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मध्यप्रदेश डाइजेस्ट
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: फीचर

बदलता मध्यप्रदेश : डॉ.एच.एल. चौधरी


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डा. नरोत्तम मिश्रा, जनसंपर्क मंत्री, मध्यप्रदेश शासन : जीवन परिचय
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D-15117/30-08-18


स्वीकृत पेयजल योजनाओं के कार्यों की सतत् निगरानी की जाए:मुख्यमंत्री श्री चौहान
24 Sepetember 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में जल निगम संचालक मंडल की पन्द्रहवीं बैठक संपन्न हुई। श्री चौहान ने बैठक में कहा कि योजना के निर्माण कार्य समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किये जायें। उन्होंने कार्यों की निरंतर निगरानी करने के निर्देश दिये। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती कुसुम महदेले और मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह भी मौजूद थे। समीक्षा बैठक में बताया गया कि जल निगम द्वारा 48 समूह जल प्रदाय योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। इनमें से 1042 करोड़ रुपये की 16 योजनाएं पूर्ण हो गई हैं। पूर्ण योजनाओं से 694 गांवों की 9 लाख जनसंख्या को स्वच्छ नल-जल उपलब्ध हो रहा है। कुल 3 हजार 59 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 32 समूह नल-जल प्रदाय योजनाएं निर्माणाधीन हैं। योजनाओं से 2 हजार 478 गांवों की 30 लाख आबादी लाभान्वित होगी। बैठक में जानकारी दी गई कि एन.डी.बी. अंतर्गत 3 हजार 467 गांवों की 33 लाख जनसंख्या के लिये कुल 4 हजार 512 करोड़ रुपये लागत की 9 योजनाएं स्वीकृत हैं। स्वीकृत परियोजनाओं में से 5 निर्माणाधीन हैं। शेष 4 परियोजनाएं निविदा प्रक्रिया में हैं। निर्माणाधीन योजनाओं में सतना-बाणसागर, पावई बांध, कुंडालिया, मोहनपुरा एवं पहाड़गढ़ शामिल हैं। निविदा प्रक्रिया अंतर्गत योजनाओं में पयाली, बायामा, कंदेला और गढ़ाकोटा शामिल हैं।
राजस्व मंत्री श्री गुप्ता ने अग्रसेन महाराज और पं. उद्धवदास मेहता की प्रतिमा का अनावरण किया
24 Sepetember 2018
राजस्व, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता, विधायक श्री बाबूलाल गौर और महापौर श्री आलोक शर्मा ने कमला पार्क के पास तालाब के किनारे महाराजाधिराजा अग्रसेन जी महाराज और वरिष्ठ समाजसेवी तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पं. उद्धवदास मेहता की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया। ज्ञातव्य है कि अग्रसेन महाराज की प्रतिमा पहले इमामी गेट और पं. उद्धवदास मेहता की प्रतिमा पीर गेट के पास स्थापित थी। कमला पार्क के पास इन्हें पुर्नस्थापित किया गया है। राजस्व मंत्री श्री गुप्ता ने कहा कि शहर की वर्तमान जरूरतों के मद्देनजर किये जा रहे सड़क चौड़ीकरण के कारण इन प्रतिमाओं को पुर्नस्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि दोनों प्रतिमाओं के मध्य एक फाउण्टेन लगवाने से स्थल की खूबसूरती बड़ जायेगी। श्री गुप्ता ने कहा कि महाराजाधिराजा अग्रसेन समाजवाद के जनक थे। उन्होंने पं. मेहता को महान देशभक्त और हिन्दु धर्मावलबिंयों के लिए सतत संघर्ष करने वाला समाजसेवी बताया। इस मौके पर महापौर श्री शर्मा और नगर निगम के अध्यक्ष श्री सुरजीत सिंह चौहान तथा सामाजिक प्रतिनिधियों ने भी विचार व्यक्त किये।
सौर ऊर्जा से रोशन हुआ एस.ओ.एस. बाल ग्राम
24 Sepetember 2018
भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास संस्था (इरेडा) द्वारा भोपाल एवं खुजरीकलां स्थित एस.ओ.एस. बाल ग्राम प्रागंण को सौर ऊर्जा से रोशन किया गया है। यह प्रयास बिजली बिल में राहत के साथ पर्यावरण को शुद्व करने तथा बच्चों को सोलर एनर्जी के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी मददगार साबित होगा। संस्था के महाप्रबंधक डॉ. पी.श्रीनिवासन तथा वरिष्ठ सलाहकार डॉ. एम.पी. सिंह ने एस.ओ.एस. आश्रम का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि भोपाल तथा खजुरीकलां स्थित एस.ओ.एस. बाल ग्राम को 75 सोलर स्ट्रीट लाईट प्रदान की गई हैं। इरेडा ने अपने सी.एस.आर. के तहत ये सोलर लाइटें प्रदान की हैं। उल्लेखनीय है कि अक्षय ऊर्जा विकास संस्थान (इरेडा) भारत सरकार का सार्वजनिक वित्तिय संस्थान है। इरेडा अक्षय ऊर्जा परियोजनाएँ जैसे सौर, पवन, पन बिजली और बायोमास के लिए ऋण उपलब्ध कराता है। इस वर्ष इरेडा ने मध्यप्रदेश को रीवा अल्ट्रा मेगा सौर पार्क के लिए 120 करोड़ रूपये तथा मंदसौर सौर पार्क के लिए 90 करोड़ रूपये स्वीकृत किये हैं।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रेमपुरा घाट पर किया भगवान श्रीगणेश प्रतिमा का विसर्जन
23 Sepetember 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने स्थानीय प्रेमपुरा घाट पर भगवान श्री गणेश की प्रतिमा का विसर्जन किया। लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह, श्री चौहान की धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह चौहान, परिवार के सदस्य और उनके निजी स्टाफ के सदस्य चल समारोह में शामिल हुए। नगर निगम के अध्यक्ष श्री सुरजीत सिंह चौहान और भक्तगण बडी संख्या में उपस्थित थे। 'गणपति बप्पा मोरया-अगले बरस तू जल्दी आ' का उदघोष करते हुए चल समारोह मुख्यमंत्री निवास से रवाना होकर पोलिटेक्निक चौराहा, रोशनपुरा, न्यू मार्केट, रंगमहल टॉकिज, जवाहर चौक, डिपो चौराहा, भदभदा चौराहा होतु हुए विसर्जन स्थल प्रेमपुरा घाट पहुंचा। मुख्यमंत्री और भजन गायकों की मंडली गणपति वंदना गाते रहे और भगवान श्रीगणेश का जयकारा लगाते रहे। प्रेमपुरा घाट पर महाआरती के साथ बप्पा का विसर्जन किया गया। श्रीमती साधना सिंह चौहान ने भक्तों को प्रसाद वितरण किया। वातावरण श्रद्धा, भक्ति-भाव और उल्लास से भर उठा। जगह जगह श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की और गणपति बप्पा के जयकारे लगाये।
मुख्यमंत्री श्री चौहान से मिला राष्ट्रीय मुस्लिम मंच का प्रतिनिधि मंडल
23 Sepetember 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से आज यहाँ मध्यप्रदेश के राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के प्रतिनिधि मंडल ने भेंट की। प्रतिनिधि मंडल द्वारा मुख्यमंत्री श्री चौहान का सम्मान किया गया। श्री चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय मुस्लिम मंच देश से प्यार करने वाला मंच है। राज्य सरकार ने समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिये योजनाएं बनाई है। अगले चार वर्षों में हर गरीब को आवास उपलब्ध करवाया जायेगा। संबल योजना का लाभ हर गरीब को दिया जा रहा है। राज्य सरकार का मिशन गरीबों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। कार्यक्रम में संस्था के पदाधिकारी श्री फारूख खान और श्री एस.के.मुददीन भी उपस्थित थे।
आयुष्मान भारत एक नयी क्रांति- मुख्यमंत्री श्री चौहान
23 Sepetember 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि आयुष्मान भारत योजना एक नयी क्रांति है। यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गरीबों के लिये यह अदभुत योजना बनाई है। योजना से प्रदेश के एक करोड़ 30 लाख परिवार लाभांवित होंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना आयुष्मान भारत - निरामयम मध्यप्रदेश के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में केन्द्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर और केन्द्रीय सामाजिक न्याय मंत्री श्री थावरचंद गेहलोत भी उपस्थित थे। श्री चौहान ने कहा कि चिकित्सा सुविधा प्राप्त करना नागरिकों का बुनियादी अधिकार है। संसाधनों पर सबका हक है। राज्य सरकार की संबल योजना दुनिया की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा योजना है। संबल योजना के हितग्राहियों को भी आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा गया है। केन्द्र सरकार की गरीबों के कल्याण की योजनाओं का क्रियान्वयन मध्यप्रदेश में प्राथमिकता से किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2022 तक हर गरीब को आवास उपलब्ध करवाया जायेगा। उज्जवला योजना के क्रियान्वयन में भी मध्यप्रदेश अग्रणी है। इस योजना के तहत प्रदेश में 40 लाख महिलाओं को रसोई गैस कनेक्शन उपलब्ध करवाये गये हैं। आयुष्मान भारत - निरामयम मध्यप्रदेश योजना का क्रियान्वयन प्रदेश में ट्रस्ट मॉडल के रूप में किया जायेगा। योजना की जानकारी जन-जन तक पहुँचाने के लिये व्यापक अभियान चलाया जायेगा। यह योजना आम जनता की जिंदगी में बदलाव लाने की योजना है। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा सुख शरीर का स्वस्थ रहना है। स्वच्छ भारत अभियान से बीमारियों की रोकथाम में मदद मिली है। स्वच्छता सर्वे में प्रथम स्थान पर रहने वाले इंदौर शहर में बीमारियों के प्रतिशत में उल्लेखनीय कमी आई है। श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में कोई भी गरीब इलाज से वंचित नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान और राज्य बीमारी सहायता निधि से लगातार मदद दी जा रही है। प्रदेश में सरदार वल्लभ भाई पटेल नि:शुल्क दवा वितरण जैसी योजना क्रियान्वित की जा रही है। केन्द्र की योजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश आगे केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री तोमर ने कहा कि केन्द्र सरकार की कोशिश समग्र विकास की कल्पना को साकार करना है। क्षेत्र के विकास के साथ व्यक्ति का विकास भी होना चाहिये। गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों के जीवन स्तर में सुधार की कई योजनायें क्रियान्वित की जा रही हैं। भारत स्वच्छ और निरोग रहे, इसके लिये आयुष्मान भारत योजना लागू की जा रही है। केन्द्र की योजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश देश में पहले भी अव्वल रहा है। इस योजना के क्रियान्वयन में भी मध्यप्रदेश सबसे आगे रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश देश में अव्वल है। गरीबों को मिलेगी बिना दिक्कत के स्वास्थ्य सुविधायें केन्द्रीय सामाजिक न्याय मंत्री श्री गेहलोत ने कहा कि मध्यप्रदेश में सरकार गरीबों के कल्याण के लिये कई योजनाएं चला रही है। सब सुखी हों और निरोग हों, यह हमारी प्राचीन परंपरा रही है। गरीबों को स्वास्थ्य सुविधायें बिना दिक्कत के आसानी से मिलें, इसके लिये आयुष्मान भारत योजना शुरू की गई है। मध्यप्रदेश इसके क्रियान्वयन में अग्रणी रहे। प्रदेश के राजस्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना प्रदेश के विकास के साथ गरीबों के जीवन को बदलने की योजना है। इसमें सभी पात्र परिवारों को लाभ दिलाया जाये, इसका संकल्प लें। उन्होंने बताया कि प्रदेश में गरीबों के जीवन में खुशहाली लाने की योजनाओं का क्रियान्वयन प्राथमिकता से किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्रीमती गौरी सिंह ने कार्यक्रम में बताया कि प्रदेश के एक करोड़ 30 लाख परिवारों को योजना का लाभ मिलेगा। इसके क्रियान्वयन के लिये दीनदयाल स्वास्थ्य सुरक्षा परिषद का गठन किया गया है। योजना में 300 शासकीय और निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया जा चुका है। योजना के तहत चिन्हित हर अस्पताल में आयुष्मान मित्र पदस्थ किये गये हैं। कार्यक्रम में योजना के लाभार्थियों को प्रतीक स्वरूप योजना के कार्ड वितरित किये गये, योजना की वेबसाइट का शुभारंभ किया गया तथा योजना की दिशा-निर्देश पत्रिका का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के 51 जिला अस्पतालों की ई-हॉस्पिटल वेबसाइट का भी शुभारंभ किया गया। साथ ही, मध्यप्रदेश की एंटीबायोटिक नीति का विमोचन किया गया। प्रदेश के शासकीय अस्पतालों में हर दिन अलग-अलग रंग की चादर बिछाने की योजना का भी शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय कायाकल्प अभियान में चयनित सतना और भिण्ड जिला अस्पतालों के अधीक्षकों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का रांची से योजना के शुभारंभ अवसर पर दिया गया लाइव भाषण सुना गया। कार्यक्रम में सांसद श्री आलोक संजर, मुख्य सचिव श्री बी.पी.सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा श्री आर.एस.जुलानिया सहित जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में योजना के हितग्राही उपस्थित थे।
जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने किया सतारी-तिवारीपुरा सड़क का भूमि-पूजन
23 Sepetember 2018
जनसम्पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने आज दतिया जिले में सतारी-तिवारीपुरा सड़क का भूमि-पूजन किया। इस कार्य की लागत 1.61 करोड़ रुपये है। इस अवसर पर डॉ. मिश्र ने लोगों को शासन की अनेक योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि योजनाओं का लाभ लेने के लिये अधिकारपूर्वक आगे आयें। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का शुभारम्भ मंत्री डॉ. मिश्र ने दतिया जिला चिकित्सालय में नए बाहय रोगी कक्ष में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का शुभारम्भ किया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन का सीधा प्रसारण भी किया गया। डॉ. मिश्र ने बताया कि इस योजना में निर्धन व्यक्ति को पांच लाख रूपए तक का नि:शुल्क उपचार प्राप्त होगा। कार्यक्रम में सांसद डॉ. भागीरथ प्रसाद एवं चिकित्सकगण उपस्थित थे। जनसंपर्क मंत्री ने दतिया के खेड़ापति हनुमान मंदिर परिसर में श्रेष्ठ सामाजिक कार्यकर्ताओं को सम्मानित भी किया।
उद्योग मंत्री श्री शुक्ल द्वारा रीवा में पुनर्घनत्वीकरण योजना का भूमि-पूजन
23 Sepetember 2018
उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने आज रीवा में पुनर्घनत्वीकरण योजना के तहत 1751.23 लाख रूपये लागत के शासकीय आवासों का भूमि-पूजन किया। श्री शुक्ल ने बताया कि शीघ्र ही पचमठा आश्रम के सौन्दर्यीकरण का कार्य प्रारंभ होगा। साथ ही बीहर नदी में रिवर फ्रंट बनाने का भी कार्य शुरू किया जायेगा। श्री शुक्ल ने शासकीय आवासों के निर्माण को अधिकारियों/कर्मचारियों के लिये सौगात बताते हुए कहा कि सुंदर और सुसज्जित आधुनिक आवास शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों में नई ऊर्जा का संचार होगा। इस अवसर पर सांसद श्री जनार्दन मिश्र, महापौर श्रीमती ममता गुप्ता, तथा विन्ध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष सुभाष सिंह सहित अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
महाराष्ट्र मण्डल भवन परिसर पार्क में लगेंगी एक्यूप्रेशर टाईल्स
21 Sepetember 2018
सहकारिता, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुर्नवास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग ने आज गौतम नगर में महाराष्ट्र मण्डल भवन परिसर के पार्क में विकास कार्यो का भूमि पूजन किया। उन्होंने बताया कि पार्क में एक्यूप्रेशर टाईल्स भी लगाई जायेंगी। श्री सारंग ने कहा कि क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी आदि जरूरतों को पूरा करने के साथ ही सड़कों का चौड़ीकरण, चौराहों का सौन्दर्यकरण, रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण करवाया जा रहा है। बस्तियों में उद्यानों का निर्माण और विकास भी किया जा रहा है। स्थानीय पार्षद श्रीमती गीता उपेन्द्र तोमर, श्री अशोक वाणी सहित अन्य जन-प्रतिनिधि और नागरिक इस अवसर पर उपस्थित थे।
राज्य में सौभाग्य योजना का 99 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण
21 Sepetember 2018
भारत सरकार के सौभाग्य पोर्टल पर दी गई जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश में सौभाग्य योजना के लक्ष्य का लगभग 98.77 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। राज्य के 51 जिलों में से आज की स्थितिमें 38 जिलों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण हो गया है। शेष जिलों में भी अक्टूबर माह तक शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्य है। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सभी 15 जिलों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण हो चुका है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 16 जिलों में से 11 जिलों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्य पूर्ण कर लिया गया है। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 20 जिलों में से 12 जिलों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्य पूर्ण हो गया है। शेष जिलों में विद्युतीकरण कार्यों में अनेक जगह वन ग्राम, मजरा-टोला, आदिवासी क्षेत्र एवं पहाड़ी क्षेत्र, नदी-नाले होने के बावजूद दोनों विद्युत वितरण कंपनी विद्युतीकरण का कार्य शीघ्र पूरा करेंगी। सौभाग्य योजना में तीनों बिजली वितरण कंपनी को 19 लाख 81 हजार 973 घरों को विद्युतीकृत करने का लक्ष्य दिया गया है। अभी तक 19 लाख घरों को विद्युतीकृत कर दिया गया है। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सभी 15 जिलों में निर्धारित समय-सीमा के पूर्व शत-प्रतिशत विद्युतीकरण कर लिया गया है। ये जिले हैं- इंदौर, मंदसौर, नीमच, आगर, देवास, खंडवा, उज्जैन, रतलाम, शाजापुर, झाबुआ, धार, बुरहानपुर, खरगौन, अलीराजपुर और बड़वानी। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 16 जिलों में से अब तक 11 जिलों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का कार्य पूरा हो गया है। ये जिले हरदा, अशोकनगर, सीहोर, भोपाल, होशंगाबाद, बैतूल, दतिया, ग्वालियर, श्योपुर, राजगढ़ और गुना हैं। शेष विदिशा, शिवपुरी, मुरैना, रायसेन और भिंड जिलों में विद्युतीकरण का कार्य तेजी से जारी है। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 20 जिलों में से 12 जिलों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का कार्य हो चुका है। इन जिलों में नरसिंहपुर, कटनी, सिवनी, जबलपुर, उमरिया, सतना, सागर, बालाघाट, रीवा, पन्ना, दमोह और टीकमगढ़ शामिल हैं। शेष छतरपुर, छिंदवाड़ा, मण्डला, अनूपपुर, शहडोल, डिंडौरी, सीधी और सिंगरौली जिलों में विद्युतीकरण जारी हैं।
कपास की फसल बिकेगी 5 हजार 400 रूपये प्रति क्विंटल
21 Sepetember 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज छिन्दवाड़ा जिले में सौंसर में मंच सभा में कहा कि कपास का भाव 5 हजार 400 रूपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। मक्का 1700 रूपये प्रति क्विंटल मिलेगा, जिसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा। गरीबों का बल है संबल श्री चौहान ने कहा कि संबल योजना गरीब और मध्यम वर्ग के लिए है। यह योजना गरीबों का बल बन गई है। उन्होंने कहा कि इस योजना में सिर्फ अजा, अजजा ही नहीं बल्कि सामान्य वर्ग के छोटे व्यापारी, कर्मचारी, ठेले वाले, अल्पसंख्यक शामिल किए गए हैं। योजना का लाभ हमने दिलाना शुरू कर दिया है। यह योजना एक तरह से इस वर्ग के लिए सामाजिक सुरक्षा का भी काम कर रही है। भांजे-भांजियों के साथ प्रेम की डोर टूटने नहीं दूँगा मुख्यमंत्री ने कहा कि भांजे-भांजियों के साथ उनका अटूट संबंध है। वे हमें प्रेम करते हैं और हम भी चाहते हैं कि प्रेम की डोर कभी टूटने न पाये। श्री चौहान ने सौंसर में 128 करोड़ और पांर्ढुना में 121 करोड़ लागत के विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण तथा शिलान्यास भी किया। इस मौके पर जिले के प्रभारी मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन, विधायक श्री चौधरी चंद्रभान सिंह, महाकौशल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संतोष जैन, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अध्यक्ष श्री मारोत राव खवसे, अन्य जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे।
सर्वधर्म समभाव का संदेश देता है श्रीगणेश चतुर्थी पर्व - मुख्यमंत्री श्री चौहान
13 Sepetember 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गणेश चतुर्थी का पर्व सर्वधर्म समभाव का पर्व है। सभी समुदायों में गणेश चतुर्थी धूमधाम से मनाई जाती है। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेश की सुख समृद्धि के लिये भगवान श्रीगणेश से प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि श्री गणेश चतुर्थी पर यही प्रार्थना है कि प्रदेश में शांति और सामाजिक सद्भाव बना रहे। श्री गणेश प्रतिमा स्थापना की लंबी परंपरा रही है। श्री चौहान आज दोपहर में माता मंदिर पहुंचे और भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा लेकर निवास के लिये रवाना हुए। उनकी धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह चौहान, पुत्र श्री कार्तिकेय और श्री कुणाल भी साथ थे। श्रीगणेश वंदना के साथ भक्तों का एक लंबा काफिला निवास के लिये रवाना हुआ। निवास पर पारंपरिक और धार्मिक अनुष्ठान एवं परंपरा के अनुसार मुख्यमंत्री निवास में श्रीगणेश की स्थापना की गई। उल्लेखनीय है कि श्री चौहान हर साल अपने निवास पर श्रीगणेश की स्थापना करते हैं।
जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने स्थापित की मिट्टी की श्रीगणेश प्रतिमा
13 Sepetember 2018
जनसम्पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने आज भोपाल में मिट्टी की गणेश जी की प्रतिमा ली। मंत्री डॉ. मिश्र ने घर में स्थापना के उद्देश्य से प्लेटिनम प्लाजा जाकर आज प्रातः एक गणेश प्रतिमा खरीदी और विधि-विधान से सम्मानपूर्वक स्थापना के लिए घर लेकर आए। आज ही गणेश स्थापना की जा रही।
