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ELECTION 2018 / LOKSABHA 2019

: फीचर

बदलता मध्यप्रदेश : डॉ.एच.एल. चौधरी


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भारत को जागृत किया गुरु नानक देव जी ने - कमल नाथ
11 November 2019
भोपाल.गुरु नानक देव जी मानवता में विश्वास रखने वालों और नि:स्वार्थ भाव से मानवता की सेवा में समर्पित लोगों के लिए अनन्य प्रेरणा-स्रोत रहे हैं। हम इस महान संत की 550 वीं जयंती मनाते हुए आध्यात्मिक रूप से स्वयं को धन्य समझते हैं।
नानक शाह फकीर जी की शिक्षाएं आज और भी ज्यादा प्रासंगिक हो गई हैं क्योंकि मनुष्य स्वरचित दुखों का सामना कर रहा है। सामाजिक, सांस्कृतिक एकता की भावना को खतरों का सामना करना पड़ रहा है और मानवीय मूल्यों में मनुष्य का विश्वास बुरी तरह डगमगा गया है। वर्षों पहले गुरुनानक देव जी ने इस तरह की स्थितियों की चेतावनी दी थी और सुधारवादी कदम भी सुझाए थे।
भारत के गौरवान्वित नागरिकों के रूप में हम गुरु नानक देव जी को अपने मार्गदर्शक और दार्शनिक के रूप में पाकर खुद को भाग्यशाली मानते हैं। आज, जब दुनिया में सांस्कृतिक विविधता के लिए नापाक ताकतों और कट्टरपंथी सोच ने खतरे पैदा किये है, हम अपने मार्गदर्शक के रूप में गुरु नानक देव जी की बानी पाकर धन्य हैं। वे सिर्फ सिख समुदाय के गुरु नहीं हैं। वे मानवता के महान आध्यात्मिक शिक्षक हैं क्योंकि वे मन और हृदय के विकारों से मुक्ति पर जोर देते हैं।
गुरु नानक देव जी सामाजिक-धार्मिक और सांस्कृतिक सद्भाव के प्रतीक हैं। गुरु नानक देव जी और भाई मरदाना का साथ एक अनूठा उदाहरण है। यह सांस्कृतिक एकता को रेखांकित करता है। दो महान पुण्यात्माएँ परस्पर आध्यात्मिक गहराई से एकाकार थी। भाई मरदाना गुरुजी से 10 साल बड़े थे और अपने अंतिम समय तक उनके साथ रहे। उन्होंने निरंकार की महिमा का गायन करते हुए दो दशकों तक एक साथ आध्यात्मिक यात्रा की। गुरुनानक देव जी गाते थे और भाई मरदाना उनके साथ रबाब पर संगत करते थे। वे विलक्षण रबाब वादक थे। यहाँ तक ​​कि उन्होंने इसे छह-तार वाला यंत्र बनाकर इसमें सुधार किया। उनका जन्म एक मुस्लिम परिवार में हुआ था। संगीत का उनका ज्ञान श्री गुरु ग्रंथ साहिब में स्पष्ट झलकता है। उसे विभिन्न रागों में निबद्ध किया गया है।भाई मरदाना का उल्लेख श्री गुरु ग्रंथ साहिब में भी है। भाई गुरुदास जी ने लिखा है -
'इक बाबा अकाल रूप दूजा रबाबी मरदाना।'
दुनिया को यह जानने की जरूरत है कि - 'आदि सच, जुगादि सच, है भी सच, नानक होसी भी सच।' इसका सीधा सा अर्थ यह है कि ईश्वर एक परम सत्य, सर्वव्यापी है। सिवाय उसके कुछ भी वास्तविक नहीं है । वह सर्वकालिक है। अनन्त था अनन्त रहेगा।
ज्ञान के ऐसे शब्दों से गुरु नानक देव जी ने भारत के लोगों को जागृत किया। उर्दू के दार्शनिक कवि अल्लामा इक़बाल ने कहा है -
'फिर उठी आखिर सदा तौहीद की पंजाब से,
हिंद को एक मर्द-ए-कामिल ने जगाया ख्वाब से'
(एक बार फिर पंजाब से एक दिव्य आवाज उठी जिसने उद्घोष किया कि ईश्वर एक है। एक सिद्ध पुरुष गुरु नानक देव जी ने भारत को जगाया।)
गुरु नानक देव जी और भाई मरदाना ने कीर्तन की परंपरा शुरू की, जो आध्यात्मिक जागृति का माध्यम साबित हुई है। समानता के विचार को प्रदर्शित करने के लिए, उन्होंने लंगर के आयोजन की परंपरा शुरू की। वर्षों बाद हम समझ पाए हैं कि यह एक क्रांतिकारी धार्मिक सुधारवादी कदम था।
गुरु नानक देव जी ने भारत को आध्यात्मिक भव्यता दी। उन्होंने कहा कि आंतरिक जागृति ही मूल्यवान वस्तु है। उन्होंने घोषणा की कि सभी समान हैं और सभी दिव्य ऊर्जा से भरपूर है। अपनी आध्यात्मिक यात्राओं के माध्यम से गुरु नानक देव जी ने भारत को जागृत किया और इसकी महिमा को ऊँचाइयाँ दी।
गुरु नानक देव जी ने जो उपदेश दिया उसका पालन किया। उन्होंने अपने बोले प्रत्येक शब्द को आत्मसात किया और सामाजिक सुधार लाए। मानवता की भलाई के लिए हमारे पास उनके दर्शन की सबसे अच्छी सीख हैं। उन्होंने कहा- हमेशा सच्चाई के पक्ष में रहें और मानवता की सेवा के लिए तैयार रहें। हमेशा पाँच बुराइयों को दूर करें- काम, क्रोध, लोभ, मोह ,अहंकार। गुरु ज्ञान का सच्चा स्रोत होते हैं। गुरु पर विश्वास रखें।
आइए हम अपने दैनिक जीवन में गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं, वैश्विक भाईचारे व सांस्कृतिक अखंडता को मजबूत करने के लिए सदैव तैयार रहें।

उपभोक्ताओं की समस्याओं का निराकरण करना हमारी प्राथमिकता : ऊर्जा मंत्री श्री सिंह
11 November 2019
भोपाल.ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह ने कहा है कि आम विद्युत उपभोक्ता को किसी भी प्रकार की कोई समस्या न हो, यह हमारी पहली प्राथमिकता है। आम उपभोक्ता को नियमित विद्युत प्रदाय करना हमारी जवाबदारी है। विद्युत संबंधी कोई भी शिकायत हो, तो आम उपभोक्ता टेलीफोन नम्बर 1912 पर शिकायत दर्ज कराएं। उनकी शिकायतों का तत्परता के साथ निराकरण किया जायेगा। ऊर्जा मंत्री श्री सिंह ग्वालियर में चेम्बर ऑफ कॉमर्स में जन-प्रतिनिधियों के साथ संवाद कर रहे थे।
ऊर्जा मंत्री श्री सिंह ने कहा कि आम उपभोक्ताओं की शिकायतों को दूर करने के लिये विद्युत समितियों का गठन किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्युत समस्या के संबंध में आम उपभोक्ता शिकायत का निराकरण प्राथमिकता से करें। अपने व्यवहार को भी संयमित और मधुर रखें।
मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह ने संवाद के दौरान उपभोक्ताओं से आग्रह किया कि बिलों का भुगतान समय पर करें और विद्युत की चोरी रोकने में विभाग की मदद करें। उन्होंने कहा कि सब के सहयोग से ही विद्युत मण्डल आम उपभोक्ताओं को निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति कर सकेगा। उन्होंने निर्देश दिये कि संवाद कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों एवं आम उपभोक्ताओं की ओर से प्राप्त शिकायतसें का निराकरण समय-सीमा में करें। संवाद कार्यक्रम में चेम्बर ऑफ कॉमर्स के मानसेवी सचिव श्री प्रवीण अग्रवाल ने कहा कि ऊर्जा विभाग द्वारा जनता से जुड़कर उनकी समस्याओं के निदान के लिए प्रारंभ की गई पहल सराहनीय है।

पावर जनरेटिंग कम्‍पनी ने 38 अभियंताओं को दिया 30 वर्षीय समयमान
11 November 2019
भोपाल.मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कम्‍पनी द्वारा 38 अभियंता को 30 वर्षीय समयमान वेतनमान स्वीकृत किया गया है। कम्पनी ने 2 अधिक्षण अभियंता एवं 32 कार्यपालन अभियंता को अतिरिक्त मुख्य अभियंता पद का तथा एक को कार्यपालन अभियंता, 2 सहायक अभियंता एवं एक कनिष्ठ अभियंता को अधिक्षण अभियंता पद का समयमान वेतनमान स्वीकृत किया गया है।



युवाओं में लोकप्रिय श्री पटवारी फेम इंडिया सर्वश्रेष्ठ मंत्री अवार्ड से अलंकृत
10 November 2019
भोपाल.प्रदेश के उच्च शिक्षा तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री जीतू पटवारी को केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय ने शनिवार को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में फेम इंडिया सर्वश्रेष्ठ मंत्री अवार्ड से अलंकृत किया। श्री पटवारी को युवाओं में खासे लोकप्रिय होने तथा शराबबंदी, तालाब संरक्षण और किसानों के हितों की रक्षा के लिये सदैव सक्रिय रहने के कारण सर्वश्रेष्ठ मंत्री का अवार्ड प्रदान किया गया है।
फेम इंडिया सर्वश्रेष्ठ सम्मान एशिया पोस्ट और फेम इंडिया पत्रिका द्वारा देश में सर्वे के आधार पर चुने गये उत्कृष्ट मंत्रियों को प्रतिवर्ष प्रदान किया जाता है। सर्वे में व्यक्तित्व, छवि, कार्य क्षमता, जनमानस में प्रभाव, विकास की समझ, लोकप्रियता, दूरदर्शिता, कार्यशैली और ऑउटपुट को आधार बनाया गया है।
मंत्री श्री जीतू पटवारी सर्वे में शामिल सभी मुद्दों पर सर्वश्रेष्ठ रहे। साथ ही वर्तमान सामाजिक परिप्रेक्ष्य में उनके रचनात्मक और आक्रामक तेवर भी सर्वश्रेष्ठ मंत्री के अवार्ड के लिये चुने जाने का आधार बने। श्री पटवारी जनसेवा के प्रति कर्मठता और समर्पण के कारण युवाओं में लोकप्रिय हैं।
विज्ञान भवन नई दिल्ली में आयोजित सम्मान समारोह में देश के 21 राज्यों के मंत्रियों को वर्ष 2019 में उत्कृष्ट सेवाओं के लिये अवार्ड प्रदान किये गये। इस मौके पर विभिन्न राज्यों के जन-प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

अ. भा. 150 वी गांधी जयंती महिला हॉकी प्रतियोगिता 2019
10 November 2019
भोपाल.पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री आरिफ अकील ने आरिफ अकील फैंस क्लब के तत्वावधान में आयोजित महिला हॉकी प्रतियोगिता के विजेता टीम भिलाई को 15 हजार एवं ट्राफी दी। उजविजेता को 10 हजार, ट्राफी और थर्ड पोजीशन टीम को 5 हजार रूपये और ट्राफी दी गई।
गांधी जयन्ती के 150 वी जयंती के उपलक्ष्य में महिला हॉकी प्रतियोगिता में आज तीन मैच खेले गए। फाइनल मैच में भिलाई ने bcw को 5- 1 से शिकस्त देकर प्रतियोगिता अपने नाम की। टूर्नामेंट का विजेता भिलाई, उप विजेता bcw एवं थर्ड पोज़िशन पर Afc भोपाल रही।


पुलिस और प्रशासन के अधिकारी सक्रिय और सजग रहें
9 November 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज पुलिस मुख्यालय पहुँचकर एक उच्च स्तरीय बैठक में मध्यप्रदेश की कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। श्री नाथ ने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे निरंतर सक्रिय और सजग रहकर काम करें। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से अपील की है कि वे देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या के मामले में सर्वसम्मति से दिए गए फैसले का सम्मान करें और प्रदेश में शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। बैठक में सामान्य प्रशासन मंत्री एवं भोपाल जिले के प्रभारी डॉ. गोविंद सिंह और जनसंपर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ आज अपने पूर्व निर्धारित मंडला दौरे को स्थगित कर दिल्ली से भोपाल लौटकर मंत्रालय पहुँचे। मुख्यमंत्री शासन के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करने के बाद पुलिस मुख्यालय स्थित राज्य स्थिति कक्ष (स्टेट सिचुएशन रूम) गए, जहाँ उन्होंने पूरे प्रदेश से आ रही कानून-व्यवस्था संबंधी सूचनाओं को देखा।
मुख्यमंत्री ने राज्य स्थिति कक्ष में पुलिस और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर हाल में प्रदेश में अमन-चैन कायम रहे। उन्होंने कहा कि नागरिकों से निरंतर सम्पर्क की स्थिति रखें और उन्हें किसी भी तरह के अफवाहों से सावधान करें।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से अपील कि वे प्रदेश के पारंपरिक भाईचारे-अमन चैन, शांति-सद्भाव और सौहार्द बनाये रखने में पुलिस और प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर नागरिक के साथ सरकार खड़ी हुई है। कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और शांति भंग करने का प्रयास करने वाले असामाजिक तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा। इसके लिए सरकार की ओर से पुलिस और प्रशासन के सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदेश हम सभी का है। हमारी गंगा-जमुनी तहजीब सुरक्षित रहे। विकास प्रभावित न हो, आम जन-जीवन सामान्य रहे, यह हम सबकी जिम्मेदारी है। श्री नाथ ने कहा कि हम भाईचारे और मोहब्बत के पैगाम से वैमनस्य फैलाने वाले तत्वों को परास्त करें।
बैठक में मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती, पुलिस महानिदेशक श्री वी.के. सिंह, प्रमुख सचिव गृह श्री एस.एन. मिश्रा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक गुप्त वार्ता श्री एम. डब्ल्यू. नकवी एवं संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मंत्री श्री सिलावट द्वारा मण्डला में जिला अस्पताल का निरीक्षण, स्वास्थ्य शिविर में देखीं व्यवस्थाएँ
9 November 2019
भोपाल.लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने आज मण्डला में जिला अस्पताल पहुँचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने ब्लड बैंक और अन्य वार्डों में जाकर मरीजों से बातचीत की। श्री सिलावट नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर स्थल पर भी पहुँचे और व्यवस्थाएँ देखीं। श्री सिलावट ने शिविर में नेत्र उपचार के लिये की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने शिविर में मरीजों से भोजन व्यवस्था के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।
शिविर में विधानसभा अध्यक्ष श्री एन.पी. प्रजापति, सांसद श्री विवेक तन्खा, वित्त मंत्री एवं जिले के प्रभारी श्री तरूण भनोत, विधायक श्री नारायण पट्टा और डॉ. अशोक मर्सकोले भी शामिल हुए, व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा मरीजों मिले। इस मौके पर दिव्यांगों को ट्रायसिकल, श्रवण यंत्र और वैसाखी प्रदान की गई।
विधानसभा अध्यक्ष ने रवाना किये रेफर मरीज
विधानसभा अध्यक्ष श्री एन.पी. प्रजापति ने शिविर में जबलपुर मेडिकल कॉलेज के लिये रेफर किये गये मरीजों को बस द्वारा रवाना किया। मण्डला में 7 नवम्बर से 14 नवम्बर तक आयोजित इस नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर में जबलपुर संभाग के अन्य जिलों के मरीजों का भी नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण और सर्जरी की जा रही है।

फेम इंडिया सर्वश्रेष्ठ मंत्री सम्मान-2019
8 November 2019
भोपाल.उच्च शिक्षा तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री जीतू पटवारी को 9 नवम्बर को नई दिल्ली में केन्द्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह फेम इंडिया सर्वश्रेष्ठ मंत्री सम्मान प्रदान करेंगे। सम्मान समारोह विज्ञान भवन में दोपहर 12.30 बजे होगा। इस अवसर पर केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय, केन्द्रीय भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्री अरविन्द सांवत और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष श्री शिवराज पाटिल विशिष्ट अतिथि होंगे।
फेम इंडिया पत्रिका तथा एशिया पोस्ट के संयुक्त तत्वाधान में एक सर्वे के आधार पर वर्ष 2019 में देश के 21 उत्कृष्ट मंत्रियों को सम्मानित किया जा रहा है। इसमें व्यक्तित्व, छवि, कार्य क्षमता, प्रभाव, विकास की समझ, लोकप्रियता, दूरदर्शिता तथा कार्यशैली और ऑउटपुट के आधार पर सम्मान के लिये मंत्रियों का चयन किया गया है।

पनिशमेंट और रिवार्ड दोनों के लिए रहें तैयार : मंत्री श्री पटवारी
8 November 2019
भोपाल.खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री जीतू पटवारी ने गुरुवार को टी.टी. नगर स्टेडियम में प्रदेश के जिला खेल अधिकारियों की बैठक में प्रांतीय ओलम्पिक, विधायक कप तथा जिलों में फीडर सेन्टर की आवश्यकता की समीक्षा की। श्री पटवारी ने कहा कि अधिकारी लक्ष्य आधारित काम करें। सभी सौंपे गए दायित्वों का कुशलतापर्वूक निर्वहन करें। मुस्तैदी और गंभीरता के साथ विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन करें। काम को आधार बनाएं। अच्छा काम करने वाले अधिकारी रिवार्ड और खराब परफॉर्मेंस वाले अधिकारी पनिशमेंट के लिये तैयार रहें।
प्रांतीय ओलम्पिक खेल
मंत्री श्री जीतू पटवारी ने प्रांतीय ओलम्पिक खेलों का व्यवस्थित रूप से आयोजन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य प्रदेश में खेलों के प्रति युवाओं में जागरूकता पैदा करना, खेल को सर्वसुलभ बनाना तथा प्रतिभावान खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें आधुनिक सुविधा और प्रशिक्षण प्रदान करना है। इसके लिए हर जिला खेल अधिकारी को जिला शिक्षा अधिकारी से समन्वय स्थापित कर स्कूल स्पोर्टस नर्सरी बनाने के लिए काम करना होगा। प्रांतीय ओलम्पिक की प्रतियोगिताएँ जिला स्तर पर 14 नवम्बर तथा संभाग स्तर पर 15 से 20 नवम्बर तक होगी। राज्यस्तरीय खेल दो चरण में 23 से 29 नवम्बर तक होंगे।
विधायक कप
मंत्री श्री पटवारी ने विधायक कप के आयोजन की चर्चा करते हुए कहा कि विधानसभा स्तर पर विधायक कप में कम से कम 50 टीमें (बालक 25/बालिका 25) भाग ले सकें, ऐसे खेलों को चुनें। उन्होंने कहा कि पहले पाँच जिले, जो विधायक कप में 50 टीम बनाकर प्रतियोगिता कराएँगे, उन्हें अतिरिक्त रूप से दो लाख रुपये की राशि बढ़ाकर दी जायेगी। विधायक कप के आयोजन के लिए एक लाख रुपये की राशि दी जाती है।
श्री पटवारी ने जिला खेल अधिकारियों से जिलों में प्रस्तावित फीडर सेन्टर में खेलों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि फीडर सेन्टर का सही संचालन हो, इसका ध्यान रखा जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में फीडर सेन्टर की आवश्यकता हो, उसकी कार्य-योजना जल्द तैयार कर प्रस्तुत करें। साथ ही फीडर सेन्टर के लिए प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण दिए जाने के भी निर्देश दिए।
इंदौर में स्विमिंग पूल के प्रथम चरण का निर्माण कार्य मार्च तक होगा पूर्ण
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री जीतू पटवारी ने इंदौर में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के स्वीमिंग पूल के निर्माण कार्यों की समीक्षा की। संचालक डॉ. एस.एल. थाउसेन ने जानकारी दी कि स्वीमिंग पूल के प्रथम चरण का कार्य मार्च माह तक पूर्ण कर लिया जायेगा। बैठक में इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) ने स्वीमिंग पूल के चरणबद्ध निर्माण कार्य का प्रेजेंटेशन भी दिया।

सभी शासकीय भवनों पर 550वें प्रकाश पर्व पर होगी विद्युत साज-सज्जा
8 November 2019
भोपाल.श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर 12 नवम्बर को प्रदेश के सभी शासकीय भवनों पर विद्युत साज-सज्जा की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के निर्देशानुसार राज्य शासन ने आदेश जारी कर दिये हैं।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को पूरे प्रदेश में धूमधाम से मनाने के निर्देश दिए थे। इस संबंध में गठित समिति की बैठक मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश स्थापना दिवस एक नवम्बर को मंत्रालय में हुई थी। श्री कमल नाथ ने बैठक में निर्देश दिये थे कि 12 नवम्बर को प्रदेश के सभी शासकीय भवनों पर विद्युत साज-सज्जा की जाए ।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों, अध्यक्ष राजस्व मंडल ग्वालियर, संभागायुक्तों, कलेक्टरों और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को परिपत्र जारी कर दिया है। परिपत्र में 12 नवम्बर को श्री गुरुनानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर सभी शासकीय भवनों में प्रकाश व्यवस्था करने के निर्देश दिए गये हैं।

राज्यपाल को लगाया स्काउट गाइड ध्वज और स्टीकर
7 November 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन से राजभवन में आज मध्यप्रदेश स्काउट गाइड के स्थापना दिवस के अवसर पर प्रतिनिधि मंडल ने भेंट की एवं उन्हें ध्वज तथा स्टीकर लगाया। राज्यपाल ने अपनी ओर से संस्था को सहयोग राशि का चेक प्रदान किया।
इस अवसर पर भारत स्काउट गाइड की मध्यप्रदेश शाखा के अध्यक्ष श्री अशोक अर्गल, उपाध्यक्ष श्री रमेश शर्मा गुट्टू, राज्य मुख्य आयुक्त श्री पारस चंद जैन, स्टेट कमिश्नर श्री डीएस राघव एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


ऊर्जा मंत्री द्वारा खिलचीपुर में 3 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण/भूमि-पूजन
7 November 2019
भोपाल.ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह ने राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में 3 करोड़ से अधिक लागत के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण/भूमि-पूजन किया। उन्होंने खिलचीपुर में पानी की टंकी का लोकार्पण किया। श्री सिंह ने खिलचीपुर में ही 13 लाख की लागत के पार्क, 9 लाख की उत्कृष्ट विद्यालय की बाउंड्रीवॉल और एक करोड़ 38 लाख के कस्तूरबा कन्या छात्रावास का भूमि-पूजन किया। श्री सिंह ने एक करोड़ 44 लाख लागत की सड़क का भूमि-पूजन भी किया।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि खिलचीपुर नगर के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। श्री सिंह ने स्कूल प्रांगण में 15 लाख लागत के 2 बेडमिंटन एवं 2 बास्केटबॉल कोर्ट बनवाने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि बाउंड्री वॉल का निर्माण मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा उपलब्ध करायी गयी (सीएसआर मद) राशि से कराया जायेगा।
ऊर्जा मंत्री ने सड़क के भूमि-पूजन समारोह में कहा कि शहर की अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिये भरसक कोशिश कर रहे हैं। इस दौरान पूर्व सांसद श्री नारायण सिंह आमलावे सहित अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।

नगरीय विकास मंत्री ने गुना जिले के झाझौन में सुनी ग्रामीणों की समस्याएँ
7 November 2019
भोपाल.नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने गुना जिले की आरोन जनपद के ग्राम झाझौन में 'आपकी सरकार-आपके द्वार' कार्यक्रम में ग्रामीणों की समस्याएँ सुनी और मौके पर ही उनका निराकरण भी करवाया। श्री सिंह ने कहा कि अतिवृष्टि से परेशान किसानों से ऋण की वसूली स्थगित की जाये।
श्री सिहं ने कहा कि ग्रामीणों को उचित मूल्य दुकान से राशन नियमित रूप से मिले। उन्होंने कहा कि निर्बाध विद्युत आपूर्ति और पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करें। श्री सिंह ने एक लाइनमेन की अधिक शिकायतें मिलने पर उसे निलंबित करने और शराब पीकर स्कूल आने वाले शिक्षक के विरूद्ध कार्रवाई के निर्देश दिये। खराब सड़कों और हैण्डपम्प की मरम्मत करवाने के लिये भी कहा।
मंत्री श्री सिंह ने झाझौन में नव-निर्मित पंचायत भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने पंचायत भवन परिसर में आम का पौधा भी लगाया। इस दौरान जन-प्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।

स्वच्छता अभियान आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ पर्यावरण देने का प्रयास- मंत्री श्री तोमर
7 November 2019
भोपाल.खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने कहा कि स्वच्छता अभियान आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ पर्यावरण प्रदान करने का प्रयास है। उन्होंने यह बात भोपाल के शिवाजी नगर में शासकीय आवासों के सामने वाले पार्क में साफ-सफाई के दौरान कही। अभियान में पोहरी विधायक श्री सुरेश राठखेड़ा सहित अन्य कार्यकर्ता और श्री तोमर की निजी स्थापना के अधिकारी-कर्मचारी भी सम्मिलित हुए।
खाद्य मंत्री श्री तोमर ने कहा कि उनका स्वच्छता अभियान एक नियमित प्रक्रिया है। अभियान में समाज के हर वर्ग को आगे आकर हाथ बँटाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता का सम्‍बंध व्यक्ति की सोच और इच्छा-शक्ति से है। हम जिस पर्यावरण में जिस स्थान पर रहते हैं या काम करते हैं, उस को स्वच्छ बनाने की जिम्मेदारी हमारी अपनी हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हम अपने घरों को स्वच्छ रखना चाहते हैं, उसी प्रकार अगर हम सार्वजनिक स्थानों की भी चिंता कर, उन्हें स्वच्छ बनाने में सक्रियता बरतेंगे तो समाज में एक सकारात्मक वातावरण का निर्माण होगा।
श्री तोमर ने कहा कि उनके द्वारा एक माह तक इस अभियान को चालू रखने का निर्णय लिया गया है, जो 30 अक्टूबर से लगातार जारी है।

इन्दौर-दुबई फ्लाइट शुरू करने पर शीघ्र निर्णय होगा
6 November 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज दुबई में एमीरेट्स एयरलाइन समूह के चेयरमेन और सीईओ एच.एच. शेख अहमद बिन सईद अल मखदूम से भेंट कर इन्दौर-दुबई के लिये एमीरेट्स प्लाइट चालू करने पर चर्चा की। एच.एच. शेख मखदूम द्वारा इस संबंध में शीघ्र निर्णय करने का आश्वासन दिया गया। एयरलाइन मुख्यालय में हुई इस भेंट के दौरान मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहन्ती और प्रदेश के अन्य अधिकारी मौजूद थे।
इस भेंट के दौरान मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ और एच.एच. शेख मखदूम के बीच एमीरेट्स समूह द्वारा मध्यप्रदेश में लाजिस्टिक हब के निर्माण पर भी विस्तार से बात हुई।

जो बैंकों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, उन्हें नौकरी से बाहर करें
6 November 2019
भोपाल. सहकारिता मंत्री डॉ गोविन्द सिंह ने कहा है कि जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के जो अधिकारी- कर्मचारी बैंकों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, उन्हें नौकरी से बाहर करें तथा जो अच्छा कार्य कर रहे हैं, उन्हें पदोन्नत करें। साथ ही खाली पड़े पदों पर आयुक्त सहकारिता से आवश्यक स्वीकृति प्राप्त कर नियमानुसार शीघ्र ही भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाए। वित्तीय गड़बड़ी करने वालों से राशि की वसूली जाए, उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाए। डॉ गोविन्द सिंह आज अपैक्स बैंक के सभागार में भोपाल एवं हौशंगाबाद संभागों के जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।
सहकारिता मंत्री ने कहा कि सहकारिता आंदोलन में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों का महत्वपूर्ण योगदान है। अत: आवश्यक है कि इनकी वित्तीय स्थिति को सुधारा जाए। गत वर्षों में इनकी वित्तीय स्थिति काफी बिगड़ी है। सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी निरंतर संभागीय बैठकें आयोजित कर इनके कार्य की समीक्षा करें। आयुक्त सहकारिता श्री एम के अग्रवाल ने बताया कि सागर एवं जबलपुर संभाग को छोड़कर सभी बैठकें की जा चुकी हैं तथा भविष्य में भी यह सिलसिला जारी रहेगा।
प्रमुख सचिव सहकारिता श्री अजीत केसरी ने बताया कि सहकारी बैंक मुख्य रूप से किसानों को अल्प अवधि कृषि ऋण देने का कार्य करते हैं। उन्होंने दिए गए ऋणों की समय से वसूली किए जाने की आवश्यकता बताई। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों की जिलेवार समीक्षा में पाया गया कि सभी बैंकों द्वारा दिए गए कालातीत ऋणों (NPA) की राशि अत्यधिक है। बैंकों के स्तर पर ऋणों की वसूली के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए। मंत्री श्री सिंह ने निर्देश दिए कि आगामी एक वर्ष में अघिक से अधिक कालातीत ऋणों की वसूली सुनिश्चित की जाए।
सहकारी बैंकों की जिलेवार समीक्षा में पाया गया कि भोपाल में संस्थागत जमा तो हैं, परन्तु व्यक्तिगत जमा नहीं के बराबर हैं। इसके लिए प्रयास किया जाए। साथ ही कालातीत ऋणों की वसूली की जाए। बैतूल जिले में कालातीत ऋण की राशि रूपये 143 करोड़ है। आगामी 30 जून तक 100 करोड़ रूपये की वसूली कर ली जाए। रायसेन जिले में कालातीत ऋण राशि 148 करोड़ है, वहां के अधिकारी ने बताया कि आगामी जून तक 45 करोड़ की वसूली कर ली जाएगी।
राजगढ़ जिले की समीक्षा में पाया गया कि ऋण असंतुलन तथा वित्तीय अनियमितता के प्रकरणों के चलते सहकारी बैंक की हालत खराब है। वहां 183 करोड़ रूपये का कालातीत ऋण है। वित्तीय अनियमितताओं के प्रकरणों वसूली तथा एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश मंत्री डॉ गोविन्द सिंह द्वारा दिए गए। आगामी जून तक कम से कम 75 करोड़ ऋण राशि की वसूली कर ली जाए। विदिशा जिले में 45 करोड़ कालातीत ऋण शेष है, आगामी जून तक वसूली की जाए।
समीक्षा में होशंगाबाद जिले की स्थिति भी काफी खराब पाई गई, वहां 292 करोड़ का कालातीत ऋण शेष है, जिसमें अधिकांश गैर कृषि ऋण है। कई कर्मचारियों के खिलाफ मामले भी चल रहे हैं। कई प्रकरणों में संबंधित सहायक/उप पंजीयक द्वारा स्टे भी दे दिया गया है। इसे मंत्री श्री सिंह द्वारा गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिए गए कि ऐसे सहायक/उप पंजीयकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उनकी वेतन वृद्धियां रोकी जाएं। सीहोर जिले की समीक्षा में पाया गया कि वहां जिला सहकारी बैंक का वर्ष 2016-17 में कालातीत ऋण 38 करोड़ था, जो वर्ष 2018-19 में बढ़कर 280 करोड़ रूपये हो गया। ऋण वसूली को लेकर बैंक द्वारा कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए। इस पर सहकारिता मंत्री द्वारा नाराजी व्यक्त करते हुए कहा कि यदि स्थिति नहीं सुधारी गई तो बोर्ड भंग करने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि ऋण वसूली की मासिक योजना बनाकर सघन कार्रवाई की जाए। जो लोग कार्य करना नहीं चाहते वे बैंकों से बाहर जाने की तैयारी कर लें।
बैठक में अपैक्स बैंक के प्रशासक श्री अशोक सिंह, प्रमुख सचिव सहकारिता श्री अजीत केसरी, सहकारिता आयुक्त श्री एम के अग्रवाल, एमडी अपैक्स बैंक श्री प्रदीप नीखरा, अपर आयुक्त सहकारिता श्री आर सी घिया सहित दोनों संभागों के जिला सहकारी बैंकों के प्रशासक, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला विपणन अधिकारी तथा सभी संबंधित उपस्थित थे।

मंत्री श्री राजपूत ने सड़कों पर झाड़ू लगाकर दिया स्वच्छता का सन्देश
5 November 2019
भोपाल.परिवहन एवं राजस्व मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने सागर जिला मुख्यालय की सड़कों एवं नालियों में स्वयं झाडू लगाकर लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया। उन्होंने लोगों से स्वच्छता मिशन में स्वेच्छा से श्रमदान करने का आग्रह किया।
मंत्री श्री राजपूत ने सागर नगर में गुरू गोविंन्द सिंह वार्ड से स्वच्छता मिशन प्रारंभ किया। इस दौरान पार्षद श्री नरेश जाटव ने अम्बेडकर सामुदायिक भवन में मांगलिक कार्यों के लिये नि:शुल्क बर्तन और भजन सामग्री उपलब्ध कराई।
बुन्देलखण्ड कॉलेज के डीन डॉ. जी एस पटेल, नगर पालिका निगम आयुक्त श्रीराम अहिरवार और स्मार्ट सिटी के सीइओ श्री राहुल सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित थे।

लोगों में बिजली बचाने की आदत विकसित करने चलेगा अभियान
5 November 2019
भोपाल.ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह ने कहा है कि प्रदेश में लोगों में बिजली बचाने की आदत विकसित करने के लिये अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभियान में यह भी बताया जायेगा कि थोड़े से जन-सहयोग से प्रदेश को कितना अधिक फायदा होगा। ऊर्जा मंत्री गोविंदपुरा बिजली कालोनी में सड़क डामरीकरण के भूमि-पूजन कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे।
मंत्री श्री सिंह ने कहा कि डेढ़ किलोमीटर सड़क के लिये 44 लाख रूपये स्वीकृत किये गये हैं। इससे बिजली कालोनी के साथ ही बिजली नगर और प्रकाश नगरवासी भी लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की कालोनियों में मूलभूत सुविधाओं का विकास जरूरी है।
इन्दिरा गृह ज्योति योजना से 97 लाख उपभोक्ता लाभान्वित
ऊर्जा मंत्री श्री सिंह ने बताया कि प्रदेश में शुरू की गई इन्दिरा गृह ज्योति योजना से प्रदेश के लगभग 97 लाख बिजली उपभोक्ता लाभान्वित हो रहे हैं। कुल बिजली उपभोक्ता एक करोड़ 16 लाख हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना में किसानों के 10 हार्स-पॉवर तक के मोटर का बिजली बिल आधा कर दिया गया है। श्री सिंह ने कहा कि उपभोक्ता बिजली बिल समय पर जमा करें, जिससे उन्हें निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि बिजली बिल ऑनलाइन भी भरे जा सकते हैं। ऊर्जा मंत्री मध्यप्रदेश विद्युत कर्मचारी संघ इन्टक के संवाद कार्यक्रम में भी शामिल हुए।
इस मौके पर पूर्व महापौर श्री सुनील सूद, नगर निगम के पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री कैलाश मिश्रा, प्रबंध संचालक मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी श्री विशेष गढपाले एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

सूखा और गीला कचरा संग्रहण में जन-सहयोग प्राप्त करने के निर्देश
5 November 2019
भोपाल.आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री पी. नरहरि ने आज जबलपुर में जबलपुर संभाग के नगरीय निकायों की गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिये कि गीला तथा सूखा कचरा संग्रहण में जन-सहयोग प्राप्त करें, लोगों को जागरूक करने के लिये वार्डों में शिविर लगायें। निकाय प्रभारी प्रतिदिन सुबह नगर में साफ-सफाई की व्यवस्था का निरीक्षण करें, एकत्रित कचरे के निस्तार का इंतजाम करें और गीले कचरे से कम्पोस्ट बनाई जाये।
श्री नरहरि ने आवासीय भूमि का पट्टा वितरण, शौचालय निर्माण, कर वसूली और प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिये कि नगरीय निकाय अपने क्षेत्र में विकास कार्यों के लिये स्वयं के संसाधन से धन-राशि जुटाने के प्रयास करें। श्री नरहरि ने कर वसूली में खराब प्रदर्शन पर 11 नगरीय निकायों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि दिसम्बर माह तक अनिवार्य रूप से डीपीआर स्वीकृत कराकर पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करें।

प्रमुख सचिव तथा आयुक्त नगरीय विकास ने किया जबलपुर में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण
5 November 2019
भोपाल.प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री संजय दुबे एवं आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री पी. नरहरि ने आज अपने जबलपुर प्रवास के दौरान शहर में नगर निगम तथा स्मार्ट सिटी द्वारा संचालित विभिन्न विकास और निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।
प्रमुख सचिव श्री दुबे ने अपने निरीक्षण की शुरूआत स्मार्ट स्कूल के रूप में चयनित रांझी स्थित एल.एन. यादव शाला से की। श्री दुबे ने यहां छात्रों से चर्चा भी की तथा स्मार्ट क्लासेस को आधुनिक शिक्षण पद्धति के अनुरूप सभी जरूरी सुविधाओं से लैस करने के निर्देश दिये। उन्होंने सफाई एवं सीवर लाइन के कार्यों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन की व्यवस्था पर नागरिकों से चर्चा भी की। श्री दुबे ने साफ-सफाई व्यवस्था को चुस्त-दुरूस्त करने के निर्देश निगम अधिकारियों को दिये।
प्रमुख सचिव ने मोहनिया और कुदवारी में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाये जा रहे आवासों का जायजा भी लिया। उन्होंने आवासों का निर्माण गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करने की हिदायत देते हुए आवासीय योजनाओं का क्रियान्वयन स्वीकृत अभिन्यास के मुताबिक ही करने के निर्देश दिये। श्री दुबे ने बाद में जानकी नगर पहुँचकर सीवर लाइन के कार्य का निरीक्षण भी किया।
आयुक्त नगरीय विकास ने देखी वेस्ट टू एनर्जी प्लांट
आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री पी. नरहरि ने नगर निगम एवं स्मार्ट सिटी द्वारा किये जा रहे विकास कार्यों का निरीक्षण की शुरूआत आगा चौक स्थित कचरा ट्रांसफर स्टेशन से की। जैविक अपशिष्ट से खाद बनाने के लिए स्थापित प्लांट का अवलोकन किया। श्री नरहरि ने इस प्लांट में बासी सब्जियों एवं फूलों से खाद बनाने की प्रक्रिया का मुआयना किया।
श्री नरहरि ने अमृत योजना के तहत शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए किये जा रहे सभी कार्यों की जानकारी ली तथा पाइप लाइन बिछाने के कार्य में निर्धारित मापदंडों का पालन करने एवं गुणवत्ता बनाये रखने के सख्त निर्देश अधिकारियों को दिये।
श्री नरहरि ने माढ़ोताल स्थित अंतर्राज्यीय बस स्टैण्ड का निरीक्षण भी किया और यहां यात्रियों को मुहैया कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। आयुक्त नगरीय विकास ने कठौंदा स्थित वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का अवलोकन किया। उन्होंने यहाँ कचरे से बिजली बनाने की पूरी प्रक्रिया देखी तथा संयंत्र की उत्पादन क्षमता और इसे पूर्ण क्षमता पर चलाने के लिए कचरे की आवश्यकता की जानकारी ली।
श्री नरहरि ने विकास और निर्माण कार्यों के निरीक्षण के अंतिम चरण में तिलहरी में निर्माणाधीन आवासीय परियोजना का निरीक्षण भी किया। उन्होंने आवासों का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने की हिदायत अधिकारियों को दी तथा चयनित हितग्राहियों को आवासों के आबंटन में तत्परता बरतने के निर्देश दिये। आयुक्त नगरीय विकास के निरीक्षण के दौरान उनके साथ अपर आयुक्त नगरीय विकास मीनाक्षी सिंह, अपर आयुक्त नगर निगम टी.एस. कुमरे, कार्यपालन यंत्री कमलेश श्रीवास्तव मौजूद थे।

मंत्री श्री अकील ने अखिल भारतीय महिला हॉकी प्रतियोगिता का किया शुभारंभ
5 November 2019
भोपाल.अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री आरिफ अकील ने आज अखिल भारतीय महिला हॉकी प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। आरिफ नगर स्टेडियम में आरिफ अकील फैंस क्लब के तत्वाधान में यह प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। समारोह में संभागायुक्त श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव भी उपस्थित थी।
पहले दिन 4 मैच खेले गये, जिसके पहले मैच में बीसीडब्ल्यू भोपाल ने बड़ी आसानी से नोबल क्लब को 9-0 से शिकस्त दी। बीसीडब्ल्यू के जर्सी नम्बर 7 को मैन ऑफ द मैच दिया गया। दूसरा मैच अनूपपुर और ऐशबाग भोपाल के मध्य खेला गया। अनूपपुर ने ये मैच 11 के मुकाबले 0 से जीत लिया । तीसरा मैच कोलकाता और उत्तर प्रदेश के मध्य खेला गया। संघर्षपूर्ण मैच में कोलकाता ने मैच 5-2 से जीत लिया। आरिफ नगर स्टेडियम में खेले गए आखरी मैच में काफी तादाद में दर्शक उपस्थित थे। होस्ट टीम भारत चिल्ड वाटर ने इसका फायदा उठाते हुए हॉकी ओडीसा को 9 गोल से शिकस्त दी। इस मैच के मैन ऑफ द मैच गायत्री को हरफनमौला खेल के लिए चुना गया।

देशी नस्ल की गायों के पालन का प्रेरणा केन्द्र बने आदर्श गौशाला : राज्यपाल श्री टंडन
4 November 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने आज राजभवन में बनाई गई आदर्श गौशाला का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यह गौशाला देशी नस्लों की गायों के पालन की प्रेरणा का केन्द्र बने, ऐसे प्रयास किये जाएं। राज्यपाल ने निर्देश दिये कि गौशाला में सभी गायों के स्वरूप और दूध में उपलब्ध गुणों का विवरण प्रदर्शित किया जाये। श्री टंडन ने गौपालन से संबंधित विभिन्न विषयों पर अपने अनुभवों को अधिकारियों के साथ साझा किया।
राज्यपाल ने कहा कि देशी नस्ल की गाय की पर्यावरण अनुकूलता सर्वाधिक है। इनकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी बहुत अधिक होती है। इनकी प्रजनन अवधि विदेशी नस्लों की अपेक्षा अधिक होती है। राज्यपाल ने विभिन्न गायों की प्रकृति, शारीरिक गुणों, दूध की गुणवत्ता और दूध में मिलने वाले पोषक तत्वों की विभिन्नता के संबंध में अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते देशी गौ-सम्पदा का संरक्षण और संवर्धन नहीं किया गया, तो भविष्य में अनेक समस्याओं का सामना करना पडे़गा, जिनसे आज पश्चिमी देश जूझ रहे हैं।
राज्यपाल ने कहा कि आस्ट्रेलिया, अर्जेटिना और ब्राजील जैसे देश ने भारतीय गीर और साहीवाल नस्लों की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि गाय के दूध में उपलब्ध धातु की पहचान उसके रंग से की जा सकती है। यही कारण है कि प्राकृतिक चिकित्सा में कई रोगों के उपचार में गाय के रंग के आधार पर दूध का सेवन करने के लिए कहा जाता है। उन्होंने इस पारंपरिक ज्ञान की वैज्ञानिक आधार पर पुष्टि करने के लिए अनुसंधान की आवश्यकता बताई।
इस अवसर पर बताया गया कि आदर्श गौशाला में देशी नस्ल की 8 गायों का वैज्ञानिक विधि से पालन करने की व्यवस्था की गई है। यहाँ गायों के मूत्र और गोबर संकलन के प्रबंध किये गये हैं। गायों को सामान्यत: होने वाली शारीरिक दुर्घटनाओं से बचाव के लिए फर्श पर काऊमेट की व्यवस्था की गई है। गायों को अलग-अलग रखने की आवासीय व्यवस्था के साथ ही साफ-सफाई के प्रबंध भी किये गये। गौशाला में देशी नस्ल की गीर, साहिवाल और मालवी नस्ल की गाय हैं। शीघ्र ही थार पारकर, निमाड़ी, राठी और काकरेज प्रजाति की गायें भी गौशाला में उपलब्ध होंगी।

राज्य स्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना सलाहकार समिति गठित
4 November 2019
भोपाल.राज्य शासन ने उच्च शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना सलाहकार समिति गठित की है। समिति का कार्यकाल 3 वर्ष होगा।
प्रमुख सचिव, उच्च शिक्षा, आयुक्त उच्च शिक्षा एवं स्कूल शिक्षा, कुलपति समस्त राष्ट्रीय सेवा योजनायुक्त विश्वविद्यालय, सचिव, खेल एवं युवा कल्याण, जनसम्पर्क तथा ग्रामीण एवं पंचायत विभाग, भारत सरकार, राष्ट्रीय सेवा योजना, क्षेत्रीय केन्द्र भोपाल के प्रमुख, राहत आयुक्त, समन्वयक सूच्यांकित प्रशिक्षण संस्थान/प्रशिक्षण प्रतिनिधि को समिति का सदस्य मनोनीत किया गया है।
समिति में युवाओं से संबंधित दो स्वंयसेवी संगठनों के प्रतिनिधि, भारत सरकार राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ नई दिल्ली के प्रतिनिधि, राष्ट्रीय सेवा योजनायुक्त विश्वविद्यालय के समस्त राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम समन्वयक (विशेष आमंत्रित) को भी सदस्य बनाया गया है। राज्य एन.एस.एस. अधिकारी म.प्र. राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ उच्च शिक्षा को सदस्य सचिव मनोनीत किया गया है।
राज्यस्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना सलाहकार समिति भारत सरकार द्वारा जारी राष्ट्रीय सेवा योजना मैन्युअल (संशोधित) वर्ष 2006 के अनुसार सौपें गये दायित्वों का निर्वहन करेगी।

पृथ्वी पर जीवन बचाने विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण नितांत आवश्यक
4 November 2019
भोपाल.राज्य-स्तरीय पर्यावरण समाधान निर्धारण प्राधिकरण (सिया) के चेयरमेन श्री राकेश श्रीवास्तव ने कहा है कि पृथ्वी पर जीवन बचाने के लिये विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाये रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सिया का काम सामाजिक सरोकारों के साथ-साथ जीवन की निरन्तरता से भी जुड़ा हुआ है। श्री श्रीवास्तव आज यहाँ प्रशासन अकादमी में आयोजित 'पर्यावरणीय अनुमति एवं अनुपालन'' कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
श्री राकेश श्रीवास्तव ने दिल्ली में पर्यावरण असंतुलन के कारण निर्मित स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश का पूर्वी भाग भी इस स्थिति से प्रभावित हो रहा है। शिमला, मसूरी और नैनीताल में पर्यावरण संरक्षण के लिये ग्रीन टैक्स की व्यवस्था का उल्लेख करते हुए श्री श्रीवास्तव ने कहा कि आम नागरिक को पर्यावरण संरक्षण के प्रति साक्षर बनाना बहुत जरूरी है। ऐसा करने पर ही हम पृथ्वी पर जीवन को कायम रख सकते हैं।
सिया चेयरमेन श्री राकेश श्रीवास्तव ने कहा कि हमारे बुजुर्गों ने हमें समृद्ध पर्यावरण दिया लेकिन हम अपनी आने वाली पीढ़ी को कैसा पर्यावरण देकर जायेंगे, यह चिंतन का विषय है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि खदानों की अनुमति के समय क्षेत्र का भ्रमण अवश्य करें और लिखित आश्वासनों का कड़ाई से पालन करायें। श्री श्रीवास्तव ने खदानों की अनुमति के बाद पौधा-रोपण की आवश्यकता प्रतिपादित करते हुए कहा कि सीएसआर/सीएआर के माध्यम से सामाजिक कार्य स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर करना जरूरी है।
सेक (राज्य-स्तरीय विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति) अध्यक्ष मो. कासम खान ने कहा कि खदान की मंजूरी के समय सड़क, पेड़, नहर, नदी की सूची आवश्यक रूप से लगायें और इस बात का भी उल्लेख रहे कि 500 मीटर के दायरे में कितनी खदान हैं। श्री खान ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखकर रेत खदानों की अनुमति दी जाये।
कार्यशाला को एप्को के कार्यपालन संचालक श्री जितेन्द्र सिंह राजे ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर डॉ. मुन्ना शाह संयुक्त संचालक पर्यावरण वन भारत सरकार, सिया के सदस्य आर. के. शर्मा, खनिज अधिकारी, खदान मालिक और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

देश ही नहीं, विश्व भी होगा मध्यप्रदेश में बदलाव का साक्षी : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
1 November 2019
भोपाल.
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने प्रदेश की जनता का आव्हान किया है कि वे आशाओं से भरे मध्यप्रदेश को विश्वास का प्रदेश बनाने में पूरी तन्मयता से जुट जाएं। मुख्यमंत्री ने नागरिकों को विश्वास दिलाया कि आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश एक बदला हुआ प्रदेश होगा, जिसका साक्षी देश ही नहीं, विश्व भी होगा। श्री कमल नाथ ने आज मंत्रालय के सामने सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में आयोजित मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह में प्रदेश की जनता के नाम यह संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का कौशल विकास हो और उन्हें सम्मानजनक रोजगार मिले, इसके लिए राज्य सरकार भोपाल में ग्लोबल स्किल पार्क स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि विकास के लिए हमने एक रोडमैप तैयार किया है, जिस पर सरकार अगले पाँच साल तक पूरी दृढ़ता के साथ काम करेगी।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने प्रदेश की जनता के नाम संदेश देते हुए 63 साल पहले मध्यप्रदेश राज्य के निर्माण के बाद धार जिले के मांडू में पंडित जवाहरलाल नेहरू की एक सभा का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पंडित नेहरू ने कहा था कि 'मध्यप्रदेश में तरक्की के अवसर हैं, मैं चाहता हूँ कि यहाँ की जनता आगे बढ़े लेकिन याद रखे कि आगे तो हम अपने आप से बढ़ते हैं। आपस में मिलकर, प्रेम से रहकर नए काम सीखें। अपना काम अच्छी तरह करें। इससे आपकी, आपके पड़ोसियों की और गाँव की तथा सबकी भलाई होगी और देश को भी लाभ होगा। श्री कमल नाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश आज पंडित नेहरू की आशाओं का प्रदेश बनने की ओर अग्रसर है।
विकास का सही पैमाना है लोगों की खुशहाली
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास, जीडीपी दर अथवा अन्य आँकड़ों से परिभाषित नहीं होता। मेरा मानना है कि विकास का सही पैमाना है लोगों की खुशहाली। युवाओं को रोजगार मिले, खेती लाभदायी बने, प्राकृतिक संपदा का संतुलित दोहन होने के साथ ही शांति, शिक्षा, स्वास्थ्य की बेहतर सुविधाएँ हों। सर्वधर्म समभाव हो, शासन-प्रशासन जनोन्मुखी हो, लोगों का अपनी शक्ति में विश्वास हो, बुनियादी सुविधाओं के साथ शहर और गाँवों का समान विकास हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं ऐसा ही मध्यप्रदेश बनाना चाह रहा हूँ। उन्होंने कहा कि समय के साथ नहीं चलने पर हम पिछड़ जाते हैं। मध्यप्रदेश देश-दुनिया का हम-कदम बने, इसके लिए शासन-प्रशासन को नए सकारात्मक परिवर्तनों के साथ जोड़ने का हम प्रयास कर रहे हैं।
प्रदेश के समग्र विकास के लिये रोडमैप तैयार
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास के लिए हमने एक रोडमैप तैयार किया है। खेती को आधुनिक बनाने के साथ किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने, खेती की मानसून पर निर्भरता को कम करने, सिंचाई, पेयजल, बिजली और सड़कों का निर्माण मजबूत नींव के साथ करने का हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि रोडमैप में हमने प्रदेश के सभी वंचित तबकों का सर्वांगीण विकास, महिलाओं का सशक्तिकरण, कानून के राज की स्थापना और सभी वर्गों को तरक्की के भरपूर अवसर उपलब्ध करवाना भी शामिल किया है। हम सत्ता का विकेन्द्रीकरण कर ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के मौके ग्रामीणों को ही सौंपेंगे। साथ ही, उन्हें नैसर्गिक संपदा का अधिकार भी देंगे।
प्रदेश को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में अग्रणी बनाने के लिये उठाएंगे कड़े कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता के मामले में प्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए हमें कड़े कदम भी उठाना पड़े, तो हम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि आज के बदलते संदर्भों में शिक्षा और ज्ञान के बीच बेहतर तालमेल हो, यह हमारी प्राथमिकता है। युवाओं को रोजगार मिले, इसके लिए मुख्यमंत्री युवा स्वाभिमान योजना के साथ ही सरकार प्रदेश में स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाईयों में 70 प्रतिशत रोजगार प्रदेश के लोगों को देना अनिवार्य करने जा रही है। मुख्यमंत्री ने इंदौर में सम्पन्न मैग्नीफिसेंट एमपी का उल्लेख करते हुए कहा इससे निवेशकों का मध्यप्रदेश में विश्वास बढ़ा है। हमारी कोशिश है कि प्रदेश में वृहद, मध्यम, लघु, सूक्ष्म यानी हर स्तर के उद्योग स्थापित हों, जिससे प्रदेश का औद्योगिक विकास होने के साथ ही रोजगार की समस्या का भी समाधान होगा।
लोगों की शक्ति-सरकार की शक्ति
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं लोगों की शक्ति को सरकार की शक्ति मानता हूँ। जनादेश का सम्मान हो, उनके विश्वास पर सरकार खरी उतरे, इसके लिए हम अपनी सुस्पष्ट नीतियों, सभी वर्गों के कल्याण कार्यक्रमों और संकटों को अवसर के रूप में मानकर काम कर रहे हैं। हमारा यह भाव मध्यप्रदेश को अब आगे ही आगे बढ़ाएगा। मध्यप्रदेश की देश में अलग पहचान बनाने के लिए नजरिया और सोच में परिवर्तन लाएँ
1 November 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि यह परिवर्तन का दौर है। पूरी दुनिया में हर क्षेत्र में बदलाव हो रहे हैं। ऐसी परिस्थिति में मध्यप्रदेश की देश में एक अलग पहचान बनाने के लिए हम सबको देश और दुनिया में हो रहे परिवर्तन से जुड़ते हुए अपने नजरिये और सोच में परिवर्तन लाना होगा। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि हम सब सकारात्मक सोच और दृष्टिकोण के साथ अपना काम करें। श्री कमल नाथ आज मंत्रालय के सामने सरदार पटेल पार्क में मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों-कर्मचारियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर अधिकारियों-कर्मचारियों को मध्यप्रदेश के सर्वांगीण विकास का संकल्प दिलवाया।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश भारत का हृदय प्रदेश होने के साथ-साथ एक लघु भारत भी है। यहाँ सभी प्रदेशों, जातियों, भाषाओं, धर्मों और विभिन्न वर्गों के लोग निवास करते हैं । उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश हम सभी का है। इसलिए हम सबका यह दायित्व है कि हमारा प्रदेश एक प्रगतिशील प्रदेश बने। यहाँ के नागरिकों के जीवन में खुशहाली आए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे किसानों के हालात सुधरें, नौजवानों को रोजगार मिले, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता में उत्कृष्टता आए। इसके लिए क्रांतिकारी तरीके से काम करने की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों, कर्मचारियों और निर्णय व्यवस्था से जुड़े सभी लोगों से कहा कि वे आज के दिन यह संकल्प लें कि जब हम अगला स्थापना दिवस मनाएँ, तो हमारा प्रदेश, देश के अग्रणी प्रदेशों की कतार में खड़ा हो। मुख्यमंत्री ने भावी पीढ़ी को भारतीय मूल्यों और संस्कृति से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश को एक रखने की हमारी यह ताकत कमजोर न होने पाए, इसके लिए हमें निरंतर प्रयासरत रहना होगा।
मुख्यमंत्री द्वारा उत्कृष्ट अधिकारी-कर्मचारी पुरस्कृत
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने इस मौके पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को पुरस्कृत किया। राज्य शासन द्वारा स्थापित सुशील चन्द्र वर्मा पुरस्कार वर्ष 2015-16 के लिए श्रीमती ऊषा परमार, उप सचिव सामान्य प्रशासन विभाग को प्रथम पुरस्कार, अपर सचिव सामान्य प्रशासन श्री कैलाश कातिया को द्वितीय पुरस्कार, द्वितीय श्रेणी वर्ग में अनुभाग अधिकारी सामान्य प्रशासन श्री सलीम खान, श्रीमती लता दीवान को प्रथम, श्रीमती रत्ना लक्षाणी को द्वितीय, श्रीमती मधुबाला श्रीवास्तव को तृतीय पुरस्कार दिया गया। तृतीय श्रेणी में सुश्री हरि भोजवानी को प्रथम, श्री राम सिया को द्वितीय एवं श्री कन्हैयालाल को तृतीय पुरस्कार दिया गया। चतुर्थ श्रेणी वर्ग में श्री रमेश को प्रथम एवं श्रीमती राम बाई को द्वितीय पुरस्कार दिया गया। वर्ष 2016-17 के लिए प्रथम श्रेणी वर्ग में उप सचिव सामान्य प्रशासन श्री संजय कुमार को प्रथम, उप सचिव गृह श्रीमती अजीजा सरशार जफर को द्वितीय और अवर सचिव श्री प्रदीप जैन को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। द्वितीय श्रेणी वर्ग में श्री पैकरण सिंह अनुभाग अधिकारी गृह विभाग को प्रथम, श्री यशवंत कुमार ढोणे को द्वितीय एवं श्री ओ.पी. मेहरा को तृतीय पुरस्कार दिया गया। तृतीय श्रेणी वर्ग में श्री चंद्रपाल बाथम को प्रथम, श्री राजेश चौधरी को द्वितीय एवं श्रीमती प्रतिभा डोलस को तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। चतुर्थ श्रेणी वर्ग में श्री मुकेश नाई को प्रथम, श्री लक्ष्मण दास बैरागी को द्वितीय एवं श्री अमृतलाल पटेल को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। प्रथम पुरस्कार में 50 हजार, द्वितीय पुरस्कार में 30 हजार एवं तृतीय पुरस्कार में प्रत्येक को 10 हजार रुपये की सम्मानित निधि प्रदान की गई।
अदम्य साहस के लिये ओरछा पर्यटन टीम सम्मानित
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पिछले दिनों ओरछा स्थित बेतवा नदी में अति वर्षा के कारण आई बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और उनकी जान बचाने के लिए ओरछा स्थित पर्यटन इकाई के प्रभारी और उनकी सात सदस्यीय टीम को अदम्य साहस पुरस्कार से सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में प्रबंधक टीम लीडर श्री संजय मल्होत्रा, क्रू मेंबर श्री पुष्पेन्द्र केवट, श्री मुकेश केवट, श्री लक्ष्मीनारायण प्रजापति, श्री भगवानदास केवट, श्री जयराम केवट एवं वाहन चालक श्री राजेन्द्र परिहार शामिल हैं। इन सभी को मुख्यमंत्री ने प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए।
स्थापना दिवस समारोह में प्रारंभ में राष्ट्रगीत वंदे मातरम्, मध्यप्रदेश गान और अंत में राष्ट्रीय गीत प्रस्तुत किये गये। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती, पुलिस महानिदेशक श्री व्ही.के. सिंह, अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन श्री के.के. सिंह तथा विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में कर्मचारी भी उपस्थित थे।

