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मध्यप्रदेश डाइजेस्ट
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बदलता मध्यप्रदेश : डॉ.एच.एल. चौधरी


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डा. नरोत्तम मिश्रा, जनसंपर्क मंत्री, मध्यप्रदेश शासन : जीवन परिचय
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D-83252/24-3-18


प्रदेश में जैव विविधता को बढ़ावा देने की नई पहल
22 May 2018
अन्तर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर राज्य जैव विविधता बोर्ड ने जैव विविधता संरक्षण को प्रोत्साहन देने की नई पहल की है। बोर्ड ने आज इस दिशा में उत्कृष्ट कार्य कर रहे शासकीय/अशासकीय संस्थान, व्यक्ति और जैव विविधता वाले विभागों को राज्य स्तरीय वार्षिक जैव विविधता पुरस्कार योजना-2018 के तहत पुरस्कृत किया। अपर मुख्य सचिव वन श्री के.के. सिंह के मुख्य आतिथ्य में हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री रवि श्रीवास्तव ने की। कार्यक्रम का संचालन बोर्ड के सदस्य सचिव श्री आर श्रीनिवास मूर्ति ने किया। 'एक छात्र एक पौधा लगायें अभियान' के पं. उदित नारायण शर्मा पुरस्कृत व्यक्तिगत श्रेणी में छिन्दवाड़ा के राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित सेवा निवृत्त शिक्षक पं. उदित नारायण शर्मा को प्रथम पुरस्कार के रूप में 3 लाख रूपये, प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी से पुरस्कृत किया गया। श्री शर्मा पिछले 38 सालों से 'एक छात्र एक पौधा लगाये अभियान' का संचालन कर रहे हैं। स्कूली छात्र-छात्राओं में पर्यावरण जैव विविधता एवं जल संरक्षण जागरूकता के लिये वह अनवरत कार्य कर रहे हैं। उन्होंने हरियाली गीत माला की भी रचना की है। डॉ. डी.पी. कनोजिया ने भोपाल में विकसित किया वन व्यक्तिगत श्रेणी में डॉ. डी. पी. कनोजिया को भोपाल की आवासीय कालोनी रचना नगर में साल, सागौन, शीशम, हर्रा, बहेड़ा, अचार, महुआ, गूलर, पाखर, पीपल, नीम आदि के 60 से अधिक पौधे रोपने के लिये 2 लाख रूपये के द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। डॉ. कनोजिया पौधों से वृक्ष में तब्दील हो चुके पेड़ों की पिछले 20 सालों से नियमित सिंचाई और सुरक्षा कर रहे हैं। राज्य मछली महाशीर संरक्षण- कृत्रिम प्रजनन के लिये बड़वाह पुरस्कृत शासकीय संस्थागत श्रेणी में खरगौन जिले के वन मण्डल बड़वाह को मध्यप्रदेश की राज्य मछली महाशीर के संरक्षण एवं संवर्धन कर कृत्रिम प्रजनन द्वारा संख्या बढ़ाने के लिये द्वितीय पुरस्कार दिया गया। जागरूकता कार्यों के लिये मटकुली की जैवविविधता प्रबंधन समिति पुरस्कृत जैव विविधता प्रबंधन समिति श्रेणी में एक लाख रूपये का पुरस्कार होशंगाबाद जिले की जैव विविधता प्रबंधन समिति मटकुली को दिया गया। समिति द्वारा जैव विविधता से आजीविका को जोड़ते हुए लेंटाना से फर्नीचर निर्माण, पॉलीथीन के स्थान पर नॉन वोवेन बेग बढ़ावा देने, पौधरोपण, गर्मियों में पक्षियों के लिये दाना-पानी इंतजाम और जैव विविधता संरक्षण के प्रति जागरूकता के काम किये जा रहे है। खरगौन के आस्था ग्राम ट्रस्ट को 3 लाख रूपये का प्रथम पुरस्कार अशासकीय संस्थागत श्रेणी में खरगौन के आस्था ग्राम ट्रस्ट को 3 लाख रूपये प्रशंसा पत्र और ट्रॉफी से पुरस्कृत किया गया। ट्रस्ट वर्ष 1999 से बारह एकड़ बंजर भूमि पर वृक्षारोपण, वॉटरशेड प्रबंधन, जैविक खेती, ड्रिप इरीगेशन और केचुआ खाद निर्माण कर जैव विविधता से भरपूर क्षेत्र का विकास कर रहा है। ट्रस्ट ने क्षेत्र में जैव संसाधनों के संवहनीय उपयोग के लिये विविध प्रयास किये हैं। मुरैना की सुजाग्रति समाजसेवी संस्था को द्वितीय पुरस्कार अशासकीय संस्थागत क्षेणी में दो लाख रूपये का द्वितीय पुरस्कार मुरैना के सुजाग्रति समाज सेवी संस्था को दिया गया। संस्था पिछले 15 सालों से जैव विविधता संरक्षण, संवर्धन, वृक्षारोपण के साथ विशेष रूप से चम्बल क्षेत्र में संकटग्रस्त औषधीय प्रजाति गुग्गुल के संरक्षण और संवर्धन के कार्य कर रही हैं। पर्यावरण की अदभुत चित्रकारी करने वाले विद्यार्थी पुरस्कृत बोर्ड द्वारा जैव विविधता संरक्षण एवं संवंर्धन के प्रति स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं को जागरूक करने के लिये गत् 12 मई को 'जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता एवं मानव अस्तित्व' विषय पर चार श्रेणी में चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। कक्षा 1 से 5 तक की श्रेणी में शीतल गुप्ता, निरंजन थापा और तनीषा डोंगरे को क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार दिया गया। कक्षा 6 से 8 तक की श्रेणी में कार्तिक शर्मा को प्रथम, प्रियल जैन को द्वितीय, मीत चावला को तृतीय, कक्षा 9 से 12 तक श्रेणी में रिचा शाक्य को प्रथम अन्तरिक्ष सेठिया को द्वितीय और आयुष विश्वकर्मा को तृतीय पुरस्कार दिया गया। कक्षा 12 से ऊपर की श्रेणी में विजय गहरवार को पहला, साबिर हलीम को दूसरा और शुभम वर्मा को तीसरा पुरस्कार मिला। अन्तर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के 25 साल पूरे होने पर इस बार संयुक्त राष्ट्र के निर्णयानुसार '25 साल - जैविक विविधता सम्मेलन - पृथ्वी पर जीवन की सुरक्षा' के रूप में मनाया जा रहा है। प्रदेश में इस अवसर पर कार्यशाला, सेमिनार, बैठक और जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रधान मुख्य संरक्षक श्री शाहबाज अहमद, श्री राजेश श्रीवास्तव, श्री एम. के. सप्रा, श्री जे.के. मोहन्ती, श्री सुधीर कुमार, भारतीय वन प्रबंधन संस्थान के निर्देशक डॉ. पंकज श्रीवास्तव सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि और विद्यार्थी उपस्थित थे। आभार डॉ. बकुल लाड ने प्रकट किया।
किसानों को एसईसीएल, सोहागपुर देगा अधिग्रहित भूमि का 42 करोड़ मुआवजा
22 May 2018
खनिज साधन, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने अपने प्रभार के शहडोल जिले में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड़ (SECL) सोहागपुर द्वारा किसानों की अधिग्रस्त भूमि के मुआवजा प्रकरण का निराकरण सुनिश्चित किया है। श्री शुक्ल के प्रयासों से एसईसीएल प्रबंधन ग्राम खैरहा, कंदोहा और धमनीकला के लगभग 400 किसानों को उनकी अधिग्रहित 540 एकड़ भूमि का मुआवजा 42 करोड़ रूपये भुगतान करने के लिये स्वीकृति प्रदान कर दी है। प्रबंधन ने मुआवजे के अलावा प्रभावित किसानों के 370 परिजनों को एसईसीएल में नौकरी पर रखने के लिये भी सहमति प्रदान कर दी है। मंत्री श्री शुक्ल के प्रयासों से शहडोल और अनूपपुर जिले में स्वीकृत नई खदानों रामपुर बेलिया और खांडा तथा उमरिया जिले में स्वीकृत कोयला खदान मालाचुआ के भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण से संबंधित गतिरोध समाप्त हो गये हैं। श्री शुक्ल ने कमिश्नर शहडोल संभाग से कहा है कि तीनों संबंधित जिलों के कलेक्टरों, अध्यक्ष सह प्रबंधक निर्देशक, एसईसीएल एवं एसईसीएल के महाप्रबंधकों की बैठक लेकर किसानों के भू-अर्जन मुआवजा वितरण और पुनर्वास के लिये समुचित कार्यवाही सुनिश्चित करें।
प्रदेश के हित में रिसर्च को प्रोत्साहित करें- मंत्री श्री गुप्ता
22 May 2018
मध्यप्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (मेपकास्ट) और प्रदेश स्थित निजी विश्वविद्यालय प्रदेश के हित में रिसर्च को प्रोत्साहित करें। राजस्व विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने यहा बात मेपकास्ट और निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की इंटरएक्शन बैठक में कही। बैठक में विश्वविद्यालय के कुलपति/प्रतिनिधि शामिल हुए। श्री गुप्ता ने कहा कि बैठक को सिर्फ चर्चा तक ही सीमित नहीं रखें। चर्चा के बाद निकलने वाले निष्कर्षों को कार्यरूप में परणित करने के भी प्रयास करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग करें। श्री गुप्ता ने कहा कि प्रत्येक विश्वविद्यालय के लिए विषय निर्धारित किये जायें। बैठक में मेपकास्ट के महानिदेशक डॉ. नवीन चन्द्रा और विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ. अखिलेश पाण्डेय ने भी विचार व्यक्त किये। विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने रिसर्च के लिए अनुदान और प्रोजेक्ट निर्माण आदि के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिये।
प्रधानमंत्री सड़क बनने से गाँव का हुआ कायाकल्प
22 May 2018
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनान्तर्गत आगर मालवा जिले के ग्राम इकलेरा में कानड़ दुपाड़ा रोड से इकलेरा मार्ग लम्बाई 3.20 किलोमीटर (खांकरी से इकलेरा) लागत 141.36 लाख रूपये की सड़क के निर्माण से ग्रामीणों की जीवन शैली में काफी बदलाव आ गया है। एक ओर जहाँ ग्रामीणों को आवागमन में आसानी हो गई है, वहीं दूसरी ओर वे विकास की मुख्य धारा से भी जुड़ गए हैं। सड़क निर्माण से पहले गाँव में बीमार व्यक्ति को उपचार के लिये चिकित्सालय तक लाने-ले-जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। आज बिना तकलीफ के आसानी से मरीज को चिकित्सालय ले जा सकते हैं। गाँव में स्वास्थ्य और शिक्षा की सुविधा उपलब्ध हो गई हैं। किसानों की कृषि उपज अब सहजता से बाजार तक पहुँच रही है। गाँव के ज्ञानसिंह सिंह का कहना है कि सड़क निर्माण के पहले कच्चे रास्ते के माध्यम से लोग आना-जाना करते थे, जिससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। बारिश के दौरान रास्ते में कीचड़ एवं पानी भरने से पैदल चलना दूभर हो जाता था। अब प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क निर्माण से गाँव का कायाकल्प हो गया है
अब युवाओं को उनकी योग्यतानुसार मिलेगा रोजगार
21 May 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल के मॉडल स्कूल में 'हम छू लेंगे आसमाँ' 'मुख्यमंत्री कॅरियर काउंसलिंग पहल' कार्यक्रम में 'माय एमपी रोजगार पोर्टल'' लांच किया। यह पोर्टल युवाओं को उनकी शैक्षणिक योग्यता, क्षमता एवं रुचि के अनुसार रोजगार उपलब्ध करवाने तथा नियोजक को अपने व्यवसाय की जरूरत के अनुसार योग्य उम्मीदवार की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिपूर्ण है। युवा सशक्तिकरण मिशन के अंतर्गत मध्यप्रदेश कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड द्वारा यह पोर्टल तैयार किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से युवक अपनी योग्यतानुसार स्वयं की प्रोफाइल को पोर्टल पर रजिस्टर कर रोजगार खाता खोल सकेगा। पोर्टल के माध्यम से वह अपनी पसंद के रोजगार की जगह, कार्य-क्षेत्र, सेक्टर एवं जॉब रोल का निर्धारण कर सकता है। प्रोफाइल एकाउंट में सर्च करने पर उसे मालूम हो सकेगा कि उसकी रुचि और योग्यता के आधार पर रोजगार देने वाले कितने नियोजक एवं कितने पद उपलब्ध हैं। ऑनलाइन ही इन कम्पनियों में नौकरी के लिये आवेदन भी कर सकेंगे। रोजगार एकाउंट में दी गई जानकारी को ऑनलाइन अपडेट किया जा सकेगा और नौकरी मिलने के बाद नई नौकरी के लिये भी रोजगार एकाउंट का उपयोग कर सकेगा। नियोजक कम्पनी भी इस पोर्टल पर नि:शुल्क नियोजक खाता खोल सकती है। खाते में वह उसके यहाँ नौकरी के लिये जरूरी योग्यता, प्रशिक्षण आदि की जानकारी रखेगा। जैसे ही नियोजक जॉब रोल/स्किल सेट अपडेट करेगा, वैसे ही पोर्टल नियोजक के समक्ष जॉब प्राप्त करने वालों की लिस्ट एवं प्रोफाइल उपलब्ध करवा देगा। पोर्टल के माध्यम से ही नियोजक आवेदन आमंत्रित कर आवेदक को इंटरव्यू के लिये बुला सकेगा। पोर्टल की विशेषताएँ युवाओं के लिये : युवाओं को पोर्टल पर स्वत: रजिस्ट्रेशन, जॉब प्रीफरेंस को अपडेट करने, नियोक्ता की जानकारी, सेक्टर एवं जॉब रोल के आधार पर उपलब्ध ऑनलाइन आवेदन की सुविधा मिलेगी। इंटरव्यू एवं जॉब-फेयर की जानकारी रजिस्टर्ड ई-मेल एवं मोबाइल पर प्राप्त की जा सकेगी। नियोजक के लिये : नियोजकों को पोर्टल पर स्वत: रजिस्ट्रेशन, सेक्टर एवं जॉब रोल्स को अपडेट करने और इसी के आधार पर डिमांड को पोर्टल पर अपलोड करने की सुविधा होगी। डिमांड के आधार पर योग्य आवेदकों की सूची उपलब्ध हो सकेगी। मैच-मेकिंग के माध्यम से नियोजक कम्पनियों और रोजगार के इच्छुक युवाओं को नजदीक लाने का प्रयास, 'माय एमपी रोजगार पोर्टल'' के माध्यम से किया गया है।
विद्यार्थी अपनी मूल प्रवृत्ति और रूचि अनुसार कॅरियर का चयन करें
21 May 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहाँ मॉडल स्कूल सभागार में 'हम छू लेंगे आसमाँ' कॅरियर कांउसलिंग पहल के शुभारंभ कार्यक्रम में विद्यार्थियों को सफल, सार्थक और आनंदमय जीवन जीने की राह दिखाई। श्री चौहान ने कहा है कि बेहतर कॅरियर के अनेक अवसर हैं। विद्यार्थी अपनी मूल प्रवृत्ति, रूचि और विशेषज्ञता के अनुसार कॅरियर का चयन करें। परचितों और परिजनों से भी चर्चा करें। लक्ष्य निर्धारित कर विस्तृत और अग्रिम कार्य योजना का रोडमैप बनाकर दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ सफलता के लिये संकल्पित हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में कोई भी कार्य अथवा लक्ष्य असंभव नहीं है। व्यक्ति में असीम शक्तियां होती हैं। वो जैसा सोचता है, वैसा बन जाता है। मुख्यमंत्री ने अपने जीवन के अनुभवों, अध्ययन और उनसे जुड़े प्रसंगों को विद्यार्थियों से साझा किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वे बच्चों को सदैव मुस्कुराते हुए देखना चाहते हैं। बच्चे आगे बढ़ेंगे तो प्रदेश आगे बढ़ेगा। हर बच्चा अपनी जिन्दगी को सफल बनाए। उसकी सफलता और क्षमता का लाभ निश्चित ही प्रदेश को भी मिलेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की न्यू इंडिया के निर्माण की अवधारणा को सफल बनाने के लिये हमें नया मध्यप्रदेश बनाना होगा। उन्होंने कहा कि बच्चों की उच्च शिक्षा की फीस भरवाने की व्यवस्था राज्य सरकार ने कर दी है। बच्चे जीवन में सही दिशा में आगे बढ़ें, इस मंशा से कॅरियर कांउसलिंग की व्यवस्था की गई है। श्री चौहान ने कहा कि सफलता के लिये उच्च शिक्षा अनिवार्य नहीं है। विश्व में अनेक व्यक्तियों ने उच्च शिक्षित नहीं होने पर भी सफलता के शीर्ष को छुआ है। कई नये और बड़े व्यवसाय खड़े किये हैं। नये कीर्तिमान बनाये हैं। उन्होंने स्वयं के उदाहरण से बताया कि उनका परिवार उन्हें चिकित्सक बनाना चाहता था किन्तु कार्य की प्रकृति उनकी मूल प्रवृत्ति से नहीं मिलती थी। दर्शन का विषय उन्हें आकर्षित करता था और उसी दिशा में वे आगे बढ़ते गये। मुख्यमंत्री ने पालकों से आग्रह किया कि वे संतानों पर दबाव नहीं बनायें। उन्हें उनकी रूचि और प्रवृत्ति अनुसार कॅरियर का चयन करने में सहयोग करें। उन्होंने कवि को कविता पाठ से मिलने वाले आनंद के प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि मूल रूचि के अनुसार कार्य करने पर ही आनंद प्राप्त होता है। कवि को कविता की और चित्रकार को चित्र की रचना से मिलने वाला आनंद अमूल्य है। श्री चौहान ने बताया कि कॅरियर चयन करने में विद्यार्थियों को सहयोग करने की पहल उनके दिल से निकली है। वे दिल से चाहते हैं कि युवा सही दिशा में तेजी से आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि अर्थहीन शिक्षा व्यर्थ है। शिक्षा का उद्देश्य है ज्ञान, संस्कार और कौशल देना। रोजगारोन्मुखी शिक्षा भी जरूरी है। उन्होंने प्रदेश में इस वर्ष माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षा में 1 लाख 12 हजार 625 बच्चों द्वारा 70 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित करने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि गत वर्ष तक मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले छात्र-छात्राएँ लाभान्वित होते थे। बच्चों की मांग पर इस वर्ष से प्राप्तांक की सीमा घटाकर 70 प्रतिशत कर दी गई है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत मेधावी विद्यार्थियों की फीस राज्य सरकार भरवा रही है। गत वर्ष 750 से ज्यादा बच्चों की मेडिकल शिक्षा की फीस सरकार ने भरवाई है। मेडिकल की फीस में 40 लाख रुपये तक भरे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के सपनों को मरने नहीं देंगे। इसीलिये नि:शुल्क किताबें, गणवेश, साइकिल से लेकर उच्च शिक्षा की फीस भरवाने की योजनाएं बनायी गई हैं। कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्यमंत्री ने रोजगार विभाग के 'मॉयएमपी रोजगार' पोर्टल का लोकार्पण किया। यह पोर्टल नियोजक और बेरोजगार के बीच संपर्क स्थापित करने का सशक्त प्लेटफार्म होगा। इसमें 38 सेक्टर में 180 जॉब रोल्स उपलब्ध हैं। माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष श्री एस.आर. मोहंती ने बताया कि निशुल्क कॅरियर कांउसलिंग का आयोजन तीन चरणों में किया गया है। प्रथम चरण में 21 मई से 31 मई तक 12वीं कक्षा में 70 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाले, द्वितीय चरण में 4 जून से 14 जून तक 70 प्रतिशत से कम अंक लाने वाले और तृतीय चरण में 18 से 28 जून तक 12वीं के अनुतीर्ण 10वीं एवं 11वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों की कांउसलिंग की जायेगी। कांउसलिंग के लिये 500 प्रशिक्षित काउंसलर की व्यवस्था की गई है। काउंसलिंग की सूचना एसएमएस से दी जा रही है। कांउसलिंग के लिये 112 केन्द्र बनाये गये हैं। कैरियर प्रदर्शिनी लगायी गई है। मार्गदर्शिका ब्रोशर का भी वितरण होगा। आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती जयश्री कियावत ने कार्यक्रम में आगन्तुकों का स्वागत किया। उन्होंने विभाग के पोर्टल पर विद्यार्थियों के सवाल और सुझाव भी आमंत्रित किये। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया, स्कूल शिक्षा मंत्री कुंवर विजय शाह, रोजगार बोर्ड के अध्यक्ष श्री हेमंत देशमुख, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री बी.आर. नायडू और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक वर्णवाल मौजूद थे।
विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिये सभी संभव प्रयास होंगे : मुख्यमंत्री श्री चौहान
21 May 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने विद्यार्थियों का आव्हान किया है कि जीवन में हताश नहीं हों। हर समस्या का समाधान होता है। उन्होंने बच्चों को भरोसा दिलाया कि वे बनी-बनायी लकीर से बंधे रहने वाले व्यक्ति नहीं हैं। बच्चों के लिये नई राहें और नई लकीरे बना देंगे। बच्चों की जिन्दगी में कोई बाधा नहीं रहने दी जायेगी। बच्चों को जिन्दगी में आगे बढ़ने के लिये सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ की जाएंगी, सुविधाएँ जुटाई जाएंगी। श्री चौहान ने विद्यार्थियों से कहा कि कोई भी समस्या हो, उसकी जानकारी उन्हें दी जाये। हर समस्या को दूर किया जायेगा। जरूरत होने पर नये प्रावधान, नई योजना भी बनायी जायेगी। श्री चौहान आज मॉडल स्कूल सभागार में लाइव फोन इन कार्यक्रम में विद्यार्थियों से सीधी बातचीत कर रहे थे। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर उपस्थित 60 हजार 592 विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से सीधे प्रश्न पूछे। मुख्यमंत्री ने भी सबका समाधान संवेदनशीलता के साथ किया। कुमारी अदिति ठाकुर को भरपूर मदद के निर्देश मुख्यमंत्री श्री चौहान को सभागार में उपस्थित 10वीं परीक्षा उत्तीर्ण मॉडल स्कूल की छात्रा अदिति ठाकुर ने पिता की मृत्यु से परिवार पर आई दिक्कतों के बारे में बताया। मुख्यमंत्री ने उससे अलग से चर्चा कर उसे धैर्य बंधाया। श्री चौहान ने अदिति को भरपूर मदद करने के लिये अधिकारियों को निर्देशित किया। झाबुआ जिले की यशस्वनी भाबोर ने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारियों के लिये ई-लायब्रेरी की जरूरत बताई। मुख्यमंत्री ने बताया कि झाबुआ में शीघ्र ही सर्व-सुविधा संपन्न पुस्तकालय भवन बनकर तैयार हो रहा है। जिले की फाल्गुनी नाहर द्वारा इंजीनियरिंग महाविद्यालय भवन की कमी बताने पर श्री चौहान ने बताया कि भवन स्वीकृत हो गया है। इसके बनने पर कई नई ब्राँच भी शुरू हो जायेगी। श्री चौहान को भिण्ड जिले के रोहित श्रीवास्तव ने जे.एन.यू दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रवेश की इच्छा बताते हुये फीस भरवाने की जानकारी चाही। मुख्यमंत्री ने बताया ऐसे परिवार जिनकी वार्षिक आय 6 लाख रुपये तक है। उनके बच्चों की फीस सरकार द्वारा भरवाई जाती है। उनका प्रवेश जे.एन.यू. अथवा दिल्ली विश्वविद्यालय कहीं भी हो। छात्र ललित पटेल द्वारा भोपाल में घर से कॉलेज की अधिक दूरी की समस्या बताने पर श्री चौहान ने बताया कि गांव से शहर पढ़ने आने वाले विद्यार्थियों के लिये निश्चित सीमा तक परिवहन व्यय की व्यवस्था है। छात्र मोहन सोनी ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि उन्होंने कॅरियर चयन कैसे किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि जीव विज्ञान की पढ़ायी में डिसेक्शन कार्य उनसे नहीं होता था। दूसरों की दिक्कतों को दूर करवाने में सहयोग के लिये सदैव तत्पर रहते थे। कक्षा सातवीं के छात्र के रूप में गांव के मजदूरों की मजदूरी बढ़वाने के लिये जलूस भी निकाला था जिसमें उन्हें परिवार की नाराजगी भी झेलनी पड़ी थी, लेकिन उनका दिल इसी में रमता था। आपातकाल के विरोध में वे जेल भी गये थे। उन्होंने कहा कि व्यक्ति का दिल जो कहे, उसे सुनना चाहिए और प्राथमिकता देना चाहिये। छात्र अंकित गुप्ता की असफलता की आशंका की चिंता को मुख्यमंत्री ने गीता के अर्जुन-श्रीकृष्ण संवाद के द्वारा दूर किया। उन्होंने बताया कि सात्विक कार्यकर्ता के रूप में धैर्य, उत्साह के साथ परिणाम की चिंता किये बिना निरंतर प्रयास करें। मुख्यमंत्री ने खंडवा के छात्र हरिओम श्याम को वाणिज्य के क्षेत्र में अध्ययन के पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। यह भी बताया कि गरीब परिवारों के बच्चों की बी-कॉम आदि पाठ्यक्रमों की फीस भी राज्य सरकार भरवाएगी। मुख्यमंत्री ने पन्ना की छात्रा शीलू पटेल को उच्च शिक्षा के लिये बाहर जाने में यदि कोई कठिनाई आती है तो उसे दूर करने में पूरे सहयोग का भरोसा दिलाया। छात्रा गुंजन सिंह पटेल द्वारा राजनीति में कॅरियर के लिये क्या करना होगा, पूछने पर मुख्यमंत्री ने बताया कि राजनीति जितनी आसान दिखती है, उतनी आसान नहीं है। मन में दूसरों के लिये गहरी संवेदनाएं, दूसरे के दर्द में द्रवित होने और उनके कष्ट को दूर करने का भाव जिनमें होगा, उन्हें राजनीति में सफलता मिलती है। यही जज्बा होने के कारण श्री नरेन्द्र मोदी चाय वाले से प्रधानमंत्री बन गये। स्वयं वे साधारण परिवार के होते हुये मुख्यमंत्री बन गये। श्री चौहान ने राजनीतिक जीवन में स्वयं के संघर्ष का भी जिक्र किया। उन्होंने छात्र सोहन सिंह की बी.सी.ए. पाठ्यक्रम में मुख्यमंत्री मेधावी प्रोत्साहन योजना में फीस भरे जाने की आशंका को दूर किया। बालाघाट की छात्रा अंकिता यादव के संस्थान और कोर्स में से किसे प्राथमिकता देने के प्रश्न का भी उत्तर दिया। उसे बताया कि रूचि अनुसार कोर्स को प्राथमिकता देना चाहिए। साथ ही यह भी देखें कि संस्थान स्तरहीन नहीं हो। छात्रा मोनिका यादव ने विदेश में अध्ययन में मदद की जानकारी चाही। मुख्यमंत्री ने बताया कि विश्व के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों को एक सीमा तक आर्थिक मदद प्रदान की जाती है। बालाघाट की पुष्पांजली बघेल ने इंजीनियरिंग के साथ आईएएस की तैयारी के लिये अवसरों की जानकारी चाही। मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया कांउसलिंग के दौरान प्रतिष्ठित संस्थानों में कोचिंग आदि की जानकारी भी दी जायेगी।
कड़कनाथ सहकारी समितियों के लिए 1972 लाख मंजूर : राज्यमंत्री श्री सारंग
21 May 2018
सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), श्री विश्वास सारंग ने बताया है कि धार, झाबुआ, अलीराजपुर और बड़वानी जिले की 100 कड़कनाथ सहकारी समितियों के लिए 19 करोड़ 72 लाख रुपये की राशि मंजूर कर दी गई है। इस राशि में से झाबुआ जिले की 30 सहकारी समितियों को 6 करोड़ 35 लाख 20 हजार, बड़वानी जिले की 30 सहकारी समितियों को 4 करोड़ 85 लाख 20 हजार, अलीराजपुर जिले की 30 सहकारी समितियों को 6 करोड़ 35 लाख 20 हजार और धार जिले की 10 सहकारी समितियों को 2 करोड़ 16 लाख 40 हजार रूपये की मंजूरी दी गई है। सहकारिता विभाग द्वारा सहकारिता से अंत्योदय योजना के क्षेत्र में स्थानीय संसाधनों के आधार पर सहकारी समितियों के माध्यम से रोजगार सृजन और लोगों को रोजगार मुहैया कराने के नवचार के अंतर्गत झाबुआ और झाबुआ के आस-पास के जिलों में कड़कनाथ सहकारी समितियों का गठन किया जा रहा है। औषधीय और चिकित्सीय गुणों के कारण झाबुआ और अलीराजपुर क्षेत्र में पाया जाने वाला 'कड़कनाथ मुर्गा' दुनिया में मशहूर है। काले रंग के कड़कनाथ का शरीर ही नहीं, खून भी काला होता है। यह दुर्लभ प्रजाति का मुर्गा है। कड़कनाथ मुर्गा की इस दुर्लभ प्रजाति के संरक्षण और संवर्धन के लिये कड़कनाथ सहकारी समितियों का गठन करवाया गया है। सहकारी समितियों के गठन की प्रक्रिया अभी भी जारी है। कड़कनाथ सहकारी समितियों को हैचरी की स्थापना, शेड निर्माण, टीकाकरण, चूजों की उपलब्धता, कड़कनाथ मुर्गों की मार्केटिंग आदि के लिए जरूरी धन राशि की व्यवस्था के रूप में 1972 लाख रूपये की मंजूरी दी गई हैं। इससें सहकारी समितियों से जुड़े अनुसूचित जनजाति क्षेत्र के हजारों परिवार व्यवसाय से जुड़ेंगे।
प्रदेश के प्रत्येक गरीब व्यक्ति को दिया जायेगा जमीन का पट्टा : मुख्यमंत्री श्री चौहान
20 May 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में पैदा होने वाले प्रत्येक गरीब व्यक्ति को जमीन के हिस्से का मालिक बनाया जाएगा। सभी गरीबों को जमीन के पट्टे दिये जाएंगे। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर गरीब परिवारों को जमीन खरीदकर भी दी जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार ने कानून बना दिया है। श्री चौहान आज शिवपुरी जिले के तहसील मुख्यालय पोहरी में असंगठित श्रमिक एवं तेंदूपत्ता संग्राहक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस मौके पर पोहरी को नगर पंचायत बनाए जाने और पोहरी नलजल योजना स्वीकृत करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकूला मध्यम सिंचाई योजना स्वीकृत कर दी गई है और वरकेश्वर परियोजना का तकनीकी परीक्षण कराया जाएगा। तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 3 करोड़ 4 लाख 33 हजार बोनस राशि का वितरण मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सम्मेलन में शिवपुरी और श्योपुर जिले के तेन्दूपत्ता संग्राहकों को ई-पेमेंट के माध्यम से 3 करोड़ 4 लाख 33 हजार रुपये बोनस राशि का वितरण किया। श्री चौहान ने 21 हजार 317 तेंदूपत्ता संग्राहकों को पानी की बोतल एवं चरण पादुकाएं प्रदाय कीं। मुख्यमंत्री ने प्रतिकात्मक स्वरूप महिला तेन्दूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुकाएं पहनाईं। उन्होंने ने इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हित-लाभ भी वितरित किये। असंगठित श्रमिकों को जनपद स्तर पर दिये जाएंगे हित-लाभ मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार गरीबों के कल्याण एवं विकास के कार्यों में पैसों की कमी नहीं आने देगी। उन्होंने विभिन्न योजनाओं की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 13 जून को प्रदेश की जनपद पंचायतों में पंजीकृत असंगठित श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के हित-लाभ प्रदान करने के लिये कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। श्री चौहान ने मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। केंद्रीय ग्रामीण विकास, पंचायती राज एवं खान मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने इस अवसर पर कहा कि मध्यप्रदेश में पिछले 15 वर्षों में विकास के कार्य तेजी से हुए हैं। उन्होंने कहा कि गरीब, किसान एवं श्रमिक वर्ग के कल्याण एवं विकास के लिये केन्द्र सरकार मध्यप्रदेश सरकार के साथ खड़ी है। सम्मेलन में शिवपुरी जिले के प्रभारी मंत्री श्री रूस्तम सिंह, श्योपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, मुरैना श्योपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद श्री अनूप मिश्रा, विधायकगण और अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
एस.एम.एस. पर मिली तारीख को ही मण्डी में फसल लायें किसान
20 May 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से अपील की है कि एसएमएस द्वारा सूचित की गई तारीख को ही अपनी फसल मंडी में विक्रय करने के लिये लायें। इससे उन्हें और अन्य किसान भाईयों को फसल विक्रय करने में सुविधा रहेगी। श्री चौहान ने बताया कि किसानों को एसएमएस के द्वारा खरीदी की तारीख की सूचना देने की पुख्ता व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने किसानों को आश्वस्त किया है कि उनकी चना, मसूर और सरसों की फसल का एक-एक दाना समर्थन मूल्य पर खरीदा जायेगा, किसान धैर्य बनाये रखें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि खरीदी कार्य में किसानों को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होना चाहिये। तत्काल भुगतान के समुचित प्रबंध किये जायें। श्री चौहान ने आज मुख्यमंत्री निवास में प्रदेश में उपार्जन कार्य की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री को समीक्षा के दौरान बताया गया की प्रदेश के 8 लाख 80 हजार से अधिक किसानों द्वारा अभी तक 67 लाख 78 हजार मैट्रिक टन गेहूँ का समर्थन मूल्य पर विक्रय किया गया है। खरीदी मूल्य का 91 प्रतिशत भुगतान किसानों को उनके बैंक खातों में कर दिया गया है। इस मौके पर जानकारी दी गई कि 593 खरीदी केन्द्रों पर चना, मूसर एवं सरसों की खरीदी प्रारंभ कर दी गई है। प्रदेश में कुल 9 लाख 46 हजार 861 मैट्रिक टन चना, मूसर एवं सरसों की खरीदी 4 लाख 19 हजार 393 किसानों से की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने गेहूँ खरीदी की बेहतर व्यवस्था की तारीफ की और अधिकारियों को बधाई दी। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव वित्त श्री ए.पी. श्रीवास्तव, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीणा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक वर्णवाल, प्रमुख सचिव कृषि श्री राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव सहकारिता श्री के.सी. गुप्ता, प्रमुख सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्रीमती नीलम शमी राव, आयुक्त मण्डी बोर्ड श्री फैज अहमद किदवई उपस्थित थे।
किसानों के खेतों में पानी पहुँचाने से बढ़ा कोई काम नहीं:वित्त मंत्री श्री मलैया
20 May 2018
वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया ने कहा है कि किसानों के खेतों में समय पर पानी पहुँचाने से बड़ा कोई काम नहीं हो सकता। वित्त मंत्री आज दमोह में 315 करोड़ रूपये लागत की महत्वाकांक्षी सतधरू सिंचाई परियोजना के शिलान्यास समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में सांसद श्री प्रहलाद पटेल, विधायक श्री लखन पटेल और स्थानीय जन-प्रतिनिधि मौजूद थे। वित्त मंत्री श्री मलैया ने कहा कि सतधरू मध्यम सिंचाई परियोजना से 18 हजार एकड़ क्षेत्र में सिंचाई हो सकेगी। परियोजना से 65 गांव में सिंचाई और 100 गांव में पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने कहा कि परियोजना में जमीन अधिग्रहण के लिये किसानों को 30 करोड़ रूपये और वन विभाग को 70 करोड़ रूपये दिये गये है। श्री मलैया ने बताया कि दमोह में 500 करोड़ रूपये लागत की सीतानगर मध्यम सिंचाई योजना को भी प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है। इस सिंचाई योजना से 10 हजार एकड़ क्षेत्र में सिंचाई होगी। वित्त मंत्री ने बताया कि सतधरू परियोजना में वर्ष 2019 में बांध का काम पूरा कर लिया जायेगा। यहां प्रेशर पद्धति से खेतों में पानी पहुँचाया जायेगा।
दतिया जिले के ग्रामीण अंचलों में पहुँचे जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र
20 May 2018
जनसम्पर्क, जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने दतिया जिले के ग्रामीण अंचलों में पहुँच कर ग्रामीणों की समस्यायें सुनी, विकास कार्यों की शुरूवात की। डॉ. मिश्र ने गाँव जुझारपुर में एक करोड़ 26 लाख रुपए लागत के पचोखरा जुझारपुर सड़क मार्ग का भूमि-पूजन किया। डॉ. मिश्र ने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रत्येक व्यक्ति की भलाई के लिए योजनाएं लागू की है। योजनाओं में गरीब और किसान की विशेष चिन्ता की गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री जनकल्याण योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि इस योजना में सभी फायदे समाहित हैं। डॉ. नरोत्तम मिश्र जिले के बसई भैरारेश्वर धाम पर बेतवा किनारे समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों से रूबरू हुए। उन्होंने समाजसेवियों से अपील की कि घर-घर जाकर लोगों को योजनाओं की जानकारी दें ताकि अधिक से अधिक लोग योजनाओं से लाभांवित हो सकें। डॉ. मिश्र ने ग्राम कमथरा पहुंचकर सीमेन्ट ब्रिक्स समृद्धि इण्डस्ट्रीज का शुभारंभ किया। जिले के ग्राम उद्गंवा में लोगों ने ढ़ोल-नगाड़े और आतिशबाजी से जनसम्पर्क मंत्री का स्वागत किया।
गंजबासोदा को मिनी स्मार्ट सिटी बनाया जायेगा : मुख्यमंत्री श्री चौहान
19 May 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को देर शाम विदिशा जिले के गंजबासोदा में आम जनता से जन-संवाद करते हुए घोषणा की कि गंजबासोदा को मिनी स्मार्ट सिटी बनाया जायेगा। श्री चौहान ने इस प्रोजेक्ट के कार्य तुरन्त शुरू करने के लिए 25 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने गणमान्य नागरिकों का आव्हान किया कि नगर को मिनी स्मार्ट सिटी बनाने में भरपूर सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि सरकार निर्माण कार्य करवा सकती है लेकिन निर्मित अधोसंरचनाओं की देखभाल, सुरक्षा और साफ-सफाई की जिम्मेदारी स्थानीय नागरिकों की होती है। मुख्यमंत्री ने गंजबासोदा में नगर भ्रमण किया और विकास कार्यो का जायजा लिया। आमजनों से मिले तथा उनकी समस्याएँ सुनी। उन्होंने विभिन्न स्थानीय सामाजिक संगठनों से भी मुलाकात की।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी की अगवानी की
18 May 2018
केन्द्रीय जल संसाधन,जहाजरानी, भूतल परिवहन और राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी आज एक दिवसीय प्रवास पर भोपाल आये। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने राजकीय विमानतल पर केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी की अगवानी की। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह, सांसद श्री आलोक संजर सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
देश के नव-निर्माण में सबसे बड़ा योगदान मध्यप्रदेश का होगा
18 May 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि देश के नव-निर्माण में सबसे बड़ा योगदान मध्यप्रदेश का होगा। मध्यप्रदेश में विकास का स्पष्ट विज़न है और रोडमैप पर सुनिश्चित तरीके से कार्य हो रहा है। गाँव और नगर स्मार्ट बनेंगे। किसानों की आय को दोगुना किया जायेगा। प्रदेश में राज्य सरकार द्वारा गरीबों की आमदनी बढ़ाने, कुटीर उद्योग-धंधों की बेहतरी और पर्यटन में रोजगार उपलब्ध करवाने के कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के सार्थक प्रयासों के परिणाम अब जमीनी स्तर पर भी दिखाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ 'नया आसमान, नई उड़ान' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। केन्द्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री श्री राधामोहन सिंह भी कार्यक्रम में शामिल हुए। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने नमामि देवी नर्मदे और कृषि पर केन्द्रित कॉफी टेबल पुस्तकों का विमोचन किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मूल मंत्र 'सबका साथ सबका विकास' को अपना कर प्रदेश सरकार ने सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और आध्यात्मिक विकास की नवाचारी पहल की है। बुनियादी सुविधाओं के विकास के साथ ही आध्यात्मिक वातावरण विकसित करने के प्रयास भी किये जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार को विरासत में मिले बेहाल मध्यप्रदेश का जिक्र करते हुए बताया कि हमारी सरकार ने राज्य में अधोसंरचना विकास के कार्य तेजी से पूरे किये हैं। प्रदेश में करीब डेढ़ लाख किलोमीटर शानदार सड़कें बन गई हैं। गाँवों में भी अब चौबीस घंटे बिजली मिल रही है। प्रदेश में पहले सिंचाई सुविधा केवल साढ़े सात लाख हेक्टेयर में ही उपलब्ध थी। आज डेढ़ दशक में यह बढ़कर 40 लाख हेक्टेयर हो गई है। श्री चौहान ने कहा कि इसे 80 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और समाज में समरसता बनाये रखने के लिये विकास कार्य जन-सहभागिता से कराये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के गरीब कल्याण एजेण्डे के अनुसार राज्य सरकार गरीबी दूर करने के मॉडल पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री जनकल्याण योजना 'संबल' का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया है। गरीबों को सस्ता खाद्यान्न, नि:शुल्क इलाज, नि:शुल्क शिक्षा, रहने के लिये जमीन उपलब्ध कराने के साथ ही जीवन के आरंभ से लेकर अंत तक राज्य सरकार गरीबों के साथ खड़ी है। उन्होंने बताया कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिये शिक्षकों के लिये सम्मानजनक वेतन की व्यवस्था की गई है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिये केन्द्रीयकृत व्यवस्था का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि बैतूल में शीघ्र ही लैब, लायब्रेरी, शिक्षक आदि सारी उत्कृष्ट सुविधाओं सहित नवाचारी विद्यालय प्रारभं किया जा रहा है। इस स्कूल में आस-पास के क्षेत्रों से 5 हजार बच्चे पढ़ने आयेंगे। उन्होंने कहा कि इस प्रयोग की सफलता सुनिश्चित होने पर इसका प्रदेश में विस्तार किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि लोगों को अच्छा लगने पर छोटे-छोटे स्कूलों के स्थान पर 'बड़ा गाँव बड़ा स्कूल' की व्यवस्था की जायेगी। म.प्र. के धान को जी.आई. टैग दिलवाने में सहयोग करे केन्द्र मुख्यमंत्री श्री चौहान ने केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री राधा मोहन सिंह को किसानों के हित संरक्षण के लिये उपज की लागत का 50 प्रतिशत लाभ जोड़कर समर्थन मूल्य तय करने के लिये बधाई दी। श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों को दस गुना ज्यादा ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध करवाया है। फ्लैट रेट पर विद्युत, खाद्य का अग्रिम भंडारण, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और आपदा के समय भरपूर राहत उपलब्ध कराने के प्रयास किये हैं। गेहूँ उत्पादक किसानों को समर्थन मूल्य के अलावा 265 रूपये अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि के रूप में दिये गये हैं। यही कारण है कि आज प्रदेश गेहूँ उत्पादन में पंजाब और हरियाणा राज्यों से भी आगे निकल गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में समर्थन मूल्य पर 11 लाख क्विंटल से अधिक चने की खरीदी हो चुकी है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने केन्द्रीय कृषि मंत्री एवं किसान कल्याण श्री सिंह से अनुरोध किया कि चने के बम्पर उत्पादन के कारण इसकी अधिकतम सीमा को बढ़ाया जाये और मध्यप्रदेश के धान को जी.आई. टैग दिलवाने में केन्द्र सरकार सहयोग करे। आँकड़ों की जुबानी-विकास की कहानी श्री चौहान ने विगत डेढ़ दशक में प्रदेश में हुये विकास के आँकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि इस दौरान प्रति व्यक्ति आय 15 हजार 442 रूपये से बढ़कर 79 हजार 909 रूपये हो गई है। विद्युत उत्पादन 2900 मेगावाट से बढ़कर 18 हजार 364 मेगावॉट हो गया है। सड़कें 45 हजार किलोमीटर से बढ़कर 95 हजार किलोमीटर हो गई हैं। प्राथमिक शालाएं 55 हजार 980 से बढ़कर 83 हजार 890, माध्यमिक शालाएं 12 हजार 490 से बढ़कर 30 हजार 341, हाई स्कूल 1704 से बढ़कर 4 हजार 740, हायर सेकेण्डरी 1517 से बढ़कर 3815 हो गये हैं। उन्होंने कहा कि फसल बीमा योजना में कभी 8 करोड़ 77 लाख रूपये मिलते थे। आज यह राशि बढ़कर इसी वर्ष से 1886 करोड़ रूपये हो गई है। इस मौके पर जागरण प्रकाशन के प्रमुख श्री महेन्द्र मोहन गुप्ता ने स्वच्छता सर्वेक्षण में इंदौर और भोपाल शहर को सम्मानजनक स्थान मिलने पर बधाई दी। पॉलीटिकल एडिटर श्री ऋषि पांडे ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह, जागरण समूह के संपादक श्री तरूण गुप्ता, समूह के पॉलीटिकल एडिटर श्री प्रशांत मिश्रा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संजय शुक्ला भी मौजूद थे।
बच्चों को नैतिक शिक्षा और अच्छे संस्कार देना जरूरी : राजस्व मंत्री श्री गुप्ता
18 May 2018
राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा है कि बच्चों को नैतिक शिक्षा और अच्छे संस्कार देना जरूरी है। श्री गुप्ता कोलार बस्ती में पाँच दिवसीय नैतिक शिक्षा के कार्यक्रम, जीवन की पाठशाला-2018 को संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री गुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार ने बच्चों और माताओं के कल्याण के लिये महत्वपूर्ण योजनाएँ बनायी हैं। जननी सुरक्षा योजना के माध्यम से अस्पताल में प्रसव करवाने के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जीवन की पाठशाला के इस कार्यक्रम में बतायी गयी बातें बच्चों को निंरतर स्मरण कराते रहें। राजस्व मंत्री श्री गुप्ता ने इस मौके पर स्लोगन और पेटिंग प्रतियोगिता के विजेता बच्चों को पुरस्कृत किया। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
स्वच्छता सर्वेक्षण में देश में दूसरे नम्बर पर रहा भोपाल
17 May 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से आज मुख्यमंत्री निवास पर भोपाल के महापौर श्री आलोक शर्मा, संभागायुक्त श्री अजातशत्रु, कलेक्टर श्री सुदाम खाड़े और भोपाल नगर निगम आयुक्त सुश्री प्रियंका दास ने भेंट की। मुख्यमंत्री ने महापौर और अधिकारियों को स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 में पूरे देश में भोपाल को दूसरा स्थान प्राप्त होने पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्वच्छता कार्यकर्ताओं, जन-प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, जिला एवं नगर निगम प्रशासन के अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि से पूरे देश में मध्यप्रदेश का नाम रौशन हुआ है। मुख्यमंत्री ने नगर निगम भोपाल के अमले, विशेष रूप से नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि सबके अथक् परिश्रम और सहयोग से भोपाल को यह सम्मान मिला है।
वर्ष 2023 तक प्रदेश के हर गरीब को पक्का मकान बनाकर देगें : मुख्यमंत्री श्री चौहान
17 May 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश में कोई गरीब आवासहीन नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना में हर गरीब, हर मजदूर को जमीन का पट्टा दिया जायेगा। वर्ष 2023 तक मध्यप्रदेश में रहने वाले हर गरीब व्यक्ति को सरकार पक्का मकान बनाकर देगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर वर्ग को विकास का लाभ मिले, सरकार ने न केवल इसकी शिद्दत से चिंता की है, बल्कि सबके हितों का ध्यान रखकर अनेक योजनाओं के जरिये सभी को सीधा लाभ भी पहुँचाया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार गरीबी दूर करने के संकल्प को जल्द से जल्द पूरा करने की ओर अग्रसर है। एक अप्रैल से 31 मई तक पंजीयन करवाने वाले असंगठित मजदूरों को 13 जून से लाभ वितरण प्रारंभ कर दिया जाएगा। प्रदेश के हर विकासखण्ड में जन-प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हितलाभ वितरण कार्यक्रम किए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान छतरपुर जिले के खजुराहो के समीप बमीठा गाँव में छतरपुर और पन्ना जिले के असंगठित मजदूरों एवं तेंदूपत्ता संग्राहकों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने असंगठित मजदूर कल्याण योजना के तहत श्रमिकों को पंजीयन कार्ड, आवास हेतु पट्टों का वितरण तथा तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि, चरण पादुका योजना में महिलाओं को चप्पलें, पुरूषों को जूते, पानी की बोतल और सरकार की विभिन्न योजनाओं के अन्य हितग्राहियों को भी लाभ वितरित किये। मुख्यमंत्री ने छतरपुर और पन्ना जिले के करीब 306 करोड़ से अधिक की लागत वाले कई विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहकों को 4 करोड़ 79 लाख रूपये की बोनस राशि ऑनलाईन हितग्राहियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की। मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना मुख्यमंत्री जनकल्याण योजना की जानकारी देते हुए श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश का हर वह व्यक्ति जो आयकर दाता नहीं है, ढाई एकड़ से कम भूमि का मालिक है और शासकीय सेवा में नहीं हैं, वह सभी इस योजना के दायरे में आएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर मजदूर बंधु को आवासीय भूमि और पक्का मकान बनाकर दिया जायेगा। किसी भी गरीब को सरकार आवासहीन नहीं रहने देगी। उन्होंने कहा कि मजदूर महिलाओं को प्रसूति से पहले और बाद कैलोरीयुक्त आहार हेतु आर्थिक सहायता का लाभ दिया जायेगा। गरीब बच्चों की कक्षा एक से कॉलेज तक की पढ़ाई और उच्च शिक्षा संस्थान में भर्ती होने पर फीस भी सरकार भरेगी। मजदूरों के बच्चों को मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना का लाभ भी मिलेगा। प्रदेश के किसी भी बच्चे को शिक्षा के मौलिक अधिकार से वंचित नहीं रहने दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के हर नागरिक को विकास का सीधा लाभ पहुँचाने की स्थायी व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गरीब और मजदूर का सरकार निःशुल्क इलाज कराएगी। आयुष्मान भारत योजना, राज्य बीमारी सहायता कोष, मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से गरीब को इलाज के लिये सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि गरीबों को 200 रूपये माह की दर से फ्लैट रेट पर बिजली दी जाएगी। स्व-सहायता समूहों को दीगर काम-धंधों से जोड़ा जाएगा। उन्हें सरकार बैंक लिंकेज देगी, साथ ही इनके कौशल विकास का काम भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने गरीबों के हित में सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार सामाजिक सरोकारों से जुड़ी सरकार है। जो दुनिया में कहीं नहीं हुआ, वह अब मध्यप्रदेश में हो रहा है। संग्राहाकों को चरण पादुका, पानी की बोतल, साड़ियाँ वितरित इस अवसर पर छतरपुर जिले के 41 हजार 483 तेंदूपत्ता संग्राहकों को पानी की बोतल, 20 हजार 353 चरण पादुकाएं एवं साड़ियों का वितरण किया गया। पन्ना जिले के 2 लाख 65 हजार 296 श्रमिकों को पंजीयन कार्ड और 24 हजार 820 तेंदूपत्ता संग्राहकों को 4 करोड़ 79 लाख रूपये बोनस राशि एवं 52 हजार 986 संग्राहकों को पानी की बोतल, 25 हजार 91 संग्राहकों को चरण पादुकाएं एवं साड़ियों का वितरण किया गया। इसके आलवा, मुख्यमंत्री आश्रय योजना में 34 हजार 401 भूखण्ड धारकों को भू-अधिकार प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रतीकात्मक रूप से हितग्राहियों को हितलाभ प्रदान किए। श्री चौहान ने हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी परीक्षा परिणामों में स्टेट मेरिट में आने वाले छतरपुर एवं पन्ना जिले के विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र दिये। इस अवसर पर छतरपुर जिले की प्रभारी मंत्री सुश्री कुसुम महदेले, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती ललिता यादव, बुंदेलखण्ड विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, म.प्र. राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री महेश कोरी, विधायक सर्वश्री मानवेन्द्र सिंह, आर.डी. प्रजापति, पुष्पेन्द्रनाथ पाठक, महेन्द्रसिंह बागरी, श्रीमती रेखा यादव, बुंदेलखण्ड विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री महेन्द्र यादव एवं विजय बहादुर सिंह बुंदेला, खजुराहो पर्यटन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. घासीराम पटेल, लघु वनोपज संघ की जिला अध्यक्ष श्रीमती वंदना सिंह और जनपद अध्यक्ष सुश्री हीराबाई सिंह मौजूद थे।
सभी जाति, धर्म और वर्ग के व्यक्तियों की गरीबी हटाने में जुटी प्रदेश सरकार-मुख्यमंत्री श्री चौहान
17 May 2018
प्रदेश सरकार प्रदेश से गरीबी हटाने के लिए संकल्पवद्ध है, इसमें जाति, धर्म और वर्ग का भेदभाव नहीं होगा। इसके लिए सरकार मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना प्रारंभ करने जा रही है। यह घोषणा प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज शहडोल संभाग के सोहागपुर विकास खण्ड की लालपुर ग्राम पंचायत में संभाग स्तरीय तेन्दूपत्ता संग्राहक और असंगठित श्रमिक सम्मेलन में की। कार्यक्रम में संभाग के तीनों जिलों से तेन्दूपत्ता संग्राहक और असंगठित श्रमिक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गरीबी, जाति, धर्म या वर्ग को देखकर नहीं आती। प्रदेश सरकार ने गरीबों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का निर्णय ले लिया है। अब समाज के कुलीन वर्ग से प्राप्त टैक्स का उपयोग इन गरीबों के कल्याण में खर्च किया जायेगा जिससे गरीब बेबस नहीं रहे। मुख्यमंत्री ने जन-कल्याण योजना की घोषणा करते हुए कहा कि इस योजना से ऐसे परिवार जो आयकर दाता नहीं है, जिनके पास 2.5 एकड़ से कम जमीन है, सरकारी नौकरी में नहीं है, को लाभान्वित किया जायेगा। जिनके पास रहने के लिये जमीन नहीं है, झोपड़ पट्टी में रहते हैं उन्हें जमीन का पट्टा दिया जायेगा। जो आदिवासी परिवार वर्ष 2006 से पहले वन भूमि में काबिज है उन्हें वनाधिकार पट्टा दिया जायेगा। इतना ही नहीं 4 वर्ष के भीतर प्रदेश के सभी गरीब परिवारों का पक्का मकान होगा, उन्हें इसके लिये अनुदान दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक अभाव के कारण बेटा-बेटियों की पढ़ाई बाधित नहीं हो, इसके लिये कक्षा पहली से कॉलेज तक की पढ़ाई की फीस सरकार भरेगी। गरीबों की निःशुल्क चिकित्सा व्यवस्था होगी, चाहे उनका इलाज निजी अस्पतालों में ही क्यों न हो। माताओं की कोख भरने पर 6 से 9 माह के बीच के समय में 4 हजार रूपये की आर्थिक सहायता तथा शिशु के जन्म लेने के बाद 12 हजार रूपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। गरीबों को बिजली के बिल से मुक्ति दिलाने के लिये सरकार ने 200 रूपये प्रतिमाह निश्चित बिजली बिल लेने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को स्व-रोजगार से जोड़ने तथा उनकी आर्थिक उन्नति के लिये आजीविका मिशन के माध्यम से आय बढ़ाने के प्रयास किये जाएंगे। परिवार में 60 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति की मृत्यु होने पर 2 लाख रूपये की आर्थिक सहायता, दुर्घटना से मृत्यु होने पर 4 लाख रूपये की आर्थिक मदद तथा स्थाई रूप से दिव्यांग होने पर 2 लाख रूपये की मदद, अस्थाई रूप से दिव्यांग होने पर एक लाख रूपये की मदद और अंतिम संस्कार के लिये 5 हजार रूपये की मदद दी जायेगी। पंजीयन के लिये व्यक्ति को संबंधित पंचायत या नगरीय निकाय में आवेदन भरकर देना होगा तथा स्व-लिखित घोषणा-पत्र भी देना होगा। इस योजना का लाभ पहली बार जनपद मुख्यालय में 13 जून से मिलना प्रारंभ हो जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गत वर्ष जब वे उमरिया जिले के भ्रमण में आये थे तो बाँधवगढ़ नेशनल पार्क जाते समय तेंदूपत्ता संग्राहकों से मिलने का अवसर मिला। वे नंगे पैर थे और उनके पास पीने के लिये पानी भी नहीं था। तभी निर्णय लिया कि इन गरीबों को चरण-पादुका, महिलाओं को धोती तथा पानी की कुप्पी निःशुल्क दी जायेगी। उन्होंने कहा कि बेटी बढ़ेगी, तभी जमाना बढ़ेगा। सभी अभिभावक अपनी बेटियों को खूब पढ़ायें-लिखायें, उन्हें आगे आने का अवसर दें। प्रदेश सरकार महिलाओं के कल्याण के लिये अनेकों योजनाएँ यथा लाड़ली लक्ष्मी, मुख्यमंत्री कन्या विवाह-निकाह, स्थानीय निकायों में आरक्षण, पुलिस एवं शिक्षकों की भर्ती में आरक्षण की व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को तेजी से विकास की राह में ले जाने के लिये समाज का सहयोग भी जरूरी है। उन्होंने जन-सामान्य से स्वच्छता अभियान, स्कूल चलें हम अभियान, बेटी बचाओ अभियान के संचालन में सरकार के साथ सहभागी बनने का आग्रह किया। श्री चौहान ने उपस्थित जन-समुदाय से आपसी सहयोग और समन्वय से कार्य करे हुए गरीबी हटाने तथा नये भारत के निर्माण का संकल्प लेने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री जो आज दुनिया के शक्तिशाली नेताओं में शुमार हैं, ने पूरे देश को विकास की मुख्य-धारा से जोड़ने के लिये स्वच्छ भारत अभियान, प्रधानमंत्री आवास, उज्जवला तथा सौभाग्य योजना जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं का संचालन किया है। उन्होंने राष्ट्रीय एवं प्रदेश सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में सहयोगी बनकर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ने की अपील उपस्थित जनता जनार्दन से की। सांसद श्री ज्ञान सिंह ने कहा कि प्रदेश के मुखिया ने इस आदिवासी अंचल के विकास के लिये अनेक सौगातें दी हैं। जिसमें शहडोल को संभाग का दर्जा, मेडिकल, इंजीनियरिंग कॉलेज तथा विश्वविद्यालय की स्थापना आदि शामिल हैं। कार्यक्रम में खनिज, उद्योग तथा शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, सांसद श्री ज्ञान सिंह, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह मरावी, राज्य बैगा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री रामलाल बैगा, लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री महेश कोरी, श्री सुल्तान सिंह शेखावत, विधायक श्रीमती प्रमिला सिंह, सुश्री मीना सिंह, श्री जयसिंह मरावी, श्री रामलाल रौतेल, श्री शिवनारायण सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष शहडोल श्री नरेंद्र मरावी, जिला पंचायत अध्यक्ष अनूपपुर श्रीमती रूपमती सिंह, जन-प्रतिनिधि और आमजन उपस्थित थे।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में परख वीडियो कॉन्फ्रेंस सम्पन्न
17 May 2018
मुख्य सचिव श्री बसंत प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न परख वीडियो कॉन्फ्रेंस में रबी उपार्जन, ग्रीष्म-काल में पेयजल व्यवस्था, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना सहित प्रदेश में जारी प्रमुख योजनाओं एवं कार्यक्रम की समीक्षा की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि 21 मई को मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश में कॅरियर काउंसलिंग की प्रक्रिया आरंभ करेंगे। बारहवीं कक्षा में 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से मुख्यमंत्री स्वयं फोन के माध्यम से बातचीत करेंगे। कार्यक्रम प्रदेश के सभी जिला तथा विकासखण्ड मुख्यालयों पर आयोजित होगा। परख में अपर मुख्य सचिव जल-संसाधन एवं चिकित्सा शिक्षा श्री आर.एस. जुलानिया, कृषि उत्पाद आयुक्त श्री पी.सी. मीना, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव गृह श्री मलय श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव सहकारिता श्री के.सी. गुप्ता, प्रमुख सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्रीमती नीलम शमी राव, प्रमुख सचिव राजस्व श्री अरुण पाण्डे, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। वीडियो कॉन्फ्रेंस में समस्त संभागायुक्त तथा जिला कलेक्टर ने सहभागिता की। मुख्य सचिव श्री सिंह ने गेहूँ उपार्जन प्रक्रिया पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि भण्डारण प्रक्रिया तत्काल सुनिश्चित की जाये। वीडियो कॉन्फ्रेन्स में जानकारी दी गई कि 84 प्रतिशत खातों में आधार दर्ज हो चुके हैं। मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना में 26 जून तक सत्यापन निरंतर रखने के निर्देश दिये। इस मौके पर बताया गया कि किसान हितैषी योजनाओं और नवीन तकनीकों की जानकारी देने के लिये प्रदेश में क्लस्टर स्तर पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जायेगी। प्रदेश में 2850 क्लस्टर पर इन कार्यक्रमों में वैज्ञानिक, कृषि विशेषज्ञ कृषकों से चर्चा करेंगे। नवीन क्लाईमेट स्मार्ट बीजों के पैकेट भी कृषकों को उपलब्ध करवाये जायेंगे। वीडियो कॉन्फ्रेंस में गेहूँ, चना, मसूर और सरसों के उपार्जन की समीक्षा के साथ-साथ गेहूँ के परिवहन की स्थिति की भी जिलों से जानकारी ली गई। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के अंतर्गत जानकारी दी गई कि भिण्ड, आगर, अशोकनगर, शिवपुरी तथा सीहोर में योजना की प्रगति संतोषजनक है, जबकि इंदौर, भोपाल, उमरिया, रतलाम तथा झाबुआ में क्रियान्वयन को गति देने की आवश्यकता है। प्रदेश की 404 पंचायतों को धुआँ-रहित बनाया जाना है। इसके अंतर्गत एक लाख 26 हजार 101 परिवारों को कार्यक्रम में जोड़ा जायेगा। प्रदेश में उचित मूल्य की दुकान विहीन ग्राम पंचायतों में दुकानें शीघ्र आरंभ करने के लिये पन्ना, अशोकनगर, दतिया और नरसिंहपुर कलेक्टरों को निर्देश दिये गये। ग्रामीण क्षेत्र में ग्रीष्म-काल में पेयजल व्यवस्था के संबंध में निर्देश दिये गये कि पेयजल आपूर्ति के लिये स्थानीय स्तर पर तत्काल हर संभव प्रयास किये जायें। नई बसाहटों का सर्वे कराकर प्राथमिकता के आधार पर पानी की व्यवस्था की जाये।
भोपाल में खुलेगा राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान
17 May 2018
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान खोला जायेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को नई दिल्ली में केन्द्रीय मंत्री-मण्डल ने इसकी मंजूरी दी। यह संस्थान निःशक्तजन सशक्तिकरण विभाग के अंतर्गत सोसायटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 के तहत स्थापित किया जायेगा। संस्थान का मुख्य उद्देश्य मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों के पुनर्वास की व्यवस्था करना, मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास के क्षेत्र में क्षमता विकास तथा मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास के लिए नीति बनाना और अनुसंधान को बढ़ावा देना है। पहले तीन वर्षों में इस परियोजना पर लगभग 179 करोड़ 5 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। केन्द्रीय मंत्री-मण्डल ने संस्थान के लिए निदेशक के एक पद सहित संयुक्त सचिव के तीन पद और प्रोफेसर के दो पद की भी मंजूरी दी है। यह संस्थान देश में मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपनी तरह का पहला संस्थान होगा। मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्षमता विकास और पुनर्वास के मामले में यह एक अत्याधिक दक्ष संस्थान के रूप में काम करेगा। साथ ही, केन्द्र सरकार को मानसिक रोगियों के पुनर्वास की प्रभावी व्यवस्था का मॉडल विकसित करने में मददगार होगा। राज्य द्वारा पाँच एकड़ जमीन आवंटित मध्यप्रदेश सरकार ने संस्थान के लिए भोपाल में पाँच एकड़ जमीन आवंटित की है। यह संस्थान दो चरण में तीन वर्ष के भीतर बनकर तैयार हो जायेगा। संस्थान मानसिक रोगियों के लिए सभी तरह की पुनर्वास सेवाएँ उपलब्ध करवाने के साथ-साथ स्नातकोत्तर और एम.फिल. डिग्री तक की शिक्षा की व्यवस्था भी करेगा। संस्थान में नौ विभाग होंगे और मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास के क्षेत्र में 12 विषयों में डिप्लोमा, सर्टिफिकेट, स्नातक, स्नातकोत्तर एवं एम.फिल. डिग्री सहित 12 तरह के पाठ्यक्रम होंगे। पाँच वर्षों में इस संस्था में विभिन्न विषयों में दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या 400 से ज्यादा होने की संभावना है।