राज्यपाल ने गणेश चतुर्थी पर प्रदेशवासियों को दी बधाई और शुभकामनाएँ
13 Sepetember 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। राज्यपाल ने शुभकामना संदेश में कहा है कि गणेश चतुर्थी देशवासियों का प्रमुख त्यौहार है। श्रीमती पटेल ने कहा कि गणेश चतुर्थी का त्योहार हमें राष्ट्रीय और सामाजिक एकता का संदेश देता है। इस त्यौहार के आयोजन से हमें सभी के कल्याण और दुख-दर्द में सहयोग करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि भगवान गणेश विघ्न विनाशक, मंगलकर्ता, ऋद्धि -सिद्धि के दाता हैं। राज्यपाल ने इस मौके पर प्रदेशवासियों के मंगलमय जीवन की कामना की है।
मंत्री श्री सारंग द्वारा एटीएम और डिजिटल वेन का लोकार्पण
13 Sepetember 2018
गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर सहकारिता राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार श्री विश्वास सारंग ने जिला सरकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित के हितग्राहियों को ATM का तोहफा प्रदान किया। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल ट्रांजेक्शन की जानकारी प्रदान करने के लिए एक मोबाइल वेन को भी झंडी दिखकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल ट्रांजेक्शन के इस युग मे एटीएम ओर नेट-बैंकिंग अनिवार्य जरूरत है। ग्रामीण अंचल में इसे लोकप्रिय बनाने में इस वेन से मदद मिलेगी। इस अवसर पर अपेक्स और जिला शहरी केंद्रीय बैंक के अधिकारी व संचालक मंडल के सदस्यगण उपस्थित थे श्री सारंग ने 205 बहनों को दिया नि:शुल्क गैस कनेक्शन सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री सारंग ने नरेला विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक-40 में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 205 परिवारों की महिलाओं को नि:शुल्क गैस कनेक्शन प्रदान किए श्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल पर प्रारंभ की गई इस योजना का मूल उद्देश्य घरेलू चूल्हे के लिए काटे जाने वाले वृक्षों को बचाना और गरीब परिवार की महिलाओं को धुएँ और उससे होने वाले दुष्प्रभावों से सुरक्षित करना है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार का प्रयास समाज के कमजोर और पिछड़े हुए परिवारों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने जिन हितग्राहियों को नि:शुल्क विद्युत कनेक्शन प्रदान किए उन से अपेक्षा की कि वे रसोई गैस का उपयोग निरंतर करेंगे।
प्रदेश में सामाजिक समरसता की परम्परा कायम रखना जरूरी - मुख्यमंत्री
12 Sepetember 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज आगर-मालवा तहसील के कुण्डलिया गाँव में कहा कि प्रदेश में सामाजिक समरसता की परम्परा को कायम रखना जरूरी है। प्रत्येक प्रदेशवासी की यह नैतिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि राज्य शासन की सभी योजनाएँ सभी धर्मों और जाति के लोगों के जीवन को खुशहाल बनाने के लिये लागू की गई हैं। श्री चौहान ने 4000 करोड़ रुपये के कुण्डलिया डेम का लोकार्पण और सूक्ष्म सिंचाई परियोजना का शिलान्यास करते हुए यह बात कही। श्री चौहान ने आम जनता की माँग पर कुण्डलिया डेम का नाम अटल सागर बाँध करने की घोषणा की। सिंचाई, कृषि और संबल योजना के क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि स्व-प्रेरणा से आगे आयें और योजनाओं का लाभ लेकर अपने जीवन को खुशहाल बनायें। मुख्यमंत्री ने बताया कि कुण्डलिया डेम से राजगढ़ तथा आगर-मालवा जिले में 535 गाँव की 3 लाख 25 हजार एकड़ खेतिहर भूमि पर सिंचाई की सुविधा मिलेगी। इस योजना से आसपास के शहरों में पीने का पानी भी आसानी से सुलभ होगा। उन्होंने कहा कि कुण्डलिया डेम बनने से जो गाँव टापू बन गये हैं, उन गाँव का सर्वे किया जायेगा। जहाँ मुआवजा देना बाकी है, वहाँ मुआवजे के प्रकरण यथाशीघ्र निराकृत किये जायेंगे। सोयाबीन रु. 3400 प्रति क्विंटल से कम नहीं बिकेगा मुख्यमंत्री श्री चौहान ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनका सोयाबीन 3400 रुपये प्रति क्विंटल से कम भाव पर नहीं बिकने दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि 22 सितम्बर को आगर-मालवा, राजगढ़ और शाजापुर जिले के लहसुन-प्याज उत्पादक किसानों को भावांतर भुगतान की राशि प्रदान की जायेगी। इस मौके पर सांसद श्री मनोहर ऊँटवाल और श्री रोडमल नागर, विधायक श्री मुरलीधर पाटीदार, श्री गोपाल परमार, श्री हजारी लाल दांगी, श्री कुँवर कोठार, आगर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कलाबाई गुहाटिया, अन्य जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान मौजूद थे।
मुख्यमंत्री द्वारा 1662.47 करोड़ की सुवासरा-शामगढ़ सूक्ष्म नहर परियोजना का शिलान्यास
12 Sepetember 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज बुधवार को मंदसौर जिले के सुवासरा में कृषक समृद्धि योजना के अंतर्गत किसान महासम्मेलन एवं विकास कार्यों के लोकार्पण/शिलान्यास समारोह में लेपटॉप के माध्यम से मंदसौर, नीमच एवं रतलाम जिले के 61 हजार 478 किसानों को प्याज़ एवं लहसुन की भावांतर भुगतान योजना की 243 करोड़ 58 लाख की प्रोत्साहन राशि उनके खातों में अंतरित की। साथ ही 1662 करोड़ रुपए की लागत की शामगढ़-सुवासरा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना का शिलान्यास भी किया। श्री चौहान ने सीतामऊ डिग्री कॉलेज का पीजी कॉलेज में उन्नयन और सुवासरा में महाराणा प्रताप की आदमकद प्रतिमा लगाए जाने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि शामगढ़-सुवासरा सिंचाई परियोजना से पाइप लाइन द्वारा किसानों के खेतों में पानी पहुँचाया जाएगा। इससे 260 गाँवों की 80 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। वहीं 820 गाँवों के लिए 45 मिलियन घन मीटर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा। इजराइल और नीदरलैंड के बाद भारत में यह अनूठी परियोजना लाई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मंदसौर, रतलाम एवं नीमच जिले के किसानों को राशि अंतरित की गई है। शेष जिलों के किसानों को आगामी 22 तारीख तक उनके खातों में उनकी राशि मिल जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सोयाबीन, गेहूँ, धान आदि सब पर पर्याप्त समर्थन मूल्य किसानों को दिलाएगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में 3400 रुपए क्विंटल से कम दाम पर सोयाबीन नहीं बिकने दिया जायेगा। गेहूँ 2 हज़ार रुपये क्विंटल से कम में नहीं बिकेगा तथा धान पर भी पर्याप्त समर्थन मूल्य किसानों को प्रदान किया जाएगा। श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में संबल योजना में पहले ढाई एकड़ तक के किसान पात्र थे परंतु अब सरकार ने 5 एकड़ तक के किसानों को योजना का लाभ लेने के लिए पात्र बना दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गत वर्षों में प्रदेश में 40 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। आने वाले समय में 41 लाख हेक्टर क्षेत्र में और सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने मंदसौर विधानसभा क्षेत्र में 25 करोड़ 76 लाख 88 हजार से निर्मित होने वाले 14 विकास कार्य, गरोठ विधानसभा क्षेत्र में 16 करोड़ 55 लाख 80 हजार से निर्मित होने वाले 7 विकास कार्य और सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में 18 करोड़ 74 लाख 76 हजार से निर्मित होने वाले 11 विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया। उन्होंने संजीत रेलवे फाटक पर 30 करोड़ 46 लाख की लागत से निर्मित होने वाले ओवर-ब्रिज, शिवना नदी पर मुक्तिधाम के निकट बड़ी पुलिया के समकक्ष 12 करोड़ 30 लाख से निर्मित होने वाले पुलिया का भूमि-पूजन एवं पिपलिया मंडी में फाटक क्रमांक 141 पर 20 करोड़ 19 लाख से बनने वाले ब्रिज का भी शिलान्यास किया गया। सांसद श्री सुधीर गुप्ता, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रियंका गोस्वामी और श्री बंशीलाल गुर्जर, विधायक श्री यशपाल सिंह सिसौदिया, श्री जगदीश देवड़ा, श्री चन्दरसिंह सिसौदिया, श्री हरदीप सिंह डंग, श्री कैलाश चावला, श्री ओमप्रकाश सकलेचा, श्री दिलीप सिंह परिहार, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री मदनलाल राठौर, श्री देवीलाल धाकड और श्री राधेश्याम पाटीदार आदि उपस्थित थे।
ग्रामीण अंचलों में पर्याप्त संख्या में उपलब्ध करवाये जायेंगे डॉक्टर - मुख्यमंत्री श्री चौहान
12 Sepetember 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज रतलाम में कहा कि ग्रामीण अंचलों में पर्याप्त संख्या में डॉक्टर उपलब्ध करवाये जायेंगे। प्रदेश में मेडिकल कॉलेज की संख्या निरंतर बढ़ाई जा रही है। पहले प्रति वर्ष 600 डॉक्टर प्रदेश में तैयार होते थे। अब प्रदेश को 2600 डॉक्टर प्रति वर्ष मिलेंगे। उन्होंने रतलाम में मेडिकल कॉलेज सहित 400 करोड़ से भी ज्यादा लागत के निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन करते हुए यह जानकारी दी। श्री चौहान ने घोषणा की कि प्रदेश की मेधावी विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना का लाभ रतलाम मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों को भी दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेज परिसर में माँ सरस्वती की प्रतिमा का पूजन-अर्चन भी किया। श्री चौहान ने बताया कि रतलाम मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध करवाये गये हैं। मेडिकल कॉलेज में 750 बिस्तरीय अस्पताल का निर्माण किया गया है, जहाँ गंभीर बीमारियों के उपचार की समुचित व्यवस्था मुहैया करवाई जायेगी। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के प्रथम बैच के विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि रतलाम मेडिकल कॉलेज का अस्पताल निश्चित ही उज्जैन संभाग का सर्वश्रेष्ठ अस्पताल होगा। श्री चौहान ने विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिये राज्य सरकार द्वारा मुहैया करवाई जा रही आर्थिक सहायता की योजनाओं के बारे में भी बताया। मुख्यमंत्री को विधायक श्री चैतन्य काश्यप ने स्वर्णाक्षरों से रचित अभिनंदन-पत्र भेंट किया। स्थानीय उद्योग संघ, लघु उद्योग भारती, वैश्य महा-सम्मेलन, नमकीन व्यापारी संघ, इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन सहित करीब 25 स्वयंसेवी संस्थाओं और संगठनों ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। इस मौके पर राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष एवं विधायक श्री चैतन्य काश्यप, राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री हिम्मत कोठारी, राज्य कृषि आयोग के अध्यक्ष श्री ईश्वरलाल पाटीदार, विधायक श्री मथुरालाल डामर, डॉ. राजेन्द्र पाण्डे, श्री जीतेन्द्र गहलोत, श्रीमती संगीता चारेल, महापौर डॉ. सुनीता यार्दे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री प्रमेश मइड़ा, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री अशोक चौटाला, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्री शिवशेखर शुक्ला सहित अन्य जन-प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
उत्तम गुणवत्ता के लिए ग्रामीण सड़क प्राधिकरण को मिले तीन राष्ट्रीय पुरस्कार
11 Sepetember 2018
मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण द्वारा ग्रामीण सड़कों के निर्माण में उल्लेखनीय कार्यों के लिए केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री नरेन्द्र तोमर द्वारा तीन राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए गये। विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अभियंता म.प्र. ग्राम सड़क विकास प्राधिकरण श्री पी.के. निगम ने मध्यप्रदेश सरकार की ओर से पुरस्कार प्राप्त किए। मुख्य कार्यपालन अधिकारी एम.पी.आर.आर.डी.ए. श्री नीतेश व्यास ने बताया कि मध्यप्रदेश को वर्ष 2017-18 में सड़क निर्माण में नवीन तकनीकी के प्रयोग के लिए तथा गुणवत्ता नियंत्रण में आधुनिक तकनीकी के इस्तेमाल के लिए दोनों में प्रथम पुरस्कार तथा देश में सर्वाधिक लम्बाई की सड़क मार्ग तैयार करने के लिए तृतीय पुरस्कार दिया गया है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लगभग 78 हजार किलोमीटर सड़क निर्माण किया गया है। सड़कों के संसाधरण में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाये गये 10 हजार 500 कि.मी. मार्गों की डामरीकृत सड़कों में बदलने का कार्य किया जा रहा है। प्राधिकरण द्वारा सड़कों के निर्माण के साथ मानिटरिंग में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए E-MARG or G-RICH सॉफ्टवेयर तैयार किए गये हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। पुरस्कार समारोह में केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री राम कृपाल यादव, सचिव ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज श्री अमरजीत सिंह, अतिरिक्त सचिव श्री संजय कुमार तथा अन्य राज्यों के ग्रामीण विकास अधिकारी उपस्थित थे। ग्रामीण विकास मंत्री ने दी बधाई पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने म.प्र. ग्राम सड़क विकास प्राधिकरण को राष्ट्रीय स्तर पर मिले पुरस्कारों के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क, ग्रामीण अंचल की विकास की रीढ़ है। इनके बनने के बाद से मध्यप्रदेश ग्रामीण अंचल की तस्वीर ही बदल गई है। प्रदेश के लगभग सभी गाँव मुख्य मार्गों से जुड़ चुके हैं। इसी के साथ अब कम आबादी वाले ग्रामों को बारहमासी सड़को से जोड़ने का काम भी प्रदेश में तेजी से किया जा रहा है।
सभ्यताएँ युग के साथ बदलती हैं, मगर संस्कृति नहीं : उच्च शिक्षा मंत्री श्री पवैया
11 Sepetember 2018
उच्च शिक्षा मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया ने कहा कि आज के समय जनजातीय इतिहास के बीजारोपण की आवश्यकता है और मध्यवर्ती भारत की लोक परम्पराओं को सहेजने की जरूरत है। जनजाति समुदाय ने अपने संस्कृति को आज भी बचाकर रखा है। श्री पवैया मध्यवर्ती भारत : नये आयाम 'इतिहास-संस्कृति एवं जनजातीय परम्पराएं' विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। संगोष्ठी संस्कृति विभाग एवं दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में विज्ञान भवन में आयोजित की गई। मंत्री श्री पवैया ने कहा कि विश्व में जो देश अपनी संस्कृति और इतिहास पर गौरव नहीं करते, उनका पतन निश्चित होता है। जापान में जब संकट आया, तब राजा के आह्वान पर बड़ी आबादी ने अपने सोने जड़ित दांत राज्य को समर्पित कर दिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों में राष्ट्र चेतना का प्रबल होना जरूरी है। मंत्री ने कहा कि सभ्यताएँ युग के साथ बदलती हैं, मगर संस्कृति नहीं। उन्होंने लुप्त हो रहे विभिन्न रीति-रिवाजों और परम्पराओं को सहेजने की जरूरत बतायी। श्री पवैया ने कहा कि मध्यप्रदेश के सांस्कृतिक महत्व का पता इस बात से लगता है कि महाभारत काल में भगवान कृष्ण अपने गुरु संदीपनी से ज्ञान प्राप्त करने मध्य भारत आये। रामायण काल मे जब भगवान राम ने अपने भाइयों के पुत्रों में राज्य बंटवारा किया, तब शत्रुघ्न के पुत्र को विदिशा राज्य दिया गया। उन्होंने कहा कि वनवासी समुदाय ने अपने लोक गीतों, बोलियों, परम्परा, संस्कृति, जीवन शैली को आज भी सहेज कर रखा है। आज इतिहास को पश्चिमी नजरिए के बजाय वनवासी समुदाय और संस्कृति को केंद्र में रखकर लिखे जाने की जरूरत है। लोक एवं जनजातीय अध्येता डॉ कपिल तिवारी ने भी संगोष्ठी को संबोधित किया। समारोह का संचालन प्रो. मनीषा शर्मा ने किया। संगोष्ठी में ठेंगड़ी शोध संस्थान के निदेशक श्री मुकेश मिश्रा, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, शिक्षक, देशभर से आये अध्येता, शोधकर्ता और बुद्धिजीवी उपस्थित थे।
तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री श्री जोशी और श्री के. श्रीकांत ने क्रिस्प का भ्रमण किया
11 Sepetember 2018
तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दीपक जोशी और एए एजुटेक के डायरेक्टर पूर्व क्रिकेटर श्री के. श्रीकांत ने क्रिस्प में विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने विभिन्न प्रयोगशालाओं का अवलोकन भी किया। श्री जोशी ने कहा कि पूरी मेहनत और लगन के साथ प्रशिक्षण लें, रोजगार जरूर मिलेगा। अपने को कभी छोटा मत समझो श्री श्रीकांत ने कहा कि लीडरशिप अच्छी हो, तो सफलता जरूर मिलती है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1983 का वर्ल्ड कप कप्तान श्री कपिल देव की लीडरशिप के कारण ही जीते थे। श्री श्रीकांत ने कहाकि अपने को कभी छोटा मत समझो। सभी के साथ उचित व्यवहार करो और भगवान पर भरोसा रखो, सफलता आपके कदम चूमेगी। हमेशा यह सोचो कि 'आई केन डू इट''। सीईओ क्रिस्प श्री मुकेश शर्मा ने क्रिस्प द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी।
ग्रामीण स्तर तक शिक्षा और कृषि विकास के लिये प्रोजेक्ट बनाकर काम करने की जरूरत
10 Sepetember 2018
कृषि और शिक्षा ऐसे क्षेत्र हैं, जिनकी व्यापकता आबादी के बड़े हिस्से तक है। इन दोनों क्षेत्रों की योजना का लाभ निचले स्तर तक पूरी गुणवत्ता के साथ पहुँचे, इसके लिये स्थानीय जरूरतों के मुताबिक कार्य-योजना बनाकर उसके क्रियान्वयन की जरूरत है। इन दोनों क्षेत्रों में आधुनिक टेक्नालॉजी का उपयोग कर योजना का फायदा जल्द और दुर्गम क्षेत्रों तक पहुँचा सकते हैं। यह विचार आज भोपाल में गुड गवर्नेंस की दो-दिवसीय रीजनल कॉन्फ्रेंस में विभिन्न राज्यों के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों ने व्यक्त किये। कॉन्फ्रेंस में स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में इन्फार्मेशन और कम्युनिकेशन टेक्नालॉजी के प्रयोग पर प्रेजेंटेशन दिये गये। प्रेजेंटेशन के दौरान यह बात उभरकर आयी कि इन दोनों तकनीकों को अपनाकर शिक्षा की पहुँच दुर्गम इलाकों और अधिक से अधिक विद्यार्थियों के बीच बनायी जा सकती है। विद्यार्थियों को देश और दुनिया के विशेषज्ञों की जानकारी तत्काल उपलब्ध कराई जा सकती है। यह जानकारी बच्चों की शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिये काफी असरदायक होगी। बिहार के बांका के कलेक्टर श्री कुंदन कुमार ने उनके द्वारा जिले में शुरू किये गये 'मेरा विद्यालय-मेरा मोबाइल' प्रोजेक्ट की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट से विद्यार्थियों को एलसीडी टी.व्ही. के माध्यम से उपयोगी जानकारी दी गयी। कठिन से कठिन विषयों को विशेषज्ञों ने सरल तरीके से बच्चों को पढ़ाया। उन्होंने बताया कि स्कूल सिलेबस में से छोटे-छोटे वीडियो बनाकर बच्चों को समझाया गया। रिमोट एरिया में स्कूल ऑन व्हील का भी प्रयोग किया गया। टेक्नालॉजी के माध्यम से रियल टाइम में बच्चों के टेस्ट लेकर उनका मूल्यांकन किया गया। इसी सत्र में राजस्थान के बारा जिले के कलेक्टर डॉ. एस.पी. सिंह ने उनके क्षेत्र में चलाये गये उत्कृष्ट प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्राथमिक शिक्षा में बच्चों की समझ बढ़ाने के लिये स्थानीय भाषा का भी उपयोग किया गया। प्रोजेक्ट में क्लास-रूम में एलसीडी टी.व्ही. का प्रयोग किया जा रहा है। बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ी है। क्षेत्र में सरकारी स्कूलों में बच्चों के नामांकन की दर बढ़ी है। कक्षा-10 और 12 के बोर्ड रिजल्ट में बच्चों के परीक्षा परिणाम में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा के जिला कलेक्टर श्री सौरभ कुमार ने 'पढ़े दंतेवाड़ा-लिखे दंतेवाड़ा'' प्रोजेक्ट की जानकारी दी। इस सत्र में पैनल डिस्कशन में प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा, श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी ने बताया कि मध्यप्रदेश में एक साल में 28 हजार विद्यार्थियों के सपनों को राज्य सरकार की मेधावी विद्यार्थी योजना से पूरा किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के लिये सरकार ने विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रभावी तरीके से प्रयास किये हैं। प्रतिभाशाली बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिये लेपटॉप वितरित किये गये हैं। इस योजना से मध्यप्रदेश में बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों की संख्या में अच्छा-खासा इजाफा हुआ है। दूसरे सत्र में कृषि के क्षेत्र में गुजरात और पंजाब राज्यों में किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिये किये जा रहे कार्यों पर प्रशासनिक अधिकारियों ने अपने प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किये। प्रतिनिधियों ने बताया कि किसानों को उनकी उपज बेचने के लिये मोबाइल पर मार्केट प्लेटफार्म उपलब्ध करवाये गये हैं। इस क्षेत्र में भी सोशल मीडिया का उपयोग किया जा रहा है। गुजरात में को-ऑपरेटिव मूवमेंट के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों को संगठित कर फायदा पहुँचाया जा रहा है। सत्र में ईएम-3 एग्री सर्विस के श्री प्रणव जैन ने समाधान स्टार्ट-अप की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि युवाओं को कस्टम हॉयरिंग के माध्यम से स्व-रोजगार उपलब्ध करवाया गया है। इन सेंटरों पर कृषि के आधुनिक उपकरण समेत ट्रेक्टर सुविधा भी उपलब्ध करवायी गयी है। यह एग्रो कम्पनी मध्यप्रदेश और राजस्थान में सफलतापूर्वक काम कर रही है।