मानव अधिकारों में सबसे बड़ा मूल अधिकार है स्वास्थ्य का अधिकार
1 November 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि मानव अधिकारों में सबसे बड़ा मूल अधिकार है नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध करवाना। उन्होंने कहा कि जब हम स्वास्थ्य का अधिकार देने की बात करते हैं, तब हमें इस बात पर गंभीरता से विचार करना होगा कि अधोसंरचना और वित्त के साथ हमारे पास उत्कृष्ट और दक्ष मानव संसाधन भी हो, जिससे लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलना सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि यह हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती है। श्री कमल नाथ आज मिटों हाल में स्वास्थ्य का अधिकार विषय पर आयोजित दो दिवसीय कॉन्क्लेव का शुभारंभ कर रहे थे।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने गत मई माह में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान मध्यप्रदेश में जनता को स्वास्थ्य का अधिकार देने की योजना बनाने के निर्देश दिये थे। यह कॉन्क्लेव मुख्यमंत्री की इसी मंशा को पूरा करने के लिए आयोजित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य का अधिकार, नागरिकों का बुनियादी अधिकार है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हमारी स्वास्थ्य सुविधाएँ पिछड़ी हुई हैं। हमारे पास अधोसंरचना है, बजट भी है, लेकिन प्रशिक्षित चिकित्सक सहित अन्य मानव संसाधनों की बहुत कमी है। उन्होंने कहा कि हमें संख्या के आधार पर नहीं, गुणवत्ता के आधार पर चिकित्सा से जुड़े लोगों की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा का व्यवसाय मानव सेवा से जुड़ा हुआ है। इससे जुड़े जितने भी लोग हैं, वे नौकरी के रूप में नहीं बल्कि समाज सेवा के रूप में अपना काम करें। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों का सामना करते हुए हमें लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाओं को पहुँचाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अन्य क्षेत्रों के साथ ही चिकित्सा के क्षेत्र में भी बड़े परिवर्तन हुए हैं और नई-नई तकनीकें इजाद हुई हैं। आवश्यकता इस बात की है कि हम भविष्य को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य के क्षेत्र में इन परिवर्तनों का बेहतर उपयोग करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में पीपीपी मॉडल का मैं समर्थन करता हूँ लेकिन इसका सही मॉडल हमें देखना होगा जो लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएँ दे सके। उन्होंने कहा कि आज भी कई ऐसे गांव हैं, जहाँ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र नहीं है, अगर हैं, तो डॉक्टर नहीं हैं।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि हम कितनी भी अच्छी योजनाएँ बना लें लेकिन उसका डिलेवरी सिस्टम ठीक नहीं है, तो हमारी सारी योजनाएँ फेल हो जाती हैं। श्री कमल नाथ ने कहा कि स्वास्थ्य का अधिकार व्यवस्था में हम जो भी कार्य प्रक्रिया अपनाएँ, उसकी क्रियान्वयन व्यवस्था पुख्ता हो और लोगों तक उसका लाभ पहुँचना सुनिश्चित हो। यह भी हमारे सामने एक बड़ी चुनौती है।
मुख्यमंत्री ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की कार्य प्रक्रिया में सुधार लाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि यह इसलिए जरूरी है क्योंकि आज स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई परिवर्तन हुए हैं, जरुरतें बढ़ी हैं। उसके अनुरुप अगर कार्य प्रक्रिया में हमने बदलाव नहीं किया, तो हमें इसके बेहतर परिणाम प्राप्त नहीं हो सकेंगे।
श्री कमल नाथ ने कहा कि यह कॉन्क्लेव इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है कि इसमें जो लोग शिरकत कर रहे हैं, उनके पास ज्ञान का भंडार है, कौशल है और अनुभव है। मेरी अपेक्षा है कि कॉन्क्लेव में होने वाले मंथन से निकले निष्कर्ष मध्यप्रदेश की जनता को स्वास्थ्य का अधिकार दिला सकें और हम एक स्वस्थ्य मध्यप्रदेश का निर्माण कर सकें। श्री कमल नाथ ने कहा कि आज मध्यप्रदेश का स्थापना दिवस है। हम दस साल बाद जब मध्यप्रदेश का स्थापना दिवस मनाएं, तो इस सम्मेलन के निष्कर्षों के आधार पर जो स्वास्थ्य व्यवस्थाएँ मध्यप्रदेश में बनें, वो मील का पत्थर साबित हो और पूरे देश का आदर्श मॉडल बन सके।
स्वास्थ्य का अधिकार कानून में 97 प्रतिशत बीमारियाँ कवर करने का प्रयास
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसी सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ मध्यप्रदेश में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा हैं कि प्रदेश की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलें और ये उनके अधिकार में भी जुड़ें। श्री सिलावट ने कहा कि हमारा प्रयास है कि स्वास्थ्य का अधिकार कानून में 97 प्रतिशत बीमारियों को कवर करें। उन्होंने कहा कि इसके जरिए हम प्रदेश के लोगों को वही सुविधाएँ उपलब्ध करवा पाएंगे, जो मुख्यमंत्री, मंत्री या उच्च वर्गों को सुलभ हैं।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश का नेतृत्व करेगा मध्यप्रदेश
नीति आयोग के सलाहकार डॉ. वी.के. पॉल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने स्वास्थ्य का अधिकार देने के लिए जो कदम उठाया है, वह न केवल एक साहसिक निर्णय है बल्कि इसके माध्यम से मध्यप्रदेश स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश का नेतृत्व भी करेगा। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री को बधाई दी। श्री पॉल ने कहा कि राजनीतिक इच्छा शक्ति और प्रतिबद्धता के बगैर हम लोगों को स्वास्थ्य का अधिकार नहीं दिला सकते। उन्होंने इसके लिए अधोसंरचना, उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का बेहतर उपयोग और बजट की पर्याप्त उपलब्धता को जरूरी बताया। डॉ. पॉल ने कहा कि हमें एक सुनियोजित रणनीति और सु-स्पष्ट सोच के साथ इस दिशा में कदम उठाने होंगे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए शक्ति योजना-2025, टी.बी. मुक्त मध्यप्रदेश और उपशामक (पेलियेटिव) सेवाओं के लिए प्रकाशित मार्गदर्शिका का विमोचन किया। यू.एन.एड्स की सलाहकार श्रीमती हेलीना एन. कुर्ग, नेशनल हेल्थ एजेंसी की सीईओ डॉ. इन्दु भूषण, अपोलो हॉस्पिटल की सीएमडी श्रीमती संगीता रेड्डी, मेग्सेसे अवार्ड से सम्मानित श्री भारत वतवानी, लेखक एवं अर्थशास्त्री श्री हर्ष मंगल सहित देशभर से आए स्वास्थ्य एवं इससे जुड़ी सेवाओं से जुड़े विशेषज्ञ उपस्थित थे।

मध्यप्रदेश स्थापना दिवस - एक नवम्बर
30 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ प्रदेश के 64वें स्थापना दिवस के अवसर पर एक नवम्बर को प्रदेशवासियों को मध्यप्रदेश के सर्वांगीण विकास में योगदान की शपथ दिलाएंगे। मंत्रालय के समक्ष सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में सुबह 11 बजे स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया जाएगा। समारोह में राष्ट्रगीत एवं मध्यप्रदेश गान के बाद प्रदेश के विकास में जन-जन के योगदान की शपथ दिलाई जाएगी। इसके बाद पुरस्कार एवं सम्मान-पत्र वितरण होगा। मुख्यमंत्री के संबोधन के बाद पुलिस बैण्ड द्वारा राष्ट्रगान बजाया जायेगा।
स्थापना दिवस के मौके पर एक नवम्बर की रात प्रदेश के सभी मुख्य सार्वजनिक भवनों एवं राष्ट्रीय महत्व की इमारतों पर लाइटिंग की जायेगी।
जिला स्तर पर भी होंगे समारोह
स्थापना दिवसपर एक नवम्बर को राज्य-स्तरीय समारोह लाल परेड ग्राउण्ड पर शाम 6.30 बजे प्रारंभ होगा। जिला स्तर पर स्थापना दिवस कार्यक्रम सुबह 10.30 बजे से आयोजित किये जायेंगे। मंत्रि-परिषद के सदस्य उन्हें आवंटित जिले में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। जिला स्तरीय समारोह में मुख्य अतिथि ध्वजारोहण करेंगे और राष्ट्रीय गान होगा। मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे। समारोह में उपस्थित जन-समूह को प्रदेश के विकास एवं समृद्धि के लिये दृढ़-प्रतिज्ञ होने की शपथ दिलाई जाएगी। तत्पश्चात पुरस्कार वितरित किये जायेंगे।

राज्यपाल श्री टंडन से मिला भाजपा का प्रतिनिधि मंडल
30 October 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन से भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधि मंडल ने आज राजभवन में भेंट की। राज्यपाल को प्रतिनिधि मंडल द्वारा ज्ञापन सौंपा गया। प्रतिनिधि मंडल में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष श्री राकेश सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, सांसद सुश्री प्रज्ञा ठाकुर, महापौर श्री आलोक शर्मा, पूर्व मंत्रीगण सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।



मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर 11 शहरों में विशेष "सिटी वॉक फेस्टिवल
30 October 2019
भोपाल.मध्यप्रदेश के 64वें स्थापना दिवस के अवसर पर एक नवम्बर को प्रदेश के 11 शहरों में विशेष 'सिटी वॉक फेस्टिवल'' का आयोजन किया जाएगा। ये शहर हैं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, पन्ना, विदिशा, खजुराहो, चंदेरी, जबलपुर, बुरहानपुर और ओरछा। भोपाल में हेरिटेज सिटी वॉक सुबह 7 बजे कमला पार्क से शुरू होकर गौहर महल, इकबाल मैदान होते हुए सदर मंजिल पर समाप्त होगी। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा पैनल एजेन्सी सिटी एक्सप्लोरर, नई दिल्ली एवं जिला पुरातत्व एवं पर्यटन परिषद के सहयोग से वॉक आयोजित की जा रही है।
सचिव पर्यटन श्री फैज़ अहमद किदवई ने बताया है कि मध्यप्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिये सिटी वॉक फेस्टिवल मनाया जा रहा है। इसके माध्यम से पर्यटक राज्य की विरासत, इतिहास, संस्कृति और परम्पराओं के बारे में जान सकेंगे। सचिव पर्यटन ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया है कि सिटी वॉक फेस्टिवल में अवश्य शामिल हों।
प्रदेश में 12 अक्टूबर से आयोजित 'सिटी वॉक फेस्टिवल'' के तहत प्रदेश के 11 शहरों में एक साथ प्रत्येक सप्ताहांत सिटी वॉक का आयोजन किया जा रहा है। अभी तक 50 से अधिक वॉक आयोजित की जा चुकी हैं, जिसमें लगभग 1000 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा ले चुके हैं। सबसे दिलचस्प अनुभवों में इंदौर में खान-पान पर वॉक, भोपाल में फोटो वॉक एवं म्यूजियम टूर, जबलपुर में फूड वॉक और बोट राइड, पन्ना में हीरों की खोज पर वॉक, उज्जैन में आध्यात्मिक सैर, विदिशा में प्रकृति वॉक एवं अन्य कई प्रकार की वॉक शामिल हैं।
सभी आयु वर्ग के प्रतिनिधियों ने पर्यटन के इस आयोजन की सराहना की है। सभी ने अनुभव किया कि वास्तव में अपने शहर के बारे में जानने का यह शानदार तरीका है। इन्हीं शहरों के निवासी, जो कई वर्षों से शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों में रह रहे हैं और कई जो अपने पूरे जीवन-काल से यहीं रह रहे हैं, उन्होंने भी कहा कि वे शहर की इमारतों एवं परम्पराओं के महत्व से पूरी तरह अंजान थे। वे हेरिटेज वॉक के कारण अपने शहर को जान सके हैं।

शिक्षा बदलाव के साथ जुड़े, शिक्षा और ज्ञान में तालमेल हो
30 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि शिक्षा के क्षेत्र में आज बड़े परिवर्तन हुए हैं। हमारी शिक्षा बदलाव के साथ जुड़े, शिक्षा और ज्ञान में तालमेल हो, शिक्षक दक्ष हो और वे समाज सेवक के रूप में काम करें, यह सबसे बड़ी चुनौती हमारे सामने है। श्री नाथ आज मिंटो हॉल में साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, आर्टस एवं मैथ्स (स्टीम) शिक्षा पद्धति पर आयोजित दो दिवसीय स्टीम कान्क्लेव-2019 का शुभारंभ कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि जब भी किसी क्षेत्र में बदलाव हुआ है, तो उसकी आलोचना हुई है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जब पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी ने 21वी सदी के भारत की कल्पना करते हुए कम्प्यूटर क्रांति की शुरूआत की थी तब उसका विरोध यह कहकर किया गया था कि इससे बेरोजगारी बढ़ेगी, यह एक बेकार की कोशिश है। आज हम देख रहे हैं कि आईटी क्षेत्र में जो क्रांति हुई उससे न केवल बड़ी संख्या में हमारे युवाओं को रोजगार मिला है बल्कि आज पूरे विश्व में हमारे देश के लोग आईटी के क्षेत्र में छाये हुए हैं। श्री नाथ ने कहा कि हमें बदलाव के साथ जुड़ना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विश्व में हर क्षेत्र में परिवर्तन हुआ है। शिक्षा भी अछूती नहीं है। परिवर्तन के इस दौर में हमारे शिक्षकों का अपग्रेड होना जरूरी है, नहीं तो हम अपनी भावी पीढ़ी को आज के और आने वाले समय के अनुकूल शिक्षित नहीं कर पाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा और ज्ञान को जोड़ा जाना बहुत जरूरी है तभी हम अपने बच्चों का सर्वांगीण विकास कर पाएंगे। उन्होंने मध्यप्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और उसकी गुणवत्ता में आमूल-चूल परिवर्तन की आवश्यकता प्रतिपादित की। श्री नाथ ने कहा कि हमारे शिक्षकों को आत्म-चिंतन करना चाहिए कि वे अपनी भावी पीढ़ी को किस तरह शिक्षित करें जिससे उसका भविष्य बेहतर हो सके। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों का आव्हान किया कि वे अपने दायित्व को सरकारी नौकरी के रूप में नहीं, बल्कि एक समाज सेवक की भूमिका के रूप में निभाएं। उन्होंने कहा कि सरकार इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रदेश शिक्षा की गुणवत्ता में अग्रणी राज्य बने। इसके लिए हमें कड़े कदम उठाने पड़े तो उठाएंगे। मुख्यमंत्री ने स्टीम शिक्षा पद्धति की सराहना करते हुए कहा कि इससे हम अपने बच्चों के सम्पूर्ण व्यक्तित्व का विकास कर पाएंगे।
स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने कहा कि स्टीम शिक्षा पद्धति विज्ञान, तकनीकी, इंजीनियरिंग, गणित और कला की पढ़ाई को न केवल रूचिकर बनाती है बल्कि हमारे बच्चों कों भविष्य की चुनौतियों से निपटने में भी सक्षम बनाती है। उन्होंने कहा कि देश में पहली बार मध्यप्रदेश में स्टीम शिक्षा पद्धति पर विचार के लिए दो दिवसीय कॉन्क्लेव हो रहा है। इसमें नवीनतम ग्लोबल अवधारणा पर विषय-विशेषज्ञ मंथन करेंगे। इसे कैसे लागू करें और पाठ्यक्रम में शामिल करने पर भी विचार होगा। मुझे विश्वास है कि इस कॉन्क्लेव के निष्कर्ष से हमारी शिक्षा पद्धति को नया आयाम हासिल होगा। डॉ. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता पर काम कर रहे हैं।
प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने स्टीम शिक्षा पद्धति की मूल अवधारणा, उसके महत्व और कॉन्क्लेव की रूपरेखा की जानकारी दी। इस मौके पर मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती, माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष श्रीमती सलीना सिंह, स्टीम एजुकेशन की संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सी.ई.ओ.) सुश्री जार्जट येकमेन, डी ऐंज़ा कॉलेज केलिफोर्निया यू.एस.ए. की बाल विकास एवं शिक्षा विषय की प्रोफेसर सुश्री जयंती टेम्बे रॉय, स्टोरी ट्राइंगल फाउन्डेशन की संस्थापक सुश्री अर्पणा अत्रैय, शिव नाडर फाउंडेशन के बाल शिक्षा विभाग की प्रमुख सुश्री सुमिता मलिक, शंकर महादेवन अकादमी में पाठ्यक्रम विकास कार्य से जुडे़ संगीतकार श्री कार्तिक रमन और स्टीम रिसर्च लैब की विभागाध्यक्ष सुश्री शहीन शाहीबोले उपस्थित थी।

स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के लिए हर संभव प्रयास हों : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
29 October 2019
भोपाल. मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने मध्यप्रदेश की स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए सुधार की दिशा में हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के बच्चों के भविष्य के साथ कोई भी खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। श्री कमल नाथ आज मुख्यमंत्री निवास पर स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी और मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहन्ती उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि प्राथमिक, माध्‍यमिक और हाईस्कूल शिक्षा उत्कृष्ट हो, यह आज सबसे ज्यादा जरूरी है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में अभी शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने की जरूरत है। यह हमारे प्रदेश के बच्चों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। इससे कोई भी समझौता करना बच्चों के साथ अन्याय करना है।
मुख्यमंत्री ने स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या में वृद्धि पर चिंता व्यक्त करते हुए इस पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला स्तर पर स्कूली शिक्षा और अधूरी पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों को निरंतर रखने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था बनाई जाए। इसके लिए जवाबदेही भी तय की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों को शिक्षा की बेहतर ट्रेनिंग देने की व्यवस्था की जाए ताकि वे बच्चों को आज की और भविष्य की जरूरत के मुताबिक शिक्षित कर सकें। उन्होंने कहा कि शिक्षा में सुधार कार्य को मिशन के रूप में लिया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश की सम्‍पूर्ण स्कूली शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए जो भी कदम उठाया जाना है, उसकी कार्य-योजना बनाकर प्रस्तुत करें।
बैठक में प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती रश्मि अरुण शमी, आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती जयश्री कियावत एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

मंत्री श्री शर्मा ने यम द्वितीया पर मन्दिरों में की पूजा-अर्चना
29 October 2019
भोपाल.जनसम्पर्क एवं धार्मिक न्यास तथा धर्मस्व मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने यम द्वितीया पर ग्यारह सौ क्वार्टर्स, कोटरा और जवाहर चौक स्थित चित्रगुप्त मंदिरों में पहुँचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। श्री शर्मा ने कोटरा में पूजा-अर्चना के बाद स्कूली बच्चों को पुस्तकें वितरित कीं। इस दौरान कायस्थ समाज के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और अन्य जन-प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।




मंत्री श्री शर्मा द्वारा छठ पूजा के लिये घाटों पर सुरक्षा-व्यवस्था के दिये निर्देश
28 October 2019
भोपाल.जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने आज यहाँ शिवाजी नगर, प्रेमपुरा, शीतलदास की बगिया और रानी कमलापति घाट पर छठ पूजा के लिये सुरक्षा सहित अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। श्री शर्मा ने घाटों पर साफ-सफाई, रौशनी और सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि घाटों पर पूजा के समय गोताखोर तैनात रहें और तालाब मेँ नाव से किसी को भी नहीँ जाने दें।
स्थानीय जन-प्रतिनिधियों सहित भोजपुरी समाज के प्रतिनिधि, जिला पुलिस और नगर निगम के अधिकारी जनसम्पर्क मंत्री के साथ थे।
गोवर्द्धन पूजा
मंत्री श्री पी. सी. शर्मा आज दीपावली की प्रथमा पर माता मन्दिर पहुँचे और गोवर्द्धन पूजा की।
श्री कृष्ण गोवर्द्धन मन्दिर समिति पाल समाज द्वारा गोवर्द्धन पूजा का आयोजन किया गयाl
व्यापारियों को शुभकामनाएँ
मंत्री श्री शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह आज न्यू मार्केट पहुँचे और व्यापारियों को दीपावली की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं। स्थानीय जन-प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक साथ रहे।
तीर्थ-दर्शन ट्रेन मेँ वृद्धजनों के लिये रहेगा अलग कोच
आनंद धाम वृद्धाश्रम मेँ बुज़ुर्गों के बीच दीपावली मनाने पहुँचे जनसम्पर्क मंत्री श्री शर्मा ने घोषणा की कि तीर्थ-दर्शन ट्रेन मेँ वृद्धाश्रम के बुज़ुर्गों के लिये अलग कोच रहेगा। उन्होने कहा कि इसके लिये आवश्यक निर्देश ज़ारी कर दिये गये हैं। भोपाल से रवाना होने वाली अगली तीर्थ-दर्शन यात्रा की ट्रेन से यह व्यवस्था लागू होगी।
मंत्री श्री शर्मा ने आनंद धाम वृद्धाश्रम मेँ अगले सप्ताह कैम्प लगाकर वृद्धजनों के पेंशन प्रकरण निराकृत करने के निर्देश दिये। उन्होंने वृद्धजनों को शाल-श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया, आश्रम में दिये जलाए और फटाके चलाकर दीपावली मनाई। श्री शर्मा ने ऋषि नगर झुग्गी बस्ती मेँ बच्चों को पटाखे और मिठाई वितरित की और उनके साथ भी दीपावली मनाई। पार्षद श्री योगेन्द्र सिंह चौहान साथ थे।
भीमनगर राशन दुकान का निरीक्षण
जनसम्पर्क मंत्री श्री शर्मा ने आज भीमनगर राशन दुकान का निरीक्षण किया। उन्होंने सेल्समेन से कहा कि राशन नहीँ मिलने जैसी शिकायत नहीँ आनी चाहिए। सभी कार्डधारक को महीने का निर्धारित राशन समय पर वितरित करना सुनिश्चित करें। मंत्री श्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि बी.पी.एल. कार्ड धारक को राशन समय पर उपलब्ध हो। तकनीकी कारण से थम्ब इम्प्रेशन नहीँ मिलने पर कार्ड धारक की पहचान सत्यापित कर उसे राशन दें।

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस फ़ैज़ानुद्दीन का निधन, मुख्यमंत्री कमलनाथ जताया शोक
28 October 2019
भोपाल.सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस एवं मध्यप्रदेश के पूर्व लोकायुक्त फैज़ान उद्दीन का रविवार की दोपहर बंसल अस्पताल में निधन हो गया। जस्टिस फैज़ान उद्दीन 87वे वर्ष के थे और कुछ वक्त से बीमार थे। उनका अंतिम संस्कार भोपाल टॉकीज स्थित कब्रिस्तान में किया गया। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उनके निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि जस्टिस फैजान उद्दीन ने न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने में लोकायुक्त के रूप में उल्लेखनीय काम किए हैं। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार को इस गहन दु:ख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।
मध्यप्रदेश लोकायुक्त भी रहे
जस्टिस फैज़ान उद्दीन ने भोपाल के हमीदिया कॉलेज से ग्रेजुएशन किया था। उन्हें 1978 में मध्यप्रदेश हाई कोर्ट में न्यायधीश नियुक्त किया गया। इसके बाद साल 1993 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर नियुक्त किया गया था, जहां से जस्टिस 1997 में रिटायर हुए थे। सुप्रीम कोर्ट के अलावा जस्टिस फैजान उद्दीन मध्यप्रदेश के लोकायुक्त भी रह चुके है। इस पद पर उन्होंने साल 2003 तक सेवाएं दी।
कई क्षेत्रो में दी सेवाएं:
जस्टिस फैजान उद्दीन का जन्म 5 फरवरी 1932 को मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में हुआ था। 1948 में उन्होंने मेट्रिक की परीक्षा पास की। इसके बाद उन्होंने 1952 में भोपाल हमीदिया कॉलेज से ग्रेजुएशन की और उसी कॉलेज से 1952 में कानून की डिग्री हासिल की।

प्रदेश समृद्ध हो, नागरिकों के जीवन में खुशहाली आए : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
26 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने दीपावली पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। श्री कमल नाथ ने शुभकामना संदेश में कहा कि दीपावली प्रदेश की जनता के जीवन में खुशहाली लाए और सभी के सहयोग से मध्यप्रदेश, समृद्ध प्रदेश बने, ऐसी कामना करता हूँ।
श्री कमल नाथ ने कहा कि भारतीय संस्कृति और संस्कार से जुड़ा दीपावली का पर्व संकल्प और निष्ठा का संदेश देता है। यह पर्व स्वच्छता का भी प्रतीक है। मुख्यमत्री ने प्रदेशवासियों का आव्हान किया कि हम सब परम्परा के अनुसार मिल-जुलकर दीपावली मनाएँ। अपने घर के साथ-साथ सभी के घरों में उजाला हो, ऐसा प्रयास करें।

गृह मंत्री श्री बाला बच्चन ने दीं दीपावली की शुभकामनाएँ
26 October 2019
भोपाल.गृह एवं जेल मंत्री श्री बाला बच्चन ने प्रदेशवासियों को दीपावली पर्व पर बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। श्री बच्चन ने शुभकामना संदेश में कहा कि दीपावली का त्यौहार आध्यात्मिक रूप से अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है। उन्होंने कामना की कि रोशनी का यह त्यौहार सभी के जीवन को प्रकाशमय करे।



नगरीय विकास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने दी दीपावली की बधाई
26 October 2019
भोपाल.नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने प्रदेशवासियों को दीपोत्सव पर्व दीपावली की बधाई दी है। श्री सिंह ने नागरिकों से आग्रह किया है कि नगर की सफाई में सक्रिय सहभागिता करें। श्री सिंह ने शुभकामना संदेश में कहा है कि प्रकाश पर्व पर मिट्टी के दियों का ही उपयोग करें। इससे स्थानीय कारीगरों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।



छिन्दवाड़ा रेलवे स्टेशन को मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित करें
25 October 2019
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने छिन्दवाड़ा रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया और वहाँ जन-सुविधाओं के विस्तार के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने प्लेटफार्म नम्बर चार का चौड़ीकरण करने और चारफाटक गेट की समस्या का समाधान करने को कहा। उन्होंने पातालकोट एक्सप्रेस को अमृतसर तक चलाये जाने की कार्य-योजना बनाने और ट्रेन के मेन्टेनेंस के लिये 2 से ढाई घंटे तक का समय छिन्दवाड़ा स्टेशन में समायोजित करने के निर्देश दिये।
श्री कमल नाथ ने स्टेशन मास्टर से कहा कि जनसुविधा और स्वच्छता के लिये छिन्दवाड़ा रेलवे स्टेशन को मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित करें। रेलवे व्यापारी मण्डल ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। व्यापारियों ने मुख्यमंत्री को लड्डू और मिठाई से तौलकर अपनी आत्मीयता का परिचय दिया। मुख्यमंत्री ने सभी को दीपावली की बधाई दी।
इस अवसर पर पूर्व विधायक श्री दीपक सक्सेना, रेलवे के सीनियर डीईएम तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।


सिम्स बनेगा चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्टता की मिसाल : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
25 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज छिन्दवाड़ा में छिन्दवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (सिम्स) का निरीक्षण कर बेहतर व्यवस्थाओं तथा कैंपस सौंदर्यीकरण के दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने सिम्स में पूर्व डीन स्व. डॉ. एच.के.टी. रजा की स्मृति में बनाये गये ऑडिटोरियम का लोकार्पण किया और प्रशासकीय समिति की बैठक भी ली।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि लगभग पाँच वर्ष पहले मैंने छिन्दवाड़ा में मेडिकल कॉलेज का सपना देखा था। यह सपना अब साकार होने जा रहा है। इस इंस्टीट्यूट को सच्चे अर्थों में स्थापित करने और आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब फैकल्टी और स्टाफ की है। उन्होंने कहा कि शुरूआत से ही अनुशासित वर्क कल्चर और मानक स्तर की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाये, जिससे इंस्टीट्यूट को उत्कृष्टता की मिसाल के रूप में प्रस्तुत किया जा सके। मुख्यमंत्री ने स्व. डॉ. रजा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि इंस्टीट्यूट को प्रारंभ करने में उनका समर्पण भाव और उनकी सोच बहुत अहम् रही है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने इंस्टीट्यूट को गुणवत्तापूर्ण एवं मानक स्तर तक पहुँचाने की दिशा में हर संभव प्रयास किये। हम सभी को मिलकर उनकी इस सोच और मंशा को आगे ले जाना है। श्री कमल नाथ ने डीन डॉ. रामटेके को इंस्टीट्यूट में फैकल्टी और स्टाफ के रिक्रूटमेंट में गुणवत्ता से किसी भी तरह का कोई समझौता नहीं करने के सख्त निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जब फैकल्टी का स्तर अच्छा होगा, तभी वे विद्यार्थियों को उच्च स्तर की शिक्षा दे सकेंगे। सिम्स के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने परिसर की साफ-सफाई पर विशेष जोर दिया और कहा कि गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता न किया जाए।
मुख्यमंत्री ने ली प्रशासकीय समिति की
मुख्यमंत्री ने सिम्स के अंतर्गत मेडिकल कॉलेज अस्पताल की प्रशासकीय समिति की बैठक भी ली। उन्होंने इंस्टीट्यूट में अध्ययनरत विद्यार्थियों, सहायक प्राध्यापकों, प्राध्यापकों और रिक्त पदों, नवीन उपकरणों, आईसीसीयू एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि चिकित्सा महाविद्यालय के परिसर का सौंदर्यीकरण किया जाये। मेडिकल कॉलेज एवं जिला अस्पताल में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाये। मरीजों को मानक स्तर की उपचार सुविधाएँ दी जाएँ। मेडिकल कॉलेज कैंपस एवं जिला अस्पताल के लिये हॉर्टिकल्चर प्लान तैयार किया जाए। उन्होंने जिला अस्पताल के लिये स्वीकृत कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिये।
इस दौरान विधायक श्री निलेश उईके और श्री सुनील उईके, पूर्व विधायक श्री दीपक सक्सेना, राज्य बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष श्री गंगा प्रसाद तिवारी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विश्वनाथ ओक्टे, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री अमित सक्सेना, डीन डॉ. गिरीश बी. रामटेके सहित सिम्स का स्टाफ एवं संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

छिंदवाड़ा के हनुमान मंदिर में अदभुत भजन संध्या और लेजर शो
25 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने धनतेरस की शाम छिंदवाड़ा में सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, सिमरिया पहुँचकर पूजन-अर्चन किया। हनुमानजी की 101.25 फीट ऊँची विशाल प्रतिमा पर पहली बार अदभुत लेजर शो आयोजित किया गया। इसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ हुआ।
इस मौके पर विश्वविख्यात भजन गायक श्री अनूप जलोटा के शिष्य श्री प्रभंजय चतुर्वेदी ने आर्केस्ट्रा के साथ भजन प्रस्तुत किये। अदभुत भजन संध्या और लेजर शो देख दर्शक और भक्तजन गदगद हो गये।


जनता से जुड़े वादे पूरे कर रही सरकार : मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह
24 October 2019
भोपाल.सामान्य प्रशासान एवं सहकारिता मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह ने कहा है कि प्रदेश की सरकार जनता से किये सभी वादे पूरा करेगी। समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिये राज्य सरकार संकल्पित होकर प्रयास कर रही है। डॉ. सिंह यहाँ पुरानी सब्जी मण्डी नवबहार में 169 लाख रुपये लागत की सी.सी. रोड के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम को विधायक श्री आरिफ मसूद और शहर काजी मौलाना मुश्ताक अली नकवी ने भी संबोधित किया। राम मंदिर ट्रस्ट, गुरूद्वारा प्रबंध समिति, राइन बिरादरी और व्यापारी संघ के प्रतिनिधि उपस्थित थे।


सिमरी तलाई विद्युत उप-केन्द्र को मिला आईएसओ प्रमाण-पत्र
24 October 2019
भोपाल.मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सिमरी तलाई विद्युत उप-केन्द्र (पिपरिया संभाग) को उत्कृष्ट डिजाइन, कार्य-प्रणाली और तकनीकी रूप से सक्षम होने पर आईएसओ-9001 प्रमाण-पत्र मिला है। ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह और कंपनी के प्रबंध संचालक श्री विशेष गढ़पाले ने होशंगाबाद वृत्त के एसटीसी और एसटीएम के अधिकारियों और लाइन स्टॉफ को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है।
सिमरी तलाई उप-केन्द्र अभी हाल ही में निर्मित हुआ है। अब इस उप-केन्द्र से सिमरी तलाई और उसके आसपास के चार दर्जन से अधिक गाँवों को पर्याप्त वोल्टेज पर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इससे विद्युत व्यवधानों में भी कमी आयेगी।

खरीफ-2019 में ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर
24 October 2019
भोपाल.राज्य शासन द्वारा खरीफ-2019 में ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन की अंतिम तारीख को 23 अक्टूबर से बढ़ाकर 30 अक्टूबर कर दिया गया है। मक्का, सोयाबीन, मूंग, उड़द, अरहर, मूंगफली, कपास, तिल और रामतिल उत्पादक किसानों की सुविधा को ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया गया है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा इस संबंध में समस्त जिला कलेक्टर्स को दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं।



सभी वर्गों के साथ मिलकर मध्यप्रदेश बनेगा देश का अग्रणी राज्य
23 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ से मध्यप्रदेश तैलिक साहू सभा के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री निवास में मुलाकात की। साहू समाज की ओर से मुख्यमंत्री का शाल-श्रीफल भेंटकर अभिनंदन किया गया।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि साहू समाज का देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि समाज युवाओं के कौशल विकास और महिलाओं को सशक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी वर्गों के साथ मिलकर समग्र विकास का रोडमैप बना रही है। आने वाले पाँच साल में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में गिना जाएगा।
प्रतिनिधि मंडल में मध्यप्रदेश तैलिक साहू सभा के प्रांताध्यक्ष एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री ताराचंद साहू, संस्थापक सदस्य डॉ. हेमराज साहू सहित सभी जिलों के अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

मंत्री श्री सिलावट अचानक पहुँचे जे.पी. अस्पताल
23 October 2019
भोपाल.लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने आज यहाँ शासकीय जे.पी. अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिये कि सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाये। श्री सिलावट ने अस्पताल में डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया समेत अन्य मौसमी बीमारियों के इलाज की व्यवस्था की जानकारी ली।
मंत्री श्री सिलावट ने अस्पताल के ओपीडी कक्ष में मरीजों से बातचीत की, एक्स-रे रूम और किचन की व्यवस्थाओं को भी देखा। उन्होंने अस्पताल परिसर में सफाई व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाये रखने के निर्देश दिये।
निरोगी काया अभियान में 32 लाख लोगों की जाँच होगी
मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि बदलती जीवन-शैली के कारण जन-सामान्य में तेजी से बढ़ रही हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज तथा कैंसर जैसी बीमारियों की रोकथाम और इलाज के लिये प्रदेश में निरोगी काया अभियान चलाया है। इसमें प्रदेश के करीब 2,500 आरोग्यम स्वास्थ्य केन्द्रों में 30 वर्ष से अधिक आयु के करीब 32 लाख लोगों की जाँच की जाएगी।
मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा
मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि प्रदेश में 'शुद्ध के लिये युद्ध'' अभियान निरंतर जारी रहेगा। मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।
प्रदेश में अब तक 31 लोगों के खिलाफ रासुका में कार्रवाई की गई है। करीब 100 प्रकरणों में दोषी व्यापारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 56 करोड़ रुपये लागत से इंदौर, ग्वालियर, भोपाल और जबलपुर में सैम्पल की जाँच के लिये लैब शुरू की जा रही है। प्रयोगशाला के भवनों का भूमि-पूजन किया जा चुका है।

ओंकारेश्वर मास्टर-प्लान-2031 पर 30 अक्टूबर तक दे सकते हैं आपत्ति/सुझाव
23 October 2019
भोपाल.शासन द्वारा ओंकारेश्वर को पवित्र नगर घोषित किया गया है। इस नगर में तीर्थ-यात्रियों की आवश्यकताओं एवं सुख-सुविधाओं के मद्देनजर जीआईएस पर ओंकारेश्वर विकास योजना-2031 (मास्टर-प्लान) का प्रारूप तैयार किया गया है। योजना के संबंध में आपत्ति/सुझाव जिला कार्यालय, खण्डवा और संचालनालय नगर तथा ग्राम निवेश, भोपाल के साथ ही वेबसाइट dtcp.mp.gov.in/publicviewer पर ऑनलाइन भी दिये जा सकते हैं।
संचालक नगर तथा ग्राम निवेश श्री राहुल जैन ने जानकारी दी है कि मास्टर-प्लान बनाने के लिये सुदूर संवेदन तकनीक, भौगोलिक सूचना प्रणाली और अमृत योजना के मानकों का उपयोग किया गया है। इस कार्य में राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केन्द्र, हैदराबाद और मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के वैज्ञानिकों का भी सहयोग लिया गया है।
मास्टर-प्लान में ओंकारेश्वर के समस्त संवेदनशील क्षेत्रों को संरक्षित करने के प्रावधान रखे गये हैं। नर्मदा नदी के दोनों ओर घाट के विकास के साथ ही सघन पौधा-रोपण का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2031 तक आवासीय, वाणिज्यिक और नगरीय उपयोग के साथ-साथ सभी प्रकार की भौतिक एवं सामाजिक अधोसंरचनाओं का निर्माण भी प्रस्तावित किया गया है, जिससे धार्मिक नगर का सुनियोजित विकास हो सके।
पहली बार प्रारूप के साथ प्रयुक्त डाटा का प्रकाशन
ओंकारेश्वर विकास योजना का प्रारूप एक अक्टूबर, 2019 को राजपत्र में और वेबसाइट www.mptownplan.gov.in पर प्रकाशित किया गया है। प्रदेश में पहली बार विकास योजना तैयार करने में प्रयुक्त डाटा को वेबसाइट dtcp.mp.gov.in/publicviewer पर भी प्रदर्शित किया गया है। इसके साथ ही आपत्ति/सुझावों को ऑनलाइन प्राप्त करने की व्यवस्था की गई है। विकास योजना की सॉफ्ट कॉपी जिला कार्यालय, खण्डवा से सशुल्क प्राप्त की जा सकती है। विकास योजना पुस्तिका का अलग से मुद्रण नहीं किया जायेगा।

व्यापार, व्यवसाय, छोटे उद्योगों की समस्याओं के समाधान के लिए गठित होगी मुख्य सचिव अध्यक्षता में कमेटी
22 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि मध्यप्रदेश के व्यापार, व्यवसाय और छोटे उद्योगों से जुड़ी समस्याओं के समाधान और सुझावों के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित होगी। यह कमेटी समय-समय पर व्यापारियों, व्यवसायियों के प्रतिनिधियों से संवाद कर समस्याओं का समाधान करेगी। उन्होंने कहा कि आज सबसे बड़ी आवश्यकता है कि हम देश-दुनिया और अपने आसपास हो रहे परिवर्तनों को पहचानें, तभी हम प्रगति कर सकते हैं। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ आज मिंटो हाल में कान्फेडरेशन ऑफ एम.पी. फॉर इंडस्ट्रीज सर्विस एंड ट्रे़ड (कम्पिस्ट) समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि प्रदेश के व्यापार-व्यवसाय और छोटे उद्योगों का मध्यप्रदेश के विकास, अर्थ-व्यवस्था को मजबूत बनाने एवं आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान है। उनके बगैर हम प्रदेश के समग्र विकास की कल्पना नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि परिवर्तन को हम कैसे पहचानें और कैसे अपनाएं, यह हमारे सामने आज सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि आज से बीस साल पहले जो बड़ी-बड़ी कंपनियां थीं, वो अब नहीं हैं क्योंकि उन्होंने बदलाव की बयार को नहीं पहचाना। वो कंपनियाँ जो समय के साथ आगे बढ़ीं,उन्होंने एक मुकाम हासिल किया। श्री कमल नाथ ने ऊबर और ओला कंपनी का उदाहरण देते हुए कहा कि कम समय में इन्होंने व्यापार-व्यवसाय के क्षेत्र में जो तरक्की की है,उसके पीछे मूल कारण था इन्होंने परिवर्तन के दौर को पहचाना और सफलता पाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम शासन-प्रशासन को भी परिवर्तनों से जोड़ना चाहते हैं। इस दिशा में हमारे प्रयास जारी हैं। अगर हमने सरकार चलाने की कार्य-प्रक्रिया में बदलाव नहीं किया तो विकास के मामले में हम पिछड़ जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में हमने हर स्तर पर बदलाव का प्रयास किया है। मेग्नीफिसेंट एम.पी. के जरिए एक वातावरण का निर्माण किया है, जिसके माध्यम से निवेशकों का विश्वास हमें हासिल हुआ है। पिछले साढ़े सात माह के कार्यकाल में हमने तंत्र की उन छोटी-छोटी दिक्कतों को पहचाना है,जिनके कारण निवेशकों को परेशानी थी। उन्होंने उदाहरण दिया कि अतिरिक्त भूमि होने के बाद भी उस पर अन्य उद्योग न चला पाना और सबलीज जैसे प्रावधानों को हमने हटाया। इसके कारण लोगों का सरकार पर भरोसा बना है। श्री कमल नाथ ने बताया कि कृषि, निवेश, पर्यटन और मनोरंजन के क्षेत्र में हमने महत्वपूर्ण प्रयास शुरु किए हैं। इनसे हमारी आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि विकास और रोजगार के लिए परकेपिटा इन्कम और जीडीपी ग्रोथ रेट से ज्यादा जरुरी है लोगों के पास डिस्पोजेबल इन्कम हो। उन्होंने कहा कि मनरेगा और ग्रामीण सड़क योजना का मूल उद्देश्य था कि गांवों में पैसा पहुँचे और लोगों की क्रय शक्ति बढ़े। इससे ही हम आर्थिक विकास कर पायेंगे। उन्होंने कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि हमने विभिन्न संसाधनों के जरिए उत्पादन तो बढ़ा दिया लेकिन बढ़े हुए उत्पादन का उपयोग कैसे होगा, उससे किसानों को कैसे फायदा पहुँचेगा, इस पर हमने ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण किसानों के साथ हमारी अर्थ व्यवस्था भी कमजोर हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक समस्याओं का मूल कारण आर्थिक समस्या है। इसका समाधान हमने ढूँढ़ लिया, तो हम सामाजिक समस्याओं पर नियंत्रण पा लेंगे। श्री कमल नाथ ने कहा कि छोटे व्यापार, व्यवसाय, उद्योग का विकास हो, यह राज्य सरकार की मंशा है। तंत्र के कारण व्यापार, व्यवसाय, उद्योग के विकास में जो दिक्कतें हैं, उन्हें जानने की हमारी अपेक्षा है। हम नहीं चाहते कि किसी को अपना समय शासन-प्रशासन के चक्कर काटने में बर्बाद करना पड़े। यह समय व्यापार-व्यवसाय और अपने काम करने में उपयोग हो, ऐसा वातावरण हम प्रदेश में बनाना चाहते हैं। सरकार प्रदेश के विकास के लिए हर स्तर पर सकारात्मक निर्णय लेने के लिए तत्पर है। हम सबके साथ मिलकर मध्यप्रदेश के विकास का एक नया नक्शा बनाने के लिए आगे बढ़ रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि मेग्नीफिसेंट एम.पी. के जरिए मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने निवेशकों का जो विश्वास जीता है, उसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। श्री सिंह ने अपेक्षा की कि श्री कमल नाथ के नेतृत्व में प्रदेश के व्यापार,व्यवसाय तथा छोटे उद्योगों से जुड़े लोगों की समस्याओं का समाधान होगा।
कम्पिस्ट के उद्देश्यों पर प्रस्तुतिकरण देते हुए श्री प्रताप वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने हमेशा दलगत राजनीति से ऊपर उठकर मध्यप्रदेश का हित चाहा है। श्री वर्मा ने बताया कि सन 2007 में जापान में डीएमआईसी का एक आयोजन था, जिसमें सभी राज्यों की ओर से प्रतिनिधित्व होना था। मध्यप्रदेश से कोई भी प्रतिनिधि नहीं था। तब कमल नाथ केन्द्र में कामर्स मंत्री थे। उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री को फोन कर कहा कि सभी राज्यों का डीएमआईसी में प्रतिनिधित्व है। मध्यप्रदेश का क्यों नहीं। उनकी इस पहल के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने अपना प्रतिनिधि भेजा। श्री वर्मा ने बताया कि हाल ही में सीएमआई की रिपोर्ट में बेरोजगारी के जो आंकड़े सितम्बर माह में जारी हुए हैं, उसमें मध्यप्रदेश में बेरोजगारी की दर 4.2 प्रतिशत है, जो गुजरात, हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश सहित कई राज्यों से कहीं कम है। देश में बेरोजगारी दर 7.7 प्रतिशत है। इसका एक ही कारण है,मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के प्रयास,जो उन्होंने पिछले दस माह में किए हैं।
कार्यक्रम को कम्पिस्ट के अध्यक्ष श्री गोविंद गोयल ने भी संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर से आए व्यापार-व्यवसाय के प्रतिनिधियों से अलग-अलग मुलाकात की। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ को प्रदेश में गौ-संरक्षण और संवर्धन के लिए श्री टी.एस.पाली ने 5 लाख एक हजार रुपये का चैक भेंट किया।

नये रेत नियम से बढ़ेगी प्रदेश की राजस्व आय : मंत्री श्री जायसवाल
22 October 2019
भोपाल. खनिज साधन मंत्री श्री प्रदीप जायसवाल ने मंत्रालय में आयोजित विभागीय परामर्शदात्री समिति की बैठक में कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा बनाये गये रेत नियमों से राजस्व आय में वृद्धि होगी। उन्होंने समिति के सभी सदस्य विधायकों से आग्रह किया कि नये नियमों को वास्तविक स्वरूप में क्रियान्वित करने में सहयोग प्रदान करें। श्री जायसवाल ने बताया कि समिति द्वारा सदस्यों को पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जायेगी और प्रदेश के विभिन्न स्थानों का भ्रमण भी कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि हर वर्ष समिति की त्रैमासिक बैठक होगी, जिसमें सदस्यों को विभागीय गतिविधियों से अवगत कराया जाएगा और सकारात्मक सुझाव प्राप्त कर उन पर अमल किया जाएगा। बैठक में सदस्य विधायक सर्वश्री कुँवर प्रद्युम्न सिंह लोधी, विक्रम सिंह, प्रदीप पटेल, नारायण पट्टा और महेश परमार ने क्रमश: अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र के बारे में सुझाव दिये।
प्रमुख सचिव श्री नीरज मण्डलोई ने बताया कि नये रेत नियमों के क्रियान्वयन के बारे में किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि ब्लास्टिंग से होने वाले नुकसान को रोकने के लिये जिला कलेक्टर्स को निर्देश जारी किये जायेंगे। खनिज के क्षेत्र में नए रेत नियमों के अंतर्गत कार्य करने वाले ठेकेदारों से नवाचार के अंतर्गत विकास कार्य भी कराये जायेंगे। प्रमुख सचिव ने बताया कि कलेक्टर्स को नये नियमों का पालन करने के निर्देश जारी कर दिये गये हैं। संचालक श्री विनीत कुमार आस्टिन ने नये रेत नियम एवं गौण खनिजों के विषय में विस्तारपूर्वक बताया। सचिव श्री नरेन्द्र सिंह परमार सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

"आपकी सरकार - आपके द्वार" शिविर में मंत्री श्री यादव और डॉ. चौधरी
22 October 2019
भोपाल.स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने रायसेन जिले के बेगमगंज में 'आपकी सरकार-आपके द्वार' विकासखण्ड स्तरीय शिविर में कहा कि प्रदेश सरकार किसानों से किये गये वादों को पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आमजन की सरकार है। शिविर में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री हर्ष यादव ने कहा कि पहले लोगों को अपना काम कराने के लिये कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने समाज के प्रत्येक वर्ग की चिंता करते हुए निर्णय लिया कि शासन-प्रशासन समाज के अंतिम व्यक्ति तक चलकर जायेगा। समस्याओं को सुनेगा, शिकायतों का निराकरण करेगा। प्रत्येक पात्र हितग्राही को लाभान्वित किया जायेगा।
मंत्री द्वय ने शिविर में आमजन की समस्याओं को सुना। कई लोगों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया। शेष आवेदनों पर त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिये। शिविर में आये लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। दिव्यांग लोगों को प्रमाण-पत्र एवं उपकरण वितरित किये गये।

केन्द्र सरकार शीघ्र जारी करे 6621.28 करोड़ की राहत राशि
21 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह से मुलाकात की। श्री कमल नाथ ने केन्द्रीय गृह मंत्री को प्रदेश में पिछले दिनों अति-वृष्टि के कारण कई जिलों में आई बाढ़ से हुए नुकसान की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों और अन्य प्रभावितों को तत्काल मदद दिए जाने के लिए केन्द्र सरकार राष्ट्रीय आपदा राहत कोष से शीघ्र ही 6621.28 करोड़ रुपए की राहत राशि जारी करे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने गृह मंत्री को सौंपे ज्ञापन में बताया कि बाढ़ के कारण 55 लाख से अधिक किसान और आम आदमी प्रभावित हुए हैं। अधोसंरचना को भी भारी नुकसान पहुँचा है। श्री कमल नाथ ने बताया कि राज्य में सामान्य से 46 प्रतिशत से अधिक वर्षा हुई है। प्रदेश के 52 में से 20 जिलों में सामान्य से 60 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है। किसानों की सभी फसलों को भारी नुकसान पहुँचा है। मुख्यमंत्री ने केन्द्र से प्रदेश में भारी वर्षा के कारण आई त्रासदी को गंभीर आपदा की श्रेणी में रखने की माँग की।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में 4 अक्टूबर 2019 को मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को भी अति-वृष्टि और बाढ़ के कारण हुए नुकसान का ब्यौरा दिया था। श्री कमल नाथ के आग्रह पर प्रधानमंत्री ने अति-वृष्टि से हुए नुकसान का केन्द्रीय अध्ययन दल से फिर से आकलन करवाया। अध्ययन दल ने 14 से 16 अक्टूबर के बीच प्रदेश के 16 जिलों में हुए नुकसान का जायजा लेकर अपनी रिपोर्ट केन्द्र सरकार को सौंप दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आकलन होने के बाद अब केन्द्र सरकार तत्काल राज्य सरकार को राहत राशि दे ताकि सभी प्रभावितों, विशेषकर किसानों को हुए नुकसान की भरपाई की जा सके। केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया।

देश की पहचान है आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति : मंत्री श्री शर्मा
21 October 2019
भोपाल.जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने आज नर्मदा भवन में धनवंतरि जयंती के परिपेक्ष्य में आयोजित राज्य-स्तरीय समारोह में कहा आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति हमारे देश की पहचान है। इससे सभी रोगों का इलाज संभव है। इसकी अन्य चिकित्सा पद्धति के साथ कोई तुलना नहीं है। श्री शर्मा ने इस मौके पर आयुर्वेदिक चिकित्सकों को वर्ष 2019 के पंडित उद्धव दास मेहता स्मृति चिकित्सा सेवा सम्मान प्रदान किया। आयोजित क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया।
समारोह में समिति के अध्यक्ष श्री कैलाश पंत, डॉ. दीपक मेहता, श्री सुदेश शांडिल्य और अन्य जन-प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।


आदिवासी अंचल को मिलेंगी अंतर्राष्ट्रीय खेल सुविधाएँ
21 October 2019
भोपाल.प्रदेश में आदिवासी छात्र-छात्राओं की खेल प्रतिभा को विकसित करने के मकसद से आदिम-जाति कल्याण विभाग द्वारा 23 खेल परिसर संचालित किये जा रहे हैं। इनमें 17 बालक और 6 कन्या खेल परिसर हैं। ये खेल परिसर पूर्णत: आवासीय हैं। प्रत्येक खेल परिसर में 100 विद्यार्थियों के लिये सीट स्वीकृत हैं। विभाग ने वर्तमान खेल परिसरों में से 7 खेल परिसरों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इन खेल परिसरों में आदिवासी वर्ग के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतिस्पर्धाओं के लिये विशिष्ट कोचिंग सुविधा प्रदान की जायेगी।
जिन 7 खेल परिसरों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएँ प्रदान की जायेंगी, उनमें बालक खेल परिसर, इंदौर में एथेलेटिक्स, स्वीमिंग और डायविंग की सुविधा होगी। बालक खेल परिसर, श्योपुर और खरगौन में ऐथेलेटिक्स, बालक खेल परिसर, शहडोल में क्लाइंबिंग एण्ड बोल्डरिंग, कन्या खेल परिसर, जबलपुर में साइकिलिंग, कन्या खेल परिसर, डही जिला धार में टेबल-टेनिस, बेडमिंटन और स्क्वैश की सुविधाएँ विकसित की जा रहीं हैं। कन्या खेल परिसर, झाबुआ में बालिकाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की तीरंदाजी की कोचिंग दिये जाने की व्यवस्था की जा रही है। इन चयनित खेल परिसरों में विद्यार्थियों को 6 हजार रुपये प्रतिमाह शिष्यवृत्ति दिये जाने का प्रावधान किया गया है।
खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि
आदिम-जाति कल्याण विभाग द्वारा आदिवासी खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिये पुरस्कार दिये जाने की योजना भी संचालित की जा रही है। राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को 21 हजार रुपये और सामूहिक रूप से खेल में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर प्रति खिलाड़ी 10 हजार रुपये की राशि दिये जाने का प्रावधान रखा गया है। द्वितीय पुरस्कार में व्यक्तिगत रूप से 15 हजार रुपये और सामूहिक राशि के रूप में प्रत्येक खिलाड़ी को 7 हजार रुपये, तृतीय पुरस्कार प्राप्त करने पर व्यक्तिगत रूप से 11 हजार रुपये और सामूहिक रूप से 5 हजार रुपये की राशि प्रत्येक खिलाड़ी को दिये जाने का प्रावधान किया गया है। मु

गृह मंत्री श्री बच्चन इंदौर में पुलिस स्मृति दिवस के कार्यक्रम में शामिल होंगे
20 October 2019
भोपाल.गृह मंत्री श्री बाला बच्चन 21 अक्टूबर को इंदौर में पुलिस स्मृति दिवस परेड कार्यक्रम में शामिल होंगे। श्री बच्चन इंदौर के 15वीं वाहिनी परेड ग्राउण्ड शहीद स्मारक पर आयोजित किये जा रहे कार्यक्रम में सुबह 9 बजे पहुँचेंगे।



शासकीय प्राथमिक-माध्यमिक शालाओं में शाला प्रबंधन समितियों का गठन 21 अक्टूबर को
20 October 2019
भोपाल.प्रदेश के सभी शासकीय और अनुदान प्राप्त प्राथमिक तथा माध्यमिक स्कूलों में शाला प्रबंधन समितियों का गठन 21 अक्टूबर को किया जायेगा। राज्य शिक्षा केन्द्र के निर्देश पर सभी जिलों में इसकी आवश्यक तैयारियाँ कर ली गई हैं। शाला शिक्षकों को प्रशिक्षण के साथ ही आवश्यकतानुसार शालावार पर्यवेक्षक भी नियुक्त किये गये हैं।
उल्लेखनीय है कि शिक्षा के अधिकार कानून में सभी शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों के बेहतर प्रबंधन और शैक्षिक गतिविधियों के क्रियान्वयन के लिए शाला प्रबंधन समितियों के गठन का प्रावधान है। ये समिति, बच्चों के शाला नामांकन, नियमित उपस्थिति, गुणवत्तायुक्त शिक्षा और अधोसंरचना कार्यों के साथ बच्चों के बहुआयामी विकास में महत्वपूर्ण भमिका निभाती हैं।
शाला प्रबंधन समितियों में, शाला में पढ़ रहे बच्चों के पालक, शाला के प्रधान शिक्षक, वरिष्ठतम् महिला शिक्षिका, स्थानीय वार्ड के पंच/पार्षद तथा स्थानीय निकाय के सरपंच/अध्यक्ष/महापौर द्वारा नामित अन्य वार्ड की एक महिला पंच/पार्षद के रुप में निर्वाचित जन-प्रतिनिधि भी शामिल रहते हैं। स्कूलों के स्थानीय प्रबंधन के अधिकार भी इन समितियों को रहते हैं।
मध्यप्रदेश राजपत्र क्रमांक 413 दिनांक 04 अक्टूबर 2019 में शिक्षा का अधिकार नियम में किये गये संशोधन अनुसार, प्रत्येक प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला की प्रबंधन समिति में 18 सदस्य होंगे। पूर्व में प्राथमिक स्कूलों में 18 सदस्यीय एवं माध्यमिक स्कूलों में 16 सदस्यीय शाला प्रबंधन समिति गठित की जाती थी। संपूर्ण प्रदेश में, कक्षा 1 से 5 की प्राथमिक, कक्षा 6 से 8 की माध्यमिक एवं कक्षा 1 से 8 तक की संयुक्त प्राथमिक माध्यमिक शालाओं में इन समितियों का गठन वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 के सत्र के लिए किया जा रहा है।
स्कूल शिक्षा विभाग ने शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों में अध्ययनरत्, विद्यार्थियों के पालकों और अभिभावकों से 21 अक्टूबर को स्कूल पहुँचकर, शाला प्रबंधन समिति से जुड़ने और शालाओं के विकास कार्यों में सहभागी बनने का आग्रह किया है।

व्यवस्था के साथ सोच में भी परिवर्तन लाना जरूरी : मुख्यमंत्री
19 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश में व्यवस्था के साथ-साथ सोच में भी परिवर्तन लाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक हम वर्तमान परिस्थितियों के मुताबिक बदलाव नहीं लायेंगे तब तक समग्र विकास के सपने को साकार नहीं कर पाएंगे। मुख्यमंत्री श्री नाथ आज इंदौर के होटल मेरियट में सीआईआई की नेशनल काउंसिल की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश जैव विविधता, खनिज संसाधन, वन सम्पदा के साथ ही क्षेत्रफल की दृष्टि से विशाल प्रदेश है और देश के दिल के रूप में स्थापित है। मध्यप्रदेश की इन विशेषताओं का अगर हम प्रदेश की समृद्धि के लिए उपयोग करते हैं तो हम इसे देश के अव्वल राज्यों की श्रेणी में लाकर खड़ा कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश को विकसित बनाने के सपने को पूरा करने के लिए हम शासन-प्रशासन के साथ ही लोगों की सोच में भी बदलाव ला रहे हैं। आज के वक्त की जरूरत के हिसाब से दिशा और दृष्टि बदल रही है। परिणाम आधारित लक्ष्य निर्धारित कर रहे हैं।
मध्यप्रदेश में निवेश लाने का लक्ष्य भी हम भरोसे के साथ जमीनी हकीकत के रूप में पूरा करना चाहते हैं। आज आर्थिक और सामाजिक क्षेत्र में जो परिवर्तन हो रहे हैं उसके साथ भी हम जुड़ रहे हैं। हमें इसमें रचनात्मक सोच के साथ निवेशकों, उद्योगपतियों के साथ ही आम जनता के भी सहयोग की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक के क्षेत्र में जिस तरह नित नए परिवर्तन हो रहे हैं, नई-नई चीजें सामने आ रही हैं उससे स्पष्ट है कि तकनीकी विकास से आने वाले दस साल में औद्योगिक क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम निवेश के साथ-साथ रोजगार के अवसर बढ़ाने और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। पिछले आठ-नौ माह के कार्यकाल में हमें उत्साहजनक परिणाम भी प्राप्त हुए हैं। निवेश के नक्शे पर मध्यप्रदेश उभरकर सामने आए, युवाओं की सोच के अनुरूप समाज और प्रदेश का निर्माण हो, हमारे देश की विविधता में एकता की जो विशेषता है, उसके अनुरूप मध्यप्रदेश बने हम इस दिशा में भी सुनियोजित सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
श्री नाथ ने कहा कि कृषि क्षेत्र में उन्नति हमारे सामने एक बड़ी चुनौती इस मायने में है कि हमारे किसान अधिक उत्पादन के बाद भी कर्ज के बोझ से दबे हुए हैं। हमने सरकार में आने के बाद 20 लाख किसानों का कर्ज माफ किया है। लेकिन यह कोशिश तभी सफल होगी जब हम किसानों के अधिक उत्पादन का वाजिब उपयोग उनकी आय बढ़ाने में करें। खाद्य प्र-संस्करण इकाईयों का विस्तार करने का हमारा उद्देश्य यही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम एक बहुआयामी सोच के साथ सधे हुए कदमों से आगे बढ़ रहे हैं। मुझे विश्वास है कि आने वाले पाँच सालों में सभी के सहयोग से हम मध्यप्रदेश को समृद्ध और खुशहाल प्रदेश बना सकेंगे।

परम्परागत तरीकों से हटकर गरिमापूर्ण तरीके से शुरू हुआ मैग्नीफिसेंट एमपी
18 October 2019
भोपाल.प्रदेश में निवेशकों के लिए विश्वास के वातावरण के बीच इंदौर में मैग्नीफिसेंट एमपी का मुख्य समारोह परम्परागत तरीकों से हटकर गरिमापूर्ण तरीके से शुरू हुआ। फूल-मालाओं और गुलदस्तों से स्वागत की परम्परा की बजाए एक प्रभावी नृत्य-नाटिका के साथ अतिथियों का स्वागत किया गया। विविध रंगों के साथ आकर्षक नृत्य-नाटिका ने उपस्थित लोगों को भाव-विभोर कर दिया।
प्रदेश में निवेश और उद्योग मित्र वातावरण बनाने के लिए सरकार द्वारा लिए गए निर्णय और प्रयासों को आकर्षक प्रेजेन्टेशन के जरिए रेखांकित किया गया। मध्यप्रदेश की विविधता, सौन्दर्य और संसाधनों की उपलब्धता प्रदर्शित करते एक लघु वृत्तचित्र का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ सहित देशभर से आए सभी शीर्ष उद्योगपति मंच की बजाए मैग्नीफिसेंट एमपी में भाग लेने वाले लोगों के साथ ही बैठे। संभवत: यह पहली बार था कि जब एक प्रतिष्ठापूर्ण समारोह एक नई परम्परा के साथ सम्पन्न हुआ।

!--------------------------18 October 2019-----------------------------> प्रदेश को निवेश फ्रेंडली राज्य बनाने के लिए सरकार नए तौर-तरीके अपनाएगी
18 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि मध्यप्रदेश को निवेश फ्रेंडली राज्य बनाने के लिए सरकार कोई भी कदम और नए तौर-तरीकों को अपनाने में पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने उद्योग समुदाय का आव्हान किया कि वे प्रदेश के विकास में भागीदार बनें और ज्यादा से ज्यादा रोजगार सृजन में मदद करें। सरकार नए निवेश का स्वागत और पूर्व में हुए निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। हम एक जवाबदेह सरकार के रूप में काम करेंगे और निवेशकों को निराश नहीं होने देंगे। श्री कमल नाथ आज इन्दौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेन्टर में "मैग्नीफिसेंट एमपी" इन्वेस्टर समिट के मुख्य समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि आज का आयोजन दिखावे के लिए नहीं है। यह केवल एमओयू साईन करने का भी वैसा मंच नहीं है, जिसमें हजारों करोड़ रूपए के करार हों और जमीन पर उसकी कोई हकीकत न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि वास्तविक रूप में निवेश हो, रोजगार के ज्यादा अवसर मिले, प्रदेश में आर्थिक समृद्धि आए और पूरे प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों का एक ऐसा दौर शुरू हो, जो हर वर्ग के जीवन में खुशहाली लाए। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश को उत्पाद और सेवा देने वाले प्रदेश की श्रेणी से ऊपर ले जाना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं उद्योग समूहों और निवेशकों को यह बताना चाहता हूँ कि मौजूदा दौर में मध्यप्रदेश एक ऐसा राज्य है, जिस पर वे भरोसा कर सकते हैं। हम बताना चाहते हैं कि मध्यप्रदेश जो कहता है, वही करता है। शायद यही कारण है कि आप और हम यहाँ पर इकट्ठा हुए हैं। हमें अपने आप पर भरोसा है और हमारी विश्वसनीयता अडिग है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यह जानती है कि उद्योगों की क्या आवश्यकता है। उन्हें सफल निवेश के लिए उत्कृष्ट, भौतिक और सामाजिक अधोसंरचना चाहिए। श्री कमल नाथ ने कहा कि पिछले दस माह में हमने रात-दिन मेहनत कर असंभव लगने वाले कामों को भी संभव करके दिखाया है। रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए प्रापर्टी गाइड लाईन में व्यापक सुधार किए गए हैं। इंदौर-भोपाल में मेट्रो का काम शुरू किया गया है। कॉलोनाईजर्स के अनुमति और लायसेंस शुल्क को घटाकर 27 से 5 प्रतिशत कर दिया गया है। यह प्रावधान भी किया गया है कि पूरे राज्य के लिये कॉलोनाइजर्स को एक लायसेंस दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में भोपाल, इंदौर इण्डस्ट्रियल कॉरीडोर का विकास हो रहा है, जिसके अंतर्गत सेटेलाईट सिटी भी बनाई जायेगी। भोपाल और इंदौर को मेट्रो से कनेक्ट करने के लिए आर.आर.टी.एस. की व्यवस्था भी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ब्रांडेड होटल्स को विशेष सुविधाएँ देने के साथ ही पर्यटन के क्षेत्र में भी अतिरिक्त सुविधाएँ उपलब्ध करवाएगी। आई.ई.ई.टी.एस. सिंगापुर के सहयोग से प्रदेश में ग्लोबल स्किल पार्क की स्थापना की जा रही है। इससे प्रदेश में कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य होगा, जहाँ ऊर्जा स्टोरेज की क्षमता स्थापित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में कृषि के क्षेत्र में दो लाख सोलर पम्प उपलब्ध कराए गए हैं। उद्योगों को कम दाम पर सोलर एनर्जी उपलब्ध करवाई जाएगी। भूमि स्थानांतरण के प्रकरणों में अनुमति लेने के बजाए स्व-आंकलन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही, डायवर्जन शुल्क को भी युक्तियुक्त बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योग मित्र वातावरण बनाने के लिए शासन-प्रशासन की प्रक्रिया में व्यापक सुधार किया जा रहा है। उन्होंने निवेशक समुदाय से अनुरोध किया कि वे राज्य और यहाँ के नागरिकों के लिए क्या बेहतर किया जा सकता है, इसके बारे में राज्य सरकार को अवश्य बतायें। हम एक जवाबदेह सरकार के रूप में उनका सहयोग करेंगे।
मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती ने मैग्नीफिसेंट मध्यप्रदेश में आए उद्योगपतियों का स्वागत करते हुए कहा कि हम निवेशकों की भागीदारी से एक समृद्ध और खुशहाल मध्यप्रदेश बनाना चाहते हैं। मध्यप्रदेश कृषि क्षेत्र के साथ ही वन और खनिज संपदा से भरपूर राज्य है। हमारी भौगोलिक परिस्थितियाँ उद्योग अनुकूल हैं। राज्य शासन ने यह प्रयास किया है कि नियम, प्रक्रियाएँ इतनी सरल हों कि प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के इच्छुक लोगों को कोई कठिनाई न हो। अंत में आभार प्रदर्शन प्रमुख सचिव उद्योग डॉ. राजेश राजौरा ने किया।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री नर्मदा प्रसाद प्रजापति, लोक निर्माण मंत्री श्री सज्जन सिंह वर्मा, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री आरिफ अकील, वाणिज्यिक कर मंत्री श्री बृजेन्द्र सिंह राठौर, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह, उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और जनम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा एवं वित्त मंत्री श्री तरुण भनोट सहित विभिन्न जन-प्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

