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मध्यप्रदेश डाइजेस्ट
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ELECTION 2018 / LOKSABHA 2019

: फीचर

बदलता मध्यप्रदेश : डॉ.एच.एल. चौधरी


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::फ़्लैश-बैक 2019::twitterfacebook


सहिष्णुता की संस्कृति है भारत की पहचान - मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
18 January 2020
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि देश में मध्यप्रदेश ही ऐसा प्रदेश है, जो विविधताओं से सम्पन्न है और पूरे विश्व में भारत ही ऐसा देश है, जो विविधताओं से पूर्ण है। इस विविधता को सकारात्मक ऊर्जा में बदलना होगा। उन्होंने कहा कि विविधता में भारत की बराबरी करने वाला देश सिर्फ सोवियत संघ था। आज वह अस्तित्व में नहीं है क्योंकि उसमें भारत जैसी सोच-समझ और सहिष्णुता की संस्कृति नहीं थी। यही भारत की पहचान है। मुख्यमंत्री आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी में आईएएस सर्विस मीट 2020 के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे।
न्याय की कोई सीमा नहीं
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि जो आईएएस अधिकारी अपनी सेवा यात्रा के मध्य में हैं और जो सेवा पूरी करने वाले हैं, वे चिंतन करें कि मध्यप्रदेश को वे कहाँ छोड़कर जाना चाहते हैं। जो अधिकारी अपनी सेवा यात्रा की शुरूआत कर रहे हैं, वे सोचें कि मध्यप्रदेश को कहाँ देखना चाहते हैं। श्री कमल नाथ ने प्रशासनिक अधिकारियों को न्याय देने वाला बताते हुए कहा कि संविधान में उल्लेखित स्वतंत्रता और समानता जैसे मूल्यों की सीमाएँ हो सकती हैं लेकिन न्याय की कोई सीमा नहीं है। यह हर समय और परिस्थिति में दिया जा सकता है। दृष्टिकोण में परिवर्तन लाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों के पास जो क्षमता और कौशल है, वह सामान्यत: राजनैतिक नेतृत्व के पास नहीं रहता। राजनैतिक नेतृत्व बदलते ही प्रशासनिक तंत्र का भी नया जन्म होता है लेकिन ज्ञान, कला, कौशल नहीं बदलते।
न्यू आइडिया आफ चेंज के लिए तीन पुरस्कार
मुख्यमंत्री ने नए परिवर्तनकारी विचारों (न्यू आइडिया आफ चेंज) के लिए तीन पुरस्कार देने की बात कही। उन्होंने कहा कि इसके लिए पूर्व मुख्य सचिवों की एक ज्यूरी बनाई जाएगी, जो सर्वोत्कृष्ट आईडिया चुनेगी।
बदलनी होगी प्रदेश की वर्तमान प्रोफाईल
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर राज्य की अपना प्रोफाईल होती है। सबको मिलकर मध्यप्रदेश का प्रोफाईल बनाना होगा। वर्तमान प्रोफाईल को बदलना होगा। मध्यप्रदेश की नई पहचान बनानी होगी। इसके लिए जरूरी है कि प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा आर्थिक गतिविधियाँ उत्पन्न हों। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी हर पल बदल रही है। पूरा भारत बदल रहा है। ज्ञान और सूचना के भंडार तक आज जो पहुँच बढ़ी है, वह पहले नहीं थी। उन्होंने कहा कि विश्व में सबसे ज्यादा महत्वाकांक्षी जनसंख्या भारत में है। ये जनसंख्या युवाओं की है। बदलते समय में महत्वाकांक्षाएँ भी बदल रही हैं। अब यह देखना है कि इन्हें कैसे अपनाएं।
वर्तमान में अधिक उत्पादन चुनौती
श्री कमल नाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि आधारित अर्थ-व्यवस्था का प्रदेश है। वर्तमान समय में अधिक उत्पादन की चुनौती है। खाद्यान्न की कमी अब चुनौती नहीं रही। उन्होंने कहा कि परिवर्तन तब दिखेगा, जब धोती-पायजामा पहनने वाला किसान आधुनिक खेती करते हुए जींस और शर्ट वाला किसान बन जाये।
कौशल सम्पन्न युवाओं को रोजगार की जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती हमारी नई पीढ़ी की है। उन्होंने कहा कि हर साल बड़ी संख्या में कौशल सम्पन्न युवा तैयार होते हैं। उन्हें रोजगार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि रोजगार आर्थिक गतिविधियों का एक घटक है। इसलिए आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ाना चुनौतीपूर्ण काम है। उन्होंने कहा कि हर सरकार की अपनी कार्य-शैली होती है। अपनी अच्छाईयाँ और कमजोरियाँ होती हैं। प्रशासनिक अधिकारियों की नई पीढ़ी को यह देखना होगा कि मध्यप्रदेश को किस दिशा में जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश एक आर्थिक शक्ति बनने की संभावना रखता है। मध्यप्रदेश के पास लॉजिस्टिक लाभ है। यहाँ का बाजार और व्यापार पूरे देश से जुड़ सकता है। सिर्फ नजरिए में परिवर्तन लाने की देर है। इसके लिए नया सीखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि क्या सीखते हैं, इससे ज्यादा जरूरी है कि कैसे सीखते हैं।
मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती ने आईएएस मीट के आयोजन की पृष्ठभूमि की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह नई ऊर्जा और अनुभव को एक साथ लाने का अवसर है ताकि यह कार्य-शैली में भी बना रहे और इसका भरपूर लाभ समाज को मिले।
अपर मुख्य सचिव सर्वश्री एम.गोपाल रेड्डी, श्री मनोज श्रीवास्तव एवं प्रमुख सचिव श्री मलय श्रीवास्तव ने अतिथियों को स्मृति-चिन्ह भेंट किये। प्रारंभ में मध्यप्रदेश आईएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री आई.सी.पी. केशरी ने अपने स्वागत भाषण में मुख्यमंत्री को आधुनिक, उदार, डॉयनामिक और विश्व-दृष्टि से सम्पन्न नेता बताते हुए कहा कि वे 159 देशों का भ्रमण कर चुके हैं । वे किसानों के हित में 19 मंत्रियों के साथ विश्व व्यापार संगठन की बैठक का विरोध करने वाले नेता हैं। उनके नेतृत्व में देश में ऑटोमोबाइल सेक्टर में क्रांतिकारी परिवर्तन आया।
इस अवसर पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं प्रख्यात लेखक श्री पवन वर्मा और प्रशासन अकादमी की महानिदेशक सुश्री वीरा राणा उपस्थित थी।

आगँनवाड़ी का बाल शिक्षा केन्द्र में परिवर्तन बना बच्चों का आकर्षण
18 January 2020
भोपाल.प्रदेश के आगँनवाड़ी केन्द्र को बाल शिक्षा केन्द्र में परिवर्तित करने से बच्चों में कई बदलाव देखने में आए है। अब बच्चे न सिर्फ आगँनवाड़ी केन्द्र जाने के लिए पहले से ज्यादा उत्सुक हैं बल्कि माता-पिता भी अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल ना भेजकर बाल शिक्षा केन्द्र भेज रहे हैं।
शाजापुर जिले के मोमन बड़ोदिया आगँनवाड़ी केन्द्र को बाल शिक्षा केन्द्र में परिवर्तित किया गया है। प्राइवेट स्कूल में प्रवेश पा चुके 3 वर्षीय चंचल और 4 वर्षीय गौरवांक के अभिभावकों ने इन बच्चों को वहाँ से निकाल कर बाल शिक्षा केन्द्र में भेज दिया है। चंचल के पिता प्रेम नारायण और गौरवांक के पिता गौरव बताते हैं कि बाल शिक्षा केन्द्र की कार्यकर्ता श्रीमती कांता सोनी और पर्यवेक्षक श्रीमती किरण परमार ने उन्हें बताया था कि शासन द्वारा आगँनवाड़ी केन्द्रों पर 3 से 6 वर्ष तक आयु वर्ग के बच्चों को प्री-प्रायमरी शिक्षा की नि:शुल्क तैयारी कराई जा रही है। साथ ही, बच्चों को नई ड्रेस, किताबें, खिलौने, टी.वी. आदि के माध्यम से शिक्षा दी जा रही है। इसलिये हमने निर्णय लिया कि अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूल के स्थान पर बाल शिक्षा केन्द्र में भेजेंगे। दोनों बच्चों के पिता बच्चों को आगँनवाड़ी केन्द्र में प्राइवेट स्कूल जैसी शिक्षा और सुविधाएँ मिलने से प्रसन्न हैं।
प्रदेश में पहले चरण में 313 आगँनवाड़ी केन्द्र में बाल शिक्षा केन्द्र शुरू किये गये हैं। इन केन्द्रों में 6 वर्ष तक आयु वर्ग के नैनिहालों को प्री-प्रायमरी शिक्षा की तैयारी कराई जा रही है। यहाँ आने वाले बच्चों के लिए 19 विषयों का माहवार पाठ्यक्रम निर्धारित किया गया है। इसमें स्वयं की पहचान, मेरा घर, व्यक्तिगत साफ-सफाई, रंग और आकृति, तापमान एवं पर्यावरण, पशु-पक्षी, यातायात के साधन, सुरक्षा के नियम, हमारे मददगार मौसम, बच्चों का आत्मविश्वास तथा हमारे त्यौहार शामिल है। बच्चों के विकास की निगरानी के लिए शिशु विकास कार्ड भी बनाए गए हैं।

आश्रम शाला में छात्र की मृत्यु की विभागीय जाँच होगी
18 January 2020
भोपाल.आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री ओमकार सिंह मरकाम भोपाल के पटेल नगर स्थित आदिवासी बालक आश्रम शाला पहुँचे और वहाँ गत दिवस पहली कक्षा के छात्र की मृत्यु की घटना के बारे में पूछताछ की। उन्होंने आश्रम शाला में पढ़ाई कर रहे बच्चों से बातचीत की तथा अधीक्षक, शिक्षक और अन्य कर्मचारियों से व्यवस्था के संबंध में जानकारी प्राप्त की। श्री मरकाम ने मृत छात्र के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की।
आदिम जाति कल्याण मंत्री ने राज्य सरकार की ओर से मृत छात्र के परिवार को 2 लाख रूपये आर्थिक सहायता दिये जाने की घोषणा की। जिला प्रशासन द्वारा मृत छात्र के परिवार को संकटापन्न राहत सहायता योजना में 10 हजार और विद्यार्थी कल्याण योजना में 25 हजार रूपये सहायता तत्काल दी गई है।
मंत्री श्री मरकाम ने कहा कि छात्र की मृत्यु की घटना की विभागीय जांच कराई जाएगी। घटना के लिये दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। श्री मरकाम ने आश्रम शाला में बच्चों के रहने के इंतजाम, भोजन और आवासीय व्यवस्था को देखा। उन्होंने सफाई-व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये।

पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने मंत्री श्री शर्मा के निवास पहुँचकर शोक संवेदना प्रकट की
16 January 2020
भोपाल.पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा के बड़े भाई के अरेरा कालोनी स्थित निवास पहुँच कर स्वर्गीय श्री रमाकांत शर्मा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की
श्री सिंधिया ने स्वर्गीय श्री रमाकांत शर्मा के परिजन से भेंट कर शोक संवेदना प्रकट की और ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, खाद्य मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, स्वास्थ्य मंत्री श्री तुलसी सिलावट, विधायक श्री गिरिराज दंडोतिया भी केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया के साथ थे। मंत्री श्री शर्मा के बड़े भाई श्री रमाकांत शर्मा का रविवार को भोपाल मे निधन हो गय़ा था l

30वीं राष्ट्रीय केनोईंग/क्याकिंग सम्पन्न
16 January 2020
भोपाल.भोपाल के छोटे तालाब में 30वीं राष्ट्रीय केनो स्प्रिंट सीनियर महिला/पुरूष प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश की टीम ने ओवरऑल चैम्पियन का खिताब जीता। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री जीतू पटवारी ने विजेताओं को ट्राफी प्रदान की। प्रतियोगिता में देश-भर से 28 राज्यों के करीब 500 खिलाड़ी और 45 तकनीकी अधिकारियों ने भाग लिया। अंतर्राष्ट्रीय स्तर के करीब 200 खिलाड़ी भी प्रतियोगिता में शामिल हुए।
वाटर स्पोर्टस प्रदेश की पहचान
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री जीतू पटवारी ने कहा कि वाटर स्पोर्टस मध्यप्रदेश की पहचान बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड ड्रेगन बोट चैम्पियनशिप का आयोजन देश में पहली बार इंदौर में होने वाला है। श्री पटवारी ने कहा कि अगले ओलम्पिक खेलों में मध्यप्रदेश के ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ी न सिर्फ भाग लेंगे बल्कि हमारी कोशिश होगी कि वे बेहतर प्रदर्शन कर पदक भी हासिल करें।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ने महिला वर्ग में मध्यप्रदेश की टीम को विजेता और अंडमान निकोबार को उप-विजेता की ट्राफी प्रदान की। पुरूष वर्ग में एसएससी ने विजेता और मध्यप्रदेश ने उप-विजेता की ट्राफी हासिल की। इस अवसर पर भारतीय ओलम्पिक संघ के एक्जीक्यूटिव मेम्बर श्री बलवीर सिंह कुशवाह, सचिव श्री पी.एस. बुन्देला तथा भारतीय प्रशिक्षक श्री मयंक ठाकुर उपस्थित थे।

स्व-सहायता समूहों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण मिलेगा : मंत्री श्री पटेल
16 January 2020
भोपाल.पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल ने कहा है कि स्व-सहायता समूहों को राज्य सरकार शून्य प्रतिशत ब्याज पर 30 हजार रूपये तक का ऋण मुहैया कराएगी। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा पृथक् से एक फंड बनाया जा रहा है। उन्होंने यह बात भोपाल हाट बाजार में आयोजित रीजनल सरस मेले के उद्घाटन समारोह में कही। सरस मेले का आयोजन 15 जनवरी से 27 जनवरी 2020 तक किया जाएगा। इस मेले में 15 राज्यों के 194 स्व-सहायता समूह अपने उत्पादों का विक्रय कर रहे हैं।
मंत्री श्री पटेल ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अधिकाधिक साधन मुहैया कराना है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वाले शिल्पियों को सरस मेले के माध्यम से बाजार उपलब्ध कराने का काम राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग द्वारा शिल्प मेलों का आयोजन निरंतर किया जाता रहेगा।
अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि महिलाओं को समूह के रूप में संगठित कर उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मुहैया कराए जा रहे हैं। समूहों को बैंकिंग संस्थाओं के माध्यम से आसान किस्तों पर ऋण मुहैया कराने का काम किया जाता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय सामग्री से बनाए गए उत्पादों को राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर बाजार मुहैया कराने का प्रयास पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा किया जा रहा है।

नई रेत खनन नीति लागू होने से रेत व्यापार में आएगी पारदर्शिता
15 January 2020
भोपाल.खनिज साधन मंत्री श्री प्रदीप जायसवाल ने कहा है कि प्रदेश में नई रेत खनन नीति लागू होने के बाद अब रेत व्यापार में पारदर्शिता आएगी और अवैध रेत उत्खनन पर पूरी तरह से रोक लग सकेगी। श्री जायसवाल भोपाल में 37 जिलों के सफल निविदाकारों के स्वीकृति-पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि अब न्याय-संगत और पर्यावरण नियमों के अंतर्गत ही रेत उत्खनन का कार्य होगा। उन्होंने बताया कि 200 रेत खदानें तत्काल शुरू होंगी। शेष खदानें निर्धारित मानकों को सुनिश्चित करने और नियमों का पालन करते हुए आने वाले डेढ़ से दो माह में शुरू होंगी। खनिज साधन मंत्री ने बताया कि नई रेत नीति से राज्य सरकार को लगभग 1400 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि नई रेत खनन नीति में पर्यावरण के साथ आम नागरिकों के हितों का भी पूरा ख्याल रखा गया है। सिया अध्यक्ष श्री राकेश श्रीवास्तव ने सफल निविदाकारों को आश्वस्त किया कि आवेदन प्रस्तुति के बाद पर्यावरण संबंधी प्रमाण-पत्र शीघ्र जारी किये जाएंगे और हस्तांतरण संबंधी कार्यवाही की जाएगी। मुख्य वैज्ञानिक श्री संजीव सचदेवा ने निविदाकारों को नियमों की जानकारी दी। सचिव खनिज श्री नरेन्द्र सिंह परमार और खनिज विकास निगम के कार्यपालक संचालक श्री दिलीप कुमार ने निविदाकारों को प्रक्रिया के बारे में बताया। कार्यक्रम में संचालक भौमिकी एवं खनिकर्म श्री विनित ऑस्टिन भी मौजूद थे।
शहडोल के सीएमएचओ और सिविल सर्जन को तत्काल हटाने के निर्देश
15 January 2020
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के निर्देश पर लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट और शहडोल जिला प्रभारी आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री ओमकार सिंह मरकाम ने शहडोल पहुँचकर वहाँ जिला अस्पताल में 6 बच्चों की असामयिक मृत्यु के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। मंत्री श्री सिलावट ने शहडोल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और सिविल सर्जन को वर्तमान दायित्व से तुरंत हटाने के निर्देश दिये। बच्चों की मृत्यु की घटना की जाँच पश्चात अन्य आवश्यक कार्यवाही भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने शहडोल की घटना को गंभीरता से लिया है। उनके निर्देश हैं कि ऐसी घटनाओं के दोषी अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाये।
मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि प्रदेश के सभी संभागायुक्तों की अध्यक्षता में विशेष कार्य दल गठित कर बच्चों के उपचार के लिये स्थापित अस्पतालों की चाइल्ड केयर यूनिट और संबंधित उपचार इकाइयों के निरीक्षण का कार्य कराया जायेगा। दल में संबंधित जिला कलेक्टर, सिविल सर्जन और सीएमएचओ के साथ ही विशेषज्ञ भी शामिल रहेंगे। यह दल उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त करेगा और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिये अध्ययन कर राज्य सरकार को प्रतिवेदन सौंपेगा।
मंत्री द्वय ने चिकित्सकीय व्यवस्थाओं को सुधारने और वार्डों की उचित साफ-सफाई के निर्देश दिये। उन्होंने रोगियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिये आर.ओ. लगाने के निर्देश दिये। मंत्रीद्वय ने अस्पताल में भर्ती रोगियों और उनके परिजनों से बातचीत कर उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।
भोपाल में भी हुई समीक्षा बैठक
मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने शहडोल रवाना होने के पूर्व भोपाल में बैठक लेकर प्रदेश भर में बच्चों के उपचार के लिये संचालित इकाइयों की कार्य पद्धति पर विस्तृत प्रतिवेदन तैयार करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जिलों में अस्पतालों की चाइल्ड केयर यूनिट में सभी आवश्यक संसाधन की उपलब्धता और उपयोगिता बताने के लिये भी कहा।

माफिया के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाएं
14 January 2020
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कलेक्टरों से कहा है कि वे माफिया के विरूद्ध सख्त से सख्त कदम उठाएं। नगर निगमों, नगर पालिकाओं के कानूनों का उल्लंघन करने वालों पर कानून के अनुसार सामान्य प्रक्रिया में कार्रवाई होने दें। उन्होंने कहा कि पैसा वसूलने वाले और संगठित होकर अपराध करने वाले ही माफिया की श्रेणी में आते हैं। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिये कि वे अपने जिलों में स्थानांतरित हुए अधिकारियों, कर्मचारियों को तीन दिन के अंदर कार्यमुक्त कर दें भले ही उनकी जगह किसी अन्य की पदस्थापना नहीं हुई हो। उन्होंने सामान्य प्रशासन विभाग को निर्देश दिए कि इस व्यवस्था पर निगरानी रखें। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज मंत्रालय में जन अधिकार कार्यक्रम में वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान कमिश्नरों और कलेक्टरों को यह निर्देश दिए।
राशन दुकानों से गुणवत्तापूर्ण अनाज मिले
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासकीय उचित मूल्य की दुकानों पर औसत गुणवत्ता से कम के अनाज वितरण की शिकायतें मिली हैं। यह सुनिश्चित किया जाए कि लोगों को गुणवत्तापूर्ण सामग्री का वितरण हो। उन्होंने कलेक्टरों को उपार्जन की तैयारियाँ समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर खेती होने या अन्य प्रकार से दुरूपयोग के प्रकरणों की सूची तैयार कर एक महीने में उपलब्ध कराएं। इस बात का ध्यान रखें कि किसी भी स्थिति में खाद की कालाबाजारी न हो सके।
समय पर कर्ज माफी फार्म न भरने वाले किसानों की सूची बनाएँ
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे सभी पात्र किसानों की सूची बनाएँ जो फसल कर्ज माफी के पात्र हैं लेकिन समय पर इसका फार्म नहीं भर पाये। उन्होंने कहा कि 'शुद्ध के लिए युद्ध' अभियान को जारी रखते हुए दवाईयों की शुद्धता पर भी फोकस करें।
गड़बड़ी करने वाली गृह निर्माण समितियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने सहकारी गृह निर्माण समितियों में सदस्यों के साथ की गई धोखा-धड़ी के मामलों में सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गड़बड़ी करने वाली समितियों के खिलाफ सिर्फ एफआईआर दर्ज करने की औपचारिकता न हो बल्कि उन्हें सजा भी मिले। श्री नाथ ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि वे गड़बड़ी करने वाली सभी हाउसिंग सोसायटीज के मामलों में बैठक लें और उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। आवश्यकता पड़ने पर सरकार ऐसी सोसायटीज का सहकारिता अधिनियम के तहत अधिग्रहण करने की कार्रवाई कर प्रशासक नियुक्त करें। मुख्यमंत्री ने ये निर्देश भोपाल के श्री गिरीश चन्द्र दुबे को गौरव गृह निर्माण सहकारी समिति द्वारा आवंटित भूखण्ड क्रमांक 80 किसी और अन्य को बेचे जाने प्रकरण के संबंध में दिए।
पट्टे पर कब्जा दिलाने का अभियान चलाएँ
मुख्यमंत्री ने पट्टा मिलने के बाद भी कब्जा न मिल पाने के प्रकरणों में नाराजगी व्यक्त करते हुए हिदायत दी कि पूरे प्रदेश में एक अभियान चलाकर यह सुनिश्चित किया जाए कि जिन्हें पट्टा मिला है उनके पास उस भूमि का कब्जा भी हो। मुख्यमंत्री ने ये निर्देश शिवपुरी जिले ग्राम भैसरावन के श्री ज्ञानी जी एवं देवास जिले के ग्राम पटाडियाताज के श्री डल्लू द्वारा पट्टा मिलने के बाद भी कब्जा न मिलने की शिकायत के प्रकरणों में दिए।
आपकी सरकार-आपके द्वारा कार्यक्रम का फॉलोअप हो
मुख्यमंत्री ने आपकी सरकार-आपके द्वार कार्यक्रम में शिकायतों का फॉलोअप नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि मौके पर ही शिकायतों का निराकरण न होने से इस कार्यक्रम का उद्देश्य ही पूरा नहीं होता। श्री नाथ ने कहा कि सभी कलेक्टर प्राप्त शिकायतों का मौके पर ही निराकरण करें और यह भी सुनिश्चित करें कि शिकायतकर्ता निराकरण से संतुष्ट हो।
शिकायतों के समाधान में प्रदेश के पाँच जिले अव्वल
सीएम हेल्पलाइन में शिकायतों के समाधान में इस महीने प्रथम पाँच जिले उज्जैन, टीकमगढ़, रतलाम, सिंगरौली और मंडला रहे। खरगौन, शाजापुर, अनूपपुर, सतना और बुरहानपुर निचले पायदान पर रहे। नर्मदा घाटी विकास, जनसंपर्क, विधि विधायी कार्य, अनुसूचित जनजाति कल्याण और खनिज विभाग सबसे कम शिकायतों वाले विभाग रहे।
जायज समस्याओं का तत्काल निराकरण हो
मुख्यमंत्री ने आम जनता की जायज समस्याओं और शिकायतों का सामान्य प्रक्रिया के तहत तत्काल निराकरण किए जाने की कार्य-संस्कृति विकसित करने के निर्देश कलेक्टरों को दिए। उन्होंने कहा कि कलेक्टर्स अपने जिलों में ऐसी व्यवस्था बनाएं कि लोगों को सी.एम. हेल्पलाइन में शिकायत करने की जरूरत ही न पड़े।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने सीधी जिले के ग्राम टीकट खुर्द निवासी श्री विनोद कुमार सिंह को डेयरी खोलने के लिए ऋण लेने के बाद छह साल तक सब्सिडी न मिलने पर इस पूरे मामले की जाँच कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी हो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। हरदा जिले की श्रीमती सलमा बी की बेटी के साथ ससुराल पक्ष द्वारा मारपीट करने की रिपोर्ट दर्ज न करने पर थाना प्रभारी नेमावर के निरीक्षक उपेन्द्र झारी की वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने ब्यौहारी जिला शहडोल निवासी श्रीमती पार्वती सोनी को प्रसव के बाद जननी सुरक्षा योजना का लाभ न मिलने पर संबंधित संयुक्त संचालक स्वास्थ्य के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने नीमच जिले के ग्राम दोपल खेड़ा के किसान श्री अनिल सिंह जाट की शिकायत पर खेतों के पास चल रहे क्रेशर को बंद कराए जाने के निर्देश दिए। किसान श्री जाट ने बताया था कि क्रेशर के कारण उसकी डस्ट और ब्लास्ट के कारण फसलों को नुकसान हो रहा है।

आवारा पशुओं को पकड़ने में व्यवधान करने वालों के विरुद्ध करें कार्रवाई
14 January 2020
भोपाल.शहर से आवारा पशुओं, सुअरों और कुत्तों को शहर से बाहर करें। इस कार्य में व्यवधान करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। शहरी क्षेत्र में बंदरों को पकड़ने के लिये बाहर से टीम बुलाएं। ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह ने अपने प्रभार के जिला जबलपुर में जिला योजना समिति की बैठक में यह निर्देश दिये।
मंत्री श्री सिंह ने कहा कि शहर के चौराहों पर बने लेफ्ट टर्न से सभी अतिक्रमण जल्द हटवाएं। चौराहों पर सी.सी.टी.व्ही. कैमरे भी लगवायें। उन्होंने ग्वारीघाट में नर्मदा कुम्भ की सभी तैयारियाँ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिये। श्री सिंह ने कहा कि गौ-शालाओं को आर्थिक गतिविधियों से भी जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम हीरापुर बंधा में बड़ी गौ-शाला बनाने की योजना बनायें।
उपार्जन केन्द्रों पर रखें पर्याप्त बारदाने
ऊर्जा मंत्री श्री सिंह ने कहा कि धान खरीदी के लिये उपार्जन केन्द्रों पर पर्याप्त बारदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। केन्द्रों पर किसानों की शिकायतों का जल्द निराकरण करें। उन्होंने कहा कि उपार्जन केन्द्रों पर इस बात का विशेष ध्यान रखें कि केवल पात्र किसानों का धान ही खरीदा जाये। श्री सिंह ने कहा कि जय किसान ऋण माफी योजना मे 31 जनवरी तक गुलाबी फार्म में ऋण माफी का आवेदन करने का एक मौका और दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये। श्री सिंह ने अन्य योजनाओं की भी समीक्षा कर जरूरी निर्देश दिये।
बैठक में वित्त मंत्री श्री तरुण भनोत ने कहा कि अंडरग्राउण्ड सीवरेज सिस्टम के निर्माण का कार्य समय-सीमा में पूरा करें। उन्होंने मदन महल पहाड़ी के विस्थापितों के लिये तेवर में चिन्हित स्थल को विकसित करने की बात कही। सामाजिक न्याय मंत्री श्री लखन घनघोरिया ने स्टार्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये।
बैठक में महापौर डॉ. स्वाति गोडबोले, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मनोरमा पटेल, विधायक श्री अजय विश्नोई, श्री विनय सक्सेना एवं संजय यादव और जिला योजना समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।

डॉक्टर्स, एनएचएम और डेंटिस्ट के सभी खाली पदों पर शीघ्र नियुक्ति के निर्देश
14 January 2020
भोपाल.लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने निर्देश दिये हैं कि जिलों में डॉक्टर्स, एनएचएम और डेंटिस्ट के 5000 से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए। भोपाल के शासकीय जे.पी. अस्पताल और इंदौर के पी.सी. सेठी अस्पताल को आदर्श अस्पताल बनाने के प्रक्रिया शुरू करें। उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएँ देने वाले डॉक्टर्स के लिये प्रदेश-स्तर पर सम्मान समारोह आयोजित किया जाए। जिला और सिविल अस्पतालों में सप्ताह में एक दिन सीएमएचओ और बीएमओ अनिवार्य रूप से स्वच्छता अभियान चलायें। श्री सिलावट मंत्रालय में स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे।
मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि जिन डॉक्टर्स के विरूद्ध लोकायुक्त में प्रकरण दर्ज है, उन्हें तुरंत हटाया जाए। अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों को तत्परता से निपटायें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के राज्य स्तरीय अधिकारी संभाग स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करें और सभी अस्पतालों का निरीक्षण भी करें।
2000 से अधिक डॉक्टर्स की भर्ती
प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण श्रीमती पल्लवी जैन गोविल ने समीक्षा बैठक में बताया कि प्रदेश में 2000 से अधिक डॉक्टर्स की भर्ती की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जा रही है। इसके साथ ही 2000 से अधिक एएनएम की भर्ती भी शुरू की जा रही है। आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ने बताया कि 17 जनवरी से राज्य लोक सेवा आयोग से चयनित 547 डॉक्टर्स की पदस्थापना शुरू की जा रही है। यह प्रक्रिया एक सप्ताह में पूर्ण की जायेगी। आयुष्मान प्रभारी ने बताया कि आगामी अप्रैल माह से जिला स्तर पर इस योजना का लाभ पात्र व्यक्तियों को उपलब्ध होगा। उन्होंने बताया कि अभी तक केवल 21 जिलों में आयुष्मान योजना वाले अस्पताल सूचीबद्ध थे। आगामी मार्च माह से सभी जिलों में कम से कम 3 बड़े अस्पताल आयुष्मान सूची में शामिल किये जायेंगे। बैठक में संचालक एनएचएम श्रीमती छवि भारद्वाज, सुश्री सलोनी सडाना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
30 दिन में मिलेगा मेडिकल स्टोर का लायसेंस
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिये कि मेडिकल स्टोर्स को लायसेंस देने की कार्यवाही अधिकतम 30 दिन में पूरी करें। इसमें किसी भी तरह की देरी स्वीकार्य नहीं होगी। श्री सिलावट ने निर्देश दिये कि नकली दवाओं की बिक्री रोकने के लिये सख्त कदम उठायें। ऐसी दवाओं के सेम्पल की जाँच अधिकतम 20 दिन में पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्वास्थ्य संस्थाओं का निरंतर निरीक्षण करें और वहां आने वाले मरीजों से मिलें तथा उनसे स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता के बारे में जानकारी प्राप्त करें। स्वास्थ्य सेवाओं को हर स्तर पर बेहतर बनाने के प्रयास करें।
बैठक में कलेक्टर भोपाल श्री तरूण पिथोड़े, आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि श्री राजीव दुबे, कंट्रोलर श्री रविन्द्र सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

लगभग 4000 करोड़ की नर्मदा कालीसिन्ध लिंक परियोजना से देवास जिले के लाखों लोग होंगे लाभान्वित, एक एक घर में पाइपलाइन द्वारा पानी पहुचाने की योजना स्वीकृत कराई – सज्जन सिंह वर्मा
7 January 2020
भोपाल. मध्यप्रदेश के लोकनिर्माण एवं पर्यावरण मंत्री श्री सज्जन सिंह वर्मा ने आज देवास जिले के गंधर्वपुरी में आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में शामिल हुवे साथ ही भौरासा में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया| इस अवसर पर श्री वर्मा ने कहा की हमने 4000 करोड़ की लागत वाली नर्मदा कालीसिंध लिंक परियोजना को प्राथमिकता देकर स्वीकृत कराया, इस परियोजना से देवास जिले के एक एक घर में पाइपलाइन द्वारा पानी उपलब्ध कराना हमारा लक्ष्य है, साथ ही देवास के अन्नदाता सिंचाई के लिए आत्मनिर्भर होंगे, इस परियोजना से पुरे जिले में लाखों लोग लाभान्वित होंगे
श्री वर्मा ने इस अवसर पर उत्कृष्ट विधार्थियों का सम्मान भी किया, साथ ही टोंकखुर्द में रजिस्ट्रार कार्यालय का उद्घाटन किया और जमोड़ी में नवीन गौशाला बनाने के कार्य का भूमिपूजन किया| कार्यक्रमों मे स्थानीय पदाधिकारीगण, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे|

शास्त्रार्थ परम्परा भारतीय संस्कृति का विलक्षण तत्व : राज्यपाल श्री टंडन
13 January 2020
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने राजभवन में आयोजित अखिल भारतीय शास्त्रार्थ सभा में कहा कि शास्त्रार्थ की परपंरा भारतीय संस्कृति का विलक्षण तत्व है। सनातन काल से संस्कृति की निरंतरता का यही आधार है। उन्होंने कहा कि इसी कारण भारत में बड़े से बड़े सामाजिक और वैचारिक बदलाव बिना रक्तपात के हो गए, जबकि समकालीन संस्कृतियों में रक्तपात से बदलाव होने के कारण आज उनका नामो-निशान नहीं बचा है। श्री टंडन ने शास्त्रार्थ सभा में विद्वानों को 'शास्त्र कला निधि' से सम्मानित किया और उन्हें अंग वस्त्र, श्रीफल एवं स्मृति-चिन्ह भेंट किये।
राज्यपाल श्री टंडन ने कहा कि भारतीय संस्कृति में अनेक संस्कृतियाँ समाहित हुई हैं। सभी के अपने-अपने दर्शन भी हैं। ये सारी परपंराएँ आज भी जीवित हैं, क्योंकि शास्त्रार्थ के द्वारा इनमें समय-समय पर तर्क की कसौटी पर सामाजिक और धार्मिक परिवर्तन होते रहे। शास्त्रार्थ हमारी संस्कृति की अद्भुत धरोहर है। इसे पुनर्जीवित करने की जरूरत है। राज्यपाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में ब्रम्हांड में शांति और ज्ञान की प्रार्थना की जाती है। यह पूर्णत: तार्किक आधार पर है। ज्ञान होगा, तभी शांति होगी। यह तभी होगा जब सम्पूर्ण ब्रम्हांड में ज्ञान और शांति हो।
राज्यपाल ने कार्यक्रम की सूचना पर स्व-प्रेरणा से उपस्थित दर्शकों की बड़ी संख्या को शुभ-संकेत बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की गहरी जड़ें हमारे अंदर रची-बसी हैं। उज्जैन स्थित महर्षि सांदीपनि का गुरूकुल भारतीय शिक्षा प्रणाली के विशिष्ट गुणों का स्मरण कराता है। अनेक विद्याओं और कलाओं के विशेषज्ञ कृष्ण ने यहीं शिक्षा प्राप्त की थी, जो बताता है कि प्राचीन शिक्षा प्रणाली में समग्र शिक्षा की व्यवस्था थी। समान रूप से राजपरिवार और सामान्य निर्धन परिवार के विद्यार्थी एक-साथ एक समान शिक्षा ग्रहण करते थे।
शास्त्रार्थ सभा में न्याय, ज्योतिष, साहित्य और व्याकरण विषय के अंतर्गत नित्य और अनित्य के स्वरूप पर चिंतन किया गया। व्याकरण विषय के शास्त्रार्थ में शब्द की नित्य और अनित्य पर पूर्व और उत्तर पक्ष द्वारा तर्कसम्मत विचार प्रस्तुत किये गए। ध्वनि को अनित्य और शब्द को नित्य का भेद शास्त्रार्थ में प्रतिपादित किया गया। शास्त्रार्थ सभा में न्याय, ज्योतिष, साहित्य और व्याकरण के अंतर्गत नित्य और अनित्य के स्वरूप पर चिंतन किया गया। साहित्य विषय के शास्त्रार्थ में काव्य लक्षणा पर पूर्व पक्ष और उत्तर पक्ष द्वारा तर्क-सम्मत विचार प्रस्तुत किये गये। विमर्श में, शब्द काव्य है अथवा गुण काव्य है, इस पर विद्वानों द्वारा कारण सहित विचार प्रस्तुत किये गये। ज्योतिष शास्त्रार्थ में काल तत्व पर विचार किया गया। काल के स्वरूप की व्याख्या पर विद्वतजन ने विमर्श किया। न्याय विषय के शास्त्रार्थ में परमाणुवाद पर विमर्श किया गया। तर्क के आधार पर पूर्व पक्ष द्वारा बताया गया कि परमाणु के बाद विभाजन नहीं हो सकता इसलिए वह नित्य है। उत्तर पक्ष द्वारा कहा गया कि जो अदृश्य और अविभाज्य है, वह अणु नहीं हो सकता। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन महर्षि पाणिनि संस्कृत वैदिक विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पंकज जानी ने दिया। उन्होंने कार्यक्रम और शास्त्रार्थ की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री एल.एस. सोलंकी ने विद्वतजनों का आभार माना।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ द्वारा लोहड़ी और मकर संक्रांति पर्व की बधाई
13 January 2020
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने लोहड़ी और मकर संक्रांति पर्व पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि लोहड़ी और मकर संक्रांति का पर्व भारतीय समाज में उल्लास, उत्साह और उमंग का प्रतीक है। यह प्रकृति प्रेम की अभिव्यक्ति, आपसी भाईचारे और सद्भाव को बढ़ाने का पर्व है। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासी ये पर्व हर्षोल्लास के साथ मनायें।


प्रदेश में स्थापित जापानी कंपनियों से व्यापार का विस्तार करने का आग्रह
13 January 2020
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने प्रदेश में स्थापित जापानी कंपनियों से अपने व्यापार का विस्तार करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश मित्र वातावरण बनाया गया है। नीतियों एवं नियमों में व्यापक परिवर्तन और उनका सरलीकरण किया गया है। श्री कमल नाथ ने आज नई दिल्ली में जापान विदेशी व्यापार संगठन (जैट्रो) के भारत स्थित मुख्य प्रबंध निदेशक श्री यासूयाकी मूराहाशी से मुलाकात के दौरान यह बात कही। मुख्यमंत्री ने जापानी निवेश की संभावना पर श्री मूराहाशी से विस्तार से चर्चा की।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने मुलाकात के दौरान जैट्रो के प्रबंध निदेशक को बताया कि मध्यप्रदेश में सौर ऊर्जा, खाद्य प्र-संस्करण, टेक्सटाइल, गारमेंट के साथ-साथ लॉजीस्टिक हब में निवेश की अपार संभावनाएँ है। उन्होंने जापानी कंपनियों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि प्रदेश में पूर्व से स्थापित जापानी कंपनियों के व्यापार विस्तार में राज्य सरकार पूरा सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिकरण के लिए सकारात्मक और भरोसे का वातावरण बनाया गया है। विभिन्न तकनीक के उद्योगों के लिए अलग-अलग नीतियाँ भी बनाई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जापानी तकनीक पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। हमारी मंशा है कि इस तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग सम्पूर्ण भारत के साथ मध्यप्रदेश में भी हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जापानी निवेश की संभावना को लेकर शीघ्र ही मध्यप्रदेश के अधिकारियों और उद्योगपतियों का विशेष दल जापानी निवेशकों को आमंत्रित करने के लिए जापान की यात्रा करेगा।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के पूर्व जैट्रो कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं अन्य निवेशकों को प्रदेश में औद्योगिकीकरण और निवेश की संभावनाओं के साथ ही सरकार द्वारा दी जा रही रियायतों और नीतियों की विस्तार से जानकारी दी गई।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहन्ती, अपर मुख्य सचिव एवं आवासीय आयुक्त श्री आई.सी.पी. केसरी, प्रमुख सचिव उद्योग डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव एवं जापानी विदेशी व्यापार संगठन के अधिकारी उपस्थित थे।

प्रदेश में 68 वर्ग किलोमीटर से अधिक बढ़ा वन क्षेत्र
13 January 2020
भोपाल.भारतीय वन स्थिति प्रतिवेदन 2017-19 के अनुसार मध्यप्रदेश में 68.49 वर्ग किलोमीटर में वन आवरण बढ़ा है। अति सघन वन 113 वर्ग किलोमीटर और खुले वन 185 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में बढ़े हैं। सामान्य सघन वन 230 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में कम हुए हैं। वन मंत्री श्री उमंग सिंघार ने मंत्रालय में विभागीय समीक्षा के दौरान सघन वन क्षेत्र कम होने वाले जिलों की रिपोर्ट एक सप्ताह में प्रस्तुत करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कार्बन स्टॉक बढ़ाया जाए।
प्रदेश में वर्ष 2017 में 77 हजार 414 वर्ग किलोमीटर वन आवरण था, जो वर्ष 2019 में बढ़कर 77 हजार 482 वर्ग किलोमीटर हो गया है। इस दौरान प्रदेश के चार जिलों में वनावरण बढ़ा है। इनमें से पन्ना जिले में 75.71 वर्ग किलोमीटर, खंडवा में 57.12, शहडोल में 48.71 और सीधी जिले में 37.16 वर्ग किलोमीटर वनावरण की वृद्धि हुई है। प्रदेश के कुछ जिलों में वनावरण में जीरो से 50 वर्ग किलोमीटर की कमी आई है, जिसमें बड़े भाग पर राजस्व क्षेत्र भी शामिल है। बैठक में प्रदेश में कार्बन स्टॉक बढ़ाने के भी निर्देश दिये।
बैठक में बताया गया कि अरूणाचल प्रदेश के बाद कार्बन स्टॉक में प्रदेश देश में 110 मिलियन स्टॉक के साथ दूसरे स्थान पर है। वन मंत्री ने वन्य प्राणी, उत्पादन, विकास, वानिकी, कार्य आयोजना, विभाग की भावी योजनाओं, बाँस उत्पादन, ईको पर्यटन से स्थानीय लोगों को रोजगार, सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से वन संरक्षण आदि की समीक्षा की। बैठक में अपर मुख्य सचिव वन श्री ए. पी. श्रीवास्तव और प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन बल प्रमुख श्री यू. प्रकाशम्, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

भारतीय संस्कृति, कला और इतिहास से संबंधित पुस्तकों की माँग पूरे विश्व में है
12 January 2020
भोपाल.भारतीय संस्कृति, कला और इतिहास से संबंधित पुस्तकों की माँग पूरे विश्व में है। इस क्षेत्र में मध्यप्रदेश को लीड लेना चाहिये क्योंकि मध्यप्रदेश में संस्कृति और कला की विविधता व्यापक रूप में विद्यमान है। चम्बल, निमाड़, महाकौशल और विंध्य क्षेत्र में संस्कृति और कला की विविधता व्यापक रूप से देखने को मिलती है। नगरीय विकास और आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने भारत भवन में हार्टलेण्ड स्टोरीज, भोपाल लिटरेचर एण्ड आर्ट फेस्टिवल के समापन कार्यक्रम में यह बात कही। श्री सिंह ने पर्यावरण, विज्ञान और रिश्ते-नाते श्रेणी में लिखी गई विभिन्न कहानियों के लेखकों को पुरस्कृत किया। उन्होंने अनेक पुस्तकों का विमोचन भी किया।
मंत्री श्री सिंह ने कहा कि पूरा विश्वास है कि इस फेस्टिवल का स्वरूप हर साल बढ़ता जायेगा। उन्होंने कहा कि अगले फेस्टिवल में प्रदेश की जनजातीय और धार्मिक कहानियों को भी बेहतर स्थान मिलेगा। श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश माखनलाल चतुर्वेदी, राहत इंदौरी, हरिशंकर परसाई जैसी अनेक हस्तियों के लिये जाना जाता है।
'अध्ययनशील बनिये''
श्री सिंह ने विद्यार्थियों से कहा कि 'अध्ययनशील बनिये'' सफलता जरूर मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक ऐसी संस्था हो, जिसमें इस क्षेत्र में कार्य करने वाले विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन मिल सके। श्री सिंह ने लेखकों की किताबों का जिक्र करते हुए खुले मन से उनकी प्रशंसा की।
श्री सिंह ने श्री वर्तुल सिंह की 'भोपालनामा'', श्री श्रेयांश दीक्षित की 'व्हेन आई मेट माई सेल्फ'', डॉ. रीमा आहूजा की 'प्री इन्डिपेंडेंस इण्डिया'', कु. ईशा वाश्यम दास की 'मर्डर एट मूनलाइट कैफे एण्ड अदर स्टोरीज'', श्री रघुराज राजेन्द्रम् की 'थ्री एस एण्ड अवर हेल्थ'' और बारह वर्ष की जुड़वा बहन भव्या और नव्या सिंह की 'पोस्ट मिलेनियल टेल्स'' पुस्तक का विमोचन किया।
मंत्री श्री सिंह ने स्टोरी राइटिंग कॉम्पटीशन के प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। स्टोरी राइटिंग पर्यावरण, विज्ञान और रिश्ते-नातें विषय पर की गई। उन्होंने कुंवर इन्द्रजीत सिंह, ऋचा श्रीवास्तव, अनीता चौकसे, सुमित, कुलदीप शर्मा, रामकिशोर त्रिपाठी, सारा सैय्यद, झनक सिंह, प्रांजल राय, अमित गुप्ता, पूर्वा चौकसे, लोकेश गुलियानी, श्रीमती संतोष बकाया, प्रशांत चटर्जी, आशीष सहाय श्रीवास्तव, आईसा सिकंदर, अमृता मोटवानी, कृति केसरी, जरीबा खातून, अदीना सैय्यद, सलीका श्रीवास्तव, सोमेश भगवानी, प्रज्ञा चौधरी, योगेश शर्मा और अक्षय शर्मा को पुरस्कृत किया। उन्होंने जूरी के सदस्यों श्रीमती सीमा रायजादा और मंगला गौरी को भी सम्मानित किया।
कार्यक्रम में लाल बहादुर शास्त्री प्रशासन अकादमी, मसूरी के संचालक श्री संजीव चौपड़ा ने कहा कि शहर की पहचान सिर्फ किलों और झीलों से ही नहीं, बल्कि वहाँ के साहित्य और लोगों के व्यवहार से भी प्रदर्शित होती है। श्री गौरव चन्द्रा ने फेस्टिवल के आयोजन के संबंध में जानकारी दी। वरिष्ठ पत्रकार श्री अभिलाष खाण्डेकर ने रायपुर स्मार्ट सिटी में बनाई गई अत्याधुनिक लायब्रेरी का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी लायब्रेरी भोपाल और इंदौर में भी बननी चाहिए। इस दौरान साहित्य और कला-प्रेमी दर्शक उपस्थित थे।

शारीरिक, बौद्धिक एवं आध्यात्मिक विकास में सहायक है योग : मंत्री डॉ. चौधरी
12 January 2020
भोपाल.स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी युवा दिवस पर सुभाष उत्कृष्ट उ.मा. विद्यालय, शिवाजी नगर में आयोजित सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में शामिल हुए। डॉ. चौधरी ने विद्यार्थियों और अन्य नागरिकों के साथ सामूहिक सूर्य नमस्कार किया।
मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा कि योग भारत की प्राचीनतम परम्परा है, जो ऋषि-मुनियों से होकर जन-सामान्य तक पहुँची है। उन्होंने कहा कि योग शारीरिक, बौद्धिक एवं आध्यात्मिक विकास में सहायक है। उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानन्द ने भारतीय संस्कृति और योग से विश्व को परिचित कराया था। इसलिए विवेकानन्द जी के जन्म-दिवस पर प्रतीक रूप में युवा दिवस कार्यक्रम में सूर्य नमस्कार किया जाता है।
प्रमुख सचिव श्रीमती रश्मि अरुण शमी, आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती जयश्री कियावत सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सूर्य नमस्कार एवं प्राणायाम किया। प्रदेश के सभी शासकीय स्कूलों में युवा दिवस पर एक साथ लाखों बच्चों, जन-प्रतिनिधियों, शिक्षकों एवं अधिकारियों ने एक साथ सामूहिक सूर्य नमस्कार किया।
कार्यक्रम की शुरूआत राष्ट्रगीत वन्दे-मातरम् से हुई। तत्पश्चात् मध्यप्रदेश गान हुआ। इस मौके पर स्वामी विवेकानन्द का शिकागो के ऐतिहासिक भाषण की रिकॉर्डिंग सुनाई गई। तत्पश्चात् सूर्य नमस्कार के तीन राउंड और अनुलोम-विलोम, भस्त्रिका और भ्रामरी प्राणायाम हुए। अंत में राष्ट्र गान के साथ सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का समापन हुआ।

स्कूल शिक्षा मंत्री ने 287.82 लाख रूपए की लागत से निर्मित 33/11 केव्ही उपकेन्द्र का किया लोकार्पण
12 January 2020
भोपाल.स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने रायसेन जिले के सांची जनपद के मानपुर में 287.82 लाख रूपए की लागत से नवनिर्मित एमपीईबी के 33/11 केव्ही उपकेन्द्र का लोकार्पण किया। इस अवसर पर डॉ. चौधरी ने कहा कि प्रदेश के साथ-साथ रायसेन जिले के विकास के लिए निरंतर काम किया जा रहा है। इस उपकेन्द्र के बन जाने से क्षेत्र के लोगों को सतत् रूप से विद्युत आपूर्ति हो सकेगी। किसानों को भी सिंचाई के लिए पर्याप्त और निर्बाध रूप से विद्युत मिलेगी और वे समय पर फसलों की सिंचाई कर सकेंगे। इससे फसल उत्पादन में बढ़ोत्तरी होगी और किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी। डॉ. चौधरी ने ग्राम अरबरिया तथा नौनाखेड़ी में सड़क निर्माण कार्य का भूमि-पूजन भी किया।
प्रदेश के लगभग 22 लाख से अधिक किसानों का फसल ऋण माफ हो चुका है तथा शेष पात्र किसानों का भी फसल ऋण माफ करने की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। इसके साथ ही किसानों के लिए 10 हार्सपावर तक की मोटर के विद्युत बिल को आधा किया गया है। उन्होंने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं को भी 100 यूनिट तक विद्युत खपत करने पर 100 रूपए का ही बिल दिया जा रहा है। वृद्धावस्था पेंशन योजना की राशि भी 300 रूपए से बढ़ाकर 600 रूपए प्रतिमाह कर दी गई है।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ द्वारा हृदय दृश्यम म्यूजिक फेस्टिवल 2020 का शुभारंभ
11 January 2020
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि संगीत परस्पर जोड़ता है। उन्होंने संगीत विरासत को आगे बढ़ाने के प्रयास करने की जरूरत बताई। वे आज यहाँ मिंटो हाल में हृदय दृश्यम म्यूजिक फेस्टिवल 2020 की चौथी श्रृंखला का शुभारंभ कर रहे थे।
इस अवसर पर अमेरिकन कांस्यूलेट में पदस्थ कौंसिल जनरल श्री डेविड जे. रेंज, संस्कृति मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ, जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा, प्रमुख सचिव संस्कृति श्री पंकज राग, सचिव पर्यटन श्री फैज अहमद किदवई, जैज आर्टिस्ट जो एलवेरेस उपस्थित थे।

अपेक्स बैंक के ग्राहकों को मिलेगी मोबाइल बैंकिंग सुविधा : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
11 January 2020
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) में पहली बार व्यावसायिक एवं राष्ट्रीय बैंकों के समान मोबाइल बैंकिंग सुविधा का मंत्रालय में लोकार्पण किया। उन्होंने इस मौके पर अपेक्स बैंक की वर्ष 2020 की डायरी और कैलेंडर का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री ने सहकारी बैंकों के ग्राहकों के लिए मोबाइल बैंकिंग सुविधा उपलब्ध करवाने की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारी बैंकों को व्यावसायिक बैंकों की तरह सक्षम बनाने की आवश्यकता है। सहकारी बैंक आम ग्राहकों के अलावा बड़ी संख्या में किसानों से जुड़े हैं। इसलिए उन्हें बैंकिंग की हर अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध करवाना हमारा लक्ष्य होना चाहिए।
मोबाइल बैंकिंग
अपेक्स बैंक द्वारा पहली बार शुरू की गई मोबाइल बैंकिंग सेवा से एक लाख ग्राहक लाभान्वित होंगे। इसके लिए एप तैयार किया गया है। इस सुविधा के लागू होने से बैंक के ग्राहकों को अपेक्स बैंक की सभी शाखाओं में मोबाइल के माध्यम से सेवाएँ उपलब्ध रहेंगी। ग्राहकों को गूगल प्ले स्टोर अथवा एप्पल स्टोर से एमपी अपेक्स एम-बैंकिंग एप को डाउनलोड करना होगा। संचालित बैंकिंग संव्यवहार में द्विस्तरीय सुरक्षा प्रणाली है, जिसमें ओटीपी एवं टी पिन के उपयोग से ही संव्यवहार हो सकेगा।
डायरी-कैलेंडर का विमोचन
मुख्यमंत्री द्वारा विमोचित अपेक्स बैंक की डायरी और कैलेंडर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती वर्ष पर केन्द्रित है। कैलेंडर में महात्मा गांधी के विचारों को रेखांकित किया गया है। साथ ही स्वाधीनता आंदोलन के छायाचित्रों को प्रदर्शित किया गया है।
इस मौके पर सहकारिता मंत्री डॉ. गोविंद सिंह, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री सचिन यादव, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक के प्रशासक श्री अशोक सिंह, विधायक श्री सुरेश धाकड़ और श्री बैजनाथ कुशवाहा, प्रमुख सचिव सहकारिता, किसान कल्याण एवं कृषि विकास श्री अजीत केसरी, आयुक्त सहकारिता डॉ. एन. के. अग्रवाल एवं अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक श्री प्रदीप नीखरा उपस्थित थे।

खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाने मिलेट मिशन कार्पोरेशन बनाया जाये : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
11 January 2020
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि छोटे दानों का खाद्यान्न उत्पादन और उपयोग बढ़ाने के लिए मिलेट मिशन कार्पोरेशन बनाया जाये। मुख्यमंत्री ने सभी किसानों से उत्पादित धान उपार्जन 20 जनवरी तक सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। साथ ही भुगतान भी समय पर करने को कहा है। आगामी रबी फसलों के उपार्जन और भंडारण की तैयारियाँ पूर्व में ही करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने विकेन्द्रीयकृत उपार्जन के लिए भारत सरकार से शीघ्र एमओयू करने को कहा है। श्री कमल नाथ आज मंत्रालय में धान उपार्जन की प्रगति एवं रबी फसलों की उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में सहकारिता मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री सचिन यादव उपस्थित थे।
रबी फसलों के उपार्जन, भंडारण की तैयारियाँ पहले से ही सुनिश्चित हों
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया जाए कि उपार्जन के दौरान धान और चावल अन्य राज्यों से प्रदेश में ना आए, इस पर कड़ी चौकसी रखी जाए। आगामी रबी फसलों के उत्पादन और उपार्जन के लिए मुख्यमंत्री ने पूर्व से ही उपार्जन केन्द्रों का आकलन कर व्यवस्था करने के निर्देश दिये। उन्होने उपार्जन एजेन्सियों की जवाबदेही भी तय करने को कहा । मुख्यमंत्री ने कहा कि उपार्जित गेहूँ के परिवहन पर कम व्यय हो। किसानों की सुविधा को दृष्टि में रखते हुए जिला सरकार के परामर्श से अधिक से अधिक उपार्जन केन्द्र स्थापित किये जायें। उपार्जन केन्द्रों पर किसानों को केन्टीन आदि की आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध हों, इसके लिए व्यय होने वाली राशि का प्रस्ताव बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने उपार्जन केन्द्रों में किसानों के कल्याण के लिए शासन द्वारा चलायी जा रही योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने की योजना बनाने को कहा।
कलेक्टर की होगी उपार्जन निगरानी की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने उपार्जित खाद्यान्न का भंडारण और पैकिंग व्यवस्था के संबंध में कहा कि अभी से ही निजी क्षेत्र और सहकारी समितियों द्वारा निर्मित गोदामों की जानकारी कलेक्टरों से प्राप्त की जाये। गोदामों की क्षमता पूर्ण होने पर केप एवं सायलो निर्माण के लिए भूमि का चयन कर उन्हें आरक्षित करने के निर्देश कलेक्टरों को दिए जायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में उपार्जन केन्द्रों और उचित मूल्य दुकानों के लिए गोदाम और अन्य सुविधाओं को विकसित करने की योजना बनायी जाए। मुख्यमंत्री ने बारदानों की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता एवं अन्य विकल्पों के संबंध में भी पूरी तैयारी करने को कहा। उन्होने निर्देश दिये कि उपार्जन निगरानी की जवाबदेही जिला कलेक्टरों की होगी। उपार्जन में अनियमितता करने वाली संस्थाओं पर कठोर कार्रवाई की जाये और उन्हें उपार्जन कार्य से तत्काल हटाया जाए। मुख्यमंत्री ने समर्थन मूल्य पर उपार्जित ज्वार एवं बाजरा का वितरण सार्वजिक वितरण प्रणाली की उचित मूल्यों की दुकानों से करने के निर्देश दिये।
किसानों को धान उपार्जन का 703 करोड़ भुगतान
बैठक में प्रमुख सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्रीमती नीलम शमी राव ने बताया कि धान उपार्जन प्रक्रिया में अभी तक किसानों को 703 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। इस वर्ष गेहूँ के रकबे में 23 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। लगभग 95 से 105 लाख मेट्रिक टन तक गेहूँ का उपार्जन अनुमानित है। गेहूँ, चना, मसूर एवं सरसों का 108 लाख मीट्रिक टन उत्पादन और उपार्जन अनुमानित है। बैठक में उपार्जन केन्द्र, भंडारण, बारदानों की व्यवस्था, परिवहन आदि के संबंध में की गई तैयारियों की जानकारी दी गई।
बैठक में मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहन्ती, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री अनुराग जैन, प्रमुख सचिव सहकारिता एवं किसान कल्याण एवं कृषि विकास श्री अजीत केसरी उपस्थित थे।

साँची बौद्ध विश्वविद्यालय की अंतर्राष्ट्रीय पहचान बनाएँ : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
10 January 2020
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने साँची बौद्ध विश्वविद्यालय की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने और वहां संभावनाओं वाले पाठ्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिये हैं। श्री कमल नाथ मंत्रालय में साँची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय में संचालित गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। संस्कृति मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ बैठक में उपस्थित थीं।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि साँची विश्वविद्यालय के मूल स्वरूप को ध्यान में रखते हुए इसकी पहचान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित हो, इसकी सुनियोजित कार्य-योजना बनाई जाना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय में संचालित पाठ्यक्रम और विभागों का री-ओरिएंटेशन करने के लिए विशेषज्ञों की समिति का गठन करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा की समिति राष्ट्रीय एवं अतर्राष्ट्रीय स्तर के बौद्ध अध्ययन एवं दर्शन से जुड़े शैक्षणिक संस्थानों का भ्रमण कर तय समय में अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करे, जिसके आधार पर विश्वविद्यालय के स्वरूप में बदलाव किया जाए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि थाईलैंड, वियतनाम, जापान, कम्बोडिया एवं श्रीलंका में स्थित शैक्षणिक संस्थानों से बौद्ध शिक्षा के लिए सुझाव आमंत्रित किये जायें। प्रमुख सचिव संस्कृति एवं कुलपति साँची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय श्री पंकज राग, उप-सचिव संस्कृति एवं कुल सचिव डॉ. प्रज्ञा अवस्थी एवं संबंधी वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

भारत-भवन के समीप कला-ग्राम बनाया जाएगा : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
10 January 2020
भोपाल.भारत-भवन से लगी भूमि पर कला-ग्राम बनाया जाएगा। साथ ही कस्बा-आधारित फिल्म निर्माण परियोजना में पातालकोट के जनजीवन पर फिल्म तैयार की जाएगी, जिससे पर्यटन की दृष्टि से यह क्षेत्र अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रेखांकित हो सके। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई भारत भवन प्रबंधन की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत-भवन की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कला गतिविधियों के केन्द्र के रूप में प्रतिष्ठा है। इसे और अधिक समृद्ध बनाने के लिए विशेष प्रयास किये जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत भवन में कलाकारों और साहित्यकारों के साथ ही निरपेक्ष भाव से विभिन्न आयोजनों का संचालन किया जाये। श्री कमल नाथ ने कला ग्राम की परिकल्पना को साकार रूप देने के लिए समयबद्ध योजना बनाने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि भारत विभिन्न संस्कृतियों का देश है। सभी संस्कृतियों में आपसी मेल-जोल हो, इसके लिए उत्तर-पूर्व के राज्यों पर केन्द्रित महोत्सव भी आयोजित किया जाना चाहिए। उन्होंने महोत्सव के लिये रूप-रेखा बनाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने भारतीय कला, संस्कृति, साहित्य की समृद्ध परंपरा से युवाओं को जोड़ने के लिए भी विशेष कार्यक्रम चलाने को कहा। उन्होंने कहा कि भारत भवन की गतिविधियों में युवाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए। श्री कमल नाथ ने भारत-भवन की कलात्मक साज-सज्जा उत्कृष्ट बनाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने भारत-भवन में आयोजित गतिविधियों के प्रति संतोष व्यक्त करते हुए इसे निरंतर रखने को कहा।
संस्कृति मंत्री डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ ने कहा कि भारत-भवन में मुख्यमंत्री की मंशानुसार कला, साहित्य और भारतीय संस्कृति की विभिन्न गतिविधियों का विस्तार किया जाएगा। भारत-भवन के न्यासी सचिव एवं प्रमुख सचिव संस्कृति श्री पंकज राग ने भारत भवन में आयोजित होने वाले भावी कार्यक्रमों की जानकारी दी। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री के.के. सिंह और उप सचिव संस्कृति डॉ. प्रज्ञा अवस्थी उपस्थित थीं।