सौभाग्य योजना से 54 प्रतिशत से अधिक गरीब परिवारों के घर बिजली से जगमगाए
17 May 2018
मध्यप्रदेश में सहज बिजली हर घर योजना सौभाग्य में अब तक राज्य के 11 जिलों आगर-मालवा, मंदसौर, इंदौर, खण्डवा, नीमच, देवास, रतलाम, हरदा, अशोकनगर, उज्जैन और शाजापुर में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्य पूर्ण कर लिया गया है। योजना में कुल 26 लाख 54 हजार 474 गरीब परिवारों के बिजली विहीन घरों को आगामी अक्टूबर तक विद्युतीकृत करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। राज्य में अब तक ऐसे 14 लाख 46 हजार 291 घरों में बिजली कनेक्शन लगा दिया गया है। इतने कम समय में विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा 54 प्रतिशत से ज्यादा घर बिजली से जगमगा रहे हैं। योजना में शेष बचे घरों को अगले पांच माह में विद्युतीकृत करने का लक्ष्य है। मध्यप्रदेश में केन्द्र और राज्य सरकार की प्रभावी पहल पर ऐसे सभी घरों में बिजली कनेक्शन उपलब्ध करवाए जा रहे हैं, जो वर्षों से बिजली से वंचित थे। इसके लिए 'सौभाग्य योजना' का बेहतर क्रियान्वयन करवाया जा रहा हैं। तीनों विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा समुचित प्रयास कर अंधेरे में डूबे सभी घरों को सहजता और सरलता से बिजली कनेक्शन उपलब्ध करवाये जा रहे हैं। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को क्षेत्र के 20 जिलों के 15 लाख 7 हजार 20 घरों में बिजली कनेक्शन करवाने का लक्ष्य दिया गया है। कंपनी ने अब तक 4 लाख 81 हजार 908 घरों में बिजली कनेक्शन कर दिये हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने क्षेत्र के 16 जिलों के 18 लाख 55 हजार 325 बिजली विहीन घरों के विद्युतीकरण के लक्ष्य के विरूद्ध 6 लाख 12 हजार 144 घरों में बिजली कनेक्शन कर दिये हैं। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा 15 जिलों में 7 लाख 16 हजार 851 बिजली विहीन घरों को बिजली सुविधा मुहैया करवाने के लक्ष्य के विरूद्ध 3 लाख 52 हजार 239 घरों में बिजली कनेक्शन उपलब्ध करवा दिए गए हैं। सौभाग्य योजना में 60 प्रतिशत राशि केन्द्र से अनुदान के रूप में उपलब्ध करवाई जा रही है। शेष 40 प्रतिशत राशि का प्रबंध राज्य शासन एवं तीनों विद्युत वितरण कंपनी द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। योजना में आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े हितग्राहियों को नि:शुल्क बिजली कनेक्शन दिए जा रहे हैं। अन्य हितग्राहियों से 500 रूपए की राशि 10 किश्तों में मासिक विद्युत बिल के साथ ली जाएगी।
श्री ओ.पी. कोहली ने मध्यप्रदेश के राज्यपाल के पद की शपथ ली
16 May 2018
गुजरात के राज्यपाल श्री ओ.पी.कोहली को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री हेमंत गुप्ता ने मध्यप्रदेश के राज्यपाल पद की शपथ दिलाई। मध्यप्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल के अवकाश पर रहने के कारण राष्ट्रपति द्वारा गुजरात के राज्यपाल श्री ओ.पी. कोहली को मध्यप्रदेश के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। शपथ ग्रहण समारोह का संचालन मुख्य सचिव श्री बसंत प्रताप सिंह ने किया। समारोह में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, विधानसभा अध्यक्ष श्री सीता सरन शर्मा, जनसंम्पर्क एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस, पूर्व मुख्यमंत्री श्री बाबूलाल गौर, लोकायुक्त जस्टिस श्री नरेश गुप्ता तथा उप-लोकायुक्त जस्टिस उमेश चंद्र माहेश्वरी, पुलिस एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। राज्यपाल श्री कोहली को शपथ ग्रहण करने के बाद पुलिस बल द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय का तृतीय दीक्षांत समारोह
16 May 2018
उप राष्ट्रपति एवं माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलाध्यक्ष श्री वेंकैया नायडू ने कहा कि देश को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ाने में मीडिया की विशेष भूमिका है। मीडिया का काम देश के विकास को गति देना है और लोकतंत्र को मजबूत बनाना है। मीडिया अज्ञानता के अंधकार को दूर करे और हर प्रकार की समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करे। उन्होंने कहा कि शिक्षा स्थानीय और मातृभाषा में ही मिलना चाहिये। उप राष्ट्रपति आज यहाँ विधानसभा भवन के सभागार में माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। श्री नायडू ने कहा कि मीडिया की जिम्मेदारी है कि समाज की सच्ची तस्वीर पेश करें और सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने में अपनी भूमिका तय करें। महिलाओं के सशक्तिकरण और शिक्षा जैसे कार्यों को प्रोत्साहित करे। उन्होंने कहा कि भारत बदलाव के दौर से गुजर रहा है। इसमें संचार विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि भारत विश्व की विशाल अर्थ-व्यवस्था के रूप में परिवर्तित हो रहा है। आर्थिक सुधार पूरी तेजी से जारी है। श्री नायडू ने विश्वविद्यालय की प्रशंसा करते हुये कहा कि विश्वविद्यालय पत्रकारिता के साथ - साथ कम्प्यूटर शिक्षा को बढ़ावा देकर डिजिटल क्रांति में योगदान दे रहा है। मातृभाषा में ही हो शिक्षा श्री नायडू ने कहा कि सभी शैक्षणिक पाठ्यक्रम मातृभाषा में ही होना चाहिये। अंग्रेजी की मानसिकता में परिवर्तन लाना जरूरी है। पहले मातृभाषा सीखें और बोलें बाद में विदेशी भाषा को महत्व दें। उन्होंने कहा कि मातृभाषा मौलिक है। यह आँख की तरह है और विदेशी भाषा चश्मे की तरह। उन्होंने कहा कि अपनी मातृभाषा को सुरक्षित रखने के लिये मातृभाषा में अध्ययन और अध्यापन को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि तीन चीजों को हमेशा याद रखें। पहला माँ, दूसरा मातृभूमि और तीसरा मातृभाषा। उन्होंने कहा कि शिक्षा स्थानीय और मातृभाषा में ही मिलना चाहिये इसके लिये नीति बनाने की आवश्यकता है। मातृभाषा रहते हुए अंग्रेजी बोलने की मानसिकता से बाहर निकलना होगा। उन्होंने अपनी हाल ही की जर्मनी यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि वहाँ संस्कृत में लिखे ग्रंथों में छिपे ज्ञान पर अनुसंधान हो रहा है। अकादमिक नवाचारों की सराहना श्री नायडू ने विश्वविद्यालय द्वारा किये जा रहे अकादमिक नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि इसे एशिया का सबसे बड़ा मीडिया विश्वविद्यालय होने का दर्जा प्राप्त है। कई शोध पीठों की स्थापना की गई है और दूरस्थ क्षेत्रों मे कम्प्यूटर शिक्षा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के तेजी से विकास के साथ विश्वविद्यालय का भी विकास हुआ है। उप राष्ट्रपति ने कहा कि भ्रष्टाचार को समाप्त करने में भी मीडिया अपना योगदान दे। भ्रष्टाचार जितनी जल्द खत्म होगा उतना ही देश और प्रजातंत्र के लिये अच्छा है। श्री नायडू ने कहा कि चरित्र, क्षमता, व्यवहार और प्रतिभा प्रमुख तत्व हैं। इन तत्वों के साथ पत्रकार लोगों और समाज का मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता पहले मिशन थी, अब इसे अपनी दिशा नहीं खोना चाहिये। पत्रकारिता में सनसनी फैलाने की आदत हो गयी है। उन्होंने कहा कि सनसनी फैलाने का मतलब है अर्थहीनता। मीडिया का कर्त्तव्य है कि रचनात्मक और सकारात्मक सोच के साथ समाज का मार्गदर्शन करें। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का आव्हान किया कि वे अपने ज्ञान का उपयोग लोक-कल्याण के लिये करें। जीवन में हमेशा अनुशासन रखें, कड़ी मेहनत करें और ईमानदार रहें। ऊँचे उद्देश्यों और उदात्त सपनों के साथ कड़ी मेहनत करने और हर दिन सीखने के लिये तैयार रहें। विश्वविद्यालय की महापरिषद की अध्यक्ष और मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने दीक्षांत समारोह हिन्दी में संचालित करने और समारोह के लिये भारतीय वेश-भूषा का चयन करने के लिये विश्वविद्यालय प्रशासन की सराहना करते हुए बधाई दी। उन्होंने कहा कि पगड़ी का स्थान हैट नहीं ले सकता और भारतीय जैकेट का स्थान काला चोगा नहीं ले सकता। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की उपलब्धियाँ गर्व करने योग्य हैं। देश के हर मीडिया संस्थान में इस विश्वविद्यालय की उपस्थिति है। विश्वविद्यालय के छात्रों ने नैतिकता के नये मानदण्ड स्थापित किये हैं। श्री चौहान ने कहा कि मीडिया आज अलग दौर से गुजर रहा है। व्यवसायिकता मुखर हो गयी है। उन्होंने स्वर्गीय श्री माखनलाल चतुर्वेदी की पत्रकारिता का स्मरण करते हुए कहा कि आजादी का आंदोलन निर्भीक पत्रकारिता ने चलाया था। आजादी के बाद की पत्रकारिता का भी देश का नवनिर्माण करने का मिशन था। उन्होंने कहा कि पत्रकार एक समाज सुधारक की भूमिका में भी काम करता है। स्वस्थ पत्रकारिता से ही लोकतंत्र मजबूत होगा। उन्होंने विद्यार्थियों को बधाई दी। इस अवसर पर प्रसिद्ध राष्ट्रवादी चिंतक, लेखक और पत्रकार श्री माधव गोविंद वैदय, प्रसिद्ध पर्यावरणविद श्री अमृतलाल वेगड़, कवि, लेखक एवं पत्रकार श्री महेश श्रीवास्तव को डी-लिट की उपाधि से सम्मानित किया गया। श्री नायडू ने पीएचडी, एम.फिल एवं स्नातकोत्तर की उपाधि प्रदान की और विद्यार्थियों को उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। विश्वविद्यालय के कुलपति श्री जगदीश उपासने ने समारोह का संचालन किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री सीताशरण शर्मा, जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, भोपाल सांसद श्री आलोक संजर उपस्थित थे। अतिथियों को विश्वविद्यालय की ओर से स्मृति-चिन्ह भेंट किये गये। कुलाधिसचिव श्री लाजपत आहूजा ने आभार व्यक्त किया।
पोषण जागरूकता को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा : मंत्री श्रीमती चिटनीस
16 May 2018
महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनीस कहा है कि पोषण जागरूकता का विषय प्रदेश के शालेय तथा महाविद्यालयीन पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। प्रत्येक घर-परिवार तक पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करना ही पोषण संवेदनशील कृषि तथा पोषण जागरूकता का उद्देश्य है। श्रीमती चिटनीस भोपाल में तीन दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय कार्यशाला के समापन अवसर को संबोधित कर रही थी। श्रीमती चिटनीस ने कहा कि पोषण की स्थिति में सुधार करना इस कालखण्ड की महत्वपूर्ण सामाजिक तथा नैतिक जिम्मेदारी है। इसकी अनदेखी से देश की अगली पीढ़ी प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि महिला बाल विकास विभाग सहित स्वास्थ्य, कृषि, पशु पालन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा स्कूल शिक्षा विभाग समन्वित रूप से पोषण की स्थिति में सुधार के लिए निरन्तर प्रयासरत हैं। श्रीमती चिटनीस ने कहा कि कार्यशाला में हुए छः तकनीकी सत्रों में प्राप्त निष्कर्षों को क्रमशः कृषि, पोषण प्रबंधन, नीतिगत पहल, सामाजिक तथा व्यवहारिक नवाचार, और पोषण साक्षरता के क्षेत्र में किए जाने वाले कार्यों को भोपाल घोषणा-पत्र में शामिल किया गया है। राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुश्री ललिता कुमार मंगलम् ने कहा कि भारत में कृषि श्रमिकों में 67 प्रतिशत् महिलाएं हैं। उन्होंने कृषि उपकरणों तथा कृषि मशीनरी की डिजाईनिंग महिलाओं की सुविधा के अनुसार करने की आवश्यकता बताई। समापन अवसर पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उप-महानिदेशक डॉ. ए.के.सिंह ने कहा कि पोषण संवेदनशील कृषि और पोषण जागरूकता के क्षेत्र में मध्यप्रदेश की पहल देश की अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय है। श्री सिंह ने कहा कि तेजस्विनी जैसे अन्य समूह विकसित हों और न्यूट्रीशन थाली, तिरंगा थाली, किचन गार्डन के विचार का घर-घर प्रचार हो और वह व्यवहार में भी आए। इसके लिए सतत प्रयास करने की आवश्यकता है। डॉ. मीरा मिश्रा ने कहा कि पोषण में कमी एक वैश्विक समस्या है। उन्होंने पोषण में कमी की पहचान, निरन्तर निगरानी और महिला समूहों के क्षमता विकास संबंधी विषयों पर अपने विचार रखें। कार्यशाला में पोषण पर भोपाल घोषणा-पत्र जारी किया गया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास श्री जे.एन.कांसोटिया, दीनदयाल शोध संस्थान दिल्ली के श्री अभय महाजन तथा श्री अतुल जैन और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद अटारी जबलपुर के संचालक डॉ.अनुपम मिश्र, यूनिसेफ म.प्र. के प्रमुख श्री माईकल जूमा तथा संचालनालय महिला एवं बाल विकास आयुक्त डॉ. अशोक कुमार भार्गव उपस्थित थे। कार्यशाला में यूनिसेफ, इन्टरनेशनल फण्ड फॉर एग्रीकल्चर डेव्हलपमेन्ट, जर्मनी की संस्था जी.आई.जेड., इन्टरनेशनल राईस रिसर्च इंस्टीट्यूट, ग्लोबल इन्वायरमेन्ट फेसिलिटेटर प्रोजेक्ट, इन्टरनेशनल इंस्टीट्यट फॉर मेज़ एण्ड व्हीट ने सहभागिता की। समापन अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती चिटनीस ने सभी विषय विशेषज्ञों का सम्मान किया। इस अवसर पर आयुक्त, संचालनालय महिला एवं बाल विकास डॉ. अशोक भार्गव ने आभार व्यक्त किया।
उप राष्ट्रपति श्री नायडू का प्रदेश आगमन पर भव्य स्वागत
16 May 2018
उप राष्ट्रपति श्री वेंकैया नायडू का आज भोपाल आगमन पर विमानतल पर भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने उप राष्ट्रपति श्री नायडू की अगवानी की। उप राष्ट्रपति का विधानसभा अध्यक्ष श्री सीतासरन शर्मा, वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार, जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र, सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग, सांसद श्री आलोक संजर, महापौर श्री आलोक शर्मा, विधायकगण एवं जन-प्रतिनिधियों ने आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, प्रभारी डीजीपी श्री वी.के. सिंह सहित प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
एसटी-एससी वर्ग की योजनाओं के लिये "हितग्राही प्रोफाइल पंजीकरण" व्यवस्था शुरू
16 May 2018
जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति कल्याण राज्य मंत्री श्री लाल सिंह आर्य ने जनजातीय कार्य और अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने के लिये नये साफ्टवेयर के तहत ऑनलाइन 'हितग्राही प्रोफाइल पंजीकरण' व्यवस्था का शुभारंभ मंत्रालय स्थित अपने कक्ष से किया। इस मौके पर जनजातीय कार्य आयुक्त श्रीमती दीपाली रस्तोगी, सचिव श्री राजेश मिश्रा, अनुसूचित जाति कल्याण आयुक्त श्री आनंद शर्मा और अपर संचालक श्री विक्रमादित्य सिंह उपस्थित थे। श्री आर्य ने http://mpsdc.gov.in/tribal_reg पर 'हितग्राही प्रोफाइल पंजीकरण' में आधार नम्बर, डिजिटल जाति प्रमाण-पत्र और समग्र आईडी के जरिये पंजीयन कर व्यवस्था की शुरूआत की। मोबाइल पर एसएमएस के जरिये श्री आर्य के पंजीयन की जानकारी प्राप्त हुई। इस प्रकार भोपाल से इस व्यवस्था का पहला रजिस्ट्रेशन शुरू हुआ। व्यवस्था में लगभग 70 योजनाओं को ऑनलाइन और कम्प्यूटरीकृत किया गया है। व्यवस्था के लिये लगभग 35 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गये हैं। इसके जरिये विभागीय सभी कार्य-प्रणालियों का अध्ययन, सुधार और सरलीकरण किया जा रहा है। इससे अब हितग्राही को ऑफिस के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगें। आवेदक विभागीय वेबसाइट और इन्टरनेट कियोस्क से योजनाओं का लाभ ले सकेगा। राज्य मंत्री श्री आर्य ने अनुसूचित जाति-जनजाति के आवेदकों से अपील की है कि वे शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिये इस व्यवस्था में अपना पंजीयन शीघ्र और आवश्यक रूप से करवायें। यह पंजीयन नि:शुल्क और सरलता से किया जा सकता है। पंजीयन से हितग्राही की पहचान, जाति, आय और मूल-निवास तथा शैक्षणिक विवरण स्वयंमेव विभाग को ज्ञात हो जाता है। पंजीयन मात्र से ही अनेक योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को मिल सकेगा। प्रोफाइल पंजीकरण का पॉयलट प्रोजेक्ट बालाघाट में 10 तारीख से शुरू किया गया है, जिसमें अभी तक 470 पंजीयन किये जा चुके हैं। पंजीयन में मात्र 3 से 4 मिनिट का समय लगता है। इस सॉफ्टवेयर का उद्देश्य प्रदेश के जनजातीय और अनुसूचित जाति वर्ग के हितग्राहियों को सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ सरलता और पारदर्शिता से दिलाना सुनिश्चित करवाना है। बताया गया कि इसके अलावा कुछ अन्य योजनाएँ हैं, जिनमें पंजीयन के बाद हितग्राही को पृथक से कियोस्क के माध्यम से ही आवेदन करना होगा। इसमें विभाग के किसी होस्टल में प्रवेश लेने के लिये पंजीयन के बाद हॉस्टल मॉड्यूल के अन्दर जाकर अपना यूनिक आईडी अपडेट कर प्रदेश के सभी हॉस्टल में रिक्त सीट का विवरण प्राप्त किया जा सकता है। इसके बाद आवेदक ऑनलाइन ही किसी भी हॉस्टल में प्रवेश के लिये आवेदन कर सकता है। विभागीय की अन्य योजनाएँ ; प्रतिभा योजना, यूपीएससी कोचिंग, सिविल सेवा प्रोत्साहन, आकांक्षा, साइकिल प्रदाय योजना इत्यादि के लिये भी अलग-अलग मॉड्यूल बनाये जा रहे हैं। इस सॉफ्टवेयर में विभाग द्वारा अन्य अनेक डेटाबेस सर्वर का इन्टीग्रेशन किया गया है। इन सर्वर में उपलब्ध जानकारी अपने आप विभाग के डाटा में प्राप्त हो जाती है। यूआईडीएआई, एनपीसीआई, ई-डिस्ट्रिक्ट एवं समग्र सर्वर के साथ इन्ट्रीग्रेशन किया जा चुका है। अन्य योजनाओं की आवश्यकतानुसार सॉफ्टवेयर को कोषालय, माध्यमिक शिक्षा मंडल, सीसीटीएनएस इत्यादि सर्वर के साथ इन्ट्रीगेट करने की कार्यवाही की जा रही है।
शासकीय पेंशनर्स एवं परिवार पेंशनर्स की पेंशन में होगी 2.57 गुना वृद्धि
15 May 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि शासकीय सेवा से एक जनवरी 2016 के पहले सेवानिवृत्त हुए पेंशनर्स एवं परिवार पेंशनर्स की पेंशन में 2.57 गुना की वृद्धि की जायेगी। इस वृद्धि का नगद लाभ तत्काल प्रभाव से देय होगा। श्री चौहान ने पेंशनर्स एवं परिवार पेंशनर्स को चिकित्सा सुविधा देने तथा उनकी अन्य समस्याओं के समाधान के लिये पेंशनर्स बोर्ड गठित करने की घोषणा की। श्री चौहान आज मुख्यमंत्री निवास पर पेंशनर्स संघ के प्रतिनिधि-मंडल को संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान ने पेंशनर्स से आग्रह किया कि अपने अनुभव, योग्यता और ऊर्जा का उपयोग स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, बेटी बचाओ अभियान तथा सामाजिक बुराइयों को दूर करने में करें। उन्होंने अपेक्षा की कि पेंशनर्स का रचनात्मक सहयोग सरकार को सदैव मिलता रहेगा। इस मौके पर वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया और अपर मुख्य सचिव वित्त श्री ए.के. श्रीवास्तव उपस्थित थे।
15 जुलाई से नर्मदा सहित 313 नदियों के कैचमेंट एरिया में होगा पौध-रोपण
15 May 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि इस वर्ष भी 15 जुलाई से 15 अगस्त तक नर्मदा सहित प्रदेश की 313 नदियों के कैचमेंट एरिया में पौध-रोपण किया जायेगा। उन्होंने कहा कि नर्मदा के कैचेमेंट एरिया में जल्दी ही तालाब निर्माण का कार्य भी शुरू किया जायेगा। इसके लिए राशि भी स्वीकृत की गई है। मेढ़-बँधान के कार्य भी किये जायेंगे, जिससे पानी रिस-रिस कर माँ नर्मदा में पहुँचेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण को बचाने और वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करने के लिये वे आलोचना की परवाह किये बिना हमेशा प्रयास करते रहेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान होशंगाबाद में 'नमामि देवी नर्मदे'' सेवा यात्रा के प्रथम वर्षगाँठ समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सीवरेज वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट और अमृत योजना के स्ट्रॉम वॉटर ड्रेन का भूमि-पूजन किया। ट्रीटमेंट प्लांट 10 करोड़ 24 लाख की लागत से निर्मित किया होगा। नर्मदा तटों पर विकास के लिये 1377 करोड़ स्वीकृत मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नर्मदा के तटों पर विकास के लिये 1377 करोड़ रूपये स्वीकृत किये गये हैं। आठ नगरीय निकायों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लान्ट का कार्य शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बाबई के मुंहासा में एसकेपी प्लांट लगाये जायेंगे। घाटों पर 249 शौचालय निर्माण का कार्य शुरू किया गया है तथा ग्रामीण क्षेत्र में 29 हजार 500 शौचालय बनाए गये हैं। नर्मदा के किनारे बसे 110 गाँव में चेंजिंग-रूम एवं शौचालय का कार्य शुरू किया गया है। घाटों पर कचरा एकत्रित करने के लिए 285 कचरा-पेटी एवं वाहन दिये जा रहे हैं। सॉलिड बेस की स्थापना के लिए होशंगाबाद एवं देवास में क्लस्टर की स्वीकृति दी गई है। इसका कार्य शीघ्र प्रारंभ होगा। नगरीय क्षेत्रों में 20 और ग्रामीण क्षेत्रों में 14 हजार मुक्ति-धाम बनाये गये हैं। होशंगाबाद में गैस पर आधारित शवदाह गृह के लिए सांसद निधि से राशि स्वीकृत की गई है। करीब 235 ग्राम पंचायतों में जैव विविधता समिति बनाई गई है। श्री चौहान ने बताया कि 2227 गाँवों में बायोगैस संयंत्र स्वीकृत किए गए हैं। नर्मदा के दाएँ तट पर 40 और बाएँ तट पर 42 रैन-बसेरों के निर्माण के लिए 41 करोड़ 40 लाख रूपये स्वीकृत किये गये हैं। नर्मदा किनारे 2 हजार 448 सोलर पंप स्थापित किये गये हैं। उद्योगों का प्रदूषित पानी नर्मदा में जाने से रोकने के लिये रिवर्स आश्वासिक प्लांट की स्थापना के लिए प्रयास किए गए हैं। 68 शराब दुकानें बन्द मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा किनारे के क्षेत्रों की 68 शराब दुकानों को बंद करवा दिया गया है। उन्होंने बताया कि नर्मदा तट की रेत खदान की नीलामी नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि नर्मदा किनारे के 130 मजरे-टोलों में विद्युतीकरण के साथ ही 100 पूजन कुण्ड एवं विसर्जन कुण्ड बनवाये गये हैं। जैविक खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा सेवा समिति 16 जिलों में नर्मदा की सफाई और स्वच्छता का कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने सभी उपस्थित लोगों को नर्मदा सेवा मिशन को जारी रखने का संकल्प दिलाया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने समारोह में रिपेरियन जोन पर आधारित फोटो गैलरी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने 'नर्मदा सेवा मिशन का एक वर्ष'' पुस्तक, नर्मदापुरम् संभाग के कमिश्नर श्री उमाकांत उमराव की ई-बुक, प्रोफेसर विपिन व्यास की नर्मदा के बायलॉजिकल हेल्थ पर लिखी पुस्तक, नर्मदा पवित्र सर्वदा अभियान पर आधारित फोल्डर और नर्मदा पोर्टल का विमोचन किया। उन्होंने 11 व्यक्तियों को 108 प्रकार के पौधों की विभिन्न प्रजातियों के बीज भी वितरित किए। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा, जिला प्रभारी मंत्री श्री जालम सिंह पटेल, सांसद श्री राव उदय प्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री कुशल पटेल, विधायक श्री विजयपाल सिंह, श्री ठाकुर दास नागवंशी और श्री सरताज सिंह, खनिज विकास निगम अध्यक्ष श्री शिव चौबे, राज्य अंत्योदय समिति सदस्य श्री हरिशंकर जयसवाल, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अखिलेश खण्डेलवाल और जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती संगीता सोलंकी मौजूद थे।
शूटिंग अकादमी को मिला सर्व-सुविधायुक्त छात्रावास भवन
15 May 2018
राजधानी के गौरागाँव स्थित अंतर्राष्ट्रीय स्तरीय मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी में आज खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने 12 करोड़ 66 लाख रुपये लागत के बॉयज हॉस्टल बिल्डिंग का भूमि-पूजन किया। इस अंतर्राष्ट्रीय स्तर के छात्रावास भवन में 200 से अधिक खिलाड़ियों को सुव्यवस्थित आवास सहित लायब्रेरी, कैफेटेरियर एवं आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध करवाई जाएँगी। भूमि-पूजन कार्यक्रम में संचालक खेल और युवा कल्याण श्री उपेन्द्र जैन सहित अन्य अधिकारी तथा खिलाड़ी मौजूद थे।
राज्य मंत्री श्री जोशी ने वर्ल्ड स्किल्स इंडिया प्रतियोगिता के विजेताओं को किया सम्मानित
15 May 2018
तकनीकी शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) एवं स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी ने वर्ल्ड स्किल्स इंडिया की जोनल स्तरीय प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया। प्रतियोगिता के माध्यम से 27 युवाओं का चयन किया गया है। यह प्रतियोगी आगामी 24 से 26 मई तक जयपुर में होने वाली क्षेत्रीय स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे। यहाँ विजयी होने वाले प्रतियोगी कजान (रूस) में 2019 में होने वाली अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। हर दो वर्ष में यह प्रतियोगिता आयोजित की जाती है। श्री जोशी ने कहा कि हुनरमंद बनकर काम से जुड़ने की ललक हो, तो कुछ भी असंभव नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि प्रतियोगी जयपुर में ही नहीं, कजान में भी विजयी होंगे। श्री जोशी ने कहा कि प्रतियोगियों को शासन की ओर से हर संभव मदद दी जायेगी। मध्यप्रदेश रोजगार निर्माण बोर्ड के अध्यक्ष श्री हेमंत देशमुख ने विजेता प्रतियोगियों को शुभकामनाएँ दीं। अपर संचालक कौशल विकास श्री जी.एन. अग्रवाल ने कहा कि प्रतियोगिता के नियमों का पूरी तरह से पालन करें, जिससे प्वाइंट नहीं कटें। प्रतियोगियों ने भी अनुभव शेयर किये।
मैपकास्ट में कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति 62 वर्ष में होगी
15 May 2018
राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता की अध्यक्षता में हुई मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मैपकास्ट) की कार्यकारी समिति की बैठक में परिषद के स्टॉफ की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष करने का निर्णय लिया गया। बैठक में मध्यप्रदेश जैव-प्रौद्योगिकी परिषद का मैपकास्ट में विलय करने का भी निर्णय लिया गया। श्री गुप्ता ने कहा कि कार्यकारी समिति में लिये जाने वाले निर्णयों का क्रियान्वयन शीघ्र करें। एटलस का विमोचन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ने पन्ना एवं छतरपुर जिले के एटलस का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि शेष 31 जिलों के एटलस भी जल्द तैयार करवायें। इस दौरान प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री मनीष रस्तोगी, मैपकास्ट के महानिदेशक डॉ. नवीन चन्द्रा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने की म.प्र. बोर्ड की दसवीं, बारहवीं परीक्षा परिणामों की घोषणा
14 May 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहाँ हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूल परीक्षा 2018 के परिणामों की घोषणा की। हाई स्कूल का परीक्षा परिणाम 66.54 प्रतिशत और हायर सेकेण्डरी का परीक्षा परिणाम 68.07 प्रतिशत रहा। हाई स्कूल परीक्षा की मेरिट सूची में 98 छात्राएं और 83 छात्र एवं हायर सेकेण्डरी की मेरिट सूची में 71 छात्राएं और 62 छात्रों ने स्थान प्राप्त किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सभी सफल विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि विद्यार्थियों ने सफलता का इतिहास लिखा है। उन्होंने कहा कि इस साल का परीक्षा परिणाम पिछले साल की अपेक्षा ज्यादा अच्छा है। श्री चौहान ने उम्मीद के अनुरूप सफलता प्राप्त नहीं कर सके विद्यार्थियों से कहा कि वे किसी भी प्रकार से हताश, निराश या उदास नहीं हों। जीवन में आगे बढ़ने के अनेक अवसर उपलब्ध हैं। आगे और बेहतर प्रयास करें तथा आगे बढ़े। उन्होंने क्रिकेट खिलाडी श्री सचिन तेन्दुलकर, महिला बॉक्सर सुश्री मेरीकॉम, ऑलराउंडर क्रिकेट खिलाड़ी श्री कपिल देव और अमेरिका के पहले राष्ट्रपति जार्ज वाशिंगटन का उदाहरण देते हुये कहा कि कम नंबर लाने के बावजूद इन हस्तियों ने असाधारण और महान काम किये हैं। इसलिये निराश होने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है। श्री चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत जो विद्यार्थी 70 प्रतिशत से ज्यादा अंक लायेंगे, उन्हें उच्च शिक्षा के लिये किसी भी संस्थान में प्रवेश लेने पर उनकी फीस राज्य सरकार भरेगी। उन्होंने कहा कि पैसों के अभाव में किसी भी विद्यार्थी के सपनों को अधूरा नहीं रहने देंगे। उन्होंने परीक्षाओं में बेटियों के आगे रहने पर प्रसन्नता जाहिर करते हुये कहा कि बेटियों को आगे बढ़ायें, बेटियाँ किसी से कम नहीं हैं। हर जिले में होंगे कॅरियर काउंसलर : श्री चौहान ने कहा कि इस बार विद्यार्थियों के लिये कॅरियर काउंसलिंग की विशेष व्यवस्था की जा रही है ताकि बच्चों को अपने भविष्य का रास्ता तय करने में भरपूर मदद मिले। हर जिले में कॅरियर काउंसलिंग की व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने बताया कि 70 प्रतिशत से ज्यादा अंक लाने वाले विद्यार्थियों के जिलेवार सम्मेलन आयोजित होंगे। सम्मेलन में विद्यार्थियों का स्वागत किया जायेगा और उन्हें कॅरियर काउंसलिंग दी जायेगी। हर जिले में रोजगार कार्यालय में न्यूनतम पाँच कॅरियर काउंसलर नियुक्त किये जायेंगे। उच्च शिक्षा विभाग के सहयोग से भी प्रत्येक जिले में दो-दो कॅरियर काउंसलर उपलब्ध होंगे। आगामी 17 मई को 500 कॅरियर परामर्शदाताओं का उन्मुखीकरण प्रशासन अकादमी में आयोजित किया जायेगा और कॅरियर परामर्श योजना शुरू की जायेगी। अच्छा परिणाम देने वाले जिलों, शिक्षकों का होगा सम्मान : श्री चौहान ने माध्यमिक शिक्षा मंडल को समय पर रिजल्ट घोषित करने और निर्विघ्न रूप से परीक्षाएँ सम्पन्न कराने के लिये बधाई दी। उन्होंने शासकीय शालाओं के शिक्षकों को भी बधाई दी, जिनके अथक परिश्रम से शासकीय स्कूलों का परीक्षा परिणाम निजी स्कूलों के परीक्षा परिणाम से उत्कृष्ट रहा है। उन्होंने कहा कि अच्छा परिणाम देने वाले जिलों और शालाओं के शिक्षकों को सम्मानित करने के लिये अलग से कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि सभी अध्यापकों का शिक्षा विभाग में संविलियन होगा। जो शिक्षक पहले से कार्यरत हैं, उनकी वरिष्ठता किसी भी प्रकार से प्रभावित नहीं होगी। उन्होंने शिक्षकों से अपेक्षा की कि आने वाले समय में शिक्षा की गुणवत्ता में और ज्यादा सुधार लाने के लिये प्रयास करें। माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष श्री एस.आर. मोहंती ने परीक्षा परिणामों पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इस बार कक्षा दसवीं के लिये बेस्ट ऑफ फाईव व्यवस्था लागू की गई थी। दिव्यांग विद्यार्थियों के लिये अलग से परीक्षाएं आयोजित की गईं। उन्होंने बताया कि अंकसूची में त्रुटियों को तीन महीनों के अंदर दूर करने के लिये विद्यार्थी ऑनलाइन आवेदन दे सकते हैं। तीन महीने के अंदर त्रुटि नि:शुल्क दूर कर दी जायेगी। श्री मोहंती ने बताया कि इस बार हाई स्कूल परीक्षा में 11 लाख 3 हजार 852 विद्यार्थी बैंठे थे। इनमें से 66.54 प्रतिशत विद्यार्थी सफल रहे। पिछले साल की तुलना में यह 16.8 प्रतिशत अधिक हैं। इनमें 64 प्रतिशत छात्र और 69 प्रतिशत छात्राएं हैं। प्रावीण्य सूची में 98 छात्राएं और 83 छात्र ने स्थान प्राप्त किया है। नीमच और देवास जिलों से पास होने वाले बच्चों की संख्या सर्वाधिक है। मण्डल अध्यक्ष ने बताया कि हायर सेकेण्डरी परीक्षा में 7 लाख 44 हजार विद्यार्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 68.07 प्रतिशत सफल हुए हैं। प्रावीण्य सूची में 71 छात्राएं और 62 छात्र शामिल हैं। 12वीं में भी नीमच और दमोह जिलों से सर्वाधिक विद्यार्थी पास हुए हैं। उन्होंने बताया कि 23 हजार विद्यार्थियों ने 75 प्रतिशत और 85 प्रतिशत से ज्यादा अंक प्राप्त किये हैं । इसमें 12 हजार 871 विद्यार्थियों ने 85 प्रतिशत से ज्यादा अंक हासिल किये और 10 हजार 469 विद्यार्थियों ने 75 प्रतिशत से ज्यादा अंक हासिल किये। मूकबधिर श्रेणी में हाई स्कूल परीक्षा में भिण्ड की सुश्री दीक्षा शर्मा प्रथम, ग्वालियर के श्री सार्थक चितले द्वितीय एवं धार के श्री कृष्णा गुप्ता तृतीय स्थान पर रहे। दृष्टिबाधित और मानसिक रूप से विकलांग श्रेणी में हाई स्कूल में सागर के श्री भूपेन्द्र सिंह ठाकुर प्रथम, इंदौर के अक्षत द्वितीय और सागर के श्री प्रहलाद दांगी तृतीय स्थान पर रहे। हाई स्कूल की मेरिट सूची में प्रथम दस में स्थान प्राप्त करने वालों में विदिशा की कुमारी अनामिका साध और शाजापुर के श्री हर्षवर्धन परमार प्रथम रहे। उमरिया के श्री सुभाष प्रसाद पटेल, उमरिया के श्री प्रभात शुक्ला, आगर मालवा के श्री संयम जैन, राजगढ़ के श्री राधेश्याम सोंधिया द्वितीय स्थान पर रहे। बुरहानपुर के श्री चितवन नाईक, बुरहानपुर की कुमारी आयुषी शाह, नरसिंहपुर की कुमारी साक्षी लोधी और छतरपुर की कुमारी प्रिया साहू ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। हायर सेकेण्डरी के परिणाम में मानसिक विकलांग श्रेणी में ग्वालियर श्री शशिशेखर प्रकाश प्रथम रहे। मूकबधिर श्रेणी में सुश्री ऋतिका गोयल प्रथम रहीं। कला संकाय में छिंदवाड़ा की सुश्री शिवानी पवार प्रथम रहीं। गणित संकाय में श्री ललित पंचोली शिवपुरी प्रथम रहे। वाणिज्य संकाय में शिवपुरी सुश्री आयुषी प्रथम रहीं और कृषि संकाय में श्री संतोष रावत शिवपुरी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। जीव विज्ञान श्रेणी में बालाघाट की सुश्री दीपल जैन प्रथम रहीं और गृह विज्ञान संकाय में सुश्री तमन्ना कुशवाहा प्रथम रहीं। इस अवसर पर विधान सभा के उपाध्यक्ष श्री राजेन्द्र सिंह, स्कूल शिक्षा मंत्री कुँवरविजय शाह, स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री श्री दीपक जोशी, प्रावीण्य सूची में आने वाले विद्यार्थी, शिक्षक और उनके परिजन उपस्थित थे।
शीघ्र शुरू होगा दतिया में मेडिकल कॉलेज: जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र
14 May 2018
जनसम्‍पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने जिला चिकित्सालय दतिया में मेडीकल कॉलेज से संबंद्ध वार्डों का अनावरण कर 4.87 करोड़ रुपए लागत के 100 बिस्तर के अस्पताल का लोकार्पण किया। डॉ. मिश्र ने वार्डो का निरीक्षण कर मरीजों का हालचाल भी जाना। डॉ. मिश्र ने कहा कि दतिया मेडीकल कॉलेज शीघ्र शुरू होगा। अब दतिया में चिकित्सा संसाधनों की कमी नहीं रहेगी। नए अस्पताल भवन में एक्स-रे, अल्ट्रा साउण्ड़ यूनिट, एमआईआर एवं सिटी स्केन की व्यवस्था होगी। हर तरह की बीमारी का ईलाज दतिया में मिलेगा। उन्होंने कहा कि डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टॉफ के लिए आवासीय कॉलोनी का विस्तार किया जायेगा।
रेरा एक्ट के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश को फॉलो करें अन्य राज्य - केन्द्रीय मंत्री श्री पुरी
14 May 2018
केन्द्रीय आवास एवं नगरीय मामलों के मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी ने मध्यप्रदेश में रेरा एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना की है। उन्होंने कहा कि देश के अन्य राज्य मध्यप्रदेश की कार्य-प्रणाली का अनुसरण करें। उन्होंने यह बात नई दिल्ली में भारत सरकार द्वारा रेरा एक्ट के क्रियान्वयन के लिये गठित केन्द्रीय सलाहकार परिषद की प्रथम बैठक में कही। बैठक में विशेष रूप से नामांकित 5 राज्यों के अध्यक्ष, भारत सरकार के आवास एवं नगरीय मामलों, राजस्व, विधि, उपभोक्ता संरक्षण, कम्पनी मामलों विभाग के सचिवों ने भाग लिया। केन्द्रीय मंत्री श्री पुरी ने कहा कि रेरा एक्ट लागू करने के पीछे भारत सरकार की मूल-धारणा रियल एस्टेट उपभोक्ताओं के हितों के संरक्षण के साथ रियल एस्टेट व्यापार के लिये स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि रियल एस्टेट प्रोजेक्ट समय-सीमा में पूर्ण करने के लिये एकल खिड़की प्रणाली विकसित की जाये। केन्द्रीय मंत्री ने मध्यप्रदेश भू-सम्पदा प्राधिकरण द्वारा किये गये प्रयासों की प्रशंसा की। मध्यप्रदेश रेरा के अध्यक्ष श्री अंटोनी डिसा ने एक्ट के जमीनी क्रियान्वयन को प्रभावी बनाने के लिये एक्ट में कुछ संशोधन के सुझाव दिये, जिन्हें परिषद द्वारा स्वीकार करते हुए उस पर अमल के लिये एक उप-समिति गठित करने के निर्देश दिये। इसके साथ ही, रेरा एक्ट को अधिक कारगर बनाने के लिये क्षेत्रीय स्तर पर परिषद गठित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में प्रमोटर्स की संस्था क्रेडाई, नारेडको के अध्यक्षों, उपभोक्ता एवं रियल एस्टेट से जुड़े एजेन्ट्स की संस्थाओं के प्रतिनिधि भी सम्मिलित हुए।
कुपोषण के खिलाफ जंग में समाज की भागीदारी बहुत जरूरी : केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर
14 May 2018
केन्द्रीय पंचायत राज, ग्रामीण विकास और खनन मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा है कि भौतिकवाद के कारण प्राकृतिक संसाधनों के साथ वर्षों खिलवाड़ हुआ है। इसी कारण पोषण के क्षेत्र में असंतुलन पैदा हो गया है। समाज में पोषण के प्रति जागरूकता बहुत जरूरी है। महज सरकार के प्रयास नाकाफी साबित होंगे। श्री तोमर आज भोपाल में पोषण संबंधी तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ कर रहे थे। श्री तोमर ने न्यूट्रीशन स्मार्ट विलेज की सराहना करते हुए कहा कि 313 ग्रामों से प्रारंभ हुई इस छोटी-सी शुरूआत का विस्तार प्रदेश के सभी गाँवों में होगा और गाँव स्वयं पोषण में आत्म-निर्भर बन सकेंगे। उन्होंने कहा कि परम्परागत कृषि और खाद्यान्न पद्धति में आये बदलावों के परिणाम स्वरूप पोषण में कमी की स्थिति बनी है। इसके निराकरण के लिए विभिन्न विभागों के आपसी सहयोग से आरंभ की गई गहन और विशेषज्ञता पूर्ण विचार-विमर्श श्रृंखला के निष्कर्ष निश्चित ही कारगर सिद्ध होंगे। श्री तोमर ने कार्यशाला की अनुशंसाओं को केन्द्र की ओर से हर संभव समर्थन देने का आश्वासन दिया। पोषण जागरूकता के शंखनाद के प्रतीक स्वरूप इस अवसर पर अतिथियों को शंख भेंट किये गये। महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि कृषि व्यवस्था को बाजारवाद से बचाने की जरूरत है। फसलें केवल बेचने के लिये नहीं लें, बल्कि जो खाते हैं, वह उगायें और जो उगायें वह खायें। इस संदर्भ में उन्होंने कृष्ण और कंस के संघर्ष का हवाला देते हुए कहा कि कृष्ण चाहते थे कि बृज में उत्पादित दूध पर पहला अधिकार बृज के बच्चों का हो और शेष दूध ही मथुरा जाना चाहिए। कंस बृज में उत्पादित पूरे दूध पर अपना अधिकार जमाना चाहता था। श्रीमती चिटनिस ने कहा कि खेत और गाँव से बेर, कबीट, इमली, आँवला, सुरजना के नैसर्गिक पेड़ गायब हो रहे हैं। यह खाद्य विविधता की समाप्ति का संकेत हैं, इनको बचाना बहुत जरूरी है। इससे सहज-सुलभ और मुफ्त में मिलने वाले पोषक तत्व लोगों से दूर हो रहे हैं। उन्होंने मोटे अनाज (न्यूट्री सीरियल्स) को सार्वजनिक वितरण प्रणाली में शामिल करने के निर्णय के लिए भारत सरकार का आभार व्यक्त किया। श्रीमती चिटनिस ने पोषण संवेदी कृषि और पोषण जागरूकता के विस्तार के लिए आरंभ हुए प्रयासों की जानकारी देते हुए बताया कि फरवरी 2016 में चित्रकूट में इस विचार का बीजारोपण हुआ था। इस दिशा में भोपाल और शिलांग सहित कई स्थानों पर कार्यशालाएँ आयोजित की गईं तथा प्रदेश के सभी 313 विकासखंडों के एक-एक ग्राम को न्यूट्रीशन स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित किया गया। उन्होंने कहा कि गाँव तभी पोषण आहार में स्वावलंबी होंगे, जब वहाँ की मिट्टी सुपोषित होगी। इन गाँवों का न्यूट्रीशन ऑडिट कराने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि हम न्यूट्रीशन स्मार्ट नागरिक की अवधारणा पर कार्य कर रहे हैं। तिरंगा थाली के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि बाजार की ताकतों के प्रभाव में कमी, परम्परागत ज्ञान और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के समन्वय से हम पोषण में कमी की समस्या को दूर करने में सफल होंगे। प्रमुख सचिव महिला-बाल विकास श्री जे. एन. कंसोटिया ने पोषण जागरूकता के विस्तार की आवश्यकता बताई। शुभारंभ अवसर पर यूनीसेफ के सीएफओ श्री माइकल जूमा और न्यूट्रीशन प्रमुख श्री अर्जन वाग्ट, दीनदयाल शोध संसाधन दिल्ली के श्री अतुल जैन, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, अटारी जबलपुर के संचालक डॉ. श्री अनुपम मिश्र, कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर के कुलपति डॉ. एस. के. राव तथा विषय-विशेषज्ञ उपस्थित थे। अतिथियों का स्वागत केले के छिलके से तैयार गमछा और अलसी के फाइबर से बनी कोटी भेंट कर किया गया। इस अवसर पर पोषण पंचांग का विमोचन भी हुआ। पोषक तत्वों और विभिन्न स्तर पर पोषण जागरूकता पर संचालित गतिविधियों पर केन्द्रित प्रदर्शनी लगायी गई है। कार्यशाला में 15 और 16 मई को विभिन्न तकनीकी सत्र होंगे, जिनमें खाद्य सुरक्षा, पोषण सुरक्षा, ग्राम स्तरीय वाणिज्य व्यापार गतिविधियों, ग्राम स्तरीय समूहों के क्षमता विकास तथा प्रभावी नीति निर्धारण और क्रियान्वयन पर विचार-विमर्श होगा
मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा वरिष्ठ पत्रकार श्री वोरा के निधन पर शोक व्यक्त
14 May 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने दैनिक समाचार-पत्र अमृत संदेश, रायपुर के प्रधान संपादक और वरिष्ठ पत्रकार श्री गोविंदलाल वोरा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। श्री चौहान ने शोक संदेश में कहा है कि श्री वोरा का पूरा जीवन सादगी,सिद्धाँतों और सामाजिक सरोकारों के लिए समर्पित रहा। उनका आमजन से सीधा संवाद रहता था। उन्होंने पत्रकारिता का दीर्घ जीवन हमेशा सच के लिए लड़ते हुये जिया। श्री वोरा के निधन से पत्रकारिता जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिये प्रार्थना की है और शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहन संवेदना व्यक्त की है। उल्लेखनीय है कि श्री गोविंदलाल वोरा दैनिक समाचार-पत्र अमृत संदेश में स्थापना के समय से ही प्रधान संपादक के रूप में कार्य कर रहे थे। श्री वोरा लगभग 28 वर्ष तक नवभारत और क्रानिकल, रायपुर के संपादक रहे। उनका निधन गत दिवस 84 वर्ष की आयु में दिल्ली में हो गया।
मध्यप्रदेश जैव प्रौद्योगिकी परिषद् का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् में होगा संविलियन
14 May 2018
मध्यप्रदेश जैव प्रौद्योगिकी परिषद् का विज्ञान एवं प्रौद्यागिकी परिषद् में संविलियन होगा। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता की अध्यक्षता में हुई जैव प्रौद्योगिकी परिषद् के संचालक मण्डल और आमसभा की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में निर्णय लिया गया है कि मध्यप्रदेश जैव प्रौद्योगिकी परिषद् में कार्यरत स्टाफ का भी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् में संविलियन होगा। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा कि दोनों परिषदों के कार्य लगभग एक समान हैं, इसलिए संविलियन का निर्णय लिया गया है। बैठक में बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफ साइसेंस एवं टेक्नालॉजी की स्थापना करने के लिये प्रस्ताव तैयार करने का निर्णय लिया गया। साथ ही विभिन्न प्रस्तावों का कार्योत्तर अनुमोदन किया गया। जैव प्रौद्योगिकी परिषद् के सी.ई.ओ. श्री सी.के. पाटिल ने परिषद् द्वारा किए गए कार्यो की जानकारी दी। इस दौरान अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री बी.आर. नायडू, सचिव वित्त श्री मुकेशचन्द्र गुप्ता, महानिदेशक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् डॉ. नवीन चन्द्रा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
राज्य सरकार की प्राथमिकता में शामिल है परिवहन व्यवस्था का सुद्दढीकरण
14 May 2018
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने कहा है कि प्रदेश के शहरों में लोक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। शहरों में पार्किग को व्यवस्थित करने के लिए शहरी पार्किग नीति तैयार की गई है। प्रमुख 6 शहरों में परिवहन व्यवस्था के लिए 7 करोड़ 87 लाख रूपये की राशि आवंटित की गई है। श्रीमती माया सिंह ने कहा कि दृष्टि पत्र 2018 में राज्य सरकार द्वारा शहरों में लोक परिवहन को व्यवस्थित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नगरीय विकास विभाग द्वारा जेएनएनयूआरएम के माध्यम से 4 बड़े शहरों में 600 बसों का संचालन किया जाएगा। अमृत योजना में 16 चयनित नगर निगम क्षेत्रों में 1600 शहरी और अर्द्ध-शहरी बसों का संचालन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जेएनएनयूआरएम द्वारा भोपाल, इंदौर, जबलपुर और उज्जैन में बस सेवा संचालित की जा रही है। अमृत योजना में भोपाल, इंदौर जबलपुर, उज्जैन के साथ-साथ ग्वालियर, देवास, मुरैना, सतना, सागर, रतलाम, रीवा, कटनी, खण्डवा, बुरहानपुर, सिंगरौली, छिन्दवाड़ा, भिण्ड, गुना, शिवपुरी एवं दतिया को सिटी बसों के साथ अन्तर्शहरी बस सेवा से भी जोड़ा जा रहा है। मंत्री श्रीमती सिंह ने जानकारी दी है कि राज्य स्तरीय डेडीकेटेट अरबन ट्रासर्पोट फण्ड से भोपाल को एक करोड़, इंदौर को एक करोड़ 87 लाख, जबलपुर को 2 करोड़ एवं ग्वालियर, उज्जैन और विदिशा को एक-एक करोड़ रूपये की राशि उपलब्ध करवाई गई है। अमृत योजना से जुड़े शहरों में सिटी परिवहन के लिये टेण्डर प्रक्रिया जारी है।
प्रदेश में शीघ्र लागू होगा एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट : मुख्यमंत्री श्री चौहान
13 May 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में शीघ्र ही एडव्होकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू होगा। सरकार विधानसभा के मानसून सत्र में इस संबंध में विधेयक प्रस्तुत करेगी। श्री चौहान ने नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी में राज्य अधिवक्ता परिषद के कार्यक्रम में यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि शासन का सबसे अच्छा स्वरूप लोकतंत्र है। इसकी मजबूती के लिये जनता का न्यायपालिका पर भरोसा होना आवश्यक है। समय पर निष्पक्ष न्याय दिलाने में न्यायाधिपतियों और अधिवक्ताओं की प्रमुख भूमिका होती है। उन्होंने मासूम के साथ बलात्कार के अपराधी को मात्र 23 दिन में दण्डित करने के लिये न्यायपालिका का अभिनंदन और आभार ज्ञापित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिवक्ताओं को आरंभिक जीवन में कई कठिनाइयों का सामना और संघर्ष करना पड़ता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार का पूरा सहयोग उन्हें हमेशा मिलेगा। अधिवक्ता कल्याण के बार काउंसिल के कार्यों में सरकार भरपूर सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा समाज के सभी वर्गों के कल्याण के कार्य समान रूप से किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज में समता के लिये राज्य सरकार सक्षम पर करारोपण कर अक्षम की मदद कर रही है। उन्होंने असंगठित मजदूरों के कल्याण के लिये किये जा रहे कार्यों की जानकारी भी दी। अधिवक्ता हितैषी घोषणाएँ ई-लायब्रेरी निर्माण में लगने वाली राशि का बजट में प्रावधान किया जायेगा। अधिवक्ताओं को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिये राशि उपलब्धता की सीमा अधिकतम पाँच लाख रूपये की जायेगी। अधिवक्ता की असामयिक मृत्यु पर चार लाख की राशि परिजनों को दी जायेगी। इस राशि में 2 लाख रूपये राज्य सरकार और 2 लाख रूपये बार काउंसिल द्वारा देय होगी। अधिवक्ता चेंबर निर्माण के लिये 50 प्रतिशत की मैचिंग ग्रांट सरकार देगी। नये अधिवक्ताओं को दिये जाने वाला अनुदान 12 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रूपये किया जायेगा। विधि मंत्री श्री रामपाल सिंह ने कहा कि न्यायिक प्रशासन के सुदृढ़ीकरण और अधिवक्ता कल्याण के कार्यों में प्रदेश की सरकार देश में अग्रणी है। शीघ्र न्याय सुलभ कराने के लिये सरकार ने न्यायाधिपतियों के 275 नये पद सृजित किये हैं। न्यायालय भवन निर्माण के लिये 53 करोड़ 62 लाख रूपये से अधिक की राशि उपलब्ध करवाई गई है। राज्य सरकार ने देश में पहली बार अधिवक्ता कल्याण के लिये महा-पंचायत की थी। पंचायत के निर्णयों पर आधारित योजनाएँ बनाकर अधिवक्ताओं को लाभान्वित किया जा रहा है। विधि मंत्री ने बताया कि नये अधिवक्ताओं को अनुदान के रूप में एक करोड़ 60 लाख रूपये उपलब्ध करवाये गये हैं। गंभीर बीमारियों के उपचार के लिये 3 करोड़ और असामयिक मृत्यु के प्रकरणों में 7 करोड़ 29 लाख रूपये से अधिक की राशि उपलब्ध करवाई गई है। महाधिवक्ता श्री पुरूषेन्द्र कौरव ने कहा कि अधिवक्ता समाज का प्रहरी होता है। प्रदेश में न्याय प्रशासन को सुदृढ़ बनाने में राज्य सरकार भरपूर सहयोग कर रही है। उच्च न्यायालय के शासकीय अधिवक्ताओं का वेतन 30 हजार बढ़ाकर जिला जज के समान एक लाख 25 हजार रूपये किया है। शासकीय अधिवक्ताओं के पद 30 से बढ़ाकर 150 किये गये हैं। वर्ष 2016 में सुलभ न्याय प्रशासन के लिये न्यायाधिपतियों से लेकर अन्य कर्मचारियों सहित 4 हजार 500 नये पदों का सृजन किया गया। नवीन मुकदमा नीति लागू की गई है। विधि आयोग का पुनर्गठन करने जैसे महत्वपूर्ण और दूरगामी कार्य राज्य सरकार ने किये हैं। राज्य अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष श्री शिवेन्द्र उपाध्याय ने परिषद द्वारा अधिवक्ता कल्याण के लिए किये जा रहे कार्यों में राज्य सरकार से सहयोग की अपेक्षा की।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने "दिल से" दी दसवीं, बारहवीं परीक्षा में सफल विद्यार्थियों को अग्रिम बधाई
13 May 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने दसवीं और बारहवीं की राज्य बोर्ड परीक्षा के घोषित होने वाले परिणाम की चर्चा करते हुए परीक्षा में अच्छे नंबरों से पास होने वाले विदयार्थियों को अग्रिम बधाई देते हुए शुभकामनाएँ दी हैं। साथ ही उन्होंने परीक्षा में असफल रहे विदयार्थियों से कहा कि असफल होने पर निराश होने की जरूरत नहीं है। आगे और ज्यादा तैयारी करें और आगे बढें। मुख्यमंत्री आज आत्मीय संवाद 'दिल से' के माध्यम से प्रदेशवासियों को संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान ने कहा कि केवल डिग्री अथवा अच्छे नम्बर आना सफल होने की गारंटी नहीं है। उन्होंने महात्मा गांधी, पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, बाक्सर सुश्री मैरी कॉम, महान् क्रिकेटर श्री सचिन तेंदुलकर, अमेरिका के प्रथम राष्ट्रपति जार्ज वाशिंगटन का उदाहरण देते हुए कहा कि परीक्षा में कम नम्बर आने के बावजूद उन्होंने महान् काम किये। सद्भावना बिगाड़ने वालों से सावधान रहें मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग प्रदेश की शांति, सद्भावना एवं समरसता भंग करने के काम में लगे हैं। वे तरह-तरह की अफवाहें फैलाते हैं। ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है। प्रदेशवासी मिल-जुल कर प्रदेश को आगे बढ़ायें। स्व-प्रेरणा से नदियों को बचाने आगे आयें श्री चौहान ने मातृ दिवस पर सभी माताओं के त्याग और तपस्या को नमन् करते हुए युवाओं का आव्हान किया कि वे हमेशा अपने माता-पिता का सम्मान करें। उन्होंने कहा कि 15 मई को नर्मदा सेवा यात्रा का एक वर्ष पूरा हो रहा है। उन्होंने लोगों का आव्हान किया कि नदियों को बचाने के लिये स्व-प्रेरणा से आगे आयें। नर्मदा सेवा यात्रा और नर्मदा सेवा मिशन की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि नर्मदा जल को प्रदूषण से बचाने के लिये सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाये जा रहे हैं। शराब की दुकानें बंद कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि 35 लाख से ज्यादा लोगों ने पौधों का रोपण किया। दरिंदों के लिये सिर्फ मौत की सजा श्री चौहान ने इंदौर की हृदय-विदारक घटना की चर्चा करते हुए कहा कि दरिंदों की सजा केवल मृत्यु दण्ड है। उन्होंने मात्र 23 दिनों में न्याय प्रक्रिया पूरी करने और दोषी को मृत्यु दण्ड दिलाने के लिये पुलिस प्रशासन की सराहना की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को बेटियों की गरिमा की रक्षा के लिये दोषी राक्षसों को फाँसी की सजा देने का कानून बनाने के लिये धन्यवाद दिया। श्री मोदी के नेतृत्व में हुआ शक्तिशाली भारत का उदय श्री नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री के रूप में चार साल पूरे होने की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि श्री मोदी ने अद्भुत जन-कल्याण योजनाएँ शुरू की हैं। उन्होंने स्वच्छता को जन-अभियान बना दिया है। श्री चौहान ने कहा कि श्री मोदी के नेतृत्व में शक्तिशाली भारत का उदय हुआ है। सौभाग्य से भारत को श्री मोदी जैसा समर्पित नेता मिला है। श्रमिकों के लिये सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा योजना श्री चौहान ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के कल्याण के लिये शुरू की गई योजना के लाभ की चर्चा करते हुए कहा कि यह देश की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा योजना है। चार साल के भीतर कोई भी गरीब बिना जमीन के नहीं रहेगा। उन सब का पक्का मकान होगा। बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्चा सरकार उठायेगी। श्रमिकों को फ्लेट रेट पर बिजली मिलेगी। किसानों को नहीं होने देंगे नुकसान श्री चौहान ने किसान कल्याण के लिये उठाये गये क्रांतिकारी कदमों की चर्चा करते हुए कहा कि किसानों को संकट में नहीं रहने देंगे। गेंहूँ, लहसुन, प्याज, चना, मसूर, सरसों की फसलों पर किसानों को नुकसान नहीं होने देंगे। वनवासी बंधुओं को वनाधिकार पटटे देने का अभियान 20 मई से शुरू हो रहा है। श्री चौहान ने नर्मदा की सेवा में समर्पित व्यक्तित्व स्वर्गीय श्री अनिल माधव दवे का स्मरण करते हुए कहा कि वे नर्मदा के सच्चे सपूत थे।
ग्रामीण कला एवं संस्कृति को समृद्ध करने के हो रहे प्रयास : श्री चौहान
13 May 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में ग्रामीण कला एवं संस्कृति को समृद्ध बनाने के प्रयास किये जा रहे हैं। ग्राम स्तर पर कला एवं संस्कृति के प्रति समर्पित कलाकारों की उपकरण और सामग्री जैसी आवश्यकताओं की पूर्ति में सरकार सहयोग कर रही है। इस कार्य के लिये 57 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गई है। श्री चौहान आज भारत भवन में रंगकर्मी श्री दया प्रकाश सिन्हा के नाटक 'रक्त अभिषेक' के मंचन से पूर्व कला-प्रेमियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने श्री सिन्हा का शॉल-श्रीफल और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान भी किया। श्री चौहान ने कहा कि देश और समाज का निर्माण उसके नागरिक और समाज को दिशा देने वाले चिंतक करते हैं। सरकार का मानना है कि पुल-पुलियों के निर्माण के साथ ही समाज के चिंतकों के नेतृत्व में मार्गदर्शन के प्रयास भी किये जाने चाहिये। इसी मंशा से सरकार ने नर्मदा सेवा यात्रा और एकात्म यात्रा आदि आयोजन किये हैं। उन्होंने कहा कि श्री सिन्हा राष्ट्रवादी विचारक, मौलिक चिंतक हैं। श्री दया प्रकाश सिन्हा ने नाटक का परिचय देते हुए बताया कि सार्वजनिक हित में किया गया कार्य हिंसा नहीं होता। व्यक्तिगत स्वार्थ में किया जाने वाला कार्य हिंसा होता हैं। इसी को नाटक में रूपायित करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने बताया कि रक्ताभिषेक और सम्राट अशोक उनकी ऐसी कृतियाँ हैं, जिनकी रचना वर्तमान के संदर्भ में ऐतिहासिक नाटकों के रूप में की गई हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री चौहान की संगठन क्षमता, कर्मठता और धैर्यशीलता की व्यापक सराहना की। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव संस्कृति श्री मनोज श्रीवास्तव, संस्कार भारती दिल्ली के श्री अमीरचंद सहित बड़ी संख्या में कला अनुरागी उपस्थित थे।
नल-जल योजना से 71 ग्राम के समूह को मिलेगा स्वच्छ जल
13 May 2018
जनसम्पर्क, जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने आज दतिया जिले के बाजनी गाँव में 90 करोड़ रुपए की लागत की नल-जल योजना का लोकार्पण किया। मंत्री डॉ. मिश्र ने बताया कि योजना का लाभ 71 ग्राम के समूह को प्राप्त होगा। ग्रामवासियों को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। उन्होंने जनता से आव्हान किया कि आवश्यकता के अनुसार ही पानी का उपयोग करें। नर्सिंग कॉलेज में समारोह जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने दतिया नर्सिंग कॉलेज में लैम्प लाईटिंग कार्यक्रम में शामिल होकर छात्राओं को सम्बोधित किया। उन्होंने उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं को पुरस्कार प्रदान किए। पार्थिव शिवलिंग निर्माण में हर नागरिक हो भागीदार जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने दतिया में आगामी अगस्त माह में होने वाले पार्थिग शिवलिंग निर्माण कार्यक्रम में विभिन्न दायित्वों के संबंध में चर्चा की। वृंदावन धाम दतिया में पार्थिग शिवलिंग निर्माण कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में हुई बैठक में बताया गया कि संत श्री देवप्रभाकर शास्त्री, दद्दा जी के सानिध्य और मार्गदर्शन में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने आयोजन समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों से विस्तृत चर्चा कर रूपरेखा से अवगत करवाया। वार्ड का उद्घाटन 14 मई को दतिया जिला चिकित्सालय में 4 करोड़ 78 लाख से निर्मित नये वार्ड का उद्घाटन सोमवार 14 मई को पूर्वान्ह 11 बजे जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र करेंगे।
राज्यों को पूरी तरह ओडीएफ बनाने में केन्द्र सरकार देगी भरपूर वित्तीय मदद : सुश्री उमा भारती
12 May 2018
