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परीक्षा अलर्ट इंटर्नशिप नियुक्तियां

D-76321/3.9.14

एम. सी. यू. के चार विद्यार्थी नेट में उत्तीर्ण
Our Correspondent :30 May 2017

भोपाल, मई 30. माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवम् संचार विश्वविद्यालय, भोपाल में अध्ययनरत चार विद्यार्थियों ने सीबीएससी द्वारा आयोजित राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (यूजीसी-नेट) उत्तीर्ण की हैं| सीबीएससी ने सोमवार को ही जनवरी-2017 आयोजित परीक्षा का परिणाम घोषित किया| नेट उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों में नितेश त्रिपाठी (एम. एससी. - मीडिया रिसर्च), विशाखा राजुरकर राज (एम. फिल.- मीडिया स्टडीज)- दोनों संचार शोध विभाग से, मोहित पाठक (एम. एससी. फिल्म प्रोडक्शन) - विज्ञापन एवम जनसंपर्क विभाग और मनीष दुबे (एम. जे.) - पत्रकारिता विभाग, शामिल हैं| ये सभी विद्यार्थी अभी अंतिम सेमेस्टर में अध्ययनरत हैं और पत्रकारिता एवम जन संचार विषय से नेट उत्तीर्ण कर सहायक प्राध्यापक पद के लिए पात्र हो गए हैं| विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला, कुलाधिसचिव श्री लाजपत आहूजा और कुलसचिव श्री दीपक शर्मा ने इसे उल्लेखनीय उपलब्धि बताते हुए सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ दी|


8 जून को होगी "क्रिएटिव राइटिंग वर्कशॉप"
Our Correspondent :24 May 2017

स्कूल शिक्षा मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा है कि प्रदेश में बोर्ड परीक्षा परिणाम में सुधार के लिये अब प्रति सप्ताह वीडियों कॉन्फ्रेंस के माध्यम से समीक्षा की जायेगी। उन्होंने जिला अधिकारियों से स्कूल शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिये सरकारी स्कूलों की निरीक्षण प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिये। स्कूल शिक्षा मंत्री आज प्रशासन अकादमी में जिला अधिकारियों की राज्य-स्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी मौजूद थे। बैठक में कक्षा 10 और कक्षा 12 के बोर्ड परीक्षा परिणामों की जिलेवार समीक्षा की गई। स्कूल मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि प्रदेश भर में जिन शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्य के लिये अटैच किया है, उन्हें हर हाल में 31 मई तक शालाओं में पद-स्थापना के लिये कार्यमुक्त किया जाये। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे जिले में ऐसी व्यवस्था करें, जिससे महत्वपूर्ण काम को छोड़कर शिक्षकों को गैर-शिक्षकीय कार्य में न लगाया जाये। इसके लिये उन्होंने राज्य-स्तर पर कलेक्टर्स को पुन: पत्र लिखे जाने के निर्देश दिये। स्कूल शिक्षा मंत्री कुंवर शाह ने मंडला और रायसेन जिले में लागू 'ज्ञानार्जन' प्रोजेक्ट को पूरे प्रदेश में लागू किये जाने की बात कही। 'ज्ञानार्जन' प्रोजेक्ट में सरकारी स्कूलों में कक्षा 10 और 12 के सिलेबस को प्रतिदिन के हिसाब से बाँटकर सॉफ्टवेयर के जरिये मॉनिटरिंग किये जाने की व्यवस्था है। इस व्यवस्था से कक्षा 10 और 12 के बोर्ड परीक्षा परिणाम में इन जिलों में उल्लेखनीय सुधार आया है। स्कूल शिक्षा मंत्री ने दिव्यांग छात्रों की पढ़ाई और हॉस्टल की व्यवस्था पर और ध्यान दिये जाने की बात कही। स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी ने कहा कि फील्ड अधिकारियों से प्राप्त सुझाव से परीक्षा परिणाम में बेहतर तरीके से सुधार किये जा सकते है। उन्होंने शिक्षकों की नियमित उपस्थिति को सुनिश्चित करने के लिये भी कहा। बैठक में माध्यमिक स्तर पर स्कूल शिक्षा की स्थिति, शिक्षा में गुणवत्ता की कार्य-योजना, नि:शुल्क साइकिल योजना, भवन निर्माण, सी.एम. हेल्पलाइन के प्रकरणों और समेकित छात्रवृत्ति योजना पर भी चर्चा की गयी। स्कूल शिक्षा विभाग की सचिव श्रीमती दीप्ती गौड़ मुखर्जी ने गुणवत्ता सुधार के लिये सरकारी स्कूलों में पेरेन्ट्स मीटिंग को नियमित करने के निर्देश दिये। आयुक्त लोक शिक्षण श्री नीरज दुबे ने बोर्ड परीक्षा परिणामों का विश्लेषण कर आगे सुधार लाने के निर्देश दिये। बैठक में राज्य शिक्षा केन्द्र के संचालक श्री लोकेश जाटव ने स्कूल शिक्षा में सुधार के लिये राज्य, जिला, विकासखंड और संकुल स्तर पर टीम भावना के साथ कार्य किये जाने का सुझाव दिया। बैठक में संयुक्त संचालक स्कूल शिक्षा संभागीय कार्यालय, जिला शिक्षा अधिकारी और परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केन्द्र मौजूद थे।
क्रिएटिव राइटिंग वर्कशॉप : एक नज़र में
आयोजन का नाम - क्रिएटिव राइटिंग वर्कशॉप
दिनांक - 8 जून 2017 गुरुवार
समय - दोपहर 12 से 4 बजे तक
स्थान - स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी
कौन भाग ले सकता है - 16 साल से ऊपर का कोई भी व्यक्ति
वर्कशॉप के लिए निर्धारित सीटें - 20
वर्कशॉप की फीस - कुछ भी नहीं (निःशुल्क )
रजिस्ट्रेशन करना है - मेल के द्वारा
रजिस्ट्रेशन के लिए ये जानकारी मेल करें
1.-आपका नाम , आयु, व्यवसाय,मोबाइल नंबर
2.-आपके द्वारा लिखी गयी कोई कविता या लेख
'3.-आप इस वर्कशॉप में क्यों भाग लेना चाहते हैं' इस विषय पर अधिकतम 300 शब्दों का एक लेख
किस मेल पर भेजना है - club.ink13@gmail.com.
रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि है - 4 जून 2017
पपोएट्री मेंटर के बारे में ... इंकलेट ऑनलाइन जर्नल की प्रधान संपादिका
ब्लूशिफ्ट जर्नल की पोएट्री रीडर
स्प्राउट मैगज़ीन की सह-प्रबंध संपादिका
ग्लास काइट एंथोलोजी वर्कशॉप की पोएट्री मेंटर
आइयोवा यंग रायटर स्टुडियो की पूर्व छात्रा
ऑक्सफोर्ड व कैंब्रिज राइटिंग वर्कशॉप की पूर्व छात्रा
इस वर्ष AAL रायटर रिट्रीट आइसलैंड में भाग लिया
अगस्त 2017 से न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी में क्रिएटिव राइटिंग में अंडर-ग्रेड कोर्स के लिए चयनित
इंडियन लिट्रेचर, वायाव्य और सुवेनियर जैसी कई प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्रिकाओं में उनकी कवितायें प्रकाशित हो चुकी हैं


राजकपूर मेमोरियल ऑडिटोरियम का निर्माण मार्च 2018 तक पूर्ण हो
14 April 2017
वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार तथा खनिज साधन मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने रीवा में निर्माणाधीन राजकपूर मेमोरियल ऑडिटोरियम का निर्माण मार्च 2018 तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। श्री शुक्ल आज निर्माण कार्य की समीक्षा कर रहे थे।
श्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि ऑडिटोरियम के निर्माण में गति लाई जाए। उन्होंने कहा कि किए गए कार्य का समय पर मेजरमेंट हो। खर्च हुई राशि का भी विवरण संधारित किया जाए। उद्योग मंत्री ने कहा कि वे प्रतिमा निर्माण कार्य-स्थल पहुँचकर भी प्रगति को देखेंगे। श्री शुक्ल ने कहा कि आगामी विंध्य महोत्सव में इस विश्व-स्तरीय ऑडिटोरियम को कपूर परिवार की मौजूदगी में लोकार्पित कराया जायेगा।
उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में निर्माणाधीन कुलपति आवास के निर्माण की जानकारी भी ली। बताया गया कि आगामी दो माह के अंदर कुलपति आवास का कार्य भी पूर्ण हो जाएगा। श्री शुक्ल ने आवास परिसर में लॉन के साथ चौड़ी सड़क भी बनाने को कहा।


47 वां लोक व्याख्यान संपन्न
औपनिवेशिक मानसिकता पर प्रोफेसर ज्ञान वर्धन पाठक का व्याख्यान

Our Correspondent :10 April 2017
स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी में आज प्रज्ञा प्रवाह के सहयोग से एक लोक व्याख्यान का आयोजन किया गया । मासिक लोक व्याख्यानों की श्रंखला के इस 47 वें व्याख्यान का विषय था - “औपनिवेशिक मानसिकता से भारतीय मानस की मुक्ति “ । कार्यक्रम में मुख्य वक्ता प्रोफेसर ज्ञान वर्धन पाठक थे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता नेशनल लॉं इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी भोपाल की प्रोफेसर राका आर्य ने की ।
कार्यक्रम का विवरण इस प्रकार है :-
कार्यकम का नाम – पब्लिक लेक्चर
विषय – औपनिवेशिक मानसिकता से भारतीय मानस की मुक्ति
दिनांक – 9 अप्रैल 2017
स्थान – स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी
वक्ता – प्रोफेसर ज्ञान वर्धन पाठक
अध्यक्षता – प्रोफेसर राका आर्य

लेक्चर की प्रमुख बातें :-
प्रोफेसर ज्ञान वर्धन ने कहा
· यदि आप ब्रिटिश उपनिवेशवाद को अच्छे से समझना चाहते हैं तो शशि थरूर की अभी हाल में प्रकाशित हुई किताब “इरा ऑफ डार्कनेस” पढ़ें जिसमें उन्होने ब्रिटिश औपनिवेशक हथकंडों के बारे में विस्तार से लिखा है
· कार्ल मार्क्स कहते थे कि “ पूंजीवाद की उच्चतर अवस्था उपनिवेशवाद है “ अर्थात किसी देश में पहले पूंजीवाद आता है , अर्थात औद्योगिक क्रांति आती है और फिर उसके बाद वह देश उपनिवेश बनाता है
· पर हमारे मामले में यह प्रक्रिया उल्टी हुई । पहले 1757 में अंग्रेजों ने भारत को उपनिवेश बनाया उसके बाद भारत से मिले धन का इस्तेमाल कर 1760 में इंग्लैंड का औद्योगिकीकरण शुरू किया
· इसका सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि अंग्रेजों ने अपने शासन के शुरुआती 38 वर्षों में ही लगभग 200 मिलियन पाउंड की राशि इंग्लैंड भेजी । इसी राशि से उन्होने वहाँ उद्योगों की स्थापना की । क्योंकि उस समय की इंग्लैंड की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी कि वे बड़े बड़े उद्योग लगा पाते
· 1757 में अंग्रेजों ने बंगाल जीता था तो उसने लिखा कि ये देश तो स्वर्ग के समान है मैंने अपनी ज़िंदगी में इतना समृद्ध देश नहीं देखा ।
· जब अंग्रेज़ भारत आए तो विश्व की जीडीपी में भारत का हिस्सा 23 % था और इंग्लैंड का केवल 1.8% । 200 वर्षों के अङ्ग्रेज़ी शासन के बाद 1947 में विश्व जीडीपी में भारत का हिस्सा घटकर 1.8% हो गया , ये था औपनिवेशिक शासन का असर
· अंग्रेजों ने भारत आते ही ये पाँच काम किए
1. भारतीय राजाओं को समझा कर उन्हें इस चीज़ के लिए मनाया कि “ आपको सेना रखने की जरूरत नहीं है बिना सेना रखे भी तुम्हारा राजपाट कायम रहेगा” इस तरीके से उन्होने हमारी ताकत छीन ली
2. उन्होने भारतीय शासकों को बहला फुसलाकर उनसे व्यापारिक अधिकार ले लिए , जिसके कारण वे आगे चलकर भारतीय व्यापार को वे नियंत्रित करने लगे । इससे उन्होने हमारा लाभ छीन लिया
3. उन्होने दोषपूर्ण व्यापारिक व टैक्स नीति अपनाकर भारतीय कारीगरों व दस्तकारों का हुनर छीन लिया
4. उन्होने हिन्दू व मुसलमान को लड़ाकर एक समाज के रूप में हमें कमजोर कर दिया
5. उन्होने ग्रामीण भारत में सदियों से मौजूद शिक्षा प्रणाली को खत्म करने के राजाज्ञाएँ जारी की और ब्राह्मणो को समाज का दुश्मन बता दिया
· पर सबसे बड़ी गलती हमने आज़ादी के बाद की जब हमने उनके द्वारा दिये गए इतिहास को सही माना लिया और उसी को पढ़ाना शुरू कर दिया । जबकि असल में ये इतिहास अंग्रेजों ने अपनी सुविधा के लिए तैयार किया था
· इतिहास असल में समाज की स्मृति होती है । जिस प्रकार यदि किसी व्यक्ति की स्मृति छीन ली जाए तो वह इधर उधर भटकता रहता है और दर दर की ठोकरें खाता है और दुनिया उसे पागल घोषित कर देती है । इतिहास , अर्थात स्मृति छिन जाने से भारतीय समाज की भी यही हालत हो गयी है
· आज हमारे देश में अलगु अधिकांश कानून औपनिवेशिक है जो अंग्रेजों ने अपनी सुविधा के लिए बनाए थे पर शर्म की बात है कि हम उन क़ानूनों को आज भी बनाए हुए हैं और उनका बड़ी बेशर्मी से बचाव भी करते हैं
· भारत का वर्तमान प्रशासनिक ढांचा भी औपनिवेशक मानसिकता से संचालित होता है जहां हर किसी को बस हुक्म मानने के लिए तैयार किया जाता है ।
· स्वतन्त्रता और लोकतन्त्र हमारे खून में होता है । यह धारणा कि अंग्रेजों ने हमें लोकतन्त्र सिखाया सरासर झूँठ है
· यदि आप असली भारतीय इतिहास पढ़ना चाहते हैं तो आपको पर्सिअन, अरेबिक और फ्रेंच सीखनी पड़ेगी । क्योंकि असली भारतीय इतिहास इन भाषाओं की किताबों में मौजूद है । इंग्लिश में जो इतिहास मौजूद है वह तो अंग्रेजों द्वारा अपनी सुविधा के लिए लिखवाया गया इतिहास है और हिन्दी में मौजूद इतिहास अङ्ग्रेज़ी इतिहास का अनुवाद है
प्रोफेसर राका आर्य ने कहा
· आज़ादी के 70 साल बाद भी यदि हम औपनिवेशिक मानसिकता के शिकार हैं और उससे संचालित हो रहे हैं तो उसमें गलती अंग्रेजों की नहीं बल्कि खुद हमारी है
· कोई शातिर कौम यदि आपको नीचा दिखाने के लिए अपने शासन काल में कोई तंत्र तैयारा करती है तो उसके जाने के बाद उसे खत्म करना हर स्वाभिमानी कौम की ज़िम्मेदारी होती है और हम यहाँ क्या कर रहे हैं हम तो उस तंत्र को आगे बढ़ाने में जी जान से जुटे हुए हैं
· मेरी पहचान मेरे लिए महत्वपूर्ण है इसलिए उसे मुझे ही खोजना होगा । आज के तकनीकी युग में आप यह काम आसानी से कर सकते हैं\
· मेरी सलाह है कि कभी भी ओरिजनल को खोजने मत निकलिए, क्योंकि भारतीय सभ्यता या संकृति जैसी कोई चीज़ आपको कभी नहीं मिलेगी । समागम हमारी महान सभ्यता का हिस्सा रहा है हमें बाहरी तत्वों को अपने में अच्छे से समाहित कर चुकी असली भारतीय सभ्यता खोजने की जरूरत है
· पश्चिमीकरण का विरोध कीजिये , पश्चिम का नहीं ....क्योंकि जिस तरह पश्चिम ने हमारी कई अच्छी चीजों को अपनाया है वैसे ही हमें उनकी अच्छी चीजों से खुद को वंचित नहीं करना चाहिए