नई शराब दुकानें नहीं खुलेंगी; शराब माफिया पर नियंत्रण होगा
10 January 2020
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि राज्य सरकार माताओं और बहनों की सुरक्षा, नागरिकों के स्वास्थ्य और युवाओं के अच्छे भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है। यह कहना आधारहीन हैकि नई आबकारी नीति में उप-दुकान खोलने के प्रावधान से नई शराब की दुकानें खुल रही हैं। यह जनता के बीच में भ्रम फैलाने की घृणास्पद राजनीति है। श्री कमल नाथ ने कहा कि नई नीति से प्रदेश में शराब की दुकानें नहीं बढ़ेंगी बल्कि अवैध व्यापार करने वाले माफिया पर सख्ती से अंकुश लगेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 साल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे श्री शिवराज सिंह चौहान ने नई आबकारी नीति की सत्यता जानने के बजाय जो अनर्गल प्रलाप किया है, उससे साफ है कि वे सिर्फ प्रचार पाने के लिए असत्य और भ्रामक बातें कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सच यह है कि उनके कार्यकाल में सबसे ज्यादा शराब की दुकाने खोली गईं।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि यह असत्य है कि उप-दुकान नीति के कारण दो हजार से ढाई हजार नई शराब दुकानें खुलने जा रही हैं। उप-दुकान खोलने के संबंध में अधिसूचित नीति का अध्ययन किए बगैर ऐसा कहना, जनता को गुमराह करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति के अनुसार नई दुकानें नहीं खुलेंगी बल्कि मूल दुकान का लायसेंसी, चाहे तो कुछ शर्तों के अधीन उप-दुकान खोल सकता है। इससे आबकारी अपराधों पर नियंत्रण बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्र में उप-दुकान तभी खोली जा सकती है, जब दो मूल मदिरा दुकानों के बीच कम से कम 10 किलोमीटर की दूरी हो। इसी प्रकार, नगरीय क्षेत्र में उप-दुकान खोलने के लिए मूल मदिरा दुकानों के बीच न्यूनतम दूरी 5 किलोमीटर होना चाहिए। ये उप-दुकानें सरकार द्वारा नहीं खोली जाएंगी। लायसेंसी यदि चाहे, तो प्रतिबंध के अधीन अतिरिक्त वार्षिक मूल्य जमा कर उप-दुकान खोल सकता है।
मुख्यमंत्री ने इस दावे को भी झूठा बताया कि पूववर्ती सरकार के कार्यकाल में नई शराब की दुकानें नहीं खोली गईं। मुख्यमंत्री ने पत्र में जानकारी दी कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के अंतिम वित्तीय वर्ष 2003-04 में देशी मदिरा की प्रदेश में 2221 दुकानें थीं, जो भाजपा शासन काल में बढ़ते हुए वर्ष 2010-11 में 2770 हो गईं। इसी प्रकार, विदेशी मदिरा की दुकानें 2003-04 में 581 थीं, जो वर्ष 2010-11 में 916 हो गईं। इससे स्पष्ट है 2003-04 में देशी/विदेशी मदिरा दुकानों की संख्या प्रदेश में 2792 थी, जो श्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में बढ़कर 3683 हो गईं।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि आज भी मध्यप्रदेश में जनसंख्या क्षेत्रफल के आधार पर भाजपा शासित राज्य उत्तर प्रदेश की तुलना में मदिरा दुकानों की संख्या बहुत कम है। मध्यप्रदेश में जहाँ प्रति एक लाख की जनंसख्या पर मात्र 5 मदिरा दुकानें संचालित हैं, वहीं उत्तर प्रदेश में यह संख्या 12 है, जो ढाई गुना अधिक है। इसी तरह, मध्यप्रदेश में प्रति एक हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में मदिरा दुकानों की संख्या मात्र 12 है, वहीं उत्तर प्रदेश में यह संख्या 41 है, जो साढ़े तीन गुना अधिक है। श्री कमल नाथ ने सवाल किया कि क्या उत्तर प्रदेश में बहुत अधिक मदिरा दुकानों के कारण वहाँ शराब माफिया सक्रिय है? क्या उत्तर प्रदेश में माताएँ और बहने असुरक्षित हैं?
मुख्यमंत्री ने नई आबकारी नीति का हवाला देते हुए कहा कि यह माफिया को बढ़ावा नहीं देगा बल्कि उन पर नियंत्रण रखेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे आश्चर्य है कि पूर्व मुख्यमंत्री ने मुझे पत्र लिखने के पूर्व अपने 15 वर्ष के कार्यकाल में इस संबंध में लिए गए निर्णयों और कार्यों की जानकारी ही नहीं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि माफिया की उत्पत्ति एवं विकास के कारणों का उन्हें संभवत: ज्ञान ही नहीं है। माफिया यानि संगठित अपराधी ऐसे स्थानों एवं व्यवसायों में ही पनपते है, जहाँ प्रतिबंध न हो या व्यवसाय को वैध तरीके से संचालित करना दुष्कर हो। वैधानिक और वैध व्यवसायिक गतिविधियाँ संचालित होने से माफिया पर अंकुश लगता है और उन पर नियंत्रण रखा जा सकता है, जैसा की नई आबकारी नीति में सरकार ने प्रावधान किया है। इससे शराब माफिया और संगठित अपराधियों द्वारा मदिरा के अवैध व्यापार पर पूरी तरह प्रतिबंध लगेगा।

सफाई में प्रथम प्रभारी को मिलेगा एक लाख रुपये पुरस्कार - मंत्री श्री शर्मा
10 January 2020
भोपाल.जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के वार्ड-46 में स्वच्छता जागरूकता महाभियान में कहा कि जिस वार्ड को साफ-सफाई में पहला स्थान मिलेगा, उस वार्ड के प्रभारी सफाई कर्मी को एक लाख रूपये पुरस्कार दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार वे निजी तौर पर प्रदान करेंगे।
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि भोपाल को देश के स्वच्छ शहरों में पहले नम्बर पर लाना है। गांधी जी ने स्वयं स्वच्छता अभियान को आश्रम से शुरू किया था।
महाअभियान में शामिल छात्र-छात्राओं ने नागरिकों को स्वच्छता के संदेश दिये। श्री राजीव सिंह, पार्षद श्री योगेन्द्र सिंह चौहान, श्री अमित शर्मा, श्री मोनू सक्सेना स्थानीय जन-प्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित थे।

राज्यपाल श्री टंडन से मिले काउंसलेट जनरल ऑफ यूएस श्री रैज़
10 January 2020
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन से राजभवन में यूएस काउंसलेट जनरल ‍श्री डेविड रैज़ ने मुलाकात की। मुलाकात के दौरान मध्यप्रदेश में व्यापार और निवेश की संभावनाओं के संबंध में चर्चा हुई।
राज्यपाल श्री टंडन ने कहा है कि मध्यप्रदेश में हर्बल औषधि के क्षेत्र में व्यापार एवं निवेश की व्यापक संभावनाएँ हैं। प्रदेश में इसके लिए आवश्यक कच्चा माल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र वाणिज्यिक लाभ के साथ ही सामाजिक बदलाव में भी सहयोगी होगा। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश के जनजातीय समुदाय के पास औषधीय पौधों और हस्तशिल्प की अद्भुत विरासत है। सरकार द्वारा उनके संरक्षण और संवर्धन के प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार और गुणवत्ता के प्रयास निरंतर जारी हैं।
काउंसलेट श्री रैज़ द्वारा बड़ी संख्या में अमेरिकी छात्रों द्वारा हिन्दी में अध्ययन की ललक का जिक्र किये जाने पर राज्यपाल ने बताया कि भारतीय ज्ञान परंपरा की समृद्ध विरासत का दुनिया में विशिष्ट स्थान है। इस विरासत को आगे बढ़ाने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय के माध्यम से प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विश्व की सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं में हिंदी का विशेष स्थान है। उन्होंने बताया कि बिहार के राज्यपाल के रूप में उन्होंने भारतीय शिक्षा से ज्ञान और दर्शन की पुनर्प्रतिष्ठा के प्रयास किये। दुनिया के प्रथम विश्वविद्यालय नालंदा के गौरव को पुनर्जीवित किया गया। उन्होंने बताया कि भारतीय अर्थ-व्यवस्था आज विश्व की अर्थ-व्यवस्था का अंग बन गई है। उसी के अनुरूप व्यापार और निवेश के क्षेत्र में व्यापक सुधार किये गये हैं। उद्योग-अनुकूल नीतियाँ, बुनियादी ढांचे का विकास और व्यवस्था, व्यापार तथा निवेश में क्रांतिकारी सुधारों के परिणाम मिलने लगे हैं। आज देश में सभी क्षेत्रों में व्यापार एवं व्यवसाय का उत्साही वातावरण है।
काउंसलेट जनरल श्री रैज़ ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश में हो रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने इस क्षेत्र में प्रदेश को सहयोग उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया।

भारत-भवन के समीप कला-ग्राम बनाया जाएगा : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
10 January 2020
भोपाल.भारत-भवन से लगी भूमि पर कला-ग्राम बनाया जाएगा। साथ ही कस्बा-आधारित फिल्म निर्माण परियोजना में पातालकोट के जनजीवन पर फिल्म तैयार की जाएगी, जिससे पर्यटन की दृष्टि से यह क्षेत्र अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रेखांकित हो सके। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई भारत भवन प्रबंधन की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत-भवन की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कला गतिविधियों के केन्द्र के रूप में प्रतिष्ठा है। इसे और अधिक समृद्ध बनाने के लिए विशेष प्रयास किये जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत भवन में कलाकारों और साहित्यकारों के साथ ही निरपेक्ष भाव से विभिन्न आयोजनों का संचालन किया जाये। श्री कमल नाथ ने कला ग्राम की परिकल्पना को साकार रूप देने के लिए समयबद्ध योजना बनाने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि भारत विभिन्न संस्कृतियों का देश है। सभी संस्कृतियों में आपसी मेल-जोल हो, इसके लिए उत्तर-पूर्व के राज्यों पर केन्द्रित महोत्सव भी आयोजित किया जाना चाहिए। उन्होंने महोत्सव के लिये रूप-रेखा बनाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने भारतीय कला, संस्कृति, साहित्य की समृद्ध परंपरा से युवाओं को जोड़ने के लिए भी विशेष कार्यक्रम चलाने को कहा। उन्होंने कहा कि भारत भवन की गतिविधियों में युवाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए। श्री कमल नाथ ने भारत-भवन की कलात्मक साज-सज्जा उत्कृष्ट बनाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने भारत-भवन में आयोजित गतिविधियों के प्रति संतोष व्यक्त करते हुए इसे निरंतर रखने को कहा।
संस्कृति मंत्री डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ ने कहा कि भारत-भवन में मुख्यमंत्री की मंशानुसार कला, साहित्य और भारतीय संस्कृति की विभिन्न गतिविधियों का विस्तार किया जाएगा। भारत-भवन के न्यासी सचिव एवं प्रमुख सचिव संस्कृति श्री पंकज राग ने भारत भवन में आयोजित होने वाले भावी कार्यक्रमों की जानकारी दी। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री के.के. सिंह और उप सचिव संस्कृति डॉ. प्रज्ञा अवस्थी उपस्थित थीं।

साँची बौद्ध विश्वविद्यालय की अंतर्राष्ट्रीय पहचान बनाएँ : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
10 January 2020
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने साँची बौद्ध विश्वविद्यालय की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने और वहां संभावनाओं वाले पाठ्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिये हैं। श्री कमल नाथ मंत्रालय में साँची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय में संचालित गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। संस्कृति मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ बैठक में उपस्थित थीं।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि साँची विश्वविद्यालय के मूल स्वरूप को ध्यान में रखते हुए इसकी पहचान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित हो, इसकी सुनियोजित कार्य-योजना बनाई जाना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय में संचालित पाठ्यक्रम और विभागों का री-ओरिएंटेशन करने के लिए विशेषज्ञों की समिति का गठन करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा की समिति राष्ट्रीय एवं अतर्राष्ट्रीय स्तर के बौद्ध अध्ययन एवं दर्शन से जुड़े शैक्षणिक संस्थानों का भ्रमण कर तय समय में अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करे, जिसके आधार पर विश्वविद्यालय के स्वरूप में बदलाव किया जाए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि थाईलैंड, वियतनाम, जापान, कम्बोडिया एवं श्रीलंका में स्थित शैक्षणिक संस्थानों से बौद्ध शिक्षा के लिए सुझाव आमंत्रित किये जायें। प्रमुख सचिव संस्कृति एवं कुलपति साँची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय श्री पंकज राग, उप-सचिव संस्कृति एवं कुल सचिव डॉ. प्रज्ञा अवस्थी एवं संबंधी वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

विधानसभा में पेश किया जाएगा जनसंख्या आधारित आदिवासी उप योजना बजट एक्ट
9 January 2020
भोपाल.आदिवासी उपयोजना की राशि अनिवार्यत: खर्च करने और जनसंख्या के आधार पर बजट का आवंटन करने संबंधी एक्ट विधानसभा में लाया जाएगा। श्री कमल नाथ ने यह जानकारी मंत्रालय में हुई मध्यप्रदेश आदिम जाति मंत्रणा परिषद की बैठक में दी। बैठक में मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति साहूकार विनियम 1972 में संशोधन पर परिषद के सदस्यों ने सर्व-सम्मति से अपनी स्वीकृति प्रदान की। बैठक में आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री ओंकार सिंह मरकाम, गृह मंत्री श्री बाला बच्चन एवं परिषद के सदस्य तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने बैठक में "वन मित्र'' साफ्टवेयर और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिये दिये जाने वाले खाद्यान्न की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और अंगूठे की अनिवार्यता समाप्त कर विकल्प खोजने के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि यह कमेटी दस दिन में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करे। मुख्यमंत्री ने आदिम जाति कल्याण विभाग के अंतर्गत आदिवासी ब्लाक में प्रतिनियुक्ति पर अधिकारी लेने से विभागीय पदोन्नतियों में आ रही बाधा के समाधान के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनाने के निर्देश दिये। दोनों मुद्दों पर मंत्रणा परिषद के सदस्यों ने मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित करवाया था।
मुख्यमंत्री ने आदिवासी मंत्रणा परिषद के सदस्यों की सब-कमेटियाँ बनाने के निर्देश दिये। ये सब कमेटियां स्वास्थ्य, शिक्षा, खाद्य सहित अन्य विषयों पर अलग-अलग बनाई जाएंगी। आदिम जाति कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में समितियों की हर माह बैठक होगी। इन समितियों के निष्कर्षों के आधार पर मंत्रणा-परिषद निर्णय लेगी। मुख्यमंत्री ने आदिवासी परिवारों को उचित मूल्यों की दुकानों से दाल उपलब्ध करवाए जाने संबंधी सुझाव पर विचार करने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने उन 10 मुद्दों पर विचार कर निर्णय लेने को कहा, जो सीधे आदिवासी हितों को प्रभावित करते हैं। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर वे आदिम जाति कल्याण विभाग की बैठक लेंगे, जिसमें क्रियान्वयन का निर्णय लिया जाएगा।
विधायक श्री फुंदेलाल सिंह मार्को ने कन्या विवाह एवं निकाह योजना में अनुदान राशि 28 हजार से बढ़ाकर 51 हजार रुपये करने और मुख्यमंत्री मदद योजना में आदिवासी परिवारों को जन्मोत्सव पर 50 किलो तथा मृत्यु होने पर 1 क्विंटल खाद्यान्न नि:शुल्क देने के निर्णय पर धन्यवाद प्रस्ताव रखा जिस पर सर्व-सम्मति व्यक्त की गई।

शहरों को उन्नत सेवाएँ देकर वर्ष 2020 में नम्बर-वन बनाना है
9 January 2020
भोपाल.नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने कहा है कि शहरों को उन्नत सेवाएँ देकर वर्ष 2020 में नम्बर-वन की स्थिति में लाने का प्रयास करें। उन्होंने स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 में किये गये कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इसे और बेहतर करें। श्री सिंह ने कहा कि शासन की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुँचायें। श्री सिंह नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय में विभागीय योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे।
युवा स्वाभिमान योजना का नया स्वरूप
मंत्री श्री जयवर्धन सिंह ने मुख्यमंत्री युवा स्वाभिमान योजना के नये स्वरूप के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा कि योजना का स्वरूप इस तरह का हो, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार मिल सके। श्री सिंह ने कहा कि सालभर के प्रशिक्षण के बाद युवाओं को रोजगार/स्व-रोजगार में दिक्कत नहीं आना चाहिये। योजना में प्रशिक्षणार्थियों को 5 हजार रुपये प्रतिमाह का स्टायपेंड दिया जाता है।
सभी नगर निगमों में महिलाओं को मिलेंगे ई-रिक्शा
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ने कहा कि सभी 16 नगर निगमों में महिलाओं को ई-रिक्शा दिये जाने की योजना बनायें। उन्होंने बताया कि इंदौर में जिन महिलाओं को ई-रिक्शा दिये गये हैं, वे एक हजार रुपये प्रतिदिन तक की आय अर्जित कर रही हैं।
मंत्री श्री सिंह ने नगरीय विकास के अंतर्गत केन्द्र तथा राज्य प्रवर्तित योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये नोडल एजेंसी बनाने के संबंध में भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि एजेंसी का स्वरूप ऐसा हो, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में सुगमता रहे। श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री आवास योजना में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार आवासों का निर्माण समय-सीमा में करवायें। उन्होंने नगरीय विकास की अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिये।
बैठक में प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री संजय दुबे, आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री पी. नरहरि एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

रेडियो जॉकीज और ब्लागर्स सामाजिक अभिव्यक्ति के सशक्त माध्यम : आयुक्त श्री नरेश पाल
9 January 2020
भोपाल.आयुक्त महिला-बाल विकास श्री नरेश कुमार पाल ने कहा है कि समाज को सकारात्मक दिशा दिखाने में रेडियो जॉकीज और ब्लागर्स अहम किरदार निभाते हैं। श्री पाल विभाग द्वारा होटल लोक व्यू अशोक में आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य महिला-बाल संरक्षण की योजनाओं और गतिविधियों को ब्लॉगर्स और रेडियो जॉकीज से अवगत कराना है। उन्होंने आशा जताई कि इन सशक्त माध्यम से महिलाओं और बच्चों के संरक्षण के प्रति जन-समुदाय के व्यवहार में वांछित परिवर्तन आएगा। श्री नरेश कुमार पाल ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण का विभाग द्वारा विशेष ख्याल रखा जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में बाल-विवाह रोकना एक चैलेंज है। इसके बावजूद इसे रोकने के लिये जागरूकता लाने के निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। इन प्रयासों से सफलता भी हासिल कर रहे हैं।
पोषण विशेषज्ञ डॉ. श्रीमती अनिता सिंह ने बताया कि बच्चे के जन्म के एक घंटे के अन्दर अगर उसे माँ का दूध मिल जाए, बाल मृत्यु दर के आँकड़ों में लगभग एक तिहाई कमी लाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि छोटे बच्चों को बिस्कुट ना देकर हर घर में आसानी से उपलब्ध मूंगफली और चने से पौष्टिकता को बढ़ाया जा सकता है।
कार्यशाला में लड़कियों के लिये किशोरावस्था में शारीरिक, मानसिक और शुचिता- स्वच्छता से रहने के उपायों पर चर्चा हुई। साथ ही महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण पर भी विषय विशेषज्ञों ने अपने विचार व्यक्त किये।
कार्यशाला में 93.5 Red FM के प्रतीक उपाध्याय, 92.7 FM के सचिन, ब्लॉगर्स रिया जैन, नेहा शर्मा, भावनेश दुबे, सिद्धार्थ जैन आदि ने अपने सुझाव दिए।

राशन उपभोक्ताओं के लिये अंतर्राज्यीय पोर्टेबिलिटी व्यवस्था लागू
8 January 2020
भोपाल.खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि जनवरी 2020 से प्रदेश में राशन उपभोक्ताओं की सुविधा के लिये "अंतर्राज्यीय पोर्टेबिलिटी व्यवस्‍था लागू की जा रही है। इस व्यवस्‍था में प्रदेश के उपभोक्ता देश के 11 राज्यों आन्ध्रप्रदेश, गोवा, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना और त्रिपुरा में भी अपना राशन प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही, इन 11 राज्यों के उपभोक्ता मध्यप्रदेश में राशन ले सकेंगे। श्री तोमर ने बताया कि इस योजना में उपभोक्ता राशन पूर्व निर्धारित मात्रा में पूर्व निर्धारित दर गेहूँ 2 रुपये, चावल 3 रुपये और मोटा अनाज एक रुपये प्रति किलोग्राम पर प्राप्त कर सकेंगे।
"वन स्टेट-वन राशन" योजना
मंत्री श्री तोमर ने बताया कि राज्य सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली से अधिकाधिक उपभोक्ताओं को लाभन्वित करने के लिये अक्टूबर 2019 से प्रदेश में "वन स्टेट-वन राशन" योजना लागू की है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार इस योजना को लागू करने पर अभी सिर्फ विचार कर रही है। श्री तोमर ने बताया कि इस योजना में राशन उपभोक्ता एक शहर अथवा एक वार्ड से दूसरे शहर अथवा दूसरे वार्ड में भी राशन दुकान से निर्धारित मात्रानुसार निर्धारित दर पर राशन ले सकता है। इस योजना से आज प्रदेश के 117 लाख से अधिक परिवार के साढ़े पाँच करोड़ उपभोक्ता लाभान्वित हो रहे हैं।
मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने पिछले एक साल में खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विकास के विशेष प्रयासों एवं नवाचारों की जानकारी देते हुए कहा कि राशन उपभोक्ताओं का हित संरक्षण राज्य सरकार की प्राथमिकता सूची में शामिल है।
आधार आधारित राशन वितरण व्यवस्था (AePDS)
मंत्री श्री तोमर ने बताया कि माह अक्टूबर, 2019 से प्रदेश में आधार आधारित राशन वितरण व्यवस्था लागू की गई है। इसमें पात्र परिवारों का सत्यापन बायोमेट्रिक के आधार पर किया जाकर राशन वितरण किया जा रहा है। इस व्यवस्था में वृद्धजन/नि:शक्तजन को दुकान तक राशन लेने आने में होने वाली कठिनाई को ध्यान में रखकर उनके द्वारा अधिकृत व्यक्ति (नामित)के बायोमेट्रिक सत्यापन के आधार पर राशन वितरण की व्यवस्था की गई है। पात्र हितग्रा‍हियों को eKYC की सुविधा पीओएस मशीन के माध्‍यम से उपलब्‍ध कराई जा रही है।
इसी तरह, प्रदेश में लगभग 22 हजार ऑनलाईन उचित मूल्‍य दुकानों पर पात्र हितग्राहियों को किसी अन्य राशन दुकान से भी राशन प्राप्‍त करने की सुविधा उपलब्‍ध कराई गई है। इससे प्रतिमाह लगभग 2 लाख परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। बायोमेट्रिक सत्‍यापन के आधार पर राशन का वितरण 18 लाख बढ़ाकर 76.93 लाख परिवारों को माह अक्‍टूबर, 2019 में लाभान्वित किया गया। प्रदेश के 29 जिलों में DSK डिजिटल के स्‍थान पर विजनटेक की 7500 दुकानों पर नई पीओएस मशीन लगवाई गई, जिससे पीओएस मशीन खराब होने की समस्‍या का स्थायी निदान हो सका।
मध्यप्रदेश खाद्य सुरक्षा दाल वितरण योजना
मंत्री श्री तोमर ने बताया कि प्रदेश में राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम अंतर्गत खाद्य सुरक्षा दाल वितरण योजना लागू की गई है। इसमें चने की वितरण दर 27 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित की गई है। प्रति सदस्‍य एक किलो एवं अधिकतम चार किलो प्रति परिवार पात्रता सुनिश्चित की गई है। इस व्यवस्था में हर महीने 117 लाख 47 हजार पात्र परिवारों को 40 हजार 793 मेट्रिक टन आवंटन दिया गया है। दाल का वितरण माह फरवरी से अक्‍टूबर, 2019 तक किया गया। वर्तमान में भारत सरकार द्वारा दाल का आवंटन उपलब्‍ध नहीं कराया जा रहा है।
शक्‍कर वितरण
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री ने बताया कि अन्‍त्‍योदय अन्‍न योजना में चिन्हि‍त 16 लाख 39 हजार 993 पात्र परिवारों को मार्च 2019 से 20 रुपये प्रति किलो की दर से एक किलो शक्‍कर प्रतिमाह वितरण प्रारम्‍भ किया गया। इस पर राज्‍य सरकार द्वारा 3 हजार 224 रुपये प्रति टन के मान से अनुदान दिया जा रहा है।
केन्द्र से अतिरिक्त खाद्यान्न आवंटन की माँग
मंत्री श्री तोमर ने बताया कि मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना में पोर्टल पर 1,65,438 नवीन परिवारों को सम्मिलित कर योजना का लाभ दिया गया। वर्तमान में 5.46 करोड़ हितग्राहियों को लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 की जनसंख्‍या अनुसार 75% आबादी (5 करोड़ 46 लाख) को ही लाभांवित करने का प्रावधान है। वर्ष 2018 की अनुमानित जनसंख्‍या 8 करोड़ 23 लाख हो गई है, जिसका 75% कुल 6 करोड़ 17 लाख आबादी होता है। इस प्रकार, 71 लाख हितग्राहियों के लिये खाद्यान्‍न आवंटन प्राप्‍त नहीं हो रहा है। वर्तमान में 66% हितग्राहियों को ही लाभ मिल पा रहा है, जो अधिनियम के अनुसार 9% कम है। इन 71 लाख हितग्राहियों के लिये अतिरिक्‍त खाद्यान्‍न आवंटन की मांग भारत सरकार से की गई है।
प्रत्येक ग्राम पंचायत में उचित मूल्य दुकान
मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि उपभोक्‍ताओं को दूरी की परेशानी से बचाने के लिये प्रत्येक ग्राम पंचायत में उचित मूल्य दुकान खोली गई। नवीन दुकान आवंटन में एक तिहाई दुकानें महिला संस्‍थाओं को देने का प्रावधान किया गया। नवीन दुकानों की स्‍थापना के लिये ऑनलाईन आवंटन की व्‍यवस्‍था की गई। विगत एक वर्ष में 564 नवीन दुकानों का आवंटन किया गया। उचित मूल्‍य दुकान संचालन के लिये विक्रेता के लिए मार्गदर्शिका का प्रकाशन किया गया। यह मार्गदर्शिका एक नवम्‍बर को मध्‍यप्रदेश स्‍थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश के सभी 24713 उचित मूल्‍य दुकानदारों को उपलब्‍ध कराई गई।
उचित मूल्य दुकानों की ग्रेडिंग व्यवस्था
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने बताया कि उचित मूल्‍य दुकानों के कार्यकलापों की समीक्षा के लिए ग्रेडिंग व्यवस्था लागू की गई है। इसमें दुकान खुलने के दिन, बायोमेट्रिक सत्‍यापन से राशन वितरण, सतर्कता समितियों की बैठक, निरीक्षण में दिए गए निर्देशों का पालन एवं दुकान पर आमजन के लिए प्रदर्शित जानकारी के आधार पर दूकान का मूल्‍यांकन किया जाएगा।
खाद्यान्न उपार्जन की बेहतर व्यवस्था
मंत्री श्री तोमर ने बताया कि खाद्यान्न उपार्जन की बेहतर व्यवस्था से रबी विपणन वर्ष 2019-20 में 9 लाख 87 हजार 258 किसानों से 73 लाख 69 हजार 550 मे.टन गेहूं का उपार्जन सुनिश्चित हुआ। यह पिछले साल से 53 हजार 508 मे.टन अधिक है। उपार्जित गेहूं की कुल राशि 13 हजार 560 करोड़ का भुगतान किसानों को किया गया है, जो विगत वर्ष से 867 करोड़ अधिक है।
राज्य सरकार ने समर्थन मूल्‍य पर खाद्यान्‍न उपार्जन प्रक्रिया का मानकीकरण किया है। इसमें गिरदावरी डाटाबेस के आधार पर मोबाइल एप के माध्‍यम से पंजीयन की सुविधा, ऑनलाईन कृषक तौल-पर्ची जारी करने, "एक ट्रक-एक स्‍वीकृति" पत्रक एवं एक WHR जारी करने की व्‍यवस्‍था बनाई गई। इसी के साथ, किसान का पंजीयन भू-अभिलेख एवं गिरदावरी के डेटाबेस के आधार पर किया गया, जिससे किसानों को पंजीयन में भूमि संबंधी दस्तावेज नहीं देने पड़े। किसानों को उपज विक्रय के लिये अधिक समय तक इंतजार नहीं करना पड़े। इसके लिये प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर संलग्न किसान संख्या भी निर्धारित की गई।
पिछले वर्ष रबी में गेहूं उपार्जन के लिये 391 गोदामों पर स्तरीय उपार्जन केन्द्र खोले गए थे, जिनकी संख्या नई सरकार ने बढ़ाकर 1030 कर दी है। इससे परिवहन व्‍यय, सूखत/कमी मद में बचत के साथ किसानों को गेहूं विक्रय करने में परेशानी नहीं झेलनी पड़ी। विगत वर्ष गेहूं उपार्जन के लिये 3 हजार 8 केन्द्र बनाए गए थे, जिसे राज्य सरकार ने बढ़ाकर 3 हजार 545 किया। इस प्रकार 537 अधिक उपार्जन केन्द्र खोले गये। किसानों को उपार्जित गेहूं का भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में Just in Time (JIT) एप से किया गया। इससे किसानों को 7 दिन के स्थान पर अधिकतम 3 दिन में भुगतान मिल सका।
प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजना
मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजना में प्रदेश में विगत एक वर्ष में 18 लाख 78 हजार पात्र परिवारों को कुकिंग गैस कनेक्‍शन प्रदाय किये गये। अभी तक कुल 71 लाख 39 हजार पात्र परिवारों को गैस कनेक्‍शन जारी किए गये हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भारत सरकार ने योजना में नवीन गैस कनेक्‍शन देने पर रोक लगा दी है।।
राज्य उपभोक्ता हेल्‍पलाइन
श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया‍कि उपभोक्‍ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए राज्‍य उपभोक्‍ता हेल्‍पलाईन का परियोजना प्रभारी, काउंसलर्स द्वारा संचालन किया जा रहा है। किसी भी उपभोक्‍ता द्वारा 4 इंचार्ज एवं 4 सेक्‍टरों की टोल- फ्री हेल्‍पलाईन नं.-1800-233-0046 के माध्‍यम से कार्यालयीन समय सुबह 10.30 से शाम 5.30 बजे के बीच सूचना, सलाह एवं मार्गदर्शन प्राप्‍त किया जा सकता है। साथ ही, शिकायत भी दर्ज कराई जा सकती है। उन्होंने बताया कि हेल्‍पलाईन में 2370 शिकायतें दर्ज की गईं और 2365 शिकायतों का निराकरण किया गया। भारत सरकार के उपभोक्‍ता मामले विभाग के State Consumer Helpline Knowledge Resource Management Portal के अनुसार देश के 25 राज्यों में संचालित राज्य उपभोक्ता हेल्पलाइन में से मध्यप्रदेश राज्य उपभोक्ता हेल्पलाइन ने लगातार चौथी बार (जुलाई 2019, अगस्त 2019, सितम्बर 2019, अक्टूबर 2019) प्रथम स्थान प्राप्त किया। श्री तोमर ने बताया कि एक जनवरी 2019 से 20 नवम्बर 2019 तक प्रदेश में शिकायतों के निराकरण का प्रतिशत 99.78 रहा।
सीएम हेल्पलाईन में दर्ज शिकायतों का निराकरण
मंत्री श्री तोमर ने जानकारी दी कि उपभोक्ताओं की समस्याओं एवं शिकायतों के निराकरण के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाईन पर टोल-फ्री-181 नम्बर की सुविधा उपलब्‍ध कराई गई। शिकायतों का निराकरण चार स्तरों पर किया जाता है। प्रत्येक स्तर पर शिकायतों की समय-सीमा क्रमश: 15 एवं 7-7-7 दिन निर्धारित है। विगत एक साल में दर्ज कुल 1,48,381 शिकायतों में से 1,34,948 शिकायतों का निराकरण किया गया।
गोदाम-सह-उचित मूल्य दुकान के भवन निर्माण
मंत्री श्री तोमर ने कहा कि समर्थन मूल्य पर उपार्जित खाद्यान्‍न के भण्डारण स्‍थल से ही राशन वितरण की व्यवस्था करने पर कार्य किया जा रहा है उन्होंने बताया कि विकासखण्‍ड स्‍तर पर 139 चिन्हित स्‍थानों एवं 76 उपार्जन केन्‍द्रों पर 500-500 मे.टन क्षमता के गोदाम एवं उचित मूल्‍य दुकानों के भवन का निर्माण प्रस्‍तावित है। इन गोदामों-सह-उचित मूल्‍य दुकान-भवनों पर खाद्यान्‍न के भण्‍डारण/वितरण के साथ किसानों एवं हितग्राहियों के लिये कव्हर्ड शेड, स्‍वच्‍छ जल, सुलभ कॉम्‍पलेक्‍स आदि मूलभूत सुविधाएँ विकसित की जाएंगी। इन व्यवस्थाओं पर नाबार्ड के माध्‍यम से 77.40 करोड़ व्यय किया जाएगा।
भण्डारण क्षमता का विस्‍तार एवं सुदृढ़ीकरण
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने बताया कि वेयरहाऊसिंग कार्पोरेशन की स्वयं भण्डारण क्षमता 23.03 लाख मे.टन है। इनमें सीमेन्‍ट कांक्रीट, डामर रोड, बाउड्रीवाल का निर्माण, 86 शाखाओं में CCTV Camera, 250 शाखाओं में सुलभ काम्‍पलेक्‍स एवं पेयजल की सुविधाएँ उपलब्‍ध कराने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसी के साथ, 74 हजार मे.टन क्षमता के केप को गोदामों में परिवर्तित करना, 2 स्‍थानों पर आधुनिक पद्धति से गोदामों का निर्माण तथा 66 स्‍थानों पर डिजिटाईज्‍ड वे-ब्रिज लगाना प्रस्तावित है। इन कार्यों पर DPR अनुसार 143.87 करोड़ व्यय होंगे। इसके लिये नाबार्ड को ऋण प्रस्‍ताव भेजा गया है।
मंत्री श्री तोमर नेबताया कि देश में केवल मध्यप्रदेश स्‍टेट वेयरहा‍ऊसिंग एण्‍ड लॉजिस्टिक्‍स कार्पोरेशन सर्वोच्‍च भण्डारण वाली संस्‍था है। संस्था द्वारा इस वर्ष कुल 103 लाख मे.टन क्षमता का भण्‍डारण किया गया। प्रदेश में कुल भण्‍डारण क्षमता 1 लाख 84 हजार मे.टन है। मध्यप्रदेश में पहली बार प्रायोगिक तौर पर ककून में 9590 मे.टन उपार्जित गेहूं का भंडारण सागर जिले के बीना में किया गया।
निजी गोदाम संचालकों को प्रोत्साहन
श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि निजी गोदाम संचालकों की समर्थन मूल्‍य पर उपार्जित स्कंद की खरीदी एवं भण्‍डारण में सहभागिता सुनिश्चित की गई। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर निर्मित हुए। निजी गोदाम संचालकों को दिये जाने वाले किराये में 8 से 18 रुपये तक प्रतिटन प्रतिमाह वृद्धि की गई है, जो पिछले 5 वर्षों में सर्वाधिक है। निजी गोदाम मालिकों को श्रेणी A के अंतर्गत संयुक्‍त भागीदारी योजना के लिये WDRA के लायसेंस की अनिवार्यता को शिथिल करते हुए राज्‍य शासन से जारी लायसेंस के आधार पर पात्रता प्रदान की।
पात्र परिवारों का सत्‍यापन अभियान
उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री तोमर ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत उपभोक्ता सूची में वर्तमान में सम्मिलित परिवारों का सत्‍यापन कराया जा रहा है। अपात्र परिवारों को हटाकर छूटे हुए परिवारों को सूची में जोड़ने का काम जारी है। अधिनियम में वर्तमान में सम्मिलित 117.52 लाख पात्र परिवारों के 5 करोड़ 46 लाख हितग्राहियों का घर-घर जाकर सत्‍यापन करने का अभियान चलाया जा रहा है। लगभग 61 हजार 741 सत्‍यापन दलों द्वारा यह कार्य "एम-राशन मित्र" मोबाईल एप के माध्‍यम से किया जा रहा है। अभी तक 41,67,481 परिवारों का सत्‍यापन किया गया है।

वन्य प्राणी प्रबंधन और रोजगार सृजन में उपयोग हो कैम्पा निधि : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
8 January 2020
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि कैम्पा निधि का उपयोग वन्य प्राणी क्षेत्र प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने और स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाने में किया जाये। श्री कमल नाथ ने मंत्रालय में कैम्पा की राज्य प्राधिकरण की शासी निकाय की बैठक में यह निर्देश दिये। वन मंत्री श्री उमंग सिंघार बैठक में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि कैम्पा निधि के उपयोग के संबंध में नीतिगत प्राथमिकताएँ तय की जाएं। उन्होंने कहा कि जब वे वन एवं पर्यावरण मंत्री थे, तब इसकी शुरुआत हुई थी। उन्होंने कहा कि इसके जरिए वन्य प्राणी क्षेत्रों में व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने के साथ वहाँ आस-पास रह रहे लोगों के लिए आजीविका के साधन उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निधि का चिन्हित क्षेत्रों में उपयोग हो, जिससे स्थानीय लोगों की रोजगार क्षमता में वृद्धि हो सके और स्थायी संपत्ति का निर्माण हो। उन्होंने इसके लिये वार्षिक कार्य-योजना बनाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्य प्राणियों को प्रभावित किये बिना राष्ट्रीय उद्यानों की पर्यटक क्षमता का निर्धारण फिर से किया जाये।
बैठक में कैम्पा निधि के संबंध में अतिरिक्त मुख्य सचिव वन श्री ए.पी. श्रीवास्तव ने प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन श्री के.के. सिंह, प्रमुख सचिव लोक निर्माण श्री मलय श्रीवास्तव, अपर सचिव वन श्री अतुल खरे एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

कन्फेक्शनेरी क्लस्टर में अक्टूबर से शुरु हो उत्पादन : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
8 January 2020
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने निर्देश दिये हैं कि इन्दौर जिले के रंगवासा में स्थापित हो रहे कन्फेक्शनेरी क्लस्टर में स्थापित होने वाली ईकाइयों में अक्टूबर माह से उत्पादन शुरु हो जाए, यह सुनिश्चित करें। श्री कमल नाथ मंत्रालय में उद्योग विभाग के अधिकारियों तथा इन्दौर कन्फेक्शनेरी एसोसिएशन के प्रतिनिधि-मंडल के साथ कन्फेक्शनेरी क्लस्टर परियोजना की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस क्लस्टर के कार्यशील होने पर 10 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि रोजगार आधारित परियोजनाओं का क्रियान्वयन शीघ्रता से किया जाना चाहिए। उन्होंने बैठक में कन्फेक्शनेरी क्लस्टर प्रोजेक्ट में हुए कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त की। श्री कमल नाथ ने कहा कि क्लस्टर में अधोसंरचना संबंधी कार्य समय-सीमा में पूरे हों, जिससे अक्टूबर माह से स्थापित होने वाली ईकाईयों में उत्पादन प्रारंभ हो जाए।
इन्दौर जिले के रंगवासा में स्थापित होने वाला कन्फेक्शनेरी क्लस्टर 65 एकड़ क्षेत्र में विकसित होगा। चालीस करोड़ लागत की इस परियोजना में 62 भूखंड हैं। क्लस्टर में सड़क, ग्रीन बेल्ट, 24 घंटे विद्युत सुविधा, पेयजल, एस.टी.पी. और ई.टी.पी. सुविधा, व्यवसायिक स्थान, आवासीय कार्यालय तथा प्रशासनिक भवन आदि सुविधाएँ विकसित की जाएंगी।

राज्यपाल के समक्ष हुआ ई-गवर्नेंस प्लेटफार्म एम.ओ.यू.
7 January 2020
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन के समक्ष राजभवन में राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल और अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा के बीच डिजाइन डेव्लपमेंट एण्ड ऑपरेशन्स ऑफ इन्टीग्रेटेड यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट सिस्टम पर एमओयू पर आज हस्ताक्षर हुए। आरजीपीवी के कुलपति, प्रो. सुनील कुमार और एपीएस रीवा के कुलपति प्रो.पीयूष रंजन अग्रवाल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किये।
राज्यपाल के सचिव श्री मनोहर दुबे ने बताया कि अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा के ई प्लेटफार्म इन्टेग्रेटेड यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट सिस्टम की डिजाइन और संचालन की व्यवस्था आरजीपीवी, भोपाल करेगा। इस एम.ओ.यू. की अवधि 6 वर्ष की है। प्रोजेक्ट परिणामों के आधार पर इसे बढ़ाया भी जा सकेगा। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली और विद्यार्थी हित से जुड़ी अनेक सेवाएँ ऑनलाइन उपलब्ध होंगी।

मैदानी अनुभव से सरकार को लाभान्वित करें उद्योग और व्यवसाय
7 January 2020
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने व्यापार और उद्योग सहित अन्य व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े लोगों से कहा है कि वे अपने मैदानी अनुभव से सरकार को लाभान्वित करें जिससे प्रदेश को विकास की नई ऊंचाईयों पर ले जाया जा सके। श्री कमल नाथ आज मिंटो हॉल में 'कैप्टन ऑफ इंडस्ट्रीज अवार्ड' समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में योग्यता की कमी नहीं है आवश्यकता इस बात की है कि हम उन्हें कैसे सहयोग दें और प्रोत्साहित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के पास मैदानी अनुभव उद्योग, व्यापार के क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम है। इसलिए यह जरूरी है कि इस क्षेत्र के लोग अपने अनुभव राज्य सरकार से साझा करें जिससे प्रदेश को लाभ हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर क्षेत्र में निरंतर परिवर्तन हो रहे हैं। लोगों की आशाएँ और अपेक्षाएँ भी बढ़ रही हैं। समय के साथ बदलावों को अपनाते हुए हर क्षेत्र में हमें लोगों की उम्मीदों के मुताबिक सुविधाएँ उपलब्ध करवाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, आईटी, चिकित्सा सहित विभिन्न क्षेत्रों में आज से पाँच साल पहले की स्थिति से बिल्कुल अलग स्थिति है। पहले शिक्षा दिलाने के लिए संस्थान की आवश्यकता होती थी लेकिन आज हॉर्वर्ड जैसी यूनिवर्सिटी से ऑनलाइन एजुकेशन सुविधा उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश संभावनाओं से भरा हुआ प्रदेश है लेकिन देश में हमारी गिनती पिछड़े राज्यों में होती है। हमें अपनी इस पहचान को समाप्त कर एक नई पहचान बनाना है। हमारा प्रयास है कि हमारे प्रदेश की तुलना अग्रणी राज्यों के साथ हो। हमारा एक नया प्रोफाइल बने, जो न केवल अपने देश में बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आकर्षण का केन्द्र हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक नई सोच और व्यावहारिक दृष्टिकोण के साथ सरकार और लोगों के सहयोग से हम अपने प्रदेश के प्रोफाइल को बदल सकते हैं।
श्री कमल नाथ ने कहा कि आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ाना इसलिए जरूरी है क्योंकि इससे हमारी अर्थ-व्यवस्था में सुधार आता है, लोगों की क्रय शक्ति बढ़ती है और व्यापार-व्यवसाय में वृद्धि होती है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए सेवा क्षेत्र के साथ-साथ पर्यटन पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बतलाई।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर चिकित्सा, शिक्षा एवं निर्माण के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियाँ हासिल करने वाले होम्योपैथी डॉ. ए.के. द्विवेदी, डॉ. अर्पित मार्डन, श्री चंचल सोनी, श्री मनमोहन कांत समाधिया, श्री नहारु खान, श्री निशांत वत्स, डॉ. प्रमोद पी. नीमा, श्री प्रवीण दरयानी, श्री रमेश अग्रवाल, श्री रमनवीर सिंह अरोरा, डॉ. सतिंदर कौर सलूजा, श्री सिद्धांत जोशी, श्री सुधीर कुमार अग्रवाल एवं डॉ. रमेश छावरी को केप्टन ऑफ इंडस्ट्री अवार्ड प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने काफी टेबल बुक मेन ऑफ मिटल का लोकार्पण किया।
इस मौके पर दैनिक जागरण दिल्ली और मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ नई दुनिया ग्रुप के प्रभारी श्री देवेश गुप्ता उपस्थित थे।

परिवहन माफिया के विरूद्ध की जायेगी कड़ी कार्यवाही: मंत्री श्री राजपूत
7 January 2020
भोपाल.परिवहन एवं राजस्व मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने परिवहन अधिकारियों से कहा है कि वह बिना किसी डर के परिवहन माफिया के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करें। श्री राजपूत आज प्रशासन अकादमी में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों, निरीक्षकों और फ्लाईंग स्क्वाड की बैठक में राजस्व वसूली की समीक्षा कर रहे थे।
श्री राजपूत ने माफिया की चर्चा करते हुए कहा कि परिवहन विभाग में संगठित माफिया द्वारा अनेक अनियमितताएँ किये जाने की शिकायतें मिल रही थीं, जिनके द्वारा चेक-पोस्टों पर 500-500 अवैध गाड़ियों की निकासी कराने की जानकारी भी प्राप्त हो रही थी। यार्डों में खड़ी गाड़ियों पर करोड़ों का बकाया टैक्स भुगतान नहीं किये जाने की बात मेरे संज्ञान में आई है। श्री राजपूत ने बड़ी संख्या में बहुत-सी वाल्वो ए.सी. बस मालिक द्वारा विभिन्न त्यौहारों पर यात्रियों से निर्धारित किराये से अधिक की राशि वसूल किये जाने तथा रेत और अन्य प्रकार की सामग्री की ओवर-लोडिंग पर भी रोक लगाना बहुत जरूरी है।
31 मार्च तक बकाया 1700 करोड़ परिवहन राजस्व वसूली के निर्देश
राजस्व वसूली में पीछे रहे अधिकारियों की जिलेवार समीक्षा करते हुए परिवहन मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि वर्ष 2019-20 में राजस्व वसूली का लक्ष्य 4 हजार करोड़ निर्धारित है। इसमें से अभी तक 2211 करोड़ राजस्व के रूप में प्राप्त हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अगले ढाई माह में अर्थात 31 मार्च तक 1689 करोड़ रूपये की बकाया वसूली की जाना सुनिश्चित करे। इसके लिये पूरा परिवहन अमला स्वयं नाकों पर उपस्थित रहें। उन्होंने राजस्व वसूली में श्योपुर एवं शिवपुरी जिले के परिवहन अमले की सराहना की जो प्रदेश में अभी तक राजस्व वसूली में प्रथम एवं द्वितीय स्थान पर है।
चिन्हित वाहन मालिकों पर सबसे पहले कार्यवाही
मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि सबसे पहले चिन्हित वाहन मालिकों पर कार्यवाही करें, जिनसे बड़ी राशि की वसूली की जाना है। उन्होंने कहा कि इसके लिये एक विशेष दल गठित करें। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी अपने क्षेत्र में अच्छा कार्य करेंगे, उन्हे 26 जनवरी को पुरस्कृत किया जायेगा। साथ ही, काम के प्रति लापरवाह अधिकारियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही भी की जायेगी। श्री राजपूत ने कहा कि राजस्व वसूली की रिपोर्ट के आधार पर गोपनीय चरित्रावली में मूल्यांकन दर्ज किया जाएगा।
'वन टाइम सेटलमेंट'' योजना में 90 प्रतिशत तक छूट
मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि 'वन टाइम सेटलमेंट'' योजना के अंतर्गत छूट का लाभ लेकर वाहन मालिकों को टैक्स भरने का अवसर दिया गया है। इसमें टैक्स में 90 प्रतिशत तक छूट दिये जाने का प्रावधान है। उन्होंने अधिकारियों को इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिये। इस योजना से आम जनता एवं सरकार दोनों ही लाभान्वित हो सकेंगे।
समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव परिवहन श्री एस.एन. मिश्रा, परिवहन आयुक्त श्री बी. मधु कुमार और अपर आयुक्त परिवहन भी उपस्थित थे।

कोल समुदाय का पलायन रोकने स्थानीय स्तर पर रोजगार देगी सरकार
7 January 2020
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि कोल समाज को शिक्षित करने और रोजगार उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार विशेष प्रयास करेगी। श्री कमल नाथ ने मंत्रालय में कोल समाज के प्रतिनिधि-मंडल से मुलाकात के दौरान यह बात कही। आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री ओमकार सिंह मरकाम ने प्रतिनिधि-मण्डल का नेतृत्व किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी समाज को विकसित बनाने के लिए उसका शिक्षित होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कोल समाज में शिक्षा के प्रसार के लिए प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पलायन रोकने के लिए कोल समुदाय को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के समय पूर्व विधायक सुश्री कौशल्या गोटिया और कोल समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

पर्यटन, संस्कृति, शिक्षा में परस्पर सहयोग कर सकते हैं मंगोलियाई प्रांत और मध्यप्रदेश
7 January 2020
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने मंत्रालय में मंगोलिया के प्रतिनिधि-मंडल से भेंट के दौरान कहा कि मंगोलिया प्रांत और मध्यप्रदेश मिलकर कई क्षेत्रों, विशेषकर सांस्कृतिक आदान-प्रदान, पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में काम कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा ‍िक भारत और मंगोलिया के मध्य सौहार्द्रपूर्ण संबंध रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में दावोस में उनकी मंगोलिया के राष्ट्रपति से मुलाकात हुई थी। मंगोलिया के पर्यटन परिदृश्य की प्रशंसा करते हुएमुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें पर्यटन की संभावनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि मंगोलिया अपने नागरिकों की सादगी और मित्रता के लिए प्रसिद्ध है।
श्री कमल नाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश दोनों देशों के लोगों को आपस में जोड़ने के कार्यक्रम में सहयोग देगा। उन्होंने प्रदेश के बौद्ध विश्वविद्यालय के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अध्ययन से दोनों देशों के लोगों को आपस में जोड़ सकते हैं। श्री कमल नाथ ने कहा कि आमतौर पर सरकारें एक-दूसरे से जुड़ती हैं, लेकिन लोगों को आपस में जोड़ना ज्यादा महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश, भारत के शिक्षा के केंद्र बिन्दु के रूप में उभर रहा है और मंगोलिया जैसे देशों को शैक्षणिक अवसर प्रदान कर सकता है।
मंगोलिया के चीफ आफ केबिनेट सेक्रेटिएट मंत्री श्री ओयूनरडेन लुवासनमसराल ने प्रतिनिधि-मंडल के अन्य सदस्यों को बताया कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ भारत के एक महत्वपूर्ण नेता हैं। उन्होंने गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया और बताया कि प्रतिनिधि-मंडल ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली का अध्ययन किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि निकट भविष्य में मध्यप्रदेश के साथ पर्यटन, संस्कृति और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री को मंगोलिया आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि मंगोलिया में भरपूर प्राकृतिक संसाधन हैं। मध्यप्रदेश पारंपरिक दवाओं के निर्माण में सहयोग कर सकता है। मध्यप्रदेश शैक्षणिक सुविधाएं भी उपलब्ध करा सकता है क्योंकि यहां कई उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और कौशल विकास केन्‍द्र हैं।
प्रतिनिधि-मंडल में मंगोलिया के विभिन्न प्रांतों के गवर्नर शामिल थे। संस्कृति मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री अशोक बर्णवाल, प्रमुख सचिव संस्कृति श्री पंकज राग, सचिव पर्यटन श्री फैज अहमद किदवई और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

दवाई लिखने तक ही सीमित न रहें चिकित्सक : श्री परशुराम
7 January 2020
भोपाल.डाक्टर दवाई लिखने तक ही सीमित नहीं रहें। डाक्टरों को अपने क्षेत्र में मैनेजर और लीडर भी बनना चाहिए। अटल विहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के महानिदेशक श्री आर. परशुराम ने चिकित्सा अधिकारियों के लिये लोक स्वास्थ्य प्रबंधन पर सर्टिफिकेट कोर्स के शुभारंभ अवसर पर यह बात कही। यह 90 दिन का कोर्स इंडियन इंस्ट्रीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ (पीएचएफआई) के सहयोग से चलाया जा रहा है।
श्री परशुराम ने कहा कि प्रदेश में गुड गवर्नेंस लाने के लिये स्किल अपग्रेडेशन जरूरी है। उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सकों को स्वास्थ्य सूचकांक बेहतर करने के लिये मिलकर प्रयास करना होगा।
ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट और ट्रेनर होंगे अपडेट
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण श्रीमती पल्लवी जैन गोविल ने कहा कि डाक्टरों को नवीनतम तकनीकों से अवगत कराने के लिये ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट और ट्रेनर्स को अपडेट रखने का कार्यक्रम बनाया गया है। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण डाक्टरों को नई दिशा देगा। श्रीमती गोविल ने कहा कि चिकित्सकीय कार्य गवर्नमेंट सर्विस से ज्यादा पब्लिक सर्विस है। उन्होंने बताया कि डाक्टरों में कम्पटीशन से अधिक पूर्णता का भाव रहता है, जो प्रोफेशन के लिये ठीक नहीं है। मुख्य सलाहकार श्री एम.एम. उपाध्याय ने कोर्स की रूपरेखा के बारे में जानकारी दी।
पीएचएफआई की श्रीमती लिपिका नंदा ने कहा कि कोर्स थ्योरेटिकल के स्थान पर प्रेक्टिकल होगा। हर सत्र का फीडबैक लिया जायेगा। उन्होंने कहा कि सत्र के बाद भी प्रशिक्षणार्थी अपने डाउट क्लियर कर सकते हैं।
इस मौके पर संस्थान के न्यूज लेटर का विमोचन किया गया। आयुक्त स्वास्थ्य श्री प्रतीक हजेला भी उपस्थित थे।

साँची आएंगे श्रीलंका के राष्ट्रपति श्री राजपक्षे : आध्यात्म मंत्री श्री शर्मा
6 January 2020
भोपाल.श्रीलंका के राष्ट्रपति श्री गोतबाया राजपक्षे मध्यप्रदेश में साँची की यात्रा पर आएंगे। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के प्रतिनिधि आध्यात्म एवं जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने श्रीलंका के राष्ट्रपति को मुख्यमंत्री का आमंत्रण सौंपा, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया।
मंत्री श्री शर्मा ने प्रतिनिधि-मण्डल के साथ श्रीलंका के राष्ट्रपति से साँची में विश्व बौद्ध संग्रहालय, शिक्षण संस्थान, भिक्षु प्रशिक्षण केन्द्र और बुद्धिस्ट चेंटिंग सेंटर की स्थापना पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर महाबोधि सोसायटी के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री भिक्खु वानगल उपतिस्स नायक थेरो, अपर मुख्य सचिव आध्यात्म श्री मनोज श्रीवास्तव और सलाहकार श्री व्ही.के. अमर उपस्थित थे।
मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि श्रीलंका के राष्ट्रपति श्री राजपक्षे ने श्रीलंका में सीता मैय्या के मंदिर के जीर्णोद्धार के राज्य शासन के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया। उन्होंने बताया कि श्रीलंका और भारत के बीच लोक-संस्कृति पर आधारित कल्चरल एक्सचेंज प्रोग्राम के प्रस्ताव पर राष्ट्रपति श्री राजपक्षे ने प्रसन्नता व्यक्त की। श्रीलंका के राष्ट्रपति ने भोपाल-कोलम्बो सीधी विमान-सेवा शुरू करने के प्रस्ताव पर भी सहमति व्यक्त की। श्री शर्मा ने राष्ट्रपति श्री राजपक्षे को राज्य सरकार की ओर से स्मृति-चिन्ह भेंट किया।

गाँधी जी के विचारों के साथ उनके सिद्धांतों पर चलें - मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
6 January 2020
भोपाल.छिंदवाड़ा में 99 वर्ष पूर्व राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी द्वारा असहयोग आंदोलन के सिलसिले में की गई ऐतिहासिक यात्रा के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ की उपस्थिति में 25 हजार स्कूली बच्चों ने उनका प्रिय भजन 'वैष्णव जन तो तेने कहिए' गाकर एक नया इतिहास रचा। गाँधी प्रवास शताब्दी समारोह में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में गाँधी जी का यह भजन गायन कर बच्चों ने विश्व रिकॉर्ड बनाया है। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के साउथ एशिया हेड श्री आलोक कुमार ने मुख्यमंत्री को इस रिकॉर्ड का प्रमाण-पत्र प्रदान किया।
बांटने नहीं, जोड़ने की संस्कृति अपनायें बच्चे
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने बच्चों से कहा कि भारत की विभिन्नता में एकता की ताकत के साथ अगर हमारे सामाजिक और पारिवारिक मूल्य सुरक्षित नहीं होंगे, तो भारत का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। मुख्यमंत्री ने बच्चों को सावधान‍करते हुए कहा कि वे बाँटने की नहीं जोड़ने की संस्कृति को अपनाएं। सच्चाई का साथ दें और उसे पहचानें। उन्होंने कहा कि इसके लिए हमें गाँधी जी के विचारों को अपनाना होगा। गाँधी जी के सिद्धांतों पर चलकर अपने देश की एकता और अखण्डता को मजबूत बनाना होगा।
विश्व स्वीकारता है भारत की महानता
गाँधी जी की छिंदवाड़ा यात्रा के 99 वर्ष पूरे होने पर आयोजित शताब्दी प्रवास समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को आजादी के साथ एक ऐसा देश विरासत में मिला है, जिसकी विविध संस्कृति, धर्म, भाषा और पहनावा, रहन-सहन अलग होने के बावजूद भी एक गुलदस्ते के रूप में पूरी दुनिया को खुशबु देता है। उन्होंने कहा कि हमारी इस विशेषता को पूरा विश्व आश्चर्य से देखता है। भारत की महानता को विश्व इसलिए स्वीकार करता है क्योंकि इतनी विभिन्नताओं के बाद भी हम सभी लोग एक झण्डे के नीचे एकजुटता के साथ खड़े है।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने बच्चों से कहा कि उनकी शिक्षा सिर्फ स्कूल और कॉलेज तक ही सीमित है लेकिन ज्ञान उन्हें जीवन भर प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यही ज्ञान उन्हें सशक्त और समर्थ बनाएगा और उनका तथा देश का भविष्य सुरक्षित रखेगा।
देश में रेखांकित होगी छिंदवाड़ा की प्रगति
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज छिंदवाड़ा की न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश में अलग पहचान है। आज छिंदवाड़ा में जो विकास दिख रहा है, अगर हम अतीत में जाएंगे, तो इसके बिलकुल विपरीत दृश्य हमें दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि पाताल कोट एक ऐसा पिछड़ा क्षेत्र था, जहाँ के लोग नमक लेने बाहर जाते थे, जिसमें उन्हें तीन घण्टे का समय लगता था। अब वहाँ का जन-जीवन, रहन-सहन सब कुछ बदल गया है। श्री कमल नाथ ने कहा कि ‍छिंदवाड़ा का विकास और उन्नति के लिए एक जन-प्रतिनिधि होने के नाते मैंने अपनी पूरी जवानी समर्पित की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब यहाँ मेडिकल, कृषि और उद्यानिकी कॉलेज बन जाएगा, तब छिंदवाड़ा की प्रगति पूरे देश में रेखांकित होगी।
उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के विचार हमारे अंदर राष्ट्र भक्ति का भाव जाग्रत करते हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने कहा कि युवाओं को महात्मा गाँधी के विचारों से अवगत कराने के लिए सभी स्कूलों में गाँधी दर्शन की पुस्तकें उपलब्ध करायी
गयी हैं। गाँधीवादी चिंतक और जय जगत यात्रा के संयोजक श्री पी.व्ही. राजगोपाल ने कहा कि देश में शांति लाना है, तो बा-बापू को याद करना होगा और उनके दिखाए रास्ते पर चलना होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ द्वारा छोटे-छोटे बच्चों और युवाओं तक गाँधी जी के विचारों को पहुँचाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि गाँधी जी का सत्य, अहिंसा, सादगी और ईमानदारी का मार्ग ही विश्व को बचा सकता है।
सांसद श्री नकुल नाथ ने कहा कि गाँधी जी के छिंदवाड़ा प्रवास के 99 वर्ष पूर्व होने पर आयोजित यह समारोह ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में छिंदवाड़ा का भविष्य और भी उज्जवल होने वाला है। यह जिला पूरे विश्व में स्किल डेवलपमेंट के लिए जाना जाता है। शिक्षा के क्षेत्र में भी यह समृद्ध है। आठ केन्द्रीय विद्यालय के साथ हर विकासखण्ड में महाविद्यालय है। अब यहाँ मेडिकल, कृषि और उद्यानिकी महाविद्यालय भी शुरू होने वाला है। पूरे मध्य भारत में छिंदवाड़ा शिक्षा और मेडिकल क्षेत्र में हब के रूप में स्थापित हो, यह हमारा और प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ का प्रयास है।
गाँधी जी के प्रिय भजन का बना विश्व रिकॉर्ड
समारोह में मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ, मंच पर उपस्थित मंत्रीगण, सांसद नकुल नाथ सहित 25 हजार बच्चों ने महात्मा गाँधी के प्रिय भजन 'वैष्णव जन तो तेने कहिए' का एक साथ गायन कर विश्व रिकॉर्ड बनाया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर गाँधी जी के जीवन पर केन्द्रित विभिन्न शालाओं में आयोजित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में शामिल 40 उत्कृष्ट बच्चों को शाल और प्रशस्ति-पत्र वितरित कर सम्मानित किया। प्रतियोगिता में एक लाख बच्चों ने भाग लिया था। शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय छिंदवाड़ा के छात्र तनय सोनी और पी.जी. कॉलेज छिंदवाड़ा की छात्रा कुमारी तुबा हयात खान ने गाँधी जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर व्याख्यान दिया।
मुख्यमंत्री ने महात्मा गाँधी की जीवन-यात्रा एवं छिंदवाड़ा प्रवास से संबंधित छाया-चित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। गाँधी जी के 150वें जन्म वर्ष के अवसर पर उनके विचारों के प्रचार-प्रसार के लिए प्रदेश सहित 11 देशों में निकाली गयी जय जगत यात्रा के सदस्य स्पेनिश पदयात्री डॉ. हैरियर नियोन ने भारत में विभिन्नता में एकता की संस्कृति पर केन्द्रित स्वरचित गीत 'जय जगत, जय जगत पुकारे जा' प्रस्तुत किया। पद्मश्री कवि डॉ. सुनील जोगी ने महात्मा गाँधी पर रचित गीतों का गायन किया। इस मौके पर महात्मा गाँधी के छिंदवाड़ा प्रवास और छिंदवाड़ा के विकास से संबंधित लघुचित्र का प्रदर्शन किया गया।
समारोह में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री सुखदेव पांसे, आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री ओमकार सिंह मरकाम, पूर्व मंत्री श्री दीपक सक्सेना, जिले के विधायक, अन्य जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में बच्चे उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ द्वारा छिंदवाड़ा में आदर्श गौ-शाला का लोकार्पण
6 January 2020
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने छिंदवाड़ा प्रवास के दूसरे दिन पाठाढाना चंदन गाँव में आदर्श गौ-शाला का लोकार्पण किया। इस मौके पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री सुखदेव पांसे, उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, सांसद श्री नकुल नाथ एवं पूर्व मंत्री श्री दीपक सक्सेना उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पित गौ-शाला 1.31 हेक्टेयर क्षेत्र में बनायी गई है। इसमें 150 गौ-वंश रखने की क्षमता है। आदर्श गौ-शाला में घास का एक बड़ा मैदान भी है। गौ-शाला को आत्म-निर्भर बनाने के लिए गौ-मूत्र, गोबर से प्र-संस्कृत वर्मी वॉश, वर्मी कंपोस्ट और गोबर से लकड़ी बनाने की यूनिट भी लगाई गई है। इससे गौ-शाला को प्रतिमाह लगभग 1 लाख 60 हजार रुपए की आय प्राप्त होगी।