केन्द्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री सुश्री उमा भारती ने कहा है कि देश को 2 अक्टूबर, 2019 तक पूरी तरह खुले में शौच जाने से मुक्त बनाने का लक्ष्य है। यह लक्ष्य पूरा करने के लिये राज्यों को केन्द्र सरकार भरपूर वित्तीय सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश राज्य को वर्ष 2014 से अब तक 3 हजार 180 करोड़ रूपये की वित्तीय सहायता दी जा चुकी है। वित्त आयोग से स्वच्छता के लिये अलग से धनराशि निर्धारित करने का आग्रह किया जायेगा, जिससे खुले में शौच जाने से मुक्त घोषित होने के आगे की गतिविधियाँ को क्रियान्वित किया जा सके। सुश्री भारती आज यहाँ रविन्‍द्र भवन परिसर में राज्य-स्तरीय स्वच्छता पुरस्कार समारोह को संबोधित कर रही थीं। सुश्री उमा भारती ने कहा कि प्लास्टिक स्वच्छता का सबसे बड़ा शत्रु है। उन्होंने नागरिकों का आव्हान किया कि सड़क पर किसी भी प्रकार का प्लास्टिक का सामान अथवा पॉलीथीन नहीं फेकें, इससे गौ-धन की हानि होती है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता की शुरूआत स्व-प्रेरणा से होती है। इसलिये खुले में शौच जाने से मुक्त हो चुकी ग्राम पंचायतों के सरपंचों की यह जिम्मेदारी है कि वे अब ओडीएफ के आगे की गतिविधियों की तैयारी करें। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि स्वच्छता निरंतर चलने वाला काम है। इसे करने में सरकारी पहल का इंतजार नहीं करें। उपलब्ध संसाधनों में ही पहल शुरू करें। उन्होंने स्वच्छता के क्षेत्र में मध्यप्रदेश द्वारा की गई उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की। स्वच्छता जन-अभियान से बदली है मानसिकता : मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि दो अक्टूबर 2018 तक मध्यप्रदेश खुले में शौच जाने से पूरी तरह मुक्त प्रदेश हो जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता को जन-अभियान का स्वरूप दिया है। इससे लोगों की मानसिकता बदली है। लोगों ने स्वच्छता के महत्व को स्वीकारा है। मुख्यमंत्री ने स्वच्छाग्रहियों से अपील की कि लोगों को शौचालय का उपयोग करने के लिए प्रेरित करें। मध्यप्रदेश को स्वच्छ और स्वस्थ प्रदेश बनाने का संकल्प लें। श्री चौहान ने कहा कि स्वच्छता के लिए प्लास्टिक का उपयोग अत्यंत हानिकारक है। इससे पर्यावरण को भारी नुकसान पहुँचता है। उन्होंने स्वच्छाग्रहियो को संकल्प दिलवाया कि वे धीरे-धीरे प्लास्टिक का उपयोग करना छोड़ दें। नागरिकों को भी इसके लिये प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने असंगठित श्रमिक कल्याण योजना की चर्चा करते हुए स्वच्छाग्रहियों का आह्वान किया कि इस योजना के क्रियान्वयन में पूरा सहयोग करें। उन्होंने बताया कि इस योजना में हर गरीब का अपना मकान होगा, उसे आवासीय भूमि का पट्टा मिलेगा। मुफ्त में इलाज होगा। दुर्घटना होने पर 4 लाख रूपये और सामान्य मृत्यु पर दो लाख रूपये उसके आश्रितों को मिलेंगे। गोवर्धन योजना का शुभारंभ सुश्री उमा भारती और श्री चौहान ने भारत सरकार की गोवर्धन योजना का शुभारंभ किया। यह योजना नरसिंहपुर की ग्राम पंचायत कोदसा एवं ग्वालियर की ग्राम पंचायत चिरूली से शुरू हुई है। मध्य प्रदेश को अग्रिम बधाई केन्द्रीय स्वच्छता एवं पेयजल मंत्रालय के सचिव श्री परमेश्वरन अय्यर ने बताया कि वर्ष 2014 में स्वच्छ भारत अभियान शुरू होने से पहले देश में 55 करोड़ लोग खुले में शौच जाते थे। मात्र साढे़ तीन साल में इनकी संख्या घटकर 20 करोड़ रह गई है। उन्होंने कहा कि पिछले साढे़ तीन सालों में देश को स्वच्छ बनाने के अभियान में जितना काम हुआ, उतना बीते सात दशकों में भी नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि आज 400 जिले और साढे़ तीन लाख लाख गाँव खुले में शौच जाने से मुक्त हो गए हैं। उन्होंने बताया कि दो अक्टूबर, 2019 तक पूरे देश को खुले में शौच जाने से मुक्त करने का लक्ष्य है। श्री अय्यर ने मध्यप्रदेश की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छता अभियान के संचालन में मध्यप्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने दो अक्टूबर 2018 तक मध्यप्रदेश को पूरी तरह से ओडीएफ राज्य बनाने के संकल्प के लिए अग्रिम बधाई देते हुए कहा कि अब हर प्रदेश को ओडीएफ से एक कदम आगे बढ़कर कार्य करने की दिशा में रणनीति बनानी होगी। केन्द्रीय मंत्री सुश्री उमा भारती और मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली जिला और जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, सरपंचों और स्वच्छाग्रहियों को पुरस्कार एवं उत्कृष्टता प्रमाण-पत्र प्रदान किये। इस अवसर पर सुश्री उमा भारती ने ओडीएफ सत्यापन मार्गदर्शिका का विमोचन किया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री मनमोहन नागर, सीहोर जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री उर्मिला मरेठा और अपर मुख्य सचिव ग्रामीण विकास श्री इकबाल सिंह बैंस उपस्थित थे।
उद्योग आधार मेमोरेण्डम में 23 हजार 949 करोड़ का पूँजी निवेश
12 May 2018
प्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम में उद्योग आधार मेमोरेण्डम (यूएएम) के माध्यम से पिछले दो वर्ष में 2 लाख 93 हजार से ज्यादा उद्योगों में 23 हजार 948 करोड़ रूपये से ज्यादा का पूँजी निवेश किया गया है। इसमें 9 लाख 60 हजार 802 बेरोजगारों को सम्मानजनक रोजगार मिला है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय-सत्येन्द्र पाठक ने बताया है कि वर्ष 2017-18 में 2 लाख 6 हजार 142 उद्योग में 14 हजार 401 करोड़ 67 लाख रूपये पूँजी निवेश किया गया। इससे 5 लाख 96 हजार 990 बेरोजगारों को रोजगार मिला। इस अवधि में एक लाख 97 हजार 853 सूक्ष्म, 8019 लघु और 270 मध्यम उद्योग स्थापित हुए। राज्य मंत्री श्री पाठक ने बताया कि वित्त वर्ष 2016-17 में 9 हजार 547 करोड़ 32 लाख रूपये पूँजी निवेश से 3 लाख 63 हजार 812 बेरोजगारों को रोजगार मिला है। उक्तावधि में प्रदेश में 80 हजार 688 सूक्ष्म, 6140 लघु और 243 मध्यम उद्योग स्थापित किये गये हैं। आसान हुआ उद्योगों का पंजीयन: राज्य मंत्री श्री पाठक ने बताया कि भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम मंत्रालय की अधिसूचना 18 सितम्बर, 2015 के बाद यूएएम पंजीयन की नई व्यवस्था लागू हुई। इस व्यवस्था में उद्यमियों द्वारा घर बैठे ऑनलाइन पंजीयन करवाया जाता है। प्रदेश में सूक्ष्म, लघु, मध्यम और उद्यम उद्योग में 2 लाख 93 हजार 213 लोगों ने ऑनलाइन पंजीयन करवाकर उद्योग स्थापित कर लिये हैं।
गेंहू उपार्जन 71 लाख मीट्रिक टन तक जाने की उम्मीद
11 May 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज प्रदेश में गेहूँ, चना, सरसों और मसूर के उपार्जन की स्थिति की मंत्रालय में हुई उच्च-स्तरीय बैठक में विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि परिवहन व्यवस्था के कारण उपार्जन प्रभावित नहीं होना चाहिए। श्री चौहान ने चने की खरीदी 30 मई से पहले पूरी करने के निर्देश दिए। गेहूँ उपार्जन की स्थिति पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने बिना किसी शिकायत के गेहूँ उपार्जन की पुख्ता व्यवस्था के लिए विभागीय और मैदानी अधिकारियों की सराहना की। बैठक में बताया गया कि अब तक 61 लाख मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी हो गई है। अगले कुछ दिनों में यह खरीदी करीब 71 लाख मीट्रिक टन तक पहुँच जाएगी। गेहूँ उपार्जन के लिए 3000 से ज्यादा उपार्जन केंद्र संचालित हैं। अब तक चने की 4 लाख 36 हजार 333 मीट्रिक टन, सरसों की 31 हजार 310 मीट्रिक और मसूर की करीब 52 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा की खरीदी हुई है। बैठक में मुख्य सचिव बी.पी. सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीना, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री ए.पी. श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव खाद्य श्रीमती नीलम शमी राव एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
भोपाल में राज्य-स्तरीय स्वच्छता सम्मेलन आज
11 May 2018
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तत्वावधान में राज्य स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 12 मई को रवीन्द्र भवन परिसर में सुबह 11 बजे से राज्य-स्तरीय स्वच्छता सम्मेलन होगा। सम्मेलन में केन्द्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री सुश्री उमा भारती मुख्य अतिथि होंगी। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे। सम्मेलन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव, राजस्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता और पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री विश्वास सारंग विशिष्ट अतिथि होंगे। भोपाल जिला पंचायत अध्यक्ष श्री मनमोहन नागर, सांसद श्री आलोक संजर, महापौर श्री आलोक शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री श्री बाबूलाल गौर, विधायक श्री विष्णु खत्री, श्री सुरेन्द्रनाथ सिंह, श्री आरिफ अकील और श्री रामेश्वर शर्मा सम्मेलन में भाग लेंगे। उत्कृष्ट कार्य करने वाले होंगे सम्मानित : स्वच्छता सम्मेलन में प्रदेश के शौचमुक्त हो चुके 20 जिलों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिला पंचायत एवं जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला और विकासखण्ड समन्वयक, सरपंच एवं स्वच्छग्राहियों को सम्मानित किया जाएगा। सम्मानितों ने अपने-अपने कार्यक्षेत्र में वर्ष 2017-18 के दौरान शौचालय निर्माण, जियो टेगिंग, अनुपयोगी शौचालयों को उपयोगी बनाने, प्रेरकों की निरंतर संलग्नता सुनिश्चित कराने आदि मानकों पर उत्कृष्‍ट कार्य किया है। यही कार्य उनके राज्य स्तरीय पुरस्कार हेतु चयन का आधार बना है। प्रदेश को 2 अक्टूबर 2018 तक सम्पूर्ण रूप से खुले से शौच मुक्त करने का लक्ष्य है। सम्मेलन स्वच्छता चैंपियनों को गौरव का भाव महसूस कराकर इसे जन-आंदोलन बनाने का प्रयास है। सम्मानित जिले: सम्मेलन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत छिंदवाड़ा, बालाघाट, खण्डवा, शाजापुर, सीहोर, होशंगाबाद, ग्वालियर, अगर-मालवा एवं दतिया सम्मानित किये जाएंगे।
कुपोषण को हराने में जुटी आजीविका मिशन की टीम राधा
11 May 2018
राजगढ़ जिले के विकासखण्ड खुजनेरी में ग्राम करेड़ी में आजीविका मिशन की सजग महिला राधाबाई अपनी महिला टीम के साथ कुपोषित बच्चों के लिये यशोदा माँ का रोल अदा कर रही हैं। ये महिलाएँ मिशन की सहायता से अपनी आर्थिक उन्नति के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाने में भी बहुत आगे हैं। ये सभी स्व-सहायता समूह के रूप में संगठित होकर संजीवनी अभियान से जुड़ गई हैं। इन्होंने गाँव के 26 कुपोषित बच्चों को गोद लेकर उन्हें प्रति दिन अपने खर्चे पर प्रोटीन पाउडर युक्त दूध पिलाने का जिम्मा उठाया है। इन महिलाओं ने गाँव को कुपोषण मुक्त बनाने का निश्चय किया है। खुजनेर की परियोजना अधिकारी श्रीमती पुष्पा गोयल ने बताया कि करेड़ी ग्राम में आँगनवाड़ी केंद्र संचालित है। इस केन्द्र में डेढ़ सौ बच्चों का पंजीयन है। इन आँगनवाड़ी केंद्रों में 28 बच्चे कुपोषित हैं, जिनमें से 6 बच्चों को अन्य लोगों द्वारा गोद लिया जा चुका है। शेष बच्चों को कुपोषण से मुक्त कराने की जिम्मेदारी इन महिलाओं ने ली है। इन्होंने निर्णय लिया है कि प्रति दिन आँगनवाड़ी केंद्र पर दो-दो महिलाएँ पहुँचेंगी और कुपोषित बच्चों को प्रोटीन पाउडर युक्त दूध पिलाएँगी। इन महिलाओं ने अपने इस फैसले के क्रियान्वयन में होने वाले व्यय को अपनी बचत से गठित आपदा कोष से समायोजित करने की व्यवस्था की है।
प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए हो स्वागत समारोह
10 May 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालय समन्वय समिति की 94वीं बैठक में कहा कि विश्वविद्यालयों के परीक्षा परिणाम समय पर घोषित किए जाएँ तथा एक जुलाई के पहले नये प्रवेश की प्रक्रिया पूरी की जाये। सभी विश्वविद्यालयों में एक जुलाई को प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए स्वागत समारोह का आयोजन किया जाए। समारोह में पहले से अध्ययनरत विद्यार्थियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाये। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि विश्वविद्यालय का कैलेण्डर सभी प्रवेश लेने वाले छात्रों तक समय पर पहुँचे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों तथा महाविद्यालयों में एडमिशन लेने वाले अनुसूचित जाति-जनजाति के विद्यार्थियों तथा छात्राओं से प्रवेश पंजीयन शुल्क नहीं लिया जाए। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कुलपतियों से मध्यप्रदेश टी.बी मुक्त अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टरों के सहयोग से विश्वविद्यालय के कुलपति, रजिस्ट्रार और प्रोफेसर शून्य से 18 वर्ष से कम आयु के एक-एक टी.बी रोगी बच्चे को गोद लें। टी.बी पीड़ित बच्चे को पौष्टिक आहार जैसे फल, गुड़ तथा दाल पहुँचाएँ। श्रीमती पटेल ने केन्द्र सरकार के स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम में विश्वविद्यालयों की भागीदारी तय करने के लिये ग्रीष्मकालीन योजना तैयार करें। इसमें गाँवों में 100 घंटे स्वच्छता के लिए कार्य किया जाए। इस दौरान छात्र-छात्राओं से स्वच्छता और शौचालयों की आवश्यकता पर निबंध और नाटक लिखवाये जायें, प्रतियोगिताएँ आयोजित की जायें तथा विजेता छात्र-छात्राओं को केन्द्र, राज्य सरकार और विश्वविद्यालय की ओर से पुरस्कार राशि दी जाए। स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम में किए गए कार्यों को वेबसाइट पर अपलोड कर केन्द्र और राज्य सरकार के विभागों को भेजा जाए। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों में होने वाले कार्यक्रमों और समारोह में कुलपतियों की उपस्थिति सुनिश्चित होना चाहिए। अगर कुलपतियों को देश अथवा प्रदेश से बाहर जाना है, तो पूर्व में ही पूरे कारणों सहित आवेदन प्रस्तुत करना होगा। अनुमति प्राप्त होने के बाद ही वे दौरे पर जा सकते हैं। राज्यपाल ने कुलपतियों से उच्च शिक्षा विभाग को प्रोफेसरों, अध्यापकों तथा कर्मचारियों से संबंधित सही और सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाने के निर्देश दिये। बैठक में अपर मुख्य सचिव वित्त श्री ए.पी. श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री बी.आर. नायडू, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. एम. मोहन राव तथा विश्वविद्यालयों के कुलपति एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
श्रमिकों की जिंदगियों में खुशियां लाना हमारा संकल्प : मुख्यमंत्री श्री चौहान
10 May 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि श्रमिकों की जिंदगियों में खुशियां लाना हमारा संकल्प है। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए विभिन्न कल्याण योजनाओं का सूत्रपात इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार के खजाने पर पहला हक उसका है जो सबसे गरीब और सबसे पीछे है। सरकार ने निर्धनता में जीवन गुजार रहे श्रमिकों की बेहतरी के लिए ठोस कदम उठाए हैं। श्री चौहान आज जबलपुर में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के साथ संवाद कर रहे थे। इस मौके पर विधायक श्री अशोक रोहाणी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने तय किया है कि प्रदेश की धरती पर कोई भी गरीब बिना जमीन के टुकड़े के नहीं रहेगा बल्कि उसे पट्टा देकर जमीन का मालिक बनाया जाएगा। जिले में एक लाख से अधिक पट्टे दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक अपनी जमीन के वैधानिक मालिक होंगे। पट्टा देने के बाद मकान बनाने के लिए राशि भी दी जाएगी। श्री चौहान ने आग्रह किया कि वे अपने सभी बच्चों को जरूरी तौर पर पढ़ाएं। उनके बच्चों की पढ़ाई की फीस सरकार भरेगी। श्री चौहान ने कहा कि सरकार ने मजदूरों के परिवारों के सदस्यों के मुफ्त इलाज के अलावा महिला श्रमिकों के मातृत्व के दौरान राशि मुहैया कराने के भी प्रावधान किए हैं। उन्होंने 200 रूपए के फ्लैट रेट पर बिजली देने, दुर्घटना मृत्यु के मामले में परिवार को 4 लाख रूपए दिए जाने सहित अन्य प्रावधानों का भी उल्लेख किया। श्री चौहान ने श्रमिकों से स्वरोजगार योजनाओं और आजीविका मिशन से जुड़ने की भी अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों को गरीबी के अभिशाप से मुक्त कराने और उनकी आमदनी में बढ़ोतरी करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। श्री चौहान ने कहा कि केवल जबलपुर जिले में 6 लाख रजिस्ट्रेशन हुए हैं। यदि अब भी कोई शेष रह गया हो तो आवेदन देने पर उसका नाम जोड़ा जाएगा। उन्होंने कलेक्टर को मॉनीटरिंग टीम गठित कर सभी पात्रों को योजनाओं का लाभ दिलाया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक अप्रैल से 31 मई तक पंजीकृत होने वाले पात्र श्रमिकों को 13 जून को एक साथ हित-लाभ प्रदान किए जाएंगे। इसके बाद शहरी क्षेत्रों के वार्डों के निवासी श्रमिकों एवं ग्रामीण क्षेत्रों के निवासी श्रमिकों को प्रावधानों के अनुसार सतत् रूप से हित-लाभ के वितरण की प्रक्रिया जारी रहेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने एक अप्रैल 2018 से पंजीकृत पात्र हितग्राहियों को सांकेतिक रूप से जमीन के पट्टे भी वितरित किए। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहरी क्षेत्र के कुछ हितग्राहियों को चैक प्रदान किए। श्री चौहान ने मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना के तहत भी महिला श्रमिक हितग्राही को 16 हजार रूपए का चैक सौंपा। शहपुरा क्षेत्र के ग्राम मनकेड़ी में गत 29 अप्रैल को दुर्घटना में प्राण गंवाने वालों के परिवार को 4-4 लाख रूपए की सहायता राशि प्रदान की गई।
बाण सागर परियोजना की बहुती नहर का दो तिहाई कार्य पूर्ण
10 May 2018
जनसम्‍पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री एवं रीवा जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने रीवा में जल संसाधन विभाग के विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि निर्धारित लक्ष्य के मुताबिक विकास कार्यों को समय-सीमा में पूरा करें। उन्होंने किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं को निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए। मंत्री डॉ. मिश्र को बाणसागर परियोजना के विकास कार्यों की दी गई जानकारी में बताया गया कि बहुती नहर निर्माण का कार्य 65 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। इससे रीवा एवं सतना जिले के 65 हजार किसान लाभान्वित होंगे। इस नहर का निर्माण कार्य दिसम्बर 2018 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निश्चित है। डॉ. नरोत्तम मिश्र ने कहा कि जल संसाधन विभाग के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास इसी माह होगा। वे स्वयं इस माह जिले के हर विधान-सभा क्षेत्र का भ्रमण करेंगे। उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह रीवा जिले के गुढ़ क्षेत्र में लिफ्ट इरीगेशन स्कीम का लोकार्पण किया जायेगा। इसी तरह मनगवां, और देवतालाब क्षेत्रों में भी विकास कार्यों का शुभारंभ होगा। बैठक के पूर्व मंत्री डॉ. मिश्र आमजनों से मिले और उनकी समस्याएं सुनीं। इस अवसर पर मध्यप्रदेश गौपालन एवं पशुधन संवर्धन बोर्ड के अध्यक्ष स्वामी अखिलेश्वरानंद जी, अन्य जन-प्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।
अब न पैर जलेंगे और न ही कांटे चुभेंगे
10 May 2018
सिवनी जिले में महिला तेन्दूपत्ता संग्राहक पुरंतीबाई सहित एक लाख से अधिक तेन्दूपत्ता संग्राहक हैं। इन सभी संग्राहकों को तेन्दूपत्ता तोड़ते समय, महुआ बीनते समय चिलचिलाती धूप में पैरों के जलने, नुकीले पत्थर और गिट्टी-कांटे चुभने से बड़ी तकलीफ होती थी। यह क्रम वर्षों से, पीढ़ियो से चला आ रहा था। अब इन संग्राहकों के न तो पैर जलेंगे और न ही पैर में कांटे चुभेंगे और न ही भरी दोपहरी में पीने के पानी के लिये इधर-उधर भटकना पड़ेगा। पीने के लिए शीतल जल उनके पास ही होगा। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सिवनी जिले में विगत 5 मई को ग्राम भोमा निवासी पुरंतीबाई सहित अन्य संग्राहकों को अपने हाथों से सुन्दर और आरामदायी चप्पल पहनाई। पुरंतीबाई इस एहसास से ही भाव-विभोर हो गई कि प्रदेश के मुखिया उसे अपने हाथों से चप्पल पहना रहे हैं। पुरंतीबाई ने मन ही मन मुख्यमंत्री को खूब दुआएँ दी। अब पुरंतीबाई और अन्य सभी संग्राहाकों को महुआ बिनने तथा तेन्दूपत्ता संग्रहण में कोई परेशानी नहीं होती। धूप, कंकड़-पत्थर की चिंता से मुक्त रहकर संग्राहक अपना काम कर रहे हैं। पुरंतीबाई को मुख्यमंत्री ने चप्पल पहनाने के साथ ही नई साड़ी और पानी को ठंड़ा रखने के लिये सुन्दर बॉटल भी दी। छोटी-छोटी लेकिन जरूरत की ये चीज पाकर पुरंतीबाई अब खुश है।
कृष्ण कुमार और ददनराम बैगा आई.टी.आई. में बने प्रशिक्षक
10 May 2018
शहडोल जिले में ग्राम करकटी के कृष्ण कुमार बैगा और ग्राम बोड़री के ददनराम बैगा ने आज आई.टी.आई. में प्रशिक्षक के पद पर कार्य कर रहे हैं। इन्ही की तरह प्रदेश के अन्य युवा भी शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों से कौशल प्रशिक्षण लेकर शासकीय नौकरी प्राप्त करने में सफलता अर्जित कर रहे हैं। कृष्ण कुमार बैगा ने 12वीं परीक्षा पास करने के बाद बड़े भाई कैलाश बैगा की सलाह पर मोटर व्हीकल ट्रेड मैकेनिक का 2 साल का प्रशिक्षण प्राप्त किया। कौशल उन्नयन के प्रशिक्षण के दौरान ही बैगा का चयन आईटीआई खरगौन में प्रशिक्षक के पद पर हो गया। ददनराम बैगा आई.टी.आई. शहडोल में श्रमिक के रूप में कार्यरत थे। इन्होंने कटिंग स्वींग का प्रशिक्षण प्राप्त किया और आज आई.टी.आई. सिंगरौली में प्रशिक्षक के पद पर सेवाएँ दे रहे हैं।
स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिये आयोग के निर्देशों से अपडेट रहें
9 May 2018
मध्यप्रदेश विधानसभा के आगामी आम निर्वाचन के लिये उप जिला निर्वाचन अधिकारियों, 230 विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारियों और सहायक निर्वाचन अधिकारियों की ट्रेनिंग आज से भोपाल के आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी में शुरू हुई। पहले बैच की ट्रेनिंग का शुभारंभ अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संदीप यादव ने किया। अधिकारियों के सात बैच की ट्रेनिंग 5 जुलाई तक चलेगी। श्री संदीप यादव ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिये भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों और नियमों से निरंतर अपडेट रहें। निर्वाचन अधिकारी जितने अपडेट रहेंगे, उतना ही कार्य को बेहतर और तत्परतापूर्वक कर सकेंगे। श्री यादव ने बताया कि ट्रेनिंग के साथ ही अब चुनावी मोड में आने का समय आ गया है। निर्वाचन अधिकारी पूरी निष्ठा, अनुशासन और ईमानदारी के साथ लोकतंत्र के इस उत्सव को सम्पन्न करवा सकते हैं। निर्वाचन के दौरान एक छोटी गलती अथवा त्रुटि से पूरा चुनाव प्रभावित होता है। इसीलिये आयोग द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के अनुसार निर्वाचन प्रक्रिया को सम्पन्न करवाना अधिकारियों की महती जिम्मेदारी है। श्री यादव ने कहा कि किसी भी शिकायत पर निर्णय लेते समय आयोग द्वारा पूर्व में लिये गये निर्णय या संदर्भ को भी ध्यान में रखें। अपने कार्यों में निष्पक्ष रहना ही नहीं, दिखना भी जरूरी है। ईवीएम के साथ वीवीपैट की जानकारी भी सूक्ष्मता से होनी चाहिये। चुनाव आयोग के निर्देशों से संबंधित जो पुस्तकें दी जायेंगी, उसका अध्ययन अवश्य किया जाये। ट्रेनिंग को पूरी गंभीरता से ले तथा जिलों में जाकर निर्वाचन के अन्य अमले को भी प्रशिक्षित करें। संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री एस.एस. बंसल ने कहा कि मध्यप्रदेश में होने वाले विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों को बेहतर संचालन के जरिये न सिर्फ शांतिपूर्वक बल्कि निष्पक्ष भी सम्पन्न करवायें। निर्वाचन प्रक्रिया से पूरी तरह वाकिफ रहकर आयोग के निर्देशों के अनुसार कार्य करें। पहले बैच की ट्रेनिंग में चुनाव आयोग के मास्टर-ट्रेनर/रिसोर्सपर्सन उत्तरप्रदेश के श्री दिनेशचंद्र सिंह, गुजरात के सैय्यद मुख्तार एवं म.प्र. की सुश्री रूही खान ने निर्वाचन अधिकारियों को अभ्यर्थियों की पात्रता एवं अपात्रता, नामांकन और स्क्रूटनी (जाँच) के संबंध में जानकारी दी। पहले बैच में लगभग 100 अधिकारी भाग ले रहे हैं, जिनकी ट्रेनिंग 12 मई तक चलेगी।
पीपीपी मोड पर रोजगार कार्यालयों का प्लेसमेंट सेंटर के रूप में होगा उन्नयन
9 May 2018
कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दीपक जोशी की मौजूदगी में राज्य मंत्रालय में प्रदेश के रोजगार विभाग और यशस्वी एकेडमी फॉर टेलेन्ट मैनेजमेंट प्रा.लि. पुणे के बीच पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड के आधार पर रोजगार कार्यालयों के प्लेसमेंट सेंटर के रूप में उन्नयन के लिये करारनामे (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए। रोजगार विभाग की ओर से संचालक श्री संजीव सिंह और एकेडमी की ओर से संचालक श्री विश्वेष कुलकर्णी ने करारनामे पर हस्ताक्षर किये। राज्य मंत्री श्री जोशी ने कहा कि इस करारनामे से चयनित 15 जिला मुख्यालयों पर बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध करवाने के कार्य प्राथमिकता से सुनिश्चित होंगे। प्लेसमेंट सेंटर के लिये चयनित जिले प्रदेश में जन-भागीदारी आधार पर रोजगार कार्यालयों को प्लेसमेंट सेंटर के रूप में प्रोजेक्ट करने के लिये 15 जिले चयनित किये गये हैं। इनमें भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, ग्वालियर, सागर, उज्जैन, होशंगाबाद, शहडोल, धार, खरगौन, देवास, सिंगरौली, सतना एवं कटनी जिले शामिल हैं। पीपीपी मोड का मुख्य उद्देश्य यह कम्पनी आधुनिक प्लेसमेंट सेंटर्स को नियोजित एवं क्रियान्वित करेगी। कम्पनी द्वारा युवाओं को निजी क्षेत्र में बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास, सी.वी. लेखन तथा बाजार की अद्यतन माँग आदि की जानकारी भी उपलब्ध करवाई जायेगी। पीपीपी मोड के अंतर्गत बाजार की मानव संसाधन माँगों का आकलन एवं विश्लेषण किया जायेगा और बेरोजगार युवाओं की कॅरियर काउंसिलिंग की जायेगी। युवा बेरोजगारों को बाजार की माँगों के अनुसार तैयार करने के साथ-साथ रोजगार मेले एवं कॅरियर काउंसिलिंग सत्रों का आयोजन होगा। इसके अलावा, स्थानीय नियोजकों से समन्वय कर आवेदकों को संबंधित जिलों में रोजगार उपलब्ध करवाया जायेगा। इस मौक पर म.प्र. राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण के अध्यक्ष श्री हेमन्त विजय राव देशमुख, प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार श्री अशोक वर्णवाल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुखबीर सिंह एवं अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
स्मार्ट सिटी में सुविधाओं के विस्तार से नागरिक भी स्मार्ट बनेंगे - मंत्री श्रीमती माया सिंह
9 May 2018
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने कहा है कि स्मार्ट सिटी में चयनित शहरों में स्मार्ट सुविधाओं के विस्तार से नागरिक भी स्मार्ट बनेंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में 7 स्मार्ट सिटी में सुविधाओं के विस्तार के लिये लगभग ढाई हजार करोड़ रुपये लागत के कार्य स्वीकृत किये गये हैं तथा दो हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत के कार्य प्रक्रिया में हैं। उन्होंने यह बात देश के स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के समापन अवसर पर कही। मंत्री श्रीमती सिंह ने कहा कि स्मार्ट सिटी की अवधारणा के तहत चुनिंदा शहरों में सड़क, पानी, बिजली, यातायात, रोजगार आदि सभी विषयों पर स्मार्ट तरीके से सोचने और कार्य करने की प्रक्रिया प्रारम्भ हुई है। यह प्रक्रिया देश के अन्य शहरों के लिये मॉडल का काम करेगी। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी का मूल ढाँचा इस तरह तैयार किया जा रहा है कि एक बार सुविधाओं का विस्तार होने के बाद फिर वह पब्लिक पार्टीसिपेशन से संचालित की जाती रहेंगी। श्रीमती माया सिंह ने कहा कि भोपाल में आयोजित इस शिखर सम्मेलन में प्राप्त सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जायेगा। उन्होंने भोपाल में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत एकीकृत कमाण्ड कंट्रोल सेंटर और इन्क्यूबेशन सेंटर प्रारंभ होने पर स्मार्ट सिटी की टीम को बधाई दी। प्रमुख सचिव श्री विवेक अग्रवाल ने कहा कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के सफल संचालन के लिये आवश्यक है कि पीपीपी मोड अथवा पब्लिक बाँड सिस्‍टम विकसित किये जायें। तभी यह सुविधाएँ भविष्य में बेहतर तरीके से काम कर सकेंगी। इस अवसर पर देश के विभिन्न स्मार्ट शहरों दमनद्वीव द्वारा विकसित सोलर प्रोजेक्ट, भोपाल द्वारा स्मार्ट लाइट पोल, स्मार्ट पब्लिक बाइक शेयरिंग, पूना द्वारा पब्लिक बाँड सिस्टम का प्रजेन्टेशन दिया गया। समापन सत्र में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिये धन की व्यवस्था विषय पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय के सचिव श्री दुर्गाशंकर मिश्र सहित अन्य अधिकारी और विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
राज्य मंत्री श्री सारंग द्वारा द्वारका नगर में 80 लाख के विकास कार्यों का भूमि-पूजन
9 May 2018
सहकारिता, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग ने आज द्वारका नगर में 80 लाख रूपये लागत के विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। श्री सारंग ने कहा कि वार्ड 37 में द्वारका नगर सहित सभी बस्तियों में नालियों और सड़कों का निर्माण करवाया जा रहा है। उन्होंने पार्षद और स्थानीय नागरिकों से विकास कार्यों की मॉनीटरिंग करने का आग्रह किया। श्री सारंग ने कहा कि नरेला क्षेत्र में शासकीय अस्पताल और महाविद्यालय शुरू करवाये गये है। शत-प्रतिशत घरों में नर्मदा जल की सप्लाई, पार्कों का विकास, सड़कों का निर्माण और चौराहों का सौन्दर्यीकरण करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुभाष रेल्‍वे फाटक ओवर ब्रिज और चेतक ब्रिज के निर्माण का कार्य अंतिम चरण में है। भूमि-पूजन कार्यक्रम में एमआईसी श्री मनोज चौबे, स्थानीय जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे।
बैकलॉग पदों पर भर्ती शीघ्र की जाये : राज्य मंत्री श्री लाल सिंह आर्य
9 May 2018
सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री श्री लाल सिंह आर्य ने बैकलॉग पदों पर शीघ्र भर्ती करने के निर्देश दिये हैं। श्री आर्य आज मंत्रालय में सामान्य प्रशासन विभाग की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन श्री प्रभांशु कमल उपस्थित थे। श्री आर्य ने कहा कि अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों में विलम्ब नहीं किया जाये, ये प्रकरण समय-सीमा में निराकृत किये जायें। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों में श्रेणीवार रिक्त पदों की जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग में होना चाहिये। श्री आर्य ने जाँच के लम्बित प्रकरणों में शीघ्र पेशी करवाने के निर्देश दिये। राज्य मंत्री ने कहा कि विभाग की उपलब्धियों को सोशल मीडिया पर प्रदर्शित करने के लिये उप सचिव स्तर का नोडल अधिकारी बनाया जाये। श्री आर्य ने कहा कि जाति प्रमाण-पत्र लम्बित जिले वाले जिला कलेक्टरों को नवीन शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले जाति प्रमाण-पत्र के लम्बित प्रकरणों का निराकरण करने के लिये परिपत्र जारी किया जाये। राज्य मंत्री श्री आर्य ने मंत्रालय के एनेक्सी भवन की प्रगति के संबंध में निर्माण एजेन्सी सीपीए के अधिकारियों से चर्चा की। इस मौके पर बताया गया कि एनेक्सी भवन की टेस्टिंग चल रही है, 30 जुलाई तक भवन तैयार हो जायेगा। भवन को फायर प्रूफ बनाया गया है। फर्नीचर के सैम्पल आ गये हैं। भवन का एक साल तक ठेकेदार द्वारा रख-रखाव किया जायेगा, उसके बाद टेंडर किया जायेगा। गो-डाउन का काम अगले जून माह तक पूरा हो जायेगा। पार्किंग की व्यवस्था भी शीघ्र शुरू होगी। श्री आर्य ने कहा कि 22 मई के बाद एनेक्सी भवन का निरीक्षण करेंगे। राज्य मंत्री श्री आर्य ने लोक सेवा केन्द्र के जरिये बच्चे का जाति प्रमाण-पत्र बनवाने आये आवेदन पर आवेदक श्री गोपाल सिंह मीना तहसील कालापीपल, जिला शाजापुर से दूरभाष पर चर्चा की। आवेदक द्वारा बताया गया कि अभी तक प्रमाण-पत्र नहीं बना है, कागजों की खाना पूर्ति भी कर दी गई है। श्री आर्य ने इस संबंध में शाजापुर कलेक्टर को मोबाइल पर संबंधित आवेदक के बारे में बताकर त्वरित निराकरण करने को कहा।
सौभाग्य योजना से 14 लाख 81 हजार से अधिक घरों में पहुँची बिजली
9 May 2018
मध्यप्रदेश में सौभाग्य योजना में अब तक 14 लाख 10 हजार 708 घरों में बिजली कनेक्शन कर दिये गये हैं। प्रदेश में कुल 28 लाख 80 हजार बिजली कनेक्शन विहीन घरों को अक्टूबर 2018 तक विद्युतीकृत करने का लक्ष्य है। इस योजना में अब तक 10 जिलों आगर-मालवा, मंदसौर, इंदौर, खण्डवा, नीमच देवास, रतलाम, हरदा, अशोकनगर और उज्जैन में विद्युतीकरण का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा कर सभी घर बिजली से रौशन कर दिए गए हैं। मध्यप्रदेश में केन्द्र सरकार के सहयोग से राज्य सरकार द्वारा बिजली विहीन सभी गरीब परिवारों के घरों में बिजली कनेक्शन किये जा रहे हैं। प्रदेश के तीन जिले सीहोर (99%), शाजापुर (99%) और भोपाल (96%) भी शीघ्र ही सौ फीसदी विद्युतीकरण की सूची में शामिल हो जायेंगे। अब तक पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने 20 जिलों के 15 लाख 7 हजार 20 घरों में बिजली कनेक्शन देने के लक्ष्य के विरूद्ध 4 लाख 69 हजार 153 घरों में बिजली कनेक्शन कर दिये गये हैं। मध्य क्षेत्र कंपनी ने 16 जिलों के 18 लाख 55 हजार 325 घरों के विद्युतीकरण के लक्ष्य के विरूद्ध 6 लाख 3 हजार 555 घरों में बिजली कनेक्शन देकर उन्हें रौशन किया है। पश्चिम क्षेत्र कंपनी द्वारा अक्टूबर तक क्षेत्र के 15 जिलों में 7 लाख 16 हजार 851 गरीब परिवारों के घरों में बिजली कनेक्शन देने के लक्ष्य के विरूद्ध 3 लाख 38 हजार घरों में बिजली कनेक्शन कर दिए गए हैं। सौभाग्य योजना में निर्धन परिवारों के घरों को मुफ्त बिजली कनेक्शन देने के लिये प्रदेश को 60 प्रतिशत राशि केन्द्र से अनुदान के रूप में मिलती है। शेष 40 प्रतिशत राशि का प्रबंध राज्य शासन एवं तीनों विद्युत कंपनी द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। इस योजना में आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े लोगों को नि:शुल्क बिजली कनेक्शन दिए जा रहे हैं। अन्य लोगों से 500 रुपए की राशि 10 किश्तों में मासिक विद्युत बिल के साथ ली जाती है।
जरबेरा फूलों की खेती से 30 लाख सालाना कमा रहे कृषक शरद सिंह
9 May 2018
एक एकड़ से कम रकबे में जरबेरा फूल उत्पादन से छिन्दवाड़ा जिले के किसान शरद सिंह सालाना 30 लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। कृषक शरद सिंह ने 4 हजार वर्ग मीटर में 3 साल पहले 58 लाख रुपये की लागत से पॉली-हाऊस बनाया। पॉली-हाऊस में जरबेरा फूलों के उत्पादन से लगातार 30 लाख रुपये सालाना से ज्यादा की कमाई कर कृषक शरद ने इतिहास रचा है। कृषक शरद को पॉली-हाऊस बनाने के लिये 50 प्रतिशत शासकीय अनुदान के रूप में 28 लाख रुपये की मदद मिली थी। इसे पॉली-हाऊस से सालाना 7-8 लाख जरबेरा फूलों की स्टिक प्राप्त होती है। यह स्टिक 5 रुपये प्रति स्टिक के भाव से कुल 35 से 40 लाख रुपये में बाजार में बिकती है। तमाम खर्चें निकालकर उन्हें शुद्ध रूप से 30 लाख रुपये से अधिक की सालाना आय होती है। कृषक शरद सिंह ने साबित कर दिया है कि फूलों की व्यावसायिक खेती को नई तकनीक से किया जाये, तो यह बहुत फायदेमंद व्यवसाय है। मार्केट में फूलों की बिक्री की कोई समस्या नहीं है। शरद के जरबेरा फूल नागपुर की मंडी में बिकते हैं। इन फूलों की सुन्दरता और बड़े आकार के कारण मार्केट में इनकी माँग दिनों-दिन बढ़ती जा रही है।
श्रमिक हीरालाल को भी मिला पक्का मकान
9 May 2018
सिवनी जिले के कंडीपार गाँव में श्रमिक हीरालाल तेकाम का भी अब पक्का मकान है। हीरालाल का अपना पक्का मकान प्रधानमंत्री आवास योजना में मिली आर्थिक मदद से बना है। श्रमिक हीरालाल वर्षों से अपने परिवार के साथ कच्चे झोपड़ीनुमा मकान में रहता था। हर मौसम में चाहे सर्दी हो, गर्मी हो या बरसात हो; हमेशा कुछ-ना-कुछ परेशानी बनी रहती थी। मजदूरी से इतनी बचत भी नहीं थी कि अपना पक्का मकान बना सके। पक्का बनाने का उनका सपना वास्तव में सपना ही रह जाता, अगर प्रधानमंत्री आवास योजना में उसे मकान नहीं मिलता। हीरालाल और उसका परिवार अब बहुत खुश है। इसके पक्के मकान में शौचालय भी बन गया है। अब श्रमिक हीरालाल सपरिवार अपने पक्के मकान में आराम से रहता है। सर्दी, गर्मी और बरसात की परेशानियों से इस परिवार को हमेश के लिये मुक्ति मिल गई है।
भारत के नव-निर्माण में मध्यप्रदेश की होगी विशेष भूमिका- मुख्यमंत्री श्री चौहान
8 May 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि ये भारत के नव-निर्माण में मध्यप्रदेश विशेष भूमिका अदा करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत तेजी से बदल रहा है। विकास के हर क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियाँ हासिल करते हुए मध्यप्रदेश अब बीमारू राज्य की श्रेणी से बाहर आ गया है। विकास दर दो अंकों में बनी हुई है और कृषि विकास दर देश में सबसे ज्यादा है। श्री चौहान ने कहा कि निरंतर प्रयासों से मध्यप्रदेश को बदल देंगे। श्री चौहान आज स्मार्ट सिटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के प्रथम सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन शहरी विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा किया गया है। इसमें देशभर से 77 मुख्य कार्यपालन अधिकारी भाग ले रहे हैं। केन्द्रीय शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि स्मार्ट सिटी के लिये श्री शिवराज सिंह चौहान जैसा मुख्यमंत्री चाहिए। उन्होंने स्मार्ट सिटी को 'वेव ऑफ फ्यूचर' बताते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी के लिये जलवायु परिवर्तन, शिक्षा, सुरक्षा, सीवेज, उद्यमिता, कौशल विकास जैसे विषयों पर सलाहकार समितियां बनाई जायेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्ट सिटी बनने के साथ मानसिकता बदलेगी। उन्होंने स्वच्छता मिशन का उदाहरण देते हुए कहा कि अब यह जन-आंदोलन बन गया है। लोगों की मानसिकता में परिवर्तन आया है। ऐसे ही जब स्मार्ट शहर अपना स्वरूप ले रहे हैं, तो नागरिकों की अपने शहर को लेकर मानसिकता में सकारात्मक परिवर्तन आयेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों की जिन्दगी बदलेगी तो देश भी बदल जायेगा। भोपाल महापौर श्री आलोक शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान के नेतृत्व में स्मार्ट शहरों के काम में तेजी आई है। मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह ने कहा कि स्मार्ट शहर के नियोजन और प्रबंधन की शुरूआत मध्यप्रदेश से हुई। श्री चौहान ने स्मार्ट सिटी परियोजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। स्मार्ट सिटी मिशन भारत सरकार के संचालक श्री समीर शर्मा ने आभार व्यक्त किया। अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किये गये। एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर ; एक परिचय सम्मेलन से पहले मुख्यमंत्री ने स्थानीय गोविंदपुरा क्षेत्र में स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर और इन्क्यूबेशन सेंटर का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने सेंटर की सभी शाखाओं और डाटा प्रोसेसिंग एवं विश्लेषण की प्रणाली का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के संचालन में यह सेंटर केंद्रीय भूमिका निभाएगा। श्री चौहान ने कहा कि सभी चयनित स्मार्ट शहरों में एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर स्थापित किये जायेंगे। एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर शहर में उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं को समाहित कर एक ही स्थान पर प्लेटफार्म प्रदाय करेगा। सेंटर से परिवहन, जल, अग्नि पुलिस, मौसम विज्ञान, ई-गवर्नेंस जैसे विभिन्न विभागों से प्राप्त जानकारी का एक मंच पर समाधान और विश्लेषण किया जायेगा। इसके अलावा संपूर्ण शहर की जानकारी प्राप्त कर विश्लेषण के बाद आवश्यक प्रक्रिया से तत्काल संबंधित को कार्यवाही के लिए प्रेषित किया जायेगा। शहर में लगे सभी सेंसर्स जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट बसों में लगे जीपीएस सेंसर्स, डायल-100 वाहन की स्थिति, 108 एम्बुलेंस की स्थिति, स्मार्ट पोल एवं स्मार्ट लाइट, ट्रैफिक मैनेजमेंट कैमरे, पब्लिक बाईक शेयरिंग, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, मौसम विभाग, सोलर पैनल्स, स्मार्ट मैप इत्यादि व्यवस्था एवं परियोजनाओं का डाटा यहां स्टोर होगा। इस सेंटर में पूरे शहर की व्यवस्थाएं एक ही छत के नीचे रियल टाईम में देखी जा सकेंगी। सेंटर से आपातकालीन स्थिति एवं आपदा प्रबंधन में तुरंत कार्यवाही करने में सहयोग मिलेगा। दुर्घटना या किसी अन्य आपात स्थिति में नियंत्रण कक्ष से लाइव वीडियो देखकर जरूरी सेवाओं जैसे फायर बिग्रेड, डायल-100 एवं 108 एम्बुलेंस को तुरंत सूचित किया जा सकेगा। इस मॉडल में शहर का डाटा, डाटा सेंटर में स्टोर किया जायेगा, जिसका समय-समय पर विश्लेषण होगा। यह डाटा एनालिसिस शहर की सेवाओं के संदर्भ में विभागीय योजना बनाने एवं उनमें परिवर्तन आदि के निर्णय लेने में सहायक होगा, प्रशासन की सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने में महत्वपूर्ण साबित होगा। गवर्नेंस के लिये हर स्थिति में नियंत्रण बनाये रखने में यह केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा। इन्क्यूबेशन सेंटर शहर के युवाओं में उद्यमशीलता का विकास करने और नए स्टार्टअप शुरू करने के लिये जरूरी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिये इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना की गई है। यहाँ युवkओं को स्टार्टअप के संबंध में तकनीकी ज्ञान, व्यवसाय संबंधी सभी पहलुओं और संभावित जोखिमों के बारे में जानकारी के साथ सहायता उपलब्ध करवाई जायेगी। सम्मेलन में सहकारिता राज्य मंत्री श्री विश्वास सारंग, सांसद श्री आलोक संजर, पूर्व मंत्री श्री बाबूलाल गौर, केन्द्रीय अपर सचिव सह मिशन डायरेक्टर स्मार्ट सिटी डॉ. समीर शर्मा, केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य सचिव श्री दुर्गा शंकर मिश्रा, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री विवेक अग्रवाल उपस्थित थे।
राज्यपाल द्वारा कर्मचारियों के स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण
8 May 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज राजभवन डिस्पेंसरी में पुरूष कर्मचारियों के स्वास्थ्य की जाँच के लिए आयोजित शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने डॉक्टरों से कर्मचारियों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। राज्यपाल ने शिविर में हड्डी की जांच करने वाली बी.एम.डी. मशीन से अपने पैर की जाँच कराई। शिविर का आयोजन मध्यप्रदेश रेडक्रास सोसायटी के स्थापना दिवस पर सोसायटी द्वारा किया गया था। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने शिविर में दन्त रोग की जाँच करवा रहे एक कर्मचारी के बारे में डॉक्टर से उसके रोग के कारण के बारे में मालूम किया। डॉक्टर ने बताया कि इस कर्मचारी को गुटका अधिक खाने के कारण दन्त रोग हो गया है। राज्यपाल ने कर्मचारियों को सलाह दी कि वे गुटके की बजाए फल अथवा पौष्टिक चीजों का सेवन करें। इससे स्वास्थ्य ठीक रहेगा और इलाज के पैसे भी बचेंगे। शिविर में 195 कर्मचारियों के रजिस्ट्रेशन किये गये और 158 लोगों का परीक्षण किया गया। शिविर में 102 कर्मचारियों का ईसीजी किया गया और 167 की खून की जाँच तथा 146 कर्मचारियों की हड्डी की जाँच की गई। इसके अतिरिक्त कर्मचारियों की नाक, कान, गला, दाँत, त्वचा रोग की जाँच भी की गई। राज्यपाल ने होम्योपैथी चिकित्सा कक्ष का भी निरीक्षण किया तथा रोगियों के संबंध में जानकारी ली।
बसामन मामा गौवंश वन्य विहार का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करायें :उद्योग मंत्री श्री शुक्ल
8 May 2018
उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने आज रीवा जिले के सेमरिया में निर्माणाधीन बसामन मामा गौवंश वन्य विहार का अवलोकन किया तथा निर्देश दिये की निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा करवाया जाए। उन्होंने कहा कि वन्य विहार को हरा-भरा और सुरम्य बनाया जायेगा। श्री शुक्ल ने बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में बनाये जा रहे पशु एवं भूसा शेड के निर्माण कार्य का अवलोकन किया। उन्होंने पशुओं के पानी पीने के लिए माकूल व्यवस्था करने के निर्देश भी दिये। उन्होंने कहा कि वन्य विहार को हरा भरा बनाने के लिये पौधरोपण कराया जाय ताकि गायों को छायादार वृक्षों का आश्रय मिल सके। उद्योग मंत्री ने कहा कि गौवंश वन्य विहार मे चारागाह विकास सहित पौधरोपण के कार्य भी कराये जायें। उद्योग मंत्री ने बताया कि 22.5 एकड़ राजस्व भूमि 50 एकड़ चरनोई भूमि में निर्मित हो रहे गौवंश वन्य विहार में 5600 गौवंश संरक्षित रखे जा सकेंगे। प्रारंभिक स्थिति में 500 से 1000 गौवंश रखे जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जा रही है।
मध्यप्रदेश में चलाया जाएगा "एक्सेसेबिल एम.पी. अभियान
8 May 2018
पंचायत एवं ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में भारत सरकार के 'एक्सेसेबिल इंडिया' की तर्ज पर एक्सेसेबिल एम.पी. अभियान चलाया जायेगा। इसके लिये मध्यप्रदेश दिव्यांगजन अधिकार नियम-2017 के अन्तर्गत दिव्यांगजन के लिये बेहतर माहौल बनाने में राज्य सलाहकार बोर्ड मदद करेगा। आज हुई राज्य सलाहकार बोर्ड की प्रथम बैठक में यह जानकारी दी गई। मंत्री श्री भार्गव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार पूर्व से ही दिव्यांगजनों के लिये बेहतर वातावरण बनाने के लिये कृत-संकल्पित होकर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि शासकीय कार्यालयों में दिव्यांगजनों के लिये बाधारहित वातावरण निर्मित करने के क्रम में इंदौर और भोपाल के 50-50 कार्यालयों में 4 करोड़ रुपये लागत से निर्माण कार्य कराये जा रहे हैं। भविष्य में बनने वाले सभी भवनों में दिव्यांगजनों के लिये यह व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 40 प्रतिशत विकलांगता पर विकलांग पेंशन दी जा रही है, जबकि भारत सरकार द्वारा 80 प्रतिशत विकलांगता पर पेंशन दी जाती है। मध्यप्रदेश में शासकीय नौकरियों में 6 प्रतिशत स्थान दिव्यांगजनों के लिये आरक्षित किये गये हैं। श्री गोपाल भार्गव ने बताया कि निजी क्षेत्र में भी दिव्यांगजनों के लिये 5 प्रतिशत आरक्षण विचाराधीन है। राज्य सरकार द्वारा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी दिव्यांगजनों के लिये 5 प्रतिशत स्थान आरक्षित किये गये हैं। उन्होंने कहा कि औद्योगिक संस्थाओं, बस, ट्रांसपोर्ट और अन्य निजी संस्थाओं के साथ पृथक से बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में विधायक सुश्री पारुल साहू सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे
राज्य शासन द्वारा सातवें वेतनमान में 2 प्रतिशत और छठवें वेतनमान में 3 प्रतिशत की वृद्धि
8 May 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में शासकीय सेवको/पेंशनरों/स्थानीय निकायों में नियोजित अध्यापक सवंर्ग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के पंचायत सचिवों तथा स्थायी कर्मी को देय महंगाई भत्ता/राहत की दर में एक जनवरी 2018 से सातवें वेतनमान में 2 प्रतिशत और छठवें वेतनमान में 3 प्रतिशत की वृद्धि का निर्णय लिया गया। महंगाई भत्ते की प्रस्तावित वृद्धि का नगद भुगतान जनवरी 2018 (माह जनवरी 2018 का वेतन माह फरवरी 2018 में देय होगा) से किया जायेगा। संविदा नियुक्ति नियम में संशोधन मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश सिविल पदों पर संविदा नियुक्ति नियम 2017 में प्रशासनिक सुविधा की दृष्टि से संशोधन करने का निर्णय लिया है। इसमें नियम 4 (4) स्थापित किया गया इसके द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग की सहमति से विभागीय सेटअप में नियमित स्थापना में स्वीकृत ऐसे पद/पदोन्नति से भरे जाने वाले ऐसे पद जिनकी पूर्ति में अपरिहार्य कारणों से एक वर्ष से अधिक अवधि लगना संभावित हो, के लिए संविदा नियुक्ति बाबत प्रावधान किये गये। संविदा नियुक्ति के मामलों में छानबीन समिति का प्रावधान किया गया है। समिति की सिफारिश पर प्रकरण मंत्रि-परिषद के आदेशार्थ प्रस्तुत करने के प्रावधान किये गये हैं। सार्वजनिक उपक्रम/निगम/मंडल/आयोग/विश्वविद्यालय में भी संविदा नियुक्ति के लिए प्रावधान किये गये हैं। छिंदवाड़ा एवं सिवनी की भारिया जनजाति को भी लाभ मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण) नियम 1998 के नियम 4-ख में संशोधन कर जिला छिंदवाड़ा एवं सिवनी के भारिया जनजाति के ऐसे आवेदक को जो संविदा शाला शिक्षक या तृतीय/चतुर्थ श्रेणी के किसी भी पद के लिए या वनरक्षक (कार्यपालिक) के लिये आवेदन करता है और उस पद के लिये विहित की गई न्यूनतम अर्हता रखता है, तो उसे भर्ती प्रक्रिया अपनाये बिना उक्त पद पर नियुक्त करने का निर्णय लिया गया। पहले यह प्रावधान केवल छिंदवाड़ा जिले के तामिया विकासखण्ड के लिये था। शासकीय शिक्षा और खेलकूद का सुदढ़ीकरण योजना मंत्रि-परिषद ने शासकीय शिक्षा एवं खेलकूद का सुद्ढ़ीकरण योजना को वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 तक वित्तीय आकार राशि 20 करोड़ रूपये निर्धारित कर निरंतर रखने की मंजूरी दी है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के चार अस्थाई पद मंत्रि-परिषद ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय भोपाल के चार अस्थाई पद आगामी चार (वर्ष एक मार्च 2018 से 28 फरवरी 2022) तक निरंतर रखने की स्वीकृति दी। सिंचाई परियोजना एवं विशेष पुनर्वास पैकेज मंत्रि-परिषद ने धार जिले की रिंगनोद लघु सिंचाई परियोजना की 425 हेक्टेयर रबी सिंचाई के लिये 25 करोड़ 58 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति दी। मंत्रि-परिषद ने राजगढ़ जिले की पार्वती परियोजना के कुल सैंच्य क्षेत्र 48,000 हेक्टेयर के लिए 1815 करोड़ 54 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति दी। परियोजना से राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ तथा ब्यावरा एवं भोपाल जिले की बैरसिया विकासखण्ड के 132 ग्राम लाभांवित होंगे। मंत्रि-परिषद ने लोअर ओर वृहद सिंचाई परियोजना के लिये भू-अर्जन अधिनियम 2013 एवं पुनर्वास नीति 2002 के अनुसार भू-अर्जन एवं पुनर्व्यवस्थापन के लिये परियोजना प्रतिवेदन के अनुसार अनुमानित व्यय के अतिरिक्त डूब क्षेत्र के कृषकों को विशेष पुनर्वास पैकेज का लाभ देने का निर्णय लिया। इसके फलस्वरूप शासन द्वारा इस परियोजना में भू-अर्जन एवं पुनर्वास पर 199 करोड़ 56 लाख के स्थान पर 236 करोड़ 10 लाख की राशि व्यय की जायेगी। मंत्रि-परिषद ने बरखेड़ा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए भू-अर्जन अधिनियम 2013 एवं पुनर्वास नीति 2002 के अनुसार भू-अर्जन एवं पुनर्व्यवस्थापन के लिये परियोजना प्रतिवेदन अनुसार अनुमानित व्यय के अतिरिक्त डूब क्षेत्र के कृषकों को विशेष पुनर्वास पैकेज का लाभ देने का निर्णय लिया। मंत्रि-परिषद ने कारम मध्यम सिंचाई परियोजना के लिये भू-अर्जन अधिनियम 2013 एवं पुनर्वास नीति,2002 के अनुसार भू-अर्जन एवं पुनर्व्यवस्थापन के लिये परियोजना प्रतिवेदन अनुसार अनुमानित व्यय के अतिरिक्त डूब क्षेत्र के कृषकों को विशेष पुनर्वास पैकेज का लाभ देने का निर्णय लिया। परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति में भू-अर्जन एवं पुनर्वास कार्य के लिये 49 करोड़ 55 लाख रूपये का प्रावधान है। डूब क्षेत्र के ऐसे कृषक, जिनकी भू-अर्जन अधिनियम,2013 के तहत सोलेशियम सहित मुआवजा राशि 10 लाख रूपये प्रति हेक्टेयर से कम है, को विशेष पुनर्वास पैकेज में न्यूनतम 10 लाख रूपये प्रति हेक्टेयर की दर से एकमुश्त राशि देने की स्थिति में भू-अर्जन एवं पुनर्वास पर 46 करोड़ 35 लाख रूपये की राशि व्यय की जायेगी। मंत्रि-परिषद ने छीताखुदरी मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए भू-अर्जन अधिनियम,2013 एवं पुनर्वास नीति,2002 के अनुसार भू-अर्जन एवं पुनर्व्यवस्थापन के लिये परियोजना प्रतिवेदन अनुसार अनुमानित व्यय के अतिरिक्त डूब क्षेत्र के कृषकों को विशेष पुनर्वास पैकेज का लाभ देने का निर्णय लिया। परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति में भू-अर्जन एवं पुनर्वास कार्य के लिये 91 करोड़ 29 लाख रूपये का प्रावधान है। डूब क्षेत्र के ऐसे कृषक जिन्हें भू-अर्जन अधिनियम 2013 में सोलेशियम सहित मुआवजा राशि 10 लाख रूपये प्रति हेक्टेयर से कम है, को विशेष पुनर्वास पैकेज में न्यूनतम 10 लाख रूपये प्रति हेक्टेयर की दर से एकमुश्त राशि देने की स्थिति में भू-अर्जन एवं पुनर्वास पर 79 करोड़ 37 लाख रूपये की राशि व्यय की जायेगी। चिकित्सा महाविद्यालय मंत्रि-परिषद ने चिकित्सा महाविद्यालय रतलाम के भवन एवं परिसर निर्माण की स्वीकृत राशि 259 करोड़ 65 लाख रूपये को बढ़ाते हुए 295 करोड़ 65 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी। मंत्रि-परिषद ने चिकित्सा महाविद्यालय शहडोल के भवन एवं परिसर निर्माण की स्वीकृत राशि 224 करोड़ 31 लाख को बढ़ाते हुए 303 करोड़ 27 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी। मंत्रि-परिषद ने जबलपुर में टी.बी. चेस्ट उपचार यूनिट का उन्नयन कर इसे राष्ट्रीय स्तर का उच्च स्तरीय केन्द्र बनाने की परियोजना की 538 लाख 43 हजार की पुनरी‍क्षित प्रशासकीय स्वीकृति बढ़ाकर 24 करोड़ 75 लाख 66 हजार रूपये की स्वीकृति दी। उन्नयन के लिये आवश्यक पूंजी निवेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा किया जायेगा। उन्नयन के लिये 108 पदों का सृजन करने की प्रशासकीय स्वीकृति भी दी गई। मंत्रि-परिषद ने रीवा स्थित मानसिक आरोग्यशाला में भारत शासन के राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत फैकल्टी सपोर्ट योजना में 5 नियमित पदों की संरचना करने का निर्णय लिया। मंत्रि-परिषद ने योजना अन्तर्गत पदों के लिए प्रथम 4 वर्ष के बाद इन पदों पर होने वाला व्यय राज्य शासन द्वारा वहन करने का अनुमोदन दिया। मानव अंग प्रतिरोपण मंत्रि-परिषद ने मानव अंग प्रतिरोपण अधिनियम,1994 (1994 का 42) की धारा 1 की उपधारा (2) और (3) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए तथा भारत के संविधान के अनुच्छेद 252 के खण्ड (1) के अनुसरण में मध्यप्रदेश राज्य में उक्त अधिनियम के उपबंधों के क्रियान्वयन द्वारा उनके प्रयोजनों को प्राप्त करने के लिए अंगीकृत करने का निर्णय लिया। नवीन संकाय खोलने के लिये अनुदान मंत्रि-परिषद ने शासकीय महाविद्यालयों में नवीन संकाय शुरू करने के दृष्टिकोण से अधिकाधिक विद्यार्थियों को लाभांवित करने के उद्देश्य के साथ उच्च शिक्षा विभाग की योजना 'नवीन संकाय खोलने हेतु अनुदान' को निरंतर रखते हुए आगामी तीन वर्ष के लिए 8 करोड़ 19 लाख 44 हजार रूपये की सैद्धांतिक स्वीकति दी। स्मार्ट सिटी मिशन मं‍त्रि परिषद ने प्रदेश में स्मार्ट सिटी मिशन योजना को पूर्व स्वीकृति अनुसार निरंतर रखने का अनुमोदन दिया। इसके लिए एक स्मार्ट सिटी के लिए 1000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। योजना में भारत सरकार द्वारा 5 वर्षों में 100 करोड़ रूपये प्रति शहर प्रतिवर्ष के मान से 500 करोड़ की राशि प्रत्येक स्मार्ट सिटी शहर को अनुदान के रूप में दी जायेगी और उतनी ही राशि राज्य शासन द्वारा दी जायेगी। योजना के प्रथम चरण में भोपाल, इन्दौर और जबलपुर, ‍‍दितीय चरण में उज्जैन और ग्वालियर तथा तृतीय चरण में सागर और सतना शहरों का चयन किया गया है। यह योजना 25 जून 2015 में शुरू की गई है। योजना के जरिये प्रदेश के सात शहरों का चयन प्रतिस्पर्धा के माध्यम से किया गया है।
मध्यप्रदेश के आर्गनिक कॉटन की बेहतर मार्केटिंग व्यवस्था जरूरी
8 May 2018
किसान-कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन ने कहा है कि मध्यप्रदेश आर्गनिक कॉटन के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में गिना जाता है। दुनिया के आर्गनिक कॉटन के कुल उत्पादन का 25 प्रतिशत उत्पादन मध्यप्रदेश में होता है। इसलिये प्रदेश में पैदा होने वाले आर्गनिक कॉटन की राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय-स्तर पर बेहतर मार्केटिंग की आवश्यकता है। श्री बिसेन आज आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी में जैविक कपास सम्मेलन में यह बात कही। किसान-कल्याण मंत्री श्री बिसेन ने कहा कि मेडिकल के क्षेत्र में आर्गनिक कॉटन की माँग बढ़ी है। प्रदेश के निमाड़ क्षेत्र की उत्कृष्ट कपास उत्पादन के लिये देशभर में विशिष्ट पहचान है। पिछले तीन-चार वर्षों में निमाड़ क्षेत्र में आर्गनिक कॉटन उत्पादन में किसानों ने रुचि दिखाई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में जैविक उत्पादों को बढ़ावा देने के लिये वर्ष 2011 में जैविक नीति तैयार की है। इसमें किसानों को अनुदान के साथ-साथ अनेक सुविधाएँ दी जा रही हैं। किसानों की आय दोगुनी करने के उपायों की चर्चा करते हुए श्री बिसेन ने कृषि क्षेत्र में कार्यरत स्वयंसेवी संगठनों से राज्य सरकार के साथ मिलकर कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन करने का आग्रह किया। प्रमुख सचिव किसान-कल्याण तथा कृषि विकास विभाग श्री राजेश राजौरा ने सम्मेलन में बताया कि प्रदेश में पहले वीटी कॉटन आया, लेकिन यह किसानों की लागत को कम करने में ज्यादा कारगर साबित नहीं हुआ। आर्गनिक कॉटन की चुनौतियों की चर्चा करते हुए श्री राजौरा ने कहा कि खरगोन, बड़वानी, झाबुआ और निमाड़ के कुछ जिलों में उत्कृष्ट स्तर का आर्गनिक कॉटन उत्पादित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश का जैविक खेती का क्षेत्रफल पिछले 7 वर्षों में 7 गुना बढ़कर करीब 6 लाख हेक्टेयर हो गया है। प्रमुख सचिव ने बताया कि आर्गनिक कॉटन की बदौलत जैविक उत्पाद निर्यात को 600 करोड़ से बढ़ाकर 1000 करोड़ रुपये तक पहुँचाया जा सकता है। प्रमुख सचिव ने बताया कि मण्डला में जैविक कृषि संस्थान, जबलपुर में जैविक उत्पाद टेस्टिंग सेंटर और खण्डवा में आर्गनिक कॉटन शोध संस्थान शुरू किये जा रहे हैं। सम्मेलन को प्रतिभा सिंटेक्स के सीईओ श्री श्रेयस्कर चौधरी, सी एण्ड ए फाउण्डेशन की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुश्री लेसली जॉनस्टॉन ने भी संबोधित किया। तीन सत्रों में हुई चर्चा आर्गनिक कॉटन सम्मेलन में तीन सत्रों में कृषि विशेषज्ञों और प्रगतिशील किसानों ने कपास उत्पादन और उसकी मार्केटिंग के बारे में विचार रखे। संचालक किसान-कल्याण श्री मोहन लाल ने जैविक खेती के लिये तैयार किये गये क्लस्टर की जानकारी दी। सत्रों में जैविक कपास के सुदृढ़ीकरण और सहयोगी उद्योग, जैविक कपास उत्पादन से जुड़े किसानों के जीवन-स्तर में सुधार और सार्वजनिक संस्थानों की भूमिका विषय पर भी कृषि विशेषज्ञों ने विचार रखे। सम्मेलन का आयोजन किसान-कल्याण एवं कृषि विकास विभाग और सी एण्ड ए फाउण्डेशन ने मिलकर किया था। सम्मेलन में प्रगतिशील किसानों का सम्मान किया गया। इन किसानों ने आर्गनिक कॉटन पैदा करने के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया है।
उज्जवला योजना से धुआँ रहित हो गई रसोई
8 May 2018
नरसिंहपुर जिले की करेली तहसील के खेरनिका गांव की सियाबाई की रसोई में अब धुआँ नहीं होता। उज्जवला योजना में मिले नि:शुल्क घरेलू गैस कनेक्शन से यह संभव हुआ है। पहले सियाबाई लकड़ी और कंड़ों से चूल्हा जलाती थी, धुएँ से इसके आँखों में जलन होती थी। खेरनीका गाँव की ही लक्ष्मी के लिये भी गैस चूल्हे पर भोजन बनाना अब आसान हो गया है। इसी गाँव की भागवती बाई ने बताया कि गैस चूल्हे पर भोजन बनाने में अब ज्यादा समय नहीं लगता। खेरीनाका गाँव की महिलाओं ने बताया कि गैस चूल्हा का सावधानीपूर्वक और समझदारी से उपयोग किये जाये, तो एक गैस सिलेंण्डर एक महीने की जगह दो माह तक चलता है। खेरीनाका ग्राम पंचायत में 45 गरीब परिवारों की महिलाओं को उज्जवला योजना में गैस कनेक्शन दिये गये हैं।
