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मप्र: एक जुलाई से मिलेगा सातवां वेतनमान, 4% महंगाई राहत के आदेश भी जारी..
29 Jun 2017
भोपाल।मध्य प्रदेश सरकार एक जुलाई से अपने रेगुलर अधिकारियों-कर्मचारियों को सातवां वेतनमान देगी। फाइनेंस डिपार्टमेंट के इसे लिए फॉर्मेट तय किया है, जिसे जल्द कैबिनेट में लाया जाएगा। बता दें कि मप्र सरकार के पांच लाख से ज्यादा रेगुलर अधिकारी कर्मचारी हैं।
पांच किस्तों में मिलेगा एरियर... - नया वेतनमान एक जनवरी 2016 से लागू किया जाएगा। 18 माह का एरियर पांच किस्तों में दिया जाएगा। - कैबिनेट मीटिंग में सातवां वेतन मान का प्रस्ताव मंगलवार को लाया जाने वाला था, लेकिन मीटिंग कैंसिल होने के कारण अब इसे 6 जुलाई को लाया जाएगा।
मप्र के 97 हजार लोगों को फायदा.. भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर वाई श्रेणी में आते हैं, जबकि उज्जैन, सागर, रतलाम, खंडवा समेत अन्य बड़े शहर जेड श्रेणी में। रेलवे, आयकर, डाक, रक्षा, जनगणना, ऑडिट समेत अन्य केंद्रीय विभाग मिलाकर प्रदेश में करीब 97 हजार केंद्रीय कर्मचारी हैं। इनमें भोपाल के 11 हजार कर्मचारी हैं।
4% महंगाई राहत के आदेश, जुलाई में मिलेगी बढ़ी पेंशन. मप्र के पेंशनरों को चार फीसदी महंगाई राहत के आदेश मंगलवार को जारी हो गए। इससे तीन लाख से अधिक पेंशनरों को फायदा मिलेगा। जुलाई में इन्हें बढ़ी पेंशन और एरियर मिल जाएगा। अभी उन्हें 132 फीसदी महंगाई राहत मिलती है। बढ़ोतरी के बाद यह 136 फीसदी हो जाएगी। वित्त विभाग के अनुसार यह महंगाई राहत 1 जनवरी 2017 से दी जाएगी। इसी तरह 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के पेंशनरों को देय अतिरिक्त पेंशन पर भी महंगाई राहत दी जाएगी। पेंशनरों के मामले में देरी इसलिए होती है, क्योंकि करीब 25 फीसदी पेंशनर छत्तीसगढ़ में हैं। वहां से क्लीयरेंस के बाद ही आदेश होते हैं।
15 प्रतिशत तक हो सकता है सैलरी में इजाफा. - सरकार के इस फैसले से राज्य सरकार के इम्प्लॉइज की सैलरी में 15 प्रतिशत तक इजाफा हो सकता है। - इसके लिए फाइनेंस डिपार्टमेंट ने छत्तीसगढ़ द्वारा तय किए वेतनमान का अध्ययन किया है। - लेकिन मध्य प्रदेश में वेतनमान की श्रेणी अधिक होने से यहां श्रेणियां ज्यादा रहेंगी जिसके मुताबिक वेतनमान दिया जाएगा।
4% महंगाई राहत के आदेश, जुलाई में मिलेगी बढ़ी पेंशन.. मप्र के पेंशनरों को चार फीसदी महंगाई राहत के आदेश मंगलवार को जारी हो गए। इससे तीन लाख से अधिक पेंशनरों को फायदा मिलेगा। जुलाई में इन्हें बढ़ी पेंशन और एरियर मिल जाएगा। अभी उन्हें 132 फीसदी महंगाई राहत मिलती है। बढ़ोतरी के बाद यह 136 फीसदी हो जाएगी। फाइनेंस डिपार्टमेंट के अनुसार यह महंगाई राहत 1 जनवरी 2017 से दी जाएगी। इसी तरह 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के पेंशनरों को देय अतिरिक्त पेंशन पर भी महंगाई राहत दी जाएगी। पेंशनरों के मामले में देरी इसलिए होती है, क्योंकि करीब 25 फीसदी पेंशनर छत्तीसगढ़ में हैं। वहां से क्लीयरेंस के बाद ही आदेश होते है।


विपक्ष की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार मीरा कुमार ने दाखिल किया नामांकन पत्र..
28 Jun 2017
नई दिल्ली विपक्ष की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार मीरा कुमार ने बुधवार को यहां अपना नामांकन पत्र दाखिल किया । सत्रह विपक्षी दलों की प्रत्याशी और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष कुमार ने संसद भवन में निर्वाचन अधिकारी एवं लोकसभा महासचिव अनूप मिश्रा के समक्ष अपने नामांकन पत्र के चार सेट दाखिल किए। कुमार के साथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्राइन, माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सचिव डी राजा, द्रमुक नेता कनिमोझी, बहुजन समाज पार्टी के महासचिव सतीश चन्द्र मिश्रा तथा समाजवादी पार्टी के नरेश अग्रवाल मौजूद थे। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिन्दर सिंह, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, पुड्डुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायण सामी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नवी आजाद, लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खडगे भी इस मौके पर मौजूद थे । इससे पहले आज ही राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवरार रामनाथ कोङ्क्षवद की ओर से नामांकन पत्र का चौथा सेट दाखिल किया गया । कोङ्क्षवद नामांकन पत्र के तीन सेट 23 जून को दाखिल कर चुके हैं ।


मध्य प्रदेश: CM काफिले के आगे 'प्रभावशाली' शख्स ने लगा डाली अपनी गाडी, फिर क्या हुआ जानिये..
27 Jun 2017
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक युवक द्वारा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के काफिले को रास्ता नहीं दिए जाने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि युवक ने पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद भी गाड़ी से उतरने से न केवल इंकार कर दिया, बल्कि पुलिस को गाड़ी ले जाने से भी रोक दिया। इसके बाद उसकी गाड़ी को पुलिस क्रेन से खिंचवाकर थाने तक ले कर गई। भोपाल उत्तर पुलिस अधीक्षक अरविन्द सक्सेना के अनुसार सुबह राजधानी के कोहेफिजा थाना क्षेत्र से गुजर रहे मुख्यमंत्री चौहान के काफिले के रास्ते में एक गाड़ी आ रही थी। काफी कोशिशों के बाद भी उस गाड़ी ने मुख्यमंत्री के काफिले को रास्ता नहीं दिया। थोडा आगे जाकर पुलिस ने घेराबंदी कर उस गाड़ी को रोका और उसमें सवार अंबिका तिवारी नाम के युवक को गाड़ी से उतरने को कहा। युवक काफी मशक्कत के बाद गाड़ी में से उतरा, लेकिन राजधानी निवासी अपने प्रभावशाली पिता का रुतबा दिखाते हुए गाड़ी को पुलिस थाने ले जाने से इंकार कर दिया। गाड़ी को कुछ दूर तक क्रेन से खिंचवा कर थाने लाया गया। सक्सेना के मुताबिक युवक पर सड़क पर किसी काफिले में अवरोध पैदा करने संबंधित धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसके बाद अभी उससे पूछताछ की जा रही है। युवक का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।


जोधपुर में बनेगा विश्व का अनूठा और सबसे ऊंचा शिवलिंग, 25 लाख रुद्राक्ष से होगा निर्माण..
24 Jun 2017
ओसियां/जोधपुर. शिव भक्तों के लिए इस साल श्रावण मास में जोधपुर से अच्छी खबर है। जोधपुर जिले के ओसियां कस्बे में इस बार विश्व का सबसे अनूठा और ऊंचा शिवलिंग बनेगा। यह शिवलिंग रूद्राक्ष का होगा, जिसकी तैयारी तीन महीने से चल रही है। सवा तेतीस फीट ऊंचे इस शिवलिंग को बनाने के लिए 25 लाख रुद्राक्ष नेपाल के विराट नगर एवं नेपाल गंज से मंगवाए हैं। आयोजन समिति के रमेश कुमार सोनी ने बताया कि यह शिवलिंग तीन लाख स्क्वायर मीटर जगह में बनाया जा रहा है। इसके निर्माण के लिए धर्मपुर (गुजरात) के 160 कारीगर लगे हैं। रुद्राक्ष महाशिवलिंग परंपरा के सर्जक बटुक भाई व्यास के सान्निध्य में रविवार 9 जुलाई (गुरु पूर्णिमा) से 17 जुलाई (अष्टमी) तक महारुद्राभिषेक, महारुद्र यज्ञ तथा शिव महापुराण कथा का आयोजन होगा। उल्लेखनीय है कि अभी तक रुद्राक्ष का कोई भी शिवलिंग विश्व में कहीं भी नहीं बना है और जो शिवलिंग अभी तक सबसे ऊंचा बना है, वह अधिकतम 31 फीट ऊंचा ही है। जोधपुर में बन रहे शिवलिंग की ऊंचाई 33 फीट से अधिक होगी। इस शिवलिंग के निर्माण को लेकर तैयारियां अप्रेल माह से ही शुरू हो गई थी। सर्वप्रथम 5 अप्रेल को धर्मपुर गुजरात में रुद्राक्ष का चयन किया गया। इसके लिए दो महीने सात दिन तक इन रुद्राक्ष दिन रात काम चला कर साफ किया गया। साथ ही यह भी देखा गया कि कहीं कोई रूद्राक्ष खंडित तो नहीं है। इसके बाद इन सभी रूद्राक्ष की मालाएं बनाई गई। जो शिवलिंग बनाने में काम आएंगी। इसके बाद यह रुद्राक्ष पैक करवाकर रखा गया है। फिलहाल शिवलिंग की शक्ति पीठ का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसमें करीब 40 हजार ईंटे लगी है। शिवलिंग तक पहुंचने के लिए अलग से प्लेटफार्म बनाया जाएगा। आयोजन में महाशिवलिंग का अभिषेक कैलाश मानसरोवर के नाम से होगा। साथ ही रूद्राक्ष के पौधे का पूजन भी किया जाएगा। प्रत्येक रूद्राक्ष शिव के समान है। लाखों रूद्राक्ष के अर्चन और अभिषेक से लाखों शिव की पूजन का फल प्राप्त होगा।


राष्ट्रपति चुनाव: रामनाथ कोविंद ने भरा नामांकन, बोले- राष्ट्रपति का पद दलगत राजनीति से ऊपर..
23 Jun 2017
नर्इ दिल्ली। एनडीए के राष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद ने नामाकंन भर दिया है। संसद भवन में नामांकन भरने के दौरान उनके साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी आैर मुरली मनोहर जोशी भी मौजूद रहे। पीएम मोदी के साथ ही लालकृष्ण आडवाणी आैर मुरली मनोहर जोशी उनके प्रस्तावक बने। नामाकंन दाखिल करने के बाद कोविंद ने कहा कि राष्ट्रपति का पद सबसे गरिमामय पद है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में संविधान सर्वोपरि है आैर इसकी गरिमा बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का पद दलगत राजनीति से ऊपर है। उन्होंने कहा कि कुछ सालों में देश आजादी के 75 साल मनाने वाला है। एेसे में वह भारत निर्माण के सपने काे पूरा करने के लिए हमेशा प्रयासरत रहेंगे। साथ ही उन्होंने पीएम मोदी आैर एनडीए के घटक दलों का आभार जताया। कोविंद ने नामांकन के चार सैट दाखिल किए। चार सैट के नामांकन में प्रत्येक सैट में 60 प्रस्तावक आैर 60 समर्थक हैं। इस मौके पर भाजपा के साथ एनडीए के घटक दलों के नेता भी इस मौके पर मौजूद थे। वहीं भाजपा शासित राज्यों के अलावा तेलंगाना के सीएम चंद्रशेखर राव, तमिलनाडु के सीएम पलनिसामी आैर आंध्रप्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू भी मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि विपक्ष के 17 दलों ने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को अपना राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है। राष्ट्रपति पद चुनाव के लिए 17 जुलाई को मतदान होगा।


MP में बारिश ने गर्मी से दिलाई राहत, अगले 2-3 दिन यूं ही रहेगा मौसम..
22 Jun 2017
बभोपाल। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना जताई है। राज्य में गुरुवार की सुबह मौसम अन्य दिनों के मुकाबले सुहावना रहा, धूप की चुभन और उमस कम है। -मौसम विभाग के अनुसार, बीते 24 घंटों में भोपाल में 16 मिलीमीटर, जबलपुर में दो मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों में रीवा, शहडोल और उज्जैन संभाग के अलावा बालाघाट, मंडला, सिवनी, टीकमगढ़, छतरपुर, होशंगाबाद, बुरहानपुर, झाबुआ और अलीराजपुर में बारिश की संभावना जताई है। -राज्य में बुधवार की रात को हुई बारिश के चलते तापमान में गिरावट आई है। गुरुवार को भोपाल का न्यूनतम तापमान 23 डिग्री, इंदौर का 25 डिग्री, ग्वालियर का 25.9 डिग्री और जबलपुर का 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले बुधवार को भोपाल का अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री, इंदौर का 35 डिग्री, ग्वालियर का 39 डिग्री और जबलपुर का 38.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। -मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह प्री मानसून बारिश है। मानसून के लिए अभी दो- तीन दिन और इंतजार करना पड़ सकता है। बारिश होने से आठ दिन से गर्मी और उमस से परेशान लोगों राहत मिली।


आज का सबसे बड़ा दिन, कर्क रेखा पर सूर्य आज लंबवत, साये भी छोड़ देंगे साथ..
21 Jun 2017
बेंगलूरु कहा जाता है कि इंसान का साया कभी उसका साथ नहीं छोड़ता। लेकिन, बुधवार को अगर आप कर्क रेखा के पास हों तो यह कहावत झूठी साबित हो जाएगी। दरअसल, 21 जून को साल का सबसे बड़ा दिन होता है और इस दिन सूर्य देर तक चमक बिखेरता है। वहीं अगर आप कर्क रेखा के करीब (उज्जैन के आसपास) हैं तो दोपहर के समय आपकी परछाईं भी आपका साथ छोड़ देगी क्योंकि यहां सूर्य लंबवत होगा। भारतीय ताराभौतिकी संस्थान के प्रोफेसर (से.नि.) रमेश कपूर ने बताया कि 21 जून की दोपहर में सूर्य पृथ्वी से आकाश में सर्वाधिक ऊंचाई पर होता है। तब परछाइयां साथ छोडऩे लगती हैं यानी छायाएं छोटी बनती हैं। कर्क रेखा पर इस दिन दोपहर के समय छाया नहीं बनती।
कर्क रेखा के पास है उज्जैन.. देश की प्राचीनतम कालगणना की नगरी उज्जैन कर्क रेखा के पास है और यहां सूर्य लंबवत होता है। यहां दोपहर में परछाइयां नहीं बनती। प्रोफेसर कपूर ने बताया कि पृथ्वी सूर्य का चक्कर लगाती है और अपने अक्ष पर भी घूमती है। अपनी कक्षा के प्रति इसका अक्ष 23.5 डिग्री झुका हुआ है। अक्ष के झुकाव के कारण सूर्य का प्रकाश पृथ्वी के गोलाद्र्धों पर सदैव एक समान नहीं पड़ता। इसलिए दिन-रात की अवधि भी एक समान नहीं रहती।


ट्रैफिक पुलिस SI ने एंबुलेंस को रास्ता देने के लिए रुकवाया राष्ट्रपति का काफिला, देश भर हो रही है चर्चा..
20 Jun 2017
इऑफिसर के इस साहस को देखते हुए और उसके काम से खुश होकर ट्रैफिक पुलिस इस्ट डिविजन बेंगलूरु के डिप्टी कमिश्नर अभय गोयल ने ट्वीट कर बधाई दी है।
नई दिल्ली। बेंगलुरु के एक ट्रैफिक पुलिस ऑफिसर ने मनावता और साहस का परिचय देते हुए एक मिसाल पेश की है। जहां ट्रैफिक पुलिस अधिकारी ने राष्ट्रपति के काफिले के मूवमेंट के बावजूद अपनी ड्यूटी निभाते हुए एक एंबुलेंस को रास्ता दिया। और राष्ट्रपति के काफिले को रोक दिया। जहां एक तरफ पुलिस विभाग अपनी कार्यशैली और तमाम नाकामियों के लिए बदनाम है, वहीं बेंगलुरु के ट्रैफिक पुलिस ऑफिसर के इस कदम को लेकर आलाअधिकारियों समेत सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है। जबकि पुलिस ऑफिसर के इस काम को देखते हुए बेंगलुरु पुलिस ने उसे इनाम देने का ऐलान किया है। दरअसल, पूरा मामला त्रिनिटी क्षेत्र में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के एक कार्यक्रम से भाग लेने से जुड़ा था। जहां कार्यक्रम में भाग लेने जा रहे राष्ट्रपति का काफिला उस सड़क से गुजर रहा था। तभी एक एंबुलेंस की गाड़ी एक भारी ट्रैफिक में फंसी हुई थी। इसी बीच ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिस इंस्पेक्टर एमएल निजलिंगप्पा ने साहस का परिचय देते हुए राष्ट्रपति के काफिले को रोक दिया और एंबुलेंस के निकलने के रास्ता सुनिश्चित करवाया। ऑफिसर के इस साहस को देखते हुए और उसके काम से खुश होकर ट्रैफिक पुलिस इस्ट डिविजन बेंगलूरु के डिप्टी कमिश्नर अभय गोयल ने ट्वीट कर ऑफिसर को बधाई दी और सम्मानित भी किया


45 लाख का पैकेज छोड़ कर रहे मंदिर में सेवा, US में दोनों भाई करते थे जॉब
19 Jun 2017
इंदौर.प्रकाश और विकास छाबड़ा, दोनों सगे भाई। विदेश में पढ़े। 45-45 लाख रुपए के पैकेज पर अमेरिका में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर। पांच साल तक जॉब भी किया, लेकिन धर्म की ऐसी आस्था जागी कि दोनों भाइयों ने नौकरी छोड़ दी।
दोनों की पत्नियों ने भी इसलिए छोड़ दी नौकरी... अब पाठशाला में बच्चों, युवाओं को जैन धर्म की शिक्षा, नैतिक शिक्षा दे रहे हैं और सुखी जीवन जीने की कला सिखा रहे हैं। वह भी बिना शुल्क लिए। साल में चार संस्कार शिविर का आयोजन करते हैं। - यही अब उनकी दिनचर्या बन गई है। पहले बड़े भाई प्रकाश और बाद में छोटे भाई विकास ने धर्म के मार्ग पर चलने के लिए नौकरी छोड़ी और वापस वतन लौट आए। - दोनों भाइयों की शादी भी हो चुकी है। पत्नियां भी अमेरिका में ही नौकरी कर रही थी, लेकिन उन्होंने भी नौकरी छोड़ दी। - प्रकाश की पत्नी पूजा सीए हैं। वहीं विकास की पत्नी सारिका सॉफ्टवेयर इंजीनियर।
बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी उठाते - प्रकाश बताते हैं कि गांधी नगर में जैन मंदिर है, जिसकी देखरेख हमारे परिवार के लोग ही करते हैं। - वहां पर पाठशाला संचालित करने के अलावा आसपास के जरूरतमंद बच्चों के स्कूल की फीस से लेकर कॉपी-किताबें का खर्च भी उठाते हैं।


किसानों ने लगाया NH पर जाम, छतरपुर कलेक्टर का फरमान-कर्ज चुकाओं, वर्ना लाइसेंस रद्द
16 Jun 2017
भोपाल। कर्ज माफी की मांग मनवाने के लिए किसान संगठनों ने शुक्रवार को देशभर में नेशनल हाईवे जाम कर दिए। 62 किसान यूनियनों के संगठन राष्ट्रीय किसान महासंघ ने दोपहर 12 से 3 बजे तक जाम का आह्वान किया था। उधर, छतरपुर जिला कलेक्टर रमेश भंडारी ने आदेश जारी किया है कि 20 जून तक किसानों ने कर्ज का भुगतान नहीं किया तो उनके हथियारों के लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे। हालांकि कलेक्टर ने ऐसेे किसी आदेश से इनकार किया है। कलेक्टर ने इस संबंध में प्रेस रिलीज जारी करने पर सहकारी बैंक के महाप्रबंधक वायके सिंह को नोटिस भेजा है। -शहर के मिसरोद चौराहे पर बड़ी संख्या में किसानों ने चक्काजाम किया था। इसी बीच किसान नेता शिवकुमार शर्मा और उनके समर्थकों को पुलिस ने 11 मील तिराहे से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद शर्मा ने कहा कि, हमारा आंदोलन जारी रहेगा। 21 जून को हम सभी पीएम मोदी के साथ योग करने के लिए दिल्ली पहुंचेंगे। योग दिवस पर वहां मौजूद सभी लोग योग करेंगे, जबकि किसान शवासन करेंगे। मध्यप्रदेश में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, रीवा, राजगढ़, जबलपुर से भी बड़े चक्काजाम की सूचना है। -किसानों के प्रदर्शन को लेकर प्रदेश के सभी हिस्सों में पुलिस प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। प्रदेश में जाम का मिला-जुला असर दिखाई दिया। मिसरोद अनुविभागीय दंडाधिकारी पुलिस अतीक अहमद खान ने बताया कि शिव कुमार शर्मा अपने समर्थकों के साथ राजमार्ग जाम करने आए थे। इसी दौरान शांति भंग की आशंका के मद्देनजर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। -अपनी गिरफ्तारी के पहले शर्मा ने संवाददाताओं से कहा कि अगर उन्हें लंबे समय तक भी जेल में रखा गया, तो वे जमानत नहीं कराएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों की आत्महत्याओं का दौर उन्हें गिरफ्तार करने से नहीं रुकेगा और प्रशासन को किसानों की आत्महत्याएं कैसे रुके, इस बात पर विचार करना चाहिए। इंदौर से मिली खबर के मुताबिक अंचल में सभी स्थानों पर शांति कायम है और चक्काजाम के दौरान कहीं से किसी अप्रिय स्थिति की सूचना नहीं है। हालांकि सभी राजमार्गों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है। -प्रदेश के ग्वालियर और जबलपुर समेत अन्य हिस्सों से भी किसी अप्रिय घटना के बारे में कोई सूचना नहीं है। इसी बीच किसानों के समर्थन में पूर्व केंद्रीय मंत्री और लोकसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का भोपाल के दशहरा मैदान में चल रहा तीन दिवसीय सत्याग्रह भी अंतिम दौर में है। सत्याग्रह के दौरान सिंधिया के अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, राज्यसभा सांसद सत्यव्रत चतुर्वेदी, मध्यप्रदेश विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ राजेंद्र कुमार सिंह समेत प्रदेश के कई पूर्व मंत्री भी मौजूद रहे। -महासंघ के सदस्य रघुपति सिंह ने बताया कि कर्ज माफी के अलावा किसानों को फसलों का उचित दाम दिलवाना और मध्यप्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू करना भी उनकी मांगों में शामिल हैं। मंदसौर में छह किसानों की मौत के बाद संगठन ने 10 जून को हाईवे जाम करने का फैसला लिया था। -मप्र के मंदसौर में पुलिस फायरिंग में छह किसानों की मौत के बाद संगठन ने 10 जून को दिल्ली में हुई बैठक में हाईवे जाम करने का फैसला लिया था। इसके तहत किसानों ने पहले 11 से 15 जून तक विभिन्न जिलों में धरने-प्रदर्शन कर मांगें मनवाने के लिए दबाव बनाया। रघुपति ने बताया कि मंदसौर में किसानों की हत्या के मामले में महासंघ जल्द ही राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के पास भी जाएगा।


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी की सभा से पहले ही गिरा वाटर प्रूफ पंडाल, नीतीश कुमार बोले- खाली हाथ न आएं यहां
15 Jun 2017
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ योगी के दरभंगा दौरे के पहले ही कार्यक्रम के लिए बनाया गया पंडाल तेज आंधी और बारिश के कारण गिर गया। केंद्र सरकार के तीन साल पूरे होने पर आदित्यनाथ योगी दरभंगा राज मैदान में लोगों को संबोधित करने वाले हैं। योगी कार्यक्रम में लोगों को केंद्र सरकार की उपलब्धियां बताएंगे। आज करीब ढाई बजे उनका दरभंगा आने का कार्यक्रम है। कहा जा रहा है कि अब सभा खुले में होगी। जानकारी के अनुसार, बारिश की आशंका के चलते वाटरप्रूफ पंडाल बनाया गया था, लेकिन बुधवार रात आई तेज आंधी की वजह से पूरा पंडाल ध्वस्त हो गया। योगी आदित्यनाथ इससे पहले दो दिवसीय दौरे पर बिहार आने वाले थे, लेकिन राजनीतिक कारणों से 16 जून का पटना दौरा रद्द हो गया था। भाजपा विधायक संयज सरावगी का कहना है कि सीएम योगी की सभा में चार लाख लोग पहुंच सकते हैं। योगी लगभग 2.30 बजे दरभंगा पहुंचेंगे और तीन बजे दरभंगा के राज मैदान में जनसभा को संबोधित करेंगे और पांच बचे दरभंगा से यूपी के लिए रवाना हो जाएंगे। आदित्यनाथ के बिहार दौरे को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आग्रह करते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खाली हाथ बिहार का दौरा नहीं करें। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में शराबबंदी और स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू करें। नीतीश कुमार ने केंद्र की मोदी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनावों और विधानसभा चुनावों के दौरान लोगों से किए गए अपने वादों को भी भूल गए, लेकिन, हम जो भी वादा करते हैं।


मोदी सरकार का किसानों को तोहफा, कर्ज के ब्याज पर मिलेगी ज्यादा छूट
14 Jun 2017
मोदी सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है। केंद्र सरकार ने कृषि ऋण का समय से भुगतान करने वालों किसानों को ब्याज में तीन प्रतिशत की छूट देने और दो प्रतिशत की सब्सिडी देने का फैसला लिया है। मंत्रिमंडल की बुधवार को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया।
नई दिल्ली। मोदी सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है। केंद्र सरकार ने कृषि ऋण का समय से भुगतान करने वालों किसानों को ब्याज में तीन प्रतिशत की छूट देने और दो प्रतिशत की सब्सिडी देने का फैसला लिया है। मंत्रिमंडल की बुधवार को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। किसानों को राहत देेने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। कृषि ऋण पर नौ प्रतिशत की दर से ब्याज लिया जाता है। अब पांच प्रतिशत की छूट मिलने से किसानों को चार प्रतिशत ब्याज का भुगतान करना होगा। इस स्कीम में सरकार करीब 19000 करोड़ रुपए खर्च करेगी। गौरतलब है कि पहले महाराष्ट्र उसके बाद मध्य प्रदेश में हुए किसान आंदोलन के बाद से कर्जमाफी की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। मध्य प्रदेश में आंदोलन उग्र होने पर पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी थी, जिसमें 6 किसानों की मौत हो गई। इस कारण राज्य के 9 जिले कई दिनों तक हिंसा की चपेट में रहे। दरअसल यूपी विधानसभा चुनावों से पहले बीजेपी ने सरकार बनने के बाद किसानों की कर्जमाफी का एलान किया था। जिसके बाद सीएम योगी ने अपनी पहली कैबिनेट में किसानों का कर्ज माफ करने का फैसला किया था। इसी के बाद से देश के अन्य राज्यों में किसान आंदोलन कर कर्जमाफी की मांग करने लगे थे।


मोदी के 'गढ़' में स्मृति ईरानी पर भरे समारोह में शख्स ने फेंकी चूड़ियां, केंद्रीय मंत्री बोलीं- 'कांग्रेस की स्ट्रेटर्जी सही नहीं
13 Jun 2017
चूड़ियां फेंके जाने की घटना पर केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गुजरात में चुनाव आ रहा है इसलिए इस तरह के करतबों की मुझे अपेक्षा है।
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर एक व्यक्ति ने एक समारोह के दौरान अचानक से चूड़ियां फेंक दी जिससे हड़कंप की स्थिति बन गई। पुलिस ने फ़ौरन ऐसा करने वाले शख्स को हिरासत में ले लिया। ये घटना गुजरात के अमरेली में सोमवार को हुई। चूड़ियां फेंके जाने की घटना पर केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गुजरात में चुनाव आ रहा है इसलिए इस तरह के करतबों की मुझे अपेक्षा है। ईरानी ने कहा कि एक पुरुष को भेजा है महिला पर आक्रमण करने के लिए कांग्रेस की वो स्ट्रेटर्जी थोड़ी गलत है।


EVM विवाद से चुनाव आयोग खफा, सवाल उठाने वालों पर मांगा अवमानना की कार्रवाई का अधिकार
12 Jun 2017
ईवीएम विवाद पर अपनी छवि खराब होने और झूठे आरोप लगने की वजह से चुनाव आयोग खफा नजर आ रहा है।
नई दिल्ली। ईवीएम विवाद पर अपनी छवि खराब होने और झूठे आरोप लगने की वजह से चुनाव आयोग खफा नजर आ रहा है। चुनाव आयोग ने केंद्रीय कानून मंत्रालय को पत्र लिख अवमानना की कार्रवाई के अधिकार की मांग की है, ताकि आधारहीन आरोपों के खिलाफ ऐक्शन लिया जा सके। एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयोग ने अदालत की अवमानना अधिनियम 1971 में संशोधन की मांग की है। इस रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि चुनाव आयोग इस अधिनियम में ऐसे प्रावधान जुड़वाना चाहता है, ताकि उसकी अवमानना करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर सके। रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयोग ने करीब एक महीने पहले यह खत लिखा है। फिलहाल केंद्रीय कानून मंत्रालय चुनाव आयोग के खत पर विचार कर रहा है। आयोग ने अपने खत में पाकिस्तान के चुनाव आयोग समेत दूसरे देशों का भी उदाहरण दिया है। इलेक्शन कमिशन ऑफ पाकिस्तान के पास अधिकार हैं कि वह उसकी छवि खराब करने वालों के खिलाफ अवमानना का केस चला सकता है। हम आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश चुनाव के बाद कर्इ पार्टियों ने र्इवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। यहां तक की दिल्ली विधानसभा में आम अादमी पार्टी ने र्इवीएम से छेड़छाड़ का डेमाे तक दिया था। इसके बाद चुनाव आयोग ने पार्टियों को र्इवीएम हैक करने की चुनाैती दी थी। हालांकि ज्यादातर पार्टियों ने इससे किनारा कर लिया था।


आग मत लगाओ, चर्चा करो: उपवास पर बैठे शिवराज की किसानों से अपील
10 Jun 2017
भोपाल. हिंसक किसान आंदोलन के बीच मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार से यहां BHEL दशहरा मैदान पर अनिश्चितकालीन उपवास शुरू कर दिया। उन्होंने किसानों को समस्याओं पर चर्चा के लिए खुला न्योता दिया। शिवराज ने कहा, "जब-जब प्रदेश में किसानों पर संकट आया, मैं सीएम आवास से निकलकर उनके बीच पहुंच गया। हम नया आयोग बनाएंगे जो फसलों की सही लागत तय करेगा। उस लागत के हिसाब से हम किसानों को सही कीमत दिलाएंगे। ...किसान आग न लगाएं, चर्चा के लिए आएं।" अनशन से पहले शिवराज और उनकी पत्नी साधना सिंह ने पूर्व सीएम कैलाश जोशी के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। जोशी ने तिलक कर सफल होने की शुभकामनाएं दी। इस बीच, प्रदेश के कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने कहा, "किसानों के कर्ज माफ करने का कोई सवाल ही नहीं उठता, मैं पहले भी इसके पक्ष में नहीं था और अब भी नहीं हूं।'' हर वर्ग का कल्याण हो, सरकार का यही लक्ष्य... - सीएम के उपवास के लिए दशहरा मैदान पर वाटरप्रूफ पंडाल बनाया गया। मंदसौर में फिलहाल हालात नॉर्मल हैं। उधर, होम मिनिस्ट्री ने सभी पड़ोसी राज्यों को अलर्ट किया है। हिंसा में घिरे इलाकों में सुरक्षा के लिए कुल 13 कंपनियां तैनात की गई हैं। - अनशन की शुरुआत करते हुए शिवराज ने कहा, "प्रदेश में हर वर्ग का कल्याण होना चाहिए। हमारा एक ही लक्ष्य रहा है- प्रदेश का विकास। मुख्यमंत्री बनते समय मेरी प्राथमिकता किसान भाई-बहन रहे। प्रदेश को आगे बढ़ाना है तो खेती को आगे बढ़ाना है। मुख्यमंत्री बना तो साढ़े सात लाख हेक्टेयर में सिंचाई होती थी, अब ये रकबा 40 लाख हेक्टेयर तक बढ़ चुका है।" - "खेतों में पानी पहुंचाने में हमने कोई कसर नहीं छोड़ी। हमने 18% कर्ज घटाकर 0% कर दिया। -10% पर लोन दिया। जब संकट की घड़ी आई, मैं कभी सीएम आवास पर नहीं बैठा, खेतों में गया। किसानों को पर्याप्त राहत देने की कोशिश की। पिछले साल सोयाबीन की फसल खराब हुई थी, हमने 4800 करोड़ का मुआवजा दिया।" - "मालवा रेगिस्तान बनने की दिशा में बढ़ रहा था। हमने नर्मदा ले जाकर ये सुनिश्चित किया कि मालवा रेगिस्तान ना बने। दुनिया में सिर्फ मध्यप्रदेश में ऐसा होता है कि एक लाख ले जाओ, खाद-बीज के लिए और 90 हजार ही वापस करो।" - "पिछले साल प्याज के दाम गिर गए थे। तब मैंने तय किया कि प्याज 6 रुपए किलो खरीदा जाएगा। इस साल भी बंपर फसल आई है। अन्न के भंडार भर गए हैं। जब उत्पादन बंपर होता है तो कीमत गिरती है। इससे किसान को नुकसान होता है। इससे किसान को तकलीफ होती है। इसलिए हमने फैसला किया कि पूरा प्याज 8 रुपए किलो खरीदा जाएगा।"
किसान की मेहनत को बेकार नहीं जाने देंगे - उन्होंने कहा, "किसान की मेहनत और परिश्रम को बेकार नहीं जाने दिया जाएगा। किसान को लाभकारी मूल्य देने में मध्यप्रदेश सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। मर्जी के बिना किसान की जमीन नहीं ली जाएगी। किसान विरोध मुद्दों को ऑर्डिनेंस लाकर बदला जाएगा।" - "चेक पेमेंट में परेशानी आई तो किसान चेक लेकर घूमता रहा। हमने फैसला किया कि आरटीजीएस से पेमेंट किया जाएगा। किसानों को लाभकारी मूल्य देना मध्यप्रदेश में सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए केंद्र द्वारा तय न्यूनतम समर्थन मूल्य पर पैदावार ली जाएगी। इसके अलावा हमने एक आयोग बनाने का फैसला किया है जो किसान की लागत का आकलन कर यह तय करेगा कि किसान को लाभकारी मूल्य दिया जा सके। - "सही कीमत देने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष बना रहे हैं। इसके लिए 1 हजार करोड़ का कोष बनाया जा रहा है। एक बड़ी विसंगति है कि किसान बेचता है तो सस्ता बिकता है। उपभोक्ता को महंगा मिलता है। मेरी कोशिश रहेगी कि 8% आढ़त को घटाकर 2% किया जाए।" - "भविष्य में हम ये कोशिश करेंगे कि किसान और उपभोक्ता के बीच कोई बिचौलिया ना रहे जिससे किसान को उसकी फसल का उचित मूल्य मिल सके।"
किसानों को भड़काया जा रहा है - मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने कहा, ''जो जैसा व्यवहार करेगा, उसके साथ वैसे ही निपटा जाएगा। यह आंदोलन अब किसानों का नहीं रहा। राहुल गांधी यहां क्यों आए थे, उनका जन्म मप्र में हुआ है क्या? किसानों के कर्ज माफी का कोई सवाल ही नहीं उठता मैं पहले भी इसके पक्ष में नहीं था और अब भी नहीं हूं।'' - जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि सरकार ने किसानों को बातचीत के लिए खुला मंच दिया है। वे यहां आकर अपनी समस्या रख सकते हैं। - राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि ये सरकार किसानों की है। हम हरसंभव मदद के लिए तैयार हैं। किसानों से अपील है कि वे शांति बनाए रखे और सीएम के सामने अपनी मांगे रखें।
विपक्ष ने कहा- ये सब नौटंकी - विपक्ष ने सीएम के उपवास और दशहरा मैदान से सरकार चलाने के फैसले को महज नौटंकी करार दिया है। कांग्रेस का कहना है कि चौहान को नौटंकी करने के बजाय किसानों की समस्याओं को सुनकर उन्हें दूर करना चाहिए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने कहा, "खुद को संवेदनशील मुख्यमंत्री बताने वाले चौहान छह किसानों की मौत के बाद मंदसौर नहीं गए, यहां तक कि बालाघाट में एक पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट में 25 लोगों की मौत के बाद उन्होंने वहां भी जाना मुनासिब नहीं समझा। वे सिर्फ नौटंकी और मुद्दों से भटकाने की कोशिश करते रहे हैं। उपवास भी इसी का हिस्सा है।"
क्या हैं किसानों की मांगें, क्यों अनशन पर बैठे हैं शिवराज? - महाराष्ट्र के बाद जून की शुरुआत में मध्य प्रदेश में भी किसानों ने आंदोलन शुरू किया। - मध्य प्रदेश के किसानों की मांग है कि उन्हें कर्ज माफी दी जाए, फसलों पर मिनिमम सपोर्ट प्राइस मिले, जमीन के बदले मुआवजे पर कोर्ट जाने का हक मिले और दूध के रेट बढ़ाए जाएं। - सबसे पहले 3 जून को इंदौर में यह आंदोलन हिंसक हो गया था। बाद में मंदसौर, उज्जैन और शाजापुर जैसे राज्य के बाकी हिस्सों में फैल गया। - मंदसौर में पुलिस की फायरिंग में 6 किसानों की मौत हो गई। शुक्रवार को यह हिंसक आंदोलन राजधानी भोपाल के पास फंदा तक पहुंच गया। - इसके बाद शिवराज ने शुक्रवार रात फैसला किया कि वे शनिवार को अनशन करेंगे। उन्होंने प्रदर्शनकारी किसानों से कहा कि वे भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आएं और मुझसे बात करें।
मध्य प्रदेश सरकार ने अब तक क्या कदम उठाए? - सीएम चौहान ने किसानों पर केस खत्म करने, जमीन मामले में किसान विरोधी प्रावधानों को हटाने, फसल बीमा को ऑप्शनल बनाने, मंडी में किसानों को 50% कैश पेमेंट और 50% आरटीजीएस से देने का एलान किया था। - यह भी कहा था कि सरकार किसानों से इस साल 8 रु. किलो प्याज और गर्मी में समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदेगी। खरीदी 30 जून तक चलेगी। - सरकार ने यह भी एलान किया था कि एक आयोग बनेगा जो फसलों की लागत तय करेगा। उस पर किसानों को फायदा होने लायक कीमत मिले, यह सरकार सुनिश्चित कराएगी।


राजधानी तक पहुंची हिंसा: भोपाल-इंदौर हाइवे पर उपद्रवी किसानों पर लाठी चार्ज, आंसू गैस छोड़ी
9 Jun 2017
भोपाल।मंदसौर में पुलिस की गोली से मारे गए 6 किसानों के बाद उग्र हुए किसान आंदोलन का असर मप्र के कई जिलों खासकर मालवा-निमाड़ पर व्यापक देखा जा रहा है। भोपाल-इंदौर मार्ग पर बसों की आवाजाही अब भी सुचारू नहीं हो पाई है। इस बीच शुक्रवार को फंदा ब्लॉक पर टोल नाके प्रदर्शन के दौरान हिंसा पर उतारू लोगों को पुलिस ने खदेड़ दिया। उपद्रवियों ने ट्रकों में लगाई आग... -शुक्रवार सुबह किसानों ने भोपाल-इंदौर हाइवे पर फंदा में चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। इस दौरान आंदोलनकारियों को काबू में करने पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ीं। उन पर आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े। उपद्रवियों ने बसों के कांच फोड़ दिए। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। उपद्रवियों को काबू में करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। यहां से बड़ी संख्या में किसानों को गिरफ्तार किया गया है। अप्रिय स्थिति को देखते हुए इंदौर जाने वालीं चार्टर्ड बसें वापस लौटा दी गईं। उपद्रवियों ने कुछ ट्रकों में आग लगा दी। --पुलिस ने जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष अवनीश भार्गव सहित 100 से ज्यादा कांग्रेसियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। पुलिस ने रातीबढ़ युवक कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रोहित राजौरिया को भी हिरासत में लिया है। -युवक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुणाल चौधरी ने आरोप लगाया कि आंदोलन कर रहे किसानों को पुलिस कुचलने का प्रयास कर रही है। -उधर, सागर में भी भोपाल मार्ग पर किसानों ने प्रदर्शन करते हुए जाम लगा दिया। ग्राम फंदा के सामने शुक्रवार को किसान आंदोलन और चक्का जाम प्रस्तावित था। इस दौरान कानून व्यवस्था एवं आवागमन को ध्यान में रखकर पुलिस ने ट्रैफिक व्यवस्था में कुछ बदलाव किए थे। -उधर, महिला कांग्रेस ने इस मामले में बोर्ड आफिस चौराहे पर प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया।


हिरासत में लिए गए राहुल गांधी, एमपी की 'नो एन्ट्री' में कर रहे थे प्रवेश, बाइक पर बैठकर पहुंच रहे थे मंदसौर
8 Jun 2017
उदयपुर अखिल भारतीय कांग्रेस के उपाघ्यक्ष राहुल गांधी गुरुवार को उदयपुर पहुंचे। यहां डबोक एयरपोर्ट पहुचने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। इस मौके पर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट, राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी, पूर्व मंत्री डा गिरिजा व्यास सहित वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने उनकी अगवानी की। हवाई अड्डे पर बडी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के कारण पुलिस को उन पर नियंत्रण करने के लिए भारी मशक्कत करनी पडी। गांधी के पहुंचते ही हवाई अड्डे पर राहुल गांधी ज़िंदाबाद के नारे लगाए। इसके बाद राहुल गांधी कार को छोड़कर एक बाइक में बैठकर मंदसौर के लिए रवाना हुए। राहुल गांधी के इस अचानक से लिए गए फैसले का किसी को अंदेशा नहीं था। गौरतलब है कि राहुल गांधी को फिलहाल के लिए एमपी प्रशासन ने प्रवेश के लिए अनुमति नहीं दी है। इधर, राहुल गांधी के एमपी में प्रवेश को लेकर बॉर्डर पर जाब्ता तैनात किया गया। चित्तौड़गढ़ जिले के निंबाहेड़ा के पास जलिया चोराहा पर कई कांग्रेसी मौजूद रहे। मध्य प्रदेश सीमा पर स्थित नए गांव जावरा टोल टैक्स पर आरएएफ और पुलिस की टीमें तैनात की गईं। यहां तैनात पुलिस बल से प्राप्त जानकारी के अनुसार राहुल गांधी को यहां हिरासत में लेने के लिए कोई आदेश इनको नहीं मिला है सिर्फ सुरक्षा के लिए इनको यहां तैनात किया गया है।


गुड़गांव में बदमाशों ने 9 महीने की बच्ची को चलते ऑटो से फेंका, मां से गैंगरेप
6 Jun 2017
नई दिल्ली.गुड़गांव में 9 महीने की बच्ची की हत्या के बाद मां से गैंगरेप का मामला सामने आया है। वारदात को तीन बदमाशों ने चलते ऑटो में अंजाम दिया। जब बच्ची रोने लगी तो बदमाशों ने उसे ऑटो से बाहर फेंक दिया। फिलहाल, पीड़ित महिला हॉस्पिटल में एडमिट है। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। घटना 29 मई की बताई जा रही है, लेकिन इसका खुलासा अब हुआ। पति से झगड़े के बाद महिला मायके जा रही थी। एक्सप्रेस-वे के पास हुई वारदात... - सोमवार को पुलिस ने बताया कि पति से झगड़े के बाद 23 साल की महिला अपनी बच्ची को लेकर मायके (खंडसा गांव) जा रही थी। इसी दौरान रात को उसे एक ऑटो दिखा। इसमें ड्राइवर समेत 3 लोग सवार थे। घर छोड़ने का भरोसा देकर इन लोगों ने उसे ऑटो में बैठा लिया। - महिला ने पुलिस को बताया कि मुझे दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेस-वे के पास सूनसान इलाके में ले जाकर बदमाशों ने छेड़छाड़ शुरू कर दी। इसी दौरान बच्ची रोने लगी, बदमाशों ने गुस्से में उसे चलते ऑटो से फेंक दिया। इसके बाद गैंगरेप किया और फरार हो गए। मदद के लिए करीब 5 घंटे तक भटकती रही। - विक्टिम की फैमिली का आरोप है कि पुलिस ने पहले इस मामले को मामूली छेड़छाड़ समझकर हत्या का केस दर्ज कर लिया। बाद में महिला के बयान के आधार पर गैंगरेप की धाराएं जोड़ी गईं।


कामयाबी से एक कदम पीछे ISRO: GSLV मार्क-3 मिशन की उल्टी गिनती शुरु, अबतक का सबसे वजनी रॉकेट-उपग्रह उड़ान के लिए तैयार
5 Jun 2017
दनई दिल्ली। जीएसएलवी मार्क-3 की लॉन्चिंग के लिए उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। सोमवार को शाम 5:28 बजे श्रीहरिकोटा से इसरो द्वारा लॉन्च किये जाने वाला भारी-भरकम जीएसएलवी मार्क-3 अन्य देशों के 4 टन श्रेणी के उपग्रहों को प्रक्षेपित करने की दिशा में भारत के लिए अवसर खोलेगा।


बहुचर्चित भंवरी देवी हत्याकांड की आरोपी इंद्रा मप्र में गिरफ्तार
3 Jun 2017
देवास। वर्ष 2011 में राजस्थान की राजनीति में तूफान मचा देने वाले भंवरी देवी हत्याकांड की आरोपी इंद्रा विश्नोई को मध्य प्रदेश के देवास में गिरफ्तार कर लिया गया है। वह नर्मदा तट पर एक घर बनाकर सामान्य महिला की तरह रह रही थी। राजस्थान एटीएस ने शुक्रवार शाम उसे गिरफ्तार किया। बताया जाता है कि वह भंवरी देवी की हत्या के बाद इंद्रा विश्नोई वह फरार हो गई और देवास में नर्मदा किनारे एक घर बनाकर विगत छह वर्षों से रह रही थी। उस पर पांच लाख का इनाम भी घोषित था। राजस्थान एटीएस ने छह साल बाद मुखबिर की सूचना पर उसे ढूंढ निकाला और गिरफ्तार कर राजस्थान लेकर गई। उल्लेखनीय है कि इंद्रा विश्नोई ने पूर्व विधायक मलखान सिंह और पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा के साथ मिलकर भंवरी देवी की हत्या की साजिश रची थी। भंवरी के मलखान और महिपाल मदेरणा के साथ संबंध होने की बात भी सामने आई थी। 2011 में भंवरी देवी का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में इंद्रा को आरोपी बनाया गया था। उसके फरार होने पर उसकी गिरफ्तारी के लिए पांच लाख का इनाम घोषित किया गया था। छह साल बाद एटीएस को सफलता हासिल हुई।


भारत साउथ एशिया में शांति पैदा होने के रास्ते में बड़ा रोड़ा: PAK प्रेसिडेंट ममनून बोले
2 Jun 2017
इस्लामाबाद. पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने कहा है कि भारत साउथ एशिया में शांति पैदा होने के रास्ते में बड़ा रोड़ा बन गया है। उन्होंने पार्लियामेंट के ज्वाइंट सेशन को ऐड्रेस करते हुए कश्मीर मसले को भारत-पाकिस्तान बंटवारे का 'अनफिनिश्ड एजेंडा' करार दिया।
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ममनून हुसैन ने पार्लियामेंट के ज्वाइंट सेशन को गुरुवार को ऐड्रेस किया। इस दौरान उन्होंने कश्मीर मुद्दे और भारत-पाक के बीच तनाव से भरे संबंधों की चर्चा की। - उन्होंने कहा कि भारत-पाक के बीच विवाद की असली जड़ कश्मीर मुद्दा है जो उपमहाद्वीप के बंटवारे का अनफिनिश्ड एजेंडा है।
कश्मीरी अपने हक के लिए लड़ रहे हैं - ममनून हुसैन ने कहा, "हमारे कश्मीरी भाई, बहन और उनके बेटे-बेटियां आजादी का अपना मौलिक अधिकार हासिल करने के लिए प्रोटेस्ट कर रहे हैं और इस दौरान उन पर निर्मम अत्याचार किया जा रहा है।" - "कश्मीर विवाद का सिर्फ यही हल है कि वहां यूएन रेजोल्यूशन्स के तहत जनमत संग्रह (plebiscite) कराया जाए।" भारत आतंकियों, जासूसों को पाक में भेज रहा - राष्ट्रपति ममनून ने यह भी कहा, "पाकिस्तान की शांति की कोशिशों का पॉजिटिव रिस्पॉन्स देने के बजाय भारत कुलभूषण जाधव जैसे जासूसों और आतंकियों को देश में भेज रहा है। पाकिस्तान बातचीत के जरिये सभी समस्याओं को खत्म करना चाहता है, लेकिन भारत कोई जवाब नहीं दे रहा है।" - बता दें कि पाक मिलिट्री ने जाधव को जासूसी और देश विरोधी गतिविधियों के आरोप में फांसी की सजा सुनाई है। हालांकि, इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने आखिरी फैसले तक फिलहाल इस पर रोक लगा दी है।


