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मध्यप्रदेश डाइजेस्ट
mpinfo.org

: फीचर

बदलता मध्यप्रदेश : डॉ.एच.एल. चौधरी


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डा. नरोत्तम मिश्रा, जनसंपर्क मंत्री, मध्यप्रदेश शासन : जीवन परिचय
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D-15074/03-07-18


प्रधानमंत्री उज्जवला योजना में 40 लाख 78 हजार परिवार को गैस कनेक्शन
18 July 2018
प्रधानमंत्री उज्जवला योजना में राज्य के 40 लाख 78 हजार 255 परिवार को नि:शुल्क गैस कनेक्शन वितरित कर घरों में इंस्टाल करवा दिये गये हैं। संचालक खाद्य श्री श्रीमन् शुक्ला ने बताया कि गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों के घरों में नि:शुल्क गैस कनेक्शन इंस्टाल करवाने का कार्य निरंतर जारी है। श्री शुक्ला ने बताया कि अब तक एसईसीसी सूची में शामिल 72 लाख 38 हजार 900 परिवार में से 53 लाख 70 हजार 219 परिवार के के.वाय.सी. भरे जा चुके हैं। के.वाय.सी. भरे हुए आवेदनों में से योजना में 44 लाख 54 हजार 937 परिवार के आवेदन स्वीकृत किये जा चुके हैं।
महामारी और बड़ी दुर्घटना से निपटने एक्सीडेंट रिस्पांस सिस्टम लागू
18 July 2018
लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने महामारी और बड़ी दुर्घटना में लोगों की जीवन-रक्षा के लिये एक्सीडेंट रिस्पांस सिस्टम लागू किया है। विभाग द्वारा प्रणाली में आपातकालीन 108 सेवा को अधिक प्रभावी और बेहतर बनाया जायेगा। लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री रुस्तम सिंह ने बताया कि प्रणाली में प्रदेश के सभी जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को 108 कॉल-सेंटर से एसएमएस द्वारा स्थानीय एवं जिला-स्तर पर महामारी और बड़ी दुर्घटना होते ही सूचित किया जायेगा। समय पर सूचना मिलने से स्थानीय स्तर पर आवश्यक उपचार की व्यवस्था की जा सकेगी। समय पर उपचार मिलने से जीवन क्षति को रोकने में मदद मिलेगी। श्री सिंह ने बताया कि 108 कॉल-सेंटर में प्राप्त होने वाले कॉल्स के आधार पर 60 प्रकार की दुर्घटनाओं (इमरजेंसी केसेस) का वर्गीकरण किया गया है। इसके आधार पर दुर्घटना की गंभीरता और आवश्यक समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन के समन्वय से महामारी और बड़ी दुर्घटना से निपटने के त्वरित प्रयास किये जायेंगे।
ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया में महाविद्यालयों को सीट/पाठ्यक्रम अद्यतन के निर्देश
18 July 2018
ई-प्रवेश पोर्टल पर सीएलसी चरण की प्रवेश प्रक्रिया में शामिल होने के लिये उच्च शिक्षा विभाग के पहले से संचालित और नवीन महाविद्यालयों द्वारा पाठ्यक्रम/सीट संख्या को अद्यतन करने के लिये कार्यवाही की जा रही है। इससे शेष महाविद्यालय भी प्रवेश प्रक्रिया में शामिल हो जायेंगे। महाविद्यालयों द्वारा विभागीय पोर्टल पर जानकारी दर्ज करने की कार्यवाही 21 से 25 जुलाई तक होगी। आयुक्त उच्च शिक्षा ने इस संबंध में महर्षि पाणिनी संस्कृत विश्वविद्यालय, उज्जैन और डॉ. बी.आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय, महू के कुल सचिव, सभी क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक, शासकीय अग्रणी महाविद्यालय और मेपिंग शासकीय महाविद्यालय के सभी प्राचार्य तथा संबंधित शासकीय/अशासकीय महाविद्यालय के प्राचार्यों को एक परिपत्र जारी किया है। परिपत्र के अनुसार संबंधित प्राचार्य, नवीन शासकीय महाविद्यालय/शासकीय अग्रणी महाविद्यालय की जिम्मेदारी होगी कि स्वीकृत पाठ्यक्रम/सीट संख्या को नियमानुसार पोर्टल पर समय-सीमा में दर्ज करने की कार्यवाही करे। संबंधित प्राचार्य नवीन और पूर्व से संचालित अशासकीय महाविद्यालयों की जिम्मेदारी तय की गई है कि स्वीकृत पाठ्यक्रम/सीट संख्या/संबंधित विश्वविद्यालय से प्राप्त संबद्धता अनुसार पोर्टल पर समय-सीमा में दर्ज करने के लिये संबंधित शासकीय मेपिंग महाविद्यालय से सत्यापन की कार्यवाही की जाये। ऐसे महाविद्यालय, जिन्होंने किसी कारणवश अभी तक आई.डी. पासवर्ड प्राप्त नहीं किये हैं, वे शासकीय संबंधित मेपिंग महाविद्यालय के माध्यम से तत्काल आई.टी. शाखा को ई-मेल कर प्राप्त कर सकते हैं। ऐसे महाविद्यालय, जिनके द्वारा बैंक खाते की जानकारी दर्ज नहीं की गयी है, वे भी इसकी जानकारी दर्ज कर सकेंगे, अन्यथा संबंधित महाविद्यालय को प्रवेशित विद्यार्थियों का शुल्क स्थानांतरित नहीं किया जा सकेगा। यह कार्यवाही समय-सीमा में नहीं होने के बाद पोर्टल पर प्रवेश प्रक्रिया के सीएलसी चरण शुरू हो जाने पर जानकारी दर्ज करना संभव नहीं होगा। किसी भी प्रकार की कठिनाई होने पर 23 जुलाई शाम 5 बजे तक ई-मेल mphe.pravesh@mp.gov.in पर सूचित करना अनिवार्य है। समस्त क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा से कहा गया है कि प्रदेश के शासकीय मेपिंग महाविद्यालयों के सभी प्राचार्य को कार्य पूरा करने और पालन-प्रतिवेदन 26 जुलाई तक ई-मेल पर भेजना सुनिश्चित करें।
खुशी से फूले नहीं समा रहे इन्द्राना के चौधरी दम्पत्ति
18 July 2018
जबलपुर जिले के विकासखण्ड मझौली की ग्राम पंचायत इन्द्राना के रहवासी श्रमिक मनोज चौधरी और उनकी पत्नी माया खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं। दरअसल के खुश होने की एक नहीं, दो वजह हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना में उनका पक्का मकान बन रहा है, वहीं प्रधानमंत्री उज्जवला योजना में उन्हें नि:शुल्क रसोई गैस कनेक्शन भी मिल गया है। मजदूरी कर गुजर-बसर कर रहा चौधरी परिवार अभी मिट्टी की दीवार वाले पैतृक खपरैल वाले घर में रह रहा है। अब ठीक बगल में प्रधानमंत्री आवास योजना से मिली राशि से उनका पक्का आवास बन रहा है। मकान के निर्माण में पति-पत्नी दोनों ही न केवल मजदूरी करते हैं, बल्कि यह परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना में राज्य शासन द्वारा तय मानक आकार से कहीं ज्यादा बड़ा दोगुने आकार का पक्का मकान बना रहा है। हाल ही में अपने दौरे में जबलपुर कलेक्टर श्रीमती छवि भारद्वाज ने उनसे बात की। मनोज ने बताया कि मजदूरी कर जीवन-बसर करने वाला व्यक्ति अपनी जिंदगी में केवल एक बार ही मकान बना पाता है। इसलिये भविष्य में बच्चों के बड़े होने की स्थिति को ध्यान में रखते हुए मैंने अपनी ओर से करीब 50 हजार रुपये और लगाये हैं। मनोज ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना की दो किश्तें मिल चुकी हैं। एक से डेढ़ माह में उनका पक्का और शौचालययुक्त मकान बन जायेगा। चौधरी दम्पत्ति को पक्के मकान के अलावा नि:शुल्क गैस सिलेण्डर और चूल्हा प्रधानमंत्री उज्जवला योजना में मिल गया है। मनोज की पत्नी माया बताती हैं कि मिट्टी के चूल्हे में लकड़ी जलाकर खाना बनाने से घर में धुआँ अधिक होता था। इससे सारा परिवार परेशान रहा करता था। पर अब सभी समस्याओं से उन्हें छुटकारा मिल गया है।
पन्ना जिले में बेसहारा बच्चों का सहारा बनी फॉस्टर केयर योजना
18 July 2018
पन्ना जिले के बनेहरीकला, अजयगढ़ के अरविंद और दिनेश, ग्राम टांई गुनौर की मानसी एवं शिवांशी राजपूत, सुमित और राधा विश्वकर्मा जैसे जिले के कई बेसहारा बच्चों को अब महिला-बाल विकास विभाग की फॉस्टर केयर योजना से सहारा मिल गया है।योजना से जिले के 12 बच्चों को सहारा मिल गया है। ग्राम टांई के सुमित और राधा विश्वकर्मा की माँ का स्वर्गवास हो गया था और पिता जेल में हैं इन बेसहारा बच्चों को इस योजना का लाभ दिलाया गया है। नेत्रहीन गुलाब बाई, जो ग्राम पंचायत बघवारकला, शाहनगर की हैं, की दो बेटियों को भी इस योजना का लाभ मिला। बच्चों के संरक्षक भी इन बेसहारा बच्चों का सहारा बनकर गौरव महसूस करते हैं। जिले के अन्य जरूरतमंद बच्चों को भी इस योजना से जोड़े जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। फॉस्टर केयर योजना में ऐसे अनाथ, बेसहारा बच्चे, जिनके माता-पिता नहीं हैं, उन्हें प्रतिमाह 2000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। सहायता राशि ऐसे बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य के लिये उनके बैंक खातों में जमा करवायी जाती है। योजना में ऐसे बच्चों को आर्थिक संबल देने के साथ उनके संरक्षक बनाने का भी प्रावधान है।
नर्मदा मैया बदलेगी सीहोर जिले के सिंचाई से वंचित क्षेत्र की तस्वीर
17 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सीहोर जिले की महत्वाकांक्षी नर्मदा-पार्वती लिंक परियोजना का शिलान्यास किया। परियोजना के पहले और दूसरे चरण में इंदिरा सागर जलाशय से लगभग 295 मीटर ऊँचाई तक पानी लिफ्ट कर किसानों के खेतों तक पाइप लाइन से पहुँचाया जायेगा। इसके लिए पहला पंपिंग स्टेशन कन्नौद तहसील के धरमपुरी में बनाया जाएगा। दूसरे पंपिंग स्टेशन से आष्टा तहसील के सिंगारचोली गाँव के पास निर्मित जंक्शन स्ट्रक्चर में डालकर खेतों तक पहुँचाने की व्यवस्था होगी। योजना से सीहोर जिले की आष्टा, जावर तथा इछावर तहसील के 187 गाँव का लगभग ढाई लाख एकड़ रकबा सिंचित होगा। आष्टा में आज संपन्न शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि परियोजना के पूरा होने पर सीहोर जिले के किसानों की तकदीर और क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी। परियोजना से किसानों को ढाई हेक्टेयर तक के चक में पाइप लाइन से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा। योजना से सीहोर जिले के उन किसानों को सिंचाई का लाभ मिलने लगेगा, जो भौगोलिक रूप से नर्मदा नदी से ऊँचाई पर बसे हैं। किसानों को सिंचाई के लिए पानी जल्दी मिल सके, इसके लिए नहरों के स्थान पर पाइप लाइन से सिंचाई की व्यवस्था की जा रही है। नर्मदा-क्षिप्रा-कालीसिंध-पार्वती को जोड़ने पर एक लाख 30 हजार करोड़ खर्च होंगे मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नर्मदा-क्षिप्रा-कालीसिंध-पार्वती नदियों को जोड़ा जा रहा है। इस पर करीब एक लाख 30 हजार करोड़ की लागत आएगी और साढ़े सात लाख हेक्टेयर ऐसे क्षेत्र में सिंचाई हो सकेगी, जहाँ किसान केवल अच्छी वर्षा होने पर ही फसल ले पाते थे। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने पर क्षेत्र में पीने के पानी की समस्या से भी निजात मिलेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सरकार हर हाल में किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने और खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। आज ही सीहोर जिले के एक लाख इक्यावन हजार से अधिक किसानों के खातों में फसल बीमा योजना की 482 करोड़ से अधिक राशि जमा करवाई गई है। पिछले साल बेचे गए गेहूँ पर 200 रुपये प्रति क्विंटल के मान से बोनस दिया गया। श्री चौहान ने विभिन्न फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ाए जाने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि इसका लाभ भी प्रदेश के किसानों को मिलेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश की सोयाबीन को चीन निर्यात करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं, इससे भी प्रदेश के किसानों को फायदा होगा। मध्यप्रदेश के असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए शुरू की गई संबल योजना की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह योजना देश भर में अनूठी है। अभी तक प्रदेश में करीब दो करोड़ असंगठित श्रमिकों ने योजना में अपना पंजीयन करवाया है। गरीब परिवारों के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा, चिकित्सा देने की व्यवस्था संबल योजना में की गई है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अब बिजली के भारी-भरकम बिल गरीबों को परेशान नहीं करेंगे। प्रदेश के सभी जिलों में शिविर लगाकर गरीबों के बिजली के बिल माफ किए जा रहे हैं। इसके बाद उन्हें हर माह 200 रुपये महीने के मान से बिजली बिल दिए जाएंगे। इसमें चार बल्ब, दो पंखे, एक कूलर और टी.वी. चलाया जा सकेगा। अंसगठित क्षेत्र के पंजीकृत श्रमिकों को रहने के लिए जमीन तथा मकान बनाकर दिए जाएंगे। श्री चौहान ने प्रदेश के विकास के लिए सभी के सहयोग की अपेक्षा की है। रू. 194 करोड़ से ज्यादा के विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन इसके पहले मुख्यमंत्री श्री चौहान ने 119 करोड़ 11 लाख रुपये की लागत से 22 कार्यों का भूमि-पूजन तथा 75 करोड़ 9 लाख लागत के 6 निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने सभा-स्थल के समीप वृक्षारोपण कर नागरिकों से एक पौधा अवश्य लगाने की अपील की। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह, नर्मदा घाटी विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लालसिंह आर्य, सांसद श्री मनोहर ऊँटवाल, विधायक श्री रणजीत सिंह गुणवान, श्री सुदेश राय, श्री जसवंत सिंह हाड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती उर्मिला मरेठा और पाठ़य-पुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री रायसिंह सैंधव उपस्थित थे।
स्टार्ट अप की नई राह पर चलकर नई सृष्टि की रचना करें - मुख्यमंत्री श्री चौहान
17 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने युवाओं से आव्हान किया कि स्टार्ट अप की नई राह पर चलकर नई सृष्टि की रचना करें। इसमें पूँजी आदि का सहयोग दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ और समृद्ध राज्य बनाना है। श्री चौहान आज मुख्यमंत्री निवास में स्टार्टअप इंडिया मध्यप्रदेश यात्रा को फ्लेग ऑफ कर रहे थे। उन्होंने हरी झण्डी दिखाकर यात्रा को रवाना किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नये विचारों के साथ कुछ नया करने की जिद्, जुनून और जज्बा रखने वालों के लिये स्टार्ट अप इंडिया है। अभियान में नये विचारों की नई राह पर चलने के लिये युवाओं को प्रेरित, प्रोत्साहित करने के प्रयास किये जायेंगे। श्री चौहान ने कहा कि पिटी-पिटाई लीक पर चलकर नया नहीं किया जा सकता। मध्यप्रदेश को विकास के नये आयाम तक पहुँचाने के लिये नयी राह पर चलना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार नवाचारों को क्रियान्वित करने के हर प्रयास के मार्ग की सभी बाधाओं को दूर करेगी। युवाओं को पूँजी आदि का पूरा सहयोग और सहायता स्टार्ट अप कार्यक्रम में मिलेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को पहले बीमारू से विकसित राज्य बनाया, फिर विकासशील फिर अब समृद्ध राज्य बनाना है। इसमें स्टार्टअप की महती भूमिका है। इस अवसर पर बताया गया कि स्टार्टअप इंडिया मध्यप्रदेश यात्रा भोपाल से प्रारंभ होकर मण्डीदीप, विदिशा, होशंगाबाद, जबलपुर, कटनी, रीवा, सतना, सागर, गुना, ग्वालियर, उज्जैन होते हुये इंदौर में सम्पन्न होगी। इस अवसर पर प्रमुख सचिव डॉ. राजेश राजौरा भी उपस्थित थे।
किसानों को उपार्जन की शेष राशि का शीघ्र भुगतान करें : मुख्यमंत्री श्री चौहान
17 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने चना, मसूर और सरसों के उपार्जन की समीक्षा की। साथ ही उन्होंने मूंग, उड़द के पंजीयन तथा प्याज और लहसुन की मंडियों में आवक की जानकारी ली। उन्होंने किसानों का शेष भुगतान शीघ्र करने के निर्देश दिये। बताया गया कि चना, मसूर और सरसों के किसानों को 7842 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। प्याज और लहसुन के लिये किसानों को 775 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। मुख्यमंत्री ने आज मंत्रालय में रबी उपार्जन की समीक्षा करते हुए कहा कि चना मसूर और सरसों बेचने वाले जिन किसानों का भुगतान शेष रह गया है। उन्हें जल्दी भुगतान किया जाये। साथ ही किसानों को प्रोत्साहन राशि का वितरण भी सुनिश्चित किया जाये। बताया गया कि चना, मसूर और सरसों का 17 जिले के किसानों का भुगतान शत-प्रतिशत कर दिया गया है। मात्र 16 प्रतिशत भुगतान शेष है। इन फसलों पर राज्य सरकार द्वारा 100 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। बताया गया कि मूंग उपार्जन के लिये 91 हजार 268 और उड़द के 22178 किसानों का पंजीयन किया गया है। किसानों के मूंग की मात्रा 2.42 लाख मी. टन और उड़द की मात्रा 0.29 लाख मी. टन की आवक है। इसी तरह 1 लाख 43 हजार 426 किसानों के 6 लाख 75 हजार 498 मी. टन लहसुन और 63 हजार 651 किसानों के 5 लाख 88 हजार 849 मी. टन प्याज की आवक हुई है। मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना में किसानों को प्याज के लिये 400 रुपये प्रति क्विंटल के मान से 235 करोड़ और लहसुन के लिये 800 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 540 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। बैठक में मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीना, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव खाद्य-नागरिक आपूर्ति श्रीमती नीलम शमीराव, प्रमुख सचिव सहकारिता श्री के.सी. गुप्ता आदि उपस्थित थे।
संघर्ष और त्याग की प्रतिमूर्ति थे यमुना प्रसाद शास्त्री
17 July 2018
स्वर्गीय श्री यमुना प्रसाद शास्त्री संघर्ष और त्याग की प्रतिमूर्ति थे। समर्पण, त्याग और तपस्या उनके व्यक्तित्व की पहचान थी। यह बात आज रीवा में उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने पूर्व सासंद श्री यमुना प्रसाद शास्त्री भाषणमाला में कही। श्री शुक्ल ने कहा कि स्व. श्री शास्त्री ने राजनीति को सेवा का साधन बनाया। अपने सिद्धांत के प्रति अटूट निष्ठा उनके जीवन का अनुकरणीय पहलू है। वे जीवटता और कर्मठता के प्रतीक होने के साथ गरीबों का सहारा थे। उन्होंने कहा कि श्री शास्त्री व्यक्ति नहीं वरन एक पूर्ण संस्था थे। वाणी और कर्म का सामन्जस्य, रहन-सहन की सरलता उन्हें आदर्श बनाती है। उद्योग मंत्री ने कहा कि स्व. श्री शास्त्री ने हमेशा विन्ध्य के विकास के लिये काम किया। स्व.श्री शास्त्री के बाणसागर बांध का सपना आज पूरा किया गया। उन्होंने कहा कि फ्लाई ओवर ब्रिज का नामकरण स्व. श्री शास्त्री के नाम से किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सांसद श्री जनार्दन मिश्र ने कहा कि स्व. श्री शास्त्री राजनीति की नई परिभाषा लिखने वालों में से थे। वे ओजस्वी वक्ता तथा कर्मठ नेता थे। उनकी वाणी से उनका कर्म बोलता था। अवधेश प्रताप सिंह विश्विद्यालय के कुलपति और कुल सचिव श्री लाल साहब सिंह आदि ने भी संबोधित किया।
बसामन मामा गौवंश वन्य विहार देश के सर्वश्रेष्ठ गौ अभ्यारण्य के तर्ज पर स्थापित होगा
17 July 2018
बसामन मामा की पुण्य भूमि में स्थापित बसामन मामा गौवंश वन्य विहार का आज साधु-संतों एवं धर्मगुरूओं की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ लोकार्पण किया गया। उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने लोकार्पण अवसर पर कहा कि यह वन्य विहार देश के सर्वश्रेष्ठ गौ वन्य अभ्यारण्य के तौर पर स्थापित होगा तथा इस आदर्श गौ अभ्यारण्य को देखने अन्य प्रांतों के लोग भी आयेंगे। उद्योग मंत्री ने कहा कि गौ माता पवित्र तथा पूज्य है। गाय यदि दुखी होगी तो मानव समाज अभिशापित हो जायेगा। इसलिये हम सबका कर्तव्य है कि गौवंश के सरंक्षण तथा संवर्धन के लिये इस पुनीत कार्य में सहभागी बनें। सभी के सहयोग से गौ अभ्यारण्य विकसित होगा और इसमें सभी को अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देना चाहिए। श्री शुक्ल ने कहा कि रीवा जिले में बाणसागर के पानी से खेती का रकबा बढ़ा है लेकिन बेसहारा गौवंश के कारण खेती का नुकसान हो रहा था अब गौ अभ्यारण्य बन जाने से जहां एक ओर किसानों की खेती का नुकसान रूकेगा वहीं दूसरी ओर गौ वंश का संरक्षण भी होगा। उन्होंने कहा कि इस पुनीत कार्य के लोकार्पण अवसर पर संत समाज की उपस्थिति से मैं अभिभूत हूँ। गौ अभ्यारण्य में गौवंश के लिये शेड, भूसा शेड निर्माण तथा चारागाह विकास के कार्य कराये जायेंगे साथ ही इससे लगी 500 एकड़ वन भूमि में गौवंश सीधे चारा चरने जंगल जा सकेंगी। उन्होंने बसामन मामा मंदिर विकास हेतु पर्याप्त धनराशि की उपलब्धता की बात भी कही। अध्यक्ष मध्यप्रदेश गौ संवर्धन बोर्ड के स्वामी अखिलेश्वरानंद ने कहा कि भारत की पारंपरिक अभिरूचि गाय का पालन है इसकी सेवा करना हमारा कर्तव्य होना चाहिए। बसामन मामा गौ अभ्यारण्य गौ संरक्षण के लिये सर्वाधिक उपयुक्त स्थल है क्योंकि यहां प्रकृति के अनुपम स्थल के साथ ही गायों के चारे के लिये विशाल वन भूमि भी जुड़ी हुई है। उन्होंने अपेक्षा की कि यह अभ्यारण्य सिर्फ गौपालन का केन्द्र न बनकर अनुसंधान केन्द्र के तौर पर विकसित होकर स्वाबलंबी बनेगा। सांसद जनार्दन श्री मिश्र ने कहा कि गौ वन्य विहार के बन जाने से किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान के रूकने से उनकी आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी। कार्यक्रम में सच्चा बाबा आश्रम इलाहाबाद के स्वामी गोपालदास जी ने कहा कि गाय मां भी है और देवी भी है इसलिये गौ सेवा मातृ सेवा है। इसके पालन से हमें सब कुछ सहज ही प्राप्त हो जाता है। संत युवराज स्वामी बद्री प्रपन्नाचार्य ने कहा कि बसामन मामा गौवंश अभ्यारण्य अदभुत गौ अभ्यारण्य है। गौ संरक्षण से उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने उद्योग मंत्री को गौ अभ्यारण्य की स्थापना के लिये साधुवाद दिया।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश सर्वश्रेष्ठ
17 July 2018
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री रुस्तम सिंह ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले निजी और शासकीय चिकित्सकों को पुरस्कृत किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के साथ निजी क्षेत्र के चिकित्सकों की भागीदारी से ही मध्यप्रदेश को देश में यह उल्लेखनीय सफलता मिली है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में केन्द्र शासन ने मध्यप्रदेश को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में सर्वाधिक गर्भवती महिलाओं की पहुँच और सर्वाधिक सेवा प्रदाताओं की संख्या, मातृ मृत्यु दर में सर्वाधिक प्रतिशत गिरावट के लिये पुरस्कृत किया है। केन्द्र शासन द्वारा करवाये जाने वाले सेम्पल रजिस्ट्रेशन सर्वे में मध्यप्रदेश में मातृ मृत्यु दर में 48 अंकों की गिरावट और प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में निजी क्षेत्र के चिकित्सकों के सहयोग से प्रसव के पहले जाँच एवं उपचार सेवाओं के विस्तार के साथ योजना के सक्रिय क्रियान्वयन के लिये मध्यप्रदेश को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री द्वारा नई दिल्ली में पुरस्कृत किया गया। स्वास्थ्य मंत्री ने राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले नर्मदापुरम के संभागायुक्त श्री उमाकांत उमराव, वनांचल सेवा समिति में विभिन्न जिलों में उल्लेखनीय कार्य के लिये डॉ. किरण शेजवार, डॉ. माधुरी चन्द्रा, डॉ. अलका अग्रवाल, डॉ. संगीता श्रीवास्तव, डॉ. निधि व्यास और डॉ. शारदा मिश्रा को शॉल, स्मृति-चिन्ह और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर श्री उमाकांत उमराव द्वारा जटिल प्रसव वाली महिलाओं के लिये किये जा रहे काम पर आधारित 'हिरण्यगर्भा'' फिल्म भी प्रदर्शित की। होशंगाबाद संभाग में हिरण्यगर्भा टीम जटिल गर्भावस्था वाली महिलाओं तक पहुँचकर सुरक्षित प्रसव में सहायता करती है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना में प्रत्येक माह की 9 तारीख को शासकीय अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण के लिये नि:शुल्क शिविर लगाये जाते हैं। इसमें स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ निजी क्षेत्र के चिकित्सक भी भाग ले रहे हैं, जिससे शिशु मातृ मृत्यु दर में लगातार गिरावट दिख रही है। श्री सिंह ने वर्ष 2017-18 में अभियान में स्वैच्छिक सेवाओं के लिये निजी क्षेत्र में आगर-मालवा जिला चिकित्सालय में डॉ. सुनीता मालानी को लगातार 12 माह तक सेवा देने और रतलाम जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में डॉ. अदिति राठौर को 11 माह तक सेवा देने के लिये पुरस्कृत किया। शासकीय क्षेत्र में यह पुरस्कार सतना जिला चिकित्सालय के डॉ. महेन्द्र सिंह और अमदरा (सतना) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की डॉ. इन्द्राणी सेनगुप्ता को दिया गया। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वाले जिले और जटिल गर्भावस्था की सर्वाधिक पहचान करने के लिये निजी क्षेत्र में जबलपुर और शासकीय क्षेत्र में रायसेन को दिया गया। चिकित्सा संगठनों में पुरस्कार भोपाल चेप्टर के डॉ. जायसवाल, इंदौर डॉ. मुक्ता जैन, ग्वालियर डॉ. कुसुमलता सिंघल, उज्जैन डॉ. मंजू राठी, जबलपुर डॉ. निशा साहू, रतलाम डॉ. डाली मेहरा, सागर डॉ. नीता गिडयान, सिंगरौली डॉ. संगीता प्रसाद, होशंगाबाद डॉ. सुनीता पाण्डे, इण्डियन रेडियोलॉजिकल एण्ड इमेजिन एसोसिएशन के लिये डॉ. शैलेष लूनावत को, इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन के डॉ. राजीव गुप्ता, प्रायवेट मेडिकल प्रेक्टिशनर एसोसिएशन के डॉ. सत्यप्रकाश दुबे, नर्सिंग-होम एसोसिएशन के डॉ. उमेश शारदा, पैथालॉजी एसोसिएशन के डॉ. सुरेश कुमार, लॉयन्स क्लब के श्री कमल भण्डारी और एसोसिएशन ऑफ प्रायवेट डेंटल कॉलेज, मेडिकल कॉलेजेस ऑफ एम.पी. की डॉ. ज्योति वलेचा को दिया गया। मातृ स्वास्थ्य में लगातार सहयोग के लिये भोपाल, इंदौर और ग्वालियर मेडिकल कॉलेज को दिया गया। निजी क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ का पुरस्कार डॉ. मीना नामदेव पन्ना, डॉ. दीपक कुमार गुप्ता रायसेन और डॉ. नीना गेदियान सागर को दिया गया। शासकीय क्षेत्र में मंदसौर की डॉ. प्रमिला राठौर, खण्डवा की डॉ. लक्ष्मी दुदवे और सिवनी के डॉ. आर. कुश्राम ने यह पुरस्कार प्राप्त किया। सर्वश्रेष्ठ एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के लिये शासकीय क्षेत्र में सागर के डॉ. संतोष राजौरिया, शहडोल के डॉ. सुनील स्थापक, छतरपुर के डॉ. विनीत पटेरिया और निजी क्षेत्र में सिवनी के डॉ. एस.एन. सोनी, उज्जैन की डॉ. डिम्पल और होशंगाबाद के डॉ. आर. माहेश्वरी को पुरस्कृत किया गया। उप जिला-स्तरीय ग्रुप में डॉ. हेमराज बोकाड़े सौंसर (छिन्दवाड़ा), डॉ. के.डी. मण्डलोई पेटलावद (झाबुआ) और डॉ. बी.टी. चतुर्वेदी पिछोर (शिवपुरी) को पुरस्कृत किया गया। रोशनी क्लीनिक और गर्भवती महिलाओं सहित सभी आयु वर्ग की महिलाओं को उत्कृष्ट सेवा देने वाली रतलाम और शहडोल टीम को पुरस्कृत किया गया। नवजात शिशु देखभाल में उत्कृष्टता के लिये पुरस्कार पाने वालों में डॉ. शशिकला निपाने उमरिया, डॉ. वैशाली निगम देवास और डॉ. विकास शर्मा मुरैना की टीम शामिल हैं। रक्त संचयन में उत्कृष्ट कार्य करने वाली टीम सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सौंसर (छिन्दवाड़ा), सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जावरा (रतलाम) और सिविल अस्पताल मैहर (सतना) शामिल है। सुविधा विस्तार के लिये सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र देवेन्द्र नगर (पन्ना), सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र परासिया (छिन्दवाड़ा) और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पटेरा (दमोह) की टीम को पुरस्कृत किया गया।
जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र को काव्य संग्रह भेंट
17 July 2018
जनसम्पर्क, जल-संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र को पत्रकार और युवा कवि श्री कौशल किशोर चतुर्वेदी ने आज अपना काव्य संग्रह 'जीवन राग'' भेंट किया। मंत्री डॉ. मिश्र ने श्री चतुर्वेदी को पुस्तक प्रकाशन के लिए बधाई दी। जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र से मिले पूर्व विधायक श्री राणा जनसम्पर्क, जल-संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र से पूर्व विधायक श्री भानु राणा ने भेंट की। डॉ मिश्र को श्री राणा ने देवरी क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार संबंधी सुझाव पत्र भेंट किया।
2019 में होने वाली जी.आई.एस.में कनाडा पार्टनर कन्ट्री के रूप में शामिल हो
16 July 2018
उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन तथा खनिज साधन मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल से आज उनके निवास पर, कनाडा में भारत के काउंसिल जनरल श्री दिनेश भाटिया ने भेंट की। श्री भाटिया ने कनाडा और मध्यप्रदेश के मध्य पारस्परिक व्यापारिक तथा सांस्कृतिक सबंधों पर चर्चा की। उद्योग मंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार कनाडा को अगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2019 में पार्टनरकन्ट्री के रूप में शामिल करने के लिये प्रयासरत है। मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिये सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाएँ उपलब्ध होने के साथ ही निवेश के लिये अनुकूल माहौल भी है। श्री शुक्ल ने श्री दिनेश भाटिया से 2019 में प्रस्तावित जीआईएस में कनाडा के उद्योगपतियों की भागीदारी भी करवाने की बात कही। भारतीय काउंसिल जनरल श्री भाटिया ने बताया कि विदेश मंत्रालय द्वारा भारतीय राज्यों तथा उनकी आर्थिक सबलता को प्रचारित करने के उदे्श्यों से विभिन्न देशों में पदस्थ भारतीय राजदूतों और उच्चायुक्तों को देश के विभिन्न प्रदेश में भेजा जा रहा है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का होगा अपना भवन
16 July 2018
स्वास्थ्य कार्यक्रमों और योजनाओं की प्रभावी मॉनीटरिंग के लिये राज्य स्वास्थ्य संसाधन केन्द्र का निर्माण किया जायेगा। भोपाल में 28 करोड़ 50 लाख की लागत से 7530 वर्ग मीटर में बनने वाले केन्द्र भवन का भूमि-पूजन लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री रुस्तम सिंह ने किया। श्री सिंह ने कहा कि अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का अपना भवन होगा। मिशन के प्रयासों से प्रदेश में मातृ-मृत्यु दर में 22 प्रतिशत की उल्लेखनीय गिरावट आई है। मिशन का अपना भवन होने से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में और बढ़ोत्तरी होगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना पूरे देश में 15 अगस्त से लागू की जा रही है। योजना में प्रदेश के लगभग 5 करोड़ लोगों को लाभ मिलने की संभावना है। श्री सिंह ने परिसर में पौध-रोपण भी किया। मिशन संचालक श्री एस. विश्वनाथन ने बताया कि भवन में सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के लिये उत्तरदायी अधिकारी, विषय-विशेषज्ञ और अंतर्राष्ट्रीय सहयोगी संस्थाओं के साथ संवाद करने के लिये आवश्यक व्यवस्थाएँ रहेंगी। स्थापित सुविधाओं के माध्यम से केन्द्र और राज्य शासन की स्वास्थ्य योजनाओं के अपेक्षित लक्ष्य को प्राप्त करने, योजनाओं के मूल्यांकन और भविष्य की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिये योजनाओं को तैयार कर 'सम्पूर्ण स्वास्थ्य-सबके लिये'' की पूर्ति के लिये काम किया जायेगा। भवन को पर्यावरण सुरक्षा मानकों के अनुसार पार्किंग + 5 तल में बनाया जायेगा। भवन में प्रमुख स्वास्थ्य कार्यक्रमों- मातृ-शिशु स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण, टीकाकरण, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य, आशा रेफरल ट्रांसपोर्ट, नगरीय स्वास्थ्य, राष्ट्रीय टी.बी. उन्मूलन, मलेरिया निवारण, तम्बाकू नियंत्रण, असंचारी और संचारी रोग, कुष्ठ रोग निवारण, राष्ट्रीय क्वालिटी एश्योरेंस आदि कार्यक्रमों में आपसी समन्वय का कार्य किया जा सकेगा। कार्यक्रम में सांसद आलोक संजर, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री रामदयाल प्रजापति, संचालक डॉ. के.के ठस्सू, डॉ. बी.एन चौहान, डॉ. जे.एल मिश्रा भी उपस्थित थे।
प्रदेश में संस्कृत भाषा के विकास के लिये भरपूर प्रयास किये जायेंगे
16 July 2018
स्कूल शिक्षा मंत्री कुँवर विजय शाह ने कहा है कि भारत देश शाश्वत, सनातन संस्कृति वाला देश है। संस्कारों की संवाहिका भारतीय संस्कृति ही है और इसी संस्कृति का संरक्षण एवं पोषण संस्कृत भाषा में समाहित है। इसलिये संस्कृत को भारत की आत्मा कहा जाता है। राज्य सरकार ने प्रदेश में प्राचीन संस्कृत भाषा के विकास के लिये अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री कुँवर शाह आज भोपाल के साउथ टी.टी. नगर स्थित नूतन सुभाष विद्यालय परिसर में शासकीय आवासीय कन्या संस्कृत विद्यालय का शुभारंभ कर रहे थे। इस मौके पर प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी के अलावा संस्कृत भाषा के विद्वजन भी मौजूद थे। मंत्री कुँवर शाह ने कहा कि बालिकाओं के लिये संस्कृत विद्यालय प्रारंभ करना उनकी प्राथमिकताओं में रहा है। प्रदेश में संस्कृत भाषा को स्व-रोजगार से जोड़ने के प्रयास किये जा रहे हैं। इसे देखते हुए रोजगार आधारित नवीन पाठ्यक्रम प्रदेश में शुरू किये गये हैं। स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी ने कहा कि प्रदेशभर के संस्कृत शासकीय विद्यालयों को अधोसंरचनात्मक मजबूती दी जायेगी। महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान के निदेशक श्री प्रभात राज तिवारी ने बताया कि आवासीय विद्यालय में राज्य-स्तरीय मेरिट-सूची के आधार पर बालिकाओं को प्रवेश दिया गया है। बालिकाओं को पारम्परिक एवं आधुनिक पद्धतियों के समन्वय से संस्कृत भाषा एवं साहित्य के साथ कॅरियर ओरिएंटेड उत्कृष्ट शिक्षा उपलब्ध करवायी जायेगी। विद्यालय में कक्षा-6 से 12वीं तक के अध्यापन की व्यवस्था रहेगी। बालिकाओं को आवास, भोजन, गणवेश और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध रहेगी। कार्यक्रम को डॉ. भागीरथ कुमरावत ने भी संबोधित किया। बताया गया कि प्रदेश में 5 आदर्श संस्कृत विद्यालय विदिशा जिले के सिरोंज, दतिया, उज्जैन, बुरहानपुर और कटनी जिले के बरही में संचालित हैं। विद्यालयों को आधुनिक बनाने के लिये कम्प्यूटर क्रय की स्वीकृति भी दी गयी है। प्रदेश में 187 संस्कृत विद्यालयों को महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान से संबद्धता दी गयी है। भोपाल में संस्थान के चार मंजिला नवीन भवन के लिये 9 करोड़ की मंजूरी दी जा चुकी है।
छात्रावास सिखाते हैं साथ जीने की कला
16 July 2018
उच्च शिक्षा मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया ने कहा है कि सभ्यता जमाने के साथ बदलती हैं, संस्कृति नहीं। गुरुकुल की परम्परा हिन्दुस्तान में पहले से है। आज उनका स्थान छात्रावासों ने ले लिया है। छात्रावासों के अनुशासनात्मक जीवन से आनन्द की अनुभूति होती है। श्री पवैया आज उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान में 100 सीटर बालक छात्रावास का लोकार्पण कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने अकादमिक भवन में 56 कम्प्यूटर से लेस सेन्ट्रल लैब का उदघाटन भी किया। मंत्री श्री पवैया ने कहा कि छात्रावासों में रहकर रोजमर्रा के कार्य निश्चित मापदंड पर करने से जीवन संतुलित होता है। साथ ही, सामाजिक सरोकार से जुड़ने का मौका भी मिलता है। आज के समय आदमी एकाकी जीवन जीता है और छात्रावास साथ जीने की कला सिखाते हैं। श्री पवैया ने कहा कि विद्यार्थी सोशल साइट का ध्यान रखें, वे लोगों को अनसोशल बना रही हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा साक्षर बनाती है, वहीं विद्या मनुष्य को ज्ञान, संस्कार और कौशल प्रदान करती है। विद्या से मानव सम्पूर्ण मनुष्य बनता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आव्हान किया कि अतीत को पढ़ों, वर्तमान को गढ़ों और आगे बढ़ों। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में शीर्ष पर आने की भूख होना चाहिये। उनके मन में यह विचार आवश्यक है कि जो भी करुँगा, उसमें शीर्ष पर आऊँगा और एक नया अध्याय रचूँगा। श्री पवैया ने कहा कि विद्यार्थियों से संस्थान की गुणवत्ता, उत्कृष्टता और विश्वसनीयता परिलक्षित होती है। उन्होंने प्रोफेसरों से भी कहा कि निर्धारित समय में ही कर्त्तव्य-पालन कर बेहतर परिणाम दें। सरकार साधन दे सकती है, निष्ठा नहीं। श्री पवैया ने कहा कि राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कई नवाचार किये हैं। उन्होंने कहा कि तीन हजार सह-प्रध्यापक की भर्ती की जा रही है। पाठ्यक्रमों में सेमस्टर पद्धति खत्म की गई है। दीक्षांत समारोह में भारतीय वेषभूषा का समावेश किया गया है। महाविद्यालयों में राष्ट्रध्वज फहराना और स्वामी विवेकानन्द सहित अन्य महापुरूषों के चित्र लगाना अनिवार्य किया गया हैं। विधायक श्री रामेश्वर शर्मा ने कहा कि संस्थान ने अच्छे विद्यार्थी तैयार किये है, जो विभिन्न क्षेत्र में जाकर कॉलेज को उत्कृष्टता की श्रेणी दिलाते हैं। उन्होंने संस्थान के कार्यक्रमों में विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाने पर बल दिया। उन्होंने विद्यार्थियों का आव्हान किया कि माँ-बाप के सपने जरूर पूरा करें। संस्थान संचालक श्री एम.एल. नाथ ने स्वागत किया। इस मौके पर अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री बी.आर. नायडू भी मौजूद थे।
एशिया में पहली बार एडवेन्चर नेक्स्ट 2018 का आयोजन भोपाल में होगा
16 July 2018
एशिया में पहली बार भोपाल में एडवेन्चर ट्रेवल की अंतर्राष्ट्रीय संस्था, एडवेन्चर ट्रेवल ट्रेड एसोसिएशन (ATTA) द्वारा एडवेन्चर नेक्स्ट 2018 का आयोजन किया जायेगा। आयोजन की रूपरेखा संबंधी कार्यशाला का शुभारंभ पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री सुरेन्द्र पटवा और पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष श्री तपन भौमिक ने किया। राज्य मंत्री श्री पटवा ने कहा कि भोपाल में एडवेन्चर नेक्स्ट 2018 का आयोजन होना गर्व का विषय है। श्री पटवा ने कहा कि पर्यटन विकास की दिशा में प्रदेश में प्राथमिकता पर कार्य किया जा रहा है। श्री तपन भौमिक ने आयोजन को सफल बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि तैयारियों में कोई भी कमी नहीं रहेगी। कार्यशाला के पहले सत्र में प्रदेश के प्रमुख सचिव पर्यटन श्री हरिरंजन राव ने पावर पॉइन्ट प्रेजेन्टेशन के माध्यम से आयोजन संबंधी जानकारी दी। एडवेन्चर नेक्स्ट 2018 का आयोजन 03 से 05 दिसम्बर के दौरान भोपाल के मिंटो हाल कंवेंशन सेंटर मे प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्व. श्री याग्निक को अर्पित की श्रद्धाँजलि
15 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान आज इंदौर में वरिष्ठ पत्रकार रहे स्वर्गीय श्री कल्पेश याग्निक के साकेत नगर स्थित निवास पहुंचे। उन्होंने स्वर्गीय श्री याग्निक के चित्र पर श्रद्धा-सुमन अर्पित कर श्रद्धाँजलि दी। श्री चौहान ने परिजनों को ढ़ाँढ़स बंधाया और ईश्वर से प्रार्थना की कि परिजनों को यह गहन दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान के साथ उनकी धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह, सांसद श्री प्रभात झा, महापौर श्रीमती मालिनी गौड़, विधायक श्री महेन्द्र हार्डिया सहित अन्य जन-प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने किया समाचार पत्र के संस्करण का शुभारंभ
15 July 2018
जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने दतिया में आज दैनिक 'बुंदेलखंड बुलेटिन' समाचार पत्र के मध्यप्रदेश संस्करण का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों का प्रमुख कार्य जनता की आवाज को सरकार तक तथा सरकार की आवाज को जनता तक पहुंचाना है। इस दिशा में बुंदेलखंड बुलेटिन समाचार पत्र खरा उतरेगा, ऐसी मैं कामना करता हूँ। उन्होने कहा कि दतिया में विकास की दशा और दिशा दोनों बदली है, चौतरफा विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि मीडिया कर्मी बदलते हुए दतिया के साक्षी बनें। इस अवसर पर समाचार पत्र के सम्पादक श्री पुरूषोत्तम नारायण श्रीवास्तव, विधायक श्री प्रदीप अग्रवाल तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा व्यवस्था गाँव में ही उपलब्ध होगी : जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र
15 July 2018
जनसम्पर्क, जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने आज दतिया जिले के ग्राम चिरूला में हायर सेकेण्डरी स्कूल के उन्नयन कार्य का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि अब गाँव के बच्चों को हायर सेकेण्डरी तक की शिक्षा गाँव में ही उपलब्ध हो सकेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था का निरंतर विकास किया जा रहा है। बच्चों के लिये गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा व्यवस्था गाँव में ही उपलब्ध होगी। मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि चिरूला रेल्वे स्टेशन पर क्रासिंग की परेशानी को देखते हुए अंडर ब्रिज बनाया जा रहा है। गाँव में नल-जल योजना से स्वच्छ पानी प्रदाय किया जा रहा है। डॉ. मिश्र ने ग्रामीणों की मांग पर सिंचाई के लिए 3.90 करोड़ रुपए लागत की नहर बनाने की घोषणा की। जनसंपर्क मंत्री ने कहा कि किसानों की भलाई के लिए सूखा राहत योजना, फसल बीमा योजना, भावांतर भुगतान योजना, गेहूं उर्पाजन आदि द्वारा किसानों को भरपूर आर्थिक मदद दी गई है। गाँव के आवासहीन परिवारों को एक वर्ष में पक्के मकान दे दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना का उल्लेख करते हुए डॉ. मिश्र ने कहा कि इस योजना से सर्वहारा वर्ग के जीवन में निश्चित ही सकारात्मक बदलाव आएगा।
वर्ल्ड यूथ स्किल डे आयोजित
15 July 2018
वर्ल्ड यूथ स्किल डे- 2018 का राज्य स्तरीय आयोजन आज यहाँ शासकीय आदर्श औद्योगिक प्रशिक्षणा संस्था में किया गया। संचालक कौशल विकास, श्री संजीव सिंह ने कौशल के क्षेत्र में उत्कृष्ठ प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं और प्रशिक्षण देने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में भारत शासन के अन्तर्गत शिक्षुता प्रशिक्षण योजना में प्रशिक्षण प्रदान करने वाले भोपाल, इंदौर, देवास, रीवा और टेफे मोटर्स, क्राम्टन, रेमण्ड, क्रिलोस्कर, बोल्वो ऑयशर, जे.पी. मंगाराम, एनएमडीसी और अन्य कम्पनियों के प्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जी.एन. अग्रवाल उपस्थित थे।
आशीर्वाद के अधिकारी शिवराज जी
13 July 2018
‘कई बार तो लगता है कि शिवराज जी दिनभर परिश्रम करने के बाद रात में सोते हैं या नहीं! यदि सोते भी हैं तो शायद उनके सपने में जन कल्याण की योजनाएं ही चलती रहती हैं। तभी तो सवेरे जागते ही एक नए प्रकार के जन कल्याण के साथ प्रदेश के सामने प्रस्तुत होते हैं। राजनीतिक विरोधाभास के लिए कोई भी टीका-टिप्पणी कर सकता है, लेकिन कभी एकांत में बात करो तो विरोधी दलों के नेताओं को भी यह एहसास है कि शिवराज जी के कार्यकाल के दौरान मध्यप्रदेश शून्य से शिखर की ओर पहुंचा है।’’ गत 13 जून की सुबह की बात है। मैं किसी कार्य से मुख्यमंत्री जी से मिलने उनके आवास गया था, विषय कुछ और था लेकिन मुख्यमंत्री जी अचानक भावुक स्वर में बोले उठे ‘‘आज मेरे जीवन का सर्वाधिक महत्वपूर्ण दिन है, शायद परमात्मा ने मुझे इसी दिन के लिए यह जिम्मेदारी सौंपी होगी।’’ दरअसल मुख्यमंत्री जी थोड़ी देर बाद ही हरदा जिले के टिमरनी पहुंचकर असंगठित श्रमिक कल्याण योजना ‘संबल’ का शुभारंभ करने वाले थे। ‘संबल’ यानी एक ऐसी योजना जिसने मानवता के गर्भ में आने से लेकर जीवन के अंतिम पायदान तक गरीब को जीने की गारंटी दी है। मैं अपनी बात की शुरुआत इस छोटे लेकिन अत्यंत भावुक वार्तालाप से इसलिए करना चाहता हूं कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जी के हृदय की गहराई को नापने का यह एक पैमाना है। सनातन काल से हमारा समाज सहकार के आधार पर चलता रहा है। सहकार बिना सत्कार के प्राप्त नहीं होता और विकार रहित सत्कार बिना संवेदनशील हृदय के नहीं किया जा सकता। जब व्यक्ति विकार रहित सत्कार करने की शक्ति प्राप्त कर लेता है तो परमात्मा उसे उपहार में विनम्रता प्रदान करता है। तभी वह जन आशीर्वाद का अधिकारी बनता है। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई व्यक्ति कितने बड़े खानदान में, कितनी ऊंची जाति में या कितने प्रभावी समाज में पैदा हुआ। फर्क इस बात से पड़ता है कि उसके जीवन की दिशा कैसी है? और प्रभुता प्राप्त करने के बावजूद उसे अपना मूल धर्म याद रहता है या नहीं? शिवराज जी की ओर जब हम देखते हैं तो पाते हैं कि उनके व्यक्तित्व में आज भी वही गरीब किसान का बेटा बसता है। शिवराज सिंह चैहान जी का जन्म सीहोर जिले के छोटे से गांव जैत में हुआ था। गांव में पैदा होकर जो अभाव के बीच पलता है, उसके भीतर संवेदनशीलता और संघर्ष दोनों समानांतर रुप से विकसित होते हैं। संवेदनशीलता इसलिए विकसित होती है कि उसे दायित्वों का निर्वहन विरासत में प्राप्त हो जाता है और संघर्ष इसलिए कि उसके पास परिश्रम के अलावा आगे बढ़ने का कोई रास्ता नहीं होता। आज भी हमारी संस्कृति गांव में ही बसती है। हमारी संस्कृति से तात्पर्य सहकार, सरोकार स्वावलंबन, सत्कार और संवेदनशीलता का एक समुच्चय। शिवराज जी ऐसा ही समुच्चय है। शिवराज सिंह जी ने बाल्य काल से संघर्ष किया है। मजदूरों को उचित मजदूरी मिले, इसके लिए आंदोलन करते करते अपने ही परिवार के लोगों की यातना का शिकार भी हुए, लेकिन उन्होंने अधिकार मांगना नहीं छोड़ा। बाद में विद्यार्थी परिषद से होते हुए आपातकाल की काल कोठरी का जुल्म सहते हुए, उन्हें जब भारतीय जनता युवा मोर्चा की कमान सौंपी गई तो उन्होंने युवा नेतृत्व के नए आयाम स्थापित किए। भारतीय जनता पार्टी में अन्य दायित्वों पर रहते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। सामान्य तौर पर समाज में व्यक्ति के ठाठ बाट देखकर धारणाओं का निर्माण होता है। इसलिए शिवराज सिंह जी को भी देखकर कुछ लोगों को उस समय ऐसा लगा होगा कि यह दुबला पतला सा आदमी क्या सरकार चलाएगा? लेकिन मध्य प्रदेश के इतिहास में पहली बार इस दुबले-पतले गांव के लड़के ने ऐसे ऐसे काम किए हैं ,जिनकी कल्पना भी कोई कर नहीं सकता। किसने सोचा था कि एक किसान का बेटा कृषि को लाभ का धंधा बनाने की दिशा में क्रमबद्ध योजनाएं बनाता जाएगा । राजा, नवाब, अंग्रेज और कांग्रेस लगाकर मध्य प्रदेश में 7 लाख हेक्टेयर सिंचाई की व्यवस्था कर सके थे, लेकिन शिवराज सरकार ने मात्र 12 -13 वर्षों में इस सिंचाई की छमता को 40 लाख हेक्टेयर के ऊपर पहुंचा दिया। यह आंकड़े हैं, कोई नकार नहीं सकता। सिंचाई की क्षमता के बढ़ने से ही मध्यप्रदेश में बंपर पैदावार हुई और सरकार की पॉलिसी तथा किसान के पसीने के चलते मध्यप्रदेश को पांच कृषि कर्मण पुरस्कार मिले। आज मध्य प्रदेश कृषि उत्पादन के क्षेत्र में टॉप पर हैं। शिवराज जी अभी रुके नहीं है, थके नहीं हैं ।उनके अंदर किसानों के उत्थान के लिए नित्य नई नई योजना जन्म ले रही है। यह बात कल्पना से भी परे है कि जिस फसल को आप एक साल पहले बेच चुके हैं, उस पर भी अतिरिक्त राशि देने का काम कोई सरकार करे। किसानों को लेकर अनेक बातें बताई जा सकती है, लेकिन एक पंक्ति में कहें तो किसानों को एक साल में 30 हजार करोड रुपए से अधिक की सहायता का अनुमान कौन लगा सकता है। शिवराज सिंह जी उन गिनती के राजनेताओं में शामिल हैं जिन्होंने मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने के बाद उसने मूल परिवेश से संबंध तोड़े नहीं, बल्कि उससे जीवंत संवाद और संबंध बनाए रखे। यही वजह है कि मुख्यमंत्री की अधिकतर घोषणा गांव और गरीब के लिए होती हैं। उन्हें न सिर्फ खेती किसानी की गहरी समझ है, बल्कि खेती में पैदा होने वाली समस्याएं, किसानों का जीवन और उनकी परेशानी इन सब का व्यवहारिक ज्ञान भी है, कृषकों की बहुलता वाले इस प्रदेश में उनके जैसी खेती की समझ रखने वाले नेता उंगलियों पर गिनने लायक हैं। क्योंकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान की पारिवारिक पृष्ठभूमि राजनीतिक नहीं है। एक सामान्य कार्यकर्ता से मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे हैं। इसलिए उनकी सोच पर छल कपट और राजनीतिक हथकंडे बाजी की छाया दिखाई नहीं देती। उनका परिश्रम उन्हें हवा हवाई नेताओं की जगह पके हुए राजनीतिज्ञ के रूप में स्थापित करता है। वे एक समन्वयवादी नेता हंै, जो सबको साथ लेकर चलने में विश्वास करते हैं। बुजुर्ग नेताओं और युवा कार्यकर्ताओं के बीच अपनी समझ से यथायोग्य व्यवहार करना और सर्वस्वीकार्य रास्ता निकलना मुख्यमंत्री जी के व्यक्तित्व की विशेषता है। उनकी एक विशेषता और है कि वह धीर गंभीर प्रकृति के व्यक्ति हैं। किसी छोटी सी उपलब्धि पर उछलते नहीं, अपनी जिम्मेदारियों को भूलते नहीं हैं और न पराजय के क्षणों में अंतर्मुखी होकर छुईमुई सा व्यवहार करते हैं। स्वयं के प्रति कठोर और समाज के प्रति संवेदनशील रहकर जनकल्याण का ताना-बाना बुनते रहते हैं। लगातार तीन बार मुख्यमंत्री रहते हुए भी आम आदमी जैसी सोच और व्यवहार प्रदेश की जनता को अपनेपन का एहसास कराती है, यही वजह है कि मुख्यमंत्री अपने दौरों पर जब लोगों के बीच होते हैं, तो सबको ऐसा लगता है कि वे उनके ही परिवार के सदस्य हैं। वह अपने परिवार के मुखिया से ही बात कर रहे हैं। समाज का शायद ही कोई ऐसा तबका बचा हो, जिसके लिए शिवराज सिंह जी के अंतर्मन में कल्याण की हूक न उठी हो। मध्यप्रदेश में लाडली लक्ष्मी योजना बनाई तो सारे देश ने धीरे-धीरे उसे अपनाया। व्यक्तिगत जीवन में बेटियों के प्रति उनकी जो संवेदनशीलता है वह इसी बात से प्रकट रूप में सामने आती है कि कुछ बेटियों को उन्होंने न सिर्फ गोद ले रखा है, बल्कि उनकी जीवन की संपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन आज भी कर रहे हैं। उनका लालन-पालन, पढ़ाई-लिखाई से लेकर शादी-ब्याह तक का जिम्मा शिवराज दंपत्ति सगे माॅ-बाप की तरह उठाते हैं। बेटियों का सम्मान और सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता में है। यही कारण है कि अबोध बच्चियों के साथ दुराचार करने वालों के विरुद्ध कठोरतम सजा फांसी के लिए उन्होंने सबसे पहले पहल की। देशभर में आज बेटियों की ओर आंख उठाने से पहले दरिंदों को फांसी का फंदा दिखाई देने लगा है। मेधावी बच्चों की संपूर्ण शिक्षा का खर्च उठाने का जो निर्णय उन्होंने किया है, वह मध्य प्रदेश को एक शिक्षित और आधुनिक प्रदेश बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। कभी किसी ने सोचा था कि 40 लाख रुपए तक की फीस भरने का काम कोई सरकार अपने सिर पर लेगी। आज मध्यप्रदेश में कोई भी ऐसा बच्चा जो पढ़ना लिखना चाहता है और उसके माता-पिता के पास फीस के लिए पैसे नहीं है, तो उसको चिंता करने की आवश्यकता है। शिवराज सिंह जी रोज किसी न किसी वर्ग के लिए योजनाएं तो बना ही रहे थे, लेकिन इसी बीच शायद अचानक परमात्मा ने उन्हें नई प्रेरणा दी होगी कि ‘संबल’ जैसी बहुआयामी योजना बनाएं। उन्होंने सारी दुनिया को समाज कल्याण का एक अभिनव संदेश दिया है। ‘संबल’ योजना एक ऐसी दक्ष योजना है, जो मानवता को पूरी निश्चिंतता के साथ जीवन जीने की गारंटी देती है। स्वाभाविक है जब कोई नेता इस प्रकार से चिंतन करता है और ना सिर्फ चिंतन करता है, बल्कि चिंता का समाधान खोजता है, तो समाज उसके साथ खड़ा हो जाता है। हमारे समाज में आशीर्वाद एक बड़ी ताकत है। आशीर्वाद उसे ही प्राप्त हो सकता है, जो ईमानदारी से समाज को अपना परिवार मानकर कार्य करता है। जीवन का क्षण-क्षण, पल-पल समाज को देता है। गिनाने को कई बातें हो सकती हैं, लेकिन एक विशेष बात यह है कि सामाजिक सरोकारों की दिशा में शिवराज जी का कोई तोड़ नहीं है। राजनीति में जो लोग राजनीतिक लाभ के लिए समाज सेवा का ढोंग रचते हैं, वह ढोंग ज्यादा दिन छुपता नहीं है। एक न एक दिन सत्य समाज के सामने आता ही है। सार्वजनिक जीवन जीने वालो में समाज गौर से देखता है कि वह व्यक्ति कैसे उठता है, कैसे बैठता है, कैसे खाता है, कैसे बोलता है, कैसे देखता है और कैसे मिलता है? इन सभी चीजों का महत्व है। सामान्य तौर पर बड़ी कुर्सी प्राप्त होने के बाद लोगों का व्यक्तिगत डील-डौल बदल जाता है। ऐश्वर्य और पद का मद उसके चेहरे पर दिखाई देने लगता है, लेकिन शिवराज सिंह जी ऐसे बिरले नेताओं में शामिल हैं, जिनके चेहरे पर मुख्यमंत्री पद होते हुए भी जिम्मेदारियों का भाव निरंतर परिलक्षित होता है। प्रदेश में कहीं भी ओले पड़े, सूखा पड़े, दुर्घटना हो जाए, कोई घृणित अपराध हो जाए, प्रदेश वासियों ने ऐसे कष्ट और दुख की घड़ी में सबसे पहले यदि किसी को खड़े पाया है, तो वह एक शिवराज सिंह जी ही हैं। यह सही है की 14 जुलाई से प्रारंभ होने वाली यात्रा का नाम जन आशीर्वाद यात्रा है, लेकिन यदि मुख्यमंत्री जी को हम व्यवहार रूप में प्रवास करते देखे तो वह रोजाना ही एक जनआशीर्वाद यात्रा करते हैं। यह जन आशीर्वाद यात्रा नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हो रही है, इसलिए इस यात्रा का अर्थ स्पष्ट है। पिछली तीन जनआशीर्वाद यात्राएं जिन लोगों ने देखी हैं, वह जानते हैं कि मुख्यमंत्री जो करते जाते हैं, वह समाज के हृदय में स्थापित होता जाता है, स्थान बनाता जाता है। यही कारण रहा कि पिछली यात्राओं में रात के 2.00 बजे से लेकर 4.00 बजे तक हजारों की भीड़ अपने लाडले नेता से मिलने सड़कों पर उमड़ती रही। 2008 का चुनाव हो या 2013 का, भारतीय जनता पार्टी की सरकार स्पष्ट बहुमत से और भारी बहुमत से बनती चली गई। शिवराज सिंह जी की जगह कोई सामान्य व्यक्ति होता तो उसे दंभ हो सकता था और उसके कारण वह अपने कार्यों में पूर्णता देख सकता था, लेकिन मुख्यमंत्री जी के वार्तालाप को जब हम सुनते हैं तो पाते हैं कि उनके मन में अभी भी जाने क्या-क्या करने की ललक हिलोरंे ले रहीं हैं। उन्होंने हाल ही में किसान चैपालों के माध्यम से संदेश दिया है कि किसान भाई सरकार को सलाह दें कि अगले 5 साल में और क्या करना है? मुझे लगता है कि आने वाले दिनों में युवाओं से, माता-बहनों से, बुजुर्गों से भी वे ऐसी कुछ सलाह मांग सकते हैं कि बताइए आपकी सरकार आपके लिए क्या कर सकती है? सही अर्थों में यह जनआशीर्वाद यात्रा मध्यप्रदेश के अपने साढ़े सात करोड़ परिवार से मिलने का एक अभिनव अभियान जैसा है। मुख्यमंत्री जी सड़क मार्ग से अपनी यात्रा पूरी करने वाले हैं, यह वही राजनेता कर सकता है, जिसको पता है कि उसके कार्यकाल में गांव गांव तक पक्की सड़कें पहुंचा दी गई हैं। हमारे यहां विकास का अर्थ है, तन, मन, बुद्धि और आत्मा का सुख। मानवता का यह समग्र विकास शिवराज जी की कार्य पद्धति में हम देखते हैं। छोटे-छोटे बच्चों की किलकारी सुनने से लेकर बुजुर्गोंं को तीर्थ कराने की तड़प तक शिवराज जी के अपनो से लगाव के कारण ही उन्हें जन-जन का आशीर्वाद मिल रहा है।
प्रदेश में खदानों के लिये लागू है सिंगल विण्डो प्रणाली - मुख्यमंत्री श्री चौहान
13 July 2018
मध्यप्रदेश खनिज उत्पादन में देश के 10 प्रमुख राज्य में से एक है। खदानों की नीलामी और दोहन को बढ़ावा देने से लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा, लेकिन खदानों का दोहन करें, शोषण नहीं। खनिज का दोहन करते समय पर्यावरण और वन का विशेष ध्यान रखें। मध्यप्रदेश में खदानों के लिये सिंगल विण्डो प्रणाली लागू की गई है। खदान नीलामी में पारदर्शिता लाने के लिये ऑनलाइन नीलामी की प्रक्रिया चल रही है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने यह बात आज इंदौर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में चतुर्थ राष्ट्रीय माइनिंग और मिनरल्स कॉन्क्लेव में कही। सम्मेलन में केन्द्रीय खनिज मंत्री सहित 21 राज्यों के खनिज मंत्री शामिल हुए। केन्द्रीय खनिज मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि देश के कुल क्षेत्रफल के एक चौथाई भाग में खनिज उपलब्ध हैं। खनिज दोहन से बहुसंख्य लोगों को रोजगार मिल सकता है। श्री तोमर ने बताया कि देश में पिछले 4 साल में 43 खनिज ब्लॉकों की नीलामी हुई है, जिससे भारत सरकार को आने वाले सालों में एक लाख 55 हजार करोड़ रुपये की आय होगी। श्री तोमर ने बताया कि खदानों के आसपास बसे ग्रामीणों और आदिवासियों के पुनर्वास के लिये 11 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है। पिछले 4 साल में खनिज उत्पादन में 6 प्रतिशत और राजस्व में 23 प्रतिशत वृद्धि हुई है। लोहा, हीरा, सोना का दोहन बढ़ा है। केन्द्रीय खनिज राज्य मंत्री श्री हरिभाऊ चौधरी ने कहा कि पिछले 4 साल में नई नीतियों से खदानों की नीलामी में पारदर्शिता आयी है। उन्होंने कहा कि इंदौर कॉन्क्लेव में प्राप्त सुझावों को परीक्षण के बाद राष्ट्रीय-स्तर पर लागू किया जायेगा। नीति आयोग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमिताभ कांत ने कहा कि खनिज उत्पादन मेक इन इण्डिया का अभिन्न अंग है। हमारे देश में इतना अधिक खनिज है, जो 600 साल तक खत्म नहीं होगा। केन्द्र सरकार खनिज के माध्यम से राष्ट्रीय आय में बढ़ोत्तरी की नीतियाँ बना रही है। अधिकांश उद्योग प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से खदानों पर निर्भर हैं। फेडरेशन ऑफ माइनिंग एसोसिएशन ऑफ इण्डिया के अध्यक्ष श्री संजय पटनायक ने कहा कि खदान नीलामी में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन किया जा रहा है। केन्द्रीय इस्पात सचिव डॉ. अरुणा शर्मा ने कहा कि आने वाले वर्षों में खनिज उत्पादन में 25 प्रतिशत तक वृद्धि की संभावना है। उन्होंने कहा कि मशीनीकरण से खनन उद्योग से प्रदूषण 90 प्रतिशत तक कम हुआ है। खनिज मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कॉन्क्लेव में शामिल विभिन्न राज्यों के खनिज मंत्रियों का आभार माना। प्रमुख सचिव खनिज श्री नीरज मण्डलोई ने कॉन्क्लेव की कार्यवाही का संचालन किया। प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और केन्द्रीय खनिज मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने विशाल खनिज प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। खनिज पर आधारित कई पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश खनिज निगम के अध्यक्ष श्री शिव चौबे, महापौर श्रीमती मालिनी गौड़ सहित गणमान्य नागरिक और खनिज उत्पादन कम्पनियों के सीईओ और सीएमडी मौजूद थे।
बीमारियों से बचने के लिए स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना जरूरी- राज्यपाल
13 July 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज बैरसिया में सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र के नवीन भवन का लोकार्पण करते हुए कहा कि बीमारियों से बचने के प्रयास करना चाहिए। इसके लिए स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। बाजार की बाहरी वस्तुओं का सेवन साफ-सफाई के पश्चात ही करें। उन्होंने कहा कि हम स्वच्छ रहें और आस-पास स्वच्छता बनायें रखें, तो निश्चित ही बीमारियों से बचा जा सकता है। सरकार का प्रयास गावों और पिछड़े क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि महिलाओं की जिम्मेदारी है कि वे साफ-सफाई परविशेष ध्यान दें। राज्यपाल ने कहा कि शौचालयों का न होना भी नई-नई बीमारियों के होने का सबसे बड़ा कारण है। श्रीमती पटेल ने कहा कि पानी बचाने के लिये हम सभी को संयुक्त प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिंचाई के लिए ड्रिप एरीगेशन बहुत आवश्यक है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं की तरह ही पानी बचाओ अभियान चलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज मैं राज्यपाल के रूप में नहीं, एक माता के रूप में सुझाव दे रही हूँ कि बेटियों की ओर ध्यान दीजिए, उन्हें पोषण आहार दीजिये, गर्भवती महिलाओं का रजिस्ट्रेशन करवाइये तथा समय पर टीकाकरण करवाइये। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ, पढ़ाई और पोषण आहार पर ध्यान देंगे, तो निश्चित ही हम स्वस्थ देश का निर्माण कर सकते हैं। सांसद श्री आलोक संजर ने कहा कि जन-प्रतिनिधियों का यह कर्तव्य है कि वे सेवाभाव से काम करें तभी हमको सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास करें। स्थानीय विधायक श्री विष्णु खत्री ने कहा कि केन्द्र की आयुष्मान भारत योजना का लाभ सभी ग्रामीणों को मिल सके, इसके लिए निरंतर प्रयास किये जायेंगे। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री मनमोहन नागर, नगरपालिका अध्यक्ष श्री राजमल गुप्ता तथा ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने किया टीवी चैनल हिन्दी खबर के दफ्तर का शुभारंभ