राजस्व मंत्री ने विद्यार्थियों को दिये ट्रेकसूट
10 Sepetember 2018
राजस्व, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने दीप शिखा स्कूल टी.टी. नगर के विद्यार्थियों को बालक हास्टल में ट्रेकसूट वितरित किये। उन्होंने विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना और संबल योजना के बारे में बताया। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।



मुख्य सचिव ने की प्रधानमंत्री यात्रा की तैयारियों की समीक्षा
10 Sepetember 2018
मुख्य सचिव श्री बसंत प्रताप सिंह ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की 14 सितम्बर को प्रस्तावित इंदौर यात्रा के संबंध में तैयारियों की समीक्षा की। वीडियो कॉफ्रेंस में सुरक्षा, रूट प्लान, संचार, चिकित्सा आदि महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। वीडियो कॉफ्रेंस में अपर मुख्य सचिव वन श्री के.के.सिंह, प्रमुख सचिव ऊर्जा श्री आई.सी.पी.केशरी, पुलिस महानिदेशक श्री ऋषि कुमार शुक्ला सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। इन्दौर के संभागायुक्त श्री राघवेन्द्र सिंह, कलेक्टर श्री निशांत वरबडे और डी.आई.जी., श्री हरिनारायणचारी मिश्रा ने वीडियो कॉन्फ्रेंस में भाग लिया।
किसानों को फसल का पंजीयन कराने में दिक्कत नहीं हो - मुख्यमंत्री श्री चौहान
31 August 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि किसानों की फसलों के पंजीयन का कार्य समय सीमा में पूर्ण किया जाये। पंजीयन की प्रक्रिया सरल और सुविधाजनक रहे। किसानों को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं हो। श्री चौहान आज यहाँ स्टेट हैंगर पर फसल पंजीयन कार्य की राज्य स्तरीय समीक्षा कर रहे थे। समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि फसल पंजीयन के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। प्रदेश में 2954 पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं। पंजीयन का कार्य 11 सितंबर तक किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, अपर मुख्य सचिव कृषि श्री पी.सी मीना, प्रमुख सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बहनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारी : मंत्री श्री गुप्ता
31 August 2018
राजस्व, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता को वार्ड-29 और 32 में बहनों ने उत्साहपूर्वक रक्षा-सूत्र बाँधा। श्री गुप्ता ने कहा कि बहनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारी है। उन्होंने बहनों को उपहार के रूप में साड़ी भेंट की। श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार ने बहनों की खुशहाली के लिये कई योजनाएँ बनाई हैं। उन्होंने कहा कि कन्या जन्म से ही लखपति हो रही है। मुख्यमंत्री विवाह/निकाह योजना में कन्याओं का विवाह करवाया जा रहा है। महिलाओं को धुएँ से मुक्ति दिलाने के लिये प्रधानमंत्री उज्जवला योजना में नि:शुल्क घरेलू गैस कनेक्शन दिये जा रहे हैं। इनके लिये नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था की गई है। संबल योजना में गर्भवती महिलाओं को 4000 और प्रसव के बाद 12 हजार रुपये अच्छी खुराक के लिये दिये जाते हैं। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
एप्को में हुई मच्छर उन्मूलन कार्यशाला
31 August 2018
मलेरिया, डेंगू, जापानी बुखार, जीका वायरस आदि अनेक बीमारियाँ मच्छरों से पनप रही हैं। एप्को के कार्यपालन संचालक श्री जितेन्द्र सिंह राजे ने यह बात आज भारत को मच्छर-मुक्त करने के उद्देश्य से केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और एप्को द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक-दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कही। श्री राजे ने कहा कि देश में सर्वाधिक मध्यप्रदेश में 12 हजार 750 विद्यालयों में ईको-क्लब संचालित किये जा रहे हैं। प्रशिक्षणार्थियों को पानी में पनप रहे मच्छरों का लार्वा निकालना, ग्लोब कार्यक्रम में दिये गये एडवांस लैंस को मोबाइल से जोड़कर पहचान करना, मच्छरों से निजात पाने के उपाय आदि का प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही, पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से कारण और निवारण की विस्तृत जानकारी दी गई। राष्ट्रीय हरित-कोर योजना के ग्लोब कार्यक्रम के अंतर्गत हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद प्रशिक्षणार्थी मास्टर-ट्रेनर का कार्य करेंगे। ये प्रशिक्षणार्थी अपने-अपने जिलों में साथी शिक्षकों, विद्यार्थी और समाज में मच्छर उन्मूलन की जानकारी साझा करेंगे। केन्द्रीय पर्यावरण, जल एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के संयुक्त संचालक डॉ. रितेश जोशी ने बताया कि केन्द्र शासन द्वारा देश को मच्छर-मुक्त बनाने के उद्देश्य से एक-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्लोब इण्डिया-कंट्री मॉस्किटो ट्रेनिंग कार्यक्रम किया जा रहा है। डॉ. जोशी ने पर्यावरण मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए मध्यप्रदेश में ईको-क्लब विद्यालयों द्वारा किये जाने वाले कार्यों की सराहना की। स्कूली बच्चों के लिये राज्य-स्तर पर स्वच्छ भारत अभियान एवं प्रकृति खोज क्विज ऑनलाइन कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा 1700 करोड़ के कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण
29 August 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सागर जिले के रहली में 1700 करोड़ रुपये लागत के विकास एवं निर्माण कार्यों का शिलान्यास तथा भूमिपूजन किया। इस मौके पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव, गृह मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह, सांसद श्री लक्ष्मीनारायण यादव, अन्य जन-प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण तथा शहरी लोग मौजूद थे। श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार समाज के किसान, गरीब और जरूरतमंद लोगों के जीवन को खुशहाल बनाने के लिये सभी संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने प्रदेश में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए लोगों से आग्रह किया कि योजनाओं का लाभ लेने के लिये आगे आयें। श्री चौहान ने इस मौके पर प्रदेश की तरक्की के लिये अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
मंत्री डॉ. मिश्र ने महाकाल मंदिर में की पूजा-अर्चना
29 August 2018
जनसम्पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने आज सुबह उज्जैन स्थित भगवान महाकाल मंदिर में पूजा-अर्चना की। डॉ. मिश्र ने इस मौके पर प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की।



राजस्व मंत्री द्वारा पेबिंग ब्लाक और सी.सी. कार्य का भूमि-पूजन
29 August 2018
राजस्व, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने वार्ड-32 में शिव मंदिर कटसी के पास पेबिंग ब्लाक लगाने के लिये भूमि-पूजन किया। श्री गुप्ता ने असंगठित श्रमिकों को स्मार्ट-कार्ड वितरित किये। उन्होंने राजीव नगर नया बसेरा में सीमेंट-कांक्रीट कार्य का भी भूमि-पूजन किया। श्री गुप्ता ने रहवासियों को संबल योजना सहित शासन की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
निर्वाचन के दौरान निर्देशिका, नियमावली, आदर्श आचार संहिता का अक्षरश: पालन होगा
29 August 2018
भारत निर्वाचन आयोग की विधानसभा चुनाव-2018 के संबंध में भोपाल में प्रदेश स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई । बैठक में आयोग द्वारा प्रदेश के सभी संभागायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, उप पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया गया की आदर्श आचार संहिता लगने के साथ ही आयोग द्वारा समय-समय पर दिये जाने वाले निर्देशों, नियमावली का अक्षरश: पालन कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। प्रदेश के जो जिले दूसरे राज्यों की सीमाओं से लगे हुए हैं, उन संबंधित जिलों के अधिकारी और संभाग के वरिष्ठ अधिकारी दूसरे राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सुरक्षा संबंधी समीक्षा बैठक करें और पडोसी राज्यों के अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में रहें। समीक्षा बैठक में भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ओ.पी.रावत और आयुक्त द्वय श्री सुनील अरोरा एवं श्री अशोक लवासा ने भी अधिकारियों को संबोधित किया । बैठक में आयोग के उप निर्वाचन आयुक्त श्री उमेश सिन्हा, श्री संदीप सक्सेना और श्री चन्द्रभूषण कुमार तथा प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री व्ही.एल.कान्ता राव, डायरेक्टर जनरल श्री धीरेन्द्र ओझा, श्री दिलीप शर्मा (चुनाव व्यय) भारत निर्वाचन आयोग और सुश्री शैफाली सरन अपर महानिदेशक पत्र सूचना कार्यालय एवं प्रवक्ता भारत निर्वाचन आयोग भी उपस्थित थीं।
केन्द्रीय रेल मंत्री श्री पीयूष गोयल से मिले मुख्यमंत्री श्री चौहान
28 August 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय रेल मंत्री श्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर प्रदेश में रेल से संबंधित लंबित मुद्दों पर विस्तृत चर्चा कर शीघ्र निराकरण का आग्रह किया। श्री चौहान ने बताया कि ललितपुर-सागर-देवरी, करेली-छिंदवाड़ा, खजुराहो-छतरपुर, सागर-जबलपुर, छतरपुर-पन्ना-सतना, दमोह-पन्ना, ललितपुर-चंदेरी-गुना, झांसी-शिवपुरी-श्योपुर, सागर-रहली-जबलपुर, छतरपुर-हरपालपुर, छतरपुर-सिंगरौली, 88.75 कि.मी. रीवा-सीधी, 75.75 कि.मी. सीधी-सिंगरौली आदि परियोजनाएँ काफी समय से लंबित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न स्तरों पर लंबित रेल परियोजनाओं के कारण प्रदेश की जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से अनुरोध किया कि प्रदेश की सभी लंबित परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करवाने में मदद करें।
इन्दौर-मनमाड़ नई रेल लाइन परियोजना से 171 कि.मी. कम होगी मुम्बई की दूरी
28 August 2018
इन्दौर-मनमाड़ 362 किलोमीटर नई रेल परियोजना के लिये आज नई दिल्ली में जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट और जहाजरानी मंत्रालय, रेल मंत्रालय, मध्यप्रदेश सरकार और महाराष्ट्र सरकार के बीच करारनामा हुआ। परियोजना के पूर्ण होने पर इंदौर से मुम्बई की दूरी 171 किलोमीटर कम हो जायेगी। परियोजना लागत लगभग 8575 करोड़ रुपये होगी। करारनामे के मौके पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेन्द्र फड़नवीस सहित केन्द्रीय परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी, रेल मंत्री श्री पीयूष गोयल, रक्षा राज्य मंत्री श्री सुभाष भामरे और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष श्री अश्विनी लोहानी मौजूद थे। केन्द्रीय परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी ने कहा कि मध्यप्रदेश की व्यापारिक राजधानी इंदौर से मुम्बई एवं मनमाड़ की दूरी काफी कम होने से व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही सामान ले जाने वाले कन्टेनर अब इंदौर से सीधे मनमाड़ तथा जवाहर लाल नेहरू पोर्ट पहुँच सकेंगे। उन्होंने कहा कि आम लोगों को भी आवाजाही की सुविधा मिलने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि यह मार्ग दिल्ली-मुम्बई औद्योगिक गलियारा इगतपुरी, नासिक और सिनार से होते हुए पुणे और खेद, धुले तथा नारदाना से गुजरेगा। परियोजना शुरू होने के 10 साल के अंदर लगभग 15 हजार करोड़ रुपये का आर्थिक लाभ मिलेगा। रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी तथा प्रदूषण और तेल खपत में कमी होगी। श्री चौहान ने कहा कि परियोजना में मध्यप्रदेश सरकार अथवा उसके नामित उपक्रम की 15 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। परियोजना पूर्ण होने पर उत्तरी भारत के लखनऊ, ग्वालियर, कानपुर, आगरा तथा इंदौर, धुले, भोपाल क्षेत्र से कार्गो को जवाहर लाल नेहरू पोर्ट और मुम्बई जाने पर होने वाले व्यय में काफी कटौती होगी।
शब्दों के संतुलन और वाणी पर नियंत्रण हर क्षेत्र में जरूरी
28 August 2018
जनसम्पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने कहा है कि शब्दों का संतुलन और वाणी पर नियंत्रण न सिर्फ विधानसभा और संसद, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में आवश्यक है। डॉ. मिश्र आज यहाँ प्रशासन अकादमी में पं. कुंजीलाल दुबे राष्ट्रीय संसदीय विद्यापीठ, द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं के पुरस्कृत विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बच्चों को समय की कीमत समझने, टीवी आदि देखने में कम समय देकर खेलों में रुचि रखने, शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए नियमित व्यायाम और अध्ययन पर फोकस करने को कहा। डॉ. मिश्र ने इस मौके पर प्रतियोगिताओं में विजयी विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए। जनसंपर्क मंत्री ने कहा कि आमतौर पर विधानसभा में सदन की कार्यवाही और कार्य संचालन से आमजन बहुत कम परिचित होते हैं। कुछ मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा सदन में होने वाले शोर-शराबे को अधिक महत्व दे दिए जाने से भी सार्थक विचार-विमर्श, सारगर्भित उद्बोधन और जनहित से जुड़े मामलों पर की गई चर्चा एवं कार्यवाही मीडिया में उचित स्थान प्राप्त नहीं कर पाती। इससे अक्सर लोगों को जन-प्रतिनिधियों की रचनात्मक भूमिका की जानकारी प्राप्त नहीं हो पाती। साथ ही संचार माध्यमों में सदन की सही तस्वीर पेश नहीं हो पाती। कार्यक्रम को विधायक एवं सार्वजनिक उपक्रम समिति के सदस्य श्री यशपाल सिंह सिसोदिया, प्रमुख सचिव संसदीय कार्य श्री अजीत केसरी और प्रमुख सचिव विधानसभा श्री ए.पी. सिंह ने भी संबोधित किया। प्रारंभ में स्वागत उदबोधन संसदीय विद्यापीठ की संचालक श्रीमती प्रतिमा यादव ने दिया। उन्होंने बताया कि संसदीय विद्यापीठ द्वारा युवा संसद, निबंध और वाद विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विद्यार्थियों को दिल्ली का शैक्षणिक भ्रमण भी करवाया गया। विभिन्न गतिविधियों से संसदीय ज्ञान-वृद्धि का लाभ छात्र-छात्राओं, शिक्षकों को मिला।
बारिश में सड़कों की मरम्मत और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें: मंत्री श्री रामपाल सिंह
28 August 2018
लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह ने निर्देश दिये हैं कि बारिश के दौरान सड़कों के गड्डों की मरम्मत और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने अगले तीन माह में सड़कों को सुगम बनाने के लिये आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। श्री सिंह आज मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम कार्यालय में राष्ट्रीय राजमार्ग विलम्बित परियोजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। इस मौके पर प्रमुख सचिव श्री मोहम्मद सुलेमान और निगम के प्रबंध संचालक श्री डी.पी. आहुजा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में जबलपुर से हिरण नदी एन.एच.-12, सिंदूर नदी से बरेली तक रा. रा.-12, बरेली से गोहरगंज एन.एच.-12, गोहरगंज से भोपाल एन.एच.-12, बरेला से मण्डला रा.रा.-12ए और मैहर से शहडोल खंड रा.रा.-78 की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही, आगामी तीन माह के लिये लक्ष्य निर्धारित किये गये। इन सड़कों के लिये क्रमश: 391.50, 477.590, 556.200, 529.88, 251.64 और 333 करोड़ रूपये अनुबंध राशि निर्धारित की गई है। लगभग 2540 करोड़ रुपये की कुल अनुबंध राशि से इन सड़कों पर काम होगा। मंत्री श्री सिंह ने निर्देश दिये कि ठेकेदारों को स्वयं अपने काम का आंकलन कर काम करवाना होगा। सड़कों की मरम्मत का कार्य लगातार करते रहना होगा। किसी अन्य समीक्षा अथवा निर्देश की आवश्यकता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मरम्मत का काम एक सतत् प्रक्रिया है। यह प्रक्रिया रास्तों को सुगम बनाने के लिये निरंतर चलती रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी दशा में काम नहीं रूके। अगले माह काम की पुन: समीक्षा की जाएगी। श्री सिंह ने शासन स्तर से किसी प्रकार की रूकावट आने के कारण काम में देरी होने की बात पूछी, तो ठेकेदारों ने किसी भी प्रकार की कठिनाई नहीं होने की बात कहीं।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने झाबुआ जिले में पीदिया को करवाया गृह प्रवेश
28 August 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह ने सोमवार को झाबुआ जिले के भ्रमण के दौरान रामा ब्लॉक के ग्राम रजला में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही पीदिया पिता लालिया को गृह प्रवेश करवाया। इस अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री श्री विश्वास सारंग, विधायक श्री शांतिलाल बिलवाल सहित अन्य जन-प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। हितग्राही पीदिया ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए बताया कि वह मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। उसके पास एक कमरे का मिट्टी और खपरैल की छत वाला मकान था। उस मकान में गर्मी के दिनों में लू, ठण्ड में शीतलहर और बरसात में छत टपकने से उसके परिवार को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। मकान कच्चा होने के कारण उसके कभी भी गिरने का डर बना रहता था। पीदिया अब कहता है कि प्रधानमंत्री ग्रामण योजना ने उसकी सारी समस्या ही हल कर दी है। अब गर्मी में लू, ठण्ड में शीतलहर और बरसात में छत टपकने तथा मकान गिरने की कोई चिंता नहीं है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अलीराजपुर में किया कलेक्टोरेट भवन का लोकार्पण
27 August 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अलीराजपुर में नव-निर्मित कलेक्टोरेट भवन का लोकार्पण किया। आधुनिकतम सुविधाओं से लेस यह भवन 21 करोड़ 94 लाख की लागत से बनवाया गया है। उन्होंने कलेक्टोरेट परिसर में लगी फोटो गैलरी का भी अवलोकन किया। श्री चौहान ने नवीन आईटीआई भवन, सोंडवा का लोकार्पण और ग्राम साजनपुर और बालपुर में मुख्यमंत्री ग्राम सरोवर तथा ग्राम लक्ष्मणी में मुख्यमंत्री नल-जल योजना का शिलान्यास किया। चन्द्रशेखर विज्ञान पार्क का लोकार्पण मुख्यमंत्री ने अलीराजपुर में चन्द्रशेखर विज्ञान पार्क का लोकार्पण किया। उन्होंने पार्क में लगे वैज्ञानिकों के चित्र एवं मॉडल्स के बारे में जानकारी ली। एक एकड़ क्षेत्रफल में निर्मित पार्क में 40 से अधिक मॉडल्स और साइंस गैलरी स्थापित की गई हैं। इस मौके पर राज्यसभा सांसद श्री प्रभात झा, किसान कल्याण एवं कृषि विकास राज्य मंत्री श्री बालकृष्ण पाटीदार, विधायक सर्वश्री नागरसिंह चौहान और माधव सिंह डाबर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अनीता चौहान तथा अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
जीयो-रीच सॉफ्टवेयर से ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता और लागत नियंत्रित होगी- एसीएस श्री बैंस
27 August 2018
जीयो-रीच सॉफ्टवेयर से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क के निर्णय को गति मिलेगी, इससे सड़कों की गुणवत्ता और लागत को नियंत्रित किया जा सकेगा। यह बात पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस ने एमपी रुरल कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट जीयो-रीच सॉफ्टवेयर पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में कही। कार्यशाला का आयोजन एमपीआरआरडीए, विश्व बैंक और एआईआईबी के संयुक्त तत्वावधान में होटल कोर्टयार्ड मेरियट में किया गया। अपर मुख्य सचिव श्री बैंस ने कहा कि एमपीआरआरडीए ने गुणवत्ता के साथ सड़कों के निर्माण की जिम्मेदारी निभाई है। लगभग एक लाख किलोमीटर की ग्रामीण सड़कों का रख-रखाव भी बेहतर ढंग से किया जा रहा है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण श्री नीतेश व्यास ने कहा है कि विश्व बैंक की शर्त के अनुसार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के मॉनीटरिंग से पेमेंट तक की ऑनलाइन प्रोसेस के लिए Geo-Rich (जियो-रीच) सॉफ्टवेयर बनकर तैयार हो गया है। मध्यप्रदेश एन.आई.सी. के सीनियर टेक्नीकल डॉयरेक्टर श्री विवेक चितले और टीम द्वारा तैयार यह सॉफ्टवेयर देश का पहला सॉफ्टवेयर होगा जिसमें रोड निर्माण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के ऐसे ग्राम, जो प्रधानमंत्री ग्राम सड़क परियोजना के दायरे में नहीं आ पा रहे थे, उनको बारहमासी सड़कों से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना प्रारंभ की गई थी। योजना में निर्मित लगभग 10 हजार किलोमीटर सड़कों को डामरीकृत करने की जिम्मेदारी मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण को सौंपी गई है। इन सड़कों के निर्माण और रख-रखाव के लिए मध्यप्रदेश सरकार और विश्व बैंक तथा एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर डेव्लपमेंट बैंक के साथ अप्रैल 2018 में 2275 करोड़ का ऋण समझौता किया गया है। समझौते के अनुरूप राज्य सरकार को मॉनीटरिंग से पेमेंट तक की सम्पूर्ण प्रक्रिया पर सतत निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण के लिए ऑनलाइन सिस्टम विकसित करना आवश्यक था। विश्व बैंक के प्रतिनिधि ने कहा कि मध्यप्रदेश में रिकार्ड समय में सड़क निर्माण की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन करने के लिये सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है। इसके लिये प्राधिकरण और एनआईसी का अमला बधाई का पात्र है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री सड़कों के मेन्टेनेंस के लिये e-marg- सॉफ्टवेयर लागू किया जा चुका है, जिसे केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा पूरे देश में लागू किया जा रहा है।