मासूमों की अर्थी देख हर आंख हुई नम
1 Jun 2017
उदयपुर जिले में मंगलवार रात को हुआ था हादसा
pali पाली शहर के बापूनगर क्षेत्र से बुधवार को जब मासूम रूद्र (४) व जिज्ञासा (८) की अर्थी निकली तो परिजनों सहित क्षेत्रवासियों की भी आंखे नम हो गई। हर कोई हादसे को लेकर शोक में डूबा नजर आया। मासूमों के दादा-दादी अशोक-विजयलक्ष्मी त्रिवेदी व पिता विकास की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। उनको अभी भी यकीन नहीं हो रहा था कि जिन बच्चों को छुटिï्टयों में ननिहाल भेजा वे इस रूप में वापस घर आएंगे। परिजनों की हालत देख समाज के लोगों व क्षेत्रवासियों ने उन्हें संभाला। इधर मासूमों के नाना-नानी सतीश-सविता शर्मा व मामा चिराग की भी शव यात्रा गमगीन माहौल में भीनमाल (जालोर) स्थित विनायक नगर से निकाली गई। बुधवार शाम करीब छह बजे उपचार के दौरान तरुण शर्मा (२०) पुत्र सतीश शर्मा की भी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार भीनमाल हाल रानीवाड़ा निवासी सतीश शर्मा बीएसएनएल में नौकरी करते हैं। उनकी पुत्री प्रियंका की शादी पाली में बापूनगर क्षेत्र में विकास त्रिवेदी से हो रखी थी। कुछ दिनों पूर्व प्रियंका अपने पुत्र रूद्र व पुत्री जानवी (जिज्ञासा) के साथ रानीवाड़ा अपने पीहर गई थी। माइग्रेन की शिकायत होने पर परिजन उसे उपचार के लिए उदयपुर ले गए थे। मंगलवार रात को वापस आते समय उदयपुर के बेकरिया थाना क्षेत्र के क्यारी गांव के पास पुलिया पर उनकी कार बेकाबू होकर डिवाइडर पर चढ़ गई। इससे कार में सवार भीनमाल हाल रानीवाड़ा निवासी सतीश शर्मा (५४) पुत्र तिलकबिहारी शर्मा, उनकी पत्नी सविता शर्मा (४८), पुत्र चिराग शर्मा (२१), नातिन पाली बापूनगर विस्तार निवासी जिज्ञासा (८) व रूद्र (४) पुत्र विकास त्रिवेदी की मौत हो गई। इस हादसे में पाली बापूनगर विस्तार निवासी प्रियंका (३४) पत्नी विकास त्रिवेदी व तरूण शर्मा (२०) पुत्र सतीश शर्मा गंभीर घायल हो गए थे। बुधवार शाम को उदयपुर में उपचार के दौरान तरूण शर्मा की भी मौत हो गई।
दादा आम और मिठाई लाकर रखना मैं आ रहा हूं.. मासूम रूद्र व जिज्ञासा के गर्मियों की छुट्टियों में ननिहाल जाने से उनके दादा-दादी अशोक-विजयलक्ष्मी त्रिवेदी को घर काटने को दौड़ता था। ऐसे में उनकी बच्चों से रोज दिन में दो-तीन बार बात हो जाती थी। मंगलवार दिन में फोन पर बातचीत के दौरान मासूम रूद्र ने दादा अशोक त्रिवेदी को अपनी तुतलाती आवाज में कहा था दादा में आ रहा हूं। मेरे लिए मिठाई और आम लाकर रखना। रूद्र की इस मासूमीयत भरी बात का उन्होंने भी हंस कर जवाब दिया, बिलकुल लाकर रखूंगा तू आजा। लेकिन हादसे में अपने पोता-पोती की मौत की खबर ने अशोक-विजयलक्ष्मी त्रिवेदी को अंदर तक तोड़ दिया। उनको तो अभी भी विश्वास नहीं हो रहा कि रूद्र व जिज्ञासा अब इस दुनिया में नहीं हैं


रक्षा तैयारियों को मिलेगी आैर मजबूती, जुलार्इ-अगस्त तक नौसेना में शामिल होगी स्वदेशी स्काॅर्पियन पनडुब्बी कलवरी
31 May 2017
भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने बुधवार को कहा कि पहली स्वदेशी स्कॉर्पिन पनडुब्बी कलवरी जुलाई-अगस्त में सेना में शामिल कर ली जाएगी।
नई दिल्ली। भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने बुधवार को कहा कि पहली स्वदेशी स्कॉर्पिन पनडुब्बी कलवरी जुलाई-अगस्त में सेना में शामिल कर ली जाएगी। लांबा ने यहां एक सम्मेलन से इतर कहा, 'कलवरी परीक्षण के अंतिम चरण से गुजर रही है और उम्मीद है कि जुलाई-अगस्त में नौसेना में शामिल हो जाएगी।' पनडुब्बी ने 27 मई को एक टॉरपीडो को सफलतापूर्वक फायर किया था। सूत्रों ने कहा कि पनडुब्बी को नौसेना में शामिल करने से पहले यह अंतिम अहम परीक्षण था। कलवरी ने दो मार्च को पहली बार सफलतापूर्वक एंटी-शिप मिसाइल फायर की थी। भारत में स्कॉर्पिन श्रेणी की छह पनडुब्बियों का निर्माण हो रहा हैं, जिनमें कलवरी पहली पनडुब्बी है। स्कॉर्पिन पनडुब्बी का निर्माण फ्रांस के डीसीएनएस द्वारा प्रौद्योगिकी स्थानांतरण के साथ प्रोजेक्ट 75 के तहत मझगांव डॉकयार्ड लिमिटेड द्वारा किया गया था। दो पनडुब्बियां तैयार हैं, जबकि चार अन्य का निर्माण चल रहा है। दूसरी पनडुब्बी खंडेरी को इस साल 12 जनवरी को लॉन्च किया गया था, जिसे बंदरगाह व समुद्र की सतह पर कठिन परीक्षणों के दौर से गुजरना होगा, जिसके बाद उसे पानी के नीचे उतारे जाने के बाद नौसेना में शामिल किया जाएगा। अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त स्कॉर्पिन चकमा देने में माहिर है और गाइडेड हथियारों के माध्यम से दुश्मनों पर वार करने में सक्षम है। स्कॉर्पिन पानी के अंदर तथा सतह पर टॉरपीडो, एंटी-शिप मिसाइल के माध्यम से वार कर सकता है। श्रीलंका द्वारा चीनी पनडुब्बी को उसके डॉकयार्ड पर खड़ा न करने की अनुमति न देने के बारे में पूछे जाने पर नौसेना प्रमुख ने कहा, 'हम न तो श्रीलंका के साथ किसी तरह की वार्ता कर रहे हैं और न ही उनके संपर्क में हैं। यह फैसला उनका खुद का है।' स्वदेशी विमानवाहक पोत को नौसेना में शामिल किए जाने के बारे में पूछे जाने पर लांबा ने कहा कि आईएसी का निर्माण तय समय के हिसाब से चल रहा है। उन्होंने कहा, 'हमें उम्मीद है कि साल 2019 में उसका परीक्षण शुरू हो जाएगा और साल 2020 में नौसेना में शामिल हो जाएगा।'


भारत-जर्मनी एक दूजे के लिए बने: मोदी, दोनों देशों के बीच 8 करार हुए
30 May 2017
नई दिल्ली/बर्लिन.4 देशों के 6 दिन के दौरे पर सोमवार शाम जर्मनी पहुंचे नरेंद्र मोदी का मंगलवार को ऑफिशियल वेलकम हुआ। बर्लिन में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद मोदी और जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल ने इंडिया-जर्मनी इंटर-गवर्नमेंटल कॉन्सुलेशन्स (आईसीजी) की मीटिंग में शिरकत की। दोनों देशो के बीच 8 MOU साइन किए गए हैं। ज्वाॅइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोदी ने कहा- भारत और जर्मनी एक दूजे के लिए बने हैं। पीएम आज शाम जर्मन दौरा खत्म करके स्पेन रवाना हो जाएंगे। वो रूस और फ्रांस भी जाएंगे।
दुनिया के सामने आतंकवाद समेत कई चैलेंज.... - ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोदी ने कहा- दुनिया के सामने आतंकवाद समेत कई चैलेंज हैं। इसका हमें मिलकर मुकाबला करना है। जर्मनी में मेरे स्वागत के लिए तहे दिल से शुक्रिया। - एक सवाल के जवाब में पीएम ने कहा- हम एक दूसरे के लिए बने हैं। जर्मनी स्टार्टअप, गंगा सफाई और स्किल डेवलपमेंट में भारत की मदद रहा है। मोदी ने कहा- दुनिया इनोवेशन के बिना आगे नहीं बढ़ सकती। हम मेक इन इंडिया के लिए जर्मनी का स्वागत करते हैं। बता दें कि दोनों देशों के बीच 8 समझौते हुए। - पीएम ने कहा- रेलवे के मॉर्डनाइजेशन प्रोग्राम में भी जर्मनी भारत की मदद कर सकता है क्योंकि वो हमारा भरोसेमंद पार्टनर है। - मर्केल ने कहा- भारत एक बड़ी ताकत है और जर्मनी उसके साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार है।
मोदी के लिए एंगेला का प्राइवेट डिनर....
- मोदी सोमवार शाम बर्लिन पहुंचे थे। इसके बाद जर्मन चांसलर से वन टू वन बातचीत की। ब्रैंडनबर्ग जिले में स्थित 18वीं सदी के पैलेस शलॉस मीजेबर्ग के बाग में सोमवार शाम दोनों नेता साथ टहले। शलॉस मीजेबर्ग की विजिटर बुक में मोदी ने हस्ताक्षर भी किए। यहीं मर्केल ने प्राइवेट डिनर दिया। - बाद में मोदी ने बताया- "एंगेला मर्केल के साथ उनकी बातचीत काफी अच्छी रही।" - मीटिंग को एक बेहद अनौपचारिक मामला बताया गया। फॉरेन मिनिस्ट्री ने एक बयान में कहा, "यह एक फायदेमंद भागीदारी है।" - इसी बीच, मोदी के साथ गए सीनियर मिनिस्टर ने भी अपने जर्मन काउंटर पार्ट्स से बातचीत की। इनमें कॉमर्स मिनिस्टर निर्मला सीतारमण, एनर्जी मिनिस्टर पीयूष गोयल और विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर शामिल हैं।
काउंटर टेररिज्म की स्ट्रैटजी तैयार करेंगे: मोदी... -सोमवार शाम पीएम ने ट्वीट में कहा था, "मैं और जर्मन चांसलर काउंटर टेररिज्म के लिए स्ट्रैटजी तैयार करने की कोशिश करेंगे। मुझे भरोसा है कि इस विजिट से भारत और जर्मनी के रिश्ते मजबूत होंगे और दोनों देशों को फायदा होगा।" - इसके पहले एक फेसबुक पोस्ट में पीएम ने कहा- "मैं और जर्मन चांसलर दोनों देशों के बीच ट्रेड, इन्वेस्टमेंट, सिक्युरिटी और काउंटर टेररिज्म के लिए स्ट्रैटजी तैयार करने की कोशिश करेंगे।" - एक जर्मन न्यूज पेपर को दिए इंटरव्यू में पीएम ने आतंकवाद को मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। यूरोपीय देशों से अपील में मोदी ने कहा कि वो आतंकवाद के खिलाफ पुख्ता तरीके से काम करें। उन्होंने कहा- यूरोप में भी कई आतंकी हमले हुए हैं। ताजा मामला ब्रिटेन के मैनचेस्टर का है।
क्या है एजेंडा?.. एजेंडा: भारत में जर्मनी की 1600 कंपनियां हैं। इनमेंं 600 ज्वाइंट वेंचर हैं। यहां डिफेंस और सोलर एनर्जी से जुड़े कई बड़े समझौते हो सकते हैं। मोदी की कोशिश मेक इन इंडिया के तहत कई बड़ी कंपनियों को भारत लाने की होगी। कारोबार:जर्मनी भारत में सातवां सबसे बड़ा इन्वेस्टर है। अप्रैल 2000 से मार्च 2017 तक 9.69 अरब डॉलर का इन्वेस्टमेंट हो चुका है। 2016 में 19.48 अरब डॉलर का कारोबार हुआ।


(मोदी फेस्ट 26 मई से 15 जून) चुनौती को अवसर में बदलना नरेन्द्र मोदी का शगल......- भरतचन्द्र नायक
26 May 2017
देश की जनता याद करती है कि 2004 मार्च-अप्रैल के दरम्यान जब कहा जाता था कि मंहगाई कमर तोड़ रही है। यूपीए सरकार जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील होने के बजाय एक ही जबाव देकर कत्र्तव्य की इतिश्री समझ लेती थी कि मंहगाई विश्वव्यापी समस्या है। आये दिन भ्रष्टाचार और घोटाले जनचर्चा का विषय होते थे। सरकार का ध्यान सीएजी द्वारा भ्रष्टाचार का अनावरण कर दिये जाने के कारण झूठे तर्क देकर जनता के प्रति गैर जिम्मेदाराना मतिभ्रम पैदा करना रह गया था। न्यायालयों ने इनका संज्ञान लिया। यूपीए सरकार के मंत्रिगंण आरोपों के कठघरे में खड़े हुए। उनकी तिहाड़ यात्रा ने सवा अरब जनता का विश्वास खंडित कर दिया। सरकार किंकत्र्तव्य विमूढ़ और जनता हताश थी। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2014 लोकसभा चुनाव लड़े गये। सेकुलर ब्रिगेड ने बड़े इत्मीनान के साथ जनता को फुसलाया, प्रलोभित किया, बरगलाया तथा नरेन्द्र मोदी के चरित्र हनन में अपनी विशेषज्ञता प्रदर्शित करने में कसर नहीं छोड़ी। श्री नरेन्द्र मोदी ने निरर्थक आलोचना के प्रति गहन गंभीर सहिष्णुता का परिचय देते हुए जनता को गरीब हितैषी, भ्रष्टाचार मुक्त, विकासोन्मुखी सरकार देने का वायदा किया। लोकतंत्र में जनविश्वास सबसे बड़ी शक्ति है। नरेन्द्र मोदी ने हताशा से त्रस्त जनमानस में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया। जनता और भाजपा के बीच विश्वास का सेतु बना। 26 मई 2014 को जनादेश, प्रचंड बहुमत अर्जित कर नरेन्द्र मोदी ने नीतिगत अस्त-व्यस्तता के आलम में केन्द्र मंे प्रचंड बहुमत के बावजूद घटक दलों के साथ एनडीए सरकार का गठन किया। नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री पद से देश के प्रधानमंत्री का पद संभाला। तीन वर्ष के सरकार के कार्यकाल में एनडीए सरकार ने न तो जनविश्वास को खंडित किया और न ही पार्टी को लज्जित होने का अवसर आने दिया। काजल की कोठरी में बेदाग बने रहने का कीर्तिमान बनाकर जनता को सुखद परिवर्तन का अहसास कराया। देश विदेश में साफ-सुथरी, शुचितापूर्ण विकासोन्मुखी सरकार का सबूत पेश किया। मजे की बात यह है कि लोकसभा चुनाव 2014 के पश्चात हुए राज्यों के विधानसभा चुनावों, उपचुनावों में दिल्ली, बिहार और पंजाब को अपवाद मानें तो हर चुनाव में बाजी मारकर उन्होनें सिद्ध कर दिया कि करिश्माई नेतृत्व ने जो लहर पैदा की है वह अनवरत तीन साल मंे भी जस की तस बरकरार है। जनता का नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार पर अटल विश्वास है। सोलह राज्यों में पार्टी और घटक दलों की भागीदारी से सरकार है। नरेन्द्र मोदी की गणना दुनिया के श्रेष्ठ शासकों में ही नहीं उन्होनें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को भी लोकप्रियता के मामले में पीछे धकेल दिया है। जीडीपी विकास में चीन को पीछे धकेला है।
नरेन्द्र मोदी ने जिस तरह चुनौतियों को अवसर में बदला, उनके नक्शेकदम पर चलकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित भाई शाह ने पार्टी संगठन को कुशलतापूर्वक नेतृत्व देकर पार्टी को विश्व का सबसे बड़ा (12 करोड़ सदस्य संख्या वाला दल) राजनैतिक दल बना दिया है। अब तक चीन का वामपंथी दल इसका दावेदार था। सदस्यता में अंकों की कारीगरी नहीं मैदानी स्तर पर देश के हर राज्य में मतदान केन्द्र तक पार्टी का ऊर्जावान नेतृत्व खड़ा करके साबित कर दिया है कि राजनैतिक दल की सफलता नारों और वादों में नहीं मतदान केन्द्र पर खड़ी जुझारू विकासोन्मुखी कार्यकर्ताओं की टीम पर निर्भर है। जो आंचलिक समस्याओं के समाधान के लिए राह बन सके है। यह टीम तीन वर्षों की मोदी सरकार की यशोगाथा लेकर 26 मई से 15 जून 2017 तक मतदाताओं का आशीर्वाद लेने मैदान में उतरकर मतदाताओं से रूबरू हो रही है। मोदी फेस्ट के नाम से लोकप्रिय यह अभियान वन-वे ट्रैफिक नहीं, कार्यकर्ता मतदाता का सुख-दुःख में भागीदार बनकर जन समस्याओं औश्र उनके उचित समाधान में पूर्ण मनायोग से जुटे है। नरेन्द्र मोदी ने पिछले दिनों ‘मन की बात’ करके जनता से रागात्मक संबंध जोड़ा और इस दरम्यिान जन की बात सुनने के लिए ‘जन की बात’ अभियान को गति प्रदान कर लोकतंत्र की अनुभूति दी है। आजादी के बाद श्री नरेन्द्र मोदी ने जन-धन योजना आरंभ करके जीरो बैलेंस पर आम आदमी को बैंक खाता खोलने का अवसर दिया और इसे दुर्घटना बीमा का समावेशी बनाकर सामाजिक-आर्थिक कवच सुनिश्चित कर दिया। बीस करोड़ बैंक खाते खोलकर उनमें सब्सीडी दी जाने लगी है। जन-धन योजना और जीवन ज्योति बीमा योजना से सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। 1971 के गरीबी हटाओ अभियान से ठगी गयी जनता को पहली बार लगा कि मोदी सरकार कुछ परफार्मेन्स देने वाली सरकार है। लोकतंत्र में जन विश्वास ही राजनैतिक दल की सबसे बड़ी शक्ति होती है और इससे लोकतंत्र की विश्वसनीयता बढ़ती है। नरेन्द्र मोदी ने जन विश्वास के न्यासी की भूमिका में विलक्षण प्रतिभा दिखाकर करोड़ो लोगों को मुरीद बना लिया है।
नरेन्द्र मोदी ने सत्ता के पटल पर अवतरित होते ही ऐलान किया कि ‘‘न खाऊंगा और न खाने दूंगा’’। सेकुलर ब्रिगेड ने ठाठ-बाट, सूट-बूट की सरकार जैसे जुमले गढ़े, लेकिन उसे हताश तो तब हुई जब तीन वर्षों में एक भी मामला भ्रष्टाचार, घोटाले का उसके हाथ नहीं लगा। लेकिन सिर्फ यही हताशा का कारण नहीं बन रहा। आजादी के बाद पहली बार सरकार में पं. नेहरू के समय सेना की जीप खरीदी जैसे घोटाले हुए। इंदिरा जी के कार्यकाल में तो स्टेट बैंक से तक फर्जी काल पर रकमें निकाली गयी। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने स्वीकार किया कि शासन-प्रशासन में गोलमाल है और जनता तक एक रू. भेजने में सिर्फ 15 पैसे पहुंचते है। मोदी सरकार ने सारी सब्सीडी हितग्राही के खाते में जमा कर दो लाख करोड़ रू. जो बिचैलियों की जेब में जाते थे, उन पर रोक लगा दी। जनता ने जहां इस पहल को जनोन्मुखी माना, वहीं बिचैलियो के रूप में इस रकम को हड़पने वालों की छाती पर सांप लौटने लगे और मोदी सरकार कीप्रगति देखने सराहने के बजाय दुष्प्रचार करनें में जुट गये। मोदी सरकार ने कालेधन और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी (विमुद्रीकरण) का ऐलान कर बड़े नोट (1000 और 500 के नोट) को प्रचलन से बाहर कर दिया। बैंको के सामने लाइने लगी और विपक्ष ने हाहाकर मचाया। लेकिन गरीब वर्ग ने अपने साथ अमीरों को कतार में खड़ा देखकर माना कि आर्थिक विषमता दूर करने और भ्रष्टाचार तथा कालेधन पर रोक लगाने में नोटबंदी कारगर कदम है। निम्म वर्ग और मध्यम वर्ग ने कठिनाई झेलते हुए नोटबंदी का स्वागत किया। नतीजा यह हुआ कि सरकारी खजाने में टैक्स संग्रह का रिकार्ड बन गया। नकदी की समस्या से जूझ रहे बैंक मालामाल हो गये और जन-जन को कर्ज मिलना आसान हो गया। 23 हजार करोड़ रू. कालाधन का खुलासा हो गया। नजरे बदलता है तो नजरिया बदल जाता है।
नोटबंदी और जीएसटी कराधान जैसी साहसिक पहल ने देश विदेश में निवेशकों को प्रभावित कर दिया कि वास्तव में मोदी के नेतृत्व में गतिशील दूरदर्शी सरकार मिली है। किसान, गरीब, मजदूर, आम आदमी का कल्याण ही सरकार की असल प्रतिबद्धता है। नोटबंदी और जीएसटी से जहां देश का जीडीपी दहाई में पहुंचने जा रहा हे, वहीं महंगाई दर में 2 प्रतिशत की कमी आने से जनता अच्छे दिनों का अहसास करने जा रही है। मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी, असंगठित क्षेत्र में न्यूनतम पेंशन योजना, किसानों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, सामाजिक आर्थिक कवच साबित हुई है। जनता का विश्वास अटल हुआ है कि श्री नरेन्द्र मोदी जो कहते है वह करके दिखाते है। भारतीय जनता पार्टी की कथनी और करनी में साम्य है। कृषि के मोर्चा पर मिली कामयाबी से इस क्षेत्र में विकास दर नकारात्मक से 4 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी आने से देश में बंपर कृषि उत्पादन हुआ। खाद्यान्न के मूल्य घटने से असल लाभ आम आदमी को मिल रहा है। देश के 14 करोड़ किसानों के लिए उनकी जमीन का स्वाईल हेल्थ (मृदा स्वास्थ्य परीक्षण) कार्ड किया जा रहा है। इससे किसान जमीन की तासीर पहचान कर न्यूनतम परिमाण में उर्वरक का इस्तेमाल करेगा और कृषि की लागत घटेगी। 2014 तक किसान यूरिया खाद के लिए भटकते थे। वितरण केन्द्रों पर कालाबाजारी होती थी। एनडीए सरकार ने यूरिया को नीम कोटेड बनाकर उसकी हेराफेरी समाप्त कर दी और उत्पादन बढ़ा दिया है। अब रासायनिक खाद मुंह मांगा बाजार में उपलब्ध है उस पर मिलने वाली सब्सीडी उत्पादकों और वितरकों की जेब में जाने के बजाय किसान के खाते में जमा हो रही है। मोदी सरकार ने पाॅलिसी पेरालिसिस के आरोप से सरकार को मुक्त किया है। जनहित में हर दिन फैसला होता है और अगले दिन प्रगति की निगरानी खुद नरेन्द्र मोदी करते है, जिससे राजनैतिक क्षेत्र और प्रशासन में नई कार्य संस्कृति विकसित हुई है। राजनैतिक और प्रशासकीय क्षेत्र में कर्महीन, आलसी, लापरवाह लोगों का सितारा अस्त हो रहा है। जनता मानती है कि मोदी सरकार काम करने वाली सरकार है, तीव्र गति से लिए जाने वाले फैसलों की देश में बेहद चर्चा है। सरकार ने कालाबाजारी खत्म करने के लिए 64 विभागों की 533 योजना में नकद सब्सीडी वितरण से बिचैलियों को अलविदा करने, राशि का हितग्राही के खातों में हस्तातंरण आरंभ कर दिया तो देश के बैंकों का आठ लाख करोड़ रू. कर्जदारों की गैर अदायगी के कारण डूबन्त खाते में जा रहा था, सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए रिजर्व बैंकों को निर्णयात्मक पहल करने के लिए शक्ति संपन्न बनाने के लिए बैंकिंग रेगुलेशन में संशोधन कर दिया है। इस कदम से रकम डकारने वाले औद्योगिक, वाणिज्यक क्षेत्र ऊहापोह में है, सरकार को घेरने की जुगत में है। लेकिन सरकार लोकधन की वसूली के लिए कृत संकल्प है। सरकार ने बेनामी संपत्ति को जप्त किये जाने के लिए कानून में संशोधन करके संपत्ति राजसात किये जाने की व्यवस्था करके दोहरी अर्थव्यवस्था के सृजन पर रोक लगा दी है। बेनामी संपत्ति संशोधन कानून-2016 ने काली अर्थव्यवस्था की रीढ़ तोड़़ दी है। भ्रष्टाचार के फैलाव में नकदी और बड़े नोटों का प्रचलन खाद-पानी का काम करता है। मोदी सरकार ने कैशलेस इकाॅनोमी की दिशा में सर्तकतापूर्ण कदम बढ़ाया है। डिजिटल लेन-देन को लोकप्रिय बनाया गया है। आधार नंबर के जरिये लेनदेन में भीम एप्प, यूपीआई, यूएएसए जैसे माध्यमों को प्रोत्साहन देकर न्यूनतम कैश, मिनीमम कैश की पद्धति अपनाने पर बल दिया है।
मोदी सरकार की नीतियों की दिशा और दशा से देश में सकारात्मक वातावरण बना है। सुदूर ग्रामों में चूल्हे के धुंआ से परेशान महिलाओं को जब उज्जवला योजना में केन्द्र सरकार ने निःशुल्क गैस कनेक्शन दिया, तब गांव-गांव तक यह संदेश पहुंचा कि यह जनहितैषी सरकार है। महिलाएं भी सरकार के राडार पर है, गैस चूल्हा का इस्तेमाल करने वाली बहनें मोदी सरकार के ‘सबका साथ-सबका विकास’ संदेश की संवाहक बन चुकी है। केन्द्र सरकार ने निजी क्षेत्र में स्वास्थ्य पर्यटन के रूप में विकसित अस्पतालों के खर्चीले बिलों को देखते हुए तय किया कि सरकारी अस्पतालों में सरकारी खर्च पर दवाईयां सुलभ हो। जहां बाजार से जीवन रक्षक दवाएं खरीदना अनिवार्य हो दवाईयां उपकरणों पर अनुचित मुनाफाखोरी न हो पाये। इसके लिए लाख रू. कीमत का स्टेंट सस्ता कर आम आदमी की पहुंच में लाया गया है। जेनेरिक दवाईयों के इस्तेमाल को तरजीह दी जा रही है। जेनेरिक दवाईयां ब्रांडेड दवाओं से कई गुना सस्ती होती है। इसके विक्रय केन्द्र शहरों में खोले जा रहे है। नरेन्द्र मोदी सरकार की ‘तीन साल बेमिसाल’ की उपलब्धियां जन-जन तक पहुंचाना लोकतंत्र में आवश्यक इसलिए भी है कि जनता सूचना के अधिकार से संपन्न है। मोदी फेस्ट के रूप में पार्टी संगठन और एनडीए सरकार ने इक्कीस दिन का जनसंपर्क महासंवाद अभियान आयोजित करके जन जिज्ञासा को शांत करने की अनूठी पहल की है। यह एक अवसर है जब पाॅलीटिक्ल क्लास और सिविल सोसायटी इस अभियान में प्रगति पर समावेशी बहस कर जनता जनता को विकास के प्रति जागरूक बना सकती है। विकास के इस स्वर्ण युग में कुछ कमियां भी हो सकती है। लेकिन एक बात तो तय है कि राष्ट्र के जीवन में तीन साल मूल्यवान साबित होने पर दो मत नहीं है। देश में अधोसरंचना विकास, आवासहीनों के सिर पर 2022 तक छत, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, मुद्रा बैंक, स्किल्ड इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया जैसे अभियानों ने युवकों में इल्म और हुनर की चाह पैदा की है। वे देश में बढ़ते रोजगार के अवसरों को छोड़ना नहीं चाहते। ब्रेन-ड्रेन की जगह ब्र्रेन गेन की जुगत लग गयी है। स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत, खुशहाल भारत का जो सपना स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों ने देखा था, उस दिशा में अनुष्ठान शुरू हो चुका है। राष्ट्र के जीवन में तीन वर्ष की अवधि मूल्यांकन की दृष्टि से नगण्य है किंतु नीतियों बताती है कि दशा और दिशा सही है। गत तीन वर्षों में भारत में विकास का नया विहान हुआ है। योजना आयोग नीति आयोग में बदला है। टीम इंडिया का प्रादुर्भाव हो चुका है। नीति आयोग और जीएसटी परिषद में राज्यों का वर्चस्व बढ़ने से संविधान की संघवाद की भावना ने मूर्तरूप लिया है। राज्यों को केन्द्र से मिले वाले राज्यांश का 32 प्रतिशत से बढ़ाकर 42 प्रतिशत हो जाने से राज्यों की माली सेहत सुधरी है। अब तक मोदी सरकार राज्यों के बीच पक्षपात से बची है। यह भी एक लोकतांत्रिक उपलब्धि है।


उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर शिवसेना का तंज, लिखा- क्या यही है सबका साथ, सबका विकास?
26 May 2017
शिवसेना और बीजेपी के बीच तल्ख रिश्ते कोई राज नहीं हैं और अब पार्टी के मुखपत्र सामना में यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा गया है।
मुंबई। शिवसेना और बीजेपी के बीच तल्ख रिश्ते कोई राज नहीं हैं और अब पार्टी के मुखपत्र सामना में यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा गया है। पत्र में छपे लेख में राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर योगी सरकार को आड़े हाथों लिया गया। सामना में छपे लेख में कहा गया है कि जब से यूपी में योगी का राज आया है, तब से अपराधी बेखौफ हो गए हैं, उनकी रफ्तार हाई स्पीड हो गई है। मुखपत्र में लिखा गया है कि यूपी में हो रहे घटनाक्रम राज्य की छाती पर मूंग दल रहे हैं। पीडि़त चीख-चीखकर योगी से सवाल कर रहे हैं, क्या यही है सबका साथ, सबका विकास? लेख में पूछा गया है कि अगर योगीराज में भी यही हालात होने थे तो अखिलेश सरकार क्या बुरी थी? सामना के मुताबिक यूपी चुनाव से पहले बीजेपी नेताओं ने गला फाड़कर राज्य को अपराधमुक्त करने का वादा किया था। मुख्यमंत्री सत्ता संभालने के बाद कई बार कह चुके हैं कि किसी को कानून अपने हाथ में लेने नहीं दिया जाएगा। पत्र के मुताबिक सीएम के इस दावे की पोल यूपी के दबंग आए दिन खोल रहे हैं। लेख में कहा गया है कि पिछले दो महीनों में अपराधी बेहद निडर हो गए हैं। इस दौरान अपराधों में हुई बेतहाशा बढ़ोत्तरी इस बात का सबूत दे रही है। मामले चाहे लूटपाट के हों, कत्ल के, बलात्कार के या फिर सांप्रदायिक दंगों के। हर तरह के अपराधी यूपी के गुंडाराज में अपने जौहर दिखा रहे हैं। लेख में दावा किया गया है कि प्रदेश में हाई स्पीड ट्रेन भले ना चली हो लेकिन अपराधियों के हौसले जरूर हाई स्पीड हो गए हैं। शिवसेना की मानें तो यूपी में योगी सरकार का अपराधियों परे कोई जोर नहीं चल रहा है। ऐसे में अगर विपक्ष यूपी सरकार पर आरोप लगाए तो वो गलत नहीं हैं क्योंकि यूपी में अपराधी ही कानून बनाते हैं और वही कानून तोड़ते भी हैं।


पीएम मोदी ने दी देश के सबसे लंबे पुल की सौगात, देश की जनता को गिनाईं तीन साल की उपलब्धियां
26 May 2017
यह पुल असम की राजधानी दिसपुर से 540 किलोमीटर तथा अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर से 300 किलोमीटर दूर है। चीनी सीमा से इस पुल की हवाई दूरी 100 किलोमीटर से भी कम है।
पुलिस अफसर ने सुसाइड क्यों की, अभी इसका खुलासा नहीं हो सका है...
-रायसेन जिले से करीब 60 किमी दूर गैरतगंज थाने के टीआई संजय दुबे(38) ने अपने क्वार्टर में सुबह 11 बजे सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। घटना के वक्त उनकी पत्नी सीमा और दोनों बच्चे(लड़का-लड़की) घर पर ही थे। -जैसे ही टीआई ने खुद को गोली मारी, उसकी आवाज सुनकर पत्नी घबरा उठी। तत्काल थाने को सूचना दी गई, तो वहां से कुछ पुलिसवाले उनके घर पहुंचे। उन्हें गैरतगंज हॉस्पिटल ले जाया गया। गंभीर हालत को देखते हुए वहां से फौरन जिला हॉस्पिटल रेफर किया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। -संजय दुबे के माता-पिता इलाहाबाद में रहते हैं। बताया जाता है कि, वे काफी समय से तनाव में थे। इसका भोपाल में वे इलाज भी करा रहे थे।


ऐसे बदला देश का सियासी नक्शा: 3 साल में 7 से बढ़कर 17 राज्यों में BJP सरकार
26 May 2017
.आज मोदी सरकार के 3 साल पूरे हो चुके हैं। इस मौके पर दैनिक भास्कर आपको स्पेशल कवरेज के जरिए मिशन मोदी के बारे में बता रहा है। 2014 में जब मोदी प्रधानमंत्री बने तब बीजेपी 7 राज्यों में थी। अब 3 साल बाद 17 राज्यों में बीजेपी की सरकार है। मोदी के लिए 2018 तक गुजरात सहित 10 राज्यों को जीतना चुनौती है। आइए जानते हैं 2014 से लेकर अब तक देश का राजनीतिक नक्शा कितना बदल चुका है। अब भविष्य में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी की क्या रणनीति है।
गोवा, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में उठापटक कर बनाई अपनी सरकार यहां पाई सफलताै...
- 2014 में मोदी के सत्ता में आने के बाद बीजेपी ने हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखंड, 2016 में असम और 2017 में उप्र, उत्तराखंड, गोवा मणिपुर में सरकार बनाई।
यहां गठबंधन..
सिक्किम, नगालैंड, आंध्र, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, झारखंड, असम, मणिपुर, गोवा में गठबंधन से सरकार बनाई। इनमें से 5 राज्यों में भाजपा के सीएम हैं।
यहां मजबूत हुए
- भाजपा ने केरल में 1 विधानसभा सीट और पश्चिम बंगाल में 3 सीटें जीतकर खाता खोला। अरुणाचल प्रदेश में दलबदल से सरकार बनाई।।
यहां फेल हुए..
- 2015 में भाजपा की सबसे बड़ी हार बिहार और दिल्ली में हुई। दिल्ली में 31 से 3 सीटों पर आ गई। 2017 में पंजाब में अकाली-भाजपा गठबंधन हारा।
कांग्रेस से टक्कर..
- मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस से सीधी टक्कर है। इनमें से हिमाचल को छोड़कर 4 राज्यों में भाजपा की सरकार है।
यहां मौजूदगी नहीं..
- तमिलनाडु, त्रिपुरा, पुडुचेरी, मेघालय, मिजाेरम में भाजपा की एक भी सीट नहीं है, सिर्फ वोट प्रतिशत बढ़ा है। पार्टी संघ के सहारे आधार मजबूत कर रही है।


वाइफ के सामने पुलिस इंसपेक्टर ने सर्विस रिवॉल्वर से खुद को किया शूट
25 May 2017
भोपाल/रायसेन। गैरतगंज टीआई संजय दुबे ने गुरुवार को अपनी सर्विस रिवाल्वर से खुद को गोली मार ली। उन्हें गंभीर हालत में रायसेन जिला हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
पुलिस अफसर ने सुसाइड क्यों की, अभी इसका खुलासा नहीं हो सका है...
-रायसेन जिले से करीब 60 किमी दूर गैरतगंज थाने के टीआई संजय दुबे(38) ने अपने क्वार्टर में सुबह 11 बजे सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। घटना के वक्त उनकी पत्नी सीमा और दोनों बच्चे(लड़का-लड़की) घर पर ही थे। -जैसे ही टीआई ने खुद को गोली मारी, उसकी आवाज सुनकर पत्नी घबरा उठी। तत्काल थाने को सूचना दी गई, तो वहां से कुछ पुलिसवाले उनके घर पहुंचे। उन्हें गैरतगंज हॉस्पिटल ले जाया गया। गंभीर हालत को देखते हुए वहां से फौरन जिला हॉस्पिटल रेफर किया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। -संजय दुबे के माता-पिता इलाहाबाद में रहते हैं। बताया जाता है कि, वे काफी समय से तनाव में थे। इसका भोपाल में वे इलाज भी करा रहे थे।


Shocking! तीन बच्चों को छाती से चिपका ट्रैक पर लेट गई दो सगी बहनें
25 May 2017
महवा (दौसा)। दौसा जिले के महवा में गुरुवार को दो सगी बहनों ने अपने तीन छोटे बच्चों सहित ट्रेन से कटकर जान दे दी। महिलाओं ने बच्चों को छाती से चिपकाया और उन्हें अपने से बांध लिया फिर पटरियों पर लेट गईं। शुरुआती जांच के अनुसार दोनो महिलाओं ने गृह क्लेश से तंग आकर यह कदम उठाया।
जानिए क्या है मामला ......
- अजमेर-आगरा रेलवे ट्रैक पर अलवर फाटक से लगभग 200 मीटर दूर दो महिलाओं ने अपने तीन बच्चों सहित ट्रेन से कटकर अपनी जान दे दी। - सूचना मिलते ही मण्डावर थानाधिकारी ब्रजेश मीणा मय जाप्ते के घटनास्थल पहुंचे जहां उन्होंने जगह-जगह बिखरे शवों को इकट्ठा करवा कर अस्पताल पहुंचवाया।
करौली की बेटियां थीं व अलवर में था ससुराल... - पुलिस के अनुसार दोनों मृतका बहनें थीं तथा करौली जिले में टोडाभाीम के खेड़ी की रहने वाली थीं। इनकी शादी अलवर में दो सगे भाइयों से हुई थी। इनका ससुराल लक्ष्मणगढ़ के धरमपुरा पिनान गांव में है। - परिवार में आपसी मनमुटाव था तथा गृह क्लेश के कारण दोनों बहनों ने अपने बच्चों के साथ ट्रेन के आगे कूद कर जान दे दी।


अमित शाह का राहुल गांधी को जवाब, कहा- मोदी सरकार ने 3 साल में जो किया, वो 70 साल में नहीं हुआ
25 May 2017
अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि उनके पास तीन साल पहले केंद्र में सत्ता में आने के बाद से राजग सरकार द्वारा शुरू की गई 106 योजनाओं की सूची है।
नई दिल्ली।.
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के दौरे के दौरान नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा शुरू की गईं कल्याण और विकास योजनाओं के बारे में बताते हुए कहा कि सरकार के प्रदर्शन पर सवाल उठाने वालों को पहले यह जवाब देना चाहिए कि दशकों तक सत्ता में रहने के दौरान उन्होंने क्या काम किया। अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि उनके पास तीन साल पहले केंद्र में सत्ता में आने के बाद से राजग सरकार द्वारा शुरू की गई 106 योजनाओं की सूची है। लगभग हर 15 दिनों में एक योजना लागू की गई। पिछले दिनों कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बेजपी सरकार पर निशना साधते हुए पूछा था कि वह सत्ता में तीन साल तक रहने के बाद किस बात का जश्न मना रही है क्योंकि उसके पास दिखाने के लिए अब टूटे वादे और खराब प्रदर्शन के अलावा कुछ नहीं है। राहुल गांधी के इस बयान पर शाह ने पलटवार किया। उन्होंने राहुल गांधी के इस बयान का स्पष्ट जिक्र करते हुए कहा कि लोग यह जानना चाहते हैं कि उन्होंने 70 साल क्या किया है। इस बीच तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव ने राज्य को केंद्र द्वारा दी गई निधियों के संबंध में दिए गए बयान को लेकर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से गुरुवार माफी मांगने की बात कही है। उन्होंने कहा कि यदि शाह द्वारा मुहैया कराए गए आंकड़े सही साबित होते हैं तो वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। शाह ने कहा था कि राजग सरकार विभिन्न मदों के तहत तेलंगाना को वार्षिक आधार पर अतिरिक्त 20000 करोड़ रुपए दे रही है।।


मध्यावधि चुनाव की सुगबुगाहट: पवार अचानक रात में फडणवीस से मिले, बंद कमरे में गुफ्तगू
24 May 2017
एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने मंगलवार देर रात सीएम देवेंद्र फडणवीस से अचानक मुलाकात की। राज्य अतिथि गृह सह्याद्री के बंद कमरे में दोनों के बीच हुई बातचीत का ब्यौरा तो सामने नहीं आया है। लेकिन इस मुलाकात से राज्य में मध्यावधि चुनाव की अटकलें तेज हो गई हैं।
शिवसेना-बीजेपी के बीच बढ़ी खाई, नेताओं ने दिए संकेत...
किसानों की कर्ज माफी के मुद्दे पर शिवसेना पहले ही सत्ता छोड़ने की धमकी दे चुकी है। ऐसे में भाजपा में विभिन्न विकल्पों पर विचार शुरू हो गया है। भाजपा की तरफ से मध्यावधि चुनाव के संकेत भी मिले हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री एकनाथ खड़से ने धुलिया में कहा कि राज्य में मध्यावधि चुनाव कभी भी हो सकते हैं। इससे पहले यही बात मुख्यमंत्री भी पार्टी नेताओं की बैठक में कह चुके हैं। खडसे ने कहा कि मध्यावधि चुनाव दिसंबर महीने में हो सकते हैं।


उत्तरकाशी बस हादसा :18 मृतकों की शिनाख्त, गुरुवार को स्पेशल बोगी से आएंगी डेड बॉडी
24 May 2017
उत्तरकाशी में मंगलवार को हुए बस हादसे में मृत 20 लोगों के शव मिल गए हैं, जिनमें से 18 की पहचान हो गई है। 6 घायलों का उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है। उत्तरकाशी कलेक्टर आशीष श्रीवास्तव के अनुसार बस में 28 लोग सवार थे, 2 की तलाश की जा रही है। पीएम के बाद मृतकों को स्पेशल बोगी से इंदौर रवाना किया जाएगा, जो गुरुवार तक इंदौर पहुंचेगी। - गौरतलब है कि गंगोत्री धाम से लौटते वक्त मंगलवार को गंगोत्री हाईवे पर नालूपानी के पास भागीरथी नदी में गिरी बस में इंदौर जिले के 19 लोगों के शव घटनास्थल से बरामद हो गए थे। सात घायलों को अस्पताल भेजा गया था, जिनमें से एक ने वहां दम तोड़ दिया, जबकि 6 का इलाज चल रहा है। - श्रीवास्तव के अनुसार उत्तरकाशी से पीएम के बाद डेडबॉडी को पहले देहरादून लाया जाएगा। यहां से देहरादून एक्सप्रेस में स्पेशल बोगी लगाकर शवों को इंदौर भेजा जाएगा।
मृतकों के नाम
- सावित्री पति रमेश, कुसवा, बेटमा।
- निर्भय सिंह पिता बद्री सिंह, रंगवासा, इंदौर
- गीता पति श्रीराम, बेटमा
- दरियाऊबाई पति गंगाराम, खुर्मपुर
- छीता पति सेवा राम, कुसवा, बेटमा
- रमेश पूरणचंद, कुसवा, बेटमा
- सुखदेव आेंकारसिंह, देपालपुर
- सावित्री बाबूलाल, बेटमा
- लीलाबाई सुरेश, नालछा, धार
- सूरजबाई मोतीलाल, नालछा
- सुरेश सिंह तुलसीराम, धार
- भैरव सिंह राठौर, धार
- रवींद्र सिंह राठौर, धार,
- शकुंतला देवी, देपालपुर
- गब्बरसिंह, उत्तराखंड, वाहन चालक
- बलवीर सिंह, वाहन चालक
- मोती सिंह चौहान, नालछा, धार
- कोमलबाई, बेटमा
घायलों के नाम
- जितेंद्र अंबाराम चौधरी, बेटमा
- भागीरथ भीमा वर्मा, बेटमा
- सरजूबाई पति भैरोविंह राठौर, धार
- लक्ष्मीबाई, बेटमा
- बलराम चौहान, बेटमा
- भावना सत्यनारायण बेटमा"


अफसरों को पता चले ये सच्चाई, इसलिए इस IAS ने सुबह 4 बजे की मीट‍िंग
24 May 2017
यूपी के कानपुर में एक अफसर ने सुबह 4 बजे अपने ऑफिस में अफसरों के साथ मीट‍िंग की। ओडीएफ स्कीम के तहत स्वच्छ भारत अभ‍ियान को लेकर मुख्य विकास अध‍िकारी अरुण कुमार 23 मई की सुबह 4 बजे विकास भवन पहुंचे और मीट‍िंग की। इसके बाद सभी अफसरों से अपने-अपने क्षेत्र में दौरान करने का भी निर्देश दिया। इतनी सुबह मीट‍िंग करने के पीछे इस अफसर का खास मकसद था।
तो इसलिए सुबह 4 बजे अफसर ने की मीट‍िंग...
- सुबह 4 बजे की मीटिंग के बारे में पूछने पर सीडीओ अरुण कुमार ने बताया- ''शौच मुक्त ग्रामीण भारत पीएम की महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल है। लेकिन जिन अफसरों को इसकी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी दी गई है, वो इसके प्रति गंभीर नहीं हैं।'' - ''अफसरों को निर्देश दिया था कि वह सुबह गांव में दौरा कर निगरानी करें, ताकि खुले में शौच पर पाबंदी लगाई जा सके। लेकिन अफसर ऐसा नहीं करते।'' - ''सुबह 4 बजे के आसपास ही गांवों में लोग बाहर शौच के लिए निकलते हैं। इसलिए हमने मीट‍िंग के लिए यही टाइम चुना, ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके।'' - ''अब आगे इसी टाइम मीट‍िंग होगी। आधे घंटे की मीटिंग के बाद अधिकारी साढ़े चार बजे गांवों का दौरा करेंगे। इसके बाद सुबह 6 बजे वो गांव से Whatsapp के जरिए न सिर्फ फोटो भेजेंगे, बल्कि फीडबैक भी देंगे।'' - अरुण कुमार ने बताया- ''इस मीटिंग में स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को शौचमुक्त कराने के उदेद्श्य से सम्बंधित अधिकारियों को टीम बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही अफसरों को इसको लेकर फॉलोअप करने के भी निर्देश दिए गए।'' - मीटिंग में कुल 30 विभाग के अफसर मौजूद रहे।
कौन हैं सीडीओ अरुण कुमार...
- यूपी के बरेली शहर में 8 अगस्त 1984 को जन्मे अरुण कुमार जमशेदपुर टाटा में साढ़े छह लाख की नौकरी छोड़ने के साथ विदेश में जॉब के ऑफर को ठुकरा चुके हैं। - इनके पिता भूपराम सागर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में क्लर्क के पद पर कार्यरत थे। क्लर्क से प्रमोट होकर मैनेजर के पद से पिछले साल रिटायर हुए। - अरुण तीन बहनों में अकेले भाई हैं।"


मथुरा डबल मर्डर के 6 आरोपी अरेस्ट, ढाई घंटे तक चला एनकाउंटर
20 May 2017
यहां 15 मई को हुए सर्राफा व्यापारियों के डबल मर्डर और 4 करोड़ की लूट केस में पुलिस ने शनिवार सुबह 6.30 बजे 6 लोगों को अरेस्ट किया। एसएसपी विपिन मिश्रा ने बताया, "एनकाउंटर के बाद आरोपियों को अरेस्ट किया गया। एक बदमाश को गोली लगी है, जिसे आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में रेफर किया गया। आरोपियों के पास से लाखों का सोना और कैश भी बरामद किया गया।" एनकाउंटर शनिवार सुबह 4 से 6.30 बजे तक चला।
डबल मर्डर के विरोध में सोमवार से ही मथुरा में सर्राफा बाजार बंद था। व्यापारियों ने वारदात के खुलासे के लिए 18 मई को पुलिस को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। इससे पहले ही शनिवार को पुलिस ने करीब ढाई घंटे तक चले एनकाउंटर के बाद आरोपियों के अरेस्ट कर लिया। - एसएसपी विपिन मिश्रा ने बताया, "2 इंस्पेक्टर समेत 7 पुलिसकर्मी भी घायल हुए। वारदात में इस्तेमाल हथियार भी जब्त किए गए हैं।" - "आरोपियों को वारदात की जगह से महज 500 मीटर की दूरी पर रतनकुंड के पास से अरेस्ट किया गया। आरोपियों के नाम आयुष, कामेश, आदित्य, रंगा, छोटू और नीरज हैं।"
क्या था पूरा मामला?
15 मई की रात 8 नकाबपोश बदमाशों ने सर्राफा व्यापारी ध्रुव अग्रवाल की शॉप में फायरिंग कर करीब 4 करोड़ ज्वैलरी लूट ली थी और फरार हो गए थे। - हमले में ध्रुव के भाई विकास और दिल्ली के सर्राफ मेघ अग्रवाल की मौत हो गई थी, जबकि दो लोगों को हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था। - वारदात के बाद व्यापारियों ने प्रोटेस्ट किया। मौके पर पहुंचे आईजी (आगरा रेंज) अशोक जैन ने हंगामा कर रहे लोगों को भरोसा दिलाया था कि जल्द ही बदमाशों को पकड़ लिया जाएगा। - सीएम योगी आदित्यनाथ ने डीजीपी को जांच के आदेश दिए थे। लापरवाही बरतने के आरोप में 5 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया था।
ज्वैलर की फैमिली से मिले थे मिनिस्टर श्रीकांत, राजबब्बर
गुरुवार को कांग्रेस यूपी चीफ राज बब्बर ज्वैलर ध्रुव की फैमिली से मिलने पहुंचे। यूपी के मिनिस्टर श्रीकांत शर्मा और डीजीपी सुलखान सिंह ने भी फैमिली से मुलाकात की थी। - ध्रुव की फैमिली ने सरकार से बच्चों के लिए नौकरी और आर्थिक सहायता मांगी थी। श्रीकांत शर्मा ने हर संभव मदद करने का वादा किया था। - शुक्रवार को दिल्ली में मथुरा से सांसद हेमा मालिनी ने कहा था, "मथुरा में हो रही घटनाओं से मैं परेशान हूं। हालात पर मेरी नजर है। 24 मई को मैं वहां जाऊंगी। पुलिस अफसरों ने वहां की सिचुएशन के बारे में मुझे बताया है।"



पिछले साल तक गोवा के रेस्टोरेंट में था वेटर, अब है मुंबई इंडियन्स का प्लेयर
20 May 2017
मुंबई इंडियंस ने शानदार प्रदर्शन दिखाते हुए आईपीएल के फाइनल में जगह बना ली है। वैसे तो मुंबई की टीम में कई फेमस खिलाड़ी हैं, लेकिन कुछ ऐसे हैं जो कल तक गुमनामी की लाइफ जी रहे थे। इन्हीं में से एक हैं कुलवंत खेजरोलिया। कुलवंत पिछले साल तक गोवा के एक रेस्टोरेंट में वेटर थे।
ऐसे चेंज हुई खेजरोलिया की लाइफ...
- राजस्थान के झुंझुनू के रहने वाले 25 वर्षीय कुलवंत बचपन से ही एक बड़ा क्रिकेटर बनना चाहते थे। उनकी 10वीं तक की पढ़ाई गांव के सरकारी स्कूल में हुई है। 11वीं व 12वीं मंडावा के स्कूल और बीकॉम मुकुंदगढ़ के कानोडिया कॉलेज से की। - बीकॉम की पढ़ाई के बाद कुलवंत ने दिल्ली की क्रिकेट एकेडमी में प्रवेश लेने की इच्छा जताई, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते वे एडमिशन नहीं ले सके। - जिसके बाद कुछ साल पहले काम की तलाश में वे गोवा आए और यहां एक रेस्टोरेंट में वेटर का काम शुरू कर दिया। - एक साल पहले कुलवंत ने गोवा छोड़ दिल्ली जाने का फैसला किया। वे परिवार को बिना बताए दिल्ली आ गए और यहां उन्होंने एलबी शास्त्री क्लब ज्वाइन किया। - इसी क्लब से गौतम गंभीर, नीतीश राणा और उन्मुक्त चंद जैसे कई बड़े क्रिकेटर्स निकले हैं।
पिता चलाते हैं किराने की दुकान.
- कुलवंत के पिता शंकर सिंह की गांव में किराने की छोटी सी दुकान है। मां सरोज कंवर गृहिणी हैं। उनके एक भाई और एक बहन है। कुलवंत के बड़े भाई हेमंत सिंह रोडवेज में नौकरी करते हैं। - वर्तमान में कुलवंत दिल्ली स्थित लाल बहादुर शास्त्री एकेडमी के कोच संजय भारद्धाज के निर्देशन में प्रशिक्षण ले रहा है।
आईपीएल में 10 लाख लगाई गई कीमत.
- यहां रहते हुए कुलवंत ने अच्छा परफॉर्म किया और खुद को एक बेहतर बांये हाथ के तेज गेंदबाज के रूप में पेश किया। - उनकी परफॉरमेंस को देखते हुए IPL 2017 नीलामी में उन्हें मुंबई इंडियंस ने 10 लाख के बेस प्राइस पर खरीदा। - हालांकि मुंबई इंडियन्स के लिए उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला है।


कश्मीर को भड़काने की साजिश बेनकाब होगी: हुर्रियत फंडिंग पर सुब्रमण्यम स्वामी
20 May 2017
बीजेपी लीडर सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए भड़काने की साजिश जल्द बेनकाब होगी। उन्होंने कहा, "अब वक्त आ गया है कि कश्मीर में विद्रोह की जड़ तक पहुंचा जाए, जो उकसाये जाने पर किया गया लगता है।" बता दें कि हुर्रियत नेताओं पर पाकिस्तानी सोर्सेस से पैसे लेने का आरोप है। इस मामले की जांच नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी कर रही है।
कश्मीर का विद्रोह नैचुरल नहीं- स्वामी....
- न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पिछले दिनों भारत में ISI के एजेंट अरेस्ट हुए थे। इसके बाद सामने आया कि अलगाववादियों को पिछले कुछ महीनों से लगातार ISI फंडिंग कर रही है। - सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा, "ऐसा कहा जा सकता है कि ये सभी के लिए चौंकाने वाली बात है। अब हमें कश्मीर के विद्रोह और इसके पाकिस्तानी कनेक्शन की तह तक पहुंचना चाहिए। ये स्वाभाविक विद्रोह नहीं, बल्कि भड़काने का नतीजा लगता है।"
लश्कर से फंडिंग का आरोप.
- कश्मीर के अलगाववादी संगठन हुर्रियत के 4 नेताओं पर हिंसा फैलाने के लिए लश्कर-ए-तैयबा से पैसा लेने का आरोप लगा है। इन नेताओं में सैयद अली शाह गिलानी भी शामिल हैं। - एनआईए ने इनके खिलाफ शुक्रवार को मामला दर्ज किया और प्रिलिमिनरी इन्क्वायरी (PE) शुरू कर दी। लश्कर पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन है। इसका चीफ हाफिज सईद है जो 26/11 मुंबई आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड है।
इन लीडर्स के खिलाफ इन्क्वायरी - न्यूज एजेंसी के मुताबिक, NIA के स्पोक्सपर्सन ने बताया कि जिनके खिलाफ जांच शुरू की गई है, उनमें तहरीक-ए-हुर्रियत के सैयद अली शाह गिलानी, फारूक अहमद डार उर्फ बिट्टा कराटे, नईम खान और गाजी जावेद बाबा शामिल है। - एनआईए के मुताबिक, इन अलगाववादी नेताओं पर आरोप है कि इन्हें सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, स्कूलों और अन्य सरकारी संस्थानों को जलाने जैसी विध्वंसक गतिविधियों के लिए लश्कर चीफ हाफिज सईद से पैसा मिलता है। घाटी में सिक्युरिटी फोर्सेस पर पत्थर बरसाने के लिए हुर्रियत नेताओं को पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों और पाक खुफिया एजेंसी ISI, दोनों से फंडिंग होती है।



क्या केंद्रीय कर्मचारियों को सप्ताह में 6 दिन करने होंगे काम? सरकार ने दिया यह बयान
18 April 2017
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सप्ताह में पांच की बजाय छह कार्यदिवस करने की खबरों का खंडन किया है. गृह मंत्रालय के प्रशिक्षण एवं कार्मिक विभाग की ओर से सोमवार को जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि केंद्रीय कर्मचारियों के लिए सप्ताह में 6 कार्यदिवस करने की कोई योजना नहीं है.
हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्टों में केंद्र सरकार में कर्मचारियों के काम के घंटे बढ़ाये जाने की संभावना जताई गई थी. मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि केंद्रीय कर्मचारियों के लिए ड्यूटी का समय बढ़ाकर सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक करने और सप्ताहांत में शनिवार का अवकाश खत्म करने की तैयारी चल रही है.
इस बारे में मंत्रालय की ओर से जारी स्पष्टीकरण में साफ किया गया है कि केंद्र सरकार में इस तरह का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. मंत्रालय ने ड्यूटी का समय और शनिवार का अवकाश खत्म करने संबंधी मीडिया रिपोर्टों को अफवाह बताते हुए कहा गया है कि इस बारे में मौखिक या लिखित कोई आदेश जारी नहीं किया गया है. लिहाजा ये आशंकाएं निराधार और गलत हैं.



