-प्रशासन में गोलमाल है और जनता तक एक रू. भेजने में सिर्फ 15 पैसे पहुंचते है। मोदी सरकार ने सारी सब्सीडी हितग्राही के खाते में जमा कर दो लाख करोड़ रू. जो बिचैलियों की जेब में जाते थे, उन पर रोक लगा दी। जनता ने जहां इस पहल को जनोन्मुखी माना, वहीं बिचैलियो के रूप में इस रकम को हड़पने वालों की छाती पर सांप लौटने लगे और मोदी सरकार कीप्रगति देखने सराहने के बजाय दुष्प्रचार करनें में जुट गये। मोदी सरकार ने कालेधन और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी (विमुद्रीकरण) का ऐलान कर बड़े नोट (1000 और 500 के नोट) को प्रचलन से बाहर कर दिया। बैंको के सामने लाइने लगी और विपक्ष ने हाहाकर मचाया। लेकिन गरीब वर्ग ने अपने साथ अमीरों को कतार में खड़ा देखकर माना कि आर्थिक विषमता दूर करने और भ्रष्टाचार तथा कालेधन पर रोक लगाने में नोटबंदी कारगर कदम है। निम्म वर्ग और मध्यम वर्ग ने कठिनाई झेलते हुए नोटबंदी का स्वागत किया। नतीजा यह हुआ कि सरकारी खजाने में टैक्स संग्रह का रिकार्ड बन गया। नकदी की समस्या से जूझ रहे बैंक मालामाल हो गये और जन-जन को कर्ज मिलना आसान हो गया। 23 हजार करोड़ रू. कालाधन का खुलासा हो गया। नजरे बदलता है तो नजरिया बदल जाता है।
नोटबंदी और जीएसटी कराधान जैसी साहसिक पहल ने देश विदेश में निवेशकों को प्रभावित कर दिया कि वास्तव में मोदी के नेतृत्व में गतिशील दूरदर्शी सरकार मिली है। किसान, गरीब, मजदूर, आम आदमी का कल्याण ही सरकार की असल प्रतिबद्धता है। नोटबंदी और जीएसटी से जहां देश का जीडीपी दहाई में पहुंचने जा रहा हे, वहीं महंगाई दर में 2 प्रतिशत की कमी आने से जनता अच्छे दिनों का अहसास करने जा रही है। मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी, असंगठित क्षेत्र में न्यूनतम पेंशन योजना, किसानों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, सामाजिक आर्थिक कवच साबित हुई है। जनता का विश्वास अटल हुआ है कि श्री नरेन्द्र मोदी जो कहते है वह करके दिखाते है। भारतीय जनता पार्टी की कथनी और करनी में साम्य है। कृषि के मोर्चा पर मिली कामयाबी से इस क्षेत्र में विकास दर नकारात्मक से 4 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी आने से देश में बंपर कृषि उत्पादन हुआ। खाद्यान्न के मूल्य घटने से असल लाभ आम आदमी को मिल रहा है। देश के 14 करोड़ किसानों के लिए उनकी जमीन का स्वाईल हेल्थ (मृदा स्वास्थ्य परीक्षण) कार्ड किया जा रहा है। इससे किसान जमीन की तासीर पहचान कर न्यूनतम परिमाण में उर्वरक का इस्तेमाल करेगा और कृषि की लागत घटेगी। 2014 तक किसान यूरिया खाद के लिए भटकते थे। वितरण केन्द्रों पर कालाबाजारी होती थी। एनडीए सरकार ने यूरिया को नीम कोटेड बनाकर उसकी हेराफेरी समाप्त कर दी और उत्पादन बढ़ा दिया है। अब रासायनिक खाद मुंह मांगा बाजार में उपलब्ध है उस पर मिलने वाली सब्सीडी उत्पादकों और वितरकों की जेब में जाने के बजाय किसान के खाते में जमा हो रही है। मोदी सरकार ने पाॅलिसी पेरालिसिस के आरोप से सरकार को मुक्त किया है। जनहित में हर दिन फैसला होता है और अगले दिन प्रगति की निगरानी खुद नरेन्द्र मोदी करते है, जिससे राजनैतिक क्षेत्र और प्रशासन में नई कार्य संस्कृति विकसित हुई है। राजनैतिक और प्रशासकीय क्षेत्र में कर्महीन, आलसी, लापरवाह लोगों का सितारा अस्त हो रहा है। जनता मानती है कि मोदी सरकार काम करने वाली सरकार है, तीव्र गति से लिए जाने वाले फैसलों की देश में बेहद चर्चा है। सरकार ने कालाबाजारी खत्म करने के लिए 64 विभागों की 533 योजना में नकद सब्सीडी वितरण से बिचैलियों को अलविदा करने, राशि का हितग्राही के खातों में हस्तातंरण आरंभ कर दिया तो देश के बैंकों का आठ लाख करोड़ रू. कर्जदारों की गैर अदायगी के कारण डूबन्त खाते में जा रहा था, सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए रिजर्व बैंकों को निर्णयात्मक पहल करने के लिए शक्ति संपन्न बनाने के लिए बैंकिंग रेगुलेशन में संशोधन कर दिया है। इस कदम से रकम डकारने वाले औद्योगिक, वाणिज्यक क्षेत्र ऊहापोह में है, सरकार को घेरने की जुगत में है। लेकिन सरकार लोकधन की वसूली के लिए कृत संकल्प है। सरकार ने बेनामी संपत्ति को जप्त किये जाने के लिए कानून में संशोधन करके संपत्ति राजसात किये जाने की व्यवस्था करके दोहरी अर्थव्यवस्था के सृजन पर रोक लगा दी है। बेनामी संपत्ति संशोधन कानून-2016 ने काली अर्थव्यवस्था की रीढ़ तोड़़ दी है। भ्रष्टाचार के फैलाव में नकदी और बड़े नोटों का प्रचलन खाद-पानी का काम करता है। मोदी सरकार ने कैशलेस इकाॅनोमी की दिशा में सर्तकतापूर्ण कदम बढ़ाया है। डिजिटल लेन-देन को लोकप्रिय बनाया गया है। आधार नंबर के जरिये लेनदेन में भीम एप्प, यूपीआई, यूएएसए जैसे माध्यमों को प्रोत्साहन देकर न्यूनतम कैश, मिनीमम कैश की पद्धति अपनाने पर बल दिया है।
मोदी सरकार की नीतियों की दिशा और दशा से देश में सकारात्मक वातावरण बना है। सुदूर ग्रामों में चूल्हे के धुंआ से परेशान महिलाओं को जब उज्जवला योजना में केन्द्र सरकार ने निःशुल्क गैस कनेक्शन दिया, तब गांव-गांव तक यह संदेश पहुंचा कि यह जनहितैषी सरकार है। महिलाएं भी सरकार के राडार पर है, गैस चूल्हा का इस्तेमाल करने वाली बहनें मोदी सरकार के ‘सबका साथ-सबका विकास’ संदेश की संवाहक बन चुकी है। केन्द्र सरकार ने निजी क्षेत्र में स्वास्थ्य पर्यटन के रूप में विकसित अस्पतालों के खर्चीले बिलों को देखते हुए तय किया कि सरकारी अस्पतालों में सरकारी खर्च पर दवाईयां सुलभ हो। जहां बाजार से जीवन रक्षक दवाएं खरीदना अनिवार्य हो दवाईयां उपकरणों पर अनुचित मुनाफाखोरी न हो पाये। इसके लिए लाख रू. कीमत का स्टेंट सस्ता कर आम आदमी की पहुंच में लाया गया है। जेनेरिक दवाईयों के इस्तेमाल को तरजीह दी जा रही है। जेनेरिक दवाईयां ब्रांडेड दवाओं से कई गुना सस्ती होती है। इसके विक्रय केन्द्र शहरों में खोले जा रहे है। नरेन्द्र मोदी सरकार की ‘तीन साल बेमिसाल’ की उपलब्धियां जन-जन तक पहुंचाना लोकतंत्र में आवश्यक इसलिए भी है कि जनता सूचना के अधिकार से संपन्न है। मोदी फेस्ट के रूप में पार्टी संगठन और एनडीए सरकार ने इक्कीस दिन का जनसंपर्क महासंवाद अभियान आयोजित करके जन जिज्ञासा को शांत करने की अनूठी पहल की है। यह एक अवसर है जब पाॅलीटिक्ल क्लास और सिविल सोसायटी इस अभियान में प्रगति पर समावेशी बहस कर जनता जनता को विकास के प्रति जागरूक बना सकती है। विकास के इस स्वर्ण युग में कुछ कमियां भी हो सकती है। लेकिन एक बात तो तय है कि राष्ट्र के जीवन में तीन साल मूल्यवान साबित होने पर दो मत नहीं है। देश में अधोसरंचना विकास, आवासहीनों के सिर पर 2022 तक छत, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, मुद्रा बैंक, स्किल्ड इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया जैसे अभियानों ने युवकों में इल्म और हुनर की चाह पैदा की है। वे देश में बढ़ते रोजगार के अवसरों को छोड़ना नहीं चाहते। ब्रेन-ड्रेन की जगह ब्र्रेन गेन की जुगत लग गयी है। स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत, खुशहाल भारत का जो सपना स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों ने देखा था, उस दिशा में अनुष्ठान शुरू हो चुका है। राष्ट्र के जीवन में तीन वर्ष की अवधि मूल्यांकन की दृष्टि से नगण्य है किंतु नीतियों बताती है कि दशा और दिशा सही है। गत तीन वर्षों में भारत में विकास का नया विहान हुआ है। योजना आयोग नीति आयोग में बदला है। टीम इंडिया का प्रादुर्भाव हो चुका है। नीति आयोग और जीएसटी परिषद में राज्यों का वर्चस्व बढ़ने से संविधान की संघवाद की भावना ने मूर्तरूप लिया है। राज्यों को केन्द्र से मिले वाले राज्यांश का 32 प्रतिशत से बढ़ाकर 42 प्रतिशत हो जाने से राज्यों की माली सेहत सुधरी है। अब तक मोदी सरकार राज्यों के बीच पक्षपात से बची है। यह भी एक लोकतांत्रिक उपलब्धि है।


उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर शिवसेना का तंज, लिखा- क्या यही है सबका साथ, सबका विकास?
26 May 2017
शिवसेना और बीजेपी के बीच तल्ख रिश्ते कोई राज नहीं हैं और अब पार्टी के मुखपत्र सामना में यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा गया है।
मुंबई। शिवसेना और बीजेपी के बीच तल्ख रिश्ते कोई राज नहीं हैं और अब पार्टी के मुखपत्र सामना में यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा गया है। पत्र में छपे लेख में राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर योगी सरकार को आड़े हाथों लिया गया। सामना में छपे लेख में कहा गया है कि जब से यूपी में योगी का राज आया है, तब से अपराधी बेखौफ हो गए हैं, उनकी रफ्तार हाई स्पीड हो गई है। मुखपत्र में लिखा गया है कि यूपी में हो रहे घटनाक्रम राज्य की छाती पर मूंग दल रहे हैं। पीडि़त चीख-चीखकर योगी से सवाल कर रहे हैं, क्या यही है सबका साथ, सबका विकास? लेख में पूछा गया है कि अगर योगीराज में भी यही हालात होने थे तो अखिलेश सरकार क्या बुरी थी? सामना के मुताबिक यूपी चुनाव से पहले बीजेपी नेताओं ने गला फाड़कर राज्य को अपराधमुक्त करने का वादा किया था। मुख्यमंत्री सत्ता संभालने के बाद कई बार कह चुके हैं कि किसी को कानून अपने हाथ में लेने नहीं दिया जाएगा। पत्र के मुताबिक सीएम के इस दावे की पोल यूपी के दबंग आए दिन खोल रहे हैं। लेख में कहा गया है कि पिछले दो महीनों में अपराधी बेहद निडर हो गए हैं। इस दौरान अपराधों में हुई बेतहाशा बढ़ोत्तरी इस बात का सबूत दे रही है। मामले चाहे लूटपाट के हों, कत्ल के, बलात्कार के या फिर सांप्रदायिक दंगों के। हर तरह के अपराधी यूपी के गुंडाराज में अपने जौहर दिखा रहे हैं। लेख में दावा किया गया है कि प्रदेश में हाई स्पीड ट्रेन भले ना चली हो लेकिन अपराधियों के हौसले जरूर हाई स्पीड हो गए हैं। शिवसेना की मानें तो यूपी में योगी सरकार का अपराधियों परे कोई जोर नहीं चल रहा है। ऐसे में अगर विपक्ष यूपी सरकार पर आरोप लगाए तो वो गलत नहीं हैं क्योंकि यूपी में अपराधी ही कानून बनाते हैं और वही कानून तोड़ते भी हैं।


पीएम मोदी ने दी देश के सबसे लंबे पुल की सौगात, देश की जनता को गिनाईं तीन साल की उपलब्धियां
26 May 2017
यह पुल असम की राजधानी दिसपुर से 540 किलोमीटर तथा अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर से 300 किलोमीटर दूर है। चीनी सीमा से इस पुल की हवाई दूरी 100 किलोमीटर से भी कम है।
पुलिस अफसर ने सुसाइड क्यों की, अभी इसका खुलासा नहीं हो सका है...
-रायसेन जिले से करीब 60 किमी दूर गैरतगंज थाने के टीआई संजय दुबे(38) ने अपने क्वार्टर में सुबह 11 बजे सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। घटना के वक्त उनकी पत्नी सीमा और दोनों बच्चे(लड़का-लड़की) घर पर ही थे। -जैसे ही टीआई ने खुद को गोली मारी, उसकी आवाज सुनकर पत्नी घबरा उठी। तत्काल थाने को सूचना दी गई, तो वहां से कुछ पुलिसवाले उनके घर पहुंचे। उन्हें गैरतगंज हॉस्पिटल ले जाया गया। गंभीर हालत को देखते हुए वहां से फौरन जिला हॉस्पिटल रेफर किया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। -संजय दुबे के माता-पिता इलाहाबाद में रहते हैं। बताया जाता है कि, वे काफी समय से तनाव में थे। इसका भोपाल में वे इलाज भी करा रहे थे।


ऐसे बदला देश का सियासी नक्शा: 3 साल में 7 से बढ़कर 17 राज्यों में BJP सरकार
26 May 2017
.आज मोदी सरकार के 3 साल पूरे हो चुके हैं। इस मौके पर दैनिक भास्कर आपको स्पेशल कवरेज के जरिए मिशन मोदी के बारे में बता रहा है। 2014 में जब मोदी प्रधानमंत्री बने तब बीजेपी 7 राज्यों में थी। अब 3 साल बाद 17 राज्यों में बीजेपी की सरकार है। मोदी के लिए 2018 तक गुजरात सहित 10 राज्यों को जीतना चुनौती है। आइए जानते हैं 2014 से लेकर अब तक देश का राजनीतिक नक्शा कितना बदल चुका है। अब भविष्य में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी की क्या रणनीति है।
गोवा, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में उठापटक कर बनाई अपनी सरकार यहां पाई सफलताै...
- 2014 में मोदी के सत्ता में आने के बाद बीजेपी ने हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखंड, 2016 में असम और 2017 में उप्र, उत्तराखंड, गोवा मणिपुर में सरकार बनाई।
यहां गठबंधन..
सिक्किम, नगालैंड, आंध्र, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, झारखंड, असम, मणिपुर, गोवा में गठबंधन से सरकार बनाई। इनमें से 5 राज्यों में भाजपा के सीएम हैं।
यहां मजबूत हुए
- भाजपा ने केरल में 1 विधानसभा सीट और पश्चिम बंगाल में 3 सीटें जीतकर खाता खोला। अरुणाचल प्रदेश में दलबदल से सरकार बनाई।।
यहां फेल हुए..
- 2015 में भाजपा की सबसे बड़ी हार बिहार और दिल्ली में हुई। दिल्ली में 31 से 3 सीटों पर आ गई। 2017 में पंजाब में अकाली-भाजपा गठबंधन हारा।
कांग्रेस से टक्कर..
- मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस से सीधी टक्कर है। इनमें से हिमाचल को छोड़कर 4 राज्यों में भाजपा की सरकार है।
यहां मौजूदगी नहीं..
- तमिलनाडु, त्रिपुरा, पुडुचेरी, मेघालय, मिजाेरम में भाजपा की एक भी सीट नहीं है, सिर्फ वोट प्रतिशत बढ़ा है। पार्टी संघ के सहारे आधार मजबूत कर रही है।


वाइफ के सामने पुलिस इंसपेक्टर ने सर्विस रिवॉल्वर से खुद को किया शूट
25 May 2017
भोपाल/रायसेन। गैरतगंज टीआई संजय दुबे ने गुरुवार को अपनी सर्विस रिवाल्वर से खुद को गोली मार ली। उन्हें गंभीर हालत में रायसेन जिला हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
पुलिस अफसर ने सुसाइड क्यों की, अभी इसका खुलासा नहीं हो सका है...
-रायसेन जिले से करीब 60 किमी दूर गैरतगंज थाने के टीआई संजय दुबे(38) ने अपने क्वार्टर में सुबह 11 बजे सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। घटना के वक्त उनकी पत्नी सीमा और दोनों बच्चे(लड़का-लड़की) घर पर ही थे। -जैसे ही टीआई ने खुद को गोली मारी, उसकी आवाज सुनकर पत्नी घबरा उठी। तत्काल थाने को सूचना दी गई, तो वहां से कुछ पुलिसवाले उनके घर पहुंचे। उन्हें गैरतगंज हॉस्पिटल ले जाया गया। गंभीर हालत को देखते हुए वहां से फौरन जिला हॉस्पिटल रेफर किया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। -संजय दुबे के माता-पिता इलाहाबाद में रहते हैं। बताया जाता है कि, वे काफी समय से तनाव में थे। इसका भोपाल में वे इलाज भी करा रहे थे।