13 July 2018
जनसम्पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने आज शाम यहां ई-7 अरेरा कालोनी में टी.वी. न्यूज चैनल हिन्दी खबर के कार्यालय का फीता काटकर शुभारंभ किया। जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि टी.वी. चैनल के माध्यम से जन-जन तक कल्याणकारी योजनाएँ पहुँच रही हैं। जनसंपर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने उम्मीद व्यक्त की कि यह टी.वी. चैनल जन भावनाओं के अनुरूप कार्य करते हुए लोकप्रिय हो। इस अवसर पर टी.वी. चैनल के प्रधान संपादक श्री अतुल अग्रवाल ने जनसंपर्क मंत्री डॉ. मिश्र का पुष्प गुच्छ से स्वागत किया। मुख्य अतिथि डॉ. मिश्र को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया। कार्यक्रम में सांसद श्री आलोक संजर, चैनल के न्यूज डायरेक्टर श्री मनोज दुबे, सीईओ श्री मनीष अग्रवाल, ब्यूरो हेड मप्र श्री अनूप सक्सेना, जनप्रतिनिधि, पत्रकार और नागरिक उपस्थित थे।
श्री याग्निक की लेखनी राजनेताओं को जगाने का काम करती थी-मुख्यमंत्री श्री चौहान
13 July 2018
मुख्यमत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने पत्रकार श्री कल्पेश याग्निक के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। श्री चौहान ने शोक संदेश में कहा कि श्री याग्निक की विचारोत्तेजक पत्रकारिता और लेखनी में राजनेताओं को जगाने की क्षमता थी। समाचार विश्लेषण में विशेषज्ञता हासिल करने के बाद उन्होंने ओजपूर्ण संपादकीय लेखन किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि समकालीन, सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक मुद्दों पर श्री कल्पेश याग्निक की बेबाक टिप्पणियाँ हमेशा याद रहेंगी। उनकी प्रतिभा संपूर्ण रूप से अभिव्यक्त होने के पहले ही उनका विदा होना पत्रकार जगत के लिये अपूर्णीय क्षति है। मध्यप्रदेश की हिन्दी पत्रकारिता के लिये उनका असमय चले जाना दु:खद क्षण है। श्री चौहान ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों एवं पत्रकार साथियों को यह दु:ख सहने की शक्ति देने की ईश्वर से प्रार्थना की है।
मंत्री डॉ. मिश्र, श्री शुक्ल और श्री भूपेन्द्र सिंह द्वारा शोक व्यक्त
13 July 2018
दैनिक भास्कर समूह के संपादक श्री कल्पेश याग्निक के निधन पर जनसम्पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र, उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल और गृह मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह ने गहन शोक व्यक्त किया है। मंत्रीगणों ने कहा है कि श्री याग्निक ने समाज को दिशा देने के लिये तीखी लेखनी की मिसाल कायम की। हिन्दी पत्रकारिता जगत में कल्पेश जी की कमी हमेशा महसूस की जाएगी। मंत्रीगणों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिये ईश्वर से प्रार्थना की है और शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
महिलाओं की सोच और स्थिति में परिवर्तन आया है-राज्यपाल श्रीमती पटेल
12 July 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि स्व-सहायता समूह से जुड़कर महिलाओं की सोच, परिस्थिति और कार्यों में परिवर्तन और जागृति आई है। वह सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ना चाहती हैं। अब महिलाओं को आगे बढ़ने में पूरा सहायोग देना जरूरी है। महिलाओं के विकास और समृद्धि से ही देश का विकास संभव है। राज्यपाल आज यहाँ राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के 37वें स्थापना दिवस पर आयोजित वार्षिक सम्मेलन को संबोधित कर रही थीं। सम्मेलन में विभिन्न जिलों से आईं 500 से अधिक महिला स्व-सहायता समूहों एवं कृषि उत्पादन संगठनों के सदस्यों ने भी अपने अनुभव राज्यपाल को बताये। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि महिला शक्ति का भण्डार है। इस शक्ति का देश के हित में उपयोग होना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाएँ पहले परिवार के बारे में सोचती हैं और सबके बाद अपना सोचती हैं। अब समय आ गया है कि महिलाएँ परिवार का भला सोचने के साथ-साथ अपने विकास और समृद्धि का भी ध्यान रखें। महिलाएँ अपने सम्मान और स्वाभिमान के लिए परिश्रम करें, प्रशिक्षण प्राप्त करें तथा केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा व्यवसाय के लिए उपलब्ध कराये जा रहे बैंक ऋण का भरपूर लाभ उठायें। राज्यपाल ने कहा कि माँ-बाप की जागरूकता का ही परिणाम है कि आज बेटियाँ शिक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर र उच्च पद पर रहकर देश की सेवा कर रही हैं। उन्होंने समारोह में उपस्थित लोगों से बच्चों का बाल विवाह नहीं कराने के लिये संकल्पित होने का आग्रह किया। सांसद श्री आलोक संजर ने कहा कि गांधी जी ने गाँवों की तरक्की का जो सपना देखा था, वह आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में पूरा हो रहा है। आज समाज में महिलाएँ पुरूषों के साथ कँधे से कँधा मिलाकर हर क्षेत्र में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि नारी सम्मान, ममता और लज्जा की मूर्ति होती है। नारी सम्मान के लिए सरकार को सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही करना चाहिए। इस अवसर पर नाबार्ड के क्षेत्रीय मुख्य महा-प्रबंधक श्री एस.के. बंसल ने नाबार्ड की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। राज्यपाल ने महिला स्व-सहायता समूह द्वारा तैयार उत्पादों और सामग्री का अवलोकन भी किया। समारोह में कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीणा, भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक श्री पी.के. जेना, भारतीय स्टेट बैंक के उप-महाप्रबंधक श्री एस.के. शुक्ला तथा बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूह योजना के लाभार्थी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
प्रदेश के किसानों का सोयाबीन चीन को निर्यात किया जाये
12 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात कर चीन और अमेरिका के बीच व्यापार संबंधों में तनाव आने के कारण अमेरिका से आयातित सोयाबीन पर चीन द्वारा आयात शुल्क 25 प्रतिशत किये जाने के हवाले से कहा कि इसके कारण चीन में सोयाबीन की माँग की पूर्ति नहीं हो पा रही है। इस स्थिति का फायदा भारत ले सकता है। ऐसी स्थिति में भारत का सोयाबीन उत्पादन चीन में आयात किये जाने की संभावनाएँ बढ़ जाती हैं। श्री चौहान ने प्रधानमंत्री को बताया कि चीन में सोयाबीन की मांग 11 करोड़ 50 लाख मी. टन है जबकि चीन में सोयाबीन का उत्पादन केवल एक करोड़ 50 लाख मी. टन है। इस स्थिति को देखते हुए लगभग 10 करोड़ मी. टन चीन सोयाबीन आयात कर रहा है। इसमें से पचास प्रतिशत से अधिक सोयाबीन उत्तरी अमेरिका से आयात होता है। श्री चौहान ने प्रधानमंत्री से कहा कि मध्यप्रदेश सोयाबीन प्रदेश होने के नाते चीन को सोयाबीन निर्यात करने की स्थिति में है। इससे प्रदेश के किसानों को सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य से भी अधिक भाव मिलेंगे और उनको अधिक मुनाफा होगा। उन्होंने बताया कि पहले चीन द्वारा सोया मील (डीओसी) पर पाँच प्रतिशत आयात शुल्क लगाया गया था जो वर्तमान में शून्य प्रतिशत है। श्री चौहान ने आगे बताया कि भारत से निर्यात होने वाले सोयाबीन डी ओ सी में 46 प्रतिशत प्रोटीन है जो अन्य देशों के सोयाबीन डी ओ सी में 41-42 प्रतिशत प्रोटीन से तुलनात्मक रूप से अधिक है। श्री चौहान ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वे इस संबंध में शीघ्र निर्णय लेकर प्रदेश ही नहीं वरन पूरे देश के सोयाबीन उत्पादक किसानों को सोयाबीन का उचित मूल्य दिलाने में सहायक बने। श्री चौहान ने सोयाबीन निर्यात के संबंध में वाणिज्य मंत्री श्री सुरेश प्रभु, वित्त मंत्री श्री पीयूष गोयल, विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज से भी मुलाकात कर उन्हें स्थिति से अवगत कराया। श्री चौहान ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को बताया कि आगामी 14 जुलाई से प्रदेश में जन आशीर्वाद यात्रा शुरू की जायेगी जिसमें मुख्यमंत्री सप्ताह में चार दिन यात्रा में शामिल होंगे। यह यात्रा 25 सितम्बर 2018 को पं. दीनदयाल उपाध्याय के जन्म-दिवस पर समाप्त होगी। श्री चौहान ने प्रधानमंत्री श्री मोदी से यात्रा के समापन में शामिल होने का आग्रह किया। यात्रा का शुभारम्भ पार्टी अध्यक्ष श्री अमित शाह 14 जुलाई को उज्जैन से करेंगे। केन्द्रीय वित्त मंत्री श्री पीयूष गोयल से मुलाकात मुख्यमंत्री श्री चौहान ने केन्द्रीय वित्त मंत्री श्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर बताया कि प्रदेश में चना, मूंग और सरसों का बम्पर उत्पादन होने के कारण राज्य सरकार ने इसको किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद लिया है। राज्य सरकार ने इस पर होने वाले खर्चे का भुगतान अपने स्वयं के संसाधनों से किया है। राज्य सरकार को नाफेड ने अभी तक इसका भुगतान नहीं किया है। श्री चौहान ने नाफेड से शीघ्र भुगतान करवाने का आग्रह किया। श्री चौहान ने जीएसटी पर राज्य की हिस्सेदारी भी समय पर राज्य को न मिलने की जानकारी देते हुए राज्यांश का शीघ्र भुगतान करने का अनुरोध किया। साथ ही सहकारिता क्षेत्र से साख सीमा बढ़ाये जाने की भी मांग की। केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा से मुलाकात मुख्यमंत्री श्री चौहान ने केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा से मुलाकात कर बताया कि रतलाम, विदिशा और खंडवा में मेडिकल कॉलेज तैयार हैं परन्तु मेडिकल काउंसिल की आपत्ति के कारण लोकार्पण नहीं हो पा रहा है। उन्होंने आग्रह किया कि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा लगायी गयी आपत्तियों का शीघ्र निराकरण कर कॉलेजों को शुरू किया जाय। इसके अलावा श्री चौहान ने बताया कि राज्य में 300 जागरूकता स्वास्थ्य केन्द्र अगस्त माह के अंत तक पूर्ण रूप से शुरू किये जायेंगे। केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग, नागर विमानन मंत्री श्री सुरेश प्रभु से मुलाकात मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग, नागर विमानन मंत्री श्री सुरेश प्रभु से मुलाकात कर सोयाबीन के अलावा बासमती चावल, प्रदेश में लॉजिस्टिक हब खोलना, भोपाल से दिल्ली की एअर कनेक्टिविटी में सुधार और इंदौर में कस्टम क्लियरेंस सेंटर खोलने पर चर्चा की। एम्स में भर्ती सागर की बिटिया के स्वास्थ्य की जानकारी डॉक्टरों से ली मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सागर से इलाज के लिये लायी गयी प्रदेश की बेटी के स्वास्थ्य के बारे में एम्स जाकर डॉक्टरों से जानकारी ली। श्री चौहान ने बेटी के परिवार जनों से भी मुलाकात की। डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है। वह शीघ्र ही पूर्ण रूप से स्वस्थ हो जायेगी। श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य की ही नहीं उसकी पढ़ाई-लिखाई और आगे की भी पूरी जिम्मेदारी निभायेगी।
किसानों की आय दोगुनी करने में मनरेगा की महत्वपूर्ण भूमिका-मुख्यमंत्री श्री चौहान
12 July 2018
नीति आयोग की राष्ट्रीय कृषि एवं मनरेगा समिति के अध्यक्ष तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज नई दिल्ली में समिति की पहली बैठक आयोजित की गई। बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री आदित्यनाथ योगी सहित नीति आयोग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमिताभ कांत और नीति आयोग तथा राज्यों के अधिकारी मौजूद थे। समिति के अध्यक्ष श्री चौहान ने बिहार और गुजरात राज्य के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से विभिन्न विषयों पर चर्चा की। पश्चिम बंगाल और आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने समिति को पत्र के माध्यम से सुझाव प्रेषित किये। श्री चौहान ने बैठक में कहा कि किसानों की आय को दोगुना करने में मनरेगा की महत्वपूर्ण भूमिका है। कृषि में लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने तथा अपरिहार्य परिस्थिति में फसलों के नुकसान की भरपाई जैसे संवेदनशील मुद्दों पर विचार किया जाना आवश्यकहै। उन्होंने बताया कि कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने तथा किसानों की आय को दोगुना करने में मनरेगा की भूमिका पर विस्तार से विचार-विमर्श के लिये विभिन्न राज्यों में कार्यशालाएँ आयोजित की जायेंगी। कार्यशालाओं में किसान संगठनों और आम जनता से भी राय ली जायेगी। आयोग की पहली कार्यशाला आगामी 6 अगस्त को भोपाल में होगी। श्री चौहान ने कहा कि लखनऊ, पटना, गुवाहाटी और हैदराबाद में भी कार्यशालाएँ आयोजित की जायेंगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि समिति की 31 अगस्त को दिल्ली में बैठक होगी, जिसमें समिति के निर्णयों का प्रारूप तैयार किया जायेगा। श्री चौहान ने बताया कि प्रारूप के आधार पर ही समिति नीति आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। ज्ञातव्य है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय स्तर पर कृषि में मनरेगा की भूमिका पर समन्वित नीतिगत दृष्टिकोण और अनुशंसाएँ प्राप्त करने के लिये इस समिति का गठन किया है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री चौहान को समिति का अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। समिति में सात अन्य प्रदेशों के मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग प्रमुख शामिल हैं।
तीन दिवसीय राज्य शॉटगन शूटिंग चैम्पियनशिप का शुभारंभ आज
12 July 2018
मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी बिशनखेड़ी में आठवीं म.प्र राज्य शॉटगन शूटिंग चैम्पियनशिप का आयोजन किया जा रहा है। मध्यप्रदेश राज्य रायफल एसोसिएशन एवं खेल और युवा कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह चैम्पियनशिप 13 से 15 जुलाई, 2018 तक खेली जाएगी। चैम्पियनशिप में खिलाड़ी ट्रेप, डबल ट्रेप एवं स्कीट इवेन्ट में प्रतिभा का प्रदर्शन करेगें। अकादमी के 26 खिलाड़ी भी इस चैम्पियनशिप में भागीदारी करेंगे। म.प्र. राज्य शॉटगन शूटिंग चैम्पियनशिप में शामिल होने वाले खिलाड़ी प्री-नेशनल के लिए क्वॉलीफाय करेगें। वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के खिलाड़ियों ने जीते 5 पदक हैदराबाद स्थित हुसैन सागर में 9 से 11 जुलाई, 2018 तक खेली गई तेलंगाना स्टेट ओपन चैम्पियनशिप में मध्यप्रदेश वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण, तीन रजत और एक कांस्य सहित पांच पदक अर्जित किए। चैम्पियनशिप की लैजर रेडियल ओपन स्पर्धा में अकादमी के सेलिंग खिलाड़ी सतीश यादव ने स्वर्ण पदक जीता। जबकि लैजर 4.7 स्पर्धा के बालक वर्ग में अकादमी के खिलाड़ी राम मिलन यादव ने रजत और सतीश यादव ने कांस्य पदक अर्जित किया। इसी इवेन्ट के बालिका वर्ग में अकादमी की खिलाड़ी रितिका दांगी ने रजत पदक प्राप्त किया। चैम्पियनशिप के आप्टीमिस्ट इवेन्ट में अकादमी की खिलाड़ी उमा चौहान ने रजत पदक जीता। तेलंगाना स्टेट ओपन चैम्पियनशिप में अकादमी के खिलाड़ियों द्वारा अर्जित इस उपलब्धि पर खेल और युवा कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने बधाई दी है। संचालक खेल और युवा कल्याण डॉ. एस.एल. थाउसेन ने भी चैम्पियनशिप में खिलाड़ियों द्वारा किए गए प्रदर्शन की सराहना की है। अकादमी के 17 खिलाड़ियों ने सूबेदार पी.मधु के साथ चैम्पियनशिप में भागीदारी की। उक्त खिलाड़ी वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के मुख्य प्रशिक्षक अर्जुन अवार्डी श्री जी.एल. यादव के मार्गदर्शन में प्रशिक्षणरत हैं।
पंचायत सचिवों की वेतन विसंगति का हुआ निराकरण
13 July 2018
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव द्वारा आज प्रदेश के 22 हजार पंचायत सचिवों की वेतन विसंगति का अंतिम निराकरण कर निर्धारित गणना पत्रक जारी किया गया। इस अवसर पर आयुक्त पंचायत श्री शमसुद्दीन भी उपस्थित थे। श्री रमेशचन्द्र शर्मा, राज्य कर्मचारी संघ द्वारा पंचायत सचिवों की वेतन निर्धारण में आ रही त्रुटियों के निराकरण के लिये लगातार अनुरोध किया जा रहा था। गणना पत्रक के आधार पर ही ग्राम पंचायत सचिवों को वेतनमान 5200-20200, ग्रेड पे 1900 तथा 10 वर्ष की निरंतर सेवा पूर्ण होने पर ग्रेड पे 2400 में वेतन निर्धारण के लिये सेवा अवधि की गणना दिनांक एक अप्रैल, 2008 से अथवा नियुक्ति दिनांक से, जो भी बाद में हो की जावेगी। राज्य शासन द्वारा स्वीकृत महंगाई भत्ता तथा स्थाई यात्रा भत्ता 250 रू. प्रतिमाह देय होगा। पंचायत सचिव महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री बालमुकुंद पाटीदार, उपाध्यक्ष श्री राधेश्याम सिसोदिया तथा प्रदेश के समस्त जिलों से उपस्थित महासंघ के पदाधिकारियों द्वारा मंत्री का अभिनंदन किया गया।
20 जुलाई को 44,757 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मिलेगी लैपटॉप राशि
11 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा विगत 11 जून को की गई घोषणा के अनुसार प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना में मध्यप्रदेश बोर्ड की 12वीं परीक्षा पहली बार में 75 प्रतिशत अथवा उससे अधिक अंक के साथ उत्तीर्ण करने वाले शेष 44 हजार 757 विद्यार्थियों को 20 जुलाई को लैपटॉप राशि का वितरण किया जायेगा। मुख्यमंत्री स्वयं जबलपुर संभागीय मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में जबलपुर संभाग के पात्र विद्यार्थियों को प्रशस्ति-पत्र के साथ लैपटॉप खरीदने की राशि का वितरण करेंगे। मुख्यमंत्री के जबलपुर के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दूरदर्शन द्वारा दोपहर एक बजे सभी जिलों में किया जायेगा। जिला-स्तरीय लैपटॉप राशि वितरण कार्यक्रम संभागीय मुख्यालय में आयोजित किये जायेंगे। इन कार्यक्रमों में प्रभारी मंत्री, स्थानीय सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, महापौर, अन्य निर्वाचित जन-प्रतिनिधि तथा गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी में पात्र विद्यार्थियों को लैपटॉप राशि और प्रशस्ति-पत्र का वितरण किया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पूर्व में 28 मई को भोपाल में आयोजित राज्य-स्तरीय कार्यक्रम में 85 प्रतिशत अथवा उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों तथा अनुसूचित-जाति, जनजाति, विमुक्त तथा घुमक्कड़ एवं अर्द्ध-घुमक्कड़ जाति के 75 प्रतिशत अथवा उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले 22 हजार 34 विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिये 25 हजार रुपये के मान से राशि और प्रशस्ति-पत्र प्रदान किये थे।
जैव-विविधता की रणनीति में लोगों की सहभागिता बढ़ाना आवश्यक
11 July 2018
मध्यप्रदेश जैव-विविधता रणनीति एवं कार्य-योजना का पुनरीक्षण के लिये आरंभ कार्यशाला का आयोजन आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में किया गया। इस मौक पर अपर मुख्य सचिव श्री के.के. सिंह ने कहा कि पृथ्वी पर जनसंख्या का दबाव बढ़ा है। लोगों के रहन-सहन के तरीके में भी बदलाव आया है। ऐसे में जैव-विविधता के लिये रणनीति और कार्य-योजना का पुनरीक्षण करना जरूरी है। इस अच्छे काम के लिये हर तरह से सहयोग दिया जायेगा। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री जव्वाद हसन ने कहा कि जैव विविधता की कार्य-योजना में जैव उत्पादों को प्राथमिकता और लोगों की सहभागिता को बढ़ाना आवश्यक है। जैव-विविधता जीवन शैली से जुड़ा विषय है, इसलिये लोगों को उसके फायदे के बारे में अवगत करवाना बेहद जरूरी है। यू.एन.डी.पी. इंडिया की प्रोग्राम ऐनलिस्ट डॉ. रूचि पंत ने कहा कि जैव-विविधता का एक्शन प्लान बनाने में सभी विभागों की भागीदारी जरूरी है। यह न केवल पर्सनल बल्कि प्रोफेशनल लाइफ से जुड़ा विषय है। इसकी ओर सभी को ध्यान देना होगा। इसके लिये प्लानिंग ही नहीं, इम्प्लीमेंट में भी सभी के सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में स्मार्ट इंडीकेटर का उपयोग होना चाहिए। डेटा और उपलब्धि का भी समावेश होना चाहिए। प्लान को संधारणीय विकास लक्ष्य (एस.डी.जी.) के साथ जोड़ा जाना चाहिए। प्लान का ड्यूरेशन 2018-28 से बढ़ा कर 2030 तक किया जाना चाहिए। उन्होंने शासन की योजनाओं को प्लान से एलाइन करने की जरूरत भी बताई। पर्यावरणविद् एवं दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. सी.आर. बाबू ने कहा कि स्थानीय मापदण्डों को ध्यान में रखकर नया प्लान तैयार करना होगा। समुदायों की भागीदारी भी सुनिश्चित करनी होगी और तैयार रिपोर्ट को धरातल पर लाना होगा। म.प्र. राज्य जैव-विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव श्री आर.श्रीनिवास मूर्ति ने स्वागतभाषण में बताया कि क्लाइमेट चेंज का देश में सबसे ज्यादा असर सेंटर इंडिया में होगा। अगले 30 से 50 साल में हरियाली लाना है, तो उसकी कार्य-योजना तैयार कर अभी से काम करना होगा, तबवह बच्चों के भविष्य में काम आयेगा।
जैविक खेती और वर्मी कम्पोस्ट यूनिट से सालाना मुनाफा हुआ 5 लाख
11 July 2018
अड़तालीस वर्षीय प्रगतिशील कृषक घनश्याम कुशवाह जैविक खाद एवं जैविक उत्पाद विक्रय के लिये शिवपुरी जिले में ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों में भी पहचाने जाते हैं। घनश्याम ताजी जैविक सब्जियों को शिवपुरी, डबरा एवं टेकनपुर में स्वयं एवं अन्य सहयोगी विक्रेताओं के माध्यम से बेचते हैं। ग्राहक इनकी सब्जियाँ ज्यादा मूल्य में भी हाथों-हाथ खरीद लेते हैं। कृषक घनश्याम की सफलता से प्रमाणित है कि रासायनिक उर्वरकों की अपेक्षा जैविक खाद के कृषि उत्पादों के प्रति लोगों का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। इन उत्पादों का शरीर पर दुष्प्रभाव नहीं होता और दाम भी दोगुना मिले हैं। प्रगतिशील किसान घनश्याम के पास मात्र तीन हेक्टेयर कृषि भूमि और 14 गाय हैं। जैविक खेती अपनाकर यह कृषक खरीफ में धान, मूंगफली, अरहर तथा रबी में गेहूँ, सरसों, चना के साथ-साथ टमाटर, मूली, पालक, पत्तागोभी, सेम, ककड़ी, खीरा, तोरई, बैंगन तथा भिण्डी आदि और गर्मी की मूंग का अच्छा उत्पादन ले रहा है। कृषक घनश्याम ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना से 50 प्रतिशत अनुदान लेकर 1200 वर्गफुट में वर्मी कम्पोस्ट इकाई बनाई है। इसके लिये विधिवत रूप से कृषि विज्ञान केन्द्र, शिवपुरी के माध्यम से कौशल विकास योजना के अंतर्गत केंचुआ-पालन एवं केंचुआ खाद बनाने का 90 घंटे का प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है। जैविक खेती से प्रति वर्ष तीन लाख रुपये शुद्ध मुनाफा कमा रहे हैं। इसके साथ ही, वर्मी कम्पोस्ट यूनिट में 50 हजार रुपये की लागत लगाकर दो से ढाई लाख रुपये शुद्ध मुनाफा कमाते हैं। घनश्याम फसल एवं सब्जियों के उत्पादन में वर्मी कम्पोस्ट, वर्मीवास तथा पौध-संरक्षण के लिये नीम का तेल एवं अन्य जैविक सामग्री जैसे वेस्ट डीकम्पोजर आदि का उपयोग करते हैं। इनसे कोई भी व्यक्ति इनके मोबाइल नम्बर 9752370436 पर सम्पर्क कर इनकी सफलता का राज जान सकता है।
पर्यावरण बचाने के लिये सोलर एनर्जी है प्रभावी विकल्प - मुख्यमंत्री श्री चौहान
10 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सौर ऊर्जा भविष्य की नहीं, अब वर्तमान की ऊर्जा बन गई है। मध्यप्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन में पूरे देश में पहचान बनाई है। श्री चौहान आज यहां मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल के भवन पर स्थापित प्रदेश के पहले 200 किलोवाट क्षमता के शासकीय रूफटॉप सोलर ऊर्जा संयत्र का शुभारंभ कर रहे थे। एक करोड़ बीस लाख रुपये लागत से स्थापित इस संयंत्र में बिजली बनना शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पर्यावरण बचाने के लिये सोलर एनर्जी एकमात्र प्रभावी विकल्प है। शासकीय भवनों में सोलर पैनल से सौर ऊर्जा उत्पादन करने का काम शुरु हो गया है। सोलर ऊर्जा संयत्र की लागत तीन चार साल में ही वसूल हो जाती है। उन्होंने कहा कि रीवा में दुनिया का पहला ऐसा सोलर एनर्जी प्लांट लगाया गया है, जिसमें ऊर्जा उत्पादन की लागत दो रूपये 97 पैसे प्रति यूनिट है। श्री चौहान ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिये हर नागरिक एक पौधा जरूर लगाये और उसकी रक्षा करे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण बचाने और जीवन बचाने की यह शुरूआत है। प्रदेश में 15 जुलाई से पौधा रोपण अभियान शुरु हो रहा है। उन्होंने स्कूलों में फर्नीचर देने और अधोसंरचना बढ़ाने के काम करने के लिये माध्यमिक शिक्षा मंडल की सराहना की। उन्होने बताया कि माध्यमिक शिक्षा मंडल तीन स्कूल और संचालित करेगा। उन्होंने पांच सर्वश्रेष्ठ परिणाम देने वाले स्कूलों को पुरस्कृत करने की पहल करने के लिये मंडल की प्रशंसा की। श्री चौहान ने इस अवसर पर माध्यममिक शिक्षा मंडल के उत्कृष्ट काम करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया। माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष श्री आर.एस. मोहंती ने बताया कि मुख्यमंत्री के प्रयासों से आज मध्यप्रदेश सोलर ऊर्जा और नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन में देश में पहले स्थान पर आ गया है। उन्होने कहा कि माध्यमिक शिक्षा मंडल ने बच्चों को विभिन्न ऑनलाइन सुविधाएं उपलबध करवाई हैं और अब शासन की नीति का लाभ उठाते हुए सौर ऊर्जा उत्पादन में भी पहल की है । इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री कुंवर विजय शाह, नवकरणीय ऊर्जा राज्यमंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, तकनीकी शिक्षा राज्यमंत्री श्री दीपक जोशी, माध्यमिक शिक्षा मंडल के उपाध्यक्ष श्री भागीरथ कुमरावत, सदस्य श्री भावसार, ऊर्जा विकास निगम के अध्यक्ष श्री विजेन्द्र सिंह सिसोदिया, प्रमुख सचिव नवकरणीय ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती दीप्ति गौड मुखर्जी और आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती जयश्री कियावत उपस्थित थे।
मासूम बालिकाओं से दुराचार के मामलों में फांसी की सजा सुनिश्चित करवाई जाये
10 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिये हैं कि मासूम बालिकाओं से दुराचार के मामलों में दुराचारियों को फांसी की सजा सुनिश्चित करवाई जाये। इसके लिये प्रकरणों की लगातार मॉनिटरिंग की जाये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज यहां मंत्रालय में हुई कानून-व्यवस्था संबंधी उच्च-स्तरीय बैठक में यह निर्देश दिये। बैठक में मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह और पुलिस महानिदेशक श्री आर.के. शुक्ला भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि दुराचार के दुर्भाग्यपूर्ण मामलों में पुलिस ने अपराधियों के विरुद्ध तेजी से कार्रवाई की है। सागर के प्रकरण में 42 दिन में निचली अदालत से फांसी की सजा दिलवायी गई। इस तरह के प्रकरणों को हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक लगातार फालोअप कर सजा सुनिश्चित करवायी जाये। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के प्रकरणों के संबंध में हर पन्द्रह दिन में वे स्वयं समीक्षा करेंगे। छोटे और साधारण अपराधों से जुड़े मामले वापस होंगे मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बैठक में निर्देश दिये कि प्रदेश में छोटे और साधारण अपराधों से जुड़े गरीब और कमजोर वर्गों के मामले वापस लेने के प्रक्रिया शुरु करें। इस संबंध में सभी कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिये जायें। उन्होंने कहा कि आगामी 31 जुलाई तक इस तरह के मामलों की सूची सभी जिलों में तैयार की जाये। शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिये कार्यक्रम 14 अगस्त को श्री चौहान ने कहा कि आगामी 14 अगस्त को प्रदेश में कर्तव्यों का निर्वहन करते हुये शहीद होने वाले सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों के शूरवीरों के परिवारों से मिलकर उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया जाये। कार्यक्रम आयोजित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाये। इससे शहीदों के प्रति समाज में सम्मान व्यक्त होगा और आमजनों में देश भक्ति का भाव पैदा होगा। कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, सांसद और वरिष्ठ अधिकारी जायेंगे। इस कार्यक्रम का समन्वय गृह विभाग और सैनिक कल्याण विभाग मिलकर करेंगे। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में दुराचार के 9 प्रकरणों में निचली अदालत द्वारा फांसी की सजा सुनायी गई है। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक वर्णवाल, प्रमुख सचिव गृह श्री मलय श्रीवास्तव, अपर पुलिस महानिदेशक श्री राजीव टंडन और श्री आदर्श कटियार सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
ग्लोबल स्किल पार्क में अगस्त से शुरू होगी ट्रेनिंग
10 July 2018
ग्लोबल स्किल पार्क में अगस्त माह से ट्रेनिंग शुरू होगी। स्किल पार्क में प्रवेश के लिये ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की शुरूआत मंगलवार को तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दीपक जोशी ने की। उन्होंने पार्क की वेबसाइट www.globalskillspark.org का लोकार्पण किया। श्री जोशी ने आईटीआई उत्तीर्ण विद्यार्थी कु. पूजा मेढ़े और श्री संदीप पवार को मौके पर ही ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद प्रवेश पर्ची प्रदान की। स्किल पार्क में प्रवेश के लिये ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 31 जुलाई तक होगा। पहली मेरिट लिस्ट 2 अगस्त को जारी होगी। रजिस्ट्रेशन की फीस 30 रुपये होगी। कक्षाएँ ग्लोबल स्किल्स पार्क सिटी केम्पस, गोविंदपुरा में लगेंगी। कोर्स ए-एडवांस सर्टिफिकेट, कोर्स इन प्रेसिसन इंजीनियरिंग-चयन आईटीआई (एनसीवीटी) अथवा डिप्लोमा में प्राप्त अंकों के आधार पर होगा। फीस 75 हजार रुपये प्रतिवर्ष। कोर्स बी-स्पेसिलाइजेशन सर्टिफिकेट कोर्स-बी.टेक./बी.ई. इन मेकेनिकल इण्डस्ट्रियल अथवा प्रोडक्शन इंजीनियरिंग। इण्डस्ट्री इम्पलाईस (एनसीवीटी सर्टिफाइड टर्नर/मेकेनिस्ट/फिटर/ग्राइंडर/मेकेनिकल मशीन टूल मेंटीनेंस)। फीस प्रति स्पेसिलाइजेशन 15 हजार रुपये लगेगी। शासन के निर्देशानुसार फीस में छूट मिलेगी। श्री जोशी ने कहा कि ग्लोबल स्किल पार्क में विश्व-स्तरीय ट्रेनिंग दी जायेगी। उन्होंने बताया कि सिंगापुर के सहयोग से पार्क का विकास किया जा रहा है। उनकी टीम यहाँ के ट्रेनर्स को ट्रेनिंग देगी। श्री जोशी ने नेशनल स्किल काम्पटीशन की विजेता बालाघाट आईटीआई की छात्रा कु. आरती बारेकर को सम्मानित किया। इस मौके पर ग्लोबल स्किल पार्क की एक्टिविटीज का पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन भी किया गया। इस मौके पर सचिव तकनीकी शिक्षा श्री सुखवीर सिंह, आई.आई.टी.एस. सिंगापुर के डॉ. लिम सी यू और विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री शाह ने नवीन स्कूल का किया निरीक्षण
10 July 2018
स्कूल शिक्षा मंत्री कुंवर विजय शाह ने मंगलवार को शासकीय नवीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अरेरा कॉलोनी (ओल्ड कैम्पियन) का निरीक्षण किया। श्री शाह ने विद्यालय की आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की तथा व्यवस्थाओं को सराहा। इस दौरान लोक शिक्षण संचालनालय के सहायक संचालक श्री पी.के. सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी श्री धर्मेन्द्र शर्मा तथा विद्यालय की प्रचार्य श्रीमती हेमलता मौजूद थी।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी, कृषक उद्यमी तथा स्वरोजगार योजना से लाभान्वित होंगे महिला स्व-सहायता समूह
10 July 2018
राज्य शासन ने महिला स्व-सहायता समूहों/ फेडरेशन को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना तथा मुख्यमत्री स्वरोजगार योजना से लाभान्वित करने का निर्णय लिया है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के प्रमुख सचिव श्री व्ही. एल. कान्ता राव ने यह जानकारी देते हुए बताया कि हाल ही में इस बाबत् विस्तृत आदेश जारी कर दिये गये हैं। अब प्रदेश के महिला स्व-सहायता समूह/ समूह फेडरेशन के सदस्यों को स्व-रोजगार इकाई और अन्य नवीन उद्यम स्थापित करने के लिये इन योजनाओं के अन्तर्गत लाभान्वित किया जायेगा। मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना का लाभ लेने के लिये समूह/ फेडरेशन में कम से कम दो महिला सदस्यों का न्यूनतम पाँचवी कक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक होगा। शेष सदस्यों को न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता में छूट दी जायेगी। योजनाओं से लाभ प्राप्त करने के लिये जरूरी होगा कि महिला स्व-सहायता समूह / फेडरेशन सक्रिय/ क्रियाशील हों। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार समूहों को इन योजनाओं का लाभ पात्रतानुसार पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा दिलवाया जायेगा। सभी प्रकरणों के प्रयोजन, प्रोत्साहन प्रबंधन और अनुश्रवण आदि की कार्यवाही भी इन्हीं विभागों द्वारा की जायेगी।
बकाया बिजली बिल माफी से गरीबों के घर फिर हुए रौशन
10 July 2018
विदिशा जिले की शमशाबाद तहसील के शरीफ और रीवा जिले के लोहदवार निवासी संतोष सिंह के अंधेरे घरों में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा बिल माफी योजना लागू करने से रौशनी वापस आ गई है। इनका कहना है कि बिजली बिल माफी योजना से हमारे अंधेरे घर फिर से रौशन हो गये हैं, परिवार वाले खुश हैं, बच्चे मन लगाकर पढ़ने लगे हैं। बकाया बिल के चलते घरों के बिजली कनेक्शन कट जाने से हम अँधेरे में रहने को मजबूर थे। योजना से लाभांवित इन लोगों ने अगले महीने से मिलने वाला 200 रूपये तक का बिजली बिल समय पर भरने का संकल्प लिया है। विदिशा जिले के शरीफ का 17 हजार 559, रीवा जिले के लोहदवार निवासी संतोष सिंह का 40 हजार 834, रघुनाथ प्रसाद सेन का 24 हजार और राम स्वयंवर कोल का 36 हजार 600 रूपये का बकाया बिजली बिल माफ हुआ है। संतोष सिंह ने बताया कि उनके घर में अँधेरा और पड़ोसी के घर में उजाला रहने पर बच्चे उदास हो जाते थे। बिल ज्यादा और आमदनी कम होने से बिल जमा नहीं कर पा रहे थे। धीरे-धीरे बकाया बिल बढ़ता गया। संतोष सिंह ने संकल्प लिया है कि अब 200 रूपये महीना बिल की सुविधा मिल गई है, हर महीना नियमित बिजली बिल जमा करेंगे।
मासूम नमन को मुख्यमंत्री बाल हदय उपचार योजना से मिला नया जीवन
10 July 2018
होशंगाबाद जिले के सेमरीहरचंद निवासी विनोद साहू के 2 वर्षीय मासूम बेटे नमन को मुख्यमंत्री बाल हदय उपचार योजना से नया जीवन मिला है। बच्चे के इलाज के लिये एक लाख रूपये खर्च कर पाना, मामूली परचूनी की दुकान चलाने वाले पिता के बस की बात नहीं थी। नमन अपने परिवार में 4 बहनों के बीच अकेला भाई है। जन्म के समय से काफी कमजोर था। ह्रदय रोग की परेशानी के कारण खेलकूद भी नहीं पाता था। विनोद साहू के पास बेटे नमन के ऑपरेशन के लिए पर्याप्त पैसा नहीं था। ऐसे में विनोद ने जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों से नमन का उपचार करवाने की ठानी। चिकित्सकों ने भी भरपूर मदद की। मुख्यमंत्री बाल हदय उपचार योजना में नमन के हदय के ऑपरेशन के लिए 90 हजार रूपये की राशि स्वीकृत करवाई गई। स्वीकृत राशि से नमन के हदय का होशंगाबाद के प्लेटीनियम अस्पताल में सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया। आज नमन बिल्कुल स्वस्थ है। खेलने लगा है, पूरे घर में उसकी आवाज भी सुनाई देती है।
11 जुलाई को सभी जिलों में होंगे बिजली बिल माफी योजना के कार्यक्रम
9 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि संबल योजना प्रदेश में गरीबों का संबल बन गयी है। यह जन-आंदोलन का रूप ले चुकी है। इस योजना के अंतर्गत गरीबों के लिये मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी योजना और सरल बिजली बिल योजना वरदान सिद्ध हो रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 11 जुलाई को सभी जिलों में बिजली बिल माफी प्रमाण पत्र देने और नये हितग्राहियों का पंजीयन कराने के लिये जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। मुख्य कार्यक्रम रतलाम जिले के जावरा में आयोजित होगा। श्री चौहान ने कहा कि वे स्वयं जावरा से पूरे प्रदेश के हितग्राहियों को संबोधित करेंगे। उनका संबोधन दोपहर तीन बजे से सभी जिलों में सुना जा सकेगा। श्री चौहान आज अपने निवास से सभी संभागायुक्तों और जिला कलेक्टरों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 11 जुलाई के बाद बिजली बिल माफी और पंजीयन की प्रक्रिया लगातार चलती रहेगी। उन्होंने कहा कि इसके बाद जहाँ-जहाँ ट्रांसफार्मर कटे हैं, वे सब एक साथ जोड़ दिये जायेंगे और एक दिन प्रकाश पर्व मनाया जायेगा। श्री चौहान ने जिला कलेक्टरों और जन-प्रतिनिधियों से कहा कि 11 जुलाई को जिलों में कार्यक्रमों का आयोजन करें और बिजली बिल माफ करने तथा पंजीयन कराने के संबंध में जो भी कठिनाईयां आती हैं, उनका तत्काल समाधान भी करें। श्री चौहान ने कहा कि 11 जुलाई को जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित करने के बाद स्थानीय जन-प्रतिनिधि सुविधानुसार विधानसभावार भी बिजली बिल माफी के कार्यक्रम आयोजित कर सकते हैं। विद्युत सब स्टेशनों पर भी विद्युत अधोसंरचना और निर्माण से संबंधित कामों का लोकार्पण किया जायेगा। उन्होंने कलेक्टरों से कहा कि इस योजना को अपने-अपने जिलों में नेतृत्व प्रदान करें और प्रभावी तरीके से इसका क्रियान्वयन सुनिश्चित करें ताकि गरीबों को योजना का ज्यादा से ज्यादा फायदा मिल सके। स्थानीय कार्यक्रमों में सांसद, जन-प्रतिनिधि, नगरीय पंचायत के प्रतिनिधि शामिल हों और गरीब हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलवायें।इस कार्य में जिला प्रशासन के साथ जन-प्रतिनिधियों का समन्वय आवश्यक है। इसके लिये पहले से प्लानिंग कर लें। बरसात को देखते हुए पर्याप्त इंतजाम रखें। श्री चौहान ने कहा कि संबल योजना, बकाया बिजली बिल माफी योजना और सरल बिजली बिल योजना गरीबों के सिर से अनावश्यक आर्थिक बोझ उतारने वाली योजनायें हैं। ये गरीबी से लड़ने का सहारा देने वाली योजनाएं हैं। कोई भी पात्र गरीब परिवार इस योजना का लाभ लेने से वंचित नहीं रहना चाहिये। श्री चौहान ने कहा कि वे संबल योजना और बकाया बिजली बिल माफी योजना की निरंतर समीक्षा करेंगे और हर दिन कम से कम चार जिला कलेक्टरों से बात करेंगे। श्री चौहान ने बताया कि भवन संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीबद्ध श्रमिकों का भी स्वाभाविक रूप से संबल योजना में पंजीयन मान्य किया जायेगा। उन्होंने विद्युत वितरण कम्पनियों के फील्ड अमले की सराहना करते हुये कहा कि मैदानी अधिकारी पूरी मेहनत से काम कर रहे हैं। इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता, लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह, स्थानीय जन-प्रतिनिधि प्रमुख सचिव ऊर्जा श्री आई.सी.पी. केशरी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री अशोक वर्णवाल, श्री विवेक अग्रवाल एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
अब ऑनलाइन उपलब्ध होगा रोजगार निर्माण
9 July 2018
रोजगार और निर्माण अब ऑनलाइन भी उपलब्ध होगा। जनसम्पर्क विभाग (माध्यम) द्वारा प्रकाशित रोजगार निर्माण अब ई-पेपर के रूप में भी निकाला जा रहा है। इसे जनसम्पर्क विभाग की वेबसाइट mpinfo.org पर देखा जा सकेगा। नौ जुलाई से 15 जुलाई के रोजगार और निर्माण का अंक ऑनलाइन उपलब्ध है। गाँव हो या शहर, रोजगार और निर्माण अब एक साथ ऑनलाइन उपलब्ध होगा। युवा अब घर बैठे रोजगार संबंधी जानकारी, प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित विशेष लेख, सफल प्रतियोगियों के इंटरव्यू, मॉडल टेस्ट पेपर्स और सम-सामयिक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
रंजीत की शहादत युगों तक याद रखी जाएगी : मंत्री डॉ. मिश्र
9 July 2018
जनसम्‍पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र तीन दिन पूर्व कश्मीर में शहीद हुए दतिया जिले के ग्राम रेव निवासी जवान श्री रंजीत सिंह तोमर की आज हुई अंत्येष्टि में शामिल हुए। दतिया जिले के शहीद के पैतृक ग्राम रेव रायपुर साहनी में उनका राजकीय सम्मान के साथ आज सुबह अंतिम संस्कार हुआ, जिसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। मंत्री डॉ. मिश्र ने शहीद जवान रंजीत के निवास पर पहुंच कर उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प-चक्र अर्पित किया और अंतिम बिदाई में कांधा दिया। डॉ. मिश्र ने कहा कि दतिया के शहीद रंजीत सिंह की शहादत युगों-युगों तक याद रखी जाएगी। जनसम्पर्क मंत्री ने शहीद के परिवारजनों से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया। सैन्य टुकड़ी ने शहीद को अंतिम सलामी दीं।
प्रदेश में 11 जुलाई को मनाया जाएगा विश्व जनसंख्या दिवस
9 July 2018
प्रदेश में 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जायेगा। इसी दिन से नागरिकों को सीमित परिवार के फायदे समझाने और परिवार नियोजन की सेवाएँ उपलब्ध करवाने के लिये प्रदेश में 24 जुलाई तक जागरूकता पखवाड़ा मनाया जायेगा। पखवाड़े के दौरान विभिन्न स्तरों पर परिवार नियोजन संबंधी सेवाएँ सुलभ करवाई जायेंगी। परिवार नियोजन के अस्थायी साधन परियोजना नियोजन के अस्थायी साधनों में अंतरा प्रोग्राम के तहत इंजेक्टेबल कांट्रासेप्टिव नया तरीका है, जिसे 3 माह में एक बार लगाया जाता है। छाया गोलियाँ प्रथम तीन माह में सप्ताह में दो बार एवं उसके बाद सप्ताह में एक बार खाना पड़ती है। आईयूसीडी 5 वर्ष और 10 वर्ष के लिये उपलब्ध है। इसी तरह ओरल पिल्स और निरोध का उपयोग भी किया जा सकता है। सभी साधन स्वास्थ्य केन्द्रों में नि:शुल्क उपलब्ध हैं। परिवार नियोजन के स्थायी साधनों में महिला और पुरुष नसबंदी दोनों साधन उपलब्ध है। महिला नसबंदी की तुलना में पुरुष नसबंदी ज्यादा आसान होती है। गर्भपात के बाद पोस्ट एबॉर्शन आईयूसीडी इनसर्शन एवं महिला नसबंदी की सेवाएँ भी उपलब्ध हैं। प्रसव के बाद छाया गोलियाँ शुरू की जा सकती हैं। छह सप्ताह बाद इंजेक्शन दिये जा सकते हैं। पीपीआईयूसीडी इनसर्शन किया जा सकता है। मिशन परिवार विकास कार्यक्रम भारत सरकार ने कुल प्रजनन दर 3 या 3 से अधिक वाले प्रदेश के 25 जिलों में मिशन परिवार विकास कार्यक्रम शुरू किया है। कार्यक्रम में गर्भ निरोधक साधनों की सेवाएँ अधिक से अधिक जनता तक पहुँचायी जा रही हैं। दम्पत्तियों को नयी पहल किट वितरित की जा रही है। सास-बहू सम्मेलन भी आयोजित करवाये जा रहे हैं। सभी स्वास्थ्य संस्थाओं पर कंडोम बॉक्स लगाये गये हैं।
कार्ड दिखाते ही मिलेगा संबल योजना का लाभ : राजस्व मंत्री श्री गुप्ता
9 July 2018
राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने वार्ड-46 स्थित अर्जुन नगर में मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना में असंगठित श्रमिकों को पंजीयन प्रमाण-पत्र वितरित किये। उन्होंने कहा कि योजना से संबंधित कार्ड दिखाने के बाद तुरंत योजना का लाभ मिलेगा। जैसे ही आप स्कूल में कार्ड दिखायेंगे, आपकी फीस माफ होगी और अस्पताल में कार्ड दिखायेंगे तो दवाइयाँ नि:शुल्क मिलेंगी। श्री गुप्ता ने कहा कि प्रदेश में 6 करोड़ लोगों को एक रुपये किलो की दर से गेहूँ और चावल दिया जा रहा है। लाड़ली लक्ष्मी योजना में 28 लाख से अधिक कन्याओं को लाभान्वित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कन्यादान एवं निकाह योजना में कन्याओं के खाते में 25 हजार रुपये जमा करवाये जाते हैं। सामूहिक विवाह सम्मेलन का खर्च भी सरकार उठाती है। श्री गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2022 तक सभी आवासहीनों को मकान देने का लक्ष्य है। उज्जवला योजना में पूरे देश में अभी तक 4 करोड़ परिवारों को नि:शुल्क घरेलू गैस कनेक्शन दिये जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि संबल योजना में पंजीकृत परिवार के बच्चों की पढ़ाई की पूरी फीस सरकार देगी। गर्भवती महिलाओं को 4000 रुपये और प्रसव के बाद 12 हजार रुपये दिये जायेंगे। श्रमिक की आकस्मिक मृत्यु पर 4 लाख रुपये दिये जायेंगे। इस मौके पर स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
निर्वाचन कार्य में अतिरिक्त सजगता और सतर्कता जरूरी
9 July 2018
भारत निर्वाचन आयोग के उप चुनाव आयुक्तद्वय सर्वश्री चंद्रभूषण कुमार एवं संदीप सक्सेना तथा संचालक आई.टी. वी.एन. शुक्ला ने आज यहाँ दो बैठकों में मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की। निर्वाचन सदन में आयोजित अधिकारियों की बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती सलीना सिंह और अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संदीप यादव भी उपस्थित थे। इसके पहले भोपाल संभागायुक्त कार्यालय में हुई बैठक में संभागायुक्त श्री कवीन्द्र कियावत और भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, राजगढ़ के कलेक्टर भी मौजूद थे। आयोग के अधिकारियों ने 51 जिलों में ईवीएम और वीवीपैट मशीन की प्रक्रिया की जानकारी मतदाताओं को देने के लिये ' मतदाता जागरूकता वैन'' को झण्डी दिखाकर रवाना भी किया। निर्वाचन कार्यालय में हुई बैठक में उप चुनाव आयुक्त श्री संदीप सक्सेना ने कहा कि निर्वाचन कार्य में अधिकारियों तथा उनकी टीम द्वारा अतिरिक्त सजगता और सतर्कता बेहद जरूरी है। चुनाव को बिना किसी व्यवधान के सम्पन्न करवाना चुनौतीपूर्ण तो है लेकिन मुश्किल कतई नहीं है। यदि आयोग के निर्देशों का अक्षरश: पालन करवाया जाये तो चुनाव करवाने में कोई कठिनाई नहीं होगी। बेहतर चुनाव चालन के लिये न सिर्फ अधिकारी, बल्कि उनकी टीम ट्रेनिंग का पूरा लाभ उठाये। उन्होंने कहा कि निर्वाचन कार्य में संलग्न 3 साल से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों का स्थानांतरण 15 जुलाई तक अनिवार्य रूप से कर लिया जाये। एआरओ और सीईओ कार्यालय के जिन पदों की पूर्ति नहीं हुई है, उन्हें भी शीघ्र किया जाये। श्री सक्सेना ने कहा कि मतदान-केन्द्रों का युक्ति-युक्तकरण इस माह के अंत तक हो जाना चाहिये। यह ध्यान रखा जाये कि मतदान-केन्द्र भूतल पर ही स्थित हो। पूरे राज्य के लिये स्वीप प्लान बनाया जायेगा। मतदाताओं को प्रेरित करने के लिये थीम, लोगो अथवा स्लोगन भी तैयार किये जायें। निर्वाचन से जुड़े विषयों के मास्टर-ट्रेनर का सहयोग लिया जाये। चुनाव के दौरान जितने निगरानी एवं जाँच दल बने, सभी के पास मोबाइल फोन हो। आयोग के संदेश सुगम, सुविधा और समाधान को ध्यान में रखकर कार्य किये जायें। इसके लिये प्रत्येक जिले में एक एआरओ को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाये। सभी जिले इसी माह अपने इलेक्शन मैनेजमेंट प्लान का प्रारूप तैयार करें। जिले में कंट्रोल-रूम, वल्नरेवल मेपिंग और वेब-कास्टिंग के संबंध में भी अभी से तैयारी की जाये। श्री चन्द्रभूषण कुमार ने बताया कि आयोग ने 200 बिन्दुओं को लेकर इलेक्शन रिस्क मैन्युअल बनाया है। इनमे से 27 से 30 ऐसे हैं, जिनको नजरअंदाज अथवा लापरवाही करने से दोबारा चुनाव की स्थिति निर्मित हो सकती है, इसलिये इसका बारीकी से अध्ययन और पालन किया जाये। उन्होंने बताया कि रिटर्निंग ऑफिसर और पीठासीन अधिकारी हैण्ड-बुक के लिये राज्यों से सुझाव माँगे गये हैं। सुझाव मिलने पर हैण्ड-बुक को अंतिम रूप दिया जायेगा। श्रीमती सलीना सिंह ने आश्वस्त किया कि निर्वाचन कार्य की महत्ता को देखते हुए उनकी पूरी टीम गंभीरता और ईमानदारी से कार्य करेगी। चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन समय-सीमा में हो, इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मतदाता-सूची के शुद्धिकरण में सभी जिलों ने सराहनीय कार्य किया है। मतदाताओं को ईवीएम और वीवीपैट की कार्य-प्रणाली की जानकारी देने के लिये सभी 51 जिलों में 10 जुलाई से 10 अगस्त तक मतदाता जागरूकता वैन चलाई जा रही हैं। जागरूकता वैन में ईवीएम एवं वीवीपैट से संबंधित फिल्म का प्रदर्शन तथा साहित्य वितरित होगा। मतदाता स्वयं वीवीपैट और ईवीएम का प्रयोग कर विधि जान सकेंगे। बैठक में अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संदीप यादव ने मतदान-केन्द्रों के युक्ति-युक्तकरण, ट्रेनिंग, ईवीएम और वीवीपैट तथा उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राकेश कुसरे ने स्वीप गतिविधियों की जानकारी प्रस्तुतिकरण द्वारा दी। इस अवसर पर निर्वाचन प्रक्रिया संबंधी लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। प्रारंभ में श्री संदीप यादव और संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री एस.एस. बंसल ने आयोग के अधिकारियों का स्वागत किया। बैठक में राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम की प्रबंध संचालक श्रीमती तन्वी सान्द्रियाल, सामान्य प्रशासन और राजस्व विभाग तथा सीईओ कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। कलेक्टरों की बैठक उप चुनाव आयुक्तद्वय ने भोपाल संभाग के जिला कलेक्टरों की बैठक में वोटर-लिस्ट के शुद्धिकरण के लिये चले द्वितीय विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम की जानकारी ली। श्री चन्द्रभूषण कुमार ने कलेक्टरों से कहा कि चुनाव के बेहतर संचालन के लिये अनुभव ही नहीं, बल्कि अध्ययन भी काम आयेगा। चुनाव प्रक्रिया में बदलाव के साथ-साथ आयोग द्वारा जारी निर्देशों की संख्या भी अधिक है, जिसके अध्ययन के लिये मात्र 4 माह ही शेष हैं। जितना अच्छा अध्ययन होगा, उतना ही सरल चुनाव होगा। सभी कलेक्टर और उनके अधीनस्थ अमले को आयोग की गाइड-लाइन से अपडेट रहना होगा। निर्वाचन कार्य में कोई गलती न हो, इसके लिये इलेक्शन प्लानर दिया गया है। सभी कलेक्टर और रिटर्निंग ऑफिसर को प्रतिदिन निर्वाचन कार्य की समीक्षा करना चाहिये। आयोग की वेबसाइट पर ईवीएम और वीवीपैट को लेकर जो लघु फिल्म है, उनका प्रसारण जिले में सुनिश्चित करवायें। जिला निर्वाचन टीम को सक्रिय करने और समन्वय के लिये सोशल मीडिया वाट्सएप पर समूह बनायें। श्री संदीप सक्सेना ने चुनाव की तैयारियों, विशेष रूप से वोटर-लिस्ट के शुद्धिकरण में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कलेक्टरों से कहा कि बीएलओ की रिपोर्ट के बाद वे सुनिश्चित कर लें कि एक-एक घर में मतदाता सर्वेक्षण/सत्यापन हुआ या नहीं। यह भी देखा जाये कि स्थानांतरित, अनुपस्थित, मृत एवं दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं के नाम हटाये गये या नहीं। वोटर आई.डी. में फोटो की क्वालिटी भी ठीक होना चाहिये। जिलों को दिये गये डाटा एन्ट्री ऑपरेटर का पूरा उपयोग हो। ईआरओ नेट के निर्देशों का पालन करवाया जाये। मतदान-केन्द्रों के भौतिक सत्यापन में उनकी स्थिति की जानकारी प्राप्त की जाये। वोटर-लिस्ट के संबंध में शिकायत आने पर पहले उसका सत्यापन और फिर शीघ्र निराकरण किया जाये। बैठक में कलेक्टरों ने अपने जिले की चुनाव तैयारियों और समरी रिवीजन का प्रस्तुतिकरण किया। प्रारंभ में संभागायुक्त श्री कवीन्द्र कियावत ने अधिकारियों का स्वागत किया। बैठक में अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संदीप यादव, उप निर्वाचन अधिकारी और ईआरओ भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने शहीद रंजीत सिंह को गाँव पहुँचकर दी श्रद्धांजलि
9 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज दतिया जिले के ग्राम रेवा पहुँचकर सेना के शहीद जवान रंजीत सिंह तोमर को श्रद्धा-सुमन अर्पित किये। मुख्यमंत्री ने शहीद जवान के परिजनों से भेंटकर उन्हें ढाँढस बँधाते हुए कहा कि रंजीत वास्तव में भारत माँ के सच्चे सपूत थे। उन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर देश को गौरवान्वित किया है। श्री चौहान ने कहा है कि वीर जवान रंजीत की शहादत को हमेशा याद किया जाता रहेगा। मध्यप्रदेश सरकार हर पल शहीद रंजीत के परिवार के साथ है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने घोषणा की कि शहीद जवान रंजीत सिंह के परिवार को एक करोड़ रूपये की सम्मान निधि और परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी दी जायेगी। साथ ही परिवार को दतिया शहर में एक आवासीय फ्लैट दिया जायेगा, शहीद की प्रतिमा स्थापित की जायेगी और शासकीय संस्थान का नामकरण शहीद रंजीत सिंह के नाम किया जायेगा। स्मरणीय है कि राज्य शासन द्वारा अभी तक पुलिस और सेना के 6 शहीद जवानों के परिवारों को एक-एक करोड़ रूपये की सम्मान निधि प्रदान की गई है। श्री चौहान ने शहीद जवान के पिता श्री प्रताप सिंह तोमर और माता श्रीमती द्रोपदी को ढाँढस बँधाते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार आपके साथ है, आपका परिवार हमारा परिवार है और अपने परिवार की देख-रेख करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है, जिसे हम निभाएंगे। इस मौके पर जनसम्पर्क, जल-संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र, सांसद श्री प्रभात झा, श्री राकेश सिंह और डॉ. भागीरथ प्रसाद, म.प्र. पाठ्य-पुस्तक निगम के उपाध्यक्ष श्री अवधेश नायक, विधायक श्री घनश्याम पिरोनिया, अन्य जन-प्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
किसानों को एक साल में दिये 35 हजार करोड़ : मुख्यमंत्री श्री चौहान
8 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में एक साल में किसानों के खातों में विभिन्न योजनाओं में लगभग 35 हजार करोड़ रूपये की सहायता पहुँचाई गई है। राज्य सरकार ने नर्मदा के पानी को क्षिप्रा नदी में डालने के असंभव कार्य को संभव कर दिखाया है। आज नर्मदा मैया की कृपा से देवास को पीने का पानी सहजता से उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि देवास, उज्जैन, शाजापुर और आगर जिलों में सिंचाई के लिए नर्मदा-कालीसिंध पार्ट-1 व पार्ट-2 तथा नर्मदा मालवा-गंभीर पार्ट-01 और पार्ट-02 तथा नर्मदा मालवा-क्षिप्रा पार्ट-2 लिंक परियोजनाओं से सिंचाई की योजना तैयार की गई है। इसमें विभिन्न चरणों में लगभग 14 लाख 20 हजार एकड़ में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि सिंचाई की व्यवस्था होने से अगले पांच साल में इन जिलों में फसलों का पूरा पैटर्न ही बदल जाएगा। मुख्यमंत्री रविवार को देवास में ‘‘किसान महासम्मेलन’’ को संबोधित कर रहे थे। किसानों के 30 हजार बेटा-बेटियों के लिये ऋण की व्यवस्था श्री चौहान ने कहा कि किसानों को फसलों को लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए फसलों के निर्यात के भी प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिये एक्सपोर्ट प्रमोशन बोर्ड बनाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में फुड प्रोसेसिंग इकाईयों की स्थापना को भी बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस साल किसानों के 30 हजार बेटा-बेटियों को इस योजना में ऋण दिलाने की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री चौहान ने असंगठित श्रमिकों और गरीबों के लिए लागू की गई मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना में मिलने वाले लाभों की जानकारी देते हुए कहा कि अगले चार साल में हर गरीब के पास अपना पक्का मकान होगा। गरीबों, श्रमिकों के बेटा-बेटियों की उच्च शिक्षा की फीस सरकार भरेगी। उन्होंने बताया कि बिजली बिल माफी योजना में सभी गरीबों और श्रमिकों के बिजली बिल माफ करने के लिए कैम्प लगाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मासूम बेटी के साथ अगर कोई दुराचार करेगा तो उसे फांसी की सजा देने का प्रावधान किया गया है। सागर में एक बच्ची के साथ हुई दुराचार की घटना में आरोपी को फांसी की सजा हो गई है। श्री चौहान ने महा-सम्मेलन में जनसैलाब से बेटी बचाने, बेटियों का मान-सम्मान करने, पानी बचाने, नया मध्यप्रदेश बनाने और खेती को लाभ का धंधा बनाने का आह्वान किया। महा-सम्मेलन में तकनीकी कौशल विकास (स्वतंत्र प्रभार) स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री श्री दीपक जोशी, सांसद श्री मनोहर ऊंटवाल तथा विधायक श्रीमती गायत्रीराजे पवार ने भी विचार रखे। प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में 34 करोड़ 81 लाख लागत की 3 सड़कों का भूमि-पूजन किया। देवास जिले के लगभग एक लाख 6 हजार किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में खरीफ-2017 के 552 करोड़ रुपए से अधिक की दावा राशि के भुगतान प्रमाण-पत्र वितरण कार्य की शुरूआत की। प्रतीक स्वरूप हितग्राहियों को बीमा दावा राशि के प्रमाण-पत्र भी वितरित किए। महा-सम्मेलन में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में 2105 हितग्राहियों को 25 करोड़ 26 लाख के स्वीकृति पत्रों का वितरण किया गया। इसके अलावा मुख्यमंत्री बिजली माफी योजना के पांच हितग्राहियों तथा प्रधानमंत्री उज्जवला योजना में दो महिलाओं को प्रतीक स्वरूप गैस कनेक्शन के प्रमाण-पत्र दिए गए। कार्यक्रम में संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री सुरेंद्र पटवा, विधायक श्री आशीष शर्मा, श्री राजेंद्र वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह राजपूत, महापौर श्री सुभाष शर्मा, म.प्र. पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री रायसिंह सेंधव, मप्र खादी ग्रामोद्योग बोर्ड अध्यक्ष श्री सुरेश आर्य सहित अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने किया 4.42 करोड़ के नहर उन्नयन कार्य का शिलान्यास
8 July 2018
जनसम्पर्क, जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र बसई बरधुआ मार्ग पर 4.42 करोड रुपए लागत की राजघाट नहर परियोजना बसई माईनर, लहर्रा माईनर तथा बसई माईनर के उन्नयन कार्य का शिलान्यास किया। योजना से शिवपुरी जिले के ग्रामों को मिलाकर कुल बीस ग्राम लाभान्वित होंगे। कुल 32.21 किलोमीटर लाइनें डाली जाएंगी। इससे 3908 हेक्टेयर क्षेत्र में बेहतर सिंचाई हो सकेगी। जनकल्याण समस्या एवं बिल माफी शिविर जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र दतिया जिले के बसई पहुंचकर मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना, जनसमस्या निवारण तथा बिजली माफी शिविर का शुभांरभ किया। शिविर में 8 हजार व्यक्तियों को मुख्यमंत्री जनकल्याण योजना के पंजीयन कार्ड वितरित किए गए। कुल 450 हितग्राहियों के बिजली बिल माफ किए गए। इसी तरह 100 कल्याणी महिलाओं को पेंशन स्वीकृत की गई। सतलोन के श्री कदम सिंह लोधी को उनकी बेटी की आकाशीय बिजली से हुई मृत्यु के उपरांत 4 लाख रुपए की सहायता राशि दी गई। शिविर में 25 हितग्राहियों को भू-अधिकार पट्टे प्रदान किए गए।
मध्यप्रदेश के गरीब श्रमिकों को सस्ती दर पर रोशनी का इंतजाम
8 July 2018