मानसून पर अल-नीनो का खतरा, इस बार 96 फीसदी होगी बारिश
18 April 2017
नई दिल्ली: मौसम विभाग के मुताबिक इस बार मानसून की बारिश सामान्य रहेगी. मानसून सीजन यानी जून से सितंबर के दौरान होने वाली बारिश इस बार 5 फीसदी की मॉडल त्रुटि के साथ 96 फीसदी रहने का अनुमान है. इसका सीधा सा मतलब ये है कि इस बार मात्रात्मक रुप से मानसून की वर्षा 5 फीसदी की मॉडल त्रुटि के साथ दीर्घावधि औसत यानी एलपीए का 96 फीसदी होने की संभावना है. मौसम विभाग के महानिदेशक केजे रमेश ने पूर्वानुमान जारी करते हुए कहा कि इस बार निकट सामान्य मानसून वर्षा होने की संभावना 38 फीसदी है.
मौसम विभाग के सीनियर साइंटिस्ट डीएस पई ने बताया कि इस बार पिछले मानसून के अंतिम महीनों में कमजोर ला-नीना स्थितियां बनी. दिसंबर 2016 में ला-नीना अपने सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंचा और इसके बाद इन स्थितियों में कमजोरी आनी शुरू हो गई. इस समय भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर क्षेत्र में न्यूट्रल स्थिति बनी हुई है. ताजा अनुमानों के मुताबिक आने वाले मानसून सीजन के मध्य में कमजोर अलनीनों की स्थिति बन जाएगी. इस स्थिति को मानसून के लिए अच्छा नहीं माना जाता है.
कमजोर अलनीनो की स्थिति जुलाई के अंत से शुरू होकर सितंबर तक जारी रहने का अनुमान है. इससे मानसून की बारिश पर उल्टा असर पड़ने की आशंका गहरा गई है. लेकिन इन सबके बावजूद हिंद महासागर में समंदर के पानी में बनी परिस्थियां मानसून के लिए अच्छी मानी जा रही है. अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में पानी के तापमान में अंतर अगर पॉजिटिव है तो इसे मानसून के लिए फायदेमंद माना जाता है.
मौसम विभाग के मुताबिक प्रशांत महासागर के ऊपर समंदर के पानी का गर्म होना यानी अल-नीनों पैदा होना मानसून के लिए अच्छा नहीं है. लेकिन इन सबके बीच में भूमध्यरेखीय हिंद महासागर पर पॉजिटिव आईओडी का होना फायदेमंद है. इन दोनों कारकों का मानसून की स्थिति पर भारी प्रभाव देखा जाता है. लिहाजा मौसम विभाग इन दोनों मौसमी कारकों पर बारीक नजर रखे हुए हैं. मौजूदा परिस्थियों में मौसम के जानकार मानसून सामान्य रहने की संभावना जता रहे हैं लेकिन आने वाले दिनों में अगर अल-नीनो की स्थिति मजबूत होती है तो सामान्य मानसून के लिए ये घातक होगा. मौसम विभाग जून की शुरुआत में एक बार फिर से मानसून की बारिश के वितरण के बारे में अपने पूर्वानुमान जारी करेगा और तभी इसकी स्थिति के बारे में सही-सही अंदाजा मिल पाएगा.


दिल्ली एमसीडी चुनाव से पहले कांग्रेस को झटका, अरविंदर सिंह लवली बीजेपी में शामिल
18 April 2017
कांग्रेस के दिल्ली प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली बीजेपी में शामिल हो गए हैं. लवली भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए. भाजपा ज्वॉइन करने के बाद उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी खत्म हो रही है. लवली के अलावा दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष अमित मलिक भी भाजपा में शामिल हो गए.
कांग्रेस नेताओं का घुट रहा है दम
आपको बता दें कि दिल्ली में कुछ दिनों बाद एमसीडी चुनाव के लिए मतदान होने हैं. ऐसे में कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है. कहा जा रहा है कि अरविंदर एसमीडी चुनाव में टिकट बंटवारे से नाराज थे. उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एके वालिया द्वारा एमसीडी चुनाव में टिकट बेचे जाने के के विषय को उठाया था. कांग्रेस के कई नेताओं का पिछले दो वर्षो से दम घुट रहा है. वहीं कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने इसके लिए दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन को जिम्मेदार ठहराया है. वहीं शीला दीक्षित ने इसे गद्दारी कहा है.
माकन अपनी तरह से चला रहे हैं पार्टी
संदीप दीक्षित ने लवली और मलिक के इस कदम पर कहा कि लवली बीजेपी से सख्त नफरत करते थे. मुझे आश्चर्य है कि उन्होंने बीजेपी कैसे ज्वॉइन की. वह अक्सर बीजेपी के सांप्रदायिक एजेंडे पर भी काफी बार बोल चुके हैं. हालांकि कांग्रेस में इनके साथ हो रहा बर्ताव काफी निराशाजनक है. अजय माकन अपनी तरह से पार्टी चला रहे हैं.
वहीं शीला दीक्षित ने भी अजय माकन पर निशाना साधते हुए कहा कि माकन की कार्यशैली से पार्टी के कार्यकर्ता काफी फ्रसट्रेट हो रहे हैं. हालांकि लवली द्वारा उठाया गया कदम राजनीतिक अवसरवादिता है. शीला के मुताबिक मैंने लवली को कई फोन कॉल किए लेकिन उन्होंने मेरा कोई फोन नहीं उठाया. लवली को एमसीडी चुनाव के परिणामों तक इंतजार करना चाहिए था.



ट्रिपल तलाक, कॉमन सिविल कोड पर योगी के तेवर सख्त, पूछे ये 5 चुभते हुए सवाल
17 April 2017
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की जयंती के मौके पर किताब विमोचन के एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योगी ने कई नई बहसों और सवालों को जन्म दे दिया है. योगी ने कहा कि ट्रिपल तलाक महिलाओं के अधिकार पर हमला है लेकिन कुछ लोगों के मुंह क्यों बंद हैं. योगी ने अपने भाषण में ट्रिपल तलाक और कॉमन सिविल कोड पर अपनी बात रखी.
योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण के दौरान ये 5 कड़े सवालों को जन्म दिया...
1. ट्रिपल तलाक चीरहरण जैसा, कुछ लोग सियासी फायदे के लिए मौन क्यों हैं?
2. जो देश हित के इन मुद्दों पर मौन हैं वे अपराधियों की तरह. आखिर देश के मुद्दों पर चुप्पी क्यों?
3. शादी के लिए, महिलाओं के हक के लिए एक जैसा कानून क्यों नहीं हो सकता?
4. देश एक है तो कानून एक क्यों नहीं हो सकता?
5. कौन लोग हैं जो कॉमन सिविल कोड के विरोधी हैं?
क्या बोले सीएम योगी?
आपको बता दें कि सोमवार को सीएम योगी लखनऊ में पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की जयंती पर किताब विमोचन के कार्यक्रम में बोल रहे थे. उस दौरान उन्होंने कहा कि ट्रिपल तलाक महिलाओं के अधिकार पर हमला है लेकिन कुछ लोगों के मुंह क्यों बंद हैं. योगी ने इस मामले पर द्रौपदी के चीरहरण का उदाहरण दिया.
पीएम बोले मुस्लिम बहनों को हो रही दिक्कत
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्रिपल तलाक को लेकर बड़ा बयान दिया था. उन्होंने कहा है कि तीन तलाक से मुस्लिम बहनों को दिक्कत हो रही है और केंद्र सरकार इस पर जल्द हल चाहती है. पीएम मोदी ने ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित बीजेपी की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी के आखिरी दिन रविवार को कहा कि बीजेपी का रुख तीन तलाक मुद्दे पर बिल्कुल साफ है.
'राज नहीं समाज बदलना है'
पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि हमारे वरिष्ठ नेता कहा करते थे, राज नहीं समाज को बदलना है. प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर कोई सामाजिक बुराई है तो समाज को जागना चाहिए और न्याय प्रदान करने की दिशा में प्रयास करना चाहिए. प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि मुस्लिम महिलाओं को शोषण का सामना नहीं करना चाहिए.
क्या है मुस्लिम नेताओं की राय?
मुस्लिम धर्मगुरू राशिद महली फिरंगी ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं के हक के लिए उनके शिक्षा और रोजगार पर ध्यान दिय़ा जाना चाहिए. तो वहीं जफरयाब जिलानी बोले कि इस्लाम में फैमिली लाइफ के बारे में जो तरीका बताया गया है वह सही तरीका है. कुछ महिलाएं इसका विरोध कर रही हैं लेकिन आप जाकर लोगों से पूछें अधिकांश लोग इसके खिलाफ नहीं हैं. मुस्लिम नेता शाइस्ता अंबर इस मुद्दे पर कहा कि ये धर्म का मामला ही नहीं है. ये महिलाओं के अधिकार और उनके हक का मामला है. इसमें धर्मगुरुओं की बातों में नहीं आना चाहिए और महिलाओं को कानूनी सुरक्षा दी जानी चाहिए.
मुस्लिम महिलायें शरीयत के साथ
आपको बता दें कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने बेवजह तीन तलाक देने वाले शख्स का सामाजिक बहिष्कार करने का फैसला किया है. मुस्लिम बोर्ड ने तीन तलाक पर 5 करोड़ महिलाओं के सर्वे का हवाला दिया और कहा कि मुस्लिम महिलाएं शरीयत के साथ हैं. मुस्लिम पर्सनल बोर्ड ने लखनऊ में चली दो दिन की बैठक के बाद साफ किया कि तलाकशुदा महिलाओं की हर संभव मदद के लिए पर्सनल लॉ बोर्ड तैयार है. बोर्ड ने मियां-बीवी के विवाद को लेकर कोड ऑफ कंडक्ट भी जारी किया और मुसलमानों को फिजूलखर्जी से बचने की सलाह दी. इसके साथ ही पर्सनल बोर्ड ने सलाह दी कि मां-बाप अपनी बेटी की शादी में दहेज ना देकर प्रोपर्टी में महिलाओं की हिस्सेदारी दें.




अब भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मंत्री केवल हिंदी में ही देंगे भाषण
17 April 2017
'आधिकारिक भाषाओं को लेकर बनी संसदीय समिति' की सिफारिश को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने स्वीकार कर लिया है। समीति ने यह सिफारिश की थी कि राष्‍ट्रपति और प्रधानमंत्री सहित सभी गणमान्‍य लोग अगर हिंदी बोल और पढ़ सकते हैं तो उन्‍हें इसी भाषा में भाषण देना चाहिए।
अंग्रेजी अखबार इकॉनमिक टाइम्स के अनुसार, समीति ने 6 साल पहले हिंदी को लोकप्रिय बनाने को लेकर राज्‍य-केंद्र से विचार-विमर्श के बाद लगभग 117 सिफारिशें की थीं। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल इसी वर्ष जुलाई में समाप्त हो रहा है और मुमकिन है कि जो अगला राष्ट्रपति बनेगा वह हिंदी में ही भाषण देगा। प्रधानमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के अधिकांश सहयोगी हिंदी में ही भाषण देते हैं। फिलहाल राष्‍ट्रपति ने इस अधिसूचना को मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय, सभी मंत्रियों और राज्‍यों को भेजा है।
राष्ट्रपति ने कई और सिफारिशों को भी अपनी मंजूरी दी है, जिनमें एयर इंडिया की टिकटों पर हिंदी का उपयोग और एयरलाइंस में यात्रियों के लिए हिंदी अखबार तथा मैगजीन उपलब्‍ध कराना भी शामिल है। हालांकि राष्ट्रपति ने नागर विमानन मंत्रालय को कहा है कि यह नियम सिर्फ सरकारी एयरलाइन तक सीमित रखा जाए। इसके अलावा सरकारी भागीदारी वाली निजी कंपनियों में बातचीत के लिए हिंदी को अनिवार्य करने तथा निजी कंपनियों के लिए अपने उत्पादों के नाम और संबंधित सूचना को हिंदी में देने की सिफारिश को नामंजूर कर दिया है। लेकिन सभी सरकारी और अर्ध सरकारी संगठनों को अपने उत्‍पादों की जानकारी हिंदी में देना अनिवार्य होगा।
संसदीय समिति ने सीबीएसई और केंद्रीय विद्यालयों में आठवीं कक्षा से लेकर 10वीं कक्षा तक हिंदी को अनिवार्य विषय करने की भी सिफारिश की थी, जिसे राष्‍ट्रपति ने सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया है। इसके अनुसार केंद्र ए श्रेणी के हिंदी भाषी राज्‍यों में ऐसा कर सकता है, लेकिन उसके लिए राज्‍यों से सलाह-मशविरा करना अनिवार्य होगा।
गैर हिंदी भाषी राज्यों के विश्वविद्यालयों से मानव संसाधन विकास मंत्रालय कहेगा कि वे छात्रों को परीक्षाओं और साक्षात्कारों में हिंदी में उत्तर देने का विकल्प प्रदान करे। इस सिफारिश को भी स्वीकार कर लिया गया है कि सरकार, सरकारी संवाद में हिंदी के कठिन शब्दों का उपयोग करने से बचे। आधिकारिक भाषा पर संसद की इस समिति ने 1959 से राष्ट्रपति को अब तक 9 रिपोर्ट्स दी हैं। 2011 में इस समीति ने रिपोर्ट दी थी जिसके अध्यक्ष पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम थे।


मोदी का मिशन गुजरात: 20% पटेल-पाटीदार को रिझाना क्यों BJP की मजबूरी?
17 April 2017
भारतीय जनता पार्टी ने इस साल होने वाले गुजरात चुनाव के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो दिन के सूरत दौरे को भी गुजरात चुनाव की तैयारियों की शुरुआत से जोड़ा जा रहा है. पीएम मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के लिए गुजरात अहम है, क्योंकि दिल्ली जाने से पहले दोनों ने लंबे समय तक यहां राजनीति की है. मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ने यहां 2002, 2007 और 2012 में चुनाव जीते हैं, लेकिन 2014 में उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद से ये राज्य पार्टी के लिए चुनौती बन गया है.
अमित शाह ने रखा 150 सीटों को लक्ष्य
मोदी के दिल्ली जाने के बाद से राज्य में कई चीजें बीजेपी के पक्ष में नहीं हुई हैं. यहां सबसे बड़ा बखेड़ा आरक्षण की मांग कर रहे पाटीदार समाज के आंदोलन ने किया. ऐसे में एक बार फिर राज्य की सत्ता में वापसी के लिए बीजेपी को पटेल-पाटीदार लोगों की नाराजगी को दूर करना होगा. हाल ही में 4 राज्यों में सरकार बनाने के बाद अमित शाह का अगला लक्ष्य गुजरात में 150 सीटें हासिल करना है, लेकिन पटेल समुदाय की नाराजगी के चलते इतनी सीटें हासिल कर पाना बीजेपी के लिए आसान नहीं होगा.
BJP का मैन वोट बैंक है पटेल समुदाय
गुजरात की कुल आबादी 6 करोड़ 27 लाख है. इसमें पटेल-पाटीदार लोगों की तादाद 20 प्रतिशत है. पटेल समुदाय की मांग रही है कि उन्हें ओबीसी स्टेटस दिया जाए, ताकि कॉलेजों और नौकरियों में उन्हें रिजर्वेशन मिल सके. राज्य में अभी ओबीसी रिजर्वेशन 27 प्रतिशत है. ओबीसी में 146 कम्युनिटी पहले से लिस्टेड है. पटेल-पाटीदार समुदाय खुद को 146वीं कम्युनिटी के रूप में ओबीसी की लिस्ट में शामिल कराना चाहती है. गुजरात में इस समुदाय के वोट को बीजेपी का प्रमुख वोट बैंक माना जाता है. बीजेपी के 40 विधायक और 6 सांसद इसी कम्युनिटी से हैं. लेकिन पटेल आंदोलन से उपजी नाराजगी को इस बार बीजेपी के लिए घातक माना जा रहा है. ऐसे में बीजेपी का अपने इस वोट बैंक को बचाए रखना बड़ी चुनौती है.
सरकार के खिलाफ पादीदारों का हिंसक आंदोलन
पटेल समुदाय का बीजेपी से नाराज होने का सबसे बड़ा कारण नेतृत्व माना गया. मोदी के बाद उनकी करीबी आनंदी बेन पटेल को राज्य की कमान सौंपी गई. लेकिन पार्टी की आंतरिक कलह और सरकार के विरोध में युवाओं की आवाज उठने लगी. नौकरी की समस्या से युवाओं ने सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया. इस दौरान दलितों के खिलाफ अत्याचार का मसला भी बड़ा हो गया. सब बिखरता देख बाद में पार्टी ने आनंदीबेन पटेल को हटाकर विजय रूपानी को मुख्यमंत्री बनाया. पाटीदार आंदोलन इतना बढ़ गया था कि उसने हिंसक रूप ले लिया था. स्थिति संभालने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा, जिससे राज्य के अलग-अलग स्थानों पर कई लोगों की मौत हो गई. इसके बाद पाटीदारों ने तय किया था कि वे 2017 के चुनाव में बीजोपी को वोट नहीं देंगे.
हार्दिक पटेल बने बीजेपी के लिए चुनौती
गुजरात विधानसभा में कुल 182 सीटें हैं. ऐसे में 150 सीटें हासिल करने के लिए बीजेपी को पटेल-पाटीदार समुदाय के वोट की जरूरत पड़ेगी. इस कड़ी में बीजेपी के लिए सबसे बड़ी मुश्किल पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल हो सकते हैं. हार्दिक बीजेपी के खिलाफ बोलने से बिल्कुल नहीं चूक रहे हैं और वो लगातार विरोधी खेमों से मिल बीजेपी के लिए मुश्किलें खड़ा कर रहे हैं. शिवसेना ने तो हार्दिक पटेल को गुजरात में अपना मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किया है.
पटेल समुदाय के गढ़ से चुनावी बिगूल फूंका
ऐसे में बीजेपी के लिए पटेल समुदाय का वोट खास अहमियत रखता है. इसी कारण प्रधानमंत्री ने सूरत में विशाल रोड शो कर चुनावी बिगूल फूंका. सूरत पटेल समुदाय के गढ़ माना जाता है. यहां पीएम ने 11 किलोमीटर लंबा रोड शो किया और इस दौरान उनका जोरदार स्वागत हुआ. सूरत में पटेल समुदाय की अच्छी खासी आबादी है और 2015 में आरक्षण आंदोलन के दौरान यहां बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी. मोदी ने यहां 400 करोड़ रुपये की लागत वाले किरण मल्टी सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर का उद्घाटन किया. यह अस्पताल पाटीदार समाज के एक ट्रस्ट से जुड़ा हुआ है. साथ ही एक हीरा पालिशिंग इकाई का भी उद्घाटन किया. पीएम ने यहां सरदार पटेल को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय राजनीति की दिशा बदली है.



यूसी ब्राउजर सुरक्षा से खिलवाड सरकार से कार्यवाही की मांग -प्रहलाद पटेल
12 April 2017
दमोह: देश की सुरक्षा से खिलबाड और क्या किया जाये क्या न किया जाये क्या प्रकाशित और प्रसारित हो इस बात पर नजर और निर्देश भारत सरकार की जगह अगर कोई अन्य देश करे तो आप इसे क्या कहेंगे? पर यह वह सच्चाई है जिसको लेकर संसद में मामला उठाते हुये क्षेत्रीय सांसद प्रहलाद सिंह पटेल ने सरकार से कार्यवाही की मांग की। पूरी प्रमाणिकता एवं साक्ष्यों को प्रस्तुत करते हुये श्री पटेल ने मामला यूसी ब्राउजर का मामला सदन में उठाया।
सांसद श्री पटेल ने सरकार का ध्यान एक बडी समस्या की ओर आकृष्ट करते हुये कहा कि यूसी ब्राऊजर“ एक चाइनीज कम्पनी है जिसका एक और हिस्सा “यूसी न्यूज“ है जो मोबाइलों और कम्प्यूटर पर चलता है। इस पर भारत के विभिन्न अखबारों के डिजिटल अंक और विभिन्न न्यूज पोर्टल जुड़े हुए हैं, इस पर कौन सी खबर भारत में दिखाना है और कौन सी खबर नहीं दिखाना है उसका फैसला चीनी ऑनलाइन सेंसर तय करता है। इसकी पुष्टि स्वरूप मेरे संसदीय क्षेत्रान्तर्गत दमोह जिले में आईटीबीपी पुलिस प्रशिक्षण केंद्र के शुरू होने से संबंधित खबर को यूसी ब्राऊजर द्वारा रोक दिया गया, उनके अनुसारष्त्मअपमू ब्वउउमदजे वि लवनत ।तजपबसम तिवउ न्ब् छमू म्कपजवतपंस जमंउरू ैवततल, जीपे ंतजपबसम ीं ेमदेपजपअम ूवतकेष्। यानी की समाचार में संवेदनशील शब्द हैं दोनों ही खबरों को संवेदनशील शब्द का इस्तेमाल बताकर रोका गया है। जबकि यूसी ब्राउसर पर अन्य आपत्तिजनक खबरें डाली जाती है।
तिब्बत शब्द के चलते खबरें रोकी जा रही हैं। उनमें यूसी ब्राऊजर और यूसी न्यूज पहले से मोबाइल निर्माता कम्पनियां डाल कर दे रही हैं उसका मुख्य कारण है अधिकांश मोबाइल कम्पनियां चीनी हैं और वे चीन सरकार के कहे अनुसार कार्य करती हैं और उनको यूसी ब्राऊजर प्री-लोड करके देने पर यूसी ब्राऊजर से एक तयशुदा रकम मिलती है। वर्तमान में हमारे जितने भी सुरक्षा बलों के कर्मचारी सीमा क्षेत्रों में कार्यरत है उनके स्मार्ट फोनों में यूसी ब्राऊजर और यूसी न्यूज हैं उनकी लोकेशन ट्रेस करना सीमा पार से बहुत ही आसान है, इस हालात में हमारी सुरक्षा से पूरी तरह समझौता हो रहा है।
श्री पटेल ने कहा कि मैं सरकार से मांग करता हूँ कि यूसी ब्राउजर और राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ जैसे पर्दे के पीछे के खेल को गंभीरता से लेते हुए इस संबंध में कोई कारगर कार्यवाही शीघ्र की जाये। सूत्रों की माने तो भारत अकेले में लगभग आधे के करीब आबादी यानि 58 करोड यूसी ब्राउजर के यूजर बतलाये जाते हैं। ज्ञात हो उक्त बिषय को लेकर पत्रकार डा.एल.एन.वैष्णव ने लगातार समाचारों को प्रकाशन किया जिसको लेकर चीनी कंपनी यूसी ब्राउजर ने लगातार नोटिस देते हुये समाचारों में संवेदनशील शब्द बतलाते हुये रोक दिया था। चीन की उक्त कंपनी लगातार दमोह में लगने जा रहे भारत तिब्बत सीमा पुलिस प्रशिक्षण केन्द्र के समाचारों एवं वहां की गतिविधियों पर नजर रखने की पुष्टि नोटिस एवं समाचारों के रोकने से हो रही थी।
भारत तिब्बत सीमा पुलिस प्रशिक्षण केन्द्र का मामला
विदित हो कि जिले को एक बडी सौगात के रूप में भारत -तिब्बत सीमा पुलिस प्रशिक्षण केन्द्र की स्वीकृति दिलाने में क्षेत्रीय सांसद प्रहलाद सिंह पटेल ने काफी प्रयास किये थे। जिले के लिये यह प्रथम अवसर था जब सीधे केन्द्र सरकार से जुडे किसी इतने बडे उपक्रम को मंजूरी मिली हो। बतला दें कि गत 2015 में उक्त ट्रेनिंग सेंटर हेतु क्षेत्रीय सांसद प्रहलाद सिंह पटेल के विशेष प्रयास से केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकृत हो चुका था। प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत तिब्बत सीमा पुलिस के सपोर्ट वैपन ट्रेनिंग सेंटर के लिये जिले के ही मौजा फतेहपुर के पटवारी हलका नं.09 एवं मौजा देवदरा एवं रामनगर के पटवारी हलका नं.16 की 1616.97 एकड भूमि को प्रदान किया गया है।
सूत्र बतलाते हैं कि अगर प्रदेश सरकार ने तत्परता दिखाई तो कुछ ही माह में यहां उक्त ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण कार्य प्रारंभ हो जायेगा। तथा तय निर्धारित समय में यहां देश की रक्षा में लगे रहने वाले सूरवीरों को प्रशिक्षण देने का कार्य भी शुरू हो जायेगा। यह फाईल अभी स्वीकृति के लिये मध्यप्रदेश के संबधित विभाग में अटकी हुई है। विदित हो कि क्षेत्रीय सांसद प्रहलाद सिंह पटेल ने उक्त मामले को लेकर नाराजगी व्यक्त करते हुये प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह को पत्र लिखा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 10 मार्च 2016 को 1616.97 एकड सरकारी भूमि के अधिग्रहण हेतु 16.55.34.750 रूपये की स्वीकृति भारत सरकार द्वारा दे गयी थी। वहीं मध्यप्रदेश शासन की स्वीकृति हेतु प्रस्ताव कलेक्ट्रर दमोह द्वारा आयुक्त सागर संभाग के माध्यम से राजस्व विभाग की स्वीकृति हेतु 26 मई 2016 को भेज दिया गया था।



दैनिक भास्कर समूह के चेयरमैन रमेशचंद्र अग्रवाल का निधन, मोदी ने शोक जताया
12 April 2017
अहमदाबाद/भोपाल: दैनिक भास्कर समाचार पत्र समूह के चेयरमैन श्री रमेशचंद्र अग्रवाल का बुधवार सुबह निधन हो गया। वे 73 वर्ष के थे। रमेशजी सुबह 9:20 बजे की फ्लाइट से दिल्ली से रवाना हुए और 11 बजे अहमदाबाद पहुंचे। एयरपोर्ट पर उन्हें दिल का दौरा पड़ा। उन्हें अपोलो हाॅस्पिटल ले जाया गया था, लेकिन डॉक्टरों की कोशिशों के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका। पीएम नरेंद्र मोदी ने रमेशजी के निधन पर शोक व्यक्त किया। मोदी ने ट्वीट किया, ''श्री रमेशचंद्र अग्रवाल के निधन से दुख पहुंचा। मीडिया जगत में उनके उल्लेखनीय योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं श्री रमेशचंद्र अग्रवाल के परिवार के साथ हैं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।''
- रमेशजी के निधन की सूचना मिलने पर गुजरात के सीएम विजय रूपाणी ने अहमदाबाद में उनकी पार्थिव देह के दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
- मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया, ''भास्कर समूह के चेयरमैन श्री रमेश अग्रवाल जी के असामयिक निधन का समाचार अत्यंत दुखदायी है। वे संवेदनशीलता, त्वरित निर्णय के लिए याद किए जाएंगे। श्री रमेशचंद्र अग्रवाल जी के परिजनों और भास्कर समूह के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं। मध्यप्रदेश ने वास्तव में अपना एक अनमोल रत्न खो दिया है।''
- बीजेपी प्रेसिडेंट अमित शाह ने ट्वीट किया, ''रमेशचंद्र अग्रवालजी के निधन से गहरा दुख पहुंचा है। उनका निधन पत्रकारिता और भारतीय मीडिया के लिए बड़ी क्षति है।''
- कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने रमेशजी को मीडिया जगत का पुरोधा और संवेदनशील समाजसेवी बताते हुए उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया। सिंह ने कहा कि रमेशजी उनके अभिन्न मित्र थे। उनके निधन से मीडिया जगत में जो रिक्तता पैदा हुई है, उसे भरना कठिन होगा।
- कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भास्कर समूह ने मीडिया के क्षेत्र में अनेक नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। यही कारण है कि आज वैश्विक मीडिया जगत में भास्कर समूह और रमेशजी का नाम शीर्ष के लोगों में शुमार है। मीडिया के साथ समाजसेवा और धार्मिक गतिविधियों में भी रमेशजी के काम को हमेशा याद रखा जाएगा।
लंदन के डिप्टी मेयर ने भी दी श्रद्धांजलि
- लंदन के डिप्टी मेयर राजेश अग्रवाल ने ट्वीट किया, ''रमेशजी बहुत इन्स्पायरिंग और जिंदादिल शख्सियत थे। उनके परिवार के प्रति संवेदनाएं।''
- पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह, झारखंड के सीएम रघुवर दास, केंद्रीय मंत्री बंडारू दत्तात्रेय और इंडिया टीवी के एडिटर इन चीफ रजत शर्मा, संत श्री भय्यूजी महाराज और गुजरात बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू वाघाणी ने भी रमेशजी के निधन पर शोक जताया।
- राज्यवर्धन सिंह राठौर ने शोक व्यक्त करते हुए ट्विटर पर लिखा, ''दैनिक भास्कर समूह के चेयरमैन रमेशचंद्र अग्रवाल के निधन से दुख हुआ। भास्कर परिवार के 4.4 करोड़ पाठक उनकी विरासत हैं।''
- वेंकैया नायडू ने लिखा, ''दैनिक भास्कर समूह के चेयरमैन रमेशचंद्र अग्रवाल जी के असमय निधन से हैरान हूं। परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं।''
- शेखर गुप्ता ने ट्वीट किया, ''रमेशचंद्र अग्रवाल जी के निधन से काफी दुख हुआ। वो आज के दौर की पत्रकारिता के जनक थे। दैनिक भास्कर को दुनिया का सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला अखबार बनाया।''
1958 से की थी शुरुआत
- 30 नवंबर 1944 को उत्तर प्रदेश के झांसी में जन्मे रमेशजी 1956 में पिता सेठ श्री द्वारकाप्रसाद अग्रवालजी के साथ भोपाल आ गए।
- उन्होंने 1958 में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से दैनिक भास्कर की नींव रखी। 1983 में इंदौर संस्करण की शुरुआत की। 1996 में भास्कर पहली बार मध्य प्रदेश से बाहर निकला और राजस्थान पहुंचा।
- रमेशजी के विजन और स्पष्ट लक्ष्य का ही नतीजा है कि आज भास्कर 14 राज्यों में 62 संस्करण के साथ न सिर्फ देश का नंबर-वन अखबार है, बल्कि सर्कुलेशन के मामले में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा अखबार बन गया है।
- रमेशजी के ही नेतृत्व में समूह ने हिंदी अखबार दैनिक भास्कर, गुजराती अखबार दिव्य भास्कर, अंग्रेजी अखबार डीएनए, मराठी समाचार पत्र दिव्य मराठी, रेडियो चैनल माय एफएम और डीबी डिजिटल को मीडिया जगत में सबसे अग्रणी बनाया।
- रमेशजी के परिवार में बेटे सुधीर अग्रवाल, गिरीश अग्रवाल, पवन अग्रवाल और बेटी भावना अग्रवाल हैं।
देश के 50 सबसे ताकतवर लोगों में शामिल थे
- रमेशजी ने भोपाल यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस की डिग्री ली। उन्हें पत्रकारिता में राजीव गांधी लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।
- 2003, 2006 और 2007 में इंडिया टुडे ने उन्हें भारत के 50 सबसे ताकतवर लोगों की लिस्ट में शामिल किया था।
- रमेशजी को Forbes ने भारत के 100 सबसे अमीर लोगों की 2011 और 2012 की लिस्ट में शामिल किया था।
भोपाल कर्मस्थली थी, दिल ग्वालियर में था
- ग्वालियर में रमेशजी के साथ परछाई की तरह रहने वाले सत्य कुमार मिश्रा बताते हैं, ''रमेशजी ने ग्वालियर के ही विक्टोरिया कॉलेज से पढ़ाई की। आज ये एमएलबी कॉलेज कहलाता है। ग्वालियर से रमेशजी को बहुत लगाव था। भले ही भोपाल उनकी कर्मस्थली थी, लेकिन दिल हमेशा ग्वालियर में ही रहता था। देश में अग्रवाल परिचय सम्मेलन की शुरुआत रमेशजी ने ग्वालियर से कराई। ग्वालियर मेला प्राधिकरण के वे चेयरमैन भी रहे और कई सामाजिक संस्थाओं के साथ जुड़े रहे। ग्वालियर की छत्री मंडी रामलीला समिति से वे हमेशा जुड़े रहे। धार्मिक कार्यक्रमों में उनका योगदान हमेशा रहता था।''
- वे कहते हैं, ''भले ही रमेशजी को डायबिटीज थी, लेकिन बहादुरा के लड्डू और एसएस कचौरी वाले की कचौरी उन्हें बहुत ज्यादा पसंद थी। जब भी ग्वालियर आते, वे इसे खाना नहीं भूलते थे। शहर के कई लोग जो अखबार में आते रहते थे, रमेश जी उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलते थे।''


श्रीनगर: पत्थरबाजों की बदतमीजी के बाद भी संयम बरतता रहा CRPF जवान
12 April 2017
मानवाधिकारों के झंडाबरदार कश्मीर घाटी में अक्सर सुरक्षाबलों पर ताकत के बेतहाशा प्रयोग और मानवाधिकारों के हनन के आरोप लगते हैं। लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। सुरक्षाकर्मी ही अपने मान-सम्मान, जान को खतरे में डाल संयम बरतते हैं। इस हकीकत का खुलासा सुरक्षाबलों ने नहीं किया, इस कड़वे सच से पर्दा अलगाववादियों की समर्थक हिंसक भीड़ ने अपनी उपलब्धियों का बखान करने के लिए सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो अपलोड कर उठाया।
फेसबुक, इंटरनेट और व्हाटसअप पर बीते तीन दिनों से कुछ वीडियो लगातार वायरल हो रहे हैं। यह सभी वीडियो गत रविवार श्रीनगर संसदीय सीट के उपचुनाव के दौरान हुई हिंसा का है। इस हिंसा में आठ लोग मारे गए थे जबकि 200 के करीब लोग जख्मी हुए थे। घायलों में 100 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी ही हैं।
एक वीडियो में हिंसक भीड़ दो सुरक्षाकर्मियों को बुरी तरह पीटती हुई नजर आती है। सुरक्षाकर्मी भीड़ का प्रतिरोध नहीं कर रहे हैं,बल्कि निरीह प्राणियों की तरह मार खा रहे हैं। एक अन्य वीडियो में कुछ लडक़े एक सीआरपीएफ जवान को लातों से पीट रहे हैं और जवान है कि मार खा रहा है। एक और वीडियो है जिसमें डयूटी से लौट रहे जवानों के लडक़ों की भीड़ चल रही है। लडक़े बार-बार जवानों को उकसाते हुए कह रहे हैं कि गो इंडिया गो, जालिमों कश्मीर हमारा छोड़ दो। कुछ लडक़े जवानों की हेल्मेट उतार रहे हैं तो कुछ लडक़ों ने उनकी शील्ड तक छीन ली। एक लडक़े ने एक जवान का स्लीपिंग बैग भी नीचे गिरा दिया। भीड़ में शामिल एक लडक़ा उत्तेजित हो जवानों को गाली देते हुए मारपीट करने लगता है,लेकिन उसका दूसरा साथी उसे रोक लेता है। इसी वीडियो में एक जगह दिखाया गया है कि एक लडक़ा सुरक्षाकर्मी के हाथ पर जोर से किक मारता है और सुरक्षाकर्मी के हाथ में लटकी हेल्मेट दूर एक दुकान के शटर के पास जा गिरती है। लेकिन जवान हर जगह संयम बनाए रखते हैं। वह अपने जख्मों को सहलाते हुए चुपचाप चलते रहते हैं।
सीआरपीएफ के प्रवक्ता भवेश चौधरी ने कहा कि हम क्या कहें, यह वीडियो यहां के हालात की सच्चाई बताता है। हमारे जवान पूरा संयम बरतते हैं ,यह उन लोगों को पता चल गया होगा जो हम पर अकारण बल प्रयोग करने का आरोप लगाते हैं। आपको कोई एक थप्पड़ मारे तो आप उसी समय दो थप्पड़ सामने वाले को जवाब में रसीद करेंगे। लेकिन हमारे जवान ऐसे नहीं हैं। हमारे जवान पूरा संयम बरतते हैं।
उन्होंने कहा कि आज कोई मानवाधिकारवादी हमारे जवानों के बारे में नहीं बोल रहा है। अगर हमारे जवान गोली चलाने के शौकीन होते,जैसे उन्हें ट्रिगर हैपी यहां कई लोग बोलते हैं तो स्थिति का अंदाजा आप लगा सकते हैं। हमारे जवान जानते हैं कि वह यहां आम लोगों की सुरक्षा के लिए हैं। इसलिए वह संयम बरतते हैं।
डीआईजी पुलिस सेंट्रल कश्मीर रेंज ने कहा कि यह जो वीडियो वायरल हुए हैं, यह रविवार को मतदान के दिन के हैं। इन सभी वीडियो का संज्ञान लेते हुए मामले की छानबीन की जा रही है। कुछ शरारती तत्वों को चिन्हित भी किया गया है। हिंसा में लिप्त और जवानों को उकसान के लिए उनके साथ र्दुव्यवहार करने वाले तत्वों की भी निशानदेही कर उन्हें पकडऩे की कार्रवाई की जा रही है।



योगी कैबिनेट का फैसला, 487 रुपए प्रति क्विंटल की दर से आलू खरीदेगी सरकार
11 April 2017
उत्तर प्रदेश की सत्ता संभालने के बाद भारतीय जनता पार्टी के संकल्प पत्र को लागू कराने में जुटे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के लोकभवन में अपनी दूसरी कैबिनेट बैठक की। योगी कैबिनेट की बैठक में विकास प्राधिाकरणों में धांधली रोकने को एक बड़े फैसले पर मुहर लगी। विकास प्राधिकरण की सीएजी आडिट के लिए सरकार राजी।पावर आफ आल योजना पर कैबिनेट ने लगाई मुहर।14 अप्रैल को पीयूष गोयल और सीएम आदित्यनाथ लखनऊ में करेंगे करार।
कैबिनेट की बैठक के बाद प्रदेश के ऊर्जा मंत्री तथा सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि योगी सरकार ने अहम फैसला लेते हुए 487 रुपए प्रति क्विंटल की दर निर्धारित कर दी है। उन्होंने बताया कि किसानों को आलू का उचित मूल्य नहीं मिला। प्रदेश सरकार ने इसके लिए मंत्री समूह गठित किया था। उसकी संस्तुति के अनुसार राज्य और केंद्र की 4 एजेंसी मिलकर आलू की खरीद करेंगीं। हमारा प्रयास है कि कम से कम किसान को लागत मिल जाए, लक्ष्य है कि हम एक लाख मीट्रिक टन आलू किसानों से खरीदें। इसके लिए आलू खरीद केंद्र जिलों में खोले जाएंगे।
योगी सरकार ने विकास प्राधिकरण में दस करोड़ के ऊपर की धनराशि के सभी कामों की जांच कराने का निर्णय किया है। इस बात पर मुहर लगी कि अब विकास प्राधिकरण में दस करोड़ के ऊपर की धनराशि के हर काम का ऑडिट सीएजी से कराया जाएगा। बैठक में सभी विकास कार्यों का सीएजी से ऑडिट कराने पर काफी जोर दिया गया। नोएडा, ग्रेटर नोएडा,यमुना अथॉरिटी लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद अथॉरिटी की भी जांच होगी।10 करोड़ से ऊपर के सभी कामों की जांच होगी।
कैबिनेट की नई खनन नीति पर मुहर।बाहर के राज्यों के परमिट पर भी आ सकेगा मौरंग और बालू। डीएम दे सकेंगे दस एकड खनन का पट्टा। दिमागी बुखार के रोकथाम को सरकार ने उठाए कदम। गांव में 18, तहसील में 20, बुन्देलखण्ड में 20 घण्टे बिजली, ज़िला मुख्यालयों को 24 घण्टे बिजली मिलेगी । ग्रामीण इलाकों में72 की जगह 48 घंटे में बदलेंगे जले ट्रांसफार्मर। सरकार खरीदेगी एक लाख मीट्रिक टन आलू। 487 रुपये प्रति क्विंटल दर। गन्ना किसानों का 14 दिन के भीतर और पुराना 120 दिन के भीतर होगा भुगतान।बिजली बिल का सरचार्ज माफ करेंगे । दस हजार से अधिक बिजली बिल जमा करने के चार आसान किस्तों की सहूलियत ।पावर आफ आल योजना पर कैबिनेट ने लगाई मुहर।14 अप्रैल को पीयूष गोयल और सीएम आदित्यनाथ लखनऊ में करेंगे करार।
इसके साथ ही कैबिनेट ने प्रदेश में अक्टूबर 2018 से सभी जिलों में 24 घंटे बिजली देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। बिजली विभाग से जुड़े एक और मामले को कैबिनेट ने मंजूरी प्रदान की। अब प्रदेश में 72 घंटे की जगह खराब विद्युत ट्रांसफार्मर 48 घंटे में बदला जायेगा। इसके साथ ही 15 जून तक यूपी की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के फैसले पर भी मुहर लगाई गई। प्रदेश सरकार ने सड़को की मरम्मत के लिए घोषणा की, 4 हज़ार करोड़ से 18 हज़ार किमी सड़के गड्ढा मुक्त होगी।
प्रदेश सरकार की दूसरी कैबिनेट बैठक दिन में 11 बजे से लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित की गई। माना जा रहा था कि इस बैठक में प्रदेश में 24 घंटे बिजली सप्लाई के साथ 48 घंटे में ट्रांसफॉर्मर बदलने, बुंदेलखंड के लिए पेयजल योजना पर अहम फैसले होंगे। इसके अलावा छत्तीसगढ़ में अपनाई जा रही धान और गेंहू की खरीद और सार्वजनिक वितरण प्रणाली का अध्ययन करने छत्तीसगढ़ गई टीम की रिपोर्ट पर आज बैठक में चर्चा भी की गई।
बैठक में खनन नीति पर मंत्रीय उप समिति की रिपोर्ट पर भी चर्चा की गई। कैबिनेट बैठक में केंद्र के साथ समझौता कर 24 घंटे बिजली आपूर्ति के प्रस्ताव को भी पारित किया गया। पावर फॉर आल स्कीम के उस एमओयू ड्राफ्ट को तैयार कर लिया है जिस पर केंद्र और प्रदेश सरकार के बीच करार होना है। 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में इस एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे। भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में वादा किया था सरकार बनने पर 2018 तक सभी को 24 घंटे बिजली दी जाएगी।
इनके साथ ही माइनिंग कमेटी की रिपोर्ट पेश की गई। बुंदेलखंड में पानी के विशेष पैकेज पर फैसला भी हो गया। इसके साथ ही कैबिनेट में प्रदेश में पहली बार आलू समर्थन मूल्य तय होने से आलू खरीद में किसानों को राहत मिलने की संभावना बढ़ गई।



मुस्लिम लॉ बोर्ड की बड़ी घोषणा, 18 महीने में खत्म हो जाएगा 'तीन तलाक'
11 April 2017
तीन तलाक पर जारी गतिरोध के बीच ऑल इंडिया मुस्लिम लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष डॉ. सईद सादिक ने बड़ी घोषणा की है. सादिक ने घोषणा की है कि वे 18 महीनों के भीतर तीन तलाक खत्म कर देंगे. हालांकि उन्होंने तीन तलाक के मुद्दे पर सरकार के हस्तक्षेप पर आपत्ति भी दर्ज कराई और कहा कि इस मामले में बाहर के दखल की जरूरत नहीं है.
आपको याद दिला दें कि हाल ही में ऑल इंडिया मुस्लिम लॉ बोर्ड ने दावा किया था कि उन्हें शरियत और तीन तलाक के पक्ष में मुस्लिम महिलाओं के करीब साढ़े तीन करोड़ फॉर्म प्राप्त हुए हैं. अब इसके बाद मुस्लिम लॉ बोर्ड का यह बयान काफी आश्चर्यजनक है.
ऑल इंडिया मुस्लिम लॉ बोर्ड की महिला विंग की मुख्य आयोजक असमा जेहरा ने भी इस बात की तस्दीक की थी कि बोर्ड को शरियत और तीन तलाक का समर्थन करने वाली मुस्लिम महिलाओं के 3.50 करोड़ फॉर्म मिले थे. असमा के मुताबिक देश भर में तीन तलाक और शरियत का विरोध करने वाली मुस्लिम महिलाओं की गिनती बहुत ही कम है. असमा का कहना था कि एक साथ तीन बार तलाक बोलना एक सामाजिक मुद्दा है, धार्मिक नहीं. पिछले कुछ सालों से बेवजह तलाक के मुद्दे को निशाना बनाया जा रहा है.
11 मई से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
आपको यह भी बता दें कि 11 मई से सुप्रीम कोर्ट तीन तलाक, निकाह हलाला और बहुविवाह जैसी मुस्लिम परंपराओं को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगा.
इस मुद्दे पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड जैसे मुस्लिम संगठनों ने जमकर अपना विरोध दर्ज कराया है. मुस्लिम लॉ बोर्ड के मुताबिक ये परंपराएं उनके पवित्र धर्म ग्रंथ कुरान से आई हैं जिस वजह से इसमें अदालत दखल नहीं दे सकती क्योंकि ये परंपराएं न्याय प्रणाली के दायरे में नहीं आतीं.