Shocking! तीन बच्चों को छाती से चिपका ट्रैक पर लेट गई दो सगी बहनें
25 May 2017
महवा (दौसा)। दौसा जिले के महवा में गुरुवार को दो सगी बहनों ने अपने तीन छोटे बच्चों सहित ट्रेन से कटकर जान दे दी। महिलाओं ने बच्चों को छाती से चिपकाया और उन्हें अपने से बांध लिया फिर पटरियों पर लेट गईं। शुरुआती जांच के अनुसार दोनो महिलाओं ने गृह क्लेश से तंग आकर यह कदम उठाया।
जानिए क्या है मामला ......
- अजमेर-आगरा रेलवे ट्रैक पर अलवर फाटक से लगभग 200 मीटर दूर दो महिलाओं ने अपने तीन बच्चों सहित ट्रेन से कटकर अपनी जान दे दी। - सूचना मिलते ही मण्डावर थानाधिकारी ब्रजेश मीणा मय जाप्ते के घटनास्थल पहुंचे जहां उन्होंने जगह-जगह बिखरे शवों को इकट्ठा करवा कर अस्पताल पहुंचवाया।
करौली की बेटियां थीं व अलवर में था ससुराल... - पुलिस के अनुसार दोनों मृतका बहनें थीं तथा करौली जिले में टोडाभाीम के खेड़ी की रहने वाली थीं। इनकी शादी अलवर में दो सगे भाइयों से हुई थी। इनका ससुराल लक्ष्मणगढ़ के धरमपुरा पिनान गांव में है। - परिवार में आपसी मनमुटाव था तथा गृह क्लेश के कारण दोनों बहनों ने अपने बच्चों के साथ ट्रेन के आगे कूद कर जान दे दी।


अमित शाह का राहुल गांधी को जवाब, कहा- मोदी सरकार ने 3 साल में जो किया, वो 70 साल में नहीं हुआ
25 May 2017
अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि उनके पास तीन साल पहले केंद्र में सत्ता में आने के बाद से राजग सरकार द्वारा शुरू की गई 106 योजनाओं की सूची है।
नई दिल्ली।.
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के दौरे के दौरान नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा शुरू की गईं कल्याण और विकास योजनाओं के बारे में बताते हुए कहा कि सरकार के प्रदर्शन पर सवाल उठाने वालों को पहले यह जवाब देना चाहिए कि दशकों तक सत्ता में रहने के दौरान उन्होंने क्या काम किया। अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि उनके पास तीन साल पहले केंद्र में सत्ता में आने के बाद से राजग सरकार द्वारा शुरू की गई 106 योजनाओं की सूची है। लगभग हर 15 दिनों में एक योजना लागू की गई। पिछले दिनों कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बेजपी सरकार पर निशना साधते हुए पूछा था कि वह सत्ता में तीन साल तक रहने के बाद किस बात का जश्न मना रही है क्योंकि उसके पास दिखाने के लिए अब टूटे वादे और खराब प्रदर्शन के अलावा कुछ नहीं है। राहुल गांधी के इस बयान पर शाह ने पलटवार किया। उन्होंने राहुल गांधी के इस बयान का स्पष्ट जिक्र करते हुए कहा कि लोग यह जानना चाहते हैं कि उन्होंने 70 साल क्या किया है। इस बीच तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव ने राज्य को केंद्र द्वारा दी गई निधियों के संबंध में दिए गए बयान को लेकर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से गुरुवार माफी मांगने की बात कही है। उन्होंने कहा कि यदि शाह द्वारा मुहैया कराए गए आंकड़े सही साबित होते हैं तो वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। शाह ने कहा था कि राजग सरकार विभिन्न मदों के तहत तेलंगाना को वार्षिक आधार पर अतिरिक्त 20000 करोड़ रुपए दे रही है।।


मध्यावधि चुनाव की सुगबुगाहट: पवार अचानक रात में फडणवीस से मिले, बंद कमरे में गुफ्तगू
24 May 2017
एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने मंगलवार देर रात सीएम देवेंद्र फडणवीस से अचानक मुलाकात की। राज्य अतिथि गृह सह्याद्री के बंद कमरे में दोनों के बीच हुई बातचीत का ब्यौरा तो सामने नहीं आया है। लेकिन इस मुलाकात से राज्य में मध्यावधि चुनाव की अटकलें तेज हो गई हैं।
शिवसेना-बीजेपी के बीच बढ़ी खाई, नेताओं ने दिए संकेत...
किसानों की कर्ज माफी के मुद्दे पर शिवसेना पहले ही सत्ता छोड़ने की धमकी दे चुकी है। ऐसे में भाजपा में विभिन्न विकल्पों पर विचार शुरू हो गया है। भाजपा की तरफ से मध्यावधि चुनाव के संकेत भी मिले हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री एकनाथ खड़से ने धुलिया में कहा कि राज्य में मध्यावधि चुनाव कभी भी हो सकते हैं। इससे पहले यही बात मुख्यमंत्री भी पार्टी नेताओं की बैठक में कह चुके हैं। खडसे ने कहा कि मध्यावधि चुनाव दिसंबर महीने में हो सकते हैं।


उत्तरकाशी बस हादसा :18 मृतकों की शिनाख्त, गुरुवार को स्पेशल बोगी से आएंगी डेड बॉडी
24 May 2017
उत्तरकाशी में मंगलवार को हुए बस हादसे में मृत 20 लोगों के शव मिल गए हैं, जिनमें से 18 की पहचान हो गई है। 6 घायलों का उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है। उत्तरकाशी कलेक्टर आशीष श्रीवास्तव के अनुसार बस में 28 लोग सवार थे, 2 की तलाश की जा रही है। पीएम के बाद मृतकों को स्पेशल बोगी से इंदौर रवाना किया जाएगा, जो गुरुवार तक इंदौर पहुंचेगी। - गौरतलब है कि गंगोत्री धाम से लौटते वक्त मंगलवार को गंगोत्री हाईवे पर नालूपानी के पास भागीरथी नदी में गिरी बस में इंदौर जिले के 19 लोगों के शव घटनास्थल से बरामद हो गए थे। सात घायलों को अस्पताल भेजा गया था, जिनमें से एक ने वहां दम तोड़ दिया, जबकि 6 का इलाज चल रहा है। - श्रीवास्तव के अनुसार उत्तरकाशी से पीएम के बाद डेडबॉडी को पहले देहरादून लाया जाएगा। यहां से देहरादून एक्सप्रेस में स्पेशल बोगी लगाकर शवों को इंदौर भेजा जाएगा।
मृतकों के नाम
- सावित्री पति रमेश, कुसवा, बेटमा।
- निर्भय सिंह पिता बद्री सिंह, रंगवासा, इंदौर
- गीता पति श्रीराम, बेटमा
- दरियाऊबाई पति गंगाराम, खुर्मपुर
- छीता पति सेवा राम, कुसवा, बेटमा
- रमेश पूरणचंद, कुसवा, बेटमा
- सुखदेव आेंकारसिंह, देपालपुर
- सावित्री बाबूलाल, बेटमा
- लीलाबाई सुरेश, नालछा, धार
- सूरजबाई मोतीलाल, नालछा
- सुरेश सिंह तुलसीराम, धार
- भैरव सिंह राठौर, धार
- रवींद्र सिंह राठौर, धार,
- शकुंतला देवी, देपालपुर
- गब्बरसिंह, उत्तराखंड, वाहन चालक
- बलवीर सिंह, वाहन चालक
- मोती सिंह चौहान, नालछा, धार
- कोमलबाई, बेटमा
घायलों के नाम
- जितेंद्र अंबाराम चौधरी, बेटमा
- भागीरथ भीमा वर्मा, बेटमा
- सरजूबाई पति भैरोविंह राठौर, धार
- लक्ष्मीबाई, बेटमा
- बलराम चौहान, बेटमा
- भावना सत्यनारायण बेटमा"


अफसरों को पता चले ये सच्चाई, इसलिए इस IAS ने सुबह 4 बजे की मीट‍िंग
24 May 2017
यूपी के कानपुर में एक अफसर ने सुबह 4 बजे अपने ऑफिस में अफसरों के साथ मीट‍िंग की। ओडीएफ स्कीम के तहत स्वच्छ भारत अभ‍ियान को लेकर मुख्य विकास अध‍िकारी अरुण कुमार 23 मई की सुबह 4 बजे विकास भवन पहुंचे और मीट‍िंग की। इसके बाद सभी अफसरों से अपने-अपने क्षेत्र में दौरान करने का भी निर्देश दिया। इतनी सुबह मीट‍िंग करने के पीछे इस अफसर का खास मकसद था।
तो इसलिए सुबह 4 बजे अफसर ने की मीट‍िंग...
- सुबह 4 बजे की मीटिंग के बारे में पूछने पर सीडीओ अरुण कुमार ने बताया- ''शौच मुक्त ग्रामीण भारत पीएम की महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल है। लेकिन जिन अफसरों को इसकी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी दी गई है, वो इसके प्रति गंभीर नहीं हैं।'' - ''अफसरों को निर्देश दिया था कि वह सुबह गांव में दौरा कर निगरानी करें, ताकि खुले में शौच पर पाबंदी लगाई जा सके। लेकिन अफसर ऐसा नहीं करते।'' - ''सुबह 4 बजे के आसपास ही गांवों में लोग बाहर शौच के लिए निकलते हैं। इसलिए हमने मीट‍िंग के लिए यही टाइम चुना, ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके।'' - ''अब आगे इसी टाइम मीट‍िंग होगी। आधे घंटे की मीटिंग के बाद अधिकारी साढ़े चार बजे गांवों का दौरा करेंगे। इसके बाद सुबह 6 बजे वो गांव से Whatsapp के जरिए न सिर्फ फोटो भेजेंगे, बल्कि फीडबैक भी देंगे।'' - अरुण कुमार ने बताया- ''इस मीटिंग में स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को शौचमुक्त कराने के उदेद्श्य से सम्बंधित अधिकारियों को टीम बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही अफसरों को इसको लेकर फॉलोअप करने के भी निर्देश दिए गए।'' - मीटिंग में कुल 30 विभाग के अफसर मौजूद रहे।
कौन हैं सीडीओ अरुण कुमार...
- यूपी के बरेली शहर में 8 अगस्त 1984 को जन्मे अरुण कुमार जमशेदपुर टाटा में साढ़े छह लाख की नौकरी छोड़ने के साथ विदेश में जॉब के ऑफर को ठुकरा चुके हैं। - इनके पिता भूपराम सागर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में क्लर्क के पद पर कार्यरत थे। क्लर्क से प्रमोट होकर मैनेजर के पद से पिछले साल रिटायर हुए। - अरुण तीन बहनों में अकेले भाई हैं।"


मथुरा डबल मर्डर के 6 आरोपी अरेस्ट, ढाई घंटे तक चला एनकाउंटर
20 May 2017
यहां 15 मई को हुए सर्राफा व्यापारियों के डबल मर्डर और 4 करोड़ की लूट केस में पुलिस ने शनिवार सुबह 6.30 बजे 6 लोगों को अरेस्ट किया। एसएसपी विपिन मिश्रा ने बताया, "एनकाउंटर के बाद आरोपियों को अरेस्ट किया गया। एक बदमाश को गोली लगी है, जिसे आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में रेफर किया गया। आरोपियों के पास से लाखों का सोना और कैश भी बरामद किया गया।" एनकाउंटर शनिवार सुबह 4 से 6.30 बजे तक चला।
डबल मर्डर के विरोध में सोमवार से ही मथुरा में सर्राफा बाजार बंद था। व्यापारियों ने वारदात के खुलासे के लिए 18 मई को पुलिस को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। इससे पहले ही शनिवार को पुलिस ने करीब ढाई घंटे तक चले एनकाउंटर के बाद आरोपियों के अरेस्ट कर लिया। - एसएसपी विपिन मिश्रा ने बताया, "2 इंस्पेक्टर समेत 7 पुलिसकर्मी भी घायल हुए। वारदात में इस्तेमाल हथियार भी जब्त किए गए हैं।" - "आरोपियों को वारदात की जगह से महज 500 मीटर की दूरी पर रतनकुंड के पास से अरेस्ट किया गया। आरोपियों के नाम आयुष, कामेश, आदित्य, रंगा, छोटू और नीरज हैं।"
क्या था पूरा मामला?
15 मई की रात 8 नकाबपोश बदमाशों ने सर्राफा व्यापारी ध्रुव अग्रवाल की शॉप में फायरिंग कर करीब 4 करोड़ ज्वैलरी लूट ली थी और फरार हो गए थे। - हमले में ध्रुव के भाई विकास और दिल्ली के सर्राफ मेघ अग्रवाल की मौत हो गई थी, जबकि दो लोगों को हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था। - वारदात के बाद व्यापारियों ने प्रोटेस्ट किया। मौके पर पहुंचे आईजी (आगरा रेंज) अशोक जैन ने हंगामा कर रहे लोगों को भरोसा दिलाया था कि जल्द ही बदमाशों को पकड़ लिया जाएगा। - सीएम योगी आदित्यनाथ ने डीजीपी को जांच के आदेश दिए थे। लापरवाही बरतने के आरोप में 5 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया था।
ज्वैलर की फैमिली से मिले थे मिनिस्टर श्रीकांत, राजबब्बर
गुरुवार को कांग्रेस यूपी चीफ राज बब्बर ज्वैलर ध्रुव की फैमिली से मिलने पहुंचे। यूपी के मिनिस्टर श्रीकांत शर्मा और डीजीपी सुलखान सिंह ने भी फैमिली से मुलाकात की थी। - ध्रुव की फैमिली ने सरकार से बच्चों के लिए नौकरी और आर्थिक सहायता मांगी थी। श्रीकांत शर्मा ने हर संभव मदद करने का वादा किया था। - शुक्रवार को दिल्ली में मथुरा से सांसद हेमा मालिनी ने कहा था, "मथुरा में हो रही घटनाओं से मैं परेशान हूं। हालात पर मेरी नजर है। 24 मई को मैं वहां जाऊंगी। पुलिस अफसरों ने वहां की सिचुएशन के बारे में मुझे बताया है।"



पिछले साल तक गोवा के रेस्टोरेंट में था वेटर, अब है मुंबई इंडियन्स का प्लेयर
20 May 2017
मुंबई इंडियंस ने शानदार प्रदर्शन दिखाते हुए आईपीएल के फाइनल में जगह बना ली है। वैसे तो मुंबई की टीम में कई फेमस खिलाड़ी हैं, लेकिन कुछ ऐसे हैं जो कल तक गुमनामी की लाइफ जी रहे थे। इन्हीं में से एक हैं कुलवंत खेजरोलिया। कुलवंत पिछले साल तक गोवा के एक रेस्टोरेंट में वेटर थे।
ऐसे चेंज हुई खेजरोलिया की लाइफ...
- राजस्थान के झुंझुनू के रहने वाले 25 वर्षीय कुलवंत बचपन से ही एक बड़ा क्रिकेटर बनना चाहते थे। उनकी 10वीं तक की पढ़ाई गांव के सरकारी स्कूल में हुई है। 11वीं व 12वीं मंडावा के स्कूल और बीकॉम मुकुंदगढ़ के कानोडिया कॉलेज से की। - बीकॉम की पढ़ाई के बाद कुलवंत ने दिल्ली की क्रिकेट एकेडमी में प्रवेश लेने की इच्छा जताई, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते वे एडमिशन नहीं ले सके। - जिसके बाद कुछ साल पहले काम की तलाश में वे गोवा आए और यहां एक रेस्टोरेंट में वेटर का काम शुरू कर दिया। - एक साल पहले कुलवंत ने गोवा छोड़ दिल्ली जाने का फैसला किया। वे परिवार को बिना बताए दिल्ली आ गए और यहां उन्होंने एलबी शास्त्री क्लब ज्वाइन किया। - इसी क्लब से गौतम गंभीर, नीतीश राणा और उन्मुक्त चंद जैसे कई बड़े क्रिकेटर्स निकले हैं।
पिता चलाते हैं किराने की दुकान.
- कुलवंत के पिता शंकर सिंह की गांव में किराने की छोटी सी दुकान है। मां सरोज कंवर गृहिणी हैं। उनके एक भाई और एक बहन है। कुलवंत के बड़े भाई हेमंत सिंह रोडवेज में नौकरी करते हैं। - वर्तमान में कुलवंत दिल्ली स्थित लाल बहादुर शास्त्री एकेडमी के कोच संजय भारद्धाज के निर्देशन में प्रशिक्षण ले रहा है।
आईपीएल में 10 लाख लगाई गई कीमत.
- यहां रहते हुए कुलवंत ने अच्छा परफॉर्म किया और खुद को एक बेहतर बांये हाथ के तेज गेंदबाज के रूप में पेश किया। - उनकी परफॉरमेंस को देखते हुए IPL 2017 नीलामी में उन्हें मुंबई इंडियंस ने 10 लाख के बेस प्राइस पर खरीदा। - हालांकि मुंबई इंडियन्स के लिए उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला है।