गरीबों को मिलेगी मुफ्त चिकित्सा सुविधा : मुख्यमंत्री श्री चौहान
7 May 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहां डॉ. कैलाश नाथ काटजू अस्पताल में 100 बिस्तर के नवीन बहुमंजिला भवन के निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया। इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता, सांसद भोपाल श्री आलोक संजर और स्वास्थ विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने भूमि-पूजन कार्यक्रम में कहा कि गरीबों को इलाज की सुविधा मुफ्त में उपलब्ध होगी। उन्होंने सक्षम लोगों का आव्हान किया कि वे जरूरतमंद गरीबों को सरकार की गरीब कल्याण योजनाओं का लाभ दिलाने में स्व-प्रेरणा से मदद करें। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में काटजू अस्पताल में बीस बिस्तर की सुविधा है। अब यह स्वास्थ सुविधाओं की दृष्टि से सर्व-सुविधा संपन्न बनेगा। इसमें सुविधायुक्त लेबर रूम, ओपीडी और ऑपरेशन थीएटर होगा। यह क्षेत्र के लोगों के लिए वरदान साबित होगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आम लोगों की सहूलियत के लिये 'फूड सेफ्टी ऑन व्हील' वाहन को रवाना किया। इस वाहन में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता का परीक्षण करने का किट भी उपलब्ध रहेगा। आम नागरिक इसका लाभ उठा सकते हैं।
राज्यपाल श्रीमती पटेल ने ओंकारेश्वर ज्योर्तिलिंग के दर्शन किये
7 May 2018
राज्यपाल श्रीमती आनन्दीबेन पटेल ने आज ओंकारेश्वर में ज्योर्तिलिंग के दर्शन किये और पूजा-अर्चना की। श्रीमती पटेल ने मंदिर में किये गये विकास कार्यों का अवलोकन भी किया। श्रीमती पटेल को मंदिर समिति द्वारा स्मृति-चिन्ह भेंट किया गया। राज्यपाल ने सैलानी टापू भ्रमण भी किया।
नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों के लिये होगी अलग-अलग तहसील : मंत्री डॉ. मिश्र
7 May 2018
जनसम्पर्क, जल-संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने दतिया में नवीन कलेक्ट्रेट परिसर में 72 लाख रुपए लागत से बने नवीन तहसील भवन का लोकार्पण किया। डॉ. मिश्र ने इस मौके पर बताया कि नागरिकों की सुविधा के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने एक लाख से अधिक आबादी वाले नगरों में दो तहसील बनाई हैं। इस व्यवस्था में ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्र के लिए अलग-अलग तहसील रहेगी। उन्होंने कहा कि दो तहसीलें बन जाने से नागरिकों को राजस्व संबंधी कार्यों में काफी सहूलियत रहेगी। डॉ. मिश्र ने कहा कि शीघ्र ही दतिया में सिटी बस सेवा प्रारंभ की जायेगी, ताकि लोग नवीन कलेक्ट्रेट, मेडिकल कॉलेज, जिला चिकित्सालय, कोर्ट भवन सहित अन्य स्थानों पर आसानी से आ-जा सकें। इस अवसर पर विधायक श्री प्रदीप अग्रवाल और अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। गोराघाट ग्राम सभा में डॉ. मिश्र : जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र ग्राम गोराघाट में हुई ग्रामसभा में सम्मिलित हुए। ग्राम सभा में मुख्यमंत्री श्रमिक सुरक्षा योजना में पंजीकृत श्रमिकों को शासन की योजनाओं के फायदों की जानकारी दी गई। इस दौरान गोराघाट पंचायत में 541 श्रमिकों का पंजीयन हुआ। डॉ. मिश्र ने ग्रामसभा में कहा कि ग्रामवासी यहाँ मिली योजनाओं की जानकारी का आगे बढ़कर लाभ भी प्राप्त करें
असंगठित श्रमिक कल्याण योजनाओं पर रीवा जिले में हुई विशेष ग्रामसभा
7 May 2018
रीवा जिले की सभी ग्राम पंचायतों में असंगठित क्षेत्र के श्रमिक भाई-बहनों को श्रमिक सुरक्षा एवं श्रमिक कल्याण योजनाओं की जानकारी देने के लिये आज विशेष ग्रामसभा का आयोजन रीवा जिले में हुआ। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने विशेष ग्रामसभाओं को संबोधित किया। उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ग्राम पंचायत कोठी की ग्रामसभा में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जिले के अधिकारियों का कर्त्तव्य है कि वे योजना का लाभ असंगठित क्षेत्र के सभी श्रमिकों को दिलवायें। प्रभारी कलेक्टर श्री मयंक अग्रवाल ने बताया कि जिले में 6 लाख 47 हजार से अधिक असंगठित कामगारों का पंजीयन किया गया है। कोठी गाँव में 1151 पंजीकृत कामगारों में से 521 कामगारों का सत्यापन हो चुका है। सार्वजनिक प्याऊ का शुभारंभ उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा में सांई मंदिर के पास सार्वजनिक प्याऊ का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि शहर के अनेक स्थानों पर सार्वजनिक प्याऊ शुरू कर दिये गये हैं। उन्होंने स्वयंसेवी संस्थाओं से आग्रह किया कि वे आगे आकर सामाजिक कार्यों में हिस्सा लें। इस मौके पर महापौर श्रीमती ममता गुप्ता एवं स्थानीय जन-प्रतिनिधि मौजूद थे।
नेशनल स्टील फर्नीचर" कारखाने के मालिक बने गफ्फार अंसारी
7 May 2018
प्राइवेट नौकरी से 8 हजार रुपये महीना कमाने वाले राजगढ़ जिले में सारंगपुर के गफ्फार अंसारी अब अपने नेशनल स्टील फर्नीचर कारखाने से साढ़े चार लाख रुपये सलाना आसानी से कमा रहे हैं। इन्हें आर्थिक रूप से इतना अधिक सक्षम बनाने में राज्य सरकार की मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना का अमूल्य योगदान है। कुछ दिनों पहले तक गफ्फार अंसारी और उनका परिवार तंगी में जीवन बिता रहा था। स्टील फर्नीचर बनाने का हुनर होने के बाद भी गफ्फार अपना कारोबार शुरू करने में असमर्थ थे। कारण था अंशपूँजी का अभाव। इसलिये एक प्राइवेट इण्डस्ट्री में 8 हजार रुपये महीने की नौकरी करते थे। एक दिन गफ्फार को मालूम हुआ कि हाथकरघा विभाग से मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना में कारोबार के लिये लोन और उस पर अनुदान भी मिलता है। बिना कोई देरी किये गफ्फार ने पहल की, तो इन्हें 7 लाख 70 हजार रुपये का लोन और उस पर अनुदान मिला। इन्होंने अपनी बचत की 2 लाख रुपये की अंशपूँजी को लोन की राशि में मिला कर 'नेशनल स्टील फर्नीचर' नाम से शानदार कारखाना शुरू किया। आज गफ्फार अंसारी अपने परिवार के साथ खुशहाल जिन्दगी बिता रहे हैं। अपने कारखाने में चार अन्य लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं। गफ्फार अंसारी का ' नेशनल स्टील फर्नीचर' सारंगपुर में जाना-माना नाम हो गया है। इनके कारखाने में लोहे और स्टील की जाली, फाटक, खिड़कियाँ, कृषि उपकरण, चैनल गेट, शटर आदि बड़ी खूबसूरती से बनाये जाते हैं। गफ्फार के अच्छे व्यवहार और सामानों की वाजिब कीमत के कारण इनका कारोबार दिन-दुनी-रात-चौगुनी तरक्की कर रहा है। इनके बच्चे अच्छे स्कूल में पढ़ रहे हैं। समाज और शहर में गफ्फार अंसारी का सम्मान बढ़ा है।
परिवार में बेटा-बेटी के साथ एक-समान व्यवहार होना चाहिये:राज्यपाल श्रीमती पटेल
6 May 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज उज्जैन में म.प्र पाटीदार समाज महिला संगठन के प्रान्तीय महाधिवेशन में कहा कि समाज में अच्छे काम कभी भी निरर्थक नहीं होते हैं। माताएं अपने स्वास्थ्य का खयाल रखें। अपनी बेटियों को पौष्टिक आहार दें एवं वर्ष में एक बार उनका हीमोग्लोबिन परीक्षण अवश्य करवायें, ताकि आने वाली पीढ़ी कुपोषण की शिकार नहीं हो। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि हर परिवार में बेटा-बेटी के साथ एक-समान व्यवहार होना चाहिये। बेटों की तरह बेटियों को भी खूब पढ़ायें और बेटे के समान ही ध्यान भी रखें। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। माताएं अपने बच्चों को आठ वर्ष की आयु तक अच्छे संस्कार दें। विवाह समारोह में अनावश्यक धनराशि व्यय नहीं करें। बचत राशि से बेटे-बेटियों को पढ़ाई और काम-धंधे में लगायें ताकि परिवार और समाज का समुचित विकास हो सके। उन्होंने कहा कि समाज में घूंघट प्रथा बन्द होना चाहिये। महिलाएं अपने अधिकार को पहचानें। लड़कों के मुकाबले और लड़कियों की संख्या का अनुपात कम हो रहा है। श्रीमती आनन्दीबेन पटेल ने कहा कि बाल विवाह जैसी कुरीति से बचना चाहिये। वयस्क होने पर ही बालक-बालिका का विवाह सम्पन्न कराया जाना चाहिये। उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं अपने भतीजे की कम उम्र में होने वाली शादी को रूकवाया था। अच्छे काम में थोड़ी तकलीफ जरूर आती है, परन्तु अच्छे काम करते रहना चाहिये। समाज में सुख-समृद्धि के लिये सबको मिलकर, संकल्प लेकर अच्छे काम के लिये आगे बढ़ते रहना चाहिये। म.प्र.पाटीदार समाज महिला संगठन की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा पाटीदार ने कहा कि समाज में फैली कुप्रथाओं को दूर करने के लिये महाधिवेशन बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में महिला सशक्तिकरण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी अनेकों योजनाएं द्वारा महिलाओं सशक्तिकरण के लिये कार्य कर रहा है। सभी को इन योजनाओं का लाभ लेना चाहिये। कार्यक्रम में जिला पंचायत रतलाम की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती निर्मला शंकर पाटीदार, गुजरात प्रान्त की साबरमती अहमदाबाद की पूर्व विधायक श्रीमती गीताबेन पटेल तथा पूर्व प्रान्ताध्यक्ष और जिला पंचायत इन्दौर की अध्यक्ष सुश्री कविता पाटीदार ने भी विचार व्यक्त किये। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने इस अवसर पर महिला संगठन द्वारा प्रकाशित पुस्तक 'कल्याणी' का विमोचन किया गया। जिला पंचायत बुरहानपुर की अध्यक्ष श्रीमती गायत्री पाटीदार, इन्दौर की समाजसेवी एवं शक्ति पम्प इंडिया की संचालिका श्रीमती इंदिरा पाटीदार, कृषि उपज मंडी भोपाल की अध्यक्ष श्रीमती श्यामा भागीरथ पाटीदार, बुरहानपुर की पूर्व महापौर श्रीमती माधुरी अतुल पटेल, अहमदाबाद गुजरात के ओमिया कैम्पस की प्रोफेसर श्रीमती रूपलबेन पटेल, मां-बेटी सम्मेलन की प्रणेता श्रीमती जागृतिबेन पटेल, बदनावर की समाजसेवी श्रीमती श्यामगिरी पाटीदार और दूर-दराज से आये पाटीदार समाज के महिला-पुरूष उपस्थित थे।
उच्च शिक्षा के लिये बच्चों का मार्गदर्शन करे कोली समाज : मुख्यमंत्री श्री चौहान
6 May 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कोली समाज का आव्हान किया है कि वह अपने बच्चों के लिये एक मार्गदर्शी टीम बनाये ताकि उन्हें उच्च शिक्षा के लिये परामर्श मिल सके। श्री चौहान ने कहा कि कोली समाज के सदस्यों में प्रतिभा, ऊर्जा और क्षमता की कमी नहीं है। उन्हें अवसर मिले, तो वे अभूतपूर्व कार्य कर सकते हैं। श्री चौहान ने कहा कि वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा समाज के परामर्श और मार्गदर्शन के अनुसार लगायी जायेगी। मुख्यमंत्री आज यहाँ स्थानीय दशहरा मैदान में अखिल भारतीय कोली समाज के प्रांतीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान ने कहा कि बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि बच्चों को पहली कक्षा से लेकर पी.एच.डी. तक की शिक्षा में राज्य सरकार हर सम्भव सहयोग करेगी। विदेशी शैक्षणिक संस्थानों में उच्च शिक्षा के लिये भी पूरी मदद दी जायेगी। श्री चौहान ने समाज के सदस्यों से कहा कि बेटियों की पढ़ाई पर भी विशेष ध्यान दें, बेटियों का हमेशा सम्मान करें। इस अवसर पर अखिल भारतीय कोली समाज के अध्यक्ष श्री कुंवरजी भाई बावलिया, विधायक श्री कुंवर जी कोठार और बड़ी संख्या में कोली समाज के युवक-युवती उपस्थित थे।
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन के प्रयास किये जायेंगे : मुख्यमंत्री श्री चौहान
6 May 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पिछड़ा वर्ग के लिये राज्य सरकार द्वारा केन्द्र सरकार से राष्ट्रीय आयोग गठित करने और उसे संवैधानिक दर्जा दिलाने का अनुरोध किया जायेगा। पिछड़ा वर्ग के युवाओं में प्रतिभा, क्षमता और योग्यता की कोई कमी नहीं है, इन्हें शिक्षा एवं रोजगार के क्षेत्र में सभी सुविधाएँ मुहैया करवाई जायेंगी। मुख्यमंत्री ने आज सागर के समीप ग्राम बामौरा में पिछड़ा वर्ग महाकुंभ को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने पिछड़ा वर्ग की 15 विभूतियों को म.प्र. रामजी महाजन पिछड़ा वर्ग सेवा राज्य पुरस्कार-2015 प्रदान किये। साथ ही वर्ष 2017-18 म.प्र. लोक सेवा आयोग द्वारा विभिन्न सेवाओं के लिये चयनित पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों को सम्मानित किया। श्री चौहान ने शासन की विभिन्न योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग के विकास के लिये 5973 करोड़ रूपये की राशि आर्थिक सहायता और अनुदान के रूप में खर्च की है। राज्य सरकार की यह कोशिश निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग स्व-रोजगार योजना में पिछले वित्त वर्ष में 111 करोड़ रूपये खर्च कर युवाओं को स्व-रोजगार से लगाया गया है। श्री चौहान ने प्रधानमंत्री फसल बीमा, मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि, समर्थन मूल्य पर अनाज खरीदी, स्व-रोजगार योजनाओं और मुख्यमंत्री असंगठित श्रमिक कल्याण योजना की जानकारी देते हुए अपील की कि 7 मई को अपनी ग्राम पंचायत में आयोजित विशेष ग्राम सभाओं में जरूर शामिल हों। उन्होंने श्रमिक बंधुओं से आग्रह किया कि विशेष ग्राम सभाओं में जाकर अपने पंजीयन का सत्यापन करायें और मुख्यमंत्री असंगठित श्रमिक कल्याण योजना का भरपूर लाभ उठायें। मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित विभूतियाँ मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा महाकुंभ में म.प्र. रामजी महाजन पिछड़ा वर्ग सेवा राज्य पुरस्कार-2015 से श्रीमती कान्ति पटेल, श्रीमती आशा साहू, श्रीमती माया विश्वकर्मा, श्रीमती अलका सैनी, श्रीमती बबीता परमार, श्रीमती यमुना कछावा, श्रीमती प्रीति सेन, सुश्री राजकुमारी कुसुम महदेले (जबलपुर), श्री सूरज सिंह मारण, डॉ जे.के. यादव, श्री राजेश दोडके, डॉ. भगवान भाई पाटीदार, श्री काशीराम यादव और श्री महेन्द्र कटियार को सम्मानित किया। इन विभूतियों को पुरस्कार स्वरूप एक-एक लाख रूपये, स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति-पत्र, शॉल-श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। स्व. श्री नारायण सिंह डागोर का मरणोपरांत पुरस्कार उनकी धर्मपत्नी श्रीमती चन्द्रादेवी ने प्राप्त किया। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती ललिता यादव ने समारोह की अध्यक्षता की। सांसद श्री लक्ष्मीनारायण यादव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव, गृह एवं परिवहन मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह, महापौर श्री अभय दर्रे, बुन्देलखंड विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष डा. रामकृष्ण कुसमरिया, विधायक श्री शैलेन्द्र जैन, श्रीमती पारूल साहू, श्री हरवंश राठौर, श्री प्रदीप लारिया, श्री महेश राय, श्री हर्ष यादव, म.प्र. राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री राधेलाल बघेल, पिछड़ा वर्ग तथा वित्त विकास निगम के अध्यक्ष श्री प्रदीप पटेल एवं अन्य स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र द्वारा छात्रावास का लोकार्पण
6 May 2018
जनसम्पर्क जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने आज दतिया नगर में जीएनएम (जनरल नर्सिंग मिडवाइफरी) प्रशिक्षण केन्द्र और छात्रावास का लोकार्पण किया। यह 10 करोड़ 36 लाख रूपए की लागत से निर्मित किया गया है। इस अवसर पर डॉ. मिश्र ने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में नर्स को सेवा का पर्याय माना गया है। दतिया में जीएनएम प्रशिक्षण केन्द्र की लगभग 150 पंजीकृत छात्राओं के लिए नवीन छात्रावास उपयोगी सिद्ध होगा। कार्यक्रम में सांसद डॉ. भागीरथ प्रसाद भी उपस्थित थे। ग्राम कमथरा में सड़क का शिलान्यास जनसम्पर्क मंत्री ने आज दतिया जिले के ग्राम कमथरा में प्रधानमंत्री सड़क ग्राम योजना के अंतर्गत 35 लाख रूपए की लागत से निर्मित की जाने वाली सड़क का शिलान्यास किया। जनसम्पर्क मंत्री ने इस अवसर पर ग्रामीणजन को मुख्यमंत्री मजूदर सुरक्षा योजना के लाभ बताते हुए सोमवार 7 मई को ग्रामसभाओं में शामिल होने का आग्रह किया। ग्राम सभाओं में पात्र व्यक्तियों के नाम सूची में सम्मिलित करने की कार्यवाही की जाएगी। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। समाजसेवियों का सम्मान जनसम्पर्क मंत्री ने आज दतिया में बाल प्रगति संस्थान के स्थापना दिवस कार्यक्रम में अनेक समाजसेवियों का सम्मान किया। उन्होंने संस्था द्वारा महिला संशक्तिकरण पर्यावरण संरक्षण और जरूरतमंदों को रोजगार उपलब्ध करवाने के क्षेत्र में किए गए कार्य की प्रशंसा की। कार्यक्रम में मंत्री डॉ. मिश्र का सम्मान भी किया गया।
प्रदेश में सड़कों का निर्माण युद्ध स्तर पर हुआ
6 May 2018
उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश में सड़कों का निर्माण युद्ध स्तर पर हुआ है। उन्होंने कहा कि सड़कों के निर्माण में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। श्री शुक्ल आज रीवा में 2296.10 लाख रुपये से बनने वाली 36 किलोमीटर सड़क के निर्माण कार्य के शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद श्री जनार्दन मिश्र ने की। श्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में सड़क, बिजली, पानी के साथ ही अन्य अधोसंरचना विकास के कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के संभागों में फोरलेन सड़कों के निर्माण किये जा रहे हैं। सड़कों के निर्माण से आवागमन सुगम होने के साथ ही विकास के नये द्वार भी खुलते हैं। उद्योग मंत्री ने बताया कि इस सड़क निर्माण से तीन विधानसभा क्षेत्र के लोगों को फायदा होगा। भारतमाला योजना में सतना-सेमरिया होकर शंकरगढ़ से इलाहाबाद तक के सड़क निर्माण की चर्चा करते हुए कहा कि यह सड़क भी इसी को जोड़ने का कार्य करेगी। 12 करोड़ लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मुख्यमंत्री अधोसंरचना मद से 6 किलोमीटर की कांक्रीट सड़क, मुख्यमंत्री पेयजल योजना से बनी उच्चस्तरीय टंकी तथा अमृत योजना में पाइप लाइन विस्तार के 12 करोड़ लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण किया। उद्योग मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा हितग्राही मूलक तथा जनोन्मुखी कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। श्री शुक्ल ने कहा कि लोगों की माँग पर किये गये सड़क निर्माण के कार्य से दलदल युक्त सड़क से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने कहा कि उच्चस्तरीय टंकी बन जाने से लोगों को शुद्ध पानी मिलेगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री शाह ने भाजयुमो के चलो पंचायत अभियान को सराहा​
​राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री शाह को 21000 पंचायतों की सूची युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष श्री पांडे ने सौंपी​

5 May 2018
भारतीय जनता पार्टी प्रदेश स्तरीय विस्तारक बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह को भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अभिलाष पांडे एवं अभियान के प्रदेश प्रभारी श्री चंद्रप्रकाश मिश्रा ने मोर्चा द्वारा प्रदेश की 21000 पंचायतों में गठित स्पेशल इलेवन की पुस्तिका भेंट की। राष्ट्रीय अध्यक्ष जी, मुख्यमंत्री जी, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जी ने मोर्चा के चलो पंचायत अभियान को सराहा। उक्त अवसर पर मंच पर मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री प्रभात झा, राष्ट्रीय महासचिव श्री कैलाश विजयवर्गीय, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री श्री रामलाल जी राष्ट्रीय मंत्री श्रीमती ज्योति धुर्वे, प्रदेश अध्यक्ष श्री राकेश सिंह, चुनाव प्रबंध समिति के संयोजक केंद्रीय मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर, श्री धर्मेन्द्र प्रधान, श्री थावरचंद गहलोत, श्री वीरेंद्र कुमार खटीक, प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत, पूर्व मुख्यमंत्री श्री बाबूलाल गौर, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्री विक्रम वर्मा, सांसद श्री नंदकुमारसिंह चौहान, डॉ. सत्यनारायण जटिया, चुनाव प्रबंध समिति के सह संयोजक श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, डॉ. नरोत्तम मिश्रा, श्री लालसिंह आर्य मंचासीन थे।
बाघ प्रदेश बन रहा है मध्यप्रदेश
4 May 2018
मध्यप्रदेश में निरंतर किये जा रहे प्रयासों से बाघों की संख्या बढ़ रही है। किशोर होते बाघों को वर्चस्व की लड़ाई और मानव द्वंद से बचाने के लिये वन विभाग ने अभिनव योजना अपनायी है। वन विभाग अनुकूल वातावरण का निर्माण कर बाघों को ऐसे अभयारण्यों में शिफ्ट कर रहा है, जहाँ वर्तमान में बाघ नहीं हैं। पन्ना में बाघ पुनर्स्थापना से विश्व में मिसाल कायम करने के बाद वन विभाग ने सीधी के संजय टाइगर रिजर्व में भी 6 बाघों का सफल स्थानांतरण किया है। बाघ शून्य हो चुके पन्ना में आज लगभग 30 बाघ हैं। अब नौरादेही अभयारण्य में बाघ पुनर्स्थापना का कार्य प्रगति पर है। मध्यप्रदेश केवल प्रदेश में ही नहीं देश में भी बाघों का कुनबा बढ़ा रहा है। जल्द ही प्रदेश उड़ीसा के सतकोसिया अभयारण्य को भी 3 जोड़े बाघ देगा। वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार स्वयं नौरादेही पहुँचकर ऑपरेशन का जायजा ले रहे हैं। जबलपुर से 140 किलोमीटर दूर दमोह, सागर और नरसिंहपुर जिले में 1197 वर्ग किलोमीटर में फैले नौरादेही अभयारण्य में बहुत पहले कभी बाघ रहे होंगे। यह जंगल देश की दो बड़ी नदियों गंगा और नर्मदा का कछार होने के कारण यहाँ पानी की कमी नहीं है। वन विभाग ने पन्ना की तर्ज पर देश के सबसे बड़े इस अभयारण्य में बाघ आबाद करना शुरू कर दिया है। पिछले 18 अप्रैल को यहाँ कान्हा से ढ़ाई वर्षीय एक बाघिन और 29 अप्रैल को बाँधवगढ़ से लगभग पाँच वर्षीय बाघ का स्थानांतरण किया गया है। बाघिन तो नये वातावरण में रम गई है, पर बाघ को नये आवास का अभ्यस्त बनाने के लिये विभाग काफी मशक्कत कर रहा है। नौरादेही की टीम ने बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की टीम के साथ मिलकर युद्ध स्तर पर मात्र तीन दिनों में दोनों के लिये विशेष रूप से अलग-अलग बाड़ा तैयार किया है। प्रबंधन ने इन्हें एन-1 और एन-2 का नाम दिया है। बाघ का जोड़ा आने से स्थानीय लोगों में काफी उत्साह और गर्व की भावना है। वे इन्हें राधा-किसन के नाम से पुकारने लगे हैं। वनमंडलाधिकारी श्री रमेशचन्द विश्वकर्मा ने बताया कि शुरू में एक-दो दिन असहज रहने के बाद बाघिन ने नये वातावरण के साथ सामंजस्य शुरू कर दिया है। वह शिकार भी कर रही है और एक हेक्टयेर में बने अपने बाड़े में स्वाभाविक रूप से दिनचर्या व्यतीत कर रही है। पास में स्थित मचान और एक वाहन के माध्यम से वन अधिकारी-कर्मचारी 24 घंटे बाघिन के स्वास्थ्य और सुरक्षा की निगरानी कर रहे हैं। बाघ ने स्वयं को बाड़े से आजाद कर दो-ढाई किलोमीटर की दूरी पर स्थित नाले के किनारे प्राकृतिक रूप से बनी खोह में अपना ठिकाना बना रखा है। दो सौ किलोग्राम से अधिक वजन वाला यह बाघ काफी तन्दरूस्त और शक्तिशाली है। शुरूआती दिनों में असहज रहने के बाद वह भी नये माहौल में घुलने-मिलने लगा है। बाघ के रेस्क्यू के लिये बांधवगढ़ से हाथी की टीम के साथ दल आ गया है। वन विभाग बाघ पर सतत निगरानी रखे हुए हैं। कुछ दिनों के बाद बाघ की पसंद को देखते हुए निर्णय लिया जायेगा कि इसे वापस बाड़े में पहुँचायें या उन्मुक्त जंगल में विचरण करने दें। अभयारण्य में बसे गाँव के लोग भी इस काम में मदद कर रहे हैं। अभयारण में 69 गाँव थे, जिनमें से 10 गाँव का विस्थापन कर मुआवजा दिया जा चुका है। सात गाँव के विस्थापन की प्रक्रिया जारी है। इनमें 4 सागर और 3 नरसिंहपुर जिले के हैं। ग्रामीण भी खुश हैं कि अब उन्हें जंगल में होने वाली दिक्कतों से दो-चार नहीं होना पड़ रहा है। घर में बिजली है, कहीं आने-जाने के लिये सड़क और साधन हैं। तेंदुआ, सियार आदि जंगली जानवरों का भय भी नहीं रहा। रिक्त गाँवों में बड़ी मात्रा में घास विकसित की गई है। इससे शाकाहारी प्राणियों की संख्या बढ़ने से बाघों को भरपूर शिकार मिलेगा। विस्थापन से मानव हस्तक्षेप खत्म होने से जंगल अपने प्राकृतिक स्वरूप में आता जा रहा है। यहाँ के भारतीय भेड़िया के साथ भालू, सांभर, चीतल, चिंकारा, जंगली बिल्ली आदि की संख्या बढ़ी है। पेंच राष्ट्रीय उद्यान से भी सात खेप में यहाँ 125 चीतल आ चुके हैं।
प्रदेश में उपभोक्ताओं की सुविधा के लिये एंटी प्रोफेटियरिंग अथॉरिटी का गठन
4 May 2018
प्रदेश में वाणिज्यिक कर विभाग ने उपभोक्ताओं को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में कर की दरों में कमी का लाभ दिलाने और शिकायतों पर प्रभावी कार्यवाही के लिये एंटी प्रोफेटियरिंग अथॉरिटी का गठन किया है। अथॉरिटी के गठन की जानकारी प्रदेश के सभी वाणिज्यिक कर कार्यालयों को उपलब्ध करवाई गयी है। राज्य के व्यवसायी करदाताओं की सुविधा के लिये विभागीय कार्य प्रणाली का कम्प्यूटरीकरण किया गया है। ईज ऑफ डूइंग के अंतर्गत वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा व्यवसायी कर-दाताओं को ऑनलाईन पंजीयन, ई-रिटर्न फाईल, ई-पेमेंट और विभिन्न प्रकार के फार्म डाउनलोड करने की सुविधा उपलब्ध करवायी गयी है। प्रदेश में एक जुलाई 2017 से नवीन कर प्रणाली जीएसटी लागू होने के बाद प्रदेश में पूर्व से पंजीकृत व्यवसायियों में से दो लाख 66 हजार 744 करदाता जीएसटी में माइग्रेट किये जा चुके हैं। व्यवसायी करदाताओं को जीएसटी में परेशानियों से बचने के लिये वाणिज्यिक कर विभाग ने प्रदेश में लगभग 1200 कार्यशालाएं आयोजित की हैं।
स्व-कर निर्धारण प्रदेश में पंजीकृत व्यवसाईयों को स्व-कर निर्धारण की सुविधा देने के मकसद से वर्ष 2015-16 की अवधि से संबंधित 6 लाख 10 हजार प्रकरणों में से करीब 2 लाख 80 हजार प्रकरणों का स्व-कर निर्धारण कर विभाग द्वारा निराकरण किया गया है। प्रदेश में कार्यरत टैक्स ऑडिट विंग द्वारा पिछले वर्ष 541 व्यवसाईयों का ऑडिट कर करीब 5 करोड़ रूपये की राशि जमा करवायी गयी है।
कर निर्धारण के अधिकार प्रदेश में कर निर्धारण कार्य के अंतर्गत एक करोड़ रूपये तक वार्षिक टर्नओव्हर वाले व्यवसाईयों का सहायक वाणिज्यिक कर अधिकारियों द्वारा, 15 करोड़ रूपये तक वार्षिक टर्नओव्हर वाले व्यवसाइयों का वाणिज्यिक कर अधिकारियों द्वारा तथा 50 करोड़ रूपये तक वार्षिक टर्नओव्हर वाले व्यवसाईयों का कर-निर्धारण कार्य सहायक आयुक्तों द्वारा किया जा रहा है। प्रदेश में 50 करोड़ रूपये से अधिक वार्षिक टर्नओव्हर वाले व्यवसाईयों के कर-निर्धारण के लिये संभागीय उपायुक्तों को अधिकृत किया गया है।

पिछड़ा वर्ग महाकुंभ एवं रामजी महाजन पुरस्कार वितरण छ: मई को सागर में
4 May 2018
राज्य शासन द्वारा सागर में छ: मई को पिछड़ा वर्ग महाकुंभ और रामजी महाजन पिछड़ा वर्ग सेवा राज्य पुरस्कार-2015 वितरण समारोह का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान बामोरा स्कूल ग्राउण्ड में दोपहर दो बजे शुभारंभ करेंगे। पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती ललिता यादव की अध्यक्षता में होने वाले महाकुंभ में वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया, गृह मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सुश्री कुसुम सिंह मेहदेले और राजस्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता भी भाग लेंगे। आयुक्त पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण श्री रमेश थेटे आज तैयारियों की समीक्षा की। श्री थेटे ने बताया कि इस अवसर पर रामजी महाजन पिछड़ा वर्ग सेवा राज्य पुरस्कार-2015 से श्रीमती कान्ति पटेल, श्रीमती आशा साहू, श्रीमती माया विश्वकर्मा, श्री सूरज सिंह मारण, डॉ जे.के. यादव, श्रीमती अल्का सैनी, श्री नारायण सिंह डागोर, श्रीमती बबिता परमार, श्रीमती यमुना कछावा, श्रीमती प्रीति सेन, सुश्री कुसुम महदेल (जबलपुर), श्री राजेश दोडके, डॉ. भगवान भाई पाटीदार, श्री काशीराम यादव और श्री महेन्द्र कटियार को दिया जायेगा। इस अवसर पर स्मारिका का विमोचन और प्रदर्शनी भी आयोजित होगी। महाकुंभ में सागर संभाग के पाँचों जिलों से एक लाख से अधिक लोगों के भाग लेने की संभावना है। समारोह में विभाग द्वारा संचालित प्रशिक्षण संस्थाओं के प्रशिक्षणार्थी और विभिन्न योजनाओं के हितग्राही भी मौजूद रहेंगे। पिछले दिनों नि:शुल्क प्रशिक्षण के बाद विभिन्न पदों पर चयनित होने वाले सफल उम्मीदवारों का सम्मान भी किया जायेगा। राज्य-स्तरीय रोजगार एवं प्रशिक्षण केन्द्र से वर्ष 2017-18 में चार प्रशिक्षणार्थी डिप्टी कलेक्टर, 19 पीएससी के माध्यम से 16 पटवारी और 8 अन्य शासकीय पदों पर चयनित हुए हैं। मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग स्व-रोजगार योजना वर्ष 2017-18 में 110 करोड़ 98 लाख का व्यय किया जाकर युवाओं को अपना रोजगार स्थापित करने में सहायता की गई है। कुम्भ में विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी जायेगी।
खुशी के लिये नहीं, खुश होकर काम करने से मिलेगी खुशी - स्वामी सुखबोधानन्द
4 May 2018
वेद मर्मज्ञ एवं प्रखर आध्यात्मिक गुरू स्वामी सुखबोधानन्द ने कहा है कि खुशी के लिये काम करने से खुशी नहीं मिलेगी, बल्कि खुश होकर काम करने से खुशी मिलेगी। यंत्रवत जीवन और प्रतिक्रिया करने की प्रवृत्ति से मुक्ति पाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि परेशानियों और समस्याओं को सकारात्मक दृष्टि से देखने पर वे भी गुरू बन जाती हैं। स्वामी सुखबोधानन्द ने आज यहां प्रशासन अकादमी में आनन्द विभाग के अंतर्गत राज्य आनन्द संस्थान द्वारा आयोजित 'आनन्द व्याख्यान' में यह विचार व्यक्त किये। मन की भीतर की स्थिति है आनन्द मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि सकारात्मक विचार ही सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करते हैं। उन्होंने कहा कि सभी प्रकार का दर्शन आनन्द को प्राप्त करने का मार्ग बताता है। साम्यवाद और पूंजीवाद ने भी आनन्द प्राप्ति का रास्ता दिखाया था, लेकिन कालांतर में सही साबित नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि आनन्द और सुख में भेद नहीं समझने के कारण ऐसा होता है। उन्होंने कहा कि आनन्द मन की भीतर की स्थिति है, जबकि सुख बाहरी परिस्थितियों से निर्मित होता है। श्री चौहान ने कहा कि केवल अधोसंरचनाएं खड़ी करने से आनन्द नहीं मिलता। अर्थपूर्ण जीवन जीना महत्वपूर्ण है। समृद्ध लोग भी दुखी रहते हैं और अभाव में रहने वाले भी खुश रहते हैं। इसलिये मनोदशा को सकारात्मक बनाने की कला सीखना होगा। प्रत्येक क्षण में है आनन्द स्वामी सुखबोधानंद ने आनन्द की चारित्रिक विशेषताओं और जीवन में उसकी उपस्थिति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आनन्द को भविष्य में देखने की प्रवृत्ति और आदत बना लेने से निराशा और दुख ही हाथ आयेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान ही सब कुछ है, इसलिए आनन्द भी वर्तमान में ही उपस्थित है। यह मन के भीतर है। उन्होंने कहा कि जब सब दरवाजे बंद हो जाते हैं, तब ईश्वर नया द्वार खोल देता है। इसलिए प्रत्येक क्षण में आनन्द है। प्रत्येक पल में जीवन है। प्रत्येक पल ऊर्जावान है। वर्तमान में भूतकाल का हस्तक्षेप नहीं होने दें स्वामीजी ने कहा कि राग और द्वेष का रूपांतरण प्रेम में करने के लिए भक्ति की जरूरत पड़ती है। इसलिए भक्ति प्रमुख तत्व है। स्वामी ने कहा कि भविष्य माया है। सिर्फ वर्तमान ही सच है और वर्तमान में ही आनन्द व्याप्त है। उसकी अनुभूति करने की आवश्यकता है। आश्चर्य तत्व की प्रधानता होना चाहिए। उन्होने कहा कि वर्तमान में भूतकाल का हस्तक्षेप नहीं होने दें, इसके प्रति भी सचेत रहें। आनंद का दूसरा स्वरूप ऊर्जा है। आनन्द विभाग के मंत्री श्री लाल सिंह आर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान निरंतर नवाचार करने वाले मुख्यमंत्री हैं। आनन्द विभाग की स्थापना इसका उदाहरण है। उन्होंने बताया कि बहुत कम समय में आनन्द विभाग की गतिविधियों का प्रदेशव्यापी विस्तार हुआ है। पूरे देश में इसकी सराहना हो रही है। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द विभाग श्री इकबाल सिंह बैंस और आनन्द क्लबों के सदस्य उपस्थित थे।
रेरा संस्था उपभोक्ता और बिल्डर के बीच विश्वास पैदा करने में सहायक : मंत्री श्रीमती माया सिंह
3 May 2018
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने कहा है कि रेरा संस्था (रियल एस्टेट रेग्यूलरटी अथॉरिटी) उपभोक्ता और बिल्डर के बीच विश्वास पैदा करने का कार्य करती है। यह केन्द्र और राज्य सरकार की अभिनव पहल है। रेरा एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश देश का अग्रणी राज्य है। श्रीमती माया सिंह ने रेरा संस्था की स्थापना के एक वर्ष पूर्ण होने पर 'उपलब्धियाँ और चुनौतियाँ'' विषय पर आयोजित परिचर्चा में यह बात कही। परिचर्चा में प्राधिकरण के चेयरमेन श्री एन्टोनी डिसा सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे। श्रीमती माया सिंह ने कहा कि भारत सरकार द्वारा वर्ष 2016 में भू-सम्पदा अधिनियम लागू करने के बाद देश में सर्वप्रथम मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर मध्यप्रदेश में एक मई 2017 को प्राधिकरण की स्थापना की गई। उन्होंने कहा कि एक्ट की मूल-भावना उपभोक्ता हितों के संरक्षण के साथ बिल्डर के प्रति उपभोक्ता का विश्वास स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि रेरा एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन से शहरों में अवैध कॉलोनियों को नियंत्रित करने में मदद हुई है। श्रीमती माया सिंह ने परिचर्चा में प्राप्त सुझावों पर गंभीरता से अमल करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न अंचलों में कार्यरत रियल एस्टेट, डेवलपर एजेन्ट, आंवटी संस्थाएँ और बैंकर्स की एक कार्यशाला शीघ्र आयोजित की जाएगी। रेरा के अध्यक्ष श्री एन्टोनी डिसा ने बताया कि पिछले एक वर्ष में 1800 प्रोजेक्ट और 337 रियल एस्टेट एजेन्ट द्वारा पंजीयन करवाया गया है। इसके साथ ही, 1232 शिकायतों का निराकरण भी किया गया है। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए रेरा अथॉरिटी ने इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सर्किट कैम्प आयोजित किये। उन्होंने बताया कि रेरा इसी माह इंदौर शहर में अपना एक कार्यालय प्रारम्भ करने जा रहा है। श्री डिसा ने बिल्डरों के सुझाव पर प्रोजेक्ट पूर्णता प्रमाण पत्र की प्रक्रिया को आसान बनाने की सलाह भी दी। परिचर्चा के दौरान नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ने रेरा की नई वेबसाइट का लोकार्पण किया। इस मौके पर प्राधिकरण के सदस्य श्री दिनेश नायक, श्री अनिरूद्ध कपाले, महानिरीक्षक पंजीयन श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव, श्री चन्द्रशेखर वाल्मवे तथा हाउसिंग बोर्ड और नगर निगम के कमिश्नर, संचालक, टाउन एण्ड कन्ट्री प्लांनिग एवं उपभोक्ता संरक्षण भी उपस्थित थे।
मध्यप्रदेश को ’सर्वाधिक फिल्म अनुकूल राज्य’ के लिये मिला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार
3 May 2018
मध्यप्रदेश को आज सर्वाधिक फिल्म अनुकूल राज्य के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के कार्यक्रम में केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी ने मध्यप्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री श्री सुरेन्द्र पटवा को प्रदान किया। पुरस्कार के रूप में एक ट्राफी और प्रशस्ति-पत्र दिया गया है। इस मौके पर केन्द्रीय सूचना प्रसारण राज्यमंत्री श्री राजवर्धन राठौर और मध्यप्रदेश के प्रमुख सचिव पर्यटन श्री हरिरंजन राव भी मौजूद थे। पुरस्कार का चयन रमेश सिप्पी की अध्यक्षता में गठित ज्यूरी ने किया। ज्यूरी में प्रख्यात फिल्म निर्माता श्री नागार्जुन मंजुले, श्री राजाकृष्ण मेनन, श्री विवेक अग्निहोत्री और मोशन पिक्चर डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन के प्रबंध निदेशक श्री उदय सिंह शामिल थे। ज्यूरी द्वारा मध्यप्रदेश को फिल्मांकन में सहूलियतें सुनिश्चित करने के प्रयासों को देखते हुए 'सर्वाधिक फिल्म अनुकूल राज्य' पुरस्कार प्रदान करने का निर्णय लिया गया। मध्यप्रदेश में सुव्यवस्थित वेबसाइट बनाने और फिल्म अनुकूल बुनियादी ढांचा स्थापित करने के साथ विभिन्न तरह की सहूलियतें दी गई हैं। प्रदेश में संबंधित डाटाबेस का बढ़िया ढंग से रख-रखाव, विपणन और संवर्द्धन संबंधी पहल भी की जा रही है। ज्यूरी ने 16 राज्यों में से सर्व-सम्मति से मध्यप्रदेश का चयन किया। मध्यप्रदेश को उन जाने-माने फिल्म निर्माताओं की ओर से भी सकारात्मक प्रतिक्रिया के साथ अनुकूल फीडबैक मिला है, जो यहाँ पहले फिल्मांकन कर चुके हैं। मध्यप्रदेश में उत्कृष्ट बुनियादी सहायता एवं फिल्मांकन संबंधी बुनियादी ढांचा मुहैया करवाने के साथ फिल्म बनाने के लिए एक सूचनाप्रद वेबसाइट भी बनायी गयी है। साथ ही, अनेक प्रोत्साहनों की भी पेशकश की गई है।
बच्चों को सप्ताह में एक स्थान का भ्रमण अवश्य करवायें
3 May 2018
अनुसूचित-जाति कल्याण राज्य मंत्री श्री लाल सिंह आर्य ने कहा है कि छात्रावासों के विद्यार्थियों को सप्ताह में एक स्थान का भ्रमण अवश्य करवायें। उन्होंने कहा कि बच्चों को पास के औद्योगिक क्षेत्र, मेडिकल अथवा इंजीनियरिंग कॉलेज का भ्रमण अवश्य करवाया जाये। राज्य मंत्री श्री आर्य आज अनुसूचित-जाति कल्याण विभाग की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में प्रमुख सचिव श्री संजय बन्दोपाध्याय और आयुक्त श्री आनंद शर्मा उपस्थित थे। श्री आर्य ने कहा कि छात्रावासों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाये। पर्याप्त डस्टबिन का उपयोग किया जाये। पेयजल उपलब्धता की स्थिति से कलेक्टर, पीएचई अधिकारी अथवा विभाग प्रमुख को अवगत करायें। निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा स्वयं कर कलेक्टर को वस्तु-स्थिति से अवगत करवायें। जिन छात्रावासों में सी.सी. टी.व्ही. कैमरे लगे हैं, उन्हें चालू हालत में रखा जाये। सभी छात्रावासों में टी.व्ही. की उपलब्धता को जल्द पूरा किया जाये। उन्होंने संभागीय अधिकारियों को समय-समय पर जिला अधिकारियों की बैठक लेने को कहा। उन्होंने कहा कि बैठक के जरिये समस्या और सुझाव सामने आते हैं। राज्य मंत्री श्री आर्य ने निर्देश दिये कि छात्रावासों के लिये सामग्री का क्रय करने के बाद उसका उपयोग भी करें। बच्चों की संख्या और सामग्री की जानकारी मुख्यालय पर उपलब्ध रहे। आवश्यकता अनुसार गुणवत्तायुक्त सामग्री ली जाये और अग्रिम सामग्री का क्रय नहीं किया जाये। उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह निर्माण एजेंसियों की बैठक की जाये। उन्होंने निर्देश दिये कि प्रगतिरत निर्माण कार्यों को पूरा कर विकास यात्रा के दौरान उनके शिलान्यास एवं लोकार्पण की तैयारी करें। साथ ही, निर्माण कार्यों की अद्यतन जानकारी 7 दिन के अंदर उपलब्ध करवायें। श्री आर्य ने कहा कि सभी तरह के विभागीय टेण्डर मई माह में करवा लिये जायें। दी गई राशि को प्लान कर उपयोग करें। उपयोग नहीं होने पर राशि वापस दें, ताकि दूसरे जिले की आवश्यकता पूरी की जा सके और बजट लेप्स नहीं हो। उन्होंने छात्रावासों में प्रवेशोत्सव मनाने की तारीख तय करने के निर्देश भी दिये। साथ ही कहा कि इसके लिये प्रवेश समिति की बैठक कर ली जाये। पालकों को बुलवाकर मंत्रियों की उपस्थिति में प्रवेशोत्सव मनाया जायेगा। श्री आर्य ने कहा कि रिजल्ट के बाद दसवीं और बारहवीं कक्षा में 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक से उत्तीर्ण अनुसूचित-जाति और अनुसूचित-जनजाति के छात्रों की सूची बनाकर भेजी जाये। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में उनके लिये एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह 4 को आयेंगे
3 May 2018
भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद श्री अमित शाह 4 मई को प्रातः 9.30 बजे भोपाल पधारेंगे। वे यहां भेल दशहरा मैदान पर आयोजित पार्टी की प्रदेश स्तरीय विस्तारित बैठक को संबोधित करेंगे। तत्पश्चात सायंकाल भोपाल से प्रस्थान करेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष के आगमन को लेकर कार्यकर्ताओं में अपार उत्साह है और वे अपने नेता के स्वागत के लिए आतुर है। स्टेट हैंगर से कार्यक्रम स्थल तक के मार्ग में स्थान स्थान पर श्री अमित शाहजी का स्वागत किया जायेगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष जी के आगमन की तैयारियों के सिलसिले में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष निरंतर भोपाल में रहकर समूची व्यवस्थाओं पर कार्यकर्ताओं के साथ निरंतर चर्चा कर रहें है।
गोकुल महोत्सव में अब तक मिला 76 लाख पशुओं को लाभ
2 May 2018
प्रदेश में 27 मार्च से आरम्भ गोकुल महोत्सव-2018 में अब-तक करीब 76 लाख पशुओं को विभिन्न प्रकार की चिकित्सा सुविधाएँ दी जा चुकी हैं। महोत्सव में एक मई 2018 तक 38 हजार 618 गाँव में पशु चिकित्सा शिविर लगा कर 14 लाख 65 हजार से अधिक पशुपालकों को पशुपालन की आधुनिक तकनीक, चिकित्सा सुविधाएँ और योजनाओं से वाकिफ कराया गया है। इस दौरान 13 लाख 90 हजार 660 पशुओं का उपचार, 39 लाख 38 हजार 621 पशुओं का टीकाकरण, एक लाख 67 हजार 717 पशुओं का बधियाकरण, 22 हजार 783 कृत्रिम गर्भाधान, एक लाख 84 हजार 249 बाँझपन उपचार, एक लाख 35 हजार 231 गर्भ परीक्षण, 3550 पशु बीमा और 17 हजार 741 पशु शल्य चिकित्सा के कार्य हुए। महोत्सव का समापन 10 मई को होगा। महोत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने 27 मार्च को किया था। विधानसभा अध्यक्ष सहित केन्द्रीय एवं राज्य के मंत्री, विधायक, अन्य जन-प्रतिनिधि आदि भी इसमें भाग ले रहे है। मल्टीमीडिया रथ हुए लोकप्रिय पशुपालन मंत्री श्री अंतर सिंह आर्य ने कहा कि किसानों की आय दोगुना करने में गोकुल महोत्सव का महत्वपूर्ण योगदान है। इस वर्ष महोत्सव में एल.ई.डी. और मल्टीमीडिया से सुसज्जित प्रचार रथों का उपयोग कर फिल्म, जिंगल, नवीन तकनीक, गतिविधि और विभागीय योजनाओं की जानकारी गाँव-गाँव और जन-जन तक पहुँचायी जा रही है। मल्टीमीडिया में लोगों की रूचि होने से प्रचार कार्य इस बार अधिक सार्थक सिद्ध हो रहा है। देश का सर्वाधिक पशुधन मध्यप्रदेश में श्री आर्य ने बताया कि देश का सर्वाधिक पशुधन मध्यप्रदेश में है। प्रदेश के पशु धन के स्वास्थ्य, सुरक्षा और उत्पादन वृद्धि के लिये राज्य शासन द्वारा पिछले साल से गोकुल महोत्सव के रूप में अनूठी पहल की गई है। ग्रामीण अंचलों में पशुपालन आजीविका का साधन भी है। पशुओं की समस्याओं का उन्हीं के गाँव में निराकरण पशुपालक और पशु दोनों के लिये आरामदेह है। महोत्सव का आयोजन वर्ष में दो बार गाँव-गाँव में पशु चिकित्सा शिविर लगाकर किया जाता है। पशुपालकों और पशुओं की समस्या का समाधान होने, नयी तकनीक और योजनाओं की जानकारी होने से पशुधन संवर्धन के साथ आर्थिक समृद्धि भी बढ़ी है
किसानों के लिये उपार्जन केन्द्रों में करें सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ
2 May 2018
जनसम्पर्क, जल-संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री तथा रीवा जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र की अध्यक्षता में आज रीवा में जिला योजना समिति की बैठक सम्पन्न हुई। उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल भी बैठक में शामिल हुए। मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि सभी उपार्जन केन्द्रों में किसानों के लिये आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएँ। किसानों को उपार्जित फसल का भुगतान समय पर करवाया जाए। ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ पात्र व्यक्तियों को मिले तथा सिलेण्डर की रिफिलिंग निकटतम स्थानों में हो। हाट-बाजार में गैस एजेन्सियाँ सिलेण्डर लेकर जाएं, जिससे हितग्राही गैस की रिफिलिंग करवा सकें। प्रभारी मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि जल-संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य प्राथमिकता से करवाए जाएँ। पुरानी जल संरचनाओं को पुनर्जीवित करने के भी कार्य भी पूर्ण करवाये जायें। उन्होंने रीवा जिले में मिशन इन्द्रधनुष में बच्चों एवं गर्भवती माताओं के टीकाकरण कार्य में शत-प्रतिशत उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना के तहत ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में विद्युतीकरण के लक्ष्य को नियत समय में पूर्ण किये जाने के निर्देश दिये। मंत्रीद्वय ने प्रधानमंत्री असंगठित श्रमिक पंजीयन में जिले में 6 लाख 77 हजार 102 श्रमिकों द्वारा पंजीयन करवाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। जिला कलेक्टर ने बताया कि पंजीकृत हितग्राहियों का सत्यापन अगले 2-3 दिन में पूर्ण करवा लिया जायेगा। इस दौरान सांसद श्री जनार्दन मिश्र, रीवा की महापौर सुश्री ममता गुप्ता, विन्ध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री सुभाष अन्य जन-प्रतिनिधि तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। पर्यटन विकास परिषद की बैठक प्रभारी मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने रीवा पर्यटन विकास परिषद की बैठक ली। बैठक में वर्तमान पर्यटन स्थलों के साथ ही नवीन पर्यटन स्थलों के विकास के संबंध में चर्चा की गई। डॉ. मिश्र ने कहा कि रीवा जिले के ऐतिहासिक एवं प्राचीन स्थलों का जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कर इन्हें पर्यटन सर्किल में जोड़ा जाए ताकि पर्यटक इन स्थलों का आसानी से भ्रमण कर सकें।
निर्माणाधीन एकलव्य विद्यालयों के कार्य 7 अगस्त तक पूर्ण करायें : राज्य मंत्री श्री आर्य
2 May 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में आगामी 15 मई से 30 जून तक विकास यात्राएँ निकाली जायेंगी। यात्राओं के दौरान विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हित-लाभ दिलवाये जायेंगे। साथ ही, विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी होगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज मंत्रालय में समाधान ऑनलाईन कार्यक्रम में इस संबंध में वरिष्ठ मैदानी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य एजेंडा विकास और जन-कल्याण है। अत: विभिन्न योजनाओं में पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के लिये तेजी से प्रयास किये जायें। समाधान ऑनलाईन में आज मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों के 12 आवेदकों की समस्याओं का निराकरण किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि चना, मसूर और सरसों के समर्थन मूल्य पर उपार्जन के कार्य को पूरी दक्षता और कुशलता से पूरा किया जाये। किसानों को भुगतान में कहीं भी कोई दिक्कत नहीं हो। पेयजल आपूर्ति के लिये भी व्यापक प्रबंध करें तथा आवश्यकतानुसार जिलों में पेयजल परिवहन की व्यवस्था करें। मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत पाँच मई को सभी विकासखण्डों में आजीविका दिवस पर स्व-सहायता समूहों के सम्मेलन किये जायेंगे। विकास यात्रा के दौरान श्रमिक होंगे लाभान्वित मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि असंगठित श्रमिक कल्याण योजना, सामाजिक सुरक्षा का महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। इसे सभी के सहयोग से आयोजित किया जाये। आगामी 7 मई को होने वाली ग्राम सभाओं में श्रमिकों के प्राप्त आवेदनों की सूची का वाचन किया जाये। वाचन के बाद पात्र श्रमिकों को कार्ड दिये जायें। श्री चौहान ने कहा कि इस योजना में गत एक अप्रैल से पात्र श्रमिकों को लाभ दिया जाना है। उन्होंने निर्देश दिये कि विकास यात्रा के दौरान श्रमिकों को लाभ वितरण किया जाये। आगामी जुलाई और अगस्त माह में विभिन्न स्व-रोजगार योजनाओं के हितग्राहियों के सम्मेलन कर उन्हें लाभान्वित किया जायेगा। मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह ने बताया कि असंगठित श्रमिक कल्याण योजना के हितग्राहियों को लाभ दिलाने के लिये पिछले दिनों चलाये गये राजस्व अभियान की तरह वृहद अभियान चलाया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान को कार्यक्रम में बताया गया कि होशंगाबाद के श्री हेमचंद कोरी को छात्रवृत्ति की लंबित राशि 28 हजार 600 रुपये का भुगतान मिल गया है। इसी तरह, मंदसौर की श्रीमती उमा बाई को पति की डूबने से मृत्यु होने पर आर्थिक सहायता की लंबित राशि 4 लाख रूपये प्राप्त हो गई है। इंदौर के श्री राकेश प्रजापति द्वारा भतीजी शिवानी की साइकिल नहीं मिलने की शिकायत का भी समाधान कर उसे साइकिल उपलब्ध करवा दी गई है। छतरपुर के श्री भरत श्रीवास को तेन्दूतपत्ता पारिश्रमिक की राशि 2 हजार 688 रूपये मिल गई है। आवेदक के बैंक खाते में राशि जमा नहीं करने के लिये उत्तरदायी पंजाब नेशनल बैंक की उप प्रबंधक सुश्री पल्लवी अग्रवाल के विरूद्ध कार्रवाई के लिये केन्द्र सरकार को लिखा जा रहा है। राजगढ़ के श्री दरियोसिंग को ओपन स्कूल से दसवीं परीक्षा की अंक-सूची दे दी गई है। हरदा के श्री आनंद सिंह राजपूत को कृषि उपज मण्डी समिति टिमरनी को विक्रय की गई मूँग की राशि 2 लाख 37 हजार 762 रूपये का भुगतान कर दिया गया है। कटनी के श्री रामदयाल यादव को 20 क्विंटल धान विक्रय की राशि 31 हजार रूपये प्राप्त हो गई है। मुख्यमंत्री ने खण्डवा के श्री शिवनारायण चौहान के शस्त्र लायसेंस के नवीनीकरण में संबंधित पुलिस अधिकारी पर विलंब के लिये पाँच हजार रूपये का अर्थदण्ड अधिरोपित कर आवेदक को क्षतिपूर्ति के रूप में दिये जाने के निर्देश दिये। इस मौके पर बताया गया कि शस्त्र लायसेंस नवीनीकरण व्यवस्था में परिवर्तन कर पुलिस अधीक्षक के माध्यम से कार्रवाई की व्यवस्था की गई है। इस कारण अब नवीनीकरण का कोई भी प्रकरण लंबित नहीं है। डिण्डौरी की श्रीमती लीलाबाई के खेत में स्थाई पम्प कनेक्शन में विलंब पर संबंधित ठेकेदार की प्रतिभूति राशि एक लाख 33 हजार 500 रूपये जप्त कर उसे दो वर्ष के लिये कार्य निषेध करने की जानकारी दी गई। यह भी बताया गया कि कार्य की अधिकतम सीमा के अंतर्गत विभागीय स्तर पर कार्रवाई कर स्थाई पम्प कनेक्शन करा दिया गया है। उमरिया के श्री सम्पत प्रजापति को चार लाख 83 हजार 735 रूपये के किराये का लंबित भुगतान कर दिया गया है। दोषी कर्मचारी लिपिक बृजेन्द्र सिंह और लेखापाल सी.पी. परौहा को दण्डित किया गया है। खरगोन के श्री नानकरावजी के कपिलधारा कूप निर्माण में गलत मूल्यांकन करने के प्रकरण में अधिकारियों के विरूद्ध एक लाख 14 हजार 487 रूपये की वसूली की कार्रवाई की जा रही है। नीमच जिले के श्री सुनील कुमार को निजी आईटीआई कनावटी द्वारा अंक-सूची प्रदाय करने में विलंब किया गया। आवेदक को अंक-सूची उपलब्ध कराने के साथ ही संस्था की मान्यता दो वर्ष के लिये निरस्त करने की कार्रवाई प्रचलित है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर समाधान एक दिन में योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले 10 अधिकारियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किये। पुरस्कृत अधिकारियों में केटेगेरी 'ए' में मुख्य कार्यपालन अधिकारी सिवनी श्रीमती सुमन खटरकर, तहसीलदार सोहागपुर (शहडोल) श्री मनोज चौरसिया, विकासखंड समन्वयक सिवनी श्री सुनील कुमार पवार, सहायक आपूर्ति अधिकारी भोपाल श्री राजेश खरे, आयुक्त भोपाल द्वारा प्राधिकृत अधिकारी श्री एम.पी. शांडिल्य शामिल हैं। इसी प्रकार केटेगरी 'बी' में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी (बसोदा) विदिशा श्री ए.एस. कौरव, नायब तहसीलदार (सरई) सिंगरौली श्री प्रभास कुमार भर्गी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ (अनूपपुर) श्री आर.पी. त्रिपाठी, वरिष्ठ कृषि अधिकारी श्यामपुर (सीहोर) श्री बी.एस. देवरा और तहसीलदार कुम्भराज (गुना) श्री ब्रिज मोहन आर्य को प्रशस्ति-पत्र दिये गये।
राजस्व मंत्री श्री गुप्ता द्वारा आवासीय पट्टे वितरित
2 May 2018
राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा है कि मुख्यमंत्री आश्रय योजना अंतर्गत प्रदेश में वर्ष 2022 तक प्रत्येक जरूरतमंद आवासहीन व्यक्ति को आवास उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। राजस्व मंत्री आज वार्ड-25 और 26 में आयोजित पट्टा वितरण कार्यक्रम कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर श्री गुप्ता ने एक सौ से अधिक आवासहीनों को पट्टे प्रदान किये। राजस्व मंत्री श्री गुप्ता ने कहा कि प्रदेश में राज्य सरकार द्वारा गरीबों के कल्याण के लिये निरंतर अनेक योजनाएँ चलाई जा रही हैं। बालिकाओं के लिये लाड़ली लक्ष्मी योजना, पढ़ाई के लिये नि:शुल्क शिक्षा, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना और होनहार बच्चों के लिये उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिये संचालित योजनाएँ काफी लोकप्रिय हुई हैं। सभी योजनाओं में जाति और धर्म का कोई भेद नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि अंसगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिये भी अभिनव योजना प्रारंभ की गई है। इसमें ढाई एकड़ मालिकाना हक वाले किसान भी शामिल किये गये हैं। योजना में श्रमिक परिवारों के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा, नि:शुल्क स्वास्थ्य सुविधाएँ, घायल/अपंगता होने पर आर्थिक सहायता, महिलाओं को मातृत्व अवकाश, पोषण आहार हेतु समुचित आर्थिक सहायता के प्रावधान किये गये हैं। श्री गुप्ता ने कहा कि जिन हितग्रहियों को पट्टे मिल गये हैं, वे उन्हें सुरक्षित रखें। जिन आवासहीनों ने पट्टे के लिये पंजीयन नहीं करवाया है, वे भी अपना पंजीयन करवा लें। सभी पात्र हितग्रहियों को आवासीय पट्टे जायेंगे। पट्टा वितरण कार्यक्रम में वार्ड-25 की पार्षद श्रीमती सरोज राकेश जैन एवं वार्ड-26 के पार्षद श्री संतोष उईके और स्थानीय जन-प्रतिनिधि मौजूद थे।
विश्व प्रेस दिवस पर बुरहानपुर में होगी मीडिया एडवोकेसी कार्यशाला
2 May 2018
महिलाओं और बालक-बालिकाओं से जुड़े संवेदनशील मामलों में मीडिया की भूमिका और रिपोर्टिंग के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर 03 मई को विश्व प्रेस दिवस के मौके पर बुरहानपुर में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जायेगा। महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्यशाला के चार सत्र होंगे, जिनमें महिलाओं और बच्चों के लिए स्वस्थ-सुरक्षित समाज के निर्माण में मीडिया की भूमिका तथा मीडिया, जन-प्रतिनिधि एवं प्रशासन के परस्पर संबंध और समझ विषय पर चर्चा होगी। कार्यशाला में महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित कानूनों की जानकारी पर विशेष सत्र रखा गया है। यह कार्यशाला महिला बाल विकास विभाग तथा जनसम्पर्क विभाग के सहयोग से आयोजित की जा रही है। मीडिया कार्यशाला में वरिष्ठ वीडियो जर्नलिस्ट श्री विनोद कश्यप, इंडिया टुडे के श्री राहुल नरोन्हा, इन्दौर के वरिष्ठ पत्रकार श्री प्रकाश हिन्दुस्तानी, भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार श्री सोमदत्त शास्त्री, सुबह सवेरे के श्री अजय बोकिल, देशबंधु भोपाल की वरिष्ठ पत्रकार सुश्री रूबी सरकार तथा समागम पत्रिका के संपादक श्री मनोज कुमार और खण्डवा तथा बुरहानपुर के पत्रकार एक-दूसरे से से रूबरू होंगे। कार्यशाला में सांसद श्री नंदकुमार सिंह चौहान सहित बुरहानपुर के जन-प्रतिनिधि भी सम्मिलित होंगे। उल्लेखनीय है कि सन् 1991 में यूनेस्को और संयुक्त राष्ट्र ने मिलकर अंतर्राष्ट्रीय पत्रकारिता स्वतंत्रता दिवस मनाने का निर्णय लिया था। इसका उद्देश्य प्रेस की स्वतंत्रता की महत्ता के बारे में जानकारी देना रहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद गुफा मंदिर पहुंचे कमलनाथ, बोले- मंदिरों में जाने का ठेका भाजपा ने नहीं लिया
2 May 2018
भोपाल. मध्य प्रदेश कांग्रेस के नए अध्यक्ष कमलनाथ सक्रिय हो चुके हैं। भाजपा और शिवराज से मुकाबले के लिए कमलनाथ भोपाल के गुफा हनुमान मंदिर में पहुंचे। मंगलवार को प्रदेश अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद ही अगले ही दिन कमलनाथ ने भोपाल के गुफा मंदिर का दर्शन किया है। उन्होंने कहा कि मंदिर जाने का भाजपा ने ठेका नहीं लिया है और न ही भगवान पर उनका अधिकार है। ये बात मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कमलनाथ ने कही थी, जिसे बुधवार को भी दोहराते रहे। इसके पहले कमलनाथ ने बुधवार को सुबह पार्टी कार्यालय में वरिष्ठ नेताओं के साथ मीटिंग ली। गुफा मंदिर पहुंचे कमलनाथ -भोपाल के गुफा मंदिर में दर्शन के बाद कमलनाथ ने कहा कि वो धार्मिक व्यक्ति हैं और भगवान के आशिर्वाद से ही प्रदेश में कांग्रेस 2018 में विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज करेगी। इसके बाद कमलनाथ उज्जैन के महाकाल और दतिया के मां पीतांबरा पीठ के दर्शन भी करेंगे। बीजेपी ने कोई ठेका नहीं लिया -कमलनाथ ने कहा कि मंदिर जाना बीजेपी का कॉपीराइट नहीं है। भगवान सभी के हैं और भगवान के दरबार में सभी बराबर हैं। इससे पहले राहुल गांधी, दिग्विजय सिंह, फिर ज्योतिरादित्य सिंधिया औऱ अब कमलनाथ भगवान के द्वार पर जाकर जीत की प्रार्थना करते नज़र आ रहे हैं। कांग्रेस मतलब परस्त है : भाजपा -इधर, इस मामले में बीजेपी ने कांग्रेस पर मतलबपरस्त होने का आरोप लगाया है। बीजेपी प्रवक्ता के मुताबिक कमलनाथ हों या फिर कोई और बड़ा नेता। सिर्फ चुनावों के समय पर मंदिर-मंदिर जाकर वोट की राजनीति करना उन्हें शोभा नहीं देता. वो जनता को बरगला कर वोट हासिल नहीं कर पाएंगे. जनता कांग्रेस की असलियत जानती है। इसलिए देवी-देवताओं की शरण में -दरअसल, पिछले कुछ विधानसभा चुनावों से कांग्रेस अपनी तुष्टीकरण की छवि से बाहर निकलना चाहती है। गुजरात के विधानसभा चुनावों में राहुल गांधी के मंदिर फार्मूले ने पार्टी को फायदा पहुंचाया और गुजरात में कांग्रेस ने उम्मीद से बढ़कर प्रदर्शन किया। यही फार्मूला कमलनाथ मध्य प्रदेश में अपनाते नजर आ रहे हैं। वे सॉफ्ट हिंदुत्व वाली छवि को लेकर चल रहे हैं। इसके पहले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी कह चुके हैं कि नर्मदा यात्रा के दौरान उनके सारे पाप धुल चुके हैं।
प्रदेश में 15 मई से 30 जून तक निकाली जायेंगी विकास यात्राएँ : मुख्यमंत्री श्री चौहान