राज्यपाल ने मुख्यमंत्री सहित 500 लोगों को राखी बांधी
26 August 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज रक्षा बंधन पर्व पर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान सहित विभिन्न सामाजिक,स्वयंसेवी और कल्याणकारी संस्थाओं के बच्चों,महिलाओं और पुरूषों सहित लगभग 500 लोगों को राखी बांधी। राज्यपाल ने सभी को रक्षाबंधन की बधाई और शुभकामनाएँ भी दीं। राज्यपाल ने भोपाल स्थित थल सेना के द्रोणाचल सेंटर में निवासरत सैनिकों को भी राखी भेजी। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री निवास जाकर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को राखी बांधी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नि श्रीमती साधना सिंह तथा परिवार के लोग उपस्थित थे। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल से राखी बंधवाने राजभवन आने वालों में आशा निकेतन के मूक-बधिर, मानसिक दिव्यांग बच्चे, महिला बाल-विकास विभाग के सुधारगृह की महिलाएँ, आरूषि संस्था के दिव्यांग बच्चे, एसओएस बालग्राम के दिव्यांग बच्चे, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएँ, बाल निकेतन के बच्चे और राजभवन पुलिस बैरिक के जवान शामिल है। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने रक्षाबंधन के अवसर पर राजभवन की राखी प्रतियोगिता के विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कार वितरित किये। राज्यपाल ने राजभवन की चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारियों को साड़ियाँ भी वितरित कीं।
महिलाओं को आत्म-निर्भर बनाना राज्य सरकार का मिशन : मुख्यमंत्री श्री चौहान
26 August 2018
भाई-बहनों के स्नेह का रक्षा-बंधन पर्व आज मुख्यमंत्री निवास में परंपरागत गरिमा और उल्लास के साथ मनाया गया। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की सदस्यों सहित समाज के सभी वर्गों और धर्मों की महिलाओं ने राखी बांधी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बहनों को रक्षा-बंधन की शुभकामनाएँ दी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि महिलाओं को आत्म-निर्भर बनाना राज्य सरकार का मिशन है। महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक रूप से आत्म-निर्भर बनाने के लिये प्रदेश में कई कदम उठाये गये हैं। प्रदेश की प्रगति में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के लिये कई योजनाएँ शुरू की गई हैं। इनमें लाड़ली लक्ष्मी, कन्या विवाह-निकाह, गाँव की बेटी, प्रतिभा किरण जैसी योजनाएँ शामिल हैं। स्थानीय निकायों और शिक्षकों की भर्ती में 50 प्रतिशत और दूसरी सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिये 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई है। महिला स्व-सहायता समूहों को और मजबूत बनाया जा रहा है। बेटियों से दुराचार करने वालों को फाँसी की सजा देने का कानून बनाने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है। महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रयास आगे भी जारी रहेंगे। उन्होंने अपील की कि महिला सशक्तिकरण के लिये राज्य सरकार को सुझाव दें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की पत्नी श्रीमती साधना सिंह, सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग, महापौर श्री आलोक शर्मा, विधायक श्री सुरेन्द्रनाथ सिंह सहित बड़ी संख्या में महिलाएँ उपस्थित थीं।
गुणवत्तायुक्त शिक्षा के लिये संसाधनों की कमी नहीं : डॉ. नरोत्तम मिश्र
26 August 2018
जनसम्पर्क, जल-संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने आज दतिया जिले के ग्राम उपरांय में एक करोड़ की लागत से निर्मित हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन का लोकार्पण किया। डॉ. मिश्र ने कहा कि उपरांय क्षेत्र का विकास उनकी प्राथमिकता में है। बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा मिले, इसके लिये संसाधन भी जरूरी हैं। जनसम्पर्क मंत्री ने कि मुख्यमंत्री जन-कल्याण संबल योजना गरीबों के कल्याण के लिये प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने जन-समुदाय को विस्तार से योजना की जानकारी दी। दतिया के विकास में हर व्यक्ति अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दें मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने स्थानीय वृंदावन धाम में पार्थिव शिवलिंग निर्माण के सफल आयोजन के बाद धन्यवाद सभा को संबोधित करते हुए कहा कि दतिया के विकास में हर व्यक्ति की भागीदारी हो। जो भी कार्य है उसमें सभी का योगदान जरूरी है। उन्होंने कहा मेरी एक-एक साँस दतिया के विकास और लोगों के लिये समर्पित है।
व्यापार के लिये 1.6 लाख छोटे व्यापारियों को इस वर्ष मिलेंगे ऋण
25 August 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि लघु व्यापारियों को प्राकृतिक आपदा में मिलने वाली क्षतिपूर्ति की अधिकतम राशि 16 हजार रूपये को बढ़ाकर एक लाख रूपये किया जायेगा। हाथठेला चालकों के लिये नगरों में स्थान भी चिन्हांकित होंगे। इस वर्ष सरकार की गारंटी पर बैंकों द्वारा मुख्यमंत्री स्व-रोजगार, आर्थिक कल्याण और मुद्रा बैंक योजनाओं में एक लाख 60 हजार लघु व्यापारियों को ऋण उपलब्ध करवाया जायेगा। ऋण राशि का 15 प्रतिशत अनुदान और 5 प्रतिशत ब्याज भी सरकार द्वारा दिया जायेगा। श्री चौहान आज मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में शहरी हितग्राही सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का प्रदेश के 378 नगरों में लाईव प्रसारण किया गया। मुख्यमंत्री ने होशंगाबाद, विदिशा, देवास, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर के हितग्राहियों से सीधा संवाद भी किया। उन्होंने भोपाल के हितग्राहियों को हितलाभों का वितरण भी किया। गरीबी के विरूद्ध लड़ाई में सरकार का दें साथ मुख्यमंत्री श्री चौहान ने लघु और फुटकर व्यापारियों का आव्हान किया है कि गरीबी के विरूद्ध लड़ाई में सरकार का साथ दें। गरीबी को हराने के सरकार के प्रयासों से जिन्दगी को बेहतर बना, उन्हें सफल करें। सरकार का मकसद सबका विकास है। यह तभी होगा, जब विकास का प्रकाश गरीब के झोपड़े में पहुँचे। गरीबों की आय बढ़ाने के साथ ही सरकार उन्हें जरूरी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सस्ता अनाज, नि:शुल्क इलाज, शिक्षा, फ्लेट रेट पर बिजली, बकाया बिलों की माफी, रहने के लिये पक्के मकान, प्रसव पूर्व और प्रसव बाद सहायता, आकस्मिक मृत्यु और अंत्येष्टि के लिये आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। नगरों को बेहतर बनाने के कार्य किये जा रहे हैं। शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिये मुख्यमंत्री पेयजल योजना में सभी 378 नगरीय निकाय में नल-जल योजनाओं का निर्माण किया जा रहा है। अवैध कॉलानियों को वैध किया जा रहा है। स्मार्ट सिटी बनाई जा रही हैं। सीवेज सिस्टम भी 60 प्रतिशत नगरों में बनाये जा रहे हैं। गरीब मजबूर नहीं रहेगा श्री चौहान ने कहा कि इतिहास में गरीब के साथ न्याय नहीं किया है। मगर अब गरीब को मजबूर नहीं रहने दिया जायेगा। पुरानी सरकारें बड़े घरों को राशि भेजती थीं। उनकी सरकार ने उसे गरीबों की ओर मोड़ दिया है। गरीबी हटाने के नारे तो बहुत बनें किन्तु गरीबी हटाने के कार्य उनकी सरकार कर रही है। सरकार ने गरीब की सभी जरूरतों की पूर्ति कर गरीबी हटाने का रास्ता तैयार किया है, क्योंकि प्राकृतिक संसाधन सबके लिये हैं कुछ लोग ही उसका उपयोग करते हैं। इसलिये जो सबसे पीछे हैं, उन्हें सरकार के संसाधनों का बड़ा हिस्सा उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी मंशा से मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना बनी है। पंजीयन के लिये केवल एक आवेदन लिखकर देना होगा कि वे लघु, फुटकर व्यापारी है। किसी भी प्रकार का सत्यापन पंजीयन के लिये नहीं होगा। जनता जो कहेगी, वो ही सही होगा। हर जरूरत में गरीब को 'संबल' का मिलेगा साथ मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना में पंजीकृत व्यक्ति को रहने के भूमि का टुकड़ा नहीं होने पर उपलब्ध कराया जायेगा। भूमि उपलब्ध नहीं होने पर बहुमंजिली इमारत में फ्लैट दिया जायेगा। आगामी चार वर्षों में सभी को पक्का मकान मिलना सुनिश्चित किया जायेगा। बच्चों की शिक्षा की फीस सरकार भरवायेगी। बिजली का बिल 200 रूपये प्रतिमाह फ्लेट रेट पर मिलेगा। बिल का बकाया माफ होगा। प्रसव पूर्व चार हजार और बाद में बारह हजार रूपये की सहायता पोषण आहार के िलये मिलेगी। बीमारी का नि:शुल्क इलाज होगा। असामयिक मृत्यु पर दो लाख, दुर्घटना में मृत्यु पर चार लाख रूपये 60 वर्ष से कम उम्र होने पर मिलेंगे। पंजीयन का कार्य अभी जारी है। श्री चौहान ने कहा कि गरीबी से लड़ाई के सरकार के प्रयासों में सहयोग के लिये जरूरी है कि कमाई का पैसा नशे आदि के फालतू कार्यों में व्यय नहीं किया जाये। बच्चों को हर हाल में शिक्षा दिलवायी जाये। महिलाओं का सम्मान किया जाये। उन्होंने बताया कि मासूम के दुराचारी को मृत्यु दण्ड का कानून सबसे पहले प्रदेश में बनाया गया है। कार्यक्रम में भोपाल नगर निगम द्वारा संबल योजना में 11 हजार 563 हितग्राहियों को एक करोड़ तीन लाख रूपये से अधिक के लाभ वितरित किये गये। आभार नगर निगम अध्यक्ष श्री सुरजीत सिंह चौहानने माना। म.प्र. गान का गायन सुश्री सुहासिनी जोशी ने किया। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग, सांसद श्री आलोक संजर, महापौर श्री आलोक शर्मा, विधायक श्री सुरेन्द्र नाथ सिंह और श्री रामेश्वर शर्मा भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री से सीधे संवाद में हितग्राहियों ने बदलाव की दी जानकारी मुख्यमंत्री ने होशंगाबाद की श्रीमती फायजा बी से चर्चा की। फायजा बी ने बताया कि मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना में मिले 2 लाख के ऋण और 60 हजार की अनुदान राशि से उनकी आर्थिक स्थिति बहुत बेहतर हो गई है। विदिशा की श्रीमती रेखा धाकड़ ने कहा कि पक्का मकान उनके लिये सपना था, जो प्रधानमंत्री आवास योजना से हकीकत बन गया है। देवास की श्रीमती हेमलता ठाकुर ने बताया कि भाई के परिवार की दुर्घटना में मृत्यु से उनके माता-पिता असहाय हो गये थे जिन्हें 4 लाख रूपये की सहायता ने जीवन का सहारा दिया है। उज्जैन की श्रीमती निकिता पवार ने आर्थिक कल्याण योजना में एक लाख के ऋण और 20 हजार की अनुदान राशि से ट्रेनिंग सेंटर चलाने की बतायी। जबलपुर के श्री पप्पू गुप्ता ने पैडल रिक्शे के ई-रिक्शा में बदलने से उनके जीवन में आये सुखद बदलावों की जानकारी देते हुए बताया कि उनके बच्चे अब अच्छे निजी स्कूल में पढ़ रहे हैं। ग्वालियर की श्रीमती कामिनी कोरी ने बताया कि पति की मृत्यु के बाद कठिन परिस्थितियों के कारण हताशा का भाव बन गया था किन्तु दो लाख रूपये की सहायता ने उन्हें जीने का नया हौसला दिया है। इस अवसर पर देवास में केन्द्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री श्री थावरचंद गेहलोत, ग्वालियर में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया, नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह, जबलपुर में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री शरद जैन, विदिशा में उद्यानिकी तथा खाद्य प्र-संस्करण राज्य मंत्री श्री सूर्यप्रकाश मीणा भी मौजूद रहे।
उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल द्वारा रक्षा-बंधन पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएँ
25 August 2018
उद्योग नीति एवं प्रोत्साहन तथा खनिज साधन मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने रक्षा-बंधन के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। श्री शुक्ल ने कहा कि भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक यह पर्व बहनों के मान-सम्मान की सुरक्षा और भाइयों के सुदीर्घ जीवन की मंगल-कामना का पर्व हैं। श्री शुक्ल ने लोगों से रक्षा-बंधन का पर्व पारम्परिक उत्साह से मनाते हुए बहन-बेटियों को आगे बढ़ाने और उनकी रक्षा का संकल्प लेने का आव्हान किया है।
ग्रामीण सड़कों के टेण्डर से पेमेंट तक का ऑनलाइन साफ्टवेयर तैयार
25 August 2018
विश्व बैंक की शर्त के अनुसार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के टेण्डर से लेकर पेमेंट तक की ऑनलाइन प्रोसेस के लिए Geo-Rich (जियो-रीच) सॉफ्टवेयर बनकर तैयार हो गया है। मध्यप्रदेश एन.आई.सी. के सीनियर टेक्नीकल डॉयरेक्टर श्री विवेक चितले और टीम द्वारा तैयार यह सॉफ्टवेयर देश का पहला सॉफ्टवेयर होगा जिसमें रोड निर्माण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की जाएगी। सॉफ्टवेयर मैनुअल का लोकार्पण 27 अगस्त को होटल कोर्टयार्ड मेरियट में अपर मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह करेंगे। विश्व बैंक के अधिकारियों की टीम भी उपस्थित रहेगी। मुख्य कार्यपालन अधिकारी म.प्र. ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण श्री नीतेश व्यास ने बताया कि प्रदेश के ऐसे ग्राम, जो प्रधानमंत्री ग्राम सड़क परियोजना के दायरे में नहीं आ पा रहे थे, उनको बारहमासी सड़कों से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना प्रारंभ की गई थी। योजना में निर्मित लगभग 10 हजार किलोमीटर सड़कों को डामरीकृत करने की जिम्मेदारी मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण को सौंपी गई है। इन सड़कों के निर्माण और रख-रखाव के लिए मध्यप्रदेश सरकार और विश्व बैंक तथा एशियन इन्फ्रास्ट्रेक्चर डेव्लपमेंट बैंक के साथ 2275 करोड़ का ऋण समझौता अप्रैल 2018 में किया गया था। समझौते के अनुरूप राज्य सरकार को टेण्डर से लेकर पेमेंट तक की सम्पूर्ण प्रक्रिया पर सतत निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण के लिए ऑनलाइन सिस्टम विकसित करना आवश्यक था। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री सड़कों के मेन्टेनेंस के लिये e-marg- सॉफ्टवेयर लागू किया जा चुका है जिसे केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा पूरे देश में लागू किया जा रहा है।
इंदौर संभाग के खण्डवा और बड़वानी जिले आकांक्षी जिलों में शामिल
24 August 2018
मुख्य सचिव श्री बसंत प्रताप सिंह ने निर्देश दिये हैं कि भारत सरकार के महत्वपूर्ण कार्यक्रम के तहत चयनित आकांक्षी जिलों जैसे कार्य अन्य जिलों में भी किये जाये। इंदौर संभाग के दो जिलों खण्डवा और बड़वानी आकांक्षी जिलों में शामिल हैं। इन जिलों में मानवीय तथा सामुदायिक विकास और कल्याण से संबंधित विभिन्न सूचकांकों की प्राप्ति के लिए समन्वित प्रयास किये जा रहे हैं। निर्धारित सूचकांकों को प्राप्त करने के लिए स्थानीय स्तर पर विभिन्न नवाचार भी किये जा रहें हैं। मुख्य सचिव श्री सिंह द्वारा आज इंदौर में इन दोनों जिलों में किये जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। बताया गया कि नीति आयोग के मार्गदर्शन में इन जिलों में विभिन्न कार्य किये जा रहे है। आकांक्षी जिलों में देश के 28 राज्यों के 115 जिले चयनित हुए हैं। इनमें मध्यप्रदेश के आठ जिले है। इनमें इंदौर संभाग के दो जिले हैं। इन जिलों में स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार, शिक्षा के विस्तार, कृषि, जल-संसाधन तथा आधारभूत संरचनाओं के विकास, वित्तीय समावेशन और कौशल उन्नयन के सूचकांकों को प्राप्त करने के लिए समन्वित प्रयास हो रहे हैं। नीति आयोग द्वारा किये जा रहे कार्यों की हर माह समीक्षा कर रैंकिंग भी की जा रही हैं। मुख्य सचिव श्री सिंह ने निर्देश दिये कि निर्धारित सूचकांकों की प्राप्ति के लिए हर संभव प्रयास किये जाये। चयनित सभी जिले अपने जिलों की विस्तृत कार्य-योजना बनाकर उनका क्रियान्वयन करें। नीति आयोग के ज्ञान भागीदार बिल और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के प्रतिनिधियों की मदद भी लें। उन्होंने निर्देश दिये कि अधिकारी चयनित जिलों का लगातार भ्रमण करें तथा सूचकांकों को पूरा करने में मदद दें। अपर मुख्य सचिव वन श्री के.के. सिंह ने चयनित जिलों में किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी। बैठक में संभागायुक्त श्री राघवेन्द्र सिंह, प्रमुख सचिव लोक सेवा प्रबंधन श्री हरीरंजन राव, पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एमडी श्री आकाश त्रिपाठी, वाणिज्यिक कर आयुक्त श्री पवन शर्मा, श्रमायुक्त श्री राजेश बहुगुणा, श्री अजीत कुमार सहित संभाग के जिलों के कलेक्टर, अपर कलेक्टर और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मौजूद थे।
अपनी जान दूसरों के लिये जोखिम में डालने वाले ही असली हीरो
24 August 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जांबाज नागरिकों और सिपाहियों को राष्ट्रपति जीवनरक्षक पदक दिलवाने की अनुशंसा की जायेगी। दूसरों के लिये अपनी जान जोखिम में डालने वाले जांबाज ही समाज के असली हीरो होते हैं। श्री चौहान मुख्यमंत्री निवास पर शिवपुरी में अतिवर्षा से सुल्तानगढ़ स्थल पर फँसे नागरिकों को बचाने वाले जांबाज नागरिकों और सिपाहियों को सम्मानित कर रहे थे। उन्होंने चार नागरिकों को पाँच-पाँच लाख रूपये की सम्मान निधि भेंट की। जिला पुलिस बल के चार और राज्य अनुक्रिया बल ग्वालियर के तीन सदस्यों को पृथक से सम्मानित किये जाने के निर्देश दिये। पुलिस महानिदेशक श्री ऋषि कुमार शुक्ला, महानिदेशक नागरिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन श्री महान भारत सागर भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अच्छे काम करने वालों की सराहना की जाना चाहिये। उन्होंने कहा विगत दिवस शिवपुरी जिले के मोहना के निकट सुल्तानगढ़ में फँसे नागरिकों को बचाने के कार्य में नागरिकों, राज्य आपदा अनुक्रिया बल, पुलिस और प्रशासन ने प्रशंसनीय कार्य किया है। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर वे रातभर जागकर स्थिति की जानकारी लेते रहे। केन्द्रीय रक्षा मंत्री, गृह मंत्री से चर्चा की। बचाव के लिये भारतीय वायु सेना का हेलीकाप्टर आया, उसने पाँच लोगों को बचाया। किन्तु मौसम खराब हो जाने से उसे वापस जाना पड़ा। ऐसे समय में जांबाज ग्रामीण साथी देवदूत बनकर सामने आये और पानी कम होने पर वे साहसपूर्वक तैरकर रस्से से पार ले गये। उनके साहस और सामाजिक कर्त्तव्य-बोध को देख कर ही उनको सम्मानित करने का निर्णय उन्होंने किया। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया भी घटना-स्थल पहुँची थी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नागरिक श्री रामदास पुत्र सभाराम, श्री भागीरथ पुत्र जलमा, श्री निजाम शाह पुत्र शंभू शाह और श्री कल्लन बाथम पुत्र रामजीलाल को पाँच-पाँच लाख रूपये की सम्मान निधि से सम्मानित किया। साथ ही राज्य अनुक्रिया बल ग्वालियर के उप निरीक्षक श्री प्रदीप कुमार, प्रधान आरक्षक श्री राजेश कुमार यादव, श्री गजेन्द्र सिंह कौरव को तथा जिला पुलिस बल के उप निरीक्षक श्री गोपाल चौबे, उपनिरीक्षक श्री सुरेन्द्र सिंह यादव, उप निरीक्षक श्री अमित शर्मा और आरक्षक श्री मुकेश यादव को सम्मानित करते हुए कहा कि उन्हें भी पृथक से सम्मान निधि दी जायेगी।
विद्यार्थियों की क्यों और कैसे की प्रवृत्ति को प्रोत्साहित करें
24 August 2018
विद्यार्थियों की क्यों और कैसे की प्रवृत्ति को प्रोत्साहित करें। हर हाल में उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करें। राजस्व,विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने यह बात मॉडल स्कूल में वार्ड-32 के मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान समारोह में कही। श्री गुप्ता ने कहा कि डिग्री लेने के बाद भी विद्यार्थियों के चेहरे में मुस्कान क्यों नहीं, इसका कारण और हल खोजना जरूरी है। उन्होंने कहा कि परंपरागत पढ़ाई के साथ ही स्वयं को स्किल्ड भी करें। श्री गुप्ता ने कहा कि जितने अंक अभी मिले हैं, उतने में संतुष्ट नहीं होना। आगे अच्छी उपलब्धियों के लिये कठिन परिश्रम करना जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि क्लास-रूम में विद्यार्थी तभी आयेगा, जब उसे किताबों के अतिरिक्त ज्ञान मिलेगा। विद्यार्थी स्कूल में सीखने की मानसिकता से आता है, इसलिये उसे ऐसी बातें सिखाईये जो जीवन भर काम आयें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
प्रकृति को जो देंगे वही वापस करेगी
24 August 2018