कश्मीर को भड़काने की साजिश बेनकाब होगी: हुर्रियत फंडिंग पर सुब्रमण्यम स्वामी
20 May 2017
बीजेपी लीडर सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए भड़काने की साजिश जल्द बेनकाब होगी। उन्होंने कहा, "अब वक्त आ गया है कि कश्मीर में विद्रोह की जड़ तक पहुंचा जाए, जो उकसाये जाने पर किया गया लगता है।" बता दें कि हुर्रियत नेताओं पर पाकिस्तानी सोर्सेस से पैसे लेने का आरोप है। इस मामले की जांच नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी कर रही है।
कश्मीर का विद्रोह नैचुरल नहीं- स्वामी....
- न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पिछले दिनों भारत में ISI के एजेंट अरेस्ट हुए थे। इसके बाद सामने आया कि अलगाववादियों को पिछले कुछ महीनों से लगातार ISI फंडिंग कर रही है। - सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा, "ऐसा कहा जा सकता है कि ये सभी के लिए चौंकाने वाली बात है। अब हमें कश्मीर के विद्रोह और इसके पाकिस्तानी कनेक्शन की तह तक पहुंचना चाहिए। ये स्वाभाविक विद्रोह नहीं, बल्कि भड़काने का नतीजा लगता है।"
लश्कर से फंडिंग का आरोप.
- कश्मीर के अलगाववादी संगठन हुर्रियत के 4 नेताओं पर हिंसा फैलाने के लिए लश्कर-ए-तैयबा से पैसा लेने का आरोप लगा है। इन नेताओं में सैयद अली शाह गिलानी भी शामिल हैं। - एनआईए ने इनके खिलाफ शुक्रवार को मामला दर्ज किया और प्रिलिमिनरी इन्क्वायरी (PE) शुरू कर दी। लश्कर पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन है। इसका चीफ हाफिज सईद है जो 26/11 मुंबई आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड है।
इन लीडर्स के खिलाफ इन्क्वायरी - न्यूज एजेंसी के मुताबिक, NIA के स्पोक्सपर्सन ने बताया कि जिनके खिलाफ जांच शुरू की गई है, उनमें तहरीक-ए-हुर्रियत के सैयद अली शाह गिलानी, फारूक अहमद डार उर्फ बिट्टा कराटे, नईम खान और गाजी जावेद बाबा शामिल है। - एनआईए के मुताबिक, इन अलगाववादी नेताओं पर आरोप है कि इन्हें सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, स्कूलों और अन्य सरकारी संस्थानों को जलाने जैसी विध्वंसक गतिविधियों के लिए लश्कर चीफ हाफिज सईद से पैसा मिलता है। घाटी में सिक्युरिटी फोर्सेस पर पत्थर बरसाने के लिए हुर्रियत नेताओं को पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों और पाक खुफिया एजेंसी ISI, दोनों से फंडिंग होती है।



क्या केंद्रीय कर्मचारियों को सप्ताह में 6 दिन करने होंगे काम? सरकार ने दिया यह बयान
18 April 2017
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सप्ताह में पांच की बजाय छह कार्यदिवस करने की खबरों का खंडन किया है. गृह मंत्रालय के प्रशिक्षण एवं कार्मिक विभाग की ओर से सोमवार को जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि केंद्रीय कर्मचारियों के लिए सप्ताह में 6 कार्यदिवस करने की कोई योजना नहीं है.
हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्टों में केंद्र सरकार में कर्मचारियों के काम के घंटे बढ़ाये जाने की संभावना जताई गई थी. मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि केंद्रीय कर्मचारियों के लिए ड्यूटी का समय बढ़ाकर सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक करने और सप्ताहांत में शनिवार का अवकाश खत्म करने की तैयारी चल रही है.
इस बारे में मंत्रालय की ओर से जारी स्पष्टीकरण में साफ किया गया है कि केंद्र सरकार में इस तरह का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. मंत्रालय ने ड्यूटी का समय और शनिवार का अवकाश खत्म करने संबंधी मीडिया रिपोर्टों को अफवाह बताते हुए कहा गया है कि इस बारे में मौखिक या लिखित कोई आदेश जारी नहीं किया गया है. लिहाजा ये आशंकाएं निराधार और गलत हैं.



मानसून पर अल-नीनो का खतरा, इस बार 96 फीसदी होगी बारिश
18 April 2017
नई दिल्ली: मौसम विभाग के मुताबिक इस बार मानसून की बारिश सामान्य रहेगी. मानसून सीजन यानी जून से सितंबर के दौरान होने वाली बारिश इस बार 5 फीसदी की मॉडल त्रुटि के साथ 96 फीसदी रहने का अनुमान है. इसका सीधा सा मतलब ये है कि इस बार मात्रात्मक रुप से मानसून की वर्षा 5 फीसदी की मॉडल त्रुटि के साथ दीर्घावधि औसत यानी एलपीए का 96 फीसदी होने की संभावना है. मौसम विभाग के महानिदेशक केजे रमेश ने पूर्वानुमान जारी करते हुए कहा कि इस बार निकट सामान्य मानसून वर्षा होने की संभावना 38 फीसदी है.
मौसम विभाग के सीनियर साइंटिस्ट डीएस पई ने बताया कि इस बार पिछले मानसून के अंतिम महीनों में कमजोर ला-नीना स्थितियां बनी. दिसंबर 2016 में ला-नीना अपने सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंचा और इसके बाद इन स्थितियों में कमजोरी आनी शुरू हो गई. इस समय भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर क्षेत्र में न्यूट्रल स्थिति बनी हुई है. ताजा अनुमानों के मुताबिक आने वाले मानसून सीजन के मध्य में कमजोर अलनीनों की स्थिति बन जाएगी. इस स्थिति को मानसून के लिए अच्छा नहीं माना जाता है.
कमजोर अलनीनो की स्थिति जुलाई के अंत से शुरू होकर सितंबर तक जारी रहने का अनुमान है. इससे मानसून की बारिश पर उल्टा असर पड़ने की आशंका गहरा गई है. लेकिन इन सबके बावजूद हिंद महासागर में समंदर के पानी में बनी परिस्थियां मानसून के लिए अच्छी मानी जा रही है. अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में पानी के तापमान में अंतर अगर पॉजिटिव है तो इसे मानसून के लिए फायदेमंद माना जाता है.
मौसम विभाग के मुताबिक प्रशांत महासागर के ऊपर समंदर के पानी का गर्म होना यानी अल-नीनों पैदा होना मानसून के लिए अच्छा नहीं है. लेकिन इन सबके बीच में भूमध्यरेखीय हिंद महासागर पर पॉजिटिव आईओडी का होना फायदेमंद है. इन दोनों कारकों का मानसून की स्थिति पर भारी प्रभाव देखा जाता है. लिहाजा मौसम विभाग इन दोनों मौसमी कारकों पर बारीक नजर रखे हुए हैं. मौजूदा परिस्थियों में मौसम के जानकार मानसून सामान्य रहने की संभावना जता रहे हैं लेकिन आने वाले दिनों में अगर अल-नीनो की स्थिति मजबूत होती है तो सामान्य मानसून के लिए ये घातक होगा. मौसम विभाग जून की शुरुआत में एक बार फिर से मानसून की बारिश के वितरण के बारे में अपने पूर्वानुमान जारी करेगा और तभी इसकी स्थिति के बारे में सही-सही अंदाजा मिल पाएगा.


दिल्ली एमसीडी चुनाव से पहले कांग्रेस को झटका, अरविंदर सिंह लवली बीजेपी में शामिल
18 April 2017
कांग्रेस के दिल्ली प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली बीजेपी में शामिल हो गए हैं. लवली भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए. भाजपा ज्वॉइन करने के बाद उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी खत्म हो रही है. लवली के अलावा दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष अमित मलिक भी भाजपा में शामिल हो गए.
कांग्रेस नेताओं का घुट रहा है दम
आपको बता दें कि दिल्ली में कुछ दिनों बाद एमसीडी चुनाव के लिए मतदान होने हैं. ऐसे में कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है. कहा जा रहा है कि अरविंदर एसमीडी चुनाव में टिकट बंटवारे से नाराज थे. उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एके वालिया द्वारा एमसीडी चुनाव में टिकट बेचे जाने के के विषय को उठाया था. कांग्रेस के कई नेताओं का पिछले दो वर्षो से दम घुट रहा है. वहीं कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने इसके लिए दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन को जिम्मेदार ठहराया है. वहीं शीला दीक्षित ने इसे गद्दारी कहा है.
माकन अपनी तरह से चला रहे हैं पार्टी
संदीप दीक्षित ने लवली और मलिक के इस कदम पर कहा कि लवली बीजेपी से सख्त नफरत करते थे. मुझे आश्चर्य है कि उन्होंने बीजेपी कैसे ज्वॉइन की. वह अक्सर बीजेपी के सांप्रदायिक एजेंडे पर भी काफी बार बोल चुके हैं. हालांकि कांग्रेस में इनके साथ हो रहा बर्ताव काफी निराशाजनक है. अजय माकन अपनी तरह से पार्टी चला रहे हैं.
वहीं शीला दीक्षित ने भी अजय माकन पर निशाना साधते हुए कहा कि माकन की कार्यशैली से पार्टी के कार्यकर्ता काफी फ्रसट्रेट हो रहे हैं. हालांकि लवली द्वारा उठाया गया कदम राजनीतिक अवसरवादिता है. शीला के मुताबिक मैंने लवली को कई फोन कॉल किए लेकिन उन्होंने मेरा कोई फोन नहीं उठाया. लवली को एमसीडी चुनाव के परिणामों तक इंतजार करना चाहिए था.



ट्रिपल तलाक, कॉमन सिविल कोड पर योगी के तेवर सख्त, पूछे ये 5 चुभते हुए सवाल
17 April 2017
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की जयंती के मौके पर किताब विमोचन के एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योगी ने कई नई बहसों और सवालों को जन्म दे दिया है. योगी ने कहा कि ट्रिपल तलाक महिलाओं के अधिकार पर हमला है लेकिन कुछ लोगों के मुंह क्यों बंद हैं. योगी ने अपने भाषण में ट्रिपल तलाक और कॉमन सिविल कोड पर अपनी बात रखी.
योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण के दौरान ये 5 कड़े सवालों को जन्म दिया...
1. ट्रिपल तलाक चीरहरण जैसा, कुछ लोग सियासी फायदे के लिए मौन क्यों हैं?
2. जो देश हित के इन मुद्दों पर मौन हैं वे अपराधियों की तरह. आखिर देश के मुद्दों पर चुप्पी क्यों?
3. शादी के लिए, महिलाओं के हक के लिए एक जैसा कानून क्यों नहीं हो सकता?
4. देश एक है तो कानून एक क्यों नहीं हो सकता?
5. कौन लोग हैं जो कॉमन सिविल कोड के विरोधी हैं?
क्या बोले सीएम योगी?
आपको बता दें कि सोमवार को सीएम योगी लखनऊ में पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की जयंती पर किताब विमोचन के कार्यक्रम में बोल रहे थे. उस दौरान उन्होंने कहा कि ट्रिपल तलाक महिलाओं के अधिकार पर हमला है लेकिन कुछ लोगों के मुंह क्यों बंद हैं. योगी ने इस मामले पर द्रौपदी के चीरहरण का उदाहरण दिया.
पीएम बोले मुस्लिम बहनों को हो रही दिक्कत
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्रिपल तलाक को लेकर बड़ा बयान दिया था. उन्होंने कहा है कि तीन तलाक से मुस्लिम बहनों को दिक्कत हो रही है और केंद्र सरकार इस पर जल्द हल चाहती है. पीएम मोदी ने ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित बीजेपी की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी के आखिरी दिन रविवार को कहा कि बीजेपी का रुख तीन तलाक मुद्दे पर बिल्कुल साफ है.
'राज नहीं समाज बदलना है'
पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि हमारे वरिष्ठ नेता कहा करते थे, राज नहीं समाज को बदलना है. प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर कोई सामाजिक बुराई है तो समाज को जागना चाहिए और न्याय प्रदान करने की दिशा में प्रयास करना चाहिए. प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि मुस्लिम महिलाओं को शोषण का सामना नहीं करना चाहिए.
क्या है मुस्लिम नेताओं की राय?
मुस्लिम धर्मगुरू राशिद महली फिरंगी ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं के हक के लिए उनके शिक्षा और रोजगार पर ध्यान दिय़ा जाना चाहिए. तो वहीं जफरयाब जिलानी बोले कि इस्लाम में फैमिली लाइफ के बारे में जो तरीका बताया गया है वह सही तरीका है. कुछ महिलाएं इसका विरोध कर रही हैं लेकिन आप जाकर लोगों से पूछें अधिकांश लोग इसके खिलाफ नहीं हैं. मुस्लिम नेता शाइस्ता अंबर इस मुद्दे पर कहा कि ये धर्म का मामला ही नहीं है. ये महिलाओं के अधिकार और उनके हक का मामला है. इसमें धर्मगुरुओं की बातों में नहीं आना चाहिए और महिलाओं को कानूनी सुरक्षा दी जानी चाहिए.
मुस्लिम महिलायें शरीयत के साथ
आपको बता दें कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने बेवजह तीन तलाक देने वाले शख्स का सामाजिक बहिष्कार करने का फैसला किया है. मुस्लिम बोर्ड ने तीन तलाक पर 5 करोड़ महिलाओं के सर्वे का हवाला दिया और कहा कि मुस्लिम महिलाएं शरीयत के साथ हैं. मुस्लिम पर्सनल बोर्ड ने लखनऊ में चली दो दिन की बैठक के बाद साफ किया कि तलाकशुदा महिलाओं की हर संभव मदद के लिए पर्सनल लॉ बोर्ड तैयार है. बोर्ड ने मियां-बीवी के विवाद को लेकर कोड ऑफ कंडक्ट भी जारी किया और मुसलमानों को फिजूलखर्जी से बचने की सलाह दी. इसके साथ ही पर्सनल बोर्ड ने सलाह दी कि मां-बाप अपनी बेटी की शादी में दहेज ना देकर प्रोपर्टी में महिलाओं की हिस्सेदारी दें.




अब भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मंत्री केवल हिंदी में ही देंगे भाषण
17 April 2017
'आधिकारिक भाषाओं को लेकर बनी संसदीय समिति' की सिफारिश को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने स्वीकार कर लिया है। समीति ने यह सिफारिश की थी कि राष्‍ट्रपति और प्रधानमंत्री सहित सभी गणमान्‍य लोग अगर हिंदी बोल और पढ़ सकते हैं तो उन्‍हें इसी भाषा में भाषण देना चाहिए।
अंग्रेजी अखबार इकॉनमिक टाइम्स के अनुसार, समीति ने 6 साल पहले हिंदी को लोकप्रिय बनाने को लेकर राज्‍य-केंद्र से विचार-विमर्श के बाद लगभग 117 सिफारिशें की थीं। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल इसी वर्ष जुलाई में समाप्त हो रहा है और मुमकिन है कि जो अगला राष्ट्रपति बनेगा वह हिंदी में ही भाषण देगा। प्रधानमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के अधिकांश सहयोगी हिंदी में ही भाषण देते हैं। फिलहाल राष्‍ट्रपति ने इस अधिसूचना को मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय, सभी मंत्रियों और राज्‍यों को भेजा है।
राष्ट्रपति ने कई और सिफारिशों को भी अपनी मंजूरी दी है, जिनमें एयर इंडिया की टिकटों पर हिंदी का उपयोग और एयरलाइंस में यात्रियों के लिए हिंदी अखबार तथा मैगजीन उपलब्‍ध कराना भी शामिल है। हालांकि राष्ट्रपति ने नागर विमानन मंत्रालय को कहा है कि यह नियम सिर्फ सरकारी एयरलाइन तक सीमित रखा जाए। इसके अलावा सरकारी भागीदारी वाली निजी कंपनियों में बातचीत के लिए हिंदी को अनिवार्य करने तथा निजी कंपनियों के लिए अपने उत्पादों के नाम और संबंधित सूचना को हिंदी में देने की सिफारिश को नामंजूर कर दिया है। लेकिन सभी सरकारी और अर्ध सरकारी संगठनों को अपने उत्‍पादों की जानकारी हिंदी में देना अनिवार्य होगा।
संसदीय समिति ने सीबीएसई और केंद्रीय विद्यालयों में आठवीं कक्षा से लेकर 10वीं कक्षा तक हिंदी को अनिवार्य विषय करने की भी सिफारिश की थी, जिसे राष्‍ट्रपति ने सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया है। इसके अनुसार केंद्र ए श्रेणी के हिंदी भाषी राज्‍यों में ऐसा कर सकता है, लेकिन उसके लिए राज्‍यों से सलाह-मशविरा करना अनिवार्य होगा।
गैर हिंदी भाषी राज्यों के विश्वविद्यालयों से मानव संसाधन विकास मंत्रालय कहेगा कि वे छात्रों को परीक्षाओं और साक्षात्कारों में हिंदी में उत्तर देने का विकल्प प्रदान करे। इस सिफारिश को भी स्वीकार कर लिया गया है कि सरकार, सरकारी संवाद में हिंदी के कठिन शब्दों का उपयोग करने से बचे। आधिकारिक भाषा पर संसद की इस समिति ने 1959 से राष्ट्रपति को अब तक 9 रिपोर्ट्स दी हैं। 2011 में इस समीति ने रिपोर्ट दी थी जिसके अध्यक्ष पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम थे।