मानव जीवन की सुरक्षा के लिए जैव-विविधता संरक्षण जरूरी : राज्यपाल श्री टंडन
5 January 2020
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने कहा है कि मानव जीवन की सुरक्षा के लिये जैव-विविधता का संरक्षण जरूरी है। उन्होंने आगाह किया कि यदि समय रहते इस दिशा में सघन प्रयास नहीं किये गये, तो परिणाम भयावह होंगे। श्री टंडन स्थानीय गुलाब उद्यान में आयोजित 39वीं अखिल भारतीय गुलाब प्रदर्शनी के पुरस्कार वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
राज्यपाल श्री टंडन ने कहा कि प्रकृति में पेड़-पौधे, फल-फूल कीट-पतंगे और जीव-जंतु सब का संरक्षण और विकास ही जैव-विविधता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवन शैली में प्रकृति का चक्र बिगड़ रहा है। इसे सुधारने के प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि जैव-विविधता का संरक्षण और प्रकृति से जुड़ाव ही हमारी हजारों वर्ष की संस्कृति का आधार है। यदि यह जुड़ाव खत्म हो गया, तो हमारी गौरवशाली संस्कृति भी खतरे में आ जाएगी।
राज्यपाल ने कहा कि रासायनिक कीटनाशकों और खादों के उपयोग से भूमि और स्वास्थ्य, दोनों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। अब आवश्यकता जैविक खेती की है। उन्होंने कहा कि जैविक उर्वरक निर्माण के लिए पूंजी की नहीं, परिश्रम और रुचि की आवश्यकता है। यह कूड़े-कचरे से ही बन जाती है। स्वस्थ जीवन के लिए रासायनिक खाद और कीटनाशकों से दूरी बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रकृति से जुड़कर, उसकी सेवा करने में मिलने वाला आनन्द अभिव्यक्ति से परे है। उन्होंने कहा कि गुलाब की जितनी किस्में भारत में मिलती हैं, उतनी दुनिया में कहीं नहीं हैं। गुलाब बहु-उपयोगी पुष्प है। इसमें औषधीय गुण होते है।
संचालक उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी श्री कालीदुरई ने कहा कि गुलाब जीवन का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि रोम में गुलाब के पुष्प का रंग सत्ता का प्रतीक होता था। सत्ता परिवर्तन के साथ ही उस रंग के समस्त गुलाब समाप्त कर दिए जाते थे और नए रंग के गुलाब लगाए जाते थे। उन्होंने बताया कि गुलाब का प्रमाण 150 मिलियन वर्ष पूर्व से मिलता है। गुलाब के बाग आदि 5 हजार साल पूर्व से ही बनने लगे थे और चीन में 500 वर्ष पूर्व गुलाब का अर्क बनने लगा था।

कृषि क्रांति से किसानों को बनाएंगे समृद्ध : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
5 January 2020
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने सतना में जय किसान फसल ऋण माफी योजना के दूसरे चरण में जिले के 1134 किसानों को ऋण माफी के प्रमाण-पत्र देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में कृषि के क्षेत्र में क्रांति लाएंगे, जिससे किसान समृद्ध बनेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने योजना के पहले चरण में 21 लाख किसानों की ऋण माफी का वचन पूरा किया है। अब किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने के लिये काम किया जा रहा है। श्री कमल नाथ ने कहा कि प्रदेश की 70 प्रतिशत आबादी कृषि क्षेत्र से जुड़ी है। इसलिये सरकार कृषि के क्षेत्र को समृद्ध बनाने के लिये कृत-संकल्पित है।
रोजगार के क्षेत्र में मध्यप्रदेश बनाएगा इतिहास
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिये तेजी से प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि आज के नौजवान की सोच अलग है, वह इन्टरनेट से जुड़ा है, काम चाहता है, व्यवसाय चाहता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में निवेश का वातावरण निर्मित हो गया है। प्रदेश में विभिन्न उद्योग लगाये जा रहे हैं, जिनमें नौजवानों को रोजगार सुनिश्चित होगा। श्री कमल नाथ ने कहा कि युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराकर मध्यप्रदेश इतिहास बनाएगा।
सभी जिलों के विकास को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। जिलों में सर्वहारा वर्ग के हितों को ध्यान में रखकर योजनाएं और कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में 129.51 करोड़ लागत के 62 विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। कार्यक्रम में दुलारी बाई, राम लघन, सियासरण सुराखी, दुर्गेश यादव, कलावती, संतोष डोहर आदि को शहरी आवास योजना के पट्टे वितरित किये गये।
सांसद श्री विवेक तन्खा ने कहा कि प्रदेश के विकास को नई दिशा देने के लिये मुख्यमंत्री ने शुद्ध के लिये युद्ध और भू-माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश देकर जनहित औरविकास को नई दिशा दी है। सतना जिले के प्रभारी अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री लखन घनघोरिया ने जिले में क्रियान्वित योजनाओं की जानकारी दी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल ने लोगों से विकास में सहभागी बनने का आव्हान किया।
कार्यक्रम में विधानसभा उपाध्यक्ष सुश्री हिना कांवरे, राज्यसभा सदस्य श्री राममणि पटेल, पूर्व मंत्री श्री पुष्पराज सिंह, श्री राजेन्द्र सिंह, श्री सईद अहमद, श्री यादवेन्द्र सिंह, श्री राहुल सिंह, विधायक श्री सिद्धार्थ कुशवाहा, अन्य जन-प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।
स्वर्गीय श्री श्याम सुन्दर त्रिपाठी को श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ कार्यक्रम के पहले मैहर के ग्राम लटागाँव पहुँचे और विधायक श्री नारायण त्रिपाठी के पिताश्री स्वर्गीय श्री श्याम सुन्दर त्रिपाठी के चित्र पर श्रद्धा-सुमन अर्पित किये। श्री कमल नाथ ने परिजनों को ढांढस बंधाया और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिये प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ द्वारा गाँधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण
5 January 2020
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने छिन्दवाड़ा में महात्मा गाँधी चौक पर महात्मा गाँधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रध्दा-सुमन अर्पित किये । सांसद श्री नकुल नाथ, जिले के प्रभारी एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री सुखदेव पांसे और पूर्व मंत्री श्री दीपक सक्सेना ने भी महात्मा गाँधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किये ।
इस अवसर पर विधायक श्री सुनील उईके और श्री निलेश उईके, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विश्वनाथ ओक्टे, अन्य जन-प्रतिनिधि, और आमजन उपस्थित थे।
आमजन से मिले मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने छिन्दवाड़ा में शिकारपुर स्थित अपने निवास पर आमजनों से भेंट की और उनकी समस्याओं से संबंधित आवेदन प्राप्त किये और समस्याओं के निराकरण के लिये आश्वस्त किया। इस अवसर पर जिले के सांसद श्री नकुल नाथ, प्रभारी मंत्री श्री सुखदेव पांसे, मुख्यमंत्री के विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी श्री संजय श्रीवास्तव और जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने का निर्णय
4 January 2020
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा योजना को लागू करने का निर्णय लिया गया। योजना से लगभग 12 लाख 55 हजार कर्मचारी/अधिकारी लाभांवित होंगे।
इस योजना का लाभ प्रदेश के सभी नियमित शासकीय कर्मचारी, सभी संविदा कर्मचारी, शिक्षक संवर्ग, सेवानिवृत्त कर्मचारी, नगर सैनिक, आकस्मिक निधि से वेतन पाने वाले पूर्ण कालिक कर्मचारियों और राज्य की स्वशासी संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को मिलेगा। इसके अलावा निगम/मण्डलों में कार्यरत कर्मचारियों एवं अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों के लिए योजना वैकल्पिक होगी।
मुख्यमंत्री कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा योजना में बाहय रोगी ओपीडी के रूप में प्रतिवर्ष 10 हजार रूपये तक का नि:शुल्क उपचार अथवा नि:शुल्क दवाओं का वितरण किया जाएगा। सामान्य उपचारों के लिए प्रत्येक परिवार को प्रतिवर्ष 5 लाख रूपये और गंभीर उपचारों के लिए 10 लाख रूपये तक की नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा प्राप्त होगी। दस लाख से अधिक के उपचार के लिए राज्य स्तरीय मेडिकल बोर्ड द्वारा विशेष अनुमति दी जा सकेगी।
560 नये पद
मंत्रि-परिषद ने महिला-बाल विकास विभाग द्वारा शत-प्रतिशत सहायित भारत सरकार की योजना वन स्टाप सेन्टर को प्रदेश के 51 जिलों में संचालित एवं निरंतर रखने की मंजूरी दी। इसके लिये 560 नये पद सृजित करने की भी मंजूरी दी गयी।
मंत्रियों का स्वेच्छानुदान अब एक करोड़
मंत्रि-परिषद ने मंत्रियों की वार्षिक स्वेच्छानुदान की राशि 50 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ रूपये करने की मंजूरी दी। इसी प्रकार, राज्य मंत्रियों की वार्षिक स्वेच्छानुदान राशि को 35 लाख से बढ़ाकर 60 लाख किया गया है।

बुनकरों और शिल्पियों के कारोबार को मिली नई पहचान
4 January 2020
भोपाल.प्रदेश में कुटीर और ग्रामोद्योग को आर्थिक रूप से सशक्त और लोकप्रिय बनाने के लिये राज्य सरकार ने सत्ता संभालते ही शिल्पियों, ग्रामीण कारीगरों और हुनरमंद कलाकारों को प्रोत्साहित करना शुरू किया। शिल्प कलाओं से जुड़े ग्रामीण कई वर्षों से जीविका में कोई नया आयाम नहीं जुड़ने से निराश और हताश थे। सरकार ने इन्हें बढ़ावा देकर आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की पहल की।पिछले एक वर्ष में राज्य सरकार ने अपने वचन-पत्र के कुटीर एवं ग्रामोद्योग संबंधी सात वचन पूरे किये हैं। शेष सात वचन पूरा करने की कार्यवाही शुरू की गई है।
प्रदेश में हाथकरघा, हस्तशिल्प एवं माटी कला शिल्प के उत्कृष्ट शिल्पियों को प्रतिवर्ष पुरस्कार दिए जाना शुरू किया गया है। पुरस्कार राशि को दोगुना कर क्रमश: एक लाख, 50 हजार, 25 हजार के स्थान पर 2 लाख, एक लाख और 50 हजार रूपए के प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार देने का निर्णय क्रियान्वित किया गया।
मृगनयनी विक्रय केन्द्रों से जुड़े राष्ट्रीय फैशन संस्थान के विद्यार्थी
राज्य सरकार ने कार्यकाल के पहले साल में ही मृगनयनी एम्पोरियम से राष्ट्रीय फैशन संस्थान के विद्यार्थियों को जुड़ने का अवसर दिया। इस योजना में संस्थान के विद्यार्थियों द्वारा बुनकरों के लिए कोई डिजाइन विकसित की जाती है, तो उसे उपभोक्ता को क्रय करने के लिए उपलब्ध कराते हुए प्राप्त राशि में से 2 से 5 प्रतिशत तक राशि रायल्टी के रूप में विद्यार्थियों को देने का निर्णय लागू किया। छत्तीसगढ़ और आन्ध्रप्रदेश के साथ अनुबंध कर प्रदेश के हाथकरघा एवं हस्तशिल्प उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराया गया।
सागर और छिंदवाडा में नए मृगनयनी शो-रूम शुरू करने का निर्णय लिया गया। ढाई गुना बढ़कर इस वर्ष करीब 268 लाख हुई। अप्रैल 2020 में लंदन में मृगनयनी प्रदर्शनी लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। काष्ठ शिल्प को प्रोत्साहन देते हुए सागर, छतरपुर, बैतूल, मंडला तथा छिंदवाडा जिलों में काष्ठ फर्नीचर उत्पादन केन्द्र की स्थापना प्रस्तावित की गई।
शिल्पियों के लिये प्रशिक्षण और मार्केटिंग
पत्थर शिल्प के क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए छतरपुर, मुरैना, ग्वालियर और जबलपुर जिले के शिल्पियों को प्रशिक्षण और मार्केटिंग की सुविधा दी गई।
द रॉयल हेरिटेज कलेक्शन
मृगनयनी विक्रय केन्द्रों से पहली बार चंदेरी एवं महेश्वर के बुनकरों को उच्च श्रेणी और गुणवत्ता के वैवाहिक वस्त्रों के उत्पादन और विपणन के लिए प्रोत्साहित किया गया। फलस्वरूप देश के वैवाहिक साड़ियों के बाजार में मध्यप्रदेश के बुनकरों द्वारा बनाये गये वस्त्रों के 'द रॉयल हेरिटेज कलेक्शन' नाम से वस्त्र को स्थान मिला है। होशंगाबाद एवं बैतूल में नए मृगनयनी विक्रय केन्द्र शुरू किये गये। आन्ध्रप्रदेश के हैदराबाद, गुजरात के केवडिया और छत्तीसगढ़ के रायपुर शहर में भी मृगनयनी शो-रूम शुरू किये गये। भोपाल के गौहर महल के साथ अर्बन हाट इंदौर और शिल्प बाजार ग्वालियर में नई गतिविधियाँ प्रारंभ की गईं। उत्पादों की ब्रांडिंग के लिए भोपाल एवं इंदौर विमानतल पर मृगनयनी काउन्टर प्रारंभ करने की योजना बनाई गई। गौंड कलाकरों की कलाकृतियों को देश में मृगनयनी केन्द्रों में विक्रय के लिए उपलब्ध कराया गया।
ब्रांड बिल्डिंग
प्रदेश के हाथकरघा एवं हस्तशिल्प उत्पादों की ब्रांडिंग के लिये नई ब्रान्ड बिल्डिंग योजना शुरू की गई। इस योजना में पूर्व के 50 लाख रूपए के प्रावधान को कई गुना बढ़ाकर 9.80 करोड़ किया गया। ग्वालियर के कालीन पार्क में 20 हाथकरघे स्थापित कर बुनकरों को रोजगार दिया गया। योजना में 120 नवीन करघे स्थापित करने का प्रावधान किया गया। शासकीय विभागों से 1281 लाख से ज्यादा राशि के क्रय आदेश प्राप्त हुए, जिनसे 1704 बुनकरों को सीधे रोजगार मिला। एक वर्ष में महेश्वर, चंदेरी सहित प्रदेश के 280 बुनकरों को डिजाईन विकास का प्रशिक्षण दिया गया। दोना-पत्तल एवं कागज के बैग तैयार करने वाले शिल्पियों को प्रशिक्षण देकर रोजगार प्रदान किया गया।
मृगनयनी एम्पोरियम का पीपीपी मोड पर संचालन
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 150वें जयंती वर्ष के विशेष अवसर पर खादी उत्पादन और विपणन को बढ़ावा देने के लिए पी.पी.पी. मोड पर एम्पोरियम संचालित करने का निर्णय लेकर उसे लागू किया गया। होशंगाबाद, खंडवा, गुना, सतना, शहडोल और सागर में इस दिशा में कार्यवाही प्रचलन में है। छिंदवाड़ा में पीपीपी मोड में एम्पोरियम का संचालन शुरू किया गया। दिसंबर 2018 से अक्टूबर 2019 की अवधि में 480 हितग्राहियों को ब्यूटी पार्लर, कम्प्यूटर, टेली एकाउण्ट, इलेक्ट्रिशियन, दोना-पत्तल, चर्म सामग्री निर्माण आदि रोजगार मूलक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया गया।
निजी क्षेत्रों में रेशम उत्पादन को बढ़ावा
निजी क्षेत्र में रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिये ' ई-रेशम' पोर्टल शुरू किया गया । इसके माध्यम से मलबरी हितग्राहियों के चयन, पंजीकरण और भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया। चयनित कृषकों को अनुबंध के प्रावधानों के अनुसार पौध-रोपण, कृमि पालन, भवन निर्माण और सिंचाई संबंधी सहायता प्रदान करने के लिए पोर्टल पर भुगतान आदेश की व्यवस्था भी की गई। के लिए छिंदवाडा और इंदौर में उन्नत किस्म के धागे तैयार करने के लिये उपकरण स्थापित किये गये। नरसिंहपुर और बैतूल जिले में रेशम धागाकरण की ऑटोमैटिक रीलिंग मशीन स्थापना की कार्यवाही की गई। किसानों से खरीदे जाने वाले रेशम ककून का समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया। किसानों की भूमि पर 180 एकड़ मलबरी पौध-रोपण का कार्य किया गया। एक वर्ष में 256 लाख रुपये मूल्य के ककून, धागा और रेशम वस्त्रों का विक्रय किया गया।
रेशम गतिविधियों में तेजी से 10 हजार से अधिक हितग्राही लाभान्वित हुए। मात्र एक साल में 7.166 लाख किलो मलबरी ककून और 74 लाख 26 हजार टसर कोया का उत्पादन हुआ। इस दौरान माटी कला शिल्पियों को भी पुरस्कृत किया जाना शुरू किया गया।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ द्वारा वर्ष 2020 के शासकीय कैलेण्डर और डायरी का विमोचन
4 January 2020
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज मंत्रालय में मध्यप्रदेश शासन की वर्ष 2020 की डायरी और कैलेण्डर का विमोचन किया। इस मौके पर मंत्री-मंडल के सदस्य उपस्थित थे।
शासकीय कैलेण्डर की विषय वस्तु सरकार द्वारा पिछले एक वर्ष में जनहित में किए गए कार्यों पर केन्द्रित है। इन उपलब्धियों से प्रदेश और यहाँ के नागरिक लाभांवित हुए हैं।



मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कृषि कर्मण पुरस्कार मिलने पर दी किसानों, कृषि अमले को बधाई
2 Januar20
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने गेहूँ और दालों के उत्पादन में मध्यप्रदेश को उत्कृष्टता के लिए कृषि कर्मण अवार्ड मिलने पर किसानों और विशेष रूप से प्रगतिशील किसानों को बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के किसान अपनी मेहनत से प्रदेश को कृषि कर्मण पुरस्कार दिला रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को हर कदम पर सहयोग देने को तत्पर है। संकट के समय में भी मदद के लिए हमेशा उनके साथ है। उन्होंने कहा कि किसानों पर दो लाख रुपये तक का कर्ज माफ कर सरकार ने किसानों की मेहनत का सम्मान किया है।
मुख्यमंत्री कहा कि कृषि कर्मण पुरस्कार के असली हकदार मध्यप्रदेश के मेहनती किसान हैं। मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग सहित सहयोगी विभागों के मैदानी अमले को भी बधाई दी है, जिसने हर पल किसानों को सहयोग दिया है।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ हनुवंतिया में करेंगे जल महोत्सव का शुभारंभ
2 January 2020
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ 3 जनवरी को इंदिरा सागर बांध के पास स्थित हनुवंतिया जिला खंडवा में जल महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। इस मौके पर पर्यटन मंत्री श्री सुरेन्द्र सिंह बघेल भी उपस्थित रहेंगे। चतुर्थ जल महोत्सव 3 फरवरी तक होगा। जल महोत्सव के सफल आयोजन की सभी जरूरी तैयारियाँ पूरी की जा चुकी हैं।
पर्यटन सचिव श्री फैज अहमद क़िदवई ने बताया कि एक माह तक चलने वाले इस आयोजन में पर्यटकों के लिए 104 लग्जरी टेंट सिटी का अस्थायी निर्माण किया गया है। हनुवंतिया जल महोत्सव में वॉटर स्पोर्ट्स के साथ ही रोमांचक साहसिक खेल-गतिविधियाँ भी संचालित की जाएंगी। इनमें वॉटर स्पोर्ट्स के अंतर्गत जेट स्की, बोट राइड्स, वॉटर जॉर्गिंग, वॉटर पैरासेलिंग, वायु आधारित हॉट एयर बलून, पेरा मोटर्स, पेरासेलिंग, आर्चरी, आइलैण्ड ट्रेकिंग, ऑल टेरेंन व्हीकल, बर्ड वॅाचिंग, आर्ट एण्ड हैण्डी क्राफ्ट वर्कशॉप, स्पा योगा, मेडिटेशन, पेंट बॉल गेम्स सहित बच्चों के खेलने के लिये किड्स जोन की सुविधा उपलब्ध है। महोत्सव के दौरान प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाने वाले अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जायेगी। इससे जल महोत्सव का सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व स्वत: ही रेखांकित होगा।
उल्लेखनीय है कि इंदिरा सागर बांध एशिया का दूसरा सबसे बड़ा मानव निर्मित जलाशय है। इस स्थल पर नर्मदा नदी पर बांध के बैकवॉटर से बड़ी संख्या में प्राकृतिक रूप से उभरकर टापू निर्मित हुए हैं। टापुओं की इस श्रृंखला की शुरुआत इनके प्रवेश द्वार मूंदी से कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित हनुवंतिया से होती है। यह पूरा क्षेत्र नर्मदा नदी के बैक वॉटर से भरा हुआ है। आस-पास के वन क्षेत्र, वन्य-प्राणी और रंग-बिरंगे पक्षियों का विचरण और कोलाहल इस स्थल की रमणीयता को और अधिक बढ़ा देता है।

जनरल फीचर फोन से भी कॉलर की लोकेशन ट्रेस कर डायल-100 पहुँचाती है सहायता
2 January 2020
भोपाल.जनरल फीचर फोन से 100 डायल करने पर भी पुलिस कॉलर की लोकेशन ट्रेस कर उसे सहायता पहुँचाती है। अभी तक डायल-100 ने 52 हजार से ज्यादा वरिष्ठ नागरिकों की भी सहायता की है। यह जानकारी आज डायल-100 के राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम में मध्यप्रदेश राज्य सड़क सुरक्षा क्रियान्वयन समिति के नोडल अधिकारियों को दी गई। राज्य सड़क सुरक्षा सेल के कार्यालय पुलिस प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान से आज नोडल अधिकारियों को कंट्रोल रूम का भ्रमण करवाया गया।
डायल-100 की टीम द्वारा अधिकारियों को डिस्पैचर कक्ष, कॉल-ट्रैकर कक्ष का भ्रमण करवाया गया और उन्हें डायल-100 वाहन एफआरव्ही में रखी जाने वाली सामग्री का अवलोकन कराकर सिस्टम से अवगत करवाया गया। यह भ्रमण मध्यप्रदेश पुलिस की लोकप्रिय जनकल्याणकारी डायल-100 सेवा द्वारा सड़क दुर्घटना की सूचना पर की जाने वाली कार्यवाही से अवगत करवाने के लिये किया गया। पी.टी.आर.आई सहायक पुलिस महानिरीक्षक श्री कुमार सौरभ और उनकी टीम को पुलिस अधीक्षक डायल-100 श्रीमती वीना सिंह ने डायल-100 सेवा की जानकारी दी।
इस मौके पर बताया गया कि दुर्घटना की सूचना पर 100 प्रतिशत रिस्पांस होता है। कंट्रोल रूम में 110 कॉल ट्रेकर्स हैं। इनमें से 24 डिस्पेचर और 6 सुपरवाइजर्स सहायता के लिये 24 घंटे काम कर रहे हैं। प्रदेश में 1000 एफआरव्ही और 150 एफआरव्ही मोटर-साईकल काम कर रही हैं। किसी भी प्रकार की अनहोनी होने पर एसएमएस सिस्टम के जरिये ऑफिसर्स को सूचना दी जाती है। साथ ही की गई कार्यवाही से कॉलर को अवगत करवाया जाता है। बताया गया कि डायल-100 के कॉल सेंटर में शाम 4 से रात 10 बजे तक कॉल वाल्यूम बढ़ जाते हैं। डायल-100 लगातार पेट्रोलिंग भी करती रहती है।
इस मौके पर सहायक पुलिस महा‍निरीक्षक श्रीमती अनीता मालवीय, श्री प्रशांत शर्मा, उप पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन ट्रेनिंग श्री शिवकुमार गुप्ता सहित संबंधित विभागों के नोडल अधिकारी उपस्थित थे।

संस्कृत शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का जगद्गुरू शंकराचार्य ने किया शुभारंभ
2 January 2020
भोपाल.जगद्गुरू शंकराचार्य श्री स्वरूपानंद जी महाराज ने सिन्धु भवन में शिक्षा विभाग के महर्षि पतंजलि संस्थान के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय संस्कृत शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी एवं जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा भी उपस्थित थे।
जगद्गुरू शंकराचार्य ने इस अवसर पर कहा कि संस्कृत एक समृद्ध भाषा है। संस्कृत के बिना भारतीय संस्कृति एवं परम्परा का ज्ञान अधूरा है। संस्कृत को जैसा लिखा जाता है वैसा ही पढ़ा जाता है। संस्कृत भाषा के कई शब्द हिन्दी सहित अन्य कई भारतीय भाषाओं में भी इस्तेमाल किये जाते हैं। समृद्ध शब्दकोष विचार अभिव्यक्ति को और अधिक प्रभावी बनाते हैं। उन्होंने कहा कि संस्कृत के सम्यक ज्ञान से परलोक भी सुधरता है। उन्होंने कहा कि सभी पालकों को संस्कृत भाषा का अध्ययन कराएं जिससे बच्चे संस्कारवान एवं भारतीय संस्कृति के संरक्षक बनें।
डॉ. प्रभुराम चौधरी एवं डॉ. नीरा चौधरी ने पादुका पूजन किया एवं जगद्गुरू शंकराचार्य को श्रीमद्-भागवत गीता भेंट की।
शासकीय कन्या आवसीय संस्कृत विद्यालय की छात्राओं ने संस्कृत भाषा में जगदगुरू शंकराचार्य जी का विस्तृत परिचय दिया।
प्रदेश-भर के विद्यालयों से आये शिक्षकों को श्री अरविंदो सोसायटी पुडुचेरी के डायरेक्टर श्री संपदानंद मिश्रा द्वारा तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जायेगा।

जनसम्पर्क मंत्री श्री शर्मा द्वारा बुजुर्ग डे-केयर सेंटर का शुभारंभ
1 January 2020
भोपाल.जनसम्पर्क, विधि-विधायी एवं धर्मस्व मंत्री श्री पी.सी.शर्मा ने आज बुजुर्गों के लिए बनाए गए डे केयर सेंटर का विवेकानंद पार्क, कोटरा में शुभारंभ किया। यह प्रदेश का पहला डे केयर सेंटर है, जिसमें बुजुर्गों के लिए पुस्तकालय, मनोरंजन के लिए टीवी सेट, शतरंज, केरम आदि सुविधाएं उपलब्ध करवायी गयी है। मंत्री श्री शर्मा ने स्थानीय नागरिकों को नव-वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अन्य बस्तियों में भी डे-केयर सेंटर शुरू किये जाएंगे। इस अवसर पर पार्षद श्री योगेन्द्र सिंह चौहान, श्री मोनू सक्सेना, श्री अमित शर्मा और रहवासी मौजूद थे। कर्मचारी आयोग के सदस्य श्री खोंगल को बधाई मंत्री श्री शर्मा ने मंत्रालय में कर्मचारी आयोग के सदस्य श्री वीरेन्द्र खोंगल के कार्यभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए। वित्त सचिव श्री गुलशन बामरा ने श्री खोंगल को कार्यभार ग्रहण कराया। श्री शर्मा ने मंत्रालय में विधि-विधायी कार्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को नव-वर्ष की शुभकामनाएँ दीं। स्वामी स्वरूपानंद और सुबोधानन्द जी से मिले जनसम्पर्क, विधि-विधायी एवं धर्मस्व मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने नव-वर्ष पर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद एवं नदी न्यास के अध्यक्ष सुबोधानन्द से भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। श्री शर्मा मंत्रालय में अधिकारियों-कर्मचारियों से भेंट कर नव-वर्ष की शुभकामनाएँ दी। माता मंदिर से न्यू मार्केट स्मार्ट रोड का किया लोकार्पण जनसंपर्क, विधि-विधायी कार्य एवं धर्मस्व मंत्री श्री पी.सी.शर्मा ने आज माता मंदिर चौराहे से न्यू मार्केट स्मार्ट रोड का लोकार्पण किया। स्मार्ट सिटी एरिया में किए जा रहे डेवलपमेंट कार्य के चलते इस सड़क को कुछ समय के लिए बंद किया गया था। श्री शर्मा ने इसके पूर्व नेहरू नगर में कोपल स्कूल के सामने सड़क निर्माण का भूमि पूजन भी किया। धानुक समाज के पदाधिकारियों को दिलाई शपथ जनसम्पर्क एवं धर्मस्व मंत्री श्री पी.सी.शर्मा ने आज शिवाजी नगर स्थित परशुराम मंदिर में धानुक समाज विकास समिति के पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। समाज की ओर से मंत्री श्री शर्मा का शाल श्रीफल भेंट कर स्वागत किया गया।
राज्यपाल ने राजभवन पहुँचे लोगों को दीं नव-वर्ष की शुभकामनाएँ
1 January 2020
भोपाल.नव-वर्ष 2020 के आगमन पर राज्यपाल श्री लालजी टंडन से मिलने के लिये बुधवार को आमजन और विभिन्न समुदायों के लोग राजभवन पहुँचे। लोगों ने राज्यपाल को नव-वर्ष की शुभकामनाएँ दीं। राज्यपाल ने भी सभी को नव-वर्ष की शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। नव-वर्ष पर राज्यपाल ने अनाथालय में फल एवं मिठाईयाँ भेजकर वहाँ के बच्चों को भी नव-वर्ष की शुभकामनाएँ दीं।
राज्यपाल को ब्रह्मकुमारी आश्रम के बहनों-भाइयों ने भी नव-वर्ष की बधाई दी। हमीदिया कॉलेज के चित्रकला विभाग के शिक्षकों एवं छात्र विजय गहरवार ने राज्यपाल को गांधी जी का चित्र भेंट कर नव-वर्ष की बधाई दी। थैलेसीमिया एंड चाइल्ड वेलफेयर ग्रुप की श्रीमती रजनी भंडारी, राजभवन कुम्हारपुरा स्कूल के शिक्षक एवं विद्यार्थी, आरजीपीवी के कुलपति श्री सुनील कुमार, शिक्षक संघ के पदाधिकारी, पुलिस की 14वीं बटालियन सहित राजभवन के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों ने राज्यपाल को नव-वर्ष की बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

अनाश्रित 7800 गौ-वंश के लिये 23 करोड़ से बनेंगी गौ-शालाएँ
1 January 2020
भोपाल.प्रदेश में वन समितियों के माध्यम से 78 गौ-शालाएँ बनाई जाएंगी। तीस लाख रुपये प्रति गौ-शाला की दर से बनने वाली 50 गौ-शालाओं का 15 करोड़ रुपये का वित्त पोषण लघु वनोपज संघ और शेष 28 गौ-शालाओं के लिये 8 करोड़ 4 लाख रुपये का वित्त पोषण वन सुरक्षा समितियों को दी जाने वाली लाभांश की राशि से किया गया है। गौवंश को सतत चारा आपूर्ति के उद्देश्य से संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के सहयोग से चारा उत्पादन के लिये उपयुक्त वन क्षेत्रों का चयन किया जा रहा है।
अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, संयुक्त वन प्रबंधन श्री चितरंजन त्यागी ने बताया कि अनाश्रित गायों के लिये गौ-शाला खोलना राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। वन विभाग द्वारा गौ-शालाओं के लिये स्थल का चयन उस क्षेत्र में उपलब्ध अनाश्रित गौ-वंश के आधार पर किया गया है। सौ गायों की क्षमता वाली प्रत्येक गौ-शाला के लिये 30 लाख रुपये प्रति इकाई की दर से प्राक्कलन तैयार किये गए हैं। इसमें गायों के लिये शेड, चारे के लिये गोदाम और जल की व्यवस्था की गई है। अनाश्रित गायों को आश्रय मिल जाने से उन्हें उपचार और आहार की सुविधा मिलेगी। साथ ही, सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।

मध्यप्रदेश में पहली बार बिजली की अधिकतम मांग हुई 14,326 मेगावाट
1 January 2020
भोपाल.मध्यप्रदेश मे ऊर्जा सेक्टर के लिए वर्ष 2019 बिजली की अधिकतम मांग के लिए याद किया जाएगा। मध्यप्रदेश में पहली बार रबी सीजन में इस वर्ष 31 दिसम्बर को बिजली की अभी तक की अधिकतम मांग 14,326 मेगावाट दर्ज की गई। बिजली की अधिकतम मांग की बिना व्यवधान के सफलतापूर्वक सप्लाई भी सुनिश्चित की गई। ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह ने एमपी पावर मैनेजमेंट, मध्यप्रदेश पावर जनरेंटिग कंपनी, मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र, मध्य क्षेत्र और पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।
बिजली की अधिकतम मांग बढ़ने का मुख्य कारण प्रदेश में कृषकों को 10 घंटे लगातार गुणवत्तापूर्ण बिजली सप्लाई और घरेलू उपभोक्ताओं को रोशनी के लिए 24 घंटे, सातों दिन बिजली की सप्लाई होना है। पिछले रबी सीजन में बिजली की अधिकतम मांग 5 जनवरी 2019 को 14,089 मेगावाट दर्ज हुई थी ।
प्रदेश में बिजली की मांग
मंगलवारको जब बिजली की अधिकतम मांग 14,326 मेगावाट थी, उस समय मध्यप्रदेश पश्चि‍म क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (इंदौर और उज्जैन संभाग) में बिजली की अधिकतम मांग 5,624 मेगावाट, मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (भोपाल और ग्वालियर संभाग) में 5,020 मेगावाट और मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (जबलपुर, सागर और रीवा संभाग) में 3,682 मेगावाट दर्ज हुई।
प्रदेश में बिजली सप्लाई
प्रदेश में जब बिजली की अधिकतम मांग 14,326 मेगावाट दर्ज हुई, उस समय बिजली की सप्लाई में मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के ताप एवं जल विद्युत गृहों का उत्पादन अंश 4,620 मेगावाट, इंदिरा सागर-सरदार सरोवर-ओंकारेश्वर जल विद्युत परियोजना का अंश 1,982 मेगावाट, सेंट्रल सेक्टर का अंश 2,379 मेगावाट, सासन अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट का अंशदान 1,351 मेगावाट और आईपीपी का अंश 1,597 मेगावाट रहा। बिजली बैंकिंग से 2,282 मेगावाट तथा अन्य स्त्रोत से प्रदेश को 115 मेगावाट बिजली प्राप्त हुई।

मुख्यमंत्री प्याज कृषक प्रोत्साहन योजना में किसान के खाते में पहुँचेगी अंतर की राशि
31 December 2019
भोपाल.राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री प्याज कृषक प्रोत्साहन योजना में वर्ष 2019-20 में प्याज उत्पादक किसानों को मंडी के क्रय मूल्य और समर्थन मूल्य के अंतर की राशि का भुगतान करने के लिये 20 जिलों को उनकी मांग के अनुरूप 116 करोड़ रूपये की राशि जारी कर दी है। योजना में ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीकृत प्याज उत्पादक किसानों के बैंक खातों में प्याज विक्रय करने पर मूल्य के अंतर की राशि सीधे ट्रांसफर की जायेगी।
प्रदेश की प्याज के लिये अधिसूचित मंडियों में प्याज का मॉडल विक्रय दर रबी प्याज की फसल के लिये निर्धारित अवधि में 800 रूपये प्रति क्विंटल से कम रहता है। इस स्थिति में राज्य सरकार द्वारा प्याज उत्पादक किसानों को अधिसूचित मंडियों में प्याज बेचने पर क्रय मूल्य एवं समर्थन मूल्य 800 रूपये प्रति क्विंटल के अंतर की राशि का भुगतान मुख्यमंत्री प्याज कृषक प्रोत्साहन योजना में किया जाता है।
राज्य सरकार द्वारा जिला शिवपुरी को 1 करोड़ 14 लाख 90 हजार 440 रूपये, रायसेन 1 लाख 96 हजार 706, आगर-मालवा 7 करोड़ 38 लाख 43 हजार 842 रूपये, उज्जैन 16 करोड़ 32 लाख 89 हजार 197 रूपये, झाबुआ 1 करोड़ 99 लाख 66 हजार 511 रूपये और खरगोन जिले को 3 करोड़ 26 हजार 99 रूपये आवंटित किये गये है।
योजना में जिला खण्डवा को 2 करोड़ 71 लाख 97 हजार 910 रूपये, ग्वालियर 29 हजार 153 रूपये, सीहोर 9 करोड़ 48 लाख 64 हजार 624, रतलाम 1 करोड़ 19 लाख 18 हजार 920 रूपये, नीमच 1 करोड़ 65 लाख 24 हजार 722 रूपये, इंदौर 29 करोड़ 95 लाख 92 हजार 753 रूपये, भोपाल 1 करोड़ 25 लाख 59 हजार 891 रूपये, शाजापुर 9 करोड़ 6 लाख 76 हजार 934 रूपये, मंदसौर 7 करोड़ 79 लाख 18 हजार 28 रूपये, हरदा 12 लाख 54 हजार 76 रूपये, बड़वानी 2 करोड़ 83 लाख 79 हजार 319 रूपये, धार 5 करोड़ 52 लाख 55 हजार 310 रूपये, पन्ना 2 लाख 23 हजार 144 और देवास जिले को 3 करोड़ 67 लाख 25 हजार 397 रूपये बजट आवंटित किये गये हैं। इसके अलावा प्रशासकीय व्यय के लिये 9 लाख 64 हजार रूपये जारी किये गये हैं।

राज्यपाल श्री टंडन ने प्रदेशवासियों को दी नव-वर्ष की शुभकामनाएँ
31 December 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने प्रदेशवासियों को नव-वर्ष 2020की हार्दिक शुभकामनाएँऔर बधाई दीहै।राज्यपाल ने अपने शुभकामनासंदेश में कहा कि नए वर्ष में सबके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और उल्लास समाहित हो।
राज्यपाल ने कहा कि नए वर्ष मेंऐसा सौहार्दपूर्ण और सद्भावमूलक सामाजिक वातावरण विकसित हो, जिससे राष्ट्रीय एकता, देशभक्ति, सामाजिक समता और न्यायपरक विकास को पूरी शक्ति और गति मिल सके।
राज्यपाल श्री टंडन नेमंगल-कामना की है कि नये वर्ष में मध्यप्रदेश सततप्रगति-पथ पर आगे बढ़ता रहे।

ग्रामों में सुद्दढ अधोसंरचना से समृद्ध मानव विकास का लक्ष्य
31 December 2019
भोपाल.सदियों देश में सबसे महत्वपूर्ण ईकाई ग्राम ही रहा है। भारत को गाँवों का देश कहा जाता है। हमारी 75 प्रतिशत आबादी या तो गाँव में ही निवास करती है या फिर ग्राम से सम्बन्धित है। हमारी अर्थव्यवस्था ग्रामीण अर्थव्यवस्था ही है। मध्यप्रदेश में ग्रामों को आर्थिक, सामाजिक, अधोसंरचना और स्वायत्ता के हिसाब से समृद्ध बनाने का काम किया गया है। देश में सर्वप्रथम पंचायतराज व्यवस्था को 73वें संविधान संशोधन विधि के माध्यम से ग्राम-पंचायतों को अपने विकास का कार्य स्वंय तय करने की जिम्मेदारी सौंपी गई, जो देश के इतिहास में सदैव मील के पत्थर के रूप में याद की जाती रहेगी।
मध्यप्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद से पंचायतों को आर्थिक और अधिकारिता के दृष्टिकोण से समृद्ध बनाने का कार्य किया जा रहा है। क्योंकि राज्य सरकार का मानना है कि जब ग्राम समृद्ध होंगे तथा राज्य समृद्ध होगा। वर्तमान सरकार ने अपने पहले वार्षिक बजट में 25 हजार 15 करोड़ का प्रावधान ग्रामीण विकास और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए किया है। वित्त वर्ष की तीन-तिमाई पूरी होते-होते ग्राम विकास का रोड़ मेप और सरकार की मंशा दोनो अपना साकार रूप लेने लगे है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ग्रामों को सशक्त अधोसरंचना प्रदान काने के साथ ही मानव विकास गतिविधियों को भी समान्तर तरजीह दी गई है।
'सड़के' विकास की रीढ़ है। सड़कों के माध्यम से ही विकास की रोशनी दूरस्थ अंचल तक पहुँच सकती है। मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से 500 तक आबादी लगभग सभी ग्रामों को डामरीकृत सड़क मार्ग से जोड़ा जा चुका है। गत एक वर्ष में 554 मार्ग पूर्ण कर, 3319 कि.मी. सड़कों का निर्माण कर 366 बासहटों को सम्पर्क सूत्र से जोड़ा गया है। ग्रामीण सार्थकता परियोजना के तहत 136 करोड़ रूपये के व्यय से 2752 कि.मी. डामरीकृत और सीमेन्ट कांक्रीट निर्माण भी पूर्ण किया गया है। राज्य वित्त पोषित अन्य योजनाओं से 670 कि.मी. मार्ग पूर्ण कर 580 ग्रामों को जोड़ा गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना में 40 प्रतिशत भागीदारी के साथ 2 लाख 72 हजार 889 रूपये के व्यय से 2,23,133 आवास पूर्ण कराये जा चुके हैं।
मध्यप्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद 'स्वच्छ भारत मिशन' में पुन: सर्वे कराकर, 2012 में छूटे 3,06,098 आवासों को चिन्हित किया गया है। इनमें आवास बनाने का कार्य प्रगति पर है। अभी तक 219 करोड़ रूपये की राशि व्यय की जा चुकी है। प्रधानमंत्री आवास निर्माण के लिए ग्राम में ही राज मिस्त्री की उपलब्धता सुनिश्चित कराना भी राज्य सरकार की अभिनव पहल है। प्रदेश में 19690 राज मिस्त्रियों को प्रशिक्षित किया गया, इनमें 9411 महिला राज मिस्त्री तैयार की गई है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास में भुगतान की सम्पूर्ण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है। 'पंचायत दर्पण' पोर्टल के माध्यम से पंचायतों की भुगतान प्रक्रिया ऑन-लाईन की गई है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के द्वारा RESOWMS, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन इन सरल डेव्हलपमेंट विकसित की गई है।
प्रदेश में रोजगार गतिविधियों के तहत मानव विकास बतिविधियों को प्रोत्साहित करने का काम भी प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है। म.प्र. अंत्योदय योजना राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के 5 लाख 32 हजार परिवारों को 49 हजार 815 स्व-सहायता समूहों से जोड़ा गया है। इनमें से 37 हजार 97 समूहों को 232 करोड़ के ऋण बैंको के माध्यम से उपलब्ध कराये गये है। स्व-सहायता समूहों की रोजगार गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए विभाग ने भोपाल हाट बाजार में 'सरस-मेलों' का आयोजन किया गया, आजीविका मिशन की महिला सदस्यों को नई-दिल्ली फूड कोर्ट में व्यंजनों की स्टाल लगाने का अवसर दिया गया।
इसके साथ ही पंचायत राज संस्थानों को सशक्त बनाने के लिए उनके अधिकारों में बढ़ोत्तरी , ग्राम स्तर पर जी.पी.डी.पी. (GPDP) तैयार कराना, ग्राम सभाओं में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित कराने के लिए 8 मार्च को 'सबला-सभाओं', 19 नवम्बर को प्रिय-दर्शिनी सभाओं का आयोजन प्रारम्भ किया गया है। आवासीय भू-खण्ड एवं आवास आवंटन महिलाओं के नाम करने की प्रक्रिया भी प्रारम्भ की गई है।
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में मैदानी काम करने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों की है। इसी क्रम में ग्रामीण क्षेत्र में प्राथमिक और माध्यमिक स्तर की 66,492 शालाओं में भोजन बनाने के लिए शत-प्रतिशत शालाओं के रसोई गैस कनेक्शन प्रदान किए गए है। इससे पेड़ो (लकड़ी) की कटाई और धुएं से होने प्रदूषण को कम से कम करने में मदद मिलेगी।
प्लास्टिक मुक्त भारत में मध्यप्रदेश की अभिनव पहल के तौर पर एम.पी.आर.आर.डी.ए. द्वारा प्लास्टिक वेस्ट मटेरियल के माध्यम से साढ़े सात हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया है। इसमें 3650 मैट्रिक टन प्लास्टिक वेस्ट का उपयोग किया गया है।
जल-संसाधन एवं संवर्धन की गतिविधियाँ भी ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से लागू की गई है। इनमें नदी पुर्नजीवन के तहत 40 जिलों की 40 नदियों को पुर्नजीवित करने का कार्य किया जा रहा है। अभी तक 953.41 करोड़ लागत के 56,193 कार्य हाथ में लिए गये है विभिन्न क्षेत्रों में 40.92 करोड़ से 4674 कार्य पूर्ण किए जा चुके है। साथ ही पानी के संकट का सामना कर रहे बुन्देलखण्ड अंचल को 10वीं शताब्दी तक के 'चंदेला-बुन्देला' तालाबों को पुन: रूद्धार कराने का कार्य भी प्राप्त किया गया है।
हम कह सकते है ग्रामीण विकास के क्षेत्र में 'हम लक्ष्य तक पहुँचे भले ही न हो' लेकर प्रस्थान तो अवश्य है।

"आपकी सरकार-आपके द्वार शिविर में मंत्री श्री शर्मा
29 December 2019
भोपाल.जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा "आपकी सरकार-आपके द्वार'' शिविर में तुलसी नगर, जवाहर चौक, नेहरू नगर, नीलबड, शिवाजी नगर और भदभदा क्षेत्र की झुग्गी बस्तियों के नागरिकों से रूबरू हुए। उन्होंने चार वार्डो में लगभग एक करोड़ 75 लाख के सड़क-नाला निर्माण और पेयजल प्रदाय कार्यों का भूमि-पूजन किया और आधारशिला रखी।
मंत्री श्री शर्मा ने "आपकी सरकार-आपके द्वार'' शिविर में नागरिकों की समस्याओं को सुना और मौके पर ही निराकरण के लिए सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश भी दिए। उन्होंने झुग्गी-बस्तियों के रहवासियों को आश्वस्त किया कि उन्हे बेदखल नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार गरीब और कमजोर वर्ग की भलाई के लिए प्राथमिकता से काम कर रही है। उन्होंने भदभदा और नीलबड क्षेत्र की झुग्गी-बस्तियों में तेजी से विकास कार्य कराने को कहा।
जनसम्पर्क मंत्री ने लोगों को राज्य सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी भी दी। पार्षद श्री योगेन्द्र सिंह चौहान और श्री अमित शर्मा साथ थे।
रवाना की सेवा अर्थ साइक्लोथान
श्री शर्मा ने मिन्टो हाल से सेव अर्थ साइक्लोथान के राइडर्स को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। उन्होंने स्वयं भी साइकिल चलाकर लोगों को पृथ्वी की रक्षा का संदेश दिया। श्री शर्मा ने इस मौके पर हेल्थ चेकअप कैम्प का शुभारंभ किया और कैम्प में अपना स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया।

पेंच टाइगर रिजर्व पहुँचे 88 हजार 683 पर्यटक
29 December 2019
भोपाल.देश के सबसे लोकप्रिय टाइगर रिजर्व में से एक मध्यप्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व में पर्यटन वर्ष 2018-19 में 88 हजार 683 पर्यटक पहुँचे। इसमें 79 हजार 852 भारतीय और 8 हजार 831 विदेशी पर्यटक शामिल हैं। इससे रिजर्व को अब तक का सर्वाधिक 3 करोड़ 11 लाख 35 हजार 923 रुपये राजस्व प्राप्त हुआ। उल्लेखनीय है कि पर्यटन वर्ष 1997-98 में मात्र 988 पर्यटकों ने पेंच टाइगर रिजर्व का भ्रमण किया था, जिनमें एक भी विदेशी पर्यटक शामिल नहीं था। पेंच टाइगर रिजर्व को प्रबंधन में पर्यटन वर्ष 2010-11 में पूरे देश में प्रथम और वर्ष 2014 में दूसरा स्थान मिला।
पेंच टाइगर रिजर्व देश में सबसे अधिक शाकाहारी घनत्व वाला पार्क है। यहाँ मांसाहारी प्राणियों में बाघ, तेंदुआ, जंगली बिल्ली, कुत्ते, लकड़बग्घा, सियार, लोमड़ी, भेड़िया, नेवला आदि और शाकाहारी प्रजातियों में मुख्य रूप से बायसन, चीतल, सांभर, नीलगाय, चौसिंगा, चिंकारा, जंगली सुअर आदि जानवरों की बहुतायत के साथ खूबसूरत जंगल भी सैलानियों को आकर्षित करते हैं। राष्ट्रीय उद्यान में विभिन्न मौसमों में लगभग 325 प्रजाति के पक्षी देखे जा सकते हैं। पार्क के तोतलाडोह जलाशय के डूब क्षेत्रों में सर्दी के मौसम में प्रवासी पक्षियों का जमघट लगा रहता है।
पेंच टाइगर रिजर्व में 116 किलोमीटर मार्ग तथा 82.3 वर्ग किलोमीटर (20 प्रतिशत) क्षेत्र में पर्यटन होता है। पर्यटकों को 3 प्रवेश-द्वार रूखड़, तेलिया और खवासा से प्रवेश दिया जाता है। वन विभाग द्वारा पर्यटकों की सुविधा के लिये यहां 96 गाइड की व्यवस्था की गई है। इनमें 12 महिला गाइड शामिल हैं। टूरिया में 10 महिला, कर्माझिरि और तेलिया बफर में एक-एक महिला गाइड की नियुक्ति की गई है। टुरिया प्रवेश-द्वार पर कुल 56, कर्माझिरि में 11, जमतरा और तेलिया बफर में 6-6, रूखड़ बफर में 2 और सकाटा बफर में 3 गाइड उपलब्ध हैं। इसी तरह सफारी में 142 पंजीकृत वाहन भी उपलब्ध हैं। इनमें से सर्वाधिक 124 टुरिया गेट पर, 10 कर्माझिरि और 8 जमतरा में उपलब्ध हैं।
पार्क में पर्यटन से पर्यावरण संरक्षण जागरूकता के साथ स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलता है। पर्यटकों के लिये यहाँ संचालित गतिविधियों में पक्षी-दर्शन, जंगल सफारी, स्थानीय सांस्कृतिक कार्यक्रम, जंगल कैम्प/टेंट, नेचर ट्रेल, वैज्ञानिक अध्ययन, ट्री-हाउस, इंटरप्रिटेशन सेंटर आदि शामिल हैं।

राज्यपाल के चिकित्सक गरीबों और निराश्रितों का भी उपचार करेंगे
28 December 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने कहा है कि शीतलहर के चलते राजभवन में पदस्थ चिकित्सक गरीब बस्तियों और आश्रय-स्थलों में जाकर मौसमी बीमारियों से ग्रस्त गरीबों और निराश्रितों का उपचार करेंगे और सर्दी से बचाव के उपाय बताएंगे। राज्यपाल ने भीषण ठण्ड के मद्देनजर आज देर शाम यादगारे शाहजहाँनी पार्क आश्रय-स्थल में पहुँचकर जरूरतमंदों को कम्बल वितरित किये।
राज्यपाल ने समाज-सेवी संस्थाओं और चिकित्सकों से अपील की है कि वे भी सर्दी के इस मौसम में गरीबों और निराश्रितों के उपचार तथा सर्दी से बचाव के प्रयासों में सहयोग के लिये आगे आएं। इसके लिये गरीब बस्तियों और आश्रय-स्थलों में सर्दी से बचाव की सामग्री के वितरण के लिये शिविर लगाये जाएं। श्री टंडन ने आम नागरिकों, समाज-सेवी संस्थाओं तथा स्वैच्छिक संगठनों से आग्रह किया है कि वे जरूरतमंद गरीबों और निराश्रितों की मदद के लिये आगे आएं। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों तक सहायता पहुँचाने के लिये नागरिक और समाज-सेवी संस्थाएँ रेडक्रॉस तथा रैन-बसेरों में सर्दी से बचाव के लिये सामग्री का दान करें। बेघर और बेसहारा लोगों को रैन-बसेरे में जाने के लिये प्रेरित करें तथा आवश्यक होने पर उन्हें वहाँ पहुँचाने में मददगार बनें। इस कार्य में नगर निगम के अधिकारियों की मदद भी हासिल की जा सकती है।

टीचिंग-लर्निंग सिस्टम को प्रभावी बनाएं टीचर्स : जनसम्पर्क मंत्री श्री शर्मा
28 December 2019
भोपाल.जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने पीपुल्स कैम्पस में ग्लोबल टीचर्स मीट के उद्घाटन सत्र में कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिये जरूरी है कि टीचिंग-लर्निंग सिस्टम को प्रभावी और सशक्त बनायें। युवा पीढ़ी को शिक्षा देते समय उन्हें भारतीय संस्कृति और पारम्परिक मूल्यों की विरासत से भी अवगत करायें।
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि इन्फार्मेशन टेक्नालॉजी से टीचिंग-लर्निंग को अधिक प्रभावी बनाने के कई रास्ते खुल गए हैं। स्मार्ट क्लास की अवधारणा को स्कूलों ने अपनाया है। राज्य सरकार ने शासकीय स्कूलों में भी स्मार्ट क्लाससेस शुरू की हैं। उन्होंने बताया कि अब एक्सीलेंस स्कूल्स, मॉडल स्कूल्स और अन्य शासकीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास संचालित की जा रही हैं।
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि ग्लोबल टीचर्स मीट के निष्कर्षों और सुझावों को शासकीय स्कूलों में भी लागू करने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने निजी शिक्षण संस्थाओं से कहा कि वे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के होनहार बच्चों को शिक्षा देने के लिये आगे आएं। उन्होंने करुणाधाम आश्रम के आचार्य द्वारा झुग्गी-बस्तियों के बच्चों को नि:शुल्क कोचिंग देने और प्रोफेशनल कोर्सेज एवं उच्च अध्ययन की सुविधा उपलब्ध कराने का उदाहरण देते हुए इसका अनुसरण करने की अपेक्षा की।

बच्चों में पढ़ने की आदत पैदा करती हैं कहानियाँ : डॉ. चौधरी
28 December 2019
भोपाल.स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने प्रगत शैक्षिक शिक्षा महाविद्यालय में राज्य स्तरीय कहानी उत्सव का शुभारंभ करते हुए कहा कि कहानियाँ भारतीय संस्कृति एवं परम्परा का अभिन्न अंग रही हैं। कहानी के माध्यम से घर के बुजुर्ग बच्चों को नैतिक शिक्षा एवं ज्ञान से परिचित कराते थे। डॉ. चौधरी ने कहा कि आजकल बच्चों का कहानी से जुड़ाव कम हो रहा है। इसे जीवंत रखने के लिये स्कूलों में कहानी उत्सव मनाया जा रहा है। इस अवसर पर बच्चों एवं शिक्षकों ने रोचक एवं शिक्षाप्रद कहानियाँ सुनाईं।
मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा कि कहानी के माध्यम से बच्चों में पढ़ाई के प्रति रूचि बढ़ती है, किताब पढ़ने की आदत विकसित होती है। उन्होंने कहा कि कहानी के माध्यम से मिला ज्ञान और शिक्षा जिन्दगी भर याद रहती है। उन्होंने पंचतंत्र, कछुआ-खरगोश की कहानी, अकबर-बीरबल आदि रोचक कहानियों के माध्यम से मिली शिक्षा का जिक्र किया। स्कूल शिक्षा मंत्री ने बच्चों को एक कहानी सुनाकर जीवन में धनात्मक रवैया रखते हुए आगे बढ़ने की बात कही। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों में कहानी के प्रति लगाव कम हो रहा है। बच्चे अपना समय मोबाइल पर वीडियोगेम खेलने अथवा टी.वी. देखने में व्यर्थ गंवा रहे हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि कहानी के माध्यम से बच्चे शिक्षकों के करीब आते हैं और अपनी जिज्ञासा को उनके सामने खुलकर रखते हैं। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि स्कूल में पारिवारिक वातावरण निर्मित करें ताकि बच्चों में पढ़ाई के प्रति रूचि और लालसा पैदा हो।
उप सचिव श्रीमती अनुभा श्रीवास्तव ने बताया कि राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा 'पढ़े भारत-बढ़े भारत' योजना में कहानी की कला को शिक्षण प्रविधि का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिये राज्य स्तरीय कहानी उत्सव प्रारंभ किया गया। इसमें कक्षा पाँचवी से 8वीं तक के विद्यार्थी तथा शिक्षक शामिल होते हैं। उन्होंने बताया कि राज्य स्तरीय आयोजन में प्रथम पाँच बच्चों एवं प्रथम तीन शिक्षकों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र दिया जाएगा। समस्त सहभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र दिया जायेगा।

औद्योगिक स्वरूप में विकसित किया जाएगा जिला डिण्डौरी : मंत्री श्री मरकाम
28 December 2019
भोपाल.आदिम-जाति कल्याण मंत्री श्री ओमकार सिंह मरकाम ने शुक्रवार को डिण्डौरी जिले की जनपद समनापुर में 'आपकी सरकार-आपके द्वार' कार्यक्रम में कहा कि आदिवासियों में पलायन की प्रवृत्ति को रोकने के लिए डिण्डौरी को औद्योगिक जिले के स्वरूप में विकसित किया जाएगा। इससे स्थानीय व्यक्तियों को रोजगार के अधिक अवसर मिल सकेंगे। उन्होंने बताया कि डिण्डौरी जिले में कोदो-कुटकी की मार्केटिंग के लिये 42 करोड़ रूपये की योजना मंजूरी की गई है।
मंत्री श्री मरकाम ने बताया कि राज्य सरकार ने अपने वचन-पत्र में किये गये वायदे के अनुसार प्रदेश में पहली बार 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के रूप में मनाने के लिये शासकीय अवकाश घोषित किया। इस दिन जिला और जनपद स्तरों पर आदिवासी कल्याण के कार्यक्रम आयोजित करने की परम्परा शुरू की गई। आदिवासी क्षेत्रों के सभी गाँवों को मदद योजना में 25-25 हजार रूपये मूल्य के बर्तन उपलब्ध करवाये गये। आदिवासियों को छठी, बारसा में 50 किलो और दसगात्र के लिये एक क्विंटल अनाज इस योजना में नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।
डिण्डौरी जिले के विकास की चर्चा करते हुए मंत्री श्री मरकाम ने बताया कि गाँव-गाँव पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के लिये 3 करोड़ लागत से सर्वे कार्य शुरू किया गया है। आदिवासी अंचलों में लोगों के लिये हाट बाजारों में ए.टी.एम. खोले जा रहे हैं। आदिवासियों के देव-स्थानों के संरक्षण की आस्ठान योजना में डिण्डौरी जिले के करवेमट्टा और राम्हेपुर को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि डिण्डौरी में आदिवासी सांस्कृतिक केन्द्र स्थापित करने के लिये 5 करोड़ मंजूर किये गये हैं। जिले के आदिवासी विद्यार्थियों को कम्प्यूटर शिक्षा में दक्ष करने के लिये 5 करोड़ की लागत से कम्प्यूटर सेन्टर खोला जा रहा है। साथ ही, जिले में 40 आँगनवाड़ी केन्द्रों के निर्माण के लिये 3 करोड़ 50 लाख की राशि जारी की गई है।
मंत्री श्री मरकाम ने अधिकारियों को जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में जॉब कार्डधारियों को अनिवार्य रूप से 100 दिन का रोजगार देने के निर्देश दिये। उन्होंने रोजगार गांरटी योजना के कार्यों में जन-संरक्षण के कार्यों को प्राथमिकता देने को भी कहा। श्री मरकाम ने शिविर में सब की समस्याओं को सुना और निराकरण के निर्देश दिये। उन्होंने विशेष पिछड़ी बैगा जनजाति की महिला मुखिया को आहार अनुदान राशि और दिव्यांगों को उपकरण वितरित किये।

नये उच्चदाब विद्युत कनेक्शन पर ऊर्जा प्रभार में 20 प्रतिशत की छूट : ऊर्जा मंत्री सिंह
28 December 2019
भोपाल.ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह ने कहा है कि ऊर्जा विभाग द्वारा किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं के साथ ही उद्योगों को भी सहूलियत दी गयी है। उन्होंने बताया कि नये उच्चदाब कनेक्शनों को ऊर्जा प्रभार में 20 प्रतिशत, अधिकतम एक रुपये प्रति यूनिट की छूट 5 वर्ष तक देने का निर्णय लिया गया है। विद्यमान निम्नदाब उपभोक्ता द्वारा उच्चदाब कनेक्शन में परिवर्तन करवाने पर ऊर्जा प्रभार में एक रुपये प्रति यूनिट की छूट दी गयी है।
मंत्री श्री सिंह ने बताया है कि ऑफ-पीक अवधि में (रात 10 से सुबह 6 बजे तक) बिजली खपत पर ऊर्जा प्रभार में 20 प्रतिशत की छूट दी गयी है। ग्रामीण फीडरों पर जुड़े उच्चदाब औद्योगिक उपभोक्तओं को न्यूनतम खपत में 20 प्रतिशत और नियत प्रभार में 5 प्रतिशत की छूट दी गयी है।
ईज ऑफ डुइंग बिजनेस
ईज ऑफ डुइंग बिजनेस के अन्तर्गत उच्चदाब संयोजन के लिए ऑनलाइन आवेदन और ऑनलाइन भुगतान पर कनेक्शन देने की सुविधा दी गयी है। उद्योगों को मात्र 2 दस्तावेजों, पहचान-पत्र और मालिकाना/कब्जे के प्रमाण-पत्र के आधार पर नवीन बिजली कनेक्शन की सुविधा दी गयी है। तैंतीस के.व्ही. तक के बिजली कनेक्शनों के लिए बिजली निरीक्षक से चार्जिंग परमिशन की बाध्यता को समाप्त कर निजी चार्टर्ड बिजली सुरक्षा इंजीनियर की सहायता से स्व-प्रमाणन की सुविधा दी गयी है। अग्रिम भुगतान पर एक प्रतिशत की छूट दी गयी है। बिजली कम्पनियों के मोबाईल एप एवं पोर्टल के माध्यम से भी उपभोक्ता सेवा उपलब्ध करवायी गयी है।

उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने के प्रयासों में केन्द्र से सहयोग की अपेक्षा
27 December 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने आज राजभवन में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने केन्द्र सरकार से इस कार्य में वांछित सहयोग प्रदान करने की अपेक्षा की। बैठक में केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री रमेश पोखरियाल, मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ और उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी शामिल हुए।
राज्यपाल श्री टंडन ने कहा कि भारतीय दर्शन सहित सभी क्षेत्रों का अद्भुत ज्ञान प्राचीन भाषाओं में समाहित है। इस ज्ञान के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिये अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय के स्वरूप में मध्यप्रदेश में अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को गौरवशाली स्वरूप देने की आवश्यकता है।
विशेषज्ञ समिति से मध्यप्रदेश में शैक्षणिक सुधार के प्रयासों का अध्ययन कराए केन्द्र
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय को समृद्ध बनाने के लिये केन्द्र से सातवें वित्त आयोग की बकाया राशि उपलब्ध कराने का आग्रह किया। उन्होंने केन्द्र सरकार से आग्रह किया कि विशेषज्ञ समिति गठित कर मध्यप्रदेश में शिक्षा के स्तर में सुधार के प्रयासों का अध्ययन कराया जाए ताकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
चरणबद्ध तरीके से अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय का विकास
केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री रमेश पोखरियाल ने मध्यप्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के सचिव को निर्देश दिये कि हिन्दी विश्वविद्यालय को 12-बी की मान्यता प्रदान करने के लिये आवश्यक कार्यवाही करें। साथ ही, राज्य सरकार से समन्वय कर विश्वविद्यालय की आवश्यकताओं की समय-सीमा में पूर्ति कराएं। उन्होंने प्रदेश को सातवें वित्त आयोग के अंतर्गत शिक्षा संबंधित लंबित भुगतान और सागर विश्वविद्यालय की लंबित राशि शीघ्र जारी करने का आश्वासन दिया। श्री पोखरियाल ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय को विकसित करने का कार्य चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक वर्णवाल, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री हरि रंजन राव, राज्यपाल के सचिव श्री मनोहर दुबे, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के सचिव प्रो. रजनीश जैन सहित केन्द्र एवं राज्य सरकार के अधिकारी उपस्थित थे।

भारतीय दर्शन और संस्कृति को अंतर्राष्ट्रीय ख्याति दिलाएगा हिन्दी विश्वविद्यालय : राज्यपाल
27 December 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने आज राजभवन में आयोजित अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय के आठवें स्थापना दिवस कार्यक्रम में 'अटल स्मृति व्याख्यान'' में कहा कि यह विश्वविद्यालय भारतीय दर्शन और संस्कृति को अंतर्राष्ट्रीय ख्याति दिलाएगा। उन्होंने हिन्दी के पुरोधा भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व और कृतित्व का उल्लेख करते हुए कहा कि समभाव के साथ जीवन-पथ पर चलना उनका व्यक्तित्व था। उन्होंने दार्शनिक जैसी गंभीरता के साथ राजधर्म का पालन किया। उनके 4 दशकों के भाषण के संकलन में कठोर से कठोर आलोचक के लिए एक भी अनुचित शब्द नहीं मिलता है। अटलजी में चिंतन की गंभीरता थी, तो सहज हास्य भी उनके व्यक्तित्व में समाहित था।
राजनीति के अजातशत्रु थे अटलजी : केन्द्रीय मंत्री श्री पोखरियाल
केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री रमेश पोखरियाल ने कहा कि अटलजी राजनीति के अजातशत्रु थे। उनके चिंतन में सारा विश्व समाया था। वे कहते थे कि दुनिया की सुख-शांति का रास्ता भारत से निकलता है। इसलिये भारत का मजबूत होना आवश्यक है। श्री पोखरियाल ने कहा कि हिन्दी, हिन्दुस्तान की आत्मा और स्वाभिमान है। इसका गौरव पूरी दुनिया के सामने लाने का श्रेय अटलजी को है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया की उत्सुकता हिन्दी को अपनाने की ओर बढ़ रही है। अभी विश्व के 450 देशों में हिन्दी पढ़ाई जाती है। केन्द्रीय मंत्री ने आश्वस्त किया कि अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय को अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप दिया जाएगा।
विरोधी विचारधाराओं के प्रति भी उदार थे अटलजी : मंत्री श्री पटवारी
उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी ने कहा कि विरोधी विचारधाराओं के प्रति भी उदारता श्री अटल बिहारी वाजपेयी के अद्भुत व्यक्तित्व की पहचान थी। वे कुछ शब्दों में बड़ी-बड़ी बातें कह देते थे।
श्री पटवारी ने कहा कि अटलजी के शब्द 'हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा'' उनके जीवन-पथ का दिशा-दर्शन था।
अटलजी के विचारों में भारत योग की भूमि
अटल स्मृति व्याख्यान के मुख्य वक्ता श्री कपिल कपूर ने कहा कि अटलजी भारत को केवल भूमि का एक टुकड़ा नहीं मानते थे, उनके लिये यह श्रद्धा का केन्द्र था। अटलजी के विचारों में भारत देश योग की भूमि है और इसकी सभ्यता ज्ञान-परम्परा पर आधारित है।

वायदों को पूरी निष्ठा से निभाया : मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह
27 December 2019
भोपाल.ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह ने राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत हुए कार्यों की पत्रिका का विमोचन किया। इस दौरान पूर्व सांसद श्री नारायण सिंह आमलाबे तथा अन्य जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद थे।
मंत्री श्री सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले एक वर्ष में वचन-पत्र के वायदों को पूरी निष्ठा से निभाया है। जय किसान फसल ऋण माफी योजना में राजगढ़ जिले के 11 हजार किसान लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने कहा कि अब योजना के द्वितीय चरण में एक लाख तक की ऋण माफी शुरू की जा रही है।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए दी जाने वाली बिजली की दरें आधी कर दी गई हैं। डेढ़ सौ यूनिट तक विद्युत का उपयोग करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को 100 यूनिट पर केवल 100 रूपये ही देने हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक करोड़ 17 लाख घरेलू उपभोक्ताओं में से लगभग एक करोड़ उपभोक्ता इस योजना का लाभ ले रहे हैं ।

नगरीय विकास मंत्री द्वारा बालिका छात्रावास का भूमि-पूजन
26 December 2019
भोपाल.नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने गुना जिले की तहसील आरोन के ग्राम पनवाड़ी हाट में कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास का भूमि-पूजन किया। छात्रावास का निर्माण एक करोड़ 38 लाख रूपये की लागत से करवाया जायेगा।
मंत्री श्री सिंह ने भूमि-पूजन कार्यक्रम में ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जय किसान फसल ऋण माफी योजना में शेष किसानों का कर्ज जल्द माफ किया जायेगा। इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कार्यक्रम में स्थानीय जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

श्री विष्णु खन्ना का निधन
26 December 2019
भोपाल । शहर के वरिष्ठ जनसंपर्ककर्मी एवं भेल, भोपाल के सेवानिवृत्त जनसंपर्क अधिकारी श्री विष्णु खन्ना का आज शाम कस्तूरबा अस्पताल में निधन हो गया। वे 75 वर्ष के थे। श्री खन्ना अपने पीछे अपनी पत्नी और दो पुत्र व पुत्रवधु छोड़ गए। अत्यंत मिलनसार एवं मृदु व्यवहार के धनी श्री खन्ना विगत कुछ समय से कैंसर से पीड़ित चल रहे थे। उनका अंतिम संस्कार 26 दिसम्बर को दोपहर 1 बजे सुभाष विश्रामघाट पर किया जाएगा।
श्री खन्ना पब्लिक रिलेशंस सोसायटी आॅफ इंडिया, भोपाल चैप्टर के संस्थापक सदस्य एवं रोटरी क्लब ईस्ट, भोपाल के पूर्व अध्यक्ष रहने के साथ साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग परिषद, भोपाल चैप्टर के सदस्य भी थे। श्री खन्ना के नेतृत्व में रोटरी क्लब द्वारा अनेकों रक्तदान शिविरों, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों व विभिन्न सामाजिक गतिविधियों का आयोजन किया गया।

समानता, न्यायिकता, करूणा और प्रेम ही सुशासन का आधार
25 December 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने क्रिश्चियनिटी और गुड गवर्नेंस विषय पर राजभवन में आयोजित संगोष्ठी में कहा कि समाज में प्रेम, स्नेह, दया और करूणा का साम्राज्य हो तथा सब सुखी, शिक्षित और प्रसन्न रहें। यही सुशासन का स्वरूप होना चाहिये। उन्होंने कहा कि महापुरूषों के जीवन से हमें स्वयं कष्ट सहकर मानवता के कल्याण के लिए कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। मानव समाज को ऐसे महापुरूषों के जीवन का अनुसरण करना होगा, जिससे विश्व में शांति और सदभाव का वातावरण निर्मित हो सके।
राज्यपाल श्री टंडन ने कहा कि समाज का प्रत्येक सदस्य ईश्वर की रचना है। इसलिए अमीर-गरीब, उँच-नीच का भेदभाव उचित नहीं है। समानता, न्यायिकता, करूणा और प्रेम सुशासन का आधार है। उन्होंने कहा कि विभिन्न धर्म एक ही मंजिल तक पहुँचने के अलग-अलग रास्ते हैं। ईसा मसीह, भगवान राम, कृष्ण, बुद्ध, महावीर और मोहम्मद साहब सभी ने अपने जीवन से शांति और मानवता का संदेश दिया है। दूसरों के दर्द को दूर करने के प्रयास किये हैं। श्री टंडन ने कहा कि ईसा मसीह ने स्वयं कष्ट उठाकर दूसरों के कल्याण के कार्य किये। दूसरों की भलाई के लिए वह स्वयं सूली पर चढ़ गये। दूसरों की खुशी के लिए स्वयं कष्ट उठाकर कार्य करने का भाव ही सुशासन है। राज्यपाल ने बताया कि वेदों में कहा गया है कि जो कुछ भी है, वह हमारा नहीं है, क्योंकि हम खाली हाथ आये थे और खाली हाथ ही जायेंगे। हमें जीवन में जो कुछ चाहिये, वह सब कुछ दूसरों को भी चाहिये। इस भाव के साथ कार्य करना ही सुशासन है।
राज्यपाल ने कहा कि महामना स्व. श्री मदन मोहन मालवीय ने अशिक्षा के अंधकार से आमजन को मुक्त कराने के लिए एक-एक रूपया जोड़कर उच्च शिक्षा के प्रसार में अपना सारा जीवन लगा दिया। विश्वविद्यालय की स्थापना कर, समाज में शैक्षणिक भेदभाव को खत्म कर, समानता की स्थापना के प्रयास किये। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी का व्यक्तित्व भी दूसरों के कल्याण के लिए ही समर्पित था। वे पहले राजनेता थे, जिसने सुशासन की संकल्पना को स्थापित किया। उनके शब्द थे 'ईश्वर मुझे इतनी उँचाई मत देना कि मैं अपनों को गले नहीं लगा सकूं, गैरों से मिल ना सकूं।' श्री वाजपेयी की किसी के प्रति द्वेष नहीं रखना, समानता का व्यवहार करना और अन्याय के विरुद्ध निरंतर संघर्ष करने की भावनाओं ने उनके व्यक्तित्व का निर्माण किया था। उनके प्रशासन का मूल मंत्र समानता और संवेदनशीलता थी। सुशासन का भी यही आधार तत्व है।
फादर मारिया स्टीफन ने कहा कि देश के विकास का आधार नि:स्वार्थ सेवा है। पद अस्थाई है, सेवा भाव ही स्थाई है। मानव जीवन दूसरों के लिए है। प्रभु ईसा मसीह ने अपने जीवन के द्वारा यह संदेश दिया है। यही सुशासन का आधार है। गरीब, वंचित और कमजोर वर्ग और व्यक्ति के उत्थान के लिए, सबकी खुशहाली के लिए कार्य करना ही प्रशासन है। सब सुखी हों, यही सुशासन है। उन्होंने कहा कि भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ऐसे ही प्रशासक थे। उन्होंने न्याय और समानता के साथ संतुलन बनाकर सफलतापूर्वक कार्य किया। उन्होंने कहा कि प्रभू यीशू का जीवन समानता का संदेश देता है। अमीर, गरीब, उँच-नीच का भेद करना अनुचित और अन्यायपूर्ण है। उन्होंने सत्य का मार्ग प्रशस्त किया।
क्रिसमस पर्व, भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी और भारत रत्न महामना स्वर्गीय श्री मदन मोहन मालवीय की जन्म जंयती के अवसर पर आज राजभवन में संगोष्ठी का आयोजन किया गया था। संगोष्टी में राज्यपाल के सचिव श्री मनोहर दुबे और राजभवन के अन्य अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।

मसीह समाज का मानव जाति को जोड़ने में महत्वपूर्ण योगदान: मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
25 December 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज गोविंदपुरा चर्च में आयोजित क्रिसमस कार्यक्रम में कहा कि मसीह समाज ने मानव जाति को जोड़ने और प्रेम तथा सहयोग की भावना को मजबूत बनाने में जो योगदान दिया है, उसे पूरी दुनिया याद रखेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दुनिया को शांति, भाईचारे और आपसी प्यार की जरूरत है। इसलिए यह जरूरी है कि हम प्रभु यीशु के मार्ग को अपनाएं और जाति, धर्म, भाषा तथा सीमाओं को लेकर जो विवाद हैं, उन्हें खत्म कर मनुष्य के सर्वांगीण विकास और कल्याण के लिए काम करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न धर्म ग्रंथों के समान बाईबल प्रभु यीशु द्वारा रचित एक ऐसा ग्रंथ है, जिसका लक्ष्य है कि सम्पूर्ण मानव जाति के बीच में एकता हो और समाज के सबसे अंतिम वर्ग के उत्थान के लिए सभी लोग एकजुट होकर काम करें। उन्होने कहा कि क्रिसमस एक ऐसा त्यौहार है, जो पूरी दुनिया में मनाया जाता है। हमारे देश में भी सिर्फ मसीह समाज नहीं, अन्य वर्गों के लोग भी अपनी शानदार भाईचारे की परम्परा का पालन करते हुए इस पर्व में शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि मैं बचपन से क्रिसमस के त्यौहार में शामिल होता रहा हूँ। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेल-जोल की यही संस्कृति हमारे देश और पूरी दुनिया को एक रखने के लिए जरूरी है।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ का इस मौके पर मसीह समाज ने सम्मान किया। फादर श्री अनिल मार्टिन ने मसीह समाज की ओर से प्रभु यीशु से श्री कमल नाथ को गरीबों, किसानों, युवाओं और हर वर्ग के कल्याण के लिए किए जा रहे काम में सफलता प्रदान करने की कामना की। इस मौके पर सुश्री शोभा ओझा थॉमस एवं बड़ी संख्या में मसीह समाज के लोग उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने आर्च बिशप से मुलाकात कर दी क्रिसमस की बधाई
25 December 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज कोहेफिजा स्थित आर्च बिशप हाऊस पहुँचकर आर्च बिशप डॉ. लियो कार्नेलियो एसवीडी से मुलाकात कर उन्हें क्रिसमस की शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर केक काटा और आर्च बिशप को अपने हाथों से खिलाया।
आर्च बिशप डॉ. लियो कार्नेलियो ने मुख्यमंत्री को प्रदेश और यहाँ के नागरिकों की भलाई के लिए किए जा रहे कामों के लिए बधाई और शुभकामनाएँ दी। इस मौके पर सुश्री शोभा ओझा थॉमस भी उपस्थित थीं।

सोशल मीडिया के साथ भारतीय मूल्यों और संस्कृति को भी आत्मसात करे युवा पीढ़ी
25 December 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज मानस भवन में 20वें अखिल भारतीय लोधी-लोधा-लोध युवक-युवती परिचय एवं पारिवारिक सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी सोशल मीडिया के साथ भारतीय मूल्यों और संस्कृति को भी आत्मसात करे क्योंकि इसी से हमारे देश का भविष्य सुरक्षित रहेगा। इस मौके पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्धन सिंह उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोधी समाज एक जागरूक समाज है और समाजसेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसा देश है, जहाँ पर विविध संस्कृतियाँ हैं, जातियाँ हैं, धर्म हैं। हमारी यही अनेकता में एकता की भावना भारत को पूरे विश्व में महान बनाती है। मुख्यमंत्री ने समाज के लोगों से अपील की कि वे भावी पीढ़ी को सामाजिक मूल्यों और परम्पराओं से जोड़ें।
सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ का पिछड़े वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के निर्णय के लिये लोधी समाज द्वारा अभिनंदन किया गया।

प्रभु यीशु ने किया मानवता का पथ-प्रदर्शन : राज्यपाल श्री टंडन
24 December 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लाल जी टंडन ने कहा कि महापुरुषों के स्मरण से मानवता के महान पथ पर चलने की प्रेरणा मिलती है। व्यक्ति में अच्छे विचार, आचरण और सदाचार की नई ऊर्जा और शक्ति का संचार होता है। उन्होंने कहा कि प्रभु यीशु के स्मरण से दीन-दुखियों की सेवा समानता, न्यायप्रियता, भाईचारे का भाव, आनंद की अनुभूति और अनुसरण का उत्साह मिलता है। श्री टंडन आज राजभवन में क्रिसमस की पूर्व संध्या पर कैरोल सिंगिंग के लिए आए, सेंट मेरी सीनियर हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्राओं, प्राचार्य, शिक्षकों और ईसाई धर्म गुरूओं को संबोधित कर रहे थे।
राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने कहा कि प्रभु यीशु ने सारी दुनिया को सुखी और आनंदमय जीवन का रास्ता दिखाया है। मानवता का पथ-प्रदर्शन किया है। उन्होंने सेवा, सहयोग और शांति का पैगाम दिया है। उन्होंने कहा कि प्रभु यीशु के जन्म की पूर्व संध्या पर कैरोल सिंगिंग द्वारा महापुरुष के आगमन की सूचना ने आनंद की अनुभूति का संचार किया है। उन्होंने सभी को क्रिसमस की शुभकामनाएँ, बधाई और सरप्राइज गिफ्ट दिये।
कार्यक्रम के प्रारंभ में राज्यपाल का फादर सौंदर्यराज, प्राचार्य सेंट मेरी स्कूल सिस्टर मेरी कोनीकर ने स्वागत किया। उन्होंने शाल, पुष्प-गुच्छ और नववर्ष की शुभकामनाओं का कार्ड राज्यपाल को भेंट किया। फादर मारिया स्टीफन ने कैरोल सिंगिंग की परंपरा और कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रभु यीशु के आगमन की घर-घर जाकर कैरोल सिंगिंग द्वारा सूचना देने की परंपरा है। गीतों के माध्यम से देश-प्रेम, न्याय, भाईचारा, समानता और बंधुत्व का संदेश प्रसारित किया जाता है।
आभार प्रदर्शन सुश्री इंदिरा आयंगर ने किया। पादरी केशव प्रदान ने क्रिसमस का संदेश दिया तथा कार्यक्रम का संचालन किया। स्कूली बच्चों द्वारा शुभकामना और बधाई गीतों का गायन करते हुए कैरोल सिंगिंग प्रस्तुत की। फादर एलेक्जेंडर ने सांताक्लॉज के वेश में कार्यक्रम में भाग लिया।

ट्रेक्टर-ट्रॉलियों में रिफलेक्टर लगवाने जन-जागरूकता जरूरी
24 December 2019
भोपाल.प्रमुख सचिव गृह श्री एस.एन. मिश्रा ने ट्रेक्टर-ट्रॉली मालिकों से अपील की है कि वे ट्रेक्टर-ट्रॉलियों में आवश्यक रूप से रिफलेक्टर का उपयोग करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि ट्रेक्टर-ट्रॉलियों में आवश्यक रूप से रिफलेक्टर लगवाने के लिये लोगों को जागरूक किया जाये। इसमें परिवहन विभाग और पंचायतों का सहयोग लिया जाए। उन्होंने कहा कि पूर्व से लगे खराब रिफलेक्टर बदलवाए जाएं। श्री मिश्रा ने मंत्रालय में राज्य सड़क सुरक्षा क्रियान्वयन समिति की बैठक में यह निर्देश दिये। प्रमुख सचिव ने कहा कि जिन गंभीर सड़क दुर्घटनाओं में 5 या 5 से अधिक मृत्यु हुई हैं, उनमें केस इन्वेस्टिगेशन की रिपोर्ट कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को तत्काल भेजी जाये।
श्री एस.एन मिश्रा ने निर्देश दिये कि समिति के सदस्यों और नोडल अधिकारियों को डॉयल-100 के राज्य-स्तरीय कॉल-सेंटर का भ्रमण कराया जाये ताकि वे मॉनीटरिंग सिस्टम से अवगत हों। उन्होंने जिला-स्तर पर नियमित सड़क सुरक्षा समितियों की बैठक होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आगे भी बैठक को नियमित रखने के निर्देश दिये। श्री मिश्रा ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में चलाए गये लगभग 9 लाख जन-जागरूकता अभियान की भी प्रशंसा की। उन्होंने ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के लिये साउण्ड लेबल मीटर और ई-चालान सिस्टम के लिये स्पीड रडार गन क्रय करने पर सहमति व्यक्त की।
प्रमुख सचिव श्री मिश्रा ने कहा कि जिन 20 जिलों में सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या में वृद्धि हुई है, उनमें ओवर स्पीडिंग, जान-माल वाहन में स्पीड गवर्नर आदि चैक करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हर आदमी को सड़क सुरक्षा की दिशा में निरंतर काम करना होगा, जिससे इस पर अंकुश लगाया जा सके और लोगों की जान बच सके। बैठक में एक्सीडेंट रिस्पांस सिस्टम पर भी चर्चा हुई।
प्रमुख सचिव श्री मिश्रा ने कहा कि जंक्शन पांइट्स पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जाए, जिससे रात के समय विजिविलिटी बनी रहे और दुर्घटना होने का खतरा टल सके। उन्होंने कहा कि रोड एजेंसियों को खुद-ब-खुद ब्लैक स्पॉट सहित कई ऐसी जगह, जहाँ दुर्घटना होने की आशंका बन सकती है, उसमें आवश्यक सुधार करना चाहिए ताकि जन-सामान्य की जान बच सके। श्री मिश्रा ने कहा कि निर्माण एजेंसियों के रिटायर्ड ऑफीसर्स को भी फील्ड विजिट में शामिल किया जा सकता है अथवा उनसे राय-मशवरा कर दुर्घटना के कारणों और उसमें आवश्यक सुधार को जाना जा सकता है। उन्होंने ट्रैफिक एवं मेट्रो पुलिस कमांड सेंटर स्थापना की दिशा में काम करने को भी कहा। बैठक में बताया गया कि 1971 ट्रेक्टर-ट्रॉलियों में रिफलेक्टर लगाये गये हैं। विगत वर्ष की समान अवधि की तुलना में वर्ष 2019 में माह अक्टूबर तक सड़क दुर्घटनाओं में 2.5 प्रतिशत की कमी आयी है।
बैठक में विशेष पुलिस महानिदेशक श्री महान भारत सागर और परिवहन आयुक्त श्री व्ही. मधु कुमार उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने दी क्रिसमस पर्व की बधाई
24 December 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने मसीह समुदाय सहित सभी प्रदेशवासियों को क्रिसमस की बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। श्री कमल नाथ ने शुभकामना संदेश में कहा कि प्रभु यीशु द्वारा दिखाए मार्ग पर चलकर मसीह समाज ने मानव सेवा का जो उदाहरण पेश किया, वह सभी समाज के लिए अनुकरणीय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शांति, सद्भाव और भाईचारे की भावना को मजबूत बनाने में मसीह समाज का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होने कहा कि आज पूरी दुनिया में शांति बनाए रखने के लिए प्रभु ईसा मसीह के रास्ते पर चलने की जरुरत है।


वनाधिकार के निरस्त दावा प्रकरणों का त्वरित गति से निराकरण करने के निर्देश
24 December 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने वनाधिकार अधिनियम में निरस्त प्रकरणों के परीक्षण कार्य में तेजी लाने और हर 15 दिन में इसकी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। श्री कमल नाथ आज मंत्रालय में आदिम जाति कल्याणविभाग की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने वन मित्र पोर्टल के जरिये निरस्त पट्टों के दावों के शत-प्रतिशत प्रकरण प्राप्त कर सभी जिला कलेक्टरों को इसका त्वरित निराकरण करने के निर्देश जारी करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने जबलपुर में शंकर शाह, रघुनाथ शाह संग्रहालय का कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आदिवासियों के पारंपरिक कौशल और कला को बढ़ावा दिया जाये, जिससे उनके आय के स्रोत बढ़ सकें। मुख्यमंत्री ने आदिवासी क्षेत्रों में और किसानों को जैविक खेती के लिये प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने छात्रावासों और आश्रमों में गुणवत्तापूर्ण सुविधाएँ देने को कहा।
मुख्यमंत्री ने आदिम जाति कल्याण विभाग की सेवा वितरण प्रणाली को सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता बतलाई। उन्होंने विभाग द्वारा मध्यप्रदेश ट्राइबल अफेयर्स ऑटोमेशन सिस्टम के जरिए योजनाओं का कम्प्यूटरीकरण और हितग्राहियों के खातों में सीधे भुगतान किए जाने के प्रयासों की सराहना की।
मंत्री श्री ओमकार सिंह मरकाम ने मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों पर की गई कार्यवाही की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वन मित्र पोर्टल के माध्यम से वन अधिकार अधिनियम में निरस्त दावों का परीक्षण कार्य जारी है। सभी छात्रावास परिसर में गांधी स्तंभ स्थापित किए जा रहे हैं। महात्मा गांधी से जुड़े वर्धा, साबरमती जैसे महत्वपूर्ण स्थलों का विद्यार्थियों को भ्रमण कराने का कार्यक्रम बनाया जा रहा है।
बैठक में मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहन्ती, प्रमुख सचिव आदिम जाति कल्याण श्रीमती दीपाली रस्तोगी, अतिरिक्त आयुक्त श्री ऋषि गर्ग, संचालक श्री राकेश सिंह एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

खजुराहो अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के समापन समारोह में राज्यपाल श्री लालजी टंडन पहुँचे
23 December 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने कहा है कि मध्यप्रदेश का खजुराहो अपने अनोखे वास्तुशिल्प के प्रतीक मंदिरों और स्मारकों के कारण विश्वविख्यात है। इस विश्व धरोहर पर हमें गर्व है। अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह जैसे आयोजन खजुराहो की ख्याति के विस्तार में सहायक है। ऐसे समारोह भारतीय वास्तुकला और पुरा-सम्पदा को विश्व के समक्ष लाने का माध्यम भी हैं। राज्यपाल श्री टंडन आज खजुराहो में पाँचवें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के समापन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
राज्यपाल श्री टंडन ने कहा कि खजुराहो की मूर्तिकला और विभिन्न मंदिर महत्वपूर्ण धरोहर है। इनका संरक्षण होना ही चाहिए। राज्यपाल श्री टंडन ने अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव को सार्थक बताते हुए कहा कि प्रदर्शित फिल्में देखने के लिये साल-दर-साल अधिक दर्शक पहुँचेंगे। यह प्रयास क्षेत्र के विकास में भी सहयोगी है। उन्होंने महोत्सव के आयोजक राजा बुन्देला को इस प्रयास के लिये बधाई दी। राज्यपाल ने खजुराहो पर केन्द्रित एक विशेष डाक्यूमेन्ट्री फिल्म के निर्माण की जरूरत बताई। राज्यपाल श्री टंडन ने फिल्म महोत्सव में भागीदारी करने वालों को स्मृति-चिन्ह प्रदान किये।
फिल्मकार और महोत्सव के सूत्रधार श्री राजा बुन्देला ने कहा कि वर्ष 2015 से इस महोत्सव की शुरूआत हुई है। युवाओं को फिल्म निर्माण के विभिन्न पहलुओं से जोड़कर उन्हें रोजगार और व्यवसाय से जोड़ने का भी प्रयास है। आने वाले समय में इस महोत्सव को गोवा फिल्म फेस्टिवल के स्तर का बनाने के प्रयास होंगे। कार्यक्रम के प्रारंभ में खजुराहो नगर परिषद की अध्यक्ष सुश्री कविता सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया।

मानव सेवा, प्रेम और शांति का संदेश देता है ईसाई समाज : मुख्यमंत्री श्री नाथ
23 December 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि ईसाई समाज मानव-सेवा के साथ भाई-चारे, प्रेम और शांति का संदेश देता है जिसकी आज पूरी दुनिया को सबसे अधिक आवश्यकता है। श्री नाथ आज मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित क्रिसमस के पूर्व कैरोल सिंगिंग कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि क्रिसमस एक ऐसा त्यौहार है जो विश्व के लगभग सभी देशों में मनाया जाता है क्योंकि यह लोगों को आपस में प्यार से मिल-जुल कर शांति के साथ मानव सेवा का संदेश देता है। हम सभी लोग इस मार्ग पर चलें तो दुनिया को अशांति से हमेशा के लिए मुक्त किया जा सकता है। श्री नाथ ने कहा कि आज कैरोल सिंगिंग कार्यक्रम में शामिल होते हुए मुझे अपने स्कूल के दिनों की याद आ गई। जब स्कूल में पढ़ते थे, तब हम चर्च भी जाते थे और कैरोल सिंगिंग कार्यक्रम में भाग लेते थे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में सम्मिलित सभी बच्चों और फादर्स तथा सिस्टर्स को क्रिसमस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं।
क्रिसमस के पूर्व ईसाई समाज द्वारा प्रभु यीशु के जन्म का शुभ समाचार घर-घर जाकर शुभ-संदेश के रूप में दिया जाता है। इसी उद्देश्य से कैरोल सिंगिंग कार्यक्रम किए जाते हैं। सभी लोगों को प्रभु यीशु के मार्ग पर चलते हुए भाई-चारे, प्रेम और शांति के रास्ते पर चलने की प्रेरणा दी जाती है।
स्कूली बच्चों ने कैरोल सिंगिंग प्रस्तुत किया और मुख्यमंत्री को क्रिसमस की शुभकामनाएँ दीं। इस मौके पर बाईबिल के मुख्य अंश पढ़कर सुनाए गए। मुख्यमंत्री ने सभी बच्चों को उपहार भेंट किए। मुख्यमंत्री को भी सांता क्लॉज़ ने उपहार दिया।
कार्यक्रम में सुश्री शोभा ओझा थामस, पीआरओ फादर मारिया स्टिफन, फादर साज़ी, फादर एलेक्जेंडर, फादर सुंदर राज, सिस्टर ओलिफ, सिस्टर मैरी उपस्थित थे।

सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में आयुष विंग की स्थापना के निर्देश
23 December 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने प्रदेश के सभी चिकित्सा माहविद्यालयों में आयुष विंग की स्थापना करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने आज मंत्रालय में आयुष विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि आयुष चिकित्सा पद्धति के प्रति आम जनता में रूझान बढ़ा है लेकिन अपेक्षित विकास न होने के कारण लोग इसका लाभ नहीं उठा पा रहे है। श्री कमल नाथ ने कहा कि आगामी एक माह में लक्ष्य आधारित कार्य-योजना बनाकर उसके क्रियान्वयन के लिए समयबद्ध कार्यक्रम तैयार करें। बैठक में चिकित्सा शिक्षा एवं आयुष मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ उपस्थित थीं।
मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान नीमच जिले में हर्बल मण्डी बनाए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को इस संबंध में आवश्यक सहमति पत्र भेजा जाए। मुख्यमंत्री ने भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के संबंध में भेजे गए प्रस्ताव का पाक्षिक फॉलोअप करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि प्रदेश में आयुष चिकित्सा पद्धति के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएँ है। इनका समुचित दोहन न होने के कारण प्रदेश को और यहाँ के नागरिकों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है। उन्होंने प्रदेश में वेलनेस टूरिज्म को भी प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। श्री कमल नाथ ने कहा कि आज पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में पंचक्रम योग जैसी कई विधाएँ हैं, जो मनुष्य को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ्य बनाने के साथ ही गंभीर बीमारियों का भी निदान करती हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कार्य-योजना तैयार करें और निजी क्षेत्रों को अवसर प्रदान करें।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने प्रदेश में आयुष पद्धति में शोध एवं विकास की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विश्व के अग्रणी देशों जैसे होम्योपैथी में जर्मनी और हर्बल मेडीसिन में चीन में अध्ययन के लिए आयुष विभाग का दल भेजने को कहा। उन्होंने कहा कि यह दल इस चिकित्सा पद्धति में एमओयू की संभावनाओं का भी पता लगाए। उन्होंने प्रदेश में आयुष की विभिन्न पद्धतियों तथा विकसित औषधियों के संबंध में पेटेंट प्राप्त करने और शोध एवं विकास को अभिलिखित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने आयुष विभाग द्वारा भारतीय चिकित्सा पद्धति से जुड़ी विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्यवर्द्धक जानकारियों, आयुर्वेदिक उपायों तथा औषधीय पौधों की पुस्तकें प्रकाशित करने को कहा। उन्होंने इन पुस्तकों का अंग्रेजी में भी अनुवाद करवाकर सभी पर्यटन सूचना केन्द्र, होटल और निजी होटल के साथ सभी ऐसे स्थानों में, जहाँ प्रचार-प्रसार हो सके, उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहन्ती, आयुक्त आयुष डॉ. एम.के. अग्रवाल, उप संचालक आयुष डॉ. पी.सी. शर्मा एवं प्राचार्य पंडित खुशीलाल महाविद्यालय डॉ. उमेश शुक्ला उपस्थित थे।

फसल बीमा कम्पनियाँ तहसील स्तर पर शुरू करें टोल फ्री नंबर
23 December 2019
भोपाल.किसान कल्याण तथा कृषि विकास, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण मंत्री श्री सचिन यादव ने मंत्रालय में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बीमा क्लॉज के अनुसार किसान को 72 घण्टे के भीतर फसल हानि की सूचना संबंधित बीमा कम्पनी को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कम्पनियों द्वारा जारी टोल फ्री नंबर पर अक्सर फोन नहीं लगता। श्री यादव ने इस समस्या को दूर करने के लिये फसल बीमा कम्पनियों को तहसील स्तर पर टोल फ्री नंबर जारी करने के निर्देश दिये।
मंत्री श्री यादव ने कहा कि सभी फसल बीमा कम्पनियां तहसील स्तर नियुक्त कर्मचारियों तथा फसल हानि की सूचना देने वाले किसानों की जानकारी दो दिन में प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि किसान को फसल बीमा राशि की अंशदान की रसीद देना भी सुनिश्चित किया जाए। श्री यादव ने निर्देशित किया कि फसल हानि पर यथाशीघ्र नियमानुसार क्लेम राशि का भुगतान किया जाना शुरू करें।
27 लाख से अधिक किसानों की फसलों का 15 हजार करोड़ से अधिक का बीमा
बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में प्रदेश के 27 लाख 64 हजार किसानों की फसलों का खरीफ-2019 के लिये 15 हजार 221 करोड़ 52 लाख रूपये का बीमा किया गया। किसानों की कुल 54 लाख 58 हजार 8 सौ 66 हेक्टेयर कृषि भूमि इसमें शामिल थी। बीमा प्रीमियम के लिये किसानों का अंशदान 352 करोड़ 62 लाख रूपये तथा राज्यांश 509 करोड़ 60 लाख रूपये का है। किसानों को नियमानुसार फसल नुकसानी का क्लेम यथाशीघ्र दिलाया जाएगा।
बैठक में संचालक कृषि श्री संजीव सिंह, अपर संचालक श्री बी.एम. सहारे तथा एआईसी, बजाज, न्यू इण्डिया, ओरिएंटल, रिलायन्स, इफ्को-टोकियो बीमा कम्पनी के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री मरकाम ने किया छात्रावासों का आकस्मिक निरीक्षण
23 December 2019
भोपाल.आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री ओमकार सिंह मरकाम ने रविवार को खंडवा जिले में पुनासा, मूंदी और खंडवा नगर के अनुसूचित जनजाति छात्रावासों का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने छात्रावासों में विद्यार्थियों से चर्चा कर उनकी समस्यायें सुनीं, पुनासा छात्रावास में बच्चों के लिये अलग से पहुँच मार्ग बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने छात्रावास के पुराने भवन के स्थान पर नये भवन निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने को कहा।
मंत्री श्री मरकाम ने मूंदी छात्रावास में साफ-सफाई की ओर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये। उन्होंने खंडवा में विभागीय छात्रावास का निरीक्षण कर वहां की भोजन व्यवस्था देखी। निरीक्षण के दौरान विधायक श्री नारायण पटेल साथ थे।
अजाक्स के शपथ विधि समारोह में शामिल हुए
मंत्री श्री मरकाम खंडवा में अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी-कर्मचारी संगठन (अजाक्स) के शपथ विधि समारोह में शामिल हुए। उन्होंने खालवा में बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा स्थापित कराये जाने में हर संभव सहयोग दिये जाने की बात कही।
गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होंगे आदिवासी प्रतिनिधि
मंत्री श्री मरकाम ने बताया कि भोपाल में 26 जनवरी 2020 को राज्य-स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में प्रदेश के प्रत्येक जिले से आदिवासी वर्ग से एक पुरूष और एक महिला प्रतिनिधि शामिल होंगे। प्रतिनिधियों का चयन उनके क्षेत्र में आदिवासी विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जनजातीय कार्य विकास और कृषि के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियों के आधार पर किया जायेगा।
चयन प्रक्रिया के संबंध में आयुक्त आदिवासी विकास ने जिला अधिकारियों को निर्देश जारी किये हैं। चयनित आदिवासी प्रतिनिधि 25 जनवरी से 27 जनवरी 2020 तक भोपाल में रहेंगे। भोपाल में अतिविशिष्ठजनों से इनकी भेंट करायी जायेगी। इन्हें भोपाल के प्रमुख दर्शनीय स्थलों का भ्रमण भी कराया जायेगा।

दुनिया का चिकित्सा विज्ञान भारतीय ज्ञान पद्धति की देन
22 December 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने आज लाल परेड मैदान में अंतर्राष्ट्रीय वन मेला समापन समारोह में कहा है कि दुनिया का चिकित्सा विज्ञान, भारतीय ज्ञान परम्परा की देन है। इसके जन्मदाता थे धनवंतरि गुरु। सारी दुनिया ने फॉदर ऑफ सर्जरी सुश्रुत को माना है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में चिकित्सा विज्ञान सेवा विधि थी जो दुर्भाग्य से पाश्चात्य के बाजारवाद का शिकार हो गई। वन मंत्री श्री उमंग सिंघार ने समारोह की अध्यक्षता की। राज्यपाल ने हर्बल मेला स्मारिका का विमोचन किया।
राज्यपाल ने कहा कि भारतीय चिकित्सा पद्धति नाड़ी तंत्र और श्वसन पर आधारित थी। नाड़ी वैद्य बिना किसी उपकरण के सारे शरीर का हाल जान लेते थे। योग से श्वास प्रक्रिया को नियंत्रित किया जाता था। उन्होंने कहा कि आज दुनिया ने भारतीय योग का महत्व स्वीकार कर लिया है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय जड़ी-बूटियों की माँग बढ़ रही है। राज्यपाल ने कहा कि वनोत्पादों के विपणन की बेहतर व्यवस्थाएँ और वनों की सुरक्षा के साथ वनवासियों के सशक्तिकरण के प्रयास अब जरूरी हैं।
श्री लालजी टंडन ने कहा कि भारतीय ऋषि-मुनियों ने चिकित्सा ज्ञान के उपयोग के उपायों को स्पष्ट किया है। भारतीय वैद्य चिकित्सा की मान्यता थी कि यदि उनके दरवाजे से पैसे के अभाव में कोई रोगी बिना उपचार के चला गया, तो उनका समस्त ज्ञान समाप्त हो जाएगा। इसी मान्यता पर भारतीय औषधियाँ प्रमुखत: दो समूहों में बंटी थी, काष्ठ आधारित और धातु आधारित। काष्ठ आधारित औषधियाँ वनोत्पादों से बनती थीं और नि:शुल्क उपलब्ध होती थीं। धातु आधारित औषधियाँ महँगे रत्नों और धातुओं से बनने के कारण तेज असर करती थीं। रोग का उपचार दोनों से होता था। वैद्य रोगी की आर्थिक स्थिति के अनुसार उनका उपयोग करते थे। श्री टंडन ने चिकित्सकों का आव्हान किया कि वे अपने ज्ञान का उपयोग सामाजिक कर्तव्यों को पूरा करने में करें।
तेंदूपत्ता संग्राहकों को वितरित होगा 282 करोड़ बोनस
वन मंत्री श्री उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश में वन और वन्य-जीव संरक्षण के प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वनों से प्रदेश के 11 लाख परिवारों को रोजगार मिल रहा है। वनवासियों को वन उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो, सरकार इसके लिये प्रभावी प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 282 करोड़ रूपये बोनस वितरण शीघ्र किया जाएगा।
मंत्री श्री सिंघार ने कहा कि मध्यप्रदेश को औषधीय उत्पादों का नम्बर वन राज्य बनाने का प्रयास है। वंदन योजना के माध्यम से दो-तीन सौ परिवारों के कलस्टर बनाकर वनोत्पाद प्र-संस्करण की इकाई स्थापित की जा रही है। उन्होंने कहा कि इको सिस्टम का संरक्षण मानव जीवन के सुरक्षित भविष्य का आधार है।
समारोह में राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र गिरि ने बताया कि महिला सशक्तीकरण के लिये एक हजार 72 समितियों में महिलाओं को संचालक बनाया गया है। प्रबंध संचालक लघुवनोपज संघ श्री एस.के. मंडल ने अतिथियों का अभिवादन किया। लघु वनोपज संघ के उपाध्यक्ष श्री रामनारायण साहू, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री यू. प्रकाशम सहित बड़ी संख्या में हर्बल प्रेमी तथा गणमान्य लोग उपस्थित थे।

एक वर्ष में 5690 करोड़ की 36 लघु सिंचाई योजनाएँ मंजूर
22 December 2019
भोपाल.प्रदेश में एक वर्ष में 5690 करोड़ रुपये लागत की 36 लघु सिंचाई योजनाएँ (एक वृहद सिंचाई योजना) स्वीकृत कर राज्य सरकार ने खेती को समृद्ध बनाने के संकल्प को पूरा किया है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर 2 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इसी अवधि में 74 लघु योजनाए भी पूर्ण की गई हैं, जिनसे 26 हजार 277 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा बढ़ी है। इसके अलावा, निर्माणाधीन वृहद एवं मध्यम परियोजनाओं से लगभग 60 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा निर्मित हुई है। इसी अवधि में सी.बी.आई.बी. नई दिल्ली द्वारा प्रदेश की मोहनपुरा बहुउद्देश्यीय परियोजना को समय पर पूर्ण करने तथा निर्माण में पर्यावरण के अनुकूल सामग्री का उपयोग करने पर ''बेस्ट कंस्ट्रक्शन एन्टिटी'' (सर्वश्रेष्ठ निर्माण इकाई) के रूप में पुरस्कृत किया गया है।
5 साल में 12 लाख हे. में सिंचाई क्षमता का लक्ष्य
राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि सिंचाई क्षमता में अगले 5 साल में 12 लाख हेक्टेयर की वृद्धि की जाएगी। इस तरह सिंचाई की वर्तमान क्षमता 33 लाख हेक्टेयर को बढ़ाकर 45 लाख हेक्टेयर किया जाएगा। साथ ही, अगले 5 साल तक सिंचाई जल की दरों को स्थिर रखा जाएगा। राज्य सरकार ने जल उपभोक्ता संस्थाओं के निर्वाचन की अवधि को भी 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष किए जाने का निर्णय लिया है।
जलाशयों की पूर्ण भराव जल क्षमता अर्जित करने के लिये नई नीति
प्रदेश के जलाशयों की पूर्ण जलभराव क्षमता प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार ने नई नीति बनाई है। जलाशयों की सिल्ट एवं रेत को अलग-अलग कर सिल्ट किसानों को दी जाएगी। रेत का विक्रय कर राजस्व प्राप्त किया जाएगा। खेती के विकास के लिए सिंचाई परियोजनाओं में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने पर भी विचार किया जा रहा है।
जल क्षति रोकने के लिये नहरों की लाइनिंग
प्रदेश में किसानों की सहभागिता से मार्च 2019 की स्थिति में 2064 जल उपभोक्ता संस्थाओं के माध्यम से 24 लाख 74 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई प्रबंधन का कार्य किया जा रहा है। नवीन योजनाओं में नहरों में लाइनिंग का प्रावधान किया गया है। इससे जल की क्षति को रोकने में मदद मिलेगी। तवा एवं बारना वृहद परियोजनाओं में पिछले एक वर्ष में क्रमशः 116.34 किलोमीटर एवं 113.51 किलोमीटर लाइनिंग का कार्य किया गया है। वर्तमान ममें 114 लघु सिंचाई योजनाओं के डीपीआर तैयार करने की कार्रवाई भी जारी है।
बांधों के जल से तालाबों का भराव
प्रदेश में जल की मांग एवं बांधों में अतिरिक्त जल की उपलब्धता के आधार पर गंगा-कछार रीवा के 112 तालाबों को बाणसागर के बांध के जल से भरा जा रहा है। इसी तरह, यमुना कछार ग्वालियर के 14 तालाबों को विभिन्न नहरों से तथा टीकमगढ़ जिले में हरपुरा नहर से क्षेत्र के 10 तालाबों को भरा जा रहा है। जल संसाधन विभाग के आधिपत्य के सभी चंदेल कालीन और अन्य प्राचीन तालाबों का रख-रखाव भी नियमित रूप से किया जा रहा है। छतरपुर तथा टीकमगढ़ जिले के 30 प्राचीन तालाबों के सुधार और सुदृढ़ीकरण के प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं।
अधूरी सिंचाई योजनाओं की पूर्णता को प्राथमिकता
राज्य सरकार ने अधूरी पड़ी सिंचाई योजनाओं को पूरा करने के कार्य को प्राथमिकता दी है। प्रतिवर्ष 100 लघु सिंचाई योजनाओं को पूर्ण किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। चार वृहद और आठ मध्यम परियोजनाओं को शीघ्र पूर्ण किए जाने का लक्ष्य है। इस प्रयासों से अब वह दिन दूर नहीं, जब पूरा मध्यप्रदेश सिंचाई के मामले में पूरी तरह आत्म-निर्भर होगा।

ग्लोबल हर्बल ट्रेड में मध्यप्रदेश निभा सकता है बड़ी भूमिका
22 December 2019
भोपाल.वैश्विक हर्बल व्यापार और दवा बाजार में भारत की स्थिति मजबूत करने में मध्यप्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। वैश्विक हर्बल व्यापार अब 120 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। भारत का हर्बल उत्पाद निर्यात 456 मिलियन अमेरिकी डॉलर को छू गया है, लेकिन यह मध्यप्रदेश जैसे वन सम्पदा संपन्न राज्य के होते हुए और भी ज्यादा बढ़ सकता है। यह तथ्य भोपाल में इंटरनेशनल हर्बल फेयर-2019 शामिल हुए प्रतिभागियों से साक्षात्कार के बाद सामने आया है। प्रतिभागियों में हर्बल उत्पाद, आयुर्वेदिक दवा निर्माण कंपनियों, लघु वनोपज की जिला प्राथमिक सहकारी सोसायटियों के सदस्य, वनोपज इकठ्ठा करने वाले जनजातीय बंधु और पारंपरिक आयुर्वेदिक प्रणाली से जुड़े चिकित्सक शामिल थे।
वैश्विक हर्बल दवा बाजार में भारतीय कंपनियों की संख्या अन्य देशों के मुकाबले ज्यादा है। विश्व स्तर पर 12 प्रमुख कंपनियों में से कम से कम पांच प्रमुख कंपनियां भारत की हैं। इनमें हिमालय ड्रग कंपनी, झंडू फार्मास्यूटिकल्स वर्क्स लिमिटेड, डाबर लिमिटेड, हमदर्द लेबोरेटरीज और पतंजलि आयुर्वेदिक लिमिटेड शामिल हैं। अन्य नामी कंपनियों में जर्मनी की श्वाबे, स्पेन की मैडौस, फ्रांस की अरकोफरमैन, ऑस्ट्रेलिया की ब्लैकमोर, जापान की त्समुरा, ताइवान की शेंग चांग फार्मास्युटिकल, स्विटजरलैंड की रिकोला एजी, यूएस की चाइना हर्ब्स और न्यूट्रास्यूटिकल इंटरनेशनल शामिल हैं।
मध्यप्रदेश में अश्वगंधा, सर्पगंधा, कालमेघ, शतावर, आंवला, ब्राम्ही, जैसी महत्वपूर्ण जड़ी-बूटियों के नियमित आपूर्तिकर्ता बनने की संभावना है। भारत सरकार जड़ी-बूटियों की खेती को प्रोत्साहित कर रही है। खेती की लागत का 75 प्रतिशत तक अनुदान दे रही है। जिन जड़ी-बूटियों की खेती के लिए अनुदान दिया जा रहा है, उनमें से ज्यादातर मध्यप्रदेश के जैव विविधता समृद्ध जंगलों में पाई जाती हैं। हर्बल दवा उद्योग में कच्चे माल के रूप में प्रमुख रूप से बीज, जड़, छाल, फूल, पत्ते और तेल उपयोग में आते हैं।
पंडित खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेदिक संस्थान, भोपाल में काय-चिकित्सा के विभाग प्रमुख डॉ राजेश मेश्राम कहते हैं कि ' आयुर्वेदिक दवाओं के लिए लोगों का रुझान और विश्वास बढ़ने से घरेलू हर्बल दवा बाजार में भी मध्यप्रदेश के लिए बहुत अधिक संभावनाएं बनी हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान है कि एशियाई देशों में 80% आबादी प्राथमिक स्वास्थ्य के लिए पारंपरिक दवाओं पर निर्भर है।' वे पेटेंट कराने की सुविधा के कानूनी ढांचे, अनुसंधान औऱ हर्बल दवाओं के मानकीकरण को भी जरूरी बताते हैं।
मध्यप्रदेश लघु वनोपज (व्यापार और विकास) सहकारी संघ के प्रबंध निदेशक श्री एस.के. मंडल ने बताया कि कच्चा माल पौधों की विविधतापूर्ण प्रजातियों से मिलता है। भारत में लगभग 6,500 प्रकार के औषधीय उपयोग की वनस्पति मिलती है। मध्यप्रदेश की स्थिति के संबंध में विस्तार से बताते हुए श्री मंडल कहते हैं कि आयुर्वेद की दवाओं में लोगों का विश्वास बढ़ने के कारण हर्बल दवाओं में उपयोग के लिए जड़ी-बूटियों की व्यावसायिक मांग पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ रही है। यह देश में 5,12,000 मीट्रिक टन अनुमानित है। इसी तरह, बिना प्र-संस्कृत जड़ी-बूटियों का अनुमानित निर्यात लगभग दो लाख मीट्रिक टन आंका गया है। हर्बल औषधि व्यापार में वर्तमान में लगभग 1178 औषधीय पौधों की प्रजातियों का उपयोग किया जा रहा है। इनमें से 242 पौधों की प्रजातियों की आवश्यकता हर साल 100 मीट्रिक टन से अधिक है। जाहिर है, मध्यप्रदेश में इस क्षेत्र में योगदान करने की अपार संभावना है क्योंकि यहां 500 से अधिक पत्ते, झाड़ियों, जड़ी-बूटियों, जडों और मौसमी औषधीय पौधों का भंडार है। उन्होंने बताया कि ' इस सम्पदा का दोहन करने के लिए हम नई रणनीति तैयार कर रहे हैं।''
धन्वंतरि उपचार और अनुसंधान समिति बालाघाट के डॉ. एस.एल. पटले हर्बल उपचार में अनुसंधान को बढ़ावा दे रहे हैं। उनका कहना है कि आयुर्वेद दवाओं का प्रमाणीकरण अत्यावश्यक है। वे आदिवासी परिवारों को प्रशिक्षण देने की भी वकालत करते हैं, जो वनोपज संग्रहण से अपनी आजीविका कमाते हैं, विशेष रूप से जड़ी-बूटियाँ बीनने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि प्र-संस्करण के साथ इन समुदायों को भी जोड़ना चाहिए। उनके अनुसार पौडर जैसी बहुमूल्य जड़ी-बूटियों के संरक्षण की आवश्यकता है।
पिछले एक दशक में जड़ी-बूटियों के प्र-संस्करण ने एक प्रमुख उद्योग का आकार ले लिया है। इसलिए उभरते हुए उद्यमियों को इस पर ध्यान केन्दित करना चाहिए। श्री एम. आर. खोखर मंडला में औषधीय वनस्पति प्र-संस्करण केन्द्र के प्रमुख हैं। उन्होंने जैव सम्पदा की विविधता के बारे में साक्षरता बढ़ाने की जरूरत बताई। सिवनी कैंप बालाघाट के फिरोज अख्तर हर्बल उत्पाद निर्माण से जुड़े हैं। उनका कहना है कि बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, पचमढ़ी, पातालकोट जैसे क्षेत्रों में हर्बल प्रोसेसिंग उद्योग की स्थापना की जा सकती है, जहाँ हर्बल वनस्पतियाँ आसानी से उपलब्ध हैं। वे मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ की गरीबी और बेरोजगारी को दूर करने के लिए उद्योगोन्मुखी विकास की पहल के प्रति आशान्वित हैं।

आदिवासी संस्कृति को संरक्षण और प्रोत्साहन देने की आवश्यकता
21 December 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने भोपाल हाट में आदि महोत्सव का शुभारंभ करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति के संवाहक आदिवासी समाज की संस्कृति, कला-कौशल और ज्ञान को संरक्षण तथा प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिये जमीनी प्रयास जरूरी हैं। इसमें समाज की सक्रिय भागीदारी होनी चाहिए। राज्यपाल ने आदिवासी समाज के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए देश की सुरक्षा में उनकी कुर्बानियों को वंदनीय बताया।
जन-जातीय कार्य मंत्री श्री ओमकार सिंह मरकाम ने शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि आदिवासी समाज का प्रकृति और कृषि से गहरा रिश्ता है। यह समाज इनका सम्मान और संरक्षण करता है। आदिवासी समाज में फसल की बोनी के पहले बीज-पूजन किये जाने जैसी सांस्कृतिक परम्पराएँ हैं। श्री मरकाम ने कहा कि आदिवासी समाज के पास बहुमूल्य औषधियों और जड़ी-बूटियों को पहचानने की अद्भुत क्षमता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा आदिवासी खाद्यान्न, कला-कौशल, संस्कृति और ज्ञान को संरक्षित करने की दिशा में प्रयास शुरू कर दिये गए हैं।
समापन समारोह में लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र गिरि, ट्राईफेड, नई दिल्ली के चेयरमेन श्री आर.सी. मीना, क्षेत्रीय प्रबंधक श्री जे.एस. शेखावत और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

पॉक्सो एक्ट के प्रकरणों में जल्दी ट्रायल कराने की पहल करें लोक अभियोजन अधिकारी
21 December 2019
भोपाल.जनसम्पर्क तथा विधि-विधायी कार्य मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने पीटीआरआई में पॉक्सो एक्ट संबंधी लोक अभियोजन की विधिक कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कहा कि पॉक्सो एक्ट के प्रकरणों में ट्रायल जल्दी करवाने की पहल किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने लोक अभियोजन अधिकारियों से कहा कि डीएनए रिपोर्ट प्राप्त करने में होने वाले विलंब को कम किया जाए। श्री शर्मा ने बच्चियों से दुष्कर्म जैसे संवेदनशील मामलों में नियमित मॉनीटरिंग किये जाने और दोषियों को यथाशीघ्र सख्त सजा दिलवाने की जरूरत बताई।
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि लोक अभियोजन अधिकारियों की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि दुष्कर्म के आरोपियों के खिलाफ पीड़िता के साथ अभिभावक की तरह व्यवहार रखें, उन्हें निर्भय होकर पूरे आत्म-विश्वास के साथ गवाही देने की प्रेरणा दें। श्री शर्मा ने पॉक्सो एक्ट में कार्यवाहियों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश में 67 प्रतिशत प्रकरणों में अपराधियों को सजा दिलवाने में हम सफल हुए हैं। इस वर्ष प्रदेश में पॉक्सो एक्ट में 9 प्रकरणों में अपराधियों को फांसी की सजा दिलाई गई। मंत्री श्री शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि अपराधियों के मन में सजा का खौफ पैदा करें।
प्रमुख सचिव गृह श्री एस.एन. मिश्रा ने कहा कि अपराधियों के मन में खासतौर पर महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों में खौफ बढ़े। इसके लिए ऐसे अपराधों के अधिकतम प्रकरणों में अपराधियों को सजा दिलाना जरूरी है। सरकार का पक्ष अभियोजन अधिकारी द्वारा न्यायालय के समक्ष मजबूती के साथ रखा जाना चाहिए। प्रमुख सचिव विधि श्री सत्येन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि पॉक्सो एक्ट के प्रकरणों की रोजाना की कार्रवाई की राज्य मुख्यालय पर मॉनीटरिंग की जा रही है। संचालक लोक अभियोजन श्री पुरुषोत्तम शर्मा ने पॉक्सो एक्ट संबंधी संभाग स्तरीय कार्यशालाओं के लोक अभियोजन की विस्तृत जानकारी दी।

अंतर्राष्ट्रीय वन मेले में 36 लाख से अधिक मूल्य की जड़ी-बूटियों एवं हर्बल उत्पादों की बिक्री
21 December 2019
भोपाल.अंतर्राष्ट्रीय वन मेले में चौथे दिन सुबह से ही शहर एवं आस-पास के सभी वर्ग के लोगों का भारी संख्या में आगमन प्रारम्भ हो गया। कल रविवार 22 दिसम्बर 2019 को अंतर्राष्ट्रीय वन मेला का समापन होगा। मेला समापन की अवधि जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, लोगों द्वारा इसमें मिलने वाले हर्बल उत्पादों एवं वनौषधियों की खरीदी बढ़-चढ़कर हो रही है। मेले में अब तक लगभग 36 लाख के वन एवं हर्बल उत्पादों से निर्मित औषधियों की बिक्री हो चुकी है। मेले में स्थापित 32 ओ.पी.डी. में भारी तादाद में नगर एवं आसपास के क्षेत्र के आगंतुकों द्वारा निःशुल्क चिकित्सकीय परामर्श लिया जा रहा है। यह निःशुल्क ओ.पी.डी. कल समापन तक जारी रहेगी।
मेला प्रांगण में दिनांक 20.12.2019 को अकाष्ठीय वनोपज का उत्तरदायी प्रबंधनः पहुंच एवं हितलाभ साझाकरण विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के समापन सत्र में श्री ए.के. श्रीवास्तव, डायरेक्टर जनरल, एन.सी.सी.आर., डॉ. मनीष पाण्डेय, डायरेक्टर, क्वालिटी कंट्रोल ऑफ इंडिया द्वारा अकाष्ठीय वनोपजों के प्रमाणीकरण एवं उसकी प्रक्रिया तथा उसके लाभ विषय पर विस्तार से प्रस्तुतिकरण किया गया। कार्यक्रम में डॉ. राम प्रसाद सेवानिवृत्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक, प्रबंध संचालक, लघु वनोपज संघ श्री एस. के. मंडल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, एम.एफ.पी. पार्क श्री लाल सिंह रावत एवं अपर प्रबंध संचालक श्री भागवत सिंह, श्री एच.यू. खान, श्री पुरुषोतम धीमान उपस्थित रहे। कार्यशाला के अंत में श्री लाल सिंह रावत, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, एम.एफ.पी.पार्क, लघु वनोपज संघ ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
वन मेले में आज अपरान्ह में परम्परागत जड़ी बूटियों के जानकार, वैद्य, आयुर्वेदाचार्यों का सम्मेलन प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। इसमें जैव-विविधता बोर्ड से डॉ. एलिज़ा थॉमस, डॉ. वकुल लाड, अपर प्रबंध संचालक, श्री भागवत सिंह उपस्थित रहे। इस बैठक में जैव विविधता समितियों की स्थापना, जैव विविधता का संरक्षण, संवर्धन विषय पर विस्तार से चर्चा की गई। वैद्य एवं आयुर्वेदाचार्यों द्वारा इस जैव-विविधता संरक्षण एवं परम्परागत ज्ञान के विकास एवं विस्तार पर विस्तृत प्रकाश डाला गया।
वन मेला प्रांगण में आज आयोजित कार्यक्रमों में फैन्सी ड्रेस एंड सोलो एक्टिंग प्रतियोगिता, लोक-नृत्य (झाबुआ), कठपुतली नृत्य, रूपेश लाल का गजल गायन और अंत में रात्रि में श्री अशोक चक्रधर की अध्यक्षता में कवि सम्मेलन हुआ। मेले में उपस्थित आगंतुकों ने इन रंगारंग कार्यक्रमों का भरपूर आनंद लिया।
रविवार 22 दिसम्बर को समापन
अंतर्राष्ट्रीय वन मेला का समापन रविवार 22 दिसम्बर को होगा। समापन समारोह राज्यपाल श्री लालजी टंडन के मुख्य आतिथ्य में होगा। वन मंत्री श्री उमंग सिंघार समापन समारोह की अध्यक्षता करेंगे। राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र गिरि गोस्वामी इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि होंगे।
समापन समारोह में मेले में स्टॉलों की साज-सज्जा एवं प्रस्तुतीकरण के लिये स्टॉल धारकों को पुरस्कृत भी किया जायेगा। समापन दिवस पर निःशुल्क चिकित्सा शिविर सुबह 11 से दोपहर 1.30 बजे तक तथा अपरान्ह में 4 से 7 बजे तक रहेगा।