संवेदनशील दृष्टि से क्षति का आंकलन हो: राज्यपाल श्री टंडन
7 October 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन से प्रदेश में अतिवृष्टि से हुई फसल क्षति के आंकलन के लिए प्रदेश प्रवास पर आये अंतर मंत्रालयीन केन्द्रीय दल ने आज राजभवन में भेंट की। राज्यपाल ने दल से कहा कि प्रदेश के अतिवृष्टि पीड़ित किसान और गरीब के प्रति संवेदनशील दृष्टि के साथ क्षति का अध्ययन किया जाए। क्षति का आंकलन उदार और व्यावहारिक दृष्टिकोण के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अतिवृष्टि से सोयाबीन और अन्य फसलों की काफी हानि की सूचनाएँ मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के बड़े भू-भाग में सोयाबीन फसल का उत्पादन होता है। अतिवृष्टि से सोयाबीन की फसल को काफी नुकसान हुआ है। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश की कृषि अर्थ-व्यवस्था में सोयाबीन का बड़ा योगदान है। फसल की क्षति से ग्रामीण अर्थ-व्यवस्था पर बहुत प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
राज्यपाल श्री टंडन ने कहा कि मूंग, उड़द, कपास आदि अन्य फसलों की क्षति की खबरें भी प्राप्त हुई हैं। उन्होंने केन्द्रीय दल से अपेक्षा की कि फसल क्षति से प्रभावितों को उचित राहत मिले। केन्द्र सरकार द्वारा दी जाने वाली आपदा राहत अधिकतम हो। केन्द्रीय दल द्वारा इस दिशा में सकारात्मक पहल की जाए।
राज्यपाल को राज्य सरकार द्वारा अतिवृष्टि से हुई क्षति के संबंध में ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। बैठक में प्रमुख सचिव राजस्व श्री मनीष रस्तोगी, राज्यपाल के सचिव श्री मनोहर दुबे एवं केन्द्रीय दल के सदस्य उपस्थित थे।

"मैग्नीफिसेंट मध्यप्रदेश" बनाना हमारा लक्ष्य
7 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि मेरी प्राथमिकता मध्यप्रदेश को एक ऐसी दिशा और दृष्टि देना है, जिससे प्रदेश का हर वर्ग लाभान्वित हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संसाधनों की कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि हम उनका उपयोग कैसे 'मैग्नीफिसेंट मध्यप्रदेश' बनाने में करें। पिछले दस माह में हमने इस दिशा में अपनी नीयत और नीति से यह बताया है कि हमारा लक्ष्य सिर्फ और सिर्फ विकास है, जिसमें किसानों को दाम और नौजवानों को काम मिले। श्री नाथ आज होटल जहाँनुमा में निजी चैनल के 'बिजनेस लीडर्स मध्यप्रदेश सम्मान समारोह' को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के पास अकूत वन और खनिज संपदा है। प्रदेश की 70 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। कृषि क्षेत्र सुदृढ़ हो और किसानों की आय में वृद्धि हो, यह हमारी प्राथमिकता है। ऋण माफी के जरिए हमने किसानों के बोझ को कम किया है। अब हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि अधिक उत्पादन का किस तरह उपयोग करें, जिससे किसानों को फायदा मिले। हम कृषि और उद्योग क्षेत्र के बीच में एक सेतु बनाने का प्रयास कर रहे हैं। खाद्य प्र-संस्करण इकाइयों के माध्यम से किसानों के अधिक उत्पादन का उपयोग हो सकेगा। उन्होंने कहा कि जीडीपी का मायने हमारे लिए यह है कि मध्यप्रदेश में आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ें। इससे हम लोगों की क्रय शक्ति बढ़ा सकेंगे और इससे लोगों को रोजगार भी मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश को हमने रोजगार से जोड़ा है। सबसे पहले निवेशकों का विश्वास मध्यप्रदेश के प्रति हो, इस दिशा में हमने काम किया है और हम काफी हद तक इसमें सफल भी हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे लिए वही निवेश महत्वपूर्ण है और उसी को हम प्रोत्साहित करेंगे जो अधिक से अधिक रोजगार दे और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाए। उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल बनाए जाने का उल्लेख करते हुए बताया कि हाल ही में मंत्रीमंडल की बैठक में हमने महत्वपूर्ण निर्णय लिए, जो निवेश को प्रोत्साहित करने में हमारी मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में स्थापित होने वाले उद्योगों में 70 प्रतिशत स्थानीय लोगों को रोजगार मिले, इसके लिए हमने उद्योग नीति में प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तंत्र को निवेश सहयोगी बनाने के लिए भी हमने महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा अगला कदम होगा कि हमारी कल्याणकारी योजनाओं का 'डिलेवरी सिस्टम' मजबूत हो। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सरकार की कई कल्याणकारी योजनाएँ चल रही हैं लेकिन हमारी क्रियान्वयन व्यवस्था ठीक न होने से जरूरतमंदों तक उसका लाभ नहीं पहुँच रहा है।
मुख्यमंत्री ने देश में मंदी के दौर पर कहा कि इसके लिए हमें आर्थिक नीतियों में व्यापक सुधार लाना होगा और एक ऐसी व्यवस्था बनानी होगी, जिससे लोगों को सहयोग मिले, परेशानी न हो। श्री नाथ ने कहा कि वर्तमान में गलत दिशा में लिए गए निर्णयों से, जिसमें जीएसटी भी शामिल है हमारी अर्थ-व्यवस्था कमजोर हुई है।
ग्रुप एडिटोरियल डायरेक्टर श्री राज चेंगप्पा ने कहा कि मध्यप्रदेश एक खुश किस्मत राज्य है जिसे श्री कमल नाथ जी जैसा सेनापति मिला है। यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि आज देश के राज्यों के सामने मंदी के इस दौर में विकास की गति को बनाए रखना है। श्री कमल नाथ जी इस चुनौती से निपटने में सबसे सक्षम व्यक्ति हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दस माह के कार्यकाल में मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने अपनी छवि एक कुशल प्रशासक, कार्य करने वाले व्यक्ति और लक्ष्य को पाने वाले व्यक्ति के रूप में बनाई है। उनकी कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है। वे ये मानते हैं कि मध्यप्रदेश में निवेश विश्वास से आएगा, उसे माँगकर नहीं लाया जा सकता। उनका अनुभव निश्चित ही मध्यप्रदेश को ऊँचाइयों तक ले जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने बिजनेस लीडर्स सम्मान समारोह में मध्यप्रदेश में विनिर्माण, सेवा, निर्यात और अन्य सेवाओं के उद्योगों से जुड़े नौ उल्लेखनीय उद्योगपतियों का सम्मान किया। इस मौके पर इंडिया टूडे ग्रुप के चेयरमेन और चीफ एडीटर श्री अरुण पुरी भी उपस्थित थे।

उपयुक्त आवास मिलने तक खाली नहीँ होंगे सरकारी मकान
7 October 2019
भोपाल.जनसम्पर्क मंत्री श्री पी. सी. शर्मा ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अधिकारियों से कहा है कि चक्की चौराहा, तुलसीनगर क्षेत्र के सरकारी आवास कर्मचारियों से तब तक खाली नहीँ कराये जाएँ, जब तक उन्हें उपयुक्त शासकीय आवास नहीँ दे दिये जाते l उन्होंने कहा कि जो आवास दिये गये, उनकी मरम्मत की जाना है, तो मरम्मत की जाये, अन्यथा दूसरे अच्छे उपयुक्त आवास आवंटित किये जायेंl
मंत्री श्री शर्मा आज स्थानीय पार्षद श्री अमित शर्मा के साथ स्मार्ट सिटी क्षेत्र मेँ आने वाले सरकारी मकानों के रहवासियों से मिलने तुलसीनगर चक्की चौराहा गये थे l चक्की चौराहा क्षेत्र वार्ड 31 के रहवासियों ने उन्हें बताया कि स्मार्ट सिटी क्षेत्र मेँ उनके सरकारी आवास हैं। उनको उपयुक्त आवास दिये बिना आवास खाली करने को कहा जा रहा है l श्री शर्मा ने कहा कि रहवासियों को फिक्र करने की ज़रूरत नहीँ l उन्हें उपयुक्त आवास देने पर ही मकान खाली कराये जायेंगे।

गोंड जनजाति कला वर्ष के रूप में मनाया जाएगा मध्यप्रदेश स्थापना दिवस
15 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर प्रदेश के इतिहास और विकास यात्रा को रेखांकित करते हुए आम लोगों की भावनाओं के अनुसार व्यापक पैमाने पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे देश में सर्वाधिक गोंड जनजाति के आदिवासी भाई मध्यप्रदेश में निवास करते हैं। स्थापना दिवस पर गोंड जनजाति की कला और उनके विशिष्ट कार्यों को पूरे देश में प्रचारित किया जाए। उन्होंने गुरुनानक जी के 550वें प्रकाश पर्व, 14 नवम्बर को पं. जवाहर लाल नेहरू के जन्म दिवस और 31 अक्टूबर को पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की पुण्य-तिथि पर पूरे प्रदेश में कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 150वें जयंती वर्ष पर चल रहे कार्यक्रमों की रिपोर्ट भी देने को कहा । श्री कमल नाथ आज मंत्रालय में संस्कृति विभाग की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। चिकित्सा शिक्षा एवं संस्कृति मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ उपस्थित थी।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के अर्थाभावग्रस्त साहित्यकारों एवं कलाकारों की मासिक सहायता और चिकित्सा सहायता राशि में वृद्धि करने के प्रस्तावों को मंजूरी दी। उन्होंने प्रस्ताव मंत्रिमंडल की बैठक में रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश का स्थापना दिवस एक महत्वपूर्ण अवसर है, जब हम रहवासियों को प्रदेश के गौरव से जोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए हम विभिन्न आयोजन कर उसमें प्रदेश के अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि गुरुनानक जी के 550वें प्रकाश पर्व पर राज्य स्तरीय समिति गठित करें और उसके माध्यम से कार्यक्रमों की रूप रेखा तैयार की जाए। मुख्यमंत्री ने पं. जवाहर लाल नेहरू के जन्म दिवस 14 नवम्बर पर बाल सृजन केन्द्रित बहु आयामी गतिविधियों के साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की पुण्य-तिथि पर देश के विकास में उनके अवदान पर आधारित कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल स्थित जनजातीय संग्रहालय के आकर्षण में और अधिक इजाफा करते हुए वहाँ साउण्ड एंड लाइट शो की व्यवस्था भी करें।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बैगा, भारिया और सहरिया जनजातियों से जुड़ी संस्कृति, कला, जीवन आदि पर संदर्भ केन्द्र बनाने को कहा। उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा जिले के पाताल कोट तामिया में भारिया जनजाति बहुतायत में रहती है। उनकी प्रगति और उनके परिवेश को संरक्षित करें।
बैठक में मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार जबलपुर में राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह के नाम पर स्मारक संग्रहालय निर्माण की डीपीआर तैयार करने और भिण्ड जिले में शौर्य स्मारक निर्माण की तत्काल कार्यवाही करने को कहा गया। बताया गया कि सामाजिक सद्भाव के लिए पूरे प्रदेश में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भारत भवन में रंग मंडल रेपर्टरी पुन: स्थापित की जाएगी। युवाओं में रचनाशीलता को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें विभिन्न कला आयामों से जोड़ा जाएगा।
बैठक में मध्यप्रदेश के चित्र शैलाश्रयों के दस्तावेजीकरण एवं संरक्षण तथा लालबाग पैलेस, इंदौर के अनुरक्षण एवं विकास कार्यों का अनुमोदन किया गया। मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहन्ती, प्रमुख सचिव श्री पंकज राग एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

आम आदमी के लिए जन सुविधाएँ बढ़ाना शासन का लक्ष्य : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
15 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आम आदमी की बुनियादी सुविधाओं में निरंतर वृद्धि हो, जिससे वह एक सुरक्षित और सम्मानित जीवन जी सके। श्री कमल नाथ आज लाल परेड ग्राउण्ड में 108 जननी एंबुलेंस के 45 नए वाहनों के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। ये वाहन पुराने वाहनों से रिप्लेस (परिवर्तित) किये गए हैं। मुख्यमंत्री ने 108 जननी एंबुलेंस की नई वाहनों को हरी झंडी दिखाकर आम जनता की सेवा के लिए रवाना किया। इस मौके पर लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट और जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि प्रदेश में नागरिकों को हर सुविधा मिले। एक ऐसा वातावरण प्रदेश में बने, जिसमें हर वर्ग खुश रहे और हमारा प्रदेश खुशहाल बने। श्री कमल नाथ ने कहा कि 108 जननी एंबुलेंस में पुराने वाहनों को बदला जाना इसी कड़ी में एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि नई एंबुलेंस वाहन शुरू होने से सुदूर अंचलों में रहने वाले लोगों को सुचारू रूप से समय पर इलाज मिल सकेगा।
बताया गया कि वर्तमान में प्रदेश के 51 जिलों में 737 संजीवनी 108 जननी एंबुलेंस वाहन संचालित हैं। इनमें से 2.5 लाख किलोमीटर चल चुके अथवा 5 वर्ष से अधिक पुराने हो चुके वाहनों में से 50 वाहनों को नए वाहनों में बदलने की योजना है। जानकारी दी गई कि जननी एक्सप्रेस योजना में अप्रैल 2019 से सितंबर 2019 तक मात्र छ: माह में कुल 2 लाख 94 हजार 595 गर्भवती महिलाओं तथा 39 हजार 299 बीमार शिशुओं को उपचार के लिये समय पर घर से चिकित्सालय तक पहुँचाया गया। इसी प्रकार कुल 2 लाख 64 हजार 513 महिलाओं को प्रसव उपरान्त तथा 28 हजार 24 बीमार शिशुओं को अस्पताल से घर तक पहुंचाया गया। कुल 77 हजार 446 हितग्राहियों को एक अस्पताल से दूसरे उच्च स्वास्थ्य संस्थान तक पहुँचाया गया।

ग्रामीण क्षेत्र के कॉमन सर्विस सेन्टर में भी जमा होंगे बिजली बिल
15 October 2019
भोपाल.ग्रामीण क्षेत्रों के बिजली उपभोक्ता अब ग्राम पंचायतों में स्थित कॉमन सर्विस सेन्टर में भी बिजली बिल जमा कर सकते हैं। इसके लिये विद्युत वितरण कंपनी ने ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत स्तर पर भारत सरकार की सेवा ‘‘कॉमन सर्विस सेन्टर‘‘ स्कीम के अंतर्गत एक समझौता किया है। इसमें एक नए विकल्प के तौर पर मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के भोपाल, नर्मदापुरम्, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों की लगभग 1500 से अधिक ग्राम पंचायतों में स्थापित ‘‘कॉमन सर्विस सेन्टर‘‘ के जरिए बिल भुगतान की सुविधा दी गई है।
ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्र के बिजली उपभोक्ता कॉमन सर्विस सेन्टर में अन्य नागरिक सेवाओं जैसे आधार कार्ड, पेन कार्ड, वोटर कार्ड के साथ अब बिजली बिल भी जमा कर सकते हैं। उपभोक्ताओं को अपने घर के समीप ही ‘‘कॉमन सर्विस सेन्टर‘‘ में बिल जमा करने पर पक्की रसीद प्राप्त होगी। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं से आग्रह किया है कि वे कॉमन सर्विस सेन्टर की सेवाओं का लाभ लें और बिजली बिल समय पर जमा करें।

अफ्रीकी देशों ने भी संविधान बनाने में ली बाबा साहेब अम्बेडकर की मदद
14 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि बाबा साहेब अंबेडकर ने भारतीय संविधान का निर्माण तो किया ही, साथ ही कई अफ्रीकी देशों को उनका संविधान बनाने में मदद भी की। यही कारण है कि अफ्रीकी देशों ने बाबा साहेब की समानता आधारित समाज की सोच को अपनाया है। श्री कमल नाथ छिंदवाड़ा में 63वें धम्म चक्र प्रवर्तन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि हर धर्म का एक संदेश होता है। उन्होंने कहा कि बौद्ध धर्म के संदेश की आज सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण विश्व को आवश्यकता है। बाबा साहेब अंबेडकर देश के ही नहीं बल्कि विश्व के हैं, जिनके कारण हमारे देश की बुनियाद खड़ी है। श्री कमल नाथ ने कहा कि विभिन्न भाषा, जाति, त्यौहार और धर्म के होते हुए भारत आज बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान के कारण ही एक झंडे के नीचे खड़ा है। इतना ही नहीं, बाबा साहेब अंबेडकर की सोच के कारण ही कई अफ्रीकी देशों को स्वतंत्रता भी मिली। उन देशों ने अपने संविधान में बाबा साहेब की सोच को अपनाया। वे लोग आज भी बाबा साहेब को अपना मार्गदर्शक मानते हैं।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि बाबा साहेब एक व्यक्ति नहीं, एक सोच है। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में हमें नई पीढ़ी पर भी ध्यान देना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की नई पीढ़ी की अपनी सोच है। उन्हें भारत की संस्कृति और बाबा साहेब की सोच से परिचित करवाएँ। श्री कमल नाथ ने गौतम बुध्द और डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने ली सेल्फी
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने पेंशनर्स समाज कार्यालय के समीप बने सेल्फी प्वाइंट पर बैठकर सेल्फी भी ली। इस अवसर पर जिले के प्रभारी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री सुखदेव पांसे उपस्थित थे।

छठ पर्व के लिये घाटों पर सभी व्यवस्थाएँ समय पर पूर्ण करने के निर्देश
14 October 2019
भोपाल.जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी शर्मा ने कहा है कि नगर के छोटे और बड़े तालाब सहित अन्य घाटों पर छठ पर्व की व्यवस्थाओं की तैयारियों का वह स्वयं निरीक्षण करेंगे। श्री शर्मा ने कहा कि भोपाल में लगभग 36 घाटों पर छठ पूजा की जाती है।
मंत्री श्री शर्मा ने नगर निगम अधिकारियों से कहा है कि छठ पूजा के लिये सभी कुंडों और घाटों पर पर्याप्त साफ-सफाई और रोशनी आदि की व्यवस्था की जाए। तालाब के घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये जाएं।
भोजपुरी एकता मंच के अध्यक्ष श्री कुंवर प्रसाद ने बताया कि साढे़ तीन लाख से अधिक लोग घाटों पर छठ पूजा करते हैं। छठ पर्व 31 अक्टूबर से शुरू होकर 3 नवम्बर तक जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि 2 नवम्बर को छठ पूजा होगी।
व्यवस्था संबंधी बैठक में आयुक्त नगर निगम श्री विजय दत्ता, भोजपुरी एकता मंच के श्री लक्ष्मण सिंह, श्री गंगा जी, श्री रविन्द्र सिंह, श्री सी.पी. राय, श्री पी.के. तिवारी, श्री देवेन्द्र गिरी, मंटू गिरी आदि मौजूद थे।

हॉकी खिलाड़ियों की अकस्मात मृत्यु से हॉकी जगत को अपूर्णीय क्षति
14 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने प्रदेश के राष्ट्रीय स्तर के हॉकी खिलाड़ियों की सड़क दुर्घटना में अकस्मात मृत्यु होने पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है। श्री कमल नाथ ने शोक संदेश में कहा कि इन खिलाड़ियों की मृत्यु से प्रदेश के हॉकी जगत को अपूर्णीय क्षति हुई है।
श्री कमल नाथ ने कहा कि होनहार खिलाड़ी श्री शाहनवाज खान, श्री आदर्श हरदुआ, श्री आशीष लाल और श्री अनिकेत की दु:खद मृत्यु से उन्हें गहरा आघात पहुँचा है। उन्होंने कहा कि ये सभी खिलाड़ी मध्यप्रदेश का गौरव थे। इनसे न केवल प्रदेश को बल्कि पूरे देश को बड़ी आशाएँ थीं। श्री कमल नाथ ने कहा कि इनके दु:खद निधन से हमने उभरते हुए प्रतिभावान खिलाड़ियों को खो दिया है। पूरा हॉकी जगत सदैव इनकी कमी महसूस करेगा।
मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत खिलाड़ियों की आत्मा को शांति प्रदान करने और उनके परिवारजनों को यह गहन दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री ने दुर्घटना में घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए उन्हें बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं।

राजभवन में दशहरा मिलन समारोह सम्पन्न
9 October 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन की उपस्थिति में राजभवन में आज दशहरा मिलन समारोह संपन्न हुआ। इस मौके पर गणमान्य नागरिकों ने राज्यपाल को दशहरे की शुभकामनाएँ दी।
राजभवन में आयोजित दशहरा मिलन समारोह में चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ, नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह, मुख्य सचिव श्री सुधिरंजन मोहंती, पुलिस महानिदेशक श्री वी.के. सिंह, सभी धर्मों के धर्मगुरू, सामाजिक संस्थाओं के प्रमुख, मानव अधिकार आयोग के सदस्य, सूचना आयोग के सदस्य, शासकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों के कुलपति, जन प्रतिनिधि, साहित्यकार, कलाकार, प्रमुख सचिव, पुलिस, प्रशासन, मीडिया के प्रमुख व्यक्ति एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।


प्रदेश में वास्तविक निवेश पर केन्द्रित होगा मैग्निफिसेंट एमपी समारोह
9 October 2019
भोपाल.मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती ने आज इंदौर में मैग्निफिसेंट एमपी समारोह की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश की अपार संभावनाएँ हैं। इन्हीं संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए निवेशकों को आकर्षित करने के लिये यह समारोह आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैग्निफिसेंट एमपी समारोह वास्तविक निवेश पर केन्द्रित होगा। इसमें निवेश के संबंध में गंभीर चर्चाएँ होंगी और निष्कर्षों पर अमल कराने के सुनिश्चित प्रयास भी किये जायेंगे। श्री मोहंती ने बताया कि प्रदेश में विभागवार उद्योग आधारित नीतियाँ निर्धारित करने के लिये तेजी से काम किया जा रहा है, जिसके परिणाम शीघ्र ही पूरे प्रदेश में दिखाई देंगे। श्री मोहंती आज इंदौर में आयोजन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा कर रहे थे।
मुख्य सचिव ने मैग्निफिसेंट एमपी के आयोजन में आने वाले अतिथियों के लिये उनकी गरिमा के अनुरूप आवास, परिवहन, सुरक्षा आदि व्यवस्थाओं की विभागवार विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आयोजन की सफलता के लिये पूर्ण समन्वय के साथ टीम भावना से सभी काम समय-सीमा में पूर्ण करें। आयोजन के दौरान शहर में संपत्ति विरूपण अधिनियम का पालन सुनिश्चित करायें। अधिकारियों-कर्मचारियों के बगैर अनुमति अवकाश पर जाने पर प्रतिबंध लगायें। मुख्य सचिव ने निर्देश दिये कि व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की कमी नहीं रखी जाये और यह सुनिश्चित किया जाये कि अतिथियों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रतिष्ठापूर्ण आयोजन की व्यापक तैयारियाँ
इंदौर संभाग के आयुक्त श्री आकाश त्रिपाठी ने बताया कि इस प्रतिष्ठापूर्ण आयोजन के लिये इन्दौर में व्यापक तैयारियाँ की जा रही हैं। शहर में आने वाले उद्योगपतियों और औद्योगिक संस्थानों के अधिकारियों की गरिमा के अनुरूप सभी तैयारियाँ निर्धारित समय-सीमा में पूरी कर ली जायेंगी। शहर में इस आयोजन के लिये उत्सवी माहौल है। शहर के मॉल, चौराहों और अन्य प्रमुख स्थानों को प्रदेश में औद्योगिक संभावनाओं और अतिथियों के शानदार स्वागत की दृष्टि से सजाया जा रहा है। श्री त्रिपाठी ने बताया कि अतिथियों की सुविधा के लिये जगह-जगह मार्ग संकेतक लगाए जा रहे हैं। एयरपोर्ट तथा अतिथियों के ठहरने के प्रत्येक स्थान पर समुचित स्वागत और सहायता के लिये आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ योग्य और जानकार अधिकारियों को ही तैनात किया जायेगा। आयोजन के दौरान उज्जैन रोड से एमआर-10 मार्ग पर ट्रकों का आवागमन प्रतिबंधित किया जायेगा। आयोजन स्थल पर विशिष्ट अतिथियों के वाहनों की पार्किंग के लिये उचित व्यवस्था रहेगी। पार्किंग स्थल पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम भी लगाया जायेगा। आयोजन स्थल पर फायर ब्रिगेड और आकस्मिक चिकित्सा की पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी।
समारोह एक नजर में
समीक्षा बैठक में बताया गया कि मैग्निफिसेंट एमपी समारोह के अंतर्गत 17 अक्टूबर को इंदौर में प्रदर्शनी का शुभारंभ होगा और मुख्य कार्यक्रम 18 अक्टूबर को होंगे। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ 18 अक्टूबर को सुबह उद्घाटन सत्र में शामिल होंगे। इस दिन 8 विशेष सत्र होंगे। सत्र दो भागों में दोपहर 2.30 बजे 3.30 बजे तक तथा शाम 4 से 5 बजे तक आयोजित किये जायेंगे। इसके बाद समापन कार्यक्रम होगा। शाम को अतिथियों के लिये सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।
समीक्षा के दौरान प्रमुख सचिव उद्योग डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव जनसम्पर्क श्री संजय शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री वरूण कपूर, ट्रायफेक के प्रबंध संचालक श्री विवेक पोरवाल, मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री विकास नरवाल और इंदौर कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जाटव, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्रीमती रूचिवर्धन मिश्र सहित अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
मुख्‍य सचिव ने देखी आयोजन स्थल की व्यवस्थाएँ
मुख्य सचिव श्री मोहंती ने मैग्निफिसेंट एमपी समारोह के आयोजन स्थल का भ्रमण किया। श्री मोहंती ने व्यवस्थाएँ देखीं और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।

आजीविका मिशन की महिलाएँ नई दिल्ली फूड कोर्ट में लगाएंगी व्यंजनों के स्टॉल
9 October 2019
भोपाल.मध्यप्रदेश आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूहों की 6 महिला सदस्य 10 से 23 अक्टूबर तक नई दिल्ली के इंडिया गेट पर आयोजित फूड-कोर्ट में लोगों को प्रदेश के परम्परागत व्यंजनों और मिठाईयों के स्वाद से परिचित कराएंगी। ये महिला सदस्य हैं छतरपुर जिले की सुश्री पूनम और सुश्री नीरजा अहिरवार, गुना की सुश्री गंगा अहिरवार, सीहोर की सुश्री रजनी राठौर, जबलपुर की सुश्री हिना खान और सुश्री रजनी वर्मन।
महिला सदस्यों को एम.पी. इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटिलिटी ट्रेवल एण्ड टूरिज्म द्वारा दो चरणों में प्रशिक्षित किया गया है। फूड-कोर्ट का आयोजन भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है।
मिशन की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती शिल्पा गुप्ता ने बताया कि भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान के सहयोग से छतरपुर, गुना, सीहोर, जबलपुर, रीवा, बड़वानी, भोपाल, इंदौर और सागर जिले में 18 से 27 सितम्बर और 3 से 7 अक्टूबर तक पाक कला और व्यवसायिकता प्रशिक्षण आयोजित किये गये। इसमें 25 स्व-सहायता समूहों की महिला सदस्यों को स्वादिष्ट पारम्परिक व्यंजन, मिठाइयाँ और नमकीन बनाने का प्रशिक्षण दिया गया।

ऊर्जा मंत्री श्री यादव से मिले रीवा-सोलर प्रोजेक्ट के अधिकारी
9 October 2019
भोपाल.नवीन और नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री हर्ष यादव से आज मंत्रालय में रीवा अल्ट्रा सोलर परियोजना के अधिकारियों ने भेंट की। प्रमुख सचिव श्री मनु श्रीवास्तव और ऊर्जा विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री आर.आर. मीणा उपस्थित थे।
मंत्री श्री यादव को अधिकारियों ने सोलर परियोजना की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी और सौर ऊर्जा की भावी संभावनाओं पर चर्चा की।


मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने विजयादशमी पर्व पर की शस्त्रों-वाहनों की पूजा
8 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने विजयादशमी के अवसर पर आज अपने निवास पर परम्परानुसार शस्त्रों और वाहनों की पूजा की। श्री कमल नाथ ने विधि-विधान से शक्ति की देवी माँ दुर्गा के समक्ष शस्त्रों की पूजा की। उसके बाद उन्होंने वाहनों की पूजा की।
इस मौके पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री एम.डब्ल्यू. नकवी, मुख्यमंत्री के विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी श्री प्रवीण कक्कड़, मुख्य सुरक्षा अधिकारी श्री अजय पाण्डे, ओ.एस.डी. श्री हृदयेश श्रीवास्तव, अन्य अधिकारी- कर्मचारी तथा सुरक्षाकर्मी उपस्थित थे।


एकजुटता की संस्कृति को अक्षुण्ण बनाये रखने के लिये संकल्पित हों प्रदेशवासी
8 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि हमारी समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक परम्पराओं के प्रति गहन आस्थाओं और उसे मिल-जुलकर मनाने की भावनाओं का ही परिणाम है कि हमारा देश सुरक्षित है और हमारी अखण्डता मजबूत है। उन्होंने कहा कि असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक दशहरे का यह पर्व हम सब लोगों के लिए यह संकल्प लेने का दिन है कि हम अपनी एकजुटता की संस्कृति को न केवल अक्षुण्ण बनाये रखेंगे बल्कि इसे और अधिक सुदृढ़ बनाएंगे। श्री कमल नाथ आज शिवाजी नगर में दशहरा उत्सव समिति द्वारा आयोजित रावण दहन समारोह में नागरिकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने समारोह में पहुँचते ही भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के प्रतीक चरित्रों की आरती की। उन्होंने वहाँ स्थापित माँ दुर्गा की झाँकी के भी दर्शन किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आध्यात्म हमारे देश की एक सबसे बड़ी शक्ति है। हमारी सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्म की ताकत का पूरी दुनिया लोहा मानती है। उन्होंने कहा कि आज सबसे बड़ी चिंता यह है कि हमारी यह सांस्कृतिक और आध्यात्मिक एकता की परम्परा, सभ्यता और संस्कार नई पीढ़ी आत्मसात करे। उन्होंने बुजुर्गों, सामाजिक संस्थाओं और जागरूक नागरिकों से अपील की कि वे युवाओं और बच्चों को इन संस्कारों से जोड़ें और इस मार्ग पर चलने के लिए उन्हें प्रेरित भी करें। मुख्यमंत्री ने नागरिकों को विजयादशमी की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आप लोगों की उपस्थिति बताती है कि आने वाले समय में हमारे देश की एकता और अखण्डता सदैव सुरक्षित रहेगी।
जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने कहा कि विजयादशमी पर्व अधर्म पर धर्म की तथा असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आने वाले पाँच सालों में प्रदेश के विकास और समृद्धि में बाधा उत्पन्न करने वाली हर रावण रूपी बुराई को खत्म करने का संकल्प लिया है।
समारोह को पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह तथा पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री सुरेश पचौरी ने भी संबोधित किया। पार्षद श्री योगेन्द्र सिंह चौहान गुडडू और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

खटलापुरा नाव दुघर्टना के मृतकों के परिवार आवास योजना में शामिल
8 October 2019
भोपाल.जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह खटलापुरा नाव दुघर्टना में मृतकों को श्रद्धांजलि देने के लिये आज पिपलानी में आयोजित सामूहिक श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। इसके पूर्व, श्री दिग्विजय सिंह और श्री शर्मा ने मृतकों के परिजनों से उनके निवास पर जाकर शोक संवेदना व्यक्त की। मंत्री श्री शर्मा ने सामूहिक श्रद्धांजलि सभा में बताया कि मृतकों के पीड़ित परिवारों को आवास योजना में शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के निर्देश पर मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रूपये सहायता राशि तत्काल भुगतान की गई। उन्होंने बताया कि शेष 7-7 लाख रूपये सहायता राशि के भुगतान आदेश उसी समय सौंप दिये गये थे। भुगतान आदेश के अनुसार सहायता राशि पीड़ित परिवारों के बैंक खातों में यथाशीघ्र पहुँचाई जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह ने सामूहिक श्रद्धांजलि सभा में कहा कि दुर्घटना में बच्चों की मृत्यु अत्यंत दु:खद है। उन्होंने कहा कि हम सब पीड़ित परिजनों के साथ हैं। श्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि पीड़ित परिवारों को तत्काल 11-11 लाख रूपये की सहायता राशि की स्वीकृति जारी किया जाना मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ की संवेदनशीलता की पहचान है।
आदिवासी विद्यार्थियों को कराया जायेगा देश के गाँधी स्मृति स्थलों का भ्रमण
7 October 2019
भोपाल.प्रदेश के आदिवासी छात्रावासों और शालाओं के विद्यार्थियों को इस वर्ष देश के गाँधी स्मृति स्थलों का शैक्षणिक भ्रमण कराया जायेगा। आदिम जाति कल्याण विभाग ने भ्रमण कार्यक्रम के लिये जिला स्तरीय उत्कृष्ट छात्रावासों को छात्रावास 25-25 हजार रूपये और विशिष्ट विद्यालयों को 50-50 हजार रूपये की राशि स्वीकृत कर दी है।
सभी सहायक आयुक्त और जिला संयोजक से कहा गया है कि शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित औद्योगिक परिसरों और विशिष्ट शैक्षणिक महाविद्यालयों जैसे आईआईटी और आईआईएम परिसर को भी शामिल करें।
दीपावली अवकाश
मध्यप्रदेश ट्रायबल वेलफेयर रेसिडेंशियल एण्ड आश्रम एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस सोसायटी द्वारा संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में इस वर्ष दीपावली का अवकाश 25 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक रहेगा। इसके साथ 6 दिन जोड़कर 25 अक्टूबर से 3 नवम्बर तक बच्चों को घर जाने की छूट रहेगी। प्राचार्यों से विद्यार्थियों की अर्ध-वार्षिक परीक्षाएँ 24 अक्टूबर तक पूर्ण कराने को कहा गया है। इन विद्यालयों में दशहरा का अवकाश 7 से 10 अक्टूबर तक स्वीकृत किया गया है।
आदिवासी विद्यार्थियों की कोचिंग
कक्षा 10 की परीक्षा में 60 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थीयों के लिये आकाँक्षा योजना शुरू की गई है। इसमें कक्षा कक्षा 11वीं और 12वीं में अध्यनरत रहते हुए जे.ई.ई.,नीट,एम्स और क्लेट की राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिये जबलपुर, इंदौर, भोपाल और ग्वालियर में आदिवासी विद्यार्थियों के लिये दो वर्षीय कोचिंग की व्यवस्था की गई है।
आकांक्षा योजना में 800 विद्यार्थियों को कोचिंग दिये जाने की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक कोचिंग सेन्टर में इंजीनियरिंग के लिये 100-100 तथा मेडिकल और क्लेट के लिये 50-50 विद्यार्थियों को कोचिंग दी जाएगी। इस योजना में जबलपुर की मोमेंटम कोचिंग क्लास के लिये करीब 49 लाख 22 हजार रूपये की राशि विभाग द्वारा जारी की गई है।

प्रेमपुरा घाट पर विसर्जन व्यवस्थाओं का मंत्री श्री शर्मा ने किया निरीक्षण
7 October 2019
भोपाल.जनसंपर्क, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने कहा कि प्रेमपुरा घाट पर विसर्जन के लिए की गई व्यवस्थाएं ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि क्रेन से प्रतिमाओं का विसर्जन सीधे तालाब में होगा। इसके साथ ही घाट पर विसर्जन कुण्ड भी बनाए गए है। विसर्जन घाट पर पर्याप्त रोशनी की एवं आवागमन के मार्ग और पर्किंग आदि की समुचित व्यवस्था की गई है। मंत्री श्री शर्मा आज प्रेमपुरा घाट, भदभदा रोड की तैयारियों का निरीक्षण कर रहे थे।
जनसंपर्क मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि विसर्जन स्थल पर नगर निगम, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और एसडीआरएफ आदि के अधिकारियो एवं कर्मचारियों को तैनात किया गया है। यह अधिकारी एवं कर्मचारी पूरे समय जिम्मेदारी के साथ विसर्जन घाट पर व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करेंगे।

ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने 1.20 लाख विद्यार्थियों को कराएंगे वन क्षेत्रों का भ्रमण
7 October 2019
भोपाल.वन मंत्री श्री उमंग सिंघार ने कहा है कि ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिये इस वर्ष शासकीय और अशासकीय विद्यालयों के 1 लाख 20 हजार विद्यार्थियों को वन क्षेत्रों में भ्रमण कराया जायेगा। श्री सिंघार आज वन विहार की विहार वीथिका में राज्य स्तरीय वन्य-प्राणी सप्ताह के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोग आज वनों से दूर होते जा रहे हैं। इसलिये ईको टूरिज्म को प्रोत्साहित करना जरूरी हो गया है। मंत्री श्री सिंघार ने कहा कि मध्यप्रदेश को टाईगर स्टेट घोषित किया गया है। अभी प्रदेश में 526 टाईगर हैं। इस संख्या में वृद्धि के लिये गुजरात सरकार से सहयोग का आग्रह किया गया है।
श्री सिंघार ने इस मौके पर लोगों को वनों और वन्य-प्राणियों के संरक्षण, सर्वधन और सुरक्षा की शपथ दिलाई और ग्रीन कलेण्डर का विमोचन किया। इस मौके पर 'वनरक्षक प्रोटेक्टर ऑफ पेराडाइज' वृतचित्र का प्रदर्शन किया गया। वन मंत्री ने वृत चित्र के निर्माता युवा फिल्मकार श्री फरहान खान को स्मृति चिन्ह भेंट किया।
पुरस्कार वितरण
वन मंत्री श्री सिंघार ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजयी महाविद्यालयीन और विद्यालयीन विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया। राज्य स्तरीय वन्य-प्राणी सप्ताह 2019 में आयोजित प्रतियोगिताओं में करीब 3200 प्रतिभागियों ने भाग लिया। सप्ताह के दौरान चित्रकला, वन्यप्राणी फोटो, वन्यप्राणी संरक्षण के लिये युवा संसद, फोटोग्राफी कार्यशाला, शिक्षक कार्यशाला, सृजनात्मक कार्यशाला, रंगोली, पाम पेंटिग एवं मेहंदी क्विज, फेन्सी ड्रेस, फेस पेंटिग प्रतियोगिताएँ आयोजित की गई।
कार्यक्रम में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री यू. प्रकाशम, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (उत्पादन) श्री एस.पी. रयाल, प्रबंध संचालक लघु वनोपज सहकारी संघ श्री एस.के. मण्डल, प्रबंध संचालक वन विकास निगम श्री भरत कुमार शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (कैम्पा) श्री ए.बी. गुप्ता, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (कार्य आयोजना एवं वन भू-अभिलेख) श्री रमेश कुमार गुप्ता और संचालक वन विहार श्रीमती कमलिका मोहन्ता उपस्थित थे।

राज्यपाल श्री टंडन से उच्च शिक्षा मंत्री श्री पटवारी की सौजन्य भेंट
5 October 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन से आज राजभवन में उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी ने सौजन्य भेंट की। श्री पटवारी ने राज्यपाल को प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किये जा रहे नवाचारों से अवगत कराया। उन्होंने राज्यपाल को विभिन्न विषयों में हुए सुधारों और परिवर्तनों की जानकारी दी। प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री हरिरंजन राव उपस्थित थे।


जबलपुर और छिंदवाड़ा में बनाये जा रहे आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय
5 October 2019
भोपाल.मध्यप्रदेश में आदिवासी समुदाय के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को चिरस्थायी बनाने के लिये छिंदवाड़ा और जबलपुर में संग्रहालय बनाये जा रहे हैं। इसके साथ ही, विशेष पिछड़ी जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के लिये भोपाल में राज्य-स्तरीय तथा डिण्डोरी, छिंदवाड़ा और श्योपुर में जिला-स्तरीय सांस्कृतिक केन्द्र स्थापित किये जा रहे हैं। संग्रहालयों और सांस्कृतिक केन्द्रों की स्थापना के लिये आदिम-जाति कल्याण विभाग के बजट में 53 करोड़ 50 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
छिंदवाड़ा संग्रहालय के लिये शोधकर्ताओं ने 19 आदिवासी सेनानियों और उनके 10 प्रमुख संघर्षों की गाथाएँ संकलित कर ली हैं। गाथाओं का संकलन निरंतर जारी है। संग्रहालय में अत्याधुनिक तकनीक से गाथाओं को प्रदर्शित किया जायेगा। यहाँ तीन मुख्य गैलरियाँ होंगी, जिनमें किले, मॉडलिंग और रेखाचित्र के माध्यम से जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम को प्रदर्शित किया जायेगा। संग्रहालय में मीटिंग और सेमिनार हॉल अलग-अलग रहेंगे। इसके अलावा, फूड कोर्ट भी होगा, जिसमें पर्यटकों के लिये प्रदेश की विभिन्न जनजातियों के पारम्परिक व्यंजन उपलब्ध रहेंगे। पर्यटक संग्रहालय की गतिविधियों को वीडियो मोबाईल एप के माध्यम से भी देख सकेंगे। मोबाईल एप से लोकेशन के आधार पर पर्यटकों को गाइड की तरह रनिंग कॉमेन्ट्री दी जा सकेगी।
जबलपुर में आदिवासी समुदाय के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राजा शंकर शाह और उनके पुत्र कुंवर रघुनाथ शाह की स्मृति में संग्रहालय की स्थापना की जा रही है। इसके साथ ही, प्रदेश की विशेष पिछड़ी बैगा, भारिया और सहरिया जनजाति की संस्कृति तथा कलाओं के संरक्षण के लिये भोपाल में राज्य-स्तरीय सांस्कृतिक केन्द्र स्थापित किया जा रहा है। डिण्डोरी, छिंदवाड़ा और श्योपुर में जिला-स्तरीय सांस्कृतिक केन्द्र बनाये जा रहे हैं।

नोबल पुरस्कार विजेता श्री कैलाश सत्यार्थी की रेरा अध्यक्ष श्री डिसा से सौजन्य भेंट
4 October 2019
भोपाल.नोबल पुरस्कार विजेता श्री कैलाश सत्यार्थी ने आजयहाँ रेरा अध्यक्ष श्री अन्टोनी डिसा से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर कैलाश जीकी धर्मपत्नि श्रीमती सुमेधा कैलाश भी मौजूदथीं।
श्री सत्यार्थी ने रेरा भवन का अवलोकन किया तथा श्री डिसा से विभागीय गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। प्रमुख सचिव महिला-बाल विकास श्री अनुपम राजन, रेरा सदस्य (न्यायिक) श्री दिनेश कुमार नायक, सदस्य (तकनीकी) श्री अनिरूद्ध डी. कपाले, सचिव श्री चंद्रशेखर वालिम्बे सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे!


मध्यप्रदेश में वर्षा से हुई भारी तबाही को गंभीर आपदा की श्रेणी में रखा जाए
4 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात कर प्रदेश में अति-वृष्टि के कारण किसानों की फसलों को हुए भारी नुकसान का ज्ञापन सौंपा। श्री कमल नाथ ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वे पुन: केन्द्रीय अध्ययन दल प्रदेश में भेजें, जिससे क्षति का वास्तविक आकलन हो सके। उन्होंने प्रधानमंत्री से प्रदेश में वर्षा के कारण हुई भारी तबाही को गंभीर आपदा की श्रेणी में रखने की माँग की।
केन्द्र तत्काल जारी करे 9 हजार करोड़ की सहायता
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से एनडीआरएफ से अधोसंरचना पुनर्निर्माण के लिए लगभग 9 हजार करोड़ रुपये की मदद देने का आग्रह किया, जिससे किसानों और आम लोगों को हुए नुकसान की तुरंत भरपाई की जा सके।
मध्यप्रदेश में खरीफ फसलों को हुए नुकसान से पूरा देश प्रभावित
श्री कमल नाथ ने कहा कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर खरीफ फसलों को जो क्षति पहुँची है, उससे पूरा देश प्रभावित होगा क्योंकि मध्यप्रदेश में उत्पादित फसलें पूरे देश की जरूरत पूरी करती हैं। उन्होंने कहा कि अति-वृष्टि और बाढ़ के कारण प्रदेश को 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ को मदद देने का आश्वासन दिया है।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ की प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से लगभग 45 मिनिट तक चर्चा हुई। उन्होंने राज्य में भारी वर्षा के कारण हुई तबाही से किसानों, मकानों, भवनों तथा अन्य क्षति की जानकारी से प्रधानमंत्री को अवगत कराया। श्री कमल नाथ ने प्रधानमंत्री को बताया कि राज्य में अब तक सामान्य से 46 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है। राज्य के 52 जिलों में से 20 जिलों में सामान्य से अधिक 60 प्रतिशत वर्षा हुई है। उन्होंने बताया कि मालवा क्षेत्र के मंदसौर, नीमच और आगर-मालवा अत्याधिक वर्षा के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। धान को छोड़कर सभी फसलें प्रभावित हुई हैं। लगभग एक लाख मकानों को नुकसान पहुँचा है। श्री कमल नाथ ने प्रधानमंत्री को बताया कि अति-वृष्टि के कारण 242 गाँवों को पूर्ण अथवा आंशिक रूप से खाली कराया गया। लगभग 1100 किलोमीटर सड़क मार्ग और 1700 से अधिक पुल-पुलिया क्षतिग्रस्त हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार, भारत सरकार और विभिन्न एजेंसियों की मदद से 75 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुँचाया गया। सभी प्रभावितों की रहने, खाने, कपड़ों, दवाई आदि की व्यवस्था की गई। इसमें स्वयंसेवी संगठनों ने भी सरकार की मदद की है।
केन्द्रीय अध्ययन दल दोबारा करे प्रदेश का दौरा
श्री कमल नाथ ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि पूर्व में केन्द्रीय अध्ययन दल आने के बाद से प्रदेश में अब तक बारिश का दौर जारी है। इसलिए एक बार फिर से नुकसान का सर्वे करवाया जाए, जिससे जो क्षति हुई, उसका वास्तविक आकलन किया जा सके। उन्होंने राष्ट्रीय राहत कोष (एनडीआरएफ) से 6621.28 करोड़ रुपये और अधोसंरचना पुनर्निर्माण के लिए 2285.88 करोड़ रुपये तत्काल उपलब्ध करवाने को कहा, जिससे किसानों और अन्य प्रभावितों को तत्काल मदद दी जा सके।

शुद्ध के लिये युद्ध अभियान में 31 मिलावटखोरों पर रासुका में कार्रवाई
4 October 2019
भोपाल.प्रदेश में विगत 19 जुलाई से मिलावटी खाद्य पदार्थ निर्माताओं और विक्रेताओं के खिलाफ चलाये जा रहे शुद्ध के लिये युद्ध अभियान में अब तक 31 कारोबारियों के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) में कार्यवाही की गई है। इसके अलावा 87 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। अभियान पूरे प्रदेश में निरन्तर जारी है।
अभियान के अन्तर्गत अब तक दूध, दुग्ध उत्पादों और अन्य खाद्य पदार्थों तथा पान मसाला सहित कुल 6,463 नमूने जाँच के लिये एकत्रित किये गये। राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला ने 1484 नमूनों के जाँच प्रतिवेदन जारी किये हैं। इसमें से 491 नमूने अमानक, 112 नमूने मिथ्या छाप, 29 नमूने अपदृव्य, 27 नमूने असुरक्षित, 803 नमूने मानक स्तर और 22 नमूने प्रतिबंधित स्तर के घोषित किये गये हैं।

किसानों को खाद, बीज और कीटनाशक की कमी ना हो: मंत्री डॉ.गोविंद सिंह
3 October 2019
भोपाल.गोविंद सिंह ने दतिया में जिला योजना समिति की बैठक में किसानों के लिए खाद, बीज और कीटनाशक की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इसका पर्याप्त मात्रा में भंडारण कराया गया है।
सहकारिता मंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए उन्हें उद्यानिकी फसलें लेने के लिए प्रेरित करें। हर विकासखण्ड में कम से कम दो उद्यानिकी फसलें विभागीय स्तर पर ली जायें, जिसे देखकर किसानों को प्रेरणा मिले। डॉ. गोविंद सिंह ने बिजली संबंधी शिकायतों के निराकरण के लिए गठित समितियों की नियमित बैठकें आयोजित करने को कहा।
मंत्री डॉ. सिंह ने अति-वर्षा से प्रभावित फसलों का सर्वे जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्वे में कोई भी प्रभावित किसान छूटना नहीं चाहिए। डॉ. सिंह ने जिले में गौ-शालाओं का शीघ्र निर्माण कराने पर बल दिया। वनाधिकार पट्टों की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि दस्तावेजों की कमी के आधार पर अमान्य किए गए वनाधिकार पट्टों के प्रस्तावों पर दस्तावेजों की पूर्ति कराकर अग्रिम कार्यवाही करें।

रायसेन बस दुर्घटना में घायल यात्रियों से मिलने अस्पताल पहुँचे मंत्री डॉ. चौधरी
3 October 2019
भोपाल.रायसेन जिला मुख्यालय के समीप बुधवार की देर रात रीछन नदी के पुल पर बस दुर्घटना की जानकारी मिलते ही जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक दल-बल सहित घटना स्थल पर पहुँचे और बस में फँसे लोगों को निकाला। घायल यात्रियों को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और गंभीर रूप से घायलों को भोपाल के शासकीय हमीदिया अस्पताल भिजवाया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस बस दुर्घटना में 7 यात्रियों की मौके पर ही मृत्यु हो गई। नौ यात्रियों को गंभीर चोटें आयीं तथा अन्य 9 यात्रियों को मामूली चोटें आयीं।
स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी घटना की जानकारी मिलते ही घायल यात्रियों से मिलने जिला अस्पताल पहुँचे। उन्होंने चिकित्सकों से घायलों के उपचार की जानकारी प्राप्त की और आवश्यक निर्देश दिये। डॉ. चौधरी ने मृतक यात्रियों के परिजनों से मिलकर गहन शोक व्यक्त किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों को ढाँढस बँधाते हुए कहा कि दु:ख की इस घड़ी में शासन-प्रशासन हर संभव सहायता के लिये आपके साथ है।
मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने बस दुर्घटना में मृत, गंभीर रूप से घायल और अन्य घायल यात्रियों के परिवारों को तुरंत कुल 29 लाख 82 हजार 500 रुपये आर्थिक सहायता प्रदान की। बस दुर्घटना में मृत 7 यात्रियों के परिजनों को आरबीसी-6 (4) के अंतर्गत 4-4 लाख रुपये और रेडक्रॉस की ओर से 10-10 हजार रुपये आर्थिक सहायता दी गई। गंभीर रूप से घायल 9 यात्रियों को 7500-7500 रुपये तथा अन्य घायलों को 5-5 हजार रुपये आर्थिक सहायता तुरंत प्रदान की गई।
प्रभारी मंत्री श्री हर्ष यादव द्वारा गहन दु:ख व्यक्त
रायसेन जिले के प्रभारी कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री हर्ष यादव ने बस दुर्घटना पर गहन दु:ख व्यक्त किया है। उन्होंने मृत यात्रियों के प्रति शोक-संवेदना व्यक्त की और पीड़ित परिजनों को यह दु:ख सहन करने की शक्ति देने की ईश्वर से प्रार्थना की। श्री यादव ने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। प्रभारी मंत्री ने चिकित्सकों से घायल यात्रियों के उपचार के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक निर्देश भी दिये।

राज्यपाल श्री टंडन से पैरा स्वीमर श्री सत्येन्द्र सिंह की सौजन्य भेंट
3 October 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन से आज राजभवन में विक्रम पुरस्कार से सम्मानित पैरा स्वीमर श्री सत्येन्द्र सिंह ने सौजन्य भेंट की। श्री टंडन ने श्री सिंह को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ और आशीर्वाद दिया। श्री सत्येन्द्र सिंह ने राज्यपाल को बताया कि वे प्रदेश के पहले पैरा स्वीमर हैं, जिन्होंने रिले स्वीमिंग में इंग्लिश चैनल और यू. एस. ए. की कैटरीना चैनल को पार किया है।



हिन्दी भाषा और भारत की तस्वीर एक ही है : राज्यपाल श्री टंडन
2 October 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने कहा है कि हिन्दी भाषा और भारत की तस्वीर एक ही है। आजादी की लड़ाई में हिन्दी भाषा की उल्लेखनीय भूमिका रही है। राज्यपाल आज यहाँ हिन्दी भवन में मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति द्वारा आयोजित हिन्दीतर भाषी हिन्दी सेवी सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल ने कहा कि हिन्दी की बात करने का यह मतलब नहीं कि हिन्दी को दूसरी भाषाओं पर थोपा जाये। उन्होंने गाँधी जी, स्वामी दयानंद सरस्वती और देश के विभिन्न क्षेत्रों के दूसरी भाषाओं के प्रबुद्धजनों का उल्लेख करते हुए कहा कि मातृ भाषा को सम्मान देते हुए सभी हस्तियों ने राष्ट्रभाषा हिन्दी को सर्वोपरि स्थान दिया। जनसम्पर्क मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि गाँधी दर्शन और गाँधी विचार वास्तव में भारतीय समाज के विचार है, भारत का दर्शन है। उन्होंने कहा कि गाँधी जी ने विश्व को शांति और अहिंसा का पाठ पढ़ाया। गाँधी जी की 150वीं जयंती पर संयुक्त राष्ट्र संघ में भी अहिंसा सर्वोपरि विचारों के प्रचार-प्रसार के लिये कार्यक्रम हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि गाँधी जी ने परस्पर सद्भाव और समरसता का दर्शन दिया। श्री शर्मा ने राष्ट्रभाषा प्रचार समिति द्वारा हिन्दी को बढ़ावा देने के लिये निरंतर किये जा रहे प्रयासों की सराहना की। मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति द्वारा कार्य-व्यवहार में हिन्दी को अपनाने वाले, बढ़ावा देने वाले गैर हिन्दी सेवियों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर समिति के उपाध्यक्ष श्री रघुनंदन शर्मा, संचालक श्री कैलाशचन्द पंत, साहित्यकार और हिन्दी भाषा प्रेमी मौजूद थे।
शास्त्रीय संगीत आराधना का माध्यम भी : राज्यपाल श्री टंडन
2 October 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में नाद स्वर को ब्रह्म माना गया है। नाद को मुखरित करने वाले ब्रह्म परमात्मा की वाणी बोलते हैं। शास्त्रीय संगीत के अनेक स्वर और भाव ईश्वर की आराधना के माध्यम हैं। श्री टंडन आज राजभवन में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर संगीत संध्या में उपस्थित श्रोताओं को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर पद्मश्री संगीतज्ञ गुंदेचा बंधुओं ने गायन प्रस्तुतियां दीं।
राज्यपाल श्री टंडन ने कहा कि दुनिया के किसी भी देश में ज्ञान का उतनी संपूर्णता से चिंतन नहीं हुआ है, जितना हमारे देश में हुआ है। उन्होंने कहा कि ध्रुपद के प्रसिद्ध संगीतज्ञ गुंदेचा बंधुओं ने शास्त्रीय संगीत की परंपरा को दुनिया में ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। हम सबके लिए यह गर्व का विषय है। उन्होंने गुंदेचा बंधुओं को भारतीय शास्त्रीय संगीत परंपरा को सारी दुनिया में और अधिक विस्तार करने की शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था महात्मा गांधी के त्याग, बलिदान और संघर्ष की देन है। उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापन के रूप में राजभवन में संगीत संध्या की गई है। महात्मा गांधी ने सारा जीवन एक दर्शन के साथ जिया। श्री टंडन ने कहा कि दीन दुखियों की आवाज बनकर उन्होंने दुनिया को एक नई दिशा दी। मानवता को उनका संदेश, उनका जीवन ही है। महात्मा गांधी ने दुनिया को सत्य और अहिंसा के ऐसे शस्त्र दिए हैं, जिनका अलग-अलग समय और देशों में सफलतापूर्वक प्रयोग हुआ है ।
संगीत संध्या में ध्रुपद गायक पद्मश्री उमाकांत और रमाकांत गुंदेचा के ध्रुपद गायन की रागों बंदिशों पर सुर, लय, ताल की सुमधुर प्रस्तुतियों ने आयोजन को यादगार बना दिया। गुंदेचा बंधुओं के गायन ने सभी का मनमोह लिया। कार्यक्रम में गुंदेचा बंधुओं ने गांधी जी के प्रिय भजनों की प्रस्तुतियां दी। उन्होंने 'वैष्णव जन तो तेने कहिये...' को राग खमाज में और 'साधो मन का मान त्यागो' को राग हंसध्वनि में प्रस्तुत कर भक्ति भाव की अविरल धारा प्रवाहित कर दी।
जब 'हम सब माँहि, सकल हम मॉहि' की राग भैरवी में गुंदेचा बंधुओं की प्रस्तुति के लचीले, भावपूर्ण रसग्राही स्वरों से श्रोतागण मंत्रमुग्ध हो गये। मधुर राग चारुकेशी में 'झीनी झीनी चदरिया' की शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति ने अनूठी छठा सभागार में बिखेर दी।
संगीत संध्या में उमाकांत रमाकांत गुंदेचा को गायन में पखावज पर अखिलेश गुंदेचा और ह्रदेश चोपड़ा ने संगत दी। उनके साथ तानपुरे पर अनंत और धानी गुंदेचा ने सुर साधे। राज्यपाल श्री टंडन ने कार्यक्रम के प्रारंभ में उमाकांत रमाकांत गुंदेचा, अखिलेश गुंदेचा, ह्रदेश चोपड़ा, धानी गुंदेचा, अनंत गुंदेचा और अनिरुद्ध व्यंकटेश का शॉल, श्रीफल, पुष्प भेंट कर सम्मान किया।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ द्वारा "मध्यप्रदेश और गाँधी जी" पुस्तक का लोकार्पण
2 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज यहाँ भारत भवन में गाँधी जयंती पर आयोजित 'गाँधी पर्व'' समारोह में जनसम्पर्क विभाग द्वारा प्रकाशित 'मध्यप्रदेश और गाँधी जी'' पुस्तक का लोकार्पण किया। ज्ञातव्य है कि 'मध्यप्रदेश और गाँधी जी'' पुस्तक का प्रथम संस्करण वर्ष 1969 में गाँधी जन्मशती वर्ष पर प्रकाशित किया गया था। आधी शती के बाद, अब गाँधी जी के 150वें जन्म-दिवस पर इस पुस्तक का पुन: प्रकाशन किया गया है।
यह पुस्तक गाँधी जी की तत्कालीन मध्यप्रदेश यात्राओं और उनके विचारों के संकलन का महत्वपूर्ण दस्तावेज है। पुस्तक दो हिस्सों में परिपूर्ण है। पहला खण्ड 'पदचिन्ह'' गाँधी जी द्वारा अविभाजित मध्यप्रदेश के विभिन्न अंचलों में की गई दस यात्राओं पर केन्द्रित है। दूसरे खण्ड 'प्रेरणा'' में राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी द्वारा पूर्ण रूप से अनुप्राणित स्वाधीनता आंदोलन की चर्चा है, जिसने पूरे मध्यप्रदेश में जन-जागृति के नये मंत्र का संचार किया था।
पुस्तक में प्रकाशित संदेश में मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि गाँधी जी का दर्शन और विचार समय की सीमाओं से परे है और हर काल-खण्ड में प्रासंगिक है। यही कारण है कि आज भी किसी राष्ट्रीय समस्या पर सम्यक रूप से विचार करने की प्रक्रिया गाँधी जी के बगैर संभव नहीं लगती।
आयुक्त एवं सचिव जनसम्पर्क श्री पी. नरहरि ने पुस्तक के प्राक्कथन में कहा कि महात्मा गाँधी की जीवन-यात्रा, दर्शन, चिंतन, दृष्टि और विचारों की सम्पदा से नई पीढ़ी भी अपना मार्ग प्रशस्त कर सकेगी। इससे नई पीढ़ी वैचारिक रूप से भी समृद्ध होगी।