मोदी का मिशन गुजरात: 20% पटेल-पाटीदार को रिझाना क्यों BJP की मजबूरी?
17 April 2017
भारतीय जनता पार्टी ने इस साल होने वाले गुजरात चुनाव के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो दिन के सूरत दौरे को भी गुजरात चुनाव की तैयारियों की शुरुआत से जोड़ा जा रहा है. पीएम मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के लिए गुजरात अहम है, क्योंकि दिल्ली जाने से पहले दोनों ने लंबे समय तक यहां राजनीति की है. मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ने यहां 2002, 2007 और 2012 में चुनाव जीते हैं, लेकिन 2014 में उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद से ये राज्य पार्टी के लिए चुनौती बन गया है.
अमित शाह ने रखा 150 सीटों को लक्ष्य
मोदी के दिल्ली जाने के बाद से राज्य में कई चीजें बीजेपी के पक्ष में नहीं हुई हैं. यहां सबसे बड़ा बखेड़ा आरक्षण की मांग कर रहे पाटीदार समाज के आंदोलन ने किया. ऐसे में एक बार फिर राज्य की सत्ता में वापसी के लिए बीजेपी को पटेल-पाटीदार लोगों की नाराजगी को दूर करना होगा. हाल ही में 4 राज्यों में सरकार बनाने के बाद अमित शाह का अगला लक्ष्य गुजरात में 150 सीटें हासिल करना है, लेकिन पटेल समुदाय की नाराजगी के चलते इतनी सीटें हासिल कर पाना बीजेपी के लिए आसान नहीं होगा.
BJP का मैन वोट बैंक है पटेल समुदाय
गुजरात की कुल आबादी 6 करोड़ 27 लाख है. इसमें पटेल-पाटीदार लोगों की तादाद 20 प्रतिशत है. पटेल समुदाय की मांग रही है कि उन्हें ओबीसी स्टेटस दिया जाए, ताकि कॉलेजों और नौकरियों में उन्हें रिजर्वेशन मिल सके. राज्य में अभी ओबीसी रिजर्वेशन 27 प्रतिशत है. ओबीसी में 146 कम्युनिटी पहले से लिस्टेड है. पटेल-पाटीदार समुदाय खुद को 146वीं कम्युनिटी के रूप में ओबीसी की लिस्ट में शामिल कराना चाहती है. गुजरात में इस समुदाय के वोट को बीजेपी का प्रमुख वोट बैंक माना जाता है. बीजेपी के 40 विधायक और 6 सांसद इसी कम्युनिटी से हैं. लेकिन पटेल आंदोलन से उपजी नाराजगी को इस बार बीजेपी के लिए घातक माना जा रहा है. ऐसे में बीजेपी का अपने इस वोट बैंक को बचाए रखना बड़ी चुनौती है.
सरकार के खिलाफ पादीदारों का हिंसक आंदोलन
पटेल समुदाय का बीजेपी से नाराज होने का सबसे बड़ा कारण नेतृत्व माना गया. मोदी के बाद उनकी करीबी आनंदी बेन पटेल को राज्य की कमान सौंपी गई. लेकिन पार्टी की आंतरिक कलह और सरकार के विरोध में युवाओं की आवाज उठने लगी. नौकरी की समस्या से युवाओं ने सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया. इस दौरान दलितों के खिलाफ अत्याचार का मसला भी बड़ा हो गया. सब बिखरता देख बाद में पार्टी ने आनंदीबेन पटेल को हटाकर विजय रूपानी को मुख्यमंत्री बनाया. पाटीदार आंदोलन इतना बढ़ गया था कि उसने हिंसक रूप ले लिया था. स्थिति संभालने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा, जिससे राज्य के अलग-अलग स्थानों पर कई लोगों की मौत हो गई. इसके बाद पाटीदारों ने तय किया था कि वे 2017 के चुनाव में बीजोपी को वोट नहीं देंगे.
हार्दिक पटेल बने बीजेपी के लिए चुनौती
गुजरात विधानसभा में कुल 182 सीटें हैं. ऐसे में 150 सीटें हासिल करने के लिए बीजेपी को पटेल-पाटीदार समुदाय के वोट की जरूरत पड़ेगी. इस कड़ी में बीजेपी के लिए सबसे बड़ी मुश्किल पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल हो सकते हैं. हार्दिक बीजेपी के खिलाफ बोलने से बिल्कुल नहीं चूक रहे हैं और वो लगातार विरोधी खेमों से मिल बीजेपी के लिए मुश्किलें खड़ा कर रहे हैं. शिवसेना ने तो हार्दिक पटेल को गुजरात में अपना मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किया है.
पटेल समुदाय के गढ़ से चुनावी बिगूल फूंका
ऐसे में बीजेपी के लिए पटेल समुदाय का वोट खास अहमियत रखता है. इसी कारण प्रधानमंत्री ने सूरत में विशाल रोड शो कर चुनावी बिगूल फूंका. सूरत पटेल समुदाय के गढ़ माना जाता है. यहां पीएम ने 11 किलोमीटर लंबा रोड शो किया और इस दौरान उनका जोरदार स्वागत हुआ. सूरत में पटेल समुदाय की अच्छी खासी आबादी है और 2015 में आरक्षण आंदोलन के दौरान यहां बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी. मोदी ने यहां 400 करोड़ रुपये की लागत वाले किरण मल्टी सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर का उद्घाटन किया. यह अस्पताल पाटीदार समाज के एक ट्रस्ट से जुड़ा हुआ है. साथ ही एक हीरा पालिशिंग इकाई का भी उद्घाटन किया. पीएम ने यहां सरदार पटेल को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय राजनीति की दिशा बदली है.



यूसी ब्राउजर सुरक्षा से खिलवाड सरकार से कार्यवाही की मांग -प्रहलाद पटेल
12 April 2017
दमोह: देश की सुरक्षा से खिलबाड और क्या किया जाये क्या न किया जाये क्या प्रकाशित और प्रसारित हो इस बात पर नजर और निर्देश भारत सरकार की जगह अगर कोई अन्य देश करे तो आप इसे क्या कहेंगे? पर यह वह सच्चाई है जिसको लेकर संसद में मामला उठाते हुये क्षेत्रीय सांसद प्रहलाद सिंह पटेल ने सरकार से कार्यवाही की मांग की। पूरी प्रमाणिकता एवं साक्ष्यों को प्रस्तुत करते हुये श्री पटेल ने मामला यूसी ब्राउजर का मामला सदन में उठाया।
सांसद श्री पटेल ने सरकार का ध्यान एक बडी समस्या की ओर आकृष्ट करते हुये कहा कि यूसी ब्राऊजर“ एक चाइनीज कम्पनी है जिसका एक और हिस्सा “यूसी न्यूज“ है जो मोबाइलों और कम्प्यूटर पर चलता है। इस पर भारत के विभिन्न अखबारों के डिजिटल अंक और विभिन्न न्यूज पोर्टल जुड़े हुए हैं, इस पर कौन सी खबर भारत में दिखाना है और कौन सी खबर नहीं दिखाना है उसका फैसला चीनी ऑनलाइन सेंसर तय करता है। इसकी पुष्टि स्वरूप मेरे संसदीय क्षेत्रान्तर्गत दमोह जिले में आईटीबीपी पुलिस प्रशिक्षण केंद्र के शुरू होने से संबंधित खबर को यूसी ब्राऊजर द्वारा रोक दिया गया, उनके अनुसारष्त्मअपमू ब्वउउमदजे वि लवनत ।तजपबसम तिवउ न्ब् छमू म्कपजवतपंस जमंउरू ैवततल, जीपे ंतजपबसम ीं ेमदेपजपअम ूवतकेष्। यानी की समाचार में संवेदनशील शब्द हैं दोनों ही खबरों को संवेदनशील शब्द का इस्तेमाल बताकर रोका गया है। जबकि यूसी ब्राउसर पर अन्य आपत्तिजनक खबरें डाली जाती है।
तिब्बत शब्द के चलते खबरें रोकी जा रही हैं। उनमें यूसी ब्राऊजर और यूसी न्यूज पहले से मोबाइल निर्माता कम्पनियां डाल कर दे रही हैं उसका मुख्य कारण है अधिकांश मोबाइल कम्पनियां चीनी हैं और वे चीन सरकार के कहे अनुसार कार्य करती हैं और उनको यूसी ब्राऊजर प्री-लोड करके देने पर यूसी ब्राऊजर से एक तयशुदा रकम मिलती है। वर्तमान में हमारे जितने भी सुरक्षा बलों के कर्मचारी सीमा क्षेत्रों में कार्यरत है उनके स्मार्ट फोनों में यूसी ब्राऊजर और यूसी न्यूज हैं उनकी लोकेशन ट्रेस करना सीमा पार से बहुत ही आसान है, इस हालात में हमारी सुरक्षा से पूरी तरह समझौता हो रहा है।
श्री पटेल ने कहा कि मैं सरकार से मांग करता हूँ कि यूसी ब्राउजर और राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ जैसे पर्दे के पीछे के खेल को गंभीरता से लेते हुए इस संबंध में कोई कारगर कार्यवाही शीघ्र की जाये। सूत्रों की माने तो भारत अकेले में लगभग आधे के करीब आबादी यानि 58 करोड यूसी ब्राउजर के यूजर बतलाये जाते हैं। ज्ञात हो उक्त बिषय को लेकर पत्रकार डा.एल.एन.वैष्णव ने लगातार समाचारों को प्रकाशन किया जिसको लेकर चीनी कंपनी यूसी ब्राउजर ने लगातार नोटिस देते हुये समाचारों में संवेदनशील शब्द बतलाते हुये रोक दिया था। चीन की उक्त कंपनी लगातार दमोह में लगने जा रहे भारत तिब्बत सीमा पुलिस प्रशिक्षण केन्द्र के समाचारों एवं वहां की गतिविधियों पर नजर रखने की पुष्टि नोटिस एवं समाचारों के रोकने से हो रही थी।
भारत तिब्बत सीमा पुलिस प्रशिक्षण केन्द्र का मामला
विदित हो कि जिले को एक बडी सौगात के रूप में भारत -तिब्बत सीमा पुलिस प्रशिक्षण केन्द्र की स्वीकृति दिलाने में क्षेत्रीय सांसद प्रहलाद सिंह पटेल ने काफी प्रयास किये थे। जिले के लिये यह प्रथम अवसर था जब सीधे केन्द्र सरकार से जुडे किसी इतने बडे उपक्रम को मंजूरी मिली हो। बतला दें कि गत 2015 में उक्त ट्रेनिंग सेंटर हेतु क्षेत्रीय सांसद प्रहलाद सिंह पटेल के विशेष प्रयास से केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकृत हो चुका था। प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत तिब्बत सीमा पुलिस के सपोर्ट वैपन ट्रेनिंग सेंटर के लिये जिले के ही मौजा फतेहपुर के पटवारी हलका नं.09 एवं मौजा देवदरा एवं रामनगर के पटवारी हलका नं.16 की 1616.97 एकड भूमि को प्रदान किया गया है।
सूत्र बतलाते हैं कि अगर प्रदेश सरकार ने तत्परता दिखाई तो कुछ ही माह में यहां उक्त ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण कार्य प्रारंभ हो जायेगा। तथा तय निर्धारित समय में यहां देश की रक्षा में लगे रहने वाले सूरवीरों को प्रशिक्षण देने का कार्य भी शुरू हो जायेगा। यह फाईल अभी स्वीकृति के लिये मध्यप्रदेश के संबधित विभाग में अटकी हुई है। विदित हो कि क्षेत्रीय सांसद प्रहलाद सिंह पटेल ने उक्त मामले को लेकर नाराजगी व्यक्त करते हुये प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह को पत्र लिखा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 10 मार्च 2016 को 1616.97 एकड सरकारी भूमि के अधिग्रहण हेतु 16.55.34.750 रूपये की स्वीकृति भारत सरकार द्वारा दे गयी थी। वहीं मध्यप्रदेश शासन की स्वीकृति हेतु प्रस्ताव कलेक्ट्रर दमोह द्वारा आयुक्त सागर संभाग के माध्यम से राजस्व विभाग की स्वीकृति हेतु 26 मई 2016 को भेज दिया गया था।



दैनिक भास्कर समूह के चेयरमैन रमेशचंद्र अग्रवाल का निधन, मोदी ने शोक जताया
12 April 2017
अहमदाबाद/भोपाल: दैनिक भास्कर समाचार पत्र समूह के चेयरमैन श्री रमेशचंद्र अग्रवाल का बुधवार सुबह निधन हो गया। वे 73 वर्ष के थे। रमेशजी सुबह 9:20 बजे की फ्लाइट से दिल्ली से रवाना हुए और 11 बजे अहमदाबाद पहुंचे। एयरपोर्ट पर उन्हें दिल का दौरा पड़ा। उन्हें अपोलो हाॅस्पिटल ले जाया गया था, लेकिन डॉक्टरों की कोशिशों के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका। पीएम नरेंद्र मोदी ने रमेशजी के निधन पर शोक व्यक्त किया। मोदी ने ट्वीट किया, ''श्री रमेशचंद्र अग्रवाल के निधन से दुख पहुंचा। मीडिया जगत में उनके उल्लेखनीय योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं श्री रमेशचंद्र अग्रवाल के परिवार के साथ हैं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।''
- रमेशजी के निधन की सूचना मिलने पर गुजरात के सीएम विजय रूपाणी ने अहमदाबाद में उनकी पार्थिव देह के दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
- मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया, ''भास्कर समूह के चेयरमैन श्री रमेश अग्रवाल जी के असामयिक निधन का समाचार अत्यंत दुखदायी है। वे संवेदनशीलता, त्वरित निर्णय के लिए याद किए जाएंगे। श्री रमेशचंद्र अग्रवाल जी के परिजनों और भास्कर समूह के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं। मध्यप्रदेश ने वास्तव में अपना एक अनमोल रत्न खो दिया है।''
- बीजेपी प्रेसिडेंट अमित शाह ने ट्वीट किया, ''रमेशचंद्र अग्रवालजी के निधन से गहरा दुख पहुंचा है। उनका निधन पत्रकारिता और भारतीय मीडिया के लिए बड़ी क्षति है।''
- कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने रमेशजी को मीडिया जगत का पुरोधा और संवेदनशील समाजसेवी बताते हुए उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया। सिंह ने कहा कि रमेशजी उनके अभिन्न मित्र थे। उनके निधन से मीडिया जगत में जो रिक्तता पैदा हुई है, उसे भरना कठिन होगा।
- कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भास्कर समूह ने मीडिया के क्षेत्र में अनेक नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। यही कारण है कि आज वैश्विक मीडिया जगत में भास्कर समूह और रमेशजी का नाम शीर्ष के लोगों में शुमार है। मीडिया के साथ समाजसेवा और धार्मिक गतिविधियों में भी रमेशजी के काम को हमेशा याद रखा जाएगा।
लंदन के डिप्टी मेयर ने भी दी श्रद्धांजलि
- लंदन के डिप्टी मेयर राजेश अग्रवाल ने ट्वीट किया, ''रमेशजी बहुत इन्स्पायरिंग और जिंदादिल शख्सियत थे। उनके परिवार के प्रति संवेदनाएं।''
- पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह, झारखंड के सीएम रघुवर दास, केंद्रीय मंत्री बंडारू दत्तात्रेय और इंडिया टीवी के एडिटर इन चीफ रजत शर्मा, संत श्री भय्यूजी महाराज और गुजरात बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू वाघाणी ने भी रमेशजी के निधन पर शोक जताया।
- राज्यवर्धन सिंह राठौर ने शोक व्यक्त करते हुए ट्विटर पर लिखा, ''दैनिक भास्कर समूह के चेयरमैन रमेशचंद्र अग्रवाल के निधन से दुख हुआ। भास्कर परिवार के 4.4 करोड़ पाठक उनकी विरासत हैं।''
- वेंकैया नायडू ने लिखा, ''दैनिक भास्कर समूह के चेयरमैन रमेशचंद्र अग्रवाल जी के असमय निधन से हैरान हूं। परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं।''
- शेखर गुप्ता ने ट्वीट किया, ''रमेशचंद्र अग्रवाल जी के निधन से काफी दुख हुआ। वो आज के दौर की पत्रकारिता के जनक थे। दैनिक भास्कर को दुनिया का सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला अखबार बनाया।''
1958 से की थी शुरुआत
- 30 नवंबर 1944 को उत्तर प्रदेश के झांसी में जन्मे रमेशजी 1956 में पिता सेठ श्री द्वारकाप्रसाद अग्रवालजी के साथ भोपाल आ गए।
- उन्होंने 1958 में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से दैनिक भास्कर की नींव रखी। 1983 में इंदौर संस्करण की शुरुआत की। 1996 में भास्कर पहली बार मध्य प्रदेश से बाहर निकला और राजस्थान पहुंचा।
- रमेशजी के विजन और स्पष्ट लक्ष्य का ही नतीजा है कि आज भास्कर 14 राज्यों में 62 संस्करण के साथ न सिर्फ देश का नंबर-वन अखबार है, बल्कि सर्कुलेशन के मामले में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा अखबार बन गया है।
- रमेशजी के ही नेतृत्व में समूह ने हिंदी अखबार दैनिक भास्कर, गुजराती अखबार दिव्य भास्कर, अंग्रेजी अखबार डीएनए, मराठी समाचार पत्र दिव्य मराठी, रेडियो चैनल माय एफएम और डीबी डिजिटल को मीडिया जगत में सबसे अग्रणी बनाया।
- रमेशजी के परिवार में बेटे सुधीर अग्रवाल, गिरीश अग्रवाल, पवन अग्रवाल और बेटी भावना अग्रवाल हैं।
देश के 50 सबसे ताकतवर लोगों में शामिल थे
- रमेशजी ने भोपाल यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस की डिग्री ली। उन्हें पत्रकारिता में राजीव गांधी लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।
- 2003, 2006 और 2007 में इंडिया टुडे ने उन्हें भारत के 50 सबसे ताकतवर लोगों की लिस्ट में शामिल किया था।
- रमेशजी को Forbes ने भारत के 100 सबसे अमीर लोगों की 2011 और 2012 की लिस्ट में शामिल किया था।
भोपाल कर्मस्थली थी, दिल ग्वालियर में था
- ग्वालियर में रमेशजी के साथ परछाई की तरह रहने वाले सत्य कुमार मिश्रा बताते हैं, ''रमेशजी ने ग्वालियर के ही विक्टोरिया कॉलेज से पढ़ाई की। आज ये एमएलबी कॉलेज कहलाता है। ग्वालियर से रमेशजी को बहुत लगाव था। भले ही भोपाल उनकी कर्मस्थली थी, लेकिन दिल हमेशा ग्वालियर में ही रहता था। देश में अग्रवाल परिचय सम्मेलन की शुरुआत रमेशजी ने ग्वालियर से कराई। ग्वालियर मेला प्राधिकरण के वे चेयरमैन भी रहे और कई सामाजिक संस्थाओं के साथ जुड़े रहे। ग्वालियर की छत्री मंडी रामलीला समिति से वे हमेशा जुड़े रहे। धार्मिक कार्यक्रमों में उनका योगदान हमेशा रहता था।''
- वे कहते हैं, ''भले ही रमेशजी को डायबिटीज थी, लेकिन बहादुरा के लड्डू और एसएस कचौरी वाले की कचौरी उन्हें बहुत ज्यादा पसंद थी। जब भी ग्वालियर आते, वे इसे खाना नहीं भूलते थे। शहर के कई लोग जो अखबार में आते रहते थे, रमेश जी उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलते थे।''