प्रकाशनार्थ माखनलाल में खुलेगा भाषा व संस्कृति अध्ययन विभाग
9 March 2017
भोपाल। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में भारतीय भाषाओं पर वैज्ञानिक शोध हेतु एक विभाग स्थापित किया जाएगा। इसी प्रकार संस्कृति के अध्ययन के लिए भी एक विभाग की स्थापना की जाएगी। दोनों नव-निर्मित विभाग प्रारंभ में केवल शोध का कार्य करेंगे, बाद में इन विभागों के विषयानुसार पाठ्यक्रम भी चलाए जा सकेंगे। दोनों विभागों में तीन-तीन छात्रिवृत्तियों का प्रावधान किया गया है। उक्त निर्णय 8 मार्च को मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में सम्पन्न विश्वविद्यालय की प्रबंध समिति की बैठक में लिए गए। बैठक में वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया सहित विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बृजकिशोर कुठियाला, कुलाधिसचिव लाजपत आहूजा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री एस.के. मिश्रा एवं वरिष्ठ पत्रकार श्री उमेश उपाध्याय उपस्थित थे।

माखनलाल विश्वविद्यालय के रीवा एवं खण्डवा परिसरों के लिए भूमि उपांतरण एवं भवन निर्माण के लिए प्रत्येक परिसर हेतु 60 करोड़ की राशि स्वीकृति भी बैठक में की गई। ज्ञातव्य है कि राज्य शासन की ओर से विश्वविद्यालय के खण्डवा एवं रीवा परिसर के निर्माण के लिए 5-5 एकड़ भूमि प्रदान की गई है। इन दोनों स्थानों पर निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ होगा।

इसी प्रकार भारतीय जीवन बीमा निगम के माध्यम से विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को गेच्युटी दिलाए जाने की स्वीकृति बैठक में प्रदान की गई एवं इस हेतु भारतीय जीवन बीमा निगम को दो करोड़ सत्तर लाख रूपये एकमुश्त एवं प्रतिवर्ष रूपये चैबीस लाख प्रीमियम दिये जाने की स्वीकृति भी प्रदान की गई। विश्वविद्यालय के कारपस को रिजर्व बैंक आफ इंडिया के 8 प्रतिशत सेविंग(टैक्सेवल) बांड 2003 में विनियोजित किए जाने की स्वीकृति बैठक में दी गई।

विश्वविद्यालय के कुलपति ने बताया कि मीडिया का आधार भाषा है और भारतीय भाषाओं में अंतर्संवाद को बढ़ावा देने की आवश्यकता है, जिससे देश में एकता और एकात्मता स्थापित हो। भाषा विज्ञान विभाग में प्रयास किया जाएगा कि भारतीय भाषाओं की समानताओं एवं एक ही स्रोत से उत्पत्ति पर वैज्ञानिक शोध कार्य तीन शोधार्थियों द्वारा किया जाय। इसी प्रकार मीडिया संस्कृति का वाहक भी और संस्कृति का निर्माण भी करता है इसलिए मीडिया के विश्वविद्यालय में संस्कृति के अध्ययन का भी प्रावधान किया गया है। इस विभाग में भी में तीन शोधार्थियों द्वारा शोध किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शोध प्रस्ताव प्राप्त करने के लिए शीघ्र ही विज्ञापन जारी किया जाएगा। प्रबंध समिति की बैठक के दौरान विश्वविद्यालय द्वारा काठमाण्डू विश्वविद्यालय के साथ ‘भारत-नेपाल सम्बन्धों में मीडिया की भूमिका’ विषय पर काठमाण्डू में दो दिवसीय संगोष्ठी के आयोजन पर भी चर्चा हुई, जिसमें मुख्यमंत्री स्वयं उपस्थित रहने वाले हैं। विश्वविद्यालय द्वारा 18-19 मार्च,2017 को भारतीय भाषा परिषद, कोलकाता के परिसर में ‘भारतीय भाषाओं में अंतर्संवाद’ विषय पर कोलकाता में आयोजित संगोष्ठी की सूचना भी कुलपति ने दी।

सबसे बड़ी पुरस्कार राशि के लिए पहली बार 40 लॉ स्कूलों में घमासान,
वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी उद्घाटन करेंगे
भारत की सबसे बड़ी मूट कोर्ट प्रतियोगिता

16 Feb. 2017
स्कूल ऑफ़ लॉ , जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी, भोपाल के द्वारा राष्ट्रीय स्तर की मूट कोर्ट प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है, जिसे कई अग्रणी लॉ संस्थायों से जम कर सरहना मिल रही है| देश भर से 40 प्रतिष्ठित लॉ संस्थानों सहित कई महत्वपूर्ण प्राइवेट यूनिवर्सिटीयों के साथ नेशनल लॉ विश्वविद्यालय भी भाग ले रहे हैं|
यह उल्लेखनीय है की 40 टीमों की अधिकतम सीमा के बावजूद 60 से अधिक टीमों ने संपर्क किया था| मूट कोर्ट प्रतियोगितायों के इतिहास में पहली बार भारत में कोई संस्थान 3.25 लाख रुपये की शानदार इनामी राशि दे रहा है| विजेता टीम को 1.5 लाख रुपये नकद राशि मिलेगी जबकि उप विजेता को 1.00 लाख रुपये दिए जायेंगे| इसके अलावा बेस्ट रिसर्चर, बेस्ट स्पीकर एवं बेस्ट मेमोरियल के लिए प्रत्येक को 25,000 रुपये दिए जायेंगे|
कानून के विभिन्न क्षेत्रो जैसे बार, बेंच, शिक्षा व् उद्योग जगत की अनेक प्रख्यात हस्तियों को प्रतियोगिता के प्रिलिमनरी, क्वार्टर फाइनल, सेमी फाइनल तथा फाइनल राउंड्स को जज करने के लिए आमंत्रित किया गया हैं| उद्घाटन व् समापन सत्रों में अनेक महत्त्वपूर्ण अतिथियों में जस्टिस, सीनियर एडवोकेट्स, शिक्षाविदों के साथ ही वाईस चांसलर्स भी उपस्थित रहेंगे|
उद्घाटन समारोह का आयोजन 17 फरवरी 2017 के दिन अपराह्न 4 बजे से किया जायेगा | समारोह में राज्य सभा सांसद, पूर्व विधि मंत्री एवं वरिष्ठ अधिवक्ता, सर्वोच्च न्यायालय श्री राम जेठमलानी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे | मूट प्रॉब्लम :- सविधान के अनुच्छेद के 19(1)(a) और सिनेमाटोग्राफ एक्ट को मूट प्रॉब्लम बनाया गया है|
अनाथ बच्चा पोंटोस देश का सर्वश्रेष्ठ फुटबॉलर बन जाता है| वो अपने स्ट्रगल को बायोपिक के जरिये दिखाना चाहता है| फिल्म जब सेंसर के पास जाती है तो उसे ‘A’ सर्टिफिकेट दे देते है| फुटबॉलर प्रोड्यूसर के विरुद्ध केस करता है|
विनम्र निवेदन है कि कार्यक्रम के वृहद् कवरेज हेतु प्रेस फोटोग्राफर और संवाददाताओं की नियुक्ति करना सुनिश्चित करें |


भोपाल में ग्लोबल स्किल इंप्लायमेंट पार्टनरशिप अप्रैल में देश-विदेश की कंपनियों को किया जायेगा अमंत्रित
उद्योग मंत्री श्री शुक्ल तथा तकनीकि शिक्षा राज्य मंत्री श्री जोशी ने की तैयारियों की समीक्षा

16 Feb. 2017
प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भोपाल में वृहद पैमाने पर आगामी अप्रैल माह में ग्लोबल स्किल इंप्लायमेंट पार्टनरशिप का आयोजन किया जायेगा | मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर आयोजित इस पार्टनरशिप में देश-विदेश की प्रमुख बड़ी कंपनियों को अमंत्रित किया जायेगा | वाणिज्य,उद्योग तथा रोजगार मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल और तकनिकी शिक्षा राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी की मौजूदगी में पार्टनरशिप की तैयारियों की समीक्षा कर रूपरेखा तय की गई | बैठक में उद्योग तथा तकनिकी शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे |
उद्योग मंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री की जिस मंशानुरूप यह पार्टनरशिप आयोजित होना है | इनटेंशन टु इंप्लाइमेट के उद्देश्य की पूर्ति होना चाहिए | उन्होंने कहा कि समय कम है इस बात को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां युद्ध स्तर पर होना चाहिए | उद्योग मंत्री ने कहा कि आयोजन वृहद हो इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही तथा कोताही ना बरती जायें |
राज्य मंत्री जोशी ने कहा कि पार्टनरशिप का मुख्य उद्देश्य युवाओं को उनके कौशल के अनुसार रोजगार के बेहतर से बेहतर अवसर मिले | उन्होंने कहा कि सभी प्रमुख बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों को समय रहते अमंत्रित कर लिया जाये | साथ ही तैयारियों को निर्धारित आयोजन से पहले पूरा किया जाना सुनिश्चित करे |
बैठक में अध्यक्ष मध्यप्रदेश रोजगार निर्माण बोर्ड श्री हेमंत विजयराव देशमुख ने आयोजन की रूपरेखा की जानकारी देते हुए आपेक्ष की रोजगार और कौशल विकास के इस वैश्विक कार्यक्रम को सफल बनाना चाहिए | प्रमुख सचिव उद्योग श्री मोहम्मद सुलेमान ने आयोजन के उद्देश्य बताते हुए कहा कि प्रदेश के मानव संसाधन को दुनिया के समाने रखना है | उन्होंने कहा कि आयोजन में उद्योग विभाग सहयोगी रहेगा |
प्रमुख सचिव श्री आशोक वर्णमाल ने आयोजन के लिए अपने विचार रखते हुए सुझाव भी दिये | प्रमुख सचिव तकनिकी शिक्षा श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव ने कहा कि आयोजन के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए उसकी रूपरेखा तैयार की जायेगी | इसके लिए उद्योग विभाग का पूरा-पूरा सहयोग लिया जायेगा |
बैठक में उद्योग तथा तकनिकी शिक्षा विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे |


सरसंघचालक ने किया माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कैलेंडर का विमोचन
भारत की ज्ञान परंपरा पर केंद्रित है विश्वविद्यालय का कैलेंडर

11 Feb. 2017
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कैलेंडर का विमोचन किया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला भी उपस्थित थे।
सरसंघचालक डॉ. भागवत ने कैलेंडर के विषय और उसके आकल्पन की सराहना की है।
विश्वविद्यालय का वर्ष 2017 का कैलेंडर भारत की ज्ञान परंपरा पर केन्द्रित है। 12 पृष्ठीय कैलेंडर में पृथक-पृथक पृष्ठों पर चार वेदों ऋग्वेद, यजुर्वेद, अथर्वेद एवं सामवेद की व्याख्या के साथ उपनिषद्, रामायण, महाभारत और गीता को रेखांकित किया गया है। इसके साथ ही प्राचीन भारत के शिक्षा के चार केंद्र नालंदा, तक्षशिला, विक्रमशिला एवं सांदीपनी आश्रम का उल्लेख हैं। कैलेंडर में भारतीय तिथियों को भी दर्शाया गया है। महत्वपूर्ण तीज-त्यौहारों के साथ शासकीय अवकाश की भी जानकारी कैलेंडर में शामिल की गयी है। विगत वर्ष (2016) का कैलेंडर सिंहस्थ पर केन्द्रित था, जिसमें कुम्भ की संचार परंपरा को वर्णित किया गया था।

जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी में द्वितीय दीक्षांत समारोह का आयोजन, 200 छात्रों को मिली डिग्री
Our Correspondent :3 December 2016
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में निर्णय लिया गया कि अगले शैक्षणिक सत्र से कक्षा एक से सात तथा 9वीं और 11वीं में अध्ययनरत सभी विद्यार्थियों को विज्ञान, गणित और वाणिज्य समूह के विषयों में एनसीईआरटी पाठ्य-पुस्तकों से शिक्षण करवाया जायेगा। कक्षा 8, 10 और 12वीं में सत्र 2018-19 से एनसीईआरटी की पुस्तकों से शिक्षण करवाया जायेगा। मंत्रि-परिषद ने अतिरिक्त महाधिवक्ता कार्यालय नई दिल्ली की स्थापना के लिए तृतीय श्रेणी के अनुवादक के कुल 10 पद के सृजन की मंजूरी दी। इनका वेतनमान 9300-34800+3200 ग्रेड-पे रहेगा। मंत्रि-परिषद ने कार्यालय कल्याण आयुक्त, भोपाल गैस पीड़ित भोपाल के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को उच्च न्यायालय के अधीक्षण में उच्च न्यायालय एवं विभिन्न जिला न्यायालयों की स्थापनाओं में उपलब्ध तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति में 10 वर्ष की सेवा अवधि पूरी कर चुके कर्मचारियों को सीधी भर्ती के लिए निर्धारित आयु में अधिकतम 10 वर्ष की सीमा तक छूट देने का निर्णय लिया। यह सुविधा आदेश जारी होने के दिनांक से 5 वर्ष की अवधि के लिए ही होगी। मंत्रि-परिषद ने कार्यशील पूँजी की व्यवस्था के लिए तीनों विद्युत कंपनियों द्वारा पावर फायनेंस कार्पोरेशन से माह जून 2016 में प्राप्त किए गए कुल 900 करोड़ रुपए के लघु अवधि ऋण के लिए राज्य शासन की गारंटी देने का निर्णय लिया। ऋण की गारंटी के लिए विद्युत कंपनियों द्वारा राज्य शासन को 0.5 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से गारंटी शुल्क का भुगतान किया जायेगा।

अगले शैक्षणिक सत्र से एनसीईआरटी पाठ्यक्रम को मंजूरी
Our Correspondent :19 November 2016
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में निर्णय लिया गया कि अगले शैक्षणिक सत्र से कक्षा एक से सात तथा 9वीं और 11वीं में अध्ययनरत सभी विद्यार्थियों को विज्ञान, गणित और वाणिज्य समूह के विषयों में एनसीईआरटी पाठ्य-पुस्तकों से शिक्षण करवाया जायेगा। कक्षा 8, 10 और 12वीं में सत्र 2018-19 से एनसीईआरटी की पुस्तकों से शिक्षण करवाया जायेगा। मंत्रि-परिषद ने अतिरिक्त महाधिवक्ता कार्यालय नई दिल्ली की स्थापना के लिए तृतीय श्रेणी के अनुवादक के कुल 10 पद के सृजन की मंजूरी दी। इनका वेतनमान 9300-34800+3200 ग्रेड-पे रहेगा। मंत्रि-परिषद ने कार्यालय कल्याण आयुक्त, भोपाल गैस पीड़ित भोपाल के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को उच्च न्यायालय के अधीक्षण में उच्च न्यायालय एवं विभिन्न जिला न्यायालयों की स्थापनाओं में उपलब्ध तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति में 10 वर्ष की सेवा अवधि पूरी कर चुके कर्मचारियों को सीधी भर्ती के लिए निर्धारित आयु में अधिकतम 10 वर्ष की सीमा तक छूट देने का निर्णय लिया। यह सुविधा आदेश जारी होने के दिनांक से 5 वर्ष की अवधि के लिए ही होगी। मंत्रि-परिषद ने कार्यशील पूँजी की व्यवस्था के लिए तीनों विद्युत कंपनियों द्वारा पावर फायनेंस कार्पोरेशन से माह जून 2016 में प्राप्त किए गए कुल 900 करोड़ रुपए के लघु अवधि ऋण के लिए राज्य शासन की गारंटी देने का निर्णय लिया। ऋण की गारंटी के लिए विद्युत कंपनियों द्वारा राज्य शासन को 0.5 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से गारंटी शुल्क का भुगतान किया जायेगा।

100 सबसे ज्यादा लोकप्रिय हिन्दी किताबों का कलेक्शन
Our Correspondent :18 November 2016
स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी अपनी स्थापना के 50 वर्ष बाद अब लाइब्रेरी में हिन्दी की पुस्तकें शामिल करने जा रही है । इस रविवार लाइब्रेरी में 100 किताबों का "मेगा हिन्दी कलेक्शन" शामिल किया जाएगा । हिन्दी की सबसे ज्यादा लोकप्रिय 100 किताबों का यह कलेक्शन 26 नवंबर तक लाइब्रेरी डिस्प्ले पर मौजूद रहेगा । इस दौरान शहर का कोई भी लाइब्रेरी आकर इन किताबों को पढ़ सकता है । लाइब्रेरी के मेंबर्स 26 नवंबर तक इन किताबों को अपने अकाउंट में रिजर्व करा सकेंगे । तथा 27 नवंबर से इन किताबों को पढ़ने के लिए घर ले जा सकेंगे । हिन्दी किताबों को पढ़ने के लिए लाइब्रेरी मेंबर्स को अलग से कोई मैम्बरशिप लेने की जरूरत नहीं है । उनकी वर्तमान सदस्यता में ही वे हिन्दी की किताबें इश्यू करा सकते हैं । लाइब्रेरी के हर तरह के मेंबर्स को हिन्दी किताबें इश्यू कराने की अनुमति होगी । इससे पहले मेंबर्स की राय जानने के लिए लाइब्रेरी द्वारा अक्तूबर माह में हिन्दी के 2 टीज़र कलेक्शन लॉंच किए गए थे जो जबर्दस्त लोकप्रिय हुए थे । इन टीज़र कलेक्शन में मेम्बर्स द्वारा जिस तरह के किताबें ज्यादा पसंद की गईं थी उन्हीं किताबों को इस मेगा कलेक्शन में शामिल किया गया है मेगा कलेक्शन में शामिल किताबों का चयन लाइब्रेरी में अभी हाल में गठित 10 सदस्यीय "क्लब हिन्दी" द्वारा किया गया है । हिन्दी पाठकों की विविध रुचियों को ध्यान में रखते हुए इस कलेक्शन में लगभग हर तरह की हिन्दी किताबों को शामिल किया गया हैं जिसमें हिन्दी की क्लासिक बुक्स से लेकर आज के समय में लोकप्रिय माइथालॉजिकल बुक्स के अनुवाद भी शामिल हैं । हिन्दी कलेक्शन : एक नज़र में कलेक्शन का नाम - मेगा हिन्दी कलेक्शन कलेक्शन में शामिल हैं - हिन्दी की 100 सबसे लोकप्रिय किताबें विशेष - ये लाइब्रेरी का पहला बड़ा हिन्दी कलेक्शन है
कब शामिल किया जाएगा - 20 नवंबर 2016 को डिस्प्ले पर कब तक रहेगा - 26 नवंबर तक किताबें रिजर्व कराईं जा सकती हैं - 26 नवंबर तक किताबें इश्यू कराईं जा सकती हैं - 27 नवंबर से अगला हिन्दी कलेक्शन कब आएगा - हर महीने के आखिरी रविवार को
कलेक्शन में शामिल कुछ पुस्तकों के नाम हिन्दी साहित्य की क्लासिक बुक्स :- रात का रिपोर्टर - निर्मल वर्मा सूरज का सातवाँ घोडा - धर्मवीर भारती गोरा - रवीद्र नाथ टैगोर कैसी लगाई आग - असगर वजाहत शेखर एक जीवनी - अज्ञेय छावा - शिवाजी सावंत चित्रलेखा - भगवती चरण वोहरा काशी का अस्सी - काशीनाथ सिंह नदी के द्वीप - अज्ञेय मंटो की कहानियाँ - सहादत हसन मंटो लोकप्रिय प्रेरणादायी पुस्तकों के हिन्दी अनुवाद रिच डैड पुअर डैड - किओसाकी मेरा चीज़ किसने हटाया - स्पेन्सर जॉनसन अप्रेषित पत्र - रंगरजन शक्ति के 48 नियम - रोबर्ट ग्रीन दौलत और सफलता की राह - मर्फी चिंता छोड़ो सुख से जिओ - डेल करनेगी सकारात्मक सोच - नॉर्मन विनसेट पील अति प्रभावकारी लोगों की सात बातें - स्टीफन कोवी रहस्य - रोंडा बर्न पावर, मैजिक, हीरो - रोंडा बर्न लोकप्रिय पुस्तकों के हिन्दी अनुवाद अलकेमिस्ट - पाउलो कोहलों एडल्ट्री - पाउलो कोहलों काइट रनर - खालिद होसेनी लाइफ ऑफ पाई - यान मरटेल सोफी का संसार - गार्डर चाणक्य मंत्र - अश्विन सांघी कृष्ण कुंजी - क्षविन सांघी चेतन भगत की सभी किताबों के हिन्दी अनुवाद हैरी पॉटर की सभी किताबों के हिन्दी अनुवाद प्रसिद्ध लेखकों की पुस्तकों के हिन्दी अनुवाद राम चन्द्र गुहा अमिताभ घोष खुशवंत सिंह रस्किन बॉन्ड अमर्त्य सेन वी एस नाइपाल रोहिंटन मिस्त्री पवन कुमार वर्मा लोकप्रिय पौराणिक किताबों के हिन्दी अनुवाद काली का उदय - आनंद नीलकंठन दशराजन - अशोक बैंकर ईक्षवाकू के वंशज - आमिश असुर - आनंद नीलकंठन अयोध्या का राजकुमार - बैंकर हिन्दी की नई पुस्तकें कोठगोई - प्रभात रंजन नरक यात्रा - ज्ञान चतुर्वेदी मणिकरणिका - डॉ तुलसीरम अगला यथार्थ - हिमांशु जोशी ढाक के तीन पात - मलय जैन नए लोगों के लिए लाइब्रेरी की सदस्यता के प्लान
व्यक्तिगत सदस्यता (वार्षिक शुल्क - 1200 रुपये ) मूवी मेम्बरशिप (वार्षिक शुल्क - 1600 रुपये) फैमिली मेम्बरशिप (वार्षिक शुल्क - 2500 रुपये )
जनसंपर्क मंत्री डॉ. मिश्रा ने किया पत्रकारिता विश्वविद्यालय का निरीक्षण
Our Correspondent :15 November 2016
जनसंपर्क, जल-संसाधन तथा संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने आज भोपाल के महाराणा प्रताप नगर स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया। मंत्री डॉ. मिश्रा ने विश्वविद्यालय के बिशनखेड़ी में बनने वाले भवन के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने प्रबंध समिति की बैठक शीघ्र आहूत कर आगामी आवश्यक कार्यवाहियाँ पूर्ण करवाने को कहा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.बृजकिशोर कुठियाला और कुलाधिसचिव श्री लाजपत आहूजा ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी दी। विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित पत्रिकाएँ और अन्य प्रकाशन की भी जनसंपर्क मंत्री को जानकारी दी गई।
मंत्री डॉ. मिश्रा ने विश्वविद्यालय में इलेक्ट्रानिक मीडिया विभाग के विद्यार्थियों से उनकी कक्षा में जाकर बातचीत की। जनसंपर्क मंत्री ने विश्वविद्यालय के विभिन्न विभाग की कार्य-प्रणाली की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कम्प्यूटर साईंस, पत्रकारिता प्रबंधन, जनसंचार, न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी, जनसंपर्क और विज्ञापन, प्रकाशन, कम्युनिकेशन रिसर्च, प्रशिक्षण और टेक्स बुक राईटिंग विभाग के कार्यों की जानकारी भी प्राप्त की। जनसंपर्क मंत्री डॉ. मिश्रा ने विश्वविद्यालय के पुस्तकालय का भी निरीक्षण किया। पुस्तकालय प्रभारी ने जानकारी दी कि पुस्कालय में पत्रकारिता और संचार से संबंधित पाठ्य-पुस्तकों के अलावा उत्कृष्ट साहित्य भी विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध है। शोध-पत्र पत्रिकाएँ भी नियमित रूप से आती हैं। जनसंपर्क मंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर का भी अवलोकन किया। उन्होंने भवन की छत पर स्थापित विशाल घड़ी को उपयोगी बताते हुए इसे और आकर्षक रूप से स्थापित करने की जरूरत बताई। जनसंपर्क मंत्री को जानकारी दी गई कि विश्वविद्यालय के विधार्थियों को बिना हेलमेट के दुपहिया वाहनों का उपयोग करने की मनाही है। जनसंपर्क मंत्री ने विश्वविद्यालय में कामकाजी महिलाओं के लिए संचालित पाठ्यक्रम की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने डिपार्टमेंट ऑफ कम्युनिकेशन रिसर्च की कक्षा में जाकर गतिविधियाँ जानीं।

23 अक्टूबर को आयोजित होगी "मध्यप्रदेश क्विज"
21 October 2016
मध्यप्रदेश की स्थापना के 60 वर्ष पूरे होने पर विशेष आयोजन अगले सप्ताह मध्यप्रदेश अपनी स्थापना के 60 वर्ष पूरे कर रहा है । इस अवसर को यादगार बनाने के उद्देश्य से शासकीय मौलाना आज़ाद सेंट्रल लाइब्रेरी आगामी 23 अक्टूबर को एक विशेष क्विज का आयोजन कर रही है । मध्यप्रदेश सामान्य ज्ञान पर आधारित इस क्विज में किसी भी आयु वर्ग का कोई भी व्यक्ति भाग ले सकता है ।
क्विज का उद्देश्य लोगों को अपने प्रदेश से बेहतर तरीके से परिचित कराना है क्विज में भाग लेने के लिए किसी पूर्व रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं है । भाग लेने का इच्छुक कोई भी व्यक्ति 23 अक्टूबर को सुबह 8.30 बजे लाइब्रेरी पहुँचकर इस कार्यक्रम का हिस्सा बन सकता सकता है । जगह सीमित होने के कारण सबसे पहले आने वाली 100 टीमों को ही इस क्विज में प्रवेश दिया जाएगा एक्सीलेंस कॉलेज की छात्रा चारवी गुप्ता इस क्विज की क्विज मास्टर होंगी । तथा रोजगार निर्माण के संपादक श्री पुष्पेंद्र पाल सिंह इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे
कार्यक्रम का विवरण इस प्रकार है