आप प्रकृति को जो देंगे, प्रकृति भी आपको वही वापस करेगी। पीओपी में हैवी मेटल और बहुत सारे हानिकारक पदार्थ होते हैं, जो कैंसर जैसी घातक बीमारियों के कारक हैं। एप्को कार्यपालन संचालक श्री जितेन्द्र सिंह राजे ने यह बात आज एप्को परिसर में मिट्टी से मूर्ति निर्माण प्रशिक्षण 'ग्रीन गणेश अभियान-2018'' का शुभारंभ करते हुए कही। कार्यशाला में गणेश उत्सव समितियों के आयोजक, मूर्तिकार, शिक्षक, स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों ने भाग लिया। श्री राजे ने प्रतिभागियों से अपील की कि वे अपने आस-पड़ोस और जन-सामान्य को गणेशोत्सव के दौरान मिट्टी की गणेश प्रतिमा की स्थापना और घर में ही विसर्जन के लिये प्रेरित करें। पीओपी और रासायनिक रंग पानी में घुलकर जल तंत्र और प्राणियों को गंभीर नुकसान पहुँचाते हैं। एप्को द्वारा भोपाल के ईको-क्लब के शिक्षकों को मूर्ति निर्माण प्रशिक्षण देकर ग्रीन गणेश कार्यक्रम को बड़े स्तर पर किया जायेगा। कार्यशाला में प्रेजेंटेशन द्वारा गणेश प्रतिमा विसर्जन से पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव, प्रतिमा निर्माण के लिये मिट्टी की तैयारी आदि को बताया। प्रतिभागियों को मिट्टी की गणेश प्रतिमा बनाते समय सीड बॉल कांसेप्ट की भी जानकारी दी गई। इससे विसर्जन के बाद प्रतिमा के भीतर मौजूद बीज से नया पौधा उगेगा और हरियाली बढ़ेगी। कार्यशाला में 150 से अधिक लोगों ने मिट्टी से ग्रीन गणेश प्रतिमा का निर्माण करना सीखा और अपनी प्रतिमा को साथ लेकर घर गये। एप्को के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भी लोग गणेश प्रतिमा बनाना सीखने के साथ अपने घर ले जा सकेंगे।
संस्कृत वि.वि. के बटुक एक दिन राजनीतिक चाणक्य बनकर राष्ट्र को नई दिशा देंगे
23 August 2018
राज्यपाल श्रीमती आनन्दीबेन पटेल ने उज्जैन में महर्षि पाणिनी संस्कृत वैदिक विश्वविद्यालय परिसर में नवनिर्मित महर्षि पतंजलि छात्रावास एवं संस्कृत शिक्षण-प्रशिक्षण, ज्ञान-विज्ञान संवर्द्धन-योग केन्द्र का शुभारम्भ किया। राज्यपाल ने कहा कि महर्षि पाणिनी संस्कृत विश्वविद्यालय के बटुक एक दिन महान राजनीतिज्ञ चाणक्य बनकर राष्ट्र को नई दिशा देंगे। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि आज यहां विश्वविद्यालय परिसर में शिक्षा प्राप्त करने वाले बेटे-बेटियों ने मिलकर 1111 पौधे रोपकर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में नाम दर्ज करवाकर विश्वविद्यालय को गौरव प्रदान किया है। यह देशवासियों के लिये एक अनुकरणीय उदाहरण है। राज्यपाल ने कहा कि पर्यावरण को स्वच्छ, संतुलित तथा स्वस्थ बनाये रखने की दिशा में ऐसे प्रयास निरन्तर होते रहने चाहिये। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि हमारी संस्कृति संस्कृत के बिना संभव नहीं है। इसमें मां-बेटी का सम्बन्ध है। संस्कृत मां है और उसकी बेटी संस्कृति है। राज्यपाल ने कहा कि संस्कृत केवल मातृभाषा ही नहीं है, एक विचार भी है। संस्कृत एक संस्कृति है, संस्कार है, सभ्यता भी है और वह आचार संहिता भी है। विश्व का सबसे उत्कृष्ट ज्ञान और विज्ञान है। संस्कृत सबका मूल है। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के कुलपति से कहा कि विश्वविद्यालय में सौर ऊर्जा का प्लांट लगाया जाये। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री का कहना है कि सौर ऊर्जा क्षमता में वृद्धि का लाभ किसानों और आम लोगों तक पहुँचाना चाहिये। विश्वविद्यालय में स्वास्थ्य जाँच शिविर लगाये जायें और उसमें छात्राओं के स्वास्थ्य जांच पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिये। कार्यक्रम को विधायक डॉ.मोहन यादव ने भी संबोधित किया। शुरूआत में कुलपति प्रो.रमेशचंद्र पांडा ने विश्वविद्यालय के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में राज्यपाल एवं अन्य अतिथियों ने कात्यायन शुल्बसूत्र, व्यक्तित्व का मनोविज्ञान एवं दर्शन आदि नाम की पुस्तकों का विमोचन किया। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की मीनाक्षी सेन को एमपीपीएससी में संस्कृत में सहायक अध्यापक का चयन होने पर सम्मानित किया। वहीं विश्वविद्यालय के एवं संबद्धता वाले महाविद्यालयों के संस्कृत में प्रथम आने पर छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने रूद्राक्ष का पौधा रोपा। अन्य अतिथियों और सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने विद्यालय परिसर और विद्यालय के समीप की पहाड़ी पर एकसाथ पौध-रोपण किया। अंत में कुलसचिव श्री मनोज कुमार तिवारी ने आभार माना।
सभी नगरीय निकायों में संबल योजना के पात्र छोटे-फुटकर व्यापारियों का सम्मेलन 25 अगस्त को
23 August 2018
नगरीय क्षेत्रों में सभी फुटकर व्यापारियों, छोटा-मोटा व्यवसाय करने वालों को संबल योजना का लाभ देने के लिये 25 अगस्त को सभी नगरीय निकायों में हितग्राही सम्मेलन का आयोजन किया जायेगा। आयकर नहीं भरने वाले ऐसे सभी छोटे, फुटकर व्यापारी संबल योजना के पात्र हैं। मुख्य कार्यक्रम राजधानी भोपाल के मोतीलाल स्टेडियम में होगा। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान सुबह 11.30 बजे पूरे प्रदेश के हितग्राहियों को संबोधित करेंगे। उनके संबोधन का सजीव प्रसारण होगा। सम्मेलन स्थलों पर शेष रह गये हितग्राहियों के पंजीयन की व्यवस्था होगी ताकि उन्हें लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों को रक्षाबंधन की अग्रिम बधाईयां दी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज यहां मंत्रालय में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के सभी महापौरों, नगर पंचायत अध्यक्षों, नगर निगम आयुक्तों, मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को हितग्राही सम्मेलन की सभी आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश देते हुए कहा कि छोटे-छोटे काम धंधे करने वाले सभी व्यापारी संबल योजना का लाभ लेने के लिये पात्र हैं। श्री चौहान ने सभी जिला कलेक्टरों, नगर निगम आयुक्तों, मुख्य नगर पालिका अधिकारियों से कहा कि वे सम्मेलन के मुख्य अतिथि के रूप में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करें। यह भी सुनिश्चित करें कि सभी हितग्राही सम्मेलन में भाग लें और कोई भी हितग्राही लाभ लेने से छूट नहीं जाये। सम्मेलन स्थलों पर ही पंजीयन की पूरी व्यवस्था रखें ताकि तत्काल आवेदन भर कर उनका पंजीयन किया जा सकें। सभी नगरीय निकायों में ऐसे सम्मेलन आयोजित करने के लिये पूरी तैयारी रखें। श्री चौहान ने बताया कि वे संबल योजना के हितग्राहियों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा करेंगे। उन्होंने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिये कि वे संबल योजना के संबंध में विस्तृत प्रगति रिपोर्ट तैयार रखें। आगामी 4 सितम्बर को होने वाली वीडियो कांन्फ्रेंसिंग में इसकी समीक्षा की जा सके। मुख्यमंत्री ने बताया कि 31 अगस्त को तेन्दूपत्ता बोनस वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। उन्होंने इसके लिये संबंधित विभागों को पूरी तैयारी करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने बताया कि 10 सितम्बर को पिछड़ा वर्ग सम्मेलन का आयोजन किया जायेगा। इसके माध्यम से पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के लिये प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया जायेगा। श्री चौहान ने बताया कि 31 अगस्त को ही 11 बजे से मिल बांचे मध्यप्रदेश का आयोजन होगा। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के महाप्रयाण के फलस्वरूप यह कार्यक्रम स्थागित कर दिया गया था। मुख्यमंत्री ने वर्षा की स्थिति को देखते हुये सभी जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित करने और बाढ़ की संभावित स्थितियों पर नियंत्रण रखने के लिये निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि वर्षा अभी जारी है इसलिये ऐहतियाती उपाय करें। जिन जिलों में वर्षा कम हुई वहां किसानों को पानी उपलब्ध करवाने के लिये तत्काल व्यवस्था रखें।
जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने श्री नैयर के निधन पर किया शोक व्यक्त
23 August 2018
जनसम्पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने वरिष्ठ पत्रकार श्री कुलदीप नैयर के निधन पर शोक व्यक्त किया है। मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि श्री नैयर एक लोकप्रिय स्तंभ लेखक थे। ज्वलंत राष्ट्रीय मुददों पर उनकी लेखनी पाठकों को बहुत प्रभावित करती थी। मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि स्व. नैयर दशकों तक सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले कलमकार बने रहे। जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने स्व. नैयर की दिवगंत आत्मा की शांति और उनके शोकाकुल परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति देने की ईश्वर से विनती की है।
जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र भोपाल से स्व. अटल जी की अस्थि कलश यात्रा के साथ रवाना
23 August 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने प्रदेश की विभिन्न नदियों में विसर्जन के लिए स्व. श्री अटल जी के अस्थि कलश भोपाल से रवाना करवाए। कलश यात्रा के मार्ग में आमजन भी स्व. श्री अटल जी के अस्थि कलश का दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे। जनसम्‍पर्क, जल-संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र आज गुरूवार 23 अगस्त को दतिया जिले के सेवढ़ा पहुँचकर पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की अस्थियाँ सिंध नदी में विसर्जित करेंगे। जनसम्‍पर्क मंत्री डॉ. मिश्र आज सुबह भोपाल से स्व. श्री वाजपेयी जी के अस्थि कलश के साथ सड़क मार्ग से यात्रा के रूप में रवाना हुए। श्री विष्णुदत्त शर्मा और श्री अरविंद भदौरिया भी साथ हैं। इस कलश यात्रा के मार्ग में विदिशा, मेहलुआ चौराहा, घाट बमुरिया, बंगला चौराहा, हथाईखेड़ा, अशोक नगर, चंदेरी, पिछोर, दिनारा, सिकंदरा शामिल हैं। यह यात्रा दतिया शाम 5 बजे पहुँचेगी। दतिया में आमजन स्व. श्री अटल जी के अस्थि कलश के दर्शन कर पुष्प अर्पित करेगा। इसके बाद कलश यात्रा इंदरगढ़, थरेट, महुआपुरा होकर सेवढ़ा पहुँचेगी। सिंध नदी में अस्थि विसर्जन के अवसर पर स्थानीय नागरिक, समाजसेवी उपस्थित रहेंगे।
किसी का आई.डी. पासवर्ड चुराने पर हो सकती है तीन साल की सजा
23 August 2018
राजस्व, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि नवीन तकनीकों से जितनी सुविधाएँ बढ़ी हैं, उतने खतरे भी बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि इंटरनेट का उपयोग करते समय सावधानी बरतें। श्री गुप्ता ने कहा कि नेट के उपयोग के समय ली जाने वाली सावधानियों के ब्रोशर स्कूल और कॉलेज में बंटवायें। श्री गुप्ता आज स्थानीय कोपल स्कूल में 'सायबर सुरक्षा' वर्कशाप को संबोधित कर रहे थे। एस.पी. सायबर सेल श्री सुदीप गोयनका ने बताया कि किसी भी व्यक्ति का आई.डी. पासवर्ड चुराने पर तीन साल की सजा हो सकती है। इसी तरह आपकी पेनड्राइव से किसी के कम्प्यूटर का डेटा नष्ट हुआ तो 5 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। निजी जानकारी का पासवर्ड नहीं बनायें एस.पी. श्री गोयनका ने कहा कि जन्म-तिथि आदि निजी जानकारी को पासवर्ड में उपयोग नहीं करें। पासवर्ड बड़ा बनायें। सेक्यूरिटी प्रश्न का उत्तर गलत लिखें। सभी खातों का पासवर्ड अलग रखें। उन्होंने कहा कि फ्री गाने और फिल्में डाउनलोड करने से बचें। इससे वायरस आ सकते हैं। काम करने के बाद कम्प्यूटर लॉग आउट जरूर करें। सोशल साइट में अश्लील सामग्री भेजना, फारवर्ड करना, धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाले संदेश भेजना और किसी की फेक प्रोफाइल बनाना अपराध है। अनजाने व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं करें एस.पी. सायबर सेल ने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं करें। जो काम रियल लाइफ में नहीं करते वह काम वर्चुअल लाइफ में कदापि नहीं करें। पर्सनल फोटो फेसबुक और वाटसएप जैसी सोशल साइट में नहीं डालें। किसी का ऑनलाइन पीछा करना भी सायबर क्राइम है। फेसबुक प्रोफाइल में मोबाइल नम्बर और घर का पता नहीं डालें। वर्कशाप मध्यप्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद् और आओ सखी समाज कल्याण समिति द्वारा की गयी थी। इस मौके पर श्रीमती राधा गुप्ता, श्रीमती कृति गुप्ता, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित थे।
अटल जी से जो मिला वो उन्हीं का हो गया – मुख्यमंत्री श्री चौहान
22 August 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि अटलजी का व्यक्तित्व अद्भुत था। उनसे जो भी मिलता था, वह उनका हो जाता था। उनकी कमी हमें हमेशा खलेगी। मुख्यमंत्री ने आज ग्वालियर में फूलबाग मैदान में स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी की श्रद्धांजलि सभा में यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने व्यक्तित्व और कृतित्व से ग्वालियर का नाम पूरे विश्व में आलोकित किया। स्व. अटलजी के जाने से न केवल ग्वालियर, प्रदेश, देश बल्कि करोड़ों लोगों के हृदय सूने हो गए हैं। स्व. अटल जी ने सम्पूर्ण जीवन देश सेवा में समर्पित करते हुए देशवासियों के हृदय पर राज किया। मुख्यमंत्री ने अटल जी के व्यक्तित्व के अनूठे तत्वों का उल्लेख करते हुए कहा है कि वे हमेशा छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखते थे। वे स्नेह से भरे हुए थे। उन्होंने पूरी दुनिया में हिंदी का मान बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान पीढ़ी अपने भाग्य पर गर्व करेगी कि अटल जी को देखा था। अटलजी जैसा बनने का प्रयास करना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। केन्द्रीय पँचायती राज मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि मैं भाग्यशाली हूँ कि मुझे स्व. अटलजी का सानिध्य प्राप्त हुआ। अटलजी का व्यक्तित्व अपने आप में एक विचार था। श्री तोमर ने कहा कि अटल जी के अपनत्व के कारण जो भी उनसे मिलता था, उनका हो जाता था। स्व. श्री अटल जी के भाषण सुनकर ही अनेक लोग उनके साथ और उनके विचार पर कार्य करने के लिये तैयार हुए। उन्होंने कहा कि स्व. श्री अटलजी का सम्पूर्ण जीवन देश के लिये समर्पित रहा। प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने कहा कि स्व. अटल जी ने राजनीति की सीमाओं से हटकर लोगों के दिलों में अपना स्थान बनाया। वे मध्यप्रदेश के लाल थे। इसका हमें गर्व है। वे व्यक्ति नहीं एक विचार थे। उच्च शिक्षा मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया ने कहा कि स्व. अटल जी एक व्यक्ति न होकर एक हस्ती थे और उनकी हस्ती को कभी मिटाया नहीं जा सकता। हमें गर्व है कि स्व. अटल जी ग्वालियर के सपूत थे। उनके कारण ही विश्व भर में ग्वालियर की पहचान स्थापित हो सकी। स्व. श्री अटल जी ने देश पर नहीं लोगों के दिलों पर राज किया। स्व. श्री अटलजी द्वारा बताए हुए मार्ग पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि स्व. श्री अटलजी के भाषण सुन-सुनकर ही मेरे जैसे अनेक युवा राष्ट्र प्रेम की मुख्य-धारा से जुड़े। उनमें सदैव अपनत्व का भाव रहता था। स्व. अटलजी की कमी हम सबको हमेशा खलेगी, लेकिन उनके विचार सदैव हमारे साथ रहेंगे। सांसद श्री अनूप मिश्रा ने कहा कि स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी मेरे परिवार के मुखिया थे। उन्होंने मुझे राजनीति का क, ख, ग सिखाया। स्व. श्री अटल जी ने जीवन भर राष्ट्रहित को ही अपना जीवन माना। स्व. श्री अटल जी ने पूरे विश्व में लोकतंत्र में सबको साथ लेकर चलने का उदाहरण प्रस्तुत किया। राज्यसभा सांसद श्री प्रभात झा ने कहा कि मैं खुशनसीब हूँ कि मुझे स्व. श्री अटलजी के साथ कार्य करने का सौभाग्य मिला। स्व. अटल जी महान व्यक्तित्व के धनी थे। उनकी सहृदयता के सभी कायल थे। स्व. श्री अटलजी ने देश को एक नई ऊँचाई तक पहुँचाया। उनके द्वारा किए गए कार्यों को कभी भुलाया नहीं जा सकता। महापौर श्री विवेक नारायण शेजवलकर ने कहा कि स्व. अटल बिहारी वाजपेयी सम्पूर्ण जीवन देश सेवा में लगे रहे। उनके बताए मार्ग पर हम सब कार्य करें, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और सांसद श्री राकेश सिंह ने कहा कि अटल जी ने राजनीति की सीमा से हटकर लोगों के दिलों में स्थान बनाया। वे मध्यप्रदेश की माटी के लाल थे, इसका हमें गर्व है। इस मौके पर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष श्री देवेन्द्र शर्मा, पूर्व मंत्री श्री भगवान सिंह यादव, श्री कृष्ण गोपाल जी ने भी स्व. अटलजी के व्यक्तित्व पर अपने विचार व्यक्त किए। सांसद डॉ. भागीरथ प्रसाद, सामान्य निर्धन वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष श्री बालेन्दु शुक्ल, जीडीए के अध्यक्ष श्री अभय चौधरी, साडा अध्यक्ष श्री राकेश सिंह जादौन समेत अटलजी की दत्तक सुपुत्री श्रीमती नमिता भट्टाचार्य, दामाद श्री रंजन भट्टाचार्य, भतीजे श्री दीपक वाजपेयी व पौत्री सुश्री निहारिका सहित अन्य परिजन के साथ ही सर्वश्री शैलेन्द्र बरुआ, देवेश शर्मा, वीरेंद्र जैन और अन्य जन-प्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। सभा के अंत में सभी अतिथियों एवं गणमान्य नागरिकों सहित आमजनों ने भी स्व. अटलजी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। संचालन श्री वेदप्रकाश शर्मा ने किया। धर्मगुरूओं ने भी स्व. अटल जी को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।
नागरिकों को सावधानी और सतर्कता की अग्रिम सूचना दें
22 August 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में अति-वर्षा से उत्पन्न स्थिति की उच्च-स्तरीय समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अति-वर्षा और बाढ़ की संभावना की आशंका के क्षेत्रों की निरंतर निगरानी की जाये। निवासियों को सर्तकता और सावधानी बरतने की अग्रिम समझाइश दी जाये। अति-वर्षा, राहत और पुनर्वास की व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी की जायें। बाढ़ की आशंका के क्षेत्रों के निकट पुनर्वास स्थलों को चिन्हित करें। पुनर्वास स्थलों पर आपदा की स्थिति में राहत की सभी व्यवस्था अग्रिम रूप से की जायें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने राहत और पुनर्वास व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बताया गया कि आपदा प्रबंधन केन्द्र भोपाल में राज्य-स्तरीय कंट्रोल रूम का गठन किया गया है। कंट्रोल रूम का टोल-फ्री दूरभाष क्रमांक 1079 पर किसी भी प्रकार की सहायता के लिये फोन किया जा सकता है। राजगढ़, आगर और रतलाम में अतिवर्षा की आशंका के दृष्टिगत सतर्कता के चेतावनी जारी की गई है। धार और बड़वानी में राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल तैनात हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में वर्षा की स्थिति की समीक्षा की। बताया गया कि एक जून से 20 अगस्त 2018 तक भिण्ड और नीमच जिलों में सामान्य से 20 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है। इस अवधि में सामान्य वर्षा वाले 36 जिले सिंगरौली, उमरिया, दतिया, बड़वानी, बुरहानपुर, मुरैना, सीधी, टीकमगढ़, खण्डवा, शिवपुरी, रतलाम, खरगौन, कटनी, झाबुआ, सीहोर, जबलपुर, आगर-मालवा, रायसेन, दमोह, इन्दौर, मण्डला, मंदसौर, शाजापुर, उज्जैन, होशंगाबाद, गुना, शहडोल, ग्वालियर, श्योपुर, नरसिंहपुर, विदिशा, रीवा, छिंदवाड़ा, भोपाल, पन्ना और सिवनी है। सामान्य से कम वर्षा वाले 13 जिलों में डिण्डोरी, सतना, राजगढ़, छतरपुर, सागर, अनूपपुर, अशोकनगर, अलीराजपुर, धार, देवास, हरदा, बालाघाट और बैतूल हैं। बैठक में मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री ऋषि कुमार शुक्ला, महानिदेशक नागरिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन श्री महान भारत सागर, प्रमुख सचिव गृह श्री मलय श्रीवास्तव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक वर्णवाल, प्रमुख राजस्व आयुक्त श्री मनीष रस्तोगी, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री राजीव टंडन उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने श्री रोशनलाल सक्सेना को दी अंतिम विदाई
22 August 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने विद्या भारती मध्यप्रदेश के संरक्षक श्री रोशनलाल सक्सेना को आज अंतिम विदाई दी। श्री चौहान विद्या भारती के प्रदेश कार्यालय पहुँचे। उन्होंने स्वर्गीय श्री सक्सेना के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और अंतिम यात्रा में शामिल होकर कंधा दिया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने परम पिता परमात्मा से दिवंगत आत्मा को श्रीचरणों में स्थान देने और विद्या भारती परिवार को गहन दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
स्व. अटल जी की अस्थियाँ दतिया जिले में भी होंगी विसर्जित
22 August 2018
जनसम्पर्क, जल-संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र 23 अगस्त को दतिया जिले के सेवढ़ा में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियाँ वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ताओं और आमजन की उपस्थिति में सिंध नदी में विसर्जित करेंगे। डॉ. मिश्र गुरूवार की सुबह भोपाल से स्व. श्री वाजपेयी जी के अस्थि-कलश के साथ सड़क मार्ग से यात्रा के रूप में रवाना होंगे। भोपाल से विदिशा होते हुए मेहलुआ चौराहा, घाट बमुरिया, बंगला चौराहा, हथाईखेड़ा, अशोक नगर, चंदेरी, पिछोर, दिनारा, सिकंदरा होकर दतिया पहुँचेंगे। दतिया में व्यापक जन-समुदाय स्व. श्री अटल जी के अस्थि-कलश के दर्शन कर पुष्प अर्पित करेगा। इसके बाद कलश-यात्रा इंदरगढ़, थरेट, महुआपुरा होकर सेवढ़ा पहुँचेगी। स्व. श्री अटल जी की अस्थियों के विसर्जन के अवसर पर स्थानीय नागरिक, समाजसेवी उपस्थित रहेंगे।