निर्दोष भारतीयों को 'जासूसी' में फंसाना पाक की पुरानी चाल
11 April 2017
भारत के पूर्व नौसेना अधिकारी कुलभूषषण जाधव को पाकिस्तान की सैन्य कोर्ट ने सोमवार को जासूसी के आरोप में फांसी की सजा सुनाई है। यह पहला मौका नहीं है जब पाकिस्तान भारत से बदला लेने की खीझ में किसी निर्दोष भारतीय कैदी को सजा दे रहा है। वह पहले भी इस तरह की हरकत कर कई निर्दोष भारतीयों की जान ले चुका है। हालिया चार प्रमुख मामले ये हैं
1. किरपाल सिंह
पंजाब के गुरदासपुर से संबंध रखने वाले किरपाल सिंह 1992 में गलती से पाकिस्तान की सीमा में दाखिल हुए। उन पर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बम धमाका करने का मुकदमा चला। 25 वर्षों तक वह जेल में रहे। लाहौर हाई कोर्ट द्वारा बरी किए जाने के बावजूद पाकिस्तान ने उन्हें आजाद नहीं किया। अज्ञात कारणों से लाहौर जेल में उनकी मौत हो गई।
2. किशोर भगवान
फरवरी 2014 को भारतीय मछुआरे किशोर भगवान की पाकिस्तानी जेल में मौत की खबर आई। उन पर बिना किसी दस्तावेज पाकिस्तान के आर्थिक क्षेत्र में घुसने का आरोप था। पाकिस्तान की समुद्री सुरक्षा एजेंसी ने उन्हें गिरफ्तार किया। 2013 में किशोर ने जेल से भागने का भी प्रयास किया, पर पकडे़ गए। अज्ञात कारणों से जेल में उनकी मौत हो गई।
3. सरबजीत सिंह
पंजाब के तरणतारण जिले के सरबजीत पर 1990 में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बम धमाकों में शामिल होने का आरोप लगा। दरअसल, वह धमाकों के दौरान गलती से सीमा पार कर पाकिस्तान चले गए थे। वहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
4. चमेल सिंह
जम्मू जिले के चमेल सिंह को पाकिस्तानी सेना ने 2008 में गिरफ्तार किया। उन पर जासूसी करने का आरोप लगा। उनके परिवार के मुताबिक खेतों में काम करने के दौरान उन्होंने गलती से सीमा पार कर ली थी। 2013 में लाहौर की जेल में पुलिसवालों की पिटाई से उनकी जान चली गई।
डरा-धमका कर जाधव का बनाया वीडियो
102 कट पाक सेना ने गत वर्ष मार्च में जाधव की पूछताछ का वीडियो जारी किया था। करीब 358 सेकंड (करीब छह मिनट) के वीडियो में 102 से ज्यादा जगह कांट-छांट कर तोड़े-मरोडे़ जाने का खुलासा हुआ है। इसी कबूलनामे को सजा का आधार बनाया गया, लेकिन पूछताछ ही शंका के घेरे में है तो सजा पर सवाल लाजमी हैं। भारत सरकार ने इसीलिए उसे खारिज कर दिया था।
वीडियो और उठे सवाल
जाधव कहते दिखाई देते हैं.. मेरी एक्टिविटी एंटी नेशनल थी। मुझे ईरान बॉर्डर से पाकिस्तान की तरफ से पकड़ा गया। कोई भारतीय ऐसा बयान नहीं दे सकता है। पौन मिनट बाद जाधव ने भारत का नाम लिया। एक मिनट बाद ही साफ हो जाता है कि वह पढ़कर बोल रहे हैं। करीब ढाई मिनट बाद वह बलूचिस्तान का नाम लेते हैं। चार मिनट बाद जाधव ने 3 मार्च, 2016 को गिरफ्तारी का जिक्र किया। उनके बयान में कई बार जुबां व होंठों का तालमेल बिगड़ा दिखा।
गिरफ्तारी के वक्त पाक ने लगाए थे मनगढ़त आरोप
3 मार्च 2016 को गिरफ्तारी के वक्त जाधव भारतीय नौसेना में कमांडर थे। मजिस्ट्रेट के समक्ष उन्होंने रॉ का एजेंट होने की बात कबूली। जाधव ने नाम बदलकर हुसैन मुबारक पटेल कर लिया था। रॉ ने बलूचिस्तान व कराची में जासूसी व विद्रोह भड़काने के लिए भेजा गया था। उन्हें ईरान के रास्ते अशांत बलूचिस्तान पहुंचने पर गिरफ्तार किया गया था।
भारत ने ठुकराए थे आरोप
जाधव का सरकार या किसी भारतीय खुफिया एजेंसी से कोई संबंध नहीं था। नौसेना से उन्होंने समय पूर्व सेवानिवृत्ति ले ली थी। सेवानिवृत्ति के बाद वह व्यापार के सिलसिले में ईरान, अफगानिस्तान व पाकिस्तान जाते थे। पाक सेना ने पूछताछ का जो वीडियो जारी किया उसमें जाधव काफी डरे सहमे नजर आ रहे थे। जाधव से भारतीय दूतावास के अफसरों के समक्ष पूछताछ का आग्रह किया था, जिसे नहीं माना गया।
फांसी टली, लेकिन जेल में ही कर दी गई सरबजीत की हत्या
भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह को भी पाकिस्तान ने जासूसी और आतंकवाद के आरोप लगाकर सजा और प्रताड़ना दी थी। वह 28 अगस्त 1990 को शराब के नशे में पंजाब से सीमा पार कर गया था। उसे रॉ का एजेंट बताते हुए उसे लाहौर, मुल्तान और फैसलाबाद बम धमाकों का आरोपी बनाया गया। बाद में फर्जी आरोपों के दम पर अक्टूबर 1991 में उसे फांसी की सजा सुनाई गई। एक अप्रैल 2008 को सरबजीत को फांसी देना तय कर दिया गया लेकिन कूटनीतिक प्रयासों के बाद फांसी टल गई। फिर जून 2012 में पाक मीडिया ने खबर दी कि सरबजीत को रिहा किया जा रहा है लेकिन यह खबर अफवाह साबित हुई। पाक सरकार ने सरबजीत के बदले सुरजीत सिंह की रिहाई का आदेश दे दिया था। 2 मई 2013 को उसकी लाहौर की कोट लखपत जेल में हत्या कर दी गई थी।
सरबजीत की बहन बोली बचाएं कुलभूषण की जान
सरबजीत की बहन दलबीर कौर ने सरकार से सजा के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में जाने समेत हरसंभव कदम उठाने और कुलभूषषण की जान बचाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा 'जाधव के परिवार का दर्द मैं समझ सकती हूं।'



चुनाव आयोग ने एक बार फिर जारी किए EVM पर उठने वाले सवालों के जवाब
10 April 2017 नई दिल्ली: पिछले दिनों भारतीय निर्वाचन आयोग की इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीनों को लेकर आमजनों के मस्तिष्क में कुछ सवाल उठे हैं। निर्वाचन आयोग बार-बार कहता रहा है कि ईसीआई-ईवीएम और उनसे संबंधित प्रणालियां सुदृढ़, सुरक्षित और छेडख़ानी-मुक्त हैं। ईवीएम में गड़बड़ी के आरोपों तब और बल मिला जब उपचुनावों को लेकर मध्य प्रदेश के भिंड में भेजी गई एक ईवीएम से दूसरी पार्टी के बटन दबाने के बाद भी बीजेपी की पर्ची निकलने का मामला सामने आया। इसके बाद बीएसपी,समाजवादी पार्टी,कांग्रेस और आम आदमी पार्टी सभी ने इसकी आलोचना की। समय समय पर निर्वाचन आयोग अपने ऊपर उठने वाले सवालों के जवाब देता आया है। अब भारत निर्वाचन आयोग ने एक बार फिर यही किया है।
ईवीएम के साथ छेडख़ानी करने का क्या अर्थ है ?
टैम्परिंग या छेडख़ानी का अर्थ है, कंट्रोल यूनिट (सीयू) की मौजूदा माइक्रो चिप्स पर लिखित साफ्टवेयर प्रोग्राम में बदलाव करना या सीयू में नई माइक्रो चिप्स इंसर्ट करके दुर्भावनापूर्ण साफ्टवेयर प्रोग्राम शुरू करना और बैलेट यूनिट में प्रेस की जाने वाली ऐसी कीज बनाना, जो कंट्रोल यूनिट में वफादारी के साथ परिणाम दर्ज न करती हो।
क्या विनिर्माताओं द्वारा ईसीआई-ईवीएम में कोई हेराफेरी की जा सकती है?
साफ्टवेयर की सुरक्षा के बारे में विनिर्माता के स्तर पर कड़ा सुरक्षा प्रोटोकोल लागू किया गया है। ये मशीनें 2006 से अलग अलग वर्षों में विनिर्मित की जा रही हैं। विनिर्माण के बाद ईवीएम को राज्य और किसी राज्य के भीतर जिले से जिले में भेजा जाता है। विनिर्माता इस स्थिति में नहीं हो सकते कि वे कई वर्ष पहले यह जान सकें कि कौन सा उम्मीदवार किस निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ेगा और बैलेट यूनिट में उम्मीदवारों की सीक्वेंस क्या होगी। इतना ही नहीं, प्रत्येक ईसीआई-ईवीएम का एक सीरियल नम्बर है और निर्वाचन आयोग ईवीएम-ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके अपने डेटा बेस से यह पता लगा सकता है कि कौन सी मशीन कहां पर है। अत: विनिर्माण के स्तर पर हेराफेरी की कोई गुंजाइश नहीं है।
क्या ईसीआई-ईवीएम का पुराना मॉडल अभी भी चलन में है?
ईवीएम मशीनों का एम 1 माडल 2006 में बनाया गया था और पिछली बार 2014 के आम चुनावों में इस्तेमाल किया गया था। 2014 में जिन ईवीएम मशीनों ने 15 वर्ष का जीवनकाल पूरा कर लिया था और एम 1 माडल की ऐसी मशीनें, जो वीवीपीएटी (वोटर-वेरिफाइड पेपर आडिट ट्रेल) के अनुकूल नहीं थीं, को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने 2006 तक विनिर्मित सभी एम 1 ईवीएम को हटाने का फैसला किया। ईवीएम मशीनों को हटाने के लिए निर्वाचन आयोग ने एक मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) निर्धारित की है। ईवीएम और उसके चिप को नष्ट करने की प्रक्रिया को विनिर्माताओं की फैक्टरी के भीतर राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी या उसके प्रतिनिधि की मौजूदगी में अंजाम दिया जाता है।


PMO के सामने तमिलनाडु के किसानों का न्यूड प्रोटेस्ट, 28 दिनों से दिल्ली में धरने पर
10 April 2017
सूखे और कर्ज से बेहाल तमिलनाडु के किसानों की बेजारी एक बार फिर दिल्ली के सियासी गलियारों में अजीबोगरीब प्रदर्शन के तौर पर दिखी. सोमवार को कुछ आंदोलनकारी किसानों ने नॉर्थ ब्लॉक के नजदीक नग्न होकर विरोध जताया.
पीएम से मिलने पहुंचे थे किसान
दरअसल किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपने के लिए पीएमओ पहुंचा था. दिल्ली पुलिस उन्हें इस काम के लिए खुद जंतर-मंतर से लाई थी. हालांकि पीएम दफ्तर में मौजूद नहीं थे लेकिन किसान करीब दस मिनट तक पीएमओ के भीतर गए. बाहर आने पर उनके दल का एक सदस्य अचानक पुलिस के वाहन से कूद गया और निर्वस्त्र होकर सड़क पर दौड़ने लगा. इसी तरह उसके तीन अन्य साथी भी कपड़े उतारकर नॉर्थ ब्लॉक की सड़कों पर उतर आए.
करीब एक महीने से जारी है प्रदर्शन
ये किसान पिछले 28 दिनों से जंतर-मंतर पर धरना दे रहे हैं. इस दौरान मीडिया का ध्यान खींचने के लिए आंदोलनकारियों ने कई बार नरमुंडों के साथ धरना देने से लेकर मरे हुए सांपों को जीभ पर रखकर प्रदर्शन जैसे तरीके अपनाए हैं.
भारी पड़ रही भूख हड़ताल
करीब 25 किसान अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इनमें से 3 की तबीयत बिगड़ गई है. आंदोलनकारियों किसानों का कहना है कि अगर सरकार अब भी उनकी मांगें नहीं मानती है तो वो सिर मुंडाकर और आधी मूंछ बनवाकर विरोध जताएंगे.
क्या चाहते हैं किसान?
तमिलनाडु के किसान इन दिनों भयंकर सूखे का सामना कर रहे हैं. दक्षिण-पश्चिमी मानसून और पूर्वोत्तर मानसून सामान्य से 60 फीसदी बरसा है. ऐसे में कर्ज का बोझ उनकी जिंदगी को और कठिन बना रहा है. किसानों का आरोप है कि आत्महत्या के बढ़ते मामलों के बावजूद सरकार उनकी सुनवाई नहीं कर रही है. वो कर्ज माफी के साथ राहत पैकेज की भी मांग कर रहे हैं. दूसरी ओर, मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को किसानों का कर्ज माफ करने का निर्देश दिया है.
समर्थन में जुटे सियासत और सिनेमा के सितारे
वहीं, जंतर-मंतर पर किसानों के समर्थन में कई नेता और दक्षिण भारतीय सिनेमा के सितारे पहुंचे हैं. राहुल गांधी के अलावा मणिशंकर अय्यर और डीएमके सांसद कनिमोझी किसानों से मिल चुकी हैं. भारतीय किसान यूनियन ने भी इस आंदोलन के समर्थन का ऐलान किया है.


लालकृष्ण आडवाणी को फिर आई सिंध की याद, कहा- भारत का हिस्सा नहीं होने का दुख है
10 April 2017
नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-बांग्लादेश संबंधों पर बोलते हुए रविवार को पड़ोसी देश पाकिस्तान पर बिना नाम लिए निशाना साधा। पीएम मोदी ने दक्षिणी एशिया में आतंकवाद फैलाने के लिए पाकिस्तान पर हमला बोलते हुए कहा कि कुछ देशों को मानवतावाद से बड़ा आतंकवाद लगता है। इस तरह की विचारधारा इस क्षेत्र के विकास में रुकावट है। मोदी के बाद सोमवार को देश के पूर्व उप-प्रधानमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने इशारों-इशारों में संबंध सुधारने की नसीहत दी। आडवाणी ने कहा कि मेरी इच्छा है कि दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच संबंध सुधरें। कराची का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि जहां मेरा जन्म हुआ था, अब वह भारत का हिस्सा नहीं है। यह पहली बार नहीं है जब आडवाणी ने इस तरह का बयान दिया हो।
दिल्ली में आयोजित इंडिया फाउंडेशन अवेयरनेस प्रोग्राम में बोलते हुए आडवाणी ने कहा कि बांग्लादेश के अतिरिक्त भी कई पड़ोसी देश हैं, जिनसे संबंध सुधारने की जरुरत है। अगर हमारे रिश्ते उन पड़ोसी देशों से सुधरते हैं तो मुझे खुशी होगी। उन्होंने कहा, “सिंध कभी भारत का हिस्सा हुआ करता था, लेकिन स्वतंत्रता के बाद हमने देश के उस हिस्से को खो दिया। मैं इससे दुखी हूं। मैं चाहते हूं कि उस देश के साथ भी वैसे ही रिश्ते बनें जैसे कि भारत और बांग्लादेश के बीच है।
जनवरी महीने में आडवाणी ने कुछ इसी तरह का बयान दिया था। आडवाणी ने अपने बयान में कहा था कि पाकिस्तान के सिंध के बिना भारत ‘अधूरा’ है। कई बार मैं महसूस करता हूं कि कराची और सिंध भारत का हिस्सा नहीं रहे। मैं बचपन के दिनों में सिंध में आरएसएस में काफी सक्रिय था। मेरा मानना है कि भारत सिंध के बिना अपूर्ण प्रतीत होता है। आडवाणी का जन्म एक सिंधी परिवार में हुआ था। आडवाणी ने यह बात प्रजापति ब्रह्म कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के संस्थापक आध्यात्मिक गुरू पिताश्री ब्रह्मा के 48वें अधिरोहण समारोह को संबोधित करते हुए कही थी। बता दें कि साल 2005 में पाकिस्तान दौरे के दौरान पाक के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना को धर्मनिरेपेक्ष बताने पर आडवाणी को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देना पड़ा था।


नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल में जल्द बदलाव के आसार, कुछ की हो सकती है छुट्टी, कुछ नए होंगे शामिल
6 April 2017
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में बदलाव के आसार बताए जा रहे हैं. पार्टी के संगठन में कई पद खाली हो गए हैं और मंत्रिमंडल में भी 2019 को ध्यान में रखकर बदलाव किए जाने की बात कही जा रही है. रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर के गोवा के सीएम बनने के बाद इस पद अतिरिक्त कार्यभार वित्तमंत्री अरुण जेटली संभाल रहे हैं. वैसे भी रक्षामंत्री के तौर पर्रिकर कई बार कह चुके थे कि उनका मन दिल्ली से ज्यादा गोवा में लगता है और वह वहां पर ज्यादा मुफीद महसूस करते रहे हैं. चुनाव में बहुमत से दूर होने के बाद पर्रिकर गोवा में सरकार बनाने में कामयाब हुए. रक्षा मंत्री के लिए किसी का नाम अभी सामने नहीं आया.
बीजेपी के वरिष्ठ सूत्रों का कहना है कि संसद का सत्र खत्म होते ही मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है. 12 अप्रैल को संसद का यह सत्र समाप्त हो रहा है. कहा यह भी जा रहा है कि बीजेपी के संगठन में भी काफी बदलाव होने जा रहा है. राज्यपालों के कई पद खाली हैं. इसके अलावा कई संवैधानिक संस्थाओं में भी पद खाली है. जैसे मानवाधिकार आयोग आदि.
इस संभावित (क्योंकि अभी तक अटकलें ही हैं) फेरबदल में केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र की छुट्टी हो सकती है क्योंकि वह 75 पार कर गए. नरेंद्र मोदी सरकार ने पहले ही साफ कर दिया था कि 75 पार के कोई मंत्री मंत्रिमंडल में नहीं रहेंगे. लेकिन कलराज मिश्र को यूपी चुनाव तक के लिए मंत्रिमंडल में बरकरार रखने की बात कही गई थी. अब माना जा रहा है कि कलराज मिश्र को मंत्रीपद छोड़ना पड़ सकता है.
अटकलें यह भी हैं कि केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा का प्रमोशन हो सकता है. उन्हें राज्यमंत्री से कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया जा सकता है. इसके पीछे यह कारण कहा जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के चुनावों में मिली भारी जीत के बाद मनोज सिन्हा राज्य के मुख्यमंत्री पद के दौड़ में सबसे आगे बताए जा रहे थे. लेकिन अंत में पार्टी ने योगी आदित्यनाथ को सीएम और दो डिप्टी सीएम बनाकर सत्ता की शुरुआत की.
खबरें यह भी हैं कि उत्तराखंड में भाजपा को मिली भारी जीत के बाद इस राज्य से किसी नेता को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है. उत्तराखंड ने रमेश पोखरियाल निशंक, भगत सिंह कोशियारी दौड़ में है. वहीं, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, छ्त्तीसगढ़ और राजस्थान में होने वाले आगामी विधान सभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भी कुछ चेहरे मोदी कैबिनेट में शामिल किए जा सकते हैं.
उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी के तीन सत्ता में पूरे होने वाले हैं. पीएम मोदी ने सभी मंत्रालयों के कामकाज की रिपोर्ट हर साल की तरह फिर ली है. महत्वपूर्ण बात यह है कि इस साल जुलाई में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के भी चुनाव होने हैं. इनसे पहले ही होने वाला यह मंत्रिंमडल विस्तार कई बातें साफ कर देगा. शिवसेना के कोटे से एक केंद्रीय मंत्रीपद खाली है. यह एक सहयोगी दल है और राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले बीजेपी नाराजृ शिवसेना को मनाने के लिए एक मंत्रीपद उन्हें दे सकती है. गौरतलब है कि पिछले बार हुए मंत्रीमंडल फेरबदल में में किसी सहयोगी दल को जगह नहीं दी गई है. रामदास अठावले को केवल बाहर की पार्टी से लिया गया था.


दलाई लामा बस बहाना, इन पांच मुद्दों पर कभी भी भारत-चीन आ सकते हैं आमने-सामने
6 April 2017
नई दिल्ली: एशिया की दो बड़ी शक्तियों भारत और चीन के बीच पिछले तीन दिनों में तनाव नई ऊंचाई तक पहुंच चुका है. दोनों देशों की ओर से लगातार धमकियां दी जा रही हैं. तनाव का ये ताजा दौर दलाई लामा के अरुणाचल प्रदेश दौरे को लेकर शुरू हुआ है. इस दौरे को लेकर चीन की आपत्तियों पर भारत ने साफ कहा कि चीन हमारे अंदरूनी मामलों में दखल न दे वहीं चीन ने कहा कि भारत के इस कदम से द्विपक्षीय संबंधों को भारी नुकसान पहुंचा है और बॉर्डर पर तनाव बढ़ सकता है. यहां तक कि दलाई लामा के मामले पर चीन ने कश्मीर में दखल देने की भी धमकी दे दी. दलाई लामा के दौरे पर तनाव तो बस ताजा मामला है लेकिन हाल के दिनों में पांच ऐसे बड़े मुद्दे हैं जिनपर चीन और भारत जैसी बड़ी शक्तियां आमने-सामने हैं और तनाव किसी भी हद तक जा सकता है.
1. अरुणाचल और लेह में सीमा विवाद
करीब 6 दशकों से भारत और चीन के बीच सीमा विवाद है लेकिन दुनिया का शायद ये अकेला तनाव वाला बॉर्डर है जहां 1962 के युद्ध के बाद एक भी गोली नहीं चली है. दोनों देशों ने सीमा विवाद को सुलझाने के लिए कई मैकेनिज्म पर विचार किया लेकिन अबतक कुछ ठोस सामने नहीं आया है. पिछले साल लेह-लद्दाख में बॉर्डर में इलाकों को लेकर दोनों देशों के सैनिक कई दिनों तक आमने-सामने जमे रहे तो दलाई लामा के अरुणाचल दौरे पर चीन पर सीधी धमकियों पर उतर आया है. हाल में ये बात सामने आई थी कि चीन अरुणाचल के तमांग के बदले अक्साईचिन पर अपना दावा छोड़ सकता है. लेकिन क्या भारत तवांग को छोड़ेगा. भारत इसपर कतई राजी नहीं है और ऐसे में बॉर्डर मामले पर सहमति की कोई गुंजाइश नहीं दिखती.
2. NSG और UNSC में भारत की सदस्यता का मुद्दा
आबादी में दुनिया की दूसरे सबसे बड़े और दुनिया की सबसे तेज ऊभरती अर्थव्यवस्थाओं में से एक भारत UNSC की स्थायी सदस्यता के लिए पूरा जोर लगाए हुए है. इस राह में चीन सबसे बड़ा रोड़ा है. ठीक ऐसे ही एनएसजी की सदस्यता की भारत की कोशिशों में चीन लगातार बाधा बनता जा रहा है. ऐसे में विदेश नीति के मोर्चे पर भी दोनों देशों के बीच तनाव स्पष्ट है. अमेरिका की एशिया नीति में चीन के खिलाफ भारत एक मजबूत हिस्सा है तो पाकिस्तान के जरिए समुद्री पहुंच हासिल करने की चीन की कोशिशों में भारत एक रोड़ा. ऐसे में दोनों देश तनाव के नए दौर की ओर बढ़ रहे हैं.
3. PAK-चीन आर्थिक गलियारा और गिलगित बालटिस्तान का मुद्दा
54 बिलियन डॉलर की लागत से तैयार किए जा रहे चीन-पाकिस्तान का आर्थिक गलियारे को भारत ने साफ तौर पर अवैध कहा है. जबकि चीन इसे किसी भी कीमत पर पूरा करने पर अड़ा हुआ है. ये गलियारा गिलगित-बालटिस्तान से होकर गुजरता है जिसे भारत अपना हिस्सा मानता है और पाकिस्तान के अवैध कब्जे से छुड़ाने का ऐलान कर चुका है. वहीं चीन की शह पर पाकिस्तान गिलगित-बालटिस्तान को अपना पांचवां राज्य बनाने की कोशिश में है. ये मामला अंतरराष्ट्रीय मंच पर कभी भी तनाव का कारण बन सकता है.
4. अजहर मसूद और हाफिज सईद का मामला
मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड पाकिस्तानी आतंकी अजहर मसूद और हाफिज सईद पर प्रतिबंध लगाने की यूएन में भारत की कोशिशों को दो बार चीन रोक चुका है. चीन सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य है और उसके पास वीटो पावर है. भारत इस तरह की स्थितियों के मद्देनजर ही सुरक्षा परिषद जैसी संस्थाओं में सुधार की मांग कर रहा है. भारत का तर्क है कि पिछले 6 दशकों में दुनिया में संतुलन काफी हद तक बदल चुका है. भारत आज एक बड़ी शक्ति है और उसे सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता मिलनी चाहिए. चीन इसमें बाधा बनता आया है. यहां तक कि पाकिस्तानी आंतकियों पर कार्रवाई की भारत की कोशिशों में भी रोड़े अटकाता रहा है.
5. दक्षिण चीन सागर
दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में चीन की दादागीरी के खिलाफ भी भारत ने अपनी आवाज बुलंद की है. इस क्षेत्र के सहयोगी देशों के साथ व्यापारिक हितों की सुरक्षा के लिए भारत ने दक्षिण चीन सागर में चीन की नीतियों का विरोध किया. अमेरिका-जापान समेत तमाम देश इस मामले में भारत के समर्थन में हैं. बेशक भारत दक्षिण चीन सागर में किसी प्रकार की सीधी दावेदारी नहीं रखता तो भी इसके 55 प्रतिशत आर्थिक हित दक्षिण चीन सागर से जुड़े हुए हैं. भारत का यह भी मानना है कि विवादों में शामिल इस क्षेत्र के देशों को किसी प्रकार की धमकी या बल प्रयोग के डर के बिना अपने विवादों को हल करना चाहिए क्योंकि यदि ऐसा होता है तो न चाहते हुए भी जटिलताएं पैदा हो जाएंगी जिससे क्षेत्र की शांति और स्थिरता पर बुरा प्रभाव पड़ेगा. चीन इस क्षेत्र से भारत को दूर रहने की चेतावनी देते रहा है. ऐसे में कभी भी इन मुद्दों पर भारत-चीन में तनाव गंभीर रूप ले सकता है.


BJP के 37वें स्थापना दिवस पर बोले पीएम मोदी, 'गरीबों, वंचितों के लिए काम करते रहेंगे'
6 April 2017

नई दिल्ली: आज बीजेपी का 37वां स्थापना दिवस है. इस मौके पर थोड़ी देर पहले दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीजेपी के मुख्यालय पहुंचे. पीएम ने वहां दीन दयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. बीजेपी आज से 14 अप्रैल अप्रैल आंबेडकर जयंति तक पूरे देश में कार्यक्रम करेगी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान कहा,अंत्योदय के मंत्र के साथ पार्टी भारत, खासकर गरीबों एवं वंचितों की सेवा करने के अपने प्रयासों को पूरे जोश से आगे बढ़ाते रहेगी.
मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘बीजेपी के स्थापना दिवस पर मैं बीजेपी कार्यकर्ताओं के पूरे परिवार को बधाई देता हूं जो पूरे भारत में काम कर रहे हैं.’’ मोदी ने कहा, ‘‘हम बीजेपी कार्यकर्ताओं की पीढ़ियों की कड़ी मेहनत को गौरव के साथ याद करते हैं जिन्होंने देश की सेवा के लिए अपनी कोशिशों से एक एक ईट जोड़कर पार्टी को खड़ा किया.’’ मोदी ने दीनदयाल उपाध्याय को प्रेरणा का स्रोत बताया.
उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा कि यह गौरव की बात है कि सम्पूर्ण भारत और समाज के सभी वर्गो के लोगों ने बीजेपी पर भरोसा जताया है. मोदी ने सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया.
बीजेपी के लोकसभा और राज्यसभा के 325 सांसद अपने लोकसभा क्षेत्र या राज्य के अलावा दूसरे लोकसभा क्षेत्र या राज्य में एक दिन और एक रात बिताएंगे. इस दौरान सांसद या भारत सरकार के मंत्री सार्वजानिक कार्यक्रम/ सभाएं करेंगे, जिसमें मोदी सरकार की योजनाओं को लोगों के बीच रखेगे और उनके लाभ के बारे में बतायेगे.
एक हफ्ते के इस कार्यक्रम में सभी मंत्रियो को भी देश भर के 151 ऐसे लोकसभा क्षेत्रों या राज्यो में भेजा जा रहा है जहां बीजेपी या तो कभी जीती नहीं है या जहां बीजेपी के लिए परिस्थितिया कठिन हैं. लेकिन इसके वाबजूद सभी 543 लोकसभा क्षेत्रो में बीजेपी का कोई न कोई सांसद एक दिन और एक रात बितायेगा.
कमज़ोर राज्यों और कठिन सीटों पर बीजेपी के बड़े नेता और मंत्री खुद जायेगे. पार्टी अध्यक्ष अमित शाह खुद तेलंगाना या केरल जा सकते जा सकते है. इसके अलावा शाह का एक कार्यक्रम गुजरात या हिमाचल प्रदेश में भी हो सकता है. इन दोनों राज्यो में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं ऐसे में अमित शाह खुद इन राज्यो में सभाएं कर सकते हैं. गौरतलब है कि बीजेपी की स्थापना 6 अप्रैल 1980 में की गई थी.


भारत ने ठुकराया अमेरिका का प्रस्ताव, कहा- नहीं चाहिए मध्यस्थता
5 April 2017
नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच शांति बहाली में अमेरिका द्वारा मध्यस्थता की बात से भारत ने इन्कार किया है। भारत ने यह प्रतिक्रिय संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की स्थायी सदस्य निक्की हेली के बयान के बाद दी है।
दरअसल राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप ने कश्मीर मुद्दे पर भारत व अमेरिका के बीच मध्यस्थता करने की इच्छा जताई थी। तब भारत ने इस पर खास प्रतिक्रिया नहीं जताई थी। लेकिन मंगलवार को जब संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की प्रतिनिधि निक्की हेल ने इस बात को दोहराया तो भारत ने इसे बर्दाश्त नहीं किया।
भारत ने इस तरह की किसी भी मंशा का कूटनीतिक लहजे में पूरी तरह से खारिज कर दिया है। दरअसल, यूएन में अमेरिकी प्रतिनिधि निक्की हेली ने अपने प्रेस कांफ्रेंस में यह कहा है कि, अमेरिका भारत व पाकिस्तान के बीच लगातार बढ़ रहे तनाव से चिंतित है। अमेरिका इस तनाव को खत्म करना चाहता है। उन्होंने साफ तौर पर भारत व पाकिस्तान के बीच ट्रंप प्रशासन की तरफ से बीच बचाव करने का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि भारत व पाक के बीच कुछ हो जाए, हम उस समय का इंतजार नहीं करना चाहते।
हेली से पहले ट्रंप प्रशासन की तरफ से पहले भी इस तरह के संकेत आए हैं। इसको पाकिस्तान सरकार और वहां की मीडिया ने खूब प्रचारित किया है कि ट्रंप प्रशासन भारत व पाकिस्तान को एक ही चश्मे से देखने की कोशिश कर रहा है। हेली के बयान आने के कुछ ही घंटे बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने बताया कि, ''भारत का पाकिस्तान से जुड़े हर मुद्दे पर साफ साफ रवैया है कि यह क्षेत्र हिंसा और आतंक से अभी तक मुक्त नहीं हो पाया है। हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संगठनों से उम्मीद करते हैं कि वे पाकिस्तान की तरफ से आतंकवाद को दिए जा रहे बढ़ावे पर लगाम लगाने की कोशिश करेंगे क्योंकि यह हमारे क्षेत्र में स्थायित्व को लेकर सबसे बड़ा खतरा बन गया है।''
विदेश मंत्रालय का यह बयान बताता है कि भारत कश्मीर में मध्यस्थता के मुद्दे पर अभी से ही अपने पत्ते खुले रखना चाहता है। जानकारों की मानें तो अमेरिका कम से कम पिछले दो दशकों के दौरान कश्मीर पर मध्यस्थता करने की न तो कोशिश की है और न ही कोई बयान दिया है। इसलिए भारत अभी से स्थिति साफ रखना चाहता है। उधर, देश के तमाम कूटनीतिक जानकारों ने भी अमेरिका की तरफ से दिए गए इस बयान को काफी गंभीर माना है।
अमेरिका में भारत की पूर्व राजदूत मीरा शंकर का कहना है कि अमेरिका पहले भी भारत व पाक के बीच तनाव बढ़ने पर चिंता जताता रहा है लेकिन यह पहला मौका है जब उसने बीच बचाव करने की मंशा जताई है। भारत को अपनी स्थिति साफ कर देनी चाहिए कि कश्मीर पर उसे तीसरे पक्ष की मध्यस्थता नहीं चाहिए। अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत नरेश चंद्रा भी यही मानते हैं कि अमेरिका में भारत व पाक के बीच-बचाव का पक्ष लेने वाला एक लॉबी है जो इस तरह का संकेत देते रहता है लेकिन भारत को अपना पक्ष पूरी मजबूती से रखनी चाहिए।
जानकारों की मानें तो ट्रंप प्रशासन जिस तरीके से काम कर रहा है उससे लगता है कि भारत उनके लिए अभी प्राथमिकता में नहीं है। एच-1बी वीजा मुद्दे को जिस तरह से विरोधाभासी बयान आने से भी इस बात का पता चलता है। साथ ही वहां रह रहे भारतीयों पर नस्लीय हमले से जुड़ी घटनाओं के बढ़ने से भी कूटनीतिक क्षेत्र में एक अनदेखा सा तनाव है। पिछले महीने विदेश सचिव एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल अमेरिका गये थे।



एनएसजी में सदस्‍यता को लेकर भारत की बढ़ी उम्‍मीद, जर्मनी ने किया समर्थन
5 April 2017
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी जर्मनी की यात्रा से पहले ही भारत के परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) का सदस्‍य बनने को लेकर सकारात्‍मक संकेत मिलने लगे हैं। लिहाजा एनएसजी में भारत की सदस्यता को लेकर उम्मीद बढ़ गई है। इसकी वजह यह है कि वह देश जो भारत को इसकी सदस्‍यता देने के खिलाफ थे वह भ्‍ाी अब इस मुद्दे पर भारत का साथ देते नजर आ रहे हैं। जर्मनी के एक वरिष्ठ राजनयिक सूत्र ने बताया कि एनएसजी परामर्श समूह की बैठक जारी है और यहां भारत की सदस्यता के बारे में चर्चा की जा रही है। इस बैठक में जर्मनी ने भारत को अपना समर्थन दिया है।
अमेरिका पहले की तरह ही इस बार भी भारत की एनएसजी में सदस्यता के मुद्दे पर अपना समर्थन दे रहा है। वहीं चीन अब भी इस मुद्दे पर भारत के खिलाफ खड़ा हुआ है। पहले की ही तरह इस बार भी चीन ने कहा है कि वह एनपीटी पर हस्ताक्षर किए बिना किसी भी देश को एनएसजी की सदस्यता दिए जाने के खिलाफ है। पीएम नरेंद्र मोदी इस साल 2 बार जर्मनी की यात्रा पर जाएंगे। पहले वह मई में और फिर जुलाई में G-20 सम्मेलन में भाग लेने के लिए जर्मनी जाएंगे।
इस मुद्दे पर भारत लगातार कूटनीतिक प्रयास कर रहा है। इसी संबंध में पिछले दिनों भारत के विदेश सचिव एस जयशंकर ने जर्मनी के विदेश मंत्री मार्कस ऐडरर से मुलाकात भी की थी। इस दौरान दोनों के बीच आपसी संबंधों को आगे ले जाने और मई में बर्लिन में इंटर गवर्नमेंटल कमिशन की बैठक के बारे में अहम मुद्दों पर भी चर्चा की गई थी। जयशंकर इस सप्ताह श्रीलंका में होने वाली बैठक में भी जर्मनी के शीर्ष राजनयिकों से कई मुद्दों पर चर्चा करेंगे। एक अंग्रेजी अखबार की खबर के मुताबिक जर्मन राजनयिक ने बताया है कि भारत वैश्विक स्तर पर हमारा अहम रणनीतिक साझीदार है।


दलाई लामा की अरुणाचल यात्रा से भड़का चीन, बॉर्डर पर तनाव बढ़ने की दी धमकी
5 April 2017
तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा की अरुणाचल यात्रा से चीन बुरी तरह भड़का हुआ है. शांति दूत की यात्रा को लेकर चीन ने सीधे भारत को धमकी देना भी शुरू कर दिया है. चीन के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि भारत को दलाई लामा की यात्रा को लेकर कदम तुरंत रोकना चाहिए. चीन ने कहा कि दलाई लामा की यात्राओं से बॉर्डर इलाकों में तनाव बढ़ेगा. चीन ने इस मामले में बीजिंग में भारतीय राजदूत को बुलाकर विरोध दर्ज कराया. गौरतलब है कि भारत ने चीन की आपत्तियों पर साफ कहा था कि आंतरिक मामलों में किसी का दखल बर्दाश्त नहीं.
दलाई लामा की अरुणाचल यात्रा पर प्रतिक्रिया देते हुए चीन की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि चीन की चिंता के बावजूद भारत ने दलाई लामा की यात्रा को मंजूरी दी. इससे दोनों देशों के संबंधों को नुकसान पहुंचेगा.
अगर मुझे कोई दुष्ट समझता है तो परवाह नहीं: दलाई लामा
इस बीच, चीन की आपत्तियों पर खुद तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने प्रतिक्रिया दी है. अरुणाचल में दलाई लामा ने कहा कि अगर कोई मुझे दुष्ट समझता है तो मुझे इसकी परवाह नहीं. बोमडिला में दलाई लामा ने कहा कि चीन में कई लोग भारत को प्रेम करते हैं लेकिन कई राजनीतिज्ञ संकीर्ण सोच के हैं. वे मुझे दुष्ट के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश करते हैं. मुझे इसकी परवाह नहीं है.
क्यों दलाई लामा के विरोध में है चीन?
गौरतलब है कि तिब्बत से निर्वासित आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा चार दशकों से हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में रहते हैं. चीन अरुणाचल के तवांग को अपना हिस्सा मानता है जिसकों लेकर भारत के साथ लंबे समय से तनाव चला आ रहा है. चीन दलाई लामा की अरुणाचल यात्रा का विरोध करता रहा है.
'चीन को परेशान करने के लिए दलाई लामा का तवांग दौरा'
इससे पहले चीन की सरकारी मीडिया में भारत पर आरोप लगाए गए थे. चीनी मीडिया ने कहा था कि भारत बीजिंग को परेशान करने के लिए दलाई लामा के तवांग दौरे का इस्तेमाल कर रहा है तथा नई दिल्ली को तिब्बत से संबंधित अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धताओं का पालन करना चाहिए. चीनी अखबार ने एक विशेषज्ञ के हवाले से कहा, ‘भारत दलाई लामा की यात्रा का इस्तेमाल चीन को परेशान करने के लिए कर रहा है.’ विशेषज्ञ ने कहा, ‘भारत को तिब्बत से संबंधित मुद्दों को लेकर चीन से की गई अपनी प्रतिबद्धताओं पर खरा उतरना चाहिए.’
चीन को भारत की दो टूक
चीन की इन आपत्तियों पर भारत ने सीधा जवाब दिया है. दलाई लामा के अरुणाचल प्रदेश के दौरे पर उपजे विवाद के बीच भारत ने चीन से कहा कि चीन भारत के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप नहीं करे. भारत ने कहा कि वह ‘एक चीन’ नीति का सम्मान करता है और चीन से भी इसी तरह की उम्मीद रखता है. गृह राज्यमंत्री किरण रिजीजू ने कहा कि उनकी अरुणाचल यात्रा पूरी तरह धार्मिक है और इसका कोई राजनीतिक तात्पर्य नहीं निकाला जाना चाहिए.


जेठमलानी की फीस पर सिसोदिया का पलटवार, ईवीएम मुद्दे से भटकाने की हो रही कोशिश
4 April 2017
जनता के फंड को अपने निजी केस लड़ने के लिए खर्च करने के आरोप में घिरी आम आदमी पार्टी पूरे मामले पर सफाई देने सामने आई. बीजेपी द्वारा लगाए गए तमाम आरोपों पर आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, "यह मसला क्रिकेट के भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है. बीजेपी ईवीएम स्कैम से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे पैतरे अपना रही है. सरकार ने इस पूरे मामले पर जांच बिठाई थी जिसमें कई बड़े लोग फंस रहे थे. जिन्होंने बाद में मुकदमा किया. चूंकि जांच सरकार ने बिठाई थी इसलिए मुख्यमंत्री के खिलाफ मुकदमे का बिल सरकार देगी क्योंकि यह अरविंद केजरीवाल का कोई निजी मुकदमा नहीं था".
मनीष सिसोदिया ने कहा कि क्रिकेट में भ्रष्टाचार रोकना सरकार की जिम्मेदारी थी. सरकार ने कदम उठाए. अब सरकार के द्वारा क्रिकेट में कराई जा रही जांच में लगे वकील की फीस अरविंद केजरीवाल व्यक्तिगत रूप से क्यों देंगे? वह उनका निजी केस नहीं था. उस मुकदमे को तो अब सरकार लड़ेगी.
ईवीएम स्कैम से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश
आम आदमी पार्टी ने जनता फंड दुरुपयोग के आरोपों को ईवीएम स्कैम से ध्यान भटकाने की कोशिश कहा है. मनीष सिसोदिया ने इन आरोपों के समय पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसकी टाइमिंग देखी जाए. जेठमलानी जी डेढ़ साल से यह मुकदमा लड़ रहे हैं लेकिन डेढ़ साल से यह बात नहीं हुई. आज यह बात हो रही है क्योंकि ईवीएम का घोटाला सामने आने के बाद इनके पास कोई जवाब नहीं है और सारा का सारा मुद्दा इन्होंने पलटने की कोशिश की है. वे बीजेपी पर ईवीएम के साथ टेम्परिंग करके जीतने की बात कहते हैं. वे अब मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए डेढ़ साल पुराना मुकदमा लेकर आए हैं.
वकील राम जेठमलानी ने दी सफाई
इससे पहले अरविंद केजरीवाल के वकील राम जेठमलानी ने सफाई में कहा कि अगर सरकार केस लड़ने के लिए उनका मेहनताना नहीं दे पाती है तो वे अरविंद केजरीवाल का केस मुफ्त भी लड़ सकते हैं. दरअसल डीडीएस, डीडीसीए मामले पर अरविंद केजरीवाल द्वारा कथित तौर पर केंद्रीय वित्त केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली पर लगाए गए आरोपों के बाद जेटली ने अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के चार दूसरे नेताओं पर दिल्ली के पटियाला कोर्ट और हाईकोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया है.
इस पूरे मामले में अरविंद केजरीवाल की ओर से मशहूर वकील राम जेठमलानी पेश हो रहे थे और बतौर मेहनताना उन्होंने लगभग चार करोड़ का बिल दिल्ली सरकार को भेजा था. जिसकी मंजूरी पत्र पर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के दस्तखत थे. दिल्ली के उपराज्यपाल ने इस बिल को लेकर कानूनी सलाह लेने की बात कही है जिसके बाद यह पूरा मामला सामने आया. दिल्ली नगर निगम चुनाव के पहले यह मामला अब राजनीतिक रूप लेता जा रहा है. हालांकि पत्रकारों द्वारा सवाल पूछे जाने पर वे जवाब देने के बजाय पलटकर चलते बने. इस बीच एक और चिट्ठी भी देखने में आई है कि इस फाइल को स्वीकृति के लिए उपराज्यपाल के पास न भेजा जाए.



भैंस, ट्रैक्टर या फिर इंजन खरीदने के लिए लिया गया लोन माफ नहीं करेगी योगी सरकार
4 April 2017
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को अपनी पहली कैबिनेट बैठक में किसानों की कर्ज माफी का बड़ा फैसला ले सकते हैं. हालांकि कैबिनेट की इस बैठक से पहले सूबे के पशुधन, लघु सिंचाई एवं मत्स्य मंत्री एसपी सिंह बघेल ने कहा कि हमने सिर्फ छोटे और लघु किसानों के ऋण माफ करने के वादे किए थे, जिसको पूरा किया जाएगा. हालांकि फसली ऋण के अलावा कुछ और माफ नहीं होगा. कैबिनेट मंत्री बघेल ने यह भी साफ किया कि जिन किसानों ने भैंस, ट्रैक्टर और इंजन के लिए कर्ज लिए हैं, उनका कर्ज माफ नहीं किया जाएगा.
इससे पहले सूबे के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि पहली कैबिनेट बैठक में किसानों का कर्ज माफी का मुद्दा काफी अहम है. इसमें करीब 30 हजार करोड़ से लेकर 45 हजार करोड़ रुपये तक का कर्ज माफ किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि इस फैसले से प्रदेश के किसानों के अच्छे दिन आएंगे, लेकिन इसका लाभ बैंकिंग सिस्टम से जुड़े किसानों को ही मिलेगा. गेंहू खरीदारी पर सूर्यप्रताप शाही ने कहा कि सरकार व्यापक पैमाने पर गेंहू की खरीदारी करेगी. गेंहू खरीद को 40 लाख से बढ़ाकर 80 लाख मैट्रिक टन कर दिया गया है. यह गेंहू खरीद सरकारी एजेंसी खरीदेगी.
सिर्फ डेढ़ करोड़ किसानों का कर्ज होगा माफ
बीजेपी ने चुनाव के लिए जारी अपने संकल्प पत्र में जो सबसे प्रमुख वादा किया था, वह किसानों की कर्जमाफी का ही था. अब सरकार इसका ऐलान करने जा रही है, लेकिन इससे सरकार के खजाने पर भारी बोझ आएगा. केंद्र सरकार ने यह भी स्पष्ट किया था कि यह व्यवस्था राज्य को अपने स्तर पर ही करनी होगी. यूपी में 2 करोड़ 33 लाख सीमांत और लघु किसान हैं और लगभग दो करोड़ छोटे किसान हैं. सूबे के करीब डेढ़ करोड़ किसानों के कर्ज माफी का ऐलान हो सकता है.
कुल 62 हजार करोड़ का है कर्ज
उत्तर प्रदेश में करीब डेढ़ करोड़ किसानों पर लगभग 62,000 करोड़ रुपये का कर्ज है. सरकार इनकी लिस्ट तैयार कर रही है. जिसके बाद इस लिस्ट को केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा, जिससे केंद्र से कर्ज लिया जाएगा. हालांकि सूर्यप्रताप शाही ने बातचीत में सिर्फ 30 हजार करोड़ से लेकर 45 हजार करोड़ की ही बात कही है.