1 May 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में आगामी 15 मई से 30 जून तक विकास यात्राएँ निकाली जायेंगी। यात्राओं के दौरान विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हित-लाभ दिलवाये जायेंगे। साथ ही, विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी होगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज मंत्रालय में समाधान ऑनलाईन कार्यक्रम में इस संबंध में वरिष्ठ मैदानी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य एजेंडा विकास और जन-कल्याण है। अत: विभिन्न योजनाओं में पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के लिये तेजी से प्रयास किये जायें। समाधान ऑनलाईन में आज मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों के 12 आवेदकों की समस्याओं का निराकरण किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि चना, मसूर और सरसों के समर्थन मूल्य पर उपार्जन के कार्य को पूरी दक्षता और कुशलता से पूरा किया जाये। किसानों को भुगतान में कहीं भी कोई दिक्कत नहीं हो। पेयजल आपूर्ति के लिये भी व्यापक प्रबंध करें तथा आवश्यकतानुसार जिलों में पेयजल परिवहन की व्यवस्था करें। मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत पाँच मई को सभी विकासखण्डों में आजीविका दिवस पर स्व-सहायता समूहों के सम्मेलन किये जायेंगे। विकास यात्रा के दौरान श्रमिक होंगे लाभान्वित मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि असंगठित श्रमिक कल्याण योजना, सामाजिक सुरक्षा का महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। इसे सभी के सहयोग से आयोजित किया जाये। आगामी 7 मई को होने वाली ग्राम सभाओं में श्रमिकों के प्राप्त आवेदनों की सूची का वाचन किया जाये। वाचन के बाद पात्र श्रमिकों को कार्ड दिये जायें। श्री चौहान ने कहा कि इस योजना में गत एक अप्रैल से पात्र श्रमिकों को लाभ दिया जाना है। उन्होंने निर्देश दिये कि विकास यात्रा के दौरान श्रमिकों को लाभ वितरण किया जाये। आगामी जुलाई और अगस्त माह में विभिन्न स्व-रोजगार योजनाओं के हितग्राहियों के सम्मेलन कर उन्हें लाभान्वित किया जायेगा। मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह ने बताया कि असंगठित श्रमिक कल्याण योजना के हितग्राहियों को लाभ दिलाने के लिये पिछले दिनों चलाये गये राजस्व अभियान की तरह वृहद अभियान चलाया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान को कार्यक्रम में बताया गया कि होशंगाबाद के श्री हेमचंद कोरी को छात्रवृत्ति की लंबित राशि 28 हजार 600 रुपये का भुगतान मिल गया है। इसी तरह, मंदसौर की श्रीमती उमा बाई को पति की डूबने से मृत्यु होने पर आर्थिक सहायता की लंबित राशि 4 लाख रूपये प्राप्त हो गई है। इंदौर के श्री राकेश प्रजापति द्वारा भतीजी शिवानी की साइकिल नहीं मिलने की शिकायत का भी समाधान कर उसे साइकिल उपलब्ध करवा दी गई है। छतरपुर के श्री भरत श्रीवास को तेन्दूतपत्ता पारिश्रमिक की राशि 2 हजार 688 रूपये मिल गई है। आवेदक के बैंक खाते में राशि जमा नहीं करने के लिये उत्तरदायी पंजाब नेशनल बैंक की उप प्रबंधक सुश्री पल्लवी अग्रवाल के विरूद्ध कार्रवाई के लिये केन्द्र सरकार को लिखा जा रहा है। राजगढ़ के श्री दरियोसिंग को ओपन स्कूल से दसवीं परीक्षा की अंक-सूची दे दी गई है। हरदा के श्री आनंद सिंह राजपूत को कृषि उपज मण्डी समिति टिमरनी को विक्रय की गई मूँग की राशि 2 लाख 37 हजार 762 रूपये का भुगतान कर दिया गया है। कटनी के श्री रामदयाल यादव को 20 क्विंटल धान विक्रय की राशि 31 हजार रूपये प्राप्त हो गई है। मुख्यमंत्री ने खण्डवा के श्री शिवनारायण चौहान के शस्त्र लायसेंस के नवीनीकरण में संबंधित पुलिस अधिकारी पर विलंब के लिये पाँच हजार रूपये का अर्थदण्ड अधिरोपित कर आवेदक को क्षतिपूर्ति के रूप में दिये जाने के निर्देश दिये। इस मौके पर बताया गया कि शस्त्र लायसेंस नवीनीकरण व्यवस्था में परिवर्तन कर पुलिस अधीक्षक के माध्यम से कार्रवाई की व्यवस्था की गई है। इस कारण अब नवीनीकरण का कोई भी प्रकरण लंबित नहीं है। डिण्डौरी की श्रीमती लीलाबाई के खेत में स्थाई पम्प कनेक्शन में विलंब पर संबंधित ठेकेदार की प्रतिभूति राशि एक लाख 33 हजार 500 रूपये जप्त कर उसे दो वर्ष के लिये कार्य निषेध करने की जानकारी दी गई। यह भी बताया गया कि कार्य की अधिकतम सीमा के अंतर्गत विभागीय स्तर पर कार्रवाई कर स्थाई पम्प कनेक्शन करा दिया गया है। उमरिया के श्री सम्पत प्रजापति को चार लाख 83 हजार 735 रूपये के किराये का लंबित भुगतान कर दिया गया है। दोषी कर्मचारी लिपिक बृजेन्द्र सिंह और लेखापाल सी.पी. परौहा को दण्डित किया गया है। खरगोन के श्री नानकरावजी के कपिलधारा कूप निर्माण में गलत मूल्यांकन करने के प्रकरण में अधिकारियों के विरूद्ध एक लाख 14 हजार 487 रूपये की वसूली की कार्रवाई की जा रही है। नीमच जिले के श्री सुनील कुमार को निजी आईटीआई कनावटी द्वारा अंक-सूची प्रदाय करने में विलंब किया गया। आवेदक को अंक-सूची उपलब्ध कराने के साथ ही संस्था की मान्यता दो वर्ष के लिये निरस्त करने की कार्रवाई प्रचलित है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर समाधान एक दिन में योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले 10 अधिकारियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किये। पुरस्कृत अधिकारियों में केटेगेरी 'ए' में मुख्य कार्यपालन अधिकारी सिवनी श्रीमती सुमन खटरकर, तहसीलदार सोहागपुर (शहडोल) श्री मनोज चौरसिया, विकासखंड समन्वयक सिवनी श्री सुनील कुमार पवार, सहायक आपूर्ति अधिकारी भोपाल श्री राजेश खरे, आयुक्त भोपाल द्वारा प्राधिकृत अधिकारी श्री एम.पी. शांडिल्य शामिल हैं। इसी प्रकार केटेगरी 'बी' में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी (बसोदा) विदिशा श्री ए.एस. कौरव, नायब तहसीलदार (सरई) सिंगरौली श्री प्रभास कुमार भर्गी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ (अनूपपुर) श्री आर.पी. त्रिपाठी, वरिष्ठ कृषि अधिकारी श्यामपुर (सीहोर) श्री बी.एस. देवरा और तहसीलदार कुम्भराज (गुना) श्री ब्रिज मोहन आर्य को प्रशस्ति-पत्र दिये गये।
मुख्यमंत्री ने दत्तक पुत्रियों का कन्यादान किया
1 May 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज विदिशा में अपनी दोनों दत्तक पुत्रियों का कन्यादान किया। श्री सेवा सुन्दर आश्रम में रह रही दोनों दत्तक बेटियां रेखा लोधी और भारती नामदेव तथा एक बेटा कमल सिंह लोधी आश्रम में रहकर पढे-बडे हुए है इन तीनों का विवाह आज श्री बाढ़ वाले गणेश मंदिर में पूर्ण विधि विधान से हुआ। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह के साथ बारातियों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बेटियाँ बहू बनकर जा रही है। वहीं एक बेटी बहू बनकर आ रही है। तीनों जोड़े हमेशा सुखी रहे और उन्हें जीवन का हर सुख मिले। उन्होंने दामादों से कहा कि मिल-जुलकर रहें। वहीं दत्तक पुत्रियों से कहा कि दोनों कुलों का नाम रोशन करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान रेखा और भारती को अनाथ आश्रम में लाने के वृतान्त को सुनाते हुए भावुक हो गए है। उन्होंने कहा कि ससुराल में सदैव खुश रहें और घरवालों को सुखी रखें। उन्होंने आशीर्वाद देते हुए कहा कि तुम्हारा मंगल हो और तुम सबका मंगल करो। भगवान तीनों जोड़ों को सदा सुखी रखे और उनकी मनोकामनाएँ पूरी करें। नव-दम्पतियों को साधु संतों के अलावा लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह राजपूत, उद्यानिकी राज्यमंत्री श्री सूर्यप्रकाश मीणा, दमोह सांसद श्री प्रहलाद पटेल के अलावा अन्य जन-प्रतिनिधियों, समाजसेवी संगठनों, गणमान्य नागरिकों और अधिकारियों ने शुभार्शीवाद दिया।
आगर-शाजापुर और नीमच में बनेंगे 1500 मेगावॉट के सोलर पार्क
1 May 2018
राज्य शासन द्वारा देश में रीवा सौर परियोजना को मॉडल रूप में स्थापित करने के बाद शाजापुर, आगर और नीमच में भी सोलर पार्क सौर परियोजनाओं की तैयारी कर ली गई है। इस संबंध में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग और विश्व बैंक के इंटरनेशनल फायनेंस कॉर्पोरेशन (आईएफसी) के मध्य आज फायनेंशियल एडवायजरी सर्विसेस एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा की उपस्थिति में विभाग की ओर से प्रमुख सचिव श्री मनु श्रीवास्तव और आईएफसी की ओर से एशिया पेसिफिक रीजनल मैनेजर सुश्री ईसाबेल चेटरटन ने हस्ताक्षर किये। शाजपुर सोलर पार्क 500 मेगावॉट, आगर 550 और नीमच सोलर पार्क 450 मेगावॉट का होगा। इससे राज्य को सस्ती दर पर सौर ऊर्जा मिलेगी। विश्व की सबसे बड़ी सौर परियोजनाओं में से एक मध्यप्रदेश की रीवा सौर परियोजना को केन्द्र शासन द्वारा देश के अन्य राज्यों के समक्ष मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। इसे विश्व बैंक प्रेसिडेंट अवार्ड भी मिल चुका है। रीवा सौर परियोजना से इसी माह उत्पादन प्रारंभ हो जायेगा। आईएफसी ने पिछले साल 750 मेगावॉट की रीवा परियोजना में भी भागीदारी की है। रीवा परियोजना ने नई तकनीक से सबसे कम टेरिफ का कीर्तिमान स्थापित करते हुए दुनिया में प्रशंसा अर्जित की है। प्रधानमंत्री के पेरिस समझौते के तहत देश में वर्ष 2022 तक 100 गीगावाट क्षमता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये प्रदेश में 2000 मेगावाट के सौर पार्क की स्थापना का कार्य प्रगति पर है। 1500 मेगावाट पार्क के लिये 89 प्रतिशत भूमि की व्यवस्था कर ली गई है। विश्व बैंक से अधोसंरचना विकास हेतु ऋण प्राप्त हो चुका है। मध्यप्रदेश की विद्युत वितरण कंपनियों और भारतीय रेल द्वारा विद्युत क्रय की सहमति दे दी गई है। मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम के अध्यक्ष श्री विजेन्द्र सिंह सिसोदिया, प्रमुख सचिव ऊर्जा श्री आई.सी.पी. केशरी, प्रबंध संचालक पॉवर ट्रांसमिशन कम्पनी श्री संजय शुक्ला, प्रबंध संचालक मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी श्री संजय गोयल और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। कार्यक्रम में श्रीलंका और आईएफसी के अधिकारियों ने भी भाग लिया।
बेटियों को बचाने के साथ स्वस्थ बनाना भी आवश्यक
30 April 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने शिक्षकों से कहा है कि छात्राओं की रूचि के विषयों पर अधिक ध्यान दें और उन्हें प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि मुझे यह जानकर हर्ष और प्रसन्नता होती है कि गरीबों की बच्चियाँ भी प्रतियोगिता परीक्षा में उच्च स्थान प्राप्त कर रही है। कन्या शिक्षा का समाज और देश के विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि छात्राओं की प्रतिभा को उभारने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाना चाहिए। राज्यपाल श्रीमती पटेल आज सरोजनी नायडू कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पुरस्कार वितरण कर रही थी। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि बेटियों को बचाना ही काफी नहीं है। उनके स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना जरूरी है। इसके लिए विद्यालयों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर सम्पूर्ण जाँच कराई जाए। राज्यपाल ने कहा कि छात्राओं को शिक्षा देने के साथ सांस्कृतिक और अन्य कार्यक्रम और गतिविधियाँ संचालित कर उनका शैक्षणेत्तर ज्ञान बढ़ाने का भी प्रयास किया जाये। उन्हें प्रदेश के पयर्टन एवं ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कराया जाये। विद्यालयों में होने वाले कार्यक्रमों का संचालन छात्राओं से ही कराया जाये, इससे उनका मनोबल बढ़ेगा और वे कुछ नया सीख सकेंगी। स्कूल शिक्षा मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि छात्राएँ देश का भविष्य हैं। देश और प्रदेश का विकास और सामाजिक उन्नति उनके कंधे पर है। इनमें से कोई डाक्टर, इंजीनियर बनकर देश और समाज की सेवा करेगी। उन्होंने कहा कि आगे से अतिथियों का स्वागत पुस्तकें भेंट कर किया जायेगा। नये सत्र से स्कूल परिसर में नया शेड बनाया जायेगा। कक्षा में उपस्थिति के समय बच्चे जय-हिंद बोलें, इससे उनमें राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत होगी। स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने मेधावी छात्राओं के लिए कई योजनाएँ शुरू की हैं। अब 70 प्रतिशत अंक लाने वाली छात्राओं को भी लेपटॉप दिया जायेगा। राज्यपाल ने स्कूल की स्मारिका का विमोचन भी किया। आभार स्कूल शिक्षा सचिव श्री अशोक भार्गव ने माना।
जन-सहयोग से जल-संरक्षण और संवर्धन का महाभियान चलेगा : मुख्यमंत्री श्री चौहान
30 April 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि भू-जल स्तर निरंतर गिर रहा है। इसे रोकने के लिये प्रदेश में जन-सहयोग से जल-संरक्षण और संवर्धन का महाभियान चलाया जायेगा। पुराने तालाबों और नदियों का गहरीकरण किया जायेगा। साथ ही इस वर्ष 500 करोड़ रूपये से नये तालाबों का निर्माण किया जायेगा। इस वर्ष 15 जुलाई से वृक्षारोपण का अभियान भी शुरू होगा। श्री चौहान ने इस महती कार्य में शामिल होने के लिये संपूर्ण समाज का आव्हान किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज सीहोर जिले के ईंटखेड़ी छाप में आयोजित जल-संसद को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कोलांस नदी के गहरीकरण के लिये श्रमदान का शुभारंभ भी किया। उन्होंने स्वयं श्रमदान कर लोगों को श्रमदान के लिये प्रेरित भी किया। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मनुष्य द्वारा औद्योगिकीकरण और भौतिकता की चाह में प्राकृतिक संसाधनों का अँधाधुँध दोहन किया गया है। इससे अनेक प्राकृतिक आपदाएँ उत्पन्न हुई हैं। वृक्षों की अँधाधुँध कटाई से वर्षा कम और अनियमित होने लगी है। आज पर्यावरण बिगड़ रहा है, नदियाँ सूख रही हैं और सतही जल लगातार घट रहा है। धरती पर सूखे का संकट पैदा हो रहा है। धरती की सतह का तापमान लगातार बढ़ रहा है, जो वर्ष 2050 तक दो डिग्री सेल्सियस तक बढ़ जायेगा। इससे ग्लेशियर पिघलेंगे, समुद्र का जल-स्तर बढ़ेगा और बाढ़ जैसी समस्याएँ पैदा होंगी। श्री चौहान ने कहा कि इन समस्याओं का पूरी दुनिया और देश सामना कर रहा है। ये समस्याएँ क्यों पैदा हुईं, यह सभी के लिये चिंता और सोचने का विषय है। अगर हम अभी नहीं चेते तो आने वाली पीढ़ियों के लिये भारी संकट पैदा होगा। यह धरती मनुष्यों के साथ पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं के लिये भी है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का शोषण नहीं दोहन करना चाहिए। वृक्ष वर्षा जल को अवशोषित करते हैं जिससे भू-जल स्तर बढ़ता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नदियाँ जीवन का आधार हैं। मानव सभ्यता नदियों के किनारे ही विकसित हुई हैं। पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों को बचाना हमारा लक्ष्य है। आगामी 15 जुलाई से 30 अगस्त तक महावृक्षारोपण अभियान शुरू होगा। उन्होंने कहा कि वर्षा जल को रोकने के लिये चेक डेम, बोरी बँधान और तालाब निर्माण का कार्य किया जायेगा। उन्होंने कहा कि गाँव का पानी गाँव में ही रोकने के उपाय किये जायेंगे। इसमें स्वयंसेवी संस्थाएँ एवं सभी लोग सहयोग करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब भी कोई बड़ा कार्य शुरू करते हैं तो उसमें रूकावटें आती ही हैं। लोग क्या कहेंगे, इसकी चिंता नहीं करें। यह कार्य केवल सरकार नहीं कर सकती, संपूर्ण समाज के सहयोग से ही संभव है। उन्होंने इस पुण्य कार्य में शामिल होने केलिये सभी से अपील की। मुख्यमंत्री ने जल-संरक्षण के लिये जन-अभियान परिषद द्वारा सभी 313 विकासखण्डों में नदियों के गहरीकरण के लिये शुरू किये गये श्रमदान की प्रशंसा की। श्री चौहान ने बताया कि विगत वर्ष की गई नर्मदा सेवा यात्रा से लोगों में नदियों के प्रति जागरूकता बढ़ी है। अब लोग नदियों में दूषित जल-प्रवाह करने से परहेज करते हैं। नदी के किनारे विसर्जन-कुण्ड, पूजन-कुण्ड, शौचालय और मुक्ति-धाम बनाये गये हैं। साथ ही तट के गाँव से शराब की दुकानें हटाई गई हैं। नर्मदा नदी के किनारे विगत दो जुलाई को 35 लाख लोगों द्वारा 6 करोड़ से अधिक पौधे रोपे गये थे। उन्होंने लोगों को पर्यावरण और नदी संरक्षण का संकल्प भी दिलाया। साथ ही स्वयं भी चिलचिलाती धूप में गैती लेकर कोलांस नदी में श्रमदान किया। जन-अभियान परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. प्रदीप पाण्डे ने बताया कि आज से नदी गहरीकरण के जन-अभियान की शुरूआत हो रही है। जो आगामी दो माह तक प्रदेश के 313 विकासखण्डों में चलेगा। गौ-संवर्धन बोर्ड के अध्यक्ष स्वामी श्री अखिलेश्वरानंद ने कहा कि भारतीय संस्कृति बहुत उदार है। इसमें सभी जीव-जंतुओं, जड़-चेतन को भी चैतन्य माना गया है। भारत एक जीवंत चेतना है। इसमें प्रकृति को पूरा सम्मान दिया गया है। बिना जल के जीवन संभव नहीं है। इसलिये जड़-जंतु, जल को सुरक्षित रखें। विधायक श्री रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कोलांस नदी से भोपाल का बड़ा तालाब भरता है। उन्होंने नदी गहरीकरण के कार्य के लिये परिषद की सराहना की। मुख्यमंत्री ने परिषद द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस मौके पर सांसद श्री आलोक संजर, भोपाल महापौर श्री आलोक शर्मा, मध्यप्रदेश खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री शिव चौबे, जन-अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री राघवेन्द्र गौतम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री मनमोहन नागर आदि जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद थे।
पंजीकृत असंगठित श्रमिकों को शीघ्र लाभ दिया जाये - श्री चौहान
30 April 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने असंगठित श्रमिक कल्याण योजना के पात्र हितग्राहियों को शीघ्र लाभ देना सुनिश्चित करने के लिये अधिकारियों को निर्देशित किया है। उन्होंने कहा है कि योजना की जानकारी देने के लिये 07 मई 2018 को विशेष ग्राम सभाएँ की जाये। इनमें वे स्वयं तथा मंत्रीगण, विधायक और अधिकारी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ असंगठित श्रमिक कल्याण योजना की क्रियान्वयन की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि योजना से संबंधित आदेश, निर्देश एवं परिपत्र 02 मई तक जारी कर दिये जायें। योजना पर तत्काल अमल सुनिश्चित किया जाये। जो पात्र हितग्राही हैं उनको लाभ देना शुरू किया जाये। साथ ही गाँवों में डोंडी पिटवाई जाये, जिससे जो लोग पंजीयन के लिये छूट गये हैं, वे ग्राम सभा के दौरान अपना पंजीयन करा सकें। प्रदेश में 07 मई को शाम 05 बजे से ग्रामसभाओं का तथा शहरों में शाम 06 बजे से वार्ड सभाओं का आयोजन किया जायेगा। इनमें पंजीकृत श्रमिकों की सूची पढ़कर सुनाई जायेगी। साथ ही इस महत्वाकांक्षी योजना और उससे मिलने वाले लाभों की जानकारी दी जायेगी। बताया गया कि पंजीकृत श्रमिकों को 15 मई से 30 मई 2018 तक पंजीयन प्रमाण-पत्र वितरित किये जायेंगे। इन परिवारों को प्रसूति सहायता, पहली से पीएचडी तक नि:शुल्क शिक्षा, कोचिंग, आवासीय पट्टे और मकान बनाने के लिये सहायता, रोजगार, प्रशिक्षण, स्व-रोजगार में मदद, इलाज की सुविधा, फ्लैट रेट पर बिजली, अंत्येष्टि सहायता आदि योजनाओं का लाभ मिलेगा। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह, ऊर्जा मंत्री श्री पारस जैन, लोक स्वास्थ्य मंत्री श्री रूस्तम सिंह, मुख्य सचिव श्री बी.पी.सिंह, अपर मुख्य सचिव पंचायत और ग्रामीण विकास श्री इकबाल सिंह बैंस तथा ऊर्जा, स्वास्थ्य, श्रम, नगरीय विकास आदि विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
श्री रवि श्रीवास्तव द्वारा वन बल प्रमुख का पदभार ग्रहण
30 April 2018
श्री रवि श्रीवास्तव ने सतपुडा भवन स्थित वन मुख्यालय में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख का पदभार ग्रहण किया। श्री रवि श्रीवास्तव भारतीय वन सेवा संवर्ग 1979 के अधिकारी है।




देश की समृद्धि में शहरों के विकास की महत्वपूर्ण भूमिका : राष्ट्रपति श्री कोविंद
29 April 2018
राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने कहा है कि भारत की समृद्धि में शहरों की अर्थ-व्यवस्था का महत्वूपर्ण स्थान है। शहरों के सुनियोजित विकास के लिए भारत सरकार द्वारा स्मार्ट सिटी परियोजना शुरू की गई है। इसमें 100 शहरों को स्मार्ट के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने स्मार्ट सिटी परियोजना को और मजबूती से लागू करने के लिए प्रदेश में मिनी स्मार्ट सिटी विकसित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। राष्ट्रपति श्री कोविंद ने यह बात आज गुना शहर को मिनी स्मार्ट सिटी में शामिल करने के कार्यक्रम में कही। राष्ट्रपति श्री कोविंद ने कहा कि मध्यप्रदेश राज्य संस्कृति] शौर्य और संगीत में समृद्ध राज्य है। इस राज्य में पर्यटन की अपार संभावनाएँ हैं। प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में कृषि के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। खेती-किसानी के क्षेत्र में बेहतर उत्पादन के लिए राज्य को लगातार कृषि कमर्ण अवार्ड प्राप्त हो रहा है। म.प्र. से आत्मीय लगाव राष्ट्रपति ने कहा कि पर्यटन विकास के क्षेत्र में भी बेहतर काम के लिए मध्यप्रदेश सरकार को केन्द्र सरकार की ओर से पुरस्कृत किया गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश से उनका आत्मीय लगाव रहा है। प्रदेश में लगभग सभी जिलों में उनका भ्रमण हुआ है। गुना में उनके बड़े भाई निवास कर रहे हैं। श्री कोविंद ने कहा कि प्रदेश में संविधान निर्माता डॉ. बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर की जन्म-स्थली है। ग्वालियर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कर्मस्थली है। इसके साथ ही गुना स्व.राजमाता विजयाराजे सिंधिया की कर्मभूमि भी है। राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना में प्रदेश के 7 शहर शामिल हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश में 12 मिनी स्मार्ट सिटी बनाने का भी निर्णय लिया है, जिसमें गुना शहर शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि शहर को स्मार्ट बनाने के लिए शहर के निवासियों को भी अपने व्यवहार में परिवर्तन करते हुए शहर विकास में भागीदार बनना जरूरी है। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने नागरिकों से आग्रह किया कि स्मार्ट सिटी बनाने के साथ कुपोषण और टी.बी. जैसी गंभीर बीमारी को समूल रूप से खत्म करने के लिए समाज के सभी वर्गों को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि सभी जन-प्रतिनिधि और समाज के गणमान्य नागरिक यह संकल्प लें कि कोई भी बच्चा कुपोषित नहीं रहेगा। इसके लिए कुपोषित बच्चों को गोद लेने का काम भी किया जाए। टी.बी. को खत्म करने के लिये समन्वित प्रयास किए जाए। गुना के विकास में कोई कसर नहीं रखेंगे : मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गुना के विकास में सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। गुना शहर को मिनी स्मार्ट सिटी में शामिल किया गया है। प्रदेश सरकार 282 करोड़ रूपए खर्च कर गुना का सुनियोजित विकास कर स्मार्ट सिटी बनायेगी। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना में बेहतर अद्योसंरचना विकास] ऐतिहासिक स्थलों का उन्नयन और हरित विकास] स्वच्छता और पर्यावरण संवर्धन] शहरी आवास और आजीविका संवर्धन के काम किए जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रदेश सरकार ने कड़े कानून भी बनाए हैं। उन्होंने कहा कि अब बेटा-बेटियों की पढ़ाई की फीस भी राज्य सरकार भरेगी। श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में अल्प वर्षा से पीने के पानी की कमी हुई है। हम सबको पानी की बचत और जल-संवर्धन के कार्यों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। साथ ही पूरे प्रदेश में सभी की भागीदारी से अधिक से अधिक वृक्षारोपण हो। शुरूआत में पूर्व मुख्य न्यायाधीश श्री आर.सी.लाहोटी ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार कोई राष्ट्रपति गुना पधारे हैं। यह प्रसन्नता की बात है। मिनी स्मार्ट सिटी बनने से गुना के विकास के द्वार खुलेंगे। नगर पालिका अध्यक्ष श्री राजेन्द्र सिंह सलूजा ने स्वागत भाषण दिया। उच्च शिक्षा मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया और विधायक श्री पन्ना लाल शाक्य भी उपस्थित थे। राष्ट्रपति भवन में शहरवासियों को किया आमंत्रित राष्ट्रपति श्री कोविंद ने कहा कि राष्ट्रपति भवन राष्ट्र की धरोहर है। शहर का कोई भी नागरिक दिल्ली आये, तो राष्ट्र की धरोहर राष्ट्रपति भवन को देखें। उन्होंने कहा कि देश के हर नागरिक को राष्ट्र की धरोहर देखने का पूरा अधिकार है। उन्होंने अपनी ओर से सभी को आमंत्रित किया।
राष्ट्रपति श्री कोविंद के गुना आगमन पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया स्वागत
29 April 2018
राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद आज गुना पहुँचे। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और उच्च शिक्षा मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया ने राष्ट्रपति की अगवानी की और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति श्री कोविंद के बड़े भाई श्री रामस्वरूप भारती ने मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का शॉल और पुष्पगुच्छ से अभिनन्दन किया। राष्ट्रपति श्री कोविंद बमौरी से गुना निर्धारित कार्यक्रम में शामिल होने के लिये आये थे। बमौरी हेलीपेड पर उच्च शिक्षा मंत्री श्री पवैया ने की अगवानी आज सुबह गुना जिले के ग्राम बमौरी में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिये राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद आये। उनके साथ उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सविता कोविंद, राज्यपाल श्रीमती आनन्दीबेन पटेल और मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान भी थे। राष्ट्रपति श्री कोविंद का उच्च शिक्षा मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया ने मध्यप्रदेश की ओर से पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
डीम्ड यूनिवर्सिटी बनने से विंध्य अंचल में तकनीकी शिक्षा को मिलेगी नई दिशा
29 April 2018
उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि इंजीनियरिंग कॉलेज, रीवा के डीम्ड यूनिवर्सिटी बन जाने से विंध्य अंचल में तकनीकी शिक्षा के स्तर में गुणात्मक सुधार आयेगा। साथ ही इंजीनियरिंग कॉलेज का विस्तार भी होगा। श्री शुक्ल आज रीवा में छात्र-छात्राओं को संबोधित कर रहे थे। हाल ही में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने इंजीनियरिंग कॉलेज रीवा को डीम्ड यूनिवर्सिटी बनाने की घोषणा की थी। श्री शुक्ल ने कहा कि यूनिवर्सिटी पूरी तरह से स्वशासी होगी और इसमें नये कोर्स शुरू होंगे। उद्योग मंत्री ने कहा कि इंजीनियरिंग कॉलेज के विस्तार के लिए परिसर में जमीन तथा अन्य संसाधन भी उपलब्ध है। श्री शुक्ल ने मुख्यमंत्री श्री चौहान का इस घोषणा के लिए आभार भी माना। राजकपूर ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करें : मंत्री श्री शुक्ल उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा में 17 करोड़ 38 लाख की लागत से निर्माणाधीन राजकपूर ऑडिटोरियम का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण किया जाये, जिससे आगामी जून माह के प्रथम सप्ताह में लोकार्पण कराया जा सके। बताया गया कि निर्माण कार्य की सतत् निगरानी की जा रही है। साज-सज्जा का कार्य अंतिम चरण में है। नियत समय पर लोकार्पण को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य को पूर्ण करने के प्रयास किये जा रहे हैं।
राष्ट्रपति श्री कोविंद का प्रदेश आगमन पर भव्य स्वागत
28 April 2018
राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद आज मध्यप्रदेश के प्रवास पर भोपाल पहुँचे। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने विमानतल पर राष्ट्रपति की अगवानी की तथा उन्हें पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान की धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह चौहान ने राष्ट्रपति श्री कोविंद की धर्मपत्नी श्रीमती सविता कोविंद का पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री सीतासरन शर्मा, वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार, महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस, सांसद श्री आलोक संजर, महापौर श्री आलोक शर्मा, विधायको और जन-प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति का स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री आर.के. शुक्ला, सहित प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
अनुभूति कार्यक्रम से नई पीढ़ी के हाथों सुरक्षित हुए वन
28 April 2018
प्रदेश में दो वर्ष पूर्व वन विभाग द्वारा आरंभ किये गये अनुभूति कार्यक्रम में एक लाख 65 हजार से अधिक बच्चों ने भाग लिया। राष्ट्रीय उद्यान,टाइगर रिजर्व और अभयारण्य में भ्रमण से बच्चों और जंगल के बीच में अपनत्व का भाव बढ़ने से वन और वन्य प्राणी संरक्षण के उत्साहजनक परिणाम मिले हैं। बच्चों ने अपने परिवार और आस-पड़ोस में भी जागरूकता वातावरण निर्मित किया है। यह जानकारी आज अनुभूति कार्यक्रम वर्ष 2017-18 की पुस्तिका के विमोचन के दौरान दी गई। मुख्य अतिथि अपर मुख्य सचिव गृह श्री के.के. सिंह ने कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि अनुभूति कार्यक्रम बच्चों में वन और वन्य प्राणी संरक्षण का संस्कार मजबूत कर रहा है। हर साल होने वाले इस कार्यक्रम में बच्चों की संख्या एक लाख से बढ़ाकर डेढ़ लाख की जानी चाहिये। वन बल प्रमुख श्री अनिमेष शुक्ला ने कहा कि अनुभूति कार्यक्रम ने बच्चों में 'हमारा जंगल की अनुभूति' उत्पन्न की है। इसके दूरगामी परिणाम अतिसुखद होंगे। वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार के कहने पर कार्यक्रम में भाग लेने वाले स्कूली बच्चों की संख्या 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख की गई है। वन्य-प्राणी अभिरक्षक श्री जितेन्द्र अग्रवाल ने कहा कि कार्यक्रम से पिछले दो सालों में डेढ़ लाख से अधिक परिवारों में वन के प्रति जागरूकता आई है। स्कूली बच्चों के भ्रमण से यह मिथक भी टूटा है कि टाइगर रिजर्व और राष्ट्रीय उद्यान केवल धनाढ्य लोगों के लिये हैं। अनुभूति कार्यक्रम में वर्ष 2016-17 में 1938 विद्यालयों के 53 हजार 935 और वर्ष 2017-18 में 2735 शासकीय विद्यालयों के एक लाख 11 हजार 68 बच्चे शामिल हुए। 15 दिसम्बर से 15 जनवरी तक होने वाले कार्यक्रम में बच्चों को राष्ट्रीय उद्यान, बफर, अभयारण्य क्षेत्रों में भ्रमण के साथ जल की महत्ता, पर्यावरण संरक्षण, जैव-विविधता, पक्षी दर्शन, वन औषधि और वन प्रबंधन की सामान्य जानकारी और अनुभव प्रदान किया गया है। दिव्यांग बच्चों को सांकेतिक भाषा, स्पर्श और आवाज के माध्यम से जानकारी दी गई। कार्यक्रमों में मंत्री, विधायक और वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। इस अवसर पर अनुभूति कार्यक्रम पर आधारित फिल्म प्रदर्शन के साथ सीडी भी जारी की गई। तीन वरिष्ठ अधिकारियों की विदाई कार्यक्रम में 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हो रहे प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. अनिमेष शुक्ला, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) श्री जितेन्द्र अग्रवाल और प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री आर.के. गुप्ता (उत्पादन) को भावभीनी विदाई दी गई। अधिकारियों को स्मृति-चिन्ह भी भेंट किये गये। वन विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री रवि श्रीवास्तव, वन्य प्राणी अभिरक्षक श्री जितेन्द्र अग्रवाल, ईको पर्यटन विकास बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री पुष्कर सिंह और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
प्रदेश के तीन सौ सरकारी विद्यालयों में व्यवसायिक शिक्षा
28 April 2018
प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी कौशल विकास के लिये केन्द्र सरकार की मदद से व्यवसायिक शिक्षा योजना संचालित की जा रही है। योजना में प्रारम्भ में स्कूल शिक्षा विभाग ने 50 उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में दो ट्रेड शुरू किये थे। इसके बाद 263 विकासखण्ड स्तरीय विद्यालयों में व्यवसायिक शिक्षा का विस्तार किया गया है। अब इन विद्यालयों में 8 ट्रेड में विद्यार्थियों को व्यवसायिक शिक्षा दी जा रही है। इस वक्त करीब 63 हजार विद्यार्थियों को व्यवसायिक शिक्षा दी जा रही है। यह व्यवसायिक शिक्षा ब्यूटी एण्ड वेलनेस, बैंकिंग एण्ड फायनेंस सर्विसेस, इलेक्ट्रिकल्स टेक्नोलॉजी, हैल्थ केयर, आई.टी/ आई.टी.ईएस, फिजिकल एजुकेशन एण्ड स्पोर्टस, रीटेल, ट्रेवल एण्ड टूरिज्म ट्रेड में दी जा रही है। अंग्रेजी भाषा के कौशल में सुधार के लिये ब्रिटिश काउंसिल का प्रोजेक्ट ब्रिटिश काउंसिल एक अन्तर्राष्ट्रीय संस्था है, जो शिक्षण गतिविधियों एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर कार्य कर रही है। ब्रिटिश काउंसिल देश में लगभग 50 वर्ष से अंग्रेजी भाषा शिक्षण एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में सहायता प्रदान कर रही है। संस्था के विश्वव्यापी अनुभव को देखते हुए मध्यप्रदेश में भी अंग्रेजी भाषा शिक्षण एवं सीखने के लिए ब्रिटिश काउंसिल का चयन किया गया है। यह प्रोजेक्ट मध्यप्रदेश में वर्ष 2018 से 2022 तक कार्य करेगा। प्रोजेक्ट के तहत शिक्षकों का अंग्रेजी भाषा शिक्षण के साथ संप्रेक्षण कौशल (कम्यूनिकेशन स्किल) बढ़ाने पर जोर दिया जायेगा। साथ ही बच्चों को अंग्रेजी भाषा सीखने एवं अंग्रेजी भाषा में बोल चाल पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी भाषा सीखने की नई-नई विधियों के माध्यम से सरलता से अंग्रेजी भाषा सिखाने के कार्यक्रम किये जायेंगें। कक्षा 9 से 12 तक अंग्रेजी भाषा पढ़ाने वाले शिक्षकों को छात्र केन्द्रित तकनीक के माध्यम से प्रशिक्षण दिलाया जायेगा। स्कूल शिक्षा विभाग ब्रिटिश काउंसिल के साथ मिलकर शिक्षकों की संप्रेक्षण कौशल, निरंतर व्यावसायिक विकास (कन्टीन्यूईंग प्रोफेशनल डेवलपमेंट) के पाठ्यक्रम में सहभागिता करना सुनिश्चित कर रहा हैं। इससे शिक्षकों और छात्रों में अंग्रेजी भाषा के कौशल, ज्ञान एवं कक्षाओं में अंग्रेजी शिक्षण की नवीन तकनीक में विकास हो सकेगा।
किसानों को भुगतान समय से हो, आवश्यकतानुसार नवीन उपार्जन केन्द्र खोले जायें
27 April 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिये हैं कि सभी जिलों में आवश्यकतानुसार नवीन उपार्जन केन्द्र खोले जायें। किसानों को भुगतान समय से हो। उपार्जन कार्य की लगातार मानीटरिंग की जाये। उपार्जन के दौरान किसान हितैषी दृष्टिकोण रखा जाये। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश में चल रहे गेहूँ, चना, मसूर और सरसों के उपार्जन की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया, वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार, सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग और मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि किसानों को समय से एसएमएस मिले तथा खरीदी केन्द्र पर उपार्जन सुनिश्चित किया जाये। उपार्जन के बाद शीघ्र परिवहन किया जाये। यह सुनिश्चित करें कि किसानों को खरीदी के तीसरे दिन भुगतान मिले। किसी कारण से एसएमएस से सूचना के बाद निर्धारित दिन पर किसान नहीं आ पाता है तो उन्हें दोबारा एसएमएस किया जाये। खरीदी, परिवहन और किसान को भुगतान की लगातार मानीटरिंग की जाये। खरीदी केन्द्रों पर पर्याप्त संसाधन और उपकरण हों। यह सुनिश्चित करें कि बोरे के निर्धारित वजन के बराबर ही कटौती की जाये। उपार्जन केन्द्रों पर छाया और पीने के पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करें। उपार्जन केन्द्रों पर एक प्रशासनिक अधिकारी की ड्यूटी लगायें। मण्डियों में आवश्यकतानुसार मजदूरी की दरें बढ़ायें। जिन उपार्जन केन्द्रों पर नाफेड के सर्वेयर नहीं हो, वहाँ कृषि, खाद्य और सहकारिता की समिति बनाकर एफ.ए.क्यू गुणवत्ता का उपार्जन करें। ओला प्रभावित और सूखे से प्रभावित किसानों को राहत राशि मिलना शेष नहीं रहे। उपार्जित खाद्यान्न के परिवहन में देरी नहीं हो। आवश्यकतानुसार मण्डियों में विद्युत चलित ट्रेडिंग मशीनें लगायें। प्रभारी मंत्री भी प्रतिदिन करेंगे उपार्जन की मानीटरिंग मुख्यमंत्री ने कहा कि कलेक्टर उपार्जन कार्य के साथ भुगतान की स्थिति की प्रतिदिन समीक्षा करें। प्रभारी मंत्री भी प्रतिदिन उपार्जन कार्य की मानीटरिंग करेंगे। खरीदी, परिवहन, भुगतान और कैश की प्रतिदिन रिपोर्ट लें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कृषि समृद्धि योजना के तहत वर्ष 2016-17 की प्रोत्साहन राशि अधिकांश किसानों के खातों में पहुँच गई है। वर्ष 2017-18 की प्रोत्साहन राशि 265 रूपये प्रति क्विंटल गेहूँ तथा चना, मसूर और सरसों में 100 रूपये प्रति क्विंटल की दर से आगामी 10 जून को किसानों के खातों में डाली जायेगी। किसानों को एसएमएस की विकेन्द्रीकृत व्यवस्था बताया गया कि उपार्जन के लिये किसानों को एसएमएस भेजने की विकेन्द्रीकृत व्यवस्था की गई है। खरीदी केन्द्रों पर तौल व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण किया गया है। प्रदेश में अब तक 45 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया गया है। गेहूँ, चना, मसूर, सरसों को मण्डियों में बेचने वाले किसानों को भी मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना में प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। इन किसानों का पंजीयन किया गया है। बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मध्यप्रदेश में निर्मित वस्त्र एक्सपोर्ट इकाई में शामिल हों
27 April 2018
श्री जालम सिंह पटेल, कुटीर एवं ग्रामोद्योग, आयुष, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने केन्द्र सरकार से अनुरोध किया है कि प्रदेश के चंदेरी और महेश्वर में निर्मित उत्पादों को एक्सपोर्ट इकाई में शामिल किया जाय। श्री पटेल ने दिल्ली में वस्त्र मंत्रालय द्वारा आयोजित अन्तर्राज्यीय बैठक में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए राज्य में हाथकरघा और हस्तशिल्प उद्योग पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। श्री पटेल ने कहा कि हाथकरघा एवं हस्तशिल्प के निर्यात योग्य उत्पादों की निर्माण योजना (डीईपीएम) पुन: प्रारम्भ की जाये। इस योजना से सेम्पल निर्माण, डिजाइनर फीस, तकनीकी उन्नयन, बाजार अध्ययन तथा अंतर्राष्ट्रीय मेलों में भागीदारी आदि संभव हो सकेगी। राज्य मंत्री ने 60 वर्ष से अधिक आयु के बुनकरों एवं हस्तशिल्पियों, खासकर नेशनल और स्टेट अवार्डी को पेंशन दिए जाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने इन परिवार के युवाओं को आईआईएचटी में दाखिले पर फीस में छूट तथा चन्देरी अथवा महेश्वर में आईआईएचटी संस्थान खोले जाने का अनुरोध किया। श्री पटेल ने कहा कि इन वर्गों को स्वास्थ्य कार्ड की सुविधा भी दी जाये ताकि जरूरत होने पर उनका मुफ्त इलाज हो सके।
राजस्व मंत्री ने नव-दंपत्तियों को दिया आशीर्वाद
27 April 2018
राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने नर्मदा भवन में विवाह सम्मेलन में नव-दंपत्तियों को आशीर्वाद दिया। सम्मेलन में तीन अनाथ बच्चियों की शादी की गयी। श्री गुप्ता ने सम्मेलन में मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह और लाड़ली लक्ष्मी योजना सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। सम्मेलन में समाजसेवी श्री संतोष सिंह का योगदान उल्लेखनीय रहा।
राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद 28 एवं 29 अप्रैल को मध्यप्रदेश में
27 April 2018
राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद 28 एवं 29 अप्रैल 2018 को प्रदेश के सागर एवं गुना में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। राष्ट्रपति श्री कोविंद 28 अप्रैल को प्रात: 8.55 पर नई दिल्ली से भोपाल के लिये रवाना होंगे। राष्ट्रपति प्रात: 10.10 मिनिट पर भोपाल पहुँचेंगे। श्री कोविंद भोपाल एयरपोर्ट से सागर के लिये रवाना होंगे। राष्ट्रपति श्री कोविंद 28 अप्रैल को दोपहर 12 बजे सागर के डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय के 27वें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। राष्ट्रपति श्री कोविंद दोपहर 3 बजे डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती हाल में आयोजित 620वें संत कबीर प्रकटोत्सव महोत्सव में शामिल होंगे। राष्ट्रपति सागर में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद शाम 5.30 बजे भोपाल पहुँचेंगे। राष्ट्रपति रात्रि विश्राम राजभवन, भोपाल में करेंगे। राष्ट्रपति श्री कोविंद 29 अप्रैल रविवार को प्रात: 10.25 पर भोपाल से गुना जिले के बामोरी के लिये रवाना होंगे। श्री कोविंद इस दिन दोपहर 12 बजे गुना जिले के बामोरी में असंगठित श्रमिक सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। राष्ट्रपति दोपहर एक बजे बामोरी से गुना के लिये रवाना होंगे। श्री कोविंद दोपहर 2 बजे गुना में मिनी स्मार्ट सिटी के शुभारंभ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। राष्ट्रपति शाम 4 बजे से 4.50 मिनिट तक अपने बड़े भाई श्री रामस्वरूप भारती के गुना स्थित आवास में रहेंगे। राष्ट्रपति शाम 5 बजे गुना से भोपाल के लिये रवाना होंगे। इसके बाद श्री कोविंद भोपाल एयरपोर्ट से शाम 6.20 मिनिट पर नई दिल्ली के लिये रवाना हो जायेंगे।
रावतपुरा धाम पर धर्मशाला बनेगी: मुख्यमंत्री श्री चौहान
26 April 2018
संत शिरोमणि श्री रविशंकर जी महाराज के सान्निध्य में रावतपुरा धाम पर सामाजिक कुंभ हम सभी को एकजुट होने का अवसर प्रदान कर रहा है। कुंभ में सभी समुदाय के व्यक्तियों ने भागीदारी सुनिश्चित की है, जिससे भेदभाव मिटाने का अवसर भी मिला है। यह मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने रावतपुरा धाम पर बुधवार की रात को सम्मान समारोह में व्यक्त किए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि भारतीय संस्कृति को जोड़ने में कुंभों का आयोजन महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सारी दुनिया एक परिवार है। कुंभ के माध्यम से हम सभी को सदभावना और भाईचारे की प्रेरणा मिलती है। साथ ही धर्म के प्रति आस्था जाग्रत होती है। ''सियाराम मय सब जग जानी'' की अविरल छटा इस कुंभ में देखने को मिली है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में बेटी बचाओ-बेटी पढाओं संचालित किया जा रहा है। हम सभी को बेटी को बचाने के लिए प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि आदिकाल से बेटी शक्ति काली के रूप में पहचानी जाती रही है। भिण्ड में पहले से बेटियों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की भक्तिभाव की भावना को हम सभी को कायम रखना है। समारोह में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने संत शिरोमणि श्री रविशंकर जी महाराज का अंग वस्त्र प्रदान कर सम्मान किया। महाराज ने मुख्यमंत्री श्री चौहान को स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री जी की धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह एवं उनकी माँ के अलावा पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री चरणदास महंत, क्षेत्रीय सांसद डॉ. भागीरथ प्रसाद, भिण्ड विधायक श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाह, दतिया विधायक श्री राधेलाल, श्रद्धालु आदि उपस्थित थे। रावतपुरा में बनेगी धर्मशाला मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि रावतपुरा धाम पर शीघ्र धर्मशाला बनवाई जायेगी। जिससे धर्मशाला में श्रद्धालु और क्षेत्रीय नागरिकों को ठहरने का अवसर मिलेगा। साथ ही रावतपुरा धाम के प्रति आस्था जाग्रत होगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कुंभ क्षेत्र का लिया जायजा मुख्यमंत्री चौहान तथा उनकी धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह ने सामाजिक कुंभ के दौरान बुधवार को विभिन्न मंदिर क्षेत्रों का भ्रमण कर देव दर्शन भी किए। संत शिरोमणि श्री रविशंकर जी महाराज ने मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को मंदिर क्षेत्र की व्यवस्थाओं का अवलोकन कराया। साथ ही श्रद्धालुओं और नागरिकों के लिए उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी दी।
नरेला कॉलेज और हास्पिटल के लिए करोंद चौराहे के पास जमीन
26 April 2018
सहकारिता, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग ने कहा कि नरेला शासकीय महाविद्यालय और नरेला शासकीय चिकित्सालय के लिए करोंद चौराहे के पास जमीन उपलब्ध करवाई जा रही है। आवंटन प्रास्तव शासन स्तर पर है। श्री सारंग ने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों की गति में अवरोध नहीं आए इसका ध्यान रखा जाए। मंत्री श्री सारंग आज निवास पर जिला प्रशासन, रेलवे और नगर निगम के अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में कलेक्टर श्री सुदाम खाण्डे, डीआईजी श्री धर्मेन्द्र चौधरी, आयुक्त नगर निगम श्रीमती प्रियंका दास, एडीआरएम रेलवे श्री राजपूत और अन्य अधिकारी मौजूद थे। राज्य मंत्री श्री सारंग ने कलेक्टर और आयुक्त नगर निगम से कहा कि अधीनस्थ अधिकारियों को हिदायत दी जाए कि वे निर्माण कार्यों की सतत मानीटरिंग करें और ठेकेदारों से गुणवत्ता के साथ समय पर कार्य पूरा करवाए। बैठक में अशोका गार्डन पेयजल टंकी और विवेकानंद विचार वीथिका पार्क के निर्माण की भी समीक्षा की गई। राज्य मंत्री श्री सारंग ने कहा कि वीथिका पार्क ड्रीम प्रोजेक्ट है, इसे समय पर पूरा कराया जाए। राज्य मंत्री श्री सारंग ने चेतक ब्रिज आरओबी और सुभाष फाटक आर.ओ.बी. के कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने रेलवे अधिकारियों से कहा कि पीडब्ल्यूडी के साथ इन आर.ओ.बी. के निर्माण में रेलवे के हिस्से के कार्यों को भी जल्दी से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन, नगर निगम, पुलिस, रेलवे के समन्वित प्रयासों का ही परिणाम है कि अनेक विकास कार्यों को हम निर्धारित समयावधि से पहले पूरा करने जा रहे हैं। चेतक ब्रिज और सुभाष फाटक आर.ओ.बी. का कार्य समय से पहले पूरा किया जा रहा है।
मध्यप्रदेश जैव प्रौद्योगिकी परिषद् का मेपकास्ट में विलय होगा
26 April 2018
मध्यप्रदेश जैव प्रौद्योगिकी परिषद् का विलय मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् (मेपकास्ट) में होगा। राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा है कि दोनों परिषद् एक ही तरह के कार्य करती हैं। उन्होंने कहा है कि अनावश्यक व्यय बचाने के लिये यह कार्यवाही की जाना जरूरी है। श्री गुप्ता ने विलय के संबंध में जरूरी कार्यवाही जल्द करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है जैव प्रौद्योगिकी परिषद् में कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी और उसकी पूरी परिसंपत्तियों को भी मेपकास्ट को हस्तांतरित किया जायेगा। बैठक में प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री मनीष रस्तोगी, सीईओ मध्यप्रदेश जैव प्रौद्योगिकी परिषद् श्री सी.के. पाटिल और मेपकास्ट के महानिदेशक श्री नवीन चन्द्रा उपस्थित थे।
सर्वांगीण विकास सभी की सामूहिक जवाबदारी : मुख्यमंत्री श्री चौहान
25 April 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सीहोर जिले के ग्राम चकल्दी में लघु वनोपज संघ के समारोह में दो करोड़ 72 लाख की राशि तेन्दूपत्ता संग्राहकों के खातों में ई-ट्रांसफर माध्यम से वितरित की। इस अवसर पर ग्राम खजूरी निवासी श्रीमती रामीबाई तथा बनियागांव निवासी श्रीमती केवलीबाई को चप्पल पहनाकर और साड़ी वितरित कर पूरे जिले के तेंदूपत्ता संग्राहकों को जूता-चप्पल वितरण की शुरूआत की। सीहोर जिले में पन्द्रह तेन्दूपत्ता संग्रहण समितियाँ हैं और अड़तालीस हजार से अधिक संग्राहक है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सर्वांगीण विकास तभी संभव है जब सभी सामूहिक जिम्मेदारी की भावना से अपने दायित्वों का निर्वहन करें। प्रकृति प्रदत्त संसाधनों पर सभी का अधिकार है। जो लोग इसका लाभ लेने से वंचित रहे हैं, ऐसे सभी वर्ग के लोगों को आगे आने में सरकार मदद कर रही है। श्री चौहान ने कहा कि सरकार ने असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के पंजीयन का कार्य अभियान स्तर पर करवाया है। ढाई एकड़ तक की जोत वाले किसानों को भी असंगठित श्रमिक माना गया है। पंजीयन का काम पूरा होने पर पात्र श्रमिकों को सभी योजनाओं का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अब श्रमिक परिवार की महिला द्वारा गर्भ धारण करने के 6 से 9 माह के बीच चार हजार रूपये की राशि उसके बैंक खाते में डाली जायेगी । प्रसव के बाद बारह हजार रूपये की राशि और डाली जायेगी, ताकि जच्चा-बच्चा स्वस्थ रहे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि इस योजना पर लगभग 1600 करोड़ रूपये सालाना खर्च होने का अनुमान है। श्री चौहान ने अपील की कि प्रसव सरकारी अस्पताल में करायें तथा जच्चा-बच्चा का संपूर्ण टीकाकरण भी आवश्यक रूप से कराया जाये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्व-सहायता समूहों को सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि स्व-सहायता समूह की सदस्य महिलाएँ अपने परिवार की आय बढ़ाने में उल्लेखनीय योगदान दे सकती हैं। शासन की ओर से स्व-सहायता समूहों को सुदृढ़ बनाने के लिये यथासंभव सभी प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आगामी चार वर्षों में प्रदेश में सभी पात्र आवासहीनों को पक्के घर उपलब्ध करवाये जायेंगे। राज्य सरकार गरीबों को मकान के लिये जमीन और पानी, बिजली जैसी मूलभूत जरूरतों को पूरा करने पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को फ्लेट रेट पर बिजली देने का काम एक अप्रैल से आरंभ कर दिया गया है। इसके पूर्व मुख्यमंत्री श्री चौहान ने चार करोड़ रूपये लागत से बने आई.टी.आई. भवन 95 लाख रूपये की लागत के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा 80 लाख रूपये की लागत के ग्रामीण खेल मैदान का लोकार्पण किया। इस अवसर पर सिलाई कला मंडल के अध्यक्ष श्री सुनील माहेश्वरी, अपेक्स बैंक के प्रशासक श्री रमाकांत भार्गव, वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री गुरू प्रसाद शर्मा, वेयर हाउसिंग कारपोरेशन के अध्यक्ष श्री राजेन्द्र सिंह राजपूत, लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री महेश कोरी, उपाध्यक्ष श्री रामनारायण साहू भी उपस्थित थे।
जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने लिया दद्दा जी का आशीर्वाद
25 April 2018
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस-2018 समारोह के अवसर पर मंडला जिले के रामनगर में मोतीमहल के समीप देश के विभिन्न हिस्सों से आए करीब ढाई सौ पंचायत प्रतिनिधियों तथा उत्कृष्टता पुरस्कार प्राप्त अतिथियों के साथ ग्रुप फोटो निकलवाई। श्री मोदी ने इस मौके पर मंडला के गोंड राजवंश के ध्वज का सम्मान के साथ अवलोकन किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने गोंड जनजाति की परंपरा और जीवन शैली पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में काष्ठ से बनी नारी प्रतिमा, गोंड जनजाति के बर्तन, वस्त्र, अस्त्र-शस्त्र, प्राकृतिक जीवन शैली की परंपरा का चित्रण किया गया है। प्रदर्शनी में बैगा जनजाति द्वारा प्रकृति से उपलब्ध फलों को सुखाकर गिलास-कप आदि के रूप में उपयोग करने का भी चित्रण किया गया है। इसके साथ ही, उनकी पूजा एवं श्रृंगार विधि को भी दर्शाया गया है। काष्ठ शिल्प के संबंध में बताया गया कि विश्व में भारतीय नारी की पहचान साड़ी परिधान से की जाती है। इस काष्ठ शिल्प प्रदर्शनी का उदे्दश्य है कि नारी का सम्मान बढे़, उसके जीवन की रक्षा हो तथा एक प्रगतिशील नारी के रूप में भारतीय नारी की पहचान बने। गोंड राजाओं के ध्वज स्तंभ में उल्लेख है कि गोंड राजवंश के 63 नरेशों ने इस धरा पर शासन किया था। इस अवसर पर राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर, केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री पुरुषोत्तम सिंह रुपाला, मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव, सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, श्री राकेश सिंह, राज्य सभा सांसद श्रीमती संपतिया उइके,जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती मरावी, प्रदेश मंत्रीमण्डल के सदस्य, विधायकगण एवं अन्य गणमान्य जन-प्रतिनिधि मौजूद थे।
विश्व मलेरिया दिवस पर स्वास्थ्य मंत्री श्री रुस्तम सिंह की अपील
25 April 2018
विश्व मलेरिया दिवस पर आज प्रदेश के सभी जिलों में जन-जागरूकता कार्यक्रम हुए। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री रुस्तम सिंह ने इस मौके पर प्रदेश के लोगों से मलेरिया से बचने के लिये एहतियाती उपाय बरतने की अपील की। मलेरिया के लक्षण श्री सिंह ने कहा यदि कँपकपी के साथ तेज बुखार, सिर दर्द, उल्टी, बैचेनी, कमजोरी, सुस्ती, रुक-रुक कर बुखार आना, पसीना आकर बुखार उतर जाना, गर्मी या तपन महसूस हो, तो चिकित्सक की सलाह लें। मलेरिया की जाँच और उपचार सभी ग्राम आरोग्य केन्द्र में सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों में नि:शुल्क किया जाता है। बुखार या मलेरिया के लक्षण दिखने पर तुरंत खून की जाँच आरडीटी किट या माइक्रोस्कोपी जाँच द्वारा करवायें। मलेरिया की पुष्टि होने पर दवाइयों का पूर्ण रूप से सेवन करें। श्री सिंह ने लोगों से मच्छरदानी का उपयोग करने की अपील की है। खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगायें। हल्के रंग के हाथ-पैर ढँकने वाले कपड़े पहने, हर सप्ताह कूलर, टंकी और पानी भरे बर्तनों को खाली कर साफ करें। आस-पास पानी भरा न रहने दें।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देखी गोंड राजवंश की जीवन शैली की प्रदर्शनी
24 April 2018
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस-2018 समारोह के अवसर पर मंडला जिले के रामनगर में मोतीमहल के समीप देश के विभिन्न हिस्सों से आए करीब ढाई सौ पंचायत प्रतिनिधियों तथा उत्कृष्टता पुरस्कार प्राप्त अतिथियों के साथ ग्रुप फोटो निकलवाई। श्री मोदी ने इस मौके पर मंडला के गोंड राजवंश के ध्वज का सम्मान के साथ अवलोकन किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने गोंड जनजाति की परंपरा और जीवन शैली पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में काष्ठ से बनी नारी प्रतिमा, गोंड जनजाति के बर्तन, वस्त्र, अस्त्र-शस्त्र, प्राकृतिक जीवन शैली की परंपरा का चित्रण किया गया है। प्रदर्शनी में बैगा जनजाति द्वारा प्रकृति से उपलब्ध फलों को सुखाकर गिलास-कप आदि के रूप में उपयोग करने का भी चित्रण किया गया है। इसके साथ ही, उनकी पूजा एवं श्रृंगार विधि को भी दर्शाया गया है। काष्ठ शिल्प के संबंध में बताया गया कि विश्व में भारतीय नारी की पहचान साड़ी परिधान से की जाती है। इस काष्ठ शिल्प प्रदर्शनी का उदे्दश्य है कि नारी का सम्मान बढे़, उसके जीवन की रक्षा हो तथा एक प्रगतिशील नारी के रूप में भारतीय नारी की पहचान बने। गोंड राजाओं के ध्वज स्तंभ में उल्लेख है कि गोंड राजवंश के 63 नरेशों ने इस धरा पर शासन किया था। इस अवसर पर राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर, केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री पुरुषोत्तम सिंह रुपाला, मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव, सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, श्री राकेश सिंह, राज्य सभा सांसद श्रीमती संपतिया उइके,जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती मरावी, प्रदेश मंत्रीमण्डल के सदस्य, विधायकगण एवं अन्य गणमान्य जन-प्रतिनिधि मौजूद थे।
मार्शल आर्ट खिलाड़ियों को जल्द मिलेगा इण्डोर मल्टी पर्पज हॉल
24 April 2018
मध्यप्रदेश के मार्शल आर्ट (जूडो, ताइक्वांडो, बॉक्सिंग, कराते, फेन्सिंग, वुशू और कुश्ती) खिलाड़ियों को जल्द ही तात्या टोपे खेल परिसर में सर्व-सुविधायुक्त इण्डोर मल्टीपर्पज हॉल उपलब्ध होगा। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने आज परिसर में 17 करोड़ 21 लाख की लागत से बनने वाले इस हॉल का भूमि-पूजन किया। खेल मंत्री श्रीमती सिंधिया ने बतायाकि मार्शल आर्ट मल्टीपर्पज इण्डोर हॉल की कुल राशि मे से 8 करोड़ रूपये केन्द्रीय सहायता तथा शेष 9 करोड़ 21 लाख का व्यय राज्य शासन द्वारा किया जायेगा। श्रीमती सिंधिया ने कहा कि मार्शल आर्ट अकादमी के खिलाड़ीयों राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन उपलब्धि हासिल कर रहे हैं। उन्हें अन्तराष्ट्रीय स्तर की प्रशिक्षण सुविधा के लिए इस हॉल का निर्माण किया जा रहा है। इस अवसर पर संचालक खेल एवं युवा कल्याण श्री उपेन्द्र जैन, संयुक्त संचालक श्री बालू यादव, श्री विनोद प्रधान तथा बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित थे। निर्माण कार्य का निरीक्षण मंत्री श्रीमती सिंधिया ने मध्यप्रदेश शूटिंग अकादमी में निर्माणाधीन 50 मीटर शूटिंग रेंज का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों को पूरी गुणवत्ता और समय-सीमा में पूरा करने को कहा।
मनरेगा में श्रमिकों को लम्बित मजदूरी का हुआ शत-प्रतिशत भुगतान
24 April 2018
महात्मा गांधी नरेगा में चालू वित्तीय वर्ष में भारत सरकार द्वारा मध्यप्रदेश राज्य के लिए स्वीकृत 20 करोड़ मानव दिवस के लेबर बजट के विरूद्ध भारत सरकार द्वारा प्रथम किस्त 915 करोड़ 20 लाख रूपये स्वीकृत की गई है। बीस अप्रैल 2018 तक 270 करोड़ की राशि मजदूरी भुगतान के लिये जारी कर दी गई है। इस प्रकार 20 अप्रैल 2018 तक लंबित मजदूरी भुगतान की शत-प्रतिशत राशि जारी कर दी गई है। बीस अप्रैल के बाद की मजदूरी का भुगतान प्रचलन में है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में सामग्री भुगतान के लिये 1000 करोड़ रूपये उपलब्ध हुए हैं, जिसकी स्वीकृति जिलों को जारी कर दी गई है। मासांत तक लंबित सामग्री भुगतान के निराकरण के लिये जिलों को निर्देशित किया गया है।
राज्यमंत्री श्री जोशी ने इंदौर में किया डिजाइन एवं इन्क्यूवेशन सेंटर का लोकार्पण
24 April 2018
तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास (स्वतंत्र प्रभार) तथा स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी ने एस.जी.एस इंस्टीटयूट ऑफ साइंस एण्ड टेक्नोलॉजी, इन्दौर में आज सेंटर फॉर इनोवेशन, डिजाइन एवं इन्क्यूवेशन (सी.आई.डी.आई.) सेंटर का लोकार्पण किया। तीन करोड़ रूपये की लागत के इस सेंटर में तकनीकी विषयों से संबंधित टेस्टिंग एवं केलीब्रेशन के उपकरण उपलब्ध हैं। श्री जोशी ने बताया कि सेंटर में सभी उद्योगों को उनकी जरूरत के अनुसार प्रोडक्ट तैयार करने, पेटेन्ट करने और इनोवेटिव करने की पूरी सुविधा उपलब्ध रहेगी। यह सेंटर स्किल इण्डिया, मेक इन इण्डिया और डिजिटल इण्डिया जैसे सपनों को साकार करने में मदद करेगा। आईटीआई में ड्रायविंग प्रशिक्षण मिलेगा: श्री जोशी ने शासकीय आई.टी.आई नंदा नगर, इंदौर में नि:शुल्क ड्राइविंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया। इस दौरान राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुनील गुप्ता एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
राजस्व मंत्री द्वारा न्यू एम.एल.ए. कॉलोनी में पार्क का भूमि-पूजन
24 April 2018
राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने न्यू एम.एल.ए. कॉलोनी में पार्क के विकास के लिये भूमि-पूजन किया। उन्होंने शासन की जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।



संस्थान कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर ध्यान दें
24 April 2018