214 करोड़ के सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ : 400 पुलों के निर्माण की पंचवर्षीय योजना तैयार
20 December 2019
भोपाल.राज्य सरकार ने अपने वचन-पत्र पर अमल करते हुए बीते एक वर्ष में प्रदेश में करीब 214 करोड़ के सड़क निर्माण शुरू किये हैं। एमओआरटीएच से राशि प्राप्त कर शेष कार्य भी शीघ्र शुरू किए जायेंगे। बीओटी के तहत स्वीकृत मार्गों का संधारण अनुबंध के अनुसार शुरू किया जा रहा है। साथ ही, प्राथमिकता के आधार पर राज्य-मार्गों एवं एमडीआर पर स्थित सँकरे, जलमग्नीय एवं अत्यंत पुराने पुलों के पुनर्निर्माण की कार्यवाही की जा रही है। प्रदेश में कुल 2552 पुल-पुलियाओं का निर्माण कराये जाने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा,प्रदेश में पुलों के निर्माण के लिए एक पंचवर्षीय योजना तैयार की गई है। इस योजना में 2 हजार करोड़ की लागत से 400 पुलों का निर्माण कराया जाएगा। मार्गों के रख-रखाव के लिए प्रतिमाह नियमित वीडियो कान्फ्रेंसिंग की जा रही है तथा अलग से उपलब्ध बजट से रख-रखाव का काम कराया जा रहा है।
लोक निर्माण विभाग ने राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के क्रियान्वयन के लिए ठोस कदम उठाए हैं। प्रदेश में 10 करोड़ रूपये से अधिक लागत के सड़क एवं पुल कार्यों पर सुपर विजन कन्सल्टेन्ट का नियोजन कर गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में कार्य पूर्ण किया जा रहा है। एनडीबी परियोजना में प्रथम चरण में मण्डल स्तरीय प्रयोगशालाओं का उन्नयन किया जा रहा है। इसके अलावा, 15वें वित्त आयोग की ग्रांट से भी 25 करोड़ के कार्य प्रस्तावित किये गये हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र में भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों के उन्नयन के लिये स्वीकृत एवं प्रगतिरत कार्यों में भू-अर्जन और अतिक्रमण जैसी बाधाएँ दूर करने के लिये राजस्व, वन और खनिज विभाग के माध्यम से सतत् प्रयास किये जा रहे हैं। लोक निर्माण विभाग ने राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र में 4 में से 3 कार्यों में मुआवजा वितरण की कार्यवाही पूरी कर ली है तथा एक कार्य में करीब 87 प्रतिशत मुआवजा राशि का भुगतान भी कर दिया गया है। राष्ट्रीय राजमार्गों के उन्नयन के 13 कार्यों में विभिन्न स्तरों पर मुआवजा निर्धारण प्रक्रियाधीन हैं।
भारतमाला परियोजना में 3102 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों के फोर-लेन उन्नयन के प्रस्ताव एमओआरटीएच को भेजे गए हैं। दो अथवा अधिक जिला मुख्यालयों को जोड़ने वाले मार्गों के उन्नयन कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं। जिला मुख्यालय से तहसील मुख्यालयों को जोड़ने वाले 158 किलोमीटर लम्बाई के मार्गों के उन्नयन के लिए 197 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति शीघ्र जारी की जा रही है।
17 फ्लाई ओवर और 55 आरओबी निर्माण की कार्य-योजना बनी
प्रदेश में रेलवे लाइनों के कारण यातायात बाधित होने की समस्या के स्थायी समाधान के लिये ओव्हर-ब्रिज तथा अंडर-ब्रिज के निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। रेलवे की पिंक बुक में शामिल तथा एक लाख टीयूव्ही होने पर रेलवे द्वारा 50 प्रतिशत की कास्ट शेयरिंग के आधार पर आरओबी एवं आरयूबी के कार्यों को सीआरएफ एवं राज्य बजट के अंतर्गत प्राथमिकता दी जा रही है। प्रदेश में आरओबी एवं फ्लाई-ओवर के निर्माण के लिये पंचवर्षीय कार्य-योजना तैयार की गई है। इसमें अगले पाँच साल में 3 हजार 540 करोड़ लागत के 17 फ्लाई-ओवर तथा 55 आरओबी का निर्माण कराया जाएगा।
मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के 4 राष्ट्रीय राजमार्गों पर इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ईटीसी) संचालन के लिये चेंज ऑफ स्कोप प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है। इन राष्ट्रीय राजमार्गों पर इसी माह में ईटीसी सुविधा चालू की जायेगी।
प्रत्येक टोल प्लाजा पर एम्बुलेंस
प्रदेश में टोल टैक्स ठेकेदारों से अनुबंध के अनुसार सड़क संधारण कार्य कराया जा रहा है। वर्तमान अनुबंधों में दुर्घटना की स्थिति में घायल व्यक्तियों को निकटतम स्वास्थ्य सुविधा केन्द्रों तक पहुँचाना तथा प्राथमिक उपचार कराने का प्रावधान है। इसी के साथ, प्रदेश में आयुष्मान भारत से कैशलेस इंश्योरेंश स्कीम संचालित है। एडीबी-V परियोजना के एक कम्पोनेंट कैशलेस एक्सीडेंट इंश्योरेंश स्कीम में 30 हजार रुपये की राशि तक दुर्घटना सहायता का प्रावधान लागू है। सड़क दुर्घटना की स्थिति में नागरिकों के लिये टोल-फ्री नम्बर 1099 कॉल-सेंटर का संचालन किया जा रहा है। प्रत्येक टोल प्लाजा पर एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है। एआरएस प्रणाली का भी उन्नयन किया जा रहा है।
राज्य सरकार ने शासकीय भवनों के निर्माण और रख-रखाव के लिये परियोजना क्रियान्वयन इकाई (PIU) के स्थान पर 'भवन निर्माण एवं रख-रखाव'' संचालनालय बनाने का निर्णय लिया है। अब जीर्ण-शीर्ण शासकीय कार्यालयों के भवनों को तोड़कर उनके स्थान पर बहु-मंजिला भवन बनाये जायेंगे।
प्रदेश में समस्त शासकीय सम्पत्ति भूमि और भवन की पंजी का संधारण कार्य लोक निर्माण विभाग को सौंपा गया है। लोक निर्माण विभाग में सभी शासकीय भवनों की पंजी अद्यतन की जा रही है। इसके लिये सॉफ्टवेयर बनाकर उसमें सभी जरूरी जानकारी ऑनलाइन की जा रही है। नए ठेकेदारों के पंजीयन की प्रणाली को सरल किया गया है। पहले 3 श्रेणियों में ठेकेदारों का पंजीयन किया जाता था लेकिन अब मात्र एक श्रेणी में ऑनलाइन पंजीयन किया जा रहा है। राज्य सरकार ने पंजीयन के लिये आवश्यक जानकारी तथा अभिलेखों में भी कमी की है।

उच्च आदर्शों को कार्य का लक्ष्य बनायें : राज्यपाल श्री टंडन
20 December 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने गुरूवार को राजभवन में शिष्टाचार भेंट करने पहुँचे भारतीय पुलिस सेवा के प्रोबेशनर अधिकारियों से कहा कि कार्य के उच्च आदर्श ही सफलता का आधार होते हैं। लोक सेवा वास्तव में समाज के विकास और विकृतियों को दूर करने का सशक्त माध्यम है। यह एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि उच्च आदर्शों को अपने कार्य का लक्ष्य बनाएं। वर्दी का सम्मान समाज और देश का सम्मान है, इस बात को ध्यान में रखकर आगे बढ़ें।
राज्यपाल ने कहा कि अधिकारियों को समाज के सेवक के रूप में कार्य करना चाहिए। चिंतन का दायरा व्यापक और परिदृश्य विस्तृत होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दूसरों को खुशी देने से मिलने वाली खुशी अमूल्य होती है। सरकारी सेवा इस खुशी को प्राप्त करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि देश तेजी से बदल रहा है। तदानुसार रचनात्मकता, नवाचार, संवेदनशीलता और न्यायप्रियता के साथ उत्साह से कार्य करेंगे, तो जीवन में भरपूर सम्मान और प्रसन्नता प्राप्त करेंगे।

मध्यप्रदेश को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में मिले चार राष्ट्रीय पुरस्कार
20 December 2019
भोपाल.मध्यप्रदेश को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में उत्कृष्ट कार्य के लिए भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने चार राष्ट्रीय अवॉर्ड प्रदान किये हैं। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर से गुरूवार शाम नई दिल्ली में राष्ट्रीय कृषि विज्ञान केन्द्र में आयोजित समारोह में एम.पी.आर.आर.डी.ए. के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री उमाकांत उमराव को ये पुरस्कार प्रदान किये।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री उमराव ने बताया कि प्रदेश को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में कराये गये कार्यो की उत्तम गुणवत्ता के लिए देश में प्रथम, सड़क मार्गो के संधारण कार्य के लिये प्रथम अधिकतम लंबाई की सड़कों के निर्माण के लिए तृतीय और इनोवेटिव टेक्नोलॉजी के उपयोग के लिए तृतीय पुरस्कार मिला है।
पुरस्कार समारोह में केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति, सचिव ग्रामीण विकास श्री अमरजीत सिन्हा, अपर सचिव श्रीमती अलका उपाध्याय तथा एम.पी.आर.आर.डी.ए. के प्रमुख अभियंता श्री पी.के. निगम उपस्थित थे।

इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में राष्ट्रीय बालरंग महोत्सव शुरू
19 December 2019
भोपाल.आयुक्त, लोक शिक्षण श्रीमती जयश्री कियावत ने आज यहां इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में तीन दिवसीय राष्ट्रीय बालरंग महोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने इस मौके पर बाल-पत्र का विमोचन किया और महोत्सव में आए बच्चों से बात की।
श्रीमती जयश्री कियावत ने कहा कि राष्ट्रीय बालरंग महोत्सव ने प्रदेश को विशिष्ट पहचान दिलाई है। यह महोत्सव वास्तव में बच्चों को सीखने-सिखाने की गतिविधियों का महापर्व है। उन्होंने उम्मीद जताई कि देश की वैभवशाली सांस्कृतिक धरोहर नृत्य, गायन, वादन और अन्य कलाओं में विद्यार्थी बालरंग से प्रेरणा लेकर बड़े मंचों पर अपनी बेहतर प्रस्तुतियाँ देंगे।
राष्ट्रीय बालरंग महोत्सव में पहले दिन बच्चों ने सांस्कृतिक, साहित्यिक, संस्कृत और योग की आकर्षक प्रस्तुतियाँ दीं। प्रतियोगिताओं में दिव्यांग बच्चों की प्रस्तुतियाँ आकर्षण का केन्द्र रहीं। महोत्सव में लघु भारत प्रदर्शनी 'समर्थ' आयोजित की गई है। इसमें विभिन्न राज्यों की संस्कृति एवं गौरवशाली परम्पराओं को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी में स्कूली विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया है। महोत्सव में स्कूली बच्चों ने प्रदेश के प्रसिद्ध व्यंजनों के स्टॉल्स भी लगाये हैं।
बालरंग महोत्सव में आज पहले दिन बच्चों की राज्य-स्तरीय प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। इसमें संभागीय स्तर के स्कूली बच्चों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। महोत्सव में 20-21 दिसम्बर को राष्ट्रीय लोक-नृत्य प्रतियोगिता होगी। इस महोत्सव में बच्चों को स्काउट कैम्प में जंगल कैम्प, रिवर क्रॉसिंग, मंकी ब्रिज, कमाण्डो ब्रिज की जानकारी दी जा रही है।
राज्यपाल करेंगे समारोह का शुभारंभ
राज्यपालश्री लालजी टण्डन 20 दिसम्बर को सुबह 11 बजे राष्ट्रीय बालरंग समारोह का शुभारंभ करेंगे। समारोह में देश के 13 राज्यों के स्कूली बच्चे सहभागिता कर रहे हैं। राष्ट्रीय बालरंग समारोह में विभिन्न राज्यों के बच्चों द्वारा लोक-नृत्यों की प्रस्तुतियाँ दी जायेंगी।

रेत खदानों के लिये संभागवार नियंत्रण केन्द्र बनाने के निर्देश
18 December 2019
भोपाल.खनिज साधन मंत्री श्री प्रदीप जायसवाल ने राज्य खनिज निगम की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य शासन की नई रेत नीति में नीलाम की गई खदानों के लिए संभागवार नियंत्रण केन्द्र बनाए जाएं। इसके अलावा, राज्य स्तर पर निगम मुख्यालय में भी नियंत्रण कक्ष बनाया जाए, जिससे प्रदेश की सभी खदानों की जानकारी नियमित प्राप्त होती रहे।
मंत्री श्री जायसवाल ने राज्य खनिज विकास निगम के अधिकारियों को निर्देश दिये कि व्यवसायिक गतिविधियों में तेजी लाएं। उन्होंने आश्वस्त किया कि शासन स्तर पर निगम के लंबित प्रस्तावों का शीघ्र निराकरण किया जाएगा। श्री जायसवाल ने बैठक में निगम को स्वीकृत मुख्य खनिज खदान रॉक फास्फेट, बाक्साईट और कोयला तथा आवंटित गौण खनिज खदान पायरोफिलाइट/डायस्पोर, फर्शी पत्थर, सिलिकासैण्ड/डोलोमाइट की विस्तार से समीक्षा की।
बैठक में बताया गया कि निगम की संयुक्त उपक्रम कंपनियों मेसर्स फॉरच्यून स्टोन्स ग्रेनाइट और मेसर्स किसान मिनरल ग्रेनाइट के विषय में राज्य शासन की तत्कालीन नीति के तहत समस्त संयुक्त उपक्रम को हस्तांतरित किये गए। मध्यप्रदेश राज्य खनिज निगम को पूर्व में आवंटित एवं वर्तमान में अनावंटित कोल ब्लाक्स के विकास, खनन एवं विक्रय के लिए गठित संयुक्त क्षेत्र कंपनियों और परिसमापन की प्रक्रिया के विषय में जानकारी दी गई।
प्रमुख सचिव श्री नीरज मंडलोई, सचिव श्री नरेन्द्र सिंह परमार, निगम के कार्यपालक निदेशक श्री दिलीप कुमार, संचालक खनिज साधन श्री विनीत कुमार आस्टिन बैठक में उपस्थित थे।

जड़ी-बूटियों पर रिसर्च के लिये फण्ड बनाए लघु वनोपज संघ : सहकारिता मंत्री डॉ. सिंह
18 December 2019
भोपाल.सहकारिता मंत्री डॉ. गोविंद सिंह के मुख्य आतिथ्य, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री आरिफ अकील की अध्यक्षता, जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा और अध्यक्ष राज्य वनोपज संघ श्री वीरेन्द्र गिरि गोस्वामी के विशिष्ट आतिथ्य में आज भोपाल के लाल परेड ग्राउण्ड पर अंतर्राष्ट्रीय हर्बल वन मेला शुरू हुआ। वन विभाग और राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा आयोजित वन मेले में देश-प्रदेश, भूटान और नेपाल के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। पाँच दिवसीय मेले में 19 से 22 दिसम्बर तक नि:शुल्क चिकित्सीय परामर्श शिविर, 20-21 दिसम्बर को कार्यशाला और 22 दिसम्बर को क्रेता-विक्रेता सम्मेलन होगा।
सहकारिता मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि हमारे देश में हजारों वर्ष से जड़ी-बूटियों से इलाज की परम्परा रही है। आयुर्वेद की विदेशों और देश में पुन: बढ़ती लोकप्रियता उसकी विश्वसनीयता को सुदृढ़ करती है। उन्होंने हर्बल मेले के माध्यम से जन-जागरूकता के प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि लघु वनोपज संघ जड़ी-बूटियों के रिसर्च के लिये फण्ड स्थापित करे। डॉ. सिंह ने कहा कि हजारों वर्ष पूर्व हमारे देश में धनवंतरी की चिकित्सा विधि और सुश्रुत की शल्य-चिकित्सा विद्यमान थी। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री श्री अर्जुन सिंह ने राज्य लघु वनोपज संघ की स्थापना कर वनोपज संग्राहकों को बिचौलियों के चंगुल से मुक्त करने का नेक काम किया। डॉ. सिंह ने आदिवासियों के भोलेपन का जिक्र करते हुए कहा कि संघ की स्थापना के पहले आदिवासी मात्र आधा किलो अनाज के बदले बिचौलियों को 2-3 किलो चिरोंजी दे दिया करते थे।
गैस त्रासदी मंत्री श्री आरिफ अकील ने कहा कि भोपालवासियों को सालभर हर्बल मेले का इंतजार रहता है। उन्होंने मेले में भाग लेने वाली विभिन्न आयुर्वेदिक कम्पनियों और वैद्यों से गैस पीड़ित मरीजों की किडनी, ह्रदय आदि से जुड़ी बीमारियों के इलाज पर ध्यान देने का अनुरोध किया।
जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में वनोपज किसानी के साथ आमदनी का एक अतिरिक्त साधन है। वन में रहने वाले आदिवासियों की आय बढ़ने से प्रदेश की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
अपर मुख्य सचिव श्री ए.पी. श्रीवास्तव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. यू. प्रकाशम, प्रबंध संचालक राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ श्री एस.के. मण्डल, विधायक श्री सुरेन्द्र सिंह शेरा, संघ के संचालक मण्डल के सदस्य, बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी, वन समितियों के सदस्य और नागरिक उपस्थित थे।

मंत्री श्री हर्ष यादव की अध्यक्षता में परामर्शदात्री समिति की बैठक सम्पन्न
18 December 2019
भोपाल.कुटीर और ग्रामोद्योग मंत्री श्री हर्ष यादव ने मंत्रालय में आयोजित विभागीय परामर्शदात्री समिति की बैठक में कहा कि पारम्परिक लघु व्यवसायों और उनसे जुड़े हुनरमंद शिल्पियों के प्रोत्साहन दिया जाएगा। इन व्यवसायों और शिल्पियों की आर्थिक दशा में सुधार लाने के लिये सभी संभव प्रयास किये जाएंगे।
बैठक में विधायक श्री ओ.पी.एस. भदौरिया, श्री वालसिंह मैडा, श्री मोहन यादव और श्री वीरेन्द्र रघुवंशी ने उज्जैन में पीतल, शिल्प और पूजा सामग्री निर्माण, वस्त्र छपाई, ईमली व्यवसाय, शिवपुरी में रेशम उत्पादन, कोलारस अंचल में वस्त्र निर्माण, मेहगाँव में कोरी और प्रजापति समाज द्वारा रजाई खोल और कुल्हड़ बनाने के पारम्परिक कार्य के संरक्षण एवं विकास के सुझाव दिये। बैठक में चन्देरी साड़ी की तरह भिण्ड जिले में धोती बनाने के पारम्परिक व्यवसाय के उन्नयन पर भी चर्चा हुई।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2019 में रेशम संचालनालय ने करीब 4 करोड़ रुपये के उत्पाद के विक्रय में सफलता प्राप्त की है। पूर्व वर्षो के स्टाक को बेचने के लिये होशंगाबाद जिले के मालीखेड़ा में केन्द्रीय भण्डार प्रारंभ कर पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, आन्ध्र प्रदेश आदि राज्यों के व्यापारियों को सुविधा उपलब्ध कराई गई है। हस्तशिल्प विकास निगम विभिन्न मेलों और प्रदर्शनियों के माध्यम से बुनकरों के तैयार किये गये उत्पाद के लिये बाजार उपलब्ध करवा रहा है। बताया गया कि जनवरी माह में उज्जैन में क्राफ्ट बाजार लगाना प्रस्तावित है। उज्जैन में मृगनयनी एम्पोरियम शुरू करने की पहल भी की गई है।
आयुक्त रेशम श्री कवीन्द्र कियावत और आयुक्त हस्तशिल्प श्री राजीव शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ द्वारा जस्टिस श्री आर.डी. शुक्ला के निधन पर दुख व्यक्त
18 December 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने मध्यप्रदेश राज्य मानव अधिकार आयोग के पूर्व अध्यक्ष जस्टिस श्री आर.डी. शुक्ला के निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि न्याय प्रणाली को मजबूत बनाने और मानव अधिकारों के संरक्षण में जस्टिस श्री शुक्ला का योगदान अविस्मरणीय है।
मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार को यह गहन दु:ख सहन करने की शक्ति देने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

प्रदेश में फिल्म नीति और फिल्म सिटी बनाई जाएगी
17 December 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश को फिल्म फ्रेंडली प्रदेश बनाया जाएगा। इसके लिए शीघ्र ही फिल्म नीति भी बनाई जाएगी। श्री नाथ आज खजुराहो में पाँचवें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का शुभारंभ कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि फिल्में सिर्फ मनोरंजन का साधन ही नहीं बल्कि यह आर्थिक समृद्धि का जरिया भी बनती है। उन्होंने कहा कि हम नई फिल्म नीति और फिल्म सिटी बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं, इससे फिल्म निर्माताओं को प्रोत्साहन मिलेगा और स्थानीय कलाकारों को अवसर प्राप्त होगा। श्री नाथ ने कहा कि फिल्म निर्माण की तकनीक में पहले की तुलना में काफी बदलाव आया है। नई फिल्म तकनीक का प्रशिक्षण हमारे प्रदेश के युवाओं को मिले, इसके लिए कौशल विकास केन्द्रों के माध्यम से उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि वे रोजगार प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि कस्बा, ब्लॉक और तहसील स्तर पर छोटे स्क्रीन के माध्यम से फिल्म प्रदर्शन हो इस पर भी सरकार विचार कर रही है। इससे जहाँ लोगों को मनोरंजन के साधन उपलब्ध होंगे वहीं आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ने से नए रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखण्ड के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। विकास के नक्शे पर बुंदेलखण्ड अग्रणी क्षेत्र के रूप में अंकित हो इसके लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर टपरा टॉकीज का उद्घाटन किया और उद्योगपति डॉ. ललित खेतान को भारत गौरव सम्मान से सम्मानित किया। कार्यक्रम को विधायक श्री नाती राजा एवं बुंदेलखण्ड फेस्टिवल के चैयरमेन श्री राजा बुंदेला ने संबोधित किया।
संस्कृति एवं पर्यटन विभाग और प्रयास प्रोडक्शन मुंबई द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित पाँचवें खजुराहो अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का शुभारंभ महात्मा गांधी के 150वें जन्म वर्ष पर 'गांधी' फिल्म के प्रदर्शन से हुआ। इस वर्ष फिल्मोत्सव की थीम कॉमेडी रखी गई है। यह महोत्सव सात दिन चलेगा जिसमें फिल्मों के प्रदर्शन के साथ-साथ स्थानीय हास्य कलाकार भी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
इस मौके पर वाणिज्यिक कर मंत्री श्री बृजेन्द्र सिंह राठौर, लोक निर्माण मंत्री श्री सज्जन सिंह वर्मा एवं फिल्मों से जुड़ी हस्तियाँ, जन प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने देखा जनजातीय संग्रहालय
17 December 2019
भोपाल.पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने आज भोपाल प्रवास के दौरान श्यामला हिल्स स्थित जनजातीय संग्रहालय का अवलोकन किया। उन्होंने विजिटर्स बुक में लिखा- प्रदेश के जनजातीय जनजीवन और संस्कृति को भोपाल के जनजातीय संग्रहालय में बखूबी प्रदर्शित किया गया है, यह प्रशंसनीय है। देश की भावी पीढ़ी के लिये जनजातीय कला की धरोहर को संरक्षित और समृद्ध बनाने की आवश्यकता है। डॉ. मनमोहन सिंह ने संग्रहालय की विभिन्न दीर्घाओं की साज-सज्जा की सराहना की। उन्होंने कहा कि वे इस अनूठे संग्रहालय को देखकर प्रभावित हुए हैं।
संस्कृति मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ ने पूर्व प्रधानमंत्री को संग्रहालय में प्रदर्शित आदिवासी कला रूपों की विस्तार से जानकारी दी। संग्रहालय में छिन्दवाड़ा और बैतूल जिले के लोक कलाकारों ने पारम्परिक वाद्य यंत्रों के सुरों से पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. सिंह का भव्य स्वागत किया। संग्रहालय की ओर से डॉ. मनमोहन सिंह को गोंड चित्रकला कलाकृति के साथ प्रतीक-चिन्ह भेंट किया गया।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह, जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा, उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी, जनजातीय कार्य मंत्री श्री ओंकार सिंह मरकाम और गृह मंत्री श्री बाला बच्चन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की अगवानी की
17 December 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के भोपाल आगमन पर स्टेट हेंगर पर उनकी अगवानी की। श्री नाथ ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर डॉ. सिंह का स्वागत किया। इस मौके पर जनसंपर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा, वित्त मंत्री श्री तरूण भनोत, पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह, पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री सुरेश पचौरी, विधायक श्री कुणाल चौधरी सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।


मध्यप्रदेश विजन-टू-डिलीवरी रोडमैप-2020-2025
17 December 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार ने 17 दिसंबर 2019 को एक वर्ष पूरा किया है। एक वर्ष में अर्जित सफलताओं और उपलब्धि साझा करने के लिए आज आयोजित एक कार्यक्रम में सरकार द्वारा मध्यप्रदेश के लिए अगले पाँच वर्षों के लिए एक विजन दस्तावेज़ 'मध्य प्रदेश विजन-टू-डिलीवरी रोडमैप 2020-2025 ’जारी किया गया। रोडमैप दस्तावेज़ का अनावरण पूर्व प्रधानमंत्री और अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में एक गरिमापूर्ण समारोह में मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ की मौजूदगी में मिन्टो हॉल, भोपाल में हुआ।
विजन टू डिलीवरी रोडमैप - 2020-2025 के मुख्य बिन्दु
रोडमैप दस्तावेज़ का निर्माण लोगों की सामाजिक-आर्थिक और मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं और कम, मध्यम और लम्बे समय के उद्देश्यों को ध्यान में रख लोक-केंद्रित विकास प्रक्रिया के तहत किया गया है। इसमें सभी नागरिकों विशेषकर महिलाओं, बच्चों, किसानों और अन्य हाशिए वाले समूहों का विकास सुनिश्चित करने पर फोकस किया गया है।
पाँच साल के रोडमैप की कल्पना प्राथमिक (नागरिकों और संबंधित विभागों) के साथ-साथ द्वितीय (राजनीतिक नेतृत्व, फैसला लेने वाले लोगों, अनुसंधान और शैक्षणिक संस्थानों) हितधारकों के साथ एक बढ़ी और विचार-विमर्श प्रक्रिया थी। यह रोडमैप विभिन्न सामाजिक-आर्थिक समूहों की जरूरतों के मुताबिक विकास संबंधी प्राथमिकताओं को व्यवस्थित तरीके से शामिल करते हुए विभिन्न स्तरों पर चरणबद्ध तरीके से उनके क्रियान्वयन के लिए तैयार किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ और उनकी सरकार चिन्हित क्षेत्रों पर वास्तविक रूप में कार्य करने के लिये प्रतिबद्ध है। रोडमैप में चिन्हित मानव विकास संकेतकों और सम्बंधित लक्ष्यों में मध्य प्रदेश का वर्ष 2025 तक शीर्ष प्रदर्शन करने वालों प्रदेशों में से एक के रूप में बनने का उद्देश्य निर्धारित किया गया है। यह पिछले एक साल में सरकार द्वारा की गई पहलों और अभिनव कार्यक्रमों को पूरक बनाएगा, जिससे समाज के विभिन्न वर्गों विशेष रूप से किसानों, महिलाओं, बच्चों के लिए, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
रोडमैप में मध्य प्रदेश को 'विकास समृद्ध और ख़ुशहाल राज्य’ बनाने पर बल दिया गया है। इसके लिए, राज्य की कानूनी और प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर और लोगों के अनुकूल बनाने और अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए एक सुविधाजनक वातावरण बनाने की प्रतिबद्धता रोडमैप में है।
इस रोडमैप में आर्थिक समृद्धि, सामाजिक समानता, सांस्कृतिक समरसता, पर्यावरणीय स्थिरता, बुनियादी ढाँचे के विकास और सुशासन के 06 मानव विकास विषयों को शामिल किया गया है। इन 6 क्षेत्रों को पुनः 11 सेक्टरों में बाँटा गया है, जो क्रमशः औद्योगिक विकास, कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों, शिक्षा, लोक स्वास्थ्य और पोषण, समावेशी विकास, संस्कृति, विरासत और पर्यटन, युवा कल्याण और खेल, सिंचाई, ऊर्जा और पर्यावरण, शहरी विकास, ग्रामीण विकास और सुशासन हैं।
रोडमैप दस्तावेज़ में मध्य प्रदेश के विश्लेषण में प्रदेश की शक्तियों, कमजोरियों, अवसरों का आंकलन किया गया है। इसके बाद दस्तावेज़ बनाने के लिए अपनाये गये सिद्धांतों का उल्लेख किया गया है। रोडमैप के निर्माण में अपनाई गई क्रिया जैसे पृष्ठभूमि, विकास की रूप-रेखा, चहुँमुखी एजेंडा और प्रमुख क्षेत्रों और मुख्य विषयों की पहचान, प्रत्येक क्षेत्र की आकांक्षाएँ तथा आकांक्षाओं का प्राथमिकता निर्धारण इत्यादि है। सेक्टोरल प्राथमिकताएँ तय करने एवं दस्तावेज को बनाने में हितधारकों से बातचीत, विभागों से बातचीत तथा डेस्क अनुसंधान को विकसित करने के लिये अपनाये गये तरीकों का उल्लेख है। दस्तावेज़ के मुख्य अंग - पृष्ठभूमि, दृष्टि, मिशन और लक्ष्य, निगरानी योजना और प्रमुख प्रदर्शन संकेतक एवं सूचकांक हैं।
इस रोडमैप के आधार पर प्रत्येक क्षेत्र और विभाग के लिए व्यापक प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (KPI)’ का निर्माण भी किया जायेगा जिससे प्रगति को मापने योग्य बनाने के साथ-साथ जहाँ भी जरूरी हो, सुधारात्मक कार्रवाइयों को सुनिश्चित किया जा सके।
कुल मिलाकर 'मध्य प्रदेश विज़न-टू-डिलीवरी रोडमैप 2020-2025' मध्यप्रदेश को एक संपन्न और समृद्ध राज्य बनाने के लिए लोगों की सरकार की प्रतिबद्धता है, जहाँ हर किसी की देखभाल की जाती है, उनकी आजीविका मजबूत होती है और हितों की रक्षा की जाती है।

विजय दिवस अदम्य शौर्य का प्रतीक - उच्च शिक्षा मंत्री श्री पटवारी
16 December 2019
भोपाल.उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी आज सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विजय दिवस की 47वीं वर्षगांठ पर आयोजित समारोह में शामिल हुए। श्री पटवारी ने कहा कि विजय दिवस वास्तव में भारतीय जांबाज सैनिकों के अदम्य शौर्य का प्रतीक है। वर्ष 1971 में आज ही के दिन पाकिस्तान ने भारत के सामने अपनी हार स्वीकार की थी।
मंत्री श्री पटवारी ने कहा कि 16 दिसम्बर का दिन भारत के गौरवशाली और पराक्रमी इतिहास का गवाह है। उन्होंने बताया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गाँधी के सशक्त नेतृत्व का ही परिणाम था कि 93 हजार पाकिस्तानी सैनिक आत्म-समर्पण करने पर मजबूर हुए। उन्होंने बताया कि भारत-पाक युद्ध में लगभग 3900 सैनिक शहीद हुए और 9851 सैनिक घायल हुए थे। उन्होंने छात्राओं से कहा कि स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गाँधी के व्यक्तित्व और कृतित्व का अध्ययन अवश्य करें। इससे जीवन के हर क्षेत्र में सफलता हासिल करने का मूल मंत्र मिलेगा।
उच्च शिक्षा मंत्री श्री पटवारी ने समारोह में एन.एन.एस., एन.सी.सी. तथा खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित किया और विजय दिवस प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर विंग कमांडर श्री वी.एस. रघुवंशी भी उपस्थित थे।

भारत न पहले कमजोर था और ना आज कमजोर है : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
16 December 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने शौर्य स्मारक में 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के विजय दिवस पर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा है कि भारत न पहले कमजोर था और न ही आज कमजोर है। श्री कमल नाथ ने जनता को विजय दिवस का संदेश जारी करते हुए कहा कि इस अवसर पर हम सब को यह याद रखना चाहिए कि सभी नागरिकों को, चाहे वे किसी भी मजहब, जाति अथवा पंथ को मानने वाले हों, सबका यह कर्तव्य है कि राष्ट्र की एकता और अखंडता को मजबूत बनाएँ। अपने शहीदों का गुणगान करें। मुख्यमंत्री ने नागरिकों का आह्वान किया है कि हम सब भारत के विकास, खुशहाली और अमन-चैन के लिए मिलकर प्रयास करें।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने विजय दिवस संदेश में कहा कि 1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध एक सैन्य संघर्ष था। यह संघर्ष 3 दिसंबर 1971 को शुरू हुआ और 16 दिसंबर को ढाका में पाक सेना के समर्पण के साथ समाप्त हुआ। उन्होंने कहा कि इस युद्ध की शुरुआत में पाकिस्तान ने भारत की वायुसेना के 11 स्टेशनों पर हवाई हमले किये। इसमें भारतीय सेना का पाकिस्तान से पूर्वी और पश्चिमी मोर्चे पर संघर्ष हुआ। भारतीय सेना ने पाक सेना को दोनों मोर्चों पर परास्त किया। हताश पाकिस्तानी सेना आत्म-समर्पण करने के लिए मजबूर हुई। इसी के साथ पूर्वी पाकिस्तान नए "बांग्लादेश" के रूप में स्थापित हुआ।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि इसी जीत को हम आज विजय दिवस के रूप में मनाते हैं। उन्होंने कहा कि यह युद्ध तत्कालीन प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी के सशक्त नेतृत्व और अद्वितीय राष्ट्रवाद की अद्भुत मिसाल होने के साथ भारतीय जांबाज सैनिकों के अदम्य शौर्य का भी प्रतीक है। इस युद्ध में पाकिस्तान के 93 हजार सैनिक घुटने टेकने पर मजबूर हुए और उन्हें आत्म-समर्पण करना पड़ा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभूतपूर्व विजय के दो कारण थे। पहला कारण था तत्कालीन प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रीमती इंदिरा गांधी का दृढ़ संकल्प और राजनीतिक नेतृत्व तथा दूसरा कारण था भारतीय थल सेना अध्यक्ष और चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष जनरल एच.एच.एफ.जे.सैम मानेकशॉ का कुशल रणनीतिक नेतृत्व। उन्होंने कहा कि उस समय के अधिकांश पश्चिमी देश और महाशक्ति अमेरिका भारत को पाकिस्तान के विरुद्ध कुछ नहीं करने के लिए खुलेआम धमका रहे थे। तब श्रीमती इंदिरा गांधी का ही साहस था, जिन्होंने पाकिस्तान को सशस्त्र संघर्ष में सबक सिखाया और भारत की प्रभुता स्थापित की। उनकी असाधारण सूझबूझ और सैन्य बलों के अदम्य शौर्य ने देशवासियों को जिस तरह हर्षित और गौरवान्वित किया, वह बेमिसाल था और युगों तक याद किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी द्वारा 16 दिसंबर 1971 को संसद में दिए गए वक्तव्य का प्रमुख अंश दोहराया, जिसमें उन्होंने कहा था "मुझे एक घोषणा करनी है कि पश्चिमी पाकिस्तान की सेना ने बिना शर्त समर्पण कर दिया है और यह संसद और समूचा राष्ट्र इस ऐतिहासिक घटना पर खुशी से झूम रहा है। हमें अपनी थल सेना, नौसेना और वायु सेना तथा सीमा सुरक्षा बल पर गर्व है, जिन्होंने अत्यंत शानदार तरीके से अपनी गुणवत्ता और क्षमता का प्रदर्शन किया। अपने कर्तव्य के प्रति उनकी निष्ठा और अनुशासन सर्वविदित है। भारत उन वीर जवानों को हमेशा याद रखेगा, जिन्होंने इस संघर्ष में अपने जीवन की कुर्बानी दे दी। हम उनके परिवारों के साथ हैं।"
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि 1971 की इस जीत ने भारत को एक अंतर्राष्ट्रीय शक्ति के रूप में स्थापित किया। इससे देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी को पूरे विश्व में दृढ़ता के साथ निर्णय लेने वाली "आयरन लेडी " के रूप में पहचान मिली।
कैप्टन प्रवीण डावर, दिल्ली ने 1971 के भारत पाक युद्ध का उल्लेख करते हुए बताया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गाँधी ने कुशल नेतृत्व और साहस का परिचय देकर सेनाओं का मनोबल बढ़ाया। पूरे विश्व में इंदिरा जी के इस कदम को सराहा गया। कैप्टन डावर ने जनसम्पर्क और संस्कृति विभाग के इस कार्यक्रम की प्रशंसा की और विजय दिवस पर किये गये प्रकाशनों को जानकारी परक बताया। प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने शौर्य स्मारक परिसर में स्थित शौर्य स्तंभ के समक्ष श्रद्धासुमन अर्पित किये। कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री श्री आरिफ अकील, जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा, मुख्य सचिव श्री सुधि रंजन मोहंती, ब्रिगेडियर श्री आदित्य विक्रम पैठिया उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने श्री पैठिया को वर्ष 1971 के युद्ध में विशेष योगदान के लिये सम्मानित किया। कार्यक्रम में गायिका संदीपा पारे और उनके साथियों ने देश भक्ति गीत प्रस्तुत किये। इन गीतों में कैफी आजमी के लिखे गीत-हिन्दुस्तान की कसम... न झुकेंगे... और जो समर में हो गये अमर... शामिल हैं। पुलिस बैण्ड द्वारा भी देश भक्ति गीतों की धुनें प्रस्तुत की गईं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आमजन, विद्यार्थी, अधिकारी और जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
सम्मानित हुए सैन्य अधिकारी एवं जवान
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने वर्ष 1971 के युद्ध के सैन्य अधिकारियों और जवानों को प्रतीक चिन्ह और शाल प्रदान कर सम्मानित किया। सम्मानित सैन्य अधिकारियों में मेजर जनरल एम.पी.एस. कोंटल, श्री भारत भूषण देव, श्री एम.एल.खन्ना, ब्रिगेडियर प्रवीर गोस्वामी, कर्नल एस. कुमार वी.एस.एम., कर्नल पी.के. चटर्जी, कर्नल डी. वर्मा, कर्नल एस.के.एस. परमार, कैप्टन स्वराज पुरी, स्व. सुभाष सकरगाय की धर्मपत्नी श्रीमती प्रतिभा, श्री ए. खान की पत्नी श्रीमती नाजरा बेगम, मेजर सूबेदार एस. हरि की धर्मपत्नी श्रीमती मेरी और श्री यशवंत सिंह रावत की धर्मपत्नी श्रीमती विद्यावती शामिल है। इस मौके पर श्री मुंशीलाल गेहलोत की धर्मपत्नी श्रीमती सोनम देवी, श्री श्री रामचन्द्र अभिचन्दानी की धर्मपत्नी श्रीमती हरि, श्री भानुप्रताप सिंह की धर्मपत्नी श्रीमती सिंह, श्री सुरेश शर्मा की धर्मपत्नी श्रीमती रामा, श्री रामदेव शर्मा की धर्मपत्नी श्रीमती सुशीला, श्री नरेश जायसवाल की धर्मपत्नी श्रीमती ममता, श्री पूरन सिंह की धर्मपत्नी श्रीमती भवानी देवी, श्री वी. के. महेश्वरी की धर्मपत्नी श्रीमती शकुन्तला, विंग कमाण्डर श्री वी.एस. रघुवंशी, श्री गुरूशरण सिंह ग्रोवर, कर्नल एम.एम. दत्ता, विंग कमाण्डर जी. के. दुबे, श्री प्रकाश सिंह, श्री एम.के. गुप्ता, कैप्टन हरवान सिंह चौहान, ले. कर्नल संजीव पंडित, सीपीयू सुरेश, कैप्टन जे.एन. प्रसाद, नायक सूबेदार कुलदीप सिंह दुग्गल, श्री बी.सी. जोशी, नायक सूबेदार बी.सी. कटोच, एम.सी.पी.यू. अशोक दुबे, सीपीयू गुलाब सिंह, हवदार उदय नारायण शर्मा, श्री राम किशन पटेल, नायक श्री सिंह, श्री बनवारीलाल दुबे, सिपाही श्री कमल कांत, श्री रघुवंश प्रसाद, श्री विजय सिंह, श्री प्रेमलाल, श्री आशाराम, श्री के.एम. चेरियन, श्री प्रकाश रामलाल पाठक और नायक रामदास भी सम्मानित हुए।

मुझे जनता से चाहिए अपने कामकाज के आकलन का प्रमाण पत्र :-मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
16 December 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि मुझे अपने कामकाज के आकलन का प्रमाण पत्र जनता से चाहिए। प्रचार-प्रसार, होर्डिंग और ब्राडिंग के जरिए आत्म प्रशंसा करने से मैं परहेज रखता हूँ। श्री कमल नाथ ने 16 दिसम्बर 1971 को पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी द्वारा 48 साल पहले पाकिस्तान को करारी शिकस्त देते हुए एक नया राष्ट्र 'बांगलादेश' बनाने के गौरवपूर्ण दिन का उल्लेख करते हुए कहा कि अच्छा होता अगर पूरे देश में इसे विजय दिवस के रूप में मनाया जाता। मुख्यमंत्री ने आज एक निजी चैनल के एक वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित विशेष बातचीत के दौरान यह बात कही। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर प्रदेश में एक वर्ष में किए गए बुनियादी बदलाव और राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर खुलकर अपने विचार व्यक्त किए।
जनता का सरकार पर विश्वास हो, यह है मेरा प्रयास
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने अपने एक साल के कामकाज में प्रचार-प्रसार से दूर रहकर किए गए कामों पर कहा कि मेरा विश्वास है कि हमारे कार्यों पर अंतिम मुहर जनता की लगना चाहिए। जनता की तरफ से यह बात आए कि उसे सरकार और नेतृत्व पर विश्वास है। यही प्रमाण-पत्र हमारे लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। आयोजनों, अभियानों और अतिरेक प्रचार-प्रसार करें, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और हो, तो यह जनता के साथ धोखा है।
समय पर सही तरीके से योजनाओं का क्रियान्वयन ही हमारा लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पिछले एक साल के दौरान अपनी सरकार के कामकाज पर कहा कि काम करने के लिए मुझे अभी तक मात्र साढ़े नौ माह मिले हैं। मेरा सबसे पहला प्रयास यह था कि शासन और प्रशासन की सोच, नजरिए और दृष्टिकोण में परिवर्तन हो। हम चाहे कोई भी नीति बना लें, उसका क्रियान्वयन सही तरीके से समय पर न हो, तो इसका लाभ लोगों को नहीं मिलता है। इस दृष्टि से तंत्र के व्यवहार में परिवर्तन और जवाबदेही का वातावरण हमने प्रदेश में बनाया है। सरकार की योजनाओं का लाभ मिलेगा, ऐसा जनता में विश्वास हो। इस दिशा में हमने ठोस प्रयास किए हैं। जो निवेश हमारे यहां पूर्व से स्थापित है, उसका विश्वास सरकार पर हो, इस दृष्टि से भी हमने काम किया है। मेरा मानना है कि जब तक हम प्रदेश में स्थापित उद्योगों में विश्वास पैदा नहीं करेंगे, तब तक हमारे यहां नए निवेश आने की संभावना नहीं होगी। उन्होंने कहा कि मुझे यह बताते हुए खुशी है कि इस क्षेत्र में हमने सफलता हासिल की है।
माफिया मुक्त मध्यप्रदेश बनाना हमारी मंशा, टारगेट करना नहीं
मुख्यमंत्री ने मिलावटखोरी के बाद माफियाओं के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान पर कहा कि आज हमारे प्रदेश में जितने दूध की खपत है, उतना उत्पादन भी नहीं होता। जाहिर है कि प्रदेश की जनता को मिलावटी दूध वितरित हो रहा है। जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ को यह सरकार कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। इसलिए हमने प्रदेश में निरंतर दूध उत्पादन सहित सभी खाने-पीने की चीजों में मिलावट करने वालों के विरुद्ध अभियान चलाया है। यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। माफिया के खिलाफ छेड़ी गई मुहिम पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं यहां स्पष्ट करना चाहता हूँ कि हम इसके जरिए किसी को टारगेट नहीं कर रहे हैं। संगठित अपराध करने वाले और ब्लैकमेल करने वाले माफिया को अब मध्यप्रदेश में पनपने की इजाजत नहीं होगी। प्रदेश के विकास और जनता के हितों के साथ हम कोई समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि आज जब हम प्रदेश में निवेश की बात करते हैं, तो हमें निवेशकों के लिए ऐसा वातावरण भी बनाना होगा, जिसमें वे निर्भय होकर बगैर किसी दबाव के काम कर सकें। उन्होंने कहा कि जब से हमने यह अभियान छेड़ा है, लोग निर्भय होकर माफिया के विरुद्ध शिकायतें कर रहे हैं। मेरे पास लोगों के मेल भी आ रहे हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि लोग माफिया से त्रस्त हैं। भय के कारण वे अभी तक सामने नहीं आए थे। पिछले 15 वर्षों से उनकी सुनवाई नहीं हो रही थी। माफिया को राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ था। समाज और प्रदेश सुरक्षित रहे, इसके लिए प्रदेश को हम माफियामुक्त बनाकर रहेंगे।
धर्म हमारी आस्था का विषय है, राजनीति का नहीं
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने रामपथ वन गमन मार्ग बनाने और महाकाल मंदिर सहित प्रदेश के आस्था स्थलों के विकास की योजनाएँ शुरु करने पर कहा कि यह सब काम हम राजनीतिक एजेंडे पर नहीं बल्कि लोगों की आस्थाओं और मान्यताओं के सम्मान के लिए सरकार के दायित्व का ही निर्वहन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत विभिन्न संस्कृतियों, धर्मों और भाषाओं का देश है। इसी विशेषता के कारण पूरा विश्व भारत को सम्मान की दृष्टि से देखता है। यह सम्मान बरकरार रहे, इस दिशा में हम काम करते रहेंगे।
1971 का गौरव दिवस पूरे देश में मनाते, तो अच्छा होता
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम प्रदेश में 1971 में श्रीमती इंदिरा गांधी के नेतृत्व में पाकिस्तान के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई जीतने का विजय दिवस मना रहे हैं। हमारी सेना के तीनों अंगों के जवानों ने जिस वीरता के साथ इस युद्ध में पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी, आजादी के बाद इससे बड़ा गौरव का दिन भारतवासियों के लिए हो नहीं सकता। द्वितीय विश्व-युद्ध के बाद दुनिया के इतिहास में यह पहली बार हुआ था, जब पाकिस्तान के 93 हजार सैनिकों ने भारतीय सेना के सामने आत्म-समर्पण किया था। थल सेना के अध्यक्ष जनरल मानेक शॉ के समक्ष पाकिस्तान सेना के जनरल नियाजी ने अपनी बंदूक और बेल्ट उतारकर आत्म-समर्पण किया था। पाकिस्तान के शोषण से बंगलादेशियों को मुक्त कराकर एक नए देश का गठन श्रीमती इंदिरा गांधी के प्रयासों से संभव हुआ था। उन्हें पूरे विश्व ने इस सफलता पर 'आयरन लेडी' की उपाधि दी थी। हम सभी भारतवासियों के लिए 48 साल पहले का यह दिन सबसे बड़ा गौरवान्वित करने वाला दिन था। पाकिस्तान के खिलाफ 13 दिन चले इस युद्ध में हमारी सेना के जिन जवानों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया, उन शहीदों के प्रति पूरे देश की सच्ची श्रद्धांजलि होती, अगर हम इसे पूरे देश में विजय दिवस के रूप में मनाते।
विज़न डाक्यूमेंट प्रदेश के भविष्य के विकास का दस्तावेज
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने अपना एक साल का कार्यकाल पूरा करने पर जारी होने वाले विज़न डाक्यूमेंट की मूल मंशा बताते हुए कहा कि हम भविष्य के मुताबिक इस प्रदेश को गढ़ना चाहते हैं। शहर, गांव, कृषि और उद्योग के क्षेत्र में आने वाले समय में नए परिवर्तनों के साथ विकास की रूपरेखा बने, यह हमारे विज़न डाक्यूमेंट का मूल उद्देश्य है। हम प्रदेश की जनता को बताना चाहते हैं कि विकास को लेकर हमारी सोच क्या है।
राष्ट्रवाद की भावना जोड़ने की हो, बांटने की नहीं
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने राष्ट्रवाद की अपनी अवधारणा बताते हुए कहा कि हमारा देश विविधताओं का देश है। हर जाति, धर्म और संस्कृति का सम्मान हो, यही हमारा सच्चा राष्ट्रवाद है। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई भी कानून नहीं बनना चाहिए, जिससे यह संकेत और संदेश जाए कि हमारे देश के लोग खुद को असुरक्षित महसूस करें। उन्होंने कहा कि देश के हित में यह जरूरी है कि हम जोड़ने की राजनीति करें। हम हर उस फैसले के खिलाफ हैं, जिससे देश में वैमनस्य फैले और भाईचारे की भावना को आघात पहुंचे।

फूड जोन में मक्के से बने लगभग 200 प्रकार के लज़ीज व्यंजन
15 December 2019
भोपाल.छिन्दवाड़ा में दो दिवसीय कॉर्न फेस्टिवल में बनाये गये फूड जोन में मक्के से बने लजीज व्यंजन सभी को आकर्षित कर रहे हैं। फूड जोन में मक्के का केवल पॉपकॉर्न की तरह उपयोग करने वाले लोगों को मक्के से बनने वाले विविध स्वादिष्ट व्यंजनों की जानकारी और स्वाद दोनों मिल रहे है।
फूड जोन में हल्दीराम, इंदौर सराफा, मध्यप्रदेश पर्यटन निगम एवं विभिन्न स्व-सहायता समूहों द्वारा लगाये गये स्टॉल सहित अन्य 80 से अधिक स्टॉल के माध्यम से मक्के के 200 से अधिक स्वादिष्ट व्यंजन का जायका मिल रहा है। मक्के की रोटी और सरसों का साग, मक्के की खीर, मक्के का पोहा, मक्के के पापड़, मक्के का खूत, मक्के के ब्रेड पकोड़े, मक्के के मंगोड़े, स्वीट कॉर्न, मक्का चिप्स, कॉर्न पेस्ट्रीज, मक्के की टिक्की, मक्का वेज पकौड़ा, मक्के की बाटी, मक्के का चांवल, कॉर्न वेज बिरयानी, पॉपकॉर्न शेक, मक्के की बर्फी, कॉर्न नारियल पेड़ा, मक्के का पिठला, कॉर्न खस्ता पपड़ी, कॉर्न सूप, कॉर्न भेल, कॉर्न मेथी टिक्की, कॉर्न पनीर कुरकुरे, चिली कॉर्न, कॉर्न मंचूरियन, कॉर्न सैंडविच, कॉर्न केक, चीज कॉर्न समोसा, कॉर्न पकोड़े, मैगी कॉर्न, स्वीट कॉर्न चार्ट, कॉर्न कस्टर्ड, कॉर्न पाव भाजी, कॉर्न परांठे और यहाँ तक की कॉर्न पिज्जा का स्वाद भी चखने को मिल रहा है इसके अलावा मक्के से बनी और भी डिशेज का स्वाद यहाँ चखा जा सकता है।

मक्का उत्पादन में छिन्दवाड़ा को मिलेगी अंतर्राष्ट्रीय पहचान
15 December 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने छिन्दवाड़ा में दो दिवसीय कॉर्न फेस्टिवल 2019 का शुभारंभ करते हुए कहा कि छिन्दवाड़ा को मक्का उत्पादन के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि छिन्दवाड़ा जिले ने सोयाबीन के बाद मक्का उत्पादन में प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त किया है। श्री कमल नाथ ने कहा कि कृषि पर ही देश की संपूर्ण अर्थ-व्यवस्था निर्भर करती है। इसलिये उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र की मजबूती और किसानों की क्रय शक्ति को बढ़ाने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि हमने अथक प्रयासों से वर्ष 1979 के बाद छिन्दवाड़ा जिले में सोयाबीन उत्पादन को बढ़ाने के लिये केन्द्र सरकार के आयल शीड मिशन को लागू किया। उन्होंने कहा कि किसानों ने सोयाबीन में क्रांति लाकर छिन्दवाड़ा जिले को प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के सर्वश्रेष्ठ सोयाबीन उत्पादक जिलों में स्थान दिलाया है। उन्होंने कहा कि कालांतर में सोयाबीन का बीमारी आदि कारणों से उत्पादन कम होने तथा उचित मूल्य नहीं मिलने पर हमने कृषकों को सोयाबीन के स्थान पर मक्का की फसल लेने के लिये प्रेरित किया। जिले के किसानों ने मक्का की खेती के विकल्प को स्वीकार किया। श्री कमल नाथ ने कहा कि छिन्दवाड़ा जिले में औद्योगिक क्रांति के साथ ही कृषि के क्षेत्र में मक्का उत्पादन में सर्वश्रेष्ठ स्थान हासिल करने का हमारा वर्षों पुराना सपना साकार हुआ है।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि छिन्दवाड़ा सहित प्रदेश में कृषि और उद्यानिकी के कॉलेज और विश्वविद्यालय खोले जा रहे हैं ताकि भावी पीढ़ी और नौजवान शहरों की ओर रूख नहीं करते हुए कृषि की उन्नत तकनीकों और आधुनिक पद्धति से जुड़कर खेती के क्षेत्र में क्रांति ला सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले खेतों में धोती और पैजामा वाले गरीब किसान ही नजर आते थे। हमारा सपना है कि जींस और टी-शर्ट वाले समृध्द किसान खेती करते नजर आयें। उन्होंने कहा कि देश में मक्का की खेती का भविष्य उज्जवल है। श्री कमल नाथ ने कहा कि आज से 10 वर्ष पहले कृषि उत्पादन चुनौती हुआ करती थी। अब किसानों की मेहनत से पैदा हुए विपुल उत्पादन को सहेजना चुनौती है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य मिले और ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि मुख्य आर्थिक गतिविधि बने, इसके लिये सरकार सतत प्रयत्नशील है।
सांसद श्री नकुल नाथ ने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रयासों से छिन्दवाड़ा को कॉर्न सिटी के नाम से पूरे विश्व में नई पहचान मिल रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में छिन्दवाड़ा कॉर्न फेस्टिवल और अधिक भव्य होगा। उन्होंने कहा कि अब छिन्दवाड़ा जिले को शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में भी अग्रणी बनाया जायेगा।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री सचिन यादव ने कहा कि किसानों को उच्चतम गुणवत्ता का खाद, बीज और अन्य कृषि आदान सुविधापूर्वक मिले तथा उपज का वाजिब मूल्य मिल सके, ऐसे प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने मध्यप्रदेश को जैविक प्रदेश बनाने का कार्य शुरू किया है। इस दिशा में प्रथम चरण में एक हजार गौ-शालाएँ बनाई जा रही हैं। आगामी वर्षों में प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर गौ-शालाएँ स्थापित करने के प्रयास किये जायेंगे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री सुखदेव पांसे ने कहा कि छिन्दवाड़ा मक्का के क्षेत्र में प्रदेश का हब बने, इसके प्रयास किये जायेंगे। जनजातीय कार्य मंत्री श्री ओमकार सिंह मरकाम ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कार्यक्रम के प्रारम्भ में कॉर्न फेस्टिवल के सांस्कृतिक मंडप में मेले का शुभारंभ किया। कॉर्न फेस्टिवल के लिये छिन्दवाड़ा जिले के 4 हजार 674 शासकीय विद्यालयों के बच्चों ने एक साथ एक दिन में पौने 3 लाख पेंटिंग बनाकर विश्व रिकार्ड स्थापित किया है। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड के साउथ एशिया प्रभारी श्री आलोक कुमार ने कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को वर्ल्ड बुक रिकार्ड का प्रमाण-पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री ने चित्रकला प्रतियोगिता में चयनित सर्वश्रेष्ठ 12 पेंटिंग से बनाये गये कैलेंडर का विमोचन किया।
फार्म इको एप लांच
मुख्यमंत्री नेकॉर्न फेस्टिवल में आई.आई.टी. मुंबई के छिन्दवाड़ा निवासी छात्र प्रदीप शेंडे द्वारा निर्मित फार्म इको एप लांच किया। इस एप पर किसानों को शासन की योजनाओं, कृषि वैज्ञानिकों की सलाह, मार्गदर्शन, बीज, कीटनाशक, खाद, उपज के परिवहन, उपज को रखने के लिये वेयर हाउस, किराये पर उन्नत कृषि यंत्र की उपलब्धता, कांट्रेक्ट फार्मिंग आदि के संबंध में सहज ही जानकारी नि:शुल्क उपलब्ध होगी।
इस मौके पर विधायक सर्वश्री कमलेश प्रताप शाह, सुजीत सिंह चौधरी, निलेश उईके, विजय चौरे, सोहन बाल्मिक और सुनील उईके, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विश्वनाथ ओक्टे, बार एसोसियेशन के पूर्व अध्यक्ष श्री गंगा प्रसाद तिवारी, अन्य जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में मक्का उत्पादक किसान उपस्थित थे।

प्रदर्शनी में मिल रही मक्का फसल के लिये उपयोगी जानकारियाँ
15 December 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने छिन्दवाड़ा में दो दिवसीय कॉर्न फेस्टिवल में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों द्वारा कृषि आदान, सिंचाई यंत्र, कृषि यंत्र, उन्नत तकनीक और मक्का की विभिन्न प्रजातियों के उन्नत बीजों पर आधारित विशाल प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने प्रदर्शनी में पर्याप्त समय दिया। मुख्यमंत्री प्रत्येक स्टाल तक पहुँचे और उन्होंने प्रदर्शनी को कृषकों के लिये उपयोगी बताया। प्रदर्शनी जोन में 120 से अधिक स्टाल लगाये गये हैं। प्रदर्शनी में बीज, कीटनाशक दवा निर्माता कम्पनियाँ, उर्वरक प्रदाता, कृषि यंत्र प्रदाता कंपनियों ने अपने स्टाल लगाये हैं। कृषकों के लिये उन्नत तकनीक के साथ ही उपयोगी जानकारियाँ भी प्रदर्शित की गई हैं। प्रदर्शनी में कृषकों को कृषि के लिये वित्तीय मदद तथा जैविक कृषि को बढ़ाने की जानकारी भी दी जा रही है।
प्रदर्शनी में बताया जा रहा है कि अलग-अलग भूमि तथा पर्यावरण के लिये अनुकूल मक्का की प्रजातियाँ कौन-सी हैं। उनके बीज से होने वाले मक्का फसल की उत्पादकता क्या होगी। छिन्दवाड़ा जिले में पूर्व में मक्का की फसल पर फॉल आर्मि वर्म का प्रकोप हुआ था। प्रदर्शनी में मक्का फसल से इस कीट को नष्ट करने के उपायों की जानकारी भी दी जा रही है।
प्रदर्शनी में छिन्दवाड़ा नगर स्थित जूतों और फैशन डिजाईन से संबंधित महाविद्यालय और प्रशिक्षण संस्थान एफडीडीआई, एटीडीसी ट्रेनिंग सेंटर, सिल्क हैंडलूम सौंसर और उद्यानिकी उत्पादों से संबंधित कंपनियों के स्टाल भी हैं। राष्ट्रीय स्तर की उन्नत कृषि यंत्र निर्माता कंपनियों के ऐसे कृषि यंत्रों का सजीव प्रदर्शन किया गया है, जिनका आज तक किसानों द्वारा पहले कभी उपयोग नहीं किया गया। यहाँ ऐसे बड़े कृषि यंत्रों का प्रदर्शन भी हो रहा है, जो किसानों के लिये उपयोगी हैं परंतु योजनाओं में कृषकों को प्रदाय नहीं किया जाता है। उन यंत्रों के प्रदर्शन के साथ इनोवेटिव योजनाओं में किसानों से ऑन स्पॉट बुकिंग कराई जाकर किसानों को उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।

विजय दिवस पर रवीन्द्र भवन में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन
14 December 2019
भोपाल.विजय दिवस 16 दिसंबर को भोपाल स्थित रवीन्द्र भवन में शाम 7 बजे से अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया जायेगा। कवि सम्मेलन में डॉ. राहत इंदौरी, डॉ. कुमार विश्वास, डॉ. संपत सरल, डॉ. रास बिहारी गौड़, कर्नल वी.पी. सिंह, श्री रमेश मुस्कान, सुश्री कविता तिवारी और श्री दिनेश बावरा राष्ट्र भक्ति सहित अपनी काव्य रचनाएँ प्रस्तुत करेंगे।
शौर्य स्मारक परिसर में राज्य स्तरीय विजय दिवस कार्यक्रम
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के मुख्य आतिथ्य में इस दिन सुबह 11 बजे भोपाल स्थित शौर्य स्मारक परिसर में राज्य-स्तरीय विजय दिवस कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। संस्कृति‍मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ और जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा कार्यक्रम में शामिल होंगे।
उल्लेखनीय है कि सन 1971 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध में भारतीय सेना ने 16 दिसम्बर को पाकिस्तानी सेना पर विजय हासिल की थी। इस दिन के महत्व को चिरस्थायी बनाने के लिये विजय दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।

न्यूयार्क में लोक भाषाओं के संरक्षण सत्र को संबोधित करेंगे मंत्री श्री मरकाम
14 December 2019
भोपाल.आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री ओमकार सिंह मरकाम 17 दिसम्बर को न्यूयार्क में लोक-भाषाओं के संरक्षण और व्यापक प्रचार-प्रसार के सिलसिले में आयोजित उच्च स्तरीय समापन सत्र को संबोधित करेंगे। श्री मरकाम इस सत्र में मध्यप्रदेश की आदिवासी बोलियों के संरक्षण के लिये राज्य सरकार की ओर से किये जा रहे प्रयासों की जानकारी देंगे।
इस सत्र का उद्देश्य लोक-भाषाएं बोलने वाले जनजातीय समुदाय के सशक्तिकरण के लिये नई साझेदारी सुनिश्चित करना है। इस एक दिवसीय सत्र में लोक-भाषाओं की विश्व में स्थिति, उनके संरक्षण की चुनौती और उन्हें बढ़ावा दिये जाने पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। यू.एन. असेम्बली में यह सत्र 17 दिसम्बर को सुबह 10 बजे से शुरू होगा।
यूनाइटेड नेशन ने वर्ष 2019 को लोक-भाषाओं का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष घोषित किया है। इसी सिलसिले में संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष द्वारा आयोजित इस समारोह में यूनेस्को और यूएनडीईएसए भी सहयोग कर रहे हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य संयुक्त प्रतिबद्धता और प्रचलित प्रयासों में प्रगति सुनिश्चित करना है।

वन विहार में 19 दिसम्बर से अनुभूति कार्यक्रम, 24 को भाग लेंगे दिव्यांग बच्चे
13 December 2019
भोपाल.अनुभूति कार्यक्रम में इस वर्ष भोपाल का वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भी शामिल किया गया है। उद्यान में 19, 23, 24 दिसम्बर और 4, 7, 9 जनवरी को होने वाले अनुभूति शिविर में भोपाल के शासकीय स्कूलों के बच्चे भाग लेंगे। प्रत्येक शिविर में 6वीं से 12वीं तक अध्ययनरत 120 छात्र-छात्राएँ होंगे, जिनकी लाने-ले जाने की व्यवस्था वन विहार प्रबंधन द्वारा की जाएगी।
अनुभूति शिविर का एक दिन दिव्यांग और विशेष रूप से सक्षम बच्चों के लिये रखा गया है। इसमें आरुषि, निदान, लक्ष्य, दिग्दर्शिका संस्थाओं के बच्चे भाग लेंगे। इसके अलावा सेरिब्रल पॉल्सी एसोसिएशन, एसओएस बालग्राम, बालक-बालिका गृह आदि संस्थाओं के बच्चे भी भाग लेंगे। दृश्य-श्रवण बाधित बच्चों को वन, पेड़-पौधों, वन्य-प्राणियों की अनुभूति अलग तरीके से कराई जाएगी।
शिविर निर्धारित तारीखों में सुबह 7 से शाम 5 बजे तक होगा। शिविर में पक्षी दर्शन, प्रकृति पथ भ्रमण, ब्रीफिंग, जिज्ञासा समाधान, सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि होंगे। इनके माध्यम से विद्यार्थियों को वन्य-प्राणी और वन संरक्षण के बारे में रोचक ढंग से जानकारी दी जाएगी। शिविर में सम्मिलित बच्चों से फीडबैक लिया जाएगा और प्रतियोगिताओं के विजेता बच्चों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। शिविर में भाग लेने वाले प्रत्येक बच्चे को अनुभूति बैग, कैप, पठनीय सामग्री, मुन्ना की कहानी, स्टीकर, पोस्टर, की-रिंग, बैच और प्रमाण-पत्र दिया जाएगा।