राज्यपाल द्वारा ईदुज्जुहा पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएँ
21 August 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने ईदुज्जुहा पर्व पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। श्रीमती पटेल ने शुभकामना संदेश में कहा है कि ईदुज्जुहा का त्यौहार हमें बलिदानी और संस्कारवान बनने तथा मानवता की रक्षा करने की सीख देता है। उन्होंने कहा कि सभी त्योहार एकता, शांति और सदभाव के साथ रहने की प्रेरणा देते हैं। राज्यपाल ने ईदुज्जुहा के अवसर पर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और प्रदेश के विकास की कामना की है।
सड़क-सुरक्षा नियमों के पालन के लिये जन-जागृति अभियान चलाने के निर्देश
21 August 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सड़क सुरक्षा नियमों के पालन के लिये जन-जागृति अभियान चलाया जाये। उन्होंने कहा कि समाज की सहभागिता के साथ व्यापक अभियान का संचालन 4 सितंबर से शुरू किया जाये। श्री चौहान आज मंत्रालय में राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। श्री चौहान ने कहा कि नियमों के पालन के लिये प्रवर्तन से पूर्व समझाइश की पहल की जानी चाहिए। लोगों को सड़क सुरक्षा की समस्या पर विचार करने के लिये प्रेरित किया जाना चाहिए। प्रेरणा और प्रोत्साहन के प्रयास बेहद जरूरी हैं। भोपाल में जन-जागृति अभियान के शुभारंभ अवसर पर मंत्रि-परिषद के सदस्य सड़क पर खड़े होकर नागरिकों से सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की अपील करें। सप्ताह के दौरान प्रभारी मंत्री अपने क्षेत्रों में भी जन-जागृति का कार्य करें। उन्होंने जन-जागृति अभियान में धर्मगुरुओं और समाज सेवियों का सहयोग प्राप्त करने के लिये कहा ताकि सड़क-सुरक्षा नियमों के प्रति समाज में सकारात्मक सोच निर्मित हो। मुख्यमंत्री ने शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई का अभियान चलाने की जरूरत बतायी। उन्होंने कहा कि अभियान के संबंध में अग्रिम सूचना को व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जाये। पर्याप्त मात्रा में ब्रीथ एनालाइजर और स्पीड गन की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाये, ताकि मदिरा पीकर और तेज गति से ड्राइविंग करने वालों के विरुद्ध प्रमाणिक कार्रवाई हो सके। गृहमंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि शराब पीकर वाहन चलाने के मामलों में प्रदेश में 10 हजार वाहन चालन अनुज्ञप्तियों को निलंबित किया गया है। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री कुंवर विजय शाह, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह, लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह, मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री ऋषि कुमार शुक्ला सहित राज्य सड़क सुरक्षा परिषद के सदस्य मौजूद थे।
प्रदेश के रेल्वे स्टेशनों पर भी चलाया जायेगा मतदाता जागरूकता अभिया
21 August 2018
संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री विकास नरवाल ने कहा है कि विधानसभा चुनाव-2018 में अधिक से अधिक मतदाताओं को मताधिकार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए केन्द्रीय एवं राज्य शासन के विभाग, बैंक, रेल्वे, विमानपत्तन प्राधिकरण आदि अपने-अपने क्षेत्र में ईव्हीएम एवं व्हीव्हीपेट का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। श्री नरवाल आज स्वीप पार्टनर्स के साथ विधानसभा चुनाव के संबंध में बैठक आयोजित कर विस्तृत चर्चा कर रहे थे। संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि सभी बैंक अपनी शाखाओं तथा एटीएम में मतदाता जागरूकता के लिए पोस्टर बनाकर प्रदर्शित करवायेंगे। रेडक्रास सोसायटी द्वारा विशेष शिविर लगाकर लोगों को जागरूक करने एवं नाम जुड़वाने का कार्य किया जायेगा। विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा विमानपत्तनों में ईव्हीएम एवं व्हीव्हीपेट का प्रचार-प्रसार करने के लिए होर्डिग लगाये जायें। डिविजनल रेल्वे मैनेजर भोपाल, रतलाम, कोटा एवं जबलपुर द्वारा प‍ब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम में मतदान करने के लिए जागरूकता की उद्घोषणा नियमित अंतराल पर करवायी जाये। ऑयल कंपनियाँ, गैस ऐजेन्सियों और पेट्रोल पंपों पर पोस्टर और बैनर लगवाये। राज्य शासन के विभिन्न विभाग भी ईव्हीएम और व्हीव्हीपेट के प्रचार-प्रसार के लिये मतदाता जागरूकता अभियान चलाएं।
मुख्यमंत्री श्री चौहान से पद्मश्री श्री गौरीशंकर की सौजन्य भेंट
20 August 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से श्री जगद्गुरू शंकराचार्य महासंस्थान, शारदापीठ श्रृंगेरी के प्रशासक व कार्यवाहक अधिकारी पद्मश्री डॉ. वीआर गौरी शंकर ने मुख्यमंत्री निवास में आज सौजन्य भेंट की। डॉ. गौरीशंकर ने मुख्यमंत्री श्री चौहान का शॉल और प्रसाद भेंटकर अभिनंदन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को उज्जैन में श्रृंगेरी शारदापीठ संस्थान और मंदिर निर्माण परियोजना की जानकारी दी।
प्रतिभाओं को कुंठित नहीं होने देंगे : मुख्यमंत्री श्री चौहान
20 August 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि बच्चे देश का भविष्य हैं। बच्चे पढ़ते जायें, बढ़ते जायें, अपना भविष्य गढ़ते जायें। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं को कुंठित नहीं होने दिया जायेगा। राह में जो भी बाधा आयेगी, उसे दूर किया जायेगा। उन्होंने छात्र-छात्राओं को आश्वस्त किया कि वे बनी बनाई लकीर पर नहीं चलते हैं। छात्र-छात्राओं को जो भी समस्या होगी, उसका समाधान किया जायेगा। श्री चौहान आज विधानसभा के मानसरोवर सभागार में स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप समारोह को संबोधित कर रहे थे। श्री चौहान ने कहा कि बच्चों के साथ जो पल बीतते हैं, वो उनके जीवन के सबसे सुखद पल होते हैं, उन्हें प्रसन्नता देते हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं के साथ वे सदैव खड़े हैं, और उन्हें हरसंभव सहायता देने का प्रयास कर रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा नि:शुल्क पुस्तकें, दूसरे गाँव पढ़ने जाने के लिये साईकिलें, लाड़ली लक्ष्मी योजना आदि अनेक योजनाएं बनाई गई हैं। श्री चौहान ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मेधावी बच्चों की फीस भरने की समस्या उन्हें बताई जाती थी। समस्या के समाधान के लिये मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना लागू की गई। उन्होंने कहा कि पहले योजना के लिये 75 प्रतिशत अंकों की सीमा थी, जिसे बच्चों की मांग पर 70 प्रतिशत कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि पड़ाव है। मंजिल अभी आगे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिमी संस्कृति का अंधा अनुकरण नहीं करना चाहिये। भारतीय संस्कृति में महिलाओं को देवी का सम्मान दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। मासूम के साथ दुराचार करने वाले दरिंदों को फाँसी दिलवाने का मध्यप्रदेश विधानसभा द्वारा सबसे पहले निर्णय किया गया था। अभी तक दस लोगों को राज्य में फाँसी की सजा सुनाई गई है। उन्होंने बेटों से अपील की कि माताओं, बहनों का सदैव सम्मान करें। विधानसभा अध्यक्ष श्री सीताशरण शर्मा ने कहा कि सच्चा राजनेता वो है, जो अपने विज़न पर चलता है। समाज उसका अनुसरण करने लगता है। मुख्यमंत्री के बेटा-बेटी पढ़ाओ विज़न को समाज ने स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह मुख्यमंत्री ने स्वयं बेटियों का सम्मान कर समाज के सामने उदाहरण प्रस्तुत किया, यही राजनेता का दायित्व है। कार्यक्रम के प्रारंभ में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी को दो मिनिट का मौन रख श्रद्धांजलि दी गई। मुख्यमंत्री ने प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को स्कॉलरशिप का वितरण किया और कॉफी टेबल बुक मेधा का विमोचन किया। आईबीसी-24 ग्रुप के चेयरमेन श्री सुरेश गोयल ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी का स्मरण किया और स्कॉलरशिप को अटल जो को समर्पित करने की जानकारी दी। इस अवसर पर आध्यात्मिक गुरू श्री पवन सिन्हा, आईबीसी-24 के प्रबंध संचालक श्री नरेन्द्र गोयल और एडीटर इन चीफ श्री रविकान्त मित्तल भी मौजूद थे।
पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की श्रद्धांजलि सभा 21 अगस्त को
20 August 2018
पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की श्रद्वांजलि सभा 21 अगस्त को शाम 4 बजे मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में होगी। राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने श्रद्वांजलि सभा की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि सभी तैयारियाँ समय-सीमा में पूरी करें। राजस्व मंत्री श्री गुप्ता ने श्रद्धांजलि सभा में ट्रैफिक और पेयजल व्यवस्था के संबंध में जरूरी कार्यवाही के निर्देश दिये। इस मौके पर सांसद श्री आलोक संजर, विधायक श्री सुरेन्द्र नाथ सिंह और श्री रामेश्वर शर्मा, महापौर श्री आलोक शर्मा, भोपाल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री ओम यादव, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री रामदयाल प्रजापति और जिला, पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पूर्व राष्ट्रपति स्व. डॉ. शर्मा को किया नमन
19 August 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉ. शंकरदयाल शर्मा को 100वे जन्मदिवस पर नमन किया। उनकी रेत घाट स्थित प्रतिमा पर माल्यार्पण कर आज श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि स्वर्गीय डॉ. शर्मा का जन्म शताब्दी वर्ष पूरी श्रद्धा और आदर के साथ मनाया जायेगा। राज्य शासन प्रेरणा के कार्यक्रमों का आयोजन करेगा। इसके लिये समिति का गठन किया जायेगा। समिति कार्यक्रमों का निर्धारण करेगी। इस अवसर पर महापौर श्री आलोक शर्मा, विधायक श्री सुरेन्द्र नाथ सिंह भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि स्वर्गीय शंकरदयाल शर्मा भोपाल की पहचान थे। उनके व्यक्तित्व और कृतित्व से भोपाल गर्व से भरा है। वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी, उद्भट् विद्यवान, विलीनीकरण आंदोलन के नेता और ऐसी शिक्षित प्रतिभा थे जिसका आमतौर पर मुकाबला नहीं हो सकता। स्वर्गीय डॉ शर्मा जिस पद पर रहे, उसका ईमानदारी और कर्तव्य परायणता के साथ निर्वहन किया। श्री चौहान ने कहा कि लोकमाता स्वर्गीय श्रीमती विजयाराजे सिंधिया का भी जन्मशताब्दी वर्ष है। वे लोगों की सच्ची सेवक थीं। उन्होंने भारतीय जनसंघ को नई पहचान दिलायी थी। उनके प्रति भी हम श्रद्धा, भक्तिभाव से भरे हैं। उनका जन्मशताब्दी वर्ष भी श्रद्धा के साथ मनाया जायेगा।
महारूद्राभिषेक में शामिल हुए मंत्रिगण
19 August 2018
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री रूस्तम सिंह, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह और नवीन, नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह रविवार को दतिया में पार्थिव शिवलिंग निर्माण, श्रीमदभागवत कथा, तथा महारूद्राभिषेक कार्यक्रम में शामिल हुए। मंत्रिगण ने पूजा एवं आरती में हिस्सा लिया। जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने मंत्रिगण का कार्यक्रम में अभिवादन किया। कार्यक्रम में आज भजनों की प्रस्तुति हुई। सांसद डॉ. भागीरथ प्रसाद, अन्य जन-प्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में आमजन कार्यक्रम में शामिल हुए।
दतिया में महारूद्राभिषेक में शामिल हुए मंत्री श्री पवैया
18 August 2018
उच्च शिक्षा मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया आज दतिया में पार्थिव शिवलिंग श्रीमदभागवत कथा, महारूद्रयज्ञ एवं महारूद्राभिषेक में शामिल हुए। श्री पवैया ने पूजा एवं आरती में भी हिस्सा लिया। जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने कार्यक्रम में श्री पवैया का अभिवादन किया। मंत्री श्री पवैया ने कहा कि दतिया को मिनी वृंदावन का नाम दिया गया है। इस पवित्र धार्मिक और आध्यात्मिक नगरी के लिए यह सर्वथा अनुकूल नामकरण है। कार्यक्रम में आज भजनों की प्रस्तुति हुई। जन-प्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में आमजन कार्यक्रम में शामिल हुए।
ऑनलाईन प्रवेश के लिए सी.एल.सी. का द्वितीय चरण
18 August 2018
प्रदेश में शासकीय और अशासकीय महविद्यालयों में स्नातक तथा स्नातकोत्तर कक्षा में ऑनलाईन प्रवेश समय सारणी उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी की गई है। उच्च शिक्षा मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया के निर्देश पर यह कार्यवाही की गई है। समय सारणी के अनुसार महाविद्यालयों में सी.एल.सी. चरण में रिक्त रह गये स्थानों की पाठ्यक्रमवार महाविद्यालयों में 20 अगस्त तक सूची प्रदर्शित की जायेगी। अपंजीकृत नवीन आवेदकों के लिए ऑनलाईन पंजीयन ई-प्रवेश पोर्टल पर की जाना और शुल्क भुगतान करने का काम 20 अगस्त से 24 अगस्त तक होगा। दस्तावेजों का सत्यापन नजदीक के किसी शासकीय महाविद्यालय में 20 अगस्त से 25 अगस्त तक होगा। प्रवेश के इच्छुक आवेदक महाविद्यालय में उपस्थित होकर विकल्प देने का कार्य 27 और 28 अगस्त तक करेंगे। महाविद्यालयों द्वारा प्रवेश सूची 29 अगस्त को जारी की जायेगी। आवंटित महाविद्यालयों में आवश्यक दस्तावेज जमा करना और ऑनलाईन शुल्क जमा किया जाना 29 अगस्त से 31 अगस्त तक होगा। ऑनलाईन प्रवेश आवंटन प्रक्रिया से मुक्त महाविद्यालय के विद्यार्थी 20 अगस्त से 31 अगस्त तक रिर्पोटिंग करेंगे। समय सारणी के संबंध में अन्य आवश्यक जानकारी नजदीक के शासकीय महाविद्यालयों से भी प्राप्त की जा सकती है। यह समय सारणी स्नातक और स्नातकोत्तर महाविद्यालय के पाठ्यक्रम पर लागू होगी।
वाजपेयी जी ने पूरा जीवन देश के लिए जिया- शिवराज सिंह चौहान
17 August 2018
मैं बचपन से ही अपने गाँव से भोपाल पढ़ने चला गया था। भोपाल में मैंने सुना कि भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष श्री अटल बिहारी बाजपेयी जी की एक सभा चार बत्ती चौराहे बुधवारे में है। मैंने सोचा चलो भाषण सुन के आएं। अटल जी को जब बोलते सुना तो सुनते ही रह गया।ऐसा लग रहा था कि जैसे कविता उनकी जिव्हा से झर रही है। वो बोल रहे थे,“ये देश केवल जमीन का टुकड़ा नहीं, एक जीता जागता राष्ट्र-पुरुष है, हिमालय इसका मस्तिष्क है, गौरी-शंकर इसकी शिखा हैं, पावस के काले- काले मेघ इसकी केश राशि हैं, दिल्ली दिल है, विंध्यांचल कटि है, नर्मदा करधनी है, पूर्वी घाट और पश्चिमी घाट इसकी दो विशाल जंघाएँ हैं, कन्याकुमारी इसके पंजे हैं, समुद्र इसके चरण पखारता है, सूरज और चन्द्रमा इसकी आरती उतारते हैं, ये वीरों की भूमि है, शूरों की भूमि है, ये अर्पण की भूमि है, तर्पण की भूमि है, इसका कंकर-कंकर हमारे लिए शंकर है, इसका बिंदु-बिंदु हमारे लिए गंगाजल है, हम जियेंगे तो इसके लिए और कभी मरना पड़ा तो मरेंगे भी इसके लिए और मरने के बाद हमारी अस्थियाँ भी अगर समुद्र में विसर्जित की जाएंगी तो वहां से भी एक ही आवाज़ आएगी –“भारत माता की जय, भारत माता की जय”... इन शब्दों ने मेरा जीवन बदल दिया। राष्ट्र प्रेम की भावना हृदय में कूट-कूट कर भर गई और मैंने फैसला किया कि अब ये जीवन देश के लिए जीना है। ये राजनीति का मेरा पहला पाठ था। इसके बाद से राजनीति में मैं माननीय अटल जी को गुरू मानने लगा. जब भी कभी अटल जी को सुनने का अवसर मिलता, मैं कोई अवसर नहीं चूकता। बचपन में ही भारतीय जनसंघ का सदस्य बन गया, और मैं राजनीति में सक्रिय हो गया। आपातकाल में जेल चला गया, और जेल से निकल कर जनता पार्टी में काम करने लगा, फिर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का पूर्णकालिक कार्यकर्ता बन गया। अटल जी से मेरी पहली व्यक्तिगत बातचीत भोपाल में एक राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान तब हुई जब मेरी ड्यूटी एक कार्यकर्ता के नाते उनकी चाय नाश्ते की व्यवस्था के लिए की गई।मैं अटल जी के लिए फल, ड्राई फ्रूट इत्यादि दोपहर के विश्राम के बाद खाने के लिए ले गया। तो वे बोले,“क्या घास- फूस खाने के लिए ले आए, अरे भाई, कचौड़ी लाओ, समोसे लाओ, पकोड़े लाओ या फाफड़े लाओ” और तब मैंने उनके लिए नमकीन की व्यवस्था की। एक छोटे से कार्यकर्ता के लिए उनके इतने सहज संवाद ने मेरे मन में उनके प्रति आत्मीयता और आदर का भाव भर दिया। उनके बड़े नेता होने के नाते मेरे मन में जो हिचक थी, वो समाप्त हो गई। 84 के चुनाव में वे ग्वालियर से हार गए थे, लेकिन हारने के बाद उनकी मस्ती और फक्कड़पन देखने के लायक था। जब वो भोपाल आए तो उन्होंने हँसते हुए मुझे कहा, “अरे शिवराज, अब मैं भी बेरोजगार हो गया हूँ”। 1991 में उन्‍होंने विदिशा और लखनऊ, दो जगह से लोकसभा का चुनाव लड़ा, और ये तय किया कि जहां से ज्यादा मतों से चुनाव जीतेंगे, वो सीट अपने पास रखेंगे। मैं उस समय उसी संसदीय क्षेत्र की बुधनी सीट से विधायक था। बुधनी विधानसभा में चुनाव प्रचार की ज़िम्मेदारी तो मेरी थी ही, लेकिन युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते, मुझे पूरे संसदीय क्षेत्र में काम करने का मौक़ा मिला था। उस समय अटल जी से और निकट के रिश्ते बन गए। जब मैं उनके प्रतिद्धन्‍दी से उनकी तुलना करते हुए भाषण देता था, तो मेरे एक वाक्य पर वो बहुत हंसते थे। मैं कहता था,“कहाँ मूंछ का बाल और कहाँ पूंछ का बाल”, तो वो हंसते हुए कहते थे “क्या कहते हो भाई, इसको छोड़ो”। विदिशा लोकसभा वो एक लाख चार हजार वोट से जीते और लखनऊ एक लाख सोलह हजार से। ज्यादा वोटों से जीतने के कारण उन्होंने लखनऊ सीट अपने पास रखी और विदिशा रिक्त होने पर मुझे विदिशा से उपचुनाव लडवाया। उपचुनाव में जीत कर जब मैं उनसे मिलने गया तो उन्होंने मुझे लाड़ से कहा, “आओ विदिशा-पति”. और तब से वो जब भी मुझसे मिलते तो मुझे विदिशा-पति ही कहते और जब भी मैं विदिशा की कोई छोटी समस्या भी लेकर जाता तो उसे भी वो बड़ी गम्भीरता से लेते। एक बार गंजबासौदा में एक ट्रेन का स्टॉप समाप्त कर दिया था। जब मेरे तत्कालीन रेल मंत्री श्री जाफर शरीफ जी से आग्रह करने बाद भी ट्रेन को दोबारा स्टॉपेज नहीं दिया गया तो मैं अटल जी के पास पहुंचा, और मैंने कहा कि आप इस ट्रेन का स्टॉप फिर से गंजबासौदा में करवाइए। उन्होंने संसद भवन में ही पता लगवाया कि श्री जाफर शरीफ जी कहाँ हैं संयोग से वे संसद भवन में ही थे, अटल जी चाहते तो फोन कर सकते थे। लेकिन फोन करने की बजाय उन्होंने कहा कि चलो सीधे मिल के बात करते हैं। इतने बड़े नेता का एक ट्रेन के स्टॉप के लिए उठकर रेल मंत्री के कक्ष में जाना मुझे आश्चर्यचकित कर गया और तब मैंने जाना कि छोटे-छोटे कामों को करवाने के लिए भी अटल जी कितने गम्भीर थे कि जनता की सुविधा के लिए उन्हें वहां जाने में कोई हिचक नहीं है। मैं भी उनके साथ श्री जाफर शरीफ जी के पास गया और तत्काल जाफर शरीफ जी ने रेल का स्टाफ गंजबासौदा में कर दिया। 2003 में मध्यप्रदेश में विधान सभा के चुनाव थे। उस समय तत्कालीन कांग्रेस की सरकार द्वारा सूखा राहत के लिए राशि केंद्र सरकार से मांगी जा रही थी। हम भाजपा के सांसदों का एक समूह यह सोचता था कि विधान सभा के चुनाव आने के पहले यदि यह राशि राज्य शासन को मिलेगी तो सरकार इस राशि का दुरूपयोग चुनाव जीतने के लिए करेगी, इसलिए कई सांसद मिलकर माननीय अटल जी, जो उस समय प्रधानमंत्री थे, के पास पहुंचे, और उनसे कहा कि इस समय राज्य सरकार को कोई भी अतिरिक्त राशि देना उचित नहीं होगा, तब अटल जी ने हमें समझाते हुए कहा कि लोकतन्त्र में चुनी हुई सरकार किसी भी दल की हो, उस सरकार को मदद करने का कर्त्‍तव्‍य केंद्र सरकार का है, इसलिए ऐसे भाव को मन से त्याग दीजिये। 1998 के अंत में मेरा एक भयानक एक्सीडेंट हुआ। मेरे शरीर में 8 फ्रैक्चर थे। उसी दौरान एक वोट से माननीय अटल जी की सरकार गिर गई। मैं भी स्ट्रेचर पर वोट डालने गया था। तब फिर से चुनाव की घोषणा हुई। मुझे लगा ऐसी हालत में मेरा चुनाव लड़ना उपयुक्त नहीं होगा। मैंने अटल जी से कहा कि इस समय विदिशा से कोई दूसरा उम्मीदवार हमें ढूँढना चाहिए, मेरी हालत चुनाव लड़ने जैसी नहीं है, तब उन्होंने स्नेह से मुझे दुलारते हुए कहा, “खीर में इकट्ठे और महेरी में न्यारे, ये नहीं चलेगा. ...जब तुम अच्छे थे तब तुम्हें चुनाव लड़वाते थे। आज तुम अस्वस्थ हो तब तुम्हें न लड़वाएं, ये नहीं होगा। चुनाव तुम ही लड़ोगे, जितना बने जाना, बाक़ी चिंता पार्टी करेगी”. और मैं अस्वस्थता की अवस्था में भी चुनाव लड़ा और जीता। ऐसे मानवीय थे अटल जी। ऎसी कई स्मृतियाँ आज मस्तिष्क में कौंध रही हैं। हमारे प्रिय अटल जी नहीं रहे। सबको अपना मानने वाले, सबको प्यार करने वाले, सबकी चिंता करने वाले, सर्वप्रिय अजातशत्रु राजनेता, उनके लिए कोई पराया नहीं था, सब अपने थे।पूरा जीवन वे देश के लिए जिए। भारतीय संस्कृति, जीवन मूल्यों और परम्पराओं के वे जीवंत प्रतीक थे। भारत माता के पुजारी. उनकी कविता, “हार नहीं मानूँगा, रार नहीं ठानूँगा, काल के कपाल पर लिखता-मिटाता हूँ, गीत नया गाता हूँ”, साहस के साथ हमें काम करने की प्रेरणा देती है। उनके चरणों में शत-शत नमन – प्रणाम.