मध्यप्रदेश के लाखों श्रमिक और बीपीएल वर्ग की जिंदगी में छाया अंधेरा अब दूर होने जा रहा है। पहले सौभाग्य योजना फिर अब सरल बिजली बिल और मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम में उन्हें सस्ती दर पर बिजली मुहैया करवाने के साथ बकाया बिजली बिल से भी मुक्ति दिलाई जा रही है। सौभाग्य योजना से अब तक जहाँ 17 लाख से अधिक घरों को बिजली कनेक्शन दिये गये, वही एक जुलाई से लागू दोनों नई योजनाओं ने पंजीकृत श्रमिकों और बिजली बिल के बकायादार बीपीएल श्रेणी के गरीबों की जिंदगी को रोशन कर दिया है। सरल बिजली बिल स्कीम सरल बिजली बिल स्कीम में मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना-2018 में पंजीकृत श्रमिक उपभोक्ताओं को घरेलू कनेक्शन के लिए प्रति माह 200 रुपये अथवा पिछले 12 माह का औसत जो भी कम हो, का बिल ही भरना होगा। बिल की शेष राशि राज्य सरकार सब्सिडी के रूप में भरेगी। स्कीम का लाभ 88 लाख श्रमिक उपभोक्ताओं को मिलेगा। श्रमिकों के हक में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा उठाया गया यह सबसे बड़ा कदम है। स्कीम के लागू होने से अब श्रमिक की आय का एक बड़ा हिस्सा बिजली खर्च से बचेगा। बची हुई यह राशि उनके बच्चों की पढ़ाई-लिखाई आदि में खर्च हो सकेगी। स्कीम का स्वरूप न सिर्फ व्यापक है बल्कि श्रमिकों का व्यापक हित भी इससे जुड़ा हुआ है, जिसके दूरगामी परिणाम सुखद होंगें। यह प्रावधान रखा गया है कि पंजीकृत श्रमिकों के परिवार की समग्र आई.डी. में दिखाये गये सदस्यों में से कोई भी उपभोक्ता होने पर वह लाभ का पात्र होगा। अगर उपभोक्ता चाहे तो नि:शुल्क नामांतरण भी करवा सकता है। एक जुलाई से लागू इस स्कीम का बिल अगस्त में आयेगा। घर में बल्ब, पंखा एवं टी.वी चलाने के लिए प्रारंभिक रूप से बिलिंग खपत अधिकतम 100 यूनिट रखी जायेगी। स्कीम में लाभ के लिये मुख्यमंत्री संबल योजना में पंजीकृत श्रमिकों को आवेदन-पत्र विद्युत वितरण कंपनी के निकटतम कार्यालय/कैम्प में जमा करना होगा। स्व-घोषणा आवेदन-पत्र पर इस स्कीम का लाभ दिया जायेगा। लाभ श्रम विभाग में पंजीयन की वैधता जारी रहने तक उपलब्ध होगा। यदि कोई पात्र हितग्राही विद्युत उपभोक्ता अर्थात् जिस व्यक्ति के नाम बिजली कनेक्शन है के परिवार का सदस्य है और उपभोक्ता के साथ ही रहता है, तो ऐसे कनेक्शन पर भी स्कीम का लाभ दिया जायेगा। इसके लिए उपभोक्ता का नाम परिवर्तन आवश्यक नहीं होगा, परन्तु परिवार का सदस्य उन्हीं व्यक्तियों को माना जाएगा, जिनके नाम समग्र डाटाबेस में एक परिवार के रूप में अंकित हो। यदि किसी पात्र हितग्राही के निवास स्थान का बिजली कनेक्शन उसके नाम पर न होकर किसी अन्य के नाम पर है तथा पात्र हितग्राही उसे अपने नाम करवाना चाहता है, तो विद्युत कंपनी पूरी जानकारी देते हुए सहायता और मार्गदर्शन करेगी। एयर कंडीशनर, हीटर का उपयोग करने वाले उपभोक्ता तथा 1000 वॉट से अधिक संयोजित भार वाले उपभोक्ता स्कीम के लिए अपात्र होंगे। जहाँ मीटर स्थापित हो, वहाँ मीटर से रीडिंग करते हुए बिल की गणना की जाएगी। विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 55 के प्रावधान के अनुसार नये कनेक्शन के लिए चरणबद्ध तरीके से मीटर की उपलब्धता के आधार पर मीटर स्थापित किये जायेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में 500 वॉट तक के संयोजित भार वाले अनमीटर्ड उपभोक्ताओं की विद्युत नियामक आयोग द्वारा वर्ष 2018-19 के टैरिफ आर्डर में निर्धारित श्रेणी एल.वी.1.2 की उप श्रेणी के अनमीटर्ड कनेक्शन के लिए लागू दर से बिलिंग की जाएगी। इसी क्रम में 500 वॉट से अधिक संयोजित भार वाले उपभोक्ताओं की आयोग के प्रचलित विनियम के अनुसार बिलिंग की जाएगी। शहरी क्षेत्रों में स्थापित मीटर की रीडिंग जारी रहेगी एवं विद्युत नियामक आयोग के प्रचलित विनियम अनुसार बिल की गणना की जाएगी। विद्युत कंपनी आयोग द्वारा निर्धारित मानदण्ड के अतिरिक्त और कोई भी आंकलित यूनिट बिल में नहीं जोड़ेगी। उपभोक्ता के बिल में देय राशि तथा शासन द्वारा दी गई सब्सिडी का स्पष्ट उल्लेख रहेगा। प्रचलित दर से विद्युत शुल्क अधिरोपित किया जाएगा, जिसके सहित उपभोक्ता द्वारा मात्र 200 रुपये प्रतिमाह की राशि देय होगी। विद्यमान उपभोक्ता से अतिरिक्त सुरक्षा निधि नहीं ली जाएगी। नये कनेक्शन के लिए सौभाग्य योजना की तरह व्यवस्था रहेगी, जिसमें सुरक्षा निधि नहीं ली जायेंगी। उपभोक्ताओं को स्कीम का लाभ देने के लिए वितरण कंपनियों द्वारा वितरण केन्द्रवार, हाट/ बाजारों आदि में कैम्प लगाये जा रहे हैं। श्रमिक पंजीयन प्रमाण-पत्र की छायापति मांगने की जरूरत नहीं रहेगी। मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम स्कीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि न्यायालयीन अथवा चोरी के प्रकरणों के अलावा पूर्व में समाधान योजना का लाभ ले चुके उपभोक्ता भी पात्र होंगे। इसके अलावा यदि पंजीकृत श्रमिक के पास घरेलू बिजली कनेक्शन नहीं है तो उसे भी फ्री में कनेक्शन दिया जायेगा तथा कोई सुरक्षा-निधि नहीं ली जायेगी। एक जुलाई से लागू स्कीम में पंजीकृत श्रमिक और बीपीएल उपभोक्ताओं के 30 जून 2018 की स्थिति के बकाया लगभग 5200 करोड़ के घरेलू बिल माफ कर दिये गये हैं। इसका सीधा लाभ 77 लाख उपभोक्ताओं को मिला है। इसमें बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ता भी शामिल है। स्कीम का उद्देश्य घरेलू बिजली बिलों का भुगतान समय से नहीं कर पाने के कारण मूल बकाया राशि और उस पर अधिरोपित सरचार्ज के कारण उपभोक्ता के बिलों की राशि बहुत ज्यादा हो जाती है। मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना में पंजीकृत श्रमिकों और बीपीएल उपभोक्ताओं के घरेलू बिजली कनेक्शन की पुरानी बकाया राशि का निराकरण कर उन्हें नियमित बिल भुगतान करने के लिये प्रेरित करने के उद्देश्य से ही यह माफी स्कीम लागू की गई है। स्कीम का प्रभाव जून 2018 तक की कुल बकाया राशि पर लागू होगा। पात्र उपभोक्ता संबल योजना में पंजीकृत श्रमिक और बीपीएल उपभोक्ताओं के घरेलू कनेक्शन पर बिजली बिल की बकाया राशि को श्रम विभाग के पंजीयन अथवा बीपीएल कार्ड का क्रमांक उपलब्ध करवाने पर माफ किया जाएगा। ऐसे पंजीकृत श्रमिक जिनके निवास का बिजली कनेक्शन उसके स्वयं के नाम पर न होकर उसके परिवार के किसी सगे-संबंधी के नाम पर हो तथा बीपीएल उपभोक्ता को सरलता से नामांतरण की सुविधा देते हुए उपभोक्ता के साथ निवासरत होने की दशा में स्कीम का लाभ दिया जायेगा। यदि संबल योजना में पंजीकृत कोई पात्र हितग्राही-बिजली उपभोक्ता के परिवार का सदस्य है और उसके साथ रहता है, तो ऐसे कनेक्शन पर भी स्कीम का लाभ मिलेगा। इसके लिए उपभोक्ता का नाम बदलना जरूरी नहीं होगा, तथापि ऐसे प्रकरण में परिवार का सदस्य उन्हीं व्यक्तियों को माना जाएगा, जिनके नाम समग्र डाटाबेस में एक परिवार के रूप में अंकित हों। स्कीम का स्वरूप उपभोक्ता के जून, 2018 तक के बिल में देय मूल बकाया राशि और सम्पूर्ण सरचार्ज राशि माफ की जावेगी। इसके लिए आवेदन मिलने के बाद बकाया माफी प्रमाण-पत्र भी जारी किया जाएगा। सरचार्ज की पूरी रा‍शि एवं मूल बकाया राशि का 50 प्रतिशत वितरण कंपनी द्वारा माफ किया जायेगा तथा शेष 50 प्रतिशत राज्य शासन द्वारा वहन किया जायेगा। इसकी एवज् में राज्य शासन द्वारा तीन वर्ष अथवा 2018-19, 2019-20 एवं 2020-21 में सब्सिडी दी जायेगी। स्कीम में संबल योजना में पंजीकृत और बीपीएल श्रेणी के वे उपभोक्ता भी शामिल हो सकते हैं, जिन पर सामान्य बिजली बिल की राशि बकाया है और जिन्होंने बकाया राशि बाबत् न्यायालयीन प्रकरण दर्ज किया है और प्रकरण लंबित है। ऐसे उपभोक्ता जिन पर बिल की राशि बकाया होने से कनेक्शन स्थायी अथवा अस्थायी रूप से विच्छेदित किया गया था और जिन पर विद्युत अधिनियम की धारा 126, 135 या 138 में प्रकरण दर्ज हो और उनके बिल की राशि बकाया हो, ऐसे उपभोक्ताओं की निर्धारण अधिकारी द्वारा जारी निर्धारण आदेश की कंपाउडिंग फीस और देय ब्याज इत्यादि सहित पहले की बकाया समेत पूरी राशि माफ की जाएगी। पात्र हितग्राहियों के उपरोक्तानुसार निराकरण के बाद विशेष विद्युत न्यायालयों में दर्ज सभी प्रकरणों को समाप्त करने की कार्यवाही शुरू की जाएगी। पहले के वर्षो से जारी समाधान योजना में लाभ ले चुके घरेलू उपभोक्ता पात्रता के अनुसार इस स्कीम में फिर लाभ ले सकेंगे।
शहीद को श्रद्धांजलि देंगे जनसंपर्क मंत्री डॉ. मिश्र
8 July 2018
दतिया जिले के निवासी श्री रंजीत सिंह तोमर की अंत्येष्टि सोमवार 9 जुलाई को उनके पैतृक ग्राम रेव रायपुर साहनी में राजकीय सम्मान के साथ होगी।
किसानों को रूपे के.सी.सी. कार्ड का वितरण अगले 15 दिन में - राज्य मंत्री श्री सारंग
7 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने उदयपुरा में 156 करोड़ की लागत की समूह पेयजल योजना का लोकार्पण किया। इस योजना से 107 गाँवों की डेढ़ लाख आबादी को शुद्ध पेयजल मिलेगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री श्री चौहान ने 88 करोड़ रूपए से अधिक राशि के 7 कार्यों का लोकार्पण तथा 83 करोड़ 61 लाख रूपए की राशि के 20 कार्यो का शिलान्यास भी किया। कार्यक्रम की सबसे खास बात यह थी कि मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नर्मदा नदी के किनारे बसे 39 शहरों में 944 करोड़ रूप्ए की पेयजल योजनाओं का ई-शिलान्यास भी किया। कार्यक्रम में जिले के एक लाख 46 हजार हितग्राहियों को विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं के करीब 109 करोड़ रूपए के हितलाभ से लाभान्वित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक किसानों की आय दोगुनी नहीं हो जाती तब तक हम चैन की साँस नहीं लेंगे। अत्याधिक विपरीत मौसम और भारी वर्षा के बीच उदयपुरा पहुँचे मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सरकार किसानों की बेहतरी के लिए हर कदम उठा रही है। पानी, बिजली, सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं पर सरकार ने विशेष ध्यान दिया है। पहले मात्र साढ़े सात लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा थी जिसे बढ़ाकर 40 लाख हेक्टेयर कर दिया गया है। आगामी वर्षो में इसे 80 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इस पर एक लाख 80 हजार करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। एक वर्ष में किसानों के खाते में 30 हजार 362 करोड़ की राशि पहुँची मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पिछले एक वर्ष की अवधि में किसानों के खातों में भावांतर भुगतान योजना, कृषक समृद्धि योजना सहित अन्य किसान हितैषी योजनाओं में 30 हजार 362 करोड़ रूपए किसानों के खातों में जमा करवाये गये हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने केन्द्र सरकार द्वारा विभिन्न कृषि उपजों का समर्थन मूल्य बढ़ाए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि एक बार में समर्थन मूल्य की इतनी राशि एक साथ कभी नहीं बढ़ी है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि असंगठित श्रमिकों के लिए चलाई जा रही मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना में पंजीकृत असंगठित श्रमिक को जमीन के पट्टे दिए जाएंगे। उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना तथा मुख्यमंत्री आवास मिशन में घर बनाकर दिए जाएंगे। श्रमिकों के बच्चों को प्रथामिक से लेकर उच्चतम स्तर तक की शिक्षा निःशुल्क दी जायेगी। उन्होंने बताया कि संबल योजना के हितग्राहियों को आगामी 4 अगस्त से पूरे प्रदेश में एक साथ लाभान्वित करने का कार्य किया जाएगा। संबल में पंजीकृत श्रमिक सरल बिजली योजना के पात्र मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गरीबों को संबल योजना में पंजीकृत श्रमिक सरल बिजली योजना के पात्र होंगे। उन्हें नया विद्युत कनेक्शन लेने के लिए अलग से कोई राशि नहीं देनी होगी। पात्र हितग्राहियों को मात्र 200 रूपए प्रतिमाह बिजली का बिल देना होगा जिसमें चार बल्ब, दो पंखे और एक टीवी चलाया जा सकेगा। पुराने बिजली के बिल माफ करने के लिए जुलाई और अगस्त के महीनों में शिविर लगाए जायेंगे। हितग्राहियों को जुलाई माह के बिल के अगस्त में भुगतान से योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। रेल मंत्री श्री पीयूष गोयल ने गांव तक नल-जल योजना के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री श्री चौहान को बधाई देते हुए कहा कि श्री चौहान के नेतृत्व में विकास का नया इतिहास रचा जा रहा है। जरूरतमंद लोगों को सरकार द्वारा बनाई गई योजनाओं का लाभ निश्चित तौर पर मिले, इसके लिए मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा उठाए गए कदम सराहनीय हैं। श्री गोयल ने कहा कि राज्य सरकार की भावांतर योजना तथा मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना ने किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सुश्री कुसुम महदेले, लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह तथा सांसद श्री उदय प्रताप सिंह ने प्रदेश के विकास और आमजन के कल्याण के लिए चलाई जा रही अनेक योजनाओं का उल्लेख किया। कार्यक्रम में उदयपुरा विधायक श्री रामकिशन पटेल, गाडरवारा विधायक श्री गोविन्द सिंह सहित अन्य जन-प्रतिनिधि तथा विभिन्न योजनाओं के हितग्राही उपस्थित थे।
मानव अधिकार आयोग ने की जिला स्तर पर सुनवाई
7 July 2018
मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस नरेन्द्र कुमार जैन द्वारा आज जिला मुख्यालय सीहोर पर जिले के मानव अधिकार हनन से संबंधित मामलों की सुनवाई की गई। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में की गई इस सुनवाई में 61 प्रकरण शामिल थे, जिसमें 48 का मौके पर ही निराकरण किया गया। मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस नरेन्द्र कुमार जैन आज आयोग के सदस्य श्री मनोहर ममतानी, रजिस्ट्रार लॉ श्री जे.पी. राव, एडीजी श्रीमती सुषमा सिंह एवं आयोग के स्टॉफ सहित सीहोर पहुँचे, जहाँ उन्होंने जिले के मानव अधिकार हनन से संबंधित 61 प्रकरणों पर सुनवाई कर 48 का निराकरण किया। आयोग द्वारा की गई इस जिला-स्तरीय सुनवाई का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए आयोग के अध्यक्ष जस्टिस नरेन्द्र कुमार जैन ने कहा कि इससे एक ओर जहाँ पीड़ित पक्षकारों को सहजता और सरलता से न्याय प्राप्त होगा, वहीं उन्हें अब अपना काम-काज छोड़कर भोपाल जाने की किल्लत से भी छुटकारा मिलेगा। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर पक्षकार अपनी बात सहजता से कर पायेंगे। स्थानीय स्तर पर आयोग द्वारा की जा रही सुनवाई का लाभ नये आवेदकों को भी मिलेगा, जिसमें त्वरित न्याय की अवधारणा भी पूरी होगी। जिला स्तर से संबंधित प्रकरणों में अपर कलेक्टर श्री व्ही.के. चतुर्वेदी, डिप्टी कलेक्टर श्री आदित्य जैन, अनुविभागीय अधिकारी नसरुल्लागंज सहित अन्य विभाग के अधिकारी उपस्थित हुए। प्रकरणों से संबंधित पक्षकार भी अपना पक्ष रखने हेतु उपस्थित हुए। निराकरण से शेष रहे प्रकरणों में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये तथा नवीन आवेदन-पत्र सुनवाई हेतु प्राप्त किये गये।
राजस्व मंत्री द्वारा निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन
7 July 2018
राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने वार्ड-32 स्थित चन्द्रशेखर स्कूल के प्रांगण में पेबिंग ब्लाक लगाने और वार्ड-26 स्थित बंजारा बस्ती में सीमेंट-क्रांकीट रोड़ बनाने के लिए भूमि-पूजन किया। श्री गुप्ता ने रहवासियों को शासन की जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। इस मौके पर स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
किसानों की आय दोगुनी नहीं होने तक चैन की साँस नहीं लेंगे : मुख्यमंत्री श्री चौहान
6 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने उदयपुरा में 156 करोड़ की लागत की समूह पेयजल योजना का लोकार्पण किया। इस योजना से 107 गाँवों की डेढ़ लाख आबादी को शुद्ध पेयजल मिलेगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री श्री चौहान ने 88 करोड़ रूपए से अधिक राशि के 7 कार्यों का लोकार्पण तथा 83 करोड़ 61 लाख रूपए की राशि के 20 कार्यो का शिलान्यास भी किया। कार्यक्रम की सबसे खास बात यह थी कि मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नर्मदा नदी के किनारे बसे 39 शहरों में 944 करोड़ रूप्ए की पेयजल योजनाओं का ई-शिलान्यास भी किया। कार्यक्रम में जिले के एक लाख 46 हजार हितग्राहियों को विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं के करीब 109 करोड़ रूपए के हितलाभ से लाभान्वित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक किसानों की आय दोगुनी नहीं हो जाती तब तक हम चैन की साँस नहीं लेंगे। अत्याधिक विपरीत मौसम और भारी वर्षा के बीच उदयपुरा पहुँचे मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सरकार किसानों की बेहतरी के लिए हर कदम उठा रही है। पानी, बिजली, सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं पर सरकार ने विशेष ध्यान दिया है। पहले मात्र साढ़े सात लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा थी जिसे बढ़ाकर 40 लाख हेक्टेयर कर दिया गया है। आगामी वर्षो में इसे 80 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इस पर एक लाख 80 हजार करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। एक वर्ष में किसानों के खाते में 30 हजार 362 करोड़ की राशि पहुँची मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पिछले एक वर्ष की अवधि में किसानों के खातों में भावांतर भुगतान योजना, कृषक समृद्धि योजना सहित अन्य किसान हितैषी योजनाओं में 30 हजार 362 करोड़ रूपए किसानों के खातों में जमा करवाये गये हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने केन्द्र सरकार द्वारा विभिन्न कृषि उपजों का समर्थन मूल्य बढ़ाए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि एक बार में समर्थन मूल्य की इतनी राशि एक साथ कभी नहीं बढ़ी है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि असंगठित श्रमिकों के लिए चलाई जा रही मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना में पंजीकृत असंगठित श्रमिक को जमीन के पट्टे दिए जाएंगे। उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना तथा मुख्यमंत्री आवास मिशन में घर बनाकर दिए जाएंगे। श्रमिकों के बच्चों को प्रथामिक से लेकर उच्चतम स्तर तक की शिक्षा निःशुल्क दी जायेगी। उन्होंने बताया कि संबल योजना के हितग्राहियों को आगामी 4 अगस्त से पूरे प्रदेश में एक साथ लाभान्वित करने का कार्य किया जाएगा। संबल में पंजीकृत श्रमिक सरल बिजली योजना के पात्र मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गरीबों को संबल योजना में पंजीकृत श्रमिक सरल बिजली योजना के पात्र होंगे। उन्हें नया विद्युत कनेक्शन लेने के लिए अलग से कोई राशि नहीं देनी होगी। पात्र हितग्राहियों को मात्र 200 रूपए प्रतिमाह बिजली का बिल देना होगा जिसमें चार बल्ब, दो पंखे और एक टीवी चलाया जा सकेगा। पुराने बिजली के बिल माफ करने के लिए जुलाई और अगस्त के महीनों में शिविर लगाए जायेंगे। हितग्राहियों को जुलाई माह के बिल के अगस्त में भुगतान से योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। रेल मंत्री श्री पीयूष गोयल ने गांव तक नल-जल योजना के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री श्री चौहान को बधाई देते हुए कहा कि श्री चौहान के नेतृत्व में विकास का नया इतिहास रचा जा रहा है। जरूरतमंद लोगों को सरकार द्वारा बनाई गई योजनाओं का लाभ निश्चित तौर पर मिले, इसके लिए मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा उठाए गए कदम सराहनीय हैं। श्री गोयल ने कहा कि राज्य सरकार की भावांतर योजना तथा मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना ने किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सुश्री कुसुम महदेले, लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह तथा सांसद श्री उदय प्रताप सिंह ने प्रदेश के विकास और आमजन के कल्याण के लिए चलाई जा रही अनेक योजनाओं का उल्लेख किया। कार्यक्रम में उदयपुरा विधायक श्री रामकिशन पटेल, गाडरवारा विधायक श्री गोविन्द सिंह सहित अन्य जन-प्रतिनिधि तथा विभिन्न योजनाओं के हितग्राही उपस्थित थे।
जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने दतिया में रेल सुविधाएं बढ़ाने किया रेल मंत्री से आग्रह
6 July 2018
जनसम्‍पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र दतिया में रेल सुविधाएं बढ़ाने के लिए आज प्रदेश प्रवास पर आए केन्द्रीय रेल मंत्री श्री पीयुष गोयल से आग्रह किया। जनसम्‍पर्क मंत्री ने रेल मंत्री को अनुरोध पत्र देकर कहा कि दतिया में माँ पीताम्बरा पीठ के साथ ही आसपास अन्य धार्मिक और पर्यटन महत्व के स्थान हैं। नवरात्रि पर्व में दतिया में गोंडवाना एक्सप्रेस, संपर्क क्रांति एक्सप्रेस और सचखंड एक्सप्रेस के स्टॉपेज कर दिए जाए तो नागरिकों को सुविधा मिलेगी। इसी तरह जनसंपर्क मंत्री ने दतिया के प्लेट फार्म नं.2 के विस्तार और डबरा जिला ग्वालियर में श्रीधाम एक्सप्रेस के स्टॉपेज का अनुरोध भी रेल मंत्री से किया।
जीएसटी ने सभी वर्गों को बराबरी पर लाकर खड़ा कर दिया- केन्द्रीय वित्त मंत्री श्री गोयल
6 July 2018
केंद्रीय वित्त मंत्री श्री पीयूष गोयल ने कहा है कि जीएसटी ने सभी वर्गों को बराबरी पर लाकर खड़ा कर दिया है। जीएसटी नागरिकों की गरिमा बढ़ाने वाली व्यवस्था साबित हुई है। उन्होंने व्यापारिक समुदाय से आग्रह किया कि वे टैक्स की चोरी करने वालों का पर्दाफ़ाश करें। उपभोक्ताओं को अनिवार्य रूप से बिल दें। श्री गोयल आज यहां व्यापारिक समुदाय से संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने नया भारत बनाने का संकल्प लिया है। संगठित व्यापार के माध्यम से प्रधानमंत्री के सपने को साकार करने में अपना सहयोग दें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया, राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता, विभिन्न व्यापारी संघो के प्रतिनिधि उपस्थित थे। मध्यप्रदेश की सराहना जीएसटी लागू करने में मध्यप्रदेश की सराहना करते हुए उन्होने कहा कि जीएसटी लागू करने में मध्यप्रदेश ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और व्यापार-मित्र व्यवस्थाएं स्थापित की हैं। श्री गोयल ने कहा कि एक साल के भीतर जीएसटी से जुड़े ज्यादातर मुद्दों का समाधान हो गया है। उन्होंने कहा कि एक साल में जीएसटी के संबंध में व्यापारिक समुदाय में जितनी स्पष्टता आई है वह भी अपने आप में उपलब्धि है। पहले भ्रम की स्थिति थी। श्री गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने गंभीरता से हर पहलू पर विचार -विमर्श कर रात दिन मेहनत कर साहस के साथ से लागू करवाने का काम किया था। इसे लागू करने में विभिन्न विचारधाराओं, राजनीतिक दलों की सहमति और व्यापार जगत के सुझावों को शामिल किया गया था। यह भारत के भविष्य के लिये क्रांतिकारी कदम साबित होगा । उन्होंने कहा कि जीएसटी की सफलता और व्यापारिक समुदाय और उपभोक्ता दोनों वर्गों के साझा सहयोग का परिणाम है। जीएसटी लागू करने के संबंध में देश में पिछले कई वर्षों से विचार-विमर्श चल रहा था लेकिन भ्रम की स्थिति ज्यादा थी। आज जीएसटी के संबंध में स्पष्टता है । उन्होंने कहा कि एक साल की शुरुआती सफलता के बाद अब जीएसटी से होने वाले लाभ लेने का समय आ रहा है। व्यापारियों द्वारा दिये सुझावों के संबंध में श्री गोयल ने कहा कि इन पर खुले दिमाग से विचार किया जायेगा।
खेलकूद प्रोत्साहन के लिये 7 महाविद्यालयों को 20 लाख आवंटित
5 July 2018
खेलकूद प्रोत्साहन योजना में 7 शासकीय महाविद्यालयों के लिये 20 लाख 14 हजार 600 रुपये आवंटित किये गये हैं। इसमें बैतूल के शासकीय भीमराव अम्बेड़कर महाविद्यालय, आमला और विदिशा के शासकीय संजय गाँधी स्मृति महाविद्यालय, गंजबासौदा को 4-4 लाख रुपये आवंटित किये गये हैं। इसी प्रकार छिन्दवाड़ा के शासकीय पी.जी. कॉलेज को 3 लाख 50 हजार रुपये दिये गये हैं। छतरपुर के शासकीय नवीन महाविद्यालय, नौगांव और जबलपुर के शासकीय विज्ञान महाविद्यालय के लिये 3-3 लाख आवंटित किये गये हैं। मंडला के शासकीय महाविद्यालय, नैनपुर के लिये 2 लाख 50 हजार रुपये और नीमच के शासकीय आर.व्ही. कॉलेज, मनासा के लिये 14 हजार 600 रुपये की राशि आवंटित की गई है।
पाँच साल तक किराये के भवन में संचालित हो सकेंगे नये प्रायवेट कॉलेज
5 July 2018
प्रदेश में नये अशासकीय महाविद्यालय सत्र् 2018-19 की मार्गदर्शिका में उल्लेखित प्रावधानों के तहत अधिकतम पाँच वर्ष तक किराये के भवन में संचालित किये जा सकते हैं। उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में पाँच सत्रों के बाद किराये के भवन में महाविद्यालय संचालित करने की अनुमति नहीं है। प्रदेश के ऐसे अशासकीय महाविद्यालय, जिनके किराये के भवन में संचालन करने की पाँच वर्ष की अवधि पूर्ण हो चुकी है, को आयुक्त उच्च शिक्षा से स्वयं के भवन में स्थान परिवर्तन की विधिवत स्वीकृति प्राप्त करने के बाद ही संबंधित विश्वविद्यालय द्वारा संबद्धता दी जाएगी।
राज्यपाल श्रीमती पटेल ने जैविक खेती के लिये किसानों को प्रेरित किया्री चौहान
4 July 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल से आज राजभवन में गुजरात राज्य से आये किसानों के दल ने सौजन्य भेंट की और खेती के नये-नये तरीकों के बारे में अपने अनुभव साझा किये। श्रीमती पटेल ने किसानों को जैविक खेती के लिये प्रेरित करते हुए कहा कि खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिये यह सशक्त माध्यम है। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों के लिये महत्वपूर्ण योजनाएँ लागू की हैं। उन्होंने किसानों से योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ प्राप्त करने का अनुरोध करते हुए कहा कि सरकार सहायता कर सकती है, मार्गदर्शन प्रदान कर सकती है, लेकिन योजनाओं का लाभ लेने के लिये किसानों को स्वयं आगे आना होगा। राज्यपाल ने मध्यप्रदेश में किसानों और सरकार के संयुक्त प्रयासों की सराहना करते हुए बताया कि राज्य को विगत 5 वर्ष से निरंतर राष्ट्रीय स्तर पर कृषि कर्मण अवार्ड से विभूषित किया जा रहा है। राज्यपाल ने किसानों से कहा कि अपने बच्चों को खेती से जुड़े कुटीर उद्योग स्थापित करने के लिये प्रेरित करें। सरकार की मुद्रा बैंक योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि इस योजना में खेती से जुड़े कुटीर उद्योग स्थापित करने के लिये समुचित आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जाती है। श्रीमती पटेल ने किसानों को सलाह दी कि खेतों और बगीचों को जानवरों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिये आसपास बागड़ जरूर लगायें। श्रीमती पटेल ने कहा कि खेतों की उर्वरा शक्ति बनाये रखने के लिये जैविक खाद, पानी और अन्य आधुनिक संसाधनों का उपयोग आवश्यक है। उन्होंने फलों की खेती को किसानों के लिये लाभदायक बताते हुए कहा कि सीताफल, अमरूद, चीकू जैसे फलों का उपयोग आइस्क्रीम तथा अन्य उत्पाद बनाने में किया जाता है। इसकी खेती से किसान एक निश्चित अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते हैं। राज्यपाल श्रीमती पटेल से मिलने आये किसान भोपाल स्थित सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। राज्यपाल से मुलाकात के समय आत्मा प्रोजेक्ट गाँधी नगर और राजभवन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान मुम्बई स्टॉक एक्सचेंज में दर्ज करायेंगे इंदौर नगर निगम के बॉण्ड
4 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान 5 जुलाई को सुबह 9 बजे मुम्बई में स्टॉक एक्सचेंज में घंटा बजाकर इंदौर नगर निगम के बॉण्ड दर्ज करवायेंगे। इंदौर नगर निगम ने शहरी विकास की गतिविधियों में नागरिकों की आर्थिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिये अभी हाल ही में 28 जून को 170 करोड़ रुपये के बॉण्ड जारी किये हैं। इंदौर नगर निगम इस तरह के बॉण्ड जारी करने वाला राज्य का प्रथम और देश का तीसरा नगर निगम बन गया है। भारत सरकार की अमृत योजना के माध्यम से इंदौर शहर में नगर निगम ने जल-वितरण, सीवरेज और शहरी परिवहन सुविधाओं को विकसित करने के लिये बॉण्ड जारी किये हैं। इसमें भारत सरकार का 324.05 करोड़, राज्य सरकार का 486.18 करोड़ और नगर निगम का 162.08 करोड़ रुपये अंशदान निर्धारित किया गया है। निवेश आमंत्रित करने वरिष्ठ उद्योगपतियों से मिले मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज अपने मुम्बई प्रवास के दौरान सीआईआई द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। श्री चौहान ने इस दौरान प्रदेश में निवेश के संदर्भ में विभिन्न देशों के वाणिज्यिक दूतों और उद्योग जगत के वरिष्ठ उद्योगपतियों से मुलाकात की और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री मुख्य रूप से आस्ट्रेलिया, कनाडा, इण्डोनेशिया, जापान, सिंगापुर, कोरिया और रशिया के वाणिज्यिक दूतों से मिले और उन्हें प्रदेश की विकास यात्रा के बारे में जानकारी दी। श्री चौहान ने बताया कि आज की तारीख में मध्यप्रदेश सभी क्षेत्रों में निवेश के लिये एक आदर्श राज्य बन चुका है। उन्होंने निवेशकों को आगामी 23-24 फरवरी, 2019 को मध्यप्रदेश की औद्योगिक नगरी इंदौर में आयोजित की जा रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में मित्र देश के रूप में आने का न्यौता भी दिया। मुख्यमंत्री को सिंगापुर के वाणिज्यिक दूत श्री अजीत सिंह ने मध्यप्रदेश में निवेश के लिये किये जा रहे प्रयासों के लिये बधाई देते हुए कहा कि राज्य शासन द्वारा दी जा रही सुविधाएँ हमें आकर्षित करती हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि हम सिंगापुर से विशिष्ट क्षेत्र के विकास के लिये निवेशक लायेंगे। आस्ट्रेलिया के वाणिज्यिक दूत श्री टोनी उबर ने भी मुख्यमंत्री के प्रयासों को सराहा। ब्रिटिश डिप्टी हाई कमीशन के श्री बेन ग्रीन ने भी मध्यप्रदेश में शिक्षा और बैंकिंग के क्षेत्र में निवेश के मामले में रुचि जताई। कनाडा के वाणिज्यिक दूत ने प्रदेश में जल-संचयन के क्षेत्र में रुचि दिखाई और मुख्यमंत्री का निमंत्रण स्वीकार करते हुए कहा कि वे शीघ्र ही मध्यप्रदेश आयेंगे। इण्डोनेशिया के वाणिज्यिक दूत ने उनके देश में आगामी 24 से 28 अक्टूबर तक आयोजित ट्रेड एक्सपो में भारतीय प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया, जिसे मुख्यमंत्री ने सहर्ष स्वीकार किया। मुख्यमंत्री ने समस्त वाणिज्यिक दूतों को सीआईआई के कार्यक्रम में शामिल होने पर धन्यवाद दिया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव उद्योग श्री मोहम्मद सुलेमान और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री एस.के. मिश्रा भी मौजूद थे।
जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने किया देश के प्रथम मीडिया इन्क्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन
4 July 2018
जनसम्‍पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने आज माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्विद्यालय, भोपाल में नीति आयोग के सहयोग से स्थापित मीडिया इन्क्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह देश का पहला मीडिया इन्क्यूवेशन सेंटर है। इस सेंटर में मीडिया उद्यमशीलता का प्रशिक्षण दिया जाएगा और उद्यमियों को समय-समय पर मेंटरिंग करने की भी योजना है। उल्लेखनीय है कि मीडिया के सभी संस्थानों में विषय-वस्तु बनाना एवं मीडिया प्रबंधन का प्रशिक्षण भली प्रकार दिया जा रहा है, परंतु वास्तविक मीडिया के परिवेश में स्वतंत्र विषय वस्तु बनाने वालों की मांग बढ़ती जा रही है। इसलिए मीडिया में उद्यमशीलता का प्रशिक्षण देने की आवश्यकता है। इस आवश्यकता को ध्यान में रखकर माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय ने नीति आयोग के सहयोग से अटल इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना करने का निर्णय लिया। यह केन्द्र मीडिया उद्यमियों को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन देने का कार्य करेगा। सेंटर का संचालन संवाद भारती संस्था के माध्यम से किया जाएगा। इस अवसर पर संचालक जनसम्पर्क श्री आशुतोष प्रताप सिंह, विश्वविद्यालय के कुलपति श्री जगदीश उपासने, कुलाधिसचिव श्री लाजपत आहूजा और कुलसचिव प्रो. संजय द्विवेदी सहित अन्य अधिकारी उपस्थति थे।
मीडिया इन्क्यूबेशन सेंटर को बनाएं विशिष्ट केन्द्र : जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र
4 July 2018
नीति आयोग द्वारा मीडिया इन्क्यूबेशन सेंटर के लिए माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल का चयन एक विशेष उपलब्धि है। इस सेंटर को सक्षम, उपयोगी और विशिष्ट केन्द्र बनाकर मीडिया के क्षेत्र में उद्यमशीलता को बढ़ावा दिया जाए। यह बात जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने आज यहाँ विश्वविद्यालय की प्रबंध उप-समिति की बैठक में कही। डॉ. मिश्र ने आज विश्वविद्यालय में प्रारंभ मीडिया इन्क्यूबेशन सेंटर के लिए चार करोड़ 50 लाख रुपए की राशि आवंटन करने और सोशल मीडिया रिसर्च सेंटर के लिए दो करोड़ रुपए की अतिरिक्त बजट राशि मंजूरी का अनुमोदन भी किया गया। विश्वविद्यालय की महा-परिषद पूर्व में इसके लिए प्रशासकीय स्वीकृति ले चुकी है। जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि देश में इस तरह के इन्क्यूबेशन सेंटर का सर्वप्रथम मध्यप्रदेश में शुरू होना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि मीडिया के क्षेत्र में इसकी उपयोगिता को निरंतर बढ़ाने का प्रयास किया जाए। डॉ. मिश्र ने पत्रकारिता विश्वविद्यालय द्वारा दतिया में प्रारंभ परिसर के विकास के साथ ही अन्य केन्द्रों की गतिविधियों की जानकारी भी प्राप्त की। बैठक में अधिकारियों-कर्मचारियों के कल्याण से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। मंत्री डॉ. मिश्र ने बैठक में विश्वविद्यालय की नवीन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। डॉ. मिश्र ने प्रारंभ में नीति आयोग के सहयोग से विश्वविद्यालय में स्थापित विशेष मीडिया इन्क्यूबेशन सेंटर का लोकार्पण किया। बैठक में विश्वविद्यालय के कुलपति श्री जगदीश उपासने, कुलाधिसचिव श्री लाजपत आहूजा, संचालक जनसम्पर्क श्री आशुतोष प्रताप सिंह और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
जीवन की हरियाली को बचाने के लिये पौधा जरूर लगायें - मुख्यमंत्री श्री चौहान
4 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मनुष्य का जीवन पर्यावरण में संतुलन पर निर्भर है। जीवन की हरियाली को बचाने के लिये पौधों को लगाना और उनकी रक्षा कर पेड़ बनाना आज की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने यह बातें हरियाली महोत्सव के तहत प्रदेशवासियों के नाम जारी अपने संदेश में कही हैं। श्री चौहान ने कहा है कि राज्य सरकार ने गत वर्ष नर्मदा सेवा यात्रा के दौरान जन-सहयोग से व्यापक स्तर पर पौध-रोपण किया गया। इस वर्ष भी 15 जुलाई से नर्मदा सहित अन्य नदियों के कैचमेंट एरिया में पौध-रोपण किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया है कि वानिकी विकास योजनाओं से जहाँ एक ओर हरियाली का विस्तार होगा, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नये अवसर भी निर्मित होंगे। श्री चौहान ने प्रदेश के प्रत्येक नागरिक से एक पौधा लगाने का संकल्प लेने की अपील की है। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि हरियाली महोत्सव पौध-रोपण के साथ पौधों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता लाने में अवश्य सफल होगा। प्रदेश में जन-सामान्य में हरियाली के संरक्षण के प्रति जागरूकता लाने के लिये हरियाली महोत्सव मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने हरियाली महोत्सव की सफलता के लिये प्रदेश के नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं।
इस वर्ष प्रदेश में 7 करोड़ पौधे लगाये जायेंगे - वन मंत्री डॉ. शेजवार
4 July 2018
वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा वनों के संवहनीय विकास के साथ, वनवासियों को वनोपज पर आधारित रोजगार के नये अवसर उपलब्ध करवाने पर विशेष बल दिया गया है। डॉ. शेजवार ने हरियाली महोत्सव पर संदेश में कहा है कि इस दिशा में अनेक नई योजनाएँ प्रारंभ की गई हैं। इन योजनाओं के उत्साहजनक परिणाम भी परिलक्षित होने लगे हैं। वन मंत्री डॉ. शेजवार ने कहा है कि प्रदेश में वन प्रबंधन के तहत गठित 15 हजार से अधिक वन समितियाँ विभाग के साथ जुड़कर वन संवर्धन और सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। प्रदेश में गत वर्ष 'नमामि देवि नर्मदे'' सेवा यात्रा के सफल आयोजन के बाद इस वर्ष भी व्यापक स्तर पर पौध-रोपण किया जा रहा है। वन विभाग द्वारा इस वर्ष प्रदेश में 7 करोड़ पौधे लगाये जायेंगे। वन मंत्री ने प्रदेशवासियों से अनुरोध किया है कि हरियाली महोत्सव के अवसर पर वन विकास की योजनाओं के माध्यम से पौध-रोपण करें और इनकी रक्षा की जिम्मेदारी भी लें। पौध-रोपण के लिये उपयुक्त पौधे निकटतम वन-रोपणी से प्राप्त किये जा सकते हैं। पौध-रोपण में शैक्षणिक संस्थाओं, पंचायतों तथ अन्य शासकीय संगठनों का सहयोग भी अपेक्षित है। पौध-रोपण के प्रति जन-चेतना जागृत करना हरियाली महोत्सव का उद्देश्य वन राज्य मंत्री श्री सूर्यप्रकाश मीणा ने कहा है कि प्रदेश में वनों के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में प्रभावी पहल हुई है। इसका लाभ प्रदेशवासियों को मिल रहा है। श्री मीणा ने हरियाली महोत्सव पर शुभकामना संदेश में कहा है कि हरियाली महोत्सव को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के लिये प्रदेश में इस वर्ष आयोजन को व्यापक स्तर पर क्रियान्वित किया जा रहा है। इस रोपण कार्य में जन-प्रतिनिधि, शासन के विभिन्न विभागों के शासकीय सेवक एवं अन्य सभी नागरिक भाग लेंगे। वन राज्य मंत्री ने कहा है कि हरियाली महोत्सव के अवसर पर अधिकाधिक पौध-रोपण की पहल करें।
श्रीमती ललिता यादव मंत्रि-मण्डलीय उप-समिति की अध्यक्ष नियुक्त
4 July 2018
पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती ललिता यादव को मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण आयोग के प्रतिवेदनों एवं दिए गए सुझावों पर कार्यवाही की समीक्षा के लिए गठित मंत्रि-मण्डलीय उप-समिति का अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, उद्यानिकी, खाद्य तथा राज्य प्र-संस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री सूर्य प्रकाश मीणा तथा श्रम राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री बाल कृष्ण पाटीदार को इस समिति का सदस्य बनाया गया है। प्रमुख सचिव/सचिव पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक इस समिति के सदस्य सचिव होंगे।
विद्यार्थी सिर्फ पढ़ाई करें, पढ़ाई के खर्च की चिंता सरकार करेगी
4 July 2018
राजस्व, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने सरस्वती शिशु मंदिर, कोटरा में मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। श्री गुप्ता ने कहा कि विद्यार्थी तो सिर्फ पढ़ाई करें, पढ़ाई के खर्च की चिंता सरकार करेगी। श्री गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना में 12वीं कक्षा में 70 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा की फीस सरकार भरेगी। उन्होंने बताया कि संबल योजना में पंजीकृत परिवारों के बच्चों की फीस भी सरकार देगी। श्री गुप्ता ने कहा कि अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये अधिक से अधिक परिश्रम करें। इस मौके पर स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
बच्चों की बीमारियों की पहचान के लिये जुलाई अंत तक घर-घर चलेगा दस्तक अभियान
4 July 2018
प्रदेश में बाल मृत्यु दर के प्रमुख कारणों को दृष्टिगत रखते हुए स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं के सामुदायिक विस्तार के लिये दस्तक अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग के सहयोग से प्रदेशभर में चलाया जा रहा है। इसमें पाँच वर्ष से छोटे बच्चों वाले परिवारों के घर पर आशा, एनएनएम और आँगनबाड़ी कार्यकर्ता के संयुक्त दल द्वारा 31 जुलाई तक दस्तक दी जायेगी। दस्तक अभियान का उद्देश्य पाँच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में प्रमुख बाल्यकालीन बीमारियों की सामुदायिक स्तर पर सक्रिय पहचान द्वारा त्वरित प्रबंधन किया जाना है, जिससे बाल मृत्यु दर में वांछित कमी लाई जा सके। शासन द्वारा स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं के विस्तार के लिये साक्ष्य आधारित रणनीति पर विशेष बल दिया गया है। एसआरएस-2016 के अनुसार प्रदेश में पाँच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में मृत्यु दर 55 प्रति 1000 जीवित जन्म है। इसके प्रमुख कारणों में बाल्यकालीन दस्त रोग एवं निमोनिया है और कुपोषण एवं एनीमिया अन्तर्निहित कारण हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 68.9 प्रतिशत बच्चे एनीमिक एवं 9.2 प्रतिशत बच्चे गंभीर कुपोषित हैं। समुचित स्तनपान द्वारा शिशु मृत्यु दर में लगभग 22 प्रतिशत कमी लाना संभव है। राज्य में लगभग 81 प्रतिशत महिलाओं द्वारा संस्थागत प्रसव का लाभ लेने पर भी केवल 35 प्रतिशत नवजात शिशुओं को ही माँ पहला गाढ़ा पीला दूध का लाभ मिल रहा है। अभियान की प्रमुख गतिविधियों में बीमार नवजातों और बच्चों की पहचान कर प्रबंधन एवं रेफरल, बच्चों ने शैशव एवं बाल्यकालीन निमोनिया की त्वरित पहचान कर प्रबंधन एवं रेफरल, बच्चों में बाल्यकालीन दस्त रोग के नियंत्रण के लिये ओआरएस एवं जिंक के उपयोग संबंधी समझाईश और प्रत्येक घर में ओआरएस पहुँचाना, गंभीर कुपोषित बच्चों की सक्रिय पहचान कर रेफरल एवं प्रबंधन, छ: माह से पाँच वर्ष तक के बच्चों में गंभीर एनीमिया की सक्रिय स्क्रीनिंग एवं प्रबंधन, बच्चों में दिखाई देने वाली जन्मजात विकृतियों की पहचान, नौ माह से पाँच वर्ष तक के सभी बच्चों को विटामिन-ए अनुपूरण, गृहभेंट के दौरान आंशिक रूप से टीकाकृत एवं छूटे हुए बच्चों की टीकाकरण स्थिति की जानकारी लेना, समुचित शिशु एवं बाल आहार पूर्ति व्यवहार को बढ़ावा, एसएनसीयू एवं एनआरसी से छुट्टी प्राप्त बच्चों में बीमारी की स्क्रीनिंग तथा फॉलोअप को प्रोत्साहन तथा विगत छ: माह में बाल मृत्यु की जानकारी हासिल करना शामिल है। अभियान में प्रदेश के सभी 5 वर्षीय बच्चों तक सामुदायिक पहुँच बनाकर दस्तक दल द्वारा गंभीर कुपोषण, गंभीर बीमारी, गंभीर एनीमिया, दस्त एवं निमोनिया से ग्रस्त बच्चों की सक्रिय पहचान की जायेगी। साथ ही, शिशु एवं बाल आहार-पूर्ति व्यवहारों को बढ़ावा, हाथ धुलवाई एवं ओ.आर.एस. बनाने की विधि का प्रदर्शन तथा कम वजन बच्चों की उचित देखभाल के लिये सामुदायिक समाझाईश दी जायेगी। अभियान में बीमार बच्चों का उपचार, जटिल गंभीर कुपोषित बच्चों का प्रबंधन, गंभीर एनीमिक बच्चों में रक्ताधान तथा दस्त रोग एवं निमोनिया की रोकथाम की जायेगी। इस के लिए दस्तक मॉनीटरिंग टूल का निर्माण विभाग द्वारा किया गया है। वर्ष 2018-19 दस्तक अभियान के प्रथम चरण में अब तक 1,02,55,435 बच्चों की सक्रिय स्क्रीनिंग की जा चुकी है। अभियान के विगत चरण में 63.40 लाख बच्चों की स्क्रीनिंग की गई, जिसमें से 8883 गंभीर कुपोषित सह चिकित्सकीय जटिलता वाले बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती कर उपचारित किया गया। गंभीर एनीमिया से ग्रसित 1206 बच्चों को रक्ताधान किया गया। गंभीर निमोनिया से ग्रसित 1213 तथा डायरिया से ग्रसित 1412 बच्चों का उपचार किया गया। अभियान के दौरान 9 माह से 5 वर्ष के 53.66 लाख बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाई गई। लगभग 25.58 लाख बच्चों के परिवारों को शिशु एवं बाल आहार पूर्ति, हाथ धुलाई, दस्त प्रबंधन आदि के संबंध में समझाईश दी गई।
महिला स्व-सहायता समूह करेंगे मनरेगा का सामाजिक अंकेक्षण
3 July 2018
महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा मनरेगा द्वारा कराये गये शत-प्रतिशत कार्यों का सामाजिक अंकेक्षण करवाया जायेगा। इस वर्ष मनरेगा के माध्यम से 60 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ये निर्णय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव की अध्यक्षता में हुई म.प्र. रोजगार गारंटी परिषद सामान्य सभा की 5वीं बैठक में लिये गये। बैठक में राजस्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता भी उपस्थित थे। मंत्री श्री भार्गव ने कहा कि मनरेगा के माध्यम से ग्रामीण अंचल में अनेक परिसम्पत्तियों का निर्माण करवाया जाता है। इन कार्यों का सामाजिक अंकेक्षण ग्रामीणों द्वारा ही करवाया जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2018-19 में कराये जा रहे कार्यों का ग्राम के ही महिला स्व-सहायता समूह के कम से कम तीन सदस्यों के माध्यम से सामाजिक अंकेक्षण करवाया जाये। यह समूह एक सप्ताह में सम्पत्तियों और कार्यों का भौतिक सत्यापन कर अपनी रिपोर्ट ग्राम-सभा को सौंपेगा। ग्राम-सभा में इस रिपोर्ट का ग्रामीणों के समक्ष वाचन किया जायेगा। जिन कार्यों में कमी पाई जायेगी, उसकी जिम्मेदारी निर्धारित कर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई प्रस्तावित की जायेगी। प्रत्येक ग्राम-सभा में जिला कलेक्टर का एक प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेगा। जिसके विरुद्ध कार्रवाई प्रस्तावित की जाती है, उसे भी अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जायेगा। इसके लिये जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की अध्यक्षता में जन-सुनवाई पैनल भी गठित किया गया है। श्री भार्गव ने कहा कि वर्षा-काल में मनरेगा में वृक्षारोपण का कार्य भी प्राथमिकता के साथ कराया जाये। इसके लिये ग्राम पंचायत को एजेंसी निर्धारित करें और पौध-रोपण की जिम्मेदारी सौंपी जायेगी। उन्होंने कहा कि जो पौधे लगाये जायें, उनकी आयु 2 से 3 वर्ष तक की होना चाहिये। वृक्षारोपण के कार्य किसानों के खेत की मेढ़ पर, सार्वजनिक परिसर में, शासकीय भूमि पर, नहर किनारे आवश्यक रूप से करवाये जायेंगे। अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री इकबाल सिंह बैंस ने कहा कि मनरेगा के तहत कराये जा रहे कार्यों की मॉनीटरिंग 'जियो-टेग'' एप के माध्यम से की जा रही है, जो देश में सर्वोत्तम एप है। प्रदेश में 29.85 लाख पूर्ण कार्यों में से 25.21 लाख कार्यों की जियो-टेगिंग की जा चुकी है। आयुक्त रोजगार गारंटी परिषद श्रीमती जी.व्ही. रश्मि ने बताया कि वर्ष 2018-19 में भारत सरकार द्वारा 20 करोड़ मानव दिवस रोजगार का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस दौरान मजदूरी की दर 174 रुपये मानव दिवस के मान से 3480 करोड़ रुपये का भुगतान किया जायेगा।
जनता को सुशासन देना सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री श्री चौहान
3 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जनता को सुशासन देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारीगण जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुये, उसी दिन निराकरण करने का प्रयास करें। श्री चौहान आज यहाँ मंत्रालय में समाधान ऑनलाइन के दौरान 'समाधान एक दिन'' और 'लोक सेवा प्रदाय गारंटी अधिनियम' के अंतर्गत हुई कार्यवाही की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों की दर्जन भर जन शिकायतें सुनी और उनका समाधान तथा संबंधितों को 7 लाख रूपये से अधिक राशि का भुगतान कराया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि लोक सेवा प्रदाय गारंटी अधिनियम के तहत जनता को समय पर सेवायें नहीं उपलब्ध कराने वाले अधिकारियों पर जुर्माना लगाया जाये। उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को बधाई और प्रशस्ति पत्र दिये। साथ ही कमजोर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को प्रदर्शन सुधारने के निर्देश दिये। उन्होंने संबल योजना के अंतर्गत जहाँ पंजीयन कम हुआ है, वहाँ पंजीयन संख्या बढ़ाने के प्रयास करने के निर्देश दिये। सभी पात्र गर्भवती महिलाओं का पंजीयन और प्रसूति सहायता देना सुनिश्चित करने, भूमि का पट्टा देने आदि के निर्देश दिये। इसी तरह आकांक्षी विकासखण्डों में आवश्यक कार्य कराने के निर्देश दिये। किसानों को शेष राशि का शीघ्र भुगतान करें श्री चौहान ने किसानों को चना, मसूर की बिक्री राशि, भावांतर की राशि एवं किसान समृद्धि योजना की शेष प्रोत्साहन राशि का शीघ्र भुगतान करने के अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होंने निर्देशित किया है कि किसानों को अपनी उपज की बिक्री में किसी भी तरह की तकलीफ नहीं होनी चाहिये। कोई भी जायज किसान इससे वंचित नहीं रहना चाहिये तथा इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं होना चाहिये। इस दौरान बताया गया कि 4 से 31 जुलाई तक कृषि उपज मंडियों में उड़द और मूंग की खरीदी की जायेगी। सहरिया, भारिया और बैगा महिलाओं को गत दिसम्बर माह से मिलेंगे एक हजार रूपये मुख्यमंत्री ने विशेष पिछड़ी जनजाति सहरिया, भारिया और बैगा महिलाओं को एक हजार रूपये प्रति माह मिलना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि पैसे की कोई कमी नहीं है। सभी पात्र बहनों को यह राशि विगत दिसम्बर माह से दी जा रही है। जिन हितग्राहियों को यह राशि नहीं मिली है, उनके बैंक खातों में शीघ्र पहुँचायी जाये। वे अपने बच्चों को पौष्टिक आहार दे सकें। उन्होंने चरण पादुका योजना के अंतर्गत शेष बचे हितग्राहियों को शीघ्र जूते-चप्पल, साड़ी एवं पानी की कुप्पी वितरित करने के निर्देश दिये हैं। अपराधियों से पूरी दृढ़ता और कठोरता से निबटें मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया है कि अपराधियों के विरूद्ध सघन अभियान चलाया जाये। साथ ही अवैध शराब और अश्लील साहित्य के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान को और तेज किया जाये। उन्होंने कहा है कि बेटियों की सुरक्षा और सम्मान सरकार के लिये सर्वोपरि है। बेटियों के विरूद्ध होने वाले अपराधों के प्रति पूरी संवेदना रखें तथा अपराधियों से पूरी दृढ़ता और कठोरता से निबटें। उन्होंने बताया कि सतना की घटना में पीड़ित बच्ची को एम्स में इलाज के लिये एयर एंबूलेंस से दिल्ली भेजा गया। बेटियों के अपराधियों को फाँसी की सजा दिलाने का प्रयास मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इसके पहले मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने बेटियों के साथ हुई घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है। इसे गम्भीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इन नराधमों को फाँसी की सजा दिलाने के पूरे प्रयास करें। मंदसौर और सतना की घटनाओं की शीघ्र विवेचना पूरी कर चालान प्रस्तुत किया जाए। ग्वालियर की घटना का चालान प्रस्तुत हो गया है। उसकी जल्दी सुनवायी पूरी कराने तथा इंदौर और धार की घटनाओं पर अपराधियों को न्यायालयों द्वारा फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है, उसकी माननीय उच्च न्यायालय से शीघ्र पुष्टि कराने का प्रयास करें, जिससे अपराधियों को फाँसी पर लटकाया जा सके। श्री चौहान ने स्पष्ट कहा की समाज में ऐसे नरपिशाचों के लिए कोई जगह नही हैं। हम उन्हें फाँसी तक नहीं छोड़ेंगे। 12 आवेदकों की समस्याओं का समाधान हुआ शिवपुरी की तहसील कोलारस के ग्राम अटरनी निवासी इन्द्र सेन ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में 5 लाख रूपये का ऋण लिया था। इसकी अनुदान राशि डेढ़ लाख रूपये प्राप्त हुई। इसी तरह राजगढ़ के ग्राम जोगीपुरा निवासी श्री मांगीलाल सोंधिया की पत्नी की कुंए में गिरने से मृत्यु हो गई थी जो प्रधानमंत्री जन-धन बीमा योजना में बीमित थी। किन्तु कंपनी द्वारा उनका बीमा दावे का भुगतान नहीं किया जा रहा था। समाधान ऑनलाइन में प्रकरण प्राप्त होने पर दो लाख रूपये का भुगतान मिल गया। घटना का विवरण मिलने पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बीमा कंपनी की भूमिका पर गहन अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रकरण की वस्तुस्थिति से केन्द्र सरकार को अवगत करायेंगे। खंडवा, हरसूद के ग्राम प्रतापपुरा निवासी लक्ष्मण सिंह यादव 40 प्रतिशत नि:शक्त है, फिर भी उन्हें नि:शक्त विवाह प्रोत्साहन योजना का लाभ नहीं मिला था। समाधान में आवेदन करने पर उन्हें एक लाख रूपये की सहायता राशि प्राप्त हो गई। कटनी जिले के रीठी विकासखंड गांव बिलेरी निवासी श्री सुनीत कुमार पटेल ने 217 क्विंटल से अधिक धान का समिति मे विक्रय किया था। बोनस की राशि 43 हजार 520 रूपये का भुगतान प्राप्त हो गया। नरसिंहपुर विकासखण्ड चॉपरपाठा गांव अजसरा निवासी श्री विनोद साहू को कृषि विभाग से पाइप क्रय करने के अनुदान की राशि 4500 रूपये का भुगतान मिल गया। खरगोन के विकासखण्ड बड़वाह ग्राम बेतालिया निवासी श्री सुंदरलाल हिरवे को प्रधानमंत्री आवास की चौथी किश्त की मजदूरी का भुगतान 10 हजार 344 रूपये प्राप्त हुआ। बालाघाट तहसील वारासिवनी के गांव कोसते निवासी श्री संतोष मदनकर को मनरेगा की सीमेंट कांक्रीट सड़क निर्माण की 23 दिन की मजदूरी का भुगतान प्राप्त हुआ। ग्वालियर लश्कर निवासी सुश्री रजनी राठौर को बी एड की छात्रवृत्ति राशि 7 हजार 830 रूपये का भुगतान प्राप्त हुआ। दमोह विकासखण्ड जबेरा गांव सिगरामपुर निवासी हरिराम चौधरी को भवन निर्माण मजदूरी का 26 हजार 4 सौ रूपये का भुगतान मिला। सतना के ग्राम रामनगर निवासी श्री वैभव पांडे को विक्रमादित्य छात्रवृत्ति योजना की राशि 2 हजार का भुगतान प्राप्त हुआ। डिंडोरी विकासखण्ड बजंग गांव गीधा निवासी श्री सुरेश कुमार ठाकुर के भवन में आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित छात्रावास रिक्त करने के बाद भी किराया नहीं दिया समाधान में प्रकरण प्रस्तुत करने पर उन्हें शेष किराया राशि एक लाख 52 हजार 216 रूपये प्राप्त हो गए। उत्कृष्ट अधिकारी सम्मानित हुये मुख्यमंत्री श्री चौहान ने लेवल वन स्तर पर मई माह में अधिकतम संतुष्टि के साथ सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों के निराकरण के लिए 9 अधिकारियों को बधाई और प्रशस्ति पत्र दिलवाये। मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित होने वाले अधिकारियों में अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी गुना श्री दीपक मांझी, सहायक यंत्री नगरीय विकास एवं आवास सागर श्री अरविंद पटेरिया, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग मंदसौर, उपायुक्त सहकारिता श्री अशोक कुमार शुक्ला बैतूल, सहायत यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी होशंगाबाद श्री नरेश कुवाल, तहसीलदार होशंगाबाद श्री आलोक पारे, सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग अल्प संख्यक कल्याण जबलपुर श्री आशीष दीक्षित और कनिष्ठ अभियंता ऊर्जा रीवा श्री ए.के.चौधरी शामिल हैं। इसी तरह समाधान एक दिन के उत्कृष्ट प्राधिकारियों को जून माह में शतप्रतिशत प्रकरणों का एक दिवस में निराकरण करने पर सम्मानित किया गया। श्रेणी ए में तहसीलदार लखनादौन जिला सिवनी श्री राकेश कुमार चौरसिया, विकासखंड शिक्षा अधिकारी देवास श्री एफ.बी. मानेकर, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी आगर मालवा श्री जे.सी.राठौर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत आष्टा जिला सीहोर श्री नवल मीणा, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी देवास श्री आर.के. विश्वकर्मा, श्रेणी बी में मुख्य नगर पालिका अधिकारी अमानगंज पन्ना, श्री मोहम्मद हसन, नगर निगम इंदौर के सहायक आयुक्तद्वय श्री निर्रजय भट्ट, श्री शरद पाराशर, तहसील अमानगंज जिला पन्ना श्री रविन्द्र सिंह चौहान और विदिशा के श्री कौरव को सम्मानित किया गया।
प्रदेश में गरीबों के कल्याण और न्याय की अनूठी क्रांति : मुख्यमंत्री श्री चौहान
4 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राज्य सरकार ने अपने खजाने का मुँह गरीबों की ओर मोड़ दिया है। अब प्रदेश में गरीबों की संख्या है, के अनुपात में बजट का हिस्सा गरीबों के लिये दिया जायेगा। मध्यप्रदेश में गरीबों के कल्याण और न्याय की एक अनूठी और नयी क्रांति हो रही है, जिसे पूरा देश देख रहा है। श्री चौहान आज यहाँ मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना में सरल बिजली बिल योजना और मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी योजना के राज्य स्तरीय शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यक्रम में हितग्राहियों को बकाया बिजली बिल माफी के प्रमाण-पत्र भी वितरित किये। गरीबों के विरूद्ध दर्ज बिजली चोरी प्रकरण वापस होंगे मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों के विरूद्ध दर्ज बिजली चोरी और अवैध कनेक्शन आदि के प्रकरण वापिस लिये जायेंगे। गरीबों के 5000 करोड़ से ज्यादा के बिजली बिल माफ होंगे मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में लोगों को बिजली नहीं मिलती थी। हमने पर्याप्त बिजली की व्यवस्था की है। गरीबों को बिजली के बिल की ज्यादा बकाया राशि परेशान करती थी। इसलिये राज्य सरकार ने तय किया है कि जुलाई और अगस्त माह में कैम्प लगाकर गरीब श्रमिकों के बिजली के बिल माफ किये जायें और उन्हें शून्य बिजली बिल के प्रमाण-पत्र दिये जायें। इसकी शुरूआत आज से पूरे प्रदेश में हो रही है। इसमें गरीबों के 5000 करोड़ से ज्यादा के बिल माफ किये जायेंगे। इसके बाद उन्हें हर माह 200 रूपये फ्लेट रेट से बिजली बिल दिये जायेंगे, जिसमें चार बल्ब, दो पंखे, एक कूलर और एक टी.वी. चलाया जा सकेगा। अभी जिन गरीबों के यहाँ बिजली के कनेक्शन नहीं हैं, उनके यहाँ नि:शुल्क बिजली कनेक्शन किये जायेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह धरती भगवान ने सबके लिये बनाई है। संसाधनों पर सबका हक है, परन्तु कुछ लोग अमीर हो गये। उनके पास धन के अकूत भंडार हो गये। बाकी जनता गरीब रह गई और उसके लिये पेट भरना भी समस्या हो गई। राज्य सरकार ने गरीबों के कल्याण केलिये योजनाएँ बनाई हैं। स्वर्गीय पंडित दीनदयाल उपाध्याय कहते थे गरीबों की सेवा में ही परमात्मा के दर्शन होते हैं। राज्य सरकार गरीबों के लिये काम कर रही है। गरीबी हटाने के लिये जिनके पास धन हैं, उन पर टैक्स लगाकर धन लेना और गरीबों को सुविधा के लिये बाँट देने का रास्ता अपनाया गया है। मेहनत गरीब करें, खून-पसीना बहाएँ और उसका आनंद दूसरे लोग उठायें, यह ठीक नहीं है। गरीबों को पूरा हक और न्याय दिया जायेगा। जो भी मेहनत-मजदूरी करते हैं, किसी भी धर्म या जाति के हों, सब गरीब हैं। ढ़ाई एकड़ से कम भूमि वाला किसान भी गरीब है। चार साल में गरीबों के लिये बनेंगे 40 लाख मकान मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार ने सब गरीबों को ताकत देने के लिये संबल योजना बनाई है। इस योजना में गरीबों को सभी सुविधाएं दी जायेंगी। राज्य सरकार ने गरीबों को एक रूपये किलो गेहूँ, चावल और नमक देने की योजना बनाई थी। अब मध्यप्रदेश की जमीन पर कोई गरीब बिना आवास के नहीं रहेगा। गरीबों को जमीन का पट्टा देकर जमीन का मालिक बनाया जायेगा। शहरों में गरीबों को मकान बनाकर दिये जायेंगे। पट्टे की जमीन पर चार साल के अंदर सभी गरीबों को पक्का मकान बनवाकर दिया जायेगा। अगले चार साल में गरीबों के लिये प्रदेश में 40 लाख मकान बनवाये जायेंगे और कोई गरीब बिना मकान के नहीं रहेगा। गरीबों के बेटे-बेटी की फीस राज्य सरकार भरेगी संबल योजना में गरीबों के बेटे-बेटियों की फीस राज्य सरकार भरवाएगी। बच्चे के जन्म पर श्रमिक बहनों को प्रसूति सहायता के रूप में बच्चे के जन्म के पहले 4000 और प्रसव के बाद 12,000 रूपये दिये जायेंगे। गरीब मजदूरों के नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था होगी। मजदूर परिवार में 60 वर्ष से कम उम्र के सदस्य की मृत्यु पर दो लाख, दुर्घटना में मृत्यु होने पर चार लाख और अंत्येष्टि के लिये पाँच हजार रूपये सहायता के रूप में दिये जायेंगे। उन्होंने कहा कि संबल योजना में यदि गरीब मजदूर का पंजीयन रह गया है, तो वह तुरंत करायें। गरीब किसी भी जाति या धर्म के हो, प्रेम से रहें मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जात-पांत के झगड़े बड़े लोग करते हैं। गरीब किसी भी जाति या धर्म के हों, प्रेम से रहें। जब सब गरीब एक साथ होंगे, तो गरीब की ताकत दुनिया देखेगी। प्रदेश में यह गरीबों को न्याय देने की क्रांति है। मध्यप्रदेश में गरीबों को उनका हक देने की क्रांति हो रही है। उन्होंने कहा कि सब गरीब साथ चलें और प्रदेश को बदलने तथा अपना भविष्य बेहतर बनाने का संकल्प लें। शून्य बिजली बिल योजना में लाभान्वित होंगे 81 लाख परिवार 'मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी' योजना मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रतीक स्वरूप कुछ हितग्राहियों को शून्य बिजली बिल के प्रमाण-पत्र और उज्जवला योजना के हितग्राहियों को नि:शुल्क घरेलू गैस कनेक्शन के लाभ वितरित किये। ऊर्जा मंत्री श्री पारस जैन ने कहा कि शून्य बिजली बिल योजना में 5,200 करोड़ रूपये के बिजली के बकाया बिल माफ किये जा रहे हैं। योजना से करीब 81 लाख परिवार लाभान्वित होंगे। कार्यक्रम में पंचायत एंव ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव, सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग, महापौर श्री आलोक शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री मनमोहन नागर, सांसद श्री आलोक संजर, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा और प्रमुख सचिव ऊर्जा श्री आई.सी.पी केसरी सहित बड़ी संख्या में अन्य अन्य जन-प्रतिनिधि और गरीब वर्ग के हितग्राही उपस्थित थे। समारोह के मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोयल ने आगन्तुकों का आभार प्रदर्शन किया।