कार्यक्रम - मध्यप्रदेश क्विज
दिनांक - 23 अक्टूबर 2016 रविवार
समय - सुबह 9 बजे
स्थान - सेंट्रल लाइब्रेरी भोपाल

क्विज मास्टर - चारवी गुप्ता
पुरुस्कार - 6000/- रुपये

मुख्य अतिथि - पुष्पेंद्र पाल सिंह (संपादक, रोजगार निर्माण) कौन भाग ले सकता है - कोई भी व्यक्ति

रजिस्ट्रेशन कहाँ होगा - पहले से रजिस्ट्रेशन करने की कोई आवश्यकता नहीं है क्या कोई रजिस्ट्रेशन शुल्क है - नहीं कितने मेंबर्स की टीम होना चाहिए - 02 मेंबर्स की

भाग लेने के लिए क्या करना है - क्विज के दिन सुबह 8.30 बजे लाइब्रेरी पहुंचे
क्विज में प्रवेश मिलेगा - सबसे पहले आने वाली केवल 100 टीमों को
क्विज में पूंछे जाने वाले विषय मध्यप्रदेश का इतिहास, संकृति व पर्यटन
मध्यप्रदेश का भूगोल, नदियां, वन व जलवायु
मध्यप्रदेश के खनिज व उद्योग
मध्यप्रदेश की जनसंख्या
मध्यप्रदेश सरकार की प्रमुख योजनाएँ
पिछले 1 वर्ष की मध्यप्रदेश सरकार की गतिविधियां

कार्य व्यवहार व आचरण से लैंगिक भेदभाव को रोकें
21 October 2016
भारत में लैंगिक भेदभाव और अत्याचार सिखाने की पाठशाला यदि कहीं नहीं है, तो फिर समाज में यह अत्याचार करने की प्रेरणा कहां से प्राप्त हो रही है और इस असमानता को निरन्तर बढ़ावा कौन लोग दे रहे हैं? यह समाज में चिन्तनीय विषय है। जिसे हमें अपने कार्य व्यवहार, आचरण एवं सदभाव से रोकना होगा। उक्त विचार भारत यात्रा पर निकले श्री राकेश कुमार सिंह ने आज यहां माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में विशेष व्याख्यान के दौरान व्यक्त किये। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला ने की। समारोह में देश के 10 राज्यों की 16000 किलोमीटर साइकिल यात्रा कर चुके भारत यात्री राकेश कुमार सिंह ने अपनी यात्रा के बारे में विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहां कि मार्च, 2014 में जब उन्होंने यह साइकिल यात्रा प्रारंभ की थी उस वक्त उत्तर प्रदेश, बिहार समेत दक्षिण भारत में तेजाब की घटनाएं ज्यादा हो रही थी। यह तेजाब फेंकने की प्रेरणा कहां से मिली और लोगों में लिंग के आधार पर नफरत का बीज कहां से पैदा हुआ। जब यह विषय सोच में आया तो पता चला कि हमारा समाज कोख से जन्म ले रहे बेटा और बेटी में ही अन्तर करके ही चल रहा है। बेटी पैदा होते समय लक्ष्मी जरूर कहा जाता है, परन्तु बड़े होने पर उसे दान में दे दिया जाता है। क्या कभी बेटे को भी दान में दिया है किसी ने । यह असमानता दैनिक क्रिया में एवं शादी समारोह में भी दिखाई देती है। दहेज के खिलाफ लड़ाई झूठी है। हमें परिवारों में आन्तरिक व्यवस्था पर ध्यान देते हुए भारत की शक्ति को और मजबूत बनाना होगा, तभी हम लैंगिक भेदभाव से उत्पन्न असमानता को समाप्त कर सकेगें। उन्होंने कहा कि वह इस यात्रा के माध्यम से लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने का प्रयास कर रहे हैं। समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला ने कहा कि समाज में 60-70 साल की विकृतियों को हमें समझना होगा और समाज की सोच बदलनी होगी। कुछ विकृतियां हल हुई हैं और कुछ अभी यथावत हैं। हमें महिलाओं को सम्मानित दर्जा देने के कारगर प्रयास करने होंगे। यह बात सच है कि भारत में महिलाओं का स्थान ऊंचा है और मां के प्रति बहुत श्रद्धा है। हम आज भी मां का आदेश सर्वोपरि मानते हैं। उन्होंने भारत यात्री श्री राकेश कुमार सिंह के प्रयासों की सराहना करते हुए विद्यार्थियों का आव्हान किया कि वह भी इस दिशा में कलम उठाकर, लेखक बनकर, फिल्मकार बनकर, एनिमेशन कार्य करके अथवा अन्य कोई विधा अपनाकर इस सामाजिक बुराई को खत्म करने का प्रयास करेंगे, तो यह निश्चित ही समाज के लिए उपयोगी होगा। कुलपति ने भारत यात्री श्री राकेश कुमार सिंह को स्मृति चिन्ह एवं पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया। समारोह का संचालन जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष श्री संजय द्विवेदी ने किया। कार्यक्रम की शुरूआत सरस्वती वंदना से हुई, तत्पश्चात छात्रा सुश्री उवर्शी विश्वकर्मा ने एकल गीत प्रस्तुत किया और राष्ट्रगीत के साथ समारोह का समापन हुआ। समारोह में विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित हुए। ‘कौन है राकेश कुमार सिंह’ बिहार के छपरा जिले के छोटे से गांव तरियानी में जन्में राकेश कुमार सिंह समाज में लैंगिक भेदभाव मिटाने के मिशन पर निकले हैं। उन्होंने मार्च 2014 से साइकिल यात्रा करते हुए तमिलनाडु, पण्डुचेरी, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, आन्धप्रदेश, उड़ीसा, बिहार और मध्यप्रदेश की ज़मीं को स्पर्श किया है और इन राज्यों में लैंगिक समानता के साथ सह-अस्तित्व और सह-जीवन का मंत्र जनमानस तक पहुंचा चुके हैं। उनकी इस यात्रा का मकसद पुरूष-स्त्री के बीच ही नहीं बल्कि तीसरे समलैंगिक समूहों के बीच असमानता को पाटना है। उन्होंने पिछले दो साल में दस राज्यों में यह सन्देश देते हुए 16000 किलोमीटर की यात्रा तय की है। और इस यात्रा के दौरान लगभग साढ़े चार लाख लोगों से सीधे तौर पर संवाद कायम किया है। समाज में असमानता के संवेदनशील मुद्दे पर अलग-अलग समूहों से बातचीत करते हुए उन्होंने सामाजिक विसंगता को दूर करने का प्रयास किया है।
मिस्टर फ्रेशर बने आदिल, मिस फ्रेशर बनीं आफरीन
21 October 2016
नगाड़े संग ढोल बाजे....
- जवाहरलाल नेहरू पीजी कॉलेज की फ्रेशर पार्टी में जमकर किया छात्र-छात्राओं ने धमाल - क्लासीकल, हिपहॉप डांस में झूमकर नाचे
- एंटी रैंिगंग, गेट टू गेदर का किया आयोजन
भोपाल। जवाहरलाल नेहरू पीजी कॉलेज की गुरुवार को मोटल सिराज में फ्रेशर पार्टी आयोजित की गई जिसमें मिस्टर फ्रेशर का खिताब आदिल को दिया गया जबकि मिस फ्रेशर आफरीन चुनीं गईं। इस दौरान जूनियर-सीनियर छात्र-छात्राओं ने क्लासीकल व हिपहॉप डांस में धमाल मचा दिया। समारोह में कॉलेज के डायरेक्टर आसिफ जकी, प्रिंसीपल डॉ. वाई पी सिंह मौजूद थे। कॉलेज के मीडिया प्रभारी विवाल जकी ने बताया कि जूनियर-सीनियर की फ्रेशर पार्टी में 150 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। शुभारंभ पर डायरेक्टर आसिफ जकी ने कहा कि फ्रेशर पार्टी से स्टूडेंट में नई ऊर्जा का संचार होता है। पुराने गिले-शिकवे भूलकर सकारात्मक सोच जिंदगी बदल देती है। तत्पश्चात नगाड़े संग ढोल बाजे... डिस्को दीवाने गाने पर विलाल, वहीद, ऋषि, अहीवा, अदनान, शोजर, इफला आदि स्टूडेंट जमकर नाचे। समारोह में एंटी रैगिंग, गेट टू गेटर का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन अर्पित ने किया

2 अक्टूबर को होगी "इंडिया क्विज"
29 September 2016
आगामी 2 अक्टूबर को गांधीजी की जयंती के अवसर पर शासकीय मौलाना आज़ाद केन्द्रीय पुस्तकालय एक ओपन क्विज आयोजित करने जा रही है । भारत के आजादी आंदोलन पर केन्द्रित इस क्विज में किसी भी आयु का कोई भी शहरवासी भाग ले सकता है । क्विज का उद्देश्य लोगों को भारत की स्वतन्त्रता के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी देना है सिविल सर्विसेज क्लब के सहयोग से आयोजित हो रही इस क्विज के विजेताओं को कुल 6000/- रुपये के नगद पुरुसकार दिये जाएंगे मशहूर क्विज मास्टर व एक्सीलेंस कॉलेज के पूर्व छत्र अभिषेक दुबे इस क्विज में क्विज मास्टर की भूमिका निभाएंगे क्विज रविवार 2 अक्टूबर को सुबह 10 बजे सेंट्रल लाइब्रेरी के मुख्य हाल में आयोजित होगी । इसमें भाग लेने के लिए किसी को पहले से कोई रजिस्ट्रेशन कराने की कोई जरूरत नहीं है । इच्छुक व्यक्ति 2 लोगों की टीम बनाकर रविवार को सुबह 9.30 बजे सेंट्रल लाइब्रेरी पहुँचें क्विज का विवरण इस प्रकार है - क्विज का नाम - इंडिया क्विज 2016
कब - 2 अक्टूबर 2016
अवसर - गांधीजी की जयंती समय - सुबह 10 बजे
स्थान - सेंट्रल लाइब्रेरी भोपाल