शासकीय आवास आवंटन के लिये नया वेब पोर्टल शुरू
13 December 2019
भोपाल.शासकीय आवास आवंटन के लिये संपदा संचालनालय द्वारा नया वेब पोर्टल www.sampada.mp.gov.in शुरू किया गया है। पूर्व में संचालित वेब पोर्टल www.mpsampada.in को पूर्णत: बंद कर दिया गया है। भोपाल स्थित शासकीय सेवकों की सुविधा के लिये यह पोर्टल शुरू किया गया है।
संपदा संचालक डॉ. आर.आर. भोंसले ने बताया कि शासकीय आवास आवंटन के लिये शासकीय सेवक को नये वेब पोर्टल पर ही ऑनलाइन आवेदन करना होगा। अन्य विभागीय जानकारियां भी नये पोर्टल से ही प्राप्त होंगी।
शासकीय आवास आवंटन का पूर्व की भांति ही संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारी द्वारा सत्यापन करने के बाद ऑनलाइन आवेदन सम्पदा संचालनालय को प्रेषित किया जाएगा। आहरण एवं संवितरण अधिकारी द्वारा नवीन वेब पोर्टल पर सत्यापन के लिये लॉगइन करने की यूजर आईडी और पासवर्ड पूर्वानुसार ही है।
भोपाल स्थित शासकीय आवास आवंटन नियम 2000 के अनुसार आवेदनकर्ता को पात्रता के आधार पर एफ, जी, एच और आई श्रेणी के आवास आवंटन की प्रक्रिया होगी। प्रावधिक आवास आवंटन की सूचना और आवास आवंटन प्रक्रिया संबंधी अन्य जानकारियाँ आबंटी को ऑनलाईन रजिस्टर्ड मोबाईल नम्बर पर गृह विभाग के अधिकृत एसएमएस-गेटवे द्वारा मिलेगी। साथ ही, कार्यालय के नये वेब पोर्टल पर भी प्रदर्शित की जायेगी।

केन्द्र द्वारा पाँच मेडिकल कॉलेज में 646 पी.जी. सीट बढाने का प्रस्ताव मंजूर
13 December 2019
भोपाल.केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की तकनीकी मूल्यांकन समिति ने मध्यप्रदेश के पाँच शासकीय मेडिकल कॉलेज में स्नातकोत्तर (पी.जी.) पाठ्यक्रम में 646 सीट बढाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इन सीटों को बढाने पर 521 करोड़ 74 लाख 45 हजार रूपये खर्च होंगे। इस खर्च का 60 प्रतिशत केन्द्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य शासन द्वारा वहन किया जायेगा।
केन्द्र सरकार से मंजूरी से प्रदेश के नेताजी सुभाष चन्द्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर में 85, श्याम शाह मेडिकल कॉलेज रीवा में 88, गजराराजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर में 91, महात्मा गाँधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज इंदौर में 169, बुन्देलखण्ड मेडिकल कॉलेज सागर में 85 और गाँधी मेडिकल कॉलेज भोपाल में 128 सीटें बढेंगी।
प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा श्री शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि जबलपुर के शासकीय मेडिकल कॉलेज के लिये द्वितीय चरण में 17 पी.जी. पाठ्यक्रमों में सीट बढाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। इससे बॉयो केमिस्ट्री, माईक्रो बॉयोलॉजी, फॉरेन्सिक मेडिसिन, इमरजेंसी मेडिसिन और पल्मोनरी मेडिसिन (डीएम) की क्रमश: पाँच, दो, तीन और दस सीट बढेंगी। इसी के साथ, द्वितीय चरण में पैथालॉजी, साइकियाट्रिक, रेडियो डायग्नोसिस में दो-दो, फॉर्माकोलॉजी में 6, ऑप्थलमोलॉजी में 4, ईएनटी में एक, जनरल मेडिसिन में 18, जनरल सर्जरी में 8, ऑर्थोपेडिक्स में 7, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी में 5, रेस्पॉयरेटरी में 5 और न्यूरो सर्जरी में 3 सीट की वृद्धि होगी, जिसका अनुमानित व्यय लगभग 93 करोड़ रूपये है।
रीवा के शासकीय श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय में बॉयो-केमेस्ट्री और फॉरेंसिक मेडिसिन की 3-3, ओटोरिनोलेरिंगोलॉजी की 4, रेडियो डायग्नोसिस की 4 और डर्माटोलॉजी, वेनेरेलॉजी एण्ड लेप्रसी की 2 सीट की वृद्धि होगी। साथ ही, एनाटॉमी की 4, फिजियोलॉजी की 5, पैथालॉजी की 8, फार्माकोलॉजी की 3, कम्युनिटी मेडिसिन की 4, ऑप्थलमोलॉजी की 4, जनरल मेडिसिन की 8, जनरल सर्जरी की 6, ऑर्थोपेडिक्स की 7, गॉयन्कोलॉजी की 5, पीडियाट्रिक्स की 3, एनिस्थीसियोलॉजी की 14 और साइकियाट्री में एक सीट की वृद्धि होगी, जिस पर 77.17 करोड़ रूपये की राशि व्यय होगी।
ग्वालियर के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में एनाटॉमी की 8, फिजियोलॉजी की 6, पैथालॉजी की 10, माइक्रो बॉयोलॉजी की 7, फार्माकोलॉजी की 8, कम्युनिटी मेडिसिन की 7, ऑथोपेडिक्स की 5, जनरल सर्जरी की 11, एनिस्थीसियोलॉजी की 4, गॉयन्कोलॉजी की 8, जनरल मेडिसिन की 10, रेडियो डॉयग्नोसिस की 4 और पीडियाट्रिक्स की 3 बढेंगी, जिस पर लगभग 60 करोड़ व्यय होंगे।
केन्द्र द्वारा मंजूर की गई सीटों में इंदौर के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में 175 करोड़ 63 लाख से 169 पी.जी. सीट्स की वृद्धि होगी। इनमें एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, एनिस्थीसिया की 8-8, बॉयो केमेस्ट्री की 10, पैथालॉजी की 15, माइक्रोबॉयोलॉजी की 14, फारेंसिक मेडिसिन की 7, कम्युनिटी मेडिसिन की 14, डर्माटोलॉजी की एक, रेडियो डायग्नोसिस की 5, सर्जरी की 20 एनिस्थीसिया की 8, ऑर्थोपेडिक्स की 5, मेडिसिन की 21, साइक्रियाट्रि की 6, ऑब्सटेट्रिक्स एण्ड गॉयन्कोलॉजी की 10, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन की 5 और ईएनटी की 4 सीट शामिल हैं।
सागर के शासकीय मेडिकल कॉलेज में एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, फॉर्माकोलॉजी, रेडियो डायग्नोसिस की 2-2, कम्युनिटी मेडिसिन, ऑप्थलमोलॉजी की 3-3, पैथालॉजी की 9, माइक्रोबॉयोलॉजी, बॉयोकेमेस्ट्री, पीडियाट्रिक्स, ऑथोपेडिक्स, ईएनटी की 5-5, जनरल मेडिसिन और जनरल सर्जरी की 11-11, गॉयन्कोलॉजी की 8 और एनिस्थीसियोलॉजी की 7 सीट्स की वृद्धि की गई है। इन पर 92 करोड़ रुपये से अधिक राशि व्यय होगी।
भोपाल के गाँधी मेडिकल कॉलेज में लगभग 117 करोड़ से 128 पी.जी. सीट की वृद्धि अनुमानित है। इनमें एनाटॉमी की 16, फिजियोलॉजी, माइक्रोबॉयोलॉजी, फॉरेंसिक मेडिसिन की 9-9 सीट्स, बॉयोकेमेस्ट्री, रेडियो डॉयग्नोसिस की 10-10, फॉर्माकोलॉजी की 14, पैथालॉजी की 20, कम्युनिटी मेडिसिन की 17, जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी की 24-24, पीडियाट्रिक्स की 25, टी.बी. चेस्ट की 5, साइकियाट्रि की 3, ऑथोपेडिक्स की 17, ओटोरिनोलेरिंगोलॉजी की 5, ऑप्थलमोलॉजी की 8, गॉयन्कोलॉजी की 25 और एनिस्थीसियालॉजी की 35 पी.जी. सीट शामिल हैं।

अपराधों पर रोकथाम के लिए नई तकनीक का बेहतर इस्तेमाल करे पुलिस
12 December 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि अपराधों पर सख्ती से रोकथाम के लिए पुलिस विभाग नई तकनीक अपनाकर उसका बेहतर इस्तेमाल करे। श्री कमल नाथ आज बड़े तालाब स्थित जल क्रीड़ा केन्द्र में 19वीं अखिल भारतीय वॉटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता 2019 का शुभारंभ कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश-दुनिया में हुए परिवर्तनों के साथ नई तकनीक आने से पुलिस को कामकाज में सहूलियत हुई है। उन्होंने कहा कि नई तकनीक से अपराधों और अपराधियों पर रोकथाम आसान हुई है। आवश्यकता इस बात की है कि हम किस तरह नई तकनीक को अपने कामकाज का हिस्सा बनाएं और उसका उपयोग कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में करें।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि खेल प्रतियोगिताओं से प्रतिभाएं उभरकर सामने आती हैं। खेल मनुष्य को मानसिक और शारीरिक रूप से भी स्वस्थ्य बनाते हैं। हमारा पुलिस बल शारीरिक और मानसिक तौर पर स्वस्थ हो, इस दृष्टि से खेल प्रतियोगिताएं महत्वपूर्ण हैं। प्रतियोगिता में भाग ले रहे केन्द्रीय बलों, अर्द्ध सैनिक संगठनों और 20 राज्यों से आए पुलिस विभाग के खिलाड़ियों का स्वागत करते मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि इस प्रतियोगिता के माध्यम से खिलाड़ी उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने प्रतियोगिता में भाग ले रहे टीम प्रमुखों से परिचय प्राप्त किया और स्मारिका का विमोचन किया। श्री कमल नाथ ने परंपरानुसार खेल प्रतियोगिता शुभारंभ करने की घोषणा की। प्रतियोगिता में भाग ले रही टीमों ने मार्च-पास्ट कर मुख्यमंत्री को सलामी दी।
समारोह को पुलिस महानिदेशक श्री वी.के. सिंह ने भी संबोधित किया। इस मौके पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री आदर्श कटियार, पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित थे।
ज्ञातव्य है कि अखिल भारतीय पुलिस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड ने 19वीं अखिल भारतीय वॉटर स्पोर्ट्स की जिम्मेदारी मध्यप्रदेश पुलिस को सौंपी है। यह प्रतियोगिता 16 दिसम्बर तक चलेगी। मध्यप्रदेश में पांचवी बार इस प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता में क्याकिंग, केनोईंग एवं रोईंग स्पर्धाएं होंगी।

राष्ट्रीय एकलव्य खेल प्रतियोगिता के "मुन्ना बाघ के लिये वन विहार में बाड़ा तैयार
12 December 2019
भोपाल.देश के सबसे लोकप्रिय बाघों में से एक और बरसों कान्हा की शान के नाम से मशहूर 'मुन्ना' बाघ के लिये वन विहार में नया घर (बाड़ा) तैयार हो गया है। मुन्ना बाघ आजकल भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय एकलव्य खेल प्रतियोगिता की पहचान (लोगो) बन गया है। इसे हाल ही में कान्हा टाइगर रिजर्व से भोपाल के वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में शिफ्ट किया गया है।
पूरे विश्व में यह 17 वर्षीय बाघ मुन्ना अपने माथे पर अंकित धारियों 'CAT' और उसके नीचे 'PM' के लिये जाना जाता है। मुन्ना अपनी राजसी चाल-ढाल और फोटो खिचवाने की निर्भीक अदा के कारण पर्यटकों, छायाचित्रकारों और बाघ संरक्षणविदों के बीच बहुत अधिक लोकप्रिय रहा है। आयकॉन बन चुके मुन्ना के वीडियो और फोटोज को करोड़ों लोगों द्वारा सराहा गया है। बिल्ली प्रजाति का होने के कारण बाघ को आम भाषा में कैट या सुपर कैट भी कहा जाता है।
सामान्यत: जंगल में बाघ की उम्र 10-12 वर्ष होती है। विगत वर्षों में अपने सुन्दर, फुर्तीले और बलवान शरीर से करोड़ों प्रशंसकों का दिल जीतने वाला मुन्ना वृद्धावस्था के कारण थोड़ा कमजोर हो गया है। चारों केनाइन (दाँत) घिस जाने से उसे शिकार करने में कठिनाई होने लगी थी। कम उम्र के नर बाघों के साथ वर्चस्व की लड़ाई से बचने के लिये इसने पिछले दो साल से खुद को कोर से बफर एवं सामान्य वन मंडल क्षेत्र में शिफ्ट कर लिया था। ग्रामीण इलाकों की ओर विचरण भी शुरू किया था। मवेशियों के साथ इसने एक युवती का भी शिकार किया। इसलिये मुन्ना को अक्टूबर माह में कान्हा से भोपाल के वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में शिफ्ट किया गया है। इससे मुन्ना की सुरक्षा के साथ ग्रामवासियों की भी सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।
मुन्ना का जन्म वर्ष 2002 में हुआ था। पार्क में इसका नाम टी-17 था, जिसे पर्यटकों और गाईड ने प्यार से 'मुन्ना'' कर दिया था। बलवान मुन्ना जंगल में बड़ी आसानी से शिकार करता था। इसको कभी किसी ने घायल नहीं देखा। पर्यटकों के बीच यह अपने अच्छे स्वभाव के लिये भी जाना जाता था। कान्हा से भोपाल के सफर के दौरान मुन्ना शांत रहा और वन विहार में भी शांत भाव से रह रहा है।
कान्हा के क्षेत्र संचालक श्री एल. कृष्णमूर्ति के मुताबिक कोई सन्देह नहीं है कि मुन्ना ने कान्हा में एक वास्तविक राजा की तरह राज किया। वह वन्य-प्राणी संरक्षण का प्राकृतिक राजदूत है, जिसने बाघ बचाओ मुहिम के लिये बहुत बड़ी संख्या में लोगों को प्रेरित किया। आज कान्हा का हर व्यक्ति उसे बहुत मिस कर रहा है।

प्रदेश की मांग के अनुसार यूरिया का आवंटन बढ़ाने का केन्द्र से आग्रह
12 December 2019
भोपाल.किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री श्री सचिन यादव ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री सदानंद गौड़ा से मिलकर प्रदेश को आवंटित यूरिया की निर्धारित समय-सीमा में आपूर्ति किये जाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस साल अच्छी बारिश होने से रबी का रकबा बढ़ा है। इसलिये प्रदेश की माँग के अनुसार यूरिया का आवंटन भी बढ़ाया जाए। केन्द्रीय मंत्री श्री गौड़ा ने प्रदेश को यूरिया की समुचित आपूर्ति किये जाने का आश्वासन दिया।
मंत्री श्री सचिन यादव ने केन्द्रीय मंत्री से प्रदेश की यूरिया की दिसम्बर माह की निर्धारित मात्रा 4.36 लाख मीट्रिक टन तथा अक्टूबर-नवम्बर माह के बैकलॉग 2 लाख मीट्रिक टन की आपूर्ति शीघ्र कराने का आग्रह किया।

जनता के काम में लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
10 December 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने खाद वितरण, धान खरीदी और सड़क मरम्मत कार्य को प्राथमिकता से करने साथ ही वन अधिकार पट्टों के सभी प्रकरणों का निराकरण इस माह के अंत तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आम जनता की शिकायतों को बगैर निराकरण किये बंद करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान की जवाबदेही निचले स्तर पर नहीं बल्कि उच्च स्तर पर तय की जाए। श्री कमल नाथ आज मंत्रालय में जन-अधिकार कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिलों के कलेक्टर और शिकायतकर्ताओं से संवाद कर रहे थे।
खाद वितरण में कोताही न हो
मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों से कहा कि खाद वितरण के काम को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। खाद की पर्याप्त उपलब्धता का ध्यान रखें और कालाबाजारी न हो, यह सुनिश्चित करें। निजी खाद विक्रेताओं द्वारा किसानों को महंगी दर पर खाद विक्रय न हो, इसकी भी निगरानी की जाए। उन्होनें कहा कि मिलावटी खाद बाजार में नहीं बिकना चाहिए। यह सुनिश्चित करें कि खाद को लेकर कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।
समय पर हो धान की खरीदी और भुगतान
मुख्यमंत्री ने कहा कि धान की खरीदी के लिए सभी इंतजाम पुख्ता रखे जाएं। समय पर सही तरीके से धान की खरीदी प्रक्रिया शुरू करें। उन्होंने पर्याप्त मात्रा में बारदानों की उपलब्धता बनाए रखने और किसानों को उनकी उपज का भुगतान भी समय पर करने को कहा।
ऐसी सड़कों की सूची भेजें, जिससे लोग परेशान हो रहे हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में सड़कों की मरम्मत का कार्य व्यापक पैमाने में किया जा रहा है। उन्होंने कलेक्टरों से कहा कि सड़कें गुणवत्तापूर्ण बनें, इस पर निगाह रखें। उन्होंने कहा कि ऐसी सड़कों की सूची भी तैयार की जाए, जहाँ मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हुआ है और उनके न बनने से जनता को परेशानी हो रही है।
इसी माह वन अधिकार प्रकरणों का निराकरण पूरा करें
वन अधिकार पट्टों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी पात्र लोगों को पट्टे मिलें यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि गरीब आदिवासियों से जुड़े इस मुद्दे पर किसी भी तरह की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी।
सिर्फ शिकायतें एकत्र न करें, उनका समाधान भी करें
मुख्यमंत्री ने आपकी सरकार - आपके द्वार कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से चलाया जाए। उन्होंने कहा कि कई जगहों से गंभीरता से यह कार्यक्रम न चलने की शिकायतें मिल रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपकी सरकार - आपके द्वार कार्यक्रम का लक्ष्य जनता की समस्याओं का मौके पर निराकरण करना है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ शिकायत एकत्र करने वाला नहीं बल्कि लोगों की समस्याओं का समाधान करने वाला कार्यक्रम है। इस मानसिकता के साथ सभी मैदानी अधिकारियों को काम करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को ग्राम युवा शक्ति समिति का गठन और किसान बंधु की नियुक्ति शीघ्र करने के निर्देश दिए।
निराकरण के बगैर शिकायत बंद करने की संस्कृति बर्दाश्त नहीं
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने शिकायतों के निराकरण के बगैर उन्हें नस्तीबद्ध करने की प्रवृत्ति को गंभीरता से लेते हुए कहा कि यह संस्कृति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। श्री कमल नाथ ने सागर के श्री रामबाबू एवं गुना के श्री विवेक अहिरवार को छात्रवृत्ति न मिलने, देवास के श्री दिनेश नागर को वृक्षारोपण की राशि न मिलने तथा रीवा की श्रीमती शुभद्रा विश्वकर्मा के प्रकरण को नस्तीबद्ध करने और संतुष्‍ट होने की रिपोर्ट देने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शिकायतों को तब तक निराकृत नहीं माना जाएगा, जब तक उसका समाधान न हो जाए और शिकायतकर्ता संतुष्ट न हो।
शिकायत को झूठी बताने पर जनपद सीईओ निलंबित
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने बड़वानी जिले के पाटी जनपद के सीईओ को शिकायतकर्ता श्री श्याम राठौर की शिकायत को झूठी बताने की रिपोर्ट देने पर तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए। इस प्रकरण में रोजगार सहायक की सेवा समाप्त की गई है और पंचायत सचिव एवं सहायक इंजीनियर को निलंबित किया गया है। श्री श्याम राठौर ने वर्ष 2018 में ग्राम पंचायत पाटी में चल रहे निर्माण कार्यों और कपिलधारा कुँआ योजना में हो रही अनियमितताओं की शिकायत की थी।
‍ बिल्डर के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज करने के निर्देश
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने भोपाल के वार्ड क्र. 48 के शिकायतकर्ता श्री रविन्द्र कुमार यादव के प्रकरण में बिल्डर के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए। श्री यादव ने भोपाल के मेसर्स भारती बिल्डर्स से फ्लैट खरीदा था, जिसका पजेशन उसे नहीं दिया गया। इसकी शिकायत उसने रियल एस्टेट रेग्यूलेटरी अथॉरिटी (रेरा) में की थी। रेरा ने आवेदक के पक्ष में फैसला सुनाया और भोपाल कलेक्टर को पूरी राशि दिलाने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन द्वारा की गई कार्यवाही के फलस्वरूप दो चैक क्रमश: 1 लाख 50 हजार और 1 लाख 57 हजार के दिए गए, जो बाउंस हो गए। मुख्यमंत्री ने आवेदक को उसकी पूरी राशि दिलाने और बिल्डर के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए। इंदौर के श्री संजय उपाध्याय द्वारा भूमि संबंधी की गई शिकायत के प्रकरण में मुख्यमंत्री ने आयुक्त इंदौर संभाग को 15 दिन में प्रकरण का निराकरण करने को कहा है।

साँची के पास निनोद में बनेगा 220 करोड़ का प्रदेश का पहला विश्व-स्तरीय गोल्फ कोर्स
10 December 2019
भोपाल.मध्यप्रदेश में निवेश के लिए तैयार किए गए वातावरण के परिणाम आने शुरू हो गए हैं। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल साँची के पास ग्राम निनोद में 220 करोड़ रूपये लागत से 27 होल का विश्व-स्तरीय गोल्फ कोर्स सह-रिसॉर्ट एवं होटल बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज मंत्रालय में वेस्ले ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री डोरियन मुलेन्स को स्वीकृति पत्र (लेटर ऑफ अवार्ड) सौंपा। इस अवसर पर सचिव पर्यटन श्री फैज अहमद किदवई उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ से आज वेस्ले ग्रुप के प्रतिनिधि मंडल ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में निवेश के नए अवसर के लिए सरकार अपनी नीतियों को उदार बनाने के साथ ही रोजगार प्रधान निवेश को प्रोत्साहित करेगी। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए पर्यटन नीति (2016) को संशोधित कर 2019 में अल्ट्रा मेगा परियोजना का प्रावधान जोड़ा गया है। इसके परिणाम स्वरूप ही वेस्ले ग्रुप ने निनोद गाँव में 70.718 हेक्टेयर में विश्व-स्तरीय गोल्फ कोर्स, होटल रिसॉर्ट एवं कन्वेशन सेंटर एवं हेलीपेड के निर्माण का प्रस्ताव दिया था।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने वेस्ले ग्रुप के प्रस्ताव को स्वीकृत कर लेटर ऑफ अवार्ड वेस्ले ग्रुप को सौंपा है। इस परियोजना से 310 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त होगा। पर्यटन नीति के प्रावधानों के अनुरूप इसमें से 247 पदों पर मध्यप्रदेश के मूल निवासियों को नियुक्ति दी जाएगी।
इस अवसर पर कंपनी के पार्टनर सीईओ वेस्ले ग्रुप मुंबई श्री आलोक तिवारी, श्री तकद्दुस खान तथा पर्यटन एवं मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के संयुक्त संचालक श्री सुरेश झारिया उपस्थित थे।

मंत्री श्री शर्मा द्वारा अंजली काम्पलेक्स में सम्पटैंक का लोकार्पण
10 December 2019
भोपाल.जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी शर्मा ने अंजली कॉम्पलेक्स में 25 लाख लागत के सम्पटैंक एवं पम्प हाउस का लोकर्पण किया। इस अवसर पर महापौर श्री आलोक शर्मा, पार्षद श्री अमित शर्मा मौजूद थे। मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सम्पटैंक से एक हजार से अधिक परिवारों को स्वच्छ पेयजल मिलेगा।
मंत्री श्री शर्मा ने नागरिकों से अनुरोध किया कि पानी अपनी जरूरत के हिसाब से उपयोग में लाएं। इसे बर्बाद न करे। उन्होंने कहा कि पानी का अधिकार पाने के लिये जरूरी है कि हम पेयजल स्रोतों का संरक्षण और संवर्धन करें।

बाल खिलाड़ी अपनी उत्कृष्ट खेल प्रतिभा से देश की शान बढ़ाएँ : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
9 December 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज यहाँ टी.टी. नगर स्टेडियम में एकलव्य आवासीय विद्यालयों की राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता 2019-20 का शुभारंभ करते हुए बाल खिलाड़ियों का आव्हान किया कि वे खेल की भावना से देश के भविष्य का निर्माण करें और इसकी शान बढ़ायें। उन्होंने कहा कि विविध संस्कृतियों, सभ्यताओं, भाषाओं और धर्मों के भारत देश की विशेषता को आत्मसात करें। अपनी उत्कृष्ट खेल प्रतिभा से दुनिया में भारत का नाम रोशन करें।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि यह राष्ट्रीय आयोजन केवल खेल प्रतियोगिता नहीं है बल्कि हमारे देश की विविध संस्कृतियों, भाषाओं और धर्मों से जुड़े बच्चों के आपसी मेल-जोल का आयोजन हैं। इससे हमारे बच्चे अपने देश की विविधता को न केवल पहचानेंगे बल्कि आपसी संबंधों से देश की एकता को मजबूत बनायेंगे। मुख्यमंत्री ने देश के 23 राज्यों से आए 4000 प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने की शुभकामनाएँ दीं।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री जीतू पटवारी ने एकलव्य आवासीय विद्यालयों की राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में भाग ले रहे सभी प्रतिभागियों को मध्यप्रदेश सरकार की ओर से ट्रेक सूट देने की घोषणा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश पहला राज्य है, जहाँ राज्य के विभिन्न विधाओं के खिलाड़ियों के लिए बीमा योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि श्री कमल नाथ ने मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद पूरे प्रदेश में खेलकूद का एक नया वातावरण बनाया है। गुरुनानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर प्रदेश के हर ब्लाक में खेल प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि हम प्रयास कर रहे हैं कि अगले राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं की मेजबानी मध्यप्रदेश करे। उन्होंने केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय से आग्रह किया कि वे प्रदेश के आदिवासी खिलाड़ियों को बेहतर शिक्षण, प्रशिक्षण देने के लिए मदद करें।
आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री ओमकार सिंह मरकाम ने कहा कि मध्यप्रदेश में आदिवासी क्षेत्रों की खेल प्रतियोगिताओं को आगे बढ़ाने और उन्हें अवसर प्रदान करने के प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि आदिवासी बच्चों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। वे एकलव्य के वंशज हैं, जिनमें एक निष्ठा और मेहनत करने की भरपूर क्षमता है। श्री मरकाम ने कहा कि भोपाल में हो रही खेल प्रतियोगिता का यह राष्ट्रीय आयोजन मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ की पहल का परिणाम है।
प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण किया। एकलव्य राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में भाग ले रहे 23 राज्यों के बाल खिलाड़ियों ने मार्च पास्ट कर मुख्यमंत्री को सलामी दी। मुख्यमंत्री ने खेल प्रतियोगिता के शुभारंभ की घोषणा की। विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों ने खेल मशाल प्रज्जवलित की। मध्यप्रदेश की बाक्सिंग में गोल्ड मैडल प्राप्त करने वाली खिलाड़ी सुश्री पूजा कुशवाहा ने प्रतिभागी खिलाड़ियों को खेल भावना की शपथ दिलवाई।
इस मौके पर मध्यप्रदेश के लोकप्रिय आदिवासी लोक नृत्यों का प्रदर्शन किया गया। समारोह में केन्द्रीय जनजातीय मंत्रालय के सचिव श्री दीपक खांडेकर, प्रमुख सचिव आदिम जाति कल्याण श्रीमती दीपाली रस्तोगी और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित थे।

भविष्य की जरूरतों के अनुसार बनेंगे शहरों के मास्टर प्लान : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
9 December 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि अब हमारा लक्ष्य है कि देश में मध्यप्रदेश की एक अलग पहचान बने। उन्होंने कहा कि भविष्य की जरूरतों और आबादी के दबाव को कम करने के लिए भोपाल सहित प्रदेश के सभी शहरों का मास्टर प्लान बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भोपाल के इतिहास का विधिवत लेखन भी किया जाएगा। श्री कमल नाथ आज यहाँ बड़ा तालाब स्थित जीवन वाटिका उद्यान में म्यूजिकल वॉटर फाउंटेन का उद्घाटन कर रहे थे। भोपाल जिले के प्रभारी सहकारिता मंत्री डॉ. गोविंद सिंह तथा नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि हर शहर की अपनी संस्कृति और इतिहास है। आने वाली पीढ़ी को इससे अवगत कराने के लिए प्रयास करना होंगे, जिससे वे अपने शहर की विशिष्ट परंपराओं और सभ्यता को जान सके। उन्होंने कहा कि बढ़ते हुए शहरीकरण से उत्पन्न समस्याओं पर गंभीरता से सोचना होगा और इसके समाधान के उपाय तलाशने होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरों के विस्तार और उन्हें व्यवस्थित बनाने में आम जनता से भी जुड़ें क्योंकि बगैर जनता के सहयोग के यह संभव नहीं होगा।
मुख्यमंत्री ने भोपाल की शान बड़े तालाब में म्यूजिकल वॉटर फाउंटेन की शुरूआत होने पर महापौर श्री आलोक शर्मा एवं नगर निगम को बधाई देते हुए कहा कि हम प्रदेश के प्रमुख मंदिरों और एतिहासिक धरोहरों में लेजर शो के माध्यम से उसके इतिहास और संस्कृति को आम लोगों, विशेषकर पर्यटकों के सामने प्रस्तुत करने की योजना बना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री के रूप में भोपाल तालाब के गहरीकरण, सौंदर्यीकरण और वी.आई.पी. रोड बनाने के लिए योजना मंजूर कर राशि उपलब्ध करवाई थी। उन्होंने कहा कि यह मेरी जवाबदारी थी कि भोपाल का यह ताल सदैव सुरक्षित और सुंदर रहे।
जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने प्रदेश के हर शहर का सौंदर्य निखारने के प्रयास प्रारंभ किए है। आज हमारा भोपाल वायु सेवा के माध्यम से देश के प्रमुख शहरों से जुड़ा है। इसका श्रेय श्री कमल नाथ को जाता है। श्री शर्मा ने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए संजीवनी क्लीनिक का शुभारंभ कर मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक काम किया है। बेहतर स्वास्थ्य के साथ सुंदर शहर बनाने के लिए भी उनके निरंतर प्रयास जारी है। महापौर श्री आलोक शर्मा ने भोपाल के इतिहास को नए सिरे से लिखने की आवश्यकता बतलाई। उन्होंने कहा कि भोपाल का एक हजार पुराना गौरवशाली इतिहास है। यहाँ की गंगा-जमुनी तहजीब हमारे आपसी सद्भाव की मिसाल है।
मुख्यमंत्री ने म्यूजिकल वॉटर फाउंटेन का विधिवत शुभारंभ किया। शास्त्रीय संगीत और गायन के साथ भोपाल ताल की पानी की बूंदों से मनोहारी छटाएँ प्रस्तुत की गईं। पानी की बूंदों के जरिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 150वें वर्ष में उनके जीवन वृत्त को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर भोपाल नगर निगम परिषद के अध्यक्ष श्री सुरजीत सिंह चौहान, नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष श्री मो. सगीर, पार्षद, एम.आई.सी. के सदस्य तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम में स्थानीय पार्षद श्रीमती शाबिस्ता ज़की ने आभार व्यक्त किया।

बच्चों के लिए सुरक्षित शहर बनाना हमारी प्राथमिकता : मंत्री श्री शर्मा
9 December 2019
भोपाल.जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने कहा है कि बच्चों के लिये सुरक्षित शहर बनाना हमारी प्राथमिकता है। सुरक्षित शहर बनाने के लिये नन्हें-मुन्नों द्वारा दिये गए सुझाव और उठाए गए मुद्दे बेहद महत्वपूर्ण है। अब हमारी जिम्मेदारी है कि हम इन मुद्दों को ध्यान में रखते हुए बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। श्री शर्मा आज यहाँ अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के परिप्रेक्ष्य में आयोजित 'सशक्त समाज-सुरक्षित शहर'' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि बच्चे हमारे समाज और आने वाले कल की अमूल्य धरोहर हैं। अब हमारा यह नैतिक दायित्व है कि हम बच्चों की समुचित देखभाल करें और ऐसे वातावरण का निर्माण करें, जिसमें बच्चों का व्यक्तित्व विकसित हो।

जनसम्पर्क मंत्री श्री शर्मा ने किया स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ
8 December 2019
भोपाल.जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने आज जवाहर चौक स्थित गुरुद्वारा परिसर में गुरु नानक चैरिटेबल मेडीकल सेंटर द्वारा आयोजित स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि सेवा और साहस के क्षेत्र में सिख समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार ने प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति को बेहतर चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने की मंशा से मोहल्ला क्लीनिक योजना शुरू की है। इस योजना में स्वास्थ्य केन्द्रों से दूर स्थित ग्रामीण और गरीब बस्तियों में संजीवनी क्लीनिक खोले जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने शनिवार को इंदौर जिले के निपनियाँ गांव से योजना की शुरूआत कर दी है। श्री शर्मा ने जानकारी दी कि इन क्लीनिकों में लोगों को नि:शुल्क चिकित्सा परामर्श, विभिन्न मेडिकल जाँच और जीवन-रक्षक दवाएँ मिलेंगी। यह क्लीनिक रोज सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक लोगों के लिये खुले रहेंगे।
कार्यक्रम में जनसम्पर्क मंत्री ने उत्कृष्ट सेवा कार्य के लिए चिकित्सकों को सम्मानित किया। इस अवसर पर श्री जे.पी.एस अरोरा, श्री विनोद झालावाडिया, श्री मेहंगा सिंह, श्री धीर सिंह और श्री गुरुचरण अरोरा उपस्थित थे।

युवक-युवती परिचय सम्मेलन में शामिल हुए मंत्री श्री शर्मा
8 December 2019
भोपाल.जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा आज चार इमली स्थित महाराणा प्रताप भवन में राजपूत युवक-युवती परिचय सम्मेलन और रेल्वे इंस्टीट्यूट परिसर में अखिल भारतीय कोली समाज द्वारा आयोजित युवक-युवती परिचय सम्मेलन में शामिल हुए। श्री शर्मा ने परिचय सम्मेलनों में शामिल युवक-युवतियों को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में समिति के सदस्य एवं पदाधिकारी मौजूद थे।
आठ राज्यों आचार्यों का सम्मान
मंत्री श्री शर्मा ने मानस भवन में राष्ट्रीय ब्राह्मण युवाजन सभा के कार्यक्रम में आठ राज्यों के आचार्यों को सम्मानित किया। श्री शर्मा ने आचार्यों को अभिनन्दन पत्र भेंट किये।
इस मौके पर महापौर श्री आलोक शर्मा, पार्षद श्री गिरीश शर्मा, पंडित श्री विष्णु राजोरिया, श्री पुष्पेन्द्र मिश्रा, श्री अशोक भारद्वाज सहित समिति के सदस्य एवं पदाधिकारी उपस्थित थे।
विकास कार्यों का भूमि-पूजन
जनसम्पर्क मंत्री ने बलवीर नगर में सड़क और सीवेज निर्माण, चूना भट्टी में सड़क निर्माण, कम्फर्ड गार्डन में कम्युनिटी हॉल, चाणक्यपुरी में पार्क तथा बाउंड्री वाल निर्माण का भूमि-पूजन किया। श्री शर्मा ने निर्माण कार्यों को तय समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा।

मंत्री श्री राठौर ने किया नव-निर्मित गौ-शाला का लोकार्पण
8 December 2019
भोपाल.वाणिज्यक कर मंत्री श्री बृजेन्द्र सिंह राठौर ने आज टीकमगढ़ जिले की ग्राम पंचायत करमासन हटा में 27.72 लाख की नव-निर्मित जिले की पहली गौ-शाला का लोकार्पण किया। इस गौ-शाला में एक शेड एवं भूसा घर 100 स्वस्थ्य गायों के लिये, एक शेड एवं भूसा घर बीमार 100 गायों के लिये, एक शेड बछड़ों के लिये, छः हजार लीटर क्षमता वाली पानी की टंकी, पांच एकड़ में चारागाह तथा बिजली एवं बोरवैल उपलब्ध है।
मंत्री श्री राठौर ने कहा कि गौ-वंश के सम्मानजनक संरक्षण से क्षेत्र में समृद्धि आएगी। इन गौशालाओं में क्षेत्रीय के गौ-वंश के साथ ही अच्छी नस्ल की गायें भी रखी जाएंगी। ये गायें स्वस्थ्य होंगी, तो क्षेत्र के लोगों को अच्छा घी-दूध मिलेगा और गांव में समृद्धि आएगी।

राजभवन में मनाया गया सशस्त्र सेना झंडा दिवस
7 December 2019
भोपाल.राजभवन में आज सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाया गया। राज्यपाल श्री लालजी टंडन को चेयर मैन सैनिक कल्याण डॉ. आर.आर. भोंसले ने लैपल पिन लगाया। श्री टंडन ने इस मौके पर सैनिक कल्याण कोष के लिए सहयोग राशि प्रदान की।


महिलाओं द्वारा संचालित "ई-सवारी रिक्शा सेवा का पूरे प्रदेश में विस्तार किया जाएगा
7 December 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज इंदौर में महिलाओं द्वारा संचालित ई-सवारी रिक्शा सेवा का शुभारंभ करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में यह नई पहल है। इस योजना का पूरे प्रदेश में विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने महिला चालकों को ई-रिक्शा की चाबियाँ सौंपी और ई-रिक्शा की सवारी कर कार्यक्रम स्थल तक पहुँचे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्म-निर्भर बनाने तथा उनकी सुरक्षा की ओर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि महिलाएँ स्वावलम्बी बनें और सम्मान के साथ जियें। उन्होंने कहा कि ई-सवारी रिक्शा सेवा से महिलाओं को रोजगार मिलेगा और वे आर्थिक रूप से मजबूत बनेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरुषों के रोजगार पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मध्यप्रदेश को बनायेंगे स्वच्छ और सुरक्षित प्रदेश
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने इंदौर शहर के विकास और सफाई व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि इंदौर आकर मुझे बहुत प्रसन्नता होती है। यह शहर स्वच्छ है। यहाँ जोश और उमंग है। उन्होंने कहा कि इंदौर शहर को अब पूरी तरह सुरक्षित बनाया जाएगा। इसी के साथ सम्पूर्ण मध्यप्रदेश को स्वच्छ और सुरक्षित प्रदेश बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं घोषणाओं में नहीं, बल्कि काम करने में विश्वास करता हूँ। हमारे काम का प्रमाण-पत्र प्रदेश की जनता देगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता की शक्ति से नए मध्यप्रदेश का निर्माण किया जाएगा।
कृषि के क्षेत्र में लाई जाएगी नई क्रांति
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा किसानों की क्रय शक्ति बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि के क्षेत्र में नई चुनौतियाँ सामने आ रही हैं। प्रदेश में अब कम उत्पादन नहीं, बल्कि अधिक उत्पादन की चुनौती हमारे सामने है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम कैसे मिले, इसके लिये कारगर योजना बनाकर उसे क्रियान्वित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कृषि के क्षेत्र में नई क्रांति लाई जाएगी।
श्री कमल नाथ ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिये लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। औद्योगिक निवेश के लिये बेहतर वातावरण भी तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश बढ़ेगा, तो रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर इंदौर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये इंदौर टूरिज्म प्रमोशन काउंसिल द्वारा निर्मित थीम सांग का विमोचन किया। समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह, इंदौर जिले के प्रभारी गृह एवं जेल मंत्री श्री बाला बच्चन, लोक निर्माण मंत्री श्री सज्जन सिंह वर्मा, उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट तथा विधायक श्री संजय शुक्ला, श्री विनय बाकलीवाल, श्री प्रमोद टंडन, श्री सदाशिव यादव और नेता प्रतिपक्ष नगर निगम श्रीमती फौजिया शेख अलीम उपस्थित थे।

युवा वर्ग अपने परिवेश, समाज और देश को बेहतर बनाने की चुनौती स्वीकार करे
7 December 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने इंदौर में डेली कॉलेज के वार्षिकोत्सव समारोह में युवाओं का आव्हान किया कि वे अपने परिवेश, समाज और देश को बेहतर बनाने की चुनौती स्वीकार करें। उन्होंने कहा कि आज विश्व तेजी से बदल रहा है। शिक्षा के स्वरूप के साथ टेक्नालॉजी में भी रोज नए परिवर्तन हो रहे हैं। आज युवाओं के सामने ज्ञान के भंडार तक पहुँचने के बेहतर अवसर भी उपलब्ध हैं।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने युवाओं से कहा कि ग्रामीण भारत उनकी ओर आशा भरी दृष्टि से देख रहा है। इसलिये जरूरी है कि युवा वर्ग देश में सकारात्मक बदलाव लाने की चुनौती स्वीकार करे और उसके अनुरूप कार्य भी करे। श्री कमल नाथ ने इस अवसर पर डेली कॉलेज के गौरवशाली अतीत की सराहना करते हुए दून स्कूल के अपने दिनों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि डेली कॉलेज देश का एक प्रमुख शिक्षण संस्थान है।
मुख्यमंत्री ने समारोह में डेली कॉलेज के पूर्व विद्यार्थी और हिन्दी तथा गुजराती फिल्मों के कलाकार, विख्यात कलाकार श्री जीवन के पुत्र श्री किरन कुमार को कॉलेज की ओर से पद्मश्री बी.सी. ज्युत्सी मेडल प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने डेली कॉलेज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को भी पुरस्कार प्रदान किये।
वार्षिकोत्सव समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह, सांसद श्री विवेक तन्खा, इंदौर जिले के प्रभारी गृह एवं जेल मंत्री श्री बाला बच्चन, लोक निर्माण मंत्री श्री सज्जन सिंह वर्मा, ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह, नर्मदा घाटी विकास मंत्री श्री सुरेन्द्र सिंह बघेल और उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ से मिलीं युवा खिलाड़ी सुश्री बर्मन
6 December 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ से आज मंत्रालय में राष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिता में दो स्वर्ण पदक और एक कांस्य पदक जीतने वाली मध्यप्रदेश की युवा खिलाड़ी सुश्री वर्षा बर्मन ने मुलाकात की। श्री कमल नाथ ने सुश्री बर्मन को बधाई देते हुए कहा कि आपकी उपलब्धि से मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शासन द्वारा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के साथ ही उन्हें सभी संभव संसाधन भी उपलब्ध कराये जा रहे हैं, जिससे खिलाड़ियों की प्रतिभा निखर सके और वे अपने प्रदेश और देश का नाम रौशन कर सकें। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि सुश्री बर्मन आगे भी इसी तरह उपलब्धियाँ हासिल करती रहेंगी।

आंदोलनों के प्रकरणों की वापसी पर हुआ विचार-विमर्श
6 December 2019
भोपाल.गृह मंत्री श्री बाला बच्चन तथा जनसम्पर्क और विधि-विधायी कार्य मंत्री श्री पी. सी. शर्मा ने आज मंत्रालय में हुई बैठक में आरक्षण और किसान आंदोलन के दौरान दर्ज किये गये प्रकरणों की वापसी के संबंध में विचार-विमर्श किया। इस सिलसिले में अगली बैठक 11 दिसम्बर को होगी।
डॉ. अम्बेडकर का महा-परि-निर्वाण दिवस
जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा आज भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर के महा-परि-निर्वाण दिवस कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। श्री शर्मा ने बोर्ड ऑफिस चौराहा स्थित डॉक्टर अम्बेडकर की प्रतिमा पर विभिन्न धर्म-गुरुओं के साथ माल्यार्पण किया।
रामकथा में जनसम्पर्क मंत्री श्री शर्मा
जनसम्पर्क मंत्री श्री शर्मा आज गेहूँखेड़ा, कोलार में आयोजित श्री रामकथा महोत्सव में शामिल हुए। रामकथा का आयोजन स्थानीय नागरिकों द्वारा किया गया। कथा-वाचक पं. वैभव पटेले श्री रामकथा का वाचन कर रहे हैं।

होमगार्डस ने देश में मध्यप्रदेश को गौरवान्वित किया : मंत्री श्री बच्चन
6 December 2019
भोपाल.गृह एवं जेल मंत्री श्री बाला बच्चन ने कहा है कि होमगार्ड के जवानों ने विषम परिस्थितियों में भी बेहतर प्रदर्शन किया है। इन्होंने पिछले दिनों भीषण बाढ़ की स्थिति में 80 हजार व्यक्तियों को बचाकर सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया। उन्होंने होमगार्डस द्वारा किये गये सराहनीय कार्यों की सराहना की। श्री बाला बच्चन आज यहाँ होमगार्डस तथा नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मंत्री श्री बच्चन ने समारोह में होमगार्ड सैनिकों के 89 प्रतिभावान बच्चों को सम्मानित किया। साथ ही, व्यावसायिक पाठ्यक्रम सहित 10वीं और 12वीं कक्षा में 85 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र दिये।
इस मौके पर बताया गया कि व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में शासकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों का वार्षिक शुल्क होमगार्ड मुख्यालय द्वारा वहन किया जाएगा। इसके साथ ही, पाठ्यक्रम की पुस्तकें और प्रोत्साहन स्वरूप 10 हजार रूपये की राशि भी विद्यार्थियों को दी जायेगी। इसी प्रकार 12वीं और 10वीं कक्षा के होनहार विद्यार्थियों को क्रमश: 7500 और 5000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
मंत्री श्री बाला बच्चन ने विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने बच्चों के साथ ग्रुप फोटो निकलवाया। बच्चों ने श्री बाला बच्चन के साथ सेल्फी ली। शुरूआत में गृह मंत्री ने परेड का निरीक्षण किया। समारोह में सात परेड दलों द्वारा मार्चपास्ट किया गया।
इस मौके पर प्रमुख सचिव श्री एस.एन. मिश्रा, महानिदेशक श्री अशोक दोहरे और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री डी.सी. सागर उपस्थित थे।

महाकालेश्वर के बाद अब ओंकारेश्वर की 156 करोड़ की कार्य-योजना मंजूर
5 December 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने ओंकारेश्वर के विकास के लिये तैयार की गई 156 करोड़ रूपये की कार्य-योजना को मंजूरी दे दी है। उन्होंने निर्देश दिये हैं कि ओंकारेश्वर मंदिर के लिये शीघ्र ही एक्ट भी तैयार किया जाये। श्री कमल नाथ आज मंत्रालय में ओंकारेश्वर कार्य-योजना की समीक्षा कर रहे थे। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री द्वारा महाकालेश्वर मंदिर परिसर की 300 करोड़ रूपये की विकास कार्य-योजना पूर्व में ही स्वीकृत की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने बैठक में कहा कि देश में केवल मध्यप्रदेश को यह गौरव हासिल है, जहाँ 12 ज्योतिर्लिंग में से दो ज्योतिर्लिंग प्रतिष्ठापित हैं। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि ये पवित्र स्थान विश्व पर्यटन केन्द्र के रूप में स्थापित हों। श्री कमल नाथ ने ओंकारेश्वर विकास योजना को पूरा करने के लिए समय निर्धारित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर विकास कार्य पूरा करने की तारीख तय हो। उन्होंने कहा कि हमारी मंशा है कि अगले शीतकालीन सत्र में यह एक्ट पेश किया जा सके। मुख्यमंत्री ने योजना के शिलान्यास के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में कमेटी बनाने के निर्देश दिए। यह कमेटी विकास कार्य की प्रगति पर निगरानी रखेगी।
ओंकारेश्वर विकास योजना
ओंकार सर्किट योजना के अंतर्गत महाकाल-महेश्वर के साथ ओंकारेश्वर विकास की योजना मुख्यमंत्री के निर्देश पर तैयार की गई है। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने इस योजना को अंतिम रूप दिया। आज मंत्रालय में यह योजना मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत की गई। योजना में विकास का एक विस्तृत विवरण तैयार किया गया है। इसमें ओंकारेश्वर के प्रवेश द्वार को भव्य बनाना, मंदिर का संरक्षण, प्रसाद काउंटर, मंदिर के चारों ओर विकास तथा सौंदर्यीकरण, शॉपिंग काम्प्लेक्स, झूलापुल और विषरंजन कुंड के पास रिटेनिंग वॉल, बहुमंजिला पार्किंग, पहुँच मार्ग, परिक्रमा पथ का सौंदर्यीकरण, शेड निर्माण, लैंड-स्केपिंग, धार्मिक-पौराणिक गाथा पुस्तकों की लायब्रेरी, ओंकार आइसलैंड का विकास, गौमुख घाट पुन-र्निर्माण, भक्त निवास और भोजनशाला, ओल्ड पैलेस, विष्णु मंदिर, ब्रम्हा मंदिर, चंद्रेश्वर मंदिर का जीर्णोद्धार, ई-साइकिल तथा ई-रिक्शा सुविधा, बोटिंग, आवागमन, बस स्टैंड, पर्यटक सुविधा केन्द्र सहित अन्य विकास कार्य शामिल हैं।
आध्यात्म एवं जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा, खंडवा जिले के प्रभारी लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, गृह मंत्री श्री बाला बच्चन तथा किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री सचिन यादव बैठक में शामिल हुए।
बैठक में मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती, अपर मुख्य सचिव आध्यात्म श्री मनोज श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री अनुराग जैन, प्रमुख सचिव लोक निर्माण श्री मलय श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव संस्कृति श्री पंकज राग, प्रमुख सचिव नगरीय विकास श्री संजय दुबे, आयुक्त इन्दौर संभाग श्री आकाश त्रिपाठी एवं कलेक्टर खंडवा सुश्री तन्वी सुन्द्रियाल उपस्थित थीं।

स्कूल स्तर पर आयोजित किये जाएं सड़क सुरक्षा कार्यक्रम
5 December 2019
भोपाल.पुलिस प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान में आज राज्य सड़क सुरक्षा परिषद और राज्य सड़क सुरक्षा क्रियान्वयन समिति में लिये गये निर्णयों पर की गई कार्यवाही की समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक में नोडल अधिकारियों ने अपने-अपने कार्य क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा संबंधी किये गये कार्यों एवं प्रयासों की जानकारी दी।
नोडल एजेन्सी के प्रभारी अधिकारी, सहायक पुलिस महानिरीक्षक श्री कुमार सौरभ ने कहा कि अत्याधिक वर्षा के कारण क्षतिग्रस्त सड़क, पुल-पुलिया आदि चिन्हित कर उन्हें सुधरवाने की कार्यवाही शीघ्र पूरी कराकर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किये जायें। श्री सौरभ ने 132 ब्लैक स्पॉट पर की गई कार्यवाही को अगल-अलग बताने के निर्देश दिये।
बैठक में शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया कि स्कूली स्तर पर सड़क सुरक्षा के कार्यक्रम आयोजित कर मासिक और त्रैमासिक जानकारी प्रस्तुत करें। उन्होंने क्षेत्रीय स्तर पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने को भी कहा। साथ ही, सड़क सुरक्षा के लिये किये गये अच्छे कार्यों की जानकारी देने के निर्देश दिये। बैठक में प्रदेश में सड़कों पर अतिक्रमण रोकने के लिये क्षेत्रीय स्तर पर कार्यवाही करने को कहा गया।

नगरीय विकास मंत्री श्री सिंह की विश्व बैंक के प्रतिनिधियों से चर्चा
5 December 2019
भोपाल.नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने आज विश्व बैंक की सीनियर म्यूनिसिपल इंजीनियर और को-टास्क टीम लीडर एमपीयूडीपी श्रीमती पूनम अहलूवालिया तथा विश्व बैंक की वाटर एण्ड सेनिटेशन स्पेशलिस्ट वाटर ग्लोबल प्रेक्टिस सुश्री उपनीत सिंह से प्रदेश के 11 शहरों में संचालित योजनाओं के बारे में चर्चा की। इस दौरान आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री पी. नरहरि भी उपस्थित थे।
मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली सभी बाधाओं को तुरंत दूर करें। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर निर्धारित समय में योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, जिससे नागरिकों को योजनाओं का लाभ मिल सके।
ज्ञातव्य है कि विश्व बैंक की सहायता से भेड़ाघाट, नसरूल्लागंज, महेश्वर, धरमपुरी, शाजापुर, छिंदवाड़ा और शहडोल में मल-जल निस्तारण योजना और बुरहानपुर, मुरैना, खरगोन, सेवढ़ा और श्योपुर कला में जल प्रदाय योजना प्रस्तावित है।

रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों के लिए औद्योगिक संस्थानों से समन्वय कायम करें विश्वविद्यालय
4 December 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने आज राजभवन में प्रदेश के शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक में कहा कि रोजगारोन्मुखी पाठयक्रमों के संचालन के लिए औद्योगिक संस्थानों से समन्वय कायम करें। जो निर्णय लें, उन्हें पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ परिणाम तक ले जायें। उन्होंने कुलपतियों को नई सोच, ऊर्जा और आत्म-विश्वास के साथ उच्च शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में पहल करने को कहा।
राज्यपाल श्री टंडन की पहल पर देश में पहली बार मध्यप्रदेश में विश्वविद्यालयों का कंसोर्टियम बनाया गया है। इसके माध्यम से विश्वविद्यालय एक-दूसरे की विशेषज्ञताओं का उपयोग कर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध करवाएंगे। राज्यपाल ने आशा व्यक्त की कि कंसोर्टियम के माध्यम से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में यह कदम नया इतिहास बनाएगा।
राज्यपाल की उपस्थिति में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के साथ डॉ. बी.आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय, छिन्दवाड़ा विश्वविद्यालय, पंडित एस.एन. शुक्ला विश्वविद्यालय, महाराजा छत्रसाल बुन्देलखंड विश्वविद्यालय और जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय द्वारा अपनी-अपनी कमियों को दूर करने के लिए आपसी समझौते पर हस्ताक्षर किये गए।
राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने सभी विश्वविद्यालयों को उनकी आवश्यकतानुसार साफ्टवेयर और लायसेंस उपलब्ध कराने पर सहमति व्यक्त की। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल ने साइंस रिसर्च के क्षेत्र में विद्यार्थियों को सुविधायें देने, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन ने प्राचीन भारतीय इतिहास एवं पुरातत्व तथा पांडुलिपि संग्रहालय में रखी विभिन्न भाषाओं की लगभग बीस हजार पांडुलिपियों को शोध एवं अनुसंधान की सुविधा देने की जानकारी दी।
इस अवसर पर सर्वसम्मति से राज्यपाल की अध्यक्षता में कंसोर्टियम का गठन किया गया। राज्यपाल के सचिव और शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को कार्यकारी समूह में शामिल किया गया है।

मंत्री श्री राठौर द्वारा केन्द्र से जीएसटी कम्पंसेशन शीघ्र दिए जाने का आग्रह
4 December 2019
भोपाल.वाणिज्य-कर मंत्री श्री बृजेंद्र सिंह राठौर ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन से मिलकर प्रदेश को माह अगस्त-सितम्बर 2019 का जीएसटी कम्पंसेशन शीघ्र दिए जाने का आग्रह किया। श्री राठौर के साथ पंजाब, केरल, राजस्थान, पुडुचेरी और दिल्ली राज्य के मंत्रियों ने भी अपने-अपने राज्य को कम्पंसेशन की यह राशि यथाशीघ्र जारी करने की मांग की।
केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन ने आश्वस्त किया कि राज्यों को जीएसटी कम्पंसेशन की राशि जारी करने के बारे मे शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्यों की आर्थिक स्थिति से वे भलीभाँति परिचित है।
ज्ञातव्य है कि संविधान में हुए संशोधन के अनुसार जीएसटी लागू होने से राज्यों को होने वाली हानि की भरपाई के लिए भारत शासन की ओर से प्रति वर्ष 14 प्रतिशत चक्रवृद्धि ब्याज के रूप में कम्पंसेशन की गारंटी प्रदान की गई है। मध्यप्रदेश को यह राशि विगत 10 अक्टूबर तक मिलनी चाहिए थी लेकिन आज तक यह कम्पंसेशन राशि अप्राप्त है।

एग्री स्टार्ट-अप्स को संरक्षण देगी राज्य सरकार : मंत्री श्री सचिन यादव
4 December 2019
भोपाल.किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री सचिन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार एग्री स्टार्ट-अप्स को संरक्षण देगी। इसके लिये शीघ्र ही नीति निर्धारित की जाएगी। श्री यादव आज आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी में 'एग्री स्टार्ट-अप्स : रोल ऑफ इनोवेशन एण्ड टेक्नोलॉजी इन को-ऑपरेटिव डेवलपमेंट इन इंडिया' कार्यशाला का शुभारंभ कर रहे थे। उन्होंने युवाओं का आव्हान किया कि रोजगार मांगने वाले नहीं, रोजगार प्रदान करने वाले बनें।
मंत्री श्री यादव ने कहा कि अब जोत का आकार छोटा हो गया है। इसलिये एफपीओ ( फार्मर्स प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन ) निर्मित कर संगठित कृषि की ओर बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि किसानों को बाजार से जोड़ना, उत्पाद को बाजार मुहैया कराना, उचित मूल्य दिलाना, लागत मूल्य कम करना, ऑर्गेनिक उच्च गुणवत्ता की खाद्य सामग्री का उत्पादन, वेल्यूएडिशन आदि क्षेत्रों में नवाचार और नवीन तकनीक का अधिकाधिक उपयोग आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सहकारी समितियों को जल्दी ही ऑनलाइन किया जा रहा है।
राष्ट्रीय सहकारिता प्रशिक्षण परिषद, नई दिल्ली के सचिव श्री मोहन कुमार मिश्रा ने कहा कि अगला वर्ष एग्री स्टार्ट-अप्स का वर्ष है। इसके माध्यम से तकनीकी ज्ञान किसान तक पहुँचेगा, जो उसकी उन्नति का मार्ग प्रशस्त करेगा। कार्यशाला में निदेशक राज्य सहकारी प्रबंधन संस्थान, श्री टी.जी. षडाक्षरी और विषय-विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को विषयानुसार मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यशाला में आयुक्त सहकारिता श्री एम.के. अग्रवाल, नाबार्ड के महाप्रबंधक श्री डी.एस. चौहान उपस्थित थे।

नए शहरीकरण के लिए नगरीय निकायों का सशक्त होना जरूरी
4 December 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए नगरीय निकायों को सशक्त बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्थानीय संस्थाओं के चुने हुए जन-प्रतिनिधि तेजी से हो रहे परिवर्तन को पहचान और नई सोच और नई दृष्टि से दूरदर्शिता के साथ अपने शहरों का विस्तार करें। श्री नाथ आज मंत्रालय में नगर-पालिका और नगर-परिषद के अध्यक्षों की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि यह समय है जब हम अपने छोटे-बड़े शहरों का भविष्य की जरूरतों के मुताबिक नियोजन करें। परिवर्तन के इस दौर में नागरिकों की अपेक्षाएँ और उम्मीद भी बढ़ी हैं। आवश्यकता इस बात की है कि हम अपनी कार्य-शैली और संस्कृति में परिवर्तन लाएं और लोगों की आशाओं के अनुरूप शहरों का नियोजित विकास करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि नगरीय-निकायों को सरकारी मदद के साथ ही अपनी आय के नए स्त्रोत भी विकसित करना होंगे। इसके लिए वे नई गतिविधियों की शुरुआत करें।
मुख्यमंत्री श्री नाथ ने कहा कि पिछले एक साल में नई सरकार ने अपने काम से नियत और नीति का परिचय दिया है। वित्तीय संकट था। किसानों की आत्म-हत्या, बेरोजगारी और महिलाओं के साथ अत्याचार में प्रदेश देश में नंबर-1 था। इन चुनौतियों के बीच सरकार ने बड़े फैसले लिए। ऋण माफी के वचन को पूरा करते हुए 21 लाख किसानों के कर्ज माफ किए गए। कर्ज माफी की प्रक्रिया में कई ऐसी तकनीकी दिक्कतें आई जिनके कारण हमारे सामने कई संकट खड़े हुए। इन सबका निदान हमने किया। इसी माह से हम कर्ज माफी का दूसरा चरण शुरू करने जा रहे हैं। बेरोजगारी की चुनौती से निपटने के उदे्दश्य से निवेश के लिए विश्वास की वापसी की है। श्री नाथ ने कहा कि हमारे यह काम जनता तक पहुँचाने में नगरीय निकायों के पदाधिकारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
नगरीय विकास और आवास मंत्री श्री जयवर्धन सिंह ने कहा कि यह सौभाग्य है कि प्रदेश के नगरों के सुनियोजित विकास के लिए हमारे पास अनुभव और मार्गदर्शन के रूप में मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ हैं। श्री नाथ ने केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री रहते हुए पूरे देश के शहरों के विकास को एक नई दिशा और कई योजनाएँ दी। श्री सिंह ने कहा कि वे सरकार की नगरीय विकास नीतियों को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। श्री सिंह ने कहा कि बड़े शहरों के साथ ही छोटे शहरों के विकास के लिए सरकार नई दिशा दृष्टि से काम कर रही है। पीने का पानी लोगों का अधिकार है इसके लिए सरकार "राइट टू वाटर" की नीति बनाने जा रही है। शहरों की पहचान जिन गतिविधियों से है, उनका भी संरक्षण किया जा रहा है।
प्रदेश के नगर पालिका एवं नगर परिषद संगठन की अध्यक्ष श्रीमती हरमीत कौर एवं अन्य अध्यक्षों ने नगरीय निकायों को सशक्त बनाने के सुझाव दिए। इस मौके पर मुख्यमंत्री का नगर पालिका एवं नगर परिषद संगठन की ओर से शाल-श्रीफल भेंटकर अभिनंदन किया गया।

पुस्तकें इंसान की सबसे अच्छी दोस्त : स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. चौधरी
4 December 2019
भोपाल.स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने शासकीय मौलाना आजाद केन्द्रीय पुस्तकालय में पुस्तक मेले–2019 का उद्घाटन करते हुए है कहा कि पुस्तकें इंसान की सबसे अच्छी दोस्त होती हैं। पुस्तकों से ज्ञान के साथ जीवन को समझने की सोच भी मिलती है। उन्होंने कहा कि जो लोग पुस्तकों को अपना साथी बनाते हैं, उनका विवेक उन्हें हमेशा गलत काम करने से बचाता है। डॉ. चौधरी ने बताया कि पुस्तक मेले में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को अधिकतम छूट के साथ पुस्तकें उपलब्ध होंगी।
उल्लेखनीय है कि शासकीय मौलाना आजाद केन्द्रीय पुस्तकालय सन 1955 से निरन्तर सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक विद्यार्थियों को अध्ययन की सुविधा उपलब्ध करवा रहा है। लगभग 8000 सदस्य हैं, जिनमें लगभग 700 से 800 तक केवल विद्यार्थी हैं। पुस्तकालय द्वारा क्विज, व्याख्यान-माला, मॉक इन्टरव्यू, मॉक परीक्षाएँ और प्रति रविवार शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