देश, दुनिया और समाज में तनाव से मुक्ति का सशक्त माध्यम है गाँधी मार्ग : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
2 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि आज देश, दुनिया और समाज में जो तनाव है, उससे मुक्त होने के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के विचारों को अपना कर उनके दिखाए गए मार्ग पर चलना जरूरी है। मुख्यमंत्री आज यहाँ महात्मा गाँधी की 150वीं जयंती पर आयोजित पद-यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने रोशनपुरा चौराहे से मिंटो हाल स्थित गाँधी जी की प्रतिमा तक पद-यात्रा की। श्री कमल नाथ ने महात्मा गाँधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वे पुरानी विधानसभा के चौराहे पर स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री लालबहादुर शास्त्री की प्रतिमा स्थल पर पहुँचे और प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गाँधी सिर्फ भारत ही नहीं, विश्व के नेता थे। उन्होंने अपने व्यक्तित्व और कृतित्व से पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनाई थी। मुख्यमंत्री ने अमेरिका के राष्ट्रपति का जिक्र करते हुए कहा कि उनके कार्य स्थल पर भी महात्मा गाँधी का चित्र लगा था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास में एक समय ऐसा आता है, जब सही राह की आवश्यकता होती है। आज हमारे देश, समाज और पूरी दुनिया में जो हालात हैं, उसका निदान महात्मा गाँधी के बताए मार्ग पर चलकर ही संभव होगा। उन्होंने कहा कि गाँधी जी ने अपने साधारण व्यक्तित्व से अंग्रेजों का मुकाबला कर उनसे भारत को मुक्ति दिलाकर असाधारण और अभूतपूर्व काम किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा देश अगर गाँधी जी के रास्ते पर नहीं चला, तो मुझे यह कहने में कतई संकोच नहीं है कि हम और हमारी संस्कृति, दोनों नष्ट हो जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को गर्व है कि उसका नेतृत्व महात्मा गाँधी जैसे महानतम् व्यक्ति ने किया है। आज कांग्रेस पार्टी समाज को देश को जोड़ने की अगर बात करती है, तो यह देन महात्मा गाँधी की है। उन्होंने कहा कि बापू के प्रति हमारी निष्ठा और सम्मान है, तो यह हमारे देश और समाज के लिए भी है।
इस अवसर पर मिंटो हाल स्थित गाँधी जी के प्रतिमा स्थल पर प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। प्रार्थना सभा में श्रीमती विभा शर्मा और उनके साथियों द्वारा गाँधी जी के प्रिय भजन 'वैष्णव जन तो तेने कहिये, जे पीर पराई जाने रे'' और 'पायो जी मैंने, राम रतन धन पायो'' की अविस्मरणीय प्रस्तुति दी गई।
सामान्य प्रशासन मंत्री श्री गोविंद सिंह, जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव श्री संजय कपूर, मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष श्री चंद्रप्रभाष शेखर, महामंत्री श्री राजीव सिंह, कांग्रेस मीडिया प्रकोष्ठ की अध्यक्ष सुश्री शोभा ओझा, कांग्रेस मीडिया समन्वयक श्री नरेन्द्र सलूजा, श्री प्रकाश जैन, श्री कैलाश मिश्रा, श्री अरूण श्रीवास्तव, श्री गोविंद गोयल, मोहम्मद सलीम एवं बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे।

गाँधी जी के मूल्यों और सिद्धांतों को अपनाए युवा पीढ़ी : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
2 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने देश की युवा पीढ़ी का आव्हान किया है कि वे गाँधी जी के मूल्यों और सिद्धांतों को अपनाएँ तथा जीवन में उस पर अमल करें। उन्होंने कहा कि गाँधी जी के मूल्यों को सुरक्षित रखकर ही हम मानव जाति को संकट से बचा सकते हैं। श्री कमल नाथ गाँधी जयंती पर संस्कृति विभाग द्वारा भारत भवन में आयोजित 'गाँधी पर्व'' समारोह का शुभारंभ कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गाँधी ने पूरे विश्व को अपने विचारों, सिद्धांतों और मूल्यों से जोड़ा। उनका सम्पूर्ण जीवन भारतीय संस्कृति में रचा-बसा था। वे अपने कर्म और आचरण को समान रखते थे। उन्होंने एक साधारण लिबास के जरिए न केवल हिन्दुस्तान में अहिंसक क्रांति की बल्कि पूरी दुनिया को अपनी ओर आकर्षित किया। मुख्यमंत्री ने युवा पीढ़ी से कहा कि वे गाँधी को जानें तथा उनकी सोच और विचार में भारतीय संस्कृति और उसकी विविधता, सद्भाव, समानता तथा एकता का समावेश है। उन्होंने कहा कि गाँधी जी को अपने जीवन में अपनाने से न केवल अपने देश को बल्कि दुनिया को विभिन्न संकटों से मुक्ति दिला सकेंगे।
संस्कृति मंत्री डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ ने कहा कि बापू नाम के छोटे से शब्द में पूरे हिन्दुस्तान और दुनिया को हिला कर रख दिया था। उन्होंने कहा कि आज जब विश्व में हथियारों की होड़, आतंकवाद और धार्मिक उन्माद की चुनौतियाँ सामने हों, तब हमें राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के विचार प्रासंगिक लगते हैं। उन्होंने बताया कि गाँधी जी जन-जन तक पहुंचे, इसके लिए संस्कृति विभाग द्वारा रचनात्मक गतिविधियों के जरिए पूरे प्रदेश में कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान विभिन्न बोलियों में जो राष्ट्रभक्ति के गीत गाये जा रहे थे, उनका दस्तावेजीकरण भी किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने 'गाँधी पर्व'' पर 'फिर गाँधी'' कला प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। प्रदर्शनी में गाँधी जी के जीवन और विचारों पर आधारित चित्र, शिल्प और पोस्टर प्रदर्शित किये गये। प्रदर्शनी में गाँधी जी को आधुनिक तकनीक के जरिए आम लोगों तक पहुंचाने से संबंधित श्री सुबोध केरकर द्वारा बनाये गये एप को भी रेखांकित किया गया है। प्रदर्शनी में वर्ष 1937 में महात्मा गाँधी की हृदय संबंधी जाँच का दस्तावेज भी प्रदर्शित किया गया है। मुख्यमंत्री ने गाँधी स्मृति एवं दर्शन समिति दिल्ली एवं मध्यप्रदेश खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के सहयोग से आयोजित खादी कला प्रदर्शनी का भी शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने इस मौके पर जनसम्पर्क विभाग द्वारा गाँधी जी की मध्यप्रदेश यात्राओं और उनके विचारों पर 50 वर्ष पूर्व प्रकाशित पुस्तक के पुन: प्रकाशन का विमोचन किया। गाँधी जी पर पंडित विश्वम्भरनाथ पाण्डे द्वारा लिखित पुस्तक 'उमरेठ के गाँधी'', प्रोफेसर महेशदत्त मिश्र द्वारा लिखित पुस्तक 'हरदा के गाँधी'', सुप्रसिद्ध साहित्यकार श्री ध्रुव शुक्ला द्वारा संपादित गाँधी पर केन्द्रित साक्षात्कार पत्रिका, आश्रम भजनावली के गीत एवं सुराज गीत आधारित चित्र अभिव्यक्तियों का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर गाँधी के विचारों, आदर्शों और दर्शन पर समर्पित पुणे की लोकायत्त संस्था को उत्कृष्ट सेवा कार्यों के लिए राष्ट्रीय महात्मा गाँधी अलंकरण सम्मान दिया गया। सम्मान स्वरूप संस्था के श्री नीरज जैन को दस लाख रूपये की सम्मान निधि, शॉल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। प्रशस्ति वाचन प्रमुख सचिव संस्कृति श्री पंकज राग ने किया। कार्यक्रम में मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के नेतृत्व में "वन्दे-मातरम्" सामूहिक गायन
1 October 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के नेतृत्व में आज मंत्रालय स्थित सरदार पटेल पार्क में राष्ट्रगीत 'वन्दे-मातरम्' और राष्ट्रगान 'जन-गण-मन' का सामूहिक गायन सम्पन्न हुआ। जन-सामान्य ने बढ़ी संख्या में शौर्य स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर पुलिस बैंड के साथ मंत्रालय तक मार्च किया। पुलिस बैंड निरंतर देशभक्ति पूर्ण गीतों की धुनों के साथ वल्लभ भवन की ओर अग्रसर हुआ।
सरदार पटेल पार्क में सामूहिक गायन में जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा, मुख्य सचिव श्री एस.आर.मोहन्ती, अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन श्री के.के. सिंह, अपर मुख्य सचिव जल-संसाधन श्री एम. गोपाल रेड्डी, अपर मुख्य सचिव आयुष श्रीमती शिखा दुबे, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री अनुराग जैन सहित बड़ी संख्या में मंत्रालय, विंध्याचल तथा सतपुड़ा भवन में कार्यरत अधिकारी/कर्मचारी शामिल हुए।

भोज और इंदौर मेट्रो ट्रेन के हर काम की टाइम लाइन बनायें
1 October 2019
भोपाल. भोज और इंदौर मेट्रो ट्रेन के हर काम की टाइम लाइन बनायें और उसी के अनुसार काम करें। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने आज निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए यह निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि फण्ड की कमी नहीं हो, इसके लिये जिन अन्तर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं से लोन के लिए एग्रीमेंट हुआ है, उनसे सतत् सम्पर्क में रहें। उन्होंने कहा कि जरूरी एक्सपर्ट स्टाफ की भर्ती करें। श्री सिंह ने कहा कि ट्रेन शुरू करने की जो समय-सीमा है, उस समय-सीमा में ही कार्य पूरा होना चाहिए।
साथ-साथ करें पुनर्वास कार्य
मंत्री श्री सिंह ने कहा है कि मेट्रो ट्रेन के कारण प्रभावित होने वाले लोगों के पुनर्वास का कार्य भी निर्माण के साथ-साथ करें। उन्होंने कहा कि समन्वित प्रयास होने चाहिए। श्री सिंह ने कहा कि जिस विभाग का काम हो, उस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी से सीधे बात कर समस्या का निराकरण करें। अनावश्यक पत्राचार में समय खराब न करें। श्री सिंह ने इंदौर में बिजली लाइन की शिफ्टिंग का कार्य शुरू कराने के निर्देश दिये।
एयरपोर्ट तक का डी.पी.आर. बनायें
श्री सिंह ने कहा कि करोंद से एयरपोर्ट तक का डी.पी.आर. जल्द बनायें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशानुसार एयरपोर्ट तक मेट्रो ट्रेन ले जाना है। अधिकारियों ने भोज और इंदौर मेट्रो ट्रेन के लिये चल रहे कार्यों का प्रजन्टेशन दिया।
इस मौके पर प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री संजय दुबे, एडिशनल कमिश्नर श्री स्वतंत्र सिंह और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

गाँधी जयंती पर मिन्टो हॉल में पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री जयराम रमेश का व्याख्यान
1 October 2019
भोपाल.गाँधी जयंती 2 अक्टूबर को पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री जयराम रमेश मिन्टो हॉल में सुबह 10.30 बजे 'गाँधी दर्शन-पर्यावरण और प्रकृति' विषय पर व्याख्यान देंगे। पर्यावरण एवं लोक निर्माण मंत्री श्री सज्जन सिंह वर्मा भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। महात्मा गाँधी फेलोशिप, इंदिरा गाँधी फेलोशिप और राष्ट्रीय हरित कोर से संबंधित विद्यार्थी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। ज्ञातव्य है कि पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन (एप्को) ने 2 अक्टूबर 2018 से महात्मा गाँधी के विचारों पर केन्द्रित व्याख्यान माला की शुरूआत की थी।


पाँच दिवसीय गाँधी पर्व 2 से 6 अक्टूबर तक
30 September 2019
भोपाल. संस्कृति विभाग द्वारा गाँधी जयंती 2 अक्टूबर से 6 अक्टूबर तक पाँच दिवसीय गाँधी पर्व मनाया जायेगा। पर्व में रोज शाम 7 बजे से भारत भवन में विभिन्न कार्यक्रम होंगे। दो अक्टूबर को सुबह 10 बजे से 'फिर गाँधी' कला प्रदर्शनी, 'खादी कला प्रदर्शनी', मध्यप्रदेश में महात्मा और 'मोहन से महात्मा' प्रदर्शनी आयोजित की जायेगी। इसी दिन मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ जनसम्पर्क विभाग के प्रकाशन 'मध्यप्रदेश में गाँधी' सहित अन्य प्रकाशनों का विमोचन भी करेंगे।
गाँधी पर्व में गाँधी जी के आचार-विचार पर केन्द्रित प्रकाशनों तथा ऑडियो सी.डी. का विमोचन होगा। मैहर वाद्य वृन्द की तरफ से आश्रम-भजनावली प्रस्तुतिकरण के साथ राष्ट्रीय महात्मा गांधी सम्मान अलंकरण भी होगा। शाम 7 बजे नई दिल्ली की सुश्री गीता चंद्रन 'गाँधी : ताना-बाना' नृत्य नाटिका प्रस्तुत करेंगी।
गाँधी पर्व में 3 अक्टूबर को शाम 7 बजे गाँधी जी के विचारों पर एकाग्र शैरी नशिस्त में सुश्री परवीन कैफ, मुम्बई की सुश्री लता हया और श्री इब्राहिम अश्क प्रस्तुती देंगे। इसके बाद नई दिल्ली की सुश्री विद्या शाह का गायन होगा। चार अक्टूबर को रीवा के श्री शशि कुमार पाण्डेय, श्री सुराज गीत तथा पुणे की सुश्री शमा भाटे द्वारा नृत्य नाटिका 'पीर पराई जाणे रे' होगी।
चौथे दिन 5 अक्टूबर को भोपाल की सुश्री कीर्ति सूद आश्रम भजनावली के पदों का गायन, अलवर के श्री जुम्मे खाँ मेवाती गाँधी गीत और अहमदाबाद के श्री शिशिर भट्ट वैष्णव भजन प्रस्तुत करेंगे।गाँधी पर्व के आखिरी दिवस 6 अक्टूबर को दिल्ली की सुश्री फौज़िया दास्तानगो और श्री फज़ल द्वारा 'दास्तान ए गाँधी : दास्तान गोई' प्रस्तुत किया जायेगा। इसके बाद राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की प्रस्तुति 'पहला सत्याग्रही' नाटक का मंचन होगा।

मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह अति-वृष्टि प्रभावित किसानों से मिले
30 September 2019
भोपाल. नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने राजगढ़ जिले के ग्राम रामलीवे में अति-वृष्टि से प्रभावित किसानों से मिलकर उनकी समस्याएँ सुनी। श्री सिंह ने किसानों को उनकी हर समस्या का समाधान कराने का भरोसा दिलाया।
श्री सिंह ने अधिकारियों से कहा कि मोहनपुरा डेम के कारण खराब हुई सड़कों की जल्द मरम्मत करवायें। उन्होंने बताया कि राजगढ़ को शीघ्र ही मेडिकल कॉलेज की सौगात मिलेगी। विधायक श्री बापूसिंह तंवर एवं अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।


आपकी सरकार-आपके द्वार शिविर में आवेदन का होगा निराकरण मंत्री श्री सिंह
30 September 2019
भोपाल. नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह अपने प्रभार के आगर जिले की सुसनेर तहसील में 'आपकी सरकार आपके द्वार' शिविर में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का तुरन्त निराकरण करने के लिये ही 'आपकी सरकार आपके द्वार' शिविर के माध्यम से सरकार जनता के दरवाजे पर पहुँच रही है। सरकार की मंशा शासन, प्रशासन एवं जनता के बीच की दूरी को कम करना है। उन्होंने कहा कि किसान भाई किसी भी बात की चिन्ता न करें, सरकार हर समय उनके साथ खड़ी है। अति-वृष्टि से हुई फसल नुकसानी का सर्वे करवाकर सभी किसानों को पूरा मुआवजा अतिशीघ्र दिया जाएगा। अतिवृष्टि से मकान आदि की नुकसानी का भी आकलन करवाकर राहत राशि का शीघ्र वितरण कराया जाएगा।
मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने जय किसान ऋण माफी योजना में किसानों को कर्ज से मुक्ति दिलाई है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक घर में नल के माध्यम से पानी मिले, ऐसी व्यवस्था जिले में सुनिश्चित की जाएगी।
श्री सिंह ने शिविर में क्षेत्रीय जनता की समस्याएँ सुनीं। करीब 283 आवेदकों ने उन्हें समस्या संबंधी आवेदन दिए। श्री सिंह ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि आम जनता अपनी समस्याओं के निराकरण के लिये किसी भी स्थिति में परेशान न हो, उनकी समस्या सुनकर निराकरण सुनिश्चित करें।
श्री सिंह ने विधायक श्री विक्रम सिंह राणा गुड्डू के साथ डूब प्रभावित सोयत नगर का दौरा किया । डूब प्रभावित 23 दुकानदारों को 25-25 हजार की आर्थिक सहायता के प्रमाण पत्र बांटे। जिनके मकान क्षतिग्रस्त हुए उन्हें 99 हजार 100 रूपये की आर्थिक सहायता उनके निजी खाते में जमा करने का आश्वासन दिया। किसानों को उनकी बिगडी फसल का पूरा मुआवजा दिलाने, सोयत नगर में नये बस-स्टेण्ड बनाने और ग्रामीण स्वास्थ्य केन्द्र का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन करने का आश्वासन दिया।

गाँधी जी का 150वाँ जयंती वर्ष पूरे प्रदेश में समारोह पूर्वक मनाया जायेगा
28 September 2019
भोपाल.राज्य शासन ने निर्णय लिया है कि राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के 150वें जयंती वर्ष को पूरे प्रदेश में समारोहपूर्वक मनाया जायेगा। जिला कलेक्टर्स को निर्देश जारी किये गये हैं कि गाँधी जी के सिद्धांतों, विचारों और प्रेरणाओं को बच्चों, युवाओं और आमजन तक पहुँचाने के लिये 2 अक्टूबर 2019 से 2 अक्टूबर 2020 तक लगातार गतिविधियाँ आयोजित करें।
प्रदेश के विद्यालयों और महाविद्यालयों में गाँधी जी के आदर्शों, विचारों एवं प्रेरणाओं पर आधारित चित्रकला प्रतियोगिता, निबंध प्रतियोगिता, भाषण, क्विज, विचार गोष्ठी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। शहर के वरिष्ठ नागरिकों, लेखकों, कलाकारों, रंगकर्मियों, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं को कार्यक्रमों से जोड़ा जायेगा।
गाँधी जयंती पर 2 अक्टूबर को जिलों में प्रभात फेरी निकाली जायेगी। इसमें शहर के संस्कृति कर्मी, सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक शामिल होंगे। प्रभात फेरी के समापन स्थल पर भजन कार्यक्रम होगा। गाँधी जी के जीवन दर्शन, ग्राम स्वराज, नशा मुक्ति, कुटीर उद्योगों पर आधारित प्रदर्शनियों का आयोजन भी किया जायेगा।

बुरहानपुर में पारम्परिक कुओं-बावड़ियों के संरक्षण के लिये एप्को की कार्य-योजना
28 September 2019
भोपाल.पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन (एप्को) ने बुरहानपुर जिले के पारम्परिक जल स्त्रोतों को पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया है। एप्को ने कार्य-योजना बनाकर स्थानीय नगरीय निकाय के माध्यम से उसका क्रियान्वयन शुरू कराया है।
कार्य-योजना के अनुसार बुरहानपुर जिले में 71 पारम्परिक कुओं और बावड़ियों तथा कुण्डी भण्डारा के कछार क्षेत्र का संरक्षण किया जा रहा है।इसी तरह 250 शासकीय भवनों के 5807 वर्गमीटर क्षेत्र में वर्षा जल संचयन का कार्य किया जा रहा है। बुरहानपुर नगर के कुण्डी भण्डारा केचमेंट क्षेत्र में ईको रेस्टोरेशन शुरू किया गया है। इससे केचमेंट क्षेत्र के करीब 325 हेक्टेयर भूमि में वन क्षेत्र का ईको रेस्टोरेशन होगा।
देश में एक मात्र जीवित भूमिगत भू-जल संरचना बुरहानपुर के ऐतिहासिक कुण्डी भण्डारे के नाम से प्रसिद्ध है। इसे यूनेस्को हेरिटेज सिटी नेटवर्क के अंतर्गत कनात नाम से जाना जाता है। करीब 600 वर्ष ईसा पूर्व ताप्ती नदी के किनारे बसे बुरहानपुर में 1500 वर्ष काल में 11 राज घरानों ने राज किया। शहर में जल प्रबंधन का अनूठा नमूना है। यहाँ का कुण्डी भण्डारा जल संरक्षण कर लोगों तक पीने का पानी पहुँचाने की विशिष्ट मानव निर्मित संरचना है, जो पूरे देश में सिर्फ यहीं है, जो अभी भी कार्य कर रही है।
मुगल काल के सूबेदार अब्दुल रहीम खानखाना ने 1615 ईसवी में कुंडी भण्डारा को बनाया था। इसमें सतपुड़ा पर्वत मालाओं से ताप्ती की ओर प्रवाहित जल स्त्रोतों का पानी जमीन से 80 फीट नीचे इकट्ठा किया जाता था। इसे भूमिगत नहरों से बुरहानपुर नगर की ओर भेजा जाता था। यह स्थान शहर से 7 किलोमीटर दूर है। पूरे रास्ते में 108 कुंडियाँ ऊपर से खुली हैं ताकि हवा के दबाव से भूमि के चेनल के अन्दर के पानी को एक शक्तिशाली दबाव से ऊपर उठाया जा सके। इस तरह की भूमिगत नहर प्रणाली ईरान-ईराक जैसे देशों में व्यापक स्तर पर बनाई गई है। बुरहानपुर की 400 वर्ष पुरानी इस धरोहर की तकनीक, अभियांत्रिकी, कार्यप्रणाली और डिजाईन को देखने और समझने के लिये दुनिया भर के लोग बुरहानपुर आते हैं। कुंडी भण्डारा का केचमेंट क्षेत्र लगभग 1200 हेक्टेयर है। इससे अभी भी शहर में 10 से 15 प्रतिशत पानी की आपूर्ति होती है।
बुरहानपुर में मंजूर जल संरक्षण योजना में सामूहिक जन-भागीदारी से परम्परागत जल संग्रहण संरचनाओं की मरम्मत और सफाई का काम किया जा रहा है। शहर में चारागाह विकास और मृदानमी संरक्षण का काम प्राथमिकता से किया जा रहा है। शहर में सामुदायिक जन-भागीदारी से वृक्षारोपण की मुहीम भी चलायी गई है।

राज्यपाल श्री टंडन द्वारा विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति का त्यागपत्र अस्वीकृत
27 September 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बालकृष्ण शर्मा का त्यागपत्र अस्वीकृत कर दिया है। राज्यपाल ने कुलपति प्रो. शर्मा को पद पर कार्य करते रहने के निर्देश दिये हैं।
राज्यपाल श्री टंडन ने विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति पद से प्रो. शर्मा का त्याग-पत्र मिलने पर उन्हें समक्ष में उपस्थित होकर पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिये थे। श्री टंडन ने प्रो. शर्मा से त्याग-पत्र के कारणों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय के कुछ छात्रों के उदंडतापूर्ण व्यवहार से शैक्षणिक गतिविधियों के सुचारू संचालन में बाधा उत्पन्न हो रही हैं। छात्रों के ऐसे व्यवहार से आहत होकर वे कुलपति पद से त्याग-पत्र देने को विवश हुए हैं।
श्री लालजी टंडन ने विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति के पक्ष को गंभीरता पूर्वक सुनने के बाद कहा कि विश्वविद्यालय में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जायेगी। अभद्र व्यवहार और उदंडतापूर्ण आचरण करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। श्री टंडन ने प्रो. शर्मा से कहा कि विश्वविद्यालय के कुलपति को परिसर में अनुशासन स्थापित करने के संपूर्ण अधिकार हैं। प्राप्त अधिकारों का निष्पक्ष रहकर विवेकपूर्ण उपयोग करें। उदंड तत्वों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाये। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की गरिमा और शिक्षण व्यवस्था के लिए अनुशासित व्यवहार अनिवार्य है। राज्यपाल ने कहा कि कुलपति के वैधानिक और न्याय संगत कार्यो को राजभवन से पूरा सहयोग मिलेगा। श्री टंडन ने प्रो. बालकृष्ण शर्मा का त्याग-पत्र अस्वीकार करते हुए उन्हें पद पर कार्य करते रहने के निर्देश दिए।

भावी पीढ़ी के लिए सुरक्षित और सुन्दर प्रदेश का निर्माण करें : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
27 September 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज मंत्रालय परिसर में अति दुर्लभ प्रजाति का शल्य कर्णी पौधा लगाया। हरा भोपाल शीतल-भोपाल अभियान में मंत्रालय में बनाए गए अदिती वन में संकटापन्न एवं दुर्लभ प्रजातियों के 32 में से 30 प्रजातियों का पौध-रोपण मुख्यमंत्री के साथ मंत्रिमंडल के सदस्यों ने भी किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि बढ़ते हुए प्रदूषण की रोकथाम और पारम्परिक चिकित्सा पद्धति को जीवित रखने के लिए जंगलों को बचाना जरूरी है। श्री कमल नाथ ने कहा कि हम अपनी भावी पीढ़ी के लिए सुरक्षित और सुंदर प्रदेश का निर्माण करें।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ द्वारा लगाया गया संकटापन्न प्रजाति का शल्यकर्णी पौधा महाभारत कालीन है। यह पौधा उस समय युद्ध और अन्य दुर्घटना में घायल लोगों के घाव भरने में उपयोग किया जाता था। यह प्रजाति आज पूर्णत: विलुप्त होने की कगार पर है।
अदिती वन में संकटापन्न प्रजाति के 6 पौधों में दहिमन, शल्य कर्णी, मेंदा, सोनपाठा, गरूड़ वृक्ष एवं बीजा हैं। इस मौके पर खतरे और संवेदनशील प्रजाति के पौधों में कुंभी, केंकड़, पाडर, कुल्लू, रोहिना, शीशम, धवा, सलई, भिलमा, गधा पलाश, धनकट, कुचला, अंजन, मोखा, तिन्सा, खरहर, भेड़ार, अचार, कुसुम, भुडकुट, हल्दू, खटाम्बा और बड़ प्रजाति के पौधों का रोपण किया गया।
विधानसभा उपाध्यक्ष सुश्री हिना कांवरे, संस्कृति मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ, लोक निर्माण मंत्री श्री सज्जन सिंह वर्मा, जल-संसाधन मंत्री श्री हुकुम सिंह कराड़ा, सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ. गोविंद सिंह, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री श्री आरिफ अकील, पशुपालन मंत्री श्री लाखन सिंह यादव, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, राजस्व मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती इमरती देवी, जनजातीय कार्य मंत्री श्री ओमकार सिंह मरकाम, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, वन मंत्री श्री उमंग सिंघार, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री पी.सी. शर्मा, खाद्य-नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री श्री सचिन सुभाष यादव ने भी पौध-रोपण किया।

ग्राम खजुरिया के "आपकी सरकार-आपके द्वार" शिविर में पहुँचे मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह
27 September 2019
भोपाल.नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह राजगढ़ जिले की ग्राम पंचायत खजूरिया में 'आपकी सरकार-आपके द्वार' शिविर में ही ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर निराकरण किया।
ग्रामीणों की श्री सिंह ने बताया कि 'आपकी सरकार-आपके द्वार' शिविर से अब माहौल बदल रहा है। हर अधिकारी, जन-प्रतिनिधि गाँव-गाँव पहुँच रहे हैं। पहले जो किसान और आम जन तहसील एवं कलेक्ट्रेट कार्यालयों के चक्कर लगाते थे, अब उनकी समस्याओं का निराकरण उनके गाँव में ही हो रहा है।
मंत्री श्री सिंह ने कहा कि आज के शिविर में 511 आवेदनों में से 330 आवेदनों का निराकरण मौके पर किया गया है। कुल 181 आवेदन ऑनलाइन किये गये है। इनका भी शीघ्र निराकरण किया जायेगा। श्री सिंह ने विभिन्न कार्यों का लोकार्पण/भूमि पूजन किया। कार्यक्रम में व़िधायक श्री गोवर्धन दांगी ने भी विचार व्यक्त किये।
नगरीय प्रशासन मंत्री ने खजूरिया तथा आस-पास के गाँव में गौशाला खोलने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यहाँ शा.मा. विद्यालय की बाउंड्रीवाल का निर्माण जन-भागीदारी से कराया जायेगा। श्री सिंह ने कहा कि ऐसे किसानों को भी फसल नुकसान पर आर्थिक सहायता दी जायेगी, जिन्होंने बीमा नही लिया है।
अति-वृष्टि से प्रभावित फसलों का किया अवलोकन
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री सिंह ने ब्यावरा तहसील के विभिन्न ग्रामों में अति-वृष्टि से प्रभावित फसलों का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित फसलों का सर्वे करवाकर जल्द राहत राशि वितरित करें। श्री सिंह ने कहा कि किसानों को फसल बीमा की राशि भी दिलाई जायेगी। श्री सिंह ने 3 गाँवों के सहयोग से निर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने अनुकरणीय कार्य किया है।

ई-ऑफिस सिस्टम लागू करने वाला पहला विभाग बना वन विभाग
27 September 2019
भोपाल.प्रदेश में वन विभाग ई-ऑफिस सिस्टम लागू करने वाला प्रदेश का पहला विभाग बन गया है। वन मंत्री श्री उमंग सिंघार और प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री जे.के.मोहन्ती ने आज ई-फाईल का आदान-प्रदान कर सिस्टम की शुरूआत की।
वन विभाग और मंत्रालय स्थित विभागीय कार्यालय में आज से ई-आफिस सिस्टम लागू होने से पेपरलेस काम की शुरूआत होने के साथ पारदर्शिता भी बढ़ेगी। यह सिस्टम हिन्दी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में काम करेगा। उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा गत 28 जून को सभी विभागों को ई-आफिस सिस्टम लागू करने के निर्देश दिये गये थे। इस पर एन.आई.सी. की सहायता से कार्यवाही करते हुए वन विभाग ने इसे निर्धारित तारीख 2 अक्टूबर से पूर्व ही लागू कर दिया है।
अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं सूचना प्रौद्योगिकी डॉ. संजय कुमार शुक्ला ने बताया कि वन मुख्यालय की सभी शाखाओं और मुख्य वन्य-प्राणी अभिरक्षक मुख्यालय में ई-आफिस प्रणाली शुरू होने से फाईल की स्थिति प्रत्येक स्तर पर ट्रेस होने से गतिशीलता बढ़ने के साथ पारदर्शिता भी आयेगी। अन्य विभागों के सिस्टम से जुड़ जाने के बाद अन्तर्विभागीय गतिविधियों में भी कम समय लगेगा। सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को लगातार इसका प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब तक वन विभाग के सतपुड़ा आफिस में 282 पंजीयन हो चुके हैं। सभी को पासवर्ड दिया जायेगा। प्रणाली में फाईल मेनेजमेंट, नॉलेज मेनेजमेंट, ई-फाईल एम.आई.एस. रिपोर्ट्स, पर्सनल इंफॉर्मेशन मैनेजर सिस्टम, एम्प्लाई-मास्टर डिटेल्स, लीव मेनेजमेंट सिस्टम, लीव एम.आई.एस. रिपोर्ट्स और टूर मेनेजमेंट सिस्टम शामिल हैं।

राज्यपाल की पहल पर स्कूलों में गाँधी जी की पुस्तक का वाचन
26 September 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन की पहल पर गाँधी जी के 150वें जयंती वर्ष में प्रदेश के स्कूलों में विद्यार्थी महात्मा गांधी की पुस्तक का वाचन कर रहे हैं। आज यहाँ शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और शासकीय कमला नेहरू कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में गाँधी जी की पुस्तक 'हिन्द स्वराज' का सामूहिक वाचन किया गया।
गाँधी जी का चिंतन विद्यार्थियों तक पहुंचाने के लिये सभी शासकीय/अशासकीय हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूल में कक्षा 9वीं से 12वीं तक पढ़ रहे सभी विद्यार्थियों को पुस्तक 'हिन्द स्वराज' का वाचन कराया जा रहा है। विद्यालयों में पुस्तक वाचन गत 25 सितंबर से शुरू हुआ है और 2 अक्टूबर तक जारी रहेगा। प्रतिदिन छात्र-छात्राएँ नियमित रूप से पुस्तक के अलग-अलग अध्यायों का वाचन कर रहे हैं।
विद्यालयों में वाचन से संबंधित प्रश्नोत्तरी, निबंध प्रतियोगिताएँ और समूह चर्चाएँ तथा अन्य गतिविधियाँ भी आयोजित की जायेंगी ताकि विद्यार्थी महात्मा गांधी की विचारधारा की प्रासंगिकता, को आत्मसात कर सकें।

राजा भोज के नाम पर होगी मेट्रो रेल परियोजना:मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
26 September 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज भोपाल में मेट्रो रेल परियोजना का शिलान्यास करने के बाद परियोजना का नामकरण राजा भोज के नाम से 'भोज मेट्रो रेल' करने की घोषणा की। उन्होने कहा कि शहरों को सुरक्षित और सुंदर बनाए रखने के लिए जरूरी है कि उनका विस्तारीकरण बुनियादी सुविधाओं के साथ हो। श्री कमल नाथ आज यहाँ एम.पी. नगर में भोपाल मेट्रो रेल परियोजना का भूमि-पूजन कर रहे थे। कार्यक्रम में भोपाल जिले के प्रभारी सहकारिता मंत्री डॉ. गोविंद सिंह और खनिज विकास मंत्री श्री प्रदीप जायसवाल उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि भोपाल में मेट्रो रेल परियोजना के भूमि-पूजन के साथ ही प्रदेश में विकास के एक नये अध्याय की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि मेट्रो सिर्फ आवागमन की दृष्टि से महत्वपूर्ण नहीं है। शहरों में बढ़ती हुई आबादी का नियोजन बेहतर ढंग से हो, इसके लिए यह जरूरी है। उन्होंने कहा कि हमें भविष्य को देखते हुए शहरों के मास्टर प्लान को इस तरह तैयार करना होगा, जिससे हम आने वाली पीढ़ी को हर दृष्टि से सर्वसुविधायुक्त शहर दे सकें। उन्होंने दिल्ली के पास विकसित हुए नोएडा और गुड़गांव का उल्लेख करते हुए कहा कि आज अगर ये दो नए क्षेत्र विकसित नहीं होते, तो दिल्ली की क्या हालत होती, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। इसलिए यह जरुरी है कि हम समय से शहरों के विस्तार की योजना बनाकर लोगों को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाएँ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे शहर स्वच्छ हों, स्मार्ट हों, इसके साथ यह भी जरूरी है कि परिवर्तन के इस दौर में हम अपनी सोच में भी बदलाव लाएं। हर नागरिक अपने अंदर परिवर्तन लाए और अपने शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने में सहयोग करे।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने कहा कि भोपाल शहर का बहुप्रतिक्षित मेट्रो रेल का स्वप्न पूरा होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के सहयोग से 2022 तक इस परियोजना की पहली लाइन को पूरा कर देंगे। श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री शहरी क्षेत्रों के विकास और विस्तार को लेकर निरंतर प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मेट्रो रेल प्रोजेक्ट में दो कॉरीडोर बनेंगे। पहला कॉरीडोर करोंद सर्कल से एम्स अस्पताल तक और दूसरा कॉरिडोर भदभदा चौराहे से रत्नागिरि चौराहे तक बनेगा। इसकी कुल लागत 7 हजार करोड़ रुपये होगी। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री आरिफ अकील ने कहा कि भारत के पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय श्री शंकरदयाल शर्मा के बाद मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ पहले व्यक्ति हैं, जो भोपाल के विकास के लिए प्रयास कर रहे हैं।
जनसम्‍पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने कहा कि भोपाल की जनता मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ की आभारी है, जिन्होंने भोपाल मेट्रो रेल की सौगात को आज जमीन पर साकार किया है। उन्होंने कहा कि श्री कमल नाथ केन्द्रीय मंत्री के रूप में भी भोपाल के विकास के लिए निरंतर भरपूर राशि देते रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार के तत्कालीन नगरीय विकास मंत्री स्वर्गीय श्री बाबूलाल गौर श्री कमल नाथ से शहरी विकास मंत्री के रूप में जब मिले थे, तब उन्होंने भोपाल में नर्मदा जल लाने के लिए 500 करोड़ रुपये देने की मांग की थी। श्री कमल नाथ ने तत्काल यह राशि मध्यप्रदेश सरकार को दी थी। आज भोपालवासियों को जो नर्मदा जल मिल रहा है, यह मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ की ही देन है। श्री शर्मा ने बताया कि जब श्री कमल नाथ प्रदेश के मुख्यमंत्री बने, तब भोपाल से दो फ्लाइट दिल्ली और मुम्बई जाती थीं। उन्होंने कहा कि आज हैदराबाद, अहमदाबाद, इन्दौर से दुबई की भी फ्लाइट शुरु हो गई। उन्होंने कहा कि इससे विकास की न केवल गति बढ़ेगी बल्कि जिस नियोजित तरीके से चिंता के साथ मुख्यमंत्री काम कर रहे हैं, उससे आने वाले पाँच साल में प्रदेश की दशा और दिशा दोनों ही बदल जाएगी।
पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि वर्षों पुरानी विचाराधीन मेट्रो रेल परियोजना आज शुरु हुई। उन्होंने कहा कि भोपाल के विकास के साथ पूरे प्रदेश में अधूरी योजनाओं को पूरा करने के लिये मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ काम कर रहे हैं। इससे निश्चित ही प्रदेश के विकास का एक नया नक्शा बनेगा। उन्होंने बताया कि मेट्रो रेल उनके विजन डाक्यूमेंट का एक हिस्सा था।
कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्यमंत्री ने मेट्रो रेल परियोजना का विधिवत पूजन किया और शिला-पट्टिका का अनावरण किया। भोपाल नगर निगम के महापौर श्री आलोक शर्मा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री संजय दुबे ने भोपाल मेट्रो परियोजना के निर्माण की जानकारी दी। आभार प्रदर्शन क्षेत्रीय विधायक श्री आरिफ मसूद ने किया।
इस मौके पर श्री कैलाश मिश्रा, पूर्व सांसद श्री रामकृष्ण कुसमरिया और असलम शेर खान सहित बड़ी संख्या में भोपाल के नागरिक उपस्थित थे।

प्रजातंत्र की सफलता के लिए नागरिकों को संसदीय प्रणाली का ज्ञान होना आवश्यक
26 September 2019
भोपाल.संसदीय कार्य मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने राज्य संग्रहालय में युवा संसद अभि-विन्यास का शुभारंभ करते हुए कहा कि प्रजातंत्र की सफलता के लिए नागरिकों को संसदीय प्रणाली का ज्ञान होना आवश्यक है। पंडित कुंजीलाल दुबे राष्ट्रीय संसदीय विद्यापीठ द्वारा इस दिशा में किये जा रहे सतत् प्रयास सराहनीय है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि युवा संसद के प्रतिभागी प्राध्यापक, अध्यापक अपने-अपने महाविद्यालयों, विद्यालयों में विद्यार्थियों को संसदीय कार्य प्रणाली से भली-भांति अवगत कराएंगे।
डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि संसदीय मर्यादाओं का पूरा सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यापीठ को स्वयं का भवन बनाने में सरकार मदद करेगी। डॉ. गोविंद सिंह ने पाठ्यक्रम में कई बार हिस्सा ले चुके प्रतिभागियों से कहा कि संसदीय प्रणाली के संबंध में अपने अनुभव बताएं। मैं भी कुछ नया सीखूंगा।
डॉ. अमरजीत सिंह प्राध्यापक शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय रीवा, डॉ. नियाज अहमद अंसारी प्राध्यापक शासकीय महाविद्यालय उमरिया, प्रोफेसर सुश्री रजनी तिवारी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय टीकमगढ़ तथा सुश्री वंदना पांडे शासकीय विद्यालय चूना भट्टी ने संसदीय कार्य पद्धति के विषय में अपने अनुभव बताए। इस मौके पर प्रथम विजेता विद्यालय टीम इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल द्वारा युवा संसद का मंचन भी किया गया।


25 September 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि गुरुनानक देवजी की 550वें प्रकाश उत्सव को पूरे प्रदेश में ऐतिहासिक स्वरूप दिया जाएगा। मध्यप्रदेश में गुरुनानक देवजी की स्मृति से जुड़े स्थलों का सर्वांगीण विकास किया जाएगा और उन्हें धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 550वाँ प्रकाश पर्व मनाने के लिए सरकार राज्य-स्तरीय सिख एवं अन्य धर्मों के प्रतिनिधियों के साथ समिति गठित कर प्रदेश में यात्रा के दौरान आयोजित कार्यक्रमों और सुझावों के अनुरूप रूपरेखा तैयार करेगी। इस मौके पर पूरे प्रदेश से सिख समाज और गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के आये प्रतिनिधियों ने कहा की प्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने सिख समाज के लोगों की बैठक आयोजित की है।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि गुरुनानक देवजी के 550वें पर्व पर प्रदेश से निकलने वाली यात्रा पूरे देश में ऐतिहासिक बने, इसके लिए हम निरंतर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी विषय पर मंथन के लिए सिख समुदाय के लोगों को बुलाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकाश पर्व पर यात्रा धूमधाम से उत्साह के साथ सभी वर्गों के साथ निकले, इसके लिए जरूरी है कि एक राज्य-स्तरीय समिति बने, जिसमें हर वर्ग और प्रदेश के हर अंचल का प्रतिनिधि शामिल हो। उन्होंने कहा कि समिति में राज्य सरकार की ओर से गृह, वित्त, संस्कृति और अध्यात्म विभाग के प्रतिनिधि शामिल होंगे। श्री कमल नाथ ने कहा कि समिति एक सप्ताह में गठित कर दी जाएगी। सभी लोगों के सुझावों के आधार पर यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल सिख समाज के लिए ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के लिए आन-बान और शान का अवसर है। हमारी मंशा है कि यह यात्रा इतनी भव्य हो कि पूरे देश में एक मिसाल बने।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने सिख समाज के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि सिख एक बहादुर और स्वाभिमानी कौम है। मानवता की रक्षा के लिए हमारे सिख गुरुओं ने जो बलिदान दिया है, वह हमेशा इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में अंकित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख समाज कर्मयोगी समाज है, जिसकी वैश्विक उपस्थिति है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में कोई ऐसा देश नहीं है, जहाँ सिख समाज की उपस्थिति नहीं हो। उन्होंने साइबेरिया सहित अन्य सुदूर अंचल के देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि जब मैं वहां विभिन्न अवसरों पर यात्रा पर गया, तो मुझे सिख समाज का व्यक्ति जरूर मिला। सिख समाज जैसी कोई कौम नहीं है, जिसकी पूरे विश्व में उपस्थिति हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गर्व की बात है और इस तथ्य को गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज होना चाहिए।
उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के सभी को निर्देश हैं कि गुरुनानक जी के 550वें प्रकाश पर्व को ऐतिहासिक स्वरूप दिया जाए। उन्होंने कहा कि इन्दौर में गुरुनानक देव जी द्वार बनाने की घोषणा पूरी होने तक वे एक टाईम भोजन करेंगे। बैठक में पूरे प्रदेश से आए सिख समाज और गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव दिए।
पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने सिख समाज को चर्चा के लिए बुलाया
केन्द्रीय गुरुसिंघ सभा मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ के महासचिव श्री सुरजीत सिंह टुटेजा ने सिख समाज की ओर से गुरुनानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर मध्यप्रदेश से निकलने वाली यात्रा को यादगार बनाने के लिए सुझाव-पत्र का वाचन किया और मुख्यमंत्री को भेंट किया। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने सिख समाज को चर्चा के लिए आमंत्रित किया है।
भोपाल के ईदगाह हिल्स गुरुद्वारा के श्री परमवीर ने प्रकाश पर्व के अवसर पर शैक्षणिक संग्रहालय एवं गुरुनानक जी के नाम पर पुरस्कार घोषित करने का सुझाव दिया। इन्दौर गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के श्री जसवीर सिंह गांधी ने सिख समाज के गौरवशाली महापुरुषों की प्रतिमाएँ स्थापित करने का सुझाव दिया। श्री सुरेन्द्र अरोरा ने संभागीय स्तर पर सर्वधर्म सम्मेलन करने और गुरुनानक जी के उपदेश पर केन्द्रित छोटी-छोटी पुस्तकें वितरित करने का सुझाव दिया।
सागर के श्री जितेन्द्र चावला ने पूरे सिख समाज की ओर से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने गुरुनानक जी के नाम पर ट्रॉफी स्थापित करने का सुझाव दिया। जबलपुर के श्री नरेन्द्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने सभी सिख समाज को मंत्रालय में आमंत्रित करके हमारी पगड़ी को ऊंचा करने का काम किया है। उन्होंने मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम का नामकरण गुरुनानक देव जी के नाम पर करने का सुझाव दिया। इटारसी, पिपरिया के श्री जसपाल सिंह भाटिया ने गुरुनानक जी के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने को कहा। देवास के श्री गुरुचरण सिंह सलूजा ने मुख्यमंत्री को साधुवाद देते हुए सिख धर्म की ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करने को कहा। धार के श्री कुलदीप सिंह ढंग ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए धर्मशालाएँ बनाने का सुझाव दिया। अब्दुल्लागंज के श्री गुरुदीप सिंह ने कहा कि 11 अक्टूबर से शुरु हो रहे गुरु पर्व और 12 नवम्बर के बीच एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इन्दौर से श्री मंजीत सिंह भाटिया ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए सिख समाज के बंजारा एवं सिकलीगर समुदाय को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने को कहा। ग्वालियर के श्री राजीव भाटिया ने भी अपने सुझाव दिए।
प्रारंभ आयोजक एवं मीडिया समन्वयक श्री नरेन्द्र सलूजा ने बैठक की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा थी कि गुरुनानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को यादगार पल बनाने के लिए सभी के सुझावों के आधार पर पूरा कार्यक्रम बने। इसी उद्देश्य से यह बैठक आयोजित की गई है। बैठक में पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री सरताज सिंह और प्रदेश के लगभग सभी जिलों से आए सिख समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

एक पद पर लम्बे समय से कार्यरत शासकीय कर्मियों को मिलेंगे उच्च पदनाम
25 September 2019
भोपाल.सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह ने निर्देश दिये हैं कि एक पद पर लम्बे समय से सफलतापूर्वक काम कर रहे शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों को पात्रतानुसार उच्च पदनाम दिये जाने की कार्यवाही शीघ्र पूरी करें। इसी के साथ, निर्माण विभागों में 28 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके पात्र उपयंत्रियों को सहायक यंत्री का पदनाम और डिप्लोमा होल्डर कर्मचारियों को प्रभारी उपयंत्री का पदनाम देने की कार्यवाही की जाये।
डॉ. गोविन्द सिंह ने आज मंत्रालय में शासकीय कर्मचारी कल्याण संगठन की बैठक में यह निर्देश दिये। उन्होंने निर्माण विभागों में रिक्त पदों की पूर्ति करने के लिये कहा। डॉ. सिंह ने कहा कि राज्य सरकार वचन-पत्र में शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों से किये गये वादों को तत्परता से पूरा करने के लिये वचनबद्ध है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री सुखदेव पांसे बैठक में शामिल हुए। अतिरिक्त मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन श्री के.के. सिंह तथा जल-संसाधन, लोक निर्माण, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियन्ता उपस्थित थे।

चिन्हित एक्सीडेन्टल स्पॉट्स को शीघ्र सुधारने के निर्देश
25 September 2019
भोपाल.राज्य सड़क सुरक्षा परिषद के सदस्य सचिव और विशेष पुलिस महानिदेशक श्री महान भारत सागर ने आज पी.टी.आर.आई. में राज्य सड़क सुरक्षा सेल और नोडल अधिकारियों की बैठक ली। श्री सागर ने कहा कि सुधार की आवश्यकता वाले एक्सीडेन्टल स्पॉट्स, डेथ स्पॉट्स और ब्लैक स्पॉट्स चिन्हित किये गये हैं। इनका सुधार कार्य शीघ्र शुरू करें। श्री सागर ने कहा कि नोडल अधिकारी संबंधित विभाग के विषयों को गंभीरता से लें। पूरी जानकारी प्रोफार्मा में जिला और संभाग स्तर पर नियमित रूप से विषयवार और क्षेत्रवार संकलित कर राज्य परिषद को भेजें।
श्री महान भारत सागर ने बताया कि प्रदेश में जिला स्तर पर सड़क सुरक्षा उप-समितियों ने कार्य शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि जिले में क्रैश इन्वेस्टिगेशन के अन्तर्गत दुर्घटना में तीन से ज्यादा मृत्यु और गंभीर रूप से घायल प्रकरण में यह उप-समिति स्पॉट पर जाकर अनुसंधान और विश्लेषण कर अपनी रिपोर्ट राज्य परिषद को भेजेगी।

राज्य अनुसूचित जाति सलाहकार मंडल की बैठक 27 सितम्बर को
25 September 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ की अध्यक्षता में 27 सितम्बर को राज्य अनुसूचित जाति सलाहकार मंडल की बैठक होगी। बैठक मंत्रालय में सुबह 11:30 बजे शुरू होगी। सलाहकार मण्डल के उपाध्यक्ष अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री लखन घनघोरिया बैठक में शामिल होंगे।
सलाहकार मण्डल के सदस्य के रूप में मंत्री-मण्डल के सदस्य श्रीमती विजयलक्ष्मी साधौ, श्री सज्जन सिंह वर्मा, श्री तुलसीराम सिलावट, श्रीमती इमरती देवी, डॉ. प्रभुराम चौधरी के साथ ही विधायक श्री हरीसिंह सप्रे, श्री हरिशंकर खटीक, श्री कमलेश जाटव, श्री रणवीर सिंह जाटव, श्रीमती रक्षा संतराम सरोनिया, श्री जसमंत जाटव, श्री जजपाल सिंह जज्जी, श्री शिवदयाल बागरी, श्री सोहनलाल बाल्मीक, श्री महेश परमार, श्री रामलाल मालवीय और श्री मनोज चावला बैठक में उपस्थित रहेंगे।
अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन, प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति कल्याण, पुलिस महानिदेशक और प्रबंध संचालक राज्य अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम बैठक में शामिल होंगे।

राज्यपाल श्री टंडन कुरूक्षेत्र में देखेंगे जीरो बजट गौ-आधारित प्राकृतिक खेती
24 September 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन 25 सितम्बर को कुरूक्षेत्र (हरियाणा) में गौ-आधारित शून्य लागत प्राकृतिक कृषि मॉडल और गुरुकुल के कृषि फार्म में प्राकृतिक कृषि के व्यापक प्रकल्प का अवलोकन करेंगे। राज्यपाल को राष्ट्रपति द्वारा गठित राज्यपालों की कृषि सुधार समिति के संयोजक, गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने किसानों की आय को दोगुना करने के लिए गौ-आधारित शून्य लागत प्राकृतिक कृषि मॉडल को देखने के लिए आमंत्रित किया है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति द्वारा राज्यपाल श्री टंडन को कृषि और कृषक विषय पर गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत के संयोजन में गठित कृषि सुधार समिति का सदस्य मनोनीत किया गया है। समिति में महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के राज्यपाल भी सदस्य हैं।
राज्यपाल श्री टंडन समिति के समक्ष किसानों की आय को दोगुना करने के संबंध में कृषि आदान लागत को कम करने, उन्नत कृषि तकनीक को बढ़ावा देने, जैविक खेती का विस्तार करने, सिंचाई क्षेत्र के विस्तार और सूक्ष्म सिंचाई को प्रोत्साहन देने, तीसरी फसल के क्षेत्रफल में वृद्धि करने, कृषि वि‍विधिकरण, उद्यानिकी क्षेत्र के विस्तार के प्रयासों पर विशेष बल दिये जाने का पक्ष प्रस्तुत करेंगे। श्री टंडन समिति के समक्ष कृषि क्षेत्र में किये जाने वाले कार्यों की रूपरेखा पर भी प्रकाश डालेगें। उत्पादकता में वृद्धि के साथ जीविकोपार्जन एवं आय को दोगुना करने में मदद के लिए विभिन्न योजनाओं की उपयोगिता एवं प्रभाव का सर्वेक्षण और विश्लेषण कर डाटाबेस बनाने की आवश्यकता बतायेंगे। फसल उत्पादकता बढ़ाने के लिए तकनीकी विकास एवं प्रसार के साथ मौसम परिवर्तन से होने वाले दुष्प्रभाव के प्रबंधन के लिये प्रयासों की जरूरत भी बतायेंगे। जैविक कृषि को बढ़ावा देने के लिये तकनीकी सहयोग और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों तथा तकनीकी हस्तांतरण की जरूरत को रेखांकित करें। कृषि वानिकी से संबंधित तकनीकी विकास के प्रसार, कृषि विज्ञान केन्द्रों का अधिक संख्या में विस्तार और किसानों को उद्यानिकी फसलों की पैदावार के लिये प्रोत्साहित करने के प्रयासों पर बल देंगे। साथ ही पशुपालन के क्षेत्र में गोवंश संरक्षण एवं सुधार के लिए प्रोत्साहित करने, दुग्ध उत्पादकों को कृषि उत्पादकों की भाँति उचित मूल्य एवं सुविधाएँ उपलब्ध कराने का सुझाव भी देंगे।
दलहन, तिलहन, दुग्ध उत्पादन में अव्वल मध्यप्रदेश
ज्ञातव्य है कि मध्यप्रदेश देश का प्रमुख अनाज उत्पादक क्षेत्र है। यहाँ लगभग 63% फसली क्षेत्र में खाद्यान्न उत्पादन होता है, जिसमें वर्ष 2014-15 के अनुसार 41% में अनाज, 21% में दलहन तथा 29% में तिलहन की खेती होती है। दलहन उत्पादन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश में अव्वल है। देश के कुल उत्पादन में मध्यप्रदेश 26.4% योगदान दे रहा है । प्रदेश का चना उत्पादन में 38.6 प्रतिशत और सोयाबीन में 44 प्रतिशत योगदान है। उद्यानिकी फसलों में अमरुद, लहसुन एवं मिर्च के उत्पादन में प्रदेश प्रथम स्थान पर और संतरा, प्याज, हरा मटर तथा धनिया उत्पादन में द्वितीय और टमाटर उत्पादन में तीसरे स्थान पर है। प्रदेश में देश के कुल दुग्ध उत्पादन का 8.34% हो रहा है, जो देश में तीसरे स्थान पर है। प्रदेश में किसानों की आय को दोगुना करने और खेती में सुधार के लिए प्रदेश में अनुसंधान की गतिविधियाँ, जैविक खेती के लिए फसल सुधार योजना, बीज उत्पादन, खेती की तैयारी तथा मृदा की जाँच आदि कार्यक्रमों को प्राथमिकता से नियमित रूप से संचालित किया जा रहा है। कृषि उपज की 58 मंडियों को ई-नाम से भी जोड़ा गया है।

2 अक्टूबर से "शहर सरकार-आपके द्वार" - नगरीय विकास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह
24 September 2019
भोपाल.प्रदेश में गांधी जयंती 2 अक्टूबर से सभी शहरों में नागरिकों की समस्याओं के निराकरण के लिये 'शहर सरकार-आपके द्वार' कार्यक्रम चलाया जायेगा। कार्यक्रम में नगरीय विकास विभाग के अधिकारी मोहल्ले में पहुँचकर लोगों की समस्याओं का निराकरण करेंगे। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने वार्ड-31 के चक्की चौराहा पर मुख्यमंत्री आवास मिशन (शहरी) में हितग्राहियों को अधिकर-पत्रों के वितरण कार्यक्रम में यह बात कही।
मंत्री श्री सिंह ने कहा कि सभी पात्र लोगों को आवासीय भूमि का पट्टा और घर बनाने के लिये राशि दी जायेगी। उन्होंने कहा कि सभी शहरों में मुख्यमंत्री आवास मिशन शुरू किया गया है। सभी 378 नगरीय निकाय के कर्मचारियों को समयमान-वेतनमान की सौगात भी दी गयी है। इंदौर में मेट्रो ट्रेन का भूमि-पूजन किया गया है और 26 सितम्बर को भोपाल में मेट्रो ट्रेन का भूमि-पूजन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि सरकार शहरों के विकास के लिये लगातार काम कर रही है। आवास योजना को समय-सीमा में पूरा करने के लिये कार्य-योजना बनायेंगे। श्री सिंह ने कहा कि भोपाल में जेएनएनयूआरएम योजना में 12,004 आवास और राजीव आवास योजना में 1204 आवास बनाये गये हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना में 51 हजार 694 आवास स्वीकृत किये गये हैं। इनमें से 18 हजार 702 आवासों की निर्माण प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है।
भोपाल बनेगा 'झुग्गी मुक्त-आवास युक्त' शहर
जनसम्पर्क, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने कहा कि भोपाल शहर को 'झुग्गी मुक्त-आवास युक्त' शहर बनाना है। उन्होंने कहा कि झुग्गी में रहने वाले लोगों को पक्के मकान दिये जायेंगे। स्लम क्षेत्रों के लिये सीवेज सिस्टम का एकजाई प्लान बनायें। श्री शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि स्मार्ट सिटी में रहने वाले कर्मचारियों को पहले आवास आवंटित करें, उसके बाद मकान खाली करवायें। जनसम्पर्क मंत्री ने जोर देकर कहा कि बगैर वैकल्पिक आवासीय व्यवस्थों के किसी को भी बेदखल नहीं करें। श्री शर्मा ने कहा कि सभी पात्र लोगों को आवास योजना का लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम में नगर निगम अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह, नेता प्रतिपक्ष मो. सगीर और नगर निगम के पूर्व अध्यक्ष श्री कैलाश मिश्रा ने भी विचार व्यक्त किया। पार्षद श्री अमित शर्मा ने कार्यक्रम का संचालन किया।
कार्यक्रम में अतिथियों ने 15 हितग्राहियों को अधिभार-पत्र वितरित किये। कुल 126 अधिभार-पत्र वितरित किये गए। स्मार्ट सिटी में कुल 342 एकड़ भूमि में से 20 प्रतिशत पर निर्माण करवाया जायेगा। शेष स्थान ओपन ग्रीन प्लेस के रूप में विकसित किया जायेगा।

गाँधी जी के मूल-सिद्धान्तों पर केन्द्रित होंगी ग्राम सभाएँ-मंत्री श्री पटेल
24 September 2019
भोपाल.पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल ने कहा है कि राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की 150वीं जयंती पर 2 अक्टूबर को प्रदेश की समस्त ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाएँ आयोजित की जाएंगी। ग्राम सभाएँ गाँधी जी के ग्राम स्वरोजगार, महिला स्वावलम्बन, ग्राम-स्वराज से ग्राम्य विकास तथा 'सादा जीवन-उच्च विचार' के मूल सिद्धांतों पर आधारित होंगी। ग्राम सभाओं के लिए 24 बिन्दुओं का एजेण्डा तैयार किया गया है।
मंत्री श्री पटेल ने कहा कि इस वर्ष 2 अक्टूबर से अगले वर्ष 2 अक्टूबर तक विभिन्न स्तरों पर महात्मा गाँधी के विचारों पर केन्द्रित कार्यक्रम होंगे। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा में गाँधी जी की ग्राम स्वराज की अवधारणा पर परिचर्चा होगी। साथ ही, पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाने के लिये 'लोगों की सरकार' सिद्धांत को लागू करने के बारे में विचार-विमर्श होगा। महिला सशक्तिकरण के लिये महिला स्व-सहायता समूहों के निर्माण तथा आर्थिक स्वावलंबन के लिये योजना बनाने, स्वच्छ भारत अभियान, कचरे के समुचित निपटान में समुदाय की भागीदारी, मनरेगा में जरूरतमंद परिवारों को नवीन जॉब कार्ड का वितरण और रोजगार उपलब्ध कराने की रणनीति पर चर्चा होगी।
इस मौके पर ग्रामीणों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई जाएगी। प्रत्येक गाँव में जल संरक्षण कार्य प्रारम्भ कराया जाएगा। लेबर बजट के वित्तीय वर्ष 2019-20 के लक्ष्य, अपूर्ण कार्यों को पूर्ण किया जाना, गौशाला निर्माण, नदी पुनर्जीवन की प्रगति, चंदेलकालीन और बुंदेलाकालीन तालाबों एवं प्राचीन तालाबों के जीर्णोद्धार, जल शक्ति अभियान, सिक्योर साफ्टवेयर, नरेगा के नवीन निर्देशों, प्रधानमंत्री आवास योजना के अपूर्ण आवासों की पूर्णता, मध्यान्ह भोजन का वितरण, गर्भ-धारण, पूर्व प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम एवं नियम से संबंधित संदेशों का वाचन भी किया जाएगा।
ग्राम सभा स्तर पर जैव-विविधता प्रबंधन समितियों का गठन करने का संकल्प, राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर कृमि संक्रमण की रोकथाम, आयुष्मान भारत 'निरामयम' योजना, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में ग्राम पंचायत में गठित समूहों की गतिविधियों तथा समूह सदस्यों की सफलता और प्रगति तथा 'मुख्यमंत्री मदद योजना' के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए प्रत्येक ग्राम के आदिवासी मुखिया के नाम की प्रविष्टि विभागीय पोर्टल पर की जाएगी।

राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने की कुपोषण उन्मूलन प्रयासों की समीक्षा
23 September 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने आज राजभवन में प्रमुख सचिव महिला-बाल विकास श्री अनुपम राजन के साथ प्रदेश में कुपोषण उन्मूलन के लिये किये जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। राज्यपाल के सचिव श्री मनोहर दुबे भी मौजूद थे।
राज्यपाल श्री टंडन ने कहा कि स्वस्थ और सशक्त भारत के निर्माण के लिये केन्द्र सरकार द्वारा योजनाएँ संचालित की गई हैं। योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन के साथ-साथ प्रभावी मानीटरिंग भी जरूरी है।
प्रमुख सचिव श्री राजन ने राज्यपाल को प्रदेश में राष्ट्रीय मिशन अंतर्गत संचालित गतिविधियों का ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के समन्वय से सितंबर माह को पोषण आहार माह के रूप मे मनाया जा रहा है। इस दौरान जन-जागृति के विशेष कार्य किए जा रहे हैं। इसमें मीडिया का सक्रिय सहयोग लिया जा रहा है। मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया है। पोषण आहार संबंधी गतिविधियों का कैलेण्डर बनाकर गतिविधियों की मानीटरिंग की जा रही है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश पोषण आहार गतिविधियों के संचालन में देश का अग्रणी राज्य है। राज्य को केन्द्र सरकार ने पोषण आहार की गतिविधियों के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिये प्रथम पुरस्कार 3 करोड़ रूपये प्रदान कर सम्मानित किया है। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी स्तर पर पोषण सभाओं का आयोजन किया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं के हिमोग्लोबिन की जांच और बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के कार्य भी किए गए हैं।
प्रमुख सचिव ने बताया कि आंगनवाड़ी केन्द्र स्तर पर प्रतिदिन कैलेंडर के अनुसार गतिविधियों संचालित की जा रही हैं। परियोजना स्तर पर भी प्रति सप्ताह 2 से 3 बार पोषण गतिविधियाँ और जिला स्तर पर प्रति सप्ताह स्वास्थ्य पोषण संबंधित थीम गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि गणेश चतुर्थी पर्व के दौरान हर घर पोषण आहार का त्यौहार मनाया गया। नवरात्रि के समय यह पुनः मनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप अन्य गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं।