कैंसिल हो गया दलाई लामा का अरुणाचल प्रदेश दौरा, चीन के विरोध पर भारत ने किया था पलटवार
4 April 2017
तिब्बती आध्यात्मिक गुरू दलाई लामा को अरूणाचल प्रदेश के तवांग दौरे का कार्यक्रम फिर से बनाना होगा क्योंकि खराब मौसम के कारण उनका हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका और उन्हें आज गुवाहाटी से सड़क मार्ग से राज्य में बोमडिला की ओर रवाना होना पड़ा। दलाई लामा के निजी सचिव ने बताया कि उनके देर शाम तक पश्चिमी कामेंग जिले के बोमडिला पहुंचने की संभावना है। कल वह बोमडिला से 14 किमी दूर दिरांग जाएंगे और बृहस्पतिवार को तवांग जाएंगे। 12 अप्रैल को वह इटानगर जाएंगे। छह अप्रैल को वह दिरांग में उपदेश देंगे।
आठ से दस अप्रैल तक दलाई लामा तवांग में रहेंंगे।
पिछली बार दलाई लामा वर्ष 2009 में अरूणाचल प्रदेश आए थे। उनकी वह यात्रा उस घटना के ठीक 50 वर्षों बाद हुई थी जब वह तिब्बत के ल्हासा से भारत आए थे। दलाई लामा के अरूणाचल प्रदेश के दौरे को लेकर चीन की आपत्तियों के बीच भारत ने आज कहा कि तिब्बती आध्यात्मिक गुरू के दौरे को लेकर चीन को विवाद खड़ा नहीं करना चाहिए। बता दें कि तिब्‍बती धर्मगुरु दलाई लामा की अरुणाचल प्रदेश यात्रा को लेकर चीन की बयानबाजी पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। भारत ने साफ कहा है कि ’81 वर्षीय धर्मगुरु पहले भी इस उत्‍तर-पूर्वी राज्‍य में आते रहे हैं, इसलिए भारत के विभिन्‍न राज्‍यों में उनकी धार्मिक और आध्‍यात्मिक गतिविधियों को कोई और रंग देने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए।’ दलाई लामा को ‘खतरनाक अलगाववादी’ मानने वाले चीन ने शुक्रवार (31 मार्च) को कहा था कि वह यात्रा के विरोध में है। चीन ने भारत से कहा था कि वह ‘कोई ऐसी कार्रवाई न करे जिससे सीमा विवाद और जटिल हो जाए।’ वहीं भारत की ओर से गृह राज्‍य मंत्री किरण रिजिजू ने साफ कहा कि दलाई लामा की अरुणाचल यात्रा धार्मिक है और इसका कोई राजनैतिक मतलब नहीं लगाया जाना चाहिए। उन्‍होंने कहा, ”अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्‍न अंग है और चीन को उनकी (दलाई लामा) के दौरे और आपत्ति नहीं जतानी चाहिए, न ही भारत के आंतरिक मामलों में दखल देनी चाहिए।
चीन दावा करता है कि अरुणाचल प्रदेश दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा है। वह अक्‍सर विदेशी नेताओं के इस क्षेत्र में दौरों की निंदा करता है ताकि भारत के दावे को कमजोर किया जा सके। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने कहा, ‘‘दलाई गुट का अलगाववादी गतिविधियों में शामिल रहने का निंदाजनक रिकॉर्ड है। भारत को दलाई गुट के असली व्यवहार को लेकर बहुत स्पष्ट होना चाहिए। अगर भारत दलाई लामा को इस क्षेत्र में यात्रा करने के लिए आमंत्रित करता है तो इसका द्विपक्षीय संबंधों को गंभीर क्षति पहुंचेगी।’’



CRPF के काफिले पर आतंकी हमला, लश्कर-ए-तैय्यबा ने ली जिम्मेदारी
3 April 2017
चुनाव प्रक्रिया में खलल डालने के लिए आतंकियों ने सोमवार को जम्मू-श्रीनगर हाइवे पर सेमपोरा में सीआरपीएफ के काफिले पर घात लगाकर हमला किया। इस हमले में छह जवान, एक वाहन चालक और एक छात्रा समेत आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हमले के बाद आतंकी भाग निकले। हमले के कारण हाइवे पर यातायात भी प्रभावित रहा।
जम्मू से सीआरपीएफ के जवानों को लेकर वाहनों का एक काफिला श्रीनगर आ रहा था। दोपहर बाद करीब साढे़ तीन बजे लालचौक से 12 किलोमीटर दूर हाइवे पर पहले से घात लगाए बैठे आतंकियों ने सेमपोरा में काफिले में शामिल एक बस पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इसमें बस चालक और छह जवान जख्मी हो गए। आतंकियों द्वारा दागी गई गोलियों से एक 10 वर्षीय छात्रा जैनब पुत्री डॉ. आशिक हुसैन वानी निवासी पांपोर भी जख्मी हो गई। नागरिक क्षति से बचने के लिए सीआरपीएफ जवानों ने संयम बरता। इसका फायदा उठाकर आतंकी वहां से भाग निकले। इस बीच घायल छात्रा जैनब को श्रीनगर के बोन एंड ज्वाइंट अस्पताल बरजुला में दाखिल कराया गया है। घायल सुरक्षाकर्मियों को निकटवर्ती सैन्य अस्पताल में ले जाया गया।सीआरपीएफ के प्रवक्ता राजेश यादव ने कहा कि आतंकियों की तलाश की जा रही है।
तीन दिन में तीसरा बड़ा हमला
कश्मीर में पिछले तीन दिनों में यह तीसरा बड़ा आतंकी हमला है। इससे पहले गत शनिवार को आतंकियों ने श्रीनगर के बेमिना में सैन्य काफिले पर हमला किया था, जिसमें तीन सैन्यकर्मी जख्मी हो गए थे। इसके बाद गत रविवार को आंतकियों ने नौहट्टा में सुरक्षाबलों पर ग्रेनेड फेंका, जिसमें एक पुलिसकर्मी शहीद व 13 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। खास बात है कि रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जम्मू-कश्मीर आए थे। श्रीनगर की संसदीय सीट पर मतदान नौ अप्रैल व अनंतनाग में 12 अप्रैल को होने वाला है। इसे लेकर सुरक्षा पहले से कड़ी है।



सीएम योगी ने राम मंदिर मुद्दे पर रखी अपनी ये अहम राय!
3 April 2017
नई दिल्ली: यूपी का सीएम बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के मुखपत्र पांचजन्य को पहला इंटरव्यू दिया है. इस इंटरव्यू में योगी ने अयोध्या में राम मंदिर बनाने के मुद्दे पर भी अपनी राय रखी है. इंटरव्यू में सीएम योगी ने राम मंदिर के साथ-साथ बूचड़खानों पर भी बात की है.
सौहार्दपूर्ण तरीके से हो समस्या का समाधान
राम मंदिर निमार्ण को लेकर सीएम योगी ने कहा ‘दोनों पक्ष अगर बातचीत के जरिए विवाद का समाधान निकालते हैं तो अच्छा रहेगा. मैं माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आब्जर्वेशन का स्वागत करूंगा. सरकार चूंकि वाद में नहीं है, तो जो दो पक्ष हैं दोनों बातचीत के माध्यम से कोई रास्ता निकालें. सरकार को कहीं सहयोग करना है, तो उस पर सरकार सहमत है. अच्छा होगा कि सौहार्दपूर्ण तरीके से इस समस्या का समाधान हो.’
योगी ने आगे कहा ‘सब कुछ मौजूद है. जो लड़ाई थी उस पूरी लड़ाई को तो 30 सितंबर, 2010 का न्यायालय का फैसला स्पष्ट कर देता है. तो जब सब स्पष्ट हो चुका है तो मुझे लगता है कि विवाद का बातचीत से ही समाधान हो तो बहुत अच्छा होगा और अच्छा संदेश जाएगा. हमने दोनों पक्षों से आग्रह किया है कि संवाद बनाइये, समाधान का रास्ता निकालिए.’
अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी
राम मंदिर से जुड़े मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा था ‘यह एक संवेदनशील और भावनात्मक मामला है. संवेदनशील मसलों का आपसी सहमति से हल निकालना बेहतर है. इस विवाद का हल तलाश करने के लिए सभी संबंधित पक्षों को नये सिरे से प्रयास करने चाहिए.’ सुप्रीम कोर्ट की इस अहम टिप्पणी के बाद एक बार फिर से राम मंदिर का मुद्दा उठने लगा था. लेकिन इस विवाद पर मध्यस्ता को लेकर कोई खास बात नहीं बन सकी.
राम जन्मभूमि विवाद पर रोज सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इन्कार
राम जन्मभूमि विवाद पर रोज सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने इन्कार कर दिया था. इस विषय पर बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने जल्द सुनवाई की अर्जी दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने स्वामी की अर्जी पर कहा कि अभी हमारे पास इस केस की जल्द सुनवाई करने का वक्त नहीं है.



ईडी ने हिमाचल के सीएम वीरभद्र सिंह का फार्महाउस किया जब्त
3 April 2017
हिमाचल प्रदेश के सीएम वीरभद्र और उनके परिवार की मुश्किले लगातार बढ़ती जा रही हैं। उनके और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह को आय से अधिक संपत्ति में सीबीआई की ओर से आरोपी बनाए जाने के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने बेटे वीरभद्र पर शिकंजा कस दिया है। जिसके तहत ईडी ने आज प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उनके दिल्ली स्थित फार्म हाउस को सीज कर दिया गया है। दरअसल, वीरभद्र के बेटे विक्रमादित्य पर गलत तरीके से फार्म हाउस खरीदने का आरोप है।
जांच एसेंसी को एक बिचौलिये से पूछताछ में पता लगा कि वीरभद्र के बेटे की कंपनी मैपल द्वारा दिल्ली में एक फार्म हाउस को छह करोड़ 61 लाख में खरीदा गया था। जिसकी उस वक्त अनुमानित कीमत एक करोड़ थी। ईडी का आरोप है कि फार्म हाउस को खरीदने में कालेधन का उपयोग किया गया है। इस पूरी डील में एक करोड़ 20 लाख रुपए बतौर रजिस्ट्री के रूप में दिये गए, जबकि बाकी पांच करोड़ 40 लाख रुपये नकद दिए गए। वहीं, रजिस्ट्री की रकम एक करोड़ बीस लाख को कई शेल कंपनियों के जरिये दिया गया।
वीरभद्र के बेटे विक्रमादित्य ने जांच एजेंसियों की पूछताछ में कहा कि उन्हें नहीं पता कि फार्महाउस खरीदने के लिए पैसे कहां से आये। उनके मुताबिक, इन पैसों का इंतजाम उनके पिता की ओर से किया गया। दिल्ली स्थित फार्म हाउस को वर्ष 2012-13 में खरीदा गया। मौजूदा समय में फार्महाउस की कीमत 27 करोड़ आंकी जा रही है। इस बीच, वीरभद्र सिंह ने डीए केस पर कहा है कि यह राजनीतिक प्रतिशोध है। हम इस मामले का सामना करेंगे।
डीए मामले में अब दिल्ली कोर्ट में 6 अप्रैल को होगी सुनवाई
आय से अधिक संपत्ति मामले में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट में दायर आरोपपत्र पर आज सुनवाई हुई। अब इस मामले की अगली सुनवाई छह अप्रैल को होगी। उसके बाद ही आगे समन समेत अन्य कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। सीबीआई ने करीब 500 पन्नों का आरोपपत्र दायर किया है, जिसमें 255 गवाह के नाम शामिल हैं।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के अलावा इसमें उनके दूसरे सहयोगियों के भी नाम हैं। दायर आरोपपत्र में मुख्यमंत्री की पत्नी प्रतिभा सिंह, एलआईजी एजेंट आनंद चौहान उनके सहयोगी चुन्नी लाल, जोगिंदर सिंह घालटा, प्रेम राज, लवण कुमार कोच समेत कुल 9 लोग शामिल हैं।
31 मार्च को दिल्ली हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें सीबीआई के एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई थी। गौरतलब है कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने सितंबर 2015 में मुख्यमंत्री वीरभ्रद सिंह, उनकी पत्नी व अन्य लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की धारा 13 (2) और 13 (1) और आईपीसी की धारा 109 के तहत केस दर्ज किया था।
आरोप है कि 28 मई 2009 से 26 जून 2012 तक इस्पात मंत्री रहते हुए मुख्यमंत्री ने 10 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की। वर्ष 2007 व 2008 के दौरान उनके व एलआईसी एजेंट आनंद चौहान के बैंक खातों में बड़ी रकम की लेनदेन हुई।



गुजरात में गोहत्या पर होगी उम्रकैद, गायों के ट्रांसपोर्टेशन पर होगी 10 साल जेल
31 March 2017
गांधीनगर: गुजरात में अब गोहत्या पर उम्रकैद की सजा दी जाएगी। असेंबली सेशन के आखिरी दिन काउ प्रोटेक्शन लॉ में संशोधन बिल पास किया गया। बता दें कि देशभर में गोहत्या पर ये सबसे सख्त सजा होगी। गुजरात में इसी साल नवंबर में असेंबली इलेक्शन होने हैं।
- न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, शुक्रवार को असेंबली में गोरक्षा के लिए कानून में संशोधन बिल पास किया गया। गुजरात एनिमल प्रिजर्वेशन एक्ट 1954 में अब गायों के ट्रांसपोर्टेशन पर 10 साल की जेल होगी।
- इस कानून में 2011 में संशोधन किया गया था। पहले गोहत्या पर इस कानून के तहत 7 साल की जेल होती थी। अब इसके तहत लगने वाली पेनल्टी को 5 लाख रुपए कर दिया गया है। गाय, गंगा और गीता की रक्षा करनी है- रूपानी
- रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले कई हफ्तों से गुजरात के सीएम विजय रूपानी गोरक्षा के लिए कड़े कानूनों की बात कह रहे थे। उन्होंने इस महीने की शुरुआत में एक बयान में कहा, "बीजेपी गाय, गंगा और गीता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।"
- गुजरात में गोरक्षा कानून में बदलाव यूपी चुनावों में बीजेपी की बड़ी जीत के बाद किया गया है। बता दें कि यूपी के सीएम आदित्यनाथ भी गोरक्षा अभियान के बड़े अगुआ माने जाते हैं। 2011 में गोहत्या पर लगा था बैन
- गुजरात में 2011 में गाय और गोवंश के ट्रांसपोर्टेशन और स्लॉटरिंग पर रोक लगाई गई थी। उस वक्त नरेंद्र मोदी यहां के सीएम थे।
- इसी महीने जूनागढ़ में एक सभा के दौरान रूपानी ने कहा था, "गुजरात में गायों की रक्षा के लिए कानून बनाने पर हमने सुप्रीम कोर्ट में भी लड़ाई लड़ी। अब हम इस कानून को और सख्त करना चाहते हैं। हम इसी बजट सेशन में इस पर बिल पेश करेंगे।"



मोदी के दौरे के विरोध में माओवादियों ने ओडिशा रेलवे स्टेशन पर किया हमला
31 March 2017
भुवनेश्वर: माओवादियों ने देर रात ओडिशा के रायगढ़ जिले में एक रेलवे स्टेशन पर हमला बोलते हुए वहां विस्फोट कर दिया और अगले माह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित ओडिशा यात्रा के विरोध में पोस्टर भी लगा दिए. पूर्व तटीय रेलवे के प्रमुख जनसंपर्क अधिकारी जेपी मिश्रा ने कहा कि आधी रात के कुछ ही समय बाद संबलपुर मंडल के तहत आने वाले दोइकलू रेलवे स्टेशन पर 15-20 माओवादियों ने हमला बोल दिया. उन्होंने स्टेशन मास्टर के दफ्तर में तोड़फोड़ भी की.
उन्होंने कहा कि माओवादियों ने स्टेशन मास्टर एसके पारिदा को बाहर निकाला और स्टेशन परिसर में विस्फोट कर दिया. पारिदा और कुली गोबिंद हिकाका को कुछ समय के लिए बंदी भी बनाया गया. मिश्रा ने कहा कि हमलावरों ने स्टेशन मास्टर का वॉकी-टॉकी भी छीन लिया था. इसके अलावा उन्होंने स्टेशन से बाहर खड़ी मालगाड़ी के कर्मियों को ईंजन बंद करने पर मजबूर कर दिया था. मौके पर पहुंचे रायगढ़ के पुलिस अधीक्षक के सिवा सुब्रमणि ने कहा कि मालगाड़ी के ईंजन को हल्का नुकसान पहुंचा है.
अधिकारियों ने कहा कि माओवादी अपने पीछे हाथ से लिखे कुछ पोस्टर छोड़ गए हैं, जिन पर केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार और ओडिशा में नवीन पटनायक की सरकार की नीतियों का विरोध किया गया है.सीपीआरओ ने कहा कि इस घटना में किसी रेलकर्मी या स्थानीय व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुंचा है. नियंत्रण कक्ष कर्मचारियों से बात कर पा रहा है. रेलवे के अधिकारियों ने कहा कि रायगढ़ और टिटलागढ़ स्टेशनों के बीच दाइकलू से होकर गुजरने वाली रेल सेवाएं कुछ समय के लिए बाधित हो गई हैं. कई ट्रेनें मुनिगुडा स्टेशन पर खड़ी रहीं.
माओवादियों की ओर से छोड़े गए पोस्टर में हमलावरों ने प्रधानमंत्री की 15 और 16 अप्रैल के लिए प्रस्तावित ओडिशा यात्रा का विरोध किया है. प्रधानमंत्री को भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में हिस्सा लेने के लिए यहां आना है.
उन्होंने कहा कि कुछ पोस्टरों में इस बात का भी विरोध किया गया है कि ओडिशा से बाहर के अधिकारियों को राज्य की पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ पदों पर तैनात किया जा रहा है.
पुलिस महानिदेशक केबी सिंह ने कहा कि सीआरपीएफ और विशेष अभियान दल (एसओजी) के जवानों ने इस घटना के बाद इलाके में खोजी अभियान शुरू कर दिया है. रेलवे के अधिकारियों ने कहा कि मालगाड़ियों की आवाजाही सुरक्षा संबंधी हरी झंडी मिलने के बाद शुरू कर दी गई है. हालांकि इन पर गति संबंधी निर्देश लागू किए गए हैं. एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों की आवाजाही को जल्द ही बहाल करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं.



BJP सांसदों को मोदी का विजय मंत्र, कहा- मोबाइल पर लड़ा जाएगा 2019 का चुनाव
31 March 2017
यूपी की जीत से उत्साहित पीएम मोदी अब 2019 की रणनीति पर काम करने में जुट गए हैं. यूपी-गुजरात के बाद कई अन्य राज्यों के बीजेपी सांसदों के साथ भी मोदी ने शुक्रवार को बैठक की और 2019 के लिए विजय मंत्र दिया. शुक्रवार को झारखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना के बीजेपी सांसद पीएम मोदी से मिले. पीएम मोदी ने साफ कहा कि सियासत बदल चुकी है और सभी कार्यकर्ताओं और सदस्यों को इसके लिए तैयार रहना होगा. पीएम मोदी ने कहा कि 2019 का चुनाव मोबाइल पर लड़ा जाएगा.
सांसदों से क्या कहा पीएम ने?
पीएम मोदी ने पार्टी सांसदों से साफ कहा कि आज के वक्त में मोबाइल देश के युवाओं तक पहुंचने का सबसे बड़ा माध्यम है और इसका इस्तेमाल कर अपने काम को युवाओं तक पहुंचाना जरूरी है. पीएम मोदी ने कहा कि 2019 का चुनाव मोबाइल पर लड़ा जाएगा और हमें इसके लिए तैयार रहना होगा.
सोशल मीडिया पर कैसे बढ़ाएं सक्रियता?
पीएम मोदी ने बीजेपी सांसदों ने कहा कि सभी सांसद सोशल मीडिया पर एक्टिव रहें. अपने क्षेत्र में किए जा रहे काम और नई पहलों को हाइलाइट करें. इसके साथ ही सरकार की योजनाओं को भी लोगों तक पहुंचाएं.
ओडिशा पर फोकस क्यों?
इस मुलाकात में झारखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना के बीजेपी सांसद शामिल थे. इनमें से ज्यादातर राज्य गैर बीजेपी शासित हैं. खासकर ओडिशा पर पीएम का ज्यादा फोकस है. हाल में ओडिशा में हुए स्थानीय निकाय चुनाव में बीजेपी ने अच्छा प्रदर्शन किया था.
मिशन 2019 पर अभी से सांसदों को लगाया
यूपी के नतीजों के बाद पीएम मोदी विभिन्न राज्यों से आने वाले बीजेपी सांसदों के साथ लगातार मुलाकात कर रहे हैं. जाहिर है मिशन 2019 के लिए मोदी सांसदों को काम पर अभी से लगाना चाहते हैं हालांकि अभी दो साल बाकी है. पीएम मोदी यूपी, गुजरात समेत दर्जन भर राज्यों के सांसदों से इससे पहले मिल चुके हैं.
इन बैठकों का क्या है संदेश
इस सभी बैठकों में पीएम मोदी का एक ही संदेश रहता है- गरीब लोगों के हित में कदम उठाए जाएं और पिछड़ी जातियों के कल्याण का काम आगे बढ़ाया जाए. पिछड़े समुदाय के लिए जो काम मोदी सरकार कर रही है सांसद उन्हें जनता के बीच दाकर बताएं. सूत्रों के अनुसार उज्जवला योजना जैसे कार्यक्रमों से यूपी में मिले चुनावी लाभ को आगे बढ़ाने की योजना पर बीजेपी काम कर रही है.
विपक्ष के झूठ का करें पर्दाफाश
पीएम मोदी ने सांसदों से कहा कि वे विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे झूठ का अध्ययन करें और उसका पर्दाफाश करें. पीएम ने सांसदों से कहा कि ने सही स्थिति को जनता के सामने स्पष्ट करें. लोगों को बताएं कि सरकार किन योजनाओं के जरिए गरीब लोगों के कल्याण के लिए काम कर रही है. पीएम ने विशेशरूप से जीएसटी का जिक्र किया और कहा कि विपक्ष लोगों के बीच तरह-तरह के भ्रम फैला रहा है और अगले चुनाव में इसका लाभ लेने की विपक्ष की ओर से कोशिश की जा सकती है. सांसदों को जनता के बीच जाकर सही तस्वीर बतानी होगी.



महोबा में महाकौशल एक्सप्रेस की आठ बोगी पटरी से उतरीं, 50 से अधिक घायल
30 March 2017
पांच माह पहले हुए कानपुर के पुखरायां रेल हादसे की याद एक बार फिर ताजा हो गईं। यहां गनीमत रही हादसा भयावह रूप नहीं ले सका। झांसी-इलाहाबाद ट्रेन मार्ग पर गुरुवार तड़के महाकौशल एक्सप्रेस जबलपुर से नई दिल्ली की ओर जा रही थी। अभी ट्रेन महोबा रेलवे स्टेशन पर कुछ समय ठहरने के बाद आगे बढ़ी ही थी कि 12.50 किलोमीटर दूर पर ही तडके 2.20 बजे गाड़ी में तेज आवाज के साथ उसके आठ डिब्बे पटरी से नीचे उतर गए, इसमें चार एसी कोच पलट गए। रेलवे ट्रैक करीब 100 मीटर तक उखड़ गया। इस बीच गाड़ी बाकी के 11 डिब्बों को लेकर एक किलोमीटर दूर तक चली गई। हादसा देख वहां अधिकारियों तक के रोंगटे खड़े हो गए। करीब 50 लोगों से अधिक लोग घायल हो गए। इसमें दो की हालत गंभीर होने पर उन्हें झांसी रेफर किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर दोपहर को स्वास्थ मंत्री घटना का जायजा लेने पहुंच गए तथा घायलों से हालचाल लिए। उन्हें आर्थिक मदद के रूप में चेक भी प्रदान की।
जबलपुर से दिल्ली की ओर जाने वाली महाकौशल एक्सप्रेस का निश्चित समय महोबा स्टेशन पहुंचने का 12.58 बजे है। गुरुवार को गाड़ी लेट थी और यह 02.7 बजे महोबा रेलवे स्टेशन पहुंची। यहां दो मिनट रुकने के बाद आगे चल दी। स्टेशन से अभी 12.50 किलो मीटर दूर ही पहुंची थी कि 2.20 बजे तेज आवाज के साथ गाड़ी के पीछे के आठ कोच पटरी से नीचे उतर गई। गाड़ी के गार्ड जेके चौबे ने बताया कि गाड़ी सामान्य रफ्तार करीब साठ किलो मीटर की स्पीड से जा रही थी। अचानक गड़गड़ाहट की आवाज हुई और डिब्बे में अंधेरा छा गया। धक्का लगने से वह डिब्बे में ही में गिर गये। गाड़ी के आठ कोच खराब हुए हैं, इसमें से चार कोच एसी के हैं। इसमें दो एसी थर्ड के हैं। तथा एक एसी टू का व चौथा कोच आधा एसी फस्ट और आधा एसी सेकेंड का है। दो कोच जीएस, एक कोच एसएलआर है।
अधिकारियों के अनुसार गाड़ी में सामान्य क्षमता के अनुसार यात्री सवार थे। घटना महोबा रेलवे स्टेशन से गाड़ी गुजरने के 13 मिनट बाद हो गई। सबसे पहले रेलवे स्टेशन पर गार्ड ने इसकी सूचना दी। ठीक तीन बजे रेलवे इंजीनियरों की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई थी। टीम में शामिल सीडब्ल्यूआई, पीके सिंह, एडीईएन एससी गिरी ने राहत कार्य शुरु करा दिया। इसके बाद प्रशासन सूचना मिलने पर करीब तीन बजे घटनास्थल पर महोबा एसपी गौरव सिंह पहुंच गए। घायलों को कोच से निकाल कर उन्हें सदर अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस, डायल 100 वाहनों को लगाया गया। सुबह साढ़े पांच बजे तक सभी घायल यात्रियों को सदर अस्पताल पहुंचा दिया गया था। यहां दो यात्रियों की हालत गंभीर होने पर उन्हें डाक्टरों ने झांसी रेफर कर दिया था। सूचना मिलते ही रेलवे के अधिकारी में
महाप्रबंधक- उत्तर मध्य रेलवे इलाहाबाद, अजय कुमार मिश्रा। डीआरएम झांसी- अशोक कुमार मिश्रा, डीआईजी आरपीएफ आशीष मिश्रा, मंडलायुक्त चित्रकूटधाम मंडल बांदा मुरली मनोहर, डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी मौके पर पहुंच गए थे। डीआरएम झांसी अशोक कुमार ने बताया कि घटना के कारणों की जांच कराई जा रही है। अधिकारियों ने पटरी के टूटे हिस्से के आसपास को घेर कर उसकी जांच शुरु कर दी थी। दोपहर साढ़े 11 बजे हेलीकाप्टर से स्वास्थ मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह महोबा पुलिस लाइन पहुंचे। यहां से सबसे पहले सदर अस्पताल पहुंचे और रेल हादसे के घायलों का हालचाल लिया। उन्होंने घायलों को 25-25 हजार रुपये की आर्थिक मदद की चेक दी। 11 घायलों को स्वयं चेक दी। साथ ही दो गंभीर रुप से घायलों को 50-50 हजार रुपये की चेक दी गई। हादसे में करीब पचास लोग घायल हुए हैं।



योगी के UP में अब मुस्लिमों ने लगाए राम मंदिर बनवाने के लिए बैनर
30 March 2017
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर तेज होती कवायद के बीच राजधानी लखनऊ में मंदिर निर्माण को लेकर कई जगह-जगह होर्डिंग्स और बैनर लगे हैं. इन बैनरों की खास बात यह है कि इसे कुछ मुस्लिम संगठनों ने लगाया है. इन संगठनों ने होर्डिंग्स-बैनर में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दोनों पक्षों से मिल-बैठकर मामला सुलझाने की अपील की गई है.
ऐसे ही एक संगठन 'श्री राम मंदिर निर्माण मुस्लिम कारसेवक मंच' के अध्यक्ष आजम खान ने लखनऊ में ऐसे करीब 10 होर्डिंग्स लगाए हैं, जिसमें उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर आगे बढ़ने का आह्वान किया है. इस बारे में हमने जब आजम खान से संपर्क किया, तो बंदूकधारी गार्ड से घिरे आजम खान कहते हैं, 'राम हिन्दुओं की तरह मुस्लिमों के लिए आदरणीय हैं. मुझे 'जय श्री राम' कहने में कोई हिचक नहीं.'
आजम का दावा है कि उनके साथ बड़ी तादाद में युवा जुड़ रहे हैं. ये लोग दोनों समुदायों के बीच सौहार्द्र बढ़ाने की कोशिशों में जुटे हैं. हालांकि इसके साथ ही आजम यह भी कहते हैं कि उन्हें इस कदम से बाद से कई धमकियां मिल रही हैं.
'मुझे ई-मेल और फोन पर धमकी की जा रही है. वे मुझसे यह मुद्दा छोड़ने या फिर बाबरी मस्जिद दोबारा बनवाने के पक्ष में बोलने को कहने कह रहे हैं.' इसके साथ ही वह कहते हैं कि उन्हें अपने वापस खींचने के लिए पैसों तक के ऑफर मिल रहे हैं. आजम कहते हैं कि उन्होंने इस संबंध में पुलिस में FIR भी दर्ज कराई है, लेकिन उन्होंने पुलिस से अब तक कोई सुरक्षा कवर नहीं मिला है.
बता दें कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी को प्रचंड बहुमत मिलने के बाद योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने और आयोध्या विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा सभी पक्षों से मिलकर आपस में यह विवाद सुलझाने के निर्देश के बाद से ही राम मंदिर निर्माण की बातें एक बार फिर जोरशोर से उठने लगी हैं. ऐसे में आजम खान की यह कोई कोशिश इसी कड़ी के हिस्से के रूप में देखी जा रही है.



ट्रिपल तलाक : पांच मौके, जब सीधे PM मोदी तक पहुंचा मामला
30 March 2017
यूपी के महोबा में पिछले साल 24 अक्टूबर को रैली में पहली बार ट्रिपल तलाक का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा- वोट बैंक की भूख में कुछ पार्टियां मुस्लिम बहनों से अन्‍याय करने पर तुली हुई हैं. मोदी ने साफ किया कि ये कानूनी मुद्दा है और इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. बेटियों को न्याय मिलना चाहिए. तबसे लेकर अबतक यूपी की सियासी तस्वीर काफी बदल चुकी है. यूपी में योगी सरकार सत्ता में है और टीम मोदी 2019 के सियासी रण की रणनीति बनाने में जुट चुकी है.
सुप्रीम कोर्ट में ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर सुनवाई भी जारी है और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड इसे धार्मिक मामला बताकर हस्तक्षेप का विरोध कर रहा है. सबकी निगाहें इस मामले के भविष्य पर है. इस दौरान कई मुस्लिम महिलाएं सीधे तौर पर पीएम मोदी के दखल की मांग करने लगी हैं. ये पांच मौके रहे जब मुस्लिम महिलाओं ने सीधे पीएम मोदी तक ट्रिपल तलाक पर अपनी बात पहुंचाई.
1. वोट दिया अब खत्म करो ट्रिपल तलाक
उत्तर प्रदेश चुनाव नतीजे आने के बाद कहा जा रहा है कि मुस्लिम महिलाओं ने बड़ी तादाद में भाजपा को वोट दिया है और इसकी वजह भाजपा की तीन तलाक की मुखालफत करना है. भाजपा ने अपने घोषणा-पत्र में तीन तलाक को खत्म करने की बात कही है तो पीएम मोदी भी कई मंचों से तीन तलाक के खिलाफ मुस्लिम महिलाओं का साथ देने की बात कह चुके हैं. अभी तक मुस्लिम महिलाओं को भाजपा को वोट देने को लेकर सिर्फ कयास ही थे लेकिन उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले की एक तलाकशुदा मुस्लिम महिला आथिया ने शुक्रवार को स्थानीय मीडिया में कहा कि उन्होंने तीन तलाक के खिलाफ भाजपा को वोट दिया है और अब मोदी जी तीन तलाक बंद कराएं. 2. गर्भवती महिला ने लिखा मोदी को खत
उत्तर प्रदेश में सहारनपुर के नानौता में तीन तलाक का एक और मामला सामने आया है. यहां एक गर्भवती महिला को उसके पति ने तीन बार तलाक-तलाक-तलाक बोला और घर से निकाल दिया. विवाहिता का आरोप है कि उसे इसलिए तलाक दिया गया क्योंकि उसने गर्भपात कराने से इंकार कर दिया था. पीएम को पत्र लिखकर लगाई सुरक्षा की गुहार पीड़ित महिला के मुताबिक उसकी दो बेटियां हैं और ससुराल के लोगों को आशंका है कि तीसरी भी बेटी ना हो जाए. यही कारण है कि ससुराल वाले गर्भ को गिराना चाहते हैं. पीड़िता का यह भी आरोप है कि जब उसने पुलिस से इस मामले की शिकायत की तो पुलिस थाने में भी उसकी सुनवाई नहीं हुई. अब महिला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर तीन तलाक को खत्म कराने और पेट में पल रहे अपने बच्चे की सुरक्षा की गुहार लगाई है.
3.'ट्रिपल तलाक से लाखों जिंदगियां बर्बाद, खत्म करें पीएम'
पिछले साल अक्टूबर में 18 वर्षीय मुस्लिम युवती ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर देश में तत्काल यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किए जाने के लिए कदम उठाने की मांग की है. पीएम को लिखे पत्र में युवती ने लिखा कि इस कुप्रथा के कारण मुस्लिम महिलाओं की कई पीढ़ियां 'बर्बाद' हो चुकी हैं. महज 16 साल की उम्र में अरशिया की शादी एक अमीर सब्जी कारोबारी मोहम्मद काजिम बगवान से हुई थी. दो साल भी नहीं बीते थे कि अरशिया को उसके पति ने तीन बार कागज पर लिखकर तलाक दे दिया. वह अरशिया को स्वीकार करने को तैयार नहीं था. उसका कहना था कि अरशिया के लिए उसके दिल में कोई जगह नहीं है. यही नहीं अरशिया के पति ने उसे 8 माह के बच्चे के साथ घर से निकलने को कह दिया. बारामती की रहने वाली अरशिया ने महिलाओं की सहायता के लिए पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर ट्रिपल तलाक पर बैन लगाने की मांग की और कहा कि इस कुप्रथा के चलते असंख्य महिलाओं की जिंदगी बर्बाद हो गई है.
4. संघ के हस्ताक्षर अभियान से जुड़ीं 10 लाख महिलाएं
हाल ही में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े एक संगठन ने दावा किया था कि ट्रिपल तलाक के खिलाफ उनके अभियान के दौरान 10 लाख मुस्लिम महिलाओं ने ट्रिपल तलाक के खिलाफ हस्ताक्षर किए हैं. संघ ने सरकार से इस मामले पर जल्द कार्रवाई करने की अपील की.
5. मुस्लिम महिला कार्यकर्ताओं ने पीएम से की अपील
मुस्लिम महिला वकीलों और कार्यकर्ताओं के एक समूह ने सुप्रीम कोर्ट में ट्रिपल तलाक की अपील करते हुए कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ट्रिपल तलाक को खत्म करने के पक्ष में हैं क्योंकि ये महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ है. उन्होंने तर्क दिया कि पूरे भारत में महिलाएं इस गंभीर समस्या से पीड़ित है. जिसमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, आदि राज्य में इसका असर दिखाई दिया है. उन्होंने कहा कि शिक्षा की कमी और महिलाओं के लिए सम्मान उन्हें नुकसान पहुंचा रहा है और सरकार को इस मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए.



लोकसभा में मुलायम से पूछा गया, 'मोदीजी के कान में क्या कहा था? '
29 March 2017
नई दिल्ली: लोकसभा में जीएसटी विधेयक पर चर्चा में बुधवार को उस समय सदन में ठहाके गूंजने लगे जब समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव बोलने खड़े हुए. दरअसल मुलायम केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहे थे तभी कुछ सांसदों ने सवाल करना शुरू कर दिया कि आखिर योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण समारोह में उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी के कान में क्या कहा था?
मुलायम ने यूपी विधानसभा चुनावों में बीजेपी की भारी जीत पर कहा कि यूपी बनाना भी जानता है और पटकना भी जानता है अगर चुनावी वायदे पूरे नहीं किए तो देखना यूपी क्या करेगा. मुलायम ने कहा कि हमने भी चुनावी वायदे किए और आज कोई सदन में खड़ा होकर बता दे कि एक भी ऐसा वायदा जो हमने पूरा न किया हो. हमने जो कहा वो किया अब आपकी बारी है.
मुलायम ने कहा कि आप लोगों ने झूठे वायदे किए, हम लोग भी जीते 77 में, फिर 80 में क्या हुआ, बुरी तरह हारे और 84 में क्या हुआ एक दम कांग्रेस जीत गई फिर 89 में क्या हुआ हार गए तो ये सब चलता रहता है.
मुलायम ने कहा कि देश में किसान, बेरोजगार, गरीब खुदकुशी कर रहे हैं, उनके लिए आखिर कोई कानून कब आएगा क्योंकि ऐसा कानून तो सर्वसम्मति से पास होगा. मुलायम ने कहा कि जब तक किसान संपन्न नहीं होगा देश संपन्न नहीं होगा. आज अगर कोई बेरोजगारी खत्म या कम कर रहा है तो वो किसान ही है.



इस तरह से यूपी के किसानों का कर्ज माफ करेगी योगी सरकार
29 March 2017
लखनऊ: उत्तरप्रदेश के किसानों से चुनावी वादा पूरा करने के लिए योगी सरकार में माथापच्ची जारी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वादे को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी सक्रिय हो गए हैं. वित्त विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि सीएम के निर्देशानुसार प्रदेश के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल राज्य के सभी लघु एवं सीमान्त कृषकों के बैंकों के माध्यम से लिए गए फसली कर्ज की माफी एवं बजट तैयार करने के लिए लगातार संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकरियों के साथ बैठकें कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की राज्य के किसानों की दयनीय स्थिति में सुधार के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी की सरकार कृतसंकल्प है. इसके मद्देनजर बैठकों में किसानों की कर्ज माफी के विभिन्न प्रस्तावों पर विचार किया गया है.
इससे पहले वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कर्ज माफ किए जाने से इनकार कर दिया था. उन्होंने कहा कि राज्य अगर किसानों के कर्ज माफ करते हैं तो उन्हें खुद इसका खर्च उठाना पड़ेगा. वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार ऐसा नहीं कर सकती कि एक राज्य के किसानों को कर्ज माफी दे और दूसरे को नहीं. वित्त मंत्री एक बयान के ठीक उलट कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने उत्तर प्रदेश के किसानों का कर्ज माफ करने की बात संसद में कही थी.
प्रदेश में सितंबर 2016 तक बैंकों का 1.26 लाख करोड़ रुपये कृषि कर्ज बकाया था. इनमें से 92,121.85 करोड़ रुपये फसली कर्ज है. वर्तमान में राज्य में लगभग 2.30 करोड़ किसान हैं. प्रदेश में लघु एवं सीमांत किसानों की संख्या करीब 2.15 करोड़ है. हालांकि राज्य सरकार केवल सहकारी बैंकों के कर्ज को ही माफ करने के लिए अधिकृत होती है और राज्य में सहकारी बैंकों का किसान कर्ज कुल कृषि कर्ज का करीब 20 फीसदी यानी 10,000 करोड़ रुपये है. वाणिज्यिक बैंकों द्वारा दिया गया कर्ज राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र से बाहर है और अगर राज्य सरकार यह कर्ज भी माफ करना चाहती है तो उसे बजट में इसके लिए अतिरिक्त आवंटन करना होगा.
केंद्र से मदद मांग सकती है यूपी सरकार
एक अन्य प्रयास के तहत राज्य सरकार केन्द्र से सहयोग चाहती है. केंद्र अगर चाहे तो राज्य सरकार को आर्थिक मदद दे सकती है. सूत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश के आला अधिकारी इस मद में रकम दिए जाने के लिए केन्द्रीय वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के साथ जल्द बैठक भी कर सकते हैं. हालांकि अगर केंद्र यूपी को पैसा देता है, तो इसको देखते हुए दूसरे राज्य भी केन्द्र सरकार से मदद की मांग कर सकते हैं.
केंद्र से कर्ज लेने पर विचार
खबर आ रही है कि योगी सरकार केंद्र से कर्ज लेने पर विचार कर रही है. हालांकि इसमें सबसे बड़ा रोड़ा यह है कि प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के 3 प्रतिशत के बराबर कर्ज ले सकती है. ऐसे में सरकार चाहती है कि इस कर्ज को उस सीमा से बाहर रखा जाए, ताकि प्रदेश के विकास कार्यों पर असर न पड़े. कर्ज लेने पर राज्य सरकार को ब्याज का भी भुगतान करना पड़ेगा. ऐसी स्थिति में एक बड़ी चुनौती यह होगी कि कमाई का एक बड़ा हिस्सा ब्याज में ही चला जाएगा.



GST सबसे बड़ा आर्थिक सुधारः 17 साल बाद मोदी पूरा करेंगे वाजपेयी का सपना?
29 March 2017
देश का सबसे बड़ा आर्थिक सुधार बताए जा रहे गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स- GST के बारे में कम ही लोग जानते होंगे कि इसका विचार पहली बार 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के दौरान सामने आया था. अटल बिहारी वाजपेयी के इस सपने को अब मोदी सरकार पूरा करने जा रही है. यानी देशभर में टैक्स की एक समान व्यवस्था. संसद में मोदी सरकार ने इसे पारित कराने के लिए पूरा जोर लगा दिया है. देखते हैं इस विधेयक का पूरा सफरनामा-
लोकसभा में बुधवार को क्या बोले जेटली?
बुधवार को लोकसभा में जीएसटी पर चर्चा के दौरान वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि अभी तक कुछ टैक्स लगाने के अधिकार केंद्र और कुछ राज्यों के पास थे. लेकिन अब पूरे देश में एक ही टैक्स प्रणाली होगी. इसके आने से संसद और विधानसभाओं के पास गुड्स और सर्विसेज पर टैक्स लगाने का अधिकार होगा. जीएसटी काउंसिल में 32 राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हैं. जेटली ने कहा कि संविधान संशोधन के तहत जीएसटी के तहत पहले पांच साल में अगर किसी राज्य को कोई घाटा होगा तो उसके लिए भी व्यवस्था की जाएगी.
GST का 17 साल का सफर -
1. अटल युग में क्या हुआ?
GST की शुरुआत अटल बिहारी वाजपेयी के शासनकाल में हुई थी. जब उन्होंने 1999 में अपने आर्थिक सलाहकारों के साथ बुलाई बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की थी. इन सलाहकारों में आरबीआई के पूर्व गवर्नर आईजी पटेल, बिमल जालान और सी. रंगराजन शामिल थे. अब लोकसभा में चार विधेयकों के पेश होते ही यह बिल अपने अंतिम चरण में है. 17 साल पहले एनडीए की सरकार से हुई इसके सफर की शुरुआत अब एनडीए की सरकार में ही खत्म होने जा रही है.
2. कैसे बनी कमेटी?
अटल बिहारी वाजपेयी के साथ बैठक के बाद जीएसटी को लेकर एक कमेटी बनाई गई. यह कमेटी आईजी पटेल, बिमल जालान और सी. रंगराजन ने बनाई थी. इसकी कमान पश्चिम बंगाल के तत्कालीन वित्त मंत्री सीपीआई-एम नेता असिम दासगुप्ता को दी गई थी. इस कमेटी की जिम्मेदारी जीएसटी को लेकर एक मॉडल तैयार करना. उन्हें इसका पूरा मसौदा तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई. जिसके बाद वाजपेयी सरकार ने 2003 में विजय केलकर के नेतृत्व में टैक्स रिफॉर्म के लिए टास्क फोर्स बनाई थी.
3. जीएसटी को लेकर चिदंबरम ने क्या किया?
2004 में वाजपेयी सरकार के जाने के बाद मनमोहन सिंह की सरकार बनी. यूपीए-1 के शासन में इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया. 2005 में केलकर कमेटी ने 12वें वित्त आयोग के सुझाव पर जीएसटी को लागू करने की सिफारिश की. पी. चिदंबरम ने अपने अगले बजट को पेश करते वक्त जीएसटी को लागू करने की इच्छा भी जताई.
फरवरी 2006 में चिदंबरम ने जीएसटी को लागू करने के लिए 1 अप्रैल, 2010 की सीमा तय की. वहीं इस दौरान असिम दासगुप्ता की कमेटी इसको लेकर अपने मसौदे पर काम करती रही. चिदंबरम में अपने बजट भाषण में 1 अप्रैल, 2010 की डेडलाइन को बार-बार दोहराया. 4. GST को प्रणब मुखर्जी ने क्या दिया?
2009 में तत्कालीन वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने असिम दासगुप्ता कमेटी द्वारा प्रस्तावित जीएसटी का मूलभूत ढांचा तैयार होने की जानकारी दी. प्रणब ने भी अप्रैल 2010 को ही उसकी समय सीमा बताया. अब इस विधेयक को संसद से पारित होने के बाद राष्ट्रपति के रूप में प्रणब मुखर्जी को ही मंजूरी देना है.
5. कभी बीजेपी ने कैसे अटकाया था रोड़ा?
आज किसी भी कीमत पर जीएसटी को पारित कराने की कोशिश में जुटी बीजेपी ने कभी इसमें रोड़ा भी अटकाया था. भारतीय जनता पार्टी ने लगातार जीएसटी का विरोध किया है. बीजेपी ने प्रणब मुखर्जी द्वारा पेश किए गए जीएसटी के मूलभूत ढांचे का भी विरोध किया. बीजेपी शासित राज्य सरकारों ने इसका विरोध किया. फरवरी 2010 में वित्त मंत्रालय ने इसको मिशन मोड में लाने की कोशिश की. लेकिन राज्य सरकारों के विरोध के कारण जीएसटी अपनी सीमा 1 अप्रैल पर लागू नहीं हो सका. इस दौरान असिम दासगुप्ता कमेटी अपना काम करती रही उस दौरान उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि हम 2010 के आखिर तक इसका पूरा मसौदा तैयार कर देंगे, हमारा 80 प्रतिशत कार्य हो चुका है.
6. पार्लियामेंट में GST का सफर
सभी कोशिशों के बाद 2011 में सरकार ने जीएसटी लागू करने के लिए सदन में संविधान में संशोधन के लिए विधेयक पेश किया. लेकिन बीजेपी समेत कई विपक्षी पार्टियों ने इसका विरोध किया. जिसके बाद इसे स्टैंडिंग कमेटी के पास भेज दिया गया, इस कमेटी के अध्यक्ष यशवंत सिन्हा थे.
7. GST जब राजनीति में फंसा
जीएसटी को हर बार राजनीति का सामना करना पड़ा. बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद असिम दासगुप्ता ने कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया, बाद में उनकी जगह केरल के वित्त मंत्री केएम मनी ने ली. तो वहीं 2012 में बीजेपी ने स्टैंडिंग कमेटी में चर्चा के दौरान सरकार की शक्तियों का विरोध किया.
2012 में प्रणब मुखर्जी के राष्ट्रपति बनने के बाद चिदंबरम दोबारा वित्तमंत्री बने तो उन्होंने 31 दिसंबर, 2012 नई डेडलाइन घोषित की. फरवरी 2013 में अपने बजट भाषण के दौरान चिदंबरम ने ऐलान किया कि केंद्र सरकार जीएसटी लागू होने के बाद राज्यों को होने वाले घाटे पर 9000 करोड़ मुआवजे के तौर पर देगी.
मोदी ने भी किया था विरोध
जीएसटी संशोधन बिल के संसद में पेश होने पर गुजरात की तत्कालीन नरेंद्र मोदी सरकार ने इसका विरोध किया. गुजरात सरकार ने कहा कि जीएसटी के कारण उन्हें हर साल 14 हजार करोड़ रुपये का घाटा होगा.
8. मोदी के आने के बाद GST ऐसे आगे बढ़ा
2014 में नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने पर जीएसटी ने रफ्तार पकड़ी. जीएसटी को स्टैंडिंग कमेटी की ओर से मंजूरी मिल गई. वहीं सरकार गठन के 7 महीने बाद ही अरुण जेटली ने संसद में जीएसटी बिल पेश किया, और 1 अप्रैल 2016 को लागू करने की डेडलाइन बताई. लेकिन कांग्रेस ने इसका लगातार विरोध किया. इसके बावजूद मई 2015 में लोकसभा में संशोधन बिल पास किया गया. जिसके बाद कांग्रेस के विरोध पर जीएसटी बिल को राज्यसभा की स्टैंडिंग कमेटी में भेज दिया गया. पिछले एक साल से लगातार इसपर सत्ता और विपक्ष में बहस चल रही थी, जिसके बाद अगस्त 2016 में दोनों पक्षों की सहमति से संशोधन बिल को पास किया गया.
बिल पास होने के अगले 15 से 20 दिनों में ही 18 राज्यों में जीएसटी बिल पास हुआ और राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिली. सितंबर माह में राष्ट्रपति ने जीएसटी काउंसिल का गठन किया, जिसने जीएसटी के पांच सहयोगी बिलों को बनाया. अब फिर जीएसटी विधेयक संसद के सामने है और इस बार बीजेपी इसे हर कीमत पर पारित कराने में जुटी है. अटल सरकार के सपने को मोदी सरकार कितना पूरा कर पाएगी इसपर सबकी निगाहें हैं.



वाराणसी में शुरू हुआ दो दिवसीय G-20 आधिकारिक स्तर सम्मेलन
28 March 2017
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संसदीय सीट वाराणसी में आज से G-20 फ्रेमवर्क वर्किंग ग्रुप की दो दिवसीय बैठक शुरू हो गई है. इस महत्वपूर्ण बैठक में विकसित और विकासशील देशों के 80 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं. यहां तय हुए विकास के रोडमैप को जुलाई में जर्मनी के हैम्बर्ग शहर में होने वाले G-20 सम्मलेन में रखा जाएगा. G-20 की इस बैठक में वर्किंग ग्रुप के सदस्य देशों के वित्त मंत्रालय और केन्द्रीय बैंको के अधिकारी शामिल हैं.
बैठक का उद्घाटन वित्त मंत्रालय के सचिव शशिकांत दास ने किया. भारत और कनाडा इस बैठक की संयुक्त रूप से अध्यक्षता कर रहे हैं. भारत G-20 के आर्थिक फ्रेम वर्किंग ग्रुप (ऍफ़ डब्ल्यू जी) की बैठक की चौथी बार मेजबानी करने जा रहा है. इसके पहले यह साल 2012 में नीमराना, 2014 में गोवा, 2015 में केरल में हुआ और इस बार वाराणसी में हो रहा है. इस बैठक का एजेंडा ग्लोबल अर्थव्यवस्था को समावेशी बनाने पर केन्द्रित है.
इस सम्मलेन में सेंट्रल बैंक ऑफ अर्जेंटीना, बैंक ऑफ कनाडा, बैंक ऑफ इटली, बैंक ऑफ जापान, बैंक ऑफ रसिया, बैंक ऑफ कोरिया, बैंक ऑफ इंडोनेशिया ,साउथ अफ्रीका रिजर्व बैंक, बैंक आफ इंग्लैंड और स्विस नेशनल बैंक के अधिकारी मौजूद हैं. इस बैठक में ग्लोबल इकोनॉमी पर यानी आर्थिक चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी. इसके अलावा वाराणसी के जिलाधिकारी बताते हैं कि बनारस की संस्कृति को जानने-समझने के लिए विदेश से आये डेलीगेट्स गंगा घाट और सारनाथ भी जाएंगे.