अजातशत्रु राजनेता थे अटल जी : जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र
17 August 2018
जनसम्पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के अवसान पर गहरा दुख व्यक्त किया है। डॉ. मिश्र ने शोक संदेश में कहा कि भारतीय राजनीति में अटल जी ने शुचिता, सदभाव, मैत्री और सामंजस्य के गुणों तथा मूल्यों की स्थापना की। वे सर्वमान्य, सर्व-स्वीकार्य और अजातशत्रु राजनेता थे। जनसम्पर्क मंत्री ने कहा कि अटल जी ने विपक्ष के राजनेता के रूप में, विदेश मंत्री के रूप में, प्रधानमंत्री के रूप में सबसे अलग पहचान बनाई। अटल जी का साहित्य के प्रति गहरा अनुराग था। कारगिल युद्ध के समय उनके नेतृत्व में प्रदर्शित शौर्य ने भारत की गरिमा को बढ़ाया। अटल जी ने मध्यप्रदेश का भी गौरव बढ़ाया। उन्होंने राष्ट्रभाषा हिन्दी के सम्मान के लिए विश्व स्तर पर अथक प्रयास किए। डॉ. मिश्र ने अटल जी को श्रद्धाजंलि देते हुए कहा कि आज पूरा राष्ट्र दु:खी है। स्व. अटल जी की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए उन्होंने सम्पूर्ण राष्ट्र रूपी परिवार को यह असीम दु:ख सहन करने की शक्ति देने की कामना की है।
अटल जी देश के राजनैतिक गुरू और पितामाह थे : राज्यपाल श्रीमती पटेल
17 August 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर शोक व्यक्त किया है और श्रद्धा-सुमन अर्पित किये हैं। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने शोक संदेश में कहा है कि श्री वाजपेयी के निधन से देश को अपूरणीय क्षति हुई है। देश को विश्व स्तर पर सम्मान दिलाने तथा संयुक्त राष्ट्र संघ में दुश्मन देशों के मुकाबले अपने देश का पक्ष मजबूती से रखने के लिए उन्हें हमेशा याद किया जायेगा। राज्यपाल ने कहा है कि वह देश के राजनैतिक गुरू और पितामाह थे। वे कठिन और विपरित परिस्थितियों में कभी भयभीत नहीं होते थे। वह देश के ऐसे प्रथम प्रधानमंत्री थे, जिनके शासन काल में भारत ने सफल परमाणु परीक्षण किया। यह हमारे लिए गर्व का विषय है। उनकी कविताएँ आने वाली पीढ़ी को देश सेवा की प्रेरणा देती रहेंगी। राज्यपाल ने कहा कि स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी महान कवि, साहित्यकार और महान वक्ता थे। उनके पास शब्दों का भण्डार था। उनके भाषण में वह कला थी, जिससे आम-जनता और युवा आकर्षित हुए बिना नहीं रहते थे। बड़ी संख्या में हर वर्ग के लोग अपना काम छोड़कर उनका भाषण सुनने के लिये आतुर रहते थे। श्री वाजपेयी का व्यक्तित्व इतना महान था कि विरोधी और विपक्ष के राजनेता भी उनसे प्रभावित हुए बिना नहीं रह पाते थे। राज्यपाल ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने और देश के शोक संतप्त नागरिकों को यह दु:ख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।
स्वतंत्रता दिवस पर राजभवन में हुआ स्वागत समारोह
16 August 2018
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बुधवार को राजभवन में स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान एवं उनकी पत्नी श्रीमती साधना सिंह सहित आगंतुकों का स्वागत करते हुए उन्हें स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनाएँ दीं। राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानियों को शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित भी किया। स्वागत समारोह में सांसद श्री आलोक संजर, पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर, पूर्व सांसद श्री कैलाश सारंग, विधायकगण, निगम-मंडलों के अध्यक्ष, मुख्य सचिव श्री बसंत प्रताप सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री ऋषि कुमार शुक्ला, विश्वविद्यालयों के कुलपति, विभिन्न धर्मों एवं सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिध, सेना, पुलिस एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, पत्रकार तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में सहयोग करे सम्पूर्ण समाज
16 August 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सम्पूर्ण समाज का आव्हान किया है कि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में सहयोग के लिये आगे आये। 'मिल-बांचें मध्यप्रदेश' अभियान के अंतर्गत स्कूल में जाकर बच्चों के साथ संवाद करें। बच्चों को प्रेरक प्रसंग और नैतिक शिक्षा की कहानियां सुनायें, पुस्तकों और विद्यालय की आवश्यकता की सामग्रियों का दान करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बुधवार को यहाँ रवीन्द्र भवन में राष्ट्रीय अलंकरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद राष्ट्रीय सम्मान, महाराजा अग्रसेन राष्ट्रीय सम्मान और महर्षि वेदव्यास राष्ट्रीय सम्मान से विभूषित 4 व्यक्तियों और 7 संस्थाओं को सम्मान के रूप में प्रशस्ति पत्र, शॉल-श्रीफल और सम्मान निधि स्वरूप दो लाख रुपये भेंट किये। इस अवसर पर सुमिरन ऑडियो सीडी का विमोचन किया गया। कार्यक्रम उपरांत मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश विकास यात्रा के रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। श्री चौहान ने देश की आजादी के लिये प्राणों की आहूति देने वाले वीर सेनानियों और शहीदों का स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि सीमाओं पर अपने परिवार से दूर, विपरीत और जोखिम भरी परिस्थितियों में, चौकसी करने वाले सैनिक भी वंदनीय हैं। राज्य सरकार ने आजादी के बाद से राष्ट्र की सेवा में शहीद हुए 30 हजार से अधिक सैनिकों के परिवारों के सम्मान में इस वर्ष से हर वर्ष 14 अगस्त को शहीद सम्मान दिवस मनाना शुरू किया है। शहीदों के परिजनों का समाज और सरकार सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश के हर नागरिक को देश और समाज के लिये जीने का संकल्प लेना चाहिए। पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और बेटी बचाओ अभियान आदि सामाजिक कार्यों में हर आदमी सक्रिय सहयोग करे। श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में बेटियों को देवियों का सम्मान दिया गया है। उन्होंने ने कहा कि मासूम के साथ दुराचार करने वाले दरिंदें धरती का बोझ हैं। इनके लिये फांसी की सजा का प्रावधान मध्यप्रदेश ने सबसे पहले किया गया है। अलंकरण समारोह में अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद राष्ट्रीय सम्मान वर्ष 2015-16 से श्री सुधीर विद्यार्थी बरेली को, वर्ष 2016-17 से गांधी न्यास भोपाल को, वर्ष 2017-18 से श्री अनुज धर नई दिल्ली को और वर्ष 2018-19 से मेजर जनरल सेवानिवृत्त श्री गगनदीप बख्शी, नई दिल्ली को अलंकृत किया गया। महर्षि वेद व्यास राष्ट्रीय सम्मान वर्ष 2015-16 से दक्षिणामूर्ति विनय मंदिर भावनगर गुजरात, 2016-17 से प्रो. रमेश दवे भोपाल, और 2017-18 से हेमचन्द्राचार्य संस्कृत पाठशाला, साबरमती, गुजरात को अलंकृत किया गया। समोराह में महाराजा अग्रसेन राष्ट्रीय सम्मान वर्ष 2015-16 से सुरभि शोध संस्थान बनारस, उत्तरप्रदेश वर्ष 2016-17 से नारायण सेवा संस्थान उदयपुर, राजस्थान वर्ष 2017-18 से लोक बिरादरी प्रकल्प, हेमलकासा, महाराष्ट्र और वर्ष 2018-19 से केन्द्रीय चिन्मय मिशन ट्रस्ट मुम्बई, महाराष्ट्र को अलंकृत किया गया।
मंत्री डॉ. मिश्र ने देहदान करने वाले डॉ. त्रिपाठी की सराहना की
16 August 2018
जनसम्पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने मेडीकल कॉलेज, दतिया के लिए अधिष्ठाता डॉ. त्रिपाठी द्वारा देहदान करने की घोषणा करने पर उन्हें सम्मानित किया है। उल्लेखनीय है कि दतिया में मेडीकल कॉलेज प्रारंभ होने के पश्चात देहदान की यह प्रथम घोषणा है। डॉ. महेश त्रिपाठी द्वारा मेडीकल विद्यार्थियों को अनुसंधान के लिए मृत्यु के उपरांत देह प्रदान करने के निर्णय से अन्य नागरिक भी प्रेरित हो रहे हैं। अनूप जलोटा के भजन और राष्ट्रभक्ति गीत डॉ. मिश्र ने पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं श्रीमद भागवत कथा के अवसर पर पधारे श्रद्धालुओं से भेंट की। स्वतंत्रता दिवस के शाम प्रख्यात गायक श्री अनूप जलोटा ने भजन संध्या में अनेक भजन और नागरिकों के आग्रह पर देश-भक्ति गीत सुनाए। डॉ. मिश्र ने उर्स में दरगाह पर चादर चढ़ाई डॉ. मिश्र ने बुधवार को दतिया के दावलपीर शाह उर्स के अवसर पर दरगाह में चादर चढ़ाकर आमजन के विकास और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। डॉ. मिश्र ने कव्वालों का पुष्पहार से स्वागत किया। रवाना किया विकास यात्रा रथ जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने दतिया विकासखण्ड के लिए विकास यात्रा रथ को झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
राज्यपाल श्रीमती पटेल द्वारा राजभवन में ध्वजारोहण
15 August 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने स्वतंत्रता दिवस की 72वीं वर्षगाँठ के अवसर पर राजभवन परिसर में प्रात: 8 बजे राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के बाद राज्यपाल श्रीमती पटेल ने पुलिस बल की टुकड़ी की सलामी ली। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने इस अवसर पर अधिकारियों और कर्मचारियों सहित बच्चों को मिष्ठान वितरित किया। गरिमामय ध्वजारोहण कार्यक्रम में राज्यपाल के परिजन, राज्यपाल के सचिव श्री डी.डी अग्रवाल तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी सहित आमजन भी उपस्थित थे।
म.प्र नाबालिग से दुष्कर्म पर फांसी का प्रावधान करने वाला प्रथम राज्य -राज्यपाल
15 August 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल से आज मध्यप्रदेश पुलिस के राष्ट्रपति पदक प्राप्त पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने भेंट की। राज्यपाल ने बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश देश का प्रथम राज्य है, जहां नाबालिगों से दुष्कर्म के मामलों में फांसी की सजा का प्रावधान किया गया है। बच्चियों से दुष्कर्म के मामले में पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा त्वरित कार्यवाही एवं न्यायालय में साक्ष्य प्रस्तुतीकरण के कारण दोषियों को कम से कम समय में दण्डित किया जा रहा है। पुलिस की ही निरंतर और प्रभावी कोशिशों के चलते मध्यप्रदेश में कानून-व्यवस्था संतोषजनक है पुलिस को अपनी जन-हितैषी छवि को और पुख्ता बनाने की आवश्यकता है। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि उन्नत तकनीकी, इंटरनेट एवं सोशल मीडिया के कारण साइबर अपराधों में वृद्धि हो रही है। अपराधों की रोकथाम तथा कानून व्यवस्था की स्थिति बेहतर बनाये रखने के लिए पुलिस आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। साहसी, कर्मठ और बहादुर पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को पदक से सम्मानित किया जाना समूचे प्रदेश के लिये गौरव और अभिमान का प्रसंग है। राज्यपाल ने कहा कि महिला अपराधों के प्रति जागरुकता तथा बच्चियों एवं महिलाओं को आत्मरक्षा के लिए सशक्त बनाने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा कई नवाचार किए जा रहे हैं। प्रदेश के 12 जिलों के 180 थानों में URJA डेस्क (अरजेन्ट रिलीफ एण्ड जस्ट एक्शन डेस्क) स्थापित की जा रही हैं। पुलिस महानिदेशक श्री ऋषि कुमार शुक्ला, ने पुलिस की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस प्रदेश को सुरक्षित बनाये रखने के प्रति कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ उत्पीड़न और बलात्कार की घटनाओं को पुलिस ने चुनौति के रूप में लिया है। त्वरित कार्यवाही करते हुए बच्चियों से बलात्कार के 10 मामलों में दोषियों को फांसी की सजा दिलाई है। इस अवसर पर म.प्र. पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन के चेयरमेन, श्री विजय कुमार सिंह, विशेष महानिदेशक, पुलिस सुधार श्री मैथिलीशरण गुप्त, राज्यपाल के सचिव श्री डी.डी.अग्रवाल तथा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और पदक प्राप्त अधिकारियों और कर्मचारियों के परिजन उपस्थित थे। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक,विसबल श्री विजय यादव ने आभार व्यक्त किया।
स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया
15 August 2018
स्वतंत्रता दिवस समारोह आज हर्ष और उत्साह से मनाया गया। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल के मोतीलाल नेहरु स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय ध्वजारोहण किया और स्वतंत्रता दिवस पर परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। इस दौरान पुलिस महानिदेशक श्री ऋषि शुक्ला और परेड कमाण्डर श्री नगेन्द्र सिंह भापुसे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महू, इंदौर मुख्यमंत्री के साथ थे। पुलिस बैण्ड द्वारा राष्ट्रगान की धुन बजाई गई और जवानों ने हर्ष फायर किया। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वतंत्रता दिवस परेड में सर्वोत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर सशस्त्र दलों में एस.टी.एफ. के दल को प्रथम, नागालैण्ड के दल को द्वितीय तथा मध्यप्रदेश विशेष सशस्त्र बल को तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया। गैर सशस्त्र दलों में एन.सी.सी. आर्मी विंग(गर्ल्स) के दल को प्रथम, एन.सी.सी. (नेवल) विंग को द्वितीय एवं एन.सी.सी. (एयर) विंग को तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। स्वतंत्रता दिवस की परेड में 18 टुकडि़यों ने भव्य एवं आकर्षक मार्च पास्ट कर दर्शकों की खूब तालियां पाईं। परेड कमांडर श्री नगेन्द्र सिंह तथा परेड टू आई.सी. श्री नागेन्द्र सिंह सिकरवार उप पुलिस अधीक्षक (परिवीक्षाधीन), नीमच के बाद उप निरीक्षक श्री ग्रेनराइलुंग के नेतृत्व में नागालैण्ड, उप निरीक्षक श्री शिवजी यादव के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, उप निरीक्षक श्री चंचल रोमडे के नेतृत्व में एस.टी.एफ., उप निरीक्षक श्री रामदत्त पाण्डेय के नेतृत्व में विसबल, उप निरीक्षक श्री रवीन्द्र उइके के नेतृत्व में हॉकफोर्स, उप निरीक्षक श्री राघवेन्द्र सिंह सिकरवार के नेतृत्व में जिला बल/शासकीय रेल पुलिस, उप निरीक्षक सुश्री संध्या शुक्ला के नेतृत्व में महिला (विसबल एवं जिला बल), पी.सी. सुश्री अभिरुचि गौर के नेतृत्व में नगर सेना (होमगार्ड), सहायक जेल अधीक्षक श्री विकास तिवारी के नेतृत्व में जेल विभाग (पुरुष), सहायक जेल अधीक्षक सुश्री मनीषा यादव के नेतृत्व में जेल विभाग (महिला), सीनियर अन्डर ऑफीसर श्री हर्ष चतुर्वेदी के नेतृत्व में एन.सी.सी.(आर्मी विंग), सीनियर कैडेट कैप्टन श्री आकाश यादव के नेतृत्व में एन.सी.सी.(नेवल विंग), कैडेट वारंट ऑफीसर श्री कमलेश सराठे के नेतृत्व में एन.सी.सी. (एयर विंग), सीनियर अन्डर ऑफीसर श्री रविनाथ तेलंग के नेतृत्व में एन.सी.सी. आर्मी डिवीज़न (गर्ल्स), कमाण्डर सुश्री प्राची मिश्रा के नेतृत्व में शौर्य दल, कमाण्डर सुश्री अनुराधा इनवे के नेतृत्व में गर्ल्स गाइड्स, कमाण्डर श्री ओम सिंह बघेल के नेतृत्व में वॉयज़ स्काउट्स, उप निरीक्षक श्री सुनील कटारे के नेतृत्व में पुलिस बैण्ड सहित कुल 18 टुकड़ियों ने परेड में भाग लिया। परेड के आकर्षक मिश्रण जिसमें एस.टी.एफ. हॉकफोर्स, नागालैण्ड की टुकडि़यों के साथ ही स्काउट्स एवं गाइड्स के छोटे-छोटे बच्चों के मार्च-पास्ट ने अनोखे ढंग से रोमांचित किया। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पदक अलंकरण समारोह में 59 पदक प्रदान किये। इनमें 3 सर्वोत्तम जीवन रक्षक पदक,1 उत्तम जीवन रक्षक पदक, 6 पुलिस विभाग के लिये राष्ट्रपति का विशिष्ट सेवा पदक, 1 विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति का होमगार्ड तथा नागरिक सुरक्षा पदक, 31 पुलिस विभाग के लिये राष्ट्रपति का सराहनीय सेवा पदक, 10 जेल विभाग के लिये सराहनीय सेवा पदक, 4 होमगार्ड तथा नागरिक सुरक्षा के लिये सराहनीय सेवा पदक, 3 जीवन रक्षा पदक पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों को प्रदान किए गए। सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक :- स्व. श्री बसंत वर्मा, ग्राम धरगांव, तहसील महेश्वर, जिला खरगौन(मरणोपरांत) स्व. श्री दीपक साहू, राजीव नगर, कोटरा सुल्तानाबाद, जिला भोपाल(मरणोपरांत) स्व. श्री बबलू मार्टिन, विवेक नगर, मैहर, जिला सतना(मरणोपरांत) उत्तम जीवन रक्षा पदक :- श्रीमती रीना पटेल, आरक्षक, जिला छतरपुर पुलिस विभाग के लिये राष्ट्रपति का विशिष्ट सेवा पदक:- श्री गाजीराम मीणा, अति. पुलिस महानिदेशक, जेल, म.प्र. भोपाल श्री रामलाल प्रजापति, पुलिस महानिरीक्षक , विसबल, भोपाल रेंज (सेवानिवृत्त) श्री जुगल किशोर दीक्षित, उप सेनानी, 35वीं वाहिनी विसबल, मंडला श्री संजीव देशपाण्डे, उप सेनानी, 7वीं वाहिनी विसबल, भोपाल श्री निरंजन सिंह राजपूत, प्ला. कमा., 10वीं वाहिनी विसबल, सागर(सेवानिवृत्त) श्री सऊद जफर, प्रधान आरक्षक, 7वीं वाहिनी विसबल, भोपाल(सेवानिवृत्त) विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति का होमगार्ड तथा नागरिक सुरक्षा पदक :- श्री देवी प्रसाद तिवारी, सहा. निरीक्षक (एम) जिला दतिया पुलिस विभाग के लिये राष्ट्रपति का सराहनीय सेवा पदक:- श्री विवेक शर्मा, पुलिस महानिरीक्षक/सचिव, गृह विभाग, भोपाल श्रीमती हिमानी खन्ना, सेनानी, 2री वाहिनी विसबल, ग्वालियर श्री मुकेश श्रीवास्तव, सेनानी, 5वीं वाहिनी, विसबल, मुरैना श्री हेमन्त चौहान, पुलिस अधीक्षक, (उत्तर) भोपाल श्री राजेश सिंह चंदेल, पुलिस अधीक्षक, सीहोर श्री रामावतार सिंह कुशवाह, निरीक्षक, 5वीं वाहिनी विसबल, मुरैना श्री नवाब खान, निरीक्षक(एम) स्टेनो, पु.मु. भोपाल श्री श्यामराव पाटिल, निरीक्षक(एम), पु.मु. भोपाल श्री उदयन श्रीवास्तव, निरीक्षक(एम) कार्या. उप पुलिस महानिरीक्षक, भोपाल श्रीमती ऊषा किरण पाण्डे, सूबेदार(एम) जे.एन.पी.ए., सागर श्री ऋतुकांत सिन्हा, सूबेदार(एम) एस.सी.आर.बी., पु.मु. भोपाल श्री अशोक भुसारी, उप निरी. वि.स. बल, आर.ए.पी.टी.सी. इंदौर श्री अजय कुमार सिंह, उप. निरी.(फोटो) पु.मु. भोपाल श्री सुरेश कुमार दुबे, उप. निरी.(एम), जिला बल पन्ना श्री रजी अब्राहम, उप. निरी. ए.टी.एस. मुख्या., पु.मु. भोपाल श्री अशोक कोल्हे, सउनि, विसबल, आर.ए.पी.टी.सी. इंदौर श्री गोपाल सिंह, सउनि,(रेडियो) भोपाल श्री अजय कुमार शर्मा, सउनि, (सायबर सेल), जिला मंदसौर श्री मेहताब सिंह रघुवंशी, सउनि, जिला पुलिस बल, भोपाल श्री किशन लाल मेहरा, सउनि, (ई.ओ.डब्ल्यू.) भोपाल श्री श्योराज सिंह, सउनि, (आर्म्स) 7वीं वाहिनी वि.स.बल, भोपाल श्री बाल्मिक सनान्से, प्रधान आरक्षक, (ई.ओ.डब्ल्यू.) भोपाल श्री ब्रजभूषण कौल, प्रधान आरक्षक, जिला पुलिस बल, रीवा श्री वाल्टर हेनरी एक्का, प्रधान आरक्षक, हॉक फोर्स मुख्या. भोपाल श्री बसंत कटारे, प्रधान आरक्षक, लोकायुक्त संगठन, म.प्र. भोपाल श्री रामचरित तिवारी, प्रधान आरक्षक. (ई.ओ.डब्ल्यू.), भोपाल श्री अरुण कुमार मिश्रा, आरक्षक, (लोकायुक्त संगठन), भोपाल श्री विनोद कुमार थापा, आरक्षक, (लोकायुक्त संगठन), ग्वालियर श्री राजलोचन प्रसाद दुबे, आरक्षक, 9वीं वाहिनी वि.स. बल, रीवा श्री तान सिंह मरावी, आरक्षक, जिला पुलिस बल, अनूपपुर श्री सीताराम अहिरवार, आरक्षक, (ई.ओ.डब्ल्यू.) जबलपुर जेल विभाग के लिये सराहनीय सेवा पदक :- श्री अनिल कुमार अग्रवाल, उप जेल अधीक्षक, केन्द्रीय जेल, नरसिंहपुर श्री हरपाल सिंह राठौर, सहायक जेल अधीक्षक, जिला जेल, शहडोल श्री सीताराम आठिया, प्रमुख मुख्य प्रहरी, केन्द्रीय जेल, इंदौर श्री फूल सिंह गरवाल, मुख्य प्रहरी, केन्द्रीय जेल, उज्जैन श्री सतीश प्रसाद तिवारी, मुख्य प्रहरी, केन्द्रीय जेल, उज्जैन श्री सत्यभान द्विवेदी, मुख्य प्रहरी, केन्द्रीय जेल, सतना श्री राजेश कुमार नामदेव, मुख्य प्रहरी, जेल मुख्यालय, भोपाल श्री संजय व्यास, प्रहरी, केन्द्रीय जेल, उज्जैन श्री एलिकजेण्डर, प्रहरी, केन्द्रीय जेल, जबलपुर श्रीमती लौंगबाई मरावी, प्रहरी, केन्द्रीय जेल, जबलपुर होमगार्ड तथा नागरिक सुरक्षा के लिये सराहनीय सेवा पदक:- श्री अशोक कुमार साहू, एस.आई.(एम), जिला छिन्दवाड़ा श्री वीरन सिंह बघेल, वाहन चालक, जिला सिवनी श्री राधाचरण शर्मा, सी.क्यू.एम. क्र.-108 जिला होशंगाबाद श्री सुनील कुमार गर्ग, डिवीजन वार्डन, सिविल डिफेन्स, जबलपुर जीवन रक्षा पदक: - श्री सौरभ सिंह राजपूत, पी.एस. करेली, जिला नरसिंहपुर श्री सुरेन्द्र शर्मा, प्रधान आरक्षक पी.एस. गाडरवारा, जिला नरसिंहपुर श्री हरिओम सिंह बैस, पुलिस लाइन्स, पी.एस. मिड़घाट, जिला जबलपुर
समृद्ध मध्यप्रदेश के लिये हर नागरिक का सहयोग और भागीदारी जरूरी