पूर्व भारतीय प्रशासनिक अधिकारी डॉ. ज्ञानेन्द्र बड़गैया ने कहा है कि संस्थानों को कर्मचारी अथवा स्टॉफ के प्रशिक्षण पर ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी संस्थान की रीढ़ है, वरिष्ठ अधिकारी के अलावा कर्मचारियों की बौद्धिक क्षमता बढ़ाना जरूरी है। उनके कमजोर रहने से ऊँचाइयों पर नहीं पहुँचा जा सकता। डॉ. बड़गैया ने यह बात 'राज्य-स्तरीय प्रशिक्षण संस्थानों के लिये मानक बेंच-मार्क का निर्धारण'' पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के शुभारंभ पर कही। डॉ. बड़गैया ने कहा कि नये दौर में ग्लोबल प्रशिक्षण की आवश्यकता है। इस नवाचारी युग में वेबसाइट प्रशिक्षण का एक अच्छा मंच हो सकता है। उन्होंने कहा कि इसके लिये हाई स्पीड इंटरनेट एक बड़ा स्रोत है। संस्थान दिखने में भले ही अच्छा न हो, लेकिन उसमें इंटरनेट की हाई स्पीड लाइन आज की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमें लकीर का फकीर भी नहीं होना चाहिये। नये विचारों पर काम कर आगे बढ़ना होगा। इसके लिये संस्थानों में काम करने का वातावरण भी बदलना होगा। डॉ. बड़गैया ने कहा कि कार्यशाला की तैयारियाँ तो बहुत जोर-शोर से होती है, लेकिन यह देखने की आवश्यकता है कि प्रशिक्षण के जरिये प्रतिभागियों ने क्या सीखा? उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण विषय को लक्ष्य के रूप में रखकर दिया जाना चाहिये। साथ ही, जरूरतमंद व्यक्ति को ही प्रशिक्षण देना चाहिये। समय की आवश्यकता को देखकर प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया जाना चाहिये। सचिव राज्य आनंद संस्थान श्री मनोहर दुबे ने कहा कि शिक्षण और प्रशिक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं। शिक्षण के अनुसार ही प्रशिक्षण होना चाहिये। प्रतिभागियों के लिये प्रशिक्षण उपयोगी साबित होना चाहिये। व्यक्ति के लिये प्रशिक्षण का त्वरित उपयोग होना चाहिये। व्यक्ति से संबंधित विषय पर प्रशिक्षण प्रतिभागियों के लिये रुचिपूर्ण रहेगा और वह लगाव से प्रशिक्षण हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि अलग-अलग विषय की विधाओं के अनुसार बेंच-मार्क होने चाहिये। समय और साधन सीमित हैं, इसलिये प्रबंधन पर भी ध्यान देना होगा और छोटे-छोटे कदम से आगे बढ़ना होगा। पश्चिम बंगाल की उपभोक्ता मामले की सचिव श्रीमती नीलम मीना ने कहा कि देश और समाज को आगे ले जाने के लिये प्रशिक्षण की आवश्यकता है। साथ ही, समय के साथ नये परिवर्तन के बेंच-मार्क बनाने होंगे। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षणार्थी के हिसाब से प्रतिभागियों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दिया जाना चाहिये। प्रशिक्षण के दौरान कोई व्यवधान या समस्या पैदा नहीं होना चाहिये, जिससे प्रतिभागी मन लगाकर प्रशिक्षण हासिल कर सके। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण संस्थानों को एक-दूसरे से फीडबेक लेकर अच्छे प्रशिक्षक की ओर ध्यान देना चाहिये। नेशनल एक्रेडेशन बोर्ड फॉर एजुकेशन एण्ड ट्रेनिंग के विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी श्री मनीष कुमार जिन्दल ने कहा कि सभी को प्रशिक्षण की आवश्यकता पड़ती है, चाहे वो व्यक्ति हो या संस्थान। तकनीकी युग में हर दिन नये परिर्वतन आते रहते हैं, इसलिए हर छ: माह में नयी आवश्यकताओं को लेकर प्रशिक्षण होना चाहिए। लोग अगर तकनीकी युग से परिचित नहीं होंगे, तो पिछड़ जायेंगे। उन्होंने प्रेजेंटेशन के जरिए आई.एस.ओ. के मापदंड भी बताये। उन्होंने कहा कि सेवा और विश्वास के जरिये संस्था एवं व्यक्ति अपनी अलग पहचान बना सकते हैं। वाल्मी की संचालक श्रीमती उर्मिला शुक्ला ने कार्यशाला के उद्देश्यों को बताते हुए कहा कि कहीं भी कॉमन बेंच-मार्क निर्धारित नहीं है। इसके लिये यह राष्ट्रीय कार्यशाला की जा रही है। संचालन सुश्री श्वेता कुशवाहा और श्री आर.सी. माहेश्वरी ने किया। आभार प्रदर्शन श्री योगेन्द्र ठाकुर ने किया

नर्मदा नियंत्रण मण्डल द्वारा 5993 करोड़ की सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजनायें स्वीकृत
23 April 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में नर्मदा नियंत्रण मंडल की 61 वी बैठक आज संपन्न हुई। बैठक में 5993 करोड़ रुपये लागत की सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृत सिंचाई परियोजनाओं में 3019 करोड़ की नर्मदा पार्वती लिंक परियोजना और 2974 करोड़ की नर्मदा कालीसिंध लिंक परियोजना शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने बैठक में नियंत्रण मंडल की साठवीं बैठक में लिए गए निर्णयों पर की गई कार्यवाही की समीक्षा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान को बताया गया कि नर्मदा पार्वती लिंक परियोजना के प्रथम और द्वितीय चरण में सीहोर जिले के 187 गांव के किसान लाभान्वित होंगे। तहसील आष्टा, शाजापुर और इछावर के अंतर्गत कुल एक लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। इसी तरह नर्मदा कालीसिंध लिंक परियोजना में सीहोर जिले के 13, शाजापुर जिले के 10 और देवास जिले के 168 गांवों सहित तीनों जिलों के कुल 191 गांवों के ग्रामीण लाभान्वित होंगे। बैठक में जानकारी दी गई कि इन सूक्ष्म उद्वहन परियोजनाओं में समस्त जलापूर्ति पाइप लाइन के माध्यम से की जाएगी। प्रत्येक ढ़ाई चक पर किसानों को सिंचाई के लिए जल उपलब्ध होगा, जिसका प्रेशर हैड 20 मीटर होने के कारण किसान आसानी से स्प्रिंकलर से सिंचाई कर सकेंगे। इस मौके पर ऊर्जा मंत्री श्री पारस चंद्र जैन, नर्मदा घाटी विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लालसिंह आर्य, नर्मदा विकास घाटी प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री राकेश साहनी, मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, प्रमुख सचिव नर्मदा घाटी विकास श्री रजनीश वैश्य सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
उत्सवी माहौल में शुरू हुआ टीकाकरण का पहला चरण
23 April 2018
ग्राम स्वराज अभियान के तहत मिशन इन्द्रधनुष में आज से प्रदेश के 43 जिलों के गाँवों में उत्सवी माहौल के साथ टीकाकरण अभियान का प्रथम चरण आरंभ हुआ। भोपाल जिले में बैरसिया विकासखण्ड के तरावली गाँव में राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. संतोष शुक्ला के नेतृत्व और जिला पंचायत स्वास्थ्य समिति की अध्यक्षा की उपस्थिति में टीकाकरण अभियान शुरू हुआ। विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनीसेफ, यूएनडीपी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी टीम के साथ मौजूद थे। मिशन इंद्रधनुष के अंतर्गत अप्रैल, मई और जून में 23 से 27 तक प्रदेश के 43 जिलों के 404 चिन्हित गाँव में टीकाकरण अभियान चलाया जायेगा। इसमें जीरो से दो वर्ष तक उम्र के 3300 बच्चों और 1200 गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से बस गया बेसहारा निशा का घर
23 April 2018
नरसिंहपुर में अक्षय तृतीय के दिन आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में निशा मेहरा का विवाह नरसिंहपुर तहसील के ग्राम भूतपिपरिया के तुलसीराम के साथ सम्पन्न हुआ। सामूहिक विवाह समारोह में विवाह होने के कारण इस नवयुगल को राज्य शासन की ओर से 25 हजार रूपये की आर्थिक सहायता मुहैया कराई गई। विवाह के अवसर पर वधु को शासन की तरफ से 17 हजार रूपये गृहस्थी बनाने के लिए और तीन हजार रूपये स्मार्ट फोन के लिए प्रदान किये गये। यह राशि वधु के बैंक खाते में ऑनलाइन जमा कराई गई। इसके साथ ही 5 हजार रूपये के अभूषण पायल, बिधिया, मंगलसूत्र व बर्तन सामग्री भी भेंट की गई है। नरसिंहपुर जिले के गाँव बाघपौंडी की निशा मेहरा के सर पर पिता का साया नहीं है। उसकी माँ भी उसके साथ नहीं हैं। निशा अपनी दादी गंगो बाई के साथ रहती थी। परिवार की आर्थिक स्थिति उसके विवाह में बहुत बड़ी बाधक थी। निशा के जीवन में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना आशा की किरण बनकर आई। इस योजना के माध्यम से आर्थिक मदद मिलने के कारण निशा का घर बस गया है। निशा की दादी का कहना है कि उनकी नातिन के विवाह में राज्य सरकार ने पिता की जिम्मेदारी निभाई है। विदिशा जिले के ग्राम जीरापुर के मूलचंद मालवीय आर्थिक तंगी के चलते बेटी का विवाह करने में स्वयं को मजबूर पा रहे थे। शमशाबाद के गाँव खाताखेड़ी मंदिर प्रागंण में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में अक्षय तृत्तीय को मूलचंद की बेटी का विवाह सम्पन्न हुआ। मूलचंद अपनी बेटी सोनम का विवाह हो जाने से प्रसन्न है। आंखों में खुशी के आंसू लिए मूलचंद ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने हम गरीबों की बेटियों के विवाह की जिम्मेदारी निभाकर मामा के रिश्ते को निभाया हैं
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने की लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती महाजन की अगवानी
22 April 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने आज राजकीय विमानतल पर सपत्नीक लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन की अगवानी की। श्री चौहान और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह ने श्रीमती महाजन को पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव विधानसभा श्री ए.पी.सिंह, कलेक्टर श्री सुदाम खाड़े, उपमहानिरीक्षक पुलिस श्री धर्मेन्द्र चौधरी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भारतीय युवा मोर्चा श्री राहुल कोठारी सहित जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, विधानसभा, प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और नागरिक उपस्थित थे।
सभी समुदाय युवाओं को कैरियर और शिक्षा संबंधी परामर्श दें - मुख्यमंत्री श्री चौहान
22 April 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी समुदायों से अपील की है कि वे अपने-अपने समुदायों में युवाओं को कैरियर और शिक्षा संबंधी परामर्श देने के लिये प्रकोष्ठ बनाएं। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ स्वरोजगार पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री आज यहां स्थानीय रवीन्द्र भवन में मध्यप्रदेश साहू समाज द्वारा आयोजित राष्ट्रीय युवक-युवती परिचय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बेटियों के साथ दुराचार करने वालों को फांसी देने का कानून लागू करने के ऐतिहासिक फैसलों के लिये प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को साहू समाज की ओर से धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर आगे बढ़ रहा है। अगले कुछ सालों में देश का पूर्णत: कायाकल्प हो जाएगा। श्री चौहान ने कहा कि साहू समाज मिलकर नशामुक्ति और अन्य सामाजिक बुराइयों के खिलाफ अभियान चलाए। समाज के सदस्य समाज कल्याण के किसी न किसी कार्य से जुड़ें। साहू समाज के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने साहू समाज की पत्रिका का विमोचन किया।
जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने बाँटी प्रधानमंत्री आवास की पहली किश्त
22 April 2018
जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने आज दतिया जिले की नगर पंचायत बड़ौनी में प्रधानमंत्री आवास योजना के 276 पात्र हितग्राहियों को अपना घर बनाने के लिये प्रथम किश्त के एक-एक लाख रुपये के चैक वितरित किये। डॉ. मिश्र ने हितग्राहियों को बताया कि इस क्षेत्र में आवास निर्माण के लिये उन्हें शेष डेढ़-डेढ़ लाख रुपये की राशि दो किश्तों में शीघ्र ही प्रदान की जायेगी। डॉ. मिश्र ने कहा कि गरीब परिवारों को गरीबी की दुनिया से बाहर निकालकर सम्मानजनक जीवन के अवसर उपलब्ध कराने के लिये सरकार संकल्पित है। उन्होंने बताया कि बड़ौनी नगर पंचायत में विकास के सभी कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराये जा रहे हैं। यहाँ एसडीओ पुलिस का कार्यालय खुल गया है। पाँच करोड़ रुपये लागत के जल आवर्धन योजना और रिसर्च सेंटर बड़ौनी को मिला है। चौराहों का चौड़ीकरण और सड़क निर्माण कराया गया है। गरीब परिवार की महिलाओं को उज्जवला योजना में नि:शुल्क घरेलू गैस कनेक्शन भी दिये गये हैं।
महिलाओं के विरुद्ध अपराधों को रोकने के लिये सभी समाज एकजुट हों : लोकसभा अध्यक्ष
22 April 2018
लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन ने महिलाओं के विरुद्ध हो रहे अपराधों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यदि इन अपराधों पर कठोर नियंत्रण स्थापित नहीं किया गया, तो मनुष्य का मानवता पर से विश्वास उठ जायेगा। उन्होंने कहा कि इस स्थिति से निपटने के लिये जरूरी है कि कानून में कठोर दण्ड के प्रावधान के साथ ही सभी धर्म और समाज एकजुट होकर इस दिशा में ठोस प्रयास करें। लोकसभा अध्यक्ष आज किरार धाकड़ अखिल भारतीय युवक-युवती परिचय सम्मेलन में बोल रही थीं। श्रीमती महाजन ने कहा कि समाज के उत्थान के लिये आवश्यक है कि स्त्री और पुरुष दोनों ही समान रूप से सशक्त हों। उन्होंने कहा कि समाज की कुरीतियों को समाज के द्वारा ही खत्म किया जा सकता है। सभी समाजों में एकता बहुत जरूरी है। बिखराव हमेशा असुरक्षा का भाव पैदा करता है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बेटी का अपमान करने वाला समाज कभी तरक्की नहीं कर सकता। किसी भी स्तर पर बेटी का अपमान सहन नहीं किया जायेगा। केन्द्र सरकार द्वारा दुराचारियों को मृत्यु दण्ड देने का अध्यादेश लागू करने के लिये प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि स्थिति में प्रभावी सुधार अवश्य होगा। श्री चौहान ने कहा कि उनके जीवन का लक्ष्य ही मिशन महिला सशक्तिकरण है। इसलिये प्रदेश में राज्य सरकार ने बेटियों को घर और समाज के लिये वरदान के रूप में प्रतिष्ठापित करने का प्रयास किया है। श्री चौहान ने कहा कि कुरीतियों को समाप्त करने के लिये समाज को पूरी ताकत के साथ जन-जागृति के प्रयास करने होंगे। दहेज प्रथा समाप्त करने, नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण के लिये संकल्पित होकर काम करना होगा। दहेज नहीं लेने का संकल्प लें युवा : श्रीमती साधना सिंह अखिल भारतीय किरार क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती साधना सिंह ने आगंतुकों का स्वागत करते हुए कहा कि समाज संगठित रहने पर ही सशक्त हो सकता है। सम्मेलन के आयोजन की सराहना करते हुए उन्होंने समाज के युवाओं का आव्हान किया कि विवाह में दहेज नहीं लेने का संकल्प लें, सामूहिक विवाह की परम्परा को अपनायें, इससे समय और धन, दोनों की बचत होगी। श्रीमती साधना सिंह ने महासभा की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया जायेगा। सिविल सर्विसेस के प्रतिभागियों की एक माह की कोचिंग की फीस की पूर्ति महासभा द्वारा की जायेगी। उन्होंने बताया कि महासभा द्वारा सामूहिक विवाह सम्मेलन में 11 जोड़ों का नि:शुल्क विवाह करवाया जायेगा। किरार समाज की ओर से लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन का शॉल, श्रीफल और स्मृति-चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया। महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती साधना सिंह की पुस्तक 'हमारा समाज'' और श्री प्रदीप चौहान द्वारा सम्पादित परिचय स्मारिका और 'किरार दर्पण'' मासिक का विमोचन किया गया। प्रारंभ में कन्या-पूजन हुआ। सुश्री सुहासिनी जोशी ने मध्यप्रदेश गान की प्रस्तुति दी। शहीदों को मरणोपरांत सम्मान प्रदान किया गया। महासभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षों का अभिनंदन कर मेधावी विद्यार्थियों तथा अन्य प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। संचालन भोपाल नगर निगम के अध्यक्ष श्री सुरजीत सिंह चौहान ने किया।
मंत्री श्री शुक्ल तथा विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. सिंह द्वारा पगमार्क कैफे का शुभारंभ
22 April 2018
उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल तथा मध्यप्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह ने महाराजा मार्तण्ड सिंह व्हाइट टाइगर सफारी, मुकुंदपुर में नव-निर्मित पगमार्क कैफे का शुभारंभ किया। यह कैफे मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा भारत सरकार की स्वदेश दर्शन योजना में 60 लाख रुपये लागत से बनाया गया है। श्री शुक्ल ने कहा कि मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी में निर्माणाधीन बाड़ों में शेष जानवरों को लाने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर करवाया जायेगा। उन्होंने कहा कि रीवा को शीघ्र ही उड़ान योजना से जोड़ा जा रहा है। इसमें वायु मार्ग द्वारा 500 किलोमीटर की यात्रा 2500 रुपये में की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि रीवा हवाई पट्टी के विस्तार के बाद यहाँ से 72 से 80 सीटर विमान देश के विभिन्न शहरों के लिये उड़ान भरेंगे।
चलो पंचायत अभियान में 21 हजार से अधिक पंचायतों का गठनः पाण्डे
16 April 2018
भोपाल। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री अभिलाष पाण्डे ने कहा कि युवा मोर्चा ने मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान के दिशा निर्देशों पर पंचायत गठन का अभियान प्रारंभ किया है। पंचायत गठन अभियान के माध्यम से मोर्चा प्रत्येक पंचायत में 11 सदस्यीय टीम गठित कर रहा है। अभियान के तहत अभी तक 21775 पंचायत एवं 5200 नगरीय निकाय वार्डो में 11 सदस्यीय टीम का गठन पूर्ण कर लिया है। जल्दी ही शेष पंचायतों एवं वार्डो में गठन पूर्ण कर लिया जायेगा। पंचायत गठन अभियान के माध्यम से प्रदेश के ढाई लाख से अधिक युवा सीधे युवा मोर्चा से जुड़कर मिशन 2018 में जुटकर मध्यप्रदेश में चैथी बार भाजपा सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे। यह बात श्री पाण्डे ने आज युवा मोर्चा की पंचायत गठन की प्रदेश टोली, प्रवासी कार्यकर्ता एवं संभागीय आईटी, मीडिया एवं सोशल मीडिया की बैठक को संबोधित करते हुए कही। बैठक को चलो पंचायत के प्रदेश प्रभारी एवं मोर्चा कोषाध्यक्ष श्री चन्द्रप्रकाश मिश्रा ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि युवा मोर्चा के चलो पंचायत अभियान के तहत प्रत्येक पंचायत एवं वार्ड में एक संयोजक एवं दस सदस्यीय टीम का गठन किया जा रहा है। जिसमें पंचायत में रहने वाले सोशल मीडिया के सक्रिय युवा के साथ समाजसेवा के क्षेत्र में विशेष काम करने वाले युवाओं को जोड़ने के लिए खासा ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि पंचायत गठन के साथ ही पंचायत स्तर तक विभिन्न कार्यक्रम होंगे। 22 अप्रैल को मेरी पंचायत मेरी पहचान कार्यकम में पंचायत के किसी भी एक सार्वजनिक स्थान पर पंचायत टोली द्वारा स्वच्छता अभियान चलाया जायेगा। बैठक में मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री सुदीप भदौरिया, श्री वैभव पंवार, प्रदेश मंत्री श्री दीपक उइके, प्रदेश कार्यालय मंत्री श्री दीपेन्द्रसिंह पाल सहित मोर्चा के सोशल मीडिया, मीडिया एवं आईटी के प्रभारी एवं सह प्रभारी उपस्थित थे।
“पशुपालन विभाग ने डेयरी जानवरों के रखरखाव में सुधार के लिए जारी किये निर्देश
16 April 2018
“पशुपालन विभाग ने डेयरी जानवरों के रखरखाव में सुधार के लिए जारी किये निर्देश ” मध्य प्रदेश सरकार ने फेडरेशन ऑफ़ इंडियन एनिमल प्रोटेक्शन ओर्गनाईज़ेशंस के डेयरी रेगुलेशन अभियान पर दी प्रतिक्रिया मध्य प्रदेश : पशुपालन विभाग, मध्य प्रदेश सरकार ने डेयरी पशुओं के शोषण के अंत के लिए निर्देश दिए हैं | यह दिशा-निर्देश पशुपालन विभाग, मध्य प्रदेश ने मध्य प्रदेश के गौपालन एवं पशु संवर्धन बोर्ड, म.प्र. दुग्ध महासंघ, पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम के प्रबंध संचालकों एवं प्रक्षेत्र संचालनालय पशुपालन के समस्त संयुक्त संचालकों को डेयरियों के रेगुलेशन के लिए जारी किये हैं | फेडरेशन ऑफ़ इंडियन एनिमल प्रोटेक्शन ओर्गनाईज़ेशंस की राष्ट्रव्यापी जांच रिपोर्ट “#cattle- ouge” ने डेयरी पशुओं पर क्रूरता को उजागर किया जिसके जवाब में पशुपालन विभाग, मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से काफी सराहनीय कदम उठाया गया है | अक्टूबर 2017 को फेडरेशन ऑफ़ इंडियन एनिमल प्रोटेक्शन ओर्गनाईज़ेशंस ने अपनी राष्ट्रव्यापी जांच रिपोर्ट “#cattle-ouge” का प्रक्षेपण किया जिसमें यह खुलासा हुआ कि डेयरी में पाली जा रही गाय और भैंसों को कैसे एक छोटी जगह में रखा जाता है जहाँ उन्हें बुनियादी सुविधाएं जैसे अपने बच्चे को स्नेह दे पाना, खुले मैदान में घूमना-चरना और अन्य जानवरों के साथ घुलने-मिलने का मौका तक नहीं मिल पाता है | इनके साथ अनुवांशिक छेड़ – छाड़ करी जाती है और एंटीबायोटिक्स और अन्य दूध बढाने वाली दवाएं दे देकर केवल एक दूध बनाने वाली मशीन बनाकर रखा जाता है |ऐसी स्थिति में रखी गाय और भैसों का दूध पीने से सेहत पर बुरा प्रभाव पढता है और मधुमेह, कर्क(कैंसर) जैसे रोग एवं अन्य बीमारियाँ होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं | डेयरी जानवरों का ऐसा असंगठित एवं अनिमियत रखरखाव निस्संदेह इन डेयरियों से उत्पन्न दूध की सुरक्षा पर ही प्रश्न नहीं उठाता बल्कि दूध उत्पादन के वैश्विक नेतृत्व की स्थिरता पर भी एक अहम सवाल खड़ा करता है | इसके जवाब में पशुपालन विभाग निदेशक , डॉ. आर.के. रोकडे, ने कहा, “फेडरेशन ऑफ़ इंडियन एनिमल प्रोटेक्शन ओर्गनाईज़ेशंस (FIAPO)ने देश के 10 प्रमुख दुग्ध उत्पादक राज्यों में डेयरी के पशुओं की परिस्थिति पर एक जांच रिपोर्ट जारी की है, जिसमे मध्य प्रदेश भी सम्मिलित है| जांच रिपोर्ट के अवलोकन से यह स्पष्ट हुआ है कि डेयरी के पशुओं का अवैधानिक परिवहन, पशुशाला/डेयरी में उचित रखरखाव ना होने के कारण पशुओं की उत्पादकता में कमी आ जाती है जिसके परिणामस्वरूप डेयरी मालिकों/ पशुपालकों को वित्तीय हानि होती है| फेडरेशन ऑफ़ इंडियन एनिमल प्रोटेक्शन ओर्गनाईज़ेशंस (FIAPO) द्वारा डेयरी व्यवसाय से जुड़ी असावधानियों की ओर पशुपालन विभाग का ध्यान आकर्षित कराया गया है जिन्हें इन दिशा-निर्देशों के माध्यम से सरकारी विभागों को आग्रेषित किया जा रहा है और यदि पशुपालक/डेयरी यह असावधानियाँ दूर करेंगे तो निश्चित रूप से डेयरी पशुओं की उत्पादकता में वृद्धि होगी जिसके परिणामस्वरूप डेयरी मालिक.पशुपालकों की आय में भी वृद्धि होगी|” इस पर संतोष व्यक्त करते हुए,वरदा मेहरोत्रा, डायरेक्टर, फेडरेशन ऑफ़ इंडियन एनिमल प्रोटेक्शन ओर्गनाईज़ेशंस ने कहा, "यह मध्य प्रदेश के पशुपालन विभाग द्वारा एक सराहनीए कदम है और जानवरों के कल्याण की दिशा में उनकी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता दर्शाता है। अब हम पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ,मध्य प्रदेश से आशा करते हैं कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में डेयरी को रेगुलेट करने के लिए नियम बनाये | रिपोर्ट के शुभारंभ के बाद, फेडरेशन ऑफ़ इंडियन एनिमल प्रोटेक्शन ओर्गनाईज़ेशंस ने राज्य सरकारों से शहरी इलाकों में डेयरी को विनियमित करने का सुझाव दिया था। अब तक मध्य प्रदेश के इलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, तमिल नाडू और तेलंगाना के पशुपालन विभाग ने डेयरी पशुओं के रख-रखाव एवं उनके साथ मानवीय व्यवहार के लिए आदेश जारी कर दिए हैं | अब फेडरेशन ऑफ़ इंडियन एनिमल प्रोटेक्शन ओर्गनाईज़ेशंस ने शहरी विकास विभाग/ नगर निकाय और अन्य राज्यों की सरकारों से नगर-निगम अधिनियम के तहत डेयरियों को विनियमित करने के लिए डेयरी लाइसेंसिंग की शर्तों को लाने एवं लागू करने के लिए अनुरोध किया है | टिप्पणियाँ: 1. फेडरेशन ऑफ़ इंडियन एनिमल प्रोटेक्शन ओर्गनाईज़ेशंस (एफ.आई.ए.पी.ओ.), भारत का सर्वोच्च पशु संरक्षण संगठन है। भारत में पशु अधिकार आंदोलन की सामुदायिक आवाज़ के रूप में, एफ.आई.ए.पी.ओ. उत्प्रेरक है जो शिक्षा, शोध, सभाकक्ष, संघटन, प्रशिक्षण और प्रत्यक्ष कार्रवाई के माध्यम से स्थानीय, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर पशुओं के अधिकारों और हितों की सुरक्षा करता है। इस के पास देश भर से 83 सदस्य, 200 से अधिक समर्थक संगठन और 40 शहरों के 400 कार्यकर्ता हैं । 2. डॉ. आर.के. रोकडे, महानिदेशक, पशुपालन विभाग, मध्य प्रदेश सरकार द्वारा भेजा गया पत्र अनुरोद्ध पर उपलब्ध है | 3. मध्य प्रदेश राज्य की जांच में चार ज़िले अर्थात् भोपाल,इंदौर,सागर और विधीषा की 42 डेयरियों के 2,746 मवेशियों को शामिल किया गया । 4. मध्य प्रदेश में जांच के मुख्य निष्कर्ष इस प्रकार थे :  नर बछड़ों को नियमित रूप से वध के लिए बेचा जाता है, या भूख से मरने के लिए सड़कों पर छोड़ दिया जाता है। 38% डेयरी में कोई भी जीवित नर बछड़ा नहीं था एवं 36% डेयरियों ने नर बछड़े सड़क पर आवारा छोड़ दिए थे|  जन्म के तुरंत बाद बछड़ों को माता से अलग किया जाता है ताकि दूध बेचा जा सके। इससे माताओं को भारी मनोवैज्ञानिक पीड़ा उत्पन्न होती है, जो बदले में उनके स्तनपान को प्रभावित करती है। सर्वेक्षण करी गयी डेयरियों में से 52.3% डेयरियां यही तरीका अपना रही हैं |  माताओं को स्तनपान कराने के लिए (जो बछड़ों की गैरमौजूदगी में मुश्किल है ) , ऑक्सीटोकिन नामक एक हार्मोन का व्यापक उपयोग होता है, जो मवेशियों के लिए बहुत दर्दनाक है। 50% डेयरियां ऑक्सीटोसिन का उपयोग करती हुयी पायी गयी हैं |  जानवरों को सारे समय बहुत ही छोटे पग्हों से बाँध कर रखा जाता है जिससे उन्हें उनका प्राकृतिक व्यवहार व्यक्त करने का मौका नहीं मिल पाता | मध्य प्रदेश की 59.5% डेयरियों में मवेशियों को दिन के किसी भी समय खुला नहीं देखा गया |  59.5% डेयरियों के फर्श ईंट और सीमेंट (कंक्रीट) के थे ।  बीमार जानवरों का दूध दुहना एक आम प्रथा है | 57.1% डेयरियों में नियमित पशुचिकित्सकों का दौरा नहीं होता है और 50% डेयरियों में बीमार पशुओं का दूध दुहना जारी रखा जाता है |  यह भी उभर कर आया है कि अत्यंत शोषक प्रथाओं के चलते जानवर बहुत ही जल्द शुष्क हो जाते हैं | भारत का दुनिया में गौमांस का सबसे बड़ा निर्यातक होने का प्रमुख कारण ये जल्दी अनुत्पादक होते मवेशी ही हैं क्यूंकि भारत में तो कोई भी मवेशी गौमांस के लिए नहीं पाला जाता है |  पशुपालन विभाग , मध्य प्रदेश से जानकारी के लिए संपर्क करें : dirveterinary@mp.gov.in
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने किया सोम यज्ञ समारोह का शुभारंभ
12 April 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहाँ छह दिवसीय सोम यज्ञ समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर श्री चौहान ने सोमकलश पर माल्यार्पण किया। श्री चौहान ने श्रद्धालुओं से कहा कि भारतीय परंपरा में यज्ञ अनुष्ठान को वैज्ञानिक माना गया है। इससे आत्मिक शांति मिलती है और वातावरण शुद्ध होता है। श्री चौहान ने इस अवसर पर सोम यज्ञ के प्रभाव और आयोजन पर आधारित चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने वल्लभाचार्य जयंती पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। समारोह में श्री गोकुलोत्सव महाराज, भोपाल महापौर श्री आलोक शर्मा, श्री शशिभाई सेठ, श्री कैलाश अग्रवाल, श्री भगवान दास सबनानी, श्री गोविंद गोयल, सोम यज्ञ महोत्सव आयोजन समिति के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
300 से ज्यादा मार्ग सुविधा केन्द्र विकसित होंगे
12 April 2018
मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जहाँ अपनी मार्ग सुविधा केन्द्र नीति है। प्रदेश में आने-जाने वाले पर्यटकों को पर्यटन-स्थलों तक सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए 'मार्ग-सुविधा केन्द्र नीति- 2016'' लागू की गई है। पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री सुरेन्द्र पटवा के अनुसार निजी निवेशकों के माध्यम से योजना बनाकर 300 से अधिक मार्ग सुविधाएँ विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड को मार्ग-सुविधा केन्द्र नीति क्रियान्वयन का दायित्व सौंपा गया है। मार्ग-सुविधा केन्द्र का क्रियान्वयन राज्य मंत्री श्री पटवा ने बताया कि प्रदेश में ब्राउन फील्ड मॉडल में 52 नए मार्ग सुविधा केन्द्र तैयार किए जाकर 31 निजी निवेशकों को आवंटित भी किये जा चुके हैं। निजी निवेशकों द्वारा 17 मार्ग-सुविधा केन्‍द्रों का संचालन भी शुरू दिया गया है। इस आवंटन से 11 करोड़ की राशि का प्रीमियम भी प्राप्त हुआ है। निजी निवेशकों द्वारा शुरू किए मार्ग-सुविधा केन्द्रों में 15 करोड़ की राशि निवेशित हुई है और 200 लोगों को रोजगार मिला है। श्री पटवा ने बताया कि 13 मार्ग सुविधा केन्द्र निजी निवेशकों को आवंटन प्रक्रियाधीन है। मार्च 2018 तक 8 मार्ग सुविधा केनद्र आवंटित करने का लक्ष्य है। इसके अलावा 13 मार्ग फ्रेंचाइजी मॉडल पर चयनित किए जा रहे हैं। इनके आवंटन के लिये ऑनलाइन आवेदन लेने और पंजीयन की प्रकिया जारी है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान छीपानेर माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना का भूमि-पूजन करेंगे आज
12 April 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान 13 अप्रैल को सीहोर जिले की नसरुल्लागंज तहसील के अंतर्गत ग्राम गोपालपुर में छीपानेर माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना, नर्मदा नदी के दाएँ तट पर संरक्षण के कार्यों और घाट-निर्माण कार्य का भूमि-पूजन करेंगे। नर्मदा विकास घाटी प्राधिकरण की इस सिंचाई योजना का कार्य 36 माह की अवधि में पूर्ण किया जायेगा। छीपानेर माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना से सीहोर जिले की नसरुल्लागंज तहसील और देवास जिले की खातेगाँव तहसील में कुल 35 हजार 62 हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। योजना के निर्माण के लिये 516 करोड़ 11 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। इस योजना के अंतर्गत नर्मदा नदी के तट पर 5 विभिन्न स्थानों पर कुल 12.64 क्यूमेक्स जल का उद्वहन किया जायेगा। ग्राम चीचली, करोंदमाफी, पीपलनेरिया, छीपानेर तथा चौरसाखेड़ी के पास पम्पिंग स्टेशन बनाये जायेंगे। पम्पिंग स्टेशन से 6 राइजिंगमेन के द्वारा नर्मदा जल खेतों तक पहुँचेगा। योजना की विशेषता : जल वितरण प्रणाली पाईप आधारित होगी। पाईप से जल प्रत्येक ढाई हेक्टेयर चक तक किसान को 20 मीटर दबाब पर उपलब्ध होगा। दाबयुक्त जल से किसान ड्रिप अथवा स्प्रिंकलर से सिंचाई ले सकेंगे। इस पद्धति से सिंचाई मिलने पर किसान को खेत समतल करने की आवश्यकता नहीं होगी। कम पानी से अधिक और उपयोगी सिंचाई का लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 'पर ड्राप मोर क्राप'' अर्थात पानी की बूँद-बूँद का उपयोग कर न्यूनतम जल से अधिकतम सिंचाई लेने का आव्हान किया है। छीपानेर माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना प्रधानमंत्री के इस आव्हान का साकार रूप होगी। योजना की वितरण प्रणाली पाईप आधारित होने से भूमि का स्थाई अर्जन नहीं होगा। पम्प हाउस के लिये केवल लगभग छ: हेक्टेयर भूमि के स्थाई अर्जन की आवश्यकता होगी। छीपानेर घाट निर्माण और तट संरक्षण कार्य : छीपानेर में वर्तमान घाट के समीप नर्मदा के दाएँ तट का संरक्षण कार्य तथा घाट निर्माण किया जायेगा। घाट के समीप नर्मदा जल की निरंतर उपलब्धता बनाये रखने के लिये चेनल का निर्माण भी प्रस्तावित है। इसके साथ ही घाट पर चलित चेंजिंग-रूम और प्रसाधन-कक्ष का निर्माण भी होगा। घाट क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था का प्रावधान भी रखा गया है। इस घाट के साथ ही चार अन्य घाट का संरक्षण तथा घाटों का निर्माण भी किया जाना है। इस कार्य का अनुबंध 76 करोड़ 70 लाख रुपये का किया गया है। छीपानेर घाट के निर्माण एवं तट संरक्षण कार्य पर 7 करोड़ 18 लाख रुपये का व्यय अनुमानित है। यह कार्य 2 वर्ष में पूर्ण किया जाना लक्षित है। भूमि-पूजन समारोह के विशिष्ट अतिथि होंगे नर्मदा घाटी विकास (स्वतंत्र प्रभार) राज्य मंत्री श्री लाल सिंह आर्य, जिले के प्रभारी एवं लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह, सांसद श्री आलोक संजर एवं श्री मनोहर ऊँटवाल।
स्टार्टअप का उद्देश्य युवाओं को उद्योगपति और उद्यमी बनाना- राज्यपाल श्रीमती पटेल
11 April 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि स्टार्टअप भारत सरकार की महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य देश में स्टार्टअप्स और नये विचारों के लिए एक मजबूत परिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है, ताकि देश का आर्थिक विकास हो एवं बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उत्पन्न हों। यह पहल युवाओं को उद्योगपति और उद्यमी बनाने का अवसर प्रदान करने के लिए की गई है। उन्होंने ये बात राजीवगांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में स्टार्टअप लीडरशिप पर आयोजित कार्यशाला के उदघाटन समारोह में कही। इस अवसर पर राज्यपाल ने स्टार्टअप पॉलिसी एवं विश्वविद्यालय के न्यूज लेटर का विमोचन किया। राज्यपाल ने कहा कि स्टार्टअप का अर्थ देश के युवाओं को बैंकों के माध्यम से वित्त सहायता प्रदान करना है, जिससे उनकी शुरूआत बेहतर मजबूती के साथ हो और वे भारत में आर्थिक रोजगार सृजन कर सकें। उन्होंने कहा कि आज पूरे विश्व में बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या है। केवल सरकार द्वारा युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर ही हम भरोसा करें, यह संभव नहीं है। इसके लिए उद्योग जगत तथा अन्य कारोबारी संस्थाओं को विश्वविद्यालय से सहयोग करना होगा। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत अपनी मांग और आवश्यकताओं से विश्वविद्यालयों को परिचित कराये, जिससे विश्वविद्यालय ऐसे कार्यक्रम और ऐसे प्रशिक्षण आयोजित कर सकें, जिससे युवा सीधे ही उद्योगों के काम आ सकें। छात्रों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ नवीन उत्पाद एवं अभिनव प्रयोग पर भी ध्यान दिया जाये। तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दीपक जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री सिर्फ बातें नहीं करते हैं, उन्होंने देश को विश्व स्तर पर पहुंचाया है। उनके द्वारा युवाओं के लिए चलाये जा रहे स्टार्टअप कार्यक्रम की आज सबसे ज्यादा उपयोगिता है। इस कार्य के लिए फंड की कमी नहीं आने दी जायेगी। प्रारंभ में 10 करोड़ रूपये से ज्यादा राशि दी जायेगी। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा नई दिल्ली के सदस्य सचिव डॉ. ए.पी. मित्तल ने कहा कि इस योजना का सही अर्थ यही है कि हम जॉब के पीछे न भागें, बल्कि हम में दूसरे को जॉब देने की क्षमता हो। राजीवगांधी प्रौद्यागिकी विश्वविद्यालय के कुलपति श्री सुनील कुमार ने बताया कि 100 छात्रों को स्टार्टअप के तहत एक लाख रूपये अनुदान दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने राज्यपाल के निर्देशानुसार बिशन खेड़ी गावं को गोद लिया गया है। इस अवसर पर टाटा कन्सलटेन्सी के प्रमुख श्री अभिताप तिवारी और प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा श्री संजय बंधोपाध्याय भी उपस्थित थे।
सबका साथ- सबका विकास का उद्देश्य सभी वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ना है
11 April 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने डॉ. बी.आर. अम्बेडकर समाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय, महू की द्वितीय शासी निकाय की बैठक में कहा कि अनुसूचित जाति,जनजाति तथा पिछड़ा वर्ग सहित सभी वर्गों को साथ लेकर ही हम सही मायने में विकास कर सकते हैं। प्रधानमंत्री का सबका-साथ, सबका- विकास का नारा सभी वर्गों का विकास और देश की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास है। राज्यपाल ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकारें अनुसूचित जातियों, जनजातियों तथा अन्य पिछड़े वर्गों के उत्थान, शैक्षणिक विकास, कौशल विकास, सामाजिक न्याय के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं। कौशल विकास द्वारा निचले स्तर तक के युवाओं की प्रतिभा को निखार कर स्वरोजगार के अवसर प्रदान किये जा रहे हैं। राज्यपाल ने कहा कि भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब भीम राव अम्बेडकर के भावनानुसार विश्वविद्यालय को अनुसूचित जातियों, जनजातियों, अन्य पिछड़े वर्गों, महिलाओं एवं बच्चों के लिए सामाजिक न्याय, आर्थिक सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना चाहिए। इन क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण, बालविवाह रोकने, छात्राओं के स्वास्थ की जांच कराने ,स्वच्छता अभियान तथा शौचालय बनाने के लिए जागरूकता लाने के लिए शिविर लगायें। राज्यपाल ने पर्यावरण, सतत विकास, महिला सशक्तिकरण, बाल सुरक्षा जैसे विषयों पर शोध एवं परियोजनाएं प्रारंभ करने के निर्देश दिये। बैठक में विश्वविद्यालय द्वारा मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व शीलता कार्यक्रम के तहत किये जा रहे समुदायिक नेतृत्व एवं सतत विकास की विस्तृत जानकारी दी गई। बैठक में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री बी.आर. नायडू, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. एम मोहन राव प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति कल्याण श्री एस.एन.मिश्रा और विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी उपस्थित थे। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ.एच.एस. त्रिपाठी ने ऐजेन्डा प्रस्तुत किया।
सामूहिक निकाह में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान
11 April 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार को सीहोर जिले में नसरुल्लागंज तहसील के ग्राम गौरखपुर में आयोजित सामूहिक निकाह सम्मेलन मे 42 नव-युगलों को सुखद वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश मे यह योजना इंसानियत की मिसाल है। मुख्यमंत्री ने कल्याणी पुन-र्विवाह योजना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस सम्मेलन मे दो कल्याणी विवाह हो रहे हैं योजना अनुसार दोनो को दो-दो लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही सभी नव-वधुओं को स्मार्टफोन भी दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने असंगठित श्रमिक पंजीयन तथा इसमें दिए जाने वाले लाभ के बारे मे बताते हुए कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति पंजीयन से वंचित न रहे। ज्योति का विवाह होगा स्वेच्छानुदान से कार्यक्रम में ग्राम किशनपुर की युवती ज्योति ने अपनी विवाह पत्रिका देते हुए मुख्यमंत्री को बताया कि मेरे माता-पिता नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा 'तो क्या हुआ मामा तो है।' उन्होंने कलेक्टर को निर्देशित किया कि ज्योति का विवाह मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से कराने की व्यवस्था करें। भोपाल के शहर काजी मो. अमानुल्लाह खान ने निकाह की रस्म अदा करायी। इस अवसर पर वन विकास निगमाध्यक्ष श्री गुरूप्रसाद शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती उर्मिला मरेठा सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा हजारों की संख्या मे घराती-बाराती उपस्थित थे।
विद्यार्थियों को गाँवों का अनुभव दिलाने शुरू होगा अनुभूति कार्यक्रम
11 April 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राज्य सरकार अनुभूति कार्यक्रम शुरू करेगी, जिसमें विद्यार्थियों को गाँव ले जाया जायेगा। गाँव में आज भी मिलजुलकर जीने की कला और सहयोगी जीवन मिलता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मुख्यमंत्री निवास पर अनुभूति संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में गाँवों में रहकर आने वाले विद्यार्थियों ने अपने अनुभवों को साझा किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गाँव का जीवन अद्भुत है। गाँव में सब एक परिवार के जैसे मिलकर रहते हैं। भारतीय परम्परा और संस्कृति आज भी गाँवों में मिलती है। गाँवों में आवश्यक सुविधाएँ पहुँचाई जायें, पर गाँव के मूल प्राण सहज और सरल जीवन समाप्त नहीं होना चाहिये। बेटी के विवाह में आज भी पूरा गाँव व्यवस्थाओं में लग जाता है। उन्होंने बताया कि पिछले दशक में प्रदेश के गाँवों में सड़क सुविधाएँ बढ़ाई गई हैं। आज प्रदेश के 95 प्रतिशत गाँव पक्की सड़कों से जुड़ गये हैं। दिसम्बर 2018 तक प्रदेश के सारे गाँव पक्की सड़कों से जुड़ जायेंगे। गाँव में 24 घंटे बिजली दी जा रही है। नल-जल योजनाओं के माध्यम से शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जा रही है। गाँव में छोटे रोजगार बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत कार्यक्रम की मदद से गाँव में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेंगी। श्री चौहान ने इस मौके पर अनुभूति कार्यक्रम के फोल्डर का विमोचन किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों के अनुभव पर आधारित डाक्यूमेंट्री का प्रदर्शन भी किया गया। श्री प्रफुल्ल अकांत ने कहा कि विद्यार्थी भविष्य के भारत की राष्ट्रशक्ति है। देश तेजी से प्रगति कर रहा है। इस बदलाव में विद्यार्थी मेधा भारतीय संस्कृति का अनुभव कर गाँवों के विकास एवं उन्नति में योगदान दे सकें, यह प्रयास अनुभूति प्रकल्प में किया गया है। विकासार्थ विद्यार्थी के राष्ट्रीय संयोजक श्री सचिन दवे ने अनुभूति प्रकल्प की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों ने 15 से 18 मार्च तक गाँव में प्रवास किया। गाँव के परिवेश से रू-ब-रू हुये। संस्कृति की संवेदनाओं से साक्षात्कार किया। निस्वार्थ, आत्मीय, सरल और संतोषी ग्रामीण जीवन दर्शन के अनुभवों को मुख्यमंत्री के साथ साझा करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम में पत्रकारिता, इंजीनियरिंग, मेडिकल, पॉलीटेक्निक और मानविकी पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों ने गाँव दर्शन के अनुभवों की जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीण संस्कृति की आत्मीय सामुदायिकता, परमार्थ और प्रदूषण मुक्त जीवनशैली के अनुभवों का ब्यौरा दिया। कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारी श्री दीपक पालीवाल, डॉ. प्रज्ञेश अग्रवाल, श्री बंटी चौहान सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।
लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के लिए हर वर्ग सहमत
11 April 2018
एक साथ लोकसभा, विधानसभा निर्वाचन कराने के बारे में विचार-विमर्श तथा आमजन की राय पता करने मध्यप्रदेश शासन द्वारा गठित राज्य स्तरीय समिति की संभाग स्तरीय बैठक जनसम्पर्क, जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री एवं समिति के अध्यक्ष डॉ. नरोत्तम मिश्र की अध्यक्षता में इंदौर में संपन्न हुई। बैठक में समाज के विभिन्न वर्गो के प्रतिनिधियों ने भागीदारी की। इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर समाज के विभिन्न पक्षों के विचार जानने के लिए राज्य स्तरीय समिति प्रदेश के अन्य सम्भागों में भी बैठकों का आयोजन कर रही है। बैठक में समिति के सदस्य श्री बी.डी. शर्मा ने प्राप्त सुझावों को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस विषय पर विधि विशेषज्ञों, विचारकों, मीडिया प्रतिनिधियों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों और आमजन के प्राप्त विचार और सुझाव के आधार पर प्रतिवेदन बनाया जायेगा। समिति के संयोजक तथा प्रमुख सचिव श्री अजित केसरी ने बताया कि आमजन तथा जनप्रतिनिधि अपने विचार ईमेल एड्रेस psveterinary@mp.gov.in पर भी दे सकते हैं। प्रमुख सचिव पशु चिकित्सा कक्ष क्रमांक 340 वल्लभ भवन भोपाल के पते पर भी लिखित रूप से सुझाव दिये जा सकते हैं। इंदौर में संपन्न संभागीय बैठक में विधायक श्री सुदर्शन गुप्ता, सुश्री उषा ठाकुर, श्री राजेश सोनकर, श्री वेलसिंह भूरिया, श्रीमती नीना वर्मा, श्री नागरसिंह चौहान सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने विचार व्यक्त किये और सुझाव दिये कि राष्ट्रहित में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराये जाना जरूरी है। इसी तरह की सहमति देते हुए विभिन्न महाविद्यालयों से आये छात्र संघ अध्यक्षों, अभिभाषक संघ के प्रतिनिधियों, अन्य वकीलों, मीडिया कर्मियों, किसानों, व्यापारियों आदि ने एक साथ लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव कराये जाने की सहमति प्रकट की। सहभागियों ने कहा कि अगर ऐसा होता है तो पूरे देश में एक अच्छा वातावरण बनेगा, विकास को गति मिलेगी, धन-श्रम तथा समय की बचत होगी। प्रशासनिक अमले का उपयोग विकास कार्य को गति प्रदान करने और कानून व्यवस्था को बेहतर बनाये जाने में अच्छे से किया जा सकेगा। बैठक में समिति के सदस्य श्री महेश श्रीवास्तव तथा श्री शिवनारायण रूपला भी मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने जनसम्पर्क, जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र को इस राज्य स्तरीय समिति का अध्यक्ष मनोनीत किया है। समिति मार्च के प्रथम सप्ताह में गठित हुई थी। देश में मध्यप्रदेश पहला प्रदेश है, जिसने इस महत्वपूर्ण विषय पर विचार-विमर्श की प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप आगे बढ़ाया है। राजनैतिक दलों और विभिन्न वर्गों के विचार जानने के बाद समिति प्रतिवेदन तैयार करेगी।
सौभाग्य योजना से 12 लाख 45 हजार से अधिक घरों में पहुँचा उजाला
11 April 2018
मध्यप्रदेश में सहज बिजली हर घर योजना सौभाग्य द्वारा अब तक 12 लाख 45 हजार 626 घरों में उजाला पहुँच चुका है। योजना में शेष बचे लगभग 31 लाख घरों को अक्टूबर तक विद्युतीकृत किये जाने का लक्ष्य रखा गया है। मध्यप्रदेश में केन्द्र और राज्य सरकार की प्रभावी पहल पर ऐसे सभी घरों में बिजली कनेक्शन उपलब्ध करवाये जा रहे हैं, जो वर्षों से उजाले से वंचित थे। इसके लिये क्रियान्वित की जा रही सहज बिजली हर घर 'सौभाग्य योजना'' के बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं। प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा समुचित प्रयास कर ऐसे सभी अंधेरे में डूबे घरों को बिजली कनेक्शन उपलब्ध करवाकर उनके घर रोशन किये जा रहे हैं। सौभाग्य योजना के क्रियान्वयन के लिये प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कम्पनी तत्परता से कार्य कर रही हैं। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी को क्षेत्र की 20 जिलों के 15 लाख 7 हजार 20 कनेक्शन विहीन घरों को बिजली से जोड़ने का लक्ष्य दिया गया है। कम्पनी ने अब तक 4 लाख 10 हजार 337 घरों को बिजली कनेक्शन से जोड़ा है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी ने क्षेत्र के 16 जिलों के 18 लाख 55 हजार 325 बिजली कनेक्शन विहीन घरों के विद्युतीकरण के लक्ष्य के विरुद्ध 5 लाख 39 हजार 191 घरों को रोशन किया है। इसी प्रकार पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा अक्टूबर-2018 तक क्षेत्र के 15 जिलों में 7 लाख 16 हजार 851 बिजली कनेक्शन विहीन घरों को बिजली सुविधा मुहैया करवाने के लक्ष्य के विरुद्ध 2 लाख 96 हजार 98 में बिजली कनेक्शन उपलब्ध करवा दिये गये हैं। सौभाग्य योजना में 60 प्रतिशत राशि केन्द्र से अनुदान के रूप में उपलब्ध करवाई जा रही है। शेष 40 प्रतिशत राशि का प्रबंध राज्य शासन एवं तीनों विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा किया जा रहा है। योजना में आर्थिक, सामाजिक रूप से पिछड़े हितग्राहियों को नि:शुल्क कनेक्शन दिये जा रहे हैं। अन्य हितग्राहियों से 500 रुपये की राशि 10 किश्तों में मासिक विद्युत बिल के साथ ली जायेगी।
शौर्या दल ने घरेलू हिंसा के 240 मामले सुलझाये
11 April 2018
मध्यप्रदेश में महिला सशक्तिकरण और घरेलू हिंसा जैसी घटनाओं पर नियंत्रण स्थापित करने के लिये जागरूक महिलाओं के शौर्या दल शानदार काम कर रहे हैं। मन्दसौर जिले में 1735 आंगनवाड़ी केन्द्रों पर शौर्या दल गठित किये गये हैं। शौर्यादलों द्वारा महिलाओं के विरूद्ध हिंसा, सामाजिक कुरीति उन्मूलन, स्वच्छता, सामाजिक जागरूकता आदि क्षेत्र में सराहनीय कार्य किया गया है। पिछले 2 वर्षों में शौर्या दलों ने घरेलू हिंसा के 240 से अधिक मामलों को स्थानीय स्तर पर परामर्श के माध्यम से सुलझाने में सराहनीय भूमिका का निर्वहन किया है मन्दसौर जिले में बाल विवाह रोकथाम में शौर्या दलों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। दल के सदस्य आयोजन के पूर्व ही परिजनों को बाल विवाह के दुष्प्रभावों एवं कानून का भय दिखाकर इरादों को बदलने पर मजबूर कर रहे हैं। गत वर्षो में शौर्या दलों के जागरूक प्रयासों से 350 से भी अधिक संभावित बाल विवाह के इच्छुक परिजन अपने विचार बदलने को मजबूर हुये हैं। मन्दसौर शहर निवासी 86 वर्षीय एक वृद्ध को उसकी बहू प्रताड़ित करती थी क्योंकि वह उसे वृद्धाश्रम में छोड़ना चाहती थी। वृद्धा घर छोड़ना नहीं चाहती थी। शौर्या दल सदस्य माधुरी सोलंकी ने उस महिला के पुत्र एवं पुत्रवधु दोनों को समझाया। कोई हल नहीं निकलने पर पूरी जानकारी पुलिस अधीक्षक को जनसुनवाई में बताई। पुलिस टीम ने जाकर वृद्धा के पुत्र एवं पुत्रवधु को समझाया। अब वृद्धा को बेटा-बहू के घर में पूर्ण स्नेह एवं सम्मान प्राप्त हो रहा है। शौर्या दल सदस्य माधुरी सोलंकी ने बताया कि वह पिछले 4 माह से हर सप्ताह वृद्धा का हाल पूछने जाती है।
अनुशासन और सेवा भावना के प्र‍तीक हैं स्कॉउट-गाईड - राज्यपाल श्रीमती पटेल
10 April 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज 25वीं स्कॉउट-गाईड रैली एवं अलंकरण समारोह में कहा कि स्कॉउट-गाईड के सहयोग से सरकार की कल्याणकारी योजनाओं तथा कार्यक्रमों की सफलता सुनिश्चित मानी जाती है। स्कॉउट-गाईड अनुशासन, परिश्रम, लगन और सेवा के प्रति समर्पण भावना के प्रतीक हैं। राज्यपाल ने कहा कि स्कॉउट आन्दोलन विश्व में युवाओं का सबसे बडा वर्दीधारी शैक्षणिक आन्दोलन है। इसमें युवा विश्व शांति, बंधुत्व और सदभाव के लिए रचनात्मक भूमिका अदा कर रहे हैं। इस संगठन के दरवाजे समाज के सभी वर्गों के लिए उँच-नीच का भेद-भाव किये बिना खुले हैं। उन्होंने कहा कि स्कॉउट-गाईड का दायित्व है कि वे स्वयं भारतीय संस्कृति और सभ्यता को आत्मसात करें तथा अपने साथियों को समाज सेवा के महत्व के बारे में समझाएँ। ऊर्जा मंत्री एवं स्कॉउट-गाइड के राज्य आयुक्त श्री पारस जैन ने इस अवसर पर कहा कि दस हजार से ज्यादा स्कॉउट-गाईड ने प्रदेश में सिंहस्थ के दौरान सराहनीय योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि स्कॉउट-गाईड को योग का प्रशिक्षण भी दिया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक है। श्री जैन ने राज्यपाल से आग्रह किया कि स्कॉउट-गाईड भवन को एयरपोर्ट अर्थारिटी को सौंपने के बदले उतनी ही जगह स्कॉउट-गाईड भवन बनाने के लिए सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाना चाहिए । इस अवसर पर महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती लता वानखेडे, पूर्व विधायक श्री गुट्टु भैय्या, शिक्षा विभाग के सचिव श्री अशोक भार्गव, स्काउट आयुक्त श्री प्रकाश सिसोदिया, आयुक्त गाइड श्रीमती चन्द्रकांता और स्कॉउट-गाईड के राज्य सचिव श्री आलोक खरे भी उपस्थित थे।
भूमिहीनों को आवासीय पट्टों का वितरण अभियान के रूप में किया जाये : मुख्यमंत्री श्री चौहान
10 April 2018
राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिये प्रदेश में चलाये गये विशेष अभियान के तहत 12 लाख से अधिक नामांतरण और बँटवारा के प्रकरणों का तथा एक लाख से अधिक सीमांकन के प्रकरणों का निराकरण किया गया है। साथ ही प्रदेश में साढ़े चार करोड़ से अधिक नि:शुल्क खसरे और बी-1 की प्रतियों का वितरण किया गया। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिये राजस्व विभाग के अमले को बधाई दी है। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज राजस्व विभाग की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में राजस्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता और मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह भी उपस्थित थे। पूरे प्रदेश में अविवादित-नामांतरण-बँटवारा प्रकरण लंबित नहीं बताया गया कि एक माह से अधिक लंबित अविवादित नामांतरण-बँटवारा प्रकरणों पर एक लाख रूपये के इनाम की घोषणा के बाद पूरे प्रदेश में एक भी प्रकरण नहीं मिला। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राजस्व विभाग ने आम लोगों के हित में सकारात्मक कार्य किया है। विभाग ने निर्धारित लक्ष्य को चुनौती के रूप में स्वीकार कर बेहतर परिणाम दिये हैं। विभाग के लिये निर्धारित आगामी लक्ष्य भी समय-सीमा में पूरे किये जायें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिये कि भूमिहीनों को आवासीय पट्टों का वितरण अभियान के रूप में किया जाये। आगामी सितम्बर माह के अंत तक प्रदेश में एक भी पात्र भूमिहीन शेष नहीं रहे। विभिन्न शासकीय उपक्रमों को भूमि आवंटन के प्रकरणों के परीक्षण का कार्य मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति करें। पूर्व में विभिन्न शासकीय उपक्रमों को आवंटित भूमि की उपयुक्तता के बारे में भी यह समिति परीक्षण करेगी। नक्शे और खसरों की त्रुटियों को दूर करने का विशेष अभियान चलाया जाये। वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित करने का कार्य प्राथमिकता से किया जाये। सूखा-ओला राहत के लिये 2100 करोड़ स्वीकृत बैठक में बताया गया कि इस वर्ष सूखा राहत के लिये 1880 करोड़ तथा ओला वृष्टि राहत के लिये 300 करोड़ रूपये स्वीकृत किये गये हैं। भोपाल नगर के मर्जर एग्रीमेंट के लंबित प्रकरण का निराकरण भोपाल के 13 ग्रामों में स्थगित नामांतरण, बँटवारा और नजूल एनओसी से छूट देकर किया गया है। सिंधी तथा अन्य विस्थापितों के पट्टों का निराकरण किया गया है। भूमिहीनों को आवासीय पट्टे देने के अभियान के विस्तृत निर्देश दिये गये हैं। प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों की सहायता राशि न्यूनतम सीमा दो हजार से बढ़ाकर पाँच हजार रूपये तथा अधिकतम सीमा 60 हजार से बढ़ाकर एक लाख 20 हजार रूपये की गयी है। भू-राजस्व संहिता में संशोधन के सुझाव के लिये प्रारूपण समिति गठित की गयी है। लगभग 9 हजार 300 पटवारियों की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। नयी शहरी 43 तहसीलों और 7 नयी ग्रामीण तहसीलों के गठन की स्वीकृति हो गयी है। नायब तहसीलदार के 550 नये पदों की स्वीकृति और 270 पदों पर नियुक्ति आदेश जारी हो गये हैं। वेब-जीआइएस का सुधार के बाद पुन: उपयोग शुरू हो गया है। सभी पटवारियों को स्मार्ट फोन उपलब्ध करा दिये गये हैं। समस्त राजस्व अमले के लिये एकीकृत मोबाइल प्लेटफार्म आगामी मई माह तक लागू होगा। भूमि हेल्पलाइन कॉल सेंटर के लिये निविदा जारी हो गयी है। राजस्व विभाग की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी जानकारी दी गई कि नजूल के पट्टों के नवीनीकरण और दरों का सरलीकरण किया जायेगा। आम नागरिकों को भू-राजस्व, नजूल रेंट, प्रीमियम के भुगतान के लिये सरल ऑनलाईन सुविधा शुरू की जायेगी। किसान ऐप के माध्यम से किसानों को भूमि के बारे में जानकारी उपलब्ध करवाई जायेगी। पटवारियों को संपूर्ण कार्य ऑनलाईन करने के लिये लेपटॉप दिये जायेंगे। पटवारियों, राजस्व निरीक्षकों और लिपिकों के लिये नायब तहसीलदार भर्ती परीक्षा 21 वर्षों के अंतराल के बाद आगामी जून माह में आयोजित की जायेगी। राजस्व विभाग की संपूर्ण प्रक्रिया ऑनलाईन की जायेगी। विभाग 'कहीं भी-कभी भी' भू-अभिलेख उपलब्ध करवाने की सुविधा आम नागरिकों को उपलब्ध करायेगा। भूमिहीन कोटवारों के मानदेय में वृद्धि की जायेगी। बैठक में प्रमुख सचिव राजस्व श्री अरूण पाण्डे, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक वर्णवाल, श्री एस.के. मिश्रा, श्री हरिरंजन राव, प्रमुख सचिव राजस्व श्री मनीष रस्तोगी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
जनसम्पर्क मंत्री द्वारा औरत पत्रिका के विशेषांक का विमोचन
10 April 2018
जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने मासिक पत्रिका 'औरत' के मध्यप्रदेश के बुनकरों एवं रंगाई-छपाई कला से जुड़े कलाकारों पर केन्द्रित विशेषांक का विमोचन किया। इस अवसर पर पत्रिका की संपादक डॉ. विधुल्लता और श्री दीपक सक्सेना उपस्थित थे।



पत्रकारों को आवास निर्माण ऋण और ब्याज अनुदान मिलेगा
10 April 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने पत्रकारों के स्वास्थ्य एवं दुर्घटना समूह बीमा योजना में कैशलेस इलाज की व्यवस्था को बढ़ाकर 4 लाख रूपये करने की घोषणा की है। अभी तक यह सीमा दो लाख रूपये की है। उन्होंने पत्रकारों की मृत्यु होने पर आर्थिक सहायता देने की अधिकतम राशि को भी एक लाख से बढ़ाकर चार लाख रूपये करने, पत्रकारों के कैमरे क्षतिग्रस्त होने पर आर्थिक सहायता राशि 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रूपये करने और पत्रकारों को 25 लाख रूपये तक के आवास ऋण पर पाँच प्रतिशत ब्याज अनुदान दिये जाने की घोषणा की है। श्री चौहान आज मुख्यमंत्री निवास में आयोजित राष्ट्रीय, राज्य स्तरीय एवं आंचलिक पत्रकारिता सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पत्रकारिता असाधारण और चुनौतिपूर्ण कार्य है। पत्रकार को विभिन्न परिस्थितियों में अलग-अलग दायित्वों का निर्वहन करना पड़ता है। सूचना को खबर का आकार देने की तड़प और संघर्ष आसान नहीं होता है। लोकतंत्र में पत्रकार की भूमिका महत्वपूर्ण है। व्यवस्था का आधार स्तंभ है। गलतियों को उजागर करना उनका महत्वपूर्ण दायित्व है। खबरों की खबर निकालने के लिये किये जाने वाला संघर्ष सामान्यत: दिखाई नहीं देता है। प्राकृतिक विपदा, साम्प्रदायिक तनाव या आतंकी घटनाओं की खबरों की खोज में कई बार जान का जोखिम भी उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज की सच्चाई को सही ढ़ंग से सामने लाने और समाज को सही दिशा देने का कार्य पूरी सक्रियता और सजगता के साथ करते रहें। मध्यप्रदेश सरकार सामाजिक सरोकारों में पत्रकारों की भूमिका का सम्मान करती है और समाज के प्रति उनकी सेवा भावना को बखूबी समझती है। इसी भाव से वरिष्ठ पत्रकारों के लिये श्रद्धानिधि स्थापित की है। श्री चौहान ने पत्रकारिता के बदलते दौर का जिक्र करते हुये कहा कि देश की आजादी, स्वतंत्रता आंदोलन, आपातकाल के दौरान पत्रकारों का योगदान महत्वपूर्ण और अविस्मरणीय है। उन्होंने वर्तमान युग की पत्रकारिता पर आधुनिक तकनीक के प्रभावों का जिक्र किया। साथ ही देश और प्रदेश के मूर्धन्य पत्रकारों का उल्लेख किया। उन्होंने वर्ष 2015 एवं 2016 के लिये राष्ट्रीय, राज्य स्तरीय एवं आंचलिक पत्रकारिता सम्मान से 30 पत्रकारों को अलंकृत किया। जनसंपर्क एवं जल संसाधन मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने स्वागत उदबोधन दिया। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को निरंतर सजग और सक्रिय रहना होता है। प्रतिदिन नई चुनौतियों का सामना और दायित्वों का निर्वहन करना पड़ता है। राज्य सरकार पत्रकारों की इस भूमिका का सम्मान करती है। आभार प्रदर्शन आयुक्त जनसंपर्क श्री पी.नरहरि ने किया। इस अवसर पर सांसद श्री आलोक संजर, महापौर श्री आलोक शर्मा, मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, प्रमुख सचिव जनसंपर्क श्री एस.के. मिश्रा सहित वरिष्ठ पत्रकार, जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम में सम्मानित पत्रकारगण राष्ट्रीय सम्मान : माणिकचन्द्र बाजपेयी राष्ट्रीय पत्रकारिता सम्मान श्री रामबहादुर राय, दिल्ली और श्री रमेश पतंगे, मुम्बई को दिया गया। गणेशशंकर विद्यार्थी राष्ट्रीय पत्रकारिता सम्मान श्री अश्विनी कुमार, दिल्ली, सुश्री नलिनी सिंह, दिल्ली, विद्यानिवास मिश्र राष्ट्रीय पत्रकारिता सम्मान श्री अभिलाष खाण्डेकर, भोपाल और श्री पी. नारायणन, केरल को दिया गया। राष्ट्रीय चैनलों के मध्यप्रदेश में कार्यरत पत्रकार श्रेणी में श्री मनोज शर्मा को सम्मानित किया गया तथा राष्ट्रीय चैनलों के मध्यप्रदेश में कार्यरत कैमरामेन श्रेणी में श्री आर.सी. साहू को भी सम्मानित किया गया। राज्य-स्तरीय सम्मान : सत्यनारायण श्रीवास्तव राज्य-स्तरीय पत्रकारिता सम्मान श्री अरुण पटेल और श्री गणेश साकल्ले को दिया गया। राज्य-स्तरीय चैनलों के पत्रकारों को पत्रकारिता सम्मान श्री राकेश अग्निहोत्री और श्री अजय त्रिपाठी को दिया गया। महेन्द्र चौधरी राज्य-स्तरीय फोटो पत्रकारिता सम्मान श्री संजीव गुप्ता और श्री महेश झा को दिया गया। राज्य स्तरीय चैनलों के कैमरामेन श्रेणी में श्री मकरंद जंभोरकर और श्री अजय पाण्डेय को सम्मानित किया गया। आंचलिक पत्रकारिता सम्मान : शरद जोशी (भोपाल) आंचलिक पत्रकारिता सम्मान श्री ओ.पी. श्रीवास्तव और श्री अनिल दुबे को, राहुल बारपुते (इंदौर) आंचलिक पत्रकारिता सम्मान श्री जयप्रकाश तापड़िया और श्री रमण रावल को, रतनलाल जोशी (ग्वालियर) आंचलिक पत्रकारिता सम्मान श्री राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव और श्री गणेश सांवला, जीवनलाल वर्मा विद्रोही (जबलपुर) आंचलिक पत्रकारिता पुरस्कार श्री चैतन्य भट्ट और श्री योगेश कुमार को, कन्हैयालाल वैद्य (उज्जैन) पत्रकारिता सम्मान डॉ. घनश्याम बटवाल और श्री संदीप कुलश्रेष्ठ को, मास्टर बल्देव प्रसाद (सागर) आंचलिक पत्रकारिता सम्मान श्री रमेश राजपूत और श्री शैलेन्द्र ठाकुर को और श्री बनारसी दास चतुर्वेदी (रीवा) आंचलिक पत्रकारिता सम्मान से श्री गया प्रसाद श्रीवास एवं श्री संजय कुमार पयासी को सम्मानित किया गया।