J&K: आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान प्रदर्शनकारियों का पथराव, सुरक्षाबलों की फायरिंग में एक की मौत
28 March 2017
जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में मंगलवार को आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ में एक शख्स के मारे जाने और 8 के घायल होने की खबर है। बडगाम के चदूरा इलाके में 2 आतंकियों के छिपे होने की सूचना के बाद सुरक्षाबलों ने इस इलाके में सुबह में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। सुरक्षाबलों को इस मुठभेड़ में दो तरफ से चुनौती का सामना करना पड़ा। एक तरफ आतंकवादी थे, तो दूसरी तरफ आतंकियों से सहानुभूति रखने वाले पत्थरबाज लोग। ये लोग मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों की कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश करते रहे।
सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबल जैसे ही आतंकियों के छिपने के ठिकाने के पास पहुंचे, तो आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद दोनों तरफ से गोलीबारी शुरू हो गई। इस बीच कुछ स्थानीय लोगों ने आतंकियों के समर्थन में नारेबाजी और पथराव किया, जिसके बाद सुरक्षाबलों की फायरिंग में एक शख्स की मौत हो गई है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ वाली जगह पत्थरबाजी करने वाले लोग पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सुरक्षाबलों की कार्रवाई में एक व्यक्ति की मौत हो गई है। उन्होंने बताया कि एक प्रदर्शनकारी को गर्दन में गोली लगी और अस्पताल ले जाते वक्त उसकी रास्ते में ही मौत हो गई।
अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों को पेलेट गन और आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े, इसमें 4 प्रदर्शनकारी घायल हो गए।


ट्विटर पर फिसले, फिर फिसले दिग्विजय सिंह, इसलिए आ गए आलोचकों के निशाने पर
28 March 2017
नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी के महासचिव दिग्विजय सिंह अकसर अपने बयानों के चलते मीडिया की सुर्खियों में आ जाते हैं. सोशल मीडिया के दौर में ट्विटर फेसबुक के जरिए भी जहां खबरें बन रही हैं वहीं एक बार फिर दिग्विजय सिंह ने हेडलाइंस में जगह बनाई है. ट्विटर पर एक ट्वीट से दिग्विजय सिंह फिर अपने आलोचकों के निशाने पर आ गए.
अपने ट्विटर हैंडल पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह एक ट्वीट को लेकर चर्चा में आए हैं. दरअसल, उन्‍होंने एक वीडियो पर ट्विटर पर कुछ पोस्‍ट किया था. यह वीडियो कांग्रेस के पूर्व सांसद राजकुमारी रतना सिंह द्वारा बनाया गया गया था. इस वीडियो को विस्तार देने के लिए में उन्‍होंने जो लिखा, अब खबरों में छा गया है.
दिग्विजय सिंह ने इस वीडियो के नीचे लिखा था कि रतना सिंह जो की स्‍वर्गीय दिनेश सिंह की पुत्री हैं, पहले इंदिरा गांधी की केबिनेट में थीं और बाद में राहुल गांधी की भी केबिनेट में शामिल हुई थीं. (बता दें कि सोशल मीडिया पर चर्चा और हमलों के बाद दिग्विजय सिंह ने इस ट्वीट को डिलीट कर दिया और नया ट्वीट डाला है)
बता दें कि पहले वाले ट्वीट के कारण लोगों ने ट्विटर पर दिग्विजय सिंह पूछा था कि आखिर राहुल गांधी की कौन सी केबिनेट आज तक बनी है जिसमें राजकुमारी रतना सिंह को भी शामिल किया गया था.
सवाल यह भी है कि राहुल गांधी की आजतक कोई केबिनेट बनी ही नहीं है तो फिर दिग्विजय सिंह राहुल गांधी की किस कैबिनेट की बात कर रहे हैं. लोगों का सवाल यह भी था कि पार्टी के अंदर कोई केबिनेट होती नहीं, तो फिर आखिर यह कौन सी केबिनेट का जिक्र दिग्विजय सिंह अपने ट्विटर हैंडल पर की गई पोस्‍ट में किया है.
हकीकत यह थी कि दिग्विजय सिंह से लिखने में गलती हो गई थी, जो अकसर आम इंसान से हो जाती है. बता दें कि रानी रतना सिंह इंदिरा गांधी के बाद राजीव गांधी की केबिनेट का हिस्‍सा हुआ करती थीं. यहीं पर राजीव गांधी की जगह दिग्विजय सिंह राहुल गांधी लिख गए थे.



सीएम योगी ने गोमती रिवर फ्रंट अव्यस्था देख अधिकारियों को लगाई फटकार
27 March 2017
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद से ही उत्तर प्रदेश की काया पलट का खाका तैयार करने वाले मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी आज लखनऊ के सौंदर्यीकरण के कार्यों का जायजा लेंगे। इसी क्रम में वह गोमती रिवर फ्रंट का निरीक्षण करने पहुंचे। सीएम आदित्यनाथ योगी ने गोमती रिवर फ्रंट अव्यस्था देख अधिकारियों को लगाई फटकार। सीएम योगी ने गोमती मे नाले को गिरने से रोकने को कहा फिजुल खर्च पर नाराजगी जताई ।
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने गोमती रिवर फ्रंट का मुआयना करने के साथ ही गोमती नदी की सफाई का जायजा भी लिया। उन्होंने रिवर फ्रंट की मीटिंग में अधिकारियों और योजना से जुड़े लोगों की खूब क्लास लगाई। अधिकारियों से पूछा कि गोमती नदी का पानी इतना गंदा क्यों है। इसके लिए जिम्मेदार कौन है। उन्होंने कहा कि मुझे पता चला है कि रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट में छह किलोमीटर तक नदी को तीन मीटर गहराई में गहरा किया गया है, वह कहां है। क्या ये सिर्फ कागज पर किया गया। नदी से इतनी मिट्टी निकली तो फेंकी कहां गई। आप बताएं कि गोमती नदी को कितना गहरा किया गया। उन्होंने सख्त संदेश दिया है कि लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उनके साथ उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा के साथ आधा दर्जन कैबिनेट मंत्री भी थे। गोमती रिवर फ्रंट पर काम की प्रगति को लेकर बेहद गंभीर मुख्यमंत्री ने इस प्रोजेक्ट से जुड़े सभी अधिकारियों को तलब किया। उनके साथ वार्ता की और कार्य प्रगति की रिपोर्ट ली। इस प्रोजेक्ट से जुड़े सभी अधिकारी मौके पर जुटे। मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह, नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना के साथ कैबिनेट मंत्री डॉ. रीता बहुगुणा जोशी, आशुतोष टंडन, बृजेश पाठक तथा मुख्य सचिव राहुल भटनागर भी थे। गोमती रिवर फ्रंट पर मुख्यमंत्री के लिए बैठने के लिए एक पंडाल भी बनाया गया है। गोमती रिवर फ्रंट का निरीक्षण करने के लिए सीएम निर्धारित समय पर वीवीआइपी गेस्ट हाउस से निकले थे।
सीएम के गोमती रिवर फ्रंट के निरीक्षण को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था सख्त की गई। अखिलेश यादव सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट गोमती रिवर फ्रंट को भाजपा सरकार पूरा करेगी। आज मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी व सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने इसका निरीक्षण किया। इसके साथ ही प्रोजेक्ट में बदलाव व अन्य विकास कार्यो पर मुहर लगेगी। गुजरात के अहमदाबाद के साबरमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर अखिलेश सरकार ने गोमती नदी के तट पर रिवर फ्रंट बनाने की योजना तैयार की थी। तीन हजार करोड़ के इस प्रोजेक्ट पर आधी रकम खर्च हो चुकी है। प्रथम चरण का काम लगभग पूरा है। 8.1 किमी लंबे रिवर फ्रंट को लंदन के टेम्स नदी की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है।
रिवर फ्रंट प्रधानमंत्री पीएम नरेंद्र मोदी के प्राथमिकता वाले प्रोजेक्ट में से एक है। सीएम आदित्यनाथ योगी व सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने उसे हाथोंहाथ लिया। आज सीएम के साथ मंत्री टीम के साथ यहां दौरा करेंगे। माना जा रहा है कि निर्माण आदि में गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई भी हो सकती है और प्रोजेक्ट में बदलाव के भी आदेश दिए जा सकते हैं।
ये हैं सुविधाएं
कई बड़े लैंडस्केप बनाए जा रहे हैं। रंगीन फव्वारे शाम की सुंदरता बढ़ाएंगे। गोमती में नौकायन सबसे बड़ा आकर्षण होगा। कई घाट तैयार किए जा रहे। चार हजार से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। वेटलैंड बनाए जाएंगे। पक्षियों का रैन बसेरा। खेलकूद पार्क। फूड प्लाजा की एक सीरीज की स्थापना। गोमती फ्लावर शो होगा। 300 गाडिय़ों के लिए पार्किंग। झील का निर्माण। ट्रैक बनाए जाएंगे। साइकिलिंग व्यवस्था। 250 सीसीटीवी कैमरे।



कल्याणकारी स्कीमों का लाभ देने के लिए आधार को अनिवार्य नहीं बना सकती सरकार: सुप्रीम कोर्ट
27 March 2017
सरकार की कल्याणकारी योजनाओं में आधार की अनिवार्यता पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार अपनी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए आधार को अनिवार्य नहीं बना सकती है। कोर्ट के चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने कहा, “आधार सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए अनिवार्य नहीं है, लेकिन नॉन बेनिफिट (गैर-लाभकारी) योजनाओं के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।” सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आधार को जनहित स्कीम्स के लिए अनिवार्य नहीं किया जा सकता है। हमारा पिछला आदेश पूरी तरह से स्पष्ट था। गैर लाभकारी (जैसे- इनकम टैक्स, बैंक खाता खुलवाने) योजनाओं में आधार कार्ड को अनिवार्य किए जाने से सरकार को रोका नहीं जा सकता है। आधार को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के लिए सात सदस्यीय पीठ के गठन पर उन्होंने कहा कि फिलहाल यह संभंव नहीं है। इस मुद्दे पर समय के साथ सुनवाई की जाएगी।
हाल ही में सरकार ने 12 अंकों वाले आधार नंबर को बच्चों के लिए मिड डे मिल समेत करीब एक दर्जन योजनाओं के लिए अनिवार्य करने का फैसला किया था। इसमें स्टूडेंट्स को मिलने वाली स्कॉलरशिप भी शामिल थी, जिसमें बाद में छूट देने का फैसला किया गया। इसके अलावा पिछड़ी जाति और विकलांगों की योजनाओं के लिए भी आधार कार्ड जरुरी है। सुप्रीम कोर्ट अपने पहले के आदेश में भी कहा था कि लाभकारी योजनाओं के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य नहीं किया जा सकता है।
दरअसल, याचिका कर्ता ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक आधार कार्ड को अनिवार्य नहीं किया जा सकता है, लेकिन अब केंद्र सरकार इनकम टैक्स से जुड़ी योजनाओं में आधार कार्ड मांग रही है, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन है।
बिना आधार नहीं बन सकेगा डीएल!
ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बनवाने के लिए या फिर डीएल को रीन्यू करने के लिए भी आधार कार्ड देना अनिवार्य किया जा सकता है। एक ही नाम से कई लाइसेंस बनाने पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार राज्यों से नई डीएल और पुराने डीएल के रीन्यूवल में आधार से पहचान अनिवार्य करने को कहेगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे फर्जी डीएल बनाने के खेल को रोके जाने में मदद मिलेगी। आधार नंबर में मौजूद बॉयोमेट्रिक डिटेल्स के कारण इस तरह के मामले में रोका जा सकता है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक इस साल अक्टूबर से यह नियम लागू हो सकता है।



एयर इंडिया कर्मचारी को चप्पल से पीटने वाले शिवसेना सांसद रवींद्र गायकवाड को लेकर संसद में हंगामा
27 March 2017
एयर इंडिया के कर्मचारी को चप्पल से पीटने के बाद शिवसेना सांसद रवींद्र गायकवाड जहां एक ओर चौतरफा घिरते जा रहे हैं. वहीं उनकी पार्टी उनके समर्थन में उतर गयी है. लोकसभा में भी शिवसेना सांसद को लेकर आज भारी हंगामा हुआ.
लोकसभा में शिवसेना सांसद ने हंगामा करते हुए रवींद्र गायकवाड पर लगे बैन को हटाने की मांग की. इधर इस मामले पर नागर विमानन मंत्री ने आज कहा, ‘‘ मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि एक सांसद इस प्रकार की घटना में फंस जाएगा.' मंत्री ने कहा, हवाई यात्रा के दौरान सांसद भी किसी अन्य यात्रियों के समान होता है. हवाई यात्रा के दौरान सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं किया जा सकता है. एक सांसद को यात्रियों की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए.
संसद पहुंचे गायकवाड
संसद में शिवसेना सांसद रवींद्र गायकवाड पहुंचे तो काफी हंगामा होने लगा जिसके बाद लोकसभा अध्‍यक्ष सुमित्रा महाजन ने सभी को शांत कराया और कहा जो भी हुआ वो एक जनप्रतिनिधि की छवि के हिसाब से अच्‍छी नहीं है. आज शिवसेना सांसद गायकवाड के समर्थन में हंगामा करते हुए वेल तक पहुंच गये और नारेबाजी करने लगे.
एयरलाइंस पर बरसे सपा नेता नरेश अग्रवाल
समाजवादी पार्टी के सांसद नरेश यादव ने आज संसद में एयरलाइंस पर जमकर बरसे और कहा, जो भी हुआ उसका मैं र्सम‍थन नहीं करता, लेकिन जिस तरह से सभी एयरलाइंस सांसद रवींद्र को टिकट नहीं दे रही हैं, वो तरीका गलत है. उन्‍होंने कहा, वो इस तरह से किसी को एयरलाइंस में यात्रा करने से नहीं रोक सकते हैं.
शिवसेना ने उस्मानाबाद बंद का आह्वान किया
पिछले सप्ताह दिल्ली में एयर इंडिया के कर्मचारी से मारपीट करने वाले शिवसेना सांसद रवींद्र गायकवाड के समर्थकों ने उस्मानाबाद जिले में बंद का आह्वान किया है. गायकवाड के समर्थकों का मानना है कि इस घटना के चलते उनके नेता का ‘अपमान' हुआ है.
शिवसेना के जिला उपाध्यक्ष कमलाकर चव्हाण ने फोन पर बताया, ‘‘हमने विमानन सेवाओं द्वारा किए गए हमारे नेता के अपमान के खिलाफ उस्मानाबाद बंद का आह्वान किया है. इन विमानन सेवाओं ने उन्हें विमान में सफर करने का अधिकार देने से इनकार कर दिया.' चव्हाण ने कहा, ‘‘क्या वह एक आतंकी हैं, जो उन्हें सभी विमानन सेवाओं ने सफर करने देने से मना कर दिया.' उन्होंने कहा, ‘‘विमान में सवार एक विमान परिचारिका का बयान दिखाता है कि गलती गायकवाड की नहीं थी.'
चव्हाण ने कहा, ‘‘कल गुडी पडवा है. इसे ध्यान में रखते हुए हमने सभी व्यापारियों से कहा है कि वे आज सिर्फ दोपहर चार बजे तक दुकानें बंद रखें ताकि लोग त्योहार की खरीददारी कर सकें.' इसी बीच गायकवाड ने अपनी मौजूदा स्थिति की जानकारी देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपको नहीं बता सकता कि अभी मैं कहां हूं. मैं अपने परिवार के सदस्यों के साथ हूं और बुधवार सुबह संसद में लौटने से पहले मैं उनके साथ गुडी पडवा मनाउंगा.' उस्मानाबाद के सांसद ने कहा कि वह अपनी पार्टी के निर्देशों पर चुप्पी साधे हुए हैं. उन्होंने कहा, ‘‘मुझसे चुप रहने के लिए कहा गया है.'



शहीदी दिवस: भगत सिंह के ऐतिहासिक पिस्टल की दास्तान
23 March 2017
इंदौर: बीएसएफ का इंदौर स्थित केंद्रीय आयुध और युद्ध कौशल विद्यालय (सीएसडब्ल्यूटी) शहीद क्रांतिकारी भगतसिंह की ऐतिहासिक महत्व की पिस्तौल को अपने नये हथियार संग्रहालय में खास तौर प्रदर्शित करने की योजना पर आगे बढ़ रहा है. यह वही पिस्तौल है जिसका इस्तेमाल करीब नौ दशक पहले तत्कालीन ब्रिटिश पुलिस अफसर जेपी सॉन्डर्स के वध में किया गया था.
नये संग्रहालय में रखी जाएगी पिस्टल
सीएसडब्ल्यूटी के महानिरीक्षक (आईजी) पंकज गूमर ने को बताया, ‘सांडर्स वध में इस्तेमाल भगतसिंह की पिस्तौल फिलहाल हमारे पुराने शस्त्र संग्रहालय में अन्य हथियारों के साथ प्रदर्शित की गयी है. लेकिन शहीदे-आजम के ऐतिहासिक हथियार को विशेष सम्मान देने के लिये हमारी योजना है कि इसे हमारे नये शस्त्र संग्रहालय में खासतौर पर प्रदर्शित किया जाये. हमारा नये संग्रहालय के अगले दो-तीन महीने में बनकर तैयार होने की उम्मीद है.’ उन्होंने योजना के हवाले से बताया कि बीएसएफ के नये शस्त्र संग्रहालय में भगतसिंह की पिस्तौल को प्रदर्शित करने के साथ ‘शहीदे-आजम’ की जीवन गाथा भी दर्शायी जायेगी, ताकि आम लोग देश की आजादी में उनके अमूल्य योगदान से अच्छी तरह परिचित हो सकें.
कोल्ट्स कंपनी ने बनाई थी पिस्टल
गूमर ने बताया कि .32 एमएम की यह सेमी ऑटोमेटिक पिस्तौल अमेरिकी हथियार निर्माता कम्पनी कोल्ट्स ने बनायी थी. इस पिस्तौल को सात अक्तूबर 1969 को सात अन्य हथियारों के साथ पंजाब की फिल्लौर स्थित पुलिस अकादमी से बीएसएफ के इंदौर स्थित सीएसडब्ल्यूटी भेज दिया गया था. इस पिस्तौल को दूसरे हथियारों के साथ बीएसएफ के शस्त्र संग्रहालय में रख दिया गया था. उन्होंने बताया कि भगत सिंह की विरासत को लेकर शोध कर रहे एक दल ने इस पिस्तौल के बारे में बीएसएफ के सीएसडब्ल्यूटी कार्यालय को पिछले साल सूचित किया. जब संबंधित ऐतिहासिक दस्तावेजों के आधार पर रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की गयी तो आखिरकार तसदीक हो गयी कि यह भगतसिंह के कब्जे से बरामद वही पिस्तौल है जिसका इस्तेमाल सांडर्स वध में किया गया था.
सांडर्स का वध लाहौर में 17 दिसंबर 1928 को हुआ था
गूमर ने कहा कि इस पिस्तौल को संभवत: ब्रिटिश राज में ही लाहौर से पंजाब की फिल्लौर स्थित पुलिस अकादमी भेज दिया गया था. सांडर्स का वध लाहौर में 17 दिसंबर 1928 को गोली मारकर किया गया था. ‘लाहौर षड़यंत्र कांड’ के नाम से मशहूर मामले में भगतसिंह और दो अन्य क्रांतिकारियों शिवराम हरि राजगुर और सुखदेव थापर को दोषी करार देते हुए मृत्युदंड सुनाया गया था. तीनों क्रांतिकारियों को तत्कालीन लाहौर सेंट्रल जेल के शादमां चौक में 23 मार्च 1931 को फांसी पर लटकाया गया था.



मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला, पिछड़ा वर्ग आयोग को मिलेगा संवैधानिक दर्जा
23 March 2017
नई दिल्ली: मोदी सरकार की कैबिनेट ने बड़ा फैसला किया है. राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की जगह अब एक नया आयोग बनेगा, जिसे संवैधानिक. ये आयोग सामाजिक और शैक्षणिक तौर पर पिछड़े लोगों के लिए काम करेगा. अब ओबीसी में नई जातियों को शामिल करने के लिए संसद की इजाजत लेनी होगी.
पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के लिए सरकार संविधान में संशोधन भी करेगी. अब तक ये फैसला सरकार के स्तर पर ही होता रहा है. माना जा रहा है कि सरकार ने ये बड़ा फैसला जाट आरक्षण की मांग के मद्देनज़र किया है.
सरकार की तरफ से ये फैसला लेनी को दो बड़ी वजह सामने निकल कर आ रही हैं. पहली बड़ी वजह जाट आरक्षण को लेकर है. जाट नेताओं और हरियाणा सरकार के बीच जो बातचीत हुई थी, उसमें पहली शर्त थी कि पहले पिछड़ा वर्ग आयोग का नए सिरे से गठन हो, क्योंकि, इसका कार्यकाल खत्म हो गया है.
सरकार इस नए आयोग को बनाकर उसे संवैधानिक दर्जा देगी. जबकि पिछले कानून को संसद से कानून पारित करके बनाया गया था. मौजूदा राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग वैधानिक संस्था है. जिसके तहत अबतक सरकार के स्तर पर ही ऐसे फैसले होते रहे हैं.
इसके लिए सरकार एक कमेटी का गठन करेगी जो नए आयोग की दशा और दिशा को लेकर छह महीने के अंदर सरकार को एक रिपोर्ट सौंपेगी. इस रिपोर्ट में जाटों के सामाजिक और आर्थिक पिछड़ेपन के बारे जिक्र होगा. सरकार के सूत्रों का कहना है कि इस रिपोर्ट के बाद ही जाटों को पुख्ता तौर पर आरक्षण दिया जाएगा.



नाश्ते पर बुलाकर PM मोदी ने यूपी के BJP सांसदों को दी सलाह- ट्रांसफर-पोस्टिंग से दूर रहेंं
23 March 2017
यूपी के बीजेपी सांसदों के साथ ब्रेकफास्ट मीटिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विधानसभा चुनावों में की गई उनकी मेहनत की तारीफ की और साथ ही इसी तरह मेहनत आगे भी जारी रखने का निर्देश दिया. यूपी चुनाव में पार्टी की बंपर जीत के बाद पीएम ने यूपी से आने वाले पार्टी के सांसदों को नाश्ते पर बुलाया था.
'गलत काम करने वाले अधिकारी नतीजे भुगतेंगे'
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने इसके साथ ही इन्हें पुलिस और दूसरे अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग से दूर रहने की सलाह दी. उन्होंने इन सांसदों से कहा कि जो अधिकारी गलत काम करेगा वह परिणाम भुगतेगा. आप उन पर ना बनाएं. सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने सांसदों को ताकीद की कि सुशासन ही उनका मूल मंत्र रहेगा, भले ही विपक्षी पार्टियों को भी इसका फायदा मिले.
सांसदों को बुलाया था नाश्ते पर
बता दें कि यूपी में मिली बंपर जीत से खुश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश के इन सांसदों को नाश्ते पर बुलाया था. प्रधानमंत्री की तरफ से यह एक तरह से यूपी के उन सभी सांसदों का सम्मान होगा, जिन्होंने बीजेपी की जीत के लिए अपना जी-जान लगा दिया था.
हालांकि संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने यूपी जीत के लिए सम्मान भोज की खबरों की खारिज किया है. अनंत कुमार का कहना है कि यूपी के सांसदों और मंत्रियों के साथ पीएम मोदी की बैठक अनौपचारिक थी. प्रधानमंत्री हर सत्र के दौरान अक्सर इसी तरह से सांसदों से मिलते हैं, जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष भी शामिल होते हैं.
यूपी में बीजेपी को मिली बंपर जीत
गौरतलब है कि बीजेपी ने अपने मिशन 300 प्लस के तहत कई केंद्रीय मंत्रियों और यूपी के सांसदों को पूरी तरह से झोंक दिया था. खासकर सांसदों को यह लक्ष्य दिया गया था कि वे अपने इलाके में ज्यादा से ज्यादा सीटों पर बीजेपी कैंडिडेट की जीत सुनिश्चित करें. यूपी के सभी बीजेपी सांसदों ने अपने इलाकों में सभी कैंडिडेट को जिताने के लिए जी तोड़ मेहनत की और उसका नतीजा सामने है.
यूपी के 9 मंत्रियों का 100% स्ट्राइक रेट
यूपी चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके 9 मंत्रियों के संसदीय क्षेत्र में बीजेपी का 100% स्ट्राइक रेट रहा है. प्रधानमंत्री मोदी के कैबिनेट मंत्री राजनाथ सिंह, मेनका गांधी और उमा भारती तथा राज्यमंत्री नरेंद्र नाथ पाण्डेय, महेश शर्मा, साध्वी निरंजन ज्योति, संजीव बालयान, संतोष गंगवार और अनुप्रिया पटेल के क्षेत्र की सभी विधानसभा सीटों पर बीजेपी ने जीत का परचम लहराया. सांसदों की इस मेहनत से खुश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें अब अपने साथ नाश्ते पर आमंत्रित किया है.
भारतीय जनता पार्टी के द्वारा दर्ज की गई उत्तर प्रदेश चुनावों में प्रचंड जीत दुनिया भर में चर्चा का विषय बनी हुई है. बीजेपी ने करीब 70 प्रतिशत सीटों पर अपना कब्जा किया है, बीजेपी गठबंधन 403 सीटों में से कुल 325 पर काबिज है. बीजेपी की यह जीत इसलिये भी खास हो जाती है, क्योंकि उसके कई विधायक काफी बड़े अंतर से जीते हैं.
2012 के चुनावों में जहां सिर्फ 12 सीटों पर बीजेपी के विधायक 20,000 वोटों के अधिक अंतर से जीते थे, लेकिन इस बार यह आंकड़ा 224 विधायकों (बीजेपी गठबंधन) तक जा पहुंचा. जो साफ दर्शाता है कि वाकई बीजेपी की जीत काफी बड़ी और एकतरफा है.



मिल बैठकर विवाद सुलझाने पर अयोध्या में धमगुरुओं की ये है राय
22 March 2017
सुप्रीम कोर्ट के द्वारा राम मंदिर मामले को कोर्ट के बाहर ही बातचीत से सुलझाने का निर्देश देने के बाद एक बार फिर यह मुद्दा राजनीति के केंद्र में आ गया है. कोर्ट ने कहा है कि अगर बातचीत से हल नहीं निकलता है तो कोर्ट मध्यस्थता के लिए तैयार है. कोर्ट के इस फैसले पर अयोध्या के साधु संतों ने खुशी जताई है और उन्होंने कहा है कि दूसरे पक्ष से बातचीत करने को तैयार हैं.
फैसले पर क्या बोले संत?
धर्मगुरू वेदांती जी ने इस मुद्दे पर कहा कि पहले भी कोर्ट से बाहर बातचीत कर मामले को सुलझाने की कोशिश की गई है, लेकिन इस पर सफलता नहीं पाई जा सकी. लेकिन बाबरी मस्जिद कमेटी ने उसी स्थान पर बाबरी मस्जिद बनाने की बात की थी, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता था. संतों के अनुसार, जहां पर राम लला का जन्म हुआ है, मंदिर वहीं बनना चाहिए. एक बार फिर से मिले मौका
वहीं संत सुरेश दास का कहना है कि पहले भी बातचीत से हल नहीं निकला है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के कहने के बाद एक बार फिर से मौका देना चाहिए. अगर बातचीत से हल नहीं निकलता है तो कोर्ट जाने के सिवाय कोई रास्ता नहीं होगा. उन्होंने कहा कि केंद्र में भी बीजेपी की सरकार है, राज्यसभा में भी बहुमत है और अब राज्य में भी बीजेपी की सरकार है अगर ये चाहें तो कानून बनाकर मंदिर का निर्माण किया जा सकता है.
मानवता का संदेश जाएगा
वहीं अयोध्या में धर्मगुरू राजेंद्र दास ने कहा कि राम मंदिर के निर्माण से संपूर्ण विश्व में मानवता का संदेश जाएगा. उन्होंने कहा कि अच्छा होता कि आम सहमति से इस मुद्दे का हल निकलता, सभी लोगों को एकसाथ मिल बैठकर सुलझाना चाहिए. धर्मगुरू बोले कि उम्मीद है कि मुस्लिम वर्ग के लोग भी इस मुद्दे पर उदारता दिखाते हुए मुद्दे का हल निकालने में मदद करेंगे.
हिंदू संगठनों ने भी किया स्वागत
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का सभी हिंदू संगठनों ने भी स्वागत किया है. विश्व हिंदू परिषद ने कहा कि इस मुद्दे पर दोनों पक्षों को आगे बढ़ कर बात करनी चाहिए.
मानेंगे धर्म संसद की बात
वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दत्तात्रेय होसबोले ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद कहा था कि इसको लेकर धर्मसंसद जो भी फैसला करेगी वह उन्हें मंजूर होगा.
गौरतलब है कि मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर मसले पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि दोनों पक्ष कोर्ट के बाहर ही आपस में बातचीत के द्वारा इस मुद्दे को सुलझा लें, अगर जरुरत पड़ती है तो कोर्ट मामले में दखल देगा. वहीं यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि यूपी सरकार इस मुद्दे पर हर संभव मदद देने के लिए तैयार है.



यूपी में अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई, कहीं चला बुलडोजर तो कहीं सील किए गए बूचड़खानें
22 March 2017
लखनऊ: आदित्यनाथ योगी के सत्ता संभालने के साथ ही प्रशासन हरकत में दिख रहा है. यूपी में कई जगह बूचड़खानों पर छापे पड़ रहे हैं. मेरठ में तो एक अवैध बूचड़खाने पर बुलडोजर चला दिया गया है. फिलहाल ये बूचड़खाने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर बंद हो रहे हैं.
मेरठ
बुलडोजर के जरिए मेरठ इलाके के अवैध बूचड़खाने की जमीन में गड्ढ़ा किया गया और फिर काट कर रखा गया सारा गोश्त दफन कर दिया गया.
गाजियाबाद
दिल्ली से सटे गाजियाबाद में प्रशासन ने ना सिर्फ अवैध बूचड़खाने बंद कराए बल्कि इलाके में मीट की दुकानों पर भी कार्रवाई की.
अलीगढ़
अलीगढ़ के कमेला रोड पर अवैध तरीके से चलने वाले बूचड़खानों पर भी छापा मारा गया. अवैध रूप से चल रहे एक बूचड़खाने को सील भी किया गया.
कुशीनगर
गोरखपुर से लगे कुशीनगर के पडरौना के बसहियां बनवीरपुर में भी अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई हुई. छापेमारी से पहले ही बूचड़खानों के मालिक फरार हो गए लेकिन प्रशासन ने उनकी दुकानें बंद कर दी.
वाराणसी
वाराणसी के जैतपुरा के कमलगड़हा में भी बूचड़खाने पर कार्रवाई हुई. एनजीटी ने 2012 में ही इस बूचड़खाने को बंद करने का आदेश दिया था. यहां अवैध रूप से पशुओं को लाने और बाहर ले जाने का कारोबार चल रहा था. पुलिस ने सत्तर के करीब पशुओं को छुड़ाया और बूचड़खाने को सील कर दिया. बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में वादा किय था कि अवैध यांत्रिक बूचड़खाने बंद किए जाएंगे. हालांकि हाथ से कटाई पर ऐसा वादा नहीं है.
यूपी में करीब चालीस यांत्रिक बूचड़खाने हैं जबकि 316 अवैध बूचड़खाने हैं. समझा जा रहा है कि यूपी सरकार इस बारे में विधानसभा में कानून पास करेगी लेकिन उससे पहले आदित्यनाथ योगी अध्यादेश लाकर अवैध बूचड़खानों को बंद करने का आदेश जारी कर सकते हैं.



दिल्ली नगर निगम चुनाव : AAP यूं पहुंचा रही है अरविंद केजरीवाल का संदेश'
22 March 2017
नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम चुनाव की 272 सीटों के लिए आम आदमी पार्टी 261 उम्मीदवारों के नाम घोषित कर चुकी है. ऐसे उनका प्रचार अभियान जोरों पर है. आम आदमी पार्टी प्रोजेक्टर के जरिए रोजाना अरविंद केजरीवाल के संदेश का करीब 2700 शो दिल्ली भर में कर रही है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का संदेश दिल्ली की हर गली, नुक्कड़ और चौराहे के लोगों तक पहुंचाया जा रहा है. हर कोने में आप के मुखिया का खुद पहुंचना तो मुमकिन नहीं लिहाजा तकनीक के दम पर उनका रिकॉर्डेड संदेश का शो प्रोजेक्टर के जरिए हर वार्ड में चलाया जा रहा है जिसमें अरविंद केजरीवाल कांग्रेस और बीजेपी मुक्त दिल्ली की बात कर रहे हैं. साथ ही दिल्ली में किए गए अपने काम का ब्योरा दे रहे हैं - मोहल्ले की साफ सफाई से आप खुश हैं? दिल्ली की सफाई से आप खुश हैं? चारों तरफ कूड़ा ही कूड़ा है. मुझे तो शर्म आती है दिल्ली को देश की राजधानी कहने में.
आम आदमी पार्टी के दिल्ली संयोजक दिलीप पांडे के मुताबिक - हर वार्ड में कम से कम तीन प्रोजेक्टर शो और हर दिन हर वार्ड 10 शो चल रहे हैं. इस हिसाब से अगर देखा जाए तो मसलन 2700 शो हर दिन दिल्ली के अंदर हो रहे हैं. करीब आधे घंटे का यह शो शाम 7 से 10 बजे के बीच कहीं ई रिक्शा में तो कहीं गाड़ी के पीछे रखे प्रोजेक्टर के जरिए घूम घूमकर लोगों के बीच पहुंच रहा है.



राम मंदिर निर्माण पर सीएम योगी का आया बड़ा बयान
21 March 2017
लखनऊ: अयोध्या में मंदिर निर्माण की वकालत करने वाले आदित्यनाथ योगी के यूपी की कमान संभालते ही इस प्रकरण पर सुप्रीम कोर्ट ने अहम पहल की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस विवाद का हल आपसी सहमति से हो, जरूरत पड़ने पर ही वह इस मसले पर दखल देगा। वहीं सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए यूपी के सीएम आदित्यनाथ योगी ने कहा कि वे सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का सम्मान करते हैं। इस मामले में दोनों पक्षों को आगे आकर इस विवाद के शांतिपूर्ण हल पर चर्चा करनी चाहिए।
ओवैसी ने जताई सहमति
मामले में फैसला आने के बाद एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट किया कि मुझे उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट अवमानना याचिका पर भी फैसला सुनाएगा, जो 1992 में बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के समय से लंबित है। इसके अलावा कई अन्य मुस्लिम धर्मगुरुओं ने कहा है कि वे मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को स्वीकार करेंगे।
क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने
सुप्रीम कोर्ट ने राम-मंदिर विवाद पर कहा है कि ये मुद्दा दोनों पक्षों को आपसी सहमति से सुलझाना चाहिए। इसके अलावा ज़रूरत पड़ने पर कोर्ट दख़ल देगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अयोध्या विवाद सुलझाने के लिए अन्य विकल्पों पर भी विचार कर सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस मामले में किसी जज को मध्यस्थ के रूप में नियुक्त कर सकता है। बताते चलें कि इलाहबाद हाईकोर्ट ने अयोध्या में विवादित ज़मीन को राम जन्मभूमि माना था। हाईकोर्ट ने ज़मीन को रामलला, निर्मोही अखाड़ा, सुन्नी बोर्ड को देने को कहा था। आउट ऑफ कोर्ट सेटलमेंट मंजूर नहीं है: जफरयाब जिलानी
वहींबाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक और बाबरी मस्जिद के लिए केस लड़ रहे वकील जफरयाब जिलानी ने कहा कि हम माननीय सुप्रीम कोर्ट के इस सुझाव का स्वागत करते हैं, लेकिन हमें कोई आउट ऑफ कोर्ट सेटलमेंट मंजूर नहीं है. पात्रा ने कहा कि पार्टी इस पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का व्यापक अध्ययन करेगी और संबंधित पक्ष इसको मिलकर सुलझाएंगे.



कांग्रेस नेता ने कहा- राहुल अगर नेतृत्व नहीं करना चाहते तो हट जाएं
21 March 2017
केरल में युवा कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से कहा है कि अगर वह आगे रह कर पार्टी की अगुवाई नहीं करना चाहते हैं तो उन्हें ‘हट’ जाना चाहिए.
एक फेसबुक पोस्ट में राज्य युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष सीआर महेश ने कहा, ‘अगर राहुल को आगे रह कर पार्टी की अगुवाई करने में दिलचस्पी नहीं है तो उन्हें हट जाना चाहिए.’ महेश ने कहा, ‘आपको अपनी आखें खुली रखनी चाहिए और देखना चाहिए कि पूरे देश में फैली राजनीतिक पार्टी की जड़ें अब उखड़ रही हैं.’उन्होंने कहा कि केरल छात्र संघ के समर्थन से एक राष्ट्रीय नेता बनने वाले सीडब्ल्यूसी के सदस्य एके एंटनी नई दिल्ली में लगातार एक ‘मौनी बाबा’ बने हुए हैं.
पूर्व में केपीसीसी अध्यक्ष वी एम सुधीरन के इस्तीफे का हवाला देते हुए महेश ने कहा कि केपीसीसी पिछले दो सप्ताह से ऐसे समय में नेतृत्वविहीन है, जब राज्य में माकपा की अगुवाई वाली एलडीएफ सरकार के खिलाफ लोगों का अभियान चल रहा है. महेश ने कहा कि राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर कांग्रेस ‘गंभीर संकट’ का सामना कर रही है लेकिन नेतृत्व मूकदर्शक बना हुआ है.



लोकसभा में बोले योगी आदित्यनाथ- PM के सपनों का प्रदेश होगा उत्तर प्रदेश
21 March 2017
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ मंगलवार को पहली बार संसद पहुंचे. इस दौरान उन्होंने कहा कि दुनिया में कहीं भी जहां चुनाव हुए हैं लोग मोदी को सीएम के तौर पर सामने रखते हैं. लोग भारत से विकास का ढांचा देखने और समझना चाहते हैं. योगी ने लोकसभा में बोलते हुए कहा कि मैं पीएम और अपनी पार्टी का आभारी हूं.
लोगों के भरोसे पर खरी उतरी केंद्र सरकार
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि केंद्र सरकार लोगों के भरोसे पर खरी उतरी है. पिछले 3 वर्षों में केंद्र सरकार ने काफी अच्छा काम किया है. मोदी सरकार ने विकास का ढांचे को आगे बढ़ाया है. उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री ने देश की अर्थव्यवस्था में जान फूंकी है, दुनियाभर में देश का सम्मान बढ़ा है. मोदी सरकार गरीबों के लिए समर्पित है
युवाओं के लिए केंद्र ने किया काम
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश के युवाओं के लिए कई प्रकार की योजना केंद्र सरकार लेकर आई. 2014 में सरकार के सामने विपरीत परिस्थितियां थीं, केंद्र का राजकीय घाटा 8.9 फीसदी, राजस्व घाटा 2.8 प्रतिशत, मुद्रास्फीति की दर उन हालातों में मोदी जी ने सत्ता संभाली थी. पिछले तीन साल के दौरान इस सरकार ने देश की विकास दर को 8 से 8.5 ले जाने में सफलता प्राप्त की है. ये दुनिया के लिए कौतुहल का विषय है. विमुद्रीकरण की घटना पर दुनिया देखना चाहती थी इसके परिणाम क्या होंगे, फिर भी विकास दर 7.8 से ऊपर जा रही है. मैं इसके लिए वित्त मंत्री का भी अभिनंदन करता हूं.
पूर्वी यूपी की हमेशा रखी बात
इस देश का पूर्वी भारत हमेशा से ही उपेक्षित था. मैं 1998 से लगातार गोरखपुर से सदन में पहुंचा. उन्होंने कहा कि 2019 से पहले गोरखपुर का फर्टिलाइजर शुरू होगा. इस सदन में हमेशा पूर्वी उत्तर प्रदेश की बात रखी. उन्होंने कहा कि बीमारी के कारण अधिकतर मरने वाले बच्चे अल्पसंख्यक और दलित समुदाय से थे, पीएम मोदी ने गोरखपुर में एम्स दिया. अटल बिहारी वाजपेयी ने फोरलेन और अच्छी सड़कों का मॉडल इस देश को दिया.
केंद्र के पैसे नहीं खर्च पाया यूपी
केंद्र की मोदी सरकार ने ढाई लाख करोड़ रुपये दिये. लेकिन पूरे पैसे खर्च नहीं हो पाये. विकास विरोधी लोगों के लिए यूपी का जनादेश तमाचा है. यूपी में सबका साथ, सबका विकास के एजेंडे पर काम करेगी सरकार. ये सरकार सभी जाति और धर्मों के लोगों के लिए काम करेगी. जब पहली बार यहां पर आया तो गोरखपुर की छवि काफी खराब थी. मैंने सासंद के तौर पर गोरखपुर में काम किया, और अब गोरखपुर की छवि बदली है.
सुनाया ये किस्सा
जब पहली बार इस सदन में आया था, उस वक्त में 26 साल का था, मैं बहुत पतला था. जब यहां आता था, (स्पीकर- अभी भी बहुत मोटे नहीं हैं). जब यहां उवर्कर और रसायन मंत्री आधा घंटा घूरते रहे, पूछा गोरखपुर से आए हैं, तीन बार पूछा. मैंने उनसे पूछा आप ऐसा क्यों बोल रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि वहां रैली के लिए गया और बम चलने लगा तो फिर मैं चला गया. गोरखपुर के बारे में ये सुन कर धक्का लगा.
गोरखपुर की छवि सुधारी
छवि सुधारने के लिए मैंने वहां कारोबारियों, लोगों से बात की. जो बातें गोरखपुर के बारे में सुनने को मिलती थी पर वहां एक भी व्यापारी को गुंडा टैक्स नहीं देने दिया. पांच साल में यूपी में 403 दंगे हुए पर हमारे यहां नहीं हुआ. यूपी में भी ऐसा ही होगा और इस पर किसी को संदेह नहीं होना चाहिए.
राहुल से छोटा, अखिलेश
मैं आदरणीय राहुल जी से एक साल छोटा हूं. खड़गे जी, राहुल से एक साल छोटा हूं, उम्र में अखिलेश से एक साल बड़ा हूं. दोनों की जोड़ी के बीच में मैं जो आ गया, ये आपकी विफलता का बड़ा कारण हो सकता है. आपको यूपी आने के लिए आमंत्रित करता हूं. आने वाले समय में यूपी दंगा मुक्त, गुंडागर्दी मुक्त प्रदेश बनेगा. मैं सभी सासंदों को यूपी में आने के लिए आमंत्रित करता हूं
खड़गे ने आपत्ति जताई
कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि एक बार अधिकार में आए हैं, वहां के सीएम बने हैं, आपको बधाई पर आप इस स्टैंडर्ड को मेंटेन करो. उस कुर्सी की गरिमा रखकर आगे चलो.



भारत-PAK के बीच सिंधु वाटर कमीशन की मीटिंग आज, 6 महीने बाद होगी बात
20 March 2017
नई दिल्ली/इस्लामाबाद: परमानेंट इंडस कमीशन यानी स्थायी सिंधु आयोग (PIC) की मीटिंग सोमवार को इस्लामाबाद में शुरू होगी। 1960 में बने इस कमीशन की यह 113वीं मीटिंग है, जो 2 दिन चलेगी। इसमें 10 मेंबर्स का एक भारतीय डेलिगेशन हिस्सा लेगा। डेलिगेशन रविवार को ही इस्लामाबाद पहुंच गया। मीटिंग में भारत और पाकिस्तान के बीच 57 साल पुराने सिंधु जल समझौते (IWT) से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर बातचीत होगी। हालांकि, सोर्सेस के मुताबिक नई दिल्ली ने इससे पहले ही यह क्लियर कर दिया है कि भारत इस करार के तहत मिले अधिकारों पर कोई समझौता नहीं करेगा। बता दें कि उड़ी आतंकी हमले के करीब 6 महीने बाद दोनों देशों के बीच सरकार के लेवल पर बातचीत होगी।
- न्यूज एजेंसी के मुताबिक, भारतीय डेलिगेशन में इंडस वाटर कमिश्नर पीके सक्सेना, फॉरेन मिनिस्ट्री के ऑफिशियल्स और टेक्निकल एक्सपर्ट्स शामिल हैं।
- पाकिस्तान की तरफ से बातचीत इंडस वाटर कमिश्नर मिर्जा आसिफ सईद की अगुआई में होगी। इसके अलावा वाटर एंड पावर मिनिस्ट्री के ऑफिशियल्स के साथ ही अन्य एक्सपर्ट्स भी हिस्सा लेंगे।
- PIC की पिछली मीटिंग मई 2015 में नई दिल्ली में हुई थी। सितंबर 2016 में होने वाली मीटिंग उड़ी हमले के चलते पैदा हुए तनाव के कारण कैंसल कर दी गई थी।
मीटिंग के एजेंडे में 3 प्रोजेक्ट्स
- मीटिंग में पाकिस्तान भारत के 3 हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स का मुद्दा उठाएगा, जिन पर वह पहले एतराज जता चुका है। इनमें सिंधु नदी बेसिन के पाकल दुल (1000 MW), मियार (120 MW) और लोअर कालनई (48 MW) प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
- जम्मू-कश्मीर के पाकल दुल प्रोजेक्ट पर भारत के 7,464 करोड़ रुपए (नंवबर 2008 में तय कॉस्ट) और लोअर कालनई प्रोजेक्ट पर 396 करोड़ रुपए खर्च होंगे। हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति जिले के मियार प्रोजेक्ट की अनुमानित कॉस्ट 1,125 करोड़ रुपए है।
पाक का क्या है एतराज?
- पाक का कहना है कि ये प्रोजेक्ट्स IWT का वॉयलेशन हैं। इनसे पाक को मिलने वाले पानी में दिक्कत पैदा होगी।
- इंडियन गवर्नमेंट के सोर्सेस ने कहा, "भारत ने हमेशा पाकिस्तान से बातचीत का रास्ता खुला रखा है। हम IWT के तहत चल रहे प्रोजेक्ट्स पर पाकिस्तान की चिंताओं को दूर करेंगे, लेकिन अपने हितों से कोई समझौता नहीं करेंगे।"
उड़ी-2, चुटक हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स पर सफल रही थी बातचीत
- इंडियन गवर्नमेंट के सोर्सेस के मुताबिक, 7 साल पहले उड़ी-2 और चुटक हाइड्रो प्रोजेक्ट्स पर पाकिस्तान की चिंताओं को उसके साथ बातचीत के जरिए ही दूर किया गया था।
- पाकिस्तान ने बारामुला के 240 MW वाले उड़ी-2 और करगिल के 44 MW के चुटक प्रोजेक्ट्स पर एतराज जताया था और कहा था कि इससे समझौते के तहत पाकिस्तान को मिलने वाले पानी में दिक्कत पैदा होगी। हालांकि, मई 2010 में हुई बातचीत के बाद पाकिस्तान ने अपने एतराज वापस ले लिए थे। भारत ने कहा था कि वह उसे इस बारे में डिटेल जानकारी मुहैया कराएगा।



CM बनते ही एक्शन में आए योगी आदित्यनाथ, लखनऊ में ताबड़तोड़ बैठकों का दौर जारी
20 March 2017
लखनऊ: यूपी के नए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शपथ ग्रहण के बाद से ही एक्शन मोड में आ चुके हैं। योगी ने कार्यभार संभालने के बाद मंत्रियों से मुलाकात की और सोमवार सुबह प्रदेश के डीजीपी और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ लगातार बैठकों का दौर जारी है। योगी ने प्रदेश की कानून व्यवस्था सुधारने के लिए हर कोशिश करने की बात कही है।
सुबह से चला बैठकों का दौर
वीवीआईपी गेस्ट हाउस में ठहरे योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को पहले राज्य के डीजीपी जावीद अहमद के साथ मीटिंग की। इसके बाद गृह सचिव देबाशीष पंडा और चीफ सेक्रेटरी राहुल भटनागर भी उनसे मिलने पहुंचे। इनके बीच भी काफी देर तक बैठक चली। प्रिंसिपल सेक्रेटरी नवनीत सहगल भी सुबह वीवीआईपी गेस्ट हाउस में सीएम योगी से मुलाकात करने पहुंचे।
शाम को राज्यपाल से मिलेंगे सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुबह से प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कई दौर की बातचीत की। शाम पांच बजे योगी प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक से भी मुलाकात करेंगे। योगी ने रविवार शाम मीडिया से बातचीत में कहा था कि उनकी सरकार बिना किसी भेदभाव के प्रदेश के विकास पर ध्यान देगी।
श्रीकांत शर्मा ने भी रखी बात
योगी कैबिनेट में शामिल श्रीकांत शर्मा ने कहा, 'प्रदेश में कानून-व्यवस्था बड़ा मुद्दा है। लोगों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। अपराध की घटनाओं पर किसी तरह से नरमी नहीं बरती जाएगी है।' श्रीकांत शर्मा और सिद्धार्थ नाथ सिंह को सीएम योगी ने सरकार के कामकाज की ब्रीफिंग के लिए नियुक्त किया है।
योगी ने पहले ट्वीट में कही विकास की बात
सीएम पद का कार्यभार संभालने के बाद योगी आदित्यनाथ के ऑफिस से किए गए पहले ट्वीट प्रदेश को विकास की राह पर आगे ले जाने के लिए सरकार को प्रतिबद्ध बताया गया। योगी ने कहा कि वह राज्य में न सिर्फ कानून व्यवस्था सुधारेंगे बल्कि रोजगार के नए अवसर भी लेकर आएंगे।



मणिपुर में बीजेपी की एन बीरेन सिंह सरकार ने ध्वनिमत से जीता विश्वासमत
20 March 2017
नई दिल्ली: मणिपुर विधानसभा चुनाव 2017 में नंबर दो पर रहने के बावजूद सरकार बनाने में कामयाब रही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सोमवार को सदन में हुई अग्नि परीक्षा में कामयाब हो गई है, और उन्होंने ध्वनिमत से विश्वास प्रस्ताव जीत लिया है.
दरअसल, 11 मार्च को घोषित चुनाव परिणामों में मणिपुर की 60-सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस 28 सीटों के साथ अव्वल स्थान पर रही थी, और बीजेपी को सिर्फ 21 सीटें मिल पाई थीं, लेकिन कांग्रेस के अलावा अन्य विधायकों के समर्थन के दावों के साथ बीजेपी ने भी सरकार गठन का दावा पेश किया था, जिसे राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला ने मान लिया, और उन्हें न्योता दे दिया. इसके बाद बुधवार, 15 मार्च को बीजेपी नेता एन बीरेन सिंह को मुख्‍यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी, और एनपीपी नेता यूमनाम जयकुमार सिंह को डिप्‍टी सीएम के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई.
बीरेन सिंह को पिछले सोमवार (13 मार्च) को सर्वसम्मति से बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया था और उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात कर राज्य में अगली सरकार बनाने का दावा पेश किया था. इबोबी सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के पूर्व मंत्री बीरेन ने मणिपुर की सेवा करने का मौका देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी नेतृत्व का आभार जताया था. बीरेन सिंह को सरकार बनाने का निमंत्रण उस दिन दिया गया था, जब एनडीए में शामिल नगा पीपुल्स फ्रंट के चार सदस्यों ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार गठन के लिए बीजेपी को समर्थन देने की घोषणा की.
राजभवन सूत्रों ने बताया था कि नगा पीपुल्स फ्रंट के चार विधायकों ने राज्यपाल से मुलाकात की थी और बीजेपी को समर्थन देने की घोषणा की थी. गोवा के बाद मणिपुर दूसरा ऐसा राज्य बना, जहां हालिया संपन्न विधानसभा चुनाव में सबसे बड़े दल के रूप में नहीं उभरने के बावजूद बीजेपी की गठबंधन सरकार बन गई है.
मणिपुर एवं गोवा में सरकार बनाने के प्रयासों को लेकर कांग्रेस की आपत्तियों को खारिज करते हुए बीजेपी ने कहा था कि कांग्रेस पर्याप्त संख्याबल जुटाने में विफल रही तथा अपने पूर्व के कर्मों के कारण उसे विरोध करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं. केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने संसद परिसर में कहा था, 'कांग्रेस ने विगत में कई बार अधिकारों और अनुच्छेद 356 का दुरुपयोग कर गैर-कांग्रेसी सरकार को गिराया है... उसने सबसे बड़े दल को सरकार नहीं बनाने दी... उनके पास आलोचना करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है...
इस बीच, मणिपुर में करीब पांच माह से जारी यूनाइटेड नगा काउंसिल (यूएनसी) की आर्थिक नाकेबंदी रविवार मध्यरात्रि के बाद समाप्त हो गई. सेनापति जिला मुख्यालय में आयोजित केंद्र, राज्य सरकार और नगा समूहों की बातचीत के बाद एक आधिकारिक बयान में कहा गया था, 'यूएनसी नेताओं को बिना शर्त रिहा किया जाएगा और आर्थिक नाकेबंदी को लेकर नगा जनजातीय नेताओं और छात्र नेताओं के खिलाफ चल रहे मामलों को खत्म किया जाएगा...' राज्य में पूर्व मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार के सात नए जिले बनाए जाने के फैसले के खिलाफ यूएनसी ने 1 नवंबर, 2016 को आर्थिक नाकेबंदी शुरू की थी.