दतिया में 112 करोड़ रुपए के बकाया बिजली बिल माफ
3 July 2018
जनसम्पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने आज दतिया में मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना के अंतर्गत सरल बिजली योजना और मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल मॉफी योजना के जिला स्तरीय कार्यक्रम में हितग्राहियों को विद्युत बिल माफी के प्रमाण पत्र वितरित किए। इस अवसर पर डॉ. मिश्र ने हितग्राहियों को जानकारी दी कि बिजली के बिल की ज्यादा बकाया राशि गरीबों को परेशान करती थी। इसलिए राज्य सरकार ने तय किया कि जुलाई और अगस्त माह में कैंप लगाकर गरीब मजदूरों के बिजली के बिल माफ किये जाएं और उन्हें शून्य बिजली बिल के प्रमाण पत्र दिये जाऐं। इसकी शुरूआत आज से पूरे प्रदेश में हो रही है। इसके बाद 200 रुपए प्रतिमाह के फलैट रेट पर विद्युत उपयोग किया जा सकेगा। योजना के तहत दतिया में 112 करोड़ रुपए के बिजली बिल माफ किए गए हैं। मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम 2018 के अंतर्गत गरीब वर्ग को आर्थिक राहत प्रदान की गई है। योजना में पंजीकृत हितग्राहियों को बिजली का बिल माफ करने का अभियान पूरे जुलाई माह चलेगा। जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने सरल बिजली प्रचार रथ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
मध्यप्रदेश में "आरोग्यम नाम से विकसित होंगे हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर
3 July 2018
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों/सिविल डिस्पेंसरी को हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर के रूप में विकसित किया जायेगा। इनका नाम मध्यप्रदेश 'आरोग्यम'' (सेहत एवं सुकून केन्द्र) होगा। अगले वर्ष शेष जिलों में हेल्थ एण्ड वेलनेस केन्द्र विकसित किये जायेंगे। उप स्वास्थ्य केन्द्रों को विकसित करने की प्रक्रिया निरन्तर जारी रहेगी। 'हब एण्ड स्पोक्स'' मॉडल पर आधारित कॉम्प्रीहेन्सिव प्रायमरी हेल्थ केयर की अवधारणा पर आगे बढ़ते हुए राज्य ने तय किया है कि पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को प्रभावी रिफरल केन्द्र बनाया जाये, जहाँ सभी 12 तरह की चिन्हित सेवाएँ उपलब्ध हों। इन केन्द्रों पर अन्य सेवाओं के साथ असंचारी रोग डायबिटीज, हायपरटेंशन, ह्रदय रोग तथा कैंसर के बारे में परीक्षण और प्राथमिक उपचार उपलब्ध करवाना राज्य की प्राथमिकता है। मध्यप्रदेश में पीएचसी-हेल्थ एण्ड वेलफेयर सेंटर पर आयुष चिकित्सा सेवाएँ भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं। अभी प्रदेश के 25 जिलों में राजगढ़, सीहोर, बैतूल, रायसेन, विदिशा, अशोकनगर, भिण्ड, गुना, श्योपुर, बड़वानी, खण्डवा, देवास, उज्जैन, डिण्डौरी, बालाघाट, छिन्दवाड़ा, जबलपुर, सिवनी, शहडोल, सतना, अनूपपुर, सिंगरौली, छतरपुर, दमोह और पन्ना को शामिल किया गया है। प्रारंभिक तौर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रवार गैप असेसमेंट एनालिसिस किया गया है। तदनुसार मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर से संबद्ध महत्वपूर्ण मानव संसाधनों यथा चिकित्सा अधिकारी, स्टॉफ नर्स, एएनएम तथा आशा का संबंधित विषयों पर प्रशिक्षण की कार्य-योजना बना ली गई है। तकनीकी सहयोग के रूप में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, भोपाल द्वारा विदिशा जिले में कुछ हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर्स को निरंतर परामर्श दिया जायेगा। प्राथमिक तौर पर राज्य में 51 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को उन्नत कर हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर के रूप में इसी माह से शुरू करने की योजना है।
नरपिशाच धरती पर रहने लायक नहीं, उनकी सजा सिर्फ फांसी है- मुख्यमंत्री श्री चौहान
3 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर, मंदसौर और सतना में मासूम बेटियों से हुई ज्यादती की घटनाओं के संबंध में कहा है कि ये घटनाएं हृदय विदारक हैं, अंदर तक झकझोर देती हैं। जो लोग ऐसा काम करते हैं, वे राक्षस हैं, नरपिशाच हैं। ऐसे लोग धरती पर रहने लायक नहीं हैं। ऐसे व्यक्तियों को फाँसी के फंदे पर लटकाना चाहिये। इसके बिना खौफ पैदा नहीं होगा। श्री चौहान ने आज यहां इलेट्रानिक मीडिया में अपना वक्तव्य देते हुए कहा कि अक्सर देखा गया है कि निचली अदालत में दरिंदों को फाँसी की सजा हो जाती है। फिर ऊपरी अदालतों में प्रकरण जाता है और प्रक्रिया लंबी हो जाती है। दुष्टों को फाँसी देने में देर हो जाती है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में जल्दी सुनवाई के लिये फास्ट ट्रेक कोर्ट बनाने के लिये सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा कि उच्च अदालतों में भी फास्ट ट्रेक कोर्ट बनाकर सुनवाई होना चाहिये ताकि जल्दी से जल्दी ऐसे नरपिशाचों को फांसी हो सके। श्री चौहान ने कहा कि वे अभियान चलायेंगे कि मासूम बेटियों से ज्यादती करने वाले दरिदों को किसी भी कीमत पर फाँसी की सजा मिले। उन्होंने कहा कि बलात्कारियों को जेल से कदापि नहीं छोड़ा जाना चाहिये। ऐसे लोग मानसिक रूप से विकृत हैं। वे दोबारा समाज में आकर फिर घिनौना काम करेंगे। इनका सही ठिकाना यह दुनिया नहीं है। श्री चौहान ने कहा कि मुझे दरिंदगी का शिकार हुई बेटियों के स्वास्थ्य की चिंता है। उनके स्वास्थ्य की रक्षा करना मेरी सरकार का परम कर्तव्य है।
प्रारंभिक असफलताओं से निराश नहीं हों, आगे बढ़ने का साहस रखें-मुख्यमंत्री
3 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने विद्यार्थियों से कहा है कि वे असफलताओं से निराश नहीं हों। आगे बढ़ने की इच्छा और साहस बनाये रखें। एक राह बंद होती है, तो हजारों राहें खुलती हैं। रास्ते हजार हैं। विकल्प बहुत हैं। श्री चौहान आज यहाँ सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में मुख्यमंत्री केरियर काउंसलिंग पहल - 'छू लेंगे आसमां' के अंतर्गत तीसरे चरण की काउंसलिंग में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि केरियर काउंसलिंग स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, आदिम जाति कल्याण और कौशल विकास विभागों का संयुक्त प्रयास है। यह काउंसलिंग 12वीं कक्षा के ऐसे विद्यार्थियों के लिये आयोजित की गई है, जो परीक्षा में अपेक्षित परिणाम नहीं ला पाए । नया इतिहास लिखने केलिये तैयार रहें मुख्यमंत्री ने बताया कि आगामी चार अगस्त को एक लाख बच्चों को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिये विशाल रोजगार मेले का आयोजन किया जायेगा। उन्होंने विद्यार्थियों को नई ऊर्जा के साथ निरंतर आगे बढ़ते रहने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि समय और परिस्थितियां हमेशा बदलती रहती हैं। हमेशा अच्छा होने की उम्मीद रखें। निराशाओं को अपने पास नहीं फटकने दें। आगे बढ़ने का जुनून रखें और नया इतिहास लिखने केलिये तैयार रहें। श्री चौहान ने कहा कि विद्यार्थियों के लिये अनूठी योजनाएं बनाई गई हैं, जिससे पैसों के अभाव के कारण उनकी पढ़ाई बीच में न छूटे। यदि वे अपना काम शुरू करना चाहते हैं, तो किसी प्रकार की बाधा न आये। उन्होंने कहा जीवन में बहुत से ऐसे क्षेत्र हैं, जहाँ कौशल सम्पन्न लोगों की हमेशा जरूरत रहती है। ऐसे क्षेत्रों का चुनाव करें और असफलता से न घबराते हुए फिर से प्रयास करें। जो लगातार कोशिश करते हैं, उनकी हार नहीं होती। निरंतर आगे बढ़ें श्री चौहान ने स्वामी विवेकानंद के वक्तव्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि दुनिया में कोई काम असंभव नहीं है। उन्होंने कहा कि हताश और निराश होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। अपेक्षित परिणाम नहीं लाने पर लोगों की टिप्पणियों पर भी ध्यान देने की जरूरत नहीं है। उन्होने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे कम नंबरों के कारण अपने बच्चों को कमतर नहीं आंकें। उनकी प्रतिभा में कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि हर बच्चे में ईश्वर ने समान प्रतिभा, बुद्धि, क्षमता और ऊर्जा दी है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अपने पर भरोसा रखें। आगे कई रास्ते हैं। कई विकल्प हैं। जीवन में निरंतर आगे बढ़ें। उन्होंने दुनिया के कुछ महान व्यक्तियों का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रारंभिक असफलताओं के बाद उन्होंने ऐसे काम किए, जो आज पूरी दुनिया याद करती है। श्री चौहान ने कहा कि अहंकार से दूर रहें, धैर्य रखें, उत्साह रखें और स्वयं पर विश्वास रखें। आगे बढने का यहीं मंत्र है। स्मार्ट क्लास के लिये बनेगा हाल श्री चौहान ने सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में स्मार्ट क्लास के लिये 200 बच्चों की क्षमता का हाल बनवाने की घोषणा की। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों में केरियर काउंसलिंग केन्द्रों में उपस्थित विद्यार्थियों के सवालों का जवाब दिया और उन्हें उत्साहवर्धक मार्गदर्शन भी प्रदान किया। स्कूल शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी ने कहा कि शिक्षा और कौशल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिये मुख्यमंत्री श्री चौहान के मार्गदर्शन में अनेक योजनाएं तैयार की गई हैं। इन योजनाओं का पूरा लाभ उठायें और अपना केरियर सँवारें। माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष श्री एस.आर. मोहंती ने बताया कि पहले चरण की काउंसलिंग 21 से 31 मई तक आयोजित हुई थी, जिसमें 29 हजार 478 विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिनके नंबर 70 प्रतिशत से ऊपर थे। दूसरे चरण की काउंसलिंग 08 से 15 जून तक आयोजित की गई, जिसमें 70 प्रतिशत तक के विद्यार्थियों शामिल थे। तीसरे चरण की काउंसलिंग में वे बच्चे शामिल हो रहे हैं, जो अपेक्षित परिणाम नहीं ला पाये। तीसरे चरण की काउंसलिंग 355 केन्द्रों में चल रही है। इस अवसर पर मध्यप्रदेश रोजगार बोर्ड के अध्यक्ष श्री हेमंत देशमुख, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी, प्रमुख सचिव आदिम जाति कल्याण श्री एस.एम. मिश्रा एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती जयश्री कियावत ने आभार व्यक्त किया।
निर्वाचन अधिकारियों के 12वें एवं 13वें बैच का प्रशिक्षण जारी
3 July 2018
भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश के तत्वावधान में आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी में निर्वाचन अधिकारियों एवं सहायक निर्वाचन अधिकारियों का 4 दिवसीय प्रशिक्षण प्रारंभ हो गया। प्रशिक्षण 5 जुलाई तक चलेगा। विधानसभा चुनाव के लिये निर्वाचन अमले को निरन्तर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में आठ NLMT प्रशिक्षण दे रहे है। दो बैचों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षणार्थियों को आर.ओ. हेड बुक, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन और वी.वी.पैट., मैनुअल मॉडल कोड ऑफ कन्डक्ट, कंपेडियम ऑन, पेड न्यूज, अति संवेदनशील मानचित्र मैनुअल, दिव्यांग व्यक्तियों को सुविधाएँ प्रदाय करने संबंधी अनुदेश, निर्वाचन व्यय एवं मतदान केन्द्र का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
ग्रेडिंग में सुधार के लिए विद्यार्थियों के हेप्पीनेस पर ध्यान दें : राज्यपाल
2 July 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि विश्वविद्यालयों को अपनी नेक ग्रेडिंग में सुधार के लिए अधोसंरचना उन्नयन के साथ-साथ विद्यार्थियों के हेप्पीनेस पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को यूजीसी की ग्रांट सहित केन्द्र और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों की उन योजनाओं को लागू करने का प्रयास करना चाहिए, जिससे विभागों से भी ग्रांट प्राप्त हो सके। राज्यपाल ने यह बात आज प्रदेश के शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से नेक ग्रेडिंग और रूसा परियोजना पर चर्चा के दौरान कही। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री बी.आर. नायडू, आयुक्त उच्च शिक्षा श्री अजीत कुमार, यूजीसी की अतिरिक्त सचिव डॉ.श्रीमती रेणू वत्रा, राज्यपाल के सचिव श्री भरत पी महेश्वरी तथा कुलपति उपस्थित थे। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि सभी विश्वविद्यालय शिक्षण सत्र 2018 का दीक्षांत समारोह दिसम्बर माह तक आयोजित करने का प्रयास करें। उन्होंने कुलपतियों को 'गांधी 150' के तहत 2 अक्टूबर 2018 से एक वर्ष में कम से कम 150 दिन के कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाने तथा 15 अगस्त को केम्पस में ध्वजारोहण तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिये। उन्होंने अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री बी.आर. नायडू को इस संबंध में एक समिति बनाने के निर्देश दिये। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में जहां-जहां गांधी जी गये हैं, उन स्थलों का छात्र-छात्राओं को भ्रमण करवायें तथा महिलाओं के लिए एक यूनिट बनायें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के 'आइ एम फिट- इंडिया फिट चैलेंज' के अनुरूप विद्यार्थियों में भी दूसरे को चैलेंज देने की भावना विकसित करना चाहिए। इसके लिए विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, प्रायमरी से लेकर हायर सेकेण्डरी स्कूल तक के छात्र-छात्राओं की दौड़, साइकिल प्रतियोगिता, तथा अन्य चुनौतीपूर्ण खेलकूद तथा प्रतियोगिताएं आयोजित करना चाहिए। उन्होंने गुगल पर सर्च कर योग दिवस पर विश्व में योग के संबंध में आयोजित प्रतियोगिताओं की जानकारी प्राप्त कर उससे अधिक योग प्रतियोगिता आयोजित कर योग में विश्व रिकार्ड बनाने तथा गिनीज बुक में प्रदेश का नाम दर्ज कराने के प्रयास करने को भी कहा। राज्यपाल ने कहा कि चीन और जापान जैसे देशों में भारत से योग गुरू की मांग की गई है। इसके लिए विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं को योग शिक्षा देने के साथ-साथ चीनी और जापानी भाषा में योग का अनुवाद कर छात्रों को चीनी और जापानी में प्रशिक्षित किया जाये ताकि विदेशों में उन्हें रोजगार मिल सके। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के बच्चों की पढ़ाई तथा स्थिति की पूरी जानकारी तैयार कर राजभवन को भेजने के भी निर्देश दिये। राज्यपाल ने कहा कि एक भारत-श्रेष्ठ भारत के तहत मध्यप्रदेश और मणिपुर के बच्चों के सांस्कृतिक दलों के आदान-प्रदान के लिए कम से कम 10 छात्रों को दस शब्द मणिपुरी में अनुवाद कर याद कराये जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि रोस्टर का सभी विश्वविद्यालय पालन करें तथा मैनेजमेंट में सुधार किया जाये। इस संबंध में शिकायत नहीं आना चाहिए। गांव गोद लेने के बारे में राज्यपाल ने कहा कि राज्य और केन्द्र सरकार की योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक पहुंच रहा है या नहीं, इस बारे में छात्र-छात्राओं से शोध करवाकर राजभवन को पूरी रिपोर्ट भेजें। इस अवसर पर सभी विश्वविद्यालयों ने उच्च नेक ग्रेडिंग प्राप्त करने में आने वाली कमियों तथा उनमें सुधार के बारे में विस्तार से बताया।
महिलाओं, बच्चों और युवाओं को आगे बढ़ाने के प्रयासों में समाज सक्रिय सहयोग करें : मुख्यमंत्री श्री चौहान
3 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि महिलाओं, बच्चों और युवाओं को आगे बढ़ाने के प्रयासों में समाज सक्रिय सहयोग करें। उन्होंने बताया कि सरकार ने गरीबों, प्रतिभावान विद्यार्थियों और युवाओं के विकास के लिये कई योजनाएं लागू की हैं। योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों को मिलें। समाज को यह उत्तरदायित्व लेना होगा। श्री चौहान आज मुख्यमंत्री निवास में अखिल भारतीय किरार, धाकड़, क्षत्रिय महासभा द्वारा आयोजित सम्मान समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर विधायक श्री रामकृष्ण पटेल, महासभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री शिवाजी पटेल और बड़ी संख्या में महासभा के पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सामाजिक क्षेत्र में कार्य के लिये महिलाओं को प्रेरित करने, प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को परीक्षा पूर्व तैयारियों और छात्रावासों, धर्मशालाओं आदि जनउपयोगी सामुदायिक भवनों के निर्माण के लिये एकजुट प्रयासों की जरूरत बताई है। उन्होंने कहा कि संबल योजना, मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना, उद्यमी और स्वरोजगार योजनाओं के पात्र परिवारों और हितग्राहियों को प्रेरित और चिन्हित करने के लिये समाज आगे आयें। महासभा टास्क फोर्स बनाकर सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के पात्रों को चिन्हित करें। पात्रतानुसार लाभान्वित किये जाने वाले व्यक्तियों और परिवारों की सूची बनायें। महासभा का आव्हान किया कि वे समाज के कमजोर और जरूरतमंदों की मदद के लिये सामूहिक प्रयास करें। बोहरा समाज का उदाहरण देते हुये कहा कि समाज के सदस्य आपस में राशि एकत्र कर जरूरतमंद परिवार को आगे बढ़ाने में सहयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने गरीबी को हटाने के लिये, उनको सुविधाएं देने की दुनिया की सबसे प्रभावी योजना संबल लागू की है। योजना के तहत पंजीकृत गरीब और निम्न-मध्यम वर्गीय परिवारों के चिन्हित शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश पाने वाले बच्चों को अंक प्रतिशत बंधन के बिना लाभान्वित किया जायेगा। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिये कार्य करने को कहा। समाज की बहनों द्वारा पिपरिया में सामूहिक विवाह का संचालन किये जाने के प्रयासों की सराहना की। बताया कि दहेज प्रथा को खत्म करने का नागर-धाकड़ समाज ने आदर्श प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने एक वर्ष के दौरान किसानों के बैंक खातों में विभिन्न योजनाओं के तहत 33 हजार करोड़ रूपये जमा करवाये हैं। किसान उनकी पासबुकों को अद्यतन करा लें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि एकजुट होकर किये जाने वाले प्रयास व्यापक और भव्य हो सकते हैं। इसका विराट स्वरूप अखिल भारतीय किरार, धाकड़, क्षत्रिय महासभा द्वारा आयोजित परिचय सम्मेलन ने प्रस्तुत किया है। उन्होंने महासभा द्वारा सम्मेलन में सामूहिक विवाह और प्रदर्शनी के आयोजनों की सराहना करते हुए और बड़े स्तर पर सामूहिक विवाह कराये जाने की अपेक्षा की। मुख्यमंत्री ने परिचय सम्मेलन में प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से सहयोग करने वालों को बधाई दी तथा सम्मान किया। कार्यक्रम में गीत भी गाया। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती साधना सिंह ने महासभा की गतिविधियों का विवरण देते हुये कहा कि महासभा द्वारा प्रकाशित स्मारिका में रिकार्ड 1490 बायोडेटा का प्रकाशन किया गया। पूर्ण सांस्कृतिक मान्यताओं और वैवाहिक रस्मों के अनुसार सामूहिक विवाह कार्यक्रम सम्पन्न हुये। परिचय सम्मेलन में सहयोग करने वाले सदस्यों के प्रति आभार ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से ही समाज आगे बढ़ेगा। महासभा के कार्यों में सब की समान जिम्मेदारी है। इसे सबको मिलकर करना है। उन्होंने परिचय सम्मेलन से जुड़ी जिम्मेदारियों, आमंत्रण, आवास, परिवहन, पंजीयन, परिचय पत्र, भोजन, पेयजल, स्मारिका प्रकाशन, सामूहिक विवाह और मंचीय व्यवस्थाओं आदि से जुड़ी समितियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन किया। आयोजन के लिये सहयोग राशि, परिवहन और आवास व्यवस्था में सहयोग करने वालों के प्रति भी आभार ज्ञापित किया। समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री प्रेमनारायण पटेल ने कहा कि महासभा द्वारा आयोजित परिचय सम्मेलन ने समाज की एकता को नई दिशा देने का कार्य किया है। यह सफलता, महासभा के कुशल नेतृत्व, समन्वय, सम्पर्क, संगठन और विनम्र व्यवहार से संभव हुई है। समाज की ओर से अध्यक्ष का धन्यवाद ज्ञापन किया। कहा कि सम्मेलन में सामूहिक विवाह की व्यवस्थाओं की समाज में बहुत सराहना हो रही है। सामूहिक विवाह के प्रति समाज में नई चेतना विकसित हुई है। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों द्वारा भगवान बलराम के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलित किया गया। वंदे मातरम् का गायन हुआ। कार्यक्रम का संचालन नगर निगम अध्यक्ष श्री सुरजीत सिंह चौहान ने किया।
बुन्देलखण्ड में 38 हजार 598 करोड़ की सिंचाई परियोजनाओं का काम जारी
3 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जो अब तक कभी नहीं हुआ, वो हम कर दिखायेंगे। खेती और सिंचाई के मामले में हम मध्यप्रदेश को दुनिया का सर्वोत्तम राज्य बनायेंगे। उन्होंने कहा कि बुन्देलखंड अंचल में वर्तमान में 38 हजार 598 करोड़ रूपये लागत की सिंचाई परियोजनायें चल रही हैं। इनका काम पूरा होने पर बुन्देलखण्ड अंचल के पांच जिलों के 25 लाख एकड़ भू-रकबे में सिंचाई होगी। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान आज सागर जिले के खुरई में लगभग 4 हजार करोड़ लागत की बीना नदी संयुक्त सिंचाई परियोजना के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान ने इस मौके पर परियोजना का ऑनलाइन ई-शिलान्यास किया। यह परियोजना पूर्ण होने पर खुरई, बीना एवं सुरखी विधानसभा क्षेत्र के 90 हजार हैक्टेयर रकबे में सूक्ष्म सिंचाई पद्धति से सिंचाई होगी। इस परियोजना के अंतर्गत करीब 21 मेगावाट जल-विद्युत का उत्पादन भी किया जायेगा। 'पर ड्राप-मोर क्रॉप' सिंद्धांत की होगी सिंचाई परियोजनाएँ मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि 'पर ड्राप-मोर क्रॉप' सिद्वांत के आधार पर मध्यप्रदेश में नई परियोजनायें मंजूर की जा रही हैं। इसमें नहर प्रणाली में भूमिगत पाईप लाइन बिछाकर उच्च दबाव पर जल प्रदाय कर सूक्ष्म सिंचाई पद्वति को अपनाया जा रहा है। श्री चौहान ने कहा कि दस बरस पहले तक प्रदेश में मात्र 7.50 लाख हेक्टेयर रकबे में सिंचाई होती थी, जो वर्ष 2017-18 में बढ़कर 40 लाख हेक्टेयर तक हो गयी है। अगले पांच सालों में प्रदेश की 80 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचित कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड में बण्डा, बाणसुजारा, पवई सिंचाई परियाजनाओं पर काम जारी है। केन-बेतवा लिंक परियोजना पर उत्तरप्रदेश से चर्चा चल रही है। इस परियोजना से मध्यप्रदेश के हक का एक-एक बूंद पानी बुन्देलखण्ड को दिलाने की तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में प्रस्तावित अन्य सिंचाई परियोजनाओं का भी जल्द ही भूमि-पूजन किया जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि बीना नदी संयुक्त सिंचाई परियोजना की एजेन्सी तय कर दी गयी है। कॉन्ट्रैक्टर भी आ चुका है। अब इस परियोजना पर तेजी से काम पूरा किया जायेगा। नीति, नीयत और नेतृत्व से निकलती है विकास की राह मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नीति, नीयत और नेतृत्व ठीक हो, तो विकास की राह निकल ही आती है। हमारी सरकार गांवों, गरीबों, किसानों, खेतों, खलिहानों और प्रदेश के हर नागरिक के चेहरे पर विकास की मुस्कान लाने के लिये कार्य कर रही है। सरकार ने गरीबों के लिये सभी द्वार खोल दिये हैं। मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना में प्रदेश के हर गरीब के लिये रोटी, कपड़ा, मकान, पढ़ाई-लिखाई, दवाई से लेकर रोजगार तक की व्यवस्था हमने की है। हमने यह कानून बनाया है कि प्रदेश में रहने वाले हर गरीब व्यक्ति को जमीन का मालिक बनाया जायेगा। उसे आवासीय पट्टा देकर उसका पक्का मकान भी बनवाया जायेगा। प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री अन्त्योदय आवास योजना के तहत हमारी सरकार अगले चार सालों में 40 लाख गरीबों को पक्का मकान बनवाकर देगी। गरीब व्यक्ति के बच्चों की पढ़ाई की फीस सरकार भरेगी। इलाज का खर्च भी सरकार वहन करेगी। श्रमिक गर्भवती महिलाओं को 16 हजार रूपये दिये जायेंगे। सरल बिजली बिल योजना के तहत 200 रूपये पर फ्लैट रेट पर बिजली दी जायेगी। सामान्य मृत्यु पर 2 लाख और दुर्घटना मृत्यु पर 4 लाख रूपये दिये जायेंगे। अंत्येष्टि सहायता के रूप में 5 हजार रूपये नकद दिये जायेंगे। उन्होंने कहा कि गरीबों और किसानों के लिये सरकार सदैव उनके साथ खड़ी है। गृह मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि इस परियोजना में पाईप के माध्यम से पानी खेतों तक लाया जायेगा और ड्रिप पद्धति से सिंचाई होगी। श्री सिंह ने कहा दो-तीन वर्ष के अंदर पूरे क्षेत्र में पानी पहुंच जायेगा। उन्होंने कहा सागर जिले के किसानों के लिए फसल बीमा के रूप में 242 करोड़ रूपये तथा सूखा राहत में 158 करोड़ रूपये वितरित किये गये हैं। साथ ही जिले में समर्थन मूल्य पर 300 करोड़ रूपये से अधिक की राशि किसानों के खातों में डाल दी गयी है। कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव, सांसद श्री लक्ष्मीनारायण यादव, विधायक इंजी. प्रदीप लारिया, श्री महेश राय और श्री वीरसिंह पंवार, सागर के महापौर श्री अभय दरे, स्थानीय जनप्रतिनिधि के अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीण जनसमुदाय मौजूद था।
पत्रकारिता विश्वविद्यालय भवन का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ करायें - उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल
3 July 2018
उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भवन के निर्माण के लिये 30 करोड़ रूपये की राशि मंजूर की गई है। इसके लिये मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड को निर्माण एजेंसी निर्धारित कर दिया गया है। श्री शुक्ल ने रीवा में भवन निर्माण की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि रीवा पत्रकारिता विश्वविद्यालय भवन का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ करायें। उद्योग मंत्री ने इसके लिये निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य पूरा करायें। यह विश्वविद्यालय विन्ध्य क्षेत्र ही नहीं पूरे प्रदेश के लिये बड़ी सौगात होगी। श्री शुक्ल ने अधिकारियों से भवन निर्माण के तकनीकी पक्षों की जानकारी ली।
संबल योजना गरीबों के कल्याण का नया इतिहास रचेगी : मुख्यमंत्री श्री चौहान
3 July 2018
मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना में अब तक एक करोड़ 83 लाख श्रमिकों का पंजीयन किया गया है। इस योजना में मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी योजना में 5 हजार 179 करोड़ रूपये के बिजली के बकाया बिल माफ होंगे। बिजली बिल माफी के लिये अब तक प्रदेश में 16 लाख हितग्राहियों ने पंजीयन करवाया है। सरल बिजली बिल योजना में कर्मकार मंडल के श्रमिक भी शामिल किये गये हैं। योजना का शुभारंभ 3 जुलाई से हो रहा है। इसके बाद योजना में पंजीकृत श्रमिकों को 200 रूपये प्रति माह की फ्लेट दर से बिजली के बिल दिये जायेंगे। यह जानकारी आज यहाँ योजना की समीक्षा के लिये मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा ली गई वीडियो कान्फ्रेंसिंग में दी गई। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बैठक में कहा कि इस योजना के माध्यम से प्रदेश में गरीबों के कल्याण का नया इतिहास रचा जा रहा है। इस योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिये सब मिलकर जुट जायें। वीडियो कान्फ्रेंस में मंत्रिमंडल के सदस्य, प्रशासनिक अधिकारी और जिलों में विधायक और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि संबल योजना गरीबों की जिन्दगी बदलने का अभियान है। इसके माध्यम से गरीबों को सामाजिक सुरक्षा दी जा रही है। इसके क्रियान्वयन में पूरी ताकत से जुट जायें। कोई भी पात्र श्रमिक योजना में पंजीयन कराने से नहीं छूटे, यह सुनिश्चित करें। वे स्वयं प्रति दिन योजना की समीक्षा करेंगे। बिना चिकित्सा के कोई गरीब नहीं रहे, इसके लिये उन्हें नि:शुल्क चिकित्सा सहायता योजना का लाभ दिलवायें। मुख्यमंत्री जन-कल्याण शिक्षा प्रोत्साहन योजना के बारे में जागरूकता लायें। मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी योजना का दूसरा चरण आगामी 11 जुलाई को आयोजित किया जायेगा। मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना में सभी पंजीकृत श्रमिकों को स्मार्ट कार्ड आगामी 10 से 30 जुलाई के बीच वितरित किये जायेंगे। योजना के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत और नगरीय क्षेत्र में वार्ड स्तर पर चयनित पाँच-पाँच संबल सहयोगियों का प्रशिक्षण आयोजित किया जाये। मुख्यमंत्री जन-कल्याण संबल योजना में जिन जिलों में पंजीयन कम हुआ है वहाँ फिर से शिविर लगाकर पंजीयन करवायें। कलेक्टर प्रतिदिन योजना की समीक्षा भी करें। 61 हजार 284 हितग्राहियों को 40 करोड़ रूपये की प्रसूति सहायता बैठक में बताया गया कि संबल योजना के तहत अंत्येष्टि सहायता श्रमिक परिवार में किसी भी आश्रित सदस्य की मृत्यु पर दी जायेगी। इसमें आयु सीमा का कोई बंधन नहीं रहेगा। इसी योजना के तहत प्रसूति सहायता के लिये अब तक 61 हजार 284 हितग्राहियों को 40 करोड़ रूपये की सहायता दी गई है। योजना में नि:शुल्क चिकित्सा सहायता दो लाख रूपये तक की दी जायेगी। मुख्यमंत्री जन-कल्याण शिक्षा प्रोत्साहन योजना में स्मार्ट कार्ड बताने पर विद्यार्थियों की फीस राज्य सरकार द्वारा भरी जायेगी। बिजली बिल बकाया माफी योजना के तहत पूर्व में धारा 126, धारा 135 और धारा 138 के प्रकरणों में राहत दी जायेगी। मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना के तहत संबल सहयोगियों को प्रशिक्षण देने के लिये चयनित मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण आगामी 12 जुलाई को प्रशासन अकादमी में आयोजित होगा। मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना में लाभ वितरण के दूसरे चरण के कार्यक्रम 04 अगस्त को आयोजित होंगे। वीडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनीस, लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह, सामान्य प्रशासन एवं नर्मदा घाटी विकास राज्य मंत्री श्री लाल सिंह आर्य, स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी और मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह उपस्थित थे।
मंत्रालय पार्क में हुआ सामूहिक वंदे-मातरम गायन
2 July 2018
सामान्य प्रशासन एवं नर्मदा घाटी विकास राज्यमंत्री श्री लाल सिंह आर्य की उपस्थिति में आज राष्ट्रगीत वंदे-मातरम का सामूहिक गायन मंत्रालय स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में संपन्न हुआ। इस अवसर पर पुलिस बैंड ने मधुर धुनें प्रस्तुत की। वंदे-मातरम गायन में अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन श्री प्रभांशु कमल, प्रमुख सचिव महिला बाल विकास श्री जे.एन. कसोंटिया, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य विभाग श्री एस.एन. मिश्रा, प्रमुख सचिव गृह श्री मलय श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री अशोक वर्णवाल, प्रमुख सचिव सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उदयम विभाग श्री बी.एल. कांताराव, प्रमुख सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्रीमती नीलम शमी राव, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी तथा प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री हरिरंजन राव सहित मंत्रालय, सतपुड़ा एवं विंध्याचल भवन के अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित थे।
आयुष्मान भारत" योजना 15 अगस्त से होगी लाँच
2 July 2018
मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन की 'आयुष्मान भारत' योजना 15 अगस्त 2018 से लागू की जाएगी। योजना में सामाजिक, आर्थिक और जातीय जनगणना (एस.ई.सी.सी.) के आधार पर वंचित श्रेणी के 84 लाख परिवारों को शामिल किया गया है। इस योजना का लाभ असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के परिवारों और खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम के पात्रता पर्ची वाले सभी परिवारों को भी दिया जायेगा। योजना में शामिल परिवारों को प्रति परिवार 5 लाख रुपये प्रतिवर्ष स्वास्थ्य सुरक्षा कवच उपलब्ध करवाया जायेगा। योजना का लाभ शासकीय और निजी चिकित्सालयों के माध्यम से कैशलेस रूप में दिया जायेगा। इससे शासकीय अस्पतालों को उन्नत किया जा सकेगा और निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं की उपलब्धता भी बढ़ेगी। योजना के लागू होने पर प्रदेश के नागरिकों पर उपचार के आउट ऑफ पॉकेट खर्च में भी कमी आयेगी। प्रदेश में असंगठित श्रेणी के मजदूरों के लगभग 20 लाख परिवार है। पात्रता पर्ची वाले ऐसे परिवार जो एस.ई.सी.सी. के आधार पर वंचित श्रेणी में शामिल नहीं है, उनकी संख्या लगभग 34 लाख है। इस प्रकार लगभग एक करोड़ 37 लाख परिवारों के लगभग साढ़े 5 करोड़ से अधिक सदस्यों को इस योजना में स्वास्थ्य सुरक्षा कवच उपलब्ध होगा। प्रति परिवार 1200 रुपये की दर से कुल 1648 करोड़ रुपये के व्यय का अनुमान है। एस.ई.सी.सी. के 84 लाख परिवारों के लिये 600 करोड़ रुपये की ग्रांट-इन-एड भारत सरकार के केन्द्रांश के रूप में प्राप्त होगी और 400 करोड़ राज्यांश देना होगा। असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के परिवारों और खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम में पात्रता पर्ची वाले परिवारों को योजना का लाभ देने पर लगभग 648 करोड़ का अतिरिक्त व्यय होगा, जो राज्य शासन वहन करेगा। योजना के क्रियान्वयन के संबंध में नेशनल हेल्थ एजेन्सी भारत सरकार के साथ एक एमओयू सम्पादित किया गया है। प्रदेश में तेलंगाना और कर्नाटक राज्य के समान इस योजना को राज्य स्तर पर एक ट्रस्ट/ सोसायटी का गठन कर संचालित किया जायेगा। सोसायटी गठन के लिये रजिस्ट्रार फर्म एवं सोसायटी को ऑनलाइन आवेदन कर दिया गया है। योजना के क्रियान्वयन में सहयोग के लिये सेवा प्रदाता एजेन्सी की सेवाएँ खुली निविदा के माध्यम से ली जायेगी। भारत सरकार द्वारा 1350 चिकित्सा प्रोसिजर्स के पैकेज उपलब्ध करवाये गये हैं। इन प्रोसिजर्स को चार श्रेणी - सेकेण्डरी प्रोसिजर्स, सेकेण्डरी काम्पलेक्स, टर्सरी प्रोसिजर्स और सुपर स्पेशियलिटी में विभाजित किया गया है। सेकेण्डरी प्रोसिजर्स जिला अस्पताल के स्तर के लिये तथा सेकेण्डरी काम्पलेक्स प्रोसिजर्स चिकित्सा महाविद्यालयों के लिये आरक्षित रहेगी। शेष सभी प्रोसिजर्स निजी और शासकीय चिकित्सालयों के लिये खुली रहेगी। निजी अस्पतालों को योजना में इम्पैनल करने के लिये मापदंड निर्धारण की कार्यवाही की जा रही है। वर्तमान में राज्य बीमारी सहायता योजना में मान्य अस्पतालों को इस योजना में मान्यता दी जायेगी। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप एस.ई.सी.सी. के वंचित श्रेणी परिवारों की सूचियों का सत्यापन कार्य भी स्वास्थ्य विभाग ने पूरा करा लिया है। सर्वे के दौरान परिवारों के संबंध में मोबाइल और राशन कार्ड नम्बर (समग्र परिवार आईडी) की जानकारी तथा परिवार के नये सदस्यों के नाम एकत्रित किये गये हैं। इसकी डॉटाएन्ट्री का कार्य विकासखंड स्तर पर किया जा रहा है।
उज्जवला योजना से केसरबाई, रामकली सहित 83,588 महिलाओं को मिली राहत
2 July 2018
अब रायसेन जिले में ओबेदुल्लागंज की केसरबाई, रामकली बाई और जमुना बाई की तरह गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रही 83,588 महिलाओं को खाना बनाने के लिये चूल्हा नहीं फूँकना पड़ता। इन महिलाओं के पास घरेलू गैस हैं। इन महिलाओं को प्रधानमंत्री उज्जवला योजना से मुफ्त में घरेलू गैस कनेक्शन में गैस चूल्हे और गैस सिलेण्डर दिये गये है। रायसेन जिले में गरीब परिवारों की महिलाओं ने नि:शुल्क घरेलू गैस कनेक्शन मिल जाने से राहत की साँस ली है। अब इन महिलाओं को खाना बनाने के लिये लकड़ी-कण्डा इकट्ठा नहीं करना पड़ता। खाना जल्दी बन जाता है और आखों को जलन की परेशानी भी नहीं झेलनी पड़ती। घर काला नहीं होता बल्कि पहले से अधिक साफ-सुथरा रहता है। खाना बनाने से बचने वाले समय का सदुपयोग ये महिलायें घर की भलाई के कामों में कर रही हैं।
कड़कनाथ योजना से करवाई बेटियों की पढ़ाई
2 July 2018
झाबुआ जिले के ग्राम धमोई की 8वीं कक्षा पास चम्पा निनामा की तीन बेटियाँ अच्छा पढ़-लिखकर सम्मान जनक नौकरी कर रही हैं। बेटियों को पालने-पोसने और पढ़ाने-लिखाने में चम्पा को राज्य सरकार की कड़कनाथ मुर्गा पालन योजना से भरपूर मदद मिली चम्पा निनामा गरीब परिवार की उत्साही और महत्वाकांक्षी महिला है। खुद तो गरीब के कारण कक्षा 8वीं के बाद नहीं पढ़ सकी थी, लेकिन बेटियों को पढ़ा-लिखाकर आत्म-निर्भर बनाना चाहती थी। चम्पा ने कड़कनाथ मुर्गा पालन योजना में चूजे लेकर उन्हें अच्छे से पाला-पोसा। तीन साल से चम्पा अपनी कड़कनाथ मुर्गा यूनिट से हर साल एक लाख रूपये से भी अधिक की कमाई आसानी से कर रही है। बेटियाँ पढ़-लिखकर अच्छी नौकरी में लग गई हैं। अब निश्चित होकर कड़कनाथ मुर्गा यूनिट को बढ़ाने में लगी है चम्पा निनामा।
मुख्यमंत्री श्री चौहान 4 हजार करोड़ की बीना सिंचाई परियोजना का करेंगे शिलान्यास
1 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान 2 जुलाई को सागर जिले के खुरई में लगभग 4 हजार करोड़ रुपये लागत की बीना सिंचाई परियोजना का शिलान्यास करेंगे। केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री अनंत कुमार शिलान्यास समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। समारोह में जल संसाधन मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव और गृह मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे। बीना सिंचाई परियोजना से बुंदेलखंड अंचल के 4033 गाँव की 90 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि में सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी। इस परियोजना के अन्तर्गत बीना नदी पर मड़िया और चकरपुर में बाँध बनाये जायेंगे। इस परियोजना से अंचल के 331 ग्रामों की पेयजल समस्या का निराकरण होगा। यह परियोजना बुंदेलखंड अंचल में त्रि-फसलीय व्यवस्था को कारगर करने में सहायक सिद्ध होगी। आने वाले 4 वर्षों में इस परियोजना से सम्पूर्ण सैंच्य क्षेत्र में सिंचाई की जा सकेगी। परियोजना के निर्माण से 1324 परिवार प्रभावित होंगे, जिनके पुनर्वास के लिये ग्राम बेरखेड़ी में 48 हेक्टेयर जमीन आवंटित कर दी गई है।
मंत्री डॉ. मिश्र ने आवासीय हितग्राहियों को बाँटे 2.70 करोड़
1 July 2018
जनसंपर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने शनिवार को दतिया जिले के ग्राम बड़ौनी में प्रधानमंत्री आवास योजना में 270 हितग्राहियों को एक-एक लाख रूपये के मान से कुल दो करोड़ 70 लाख रूपये की द्वितीय किश्त प्रदान की। डॉ. मिश्र ने कहा कि अब सभी गरीबों के पास पक्के मकान होंगे। एक अन्य कार्यक्रम में मंत्री डॉ. मिश्र ने श्रमिकों के कल्याण के लिए संचालित संबल योजना की विस्तार से जानकारी प्रदान की। जनसम्पर्क मंत्री ने दतिया जिला पंचायत के कार्यक्रम में विद्यार्थियों को लैपटॉप और दिव्याँगों को व्हील चेयर्स भी प्रदान कीं।
मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा श्री कैलाश विजयवर्गीय की माताजी के निधन पर शोक व्यक्त
1 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने पूर्व मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय की माताजी श्रीमती अयोध्या देवी विजयवर्गीय के निधन पर गहन शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने परमपिता परमात्मा से पुण्य आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान देने, परिजनों को गहन दुख सहन करने की क्षमता प्रदान करने की प्रार्थना की है। श्रीमती अयोध्या देवी विगत एक सप्ताह से चिकित्सालय में उपचाराधीन थी। गत रात्रि 93 वर्ष की आयु में उनका इंदौर में निधन हो गया।
प्रदेश में एक जुलाई से सरल बिजली और मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम
30 Jun 2018
मध्यप्रदेश के लिये एक जुलाई 2018 ऐतिहासिक दिन साबित होने जा रहा है। इस दिन से मध्यप्रदेश सरकार लाखों पंजीकृत श्रमिकों और बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ताओं को बिजली के मामले में बहुत बड़ी राहत देने जा रही है। कम आय वाले श्रमिक और बीपीएल उपभोक्ताओं को अब बिजली के बड़े बिल को लेकर चिंता नहीं करनी होगी। पंजीकृत श्रमिकों को प्रति माह बिजली बिल मात्र 200 रूपये का भुगतान करना होगा। इससे ज्यादा राशि का बिल आने पर उसकी पूर्ति राज्य शासन द्वारा सब्सिडी देकर की जायेगी। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की पहल और मंशा के अनुरूप मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना-2018 में पंजीकृत श्रमिकों को बिजली बिलों में राहत देने के लिये एक जुलाई से व्यापक स्तर पर सरल बिजली बिल स्कीम एवं मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम को लागू किया जा रहा है। सरल बिजली बिल स्कीम का लाभ 88 लाख पंजीकृत श्रमिकों को मिलेगा। मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम से 77 लाख पंजीकृत श्रमिक और बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ता लाभांन्वित होंगे। सरल बिजली बिल स्कीम में शामिल होने के लिये कोई अंतिम तिथि नहीं होगी। वितरण केन्द्रों में हितग्राहियों को लाभ देने की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। जहां मीटर स्थापित होंगे, वहां उनमें अंकित खपत के आधार पर बिल की राशि की गणना की जायेगी। ग्रामीण क्षेत्रों के अनमीटर्ड संयोजनों पर विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित दरों से बिल की गणना की जायेगी। उपभोक्ता को केवल 200 रूपये प्रति माह देने होंगे, शेष राशि की सब्सिडी शासन द्वारा दी जायेगी। पात्रताधारी परिवारों को बिना कनेक्शन प्रभार लिये (नि:शुल्क) बिजली कनेक्शन की सुविधा दी जायेगी। राज्य शासन वार्षिक सब्सिडी के रूप में एक हजार करोड़ रूपये उपलब्ध करायेगा। हितग्राही के स्वयं उपभोक्ता होने पर स्कीम का लाभ मिलेगा। उपभोक्ता परिवार का सदस्य होने और साथ में निवास करने पर भी लाभ की पात्रता रहेगी। इसके लिये परिवार का सदस्य वही माना जायेगा, जो समग्र डाटाबेस में परिवार के रूप में दर्ज होगा। उपभोक्ता के चाहने पर 500 रूपये के स्टाम्प पर नामांतरण की सुविधा रहेगी। एयर कंडीशनर (ए.सी.), हीटर, एक हजार वॉट से अधिक के उपभोक्ता योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में स्कीम के तहत सुविधा केवल बल्ब, पंखा और टी.वी. चलाने पर ही मिलेगी। एक हजार वॉट में 4 बल्ब, 2 पंखे, एक टीवी और एक कूलर चल सकेंगे। कैसे करें आवेदन हितग्राही को विद्युत वितरण कंपनी के केन्द्र या जोन या इसके लिये लगाये जा रहे केम्प में निर्धारित फार्म में आवेदन देना होगा। आवेदन में केवल श्रमिक पंजीयन नंबर ही देना होगा। स्कीम में शामिल होने के लिये कोई शुल्क नहीं लिया जायेगा। बिजली का बिल आवेदन का परीक्षण कर पात्र हितग्राहियों का जुलाई का बिल जो अगस्त में आयेगा, उसमें अधिकतम 200 रूपये भुगतान करने का उल्लेख होगा। बिल में उपभोक्ता द्वारा दी जाने वाली राशि और शासन की सब्सिडी का भी उल्लेख होगा। मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम पंजीकृत श्रमिकों और बीपीएल उपभोक्ताओं को राहत पहुँचाने के लिये एक जुलाई से शुरू हो रही मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम में हितग्राहियों को लाभ दिलवाने की कार्रवाई भी वितरण केन्द्रों में लगातार जारी रहेगी। जून 2018 स्थिति में बिजली बिल की बकाया पूरी राशि माफ की जायेगी। इसमें मूल बकाया राशि एवं सरचार्ज भी शामिल रहेगा। शासन द्वारा इस योजना के लिये लगभग 1806 करोड़ रूपये की सब्सिडी दी जायेगी। योजना का लाभ 77 लाख पंजीकृत श्रमिकों और बीपीएल उपभोक्ताओं को मिलेगा। उपभोक्ता के पंजीकृत श्रमिक के सगे-सम्बधी होने और साथ में रहने पर ही लाभ मिलेगा। इस योजना में भी परिवार का सदस्य उन्हीं को माना जायेगा, जिनका नाम सम्रग डाटा बेस में परिवार के रूप में अंकित होगा। न्यायालय में विचाराधीन प्रकरण तथा विद्युत अधिनियम की धारा 126, 135 एवं 138 में दर्ज प्रकरणों की स्थिति में भी लाभ दिया जायेगा। पिछली सामाधान योजना में लाभ ले चुके उपभोक्ता भी स्कीम का लाभ ले सकेंगे। आवेदन की प्रक्रिया हितग्राही को वितरण केन्द्र या जोन अथवा शिविरों में निर्धारित प्रपत्र में आवेदन देना होगा। विद्युत कंपनियों द्वारा वितरण केन्द्रवार जुलाई में शिविर लगाये जायेगे। फार्म में उपभोक्ता को केवल श्रमिक पंजीयन अथवा बीपीएल कार्ड का नंबर देना होगा। आवेदन के परीक्षण के बाद हितग्राहियों को बिल माफी का प्रमाण-पत्र दिया जायेगा।
बच्चों का रोगमुक्त होना सुनिश्चित किया जाये : राज्यपाल
29 Jun 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज उज्जैन के सर्किट हाउस में जिले में टी.बी. मुक्त अभियान की समीक्षा की। उन्होंने जिले को टी.बी. मुक्त करने के कार्य से जुड़ी गैर-सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि जिन संस्थाओं द्वारा बच्चों को गोद लिया गया है, उनकी सही-सही देखभाल की जाये और वह रोगमुक्त हों, इसे सुनिश्चित किया जाये। बच्चों को दी जाने वाली राशि उनके खान-पान में फल और पौष्टिक आहार के लिये ही खर्च की जाये। परिवार को इसके लिये समझाया जाये। बैठक में कलेक्टर श्री मनीष सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजू निदारिया, जिला क्षय अधिकारी डॉ. सुनीता परमार और अन्य अधिकारी मौजूद थे।
छात्र-छात्राएँ देश के नव-निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दें - राज्यपाल श्रीमती पटेल
29 Jun 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि छात्र-छात्राएँ देश के नव-निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिये आगे आयें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय एनएसएस जैसे सशक्त प्रकल्पों के माध्यम से विद्यार्थियों की विकास में सहभागिता बढ़ायें। राज्यपाल श्रीमती पटेल आज उज्जैन में विक्रम विश्वविद्यालय के 23वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने समारोह में विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान कीं और विभिन्न संकायों में मेरिट में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण-पदक प्रदान किये। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि ज्ञान के अर्जन में नारी शक्ति नित नई ऊँचाइयों पर विजय पताका फहरा रही है। श्रीमती पटेल ने कहा कि उपनिषद में दीक्षांत उपदेश में सत्य बोलो, धर्म का आचरण करो आदि उपदेशों के बारे में विस्तृत जानकारी समाहित है। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों द्वारा गाँव को गोद लेकर छात्र-छात्राओं को गाँवों में भेजना चाहिये। उन्होंने कहा कि ग्रामीण छात्राएँ शिक्षा प्राप्त करने से वंचित नहीं रहें। इसके लिये ग्रामों में ऐसा वातावरण बनाना है, जिससे हर छात्रा महाविद्यालय में प्रवेश प्राप्त करे। उच्च शिक्षा मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया ने दीक्षांत समारोह में मारवाड़ी पगड़ी और भारतीय परिधान में उपाधियाँ प्राप्त करने आये छात्र-छात्राओं की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि गाउन में विद्यार्थियों का समूह जादूगरों का जमावड़ा लगता था। श्री पवैया ने कहा कि शिक्षा प्राप्त कर उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थी शिक्षा में वृद्धि करते हुए समाज के नव-निर्माण में योगदान दें। तभी शिक्षा की सार्थकता होगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी आत्म-विश्वासी और नवाचारी बनें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को भी यह देखना होगा कि विश्वविद्यालय से अध्ययन कर निकलने वाले विद्यार्थियों का देश में कितना मान होता है। अकादमिक प्रतिष्ठा अर्जित करने के लिये कड़ी मेहनत की आवश्यकता होती है। दीक्षांत समारोह में कुलपति डॉ. एस.एस. पाण्डे ने स्वागत भाषण में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और अनुसंधान के संबंध में जानकारी दी।
स्वर्गीय एएसआई भिलाला को शहीद का दर्जा दिया जाएगा : मुख्यमंत्री श्री चौहान
29 Jun 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सहायक उप निरीक्षक स्वर्गीय अमृत लाल भिलाला को शहीद का दर्जा दिया जायेगा। उनके परिजनों को सम्मान निधि स्वरूप एक करोड़ रूपये की राशि दी जाएगी। स्वर्गीय भिलाला की स्मृति में प्रतिमा की स्थापना की जायेगी। परिवार के एक सदस्य को शासकीय सेवा दिये जाने के संबंध में भी विचार किया जायेगा। स्वर्गीय भिलाला की पत्नी श्रीमती रंभा बाई को पेंशन आदि अन्य सुविधायें नियमानुसार प्राप्त होंगी। यह बात श्री चौहान ने आज डीआरपी लाइन नेहरू नगर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में कही। पुलिस महानिदेशक श्री ऋषि कुमार शुक्ला, संभागायुक्त श्री कविन्द्र कियावत एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल के सदस्य इस मौके पर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि स्वर्गीय भिलाला अपनी जान पर खेलते हुये कर्तव्य पालन करते हुए वीर गति को प्राप्त हुए हैं। दु:ख की इस घड़ी में परिजनों के साथ पूरा प्रदेश खड़ा है। मुख्यमंत्री ने उपचाराधीन स्वर्गीय भिलाला से अस्पताल में भेंट का उल्लेख करते हुये कहा कि उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार की जानकारी मिली थी। स्वयं स्वर्गीय भिलाला ने मुझसे अत्यंत सहजता के साथ वार्तालाप भी किया था। वे मानसिक रूप से अत्यंत मजबूत व्यक्ति थे, जिन्होंने पूरी प्रमाणिकता और परिश्रम के साथ कर्तव्य पालन किया। उन्होंने कहा कि घटना के अपराधियों को कड़ी सजा मिले, इसके लिये तत्परता के साथ कार्यवाही होगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आज का सूचना क्रांति का दौर अकल्पनीय अपराधों को जन्म दे रहा है। यह चिंता और चिंतन का विषय है। उन्होंने कहा कि पुलिस अपराधों को सख्ती के साथ रोकने की रणनीति बनायेगी। श्री चौहान ने दिवंगत आत्मा के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित किये और परिजनों को ढ़ाढंस बंधाया। उन्होंने परम पिता परमात्मा से दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को दु:ख सहन करने की क्षमता देने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री श्री चौहान सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्वर्गीय भिलाला की अंतिम यात्रा में शामिल होकर उन्हें कंधा दिया। श्रद्धांजलि सभा के उपरांत स्वर्गीय भिलाला का पार्थिव शरीर राजकीय सम्मान के साथ उनके गृह नगर राजगढ़ के लिये रवाना हुआ। स्वर्गीय भिलाला का गत रात्रि उपचार के दौरान निधन हो गया था।
देश की अदालतों में बेहतर अधोसंरचना की जरूरत : चीफ जस्टिस श्री मिश्रा
29 Jun 2018
भारत के प्रधान न्यायाधीश जस्टिस श्री दीपक मिश्रा ने कहा है कि देश की अदालतों में बेहतर अधोसंरचना की जरूरत है। सभी न्यायालयों में न केवल आवश्यक सुविधाएं हों वरन् वहां का वातावरण भी न्यायालय की गरिमा के अनुरूप हो। श्री मिश्रा आज यहां जबलपुर में नवनिर्मित जिला कोर्ट कॉम्पलेक्स के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। प्रधान न्यायाधीश श्री मिश्रा ने जबलपुर में नवीन कोर्ट कॉम्पलेक्स के निर्माण पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि एशिया की बेहतरीन कोर्टस में शुमार साकेत कोर्ट से जबलपुर कोर्ट कॉम्पलेक्स किसी भी मायने में कमतर नहीं है। प्रधान न्यायाधीश ने इसके लिए मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को बधाई देते हुए कहा कि देश के सभी न्यायालयों में इसी प्रकार की बेहतरीन अधोसंरचना और अत्याधुनिक सुविधाओं की आवश्यकता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि मध्यप्रदेश इस सिलसिले में कदम उठाकर अग्रणी राज्य बनेगा। प्रधान न्यायाधीश ने विश्वास जताया कि न्यायालयों में बेहतर अधोसंरचना स्थापित कर प्रभावी, तीव्र गति और गुणवत्तापूर्ण न्याय सुनिश्चित करने में मध्यप्रदेश समूचे देश के लिए उदाहरण बनेगा। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 192 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित जिला कोर्ट के भव्य भवन का प्रधान न्यायाधीश द्वारा उद्घाटन संस्कारधानी के लिए बेहद महत्वपूर्ण अवसर है। इसकी प्रेरणा स्वयं प्रधान न्यायाधीश श्री मिश्रा की थी और उनके इस विचार को मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस श्री हेमंत गुप्ता और पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस श्री राजेन्द्र मेनन द्वारा आगे बढ़ाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एडवोकेट्स के लिए फर्नीचर की जरूरतें भी पूरी की जाएंगी। श्री चौहान ने बताया कि एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लगभग तैयार हो चुका है और शीघ्र ही अध्यादेश के जरिए आगे पहल की जाएगी। इस अवसर पर मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश श्री जस्टिस हेमंत गुप्ता ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश श्री जस्टिस राजेन्द्र मेनन तथा म.प्र.हाई कोर्ट के प्रशासनिक न्यायाधीश श्री जस्टिस एस.के. सेठ भी मौजूद थे। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के जज तथा जबलपुर जिला कोर्ट के पोर्टफोलियो जज श्री जस्टिस आर.एस.झा ने जिला कोर्ट कॉम्पलेक्स का भवन तैयार होने म.प्र. हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस श्री हेमंत गुप्ता और पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस श्री राजेन्द्र मेनन के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने इस सिलसिले में महाधिवक्ता पुरूषेन्द्र कौरव तथा डिट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आर.के.सिंह सैनी तथा एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारियों की ओर से हासिल सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया। जिला जज श्री चन्द्रेश खरे ने अतिथियों के सम्मान में स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम का संचालन न्यायिक मजिस्ट्रेट अनु सिंह ने किया। डिट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आर.के. सिंह सैनी ने आभार माना।
ऐसी तड़प के साथ कार्य करें कि योजनाओं के लाभ से कोई वंचित नहीं रहे : मुख्यमंत्री