श्रीनगर: पत्थरबाजों की बदतमीजी के बाद भी संयम बरतता रहा CRPF जवान
12 April 2017
मानवाधिकारों के झंडाबरदार कश्मीर घाटी में अक्सर सुरक्षाबलों पर ताकत के बेतहाशा प्रयोग और मानवाधिकारों के हनन के आरोप लगते हैं। लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। सुरक्षाकर्मी ही अपने मान-सम्मान, जान को खतरे में डाल संयम बरतते हैं। इस हकीकत का खुलासा सुरक्षाबलों ने नहीं किया, इस कड़वे सच से पर्दा अलगाववादियों की समर्थक हिंसक भीड़ ने अपनी उपलब्धियों का बखान करने के लिए सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो अपलोड कर उठाया।
फेसबुक, इंटरनेट और व्हाटसअप पर बीते तीन दिनों से कुछ वीडियो लगातार वायरल हो रहे हैं। यह सभी वीडियो गत रविवार श्रीनगर संसदीय सीट के उपचुनाव के दौरान हुई हिंसा का है। इस हिंसा में आठ लोग मारे गए थे जबकि 200 के करीब लोग जख्मी हुए थे। घायलों में 100 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी ही हैं।
एक वीडियो में हिंसक भीड़ दो सुरक्षाकर्मियों को बुरी तरह पीटती हुई नजर आती है। सुरक्षाकर्मी भीड़ का प्रतिरोध नहीं कर रहे हैं,बल्कि निरीह प्राणियों की तरह मार खा रहे हैं। एक अन्य वीडियो में कुछ लडक़े एक सीआरपीएफ जवान को लातों से पीट रहे हैं और जवान है कि मार खा रहा है। एक और वीडियो है जिसमें डयूटी से लौट रहे जवानों के लडक़ों की भीड़ चल रही है। लडक़े बार-बार जवानों को उकसाते हुए कह रहे हैं कि गो इंडिया गो, जालिमों कश्मीर हमारा छोड़ दो। कुछ लडक़े जवानों की हेल्मेट उतार रहे हैं तो कुछ लडक़ों ने उनकी शील्ड तक छीन ली। एक लडक़े ने एक जवान का स्लीपिंग बैग भी नीचे गिरा दिया। भीड़ में शामिल एक लडक़ा उत्तेजित हो जवानों को गाली देते हुए मारपीट करने लगता है,लेकिन उसका दूसरा साथी उसे रोक लेता है। इसी वीडियो में एक जगह दिखाया गया है कि एक लडक़ा सुरक्षाकर्मी के हाथ पर जोर से किक मारता है और सुरक्षाकर्मी के हाथ में लटकी हेल्मेट दूर एक दुकान के शटर के पास जा गिरती है। लेकिन जवान हर जगह संयम बनाए रखते हैं। वह अपने जख्मों को सहलाते हुए चुपचाप चलते रहते हैं।
सीआरपीएफ के प्रवक्ता भवेश चौधरी ने कहा कि हम क्या कहें, यह वीडियो यहां के हालात की सच्चाई बताता है। हमारे जवान पूरा संयम बरतते हैं ,यह उन लोगों को पता चल गया होगा जो हम पर अकारण बल प्रयोग करने का आरोप लगाते हैं। आपको कोई एक थप्पड़ मारे तो आप उसी समय दो थप्पड़ सामने वाले को जवाब में रसीद करेंगे। लेकिन हमारे जवान ऐसे नहीं हैं। हमारे जवान पूरा संयम बरतते हैं।
उन्होंने कहा कि आज कोई मानवाधिकारवादी हमारे जवानों के बारे में नहीं बोल रहा है। अगर हमारे जवान गोली चलाने के शौकीन होते,जैसे उन्हें ट्रिगर हैपी यहां कई लोग बोलते हैं तो स्थिति का अंदाजा आप लगा सकते हैं। हमारे जवान जानते हैं कि वह यहां आम लोगों की सुरक्षा के लिए हैं। इसलिए वह संयम बरतते हैं।
डीआईजी पुलिस सेंट्रल कश्मीर रेंज ने कहा कि यह जो वीडियो वायरल हुए हैं, यह रविवार को मतदान के दिन के हैं। इन सभी वीडियो का संज्ञान लेते हुए मामले की छानबीन की जा रही है। कुछ शरारती तत्वों को चिन्हित भी किया गया है। हिंसा में लिप्त और जवानों को उकसान के लिए उनके साथ र्दुव्यवहार करने वाले तत्वों की भी निशानदेही कर उन्हें पकडऩे की कार्रवाई की जा रही है।



योगी कैबिनेट का फैसला, 487 रुपए प्रति क्विंटल की दर से आलू खरीदेगी सरकार
11 April 2017
उत्तर प्रदेश की सत्ता संभालने के बाद भारतीय जनता पार्टी के संकल्प पत्र को लागू कराने में जुटे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के लोकभवन में अपनी दूसरी कैबिनेट बैठक की। योगी कैबिनेट की बैठक में विकास प्राधिाकरणों में धांधली रोकने को एक बड़े फैसले पर मुहर लगी। विकास प्राधिकरण की सीएजी आडिट के लिए सरकार राजी।पावर आफ आल योजना पर कैबिनेट ने लगाई मुहर।14 अप्रैल को पीयूष गोयल और सीएम आदित्यनाथ लखनऊ में करेंगे करार।
कैबिनेट की बैठक के बाद प्रदेश के ऊर्जा मंत्री तथा सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि योगी सरकार ने अहम फैसला लेते हुए 487 रुपए प्रति क्विंटल की दर निर्धारित कर दी है। उन्होंने बताया कि किसानों को आलू का उचित मूल्य नहीं मिला। प्रदेश सरकार ने इसके लिए मंत्री समूह गठित किया था। उसकी संस्तुति के अनुसार राज्य और केंद्र की 4 एजेंसी मिलकर आलू की खरीद करेंगीं। हमारा प्रयास है कि कम से कम किसान को लागत मिल जाए, लक्ष्य है कि हम एक लाख मीट्रिक टन आलू किसानों से खरीदें। इसके लिए आलू खरीद केंद्र जिलों में खोले जाएंगे।
योगी सरकार ने विकास प्राधिकरण में दस करोड़ के ऊपर की धनराशि के सभी कामों की जांच कराने का निर्णय किया है। इस बात पर मुहर लगी कि अब विकास प्राधिकरण में दस करोड़ के ऊपर की धनराशि के हर काम का ऑडिट सीएजी से कराया जाएगा। बैठक में सभी विकास कार्यों का सीएजी से ऑडिट कराने पर काफी जोर दिया गया। नोएडा, ग्रेटर नोएडा,यमुना अथॉरिटी लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद अथॉरिटी की भी जांच होगी।10 करोड़ से ऊपर के सभी कामों की जांच होगी।
कैबिनेट की नई खनन नीति पर मुहर।बाहर के राज्यों के परमिट पर भी आ सकेगा मौरंग और बालू। डीएम दे सकेंगे दस एकड खनन का पट्टा। दिमागी बुखार के रोकथाम को सरकार ने उठाए कदम। गांव में 18, तहसील में 20, बुन्देलखण्ड में 20 घण्टे बिजली, ज़िला मुख्यालयों को 24 घण्टे बिजली मिलेगी । ग्रामीण इलाकों में72 की जगह 48 घंटे में बदलेंगे जले ट्रांसफार्मर। सरकार खरीदेगी एक लाख मीट्रिक टन आलू। 487 रुपये प्रति क्विंटल दर। गन्ना किसानों का 14 दिन के भीतर और पुराना 120 दिन के भीतर होगा भुगतान।बिजली बिल का सरचार्ज माफ करेंगे । दस हजार से अधिक बिजली बिल जमा करने के चार आसान किस्तों की सहूलियत ।पावर आफ आल योजना पर कैबिनेट ने लगाई मुहर।14 अप्रैल को पीयूष गोयल और सीएम आदित्यनाथ लखनऊ में करेंगे करार।
इसके साथ ही कैबिनेट ने प्रदेश में अक्टूबर 2018 से सभी जिलों में 24 घंटे बिजली देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। बिजली विभाग से जुड़े एक और मामले को कैबिनेट ने मंजूरी प्रदान की। अब प्रदेश में 72 घंटे की जगह खराब विद्युत ट्रांसफार्मर 48 घंटे में बदला जायेगा। इसके साथ ही 15 जून तक यूपी की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के फैसले पर भी मुहर लगाई गई। प्रदेश सरकार ने सड़को की मरम्मत के लिए घोषणा की, 4 हज़ार करोड़ से 18 हज़ार किमी सड़के गड्ढा मुक्त होगी।
प्रदेश सरकार की दूसरी कैबिनेट बैठक दिन में 11 बजे से लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित की गई। माना जा रहा था कि इस बैठक में प्रदेश में 24 घंटे बिजली सप्लाई के साथ 48 घंटे में ट्रांसफॉर्मर बदलने, बुंदेलखंड के लिए पेयजल योजना पर अहम फैसले होंगे। इसके अलावा छत्तीसगढ़ में अपनाई जा रही धान और गेंहू की खरीद और सार्वजनिक वितरण प्रणाली का अध्ययन करने छत्तीसगढ़ गई टीम की रिपोर्ट पर आज बैठक में चर्चा भी की गई।
बैठक में खनन नीति पर मंत्रीय उप समिति की रिपोर्ट पर भी चर्चा की गई। कैबिनेट बैठक में केंद्र के साथ समझौता कर 24 घंटे बिजली आपूर्ति के प्रस्ताव को भी पारित किया गया। पावर फॉर आल स्कीम के उस एमओयू ड्राफ्ट को तैयार कर लिया है जिस पर केंद्र और प्रदेश सरकार के बीच करार होना है। 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में इस एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे। भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में वादा किया था सरकार बनने पर 2018 तक सभी को 24 घंटे बिजली दी जाएगी।
इनके साथ ही माइनिंग कमेटी की रिपोर्ट पेश की गई। बुंदेलखंड में पानी के विशेष पैकेज पर फैसला भी हो गया। इसके साथ ही कैबिनेट में प्रदेश में पहली बार आलू समर्थन मूल्य तय होने से आलू खरीद में किसानों को राहत मिलने की संभावना बढ़ गई।



मुस्लिम लॉ बोर्ड की बड़ी घोषणा, 18 महीने में खत्म हो जाएगा 'तीन तलाक'
11 April 2017
तीन तलाक पर जारी गतिरोध के बीच ऑल इंडिया मुस्लिम लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष डॉ. सईद सादिक ने बड़ी घोषणा की है. सादिक ने घोषणा की है कि वे 18 महीनों के भीतर तीन तलाक खत्म कर देंगे. हालांकि उन्होंने तीन तलाक के मुद्दे पर सरकार के हस्तक्षेप पर आपत्ति भी दर्ज कराई और कहा कि इस मामले में बाहर के दखल की जरूरत नहीं है.
आपको याद दिला दें कि हाल ही में ऑल इंडिया मुस्लिम लॉ बोर्ड ने दावा किया था कि उन्हें शरियत और तीन तलाक के पक्ष में मुस्लिम महिलाओं के करीब साढ़े तीन करोड़ फॉर्म प्राप्त हुए हैं. अब इसके बाद मुस्लिम लॉ बोर्ड का यह बयान काफी आश्चर्यजनक है.
ऑल इंडिया मुस्लिम लॉ बोर्ड की महिला विंग की मुख्य आयोजक असमा जेहरा ने भी इस बात की तस्दीक की थी कि बोर्ड को शरियत और तीन तलाक का समर्थन करने वाली मुस्लिम महिलाओं के 3.50 करोड़ फॉर्म मिले थे. असमा के मुताबिक देश भर में तीन तलाक और शरियत का विरोध करने वाली मुस्लिम महिलाओं की गिनती बहुत ही कम है. असमा का कहना था कि एक साथ तीन बार तलाक बोलना एक सामाजिक मुद्दा है, धार्मिक नहीं. पिछले कुछ सालों से बेवजह तलाक के मुद्दे को निशाना बनाया जा रहा है.
11 मई से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
आपको यह भी बता दें कि 11 मई से सुप्रीम कोर्ट तीन तलाक, निकाह हलाला और बहुविवाह जैसी मुस्लिम परंपराओं को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगा.
इस मुद्दे पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड जैसे मुस्लिम संगठनों ने जमकर अपना विरोध दर्ज कराया है. मुस्लिम लॉ बोर्ड के मुताबिक ये परंपराएं उनके पवित्र धर्म ग्रंथ कुरान से आई हैं जिस वजह से इसमें अदालत दखल नहीं दे सकती क्योंकि ये परंपराएं न्याय प्रणाली के दायरे में नहीं आतीं.


निर्दोष भारतीयों को 'जासूसी' में फंसाना पाक की पुरानी चाल
11 April 2017
भारत के पूर्व नौसेना अधिकारी कुलभूषषण जाधव को पाकिस्तान की सैन्य कोर्ट ने सोमवार को जासूसी के आरोप में फांसी की सजा सुनाई है। यह पहला मौका नहीं है जब पाकिस्तान भारत से बदला लेने की खीझ में किसी निर्दोष भारतीय कैदी को सजा दे रहा है। वह पहले भी इस तरह की हरकत कर कई निर्दोष भारतीयों की जान ले चुका है। हालिया चार प्रमुख मामले ये हैं
1. किरपाल सिंह
पंजाब के गुरदासपुर से संबंध रखने वाले किरपाल सिंह 1992 में गलती से पाकिस्तान की सीमा में दाखिल हुए। उन पर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बम धमाका करने का मुकदमा चला। 25 वर्षों तक वह जेल में रहे। लाहौर हाई कोर्ट द्वारा बरी किए जाने के बावजूद पाकिस्तान ने उन्हें आजाद नहीं किया। अज्ञात कारणों से लाहौर जेल में उनकी मौत हो गई।
2. किशोर भगवान
फरवरी 2014 को भारतीय मछुआरे किशोर भगवान की पाकिस्तानी जेल में मौत की खबर आई। उन पर बिना किसी दस्तावेज पाकिस्तान के आर्थिक क्षेत्र में घुसने का आरोप था। पाकिस्तान की समुद्री सुरक्षा एजेंसी ने उन्हें गिरफ्तार किया। 2013 में किशोर ने जेल से भागने का भी प्रयास किया, पर पकडे़ गए। अज्ञात कारणों से जेल में उनकी मौत हो गई।
3. सरबजीत सिंह
पंजाब के तरणतारण जिले के सरबजीत पर 1990 में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बम धमाकों में शामिल होने का आरोप लगा। दरअसल, वह धमाकों के दौरान गलती से सीमा पार कर पाकिस्तान चले गए थे। वहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
4. चमेल सिंह
जम्मू जिले के चमेल सिंह को पाकिस्तानी सेना ने 2008 में गिरफ्तार किया। उन पर जासूसी करने का आरोप लगा। उनके परिवार के मुताबिक खेतों में काम करने के दौरान उन्होंने गलती से सीमा पार कर ली थी। 2013 में लाहौर की जेल में पुलिसवालों की पिटाई से उनकी जान चली गई।
डरा-धमका कर जाधव का बनाया वीडियो
102 कट पाक सेना ने गत वर्ष मार्च में जाधव की पूछताछ का वीडियो जारी किया था। करीब 358 सेकंड (करीब छह मिनट) के वीडियो में 102 से ज्यादा जगह कांट-छांट कर तोड़े-मरोडे़ जाने का खुलासा हुआ है। इसी कबूलनामे को सजा का आधार बनाया गया, लेकिन पूछताछ ही शंका के घेरे में है तो सजा पर सवाल लाजमी हैं। भारत सरकार ने इसीलिए उसे खारिज कर दिया था।
वीडियो और उठे सवाल
जाधव कहते दिखाई देते हैं.. मेरी एक्टिविटी एंटी नेशनल थी। मुझे ईरान बॉर्डर से पाकिस्तान की तरफ से पकड़ा गया। कोई भारतीय ऐसा बयान नहीं दे सकता है। पौन मिनट बाद जाधव ने भारत का नाम लिया। एक मिनट बाद ही साफ हो जाता है कि वह पढ़कर बोल रहे हैं। करीब ढाई मिनट बाद वह बलूचिस्तान का नाम लेते हैं। चार मिनट बाद जाधव ने 3 मार्च, 2016 को गिरफ्तारी का जिक्र किया। उनके बयान में कई बार जुबां व होंठों का तालमेल बिगड़ा दिखा।
गिरफ्तारी के वक्त पाक ने लगाए थे मनगढ़त आरोप
3 मार्च 2016 को गिरफ्तारी के वक्त जाधव भारतीय नौसेना में कमांडर थे। मजिस्ट्रेट के समक्ष उन्होंने रॉ का एजेंट होने की बात कबूली। जाधव ने नाम बदलकर हुसैन मुबारक पटेल कर लिया था। रॉ ने बलूचिस्तान व कराची में जासूसी व विद्रोह भड़काने के लिए भेजा गया था। उन्हें ईरान के रास्ते अशांत बलूचिस्तान पहुंचने पर गिरफ्तार किया गया था।
भारत ने ठुकराए थे आरोप
जाधव का सरकार या किसी भारतीय खुफिया एजेंसी से कोई संबंध नहीं था। नौसेना से उन्होंने समय पूर्व सेवानिवृत्ति ले ली थी। सेवानिवृत्ति के बाद वह व्यापार के सिलसिले में ईरान, अफगानिस्तान व पाकिस्तान जाते थे। पाक सेना ने पूछताछ का जो वीडियो जारी किया उसमें जाधव काफी डरे सहमे नजर आ रहे थे। जाधव से भारतीय दूतावास के अफसरों के समक्ष पूछताछ का आग्रह किया था, जिसे नहीं माना गया।
फांसी टली, लेकिन जेल में ही कर दी गई सरबजीत की हत्या
भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह को भी पाकिस्तान ने जासूसी और आतंकवाद के आरोप लगाकर सजा और प्रताड़ना दी थी। वह 28 अगस्त 1990 को शराब के नशे में पंजाब से सीमा पार कर गया था। उसे रॉ का एजेंट बताते हुए उसे लाहौर, मुल्तान और फैसलाबाद बम धमाकों का आरोपी बनाया गया। बाद में फर्जी आरोपों के दम पर अक्टूबर 1991 में उसे फांसी की सजा सुनाई गई। एक अप्रैल 2008 को सरबजीत को फांसी देना तय कर दिया गया लेकिन कूटनीतिक प्रयासों के बाद फांसी टल गई। फिर जून 2012 में पाक मीडिया ने खबर दी कि सरबजीत को रिहा किया जा रहा है लेकिन यह खबर अफवाह साबित हुई। पाक सरकार ने सरबजीत के बदले सुरजीत सिंह की रिहाई का आदेश दे दिया था। 2 मई 2013 को उसकी लाहौर की कोट लखपत जेल में हत्या कर दी गई थी।
सरबजीत की बहन बोली बचाएं कुलभूषण की जान
सरबजीत की बहन दलबीर कौर ने सरकार से सजा के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में जाने समेत हरसंभव कदम उठाने और कुलभूषषण की जान बचाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा 'जाधव के परिवार का दर्द मैं समझ सकती हूं।'