पहला युवा मंच कार्यक्रम सम्पन्न
06 September 2016
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर हुई चर्चा
भारत सरकार द्वारा बनाई जा रही नई शिक्षा नीति पर युवाओं के विचार जानने के उद्देश्य से इस रविवार स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी में युवा मंच नामक कार्यक्रम आयोजित हुआ । प्रज्ञा प्रवाह के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में 10 युवाओं ने टी एस आर सुब्रमणियम समिति की रिपोर्ट पर अपने विचार व्यक्त किए व उसे लागू करने के प्रभावी तरीके सुझाए इस कार्यक्रम में बाल साहित्य शोध केंद्र के अध्यक्ष श्री महेश सक्सेना व भारतीय सेना के रिटायर्ड कर्नल श्री वीरेंद्र चौबे विशेषज्ञ के तौर पर मौजूद थे कार्यक्रम के विशेष अतिथि के रूप में आयुक्त लोक शिक्षण श्री नीरज दुबे मौजूद थे
कार्यक्रम में युवा वक्ताओं द्वारा रखे गए प्रमुख सुझाव :-
योगेश अजमेरा के सुझाव
भारत में शिक्षा के लिए किया जाने वाला आवंटन अभी भी बहुत कम है । समिति का सुझाव की हमें बजट का 6 % शिक्षा पर खर्च करना चाहिए को जरूर लागू किया जाना चाहिए शिक्षा के प्रशासन को बेहतर बनाने के लिए 'भारतीय शिक्षा सेवा' नाम से एक अखिल भारतीय सेवा शुरू की जानी चाहिए स्वामी विवेकानंद ने कहा था ' लोगों के दिमाग बहुत सारी गैर जरूरी बातें भर देना और उसे लोगों के दिमाग में सड़ने के लिए छोड़ देना शिक्षा नहीं हैं ....शिक्षा वह है जो व्यक्ति अपने जीवन में उतार सके' हमें बहुत सारी गैर जरूरी चीजों को अपने पाठ्यक्रम से हटाने की जरूरत है और उन चीजों को शामिल करने की जरूरत है जो हमें बेहतर जीवन जीने में मददगार बनें कक्षा 5 तक ही हमें सब विषय पढ़ाने चाहिए उसके बाद हमें छात्रों को कोई तीन विषय चुनने की छूट देनी चाहिए ताकि वे अपनी पसंद के विषय को पढ़ें और अपनी पढ़ाई को एंजॉय करें भारत में 'स्कूल में उपस्थिति योग्यता से ज्यादा महत्वपूर्ण है' हमें इस पर दोबारा सोचने की जरूरत है । स्कूल में दिनभर बैठाने की वजाय हमें छात्रों के लिए ज्यादा रोचक गतिविधियां तय करनी चाहिए सावन श्रीवास्तव के सुझाव
हमारे देश से ज्यादा मेडल माइकल फेलप्स ने जीते हैं क्या कारण है कि आबादी में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश खेलों में छोटे छोटे देशों से भी पीछे है । इसका सबसे बड़ा कारण है स्कूलों में खेलों को बढ़ावा ना दिया जाना हमें स्कूल के पाठ्यक्रम में खेलों को भी उतना ही महत्व देने की जरूरत है जितना हम सबजेक्ट्स को देते हैं । हर क्लास में स्पोर्ट्स एक अनिवार्य विषय होना चाहिए और हर स्टूडेंट्स के स्पोर्ट्स के मार्क्स उसकी मार्कशीट में शामिल किए जाने चाहिए पाठ्यक्रम से गैर जरूरी चीज़ें हटाकर स्पोर्ट्स के लिए समय निकाला जा सकता है यदि हमनें समय रहते सुधार नहीं किया तो ऐसा वक्त भी आ सकता है जब भारत केवल कम्प्युटर गेम्स में ही मेडल जीत पाएगा विक्रांत शर्मा के सुझाव
हर स्कूल में अनिवार्य रूप से कैरियर काउन्सलर की भर्ती होनी चाहिए जो बच्चों की बदलती रुचि व एक्सपोजर के हिसाब से उन्हे विकल्प बता सकें इंजीन्यरिंग व अन्य तकनीकी विषयों के साथ हिस्ट्री, फिलोसोफी और साइकॉलजी जैसे आर्ट्स के विषय पढ़ने का विकल्प दिया जाना चाहिए । ताकि लोग कैरियर के साथ साथ अपनी रुचि के विषय भी पढ़ सकें भारत में मास्टर डिग्री एक साल की कर देनी चाहिए ताकि लोग एक से ज्यादा विषयों में मास्टर्स करके अपनी विशेषज्ञता का क्षेत्र बढ़ा सकें पूनम असावरा के सुझाव
अच्छे डॉक्टर , इंजीनियर बनाने से ज्यादा हमें अच्छे नागरिक बनाने पर ज़ोर देना चाहिए । गांधीजी भी यही चाहते थे कि भारतीय शिक्षा का उद्देश्य जिम्मेदार व आत्मनिर्भर नागरिक बनाना होना चाहिए देश के सभी प्रतिष्ठित व्यक्तियों को कुछ समय निकालकर स्कूलों में पढ़ाना चाहिए । इससे उनमें लगातार सीखने की प्रवृति बनी रहेगी और स्टूडेंट्स को भी सफल लोगों से पढ़कर उन जैसा बनने की प्रेरणा मिलेगी शिक्षा व्यवस्था में हमें टीचर स्टूडेंट के रिश्ते को मजबूत बनाने की जरूरत है जिसके लिए आवश्यकता है समर्पित शिक्षकों की ।
अमृता सिंह के सुझाव
हमें समाज के हर व्यक्ति को एक जैसे स्तर की शिक्षा देने की जरूरत हैं क्योंकि आज के समय में लोगों के अलग अलग स्तर के लिए शिक्षा ही जिम्मेदार है अच्छी शिक्षा के लिए आवश्यक है स्किल्ड व टीचिंग को पसंद करने वाले टीचर्स है । सरकार को पूरे देश के लिए एक टीचिंग कैडर तैयार करना चाहिए जिसे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से चुना जाना चाहिए शिवपाल सिंह ठाकुर के सुझाव
हमें टीचिंग कैरियर को आकर्षक बनाना होगा । क्या कारण है कि देश का सबसे अच्छा टैलेंट टीचर नहीं बनना चाहता । यह प्रोफेशन देश के किसी भी प्रोफेशन से ज्यादा महत्वपूर्ण है इसलिए इसमें देश का सबसे अच्छा टैलेंट खीचना जरूरी है हमें पहली क्लास से ही बच्चों की हर एक्टिविटी को मॉनिटर करना शुरू कर देना चाहिए एक ट्रेकिंग सिस्टम बनाने की जरूरत है ताकि 5 वीं क्लास तक आते आते हमें उस बच्चे का स्वभाव समझ में आ जाये संस्कार के बिना शिक्षा 'बिना दायित्व के अधिकार देने जैसा है' कोई कितना भी विरोध करे पर हमें शिक्षा में नैतिक मूल्य सिखाने वाली धार्मिक पुस्तकों को भी शामिल करना चाहिए रवीना मिश्रा के सुझाव
हमें 9 वीं क्लास तक हर किसी को पास करने की पॉलिसी खत्म कर देनी चाहिए । हर स्तर पर परीक्षा होनी चाहिए ताकि स्टूडेंट में जीतने और आगे बढ्ने की भावना बनी रहे और आगे चलकर वह प्रतियोगी माहौल के साथ सामंजस्य बैठा सके स्कूली शिक्षा को हमें 3 भागों में बाँट देना चाहिए 1. कक्षा 1 से 5 तक - इसमें हमें अच्छा इंसान बनाने पर ज़ोर देना चाहिए 2. कक्षा 6 से 8 - इसमें हमें अच्छा नागरिक बनाने पर फोकस करना कहहिए 3. कक्षा 9 से 12 - इसमें हमें छात्रों को सबजेक्ट एक्सपर्ट बनाने पर ध्यान देना चाहिए संदीप पटेल के सुझाव
हमें शिक्षा के तीनों आयाम - शिक्षा, परीक्षा व प्रशिक्षण पर बराबर ध्यान देने की जरूरत है छात्रों की भांति हमें समय समय पर शिक्षकों का भी मूल्यांकन करने की जरूरत है , इसके लिए विभाग से अलग एक स्वतंत्र मूल्यांकन एजेंसी होनी चाहिए अभिषेक शर्मा के सुझाव
पूरे देश में एक जैसा पाठ्यक्रम लागू किया जाना चाहिए ताकि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में सभी छात्रों को बराबर मौका मिले दुनिया के टॉप 100 विश्वविद्यालयों में कोई भी भारतीय संस्था नहीं है पर इन टॉप 100 संस्थानों में आधे से ज्यादा शिक्षक भारतीय हैं । हमें इस पर ध्यान देने की जरूरत है । हमें अपने शिक्षण संस्थानों को राजनाइटिक दखलंदाज़ी से दूर रखना चाहिए ताकि वे बेहतरीन लोगों को अपने साथ जोड़ सकें हमारी शिक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जो 'जॉब सीकर नहीं बल्कि जॉब क्रेएटर पैदा करे' आयुक्त लोक शिक्षण श्री नीरज दुबे का सम्बोधन
सुब्रमणियम समिति की रिपोर्ट तैयार होने से पहले चर्चाओं के लंबे दौर चले थे यही कारण है कि इस रिपोर्ट में वह हर चीज़ मौजूद है जो आप नई शिक्षा नीति में शामिल करना चाहते थे हर सफल व्यक्ति किसी एक अच्छे शिक्षक की देन है - हम अपने आस पास जिन सफल लोगों को देखते हैं वे सब किसी ना किसी अच्छे टीचर की देन हैं । इस देश ने कई महान व्यक्ति तब भी पैदा किए हैं जब यहाँ शिक्षा नीति जैसे कोई डोक्यूमेंट भी नहीं होते थे हर कोई अच्छे टीचर चाहता है पर टीचर कोई नहीं बनना चाहता - हमारे समाज की यह सबसे बड़ी बिडम्बना है कि हम सब अपने बच्चों के लिए अच्छे से अच्छे टीचर चाहते हैं पर कोई भी अच्छा व्यक्ति टीचर नहीं बनना चाहता । हमें देश के सर्वश्रेष्ठ टैलेंट को टीचिंग की ओर आकर्षित करना होगा

वैदिक काल से रहा है मनोरंजन का अस्तित्व
3 September 2016
माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, भोपाल के रजत जयंती वर्ष पर मुंबई प्रेस क्लब में हुई संगोष्ठी
भोपाल। वैदिक काल से मनोरंजक का अस्तित्व रहा है। नाट्यशास्त्र की रचना इसका उदाहरण है। देवताओं के राजा इंद्र ने कहा था कि देवताओं को रंगमंच का भय रहता है। इसके लिए ज्ञानी लोगों की जरूरत है। अमृत मंथन को दुनिया की पहली नाट्य प्रस्तुति माना जाता है। इस नाटक को देखने के बाद प्रजापति ने कहा कि इसमें सौन्दर्य का अभाव है। इसके बाद उन्होंने इंद्र को 25 अप्सरायें दी। आज भी फिल्मों में अप्सराओं की जरूरत पड़ती है। सुप्रसिद्ध फिल्म निर्देशक व अभिनेता डा. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने यह बात कही। श्री द्विवेदी शुक्रवार को मुंबई प्रेस क्लब में माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता व जनसंचार विश्वविद्यालय, भोपाल के रजत जयंती वर्ष के मौके पर आयोजित संगोष्ठी में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे।
संगोष्ठी के पहले सत्र ‘मनोरंजन का संसार एवं बदलता सांस्कृतिक परिदृश्य’ विषय पर अपने विचार रखते हुए धारावाहित चाणक्य से प्रसिद्ध हुए डा. द्विवेदी ने कहा कि मनोरंजन सिर्फ फिल्में व टीवी नहीं हैं। क्रिकेट और फुटबाल भी मनोरंजन है। उन्होंने कहा की आजादी की लड़ाई लड़ रहे महात्मा गांधी से जब कहा गया है कि फिल्म एक प्रभावशाली माध्यम है। इसलिए फिल्मों को भी आजादी की लड़ाई से जोड़ा जाए तो बापू इसके लिए तैयार नहीं हुए। क्योंकि उनको फिल्म वालों के चरित्र पर विश्वास नहीं था। आज भी मध्यवर्गीय भारतीयों के मन में फिल्मों से जुड़ों लोगों को लेकर एक अविश्वास है। इसको लेकर ख्वाजा अहमद अब्बास ने बापू को लंबा पत्र भी लिखा था। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, दिल्ली के सदस्य सचिव डा सच्चिदानंद जोशी ने कहा कि हम कलात्मक विलासिता की तरफ बढ़ रहे हैं। जिस तरह मनोरंजन का संसार बदल रहा है। उसको स्वीकार करने के लिए हमें खुद में भी बदलाव लाना होगा। डा. जोशी ने कहा कि व्यक्ति अपनी मनस्थिति के हिसाब से सुखी व दुखी रहता है। मनोरंजन के दुनिया के लोगों को यह बात समझनी होगी। वहीँ, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला ने कहा कि मीडिया का 70 फीसदी हिस्सा मनोरंजन है, लेकिन किसी भी विश्वविद्यालय में इसकी पढ़ाई नहीं होती थी। तीन साल पहले माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विवि में एमबीए इन इंटरटेन कम्यूनिकेशन की पढ़ाई शुरू की गई। इस विषय की पढ़ाई शुरू करने से पहले इसको लेकर हमारे मन में काफी संकोच था। पर हमें लगा की मनोरंजन के क्षेत्र में प्रबंधन का महत्व बढ़ने वाला है। इस लिए यह पढ़ाई लोगों के काम की होगी। उन्होंने कहा कि भारत में मनोरंजन के क्षेत्र में हस्तक्षेप की जरूरत है। चर्चा सत्र का संचालन माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग के अध्यक्ष संजय द्विवेदी ने किया। फिल्मकारों का साहित्य से नहीं है नाता :
संगोष्ठी के दूसरे सत्र में ‘मनोरंजन व मर्यादा’ विषय पर चर्चा की शुरुआत करते हुए ‘वेलकम टू सज्जनपुर’ व ‘वेलडन अब्बा’ जैसी फिल्मों के लेखन अशोक मिश्र ने कहा कि आज मनोरंजन के लिए ज्ञानी होने की जरूरत नहीं है। अधिकांश फिल्मकारों का साहित्य से कोई सरोकार नहीं है। इसके बावजूद वे सफल हैं। आज एआईबी जैसे शो भी मनोरंजन का साधन हैं और इसकी आलोचना करने वालों को पिछड़ा समझा जाता है। उन्होंने कहा कि न्यूज चैनल भी मनोरंजन का साधन बन चुके हैं। मंत्री का सेक्स स्कैंडल लोगों के लिए सिर्फ खबर नहीं बल्कि मनोरंजन का साधन है। श्री मिश्र ने कहा सत्यजीत रे यथार्थवादी सिनेमा के लिए जाने जाते हैं। लेकिन उन्होंने रियलिटी दिखाने के लिए कभी गालियों का सहारा नहीं लिया। लेकिन आज के फिल्म निर्माता-निर्देशक अपनी फिल्मों में गालियों के इस्तेमाल के लिए सेंसर बोर्ड से लड़ रहे हैं। फिल्म ’वेलकम बैक’ के सह निर्देशक व आने वाली फिल्म एमएस धोनी के कार्यकारी निर्माता विनित जोशी ने कहा कि फिल्म वेलकम बैक में सेंसर बोर्ड ने दर्जनभर से अधिक कट लगाए थे। इस फिल्म को मर्यादा में लाने के लिए हमें चार दिन लगे। उन्होंने कहा कि मर्यादा में रहकर भी सुपरहिट फिल्में बनाई जा सकती हैं। फिल्मकार सुदीप्तो सेन ने कहा कि भारतीय सिनेमा में हिंदी सिनेमा का कोई खास योगदान नहीं है। सिनेमा के लिए अक्षय कुमार और सलमान खान की जरूरत नहीं। नमस्ते लंदन, वेलकम बैंक सहित दर्जनों फिल्मों के कलानिर्देशक जयंत देशमुख ने कहा कि फिल्म की कहानी अमर्यादित होने पर भी हम चाह कर वह फिल्म नहीं ठुकरा सकते क्योंकि हमारे पास विकल्प नहीं। उन्होंने कहा कि टीआरपी के लिए टीवी सीरियल की कहानी बदलती रहती है और बाद मे वह कहानी मर्यादा तोड़ने लगती है। विश्वविद्यालय के कुलाधिसचिव लाजपत आहूजा ने कहा कि दुनिया में सबसे ज्यादा फिल्में भारत में बनती हैं। लेकिन हम ही सबसे बड़े नकलची भी हैं। प्रेमचंद जैसे लेखक का फिल्म इंडस्ट्री से बहुत जल्द मोहभंग हो गया था। संगोष्ठी के तीसरे सत्र में ‘मनोरंजन की संस्कृति और मीडिया दृष्टि’ विषय पर हुई परिचर्चा में वरिष्ठ पत्रकार विश्वनाथ सचदेव, हरि मृदुल व रूना गुप्ते ने अपने विचार व्यक्त किए। संचालन डा सौरभ मालवीय ने किया।
(डॉ. पवित्र श्रीवास्तव) निदेशक, जनसंपर्कलिया।