29 Jun 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि गरीब को उसका जायज़ हक़ मिले। इसके लिये सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर प्रयास किये गये हैं। योजनाओं का क्रियान्वयन इस तड़प के साथ किया जाये कि कोई भी पात्र व्यक्ति इनके लाभ से वंचित नहीं रहे। क्रियान्वयन पंचायत स्तर तक प्रशासनिक कसावट के साथ हो। इसकी नियमित मॉनीटरिंग की जाये। लापरवाही के प्रकरणों में कठोर कार्रवाई की जाये। श्री चौहान ने अवैध खनन के प्रकरणों में वाहन नीलामी की कार्रवाई करने और महिलाओं पर होने वाले अपराधों को रोकने के लिये प्रभावी रणनीति बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आगामी पर्वों और मौसम को दृष्टिगत रखते हुए अग्रिम कार्य-योजना बनायें। श्री चौहान आज मंत्रालय में संभागायुक्तों और पुलिस महानिरीक्षकों की संयुक्त बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह और पुलिस महानिदेशक श्री आर.के. शुक्ला भी मौजूद थे। संबल योजना सामाजिक सुरक्षा का इतिहास रचेगी मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि संबल योजना गरीबी दूर करने का सबसे प्रभावी प्रयास है। योजना का लाभ हर जरूरतमंद को मिले, इसकेलिये सजगता और सक्रियता के साथ योजना की मॉनीटरिंग की जाये। उन्होंने कहा कि योजना के क्रियान्वयन कार्य की वे स्वयं प्रतिदिन समीक्षा करेंगे। योजना का सीएम डैशबोर्ड बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गरीब की आवश्यकताओं को पूरा करना ही गरीबी दूर करने का सबसे प्रभावी तरीका है। संबल योजना का क्रियान्वयन व्यापक स्तर पर करने के लिये जरूरी है कि आम आदमी योजना को भलीभांति समझें। इसके लिये व्यापक स्तर पर सभी प्रचार माध्यमों का उपयोग किया जाये। इसमें कोई कोर-कसर बाकी नहीं रहनी चाहिये। मुख्यमंत्री ने फ्लेट रेट विद्युत और बकाया बिल समाधान योजना की समीक्षा की। उन्होंने विद्युत कनेक्शन के नामांतरण कार्य के लिये स्टाम्प शुल्क की बाध्यता को समाप्त करवाने केलिये कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि संबल निगरानी समिति के सदस्यों को योजना के एम्बेसडर के रूप में स्थापित किया जाये। विद्युत बिल पंजीयन शिविरों में और मास्टर ट्रेनर के प्रशिक्षण कार्यक्रम में समिति सदस्यों को शामिल किया जाये। उन्होंने कहा कि इस वर्ष उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले द्वितीय और अंतिम वर्ष के अध्ययनरत छात्रों की फीस भी सरकार भरवा रही है। इस संबंध में व्यापक स्तर पर छात्र-छात्राओं को जानकारी दी जाये। अनुसूचित जनजाति को सहजता से लाभ मिले मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहाकि प्रशासनिक व्यवस्थाएं इतनी चुस्त और दुरूस्त हों कि गरीब और अनूसूचित जनजाति के सदस्य के साथ कोई छल नहीं कर सके। उन्होंने सरकार के कल्याणकारी कार्यों के लाभ उन तक पहुँचाने और उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान करने के लिये निर्देशित किया। उन्होंने वनाधिकार पट्टे, कुपोषण, बँटवारे, जाति प्रमाण पत्र, वनोपज संग्रहण और विक्रय, निजी भूमि पर पेड़ काटने के अधिकार से संबंधित समस्याओं का परीक्षण करने और प्रभावी समाधान के लिये संभागायुक्तों को व्यक्तिगत उत्तरदायित्व के साथ कार्य करने के लिये निर्देशित किया। कहा कि वनाधिकार दावों के पुन: परीक्षण के कार्य को और अधिक गति से संचालित करें ताकि अगस्त माह तक सभी पात्रों को वनाधिकार पट्टे मिल जायें। चरण पादुका योजना के अंतर्गत सभी पात्र व्यक्तियों को सामग्री मिलना सुनिश्चित करें। भू-अधिकार से कोई वंचित नहीं रहेगा मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि रहने लायक भूमि के टुकड़े का अधिकार पत्र 15 अगस्त से पूर्व सभी पात्र परिवारों को मिल जाये। नगरीय क्षेत्र की भूमि पर लम्बे समय से बसे परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिये विशेष दृष्टि के साथ प्रयास हो। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी राजस्व न्यायालय मॉनीटरिंग सिस्टम की समीक्षा समय-समय पर करेंगे। साथ ही बटाईदार कानून एवं भू-राजस्व संहिता में किये जा रहे क्रांतिकारी बदलाव का प्रचार-प्रसार करें। उपार्जन राशि का शीघ्र भुगतान करायें मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अगर किसी किसान को गेहूँ, चना और मसूर का किसी कारणवश उपार्जन पोर्टल पर दर्ज नहीं हो सका है, उन प्रकरणों का परीक्षण स्वयं संभागायुक्त करें। उनके प्रतिवेदन के आधार पर छूट गये किसानों को दर्ज करने के लिये पोर्टल खुलवाया जायेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिये कि व्यवस्था से केवल वास्तविक किसान ही लाभान्वित हों। साथ ही, गेहूँ खरीदी की राशि का शीघ्र भुगतान भी सुनिश्चित किया जाये। कानून एवं व्यवस्था सुदृढ़ रखे मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मंदसौर की घटना के अपराधियों को जल्द से जल्द दण्ड दिलाने के लिये सजगता के साथ प्रयासों की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि आगामी समय में पर्वों को दृष्टिगत रखते हुए संवदेनशील कार्य प्रणाली के साथ व्यवस्थाएं की जायें। हर हाल में साम्प्रदायिक सौहार्द्र को सुनिश्चित किया जाये। प्राकृतिक आपदाओं की आशंका के दृष्टिगत अग्रिम कार्य-योजना बनाई जाये, जिसमें राहत और बचाव के समुचित प्रबंध हों। उन्होंने कहा कि अवैध खनन के प्रकरणों में वाहन जप्त कर नीलामी की कार्रवाई की जानी चाहिये। इसी तरह असामाजिक तत्वों के विरूद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाये। मुख्यमंत्री ने विगत दिनों प्रदेश में की गई कार्रवाई के सकारात्मक परिणामों का उल्लेख भी किया। उन्होंने सायबर क्राईम और सोशल मीडिया की कड़ी निगरानी की जरूरत बताई। मादक पदार्थों के व्यापार को रोकने के लिये विशेष प्रयास करने के लिये कहा। जन-आशीर्वाद यात्रा में जानेंगे मैदानी हकीकत मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 14 जुलाई से प्रदेश में जन-आशीर्वाद यात्रा का आयोजन किया जायेगा। यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री आम जन के साथ सीधा संवाद करेंगे। गरीब बस्तियों में जाकर रहवासियों के साथ चर्चा करेंगे। शासन की योजनाओं की जमीनी हकीकत से परिचित होंगे। क्रियान्वयन कार्य की समीक्षा के लिये राजस्व न्यायालय, छात्रावास, चिकित्सालय, विद्यालय और निर्माण कार्यों का भी आकस्मिक निरीक्षण करेंगे। फसल बीमा राशि का वितरण इस दौरान बताया गया कि फसल बीमा योजनांतर्गत खरीफ 2017 के दावों की राशि का शीघ्र वितरण किया जायेगा। इससे प्रदेश के 17 लाख 77 हजार 300 किसानों को 5260 करोड़ रूपये की राशि मिलेगी। यह देश में किसानों को मिलने वाली अभी तक की सर्वाधिक राशि है। बैठक में अपर मुख्य सचिव कृषि श्री पी.सी. मीना, अपर मुख्य सचिव वन श्री के.के. सिंह, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री इकबाल सिंह बैस, श्रम, कृषि, ऊर्जा, सूक्ष्म एवं लघु उद्योग, अनुसूचित जनजाति कल्याण, राजस्व, नगरीय प्रशासन आदि विभागों के प्रमुख सचिव एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने किया डॉ. प्रभाकर की कृतियों का विमोचन
29 Jun 2018
जनसम्पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने आज शासकीय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दतिया के प्राचार्य डॉ. एम.एल. प्रभाकर की तीन कृतियों का विमोचन किया। इन कृतियों के नाम हैं- रतनगढ़ माता मंदिर, अम्बेडकर शतक और लोक देवता हरदौल। इस मौके पर मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि बुंदेली में स्थानीय सांस्कृतिक धरोहर को जनता के समक्ष काव्य के रूप में प्रस्तुत करना उपलब्धि है। दतिया के सामाजिक और सांस्कृतिक इ­तिहास को खोज कर अधिक से अधिक लेखन होना चाहिए ताकि क्षेत्र की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत की जानकारी नई पीढ़ी को हो सके। कार्यक्रम के दौरान दतिया के अनेक साहित्यकार उपस्थित थे।
स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री श्री जोशी ने की विद्यार्थियों से बात
29 Jun 2018
स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी ने मॉडल स्कूल, भोपाल में क्लास रूम में पहुँचकर विद्यार्थियों से बात की। उन्होंने अतिथियों को बुके के स्थान पर बुक देने की शुरूआत की कहानी भी बतायी। श्री जोशी ने कहा कि इसकी प्रेरणा हमारे शिक्षक ने ही दी। श्री जोशी ने मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एक पेड़ को बचाने और स्वच्छता को अपने जीवन से जोड़ेंने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि सप्ताह में एक दिन गरीब बच्चों को जरूर पढ़ायें।
बीयूएमएस की सीटें बढ़वाकर पीजी कोर्स शुरू करवाना है: राज्यमंत्री श्री पटेल
29 Jun 2018
भोपाल में संचालित यूनानी चिकित्सा महाविद्यालय के बीयूएमएस स्नातक पाठ्यक्रम में सीटों की संख्या 60 से बढ़ाकर सौ करने और पीजी कोर्स शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जलाम सिंह पटेल ने हमीम सैयद जियाहल हसन शासकीय यूनानी महाविद्यालय की साधारण सभा की बैठक हाल ही में आयुष विभाग के सतपुड़ा भवन में आयोजित बैठक में यह जानकारी दी गई। राज्य मंत्री श्री पटेल ने यूनानी चिकित्सा महाविद्यालय के विकास और विस्तार से संबंधित योजनाओं के प्रस्ताव तैयार करने के अधिकारियों को निर्देश दिये। श्री पटेल ने कहा कि स्नातक की सीटें बढ़ाने पीजी कोर्स शुरू करने के साथ ही औषधीय गुणवत्ता प्रयोगशाला, लायब्रेरी का सुदृढ़ीकरण और बड़ा कान्फ्रेंस हाल निर्माण के प्रस्ताव तैयार करने को कहा। बैठक में प्रमुख सचिव आयुष श्रीमती शिखा दुबे, कमिश्नर भोपाल संभाग श्री कविन्द्र कियावत सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
इंदौर नगर निगम द्वारा जारी बॉण्ड को मिला निवेशकों का शानदार रेस्पांश
28 Jun 2018
आज इंदौर नगर निगम द्वारा एक नया इतिहास रचते हुए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफार्म पर जारी 170 करोड़ रूपये के बॉण्ड के निवेश में ग्राहकों द्वारा कॉफी रूचि दर्ज की गई। पहले दिन ही निगम के 215 करोड़ रूपये के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिसमे बॉण्ड का कट ऑफ रेट 9.25 प्रतिशत रहा। प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी अमृत योजना के क्रियान्वयन के लिये यह बॉण्ड जारी किया गया था। नगर निगम इंदौर केन्द्र शासन की योजना के क्रियान्वयन के लिये बॉण्ड जारी करने वाला देश का तृतीय एवं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध होने वाला प्रथम नगर निगम होगा। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के कुशल नेतृत्व में शहर विकास योजनाओं में आमजन की आर्थिक भागीदारी दर्ज कराने के लिए नगर निगम की टीम द्वारा प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी अमृत योजना के क्रियान्वयन के लिये निगम के वित्तीय अंशदान के लिये बॉण्ड जारी किये गये। उल्लेखनीय है कि नगर निगम इंदौर को 2 रेटिंग एजेंसियो द्वारा ‘‘एए‘‘ रेटिंग प्रदान की गई है, जो कि नियमित ब्याज एवं मूल राशि के भुगतान को सुनिश्चित करती है। इस बॉण्ड के जारी करने से नगर निगम द्वारा अमृत योजना को सुचारू रूप से क्रियान्वित किया जा सकेगा। शहरी विकास मंत्रालय द्वारा बॉण्ड के माध्यम से राशि एकत्रित करने पर प्रत्येक 100 करोड़ रूपये पर 13 करोड़ रूपये की प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। तदनुसार निगम पर बॉण्ड का भार लगभग 2 प्रतिशत से और कम हो जाएगा। केन्द्रीय सरकार बॉण्ड के माध्यम से देश के शहरी विकास में जन-भागीदारी सुनिश्चित करना चाह रही है। साथ ही नगर निगम इंदौर ने केन्द्र एवं राज्य सरकार की मंशानुरूप शीघ्रता से यह कदम उठा कर एक बार फिर अपनी विशिष्ट कार्यशैली की छाप कायम की है। नगर निगम इंदौर की महापौर श्रीमती मालिनी गौड और आयुक्त श्री आशीष सिंह ने बताया कि इस बॉण्ड को जारी करने के लिये एसपीए केपिटल को ट्रांजेक्शन एडवायजर नियुक्त किया गया था। निगम के बॉण्ड जारी करने में अपर आयुक्त वित्त श्री वीरभद्र शर्मा और टीम की महती भूमिका रही है।
राज्यपाल पहुँचीं आँगनवाड़ी, स्वास्थ्य केन्द्र और विकलांग पुनर्वास केन्द्र
28 Jun 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने झाबुआ जिले में आँगनवाड़ी, स्वास्थ्य केन्द्र, दीनदयाल रसोई और विकलांग पुनर्वास केन्द्र का निरीक्षण किया। इन केन्द्रों में विद्यार्थियों, महिलाओं और बच्चों से बातचीत भी की। श्रीमती पटेल ने इस मौके पर उज्जवला योजना में नि:शुल्क गैस कनेक्शन भी वितरित किये। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने करडावदबडी आँगनवाडी केन्द्र पहुँचकर बच्चों को फल वितरित किये। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने उनकी भाषा मे 'मछली जल की रानी है'' कविता और 20 तक गिनती भी सुनाई। इससे राज्यपाल बहुत हर्षित हुईं और बच्चों को शाबासी दी। ग्राम करडावद बडी मे महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओ द्वारा नशाबंदी एवं दहेज प्रथा रोकने के लिये किये जा रहे प्रयासों की कहानी सुनकर राज्यपाल ने गाँव में महिलाओ के प्रयास को महिला सशक्तिकरण का उदाहरण बताया। राज्यपाल ने ग्राम कालाखूंट पहुँचकर उज्जवला योजना के हितग्राहियो से चर्चा की। योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन भी वितरित किये। केन्द्र और राज्य सरकार का महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर ग्राम कालियाबडा में महिलाओ से रु-ब-रु चर्चा करते हुए राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि राज्य और केन्द्र सरकार महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दे रही है। केन्द्र और राज्य शासन की मंशा है कि महिलाएँ शिक्षित हों, स्वयं का रोजगार अथवा नौकरी के क्षेत्र में आगे आयें। आर्थिक रूप से आत्म-निर्भर बनें। झाबुआ जिले के ग्राम कालियाबडा मे राज्यपाल पटेल ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को बताया कि प्रधानमंत्री आवास मे पति-पत्नि दोनों का नाम जोड़ा गया है, ताकि आवास पर दोनों का बराबर का हक रहे। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने उत्साहवर्धन कार्यशाला मे महिलाओं एवं विद्यार्थियों से कहा कि हमेशा ऊँचे सपने देखने चाहिए। कार्यक्रम मे राज्यपाल ने विभिन्न योजनाओं के हित-लाभ भी वितरित किये। साथ ही जिले के जेईई मेन्स एवं नीट परीक्षा मे चयनित विद्यार्थियों को मेडल पहनाकर सम्मानित किया। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने हाथीपावा पहाड़ी पर आयोजित रेडक्रास सोसायटी के कार्यक्रम में दो एम्बुलेंस को हरी-झण्डी दिखाकर उसका शुभारंभ किया। श्रीमती पटेल ने कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में किसानों से भी संवाद किया। राज्यपाल के भ्रमण के दौरान उनके साथ विधायक सुश्री निर्मला भूरिया, श्री शांतिलाल बिलवाल और नगरपालिका अध्यक्ष श्री मन्नू डोडियार मौजूद थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने राजगढ़ जिले में दिये संबल योजना में 1657 लाख
28 Jun 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने राजगढ़ जिले से श्रमिक वर्गों के लिये मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना के शुभारंभ समारोह के मौके पर जिले के विकासखण्डों के लगभग 30 हजार 868 हितग्राहियों को 1657 लाख रूपये के हित-लाभ वितरित किये। ये हित-लाभ प्रसूति सहायता,लाडली लक्ष्मी, मातृत्व वंदना, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना,अनुग्रह सहायता, कल्याण पेंशन योजना, पट्टा वितरण, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना तथा असंगठित मजदूर श्रम पंजीयन कार्ड योजना के अन्तर्गत वितरित किये गये।। राजगढ़ जिले में विगत 13 जून को हुए राज्य स्तरीय मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में लगभग 10 हजार असंगठित श्रमिकों को स्मार्ट पंजीयन कार्ड का वितरण किया गया। राजस्व विभाग द्वारा 15 हजार 481 हितग्राहियों को पट्टा वितरित किया गया, लाड़ली लक्ष्मी योजना में 621, अन्येष्टि सहायता योजना में 53, अनुग्रह सहायता (सामान्य मृत्यु) 48, प्रसूति सहायता में 410, मातृत्व वंदना में 792, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना में 433, मुख्यमंत्री कल्याणी पेंशन योजना में 1556, प्रधानमंत्री आवास योजना में 768, अनुग्रह योजना में 49, विवाह सहायता योजना में 14 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। चार हितग्राहियों को हितैषी कूप राशि जारी की गई। चार हितग्राहियों को साइकिल,पाँच हितग्राहियों को अनुदान राशि, स्वच्छ भारत मिशन में 8 हितग्राहियों को मुख्यमंत्री जनकल्याण(संबल) योजना के तहत लाभान्वित किया गया। राज्य स्तरीय समारोह में राजगढ़ जिले के शहरी क्षेत्रों के लगभग 25 हजार 270 पंजीकृत कर्मकारों को परिचय-पत्र वितरित किए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लगभग 1588 हितग्राहियों को मिला। साथ ही शहरी क्षेत्र में प्रसूति सहायता का लाभ 22 हितग्राहियों को, स्वरोजगार योजना के अंतर्गत 17 हितग्राहियों को ऋण स्वीकृति, 92 लाभन्वितों को पट्टा वितरण, 9 हितग्राहियों को ई-रिक्शा/ ई-लोडर, 5 हितग्राहियों को अन्तयेष्टि सहायता का लाभ मिला। मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना के तहत राजगढ़ जिले में अन्य योजनाओं के तहत शहरी क्षेत्र के लगभग 104 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया।
मंत्री डॉ. मिश्र ने किया सतारी नहर के उन्नयन कार्य के लिए भूमि-पूजन
28 Jun 2018
जल-संसाधन और जनसम्‍पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने आज दतिया जिले के ग्राम सतारी में 82 लाख रुपए लागत के नहर उन्नयन कार्य का भूमि-पूजन किया। नहर उन्नयन कार्य से करीब 20 ग्राम सीधे लाभान्वित होंगे। इसके फलस्वरूप 10 हजार 944 हेक्टेयर क्षेत्र में बेहतर सिंचाई की जा सकेगी। मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि नहर उन्नयन कार्य के साथ ही यहाँ 12 लाख लागत से सामुदायिक भवन, ग्राम तिवारीपुरा से सतारी तक सड़क निर्माण और लगभग तीन दर्जन ग्रामों में पेयजल की समस्या का समाधान भी हो चुका है।
सरकारी स्कूलों के विकास में सीएसआर फण्ड का उपयोग हो: स्कूल शिक्षा मंत्री
28 Jun 2018
स्कूल शिक्षा मंत्री कुँवर विजय शाह ने कहा है कि सरकारी स्कूलों के विकास में जन-भागीदारी बढ़ाने के लिये प्रणाम पाठशाला विद्यालय उपहार योजना चलाई जा रही है। इसके अच्छे परिणाम भी मिले हैं। प्रदेश में कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी (सीएसआर) फण्ड का उपयोग सरकारी स्कूलों के विकास और गुणवत्ता बढ़ाने के लिये बेहतर तरीके से किया जा सकता है। स्कूल शिक्षा मंत्री कुँवर शाह आज मंत्रालय में इस योजना के क्रियान्वयन के लिये हुई बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में सीएसआर फण्ड में करीब 500 करोड़ रुपये की राशि होती है। इस राशि के बेहतर उपयोग के लिये उन्होंने राज्य-स्तर पर समिति गठित किये जाने की बात कही। बताया गया कि प्रणाम पाठशाला उपहार योजना में पिछले कुछ माहों में करीब 6 करोड़ 25 लाख की राशि जन-भागीदारी से एकत्र की गई है। इस राशि का उपयोग सरकारी स्कूलों के विकास के लिये किया जा रहा है। सीएसआर फण्ड का उपयोग शालाओं में अतिरिक्त कक्ष निर्माण, ओवरहेड टैंक, खेल मैदान का विकास, शाला भवन का पुनर्निर्माण, पुस्तकालय का विकास और विज्ञान प्रयोगशाला के विकास में मुख्य रूप से किया जा सकता है। बताया गया कि प्रदेश में कक्षा-1 से 12 तक के करीब एक लाख 20 हजार सरकारी स्कूल हैं और इनमें करीब 92 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी, आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती जयश्री कियावत, एम.डी. ट्रायफेक श्री विवेक पोरवाल और संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्री लोकेश जाटव उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान से केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर ने की सौजन्य भेंट
27 Jun 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से केन्द्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने आज मंत्रालय में सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पुष्पगुच्छ भेंट कर श्री तोमर का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री से विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
सभी योजनाओं के लक्ष्य जल्द ही पूरा करे
27 Jun 2018
अनुसूचित जाति कल्याण राज्य मंत्री श्री लाल सिंह आर्य ने कहा है कि योजनाओं का लक्ष्य जल्द ही पूरा करें। उन्होंने कहा कि आगामी समीक्षा बैठक 15 जुलाई के आसपास की जायेगी। श्री आर्य मध्यप्रदेश राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम मर्यादित की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उपाध्यक्ष श्री भुजबल अहिरवार और प्रबंध संचालक श्री विनोद कुमार उपस्थित थे। श्री आर्य ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना, मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना और सावित्री बाई फूले स्व-सहायता समूह योजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने पिछले और इस वित्तीय वर्ष में दिये गये लक्ष्यों पर किये गये कार्य की जानकारी हासिल की। श्री आर्य ने लक्ष्य पूरा न करने वाले जिलों को शो-कॉज नोटिस देने को कहा। श्री आर्य ने लक्ष्य पूरा न होने वाले जिला कलेक्टरों को भी अवगत करवाने के निर्देश दिये। इसी प्रकार उन्होंने अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों से भी कारण जानने के लिये पत्राचार करने के निर्देश दिये। प्रति सप्ताह पत्रक में जानकारी भेजने और ऑनलाइन साफ्टवेयर प्रक्रिया के जरिये जानकारी प्राप्त करने की कार्यवाही जल्द पूरी करने को कहा। राज्य मंत्री श्री आर्य ने कहा कि अधिकारी रूचि लेकर प्रकरण बनाये और स्वीकृत करवाये। अगर बैंकों में किसी प्रकार की दिक्कत आये तो लिखित में विभाग को सूचित करें। साथ ही, अधिकारी आदेश और निर्देशों का अध्ययन करते रहें।
आजीविका मिशन से लखपति बनी संगीता-बेटे को बनाया साफ्टवेयर इंजीनियर
27 Jun 2018
महाराष्ट्र के छोटे से गाँव की रहने वाली संगीता दाहिया 16 वर्ष की उम्र में 10वीं तक पढ़ाई कर, मध्यप्रदेश के उमरिया जिले के पाली विकासखंड के ग्राम मलियागुडा में पावर प्लांट में मजदूरी करने वाले राजकुमार की पत्नी बनकर आई थी और आज आजीविका मिशन से जुड़कर लखपति बन गई है और बेटे को दिल्ली में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करवा रही है। मजदूर पति की न्यूनतम आय से घर का संचालन चलाना कठिन ही नहीं, दुष्कर कार्य हो गया था। वर्ष 2015 में आजीविका मिशन से जुड़ने के बाद संगीता ने आस्था समूह का गठन किया। साथ ही, पढ़ी-लिखी होने के कारण ग्राम संगठन अवधारणा, बुक-कीपिंग जेण्डर, सामाजिक गतिविधि, एम.पी.पी. का प्रशिक्षण लेने के बाद सी.आर.पी. का कार्य करने लगी। अन्य महिलाओं के भी समूह गठन करवाने लगी। संगीता ने चार महिलाओं के साथ मिल कर गाँव में ही नेपकिन बनाने का काम प्रारंभ किया। ग्राम संगठन से 80 हजार 500 रुपये का ऋण लेकर काम को और बढ़ाया। संगीता को महिला बाल विकास विभाग से प्रतिमाह 12 हजार नेपकिन पैकिट सप्लाई आर्डर मिला है। इससे 9000 प्रति माह आय होने लगी है। संगीता के कारोबार में धीरे-धीरे तेजी आई है। अब प्रति माह 15 हजार कमा रही है संगीता। लगभग सवा लाख रुपये की वार्षिक आय से संगीत ने अब अपने बेटे को इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिये नई दिल्ली भेजा है।
निजी स्कूलों की पहली कक्षा में निःशुल्क प्रवेश के लिए 30 जून तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित
26 Jun 2018
प्रदेश में शिक्षा का अधिकार कानून के तहत प्राइवेट स्कूलों की पहली कक्षा में निःशुल्क प्रवेश के लिये ऑनलाइन आवेदन 30 जून तक आमंत्रित किये गये हैं। पूर्व में यह तिथि 23 जून निर्धारित की गई थी। प्रदेश में अब तक लगभग 2 लाख 45 हज़ार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इस अवधि में सर्वर डाउन होने की वजह से स्कूल शिक्षा विभाग ने आवेदकों की सुविधा के लिये अंतिम तिथि को बढ़ाकर 30 जून कर दिया है। प्राइवेट स्कूलों की पहली कक्षा में बच्चों के निःशुल्क प्रवेश के इच्छुक पालक बच्चों के आवेदन पत्र निर्धारित अंतिम तिथि 30 जून तक ऑनलाइन जमा करा सकते हैं। आर.टी.ई पोर्टल www.educationportal.mp.gov.in/RtePortal पर ऑनलाइन आवेदन पत्र का प्रारूप उपलब्ध करवाया गया है। इसके साथ ही, आवेदन पत्र संबंधित जन-शिक्षा केन्द्र, बी.आर.सी./बी.ई.ओ. कार्यालय, जिला शिक्षा अधिकारी और जिला शिक्षा केन्द्र कार्यालय से निःशुल्क भी उपलब्ध करवाये जा रहे हैं। आवेदन फार्म के साथ पात्रता संबंधी कोई भी एक दस्तावेज अपलोड करना आवश्यक होगा। आवेदक द्वारा पोर्टल से जनरेट प्रति को अपने पास सुरक्षित रखा जायेगा। ऑनलाईन आवेदन करने में कोई समस्या अथवा कठिनाई होने की स्थिति में संबंधित विकासखंड के बीआरसी कार्यालय में स्थापित सुविधा डेस्क की सहायता ली जा सकती है। पोर्टल पर पंजीकृत एवं लॉक किये गये आवेदनों को ही लॉटरी प्रक्रिया में सम्मिलित किया जायेगा। ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से 5 जुलाई को पारदर्शी तरीके से छात्रो को उनकी पंसद के प्राइवेट स्कूलों में सीट का आवंटन किया जायेगा। लॉटरी प्रक्रिया के बाद आवंटित सीट की जानकारी की सूचना आवेदक को उसके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से दी जायेगी। आवंटन की सूची एजुकेशन पोर्टल पर भी उपलब्ध रहेगी। आवेदन फार्म प्राप्त करने अथवा जमा करने में कोई दिक्कत होने अथवा उन स्कूलों की जानकारी चाहिए हों, जहां सीटें खाली हैं, तो आर.टी.ई. पोर्टल, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, सर्व शिक्षा अभियान के ज़िला परियोजना कार्यालय अथवा विकासखण्ड स्रोत केन्द्र कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।
लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय था आपातकाल : मुख्यमंत्री श्री चौहान
26 Jun 2018
केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री अनन्त कुमार ने कहा है कि मध्यप्रदेश की तरह दूसरे प्रदेशों में भी लोकतंत्र सेनानी कानून बनाया जाना चाहिए। पाठ्यक्रमों में स्वतंत्रता सेनानियों की तरह लोकतंत्र सेनानियों के बारे में भी अध्याय होना चाहिए। केन्द्रीय मंत्री श्री अनन्त कुमार आज यहां मुख्यमंत्री निवास में आयोजित लोकतंत्र सेनानी सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सम्मेलन में कहा कि मध्यप्रदेश में आज विधानसभा में विधेयक पारित कर लोकतंत्र सेनानियों के लिये कानून बनाया गया है। उन्होंने कहा कि आपातकाल, लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय है। केन्द्रीय मंत्री श्री अनन्त कुमार ने कहा कि लोकतंत्र का दमन करने वालों की जनता ने छुट्टी कर दी है। लोकतंत्र बचाने के लिये जो संघर्ष लोकतंत्र सेनानियों ने किया, उसे पूरे देश और दुनिया ने स्वीकारा है। लोकतंत्र सेनानी आजादी की दूसरी लड़ाई लड़े थे। स्वतंत्रता सेनानियों की तरह लोकतंत्र सेनानियों को भी सम्मान मिलना चाहिए। उनका संघर्ष प्रेरणा देने वाला है। मध्यप्रदेश ने लोकतंत्र सेनानियों के लिये काम कर पूरे देश के सामने मिसाल पेश की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिये सभी लोगों को हमेशा सचेत रहना होगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आपातकाल में लोकतंत्र सेनानियों पर अमानुषिक अत्याचार हुए थे। कई परिवार तबाह हो गये थे। लोकतंत्र को कलंकित किया गया था। लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष के कारण लोकतंत्र पुनर्स्थापित हुआ था। लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान कर प्रदेश सरकार ने अपना कर्तव्य पूरा किया है। हमें संकल्प लेना चाहिए कि फिर लोकतंत्र को कलंकित नहीं होने देंगे। लोकतंत्र को जिनसे खतरा है, उनसे हमेशा सावधान रहेंगे। महिला लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान कार्यक्रम में सांसद श्री राकेश सिंह ने कहा कि लोकतंत्र की सुरक्षा के लिये लोकतंत्र सेनानियों का योगदान हमेशा याद रहेगा। युवा पीढ़ी को यह हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। कार्यक्रम में स्वागत भाषण लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कैलाश सोनी ने दिया। कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानी संघ की स्मारिका का विमोचन किया गया। साथ में महिला लोकतंत्र सेनानियों श्रीमती सविता वाजपेई, श्रीमती उमा शुक्ला, श्रीमती जयश्री बैनर्जी, श्रीमती कांता चोपड़ा और श्रीमती रामकली मिश्रा की पुत्री आरती इलैया का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में जनसम्पर्क एवं जल-संसाधन मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, सांसद श्री आलोक संजर, श्री मेघराज जैन, श्री माखन सिंह, पूर्व मंत्री श्री सरताज सिंह सहित बड़ी संख्या में लोकतंत्र सेनानी उपस्थित थे। सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री श्री लाल सिंह आर्य ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष श्री तपन भौमिक ने किया।
राजस्व मंत्री द्वारा असंगठित श्रमिकों को स्मार्ट कार्ड वितरित
26 Jun 2018
राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने वार्ड 33 स्थित वल्लभ नगर में असंगठित श्रमिकों को आज स्मार्ट कार्ड वितरित किये। उन्होंने कहा कि इस कार्ड के माध्यम से श्रमिक मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना में विभिन्न प्रकार के लाभ आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। श्री गुप्ता ने बताया कि बिजली का बिल अब सिर्फ 200 रूपये महीने की सीमा में ही देना होगा। इसके लिये विद्युत मण्डल द्वारा लगाये जाने वाले शिविरों में पंजीयन जरूर करवायें। उन्होंने बताया कि पंजीबद्ध श्रमिकों के बच्चों के स्कूल एवं महाविद्यालयों की पूरी फीस सरकार देगी। श्री गुप्ता ने मेधावी विद्यार्थी योजना सहित अन्य योजनाओं की भी जानकारी दी। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
राज्य मंत्री श्री सारंग द्वारा हाई स्कूल अशोक नगर का शुभारंभ
26 Jun 2018
सहकारिता, भोपाल गैस त्रासदी, राहत एवं पुनर्वास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग ने आज छात्र-छात्राओं को कक्षा 9 वीं में प्रवेश दिलवाकर शासकीय हाई स्कूल अशोकनगर का शुभारंभ किया। श्री सारंग ने नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क पुस्तकें, बस्ता (बैग), पानी की बाटल और टिफिन बाक्स भी वितरित किये। वार्ड 44 के सुदामा नगर में स्थित माध्यमिक शाला अशोकनगर का हाई स्कूल में उन्नयन किया गया है। राज्य मंत्री श्री सारंग ने हाई स्कूल अशोक नगर को शासकीय सुभाष हाई स्कूल नामकरण के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की। श्री सारंग ने कहा कि माध्यमिक स्कूल को हाई स्कूल में उन्नयन करने से इस क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि हाई स्कूल को हायर सेकेण्डरी में भी उन्नयन कराया जायेगा। श्री सारंग ने स्कूल परिसर में वृक्षारोपण भी किया। प्राचार्य श्री सुबोध श्रीवास्तव ने बताया कि स्कूल में लगभग 300 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इस अवसर पर पार्षद श्रीमती मंजू बारकिया, श्री काशीराम शर्मा, श्री सूर्यकांत गुप्ता, श्री भूपेन्द्र सिंह चौहान, श्री अशोक वाणी, श्री प्रदीप सिंह शेखावत श्री प्रमोद शुक्रवारे, और शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
सरल बिजली और मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी योजना का क्रियान्वयन
26 Jun 2018
“सरल बिजली बिल” और “मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम-2018” का मैदानी स्तर पर हितग्राहियों को आसानी से लाभ दिलवाने के लिये तीनों बिजली वितरण कम्पनी द्वारा कैम्प लगाए जा रहे हैं। पूर्व, मध्य एवं पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। सभी कैम्प 10 जुलाई तक आयोजित होंगे। जुलाई में लगने वाले पंजीयन कैम्प से पहले आयोजित हो रहे प्री-पंजीयन कैम्प में उपभोक्ताओं को दोनो स्कीम की जानकारी दी जा रही है। कैम्प में दोनों स्कीम में शामिल होने वाले हितग्राहियों से आवेदन भी लिए जा रहे हैं। पूर्व, मध्य एवं पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने अपने-अपने क्षेत्र में दोनों स्कीम में शामिल होने की पात्रता रखने वाले सभी हितग्राहियों से अनुरोध किया है कि वे कैम्प का लाभ उठाएँ और स्कीम में शामिल होने का आवेदन पत्र जमा करें। सभी वितरण कंपनी ने अधिकारियों से कहा है कि सरल बिजली बिल एवं मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम में शामिल होने वाले हितग्राहियों से आवेदन भरवाते समय उनका मोबाइल नंबर अवश्य लें ताकि एसएमएस से उन्हें आवश्यक सूचना भेजी जा सके। उपभोक्ताओं से दोनों योजनाओं में शामिल होने के लिये कैम्प में आवेदन लिए जा रहे हैं। हर उपभोक्ता को आवेदन पत्र की पावती भी दी जा रही है। मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम के पात्र हितग्राहियों के देयक में मूल देयक राशि एवं बकाया बिल माफी राशि का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाएगा। साथ ही सरल बिजली बिल स्कीम के देयक में वास्तविक देयक राशि और सब्सिडी राशि का स्पष्ट उल्लेख होगा। सरल बिजली बिल एवं मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम के सफल क्रियान्वयन के लिये लाइन स्टॉफ से लेकर, कनिष्ठ और सहायक यंत्री एवं कार्यपालन अभियंताओं को व्यापक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उपभोक्ताओं को सहजता और सरलता से स्कीम का लाभ दिलाने के सभी प्रयास किये जा रहे है । जहॉ ऑफलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं, वहाँ उपभोक्ताओं को दो या तीन दिन में जानकारी बिलिंग सिस्टम में प्रविष्ट कर एसएमएस के जरिये दी जाएगी। वितरण कंपनियों ने क्षेत्रीय अभियंता और कार्मिकों से कहा है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के कैम्प की जानकारी दोनों स्कीम में शामिल होने की पात्रता रखने वाले हितग्राही तक पहुँचाने की मुहिम चलाएँ।
जनसम्पर्क आयुक्त श्री नरहरि से मिले महाराष्ट्र के वरिष्ठ जनसम्पर्क अधिकारी
25 Jun 2018
जनसम्पर्क आयुक्त श्री पी. नरहरि से आज संचालनालय में महाराष्ट्र राज्य के जनसम्पर्क विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। दल का नेतृत्व महाराष्ट्र के संचालक जनसम्पर्क श्री शिवाजी मानकर ने किया। आयुक्त जनसम्पर्क श्री नरहरि ने प्रतिनिधि मंडल को बताया कि मध्यप्रदेश में हाल ही में लागू मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना विश्व की अनुकरणीय योजना साबित हुई है। इस योजना से राज्य सरकार, समाज के सभी वर्गों के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के जीवन स्तर में व्यापक स्तर पर बदलाव लाने में सफल हुई है। श्री नरहरि ने बताया कि इस योजना में करीब पौने दो करोड़ से अधिक लोगों ने अभी तक पंजीयन करवाया है। यह योजना पंजीबद्ध हितग्राहियों को जन्म से अंतिम समय तक मददगार साबित हो रही है। सौजन्य भेंट के दौरान महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश में संचालित जनसम्पर्क विभाग संबंधी गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं के बारे में आपसी तौर पर विचार-विमर्श भी किया।
मीडिया को सहयोग के लिए सरकार संकल्पबद्ध- जनसम्‍पर्क मंत्री डॉ. मिश्र
25 Jun 2018
जनसम्‍पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने आज यहां स्टेट एनिमल हसबेंड्री ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के सभागार में टीवी चैनल जेके 24x7 न्यूज के दो दिवसीय संवाददाता सम्मेलन के समापन समारोह में हिस्सा लिया। जनसम्पर्क मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा महत्वपूर्ण सामाजिक दायित्व निभाया जा रहा है। इन्हें हर संभव सहयोग देने के लिए राज्य सरकार संकल्पबद्ध है। उन्होंने टीवी रिर्पोटर्स को शुभकामनाएं दी। सहकारिता, भोपाल गैस, त्रासदी, राहत एवं पुनर्वास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग ने कहा कि व्यक्ति और समाज के निर्माण में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है। श्री सारंग ने सकारात्मक खबरों को पर्याप्त स्थान देने और विघटनकारी नकारात्मकता फैलाने वाली ताकतों को पनपने से रोकने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि मीडिया निष्पक्ष और सशक्त है, यह बहुत अच्छी बात है। डॉ. मिश्र और श्री सारंग ने टीवी चैनल द्वारा प्रकाशित स्मारिका का विमोचन किया। चैनल के स्टेट ब्यूरो हेड श्री सुभाष श्रीवास्तव ने मंत्री डॉ. मिश्र और श्री सारंग का पुष्प-गुच्छ से स्वागत किया।
बुंदेलखंड के वीरों के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता- राज्यपाल
25 Jun 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज यहां बुंदेली समारोह एवं अमृत महोत्सव कलश स्थापना कार्यक्रम में कहा कि बुंदेलखण्ड में महान योद्धा, राजा, साहित्यकार और समाजसेवियों ने जन्म लिया है। बुंदेलखंड के वीरों के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि बुंदेलखण्ड की सांस्कृतिक और साहित्यिक परम्परायें महान और प्राचीन हैं। छत्रसाल ऐसे महान योद्धा थे, जो तलवार के साथ कलम से भी समाज और देश को कुरीतियों से बचाने की कोशिश करते रहे। छत्रसाल ने विस्तृत बुंदेलखंड राज्य की गरिमामय स्थापना ही नहीं की थी, वरन् साहित्य सृजन कर जीवंत काव्य भी रचे। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने प्रसिद्ध बुंदेली कवी श्री कैशल मड़बैया को अमृत महोत्सव की बधाई दी। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड को आज विकास की बहुत आवश्यकता है। हमारे प्रधानमंत्री ने 'सबका साथ सबका विकास' का नारा देकर देश में एकता, विकास, समरसता और सौहार्द्र का वातावरण निर्मित किया है। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने इस अवसर पर बुंदेली भाषा के कवि श्री कैलाश मड़बैया सहित अन्य कवियों और पत्रकारों को शाल,श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने बुंदेली नृत्य दल द्वारा प्रस्तुत राई नृत्य भी देखा । कार्यक्रम में सांसद श्री आलोक संजर, वरिष्ठ साहित्यकार श्री गंगा प्रसाद बरसैया, तथा बुंदेली साहित्य प्रेमी उपस्थित थे। कार्यक्रम में राज्यपाल ने साहित्कार श्री कैलाश मड़बैया की पुस्तक मयूर पंख, सहित साहित्यकारों और कवियों की पुस्तकों और काव्य ग्रंथों का विमोचन भी किया।
हज यात्रियों को प्रशिक्षित करने प्रशिक्षकों को दी गई ट्रेनिंग
25 Jun 2018
हज कमेटी द्वारा हज यात्रियों को प्रशिक्षण देने के लिये प्रशिक्षिकों के विशेष प्रशिक्षण का कार्यक्रम किया गया। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती ललिता यादव ने प्रशिक्षकों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हज यात्रियों को बेहतर प्रशिक्षण दें, जिससे उन्हें हज यात्रा के दौरान कोई कठिनाई नहीं हो। श्रीमती यादव ने बताया कि हज-2018 के लिये 4758 यात्रियों का चयन किया गया है। प्रशिक्षण में हज कमेटी के अध्यक्षों को भी प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षिकों को विशेष प्रशिक्षण गाइड तथा अन्य सामग्री उपलब्ध करवाई गई। हज यात्रियों को 26 जून से 25 जुलाई के बीच प्रशिक्षण दिया जायेगा। इस वर्ष सउदी अरब में प्रदेश के हज यात्रियों की सहायता के लिये 23 खादिमुल हुज्जाजों को भेजा जा रहा है। हर 200 हज यात्रियों के बीच में एक खादिमुल हुज्जाज की व्यवस्था की गई है। सचिव एवं कार्यपालन अधिकारी मध्यप्रदेश राज्य हज कमेटी श्री दाऊद अहमद खान ने जानकारी दी है कि मुम्बई इम्बार्केशन पॉइंट से 29 से 31 जुलाई तथा एक से 12 अगस्त तक और भोपाल इम्बार्केशन पॉइंट से 6 एवं 7 अगस्त को विभिन्न फ्लाइटों से हज यात्रियों को हज यात्रा पर भेजा जाना प्रस्तावित है। इस मौके पर अन्य अधिकारी एवं विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर के जनजातीय संग्रहालय में आंतरिक साज-सज्जा करवायेगा टीआरआई
26 Jun 2018
रायपुर में निर्माणाधीन जनजातीय संग्रहालय की आंतरिक साज-सज्जा और उपगैलरियों के निर्माण का काम टीआरआई के विशेषज्ञ दल के मार्गदर्शन में होगा। यह निर्णय आज जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री लाल सिंह आर्य की अध्यक्षता में हुई वन्या की कार्यकारिणी समिति की बैठक में लिया गया। बैठक में प्रमुख सचिव श्री एस.एन.मिश्रा, श्रीमती दीपाली रस्तोगी, श्री राकेश सिंह उपस्थित थे। राज्य मंत्री श्री आर्य ने विभिन्न वन्या सामुदायिक रेडियो केन्द्रों में आवश्यकतानुसार कलाकारों के लिये प्रतीक्षा कक्ष और केन्द्रों की जनजातीय परिवेश के अनुरूप साज-सज्जा और सौर्न्दयीकरण की भी अनुमति दी। इसी प्रकार वन्या कार्यालय के जनजातीय परिवेश के अनुरूप साज-सज्जा और सौर्न्दयीकरण की भी अनुमति दी गई। श्री आर्य ने प्रदेश के पारम्परिक जनजातीय कलाओं के प्रोत्साहन के लिये सभी कलारूपों से संबंद्ध जनजातीय कलाकारों का पंजीकरण और परिचय सहित डायरेक्ट्री का प्रकाशन करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि काफी टेबल बुक के रूप में यह डायरेक्ट्री बनवाई जाये। राज्य मंत्री श्री आर्य ने विभिन्न प्रर्दशनकारी पारम्परिक जनजातीय कलाओं के माध्यम से जनजातीय विकास की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने के लिये कलाकारों और समूहों का चिन्हांकन करने को भी कहा। उन्होंने पारम्परिक जनजातीय उपकरणों एवं वस्त्रों के निर्माण के लिये प्रशिक्षण शिविर एवं कार्यशाला आयोजित कर बाजार में संभावनाओं की तलाश करने को भी कहा। उन्होंने जनजातीय आवासीय शैलियों विषय पर एक राज्य स्तरीय संगोष्ठी करने की भी अनुमति दी।
राज्य मंत्री श्री शरद जैन की अध्यक्षता में गाँधी मेडिकल कॉलेज स्वशासी समिति की बैठक
26 Jun 2018
चिकित्सा शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) एवं लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री शरद जैन ने आज गाँधी मेडिकल कॉलेज स्वशासी समिति की सामान्य सभा की बैठक में भाग लिया। बैठक में गत वर्ष का पालन प्रतिवेदन और कार्यकारिणी समिति द्वारा स्वीकृत वर्ष 2018-19 के बजट प्रस्ताव का अनुमोदन किया। राज्य मंत्री श्री जैन ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधा बेहतर हुई है, अब उसे और बेहतर किया जाना चाहिये। उन्होंने अस्पताल के ओपीडी विभाग में पर्ची देने के लिए स्टॉफ बढ़ाने के निर्देश दिये तथा चिकित्सक भर्ती प्रक्रिया में गति लाने को कहा। बैठक में भोपाल संभाग के आयुक्त श्री कविन्द्र कियावत ने हमीदिया अस्पताल में चल रहे निर्माण कार्यों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि 2000 बिस्तर अस्पताल की नई यूनिट का 30 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। अन्य निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने अस्पताल में चल रही अन्य गतिविधियों की जानकारी दी। डीन डॉ. एम.पी. सोनगरा ने बताया कि एमआरआई मशीन हमीदिया अस्पताल में स्थापित हो गई है। आगामी जुलाई से आम नागरिकों को जाँच की सुविधा मिलने लगेगी। उन्होंने बताया कि नया अल्ट्रा मार्डन ब्लड बैंक शुरू किया जा रहा है और मरीजों को डायलेसिस की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। बैठक में सांसद श्री आलोक संजर, डॉ. ए.के. श्रीवास्तव अधीक्षक हमीदिया अस्पताल और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
समग्र कृषि पैदावार में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिये मध्यप्रदेश पुरस्कृत
24 Jun 2018
मध्यप्रदेश को समग्र कृषि पैदावार में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिये शनिवार को नई दिल्ली में सर्वश्रेष्ठ राज्य के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री राधामोहन सिंह ने यह पुरस्कार इंडिया टुडे पत्रिका के एग्रो समिट एण्ड अवार्ड-2018 समारोह में प्रदान किया। किसान-कल्याण एवं कृषि विभाग के संचालक श्री मोहनलाल ने प्राप्त किया। समग्र कृषि पैदावार में मध्यप्रदेश पहले स्थान पर, उड़ीसा दूसरे, तेलंगाना तीसरे, आंध्रप्रदेश चौथे और महाराष्ट्र पाँचवें स्थान पर रहा है। इण्डिया टुडे एग्रो अवार्ड के लिये मध्यप्रदेश को कई कसौटियों पर कसा गया। देश के कृषि विशेषज्ञों ने विभिन्न राज्यों की कृषि सांख्यिकी का अध्ययन किया। इसके बाद यह निष्कर्ष निकला कि मध्यप्रदेश ने वर्ष 2015-16 में गेहूँ की पैदावार बढ़ाने में खास उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश में गेहूँ की उत्पादकता 176.80 लाख टन रही है। प्रति हेक्टेयर गेहूँ की उत्पादकता 2,993 किलोग्राम तक पहुँच गई है। अवार्ड कार्यक्रम में बताया गया कि मध्यप्रदेश देश का वह राज्य है, जिसने खेती में अपना जबरदस्त प्रदर्शन बरकरार रखा है। राज्य सरकार के कृषि पैदावार के आँकड़े बताते हैं कि खराब दौर में भी मध्यप्रदेश ने कृषि विकास में दोहरे अंकों की वृद्धि दर कायम रखी। समारोह में बताया गया कि केन्द्र सरकार के कृषि और किसान विकास मंत्रालय की ओर से कृषि विकास के लिये दिया जाने वाला कृषि कर्मण अवार्ड पिछले 5 साल से मध्यप्रदेश को मिल रहा है। समारोह में बताया गया कि कृषि के समग्र विकास के लिये यह जरूरी है कि खेती से जुड़े तमाम पहलुओं पर एक साथ काम किया जाये। मध्यप्रदेश ने पिछले एक दशक में यही किया है। मध्यप्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाने की सतत कोशिश की गई है। प्रदेश में 700 छोटी सिंचाई परियोजनाओं को वर्ष 2018 के अंत तक पूरा करने का कार्यक्रम बनाया गया है। कृषि केबिनेट जैसी व्यवस्था ने भी मध्यप्रदेश को कृषि में अव्वल बनाये रखा है।
राज्यपाल से टीबी रोग जागरूकता अभियान वाहन रैली के डाक्टरों और पदाधिकारियों की भेंट
24 Jun 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल से आज राजभवन में ओरियंटल ग्रुप आफ इन्स्टिट्यूट द्वारा 24 मई से 22 जून तक निकाली गई टीबी रोग जागरूकता अभियान वाहन रैली के डाक्टरों और पदाधिकारियों ने आज राजभवन में भेंट की। इस अवसर पर ओरियंटल ग्रुप आफ इन्स्टिट्यूट के चेयरमेन श्री प्रवीण ठकराल, रेली के संयोजक सीइओ श्री राजेश साहनी तथा वरिष्ट डाक्टर उपस्थित थे। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने इन्स्टिट्यूट द्वारा निकाली गई रैली को अनुकरणीय बताते हुए कहा कि इससे पूरे प्रदेश में टीवी रोग मुक्त अभियान के प्रति जागृति और जनचेतना उत्पन्न का संदेश पहुंचेगा और लोगों को प्रेरणा मिलेगी। इन्स्टिट्यूट के चेयरमेन श्री प्रवीण ठकराल ने बताया कि रैली को चार चरणों में भोपाल से जबलपुर, सिंगरौली, ग्वालियर, शिवपुरी और नीमच जिलों में भेजा गया। इस दौरान 100 अधिक गांवों में 20 हजार से अधिक टीबी और सामान्य रोगियों के स्वास्थ की जांच की गई। रैली में 35 ऐसे टीबी रोगियों की पहचान की गई जिन्हें स्थानीय डाक्टरों ने टीबी मुक्त बता दिया था।
वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान-दिवस पर हर वर्ष होंगे तीन दिवसीय कार्यक्रम
24 Jun 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज जबलपुर में वीरांगना रानी दुर्गावती के समाधि स्थल पर 455वें बलिदान दिवस पर आयोजित विशाल आदिवासी सम्मेलन में घोषणा की कि युवा पीढ़ी को बलिदान और स्वाभिमान की रक्षा के लिये प्रेरित करने के उद्देश्य से समाधि स्थल पर हर वर्ष रानी दुर्गावती के बलिदान-दिवस पर तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। वन भूमि पर वर्ष 2006 तक काबिज वनवासी आदिवासियों को वनाधिकार पट्टे देकर काबिज वनभूमि का मालिक बनाया जायेगा। सौभाग्य योजना के अंतर्गत दिसम्बर 2018 तक प्रत्येक आदिवासी परिवार के घर-घर तक बिजली पहुँचाई जायेगी। इन परिवारों को 200 रूपये प्रतिमाह फ्लेट रेट पर ही बिजली बिल का भुगतान करना होगा। संबल योजना में गरीब आदिवासी परिवारों को शामिल कर योजना के सभी लाभ दिये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी दुर्गावती के समाधि स्थल के समीप 10 एकड़ शासकीय भूमि पर वीरांगना के नाम से भव्य स्मारक बनवाया जायेगा। उन्होंने मण्डला जिले के रामनगर में आदिवासी संग्रहालय बनवाने की घोषणा करते हुए कहा कि गरीब आदिवासी परिवारों को आवासीय भूमि का पट्टा दिया जायेगा और अगले चार वर्षों में उन्हें पट्टे की जमीन पर पक्के मकान बनवाकर दिये जायेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समुदाय के विकास और समृद्धि के साथ-साथ उनके गौरवपूर्ण इतिहास, परम्परा, बलिदान और संस्कृति को अक्षुण्ण बनाये रखेगी। स्वाधीनता की लड़ाई में आदिवासी नायकों के अमूल्य योगदान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती ने जहाँ एक ओर राज्य की स्वतंत्रता और स्वाभिमान की रक्षा के लिये अपना बलिदान दिया, वहीं दूसरी ओर अपने 15 वर्ष के शासनकाल में प्रजा के लिये जनहितैषी कल्याणकारी कार्य करवाये, जिसके प्रमाण आज जबलपुर सहित अन्य स्थानों पर देखे जा सकते हैं। रानी दुर्गावती ने जल संरक्षण के लिये तालाबों का निर्माण करवाया और आम आदमी की सुविधा के लिये धर्मशालाएँ भी बनवाईं। रानी दुर्गावती के नाम पर होगा डूमना विमानतल का नामकरण मुख्यमंत्री श्री चौहान ने घोषणा की कि जबलपुर के डुमना विमानतल का नामकरण रानी दुर्गावती के नाम पर करने के लिये विधानसभा में राज्य शासन की ओर से प्रस्ताव पारित करवाकर केन्द्र शासन को भेजा जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूह से आदिवासी महिला को जोड़कर उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का पूरा प्रयास है कि आदिवासी के जीवन में समृद्धि और खुशहाली आये इसलिए राज्य सरकार के बजट का बड़ा हिस्सा आदिवासियों और गरीबों के कल्याण और विकास के लिये व्यय करने का निर्णय लिया गया है। बेटा-बेटी को खूब पढ़ायें आदिवासी परिवार मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आदिवासी समुदाय से अपील की कि बच्चों को आत्म-निर्भर और सशक्त बनाने के लिये खूब पढ़ाई-लिखाई करवायें। उनके बेटा-बेटी की पढ़ाई का खर्चा राज्य सरकार वहन करेगी। श्री सिंह ने बताया कि केन्द्र और राज्य सरकार देश और प्रदेश में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिये तेजी से प्रयास कर रही है। उन्होंने आदिवासी परिवारों से कहा कि अपने बेटा-बेटियों को खूब पढ़ायें-लिखायें और समाज में आगे बढ़ने का मौका दें। समारोह में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने श्री शंकरदयाल भारद्वाज द्वारा लिखित पुस्तक 'रानी दुर्गावती-एक बलिदान गाथा' का विमोचन किया। श्री चौहान ने लेखक श्री भारद्वाज को शॉल-श्रीफल देकर सम्मानित भी किया। सांसद श्री राकेश सिंह एवं श्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने भी अपने विचार व्यक्त किये। मुख्यमंत्री का तलवार-ढाल भेंट कर किया सम्मान मध्यप्रदेश जनजाति संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री चौहान को बड़ी फूल माला पहनाई और तलवार तथा ढाल भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर सांसद श्रीमती संपतिया उईके, विधायक श्री सुशील तिवारी, श्रीमती प्रतिभा सिंह एवं सुश्री नंदिनी मरावी, मनोनीत विधायक श्री एल.बी. लोबो, महापौर डॉ. स्वाति सदानंद गोडबोले, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मनोरमा पटेल, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वित्त तथा विकास निगम के उपाध्यक्ष श्री एस.के. मुद्दीन, जबलपुर कृषि उपज मंडी अध्यक्ष श्री राजाबाबू सोनकर, बड़ी संख्या में विशाल आदिवासी समुदाय मौजूद था।
रामलीला में भाग लेने से बच्चों में अच्छे आदर्श उत्पन्न होते हैं : राज्यपालत
24 Jun 2018
राज्यपाल श्रीमती अनंदीबेन ने आज राजभवन के अधिकारियों और कर्मचारियों के बच्चों द्वारा आयोजित रामलीला कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि रामलीला हमें धार्मिक घटनाओं और भगवान श्रीराम के मर्यादापुरूष होने का प्रमाण देती हैं। इससे हमारी धार्मिक आस्था और भावना सुदृढ़ होती है। रामलीला भारतीय प्राचीन संस्कृति, सभ्यता और धार्मिक आस्था को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है। इससे बच्चों में अच्छे आदर्श और चरित्र का निर्माण करने में मदद मिलती है। इस कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रभाषा प्रचार समिति,युवामंच और हिन्दी भवन के सहयोग से राजभवन सचिवालय द्वारा आयोजित किया गया था। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आयोजकों को साधुवाद देते हुए इस अनुकरणीय पहल की सराहना की। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि जब बच्चे रामलीला में स्वयं राम, सीता और अन्य पात्रों का अनुसरण करेंगे तो उनमें राम के आदर्श, सीता माँ की पवित्रता और भरत, लक्ष्मण जैसे भाईयों के चरित्र उनके अंदर निर्मित हो सकेंगे। माता-पिता और भाई-बहन के प्रति प्रेम, सम्मान और आदर की भावना जागृत हो सकेगी। घर,परिवार और समाज में एकता, सौहार्द्र और सदभाव का वातावरण मजबूत होगा। रामलीला के माध्यम से ही आज पूरे विश्व में भगवान श्रीराम के आदर्श, उपदेश और संदेश को पहुँचाया जा रहा है। देश और विदेश में लोग रामलीला देखकर ही अपने जीवन में बदलाव ला रहे हैं। उन्होंने बच्चों द्वारा प्रस्तुत रामलीला की प्रशंसा करते हुए कहा कि बच्चों ने बहुत परिश्रम किया है। इस अवसर पर पूर्व सांसद एवं राष्ट्रप्रचार भाषा समिति के ट्रस्टी श्री रघुनंदन शर्मा, अध्यक्ष श्री एस.पी. दुबे, हिन्दी भवन के सचिव श्री कैलाश अग्रवाल, राज्यपाल के सचिव श्री भरत महेशवरी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में रामलीला प्रेमी उपस्थित थे।
मंत्री डॉ. मिश्र ने किया 13.56 करोड़ की बायपास रोड का शिलान्यास
24 Jun 2018
जल संसाधन, जनसम्पर्क एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने आज दतिया में सेवढ़ा से झांसी रोड़ तक 13.56 करोड़ लागत की बायपास रोड़ का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि इस सड़क के बन जाने से सेवढ़ा रोड़ का झांसी, भाण्ड़ेर जाने वाला ट्राफिक शहर में प्रवेश किए बिना सीधे बायपास मार्ग से गुजर जाएगा। इस प्रकार शहर पर यातायात का दबाव कम होगा और लोगों को आवागमन की सुविधा मिलेगी। जनसम्पर्क मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के सर्वांगीण विकास समान रूप से ध्यान दे रही है। जहां एक ओर संबल योजना में प्रदेश की आधी से अधिक श्रमिक आबादी का पंजीयन हुआ है, वहीं दूसरी ओर किसानों को भी भावांतर भुगतान योजना, सूखा राहत, मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना, फसल बीमा योजना आदि द्वारा अधिकाधिक लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वृक्षारोपण कर शहर को हरा-भरा बनाना का प्रयास करें। कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष श्री सुभाष अग्रवाल, वरिष्ठ समाजसेवी श्री कालीचरण कुशवाहा, श्री मुकेश यादव, श्री विपिन गोस्वामी, श्री भरत यादव आदि ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रजनी पुष्पेन्द्र रावत, उपाध्यक्ष श्री विनय यादव, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री योगेश सक्सैना, मण्ड़ी उपाध्यक्ष श्री धीरू दांगी, मण्ड़ी अध्यक्ष प्रतिनिधि श्री जीतू कमरिया एवं अन्य जन-प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। पांच युवाओं को दिये अनुकंपा नियुक्ति पत्र डॉ. नरोत्तम मिश्र ने पांच युवाओं को कलेक्ट्रेट दतिया में सहायक वर्ग तीन के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति पत्र वितरित किए। जिले के पांच शिक्षकों की मृत्यु उनके कार्यकाल के दौरान हो गई थी। जिसके संबंध में शिक्षकों के परिजनों ने आवेदन देकर अनुकंपा नियुक्ति की मांग की थी। मंत्री डॉ. मिश्र ने इस संबंध में कार्यवाही के निर्देश दिए थे, तदनुसार आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति दी गई है।
समाज में झूठ, भ्रम, निराशा फैलाने वालों की कोई जगह नहीं - प्रधानमंत्री श्री मोदी
23 Jun 2018
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज राजगढ़ जिले में लगभग 4000 करोड़ रुपये लागत की मोहनपुरा वृहद सिंचाई परियोजना का लोकार्पण करते हुए डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी को 65वीं पुण्य-तिथि पर श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सरकार डॉ. मुखर्जी की सोच को आगे बढ़ाते हुए देशवासियों के सपनों को पूरा करेगी। शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा, भारत सरकार की प्राथमिकता होगी ताकि युवाओं को अच्छी उच्च शिक्षा मिले और वे समाज की सेवा करने के लिये हमेशा समर्पित रह सकें। उन्होंने कहा कि विद्या, वित्त और विकास का आपस में समन्वय होना चाहिये, शैक्षणिक संस्थाओं और औद्योगिक संगठनों की सोच में एकरूपता होनी चाहिये, तभी भारत देश आर्थिक रूप से मजबूत बनेगा। श्री मोदी ने कहा कि पिछली सरकारों ने देश के निर्माण और विकास में डॉ. मुखर्जी जैसी अनेक महान हस्तियों के योगदान को भुला दिया था। इस कमी को हमारी सरकार पूरा कर रही है। हम देश के महान व्यक्तित्वों और सपूतों के सपनों को पूरा करेंगे। शासन का पहला काम जनसेवा और लोगों का जीवन-स्तर ऊँचा उठाना है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि नागरिकों के सपनों को पूरा करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम पूर्ववर्ती सरकारों की कमियों को नहीं दोहरायेंगे। लोगों की क्षमताओं और संसाधनों की अनदेखी नहीं की जायेगी। लोकार्पण समारोह में किसानों और ग्रामीणों के जन-सैलाब को देखते हुए श्री मोदी ने कहा कि अब समाज में झूठ फैलाने वालों, भ्रम फैलाने वालों और निराशा फैलाने वालों की कोई जगह नहीं है। देशवासियों ने हमारी नीतियों में विश्वास व्यक्त किया है। हम इस विश्वास को किसी भी कीमत पर टूटने नहीं देंगे। माइक्रो एरीगेशन को बढ़ावा देगी भारत सरकार प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि सिंचाई परियोजनाओं के पानी की एक-एक बूँद का सिंचाई में भरपूर उपयोग सुनिश्चित करने के लिये देश में माइक्रो एरीगेशन सिस्टम को बढ़ावा दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस समय देश में 25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में माइक्रो एरीगेशन सिस्टम से सिंचाई सुविधा दी जा रही है। इसमें से साढ़े 11 लाख हेक्टेयर क्षेत्र मध्यप्रदेश का है। हाल ही में किसानों से हुई चर्चा का उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले में आदिवासी अंचल की महिला कृषकों ने ड्रिप एरीगेशन सिस्टम से टमाटर की उन्नत खेती कर रिकार्ड कायम किया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा का लाभ अभी 35 लाख किसानों को मिल रहा है। देश में 575 से अधिक कृषि उपज मण्डियों का इंटीग्रेटेड नेटवर्क बना लिया गया है, जिसमें मध्यप्रदेश की 58 मण्डियाँ नेटवर्क के माध्यम से जुड़ गई हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस सिस्टम से किसान अपनी उपज सीधे मण्डी में बेच सकेगा। उन्होंने जानकारी दी कि मुद्रा बैंक योजना में बैंक गारंटी के साथ लोगों को वित्तीय सहायता दी जा रही है। इस योजना में मध्यप्रदेश के 45 लाख किसानों को फायदा मिला है। मध्यप्रदेश के सच्चे सेवक है मुख्यमंत्री श्री चौहान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश में गरीबों, श्रमिकों, जरूरतमंदों और किसानों की बेहतरी के लिये किये जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश को बीमारू राज्य की श्रेणी से बाहर लाकर ऐतिहासिक काम किया है। श्री चौहान प्रदेश की सेवा में सच्चे सेवक की भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। भारत सरकार श्री चौहान के इन प्रयासों की सराहना करती है। प्रधानमंत्री ने मोहनपुरा वृहद सिंचाई परियोजना की परिकल्पना से निर्माण होने तक इससे जुड़े हर व्यक्ति का अभिनंदन करते हुए कहा कि यह परियोजना केवल राजगढ़ की नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की ऐसी बड़ी परियोजनाओं में से एक है, जिससे 725 गाँव को सीधा लाभ मिलेगा। इन गाँवों में पीने के पानी की भरपूर व्यवस्था सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को पूरा कर वास्तव में मध्यप्रदेश में माताओं-बहनों और किसानों की बेहतरी के लिये काम किया है। इस परियोजना से प्रदेश के मालवा अंचल की समृद्धि का सशक्त मार्ग प्रशस्त होगा। श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि श्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने मध्यप्रदेश राज्य को पिछड़ेपन की पहचान से मुक्त करवा दिया है। राजगढ़ जिले में इस वृहद सिंचाई परियोजना का निर्माण मुख्यमंत्री की सोच और दूरदृष्टि का प्रमाण है। देश को कन्फ्यूजन से कमिटमेंट तक लाये प्रधानमंत्री श्री मोदी : जल संसाधन मंत्री डॉ. मिश्र जल संसाधन मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ऐसे व्यक्तित्व हैं जिनका स्वागत करने के लिए पूरा विश्व उत्सुक है । उन्होंने कहा कि श्री मोदी ने अपना जीवन देश के नव-निर्माण में समर्पित कर दिया है। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि अहंकार से नहीं संस्कार से विजय मिलती है । डॉ. श्री मिश्रा ने कहा कि जब श्री मोदी जी को सत्ता मिली थी, तब विषम परिस्थितियाँ थीं। देश को कन्फ्यूजन से निकालकर कमिटमेंट की स्थिति में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी लाये हैं। डॉ. मिश्र ने कहा कि पहले राजगढ़ पत्थलगढ़ के रूप में जाना जाता था। अब मोहनपुरा परियोजना आने से जल्दी ही यह पूरा क्षेत्र हरित क्षेत्र के रूप में बदल जायेगा। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार की अनदेखी के कारण यह क्षेत्र पथरीला रह गया था। वर्तमान सरकार के प्रयासों से किसानों को सिंचाई के लिये पर्याप्त पानी मिल रहा है, बिजली मिल रही है। इसके कारण कृषि विकास दर देश में सबसे ज्यादा हो गई है। मोहनपुरा वृहद सिंचाई परियोजना-एक परिचय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जैसे ही परियोजना का लोकार्पण किया, वहाँ मौजूद विशाल जन-सैलाब खुशियों से झूम उठा, पूरा वातावरण तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा। इस मौके पर लोगों के चेहरों की खुशी छुपाये नहीं छुप रही थीं। लोगों के चेहरे बता रहे थे कि अब राजगढ़ जिले का कोई भी गाँव पीने के पानी और सिंचाई से वंचित नहीं रहेगा। जिले का पूरा भू-भाग खेतों से लहलहायेगा। प्रधानमंत्री ने इस मौके पर पहाड़गढ़, गोरखपुरा और बांकापुर-कुशलपुरा ग्रामीण समूह जल-प्रदाय योजनाओं का शिलान्यास भी किया। राजगढ़ जिले में लगभग 4000 करोड़ रुपये लागत से बनी मोहनपुरा सिंचाई परियोजना से 727 गाँवों को लाभ होगा। इस परियोजना पर निर्मित बाँध से राजगढ़ जिले के नागरिकों को 8 मिलियन घन मीटर पीने का पानी और 5 मिलियन घन मीटर औद्योगिक क्षेत्रों के लिये पानी मिलेगा। इस परियोजना का निर्माण कार्य वर्ष 2014 में शुरू किया गया था। इसकी जल-भराव क्षमता 616.27 मिलियन घन मीटर है। राज्य शासन ने इस परियोजना से किसानों के खेतों में सीधे पानी पहुँचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की है। विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता हैं प्रधानमंत्री श्री मोदी - मुख्यमंत्री श्री चौहान मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकार्पण समारोह में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश के समग्र विकास के साथ-साथ विश्व में शांति की स्थापना के लिये महत्वपूर्ण कार्य किये हैं। श्री मोदी अपने व्यक्तित्व और कृतित्व से आज विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता बन गये हैं। श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की यह पहली ऐतिहासिक राजगढ़ यात्रा है। उन्होंने बताया कि श्री मोदी प्रदेश की तकदीर और तस्वीर बदलने वाली योजनाएँ लेकर आये हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मोहनपुरा वृहद सिंचाई परियोजना राजगढ़ जिले की तस्वीर बदल देगी। उन्होंने बताया कि खेती और सिंचाई के क्षेत्र में मध्यप्रदेश के किसानों ने पंजाब राज्य को भी पीछे छोड़ दिया है। मध्यप्रदेश में पिछले कई वर्षों से कृषि के क्षेत्र में रिकार्ड उत्पादन हो रहा है। राज्य सरकार की योजना है कि आने वाले कुछ वर्षों में प्रदेश में सिंचाई क्षमता को 80 लाख हेक्टेयर क्षेत्र तक बढ़ाया जायेगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी के वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के मिशन को पूरा करने में मध्यप्रदेश राज्य पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा। श्री चौहान ने बताया कि पिछली सरकारों में प्रदेश के किसानों को बिजली, पानी, सड़क और खाद को लेकर हमेशा परेशानी का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि अब ऐसा नहीं है। प्रदेश के किसानों को यह सभी सुविधाएँ आसानी से उनके गाँवों और खेतों तक मिल रही हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने राजगढ़वासियों का आव्हान किया कि नया मध्यप्रदेश बनाने के साथ-साथ नया राजगढ़ बनाने में भी अपना भरपूर सहयोग प्रदान करें, संकल्पित होकर अपने दायित्वों का निर्वहन करें। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने की मध्यप्रदेश की तारीफ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में हुई तरक्की और लोगों की खुशहाली की चर्चा करते हुए कहा कि यह प्रदेश, देश के विकासशील प्रदेशों में शामिल हो गया है। प्रदेश ने पिछड़ेपन की पहचान को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि राजगढ़ जिला एस्पिरेशन जिला बन गया है। अब यहाँ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य क्षेत्रों में विकास पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय ग्राम विकास अभियान में मध्यप्रदेश के एक्पिरेशन जिलों में विभिन्न विकास गतिविधियाँ लागू की जायेंगी। इन जिलों के हर गाँव के हर घर में घरेलू गैस कनेक्शन होंगे। हर परिवार का बैंक खाता होगा। हर गाँव का सम्पूर्ण टीकाकरण होगा। हर गाँव में सभी बुनियादी सुविधाएँ होंगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के सपनों का भारत, गाँवों की तरक्की से ही निर्मित होगा। लोकार्पण समारोह के प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को तुलसी की माला भेंट की और पगड़ी पहनाकर उनका स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर सिंचाई कार्य-योजना का विमोचन किया। समारोह में राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, सांसद श्री राकेश सिंह, श्री रोडमल नागर, स्थानीय विधायकगण, अन्य जन-प्रतिनिधि, मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री आर.के. शुक्ला और जन-सैलाब के रूप में नागरिक और किसान मौजूद थे।