बाढ़ प्रभावितों की मदद का काम मिशन के रूप में करें : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
23 September 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि बाढ़ की विभीषिका से जिन लोगों की फसलें नष्ट हुई हैं, मकान क्षतिग्रस्त हो गये हैं और उन्हें कई तरह के नुकसान हुए हैं, ऐसे लोगों को राहत देने के लिए अधिकारी मिशन के रूप में काम करें। सिर्फ कागजी कार्रवाई न करें। श्री कमल नाथ आज मंदसौर जिले के ग्राम कायमपुर में अधिकारियों की बैठक में बाढ़ से हुए नुकसान और दी गई राहत की समीक्षा कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि भारी वर्षा के नुकसान का सही आकलन करें। कोई भी पात्र न छूटे, यह भी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को राहत देने के लिए जो समय-सीमा निर्धारित की गई है, उसका सख्ती से पालन किया जाए। किसानों को आगामी रबी फसल के लिए समय पर बीज मिले। बीज की उपलब्धता तथा वितरण सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि अधिकारियों के काम का आकलन जनता द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर होगा। राहत और मुआवजा वितरण का मिशन सफल रहा, इसका प्रमाण-पत्र जनता से मिलना चाहिए। श्री कमल नाथ ने कहा कि अधिकारियों को राहत और मुआवजा देने के कार्य में कोई भी दिक्कत महसूस हो, तो वे तत्काल मुख्यमंत्री सचिवालय को सूचित करें। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूँ कि बाढ़ प्रभावितों को यह महसूस हो, कि समय पर उन्हें पूरी मदद सरकार से मिली है।
बैठक में जिले के प्रभारी जल संसाधन मंत्री श्री हुकुम सिंह कराड़ा, विधायक श्री हरदीप सिंह डंग, पूर्व सांसद सुश्री मीनाक्षी नटराजन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक बर्णवाल, उज्जैन संभाग के आयुक्त श्री अजीत कुमार, पुलिस महानिरीक्षक श्री राकेश गुप्ता, कलेक्टर श्री मनोज पुष्प एवं जिले तथा संभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

15 अक्टूबर तक सभी बाढ़ प्रभावितों को वितरित होगा मुआवजा : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
23 September 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि 15 अक्टूबर तक सभी बाढ़ प्रभावितों को मुआवजा वितरित कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि मुआवजे के लिए पहले के समान भटकना नहीं पड़ेगा। सरकार पीड़ितों के पास जाएगी, उन्हें सरकार के पास नहीं जाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन किसानों की फसलें बाढ़ के कारण पूरी तरह नष्ट हो गई हैं, उन्हें आरबीसी 6(4) के प्रावधानों के तहत 8 हजार से लेकर 30 हजार रुपए तक प्रति हेक्टेयर मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार मदद नहीं देगी, तो राज्य सरकार अपने बजट में कटौती कर बाढ़ प्रभावितों की मदद करेगी। श्री कमल नाथ आज अतिवृष्टि से सर्वाधिक प्रभावित नीमच जिले के ग्राम रामपुरा में बाढ़ राहत शिविर में बाढ़ प्रभावितों से चर्चा कर रहे थे।
22 सितम्बर से राहत प्रारंभ ; 15 अक्टूबर तक सभी को मिलेगी राहत
मुख्यमंत्री ने कहा कि मालवा, निमाड़, नीमच और मंदसौर क्षेत्र में इस बार इतिहास में सर्वाधिक भारी बारिश हुई है। इससे जो नुकसान हुआ है, वह भी बड़ा है। हम इसका आकलन कर रहे हैं। राज्य सरकार ने केन्द्र की मदद का इंतजार किए बिना राहत देने का काम 22 सितम्बर से शुरु कर दिया है। अगले 15 अक्टूबर तक हर प्रभावित व्यक्ति को मदद दे दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आपके साथ है। आपके दु:ख दर्द, पीड़ा और समस्या के समाधान के लिये सरकार आपके साथ खड़ी है। उन्होंने बताया कि बाढ़ की विभीषिका के दौरान वे हर घंटे की स्थिति की जानकारी ले रहे थे और जिला प्रशासन से निरंतर संपर्क में थे।
8 हजार से 30 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर तक मुआवजा दिया जाएगा, बीज भी दिया जाएगा
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने नीमच जिले में बाढ़ प्रभावितों से मुलाकात के दौरान कहा कि सरकार ने प्राकृतिक आपदा के कारण हुए नुकसान से लोगों को राहत पहुँचाने केलिए भारत सरकार से मदद देने की माँग की है, लेकिन हमें वहाँ से कोई मदद मिले या न मिले, भले ही हमें बजट में कटौती करना पड़े, हम किसानों और बाढ़ प्रभावितों को पूरी मदद देंगे। उन्होंने कहा कि सोयाबीन, मूंग, उड़द और सब्जियों की फसल को जो नुकसान पहुँचा है, उसमें भी सरकार पूरी मदद देगी। श्री नाथ ने बताया कि आरबीसी 6(4) के प्रावधानों के अनुसार 2 हेक्टेयर से कम भूमि वाले और 2 हेक्टेयर से अधिक भूमि वाले किसानों की सिंचित/असिंचित भूमि में 33 से 50 प्रतिशत फसल की क्षति होने पर आठ हजार रुपए प्रति हेक्टेयर से लेकर 26 हजार रुपए प्रति हेक्टयर तक मुआवजा दिया जाएगा। इसी तरह, 50 प्रतिशत से अधिक फसल की क्षति होने पर विभिन्न फसलों के लिए 16 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर से लेकर 30 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर तक मुआवजा दिया जाएगा। सभी प्रभावित किसानों के खातों में 15 अक्टूबर तक राशि पहुँच जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन किसानों का पानी भर जाने के कारण गेहूँ, चना, सरसों, मटर, मसूर, अलसी आदि के बीजों को भंडारण खराब हो गया है, उन्हें आगामी रबी फसल के लिए उच्च गुणवत्ता के बीज उपलब्ध करवाए जाएंगे।
सरकार चुकाएगी प्रभावितों के बिजली बिल
मुख्यमंत्री ने बताया कि बाढ़ की विपदा से प्रभावित लोगों को बिजली बिलों में राहत दी जाएगी। नया सवेरा योजना में पात्र परिवारों के 3 माह के बिजली बिलों को माफ किया जाएगा। उनके 300 रुपए तक के बिजली बिल सरकार चुकाएगी। जो लोग नया सवेरा योजना में पात्र नहीं होंगे, उन्हें प्रति परिवार बिजली बिल में 1000 रुपए तक की राशि सरकार देगी, जो उनके खाते में पहुँचेगी।
बच्चों को दी जाएँगी कॉपी-किताबें
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के कारण हमारे बच्चे भी प्रभावित हुए हैं, उनके पढ़ने की कॉपी-किताबें भी पानी के कारण नष्ट हो गई हैं। ऐसे सभी बच्चों को नई कॉपी-किताबें सरकार उपलब्ध कराएगी।
प्राथमिकता से होंगे सड़कों, पुलों के मरम्मत कार्य
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि सड़कों, पुलों और बिजली की व्यवस्थाएँ भी प्रभावित हुई हैं। इन सभी विभागों को तत्काल मरम्मत कार्य शुरू करने के निर्देश दे दिए गए हैं। सड़कों और पुलों के मरम्मत कार्य को प्राथमिकता पर लिया गया है। ऐसे पुल जिनके कारण आवागमन रूका है, उसके लिए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करके यातायात शुरू करने के निर्देश दिए गये हैं।
अगले छ: माह तक दिया जाएगा नि:शुल्क राशन
श्री कमल नाथ ने कहा कि बाढ़ के कारण हजारों परिवारों का घर में संग्रहित राशन खराब हो गया है। उनके सामने राशन का संकट है। इसके लिए सभी बाढ़ पीड़ित परिवारों को 50 किलो अनाज उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए हैं। यह राशन लोगों तक पहुँच गया है। अगले छ: माह तक ऐसे परिवारों को 5 किलो प्रति सदस्य के मान से खाद्यान्न उपलब्ध करवाया जाएगा।
क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 1 लाख रुपए तक सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि अति-वृष्टि से क्षतिग्रस्त हुए मकानों के लिए प्रति मकान एक लाख रुपए की सहायता दी जाएगी। इसमें 5 हजार रुपए कपड़े आदि के नष्ट होने का मुआवजा भी शामिल है। जिन लोगों के मकान पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उनको मुख्यमंत्री आवास योजना में शामिल कर मकान बनाने के लिए डेढ़ लाख रुपए तक की राशि सरकार उपलब्ध करवाएगी।
पशु हानि पर 3 हजार से 30 हजार तक की मदद, पोस्टमार्टम जरूरी नहीं होगा
श्री कमल नाथ ने कहा कि बाढ़ के दौरान बड़े पैमाने पर पशुओं की मृत्यु हुई है। पशु मालिकों को राहत राशि दी जाएगी। गाय, भैंस, ऊँट इत्यादि की हानि पर 30 हजार रुपए तक और भेड़-बकरी की हानि होने पर 3 हजार रुपए प्रति पशु दिए जाएंगे। इसके अलावा, गैर-दुधारू पशु और गाय, भैंस की हानि के लिए भी सहायता राशि दी जाएगी। पशुओं की हानि होने पर नियमानुसार पोस्टमार्टम किया जाना आवश्यक है, परंतु बाढ़ में कई किसानों के पशु बह गए हैं, जिनका पोस्ट मार्टम व्यावहारिक रूप से किया जाना संभव नहीं है। इसलिए सरकार ने निर्णय लिया गया है कि पशु क्षति पर राहत राशि पंचनामा के आधार पर ही दी जाएगी।
2 लाख तक के ऋण 15 अक्टूबर तक होंगे माफ, 50 हजार के ऋण माफ
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने बताया कि नीमच जिले में जय किसान फसल ऋण माफी योजना में 18 हजार 158 किसानों के 178 करोड़ से अधिक के ऋण माफ किए गए हैं। ऋण माफी योजना में 50 हजार तक की ऋण माफी की सीमा को दो लाख रुपए तक बढ़ा दिया गया है। यह ऋण 15 अक्टूबर तक माफ कर दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि नीमच जिले में 54 हजार 361 किसानों का बीमा किया गया है। इन्हें बीमा की दावा राशि दिलवाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ितों को संकट के समय में स्थानीय नागरिकों, स्वयंसेवी संस्थाओं और कार्यकर्ताओं द्वारा दी गई मदद और राहत पहुँचाने के काम की सराहना की।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के साथ जिले के प्रभारी जल संसाधन मंत्री श्री हुकुम सिंह कराड़ा, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्धन सिंह, विधायक श्री हरदीप सिंह डंग और पूर्व सांसद सुश्री मीनाक्षी नटराजन उपस्थित रहीं।

गोवा में जीएसटी काउंसिल में मंत्री श्री बृजेन्द्र सिंह राठौर हुए शामिल
22 September 2019
भोपाल.वाणिज्यिक कर मंत्री श्री बृजेन्द्र सिंह राठौर ने गोवा में 37वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में मध्यप्रदेश राज्य का प्रतिनिधित्व किया। श्री राठौर ने अनेक बिन्दुओं पर राज्य सरकार का पक्ष रखा। श्री राठौर ने कहा कि जून 2022 तक कंपनशेसनसेस की राशि को यथावत रखा जाए।
मंत्री श्री राठौर ने कहा कि सोना, चाँदी और रत्न आभूषण आदि के परिवहन पर ई वे बिल को लागू किया जाय। इन महंगी धातु और रत्न आभूषणों को जब परिवहन किया जायगा तो उसके लिए वर्तमान सीमा 50,000 से बढ़ाकर 5 लाख कर दिया जाए तथा ई वे बिल के प्रावधान केवल अंतर-राज्य विक्रय के लिए लागू किए जाएं। श्री राठौर ने कहा कि जीएसटी के नियमों के अनुसार यदि राज्य शासन या उनकी कोई एजेंसी किसी भूमि को इंडस्ट्रियल प्लॉट के रूप में किसी उद्योग को या किसी प्लॉट को वित्तीय कार्यों के लिए डेव्हलप करने के लिए देती है तो ऐसी लीज पर दी गई भूमि पर लीज रेंट पर जीएसटी से छूट है।
मंत्री श्री राठौर ने कहा कि वर्तमान समय लिबराइजेशन का है, जहाँ शासन निजी व्यावसायिक संस्थानों को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करने और सुविधा प्रदाता की महत्वपूर्ण भूमिका में है वहाँ यह आवश्यक है कि प्राइवेट व्यावसायिक संस्थाओं को भी आगे बढ़कर शासन को सहयोग करना होता है। ऐसी स्थिति में यदि शासन अथवा शासकीय संस्था किसी भूमि को प्राइवेट एंटिटी अथवा व्यावसायिक संस्थानों को टूरिज्म होटल रिसोर्ट अथवा इंडस्टियल पार्क आदि के निर्माण के लिए लीज परदे, तो भी जीएसटी से मुक्ति होनी चाहिए। श्री राठौर ने 7500 रुपये से अधिक प्रतिदिन किराए वाले होटल पर टैक्स की दर 28 से घटाकर 18 प्रतिशत करने और 1000 से 7500 रुपये तक के होटलों के लिए कर की दर 12 प्रतिशत करने तथा 1000 रुपये से नीचे के प्रतिदिन किराये वाली होटलों को कर मुक्त रखने का प्रस्ताव का समर्थन किया।
वाणिज्यिक कर मंत्री श्री बृजेन्द्र सिंह राठौर ने 4 वार्षिक विवरण पत्र को प्रस्तुत करने में आने वाली कठिनाइयों से जीएसटी काउंसिल को अगवत करवाते हुए इसके सरलीकरण की बात भी कही।

मंत्री श्री पटवारी द्वारा देवास जिले में क्षतिग्रस्त फसलों का निरीक्षण
22 September 2019
भोपाल.देवास जिला प्रभारी और उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी ने देवास जिले में अति-वृष्टि से क्षतिग्रस्त फसलों का अवलोकन किया। श्री पटवारी ने फसलों के सर्वे और राहत वितरण के बारे में अधिकारियों से चर्चा भी की।
मंत्री श्री पटवारी ने जिले में अति-वृष्टि से फसलों को हुई क्षति की सभी तहसीलों के एसडीएम और तहसीलदारों से वन-टू-वन जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि फसलों को हुई क्षति के सर्वे में किसानों की संतुष्टि का विशेष ध्यान रखा जाए। किसी ग्राम, पटवारी हल्का, राजस्व निरीक्षक सर्किल, तहसील क्षेत्र से सर्वे में गड़बड़ी करने की शिकायत आती है, तो संबंधित क्षेत्र का अधिकारी जवाबदार होगा। उन्होंने सर्वे के दौरान यथा संभव स्थानीय जन-प्रतिनिधियों की उपस्थिति भी सुनिश्चित करने को कहा।
मंत्री श्री पटवारी ने कहा कि वर्षा अच्छी होने से आगामी रबी मौसम में खाद और उर्वरक की मांग को देखते हुए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। खाद और उर्वरक की कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। विद्युत कंपनी के अधिकारियों को भी किसानों को विद्युत की सतत आपूर्ति के लिए अभी से तैयारियाँ करने के लिए कहा।
प्रभारी मंत्री श्री पटवारी ने जिले की क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत शीघ्र करवाने के लिये भी कहा।
खेतों में जाकर देखी क्षतिग्रस्त फसल
मंत्री श्री जीतू पटवारी ने अति-वृष्टि से क्षतिग्रस्त फसलों को खेतों में जाकर देखा। उन्होंने देवास तहसील के ग्राम छोटा मालसापुरा में फसल क्षति का निरीक्षण किया। इस अवसर पर विधायक श्री मनोज चौधरी मौजूद थे।

महिला महाविद्यालयों में महिला पुलिस चौकी होगी स्थापित
22 September 2019
भोपाल.उच्च शिक्षा विभाग द्वारा महिलाओं की सुरक्षा और निगरानी के लिए कन्या महाविद्यालय में महिला पुलिस चौकी स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी के निर्देशानुसार उच्च शिक्षा विभाग ने सभी जिला पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर राज्य शासन के वचन पत्र अनुसार कन्याओं की शैक्षणिक संस्थाओं, महिलाओं के कामकाजी क्षेत्रों को चिन्हित कर वहाँ महिला पुलिस चौकी की स्थापना करने और ऐसे क्षेत्रों में महिला पुलिस गश्त की व्यवस्था करने को कहा है।
उच्च शिक्षा विभाग ने सभी कन्या एवं को-एड महाविद्यालय के प्राचार्य को भी पत्र लिखकर निर्देशित किया है कि वे कड़ाई से इसका पालन सुनिश्चित करें। प्राचार्य को महाविद्यालय में छात्राओं की समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। समिति की बैठक में छात्राओं के हस्ताक्षर सहित सुरक्षा संबंधी सुझाव प्राप्त करने को भी कहा गया है। प्राप्त सुझावों के बारे में प्राचार्य स्थानीय पुलिस अधिकारियों से बिंदुवार चर्चा करेंगे। बैठक के आधार पर प्राचार्य स्थानीय स्तर पर सुरक्षा से संबंधित पत्र जारी करेंगे। सभी कन्या महाविद्यालय के कामन एरिया में (जिसमें निजता भंग न हो) विशेष तौर पर प्रवेश और निर्गम द्वार पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने को भी कहा गया है। इसके अलावा प्राचार्य को निर्देशित किया गया है कि पिछले 2 वर्ष में संस्थाओं में कोई गंभीर घटना घटित हुई है तो घटना में शामिल लोगों पर क्या कार्यवाही की गई, की जानकारी स्थानीय कलेक्टर और पुलिस प्रशासन को दें। कन्या महाविद्यालय और कन्या छात्रावासों में काम कर रहे सभी संविदा कर्मचारियों का 15 दिन में पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने को कहा गया है।
प्राचार्य अपने महाविद्यालय और छात्रावास में पूर्व में की गई सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी आयुक्त उच्च शिक्षा को उपलब्ध करवायेंगे। क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा समय-समय पर महाविद्यालयों के निरीक्षण के दौरान निर्देशों के क्रियान्वयन की जानकारी लेकर शासन को प्रतिवेदन भेजेंगे।

नौजवानों को रोजगार और किसानों का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
21 September 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि नौजवानों को रोजगार और उनके बेहतर भविष्य के साथ किसानों का कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। श्री नाथ ने कहा कि प्रदेश में चिकित्सा क्षेत्र में उच्च-स्तरीय सुविधाएँ विकसित की जाएंगी जिससे प्रदेश के लोगों को बाहर से अस्पतालों में इलाज के लिए न जाना पड़ेगा। श्री नाथ आज जबलपुर में नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज परिसर में 150 करोड़ की लागत के 220 बिस्तरीय सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का लोकार्पण कर रहे थे। जबलपुर जिला प्रभारी और ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर 42 करोड़ 16 लाख की लागत के कार्यों का भी भूमि-पूजन किया।
मुख्यमंत्री श्री नाथ ने कहा कि प्रदेश की 70 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। सरकार ने पिछले नौ माह में कृषि क्षेत्र को उन्नत बनाने और किसानों को बेहतर लाभ देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हम कृषि क्षेत्र में विकास की नई संभावनाओं को साकार कर रहे हैं । श्री नाथ ने कहा कि प्रदेश में अधिक से अधिक रोजगान्मुखी निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे हमारे नौजवानों को रोजगार मिलेगा और वे पूरी ऊर्जा के साथ प्रदेश के विकास में अपना योगदान देंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में प्रदेश को पूरे देश में अव्वल बनाने के लिए सरकार विशेष प्रयास कर रही है। जबलपुर में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बनने से पूरे महाकौशल अंचल में उच्च-स्तरीय चिकित्सा सुविधाएँ लोगों को उपलब्ध होंगी। वहीं नौजवान चिकित्सकों को काम करने के बेहतर अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि संस्कारधानी जबलपुर का सुनियोजित विकास किया जाएगा। उन्होंने जबलपुर में हुई कैबिनेट बैठक का उल्लेख करते हुए कहा कि इस बैठक में लिये गये निर्णयों को पूरा किया जा रहा है।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ ने कहा कि पिछले नौ माह में मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के नेतृत्व में प्रदेश के चिकित्सा क्षेत्र को एक नया आयाम मिला है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए 800 मेडिकल सीट को बढ़ाकर 2 हजार किया गया है। आने वाले समय में हम इसे 3 हजार सीट तक ले जाएंगे।
वित्त मंत्री श्री तरुण भानोट ने कहा कि जबलपुर के विकास के लिए मुख्यमंत्री ने कई सौगातें दी हैं। सभी परियोजनाओं की डीपीआर बन गई है और शीघ्र ही उन्हें स्वीकृति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने जबलपुर में मेट्रो रेल और मेट्रोपॉलिटिन सिटी की योजना बनाने के निर्देश भी दिए हैं।
कार्यक्रम को सामाजिक न्याय और नि:शक्तजन कल्याण मंत्री श्री लखन घनघोरिया, सांसद श्री विवेक तन्खा ने भी संबोधित किया।

हर व्यक्ति प्रतिभाशाली नहीं होता पर उसमें एक हुनर होता है
21 September 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि हर व्यक्ति प्रतिभाशाली नहीं होता लेकिन उसमें एक हुनर होता है और उस हुनर में अगर हम उसे प्रशिक्षित कर दें, तो उसका भविष्य बेहतर बन जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रदेश में बेरोजगारी खत्म करने के लिए कौशल उन्नयन और तकनीकी ज्ञान पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। हम अपने प्रदेश की युवा पीढ़ी को सक्षम बनाएंगे जिससे वे सम्मानित जीवन जीने के साथ ही प्रदेश के विकास में योगदान दे सकेंगे। श्री नाथ आज जबलपुर में मॉडल कैरियर सेंटर का शुभारंभ कर रहे थे। इस मौके पर मॉडल कैरियर सेंटर बनाने के लिए सीआईआई और नगर निगम जबलपुर के बीच एमओयू हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सबसे बड़ी जरूरत इस बात की है कि युवाओं को शिक्षा के साथ ही कौशल उन्नयन का भी प्रशिक्षण दिया जाए। इससे वे स्व-रोजगार और रोजगार से जुड़ सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि छिंदवाड़ा में उन्होंने हर उस व्यक्ति की चिंता की है जो शिक्षित है, जो आठवीं पास या मजदूरी कर रहा है। हमनें वहाँ पर 12 साल पहले ही कौशल उन्नयन के इतने सेंटर स्थापित किए, जो विश्व में सबसे अधिक हैं। हमारी चिंता उस वर्ग के प्रति अधिक है जो कम पढ़ा-लिखा है और जिसके सामने पूरा जीवन है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कि हमारा प्रयास है कि मध्यप्रदेश में युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों का अधिक से अधिक तकनीकी ज्ञान देने के साधन और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध करवाये जायें। उन्होंने उम्मीद की कि जबलपुर का मॉडल कैरियर सेंटर युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने में सफलता हासिल करेगा। उन्होंने युवा पीढ़ी से अपेक्षा कि वह इस सेंटर का लाभ उठाकर अपने भविष्य को उज्जवल बनायें।
वित्त मंत्री श्री तरुण भानोट ने कहा कि सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और मॉडल कैरियर सेंटर से जबलपुर क्षेत्र के विकास में गति आएगी। उन्होंने बताया कि सेंटर में अगले पाँच साल में 50 हजार युवाओं को विभिन्न व्यवसायों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण मंत्री श्री लखन घनघोरिया ने कहा कि युवाओं के रोजगार से जुड़ने से प्रदेश की तरक्की सुनिश्चित होगी। ऊर्जा मंत्री श्री प्रियवत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने प्रदेश को विकसित और संपन्न बनाने का बीड़ा उठाया है। युवाओं को रोजगार देने के लिए सतत् प्रयास किए जा रहे हैं। जबलपुर का मॉडल कैरियर सेंटर एक शुरुआत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने युवाओं को रोजगार देने के लिए प्रदेश में जहाँ कहीं भी उद्योग लगेंगे उनमें अनिवार्यत: 70 प्रतिशत रोजगार स्थानीय युवाओं को देने का ऐतिहासिक फैसला लिया है।
भारतीय औद्योगिक परिसंघ के श्री आशीष केसरवानी ने बताया कि देश में पाँच स्थान पर परिसंघ के प्रशिक्षण संस्थान है और अब एक संस्थान जबलपुर में खोला जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई साल में पाँच लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है जिनमें से 1 लाख 32 हजार युवाओं को रोजगार मिला है। जबलपुर के संस्थान में 50 हजार युवाओं को प्रशिक्षित करने और 25 हजार युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम को सांसद श्री विवेक तन्खा ने भी संबोधित किया।

बंदरगढ़ा में "आपकी सरकार-आपके द्वार" शिविर में शामिल हुए नगरीय विकास मंत्री
21 September 2019
भोपाल.नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने कहा कि ग्रामीण जनता की समस्याओं का निराकरण करने के उद्देश्य से 'आपकी सरकार-आपके द्वार' शिविर के माध्यम से सरकार जनता के दरवाजे तक पहुँच रही है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जनता की समस्याओं का उनके नजदीक पहुँचकर निराकरण करना और शासन की योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। नगरीय विकास मंत्री श्री सिंह राघौगढ़ विकास खण्ड की ग्राम पंचायत बंदरगढ़ा में 'आपकी सरकार-आपके द्वार' शिविर को संबोधित कर रहे थे।
श्री सिंह ने बंदरगढ़ा, खेराई, बिजोरिया, कुंदा, नादेर पंचायतों से आए ग्रामीणों से समस्याएँ सुनी और उनका निराकरण किया। उन्होंने शिविर में निराकृत नहीं हो सके आवेदनों का समय-सीमा मे निराकरण करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि कुंदा में निर्बाध विद्युत प्रदाय की पुख्ता व्यवस्था की जाये। ग्राम दतिया से बंदरगढ़ा विद्युत लाईन के कार्य में वन बाधक नहीं बनें। श्री सिंह ने निर्देशित किया कि बंदरगढ़ा अथवा आसपास की किसी भी पंचायत में हाईस्कूल नहीं है, अत: हाईस्कूल का प्रस्ताव बनाया जाये। श्री सिंह ने इसके पहले राघौगढ़ में अधिकारियों की बैठक में अति-वृष्टि से उत्पन्न स्थिति की जानकारी लेकर जरूरी निर्देश दिये।

अति-वृष्टि प्रभावित गरीब बस्तियों में पहुँचे जनसम्पर्क मंत्री श्री शर्मा
20 September 2019
भोपाल.जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने अति-वृष्टि प्रभावित पंचशील नगर, राहुल नगर और अंबेडकर नगर जाकर जल-भराव की स्थिति और जल-निकासी व्यवस्था का निरीक्षण किया। स्थानीय रहवासियों की शिकायतों और समस्याओं को भी सुना तथा उनके निराकरण के निर्देश अधिकारियों को दिये।
मंत्री श्री शर्मा ने बस्तीवासियों को बताया कि अति-वृष्टि और बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत देने के लिये राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रभावितों कों सभी सम्भव सहायता और राहत दी जा रही है। जनसम्पर्क मंत्री के साथ पार्षद श्री योगेन्द्र सिंह चौहान, श्री अमित शर्मा, श्री प्रवीण सक्सेना और अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री नाथ जबलपुर में सुपर स्पेशिलिटी चिकित्सालय का करेंगे लोकार्पण
20 September 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ 21 सितम्बर को जबलपुर के नेताजी सुभाषचन्द्र बोस मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशिलिटी चिकित्सालय का लोकार्पण करेंगे। चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ ने आज अस्पताल और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। लगभग 150 करोड़ की लागत से तैयार इस चिकित्सालय में विश्व-स्तरीय 7 माड्यूलर ऑपरेशन थियेटर, उच्च स्तरीय कैथलेब, बाईप्लेनडीएसए और 30 बिस्तरों का आधुनिक आईसीयू है। यहाँ ब्रेन एवं स्पाईन के सभी ऑपरेशन, हृदय शल्य चिकित्सा, डॉयलिसिस, लेजर पद्धति से पथरी और प्रोस्टेट ग्लेंड का इलाज भी होगा। निरीक्षण के दौरान विधायक श्री विनय सक्सेना और संभागायुक्त श्री राजेश बहुगुणा भी मौजूद थे।
अत्याधुनिक मशीनों से लेस होगा अस्पताल
डॉ. साधौ ने बताया कि जबलपुर में सुपर स्पेशलिटी सुविधाएँ मिलने से अब यहाँ के लोगों को एम्स दिल्ली, पड़ोसी राज्यों या अन्य शहरों के चिकित्सा संस्थानों में नहीं जाना पड़ेगा। इस चिकित्सालय में न्यूरो सर्जरी, न्यूरोलॉजी, यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, न्यूनेटोलॉजी, कॉर्डियोलॉजी, एनेस्थीसिया, रेडियोलॉजी आदि की सुविधाएँ मिलेगी। अस्पताल में अत्याधुनिक मशीन जैसे बाईप्लेनर, एंजियोग्राफी आदि भी स्थापित की गई है। ये मशीनें लकवा और हार्टअटेक के परीक्षण के साथ ही उचित उपचार भी तुरंत उपलब्ध करवा सकती है।
आम आदमी को मिलेगी राहत
डॉ. साधौ ने कहा कि जबलपुर में सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल आरंभ होने से जबलपुर सहित सिवनी, बालाघाट, कटनी, सागर, दमोह, छिन्दवाड़ा, शहडोल, उमरिया, शिवुपरी, दतिया, गुना, सतना, अनूपपुर, रीवा, विदिशा, नरसिंहपुर, खंडवा आदि जिलों को भी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधा मिलने लगेगी। डॉ. साधौ ने कहा कि इस शासकीय चिकित्सालय में महंगी चिकित्सा उपलब्ध होने से आम आदमी को राहत मिलेगी।

युवा पीढ़ी गांधीजी के व्यक्तित्व को जाने और अपनाए : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
19 September 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि गांधीजी के विचार, उनके दर्शन और सिद्धांतों को घर-घर तक पहुँचाना है। हमारा मूल लक्ष्य यह होना चाहिए कि युवा पीढ़ी गांधीजी के व्यक्तित्व और कृतित्व को जाने और उसे अपनाए। श्री कमल नाथ आज मंत्रालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 150वें जन्म वर्ष पर मध्यप्रदेश सरकार द्वारा आयोजित गतिविधियों के लिए गठित समिति को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि गांधीजी के विचार और उनकी प्रासंगिकता हमारे देश में सदैव रही है, आज भी है और आगे भी रहेगी। उन्होंने कहा कि जिस दौर से आज भारत गुजर रहा है, उसमें यह सबसे ज्यादा जरूरी है कि हम गांधीजी के सिद्धांतों और उनके द्वारा स्थापित मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाये, उसे लोग अपनाएँ, यह भी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इस दृष्टि से हम किसी एक वर्ष में गांधीजी को समेट नहीं सकते बल्कि हमारे प्रयास सदैव गांधीजी को लोगों तक पहुँचाने के होंगे। इसके लिए स्थायी कार्यक्रम बनाने होंगे। उन्होंने कहा कि गाँधीजी की 150वीं जयंती पर हमारी सारी गतिविधियाँ केवल टी.वी. पर दिखाने और अखबारों में छपने तक सीमित न रहें। युवा पीढ़ी तक उनके विचार और आज के समय में उनकी प्रासंगिकता पहुँचे, इस पर हमें विशेष ध्यान देना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की बैठक में गांधीजी के विचारों का क्रियान्वयन कैसे हो, इसका एक समग्र प्रारूप तैयार किया जाये। अक्टूबर माह के अंतिम सप्ताह में पुन: एक बैठक की जाएगी, जिसमें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के दर्शन और सर्वधर्म समभाव, धर्म-निरपेक्षता और राष्ट्रीय एकता के लिए उनके जो विशेष आग्रह थे, उस पर एक स्थायी कार्यक्रम के संचालन की रूपरेखा प्रस्तुत की जाएगी। उस रूपरेखा के आधार पर हम मध्यप्रदेश में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को लोगों तक पहुँचाने का काम करेंगे।
आज के दौर में महात्मा गांधी के विचार और सिद्धांत की सबसे ज्यादा जरूरत
बैठक में समिति के सदस्यों ने गांधीजी द्वारा सांप्रदायिक सद्भाव, राष्ट्र की एकता, सभी वर्गों के कल्याण और धर्म के प्रति उनके विचारों, उनके दर्शन, सिद्धांतों और मूल्यों को शहरों से लेकर गाँव तक कैसे पहुँचाये, इसके बारे में महत्वपूर्ण सुझाव दिए। सभी सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि आज के दौर में महात्मा गांधी के विचार और सिद्धांत की सबसे ज्यादा जरूरत है।
पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह ने गांधीजी के 150वें जयंती वर्ष में आजादी की लड़ाई में उनके द्वारा अपनाए गए प्रमुख शस्त्र, जिनसे उन्होंने युवाओं, महिलाओं, आदिवासियों, दलितों में नई चेतना जागृत की और खादी को लेकर उनके दर्शन, को जन-जन तक पहुँचाने का सुझाव दिया। उन्होंने बैतूल जिले में हुए जंगल सत्याग्रह को केन्द्रित करते हुए वन क्षेत्रों में पदयात्रा निकालने, ग्राम स्वराज्य की अवधारणा पर ग्रामीण क्षेत्रों में पदयात्रा निकालने, महात्मा गांधीजी के नाम पर पाठशाला का नामकरण करने और सरकार के सभी पत्राचारों और विज्ञापन में गांधीजी की 150वीं जयंती का लोगो तथा उनकी सूक्तियाँ अंकित करने का सुझाव दिया। समाज में कटुता फैलाने वाले लोगों को प्रतिबंधित करने, स्कूलों में प्रार्थना में रामधुन और गांधीजी की सुप्रसिद्ध प्रार्थना 'ईश्वर अल्लाह तेरे नाम-सबको सन्मति दे भगवान', सभी सरकारी कार्यक्रमों में गांधीजी की प्रार्थना तथा खादी के उत्पादन को विशेष प्रोत्साहन देने का सुझाव दिया। उन्होंने गांधीजी के नशामुक्ति संबंधी विचारों के आधार पर युवाओं को नशे से मुक्त करने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा। श्री सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी गांधीजी के विचारों को प्रचारित करने तथा हाई-स्कूल पाठ्यक्रम की पुस्तकों में गांधीजी का पाठ शामिल करने को कहा।
महाराष्ट्र के वर्धा से आये श्री सुमन बरंत ने कहा कि पर्यावरण को लेकर गांधीजी का विशेष आग्रह रहा है। इस विषय पर हमें युवाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण आयोजित करना चाहिए। उन्होंने चरखा पर प्रबोधन कार्यक्रम और गांधीजी पर केन्द्रित पोर्टेबल प्रदर्शनी लगाने का सुझाव दिया। श्री बरंत ने कहा कि भागवत कीर्तन के जरिए भी हम गांधीजी को जन-जन तक पहुँचा सकते हैं। उन्होंने गांधीजी के विचारों और उन पर लिखे जाने वाले नए साहित्य को सामान्य भाषा में लिखकर लोगों तक पहुँचाने को कहा। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों में गांधीजी पर केन्द्रित पाँच दिवसीय कार्यक्रम हों और आदिवासी क्षेत्रों में भी गांधीजी से संबंधित आयोजन किये जाये।
गांधीवादी चिंतक डॉ. एस.एन. सुब्बाराव ने मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ को बधाई दी कि उन्होंने मध्यप्रदेश में महात्मा गांधी के 150वें जयंती वर्ष में बड़े पैमाने पर कार्यक्रम करने का निर्णय लिया है। डॉ. सुब्बाराव ने सुझाव दिया कि सबसे पहले हमें सांप्रदायिक सद्भाव और देश की अखंडता को मजबूत बनाने वाले कार्यक्रम करना चाहिए। उन्होंने गांधीजी के विचारों को आत्म-सात कर निष्ठावान कार्यकर्ताओं का निर्माण करने और धर्म तथा भाषा में एकता तथा भूख, गरीबी, बेगारी, भ्रष्टाचार और छूआछूत मुक्त भारत बनाने संबंधी प्रयासों को कार्यक्रम में जोड़ने का सुझाव दिया।
पूर्व महाधिवक्ता और गांधीवादी श्री आनंदमोहन माथुर ने सभी सरकारी स्कूलों में 1857 से 1947 तक हुए स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाले महापुरुषों पर केन्द्रित लघु पुस्तिकाएँ बाँटने को कहा। उन्होंने स्कूल-कॉलेजों में गांधीजी के जीवन पर केन्द्रित निबंध प्रतियोगिता के आयोजन, संग्रहालय, शोध संस्थान की स्थापना स्थापित करने और विद्यालयों तथा महाविद्यालयों में उदार विचार वाले क्रांतिकारी वक्ताओं के व्याख्यान आयोजित करने का सुझाव दिया। उन्होंने स्कूली तथा महाविद्यालयीन शिक्षा में महापुरुषों पर केन्द्रित पाठ पाठ्यक्रम में शामिल करने तथा महापुरुषों के स्मारकों का जीर्णोद्धार करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि मध्यकालीन इतिहास को लेकर जो भ्रांतियाँ फैलायी गई हैं, उससे युवा पीढ़ी को अवगत कराने के लिए भी कार्यक्रम करने होंगे। उन्होंने हर 6 गाँव के बीच स्वास्थ्य केन्द्र खोलने और उनमें भारतीय चिकित्सा पद्धति से इलाज करवाने की सुविधा उपलब्ध करवाने, स्कूलों में सभी भाषाएँ पढ़ाने और पुस्तकालय बनाने का सुझाव दिया।
गांधीवादी नेता श्री पी. राजगोपाल ने शांति और अहिंसा का मंत्रालय गठित करने, सर्वोदय संगठनों को मजबूत बनाने और शांति आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि यह वर्ष कस्तूबा गांधीजी का भी 150वां जन्म वर्ष है। इसलिये हमें महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए उन्हें भूमि अधिकार देने और गाँवों को भूमि विवाद से मुक्त कराने की मुहिम भी चलाना चाहिए।
श्री चंद्रिकाप्रसाद द्विवेदी ने बड़वानी जिले में डूब में आये गांधीजी के स्मारक को अन्य स्थान पर भव्य रूप में स्थापित करने, वास्तविक रूप में ग्राम-स्वराज्य को लागू तथा युवा पीढ़ी को भ्रमित करने वाले इतिहास तथा प्रदूषित विचारधारा से मुक्त करने का अभियान चलाने का सुझाव दिया।
श्री एल.एस. हरदेनिया ने गांधीजी के शिक्षा, संस्कृति, महिलाओं और विश्व-शांति को लेकर जो विचार हैं, उन्हें हर पंचायत तक पहुँचाने और गांधीजी पर केन्द्रित फिल्में स्कूलों में दिखाने तथा गांधीजी के प्रति पूरे विश्व के जिन महापुरुषों ने विचार व्यक्त किए हैं, उनसे बच्चों और युवाओं को अवगत कराने का सुझाव दिया।
श्री करुणाकर त्रिवेदी ने नागरिकों को गांधीजी के विचार, व्यवहार और मूल्यों से अवगत कराने, खादी के महत्व को पुन:स्थापित करने और गांधीजी के विचारों को लेकर जो संस्थान काम कर रहे हैं, उन्हें सशक्त बनाने को कहा। श्री चिन्मय मिश्रा ने गांधीजी के विचारों के साथ काम करने वाले व्यक्तियों को रेखांकित करने को कहा। गांधीजी के विचारों पर केन्द्रित सांस्कृतिक उत्सव आयोजित करने और जो कानून दमनकारी हों, उन्हें नरम बनाने या समाप्त करने का सुझाव दिया। श्री घनश्याम सक्सेना ने गांधीजी के जंगल सत्याग्रह को प्रचारित करने और धर्म-निरपेक्षता को मजबूत बनाने के संबंध में सुझाव दिए।
सुश्री मीनाक्षी नटराजन ने एनएसएस के राष्ट्रीय एकता शिविर लगाने, विश्वविद्यालय में गांधी अध्ययन केन्द्र खोलने और फैलोशिप स्थापित करने को कहा। सुश्री नटराजन ने संविधान पर केन्द्रित पुस्तक के प्रकाशन और बच्चों तथा युवाओं को उससे अवगत कराने का सुझाव दिया। प्रारंभ में प्रमुख सचिव संस्कृति श्री पंकज राग ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधीजी 150वीं जयंती पर प्रस्तावित कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत की।
बैठक में संस्कृति मंत्री डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ, सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ. गोविंद सिंह, जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, ग्रामोद्योग मंत्री श्री हर्ष यादव एवं पंचायत तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल उपस्थित थे। बैठक में मुख्य सचिव एवं अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

श्री गुरूनानक देवजी के 550वें प्रकाश पर्व पर निबंध स्पर्धा
19 September 2019
भोपाल.संस्कृति विभाग की पंजाबी साहित्य अकादमी द्वारा श्री गुरूनानक देवजी के 550वें प्रकाश पर्व पर निबंध लेखन स्पर्धा आयोजित की जाएगी। प्रदेश के सभी नागरिक स्पर्धा में हिस्सा ले सकते हैं। 'वर्तमान परिप्रेक्ष्य में श्री गुरूनानक देवजी के संदेशों की प्रासंगिकता' विषय पर आयु वर्ग 18 से 35 वर्ष और 35 वर्ष से अधिक आयु के लोगों से 30 सितम्बर 2019 तक प्रविष्टियाँ मांगी गई हैं। निबंध आलेख की प्रविष्टियाँ रजिस्टर्ड डाक या ई-मेल panjabisahityaacademy@gmail.com पर भी भेजी जा सकती हैं। स्पर्धा संबंधी विस्तृत जानकारी पंजाबी साहित्य अकादमी, संस्कृति भवन, भोपाल से सम्पर्क स्थापित कर प्राप्त की जा सकती है।



मेट्रो प्रोजेक्ट में जुड़ेगा मंडीदीप, एयरपोर्ट एवं पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र
19 September 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने भोपाल और इन्दौर मेट्रो प्रोजेक्ट में भोपाल के मंडीदीप और एयरपोर्ट तथा इन्दौर के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र को भी जोड़ने को कहा है। श्री कमल नाथ ने यह निर्देश मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कंपनी लिमिटेड के संचालक मंडल की मंत्रालय में हुई बैठक में दिए। बैठक में लोक निर्माण मंत्री श्री सज्जन सिंह वर्मा और नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्धन सिंह उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के लिए निर्धारित समय-सीमा को कम करते हुए इसे शीघ्र पूरा करें। उन्होंने इसके लिए निर्माण प्रक्रिया की अवधि का पुन: परीक्षण करने के निर्देश दिए। श्री कमल नाथ ने कहा कि निर्माण कार्य साथ-साथ हों, जिससे यह प्रोजेक्ट जल्दी पूरा हो और इसका लाभ इन्दौर तथा भोपाल के लोगों को जल्द मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में मेट्रो परियोजना के अनुभव और अपनायी गई प्रक्रिया का भोपाल-इन्दौर के प्रोजेक्ट में लाभ लें। वहाँ अपनायी गई तकनीक का उपयोग करें। इससे हमारे कार्य में गति आएगी और हम उन बाधाओं का समाधान पहले से निकाल सकेंगे, जो दिल्ली मेट्रो के निर्माण में आई थीं।
मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा श्री मोहम्मद सुलेमान, प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री संजय दुबे, प्रमुख सचिव लोक निर्माण श्री मलय श्रीवास्तव, आयुक्त नगरीय विकास श्री पी. नरहरि, प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कंपनी श्री स्वतंत्र कुमार सिंह और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।


मंत्री श्री यादव ने श्योपुर जिले में देखी बाढ़ प्रभावित फसलें
19 September 2019
भोपाल.श्योपुर में जिले के प्रभारी पशुपालन, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास मंत्री श्री लाखन सिंह यादव जिले के ग्राम सामरसा, दांतरदा, तलावदा, जैनी और जवासा में बाढ़ प्रभावित किसानों से मिले। श्री यादव ने खेतों में पहुँचकर धान, उड़द, सोयाबीन, तिल और बाजरा की क्षतिग्रस्त फसलों का जायजा लिया। किसानों को ढांढस बंधाते हुए श्री यादव ने कहा कि जिला प्रशासन के माध्यम से युद्ध स्तर पर फसलों का पूरा सर्वे कराया जाएगा। सर्वे के बाद तैयार सूची ग्राम पंचायत भवन पर चस्पा कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि सूची के अनुसार प्रभावित उचित मुआवजा आरबीसी ६(४) के अंतर्गत किसानों को दिया जाएगा।
प्रभारी मंत्री ने राजस्थान की सीमा पर चंबल नदी के किनारे बसे ग्राम सामरसा में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएँ एवं कठिनाईयाँ सुनीं। विधायक श्री बाबू जण्डेल, पूर्व विधायक श्री बृजराज सिंह चौहान और अन्य जन-प्रतिनिधियों ने भी प्रभावित किसानों के क्षतिग्रस्त मकानों और फसलों को देखा।


नगरीय निकायों के अधिकारियों-कर्मचारियों को भी मिलेगा समयमान-वेतनमान
18 September 2019
भोपाल.नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने बताया है कि अब नगरीय निकायों के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी अन्य शासकीय कर्मचारियों की तरह समयमान-वेतनमान मिलेगा। इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। इससे निकायों के लगभग 70 हजार अधिकारी-कर्मचारी लाभान्वित होंगे।
वित्त विभाग द्वारा वर्ष 2008, 2014 और 2015 में समयमान और तृतीय समयमान के संबंध में जारी आदेशानुसार नगरीय निकायों के अधिकारियों-कर्मचारियों को समयमान-वेतनमान स्वीकृत करने के लिए नगरीय निकायों को ही अधिकृत किया गया है। नगरीय निकायों द्वारा स्वंय की वित्तीय व्यवस्था के अनुसार ही इसका लाभ देने का निर्णय लिया जायेगा। नगरीय निकाय स्वंय यह व्यय वहन करेंगे।


मंत्री श्री वर्मा ने अस्पताल पहुँचकर मूक-बधिर छात्राओं के उपचार की जानकारी ली
18 September 2019
भोपाल.लोक निर्माण मंत्री श्री सज्जन सिंह वर्मा ने मंगलवार देर शाम उज्जैन में जिला अस्पताल पहुंचकर वहाँ भर्ती मूक-बधिर छात्राओं के उपचार की जानकारी ली। श्री वर्मा ने चिकित्सकों को छात्राओं की विशेष देखभाल करने को कहा।
शासकीय पिछड़ा वर्ग कन्या छात्रावास की इन मूक-बधिर छात्राओं को मंगलवार सुबह ही उल्टी, दस्त और पेट दर्द की परेशानी होने पर जिला प्रशासन द्वारा तत्काल जिला चिकित्सालय में भर्ती करवाकर उपचार शुरू किया गया था। अब ये सभी छात्राएँ स्वस्थ हैं।
पश्चिम रेलवे मजदूर संघ के राष्ट्रीय अधिवेशन में मंत्री श्री वर्मा
लोक निर्माण मंत्री श्री वर्मा ने कहा है भारतीय रेलवे राष्ट्रीय एकता की प्रतीक है। श्री वर्मा पश्चिम रेलवे मजदूर संघ, रतलाम मण्डल और एन.एफ.आइ.आर. के उज्जैन में हुए 29वें राष्ट्रीय महाधिवेशन को सम्बोधित कर रहे थे।
महाधिवेशन में विधायक श्री मुरली मोरवाल और श्री महेश परमार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री करण कुमारिया, एडीआरएम श्री के.के. सिन्हा और स्टाफ रेलवे बोर्ड के मेम्बर श्री मनोज पाण्डेय, मौजूद थे।


मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ द्वारा सुप्रसिद्ध कवि श्री माणिक वर्मा के निधन पर शोक व्यक्त
18 September 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने सुप्रसिद्ध हास्य कवि एवं व्यंग्यकार श्री माणिक वर्मा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। श्री कमल नाथ ने शोक संदेश में कहा कि श्री माणिक वर्मा ने कविता एवं व्यंग्य के माध्यम से सामाजिक विसंगतियों और तंत्र की खामियों पर सटीक रचनाएँ लिखीं। श्री वर्मा के निधन से देश ने रचनाओं के जरिए समाज और सत्ता को झकझोर देने वाला व्यक्तित्व खो दिया है।
मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को यह दु:ख सहन करने की शक्ति देने की ईश्वर से प्रार्थना की है।


जल स्त्रोतों पर अतिक्रमण को अपराध माना जाएगा : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
17 September 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि प्रदेश की नदियों, तालाबों तथा अन्य जल स्त्रोतों पर सभी अतिक्रमण को सख्ती से हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल स्त्रोतों पर अतिक्रमण को अपराध माना जाएगा। मुख्यमंत्री आज मंत्रालय में 'पानी का अधिकार' एक्ट के लिए गठित जल विशेषज्ञों की समिति के सदस्यों के साथ चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'पानी का अधिकार' एक्ट का प्रारूप शीघ्र बनाया जाए, जिससे इसे विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पेश किया जा सके। बैठक में विशेषज्ञ समिति के अध्यक्ष डॉ. मिहिर शाह और सह अध्यक्ष मेगसेसे पुरस्कार प्राप्त श्री राजेन्द्र सिंह उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि पानी पर आम नागरिकों का अधिकार है। इसलिए उस पर अतिक्रमण कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति पानी के स्त्रोतों पर अतिक्रमण करेगा, उसे अपराधी माना जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी संरचनाओं के स्थान पर छोटी जल संरचनाएँ बनाना चाहिए। इससे लोगों को उनकी पुरखों की जमीन, जायदाद और गाँव से बेदखल होने से बचा सकेंगे। श्री कमल नाथ ने कहा कि साइबेरिया यात्रा के दौरान उन्होंने देखा कि पूरे साइबेरिया में बड़े पैमाने पर खेती होती है लेकिन उसकी सिंचाई के लिए कोई बांध नहीं बनाए गए बल्कि वहां तालाबों और छोटी-छोटी जल संरचनाओं के जरिए लोग सिंचाई करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें भी अपने यहां इस तकनीक का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे अनावश्यक विवादों से बच सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसमुदाय को पानी के प्रबंधन और उपयोग का अधिकार देना चाहिए। उन्होंने पानी की बर्बादी रोकने और उसके संरक्षण पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि जल संरचनाएँ बनाते समय हमें ग्रामीणों से भी सुझाव लेना चाहिए क्योंकि उन्हें इसकी अधिक जानकारी होने के साथ अनुभव भी होता है।
बैठक में जल विशेषज्ञ समिति अध्यक्ष डॉ. मिहिर शाह और सह-अध्यक्ष श्री राजेन्द्र सिंह ने पानी का अधिकार एक्ट के संबंध में अपने विचारों और सुझावों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
बैठक में मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती, अपर मुख्य सचिव ग्रामीण विकास श्रीमती गौरी सिंह, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री संजय शुक्ला और विशेषज्ञ समिति के सदस्य डॉ. हिमांशु कुलकर्णी, श्री पी.एस. विजय शंकर, श्री सचिन ओझा, श्री लिबी जॉनसन, डॉ. फिलिप कुलेट, डॉ. सुंदर राजन कृष्णनन, श्री जितेन्द्र अग्रवाल, डॉ. आर.के. नेमा और डॉ. डी.के. पहलवान उपस्थित थे।


"आपकी सरकार-आपके द्वार" कार्यक्रम में अब गाँव-गाँव लगेंगे शिविर
17 September 2019
भोपाल.मुख्य सचिव श्री सुधि रंजन मोहन्ती ने आज इंदौर में अधिकारियों को निर्देश दिये कि मिलावट के विरूद्ध चल रहे अभियान को और अधिक प्रभावी और परिणाममूलक बनायें। इस अभियान में ऐसी कार्रवाई करें, जिससे दोषी दण्डित तो हो ही, साथ ही इसका सकारात्मक परिणाम आमजन को दिखाई भी दे। मुख्य सचिव ने 'आपकी सरकार, आपके द्वार' कार्यक्रम को और अधिक जनोन्मुखी बनाते हुए अभियान को आमजन के नजदीक तक ले जाने को कहा। इस कार्यक्रम के शिविर अब गाँव-गाँव लगाये जायें।
मुख्य सचिव ने रबी मौसम के दौरान कृषकों की कृषि आदानों की जरूरतों का आंकलन कर उनकी माँग के अनुसार खाद-बीज सहित अन्य कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिये जिला स्तर पर कार्य-योजना बनाकर प्रभावी क्रियान्वयन करने को कहा। उन्होंने इन्दौर संभाग के जिलों में अति-वृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में सूक्ष्म सर्वे कर प्रभावितों को समय पर राहत राशि वितरण की व्यवस्था के निर्देश दिये।
मुख्य सचिव ने त्यौहारों एवं पर्वों के मेलों तथा अन्य कार्यक्रमों की व्यवस्था में सतर्कता बरतते हुए जहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित होते हैं, वहाँ विशेष ध्यान देने को कहा। त्यौहार एवं पर्व के दौरान अगर नदी में किसी बांध से पानी छोड़ा जाना है, तो उसकी पूर्व सूचना का ऐलान कराया जाए। उन्होंने कहा कि नदियों में मूर्ति विसर्जित नहीं हो, इसके बंदोबस्त किए जाएं।
श्री मोहन्ती ने कहा कि नामांतरण, बँटवारा एवं सीमांकन के प्रकरणों को निर्धारित समय-सीमा में निराकृत करने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने वर्षा प्रभावित क्षेत्रों में फसलों और अन्य नुकसानी का आंकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्वे वास्तविक रूप से और सावधानी से कराया जाए। कोई भी पात्र किसान छूटे नहीं और क्षतिपूर्ति की राशि समय पर मिल जाये। राजस्व वसूली पर विशेष ध्यान दिया जाए। राजस्व संबंधी नकलें लोक सेवा केंद्र तथा आईटी सेंटर से मिलना सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य सचिव ने बताया कि मिलावटखोरों के विरूद्ध संचालित अभियान को राष्ट्रव्यापी सराहना मिल रही है। प्रदेश में सभी जगहों पर प्रभावी कार्रवाई हुई हैं। इस अभियान में और अधिक प्रभावी कार्रवाई की जाए।
श्री मोहन्ती ने इंदौर संभाग में वर्षाजनित तथा अन्य संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के उपायों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि संभाग में चिकनगुनिया, डेंगू तथा स्वाइन फ्लू पर नियंत्रण के सभी एहतियाती उपाय सुनिश्चित किए जाएं। प्रशासन सजगता एवं सतर्कता रखें। नागरिकों को जागरूक बनाएं। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना की राशि निर्धारित समय-सीमा में देने को कहा। मुख्य सचिव ने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, किशोरियों स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने और सेनेटरी नैपकिन के उपयोग को प्रोत्साहित करने को कहा। उन्होंने कहा कि अधिकारी मूल दायित्वों के साथ सामाजिक दायित्व का निर्वहन भी करें।
श्री मोहन्ती ने कहा कि अमान्य वनाधिकार प्रकरणों की सूक्ष्मता से जाँच कर। प्रकरणों का संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाये। उन्होंने बताया कि निरस्त प्रकरणों के परीक्षण और निराकरण के लिये दो अक्टूबर से अभियान शुरू किया जा रहा है।
मुख्य सचिव ने किराये के भवन में लगने वाली आँगनवाड़ियों के लिये शासकीय भवनों की व्यवस्था स्थानीय स्तर पर करने को कहा। उन्होंने अवैध खनिज के उत्खनन, अवैध परिवहन एवं अवैध भण्डारण के विरूद्ध की गई कार्रवाई की समीक्षा की।
बैठक में श्री मोहन्ती ने सतत् विद्युत बनाये रखने के कार्य में व्यवधान डालने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने संभाग में हुए कार्यों की सराहना की और कहा कि इंदौर संभाग में अनेक अनुकरणीय कार्य हुए हैं।
बैठक में संभागायुक्त श्री आकाश त्रिपाठी, प्रमुख सचिव गृह, जेल और परिवहन श्री एस. एन. मिश्रा, प्रमुख सचिव कृषि श्री अजीत केसरी, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य श्रीमती पल्लवी जैन गोविल, प्रमुख सचिव राजस्व श्री मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव खाद्य और नागरिक आपूर्ति श्रीमती नीलम शमी राव, सचिव खनिज श्री एन.एस. परमार, संचालक आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजना श्री राकेश सिंह, संचालक औषधि प्रशासन श्री रविंद्र सिंह सहित संभाग और जिलों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।


राज्यपाल द्वारा प्रधानमंत्री को जन्म-दिन की शुभकामनाएँ
17 September 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को उनके जन्म-दिन 17 सितम्बर पर हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। श्री टंडन ने प्रधानमंत्री को भेजे शुभकामना पत्र में कहा कि विश्व क्षितिज पर सूर्य की भाँति प्रकाश और ऊर्जा के पुंज के रूप में आपको देखकर हम सब गौरवान्वित हैं।
राज्यपाल श्री टंडन ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के स्वस्थ दीर्घायु जीवन की कामना की है।


भिण्ड जिले में रेस्क्यू ऑपेरशन से 1900 लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाए गए
17 September 2019
मन्दसौर में अत्यधिक बारिश होने तथा कोटा बैराज से पानी छोड़े जाने से भिण्ड जिले में चंबल नदी उफान पर है। इससे अटेर और भिण्ड क्षेत्र के चंबल नदी के किनारे बसे 44 गाँव प्रभावित हो रहे हैं। चम्बल नदी का जल-स्तर बढ़ने से सबसे ज्यादा प्रभावित गाँव मुकुटपुरा, दिन्नपुरा नावली वृन्दावन, रमा कोट, खैराहट, नखनोली की मढ़ैयन, कोसण की मढ़ैयन, चीलोंगा, चौमहो, कछपुरा, तरशोखर हैं। इन गाँव में फँसे लोगों को प्रशासन द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर राहत शिविरों में पहुँचाया जा रहा है। बाढ़ग्रस्त गाँवों में प्रशासन द्वारा बार-बार समझाने पर भी कई लोग गाँव छोड़ कर जाने से इन्कार कर रहे हैं।
अभी तक गाँव नखनोली, रमाकोट, कोषण, नावली वृन्दावन, मुकुटपुरा चौमहो, कछपुरा, तरशोखर एवं दिन्नपुरा से लगभग 1900 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। रेस्क्यू किए गए 900 से ज्यादा लोगों को जिला प्रशासन द्वारा बनाये गए राहत शिविरों में पहुँचा दिया गया है। बाकी बचे लोग अपने रिश्तेदारों और मिलने वालों के यहाँ सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। जिला प्रशासन, होमगॉर्ड, सेना और एसडीआरएफ द्वारा लगातार लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा रहा है।
कलेक्टर भिण्ड श्री छोटे सिंह और पुलिस अधीक्षक श्री रुडोल्फ अल्वारेस बाढ़ की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। ये अधिकारी बाढ़ प्रभावित स्थानों पर चलाए जा रहे रेस्क्यू आपरेशन में स्वयं मौजूद रह कर स्थिति पर पकड़ बनाये हुए हैं। साथ ही राहत शिविरों में सभी व्यवस्थाओं की निरंतर मॉनिटरिंग भी कर रहे हैं।
राहत शिविरों में किये गये सभी जरूरी इंतजाम
जिला प्रशासन द्वारा रोशनलाल दैपुरिया महाविद्यालय सुरपुरा, हाईस्कूल विण्डवा , आईटीआई अटेर, मघेरा, हाई स्कूल रमाकोट में बनाये गये राहत शिविरों में लाये गए लोगों के लिये भोजन, पानी, सोने की व्यवस्था आदि आवश्यक इन्तजाम खाद्य विभाग द्वारा किए जा रहे हैं। सभी राहत शिविरों में मेडिकल टीमें पूरी तैयारी के साथ तैनात हैं। पशुओं के ईलाज के लिये पशु चिकित्सक तैनात किये गये हैं।
शासकीय अधिकारियों- कर्मचारियों की छुट्टियाँ निरस्त
कलेक्टर ने सभी शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों की छुट्टियाँ तत्काल प्रभाव से निरस्त कर सभी को कार्य पर लौटने का आदेश जारी कर दिया है। आपदा प्रबंधन से जुड़े कर्मचारी, अधिकारी पूरी तरह से सहयोग कर रहे हैं। होमगार्ड्स को नाव, बोट सहित सभी सुरक्षा साधन उपलब्ध कराये गये हैं। जल संसाधन और सेतु विकास निगम के सुरक्षा अधिकारी और राजस्व का पूरा अमला इस मुहिम में लगा हुआ है और लगातार मोबाइल, दूरभाष सहित वायरलैस से आपस में सम्पर्क में बने हुए हैं।