मनोरंजन का संसार और बदलता सांस्कृतिक परिदृश्य पर संगोष्ठी का आयोजन
Our Correspondent :1 September 2016
मुम्बई प्रेस क्लब में 2 सितम्बर को माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय का कार्यक्रम
भोपाल, 31 अगस्त। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल की ओर से 'मनोरंजन का संसार और बदलता सांस्कृतिक परिदृश्य' विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। यह संगोष्ठी 2 सितम्बर को मुम्बई प्रेस क्लब में सुबह 11:30 बजे से प्रारंभ होगी। आयोजन में प्रमुख रूप से प्रख्यात निर्देशक डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र दिल्ली के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी, वरिष्ठ पटकथा लेखक अशोक मिश्र, प्रख्यात कला निर्देशक जयंत देशमुख, साहित्यिक पत्रिका नवनीत के संपादक विश्वनाथ सचदेव और मी मरीठी एवं लाइव इंडिया समाचार वाहनी (चैनल) के संपादक पराग छापेकर शामिल होंगे। संगोष्ठी की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला करेंगे।
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय देश का प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय है। पत्रकारिता एवं आईटी की शिक्षा में विश्वविद्यालय का महत्त्वपूर्ण स्थान है। विश्वविद्यालय इस साल अपना रजत जयंती वर्ष मना रहा है। जयंती वर्ष के संदर्भ में विश्वविद्यालय की ओर से देश के प्रमुख स्थानों पर बौद्धिक और अकादमिक आयोजन किए जा रहे हैं। इसी तारतम्य में मुम्बई के प्रेस क्लब में राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। संगोष्ठी में तीन सत्र होंगे। संगोष्ठी का शुभारंभ सुबह 11:30 बजे होगा। उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि डॉ. सच्चिदानंद जोशी होंगे। मुख्य वक्ता के तौर पर डॉ. चंद्र प्रकाश द्विवेदी का उद्बोधन होगा। इस सत्र की अध्यक्षता कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला करेंगे। वहीं, द्वितीय सत्र दोपहर एक बजे प्रारंभ होगा, जिसमें 'मनोरंजन और मर्यादा' विषय पर विमर्श किया जाएगा। इस सत्र के मुख्य अतिथि जयंत देशमुख और मुख्य वक्ता अशोक मिश्र, पराग छापेकर तथा सुदीप्तो सेन होंगे। अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलाधिसचिव लाजपत आहूजा करेंगे। तृतीय और समापन सत्र दोपहर बाद 3:30 बजे से होगा। इस सत्र में 'मनोरंजन की संस्कृति और मीडिया दृष्टि' विषय पर प्रमुख उद्बोधन होंगे। इस सत्र के मुख्य अतिथि विश्वनाथ सचदेव होंगे। जबकि मुख्य वक्ता फिल्म पत्रकार हरि मृदुल एवं रूना गुप्ते और टीवी कलाकार यामिनी ठाकुर हैं। संगोष्ठी के संयोजक जनसंचार विभाग के अध्यक्ष संजय द्विवेदी हैं।
(डॉ. पवित्र श्रीवास्तव)
निदेशक, जनसंपर्क


नई शिक्षा नीति पर 'युवा मंच' का आयोजन
1 September 2016
भारत सरकार 30 साल बाद भारत की शिक्षा नीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव करने जा रही है । इन बदलावों के लिए सरकार एक नई शिक्षा नीति पर काम कर रही है । सरकार की यह नई नीति 1986 की राष्ट्रीय शिक्षा नीति का स्थान लेगी । स्कूल शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा व तकनीक शिक्षा में समयानुकूल परिवर्तन करना इस नई नीति को लाने के पीछे मुख्य कारण है ।
भारत सरकार द्वारा इस आशय से पिछले दिनों एक समिति का गठन किया था । पूर्व कैबिनेट सचिव टी.एस.आर. सुब्रमणियम की अध्यक्षता वाली इस समिति ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है ।
नागरिकों के अवलोकन के लिए यह रिपोर्ट मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय की वैबसाइट पर अपलोड कर दी गयी है
इस रिपोर्ट पर युवाओं के विचार जानने के उद्देश्य से स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी इस रविवार एक विशेष आयोजन कर रही है । युवा मंच नामक इस आयोजन में 30 वर्ष से कम का कोई भी युवा इस प्रस्तावित शिक्षा नीति पर अपने विचार व्यक्त कर सकता है ।
कार्यक्रम में भाग लेने के लिए युवाओं को अपने भाषण का सार 2 सितंबर तक लाइब्रेरी में जमा कराना होगा । भाषण सार के आधार पर 20 युवाओं को इस कार्यक्रम में बोलने का मौका दिया जाएगा
प्रतिभागी अपने विचार हिन्दी या इंग्लिश किसी भी भाषा में व्यक्त कर सकते हैं । हर युवा को अपनी बात रखने के लिए 3 मिनिट का समय दिया जाएगा । जब प्रतिभागी अपनी बात रख चुका होगा तब कोई भी श्रोता उसके द्वारा कही गयी बात पर अपने सवाल पूंछ सकेगा
प्रज्ञा प्रवाह के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में 5 सर्वश्रेष्ठ युवा वक्ताओं को पुस्तकें भेंट कर सम्मानित किया जाएगा
कार्यक्रम में भाग लेने के लिए दो तरीके से रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है
1. स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी के काउंटर पर अपना 'भाषण -सार' जमा करके
2. लाइब्रेरी की मेल आईडी svlbpl@gmail.com पर अपना भाषण सार मेल करके
रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि - 2 सितंबर 2016 है
कार्यक्रम का संक्षिप्त विवरण
कार्यक्रम - युवा मंच
विषय - नई शिक्षा नीति
दिनांक - 4 सितंबर 2016
समय - शाम 5 बजे
स्थान - स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी
क्या होगा - 20 युवा वक्ता नई शिक्षा नीति पर अपने विचार व्यक्त करेंगे
कौन भाग ले सकता है - 20 वर्ष से कम का कोई भी युवा
किस भाषा में बोल सकते हैं - हिन्दी या इंग्लिश
भाग लेने के लिए क्या करना है - अपना भाषण सार लिखकर लाइब्रेरी में जमा करना है रजिस्ट्रेशन की आखिरी तिथि - 2 सितंबर 2016


मेधावी विद्यार्थी प्रोत्साहन समारोह 24 अगस्त को भोपाल में
23 August 2016
स्कूल शिक्षा विभाग का मेधावी विद्यार्थी प्रोत्साहन समारोह 24 अगस्त को दोपहर 2 बजे भोपाल के लाल परेड ग्राउण्ड पर किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान करेंगे और उन्हें लेपटॉप वितरित करेंगे। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री कुँवर विजय शाह, आदिम-जाति कल्याण मंत्री श्री ज्ञान सिंह, स्कूल शिक्षा विभाग के राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी भी उपस्थित रहेंगे। प्रतिभाशाली छात्र प्रोत्साहन योजना में प्रावीण्य-सूची में आने वाले विद्यार्थियों को लेपटॉप वितरित किये जायेंगे। कार्यक्रम में 16 हजार 196 मेधावी विद्यार्थी को लेपटॉप वितरित किये जायेंगे। समारोह में प्रदेश के जिलों से आने वाले विद्यार्थियों के ठहरने की समुचित व्यवस्था की गयी है।
कार्यक्रम-स्थल पर विद्यार्थियों, उनके साथ आने वाले शिक्षकों और पालकों के बैठने की संभागवार व्यवस्था की गयी है।
मुकेश मोदी


आईआईएसईआर, भोपाल का चतुर्थ दीक्षांत समारोह संपन्न
31 May 2016
भोपाल । भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर), भोपाल का चतुर्थ दीक्षांत समारोह सोमवार को आयोजित किया गया। दीक्षांत समारोह की शुरुआत में प्रो. अजय कुमार सूद, भौतिक विज्ञान विभाग, भारतीय विज्ञान संस्थान, बंगलुरु को डॉक्टर ऑफ साइंस की मानद उपाधि प्रदान की गई। दीक्षांत समारोह के दौरान 25 पीएचडी उपाधि एवं 68 बी.एस.एम.एस (द्विउपाधि) प्रदान की गई।
समारोह में सचिन शैन पी को राष्ट्रपति स्वर्ण पदक, कु. अमृता वी को निदेशक स्वर्ण पदक, कु. शाह लेखा विनोद को प्रवीणता पदक (जैविक विज्ञान), कु. वैष्णवी एन नायर को प्रवीणता पदक (रसायन विज्ञान) और कु. संजना अग्रवाल को प्रवीणता पदक (गणित) प्रदान किया गया।
श्री शैन पी को प्रवीणता पदक (भौतिक विज्ञान) की उपाधि से भी नवाजा गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विपिन सोंधी, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जेसीबी इंडिया लिमिटेड थे।
उन्होंने अपने दीक्षांत अभिभाषण में आह्वान किया कि आईआईएसईआर से डिग्री लेकर निकले युवा अपने ज्ञान और ऊर्जा का प्रयोग समाज, देश और मानवता के लिए करें और संस्थान की गौरवाशाली परंपरा को आगे बढ़ाएं।
संस्थान के निदेशक प्रो. विनोद कुमार सिंह ने आईआईएसईआर की गतिविधियों पर प्रकाश डाला।


कौटिल्य एकेडमी में सेमिनार संपन्न , UPSC UG (Under Graduate) के लिए हुआ नि:शुल्क सेमिनार
25 May 2016
भोपाल : कौटिल्य एकेडमी भोपाल शाखा में UPSC UG (Under Graduate) का नि:शुल्क सेमिनार आयोजित किया गया ।
सेमिनार में कौटिल्य एकेडमी के सीईओ मनमोहन जोशी तथा नेशनल को-ऑर्डिनेटर सुनील तिवारी द्वारा UPSC UG (Under Graduate) की सम्पूर्ण जानकारी दी गई।
सेमिनार में छात्रों ने अधिक से अधिक उपस्थिति दर्ज कराई तथा सेमिनार को सफल बनाया ।
कौटिल्य एकेडमी भोपाल शाखा में UPSC UG के नए बैच 06 जून 2016 से प्रारंभ होने जा रहे है।
कौटिल्य एकेडमी भोपाल शाखा में UPSC / MPPSC / SSC / MPSI / CONSTABLE की कक्षाए चल रही है ।
इस अवसर पर भोपाल शाखा के डायरेक्टर राहुल रंगारे ने बच्चो को भविष्य के लिए मार्गदर्शन दिया


सीबीएसई रिजल्ट में एक बार फिर चमका सेंट पॉल स्कूल
Our Correspondent :21 May 2016
भोपाल। लंबी प्रतीक्षा के बाद अंततः कक्षा बारहवीं सी.बी.एस.ई. का परीक्षा परिणाम घोषित हुआ। इस बार फिर सेंट पॉल सीनियर सेकेंड्री स्कूल के स्टूडेंट्स ने सफलता का परचम लहराया। स्कूल के लगभग 210 स्टूडेंटस ने परीक्षा में उत्साह पूर्वक भाग लिया।
उनमें से जिन स्टूडेंटस ने अपनी प्रतिभा से विद्यालय का नाम रोशन किया, उनमें विज्ञान संकाय में हरिओंम पटेल के द्वारा 94.40 प्रतिशत अंक, अश्वथी प्रकाश के द्वारा 94.20 प्रतिशत अंक और प्रगति गर्ग के द्वारा 92.20 प्रतिशत अंक तथा वाणिज्य संकाय में वंदना मेहता के द्वारा 92 प्रतिशत अंक, अदिति मिश्रा के द्वारा .91.80 प्रतिशत अंक और श्री दुबे के द्वारा 90 प्रतिशत अंक प्राप्त किए गए।
विगत 15 वर्षों से विद्यालय की अनेक प्रतिभाएँ बोर्ड परीक्षाओं में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से स्टूडेंटस की कीर्ति में चार चाँद लगा रहीं हैं। इस अवसर पर प्राचार्य फादर सेबी ने स्टूडेंटस को इस सफलता पर बधाई देते हुए इसका श्रेय उनके लक्ष्य के प्रति समर्पण, अथक परिश्रम, शिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन व अभिभावकों के सहयोंग को दिया। उन्होंने भविष्य में भी स्टूडेंटस की शिक्षा का स्तर इसी प्रकार उच्च बनाए रखने की कामना व्यक्त की है।



शाजापुर के मुकेश और जबलपुर की दिव्या दोनों रहें पहले स्थान पर
मशिंम ने घोषित किये 10वीं बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट

Our Correspondent :16 May 2016
भोपाल। मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10वीं बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट घोषित कर दिये। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री पारस जैन और राज्य मंत्री दीपक जोशी मौजूद रहें और मेरिट सूची में आने वाले स्टूडेंट्स का सम्मान भी किया। इस वर्ष 10 वीं की परीक्षा में 53.87 फीसदी परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए। इस बार दसवीं की परीक्षा में करीब सवा 12 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे।
इनमे से शाजापुर जिले के मुकेश चंदेल और जबलपुर की दिव्या यादव ने संयुक्त रूप से पहला स्थान प्राप्त किया। शाजापुर जिले के कालापीपल कस्बे के सहारा पब्लिक स्कूल के स्टूडेंट मुकेश ने 600 में से 589 अंक हासिल किए। वहीं जबलपुर की तान्या कान्वेंट स्कूल की स्टूडेंट दिव्या ने भी 589 हासिल किए हैं। इसी कारण दोनों संयुक्त रूप से टॉपर बनें।
इस बार मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल के 10वीं बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट में एक और खास बात यह रही कि टॉप टेन में 39 स्टूडेंट्स ने जगह बनाई है।

टॉप टेन स्टूडेंट्स

नाम श्रेणी

मुकेश चंदेल, शाजापुर - पहला दिव्या यादव, जबलपुर - पहला
रामप्रकाश गुप्ता, शहडोल - दूसरा
जितेंद्र परमार, शाजापुर - दूसरा
अनुपम मिश्रा, पन्ना - तीसरा
धीरेंद्र कुमार सोनी, पन्ना - चौथा
प्रत्युष मिश्रा, उमरिया - चौथा
स्वाति शर्मा, खंडवा - चौथा
अजीत सिंह, रीवा - पांचवा
ईश्वर , शाजापुर - पांचवा