विश्व होम्योपैथी दिवस पर व्याख्यानमाला सम्पन्न
10 April 2018
विश्व हौम्योपैथी दिवस को आज होम्योपैथी के जनक डॉ. हैनीमन की जयंती के रूप में मनाया गया। आयुष, कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जालम सिंह पटेल ने होम्योपैथी महाविद्यालय में स्थापित डॉ हैनीमन की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। होम्योपैथी महाविद्यालय के हैनीमन सभागार में ''जनस्वास्थ्य चुनौतियों में होम्योपैथी की भूमिका'' विषय पर व्याख्यान का आयोजन भी किया गया। राज्यमंत्री श्री पटेल ने कहा कि व्यक्ति के अच्छे कर्म उसे योग्यता और प्रसिद्धि देते हैं। डॉ. हैनीमन ने आर्थिक कठिनाइयों के होते हुए भी अपनी शिक्षा, शोध और प्रयोग को जारी रखते हुए विश्व में स्थान बनाया। उन्होंने कहा कि समाज सेवा की इच्छाशक्ति के कारण डॉ हैनीमन होम्योपैथी के जनक कहलाये। कार्यक्रम को सांसद श्री आलोक संजर, विधायक श्री सुरेन्द्रनाथ सिंह, प्रमुख सचिव आयुष श्रीमती शिखा दुबे सहित विषय विशेषज्ञों ने भी संबोधित किया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान 10 अप्रैल को पत्रकारों का करेंगे सम्मान
9 April 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान 10 अप्रैल को शाम 7 बजे मुख्यमंत्री निवास में राज्य शासन के सम्मानों के लिये चयनित पत्रकारों को सम्मानित करेंगे। चयनित पत्रकारों को राष्ट्रीय, राज्य-स्तरीय एवं आंचलिक पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित किया जायेगा। समारोह में जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र भी उपस्थित रहेंगे। राष्ट्रीय सम्मान : माणिकचन्द्र बाजपेयी राष्ट्रीय पत्रकारिता सम्मान श्री रामबहादुर राय, दिल्ली और श्री रमेश पतंगे, मुम्बई को दिया जायेगा। गणेशशंकर विद्यार्थी राष्ट्रीय पत्रकारिता सम्मान श्री अश्विनी कुमार, दिल्ली, सुश्री नलिनी सिंह, दिल्ली, विद्यानिवास मिश्र राष्ट्रीय पत्रकारिता सम्मान श्री अभिलाष खाण्डेकर, भोपाल और श्री पी. नारायणन, केरल को दिया जायेगा। राष्ट्रीय चैनलों के मध्यप्रदेश में कार्यरत पत्रकार श्रेणी में श्री मनोज शर्मा को सम्मानित किया जायेगा। राष्ट्रीय चैनलों के मध्यप्रदेश में कार्यरत कैमरामेन श्रेणी में श्री आर.सी. साहू को सम्मानित किया जायेगा। राज्य-स्तरीय सम्मान : सत्यनारायण श्रीवास्तव राज्य-स्तरीय पत्रकारिता सम्मान श्री अरुण पटेल और श्री गणेश साकल्ले को दिया जायेगा। राज्य-स्तरीय चैनलों के पत्रकारों को पत्रकारिता सम्मान श्री राकेश अग्निहोत्री और श्री अजय त्रिपाठी को दिया जायेगा। महेन्द्र चौधरी राज्य-स्तरीय फोटो पत्रकारिता सम्मान श्री संजीव गुप्ता और श्री महेश झा को दिया जायेगा। राज्य स्तरीय चैनलों के कैमरामेन श्रेणी में श्री मकरंद जंभोरकर और श्री अजय पाण्डेय को सम्मानित किया जायेगा। आंचलिक पत्रकारिता सम्मान : शरद जोशी (भोपाल) आंचलिक पत्रकारिता सम्मान श्री ओ.पी. श्रीवास्तव और श्री अनिल दुबे को, राहुल बारपुते (इंदौर) आंचलिक पत्रकारिता सम्मान श्री जयप्रकाश तापड़िया और श्री रमण रावल को, रतनलाल जोशी (ग्वालियर) आंचलिक पत्रकारिता सम्मान श्री राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव और श्री गणेश सांवला, जीवनलाल वर्मा विद्रोही (जबलपुर) आंचलिक पत्रकारिता पुरस्कार श्री चैतन्य भट्ट और श्री योगेश कुमार को, कन्हैयालाल वैद्य (उज्जैन) पत्रकारिता सम्मान डॉ. घनश्याम बटवाल और श्री संदीप कुलश्रेष्ठ को, मास्टर बल्देव प्रसाद (सागर) आंचलिक पत्रकारिता सम्मान श्री रमेश राजपूत और श्री शैलेन्द्र ठाकुर को और बनारसी दास चतुर्वेदी (रीवा) आंचलिक पत्रकारिता सम्मान श्री गया प्रसाद श्रीवास एवं श्री संजय कुमार पयासी को दिया जायेगा। शासन द्वारा गठित वरिष्ठ पत्रकारों की जूरी द्वारा इन पत्रकारों का चयन किया गया है। यह सम्मान वर्ष 2015 और 2016 के लिये दिए जा रहे हैं
गठन के उद्देश्यों को साकार करता मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड
9 April 2018
आज से एक बरस पहले मध्यप्रदेश में गठित टूरिज्म बोर्ड अपने उद्देश्यों को पूरा करने की दिशा में लगातार अग्रसर है। टूरिज्म बोर्ड के गठन का फैसला भी मशहूर पर्यटन स्थल पचमढ़ी में पर्यटन केबिनेट में लिया गया। इसके गठन के पीछे मुख्य उद्देश्य भी यही है कि प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र को और अधिक विस्तार मिले और पर्यटन में निवेश के लिये निवेशकों को सहूलियतें मुहैया कर निवेश को बढ़ावा दिया जाये। पर्यटन के जरिये रोजगार सृजन का ध्येय भी इससे पूरा हो सकेगा। टूरिज्म बोर्ड के बन जाने से जहाँ एक ओर राज्य पर्यटन निगम अपने मूल काम होटल और हॉस्पिटेलिटी तथा अधो-संरचना विकास पर अब पहले से कहीं ज्यादा ध्यान केन्द्रित कर पा रहा है। वहीं अब मध्यप्रदेश पर्यटन की ब्रांडिंग और व्यापक प्रचार-प्रसार का अहम काम टूरिज्म बोर्ड के जिम्मे है। बोर्ड के संचालक मंडल के अध्यक्ष मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और उपाध्यक्ष पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री सुरेन्द्र पटवा एवं मुख्य सचिव हैं। वित्त, वन, नगरीय विकास एवं पर्यावरण तथा संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव संचालक हैं। संचालक मण्डल के पदेन सदस्य सचिव एवं प्रबंध संचालक, प्रमुख सचिव पर्यटन हैं। टूरिज्म प्रमोशन यूनिट, योजना, प्रशिक्षण, ईको टूरिज्म एवं एडवेंचर, रचनात्मक एवं प्रचार-प्रसार गतिविधियाँ, मार्केटिंग, मेला एवं उत्सव, सूचना प्रौद्योगिकी आदि गतिविधियाँ मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड में सम्पादित की जा रही है। राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा पूर्ववत होटलों, रेस्टॉरेंट, बोट क्लब, परिवहन बेड़े आदि का संचालन किया जा रहा है। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के मुख्य कार्यों में ‘पर्यटन नीति, 2016‘ के अंतर्गत सभी दायित्वों का निर्वहन करना, पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश को आकर्षित करना, इन्वेस्टर्स फेसिलिटेशन, निवेशकों को नीति अनुसार अनुदान एवं सुविधाएँ उपलब्ध कराना तथा निवेशकों को आकर्षित करने के लिए नई नीतियों का आकल्पन, क्रियान्वयन एवं मॉनिटरिंग करना है। साथ ही निजी निवेश से पर्यटन परियोजना की स्थापना को बढ़ावा देने के लिये उपयुक्त स्थल चयन कर लैण्ड बैंक को निरंतर बढ़ाना, प्रदेश में पर्यटन संबंधी समस्त स्थान जैसे, पुरातत्विक स्थलों, वन्य-प्राणी स्थलों, प्राकृतिक सौन्दर्य युक्त गुफाओं, पार्कों, जल-क्षेत्रों एवं अन्य मनोरंजक स्थानों के विकास की कार्य-योजनाएँ बनाना और उनके अनुरक्षण के उपाय करना है। इसी प्रकार राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन के प्रोत्साहन से संबंधित विभिन्न आयोजनों में भाग लेकर निजी निवेशकों को प्रोत्साहित करना, मेले, स्थानीय व्यंजन, संस्कृति, वेश-भूषा, हस्तशिल्प एवं हस्तकला के माध्यम से ग्रामीण पर्यटन को प्रोत्साहित करना और ईको पर्यटन के लिये आवश्यक व्यवस्थाएँ स्थापित करना आदि बोर्ड के कार्यों में शामिल हैं। बोर्ड के गठन के अच्छे नतीजे सामने आने लगे हैं। एक साल के भीतर बोर्ड ने मध्यप्रदेश पर्यटन की ब्रांडिंग और प्रचार-प्रसार के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लंदन में संपन्न ‘वर्ल्ड ट्रेवल मार्ट’ में अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज की। हाल ही में यूएस के फ्लोरिडा में यूएसटीओए, स्पेन के मेड्रिड में हुए फितर, ऑस्ट्रेलिया के मेलबोर्न में हुए ‘ए.आई.एम.ई.-2018’ में तथा बर्लिन में संपन्न आई.टी.बी.-2018 में भागीदारी कर निवेशकों के सामने मध्यप्रदेश पर्यटन पर केन्द्रित प्रेजेंटेशन दिया और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी साझा की। ‘ए.आई.एम.ई.-2018’ में मध्प्रदेश टूरिज्म को बेस्ट एक्जीबिटर का प्रतिष्ठित अवार्ड हासिल हुआ। इसी प्रकार देश के महत्वपूर्ण शहरों में रोड-शो और इंवेस्टर्स मीट में मध्यप्रदेश पर्यटन का प्रतिनिधित्व कर इन उद्देश्यों को पूरा करने की दिशा में प्रभावी भूमिका निभायी गयी। निवेश संवर्धन बोर्ड के अंतर्गत कार्यरत निवेश संवर्धन इकाई (IPU) द्वारा एक सुनियोजित रणनीति अपनाकर निवेश संवर्धन के लिए परिणामदायी काम किये गये। इसी के सुफल के रूप में पर्यटन क्षेत्र में तकरीबन 700 करोड़ रुपयों का इन्वेस्टमेंट संभावित है। इसमें मुख्य रूप से 49 जिलों के 144 स्थानों पर 849 हेक्टेयर से ज्यादा शासकीय भूमि हस्तानांतरित कराई जाकर लैण्ड-बैंक बनाया गया है। इसके साथ ही 71 स्थान पर 431 हैक्टेयर से ज्यादा भूमि चिन्हित भी की जा चुकी है, जिसका हस्तानांतरण भी प्रक्रिया में है। लैण्ड बैंक में से पर्यटन क्षेत्र के सात निजी समूह को भूमि आवंटित भी की जा चुकी है, जिससे 23 करोड़ 25 लाख की राशि का प्रीमियम मिला है। हेरीटेज होटल्स का निर्माण निजी निवेश से करने के लिये हेरीटेज प्रॉपर्टी लैण्ड बैंक बनाया गया है। वर्तमान में 8 परिसंपत्तियाँ विभाग के आधिपत्य में हैं। इनमें से 3 परिसंपत्तियाँ निवेशकों को निविदा के माध्यम से दी गयी हैं। इससे 11 करोड़ 64 लाख रुपए का प्रीमियम भी प्राप्त हुआ है। दस अन्य परिसंपत्तियाँ भी पुरातत्व द्वारा इस बैंक के लिये हाल ही में डी-नोटिफाइड की गई है। जल-झील महोत्सव इस समयावधि में जहाँ इस साल वॉटर स्पोर्टस कॉम्प्लेक्स हनुवंतिया में जल-महोत्सव (तृतीय) का 80 दिवसीय सफल आयोजन हुआ। बरगी (जबलपुर) और गाँधीसागर बाँध (मंदसौर) में व्यापक स्तर पर ‘झील महोत्सव’ हुआ। इसी श्रंखला में जिला पर्यटन संवर्धन समितियों की सक्रिय पहल से भोपाल में ‘भोज एडवेंचर फेस्ट-2018’, रीवा में विन्ध्य महोत्सव, पचमढ़ी उत्सव, निमाड़ उत्सव, माँडू महोत्सव, बालाघाट में बैगा ओलंपिक सफलता से संपन्न हुए। गौरतलब है कि जल-पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये प्रदेश में 18 जल क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है। इनमें जल-पर्यटन गतिविधियों को लायसेंस देने के लिये बोर्ड को अधिकृत किया गया है।
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने लागू होगी "एक परिसर-एक स्कूल" की अवधारणा
9 April 2018
अतिशेष शिक्षकों का बेहतर उपयोग करने, विषय वार शिक्षकों की उपयोगिता, शालाओं में उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग और पढ़ाई-लिखाई पर प्रभावी निगरानी के उद्देश्य से 'एक परिसर-एक स्कूल' अवधारणा लागू की जायेगी। स्कूल शिक्षा विभाग के अगले वर्ष की कार्य-योजना की समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने स्कूल शिक्षा विभाग की भविष्य की कार्य-योजना की समीक्षा करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए । 'एक परिसर-एक शाला' की अवधारणा को लागू करने के लिये 45 हजार 384 शालाएं और 20 हजार 656 परिसर चिन्हित किए गए हैं। इनमें चालीस से कम नामांकन वाली प्राथमिक शालाएं 40 हजार 102 और मिडिल स्कूल 6221 है। 'एक परिसर- एक शाला' में हायर सेकेंडरी के 1941 स्कूल, 2972 हाई स्कूल, 20 हजार 235 मिडिल स्कूल एवं 20 हजार 233 प्राथमिक शालाएं शामिल होंगी। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा 'सबको शिक्षा-अच्छी शिक्षा' के अंतर्गत नई एकीकृत शिक्षा योजना बनाई गई है। इसमें नर्सरी से 12वीं तक लागू सर्व-शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान और शिक्षक शिक्षा शामिल होगी। इसका उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाना, विद्यार्थियों की शिक्षा-अर्जन की क्षमता में वृद्धि करना, स्कूली शिक्षा में सामाजिक असमानता को दूर करना, स्कूली शिक्षा व्यवस्था में न्यूनतम मानक निर्धारित करना, शिक्षा के साथ व्यवसायीकरण परीक्षण को बढ़ावा देना शामिल है। बैठक में बताया गया कि 'एक परिसर-एक शाला' कार्य-योजना से सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि कोई भी शाला बंद नहीं की जाएगी। एक परिसर में स्थित सभी शालाओं का विलय करते हुए 'एक परिसर-एक शाला' के रूप में संचालित की जाएगी। 'एक परिसर-एक शाला' को सर्व-सुविधायुक्त शाला के रूप में विकसित किया जाएगा। शालाओं के संचालन के लिये एकीकृत टाइम टेबल एवं प्रबंधन समिति होगी। प्रारंभिक रूप से पूर्व से पदस्थ शिक्षकों का स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। शाला प्राचार्य के पद तथा अधिकारों को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बैतूल जिले के बैतूल विकासखंड में शासकीय कृषि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैतूल बाजार को समेकित विद्यालय के रूप में स्थापित किया जाएगा। इस विद्यालय में चार प्राथमिक, पाँच माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शामिल होंगे। दो अप्रैल से प्रारंभ स्कूल चले अभियान को सघन तरीके से लागू किया जायेगा। कक्षा दसवीं के विद्यार्थियों के लिए काउंसलिंग आयोजित की जाएगी। काउंसलिंग तीन चरणों में होगी। इसमें अभिरुचि परीक्षण, एप्टीट्यूड टेस्ट, भाषा दक्षता, गणित की दक्षता और तार्किक क्षमता का आकलन किया जायेगा। इस मौके पर जानकारी दी गई कि स्कूली अधोसंरचना में सुधार होने से बच्चों की स्कूलों तक पहुंच बढ़ी है। पहली से बारहवीं तक शासकीय और निजी तथा शासकीय अनुदान प्राप्त निजी स्कूलों की संख्या एक लाख 59 हजार 434 हो गई है। वर्ष 2018-19 के लिये 582 हायर सेकेण्डरी और 128 हाई स्कूलों के नवीन भवन स्वीकृत किये गये हैं। इनके लिये 459 करोड़ रूपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है। हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूलों के लिये 11 हजार 700 पदों की स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा, 629 हाई स्कूल और 329 हायर सेकेण्डरी स्कूलों का उन्नयन किया जा रहा है। दो हजार माध्यमिक शालाओं और 829 हाई स्कूलों और हायर सेकेण्डरी स्कूलों में फर्नीचर और प्रयोगशाला सामग्री खरीदने के लिये 102 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। मदरसों में अधोसंरचना विकस के लिये प्रत्येक मदरसे को पचास हजार रूपये देने के प्रस्ताव पर भी विचार चल रहा है। विद्यार्थियों की सुविधा के लिये आठ विभागों की 30 प्रकार की छात्रवृत्तियों को एक क्लिक में विद्यार्थियों के खाते में पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री कुंवर विजय शाह, मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री अशोक बर्णवाल एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्य चुनाव आयुक्त श्री रावत 10 अप्रैल को भोपाल में
9 April 2018
भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ओ.पी. रावत 10 अप्रैल को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती सलीना सिंह और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ निर्वाचक नामावली की शुद्धता के संबंध में बैठक लेंगे। बैठक 11 बजे अरेरा हिल्स स्थित निर्वाचन सदन में होगी। श्री रावत दोपहर 12 बजे मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से चर्चा करेंगे। श्री रावत शाम 4 बजे होटल जहांनुमा में न्यूज पोर्टल वेबसाइट 'मीडियावाला' का शुभारंभ भी करेंगे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त बनने के बाद श्री रावत पहली बार भोपाल आ रहे हैं। वे 10 अप्रैल की रात्रि में नई दिल्ली लौट जायेंगे।
साँची दूध के विक्रय एवं विपणन के लिए मोबाईल एप शुरू
9 April 2018
डेयरी उद्योग के आधुनिकीकरण एवं नवीन अवधारणा पर एक दिवसीय कार्यशाला का उदघाटन प्रमुख सचिव पशुपालन श्री अजीत केसरी ने किया। इस अवसर पर कोटक महिन्द्रा बैंक द्वारा दूध एवं दुग्ध उत्पाद के विक्रय एवं विपणन के लिए निर्मित साफ्टवेयर तथा मोबाईल एप का अनावरण किया गया। कार्यशाला में दुग्ध सहकारी समिति में आटोमेटिक दुग्ध परीक्षण, पशुओं के तत्काल इलाज के लिए इनॉफ साफ्टवेयर के माध्यम से 1962 डायल सेवा, डेयरी उद्योग में फोटो तकनीक के माध्यम से दुग्ध संचालन, नवीन दुग्ध पदार्थ, दुग्ध सहकारी समितियों की जीआईएस मेपिंग के माध्यम से प्रत्येक दुग्ध समिति की लोकेशन एवं विस्तृत जानकारी का एकीकरण तथा A1 और A2 श्रेणी के दूध के बारे में विशेषज्ञों ने विस्तृत जानकारी दी। इसके अतिरिक्त विभिन्न दुग्ध मशीन निर्माता कंपनियों द्वारा डेयरी उद्योग में नवीन तकनीक की मशीनों के बारे में भी जानकारी दी गई। इसमें मुख्य रूप से ऐसिप्टक मिल्क उत्पादन, दुग्ध शीतलीकरण की नवीन मशीनें, आटोमेटिक दुग्ध जाँच एवं नियंत्रण, डेयरी यांत्रिकी में नवीन अवधारणाएँ, दुग्ध एवं दुग्ध पदार्थ की गुणवत्ता नियंत्रण हेतु नवीन तकनीक, दूध में मिलावट के परीक्षण के लिए नवीन तकनीक के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर आयुक्त, सहकारिता श्रीमती रेणू पंत, प्रबंध संचालक एमपीसीडीएफ डॉ. अरूणा गुप्ता, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, भोपाल सहकारी दुग्ध संघ मर्यादित श्री जितेन्द्र सिंह राजे, संचालक, पशुपालन डॉ. आर.के. रोकडे तथा प्रबंध संचालक, कुक्कट विकास निगम डॉ. एच.वी.एस. भदौरिया उपस्थित थे।
जिला चिकित्सालय शिवपुरी को मिला "निरन्तर उत्कृष्टता पुरस्कार"
9 April 2018
जिला चिकित्सालय शिवपुरी को भारत सरकार द्वारा कायाकल्प अभियान में 'निरंतर उत्कृष्टता पुरस्कार' प्रदाय किया गया है। बीस लाख रूपये का यह पुरस्कार निरंतर प्रयास कर गुणवत्तापूर्ण सेवा प्रदायगी एवं स्वच्छता और संक्रमण नियंत्रण की दिशा में उल्लेखनीय कार्यो के लिये दिया गया है। विगत वर्ष की तरह वर्ष 2017-18 में भी जिला चिकित्सालय शिवपुरी द्वारा कायाकल्प अभियान के तहत उत्कृष्ट कार्य किया गया है। इससे जनमानस में स्वास्थ्य संस्थाओं के प्रति विश्वास सुद्दढ़ हुआ है। संस्था द्वारा किए गए निरंतर प्रयासों के लिये जिला चिकित्सालय शिवपुरी को राज्य में 'कायाकल्प कन्टीन्यूइड एक्सीलेंस' पुरस्कार से भी पुरस्कृत किया गया है।
परिश्रमी और कलाधर्मी है प्रजापति समाज
8 April 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान में आज यहां प्रजापति समाज के राष्ट्रीय अधिवेशन में समाज की प्रतिभाओं को सम्मानित किया। समाज ने श्री चौहान का जनहितैषी योजनाओं के लिये पारंपरिक साफा पहनाकर अभिनंनदन किया। श्री चौहान ने कहा कि प्रजापति कुंभकार समाज परिश्रमी, ईमानदार और मददगार समाज है। कलाधर्मी प्रजापति समाज माटी को भी विभिन्न कलारूप देने की प्रतिभा रखता है। इसलिये इसमें प्रतिभाओं की कमी नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज ने बेटियों का सम्मान किया है और उन्हें आगे बढने में मदद की है। श्री चौहान ने कहा कि प्रतिभाओं की पढाई-लिखाई का पूरा खर्च सरकार उठायेगी। प्रजापति समाज के राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष श्री मनोज प्रजापति द्वारा माँग-पत्र प्रस्तुत करने पर श्री चौहान ने कहा कि मांगों का परीक्षण कर समाज की बेहतरी के हर संभव कदम उठाये जायेंगे। इस अवसर पर सांसद श्री आलोक संजर, राज्य माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री रामदयाल प्रजापति और बड़ी संख्या में समाज के बन्धु उपस्थित थे।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का 10 हजार और सहायिकाओं का मानदेय होगा 5 हजार रूपये महीना
8 April 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 10 हजार रूपये और सहायिकाओं का मानदेय 5 हजार रूपये महीने करने की घोषणा की है। साथ ही सेवानिवृत्ति की आयु भी शासकीय कर्मचारियों के समान 62 वर्ष की जाएगी। उन्हें यात्रा भत्ता भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका से आग्रह किया कि वे आंगनवाड़ी का उत्कृष्ट प्रबंधन करें और कुपोषण मुक्त मध्यप्रदेश बनाने में पूरी मेहनत से काम करें। श्री चौहान आज यहां निवास पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए पोषण अभियान पर उन्मुखीकरण कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में प्रदेश भर से आई आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का आव्हान किया कि मध्यप्रदेश से कुपोषण की चुनौती को हमेशा के लिए समाप्त करने में सहयोग दें। उन्होंने कहा कि किसी भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका को बिना जांच किए नहीं हटाया जाएगा। यदि आंगनवाड़ी सहायिका द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के रूप में चयन के लिए आवेदन किया जाता है तो उन्हें वरीयता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने दीनदयाल पोषण पुरस्कार की भी घोषणा की। रिटायरमेंट के बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को एक लाख रुपए और आंगनवाड़ी सहायिकाओं को 75000 रूपये दिए जाएंगे। यदि आकस्मिक रूप से उनकी मृत्यु हो जाती है तो उनके परिवार को दो लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही उनकी बहन या बेटी को कार्यकर्ता/ सहायिका के चयन में 10 अंक की वरीयता दी जायेगी। श्री चौहान ने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिये प्रत्येक परियोजना में तीन-तीन पुरस्कार दिये जायेंगे। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता प्रथम पुरस्कार 7100 रूपये, द्वितीय पुरस्कार 5100 रूपये और तृतीय पुरस्कार 2100 रूपये के दिये जायेंगे। इसी प्रकार सहायिकाओं के लिये प्रथम पुरस्कार 5100 रूपये का, द्वितीय पुरस्कार 2100 और तृतीय पुरस्कार 1100 रूपये का दिया जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाली मजदूर बहनों के लिये गर्भावस्था के दौरान चार हजार रूपये और प्रसव के बाद 12 हजार रूपये दिये जायेंगे। इन बहनों का पंजीयन कराने और उनके खातों में धनराशि पहुँचाने की जिम्मेदारी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को दी जायेगी। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सेवा और विकास के क्षेत्र में पूरे देश में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बहनें निचले स्तर पर बड़ी जिम्मेदारियाँ पूरी करती हैं। उन्होंने एनीमिया की कमी से लड़ने का अभियान सफलता पूर्वक पूरा किया। इसके अलावा स्वास्थ्य एवं अन्य शासकीय सेवाओं के प्रदाय की जिम्मेदारी भी लगन के साथ पूरी की। निचले स्तर पर प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन में वे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस अवसर आयुक्त महिला सशक्तिकरण श्रीमती जयश्री कियावत, आयुक्त आईसीडीएस श्री संदीप यादव और बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएँ उपस्थित थीं।
जनसम्पर्क मंत्री द्वारा विश्वकर्मा भवन का शिलान्यास ; चेस एवं क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ
8 April 2018
जनसम्पर्क, जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने दतिया में विश्वकर्मा समाज के सामुदायिक भवन का शिलान्यास किया। कार्यक्रम का विश्वकर्मा भगवान की पूजा कर शुभारंभ किया गया। मंत्री डॉ. मिश्र ने नगर पालिका दतिया में फुटपाथ के छोटे-छोटे दुकानदारों से ली जाने वाली बैठकी को पूर्णतः समाप्त करने की घोषणा की। इसके अलावा, दतिया में पाँच दिवसीय फर्स्ट ब्रेन मास्टर चैस टूर्नामेंट दतिया-2018 का शुभारंभ किया। यह टूर्नामेंट 12 अप्रैल तक चलेगा। इसमें देश के करीब 20 राज्यों के अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भाग लेंगे। प्रतियोगिता में विजेता को 2 लाख 30 हजार रूपये की राशि पुरस्कार स्वरूप दी जायेगी। डॉ. नरोत्तम मिश्र ने किला दतिया में दतिया चैलेंजर कप क्रिकेट टूर्नामेंट-2018 का भी शुभारंभ किया है।
रीवा में दूसरा औद्योगिक क्षेत्र होगा गुढ़ बायपास : मंत्री श्री शुक्ल
8 April 2018
उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा के औद्योगिक क्षेत्र विहार चोरहटा में 23 करोड़ 38 लाख के निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि गुढ़ बायपास पर शीघ्र ही नया औद्योगिक केन्द्र विकसित किया जायेगा। रीवा के इस दूसरे औद्योगिक केन्द्र के लिये 125 करोड़ रूपये की राशि मंजूर की गई है।
अस्पतालों में दवाइयों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित हो - राज्यपाल श्रीमती पटेल
7 April 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पतालों में डाक्टरों द्वारा लिखी जाने वाली दवाइयों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाये। डाक्टर गरीबों तथा ग्रामीणों को वही दवाएँ लिखें, जो अस्पतालों में उपलब्ध हों। सरपंचों तथा जन-प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि टीकाकरण अभियान में पूरा सहयोग दें। उन्होंने किशोरियों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने पर जोर देते हुए कहा कि जांच के दौरान अगर हीमोग्लोबिन कम निकले, तो उसका पोषण बढ़ा कर इलाज करें। राज्यपाल ने आज विश्व स्वास्थ्य दिवस पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित बच्चों को निमोनिया तथा दिमागी बुखार जैसी जानलेवा बीमारी से सुरक्षा प्रदान करने वाली नवीन वैक्सीन पीसीबी के शुभारम्भ समारोह को सम्बोधित कर रही थीं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में नवीन वैक्सीन पीसीवी (टीका) नि:शुल्क टीकाकरण के लिए उपलब्ध रहेगा। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा कि डाक्टर गांवों में जाकर सरपंचों और जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध करायें और विकास में अपना योगदान दें। उन्होंने डॉक्टरों से कहा कि बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए सरकार को सहयोग प्रदान करें। आँगनवाड़ी और प्राथमिक शालाओं में बच्चों को वितरित होने वाले भोजन की गुणवत्ता और पौष्टिकता और पानी की शुद्धता की भी जांच करें। गांव, शहर, स्कूल, आँगनवाड़ी तथा सार्वजनिक स्थलों पर सफाई अभियान में सभी वर्ग सहयोग करें। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए शौचालय बहुत आवश्यक है। देश में शौचालय बनाने का 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। आने वाले 2-3 साल में हमारे देश में शत-प्रतिशत शौचालय का निर्माण हो जायेगा। स्वास्थ्य मंत्री श्री रूस्तम सिंह ने कहा कि डाक्टरों के साथ-साथ सभी में सेवाभाव होना चाहिए। मध्यप्रदेश को स्वस्थ प्रदेश बनाने के लिए सभी मिल-जुलकर कार्य करें। इस बात पर ध्यान दें कि हम ग्रामीणों, गरीबों और पिछड़े लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ कैसे पहुँचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार हो रहा है और अस्पतालों में सुविधाएँ बढ़ रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती गौरी सिंह ने समारोह में अतिथियों का स्वागत किया। राज्यपाल ने कायाकल्प कार्यक्रम के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली संस्थाओं और सरपचों को भी पुरस्कृत किया। इस अवसर पर आयुक्त स्वास्थ्य श्रीमती पल्लवी जैन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक श्री एस. विश्वनाथन, यूनिसेफ के प्रतिनिधि माईकल जूमा और विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि डॉ. बी.पी. सुब्रामण्यम उपस्थित थे।
सौभाग्य योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश देश में प्रथम
7 April 2018
सौभाग्य योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। योजना के तहत अब तक प्रदेश में 12 लाख 30 हजार 360 घरों में विद्युत कनेक्शन दिये गये हैं। यह जानकारी आज यहाँ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा ली गई ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में दी। बैठक में ऊर्जा मंत्री श्री पारस जैन और मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बैठक में निर्देश दिये कि विद्युत उपभोक्ताओं की संतुष्टि का स्तर बढ़ाया जाये। विद्युत कंपनियाँ अपने अमले का बेहतर प्रबंधन करें। निचले स्तर पर दक्षता बढ़ायी जाये। विदयुत चोरी को रोकने और वसूली बढा़ने के लिये काम करें। बैठक में असंगठित मजदूरों के बिजली बिलों की सरल बिल योजना और प्रस्तावित विद्युत बिलों की बकाया भुगतान की समाधान योजना को सैद्धांतिक सहमति दी। विद्युत बिलों का सरलीकरण करें। विद्युत कंपनियों में कार्यरत संविदा कर्मियों का नियमिती करण करें। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में इस वर्ष 450 करोड़ विद्युत यूनिट की आपूर्ति हुई है। मुख्यमंत्री स्थायी कृषि पम्प योजना में अब तक कुल 2 लाख 77 हजार पम्प कनेक्शन किये गये हैं। इस वर्ष में दिसम्बर माह के अंत तक इस योजना में सवा लाख नये कनेक्शन दिये जायेंगे। सौभाग्य योजना में तीस लाख 14 हजार 439 के लक्ष्य के विरूद्ध 12 लाख 20 हजार 360 घरों में कनेक्शन किये गये हैं। प्रदेश के चार जिले नीमच, इंदौर, मंदसौर और आगर-मालवा में योजना के तहत शतप्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया जा चुका है। प्रस्तावित सरल बिल योजना में असंगठित मजदूरों को फ्लेट रेट से 200 प्रति माह बिजली बिल देय होगा। प्रस्तावित समाधान योजना में सरचार्ज और मूल बकाया राशि का 70 प्रतिशत माफ किया जायेगा, शेष 30 प्रतिशत चार किश्त में भुगतान करना होगा। योजना में एक मुश्त भुगतान का विकल्प चुनने वाले उपभोक्ताओं को 75 प्रतिशत माफी और 25 प्रतिशत भुगतान करना होगा। तीनों विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा उपभोक्ताओं की सुविधाओं के लिये एप विकसित किया गया है। उपभोक्ता केन्द्रों का सुदृढ़ीकरण किया गया है और शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। बैठक में अपर मुख्य सचिव वित्त श्री ए.पी. श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव ऊर्जा श्री आई.पी.सी. केशरी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री विवेक अग्रवाल और श्री हरिरंजन राव और तीनों विद्युत वितरण कंपनियों के प्रबंध संचालक भी उपस्थित थे।
सिंचाई से सम्पन्न क्षेत्र बन जाएगा कमरारी : मंत्री डॉ. मिश्र
7 April 2018
जनसम्पर्क और जल संसाधन मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने आज दतिया जिले के ग्राम कमरारी पहुंचकर हर घर बिजली सौभाग्य योजना के तहत गाँव के मजरे टोले में विद्युतीकरण कार्य का शुभारंभ किया। डॉ. मिश्र ने इस अवसर पर सूखा राहत के तहत गाँव के 715 किसानों को 54 लाख 50 हजार 796 रूपये की राशि वितरण की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जो किसान इस राशि को लेने से वंचित रह गए हों, वे मौके पर उपस्थित पटवारी और नायब तहसीलदार को आवश्यक दस्तावेज सौंप दें, इससे उन्हें समय पर राहत राशि मिल सकेगी। मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि प्रयास है कि क्षेत्र को शत-प्रतिशत सिंचित क्षेत्र बनाने के लिए अशोकनगर जिले में 2600 करोड़ की लोअर बाँध परियोजना स्वीकृत की गई है। इस परियोजना से 35 गाँव पूर्ण रूप से सिंचित हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं, जब कमरारी क्षेत्र सबसे सम्पन्न इलाका होगा। जनसम्पर्क मंत्री ने कहा कि पिछले साल जिन किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूँ बेचा था, उनको भी 200 रूपये प्रति क्विंटल के हिसाब से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस वर्ष किसानों को दो हजार रूपये प्रति क्विंटल के हिसाब से गेहूँ उपार्जन मूल्य मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार सूखा, ओला, पाला की आपदा के अलावा भावांतर और बीमा योजना के माध्यम से किसानों को लाभांवित कर रही है। सभी किसानों को खुद भी आगे बढ़कर इसका लाभ जरूर लेना चाहिए।
कैंसर और हृदय रोग के प्रभावी इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करें:मुख्यमंत्री श्री चौहान
7 April 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कैंसर, किडनी और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। उन्होंने कहा कि दवाइयों की कीमत कम होने से इन बीमारियों का उपचार सस्ता हुआ है। इसलिये निजी चिकित्सालयों में इनके इलाज का खर्च भी नियंत्रण में हो। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ मंत्रालय में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन के संचालन के लिये ऐसी व्यवस्था की जाये जिससे प्रदेश की जनता को ज्यादा लाभ मिल सके। इसके लिये अन्य प्रदेशों की व्यवस्थाओं का भी अध्ययन करें। इस योजना में प्रदेश के पंजीकृत असंगठित श्रमिकों को भी शामिल किया जायेगा। मिशन में प्रदेश के लगभग 84 लाख परिवार कवर होंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि 30 अप्रैल को होने वाले आयुष्मान भारत दिवस के कार्यक्रम में वे स्वयं शामिल होंगे और प्रदेश की जनता को संबोधित करेंगे। उन्होंने असंगठित श्रमिक परिवार की महिला को प्रसूति लाभ पाने में कोई परेशानी नहीं होने देने के निर्देश दिये। मलेरिया नियंत्रण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ायी जाये और प्रदेश को मलेरिया मुक्त बनाने की कोशिश की जाये। साथ ही मौसमी बीमारियों के नियंत्रण और उपचार की माकूल व्यवस्था की जाये। बताया गया कि आयुष्मान भारत अभियान में प्रदेश के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को हेल्थ वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जायेगा। इस वर्ष 545 केन्द्रों को तथा वर्ष 2020 तक सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को हेल्थ वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित कर दिया जायेगा। इन केन्द्रों में डायबिटीज, हाइपरटेंशन, ओरल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर एवं सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग की सुविधा तथा 12 प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध होंगी। इस दौरान बताया गया कि प्रदेश के सभी जिलों में डायलेसिस तथा कैंसर कीमोथेरेपी उपचार की नि:शुल्क व्यवस्था उपलब्ध हैं। सी.टी. स्केन की व्यवस्था की जा रही है। प्रदेश में 11 अप्रैल से महिला स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन शुरू होगा तथा जून माह में निरोगी काया अभियान चलेगा। समीक्षा के दौरान लोक स्वास्थ्य मंत्री श्री रूस्तम सिंह, मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री ए.पी. श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य श्रीमती गौरी सिंह, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री विवेक अग्रवाल और आयुक्त लोक स्वास्थ्य श्रीमती पल्लवी जैन गोविल उपस्थित थीं।
समाधान के लिए कश्मीर के समाज को गहराई से समझना आवश्यक : प्रो. कुलदीप चंद्र अग्निहोत्री
4 April 2018
भोपाल, 04 अप्रैल। जम्मू-कश्मीर की समस्या को समझने के लिए वहाँ के समाज को गहराई से समझना जरूरी है। हमें जम्मू-कश्मीर के इतिहास और आतंरिक व्यवस्था को समझना चाहिए। एक बहुत छोटा समुदाय कश्मीर के मूल लोगों पर अधिपत्य जमाना चाहता है, जिसके कारण वहाँ समस्या पैदा हुई है। यह विचार हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति एवं हिमालय क्षेत्र के विशेषज्ञ प्रो. कुलदीप चंद्र अग्निहोत्री ने व्यक्त किए। वे माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय की ओर से माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती प्रसंग पर आयोजित व्याख्यान में मुख्य वक्ता थे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जनसंपर्क एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा और कुलपति श्री जगदीश उपासने भी उपस्थित रहे। 'कश्मीर समस्या और समाधान' विषय पर प्रो. अग्निहोत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के हालात अब सुधर रहे हैं। कश्मीर के युवाओं को यह बात समझ आ रही है कि अरब से आए गिलानी और सैय्यद जम्मू-कश्मीर के नेतृत्व पर कब्जा जमाना चाहते हैं। सरकारों ने भी अभी तक कश्मीर के मूल लोगों से चर्चा नहीं की है। जब भी कश्मीर के भीतर की समस्या को समझने के लिए संवाद किया जाता है, तब गिलानी और सैय्यदों से ही बात की जाती है। वास्तव में जम्मू-कश्मीर में जो समस्या है, उसे समझने और समाधान के लिए वहाँ के मूल नागरिकों से संवाद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह बात गलत है कि महाराजा हरि सिंह भारत में जम्मू-कश्मीर का विलय नहीं चाहते थे। ऐतिहासिक तथ्यों को रेखांकित करने हुए प्रो. अग्निहोत्री ने कहा कि भारत के अंतिम वायसराय के लगातार प्रयासों के बावजूद भी महाराजा ने पाकिस्तान में शामिल होना स्वीकार नहीं किया। भारत के पहले प्र्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू भी चाहते थे कि जम्मू-कश्मीर का विलय भारत में ही हो। किंतु, उन्होंने इसके लिए शर्त यह रख दी थी कि शेख अब्दुल्ला को जम्मू-कश्मीर राज्य का प्रधानमंत्री बनाया जाए और विलय का प्रस्ताव भी उन्हीं के माध्यम से आए। जबकि देश की सभी रियासतों के राजे-महाराजाओं ने विलय पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। बकरों से बात करते हैं शेरों से नहीं : प्रो. अग्निहोत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पाँच हिस्सों में है- जम्मू, लद्दाख, कश्मीर घाटी, गिलगित और बाल्टिस्तान। इनमें से गिलगित और बाल्टिस्तान पाकिस्तान के कब्जे में है। उन्होंने कहा कि जम्मू और लद्दाख में कोई समस्या नहीं है। कश्मीर घाटी में भी गुर्जर, हिंदू सिख और कश्मीर मूल के मुस्लिम भारत के समर्थन में रहते हैं। भारतीय सेना का सहयोग भी करते हैं। किंतु, यहाँ मात्र दो प्रतिशत समुदाय ऐसा है, जो विदेशी मूल का है और राज्य में अशांति फैला रहा है। इनका मूल अरब है। इन्हें बकरों के रूप में जम्मू-कश्मीर में जाना जाता है। जबकि कश्मीर मूल के लोगों को शेर कहा जाता है। हमारी सरकारें बकरों से बात करती रही हैं, किंतु शेरों से नहीं। भारत को ताकतवर बनने से रोकने के लिए किया अंग्रेजों ने किया विभाजन : प्रो. अग्निहोत्री ने कहा कि अंग्रेजों ने एक रणनीति के तहत भारत-पाकिस्तान का विभाजन किया। अंग्रेजों को डर था कि भारत ताकतवर न हो जाए, इसलिए उन्होंने लैंडरूट समाप्त करने के लिए पाकिस्तान बनाया और अंतिम समय तक प्रयास किया कि जम्मू-कश्मीर भी पाकिस्तान का हिस्सा बने। पाकिस्तान न बनाया गया होता तो भारत लैंडरूट के जरिए अफगानिस्तान, इरान और तुर्क से जुड़ा होता। विद्यार्थी पत्रकार ही नहीं, श्रेष्ठ नागरिक भी बनें : विश्वविद्यालय के कुलपति श्री जगदीश उपासने ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि पत्रकारिता एक जिम्मेदारी का कार्य है। हमारा प्रयास रहेगा कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी पत्रकार के साथ-साथ अच्छे नागरिक बनें। ताकि वह राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी को ठीक से निभा सकें। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि माखनलाल चतुर्वेदी को पढ़ें और उनकी दिखाई राह पर चलें। माखनलाल चतुर्वेदी की आंदोलनकारी पत्रकारिता पर केंद्रित पुस्तक का विमोचन : स अवसर पर रतौना आंदोलन और कर्मवीर की पत्रकारिता पर केंद्रित शोधपूर्ण पुस्तक 'रतौना आंदोलन : हिंदू-मुस्लिम एकता का सेतुबंध' पुस्तक का विमोचन भी किया गया। पुस्तक का प्रकाशन विश्वविद्यालय ने किया है। विश्वविद्यालय के कुलाधिसचिव एवं पुस्तक के संपादक श्री लाजपत आहूजा ने पुस्तक का परिचय देते हुए कहा कि माखनलाल चतुर्वेदी ने अपने समाचार-पत्र 'कर्मवीर' के माध्यम से पत्रकारिता को एक दिशा दी थी। पत्रकारिता को उन्होंने अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष का हथियार बनाया। 1920 में सागर के निकट रतौना में अंग्रेजों ने वृहद कसाईखाना खोलने की योजना बनाई थी। इस कत्लखाने में सिर्फ गायें नहीं काटी जानी थी, बल्कि हिंदू-मुस्लिम समाज को बाँटने का भी षड्यंत्र अंग्रेजों ने रचा था। किंतु, माखनलाल चतुर्वेदी ने कर्मवीर में रतौना के विरुद्ध लगातार अभियान चला कर अंग्रेजों के विरुद्ध देश व्यापी आंदोलन खड़ा कर दिया था। इस आंदोलन में उन्हें जबलपुर के पत्रकार मौलवी ताजुद्दीन और सागर के पत्रकार भाई अब्दुल गनी का भी भरपूर साथ मिला। अंतत: इस आंदोलन के कारण मध्यभारत में पहली बार अंग्रेज परास्त हुए थे। उन्हें कत्लखाना खोलने का अपना निर्णय तीन महीने के अंदर वापस लेना पड़ा। पराधीन भारत में इसे पत्रकारिता की सबसे बड़ी जीतों में से एक जीत माना जाता है। पुस्तक का लेखन विश्वविद्यालय के दीपक चौकसे, लोकेन्द्र सिंह और परेश उपाध्याय ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के आंतरिक समाचार पत्र 'एमसीयू समाचार' का विमोचन भी किया गया। एमसीयू समाचार के संपादक श्री दीपक शर्मा हैं। कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन कुलसचिव प्रो. संजय द्विवेदी और संचालन डॉ. राखी तिवारी ने किया।
राज्य मंत्री श्री सारंग ने चेतक आरओबी पर गर्डर लगाने का किया शुभारंभ
4 April 2018
सहकारिता, भोपाल गैस त्रासदी, राहत एवं पुनर्वास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग ने आज चेतक ब्रिज (आरओबी) पर गर्डर लगाने के कार्य का शुभारंभ किया। आरओबी में कुल 18 गर्डर लगाये जायेंगे। पहले तीन गर्डर आज लगाये गये। इस दौरान रेलवे के इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी और निर्माण एजेंसी के अधिकारी मौजूद थे। राज्य मंत्री श्री सारंग ने कहा कि चेतक ब्रिज आरओबी के विस्तार का कार्य तय समय से पहले पूरा करवाया जायेगा। उन्होंने बताया कि लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। शेष 20 प्रतिशत कार्य भी अगले दो माह में पूरा हो जायेगा। निर्माण का पूरा कार्य जून अंत तक हो जायेगा। श्री सारंग ने कहा कि निर्माण कार्य की शुरूआत से समय-समय पर कार्य की प्रगति का जायजा लेने मौके पर पहुँचते रहे हैं। सतत मॉनीटरिंग और निर्माण एजेंसी, संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा जिम्मेदारी से कार्य करने का परिणाम है कि इसे समय से पहले पूरा किया जा रहा है। यह एक उपलब्धि है। भेल क्षेत्र और नये भोपाल को जोड़ने वाले रेलवे ट्रेक पर बने इस ब्रिज के विस्तार की जरूरत यातायात को सुव्यवस्थित करने के लिये थी। आरओबी के निर्माण से यातायात सुव्यवस्थित और सुचारु हो सकेगा।
एक माह में सिंधी विस्थापितों को पट्टे देना शुरू करें : राजस्व मंत्री
4 April 2018
राज्य शासन द्वारा लिये गये निर्णय अनुसार एक माह में सिंधी विस्थापितों को पट्टे देने का कार्य शुरू करें। भोपाल रियासत से संबंधित मर्जर एग्रीमेंट के संबंध में भी जल्द कार्यवाही करें। राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने सह निर्देश मंत्रालय में विभागीय योजनाओं की समीक्षा के दौरान दिये। श्री गुप्ता ने कहा कि नियमानुसार सिंधी विस्थापितों को 4020 वर्गफीट तक का पट्टा देने के लिये जरूरी कार्यवाही करें। श्री गुप्ता ने कहा कि शासकीय प्रिंटिंग प्रेस के आधुनिकीकरण के लिए निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार कार्य करें। उन्होंने पटवारियों के लिए पदोन्नति नियम शीघ्र बनाने के निर्देश भी दिये। पटवारी ने नायब तहसीलदार बनने की परीक्षा मई तक बैठक में प्रमुख राजस्व अयुक्त श्री मनीष रस्तोगी ने बताया कि पटवारी, राजस्व निरीक्षक एवं सहायक ग्रेड से नायब तहसीलदार बनाने के लिए परीक्षा मई माह तक करवा ली जायेगी। बैठक में प्रमुख सचिव राजस्व श्री अरूण पाण्डेय, कमिश्नर भोपाल संभाग श्री अजातशत्रु, आयुक्त भू-अभिलेख श्री एम.सेलवेंद्रन, कलेक्टर भोपाल सुदाम खाड़े एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
राजस्व मंत्री द्वारा निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन
4 April 2018
राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने वार्ड-32 स्थित अनुपम स्वीट के सामने कोटा एवं पेविंग ब्लाक लगाने और वार्ड-46 स्थित 5 नम्बर बस स्टॉप के पास पेविंग ब्लाक लगाने के कार्य का भूमि-पूजन किया। उन्होंने लोगों को शासन की जन-कल्याणकारी योजनाओं की जनकारी भी दी। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
दस जिलों में 30 अप्रैल से शुरू होगी पशुओं के लिये घर पहुंच चिकित्सा सेवा
3 April 2018
प्रदेश के भोपाल, जबलपुर, इंदौर, रायसेन, हरदा, देवास, बड़वानी, अलीराजपुर, सतना और उज्जैन जिलों में 30 अप्रैल से फोन नम्बर 1962 पर कॉल करने पर पशुओं के लिये घर पहुँच चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त से यह व्यवस्था सभी 51 जिलों में लागू हो जायेगी। पशुपालन मंत्री श्री अन्तरसिंह आर्य ने आज यह जानकारी वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया की अध्यक्षता में ऐरा प्रथा की रोकथाम के लिये हुई सर्वदलीय समिति की बैठक में दी। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव, कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन, विधायक श्री शंकर लाल तिवारी और श्रीमती ऊषा चौधरी मौजूद थे। समिति ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में पशुपालकों द्वारा गौवंश को खुला छोड़ने से निराश्रित गौवंश में वृद्धि हुई है। इससे न केवल सड़क हादसे, बल्कि किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंच रहा है। श्री गोपाल भार्गव ने कहा कि पहले वन भूमि पर गायें चराने की परम्परा थी। वन विभाग से चरणोई के लिये वन भूमि निर्धारित करने की बात की जायेगी। वन में चरने से दुर्घटना और खेत दोनों बचेंगे। श्री अन्तर सिंह आर्य ने कहा कि नर्मदा मिशन में मुख्यमंत्री ने पाँच-पाँच पंचायतों के बीच गौशाला सह-काँजी हाऊस बनाने की बात कही है। इसके लिये मंडी से पशुओं के रख-रखाव के लिये मिलने वाली राशि प्राप्त करने के प्रयास किये जा रहे हैं। श्री गौरीशंकर बिसेन ने कहा कि काँजी हाउस प्रथा दुबारा शुरू हो। वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया ने आवारा पशुओं के बधियाकरण कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरा करने पर बल दिया। विधायक श्री शंकरलाल तिवारी ने सुझाव दिया कि गाँवों में 50 एकड़ में कम्पाउण्ड फेंसिंग करायें, जिसमें की सरकार अनुदान दे। इससे खेती बचेगी और पशुओं का संरक्षण होगा। उन्होंने 2-3 पंचायतों के बीच जैविक खाद बनाने, गोबर और गौमूत्र द्वारा पशुपालन को लाभ का धंधा बनाने का सुझाव भी दिया। श्री अन्तर सिंह आर्य ने पशुपालन विभाग को शहरों के आसपास पशुओं को चिन्हित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि कृषि कार्यों में बैलों का उपयोग न होने, चरणोई रकबे में कमी होने, जैविक खाद के स्थान पर रासायनिक खाद का उपयोग होने आदि से निराश्रित गौवंश की संख्या बढ़ी है। प्रदेश में सबसे अधिक निराश्रित गौवंश छतरपुर जिले में है। कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीणा, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री इकबाल सिंह बैस, प्रमुख सचिव पशुपालन श्री अजीत केशरी और संचालक श्री रोकड़े भी बैठक में मौजूद थे।
प्रदेश में इस वर्ष 22 लाख मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य
3 April 2018
राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री महेश कोरी ने मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा तेंदूपत्ता संग्रहण मजदूरी 1250 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये करने की घोषणा का स्वागत किया है। श्री कोरी ने निर्णय की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे लगभग 23 लाख संग्राहकों को 150 करोड़ की अतिरिक्त आमदनी होगी। श्री कोरी ने बताया कि लघु वनोपज संघ ने वर्ष 2018 तेंदूपत्ता सीजन में 22 लाख मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। संघ द्वारा अग्रिम निवर्तन ऑनलाइन निविदा आमंत्रित कर तेंदूपत्ता क्रेता नियुक्त कर दिये गये हैं। पूर्व वर्ष के अनुसार इस वर्ष भी तेंदूपत्ता का संग्रहण प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के माध्यम से करवाया जायेगा। नियुक्त क्रेताओं को परिदान देने की व्यवस्था लागू रहेगी। अच्छी गुणवत्ता का तेंदूपत्ता प्राप्त करने के लिये संग्रहण से पूर्व शाखकर्तन का कार्य करवाया जाता है। संघ ने शाखकर्तन के लिये प्रदेश की 60 जिला लघु वनोपज यूनियन को 8 करोड़ 80 लाख रुपये की राशि उपलब्ध करवाई है। श्री कोरी ने बताया कि वर्ष 2016 तेंदूपत्ता सीजन के हितग्राहियों को 207 करोड़ रुपये का बोनस वितरण कार्य भी जल्दी ही शुरू किया जायेगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री द्वारा तेंदूपत्ता तोड़ने वाले पुरुषों को जूते, महिलाओं को चप्पल एवं साड़ी के साथ पानी की कुप्पी देने की भी पूरी तैयारी कर ली गई है।
मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश राज्य मुकदमा प्रबंधन नीति-2018 को दी मंजूरी
3 April 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश राज्य मुकदमा प्रबंधन नीति-2018 को मंजूरी दी गई। नीति के तहत मुकदमों के प्रभावी प्रबंधन, पर्यवेक्षण एवं संचालन के लिए राज्य-स्तरीय एवं विभाग स्तरीय सशक्त समितियों तथा जिला-स्तरीय मानिटरिंग समितियों का गठन किया जायेगा। शासकीय अधिकारियों/कर्मचारियों की शिकायतों के निराकरण के लिए जिला एवं राज्य-स्तर पर प्रत्येक विभाग में शिकायत निवारण प्रणाली स्थापित की जायेगी। इस व्यवस्था द्वारा 8 सप्ताह के अंदर ऐसी शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित किया जायेगा, जिससे अधिकारियों/कर्मचारियों को अपने सेवा नियमों संबंधी शिकायतों के निराकरण के लिए न्यायालय में नहीं जाना पडे़। विभागों को व्यावसायिक रूप से सक्षम विधि अधिकारी उपलब्ध करवाने के लिए उनका एक नियमित संवर्ग विधि विभाग के नियंत्रण एवं पर्यवेक्षण में विकसित किया जायेगा। अपील प्रक्रिया सरल बनाते हुए शासकीय भूमियों एवं सम्पत्तियों से संबंधित मुकदमों में, जहाँ राज्य शासन के विरूद्व कोई आदेश अथवा निर्णय हुआ है, वहाँ संबंधित कलेक्टरों/जिला प्राधिकारियों को अपील के अधिकार दिये गये है। पुनर्विलोकन के लिए विधि विभाग की पृथक अनुज्ञा की आवश्यकता को समाप्त किया गया है। वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र को सुदृढ़ करते हुए इस नीति में मध्यस्थम एवं मध्यस्थता जैसे वैकल्पिक विवाद समाधान के माध्यमों का अधिकाधिक उपयोग करने का प्रावधान किया गया है। छोटे एवं निष्फल हो चुके मुकदमों को चिन्हित कर उनकी वापसी के लिए एक दक्ष एवं प्रभावी प्रक्रिया स्थापित होगी, जिससे लंबित मुकदमों की संख्या में सारवान कमी होना संभावित है। प्रबंधन नीति में मुकदमों में होने वाले विलम्ब के कारणों के सतत् पर्यवेक्षण एवं राज्य के पक्ष को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में लापरवाही के दोषी व्यक्तियों के विरूद्व त्वरित एवं समुचित कार्यवाही के प्रावधान किये गये हैं। उपरोक्त के अतिरिक्त प्रकरणों के प्रभावी प्रबंधन के लिये राज्य/विभागीय/जिला-स्तर पर प्रशासकीय व्यवस्थाओं को अधिक उत्तरदायित्वपूर्ण बनाने के लिये अनेक प्रावधान किये जा रहे हैं। शासकीय विधि अधिकारियों, अधिवक्ताओं, अभियोजकों एवं प्रकरणों के प्रभारी अधिकारियों के कार्य एवं दायित्वों को अधिक स्पष्ट बनाने तथा उनकी कार्य-प्रणाली के सुदृढ़ीकरण के लिये भी दिशा-निर्देश बनाये जायेंगे।
माखनलाल चतुर्वेदी स्मृति व्याख्यान 4 अप्रैल को, कश्मीर समस्या और समाधान विषय पर होगा विमर्श
2 April 2018
भोपाल, 02 अप्रैल। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय की ओर से प्रतिवर्ष की तरह 4 अप्रैल को स्वतंत्रतासेनानी एवं कवि माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती प्रसंग पर व्याख्यान का आयोजन किया गया है। 'कश्मीर समस्या और समाधान' विषय पर मुख्य वक्तव्य हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कुलदीप चंद्र अग्निहोत्री का रहेगा। कार्यक्रम में जनसंपर्क एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा मुख्य अतिथि होंगे और अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति श्री जगदीश उपासने करेंगे। कार्यक्रम सायं 4 बजे से समन्वय भवन, तात्या टोपे नगर में आयोजित है। उल्लेखनीय है कि प्रो. कुलदीप चंद्र अग्निहोत्री राष्ट्रीय सुरक्षा के विशेषज्ञ हैं। जम्मू-कश्मीर के संबंध में उनका गहरा अध्ययन है। जम्मू-कश्मीर पर उनकी कई पुस्तक प्रकाशित हो चुकी हैं। प्रो. अग्निहोत्री पत्रकारिता से भी जुड़े रहे हैं। कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिक भी आमंत्रित हैं।
पुलिस बल में आठ हजार नये आरक्षक शामिल होंगे : मुख्यमंत्री श्री चौहान
2 April 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में पुलिस बल की संख्या में लगातार वृद्धि की जा रही है। इस वर्ष भी पुलिस बल में आठ हजार नये आरक्षक शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहां पुलिस प्रशिक्षण अकादमी में आयोजित दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर दीक्षांत परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पुलिस बल में आज से शामिल हो रहे अधिकारी अपनी संपूर्ण क्षमता से कानून-व्यवस्था की स्थिति को और अधिक बेहतर बनायें। उन्होंने कहा कि पुलिस की नौकरी देश-भक्ति और जनसेवा का संकल्प है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब मिलकर मध्यप्रदेश को देश-दुनिया का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनायेंगे। मध्यप्रदेश पुलिस के गौरवशाली इतिहास और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए श्री चौहान ने नव-नियुक्त अधिकारियों से कहा कि पूरी प्रमाणिकता से जनता की सेवा करें। जनता के मन में सुरक्षा की भावना को मजबूत करें। सज्जनों के साथ फूल से ज्यादा कोमल और दुष्टों के साथ वज्र से ज्यादा कठोर व्यवहार करें। प्रदेश को शांति का टापू बनाये रखने में अहम भूमिका निभायें। मुख्यमंत्री ने समारोह में प्रशिक्षण के दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु अधिकारियों को पुरस्कृत किया और 'पुलिस हित मेन्यूअल-2017' का विमोचन किया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी के निदेशक श्री सुशोभन बैनर्जी ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि अकादमी में 832 पुलिस अधिकारियों को एक वर्ष का गहन प्रशिक्षण दिया गया है। प्रदेश की पुलिस अकादमी का चयन राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद द्वारा क्षेत्रीय उत्कृष्टता केन्द्र के रूप में किया गया है। कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक श्री ऋषि कुमार शुक्ला, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और प्रशिक्षुओं के परिजन उपस्थित थे।
राज्य मंत्री श्री सारंग द्वारा श्रमिक पंजीयन शिविरों का शुभारंभ
2 April 2018
सहकारिता, भोपाल गैस त्रासदी, राहत एवं पुनर्वास राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग ने आज द्वारका नगर, शंकराचार्य नगर, बाग उमराव दूल्हा और अन्ना नगर में श्रमिक पंजीयन शिविरों का शुभारंभ किया। श्री सारंग ने शिविर स्थल पर पेयजल और बैठक सहित अन्य आवश्यक व्यवस्था करवाने के निर्देश दिए। वार्ड 10 द्वारका नगर में अपर्याप्त व्यवस्थाएं होने पर उन्होंने तुरंत व्यवस्थाएं करवाईं और लापरवाह जोनल अधिकारी श्री शैलेन्द्र पारे के विरूद्ध निलंबन और अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए कलेक्टर को पत्र लिखने की बात कही। असंगठित श्रमिक पंजीयन शिविर स्थल पर मौजूद श्रमिकों से राज्यमंत्री ने कहा कि पंजीकृत श्रमिकों को राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त होगा। इसलिये असंगठित श्रमिक पंजीयन अवश्य करवायें। राज्य मंत्री ने कहा कि शिविर 5 अप्रैल तक जारी रहेगा और रोजाना पंजीयन होगा। उन्होंने शिविर प्रभारी को निर्देश दिये कि क्षेत्र का एक भी असंगठित श्रमिक पंजीयन से छूटना नहीं चाहिए। शत्-प्रतिशत श्रमिक का पंजीयन किया जाये
पशुपालन मंत्री श्री आर्य ने किया भोपाल दुग्ध संघ का आकस्मिक निरीक्षण
2 April 2018
पशुपालन मंत्री श्री अंतर सिंह आर्य ने आज भोपाल दुग्ध संघ का आकस्मिक निरीक्षण किया। श्री आर्य ने दूध आपूर्ति से लेकर दुग्ध वाहन में लोडिंग तक सभी प्रक्रियाओं की बारीकी से जानकारी ली। श्री आर्य द्वारा पिछले दिनों पकड़े गये टैंकर के बारे में पूछताछ करने पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जितेन्द्र सिंह राजे ने बताया कि गुणवत्ता नियंत्रण प्रकोष्ठ के अधिकारियों ने जीपीएस में उस टैंकर का रुकना पाया था, जिसके कारण कार्यवाही कर उसे ब्लेक-लिस्टेड कर दिया गया है। मंत्री श्री आर्य ने दुग्ध वाहन के अंदर जाकर चेकिंग की। उन्होंने घी, पेड़ा, मठ्ठा प्लांट, लैब में दूध, घी आदि की टेस्टिंग, एग्मार्क लैब और मॉनीटरिंग-कक्ष भी देखा। इस वर्ष गर्मियों में नहीं होगी दूध की कमी : मंत्री श्री आर्य ने गर्मियों में उपभोक्ताओं को दूध की निर्बाध आपूर्ति के निर्देश दिये। मध्यप्रदेश स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन की प्रबंध संचालक श्रीमती अरुणा गुप्ता ने बताया कि पिछले दो सालों में प्रदेश में दुग्ध संकलन केन्द्रों की बढ़ोत्तरी से इस वर्ष गर्मी में कमी की आशंका नहीं है। नये केन्द्रों से पिछले साल एक लाख लीटर दूध मिला था। इस वर्ष तीन लाख लीटर मिलने की उम्मीद है। साँची महाकाल मंदिर को रोज 3 टन घी की आपूर्ति : मंत्री श्री आर्य को बताया गया कि फेडरेशन द्वारा महाकाल मंदिर को रोज 3 हजार किलो घी की आपूर्ति की जाती है। फेडरेशन ने पिछले 6 माह में 2 हजार मीट्रिक टन घी का विक्रय किया है। मंत्री ने लैब में दूध और घी का परीक्षण करवाकर गुणवत्ता की जाँच की। उन्होंने मिल्क पावडर की भी जाँच की। श्री आर्य को बताया गया कि जब दूध का संकलन आपूर्ति से अधिक हो जाता है, तो उसे पावडर के रूप में संरक्षित कर लिया जाता है। बुंदेलखण्ड दुग्ध संघ शुरू : मंत्री श्री आर्य को बताया गया कि एक अप्रैल, 2018 से बुंदेलखण्ड दुग्ध संघ ने काम शुरू कर दिया है। महिला स्व-सहायता समूह इसमें सक्रिय योगदान दे रहे हैं। वहाँ उपभोक्ताओं को उत्तम किस्म का दूध और दूध के उत्पाद मिलने लगे हैं। सेंधवा में भी जल्दी ही नया प्लांट काम करना शुरू कर देगा। वहाँ पशु आहार प्लांट भी लगाया जा रहा है। इनसे स्थानीय स्तर पर दो-ढाई हजार लोगों को रोजगार मिल सकेगा।