चुनाव आयोग ने एक बार फिर जारी किए EVM पर उठने वाले सवालों के जवाब
10 April 2017 नई दिल्ली: पिछले दिनों भारतीय निर्वाचन आयोग की इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीनों को लेकर आमजनों के मस्तिष्क में कुछ सवाल उठे हैं। निर्वाचन आयोग बार-बार कहता रहा है कि ईसीआई-ईवीएम और उनसे संबंधित प्रणालियां सुदृढ़, सुरक्षित और छेडख़ानी-मुक्त हैं। ईवीएम में गड़बड़ी के आरोपों तब और बल मिला जब उपचुनावों को लेकर मध्य प्रदेश के भिंड में भेजी गई एक ईवीएम से दूसरी पार्टी के बटन दबाने के बाद भी बीजेपी की पर्ची निकलने का मामला सामने आया। इसके बाद बीएसपी,समाजवादी पार्टी,कांग्रेस और आम आदमी पार्टी सभी ने इसकी आलोचना की। समय समय पर निर्वाचन आयोग अपने ऊपर उठने वाले सवालों के जवाब देता आया है। अब भारत निर्वाचन आयोग ने एक बार फिर यही किया है।
ईवीएम के साथ छेडख़ानी करने का क्या अर्थ है ?
टैम्परिंग या छेडख़ानी का अर्थ है, कंट्रोल यूनिट (सीयू) की मौजूदा माइक्रो चिप्स पर लिखित साफ्टवेयर प्रोग्राम में बदलाव करना या सीयू में नई माइक्रो चिप्स इंसर्ट करके दुर्भावनापूर्ण साफ्टवेयर प्रोग्राम शुरू करना और बैलेट यूनिट में प्रेस की जाने वाली ऐसी कीज बनाना, जो कंट्रोल यूनिट में वफादारी के साथ परिणाम दर्ज न करती हो।
क्या विनिर्माताओं द्वारा ईसीआई-ईवीएम में कोई हेराफेरी की जा सकती है?
साफ्टवेयर की सुरक्षा के बारे में विनिर्माता के स्तर पर कड़ा सुरक्षा प्रोटोकोल लागू किया गया है। ये मशीनें 2006 से अलग अलग वर्षों में विनिर्मित की जा रही हैं। विनिर्माण के बाद ईवीएम को राज्य और किसी राज्य के भीतर जिले से जिले में भेजा जाता है। विनिर्माता इस स्थिति में नहीं हो सकते कि वे कई वर्ष पहले यह जान सकें कि कौन सा उम्मीदवार किस निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ेगा और बैलेट यूनिट में उम्मीदवारों की सीक्वेंस क्या होगी। इतना ही नहीं, प्रत्येक ईसीआई-ईवीएम का एक सीरियल नम्बर है और निर्वाचन आयोग ईवीएम-ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके अपने डेटा बेस से यह पता लगा सकता है कि कौन सी मशीन कहां पर है। अत: विनिर्माण के स्तर पर हेराफेरी की कोई गुंजाइश नहीं है।
क्या ईसीआई-ईवीएम का पुराना मॉडल अभी भी चलन में है?
ईवीएम मशीनों का एम 1 माडल 2006 में बनाया गया था और पिछली बार 2014 के आम चुनावों में इस्तेमाल किया गया था। 2014 में जिन ईवीएम मशीनों ने 15 वर्ष का जीवनकाल पूरा कर लिया था और एम 1 माडल की ऐसी मशीनें, जो वीवीपीएटी (वोटर-वेरिफाइड पेपर आडिट ट्रेल) के अनुकूल नहीं थीं, को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने 2006 तक विनिर्मित सभी एम 1 ईवीएम को हटाने का फैसला किया। ईवीएम मशीनों को हटाने के लिए निर्वाचन आयोग ने एक मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) निर्धारित की है। ईवीएम और उसके चिप को नष्ट करने की प्रक्रिया को विनिर्माताओं की फैक्टरी के भीतर राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी या उसके प्रतिनिधि की मौजूदगी में अंजाम दिया जाता है।


PMO के सामने तमिलनाडु के किसानों का न्यूड प्रोटेस्ट, 28 दिनों से दिल्ली में धरने पर
10 April 2017
सूखे और कर्ज से बेहाल तमिलनाडु के किसानों की बेजारी एक बार फिर दिल्ली के सियासी गलियारों में अजीबोगरीब प्रदर्शन के तौर पर दिखी. सोमवार को कुछ आंदोलनकारी किसानों ने नॉर्थ ब्लॉक के नजदीक नग्न होकर विरोध जताया.
पीएम से मिलने पहुंचे थे किसान
दरअसल किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपने के लिए पीएमओ पहुंचा था. दिल्ली पुलिस उन्हें इस काम के लिए खुद जंतर-मंतर से लाई थी. हालांकि पीएम दफ्तर में मौजूद नहीं थे लेकिन किसान करीब दस मिनट तक पीएमओ के भीतर गए. बाहर आने पर उनके दल का एक सदस्य अचानक पुलिस के वाहन से कूद गया और निर्वस्त्र होकर सड़क पर दौड़ने लगा. इसी तरह उसके तीन अन्य साथी भी कपड़े उतारकर नॉर्थ ब्लॉक की सड़कों पर उतर आए.
करीब एक महीने से जारी है प्रदर्शन
ये किसान पिछले 28 दिनों से जंतर-मंतर पर धरना दे रहे हैं. इस दौरान मीडिया का ध्यान खींचने के लिए आंदोलनकारियों ने कई बार नरमुंडों के साथ धरना देने से लेकर मरे हुए सांपों को जीभ पर रखकर प्रदर्शन जैसे तरीके अपनाए हैं.
भारी पड़ रही भूख हड़ताल
करीब 25 किसान अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इनमें से 3 की तबीयत बिगड़ गई है. आंदोलनकारियों किसानों का कहना है कि अगर सरकार अब भी उनकी मांगें नहीं मानती है तो वो सिर मुंडाकर और आधी मूंछ बनवाकर विरोध जताएंगे.
क्या चाहते हैं किसान?
तमिलनाडु के किसान इन दिनों भयंकर सूखे का सामना कर रहे हैं. दक्षिण-पश्चिमी मानसून और पूर्वोत्तर मानसून सामान्य से 60 फीसदी बरसा है. ऐसे में कर्ज का बोझ उनकी जिंदगी को और कठिन बना रहा है. किसानों का आरोप है कि आत्महत्या के बढ़ते मामलों के बावजूद सरकार उनकी सुनवाई नहीं कर रही है. वो कर्ज माफी के साथ राहत पैकेज की भी मांग कर रहे हैं. दूसरी ओर, मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को किसानों का कर्ज माफ करने का निर्देश दिया है.
समर्थन में जुटे सियासत और सिनेमा के सितारे
वहीं, जंतर-मंतर पर किसानों के समर्थन में कई नेता और दक्षिण भारतीय सिनेमा के सितारे पहुंचे हैं. राहुल गांधी के अलावा मणिशंकर अय्यर और डीएमके सांसद कनिमोझी किसानों से मिल चुकी हैं. भारतीय किसान यूनियन ने भी इस आंदोलन के समर्थन का ऐलान किया है.


लालकृष्ण आडवाणी को फिर आई सिंध की याद, कहा- भारत का हिस्सा नहीं होने का दुख है
10 April 2017
नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-बांग्लादेश संबंधों पर बोलते हुए रविवार को पड़ोसी देश पाकिस्तान पर बिना नाम लिए निशाना साधा। पीएम मोदी ने दक्षिणी एशिया में आतंकवाद फैलाने के लिए पाकिस्तान पर हमला बोलते हुए कहा कि कुछ देशों को मानवतावाद से बड़ा आतंकवाद लगता है। इस तरह की विचारधारा इस क्षेत्र के विकास में रुकावट है। मोदी के बाद सोमवार को देश के पूर्व उप-प्रधानमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने इशारों-इशारों में संबंध सुधारने की नसीहत दी। आडवाणी ने कहा कि मेरी इच्छा है कि दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच संबंध सुधरें। कराची का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि जहां मेरा जन्म हुआ था, अब वह भारत का हिस्सा नहीं है। यह पहली बार नहीं है जब आडवाणी ने इस तरह का बयान दिया हो।
दिल्ली में आयोजित इंडिया फाउंडेशन अवेयरनेस प्रोग्राम में बोलते हुए आडवाणी ने कहा कि बांग्लादेश के अतिरिक्त भी कई पड़ोसी देश हैं, जिनसे संबंध सुधारने की जरुरत है। अगर हमारे रिश्ते उन पड़ोसी देशों से सुधरते हैं तो मुझे खुशी होगी। उन्होंने कहा, “सिंध कभी भारत का हिस्सा हुआ करता था, लेकिन स्वतंत्रता के बाद हमने देश के उस हिस्से को खो दिया। मैं इससे दुखी हूं। मैं चाहते हूं कि उस देश के साथ भी वैसे ही रिश्ते बनें जैसे कि भारत और बांग्लादेश के बीच है।
जनवरी महीने में आडवाणी ने कुछ इसी तरह का बयान दिया था। आडवाणी ने अपने बयान में कहा था कि पाकिस्तान के सिंध के बिना भारत ‘अधूरा’ है। कई बार मैं महसूस करता हूं कि कराची और सिंध भारत का हिस्सा नहीं रहे। मैं बचपन के दिनों में सिंध में आरएसएस में काफी सक्रिय था। मेरा मानना है कि भारत सिंध के बिना अपूर्ण प्रतीत होता है। आडवाणी का जन्म एक सिंधी परिवार में हुआ था। आडवाणी ने यह बात प्रजापति ब्रह्म कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के संस्थापक आध्यात्मिक गुरू पिताश्री ब्रह्मा के 48वें अधिरोहण समारोह को संबोधित करते हुए कही थी। बता दें कि साल 2005 में पाकिस्तान दौरे के दौरान पाक के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना को धर्मनिरेपेक्ष बताने पर आडवाणी को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देना पड़ा था।


नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल में जल्द बदलाव के आसार, कुछ की हो सकती है छुट्टी, कुछ नए होंगे शामिल
6 April 2017
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में बदलाव के आसार बताए जा रहे हैं. पार्टी के संगठन में कई पद खाली हो गए हैं और मंत्रिमंडल में भी 2019 को ध्यान में रखकर बदलाव किए जाने की बात कही जा रही है. रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर के गोवा के सीएम बनने के बाद इस पद अतिरिक्त कार्यभार वित्तमंत्री अरुण जेटली संभाल रहे हैं. वैसे भी रक्षामंत्री के तौर पर्रिकर कई बार कह चुके थे कि उनका मन दिल्ली से ज्यादा गोवा में लगता है और वह वहां पर ज्यादा मुफीद महसूस करते रहे हैं. चुनाव में बहुमत से दूर होने के बाद पर्रिकर गोवा में सरकार बनाने में कामयाब हुए. रक्षा मंत्री के लिए किसी का नाम अभी सामने नहीं आया.
बीजेपी के वरिष्ठ सूत्रों का कहना है कि संसद का सत्र खत्म होते ही मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है. 12 अप्रैल को संसद का यह सत्र समाप्त हो रहा है. कहा यह भी जा रहा है कि बीजेपी के संगठन में भी काफी बदलाव होने जा रहा है. राज्यपालों के कई पद खाली हैं. इसके अलावा कई संवैधानिक संस्थाओं में भी पद खाली है. जैसे मानवाधिकार आयोग आदि.
इस संभावित (क्योंकि अभी तक अटकलें ही हैं) फेरबदल में केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र की छुट्टी हो सकती है क्योंकि वह 75 पार कर गए. नरेंद्र मोदी सरकार ने पहले ही साफ कर दिया था कि 75 पार के कोई मंत्री मंत्रिमंडल में नहीं रहेंगे. लेकिन कलराज मिश्र को यूपी चुनाव तक के लिए मंत्रिमंडल में बरकरार रखने की बात कही गई थी. अब माना जा रहा है कि कलराज मिश्र को मंत्रीपद छोड़ना पड़ सकता है.
अटकलें यह भी हैं कि केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा का प्रमोशन हो सकता है. उन्हें राज्यमंत्री से कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया जा सकता है. इसके पीछे यह कारण कहा जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के चुनावों में मिली भारी जीत के बाद मनोज सिन्हा राज्य के मुख्यमंत्री पद के दौड़ में सबसे आगे बताए जा रहे थे. लेकिन अंत में पार्टी ने योगी आदित्यनाथ को सीएम और दो डिप्टी सीएम बनाकर सत्ता की शुरुआत की.
खबरें यह भी हैं कि उत्तराखंड में भाजपा को मिली भारी जीत के बाद इस राज्य से किसी नेता को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है. उत्तराखंड ने रमेश पोखरियाल निशंक, भगत सिंह कोशियारी दौड़ में है. वहीं, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, छ्त्तीसगढ़ और राजस्थान में होने वाले आगामी विधान सभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भी कुछ चेहरे मोदी कैबिनेट में शामिल किए जा सकते हैं.
उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी के तीन सत्ता में पूरे होने वाले हैं. पीएम मोदी ने सभी मंत्रालयों के कामकाज की रिपोर्ट हर साल की तरह फिर ली है. महत्वपूर्ण बात यह है कि इस साल जुलाई में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के भी चुनाव होने हैं. इनसे पहले ही होने वाला यह मंत्रिंमडल विस्तार कई बातें साफ कर देगा. शिवसेना के कोटे से एक केंद्रीय मंत्रीपद खाली है. यह एक सहयोगी दल है और राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले बीजेपी नाराजृ शिवसेना को मनाने के लिए एक मंत्रीपद उन्हें दे सकती है. गौरतलब है कि पिछले बार हुए मंत्रीमंडल फेरबदल में में किसी सहयोगी दल को जगह नहीं दी गई है. रामदास अठावले को केवल बाहर की पार्टी से लिया गया था.


दलाई लामा बस बहाना, इन पांच मुद्दों पर कभी भी भारत-चीन आ सकते हैं आमने-सामने
6 April 2017
नई दिल्ली: एशिया की दो बड़ी शक्तियों भारत और चीन के बीच पिछले तीन दिनों में तनाव नई ऊंचाई तक पहुंच चुका है. दोनों देशों की ओर से लगातार धमकियां दी जा रही हैं. तनाव का ये ताजा दौर दलाई लामा के अरुणाचल प्रदेश दौरे को लेकर शुरू हुआ है. इस दौरे को लेकर चीन की आपत्तियों पर भारत ने साफ कहा कि चीन हमारे अंदरूनी मामलों में दखल न दे वहीं चीन ने कहा कि भारत के इस कदम से द्विपक्षीय संबंधों को भारी नुकसान पहुंचा है और बॉर्डर पर तनाव बढ़ सकता है. यहां तक कि दलाई लामा के मामले पर चीन ने कश्मीर में दखल देने की भी धमकी दे दी. दलाई लामा के दौरे पर तनाव तो बस ताजा मामला है लेकिन हाल के दिनों में पांच ऐसे बड़े मुद्दे हैं जिनपर चीन और भारत जैसी बड़ी शक्तियां आमने-सामने हैं और तनाव किसी भी हद तक जा सकता है.
1. अरुणाचल और लेह में सीमा विवाद
करीब 6 दशकों से भारत और चीन के बीच सीमा विवाद है लेकिन दुनिया का शायद ये अकेला तनाव वाला बॉर्डर है जहां 1962 के युद्ध के बाद एक भी गोली नहीं चली है. दोनों देशों ने सीमा विवाद को सुलझाने के लिए कई मैकेनिज्म पर विचार किया लेकिन अबतक कुछ ठोस सामने नहीं आया है. पिछले साल लेह-लद्दाख में बॉर्डर में इलाकों को लेकर दोनों देशों के सैनिक कई दिनों तक आमने-सामने जमे रहे तो दलाई लामा के अरुणाचल दौरे पर चीन पर सीधी धमकियों पर उतर आया है. हाल में ये बात सामने आई थी कि चीन अरुणाचल के तमांग के बदले अक्साईचिन पर अपना दावा छोड़ सकता है. लेकिन क्या भारत तवांग को छोड़ेगा. भारत इसपर कतई राजी नहीं है और ऐसे में बॉर्डर मामले पर सहमति की कोई गुंजाइश नहीं दिखती.
2. NSG और UNSC में भारत की सदस्यता का मुद्दा
आबादी में दुनिया की दूसरे सबसे बड़े और दुनिया की सबसे तेज ऊभरती अर्थव्यवस्थाओं में से एक भारत UNSC की स्थायी सदस्यता के लिए पूरा जोर लगाए हुए है. इस राह में चीन सबसे बड़ा रोड़ा है. ठीक ऐसे ही एनएसजी की सदस्यता की भारत की कोशिशों में चीन लगातार बाधा बनता जा रहा है. ऐसे में विदेश नीति के मोर्चे पर भी दोनों देशों के बीच तनाव स्पष्ट है. अमेरिका की एशिया नीति में चीन के खिलाफ भारत एक मजबूत हिस्सा है तो पाकिस्तान के जरिए समुद्री पहुंच हासिल करने की चीन की कोशिशों में भारत एक रोड़ा. ऐसे में दोनों देश तनाव के नए दौर की ओर बढ़ रहे हैं.
3. PAK-चीन आर्थिक गलियारा और गिलगित बालटिस्तान का मुद्दा
54 बिलियन डॉलर की लागत से तैयार किए जा रहे चीन-पाकिस्तान का आर्थिक गलियारे को भारत ने साफ तौर पर अवैध कहा है. जबकि चीन इसे किसी भी कीमत पर पूरा करने पर अड़ा हुआ है. ये गलियारा गिलगित-बालटिस्तान से होकर गुजरता है जिसे भारत अपना हिस्सा मानता है और पाकिस्तान के अवैध कब्जे से छुड़ाने का ऐलान कर चुका है. वहीं चीन की शह पर पाकिस्तान गिलगित-बालटिस्तान को अपना पांचवां राज्य बनाने की कोशिश में है. ये मामला अंतरराष्ट्रीय मंच पर कभी भी तनाव का कारण बन सकता है.
4. अजहर मसूद और हाफिज सईद का मामला
मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड पाकिस्तानी आतंकी अजहर मसूद और हाफिज सईद पर प्रतिबंध लगाने की यूएन में भारत की कोशिशों को दो बार चीन रोक चुका है. चीन सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य है और उसके पास वीटो पावर है. भारत इस तरह की स्थितियों के मद्देनजर ही सुरक्षा परिषद जैसी संस्थाओं में सुधार की मांग कर रहा है. भारत का तर्क है कि पिछले 6 दशकों में दुनिया में संतुलन काफी हद तक बदल चुका है. भारत आज एक बड़ी शक्ति है और उसे सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता मिलनी चाहिए. चीन इसमें बाधा बनता आया है. यहां तक कि पाकिस्तानी आंतकियों पर कार्रवाई की भारत की कोशिशों में भी रोड़े अटकाता रहा है.
5. दक्षिण चीन सागर
दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में चीन की दादागीरी के खिलाफ भी भारत ने अपनी आवाज बुलंद की है. इस क्षेत्र के सहयोगी देशों के साथ व्यापारिक हितों की सुरक्षा के लिए भारत ने दक्षिण चीन सागर में चीन की नीतियों का विरोध किया. अमेरिका-जापान समेत तमाम देश इस मामले में भारत के समर्थन में हैं. बेशक भारत दक्षिण चीन सागर में किसी प्रकार की सीधी दावेदारी नहीं रखता तो भी इसके 55 प्रतिशत आर्थिक हित दक्षिण चीन सागर से जुड़े हुए हैं. भारत का यह भी मानना है कि विवादों में शामिल इस क्षेत्र के देशों को किसी प्रकार की धमकी या बल प्रयोग के डर के बिना अपने विवादों को हल करना चाहिए क्योंकि यदि ऐसा होता है तो न चाहते हुए भी जटिलताएं पैदा हो जाएंगी जिससे क्षेत्र की शांति और स्थिरता पर बुरा प्रभाव पड़ेगा. चीन इस क्षेत्र से भारत को दूर रहने की चेतावनी देते रहा है. ऐसे में कभी भी इन मुद्दों पर भारत-चीन में तनाव गंभीर रूप ले सकता है.