स्पेन की जलवायु परिवर्तन प्रदर्शनी में शामिल हुईं मध्यप्रदेश के चित्रकारों की पेंटिग्स
4 December 2019
भोपाल.प्रदेश के दो सुप्रसिद्ध चित्रकार श्री दिलीप श्याम और श्री धावत सिहं उईके के जलवायु परिवर्तन के दुष्परिणामों से सचेत करती पेंटिग्स इन दिनों स्पेन के मेड्रिड शहर में यूनाईटेड नेशन्स क्लाइमेट चेन्ज कान्फ्रेन्स कॉप 25 की प्रदर्शनी का हिस्सा बनी हुई हैं। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के समन्वय से स्पेन पहुँची ये पेंटिग्स दर्शकों के बीच खासी लोकप्रिय हो रही है।
युनाईटेड नेशन्स क्लाईमेट चेन्ज और व्हाट डिजाइन केन डू संस्था के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस प्रदर्शनी में विश्व के प्रख्यात चित्रकारों द्वारा जलवायु परिवर्तन और भविष्य की आशाओं को चित्रित किया गया है। जलवायु संतुलन को प्रोत्साहित करने के लिये ये पेंटिग्स बनाई गई हैं।

गैस त्रासदी जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो
3 December 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन आज भोपाल गैस त्रासदी की 35वीं बरसी पर बरकतउल्ला भवन में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। राज्यपाल ने दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इस बात का संकल्प लें।
राज्यपाल श्री लाल जी टंडन ने कहा कि शांति सभी सुखों का आधार है। शांति से ही समृद्धि आती है। भाईचारा बढ़ता है। उन्होंने कहा सभी धर्मों द्वारा इस सत्य की प्रार्थना की गई है। उन्होंने कहा कि कई घटनाएँ प्राकृतिक प्रकोप का और कई घटनाएँ मानवीय भूलों का परिणाम होती हैं। उन्होंने कहा कि सभ्य समाज के सदस्य के रूप में हम सबकी यह जिम्मेदारी है कि हम किसी भी गलती अथवा चूक को दोबारा नहीं करे। सदैव समाज में शांति के लिए कार्य करे।
श्रद्धांजलि सभा में सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ. गोविंद सिंह, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री श्री आरिफ अकील, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री पी सी शर्मा, महापौर श्री आलोक शर्मा, विधायक श्री आरिफ मसूद और प्रमुख सचिव भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास डॉ. पल्लवी जैन गोविल सहित बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे। इस अवसर पर सभी धर्मों के धर्मगुरुओं ने प्रार्थना कर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी।

सच्चाई का साथ देने पर झाबुआ की जनता को धन्यवाद
3 December 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि मध्यप्रदेश में हम एक नई परम्परा की शुरूआत करने जा रहे हैं, जिसमें सरकार काम करने की घोषणा नहीं करेगी, बल्कि जनता घोषणा करेगी कि काम हो गया है। उन्होंने झाबुआ की जनता को तहेदिल से धन्यवाद देते हुए कहा कि उसने सच्चाई का साथ देकर क्षेत्र के विकास की एक नई इबारत लिखने का जो अवसर दिया है, उसे साकार किया जाएगा। श्री नाथ आज झाबुआ में पंचायत राज एवं पंच, सरपंच, सचिव, पटेल, तड़वी और कोटवार सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। चिकित्सा शिक्षा एवं संस्कृति मंत्री डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसी सिलावट उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि झाबुआ के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए हम प्रतिबद्धता के साथ काम करेंगे। इस क्षेत्र से मेरा चुनावी नहीं दिल से जुड़ा हुआ संबंध है जिसे निभाया जायेगा। क्षेत्र की जनता द्वारा सरकार के प्रति व्यक्त विश्वास के बाद उसे निराश नहीं होना पड़ेगा। क्षेत्र की जनता ने यह साबित किया है कि वह समझदार है। जनता को जब भी कोई परेशानी होगी मुख्यमंत्री उनके साथ खड़े रहेंगे और हर समस्या का समाधान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आलोचना और घोषणा की राजनीति से अलग रहकर नई सरकार ने साढ़े नौ माह में मध्यप्रदेश के विकास का एक नया नक्शा बनाने की योजना बनाई है। इस अवधि में हर वर्ग के विकास की आधारशिला रखी गयी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि आर्थिक तंगी, खजाना खाली होने के बाद भी जनता को दिए गए वचन को पूरा करते हुए हमने पहले चरण में प्रदेश के 21 लाख किसानों का कर्जा माफ किया। आने वाले दिनों में प्रदेश के लाखों किसानों का कर्ज माफ होने जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय को दोगुना करने के लिए हमारे प्रयास निरंतर जारी है। नौजवानों को रोजगार देने के लिए निवेश का एक नया वातावरण पूरे प्रदेश में बनाया गया है। हमारी कोशिश होगी कि जिन बच्चों को उनके माता-पिता ने बड़े प्यार से पाला है उन्हें भटकना न पड़े। लोगों की क्रय शक्ति बढ़े, इसके लिए आर्थिक गतिविधियों का विस्तार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के लिए जरूरी है कि सिर्फ आलोचना न हो बल्कि हम कैसे अपने प्रदेश को विकसित प्रदेश बनाए, इसके लिए हमें सुझाव मिले। आज जरूरत इस बात की है कि हमारे आदिवासी भाइयों को मुख्य-धारा से जोड़ने और उन्हें प्रदेश की प्रगति में सहभागी बनाने की दिशा में सभी एकजुट होकर काम करें।
सम्मेलन को गृह मंत्री श्री बाला बच्चन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल, किसान-कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री सचिन यादव, पर्यटन एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री सुरेन्द्र सिंह बघेल हनी तथा नव निर्वाचित विधायक कांतिलाल भूरिया ने भी संबोधित किया।
सम्मेलन में मुख्यमंत्री का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत वन पट्टे, उद्योग विकास, आजीविका परियोजना, मत्स्य-पालन, वन स्टाप सेंटर, बेटी बचाओ - बेटी पढ़ाओ एवं लाड़ली लक्ष्मी योजना के हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए। उन्होंने झाबुआ जिले के लिए 4 करोड़ 21 लाख रुपए के 30 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री ने जिले की विभिन्न योजनाओं पर तैयार किए गए ब्रोशर का विमोचन किया।

धर्मस्व मंत्री श्री शर्मा ने दी मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना के शिरडी यात्रियों को विदाई
3 December 2019
भोपाल.जनसम्‍पर्क एवं धार्मिक न्यास-धर्मस्व मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने आज मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन स्पेशल ट्रेन से शिरडी साईं बाबा के दर्शन के लिये जा रहे श्रद्धालुओं का पुष्प हार पहनाकर स्वागत किया। उन्होंने हबीबगंज रेल्वे स्टेशन से स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
मंत्री श्री शर्मा ने शिरडी जा रहे सभी श्रद्धालुओं की सुखद और मंगलमय यात्रा की कामना की। इस अवसर पर पूर्व राज्य मंत्री श्री राजकुमार पटेल, पार्षद श्री योगेंद्र सिंह चौहान गुड्डू भैया, श्रीमती संतोष कंसाना, श्री अनस पठान सहित श्रद्धालुओं के परिजन मौजूद रहे।

हमारी सम्पूर्ण संस्कृति संस्कृत में ही निहित है - राज्यपाल श्री टंडन
2 December 2019
भोपाल.राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री लालजी टंडन ने कहा कि हमारी सम्पूर्ण संस्कृति संस्कृत में ही निहित है। भारतीय संस्कृति की समस्त उपलब्धियों का उद्भव संस्कृत भाषा से हुआ है। हमें महर्षि पाणिनि पर हमें गर्व होना चाहिए।
श्री टंडन आज उज्जैन में महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह में अध्यक्षीय उद्बोधन दे रहे थे। उन्होंने कहा कि हम उस परम्परा के वारिस हैं, जिसने भारत को जगदगुरु बनाया है। हम क्यों जगदगुरु थे, इस पर चिंतन किया जाना चाहिए। राज्यपाल ने संस्कृत को जीवित रखने के प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत ने ही सबसे पहले शल्य चिकित्सा शास्त्र दिया। आचार्य सुश्रुत सर्जरी की सबसे दुरुह विद्या प्लास्टिक सर्जरी के जनक थे। हमारे पूर्वजों ने विश्व को शून्य एवं दशमलव का ज्ञान दिया।
दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में अपने विचार व्यक्त करते हुए उच्च शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री जीतू पटवारी ने कहा कि भारत की सभी क्षेत्रीय भाषाओं का उद्गम संस्कृत से हुआ है। संस्कृत एक वैज्ञानिक भाषा है। उन्होंने कहा कि महर्षि पाणिनि ने भाषा को व्याकरण दिया। श्री पटवारी ने उपाधि प्राप्त कर रहे छात्रों से आव्हान किया कि वे संस्कृत के ज्ञान के प्रचार-प्रसार में अग्रणी भूमिका निभाएँ।
समारोह की सारस्वत अतिथि प्रो. उमा वैद्य ने कहा कि महर्षि पाणिनि विश्वविद्यालय निस्संदेह संस्कृत भाषा का संरक्षण कर रहा है। उन्होंने कहा कि सत्य बोलना और धर्म का आचरण करना विद्यार्थियों के लिये आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विद्यार्थी परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने के प्रति सदैव सचेष्ट रहेंगे।
दीक्षांत समारोह के प्रारंभ में राज्यपाल के आगमन पर कुलपति श्री पंकज एम. जानी और उप कुलपति डॉ. मनमोहन उपाध्याय ने अतिथियों का शाल एवं श्रीफल से स्वागत किया। राज्यपाल श्री टंडन ने पीएचडी, स्नातकोत्तर एवं स्नातक उपाधि प्राप्तकर्ता छात्रों को उपाधियाँ एवं पदक प्रदान किये। उन्होंने महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के कुलगान का विमोचन भी किया।

जनसम्पर्क मंत्री श्री शर्मा द्वारा मिशन इन्द्रधनुष अभियान का शुभारंभ
2 December 2019
भोपाल.जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने आज शासकीय जयप्रकाश अस्पताल में मिशन इन्द्रधनुष 2.0 अभियान का शुभारंभ किया। श्री शर्मा ने इस मौके पर चिकित्सालय में बच्चों को दवा पिलाई। उन्होंने अभिभावकों और चिकित्सकीय अमले को शत-प्रतिशत बच्चों का समय पर सभी टीकाकरण कराने का संकल्प दिलाया। श्री शर्मा ने अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों को फूड पैकेट वितरित किये।
इस अवसर पर मिशन संचालक (एन.एच.एम) सुश्री छवि भारद्वाज, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.के. डेहरिया, सिविल सर्जन डॉ. श्रीमती अल्का परगानिया और पार्षद श्री अमित शर्मा उपस्थित थे।
जय जगत 2020 गांधी विश्व शांति यात्रा में शामिल हुए मंत्री श्री शर्मा
जनसम्पर्क मंत्री श्री शर्मा जय जगत 2020 गांधी विश्व शांति पदयात्रा में शामिल हुए। श्री शर्मा ने यात्रा का स्वागत किया। महात्मा गांधी के विचारों को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाने के लिए “जय-जगत 2020” यात्रा में कैलाश मिश्रा समेत कई गांधीवादी विचारक शामिल हुए।

सफलता के लिये सतत प्रयास ज़रूरी - जनसम्पर्क मंत्री श्री शर्मा
2 December 2019
भोपाल.जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने आज मंडीदीप में गिरधर ग्रुप ऑफ इन्सटीट्यूशन्स के 27वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस कुम्भ में कहा कि कोशिश करने वालों को सफलता जरूर मिलती है। उन्होंने बाल वैज्ञानिकों को बताया कि नेहरू जी विज्ञान के विद्यार्थी नहीं थे इसके बावजूद भी उन्होंने देश में विज्ञान के मजबूत आधार स्तम्भ स्थापित किए। राज्य शासन नवाचार करने वाले विद्यार्थी वर्ग को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध करा रही है।
राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्व विद्यालय कुलपति डॉ. सुनील कुमार ने बाल वैज्ञानिकों से सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग स्वयं और दूसरों को न करने देने का आव्हान किया। इस अवसर पर मृदा एवं भूमि उपयोग मंत्रालय वरिष्ठ वैज्ञानिक, प्रोफेसर और बाल वैज्ञानिक मौजूद थे।

बच्चों के विषयों को ग्राम विकास योजना में जोड़ा जाएगा : मंत्री श्री पटेल
2 December 2019
भोपाल.पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल ने कहा है कि बच्चों से सम्बन्धित विषयों को ग्राम पंचायत-विकास योजना (GPDP) में अनिवार्य रूप से जोड़ा जाएगा। श्री पटेल ने आज यूनिसेफ और समर्थन संस्था द्वारा ग्राम विकास योजना को चाइल्ड फ्रेडंली बनाने विषयक कार्यशाला में यह जानकारी दी।
मंत्री श्री पटेल ने कहा कि ग्रामों के व्यवस्थित विकास के लिए प्रत्येक ग्राम-पंचायत की वार्षिक "ग्राम पंचायत विकास योजना" तैयार की जाती है। इस विकास योजना में बच्चों से सम्बन्धित शिक्षा, शैक्षणिक सुविधा, स्वच्छता, कुपोषण, बालश्रम, बाल-विवाह जैसे महत्वपूर्ण विषयों को जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा भी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता में सुधार लाने के प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कार्यशाला में प्रतिभागी के रूप में सम्मिलित हुए मंडला, खरगौन, बड़वानी जिलों के बच्चों और जन-प्रतिनिधियों से भी विस्तार से चर्चा की।
यूनिसेफ के स्टेट हैड श्री माइकल जूमा ने कहा कि यूनिसेफ का मुख्य उददे्श्य प्रदेश के ग्रामीण अंचल के बच्चों को बेहतर पर्यावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि ग्राम विकास में अगली पीढ़ी के रूप में बच्चों की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूलों में बाल-मंच और बाल-संगठनों का गठन किया जा सकता है।
कार्यशाला में आयुक्त पंचायत राज श्री संदीप यादव सहित यूनिसेफ, समर्थन संस्था के प्रतिनिधि तथा ग्रामीण क्षेत्रों के पंचायत प्रतिनिधि और बच्चे उपस्थित थे।

मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में देश में अव्वल : मंत्री श्रीमती इमरती देवी
2 December 2019
भोपाल.महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती इमरती देवी ने कहा है कि केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश सम्पूर्ण देश में अव्वल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को अव्वल लाने का श्रेय विभाग के मैदानी कार्यकर्ताओं को जाता है।श्रीमती इमरती देवीनेग्वालियर में प्रधानमंत्री मातृ वंदना सप्ताह काशुभारंभ करते हुए यह बात कही। श्रीमती इमरती देवीनेइस मौके पर मातृ वंदना योजना के प्रचार रथ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।
मंत्री श्रीमती इमरती देवी ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को भी शीघ्र ही साइकिलें प्रदान की जाएंगी ताकि उन्हें अपने क्षेत्र में आने-जाने में परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 8 लाख 53 हजार लक्ष्य के विरूद्ध 14 लाख 36 हजार हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। इस उपलब्धि के लिये आँगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, परियोजना अधिकारी तथा विभागीय अधिकारी बधाई के पात्र हैं।
मंत्री श्रीमती इमरती देवी ने कहा कि मातृ वंदना सप्ताह में छूटे हुए हितग्राहियों को चिन्हित कर जोड़ने का कार्य भी किया जाएगा। उन्होंने कहा किआँगनवाड़ी के मैदानी अमले को अन्य किसी कार्य में न लगाया जाए। इस संबंध में सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर निर्देशित किया गया है। श्रीमती इमरती देवी ने कहा कि मैदानी अमला योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूर्ण निष्ठा से कार्य करें। कुपोषण के कलंक को मिटाने के लिए प्रभावी कार्रवाई भीसुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही हम अपने प्रदेश को कुपोषण-मुक्त बनाएंगे।

मंत्री श्री हर्ष यादव द्वारा आवासीय भवनों का भूमि-पूजन और श्रृंखला न्यायालय का लोकार्पण
2 December 2019
भोपाल.कुटीर एवं ग्रामोद्योग तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री हर्ष यादव ने रविवार को सागर जिले के केसली और देवरी में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के स्टॉफ के लिए आवासीय भवनों का भूमि-पूजन किया। दोनों स्थान पर कुल एक करोड़ 95 लाख 58 हजार रुपए की लागत से तीन श्रेणी के 2-2 आवासीय भवन बनाए जाएंगे।
श्री हर्ष यादव ने देवरी में व्यवहार न्यायालय के श्रृंखला न्यायालय का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की न्यायाधीश जस्टिस श्रीमती नंदिता दुबे भी उपस्थित थी। श्रृंखला न्यायालय में श्री भूपेन्द्र तिवारी व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 को पीठासीन अधिकारी बनाया गया है।

सभी नगरों को बनाएं स्वच्छ और सुंदर : मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह
1 December 2019
भोपाल.नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने आज अपने प्रभार के जिले राजगढ़ के खिलचीपुर में जिले के मुख्य नगरपालिका अधिकारियों की बैठक में विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी नगरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए हर संभव प्रयास करें। इस दौरान ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में कोताही नहीं बरतें।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ने कहा कि नगरों में लोगों की मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिये बजट की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि सभी नगरों में प्रतिदिन स्वच्छ जल नल के माध्यम से उपलब्ध कराने के लिये वाटर ऑडिट करवाया जा रहा है। श्री सिंह ने सारंगपुर में कालीसिंध नदी के क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत का प्रस्ताव जल्द भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरों को डस्ट-फ्री बनाने की कार्य-योजना भी बनाएं। श्री सिंह ने कहा कि जल-जनित बीमारियों से बचाव के लिए जरूरी है कि नगरों की जल-संरचनाओं की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने योजनाओं की नगरीय निकायवार समीक्षा की।
खिलचीपुर में मंत्रीद्वय ने श्रीजी मेला ग्राउण्ड की बाउण्ड्री-वॉल का भूमि-पूजन किया। बाउण्ड्री-वॉल 71 लाख की लागत से बनाई जाएगी। बैठक में विधायक राजगढ़ श्री बापू सिंह तंवर, विधायक नरसिंहगढ़ श्री राज्यवर्धन सिंह, नगरीय निकायों के अध्यक्ष सहित अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।

मध्यप्रदेश को अंगदान के क्षेत्र में सर्वोपरि कार्यों के लिये मिला बेस्ट सोटो अवार्ड
1 December 2019
भोपाल.केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन और केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री अश्विनी कुमार चौबे ने मध्यप्रदेश को अंगदान के क्षेत्र मे सर्वोपरि कार्यों के लिए देश का सर्वश्रेष्ठ सोटो (राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संस्थान) सम्मान प्रदान किया। मध्यप्रदेश के सोटो प्रभारी डॉ. मनीष पुरोहित और मेडिको समाज-सेवी श्री सुभाष कुमार दांगी ने शनिवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में यह सम्मान प्राप्त किया। चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ ने इस सम्मान के लिये विभागीय अधिकारियों और चिकित्सकों को बधाई दी है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की स्वायत्त संस्था राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संस्थान (नोटो) द्वारा इस वर्ष 10वाँ राष्ट्रीय अंगदान दिवस मनाया गया। इसमें अंगदान दाता परिवारों का सम्मान किया गया। साथ ही, राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर अंगदान के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले सर्वश्रेष्ठ सोटो राज्य, सर्वश्रेष्ठ अस्पताल, सर्वश्रेष्ठ ट्रांसप्लांट को-ऑर्डिनेटर आवार्ड प्रदान किये गये।
प्रमुख सचिव श्री शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि 10वें भारतीय अंगदान दिवस के अवसर पर यह पुरस्कार वर्ष 2019-20 में मृतकों के अंगदान के क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिये दिया गया है। साथ ही, मध्यप्रदेश के अंगदान दाता स्वर्गीय श्री रखब चंद जैन के पुत्र श्री संजय जैन और पुत्रवधु श्रीमती वर्षा जैन को भी सम्मानित किया गया। उन्होंने बताया कि एमजीएम मेडिकल कॉलेज, इंदौर में नवीन सोटो संस्थान कार्यरत है।

विधानसभा अध्यक्ष, जनसम्पर्क मंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री ने नव-दम्पतियों को दिया आशीर्वाद
1 December 2019
भोपाल.विधानसभा अध्यक्ष श्री एन.पी. प्रजापति, जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह ने अखिल भारतीय आदर्श चौरसिया महासभा के युवक-युवती परिचय और आदर्श विवाह सम्मेलन में नव दम्पतियों को आशीर्वाद दिया। अतिथियों ने सम्मेलन में प्रकाशित समाज की स्मारिका का विमोचन भी किया।
जिला स्तरीय इन्टर स्कूल कराटे चेम्पियनशिप का शुभारंभ
जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने नर्मदा भवन तुलसीनगर में जिला स्तरीय इन्टर स्कूल कराटे चेम्पियनशिप का शुभारंभ किया। प्रतियोगिता में 300 स्कूली बच्चे भाग ले रहे हैं। श्री शर्मा शिवाजी नगर स्थित अंकुर मैदान में रस्साकसी प्रतियोगिता में भाग ले रहे खिलाड़ियों से भी मिले।
कोशियारी कमेटी की अनुशंसाओं को लागू कराने की पहल करेंगे
जनसम्पर्क मंत्री श्री शर्मा ने कहा है कि ई.पी.एफ. संबंधी श्री भगत सिंह कोशियारी कमेटी 2013 की लंबित अनुशंसाओं को केन्द्र सरकार से लागू करवाने के लिए पहल करेंगे। मंत्री श्री शर्मा ने सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण समिति द्वारा पंचानन भवन में आयोजित सम्मेलन में यह बात कही। इस अवसर पर समिति के श्री चन्द्रशेखर परसाई, श्री वीरेन्द्र खोंगल, श्री अनिल वाजपेई, श्री सुधीर नायक, श्री महेन्द्र शर्मा और श्री ओ.पी. कटियार उपस्थित थे।

मनुष्य के कर्म और जीवनशैली ही उसकी यादों को चिर-स्थाई बनाते हैं
30 November 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने दैनिक भास्कर समाचार पत्र समूह के पूर्व प्रधान संपादक स्वर्गीय श्री रमेशचंद्र अग्रवाल की जयंती पर आयोजित प्रेरणा उत्सव समारोह में कहा कि वे एक ऐसे व्यक्तित्व थे, जिनकी सोच, विचार और दृष्टिकोण आदर्श के रूप में आज भी हमारा मार्गदर्शन करते हैं। श्री कमल नाथ ने कहा कि हर मनुष्य को एक दिन प्रकृति के नियम के अनुसार अपनी देह का त्याग करना पड़ता है लेकिन उसके कर्म, जीवनशैली, व्यवहार और उद्यम हमेशा लोगों के बीच उसकी यादों को चिर-स्थाई बनाए रखते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय श्री रमेशचंद्र जी एक ऐसी ही शख्सियत थे, जिन्होंने हिन्दी समाचार पत्र के इतिहास को स्वर्णिम बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने अपनी कर्मशीलता, दूरदर्शिता और जोखिम उठाकर न केवल भास्कर ग्रुप का नाम पूरे देश में रौशन किया बल्कि मध्यप्रदेश की पहचान आज पूरे देश में उनके कारण है। मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय रमेश जी के परिवार को इस बात के लिए बधाई दी कि वे उनके विचारों, आदर्शों को जीवित रखने के साथ ही प्रेरणा के रूप में आत्मसात भी कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने स्वर्गीय रमेश जी के साथ जुड़ी स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि वे जबभी दिल्ली आते थे, तो भोपाल से उनका फोन आता था कि साथ में साऊथ इंडियन खाना खाने चलेंगे। उन्हें साऊथ इंडियन खाना बहुत पसंद था। जबवे दिल्ली आते, तो हम लोधी स्टेट स्थित साऊथ इंडियन रेस्टोरेंट में जाते थे और वहाँ साथ में भोजन करते थे। इस दौरान वे अपने नए-नए प्रोजेक्ट को लेकर चर्चा करते थे। श्री कमल नाथ ने कहा कि मुझे आज यह देखकर प्रसन्नता हो रही है कि जो सपना स्वर्गीय रमेश जी ने देखा था, वह उन्होंने साकार करके दिखाया।
पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि रमेश जी के व्यवहार में जीवन-पर्यंत मध्यप्रदेश की माटी की विशेषता, शालीनता, सज्जनता और आपसी प्रेमभाव देखने को मिला। उनमें कभी अहंकार नहीं रहा। वे अच्छे समाजसेवक थे। इंडिया टीवी न्यूज के प्रमुख श्री रजत शर्मा ने कहा कि रमेश जी एक बार जिस किसी से संबंध बनाते थे, उसे जीवनभर निभाते थे। उन्होंने अपने कौशल से हिन्दी समाचार पत्र जगत में एक नई चुनौती दूसरे समाचार पत्रों के सामने खड़ी की। विषम परिस्थितियों में भी वे साहसिक निर्णय लेते थे। यही कारण है कि आज भास्कर पत्र समूह देश के बड़े समाचार पत्रों में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर स्वर्गीय श्री रमेशचंद्र अग्रवाल के जीवन पर सुश्री भारती प्रधान द्वारा लिखी गई पुस्तक का विमोचन किया। समारोह में जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा, राजस्व एवं परिवहन मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल, श्रम मंत्री श्री महेन्द्र सिंह सिसोदिया, नगरीय विकास और आवास मंत्री श्री जयवर्धन सिंह, कृषि विकास एवं कल्याण मंत्री श्री सचिन यादव एवं भास्कर पत्र समूह के श्री सुधीर अग्रवाल और श्री पंकज अग्रवाल उपस्थित थे।

बच्चों, खूब पढ़ो और अपनी सभ्यता, संस्कृति तथा संस्कार से जुड़े़ रहो
30 November 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने मुख्यमंत्री निवास पहुँचे गरीब और अनाथ बच्चों से मुलाकात की और 'नन्ही खुशियाँ कार्यक्रम' के अंतर्गत बच्चों के 'एक दिन की पूरी खुशी' टूर कार्यक्रम को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा कि खूब पढ़ो, अपनी सभ्यता, संस्कृति तथा संस्कार से जुड़े रहो और भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को जानो।
श्री कमल नाथ ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। आने वाले दिनों में समाज के नव-निर्माण में बच्चों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास होना चाहिए कि इन बच्चों को हम ऐसा वातावरण उपलब्ध करवाएं, जिससे न केवल उनका भविष्य बेहतर हो बल्कि वे सक्षम और सफल नागरिक भी बनें।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने उनसे मिलने पहुँचे विभिन्न गरीब बस्तियों में रहने वाले अनाथ और गरीब बच्चों से उनकी पढ़ाई और रूचि के साथ ही खेल-कूद के बारे में भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने बच्चों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि वे जिस देश में रह रहे हैं, वह पूरी दुनिया में एकमात्र एक ऐसा देश है, जहाँ अलग-अलग संस्कृति, भाषा, जाति और धर्म के लोग रहते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे देश की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इतनी विभिन्नताओं के बीच भी हमारी एकता और अखण्डता न केवल मजबूत है बल्कि समय आने पर सभी लोग एकजुट होकर हर संकट का सामना भी करते हैं। मुख्यमंत्री ने बच्चों को बताया कि हाल ही में मंदसौर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में हुई अति-वृष्टि के कारण पीड़ित बाढ़ प्रभावितों लोगों के लिए हर धर्म और वर्ग के लोगों ने आगे बढ़कर मदद की। श्री कमल नाथ ने कहा कि यही हमारी विशेषता है और यही हमारी शक्ति है, जिसका लोहा पूरी दुनिया मानती है। मुख्यमंत्री ने उनसे मिलने आए बच्चों को शॉल और उपहार भेंट किए। बच्चों ने खुश होकर मुख्यमंत्री को थैंक्यू कहा।
'एक दिन की खुशी' कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों को मुख्यमंत्री निवास, वन विहार और राजभवन सहित भोपाल के रमणीय और दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। समाचार पत्र नवदुनिया एवं प्रतिभा फाउंडेशन द्वारा प्रायोजित इस कार्यक्रम में शामिल बच्चे एक बड़ी होटल में दोपहर और रात्रि का भोजन भी करेंगे।

मानव संसाधन को आत्म-निर्भर बनाना सरकार का लक्ष्य :मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह
30 November 2019
भोपाल.नगरीय विकास और आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह और जनसम्पर्क तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने होटल नूर-उस-सबा में स्मार्ट सिटी डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड में इंक्यूबेसन सेंटर, बीनेस्ट में स्टार्ट-अप के लिये दो दिवसीय 'हैकाथॉन' वर्कशॉप का शुभारंभ किया। वर्कशॉप का समापन एक दिसम्बर को होगा।
मंत्री श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश के मानव संसाधन को स्किल करना, गाइड करना और आर्थिक रूप से आत्म-निर्भर बनाना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि हैकाथॉन की थीम हेल्थ केयर, पानी, ट्रांसपोर्ट, कृषि, वेस्ट, ऊर्जा, इंडस्ट्रियल आईओटी, सिटीजन सर्विस, फिनटेक और सिटी सर्विलांस है। श्री सिंह ने कहा कि स्टार्ट-अप में पूरी निष्ठा के साथ कड़ी मेहनत करें, तो सफलता जरूर मिलेगी। उन्होंने हैकाथॉन में शामिल हुए 79 स्टार्ट-अप का स्वागत करते हुए कहा कि चयनित 10 स्टार्ट-अप को बीनेस्ट के साथ काम करने का मौका मिलेगा। श्री सिंह ने बताया कि प्रथम आने वाली टीम को एक लाख 25 हजार रूपये, द्वितीय आने वाली टीम को 75 हजार रूपये और तृतीय आने वानी टीम को 50 हजार रूपये पुरस्कार दिया जाएगा।
जनसम्पर्क मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि स्टार्ट-अप के लिए इन्वेस्टमेंट की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। श्री शर्मा ने कहा कि बच्चों में नवाचार की प्रवृत्ति होती है। इस तरह के आयोजन उनके नवाचारों को प्लेटफार्म प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की कार्य-प्रणाली से प्रदेश में इन्वेस्टर्स का विश्वास बढ़ा है। श्री शर्मा ने स्मार्ट चालान व्यवस्था की सराहना की।
कार्यक्रम में स्मार्ट सिटी के सी.ई.ओ.श्री दीपक सिंह और जागरण लेक यूनिवर्सिटी के श्री अभिषेक मोहन गुप्ता के बीच स्टार्ट-अप आइडियाज के आदान-प्रदान के लिए एम.ओ.यू. साइन हुआ। स्मार्ट सिटी, भोपाल के सी.ई.ओ. श्री सिंह ने हैकाथॉन के उददे्श्यों की जानकारी दी। इस मौके पर लगाई गई प्रदर्शनी में मंत्री द्वय ने सहभागियों से चर्चा की और उनके कार्यों की सराहना की।

सभी जिलों में लागू करें "आयुष्मान मध्यप्रदेश" योजना : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
29 November 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने 'आयुष्मान मध्यप्रदेश'' योजना का प्रदेश के सभी जिलों में विस्तार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि सबको समय पर निकटतम स्वास्थ्य केन्द्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। श्री कमल नाथ आज मंत्रालय में 'आयुष्मान मध्यप्रदेश' योजना की समीक्षा कर रहे थे। समीक्षा बैठक में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि आयुष्मान योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचे, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि योजना में प्रत्येक जिले के निजी अस्पतालों को संबंद्ध करने के लिए राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के जरिए उत्कृष्ट गुणवत्ता वाले अस्पतालों को प्राथमिकता दी जाए। इसके लिए मार्गदर्शिका बनाई जाए। उन्होंने कहा कि जिन चिकित्सालयों को इस योजना में शामिल किया गया है, उन पर सतत् निगरानी रखी जाए, जिससे कोई गड़बड़ी न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि गड़बड़ी करने वाले चिकित्सा संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने सभी योग्य हितग्राहियों को अगले 6 माह में गोल्डन कार्ड दिए जाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने सेवानिवृत्त एवं सेवारत शासकीय कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का प्रारूप शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत 'निरामयम्' योजना में हितग्राहियों के उपचार में आ रही कठिनाईयों को ध्यान में रखते हुए शासकीय अस्पतालों के लिए आरक्षित पैकेजेस पर पुनर्विचार करने को कहा।
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने स्वास्थ्य विभाग को मलेरिया, एलिमिनेशन डिमॉन्ट्रेशन प्रोजेक्ट, मॉडल कॉम्प्रीहेन्सिव अबॉर्शन केयर सर्विस एवं टी.बी. के मरीजों की रीयल टाइम मॉनिटिरिंग एप के लिए मिले पुरस्कार और खाद्य एवं औषधि प्रशासन को मिले डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन अवार्ड से अवगत कराया।
प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. पल्लवी जैन गोविल ने बताया कि 'आयुष्मान भारत मध्यप्रदेश'' योजना में 1 करोड़ 31 लाख कार्ड बनाए गए हैं। इस योजना में अब तक 1 लाख 75 हजार लोगों के दावे प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 1 लाख 18 हजार लोगों को इलाज के लिये 157.11 करोड़ रुपए भुगतान किया गया है। योजना में 257 स्वास्थ्य शिविर लगाए गए। इलाज के लिए 98 निजी एवं 339 शासकीय अस्पतालों का पंजीयन किया गया है।
बैठक में मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहन्ती, आयुक्त स्वास्थ्य श्री प्रतीक हजेला और आयुष्मान भारत निरामयम् के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. जे. विजय कुमार उपस्थित थे।

हमीदिया कॉलेज में शुरू होगा दर्शन शास्त्र में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम :मंत्री श्री पटवारी
29 November 2019
भोपाल.उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी ने घोषणा की है कि भोपाल के शासकीय हमीदिया कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में अगले शिक्षा सत्र में दर्शन शास्त्र में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। श्री पटवारी आज महाविद्यालय में राज्य स्तरीय पुरूष कबड्डी प्रतियोगिता का शुभारंभ कर रहे थे। प्रतियोगिता में रीवा, सागर, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और भोपाल संभाग की टीमें भाग ले रही हैं।
मंत्री श्री पटवारी ने कहा कि हमीदिया कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय के लिये वर्ल्ड बैंक परियोजना में 15 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की गई है। यह राशि महाविद्यालय में ऑडिटोरियम, कम्प्यूटर लैब और स्मार्ट क्लासेस निर्माण तथा खेल गतिविधियों में खर्च की जाएगी।
श्री जीतू पटवारी ने राज्य स्तरीय पुरूष कबड्डी प्रतियोगिता का शुभारंभ करते हुए कहा कि कबड्डी भारत का पारम्परिक खेल है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश खेलों में अपनी अलग पहचान बना रहा है। खेल एवं खिलाड़ियों को पूर्ण सहयोग प्रदान करने के लिये प्रदेश सरकार वचनबद्ध है। श्री पटवारी ने कहा कि खिलाड़ियों का कैरियर सुनिश्चित हो, इसके लिये शासकीय नौकरियों में उन्हे 5 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव नए खेल नीति में शामिल किया गया है।
इस अवसर पर विधायक श्री आरीफ मसूद, हमीदिया कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पी.के. जैन, क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक श्री महेन्द्र सिंह रघुवंशी उपस्थित थे।

आरा मिलें "आइडियल क्लस्टर" के रूप में होंगी विकसित
29 November 2019
भोपाल.सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री आरिफ अकील ने आज आरा मिलों के विस्थापन के संबंध में बैठक ली। श्री अकील ने कहा कि आरा मिलों के विस्थापन की सभी आवश्यक कार्यवाही जल्द पूरी करें। उन्होंने प्रमुख सचिव श्री अशोक शाह से कहा कि एक सप्ताह में संबंधित विभागों की बैठक लेकर आवश्यक कार्यवाही पूर्ण करें।
प्रमुख सचिव ने बताया कि भारत सरकार की क्लस्टर योजना में आरा मिलों के विस्थापन का प्रस्ताव भेजा गया है। लगभग छ: माह के अन्दर यह कार्यवाही की जाती है। अभी चार माह का समय और लगने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि आरा मिलों को ''आइडियल क्लस्टर'' के रूप में विकसित किया जाएगा। बैठक में आरा मिलों के लिये बिजली, पानी, फायर ब्रिगेड, पहुंच मार्ग आदि विषयों पर भी चर्चा की गई।
बैठक में संभागायुक्त श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव, कलेक्टर श्री तरूण पिथोड़े, नगर निगम सहित संबंधित विभाग के अधिकारी और आरा मिलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

विधानसभा के बजट सत्र में पेश होगा "राइट-टू-वॉटर" एक्ट : मंत्री श्री सुखदेव पांसे
28 November 2019
भोपाल.लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री सुखदेव पांसे ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में हर घर नल से जल पहुँचाने के लिये योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। प्रदेशवासियों को पानी का अधिकार दिलाने के लिये विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में 'राइट-टू-वाटर' एक्ट का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। विधानसभा के आगामी बजट सत्र में यह एक्ट पारित करवाकर लागू कर दिया जाएगा। श्री पांसे ने कहा कि इस एक्ट के लागू होने पर मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य होगा, जहाँ लोगों को पानी का कानूनी अधिकार मिलेगा। उन्होंने बताया कि पानी का अधिकार कानून लागू करने के लिये बजट में एक हजार करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है।
हर घर पहुँचेगा नल से जल
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री पांसे ने बताया कि ग्रामीण अंचलों में हर घर तक नल से जल पहुँचाने के लिये 68 हजार करोड़ रूपये की विस्तृत कार्य-योजना बनाई गई है। अभी तक 19 समूह जल योजनाएँ पूर्ण कर 802 गाँव की लगभग साढ़े 11 लाख से अधिक जनसंख्या को घरेलू नल कनेक्शन द्वारा जल-प्रदाय प्रारंभ कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, 6672 करोड़ रूपये लागत की 39 योजनाओं का कार्य प्रगति पर है, जो अगले दो साल में पूरा हो जाएगा। इससे 6091 गाँव की लगभग 64 लाख आबादी को पेयजल उपलब्ध होगा। श्री पांसे ने जानकारी दी कि 14 हजार 510 गाँव के लिये 22 हजार 484 करोड़ रूपये की 45 समूह जल-प्रदाय योजनाओं की डीपीआर तैयार कर ली गई है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन से लगभग एक करोड़ ग्रामीण आबादी को पेयजल उपलब्ध होगा।
मंत्री श्री पांसे ने कहा कि प्रदेश में 5 करोड़ 88 लाख आबादी 1 लाख 28 हजार 231 ग्रामीण बसाहटों में निवास करती है। पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में इन क्षेत्रों में मात्र 12 फीसदी आबादी को ही पेयजल प्रदाय किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि इस भीषण स्थिति से ग्रामीणों को उबारने के लिये राज्य सरकार ने प्रत्येक परिवार को उसकी आवश्यकता के अनुरूप जल उपलब्ध करवाने का निश्चय किया है। पानी का कानूनी अधिकार इसी निश्चय का परिणाम है।
पेयजल प्रदाय योजनाओं की बेहतर प्लानिंग के लिये आईआईटी से अनुबंध
मंत्री श्री सुखदेव पांसे ने जानकारी दी है कि प्रदेश में पेयजल प्रदाय योजनाओं की बेहतर प्लानिंग के लिये देश के अग्रणी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान आईआईटी, दिल्ली से अनुबंध किया गया है। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में पेयजल उपलब्ध कराने के लिये एक बड़ी धन राशि की आवश्यकता होगी। इसे ध्यान में रखकर न्यू डेवलपमेंट बैंक, जायका, एशियन डेवलपमेंट बैंक और नाबार्ड से वित्तीय सहायता प्राप्त करने की पहल की गई है। न्यू डेवलपमेंट बैंक से 4500 करोड़ रूपये की योजनाओं की वित्तीय सहायता प्राप्त हो गई है। जायका से नीमच तथा मंदसौर जिले के सभी गॉंव और रतलाम जिले के आलोट विकासखण्ड के 1735 गाँव में समूह पेयजल योजना के लिये वित्तीय सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
उपलब्धियों के 11 माह
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री सुखदेव पांसे ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले 11 माह में ग्रामीण अंचल में पर्याप्त पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के सघन प्रयास किए हैं। इतने कम समय में ग्रामीण अंचल में 6 हजार से अधिक हैण्डपम्प स्थापित किए गए हैं, 600 से अधिक नवीन नल जल योजनाओं के कार्य पूर्ण कर उनसे पेयजल प्रदाय प्रारंभ कराया गया है और 6700 से अधिक सिंगल फेस मोटर पम्प स्थापित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार के समय बंद हुई लगभग 3000 नल-जल योजनाओं को पुन: चालू कराया गया है। पूर्ववर्ती सरकार के समय बंद हुए 3 लाख 12 हजार से अधिक हैण्डपम्प को भी सुधरवा कर पुन: चालू करवाया गया है। श्री पांसे ने बताया कि 65 हजार से अधिक हैण्डपम्पों में लगभग साढ़े 3 लाख मीटर राइजर पाइप बढ़ाकर अथवा बदलकर हैण्डपम्पों को चालू रहने की स्थिति में लाया गया है।
300 मीटर के दायरे में होगा एक शासकीय पेयजल स्त्रोत
मंत्री श्री सुखदेव पांसे ने बताया है राज्य सरकार ने नई पेयजल नीति में प्रावधान किया है कि जिन बसाहटों में गर्मी के मौसम में 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन के मान से पेयजल उपलब्ध नहीं हो पाता है, उनमें नये हैण्डपम्प लगाए जाएं। उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार में किसी भी बसाहट के 500 मीटर के दायरे में न्यूनतम एक शासकीय पेयजल स्त्रोत उपलब्ध कराने की व्यवस्था ग्रामीण माताओं और बहनों के लिये गर्मी के मौसम में कष्टदायी थी। राज्य सरकार ने इस समस्या को समाप्त करने के लिये नई पेयजल नीति में 300 मीटर के दायरे में कम से कम एक शासकीय पेयजल स्त्रोत उपलब्ध कराने का प्रावधान किया है। हैण्डपम्प स्थापना के लिये ग्रामों के चयन में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति बहुल ग्रामों को प्राथमिकता देने का भी निर्णय लिया गया है।
मंत्री श्री पांसे ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने जनसंख्या के मान से केवल बड़े ग्रामों में नल-जल योजनाओं के क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी थी। इस कारण पेयजल समस्यामूलक छोटे गाँव और दूरदराज के गाँव पेयजल की समस्या से निरंतर जूझ रहे थे। श्री पांसे ने कहा कि राज्य सरकार ने छोटे और दूर दराज के गाँवों को अपनी नई पेयजल नीति में प्राथमिकता दी है। उन्होंने बताया कि इन गाँवों में नल-जल योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये नीति को सरल बनाया गया है। अब गर्मी के मौसम में पेयजल की समस्या से त्रस्त रहने वाले बड़े गाँवों के साथ छोटे गाँव भी नल-जल योजना के क्रियान्वयन से लाभान्वित होंगे।

कूनो में हुए पहले सर्वेक्षण में मिले 200 प्रजाति के पक्षी
28 November 2019
भोपाल.कूनो राष्ट्रीय उद्यान में पहले पक्षी सर्वेक्षण में लगभग 200 प्रजाति के पक्षी मिले हैं। उद्यान में 22 से 24 नवम्बर के बीच हुए सर्वेक्षण में देश भर के 65 वन्य प्राणी विशेषज्ञ और प्रकृति प्रेमी तथा 80 से अधिक वन अधिकारी-कर्मचारियों ने भाग लिया। पक्षी गणना के परिणाम अगले हफ्ते जारी किए जाएंगे।
वन मंडल अधिकारी श्री ब्रजेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि सर्वेक्षण के दौरान लगभग डेढ़ सौ लोगों की 45 टीमें बनाई जाकर गणना करने का प्रशिक्षण दिया गया था। इन टीमों ने पूरे उद्यान में 22 रूट्स पर सर्वेक्षण किया। वन विभाग की टीम में मुख्य वन संरक्षक से लेकर चौकीदार स्तर तक के अधिकारी-कर्मचारी शामिल थे।
सर्वेक्षण के दौरान राज्य पक्षी दूधराज, फ्लाईकेचर, पैराकीट, नाईटजार, बारबलर्स, वुड पेकर, किंगफिशर आदि के साथ गिद्धों की पांच प्रजातियाँ भी मिलीं। उद्यान में प्रवासी पक्षियों का आना भी शुरू हो रहा है।

जन-सामान्य को निर्माण कार्य के लिए सस्ती दरों पर मिलेंगे गौण खनिज
28 November 2019
भोपाल.राज्य शासन ने जन-सामान्य को निर्माण कार्यो के लिए सस्ती और सुलभ दरों पर गौण खनिज उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। खनिज साधन द्वारा मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम 1996 के नियम 29 के उप नियम 5 के अधीन गौण खनिजों की पुनरीक्षित रॉयल्टी और अनिवार्य भाटक दरें जारी की गई है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अनुवांशिक कुम्हार वर्गो को रॉयल्टी से छूट यथावत जारी रहेगी।
मार्बल और ग्रेनाइट्स के ब्लॉक्स के निर्माण में निकलने वाले अनुपयोगी छोटे पत्थरों की निर्माण कार्यो में सुलभता से उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नई दरें निर्धारित की गई हैं। अब ग्रेनाईट का अनुपयोगी वेस्ट 120 रूपये प्रति घन मीटर और मार्बल का अनुपयोगी वेस्ट 200 रूपये प्रति घन मीटर की दर पर उपलब्ध होगा। इस प्रयास से खदानों से निकलने वाले अनुपयोगी पत्थरो का उपयोग निर्माण कार्यो में किया जा सकेगा। मार्बल एवं ग्रेनाइट के आकारीय पत्थरों की रॉयल्टी दरों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। साथ ही, गिट्टी और पत्थरों की दरों में पांच वर्षो में बाजार मूल्यों को देखते हुए 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
खनीज साधन विभाग ने अनुपयोग पड़ी खदानों को चालू करने के लिए डेड रेन्ट दिये जाने के प्रावधान को सख्त कर दिया है। इसके अनुसार पूर्व में 40 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर प्रति वर्ष के स्थान पर ग्रेनाईट, मार्बल आदि खनिजों के लिए दो लाख रूपये प्रति हेक्टर प्रति वर्ष दर निर्धारित की गई है। इसी प्रकार, गिट्टी, मुरम आदि खनिजों के लिए डेड रेन्ट एक लाख रूपये प्रति हेक्टर प्रति वर्ष निर्धारित किया गया है।

धन्य है हमारा प्रदेश, जहाँ षंजन जैसी प्रतिभाएं हैं : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
27 November 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने प्रदेश की प्रतिभा तीन वर्षीय नन्हीं बालिका षंजन थम्मा के साथ आत्मीय पल बिताए। बहुमुखी प्रतिभा की धनी दस माह की उम्र में ही इस बालिका को दोनों हाथ से लिखने की कला के साथ ही वर्तमान में दुनिया के 247 देशों में से 235 देशों के नाम और उनकी राजधानी मुखाग्र याद है। मुख्यमंत्री ने कहा 'धन्य है हमारा प्रदेश, जहां इतनी अद्वितीय प्रतिभाएं हैं। श्री कमल नाथ ने कहा कि ऐसी प्रतिभाओं का प्रदेश हित में प्रेरणा के रूप में उपयोग किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ जब मंत्रिमंडल की बैठक से लौटे, तो मंत्रालय की 5वीं मंजिल में अपने कक्ष में वे कुमारी षंजन से मिले। षंजन अपनी माँ श्रीमती मानसी थम्मा एवं नाना श्री रमेश चंद्र शर्मा के साथ आई थी। उज्जैन निवासी षंजन जैसे ही कक्ष में दाखिल हुई मुख्यमंत्री ने गर्म जोशी के साथ उससे हाथ मिलाया। षंजन से उन्होंने सवाल किया कि उसे कौन-कौन से मेडल प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री ने उसकी एक-एक उपलब्धि को देखा। फूलों से लदा एक गुलदस्ता भी मुख्यमंत्री ने षंजन को दिया। मुख्यमंत्री ने अपनी और से षंजन को एक प्रशंसा-पत्र भी सौंपा।
मुख्यमंत्री ने प्रशन्सा-पत्र में लिखा
'धन्य है हमारा प्रदेश, जो आपकी जैसी अद्वितीय प्रतिभा हमारे यहाँ है। 'यंगेस्ट एक्टिवट्रेक्स्ट्रस राइटर' के रूप में वर्ल्ड रिकार्ड बनाने पर मेरी और प्रदेश की जनता की ओर से बधाई देता हूँ। आपकी प्रतिभा को निखारने के लिए माता-पिता ने जिस समर्पण के साथ जो सतत् प्रयास किए हैं, वे सराहनीय हैं। ऐसी प्रतिभाओं को संवारने और सहेजने की आवश्यकता है। आपकी सफलता माता-पिता की कोशिशों का परिणाम है, और एक उदाहरण भी। मेरी शुभकामनाएँ हैं कि आप हमेशा इसी तरह अपने देश-प्रदेश और माता-पिता का सम्मान बढ़ाते जाएं। आपके बेहतर भविष्य की कामना करता हूँ।'
मुख्यमंत्री को षंजन की माता मानसी ने बताया कि जब वह 10 माह की थी, तभी से दोनों हाथ से लिखने के साथ ही एक से 10 तक की गिनती इसे याद थी। साइंस, राजनीति और दुनिया के भूगोल की षंजन को गहरी समझ और जानकारी है। षंजन का पहला रिकार्ड 2 साल 11 माह में बना, जब वह दोनों हाथों से लिखने लगी थी। दूसरा रिकार्ड इतनी ही कम उम्र में राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रीय गान के साथ ही सारे जहाँ से अच्छा हिन्दुस्तान उसे पूरा याद होने के कारण बना। उसे वर्ल्ड रिकार्ड ऑफ इंडिया और एशिया बुक ऑफ रिकार्ड मिल चुका है। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज होने की अंतिम प्रक्रिया चल रही है। षंजन की अपनी खुद की 250 किताबों की लाइब्रेरी है। चंद्रयान 2 की लॉचिंग उसने पूरी रात देखी और कहा कि आगे हम इसमें सफल होंगे। षंजन तीन साल की है और वह नर्सरी में है लेकिन उसे नवीं कक्षा का पूरा ज्ञान है। षंजन की माँ सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और पिता श्री श्रीधर थम्मा एयर फोर्स में कच्छ में पदस्थ हैं। षंजन की प्रतिभा को सहेजने और संवारने के लिए मां ने अपनी नौकरी छोड़ दी। वे बीएड कर रही हैं ताकि वे स्वंय उसकी अधिकृत शिक्षिका बन सके।

गांधी जी ने अहिंसा के सिद्धांतों से विश्व को दिया शांति का संदेश : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
27 November 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि जब पूरा विश्व हिंसा की चपेट में था, विश्व युद्ध छिड़ा हुआ था, ऐसे समय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भारत में आजादी की लड़ाई अहिंसा के सिद्धांत पर लड़कर पूरे विश्व को शांति का संदेश दिया था। श्री कमल नाथ ने कहा कि आज हमें विश्‍व में भाईचारा और शांति चाहिए, तो महात्मा गांधी के मार्ग पर पूरी निष्ठा और मजबूती के साथ चलना होगा। मुख्यमंत्री आज गांधी भवन में बा-बापू की 150वीं जयंती के अवसर पर 'जय जगत 2020 गांधी संदेश यात्रा' के भोपाल पहुँचने पर आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल और पूर्व मंत्री श्री चंद्र प्रभाष शेखर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 150वीं जयंती वर्ष पर जिस निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ श्री पी. राजगोपाल के नेतृत्व में जय जगत 2020 गांधी संदेश यात्रा निकल रही है, उसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस यात्रा के माध्यम से महात्मा गांधी के विचारों और सिद्धांतों से नई पीढ़ी को जोड़ने का काम राजगोपाल जी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की जो पीढ़ी है, वह हमारे गौरवशाली इतिहास की जानकारी से वंचित है। श्री कमल नाथ ने कहा कि अगर हमें इस देश की संस्कृति, सभ्यता और संस्कार से इस पीढ़ी को जोड़ना है, तो उन्हें इस देश के इतिहास से अवगत कराना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी केवल भारत के ही नहीं, पूरे विश्व के नेता थे। बापू एक मात्र ऐसे महापुरुष रहे हैं, जिनका दुनिया के कई देशों में सम्मान किया जाता है। उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए कई देशों में उनकी प्रतिमा स्थापित की गई है और अन्य गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम पूर्व और पश्चिम एशिया में अशांति का जो वातावरण देख रहे हैं, उसका निदान गांधी मार्ग पर चलकर ही किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गांधी जी का संदेश जन-जन तक पहुँचे, यह हम सभी का लक्ष्य होना चाहिए।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने यात्रा में शामिल विदेशी यात्रियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके शामिल होने से यह संदेश और अधिक मजबूत होता है कि गांधी जी के सिद्धांतों की न केवल भारत को बल्कि पूरे विश्व को जरूरत है। उन्होंने यात्रा को सफल बनाने में समन्वयक श्री सुरेन्द्र सिंह ठाकुर सहित सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी ने निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ काम किया है।
जनसम्‍पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के निर्देश पर प्रदेश में जहाँ-जहाँ से भी यह यात्रा गुजरेगी और पहुँचेगी, वहाँ पर पूरी भव्यता के साथ इसका स्वागत और सम्मान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 50 सत्याग्रहियों के साथ यह यात्रा 370 दिन तक 10 हजार 151 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। यह यात्रा 10 देशों में जाएगी और 2 अक्टूबर 2020 को जिनेवा के स्विट्जरलैंड में इसका समापन होगा।
जय जगत गांधी संदेश यात्रा का नेतृत्व कर रहे श्री पी. राजगोपाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने इस यात्रा के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए जो सहयोग और समर्थन दिया है, वह इस बात का प्रतीक है कि वे गांधी जी के मार्ग पर पूरी निष्ठा के साथ चलना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि आज पूरा प्रदेश गांधीमय हो रहा है, तो इसका श्रेय श्री कमल नाथ को जाता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ एक मात्र व्यक्ति हैं, जिनमें वह क्षमता है, जो गांधी जी के संदेशों को लोकल से ग्लोबल तक जोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज दुनिया में फैली अशांति से निपटने का रास्ता भारत के अलावा और कोई देश नहीं दिखा सकता।
यात्रा दल की प्रमुख सदस्य श्रीमती जिल हैरी ने यात्रा में शामिल राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय सदस्यों का मुख्यमंत्री से परिचय करवाया। प्रारम्भ में मुख्यमंत्री ने बा-बापू के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर यात्रा सदस्यों को स्लिपिंग बैग वितरित किए। आभार एवं स्वागत भाषण राष्ट्रीय एकता परिषद के अध्यक्ष श्री रण सिंह परमार ने दिया।

फिल्म पर्यटन नीति शीघ्र लागू की जाएगी :- मंत्री श्री बघेली
27 November 2019
भोपाल.पर्यटन मंत्री श्री सुरेन्द्र सिंह बघेल ने आज भेल में सोनी टी.व्ही. के प्राइम टाइम सीरियल 'एक दूजे के वास्ते' का क्लेप देकर शुभारंभ किया। श्री बघेल ने कहा कि यह सीरियल प्रदेश के लिये 'गेटवे ऑफ टी.व्ही. इंडस्ट्री इन मध्यप्रदेश' साबित होगा।
श्री बघेल ने बताया कि प्रदेश में फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये सरकार द्वारा निर्माताओं और निर्देशकों को आमंत्रित किया जा रहा है। उन्हें मध्यप्रदेश में शूटिंग के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश में 3 अन्तर्राष्ट्रीय फिल्में, 10 राष्ट्रीय फिल्में, वेब सीरीज और धारावाहिक प्रोजेक्ट संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्रीज के प्रदेश में आने से रोजगार और निवेश की व्यापक संभावनाएं निर्मित होंगी। पर्यटन मंत्री श्री बघेल ने बताया कि प्रदेश सरकार फिल्म पर्यटन नीति बना रही है, जिसे शीघ्र लागू किया जाएगा।
'एक दूजे के वास्ते' धारावाहिक सोनी टी.व्ही. का प्राइम टाइम शो है। इसके माध्यम से पहली बार किसी धारावाहिक की पूरी शूटिंग भोपाल सहित प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर की जा रही है। इस धारावाहिक के 260 से अधिक एपिसोड भोपाल सहित प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर शूट किये जाएंगे। इससे भोपाल के लोगों को रोजगार मिलेगा और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, प्रदेश के कलाकारों को इस सीरियल के माध्यम से अभिनय के मौके भी मिलेंगे। यह सीरियल 130 देशों में भोपाल शहर की पहचान के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इससे भोपाल और प्रदेश के पर्यटन को राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय पहचान मिलेगी।
शुभारंभ कार्यक्रम में सोनी टी.वी. के प्रोजेक्ट ग्रुप हेड श्री रीतेश मोदी, प्रोजेक्ट के हेड राइटर और प्रोड्यूसर श्री दिलीप झा और धारावाहिक के कलाकार श्री मोहित कुमार और सुश्री कनिका कपूर तथा टी.व्ही. के अन्य कलाकार और यूनिट के सदस्य उपस्थित थे।

भारतीय संविधान दिवस
26 November 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने संविधान दिवस पर मंत्रालय के सामने सरदार पटेल उद्यान में देश में 26 नवम्बर 1949 को लागू भारतीय संविधान की उद्देशिका का वाचन किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों-कर्मचारियों से भी भारतीय संविधान की उद्देशिका का वाचन करवाया।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ द्वारा वाचन की गई संविधान की उदे्दशिका इस प्रकार है:- 'हम, भारत के लोग, भारत को एक (संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न समाजवादी पंथ-निरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य) बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को : सामाजिक आर्थिक और राजनैतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त करने के लिए तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़-संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर 1949 ईसवी (मिति मार्गशीर्ष शुक्ला सत्तमी, संवत् दो हजार छह विक्रमी) को एतद् द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं। '
इस मौके पर मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती, विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव, सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित थे।

मंत्री श्री शर्मा ने रवाना की तिरुपति बालाजी स्पेशल तीर्थ-यात्रा ट्रेन
26 November 2019
भोपाल.जनसम्पर्क तथा धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने सोमवार रात मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत हबीबगंज रेलवे स्टेशन से तिरुपति बालाजी स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। श्री शर्मा ने तीर्थ-यात्रा पर रवाना हो रहे तीर्थ-यात्रियों को पुष्पाहारों से स्वागत कर विदा किया। उन्होंने तीर्थ-यात्रियों की सुखद और मंगलमय यात्रा की कामना की।
इस मौके पर पार्षद श्री योगेंद्र सिंह चौहान , श्री मोनू सक्सेना, श्री अनस पठान और अन्य जन-प्रतिनिधि तथा तीर्थ-यात्रियों के परिजन मौजूद थे।

गौ-शालाओं में लगाए जाएं सोलर पैनल: मंत्री श्री हर्ष यादव
26 November 2019
भोपाल.कुटीर एवं ग्रामोद्योग तथा नवीन एवं नवकरणीय उर्जा मंत्री श्री हर्ष यादव ने गौ-शालाओं में विद्युत आपूर्ति के लिये सोलर पैनल लगाने के निर्देश दिए हैं। श्री यादव ने सोमवार को सागर जिले की केसली जनपद के रेंगाझोली गाँव में निर्माणाधीन गौशाला का निरीक्षण करते हुए यह निर्देश दिए। उन्होंने गौशाला में गायों के लिए की जा रही व्यवस्थाओं का अवलोकन भी किया।
मंत्री श्री हर्ष यादव ने निर्माणाधीन गौशाला के नक्शे और अन्य आवश्यक दस्तावेजों को देखा। उन्होंने निर्माण एजेन्सी को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराएं।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ द्वारा राष्ट्रीय खेलकूद प्रतियोगिता के प्रतीक चिह्न एवं शुभांकर का अनावरण
25 November 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की राष्ट्रीय खेलकूद प्रतियोगिता के प्रतीक चिह्न (लोगो) एवं शुभांकर (मेस्कॉट) का आज मंत्रालय में अनावरण किया। प्रतियोगिता 9 से 13 दिसम्बर तक भोपाल में आयोजित होगी। प्रतियोगिता में 16 खेल विधाओं में 23 राज्यों के लगभग पाँच हजार खिलाड़ी एवं सहयोगी अधिकारी भाग लेंगे। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने खेल प्रतियोगिता के सफल आयोजन और इसमें भाग ले रहे प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ दीं।
मुख्यमंत्री द्वारा एकलव्य राष्ट्रीय खेलकूद प्रतियोगिता के लिए जारी प्रतीक चिह्न महाभारत के पात्र एकलव्य की प्रतिकृति पर आधारित है। चित्र में एकलव्य, शक्ति, समर्पण, निष्ठा एवं निडरता को प्रदर्शित करता है। इसके आस-पास हरे रंग का गोल आवरण प्रकृति और पृथ्वी को इंगित करता है। यह प्रकृति को संरक्षित करने की भी प्रेरणा देता है। प्रतीक चिह्न में अंकित पीला रंग खुशी, सकारात्मकता और ऊर्जा का प्रतीक है।
एकलव्य राष्ट्रीय खेलकूद प्रतियोगिता के लिए मुख्यमंत्री द्वारा जारी शुभांकर 'बाघ मुन्ना' है। बाघ न केवल राष्ट्रीय पशु है बल्कि मध्यप्रदेश को टाइगर स्टेट का भी दर्जा प्राप्त है। बाघ गर्व, ताकत, निडरता एवं नेतृत्व क्षमता का प्रतीक है। राष्ट्रीय खेलकूद प्रतियोगिता के लिए बनाए गए प्रतीक चिह्न और शुभांकर प्रतिभागियों के लिये प्रेरणास्त्रोत होंगे।
मुख्यमंत्री को राष्ट्रीय खेलकूद प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को दिए जाने वाला स्टोल भेंट किया गया। यह स्टोल चंदेरी के बुनकरों द्वारा विशेष रूप से तैयार किया गया है। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहन्ती, प्रमुख सचिव आदिम जाति कल्याण श्रीमती दीपाली रस्तोगी एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