राज्य मंत्री श्री जोशी ने किताबें और फूल देकर किया बच्चों का स्वागत
2 April 2018
प्रवेश उत्सव-2018 में तकनीकी शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) एवं स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी ने विभिन्न स्कूलों में नव-प्रवेशी विद्यार्थियों को किताबें और फूल देकर स्वागत किया। श्री जोशी शासकीय उत्कृष्ठ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शिवाजी नगर, शासकीय सरोजिनी नायडू और राजा भोज शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय 1100 आवास में प्रवेश उत्सव में शामिल हुए। घोषणाएँ- श्री जोशी ने उत्कृष्ठ विद्यालय में खेल मैदान निर्माण के लिए 5 लाख रूपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि स्कूल के बच्चों को कॉपी, पेन, कम्पास, और स्कूल बैग भी देंगे। स्कूल शिक्षा मंत्री ने सरोजिनी नायडू स्कूल में छात्राओं की मांग पर वाटर कूलर लगवाने तथा संगीत शिक्षक की व्यवस्था करने की बात कही। उन्होंने स्कूल प्रांगण में पौधा भी लगाया। श्री जोशी ने राजाभोज विद्यालय में भी वाटर कूलर लगवाने की घोषणा की। राज्य मंत्री श्री जोशी ने विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि 12वी में 70 प्रतिशत से अधिक अंक लायेंगे तो उच्च शिक्षा के लिये आपकी पूरी फीस राज्य सरकार देगी। श्री जोशी ने स्कूल के नव-प्रवेशी विद्यार्थियों ने भी अपने अनुभव सुनाये। इस दौरान स्कूल के शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।
श्री द्रेवेन्द्र मोरे द्वारा बाल अधिकार आयोग में कार्यभार ग्रहण
2 April 2018
मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग के नव-निर्मित सदस्य श्री द्रेवेन्द्र मोरे ने आज कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर आयोग के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र शर्मा भी उपस्थित थे। राज्य शासन द्वारा यह नियुक्ति तीन वर्ष के लिये की गई है। बुरहानपुर के श्री मोरे की नियुक्ति पर महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं।
जिला अध्यक्ष, विधायक श्री सुरेन्द्र नाथ सिंह ने किया प्रधानमंत्री आवास योजना का निरीक्षण
1 April 2018
भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष, विधायक श्री सुरेन्द्रनाथ सिंह ने आज 12 नं. बस स्टाॅप स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आये मंदिर विस्थापन विवाद पर विधायक जी ने तत्काल एसडीएम एवं नगरनिगम के संबंधित अधिकारियों को मौके पर बुलाकर तुरंत निराकरण करने के लिए आग्रह किया। निर्माण कार्य कर रही कंपनी को तत्काल उचित स्थान तय कर मंदिर निर्माण करने के बाद ही मंदिर विस्थापन करने के लिए निर्देशित किया। निरीक्षण के दौरान जिला अध्यक्ष जी के साथ एसडीएम श्री संजय श्रीवास्तव, तहसीलदार एमपीनगर, टीआई श्री चैहान, क्षेत्रीय पार्षद श्रीमती सुषमा बबीसा, जोन अध्यक्ष बाबूलाल यादव, नगरनिगम के संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय प्रासंगिक तथा सम-सामयिक है- राज्यपाल
1 April 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल ने मीडिया महोत्सव-2018 को संबोधित करते हुए कहा कि मीडिया द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा को अपना केन्द्रीय विषय बनाना न सिर्फ प्रासंगिक है बल्कि सम-सामयिक भी है। भारत की सुरक्षा की जितनी जिम्मेदारी शासन- प्रशासन और सुरक्षा बलों की है उससे कम जिम्मेदारी पत्रकारों की नहीं है क्योंकि पत्रकार ही वह माध्यम होता है जो जनता को सूचनाएं प्रेषित करता है। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों की भी रिर्पोटिंग पर कोई भी कोताही कितनी भारी पड़ सकती है इसका खामियाजा 2008 में मुंबई हमले के समय देख चुके हैं। इस घटना से हमें सबक लेना चाहिए और एक रूपरेखा बनाकर उसका पालन करना चाहिए। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक श्री इंद्रेश कुमार, वरिष्ठ विचारक एवं चिंतक श्री के.एन.गोविन्दाचार्य, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति श्री जगदीश उपासने, म.प्र. भोज मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो रविन्द्र कान्हेरे, निस्केयर सीएसआईआर के निदेशक डॉ. मनोज कुमार पटेरिया, और आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री एस.के.राउत उपस्थित थे। राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल ने कहा कि ने कहा कि वर्तमान समय में सूचना और सूचना तकनीक का महत्व सर्वाधिक है। सूचना और संचार के क्षेत्र में नित्य नई खोजें हो रही हैं। यह एक प्रकार से संचार-क्रांति का दौर कहा जा सकता है।उन्होंने कहा कि संचार माध्यमों और संचारकों का उद्देश्य ही ज्ञानयुक्त, शिक्षित, जागरूक और संवेदनशील समाज का निर्माण है। यह तभी संभव है जब ये गुण माध्यमों और संचारकों में भी विद्यमान हों। मीडिया चौपाल का उद्देश्य भी है कि समाज की जरूरतों के लिहाज से विकास, विज्ञान, पर्यावरण, संस्कृति और गैर राजनीतिक आदि संदेशों को भी वाजिब स्थान और समय मिले। मीडिया के अंदरूनी प्रतिस्पर्धा से भी कभी-कभी कुछ समाचारों को ज्यादा असरकारक ढंग से दिखाया जाता है, जिससे विवादास्पद स्थिति निर्मित होने का डर रहता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक श्री इंद्रेश कुमार ने कहा कि हमने भारत की 126 करोड़ जनता के सामने एक सपना रखा है कि हम एक नया भारत बनायेंगे। उन्होंने कहा कि भारत एकता,शांति और अहिंसा का पक्षधर है यहां गोली-बारी की जगह नहीं है। हमारे देश में विकास ही एक मात्र मुददा है। हमारा संविधान विश्व का सबसे लोकप्रिय संविधान है। वरिष्ठ विचारक एवं चिंतक श्री के.एन.गोविन्दाचार्य ने कहा कि भारत कोई भूखण्ड नहीं है। भारत एक सभ्यता और अखंड राष्ट्र है। उन्होंने कहा कि भारत को पश्चिमी नजरिये से देखना बंद करना चाहिए, उसे भारत की ही नजर से देखना होगा। इसलिए मीडिया को सही बात बोलना चाहिए। आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री एस.के.राऊत ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के आयोजक अनिल सौमित्र ने स्वागत भाषण दिया।
पत्रकारों की सुरक्षा का कानून बनाने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी
1 April 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पत्रकारों की सुरक्षा के लिये कानून बनाने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी। वे आज यहां मीडिया महोत्सव 2018 के अंतर्गत आयोजित ''भारत की सुरक्षा, मीडिया, विज्ञान एवं तकनीकी की भूमिका' विषय पर आयोजित सत्र को संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान ने कहा कि व्यापक अर्थ में राष्ट्रीय सुरक्षा में महिलाओं, किसानों, श्रमिकों और गरीबों की सुरक्षा भी शामिल है। उन्होने कहा कि मीडिया की जिम्मेदारी बढ़ गई है। श्री चौहान ने कहा कि बेटियों के सम्मान से खिलवाड़ करने वालों के मानव अधिकार नहीं होते। इनका महिमामंडन किसी भी हाल में नहीं होना चाहिये। उन्होंने कहा कि बेटियों की गरिमा को धूमिल करने वालों को फांसी देने का कानून बनाया गया है। श्री चौहान ने कहा कि झूठी खबरों से भी सावधान रहने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के सभी वर्गों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा की जरूरत होती है। इसलिये श्रमिकों को जमीन और घर देने तथा महिलाओं को सुरक्षा देने जैसे कदम उठाये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में चुनावों की तैयारियां चलती रहती हैं और सरकारों को विकास पर फोकस करने के लिय कम समय मिल पाता है। इसीलिये लोक सभा और विधान सभा के चुनावों को एक साथ कराने पर चर्चा चल रही है। उन्होंने कहा कि मीडिया को भी इस विषय पर विचार करना चाहिये। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर श्री निखिल दवे की किताब ''अंतस यात्रा'' और श्री ओम प्रकाश की किताब 'सृजन समुच्चय' का लोर्कापण किया। इस अवसर पर प्रतिष्ठित विचारक श्री के एन गोविंदाचार्य, वरिष्ठ पत्रकार श्री गिरीश उपाध्याय, श्री शिव अनुराग पटैरिया, कांग्रेस प्रवक्ता सुश्री प्रियंका चतुर्वेदी और बडी संख्या में मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।
निगम, मंडल, कोर्ट, प्राधिकरण में भी सेवा-निवृत्ति आयु 62 साल होगी : मुख्यमंत्री श्री चौहान
1 April 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहां कर्मचारियों-अधिकारियों के संगठनों को संबोधित करते हुए कहा कि सेवा-निवृत्ति की आयु 60 से बढ़कर 62 वर्ष करने से युवाओं को शासकीय नौकरियों में भर्ती के अवसरों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। इस निर्णय के कारण जितने पद लगेंगे, उतने पद अलग से सृजित किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि एक लाख पदों पर युवाओं की भर्ती की जाएगी। नये पदों में कोई कटौती नहीं की जायेगी। साढ़े सात लाख युवाओं को इसी साल स्व-रोजगार से लगाया जाएगा। श्री चौहान ने निगम-मंडलों, कोर्ट, प्राधिकरणों में भी सेवा-निवृत्ति की आयु 62 वर्ष करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्दी ही सहकारी सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। संविदा कर्मियों का सम्मेलन भी बुलाया जाएगा। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मेलन 8 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों-अधिकारियों की गरिमा और सम्मान से खिलवाड़ नहीं होने दिया जायेगा। शिक्षा-मित्र ई-उपस्थिति के संदर्भ में उन्होंने कहा कि किसी प्रकार की अपमानजनक शर्त लागू नहीं होने देंगे। कर्मचारी अपने कर्तव्य का पालन करते रहें, उनके सम्मान का ख्याल रखा जाएगा। श्री चौहान ने कहा कि 31 हजार शिक्षकों, सहायक शिक्षकों और व्याख्याताओं की भर्ती की जाएगी। इसके लिए अप्रैल के आखिरी सप्ताह में सूचना जारी होगी। इसके बाद 31 हजार शिक्षकों की और भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि 1800 चिकित्सकों की भर्ती की जाएगी। इसके अलावा, 2500 एएनएम, स्टाफ नर्स और 14 हजार आरक्षक की भर्ती हो रही है। इसके अतिरिक्त 8 हजार आरक्षकों की नई भर्ती और की जाएगी। सब इंस्पेक्टर, नायब तहसीलदार सहित एक लाख पदों पर भर्ती की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि साल सेवा-निवृत्ति की आयु 62 साल तक बढ़ाने के बाद युवाओं के लिए नए पद सृजित किये जाएंगे। इस निर्णय के कारण युवाओं के नौकरी के अवसरों पर प्रभाव नहीं पड़ेगा। युवा चिंता न करें, उन्हें नौकरी के पर्याप्त अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रमोशन का मामला विचाराधीन होने के कारण शासकीय कर्मचारियों-अधिकारियों के प्रमोशन रुके हुए थे। उसके कारण एक वेदना और दर्द था कि कई शासकीय कर्मचारी बिना प्रमोशन के रिटायर हो गए। इस स्थिति के लिए कर्मचारियों का कोई दोष नहीं था। उन्होंने कहा कि जो लोग रिटायर हो चुके हैं, उनके संबंध विचार किया जाएगा कि उन्हें पदोन्नति का लाभ किस प्रकार मिले। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों के समय केंद्र के समान डी.ए. लेने में भी संघर्ष करना पड़ता था। अब यह निर्णय लिया गया है कि जब भी केंद्र डी.ए. बढ़ाएगा, राज्य सरकार उसके अनुसार ही डी.ए. बढ़ा देगी। श्री चौहान ने संविदा की व्यवस्था को अन्याय पूर्ण बताते हुए कहा कि इसे समाप्त कर दिया जाएगा। प्रदेश भर से विभिन्न कर्मचारियों-अधिकारियों के संगठनों ने बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन मध्यप्रदेश निगम-मंडल कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष श्री अजय श्रीवास्तव 'नीलू' ने किया।
पुराने पट्टों पर बने मकान-दुकानों का नियमितीकरण होगा-मुख्यमंत्री श्री चौहान
1 April 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि विस्थापितों के पुराने पट्टों पर बने मकान और दुकानों का नियमितीकरण होगा। पुराने कब्जों को भी पट्टा देकर वैध किया जायेगा। नामांतरण, विक्रय और बंटवारे के अधिकार भी होंगे। श्री चौहान चेट्री चंड्र महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। चेट्री चंड्र महोत्सव का आज मुख्यमंत्री निवास में आयोजन किया गया था। यहां भगवान झूलेलाल का जन्मोत्सव समारोह पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आमंत्रित सिंधी समाज के सदस्यों को चेट्री चंड्र की शुभकामनाएँ दी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह भी मौजूद थीं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि भोपाल के 13 गांवों में लगी भूमि के नामांतरण, बंटवारे और विक्रय पर रोक हटा ली गई है। आठ गांवों को दिये गये नोटिस को भी वापस लिया गया है। भूमि के उपयोग का अधिकार दिया है। उन्होंने कहा कि सिन्धी संस्कृति भारतीय संस्कृति की माथे की बिन्दी है। हजारों साल पहले सिन्धु नदी तट पर विकसित सभ्यता हिन्दु सभ्यता है। जब आधुनिक उन्नत प्रगतिशील देश सभ्यता के आरंभिक चरण में थे तब भारत में वेदों की ऋचायें रची जा रही थीं। उन्होंने कहा कि सिन्धु संस्कृति ने मानव जाति को नई ऊंचाईयां दी हैं। मानवता को धन्य करने वाले संत दिये हैं। प्रदेश और देश के विकास और समृद्धि में उनका अतुलनीय योगदान है। सिन्धी सहित्य और भाषा संरक्षण के कार्य किये जायेंगे। श्री चौहान ने कहा कि सिन्धी वीर और पुरुषार्थी समाज है। भारत विभाजन की विभीषिका के दौरान विस्थापन का दु:ख और दर्द झेला हैं। उन्हें अब कोई कष्ट और दर्द नहीं रहेगा। कहीं जाने की जरुरत नहीं है। नागरिता के अधिकार दिये जा रहे हैं। यह देश-प्रदेश उनका है। इसे प्रगति के पथ पर ले जाने के लिये अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दें। उन्होंने भगवान झूलेलाल के चरणों में नमन करते हुये सबकी सुख-समृद्धि, रिद्धि-सिद्धी की कामना की। मुख्यमंत्री को पाकिस्तान से आये सिन्धी परिवारों की बालिकाओं ने रक्षा सूत्र बांधा। श्री चौहान ने सिन्धी समाज के चेट्री-चंड्र पर्व के आनंद और उल्लास में उमंग के साथ भागीदारी की। समाज के सदस्यों के साथ समूह नृत्य में भी शामिल हुए। कार्यक्रम में श्री जतिन उदासी और सुश्री मंजूश्री ने सिन्धी गीतों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में इन्दौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री शंकर लालवानी, नगर निगम भोपाल के अध्यक्ष श्री सुरजीत सिंह चौहान, विधायक श्री अशोक रोहाणी, सिन्धु सभा के कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री लधाराम नागवानी, मध्यप्रदेश सिन्धु सभा के प्रदेशाध्यक्ष श्री भगवानदास सबनानी, सिन्धी पंचायत भोपाल के अध्यक्ष श्री भगवानदेव इसराणी, पूर्व विधायक श्री शिवा कोटवानी विभिन्न धर्म गुरु, संत महात्मा, प्रबुद्ध नागरिक और प्रदेश के विभिन्न अंचलों के सिन्धी समाज के सदस्य उपस्थित थे।
श्रमिकों के पंजीयन में सहयोग करें आम नागरिक : मंत्री डॉ. मिश्र
1 April 2018
जनसम्पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने दतिया में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सात दिवसीय पंजीयन अभियान का शुभारंभ किया। डॉ. मिश्र ने इस मौके पर लोगों का आव्हान किया कि प्रत्येक नागरिक अपने मोहल्ले, बस्ती और ग्राम के श्रमिकों के पंजीयन फार्म भरवाने में सहयोग करे। कार्यक्रम में श्री विक्रम सिंह बुन्देला सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए। प्रशासन और मीडिया का सम्मान : दतिया के रावतपुरा कॉलेज में जिले के अधिकारियों और मीडिया प्रतिनिधियों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि दतिया में जनकल्याण और विकास की योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो रहा है। अपराधों पर नियंत्रण कायम हुआ है। पर्यटन विकास के लिये सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं। जिले में चार धाम स्थापित कर धार्मिक पर्यटन बढ़ाने की पहल हुई है। माँ पीताम्बरा मंदिर के साथ ही उनाव बालाजी, रतनगढ़ और सनकुआ में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या निरंतर बढ़ रही है
रिहा हुए बंदियों को अंत्योदय योजना में मिलेगा रोजगार : राज्य मंत्री श्री सारंग
1 April 2018
सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग ने कहा है कि जेल से रिहा होने वाले अच्छे चरित्र और रोजगार के इच्छुक बंदियों को सहकारिता विभाग की अंत्योदय योजना में सहकारी समितियों के माध्यम से रोजगार उपलब्ध करवाया जायेगा। उन्होंने बताया कि जेल प्रशासन से ऐसे बंदियों की सूची प्राप्त कर इनकी समितियाँ गठित करवाई जा रही हैं। अंत्योदय योजना के तहत यह नवाचारी पहल की गई है। श्री सारंग आज भोपाल की केन्द्रीय जेल में आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षण के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। श्री सारंग ने कहा कि व्यक्ति सजा पूरी करने के बाद वापस समाज की मुख्य धारा से जुड़ सके, उसके लिये रोजगार का संकट उत्पन्न न हो। इसके लिये ही सहकारिता विभाग ने अंत्योदय योजना में समितियों के माध्यम से रिहा हुए बंदियों को रोजगार उपलब्ध करवाने की पहल की है। समितियों के लिये बैंकों से पूँजी की व्यवस्था की गई है। राज्य मंत्री ने कहा कि राष्ट्र और समाज के लिए जीना ही जीवन की सार्थकता है। उन्होंने कहा कि बंदी समाज की मुख्य धारा से जुड़कर सम्मानजनक जीवन व्यतीत करने का संकल्प लें। निजी स्वार्थों को छोड़कर दूसरों के हितों और इच्छाओं का सम्मान करें। केन्द्रीय जेल में आयोजित प्रिजन स्मार्ट पार्ट-2 प्रशिक्षण में डीआईजी (आईटीवीपी) एवं आर्ट ऑफ लिविंग प्रशिक्षण के प्रभारी श्री राज किशोर, मुख्य प्रशिक्षक श्री अजय वलेचा, जेल उप अधीक्षक श्री पी.डी. श्रीवास्तव ने आर्ट ऑफ लिविंग प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजन के संबंध में जानकारी दी। प्रशिक्षण के समापन कार्यक्रम में बंदियों ने अपने अनुभव भी साझा किये।
महिलाओं का अपमान सहन नहीं करेगी राज्य सरकार : मुख्यमंत्री श्री चौहान
30 March 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राज्य सरकार महिलाओं का अपमान सहन नहीं करेगी। समाज को भी महिलाओं का अपमान बर्दाश्त नहीं करना चाहिये। श्री चौहान ने सामाजिक संगठनों का आव्हान किया है कि महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिये राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों में सहभागी बनें। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिये 'जीरो टॉलरेंस'' सरकार का संकल्प है। मुख्यमंत्री आज यहाँ व्हीआईपी रोड पर जिला पुलिस बल द्वारा आयोजित वॉकथॉन फ्लेग ऑफ कार्यक्रम 'नारी शक्ति की ओर बढ़ाइये एक कदम'' को संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान इस मौके पर 5 किलोमीटर की वॉकथॉन में भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि महिलाओं की सुरक्षा के लिये पुलिस के पास सर्वाधिकार सुरक्षित हैं। पुलिस को चाहिये कि गुंडों-बदमाशों के खिलाफ कठोर कार्यवाही करे। उन्होंने कहा कि महिला अधिकारों की अनदेखी करने वाले नर पिशाचों के कोई अधिकार नहीं होते। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने बलात्कारियों को मृत्यु-दण्ड दिये जाने का कानून बनाकर राष्ट्रपति को अनुमोदन के लिये भेजा है। श्री चौहान ने समाज के विभिन्न वर्गों से अपील की है कि बच्चों को बचपन से ही नारी का सम्मान करने के संस्कार दें। बच्चों में यह भाव पैदा करें कि महिलाओं का सम्मान ही पूरे समाज का सम्मान है। कैण्डल मार्च के प्रसंग और अमीर, शिक्षित तथा शहरी परिवारों में घटते लैंगिक अनुपात की जानकारी देते हुए उन्होंने समाज को इस दिशा में चिंतन करने और सार्थक पहल करने के लिये प्रेरित किया। श्री चौहान ने कहा कि सृष्टि चक्र के सुचारु संचालन के लिये बेटा और बेटी में भेदभाव को मिटाना नितांत आवश्यक है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नारी सम्मान सर्वोपरि है। राज्य सरकार ने बेटियों को आगे बढ़ाने के भरपूर प्रयास किये हैं। वन विभाग के अतिरिक्त अन्य शासकीय नौकरियों में 33 प्रतिशत और शिक्षक संवर्ग में 50 प्रतिशत आरक्षण भी दिया है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं के सम्मान को कायम रखने के लिये वॉकथॉन के आयोजन की सराहना की। जिला पुलिस बल द्वारा आयोजित वॉकथॉन फ्लेग ऑफ कार्यक्रम में 3, 5 और 7 किलोमीटर की श्रेणियों में हर उम्र और वर्ग के लगभग 15 हजार लोगों ने भाग लिया। पुलिस महानिरीक्षक श्री जयदीप प्रसाद ने इस कार्यक्रम के उद्देश्य से अवगत कराया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को स्मृति-चिन्ह भेंट किया गया। इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री श्री बाबूलाल गौर, महापौर श्री आलोक शर्मा, सांसद श्री आलोक संजर, श्री बृजेश लूणावत, पुलिस महानिदेशक श्री आर.के. शुक्ला, संभागायुक्त श्री अजातशत्रु, अपर पुलिस महानिदेशक श्रीमती अरूणा मोहन राव सहित शहर के गणमान्य लोग भी मौजूद थे।
8 अप्रैल को भोपाल में होगा आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं का सम्मेलन
30 March 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने 8 अप्रैल को भोपाल में आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का राज्य-स्तरीय सम्मेलन आयोजित करने के निर्देश दिये हैं। सम्मेलन लाल परेड ग्राउंड पर आयोजित किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने स्टेट हैंगर पर आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के प्रतिनिध- मंडल से भेंट के दौरान यह निर्देश दिये। महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस की पहल पर हुई भेंट में प्रतिनिधि-मंडल ने मानदेय बढ़ाने, सेवा-निवृत्ति पर सम्मान-निधि और बीमे की व्यवस्था करने तथा आँगनवाड़ी कार्यकर्ता से पर्यवेक्षक के लिये पदोन्नोति का प्रावधान करने संबंधी माँगें रखीं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका अपने दायित्वों के साथ-साथ अन्य विभागों के कार्यों का पूरी जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करती हैं। इनकी मांगों पर सकारात्मक रूप से विचार अवश्य किया जायेगा। प्रतिनिधि-मंडल से भेंट के दौरान महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस, प्रमुख सचिव महिला-बाल विकास, श्री जे.एन. कंसोटिया तथा आयुक्त, एकीकृत बाल विकास परियोजना भी उपस्थित थे। महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती चिटनिस ने आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण के लिए मुख्यमंत्री श्री चौहान का आभार व्यक्त किया।
शासकीय कर्मचारियों की सेवा-निवृत्ति आयु सीमा बढ़ाने का निर्णय स्वागत योग्य : मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह
30 March 2018
गृह एवं परिवहन मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह ने राज्य सरकार के शासकीय कर्मचारियों की सेवा-निवृत्ति आयु सीमा 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए इसका स्वागत किया है। श्री सिंह ने कहा है कि प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अपने कार्यकाल में शासकीय कर्मचारियों के हित में अनेक अभूतपूर्व फैसले लिए हैं। कर्मचारी कल्याण की भावना के अनुरूप उन्होंने आज शासकीय कर्मचारियों की सेवा-निवृत्ति आयु सीमा में 2 वर्ष की वृद्धि करने की घोषणा की है। गृह एवं परिवहन मंत्री श्री सिंह ने कहा है कि मुख्यमंत्री श्री चौहान का यह महत्वपूर्ण फैसला सभी शासकीय कर्मचारियों की लंबित पदोन्नति एवं अन्य अधिकारों का सुरक्षा कवच बनेगा।
राजस्व मंत्री श्री गुप्ता द्वारा सड़क डामरीकरण कार्य का भूमि-पूजन
30 March 2018
राजस्व, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता और महापौर श्री आलोक शर्मा ने वार्ड-33 में विभिन्न सड़कों के डामरीकरण कार्य का भूमि-पूजन किया। वार्ड-33 में लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से जेल परिसर एवं सतपुड़ा-विंध्याचल से पत्रकार भवन तक की सड़क का डामरीकरण किया जायेगा। राजस्व मंत्री श्री गुप्ता ने वार्ड-31 में तुलसीनगर की विभिन्न सड़कों के डामरीकरण कार्य का भूमि-पूजन किया। इस दौरान राजस्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने नागरिकों को शासन की जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। महापौर श्री आलोक शर्मा ने भी कार्यक्रम में विचार व्यक्त किये। इस मौके पर स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
बी. एड. प्रवेश प्रणाली का सरलीकरण हो
30 March 2018
उच्च शिक्षा मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया ने गत सत्र में बी.एड. संस्थानों की आधी से अधिक सीट खाली रहने को ध्यान में रखते हुए प्रवेश प्रणाली को नये सिरे से प्रस्तावित करने के निर्देश दिये हैं। श्री पवैया ने विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में यह निर्देश दिये । मंत्री श्री पवैया ने कहा कि बी.एड. शिक्षा प्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन की नीति बनाई गई है। इस परिप्रेक्ष्य में देश के बी.एड. संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया को गुणवत्ता पूर्ण तथा सरल बनाया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि नई प्रवेश प्रक्रिया का मसौदा प्रस्तावित किया जाये ताकि राज्यपाल से उसका अनुमोदन करवाया जा सके। श्री पवैया ने कहा कि भारत सरकार द्वारा नयी नीति लागू करने से सत्र 2019-20 रिक्त वर्ष माना जायेगा। इसे देखते हुए वर्ष 2018-19 में राज्य स्तर पर ही प्रवेश प्रणाली तय करना आवश्यक है।
राज्यपाल श्रीमती पटेल ने की माँ नर्मदा की पूजा : जानी महेश्वर की प्रसिद्धि
29 March 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल ने आज महेश्वर में अहिल्या घाट पर माँ नर्मदा की पूजा-अर्चना की और नौका-विहार कर महेश्वर के किले की खूबसूरती और नक्कशी को देखा। उन्होंने देवी अहिल्या के राजवाड़ा और पूजन-स्थल का भी अवलोकन किया। राज्यपाल ने राजबाड़ा स्थित देवी अहिल्या की गद्दी, होलकर-कालीन साजो-सामान और अस्त्र-शस्त्र भी देखे। राज्यपाल श्रीमती पटेल महेश्वर स्थित आनंद बसेरा वृद्धाश्रम पहुँचीं और वृद्धजनों से भेंट की। श्रीमती पटेल ने वृद्धजनों का हालचाल जाना और उन्हें फल भेंट किये। राज्यपाल ने वृद्धाश्रम में वृद्धजनों के सोने के लिये बिस्तर और रसोई में बनने वाले भोजन की गुणवत्ता को जाँचा। उन्होंने वृद्धाश्रम के बगीचे में दशहरी आम का एक पौधा भी लगाया। राज्यपाल श्रीमती पटेल से काकड़दा शासकीय हाई स्कूल की राष्ट्रीय-स्तर की खिलाड़ी छात्राओं ने भेंट की। राज्यपाल ने खिलाड़ी छात्राओं की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएँ दीं और फल भेंट किये। राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल ने बुधवार को महेश्वर में अनेक दर्शनीय स्थलों का निरीक्षण किया और हाथकरघा उद्योग में बनने वाले उत्पादों की बारीकियों को समझा।
सभी पंजीबद्ध श्रमिकों को वर्ष 2022 तक बनवा कर दिये जायेंगे पक्के मकान
29 March 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नीमच में आयोजित अंत्योदय मेले एवं बंगला बगीचा रहवासियों के पट्टा वितरण समारोह में कहा कि प्रदेश में असंगठित श्रमिकों को पंजीबद्ध करने के लिये एक से 14 अप्रैल तक प्रदेश-व्यापी अभियान चलाया जायेगा। मुख्यमंत्री असंगठित श्रमिक कल्याण योजना में पंजीबद्ध सभी श्रमिकों को वर्ष 2022 तक पक्के मकान बनवा कर दिये जायेंगे। श्री चौहान ने समारोह में 10 हजार 313 भू-अधिकार पट्टे, 1856 दखलरहित भू-अधिकार-पत्र तथा बंगला बगीचा के 200 रहवासियों को मालिकाना हक के पट्टे वितरित किये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिये कि एक से 14 अप्रैल तक चलाये जाने वाले श्रमिक पंजीयन अभियान में सभी पात्र श्रमिकों का पंजीयन आवश्यक रूप से करवाया जाये। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री असंगठित श्रमिक कल्याण योजना में 2.5 एकड़ से कम भूमिधारक श्रमिक भी अपना पंजीयन करवा सकेंगे। शर्त यह रहेगी कि वे आयकर दाता न हों। उन्होंने कहा कि इस योजना में पंजीबद्ध श्रमिकों को राज्य शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभान्वित किया जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि बंगला बगीचा समस्या का समाधान होने से मैं प्रसन्न हूँ। उन्होंने कहा कि नीमच की बंगला बगीचा समस्या अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही थी, नीमच रहवासियों का हक जायज था। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस समस्या का समाधान किया है। अब यहाँ रहवासियों को उनके काबिज वाली जमीन के पट्टे प्रदाय किये जा रहे हैं, रहवासियों को उनकी जमीन का असली मालिक बनाया जा रहा है। श्री चौहान ने कहा कि सभी बंगला बगीचा वासियों को उनकी काबिज जमीन के पट्टे वितरित किये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने डोडा चूरा जलाकर नष्ट करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को आर्थिक नुकसान नहीं होने देगी। किसानों से डोडा चूरा खरीदा जायेगा और जिला कलेक्टर, जिला पुलिस अधीक्षक तथा जन-प्रतिनिधियों की समिति बनाकर डोडा चूरा के नष्टीकरण की कार्यवाही की जायेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गेहूँ का समर्थन मूल्य 1735 रूपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, 265 रूपये प्रति क्विंटल मध्यप्रदेश शासन की ओर से गेहूँ बेचने वाले सभी किसानों को दिए जाएंगे। इसके लिए समर्थन मूल्य पर गेहूँ बेचना जरूरी नहीं है, किन्तु पंजीयन कराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष जिन किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूँ बेचा था, उनको भी 200 रूपये प्रति क्विंटल के मान से राशि प्रदाय की जाएगी। यह राशि 16 अप्रैल को किसानों के खातों में डाली जायेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि चना, मसूर, सरसों की खरीदी 10 अप्रैल से 31 मई तक जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि चना, मसूर और सरसों बेचने वाले किसानों को भी समर्थन मूल्य के अलावा 100 रूपये प्रति क्विंटल की राशि अलग से प्रदान की जाएगी। नीमच को मिली 212.72 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात : मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अंत्योदय मेले में 212.72 करोड़ रुपये लागत के 18 विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने इस अवसर पर नीमच में सौभाग्य योजना के अंतर्गत गरीब परिवारों के शत-प्रतिशत घरों में नि:शुल्क बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने की योजना का लोकार्पण किया। उन्होंने नीमच पुलिस द्वारा चलाये जा रहे ज्योति अभियान की सराहना करते हुए चयनित नव-आरक्षकों को प्रमाण-पत्र वितरित किये। श्री चौहान ने इस अवसर पर सफलता की कहानियों पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया। इस मौके पर महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह, सांसद श्री सुधीर गुप्ता, विधायक श्री कैलाश चावला, श्री ओमप्रकाश सखलेचा, श्री दिलीप सिंह परिहार, श्री यशपाल सिंह सिसोदिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अवंतिका जाट, नगर पालिका अध्यक्ष श्री राकेश जैन, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष श्री मदनलाल राठौर और अन्य जन-प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे।
मध्यप्रदेश का अगले पाँच साल का विकास रोडमैप तैयार
29 March 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पिछले एक दशक में मध्यप्रदेश का सुनियोजित विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास को और ज्यादा गति देने के लिये अगले पाँच वर्षों का रोडमैप तैयार कर लिया गया है। शहरी विकास पर 83 हजार करोड़ खर्च किये जायेंगे। श्री चौहान आज यहाँ एक पत्रिका समूह के इंडिया टूडे 'स्टेट ऑफ द स्टेट्स कांक्लेव' को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने 'स्टेट ऑफ द स्टेट्स' रिपोर्ट का विमोचन भी किया। पत्रिका समूह द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना, जल और स्वच्छता, कृषि, उद्योग, सेवा प्रदाय, व्यवस्था और सम्पन्नता एवं कानून व्यवस्था की प्रगति और श्रेष्ठ व्यवस्थाओं के आधार पर जिलों के प्रदर्शन का आंकलन किया है। शिक्षा के क्षेत्र में ग्वालियर को सर्वश्रेष्ठ जिला और प्रगतिशील जिला घोषित किया गया है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में रायसेन को सर्वश्रेष्ठ और गुना को प्रगतिशील तथा अधोसंरचना के क्षेत्र में भोपाल को सर्वश्रेष्ठ तथा मंडला को प्रगतिशील जिला घोषित किया गया है। इसी प्रकार जल एवं स्वच्छता के क्षेत्र में इंदौर को सर्वश्रेष्ठ और सतना को प्रगतिशील जिला, उद्योग के क्षेत्र में कटनी को सर्वश्रेष्ठ और शहडोल को प्रगतिशील जिला घोषित किया गया है। सेवा प्रदाय के क्षेत्र में भोपाल को सर्वश्रेष्ठ और अनूपपुर को प्रगतिशील, सम्पन्नता में इंदौर को सर्वश्रेष्ठ और हरदा को प्रगतिशील एवं कानून व्यवस्था में श्योपुर को सर्वश्रेष्ठ और खंडवा को प्रगतिशील जिला घोषित किया गया है। इन सभी क्षेत्रों में इंदौर को सम्पूर्ण रूप से सर्वश्रेष्ठ और रीवा को प्रगतिशील जिला घोषित किया गया है। कार्यक्रम में इन जिलों के जिलाध्यक्षों और उनके प्रतिनिधियों को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया और अच्छा कार्य करने की सराहना की गई। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि विकास के क्षेत्र में जिलों के प्रदर्शन का आंकलन कर उन्हें सम्मानित करने की पहल सराहनीय है। इससे अधिकारियों का मनोबल बढ़ता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की विकास यात्रा की शुरूआत आधारभूत अधोसंरचना में सुधार के साथ हुई थी। आज प्रदेश में सड़क, बिजली, पानी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मजबूत अधोसंरचनाएँ हैं। कृषि के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। एक दशक पहले सिंचाई क्षमता केवल साढ़े सात लाख हेक्टेयर थी, जो अब 40 लाख हेक्टेयर है। अगले पाँच वर्षों में यह 80 लाख हेक्टेयर होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि आधारित अर्थ-व्यवस्था वाले प्रदेश में किसानों की उन्नति के बिना समृद्धि नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि किसानों के लिये खेती की लागत कम करना और उनकी उपज का वाजिब मूल्य दिलवाना चुनौतीपूर्ण कार्य है। इसे राज्य सरकार ने पूरा किया है। किसान समृद्धि योजना में गेहूँ खरीदी 2000 रूपये प्रति क्विंटल हो गयी है। किसान युवा उद्यमी योजना में 3000 खाद्य प्र-संस्करण इकाइयाँ स्थापित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि बासमती उत्पादक किसानों की लड़ाई को अंतिम समय तक लड़ेंगे और इसे जीआई टैग दिलवायेंगे। केन्द्र सरकार मध्यप्रदेश के किसानों के साथ है। श्री चौहान ने कहा कि राज्य के संसाधनों पर गरीबों का समान अधिकार है। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिये देश की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा योजना बनाई गई है। श्रमिकों के बच्चों को पहली कक्षा से लेकर पीएचडी तक शिक्षा की फीस नहीं देनी होगी। उनका इलाज भी मुफ्त होगा।
भारतीय संस्कृति में बेटियाँ वंदनीय और देवीतुल्य- मुख्यमंत्री श्री चौहान
29 March 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज धार जिले के कुक्षी नगर में आयोजित सामूहिक विवाह/निकाह सम्मेलन में 1254 नव-दम्पत्तियों को खुशहाल वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद दिया। यह सम्मेलन मध्यप्रदेश शासन की मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के अंतर्गत आयोजित किया गया। सम्मेलन में 1235 हिन्दू जोड़ों का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विवाह सम्पन्न करवाया गया। साथ ही, 19 मुस्लिम जोड़ों का निकाह मुस्लिम रीति-रिवाज से काजी साहब द्वारा सम्पन्न करवाया गया। सम्मेलन में दिव्यांग जोड़ों को 2-2 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि प्रदान की गई। नव-विवाहित दम्पत्तियों को राज्य शासन की योजनानुसार घर-परिवार की आवश्यक सामग्री और विवाह प्रमाण-पत्र प्रदान किये गये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नव-दम्पत्तियों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में सभी धर्मों को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। सभी वर्गों और धर्मों में बेटियाँ वंदनीय और देवी तुल्य हैं। उन्होंने कहा कि समाज में किसी भी वर्ग में बेटा और बेटी के बीच भेदभाव नहीं होना चाहिये। उन्होंने कहा कि बेटी है, तो कल है, इसलिये बेटियों को दुनिया में आने दो। श्री चौहान ने कहा कि बेटियों को परिवार के लिये वरदान साबित करने के उद्देश्य से ही मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री कन्यादान और मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी जैसी योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। बेटियों को पढ़ने और आगे बढ़ने के लिये नि:शुल्क किताबें तथा साइकिलें दी जा रही हैं, नौकरियों में आरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से सभी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की हैं। इसी का परिणाम है कि शासकीय सेवाओं के साथ-साथ पंचायतों और नगरीय निकायों में भी महिलाएँ महत्वपूर्ण पदों पर सफलतापूर्वक कार्य कर रही हैं। श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार ने सभी वर्गों की बेटियों और महिलाओं की तरक्की तथा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये हैं। श्रमिक परिवारों की महिलाओं के लिये भी यह व्यवस्थाएँ की गई हैं। मुख्यमंत्री ने धामनोद में पिछले दिनों दुष्कर्म की घटना पर तत्परतापूर्वक कार्यवाही होने तथा आरोपियों को सजा दिलाने पर पुलिस-प्रशासन की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिलाओं से बदसलूकी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जायेगी। श्री चौहान ने गुंडे-बदमाशों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करने का अभियान चलाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस अवसर पर दिव्यांग नव-दम्पत्ति भीमबाई और माधव सिंह को प्रतीक स्वरूप 2 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता राशि का चैक तथा विवाह प्रमाण-पत्र प्रदान किया। इसी के साथ कुक्षी नगर के विकास से संबंधित 5 करोड़ रुपये लागत के निर्माण कार्यों की घोषणा भी की। सामूहिक विवाह सम्मेलन में जिले के प्रभारी मंत्री श्री अंतर सिंह आर्य, सांसद श्रीमती सावित्री ठाकुर, विधायक श्रीमती रंजना बघेल, श्री सुरेन्द्र सिंह बघेल, श्री वेलसिंह भूरिया, श्री कालू सिंह ठाकुर, नगर पालिका अध्यक्ष श्री मुकाम सिंह किराड़े, अन्य जन-प्रतिनिधि तथा वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे।
राजस्‍व मंत्री द्वारा चाणक्यपुरी चूना भट्टी में सामुदायिक भवन का लोकार्पण
29 March 2018
राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने चूना भट्टी स्‍थित चाणक्यपुरी में सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया। सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए जनभागीदारी से 8 लाख 50 हजार, विधायक निधि से 5 लाख और नगर निगम द्वारा 13 लाख 50 हजार रूपये दिये गए। राजस्व मंत्री श्री गुप्ता ने कहा कि सामुदायिक भवन के निर्माण में रहवासियों ने उल्लेखनीय सहयोग किया है। उन्होंने शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार शहरों के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। सांसद श्री आलोक संजर ने भी विचार व्यक्त किये। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
राज्यपाल ने महावीर जयंती पर दी बधाई और शुभकामनाएं
28 March 2018
राज्यपाल श्रीमती आनदंबीबेन पटेल ने महावीर जयंती पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं और बधाई दी हैं। राज्यपाल ने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर महावीर स्वामी अहिंसा के मूर्तिमान प्रतीक थे। उनका जीवन त्याग और तपस्या से ओतप्रोत था। राज्यपाल ने कहा है कि महावीर स्वामी ने सत्य, अहिंसा, अपरिगृह, ब्रह्मचर्य, क्षमा, आत्मा और कर्म जैसे उपदेशों और प्रवचनों के माध्यम से दुनिया को सही राह दिखाई और मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने कहा है कि भगवान महावीर के संदेश विश्व शांति के लिए आज भी प्रासंगिक हैं। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने महावीर जयंती पर प्रदेश और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान की केन्द्रीय कोयला मंत्री श्री पीयूष गोयल से मुलाकात
28 March 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय कोयला एवं रेल मंत्री श्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर प्रदेश में बंद पड़ी कोयला खदानों को शुरू करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2015 में प्रारम्भ की गयी जमुनिया खदान का काम शुरू नहीं होने से कोयले का उत्पादन नहीं हो रहा है। साथ ही धनकशा खदान, जिसका भूमि-पूजन वर्ष 2013 में हो चुका है का भी कार्य बंद पड़ा है । उन्होंने आग्रह किया कि इन दोनों खदानों के कार्य शीघ्र ही प्रारम्भ करवाये जायें। इन खदानों पर तेजी से कार्य होने पर कोयला खदानों के अस्थायी कर्मचारियों और उनसे जुड़े परिवारों को लाभ होगा। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री द्वारा श्री नरेन्द्रसिंह तोमर और श्री थावरचंद गहलोत भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के छिन्दवाड़ा क्षेत्र की विष्णुपुरी और मोआरी खदानों को केन्द्र सरकार द्वारा बंद करने निर्णय और कुछ खदानों को पूर्व में बंद किये जाने से लगभग तीन हजार स्थायी कर्मचारियों को अन्यंत्र स्थानांतरित किये जाने की सम्भावना है। आदिवासी बहुल उन्होंने कहा है कि ऐसा होने से पिछड़े क्षेत्र की अर्थ-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने दी नागरिकों को भगवान महावीर के जन्मोत्सव पर शुभकामनाएँ
28 March 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने भगवान महावीर के जन्मोत्सव पर नागरिकों और श्रद्धालुओं को बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। श्री चौहान ने कहा कि भगवान महावीर ने हमेशा जीवों को अहिंसा और अपरिग्रह का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हिंसा करने का विचार भी हिंसा है। दुखी मनुष्य की मदद नहीं करना भी हिंसा है। उन्होंने कहा कि अहिंसा, अपरिग्रह और अनेकान्त जैसे मूल्यों को अपनाकर ही समाज को तनावमुक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अहिंसा केवल शारीरिक या बाहरी न होकर, मानसिक और भीतर के जीवन से भी जुड़ी है। श्री चौहान ने लोगों का आव्हान किया कि वे भगवान महावीर के संदेशों और अमूल्य शिक्षाओं को अपनी जीवन में उतारें।
कड़कनाथ मुर्गा अब ऑनलाइन उपलब्ध
28 March 2018
सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग ने आज निवास कार्यालय पर 'मध्यप्रदेश कड़कनाथ एप'' का लोकार्पण किया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव सहकारिता श्री के.सी. गुप्ता, आयुक्त सहकारिता श्रीमती रेणु पंत, अधिकारी और नागरिक मौजूद थे। राज्य मंत्री श्री सारंग ने कहा कि सहकारिता विभाग द्वारा नये कार्यक्रम शुरू किये गये हैं। सहकारिता से अंत्योदय योजना में सहकारी समितियों का गठन कर रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किये गये हैं। इसी कड़ी में कड़कनाथ मुर्गा-पालन और विक्रय से जुड़ी सहकारी समितियों के लिये 'मध्यप्रदेश कड़कनाथ मोबाइल एप'' तैयार कर आज से शुरू किया जा रहा है। सहकारी समितियों के माध्यम से व्यक्तियों को स्थानीय परिवेश और उपलब्धताओं को ध्यान में रख उत्पादन से जोड़ा जा रहा है। व्यक्तियों को सहकारी समितियों से जोड़कर उन्हें रोजगार के लिये जरूरी तकनीकी मार्गदर्शन और पूँजी की व्यवस्था भी करवाई जा रही है। राज्य मंत्री श्री सारंग ने कहा कि उपभोक्ता और व्यापारी एप के माध्यम से समितियों तक पहुँच सकते हैं। एप द्वारा समितियों को एक ऐसा प्लेटफार्म उपलब्ध करवाया जा रहा है, जो उन्हें आधुनिक बाजार की सुविधा देगा। एप में उपलब्ध मेन्यु में सीधे क्लिक करने पर समिति का ई-मेल, फोन और उत्पादन की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। माँग और पूछताछ का ऑप्शन भी दिया गया है। सबमिट बटन पर क्लिक करने से सीधे संस्था को ई-मेल करने की सुविधा है। एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। राज्य मंत्री श्री सारंग ने कहा कि कड़कनाथ प्रजाति का मुर्गा अन्य प्रजातियों के मुर्गों से बेहतर होता है। इसमें प्रोटीन की मात्रा अधिक और फेट की मात्रा न के बराबर पायी जाती है। उन्होंने बताया कि विटामिन-बी-1, बी-2, बी-6, बी-12, सी, ई, नियासिन, केल्शियम, फास्फोरस और हीमोग्लोबिन से भरपूर होता है। यह अन्य मुर्गों की तुलना में लाभकारी है। इसका रक्त, हड्डियाँ और सम्पूर्ण शरीर काला होता है। यह दुनिया में केवल मध्यप्रदेश के झाबुआ और अलीराजपुर में पाया जाता है। राज्य मंत्री श्री सारंग ने बताया कि झाबुआ, अलीराजपुर और देवास जिले में कड़कनाथ मुर्गा-पालन की 21 सहकारी समितियों का पंजीयन हुआ है। इनमें 430 सदस्य हैं। एप में इनकी पूरी जानकारी है। चार समितियों द्वारा व्यवसाय शुरू कर दिया गया है। शेष समितियाँ व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया में हैं। कड़कनाथ एप के माध्यम से कोई भी व्यक्ति इन समितियों के पास उपलब्ध कड़कनाथ मुर्गा खरीदने के लिये ऑनलाइन डिमाण्ड कर सकता है। भविष्य में ऑनलाइन आर्डर के साथ होम डिलीवरी की भी सुविधा उपलब्ध करवाई जायेगी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा गोकुल महोत्सव का शुभारंभ
27 March 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मुख्यमंत्री निवास में गोकुल महोत्सव का शुभारंभ किया। महोत्सव के दौरान प्रदेश के गांव-गांव तक जाने वाले प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रथ में गौ सेवा कार्य के लिये जाने वाले चिकित्सकों को शुभकामनाएं दीं। प्रदेश में 27 मार्च से 10 मई 2018 तक गोकुल महोत्सव मनाया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पशु धन समाज की आर्थिक ताकत है। गोकुल महोत्सव के दौरान प्रचार-रथ जिला स्तर से गांव-गांव एवं घर-घर तक जाकर प्रदेश के पशुधन की विशाल संख्या को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाएंगे। चिकित्सक मौके पर ही पशुओं की समस्त समस्याओं का निदान भी करेंगे। इसी दौरान पशुओं का टीकाकरण, बधियाकरण, डी-वार्मिंग, उपचार, बांझपन निवारण, कृत्रिम गर्भाधान से नस्ल सुधार, शल्य चिकित्सा, दवा आदि का वितरण भी होगा। इस अवसर पर पशुपालन, मंत्री श्री अंतरसिंह आर्य, प्रमुख सचिव पशुपालन श्री अजीत केसरी और दुग्ध संघ की प्रबंध संचालक डॉ. अरुणा गुप्ता भी मौजूद थीं।
प्रदेश में आंतरिक सुरक्षा की निगरानी के लिये केबिनेट कमेटी गठित होगी
27 March 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रालय में प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि आंतरिक सुरक्षा की निगरानी के लिये केबिनेट कमेटी गठित की जाये। मुख्यमंत्री ने भिण्ड जिले में हुई सड़क दुर्घटना में पत्रकार की मृत्यु की सीबीआई जाँच की कार्यवाही करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति की जिला स्तर पर भी राज्य के समान ही साप्ताहिक समीक्षा की जाये। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिये महिला स्व-सहायता समूहों का सकारात्मक सहयोग प्राप्त किया जाये। आदिवासी मंत्रणा समिति की अनुशंसाओं के अनुसार अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों पर दर्ज सामान्य प्रकृति के मामलों को वापिस लेने की कार्यवाही आगामी 15 अप्रैल तक पूर्ण की जाये। मुख्यमंत्री ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पदस्थ पुलिस बल को हॉक फोर्स के अनुरूप विशेष भत्ता दिये जाने के लिये विधि आयोग के गठन की कार्यवाही को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिये। साथ ही, पुलिस बल में भर्ती की प्रक्रिया को जारी रखने के लिये कहा। समीक्षा बैठक में बताया गया कि प्रदेश में असामाजिक तत्वों के विरूद्ध की जा रही कठोर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही और उनके अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही के प्रभावी परिणाम परिलक्षित होने लगे हैं। इस अभियान के दौरान अभी तक 11 हजार से अधिक असामाजिक तत्वों के विरूद्ध प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई है। इस मौके पर जानकारी दी गई कि पुलिस कार्यशाला की अनुशंसाओं का प्रदेश में प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। बैठक में गृह एवं परिवहन मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह, मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, अपर मुख्य सचिव गृह श्री के.के. सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री आर.के. शुक्ला, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक वर्णवाल, विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी श्री आदर्श कटियार और अपर पुलिस महानिदेश्क श्री राजीव टण्डन उपस्थित थे।
जनसम्‍पर्क मंत्री डॉ. मिश्र को जय जनतंत्र का विशेषांक भेंट
27 March 2018
जनसम्‍पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र को आज निवास पर दैनिक जय जनतंत्र, सागर के संपादक डॉ. आर.एन.सिलाकारी ने विशेषांक की प्रति भेंट की।



स्वास्थ्य विभाग द्वारा संविदा स्वास्थ्यकर्मियों से हड़ताल से लौटने की अपील
27 March 2018
मरीजों को सुचारु स्वास्थ्य सेवाएँ दिलाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने संविदा स्वास्थ्यकर्मियों से कार्य पर वापस लौटने की अपील की है। संविदा स्वास्थ्यकर्मियों के हड़ताल से वापस लौटने के बाद ही निरंतर चर्चा के माध्यम से उनकी माँगों और समस्याओं के समाधान के प्रयास किये जायेंगे। संविदा स्वास्थ्यकर्मियों को कार्य पर वापस लौटाने के लिये विभिन्न स्तर पर अधिकारियों एवं स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ चर्चा कर ड्यूटी पर उपस्थित होने के लिये बार-बार अवसर प्रदान किया गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा संविदा स्वास्थ्यकर्मियों के हित में अनेक कदम उठाये गये हैं। वर्ष 2016 में भी संविदा कर्मियों द्वारा 9 सूत्रीय माँगों को लेकर हड़ताल की गई थी। नियमितीकरण को छोड़कर अधिकांश माँगों का निराकरण हो गया था। वर्तमान में नियमितीकरण की प्रक्रिया जारी है। नियमित पदों पर एएनएम की नियुक्ति में संविदा एएनएम को अधिभार दिया गया है। इसके आधार पर 1443 संविदा एएनएम की नियुक्ति नियमित एएनएम के पद पर हुई है। इसी प्रकार पैरामेडिकल पदों पर हुई नियुक्ति अधिभार दिये जाने से 278 पैरामेडिकल (लैब टेक्नीशियन एवं फार्मासिस्ट आदि) नियमित पदों पर नियुक्त हुए हैं। संविदा स्वास्थ्यकर्मियों के मानदेय में वृद्धि के लिये भी मिशन द्वारा लगातार प्रयास जारी हैं। वर्ष 2018-19 में पीआईपी में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सभी संवर्गों की पुन: संरचना एवं युक्ति-युक्तकरण किया जाकर वेतन का पुनर्निर्धारण प्रस्तावित किया गया है। इससे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रत्येक संवर्ग के वेतन में पूर्व की तुलना में बढ़ोत्तरी होगी और वरिष्ठता के आधार पर लाभ मिलेगा। संविदा स्वास्थ्यकर्मियों के कार्य मूल्यांकन के लिये लागू अप्रेजल प्रक्रिया में भी परिवर्तन करने से अब मूल्यांकन 2 स्तर पर किया जा रहा है। विभाग में उपलब्ध समतुल्य पदों पर नियमितीकरण के संबंध में प्रक्रिया विचाराधीन है। मिशन द्वारा नियमितीकरण एवं स्थायित्व के लिये सकारात्मक रुख रखकर संविदा स्वास्थ्यकर्मियों के हित में कार्यवाही की जा रही है। संविदा स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा मुख्यत: नियमितीकरण, निष्कासित संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की वापसी और स्थायित्व की माँगों को लेकर हड़ताल की जा रही है।
व्यवस्थित सेंटर स्थापित कर ट्रेनिंग दें, अन्यथा होगी कार्यवाही- श्री दीपक जोशी
27 March 2018
ट्रेनिंग प्रोवाइडर उन्हें आवंटित जिलों में व्यवस्थित सेंटर स्थापित कर युवाओं को ट्रेनिंग दें, अन्यथा कड़ी कार्यवाही की जायेगी। तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दीपक जोशी ने यह बात गोविंदपुरा आईटीआई में मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन एवं कौशल्या योजना के ट्रेनिंग प्रोवाइडर्स के प्रशिक्षण कार्यक्रम में कही। श्री जोशी ने कहा कि टीम बनाकर सभी सेंटरों का निरीक्षण करवाया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सपनों को साकार करने के लिये दिल लगाकर कार्य करें। श्री जोशी ने कहा कि ट्रेनिंग के बाद युवाओं का प्लेसमेंट भी सुनिश्चित करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। इस दौरान मध्यप्रदेश रोजगार निर्माण बोर्ड के अध्यक्ष श्री हेमंत देशमुख ने कहा कि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दिलाया जाये। प्रशिक्षण में प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा श्री संजय बंदोपाध्याय, संचालक कौशल विकास श्री संजीव सिंह, एडीशनल डायरेक्टर कौशल विकास श्री जी.एन. अग्रवाल उपस्थित थे।
मछुआरों के बच्चों को मिलेगी निषादराज छात्रवृत्ति : मंत्री श्री आर्य
27 March 2018
टमछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास मंत्री श्री अन्तर सिंह आर्य की अध्यक्षता में आज हुई मत्स्य महासंघ की काम-काज समिति की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। मछुआरों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिये प्रोत्सहित करने के उद्देश्य से अब अन्य छात्रवृत्ति के साथ निषादराज छात्रवृत्ति योजना का भी लाभ मिलेगा। पहले अन्य छात्रवृत्ति पा रहे मछुआरों के बच्चे इस योजना के पात्र नहीं थे। योजना में सामान्य विषयों में स्नातक स्तर पर अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को 10 हजार रुपये तक और तकनीकी विषयों में 20 हजार रुपये प्रतिवर्ष की दर से सहायता राशि दी जाती है। इससे मेधावी छात्र-छात्राओं को लाभ होगा। बैठक में विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री वी.सी. सेमवाल, संचालक मत्स्योद्योग श्री ओ.पी. सक्सेना, प्रबंध संचालक म.प्र. मत्स्य महासंघ श्री महेन्द्र सिंह धाकड़, उपायुक्त सहकारी संस्थाएं श्री विनोद कुमार सिंह, उप कृषि उत्पादन आयुक्त श्री वी.एस. धुर्वे भी मौजूद थे। मत्स्य महासंघ में कार्यरत श्रमिकों के लिये कर्मचारी भविष्य निधि योजना भी लागू कर दी गई है। श्रमिकों को इसका लाभ एक जनवरी 2018 से मिलेगा। इसमें महासंघ में कार्यरत श्रमिकों के वेतन से 12 प्रतिशत कर्मचारी अंशदान की कटौती कर और उस पर महासंघ का अंशदान 12 प्रतिशत, इस प्रकार कुल 24 प्रतिशत का अंशदान कर्मचारी के भविष्य निधि खाते में जमा किया जायेगा। काम-काज समिति ने वर्ष 2017-18 में स्पान, स्टेर्ण्ड फ्राई उत्पादन, मत्स्य बीज संचय, मत्स्य उत्पादन, मत्स्य कल्याण कार्य-योजनाओं की प्रगति, हलाली जलाशय से तिलोपिया मछली की छटाई, महाशीर मत्स्यबीज उत्पादन आदि योजनाओं की समीक्षा भी की।
प्रदेश अवैध कॉलोनियों के कलंक से मुक्त होगा- मुख्यमंत्री श्री चौहान
26 March 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश की कॉलोनियों को अवैध के कलंक से मुक्त किया जायेगा। कॉलोनियों के नियमितिकरण का कार्य 7 अप्रैल से शुरू होकर 15 अगस्त तक पूर्ण किया जायेगा। उन्होंने असंगठित मजदूर पंजीयन कार्य अभियान के रूप में करने के निर्देश भी दिये हैं। श्री चौहान आज आर.सी.व्ही.पी.नरोन्हा प्रशासन अकादमी में अवैध कॉलोनियों के नियमितिकरण संबंधी कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला का आयोजन नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा किया गया था। गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री कृष्ण मुरारी मोघे मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आजीविका मिशन (शहरी) में प्रदेश को प्रथम स्थान प्राप्त होने का प्रमाण-पत्र मंत्री श्रीमती माया सिंह को सौंपा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था जनता के लिये है। नियम, कायदे और कानून सब जनहितकारी होने पर ही मान्य हैं। ऐसा नहीं होने पर, उन्हें बदला जायेगा। सरकार ने अवैध कॉलोनी के दर्द को समझ कर नियमित करने का कार्य किया है। विस्थापितों के पट्टे और मर्जर की समस्याओं का समाधान किया है। नियमितिकरण कार्य व्यवहारिक और रहवासियों के जीवन में खुशियों के रंग भरने के दृष्टिकोण के साथ उत्साह और उमंग से किया जाये। नियमितिकरण की प्रक्रिया में बाधा स्वीकार नहीं की जायेगी। जहाँ रास्ता नहीं होगा, वहाँ नियमों में परिवर्तन-परिवर्धन कर रास्ता निकाला जायेगा। उन्होंने नगरीय नियोजन में भविष्य में शहरों में आने वाली आबादी के लिये सुविधाजनक आवास की सुविधा की व्यवस्थाओं के प्रावधान रखने की जरूरत बतायी। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास 'विकास का प्रकाश' हर गरीब तक पहुँचाने का है। उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनी नियमितिकरण की वे स्वयं नियमित मॉनीटरिंग करेंगे।
अंसंगठित श्रमिक पंजीयन को अभियान का रूप दें: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने असंगठित मजदूरों के लिये बनायी गई, सबसे बड़ी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह योजना सेवा का नया इतिहास रचने का अवसर है। योजना में पंजीयन का कार्य एक से 14 अप्रैल तक अभियान के रूप में किया जाये। सुनिश्चित किया जाये कि रहने के लिये भूमि का टुकड़ा अथवा आवास, नि:शुल्क उपचार, नि:शुल्क शिक्षा, पोषण आहार, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा की सुविधाएँ मजदूरों को पंजीयन के साथ ही मिलें। असंगठित मजदूरों में किसान, जिनके पास एक हेक्टेयर से कम भूमि है, भी शामिल किए गए है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं पर गलत नजर रखने वालों के विरुद्ध ऐसी कड़ी कार्रवाई करें कि बदमाशों में भय का वातावरण व्याप्त हो जाये। उन्होंने कहा कि गुंडों, बदमाशों के अतिक्रमण सख्ती के साथ ध्वस्त किये जायें। यह भी ध्यान रखा जाये कि आम नागरिक सताये नहीं जायें। श्री चौहान ने स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर कार्य के लिये सभी नगरीय निकायों को बधाई दी। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने कहा कि नगर की सभी कॉलोनियों में विकास के कार्य समान रूप से हो सकें, इसलिये अवैध कॉलोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया बनायी गयी है। इससे करीब 4 हजार 500 अवैध कॉलोनियाँ नियमित हो जायेंगी। वैधानिक प्रक्रिया द्वारा अवैध कॉलोनियों को नियमित करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य होगा। पूर्व में 31 दिसम्बर, 2012 की अवधि तक स्थापित अवैध कॉलोनियों का नियमितिकरण किया जाता था, जिसे अब बढ़ाकर 31 दिसम्बर 2016 तक की कॉलोनियों के लिये कर दिया गया है। विकास व्यय में रहवासी अंशदान को घटाकर 20 प्रतिशत किया गया है। शेष राशि संबंधित निकाय द्वारा वहन की