देशवासियों के लक्ष्य के अनुरूप भारत स्वच्छ होकर रहेगा
23 Jun 2018
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि हर देशवासी के लक्ष्य के अनुरूप भारत स्वच्छ होकर रहेगा। महात्मा गाँधी का स्वच्छ भारत का सपना पूरा करने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि देश, समाज और व्यक्ति को बदलने से पहले सोच को बदलना होता है। स्वच्छता की सोच में बदलाव लाकर देश ने दिखा दिया है। वर्ष 2022 में देश में ऐसा कोई परिवार नहीं होगा, जिसके पास अपना घर नहीं हो। आने वाले तीन-चार वर्षों में देश में दो करोड़ से ज्यादा आवास बनाये जायेंगे। पिछले चार वर्ष में देश में एक करोड़ पन्द्रह लाख आवास का निर्माण किया गया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी आज इंदौर में मध्यप्रदेश शहरी विकास महोत्सव एवं स्वच्छता सर्वेक्षण पुरस्कार समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने करीब 4 हजार 700 करोड़ रूपये की नगरीय विकास परियोजनाओं का ई-लोकार्पण तथा मध्यप्रदेश सरकार की अरबन ट्रांसपोर्ट स्कीम 'सूत्र सेवा' का शुभारंभ किया। श्री मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के एक लाख से अधिक हितग्राहियों को ई-गृह प्रवेश करवाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छता एक दिन में नहीं आती। बल्कि जब सारे नागरिक मिलकर चौबीसों घंटे इसे प्राप्त करने के लिये काम करते हैं, तब यह प्राप्त होती है। मध्यप्रदेश ने अपने पराक्रम और पुरूषार्थ से इस गौरव को प्राप्त किया है। दो शहर इंदौर और भोपाल देश के प्रथम और द्वितीय स्वच्छ शहर है। इंदौर की सफलता की कहानी यहां की जनता की जीवटता, सहयोग और शहर के प्रति अपनेपन का उदाहरण है। देवी अहिल्या बाई ने अपने शासन में जनता की छोटी सी छोटी जरूरतों को प्राथमिकता दी। इंदौर ने स्वच्छता के आग्रह और नागरिक कर्तव्यों को जीवन में उतारकर देवी अहिल्या बाई को सच्ची श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान में देश के 18 राज्यों के 2300 शहरों ने खुद को खुले में शौच से मुक्त घोषित कर दिया है। बीते चार वर्षों में देश में 8 करोड़ 30 हजार शौचालयों का निर्माण हुआ है, जिसमें मध्यप्रदेश में 65 लाख शौचालय बनें। मध्यप्रदेश के सभी शहरों ने अपने को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया है। देश की आत्मा गाँव है तो शहर ऊर्जा के केन्द्र श्री मोदी ने कहा कि देश की आत्मा गाँव है तो शहर ऊर्जा के केन्द्र हैं। पिछली केन्द्र सरकार ने शहरों की तरफ ध्यान नहीं दिया जिससे आबादी तो बढ़ती गई पर सुविधाएं नहीं बढ़ी। पिछले चार सालों में शहरी विकास के लिये दो लाख 30 हजार करोड़ रूपये मंजूर किये। जबकि पिछली केन्द्र सरकार ने दस वर्ष में केवल 95 हजार करोड़ रूपये स्वीकृत किये थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि नई सोच और दृष्टिकोण के साथ शहरों के लिये पाँच बड़ी योजनाएं स्वच्छता, प्रधानमंत्री आवास, स्मार्ट सिटी, अमृत योजना और दीनदयाल उपाध्याय शहरी आजीविका मिशन की शुरूआत हुई है। देश के 100 शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने का काम तेजी से चल रहा है। अगले पांच वर्षों में स्मार्ट सिटी योजना में 20 हजार करोड़ रूपये का निवेश किया जायेगा। अमृत योजना के तहत पीने के पानी और सीवेज व्यवस्था का काम शहरों में किया जा रहा है। शहरों में प्रदूषण मुक्त परिवहन और कचरे से निपटने के प्रबंध किये जा रहे हैं। आज मध्यप्रदेश के शहरों में एक लाख से ज्यादा गरीबों ने अपने घरों में गृह प्रवेश किया, यह एक ऐतिहासिक घटना है। बीते चार वर्षों में पिछली सरकार के दस वर्ष की तुलना में तीन गुना आवास स्वीकृत किये गये। पहले आवास निर्माण का समय 18 माह था अब एक वर्ष के भीतर निर्माण पूरा हो रहा है। श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि हमारी सरकार गरीबों और मध्यम वर्ग के लिये घरों की चिंता कर रही है। मध्यम वर्ग को आवास के लिये ब्याज दरों में छूट दी गई है। अब प्रधानमंत्री आवास योजना में कारपेट एरिया बढ़ाया गया है। मध्यम वर्ग के लोगों को आवास के लिये बिल्डरों की मनमानी पर रोक लगाने के लिये रेरा कानून बनाया गया है। पिछले चार वर्षों में पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त शासन के अनेक प्रयास किये गये हैं। उजाला योजना में सस्ती दरों पर तीस करोड़ से ज्यादा एलईडी वितरित किये गये हैं। गरीब और मध्यम वर्ग के बिजली के खर्च में 16 हजार करोड़ रूपये की बचत हुई है। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिये हर तीन संसदीय क्षेत्र के बीच एक मेडिकल कॉलेज बनाया जायेगा। तीन हजार से ज्यादा जन औषधि केन्द्र शुरू किये गये हैं। आयुष्मान भारत योजना में डेढ़ लाख वेलनेस सेंटर खोले जायेंगे। गरीबों का पाँच लाख रूपये तक का स्वास्थ्य बीमा किया जायेगा। देश में दोगुना रफ्तार से तेजी से नये हाईवे बन रहे हैं। उड़ान योजना में देश के छोटे शहरों को हवाई सेवा से जोड़ा जा रहा है। देश में पिछले वर्ष दस करोड़ लोगों ने हवाई यात्रा की। मध्यप्रदेश में विकास के नये आयाम मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में विकास के नये आयाम तय किये गये हैं। मानवीय आकांक्षाओं को पूरा करने वाली योजनाएं बनाई गई हैं। नये मध्यप्रदेश और नये भारत के निर्माण की ठोस नीव तैयार की गई है। इसे और गति देने के प्रयास किये जा रहे हैं। मध्यप्रदेश अब स्मार्ट राज्य - मुख्यमंत्री श्री चौहान मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश पहले बीमारू राज्य था, पर आज प्रदेश स्मार्ट राज्य बन गया है। उन्होंने इंदौर शब्द की व्याख्या करते हुये कहा कि इंदौर का अर्थ इंडियाज नीट, डिसीप्लिंड, आर्गेनाइज्ड, रेडिएंट और इंटरप्राइजड शहर है। श्री मोदी के नेतृत्व में सम्पन्न और समृद्ध भारत के निर्माण के सपने को पूरा किया जा रहा है। स्वच्छता के उनके संकल्प को पूरे देश के साथ मध्यप्रदेश में भी प्राथमिकता से पूरा किया जा रहा है। आयुष्मान भारत योजना पूरे देश को निरोग करेगी। अब प्रदेश का हर शहर स्वच्छ और हरा-भरा होगा। इंदौर सबसे स्वच्छ शहर - श्रीमती महाजन लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन ने कहा कि देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर सबके सहयोग से बना है। विश्व में हिन्दुस्तान की बेहतर छवि बनी है। आज हर देश भारत के साथ मित्रता चाहता है। देश में सबके सहयोग से विकास, समृद्धि और सृजन की नयी कहानी लिखी जा रही है। केन्द्रीय शहरी विकास राज्य मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि वर्ष 2016 के स्वच्छता सर्वे में देश के 73 शहरों, वर्ष 2017 के स्वच्छता सर्वे में 430 शहरों और वर्ष 2018 के स्वच्छता सर्वे में 4032 शहरों ने भाग लिया। देश के 71 प्रतिशत शहरों ने खुले में शौच से मुक्ति के लक्ष्यों को पूरा किया है। नगरीय विकास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश शहरी विकास की योजनाओं के क्रियान्वयन में देश में अग्रणी है। कार्यक्रम में राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया, छत्तीसगढ़ के मंत्री श्री अमर अग्रवाल, सांसद श्री राकेश सिंह, पूर्व मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, महापौर इंदौर श्रीमती मालिनी गौड़, महापौर भोपाल श्री आलोक शर्मा, मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह उपस्थित थे। हितग्राही हुये गदगद प्रधानमंत्री से छिन्दवाड़ा, बुरहानपुर, जबलपुर, उज्जैन, सिंगरौली, रतलाम, होशंगाबाद, डिण्डौरी, धरमपुरी, कटनी, भोपाल, भिण्ड, बीजावर, सीहोर और ब्यौहारी के प्रधानमंत्री आवास योजना तथा अन्य योजनाओं के हितग्राहियों ने बात की। हितग्राहियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आवास के लिये आभार व्यक्त किया। श्री मोदी ने हितग्राहियों को आवास के लिये बधाई भी दी। स्वच्छता के लिये राज्य और शहर हुये पुरस्कृत प्रधानमंत्री ने स्वच्छता सर्वे 2018 की रिपोर्ट का विमोचन तथा स्वच्छ सर्वे के डेशबोर्ड का लोकार्पण किया। उन्होंने स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 के पुरस्कार वितरित किये। शहरों में इंदौर को प्रथम, भोपाल को द्वितीय और चण्डीगढ़ को तृतीय पुरस्कार दिया। दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में विजयवाड़ा को प्रथम, तीन से दस लाख तक की आबादी में मैसूर को प्रथम, एक से तीन लाख की आबादी में नई दिल्ली को प्रथम पुरस्कार दिया गया। राज्यों के राजधानी में स्वच्छता का प्रथम पुरस्कार ग्रेटर मुम्बई को तथा राज्यों में प्रथम झारखंड को प्रथम, द्वितीय महाराष्ट्र का तथा छत्तीसगढ़ का तृतीय पुरस्कार दिया गया। छावनी परिषदों में प्रथम पुरस्कार दिल्ली छावनी को दिया गया। स्वच्छता के लिये नागरिकों और संस्थाओं को भी पुरस्कृत किया गया। 16 जिलों के कार्यों का इंदौर से ई-लोकार्पण प्रधानमंत्री ने प्रदेश के 16 स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से विभिन्न कार्यों का ई-लोकार्पण किया। सभी 374 नगरीय निकायों में एलईडी के माध्यम से कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया गया। 'सूत्र सेवा' का शुभारंभ श्री नरेन्द्र मोदी मध्यप्रदेश के 20 चुनिंदा शहरों में प्रारंभ की जा रही विश्वसनीय, सुरक्षित एवं किफायती बस सेवा के तहत 'सूत्र सेवा-म.प्र. की अपनी बस'' का शुभारंभ किया। इसके प्रथम चरण में 4 नगर निगम भोपाल, इंदौर, जबलपुर एवं छिन्दवाड़ा तथा 2 नगरपालिका गुना एवं भिण्ड के लिये 127 बसों का संचालन होगा। 4063 करोड़ से निर्मित आवासों में गृह-प्रवेश इस अवसर पर सभी 374 नगरीय निकायों में 4,063 करोड़ रुपये लागत से निर्मित एक लाख 219 प्रधानमंत्री आवास में हितग्राहियों को एक साथ ई-गृह-प्रवेश करवाया। स्मार्ट सिटी मिशन में 5 स्मार्ट सिटी इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन में 278 करोड़ 26 लाख रुपये लागत से कराये गये 23 कार्यों का लोकार्पण भी किया गया। 14 पेयजल योजनाओं का शुभारंभ श्री मोदी ने मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजनार्न्गत 14 नगरीय क्षेत्रों की पेयजल योजनाओं का ई-लोकार्पण किया। इनमें नगर पालिका धर्मपुरी (धार), नगर पालिका रायसेन, बेगमगंज, औबेदुल्लागंज, बैरसिया (भोपाल), आठनेर (बैतूल), बाढवद (रतलाम), डिडौरी, लखनादौन (सिवनी), नरसिंहपुर, सबलगढ़, बामौर, पौरसा (मुरैना) तथा बमौरी (शहडोल) की पेयजल योजना सम्मिलित की गई है। 10 पार्कों का लोकार्पण अमृत योजना में सीहोर की सीवरेज परियोजना और 10 नगरीय क्षेत्र खण्डवा, बुरहानपुर, खरगोन, सीहोर, होशंगाबाद, भोपाल, पीथमपुर, गुना, ग्वालियर और रीवा में बनाये गये पार्कों का लोकार्पण किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 35 करोड़ रूपये लागत से कटनी में बनाये गये इंट्रीग्रटेड़ सॉलीड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट तथा 2.11 करोड़ लागत की छतरपुर-बिजावर रोड का तथा स्मार्ट सिटी योजना से निर्मित भोपाल की मल्टीलेवल पार्किंग का लोकार्पण भी किया गया।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सीहोर की दो योजनाओं का ई-लोकापर्ण किया
23 Jun 2018
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज इंदौर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सीहोर जिले की दो महत्वपूर्ण विकास योजना का ई-लोकापर्ण किया। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभांवित होने वाली सीहोर के वार्ड 29 की हितग्राही श्रीमती रेखा बोहत ने प्रधानमंत्री से सीधे चर्चा कर योजना के तहत लाभांवित होने पर धन्यवाद दिया। श्रीमती रेखा बोहत ने बताया कि उन्हें कच्चे से पक्के आवास में परिवर्तित करने के लिए ढाई लाख रुपए की आर्थिक मदद मिली है। प्रधानमंत्री ने ई-लोकापर्ण में 62 करोड़ 36 लाख की लागत से बनाए गए सीवरेज प्लांट का तथा 72 लाख की लागत से नवनिर्मित बड़ियाखेड़ी स्थित पार्क का लोकापर्ण किया। कार्यक्रम स्थल पर नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती अमिता अरोरा, कलेक्टर श्री तरुण कुमार पिथोड़े एवं समस्त पार्षद उपस्थित थे। हितग्राहियों द्वारा बताया गया कि सीवरेज योजना से वे बहुत खुश है, नालियों में अब गंदा पानी आना बंद हो गया है। इतना ही नहीं आए दिन होने वाली बीमारियों से भी उन्हें निजात मिलेगी।
रिटर्निंग एवं सहायक रिटर्निंग अधिकारियों का 4 दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न
23 Jun 2018
भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित चार दिवसीय प्रशिक्षण का आज समापन हुआ। प्रशिक्षण में 124 प्रतिभागियों ने भाग लिया। समापन कार्यक्रम को संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री एस.एस बंसल और उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राजेश श्रीवास्तव ने संबोधित किया। कार्यक्रम में प्रतिभागियों द्वारा अनुभवों सुनाये गये। प्रशिक्षण में ईवीएम एवं वीवीपैट के संचालन की प्रक्रिया से अवगत करवाया गया। निर्वाचन से जुड़ी 9 महत्वपूर्ण पुस्तकों का सेट प्रतिभागियों को प्रदाय किया गया। कार्यक्रम का संचालन सहायक कार्यक्रम अधिकारी प्रशिक्षण सुरेन्द्र रघुवंशी ने किया। अभी तक 9 सत्रों में 139 रिटर्निंग ऑफिसर तथा 224 सहायक रिटर्निंग ऑफिसर को प्रशिक्षित किया जा चुका है। कार्यक्रम में भारत निर्वाचन आयोग से सचिव श्री एस.बी जोशी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री प्रमोद शुक्ला एन.एल.एम.टी. श्री मृत्युन्जय पांडे (झारखंड), मुख्तार अहमद (गुजरात) रूही खान (म.प्र) पंकज शर्मा (म.प्र). सुरेन्द सिंह रघुवंशी एवं नीलम जैन (सहायक कार्यक्रम अधिकारी) भी उपस्थित थे।
महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस स्काच स्पेशल अवार्ड से सम्मानित
22 Jun 2018
महिला बाल विकास मंत्री श्री अर्चना चिटनिस को आज नई दिल्ली में स्काच स्पेशल अवार्ड से सम्मानित किया गया। केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती मेनका गांधी ने श्रीमती चिटनिस को यह अवार्ड उनके नेतृत्व में प्रदेश में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में किये गये उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रदान किया। राष्ट्रीय स्तर पर राज्यों व केन्द्रीय इकाइयों के मूल्यांकन के आधार पर यह पुरस्कार प्रदान किया गया है। श्रीमती चिटनिस ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मजदूरी में लगी महिलाओं की गर्भावस्था के दौरान सहायता के लिए संचालित की गई है। प्रसव से पहले या बाद के स्वास्थ्य संबंधी व्यवहार में सुधार लाने और इस अवधि में महिलाओं को आराम मिल सके इस उद्देश्य से मजदूरी की आंशिक क्षतिपूर्ति के रूप में महिलाओं को यह आर्थिक सहायता दी जाती है। प्रदेश में वर्ष 2017-18 में दो लाख 31 हजार 276 हितग्राहियों को 28 करोड़ 82 लाख 65 हजार रुपये का भुगतान किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से केंद्रीय राज्यमंत्री श्री हेगड़े ने की सौजन्य भेंट
22 Jun 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से आज मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल उन्नयन और उद्यमिता श्री अनंत कुमार हेगड़े ने सौजन्य भेंट की। श्री चौहान ने केंद्रीय राज्य मंत्री का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री और केंद्रीय राज्य मंत्री ने विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
राज्यपाल श्रीमती पटेल ने आँगनबाड़ी केन्द्र का अवलोकन किया
22 Jun 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज सीहोर जिले के प्रवास के दौरान आँगनबाड़ी केन्द्र का अवलोकन किया। राज्यपाल ने वहाँ बच्चों से बातचीत की और आँगनबाड़ी कार्यकर्ता से केन्द्र के संबंध में और बच्चों को पढ़ाने और सिखाने के बारे में जानकारी प्राप्त की। राज्यपाल को आँगनवाड़ी के बच्चों ने गीत गाकर सुनाये। राज्यपाल ने आँगनबाड़ी बच्चों को दिये जाने वाले पोषण आहार को चखकर भी देखा तथा केन्द्र द्वारा बाँटी जाने वाली अन्य सामग्री के बारे में जानकारी ली। श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने केन्द्र में आने वाली महिलाओं से उनको दी जा रही सुविधाओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर सीहोर के कलेक्टर श्री तरूण कुमार पिथोड़े, सरपंच श्रीमती कस्तुरी बाई तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान एएसआई पुलिस श्री भिलाला को देखने चिकित्सालय पहुँचे
22 Jun 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान पुलिस के सहायक उप निरीक्षक उपचाराधीन श्री अमृतलाल भिलाला के स्वास्थ्य की जानकारी लेने आज निजी अस्पताल पहुँचे। उन्होंने चिकित्सकों और परिजनों से चर्चा कर श्री भिलाला के स्वास्थ्य की प्रगति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि घटना के दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री ऋषि कुमार शुक्ला, उप महानिरीक्षक पुलिस श्री धर्मेन्द्र चौधरी भी उपस्थित थे।
प्रदेश में औद्योगिक निवेश के लियें 2800 हैक्टेयर क्षेत्र में नये औद्योगिक क्षेत्र निर्मित होंगे
22 Jun 2018
उद्योग मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बताया कि प्रदेश में उद्योगो के निवेश को बढ़ावा देने के लिये 19 नये औद्योगिक क्षेत्र निर्मित किये जा रहे है। प्रदेश में निवेशके लिये सबसे बेहतर वातावरण बना हुआ है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व मं प्रदेश ने उद्योगों को बेहतर आधारभूत संरचना उपलब्ध कराने के नयें औद्योगिक केन्द्र 2800 हैक्टेयर क्षेत्र में एक हजार नौ सौ साठ करोड़ रूपये की लागत से विकसित किये जा रहे है। सभी औद्योगिक केन्द्र वर्ष 2019 में पूर्ण रूप से विकसित हो जायेगें। होशंगाबाद जिले मोहाजा-बाबई, सीहोर जिले में बडिया खेड़ी, धार-पीथमपुर में स्मार्ट औद्योगिक क्षेत्र इन्दौर में आई टी पार्क, मुरैना में जीतापुर, शिवपुरी, गुना, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, रतलाम, देवास, सागर, सतना, नीमच जिले में नये औद्योगिक केन्द्र विकसित किये जा रहे है। उद्योग मंत्री श्री शुक्ल ने बताया कि राज्य शासन 13 विद्यमान औद्योगिक क्षेत्रों की अधोसंरचना का उन्नयन करने लिये भी 460 करोड़ रूपये की राशि से विकास किया गया है। राज्य-स्तरीय निवेश कोरीडोर के लिये चयनित सात स्थानों पर 169 करोड़ की लागत से आधारभूत संरचना विकसित किया जा रहा है। भारत सरकार की प्लास्टिक पार्क योजना के तहत रायसेन और ग्वालियर में प्लास्टिक पार्क विकसित किये जा रहे है।
जीवन को अर्थपूर्ण बनाता है योग - मुख्यमंत्री श्री चौहान
21 Jun 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि योग जीवन को अर्थपूर्ण बनाता है। श्री चौहान आज मुख्यमंत्री निवास में आयोजित चौथे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में स्कूली बच्चों को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन स्कूल शिक्षा विभाग के तत्वावधान में राज्य-स्तरीय योग प्रशिक्षण केन्द्र द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बच्चों से कहा कि रोज आधा घंटा योग करें। नियमित योगाभ्यास से ही योग के फायदे मिलेंगे। योगासन, प्राणायाम को जीवन का अभिन्न अंग बनायें। उन्होंने कहा कि योग से शरीर मजबूत होता है। मन प्रसन्न और बुद्धि प्रखर बनती है। खूब मन लगाकर पढ़ें। अच्छे अंक लायें। उच्च शिक्षा की फीस राज्य सरकार भरवाएगी। योगाभ्यास में भोपाल के विभिन्न स्कूलों के 500 से अधिक बच्चे शामिल हुए। बच्चों ने योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान से मिले संतूर वादक श्री शर्मा और योग गुरु श्रीमती हंसा
21 Jun 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से प्रसिद्ध संतूर वादक पद्मविभूषण श्री शिवकुमार शर्मा और महिला योग गुरु श्रीमती हंसा जयदेव योगेन्द्र ने आज मुख्यमंत्री निवास में सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री थावरचंद गहलोत भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पद्मविभूषण श्री शर्मा को शाल-श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। श्री चौहान ने भेंट के दौरान इंस्टीट्यूट की निदेशक महिला योग गुरु श्रीमती हंसा जयदेव योगेन्द्र की पुस्तक 'योगा फॉर आल' का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने योग के प्रसार में श्रीमती हंसा के प्रयासों की सराहना की। श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल से अब योग विश्व में जनांदोलन बन गया है।
वल्लभ भवन और पत्रकार कॉलोनी में बनेगा हाकर्स कार्नर : राजस्व मंत्री
21 Jun 2018
वल्लभ भवन और विन्ध्याचल भवन के बीच तथा पत्रकार कॉलोनी में हाकर्स कार्नर बनाया जाएगा। राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने गुरुवार को इन कार्यो का भूमि-पूजन किया। वल्लभ भवन के पास बनने वाले हाकर्स कार्नर का नाम सरदार वल्लभ भाई पटेल हाकर्स कर्नर होगा। श्री गुप्ता ने कहा कि वल्लभ भवन के पास दुकान लगाने वालों को अब बार-बार विस्थापित नहीं होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश के लोग वल्लभ भवन आते हैं इसलिए हाकर्स कार्नर को बहुपयोगी बनाया जाएगा। श्री गुप्ता ने लोगों को संबल योजना, सौभाग्य योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और उज्जवला योजना की जानकारी भी दी। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
विश्वास और सकारात्मकता से योग करने पर होता है लाभ -राज्यपाल श्रीमती पटेल
21 Jun 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर राजभवन में आयोजित योग कार्यक्रम में कहा कि विश्वास और सकारात्मक सोच के साथ योग प्रक्रियाएं करने से बहुत लाभ होता है। इसे जीवन में नियमित रूप से और गंभीरता से करने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में योग गुरू राजीव जैन त्रिलोक ने आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा तैयार योग प्रक्रियाएँ करवाई। कार्यक्रम में लगभग 700 महिलाओं-पुरूषों ने योगाभ्यास किया। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि योग देश की प्राचीन धरोहरों में से एक है। समाज के हर वर्ग पर योग विधा के संवर्धन एवं संरक्षण की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि योग हमारी आत्मा को शुद्ध करता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के अथक प्रयासों से देश की प्राचीन योग पद्धति को अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में प्रतिष्ठा,सम्मान और लोकप्रियता प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि गीता में कृष्ण ने एक स्थान पर कहा है कि योग से कर्मो में कुशलता आती है। राज्यपाल ने कहा कि राजभवन में एक मई से स्थापित योग केन्द्र अब निरंतर चलता रहेगा। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर प्रसारित शुभकामना संदेश का प्रसारण किया गया। कार्यक्रम में राजभवन में स्थापित योग केन्द्र के प्रशिक्षणार्थी कर्मचारियों ने अपने अनुभव बताये।
अद्भुत वैज्ञानिक विधा है योग : आत्मा को परमात्मा से जोड़ता है योग
21 Jun 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि योग अद्भुत वैज्ञानिक विधा है। योग आत्मा को परमात्मा से जोड़ता है। शरीर को स्वस्थ रखने का प्रभावी माध्यम है। योग से मन प्रसन्न, बुद्धि प्रखर और शरीर स्वस्थ रहता है। श्री चौहान अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज यहाँ लाल परेड ग्राउण्ड पर हुए राज्य स्तरीय योगाभ्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। केन्द्रीय मंत्री सामाजिक अधिकारिता एवं न्याय मंत्री श्री थावरचंद गहलोत ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। मुख्य अतिथि के रूप में दि योग इनस्टिट्यूट मुंबई की निदेशक, महिला योग गुरू हंसा जयदेव योगेन्द्र उपस्थित थीं। इस अवसर पर महापौर श्री आलोक शर्मा, नगर निगम अध्यक्ष श्री सुरजीत सिंह चौहान, भोपाल विकास प्राधिकरण अध्यक्ष श्री ओम यादव, मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, महानिदेशक पुलिस श्री आर.के. शुक्ला भी मौजूद थे। राज्यस्तरीय कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिकारी, योग प्रेमी और स्कूली बच्चों ने योगाभ्यास किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि योग नियमित रूप से करना चाहिए। श्री चौहान ने उनके साथ वर्ष 1998 में हुई दुर्घटना का उल्लेख करते हुये कहा कि एक समय ऐसा लग रहा था, कि मेरे लिये कभी चलना भी संभव नहीं होगा। योग के चमत्कार से आज मैं प्रति-दिन 18 घंटे काम करने में समर्थ हो गया हूँ। योग की महत्ता स्थापित करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं योग करें और दूसरों को भी योग के लिये प्रेरित करें। नियमित योग करने से शरीर स्वस्थ रहेगा। दवाईयों का खर्चा कम होगा। जीवन में नई ऊर्जा और आनंद मिलेगा। श्री चौहान ने कहा कि योग का इतिहास हजारों वर्ष पुराना है। हमारे ऋषि-मुनियों ने वर्षों के चिंतन-मनन से जीवन जीने की योग विधा को विकसित किया है। भारत ने ही दुनिया को योग, विश्व बन्धुत्व, कल्याण और सद्भावना का संदेश दिया है। योग के लोकव्यापीकरण में स्वामी बाबा रामदेव के योगदान का उल्लेख करते हुये उन्होंने कहा कि विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने दुनिया में योग का प्रतिष्ठापन करवाया है। केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री थावरचंद गहलोत ने कहा कि शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक स्वास्थ्य के लिये योग अति आवश्यक है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से ही संयुक्त राष्ट्र संघ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मना रहा है। दुनिया में आज अनेक देशों में योग हो रहा है। उन्होंने योग की महत्ता को प्रचारित करने में सभी वर्गों के सहयोग की जरूरत बतायी। योगाभ्यास का प्रारंभ ओंकार ध्वनि से हुआ। कार्यक्रम में योगासन, कपालभार्ति, प्राणायाम और ध्यान की क्रियाएं हुईं। योगासन में ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्ध चक्रासन, त्रिकोणासन, भद्रासन, वज्रासन, अर्ध उष्ट्रासन, उष्ट्रासन, शशांकासन, उत्तानमंडूकासन, वक्रासन, मकरासन, भुजंगासन, शलभासन, सेतुबंधासन, उत्तानपादासन, अर्ध हलासन, पवनमुक्तासन, शवासन, आदि आसन और नाड़ीशोधन, शीतली, भ्रामरी प्राणायाम करवाए गये। कार्यक्रम के प्रारंभ में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के भाषण का सीधा प्रसारण दिखाया गया। प्रारंभ में राष्ट्रगीत वंदे-मातरम् का गायन हुआ। योगाचार्य पं. राधेश्याम मिश्रा ने यौगिक क्रियाओं का संचालन करवाया। श्री कार्तिक दास और सुश्री दामिनी ढलाई ने कार्यक्रम का संचालन किया।
श्री मनोज श्रीवास्तव अपर मुख्य सचिव पद पर पदोन्नत
21 Jun 2018
प्रमुख सचिव श्री मनोज कुमार श्रीवास्तव को अपर मुख्य सचिव पद पर पदोन्नत किया गया है। पदोन्नति आदेश राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आज जारी किया गया। प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर, संस्कृति, धार्मिक, न्यास एवं धर्मस्व विभाग तथा आयुक्त-सह-संचालक, स्वराज संस्थान न्यासी सचिव, भारत भवन (अतिरिक्त प्रभार) श्री मनोज श्रीवास्तव को अपर मुख्य सचिव के पद पर पदोन्नति के साथ वाणिज्यिक कर, संस्कृति, धार्मिक, न्यास एवं धर्मस्व विभाग तथा आयुक्त-सह-संचालक, स्वराज संस्थान न्यासी सचिव, भारत भवन के साथ अध्यक्ष प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड का भी अतिरिक्त प्रभार सौपा गया है।
राष्ट्रीय कृषि-मनरेगा समिति जुलाई माह तक प्रस्तुत करेगी कार्य-योजना
20 Jun 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि देश में कृषि क्षेत्र में मनरेगा का व्यापक उपयोग सुनिश्चित करने के लिये जुलाई माह के अंत तक राष्ट्रीय कृषि-मनरेगा समिति विस्तृत कार्य-योजना नीति आयोग के समक्ष प्रस्तुत करेगी। उन्होंने कहा कि कार्य-योजना को अंतिम रूप देने के पहले कृषि विशेषज्ञों एवं विभिन्न संगठनों से चर्चा की जायेगी। श्री चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि यथा-शीघ्र कार्य-योजना का प्रारंभिक प्रारूप प्रस्तुत करें। श्री चौहान ने आज यहाँ राष्ट्रीय कृषि-मनरेगा समिति के अध्यक्ष के बतौर उच्च-स्तरीय बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय नीति आयोग ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने का संकल्प लिया है। इस संकल्प को पूरा करने में मध्यप्रदेश भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित करेगा। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय समिति जल-संवर्धन, ग्रामीण हाट-बाजार, स्व-सहायता समूहों का विस्तार और वन क्षेत्रों से होने वाली आय को बढ़ाने के संबंध में नीति आयोग को सुझाव देगी। बैठक में मुख्य सचिव श्री बी.पी.सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी.मीना, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव जल संसाधन श्री आर.एस.जुलानिया, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव सहकारिता श्री के.सी.गुप्ता, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री अशोक वर्णवाल, श्री विवेक अग्रवाल और श्री हरिरंजन राव अधिकारी उपस्थित थे।
गरीबी हटाना मेरा संकल्प है, इसे अवश्य पूरा करूँगा : मुख्यमंत्री श्री चौहान
20 Jun 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश की पावन भूमि से गरीबी हटाने के लिये राज्य सरकार कृत-संकल्पित होकर कार्य कर रही है। इस संकल्प को हम हर हाल में पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि गरीबों के जीवन से हर कष्ट को दूर करना हमारी प्राथमिकता है। संबल योजना का क्रियान्वयन इसी प्राथमिकता के साथ प्रदेश के कोने-कोने में सुनिश्चित किया जा रहा है। श्री चौहान ने कहा कि संबल योजना से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, जरूरतमंदों और बेसहारा लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन अवश्य आयेगा। मुख्यमंत्री आज सीहोर जिले के ग्राम अल्हादाखेड़ी में श्रमिक सम्मेलन एवं अंत्योदय मेले में मौजूद अपार जन-समूह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने संबल योजना के फायदों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि अब प्रदेश का बजट गरीबों के उत्थान के कार्यक्रमों को प्राथमिकता देते हुए तैयार किया जायेगा। गरीब परिवारों की खुशहाली के लिये राज्य सरकार निरंतर हर संभव प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि संबल योजना में प्रदेश के प्रत्येक पात्र हितग्राही को लाभान्वित किया जायेगा। योजना का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिये वार्ड और ग्राम पंचायत-स्तर पर समितियों का गठन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने घोषणा की कि नर्मदा नदी को पार्वती नदी से जोड़कर सीहोर जिले में शत-प्रतिशत सिंचाई सुविधा सुनिश्चित की जायेगी। उन्होंने बताया कि दोनों नदियों को जोड़ने का कार्य तीव्र गति से जारी है। श्री चौहान ने सम्मेलन में सीहोर जिले में 83 करोड़ 16 लाख रुपये लागत के 441 निर्माण कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने इस अवसर पर संबल योजना में पंजीबद्ध 27 पात्र हितग्राहियों को 64 लाख की अनुग्रह राशि वितरित की। श्री चौहान ने सम्मेलन में विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं में पात्र हितग्राहियों को हित-लाभ भी वितरित किये। इस मौके पर जिले के प्रभारी मंत्री श्री रामपाल सिंह, सांसद श्री मनोहर ऊँटवाल, वन विकास निगम अध्यक्ष श्री गुरुप्रसाद शर्मा, अध्यक्ष श्रम कल्याण मंडल श्री सुल्तान सिंह शेखावत, श्री सुनील माहेश्वरी, विधायक आष्टा श्री रंजीत सिंह गुणवान, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती उर्मिला मरेठा, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती अमीता जसपाल अरोरा, सीसीबी अध्यक्ष श्रीमती उषा रमेश सक्सेना, अन्य जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री श्री मोदी 23 जून को इंदौर में 4,713 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण करेंगे
20 Jun 2018
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 23 जून को इंदौर में 4713.75 करोड़ रुपये लागत के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण करेंगे। इंदौर के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित किये जा रहे कार्यक्रम में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वे के विजेताओं को सम्मानित करने के साथ-साथ मध्यप्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी अरबन ट्रांसपोर्ट स्कीम 'सूत्र सेवा' का शुभारंभ होगा। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना के एक लाख से अधिक हितग्राही लाभान्वित होंगे। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, सांसद श्रीमती सुमित्रा ताई, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री श्री हरदीप पुरी, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह कार्यक्रम में शामिल होंगे। स्वच्छ सर्वेक्षण के विजेताओं को पुरस्कार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी शहरी स्वच्छ सर्वे 2018 में विजेता प्रथम तीन शहर इंदौर, भोपाल और चण्डीगढ़ के प्रतिनिधियों को कार्यक्रम में पुरस्कार प्रदान करेंगे। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश के दो शहर इंदौर और भोपाल ने स्वच्छ सर्वेक्षण-2017 की रेकिंग को बनाये रखा है। कार्यक्रम में स्वच्छ सर्वेक्षण-2018 पर बनाई गई फिल्म तथा रिपोर्ट का प्रदर्शन होगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी स्वच्छ सर्वेक्षण पर प्रकाशित पुस्तक का विमोचन भी करेंगे। 'सूत्र सेवा' का शुभारंभ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी मध्यप्रदेश के 20 चुनिंदा शहरों में प्रारंभ की जा रही विश्वसनीय, सुरक्षित एवं किफायती बस सेवा के तहत 'सूत्र सेवा-म.प्र. की अपनी बस'' का शुभारंभ करेंगे। इस योजना में नगरीय विकास एवं आवास विभाग निजी भागीदारी से अमृत योजना के तहत शहर के अंदर और बाहर बस सेवा उपलब्ध करवाएगा। 'सूत्र सेवा' के प्रथम चरण में प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन करने के साथ ही 4 नगर निगम भोपाल, इंदौर, जबलपुर एवं छिन्दवाड़ा तथा 2 नगरपालिका गुना एवं भिण्ड के लिये 127 बसों का संचालन प्रारंभ हो जायेगा। 4063 करोड़ से निर्मित आवासों में गृह-प्रवेश कार्यक्रम में हाउसिंग फॉर ऑल की अवधारणा के अंतर्गत प्रदेश के सभी 374 नगरीय निकायों में 4,063 करोड़ रुपये लागत से निर्मित एक लाख 219 प्रधानमंत्री आवास में हितग्राहियों को एक साथ गृह-प्रवेश करवाया जायेगा। स्मार्ट सिटी के 23 कार्यों का लोकार्पण स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत 5 स्मार्ट सिटी इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन में 278 करोड़ 26 लाख रुपये लागत से कराये गये 23 कार्यों का लोकार्पण भी प्रधानमंत्री द्वारा किया जायेगा। 227.78 करोड़ की 14 पेयजल योजनाओं का शुभारंभ प्रधानमंत्री श्री मोदी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजनार्न्गत 14 नगरीय क्षेत्रों की पेयजल योजनाओं का शुभारंभ करेंगे। इनमें नगर पालिका धर्मपुरी (धार), नगर पालिका रायसेन, बेगमगंज, अब्दुल्‍लागंज, बैरसिया (भोपाल), आठनेर (बैतूल), बाढवद (रतलाम), डिडौरी, लखनादौन (सिवनी), नरसिंहपुर, सबलगढ़, बामौर, पौरसा (मुरैना) तथा बमौरी (शहडोल) की पेयजल योजना सम्मलित की गई है। 8.31 करोड़ के 10 पार्कों का लोकार्पण अमृत योजना के अंतर्गत 10 नगरीय क्षेत्र खण्डवा, बुरहानपुर, खरगोन, सीहोर, होशंगाबाद, भोपाल, पीथमपुर, गुना, ग्वालियर और रीवा में बनाये गये पार्कों का लोकार्पण किया जायेगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 35 करोड़ रूपये लागत से कटनी में बनाये गये इंट्रीग्रटेड़ सॉलीड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट तथा 2.11 करोड़ लागत की छतरपुर-बिजावर रोड का लोकार्पण भी इस कार्यक्रम किया जायेगा।
कुपोषण एवं टीबी निवारण में विश्वविद्यालय भी करें योगदान – राज्यपाल श्रीमती पटेल
19 Jun 2018
विश्वविद्यालय केवल शिक्षा देने तक ही सीमित न रहकर सामाजिक दायित्वों का निर्वहन भी करें। समाज को कुपोषण एवं टीबी मुक्त बनाने के लिए विश्वविद्यालय आगे आएँ। विश्वविद्यालय अपने नजदीक के गाँवों को गोद लें और वहाँ काउंसलिंग के जरिए कुपोषण और टीबी के प्रति जन-जागरूकता लाएं। यह बात राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज ग्वालियर में टीबी एसोसिएशन एवं रेडक्रॉस सोसायटी की बैठक में कही। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय के कुलपति, कुलसचिव और रजिस्ट्रार इस पुनीत पहल की अगुआई करें। गोद लिए हुए गाँवों में जाकर गर्भवती माताओं एवं नागरिकों को काउंसलिंग के जरिए बताएं कि सरकार द्वारा गर्भवती-धात्री माताओं को दी जाने वाली 16 हजार रूपए की राशि का उपयोग पौष्टिक आहार में ही करना है। उन्होंने कहा कि यदि हम यह समझाने में सफल रहे, तो कुपोषित बच्चे पैदा ही नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि लोगों को समझाएं कि सरकार द्वारा टीबी का नि:शुल्क इलाज कराया जाता है और नियमित इलाज से यह बीमारी पूरी तरह ठीक हो जाती है। राज्यपाल के साथ बच्चों ने मनाई जन्म-दिन की खुशियाँ आँगनवाड़ी के बच्चों ने श्रीमती पटेल के साथ अपना जन्म-दिन मनाया। श्रीमती पटेल ने आँगनवाड़ी केन्द्र में बच्चों को टॉफियाँ और फल बाँटे। केन्द्र में मयंक, लिवेन, दक्षम, कृष्णा, प्राची और अल्मिया का सामूहिक रूप से जन्म-दिन मनाया गया। श्रीमती पटेल ने सभी बच्चों को जन्म-दिन की टोपियाँ पहनाईं और केक भी काटा। बच्चों को रसभरे आम, आलूबुखारा, केले तथा अन्य फल भी बाँटे। राज्यपाल बारादरी स्थित शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-1 पहुँचीं। उन्होंने बच्चों को स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति जागरूक कर टॉफी और फल वितरित किये। राज्यपाल ने जिला चिकित्सालय मुरार और उससे जुड़े नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने चिकित्सालय में भर्ती बच्चों को फल वितरित किये और डायलिसिस, दवा वितरण केन्द्र, आकस्मिक चिकित्सा सेवा और ओपीडी कक्ष इत्यादि का जायजा लिया। राज्यपाल ने प्रधानमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजनाओं के हितग्राहियों से सीधा संवाद कर उनके अनुभव सुने तथा योजनाओं से उनके जीवन में आयी खुशियाँ साझा की। कोई पक्का घर मिलने से खुश था, तो कोई रसोई गैस से, तो कोई लाभार्थी कह रहा था कि मुद्रा योजना ने उन्हें स्वावलम्बी बना दिया है। सीधे संवाद में प्रधानमंत्री आवास योजना सहित उज्जवला, जन-धन, मुद्रा, जीवन-ज्योति, बीमा सुरक्षा योजनाएँ, फसल बीमा, राष्ट्रीय ग्रामीण एवं शहरी आजीविका मिशन, कौशल्या और कौशल संवर्धन योजना, स्टार्ट-अप, स्वच्छ भारत मिशन इत्यादि योजनाओं से लाभान्वित लगभग 135 लाभार्थी मौजूद थे। उन्होंने लाभार्थियों का आह्वान किया कि वे जल-संरक्षण एवं संवर्धन में भी योगदान दें। ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्व-सहायता समूहों से जुड़कर आत्म-निर्भर बनें।
मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता (संशोधन) विधेयक 2018 अनुमोदित
19 Jun 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज सम्पन्न मंत्रि-परिषद की बैठक में आज मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता (संशोधन) विधेयक 2018 को अनुमोदन प्रदान करने के साथ-साथ मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष पद पर श्री भास्कर कुमार चौबे की नियुक्त करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। मंत्रि-परिषद ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के क्रियान्वयन के लिये महिला एवं बाल विकास विभाग को कार्योत्तर स्वीकृति भी प्रदान की। मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता (संशोधन) विधेयक 2018 के मुख्य बिंदु मंत्रि-परिषद ने भू-राजस्व संहिता में संशोधन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। संशोधन में नामांतरण, जीवनकाल में भूमि के बंटवारे, सीमांकन में निजी अधिकृत ऐजेंसियों की मदद लेने, डायवर्सन, सीमांकन, बन्दोबस्त,बटाई व्यवस्था आदि के संबंध में प्रावधान है । प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का क्रियान्वयन करेगा महिला बाल विकास विभाग मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में वर्ष 2017-18 से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के क्रियान्वयन के लिये महिला बाल विकास विभाग को कार्योत्तर अनुमोदन प्रदान किया। मंत्रि-परिषद ने वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक योजना के क्रियान्वयन के लिये 1280 करोड़ 35 लाख रूपये की स्वीकृति भी दी। शिक्षण प्रशिक्षण को प्रोत्साहन मंत्रि-परिषद ने शिक्षक प्रशिक्षण के लिए शिक्षण प्रशिक्षण संस्थाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए संचालित 'शिक्षक शिक्षा योजना' के अंर्न्तगत शासकीय शिक्षा महाविद्यालयों द्वारा अकादमिक गतिविधियों के क्रियान्वयन के लिये वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक 55 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की। इसी क्रम में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान एवं इंस्टीटयूट ऑफ एडवांस स्टडीज इन ऐजुकेशन के लिये वर्ष 2017-18 से 2019-20 की अवधि के लिये 38 करोड़ 42 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई। मदरसा आधुनिकीकरण मंत्रि-परिषद ने मदरसा आधुनिकीकरण के लिये वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक 3 वर्षीय कार्य योजना के लिये 99 करोड़ 50 लाख रूपये की स्वीकृति दी। सूरज धारा योजना तथा बीज गुण नियंत्रण प्रयोगशाला की निरंतरता का अनुमोदन मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लघु एवं सीमांत कृषकों को उच्च गुणवत्ता युक्त बीज उपलब्ध करवाने के लिये सूरजधारा योजना का वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक निरंतर संचालन के लिये 159 करोड़ 67 लाख रूपये की राशि का अनुमोदन किया। इसी के साथ, नवीन खाद एवं बीज गुण नियंत्रण प्रयोगशाला के निरंतर संचालन के लिये 38 करोड़ रूपये का अनुमोदन प्रदान किया गया। पाँच चिकित्सा महाविद्यालयों में बर्न यूनिट स्वीकृत मंत्रि-परिषद ने भोपाल, इन्दौर,ग्वालियर, जबलपुर और रीवा चिकित्सा महाविद्यालयों में बर्न यूनिट की स्थापना के लिये 30 करोड़ 67 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की। गैस राहत मंत्रि-परिषद ने गैस प्रभावित क्षेत्रों में वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक निर्माण कार्य के संचालन और उनकी निरंतरता के लिये 5 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की। स्वास्थ्य सेवायें गैस राहत को वर्ष 2018-19 से 2019-20 की अवधि के लिये अम्ब्रेला योजना के निरंतर संचालन को भी स्वीकृति प्रदान की गई। सिंचाई परियोजनाएँ मंत्रि-परिषद ने सागर जिले की बंडा सिंचाई परियोजना के कुल सैच्य क्षेत्र 80 हजार हेक्टर के लिए 2610 करोड़ 54 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति एवं निवेश निकासी की अनुमति प्रदान की। दतिया जिले की माँ रतनगढ़ बहुउददेशीय परियोजना के कुल सैच्य क्षेत्र 78 हजार 484 हेक्टर के लिए रूपये 2 हजार 244 करोड़ 97 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति और निवेश निकासी की अनुमति प्रदान की गई। अन्य निर्णय मंत्रि-परिषद ने राजीव गांधी प्रौदयोगिकी विश्वविद्यालय भोपाल के घटक शहडोल इंजीनियरिंग महाविद्यालय के लिये 41 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की। यह राशि विश्वविद्यालय स्वयं की निधि से उपलब्ध करायेगा। मंत्रि-परिषद ने नवीन मत्स्यालय भवन के निर्माण के लिये 30 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की। यह भवन भोपाल के भदभदा मत्स्य बीज प्रक्षेत्र पर विभाग को उपलब्ध 3.90 एकड़ भूमि में निर्मित होगा।
गौ-संरक्षण के लिये गौ-शालाओं को 17 रुपये प्रति गाय अनुदान दिया जायेगा
19 Jun 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज धार जिले के मोहनखेड़ा में गुरुदेव श्री ऋषभचन्द्र सूरीश्वर के 39वें दीक्षांत दिवस और 61वें जन्म-दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में घोषणा की कि गौ-संरक्षण के लिये प्रदेश की गौ-शालाओं को 17 रुपये प्रति गाय अनुदान दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि गुरुदेव की प्रेरणा से ही राज्य सरकार ने गौ-संरक्षण के लिये आगर में अभयारण्य का निर्माण प्रारंभ किया है। समारोह में गुरुदेव ने श्री चौहान को आशीर्वाद स्वरूप स्मृति-चिन्ह भेंट करते हुए मुख्यमंत्री रत्न सम्मान से अलंकृत किया। गुरुदेव ने मुख्यमंत्री को अभिनंदन-पत्र भी भेंट किया। प्रारंभ में श्री चौहान ने गुरुदेव को शॉल-श्रीफल भेंट कर केसर अर्पित किया। समारोह में केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री थावरचन्द गहलोत भी उपस्थित थे। गरीब वर्ग के लिये बजट में अधिकाधिक प्रावधान मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार ने गुरुदेव की प्रेरणा से ही समाज के गरीब, मजदूर और बेसहारा वर्ग के लिये मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना शुरू की है। योजना के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि योजना में इन वर्गों के एक करोड़ 82 लाख लोगों ने पंजीयन करवाया है। श्री चौहान ने कहा कि पीड़ित मानवता की सेवा से बढ़कर दुनिया में और कुछ नहीं है। राज्य सरकार को जन-कल्याण का मार्ग दिखाने में जैन समाज की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब वर्ग के कल्याण के लिये प्रदेश के बजट में अधिकाधिक राशि व्यय करने के लिये प्रावधान किये गये हैं। अभी प्रदेश में 5 करोड़ 50 लाख गरीब परिवारों को बिना किसी जाति और धर्म के भेदभाव के एक रुपये प्रति किलो की दर से गेहूँ, चावल और नमक उपलब्ध करवाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने समारोह में महिला हितग्राहियों को लॉटरी पद्धति से स्व-रोजगार के लिये सिलाई मशीनें प्रदान कीं। इस अवसर पर सांसद श्री मेघराज जैन एवं श्रीमती सावित्री ठाकुर, विधायक श्री वेल सिंह भूरिया, श्रीमती नीना विक्रम वर्मा और श्रीमती रंजना बघेल, पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री विक्रम वर्मा, जैन समाज ट्रस्ट के पदाधिकारी, अन्य जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
अपर संचालक, जनसम्पर्क श्री सुरेश गुप्ता को मातृ शोक
19 Jun 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने जनसम्पर्क विभाग के अपर संचालक श्री सुरेश गुप्ता की माताश्री श्रीमती लक्ष्मीबाई गुप्ता के निधन पर गहन शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिये ईश्वर से प्रार्थना की है और शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। श्रीमती गुप्ता के निधन पर जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र, उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, प्रमुख सचिव श्री एस.के. मिश्रा, आयुक्त जनसंपर्क श्री पी. नरहरि, संचालक श्री ए.पी. सिंह, विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों और मीडिया जगत ने शोक संवेदनायें व्यक्त की हैं। श्रीमती लक्ष्मीबाई गुप्ता पिछले एक पखवाड़े से बीमार थीं। आज सुबह 91वें वर्ष की उम्र में उनका भोपाल में निधन हुआ।
ग्रामीण क्षेत्रों में 806 करोड़ के 217 पुलों का निर्माण कार्य पूर्ण
19 Jun 2018
प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात को सुगम बनाने के लिये 1718 करोड़ रुपये की लागत से 780 पुलों का निर्माण करवाया जा रहा है। इनमें से 806 करोड़ रुपये की लागत से 217 पुलों का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत अभी तक 75 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण करवाया जा चुका है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी म.प्र. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क श्री नीतेश व्यास ने बताया कि ग्रामीण अंचल में बारहमासी यातायात सुविधा बहाल करने के लिये भारत सरकार के सहयोग से प्रधानमंत्री सड़कों पर पुलों का निर्माण करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पुलों के निर्माण की कुल लागत 1718.20 करोड़ में भारत सरकार द्वारा 679.68 करोड़ रुपये तथा मध्यप्रदेश शासन द्वारा 1038.54 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गये हैं। मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि 264 अन्य पुलों के निर्माण की स्वीकृति के लिये भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।
मुख्य सचिव की 21 जून को परख वीडियो कॉन्फ्रेंस
19 Jun 2018
मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह की अध्यक्षता में मंत्रालय में 21 जून को पूर्वान्ह 11 बजे से परख वीडियो कॉन्फ्रेंस होगी। इस वीडियो कॉन्फ्रेंस में किसान कल्याण विभाग की भावांतर भुगतान योजना में प्याज एवं लहसुन खरीदी में प्रोत्साहन राशि वितरण, खरीफ सीजन-2018 में किसानों के लिये खाद भण्डारण और वितरण की स्थिति, ग्रीष्मकालीन मूँग प्राइस सपोर्ट स्कीम में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिये किसानों के पंजीयन, उपार्जन की व्यवस्था और चना, मसूर एवं सरसों के उपार्जन में प्रोत्साहन राशि की गणना एवं वितरण की तैयारियों की समीक्षा की जायेगी। परख वीडियो कॉन्फ्रेंस में प्रदेशभर में 4 अगस्त को एक साथ होने वाले जिला-स्तरीय स्व-रोजगार सम्मेलन की तैयारियों के बारे में भी चर्चा की जायेगी। इसके साथ ही, नामांकन, सीमांकन, बँटवारा, डायवर्जन समेत राजस्व प्रकरणों के निराकरण की स्थिति, आवासहीनों को आवास पट्टों का वितरण, भूमि स्वामी एवं बँटाईदार के हितों के संरक्षण अधिनियम-2016 के संबंध में विचार-विमर्श होगा। कॉन्फ्रेंस में ग्रामीण क्षेत्र में बंद नल-जल प्रदाय योजनाओं, हेण्ड-पम्पों को चालू करने और मानसून पूर्व पेयजल संबंधी तैयारियों की समीक्षा की जायेगी। बैठक में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना अंतर्गत नि:शुल्क गैस कनेक्शन वितरण, छात्रावासों एवं कल्याणकारी संस्थाओं का ऑनलाइन पंजीयन एवं सत्यापन और सरकारी योजनाओं के पात्र हितग्राहियों के डाटाबेस में आधार सीडिंग कार्य के संबंध में भी चर्चा होगी। इस संबंध में सभी जिला कलेक्टरों को सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आवश्यक निर्देश जारी किये गये हैं।
गांवों में पटेलों के रिक्त पद जल्द भरें - राजस्व मंत्री श्री गुप्ता
19 Jun 2018
राजस्व,विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने गांवों में रिक्त पटेल के पद जल्द भरने में निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि इस संबंध में जरूरी कार्यवाही के लिये कलेक्टरों को पत्र लिखें। श्री गुप्ता ने राजस्व विभाग से संबंधित अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जनहित में पुराने नियमों में जरूरी संशोधन करें। बैठक में प्रमुख सचिव राजस्व श्री अरूण पाण्डेय, प्रमुख सचिव श्री हरिरंजन राव एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
राज्यपाल श्रीमती पटेल ने भिण्ड जिले में देखी आँगनवाड़ी
18 Jun 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने सोमवार को भिण्ड जिले के ग्राम सर्वा में आँगनवाड़ी केन्द्र में पहुँचकर पोषण आहार व्यवस्था की जानकारी ली और स्कूली बच्चों को पाठ्य-पुस्तकें वितरित की। उन्होंने स्कूल प्रांगण में पौधा भी लगाया। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि आँगनवाड़ी में निर्धारित मीनू के अनुसार बच्चों को पोषण आहार दिया। उन्होंने गाँव में विगत एक जनवरी से एक जून 2018 के बीच लड़कों की तुलना में अधिक लड़कियों के जन्म पर खुशी जाहिर की। श्रीमती पटेल ने बच्चों को फल वितरित किये। बच्चों की कविताएँ भी सुनीं। राज्यपाल ने ग्राम सर्वा स्थित स्कूल में कहा कि बच्चों को सप्ताह में 2 दिन योग करवायें। बच्चों को समाचार-पत्र पढ़ने के लिये प्रेरित करें। विद्यार्थियों को ऐतिहासिक स्थलों और मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र का भ्रमण करवायें और वहाँ के बारे में निबंध भी लिखवायें। उन्होंने कहा कि स्कूल में पुराने विद्यार्थी नये विद्यार्थियों का स्वागत करें। स्व-सहायता समूहों को सशक्त बनायें राज्यपाल ने भिण्ड में केन्द्र सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों को सशक्त बनायें जिससे वे आत्म-निर्भर बन सकें। श्रीमती पटेल ने मुख्यमंत्री मुद्रा योजना, कृषि बीमा, उज्जवला, सौभाग्य, प्रधानमंत्री ग्रामीण और शहरी आवास, मध्यान्ह भोजन, स्वच्छता मिशन, आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क और आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा की। श्रीमती पटेल ने मुद्रा योजना से लाभांवित हितग्राहियों और उनके द्वारा स्थापित व्यवसाय के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने हितग्राहियों से सीधे बात कर उनके अनुभव भी सुने। श्रीमती पटेल ने योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर ढंग से करने के निर्देश दिये। इस मौके पर सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री श्री लाल सिंह आर्य, विधायक श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाह और श्री मुकेश सिंह चतुर्वेदी तथा अन्य जन-प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
परियोजनाओं के निर्माण कार्यों में विलम्ब करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही होगी : मुख्यमंत्री श्री चौहान
18 Jun 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहाँ मंत्रालय में प्रगति ऑनलाइन में जल संसाधन, प्रधानमंत्री आवास योजना, एकीकृत ऊर्जा विकास परियोजना, औद्योगिक क्षेत्र विकास, लोक निर्माण विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी की प्रमुख विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होने विभिन्न परियोजनाओं के निर्माण कार्यों में विलम्ब के लिये संबंधित ठेकेदारों की जिम्मेदारी निर्धारित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाही करने और उन्हें ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिये। एकीकृत ऊर्जा विकास परियोजना की समीक्षा में बताया गया कि उज्जैन और सीहोर जिलों में सौभाग्य योजना में उत्कृष्ट कार्य हुए हैं। इन दोनों जिलों के हर गांव और हर घर में बिजली उपलब्ध है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सड़क निर्माण परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिये। प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि अब वर्टिकल आवास योजना के क्रियान्वयन पर विचार करना चाहिये क्योंकि भविष्य के लिये जमीन बचाना आवश्यक हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी परियोजनाओं के संबंध में भूमि अधिग्रहण, मुआवजा देने और भूमि के मालिकों से आपसी सहमति के माध्यम से मुद्दों का हल निकालने की कोशिश होना चाहिये। मुख्यमंत्री ने अमृत योजना, जलापूर्ति परियोजना और औद्योगिक क्षेत्र विकास कार्यों की भी समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि 23 औद्योगिक क्षेत्रों का विकास विभिन्न चरणों में है। इंदौर में आई.टी.पार्क का काम पूरा हो गया है। इन औद्योगिक क्षेत्रों में करीब 2 हजार 500 करोड़ रूपये का पूंजी निवेश संभावित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के प्रमुख क्षेत्रों की बड़ी योजनायें पूरी होने से प्रदेश में व्यापक परिवर्तन आयेगा। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री बी.पी.सिंह एवं संबंधित विभागों की प्रमुख सचिव उपस्थित थे।