टेक इनोवेशन चैलेंज 2016 के विजेताओं की घोषणा>
Our Correspondent :11 May 2016
भोपाल, 10 मई 2016। सीआईआई यंग इंडियन्स-भोपाल चैप्टर, सीआईआई-मध्यप्रदेश तथा राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) द्वारा आयोजित टेक इनोवेशन चैलेंज 2016 के विजेताओं की घोषणा आज की गई। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का पहला पुरस्कार यूआईटी कॉलेज की टीम को उनके आइडिया विन बिन-वाईफाई डस्ट बिन को मिला। वहीं बराबरी का मुकाबला रहने की वजह दूसरे पुरस्कार के दो संयुक्त विजेता रहे। स्कोप कॉलेज की टीम को यह पुरस्कार उनकी प्रविष्टि ऑटोमेटिक स्पीड कंट्रोलर को दिया गया जबकि टू्रबा कॉलेज की टीम ने सोलर रूफ लाइटिंग विषय पर अपने आइडिया के लिए प्राप्त किया। तृतीय पुरस्कार एलएनसीटी कॉलेज की टीम को उनके इनोवेशन जनरेशन ऑफ इलेक्ट्रिसिटी थ्रू फुटस्टेप - वॉक एण्ड शॉक के लिए दिया गया। पुरस्कार वितरण समारोह आज दोपहर आरजीपीवी के सभागार में आयोजित किया गया।
आरजीपीवी के वाइस चांसलर एवं पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि प्रोफेसर पीयूष त्रिवेदी ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। इस प्रतियोगिता का आयोजन इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों के बीच नवाचार को बढ़ावा देने तथा उनकी प्रतिभा को पहचानने के उद्देश्य से किया गया था। प्रतिभागियों ने स्मार्ट सिटी, अक्षय ऊर्जा, यातायात प्रबंधन, अपशिष्ट प्रबंधन सहित ग्रामीण भारत में टेक्नालॉजी आदि विषयों पर अपनी अपनी प्रविष्टियां भेजी थीं।
पुरस्कार वितरण समारोह के पूर्व अंतिम 11 प्रतियोगियों ने निर्णायक मण्डल के समक्ष अपने आइडिया को समझाने के लिए प्रजेंटशन दिया। निर्णायक मण्डल ने आइडिया की विशिष्टता, समस्या को सुलझाने में उपयोगिता, आइडिया की व्यावहारिकता तथा उसके व्यावसायिक उपयोग आदि बिंदुओं पर विचार कर अंतिम तीन प्रविष्टियों को पुरस्कार के लिए चुना। इन तीन विजेताओं के नाम भारत सरकार को उसकी स्टार्ट अप योजना के तहत विचार के लिए भेजे जाएंगे।
प्रोफेसर पीयूष त्रिवेदी ने अपने उद्बोधन में कहा कि युवाओं में उद्यमशीलता को बढ़ावा देकर उनके उत्साह, ऊर्जा व महत्वाकांक्षा को न केवल सही दिशा दी जा सकती है बल्कि देश के आर्थिक विकास में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उद्यमी नवाचारों को बढ़ावा देने वाले, रोजगार में वृद्धि करने वाले तथा आर्थिक प्रवृत्तियों को बदलने वालों के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह तो एक शुरूआत है आने वाले समय में आरजीपीवी टेक इनोवेशन जेसी अनेक प्रतियोगिताओं का आयोजन करेगा।
सीआईआई यंग इंडियन्स के भोपाल चैप्टर की ईएण्डआई शाखा के प्रमुख सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने कहा कि सीआईआई उद्यमिता और नवाचार विषय उनकी कार्यसूची में प्रमुखता से शामिल किया गया है। इसके तहत व्यापार और सामाजिक विकास के बीच संतुलन बैठाने के लिए अनेक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
सीआईआई यंग इंडियन्स-भोपाल चैप्टर के अध्यक्ष राकेश सुखरामानी ने कहा कि भारत इस समय उद्यमिता के तेज विकास और स्टार्ट अप्स का दौर से गुजर रहा है। भारत सरकार इसको बढ़ावा देने की दिशा हरसंभव मदद कर रही है। उन्होंने कहा कि इनोवेशन उद्यमिता का प्रमुख तत्व है तथा विद्यार्थी जीवन काल से ही इनोवेशन को बढ़ावा दिया जाना जरूरी है। यह प्रतियोगिता इसी दिशा में एक पहल थी।


कौटिल्य एकेडमी में NDA / CDS का निशुल्क सेमिनार संपन्न
02 May 2016
भोपाल। कौटिल्य एकेडमी भोपाल शाखा में NDA / CDS का निशुल्क सेमिनार का आयोजन किया गया I सेमिनार में कौटिल्य एकेडमी के सीईओ मनमोहन जोशी तथा नेशनल को - ऑर्डिनेटर सुनील तिवारी ने स्टूडेंट्स को NDA / CDS की विस्तृत जानकारी दी I कौटिल्य एकेडमी भोपाल शाखा अब तक UPSC / MPPSC / SSC / MPSI / की सफलता के बाद नए पाट्यक्रम NDA / CDS की शुरुवात करने जा रही है I इसी सेमिनार में स्टूडेंट्स ने अधिक से अधिक उपस्थिति दर्ज कराई साथ ही सेमिनार में अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी पाया I कौटिल्य एकेडमी भोपाल शाखा के डायरेक्टर राहुल रंगारे ने भी स्टूडेंट्स का मार्गदर्शन किया।



"सामान्य ज्ञान सीरीज" 1 मई से शुरू होगी
हर रविवार होगी सामान्य ज्ञान पर ओपन प्रतियोगिता

29 April 2016
युवाओं का सामान्य ज्ञान बेहतर करने के उद्देश्य से सेंट्रल लाइब्रेरी इस रविवार से एक 'सामान्य ज्ञान सीरीज' शुरू करने जा रही है I जिसके अंतर्गत हर रविवार सेंट्रल लाइब्रेरी में एक सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी I
सिविल सर्विसेज क्लब के सहयोग से आयोजित इस सीरीज के अंतर्गत मई माह में कुल 5 ओपन सामान्य ज्ञान प्रतियोगिताएं आयोजित की जायेंगीं
हर प्रतियोगिता पहले से निर्धारित किसी एक थीम पर आधारित होगी I कोई भी इच्छुक व्यक्ति बिना किसी पूर्व रजिस्ट्रेशन के इन प्रतियोगिताओं में भाग लेने लाइब्रेरी आ सकता है I
केवल हिंदी में आयोजित होंगीं इन प्रतियोगिताओं में हर बार केवल 150 लोग ही भाग ले सकेंगें I प्रतियोगिता के दिन सबसे पहले आने वाले 150 लोगों को ही इन प्रतियोगिताओं में भाग लेने का मौका मिलेगा

सामान्य ज्ञान सीरीज - एक नजर में
आयोजन का नाम - सामान्य ज्ञान सीरीज
क्या है ये आयोजन - सामान्य ज्ञान पर 5 ओपन प्रतियोगिताएं
कहाँ होंगी - सेंट्रल लाइब्रेरी भोपाल में
कब से कब तक - 1 मई से 29 मई 2016
पहली प्रतियोगिता - 1 मई 2016 को
प्रतियोगिता की भाषा - हिंदी
कौन भाग ले सकता है - कोई भी व्यक्ति
रजिस्ट्रेशन - आवश्यक नहीं
शुल्क - कोई शुल्क नहीं

भाग लेने के लिए क्या करें - प्रतियोगिता के दिन सुबह 7.30 बजे सेंट्रल लाइब्रेरी पहुंचें

प्रतियोगिता के लिए निर्धारित स्थान - 150

सामान्य ज्ञान प्रतियोगिताओं की थीम :-

1 मई 2016 - करेंट अफेयर्स प्रतियोगिता
(पिछले एक वर्ष के करेंट अफेयर्स पर ओपन प्रतियोगिता)

8 मई 2016 - सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता
(सामान्य ज्ञान के सभी टॉपिक्स को कवर करती एक प्रतियोगिता)

15 मई 2016 - मध्यप्रदेश सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता
(म.प्र. के इतिहास, संस्कृति व अर्थव्यवस्था पर ओपन प्रतियोगिता)

22 मई 2016 - मध्यप्रदेश करेंट अफेयर्स प्रतियोगिता
(म.प्र. सरकार की पिछले एक वर्ष की गतिविधियों पर केन्द्रित ओपन प्रतियोगिता)

29 मई 2016 - MPPSC सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता
(राज्य सेवा परीक्षा में पूंछे जाने वाले सामान्य ज्ञान पर ओपन प्रतियोगिता)



हिंदी शब्द ज्ञान प्रतियोगिता "शब्द सिद्धी"‘के परिणाम घोषित
29 April 2016
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों में शुद्ध हिंदी के प्रति रुचि जाग्रत करने की दृष्टि से आयोजित की गई हिंदी शब्द ज्ञान प्रतियोगिता "शब्द सिद्धी"‘के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। इस प्रतियोगिता में भागीदारी करने वाले प्रत्येक विद्यालय से दो-दो विजेता प्रतिभागियों का चयन किया गया है। शीघ्र ही आयोजित किए जा रहे अंतिम चरण में विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा।
पत्रकारिता विश्वविद्यालय द्वारा जारी अधिकृत जानकारी के अनुसार इस प्रतियोगिता में ग्यारह विद्यालयों के पांच सौ सात विद्यार्थियों ने भाग लिया था। जिसमें सेंट्रल एकेडमी से आकांक्षा त्रिपाठी एवं अभिजीत बघेल, ज्येाति हायर सेकेण्डरी स्कूल, रीवा से श्रुति तिवारी एवं रक्षा पाण्डेय, सरस्वती शिशु मंदिर नेहरू नगर, रीवा से श्रुति पाठक एवं काजल मिश्रा, शासकीय प्रवीण कुमारी कन्या हाई स्कूल रीवा से शैलजा पाण्डेय एवं दीक्षा सिंह, रेवांचल पब्लिक स्कूल रीवा से अंजलि वर्मा एवं निशा पटेल, बाल भारती स्कूल, रीवा से सुयश पाण्डेय, एवं प्रियेश सिंह परिहार, शासकीय मार्तण्ड क्रमांक-3, रीवा से सुखराज सिंह और अतुल कुमार विश्वकर्मा, केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक-1, रीवा से शिवमधर द्विवेदी एवं अपूर्वा दीक्षित, बी.एस.एस. इाई स्कूल गुढ़ से पियूष तिवारी एवं अतुल मिश्रा, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-2 से विकास सिंह परिहार एवं कमलाकर प्रसाद सूर्यवंशी तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-1 से श्यामसुंदर कोरी और धर्मेन्द्र कुमार सेन का चयन किया गया है।
जानकारी के अनुसार उपरोक्त चयनित विद्यार्थियों के बीच अंतिम चरण की स्पर्धा होगी जिसमें विजेताओं को प्रथम पुरस्कार पांच हजार रुपए, द्वितीय पुरस्कार तीन हजार रुपए, और तृतीय पुरस्कार दो हजार रुपए तथा सांत्वना पुरस्कार एक-एक हजार रुपए के प्रदान किए जायेंगे। विश्वविद्यालय द्वारा अपनी स्थापना के पच्चीस वर्ष पूर्ण करने के उपलक्ष्य में वर्ष 2016 को रजत जयंती वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इस गौरवमयी रजत जयंती वर्ष समारोह श्रंखला के अंतर्गत रीवा जिले के हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में फरवरी माह में इस हिंदी शब्द ज्ञान प्रतियोगिता के प्रथम चरण का आयोजन किया गया था, जिसके परिणाम विश्वविद्यालय द्वारा आज घोषित कर दिए गए हैं। विद्यार्थियों के चयन परिणामों की जानकारी सम्बन्धित विद्यालयों को भेजी जा रही है।



भारतीय वन प्रबंधन संस्थान (आईआईएफएम) का 11वां दीक्षांत समारोह संपन्न
16 April 2016
भारतीय वन प्रबंधन संस्थान (आईआईएफएम), भोपाल का 11वां दीक्षांत समारोह आज दिनांक 15 अप्रैल 2016 को आईआईएफएम के समागम कक्ष में संपन्न हुआ। इस समारोह में वर्ष 2014-16 के पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा इन फॉरेस्ट्री मैनेजमेंट (पीजीडीएफएम) के पाठ्यक्रम के लिए 83 छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथि श्री विनोद राय, भाप्रसे (से.नि.) अध्यक्ष, बैंक बोर्ड ब्यूरो (भारत के पूर्व नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक) द्वारा उपाधि प्रदान की गई।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री विनोद राय ने छात्रों से आह्वान किया कि वे राष्ट्र निर्माण में अपना पूरा योगदान दें। उन्होंने यह भी कहा कि देश की बढ़ती जनसंख्या से उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए देश में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर तरीके से भरपूर उपयोग करना होना।
समारोह में वर्ष 2015-16 के पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा इन फॉरेस्ट्री मैनेजमेंट (पीजीडीएफएम) के पाठ्यक्रम के लिए श्री सिद्धांत दास को गोल्ड मेडल प्रदान किया गया और कुमारी अमृता बसुला को सिल्वर मेडल प्रदान किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए आईआईएफएम के निदेशक श्री गिरिधर किन्हाल ने अपने संस्थान में चल रहे पाठ्यक्रम की जानकारी दी। साथ उन्होंने कहा कि आईआईएफएम भारत का प्रतिष्ठित संस्थान है, जहां पिछले साल सभी सफल छात्र-छात्राओं को इस संस्थान द्वारा सफल प्लेसमेंट दिया गया।