BJP के 37वें स्थापना दिवस पर बोले पीएम मोदी, 'गरीबों, वंचितों के लिए काम करते रहेंगे'
6 April 2017

नई दिल्ली: आज बीजेपी का 37वां स्थापना दिवस है. इस मौके पर थोड़ी देर पहले दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीजेपी के मुख्यालय पहुंचे. पीएम ने वहां दीन दयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. बीजेपी आज से 14 अप्रैल अप्रैल आंबेडकर जयंति तक पूरे देश में कार्यक्रम करेगी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान कहा,अंत्योदय के मंत्र के साथ पार्टी भारत, खासकर गरीबों एवं वंचितों की सेवा करने के अपने प्रयासों को पूरे जोश से आगे बढ़ाते रहेगी.
मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘बीजेपी के स्थापना दिवस पर मैं बीजेपी कार्यकर्ताओं के पूरे परिवार को बधाई देता हूं जो पूरे भारत में काम कर रहे हैं.’’ मोदी ने कहा, ‘‘हम बीजेपी कार्यकर्ताओं की पीढ़ियों की कड़ी मेहनत को गौरव के साथ याद करते हैं जिन्होंने देश की सेवा के लिए अपनी कोशिशों से एक एक ईट जोड़कर पार्टी को खड़ा किया.’’ मोदी ने दीनदयाल उपाध्याय को प्रेरणा का स्रोत बताया.
उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा कि यह गौरव की बात है कि सम्पूर्ण भारत और समाज के सभी वर्गो के लोगों ने बीजेपी पर भरोसा जताया है. मोदी ने सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया.
बीजेपी के लोकसभा और राज्यसभा के 325 सांसद अपने लोकसभा क्षेत्र या राज्य के अलावा दूसरे लोकसभा क्षेत्र या राज्य में एक दिन और एक रात बिताएंगे. इस दौरान सांसद या भारत सरकार के मंत्री सार्वजानिक कार्यक्रम/ सभाएं करेंगे, जिसमें मोदी सरकार की योजनाओं को लोगों के बीच रखेगे और उनके लाभ के बारे में बतायेगे.
एक हफ्ते के इस कार्यक्रम में सभी मंत्रियो को भी देश भर के 151 ऐसे लोकसभा क्षेत्रों या राज्यो में भेजा जा रहा है जहां बीजेपी या तो कभी जीती नहीं है या जहां बीजेपी के लिए परिस्थितिया कठिन हैं. लेकिन इसके वाबजूद सभी 543 लोकसभा क्षेत्रो में बीजेपी का कोई न कोई सांसद एक दिन और एक रात बितायेगा.
कमज़ोर राज्यों और कठिन सीटों पर बीजेपी के बड़े नेता और मंत्री खुद जायेगे. पार्टी अध्यक्ष अमित शाह खुद तेलंगाना या केरल जा सकते जा सकते है. इसके अलावा शाह का एक कार्यक्रम गुजरात या हिमाचल प्रदेश में भी हो सकता है. इन दोनों राज्यो में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं ऐसे में अमित शाह खुद इन राज्यो में सभाएं कर सकते हैं. गौरतलब है कि बीजेपी की स्थापना 6 अप्रैल 1980 में की गई थी.


भारत ने ठुकराया अमेरिका का प्रस्ताव, कहा- नहीं चाहिए मध्यस्थता
5 April 2017
नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच शांति बहाली में अमेरिका द्वारा मध्यस्थता की बात से भारत ने इन्कार किया है। भारत ने यह प्रतिक्रिय संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की स्थायी सदस्य निक्की हेली के बयान के बाद दी है।
दरअसल राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप ने कश्मीर मुद्दे पर भारत व अमेरिका के बीच मध्यस्थता करने की इच्छा जताई थी। तब भारत ने इस पर खास प्रतिक्रिया नहीं जताई थी। लेकिन मंगलवार को जब संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की प्रतिनिधि निक्की हेल ने इस बात को दोहराया तो भारत ने इसे बर्दाश्त नहीं किया।
भारत ने इस तरह की किसी भी मंशा का कूटनीतिक लहजे में पूरी तरह से खारिज कर दिया है। दरअसल, यूएन में अमेरिकी प्रतिनिधि निक्की हेली ने अपने प्रेस कांफ्रेंस में यह कहा है कि, अमेरिका भारत व पाकिस्तान के बीच लगातार बढ़ रहे तनाव से चिंतित है। अमेरिका इस तनाव को खत्म करना चाहता है। उन्होंने साफ तौर पर भारत व पाकिस्तान के बीच ट्रंप प्रशासन की तरफ से बीच बचाव करने का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि भारत व पाक के बीच कुछ हो जाए, हम उस समय का इंतजार नहीं करना चाहते।
हेली से पहले ट्रंप प्रशासन की तरफ से पहले भी इस तरह के संकेत आए हैं। इसको पाकिस्तान सरकार और वहां की मीडिया ने खूब प्रचारित किया है कि ट्रंप प्रशासन भारत व पाकिस्तान को एक ही चश्मे से देखने की कोशिश कर रहा है। हेली के बयान आने के कुछ ही घंटे बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने बताया कि, ''भारत का पाकिस्तान से जुड़े हर मुद्दे पर साफ साफ रवैया है कि यह क्षेत्र हिंसा और आतंक से अभी तक मुक्त नहीं हो पाया है। हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संगठनों से उम्मीद करते हैं कि वे पाकिस्तान की तरफ से आतंकवाद को दिए जा रहे बढ़ावे पर लगाम लगाने की कोशिश करेंगे क्योंकि यह हमारे क्षेत्र में स्थायित्व को लेकर सबसे बड़ा खतरा बन गया है।''
विदेश मंत्रालय का यह बयान बताता है कि भारत कश्मीर में मध्यस्थता के मुद्दे पर अभी से ही अपने पत्ते खुले रखना चाहता है। जानकारों की मानें तो अमेरिका कम से कम पिछले दो दशकों के दौरान कश्मीर पर मध्यस्थता करने की न तो कोशिश की है और न ही कोई बयान दिया है। इसलिए भारत अभी से स्थिति साफ रखना चाहता है। उधर, देश के तमाम कूटनीतिक जानकारों ने भी अमेरिका की तरफ से दिए गए इस बयान को काफी गंभीर माना है।
अमेरिका में भारत की पूर्व राजदूत मीरा शंकर का कहना है कि अमेरिका पहले भी भारत व पाक के बीच तनाव बढ़ने पर चिंता जताता रहा है लेकिन यह पहला मौका है जब उसने बीच बचाव करने की मंशा जताई है। भारत को अपनी स्थिति साफ कर देनी चाहिए कि कश्मीर पर उसे तीसरे पक्ष की मध्यस्थता नहीं चाहिए। अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत नरेश चंद्रा भी यही मानते हैं कि अमेरिका में भारत व पाक के बीच-बचाव का पक्ष लेने वाला एक लॉबी है जो इस तरह का संकेत देते रहता है लेकिन भारत को अपना पक्ष पूरी मजबूती से रखनी चाहिए।
जानकारों की मानें तो ट्रंप प्रशासन जिस तरीके से काम कर रहा है उससे लगता है कि भारत उनके लिए अभी प्राथमिकता में नहीं है। एच-1बी वीजा मुद्दे को जिस तरह से विरोधाभासी बयान आने से भी इस बात का पता चलता है। साथ ही वहां रह रहे भारतीयों पर नस्लीय हमले से जुड़ी घटनाओं के बढ़ने से भी कूटनीतिक क्षेत्र में एक अनदेखा सा तनाव है। पिछले महीने विदेश सचिव एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल अमेरिका गये थे।



एनएसजी में सदस्‍यता को लेकर भारत की बढ़ी उम्‍मीद, जर्मनी ने किया समर्थन
5 April 2017
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी जर्मनी की यात्रा से पहले ही भारत के परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) का सदस्‍य बनने को लेकर सकारात्‍मक संकेत मिलने लगे हैं। लिहाजा एनएसजी में भारत की सदस्यता को लेकर उम्मीद बढ़ गई है। इसकी वजह यह है कि वह देश जो भारत को इसकी सदस्‍यता देने के खिलाफ थे वह भ्‍ाी अब इस मुद्दे पर भारत का साथ देते नजर आ रहे हैं। जर्मनी के एक वरिष्ठ राजनयिक सूत्र ने बताया कि एनएसजी परामर्श समूह की बैठक जारी है और यहां भारत की सदस्यता के बारे में चर्चा की जा रही है। इस बैठक में जर्मनी ने भारत को अपना समर्थन दिया है।
अमेरिका पहले की तरह ही इस बार भी भारत की एनएसजी में सदस्यता के मुद्दे पर अपना समर्थन दे रहा है। वहीं चीन अब भी इस मुद्दे पर भारत के खिलाफ खड़ा हुआ है। पहले की ही तरह इस बार भी चीन ने कहा है कि वह एनपीटी पर हस्ताक्षर किए बिना किसी भी देश को एनएसजी की सदस्यता दिए जाने के खिलाफ है। पीएम नरेंद्र मोदी इस साल 2 बार जर्मनी की यात्रा पर जाएंगे। पहले वह मई में और फिर जुलाई में G-20 सम्मेलन में भाग लेने के लिए जर्मनी जाएंगे।
इस मुद्दे पर भारत लगातार कूटनीतिक प्रयास कर रहा है। इसी संबंध में पिछले दिनों भारत के विदेश सचिव एस जयशंकर ने जर्मनी के विदेश मंत्री मार्कस ऐडरर से मुलाकात भी की थी। इस दौरान दोनों के बीच आपसी संबंधों को आगे ले जाने और मई में बर्लिन में इंटर गवर्नमेंटल कमिशन की बैठक के बारे में अहम मुद्दों पर भी चर्चा की गई थी। जयशंकर इस सप्ताह श्रीलंका में होने वाली बैठक में भी जर्मनी के शीर्ष राजनयिकों से कई मुद्दों पर चर्चा करेंगे। एक अंग्रेजी अखबार की खबर के मुताबिक जर्मन राजनयिक ने बताया है कि भारत वैश्विक स्तर पर हमारा अहम रणनीतिक साझीदार है।


दलाई लामा की अरुणाचल यात्रा से भड़का चीन, बॉर्डर पर तनाव बढ़ने की दी धमकी
5 April 2017
तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा की अरुणाचल यात्रा से चीन बुरी तरह भड़का हुआ है. शांति दूत की यात्रा को लेकर चीन ने सीधे भारत को धमकी देना भी शुरू कर दिया है. चीन के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि भारत को दलाई लामा की यात्रा को लेकर कदम तुरंत रोकना चाहिए. चीन ने कहा कि दलाई लामा की यात्राओं से बॉर्डर इलाकों में तनाव बढ़ेगा. चीन ने इस मामले में बीजिंग में भारतीय राजदूत को बुलाकर विरोध दर्ज कराया. गौरतलब है कि भारत ने चीन की आपत्तियों पर साफ कहा था कि आंतरिक मामलों में किसी का दखल बर्दाश्त नहीं.
दलाई लामा की अरुणाचल यात्रा पर प्रतिक्रिया देते हुए चीन की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि चीन की चिंता के बावजूद भारत ने दलाई लामा की यात्रा को मंजूरी दी. इससे दोनों देशों के संबंधों को नुकसान पहुंचेगा.
अगर मुझे कोई दुष्ट समझता है तो परवाह नहीं: दलाई लामा
इस बीच, चीन की आपत्तियों पर खुद तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने प्रतिक्रिया दी है. अरुणाचल में दलाई लामा ने कहा कि अगर कोई मुझे दुष्ट समझता है तो मुझे इसकी परवाह नहीं. बोमडिला में दलाई लामा ने कहा कि चीन में कई लोग भारत को प्रेम करते हैं लेकिन कई राजनीतिज्ञ संकीर्ण सोच के हैं. वे मुझे दुष्ट के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश करते हैं. मुझे इसकी परवाह नहीं है.
क्यों दलाई लामा के विरोध में है चीन?
गौरतलब है कि तिब्बत से निर्वासित आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा चार दशकों से हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में रहते हैं. चीन अरुणाचल के तवांग को अपना हिस्सा मानता है जिसकों लेकर भारत के साथ लंबे समय से तनाव चला आ रहा है. चीन दलाई लामा की अरुणाचल यात्रा का विरोध करता रहा है.
'चीन को परेशान करने के लिए दलाई लामा का तवांग दौरा'
इससे पहले चीन की सरकारी मीडिया में भारत पर आरोप लगाए गए थे. चीनी मीडिया ने कहा था कि भारत बीजिंग को परेशान करने के लिए दलाई लामा के तवांग दौरे का इस्तेमाल कर रहा है तथा नई दिल्ली को तिब्बत से संबंधित अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धताओं का पालन करना चाहिए. चीनी अखबार ने एक विशेषज्ञ के हवाले से कहा, ‘भारत दलाई लामा की यात्रा का इस्तेमाल चीन को परेशान करने के लिए कर रहा है.’ विशेषज्ञ ने कहा, ‘भारत को तिब्बत से संबंधित मुद्दों को लेकर चीन से की गई अपनी प्रतिबद्धताओं पर खरा उतरना चाहिए.’
चीन को भारत की दो टूक
चीन की इन आपत्तियों पर भारत ने सीधा जवाब दिया है. दलाई लामा के अरुणाचल प्रदेश के दौरे पर उपजे विवाद के बीच भारत ने चीन से कहा कि चीन भारत के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप नहीं करे. भारत ने कहा कि वह ‘एक चीन’ नीति का सम्मान करता है और चीन से भी इसी तरह की उम्मीद रखता है. गृह राज्यमंत्री किरण रिजीजू ने कहा कि उनकी अरुणाचल यात्रा पूरी तरह धार्मिक है और इसका कोई राजनीतिक तात्पर्य नहीं निकाला जाना चाहिए.