गरीब निजामुद्दीन की बीमार बिटिया का पूरा इलाज करवायेंगे : राज्य मंत्री श्री सारंग
18 Jun 2018
सहकारिता, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग आज स्टेशन क्षेत्र की बस्तियों में विकास यात्रा के दौरान निजामुद्दीन की बेटी को देखने उसके घर पहुँचे। उन्होंने महसूस किया कि बेटी को बेहतर इलाज की जरूरत है। श्री सारंग ने निजामुद्दीन को आश्वस्त किया कि बिटिया का पूरा इलाज करवायेगे। श्री सारंग ने डॉ. लोकेन्द्र दवे से तुरंत मोबाईल पर चर्चा कर इलाज शुरू करने का आग्रह किया। निजामुद्दीन की बेटी फेफड़ों में गंभीर सक्रमण से बीमार है। निजामुद्दीन की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। राज्य मंत्री ने कहा कि बिटिया का पूरा ईलाज वह खुद करवायेंगे। श्री सारंग विकास यात्रा के दौरान गरम गड्डा क्षेत्र में सड़क में अवरोध बन रहे बिजली ट्रांसफार्मर को बदलने और चांदबड़ तिराहे पर हाई मास्क लाइट लगाने के निर्देश दिए। मंत्री श्री सारंग के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और नागरिक भी मौजूद थे।
म.प्र. वॉटर स्पोर्टस अकादमी के 4 खिलाड़ी का जूनियर एशियन प्रतियोगिता में चयन
18 Jun 2018
मध्यप्रदेश वॉटर स्पोर्टस अकादमी के चार पुरूष खिलाड़ी मंगल सिंह, नीतिश भारद्वाज, रोहित सेधांत और विजयपाल सिंह 25 जून से चुगंजू, कोरिया में जूनियर एशियन रोईंग ईवेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने इन खिलाड़ियों के चयन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा है कि ये सभी रोवर (खिलाड़ी) हमारी टीम की पदक संभावनाएँ हैं। श्रीमती सिंधिया ने कहा कि मध्यप्रदेश ने भारतीय वॉटर स्पोर्टस में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज की है। हाल ही में 8 सेलर्स का चयन एशियन चेम्पियनशिप के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी उपस्थिति सेलिंग तथा रोईंग दोनों स्पोर्टस में कायम है। खेल मंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश ने पिछले सालों में कयाकिंग एवं केनोईंग में राष्ट्रीय स्तर पर सबसे अधिक पदक अर्जित किये हैं।
सांसद शिक्षा योजना में 100 युवाओं को मिलेगी यूपीएससी की नि:शुल्क कोचिंग
18 Jun 2018
सांसद श्री आलोक संजर ने 'आलोक प्रतिज्ञा' सांसद शिक्षा योजना शुरू की है। योजना में 50 मेधावी विद्यार्थियों को दिल्ली और 50 को भोपाल में यूपीएससी, पी.एस.सी. और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की नि:शुल्क कोचिंग दिलवायी जायेगी। राजस्व, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आज समन्वय भवन में योजना का शुभारंभ किया। श्री गुप्ता ने कहा कि संभवत: यह देश की पहली योजना होगी, जिसमें सांसद ने मेधावी विद्यार्थियों के लिए नि:शुल्क कोचिंग की व्यवस्था की है। यह अनूठी और अनुकरणीय योजना है। श्री गुप्ता ने मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी और संबल योजना के बारे में भी जानकारी दी। सांसद श्री संजर ने कहा कि असफलता से मात्र 'अ' को हटाना है, सफलता जरूर मिलेगी। उन्होंने बताया कि योजना का क्रियान्वयन प्रतिज्ञा कोचिंग के माध्यम से किया जायेगा। इस मौके पर यूपीएससी-2017 में हिन्दी माध्यम से टापर रहे श्री अनिरूद्ध कुमार और कोचिंग संचालक भी उपस्थित थे।
छिन्दवाड़ा के किसानों की आर्थिक समृद्धि का जरिया बनीं उद्यानिकी फसलें
18 Jun 2018
छिन्दवाड़ा जिले में किसानों को परम्परागत फसलों के साथ उद्यानिकी फसलें भी लेने के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिन किसानों ने उद्यानिकी फसलों को अपनाया है, उनकी आर्थिक समृद्धि का जरिया बन गयी हैं उद्यानिकी फसलें। इसी क्रम में कृषक नामदेव पवार ने खरबूज की खेती से समृद्धि हासिल कर ली हैं। छिन्दवाड़ा जिले के परासिया विकासखण्ड के ग्राम रिधौरा में खेती करते हैं किसान नामदेव पवार। इन्होंने खरबूज की फसल से इस वर्ष करीब 7 लाख 50 हजार रूपये का शुद्ध मुनाफा कमाया है। नामदेव के पास करीब 3.22 हेक्टेयर कृषि भूमि है। वे साल में तीन हेक्टेयर भूमि में खरीफ, रबी और जायद की फसल लेते है। खेत में तरह-तरह के प्रयोग भी करते हैं। उनका परिवार लम्बे समय से परम्परागत फसल लेता रहा है। खेती की आय बढ़ाने के लिये उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से चर्चा की, तो उन्हें उद्यानिकी फसलों के साथ-साथ उन्नत तकनीक और कृषि यंत्रों के बारे में भी जानकारी मिली। आज नामदेव के पास ट्रेक्टर, रोटावेटर, पोटेटो प्लांटर और कल्टीवेटर यंत्र है। वे अपने खेत में मल्चिंग पद्धति का भी उपयोग करते हैं। कृषक नामदेव आलू, प्याज, तरबूज की फसल तो ले ही रहे थे, उन्हें खरबूज की फसल के बारे में भी जानकारी मिली कि यह फसल 60 से 65 दिनों में पककर तैयार हो जाती है। उन्होंने उद्यानिकी विभाग की सलाह से ड्रिप सिस्टम और मल्चिंग पद्धति का उपयोग करते हुए 7.50 एकड़ में खरबूज की फसल लगायी। उन्हें प्रति एकड़ 60 हजार रूपये की लागत आयी। नामदेव को प्रति एकड़ 16 से 18 टन खरबूज की पैदावार मिली। उन्होंने मात्र 10 रूपये प्रति किलो के मान से खरबूज की बिक्री। प्रति एकड़ एक लाख 60 हजार रूपये की दर से 7.50 एकड़ में प्राप्त उपज की बिक्री पर किसान नामदेव को 12 लाख रूपये मिले इसमें करीब 4 लाख 50 हजार रूपये की लागत घटाने के बाद उन्हें 7 लाख 50 हजार रूपये का शुद्ध मुनाफा हुआ। किसान नामदेव अब अपने क्षेत्र में प्रगतिशील किसान के रूप में पहचाने जाते हैं। वे अपने क्षेत्र के किसानों को परम्परागत फसलों के साथ उद्यानिकी फसल भी लेने के लिये निरन्तर प्रेरित कर रहे है।
राज्यपाल श्रीमती पटेल पहुँची टिमरनी आँगनवाड़ी केन्द्र; बच्चों से की बातचीत
17 Jun 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल आज हरदा जिले के टिमरनी में वार्ड क्रमांक 7 में आँगनवाड़ी केन्द्र पहुँचीं और बच्चों से बातचीत की। राज्यपाल ने बच्चों को पौष्टिक आहार और फल वितरित किये। इस मौके पर आँगनवाड़ी की एक बालिका का जन्म-दिन भी मनाया गया। श्रीमती पटेल ने आयरन टेबलेट तथा मातृत्व वंदना योजना के क्रियान्वयन के संबंध में जानकारी प्राप्त की और बच्चों की बेहतर देखभाल करने के निर्देश दिये। बच्चे भी राज्यपाल को अपने बीच पाकर बहुत खुश थे। अस्पताल पहुँचीं राज्यपाल राज्यपाल ने टिमरनी चिकित्सालय पहुँचकर एनआरसी में भर्ती बच्चों की माताओं से चर्चा की और बच्चों को पौष्टिक आहार तथा फल वितरित किये। उन्होंने डॉक्टरों से कहा कि बच्चों को कुपोषण से बचाने में सक्रिय भागीदारी निभायें। बच्चों को दिये जा रहे भोजन की गुणवत्ता, पौष्टिकता और पानी की शुद्धता भी सुनिश्चित की जाये। विधायक श्री संजय शाह राज्यपाल के साथ थे। राज्यपाल ने किया शिशु वाटिका का लोकार्पण राज्यपाल श्रीमती पटेल ने सरस्वती शिशु मन्दिर में नव-निर्मित शिशु वाटिका भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि देश में शिक्षा के क्षेत्र में अलग-अलग राज्य में विद्या भारती शिक्षा के प्रसार का काम कर रही है। यह संस्था अलग पद्धति से काम करती है। उन्होने बताया कि गुजरात में विद्या भारती को आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की ट्रेनिंग का कार्य सौंपा गया था। उन्होने शिशु वाटिका के बारे में कहा कि मुझे आज प्रसन्नता है कि शिशु वाटिका भारतीय संस्कृति के अनुरूप है। राज्यपाल ने कहा कि हमारा देश शिक्षा के क्षेत्र में विश्व गुरू का दर्जा रखता था। आधुनिक शिक्षा का हमारे बच्चों पर इतना अधिक प्रभाव पड़ा है कि वे भारतीय संस्कृति से दूर होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा तभी उपयोगी होगी जब वह भारतीय जीवन-दर्शन पर आधारित होगी। शिक्षा और संस्कार द्वारा बच्चों का सर्वांगिण विकास करना होगा। उन्हें शिक्षा के साथ-साथ संस्कृति की शिक्षा भी देना चाहिए। उन्होने शिक्षकों से कहा कि भारतीय संस्कृति में सदैव पूज्यनीय शिक्षकों को बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कृति की शिक्षा भी देना चाहिए। विदेशी हमारी शिक्षा, संस्कार से प्रेरित होकर हमारी प्राचीन परम्पराओं, संस्कारों का अनुसरण कर रहे हैं। राज्यपाल ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और शिक्षक भविष्य निर्माता हैं। लोकार्पण समारोह में शिशु वाटिका अखिल भारतीय प्रमुख श्रीमती आशाबेन थानके और पं. श्यामस्वरूप मनावत ने भी अपने विचार प्रस्तुत किये। राज्यपाल ने टिमरनी में विभिन्न योजनाओं से लाभांन्वित हितग्राहियों से चर्चा की तथा उनके जीवन में आए बदलाव के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। राज्यपाल हरदा में गुजराती समाज द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में भी शामिल हुईं। क्षय रोग से पीड़ित बच्चों को गोद लें प्रबुद्धजन राज्यपाल ने हरदा जिले के प्रबुद्धजनों से कहा कि क्षय रोग से पीड़ित बच्चों को गोद लें, उनके लिए हर सप्ताह फल, चना, गुड़, मूंगफली की व्यवस्था की जाए ताकि बच्चे अच्छा पोषण पा सकें। इसके साथ ही, ऐसे बच्चों के माता-पिता से प्रत्येक 15 दिवस में संपर्क करें और बच्चों के नियमित दवाई लेने के बारे में पूछताछ करें। राज्यपाल ने कहा कि वर्ष 2023 तक पूरे देश को क्षय रोग मुक्त बनाना है। इसी क्रम में हरदा जिले को भी क्षय रोग मुक्त कराने में समाज का प्रबुद्ध वर्ग सक्रिय योगदान दे।
केन्द्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह से मिले मुख्यमंत्री श्री चौहान
17 Jun 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री राधा मोहन सिंह से मुलाकात कर चना, मसूर और सरसों को प्राइस सपोर्ट स्कीम में रबी विपणन के लिए दिये गये सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। इस सहयोग के फलस्वरूप ही मध्यप्रदेश में अब तक का सबसे बड़ा दलहन उपार्जन कार्य संभव हो सका है। श्री चौहान ने केन्द्रीय मंत्री को प्रदेश में फसलों के बम्पर उत्पादन के बारे में जानकारी दी और खरीदी की सीमा को 50 हजार मीट्रिक टन तक बढ़ाने का अनुरोध किया। केन्द्रीय मंत्री श्री राधामोहन सिंह ने मुख्यमंत्री के अनुरोध पर खरीदी की सीमा को बढ़ाकर 17 लाख मीट्रिक टन करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि नेफेड से 05 हजार करोड़ की राशि अपेक्षित है। यह राशि शीघ्र जारी की जाये, क्योंकि उपार्जन कार्य होने के बाद किसानों को समय पर राशि नहीं मिलने पर किसानों में आक्रोश की स्थिति पैदा हो रही है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने केन्द्रीय कृषि मंत्री से ग्रीष्मकालीन मूंग का 100 लाख मीट्रिक टन और ग्रीष्मकालीन उड़द का 20 हजार मीट्रिक टन उपार्जन के लिए लक्ष्य तत्काल प्रदान किये जाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि भावांतर भुगतान योजना के अंतर्गत ग्रीष्मकालीन मूँग और ग्रीष्मकालीन उड़द उपार्जन को भी शामिल किया जाये। मुख्यमंत्री ने योजना के अंतर्गत भुगतान के व्यय की राशि में 50 प्रतिशत राज्यांश तथा 50 प्रतिशत केन्द्रांश निर्धारित करने की माँग की। श्री चौहान ने केन्द्रीय मंत्री को 23 जून से 06 जुलाई तक प्रदेश में होने वाले विकास पर्व समारोह में आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान केन्द्रीय वित्त मंत्री श्री पीयूष गोयल से मिले
17 Jun 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय वित्त मंत्री श्री पीयूष गोयल से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने लगभग आधे घंटे चली इस मुलाकात में प्रदेश के लिए अतिरिक्त केन्द्रीय सहायता की मांग की। उन्होंने आग्रह किया कि प्रदेश में फसलों के बम्पर उत्पादन के कारण किसानों को ज्यादा नुकसान से बचाने लिए केन्द्र सरकार से अतिरिक्त केन्द्रीय सहायता की आवश्यकता है। ज्ञात हो कि प्रदेश में चना, ग्रीष्मकालीन मूंग, उड़द, सोयाबीन आदि की बम्पर फसल होने के कारण यह समस्या उत्पन्न हो गयी है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने श्री गोयल को बताया कि माह अप्रैल और मई की जी.एस.टी. की राशि 1096 करोड़ की प्रतिपूर्ति केन्द्र द्वारा अभी तक नहीं की गई है। मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि जी.एस.टी. की यह राशि शीघ्र जारी की जाये। साथ ही, नेफेड के लिए वित्त पोषण और राज्य के लिए नेफेड द्वारा लम्बित भुगतान राशि पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हाल ही में नेफेड को 5 हजार करोड़ का अतिरिक्त ऋण पंजाब नेशनल बैंक से स्वीकृत होने की जानकारी है। श्री चौहान ने इस राशि को तुरन्त राज्य के लिए वितरित कराने की माँग की। श्री चौहान ने सोयाबीन को भी प्राइज सपोर्ट सिस्टम में शामिल करने की माँग की। श्री चौहान ने केन्द्रीय मंत्री को 23 जून से 06 जुलाई तक प्रदेश में होने वाले विकास पर्व के लिए आमंत्रित किया, जिसे केन्द्रीय मंत्री ने सहर्ष स्वीकारा।
जनसंख्या वृद्धि के अनुपात में राज्यों की केन्द्रीय सहायता में वृद्धि की जाये
17 Jun 2018
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आज नई दिल्ली में सम्पन्न नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान भी शामिल हुए। बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रमुख रूप से मध्यप्रदेश से संबंधित दो मुद्दों पर बात की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पिछले वर्षों में जनसंख्या में वृद्धि वाले राज्यों के विभिन्न योजनाओं के केन्द्रांश और राज्य को मिलने वाली केन्द्रीय सहायता में जनसंख्या वृद्धि के अनुपात में वृद्धि की जाये। इसी प्रकार मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बैठक में कहा कि मध्यप्रदेश ने पिछले वर्षों में अपने हरित आवरण को बरकरार रखने के साथ ही उसे बढ़ाने के लिये उल्लेखनीय प्रयास विकास की कीमत पर किये हैं। उन्होंने माँग की कि मध्यप्रदेश को इसके लिये ग्रीन बोनस के रूप में अतिरिक्त राशि दी जाये, ताकि राज्य के त्वरित और सर्वांगीण विकास को गति दी जा सके।
सेमई माईनर से लाभान्वित होंगे एक दर्जन ग्राम : मंत्री डॉ. मिश्र
17 Jun 2018
जनसम्पर्क, जल-संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने दतिया जिले के ग्राम सिंधवारी में 36 लाख लागत के सिंचाई संबंधी निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन किया। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि सेमई माईनर नहर से लगभग एक दर्जन गाँवों के रहवासियों को पर्याप्त पानी मिलेगा। जनसम्पर्क मंत्री ने श्रमिकों, शिल्पकारों और कारीगरों से मुख्यमंत्री जन-सुरक्षा (संबल) योजना का लाभ लेने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि योजना में पंजीयन कराने वालों को पाँच लाख रुपए तक नि:शुल्क उपचार, असामयिक मृत्यु पर सहायता राशि, प्रसूति सहायता, 200 प्रति माह फ्लैट रेट पर बिजली बिल की सुविधाओं का लाभ मिलता है। कार्यक्रम में विधायक श्री घनश्याम पिरोनिया और अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यशाला में पहुँचे जनसम्पर्क मंत्री जनसम्पर्क मंत्री दतिया में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यशाला में शामिल हुए। कार्यक्रम में आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने मानदेय दोगुना किए जाने पर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में डॉ. मिश्र ने कहा कि विकास में आने वाले सभी अवरोध हटाए जायेंगे।
युवा संकल्प अभियान 2018 का (नलखेड़ा) आगर से हुआ शुभारंभ जनता की तकदीर और तस्वीर बदलने के लिए भाजपा की सरकार जरूरी - अभिलाष पांडेय
15 Jun 2018
भारतीय जनता युवा मोर्चा मध्य प्रदेश के युवा संकल्प अभियान 2018 का शुभारंभ आज को आगर जिले के नलखेड़ा से माँ बगलामुखी की पूजन अर्चना के साथ हुआ । मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री अभिलाष पाण्डे, पार्टी के प्रदेश महामंत्री एवं सांसद श्री मनोहर ऊंटवाल , भाजपा जिला अध्यक्ष श्री दिलीप सकलेचा ,विधायक श्री मुरलीधर पाटीदार सहित मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारी मोजूद थे । युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष श्री अभिलाष पांडेय ने अभियान के शुभारंभ पर करते हुए कहा कि युवा मोर्चा कार्यकर्ता इस अभियान के माध्यम से यह संकल्प लेकर निकले हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव 2018 में मध्यप्रदेश में पुनः भाजपा की सरकार बनाते हुए कमल का फूल खिलाएंगे । जिस प्रकार मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार सर्वस्पर्शी विकास करते हुए विकास का पर्याय बनी है । उसी तरह युवा मोर्चा मध्य प्रदेश सर्वव्यापी एवं सर्वस्पर्शी होगा, युवा संकल्प अभियान के माध्यम से सभी वर्गों के युवा साथियों को शामिल किया गया है, 35 वर्ष से कम आयु का युवा हमारा है। इस भाव के साथ एवं भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा के साथ इस अभियान के माध्यम से युवा मोर्चा कार्यकर्ता प्रदेश की हर एक पंचायत, हर एक मतदान केंद्र तक पहुंचेंगे । बाइक रैली के रूप में शामिल हो रहे कार्यकर्ता नलखेड़ा से माँ बगलामुखी की पूजन अर्चना के बाद मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री अभिलाष पाण्डे के नेतृत्व में मोर्चा कार्यकर्ता बाइक रैली से आगर पहुंचे, यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर कार्यकर्ताओ ने प्रदेश अध्यक्ष का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया. आगर में पार्टी के प्रदेश महामंत्री श्री मनोहर ऊंटवाल, पार्टी के प्रदेश मंत्री एवं मोर्चा के प्रदेश प्रभारी श्री पंकज जोशी, प्रदेश प्रवक्ता श्री राजपाल सिसोदिया ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया । श्री पांडेय ने कार्यकर्ताओ को संबोधित करते हुए कहा कि युवा मोर्चा कार्यकर्ता एवं युवा मोर्चा की पंचायत कार्यकारिणी के स्पेशल 11 कार्यकर्ता आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के विजयी होने का शंखनाद करेंगे । मध्य प्रदेश में जरूरी है कि जनता की तकदीर और तस्वीर बदलने के लिए चौथी बार भाजपा की सरकार बने। कांग्रेस पार्टी को मतदान केंद्र से युवा मोर्चा के स्पेशल 11 कार्यकर्ताओ की टीम उखाड़ फेंकने का कार्य करेंगे । कार्यक्रम में मोर्चा कार्यकर्ताओं एवं युवाओं को आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को विजयी दिलाने हेतु संकल्प दिलाया गया । इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष श्री दिलीप सकलेचा ,विधायक श्री मुरलीधर पाटीदार, प्रदेश उपाध्यक्ष श्री वैभव पवार , युवा मोर्चा प्रदेश महामंत्री श्री के पी झाला, श्री प्रदीप नायर, प्रदेश कार्यालय मंत्री श्री दीपेन्द्र पाल ,श्री सी. एम. धाकड़ ,प्रदेश कोषाध्यक्ष श्री चंद्र प्रकाश मिश्रा, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी श्री शिशिर बड़कुल सहित युवा मोर्चा कार्यकर्ता उपस्थित थे। यात्रा आगर से आलोट होते हुए मंदसोर पहुची विभिन्न स्थानों पर मोर्चा कार्यकर्ताओ ने मंच एवं पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। यात्रा का रात्री विश्राम मंदसौर रहेगा. 16 जून को यात्रा जावरा, रतलाम होते हुए आदिवासी अंचल के अलीराजपुर पहुंचकर युवाओं से संपर्क करेगी । युवा संकल्प अभियान के माध्यम से आगर नलखेड़ा से प्रारंभ हुई यात्रा प्रदेश के सभी दस संभागों से होती हुई, 3 जुलाई को छिंदवाड़ा पहुंचेगी ।
पब्लिक रिलेशन्स सोसाइटी ऑफ इंडिया की नेशनल काउंसिल की बैठक आज पर्यटन लेखन पर केन्द्रित स्मारिका ‘मिलाप‘ का भी होगा विमोचन
15 Jun 2018
भोपाल। पब्लिक रिलेशन्स सोसाइटी ऑफ इंडिया की नेशनल काउंसिल की बैठक 16 जून को भोपाल में आयोजित की जा रही है। इसके आयोजन की जिम्मेदारी पब्लिक रिलेशन्स सोसाइटी, भोपाल को दी गई है। इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए पब्लिक रिलेशन्स सोसाइटी के नेशनल प्रेसीडेंट डॉ. अजीत पाठक सहित चेन्नई, गोवाहाटी, विशाखापट्टनम, वाराणसी, लखनऊ, जयपुर, नागपुर, शिमला, वर्धा, कोलकाता, हैदराबाद, अमरावती और अहमदाबाद चैप्टर से नेशनल काउंसिल के सदस्य पहुंच रहे हैं। पब्लिक रिलेशन्स सोसाइटी, भोपाल के अध्यक्ष पुष्पेन्द्र पाल सिंह ने बताया है कि इस बैठक मे पी.आर.एस.आई. के 60 वर्ष पूर्ण होने पर देश में चलाए जाने वाले अभियान के प्रतीक चिन्ह (लोगो) का अनावरण भी किया जायेगा। इस अवसर पर पर्यटन लेखन पर केन्द्रित स्मारिका ‘मिलाप‘ का भी विमोचन किया जाएगा। राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस के आयोजन के लिए दिए जाने वाले उत्कृष्टता पुरस्कारों का वितरण समारोह भी संपन्न होगा, इसमें भोपाल, वर्धा और अहमदाबाद चैप्टर को उत्कृष्टता पुरस्कार दिये जायेंगे। इसी दौरान ‘जनसंपर्क का वर्तमान परिदृश्य और चुनौतियां‘ विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन अपराह्न 3 बजे से होटल लेक व्यू रंजीत में किया जा रहा है।
सांसद शिक्षा योजना में 100 बच्चे करेंगे सिविल सर्विस की तैयारी
15 Jun 2018
भोपाल। प्रतिभाशाली छात्र को सही मार्गदर्शन मिले तो आईएएस या आईपीएस बनना बड़ी बात नहीं है। समाज के गरीब बच्चे पैसों की कमी के चलते बड़े संस्थानों में प्रवेश नहीं ले पाते हैं। भोपाल क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद श्री आलोक संजर ने प्रतिभावान गरीब बच्चों के सपनों को पूरा करने का बीड़ा उठाया है। लोकसभा क्षेत्र के सौ बच्चों का चयन कर सांसद शिक्षा योजना के माध्यम से देश के प्रख्यात कोचिंग सेंटर में निशुल्क पढ़ाई करने की सुविधा दी जाएगी। कार्यक्रम की शुरुआत माननीय मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान सोमवार को समन्वय भवन में करेंगे। इस प्रकार होगा चयन समन्वय भवन में सोमवार को दिल्ली से एक्सपर्ट सुबह 12:00 बजे से 4 घंटे बच्चों को पढ़ाएंगे। शाम 4:00 बजे प्रतिभागी बच्चों का 30 वैकल्पिक प्रश्नों का पेपर होगा जिसका परिणाम 2 दिन बाद घोषित किया जाएगा। एक्सपर्ट टीम में वर्ष 2017 में यूपीएससी टॉपर श्री अनिरुद्ध कुमार, दीक्षांत आईएएस संस्थान के डायरेक्टर एसएस पांडे, सिविल सर्विस कोचिंग क्लास के पितामह कहे जाने वाले श्री अशोक सिंह और प्रतिज्ञा आईएएस अकादमी के डायरेक्टर तथा कार्यक्रम संयोजक श्री अनिल उपाध्याय होंगे। लिखित परीक्षा में पास हुए बच्चों का विषय विशेषज्ञों द्वारा इंटरव्यू भी लिया जाएगा। बच्चे यहां करेंगे पढ़ाई सांसद शिक्षा योजना में पास हुए प्रतिभागी भोपाल और दिल्ली के कोचिंग सेंटर में 8 माह तक फ्री सिविल सर्विस एग्जाम की तैयारी करेंगे । दिल्ली में 50 बच्चे दीक्षांत आईएएस इंस्टिट्यूट में वहीं दूसरे 50 बच्चे भोपाल के प्रतिज्ञा आईएएस इंस्टिट्यूट में अपना भविष्य बनाएंगे। कोचिंग के दौरान प्री, मेन्स और इंटरव्यू की तैयारी एक्सपर्ट द्वारा करवाई जाएगी।
राज्यपाल ने ईद-उल-फितर पर दी बधाई और शुभकामनाएँ
15 Jun 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने ईद-उल-फितर के त्योहार पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा है कि ईद का त्योहार शांति,एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करने का संदेश देता है। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि ईद का त्योहार हमें गरीबों और शोषितों के दुख-दर्द बांटने में मदद करने की प्रेरणा देता है। श्रीमती पटेल ने ईद-उल-फितर के मौके पर प्रदेवासियों की खुशहाली और प्रदेश की तरक्की की कामना की है।
हर बच्चे को अनिवार्य स्कूली शिक्षा देना समाज और सरकार की साझा जिम्मेदारी - मुख्यमंत्री श्री चौहान
15 Jun 2018
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज 'स्कूल चलें हम अभियान 2018' का शुभारंभ किया। उन्होंने समाज के सक्षम नागरिकों से अपील की कि वे सचेत रहें और देखें कि पास-पड़ोस, शहर-गाँव का हर बच्चा स्कूल जाए। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को अनिवार्य स्कूली शिक्षा देना समाज और सरकार की साझा जिम्मेदारी है। श्री चौहान ने स्थानीय समन्वय भवन में आयोजित कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पठन-पाठन में नवाचार की सराहना करते हुए कहा कि पढ़ाई आनंददायक होना चाहिए। पढ़ाई बोझ नहीं लगना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर बच्चे में प्रतिभा, ऊर्जा और क्षमता होती है। बच्चों में झिझक और हिचक टूटना चाहिए। झिझक से प्रतिभा दब जाती है। उन्होंने बच्चों से कहा कि कभी भी झिझकें नहीं और न ही डरें। उन्होंने बच्चों से जीवन में महान काम करने का मंत्र साझा करते हुए बताया कि जो भी अच्छा पढ़ो, उसे जीवन में उतारो। उन्होंने धर्मराज युधिष्ठिर और महात्मा गांधी का उदाहरण दिया। श्री चौहान ने कहा कि बच्चों में भारत का निर्माण करने की क्षमता है । उनकी क्षमता को निखारने और आगे लाने की जिम्मेदारी शिक्षक और समाज दोनों की है । उन्होंने बच्चों को आश्वस्त किया कि शिक्षा के लिए पैसे कभी भी बाधा नहीं बनेंगे । उन्होंने बताया कि 12वीं कक्षा में अच्छे नम्बर लाने के बाद उच्च स्तर की शिक्षा में खर्च होने वाले पैसे सरकार भरेगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बच्चों द्वारा निकाली गई पत्रिका 'गुल्लक' और प्रकाशित किये गये समाचार पत्र 'नन्ही कलम से' का विमोचन किया। उन्होंने 'मिल बाँचे मध्यप्रदेश' के पोर्टल का शुभारंभ भी किया। पोर्टल का शुभारंभ सात अगस्त को होगा। 'गिफ्ट ए बुक अभियान' का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 'गिफ्ट ए बुक अभियान' का शुभारंभ किया। उन्होंने अभियान की शुरुआत करते हुए अपने निजी संग्रह से शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को कुछ किताबें भेंट की। यह शिक्षा विभाग की नई पहल है। इसका उद्देश्य समाज के सहयोग से शालाओं में लाइब्रेरी को समृद्ध बनाना है। समाज के प्रबुद्ध नागरिकों को बच्चों के उपयोग की किताबें दान करने के लिए प्रेरित भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रोफेशनल लर्निंग कम्युनिटी पोर्टल और इसके अंतर्गत ई-लर्निंग मॉड्यूल का भी शुभारंभ किया। इन्हें शिक्षक और विद्यार्थी दोनों उपयोग कर सकते हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि स्कूली शिक्षा में नवाचारों के माध्यम से परिवर्तन लाते हुए शिक्षा में गुणवत्ता को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। शासकीय शालाओं की गुणवत्ता निरंतर बढ़ रही है। स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान के मार्गदर्शन में स्कूली शिक्षा में परिवर्तन आया है। नन्ही प्रतिभाओं ने किया प्रभावित, मिला उपहार मुख्यमंत्री को विद्यार्थियों की प्रतिभा ने इतना प्रभावित किया कि वे भी उन्हें सम्मानित करने में पीछे नहीं रहे। उन्होंने तत्काल मंच से ही उपहारों की घोषणा की। कहानी उत्सव में प्रथम आने वाले खंडवा के पाँचवी कक्षा के विद्यार्थी रामकृष्ण कान्हारे ने जब महादेव गोविंद रानाडे के जीवन से जुड़ी प्रेरणादायी कहानी सुनाई तो मुख्यमंत्री और अन्य अतिथि मंत्र-मुग्ध हो गये। कहानी सुनाने की शैली इतनी सम्मोहक थी कि मुख्यमंत्री ने कहानी समाप्त होते ही उसे गले लगा लिया और पुरस्कार स्वरूप 25 हजार रूपये की सम्मान राशि देने की घोषणा की। उन्होंने शाला छोड़ने वाले बच्चों को फिर से दाखिला लेने पर उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें सम्मानित किया। प्रारंभ में दृष्टि-बाधित बालिका फाल्गुनी और माडल स्कूल, भोपाल के विद्यार्थियों द्वारा 'वंदे-मातरम' की प्रस्तुति से भाव-विभोर होकर मुख्यमंत्री ने फाल्गुनी को ब्रेल लिपि का लैपटाप देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि फाल्गुनी मन की आँखों से दुनिया देखती- समझती है। उन्होंने 'वंदे-मातरम्' की प्रस्तुति में साथी बालिकाओं को 25 हजार की सम्मान निधि देने की भी घोषणा की । श्री चौहान ने पहली बार स्कूल में कदम रख रहे बच्चों को स्कूल बेग, पानी की बॉटल और स्टेशनरी का सेट भेंट कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने खेल-खेल में पढ़ाई करने के तरीकों पर आधारित प्रदर्शनी भी देखी इस अवसर पर प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी, प्रमुख सचिव आदिमजाति कल्याण श्री एस. एन. मिश्रा, आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती जयश्री कियावत और विद्यार्थी उपस्थित थे। संचालक राज्य शिक्षा केंद्र श्री लोकेश जाटव ने आभार माना।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने दी ईद की मुबारकबाद
15 Jun 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मुस्लिम बन्धुओं को ईद की मुबारकबाद दी है। उन्होंने कहा कि ईद सभी के घरों में खुशियाँ और जिन्दगी में अमन लायें। श्री चौहान ने कहा कि रमजान के मुबारक महीने के बाद ईद का त्यौहार खुशियाँ लेकर आता है। इबादत में एक महीना बिताने के बाद ईद की खुशी कई गुना बढ़ जाती है। ईद इंसानियत का त्यौहार है। यह ईमान में इजाफा करता है और हमदिली सिखाता है।
वेतन विसंगति दूर होने पर जेलर संवर्ग ने माना जेल मंत्री का आभार
15 Jun 2018
जेल मंत्री श्री अंतर सिंह आर्य की पहल पर जेलर, उप जेलर और मुख्य प्रहरी को नया वेतनमान मिलने पर जेलर संवर्ग ने श्री आर्य को निवास पर शॉल-श्रीफल भेंट कर आभार ज्ञापित किया। वेतन विसंगति को दूर करने की मांग लंबे समय से चली आ रही थी। उल्लेखनीय है कि जेल मंत्री के रूप में श्री आर्य का यह तीसरा कार्यकाल है। तीनों कार्यकाल में श्री आर्य ने जेल विभाग में रिक्त पदों की पूर्ति, वेतन विसंगति दूर करने और 20 वर्षों से अस्थाई महिला प्रहरियों को नियमित कराने आदि का कार्य करवाया। आगे भी होगी पदोन्नति श्री आर्य ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को जानना और उनका निराकरण बहुत जरूरी है। अब पदोन्नति के लिये विभागीय परीक्षा भी होगी। पहले कई बार कर्मचारी बिना पदोन्नति के ही सेवानिवृत्त हो जाते थे। उन्होंने कहा कि अच्छा काम करने वाले अधिकारी-कर्मचारी को उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित भी किया जायेगा। श्री आर्य ने कहा जेल संवेदनशील विभाग है। जेल में अधिकारी-कर्मचारी अपराधियों के बीच बिना हथियार के अपने कर्त्तव्य करते रहते हैं। श्री आर्य ने कहा पिछले कार्यकाल में जेलरों को राजपत्रित अधिकारी का दर्जा मंजूर करवाया था। इससे उन्हें ड्रावल के अधिकार मिलने से वेतन वितरण में काफी सुविधा हो गई है। इस दौरान उप महानिरीक्षक श्री एम.आर. पटेल और श्री जी.पी. ताम्रकार सहित सभी जिलों के जेलर उप जेलर और मुख्य प्रहरी उपस्थित थे
रोड सेफ्टी ऑडिट के प्रथम चरण में ब्लेक स्पॉट लिये जाये
15 Jun 2018
राज्य सड़क सुरक्षा क्रियान्वयन समिति की बैठक आज मंत्रालय में प्रमुख सचिव गृह श्री मलय श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि रोड सेफ्टी ऑडिट के लिये प्रथम चरण में ब्लेक स्पॉट लिये जाये। बैठक में परमानेन्ट रोड सेफ्टी इंजीनियर सेल का गठन करने को भी कहा गया। ट्रेनिंग फॉर ऑडिटर के लिये वाल्मी संस्थान के माध्यम से प्रशिक्षण के निर्देश दिये गये। लोक निर्माण विभाग द्वारा एक कैलेण्डर बनवाकर प्रशिक्षण के माध्यम से मास्टर ट्रेनर तैयार करवाने को भी कहा गया। सड़क सुरक्षा कोष को नॉनलेप्सेबल बनाने के लिये वित्त विभाग से चर्चा करने के निर्देश दिये गये। बताया गया कि 616 ब्लेक स्पॉट चयनित किये गये हैं। ट्रीटमेंट किये गये ब्लेक स्पॉटों का ऑडिट करवाकर संबंधित थाना से रिपोर्ट ली जाये कि वहाँ एक्सीडेन्टों की संख्या में कमी आई है या नहीं। बैठक में ट्रॉमा सेन्टर पर भी चर्चा की गई। बताया गया कि परिवहन विभाग द्वारा एक अप्रैल से 10 जून तक 294 वाहन चालकों के लायसेंस निलबिंत किये गये हैं। पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान 563 स्कूल-कॉलेजों में सड़क सुरक्षा जागरूकता/यातायात शिक्षा कार्यक्रम किये गये। इनमें एक लाख 10 हजार 962 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। अप्रैल माह में शराब पीकर वाहन चलाने वाले 1759 वाहन चालकों के चालान बनाये गये और 1387 प्रकरण न्यायालय में पेश किये गये। चालान अनुज्ञप्ति निलंबित करने के 381 प्रकरण सक्षम अधिकारी को भेजे गये। मई माह में 1666 चालान बनाकर 1320 प्रकरण न्यायालय में पेश किये गये और 320 चालान अनुज्ञप्ति निलंबित करने के लिये सक्षम अधिकारी को भेजे गये। बैठक में सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के प्रतिनिधि द्वारा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाये जाने संबंधी पॉवर पॉइंट प्रेजेन्टेशन दिया गया। बैठक में परिवहन आयुक्त श्री शैलेन्द्र श्रीवास्तव, सचिव लोक निर्माण श्री आर. के. मेहरा, सचिव स्कूल शिक्षा श्री शोभित जैन और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री विजय कटारिया उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बोहरा समाज को दी ईद की मुबारकबाद
14 Jun 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान आज स्थानीय सेफिया कॉलेज के पास ईदगाह पहुंचे और बोहरा समाज के बंधुओं को ईद की मुबारकबाद दी। रमजान माह में रोजे रख खुदा की बंदगी कर बोहरा समाज ने ईद का त्यौहार पारम्परिक हर्षोल्लास से मनाया। महीने भर खुदा की बंदगी करने के बाद रोजदारों के चेहरों पर ईद की खुशी थी। मुख्यमंत्री ने बोहरा समाज में भाईचारे और एकता की तारीफ करते हुए कहा कि बोहरा समाज में कोई छोटा-बड़ा नहीं है। यहां समाज के कमजोर सदस्यों को आगे लाने में पूरा समाज आगे आता है। बोहरा समाज के लोगों ने खुशी का इज़हार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के आने से ईद की खुशी दोगुनी बढ़ गई है। मुख्यमंत्री ने सभी को ईद की मुबारकबाद दी और सभी की खुशहाली और तरक्की की दुआ की। जनाब आमिल साहब और बोहरा समाज के सदस्य भी इस मौके पर उपस्थित थे। राजधानी भोपाल सहित सभी जिलों में बोहरा समाज ने आज ईद की विशेष नमाज पढ़ी। नमाज अदायक़ी के बाद बोहरा समाज के लोगों ने पारम्परिक तरीके से एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी तथा प्रदेश और देश में खुशहाली और अमन के साथ ही आपसी भाईचारा कायम रखने की दुआ की।
मुख्यमंत्री श्री चौहान दतिया में करेंगे 700 करोड़ के कार्यों का शुभारंभ
14 Jun 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार 15 जून को दतिया में लगभग 700 करोड़ के विभिन्न कार्यों का शुभारंभ करेंगे। इनमें 350 करोड़ लागत के रानी लक्ष्मीबाई केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत पशु चिकित्सा महाविद्यालय के भूमि-पूजन के अलावा दतिया मेडिकल कॉलेज का लोकार्पण, उदगवां समूह जल प्रदाय योजना, मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना सेवढ़ा, विद्युत उपकेन्द्र सेवढ़ा, गोराघाट मार्ग सेवढ़ा, दतिया-उन्नाव मार्ग, उन्नाव-कामद मार्ग का लोकार्पण शामिल है। जनसम्पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र के प्रयासों से निर्मित मेडिकल कॉलेज भवन की लागत 158 करोड़ रुपये है। मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा लोकार्पित की जा रही योजनाओं में 51 करोड़ की सड़कें, 22 करोड़ की मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना के कार्य, 28 करोड़ लागत का विद्युत उपकेन्द्र और 90 करोड़ समूह जल प्रदाय योजना शामिल है। अनेक योजनाओं में अव्वल है दतिया हितग्राही मूलक योजनाओं के क्रियान्वयन में दतिया जिला अग्रणी है। किसानों को बीमा राशि के भुगतान में दतिया प्रदेश ही नहीं देश में अव्वल रहा। मुख्यमंत्री श्री चौहान शुक्रवार को यहाँ विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को भी लाभान्वित करेंगे। उल्लेखनीय है कि दतिया में प्रधानमंत्री आवास योजना में 4 हजार 247 हितग्राहियों को 32.44 करोड़, भावांतर योजना में 10 हजार 853 हितग्राहियों को 31.21 करोड़ और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 28 हजार 732 हितग्राहियों को 62.38 करोड़ वितरित करेंगे। रबी कृषि उपार्जन - 2018 में 41 हजार हितग्राहियों को लगभग 300 करोड़, राहत राशि वितरण में करीब दो लाख हितग्राहियों को 125 करोड़, कृषक समृद्धि योजना में 25 हजार हितग्राहियों को 75 करोड़, उज्जवला योजना में 41 हजार महिलाओं को धुएं के चूल्हे से मुक्ति दिलवाकर गैस कनेक्शन प्रदान करने पर 67 करोड़ रूपये की राशि व्यय हुई। मुख्यमंत्री कृषि ऋण समाधान योजना में पौने तीन हजार, सौभाग्य योजना से 42 हजार हितग्राही लाभान्वित हुए हैं। दतिया जिले में संबल योजना में दो लाख श्रमिकों का पंजीयन किया गया है। जिले में 32 हजार आवासहीनों को भू-अधिकार प्रमाण पत्र देकर जमीन का मालिक भी बनाया गया है। दतिया जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के बेहतर अमल में एक मिसाल बन चुका है।
राजस्व मंत्री द्वारा निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन
14 Jun 2018
राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने पंचशील नगर में बी.डी.ए. बिल्डिंग के पीछे सीमेंट-कांक्रीट रोड और नाली निर्माण के लिए भूमि-पूजन किया। उन्होंने वार्ड-30 में लिंक रोड नं. 3 के पास पार्क के निर्माण के लिए भी भूमि-पूजन किया। पार्क निर्माण के लिए श्री गुप्ता ने विधायक निधि से राशि स्वीकृत की है। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। पुस्तक का विमोचन राजस्व मंत्री श्री गुप्ता ने 'कवि एवं कहानी संग्रह' नाम पुस्तक का विमोचन किया। पुस्तक के लेखक श्री पंकज पाण्डेय कमल हैं।
आयुष्मान भारत योजना में गरीबों का किया जायेगा 5 लाख तक का बीमा - मुख्यमंत्री
13 Jun 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि स्वाधीनता दिवस 15 अगस्त से देश में लागू की जा रही आयुष्मान भारत योजना में प्रदेश के गरीब एवं कमजोर वर्गों का 5 लाख रुपये तक का बीमा करवाया जायेगा। यह योजना लागू होने तक इन वर्गों को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान योजना में वित्तीय सहायता मिलती रहेगी। श्री चौहान ने आज हरदा जिले के टिमरनी में हुए श्रमिक सम्मेलन में मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना का राज्य-स्तरीय शुभारंभ करते हुए बताया कि योजना में प्रदेश के एक करोड़ 82 लाख श्रमिकों ने अपना पंजीयन करवाया है। उन्होंने कहा कि पंजीबद्ध श्रमिकों को राज्य सरकार की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने संबल योजना की जानकारी देते हुए कहा कि पंजीबद्ध हितग्राहियों को रजिस्ट्रेशन-कार्ड दिया जायेगा। कार्ड के माध्यम से उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ देने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग के जरूरतमंद और गरीब परिवारों को आवासीय जमीन का पट्टा देकर जमीन का मालिक बनाया जायेगा और उन्हें जमीन पर रहने योग्य पक्का मकान भी बनवा कर दिया जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि शहरी क्षेत्र में शासकीय जमीन उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में बहु-मंजिला भवन बनाकर गरीब वर्ग को घर उपलब्ध करवाये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना में अपना घर प्राप्त करने से शेष रह गये लोगों को मुख्यमंत्री अंत्योदय आवास योजना में पक्के घर बनवा कर दिये जायेंगे। उन्होंने कहा कि आवास निर्माण का कार्य चरणबद्ध तरीके से पूर्ण किया जा रहा है। इस वर्ष एक लाख युवाओं को स्व-रोजगार ऋण मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि इस वर्ष प्रदेश में एक लाख युवाओं को रोजगार स्थापित करने के लिये ऋण उपलब्ध करवाया जायेगा। राज्य सरकार महिला स्व-सहायता समूहों को अपनी गारंटी पर लोन दिलवायेगी और लोन का 3 प्रतिशत ब्याज भी भरेगी। उन्होंने बताया कि इन समूहों के उत्पादों की मार्केटिंग में भी राज्य सरकार सहयोग करेगी। ग्राम पंचायत एवं वार्ड स्तर पर बनेंगी मॉनीटरिंग कमेटियाँ श्री चौहान ने जानकारी दी कि संबल योजना की मॉनीटरिंग के लिये ग्राम पंचायत और वार्ड-स्तर पर 5 सदस्यीय कमेटियाँ बनाई जायेंगी। इन कमेटियों में 3 व्यक्ति सामान्य वर्ग, एक-एक व्यक्ति अनुसूचित-जाति एवं अनुसूचित-जनजाति वर्ग तथा एक महिला वर्ग का सदस्य होगा। इस कमेटी को जन-अभियान परिषद से भी सहयोग प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि कमेटी अपने कार्य-क्षेत्र में श्रमिकों और उनके परिवार को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग प्रदान करेगी तथा किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को होने से रोकेगी। रहटगाँव और खिरकिया में खुलेंगे नये महाविद्यालय मुख्यमंत्री श्री चौहान ने श्रमिक सम्मेलन में घोषणा की कि सिराली को नगर परिषद का दर्जा दिया जायेगा और रहटगाँव एवं खिरकिया तहसील में शासकीय महाविद्यालय खोले जायेंगे। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में 132 के.व्ही. के विद्युत सब-स्टेशन की स्थापना के लिये परीक्षण करवाया जायेगा। मोरन एवं गंजाल सिंचाई परियोजना के लिये टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है। जल्दी ही टिमरनी क्षेत्र को इन परियोजनाओं से सिंचाई की सुविधा मिलने लगेगी। मुख्यमंत्री ने हरदा जिले में 93 करोड़ 12 लाख रुपये के निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने श्रमिक सम्मेलन में पंजीबद्ध श्रमिकों को रजिस्ट्रेशन के स्मार्ट-कार्ड और विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हित-लाभ भी वितरित किये। उन्होंने मीसाबंदियों को शॉल-श्रीफल और ताम्र-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। श्रमिक सम्मेलन में जिले के प्रभारी मंत्री श्री जालम सिंह पटेल, सांसद श्रीमती ज्योति धुर्वे, विधायक श्री संजय शाह एवं श्री आर.के. दोगने, नगरपालिका अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र जैन, नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गायत्री गोयल और अन्य जन-प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
गरीब की जिन्दगी में नया सवेरा लाएगी संबल योजना: मुख्यमंत्री श्री चौहान
13 Jun 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सरकार ने गरीब कल्याण की दुनिया की सबसे बड़ी योजना 'संबल'' लागू की है। इससे प्रदेश में गरीब परिवार की जिन्दगी में समृद्धि आएगी, गरीब की जिन्दगी बदलेगी। सरकार अब बजट का उपयोग गरीबों की जनसंख्या के अनुपात में करेगी। आगामी चार सालों में प्रत्येक गरीब के पास पक्का मकान होगा। गरीब परिवार का हर बच्चा पढ़ेगा। गरीबों की बीमारी का नि:शुल्क उपचार होगा। इस वर्ग को बिजली बिल केवल फ्लैट रेट पर ही भरना होगा। संकट की घड़ी में गरीब परिवार की पूरी मदद होगी। जीवन की अंतिम विदाई भी सम्मानपूर्वक होगी। गरीब की आमदनी बढ़ाने जैसे कार्य संबल योजना में किये जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि पब्लिक स्कूलों की फीस पर भी लगाम लगाई जाएगी। ऐसी व्यवस्था की जाएगी, जिससे गरीब के बच्चे भी पब्लिक स्कूल में पढ़ सकेंगे। श्री चौहान आज यहाँ लाल परेड मैदान में असंगठित श्रमिक सम्मेलन में मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना के लाभ वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि संबल गरीब की जिन्दगी में नया सवेरा और खुशियों का नया रंग भरने के लिये लागू की गई है संबल योजना। गरीब की जिन्दगी का सफर आसान और सुविधाजनक हो जायेगा। साठ वर्ष की उम्र तक मृत्यु होने पर दो लाख रूपये और दुर्घटना में मृत्यु पर चार लाख रूपये मिलेंगे। अंतिम संस्कार के लिये पाँच हजार रूपये की अनुग्रह राशि दी जायेगी। आमदनी बढ़ाने के लिये हाथठेला वाले को ई-लोडर और रिक्शा वालों को ई-रिक्शा मिलेगा। स्व-रोजगार के लिये एक लाख युवाओं को सरकार की गारंटी पर ऋण मिलेगा। उनके प्रशिक्षण के कार्यक्रम भी करवाये जायेंगे। श्री चौहान ने कहा कि आगामी जुलाई माह से गरीब को फ्लैट रेट पर ही बिजली का बिल देना होगा। बिल की बकाया राशि सरकार भरेगी। बल्ब, पंखा और टी.व्ही. का उपयोग करने वालों को फ्लेट रेट 200 रूपये तक का बिल ही प्रति माह जमा करना होगा। श्रमिक महिलाओं को गर्भावस्था में चार हजार रूपये और प्रसूति उपरांत बारह हजार रूपये की सहायता मिलेगी। बेटा-बेटी की पढ़ाई में फीस की बाधा भी खत्म होगी। पहली कक्षा से लेकर कॉलेज तक की पढ़ाई की फीस सरकार भरेगी। फीस भरने में जाति, समाज और धर्म का कोई भेदभाव नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 37 लाख 50 हजार गरीब बेघर हैं। सरकार हर गरीब को पक्का मकान देने के लिये 4 सालों में 40 लाख मकान बनवाएगी। शहरों में भूमि की कमी होने पर बहु-मंजिली इमारत में मकान दिये जायेंगे। प्रदेश में गरीबों के लिये हर वर्ष 10 लाख मकान बनवाये जायेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि योजना का क्रियान्वयन बहुत सरल तरीके से किया जायेगा। प्रत्येक पंजीबद्ध हितग्राही को स्मार्ट-कार्ड दिये जायेंगे। उनकी सहायता के लिये प्रत्येक वार्ड में पाँच-पाँच सेवाभावी व्यक्तियों की समिति रहेगी। इस समिति में एक महिला श्रमिक और एक अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग का सदस्य रहेगा। उन्होंने गरीबों का आव्हान किया कि संगठित होकर हक़ की माँग करें। दुनिया जितनी अमीरों की है, उतनी ही गरीबों की है। गरीबी दूर करने के नारे तो बहुत बने मगर अमीर, गरीब की खाई निरंतर बढ़ती गई। गरीबी को दूर करने का प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का जो रास्ता है, उसमें गरीब की आमदनी बढ़ाने, जरूरतों को पूरा करने और सुविधाएं बाँटने की भावना समाहित है। प्रदेश सरकार ने गरीबों की रोटी, कपड़ा, मकान, दवाई, रोजगार की जरूरतों को संबल योजना में पूरा किया है। राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि मध्यप्रदेश की सरकार ने गरीब कल्याण के कार्यों में दुनिया में स्थान बनाया है । दुनिया में गरीब के कल्याण की संबल योजना के समान दूसरी कोई योजना अभी तक नहीं बनी है । कार्यक्रम में सहकारिता राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार श्री विश्वास सारंग, सांसद श्री आलोक संजर, महापौर श्री आलोक शर्मा, नगर निगम अध्यक्ष श्री सुरजीत सिंह चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री मनमोहन नागर, भोपाल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री ओम यादव, असंगठित श्रमिक मंडल के अध्यक्ष श्री सुल्तान सिंह शेखावत, विधायक श्री सुरेन्द्रनाथ सिंह, श्री रामेश्वर शर्मा, श्री विष्णु खत्री और असंगठित श्रमिक का विशाल जन-समूह उपस्थित था।
गृह मंत्री ने खुरई, मालथौन में किया मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना का आगाज
13 Jun 2018
गृह एवं परिवहन मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह ने मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना में खुरई एवं मालथौन में करीब 800 असंगठित मजदूरों को लाभान्वित किया। श्री सिंह ने योजना की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की इस महत्वाकांक्षी योजना से प्रदेश के गरीब तबके के जीवनस्तर में सुधार होगा। मुख्यमंत्री जनकल्याण योजना के अंतर्गत जिनका पंजीयन हो गया है, उन परिवारों की गर्भवती महिलाओं को 6 माह में चार हजार रूपए खातें में पहुंचाए जाएंगे। प्रसव होने पर महिलाओं के खाते में 12 हजार रूपए डाले जाएंगे। इस योजना में मालथौन में 50 और खुरई में 36 महिलाओं के खातें में 12-12 हजार रूपए खाते में डाले गए। श्री सिंह ने बताया कि पंजीकृत परिवारों में किसी सदस्य की दुघर्टना में मृत्यु होने पर चार लाख और सामान्य मृत्यु होने पर दो लाख रूपए देने का प्रावधान है। मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार के लिए तुरंत पांच हजार रूपए दिए जाएंगे। खुरई में आठ और मालथौन में तीन परिवारों को दो-दो लाख रूपए दिए गए। खुरई में दुर्घटना मृत्यु के पांच मामलों में चार-चार लाख रूपए पीड़ित परिवारों को सौंपे गए। श्री सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री जन कल्याण योजना में रजिस्टर्ड परिवारों के बच्चों की पहली कक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक की पूरी पढ़ाई का खर्च सरकार उठाएगी। उन्होंने सौभाग्य लक्ष्मी योजना और उज्जवला योजना की भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विधवा पेंशन में अब गरीबी रेखा में नाम होने की शर्त को हटा दिया गया है। जंगल में तेंदूपत्ता और महुआ तोडऩे वाली महिलाओं को मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने चप्पल और साड़ी साथ ही पुरूषों को जूते और पानी की कुप्पी प्रदान की।
मुख्यमंत्री श्री चौहान 15 जून को दतिया मेडिकल कॉलेज का लोकार्पण करेंगे
13 Jun 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान शुक्रवार, 15 जून को दतिया में नव-निर्मित मेडिकल कॉलेज भवन का उदघाटन करेंगे। दतिया के विकास में मेडिकल कॉलेज प्रारंभ होना एक महत्वपूर्ण आयाम है। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि, आम नागरिक और अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहेंगे। जनसम्पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र के प्रयासों से दतिया में मेडिकल कॉलेज भवन का निर्माण रिकार्ड समय में पूरा हुआ है। भारत सरकार ने मेडिकल कॉलेज में प्रथम शैक्षणिक सत्र प्रारंभ करने के संबंध में औपचारिक अनुमति भी प्रदान कर दी है। अकादमिक वर्ष 2018-19 के लिए एम.बी.बी.एस. पाठ्यक्रम में 100 विद्यार्थियों के प्रवेश के लिए अनुमति प्रदान की गई है। मेडिकल काउंसिल की कार्यकारिणी समिति ने इसके लिए यथा समय आवश्यक अनुमोदन कर दिया था। मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी, जबलपुर के तहत दतिया मेडिकल कॉलेज प्रारंभ होने से नए सत्र से छात्र-छात्राओं को एम.बी.बी.एस पाठ्यक्रम में प्रवेश मिल सकेगा। चिकित्सा शिक्षा और उपचार के क्षेत्र में दतिया अंचल के लिए यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा संत भय्यूजी महाराज के निधन पर शोक व्यक्त
13 Jun 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने संत श्री भय्यूजी महाराज के दु:खद अवसान पर शोक व्यक्त किया है और सादर श्रद्धांजलि अर्पित की है। श्री चौहान ने कहा कि संत भय्यूजी महाराज के असामयिक दु:खद अवसान से देश ने संस्कृति, ज्ञान और सेवा के त्रिवेणी व्यक्तित्व को खो दिया। उन्होंने कहा कि श्री भय्यूजी महाराज के विचार अनंत काल तक समाज को मानवता की सेवा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करेंगे। उनके नर्मदा सेवा मिशन से जुड़ाव एवं पर्यावरण संरक्षण तथा सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में किए गए कार्यों को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिये ईश्वर से प्रार्थना की है और परिजनों तथा अनुयायियों के प्रति गहन संवेदना व्यक्त की है।
संत भय्यूजी महाराज के निधन पर श्रीमती माया सिंह द्वारा शोक व्यक्त
13 Jun 2018
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने संत भय्यूजी महाराज के दुखद अवसान पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि श्री भय्यूजी महाराज के निधन से एक ऐसा व्यक्तित्व हमारे बीच से चला गया, जो आध्यात्मिकता के साथ पर्यावरण संरक्षण सहित सामाजिक विषयों के प्रति समर्पित था। श्रीमती सिंह ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिये ईश्वर से प्रार्थना की है।
निर्वाचन अधिकारियों के पाँचवें एवं छठवें बैच का प्रशिक्षण शुरू
12 Jun 2018
भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश के तत्वावधान में आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी में 107 निर्वाचन अधिकारियों एवं सहायक निर्वाचन अधिकारियों का 4 दिवसीय प्रशिक्षण आज से प्रारंभ हुआ। शुभारंभ संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री एस.एस. बंसल ने किया। श्री बंसल ने कहा कि आगामी विधानसभा निर्वाचन के लिये इस प्रशिक्षण में सभी महत्वपूर्ण पहलु पर राष्ट्रीय स्तर के मास्टर ट्रेनर्स द्वारा विस्तृत प्रशिक्षण दिया जायेगा। सभी निर्वाचन अधिकारी प्रशिक्षण को गंभीरता से लें। प्रशिक्षण में आठ NLMT सम्मिलित होंगे। आज हुए सत्र में श्री चेतन गांधी (गुजरात) और सुश्री रूही खान ने प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षणार्थियों को आर.ओ. हेड बुक, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन और वी.वी.पैट., मैनुअल मॉडल कोड ऑफ कन्डक्ट, कंपेडियम ऑन पेड न्यूज, अति संवेदनशील मानचित्र मैनुअल, दिव्यांग व्यक्तियों को सुविधाएँ प्रदाय करने संबंधी अनुदेश, निर्वाचन व्यय एवं मतदान केन्द्र मैन्युयल प्रदाय किये गये।
जलवायु परिवर्तन से निपटने मध्यप्रदेश से शुरू हुआ पायलॅट प्रोजेक्ट
12 Jun 2018
वर्ल्ड रिसोर्सेस इन्स्टीट्यूट और भारत सरकार के समन्वय से जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिये आज मध्यप्रदेश से पायलॅट प्रोजेक्ट की शुरूआत हुई । डब्ल्यू. आर. आई. द्वारा भारत में पायलॅट प्रोजेक्ट के रूप में मध्यप्रदेश और उत्तराखण्ड का चयन किया गया है। प्रमुख सचिव पर्यावरण श्री अनुपम राजन ने इस अवसर पर एप्को द्वारा प्रदेश की जलवायु संबंधित जानकारियाँ प्राप्त करने के लिये तैयार किये गये क्लाइमेट इन्फॉर्मेशन डैशबोर्ड का शुभारंभ किया। वर्ल्ड रिसोर्सेस इन्स्टीट्यूट भारत के निदेशक डॉ. नम्बी अप्पादुरई और सुश्री लॉरेटा बुरके भी उपस्थित थे। प्रमुख सचिव श्री राजन ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से पूरे विश्व में रोजमर्रा का जीवन प्रभावित होने लगा है। अगर हमारे पास संबंधित डाटा उपलब्ध रहेंगे, तो नीति निर्धारकों को जलवायु के दुष्प्रभावों को रोकने और चुनौतियों से निपटने के लिए कार्य-योजना तथा रणनीति बनाने में मदद मिलेगी। श्री राजन ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन बेहतर पर्यावरण देने के लिये कृत-संकल्पित है। राज्य में पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगाया गया है। पिछले दो सालों में 50 हजार मीट्रिक टन से अधिक प्लास्टिक वेस्ट सीमेंट उद्योगों में जलाया गया है। पर्यावरण जागरूकता प्रसार के लिये मास्टर ट्रेनर्स और 12 हजार स्कूली बच्चों को तैयार किया गया है। सुश्री लॉरेटा बुरके ने पॉवर प्रजेन्टेशन से प्रेप डाटा और प्रेप इण्डिया की जानकारी दी। एप्को के समन्वयक श्री लोकेन्द्र ठक्कर ने एप्को/एसकेएमसीसी और डब्ल्यू. आर. आई. इण्डिया पार्टनरशिप की जानकारी दी। इंस्टीट्यूट की सुश्री पूजा पाण्डेय ने 'मध्यप्रदेश का डाटाबेस', सुश्री नम्रता गिनोया ने 'मध्यप्रदेश में गेहूँ,' सुश्री लॉरा सत्कोवस्की ने 'भविष्य में पृथ्वी' के तहत 'मध्यप्रदेश के वन' पर प्रस्तुतीकरण दिया। कार्यशाला में यूएनडीपी, हैदराबाद, दिल्ली के वैज्ञानिक और प्रदेश के विभिन्न विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
एनसीटीई के पाठ्यक्रमों के लिये इस वर्ष एम.पी. ऑनलाइन से होगा प्रवेश
12 Jun 2018
मध्यप्रदेश में सभी अशासकीय शिक्षा महाविद्यालयों एवं पारम्परिक विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक एवं शारीरिक शिक्षण अध्ययन शालाओं में सत्र 2018-19 में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के बी.एड. एवं अन्य पाठ्यक्रमों के लिये स्वीकृत लगभग 50 हजार सीटों के लिये प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड (पीईबी) के माध्यम से प्रवेश परीक्षा व्यवस्था को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। उच्च शिक्षा मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया से मध्यप्रदेश में बी.एड. तथा बी.पी.एड. में प्रवेश प्राप्त विद्यार्थियों तथा विभिन्न संस्थानों के संचालकों के प्रतिनिधि-मण्डल ने विगत 10 मई को भेंट कर एनसीटीई के पाठ्यक्रमों में प्रवेशित प्रक्रिया को परिवर्तित करने का अनुरोध किया था। इस वर्ष एम.पी. ऑनलाइन के माध्यम से ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया सम्पन्न की जायेगी। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 15 जून से शुरू की जायेगी। ऑनलाइन काउंसलिंग की समय-सारणी शीघ्र ही उच्च शिक्षा विभाग की वेबसाइट http://www.highereducation.mp.gov.in एवं एम.पी. ऑनलाइन के पोर्टल http://hed.mponline.in पर उपलब्ध रहेगी। इस वर्ष इन पाठ्यक्रमों में अर्हकारी परीक्षाओं के प्राप्तांक के गुणानुक्रम के आधार पर प्रवेश की प्रक्रिया होगी। एनसीटीई के 8 पाठ्यक्रमों के लिये 3 चरणों में प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण की जायेगी। प्रथम चरण में आवेदक एम.पी. ऑनलाइन के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन करते हुए दस्तावेजों का ऑनलाइन सत्यापन शासन द्वारा चिन्हित हेल्प-सेंटर (शासकीय महाविद्यालय तथा विश्वविद्यालय) के माध्यम से किया जायेगा। बीपीएड एवं एमपीएड के लिये क्रमश: फिटनेस एवं प्रोफिशियेन्सी टेस्ट निर्धारित हेल्प-सेंटर पर निर्धारित तिथियों में होगा। इसके बाद समेकित मेरिट-सूची का प्रकाशन एवं वरीयता के अनुसार प्रथम चरण में सीटें आवंटित की जायेंगी। चिन्हित हेल्प-सेंटर के माध्यम से शुल्क, टी.सी. तथा माइग्रेशन जमा करवाने पर प्रवेश दिया जायेगा। प्रत्येक चरण की समाप्ति के बाद महाविद्यालयों की रिक्त सीटों का प्रकाशन किया जायेगा। प्रत्येक चरण में नवीन आवेदकों को ऑनलाइन पंजीयन तथा ऑनलाइन दस्तावेजों के सत्यापन की सुविधा उपलब्ध होगी। ऑनलाइन सत्यापन के लिये 77+7=84 चिन्हित हेल्प-सेंटर (शासकीय महाविद्यालय तथा विश्वविद्यालय) होंगे। बी.एड. तथा एन.सी.टी.ई. के अन्य पाठ्यक्रमों के लिये मेरिट तथा वरीयता के आधार पर 3 चरणों में प्रवेश प्रक्रिया की जायेगी। प्रत्येक चरण में विद्यार्थियों को ऑनलाइन पंजीयन करवाने की सुविधा प्राप्त होगी। तृतीय चरण की समाप्ति के बाद महाविद्यालयों में रिक्त सीट पर प्रशासकीय अनुमोदन के बाद रिक्त सीटों को भरने की कार्यवाही पर विचार किया जायेगा।
विद्यार्थी दृढ़ निश्चय के साथ रास्ता चुनें और आगे बढ़ें - मुख्यमंत्री श्री चौहान