ISIS ने दी ताजमहल को उड़ाने की धमकी, कड़ी की गई सुरक्षा व्यवस्था
17 March 2017
लखनउ: दुनिया की सबसे खूंखार आतंकी संगठन ISIS की निगाहें अब भारत पर है. भारत में दहशत फैलाने के लिए आतंकी संगठन ने कहा है कि उसका अगला निशाना ऐतिहासिक धरोहर ताजमहल है. आईएसआईएस ने एक माइक्रो ब्लॉगिंग वेबसाइट पर ताजमहल समेत भारत में कई जगहों पर धमाके करने की धमकी दी है. यूपी के पुलिस प्रशासन ने इस धमकी को गंभीरता से लेते हुए ताजमहल की सुरक्षा बढ़ा दी है.
ताजमहल और आसपास के इलाके में पुलिस कर रही है फ्लैगमार्च
ताजमहल और आसपास के इलाके में पुलिस फ्लैगमार्च भी कर रही है. आगरा के डीएम और यूपी पुलिस के आला अफसरों ने कहा है कि वो किसी भी तरह के खतरे से निपटने के लिए पूरी मुस्तैदी बरत रहे हैं. यूपी पुलिस ने धमकी को गंभीरता से लिया है. एडीजी दलजीत चौधरी ने कहा है कि ताज महल की सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
ताजमहल परिसर और इसके इर्द-गिर्द तलाशी अभियान चलाया जा रहा है: पुलिस
एडिशनल डीजीपी दलजीत सिंह चौधरी ने बताया, ”कुछ लोगों ने इंटरनेट पर एक लिंक बनाकर उसे प्रसारित कर दिया है. कहा जा रहा है कि यह आईएसआईएस की धमकी है, लेकिन हम इसकी विश्वसनीयता की जांच कर रहे हैं.’’ उन्होंने बताया कि बहरहाल, मामले को गम्भीरता से लेते हुए ताजमहल की सुरक्षा बढ़ायी गयी है. ताजमहल परिसर और उसके इर्द-गिर्द सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है.
सालाना आयोजित होने वाले ताज महोत्सव से एक दिन पहले दी गई धमकी
यह धमकी सालाना आयोजित होने वाले ‘ताज महोत्सव’ के आयोजन से एक दिन पहले दी गई. स्थानीय मीडिया की खबरों के अनुसार आईएस के एक हिमायती मीडिया ग्रुप ने एक तस्वीर प्रकाशित की है, जिससे जाहिर होता है कि ताजमहल इस आतंकवादी संगठन का अगला निशाना हो सकता है.
यह ग्राफिक उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आईएस से प्रेरित आतंकवादी सैफुल्ला के पुलिस और एटीएस के साथ मुठभेड़ में मारे जाने के करीब एक सप्ताह बाद जारी किया गया है. ग्राफिक में ताजमहल पर क्रास का निशान है और उस पर ‘न्यू टारगेट’ लिखा है. साथ ही एक वैन बनी है जिस पर अंग्रेजी में ‘आगरा इस्तिशादी’ लिखा है. इसके अलावा एक बम की तस्वीर भी बनी है, जिससे यह आत्मघाती बम हमले की धमकी नजर आती है.



उत्तराखंड में त्रिवेंद्र सिंह रावत होंगे नए मुख्‍यमंत्री, बीजेपी विधायक दल की बैठक में हुआ फैसला
17 March 2017
उत्‍तराखंड में त्रिवेंद्र सिंह रावत को मुख्यमंत्री पद के लिए चुन लिया गया है. बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद पार्टी के विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर मुहर लगा दी गई है. हालांकि इस रेस में प्रकाश पंत और सतपाल महाराज भी थे लेकिन अंतिम रूप से विधायक दल की बैठक में त्रिवेंद्र सिंह रावत के नाम पर मुहर लगाई गई. उससे पहले रावत, प्रकाश पंत के साथ विधायक दल की मीटिंग के लिए पहुंचे. प्रकाश पंत पिथौरागढ़ से विधायक हैं और सतपाल महाराज अभी दो साल पहले ही बीजेपी में शामिल हुए हैं. इससे पहले पार्टी विधायक दल की बैठक में शामिल होने के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नरेंद्र सिंह तोमर और सरोज पांडे के अलावा उत्तराखंड के पार्टी मामलों के प्रभारी श्याम जाजू भी पहुंचे. उल्‍लेखनीय है कि भाजपा ने 70 में से 57 सीटें जीती हैं.
त्रिवेंद्र सिंह रावत
56 वर्षीय त्रिवेंद्र सिंह रावत डोइवाला सीट की नुमाइंदगी करते हैं. उनको पार्टी अध्‍यक्ष अमित शाह का करीबी माना जाता है. इस वक्‍त वह पार्टी की झारखंड यूनिट के प्रभारी हैं. वह 1983 से 2002 तक आरएसएस के प्रचारक रहे हैं और उस दौरान वह उत्‍तराखंड अंचल और बाद में राज्‍य के संगठन सचिव रहे हैं. वह पहली बार 2002 में डोइवाला सीट से एमएलए बने. तब से वहां से तीन बार चुने जा चुके हैं. वह 2007-12 के दौरान राज्‍य के कृषि मंत्री भी रहे.
नई सरकार का शपथ ग्रहण 18 मार्च को शाम तीन बजे परेड ग्राउंड में होगा जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी मौजूद रहेंगे. देश के कई अन्य प्रमुख पार्टी नेताओं के भी समारोह में शिरकत करने की संभावना है. परेड ग्राउंड में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है.



डिप्टी CM बनने का सपना देखने वाले नवजोत सिंह सिद्धू ने किया साफ, कपिल शर्मा का साथ नहीं छोड़ेंगे
17 March 2017
नई दिल्ली: विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बीजेपी का दामन छोड़ कांग्रेस में शामिल होकर चुनाव जीतने वाले नवजोत सिंह सिद्धू ने कपिल शर्मा के कॉमेडी शो में मौजूदगी को जारी रखने का निर्णय लिया है. मंत्री पद की शपथ लेने के एक दिन बाद सिद्धू ने स्पष्ट किया कि वह कॉमेडी शो को जारी रखेंगे और इस शो से मेरा काम प्रभावित नहीं होगा. मैं जी जान से काम करूंगा. रात में रिकॉर्डिंग करूंगा और सुबह ऑफिस में मिलूंगा. इतना ही नहीं नाराजगी की अटकलों को खारिज करते हुए सिद्धू ने शपथ ग्रहण के दौरान कैप्टन अमरिंदर सिंह के पैर भी छुए.
नवजोत सिंह सिद्धू ने जब बीजेपी का दामन छोड़ कांग्रेस का हाथ थामा था, तब ऐसी अटकलें थीं कि उन्हें कांग्रेस की सरकार बनने पर बड़ा ओहदा मिल सकता है. राज्य में कांग्रेस की सरकार बनी जरूर, लेकिन सिद्धू को 'म्यूजियम' मंत्रालय से संतोष करना पड़ा. पंजाब के डिप्टी सीएम का ओहदा ना मिलने की टीस शपथ ग्रहण समारोह के दौरान सिद्धू के चेहरे पर भी दिखी, हालांकि सिद्धू अपनी नाराजगी की खबरों को खारिज करते हैं. म्यूजियम मंत्रालय का कार्यभार संभालने वाले सिद्धू ने कहा कि पंजाब में अब नया सवेरा आ चुका है. काले बादल छठ चुके हैं. उन्होंने साफ किया कि वह किसी भी तरह नाराज नहीं, बल्कि एक सिपाही की तरह जिम्मेदारी निभाएंगे.
सिद्धू ने साथ ही कहा कि वह कपिल शर्मा के कॉमेडी शो के साथ पहले की तरह ही जुड़े रहेंगे. सिद्धू के मुताबिक- राजनीति एक तरफ है और रोजगार एक तरफ. इस शो के लिए वह रात में शूटिंग करते हैं. वह रात की फ्लाइट से मुंबई जाएंगे और सुबह चंडीगढ़ लौट आएंगे.
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस की जीत को लेकर उन्होंने आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी हमला किया था. उन्होंने कहा था कि वे इसलिए हारे क्योंकि उनकी नीयत में खराबी थी. उन्हें हर चीज अपने लिए चाहिए थी. यह जीत कांग्रेस के वर्करों की जीत है. उन्होंने अपनी जीत के लिए राहुल गांधी, कैप्टन अमरेंदर सिंह और प्रियंका गांधी का धन्यवाद दिया. उन्होंने अपनी बात में सोनिया गांधी से वादा किया कि पंजाब की शान के लिए वह हर कुर्बानी देने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि यह चुनाव उनके लिए कांग्रेस की पहचान और पगड़ी का प्रश्न था.



पीएम मोदी ने बनाई 'मिशन 2019' की रणनीति, दलितों और युवाओं पर खास ध्यान
16 March 2017
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के शानदार प्रदर्शन से गदगद पार्टी संसदीय बोर्ड ने अब 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए रणनीति पर जोर दिया. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी नेताओं से दलितों और युवाओं के बीच संपर्क बढ़ाने को कहा. वहीं बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा हाल के राज्य चुनावों में जीत के बाद अब पार्टी का अगला लक्ष्य संसदीय चुनाव ही है. राज्य चुनावों में शानदार जीत के बीच आयोजित संसदीय बोर्ड की इस बैठक में पार्टी के अगली राह भी तय की गई.
ये है बीजेपी का 'मिशन 2019'
बीजेपी ने दलितों को लुभाने के लिए 14 अप्रैल को भीमराव अंबेडकर की जयंती के मौके पर कई कार्यक्रम शुरू करने का फैसला किया है. पार्टी इस दौरान हर पंचायत और वार्ड में हफ्ते भर का कार्यक्रम चलाएगी.
इसके अलावा बीजेपी 6 अप्रैल को अपनी स्थापना दिवस भी मनाएगी, जिसमें पार्टी के नेता और कार्यकर्ता 'स्वच्छ भारत अभियान' में हिस्सा लेंगे.
बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक में पीएम मोदी ने पार्टी नेताओं को इस दौरान भीम (BHIM) ऐप के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर काम करने को कहा.
पीएम मोदी ने कहा कि बीजेपी ने नेता एवं कार्यकर्ता इस डिजिटल पेमेंट ऐप के बारे में लोगों शिक्षित करें, ताकि वे आसानी से इस ऐप का इस्तेमाल कर सकें.
इसके साथ ही पीएम मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को उन्हें अंबेडकर के कार्यों और योगदानों को प्रचारित करने के लिए भी कहा है. पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि युवाओं को केंद्र सरकार के सार्वजनिक कल्याण वाले कार्यों और सुशासन का 'दूत' बनाया जाना चाहिए.
संसदीय बोर्ड की बैठक में प्रधानमंत्री ने युवाओं को बीजेपी की तरफ आकर्षित करने के लिए मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर जोर दिया. उन्होंने कहा, 'युवा वर्ग आज सूचनाओं के अखबारों और टीवी चैनल्स से ज्यादा मोबाइल फोन पर निर्भर करता है.'
पीएम मोदी ने इसके साथ ही पार्टी नेताओं से बारहवीं कक्षा के छात्रों से संपर्क साधने को कहा है.
वहीं इस दौरान बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि विधानसभा चुनाव में पार्टी को मिली शानदार जीत जातिवाद, एक पारिवार की सरकार और भ्रष्टाचार के खिलाफ तथा पीएम मोदी के नेतृत्व के पक्ष में लोगों के वोट का नतीजा है.
अमित शाह ने 2014 के लोकसभा चुनाव और पांच राज्यों में मिली जीत को पार्टी की बड़ी उपलब्धि बताते हुए 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव को अगली बड़ी चुनौती बताया और पार्टी नेताओं से इसके लिए तैयारी करने को कहा.
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बीजेपी की यह जीत नोटबंदी जैसे केंद्र सरकार के साहसिक और कल्याणकारी योजनाओं को लोगों से मिले अपार समर्थन को दिखाता है.


फ्लोर टेस्ट में जीते पर्रिकर, वोटिंग में हिस्सा न लेने वाले MLA राणे ने कांग्रेस छोड़ी
16 March 2017
पणजी: मनोहर पर्रिकर ने गोवा असेंबली में गुरुवार को हुए फ्लोर टेस्ट में बहुमत साबित कर दिया। उन्हें 22 विधायकों ने समर्थन दे दिया। जबकि 16 विधायकों ने उनके विरोध में वोट डाले। 40 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 21 वोटों की जरूरत थी। वहीं, कांग्रेस नतीजे के 5 दिन बाद में सरकार बनाने के लिए जरूरी आंकड़ा जुटाने में नाकामयाब रही। सुप्रीम कोर्ट ने 16 मार्च को असेंबली में फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दिया था। इस बीच, वोटिंग में हिस्सा नहीं लेने वाले कांग्रेस विधायक विश्वजीत राणे ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है।
- पर्रिकर ने कहा, "दिग्विजय सिंह का ये दावा कि उनके पास सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्या है, झूठा साबित हो गया। मैं शुरुआत से ही कह रहा था कि उनके पास आंकड़ा नहीं है। लिहाजा दिग्विजय को कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी पोस्ट से इस्तीफा दे देना चाहिए।"
- "ये कोएलिशन की सरकार है। फैसले भी गठबंधन ही लेगा। हर विधायक आया और उसने वोट किया। किसी को भी होटल के रूम या किसी गुप्त स्थान पर नहीं रखा गया था, जैसा कि अपोजिशन दावा कर रहा था।"
- "आरोप उन्हीं लोगों ने लगाए जो रंगीन चश्मा पहने हुए थे।"
- बता दें कि कांग्रेस के विश्वजीत राणे वोटिंग में गैरहाजिर रहे। वे विधायक पद की शपथ लेकर चले गए थे।
राणे ने छोड़ी कांग्रेस
- न्यूज एजेंसी की खबर के मुताबिक, विश्वजीत राणे ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। इसकी वजह उन्होंने पार्टी लीडरशिप का सरकार बनाने में फेल रहने को बताया है।
- उन्होंने कहा, "मुझे कांग्रेस से कुछ नहीं चाहिए। कांग्रेस ने गोवा के लोगों का भरोसा तोड़ दिया। मैं इस पार्टी से थक चुका हूं। अब क्या करना है, इसका फैसला नहीं लिया है। लेकिन मैं अपने लोगों के पास वापस जा रहा हूं।"
- हालांकि प्रो-टेम स्पीकर ने राणे से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा है।
बीजेपी को मिली 13 सीटें
- नरेंद्र मोदी ने 2014 में पर्रिकर को गोवा से दिल्ली बुलाया और डिफेंस मिनिस्टर बना दिया, लेकिन हालिया असेंबली इलेक्शन में बीजेपी का गोवा में परफॉर्मेंस पहले की तरह बेहतर नहीं रहा। उसे 13 सीटें मिलीं, लेकिन दूसरी पार्टियों के सपोर्ट से बीजेपी ने सरकार बना ली।
- कांग्रेस यहां 17 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी। लेकिन कांग्रेस गवर्नर को मेजॉरिटी का लेटर नहीं दे पाई। लिहाजा, गवर्नर ने बीजेपी को सरकार बनाने का ऑफर दिया।
- कांग्रेस इसके विरोध में सुप्रीम कोर्ट गई, लेकिन कोर्ट ने उसे फटकार लगाई। कहा कि आप पहले गवर्नर के पास क्यों नहीं गए? कोर्ट ने बीजेपी को 16 मार्च को मेजॉरिटी साबित करने को कहा।
किसका सपोर्ट पर्रिकर के साथ?
- 61 साल के पर्रिकर IITian हैं। वो चौथी बार गोवा के सीएम बने हैं। पर्रिकर को उनकी सादगी और क्लीन इमेज के लिए जाना जाता है।
- गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी), महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) और दो निर्दलीय विधायकों ने सरकार का सपोर्ट किया है।
- बहुमत साबित करने को लेकर पर्रिकर बुधवार को चिंता में नहीं दिखे। उन्होंने ब्यूरोक्रेट्स के साथ मीटिंग की।
- दूसरी ओर, कांग्रेस विधायक दल के नेता चंद्रकांत कावेलकर से जब फ्लोर टेस्ट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इंतजार कीजिए और देखिए, क्या होता है।
शिवसेना का बीजेपी पर तंज
- महाराष्ट्र और केंद्र में सरकार में शामिल शिवसेना ने गोवा की घटनाओं को लेकर बीजेपी पर तंज कसा। कहा- "गोवा में जो कुछ हुआ, वो लोकतंत्र की हत्या है।"
- शिवसेना ने अपने माउथपीस सामना में कहा, "कांग्रेस गोवा में सरकार नहीं बना पाई, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि बीजेपी ने वहां जो किया, वो सही था। गोवा में आज फ्लोर टेस्ट के जरिए मेजॉरिटी तय हो जाएगी, लेकिन जो कुछ हुआ वो लोकतंत्र की हत्या है।"


पंजाब का डिप्टी सीएम नहीं बनने पर सिद्धू के चेहरे पर यूं दिखा मलाल
16 March 2017
पंजाब में दस वर्षों के अंतराल के बाद एक बार कैप्टन अमरिंदर सिंह को कमान मिल गई. चंडीगढ़ के पंजाब राजभवन में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बतौर मुख्यमंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ ली. अमरिंदर सिंह के साथ 7 कैबिनेट और 2 राज्य मंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण किया. हालांकि इस दौरान सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि उपमुख्यमंत्री के पद का प्रबल दावेदार माने जा रहे नवजोत सिंह सिद्धू को महज कैबिनेट मंत्री के पद से ही संतोष करना पड़ा.
सूत्रों के मुताबिक, कैप्टन अमरिंदर सिंह सहित पंजाब कांग्रेस के अन्य पुराने व वरिष्ठ नेताओं का धड़ा नहीं चाहता था कि विधानसभा चुनाव से महज 15 दिन पहले पार्टी में शामिल हुए सिद्धू को पंजाब सरकार में दूसरे नंबर के पद पर बिठा दिया जाए. इन पुराने कांग्रेसी नेताओं के धड़े का ये दबाव काम भी आया और आलाकमान तथा कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर लगातार दबाव डालने के बावजूद सिद्धू डिप्टी सीएम बनते बनते रह गए.
डिप्टी सीएम पद ना मिलने की यह टीस सिद्धू के चेहरे पर भी दिखी. जब शपथ ग्रहण करने के लिए नवजोत सिंह सिद्धू मंच पर आए तो उन्होंने दूसरे मंत्रियों की तरह कैप्टन अमरिंदर सिंह को कोई अभिवादन नहीं किया और जब वह शपथ लेकर नीचे लौट रहे थे, तब भी उन्होंने कैप्टन अमरिंदर सिंह को अनदेखा कर दिया. हालांकि फिर कैप्टन ने खुद हाथ उठाकर नवजोत सिंह सिद्धू का अभिवादन किया. इसके बाद सिद्धू ने भी कैप्टन अमरिंदर सिंह के पैर छूकर उनसे आशीर्वाद लिया.
इस पूर्व क्रिकेटर के चेहरे पर डिप्टी सीएम का पद ना मिलने की टीस तब भी साफ दिखी, जब शपथ ग्रहण के बाद पत्रकारों ने उनसे सवाल किया कि पंजाब के लोगों के लिए बतौर मंत्री वह क्या करने वाले हैं, तो सिद्धू इन तमाम सवालों को दरकिनार करके मीडिया के सवालों से बचते नजर आए.
कांग्रेस ने सिद्धू की इस नाराजगी और डिप्टी सीएम पद खोने की टीस पर पर्दा डालने की कोशिश की. पंजाब कांग्रेस के कई नेता तो इस सवाल को टाल गए और कई नेताओं ने कहा कि सिद्धू ने ना तो डिप्टी सीएम का पद मांगा था और ना ही कांग्रेस की तरफ से पार्टी ज्वॉइन करते वक्त उन्हें ऐसा कोई वादा किया गया था.
वहीं इस पूरे मुद्दे पर पंजाब कांग्रेस की प्रभारी आशा कुमारी का कहना था कि डिप्टी सीएम के कयासों को लेकर जो बातें उठ रही हैं, वह मीडिया का ही बनाया हुआ जाल है. उन्होंने कहा, 'इन कयासों में किसी भी तरह की कोई सच्चाई नहीं है. सिद्धू कांग्रेस पार्टी के असली सिपाही हैं और बिना किसी पद की चाह में वो पंजाब के हित में काम करना चाहते हैं.'


लोकसभा में भाजपा सांसदों ने किया पीएम मोदी का स्वागत, लगे 'जयश्री राम' के नारे
15 March 2017
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा की जबर्दस्त जीत के बाद आज पहली बार लोकसभा में आने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पार्टी सदस्यों ने मेज थपथपा कर स्वागत किया. भाजपा सदस्यों ने सदन में 'जय श्रीराम' और 'भारत माता की जय' के नारे भी लगाए. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का लोकसभा में स्वागत किया गया. दरअसल, सुषमा दिसंबर में किडनी ट्रांसप्लांट के बाद पहली बार संसद आई थीं. वहीं, मोदी यूपी, उत्तराखंड और गोवा-मणिपुर में बीजेपी की शानदार जीत के बाद लोकसभा में आए थे.
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही ओपोजिशन लीडर मल्लिकार्जुन खड़गे ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का स्वागत किया और उन्हें लंबी उम्र की शुभकामनाएं दीं. स्पीकर सुमित्रा महाजन ने भी कहा कि ‘लंबे वक्त के बाद आपकी दमदार आवाज सदन में गूजीं. अच्छा लगा.’ जिस पर सभी सांसदों ने मेज थपथपाई. सुषमा पानी और दवाएं लेकर आईं थीं.
बीजद सदस्य ने भी थपथपाई मेज
जिस समय प्रधानमंत्री मोदी सदन में आए, उस सम्य श्रीनिवास नानी संचार मंत्रालय से संबंधित प्रश्न पूछ रहे थे और उन्हें कुछ देर रूकना पड़ा. बीजद सदस्य जे पांडा को भी अपने स्थान पर मेज थपथपाते देखा गया. कुछ देर बाद टीआरएस के जितेन्द्र रेड्डी ने प्रधानमंत्री के पास जाकर उन्हें बधाई दी. ल्लेखनीय है कि भाजपा को उत्तर प्रदेश में 403 सदस्यीय विधानसभा में 324 सीटों पर जीत हासिल हुई है. उत्तराखंड में भी पार्टी को जबर्दस्त जीत हासिल हुई है. हालांकि प्रधानमंत्री सदन में कुछ देर ही रुके. भाजपा और इसके सहयोगी अपना दल ने उत्तर प्रदेश में 321 सीटें और उत्तराखंड में 57 सीटें जीती हैं. भाजपा ने गोवा और मणिपुर में भी सरकार बनाई है.



सिद्धू को मिल सकता है कांग्रेस से झटका, अमरिंदर नहीं चाहते कोई डिप्टी CM
15 March 2017
नई दिल्ली: बीजेपी से इस्तीफा देकर चुनाव के बीच कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू को कांग्रेस झटका दे सकती है. सिद्धू भारी भरकम जीत के साथ सत्ता में आई अमरिंदर सिंह सरकार में डिप्टी सीएम बनना चाहते हैं, लेकिन अमरिंदर सिंह इसके लिए कतई राजी नहीं बताए जाते. अगर उनकी चली तो सिद्धू को झटका मिल सकता है.
कैप्टन ने दिया है तर्क
सिद्धू के बारे में कयास लगाए जा रहे थे कि वो पंजाब की कांग्रेस सरकार में डिप्टी सीएम हो सकते हैं. लेकिन सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक कैप्टन अमरिंदर सिंह अपने मंत्रिमंडल में डिप्टी सीएम का पद नहीं चाहते. कैप्टन अमरिंदर सिंह का तर्क है कि डिप्टी सीएम का पद तब दिया जाता है जब पार्टी के पास बहुमत ना हो और गठबंधन में किसी नेता को सम्मान देना हो या कोई अन्य मजबूरी हो लेकिन पंजाब में कांग्रेस भारी बहुमत से जीत कर आई है और ऐसे में डिप्टी सीएम के पद की जरूरत नहीं है.
दरअसल सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कैप्टन अमरिंदर सिंह नहीं चाहते कि पंजाब सरकार में उनके समानांतर किसी को खड़ा किया जाए, इसी वजह से वो कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और आलाकमान को इस बात को मनवाने में काफी हद तक कामयाब रहे हैं कि कांग्रेस की पंजाब सरकार में डिप्टी सीएम का पद नहीं होना चाहिए.
मिल सकता है बड़ा मंत्रालय
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक नवजोत सिंह सिद्धू को बतौर कैबिनेट मंत्री शपथ दिलवाई जा सकती है और उनको कोई भारी-भरकम मंत्रालय दिया जा सकता है. वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक नवजोत सिंह सिद्धू अभी भी लगातार कांग्रेस आलाकमान और उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर दबाव बनाने और डिप्टी सीएम का पद पाने की कोशिश में लगे हैं.
फिलहाल नवजोत सिंह सिद्धू डिप्टी सीएम होंगे या नहीं इस पर फैसला शपथ ग्रहण से पहले अंतिम क्षणों में लिया जा सकता है क्योंकि शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए खुद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी चंडीगढ़ पहुंच रहे हैं.
वैसे पंजाब कांग्रेस के पुराने नेता भी नहीं चाहते कि नवजोत सिंह सिद्धू जोकि विधानसभा चुनाव से ठीक 15 दिन पहले ही पार्टी में शामिल हुए हैं, उनको पार्टी में कैप्टन अमरिंदर सिंह के बाद दूसरे नंबर पर रखा जाए. हालांकि खुलकर नवजोत सिंह सिद्धू का विरोध करने को कोई सामने नहीं आ रहा और सब कुछ सही दिखाने की कोशिश करते हुए तमाम नेता यही कह रहे हैं कि कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू में किसी तरह का कोई मतभेद या फर्क नहीं है और दोनों मिलकर पंजाब के हित में एक साथ काम करेंगे.
पंजाब कांग्रेस के नेता कह रहे हैं कि आलाकमान ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को ओपन हैंड दे रखा है और कैप्टन अमरिंदर सिंह ही ये तय करेंगे कि उनके मंत्रिमंडल में किस नेता को कौन सा मंत्रालय और कौन सा पद दिया जाएगा.



मणिपुर में पहली बार BJP सरकार, फुटबॉलर से नेता बने बीरेन सिंह ने ली सीएम पद की शपथ
15 March 2017
इतिहास में पहली बार आखिरकार भाजपा ने मणिपुर में भी सरकार बना ली है। भाजपा नेता बीरेन सिंह ने बुधवार दोपहर में राज्य के मुख्यंमत्री के रूप में शपथ ली। उन्हे राज्यपाल नजमा हेपतुल्लाह ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। साथ यूमनाम जयकुमार ने डिप्टी सीएम के रूप में शपथ ग्रहण की है।
बीरेन सिंह के शपथ लेने के बाद ही पहली बार हुआ है कि उत्तर-पूर्व के किसी राज्य में भाजपा की सरकार बनी है।
बता दें कि विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद कांग्रेस को 28 सीटें मिली थीं और वो सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी लेकिन भाजपा ने यहां भी दांव मारते हुए 23 सीटें होने के बावजूद 60 सीटों की विधानसभा में बहुमत के लिए जरूर 31 विधायकों का आंकड़ा पा लिया।
ऐसा है गणित
भाजपा ने किसी तरह एनपीपी के 4, एमपीएफ के 4, एलजेपी के 1 और दो अन्य विधायकों को अपनी तरफ कर लिया जिसके बाद उसके पास बहुमत हो आ गया। गोवा की तरह मणिपुर में भी भाजपा सरकार बनाने जा रही है और इसे लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर विधायकों की खरीद फरोख्त का आरोप लगाया है।
फुटबॉलर और पत्रकार, सालभर पहले बदला पाला और अब बने सीएम
बीरेन सिंह राष्ट्रीय स्तर के फुटबॉलर भी रह चुके हैं। बाद में पत्रकारिता से जुड़े। फिर राजनीति में उतरे। अब वह मणिपुर में मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंच गए हैं।



जेटली ने रक्षा मंत्रालय का प्रभार संभाला, ये होंगी चुनौतियां
14 March 2017
नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को देश के रक्षा मंत्री का प्रभार संभाल लिया है. उन्हें एक दिन पहले ही रक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था, मनोहर पर्रिकर ने गोवा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार का नया मुख्यमंत्री बनने के लिए सोमवार को रक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अनुशंसा पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने जेटली को उनके वर्तमान प्रभारों के अलावा रक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपने का निर्देश दिया. जेटली 26 मई, 2014 को नरेंद्र मोदी सरकार के सत्ता में आने के समय से रक्षा मंत्रालय संभाल रहे थे, लेकिन बाद में नौ नवंबर, 2014 को यह पदभार पर्रिकर को सौंप दिया गया था.
जेटली के सामने होंगी ये चुनौतियां
- अपने कार्यकाल के दौरान मनोहर पर्रिकर ने खुद के शांत स्वभाव के बावजूद भी कड़ा रुख अपनाया, समय-समय पर विरोधियों को करारा जवाब भी दिया. जेटली के सामने रक्षा मंत्रालय की इस छवि को बरकरार रखना चुनौती भरा होगा. - पिछले कुछ समय से भारत बॉर्डर पर पाकिस्तान पर हावी रहा है, भारत ने पाकिस्तान की हर गोली का कड़े अंदाज में जवाब दिया है. जेटली के सामने आने वाले कार्यकाल में पाकिस्तान को शांत रखना आसान नहीं होगा.
- भारत सरकार ने मनोहर पर्रिकर के कार्यकाल में वन रैंक वन पेंशन को लागू तो किया, लेकिन इसके बावजूद भी कई बार पूर्व सैनिकों की इसको लेकर शिकायत आती रही है. जेटली को इन शिकायतों को दूर करना होगा और ओआरओपी को सही तरीके से लागू भी करना होगा. - कश्मीर में लगातार तनाव रहा है, हालांकि पिछले कुछ दिनों में पथराव व हंगामें में कमी आई है, अरुण जेटली के सामने कश्मीर में आर्मी की सभी समस्याओं को देखते हुए स्थिति को काबू रखने की चुनौती होंगी.
- हाल ही के दिनों में कई जवानों के द्वारा सोशल मीडिया पर शिकायतों का मुद्दा गर्म था, जेटली को अपने कार्यकाल में यह कोशिश करनी होगी कि जवानों के मुद्दे से जुड़ी हर शिकायत को दूर किया जाए.



केजरीवाल भी EVM के खिलाफ, मनोज तिवारी बोले- पहले 67 सीटें जिताने वाली मशीनें हटवाएं
14 March 2017
नई दिल्ली: दिल्ली के आगामी एमसीडी चुनाव में वोटिंग ईवीएम की बजाय बैलेट पेपर से कराई जा सकती है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बैलेट पेपर से MCD चुनाव कराने को लेकर मुख्य सचिव को पत्र लिखा है. पत्र में केजरीवाल ने मुख्य सचिव से कहा है कि वो दिल्ली चुनाव आयोग को बैलेट पेपर से चुनाव कराने के निर्देश दें और इस बार का MCD चुनाव ईवीएम से नहीं होना चाहिए. सीएम केजरीवाल ने कहा है कि 5 राज्यों के नतीजों के बाद कई राजनीतिक दलों ने ईवीएम में गड़बड़ी का मामला उठाया है. साथ ही उन्होंने कहा कि कई दलों ने उन्हें MCD चुनाव में बैलेट पेपर का इस्तेमाल कराने की मांग की है.
आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह भी कह चुके हैं कि अगर उत्तर प्रदेश में नगर पालिका और नगर पंचायत के चुनाव बैलेट पेपर से करवाए जा सकते हैं तो दिल्ली में भी नगर निगम चुनाव बैलेट पेपर से करवाए जा सकते हैं. ईवीएम में गड़बडियों से आशंकित केजरीवाल की दिल्ली सरकार नगर चुनावों में ईवीएम का रिस्क नहीं लेना चाहती और बैलेट पेपर से चुनाव कराना चाहती है. इसी वजह से अरविंद केजरीवाल ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की है.
बीजेपी का पलटवार
दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष मनोज तिवारी ईवीएम मामले पर केजरीवाल सरकार पर पटलवार किया है. उन्होंने कहा कि अगर अरविंद केजरीवाल को ईवीएम से होने वाली वोटिंग पर भरोसा नहीं हो तो अब दिल्ली विधानसभा की उन 67 सीटों पर भी पुनर्मतदान होना चाहिए जो उन्होंने चुनाव में जीतीं थीं
आम आदमी पार्टी से पहले यूपी चुनाव के नतीजों के बाद बीएसपी प्रमुख मायावती और अखिलेश यादव की ओर से ईवीएम में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे. साथ ही दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष अजय माकन ने भी अरविंद केजरीवाल से ईवीएम की बजाय बैलेट पेपर के जरिए एमसीडी चुनाव कराने की अपील की थी.
कांग्रेस नेता अजय माकन भी एमसीडी चुनाव बैलेट पेपर के जरिए कराने की मांग कर चुके हैं. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि कई लोग ईवीएम से होने वाले चुनाव पर सवाल उठा रहे हैं ऐसे में अरविंद केजरीवाल से ये अपील है कि वो निष्पक्ष और निर्विवाद चुनाव के लिए बैलेट पेपर के जरिए चुनाव कराएं.



2019 में राहुल के बजाए शशि थरूर को पीएम पद का उम्मीदवार बनाने की मांग
14 March 2017
नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी के लिए असफलताओं का दौर जारी है। एक के बाद एक चुनाव हारती पार्टी में अब विरोध का आवाज बुलंद होने लगी है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठने लगा है। लोगों में नेतृत्व के बदलाव की मांग उठने लगी है। केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम के एक शख्स ने तो राहुल गांधी के विकल्प को भी तलाश लिया है। केरल के इस शख्स ने इसके लिए ऑनलाइन याचिका भी डाली है।
इस शख्स ने 2019 चुनावों में शशि थरूर को यूपीए का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने के लिए एक ऑनलाइन याचिका डाली है। अपनी याचिका में शख्स ने कहा है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी को लगातार हार का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में साल 2019 में पार्टी को अपना पीएम उम्मीदवार राहुल के बजाए शशि थरूर को बनाना चाहिए। उन्होंने याचिका में कहा है कि थरूर पढ़े- लिखे व्यक्ति हैं और उनकी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर पकड़ मजबूत है। वह भारत और विदेश के नेताओं से भी जुड़ सकते हैं। आपको बता दें कि इस पिटिशन को अभी तक 6725 लोगों का समर्थन मिल चुका है।
आपको बता दें कि शशि शरूर तिरुवनंतपुरम से दो बार कांग्रेस के सांसद चुने जा चुके हैं। वो 30 साल तक संयुक्‍त राष्‍ट्र में अलग-अलग पदों पर काम कर चुके हैं। गौरतलब है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस लगातार सत्ता से बाहर होती जा रही है। कांग्रेस महाराष्‍ट्र, हरियाणा, असम, केरल, दिल्‍ली, राजस्‍थान, झारखंड और उत्तराखंड में भी सत्ता से बाहर हो गई।



लोगों के भरोसा जताने का शुक्रिया: मोदी; UP में BJP को तीन चौथाई बहुमत, 37 साल बाद किसी पार्टी को 300+ सीटें
11 March 2017
उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवाऔर मणिपुर के विधानसभा चुनावों के वोटों की काउंटिंग जारी है। रुझानों में यूपी में बीजेपी को तीन चौथाई बहुमत मिल चुका है। यहां बीजेपी की 15 साल बाद सत्ता में वापसी होने जा रही है। वहीं, उत्तराखंड के रुझानों में भी बीजेपी को बहुमत मिल चुका है। पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनती दिख रही है। मणिपुर के रुझानों में बीजेपी को बढ़त है। गोवा में कांग्रेस आगे चल रही है। इस बीच, मायावती ने कहा, "चुनाव में बीएसपी को जनता ने नहीं, ईवीएम ने हराया। चुनाव रद्द होना चाहिए।" नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके कहा, "लोगों के बीजेपी पर भरोसे और प्यार देने के लिए शुक्रिया।"
32 साल में यूपी में बीजेपी की सबसे बड़ी जीत
- बीजेपी यूपी में 1985 से चुनाव लड़ रही है। पहले चुनाव में उसने यूपी में 16 सीटें जीती थीं।
- 2017 के चुनाव में बीजेपी ने 1991 का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इस बार उसे 300 से ज्यादा सीटें मिल रही हैं।
- राम मंदिर मुद्दे पर बीजेपी को 1991 में 221 सीटें मिलीं और कल्याण सिंह की अगुआई में सरकार बनी।
- वहीं, 2014 के लोकसभा चुनाव में वह 328 विधानसभा सीटों पर आगे थी। इस लहर को बीजेपी ने कायम रखा है।
- 1980 में यूपी में असेंबली इलेक्शन में कांग्रेस को 309 सीटें मिली थीं। अब 37 साल बाद ऐसा हुआ है कि किसी पार्टी को 300+ सीटें मिलती दिख रही हैं।
- इस बीच, शनिवार को अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि रविवार को मोदी बीजेपी मुख्यालय आएंगे। चार राज्यों (यूपी, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर) में हमारी सरकार बनने जा रही है। कल पार्लियामेंटरी बोर्ड की बैठक के बाद इसपर फैसला लिया जाएगा।
- मोदी ने ट्वीट में ये भी कहा, " यूपी की जनता को हृदय से धन्यवाद देता हूं। बीजेपी की ये ऐतिहासिक जीत विकास और सुशासन की जीत है। काशी के सांसद के रूप में काशी की जनता का अटूट विश्वास और अपार प्रेम पाकर मैं आज अभिभूत हूं। काशी के लोगों को शत-शत नमन। उत्तराखंड की जीत बेहद खास है। देवभूमि के लोगों का आभार। मैं विश्वास दिलाता हूं कि भाजपा पूरी तत्परता और कमर्ठता से लोगों की सेवा करेगी। 10 साल तक अकाली दल-बीजेपी की सरकार को सेवा का मौका देने के लिए पंजाब के लोगों का शुक्रिया।"
- ये भी लिखा
किसके कितनी आगे बीजेपी?
- बीजेपी 310 सीटों पर जीत चुकी है। 11 सीटों पर वह आगे चल रही है। इस लिहाज से वह सपा-कांग्रेस गठबंधन (56 सीटें) से 5 गुना से ज्यादा और बीएसपी (21 सीटें) से 15 गुना की बढ़त पर है।
- बीजेपी को यूपी में तीन चौथाई बहुमत (302) से ज्यादा सीटें मिल चुकी हैं।
यहां भी बन रही है बीजेपी की सरकार
- उत्तराखंड में भी बीजेपी को बहुमत मिल चुका है। बीजेपी की सरकार बनाएगी।
इन नतीजों ने चौंकाया
- गोवा के सीएम लक्ष्मीकांत पार्सेकर और उत्तराखंड के सीएम हरीश रावत चुनाव हार गए।
चुनाव के अपडेट्स
यूपी के रुझान:
- अब तक यूपी में बीजेपी को 42% वोट मिल चुके है। लोकसभा चुनाव (2014) में बीजेपी को 42% वोट मिले थे।
- यूपी के पहले नतीजे में बीजेपी को मुस्लिम बहुल देवबंद सीट पर जीत मिली। कुंवर बृजेश सिंह ने बीएसपी के माजिद अली को हराया।
- मायावती ने कहा, "ईवीएम में गड़बड़ी करके बीजेपी ने बहुमत हासिल किया है। मैं नरेंद्र मोदी और अमित शाह को चुनौती देती हूं कि वे चुनाव आयोग को इस बारे में बताएं। मैं चाहती हूं कि पुरानी व्यवस्था यानी बैलट पेपर से चुनाव कराए जाएं।"
- "बीजेपी ने कोई मुस्लिम कैंडिडेट खड़ा नहीं किया। इसके बावजूद उन्हें मुस्लिम इलाकों के पूरे वोट मिले। ये बात गले नहीं उतर रही। मुस्लिम समाज के लोग कह रहे हैं कि जब हमने बीजेपी को वोट ही नहीं दिया, तो उन्हें वोट कैसे पड़े।"
- उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर कहा, "ये बीजेपी की सुनामी जीत है। 2019 को भूल जाइए, 2024 की तैयारी कीजिए।"
पंजाब में:
- कांग्रेस को बहुमत मिला। अमरिंदर सिंह सरकार बनाएंगे।
गोवा में:
- यहां फिलहाल कांग्रेस को बढ़त है। लेकिन शाह ने कहा कि यहां बीजेपी की सरकार बनेगी।
मणिपुर में:
- बीजेपी-कांग्रेस में कड़ी टक्कर है। शाह ने कहा कि यहां भी बीजेपी की सरकार बनेगी।
केजरीवाल के घर जश्न की तैयारी फीकी पड़ी, सपा के दावे पीछे रह गए
- दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के घर तैयारी की गई थी। रिजल्ट देखने के लिए बड़ी स्क्रीन लगाई गई। साथ ही आसपास की जगह को बैलून से सजाया गया था।
- सपा प्रवक्ता ने राजेंद्र चौधरी ने कहा था कि सपा-कांग्रेस अलायंस यूपी में इलेक्शन जीत रहा है।
- यूपी बीजेपी के प्रदेश प्रेसिडेंट केशव मौर्या ने कहा कि बीजेपी दो तिहाई मतो से जीत दर्ज कर रही है।
- सपा नेता रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि गठबंधन से हमे नुकसान हुआ है। अगर अकेले भी लड़ते तो भी हम ज्यादा सीट जीतते।
- बीजेपी नेता योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बीजेपी बहुमत से सरकार बनाएगी।



ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का भारत ने किया सफल परीक्षण
11 March 2017
भारत ने 300 किलोग्राम के आयुध ले जाने में सक्षम ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का आज सफल परीक्षण किया. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के अधिकारियों ने बताया कि सुबह करीब 11 बजकर 33 मिनट पर यहां चांदीपुर में एकीकृत परीक्षण रेंज से एक मोबाइल लॉन्चर से क्रूज मिसाइल का परीक्षण किया गया. इस परियोजना से जुड़े डीआरडीओ के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने कहा, ‘‘यह उत्कृष्ट परीक्षण और एक बड़ी सफलता है.’’
यह मिसाइल 300 किलोग्राम के आयुध ले जाने में सक्षम है. यह मिसाइल पहले चरण में ठोस और दूसरे में रैमजेट तरल प्रणोदक प्रणाली से संचालित है. इसे पहले ही सेना और नौसेना में शामिल कर लिया गया है जबकि वायु सेना में शामिल करने के लिए इसका परीक्षण अंतिम चरण में है.
उन्होंने बताया कि ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल श्रृंखला की पहली क्रूज मिसाइल को आईएनएस राजपूत के साथ 2005 में भारतीय नौसेना में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी और अब ये सेना के दो रेजिमेंट में पूरी तरह से संचालनात्मक स्थिति में है. मिसाइल के वायु प्रक्षेपण और पनडुब्बी प्रक्षेपण संस्करण पर काम चल रहा है. ब्रह्मोस भारत और रूस द्वारा संयुक्त रूप से विकसित अब तक की सबसे आधुनिक क्रूज मिसाइल है.


मोदी आजादी के बाद सबसे लोकप्रिय नेता: अमित शाह
11 March 2017
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारी जीत के बाद मीडिया के सामने आए राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि ये नतीजे देश के राजनीति को नई दिशा देने वाले हैं. करोड़ों कार्यकर्ता और शुभचिंतकों का धन्यवाद करना चाहता हूं, कई उतार चढ़ाव के बावजूद हमारा हौसला बढ़ाया, हमारा समर्थन किया. हमें तीन चौथाई बहुमत मिला है.
केंद्र सरकार की योजनाओं पर जनता की आस्था
अमित शाह ने कहा कि यूपी की जीत आजादी के बाद की सबसे बड़ी विजय है. मोदी के नेतृत्व की जीत है, पार्टी के करोड़ों कार्यकर्ताओं के परिश्रम की जीत है. तीन साल से मोदी सरकार ने गरीबों के लिए योजनाएं बनाई. 93 योजनाओं को लोगों को तक पहुंचाने में सफलता पाई. नोटबंदी, जनधन, उज्जवला, गांवों में बिजली, छोटे दिखने वाले कामों में गहरी आस्था दी. आजादी के बाद मोदी जी के नेतृव पर छोटे-दलित तबके ने आस्था जताई. नरेंद्र मोदी आजादी के बाद सबके लोकप्रिय नेता बन कर उभरे हैं. 2014 के चुनाव में जो विश्वास देश की जनता मोदी जी और बीजेपी पर रखा था उस विश्वास को पार लगाने में मोदी शत प्रतिशत खरे उतरे हैं.
शाह ने कहा कि अमेठी-रायबरेली में जितना सबसे बड़ी बात है. हम चार राज्यों में सरकार बनाएंगे. हम राजनीति को नई दिशा देंगे. जातिवाद, परिवारवाद खत्म होगा, इस जीत से राजनीति बदलेगी, काम के आधार पर जनादेश मिला.
रविवार को चुना जाएगा मुख्यमंत्री
शाह ने कहा कि हिंदू-मुस्लिम से बाहर निकलना होगा. मददाता सिर्फ मतदाता होता है. EVM से छेड़छाड़ के मायावती के आरोपों पर उन्होंने कहा कि मैं मायावतीजी की स्थिति समझ सकता हूं, लिहाजा मैं उनकी बातों पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता. कल शाम छह बजे पार्टी कार्यालय में मोदीजी का स्वागत करेंगे, उसके बाद पार्टी के संसदीय बोर्ड की बैठक होगी, जिसमें इन राज्यों में पार्टी नेतृत्व का फैसला किया जाएगा. यूपी कैबिनेट की पहली बैठक में किसानों का कर्ज माफ करेंगे. सभी पांचों राज्यों की जनता को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि हम पांच साल में उनके भरोसे पर खरे उतरेंगे.



मुख्य चुनाव आयुक्त ने चेताया, दो हजार रुपए से ज्यादा चंदा लेने पर होगी कड़ी कार्रवाई
10 March 2017
नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने शुक्रवार को कहा को सभी राजनैतिक पार्टियों को चंदा के नियम पर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि नकद चंदा लेने के नियमों का उल्लंघन करने वाली पार्टियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट में ऐलान किया था कि कोई भी राजनैतिक दल किसी दानदाता से दो हजार से ज्यादा का नकद नहीं ले सकता है। ये माना जा रहा है कि इससे राजनैतिक दलों में पारदर्शिता आएगी।
एडीआर के संस्थापक सदस्य जगदीप छोकर कहना है कि इससे फिर भी यह पता नहीं लग पाएगा कि किस राजनैतिक पार्टी को किसने कितने चंदा दिया है। चुनाव आयोग से राजनैतिक पार्टियों को छूट मिली हुई है कि वह दानदाता के 20 हजार रुपए से कम चंदा देने वाले का नाम बताने के लिए बाध्य नहीं है। यह नियम अब भी लागू होगा।



Exit Poll से उत्साहित बीजेपी कार्यकर्ताओं ने इलाहाबाद में फोड़े पटाखे
10 March 2017
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के एग्जिट पोल गुरुवार को सामने आ गए हैं. अब सबकी नजर शनिवार को आने वाले नतीजों पर हैं. इंडिया टुडे-माइ एक्सिस इंडिया के एग्जिट पोल में पांच में से तीन राज्यों में बीजेपी की सरकार बनती दिख रही है, वहीं पंजाब और मणिपुर में कांग्रेस सत्ता में आ सकती है. इलाहाबाद में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने अभी से पटाखे फोड़ने शुरू कर दिए हैं.
लालू ने एग्जिट पोल को किया खारिज
आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने सभी एग्जिट पोल को खारिज करते हुए उत्तरप्रदेश में समाजवादी और कांग्रेस पार्टी के गठबंधन की सरकार बनने का दावा किया है. लालू प्रसाद यादव ने कहा कि एग्जिट पोल हमेशा फेल होते हैं बिहार में उन्होंने बीजेपी को आगे दिखाया था लेकिन नतीजा क्या निकला सबके सामने है. उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश के रिजल्ट का असर बिहार में नहीं होगा.
- वहीं बिहार के उपमुख्यमंत्री और लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव ने भी एग्जिट पोल को खारिज कर दिया है.
- बीजेपी नेता योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम राज्य में सरकार बना रहे हैं, हमें किसी भी गठबंधन की जरुरत नहीं है. योगी बोले कि अखिलेश को बोलना चाहिए कि मायावती के खिलाफ साजिश किसने की थी.
- कांग्रेस नेता राजबब्बर बोले कि हम यूपी में सरकार बना रहे हैं, हम एग्जिट पोल में विश्वास नहीं रखते हैं. गठबंधन ही चुनावों में जीत दर्ज करेगा.
- बीजेपी नेता ओम माथुर ने कहा कि विरोधियों ने अपनी हार स्वीकार कर ली है, यह पिछले आठ महीने से ही साफ है.
- बीजेपी नेता विनय कटियार ने कहा कि बीजेपी यूपी में सरकार बनायेगी, जिसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है, उन्होंने ही हमारे कैंपेन को लीड किया था.
- बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि साफ तौर पर बीजेपी की जीत हो रही है, पार्लियामेंट बोर्ड सीएम के चेहरे पर फैसला करेगा.
- एग्जिट पोल पर शुक्रवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश में अपनी जीत का दावा किया है. राहुल बोले- यूपी में हम जीतेंगे और 11 मार्च को बात करेंगे. बिहार में भी एग्जिट पोल गलत साबित हुए थे. हालांकि उन्होंने एग्जिट पोल पर बोलने से इनकार किया है.