जेठमलानी की फीस पर सिसोदिया का पलटवार, ईवीएम मुद्दे से भटकाने की हो रही कोशिश
4 April 2017
जनता के फंड को अपने निजी केस लड़ने के लिए खर्च करने के आरोप में घिरी आम आदमी पार्टी पूरे मामले पर सफाई देने सामने आई. बीजेपी द्वारा लगाए गए तमाम आरोपों पर आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, "यह मसला क्रिकेट के भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है. बीजेपी ईवीएम स्कैम से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे पैतरे अपना रही है. सरकार ने इस पूरे मामले पर जांच बिठाई थी जिसमें कई बड़े लोग फंस रहे थे. जिन्होंने बाद में मुकदमा किया. चूंकि जांच सरकार ने बिठाई थी इसलिए मुख्यमंत्री के खिलाफ मुकदमे का बिल सरकार देगी क्योंकि यह अरविंद केजरीवाल का कोई निजी मुकदमा नहीं था".
मनीष सिसोदिया ने कहा कि क्रिकेट में भ्रष्टाचार रोकना सरकार की जिम्मेदारी थी. सरकार ने कदम उठाए. अब सरकार के द्वारा क्रिकेट में कराई जा रही जांच में लगे वकील की फीस अरविंद केजरीवाल व्यक्तिगत रूप से क्यों देंगे? वह उनका निजी केस नहीं था. उस मुकदमे को तो अब सरकार लड़ेगी.
ईवीएम स्कैम से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश
आम आदमी पार्टी ने जनता फंड दुरुपयोग के आरोपों को ईवीएम स्कैम से ध्यान भटकाने की कोशिश कहा है. मनीष सिसोदिया ने इन आरोपों के समय पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसकी टाइमिंग देखी जाए. जेठमलानी जी डेढ़ साल से यह मुकदमा लड़ रहे हैं लेकिन डेढ़ साल से यह बात नहीं हुई. आज यह बात हो रही है क्योंकि ईवीएम का घोटाला सामने आने के बाद इनके पास कोई जवाब नहीं है और सारा का सारा मुद्दा इन्होंने पलटने की कोशिश की है. वे बीजेपी पर ईवीएम के साथ टेम्परिंग करके जीतने की बात कहते हैं. वे अब मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए डेढ़ साल पुराना मुकदमा लेकर आए हैं.
वकील राम जेठमलानी ने दी सफाई
इससे पहले अरविंद केजरीवाल के वकील राम जेठमलानी ने सफाई में कहा कि अगर सरकार केस लड़ने के लिए उनका मेहनताना नहीं दे पाती है तो वे अरविंद केजरीवाल का केस मुफ्त भी लड़ सकते हैं. दरअसल डीडीएस, डीडीसीए मामले पर अरविंद केजरीवाल द्वारा कथित तौर पर केंद्रीय वित्त केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली पर लगाए गए आरोपों के बाद जेटली ने अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के चार दूसरे नेताओं पर दिल्ली के पटियाला कोर्ट और हाईकोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया है.
इस पूरे मामले में अरविंद केजरीवाल की ओर से मशहूर वकील राम जेठमलानी पेश हो रहे थे और बतौर मेहनताना उन्होंने लगभग चार करोड़ का बिल दिल्ली सरकार को भेजा था. जिसकी मंजूरी पत्र पर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के दस्तखत थे. दिल्ली के उपराज्यपाल ने इस बिल को लेकर कानूनी सलाह लेने की बात कही है जिसके बाद यह पूरा मामला सामने आया. दिल्ली नगर निगम चुनाव के पहले यह मामला अब राजनीतिक रूप लेता जा रहा है. हालांकि पत्रकारों द्वारा सवाल पूछे जाने पर वे जवाब देने के बजाय पलटकर चलते बने. इस बीच एक और चिट्ठी भी देखने में आई है कि इस फाइल को स्वीकृति के लिए उपराज्यपाल के पास न भेजा जाए.



भैंस, ट्रैक्टर या फिर इंजन खरीदने के लिए लिया गया लोन माफ नहीं करेगी योगी सरकार
4 April 2017
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को अपनी पहली कैबिनेट बैठक में किसानों की कर्ज माफी का बड़ा फैसला ले सकते हैं. हालांकि कैबिनेट की इस बैठक से पहले सूबे के पशुधन, लघु सिंचाई एवं मत्स्य मंत्री एसपी सिंह बघेल ने कहा कि हमने सिर्फ छोटे और लघु किसानों के ऋण माफ करने के वादे किए थे, जिसको पूरा किया जाएगा. हालांकि फसली ऋण के अलावा कुछ और माफ नहीं होगा. कैबिनेट मंत्री बघेल ने यह भी साफ किया कि जिन किसानों ने भैंस, ट्रैक्टर और इंजन के लिए कर्ज लिए हैं, उनका कर्ज माफ नहीं किया जाएगा.
इससे पहले सूबे के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि पहली कैबिनेट बैठक में किसानों का कर्ज माफी का मुद्दा काफी अहम है. इसमें करीब 30 हजार करोड़ से लेकर 45 हजार करोड़ रुपये तक का कर्ज माफ किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि इस फैसले से प्रदेश के किसानों के अच्छे दिन आएंगे, लेकिन इसका लाभ बैंकिंग सिस्टम से जुड़े किसानों को ही मिलेगा. गेंहू खरीदारी पर सूर्यप्रताप शाही ने कहा कि सरकार व्यापक पैमाने पर गेंहू की खरीदारी करेगी. गेंहू खरीद को 40 लाख से बढ़ाकर 80 लाख मैट्रिक टन कर दिया गया है. यह गेंहू खरीद सरकारी एजेंसी खरीदेगी.
सिर्फ डेढ़ करोड़ किसानों का कर्ज होगा माफ
बीजेपी ने चुनाव के लिए जारी अपने संकल्प पत्र में जो सबसे प्रमुख वादा किया था, वह किसानों की कर्जमाफी का ही था. अब सरकार इसका ऐलान करने जा रही है, लेकिन इससे सरकार के खजाने पर भारी बोझ आएगा. केंद्र सरकार ने यह भी स्पष्ट किया था कि यह व्यवस्था राज्य को अपने स्तर पर ही करनी होगी. यूपी में 2 करोड़ 33 लाख सीमांत और लघु किसान हैं और लगभग दो करोड़ छोटे किसान हैं. सूबे के करीब डेढ़ करोड़ किसानों के कर्ज माफी का ऐलान हो सकता है.
कुल 62 हजार करोड़ का है कर्ज
उत्तर प्रदेश में करीब डेढ़ करोड़ किसानों पर लगभग 62,000 करोड़ रुपये का कर्ज है. सरकार इनकी लिस्ट तैयार कर रही है. जिसके बाद इस लिस्ट को केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा, जिससे केंद्र से कर्ज लिया जाएगा. हालांकि सूर्यप्रताप शाही ने बातचीत में सिर्फ 30 हजार करोड़ से लेकर 45 हजार करोड़ की ही बात कही है.



कैंसिल हो गया दलाई लामा का अरुणाचल प्रदेश दौरा, चीन के विरोध पर भारत ने किया था पलटवार
4 April 2017
तिब्बती आध्यात्मिक गुरू दलाई लामा को अरूणाचल प्रदेश के तवांग दौरे का कार्यक्रम फिर से बनाना होगा क्योंकि खराब मौसम के कारण उनका हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका और उन्हें आज गुवाहाटी से सड़क मार्ग से राज्य में बोमडिला की ओर रवाना होना पड़ा। दलाई लामा के निजी सचिव ने बताया कि उनके देर शाम तक पश्चिमी कामेंग जिले के बोमडिला पहुंचने की संभावना है। कल वह बोमडिला से 14 किमी दूर दिरांग जाएंगे और बृहस्पतिवार को तवांग जाएंगे। 12 अप्रैल को वह इटानगर जाएंगे। छह अप्रैल को वह दिरांग में उपदेश देंगे।
आठ से दस अप्रैल तक दलाई लामा तवांग में रहेंंगे।
पिछली बार दलाई लामा वर्ष 2009 में अरूणाचल प्रदेश आए थे। उनकी वह यात्रा उस घटना के ठीक 50 वर्षों बाद हुई थी जब वह तिब्बत के ल्हासा से भारत आए थे। दलाई लामा के अरूणाचल प्रदेश के दौरे को लेकर चीन की आपत्तियों के बीच भारत ने आज कहा कि तिब्बती आध्यात्मिक गुरू के दौरे को लेकर चीन को विवाद खड़ा नहीं करना चाहिए। बता दें कि तिब्‍बती धर्मगुरु दलाई लामा की अरुणाचल प्रदेश यात्रा को लेकर चीन की बयानबाजी पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। भारत ने साफ कहा है कि ’81 वर्षीय धर्मगुरु पहले भी इस उत्‍तर-पूर्वी राज्‍य में आते रहे हैं, इसलिए भारत के विभिन्‍न राज्‍यों में उनकी धार्मिक और आध्‍यात्मिक गतिविधियों को कोई और रंग देने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए।’ दलाई लामा को ‘खतरनाक अलगाववादी’ मानने वाले चीन ने शुक्रवार (31 मार्च) को कहा था कि वह यात्रा के विरोध में है। चीन ने भारत से कहा था कि वह ‘कोई ऐसी कार्रवाई न करे जिससे सीमा विवाद और जटिल हो जाए।’ वहीं भारत की ओर से गृह राज्‍य मंत्री किरण रिजिजू ने साफ कहा कि दलाई लामा की अरुणाचल यात्रा धार्मिक है और इसका कोई राजनैतिक मतलब नहीं लगाया जाना चाहिए। उन्‍होंने कहा, ”अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्‍न अंग है और चीन को उनकी (दलाई लामा) के दौरे और आपत्ति नहीं जतानी चाहिए, न ही भारत के आंतरिक मामलों में दखल देनी चाहिए।
चीन दावा करता है कि अरुणाचल प्रदेश दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा है। वह अक्‍सर विदेशी नेताओं के इस क्षेत्र में दौरों की निंदा करता है ताकि भारत के दावे को कमजोर किया जा सके। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने कहा, ‘‘दलाई गुट का अलगाववादी गतिविधियों में शामिल रहने का निंदाजनक रिकॉर्ड है। भारत को दलाई गुट के असली व्यवहार को लेकर बहुत स्पष्ट होना चाहिए। अगर भारत दलाई लामा को इस क्षेत्र में यात्रा करने के लिए आमंत्रित करता है तो इसका द्विपक्षीय संबंधों को गंभीर क्षति पहुंचेगी।’’



CRPF के काफिले पर आतंकी हमला, लश्कर-ए-तैय्यबा ने ली जिम्मेदारी
3 April 2017
चुनाव प्रक्रिया में खलल डालने के लिए आतंकियों ने सोमवार को जम्मू-श्रीनगर हाइवे पर सेमपोरा में सीआरपीएफ के काफिले पर घात लगाकर हमला किया। इस हमले में छह जवान, एक वाहन चालक और एक छात्रा समेत आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हमले के बाद आतंकी भाग निकले। हमले के कारण हाइवे पर यातायात भी प्रभावित रहा।
जम्मू से सीआरपीएफ के जवानों को लेकर वाहनों का एक काफिला श्रीनगर आ रहा था। दोपहर बाद करीब साढे़ तीन बजे लालचौक से 12 किलोमीटर दूर हाइवे पर पहले से घात लगाए बैठे आतंकियों ने सेमपोरा में काफिले में शामिल एक बस पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इसमें बस चालक और छह जवान जख्मी हो गए। आतंकियों द्वारा दागी गई गोलियों से एक 10 वर्षीय छात्रा जैनब पुत्री डॉ. आशिक हुसैन वानी निवासी पांपोर भी जख्मी हो गई। नागरिक क्षति से बचने के लिए सीआरपीएफ जवानों ने संयम बरता। इसका फायदा उठाकर आतंकी वहां से भाग निकले। इस बीच घायल छात्रा जैनब को श्रीनगर के बोन एंड ज्वाइंट अस्पताल बरजुला में दाखिल कराया गया है। घायल सुरक्षाकर्मियों को निकटवर्ती सैन्य अस्पताल में ले जाया गया।सीआरपीएफ के प्रवक्ता राजेश यादव ने कहा कि आतंकियों की तलाश की जा रही है।
तीन दिन में तीसरा बड़ा हमला
कश्मीर में पिछले तीन दिनों में यह तीसरा बड़ा आतंकी हमला है। इससे पहले गत शनिवार को आतंकियों ने श्रीनगर के बेमिना में सैन्य काफिले पर हमला किया था, जिसमें तीन सैन्यकर्मी जख्मी हो गए थे। इसके बाद गत रविवार को आंतकियों ने नौहट्टा में सुरक्षाबलों पर ग्रेनेड फेंका, जिसमें एक पुलिसकर्मी शहीद व 13 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। खास बात है कि रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जम्मू-कश्मीर आए थे। श्रीनगर की संसदीय सीट पर मतदान नौ अप्रैल व अनंतनाग में 12 अप्रैल को होने वाला है। इसे लेकर सुरक्षा पहले से कड़ी है।



सीएम योगी ने राम मंदिर मुद्दे पर रखी अपनी ये अहम राय!
3 April 2017
नई दिल्ली: यूपी का सीएम बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के मुखपत्र पांचजन्य को पहला इंटरव्यू दिया है. इस इंटरव्यू में योगी ने अयोध्या में राम मंदिर बनाने के मुद्दे पर भी अपनी राय रखी है. इंटरव्यू में सीएम योगी ने राम मंदिर के साथ-साथ बूचड़खानों पर भी बात की है.
सौहार्दपूर्ण तरीके से हो समस्या का समाधान
राम मंदिर निमार्ण को लेकर सीएम योगी ने कहा ‘दोनों पक्ष अगर बातचीत के जरिए विवाद का समाधान निकालते हैं तो अच्छा रहेगा. मैं माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आब्जर्वेशन का स्वागत करूंगा. सरकार चूंकि वाद में नहीं है, तो जो दो पक्ष हैं दोनों बातचीत के माध्यम से कोई रास्ता निकालें. सरकार को कहीं सहयोग करना है, तो उस पर सरकार सहमत है. अच्छा होगा कि सौहार्दपूर्ण तरीके से इस समस्या का समाधान हो.’
योगी ने आगे कहा ‘सब कुछ मौजूद है. जो लड़ाई थी उस पूरी लड़ाई को तो 30 सितंबर, 2010 का न्यायालय का फैसला स्पष्ट कर देता है. तो जब सब स्पष्ट हो चुका है तो मुझे लगता है कि विवाद का बातचीत से ही समाधान हो तो बहुत अच्छा होगा और अच्छा संदेश जाएगा. हमने दोनों पक्षों से आग्रह किया है कि संवाद बनाइये, समाधान का रास्ता निकालिए.’
अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी
राम मंदिर से जुड़े मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा था ‘यह एक संवेदनशील और भावनात्मक मामला है. संवेदनशील मसलों का आपसी सहमति से हल निकालना बेहतर है. इस विवाद का हल तलाश करने के लिए सभी संबंधित पक्षों को नये सिरे से प्रयास करने चाहिए.’ सुप्रीम कोर्ट की इस अहम टिप्पणी के बाद एक बार फिर से राम मंदिर का मुद्दा उठने लगा था. लेकिन इस विवाद पर मध्यस्ता को लेकर कोई खास बात नहीं बन सकी.
राम जन्मभूमि विवाद पर रोज सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इन्कार
राम जन्मभूमि विवाद पर रोज सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने इन्कार कर दिया था. इस विषय पर बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने जल्द सुनवाई की अर्जी दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने स्वामी की अर्जी पर कहा कि अभी हमारे पास इस केस की जल्द सुनवाई करने का वक्त नहीं है.



ईडी ने हिमाचल के सीएम वीरभद्र सिंह का फार्महाउस किया जब्त
3 April 2017
हिमाचल प्रदेश के सीएम वीरभद्र और उनके परिवार की मुश्किले लगातार बढ़ती जा रही हैं। उनके और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह को आय से अधिक संपत्ति में सीबीआई की ओर से आरोपी बनाए जाने के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने बेटे वीरभद्र पर शिकंजा कस दिया है। जिसके तहत ईडी ने आज प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उनके दिल्ली स्थित फार्म हाउस को सीज कर दिया गया है। दरअसल, वीरभद्र के बेटे विक्रमादित्य पर गलत तरीके से फार्म हाउस खरीदने का आरोप है।
जांच एसेंसी को एक बिचौलिये से पूछताछ में पता लगा कि वीरभद्र के बेटे की कंपनी मैपल द्वारा दिल्ली में एक फार्म हाउस को छह करोड़ 61 लाख में खरीदा गया था। जिसकी उस वक्त अनुमानित कीमत एक करोड़ थी। ईडी का आरोप है कि फार्म हाउस को खरीदने में कालेधन का उपयोग किया गया है। इस पूरी डील में एक करोड़ 20 लाख रुपए बतौर रजिस्ट्री के रूप में दिये गए, जबकि बाकी पांच करोड़ 40 लाख रुपये नकद दिए गए। वहीं, रजिस्ट्री की रकम एक करोड़ बीस लाख को कई शेल कंपनियों के जरिये दिया गया।
वीरभद्र के बेटे विक्रमादित्य ने जांच एजेंसियों की पूछताछ में कहा कि उन्हें नहीं पता कि फार्महाउस खरीदने के लिए पैसे कहां से आये। उनके मुताबिक, इन पैसों का इंतजाम उनके पिता की ओर से किया गया। दिल्ली स्थित फार्म हाउस को वर्ष 2012-13 में खरीदा गया। मौजूदा समय में फार्महाउस की कीमत 27 करोड़ आंकी जा रही है। इस बीच, वीरभद्र सिंह ने डीए केस पर कहा है कि यह राजनीतिक प्रतिशोध है। हम इस मामले का सामना करेंगे।
डीए मामले में अब दिल्ली कोर्ट में 6 अप्रैल को होगी सुनवाई
आय से अधिक संपत्ति मामले में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट में दायर आरोपपत्र पर आज सुनवाई हुई। अब इस मामले की अगली सुनवाई छह अप्रैल को होगी। उसके बाद ही आगे समन समेत अन्य कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। सीबीआई ने करीब 500 पन्नों का आरोपपत्र दायर किया है, जिसमें 255 गवाह के नाम शामिल हैं।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के अलावा इसमें उनके दूसरे सहयोगियों के भी नाम हैं। दायर आरोपपत्र में मुख्यमंत्री की पत्नी प्रतिभा सिंह, एलआईजी एजेंट आनंद चौहान उनके सहयोगी चुन्नी लाल, जोगिंदर सिंह घालटा, प्रेम राज, लवण कुमार कोच समेत कुल 9 लोग शामिल हैं।
31 मार्च को दिल्ली हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें सीबीआई के एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई थी। गौरतलब है कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने सितंबर 2015 में मुख्यमंत्री वीरभ्रद सिंह, उनकी पत्नी व अन्य लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की धारा 13 (2) और 13 (1) और आईपीसी की धारा 109 के तहत केस दर्ज किया था।
आरोप है कि 28 मई 2009 से 26 जून 2012 तक इस्पात मंत्री रहते हुए मुख्यमंत्री ने 10 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की। वर्ष 2007 व 2008 के दौरान उनके व एलआईसी एजेंट आनंद चौहान के बैंक खातों में बड़ी रकम की लेनदेन हुई।



 
 
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