सड़क दुर्घटनाएँ रोकने के लिये प्रत्येक जिले का रोड सेफ्टी एक्शन प्लान तैयार हो
17 September 2019
भोपाल.गृह मंत्री श्री बाला बच्चन ने कहा है कि सड़क दुर्घटनाएँ रोकने के लिये प्रत्येक जिले का रोड सेफ्टी एक्शन प्लान तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि ब्लेक स्पॉट पर रोड सेफ्टी ऑडिट के सुधार के बाद थर्ड पार्टी ऑडिट करवाया जाए। श्री बच्चन आज राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मंत्रालय में हुई बैठक में श्री बच्चन ने कहा है कि जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति और काउन्सिल की बैठक नियमित हो। उन्होंने कहा कि देखने में आया है कि शाम 6 से 9 और रात 12 से सुबह 6 बजे के बीच दुर्घटनाएँ अधिक हुई हैं। इसके लिये हाईवे पर भारी वाहन चालकों के लिये रोड साइड सोने/आराम करने की जगह विकसित की जायें। इसके कारण लम्बी दूरी पर निकले चालक को रात में नींद की झपकी आने की संभावनाएँ कम होंगी और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकेगा।
श्री बच्चन ने कहा है कि नोडल एजेन्सियाँ अपने काम को अंजाम तक पहुँचाये। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा की दृष्टि से नवाचारों पर युद्ध स्तर पर कार्य किये जाने की आवश्यकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता के अभाव को दूर कर ट्रेफिक नियमों का पालन करवाया जाए। सड़क निर्माण एजेन्सी नवम्बर के पहले सड़क सुधार के आवश्यक कार्य के साथ दुर्घटनाओं को रोकने के उपायों को अपना कर उन्हें रोकने के कार्य करें। श्री बच्चन ने वाहनों की अनाधिकृत पार्किंग के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने को कहा। उन्होंने कहा कि मवेशियों को सड़क से दूर रखने के प्रयासों में स्थानीय निकाय महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं। इसके लिये नगर पंचायत एवं नगरीय निकाय स्थानीय स्तर से प्रयास करें। श्री बच्चन ने कहा है कि ट्रैक्टर ट्राली, ट्रक आदि पर रेडियम, रिफ्लेक्टर आदि लगाने का कार्य निरन्तर जारी रखें।
बताया गया कि इस साल दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिये कटनी, अलीराजपुर, भिण्ड, अशोकनगर और शहडोल ने बेहतर परिणाम दिये हैं। सड़क सुरक्षा और जागरूकता अभियान के दौरान 4088 जागरूकता कार्यक्रम कर 3 लाख 70 हजार 436 विद्यार्थियों को यातायात के प्रति जागरूक किया गया। बैठक में देश में घटित सड़क दुर्घटनाओं के आँकड़ों की जानकारी के आधार पर मध्यप्रदेश की स्थिति, प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं का संख्यात्मक विश्लेषण, दुर्घटनाओं पर प्राप्त जानकारियों की समीक्षा और सड़क दुर्घटनाओं में कमी करने के लिये कार्य-योजना एवं सुझावों पर चर्चा की। बैठक में प्रमुख सचिव गृह श्री एस.एन.मिश्रा, परिवहन आयुक्त श्री शैलेन्द्र श्रीवास्तव और विशेष पुलिस महानिदेशक श्री महान भारत सागर उपस्थित थे।


नगरीय निकायों में योजनाओं के निरीक्षण, पर्यवेक्षण के लिये अधिकारी नियुक्त
16 September 2019
भोपाल.प्रदेश के नगरीय निकायों में संचालित केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं के पर्यवेक्षण और निरीक्षण के लिये अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गयी है। प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री संजय दुबे नगर पालिका निगम भोपाल और इंदौर का पर्यवेक्षण करेंगे। आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री पी. नरहरि को नगरीय निकाय उज्जैन और जबलपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अपर आयुक्त श्री आशीष सक्सेना को कटनी, सिंगरौली, अपर आयुक्त श्री स्वतंत्र कुमार सिंह को ग्वालियर, मुरैना, उप सचिव श्री मनीष सिंह को देवास, रतलाम, अपर आयुक्त श्रीमती मीनाक्षी सिंह को उज्जैन, धार, खरगोन, प्रमुख अभियंता श्री प्रभाकांत कटारे को रीवा, छिंदवाड़ा, मुख्य अभियंता श्री एन.जी. मालवीय को सतना, खण्डवा, सतना, जबलपुर, अपर संचालक श्री पी.एन. पाण्डेय को सागर, दमोह और सीधी, उप सचिव श्री राजीव निगम को बुरहानपुर, मंदसौर और इंदौर (नगर निगम के अतिरिक्त) जिले के नगरीय निकाय की पर्यवेक्षण जिम्मेदारी दी गई है।
संयुक्त संचालक श्री आर.के. कार्तिकेय को सागर, भिण्ड एवं मुरैना, संयुक्त संचालक श्री सुरेश बेलिया को गुना, दतिया, अशोक, संयुक्त संचालक (वित्त) श्री राजेश सिंह को देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, संयुक्त संचालक श्री अनिल गौड़ को भोपाल, होशंगाबाद, हरदा तथा मण्डला, संयुक्त संचालक श्री जे.जे. जोशी को कटनी, बालाघाट, अधीक्षण यंत्री श्री सुरेश शेजकर को ग्वालियर, शिवपुरी, अधीक्षण यंत्री श्री राजीव गोस्वामी को बड़वानी, झाबुआ, अलीराजपुर, कार्यपालन यंत्री श्री आनन्द सिंह को छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, कार्यपालन यंत्री श्री रवि चतुर्वेदी को रतलाम, नीमच, उप संचालक श्री ओ.पी. झा को पन्ना, श्योपुरकलां, उप संचालक श्री परमेश पलोटे को बैतूल, नरसिंहपुर, सिवनी, उप संचालक श्री नीलेश दुबे को शहडोल, अनूपपुर, उप संचालक श्री सी.यू. राय को राजगढ़ एवं विदिशा और सहायक संचालक श्री फरीद कुरैशी को उमरिया एवं डिण्डोरी जिले के नगरीय निकायों का जिम्मा दिया गया है। सभी अधिकारियों के लिये 4 माह में कम से कम एक बार संबंधित निकाय का निरीक्षण करना जरूरी होगा।


राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती की थीम पर होंगे पर्यटन पर्व
16 September 2019
भोपाल.सचिव पर्यटन श्री फैज अहमद किदवई ने जिला पर्यटन संर्वधन परिषदों को निर्देश दिये हैं कि जिलों में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती की थीम पर 2 अक्टूबर को पर्यटन पर्व आयोजित करें। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड की वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से परिषदों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि गांधी जी के जीवन-दर्शन को पर्यटन से जोड़ने के लिये विभिन्न स्थानों, संस्थाओं और व्यक्तियों की जानकारी एकत्रित करें। श्री किदवई ने कहा कि भारत सरकार के निर्देश पर 2 से 27 अक्टूबर तक स्वच्छता अभियान और 18 अक्टूबर से प्रदेश में इन्वेस्टर्स मीट के पहले भूमि और हैरिटेज सम्पत्ति पर्यटन विभाग को हस्तान्तरित करें।
अपर प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड श्रीमती भावना वालिंबे ने जिला पर्यटन संवर्धन परिषदों को जिला पुरातत्व एवं पर्यटन परिषदों में परिवर्तित करने के निर्देश दिये। श्रीमती वालिम्बे ने कहा कि सभी परिषद आवंटित सहायता राशि का उपयोगिता प्रमाण-पत्र तुरंत भेजें।
वीडियो कॉन्फ्रेंस में जिला पर्यटन संवर्धन परिषदों के लिये मध्यप्रदेश नीति 2016, जल पर्यटन नीति और कैम्पिंग नीति की कार्य-योजना तथा गतिविधियों को पॉवर पाइंट से प्रस्तुत किया गया। सचिव श्री किदवई ने प्रत्येक जिले की पर्यटन कार्य-योजना बनाने पर जोर दिया। वीडियो कॉन्फ्रेंस में राज्य पर्यटन विकास निगम की अपर प्रबंध संचालक सुश्री सोनिया मीणा और पर्यटन बोर्ड के अधिकारी उपस्थित थे।


शासकीय खाद्यान्न चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के निर्देश
16 September 2019
भोपाल.खाद्य-नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने वेयर हाउस से शासकीय खाद्यान्न चोरी और स्टॉक की कमी की खबरों के सम्बन्ध में प्रमुख सचिव से वस्तु-स्थिति की रिपोर्ट मांगी है।
मंत्री श्री तोमर ने समाचार-पत्रों में बरमेन्द्र वेयर हाउस उचेहरा, जिला सतना में दाल, गेहूँ-चावल के गोलमाल की खबरों का उल्लेख कर, सम्बधितों की जवाबदारी निर्धारित करने के लिये कहा है। उन्होंने प्रमुख सचिव से कहा है कि तथ्यों की जाँच कर तीन दिन में दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई करें। मंत्री श्री तोमर ने भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के निर्देश भी दिए हैं।


औद्योगिक कम्पनियाँ मानवीय आधार पर करें सी.एस.आर. फण्ड का उपयोग
15 September 2019
भोपाल.पर्यावरण मंत्री श्री सज्जन सिंह वर्मा ने आज सिंगरौली में औद्योगिक कम्पनियों के प्रतिनिधियों की बैठक में सी.एस.आर. फण्ड के उपयोग की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कम्पनियाँ पर्यावरण प्रदूषण से उत्पन्न होने वाली बीमारियों की रोकथाम के प्रयास करें। हर महीने स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों का मेडीकल चेकअप और दवाओं का वितरण करायें। श्री वर्मा ने कहा कि फण्ड का उपयोग मानवीय आधार पर किया जाये। कौशल विकास केन्द्रों की स्थापना कर बेरोजगारों को उनकी रूचि के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाये और रोजगार भी मुहैय्या कराया जाये। पर्यावरण मंत्री ने निर्देश दिये कि सभी कम्पनियाँ आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाओं को हमेशा चुस्त-दुरुस्त रखें, जिससे किसी भी आकस्मिक दुर्घटना को तुरंत रोका जा सके।
कम्पनियों में 70 प्रतिशत स्थानीय लोगों को मिले रोजगार- मंत्री श्री पटेल
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल ने कहा कि क्षेत्र की कम्पनियाँ राज्य सरकार की नीति के अनुसार 70 प्रतिशत स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध करायें। विस्थापन नीति का शत-प्रतिशत पालन किया जाये। विस्थापितों एवं उनके बच्चों को समुचित प्रशिक्षण तथा रोजगार की निश्चित व्यवस्था की जाये।


युद्ध स्तर पर पूरा करें बारिश से खराब सड़कों के सुधार कार्य : मंत्री श्री वर्मा
15 September 2019
भोपाल.लोक निर्माण मंत्री श्री सज्जन सिंह वर्मा ने आज रीवा में विभागीय समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि बारिश से क्षतिग्रस्त संभाग की सभी सड़कों का सुधार कार्य 30 नवंबर तक पूर्ण किया जाय। इसके लिये 15 दिनों में निर्माण एजेंसी और संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल ने समीक्षा बैठक में देवसर तथा सिंहावल में रेस्ट हाउस बनाने का सुझाव दिया। सांसद श्री राजमणि पटेल ने भी समीक्षा में भाग लिया। प्रमुख अभियंता लोक निर्माण श्री आर.के. मेहरा ने रीवा संभाग में सड़कों के निर्माण, नवीनीकरण और मरम्मत कार्यों की जानकारी दी।
मंत्री श्री सज्जन सिंह वर्मा ने युवा संसद में संभाग के प्रतिभाशाली युवाओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल, अन्य जन-प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक शामिल हुए।


मंत्री श्री शर्मा ने शुरू की टोल-फ्री 8982464232 नंबर नागरिक सेवा
15 September 2019
भोपाल.जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने आज दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों के लिये टोल-फ्री नम्बर सेवा शुरू की। श्री शर्मा ने अपने निवास पर नागरिकों को टोल-फ्री नंबर 8982464232 देते हुए एक कार्ड भी वितरित किया, जिसमें नागरिकों की हर समस्या और शिकायतों के बारे में उल्लेख है। उन्होंने नागरिकों से कहा कि प्रदेश में राज्य सरकार अब 'आपकी सरकार-आपके द्वार' योजना के बाद 'आपकी सरकार-आपके टेलीफोन पर' भी उपलब्ध है।
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि नागरिकों को अपनी समस्याओं के बारे में इधर-उधर भटकने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। वे सीधे टोल-फ्री नंबर पर अपनी समस्या की जानकारी दे सकेंगे। उन्होंने कहा कि टोल-फ्री नंबर पर प्राप्त समस्याओं का निराकरण होने के बाद संबंधित नागरिक को इसकी जानकारी भी दी जायेगी। श्री शर्मा ने कहा कि टोल-फ्री नंबर और जानकारी वाला कार्ड नागरिकों को घर-घर पहुँचाया जायेगा।
जनसम्पर्क मंत्री द्वारा नागरिकों को वितरित कार्ड में पेयजल, सीवेज, स्ट्रीट लाईट, बिजली, सड़क, साफ-सफाई की समस्या का उल्लेख है। साथ ही जनोपयोगी दस्तावेज जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र, राशन कार्ड, गरीब रेखा कार्ड, चिकित्सा सहायता अनुदान, शिक्षा अनुदान और वृद्धावस्था तथा कल्याणी पेंशन योजना संबंधी समस्याओं का निराकरण भी इस टोल-फ्री नंबर पर संभव होगा।


मास्टर प्लान बनाने के लिए सलाहकार समिति का गठन हो
14 September 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि प्रदेश के सभी शहरों के सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान बनाने हेतु सलाहकार समिति का गठन हो। जिसमें सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व हो और उनके सुझाव और सलाह से मास्टर प्लान तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार शहरी क्षेत्रों के सतत्, संतुलित और समेकित विकास को प्राथमिकता दे रही है ताकि भविष्य की जरूरतों के हिसाब से नगरीय क्षेत्रों का नियोजन हो सके। श्री नाथ आज इन्दौर में अभ्यास मंडल द्वारा आयोजित 'इन्दौर के विकास के पचास वर्ष के विज़न डाक्यूमेंट' पर आयोजित परिचर्चा को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में गृह मंत्री श्री बाला बच्चन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसी सिलावट एवं नगरीय विकास आवास मंत्री श्री जयवर्धन सिंह उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि बढ़ती आबादी के साथ शहरों का प्रबंधन हमारे सामने आज सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि शहरों के विकास के लिए गंभीर चिंतन के साथ मास्टर प्लान बनाना जरूरी है। अगर नियोजित तरीके से विकास किया तो कई समस्याओं का समाधान हो सकता है। उन्होंने कहा कि शहरों के विस्तारीकरण के साथ हमें शिक्षा, पेयजल, सार्वजनिक परिवहन यातायात, विद्युत आपूर्ति पर भी विशेष ध्यान होगा। सरकार इन सभी बिन्दुओं पर विचार कर शहरों के विकास की समन्वित कार्य योजना बना रही है। उन्होंने मेट्रोपोलिटिन सिटी विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में जल की उपलब्धता भी एक बड़ी चुनौती हमारे सामने हैं। इस चुनौती का सामना करने के लिए सरकार ने नदियों को पुनर्जीवित करने के साथ ही पानी के विभिन्न स्रोतों को संरक्षित करने की योजना बनायी है। उन्होंने स्मार्ट सिटी का उल्लेख करते हुए कहा कि नये संदर्भों और नई तकनीक की सोच के साथ हमें स्मार्ट सिटी की अवधारणा को आकार देना होगा।
अभ्यास मंडल की परिचर्चा में श्रीमती शोभा ओझा, अभ्यास मंडल के श्री मुकुंद कुलकर्णी, पीएचई के सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर श्री मुकेश चौहान एवं एसजीएसआईटीएस के प्रोफेसर संदीप नावलेकर उपस्थित थे।

मेट्रो रेल से इन्दौर के विकास में तेजी आएगी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
14 September 2019
मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने आज इन्दौर में 7500.80 करोड़ रुपये लागत की इन्दौर मेट्रो रेल परियोजना का भूमिपूजन कर शिलान्यास किया। श्री नाथ ने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने पर इन्दौर के विकास में तेजी आयेगी। मुख्यमंत्री श्री नाथ ने इन्दौर की बहुप्रतिक्षित मेट्रो रेल परियोजना का भूमि पूजन करते हुए कहा कि आज से दस वर्ष पूर्व जब वे केन्द्र में शहरी विकास मंत्री थे तब उन्होंने भोपाल और इन्दौर के लिए स्वीकृति दी थी और तत्कालीन सरकार को इसका डीपीआर बनाने को कहा था। आज दस साल बाद इन्दौर की मेट्रो रेल परियोजना की शुरुआत होने जा रही है। श्री नाथ ने कहा कि इसके निर्माण संचालन और रख-रखाव की गतिविधियों से इन्दौर और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के व्यापक अवसर बढ़ेंगे। सड़क दुर्घटनाओं में कमी के साथ ही यातायात पर दवाब कम होगा और लोगों को सबसे विश्वसनीय और सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होगा। श्री नाथ ने कहा कि इससे शहर का सौन्दर्यीकरण होगा और प्रदूषण में कमी आएगी।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि समय की मांग है कि शहरों का विस्तारीकरण हो और लोगों के सुविधा के लिए सार्वजनिक परिवहन की भी व्यवस्था हो। इस दृष्टि से मेट्रो रेल परियोजना की शुरुआत आज हो रही है। शहरों की बढ़ती आबादी को लेकर हमें नए नियोजन के साथ काम करना होगा। उन्होंने कहा कि नोएडा और गुड़गांव जैसे शहर इसी दृष्टिकोण से विकसित हुए हैं। उन्होंने कहा कि मेट्रो रेल परियोजना की इन्दौर में शुरुआत हो रही है। भविष्य में इस परियोजना से उज्जैन, राऊ, देवास और धार जिले को भी जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरों के विस्तार और विकास में सरकार के साथ-साथ आमजन का भी सहयोग जरूरी है।
मुख्यमंत्री द्वारा इन्दौर के एमआर-10 पर टोल नाके के पास इन्दौर रेल मेट्रो परियोजना की आधारशिला रखी गई। इस परियोजना की कुल लम्बाई 31.55 किलोमीटर होगी। इसमें 26 स्टेशन एलीवेटेड और चार अंडरग्राउंड स्टेशन बनेंगे। कुल 30 स्टेशन परियोजना के अंतर्गत बनाये जाएंगे। इसके निर्माण की समय सीमा भी तय की गई है। गाँधी नगर से इन्दौर रेल्वे स्टेशन तक एलीवेटेड सेक्शन 31 दिसम्बर 2022 तक और अंडरग्राउंड सेक्शन इन्दौर रेल्वे स्टेशन से गाँधीनगर तक 31 जुलाई 2023 तक पूरा होगा। डिपो लाइन का कार्य 28 फरवरी 2023 तक और सिस्टम लाइन का कार्य 31 अगस्त 2023 को संपन्न होगा। मेट्रो रेल का प्रस्तावित मार्ग बंगाली स्क्वायर से नैनोद, भँवरसला स्क्वायर और रेडिसन स्क्वायर है।
शिलान्यास समारोह को लोक निर्माण मंत्री श्री सज्जन सिंह वर्मा, गृहमंत्री श्री बाला बच्चन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसी सिलावट, उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी, नगरीय विकास आवास मंत्री श्री जयवर्धन सिंह एवं सांसद श्री शंकर लालवानी ने संबोधित किया।
मुख्यमंत्री ने समारोह में नगर निगम इन्दौर द्वारा आम जनता की सुविधा के लिए सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ देने के लिए बनाये गए 'सहकार एप' का लोकार्पण किया।
समारोह में विधायक सर्वश्री रमेश मेंदोला, विशाल पटेल और संजय शुक्ला उपस्थित थे।


वास्तविक निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा
14 September 2019
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि मध्यप्रदेश में वास्तविक औद्योगिक निवेश हो और इसका लाभ प्रदेश को मिले इस सोच के साथ मध्यप्रदेश सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हम महज रस्म अदायगी के लिए करार करने की बजाय जमीन पर उद्योगों की स्थापना हो और हमारे प्रदेश के लोगों को रोजगार मिले इसके लिए सुनियोजित तरीके से काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मंशा के साथ जो भी प्रदेश में निवेश करेगा उन्हें सरकार पूरी सुविधाएं और सहयोग देगी। श्री नाथ आज इन्दौर में सीआईआई द्वारा आयोजित लीडरशिप कॉनक्लेव को संबोधित कर रहे थे। कॉनक्लेव में लोक निर्माण मंत्री श्री सज्जन सिंह वर्मा, उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्धन सिंह उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री नाथ ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए अक्टूबर माह में इन्दौर में मेग्नीफीसेंट इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश की आर्थिक उन्नति के लिए सरकार चिंतित है और इस दिशा में गंभीरता के साथ प्रयास किए जा रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिले। इसके लिए जो भी निवेश प्रदेश में आएगा उन्हें पूरी सुविधाएं और सहयोग राज्य सरकार की ओर से दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नई तकनीक से लोगों की जीवन शैली में बदलाव आ रहा है। इस नई तकनीक के मुताबिक उद्योग और व्यवसाय के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को तैयार रहना होगा। श्री नाथ ने कहा कि प्रदेश की 70 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। कृषि क्षेत्र को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने से हम एक बड़ी आबादी को खुशहाल बना सकते हैं उन्होंने कहा कि आवश्यकता इस बात की कि हमारे प्रदेश की खेती-किसानी परंपरागत तरीकों की बजाय खेती की आधुनिक तकनीक से जुड़ें। उन्होंने कहा कि इसके लिए हम प्रदेश में उद्यानिकी और कृषि आधारित खाद्य प्रसंस्‍करण इकाईयों की स्थापना को प्रोत्साहित कर रहे हैं।
उन्होंने मध्यप्रदेश में उद्योग और व्यवसाय के क्षेत्र में काम कर रहे लोगों से अपील की कि वे निवेश को आकर्षित करने हेतु ब्रांड एबेस्डर बनकर काम करें। इस मौके पर उपस्थित उद्योगपतियों से मुख्यमंत्री ने सीधा संवाद किया और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
कार्यक्रम को बजाज फिनसर्व कंपनी मैनेजिंग डायरेक्टर तथा सीईओ श्री संजीव बजाज, सीआईआई के मध्यप्रदेश चेप्टर के चेयरमेन श्री प्रवीण अग्रवाल और पूर्व चेयरमेन श्री अंशुल मित्तल ने भी संबोधित किया।


किसान की आय को दोगुना करने की कार्य-योजना बनाकर क्रियान्वित करें
13 September 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने राजभवन में कृषि, पशुपालन, मछली पालन और उद्यानिकी विभाग के प्रमुख सचिवों एवं संचालकों के साथ किसानों की आय दोगुनी करने के संबंध में चर्चा की। उन्होंने कहा कि किसान को आत्म-निर्भर बनाना जरूरी है। सभी संबंधित विभाग समग्र विकास की एकीकृत योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए गांव में जायें। किसान की आय दो गुनी करने का प्रत्यक्ष अनुभव ग्रामीणों को करायें। विस्तृत कार्य-योजना बनाकर उसे जमीनी स्तर पर क्रियान्वित भी करें।
राज्यपाल श्री टंडन ने कहा कि नवीन ज्ञान और विचार तभी प्रभावी हैं, जब वो मैदानी हकीकत में दिखाई दें। चिंतन और आंकड़ों की सार्थकता उनके व्यवहारिक क्रियान्वयन में है। उन्होंने कहा कि गाँवों का चयन कर नवीन कृषि ज्ञान के साथ किसान की आमदनी दो गुनी करने का कार्य करें। पशुपालन विभाग उन्नत भारतीय नस्ल का गौ-पालन और खेती में उसके उपयोग,बकरी पालन आदि गतिविधियाँ संचालित करे। मछली पालन विभाग किसानों के तालाब अथवा गांव के तालाबों को किराए पर लेकर मछली पालन का कार्य करके दिखाये। इससे लागत, श्रम और प्राप्त लाभ से परिचित होकर किसान स्वयं ही आगे आएंगे। श्री टंडन ने कहा कि नीति आयोग इस दिशा में प्रभावी प्रयास कर रहा है।
राज्यपाल ने कहा कि भारतीय देसी गाय की नस्ल को तीन वर्ष में उन्नत किया जा सकता है। एक गाय से 5 एकड़ खेती के बराबर आय प्राप्त होती है। उन्होंने बताया कि गाय के गोबर और मूत्र का कृषि में उपयोग कर बिना लागत की खेती की जा रही है। जैविक खेती से आलू उत्पादन के प्रयोग का उदाहरण देते हुए, उन्होंने कहा कि किसान जब अपने गांव में प्रयोग की सफलता देखेगा, तो वह स्वंय तत्पर होगा।
बैठक में राज्यपाल को कृषि, मछली पालन, पशुपालन और उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने विभागीय गतिविधियों द्वारा किसान की आय को दो गुना करने की कार्य-योजना शीघ्र ही प्रस्तुत करने की जानकारी दी।


लोगों की सोच में मानव अधिकारों की रक्षा का भाव होना जरूरी : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
13 September 2019
भोपाल. मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि सिर्फ कानून बनाने से मानव अधिकारों की रक्षा नहीं हो सकती। लोगों की सोच में मानव अधिकारों की रक्षा का भाव होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ जल मानव का अधिकार है। भविष्य में पानी को लेकर जो चुनौतियाँ हमारे सामने हैं, उससे निपटने के लिये राज्य सरकार ने 'जल का अधिकार' कानून बनाने के साथ ही नदियों को पुनर्जीवित करने की योजना बनाई है। श्री कमल नाथ आज जल एवं भूमि प्रबंधन संस्थान में मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के 25वें स्थापना दिवस पर 'जल का अधिकार -मानव अधिकार' संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि संविधान में हर नागरिक के मानव अधिकारों को संवैधानिक दर्जा दिया गया है। मानव अधिकारों की रक्षा के लिए बहुत से कानून हैं लेकिन कानून के अलावा इन अधिकारों की रक्षा की मूलभूत सोच मानव स्वभाव में होना जरुरी है। उन्होंने कहा कि मानव अधिकारों के प्रति लोगों में जागरूकता लाना होगी। जल एक मात्र ऐसी जरूरत है, जो विश्व के हर व्यक्ति और प्राणी को प्रभावित करती है। श्री कमल नाथ ने कहा कि ब्राजील में हुए पृथ्वी सम्मेलन में भारत सरकार के पर्यावरण मंत्री के रूप में मैने पानी को लेकर भविष्य में आने वाली चुनौतियों की तरफ विश्व का ध्यान आकर्षित किया था और योजना प्रस्तुत की थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में भविष्य में जल की चुनौतियों से निपटने के लिए हमने कारगर योजनाओं पर काम शुरु कर दिया है। नदियों को पुनर्जीवित करने के साथ ही पानी बचाने और संरक्षित करने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। लोगों को हम जल का अधिकार देने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश जल और सहायक संसाधनों के रूप में धनी है। यहाँ वन, नदियाँ और तालाब काफी संख्या में उपलब्ध हैं। आवश्यकता इस बात की है कि हम जल संरक्षण को कैसे नई तकनीक से जोड़कर भविष्य के लिए पानी को बचा सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 70 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। बगैर सिंचाई के खेती की कल्पना भी नहीं कर सकते। पानी को बचाना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि भावी पीढ़ी के लिए एक ट्रस्टी के रूप में काम करे और उसके लिए पर्याप्त जल भंडारण सुलभ कराने में अपना योगदान दे।
मध्यप्रदेश मानव आधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री नरेन्द्र कुमार जैन ने मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के 'जल का अधिकार -मानव अधिकार' कानून बनाने के निर्णय की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। श्री जैन ने बताया कि इस कानून का मसौदा लगभग तैयार हो गया है। इसमें स्टेट वाटर मैनेजमेंट अथॉरिटी को पानी उपलब्ध करवाने और उससे जुड़े वित्तीय अधिकार प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 में पर्याप्त मात्रा में शुद्ध और साफ जल उपलब्ध होने का उल्लेख है। न्याय मूर्ति श्री जैन ने आयोग की गतिविधियों को रेखांकित करते हुए बताया कि आयोग ने अपनी स्थापना वर्ष से अब तक 2 लाख 70 हजार 286 शिकायतों में से 2 लाख 66 हजार 960 शिकायतों का निराकरण किया। उन्होंने बताया कि मानव अधिकार का मौके पर ही निराकरण करने के लिए 'आयोग आपके द्वार' योजना शुरु की गई है। इस योजना में 12 जिलों में सुनवाई की गई है। आयोग के सदस्य श्री सरबजीत सिंह और श्री मनोहर ममतानी भी उपस्थित थे।
पोर्टल का लोकार्पण
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आयोग द्वारा आम लोगों को ऑनलाइन शिकायत करने के लिए बनाए गए पोर्टल का लोकार्पण किया। पोर्टल पर शिकायतकर्ता अपनी शिकायतों पर हुई कार्यवाही भी देख सकेंगे। मुख्यमंत्री ने जल पुस्तिका का भी विमोचन किया।


खटलापुरा दुर्घटना की जाँच होगी, कार्यवाही करेंगे: मंत्री श्री शर्मा
13 September 2019
भोपाल.जनसम्पर्क मंत्री श्री पी. सी. शर्मा आज खटलापुरा पहुँचे। उन्होंने कहा कि घटना बहुत दुखद हैं। घटना की विस्तृत जाँच कराई जाएगी। पता किया जाएगा कि घटना कैसे हुई। समस्त व्यवस्थाओं के बावजूद कहाँ कमी रह गई। इन सब तथ्यों का पता लगातार जो भी दोषी पाये जायेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि 06 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है।श्री शर्मा ने कहा कि मृतकों के परिजनों को सरकार की ओर से 11-11 लाख की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी। श्री शर्मा मौके पर रहकर स्वयं स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक कार्यवाही की जाएगी और परिजन की हरसंभव मदद करेंगे।

प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के क्रियान्वयन के लिये समिति गठित
13 September 2019
राज्य शासन ने प्रदेश में आदर्श ग्राम योजना के क्रियान्वयन के लिये प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति कल्याण की अध्यक्षता में अभिषरण समिति का गठन किया है। इस समिति की योजना के क्रियान्वयन में मुख्य भूमिका रहेगी। समिति विभिन्न विभागों की नियमित योजना और अनुसूचित जाति उपयोजना मद में प्राप्त होने वाले बजट आवंटन के कन्वर्जस आदि विषयों पर चर्चा करेगी। समिति समय-समय पर योजना की प्रगति की समीक्षा करेगी।
समिति में योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, महिला-बाल विकास, स्कूल शिक्षा, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, गृह, लोक निर्माण, जल संसाधन, ऊर्जा और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव को सदस्य मनोनीत किया गया है।
समिति में सचिव अनुसूचित जाति आयोग और जिला कलेक्टर को सदस्य बनाया गया है। दूरसंचार, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र और राज्य स्तरीय लीड बैंक के प्रतिनिधि भी समिति के सदस्य होंगे। आयुक्त अनुसूचित जाति कल्याण को समिति में सदस्य सचिव बनाया गया है।


मुख्यमंत्री द्वारा नाव दुर्घटना में मृत लोगों के प्रति गहन दु:ख व्यक्त
13 September 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने भोपाल में छोटे तालाब के खटलापुरा घाट पर हुई नाव दुर्घटना पर गहन दु:ख व्यक्त किया है। श्री नाथ ने कहा कि मैं इस दुर्घटना में मृत लोगों के परिजनों के दु:ख में सहभागी हूँ। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को ग्यारह-ग्यारह लाख रूपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि घटना के बाद से ही मैं निरंतर जिला प्रशासन के सम्पर्क में रहा और रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली। यह घटना कैसे हुई ? क्या इसमें किसी स्तर पर लापरवाही हुई ? इन सब बिंदुओं पर मजिस्ट्रियल जाँच के आदेश दे दिये हैं। उन्होंने कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक-संतप्त परिजनों को यह दु:ख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।


भोपाल-इंदौर मेट्रो जनता की सहूलियत को देखकर होगी तैयार
12 September 2019
भोपाल.लोक निर्माण मंत्री श्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा है कि भोपाल-इंदौर मेट्रो में जनता की सहूलियत का पूरा ध्यान रखा जायेगा। लोक निर्माण विभाग मेट्रो निर्माण के दौरान सड़कों और फ्लाई ओवर की व्यवस्था में नगरीय प्रशासन विभाग के साथ बेहतर समन्वय रखेगा। मंत्री श्री वर्मा आज मंत्रालय में भोपाल-इंदौर मेट्रो के निर्माण की समीक्षा कर रहे थे।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने कहा कि इंदौर-भोपाल मेट्रो के लिये एमओयू साइन हो चुका है। जल्द ही इसका कार्य शुरू किया जायेगा।
बैठक में प्रमुख सचिव लोक निर्माण श्री मलय श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री संजय दुबे और विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।


मध्यप्रदेश के छ: शहरों में सेफ सिटी कार्यक्रम संचालित करने की मंजूरी
12 September 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में महिला-बाल विकास विभाग के अंतर्गत निर्भया फंड से केन्द्र प्रवर्तित सेफ सिटी कार्यक्रम को वर्ष 2019-20 से वर्ष 2021-22 की अवधि में मध्यप्रदेश के छ: शहर में संचालित करने की मंजूरी दी। इसमें भोपाल, इन्दौर, ग्वालियर, छिंदवाड़ा, छतरपुर और जबलपुर शामिल है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं एवं महिलाओं को शहर में सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। जिससे वे किसी भी प्रकार की हिंसा के भय से मुक्त होकर जीवन जी सकें। कार्यक्रम में 5 करोड़ रूपये के व्यय की मंजूरी दी गई।
मंत्रि-परिषद ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अतंर्गत राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में गठित स्व-सहायता समूहों को उच्च-स्तरीय लघु उद्यमिता विकास के लिए प्रदेश में पायलट रूप में राज्य के 6 आदिवासी विकासखण्ड में राज्य प्रारंभिक ग्रामीण उद्यमिता कार्यक्रम शुरू करने की मंजूरी दी। छ: विकासखण्ड में जिला-अलीराजपुर के उदयगढ़ तथा जोबट, जिला धार के डही तथा कुक्षी और जिला-झाबुआ के झाबुआ तथा राणापुर शामिल हैं। कार्यक्रम में स्व-सहायता समूहों को 25 हजार प्रति समूह के मान से उद्यमिता विकास के लिए राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
मंत्रि-परिषद ने आदिम-जाति कल्याण विभाग की शालाओं में नियोजित अतिथि शिक्षकों के मानदेय में लगभग दो गुनी वृद्धि करने का निर्णय लिया। अतिथि शिक्षक वर्ग-एक का मासिक मानदेय 4500 से बढ़ाकर अधिकतम मासिक मानदेय 9 हजार, वर्ग-दो का 3500 से 7 हजार और वर्ग-तीन का 2500 से बढ़ाकर 5 हजार अधिकतम मासिक मानदेय किया। अतिथि शिक्षक वर्ग-एक के 2802, वर्ग-दो के 6993 और वर्ग-तीन के 11 हजार 738 कुल 21 हजार 533 शिक्षकों को इसका लाभ मिलेगा। यह मानदेय दरें 1 जुलाई 2019 से देय होंगी।
मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ की घोषणा के पालन में जिला छिंदवाडा में कृषि महाविद्यालय स्थापना के लिए 146 करोड़ 96 लाख 67 हजार की मंजूरी दी। महाविद्यालय में 2020-21 के सत्र में 60 विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए पदों के सृजन तथा प्रस्तावित अधोसंरचना के लिये कलेक्टर छिंदवाड़ा द्वारा 50 हेक्टेयर भूमि चयनित की गई है।
मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में एक नवम्बर 2015 से संचालित डायल 100 सेवा को निरंतर रखने और केन्द्रीयकृत पुलिस कॉल सेन्टर तथा नियंत्रण कक्ष तंत्र के विस्तारण एवं उन्नयन की परियोजना को स्वीकृति दी।
मंत्रि-परिषद ने मेडिको लीगल संस्थान के चार पद को एक मार्च 2018 से 28 फरवरी 2023 तक की अवधि की निरंतरता के लिए मंजूरी दी।
मंत्रि-परिषद ने कर्मचारी राज्य बीमा सेवाओं के अंतर्गत मध्यप्रदेश कर्मचारी राज्य बीमा सोसायटी के गठन करने का निर्णय लिया। बेहतर सुविधाओं को उपलब्ध करवाने के दृष्टिगत यह निर्णय लिया गया।
मंत्रि-परिषद ने नवगठित जिला निवाड़ी में पशुपालन विभाग का जिला कार्यालय खोले जाने के लिए 3 नये पद के सृजन तथा 20 पद पूर्ववर्ती जिला टीकमगढ से रिडिप्लाय कर नये जिले को आवंटित करने की अनुमति दी।
मंत्रि-परिषद ने भारतीय पुलिस सेवा के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के वेतनमान मेट्रिक्स 15 (1,82,200-2,24,100) में 15 पदों को अस्थाई रूप से निर्मित करने का निर्णय लिया। इसका समायोजन आगामी समय में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के सेवानिवृत्ति से प्राप्त होने वाले पदों/ संवर्ग पुनरीक्षण के फलस्वरूप प्राप्त होने वाले पदों/ दो वर्ष की अवधि, जो भी पहले हो, से किया जाएगा।
मंत्रि-परिषद ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीनस्थ शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों तथा दंत चिकित्सा महाविद्यालयों में कार्यरत चिकित्सा शिक्षकों और दंत चिकित्सा शिक्षकों तथा अन्य शैक्षणिक अधिकारियों के लिए पुनरीक्षित वेतनमान (सातवां) लागू करने का निर्णय लिया। इसमें संचालक चिकित्सा शिक्षा, अधिष्ठाता/संचालक प्रोजेक्ट, संयुक्त संचालक चिकित्सा शिक्षा और संयुक्त संचालक-सह-अधीक्षक/प्राचार्य दंत चिकित्सा महाविद्यालय और प्राध्यापक चिकित्सा महाविद्यालय/प्राध्यापक दंत चिकित्सा महाविद्यालय को न्यूनतम वेतन 1 लाख 44 हजार 200 उच्च शिक्षा द्वारा जारी यूजीसी वेतनमान के पे-मैट्रिक्स अनुसार एकेडमिक लेवल 14 के समकक्ष वेतनमान दिया जाएगा।
इसी प्रकार सह प्राध्यापक चिकित्सा महाविद्यालय+रीडर दंत चिकित्सा महाविद्यालय को न्यूनतम वेतन 1 लाख 31 हजार 400 एकेडमिक लेवल 13 ए के समकक्ष, वेतनमान निर्धारित करने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा दी गई। सहायक प्राध्यापक चिकित्सा महाविद्यालय, लेक्चरार दंत चिकित्सा महाविद्यालय को न्यूनतम वेतन 68 हजार 900 एकेडमिक लेवल 11 के समकक्ष और पाँच साल बाद देय न्यूनतम वेतन 79 हजार 800 एकेडमिक लेवल 12 के समकक्ष दिया जाएगा। प्रदर्शक चिकित्सा महाविद्यालय+टयूटर दंत चिकित्सा महाविद्यालय का न्यूनतम वेतन 57 हजार 700 एकेडमिक लेवल 10 के समकक्ष वेतनमान में होगा।


851 सरकारी स्कूलों ने हासिल किया स्वर्ण पदक चैम्पियन स्तर
12 September 2019
भोपाल.राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा प्रदेश के शासकीय स्कूलों में संचालित दक्षता उन्नयन कार्यक्रम में 851 स्कूलों ने स्वर्ण पदक चैम्पियन स्तर हासिल किया है। इन स्कूलों के नाम राज्य शिक्षा केन्द्र की वॉल ऑफ फेम पर प्रदर्शित किये जायेंगे। इन स्कूलों की जिलावार सूची राज्य शिक्षा केन्द्र के 'विमर्श' पोर्टल पर उपलब्ध है। इन स्कूलों को पुरस्कृत भी किया जायेगा।
इन स्कूलों में भोपाल संभाग के 82, इन्दौर के 107, उज्जैन के 119, रीवा के 34, सागर के 72, होशंगाबाद के 104, ग्वालियर के 52, शहडोल के 47, मुरैना (चंबल) के 49 और जबलपुर संभाग के 186 स्कूल शामिल हैं।
दक्षता उन्नयन कार्यक्रम
दक्षता उन्नयन कार्यक्रम अंतर्गत शालाओं को राज्य स्तर से 'वॉल ऑफ फेम' पर सम्मानित किये जाने के लिये तीन स्तर निर्धारित किये गये हैं। स्कूल के 90 प्रतिशत विद्यार्थियों के भाषा और गणित की मूलभूत दक्षताओं के उच्चतम स्तर को प्राप्त करने पर स्कूल को स्वर्ण पदक चैम्पियन स्तर प्रमाण-पत्र, 75 प्रतिशत विद्यार्थियों द्वारा भाषा और गणित की मूलभूत दक्षताओं के उच्चतम स्तर को प्राप्त करने पर रजत पदक चैम्पियन स्तर प्रमाण-पत्र और 60 प्रतिशत विद्यार्थियों द्वारा भाषा और गणित की मूलभूत दक्षताओं के उच्चतम स्तर को प्राप्त करने पर स्कूल को कांस्य पदक चैम्पियन स्तर प्रमाण-पत्र दिया जायेगा। इन तीनों पदक के अर्हता प्राप्त स्कूलों को क्रमश: राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर सम्मानित किया जायेगा।
भाषा और गणित की मूलभूत दक्षता के उच्चतम स्तर को स्कूल में बेसलाइन, मिडलाइन और एंडलाइन टेस्ट के आधार पर जाँचा जाता है। स्वर्ण चैम्पियन, रजत चैम्पियन और कांस्य चैम्पियन स्कूलों की सूची एक वर्ष में तीन बार जारी की जाएगी। प्रथम सूची 30 सितम्बर से पहले, द्वितीय सूची 31 दिसंबर से पहले और तृतीय सूची 31 मार्च से पहले जारी की जाएगी।


वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग से होगा बिजली कार्मिकों की शिकायतों का समाधान
11 September 2019
भोपाल.मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों की समस्याओं की सुनवाई 24 सितम्बर को वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से की जाएगी। इस व्यवस्था से कर्मचारियों को कंपनी मुख्यालय में आने की जरूरत नहीं होगी। उनकी समस्याएँ उनके कर्त्तव्य स्थल पर ही हल हो जायेंगी। कर्मचारी वृत्त कार्यालय के वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग रूम में उपस्थित होकर समस्याएँ बताएंगे। वहीं से कम्पनी मुख्यालय में प्रबंध संचालक और मानव संसाधन एवं प्रशासन के अधिकारी उनकी समस्याएँ हल करेंगे।
प्रबंध संचालक श्री गढ़पाले ने यह सुनिश्चित करने को कहा है कि वृत्त स्तर पर उच्च दाब उपभोक्ताओं को सही देयक मिले। यदि घरेलू उपभोक्ता अथवा अन्य श्रेणी के उपभोक्ता व्हाट्सएप पर अपना बिजली बिल मंगाना चाहते हैं और उन्हें बिल की हार्डकॉपी नहीं चाहिए, तो ऐसे उपभोक्ताओं को बिल में छूट देने की योजना पर काम किया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिये कि स्पॉट बिलिंग वाले बिलों में सील अवश्य लगाई जाये। ज्यादा वर्षा से जिन सब स्टेशनों में पानी भर गया है, वहाँ पहले सुरक्षा को महत्व दिया जाये। कार्मिकों को किसी प्रकार का नुकसान न हो। आवश्यक होने पर सप्लाई बन्द कर दी जाये। महाप्रबंधकों को निर्देश दिये गये हैं कि विजिलेंस चेकिंग तेजी से करें। भार वृद्धि के लिए लगातार सर्वे किया जाये।


सेना की भर्ती रैली 7 से 16 नवम्बर तक
11 September 2019
भोपाल.सेना में भर्ती के लिये भोपाल के लाल परेड मैदान में 7 से 16 नवम्बर तक भर्ती रैली की जायेगी। सेना भर्ती कार्यालय भोपाल से प्राप्त जानकारी के अनुसार सोल्जर सामान्य, टेक्निकल, नर्सिंग, सोल्जर क्लर्क, सोल्जर ट्रेडमेन, सोल्जर फार्मा आदि पदों के लिये भर्ती की जाएगी।
भर्ती रैली में शामिल होने के लिए आवेदक को WWW.JOININDIANARMY.NIC.IN पर ऑनलाईन आवेदन करना अनिवार्य है। ऑनलाईन आवेदन प्रक्रिया 8 सितम्बर से प्रारम्भ हो चुकी है, जिसकी अंतिम तिथि 22 अक्टूबर है। रिक्त पदों की संख्या, शारीरिक एवं शैक्षणिक योग्यता आदि का विवरण 9 से 15 सितम्बर के साप्ताहिक 'रोजगार और निर्माण', भोपाल में प्रकाशि‍त है।
विभिन्न श्रेणी के रिक्त पदों के लिएहरदा, बैतूल, सीहोर, राजगढ़ ,छिंदवाड़ा, होशंगाबाद, रायसेन और भोपाल जिले ‍के युवा ऑनलाईन आवेदन कर भर्ती रैली में भाग ले सकेंगे। केवल सोल्जर फार्मा पद के लिए विदिशा, हरदा, बैतूल, सीहोर, राजगढ़, छिंदवाड़ा, होशंगाबाद, रायसेन, भोपाल, जबलपुर, बालाघाट, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, रीवा, सतना, सिवनी,‍ सीधी, डिंडौरी, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सिंगरौली, दमोह, पन्ना, ग्वालियर, दतिया, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी , गुना, टीकमगढ़, छतरपुर, अशोकनगर और सागर जिले के आवेदक ऑनलाईन आवेदन कर भर्ती रैली में शामिल हो सकेंगे।


एमपीटास पोर्टल पर 4.51 लाख आदिवासी विद्यार्थियों का प्रोफाईल पंजीकरण
11 September 2019
भोपाल.प्रदेश में 4 लाख 51 हजार छात्रावासी आदिवासी विद्यार्थियों का MPTAAS पोर्टल पर प्रोफाईल पंजीकरण कराया गया है। इसके लिये 1546 विभागीय छात्रावास अधीक्षकों को प्रशिक्षण दिलाया गया। आदिम जाति कल्याण विभाग ने पोस्ट मेट्रिक छात्रवृत्ति की ऑनलाइन स्वीकृति और वितरण की पेपरलेस स्व-सत्यापित प्रक्रिया शुरू की है। इसके जरिये अभी तक 27 हजार विद्यार्थियों को करीब 21 करोड़ रुपये छात्रवृत्ति वितरित की गई है।
आकांक्षा योजना से 800 विद्याथियों को कोचिंग संस्थानों में प्रशिक्षण
प्रदेश और देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के लिये 800 आदिवासी विद्यार्थियों को आकांक्षा योजना में जेईई, नीट और क्लेट की प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिये जबलपुर, भोपाल, ग्वालियर और इंदौर में कोचिंग दी जा रही है। इसके लिये इस वर्ष 14 करोड़ 50 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। जबलपुर और ग्वालियर के कोचिंग संस्थानों को 47 लाख 35 हजार रुपये की राशि जारी की गई है। इन दो कोंचिग संस्थान में 195 आदिवासी छात्र-छात्राएँ कोचिंग ले रहे हैं।


मंत्री श्री वर्मा टोंकखुर्द के अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में पहुँचे
10 September 2019
भोपाल.लोक निर्माण मंत्री श्री सज्जन सिंह वर्मा ने आज देवास जिले के टोंकखुर्द विकासखण्ड के अतिवृष्टि प्रभावित गाँवों के खेतों में जाकर फसलों की क्षति का जायजा लिया। उन्होंने फसल क्षति का आंकलन कर बीमा कम्पनी से लाभ दिलाने के लिये प्रकरण तैयार करने के निर्देश दिये।
अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्र के निवासियों ने मंत्री श्री वर्मा को टोंकखुर्द मार्ग पर पानी निकासी की समस्या बताई। श्री वर्मा ने पुलिया का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिये।
श्री वर्मा ने ग्राम टोंक कला, टोंकखुर्द नगरीय क्षेत्र, मोहम्मद खेड़ा और चौबीसधारा क्षेत्रों का दौरा किया। मंत्री श्री वर्मा ने स्थानीय निकायों को पानी निकासी की तत्काल उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिये। ग्रामीण की माँग पर बिजली व्यवस्था में सुधार के लिये डीपी लगाने को कहा। मंत्री श्री वर्मा ने चौबीसधारा में जल-भराव से प्रभावित दस परिवारों के मुखियाओं को स्वेच्छा निधि से अनुदान देने की घोषणा की।


मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ झाबुआ में करेंगे मुख्यमंत्री आवास मिशन का शुभारंभ
10 September 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ बुधवार को झाबुआ से प्रदेश के शहरी आवासहीनों को आवास उपलब्ध कराने की अति-महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री आवास मिशन (शहरी) का शुभारंभ करेंगे। अब मलिन बस्तियों में रहने वाले आवासहीन भी मकान मालिक बनेंगे। मिशन में 5 लाख आवास बनाये जायेंगे। कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह भी शामिल होंगे।
मिशन का उद्देश्य मध्यप्रदेश के सभी शहरों में गरीबों को आवासीय भूमि का पट्टा एवं पक्का आवास उपलब्ध कराना है। मिशन में आवास स्वामित्व के लिए किराया आधारित आवास निर्माण और जन-निजी भागीदारी (पीपीपी) से निर्माण कार्य होगा। योजना लगातार संचालित होगी।


आदिवासी क्षेत्रों में पूरे हुए 460 शाला भवन, छात्रावास, खेल परिसर के निर्माण
10 September 2019
भोपाल.आदिम जा‍ति कल्याण मंत्री श्री ओमकार सिंह मरकाम ने सोमवार को आदिवासी क्षेत्रों में कन्या शिक्षा परिसर, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, खेल परिसर, गुरूकुलम, कन्या छात्रावास, कौशल विकास केन्द्र और आश्रम भवनों के निर्माण की समीक्षा की। श्री मरकाम ने निर्देश दिये कि निर्माण कार्य समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किये जायें। उन्होंने कहा कि कार्यों में देरी और गुणवत्ता के मामले में लापरवाही करने वाली एजेंसियों के खिलाफ कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाये।
प्रमुख सचिव आदिम जाति कल्याण श्रीमती दीपाली रस्तोगी ने बताया कि देश के आदिवासी अंचलों में करीब 3 हजार 150 करोड़ रूपये लागत के 680 निर्माण कार्य स्वीकृत किये गये हैं। इनमें से 460 निर्माण कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं। उन्होंने बताया कि अधिकारियों को निर्माण कार्यों की सतत निगरानी के लिये कहा गया है।


अर्थ-व्यवस्था को मजबूत बनाने में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण
9 September 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि महिलाएँ न केवल आने वाले पीढ़ियों की रक्षक हैं, बल्कि समाज की अर्थ-व्यवस्था को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मुख्यमंत्री आज भिण्ड में रक्षा बंधन उत्सव एवं महिला सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। श्री कमल नाथ ने इस मौके पर 22 करोड़ 12 लाख से अधिक लागत के निर्माण कार्यों की आधारशिला रखी और लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाएँ घरेलू कामकाज के साथ परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए घरेलू व्यवसाय भी शुरू करें। उन्होंने कहा कि सामाजिक मूल्यों, संस्कृति और सभ्यता की रक्षा की एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी भी हमारी बहनों की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को इस दिशा में निरंतर रचनात्मक सोच अपनाते हुए आने वाली पीढ़ी को इसके लिए प्रेरित करना चाहिए।
नई सरकार बनाने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि नई सरकार बनाने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि हमारे सामने कई चुनौतियाँ थीं, जिनका हम प्राथमिकता के आधार पर निरंतर सामना कर रहे हैं। सफलता भी प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर्ज माफी एक बड़ी चुनौती थी। पिछले आठ माह में हमने 19 लाख किसानों का कर्ज माफ किया है। बाकी किसानों की कर्ज माफी की कार्यवाही शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्ज से किसानों को स्थाई रूप से मुक्ति दिलाने के लिए सरकार नई कृषि नीति बनाने जा रही है। इससे हम किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाना भी सुनिश्चित करेंगे। श्री कमल नाथ ने बताया कि हर नौजवान को योग्यता और क्षमता अनुसार काम दिलाने के लिये रोजगार आधारित निवेश नीति बनाई गई है।
नया मध्यप्रदेश बनाने के लिये वचनबद्ध
श्री कमल नाथ ने कहा कि हम हर चुनौती का सामना करते हुए आने वाले समय में एक नया मध्यप्रदेश बनाने के लिए वचनबद्ध हैं। उन्होंने भिण्ड जिले के चहुँमुखी विकास के लिये अपना संकल्प दोहराते हुए कहा कि विकास के मामले में भिण्ड का इतिहास बदला जाएगा। यहाँ के लोगों को निराश नहीं होने दूँगा।
सहकारिता मंत्री श्री गोविन्द सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ घोषणा नहीं करते बल्कि वे काम करने पर विश्वास रखते हैं। महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती इमरती देवी ने कहा कि मुख्यमंत्री वचन-पत्र के वादों को तेजी से पूरा करने की दिशा में काम कर रहे हैं। खाद्य-नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री बनते ही श्री कमल नाथ ने सबसे पहले सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि बढ़ाकर 600 रुपए की और मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना की सहायता राशि बढ़ाकर 51 हजार की। श्री कमल नाथ के नेतृत्व में प्रदेश चहुँमुखी विकास की ओर तेजी से बढ़ रहा है। विधायक श्री संजीव सिंह, श्री राजीव शुक्ला एवं श्री सुरेन्द्र सिंह ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में दोनों पैरों से नि:शक्त कुमारी पूजा ओझा को सम्मानित किया। लाड़ली लक्ष्मी योजना में बालिकाओं को प्रमाण-पत्र वितरित किये। मुख्यमंत्री ने महिला स्व-सहायता समूह की पोषण आहार प्रदर्शनी भी देखी।


जल संसाधन मंत्री श्री कराड़ा के निर्देश पर 43 व्यक्तियों को अनुकंपा नियुक्ति
9 September 2019
भोपाल.जल संसाधन मंत्री श्री हुकुम सिंह कराड़ा के निर्देश पर जल संसाधन विभाग द्वारा वर्ष 2003 तक से लंबित पड़े अनुकम्पा नियुक्ति के 43 प्रकरणों में नियुक्ति आदेश जारी किए हैं। यह नियुक्ति दिवंगत शासकीय सेवकों के परिवार के सदस्य को उनकी योग्यता अनुसार जल संसाधन विभाग में अमीन के पद पर की गई है। इनका वेतनमान रूपये 5200-20200+ग्रेड पे 2100 होगा तथा अद्यतन महंगाई भत्ता मिलेगा नियुक्ति दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर अस्थाई रूप से दी गई है।
जिन व्यक्तियों को अनुकंपा नियुक्ति दी गई है वे है: श्री प्रफुल पंचभाई, सौंसर, श्रीमती निशा मेहरा मझौली, जिला जबलपुर, श्री वीरेन्द्र सिंह अहिरवार, छतरपुर, श्री विक्रम सिंह रमन, ग्वालियर, श्रीमती आरफा खान, कटनी, श्री अभियंक भार्गव, ग्वालियर, श्री आकाश शर्मा, ग्वालियर, श्री अजय तिवारी, भोपाल, श्री विवेक स्वर्णकार, भोपाल, कु. श्रद्धा साहू, सागर, कु. मोनिका सोनकेशरी, मंडला, श्री दीपेश जैन, ग्राम धनगवां तह. गैरतगंज,जिला रायसेन, श्री दर्शन कुमार बिसरोतिया, उज्जैन, श्री अंकित ठाकुर, रायसेन, श्री गिरीश कुमार रोहितास, दमोह, श्री जितेन्द्र कुमार त्रिपाठी, सतना, श्री सजग गुप्ता, छतरपुर, श्री हितेश सबनानी, इंदौर श्री प्रशांत तिवारी, अनंतपुर रीवा, श्री अर्पित कुमार स्वर्णकार, गोविन्द गढ़ रीवा, श्री उत्कर्ष हांडे, भोपाल श्री श्रवण कुमार मत्सौरिया,जौराखुर्द मुरैना, निकिता डकारे, भोपाल, कु.सृष्टि सोनी, कु.विदुषी पटेल, भोपाल, कु. रश्मि पाल, भोपाल, श्री पवन यादव, ग्वालियर, श्रीमती ललिता पन्द्रे, सिवनी श्री मनीष पाठक, सतना, श्री शांतनु व्यास, भोपाल, श्री दीपक साकेत, रीवा, श्री प्रताप सिंह कनेश, अलीराजपुर, श्री प्रतीक वर्मा, गुना, श्री दीपक सिंह, सतना, कु.आरती ठाकुर, सागर, श्री कपिल जैन, ग्वालियर, श्रीमती शिल्पी झा, जबलपुर, श्रीमती गीता सेंगर, अशोकनगर, श्री सागर भंडारी, भोपाल, श्री विवेक कुमार शर्मा, ग्वालियर, कु.साधना त्रिपाठी, शहडोल, श्री हरीश इंगोले, जबलपुर तथा श्री अमोल कोगजे, इंदौर।


वर्षा प्रभावित गरीब बस्तियों में पूर्व मुख्यमंत्री श्री सिंह के साथ पहुँचे जनसम्पर्क मंत्री श्री शर्मा
9 September 2019
जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा भोपाल में लगातार जारी भारी वर्षा के बीच आज पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह के साथ प्रभावित गरीब बस्तियों में पहुँचे। श्री शर्मा ने जिला कलेक्टर श्री तरुण पिथोड़े को निर्देश दिये कि जल-भराव से प्रभावित परिवारों को राशन और राहत सामग्री तुरंत उपलब्ध कराई जाये। निचले क्षेत्र में बसे झुग्गीवासियों को मल्टी बिल्डिंग्स में शिफ्ट किया जाये। प्रभावित परिवारों का सर्वे कर उन्हें तत्काल राहत प्रदान करें।
मंत्री श्री शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री श्री सिंह ने पंचशील नगर, नया बसेरा, राजीव नगर तथा अन्य गरीब बस्तियों का दौरा किया। नगर निगम अमले को निर्देश दिये कि लगातार बारिश को ध्यान में रखते हुए कंट्रोल-रूम को 24 घंटे चालू रखें। जल-भराव वाले क्षेत्रों पर कड़ी नजर रखें। बाढ़ नियंत्रण दस्ता इन क्षेत्रों में मुस्तैदी से तैनात रहे।
श्री शर्मा ने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। स्थानीय पार्षद और गणमान्य नागरिक भी मंत्री श्री शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री श्री सिंह के साथ जल-भराव से प्रभावित बस्तियों में पहुँचे।


ब्राह्मण रत्न सम्मान समारोह मेँ मंत्री श्री शर्मा
8 September 2019
भोपाल.जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा आज उज्जैन विक्रम कीर्ति मंदिर मेँ अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के ब्राह्मण रत्न सम्मान समारोह मेँ शामिल हुए। विधायक श्री शरदेंदु तिवारी और समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कुमारी अवनी शुक्ला और कुमारी वेदिका जोशी ने आकर्षक नृत्य की प्रस्तुति दी।



पशुपालन और डेयरी उद्योग में उन्नत तकनीक को बढ़ावा - केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री बालियान
8 September 2019
भोपाल.केन्द्रीय पशुपालन राज्य मंत्री श्री संजीव कुमार बाल्यिमान ने बताया है कि पशुपालन और डेयरी उद्योग को लाभकारी बनाने के लिये उन्नत तकनीकों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस क्षेत्र में उद्यमियों को आकर्षित करने के लिये पीपीपी मोड पर प्रोजेक्ट क्रियान्वित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। श्री बालियान आज यहाँ 29वीं भारतीय वेटनरी कॉन्फ्रेंस के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे।
केन्द्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि पशुधन का संरक्षण मानव जीवन और पर्यावरण संतुलन के लिये बहुत जरूरी है। वेटनरी डॉक्टर्स और विशेषज्ञों को यह बात समझते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिये। पशुधन संरक्षण में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास भी करना चाहिये।
प्रदेश के पशुपालन मंत्री श्री यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने शत-प्रतिशत निराश्रित गौ-वंश को संरक्षित करने का निर्णय लिया है। इसके लिये हाईटेक गौ-शालाएँ बनाई जा रही हैं। ग्रामीणों को दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और डेयरी उद्योग अपनाने के लिये भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
कॉन्फ्रेंस में देश के 20 राज्यों के वेटनरी डॉक्टर्स और विशेषज्ञों ने भाग लिया। लुधियाना विश्वविद्यालय के उप कुलपति डॉ. गुरुदयाल सिंह, वेटनरी एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।



श्री संजय कुमार शुक्ला प्रमुख सचिव जनसम्पर्क पदस्थ
7 September 2019
भोपाल.राज्य सरकार ने प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री संजय कुमार शुक्ला को प्रमुख सचिव जनसम्पर्क और प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश माध्यम का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। डॉ. राजेश कुमार राजौरा प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन एवं जनसम्पर्क तथा प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश माध्यम सिर्फ प्रमुख सचिव जनसम्पर्क और प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश माध्यम के प्रभार से मुक्त होंगे।



वन्य-प्राणी फोटो प्रतियोगिता के लिये प्रविष्टि आमंत्रित
7 September 2019
भोपाल.हर साल की तरह इस वर्ष भी वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में एक से सात अक्टूबर तक वन्य-प्राणी सप्ताह मनाया जायेगा। इस दौरान होने वाली वन्य-प्राणी फोटोग्राफी प्रतियोगिता के लिये 20 सितम्बर तक कार्यालय संचालक वन विहार द्वारा 5 फोटोग्राफ लिये जायेंगे। प्रतियोगिता के लिये शौकिया एवं व्यवसायिक फोटोग्राफर वन्य-प्राणियों के 12'x18' साइज के फोरेक्स शीट पर तैयार फोटोग्राफ भेज सकते हैं। ये फोटोग्राफ वन्य-प्राणी सप्ताह के दौरान प्रदर्शनी में रखे जायेंगे। उत्कृष्ट फोटोग्राफ को पुरस्कृत भी किया जायेगा। पुरस्कृत फोटोग्राफ को छोड़कर शेष फोटो 10 अक्टूबर के बाद प्रतिभागियों को वापिस कर दिये जायेंगे। पुरस्कृत फोटोग्राफ वन विहार की धरोहर होगा। उत्कृष्ट फोटोग्राफ को वन विहार में सात अक्टूबर को होने वाले राज्य-स्तरीय वन्य-प्राणी सप्ताह के समापन दिवस पर पुरस्कृत किया जायेगा।