न्यायाधीश कर्णन ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर उठाए सवाल, कहा-दलित होने के कारण उन्हें काम करने से रोक जा रहा है
10 March 2017
नई दिल्ली : कलकत्ता हाई कोर्ट के न्यायाधीश सीएस कर्णन ने शुक्रवार को कहा कि दलित होने के कारण उन्हें काम करने से रोक जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह जाति से जुड़ा मसला है. कर्णन ने शीर्ष न्यायालय के आदेश पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह आदेश मनमाना है और उनके जीवन एवं करियर को तबाह करने के लिए जानबूझकर ऐसा आदेश दिया गया है.
कर्णन ने कहा कि बिना किसी जांच, निष्कर्षों और मशविरा के वारंट जारी किया गया.
मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए कर्णन ने कहा कि शीर्ष अदालत को हाई कोर्ट के न्यायाधीश के खिलाफ इस तरह का आदेश पारित करने का अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय मास्टर नहीं है और हाई कोर्ट नौकर नहीं है.
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना के एक मामले में उसके समक्ष पेश ना होने पर न्यायमूर्ति कर्णन के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया. सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक को व्यक्तिगत तौर पर न्यायमूर्ति कर्णन के खिलाफ वारंट तामील कराने के निर्देश दिये जिससे कि 31 मार्च से पहले न्यायालय में उनकी पेशी सुनिश्चित हो सके.
न्यायमूर्ति कर्णन को अवमानना मामले में जमानत के लिए 10 हजार रुपये का निजी मुचलका भरना होगा. उच्चतम न्यायालय ने अवमानना नोटिस पर जवाब के रूप में न्यायमूर्ति कर्णन के पत्र पर विचार करने से इनकार किया.
न्यायपालिका के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ
बताया जा रहा है कि न्यायपालिका के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब हाई कोर्ट के मौजूदा जज को सुप्रीम कोर्ट की सात जजों की बेंच ने अवमानना नोटिस जारी किया है. पहली बार ऐसा होगा जब हाई कोर्ट के मौजूदा जज सुप्रीम कोर्ट के जजों के सामने अवमानना के मामले में पेश होंगे.
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट की नोटिस के बावजूद जस्टिस कर्णन सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में पेश नहीं हुए थे. लिहाजा सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस कर्णन को पेश होने का मौका देते हुए उनको तीन हफ्तों का वक्त दिया था. इस मामले में सुनवाई दस मार्च को हुई.



विधानसभा चुनाव-2017 के एग्जिट पोल से जुड़ा हर अपडेट LIVE
9 March 2017
देश के पांच राज्यों में तकरीबन डेढ़ माह चली विधानसभा चुनाव की लंबी प्रक्रिया अब समाप्त हो गई है और अब सबको इंतजार है 11 मार्च की सुबह का जब उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में हुई वोटिंग का परिणाम सामने आएगा. इन चुनाव में जनता ने किस पार्टी और नेता के पक्ष में जनादेश दिया है उसका संकेत मिलने लगा है. एक्जिट पोल के नतीजे सामने आ गए हैं.
आम आदमी पार्टी ने कहा है कि अगर हम पंजाब में चुनाव नहीं जीतते हैं तो हमें अपनी रणनीति पर दोबारा से विचार करना होगा.
LIVE UPDATES विधानसभा चुनाव -
- उत्तराखंड- कुल 70 सीटें बीजेपी: 46-53 सीटें, कांग्रेस: 12-21 सीटें, बीएसपी: 8 फीसदी, अन्य: 15 फीसदी

- वोट फीसदी (%)
बीजेपी: 43 फीसदी, कांग्रेस: 34 फीसदी वोट, बीएसपी: 1-2 सीटें, अन्य: 1-4 सीटें

- गोवा- कुल 40 सीटें

बीजेपी: 18-22 सीटें, कांग्रेस: 9-13 सीटें, AAP: 0-2 सीटें, महाराष्ट्रवादी गोमान्तक-शिवसेना गठबंधन: 3-6 सीटें, अन्य: 4-9 सीटें

- वोट फीसदी (%)

बीजेपी: 35 फीसदी, कांग्रेस: 32 फीसदी, AAP: 8 फीसदी, महाराष्ट्रवादी गोमान्तक-शिवसेना गठबंधन: 11 फीसदी, अन्य: 14 फीसदी
- वहीं एग्जिट पोल के मुताबिक राज्य में सत्तारू़ढ़ कांग्रेस को जनता ने बाहर का रास्ता दिखाने का संकेत दिया है. एग्जिट पोल के मुताबिक कांग्रेस को 12-21 सीटों पर जीत दर्ज हो सकती है.
- वोट शेयर के आधार पर राज्य में बीजेपी 43 फीसदी वोट के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर सकती है. वहीं कांग्रेस को इन चुनावों में महज 34 फीसदी वोट शेयर से संतोष करना पड़ेगा.
- इंडिया टुडे और एक्सिस के एग्जिट पोल के मुताबिक राज्य में बीएसपी महज 1-2 सीट जीत सकती है वहीं निर्दलीय अथवा अन्य के खाते में 1-4 सीट आ सकती है. बहुजन समाज पार्टी राज्य में 8 फीसदी वोट शेयर पर कब्जा कर सकती है. वहीं अन्य पार्टी और निर्दलीय उम्मीदवार 15 फीसदी वोट शेयर लेने में कामयाब हो सकते हैं.
- उत्तराखंड में फिलहाल कांग्रेस की सरकार है. इंडिया टुडे और एक्सिस माई इंडिया के एक्जिट पोल के नतीजों के मुताबिक उत्तराखंड में इस बार बीजेपी को बहुमत मिलने जा रहा है. एक्जिट पोल आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश की 70 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव में बीजेपी सर्वाधिक सीट 46-53 पर जीत दर्ज कर सकती है.

न्यूज एक्स चैनल के मुताबिक

बीजेपी: 185
सपा-कांग्रेस: 120
बीएसपी: 90
अन्य: 08
टाइम्स नाउ: बीजेपी को बहुमत

टाइम्स नाउ-वीएमआर के सर्वे के मुताबिक यूपी बीजेपी में 210 से 230 सीटें मिल सकती हैं. चुनावों में सपा को 110 से 130 सीटें मिलने का अनुमान बताया जा रहा है. वहीं, बीएसपी को सिर्फ 67 से 74 सीटों पर ही संतोष करना पड़ सकता है. एग्जिट पोल के मुताबिक इस बार यूपी में अन्य को 8 सीटें मिल सकती हैं. सर्वे के मुताबिक पश्चिम यूपी, अवध, रुहेलखंड, बुंदेलखंड और पूर्वी यूपी के अधिकतर हिस्सों में बीजेपी बढ़त बनाती दिख रही है.

India TV- सीवोटर के एग्जिट पोल के मुताबिक भाजपा को 15 से 21 सीटें मिलने की उम्मीद है
कांग्रेस को 12 से 18 मिल सकती हैं
आम आदमाी पार्टी 0 से 4 सीटों में ही सिमट जाएगी

अन्य को 2 से 8 सीटें मिलेंगी
- पंजाब के एग्जिट पोले के नतीजे आ गए हैं. एग्जिट पोल में कांग्रेस की सरकार बनती हुई दिखाई दे रही है. एग्जिट पोल में कांग्रेस को 62 से 71 तक सीटें मिल रही हैं. वहीं आम आदमी पार्टी दूसरे नंबर की पार्टी बनती हुई दिख रही है. वहीं अकाली दल और बीजेपी का सूपड़ा साफ हो गया है, गठबंधन को 4 से 7 सीटें मिल रही हैं.
रविदास मेहरोत्रा बोले- गठबंधन का फायदा सिर्फ कांग्रेस को मिला, हमारी पार्टी के प्रत्याशी को हराने का काम कांग्रेस ने किया. अखिलेश सरकार ने राज्य के विकास के लिए काफी काम किया और वो पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएंगे.
रविदास मेहरोत्रा बोले-गठबंधन का फायदा सिर्फ कांग्रेस को मिला. अगर गठबंधन नहीं होता तो हम ज्यादा सीटें जीत पाते.
-कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद का दावा-यूपी में सपा कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनेगी. बीजेपी तीसरे नंबर की पार्टी उत्तर प्रदेश में रहेगी. आजाद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में हार के डर से प्रधानमंत्री को उतरना पड़ा. सपा का तो काम बोलता है,पर PM के तो यूपी में सिर्फ भाषण बोलते रहे पूरे चुनाव के दौरान.
-उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के 11 मार्च को होने वाली मतगणना को ध्यान में रखते हुए पूरे जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है. मतगणना के दौरान राजनीतिक दलों एवं अन्य संगठनों के द्वारा माहौल बिगाड़ने की संभावना को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने यह कदम उठाया है.
-आज शाम पांच बजे से जारी होने लगेंगे एक्जिट पोल के नतीजे
-राजनीतिक विश्लेषक मनीषा प्रियम के मुताबिक यूपी चुनावों में बीजेपी को 170-180, समाजवादी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन को 100-110, बीएसपी को 90-100 तो आरएलडी को 20-30 सीटें मिलेंगी.



उत्तर प्रदेश एटीएस ने पकडे़ दो और संदिग्ध
9 March 2017
लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद रोधी स्क्वायड :एटीएस: ने लखनउ आतंकी ऑपरेशन के सिलसिले में आज दो और संदिग्धों को गिरफ्तार किया। एटीएस ने लखनउ ऑपरेशन में संदिग्ध आतंकी सैफुल्लाह को मार गिराया था।
अपर पुलिस महानिदेशक :कानून व्यवस्था: दलजीत चौधरी ने बताया कि आज गिरफ्तार संदिग्धों में से एक भारतीय वायुसेना का पूर्व कर्मी मोहम्मद गौस खान है।
उन्होंने बताया कि खान माड्यूल का मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड है। उसे कानपुर से पकड़ा गया। खान ने पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। पुलिस उससे मिली जानकारी के आधार पर जांच आगे बढा रही है।
चौधरी ने कहा, मोहम्मद गौस खान माडयूल का कट्टर सदस्य है और वह तकनीकी स्तर पर जानकार है।
उन्होंने बताया कि एक अन्य आरोपी अजहर भी पकड़ा गया है। चौधरी ने यह नहीं बताया कि अजहर को कहां से पकड़ा गया है। अजहर माडयूल को हथियारों की आपूर्ति करता था।
चौधरी ने बताया कि आज की दो गिरफ्तारियों के साथ ही माडयूल के सभी प्रमुख सदस्य पकडे़ जा चुके हैं।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने कल तीन संदिग्ध गिरफ्तार किये थे। इस प्रकार अब तक कुल पांच लोग गिरफ्तार किये जा चुके हैं।
सैफुल्लाह के तार मंगलवार को भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन विस्फोट से जुडे होने का संदेह था।



पुलवामा मुठभेड़ में लश्कर के दो आतंकवादी मारे गए
9 March 2017
दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले के अवंतीपोरा इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के साथ आज नौ घंटे चली मुठभेड़ में लश्कर.ए.तैयबा के दो आतंकवादी मारे गए। इस घटना में एक नागरिक की भी मौत हो गयी।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना पर सुरक्षाबलों ने तड़के करीब ढाई बजे पडगामपोरा इलाके में घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। इसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गयी।
आतंकवादियों ने सुबह करीब चार बजकर 40 मिनट पर सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की और दोनों पक्षों के बीच भीषण मुठभेड़ हुयी जो नौ घंटों तक चली। आतंकवादी आसपास के दो घरों में छिपे थे।
उन्होंने बताया कि सुरक्षा अधिकारियों ने घर में छिपे आतंकवादियों में से एक की मां को भी मौके पर बुलाया ताकि उसे आत्मसमर्पण के लिए मनाया जा सके लेकिन उसने ऐसा करने से इनकार कर दिया।
अधिकारी के अनुसार मारे गए आतंकवादियों की पहचान जहांगीर गनई और मोहम्मद शफी शेरगुजरी के रूप में हुयी है। दोनों आतंकवादी संगठन लश्कर के सदस्य थे।
उन्होंने बताया कि दोनों ओर से चली गोलियों की चपेट में आने से 15 साल के किशोर आमिर नजीर वानी की भी मौत हो गयी। उसके गले में एक गोली लग गयी थी।
स्थानीय नागरिकों ने दावा किया कि सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ स्थल के पास प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलायी जिससे वानी की मौत हुयी। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने कहा कि किशोर की मौत मुठभेड़ की चपेट में आने से हुयी।
एक अन्य युवक सजद अहमद भट्ट भी गोली लगने से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।



देशद्रोही बेटे की लाश नहीं चाहिए, जिल्लत महसूस होती है: संदिग्ध आतंकी के पिता
8 March 2017
यहां एनकाउंटर में मारे गए संदिग्ध आतंकी सैफुल्लाह (23) के पिता सरताज अहमद ने बेटे की लाश लेने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा, "देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले से मेरा कोई रिश्ता-नाता नहीं है। उसे तो अल्लाह भी माफ नहीं करेगा। गद्दारी करने वाले का पिता कहलाने में मुझे जिल्लत महसूस होती है।" पिता ने ये भी बताया कि सैफुल्लाह ने ढाई महीने पहले घर छोड़ दिया था। एनकाउंटर के पहले फोन कर उसने जल्द ही सऊदी अरब जाने की बात कही थी। बता दें मंगलवार की रात को यूपी एटीएस ने लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में 11 घंटे चले एनकाउंटर में मार गिराया था। ऐसा आरोप है कि सैफुल्लाह ISIS के खुरासान मॉड्यूल का मेंबर था।
- मंगलवार सुबह एमपी के शाजापुर में ट्रेन ब्लास्ट हुआ था। उसके पहले एमपी पुलिस ने चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया।
- यूपी एटीएस ने कानपुर-इटावा से तीन सस्पेक्ट अरेस्ट किए। इन्हीं गिरफ्तारियों के बाद सैफुल्लाह के लखनऊ में छिपे होने का इनपुट मिला था। इसके बाद ही यह कार्रवाई की गई।
'देशद्रोही बेटे का नहीं लूंगा शव, अल्लाह भी उसे नहीं करेगा माफ'
- सैफुल्लाह के पिता सरताज ने कहा, "देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले से मेरा कोई रिश्ता- नाता नहीं है। करीब ढाई महीने पहले वह घर से मुंबई जाने की बात कहकर निकला था। वहां से वह वीजा लेकर दुबई जाने वाला था। जिसके बाद से उसने हमसे कभी संपर्क नहीं किया।"
- "मैं नहीं जानता कि वह आतंकी संगठन आईएसआईएस से कैसे जुड़ गया। अपने वतन की मिट्टी के साथ गद्दारी करने वाले का पिता कहलाने में मुझे जिल्लत महसूस होती है। मेरे परिवार ने फैसला किया है कि सैफुल्लाह के शव को नहीं लेंगे। उसे तो अल्लाह भी माफ नही करेगा।"
- सरताज ने बताया कि सैफुल्लाह ने बीकॉम तक की पढ़ाई की थी। वो अकाउंटिंग का काम सीखकर प्राइवेट काम करता था। यहां उसका मन नहीं लगता था वह सऊदी अरब जाना चाहता था।
- सरताज के तीन बेटे हैं। सैफुल्लाह सबसे छोटा था। सबसे बड़ा बेटा खालिद शादीशुदा है और प्राइवेट जॉब करता है। वहीं, दूसरे नंबर का बेटा मुजाहिद है। वो चाय की दुकान चलाता है। सैफुल्लाह की मां का निधन पिछले साल हुआ था।
पता होता तो खुद बेटे को पुलिस के हवाले कर देता
- सैफुल्ला के पिता ने कहा, ''कोई गद्दार मेरा बेटा नहीं हो सकता है। सीधी सी बात है। अगर मुझे जरा सी भी भनक होती कि वो ऐसे काम में लगा है तो मैं खुद उसे पुलिस के हवाले कर देता। फिर पूरी दुनिया देखती कि कैसे एक पिता अपने ही बेटे को पुलिस के हवाले करता है। बीमारी को छुपाने की कोई जरूरत नहीं है। छुपाने पर वह लाइलाज हो जाती है। मेरे बेटे ने गलत काम किया है। मुझे इस बात का अफसोस है।''
- ''हम भारत के नागरिक हैं। हम यहीं जन्मे। हमारे पुरखे यहीं के रहने वाले हैं। परिवार का हर आदमी हमारे बेटे की बात से दुखी है। लेकिन शर्मिंदगी से ज्यादा ये जिल्लत है।''
छह महीने से किसी को लैपटॉप नहीं छूने देता था
- सरताज खान के मुताबिक, "सुबह दस बजे तक वो घर से निकल जाता था और देर रात घर वापस लौटता था। पूछने पर बहस करने लगता था, बस यही कहता था इतना धन कमाऊंगा कि सब देखते रह जाएंगे। वो आतिश नाम के एक लडके के साथ ज्यादा रहता था। अब वो क्या करते थे, इसके बारे में घर में कभी नहीं बताता था।"
- "करीब तीन महीने पहले काम को लेकर मैंने उसे पीटा था, जिसके बाद वो घर से चला गया। वो अपने साथ अपना पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड और अपने सारे सर्टिफिकेट भी लेकर गया था।''
- ''सैफुल्लाह ने एक लैपटॉप खरीदा था, लेकिन छह महीने से वो अपने लैपटॉप को किसी को छूने नहीं देता था। उसका समय अपने लैपटॉप पर ही गुजरता था।''
सोमवार को आया था फोन
- पिता सरताज ने बताया, ''सोमवार सुबह सैफुल्लाह का फोन आया था। उसने कहा था कि पापा, हम एक-दो दिन में सऊदी जा रहे हैं। मगर उसके पहले हमें एक जरूरी काम करना है। लेकिन सैफुल्लाह ने ये नहीं बताया कि वो कौन-सा जरूरी काम है।' जब एनकाउंटर के बाद टीवी में उसका नाम सुना और फोटो देखी तो पता चला कि मेरा बेटा आतंकी बन चुका है।'' बड़े भाई ने कहा- जिसने चींटी नहीं मारी वो ब्लास्ट क्या करेगा?
- सैफुल्लाह के बड़े भाई खालिद ने बताया, ''मेरे भाई के सपने बहुत बड़े थे। वो पढ़ने में काफी तेज था। एक बार कोई चीज को देख लेता या सुन लेता था तो उसे वो चीज याद हो जाती थी।''
- ''उसे क्रिकेट खेलने का बहुत शौक था। स्कूल में पढ़ते समय वो कई बार खेलकूद में प्राइज जीत चुका था। वो जो ठान लेता था, उसे करके ही मानता था। वह कभी किसी पर गुस्सा नहीं करता था। ज्यादा किसी से बात करना पसंद नहीं करता था। उसे हमेशा नया करने का जुनून रहता था। उसे बहका दिया गया होगा, वो ऐसा नहीं कर सकता है। उसने कभी चींटी नहीं मारी, वो बम ब्लास्ट क्या करेगा?''
क्या है मामला?
- 7 मार्च की सुबह एमपी के शाजापुर में भोपाल-पैसेंजर ट्रेन में IED ब्लास्ट हुआ। इसमें 10 लोग घायल हुए। इसे देश में मौजूद ISIS मॉड्यूल का पहला हमला माना गया।
- ब्लास्ट के बाद उसी दिन दोपहर को एमपी पुलिस ने पिपरिया के एक टोल नाके से बस रोककर चार सस्पेक्ट पकड़े। इनकी गिरफ्तारी के बाद कानपुर से दो और इटावा से एक संदिग्ध अरेस्ट हुआ।
- इन संदिग्धों से मिली इन्फॉर्मेशन और इंटेलिजेंस इनपुट के बाद यूपी एटीएस ने लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में एक घर को घेर लिया। यहां अाईएसआईएस का संदिग्ध आतंकी सैफुल्लाह छिपा बैठा था। उसकी उम्र 22 से 23 साल के बीच थी। वह कानपुर का रहने वाला था।
- उसने सरेंडर करने से मना कर दिया। 11 घंटे चले एनकाउंटर के बाद उसे मार गिराया गया। उसके घर से 8 रिवॉल्वर, 650 कारतूस, कई बम और रेलवे का मैप मिला।



उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव: सातवें और अंतिम चरण में 60 फीसदी मतदान
8 March 2017
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के सातवें और अंतिम चरण के लिए बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी समेत सात जिलों की 40 सीटों पर 60. 03 पर्सेंट मतदान हुआ। निर्वाचन आयोग के अनुसार वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली, मिर्जापुर, भदोही और सोनभद्र की इन सीटों पर शांतिपूर्ण ढंग से मतदान हुआ।
इसके साथ ही कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश सिंह, पारसनाथ यादव, अजय राय, पूर्व सांसद धनंजय सिंह, बाहुबली मुख्तार अंसारी के भाई सिबगतउल्लाह अंसारी और जेल में बंद माफिया मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह समेत कुल 535 उम्मीदवारों का चुनावी भाग्य ईवीएम में बंद हो गया। इस बार हुए विधानसभा चुनाव के सातों चरणों में 60. 76 प्रतिशत मतदान हुआ। वर्ष 2012 में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में यह 59. 48 पर्सेंट वोट पड़े थे।
इस बार पहले चरण में 64. 22 फीसदी, दूसरे दौर में 65. 16 फीसदी, तीसरे चरण में 61. 16 फीसदी, चौथे चरण में 60. 37 फीसदी, पांचवें दौर में 57. 37 फीसदी और छठे चरण में 57. 03 फीसदी मतदान हुआ था। जौनपुर से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, मतदाताओं को वाहनों से मतदान बूथ तक ले जाने के आरोप में जफराबाद सीट से बीजेपी प्रत्याशी हरेन्द्र प्रताप सिंह और चार अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि हरेंद्र प्रताप सिंह ने इस आरोप को गलत बताया है। नक्सल प्रभावित दुद्धी, रॉबर्टसगंज और चकिया सीटों पर क्रमश: 62, 58 और 59 प्रतिशत मतदान हुआ। इन सीटों पर मतदान सुबह सात बजे से शाम चार बजे तक था, जबकि अन्य सभी मतदान केंद्रों पर सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक हुआ।
वर्ष 2012 में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में इन 40 सीटों में से 23 पर एसपी ने जीत दर्ज की थी, जबकि बीएसपी को पांच, बीजेपी को चार, कांग्रेस को तीन और अन्य को पांच सीटें मिली थीं। सातवें चरण के चुनाव में 64. 76 लाख महिलाओं समेत लगभग 1. 41 करोड़ मतदाताओं के वोट डालने के लिए कुल 14, 458 मतदान बूथ बनाए गए थे। इस चरण में बीजेपी 32 सीटों पर चुनाव लड़ रही थी, जबकि चार-चार सीटें इसने अपने सहयोगी अपना दल और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को दी थीं।
बीएसपी ने सभी सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं। सपा 31 सीटों पर है तो उसकी गठबंधन सहयोगी कांग्रेस बाकी नौ सीटों पर चुनाव लड़ रही है। इसके साथ ही प्रदेश विधानसभा चुनाव के सात चरणों में मतदान की प्रक्रिया समाप्त हो गई। वोटों की गिनती आगामी 11 मार्च को होगी।



राजस्थान बजट 2017-18: वसुन्धरा राजे ने पेश किया दूसरे शासनकाल का चौथा बजट, ₹200 करोड़ से अधिक की राहत
8 March 2017
राजस्थान विधानसभा में बुधवार (8 मार्च) को मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने वर्ष 2017-2018 का बजट पेश किया जिसमें वर्ष के दौरान एक लाख तीस हजार एक सौ बासठ करोड़ सात लाख रुपए की राजस्व प्राप्तियां और एक लाख 43 हजार छह सौ नब्बे करोड़ दस लाख रुपए का राजस्व व्यय होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे के पास वित्त विभाग भी हैं। राजे ने अपने दूसरे शासनकाल का यह चौथा बजट पेश करते हुए राजे ने हर वर्ग को राहत देते हुए राजस्थान को तेजी से विकास पथ पर ले जाने की मंशा जतायी।
बजट में आर्थिक एवं सामाजिक आधारभूत सरंचना का विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाए जाने पर बल दिया गया है। बजट में दो सौ करोड़ रुपए से अधिक की राहत दी गयी है और करीब चालीस करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय संभावित है। बजट में चौबीस हजार 753 करोड तिरेपन लाख रुपए के राजकोषीय घाटा दर्शाया है। बजट में राजस्थान के सर्वागीण विकास के लिए सड़क, स्वास्थ्य, बिजली, परिवहन, पर्यटन कृषि शिक्षा ,उद्योग का तेजी से विकास करने की योजनाओं तथा कार्यक्रमों पर आवंटन के साथ साथ मंदी के दौर से गुजर रहे
जमीन-जायदाद क्षेत्र के कारोबार को गति देने के लिए स्टाम्प डियूटी में राहत दी गयी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत में मिली चरमराई अर्थव्यवस्था, अकुशल वित्तिय प्रबंधन के कारण प्रगति का यह सफर अत्यन्त चुनौतीपूर्ण रहा और आगे भी यह सफर चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। बजट प्रस्तुत किए जाते समय सदन में विपक्ष की ओर से दो बार व्यवधान डाले जाने के बावजूद मुख्यमंत्री ने बजट भाषण जारी रखा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण गौरव पथ से छूटी तीन हजार 987 ग्राम पंचायतों को आगामी दो साल में इस योजना से जोड़ा जाएगा। अगले वित्त वर्ष में ऐसी दो हजार ग्राम पंचायतों को जोड़ने के लिए बजट में दो सौ करोड़ रुपए खर्च का प्रावधान है। अगले साल एक हजार पांच सौ अस्सी करोड़ रुपए की लागत से 796 किलोमीटर राज्य राजमार्गों के निर्माण के साथ साथ सड़कों के निर्माण पर बारह सौ करोड़ रुपए खर्च किये जायेंगे।
मुख्यमंत्री ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कोटा,अजमेर,रणथम्भौर को जयपुर से और केंद्र सरकार की क्षेत्रीय सम्पर्क योजना के तहत जयपुर को जैसलमेर व आगरा से तथा बीकानेर को नई दिल्ली के बीच हवाई सेवा आरंभ करने और हवाई पट्टियों के नवीनीकरण पर सौलह करोड़ रुपए से अधिक खर्च पर्यटन स्थलों के सौदर्यीकरण पर 36 करोड़ रुपए खर्च करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने अगले दो साल में एक लाख कृषि कनेक्शन देने तथा दो सौ तेइस ग्रिड स्थापित करने, भेड़पालकों के लिए बीमा योजना पुन आरंभ करने, 36 लघु सिंचाई परियोजनाओं के जीर्णोद्धार पर छप्पन करोड़ रुपए से अधिक खर्च करने की घोषणा की है।
प्रतिपक्ष के हंगामे के बीच मुख्यमंत्री ने सहयोग एवं उपहार योजना के तहत पुत्रियों के विवाह पर देय अनुदान राशि को दस हजार, पांच हजार और दस हजार को बढ़ाकर दुगुना करने, विशेष योग्यजनों को एक जुलाई 2017 से सात सौ पचास रूपये प्रति माह पेंशन देने, विशेषयोग्यजन को सुखद दांपत्य जीवन योजना के तहत देय पच्चीस हजार रुपए को बढ़ाकर पचास हजार रुपए करने ,देवनारायण योजना के तहत गुर्जर बाहुल्य क्षेत्र मेहरडा गुजरवास (झुंझुनूं), केकड़ी (अजमेर), कुचामनसिटी (नागौर) और कोटा में आदर्श छात्रावास खोलने की घोषणा की है।
राजे ने मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान पेंशन योजना के तहत साठ साल से अधिक आयु की विधवाओं के लिए पेंशन राशि एक हजार रुपए और 75 वर्ष से अधिक को डेढ़ हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन देने, राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं और बारहवीं कक्षा में विशेष योग्यता पाने वाले प्रथम एक सौ विधार्थियों को एक मुश्त पंद्रह हजार रुपए और उच्च शिक्षा में प्रवेश लेने वाले प्रथम एक सौ विघार्थियों को पच्चीस हजार रुपए, सिविल सर्विसेज और राजस्थान प्रशासनिक सेवा में प्रथम एक सौ स्थान पर आने वाले प्रदेश के अभ्यार्थियों को क्रमश पचास हजार और तीस हजार रुपए एकमुश्त देने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री के बजट प्रस्ताव के दौरान कांग्रेस के गोविन्द डोटासरा बिना अध्यक्ष की मंजूरी लिये बोलना चाहा पर अध्यक्ष ने उन्हें अनुमति नहीं दी। डोटासरा ने फिर व्यवधान डालने की कोशिश की। इस पर अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने उन्हें बिना इजाजत के बोलने से रोका और चेतावनी दी कि ऐसा फिर करने पर सदस्य को सदन के बाहर निकाला जा सकता है। अध्यक्ष के कड़े रुख पर नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी ने कुछ अपापत्ति दर्ज करानी चाही पर उन्हें अध्यक्ष से अनुमति नहीं मिली। इसी दौरान कांग्रेस के रमेश मीणा अध्यक्ष के आसान की तरफ बढ़ गए थे और सदन में कुछ समय तक शोरशराबा और हंगामा होता रहा।
मुख्यमंत्री ने करीब दो घंटे से अधिक समय के अपने बजट प्रस्तावों में नए कॉलेज, स्कूल खोलने, स्कूलों को क्रमोन्नत करने, खेलों के विकास के लिए खेल अकादमी खोलने, अस्पतालों में सुविधाओं और शैयाओं की संख्या बढ़ाने, कौशल नियोजन एवं उद्यमिता क्षेत्र में जयपुर से करीब बीस किलोमीटर दूर जामडोली में राजस्थान आईएलडी स्किल्स यूनिवर्सिटी खोलने, विचाराधीन मुकदमों का शीघ्र निपटारा करने के लिए पोकरण,कोटपुतली और बारा में अपर जिला एवं सैशन न्यायालय खोलने सहित चार स्थानों पर सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट, जयपुर में पास्कों कानून के मामलों की सुनवायी के लिए न्यायालय खोलने, सात स्थानों पर पारिवारिक न्यायालय खोलने और प्रतापगढ़, करौली में मोटर दुर्घटना दावा न्यायालय खोलने, अधिस्वीकृत पत्रकारों के लिए नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा को बढ़ाकर पांच हजार रुपए करने और मेडिकलेम पालिसी को कैशलेस करने की घोषणा की।



लखनऊ में एनकाउंटर, ATS की फायरिंग के बाद संदिग्ध आतंकी घायल
7 March 2017
यहां के ठाकुरगंज इलाके में पुलिस का एक संदिग्ध आतंकी के साथ एनकाउंटर जारी है। आतंकी एक घर में छिपा है। दोनों तरफ से पहले रुक-रुक कर फायरिंग हुई। बाद में फायरिंग थम गई। एटीएस ने संदिग्ध से बात करने की कोशिश की। लेकिन उसने कहा कि वह जान दे देगा, लेकिन सरेंडर नहीं करेगा। इसके बाद फायरिंग दोबारा तेज हो गई। 20 राउंड फायरिंग के बाद एटीएस ने मौके पर एंबुलेंस बुला ली। फायरिंग में संदिग्ध घायल हो गया है। एटीएस कमांडोज घर में दाखिल हो चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस संदिग्ध आतंकी के तार एमपी में मंगलवार को हुए ट्रेन ब्लास्ट से जुड़े हैं। यूपी एटीएस को कानपुर में एक संदिग्ध की गिरफ्तारी के बाद इसके लखनऊ में छिपे होने का इनपुट मिला था।
क्या बोले एडीजी?
- एडीजी दलजीत चौधरी ने कहा- इनपुट मिला था कि कुछ संदिग्ध कानपुर और लखनऊ में छुपे हुए हैं। कानपुर के संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया गया है। दूसरे संदिग्ध को पुलिस ने घर में घेरा है। उसका सरेंडर कराने की कोशिश की। उसके पास हथियार बताया जा रहा है।
- एडीजी ने बताया कि यूपी एटीएस आतंकी को जिंदा पकड़ने की कोशिश में है ताकि उसके पूरे कनेक्शन का पता चल सके। फोर्स इस बात का ख्याल रख रही है कि फायरिंग में किसी नागरिक को नुकसान न पहुंचे। खुद एटीएस के आईजी मौके पर पहुंचे।
चिली बम का भी हुआ इस्तेमाल
- एटीएस के आईजी असीम अरुण ने बताया, ''ऐसी सूचना मिली थी कि यहां एक संदिग्ध व्यक्ति है। उसके पास कोई होस्टेज नहीं है, इसलिए हमारे पास समय है। हमने चिली बम का भी इस्तेमाल किया। उसने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। ऐस लगा कि उसके पास हथियार हैं। लेकिन वो अकेला है। हमें कोई जल्दी नहीं है। वो अब तक बाहर नहीं निकला है। रुक-रुककर फायरिंग कर रहा है। हम उसे जिंदा अरेस्ट करेंगे।'' कानपुर के संदिग्ध ने लखनऊ के बारे में दी इन्फॉर्मेशन
- कानपुर के चकेरी थाना के तिवारीपुर ताडबगिया मोहल्ले से लखनऊ एसटीएफ की टीम ने एक संदिग्ध को अरेस्ट किया। उसका नाम फैजान बताया जा रहा है।
- सूत्रों के मुताबिक, फैजान ने ही लखनऊ के एक घर में छिपे आतंकी के बारे में जानकारी दी।
कहां है ठाकुरगंज?
- जिस इलाके में एनकाउंटर चल रहा है वो रिहायशी कॉलोनी है। कॉलोनी नई है। इसलिए लोग एक-दूसरे के बारे में ज्यादा वाकिफ नहीं हैं। घर भी दूर-दूर बने हैं।
- ये लखनऊ का बॉर्डर एरिया है। यहां से हरदोई जिला शुरू हो जाता है। बदमाश इस इलाके में अपना ठिकाना बनाते रहे हैं।
कॉलोनी के लोगों ने क्या बताया?
- आस-पास के लोगों के मुताबिक इस मकान में 6 महीने से 4 लोग रह रहे थे। इसमें यह संदिग्ध आतंकी भी शामिल है।
- एटीएस जब यहां पहुंची तो एक संदिग्ध ही घर में मौजूद था। बाकी के 3 लोग यहां से निकल चुके थे।
- इनके पास कानपुर के नंबर की एक बाइक भी थी।
- पड़ोसियों का कहना है कि इन्होंने खुद को स्टूडेंट बताकर मकान किराए पर लिया था।
- मकान मलिहाबाद के रहने वाले बादशाह का है, जो खाड़ी के किसी देश में काम करते हैं।
एमपी में कहां हुआ ब्लास्ट?
भोपाल से 70 किमी दूर कालापीपल में जबड़ी स्टेशन के पास मंगलवार सुबह भोपाल-उज्जैन पैसेंजर (59320) ट्रेन के कोच में ब्लास्ट हुआ। इसमें 9 लोग जख्मी हो गए। IED ब्लास्ट के बाद कोच में छेद हो गया। एमपी पुलिस ने पुष्टि की है कि यह एक आतंकी हमला था।



भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन में आतंकियों ने IED से किया ब्लास्ट: 9 जख्मी, 3 अरेस्ट
7 March 2017
भोपाल से 70 किमी दूर कालापीपल में जबड़ी स्टेशन के पास मंगलवार सुबह भोपाल-उज्जैन पैसेंजर (59320) ट्रेन में ब्लास्ट हो गया। इसमें 9 लोग जख्मी हो गए। ब्लास्ट से जनरल कोच में छेद हो गया। एमपी के आईजी लॉ एंड ऑर्डर मकरंद देवस्कर ने पुष्टि की कि भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन में हुआ ब्लास्ट आतंकी हमला ही था। यह आईईडी ब्लास्ट था। इस बीच, हमले के कुछ ही घंटों बाद पिपरिया पुलिस ने एक बस को टोल नाके पर रोककर तीन संदिग्धों को अरेस्ट कर लिया।
- जीआरपी एसपी कृष्णा वेणी ने शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की वजह से ब्लास्ट होने की बात कही। लेकिन सूटकेस में विस्फोटक होने के संकेत भी दिए।
- भोपाल रेल डिविजन के पीआरओ आईए सिद्दीकी ने बताया कि जख्मी पैसेंजर्स को कालापीपल के हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है। मेडिकल टीम भी भेजी गई है।
कब हुआ ब्लास्ट?
- यह ब्लास्ट सुबह करीब 10 बजे कालापीपल के पास हुआ। शाजापुर से डॉग स्क्वॉड मौके के लिए रवाना की गई। भोपाल से बम निरोधक दस्ता भेजा गया। एसपी मोनिका शुक्ला मौके पर पहुंचीं।
- पुलिस के मुताबिक, यह अाईईडी ब्लास्ट था।
- मध्य प्रदेश के होम मिनिस्टर भूपेंद्र सिंह ने जांच के आदेश दिए हैं। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि एसपी और कलेक्टर मौके पर हैं। एटीएस और फॉरेसिंक टीम जांच कर रही है। मैं इस घटना पर नजर रख रहा हूं। घबराहट में कुछ लोग कोच से कूदे
- आईविटनेस ने बताया कि ब्लास्ट के बाद डिब्बे में अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोग ट्रेन से कूद गए, जिसकी वजह से उन्हें चोटें आईं। इनमें कुछ बुजुर्ग भी शामिल थे।
- ब्लास्ट की आवाज सुनकर कुछ लोगों चेन खींचकर ट्रेन को रोका।
तीन सस्पेक्ट अरेस्ट
- भोपाल-उज्जैन पैसेंजर के कोच में ब्लास्ट होने के बाद मंगलवार को ही पिपरिया पुलिस ने तीन सस्पेक्ट को हिरासत में लिया है। ये तीनों भोपाल के नादरा बस स्टैंड से सवार हुए थे। संदिग्धों के पास से पुलिस ने दो बैग भी बारमद किए है, जिसमें संदिग्ध सामान होने की सूचना मिली है। इस पूरे मामले को भोपाल के पास हुए ट्रेन ब्लास्ट से जोड़कर देखा जा रहा है।
ऐसे हुई गिरफ्तारी
- मंगलवार को भोपाल से आ रही बस क्रमांक (mp-o4 पीए-2876) को पिपरिया पुलिस ने चेतक टोल नाके के पास रोक लिया। मौके पर पहुंची दो थानों की पुलिस ने घेराबंदी कर 3 संदिग्ध लड़कों को हिरासत में लिया है। इनसे पूछताछ की जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पकड़े गए संदिग्धों का ट्रेन विस्फोट में हाथ हो सकता है। हालांकि, पुलिस इस मामले को लेकर कुछ भी कहने से अभी इंकार कर रही है।



प्रधानमंत्री ने किया देश के सबसे लंबे एक्सट्रा डाज्ड केवल स्टे पुल का उद्घाटनथ
7 March 2017
भरूच: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुजरात के भरूच में नर्मदा नदी पर बने देश के सबसे लंबे एक्स्ट्रा डाज्ड केवल स्टे पुल का उद्घाटन किया। 379 करोड रुपए की लागत से बने 1344 मीटर लंबे इस पुल के उद्घाटन के मौके पर उन्होंने भरूच में एक अत्याधुनिक बस टर्मिनल का शिलान्यास भी किया। उन्होंने केंद्रीय सडक परिवहन मंत्री नीतिन गडकरी, उर्वरक एवं रसायन राजय मंत्री मनसुख मांडविया तथा मुख्यमंत्री विजय रूपाणी उपमुख्यमंत्री नीतिन पटेल की मौजूदगी में राज्य के आठ मार्गों को 12000 करोड रुपए की लागत से राष्ट्रीय राजमार्ग में तब्दील करने की योजना की भी घोषणा की।
पूरे पश्चिम भारत को इस मार्ग से मिलेगी राहत
इन मार्गो की कुल लंबाई 1200 किमी होगी। इस परियोजना से दुर्घटनाओं पर भी कारगर रोक लगेगी और लोगों को रोजगार भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि नए पुल के चालू हो जाने से जाम से पीडित रहने वाले भरूच और पूरे पश्चिम भारत के इस मार्ग को काफी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि देश में लंबे समय तक परियोजना को पूरा करने की पुरानी संस्कृति में तब्दीली कर इसे निर्धारित सीमा के भीतर पूरा करने की गुजरात से शुरू हुई कार्यसंस्कृति लागू की जा रही है। उन्हें भरूच के औद्योगिक इलाके दहेज को आठ लाख रोजगार वाला तथा पूरे देश का गहना करार दिया। विकास के लिए हाईवे के साथ आईवे की भी जरूरत
उन्होंने कहा कि सूरत की तरह भरूच का भी विकास होगा यहां नर्मदा में स्टीमर परियोजना शुरू की जाएगी। मोदी ने कहा कि सही संकल्पना अथवा विजन, नीयत और नीति से सफलता मिल कर रहती है। उन्होंने उत्तर प्रदेश समेत देश के कई हिस्सों में वर्षों से परियोजनाओं के लटके रहने पर अफसोस व्यक्त किया और कहा कि पुरातनपंथी और 20 वीं सदी की सोच के साथ 21 वीं सदी के अनुरूप विकास नहीं हो सकता। विकास के लिए हाईवे के साथ ही आईवे यानी इन्फार्मेशन वे की भी जरूरत है। उन्होंने इस मौके पर अपनी सरकार की सागरमाला और भारतमाला परियोजना की भी चर्चा की। कांग्रेस के पास सरकार चलाने की कोई जानकारी नहीं
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार के पास सरकार चलाने के लिए कई जानकारी ही नहीं थी। इसके समय में मार्च 2014 तक कागज में उल्लेखित सवा लाख गांवों की जगह मात्र 59 गांव में आप्टिल फाइबर बिछाया जा सका था। उनकी सरकार ने अब तक 68 हजार गांवों को इससे जोडा है और ढाई लाख गांवों का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने देश के द्वीपों के बारे में वैज्ञानिक जानकारी जुटाई है और कुल 1300 में से 200 को विकसित करने का काम शुरू किया है।
रूपाणी ने कहा कि पिछली सरकार में द्वीपो की संख्या के बारे में भी जानकारी नहीं थी। उनकी सरकार आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर 2022 तक सभी लोगों को आवास उपलब्ध करने की दिशा में काम कर रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल के दौरान प्रतिदिन सडक निर्माण का कार्य पहले के दो किमी की तुलना में 11 गुना बढ कर 22 किमी तथा रेल पटरी निर्माण/अमान परिवर्तन का काम सालाना 1500 किमी से दोगुना यानी 3000 किमी हो गया है। रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण का भी काम हो रहा है।



मोदी ने लाल बहादुर शास्त्री स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित किया
6 March 2017
वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज वाराणसी में लाल बहादुर शास्त्री स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की । यह स्मारक उस स्थान पर बनाया गया है जहां पर पूर्व प्रधानमंत्री ने अपने बचपन के आरंभिक दिन बिताये थे ।
वाराणसी में चुनाव प्रचार के लिए तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन मोदी ने गंगा नदी के किनारे रामनगर क्षेत्र की यात्रा की । यह रास्ता शास्त्री चौराहे की ओर जाता है जिसका नामकरण दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नाम पर किया गया है । यहां पर लोगों की भीड़ प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए उमड़ पड़ी । ये लोग कई घंटों से वहां खड़े थे ।
प्रधानमंत्री का काफिला पहुंचने पर लोग मोदी मोदी के नारे लगाने लगे । काले वाहन पर सवार मोदी बाद में वाहन के पायदान पर खड़े हो गए और हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया । इसके बाद काफिला शास्त्री जी की प्रतिमा की ओर बढ़ चला ।
प्रधानमंत्री ने शास्त्री जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और उसके बाद उस मकान की ओर बढ़ चले जहां शास्त्री जी के पिता अपनी मृत्यु तक रहे थे । शास्त्री उस समय केवल दो वर्ष के थे । इसके बाद शास्त्री का परिवार इलाहाबाद चला गया ।



मानहानि केस: अरुण जेटली से अरविंद केजरीवाल ने पूछे 52 सवाल
6 March 2017
केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली ने सोमवार को हाईकोर्ट में कहा कि ‘मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के पांच अन्य नेताओं के बयान से उनकी छवि को नुकसान पहुंचा। मानहानि के मामले में मुख्यमंत्री केजरीवाल की ओर से पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए जेटली ने यह बात कही।
जेटली ने कहा है कि ‘मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव रहे राजेंद्र कुमार के दफ्तर में सीबीआई की छापेमारी के तत्काल बाद केजरीवाल व आप के अन्य नेताओं ने उनके खिलाफ लगातार बेबुनियाद बयान दिया था, जिससे उनका कोई लेना देना नहीं था। जेटली ने कहा कि ऐसा लगाता है कि प्रतिवादियों (केजरीवाल व अन्य) ने प्रधान सचिव के दफ्तार में छापेमारी से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए उनके खिलाफ बयान दिया। जेटली ने यह जवाब तब दिया जब केजरीवाल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी ने उनसे कहा कि दिसंबर, 2015 में मुख्यमंत्री के प्रधान तत्कालीन सचिव के दफ्तर में इसलिए छापेमारी हुई थी क्योंकि डीडीसीए में वित्तीय अनियमितता की जांच से जुड़े दस्तावेज उसी दफ्तर में था।

सवाल- राजेंद्र कुमार के दफ्तर में छापेमारी की जानकारी आपको थी?
जेटली का जवाब- छापेमारी की जानकारी नहीं थी और इस बारे में मीडिया से पता चला।

सवाल- क्या आपको पता था कि डीडीसीए से जुड़े दस्तावेज दफ्तर में थे?
जेटली का जवाब- मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

सवाल- क्या आपने डीडीसीए की जांच की रिपोर्ट पढ़ी है?
जेटली का जवाब- हां मैने रिपोर्ट पढ़ी है।

सवाल- ये रिपोर्ट आपको किसने दी थी?
जेटली का जवाब- मुझे ध्यान नहीं कि ये रिपोर्ट किसने दी थी।

सवाल- याद कीजिए ये रिपोर्ट आपको सांघी ने दी है? आपको बता दें कि सांघी ब्यूरोक्रेट है है और इनकी अगुवाई में ही डीडीसीए की रिपोर्ट तैयार की गई थी।
जेटली का जवाब- मुझे नहीं पता।

सवाल- ये जांच रिपोर्ट आने के बाद आपकी सांघी से दोस्ती हो गई थी।
जेटली का जवाब- मैं सांघी से नहीं मिला हूं।
दिल्ली जिला एवं क्रिकेट संघ (डीडीसीए) में कथित वित्तिय अनियिमतता में अपना नाम घसीटे जाने के बाद दिसंबर, 2015 में भाजपा के वरिष्ठ नेता जेटली ने केजरीवाल और आप के पांच अन्य नेताओं के खिलाफ मानहानि का फौजदारी और दीवान मुकदमा दाखिल किया है। हाईकोर्ट में दाखिल दीवानी में मामले में उन्होंने केजरीवाल व अन्य से 10 करोड़ रुपये क्षतिपूर्ति की मांग की है। करीब तीन घंटे हुई जिरह के दौरान जेठमलानी ने जेटली से कुल 52 सवाल पूछे। इस दौरान काफी नौकझौंक भी हुई। इनमें से हाईकोर्ट के संयुक्त रजिस्ट्रार अमित कुमार को 30 सवाल मामले में जुड़े लगे। जेटली से मंगलवार को भी केजरीवाल के वकील जिरह करेंगे।
गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल ने अरुण जेटली पर दिल्ली और जिला क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। जेटली साल 2013 तक डीडीसीए के अध्यक्ष थे। इस पद पर वह 13 साल तक संभाला था। इन आरोपों के खिलाफ जेटली अदालत गए और केजरीवाल के खिलाफ 10 करोड़ रुपये का मानहानि दावा किया। इसके अलावा उन्होंने पटियाला हाउस कोर्ट में इसी मामले में आपराधिक मानहानि का मामला भी दर्ज करवाया है।



खुशखबरीः अब एयरपोर्ट, मॉल, होटल में पानी के दाम होंगे समान
6 March 2017
नई दिल्लीः देश की जनता के लिए एक बहुत बड़ी काम की खबर आ गई है जिसे जान आपको बेहद खुशी होगी. अब से एयरपोर्ट, होटल और मॉल सभी जगह मिनरल वॉटर बोतल एक रेट में मिलेगी. यानी अब से आपको एयरपोर्ट, मॉल वगैरह में पीने के पानी के लिए एक्स्ट्रा पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. उपभोक्ता मामलोंके मंत्री रामविलास पासवान ने इस बारे में ट्वीट कर ये बड़ी जानकारी दी है.
उपभोक्‍ता मंत्रालय के उपभोक्‍ता फोरम में बोतलबंद पानी की अलग-अलग जगहों पर वसूली जाने वाली कीमतों से जुड़ी शिकायतें बड़े पैमाने पर आ रही हैं. शिकायतों से पता चला है कि कंपनियों द्वारा बाकायदा अलग प्रिंट रेट दर्ज किया जा रहा था. इसका कंपनियों से मंत्रालय द्वारा जवाब भी मांगा गया है. कंपनियों के हेल्‍पलाइन से लिंक होने से वे हेल्‍पलाइन पर आने वाली शिकायतों का खुद ही संज्ञान भी ले रही हैं.
हालांकि ये नियम तब तक लागू नहीं होगा जब तक कानून में बदलाव नहीं होगा. अभी सिर्फ रामविलास पासवान ने ट्वीट करके ही जानकारी दी है लेकिन इसके कानून के रूप में लागू होने में वक्त लगेगा.
जाहिर तौर पर इस खबर से आम मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी क्योंकि एयरपोर्ट, मॉल, होटलों आदि में मिनरल वॉटर यानी पीने के पानी की बोतल के लिए 50-60 रुपये प्रति लीटर तक भी वसूले जाते हैं जबकि इसकी वास्तविक कीमत 10-15 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा नहीं होती है.



 
 
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