प्रिंटिंग तकनीक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला का सम्मान
16 April 2016
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला को प्रिंटिंग तकनीक की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सम्मानित किया गया है। ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ मास्टर प्रिंटर्स (एआईएफएमपी) ने कोचीन में गरिमायम समारोह आयोजित कर प्रिंटिंग शिक्षा में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रो. कुठियाला को सम्मानित किया है। देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और संस्थानों में प्रिंटिंग तकनीक से जुड़े शैक्षणिक पाठ्यक्रम प्रारम्भ करने और इसी क्षेत्र में शोध एवं नवाचारी प्रयोगों को शुरू करने के लिए उन्हें सम्मानित किया गया है। एआईएफएमपी प्रिंटिंग तकनीक और शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाली सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित संस्था है। वर्ष 1953 से एआईएफएमपी प्रिंटिंग तकनीक को जन उपयोगी बनाने की दिशा में काम कर रही है।
गौरतलब है कि पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला चार दशक से भी अधिक समय से संचार, जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, हरियाणा तथा गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार में प्रिंटिंग टेक्नालाजी से संबंधित विभिन्न पाठ्यक्रम प्रारम्भ किए। उनके प्रयास के कारण ही आज गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से प्रिंटिंग विषय से पीएचडी की जा सकती है। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में भी उन्होंने बीटेक प्रिंटिंग एण्ड पैकेजिंग टेक्नालॉजी जैसा पाठ्यक्रम प्रारंभ कराया है। वर्तमान समय में प्रिंटिंग और पैकेजिंग के क्षेत्र में कुशल युवाओं की भारी माँग है। विभिन्न शोध, आंकड़े और रुझान बताते हैं कि भविष्य में प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग के क्षेत्र में संभावनाओं के नए द्वार खुलने हैं। मीडिया शिक्षा में नवाचारी प्रयोग के लिए इससे पूर्व प्रो. कुठियाला को सर्वश्रेष्ठ संचारक, संचार गुरु और चाणक्य जैसे सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है। ऑफसेट प्रिंटर्स एसोसिएशन (ओपीए) भी उनको 'प्रिंट रत्न अवार्ड' से सम्मानित कर चुका है।

पत्रकारिता विश्वविद्यालय में आईबीएन-7 और सीएनबीसी आवाज के लिए चयन परीक्षा
14 April 2016
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में मीडिया समूह नेटवर्क-18 की ओर से पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए चयन परीक्षा का आयोजन किया गया। इसमें विश्वविद्यालय के भोपाल, नोएडा और खंडवा परिसर के विद्यार्थियों ने भाग लिया। चयन परीक्षा के अगले चरण में चयनित विद्यार्थियों को साक्षात्कार के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इस अवसर पर समाचार वाहिनी (न्यूज चैनल) आईबीएन-7 के वरिष्ठ एंकर एवं पत्रकार श्री सुमित अवस्थी ने विद्यार्थियों को सफल पत्रकार बनने और पत्रकारिता में मुकाम बनाने के लिए जरूरी सुझाव दिए।
मीडिया समूह नेटवर्क-18 की कार्यप्रणाली को समझाते हुए श्री अवस्थी ने कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में सफल होने और अपना लक्ष्य प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को कुशलता के साथ काम करने की समझ बढ़ानी चाहिए। पत्रकारों को सदैव खूब अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता ऐसा क्षेत्र है, जहाँ हम देश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच कर उसके उत्थान में सहयोगी हो सकते हैं। नेटवर्क-18 के एचआर प्रमुख श्री आशीष ने विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ाते हुए उन्हें चयन प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि इस कैम्पस प्लेसमेंट में आईबीएन-7 एवं सीएनबीसी आवाज के लिए विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला ने भी छात्रों को सफल होने के मंत्र दिए। उन्होंने कहा कि गहराई से किया गया अध्ययन ही असफलता दिलाता है। उन्होंने कहा कि मीडिया की माँग को ध्यान में रखकर विद्यार्थियों को अपनी तैयारी करनी चाहिए। चयन परीक्षा के पहले चरण में पत्रकारिता, जनसंचार, इलेक्ट्रोनिक मीडिया, नवीन मीडिया, प्रबंधन विभाग के स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष के विद्यार्थी शामिल हुए। लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण विद्यार्थियों को मेरिट के आधार पर साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलाधिसचिव श्री लाजपत आहूजा, डीन अकादमिक एवं रजिस्ट्रार डॉ. सच्चिदानंद जोशी, प्लेसमेंट अधिकारी डॉ. अविनाश वाजपेयी सहित अन्य प्राध्यापक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।



साम्यवाद - सिद्धांत,व्यवहार व वर्तमान प्रासंगिकता पर पब्लिक लेक्चर
अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के प्राध्यापक डॉ.ज्ञान वर्धन पाठक का व्याख्यान

11 April 2016
स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी द्वारा प्रज्ञा प्रवाह के सहयोग से प्रति माह आयोजित किये जाने वाले पब्लिक लेक्चर में इस बार 'साम्यवाद' पर चर्चा हुई

आज आयोजित हुए इस कार्यक्रम का विवरण इस प्रकार है

कार्यक्रम - पब्लिक लेक्चर
दिनांक - 10 अप्रैल 2016
स्थान - स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी
विषय - साम्यवाद - सिद्धांत,व्यवहार एवं वर्तमान समय में प्रासंगिकता
वक्ता - डॉ. ज्ञान वर्धन पाठक (IEHE भोपाल में राजनीतिशास्त्र के पूर्व विभागाध्यक्ष)
अध्यक्षता - श्री विष्णु दत्त शर्मा (नेहरु युवा केंद्र के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष)

डॉ.ज्ञान वर्धन पाठक के संबोधन की प्रमुख बातें :-


मार्क्सवाद को समझने से पहले जरुरी है कि आप मार्क्स को एक व्यक्ति के रूप में समझिये
कार्ल मार्क्स जब 17 साल के थे तब उनके अलग विचारों के लिए उनके स्कूल ने उन्हें सम्मानित किया था
23 वर्ष की आयु में उन्होंने डॉक्टरेट कर ली ...साहित्य और गणित दोनों के प्रकांड विद्वान् थे पर विचार इतने अलग थे कि उन्हें जिंदगी में कभी कोई नौकरी नहीं मिली ...उनका खर्चा अपने मित्र फ्रेडरिक के दिए पैसों से चलता रहा
जब उन्होंने दुनिया को कम्युनिस्ट विचारधारा दी तब वे केवल 29 साल के थे ...1848 में प्रकाशित हुई उनकी पुस्तक 'कम्युनिस्ट मेनिफेस्टो' से ही साम्यवादी विचारधारा निकली
इस विचारधारा का सम्पूर्ण ग्रन्थ 'दास कैपिटल' है जो टीन खण्डों में प्रकाशित हुई 4500 पेज की विस्तृत पुस्तक है ....मेरा दावा है कि हमारे देश के किसी भी कम्युनिस्ट लीडर ने यह किताब पूरी नहीं पढ़ी होगी
साम्यवाद के चार मूलभूत सिद्धांत हैं 1. इतिहास की आर्थिक व्याख्या 2. वर्ग संघर्ष 3. अधिशेष का सिद्धांत 4. साम्यवाद का सिद्धांत
मार्क्स के अनुसार साम्यवाद - एक ऐसी अवस्था है जो वर्ग विहीन व राज्य विहीन समाज हो और जहाँ हर व्यक्ति अपनी क्षमता अनुसार काम करे और अपने जरुरत की हर चीज़ उसे मिल सके
मार्क्स ने अपने अधिकांश सिद्धांत हीगल की थ्योरी से लिए हैं
वैसे तो मार्क्स धर्म को अफीम की तरह मानते थे और इसे शोषण का सबसे बड़ा कारण मानते थे ...परन्तु अपने निजी जीवन में वे अक्सर धर्म का उदाहरण देते थे
मार्क्स का कहना था कि हमें इतिहास को वैज्ञानिक दृष्टि से देखने की आवश्यकता है
उनके अनुसार हर सभ्यता और हर देश के इतिहास के चार चरण होते हैं 1. आदिम साम्यवाद 2. सामंतवाद 3.पूंजीवाद 4.सर्वहारा की निरंकुशता
मार्क्स का मानना था कि क्रांति बदलाव का आखिरी राष्ट होना चाहिए एकमात्र राष्ट नहीं ....इसलिए वे सरकारों द्वारा किये जा रहे सुधारों के पक्षधर थे
मार्क्स 'क्रांति' के नाम पर किसी का खून बहाने के सख्त विरोधी थे
पिछले 100 सालों में जहाँ जहाँ साम्यवाद आया है वहां वहां इस विचारधारा के नाम पर लोगों का जबरदस्त शोषण हुआ है .....साम्यवादी देशों ने अपने नागरिकों पर इतनी बंदिशें लगायीं कि हर देश से यह विचारधारा लगभग समाप्त हो गई
दुनिया के अधिकाँश देशों में 'साम्यवाद' अब एक समाप्त हो गई विचारधारा मानी जाने लगी है ....बस भारत में इसके कुछ उत्साही झंडाबरदार कभी कभी दिख जाते हैं
इस देश में बहुत समस्याएं हैं पर इस देश की किसी भी समस्या का समाधान 'साम्यवाद' में बिलकुल नहीं है
श्री विष्णु दत्त शर्मा के लेक्चर की प्रमुख बातें
इस देश में बहुत समस्याएं हैं परन्तु उनका समाधान साम्यवाद का सपना देखकर नहीं होगा
भारत में बदलाव तब आएगा ...और समस्याएं तब दूर होंगी जब हम युवा पीढी से संवाद करेंगें



प्रदेश में 5 आई.टी. पार्क बनेंगे
11 March 2016
प्रदेश में पाँच स्थान पर आई.टी. पार्क स्थापित किये जायेंगे। इनमें से चार आई.टी. पार्क का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। ब्लॉक-स्तर तक बढ़ेगी स्वॉन (स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क) की कनेक्टिविटी और सभी जिले में कम्प्यूटर संवर्धन-केन्द्र स्थापित होंगे। यह जानकारी आज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में विभागीय परामर्शदात्री समिति की बैठक में दी गयी।
बतलाया गया कि स्वॉन कनेक्टिविटी संभाग, जिला एवं ब्लॉक-स्तर तक हो जाने से हाई स्पीड डेटा कनेक्टिविटी नेटवर्क की सुविधा ब्लॉक-स्तर तक मिलने लगेगी। स्वॉन परियोजना में प्रदेश में 360 प्वाइंट ऑफ प्रजेन्स केन्द्र स्थापित होंगे।
प्रदेश के नागरिकों को एम.पी. ऑनलाइन एवं लोक सेवा केन्द्रों के जरिये शासन की विभिन्न लोक-सेवाएँ ऑनलाइन प्रदान की जा रही हैं। प्रन्द्रह जिला मुख्यालय में क्षेत्रीय कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किये गये हैं। शेष 36 जिले में भी क्षेत्रीय कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किये जायेंगे।
प्रदेश के चार स्थान- इंदौर, भोपाल, जबलपुर एवं ग्वालियर में आई.टी. पार्क विकसित किये जा रहे हैं। सागर में पाँचवां आई.टी. पार्क मंजूर किया गया है, जिसका कार्य शीघ्र प्रारंभ होगा। इंदौर के आई.टी. पार्क में टी.सी.एस. और इंफोसिस को जमीन आवंटित की गयी है, जिनका कार्य प्रारंभ हो गया है। विकसित होने वाले आई.टी. पार्क में आई.टी. कम्पनियाँ सॉफ्टवेयर निर्माण, कॉल-सेंटर आदि कार्य प्रारंभ कर सकती हैं। भोपाल के आई.टी. पार्क में 29, इंदौर में 14 एवं जबलपुर में 11 आई.टी. कम्पनी को स्थान दिया जा रहा है।
जानकारी दी गयी कि इलेक्ट्रॉनिक मेन्यूफेक्चरिंग क्लस्टर के लिये भारत में चुने गये 7 स्थान में से दो स्थान मध्यप्रदेश के भोपाल एवं जबलपुर हैं, जहाँ कार्य प्रारंभ हो गया है। फैब पॉलिसी बनाने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है। इससे राज्य में विदेशी आई.टी. कम्पनियों को कार्य करने में मदद मिलेगी।
मंत्री श्री सिंह ने समिति सदस्यों को आश्वस्त किया कि उनसे प्राप्त होने वाले सुझावों पर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी।
बैठक में समिति सदस्य विधायक सर्वश्री पुष्पेन्द्र नाथ पाठक, संजीव छोटे लाल उईके, कमल मर्सकोले, लोकेन्द्र सिंह तोमर एवं बहादुर सिंह चौहान, सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री मनीष रस्तोगी, प्रबंध संचालक राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम श्री एम. सेलवेन्द्रन उपस्थित थे।


अगले साल तक 50 हजार व्यक्ति होंगे स्किल्ड
11 March 2016
अगले साल तक 50 हजार व्यक्ति को स्किल्ड किया जायेगा। इनमें 25 हजार महिलाएँ होंगी। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने यह बात इंटरनेशनल एजुकेशन एण्ड स्किल डेवलपमेंट समिट-2016 में कही। श्री गुप्ता ने कहा कि हर जिले में छात्रों का सम्मेलन किया जायेगा।
श्री गुप्ता ने कहा कि प्रदेश में क्वालिटी एजुकेशन पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि क्वालिटी एजुकेशन का अर्थ है कि विद्यार्थियों को रोजगार की गारंटी मिले। श्री गुप्ता ने कहा कि केवल डिग्री से रोजगार नहीं मिलता। इसके लिये स्किल्ड होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कारीगर समृद्धि योजना में परम्परागत व्यवसाय से जुड़े कारीगरों को परीक्षा के बाद प्रमाण-पत्र दिये जायेंगे। श्री गुप्ता ने कहा कि समिट में दिये जाने वाला साहित्य अंग्रेजी के साथ-साथ हिन्दी में भी होना चाहिये।
महापौर श्री आलोक शर्मा ने कहा कि भोपाल को स्मार्ट सिटी के साथ ही स्मार्ट एजुकेशन भी दिया जायेगा। भोपाल को डिजिटल सिटी बनाने की ओर अग्रसर हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं के कौशल विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
मिस्टर एंडी बर्र फर्स्ट सेक्रेटरी ब्रिटिश हाई कमीशन नई दिल्ली ने कहा कि ब्रिटेन और भारत के बीच वाणिज्य और व्यापार बढ़ाने के लिये लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर विचार किया जायेगा। श्री एंडी बर्र ने सेंटर फॉर एक्सीलेंस की स्थापना की जरूरत बताई।।


 
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