11 Jun 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का आव्हान किया कि वे दृढ़ निश्चय के साथ अपना रास्ता चुनकर आगे बढ़ें। पढ़ाई के लिये पैसों की कमी नहीं होने दी जायेगी। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिये प्रेरणा, परिश्रम और धन की जरूरत होती है। परिश्रम विद्यार्थी करें, धन की व्यवस्था राज्य सरकार करेगी। श्री चौहान आज यहाँ स्थानीय लाल परेड मैदान में प्रतिभाशाली विद्यार्थी सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह में म.प्र. बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थी शामिल हुए। इन विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री ने लेपटॉप खरीदने के लिये ऑनलाइन 25-25 हजार रूपये की राशि उनके बैंक खातों में वितरित की। श्री चौहान ने विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं और शिक्षकों को विद्यार्थियों का कुशल मार्गदर्शन करने के लिये बधाई दी। समारोह में आज 22 हजार 35 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लेपटॉप खरीदने के लिये ऑनलाइन राशि दी गई। अन्य 66 हजार बच्चों के खातों में राशि जल्दी पहुँचाई जायेगी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री चौहान की पहल पर वर्ष 2009 से परीक्षाओं में अच्छे अंक लाने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहन देने के लिये यह योजना शुरू की गई थी। सत्र 2009-10 में प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं की संख्या 473 थी। अब 2017-18 में 8 वर्ष में यह संख्या लगभग 47 गुना बढ़कर 22,035 हो गई है। इस वर्ष हायर सेकेण्डरी स्कूल परीक्षा में कुल 5,95,505 छात्र-छात्राएँ शामिल हुए थे, जिनमें से 22035 विद्यार्थियों को आज समारोह में प्रोत्साहन स्वरूप लेपटॉप के लिये ऑनलाइन धनराशि दी गई है। श्री चौहान ने विद्यार्थियों से कहा कि वे 25 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि से अपनी पसंद का लेपटॉप खरीदें और पढ़ाई में उसका भरपूर उपयोग कर ज्ञान का नया संसार रचें। उन्होंने कहा कि अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करना हर बच्चे का अधिकार है। देश और प्रदेश का भविष्य बनाने के लिये बच्चों की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी जायेगी। उन्होंने विद्यार्थियों को असाधारण क्षमता और प्रतिभा का पुंज बताते हुए कहा कि सही दिशा मिलने पर बच्चे अपना और प्रदेश का सुनहरा भविष्य गढ़ने में सक्षम हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विद्यार्थियों को लक्ष्य तय करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य प्राप्त करने के लिये रोडमैप बनायें और ईमानदारी से उसका पालन करें। दृढ़ निश्चय और इच्छाशक्ति से सफलता अवश्य मिलती है। श्री चौहान ने कहा कि ऊँची उड़ान भरने के लिये पूरा आकाश है। अपने भीतर क्षमताएँ पैदा करो और पूरा आकाश नाप लो। उन्होंने विद्यार्थियों को सीख दी कि अपने माता-पिता और बहन-बेटियों का हमेशा सम्मान करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश बदल रहा है। इस बदलाव में अपना योगदान देने के लिये तैयार रहें। नई टेक्नोलॉजी का रचनात्मक उपयोग करें और इसके दुरूपयोग से हमेशा बचें। हमेशा सचेत रहें कि गलत राह पर कदम ना पड़ जाये। निराशा को अपने पास नहीं आने दें। किसी भी प्रकार के भटकाव से बचें। सिर्फ अपने लक्ष्य पर ध्यान केन्द्रित करें। उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा व्यवस्था के लिये राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। सरकारी नौकरियों में उनके लिये पद आरक्षित किये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिसने बेटियों की तरफ बुरी नजर डाली और बेटियों की गरिमा को ठेस पहुँचाने की कोशिश भी की, उसे सीधे फाँसी की सजा मिलेगी। आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती जयश्री कियावत ने बताया कि इस बार शासकीय शालाओं से जेईई मेन्स में 902 बच्चों का चयन हुआ है। सम्मान समारोह में भोपाल के प्रभारी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव, स्कूल शिक्षा मंत्री कुँवर विजय शाह, स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी, सांसद श्री आलोक संजर, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, श्री विष्णु खत्री, श्री सुरेन्द्रनाथ सिंह, राज्य बाल आयोग के अध्यक्ष श्री राघवेन्द्र शर्मा, माध्यमिक शिक्षा मंडल के उपाध्यक्ष श्री भागीरथ कुमरावत, जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री मनमोहन नागर, माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष श्री एस.आर. मोहंती, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी और सभी संभागों से 75 प्रतिशत से ज्यादा अंक प्राप्त करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थी उपस्थित थे।
राजभवन में रोजा अफ्तार का आयोजन
11 Jun 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल द्वारा रमजान के मुबारक मौके पर आज राजभवन में रोजा अफ्तार का आयोजन किया गया। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने इस मौके पर मुस्लिम भाईयों को रमजान की मुबारकबाद दी। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने खजूर खिलाकर रोजेदार महिलाओं को रोजा अफ्तार कराया। रोजा अफ्तार में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधायक श्री बाबूलाल गौर, पुलिस महानिदेश श्री ऋषि शुक्ला, वक्फ बोर्ड के चेयरमैन शौकत मोहम्मद खान, मुख्य सूचना आयुक्त श्री के. डी. खान, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री नियाज मोहम्मद खां, मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष प्रो. इमाद उद्दीन, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चे मध्यप्रदेश के अध्यक्ष सनवर पटेल विश्वविद्यालयों के कुलपति, विभिन्न धर्मों के धर्मगुरू, प्रशासन एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, राजनीतिक दलों के पदाधिकारी, पत्रकार, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में रोजेदार शामिल हुए। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव श्री भरत माहेश्वरी और राजभवन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। नायक शहर काजी जनाब बाबर हुसैन नदवी साहब ने नमाज अता कराई।
किसानों के खाते में पहुँचाये 30 हजार करोड़
11 Jun 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राज्य सरकार ने बीते एक वर्ष में लगभग तीस हजार करोड़ रूपये अलग अलग योजनाओं में किसानों के खातों में पहुँचाने का काम किया है। सामाजिक सुरक्षा का चक्र हर गरीब के साथ जोड़ने की मुख्यमंत्री जन कल्याण योजना की शुरूआत आगामी 13 जून से की जा रही है। राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि लाड़ली लक्ष्मी योजना का कानून बनाया जायेगा, इसके लिये आगामी विधानसभा सत्र में विधेयक लाया जायेगा। प्रदेश में आगामी 23 जून से 06 जुलाई तक विकास पर्व मनाया जायेगा। विकास पर्व का शुभारंभ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 23 जून को करेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज 'दिल से' कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों, मजदूरों और किसानों से सीधा संवाद कर रहे थे। शिक्षा प्राप्त करना बुनियादी अधिकार मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आज करीब 22 हजार प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिये राशि दी गई है। राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि कक्षा 12वी में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले सभी विद्यार्थियों को लैपटॉप दिया जायेगा। इससे अब करीब 40 हजार विद्यार्थियों को और लैपटॉप दिया जायेगा। विद्यार्थियों की कैरियर काउंसलिंग के लिये 12वीं में 70 प्रतिशत से ज्यादा अंक लाने वाले विद्यार्थियों की काउंसलिंग की गई है। दूसरे चरण में 70 प्रतिशत से कम अंक लाने वाले विद्यार्थियों की काउंसलिंग की जायेगी। तीसरे चरण में जो विद्यार्थी उत्तीर्ण नहीं हुये हैं उनकी काउंसलिंग की जायेगी। शिक्षा प्राप्त करना बुनियादी अधिकार है। मध्यप्रदेश का कोई भी बच्चा धन के अभाव में शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री जन कल्याण योजना की शुरूआत 13 जून से मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश के किसानों को मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना, समर्थन मूल्य पर प्रोत्साहन राशि, सूखा राहत, फसल बीमा योजना सहित विभिन्न योजनाओं में गत एक वर्ष में तीस हजार करोड़ रूपये की सहायता दी गई है। खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिये राज्य सरकार कृत संकल्पित है। इसके लिये अनेक उपाय किये हैं। मुख्यमंत्री जन कल्याण योजना गरीब की जिंदगी बदलने वाली योजना है। इस योजना के माध्यम से शोषित, वंचित और पीड़ित वर्ग को न्याय देने का काम किया जा रहा है। इसमें गरीबों की सभी बुनियादी जरूरतों को पूरा किया जायेगा। यह योजना आगामी 13 जून को शुरू हो रही है। इसमें गरीबों को आवास का पट्टा, गरीबों के बच्चों की पढ़ाई, चिकित्सा सहायता, प्रसूति सहायता, मृत्यु होने पर सहायता और कौशल विकास के लिये मदद दी जायेगी। विद्युत बिलों के लिये आगामी जुलाई-अगस्त माह में विशेष कैम्प मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार ने विद्युत के बिलों का सरलीकरण करने का निर्णय लिया है। आगामी जुलाई और अगस्त माह में ग्रामों के समूहों में विशेष कैम्प लगाये जायेंगे, जिनमें मुख्यमंत्री जन कल्याण योजना में पंजीकृत श्रमिकों के बिल जमाकर उन्हें शून्य बिल का प्रमाण पत्र दिया जायेगा। इस तरह उनके बिजली बिलों के पिछला बकाया राज्य सरकार भरेगी। इसके बाद उन्हें फ्लैट रेट पर दो सौ रूपये प्रति माह का बिल दिया जायेगा। राज्य सरकार ने लाड़ली लक्ष्मी योजना का कानून बनाने का निर्णय लिया है। प्रदेश में अब तक 27 लाख 80 हजार लाड़ली लक्ष्मी हैं। योजना का कानून बनाने से इसका बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा। 15 जुलाई से व्यापक वृक्षारोपण अभियान श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया है। शरीर को स्वस्थ्य रखने के लिये योग आवश्यक है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने स्वच्छता को जनआंदोलन का रूप दिया है। प्रदेश के सभी शहरों को स्वच्छ बनाने के लिये काम किया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आगामी 15 जुलाई से 15 अगस्त तक व्यापक वृक्षारोपण का अभियान चलाया जायेगा। गत जून माह में प्रदेश में नदियों के गहरीकरण का कार्य किया गया है। इसमें शामिल होने वाले सभी नागरिकों को बधाई। नर्मदा सेवा मिशन के तहत नदी संरक्षण का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को आगे बढ़ाने में सभी नागरिक सहयोग करें। मध्यप्रदेश को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिये अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अपने संबोधन में उपलब्धियों के लिये माउंट एवरेस्ट के शिखर पर पहुँचने वाली सीहोर जिले की कुमारी मेघा परमार, नीट की परीक्षा में रैंक लाने वाली शबिस्ता खान और संकल्प केशरी, जकार्ता में आयोजित एशियन सेलिंग चेम्पियनशिप के भारतीय दल में चयन होने वाले प्रदेश के आठ खिलाड़ियों श्री आशीष विश्वकर्मा, श्री गोविंद वैरागी, श्री सतीश यादव, कु. उमा चौहान, कु. रितिका दांगी, एकता यादव, शौला चार्लस और हर्षिता तोमर को बधाई दी। उन्होंने भोपाल के सपूत शहीद मेजर अजय प्रसाद को उनकी 19वीं पुण्य तिथि पर तथा हिमाचल प्रदेश की पूर्व राज्यपाल और प्रदेश की पूर्व मंत्री स्वर्गीय श्रीमती उर्मिला सिंह के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शहीद बिरसा मुण्डा और स्वर्गीय डा.श्यामा प्रसाद मुखर्जी का स्मरण भी किया।
शासकीय भवनों एवं आवास गृहों में आवश्यक सुधार कार्य करवायें : मंत्री श्री रामपाल सिंह
11 Jun 2018
लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह ने निर्देश दिये हैं कि विभाग द्वारा शासकीय भवनों एवं आवासीय गृहों में मरम्मत और अन्य आवश्यक सुधार कार्य तत्काल करवायें। उन्होंने कहा है कि स्कूलों एवं अस्पताल भवनों के मरम्मत के कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता से करवायें। भवनों का निरंतर निरीक्षण कर छत से पानी टपकने की शिकायतों को तत्काल दूर करें। श्री सिंह आज मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये विभागीय अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि वर्षाकाल में सड़कों के गड्ढों को तत्काल ठीक करवाया जाये। उन्होंने कहा कि परफार्मेंस गारंटी की सड़कों पर ठेकेदारों से आवश्यक सुधार एवं मरम्मत करवायें। श्री सिंह ने कहा कि सभी विभागीय शासकीय कार्यालय परिसर, सर्किट-हाउस, रेस्ट-हाउस एवं आवासीय परिसर में जून-जुलाई माह में पौध-रोपण कार्यक्रम आयोजित किये जायें और पौधों की देख-रेख भी सुनिश्चित करें। संभाग-स्तर पर किये गये रोपण की जानकारी ईएनसी को दें। उन्होंने कहा कि प्रभारी मंत्री और सांसद से समय लेकर नये कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण करवायें। श्री रामपाल सिंह ने कहा कि पुलों का वर्षा पूर्व निरीक्षण किया जाये। उन्होंने ठेकेदारों को समय पर भुगतान करने की जानकारी भी प्राप्त की। साथ ही, बजट आवंटन और मुख्यमंत्री की घोषणाओं की स्वीकृति संबंधी विषयों पर भी चर्चा हुई। इस मौके पर प्रमुख सचिव श्री मोहम्मद सुलेमान, सचिव श्री आर.के. मेहरा और प्रमुख अभियंता श्री अखिलेश अग्रवाल उपस्थित थे।
रूसा परियोजना के द्वितीय चरण के लिए 260 करोड़ मंजूर: उच्च शिक्षा मंत्री श्री पवैया
11 Jun 2018
प्रदेश के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में अंधोसंरचना विकास के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने रूसा परियोजना के द्वितीय चरण में 260 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। उच्च शिक्षा मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस राशि से महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) में प्रस्तावित कार्यों को पूर्ण करवाया जायेगा। रूसा परियोजना में प्राप्त राशि में से बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल, म.गां.ग्रा. विश्वविद्यालय चित्रकूट और विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन को अंधोसंरचना विकास के लिए 20-20 करोड़ दिये जाएंगे। नवीन स्थापना के लिए व्यवसायिक महाविद्यालय, राजगढ़ को 26 करोड़ रुपये और नवीन आदर्श महाविद्यालय छतरपुर, विदिशा, खंडवा, सिंगरौली, दमोह, गुना, बड़वानी और राजगढ़ को 12-12 करोड़ रुपये आवंटित किये जाएंगे । आदर्श महाविद्यालयों में उन्नयन के लिए शासकीय महाविद्यालय अंजड, शासकीय कन्या महाविद्यालय विदिशा और श्री नीलकंठेश्वर शा.महाविद्यालय खंडवा को 4-4 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की जायेगी। नैक मूल्यांकित 33 महाविद्यालयों को भी अंधोसंरचना विकास के लिए 2-2 करोड़ रुपये दिये जाएंगे।
राजस्व मंत्री ने की विभागीय योजनाओं की समीक्षा
11 Jun 2018
राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने मंत्रालय में विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अस्थाई लीज तथा विंध्य क्षेत्र के गैर हकदारी पट्टा के संबंध में सुविचारित नीति बनाने के निर्देश दिये। बैठक में प्रमुख सचिव श्री अरूण पाण्डेय और श्री हरिरंजन राव तथा आयुक्त भू-अभिलेख श्री एम. सेलवेंद्रन उपस्थित थे।
बैक्टिरिया और फंगस से बनी किफायती खाद से पौधे बनेंगे स्मार्ट और इंटेलिजेन्ट
11 Jun 2018
देश में पहली बार मध्यप्रदेश वन विभाग ने वैज्ञानिकों की सहायता से बैक्टिरिया और फंगस से किफायती और अति-गुणवत्तापूर्ण खाद बनाने में सफलता हासिल की है। यह पौधों को स्वस्थ्य, स्मार्ट और बुद्धिमान बनायेगी। खाद की सहायता से पौधे सूक्ष्म पोषण खुद ही मिट्टी से ग्रहण कर लेंगे। फंगस और सात तरह के बैक्टिरिया से विकसित खाद की लागत मात्र 2-3 पैसा आयेगी। सूक्ष्म तत्वों को अपनी जरूरत के अनुसार उपयोग करेंगे पौधे बैक्टिरिया स्पन्ज के समान नमी सोखेगा और फंगस दूसरे पौधों तथा खरपतवार के आक्रमण से बचायेगा। फास्फोरस भी घुलनशील रूप में पौधों को मिल सकेगा। यह प्राकृतिक खाद पौधों को सभी तरह के खतरों से बचाते हुए सभी को स्वस्थ्य,निरोगी और शीघ्र वृद्धि करने में बहुत मददगार होगी। यह खाद पौधों को बीमारियों और संक्रमण से बचाने के साथ-साथ उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत बनाएगी। मात्र 45 दिन में तैयार होती है खाद अपर प्रधान मुख्य वनसंरक्षक अनुसंधान विस्तार एवं लोकवानिकी श्री पी.सी. दुबे ने बताया कि वन विभाग ने इंदौर के अनुसंधान विस्तार में सोयाबीन रिसर्च सेन्टर के वैज्ञानिक डॉक्टर बी.पी. बुन्देला और डॉ. सतीश अग्रवाल की मदद से बायोडिग्रेबल और बायोडाइजेस्टर खाद तैयार की है। खाद तैयार करने में मात्र एक से दो ग्राम फंगस एवं बैक्टिरिया की जरूरत होती है। यह एक डेढ़ किलो भूसे में मिलाकर तैयार किया जाता है। वेल्यू एडिशन के लिये इसे वर्मी कम्पोस्ट में मिला दिया जाता है। यह खाद मात्र 45 दिनों में तैयार हो जाती है। किसानों को भी मिलेगा प्रशिक्षण अपर मुख्य सचिव ने किसानों को इस खाद का फायदा देने के निर्देश दिये हैं। पायलेट के रूप में इंदौर और इंदौर के आस-पास के जिलों की ग्राम पंचायतों के करीब 50 प्रतिनिधियों को खाद बनाने का प्रशिक्षण देने की योजना है।
भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए सभी मिलकर प्रयास करें : राज्यपाल श्रीमती पटेल
10 Jun 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के स्वप्न को साकार करने के लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। आतंकवाद आज पूरे विश्व की समस्या हो गई है इससे लड़ने के लिए प्रधानमंत्री पूरे विश्व में आवाज उठा रहे है। हम सब का यह कर्तव्य है कि हम देश में शांति और एकता का वातावरण बनाये रखने में अपनी भूमिका निभाएँ। राज्यपाल श्रीमती पटेल गुजराती समाज की नवगठित कार्यकारिणी समिति के सेवा संकल्प समारोह को संबोधित कर रहीं थीं। राज्यपाल ने कहा कि अब मध्यप्रदेश भी मेरी कर्म भूमि हो गई है। आपकी कठिनाईयों और समस्याओं को दूर करना मेरा दायित्व हो गया है। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य की चिंता प्रत्येक समाज को करना चाहिए एवं समाज के प्रतिभाशाली बच्चों और अन्य लोगों का सम्मान करने से बच्चों का मनोबल बढ़ता है। किसी भी राज्य या देश की प्रगति के लिए सभी समाज को शिक्षित होना जरूरी है। प्रधानमंत्री के 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' जैसे संकल्प का चरित्रार्थ करना प्राथमिकता होना चाहिए। बेटा-बेटी दोनों आगे बढ़ेंगे तो देश भी आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि हमारा दायित्व है कि समाज को राष्ट्रीय सभ्यता, संस्कृति और परम्पराओं के प्रति जागरूक करें। केन्द्र और राज्य की योजनाओं को समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाने में भागीदारी निभायें। समाज के गरीबों, महिलाओं और छात्र-छात्राओं का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि विश्व में 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जा रहा है जिसमे सभी भी प्रदेशवासियों को भागीदार बनना है। राज्यपाल ने कार्यकारिणी के पदाधिकारियों से अपील की कि वे शहर प्रदेश और देश में एकता, शांति और अनुशासन का उदाहरण कायम करें और अपने आस-पास, शहर में गंदगी न फैलाएं, स्वच्छता रखें और केन्द्र तथा राज्य की योजनाओं का लाभ प्रदेश और देश नागरिकों तक पहुँचाने का प्रयास करें। इस अवसर पर राज्यपाल ने समाज के प्रतिभावान बच्चों, संरक्षकों एवं उद्यमियों का सम्मान किया। गुजराती समाज के अध्यक्ष श्री संजय पटेल ने राज्यपाल महोदया का स्मृति चिंह भेंट कर सम्मान किया। इस अवसर पर गुजराती समाज के गणमान्य नागरिक और बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
फसल निर्यात करने के लिये एपिडा की तर्ज पर बनेगा बोर्ड
10 Jun 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश के किसानों की फसल निर्यात करने के लिये एपिडा (Agricultural and Processed Food Products Export Devlopment Authority) की तर्ज पर प्रदेश में बोर्ड का गठन किया जायेगा। श्री चौहान आज जबलपुर में कृषक समृद्धि योजना के अंतर्गत आयोजित राज्य-स्तरीय किसान महा-सम्मेलन में बड़ी संख्या में मौजूद किसानों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ग्रीष्मकालीन उड़द भी समर्थन मूल्य पर खरीदेगी। उन्होंने उड़द उत्पादक किसानों से आग्रह किया कि कृषक समृद्धि योजना में अपना पंजीयन करायें, ताकि उन्हें भी योजना का समय लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि खेती का विकास और किसान का कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। खेतिहर परिवारों के बेटा-बेटी कृषि आधारित उद्योग-धंधे स्थापित करें। राज्य सरकार उन्हें 10 लाख से 2 करोड़ रूपये तक ऋण उपलब्ध करवाएगी। इस ऋण की गारंटी भी राज्य सरकार लेगी। श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में लॉजिस्टिक हब और फुड चेन बनाई जायेगी। कच्चे माल के प्र-संस्करण की व्यवस्था की जायेगी। किसानों को कृषक समृद्धि योजना सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों के बच्चों की शिक्षा संस्थानों की फीस भी राज्य सरकार भरेगी। आवश्यकतानुसार किसान परिवार के सदस्यों का प्रायवेट अस्पताल में ईलाज कराने की पूरी व्यवस्था की जायेगी। किसानों को बिजली बिलों की परेशानी से राहत देने के लिये जुलाई माह में बड़े पैमाने पर शिविर लगाये जायेंगे। उन्होंने बताया कि किसान परिवार के बच्चों को भी शिक्षा विभाग की लेपटॉप योजना का लाभ दिया जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि प्रदेश के बच्चे खूब पढ़ें, आगे बढ़ें और नया मध्यप्रदेश गढ़ें। राज्य-स्तरीय किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि एक जमाना था, जब प्रदेश के किसान बिजली, सिंचाई, बैंक के कर्ज और सड़क की बदहाली के कारण चैन से खेती नहीं कर पाते थे। उन्होंने कहा कि आज स्थिति बिल्कुल अलग है। आज प्रदेश में विद्युत उत्पादन 18 हजार 354 मेगावॉट तक पहुँच गया है। किसानों को भरपूर बिजली मुहैया कराई जा रही है। सिंचाई का रकबा 40 हजार हेक्टेयर हो गया है, किसानों के खेतों में पाईप लाईन से आवश्यकतानुसार भरपूर पानी पहुँचाया जा रहा है। किसान को अब बैंक ऋण पर भारी ब्याज नहीं देना पड़ता है। जीरो प्रतिशत ब्याज पर बैंक से ऋण लेकर किसान खेती कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के माध्यम से ग्रामीण अंचल शहरों से जुड़ गये हैं। फसल बीमा योजना और सूखा राहत राशि की बड़े पैमाने पर व्यवस्था से किसान निश्चिंत होकर खेती को लाभ का धंधा बनाने में जुट गये हैं। रु. 394 करोड़ लागत के निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन मुख्यमंत्री श्री चौहान ने राज्य-स्तरीय किसान महा-सम्मेलन में लगभग 394 करोड़ रूपये लागत के निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन किया। इसमें 257 करोड़ की नर्मदा पेयजल योजना, 51 करोड़ का बेलखेड़ा विद्युत उपकेन्द्र, 34 करोड़ 8 लाख का गौरा बाजार विद्युत उपकेन्द्र, 20 करोड़ 38 लाख का मेडिकल यूनिवर्सिटी का प्रशासनिक भवन तथा 21 करोड़ 71 लाख की मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल योजना शामिल है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के अंतर्गत प्रदेश के 10 लाख 80 हजार 228 पंजीकृत किसानों के बैंक खातों में रबी वर्ष 2018-19 में उपार्जित गेहूँ की 265 रूपये प्रति क्विंटल के हिसाब से कुल प्रोत्साहन राशि 2 हजार 245 करोड़ ऑनलाईन ट्रांसफर की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की इस पहल से प्रदेश के किसान आर्थिक रूप से सशक्त होंगे। खेती के क्षेत्र में नया इतिहास रचेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि प्रदेश में खेती से होने वाली आमदनी किसानों के लिये समृद्धि का सशक्त माध्यम बने। श्री चौहान ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना में पंजीकृत किसानों को हित-लाभ वितरित किये। इसी के साथ किसानों की बेटियों को हायर सेकेण्डरी की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये सम्मानित भी किया। श्री चौहान ने इस मौके पर किसानों को सरकार के साथ नया मध्यप्रदेश गढ़ने, गाँव को स्वच्छ बनाने और बेटा-बेटी को बराबरी से पढ़ाने का संकल्प दिलाया। राज्य-स्तरीय किसान सम्मेलन में महामण्डलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद, सांसद श्री राकेश सिंह, महापौर डॉ. स्वाति गोड़बोले, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मनोरमा पटेल, विधायक श्री अंचल सोनकर, श्री सुशील तिवारी, सुश्री प्रतिभा सिंह, सुश्री नंदिनी मरावी, श्री अशोक रोहाणी, श्री मोती कश्यप, श्री लारेन बी लोबो, जबलपुर प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. विनोद मिश्रा, महाकौशल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री प्रभात साहू, किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री रणवीर सिंह रावत, अन्य किसान नेता, अन्य जन-प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान मौजूद थे।
किसानों की खुशहाली के लिये राज्य सरकार कृत-संकल्पित : गृह मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह
10 Jun 2018
गृह एवं परिवहन मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह ने आज भोपाल की करोंद मंडी में आयोजित जिला-स्तरीय किसान सम्मेलन में कहा कि मध्यप्रदेश सरकार किसानों के साथ कंधे-से कंधा मिलाकर खड़ी है। आज प्रदेश में ऐतिहासिक दिन है। किसान भाईयों की मेहनत का ही परिणाम है कि 5 वर्षों से लगातार मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर कृषि कर्मण आवार्ड मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि गेहूँ के उत्पादन में हमारे प्रदेश ने पंजाब को पीछे छोड़ दिया है। सम्मेलन को विधायक श्री रामेश्वर शर्मा और श्री विष्णु खत्री ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में जिला मण्डी अध्यक्ष श्रीमती श्यामा पाटीदार, सहकारी बैंक अध्यक्ष श्री जीवन मैथिल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री मनमोहन नागर उपस्थित थे। कार्यक्रम में जबलपुर में मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा दिये गये भाषण का सीधा प्रसारण भी किसानों ने सुना और तालियों की गड़गड़ाहट से सराहा।
जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने किसानों को वितरित किये 75 करोड़
10 Jun 2018
जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने दतिया में किसान समृद्धि योजना के अंतर्गत आयोजित वृहद किसान सम्मेलन में योजना में पंजीकृत किसानों को 75 करोड़ 55 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि का वितरण किया। डॉ. मिश्र ने यह राशि 200 रूपये प्रति क्विंटल के मान से गेहूँ उत्पादक किसानों को प्रदान की। मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि कृषक समृद्धि योजना अपने नाम के अनुरूप कृषकों की समृद्धि के लिए लागू की गई है। इसके अलावा सूखा राहत राशि, भावांतर भुगतान योजना, गेहूँ, चना, मसूर और सरसों की खरीदी एवं फसल बीमा योजना के माध्यम से भी किसान लाभान्वित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने किसानों को आर्थिक रूप से समर्थ बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। कार्यक्रम में विधायक श्री घनश्याम पिरौनिया और जिला अन्त्योदय समिति के नव-नियुक्त उपाध्यक्ष श्री अशोक दातरे भी उपस्थित थे। सिंचाई परियोजना का शुभारंभ मंत्री डॉ. मिश्र ने दतिया जिले के ग्राम खटोला में दो करोड़ 33 लाख रुपये लागत की नहर सिंचाई परियोजना का शुभारंभ किया। इस परियोजना से 558 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी। डॉ. मिश्र ने कहा कि इस परियोजना से खटोला सहित पाँच ग्रामों के किसान बेहतर सिंचाई सुविधा प्राप्त करेंगे। कार्यक्रम में भाण्डेर क्षेत्र के विधायक श्री घनश्याम पिरौनिया मौजूद थे। डॉ. मिश्र ने इकारा रोड से ग्राम खटोला तक 67 लाख लागत की 2.27 किलोमीटर सड़क का भूमि-पूजन किया। उन्होंने दतिया में आगामी अगस्त माह में होने वाले पार्थिव शिवलिंग निर्माण कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा भी की।
शासकीय महाविद्यालयों के लिए विश्व बैंक देगा 204 करोड़ : उच्च शिक्षा मंत्री श्री पवैया
10 Jun 2018
उच्च शिक्षा मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया ने बताया है कि प्रदेश के चयनित 152 शासकीय महाविद्यालयों की संस्थागत विकास योजनाओं के लिये विश्व बैंक प्रथम चरण में 204 करोड़ रूपये देगा। चयनित महाविद्यालयों को आवश्यकतानुसार औसतन 7 से 10 करोड़ रुपये तक की राशि इस परियोजना में स्वीकृत की जायेगी। श्री पवैया ने कहा कि विश्व बैंक सहायतित इस परियोजना में वित्तीय सहायता के लिये उच्च शिक्षा विभाग और महाविद्यालय के बीच एमओयू साइन होगा। मंत्री श्री पवैया ने जानकारी दी कि चयनित महा‍विद्यालयों में 64 से 69 तक अंक प्राप्त करने वाले 40 महाविद्यालयों को शामिल किया गया है। पहले 70 एवं 70 से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 112 महाविद्यालयों को ही इन्स्टीट्यूशनल डेव्हलपमेंट प्रोजेक्ट (आईडीपी) में शामिल किया गया था। उन्होंने बताया कि इस परियोजना में 438 महाविद्यालयों का मूल्यांकन किया गया। परियोजना के दूसरे चरण में अन्य 50 महाविद्यालय शामिल होंगे। परियोजना के प्रथम चरण में आईडीपी में शामिल महाविद्यालयों में भोपाल के शा. सरोजनी नायडू गर्ल्स पीजी कॉलेज, गीतांजलि शा. गर्ल्स पीजी कॉलेज, आदर्श मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय, इंस्टीट्यूट फॉर एक्सीलेंस, स्वामी विवेकानंद कॉलेज, बैरसिया, एमएलबी गर्ल्स पीजी कॉलेज, हमीदिया पीजी कॉलेज, बेनजीर कॉलेज, शासकीय कॉलेज नरेला और शासकीय ऑर्ट एण्ड कॉमर्स कॉलेज शामिल हैं।
75 प्रतिशत से ज्यादा नम्बर लाने वाले विद्यार्थियों को भी मिलेंगे लेपटॉप : मुख्यमंत्री श्री चौहान
8 Jun 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि 75 प्रतिशत से ज्यादा अंक लाने वाले सभी विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिये लेपटॉप दिये जायेंगे। मुख्यमंत्री आज यहां 'मुख्यमंत्री कैरियर काउंसलिंग पहल - हम छू लेंगे आसमाँ' के दूसरे चरण के काउंसिलिंग सत्र को संबोधित कर रहे थे। स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, आदिम जाति कल्याण, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास विभागों के संयुक्त तत्वावधान में 70 प्रतिशत से कम नंबर लाने वाले विदयार्थियों को कैरियर मार्गदर्शन देने के लिए यह विशेष आयोजन किया गया। सभी जिलों में विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री के संदेश को दूरदर्शन और आकाशवाणी के लाइव प्रसारण के माध्यम से सुना और आकाशवाणी के फोन इन कार्यक्रम के माध्यम से कैरियर संबंधी सवाल भी पूछे। मुख्यमंत्री ने संवेदनशील अभिभावक के रूप में विद्यार्थियों के सवालों के जवाब दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जिले में उत्कृष्ट विद्यालय में कैरियर काउंसलिंग केन्द्र प्रारंभ किया जायेगा। काउंसलिंग सत्र समाप्त होने के बाद भी किसी बच्चे को जरूरत हो, तो वह उन केन्द्रों में जाकर मार्गदर्शन प्राप्त कर सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कम अंकों से घबराने और निराश होने की जरूरत नहीं है। कैरियर के कई रास्ते खुले है। कौशल और संपन्न मानव संसाधन की हर क्षेत्र में जरूरत है। उन्होंने विद्यार्थियों का आव्हान किया कि वे अपने माता-पिता, शिक्षकों और मार्गदर्शकों का सम्मान करें। जो विषय पढ़ने में मन लगे, आनंद मिले, उसमें आगे बढें। जो कैरियर मन के करीब हो, उसे चुनें। उन्होंने कहा कि सबसे पहले लक्ष्य तय करें। फिर एक साफ-सुथरा रोडमेप बनायें और पूरी मेहनत से रोडमेप पर चलते रहें। सफलता अवश्य मिलेगी। मुख्यमंत्री ने गुरूदेव रविंद्रनाथ टैगोर, महात्मा गांधी, अमिताभ बच्चन, सचिन तेंदुलकर, महाकवि कालिदास, तुलसीदास, स्वामी विवेकानंद, जॉर्ज वाशिंगटन जैसे महान व्यक्तियों का उदाहरण देते हुए बताया कि परीक्षा में कम नंबर आने के बावजूद उन्होने अपने जीवन में महान कार्य किए हैं। उनके कार्यों को दुनिया याद करती है। ये हस्तियाँ कई पीढि़यों के लिये के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। श्री चौहान ने कहा कि सफलता के लिए कुछ कर गुजरने की तड़प होना जरूरी है। उन्होने कहा कि 10वीं और 12वीं पास होने वाले बच्चों के लिए विषय चुनना और आगे बढ़ने के लिए कैरियर चुनना कठिन काम होता है। उन्हें अच्छे मार्गदर्शन की जरूरत होती है। इसलिये कैरियर मार्गदर्शन की व्यवस्था की गई है। हर जिले और ब्लाक स्तर पर कैरियर मार्गदर्शन उपलब्ध है। उन्होने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि कैरियर मार्गदर्शकों के पास जाएँ, उनसे चर्चा करें, उन्हें अपनी रूचि बताएं। साथ ही भविष्य के लिये मार्गदर्शन प्राप्त करें और फिर अपना रास्ता तय करें। प्रतिभाशाली गरीब विद्यार्थियों की फीस भरेगी सरकार श्री चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री जन कल्याण योजना के अंतर्गत ऐसे सभी बच्चों की उच्च शिक्षा की फीस भरने का पूरी व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा की गई है, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। उन्होंने कहा कि गरीब बच्चों की पढ़ाई के लिए पैसों की कमी और असुविधाओं को बाधा नहीं बनने देंगे। हर बच्चे के लिए आसमान खुला है। भगवान ने सब बच्चों को एक समान बुद्धि दी है। बच्चों को अपनी बुद्धि का सही समय पर बेहतर से बेहतर उपयोग करना सीखना है। हर विद्यार्थी को आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि परीक्षा में आने वाले नंबर जरूरी हैं लेकिन सिर्फ नंबर ही सब कुछ नहीं है। अच्छा क्रिकेट खिलाड़ी भी कई बार शून्य पर आउट होता है। कोई किसी से कम नहीं। हर विदयार्थी अनोखा है। विद्यार्थी को जीतने के लिए आगे बढ़ना। हर विद्यार्थी मध्यप्रदेश का भविष्य है। उन्हें संभालने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। सरकार की मंशा है कि वे रोजगार मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें। सेना में जाने के लिये मार्गदर्शन देने की होगी व्यवस्था मुख्यमंत्री ने प्रदेश भर के बच्चों के कैरियर संबंधी सवालों के फोन-इन कार्यक्रम के माध्यम से जवाब दिए। सेना में भर्ती होने और सेना में नौकरी करने के लिए उचित मार्गदर्शन मांगने से संबंधित सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सेना में जाने के इच्छुक बच्चों की आवश्यक तैयारी और मार्गदर्शन के लिए जल्दी ही संस्थान की व्यवस्था की जाएगी। एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि आवश्यकतानुसार कृषि महाविद्यालय खोले जाएंगे। पढ़ाई के साथ-साथ स्पोर्ट्स में कैरियर बनाने से संबंधित सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि पढ़ाई और खेल में समन्वय रखना जरूरी है। खेलों में उत्कृष्टता का प्रदर्शन करने वाले बच्चों को विशेष सुविधाएं दी गई हैं। उन्हें सरकारी नौकरियों में भी अवसर दिए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष श्री सुधीर रंजन मोहंती ने कैरियर काउंसलिंग पहल के संबंध में कहा कि मुख्यमंत्री की विशेष पहल पर इसकी शुरुआत की गई है। उन्होंने बताया कि 70 प्रतिशत से ऊपर अंक लाने वालों की काउंसलिंग पहले चरण में 21 मई से 31 मई तक हो चुकी है। इसमें एक लाख से ज्यादा विद्यार्थियों ने भाग लिया और मार्गदर्शन प्राप्त किया। आठ जून से 15 जून तक काउंसलिंग का द्वितीय चरण आयोजित किया गया है। इसके लिए 1850 कैरियर मार्गदर्शक विशेष रूप से आमंत्रित किए गए हैं। इस मौके पर संबंधित विभागों के प्रमुख सचिव भी मौजूद थे।
10 जून को गेहूँ उपार्जन की प्रोत्साहन राशि किसानों के खातों मे डाली जाएगी : मुख्यमंत्री श्री चौहान
8 Jun 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि 10 जून को गेहूँ उपार्जन की प्रोत्साहन राशि 265 रुपया किसानों के खातों मे डाली जाएगी। इसके बाद 13 जून को मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना के हितग्राहियों को लाभांवित किया जाएगा फिर जुलाई माह से पात्र लोगों को 200 रुपये महीना फ्लेट रेट पर विद्युत आपूर्ति की जाएगी। मुख्यमंत्री गुरूवार 7 जून को रात्रि मे सीहोर जिले की रेहटी तहसील के गाँव खनपुरा में जनसंवाद कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने यहाँ 14 करोड़ 9 लाख 31 हजार रुपये लागत की रतनपुर उद्वहन सिंचाई योजना का शिलान्यास किया। इसके पूर्ण होने पर पाँच गाँव रतनपुर, सेमरी, खनपुरा, बोरी तथा डोंगरी की 1084 हेक्टेयर भूमि में स्प्रिंकल पद्धति से सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने लगभग पचास लाख रुपए लागत के 9 अन्य कार्यों का भी शिलान्यास किया। इस अवसर पर लोक निर्माण और जिले के प्रभारी मंत्री श्री रामपाल सिंह, वन विकास निगम अध्यक्ष श्री गुरूप्रसाद शर्मा, वेयर हाउसिंग अध्यक्ष श्री राजेन्द्र सिंह राजपूत तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
वाणिज्यिक कर से 29 हजार 424 करोड़ राजस्व अर्जित
8 Jun 2018
प्रदेश में वाणिज्यिक कर से वर्ष 2017-18 में 29 हजार 424 करोड़ रुपये राजस्व अर्जित की गई है। यह राजस्व वर्ष 2006-07 के मुकाबले में 5 गुना अधिक है। वर्ष 2006-07 में वाणिज्य कर से 6,243 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्त हुई थी। वाणिज्यिक कर विभाग की बकाया वसूली में भी वृद्धि हुई है। वर्ष 2017-18 में विभाग को 727 करोड़ रुपये की बकाया वसूली प्राप्त हुई है। विभाग ने वर्ष 2006-07 में 130 करोड़ रुपये की बकाया वसूली की थी। प्रदेश में कर दाताओं के पंजीयन के बाद उनकी संख्या बढ़कर अब करीब 3 लाख 92 हजार हो गई है। विभागीय कर प्रणाली का कम्प्यूटरीकरण वाणिज्यिक कर विभाग की समस्त कार्य-प्रणालियों का कम्प्यूटरीकरण कर दिया गया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अंतर्गत विभाग द्वारा कर दाताओं को ऑनलाइन पंजीयन, ई-पेमेंट और ई-रिटर्न की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। प्रदेश में कृषि को बढ़ावा देने के लिये वेट अधिनियम के अंतर्गत कृषि उपयोग में आने वाली लगभग 96 वस्तुओं को कर-मुक्त रखा गया है। प्रदेश में जुलाई-2017 से राज्य की सीमाओं पर स्थित जाँच चौकियाँ समाप्त कर दी गई हैं। इस व्यवस्था से राज्य में बाहर से आने वाली वस्तुओं का आवागमन सुलभ हो गया है।
संबल योजना की निगरानी समिति में होगी महिलाओं की भागीदारी - मुख्यमंत्री श्री चौहान
7 Jun 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की भलाई के लिये क्रियान्वित मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना की पंचायत और वार्ड-स्तर पर सतत निगरानी की जायेगी। निगरानी का उद्देश्य होगा अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करना। उन्होंने कहा कि निगरानी समिति 5 सदस्यीय होगी और इसमें महिलाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित की जायेगी। श्री चौहान आज छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा नगर में तेन्दूपत्ता संग्राहक एवं असंगठित श्रमिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस अवसर पर घोषणा की कि सिंगोड़ी में सरकारी कॉलेज और अमरवाड़ा में आईटीआई खोली जायेगी। उन्होंने कहा कि शासकीय महाविद्यालयों में विद्यार्थियों की पर्याप्त संख्या होने पर एमएससी पाठ्यक्रम की क्लासेस भी प्रारंभ करवाई जायेंगी। श्री चौहान ने नीट परीक्षा में सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके साथ फोटो निकलवाई। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हित-लाभ भी वितरित किये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सम्मेलन में छिन्दवाड़ा जिले में लगभग 87 करोड़ लागत के 21 निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। करीब 32 हजार तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों को 6 करोड़ 74 लाख रुपये बोनस राशि ऑनलाइन वितरित की। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में आये तेन्दूपत्ता संग्राहकों को चरण-पादुकाएँ पहनाईं और पानी की कुप्पी भेंट की। महिला तेन्दूपत्ता संग्राहकों को साड़ियाँ भेंट की गईं। श्री चौहान ने सम्मेलन में गरीब, श्रमिक और किसान कल्याण की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संबल योजना में श्रमिकों के साथ-साथ गरीब तबके के अन्य वर्गों और ढाई एकड़ तक की भूमि के स्वामित्व वाले किसानों को भी लाभान्वित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि संबल योजना इन वर्गों को समाज की मुख्य-धारा से जोड़ेगी। सम्मेलन में राष्ट्रीय अनुसूचित-जनजाति आयोग की उपाध्यक्ष सुश्री अनुसुईया उईके, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कांता ठाकुर, महापौर श्रीमती कांता सदारंग, भारिया विकास प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती उर्मिला भारती, विधायक सर्वश्री चौधरी चन्द्रभान सिंह, पं. रमेश दुबे, नानाभाऊ मोहोड़ और नत्थन शाह कवरेती, महाकौशल विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री संतोष जैन, अन्य जन-प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में तेन्दूपत्ता संग्राहक, असंगठित क्षेत्र के श्रमिक, किसान एवं ग्रामीण उपस्थित थे।
प्रदेश में 21 जून से मूँग की समर्थन मूल्य पर खरीदी की जायेगी
7 Jun 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सीहोर जिले के ग्राम बाँया में किसानों को बताया कि 21 जून से प्रदेश में मूँग की समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू की जायेगी। श्री चौहान ने ग्राम बाँया में लगभग 78 लाख रुपये लागत के 8 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री आज सीहोर जिले के ग्राम ससली, बकतरा और बाँया में जन-संवाद कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों से रू-ब-रू हुए और उन्हें जन-कल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। श्री चौहान ने ग्रामीण अंचलों में योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में ग्रामीणों से जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बकतरा में हुए जन-संवाद कार्यक्रम में कहा कि बकतरा ने मुझे राजनीतिक जीवन प्रदान किया है। इस क्षेत्र को विकास के मामले में प्रदेश का मॉडल क्षेत्र बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि किसानों की जिंदगी में खुशहाली लाना ही मेरी जिंदगी का असली मकसद है। मेरे जीवन का हर पल प्रदेश के विकास के लिये समर्पित है। 337.30 करोड़ के 72 कार्यों का लोकार्पण/शिलान्यास मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बकतरा में 337.30 करोड़ लागत के 72 निर्माण कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि बकतरा कॉलेज में बी.ए. के साथ-साथ बी.एस.सी. पाठ्यक्रम की शिक्षा की व्यवस्था की जायेगी। यहाँ सर्व-सुविधायुक्त शासकीय अस्पताल खोला जायेगा और आधुनिक बस-स्टैण्ड बनाया जायेगा। साथ ही, राम-जानकी मंदिर और विश्वेश्वर मंदिर का जीर्णोद्धार भी करवाया जायेगा। श्री चौहान ने बताया कि बकतरा क्षेत्र में नहरों की लाइनिंग के लिये 24 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कर दी गई है। लाइनिंग कार्य पूर्ण हो जाने पर किसानों को सिंचाई के लिये टेल एण्ड तक पानी मिल सकेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान बकतरा के पहले नसरुल्लागंज तहसील के ग्राम ससली पहुँचे और जन-संवाद कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों से सीधी बातचीत की। श्री चौहान ने ग्रामीण महिलाओं को उज्जवला योजना के अंतर्गत नि:शुल्क घरेलू गैस कनेक्शन वितरित किये। श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्जवला योजना से ससली ग्राम का हर घर धुआँ-मुक्त हो गया है। गाँव के हर घर में गैस के चूल्हों पर खाना पक रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उज्जवला योजना का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। शीघ्र ही इस योजना से प्रदेश का हर घर धुआँ-मुक्त होगा। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर ससली ग्राम में 14 करोड़ से अधिक लागत की सड़कों और अन्य कार्यों का लोकार्पण तथा शिलान्यास किया।
"हम छू लेंगे आसमाँ योजना के दूसरे चरण का शुभारंभ 8 जून को
7 Jun 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान 8 जून को विद्यार्थियों को भविष्य में विभिन्न कॅरियर और अकादमिक विकल्पों के बारे में जानकारी देने के लिये बनायी गयी योजना 'हम छू लेंगे आसमाँ'' के दूसरे चरण का सुबह 10 बजे न्यू मार्केट स्थित समन्वय भवन में शुभारंभ करेंगे। इस मौके पर वे विद्यार्थियों से सीधा संवाद करेंगे। हम छू लेंगे आसमाँ के दूसरे चरण में 8 से 15 जून तक 12वीं बोर्ड की परीक्षा में उत्तीर्ण तथा 70 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त करने वाले करीब 3 लाख 33 हजार विद्यार्थियों से काउंसिलिंग की जायेगी। मुख्यमंत्री के संदेश का सीधा प्रसारण सुबह 10 से 11.30 बजे तक दूरदर्शन और आकाशवाणी केन्द्रों से किया जायेगा। आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय श्रीमती जयश्री कियावत ने कार्यक्रम के संबंध में सभी जिला कलेक्टर को आवश्यक निर्देश दिये हैं। निर्देशों में कहा गया है कि जिला और विकासखण्ड स्तर पर उत्कृष्ट विद्यालयों में विद्यार्थियों के बैठने के इंतजाम किये जायें, जिससे वे मुख्यमंत्री से अपने कॅरियर के संबंध में सवाल कर सकें। मुख्यमंत्री से फोन नम्बर 0755-2762590 पर सवाल किये जा सकते हैं। विद्यार्थी मुख्यमंत्री श्री चौहान के कार्यक्रम को देख सकें, इसके लिये चयनित स्थानों पर एलईडी टी.व्ही. की व्यवस्था किये जाने के लिये भी कहा गया है। हम छू लेंगे आसमाँ योजना का क्रियान्वयन स्कूल शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग संयुक्त रूप से मिलकर कर रहे हैं। पहले चरण में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने 21 मई को भोपाल के मॉडल स्कूल, टी.टी. नगर से आकाशवाणी और दूरदर्शन के माध्यम से विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया था। पहले चरण में 70 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित करने वाले कक्षा-12 के छात्रों को शामिल किया गया था।
मंत्री श्री आर्य द्वारा बैतूल में 4.81 करोड़ के कार्यो का भूमि-पूजन
7 Jun 2018
नर्मदा घाटी विकास (स्वतंत्र प्रभार) मंत्री श्री लाल सिंह आर्य ने गुरूवार को बैतूल जिले के विकासखण्ड घोड़ाडोंगरी और चिचौली में 4 करोड़ 81 लाख रुपये के निर्माण कार्यो का भूमि-पूजन किया। श्री आर्य ने विकास यात्रा के दौरान विकासखण्ड घोड़ाडोंगरी में 4 करोड़ 27 लाख रुपये की लागत से बनाये जाने वाले 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा जनपद पंचायत चिचौली में 54 लाख रुपये की लागत से बनाये जाने वाली 20 दुकानों का भूमि-पूजन किया। इसके साथ ही उन्होंने जनपद पंचायत परिसर में 20 लाख की लागत से फायबर टीन शेड और 5 लाख की लागत से अम्बेडकर भवन निर्माण करवाने की घोषणा की। श्री आर्य ग्राम चोपना के आँधी-तूफान पीड़ितों से भी मिले। उन्होंने पीड़ितों को तत्काल सहायता उपलब्ध करवाने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने चिचौली जनपद परिसर में महात्मा गाँधी, डॉ. अम्बेडकर और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमाओं का अनावरण किया। इस अवसर पर सांसद श्रीमती ज्योति धुर्वे, विधायक श्री मंगल सिंह धुर्वे, जनपद अध्यक्ष चिरोंजी लाल कवड़े आदि उपस्थित थे। कुंडी में आईटीआई का लोकार्पण श्री आर्य ने घोड़ाडोंगरी के कुंडी में लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से बनाये गये कौशल विकास केन्द्र (आईटीआई) भवन और पंचायत भवन का लोकार्पण भी किया।
राज्य मंत्री श्री सारंग ने थांदला स्वास्थ्य केन्द्र का किया औचक निरीक्षण
7 Jun 2018
सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग ने अपने प्रभार के झाबुआ जिले के थांदला स्वास्थ्य केन्द्र का देर शाम औचक निरीक्षण किया। श्री सारंग ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मरीजों तथा उनके परिजनों से स्वास्थ्य केन्द्र में मिल रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। श्री सारंग थांदला में आम नागरिकों से भी मिले और उनकी समस्याओं को सुना। राज्य मंत्री श्री सारंग ने जन-संवाद कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर स्थानीय जन-प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
रोजगार मेला बैतूल में 341 युवाओं को मिला आफर लेटर
7 Jun 2018
बैतूल में आयोजित टेक्सटाइल रोजगार मेले में 341 युवाओं को आफर लेटर मिले। मेले में 1837 युवाओं ने पंजीयन करवाया था। मेले का शुभारंभ मध्यप्रदेश रोजगार निर्माण बोर्ड के अध्यक्ष श्री हेमंत देशमुख ने किया। उन्होंने कहा कि जिले में दो माह में 6 रोजगार मेले लगाये जायेगे। जिले के लगभग 10 हजार युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य है। मेले में डॉलर इंडस्ट्रीज लिमिटेड तमिलनाडू, एवरेडी स्पिनिंग मिल्स प्रा. लिमिटेड तमिलनाडू, दि लक्ष्मी मिल्स कंपनी लिमिटेड, विल्सन यार्न लिमिटेड, श्री कार्तिकेय स्पीनिंग एंव विविंग मिल, एससीएम टेक्सटाइल स्पिनर्स, सतलज टैक्सटाइल्स राजस्थान, नाहर स्पिनिंग मिल, वर्धमान ग्रुप लुधियाना, एसजेएलटी स्पिनिंग मिल एवं जीटीएन इंडस्ट्रीज लिमिटेड सहित अन्य निजी टैक्सटाइल कंपनियों ने टैक्सटाइल क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने की पहल की।
पश्चिमी मध्यप्रदेश के 250 स्थानों पर सोलर संयंत्र से पहुँची सौभाग्य योजना
7 Jun 2018
मध्यप्रदेश में पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा नीमच, इंदौर, देवास, खंडवा और धार में करीब 250 स्थानों पर सौर ऊर्जा के छोटे संयंत्र लगाकर घरों में बिजली पहुँचाई गई है। आदिवासी बसाहट के मजरा- टोलों की दूरी सामान्य बिजली लाइनों से दो से चार किलोमीटर होने एवं घरों की संख्या दो-चार होने पर सौर ऊर्जा की मदद ली गई है। इन घरों में दो बल्ब और एक छोटा पंखा सौर ऊर्जा से प्राप्त बिजली से चलाया जा सकता है। सौभाग्य योजना से उज्जैन संभाग इस माह सौभाग्य संभाग बन गया है। इंदौर राजस्व संभाग के शेष पांच जिले जून माह के अंत तक सौभाग्य जिले बन जाएंगे, शेष जिलों में कुल 25 हजार बिजली कनेक्शन दिए जाना शेष है। पश्चिम क्षेत्र के सभी पंद्रह जिलों में सौभाग्य योजना के तहत कनेक्शन देने के लिए गत अक्टूबर माह में विशेष टीमें बनाई गईं। अब तक कंपनी के दस जिले इंदौर, धार, देवास, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर, खंडवा, शाजापुर सौभाग्य जिले घोषित हो चुके हैं। कंपनी द्वारा 3 लाख 95 हजार कनेक्शन जारी किये जा चुके है, जबकि शेष पांच जिले झाबुआ, अलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर में कुल 25 हजार कनेक्शन और दिए जाना शेष है। इस माह के अंत तक ये पाँच जिले भी सौभाग्य जिले हो जाएंगे। इन जिलों में और दिए जाने वाले कनेक्शनों में बड़वानी में 8 हजार, खरगोन में 7 हजार, झाबुआ में ढाई हजार, अलीराजपुर में 3 हजार तथा बुरहानपुर में ढाई हजार कनेक्शन और जारी किए जाना हैं। शेष पांचों जिलों के कनेक्शन को मिलाकर 4 लाख 20 हजार कनेक्शन जारी कर पूरी पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ही सौभाग्यमय बन जाएगी। यह प्रदेश की पहली एवं देशभर में सौभाग्य मामलों में तीन-चार बिजली बोर्ड एवं कंपनी में उपलब्धि पाने वाली घोषित हो जाएगी। सौभाग्य योजना से कम्पनी के पश्चिम क्षेत्र में अब तक करीब चार लाख कनेक्शन उन लोगों को जारी किए गए हैं, जिनके मकान या परिवार के पास अपना स्वयं का बिजली कनेक्शन नहीं था। इस तरह पच्चीस लाख (परिजनों) अतिरिक्त लोगों तक कंपनी ने बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित की है। सौभाग्य योजना के क्रियान्वयन एवं समय पर लक्ष्य पूरा करने के लिए जहां पश्चिम क्षेत्र कंपनी ने सभी जिलों में कुल पांच हजार कर्मचारी, अधिकारी तैनात किए हैं, वहीं करीब डेढ़ लाख किलोमीटर तार से नई लाइनें भी बिछाई गई हैं। अब तक 60 हजार से ज्यादा बिजली के खंभों का इस्तेमाल सौभाग्य योजना के लिए किया जा चुका हैं।
नायब तहसीलदार को तहसीलदार बनने के पहले मिलेगी मिड कॅरियर ट्रेनिंग
7 Jun 2018
नायब तहसीलदारों को 5 वर्ष की सेवा के बाद एवं तहसीलदार के पद पर पदोन्नति के पहले मिड कॅरियर ट्रेनिंग दिलवाई जायेगी। यह ट्रेनिंग पाँच सप्ताह की होगी। नोडल एजेन्सी आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी होगी। एक सप्ताह देश के ख्यातिलब्ध प्रबंधकीय संस्थान में नेतृत्व एवं प्रबंधकीय विकास पर और एक सप्ताह किसी अन्य प्रदेश में वहां की राजस्व संबंधी प्रणाली एवं नवाचार पर प्रशिक्षण दिलाया जायेगा। इसमें एक सप्ताह का विदेश में भी प्रशिक्षण कराया जा सकेगा। प्रशिक्षणार्थियो का चयन वरिष्ठता के आधार पर किया जायेगा। मिड कॅरियर ट्रेनिंग में राजस्व विभाग से संबंधित अधिनियमों, निर्देशों पर रिफ्रेशर कोर्स, अधिनियमों, परिपत्रों आदि में अद्यतन संशोधन एवं उनका क्रियान्वयन, प्रबंधकीय एवं नेतृत्व क्षमता का विकास, विदेशों एवं अन्य राज्यों में हो रहे भू-प्रबंधन से संबंधी नवाचार, सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग तथा समय एवं तनाव प्रबंधन को शामिल किया गया है। जिला स्तर पर भी होगा प्रशिक्षण नायब तहसीलदारों की जिलों में पदस्थापना के बाद जिला स्तरीय प्रशिक्षण का भी प्रावधान किया गया है। इन्हें विभागीय कार्य सौंपने के पहले वरिष्ठ राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण दिया जायेगा। मुख्य रूप से स्थल निरीक्षण, अभिलेखों का निर्माण एवं संधारण, न्यायालयीन प्रक्रिया एवं आदेश लेखन का प्रशिक्षण दिलाया जायेगा।
राजगढ़ जिले की मोहनपुरा सिंचाई योजना का लोकार्पण करेंगे प्रधानमंत्री श्री मोदी
6 Jun 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 23 जून को राजगढ़ जिले की मोहनपुरा सिंचाई योजना का लोकार्पण करेंगे। श्री चौहान ने आज राजगढ़ जिला मुख्यालय में हुए अन्त्योदय सम्मेलन में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मोहनपुरा और कुंडालिया सिंचाई योजनाओं से राजगढ़ जिले में लगभग आठ लाख एकड़ क्षेत्र में सिंचाई होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से बांध से लगे क्षेत्रों की पेयजल समस्या भी समाप्त हो जायेगी। जनपदों में 13 जून को संबल योजना सम्मेलन श्री चौहान ने कहा कि 13 जून को प्रदेश के सभी जनपद मुख्यालयों पर मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। सम्मेलन में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के लाभ वितरित किये जायेंगे। योजना की विस्तार से जानकारी देते हुए उन्होंने ने कहा कि कोई भी गरीब व्यक्ति इस योजना में शामिल होने के लिये सादे कागज पर आवेदन कर सकता है। ढाई एकड़ तक के किसानों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि संबल योजना में पात्र हितग्राहियों को आवासीय जमीन के पट्टे दिये जायेंगे। साथ ही उन्हें मकान बनाने के लिये सरकार राशि भी उपलब्ध करवाएगी। श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में करीब साढ़े 37 लाख गरीब परिवार ऐसे हैं, जिनके पास रहने के लिये अच्छे घर नहीं हैं। ऐसे सभी परिवारों को चरणबद्व तरीके से आवास निर्माण के लिये आगामी चार साल में राशि उपलब्ध करवाई जायेगी। स्व-सहायता समूहों को मिला 3 करोड़ ऋण मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सम्मेलन में राजगढ़ जिले के 4436 तेन्दूपत्ता संग्राहकों की 23 लाख 21 हजार रुपये बोनस राशि उनके खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर की। उन्होंने तेन्दूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुका पहनाई और पानी की कुप्पी भेंट की। श्री चौहान ने 175 स्व-सहायता समूहों को रोजगार शुरू करने के लिये तीन करोड़ के बैंक ऋण वितरित किये। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर राजगढ़ जिले में 171.09 करोड़ के 12 निर्माण कार्यो का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। इस अवसर पर सांसद श्री रोडमल नागर, विधायक सर्वश्री अमरसिंह यादव, हजारीलाल दांगी और कुवंर कोठार, अन्य जन-प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में असंगठित क्षेत्रों के श्रमिक, तेन्दूपत्ता संग्राहक और ग्रामीण उपस्थित थे।
गरीबों को सम्बल देकर समर्थ बनायेंगे- श्री शिवराज सिंह चौहान
6 Jun 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि गाँवों, गरीबों और किसानों का विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना के तहत हर गरीब व्यक्ति को ''सम्बल'' देकर उसे समर्थ बनाया जायेगा। गरीबों और मेहनतकशों के विकास में सरकार कोई कसर नहीं रखेगी। मुख्यमंत्री आज टीकमगढ़ जिले के बड़ागांव (धसान) के समीप अंतौरा गांव में असंगठित श्रमिकों व तेन्दूपत्ता संग्राहकों के संयुक्त सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने विधायक की मांग पर बड़ागांव में अमर शहीद श्री नारायण दास खरे तथा श्री अमृत लाल फणींन्द्र की प्रतिमा लगाने और हर साल शहीद मेला आयोजित करवाने की घोषणा की। उन्होंने जिले के बड़ागांव, बल्देवगढ़, खरगापुर में महाविद्यालय खोलने और विकास कार्यों की सभी मांगों का परीक्षण कर उन्हें जल्द से जल्द पूरा करवाने की बात भी कही। मुख्यमंत्री ने बानसुजारा समूह जल-प्रदाय योजना के लिये 272 करोड़ रूपयों की वित्तीय स्वीकृति शीघ्र दिलाने की घोषणा भी की। श्री चौहान ने असंगठित श्रमिकों को प्रतीकात्मक रूप से पंजीयन प्रमाण-पत्र एवं आवासीय पट्टे तथा चरण-पादुका योजना में 33 हजार 777 तेन्दूपत्ता एवं महुआ फूल संग्राहकों को जूते, चप्पल, साड़ियां व पानी की कुप्पी आदि सामग्री वितरित की। मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहक श्रीमती मानकुंवर बाई एवं श्री धनीराम को अपने हाथों से चप्पल/जूते पहनाकर साड़ी और पानी की कुप्पी प्रदान कीं। उन्होंने युवा उद्यमी योजना के तहत श्री अंशुल दांगी को पोहा निर्माण इकाई के लिये 40 लाख का चैक प्रदान किया तथा अन्य हितग्राहियों को भी पात्रतानुसार हितलाभ वितरित किये। श्री चौहान ने 122 करोड 55 लाख 20 हजार रूपये की लागत वाले 13 विकास कार्यो का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी इस मौके पर किया। मुख्यंमत्री ने कहा कि सरकार हर गरीब एवं श्रमिक को उसकी पहचान स्थापित करने के लिये पंजीयन प्रमाण-पत्र के रूप में स्मार्ट कार्ड देगी। स्मार्ट कार्ड में उसकी संपूर्ण जानकारी होगी। स्मार्ट कार्डधारी व्यक्ति मुख्यमंत्री जन-कल्याणकारी योजना ''सम्बल'' का लाभ लेने के लिये पात्र होगा। योजना के तहत उसे 11 प्रकार की सुविधाओं/सहायता/बैंक लिंकेज का लाभ दिया जायेगा। गरीब बच्चों की कक्षा एक से पीएचडी तक की पढ़ाई की फीस अब सरकार भरेगी। उन्होंने कहा कि गरीब महिलाओं को स्व-रोजगार स्थापना के लिये बैंक लिंकेज दिया जायेगा। युवाओं को रोजगार देने के लिये सरकार जल्द ही नई भर्ती करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा है कि अगले चार साल में 40 लाख गरीबों को पक्का मकान बनाकर देंगे। हर गरीब व्यक्ति को जमीन का पट्टा देकर उसका पक्का मकान बनाया जायेगा तथा उनका इलाज कराया जायेगा, मुख्यमंत्री अन्त्योदय आवास योजना के तहत हर साल 10 लाख मकान बनाकर दिये जायेंगे। जिस हितग्राही के नाम से मकान बनेगा, राशि भी उसी के बैंकखाते में जारी की जायेगी। श्री चौहान ने असंगठित श्रमिकों और तेन्दूपत्ता संग्राहकों को मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना (संबल) की जानकारी देते हुए कहा कि सभी श्रेणी के मेहनतकश मजूदर, ढाई एकड़ से कम कृषि भूमि वाले काश्तकार, छोटे व्यापारी, आयकर न देने वाले तथा जो शासकीय सेवा में नहीं है, ये सभी इस योजना के दायरे में आयेंगे। मुख्यंमत्री ने कहा कि 200 रूपये फ्लेट रेट पर बिजली देने के लिये जुलाई एवं अगस्त में पंजीयन शिविर लगेंगे। गरीबों के बच्चों की फीस भरने का काम जुलाई से शुरू होगा। जन-कल्याण योजना में पंजीयन करा चुके असंगठित श्रमिकों के लिये 13 जून को प्रदेश के हर ब्लाक में कार्यक्रम आयोजित कर हितलाभ प्रदान किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि सरकार ने यह निर्णय लिया है कि गरीबों के बच्चों की स्कूल, कॉलेज से लेकर आई.आई.टी, आई.आई.एम., नीट, इंजीनियरिंग, मेडिकल कॉलेज, लॉ कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज में प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों की फीस सरकार भरेगी। हर गांव और वार्ड में 5 सदस्यीय समिति बनाने की मंशा व्यक्त की। समिति जिला प्रभारी म