छिंदवाडा जिले की बेटी कुमारी विनीता नेटी बनी अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी
25 November 2019
भोपाल.छिंदवाडा जिले की बेटी कुमारी विनीता नेटी फुटबॉल की अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी है, जो अब युवाओं की प्रेरणा स्रोत बन गई है। विनीता पिछले 8 सालों से फुटबॉल खेल रही है। साउथ अमेरिका के चिली में हुए अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल मैच में विनीता को “फेयर प्लेयर अवॉर्ड”, से सम्मानित किया गया। इसके अलावा विनीता को मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय मैच में “बेस्ट प्लेयर अवॉर्ड”, इंटर यूनिवसिर्टी वेस्ट जोन फुटबॉल टूर्नामेण्ट पुणे में “बेस्ट मिडफील्डर अवॉर्ड”, स्कूल राज्य स्तरीय प्रतियोगिता नीमच में “बेस्ट प्लेयर अवॉर्ड” और स्कूल राज्य स्तरीय प्रतियोगिता छिंदवाडा में “बेस्ट डिफेन्सर अवॉर्ड” के अलावा अन्य अवार्ड मिल चुके हैं।
विनीता को आदिवासी महा-सम्मेलन के सम्मान समारोह में, डिस्ट्रिक्ट ओलम्पिक एसोसिऐशन छिंदवाडा, वर्ष 2011 में लाल बहादुर शास्त्री सम्मान तथा वर्ष 2017 के वीरमाता जीजाबाई सम्मान समारोह में सम्मानित किया गया है। आज भी विनीता मध्यप्रदेश टीम की प्रतिनिधि बनकर खेल रही हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश का 8-9 बार राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व किया है।
विनीता की उपलब्धियों के कारण उसे विधानसभा चुनाव 2018, लोकसभा चुनाव 2019 और विधानसभा उप चुनाव छिंदवाड़ा 2019 के दौरान जिला स्वीप आईकॉन बनाया गया। जिले के युवाओं को मताधिकार के प्रति जागरूक करने और उन्हें अपने मत का प्रयोग अनिवार्य रूप से करने की प्रेरणा देने के लिये विनीता ने जिले के गांव-गांव और शहर-शहर जाकर लोगों को जागरूक किया। परिणाम यह हुआ कि छिंदवाड़ा जिले का मतदान प्रतिशत प्रदेश में सर्वाधिक रहा,।
विनीता अभी शासकीय राजमाता सिंधिया कन्या महाविद्यालय, छिन्दवाड़ा में स्नातक की पढ़ाई कर रही है। वह चाहती है कि जिले की खेल प्रतिभाएं न केवल छिन्दवाड़ा जिले, बल्कि मध्यप्रदेश और राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपना नाम रोशन करें। इसके लिये विनीता खेल प्रतिभाओं को हर समय अपना मार्गदर्शन, सहयोग और समय देने को तैयार रहती है।

50 लाख में होगा आरोन तालाब का सौंदर्यीकरण : मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह
25 November 2019
भोपाल.नगरीय विकास एवं आवास श्री जयवर्द्धन सिंह ने गुना जिले के आरोन विकासखण्ड में विकास कार्यों और हितग्राहीमूलक योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने आरोन में बमुरिया रोड तालाब के सौंदर्यीकरण के लिये 50 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की।
मंत्री श्री सिंह ने कहा कि सभी स्वीकृत निर्माण कार्य समय-सीमा में पूरा करें। उन्होंने कहा कि हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को दिलाना सुनिश्चित करें। योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। श्री सिंह ने कहा कि निर्धारित समय पर किसानों को खेती के लिये निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने स्वीकृत गौ-शालाओं का निर्माण जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ने आरोन में 4 स्थानों पर सुलभ शौचालय के निर्माण की भी मंजूरी दी।

ओरछा महोत्सव-2020 की सभी तैयारियाँ जनवरी माह तक पूर्ण कराने के निर्देश
24 November 2019
भोपाल.मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती ने आज ओरछा में अगले वर्ष मनाये जाने वाले 'ओरछा महोत्सव-2020'' की तैयारियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि जनवरी माह तक सभी तैयारियाँ पूर्ण कर ली जाएं। सभी संबंधित विभागों के अधिकारी टीम भावना से कार्य कर ओरछा का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करें। प्रत्येक विभाग ओरछा महोत्सव के लिये अपना एक कार्यकारी अधिकारी भी नियुक्त करे। तैयारियों को अंतिम रूप देते समय स्थानीय लोगों के सुझावों को प्राथमिता दी जाये।
मुख्य सचिव श्री मोहंती ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ओरछा में संचार, नेटवर्क, सड़कों और पुलों सहित सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाओं का समुचित विकास किया जाए। सभी मुख्य मार्गों पर सोलर स्ट्रीट लाइट लगाई जाए। शहर में और शहर के आसपास के क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता के शौचालयों का पर्याप्त संख्या में निर्माण कराया जाए। सभी प्रमुख स्थानों और मार्गों पर एक जैसे साइनेज लगाए जाएं और दुकानें भी एक जैसी हों।
मुख्य सचिव ने कहा कि पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के लिये ओरछा में पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था की जाए। इस काम में स्थानीय व्यापारियों और स्थानीय लोगों का मार्गदर्शन भी प्राप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि ओरछा में बाजार, मार्ग, गलियों और दर्शनीय स्थानों को व्यवस्थित किया जाए। पर्यटकों को जानकारी देने के लिये आकर्षक ब्रोशर तैयार कराया जाए। पर्यटन विभाग यहाँ पर सूचना-केन्द्र स्थापित करे और पर्यटन महत्व के स्थलों को साफ और व्यवस्थित कराएं तथा ईको-टूरिज्म का ट्रेक बनवाएं। श्री मोहंती ने कहा कि ओरछा में उच्च गुणवत्ता का लाइट एण्ड साउण्ड सिस्टम लगाया जाए।
मुख्य सचिव ने ओरछा के प्रमुख पर्यटन स्थलों श्री रामराजा मंदिर, राजमहल, चतुर्भुज मंदिर, जहाँगीर महल, शीश महल, राय प्रवीण महल, हरदौला बैठक, छत्रियों, लक्ष्मी मंदिर, वल्चर संरक्षण स्थल, तुंगारण्य अभयारण्य तथा एक हजार वर्ष प्राचीन कल्पवृक्ष का निरीक्षण किया।
समीक्षा बैठक में कलेक्टर, निवाड़ी श्री अक्षय कुमार सिंह ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से ओरछा महोत्सव-2020 के लिये अब तक की गई तैयारियों और व्यवस्थाओं की जानकारी दी। बैठक में प्रमुख सचिव, संस्कृति एवं निवाड़ी जिले के प्रभारी सचिव श्री पंकज राग, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं जनसम्पर्क श्री संजय कुमार शुक्ला, आयुक्त, जनसम्पर्क तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री पी. नरहरि, सचिव/आयुक्त, राज्य पर्यटन विकास निगम श्री फैज अहमद किदवई और प्रबंध संचालक, रूरल डेव्हलपमेंट कॉर्पोरेशन श्री सुदामा खाड़े शामिल हुए।

राघोगढ़ में मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह
24 November 2019
भोपाल.नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने राघोगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम जामनेर में कृषि उपज उप मंडी का निरीक्षण किया। उन्होंने नई कृषि उपज उप मंडी बनाने के लिए प्रस्तावित स्थल का अवलोकन भी किया।
मंत्री श्री सिंह ने राघोगढ़ में डिग्री कॉलेज और गौ-शाला निर्माण के लिए भी उचित स्थान का अवलोकन किया। उन्होंने स्थानीय लोगों की समस्याएं भी सुनी और अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिए।


मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने स्वर्गीय श्री जोशी के निवास पहुँचकर दी श्रद्धांजलि
24 November 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय श्री कैलाश जोशी के 74 बंगले स्थित निवास पर पहुँचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। श्री जोशी का आज सुबह लम्बी बीमारी के बाद निधन हो गया था।
श्री कमल नाथ ने स्वर्गीय श्री जोशी के पार्थिव शरीर पर पुष्प-चक्र अर्पित किया। उन्होंने श्री जोशी के पुत्र श्री दीपक एवं अन्य परिजनों को सांत्वना दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के विकास में श्री कैलाश जोशी के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।

पूर्व मुख्यमंत्री श्री कैलाश जोशी के निधन पर मंत्रि-परिषद के सदस्यों द्वारा शोक व्यक्त
24 November 2019
भोपाल.पूर्व मुख्यमंत्री श्री कैलाश जोशी के निधन पर मंत्रि-परिषद के सदस्यों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिये ईश्वर से प्रार्थना की है। मंत्रि-परिषद के सदस्यों ने शोक-संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाते हुए गहन संवेदना व्यक्त की है।
सहकारिता एवं सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने अपने शोक संदेश में कहा कि स्वर्गीय श्री कैलाश जोशी एक कुशल प्रशासक एवं प्रभावशाली राजनेता थे। उन्होंने हमेशा जनहित में काम किया। जल-संसाधन मंत्री श्री हुकुम सिंह कराड़ा ने कहा कि श्री कैलाश जोशी के निधन से प्रदेश को बहुत बड़ी क्षति हुई है। वे एक नेक इंसान एवं अच्छे राजनेता थे।
जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने शोक व्यक्त करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा शोक-संतप्त परिवार को इस दु:ख को सहने की शक्ति दें। गृह मंत्री श्री बाला बच्चन ने कहा कि श्री कैलाश जोशी के निधन से हमने एक कुशल राजनेता खो दिया है। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री आरिफ अकील ने श्री कैलाश जोशी के निधन पर दु:ख व्यक्त करते हुए कहा कि वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी एवं कर्मठ राजनेता थे।
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री हर्ष यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री श्री कैलाश जोशी के निधन को प्रदेश के लिये अपूरणीय क्षति बताया है। उन्होंने अपने शोक संदेश में कहा कि श्री जोशी के निधन से प्रदेश ने एक वरिष्ठ राजनेता खो दिया है। चिकित्सा शिक्षा, आयुष और संस्कृति मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ ने श्री कैलाश जोशी के निधन पर दु:ख व्यक्त करते हुए कहा कि वे स्पष्टवादी राजनेता थे।


24 November 2019
भोपाल.

24 November 2019
भोपाल.
सभी विश्वविद्यालयों में मनाया जाएगा संविधान दिवस :राज्यपाल श्री टंडन
23 November 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों को संविधान अंगीकरण दिवस की 70 वीं वर्षगांठ के अवसर पर 26 नवम्बर को संविधान दिवस कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि संविधान के अध्याय 4-ए अनुच्छेद 51ए के संबंध में व्यापक जन-जागृति अभियान चलाया जाए। राज्यपाल ने कहा कि अभियान 26 नवम्बर से शुरू कर बाबा साहब अंबेडकर के जन्म दिवस 14 अप्रैल 2020 तक संचालित होगा। इस दौरान विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों का संचालन किया जाएगा।
राज्यपाल ने बताया कि राजभवन में 26 नवम्बर को संविधान दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, सभी खंडपीठ के न्यायाधीशों सहित समस्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।
राज्यपाल श्री टंडन ने निर्देश दिए हैं कि 26 नवम्बर 2019 से 14 अप्रैल 2020 के मध्य विद्यार्थियों में आपसी भाईचारे की भावना को मज़बूत बनाने, क्षेत्रीय भाषायी विविधताओं के प्रति पारस्परिक सम्मान, राष्ट्रीय अखंडता की प्रतिबद्धता, महिलाओं की गरिमा, सांस्कृतिक विरासत संरक्षण और वैज्ञानिक सोच विकसित करने के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
राजभवन से विश्वविद्यालयों को जारी परिपत्र में कहा गया है कि नागरिकों को उनके मूल कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाने के लिए जागृति यात्राओं और दौड़ आदि के कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। ब्रोशर और पर्चों के माध्यम से संविधान की प्रस्तावना, मूल कर्तव्यों आदि की जानकारी प्रचारित-प्रसारित की जाए। निबंध, चित्रकला, नाटक, क्विज, वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएं। विश्वविद्यालय स्तर पर समूह चर्चा, संगोष्ठी आदि कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इस दौरान कार्यक्रम में विधि विशेषज्ञों का व्याख्यान सत्र भी आयोजित किया जाए। राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा विधि सेवा शिविर लगाए जाएं। परिपत्र में युवाओं के लिये अध्ययन यात्राएं आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए है। कहा गया है कि विद्यार्थियों को बाबा साहब बी.आर. आंबेडकर की जन्म स्थली का अवलोकन भी कराया जाए।

प्रदेश में कानून-व्यवस्था और प्रचलित प्रकरणों की समीक्षा
23 November 2019
भोपाल.गृह मंत्री श्री बाला बच्चन और विधि-विधायी कार्य मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने आज मंत्रालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश में कानून-व्यवस्था और प्रचलित प्रकरणों की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।
बैठक में प्रमुख सचिव गृह श्री एस.एन. मिश्रा, प्रमुख सचिव विधि-विधायी कार्य श्री सत्येन्द्र सिंह, संचालक लोक अभियोजन श्री पुरूषोत्तम शर्मा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सीआईडी श्री राजीव टंडन, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एसटीएफ श्री अशोक अवस्थी और सचिव गृह श्री शाहिद अबसार उपस्थित थे।


शासकीय नौकरी में खिलाड़ियों को मिलेगा 5 प्रतिशत आरक्षण
23 November 2019
भोपाल.प्रदेश में खिलाड़ियों को अब शासकीय नौकरी में 5 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा। स्कूली स्तर पर खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिये अंडर 16 प्रांतीय ओलम्पिक शुरू किया जायेगा। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री जीतू पटवारी ने आज ग्वालियर के कम्पू खेल परिसर में प्रांतीय ओलम्पिक खेलों का शुभारंभ करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि खेल सुविधाओं के विस्तार में जन-सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में खेल के लिये बेहतर वातावरण बनाया जा रहा है।
मंत्री श्री पटवारी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर खेलों में लगातार पदक हासिल करने के बाद भी खिलाड़ियों को नौकरी से वंचित रहना पड़ता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा अनुसार नई खेल नीति में यह व्यवस्था की जा रही है कि शासकीय नौकरी में खिलाड़ियों को 5 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिल सकें।
श्री पटवारी ने कहा कि अंडर 16 प्रांतीय ओलम्पिक में सभी सीबीएसई, सरकारी तथा प्राइवेट स्कूलों के बच्चे शामिल होंगे। अभी यह स्पर्धा केवल 16 वर्ष से अधिक आयु समूह के बच्चों में से प्रतिभा चयन के लिये आयोजित की जा रही है। उन्होंने बताया कि इसमें 10 खेल हॉकी, बास्केटबॉल, फुटबॉल, वॉलीबॉल, कबड्डी, खो-खो, एथलेटिक्स, कुश्ती, बेडमिंटन और टेबिल टेनिस शामिल हैं। प्रांतीय ओलम्पिक खेल का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में खेलों के प्रति युवाओं में जागरूकता लाना, खेलों को सर्वसुलभ बनाना, प्रतिभावान खिलाड़ियों की पहचान करना तथा उन्हें आधुनिक सुविधा और प्रशिक्षण प्रदान करना है।
मुरैना में अम्बेडकर स्टेडियम का निरीक्षण
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री जीतू पटवारी ने मुरैना जिले के अम्बेडकर स्टेडियम का निरीक्षण कर खिलाड़ियों के लिये की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली। श्री पटवारी ने स्टेडियम में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे, विशेषकर सेना में भर्ती के लिए तैयारी कर रहे, युवाओं से चर्चा की। खिलाड़ियों द्वारा स्टेडियम के जिम की फीस कम करने के आग्रह पर श्री पटवारी ने फीस को 300रू. प्रति व्यक्ति से घटाकर 100रू. प्रति व्यक्ति करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्टेडियम परिसर में शौचालय निर्माण कराने के लिये भी कहा ।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री पटवारी ने हॉकी फीडर सेन्टर के खिलाड़ियों से भी मुलाकात की। उन्होंने खिलाड़ियों से उनकी डाइट, किट तथा अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली।

मध्यप्रदेश के शैक्षणिक उत्थान में सहयोग करे पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स : राज्यपाल
22 November 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन से आज नई दिल्ली में पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि-मण्डल ने मुलाकात की। राज्‍यपाल ने प्रतिनिधि-मण्डल को मध्यप्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिये तैयार किए गए रोड-मेप की जानकारी दी। उन्होंने प्रतिनिधि मण्डल से कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी के अंतर्गत मध्यप्रदेश के शैक्षिक उत्थान में सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया। प्रतिनिधि-मण्डल ने राज्यपाल को हर संभव सहयोग के लिये आश्वस्त किया।
राज्यपाल से मिले प्रतिनिधि-मण्डल में गिन्नी इंटरनेशनल एवं जयपुरिया स्कूल ग्रुप के श्री शरद जयपुरिया, कैन्ट आर.ओ. के श्री महेश गुप्ता, पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रेसीडेंट श्री डी.के. अग्रवाल और वरिष्ठ वाइस प्रेसीडेंट श्री संजय अग्रवाल शामिल थे।

ऐसी शिक्षा प्रणाली का विकास हो, जो समग्र शिक्षा दे : राज्यपाल श्री टंडन
21 November 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने आज राजभवन परिसर में 'सांदीपनि ऑडिटोरियम' का उदघाटन करते हुए सांदीपनि आश्रम के बारे में विस्तार से बताया। राज्यपाल ने बताया कि वहाँ बिना भेदभाव के सबको समान शिक्षा मिलती थी। उस समय भारतीय शिक्षा प्रणाली पेपरलेस थी, श्रुति और स्मृति पर आधारित थी। भारतीय ज्ञान केन्द्रों को नष्ट करने के अनेक प्रयासों बाद भी उनका पुर्नलेखन होता रहा है। राज्यपाल ने कहा कि अभी भी प्राचीन पांडुलिपियां बड़ी संख्या में उपलब्ध हैं। उनके डिजिटलाइजेशन के प्रयास किए जाने चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि भारतीय शिक्षा के प्रतीक ऋषि सांदीपनि के नाम पर ऑडिटोरियम का नामकरण किये जाने के पीछे मंशा यह है कि भारतीय शिक्षा प्रणाली के प्रति विद्जनों में जिज्ञासा उत्पन्न हो। वे उसके पुनर्जागरण के प्रति प्रेरित हों। ऐसी शिक्षा प्रणाली का विकास हो, जो समग्र शिक्षा दे, जैसी प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली में मिलती थी। उन्होने विद्जनों के समक्ष प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली पर आधारित मंचीय कार्यक्रम आयोजित किये जाने के लिये कहा।
राज्यपाल श्री टंडन ने कहा कि भारत में तक्षशिला और नालंदा जैसे प्रसिद्ध विश्वविद्यालय थे। अंवति (उज्जैन) शिक्षा का बहुत बड़ा केन्द्र था। प्राचीन भारत की समकालीन मिस्त्र, रोम और यूनानी संस्कृतियों के भग्नावशेष तो हैं, मगर संस्कृति लुप्त हो गई हैं, जबकि भारतीय संस्कृति की जीवंतता आज भी कायम है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सांस्कृतिक विरासत के मामले में सम्पन्न राज्य है। ओरछा में राजाराम हैं, तो उज्जैन में ऋषि सांदीपनि, जिनसे श्रीकृष्ण ने शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने कहा कि प्रचलित ज्ञान और मान्यताओं के प्रति दुनिया का दृष्टिकोण बदल रहा है। यह माना जा रहा है कि सदियों से जो विचार प्रचलित हैं, उनमें कुछ सत्यता होगी। इसी आधार पर शोध अनुसंधान भी हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बधाई के पात्र हैं, जिन्होंने विलंब की समस्त बाधाओं को दूर करवाकर ऑडिटोरियम का निर्माण पूर्ण करवा दिया। उन्होंने सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह को भी उत्कृष्ट कार्य के लिए बधाई दी।
राजभवन में 26 नवम्बर को मनेगा संविधान दिवस
राज्यपाल श्री टंडन ने कहा कि 26 नवम्बर को राजभवन में 'संविधान दिवस' का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संविधान देश का गुरू है। जब भी हम भटकते हैं, तो संविधान ही हमारा मार्गदर्शन करता है। यह कार्यक्रम भी गुरूपूजन के भाव से किया जाएगा। कार्यक्रम में संविधान विशेषज्ञों के विचार आमंत्रित किए जाएंगे। कार्यक्रम में प्रदेश के उच्च न्यायालय की सभी खण्डपीठों के न्यायाधीश और न्यायविद् शामिल होंगे।
सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि ऑडीटोरियम के निर्माण से राजभवन की वर्षों से लंबित आवश्यकता की पूर्ति हुई है। राजभवन में संवैधानिक प्रमुखों के शपथ ग्रहण के कार्यक्रम खुले में होने से मौसम के व्यवधान की आशंका बनी रहती थी। ऑडीटोरियम बनने से यह समस्या समाप्त हो गई है। उन्होंने कहा कि विकास के प्रति राज्यपाल की विशेष रूचि है। उत्तर प्रदेश में नगरीय प्रशासन मंत्री के रूप में श्री टंडन की उपलब्धियों की पूरे देश में सराहना होती थी। डॉ. गोविन्द सिंह ने आशा व्यक्त की कि राज्यपाल श्री टंडन को मार्गदर्शन में प्रदेश निरंतर प्रगति करेगा।
कार्यक्रम में विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बालकृष्ण शर्मा ने ऋषि सांदीपनि के जीवन पर प्रकाश डाला। आभार राज्यपाल के सचिव श्री मनोहर दुबे ने किया।

सरदार सरोवर बाँध के पात्र डूब प्रभावित परिवार को राहत देने का निर्णय
21 November 2019
भोपाल.नर्मदा घाटी विकास मंत्री श्री सुरेन्द्र सिंह बघेल ने कहा है कि राज्य सरकार ने सरदार सरोवर बाँध के पात्र डूब प्रभावित परिवारों को राहत देने का निर्णय लिया है। टीन के शेड्स में रहने वाले पात्र प्रत्येक परिवार को मकान के लिये 5 लाख 80 हजार रुपये का अनुदान शीघ्र दिया जाएगा।
मंत्री श्री बघेल ने आज नर्मदा भवन में नर्मदा बचाओ आंदोलन के प्रतिनिधियों के साथ उच्च-स्तरीय बैठक में चर्चा करते हुए यह जानकारी दी। बैठक में सरदार सरोवर बाँध का जल-स्तर एवं पुनर्वास के संबंध में चर्चा की गई। चर्चा के बाद आंदोलनकारियों ने आंदोलन को समाप्त करने का निर्णय लिया।
मंत्री श्री बघेल ने निर्देश दिये कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा लिये गये निर्णयों की नये सिरे से समीक्षा की जाए। डूब प्रभावित ग्रामों की ग्राम-स्तरीय समिति का गठन कर प्रतिमाह बैठक आयोजित की जाए। उन्होंने बताया कि बोट व्यवस्था में लगे नाविकों को तत्काल भुगतान करने को कहा गया है। इसके लिये जिला स्तर पर राशि उपलब्ध कराई गई है। श्री बघेल ने कहा कि बाँध की डूब से होने वाले फसल नुकसान को प्राकृतिक आपदा मानकर आरबीसी 6 (4) के तहत प्राथमिकता से भुगतान किया जाए। डूब क्षेत्र के प्रभावित किसानों के विभिन्न प्रकरणों का बीमा कम्पनियों से समन्वय कर दावा राशियों का निराकरण करवाया जाएगा। सर्वे के बाद डूब से प्रभावित पात्र विस्थापितों को पात्रतानुसार लाभ दिया जाएगा।
बैठक में अपर मुख्य सचिव एवं नर्मदा घाटी विकास के उपाध्यक्ष श्री एम. गोपाल रेड्डी, नर्मदा घाटी विकास आयुक्त (फील्ड) इंदौर श्री पवन कुमार शर्मा, नर्मदा घाटी विकास के संचालक प्रशासन/पुनर्वास श्री संजय गुप्ता, सदस्य विद्युत श्री आर.पी. मालवीय, सदस्य अभियांत्रिकी श्री राजीव कुमार सुकलीकर, सदस्य वन एवं पर्यावरण श्री सी.के. पाटिल, सदस्य मुख्य वन संरक्षक श्री एस.डी. पटेरिया और सदस्य अपर मुख्य प्रधान वन संरक्षक श्री आशीष कुमार वर्मा उपस्थित थे।

प्रत्येक सहकारी कर्मचारी को प्रशिक्षण देने के निर्देश
21 November 2019
भोपाल.सहकारिता मंत्री डॉ गोविन्द सिंह ने आज राज्य सहकारी संघ के कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये हैं कि प्रदेश में कार्यरत 40 हजार सहकारी संस्थाओं के प्रत्येक कर्मचारी और संचालक मंडल के सदस्यों को अनिवार्य रूप से प्रशिक्षण दिलाया जाए। इसके लिए सहकारी संघ द्वारा राज्य स्तर के साथ ही संभाग एवं जिला स्तर पर भी प्रशिक्षण केन्द्र विकसित करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शेष 14 जिलों में भी सहकारी संघों के गठन की कार्रवाई की जाए।
सहकारिता मंत्री ने सहकारी संघों की परिसंपत्तियों का विकास कर अतिरिक्त आय के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भोपाल में त्रिलंगा स्थिति राज्य सहकारी संघ के परिसर को पीपीटी मॉडल के रूप में विकसित कर वहाँ प्रशिक्षण केन्द्र-सह-शॉपिंग कॉम्प्लेक्स विकसित करने की योजना बनाएं। इंदौर में किला मैदान स्थित सहकारी संघ की संपत्ति पर उच्च स्तरीय सहकारी शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान बनाने का प्रस्ताव भी तैयार करे। साथ ही जबलपुर, भोपाल तथा नौगांव के सहकारी प्रशिक्षण केन्द्रों को विकसित करें। इसके अलावा, जिन जिला सहकारी संघों के पास जमीन है, वहाँ भी प्रशिक्षण केन्द्र-सह-वाणिज्यिक केन्द्र विकसित करने पर विचार करें। मंत्री डॉ. सिंह ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे गुना जिले की सहकारी समितियों के सेल्स मेन के तीन दिवसीय प्रशिक्षण का अवलोकन भी किया।
बैठक में बताया गया कि सहकारी संघ द्वाया सहकारिता संबंधी विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण प्रदान किए जाते हैं। अब संघ द्वारा ऑन लाइन प्रशिक्षण दिए जाने की योजना भी बनाई गई है। राज्य सहकारी संघ देश का ऐसा प्रथम सहकारी संघ है, जिसे प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत सहकारिता के क्षेत्र में कौशल उन्नयन प्रशिक्षण के लिए एनएसडीसी के पार्टनर के रूप में चुना गया है।
बैठक में राज्य सहकारी संघ के प्रभारी प्रबंध संचालक श्री रितु रंजन, संयुक्त पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री अरविन्द सेंगर, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्रीमती कृति सक्सेना और श्री हितेन्द्र बाघेला भी उपस्थित थे।

वर्ल्ड बैंक परियोजना से एमएलबी कालेज में बनेगा स्पोर्टस कॉम्पलेक्स
21 November 2019
भोपाल.खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री जीतू पटवारी ने घोषणा की है कि शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय में वर्ल्ड बैंक परियोजना के तहत स्पोर्टस काम्पलेक्स का निर्माण किया जाएगा। श्री पटवारी आज महाविद्यालय में राज्य स्तरीय महिला कबड्डी प्रतियोगिता के समापन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री पटवारी ने कहा कि आज बेटियाँ आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बन रही हैं। इसलिये अब माता-पिता को बेटा-बेटी में फर्क नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कबड्डी भारत का पारम्परिक खेल है। इस खेल को धीरे-धीरे ख्याति मिल रही है। श्री पटवारी ने सात संभागों से आए 84 खिलाडियों को ट्रैक सूट देने की घोषणा भी की।
एमएलबी महाविद्यालय में 20 नवम्बर से शुरू हुई राज्य स्तरीय महिला कबड्डी प्रतियोगिता का फाइनल मैच जबलपुर संभाग तथा भोपाल के बीच खेला गया, जिसमें जबलपुर संभाग विजेता रहा। भोपाल की उप-विजेता टीम की कु. फरहद शाह को बेस्ट रेडर और विजेता टीम की कु. अंजलि को बेस्ट डेफेन्डर घोषित किया गया।
इस अवसर पर अपर आयुक्त उच्च शिक्षा श्री वेद प्रकाश अतिरिक्त संचालक, उच्च शिक्षा नर्मदापुरम संभाग डॉ. एम.एस. रघुवंशी तथा एमएलबी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सी.एस. गोस्वामी उपस्थित थे।

नि:संकोच और भयमुक्त होकर करें नागरिकों के हित में नवाचार
21 November 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि नागरिकों को कारगर व्यवस्था के साथ बेहतर सेवाएं देने के लिए नि:संकोच और भयमुक्त होकर नवाचार करें। उन्होंने कहा कि सेवाओं में नई सोच, नजरिया और दृष्टिकोण दिखना चाहिए। श्री कमल नाथ आज अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में नव-नियुक्त मुख्य नगर पालिका अधिकारियों के आधारभूत और व्यावसायिक प्रशिक्षण का शुभारंभ कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और पूरी दुनिया में हर क्षेत्र में परिवर्तन हो रहा है। आज से तीस साल पहले के गाँव बदल गए हैं, वहाँ के रहवासियों की सोच में भी अंतर आ गया है। उन्होंने कहा कि हमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि बदली परिस्थितियों में आम नागरिकों के लिए बेहतर सेवाओं का स्वरूप क्या होगा। इसके लिये व्यवस्था में परिवर्तन की आवश्यकता है।
डिफॉल्ट नहीं डिजाईन से जुड़ें शहर से गाँव
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे एशिया में शहरीकरण बढ़ रहा है। शहरों की आबादी का बोझ वहन करने की क्षमता कम हो रही है। इसलिए हमें उप नगरीय क्षेत्रों के विकास के बारे में सोचना होगा। जब हम इस दिशा में आगे बढ़ेंगे, तो इस बात का ध्यान रखें कि शहर से गाँव बाय डिफॉल्ट नहीं, बाय डिजाईन जुड़ें। उन्होंने कहा कि उप-नगरीय क्षेत्र पूरी तरह बुनियादी सुविधाओं से लैस हों ताकि लोग वहाँ रहना पसंद करें। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ही हमें शहरी क्षेत्रों का नियोजन करना होगा।
मुख्यमंत्री ने नवागत मुख्य नगरपालिका अधिकारियों से कहा कि वे नवाचारों, नई तकनीक और नागरिकों की आज की जरूरतों के मुताबिक बेहतर सेवाएं देने के लिए भयमुक्त होकर काम करें, तभी बेहतर परिणाम दे पाएंगे। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं प्रशिक्षण सत्र में नगरीय विकास पर एक घंटे का लेक्चर देना चाहता हूँ। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्ट सिटी की मूल अवधारणा यह है कि हम शहरों को अत्याधुनिक स्वरूप तो दें लेकिन साथ ही नागरिकों की दैनिंदिन जीवन की कार्य प्रक्रिया में भी बदलाव लाने का प्रयास करें।
देश में नगरीय विकास के मॉडल बनें हमारे शहर
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने कहा कि नगरों का विकास इस तरह से करें कि पूरे देश में हमारे शहर नगरीय विकास के मॉडल बनें। उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय अपनी सम्पत्तियों का उपयोग अतिरिक्त आय बढ़ाने में करें, जिससे शहर आत्म-निर्भर बनें सकें। श्री सिंह ने कहा कि छिंदवाड़ा विकास मॉडल पूरे देश में जाना जाता है। इसका अध्ययन करें। उन्होंने कहा कि शहर के विकास के लिये नवाचार करने से घबरायें नहीं। शहरी क्षेत्रों के विकास में हमें दीर्घकालीन सोच के साथ काम करना होगा। उन्होंने कहा कि आज हमारे साथ एक ऐसे मुख्यमंत्री है, जिन्होंने शहरी मंत्री होते हुए विकास की आज के दौर की जरूरतों के मुताबिक योजनाएँ शुरू कीं, जिसमें राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन और मेट्रो परियोजनाएँ शामिल हैं। उनके पास अंतर्राष्ट्रीय सोच है जिसका लाभ हम सभी को उठाना चाहिए।
इस अवसर पर अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के महानिदेशक श्री आर. परशुराम ने कहा कि शासकीय कर्मचारियों के दक्षता संवर्धन का वृहद कार्यक्रम लिया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा बताई गई दो प्राथमिकताओं में से एक शहरी विकास संस्थान का प्रोजेक्ट तैयार कर लिया गया है। दूसरा दक्षता संवर्धन का कार्यक्रम भी शुरू कर दिया गया है। उन्होंने संस्थान के कार्यकलापों एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी दी। आयुक्त नगरीय विकास श्री पी. नरहरि ने भी संबोधित किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में संस्थान की गतिविधियों पर एक फिल्म भी दिखाई गई। मुख्यमंत्री ने क्वालिटी एश्युरेन्स इन अर्बन प्रोजेक्ट्स पर बनी फिल्म की डीवीडी का विमोचन और संस्थान की विज़न एण्ड मिशन स्टेटमेंट पट्टिका का भी अनावरण किया। इस मौके पर विषय विशेषज्ञ श्री रामनाथ, संस्थान के मुख्य सलाहकार श्री एम.एम. उपाध्याय, श्री मंगेश त्यागी एवं गिरीश शर्मा उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ द्वारा छिंदवाड़ा में श्रीमती इंदिरा गांधी की प्रतिमा का अनावरण
20 November 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज छिंदवाड़ा में देश की पहली महिला प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया। श्रीमती गांधी के जन्म दिवस 19 नवम्बर के अवसर पर इंदिरा तिराहे पर यह प्रतिमा स्थापित की गई है।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि महापुरुषों की प्रतिमाएँ उनके विचार, सिद्धांत और मूल्यों के साथ संघर्ष की याद दिलाती हैं। उन्होने कहा कि स्वर्गीय श्रीमती गांधी भारतीय इतिहास की ऐसी शख्सियत थीं, जिन्होंने पूरे विश्व में भारत का सम्मान बढ़ाया। उनके नेतृत्व में भारत ने चहुमुखी तरक्की की। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों को न्याय और सम्मान दिलाने के लिए इंदिरा जी ने जो योजनाएं बनाईं, उससे उनका जीवन बेहतर हुआ। श्री कमल नाथ ने कहा कि प्रदेश की सरकार श्रीमती गांधी के सर्वधर्म समभाव और सर्वहारा वर्ग के सर्वांगीण विकास के कार्य निरंतर करते रहने के लिये कृत संकल्पित है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री सुखदेव पांसे, चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ, गृह एवं जेल मंत्री श्री बाला बच्चन, सामाजिक न्याय और निशक्तजन कल्याण मंत्री श्री लखन घनघोरिया, विधायक श्री सुनील उईके एवं पूर्व मंत्री श्री दीपक सक्सेना सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

जनता के प्यार और विश्वास से करेंगे प्रदेश का विकास : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
20 November 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि प्रदेश के हर व्यक्ति को स्वास्थ्य का अधिकार मिले, इसके लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के विकास के सामने आज सबसे बड़ी चुनौती अर्थाभाव की है क्योंकि पूर्ववर्ती सरकार ने हमें खाली खजाना सौंपा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम हर चुनौती का सामना करते हुए प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए तैयार हैं क्योंकि हमारे साथ इस प्रदेश की जनता के प्यार और विश्वास की शक्ति है। श्री कमल नाथ आज छिंदवाड़ा में 1500 करोड़ रुपये लागत के छिंदवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (सिम्स) से संबद्ध चिकित्सालय का शिलान्यास और 240 करोड़ रुपये लागत के नवीन जेल परिसर का भूमि-पूजन कार्यक्रम में उपस्थित विशाल जन-समुदाय को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनने के बाद छिंदवाड़ा, सिवनी, बैतूल, बालाघाट सहित अन्य जिलों के लोगों को इलाज के लिए नागपुर नहीं जाना पड़ेगा। हमारा यह अस्पताल अत्याधुनिक और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं से इतना अधिक लैस होगा कि नागपुर सहित अन्य राज्यों के लोग भी एम्स की बजाए छिंदवाड़ा के सिम्स में इलाज कराने आएंगे। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश में हर व्यक्ति को सुनिश्चित बेहतर इलाज का अधिकार देने जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि कृषि के क्षेत्र में हमने सरकार बनते ही कर्ज माफी का निर्णय लिया। हमारा वादा है कि हम सभी पात्र किसानों के 2 लाख रुपए तक के फसल कृषि ऋण माफ करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण पूरा हो चुका है। दूसरे चरण में शेष किसानों के 2 लाख रुपए तक के फसल ऋण माफ करने की प्रक्रिया निरंतर जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरा मानना है कि ऋण माफी किसानों के साथ न्याय नहीं है। उनके साथ तभी न्याय होगा, जब हम उन्हें उनकी उपज का सही दाम दिला सकें। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस दिशा में सोचना शुरू कर दिया है और आने वाले दिनों में हम कृषि के क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरूआत करेंगे, जिससे प्रदेश के हर किसान के चेहरे पर मुस्कुराहट आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिले, इसके लिए भी निर्णय ले रहे हैं। उद्योगों में स्थानीय युवकों को रोजगार मिले, इसकी नीति बना रहे हैं। श्री कमल नाथ ने कहा कि युवाओं पर हमारे प्रदेश के नव-निर्माण की जिम्मेदारी है। ये युवा ही प्रदेश का भविष्य हैं। अगर ये बेरोजगार होंगे, तो हम अपने प्रदेश को विकसित प्रदेश नहीं बना सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में निवेश के नए अवसर बढ़ रहे हैं। इसके लिए हमने निवेशकों का विश्वास अर्जित किया है।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने छिंदवाड़ा में नवीन जेल निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि इस जेल में अपराधियों की आपराधिक प्रवृत्ति पर रोक लगाने और उन्हें रचनात्मक कार्यों के साथ विकास से जोड़ने के लिए एक ऐसा वातावरण बने, जो पूरे देश में उदाहरण साबित हो। श्री कमल नाथ ने छिंदवाड़ा से अपने 40 साल पुराने रिश्तों का उल्लेख करते हुए कहा कि यहाँ जो विकास हुआ है, उसका मुख्य कारण है कि लोगों ने मुझे विश्वास और प्यार दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में जो विश्वास और प्यार प्रदेश की जनता से उन्हें मिला है, उसके परिणाम में छिंदवाड़ा की तर्ज पर पूरे प्रदेश का विकास सुनिश्चित करेंगे।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री और जिले के प्रभारी श्री सुखदेव पांसे ने कहा कि स्वास्थ्य सुधार की दिशा में छिंदवाड़ा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का शिलान्यास एक पुण्य के काम की शुरूआत है। इसका श्रेय मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ और छिंदवाड़ा के सांसद श्री नकुल नाथ को जाता है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ ने कहा कि प्रदेश के विकास का आधार छिंदवाड़ा मॉडल है। श्री कमल नाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रदेश विकास के क्षेत्र में आगे बढ़ा है। उनकी मंशा है कि प्रदेश के हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मिले। चिकित्सा शिक्षा मंत्री का प्रभार देते हुए उन्होंने मुझसे कहा था कि बिगड़ी हुई स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार लाना और सरकारी अस्पताल में आने वाले हर व्यक्ति को अच्छा इलाज मिले, यह जिम्मेदारी भी निभाना। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप मैं इस दिशा में काम कर रही हूँ।
गृह एवं जेल मंत्री श्री बाला बच्चन ने कहा कि छिंदवाड़ा में बनने वाले नवीन जेल कॉम्पलेक्स में ओपन जेल भी बनाई जाएगी, जिसमें अच्छे व्यवहार वाले कैदियों को रखा जाएगा। सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण मंत्री श्री लखन घनघोरिया ने छिंदवाड़ा में खुलने वाले सिम्स चिकित्सालय को पीड़ित मानवता की सेवा के लिए एक बड़ा कदम बताया है।
सांसद श्री नकुल नाथ ने कहा कि छिंदवाड़ा में आज जिस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का शिलान्यास होने जा रहा है, यह मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ और मेरा सपना था। उन्होंने कहा कि लोगों को अत्याधुनिक इलाज न्यूनतम खर्च पर मिले, यह हमारी मंशा है। उन्होंने बताया कि यह अस्पताल न केवल 2000 बिस्तरों का होगा बल्कि आने वाले समय में 500 बिस्तर का विस्तार हो सके, यह व्यवस्था भी यहाँ रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मध्यप्रदेश का ही नहीं बल्कि पूरे भारत का सर्वश्रेष्ठ अस्पताल बनेगा। कार्यक्रम को महाराष्ट्र के विधायक श्री सुनील केदार ने भी संबोधित किया।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर महाविद्यालयीन छात्राओं को नि:शुल्क ड्राइविंग लायसेंस और आवास योजना के हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए। उन्होंने छिंदवाड़ा नगर पालिका द्वारा तैयार प्रदेश के जीरो वेस्ट कैलेण्डर का विमोचन भी किया। प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा श्री शिवशेखर शुक्ला ने अस्पताल निर्माण और उसमें उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी।
इस मौके पर पूर्व मंत्री श्री दीपक सक्सेना, स्थानीय विधायक, छिंदवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (सिम्स) के छात्र-छात्राएँ एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को शॉल-श्रीफल भेंट कर दी जन्मदिन की शुभकामनाएँ
1 November 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन सेआज मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने राजभवन में सौजन्य भेंट की। राज्यपाल श्री टंडन ने श्री कमल नाथ को जन्म दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दी। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को पुष्प-गुच्छ एवं शॉल-श्रीफल भेंट कर सम्मनित किया।
उल्लेखनीय है कि राज्यपाल श्री टंडन ने मुख्यमंत्री के प्रवास पर होने के कारण उन्हें दूरभाष पर जन्म दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित की थी। मुख्यमंत्री प्रवास से लौटने के बाद राज्यपाल से सौजन्य भेंट करने राजभवन पहुंचे थे।

गौ नस्ल सुधार का अभियान चले
19 November 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लाल जी टंडन ने कहा है कि गौ नस्ल सुधार का अभियान विश्वविद्यालय द्वारा चलाया जाए। विश्वविद्यालय केवल अनुदान पर आश्रित नहीं रहे, आय के स्त्रोत विकसित कर आत्म-निर्भर बनें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय मिशन मोड में गौ-संरक्षण और संवर्धन की समग्र योजना पर कार्य करें। नस्ल सुधार, चारा और दूध उत्पादन में नई तकनीक के उपयोग का एकीकृत रूप से क्रियान्वयन करे। श्री टंडन राजभवन में नाना जी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में राज्यपाल की पहल पर विश्वविद्यालय को पशुपालन विभाग द्वारा सौ-सौ गायों की 10 गौशालाएँ संचालित करने के लिए अनुदान उपलब्ध कराने का निर्णय हुआ।
राज्यपाल श्री टंडन ने कहा कि गौ-वंश को बचाना वर्तमान में सबसे बड़ी चुनौती है। इस परिदृश्य को बदलने विश्विद्यालय गौ पालन के समग्र प्रोजेक्ट पर कार्य करें। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का उपयोग निराश्रित गायों को विश्वविद्यालय में रखकर उनको सेरोगेटेड मदर की तरह उपयोग करने की पहल पर विचार करें। लक्ष्य बनाकर देशी नस्ल की उन्नत बछिए विश्विद्यालय द्वारा तैयार किये जाये। तैयार बछिए के विक्रय से विश्वविद्यालय की आर्थिक निर्भरता कम होगी। इसी तरह चारा उत्पादन का कार्य भी नवीन विधि से किया जाए। चारा रखने के ऐसे बैग मिल रहे हैं जिनमें एक से डेढ़ माह तक हरा चारा सुरक्षित रहता है। उत्पादित चारा जहाँ एक ओर विश्वविद्यालय के पशुओं की आहार आवश्यकताओं को पूरा करेगा, वहीं उसकी बिक्री से क्षेत्र में दूध के उत्पादन में भी वृद्धि और सुधार होगा। पशुपालन के लाभों से परिचित हो ग्रामीण पशुपालन के लिए प्रोत्साहित होंगे।
श्री टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय मूल्यवर्धक गतिविधियों के प्रसार के प्रयासों पर विशेष बल दे। संसाधनों के विकास के कार्यों को प्राथमिकता दी जाए ताकि नई परियोजना सेल्फ सस्टेनेबल रहें। उन्होंने कहा कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन द्वारा बॉयो गैस प्लान्ट लगाने की योजना संचालित की गई है, जिसमें प्लांट लगाने के साथ कम्पनी उत्पादित गैस भी खरीद लेती है। प्लांट का अवशेष भी समृद्ध खाद होता है, जिसे तालाब में प्रवाहित कर मत्स्य उत्पादन में कई गुना वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने अपेक्षा की कि विश्वविद्यालय इस तरह नई तकनीक के सफल प्रयोगों को दिखाकर किसानों तक पहुँचाने के प्रयास करें। उन्होंने कहा कि गायों की प्रजनन क्षमता में भी सुधार के प्रयास जरूरी हैं। नई विधियों से एक वर्ष में कई उन्नत नस्ल तैयार करने के उदाहरण मिल रहे हैं। इसका विस्तार कर देशी नस्ल को बेहतर बनाने के कार्य किये जायें। उन्होंने कहा कि बाजारवाद के चलते विदेशी कम्पनियाँ कभी देशी नस्लों को बढ़ावा नहीं देगी। केन्द्र सरकार देशी नस्ल सुधार कार्यक्रम पर विशेष बल दे रही है। उसके सहयोग से एक-डेढ़ वर्ष में चमत्कारी परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
राज्यपाल श्री टंडन ने कहा कि महान नानाजी देशमुख के नाम पर स्थापित विश्वविद्यालय चुनौतियों के नवाचारी सोच के साथ समाधान की कार्य-शैली का उदाहरण प्रस्तुत करे। उन्होंने बताया नानाजी के समय सरकार बोरिंग नि:शुल्क करवाती थी। पम्प पर भी काफी अनुदान था। कॉस्ट आयरन पाइप लगाना पड़ता था, जो बहुत महंगा होता था। गरीब किसान उसका लाभ नहीं ले पाते थे। नाना जी ने निकट के जंगल के बाँसों को अंदर से खोखला कर उनको पाइप बनाकर उपयोग किया और गाँव की खेती की दशा बदल दी।
बैठक में कुलपति डा. जुयाल द्वारा बताया गया कि विश्वविद्यालय ने देशी नस्ल की नर्मदा निधि विकसित की है जो ग्रामीण परिवेश में पालन की उपयुक्त नस्ल है। क्लोनिंग प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक पेटेंट भी मिला है। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा गोबर से निर्मित मॉस्किटो रैपलेंट, लकड़ी और गमले के उत्पाद भी दिखाए। बैठक में राज्यपाल के सचिव श्री मनोहर दुबे उपस्थित थे।

बाजना रोड के भूमि संबंधी कार्य निपटाये वन और लो.नि.वि.
19 November 2019
भोपाल.रतलाम जिले के प्रभारी मंत्री श्री सचिन यादव ने जिला योजना समिति की बैठक में रतलाम-बाजना मार्ग के साइड भरने और अन्य छूटे हुए कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस मार्ग के भूमि संबंधी कार्य को अति शीघ्र सुलझाने के निर्देश वन तथा लोक निर्माण विभाग को दिए। प्रभारी मंत्री ने बैठक में अन्य विभागों के कार्यों की भी समीक्षा की। मंत्री श्री यादव ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के सड़क मरम्मत कार्यों की जानकारी सभी विधायकों को देने को कहा। जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए कि जिले के स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति युक्तियुक्त ढंग से की जाए। स्कूलों में कृषि संकाय के लिए शिक्षक उपलब्धता नहीं होने की दशा में अतिथि शिक्षक रखने के निर्देश दिए गए।
प्रभारी मंत्री ने जिले में बीपीएल परिवारों के सत्यापन अभियान के क्रियान्वयन की जानकारी भी प्राप्त की। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों मेंसामाजिक सुरक्षा पेंशन सत्यापन कार्य पूरा किया जा चुका है। रतलाम नगर में 15 दिन में सत्यापन कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।जिले के बड़ौदा, नौगावां आदि ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल योजनाओं के लिये खोदी गई सड़कों को पुनः बनाने को कहा गया। जिले के लाल पानी की समस्या वाले 24 गाँव में छूटे हुए 12 गाँव की योजना बनाने के लिये जल निगम को निर्देशित किया गया।
प्रभारी मंत्री ने जिले में सहकारी संस्थाओं द्वारा अलग-अलग दरों पर किसानों को उर्वरक उपलब्ध करवाने की तत्काल जांच करवाकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाये। उपसंचालक कृषि को निर्देशित किया गया कि वह जिले के जन-प्रतिनिधियों को प्रत्येक सप्ताह सहकारी संस्थाओं में उर्वरकों के स्टॉक वितरण की जानकारी सुलभ करवाये। वन अधिकार अधिनियम के तहत सामुदायिक दावों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।प्रभारी मंत्री ने समिति सदस्यों द्वारा खराब गुणवत्ता की सड़कों की जानकारी पर निर्देश दिए कि पीआईयू के सभी सड़क निर्माण कार्यों की जांच एक कमेटी बनाकर की जाए। निगम आयुक्त को आगामी आठ-दस दिनों मेंरतलाम शहर के गड्ढे भरवाने के लिए निर्देशित किया गया।
राष्ट्रीय एकता-अखण्डता की शपथ दिलाई
मंत्री श्री सचिन यादव ने कलेक्ट्रेट में उपस्थित व्यक्तियों को राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता की शपथ दिलाई।बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री प्रमेश मईडा, विधायकगण श्री हर्षविजय गहलोत, श्री मनोज चावला, श्री चैतन्य कश्यप, श्री राजेंद्र पांडे, श्री दिलीप मकवाना, कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान, पुलिस अधीक्षक श्री गौरव तिवारी, जिला योजना समिति के सदस्यगण तथा जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के नेतृत्व में प्रदेश औद्योगिक ऊँचाइयों को छू रहा है
19 November 2019
भोपाल.सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री आरिफ अकील और संस्कृति मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ ने नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला-20019 में मध्यप्रदेश मण्डप का उद्घाटन किया। श्री अकील ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के नेतृत्व में प्रदेश में औद्योगिक क्रांति आयी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश औद्योगिक ऊँचाइयों को छू रहा है।
संस्कृति मंत्री डॉ. साधौ ने कहा कि मण्डप राज्य के विकास की गाथा को दर्शा रहा है। उन्होंने कहा कि मण्डप राज्य की सांस्कृतिक धरोहर और विरासत से रू-ब-रू करवाता है। डॉ. साधौ ने कहा कि मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के नेतृत्व में जल्द ही देश के अग्रणी राज्यों की कतार में शामिल होगा।
म.प्र. मण्डप में सभी प्रकार की विविधता देखी जा सकती है। इसमें आर्थिक विकास, मानव प्रगति, जन-कल्याण की योजनाएँ, औद्योगिक विकास, कृषि की प्रचुरता, व्यापार, इतिहास, कृषि, पर्यटन और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत शामिल हैं।
इस वर्ष मण्डप की विषय-वस्तु 'व्यापार करने की सुगमता' है। इसमें राज्य सरकार द्वारा विकास की तेजी ओर निवेश आकर्षित करने का चित्रण है। मण्डप में राज्य की प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी देने वाले पैनल लगाये गये हैं। हंस ध्वनि थियेटर में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये। कार्यक्रम में आवासीय आयुक्त श्री आई.सी.पी. केसरी, प्रमुख सचिव संस्कृति श्री पंकज राग, प्रमुख सचिव एमएसएमई श्री अशोक शाह और प्रबंध निदेशक लघु उद्योग निगम डॉ. पंकज जैन उपस्थित थे।

राज्यपाल श्री टंडन ने मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ को दी जन्म-दिन की बधाई
18 November 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ को टेलीफोन कर जन्म-दिन की हार्दिक शुभकामनाएँ और बधाई दी है। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को टेलीफोन पर शुभकामनाएँ देते हुए उनके सुदीर्घ एवं स्वस्थ जीवन की कामना की।



"जनगणना-2021" का सही डाटा तैयार करने गंभीरता से प्रशिक्षण प्राप्त करें मास्टर ट्रेनर्स
18 November 2019
भोपाल.प्रमुख सचिव गृह श्री एस.एन. मिश्रा ने आज आर.सी.व्ही.पी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में 'जनगणना-2021' के लिये प्रथम चरण के 6 दिवसीय मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि जिलों की पूरी जनगणना का सही डाटा तैयार करने में मास्टर ट्रेनर्स की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिये प्रशिक्षण को गंभीरता से लें, शंकाओं के समाधान के लिये संवाद जरूर करें। प्रमुख सचिव ने कहा कि जनगणना के अंतिम परिणाम की गुणवत्ता मास्टर ट्रेनर्स की योग्यता पर ही निर्भर है।
श्री एस.एन. मिश्रा ने बताया कि 'जनगणना-2021' को डिजिटल जनगणना कहा जा सकता है। इस जनगणना का कार्य ''मिक्स मोड एप्रोच'' यथा मोबाइल एप्प एवं पेपर मोड द्वारा संपादित किया जाएगा। यह जनगणना पूर्व जनगणना से भिन्न है। इसमें सभी कार्यो के सतत् पर्यवेक्षण एवं प्रगति की मॉनिटरिंग ''सेन्सस मैनेजमेन्ट एण्ड मॉनीटरिंग सिस्टम'' (सी.एम.एम.एस.) पोर्टल से की जाएगी। जनगणना के सभी कार्यों की प्रत्येक स्तर पर रियल टाइम मॉनीटरिंग की जाएगी। श्री मिश्रा ने बताया कि जनगणना के दोनों चरण में एप्प के माध्यम से डाटा कलेक्शन होगा, जिसका विश्लेषण और बहुआयामी उपयोग किया जा सकेगा।
जनगणना कार्य निदेशालय के उप संचालक श्री अजय सहाय ने कहा कि राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य के सुचारू एवं सफल संचालन के लिये प्रशासन अकादमी में 18 नवम्बर से 23 नवम्बर तक 57 और 2 दिसम्बर से 7 दिसम्बर तक 58 मास्टर्स ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा। ये मास्टर ट्रेनर्स विभिन्न जिलों में लगभग 2850 फील्ड ट्रेनर्स को प्रशिक्षण देंगे। फील्ड ट्रेनर्स लगभग एक लाख 74 हजार 221 प्रगणकों/पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। प्रशासन अकादमी में मास्टर ट्रेनर्स को नई दिल्ली में प्रशिक्षित 4 नेशनल ट्रेनर दो चरणों में प्रशिक्षण देंगे।
कार्यक्रम में बताया गया कि प्रशिक्षण के अंतिम दिन प्रतिभागियों को ग्रामीण एवं नगरीय इकाई में फील्ड विजीट कराया जाएगा, जिससे उन्हें वास्तविक फील्ड कार्य का अनुभव होगा। जनगणना के प्रथम चरण में मकानों का सूचीकरण एवं गणना तथा राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के अद्यतिकरण का कार्य अप्रैल से सितम्बर 2020 तक राज्य शासन द्वारा निर्धारित कुल 45 दिनों में सम्पन्न किया जाएगा। द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना कार्य 9 फरवरी से 28 फरवरी 2021 तक किया जाएगा।

डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिये जन-सहयोग बहुत जरूरी
18 November 2019
भोपाल.लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने आज इंदौर की बस्तियों में घर-घर पहुँचकर डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिये किये जा रहे प्रयासों की जानकारी ली, रहवासियों से मिले। उन्होंने लोगों से कहा है कि डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिये जनता का जागरूक होना और सहयोग बहुत जरूरी है।
मंत्री श्री सिलावट ने लोगों से कहा कि डेंगू तथा मलेरिया की रोकथाम के लिये घर के आसपास तथा कूलर और गमले आदि में पानी जमा न होने दें। आसपास यदि कहीं डेंगू या मलेरिया का लार्वा मिले, तो उसे नष्ट करने के लिये सभी जरूरी उपाय तुरंत करें। श्री सिलावट ने नगर में जन-सुविधा केन्द्रों की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने जिला मलेरिया अधिकारी को निर्देश दिये कि सुलभ शौचालय, जिला अस्पताल, बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन आदि महत्वपूर्ण सार्वजनिक जगहों पर डेंगू तथा मलेरिया की रोकथाम के प्रयासों और उपायों को प्रदर्शित करने वाले पोस्टर्स लगवाएँ।
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने इंदौर के मेघदूत उपवन और विजय नगर क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने निर्देश दिये कि इन बस्तियों में हर रोज शेड्यूल के आधार पर फॉगिंग मशीन और स्प्रे मशीन से क्रूड आइल का स्प्रे कराएं। नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के अमले ने जानकारी दी कि इंदौर में फॉगिंग मशीन की संख्या 19 से बढ़ाकर 38 कर दी गई है। शहर में खाली पड़े 32 हजार प्लाट मालिकों को नोटिस जारी कर अर्थदण्ड वसूली की कार्यवाही की गई है।

मंत्री श्री शर्मा और श्री यादव ने गुलाबगंज में किया विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास
17 November 2019
भोपाल.जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा और कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री हर्ष यादव ने आज विदिशा जिले के गुलाबगंज में एक करोड़ रुपये से अधिक लागत के निर्माण कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। वे गंजबासौदा की ग्राम पंचायत फतेहपुर में श्री गोपालकृष्ण गौ-शाला के शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल हुए। पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह कार्यक्रम में शामिल हुए।
मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि प्रदेश में पहले चरण में 3 हजार गौ-शालाओं का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से 100 गौ-शालाएँ आधुनिक और कम्प्यूटरीकृत स्वरूप की होंगी। जिले के प्रभारी मंत्री श्री हर्ष यादव ने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम एक गौ-शाला का निर्माण कराया जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि प्रदेश में ग्राम पंचायतों के सशक्तिकरण के लिये राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। साथ ही, स्थानीय निकायों को अधिकार सम्पन्न बनाया जा रहा है। कार्यक्रम को विधायक श्री शशांक भार्गव ने भी संबोधित किया।
सहकारी बैंक का शुभारंभ - व्हालीबॉल प्रतियोगिता का पुरस्कार वितरण
जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने विदिशा में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक का शुभारंभ किया। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने शमशाबाद में 65वीं राष्ट्रीय शालेय व्हालीबॉल प्रतियोगिता के समापन समारोह में पुरस्कार वितरण किया।

खजुराहो में बनेगा डायमण्ड म्यूजियम और स्टोन-ग्रेनाइट पार्क
17 November 2019
भोपाल.खनिज साधन मंत्री श्री प्रदीप जायसवाल ने खजुराहो में जन-प्रतिनिधियों और संभागीय अधिकारियों के साथ बक्सवाहा में हीरा खदान की नीलामी, खजुराहो में डायमण्ड म्यूजियम तथा छतरपुर जिले में स्टोन-ग्रेनाइट पार्क की स्थापना के बारे में विचार-विमर्श किया। श्री जायसवाल ने अधिकारियों से कहा कि प्रस्तावित कार्य-योजना पर तत्काल काम शुरू करें। छतरपुर जिले में खनिज और पर्यटन विभाग के समन्वित सहयोग से स्थापित होने वाले उद्योगों में अधिकाधिक स्थानीय युवाओं को रोजगार दिलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन स्थल खजुराहो में हीरा व्यापारियों के आवागमन से पर्यटन के क्षेत्र में भी विकास होगा। खनिज साधन मंत्री ने बताया कि बंदर हीरा परियोजना में नीलामी के जरिये तकनीकी निविदा का निष्पादन इसी माह पूर्ण कर लिया जाएगा। यहाँ से उत्खनित जेम क्वालिटी के हीरों की नीलामी के लिये म्यूजियम में प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
मंत्री श्री प्रदीप जायसवाल ने बताया कि राज्य सरकार के रेत नियम राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही प्रभावशील हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि खनिज सम्पदा का अवैध दोहन रोकने और राजस्व में बढ़ोत्तरी करने के लिये चिन्हित अवैध खदानों की नीलामी की जाएगी। इसके साथ ही, छतरपुर जिले में नए खनिज उद्योगों की स्थापना की संभावनाएँ भी तलाशी जाएंगी।
बैठक में पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तावित डायमण्ड म्यूजियम और बक्सवाहा बंदर हीरा खदान की नीलामी की रूपरेखा तथा कार्य-योजना की जानकारी दी गई। सचिव, खनिज साधन श्री नरेन्द्र सिंह परमार ने ई-खनिज पोर्टल और प्रस्तावित विभागीय योजना के बारे में बताया।
बैठक में विधायक श्री आलोक चतुर्वेदी, श्री नीरज दीक्षित, श्री प्रद्युम्न सिंह लोधी और कुँवर विक्रम सिंह तथा सागर संभाग के वरिष्ठ अधिकारी और जिलों के खनिज अधिकारी उपस्थित थे।

आदिवासी समुदाय से मिलती है पर्यावरण संरक्षण की सीख : मंत्री श्री मरकाम
17 November 2019
भोपाल.आदिम-जाति कल्याण मंत्री श्री ओमकार सिंह मरकाम आज भोपाल स्थित इंदिरा गाँधी मानव संग्रहालय में आदिवासी भाषा, संस्कृति और समग्र विकास पर केन्द्रित तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन सत्र में शामिल हुए। श्री मरकाम ने कहा कि आज सारी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग और बढ़ते प्रदूषण के संकट का सामना कर रही है। ऐसे समय में आदिवासी समुदाय से पर्यावरण संरक्षण की सीख बेहतर तरीके से प्राप्त की जा सकती है क्योंकि आदिवासी समुदाय प्रकृति के सबसे करीब है। समापन सत्र में श्री मरकाम ने "भारत के आदिवासी-एक परिचय'' और "कुँडुख़ ब ओत'' पुस्तिका का विमोचन किया।
मंत्री श्री मरकाम ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से आदिवासी वर्ग का सर्वांगीण विकास संभव है। राज्य सरकार इस दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि हमें इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि विकास की दौड़ में हमारी युवा पीढ़ी अपनी परम्पराओं से दूर न हो जाये। श्री मरकाम ने कहा कि कोई भी समाज तभी पूर्ण रूप से विकसित हो सकता है, जब उस समाज की महिलाओं को भी बराबरी से प्रगति के अवसर दिये जाएं। आदिम-जाति कल्याण मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय संगोष्ठी में विचार-विमर्श से उपजे निष्कर्षों का आदिवासी समुदाय की भलाई की योजनाओं और नीति-निर्धारण में उपयोग किया जायेगा।
समापन सत्र में अरुणाचल प्रदेश की सामाजिक कार्यकर्ता सुश्री जर्जुम अत्ते ने कहा कि देश की सुरक्षा को साम्प्रदायिक सद्भाव के माहौल में ही मजबूती दी जा सकती है। उन्होंने मध्यप्रदेश में वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत आदिवासी समुदाय के प्रकरणों को प्राथमिकता से निराकृत किये जाने का आग्रह किया। आदिवासी भारत समन्वय मंच के डॉ. अभय खाखा ने बताया कि राष्ट्रीय संगोष्ठी में 16 राज्यों के 21 जनजातीय समुदायों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इन प्रतिनिधियों ने आदिवासी समुदाय की शिक्षा, स्वास्थ्य, भाषा, संस्कृति समेत नौ विषयों पर विचार-विमर्श किया। समापन सत्र में आदिम-जाति कल्याण मंत्री श्री मरकाम ने भोपाल घोषणा-पत्र पढ़कर सुनाया।

समय की मांग के अनुसार शिक्षा के स्तर में सुधार करना जरूरी : राज्यपाल श्री टंडन
16 November 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लाल जी टंडन ने आज शहडोल में पंडित एस.एन. शुक्ला विश्वविद्यालय का लोकार्पण करते हुए कहा कि समय की मांग के अनुसार विश्वविद्यालयों में नये पाठ्यक्रम और शिक्षा के स्तर में सुधार के लिये निरंतर प्रयास किये जायें। उन्होंन