मंत्री डॉ. चौधरी और श्री शर्मा द्वारा शिक्षकों का सम्मान
7 September 2019
भोपाल.स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ.प्रभुराम चौधरी और जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने मॉडल हायर सेकेण्डरी स्कूल टी.टी.नगर में प्रांतीय शिक्षक सम्मान समारोह में शिक्षकों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। बच्चों ने विद्यालय को उपहार स्वरूप स्पीकर एवं कॉर्डलेस माइक भेंट किया।
मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा कि देश में पहली बार केवल मध्यप्रदेश में 35 हजार शिक्षकों का आनलाईन आवेदन पर ट्रांसफर किया गया है। इससे सालों बाद मीलों दूर पदस्थ शिक्षक अपने घर के पास पहुँचे हैं। मीलों दूर अलग-अलग स्कूलों में सेवायें दे रहे शिक्षक पति-पत्नी एक ही स्कूल में पदस्थ हुए हैं। बीमार और दिव्यांग शिक्षकों का भी उनकी सुविधा के स्थान पर तबादला किया गया हैं। अच्छा रिजल्ट देने वाले शिक्षकों, प्राचार्यों का प्राथमिकता के आधार पर ट्रान्सफर किया गया है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों के ओरिएटेंशन एवं प्रोत्साहन के लिये अन्य राज्यों और विदेशों की शिक्षा पद्धतियों का अध्ययन कराया जा रहा है, जिससे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को देश की सर्वश्रेष्ठ श्रेणी में लाकर आईकॉन के रूप में स्थापित किया जा सके। जनसम्पर्क मंत्री श्री शर्मा ने भी संबोधित किया।


आँगनवाड़ी बाल-शिक्षा केन्द्र से अनुशासित और स्मार्ट बन रहे बच्चे
7 September 2019
भोपाल.महिला-बाल विकास विभाग द्वारा आँगनवाड़ी केन्द्रों को प्रारंभिक बाल शिक्षा केन्द्र के रूप में परिवर्तित करने की राज्य सरकार की योजना साकार होती दिख रही है। आँगनवाड़ियों को बाल शिक्षा केन्द्र के रूप में परिवर्तित करने के बाद श्योपुर जिले के आदिवासी विकासखण्ड कराहल के बच्चे अब स्मार्ट बन रहे हैं।
ड्रेसकोड के साथ टेबल-कुर्सी पर चित्रों के जरिए शाला पूर्व शिक्षा लेते हुए छोटे बच्चे बॉयोमेट्रिक पद्धति से हाजरी लगाते हैं। श्योपुर के बस स्टेण्ड में शहरी क्षेत्र के अनुसूचित जनजाति बस्ती के वार्ड-17 के आँगनवाड़ी केन्द्र को बाल शिक्षा केन्द्र के रूप में विकसित करने के बाद केन्द्र की पूरी गतिविधियाँ बदली हुई दिखाई दे रही हैं। कुछ समय पहले तक इस केन्द्र में बच्चे नंगे पाँव पोषण आहार लेने आते थे। वहीं अब ये बच्चे किसी महंगे प्रायवेट प्ले स्कूल की तरह शानदार गणवेश में टेबल-कुर्सी पर बैठकर प्रारंभिक शिक्षा का लाभ ले रहे हैं। यहाँ बच्चों को पोषण आहार के साथ चित्रों के माध्यम से अक्षर ज्ञान कराया जा रहा है। इण्डोर-आउटडोर खेलों की व्यवस्था
''आँगनवाड़ी बाल शिक्षा केन्द्र'-मस्ती की पाठशाला'' में बच्चों के लिये खिलौनों की व्यवस्था की गई है। आँगनवाड़ी की पेंटिंग इस तरह से की गई है कि वह बच्चों को आकर्षित करने के साथ ही अक्षर ज्ञान भी करवा रही है। जिला प्रशासन द्वारा आँगनवाड़ी के बाहर खेल मैदान के लिये जमीन सुरक्षित कर उसकी फेसिंग कराई गई है, जिससे बच्चे खेलने के साथ सुरक्षित भी रहें। श्योपुर जिले के विकासखण्ड श्योपुर, कराहल एवं विजयपुर क्षेत्र में बाल शिक्षा केन्द्र प्रारंभ किये गये हैं। आँगनवाड़ी केन्द्रों की कार्यकर्ता एवं सहायिका को केन्द्रों में दर्ज बच्चों को उनके पालकों/अभिभावकों से चर्चा कर पाठशाला में निरन्तर भिजवाने की मुहिम चलाई जा रही है। केन्द्रों में आने वाले कमजोर बच्चों की ग्रेड में सुधार के लिये उन्हें पोषणयुक्त आहार भी दिया जा रहा है।


गोल्फ कोर्स की तरह दिखेगी भानपुर खंती
7 September 2019
भोपाल.नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने आज यहाँ भानपुर खंती में जैविक उपचार खाद संयंत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि भानपुर खंती एक साल बाद गोल्फ कोर्स की तरह दिखेगी। इसे ग्रीन बेल्ट के रूप में विकसित किया जायेगा।
मंत्री श्री जयवर्धन सिंह ने कहा कि कार्य समय-सीमा में पूरा करें। आयुक्त, नगर निगम श्री विजय दत्ता ने बताया कि काम वर्ष 2018 में शुरू हुआ था। अब तक 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि यहाँ देश का आधुनिकतम संयंत्र लगाया गया है, जो कचरे का ऑटोमेटिक सेग्रीगेशन करता है। श्री दत्ता ने बताया कि कचरे में से मात्र 30 प्रतिशत ही अनुपयोगी निकलता है।


मंत्री श्री शर्मा ने शिक्षकों को किया सम्मानित
6 September 2019
भोपाल.जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा आज बाणगंगा क्षेत्र के प्रियंका प्रायमरी स्कूल के शिक्षक दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। श्री शर्मा ने स्कूल की ओर से शिक्षकों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये।




प्रदेश के सभी थाने सीसीटीएनएस प्रोजेक्ट में शामिल : मंत्री श्री बच्चन
6 September 2019
भोपाल.गृह एवं जेल मंत्री श्री बाला बच्चन ने12 नये थाने और 210 नये वरिष्ठ कार्यालयों को क्राइम एण्ड क्रिमिनल ट्रेकिंग सिस्टम (सीसीटीएनएस) में शामिल करने के आदेश दिये है। इसके बादमध्यप्रदेश इस सिस्टम की स्थापना में भारत सरकार द्वारा जारी प्रगति मापदंडों के क्रियान्वयन में अग्रणी राज्यों में शमिल हो गया है। साथ ही राज्य सरकार द्वारा वचन-पत्र में दिया गया एक और वचन भी पूरा हो गया है।
पुलिस मुख्यालय में राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो में सिस्टम का तकनीकी संचालन किया जायेगा। सीसीटीएनएस कमाण्ड एण्ड कंट्रोल रूम स्थापित कर प्रदेश के 1061 पुलिस स्टेशन एवं 638 वरिष्ठ कार्यालयों की एकीकृत मॉनीटरिंग शुरू कर दी गई है।
सीसीटीएनएस प्रोजेक्ट के लाभ
प्रोजेक्ट से प्रदेश के सभी अपराधियों की जानकारी सभी थानों को तत्काल उपलब्ध होगी। इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख संधारण किया जा सकेगा। विभिन्न रजिस्टर एवं रिपोर्ट सॉफ्टवेयर से तैयार होगी। थानों की कार्यवाही का सतत् एवं सघन पर्यवेक्षण संभव हो सकेगा। गिरफ्तार अपराधियों एवं बरामद सम्पत्ति की सूचना सभी थानों में तत्काल प्रसारित होगी। चरित्र सत्यपान प्रदेश स्तर पर संभव हो सकेगा। अपराधियों का इतिहास और प्रवृत्ति की जानकारी प्रदेश स्तर पर उपलब्ध रहेगी। विभिन्न राज्यों से अपराधियों की सूचनाओं का आदान-प्रदान संभव होगा।


भारत सरकार ने की प्रदेश की सराहना
6 September 2019
भोपाल.मध्यप्रदेश हस्तशिल्प विकास निगम द्वारा अन्य राज्यों से मिलकर कार्य करने के अभियान की सचिव टेक्सटाइल भारत सरकार श्री रवि कपूर ने सराहना की है। श्री कपूर अहमदाबाद में राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित कर रहे थे। कॉन्फ्रेंस में मध्यप्रदेश सहित कुल 6 प्रतिनिधि राज्य के अधिकारी शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के हस्तशिल्प विकास निगम द्वारा अन्य राज्यों के साथ अनुबंध किया जा रहा है। मृगनयनी को ग्लोबल ब्रांड बनाने की पहल भी की गई है।


खनिज आधारित होगी भविष्य की अर्थ-व्यवस्था : मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
5 September 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि खनिज उत्पादन भविष्य की अर्थ-व्यवस्था का आधार है। मध्यप्रदेश में कीमती खनिजों का भंडार है, जिसका उपयोग राज्य के विकास के लिए जितनी जल्दी करें, उतना जनता के हित में होगा। मुख्यमंत्री ने मंत्रालय में भारत सरकार की मिनी रत्न कंपनी मिनरल एक्सप्लोरेशन कार्पोरेशन लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करते हुए कहा कि वे मध्यप्रदेश को अपनी प्राथमिकता का प्रदेश बनायें। कोयला और चूना पत्थर के अलावा प्रदेश में कई बहुमूल्य खनिज हैं, जो भविष्य की अर्थ-व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। श्री कमल नाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि कीमती खनिजों के खनन की समयबद्ध योजना बनायें।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण के पास उपलब्ध खनन और भण्डारण की बहुमूल्य जानकारी का उपयोग कर खनन का काम तत्काल शुरू करने की तैयारी करें। एम.ई.सी.एल. के पास इसका उपयोग करने की क्षमता और विशेषज्ञता है। खनिजों के उत्खनन की समय-सीमा निर्धारित कर योजना बनायें। राज्य शासन पूरा सहयोग करेगा। मैगनीज, बाक्साइट, ग्रेफाईट, आयरन ओर एवं रेडियम, वेनेडियम जैसे मूल्यवान खनिजों के खनन पर ध्यान दें, जिनके भण्डारण की जानकारी उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखण्ड, महाकौशल और प्रदेश के पश्चिम भाग में इन खनिजों के कीमती भंडार उपलब्ध हैं। प्रत्येक खनिज की अलग नीति बनाकर काम शुरू किया जायेगा। उन्होंने कहा कि कोयला खनन की नीति डायमंड अथवा मैगनीज पर लागू नहीं हो सकती।
बैठक में खनिज मंत्री श्री प्रदीप जायसवाल, मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहन्ती, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री अशोक वर्णवाल, प्रमुख सचिव उद्योग श्री राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव खनिज श्री नीरज मंडलोई और एम.ई.सी.एल. के अध्यक्ष तथा मुख्य महाप्रबंधक डा. रंजीत रथ उपस्थित थे।


अनुसूचित जाति आयोग केन्द्र सरकार को रिपोर्ट के साथ योजनाएँ भी सुझाए
5 September 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि केन्द्रीय अनुसूचित जाति आयोग योजनाओं के क्रियान्वयन की राज्यवार समीक्षा रिपोर्ट के साथ ही अपने अध्ययन के आधार पर ऐसी योजनाएँ भी बनाकर केन्द्र सरकार को दें, जो इन वर्गों का सर्वांगीण विकास प्रभावी ढंग से कर सकें और व्यवहारिक भी हों। श्री कमल नाथ आज मंत्रालय में केन्द्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों से चर्चा कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री नाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर विशेष ध्यान दे रही है। प्रदेश में अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निरोधक अधिनियम सख्ती से लागू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वचन-पत्र के अनुसार राज्य सरकार अनुसूचित वर्ग की जनसंख्या के आधार पर बजट निर्धारित करने और राशि वास्तविक रूप से खर्च हो, इसके लिए शीघ्र कानून बनाने जा रही है।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि आयोग अपने मैदानी अनुभव के साथ जो योजनाएँ बनाएगा, वह अधिक प्रभावी होंगी। श्री नाथ ने कहा कि योजनाओं की समीक्षा करने के साथ यह भी देखें कि जो योजनाएँ चल रही हैं, उनके क्रियान्वयन में क्या खामियाँ हैं। श्री नाथ ने कहा कि आयोग इसका परीक्षण कर केंद्र सरकार को उचित सुझाव भी दें ताकि क्रियान्वयन के स्तर पर प्रभावी व्यवस्था बनाई जा सके।
आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामशंकर कथेरिया ने अनुसूचित जाति वर्ग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में सुझाव दिए। उन्होंने स्टार्टअप योजनाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा।
बैठक में आयोग के उपाध्यक्ष डॉक्टर एल. मुरूगन, सदस्य श्री के.आर. रामलू, डॉ. योगेन्द्र पासवान, सुश्री स्वराज विद्वान और आयोग के सदस्य सचिव श्री प्रीतम सिंह उपस्थित थे। बैठक में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री लखन घनघोरिया, मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती एवं प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति श्री विनोद कुमार उपस्थित थे।


झाबुआ में दस करोड़ से बनेगा आधुनिक बस स्टेण्ड : नगरीय विकास मंत्री श्री सिंह
5 September 2019
भोपाल.नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्धन सिंह ने झाबुआ में स्वच्छ सर्वेक्षण एवं अक्षय जल संचय अभियान हितग्राही सम्मेलन में कहा कि झाबुआ में आधुनिक बस स्टेण्ड बनाने के लिये 10 करोड़ रुपये दिये जायेंगे। उन्होंने कहा कि झाबुआ शहर के 490 नये परिवार को भी आवास योजना में शामिल किया जायेगा।
श्री सिंह ने कहा कि झाबुआ शहर की पहचान बहादुर सागर एवं छोटे तालाब तथा दिलीप गेट का सौन्दर्यीकरण जल्द शुरू करवाया जायेगा। शहर के लोगों को जल अधिकार अधिनियम में घर-घर नल कनेक्शन दिये जायेंगे। उन्होंने कहा कि शहर में कचरा एकत्रित करने के लिये 6 नये वाहन दिये जायेंगे। महिला स्व-सहायता समूह को स्व-रोजगार के लिये 50 हजार रुपये दिये जायेंगे। श्री सिंह ने कहा कि आगामी वर्षों में एक-एक कर सभी वचनों को पूरा किया जायेगा।
मंत्री श्री सिंह ने शिक्षक दिवस पर 42 शिक्षकों को सम्मान-पत्र और विभागीय योजनाओं के विभिन्न हितग्राहियों को हितलाभ वितरण किया। उन्होंने विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन भी किया।
महात्मा गांधी और टंट्या मामा की प्रतिमा का अनावरण
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ने झाबुआ शहर के रानापुर रोड चौराहे पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी टंट्या मामा की प्रतिमा का अनावरण कर चौराहा का नाम उनके नाम पर करने की घोषणा की। उन्होंने बस स्टेण्ड चौराहे पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा का भी अनावरण किया।
सम्मेलन को पूर्व सांसद श्री कांतिलाल भूरिया एवं अन्य जन-प्रतिनिधियों ने भी सम्बोधित किया। सम्मेलन में विधायक सर्वश्री वीर सिंह भूरिया, बाल सिंह मेड़ा और सुश्री कलावती भूरिया भी उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ द्वारा शिक्षक दिवस पर शिक्षकों को बधाई
4 september 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। शिक्षक समुदाय की साधना को नमन् करते हुए उन्होंने सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन का विन्रम स्मरण किया है।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि समाज की नींव मजबूत करने में शिक्षकों का योगदान अतुलनीय है। शिक्षकों की गरिमा के अनुरूप उनके हितों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य शासन शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। श्री कमल नाथ ने कहा कि शिक्षकों के योगदान के बिना यह कार्य सार्थक नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों में जो शिक्षक अपना कर्त्तव्य निभा रहे हैं, उनका समर्पण अतुल्य है।


लालबाग पैलेस के गौरव की पुर्नस्थापना का समयबद्ध कार्य सावधानी से हो : श्री डिसा
4 september 2019
अध्यक्ष लालबाग पैलेस प्रबंध समिति तथा रेरा अध्यक्ष श्री अन्टोनी डिसा ने कहा है कि इन्दौर की धरोहर लालबाग पैलेस, एक ऐतिहासिक स्मारक है। पैलेस के जीर्णोद्धार का समयबद्ध कार्यक्रम बनाकर इसके पुराने वैभव को लौटाया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पैलेस के संरक्षण और मूल गौरव की पुर्नस्थापना तथा कायाकल्प का कार्य बहुत सावधानी से किया जाना चाहिए। श्री डिसा आज इन्दौर में पैलेस के अनुरक्षण, विकास तथा अन्य व्यवस्थाओं को संचालित करने के लिये गठित प्रबंध समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
राज्य शासन द्वारा लालबाग पैलेस का बाह्य एवं आंतरिक अनुरक्षण कार्य वर्ल्ड मान्युमेन्ट फण्ड की सहभागिता से किया जा रहा है। बैठक में पैलेस के कायाकल्प के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय भी लिये गये। बैठक में प्रमुख सचिव संस्कृति तथा समिति संयोजक आयुक्त पुरातत्च संचालनालय श्री पंकज राग, आयुक्त इन्दौर संभाग श्री आकाश त्रिपाठी सहित समिति के सदस्य मौजूद थे।
श्री डिसा ने कहा कि लालबाग पैलेस के संरक्षण का समयबद्ध कार्यक्रम बनाया जाकर कार्य रूप में परिणित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यहाँ प्राचीन महत्व की 65 पेंटिंग्स को पुनर्जीवन देने के लिए मुंबई के प्रसिद्ध छत्रपति शिवाजी म्यूज़ियम से एमओयू किया जाएगा। संपूर्ण लालबाग परिसर को विकसित कर इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। बैठक में समिति के सदस्यों ने भी स्मारक की विशेषताओं और इसके जीर्णोद्धार के लिये महत्वपूर्ण सुझाव दिये।
बैठक में वर्ल्ड मान्युमेंट फण्ड की भारत में प्रतिनिधि श्रीमती अमिता बेग, वरिष्ठ पत्रकार श्री अभिलाष खांडेकर, इतिहासकार श्री राजेन्द्र सिंह, कलाकार श्री भालू मोंढे, कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जाटव, आयुक्त नगर निगम श्री आशीष सिंह, स्मार्ट सिटी सी.ई.ओ. सुश्री अदिति गर्ग, मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम से सुश्री सोनिया मीणा तथा कंसलटेंट श्रीमती आभा नारायण लांबा मौजूद थी।


भोपाल-इन्दौर एक्सप्रेस-वे में भूमि व्यपवर्तन के लिए 530 करोड़ स्वीकृत
4 september 2019
भोपाल-इंदौर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे लेन के विकास की मॉनिटरिंग के लिये राज्य शासन ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति बनायी है। समिति में वन, वित्त योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के अपर मुख्य सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, लोक निर्माण और नगरीय विकास विभाग के प्रमुख सचिव को समिति सदस्य बनाया गया है। समिति में कमिश्नर भोपाल और उज्जैन संभाग तथा कलेक्टर भोपाल, रायसेन, सीहोर और देवास भी सदस्य रहेंगे। कार्यपालन निदेशक म.प्र. सड़क विकास निगम सदस्य सचिव होंगे।
केन्द्र सरकार की भारतमाला परियोजना में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा भोपाल-इंदौर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे लेन लम्बाई-142.60 किलोमीटर का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण के लिये अर्जित की जा रही राजस्व भूमि एवं वन भूमि व्यपवर्तन के लिये लोक निर्माण विभाग ने लगभग 530 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी है।
एक्सप्रेस-वे के दोनों और कुछ स्थानों को चिन्हित किया गया है। इन स्थानों पर व्यवसायिक, शहरी विकास, औद्योगिक और भण्डारण आदि गतिविधियाँ विकसित की जायेगी। प्रस्तावित मार्ग के दोनों ओर की भूमि पर अधोसंरचना विकास से प्रदेश के राजस्व में वृद्धि होगी।



3 September 2019
भोपाल.विश्व प्रकृति निधि भारत (डब्लूडब्लूएफ) द्वारा युवाओं में पर्यावरण चेतना जागृत करने के उद्देश्य से एशिया का सबसे बड़ा 'वाइल्ड विज़डम क्विज़ 2019' किया जा रहा है। प्रदेश के स्कूली विद्यार्थियों के लिये यह क्विज तीन वर्गों में की जा रही है। क्विज की थीम 'अपने ग्रह की खोज' है। क्विज़ में पंजीयन की अंतिम तिथि 15 सितम्बर 2019 है। विद्यालय http://quiz.wwfindia.org/wwq/senior.aspx इस लिंक पर जाकर पंजीयन कर सकते हैं। डब्लू डब्लू एफ-इण्डिया, मध्यप्रदेश तथा छत्तीसगढ़ इकाई सलाहकार समिति के अध्यक्ष तथा रेरा अध्यक्ष श्री अन्टोनी डिसा ने क्विज़ को उपयोगी बताते हुए अधिक से अधिक विद्यार्थियों से भाग लेने की अपील की हैं।
पहले वर्ग में (जूनियर वर्ग) कक्षा 3 से 5 तक, द्वितीय (मिडिल वर्ग) कक्षा 6 से 8 तक एवं तृतीय वर्ग में लिखित तथा कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिये (ऑनलाइन) यह क्विज़ हैं। सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को ‘‘सर डेविड एटेनबग ’’ द्वारा हस्ताक्षरित प्रमाण -पत्र दिये जायेगें। राज्य स्तर की क्विज अक्टूबर, 2019 में भोपाल में होगी। राज्य स्तर की विजेता टीम राष्ट्रीय स्तर पर नवम्बर, 2019 में दिल्ली में आयोजित क्विज़ में भाग लेंगी ।
क्विज़ में इस वर्ष सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरे एशिया पैसिफिक रीजन,युनाइटेड किंगडम, साउथ अमेरिका,नेपाल और भूटान सहित 7 देश के लगभग 70 हजार विद्यार्थियों और 11 हजार स्कूल के भाग लेने की संभावना हैं।


अति वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत 30 नवम्बर तक सुनिश्चित होगी
3 September 2019
मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती ने प्रदेश में अति वृष्टि और अनेक जगहों पर बाढ़ की स्थिति के बनने से क्षतिग्रस्त ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की सड़कों की मरम्मत का कार्य 30 नवम्बर तक आवश्यक रूप से पूरा करने के निर्देश दिये हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि सड़कों की मरम्मत का कार्य 15 से 20 सितम्बर के बीच आवश्यक रूप से शुरू किया जाना सुनिश्चित किया जाये। संबंधित विभाग 15 सितम्बर से मरम्मत का कार्य शुरू करने के लिए अभी से प्रक्रियागत कार्यवाही पूरी कर आवश्यक तैयारियाँ करें। मुख्य सचिव ने यह निर्देश आज मंत्रालय में एक बैठक में दिये।
मुख्य सचिव ने कहा कि अति वृष्टि और बाढ़ से प्रदेश में अनेक जगहों पर नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों को क्षति पहुँची है। उन्होंने कहा कि अति वर्षा और बाढ़ की स्थिति बनने से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों का आकलन कर सभी संबंधित विभाग मरम्मत की कार्यवाही तत्काल शुरू करें। बैठक में इस संबंध में मुख्य रूप से लोक निर्माण, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग शामिल हुए।
मुख्य सचिव स्वयं करेंगे समीक्षा
मुख्य सचिव ने कहा कि क्षतिग्रस्त सड़कों के मरम्मत कार्य की शुरूआत और निर्धारित तिथि तक पूर्णता को सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर औचक निरीक्षण किया जायेगा। मुख्य सचिव स्वयं भी समय-समय पर इसकी समीक्षा करेंगे।
बैठक में प्रमुख सचिव लोक निर्माण श्री मलय श्रीवास्तव, सचिव ग्रामीण विकास श्री उमाकांत उमराव, प्रमुख सचिव वित्त श्री मनोज गोविल, सचिव और आयुक्त नगरीय प्रशासन श्री पी. नरहरि, मुख्य अभियंता लोक निर्माण श्री आर.के. मेहरा, मुख्य अभियंता नगरीय प्रशासन श्री प्रभाकांत कटारे और मुख्य अभियंता ग्रामीण विकास उपस्थित थे।


मंत्री श्री पांसे ने हरिद्वार में देखीं देव संस्कृति विश्वविद्यालय की गतिविधियाँ
3 September 2019
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री सुखदेव पांसे ने शांति कुंज हरिद्वार स्थित देव संस्कृति विश्वविद्यालय में संचालित स्वावलम्बन केन्द्रों का अवलोकन किया। श्री पांसे ने वहाँ गौ-शाला प्रबंधन देखा और आवश्यक जानकारी प्राप्त की।
मंत्री श्री पांसे ने विश्वविद्यालय के संचालक श्री चिन्मय पण्डया से भेंट की। उन्होंने प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर स्वावलम्बन केन्द्र विकसित करने पर चर्चा की। श्री पांसे ने विश्वविद्यालय में टीचर्स ट्रेनिंग प्रोग्राम से जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों की बैठक ली।


एनबीए नेता सुश्री मेधा पाटकर का अनशन खत्म
2 september 2019
भोपाल.नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता सुश्री मेधा पाटकर ने आज रात मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि पूर्व मुख्य सचिव श्री एस.सी. बैहार से चर्चा के बाद अपना अनशन और धरना आंदोलन खत्म किया। सुश्री पाटकर ने श्री बेहार के हाथों नीबू पानी पीकर अपना अनशन खत्म किया। सुश्री पाटकर के साथ अनशन पर बैठे नर्मदा बचाओ आंदोलन के अन्य छह कार्यकर्ताओं, जिनमें चार महिलाएँ हैं, ने भी अपना अनशन खत्म किया।
सोमवार की देर शाम मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के प्रतिनिधि के रूप में बड़वानी जिले के छोटा बड़दा आये पूर्व मुख्य सचिव श्री बैहार ने धरना स्थल पर पहुँचकर सुश्री पाटकर और उनके साथियों से चर्चा कर उन्हें मुख्यमंत्री के संदेश और सरदार सरोवर परियोजना के जल स्तर को कम करवाने के प्रयासों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। श्री बैहार ने सुश्री पाटकर एवं डूब प्रभावितों से भी चर्चा कर पूरी जानकारी ली। उन्होंने अनुरोध किया कि सुश्री पाटकर और अन्य साथी अपने स्वास्थ्य एवं मध्यप्रदेश सरकार के पूर्ण समर्थन को देखते हुए अपना अनशन और धरना समाप्त कर दें। इसके बाद तय हुआ कि सुश्री पाटकर और साथी 9 सितम्बर को भोपाल में एनवीडीए के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। बैठक में उनके मुद्दों का निराकरण नहीं होने पर भोपाल में धरने का निर्णय लेंगे।
सुश्री पाटकर और उनके साथी विगत 25 अगस्त से अनशन और धरना आंदोलन पर थे।


मंत्री श्री शर्मा नया सवेरा बस्ती में नागरिकों से हुए रू-ब-रू
2 september 2019
भोपाल.विधि-विधायी कार्य, जनसम्पर्क, धार्मिक न्यास और धर्मस्व मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने सोमवार शाम नया सवेरा बस्ती का दौरा किया। बस्ती में मंत्री श्री शर्मा नागरिकों से रू-ब-रू हुए। उन्होंने स्थानीय समस्याएँ सुनी और अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिये।
मंत्री श्री शर्मा ने विधायक निधि से नया सवेरा बस्ती में शेड बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अपर आयुक्त नगर निगम श्री मयंक वर्मा को शेड का कार्य जल्दी शुरू करने को कहा। मंत्री श्री शर्मा के साथ पार्षद श्री योगेन्द्र सिंह चौहान, पार्षद श्री मोनू सक्सेना, श्री अनस पठान और श्री शोएब खान भी थे।


प्रदेश की पारेषण क्षमता हुई 17 हजार 200 मेगावाट
2 september 2019
भोपाल.प्रदेश के अति उच्च दाब उपकेन्द्रों की ट्रांसफार्मेशन क्षमता 61 हजार 200एमवीए, अति उच्च दाब लाइनों की कुल लंबाई 35 हजार 570 सर्किट किलोमीटर एवं अति उच्च दाब उप केन्द्रों की कुल संख्या 370 हो गई है। पिछले वित्त वर्ष में मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा 24 नए उप केन्द्रों का निर्माण कर उन्हें ऊर्जीकृत किया गया है एवं कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता में 4870.5 एमवीए की वृद्धि की गई। इसी प्रकार वर्ष 2018-19 तक पारेषण क्षमता 17 हजार 200 मेगावाट हो गई है, जो कंपनी गठन के समय 3890 मेगावाट थी। इस प्रकार पारेषण क्षमता में कंपनी गठन के बाद 442 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने इस वित्त वर्ष के लिये कुल 6794 एमवीए ट्रांसफार्मेशन क्षमता वृद्धि, 22 नए उप केन्द्रों का ऊर्जीकरण एवं 2181 सर्किट किलोमीटर लाइन के निर्माण का लक्ष्य रखा है। इसके विरूद्ध जुलाई 2019 तक कुल 205.8 किलोमीटर पारेषण लाइन का निर्माण एवं उप केन्द्रों की क्षमता में 470 एमवीए की वृद्धि की जा चुकी है।
मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने विगत वर्षों में पारेषण प्रणाली में किए गुणवत्तापूर्ण विस्तार से पारेषित ऊर्जा का नया रिकार्ड को स्थापित करते हुए पारेषण हानि, जो कंपनी के गठन के पहले 7.93 प्रतिशत थी, से घटाकर पिछले वित्त वर्ष में 2.71 प्रतिशत के न्यूनतम स्तर पर कायम रखते हुए, 14 हजार 89मेगावाट की अधिकतम मांग की आपूर्ति की है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा पारेषण प्रणाली की उपलब्‍धता के लिये निर्धारित मापदण्ड 98 प्रतिशत की तुलना में कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष में 99.59 प्रतिशत की उपलब्धता प्राप्त की। इस प्रकार कंपनी ने 2018-19 में सर्वाधि‍क सर्किट किलोमीटर ट्रांसमिशन लाइन, सर्वाधिक संख्या में सब स्टेशन, न्यूनतम ट्रांसमिशन लास, सर्वाधिक पारेषण उपलब्धता, सर्वाधिक ट्रांसफार्मेशन केपेसिटी और सबसे अधिक रेल्वे ट्रेक्शन लाइनों के निर्माण का कीर्तिमान बनाया।
आगामी रबी सीजन में बिजली की अधिकतम माँग लगभग 16 हजार मेगावाट तक पहुँचने की संभावना है, जिसकी आपूर्ति के लिए ट्रांसमिशन नेटवर्क भी तैयार है। नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन की रियल टाइम मानिटरिंग के लिए रिन्यूएबल एनर्जी मैनेजमेंट केन्द्र की स्थापना राज्य भार प्रेषण केन्द्र में की गई है। वर्तमान में प्रदेश में सौर ऊर्जा की क्षमता 1961.91 एवं नवकरणीय ऊर्जा की कुल क्षमता 4603.14 मेगावाट हो गई है। राज्य भार प्रेषण केन्द्र में उपलब्धता आधारित टैरिफ, लघु अवधि खुली पहुँच और मैनेजमेंट इन्फार्मेशन सिस्टम के लिये कंप्यूटर आधारित प्रणाली स्थापित कर उसे क्रियाशील किया गया है।
प्रदेश में स्थापित किए जाने वाले नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा स्त्रोतों से उत्पादित विद्युत ऊर्जा की 2100 करोड़ लागत की परियोजना (ग्रीन एनर्जी कारीडोर प्रोजेक्ट) क्रियान्वित की जा रही है। योजना में राष्ट्रीय स्वच्छ ऊर्जा निधि से 40 प्रतिशत अंश का अनुदान, के.एफ.डब्ल्यू. डेव्हलपमेंट बैंक, जर्मनी द्वारा 40 प्रतिशत अंश का ऋण एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा 20 प्रतिशत का अंश प्रदान किया जा रहा है। परियोजना में कार्यादेश प्रसारित किए जा चुके हैं और समय-सीमा में पूर्ण कर लिए जाएंगे। प्रदेश में पहली बार तीन जीआईएस उप केन्द्र के भोपाल, इंदौर और जबलपुर में निर्माण के आदेश हो गए हैं। जीआईएस उप केन्द्र की विश्वसनीयता एआईएस उप केन्द्र की तुलना में अधिक है एवं संचालन/संधारण का कार्य कम तथा सुगम होता है।
यूबीआई योजना कंपनी द्वारा प्रथम बार 400 केवी मालवा-पीथमपुर-बदनावर लाइन की चुनौतियों से भरा निर्माण स्क्वॉड मूस कंडक्टर लगाकर एवं नदी क्रासिंग लोकेशन पर 134 मीटर ऊँचाई के सामान्य टावर से लगभग 100 गुना वजनी टावर लगाकर किया गया। इसे ऊर्जीकृत भी किया गया है।
पारेषण प्रणाली में नए निर्माण कार्यों के साथ पिछले वित्त वर्ष में इस वित्त वर्ष के जून माह तक परीक्षण एवं संचार संकाय द्वारा पावर ट्रांसफार्मरों की क्षमता में कुल 2209 एमव्हीए की वृद्धि की गई।
गुणवत्तापूर्ण विद्युत प्रदाय सुनिश्चित करने के लिये पारेषण प्रणाली में कुल 278 एमव्हीएआर रिएक्टिव पावर कंपन्सेशन की क्षमता वृद्धि की है। इससे पारेषण हानि को भी कम करने में मदद मिली है। रेलवे विद्युतीकरण के 17 रेल्वे टेक्शन फीडर वे को ऊर्जित करने का कार्य भी किया गया है। पीएसडीएफ स्कीम में अति उच्च दाब उप केन्द्रों में स्थापित पुरानी तकनीक और अपर्याप्त फाल्ट क्षमता के विद्युत उपकरणों को आधुनिक एवं वर्तमान सिस्टम में उपयोगी नए उपकरणों से बदलने का चुनौतीपूर्ण कार्य अल्प अवधि में कर उप केन्द्रों का उन्नयन भी किया गया है।


राज्यपाल ने दी गणेश चतुर्थी की बधाई और शुभकामनाएँ
1 September 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लाल जी टंडन ने गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को बधाई दी है। राज्यपाल श्री टंडन ने कहा कि बुद्धि और समृद्धि के आराध्य देव भगवान श्री गणेश, जीवन में श्रेष्ठ और सृजनात्मक कार्य करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कामना की है कि गणेश चतुर्थी पर प्रदेश के हर परिवार में सुख, समृद्धि आए। श्री टंडन ने चतुर्थी पर्व को उत्साह, उल्लास,सौहार्द और सद्भाव की गौरवशाली परंपराओं के साथ मनाने का आग्रह किया है।



प्रदेश में एस0टी0एफ0 द्वारा सिंथेटिक दूध, मावा और पनीर की फैक्ट्रियों पर छापे की कार्यवाही
1 September 2019
भोपाल.प्रदेश में सिंथेटिक दूध, मावा और पनीर की फैक्ट्रियों पर एस0टी0एफ0 द्वारा लगातार छापेमारी की कार्यवाही जारी है। गृह मंत्री श्री बाला बच्चन ने एस0टी0एफ0 को मिलावट खोरो के विरूद्ध रासुका में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिये हैं। गृह मंत्री श्री बाला बच्चन ने बताया कि चंबल क्षेत्र के अलावा महाकौशल, मालवा और विंध्य क्षेत्र से भी सिंथेटिक दूध, मावा और पनीर बनाने की लगातार शिकायतें प्राप्त हो रहीं थीं। इन शिकायतों के आधार पर ही कठोर कार्यवाही की गई है। उन्होंने बताया कि उत्तरप्रदेश व पश्चिम बंगाल की तरह मध्यप्रदेश में भी संशोधन, प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसके बाद मिलावटखोरों को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया जा सकेगा।
गृह मंत्री ने बताया कि प्रदेश में मिलावटखोरों के विरूद्ध कठोर कार्रवाही की जा सके इसके लिये खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की विभिन्न धाराओं में उप पुलिस अधीक्षक और उससे वरिष्ठ स्तर के पुलिस अधिकारियों को मिलावटखोरों के विरूद्ध कार्रवाई करने के लिये अधिकृत किया गया है।
मुरैना जिले के अम्बाह में वन खडेश्वरी डेयरी में छापेमारी की कार्यवाही की गई है। फैक्ट्री के मालिक देवेन्द्र गुर्जर को एस0टी0एफ0 द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इस फैक्ट्री से 12 हजार लीटर सिंथेटिक दूध और 2 हजार 500 लीटर कच्चा सिंथेटिक दूध जप्त किया गया है। इस प्रकरण में 25 लोगों को पूछताछ के लिये पुलिस हिरासत में लिया गया है। भिण्ड जिले के लहार में एस0टी0एफ0 ने गिर्राज फूड सप्लायर्स की फैक्ट्री में छापेमारी की कार्यवाही की। इस फैक्ट्री से 500-500 लीटर के 3 दूध टैंकर्स की जप्ती की गई। इस फैक्ट्री से 1100 लीटर सिंथेटिक दूध जप्त किया गया। एस0टी0एफ0 ने इस फैक्ट्री में 7 लोगों को पुलिस हिरासत में लिया। फैक्ट्री के संचालक संतोष सिंह के विरूद्ध कठोर कार्रवाही की जा रही है।
एस0टी0एफ0 की टीम ने भिंड जिले के लहार में गोपाल आईस फैक्ट्री में भी जप्ती की कार्यवाही की है। इस फैक्ट्री में 2000 लीटर सिंथेटिक दूध, 1000 किलो सिंथेटिक मावा और 1500 किलो सिंथेटिक पनीर जप्त किया गया है। इस फैक्ट्री में 30 लोगों के विरूद्ध गिरफ्तारी की कार्यवाही की गई है। फैक्ट्री के संचालक राजीव गुप्ता से भी एस0टी0एफ0 की टीम पूछताछ कर रही है। एस0टी0एफ0 की टीम ने इन जगहों में सिंथेटिक दूध बनाने वाली फैक्ट्री को सामान सप्लाई करने वाले सप्लायर्स के विरूद्ध भी सख्त कार्रवाई की है। मुरैना जिले के अम्बाह में एस0टी0एफ0 की टीम ने अग्रवाल लेबोरेटरी से 500 टिन सोयाबीन ऑयल, 200 बोतल रेंजी शैम्पू तथा अन्य कैमिकल्स की जप्ती की है। भिण्ड जिले के लहार में नवीन सप्लायर के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की गई है। एस0टी0एफ0 की टीम ने यहाँ पर 25 किलोग्राम की 91 बोरी ग्लूकोज (माल्टो डेक्सटिन पाउडर), 100 बोतल रेंजी शैम्पू और 1000 लीटर रिफाईन ऑयल जप्त किया है। इस स्थान से सिंथेटिक दूध से भरे हुये 20 टैंकर और 11 पिकअप जप्त किये गये हैं।
एस0टी0एफ0 की टीम के साथ खाद्य विभाग के अधिकारियों की टीम भी शामिल थी। एस0टी0एफ0 की टीम द्वारा प्रदेश के अन्य स्थानों पर भी मिलावटखोरों के विरूद्ध लगातार कार्रवाई जारी है।


मिलावटखोरों की सूचना देने वाले को मिलेगा इनाम : मंत्री श्री सिलावट
1 September 2019
भोपाल.मिलावटखोरों के विरूद्ध शुरू किये गये अभियान में आज उज्जैन में बेकरी सॉर्टनिंग नाम पर नकली घी बनाने के आरोपी कीर्ति वर्धन केलकर के विरूद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) में कार्यवाही की गई। रासुका की पहली कार्यवाही पर लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने आम जनता की ओर से पुलिस प्रशासन को सम्मानित किया।
मंत्री श्री सिलावट ने उज्जैन में मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि मिलावटखोरों को किसी भी सूरत में आम आदमी के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जा सकता। उन्होंने कहा कि मिलावटखोरों की सूचना देने वाले को इनाम दिया जाएगा और उसका नाम गुप्त रखा जाएगा।
नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन श्री रविन्द्र सिंह ने बताया कि गत 20 जुलाई से मिलावटखोरों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान में विभिन्न खाद्य पदार्थों के 1468 नमूने लिये गये हैं। राज्य खाद्य प्रयोगशाला द्वारा नमूनों का विश्लेषण किया जा रहा है। प्रयोगशाला में 413 नमूने विश्लेषण की प्रक्रिया में हैं। इनमें से 40 नमूनों की जाँच पूरी हो चुकी है। जाँच में 20 नमूने मानक, 15 नमूने सब-स्टेन्डर्ड और 3 नमूने मित्याछाप के पाये गये हैं। ग्वालियर जिले में 3, राजगढ़ में 2, खरगोन और गुना जिलों में 1-1 मिलावटखोरों के विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज करायी गयी है।


स्वास्थ्य मंत्री श्री सिलावट द्वारा उज्जैन में हाई डिपेंडेंसी यूनिट का शुभारम्भ
1 September 2019
भोपाल.लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने आज उज्जैन में जिला चिकित्सालय के चरक भवन में प्रसूताओं के लिये एचडीयू (हाई डिपेंडेंसी युनिट) का शुभारम्भ किया। श्री सिलावट ने यूनिट का निरीक्षण कर चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिये। स्वास्थ्य मंत्री ने मशीन द्वारा अपना ‘एसपीओ-2’ भी चेक किया।
हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू) के लिये दो चिकित्सक और 10 स्टाफ नर्स को ट्रेनिंग दी गई है। इस यूनिट में 10 बिस्तर हैं। यूनिट में ऐसी गंभीर स्थिति वाली गर्भवती/प्रसूताओं को रखा जायेगा, जिनके स्वास्थ्य के प्रति खतरे की गंभीरतापूर्वक मॉनीटरिंग की जायेगी। इससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने में मदद मिलेगी।


रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की पहली प्राथमिकता
31 August 2019
भोपाल.जनसंपर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने आज बिजली विभाग के कर्मचारियों को निर्देशित किया कि विच्छेदित बिजली कनेक्शनों को तत्काल प्रभाव से जोड़ना सुनिश्चित करें जिससे की जनता को परेशानी का सामना न करना पड़े। वे सूरज नगर (वार्ड क्रमांक 26) में 'आपकी सरकार-आपके द्वार' योजना के अंतर्गत आयोजित लोक कल्याण एवं जन समस्या निवारण शिविर में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनता को रोजगार उपलब्ध कराना कमलनाथ सरकार की पहली प्राथमिकता है। शिविर में 49 शिकायतें प्राप्त हुई जिसमें से सात शिकायतों का मौके पर निराकरण किया गया। शेष 42 शिकायतें निराकृत किये जाने हेतु समय सीमा तय की गई।
मंत्री श्री शर्मा ने कमलनाथ सरकार द्वारा आम जनता को बगैर किसी भेदभाव के 100 यूनिट तक की बिजली मात्र 100 रुपये में दिये जाने के निर्णय और आदेश से अवगत कराया। उन्होंने जनता से अपेक्षा की कि बिजली का उपयोग समझदारी से करें ताकि योजना का पूरा-पूरा लाभ उन्हें मिल सके। श्री शर्मा ने बिजली विभाग के अधिकारियों को विच्छेदित किये गये बिजली कनेक्शनों को तत्काल जोड़ने के निर्देश दिये। उन्होंने सूरज नगर क्षेत्र के निवासियों को अवगत कराया कि शीघ्र ही क्षेत्र में साइंस सिटी और इंटरनेशनल स्टेडियमों के निर्माण संबंधी कार्यों की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जायेगा। इनके निर्माण के दौरान और बाद में भी कमलनाथ सरकार के द्वारा लिये गये निर्णय अनुसार स्थानीय लोगों के रोजगार उपलब्ध कराने में प्राथमिकता दी जायेगी।
विधायक निधि से वार्ड क्रमांक 26 को विकासशील बनाया जायेगा
मंत्री श्री शर्मा ने वार्ड क्रमांक 26 में अधोसंरचनात्मक विकास के साथ ही जनता की समस्याओं के निराकण के लिये विधायक निधी की अधिकतम राशि क्षेत्र में व्यय करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वार्ड 26 के विकास के लिये आपके साथ हर समय मदद के लिये तैयार हूँ।
ऋण पुस्तिकायें, लाड़ली लक्ष्मी के प्रमाण पत्र और पात्रता पर्चियां वितरित
जनसंपर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने शिविर में बरखेड़ी खुर्द एवं बरखेड़ी कला के किसानों को ऋण-पुस्तिकायें वितरित की। उन्होंने लाड़ली लक्ष्मी योजना के प्रमाण पत्र और खाद्य विभाग के अंतर्गत परिवारों को खाद्यान की पात्रता-पर्चियां भी वितरित की।
प्रत्येक स्टॉल पर मंत्री श्री शर्मा ने उपस्थित अधिकारियों से जानकारी ली
मंत्री श्री शर्मा ने शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाये गये स्टॉलों पर जाकर अधिकारियों से पूछताछ की कि वे किस प्रकार से जनता की शिकायतों का निराकण कर रहे हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि प्राप्त होने वाले आवेदनों की समुचित पूर्तियां करवाने की अधिकारी स्वयं पहल करें। ताकि जनता की समस्या का निराकरण और मांगों को पूरा किया जा सकें। मंत्री श्री शर्मा ने जनता को आश्वस्त किया कि उनकी सभी मांगे हर हाल में पूरी की जायेंगी। शिविर में पार्षद श्री योगेन्द्र सिंह चौहान, श्री मोनू सक्सेना, श्री मती संतोष कसाना, नगर निगम के पूर्व सभापति श्री कैलाश मिश्रा, श्री अभिषेक शर्मा, एसडीएम टीटी नगर श्री संतोष शुक्ला, नगर निगम अपर आयुक्त श्री मयंक वर्मा एवं विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी और नागरिक गण मौजूद थे।
डॉक्टर नियमित रूप से डिस्पेंसरी में बैठे : सिविल डिस्पेंसरी सूरज नगर का अवलोकन किया
जनसंपर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने सूरज नगर स्थित सिविल डिस्पेंसरी का अवलोकन किया। उन्होंने डिस्पेंसरी में मौजूद दवाईयों और इंजेक्शन के स्टॉक संबंधी जानकारियों की पड़ताल की। श्री शर्मा ने डिस्पेंसरी की चिकित्सा अधिकारी को तत्परतापूर्वक अपने कर्तव्य निर्वहन के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अस्पताल की व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के लिये वे स्वयं परिवार एवं लोकस्वास्थ्य कल्याण मंत्री श्री सिलावट से चर्चा करेंगे।


उत्कृष्ट प्रदर्शन और सफलता के लिये मंत्री श्री शर्मा ने दी शुभकामनाएं
31 August 2019
भोपाल.स्विमिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित 73 वीं ग्लेनमार्क सीनियर नेशनल एक्वेटिक चैंपियनशिप 2019 के शुभारंभ अवसर पर आज जनसंपर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने बधाई देते हुये कहा कि खिलाड़ी निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते रहे। उन्होंने तैराकों का खूब उत्साहवर्धन किया।

अधिकारी भी नये मोटर व्हीकल एक्ट का कड़ाई से पालन करें : प्रमुख सचिव गृह
31 August 2019
भोपाल.शासकीय अधिकारी भी नये मोटर व्हीकल एक्ट का कड़ाई से पालन करें। यह बात आज प्रमुख सचिव गृह श्री एस.एन. मिश्रा ने राज्य सड़क सुरक्षा कोष की बैठक में कही। श्री मिश्रा ने अधिकारियों को चेताया कि नये प्रावधान अनुसार नियमों का पालन करें और अपने वाहन चालक को भी इसके प्रति सचेत रहने को कहें।
बैठक में पूर्व बैठक में लिये गये निर्णयों से सभी को अवगत करवाया गया। भविष्य में राज्य सड़क सुरक्षा कोष की राशि के उपयोग पर चर्चा कर अगली बैठक 18 सितंबर को तय की गई।
बैठक में विशेष पुलिस महानिदेशक श्री महान भारत सागर और परिवहन आयुक्त श्री शैलेंद्र श्रीवास्तव सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री ग्राम सड़कें होंगी डामरीकृत- मंत्री श्री पटेल
30 August 2019
भोपाल.पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल ने कहा है कि मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना में बनाई गई 200 सड़कों को 31 मार्च 2020 तक डामर की सड़कों में बदला जाएगा। इसके लिये राज्य शासन ने 200 करोड़ रूपये का प्रावधान किया है।
मंत्री श्री पटेल ने कहा कि विश्व बैंक की सहायता से प्रदेश में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क के रूप में 10 हजार किलोमीटर मिट्टी-मुरम की सड़कें बनाई गई थी। इनके माध्यम से ऐसे छोटे-मझौले ग्रामों, जो प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के दायरे में नहीं आ पाते हैं, में सुगम यातायात सुविधा मुहैया कराने के लिये मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना प्रारम्भ की गई थी। राज्य सरकार द्वारा अपने मद और वित्तीय संस्थाओं के सहयोग से इन सड़कों को डामर सड़कों में बदलने की कार्रवाई की जा रही है। इस वित्तीय वर्ष में 200 सड़कों के डामरीकरण से 220 ग्रामों के निवासी लाभान्वित होंगे।


ऊर्जा मंत्री द्वारा जबलपुर जिले में तीन विद्युत उपकेन्द्रों का लोकार्पण
30 August 2019
भोपाल.ऊर्जा मंत्री एवं जबलपुर जिला प्रभारी मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह ने जबलपुर जिले के ग्राम लम्हेटाघाट में हुए कार्यक्रम में विद्युत उपकेन्द्र घाट पिपरिया, तेवर और लम्हेटाघाट का लोकार्पण किया। श्री सिंह ने कहा कि अब इनके आस-पास के करीब 24 गांवों में गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलेगी।
ऊर्जा मंत्री श्री सिंह ने कहा कि विद्युत उत्पादन और वितरण के क्षेत्र में प्रदेश को नम्बर एक का राज्य बनाना है। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी के लिए बिजली की आपूर्ति सरकार की पहली प्राथमिकता है। श्री सिंह ने कहा कि किसानों को सस्ती दर पर बिजली दी जा रही है। श्री सिंह ने कहा कि बिजली की लगातार बढ़ती माँग को पूरा करना, उपभोक्ताओं को सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध करवाना और बिजली कंपनियों का घाटा कम करना बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि इस चुनौती का सामना करने के लिए विद्युत वितरण के आपरेटिंग स्ट्रक्चर को सुधारा जा रहा है। निजी पूंजी निवेश को बढ़़ाया जायेगा। सिंह ने कहा कि उपभोक्ताओं की शिकायतों को दूर करने के लिये प्रत्येक विद्युत वितरण केन्द्र में माह में कम से कम 3 शिविर लगाने के निर्देश दिये गए हैं। उन्होंने लम्हेटाघाट में पौधा भी लगाया। ऊर्जा मंत्री ने भेड़ाघाट में 84 लाख की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया।
मनखेड़ी में 'आपकी सरकार-आपके द्वार'
ऊर्जा मंत्री ने मनखेड़ी (शहपुरा) में 'आपकी सरकार-आपके द्वार' कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में प्राप्त सभी शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण करें। श्री सिंह ने शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। प्रभारी मंत्री ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित किया। उन्होंने मनखेड़ी में उप तहसील कार्यालय भवन का भूमि-पूजन, बेलखेड़ा में उच्च दाब विद्युत उपकेन्द्र का लोकार्पण और अस्पताल भवन का भूमि-पूजन किया। ग्राम मैली के स्कूल भवन का भी भूमि-पूजन किया। इस मौके पर विधायक श्री सिंह संजय यादव एवं अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।


31 अगस्त को निर्धारित से अतिरिक्त समय तक खुलेंगे केश काउन्टर
30 August 2019
भोपाल.मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा गैर घरेलू एवं इंडस्ट्रियल पॉवर के बकाया राशि वसूली के सघन प्रयास किये जा रहे हैं। सभी मैदानी अधिकारियों को बकाया राशि की वसूली के निर्देश दिये गये हैं।
कंपनी ने बकायादारों पर प्रभावी डिस्कनेक्शन की कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। यह भी निर्देश दिये गये हैं कि काटे गये कनेक्शनों की रात्रि में चेकिंग की जाए ताकि बकायादार उपभोक्ता अवैध रूप से बिजली का उपयोग न करें। यदि कोई उपभोक्ता ऐसा करता पाया जाता है, तो उसके विरूद्ध बिजली अधिनियम-2003 की धारा 138 का प्रकरण बनाया जाए। कंपनी ने अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा है कि टीम भावना से कार्य कर लक्ष्य की प्राप्ति करें।
कंपनी ने बकायादार बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि बिजली कनेक्शन विच्छेदन की अप्रिय कार्यवाही से बचने के लिए विद्युत बिलों का भुगतान तत्काल सुनिश्चित करें। कम्पनी ने क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शहर संभागों और संचारण-संधारण संभागों में राजस्व संग्रहण के लिए केश काउन्टर 31 अगस्त को निर्धारित समय से अतिरिक्त समय तक खोलने की व्यवस्था करें।
कंपनी के द्वारा बकायादारों के विरूद्ध बड़े स्तर पर बिजली कनेक्शन विच्छेदन की कार्यवाही में ‘‘आपरेशन एवं मेंटेनेंस‘‘ अमले के साथ ‘‘विजिलेंस‘‘ को भी जोड़ा है। बिजली उपभोक्ताओं से अनुरोध किया गया है कि बिजली वितरण कंपनी के कार्मिकों द्वारा बिजली बिल के भुगतान की रसीद मांगे जाने पर उन्हें रसीद अवश्य दिखाएं, जिससे बिजली उपभोक्ताओं को अनावश्यक असुविधा न हो।


भोपाल में बनेगा इंटरनेशनल स्टेडियम: मंत्री श्री शर्मा
29 August 2019
भोपाल.जनसंपर्क मंत्री श्री पी सी शर्मा ने आज राष्ट्रीय खेल दिवस पर स्पोर्ट्स एकेडमी ऑफ इंडिया (साईं )द्वारा बिशन खेड़ी में आयोजित कार्यक्रम में खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि भोपाल में शीघ्र ही इंटरनेशनल स्टेडियम बनाया जाएगा। उन्होंने राष्ट्रीय खेल दिवस पर मेराथन दौड़ को हरी झंडी दिखाई। मंत्री श्री शर्मा ने सभी खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेल दिवस की शुभकामनाएँ प्रेषित की।
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि भोपाल में साईं के पास 50 एकड़ जमीन है। इस पर शीघ्र ही इंटरनेशनल स्टेडियम बनाने का काम शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ इस कार्य का भूमि-पूजन शीघ्र ही करेंगे। श्री शर्मा ने मेजर ध्यानचंद को उनके जन्म-दिन और राष्ट्रीय खेल दिवस पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए । उन्होंने कहा कि परिश्रम सदैव सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है । मेजर ध्यानचंद ने इसे साबित कर दिखाया। सुविधाओं के अभाव के बाद भी उन्होंने अपने समय में भारतीय हॉकी को शिखर पर बनाए रखने में अपना अतुलनीय योगदान देकर भारतीयों को गौरवान्वित किया।
इस अवसर पर मंत्री श्री शर्मा और हॉकी ओलंपियन श्री जलालुद्दीन ने मेराथन दौड़ के लिए एकत्रित खिलाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।


शीघ्र करायेंगे शेड का निर्माण : मंत्री शर्मा
29 August 2019
भोपाल.जनसंपर्क मंत्री श्री पी. सी. शर्मा ने आज सुबह प्रेमपुरा गाँव में आम जनता से रू-ब-रू होकर उनकी समस्याओं को सुना और दूरभाष पर अधिकारियों को शीघ्र उनके निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रेमपुरा में शीघ्र ही जनता की मांग पर शेड निर्माण का कार्य कराया जाएगा।
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सरकार समस्याओं के तत्काल निराकरण के लिए प्रतिबद्ध है। किसी भी व्यक्ति को यदि किसी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है, तो वह तत्काल टोल फ्री नंबर 8982464232 पर हमें बताये जिससे उनका निराकरण जल्द किया जा सके।
मंत्री श्री शर्मा ने गाँव में बने ओटले पर बैठकर लोगों की समस्याओं को न केवल सुना बल्कि उनका निराकरण भी किया। मंत्री श्री शर्मा बिशनखेड़ी में राष्ट्रीय खेल दिवस कार्यक्रम से लौट रहे थे। उन्होंने ग्रामीणों को एकत्रित हुए देखा और अपना वाहन रुकवा कर वहाँ लोगों की समस्याओं का निराकरण किया।


विदेशों से आयात होने वाली 800 करोड़ की अगरबत्ती की काड़ी का प्लांट प्रदेश में स्थापित होगा
29 August 2019
भोपाल.विदेशों से आयात की जाने वाली 800 करोड़ की अगरबत्ती की काड़ी अब मध्यप्रदेश में ही बनाई जाएगी। प्रदेश के 3 लाख 70 हजार बिगड़े वनों में पंचायत एवं वन समितियों से अच्छे किस्म के बाँस के पौधों का रोपण करवाया जाएगा। आई.टी.सी. कंपनी इसके लिए प्रदेश में अगरबत्ती की काड़ी बनाने का प्लांट स्थापित करेगी। इससे प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक पैमाने पर लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज मंत्रालय में आई.टी.सी. कंपनी के चेयरमेन श्री संजीव पुरी एवं सीईओ श्री चितरंजन दास के साथ चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि छिंदवाड़ा जिले के तामिया में कैंसर के उपचार के लिए वनौषधियों की पहचान कर उनके दवाओं में उपयोग के लिए प्र-संस्करण इकाई लगाई जाए। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने मध्यप्रदेश में औषधीय फसलों के लिए 50 हजार मीट्रिक टन क्षमता का डिहाइड्रेशन प्लांट लगाने के संबंध में चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगरबत्ती के लिए उपयोग होने वाली काड़ी के लिए प्रदेश के बिगड़े वनों का उपयोग कर बाँस की खेती को बढ़ावा दें। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन होगा और विदेशों में जाने वाली 800 करोड़ की राशि मध्यप्रदेश को मिलेगी। इससे प्रदेश में ग्रामीणों को बड़ी मात्रा में रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा फूड प्रोसेसिंग यूनिट के विस्तार से हम किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम दिला सकेंगे और इससे प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
आई.टी.सी. कंपनी के चेयरमेन श्री संजीव पुरी ने बताया कि औषधि फसलों की खेती करने वाले किसानों के साथ कांट्रेक्ट फार्मिंग कर बाई-बैक व्यवस्था के तहत खरीदी कर इन उत्पादों का प्र-संस्करण किया जाएगा। नूडल्स में उपयोग होने वाली सब्जी गाजर, मटर, बींस और आलू उत्पादन को प्रोत्साहित किया जायगा। बाई-बैक व्यवस्था से किसानों को इन सब्जियों का उचित मूल्य प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने औषधीय फसलों, अगरबत्ती की काड़ी बनाने एवं सब्जी आदि की प्र-संस्करण इकाई स्थापित करने संबंधी प्रस्तावों को समयबद्ध योजना बनाकर क्रियान्वित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रस्तावों पर त्वरित कार्यवाही के लिए अपर मुख्य सचिव उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग को इसका नोडल अधिकारी बनाया है।
बैठक में मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती, अपर मुख्य सचिव, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग इक़बाल सिंह बेंस, आयुक्त सह संचालक उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी डॉ. एम. कालीदुरई, संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास श्री मुकेश कुमार शुक्ला, एग्री बिजनेस, आई.टी.सी. के श्री रजनीकांत राय, उप संचालक, उद्यानिकी श्री राजेन्द्र कुमार एवं डॉ. विजय अग्रवाल उपस्थित थे।


सभी मंत्री एवं विधायक रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन की रोकथाम में सहयोग करें
28 August 2019
भोपाल.खनिज साधन मंत्री श्री प्रदीप जायसवाल ने प्रदेश में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन के संबंध में प्रभावी कार्यवाही के लिये जिला प्रशासन की सघन मानिटरिंग की आवश्यकता बतायी है। उन्होंने सभी मंत्री और विधायकों को आज लिखे एक पत्र में इस संबंध में उनके समुचित सहयोग और मार्गदर्शन की अपेक्षा की है।
मंत्री श्री जायसवाल ने अपने पत्र में कहा है कि सामान्य प्रशासन मंत्री जिला प्रशासन से समन्वय कर रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन को रोकने में महती भूमिका अदा कर सकते हैं। श्री जायसवाल ने अपेक्षा व्यक्त की कि सामान्य प्रशासन मंत्री के सहयोग से प्रदेश अवैध रेत उत्खनन और परिवहन की रोकथाम को प्रभावी रूप दे सकेगा।
खनिज साधन मंत्री ने अपने पत्र में जानकारी दी है कि उनके विभाग द्वारा शीघ्र ही नवीन रेत नियम-2019 की अधिसूचना जारी की जा रही है। नये नियमों में रेत खदानों के सफल संचालन के साथ ही अवैध रेत उत्खनन/परिवहन रोकने के समुचित प्रावधान किये गये हैं। उन्होंने सामान्य प्रशासन मंत्री से कहा है कि उनके सहयोग और मार्गदर्शन से खनिज साधन विभाग नये नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन कर सकेगा।


शहरों में एक भी लावारिस गौ-वंश नहीं दिखना चाहिए
28 August 2019
भोपाल.नगरों में ऐसा अभियान संचालित करें कि एक भी लावारिस गौ-वंश नहीं दिखे। सड़क पर गौ-माता को छोड़ने वाले पशुपालकों के विरूद्ध लगने वाले जुर्माने की राशि बढ़ायी जाये। सड़क से लेकर गौ-शाला तक गौ-वंश का पहुँचाने और उनकी देख-रेख का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाये। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह ने यह बातें नगरीय निकायों के पास संचालित गौ-शालाओं के संचालकों के साथ चर्चा में कही।
गांधी जयंती पर होगा 12 गौ-शालाओं के साथ एमओयू
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ने कहा कि प्रथम चरण में 2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर 12 शहरों में स्थित गौ-शालाओं के साथ नगरीय निकाय एमओयू करेंगे। एमओयू नगरीय निकाय भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, छिंदवाड़ा, कटनी, सागर, टीकमगढ़, पन्ना, अशोकनगर, विदिशा, गंजबासौदा और आरोन करेंगे। श्री सिंह ने कहा कि एमओयू में गौ-शाला संचालकों द्वारा दिये गये सुझावों को भी शामिल किया जायेगा।
श्री सिंह ने कहा कि गौ-शालाओं को राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन और स्वच्छता अभियान से भी जोड़ा जायेगा। इनके द्वारा उत्पादित सामग्री के विपणन की व्यवस्था भी की जायेगी।
अलग-अलग रंग के लगेंगे टैग
पशुपालन मंत्री श्री लाखन सिंह यादव ने कहा कि गौ-शाला के पशुओं और पशुपालकों के पशुओं को अलग-अलग रंग के टैग लगाये जायें। श्री यादव ने बताया कि गौ-शालाओं को प्रति पशु, प्रति महीना 20 रूपये दिये जायेंगे। यह राशि हर तीन माह में दी जायेगी।
अपर मुख्य सचिव पशुपालन श्री मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि गौ-शालाओं के मृत पशुओं के निष्पादन के लिये एडवाइजरी जारी करेंगे। उन्होंने बताया कि गौ-शालाओं में अब बिजली का कामर्शियल चार्ज नहीं लगेगा। सोलर पैनल लगवाने पर भी विचार किया जा रहा है। बैठक में आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री पी. नरहरि, संचालक टाउन एवं कंट्री प्लानिंग श्री राहुल जैन और उप सचिव नगरीयप्रशासन एवं विकास श्री मनीष सिंह उपस्थित थे।


राज्य सरकार गौमाता की रक्षा के लिये प्रतिबद्ध
28 August 2019
भोपाल.लोक निर्माण मंत्री श्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा है कि राज्य सरकार गौमाता की रक्षा के लिये प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में गौशाला निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नवीन गौशालाएँ आधुनिक रूप से तैयार की जायेंगी। मंत्री श्री वर्मा मंगलवार को देवास जिले के सोनकच्छ विकासखंड की ग्राम पंचायत बाबई के ग्राम ओढ़नी में गौशाला के भूमि-पूजन के बाद ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे।
मंत्री श्री वर्मा ने इसके बाद किसानों से चर्चा कर सोयाबीन फसल की स्थिति की जानकारी ली।
सामुदायिक भवन का भूमि-पूजन
लोक निर्माण मंत्री श्री वर्मा ने सोनकच्छ विकासखंड के नगर भौंरासा में करीब 23 लाख रुपये लागत से बनने वाले नवीन सामुदायिक भवन का भूमि-पूजन किया। मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की जनता की सुख-दु:ख की साथी है। उन्होंने कहा कि आम आदमी की तकलीफों के निराकरण के लिये राज्य सरकार ने आपकी सरकार-आपके द्वार कार्यक्रम की शुरूआत की है। इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति की समस्याओं का निराकरण शिविर स्थल पर ही किया जायेगा। नवीन सामुदायिक भवन के निर्माण का कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जा रहा है।
बाल शिक्षा केन्द्र में बच्चों को अच्छी शिक्षा व संस्कार मिलेंगे
लोक निर्माण मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने नन्हें-मुन्नें बच्चों में अच्छी शिक्षा और संस्कार के लिये बाल शिक्षा केन्द्रों की शुरूआत की है। मंत्री श्री वर्मा सोनकच्छ विकासखंड के ग्राम फावड़ा में बाल शिक्षा केन्द्र के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर रही हैं। लोक निर्माण मंत्री श्री वर्मा ने भौंरासा के रानी दमयंती तालाब के किनारे स्थित शक्ति माता मंदिर परिसर में बने गार्डन में पौधा-रोपण किया। उन्होंने नदियों की सफाई में जन-भागीदारी पर जोर दिया।
ग्राम बरखेड़ा में खेतों में पहुँचकर किया फसलों का निरीक्षण
लोक निर्माण मंत्री श्री सज्जन सिंह वर्मा ने टोंकखुर्द क्षेत्र के भ्रमण के दौरान ग्राम बरखेड़ा में खेतों में पहुँचकर फसलों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर समय किसानों के दु:ख दर्द के समय उनके साथ खड़ी है। मंत्री श्री वर्मा ने किसानों की सोयाबीन की फसल में अफलन की स्थिति का तत्काल सर्वे करवाये जाने के निर्देश जिला अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि किसानों को मुआवजा प्राप्त करने में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जायेगी।


सस्ता राशन ले रहे अपात्रों के नाम सूची से कटेंगे : मंत्री श्री तोमर
28 August 2019
भोपाल.खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने कहा है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली से सस्ती दर पर राशन ले रहे हितग्राहियों का भौतिक सत्यापन कर अपात्रों के नाम काटे जायें। इसके लिए प्रदेश में 5 सितम्बर से 29 अक्टूबर 2019 तक विशेष अभियान चलेगा।
मंत्री श्री तोमर ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत 25 श्रेणी के परिवारों को समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन के पोर्टल पर सत्यापन के बाद राशन दिया जाता है। अपात्र हितग्राहियों के नाम सूची में होने की शिकायतें प्राप्त होने पर विभाग द्वारा प्रदेश में पात्र/अपात्र हितग्राहियों के सत्यापन के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है।
श्री तोमर ने कहा कि प्रत्येक जिले में कलेक्टर द्वारा कृषि, महिला-बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, राजस्व, उद्यानिकी, श्रम, मंडी, नगरीय प्रशासन, आदिम-जाति कल्याण विभाग के मैदानी अमले की टीम गठित कर सकेंगे। टीम दो सदस्यीय होगी, एक टीम 200 परिवारों का सत्यापन घर-घर जाकर करेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत और नगरीय क्षेत्र में नगर पालिका का एक कर्मचारी टीम का सदस्य अवश्य होगा।
सत्यापन कार्य की जिला और प्रदेश स्तर से सतत् मॉनीटरिंग की जाएगी। इसके लिये राज्य स्तर पर कन्ट्रोल रूम गठित किया गया है जिसका दूरभाष क्रमांक 0755-2551413 है। पात्र और अपात्र हितग्राहियों के चयन के बाद उनकी सूची विभाग की वेबसाइट www.food.mp.gov.in तथा nfsa.samagra.gov.in पर उपलब्ध रहेगी।
अपात्र परिवारों की सूची जनपद पंचायत/नगरीय निकाय की बैठक में सदस्यों के अवलोकन के लिए प्रस्तुत की जाएगी। अपात्र व्यक्ति विलोपन की कार्रवाई के विरूद्ध कलेक्टर को अपना दावा/आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है, जिसकी सुनवाई समय-सीमा में की जाएगी। अंतिम निर्णय के अद्यतन होने पर NFSA की पोर्टल पर पात्रता प्रदर्शित होने पर पात्रता पर्ची जारी की जाएगी।


मुख्‍यमंत्री श्री कमलनाथ से मिले आईपीएस एसोसिएशन के पदाधिकारी
27 August 2019
भोपाल.मध्‍यप्रदेश आईपीएस एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुख्‍यमंत्री श्री कमलनाथ से मंत्रालय में सौजन्‍य भेंट की। विशेष पुलिस महानिदेशक एसएएफ एवं आईपीएस एसोसिएशन के अध्‍यक्ष श्री विजय यादव ने मुख्‍यमंत्री को इंदौर व भोपाल महानगरों में पुलिस आयुक्‍त प्रणाली की आवश्‍यकता के बारे में बताया। राज्‍य में पुलिसिंग से संबंधित अन्य महत्‍वपूर्ण मुद्दों पर भी विस्‍तारपूर्वक चर्चा हुई।
प्रतिनिधि-मंडल में आईपीएस एसोसिएशन के पूर्व पदाधिकारी एवं गृह सचिव श्री शाहिद अबसार, वर्तमान आईपीएस एसोसिएशन के उपाध्‍यक्ष एवं अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक अपराध अनुसंधान श्री रवि गुप्‍ता, सचिव एवं सेनानी 23 वी वाहिनी एसएएफ सुश्री सिमाला प्रसाद और सदस्‍य एवं उप पुलिस महानिरीक्षक भोपाल डॉ.आशीष और सहायक पुलिस महानिरीक्षक प्रबंध श्री मनीष कपूरिया शामिल थे।


नक्सल प्रभावित इलाकों में खोलें आई.टी.आई., पॉलीटेक्निक
27 August 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने केंद्र सरकार को नक्सल प्रभावित इलाकों में आई.टी.आई., पॉलीटेक्निक खोलने का सुझाव दिया है जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें और वे उग्रवाद की विचारधारा से दूर रहें।
नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की दिल्ली में आयोजित बैठक में श्री नाथ ने केंद्र से अनुरोध किया कि मंडला और डिंडौरी के अलावा शेष नौ विकास खण्डों में भी एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय खोलने का आग्रह किया। उन्होंने नक्सल प्रभावित इलाकों के लिए इंडिया रिजर्व बटालियन का संख्या बल बढ़ाकर प्रभावित इलाकों में इन अतिरिक्त जवानों की तैनाती की मांग की।
श्री कमल नाथ ने दो जिलों मण्डला और बालाघाट के अलावा अनूपपुर, उमरिया और डिंडौरी जिलों को भी नक्सल प्रभावित जिलों की श्रेणी में शामिल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इन तीन जिलों में नक्सली समस्या न उभर पाये, इसके लिए केन्द्र और राज्य सरकार दोनों को मिलकर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने अनुरोध किया कि एकीकृत कार्य-योजना की तर्ज पर इन जिलों में भी विकास-कार्यों की योजना बनाई जाए।
मुख्यमंत्री ने सशक्त संचार माध्यम विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि पिछड़े इलाकों में 3जी, 4जी की सेवाएँ न होने के कारण सूचना तंत्र प्रभावी नहीं है। उन्होंने पिछडे़ क्षेत्रों में बी.एस.एन.एल. की सेवा संतोषजनक नहीं होने से निजी टेलीकॉम ऑपरेटरों की सेवाएँ लेने की जरूरत बताई, जिससे सूचना तंत्र 3जी और 4जी के माध्यम से प्रभावी हो सके।


मध्यप्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद का गठन
27 August 2019
भोपाल.राज्य शासन ने उच्च शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद का गठन किया है। इसके तहत अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव को परिषद का उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया है।
मध्यप्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद् में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर, अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा एवं आई.टी.एम. ग्वालियर (निजी विश्वविद्यालय) के कुलपति को सदस्य बनाया गया है। प्रोफेसर जगमोहन केलर पूर्व कुलपति एवं आचार्य जबलपुर, प्रोफेसर राजीव जैन जीवाजी विश्वविद्यालय, प्रोफेसर वन्दना मालवीय कालीदास शासकीय महाविद्यालय उज्जैन, डॉ. अंजेला सिंघारे शासकीय स्नातकोत्तर कला एवं विज्ञान महाविद्यालय रतलाम, प्रोफेसर एस.के. केजरीवाल, रिटायर्ड प्रोफेसर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय नई दिल्ली, एवं प्रोफेसर चेतन सोलंकी विभागाध्यक्ष ऊर्जाविभाग आई.आई.टी. मुम्बई को भी सदस्य मनोनीत किया गया है।
अपर मुख्य सचिव/ प्रमुख सचिव/सचिव तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास, आयुक्त उच्च शिक्षा, संचालक कॉलेज ऑफ एक्सिलेंस भोपाल को परिषद् का पदेन सदस्य बनाया गया है। राज्य सरकार द्वारा शासकीय सरोजनी नायडू कन्या महाविद्यालय भोपाल एवं शासकीय होल्कर विज्ञान महाविद्यालय के प्राचार्य को सदस्य तथा भोपाल स्कूल ऑफ सोशल साइंस भोपाल और सेंट अलॉयसियस कॉलेज जबलपुर के प्राचार्य/संचालक को पदेन सदस्य मनोनीत किया गया है। परियोजना संचालक राष्ट्रीय उच्चत्तर शिक्षा अभियान को परिषद् का सदस्य/सचिव बनाया गया है।


राज्यपाल श्री टंडन से छत्तीसगढ़ की राज्यपाल सुश्री उइके की सौजन्य भेंट
26 August 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन से छत्तीसगढ़ की राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने आज राजभवन में सौजन्य भेंट की। श्री टंडन ने सुश्री उईके का शॉल-श्रीफल भेंट कर स्वागत किया। सुश्री उईके ने श्री टंडन को छत्तीसगढ़ राज्य की कलाकृतियां उपहार स्वरूप भेंट की। श्री टंडन ने उन्हें सांची की प्रतिकृति भेंट की।



मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने सुश्री पी.वी. सिंधु को दी बधाई
26 August 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने भारत की स्टार शटलर सुश्री पी.वी. सिंधु को वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पियनशिप जीतने पर बधाई दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुश्री पी.वी. सिंधु उन लाखों लोगों की प्रेरणा बन गई हैं, जो अपने परिश्रम और लगन से देश को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए संकल्पबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों की प्रतिभा पर हर नागरिक को गर्व है।


मंत्री श्री शर्मा ने सुश्री सिन्धु को विश्व बैडमिंटन चैंपियन बनने पर दी बधाई
26 August 2019
भोपाल.जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने सुश्री पी.वी. सिंधु को विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप जीतने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रयास ही सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। सुश्री सिंधु ने लगातार दो बार फाइनल हारने के बाद इस वर्ष चैंपियनशिप जीती है।
डॉ. हार्डीकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण
मंत्री श्री शर्मा ने आज सुबह यहाँ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डॉ. नारायण राव सुब्बाराव हार्डीकर की 44 वीं पुण्यतिथि पर बांस खेड़ी तिराहे पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। श्री शर्मा ने कहा कि डॉ. हार्डिकर महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। उनमें जबरदस्त संगठनात्मक क्षमता थी। श्री मोइन खान और अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।


श्री जेटली के निधन से देश ने स्पष्टवादी नेता खो दिया - मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
24 August 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने पूर्व केन्द्रीय वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। श्री कमल नाथ ने शोक संदेश में कहा कि श्री जेटली उच्च कोटि के विधि विशेषज्ञ होने साथ ही उत्कृष्ट राजनेता भी थे। वे देशहित से जुड़े मुद्दों पर विचारों की स्पष्ट अभिव्यक्ति के कारण पहचाने जाते थे।
श्री कमल नाथ ने कहा कि श्री अरूण जेटली के निधन से देश ने एक स्पष्टवादी और तार्किक दृष्टिकोण का नेता खो दिया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों एवं नागरिकों को यह दु:ख सहने की शक्ति देने की ईश्वर से प्रार्थना की है।


शुद्ध के लिये युद्ध अभियान
24 August 2019
भोपाल.प्रदेश में शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के अन्तर्गत आज इंदौर में नागरिकों ने विशाल पद-यात्रा निकाली। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, विधायक श्री संजय शुक्ला, पद्मश्री डॉ. श्रीमती जनक पलटा और भालू मोंढ़े सहित समाज के विभिन्न वर्गों के गणमान्य नागरिक पद-यात्रा में शामिल हुए। पद्मश्री डॉ. श्रीमती पलटा ने स्थानीय रीगल टाकीज चौराहे पर लोगों को मिलावट के ख़िलाफ़ जागरूकता की शपथ दिलायी।
पद-यात्रा स्थानीय मधुमिलन टॉकीज चौराहा पर नेहरू प्रतिमा से प्रारंभ हुई। पद-यात्रा में बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी वर्ग, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, मिठाई व्यापारी संघ, इन्दौर कन्फेक्शनरी एसोसिएशन, एन.एस.एस, एन.सी.सी के कैडेट्स, मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के श्री संजय जगदाले, श्री अशोक कुमुट एवं अन्य सदस्य, इंडियन डेंटल एसोसिएशन, प्राध्यापक संघ, विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य, प्राध्यापक और विद्यार्थीगण सहित बड़ी संख्या में समाजसेवी संगठन और नागरिक शामिल हुए।


राज्यपाल श्री टंडन द्वारा श्री जेटली के निधन पर दु:ख व्यक्त
24 August 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने पूर्व केन्द्रीय वित्त मंत्री श्री अरूण जेटली के निधन पर गहन दु:ख व्यक्त किया है। श्री टंडन ने शोक संदेश में कहा कि श्री जेटली का निधन उनकी व्यक्तिगत और देश के लिये अपूरणीय क्षति है। श्री जेटली के निधन से देश की एक प्रतिभा आज विदा हो गई।
श्री लालजी टंडन ने दिवंगत श्री जेटली को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि देश को आर्थिक महाशक्ति बनाने के प्रयासों में उनका योगदान रहा। वे विख्यात कानूनवेत्ता, अर्थशास्त्री और राजनेता थे। श्री टंडन ने दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने तथा परिजनों को यह गहन दु:ख सहन करने की शक्ति देने की ईश्वर से प्रार्थना की है।


गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर दें विश्वविद्यालय : राज्यपाल श्री टंडन
22 August 2019
भोपाल.राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री लालजी टंडन ने आज राजभवन में शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से चर्चा करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और परिसर की उत्कृष्टता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने शैक्षणिक गुणवत्ता के लिए समय-सीमा तय कर रिक्त पदों की पूर्ति, स्वच्छ और हरा-भरा परिसर विकसित करने, समृद्ध पुस्तकालय और आधुनिक प्रयोगशालाओं की व्यवस्था करने के लिए कहा।
राज्यपाल श्री टंडन ने कुलपतियों से कहा कि कार्य संस्कृति परिणाम मूलक होनी चाहिए। संसाधनों का अभाव बताकर परिणाम नहीं देने की प्रवृत्ति को बदलना होगा। नये वक्त के बदलाव के साथ कदमताल करते हुए आगे बढ़ने वालों के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होगी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, नैक और रूसा की ग्रेडिंग, नई परियोजनाओं और केन्द्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं से विश्वविद्यालय को भरपूर संसाधन उपलब्ध हो सकते हैं। जरूरत प्रगतिशील और सकारात्मक सोच के साथ कार्य करने की है। विश्वविद्यालयों को अपने वित्तीय स्त्रोतों का नियोजन इस तरह से करना चाहिए कि स्वयं के साधनों से 50 प्रतिशत और शेष 25-25 प्रतिशत सरकार और अन्य मदों से अर्जित हो। जिस विश्वविद्यालय की उच्च गुणवत्ता वाले शोध और रोजगार परक शिक्षा होगी, उसके सामने कभी भी संसाधनों की कमी नहीं होगी।
राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर और प्रबंधन से जुड़ी अनेक छोटी-छोटी बातें गुणवत्ता निर्धारण की नैक ग्रेडिंग में बड़ा गहरा प्रभाव रखती हैं। आवश्यक है कि सभी विश्वविद्यालय अपने परिसर की स्वच्छता, प्रयोगशाला और पुस्तकालय की समृद्धता, जल एवं ऊर्जा संरक्षण और स्वावलंबन कार्यों पर विशेष ध्यान दें। आश्रित मानसिकता वाले दृष्टिकोण का अब कोई भविष्य नहीं है।
राज्यपाल श्री टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रबंधन राष्ट्र सेवा का माध्यम है। देश के भविष्य के निर्माण की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय की है। आज की शिक्षा भावी पीढ़ी के भविष्य का आधार है। विश्वविद्यालय की उच्च ग्रेडिंग उत्कृष्ट परिसर, शोध की उपलब्धियाँ, राष्ट्रसेवा के पदक के समान है। श्री टंडन ने विश्वविद्यालयों की नैक ग्रेडिंग प्रयासों की मज़बूती पर विशेष बल दिया। राज्यपाल ने नैक संचालकों, रूसा विशेषज्ञों, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के प्रतिनिधियों के साथ विश्वविद्यालयों की संयुक्त गोष्ठियाँ आयोजित करने के लिये कहा।
प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री हरिरंजन राव ने बताया कि इंटीग्रेटेड यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट सिस्टम और कॉलेज मैनेजमेंट सिस्टम के लिए राज्य सरकार द्वारा 30 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। राज्यपाल के सचिव श्री मनोहर दुबे ने विश्वविद्यालयों को शोध परियोजनाओं के माध्यम से आय के स्त्रोत विकसित करने की सम्भावनाएँ तलाशने को कहा।


अनुपस्थित शिक्षकों पर कठोर कार्यवाही करें : मुख्य सचिव श्री मोहन्ती
22 August 2019
भोपाल.मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहन्ती ने शालाओं में शिक्षकों की उपस्थिति का विशेष ध्यान रखने को कहा है। उन्होंने शालाओं से अनुपस्थित रहने या अपने दायित्व के प्रति लापरवाह शिक्षकों पर कठोर कार्यवाही और शालाओं में चल रहे विशेष कॉपी चेकिंग अभियान का भी कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि, प्रत्येक शाला में पाँच से दस प्रतिशत विद्यार्थियों की कॉपियाँ प्रधानाध्यापक द्वारा चेक करने की व्यवस्था को शत-प्रतिशत लागू किया जाए। निर्देशों का पालन न करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करें। श्री मोहन्ती ने कहा कि जिले की जिन शालाओं का दक्षता स्तर 90 प्रतिशत से अधिक है, उनकी उपलब्धियों का जिला स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। मुख्य सचिव आज मंत्रालय में मध्यप्रदेश समग्र शिक्षा अभियान की कार्यकारिणी समिति की बैठक में बोल रहे थे।
श्री मोहन्ती ने संकुल स्तर पर पंजीकृत समितियाँ गठित करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि शालाओं के अधोसंरचना सुधार और शालाओं को बेहतर करने के लिए अनेक व्यक्ति दान देने के इच्छुक रहते हैं। परंतु वह दान कहाँ दें, इसके लिए कोई उपयुक्त व्यवस्था वर्तमान में विद्यमान नहीं है। संकुल स्तर पर गठित इन पंजीकृत समितियों से दान स्वीकार करने और शालाओं में सुधार के कार्यों को मूर्तरूप देने की उपयुक्त व्यवस्था स्थापित हो सकेगी।
बैठक में जिला शिक्षा केन्द्र, विकासखण्ड स्रोत केन्द्र कार्यालयों में रिक्त पदों की पूर्ति प्रथमत: आउटसोर्स आधार पर या संविदा से करने पर सहमति दी गई। संविदा पर कार्यरत अमले के यात्रा भत्तों के पुनरीक्षण और विशेष परिस्थितियों में एक से अधिक बार स्थान परिवर्तन के प्रस्ताव का समिति ने अनुमोदन दिया। बैठक में सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान और शिक्षक-शिक्षा से सबंधित योजनाओं की समीक्षा और उनके आगामी क्रियान्वयन संबंधी निर्णय लिए गए।
जानकारी दी गई कि इस वर्ष सभी शिक्षकों को परिचय पत्र उपलब्ध कराये जायेंगे। राज्य तथा प्रत्येक विकासखण्ड स्तर पर कैरियर मार्गदर्शन और काउंसलिंग शिविर लगाए जायेंगे। प्रदेश की 574 शालाओं में व्यवसायिक शिक्षा की व्यवस्था की जाएगी। एससीआरटी के सहयोग से शालाओं में स्पोर्टस करिकुलम लागू होगा। प्रदेश की प्राथमिक, माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक शालाओं में पुस्तकालय स्थापित करने के लिए अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।
एक परिसर एक शाला के अन्तर्गत 35113 शालाओं का व्यवस्थापन 16076 परिसरों में किया गया। इससे अधिक विद्यार्थियों को बेहतर अधोसंरचना व प्रबंधन का लाभ प्राप्त हुआ। प्रदेश की 99 प्रतिशत शालाओं में एक ही दिन पालक-शिक्षक संघ की बैठकें आयोजित की गईं जिनमें 34 लाख पालकों की उपस्थिति रही। विद्यार्थियों में आत्म-विश्वास, तार्किक सोच विकसित करने के लिए क्रियान्वित उमंग लाईफ स्किल एजुकेशन में 1874 शालाओं के 5 लाख 62 हजार विद्यार्थियों को सम्मिलित किया गया। बैठक में नेशनल एचीवमेंट सर्वे के निष्कर्ष, दक्षता उन्नयन, शिक्षकों की एक्सपोजर विजिट, शाला सिद्धि योजना, मिशन 1000, शाला दर्पण योजनाओं की जानकारी भी दी गयी।
प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती रश्मि अरूण शमी, प्रमुख सचिव अनुसूचित जनजाति कल्याण श्रीमती दीपाली रस्तोगी, आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती जयश्री कियावत, आयुक्त राज्य शिक्षा केन्द्र श्रीमती आयरिन सिंथिया, आयुक्त महिला-बाल विकास श्री एम.बी. ओझा उपस्थित थे।


राज्यपाल ने प्रदेशवासियों को दी जन्माष्टमी पर बधाई और शुभकामनाएँ
22 August 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। श्री टंडन ने शुभकामना संदेश में कहा कि योगीराज श्रीकृष्ण भारतीय संस्कृति में भक्ति, प्रेम, ज्ञान, कर्म और शांति के प्रभापुंज माने गए हैं। उनकी जीवन लीलाओं और संदेशों से मानवता को सत्य, न्याय, प्रेम, त्याग, तपस्या, परोपकार, नारी सम्मान, समरसता और शांति की ओर उन्मुख होने की प्रेरणा मिलती है।
राज्यपाल श्री टंडन ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया है कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व असीम भक्ति और श्रद्धा की गौरवशाली परंपरा से मनायें।


मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ द्वारा प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएँ
22 August 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने शुभकामना संदेश में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण सत्य, न्याय और धर्म के रक्षक हैं। संपूर्ण मानवता के लिए वे कर्मयोग के ऐसे अद्वितीय शिक्षक हैं, जिनकी दिव्यता से भारत भूमि सुसज्जित है।
श्री कमल नाथ ने श्रद्धालु नागरिकों से आग्रह किया कि वे भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य वाणी और अद्भुत लीलाओं से प्रेरणा लेकर सत्य, न्याय और धर्म का साथ देने का संकल्प लें।


मंत्री श्रीमती इमरती देवी अचानक पहुँची आँगनवाड़ी केन्द्र
22 August 2019
भोपाल.महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती इमरती देवी बुधवार को ग्वालियर जिले के घाटीगाँव एवं भितरवार क्षेत्र के आँगनवाड़ी केन्द्रों पर अचानक पहुँची। केन्द्र में आँगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को कर्त्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतने पर तुरंत हटाने के निर्देश दिए। श्रीमती इमरती देवी को पाटई आँगनवाड़ी केन्द्र पर मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता अच्छी मिली, तो उन्होंने समूह को पुरस्कृत करने के निर्देश दिए।
मंत्री श्रीमती इमरती देवी ने लगभग 12 आँगनवाड़ी केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया। आँगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों से मिली, बातचीत की और उन्हें दिये जा रहे मध्यान्ह भोजन को चखकर क्वालिटी परखी। उन्होंने निर्देश दिये कि भोजन बनाने के लिए निर्धारित मापदण्डों का पालन करायें। भोजन की क्वालिटी से कोई समझौता न किया जाए। उन्होंने कहा कि आँगनवाड़ी केन्द्र समय पर खुलें और बच्चों को भोजन भी समय पर दिया जाये। श्रीमती इमरती देवी ने भोजन बनाते समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने को कहा। आँगनवाड़ी केन्द्रों के आस-पास और अन्दर भी साफ-सफाई रखने के सख्त निर्देश दिए।


एकलव्य आवासीय विद्यालयों में होगी स्मार्ट क्लास
22 August 2019
भोपाल.प्रदेश में आदिवासी विद्यार्थियों के लिये चलाये जा रहे 33 एकलव्य आवासीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास शुरू करने की मंजूरी दी गई है। आदिम जाति कल्याण विभाग ने प्रत्येक एकलव्य विद्यालय में 22 लाख रुपये लागत के आई.सी.टी. सेंटर स्वीकृत किये हैं।
एकलव्य आवासीय विद्यालयों में कम्प्यूटर लैब एवं स्मार्ट क्लास बनाई जा रही है। इसमें वेब कैमरा, प्रोजेक्टर, साउण्ड-प्रूफ ब्लैक बोर्ड आदि लगाये जा रहे हैं। स्मार्ट क्लास शुरू होने से प्रदेश भर में 9 हजार 500 विद्यार्थियों को फायदा होगा। इन विद्यालयों में आधुनिक शिक्षण सुविधाएँ और इंटरनेट कनेक्टिविटी दी जा रही है। इस परियोजना के लिये 7 करोड़ 26 लाख रूपये मंजूर किये गये हैं।
ऑनलाइन मिलेगी पोस्ट-मेट्रिक छात्रवृत्ति
आदिम-जाति कल्याण विभाग ने पोस्ट-मेट्रिक छात्रवृत्ति के लिये ऑनलाईन सुविधा मुहैया कराई है। इसके अंतर्गत छात्रवृत्ति स्वीकृत और वितरण करने की पूरी व्यवस्था पारदर्शी होगी। इसमें पेपरलेस वर्क होगा और स्व-सत्यापित प्रक्रिया लागू होगी। ऑनलाईन व्यवस्था से अभी तक 27 हजार आदिवासी विद्यार्थियों को लगभग 21 करोड़ रुपये पोस्ट-मेट्रिक छात्रवृत्ति वितरित की गई है।


राजकीय सम्मान के साथ हुआ एमपी के पूर्व सीएम बाबूलाल गौर का अंतिम संस्कार
21 August 2019
भोपाल. मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम बाबूलाल गौर का बुधवार सुबह भोपाल के नर्मदा अस्पताल में निधन हो गया। पिछले कुछ दिनों से उनका स्वास्थ्य खराब था। मंगलवार को उनकी हालत और भी बिगड़ गई। ब्लड प्रेशर कम होने के साथ पल्स रेट भी गिर गया था। उनके निधन के बाद भाजपा में शोक की लहर छा गई है। सुभाष नगर विश्राम घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनकी पार्थिव देह के सामने गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया इसके पहले दोपहर 12 बजे भाजपा कार्यालय में अंतिम दर्शन के लिए उनकी पार्थिव देह को रखा गया। पूर्व सीएम के निधन पर आज मध्यप्रदेश में आधे दिन का अवकाश और तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है।
बाबूलाल गौर की मौत की खबर मिलते ही नेता, कार्यकर्ता श्रद्धांजलि देने के लिए उनके घऱ पहुंचे। मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री जयवर्धन सिंह के अलावा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, प्रभात झा के अलावा मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उनके घर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
गौर पिछले 15 दिन से नर्मदा अस्पताल में वेंटीलेटर सपोर्ट पर थे। डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि गौर की किडनी पूरी तरह काम नहीं कर रही थी। इससे पहले दिल्ली स्थित मेदांता अस्पताल में उनकी एंजियोप्लास्टी की गई थी। दिल्ली से गौर पिछले महीने की 27 तारीख को भोपाल लौटे थे।
बाबूलाल गौर का जन्म 2 जून 1929 को उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के नौगीर गांव में हुआ था। एक मजदूर नेता के तौर पर उन्होंने भोपाल में अपनी छवि बनाई और इसके बाद जनसंघ के सदस्य बनकर आगे बढ़े। अगस्त 2004 में उन्होंने उमा भारती के बाद मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री का पद संभाला और 29 नवंबर 2005 को यह पद छोड़ा। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान की सरकार में वे नगरीय निकाय मंत्री रहे। 1977 से 2013 तक वे भोपाल की गोविंदपुरा सीट से विधायक रहे।


दलीय राजनीति से ऊपर सर्वमान्य नेता थे श्री गौर - मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ
21 August 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री श्री बाबूलाल गौर के निधन पर गहन दु:ख व्यक्त किया है। श्री कमल नाथ ने शोक संदेश में कहा कि श्री बाबूलाल गौर दलीय राजनीति से ऊपर प्रदेश के सर्वमान्य नेता थे। उन्हें प्रदेश के साथ भोपाल के विकास की चिंता हमेशा रहती थी। जब मैं केन्द्र में मंत्री था, तब वे कई बार मध्यप्रदेश के हितों को लेकर मेरे पास आते थे और कुछ ना कुछ ले जाते थे।
श्री कमल नाथ ने कहा कि श्री गौर एक जुझारू और संघर्षशील नेता थे। जनता से उनका जीवंत सम्पर्क था। जनहित के मुद्दों पर वे कोई समझौता नहीं करते थे। एक बेबाक और स्पष्टवादी नेता थे। इसलिए कई बार वे पार्टी लाइन से हटकर अपने विचार व्यक्त करते थे। श्री कमल नाथ ने कहा कि श्री गौर सजग और संवदेनशील नेता होने के साथ-साथ संसदीय परम्पराओं और ज्ञान से भी पूरी तरह समृद्ध थे। उनका ध्यान हमेशा विकास योजनाओं पर रहा। उन्होंने अपनी पार्टी की विचारधारा को विकास के कामों से अलग रखा।
मुख्यमंत्री श्री नाथ ने कहा कि श्री गौर के निधन से हम ने राजनीति के एक ऐसे लोकप्रिय व्यक्तित्व को खो दिया है, जो सबको साथ लेकर चलने पर विश्वास करता था । सर्वधर्म समभाव की अवधारणा में उनका गहरा विश्वास था। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति दें।
मुख्यमंत्री ने पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय श्री बाबूलाल गौर के 74 बंगले स्थित निवास पर पहुंचे। उन्होंने स्वर्गीय श्री गौर के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावभीन श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री श्री नाथ स्वर्गीय श्री गौर के परिजनों से भी मिले और उन्हें सांत्वना दी।


पूर्व मुख्यमंत्री श्री गौर के निधन पर 3 दिन का राजकीय शोक
21 August 2019
भोपाल.राज्य शासन ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री बाबूलाल गौर के निधन पर तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार आज 21 अगस्त को प्रदेश में भोजन अवकाश (लंच) के बाद आधे दिन का शासकीय अवकाश घोषित किया गया है।
प्रदेश में राजकीय शोक के दौरान आज से तीन दिन तक प्रदेश में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। इस दौरान शासकीय कार्यक्रम स्थगित रहेंगे।


पूर्व प्रधानमंत्री स्व.श्री राजीव गांधी के जन्म-दिन पर मनाया गया सद्भावना दिवस
20 August 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री राजीव गांधी के जन्म-दिवस पर आज मंत्रालय के समक्ष सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में अधिकारियों-कर्मचारियों को सद्भावना की शपथ दिलाई। अधिकारियों-कर्मचारियों ने जाति, सम्प्रदाय, क्षेत्र, धर्म और भाषा का भेदभाव किए बिना एकता, सद्भावना से कार्य करने और हिंसा का सहारा लिए बिना बातचीत और संवैधानिक माध्यमों से सभी प्रकार के मतभेद सुलझाने की शपथ ली। इस मौके पर मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

नई पीढ़ी को सक्षम बनाती आई.टी. क्रांति राजीव जी की देन
20 August 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री राजीव गांधी ने बदलते विश्व के साथ नई पीढ़ी को सक्षम बनाने के लिए आई.टी. के क्षेत्र में क्रांति पैदा की। इसके लिये पूरा देश उन्हें जीवन पर्यन्त याद रखेगा। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ आज यहां हबीबगंज थाने के समीप स्थित स्वर्गीय श्री राजीव गांधी की आदमकर प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद पुष्पांजलि कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि मुझे याद है जब राजीव जी ने आई.टी. के क्षेत्र में भारत को विश्व के विकसित देशों के साथ सक्षम बनाने की शुरूआत की थी। तब उन लोगों ने इस बात का विरोध किया था, जो आज डिजीटल इंडिया का श्रेय ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीव गांधी ने वर्ष 1984 में जो शुरूआत की थी, उसका नतीजा है कि आज देश में सूचना प्रौद्योगिकी का गांव-गांव में विस्तार हुआ है, सेलफोन वहाँ तक पहुँचे हैं। हमारी नई पीढ़ी इंटरनेट की दुनिया से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को बदलते विश्व में ज्ञान से जोड़ने की शुरूआत कर राजीव जी ने दूरदृष्टि का परिचय दिया था।
मुख्यमंत्री श्री नाथ ने कहा कि राजीव जी ने देश को सद्भावना और न्याय के रास्ते पर ले जाने की मुहिम उस समय शुरू की थी, जब देश कई चुनौतियों से जूझ रहा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारे देश की सद्भावना और न्याय व्यवस्थाओं को आघात पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन इसकी जड़ें इतनी मजबूत हैं कि कोई भी कोशिश कामयाब नहीं होगी।
कार्यक्रम में जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा, पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री सुरेश पचौरी, गणमान्य नागरिक और अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।


विद्युत मीटर वाचकों की समस्याओं को प्राथमिकता से हल किया जायेगा- ऊर्जा मंत्री श्री सिंह
20 August 2019
भोपाल.ऊर्जा मंत्री श्री प्रियव्रत सिंह ने विद्युत मीटर वाचक कल्याण संघ के प्रांतीय सम्मेलन में कहा कि विद्युत मीटर वाचकों की समस्याओं को प्राथमिकता से हल किया जायेगा। उन्होंने कहा कि सेवा से निकाले गये मीटर वाचकों की जिले वार सूची प्रस्तुत करें, उन्हें व्यवस्थित किया जायेगा। नये आपरेटिंग स्ट्रक्चर में इनके नियमितीकरण पर भी विचार किया जायेगा। काम सकारात्मक सोच के साथ होगा।
श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री का विजन, एक नायक का विजन है। उनका पहला लक्ष्य प्रदेश से बेरोजगारी को दूर करना है। इसीलिए नवीन उद्योगों में 70 प्रतिशत रोजगार स्थानीय लोगों को देने का निर्णय लिया गया है। श्री सिंह ने कहा कि वर्तमान सरकार बातचीत के माध्यम से समस्याओं को हल करने में विश्वास रखती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को बीमारू राज्य से विकसित राज्य बनाना है। मांग के अनुरूप विद्युत उत्पादन बढ़ाना है। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि जाति, धर्म, गरीबी-अमीरी के भेदभाव से हट कर सभी के लिए 100 युनिट बिजली की खपत पर 100 रूपये की बिजली बिल देने का निर्णय संबल योजना में हुई अनियमिततओं के कारण लिया गया है।
डी.सी.स्तर पर गठित समिति को देंगे और अधिक अधिकार
मंत्री श्री सिंह ने कहा कि वितरण केन्द्र स्तर पर गठित समितियों को और अधिक अधिकार दिये जायेंगे। इससे विद्युत बिलों से संबंधित समस्याओं का निराकरण मौके पर ही हो सकेगा। उन्होंने कहा कि मीटर रीडरों की सुरक्षा के भी प्रावधान किये जायेंगे। श्री सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री राजीव गांधी का स्मरण करते हुए कहा कि वे युवा तरूणाई के प्रतीक थे।
जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी.शर्मा ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री राजीव गांधी ने कम्प्यूटर और आई.टी. युग की शुरूआत की। इससे लाखों युवाओं को रोजगार मिला। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ उन्ही के पद चिन्हों पर चलकर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ा रहे हैं।
मंत्री द्वय ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री राजीव गांधी के जन्म-दिवस पर केक काटा। कार्यक्रम में संघ के पदाधिकारियों ने भी विचार व्यक्त किये।


भोपाल और इंदौर मेट्रो रेल के लिए नई दिल्ली में हुआ एम.ओ.यू.
19 August 2019
नई दिल्ली।भोपाल और इंदौर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के लिए सोमवार को नई दिल्ली में भारत सरकार, मध्यप्रदेश सरकार और मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कार्पोरेशन के बीच एम.ओ.यू. हुआ। केन्द्रीय शहरी और आवास मामलों के मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी और प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री जयवर्द्धन सिंह की उपस्थिति में एम.ओ.यू. हुआ। प्रोजेक्ट केन्द्रीय मंत्री-मंडल द्वारा अनुमोदित किया जा चुका है।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री सिंह ने बताया कि भोपाल मेट्रो रेल प्रोजेक्ट में 27.87 किलोमीटर में दो कॉरिडोर बनेंगे। एक कॉरिडोर करोंद सर्कल से एम्स तक 14.99 किलोमीटर और दूसरा भदभदा चौराहे से रत्नागिरि चौराहा तक 12.88 किलोमीटर का होगा। इसकी कुल लागत रूपये 6941 करोड़ 40 लाख होगी।
इंदौर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट में 31.55 किलोमीटर की रिंग लाइन बनेगी। यह बंगाली चौराहा से विजयनगर, भँवर शाला, एयरपोर्ट होते हुए पलासिया तक जायेगी। इसकी कुल लागत 7500 करोड़ 80 लाख है।
प्रमुख बातें
भोपाल और इंदौर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कार्पोरेशन द्वारा किया जायेगा। यह कंपनी अब भारत सरकार और मध्यप्रदेश सरकार की 50:50 ज्वाइंट वेंचर कंपनी में परिवर्तित होगी। कंपनी प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) के रूप में कार्य करेगी। कंपनी का एक बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स होगा। इसमें 10 डायरेक्टर होंगे। भारत सरकार बोर्ड के चेयरमेन सहित 5 डायरेक्टर नामित करेगी। प्रदेश सरकार मैनेजिंग डायरेक्टर सहित 5 डायरेक्टर नामित करेगी।
प्रोजेक्ट में प्रदेश सरकार भूमि अधिग्रहण, पुर्नस्थापन और पुनर्वास में आने वाला पूरा खर्च वहन करेगी। भोपाल मेट्रो के लिए यूरोपियन इन्वेस्टमेंट बैंक और इंदौर मेट्रो के लिए एशियन डेव्हलपमेंट बैंक तथा न्यू डेव्हलपमेंट बैंक से लोन भी लिया जायेगा। भारत सरकार इक्विटी शेयर केपिटल खरीदेगी, जिससे प्रोजेक्ट के लिये बहुपक्षीय और द्विपक्षीय लोन की सुविधा मिल सके।
प्रोजेक्ट में आने वाली कठिनाइयों के जल्द निराकरण के लिए प्रदेश सरकार द्वारा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हाई पावर कमेटी बनायी जायेगी। कमेटी में संबंधित विभागों के प्रमुख सचिव भी शामिल होंगे।
भारत सरकार प्रोजेक्ट के टेक्निकल स्टैण्डर्ड और स्पे‍सिफिकेशन्स को एप्रूव करेगी। सुरक्षा का सर्टिफिकेट मेट्रो रेलवे सेफ्टी के कमिश्नर देंगे।
इस दौरान सचिव केन्द्रीय शहरी और आवास मंत्रालय श्री दुर्गाशंकर मिश्रा, अपर सचिव श्री संजय मूर्ति, मध्यप्रदेश के प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास तथा मैनेजिंग डायरेक्टर मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कार्पोरेशन श्री संजय दुबे, एडिशनल मैनेजिंग डायरेक्टर श्री स्वतंत्र कुमार सिंह, डायरेक्टर टेक्निकल श्री जितेन्द्र कुमार दुबे और जनरल मैनेजर श्री मनीष गंगारेकर उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने श्री जगन्नाथ मिश्र के निधन पर शोक व्यक्त किया
19 August 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ राजनेता श्री जगन्नाथ मिश्र के निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने शोक संदेश में कहा कि श्री जगन्नाथ मिश्र ने राजनीति और विभिन्न पदों की जिम्मेदारी सम्हालते हुए अपने अनुभव और योग्यता से विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार को यह दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।


संविधान के माध्यम से सबको मिला समान न्याय; विश्व करता है डॉ. अम्बेडकर का सम्मान
19 August 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि आज देश में अगर सभी वर्गों को समान रूप से न्याय मिल रहा है तो उसका श्रेय बाबा साहेब अम्बेडकर को जाता है। बाबा साहेब ने भारतीय संविधान बनाया, जिसकी बुनियाद न्याय पर टिकी है। श्री नाथ आज रवीन्द्र भवन में अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी-कर्मचारी संघ के प्रांतीय अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि भारतीय संविधान की मूल भावना के अनुसार ही मध्यप्रदेश में शासन-प्रशासन चलेगा। न्याय में कमी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि आज देश विभिन्नताओं के बावजूद एक झंडे के नीचे खड़ा है, यह न्याय की ही ताकत है। यहाँ सबके लिये समान दृष्टि है। समाज के गरीब, कमजोर वर्ग की आवाज हमारा संविधान है। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति, सभ्यता और इतिहास में न्याय को विशेष स्थान मिला है।
मुख्यमंत्री श्री नाथ ने भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. अम्बेडकर के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि सिर्फ भारत ही नहीं, पूरा विश्व उनके व्यक्तित्व और कृतित्व का सम्मान करता है। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका सहित कई देशों के संविधान बनाने में मदद की। मुख्यमंत्री ने अजाक्स द्वारा प्रस्तुत मांग-पत्र पर कहा कि दिसंबर महिने के बाद प्रदेश की सरकार को काम करने के लिए मात्र पाँच माह का समय मिला है। मैं आश्वस्त करना चाहता हूँ कि मध्यप्रदेश में न्याय की सरकार है। इस नाते अजाक्स के लोगों के साथ भी न्याय होगा।
मुख्यमंत्री ने अजाक्स से अपेक्षा की कि वह आज की युवा पीढ़ी को भटकने से रोके। उन्हें सामाजिक मूल्यों से जोड़े, जो किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत होती है। उन्होंने कहा कि इसके लिए संगठन द्वारा विशेष प्रयास किया जाएं, जिससे हमारा युवा वर्ग भ्रमित न हो, किसी के बहकावे में न आए।
अजाक्स के प्रांतीय अध्यक्ष श्री जे.एन. कंसोटिया ने अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी दिवस पर शासकीय छुट्टी घोषित करने पर मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ का आभार व्यक्त किया। उन्होंने शासन-प्रशासन एवं संस्थाओं में अजाक्स के लोगों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने का आग्रह किया। श्री विजय शंकर श्रवण, श्री एच.एस. सूर्यवंशी एवं श्री सी.एम. धुर्वे ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम में जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा, गृह मंत्री श्री बाला बच्चन, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री ओंकार सिंह मरकाम, उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी, महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती इमरती देवी, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री लखन घनघोरिया एवं बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।


बच्चों के जोश ने बदलवाया राज्यपाल का निर्णय
17 August 2019
भोपाल.बाल हठ बड़े-बड़ों को अपना निर्णय बदलने के लिए विवश कर देता है। यह नज़ारा आज शौर्य स्मारक में आयोजित विशाल सामूहिक बैंड वादन कार्यक्रम के आयोजन में देखने को मिला। जब 800 से अधिक स्कूली बच्चों के आग्रह पर राज्यपाल श्री लालजी टंडन को कार्यक्रम स्थगन का निर्णय बदलना पड़ा।
आज शौर्य स्मारक पर यह ऐतिहासिक कार्यक्रम खुले में आयोजित किया गया था। वर्षा की सम्भावनाओं को देखते हुये और राज्यपाल की गरिमा के दृष्टिगत अधिकारियों द्वारा कार्यक्रम को स्थगित करने का निर्णय किया गया।
यह निर्णय जब बच्चों को पता चला तो वह प्रस्तुति के लिए आग्रह करने लगे। बच्चों के उत्साह और जोश से प्रभावित अधिकारियों ने जब बच्चों की भावना से राज्यपाल श्री लालजी टंडन को अवगत कराया, तो राज्यपाल ने सहर्ष कार्यक्रम को जारी रखने और सभी बैंड प्रस्तुति के निर्देश दिये। इस तरह बच्चों के उत्साह और जोश ने पूरी प्रशासनिक व्यवस्था को अपना निर्णय बदलने के लिए विवश कर दिया और कार्यक्रम जारी रहा।
राज्यपाल ने कहा कि बारिश में भीगने पर भी बच्चों द्वारा कार्यक्रम प्रस्तुत करने का संकल्प इन बच्चों को जीवनभर चुनौतियों का सामना करने को प्रेरित करता रहेगा। श्री टंडन ने कहा कि उन्हें भी जिद थी, जहाँ बिजलियाँ गिराने की हमें भी जिद हैं, वहीं बस्तियाँ बसाने की। इस भावना को बच्चों ने आज साकार किया। श्री टंडन ने बच्चों की इन प्रस्तुतियों से अभिभूत होकर सेन्ट जोसेफ कान्वेन्ट स्कूल को फर्स्ट पुरस्कार के रूप में एक लाख रूपये एवं सेन्ट जेवियर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को सेकण्ड पुरस्कार के रूप में 50 हजार रूपये की राशि सम्मान स्वरूप देने की घोषणा की। उन्होंने सभी प्रतिभागियों स्कूली बच्चों की प्रस्तुतियों की व्यापक सराहना करते हुए उन्हें राजभवन में आमंत्रित कर सम्मानित करने के निर्देश दिये।
बच्चों का परिश्रम सार्थक हुआ
वाद्य यंत्रों ड्रम, पाइप और अन्य की ध्वनि तरंगों के साथ कदम ताल करते हुए मेघराज कभी जमकर बरसते, तो कभी धीरे बरसकर बच्चों का हौंसला बढ़ाते रहे। इस कार्यक्रम में बच्चों ने 'ताकत वतन की हमसे है' 'कदम-कदम बढ़ाये जा', और 'सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा' की समवेत स्वरों में बैंड के साथ अपनी प्रस्तुति दी।
भोपाल में प्रथम आयोजन
भोपाल में लगभग 15 स्कूल और म.प्र. पुलिस बैंड, सशस्त्र सीमाबल बैंड का यह संयुक्त प्रयास भोपाल में संभवत: पहली बार हुआ। बैंड प्रतिभागियों ने अनेकता में एकता, शौर्य और साहस का अनुपम उदाहरण अपनी समवेत प्रस्तुतियों में प्रस्तुत किया।
बल और स्कूली बच्चों के 13 बैंडों ने किया वादन
इस कार्यक्रम में आर्मी बैंड महार रेजीमेंट सेंटर सागर, सशस्त्र सीमा बल बैंड, भोपाल और सातवीं बटालियन पुलिस बैंड के साथ-साथ सेंट जोसेफ कॉनवेंट सीनियर सेकेन्ड्री स्कूल, कमला देवी पब्लिक स्कूल, शारदा विद्या मंदिर, सेंट जेवियर सीनियर सेकेण्ड्री स्कूल, मॉडल स्कूल टी.टी. नगर, कैम्पियन स्कूल, प्रकाश उच्च्तर माध्यमिक विद्यालय, होली फेमिली स्कूल, सेंट थेरेसा सीनियर सेकेंड्री स्कूल और होली क्रास सीनियर सेकेंड्री स्कूल के बच्चों ने बैंड वादन किया।
शौर्य स्मारक में आयोजित बैंड प्रस्तुतियों का संचालन श्री अलबर्ट पॉल ने किया। कार्यक्रम का संचालन सुश्री रंजना चितले ने किया, आभार सहायक सत्कार अधिकारी राजभवन श्रीमती शिल्पी दिवाकर ने व्यक्त किया।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव, श्री एस.आर. मोहंती, प्रमुख सचिव संस्कृति श्री पंकज राग, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती रश्मि अरूण शमी, राज्यपाल के सचिव श्री मनोहर दुबे, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, विशेष सशस्त्र बल श्री विजय यादव, निदेशक सीमा सशस्त्र बल श्री राजेन्द्र भूमला और कमांडेंट महार रेजीमेंट श्री आशित वाजपेयी उपस्थित थे।


उत्कृष्ट सेवाओं के लिये सम्मानित व्यक्ति इतिहास बनाता है : राज्यपाल श्री टंडन
17 August 2019
भोपाल.राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने कहा है कि उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित व्यक्ति इतिहास का निर्माण करता है क्योंकि उसका सम्मान देश और समाज की समर्पित सेवा के लिए होता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सम्मानित पुलिस अधिकारियों के नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज होंगे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को मिले पदक उनकी योग्यता का प्रमाण हैं। कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने की उपलब्धि हैं, उनके शौर्य का प्रतीक हैं। श्री टंडन ने कहा कि यह विशिष्ट उपलब्धि आने वाली पीढ़ी को प्रेरित करेगी। राज्यपाल श्री टंडन ने आज राजभवन में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित पुलिस अधिकारियों से भेंट के दौरान यह बात कही।
राज्यपाल श्री टंडन ने कहा कि वर्दी का सम्मान, समाज और देश का सम्मान है। यह वर्दी जनता की सुरक्षा का प्रतीक है। लोगों में गौरव की भावना जगाती है। हम सब देशवासी इसके साये में सुरक्षित महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि सीमाओं पर तैनात वर्दीधारी जवान प्रतिकूल परिस्थितियों में भी दुश्मनों से मोर्चा लेते हुए अपने जीवन का बलिदान तक कर देते हैं। आंतरिक सुरक्षा में वर्दी हमारी रक्षा करती है। प्राकृतिक आपदाओं के समय भी प्राण रक्षक बन जाती है। समर्पित भाव से राहत और बचाव के कार्य करती है। राज्यपाल ने कहा कि हम सब को इसका अहसास और गौरव होना चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि पुलिस का कार्य अत्यंत संवेदनशील है। पुलिस ही अपराधियों से हमारी रक्षा करती है। दुर्जनों को दंडित भी करवाती है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे भविष्य में भी इसी उत्कृष्टता के साथ कार्य करेंगे और अपने अधीनस्थों को भी प्रेरित करेंगे, उनका मार्गदर्शन करेंगे। राज्यपाल ने पदक विजेता अधिकारियों और उनके परिजनों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं।
बच्चों एवं महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता
पुलिस महानिदेशक श्री वी.के. सिंह ने पुलिस की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को सर्वाच्च प्राथमिकता दी गई है। छिंदवाड़ा में महिला बटालियन का प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किया गया है। महिला अपराधों के प्रकरणों में दंड का प्रतिशत लगातार बढ़ रहा है।
विशेष पुलिस महानिदेशक श्री विजय यादव ने बताया कि राज्य पुलिस बल ने प्रदेश की शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करने के साथ ही राष्ट्रीय आवश्यकताओं में भी सहयोग किया है। मध्यप्रदेश पुलिस ने वर्ष 1961 और 1965 के युद्ध एवं सीमावर्ती राज्यों केरल आदि की सुरक्षा व्यवस्था में भी सहयोग किया है।
राज्यपाल ने सम्मानित अधिकारियों से वन-टू-वन परिचय प्राप्त किया। इस अवसर पर जेल महानिरीक्षक श्री संजय चौधरी तथा पुलिस पदक विजेता अधिकारी और उनके परिजन उपस्थित थे।
सम्मानित पुलिस अधिकारी
राज्यपाल से भेंट करने वालों में स्वतंत्रता मेडल प्राप्त अधिकारी और कर्मचारियों में उत्तम जीवन रक्षा पदक प्राप्त श्री साजिद खान, राष्ट्रपति का विशिष्ट सेवा पदक प्राप्त अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्री सुशोभन बनर्जी, श्रीमती सुषमा सिंह, श्री विपिन कुमार महेश्वरी, श्री विजय कटारिया, श्री सैयद मोहम्मद अफजल, सहायक सेनानी श्री राजेन्द्र सिंह भदौरिया, निरीक्षक श्री विवेक परांजपे, जेल विभाग से घोषित विशिष्ट सेवा पदक प्राप्त प्रहरी श्री कमला प्रसाद पटेल, विशिष्ट सेवा के लिये राष्ट्रपति का होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा पदक प्राप्त स्वयंसेवी प्लाटून कमांडर होमगार्ड श्री रमाकांत रजक, डिवीजन्ल वार्डन श्री क्रिस्टोफर ई आरलैंड,राष्ट्रपति का सराहनीय सेवा पदक प्राप्त करने वाले सेनानी श्री जगत सिंह राजपूत, श्री महेश चन्द्र जैन,पुलिस अधीक्षक श्री अवधेश कुमार गोस्वामी, श्री संजय कुमार सिंह, श्री संजीव कुमार सिन्हा, सहायक पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती श्रद्धा तिवारी, श्री धर्मवीर सिंह,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अताउल्लाह सिद्दीकी, उपसेनानी श्री राजेश गुरू, उप पुलिस अधीक्षक श्री गोपाल सिंह,निरीक्षक श्री प्रदीप कुमार बुधोलिया, श्री वीर विक्रम सेंगर, श्री शिवकुमार पटेल, श्री रमेश कुमार हेमनानी, सूबेदार श्री अरशद अली खान, उप निरीक्षक श्री अनिल कुमार भदौरिया, श्री नारायण अंबेडकर, श्री सतीश कुमार गुप्ता, श्रीमती सुमन लता शुक्ला, सहायक उप निरीक्षक श्री प्रमोद पाण्डेय, श्री हेतसिंह भदौरिया,श्री अशोक कुमार सविता, श्रीमती मधु चौधरी, प्रधान आरक्षक श्री कृष्णमुरारी दुबे, श्री महेश कुमार पाण्डेय, श्री जमुना प्रसाद श्रीवास, श्री सत्यनारायण सिंह यादव, श्री रईस उल्लाह, श्री चिमन अलीवल, श्री अब्दुल रज्जाक खान, श्री कमलेश्वर प्रसाद, आरक्षक श्री अशोक कुमार यादव, श्री शिवनाथ सिंह, श्री दिगम्बर पाल, श्री राजकुमार राठौर, श्री जावसिंह राठौर, जेल विभाग के सराहनीय सेवा पद प्राप्त करने वालों में सहायक‍जेल अधीक्षक श्रीमती ज्योति तिवारी, मुख्य प्रहरी श्री रामरूप सिंह कुशवाह,श्री करण सिंह रघुवंशी, श्री प्रकाश नारायण दीक्षित, श्री रविन्द्र जामकर, प्रहरी श्री इंद्रपाल सिंह, श्री बाबूलाल सांख्ला, श्री वाचाराम, सराहनीय सेवा के लिये राष्ट्रपति का होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा पदक प्राप्त करने वाले डिवीजनल कमांडेंट श्री कमलेन्द्र सिंह परिहार, जूनियर स्टाफ आफीसर श्री राजेन्द्र सिंह बघेल, सहायक उपनिरीक्षक श्री भानुप्रताप सिंह परमार, स्वयंसेवी प्लाटून कमांडेंट श्री देवनारायण सिंह,स्वयं सेवी महिला सैनिक सुश्री वर्षा गोगावाले, जीवन रक्षा पदक प्राप्त करने वाले आरक्षक श्री अंकित धनकर, श्री महेन्द्र तेकाम, मास्टर समर्पण मालवीय पुत्र गणेश मालवीय शामिल हैं।


मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने पुलिस अधिकारियों को दी पिस्टल
17 August 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में पाँच पुलिस अधिकारियों को साहसिक एवं उत्कृष्ट कार्य के लिये पिस्टल भेंट कीं। पुरस्कृत अधिकारियों ने दस्युओं-नक्सलियों के खात्मे में अहम् योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय संस्थान सीएपीटी में पदस्थ अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री पवन श्रीवास्तव, सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक श्री के.सी. जैन, पुलिस अधीक्षक उज्जैन श्री सचिन अतुलकर, कमाण्डेंट हॉक फोर्स श्री तरुण नायक और पुलिस अधीक्षक बालाघाट श्री अभिषेक तिवारी को पिस्टल दी।


मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने 63 कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों को प्रदान किए राष्ट्रपति पदक
16 August 2019
भोपाल.मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने आज स्वतंत्रता दिवस पर भोपाल स्थित मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित राज्य-स्तरीय समारोह में पुलिस, जेल और होमगार्ड के अधिकारियों- कर्मचारियों को राष्ट्रपति द्वारा प्रदत्त पदक प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री विजय कुमार सिंह और विशेष पुलिस महानिदेशक एसएएफ श्री विजय यादव उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने 63 विभूतियों को पदक प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने सात पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को राष्ट्रपति के विशिष्ट सेवा पदक और 36 अधिकारियों को सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया। जेल विभाग के लिए राष्ट्रपति द्वारा प्रदत्त एक विशिष्ट सेवा पदक और आठ सराहनीय सेवा पदक तथा होमगार्ड के अधिकारियों-कर्मचारियों को दो विशिष्ट सेवा पदक तथा सराहनीय सेवा के लिए पाँच नागरिक सुरक्षा पदक भी प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने एक उत्तम जीवन रक्षा पदक और तीन जीवन रक्षक पदक भी प्रदान किए। समारोह के अंत में स्पेशल ट्रास्क फोर्स और एन.सी.सी. एयर विंग को परेड़ में प्रथम आने पर सम्मानित किया गया।
इन्हें मिले राष्ट्रपति पदक
राष्ट्रपति के विशिष्ट सेवा पदक (पुलिस)- अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एस.पी.ई. लोकायुक्त भोपाल श्री सुशोभन बनर्जी, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक म.प्र.मानव अधिकार आयोग भोपाल श्रीमती सुषमा सिंह, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शिकायत पु.मु. भोपाल श्री विपिन कुमार माहेश्वरी, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कल्याण पु.मु. भोपाल श्री विजय कटारिया, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ईओडब्ल्यू भोपाल श्री सैयद मोहम्मद अफजल, सहायक सेनानी प्रथम वाहिनी इंदौर श्री राजेन्द्र सिंह भदौरिया व निरीक्षक (अनु सचिवीय) विशेष शाखा पु.मु.भोपाल श्री विवेक परांजपे।
राष्ट्रपति का सराहनीय सेवा पदक (पुलिस)- सेनानी 17 वी वाहिनी विसबल भिंड श्री जगतसिंह राजपूत,पुलिस अधीक्षक मुख्यालय इंदौर श्री अवधेश कुमार गोस्वामी, सेनानी 24 वी वाहिनी विसबल जावरा श्री महेश चंद्र जैन,पुलिस अधीक्षक म.प्र.पुलिस अकादमी भौंरी भोपाल श्री संजय कुमार सिंह, सहायक पुलिस महानिरीक्षक अ.अ.वि.पु.मु.भोपाल श्रीमती श्रद्धा तिवारी, सहायक पुलिस महानिरीक्षक रेल भोपाल श्री धर्मवीर सिंह, पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त ग्वालियर श्री संजीव कुमार सिन्हा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पीटीएस तिघरा ग्वालियर श्री अताउल्ला सिद्धकी, उप पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा पुलिस मुख्यालय भोपाल श्री गोपाल सिंह, सहायक सेनानी 9 वी वाहिनी विसबल रीवा श्री राजेश गुरू, निरीक्षक विसबल 23वीं वाहिनी भोपाल श्री प्रदीप कुमार बुधौलिया, निरीक्षक रेडियो पीआरटीएस इंदौर श्री वीर विक्रम सेंगर, निरीक्षक विशेष शाखा इंदौर श्री शिवकुमार पटेल, निरीक्षक (अनु सचिवीय) महिला अपराध शाखा पु.मु. भोपाल श्री रमेश कुमार हेमनानी, सूबेदार (अनु सचिवीय) नारकोटिक्स इंदौर श्री अरशद अली खान, उप निरीक्षक लोकायुक्त भोपाल श्री अनिल कुमार भदौरिया, उप निरीक्षक विशेष शाखा भोपाल श्री नारायण अंबेडकर, उप निरीक्षक (अनु सचिवीय) विसबल पु्.मु. भोपाल श्री सतीश कुमार गुप्ता, उप निरीक्षक (अनु सचिवीय) अजाक पु.मु.भोपाल श्रीमती सुमनलता शुक्ला, सहायक उप निरीक्षक रीवा श्री प्रमोद पाण्डे, सहायक उप निरीक्षक विसबल 24 वी वाहिनी जावरा श्री हेत सिंह भदौरिया, सहायक उप निरीक्षक रीडर टू पुलिस अधीक्षक भिंड श्री अशोक कुमार सविता, सहा