14 August 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि नागरिकों के सक्रिय सहयोग और भागीदारी से समृद्ध मध्यप्रदेश का निर्माण होगा। उन्होंने नागरिकों से समृद्ध मध्यप्रदेश बनाने के लिये सुझाव माँगे। श्री चौहान ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में हर गाँव में जनजातीय अधिकार सभा बनाई जायेगी। इस सभा को स्थानीय विकास और संसाधनों के उपयोग के संबंध में निर्णय लेने का अधिकार होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश करने वाली जो औद्योगिक इकाई रोजगार उपलब्ध करायेगी, उसे शासकीय रियायतों में प्राथमिकता दी जायेगी। श्री चौहान आज स्थानीय लाल परेड ग्राउंड पर राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने समारोह में परेड की सलामी ली। श्री चौहान ने उन सभी अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी, जिनके बलिदान से भारत को आजादी मिली। उन्होंने कहा कि अपना कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए जवानों के परिवारों को एक करोड़ रूपये की सम्मान निधि दी जायेगी। इसमें से 40 प्रतिशत राशि शहीदों के माता पिता के खातों में डाली जायेगी और बाकी शहीद के उत्तराधिकारी को दी जायेगी। माता-पिता को आजीवन पाँच हजार रूपये की पेंशन भी दी जायेगी। यदि शहीदों के बच्चे शहरों में पढ़ने आते हैं, तो उन्हें फ्लैट की सुविधा दी जायेगी। हर साल 14 अगस्त को प्रदेश में शहीद सम्मान दिवस मनाया जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एक सशक्त और समृद्ध भारत का निर्माण हो रहा है। नये भारत का निर्माण करने के लिये नये मध्यप्रदेश का निर्माण करना जरूरी है। हम बीमारू राज्य से प्रगतिशील और अब विकसित राज्य की ओर बढ रहे हैं। अब समद्ध मध्यप्रदेश बनाना है। श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश हर क्षेत्र में आगे है। भरपूर बिजली है। भरपूर सिंचाई हो रही है। नर्मदा को गंभीर नदी से जोड़ा जा रहा है। इसके बाद पार्वती और कालीसिंध नदियों से जोड़ा जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि किसानों की समृद्धि राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है। किसानों को कई राहतें दी गई हैं। उन्हें उनकी उपज का पूरा दाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों को प्रति हेक्टेयर के हिसाब से सहायता देने पर भी विचार किया जाना चाहिये। प्रति व्यक्ति आय बढ़ी है, लेकिन इसे और बढ़ाने की आवश्यकता है। गरीबों को पक्का मकान बनाने के लिये पट्टे दिये जा रहे हैं। कोई गरीब बिना मकान और जमीन के नहीं रहेगा। बिजली बिल माफ किये जा रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई का खर्चा सरकार उठायेगी। इस साल के आखिर तक सभी घरों में बिजली होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा कर्मी बनाने की संस्कृति को समाप्त कर अध्यापक का सम्मानजनक पद बनाया गया है। बैतूल जिले से 'एक परिसर-एक स्कूल' का प्रयोग शुरू किया जा रहा है, जिसमें एक ही स्कूल परिसर में पढ़ाई के सभी आधुनिक संसाधन उपलब्ध होंगे। आगामी 17 अगस्त को 'मिल-बाँचे मध्यप्रदेश'' का शुभारंभ हो रहा है। उन्होंने सभी सक्षम नागरिकों से अपील की कि वे अपनी पसंद के स्कूल में जायें और बच्चों को पढायें, शिक्षाप्रद कहानियाँ सुनायें और किताबें दान में दें। श्री चौहान ने कहा कि योजनाबद्ध तरीके से छोटे तालाबों के निर्माण के लिये ग्राम सरोवर अभिकरण बनाया जायेगा। यह अभिकरण पाँच वर्षों में पाँच हजार तालाब निर्मित करेगा। उद्योगों के जरिए रोजगार में वृद्धि के लिये अब उद्योगों को टैक्स में छूट देने के बजाय निवेश में सीधे सहायता देने के लिये औद्योगिक नीति में बदलाव किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति लगातार बेहतर बनी हुई है। हमारी विकास दर पिछले कई वर्षों में लगातार डबल डिजिट में रही है। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि है। गरीब परिवारों को सभी मूलभूत सुविधाएँ जुटाने और गरीब परिवारों की आय बढ़ाने का काम किया जायेगा। गरीबों की चिंता दूर करेगी संबल योजना मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना 'संबल' की चर्चा करते हुए श्री चौहान ने कहा कि यह योजना प्रदेश की लगभग आधी आबादी की रोटी, कपड़ा, मकान, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, रोजगार जैसी मूलभूत चिंताओं को दूर करने का काम करेगी। एक जनवरी 2018 से ग्रामीण क्षेत्र में भू-खण्ड अधिकार अभियान में नौ लाख से अधिक परिवारों को भू-खण्ड अधिकार-पत्र दिए गए हैं। पहले वितरित भू-खण्ड अधिकार पत्रों को शामिल कर 35 लाख से अधिक परिवार को आवासीय भू-खण्ड मिल चुके हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 7 लाख से ज्यादा आवास बन गये हैं। सवा लाख आवासों का निर्माण पूरा हो गया है। ग्रामीण क्षेत्र के 94 प्रतिशत घरों में शौचालय सुविधा के साथ प्रदेश, देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। पंजीकृत श्रमिकों और संन्निर्माण कर्मकारों को अधिकतम 200 रूपये प्रति माह की दर से जुलाई माह से बिजली बिल देना प्रारंभ किया गया है। बिजली के क्षेत्र में आत्म-निर्भर होने के बाद अब लक्ष्य यह है कि हर नागरिक का घर बिजली से रोशन हो। सौभाग्य योजना के तहत 31 जिलों में सभी पात्र हितग्राहियों के घरों तक बिजली पहुँचाई जा चुकी है। अक्टूबर माह तक प्रदेश के हर घर में बिजली का प्रकाश लाने का हमारा लक्ष्य है। किसानों के खातों में जमा कराये 35 हजार करोड़ मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती की आय को पाँच वर्षों में दोगुना करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये सिंचाई का रकबा बढाया जा रहा है। अभी 40 लाख हेक्टेयर है। इसे बढाकर 80 लाख हेक्टेयर कर दिया जायेगा। इस वर्ष फसल बीमा, मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि, भावांतर भुगतान, प्राकृतिक आपदाओं से फसल क्षति और अन्य विभिन्न योजनाओं से किसानों के खातों में सीधे 35 हजार करोड़ रूपये की राशि पहुँचायी गयी है। कृषि के सहयोगी क्षेत्रों को भी भरपूर बढ़ावा दिया जा रहा है। नियमों में संशोधन करते हुए राहत राशि को 30 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर कर दिया गया है। इस वर्ष केला फसल क्षति राहत 27 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये प्रति हेक्टेयर और अधिकतम 3 लाख रुपये प्रति कृषक की गई है, जिससे बुरहानपुर के केला उत्पादक किसानों को आपदा की घड़ी में सरकार का संबल मिला। श्री चौहान ने कहा कि भूमि-स्वामी और बटाईदार के हितों का संरक्षण करने के लिए कानून बनाने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य है। अब भूमि-स्वामी निश्चिंत होकर अपनी भूमि पाँच वर्ष तक बटाई पर दे सकेगा। स्मार्ट सिटी परियोजना में निवेश होगा 20 हजार करोड़ श्री चौहान ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना में सात शहर भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सतना और सागर शामिल है। इन शहरों में पुनर्घनत्त्वीकरण और पुनर्निर्माण पर जोर दिया जा रहा है। इस परियोजना में 20 हजार करोड़ रूपये निवेश की योजना है। स्वच्छता सर्वेक्षण में पूरे देश में नगर निगम इंदौर प्रथम और नगर निगम भोपाल द्वितीय स्थान पर लगातार दूसरे वर्ष भी रहे हैं। अगले 3 वर्षों में प्रदेश का कोई भी नगरीय निकाय ऐसा नहीं होगा, जहाँ पेयजल परियोजना अधूरी हो अथवा पेयजल का संकट हो। मुख्यमंत्री ने बताया कि सड़कों के विकास में विशेष रूप से निवेश किया है। निरंतर विकास की प्रक्रिया आगे भी जारी है। सरकार 6,600 कि.मी. की सड़कों का निर्माण/उन्नयन और 3,200 कि.मी. सड़कों के नवीनीकरण का कार्य कर रही है। सभी संभागीय मुख्यालयों को फोर-लेन तथा सभी जिला मुख्यालयों को टू-लेन से जोड़ने का कार्य आने वाले समय में प्राथमिकता से पूरा किया जाएगा। इसके अतिरिक्त चंबल एक्सप्रेस-वे जैसी महत्त्वपूर्ण सड़क निर्माण परियोजनाओं पर जोर दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में आने वाले समय में एक भी गाँव ऐसा नहीं बचेगा, जो बारहमासी सड़कों से जुड़ा ना हो। आयुष्मान भारत योजना से लाभान्वित होंगे एक करोड़ 15 लाख परिवार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गरीबों के स्वास्थ्य के लिए शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना की चर्चा करते हुए श्री चौहान ने कहा कि इस योजना के तहत प्रत्येक गरीब परिवार को पाँच लाख रुपये तक के नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था की गई है। योजना में राज्य के लगभग 75 लाख परिवारों को शामिल किया गया है। राज्य सरकार ने एक कदम आगे जाकर 22 अन्य श्रेणी के परिवारों को भी इस योजना में शामिल कर लिया है। इस कदम से आयुष्मान भारत योजना का लाभ प्रदेश के लगभग एक करोड़ 15 लाख परिवार ले सकेंगे। श्री चौहान ने कहा कि इस शिक्षा सत्र से दतिया, विदिशा, खण्डवा, रतलाम में नये मेडिकल कॉलेज शुरू कर एमबीबीएस पाठ्यक्रम में 500 सीट की वृद्धि की गई है। सिवनी और छतरपुर में नए मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस प्रकार, आने वाले समय में शहडोल, शिवपुरी, सतना तथा छिंदवाड़ा सहित 6 नए मेडिकल कॉलेज प्रदेश में और कार्य करना प्रारंभ कर देंगे। 'एक परिसर-एक शाला'' मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूली शिक्षा में गुणवत्ता के सुधार के लिए “एक परिसर-एक शाला” की अवधारणा प्रारंभ की जा रही है। इसके तहत एक परिसर में चलने वाली सभी तरह की शालाओं का एकीकरण कर उन्हें एक ही विद्यालय के रूप में चलाया जाएगा। इससे शिक्षकों के साथ-साथ अन्य संसाधनों का बेहतर उपयोग हो पाएगा। उन्होंने बताया कि स्कूलों में शिक्षा कर्मी व्यवस्था को समाप्त करते हुए अध्यापक संवर्ग और संविदा शिक्षकों का शिक्षा एवं जनजातीय कल्याण विभाग में संविलियन किया गया है। महाविद्यालयों में काफी समय बाद नियमित प्राध्यापकों की नियुक्ति की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गयी है। इस वर्ष से मुख्यमंत्री जन-कल्याण योजना में पंजीकृत श्रमिकों के पुत्र-पुत्रियों को भी इसी योजना का लाभ मिलेगा। हर साल साढ़े सात लाख युवाओं का कौशल संवर्धन श्री चौहान ने कहा कि युवा सशक्तिकरण मिशन के तहत राज्य सरकार ने प्रति वर्ष साढ़े सात लाख युवाओं के कौशल संवर्धन का लक्ष्य रखा है। भोपाल में सिंगापुर के सहयोग से 645 करोड़ का विश्व-स्तरीय ग्लोबल स्किल पार्क स्थापित किया जा रहा है। युवाओं को रोजगार देने के लिए राज्य सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर जिला मुख्यालयों पर रोजगार मेले लगाए गए, जिनमें लगभग सवा लाख युवाओं को नौकरियाँ प्रदान की गईं। राज्य शासन की स्व-रोजगार से जुड़ी योजनाओं के तहत लगभग एक लाख युवाओं को इसी महीने विशेष शिविर आयोजित कर पूरे प्रदेश में ऋण स्वीकृति-पत्र प्रदान किए गए हैं। एमएसएमई विकास नीति 2017 में विभिन्न अनुदान का एकीकरण कर इसे मध्यम, लघु तथा सूक्ष्म इकाईयों के लिए और आकर्षक बनाया गया है। प्रदेश में पिछले वर्ष दो लाख से अधिक एमएसएमई पंजीकृत हुईं हैं, जिसमें 1,400 करोड़ के निवेश के साथ 5 लाख लोगों को रोजगार मिला है। जनजातीय कल्याण पर खर्च होंगे दो लाख करोड़ मुख्यमंत्री ने बताया कि अगले 5 वर्षों में प्रदेश में जनजातीय कल्याण पर दो लाख करोड़ रुपए के कार्य किए जाएंगे, जिससे समस्त जनजातियों का सर्वांगीण विकास होगा। इस वर्ष 9 अगस्त को जनजातीय कल्याण की दिशा में एक नया कदम उठाते हुए अंर्तराष्ट्रीय आदिवासी दिवस को समारोह पूर्वक मनाया। अनुसूचित विकासखंडों के प्रत्येक ग्राम में जनजातीय अधिकार सभा का गठन होगा। विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों में कुपोषण की समस्या को देखते हुए प्रत्येक परिवार के बैंक खाते में एक हजार रुपये प्रति माह का पोषण अनुदान जमा किया जा रहा है। अनुसूचित जातियों का सर्वांगीण विकास सरकार की प्राथमिकता में है। प्रति वर्ष साढ़े 22 लाख से अधिक विद्यार्थियों को हम 732 करोड़ रूपये से अधिक राशि की छात्रवृति एवं शिष्यवृति दे रहे हैं। साथ ही इन वर्गों के आर्थिक विकास के लिये पिछले वर्ष मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना, युवा उद्यमी योजना एवं आर्थिक कल्याण योजना के तहत 11 हजार हितग्राहियों को लगभग 362 करोड़ की आर्थिक सहायता दी गई है। महिलाओं की सुरक्षा श्री चौहान ने कहा कि बालिकाओं से दुष्कर्म या सामूहिक बलात्कार के अपराध को मृत्यु-दण्ड से दण्डनीय बनाने वाला कानून विधानसभा से पास करवाने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है। ऐसे अपराधों के निराकरण के लिए 50 विशेष न्यायालय कार्यरत हैं। पिछले छ: माह में बालिकाओं से दुष्कर्म के आठ प्रकरणों में अपराधियों को मृत्यु-दण्ड की सजा दी गई है। श्री चौहान ने कहा कि इस वर्ष भी नर्मदा तथा अन्य नदियों के केचमेंट सहित पूरे प्रदेश में उच्च गुणवत्ता के 7 करोड़ पौधे लगाये जाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। नर्मदा नदी के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा 'नर्मदा सेवा मिशन' गठित किया गया है। नर्मदा तट के 19 नगरीय निकाय में 1300 करोड़ की सीवरेज योजनाएँ प्रगति पर हैं। वनोपज संग्राहकों के कल्याण के लिए इस वर्ष राज्य सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों को 2000 रूपये प्रति मानक बोरा राशि दी जा रही है, जो पिछले वर्ष से 60 प्रतिशत अधिक है। पहली बार 22 लाख 35 हजार तेंदूपत्ता संग्राहकों को जूता-चप्पल, पानी की बोतल तथा महिला संग्राहकों को साड़ी प्रदाय की गई है। गठित होगा लोक कलाकार मण्डल राज्य सरकार कला एवं संस्कृति के संरक्षण के लिये राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि ओंकारेश्वर में आदिगुरू शंकराचार्य की प्रतिमा स्थापित की जा रही है। आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास गठित किया गया है। कला एवं संस्कृति को सहेजने के लिये लोक कलाकार मण्डल गठित किया जा रहा है। पाँच नये हिन्दी सेवा सम्मान शुरू किये गये हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना का लाभ हजारों वरिष्ठ नागरिकों ने लिया है। प्रदेश की 'स्पोर्टस हब' के रूप में पहचान बन रही है। बीते डेढ़ दशक में खेल अधोसंरचनाओं का उल्लेखनीय विकास हुआ है। राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भी खिलाड़ी पदक जीत रहे हैं। राज्य शासन ने कर्मचारियों के कल्याण का पूरा ध्यान रखा है। कर्मचारियों और पेंशन-धारकों को सातवें वेतनमान का लाभ दिया गया है। उन्होंने कहा कि सुशासन के लिये समाधान एक दिन-तत्काल सेवा प्रदाय व्यवस्था में 34 सेवाओं को एक दिन में प्रदाय किया जा रहा है। सीएम हेल्प लाइन नागरिक केन्द्रित सेवा प्रदाय की पहल है। इसमें अब तक प्राप्त 95 प्रतिशत शिकायतों का निराकरण हो चुका है। प्रभावी अपराध नियंत्रण मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था लगातार बेहतर रखने में सरकार सफल रही है। साम्प्रदायिक सौहार्द की दृष्टि से प्रदेश देश में मिसाल बना है। पिछले वर्षों में 161 नये पुलिस थाने तथा 111 नई पुलिस चौकियाँ स्थापित की गईं और 42 हजार 336 पदों पर भर्ती की गईं। महिलाओं के लिये 676 थानों में पृथक कक्ष के निर्माण की परियोजना में इस वर्ष 40 करोड़ का प्रावधान है। डॉयल-100 योजना से 50 लाख से भी अधिक पीड़ितों और जरूरतमंदों को मौके पर पुलिस सहायता मिली है। प्रदेश भर में संवेदनशील स्थानों पर 10 हजार सी.सी.टी.व्ही. कैमरे लगाकर अपराधों पर नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था करने वाला वाला मध्य प्रदेश पहला राज्य है।
राज्य सरकार के लिये नागरिक सुरक्षा सर्वोपरि- मुख्यमंत्री श्री चौहान
15 August 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि राज्य सरकार के लिये नागरिक सुरक्षा सर्वोपरि है। इसके लिये राज्य सरकार कटिबद्ध है। अपराध मुक्त मध्यप्रदेश हमारा लक्ष्य है। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ सेफ सिटी मॉनीटरिंग एवं रिस्पॉस सेन्टर के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में उन्होंने डॉयल-100 के मोबाईल एप, डॉयल-100 सेवा में जोड़े जा रहे 150 मोटरसाईकिल वाहन तथा 79 आधुनिक सी.सी.टी.व्ही. सर्विलेंस वाहनों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक की मदद से अपराधों को कम करने में मदद मिलेगी और नागरिकों में सुरक्षा का भाव बढ़ेगा। प्रदेश में डॉयल-100 सेवा को और विकसित किया जायेगा। साथ ही सी.सी.टी.व्ही. कैमरों की संख्या बढ़ाई जायेगी। निजी संस्थानों में भी सी.सी.टी.व्ही. कैमरे लगाये जाने का अभियान चलाया जायेगा। उन्होने कहा कि प्रदेश में बलात्कारियों को फाँसी की सजा दिलाने में आधुनिक तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका है। आधुनिक तकनीकी का उपयोग कर कैसे अपराधों पर नियंत्रण किया जा सकता है, यह मध्यप्रदेश ने देश को दिखाया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भी स्वतंत्रता दिवस समारोह के अपने भाषण में बलात्कारियों को तेजी से फाँसी की सजा दिलाने में मध्यप्रदेश का उल्लेख किया है। श्री चौहान ने आज से शुरू हुई इस सेवा का अवलोकन भी किया और सी.सी.टी.व्ही. के माध्यम से उज्जैन के नागचंद्रेश्वर मंदिर और दतिया के पीताम्बरा पीठ मंदिर के दर्शन किये। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री उपेन्द्र जैन ने रिस्पॉन्स सेंटर की सेवाओं की जानकारी दी। इस मौके पर बताया गया कि डॉयल-100 मोबाईल एप में एसओएस कॉलिंग, एस.एम.एस. सेंड तथा लोकेशन ट्रेकर्स जैसे फीचर्स हैं, जिससे सूचनाकर्ता को तत्काल मदद पहुंचायी जा सकेगी। डॉयल-100 सेवा में अब दोपहिया वाहनों के दौड़ने से तंग गलियों और संकरे रास्तों में भी मदद पहुंचायी जा सकेगी। आधुनिकतम सी.सी.टी.व्ही. सर्विलेंस वाहनों से दुरस्त स्थानों की मॉनीटरिंग भी की जा सकेगी। प्रदेश में वर्तमान में दो हजार स्थानों पर 11 हजार सी.सी.टी.व्ही. कैमरे लगाने की कार्रवाई चलेगी। कार्यक्रम में मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री आर.के. शुक्ला, प्रमुख सचिव गृह श्री मलय श्रीवास्तव, मुख्यमंत्री की पत्नी श्रीमती साधनासिंह, मुख्य सचिव की पत्नी श्रीमती इंदु सिंह, पुलिस महानिदेशक की पत्नी श्रीमती नीलिमा शुक्ला सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री निवास में हुआ ध्वजारोहण
15 August 2018
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सुबह मुख्यमंत्री निवास पर ध्वजारोहण किया। श्री चौहान ने इस मौके पर अधिकारियों-कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनाएँ दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक वर्णवाल, श्री एस.के. मिश्रा, मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारी, मुख्यमंत्री के निजी, प्रशासनिक एवं सुरक्षा स्टाफ में पदस्थ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने दतिया में फहराया राष्ट्रध्वज
15 August 2018
जनसम्पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने स्वतंत्रता दिवस पर दतिया में राष्ट्रध्वज फहराया। इस अवसर उन्होंने संयुक्त परेड की सलामी ली और मुख्यमंत्री के नागरिकों के नाम संदेश का वाचन किया।
राज्यपाल द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएँ
14 August 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने स्वतंत्रता दिवस की 71 वीं वर्षगाँठ के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। राज्यपाल ने स्वतंत्रता संग्राम में शहीद होने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को श्रद्धांजलिअर्पित की है। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि एक भारत-श्रेष्ठ भारत की सफलता ही स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि दलितों, ग्रामीणों और महिलाओं का विकास स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सपना था। आज का दिन युवाओं के लिये प्रधानमंत्री के 'सबका साथ-सबका विकास' के नारे में सक्रिय भागीदारी निभा कर शहीदों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सपनों को साकार करने का संकल्प लेने का अवसर है। देश और प्रदेश के नागरिकों का कर्तव्य है कि राष्ट्रीय एकता और सद्भाव के साथ देश के विकास में अपना सम्पूर्ण योगदान राज्यपाल ने युवाओं से स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के व्यक्तित्व और आदर्शों से प्रेरणा लेकर देश और प्रदेश के विकास में भागीदारी सुनिश्चित करने का आव्हान किया है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने शहीद जितेन्द्र सिंह के पिता को दी एक करोड़ की सम्मान राशि
14 August 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सुकमा छत्तीसगढ में नक्सली हमलें में शहीद हुए भिण्ड के जितेन्द्र सिंह पुत्र श्री रामबीर सिंह निवासी चतुर्वेदी नगर के घर पहुंचकर उनके पिता को एक करोड रूपए की सम्मान राशि का चेक प्रदान किया। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने शहीद जितेन्द्र सिंह की मॉं-पत्नी एवं बच्चों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि मध्यप्रदेश.सरकार आपके साथ है। शहीद परिवार की हर संभव मदद की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अमर शहीद जितेन्द्र सिंह की समाधि स्थल पर पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान सामान्य प्रशासन राज्यमंत्री श्री लालसिंह आर्य, क्षेत्रीय सांसद डॉ भागीरथ प्रसाद, विधायक श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाह, मुख्य सचिव श्री बीपी सिंह, डीजीपी श्री ऋषि कुमार शुक्ला, कमिश्नर चंबल संभाग डॉ एमके अग्रवाल, आईजी श्री संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर श्री आशीष कुमार गुप्ता, पुलिस अधीक्षक श्री रूडोल्फ अल्वारेस, जनप्रतिनिधि, पत्रकार और शहीद के परिजन तथा क्षेत्रीय नागरिक मौजूद थे।
दतिया में राष्ट्र ध्वज फहराएंगे मंत्री डॉ. मिश्र
14 August 2018
जनसम्पर्क, जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र स्वतंत्रता दिवस पर जिला मुख्यालय दतिया में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्र ध्वज फहराएंगे। डॉ. मिश्र समारोह में परेड की सलामी लेंगे और मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे। जनसम्पर्क मंत्री स्वतंत्रता दिवस के अन्य कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे।
शहीदों के माता-पिता को मिलेगी सम्मान निधि की 40 प्रतिशत राशि और 5 हजार रूपये पेंशन
14 August 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज भिण्ड में शहीद दिवस सम्मान समारोह में घोषणा की कि शहीदों को राज्य शासन द्वारा दी जाने वाली 1 करोड़ रूपये की सम्मान निधि में से 60 प्रतिशत राशि शहीद के वैधानिक वारिस और 40 प्रतिशत राशि शहीद के माता-पिता को दी जायेगी ताकि वे सम्मान पूर्वक जीवन जी सकें। इसी के साथ, शहीदों के माता-पिता को जीवन-यापन के लिए मध्यप्रदेश शासन द्वारा 5 हजार रुपये प्रति माह की पेंशन भी दी जायेगी। साथ ही शहीद के वारिस को नौकरी, फ्लैट अथवा आवासीय प्लॉट दिया जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि शहीदों के नाम पर सार्वजनिक मार्ग, चौराहों और स्थलों का नामकरण किया जायेगा। स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों पर शहीदों की प्रतिमाएँ लगायी जायेगी। मुख्यमंत्री ने समारोह में भिण्ड जिले के 119 शहीदों के परिजनों को शॉल, श्रीफल, सम्मान-पत्र और उपहार भेंट कर सम्मानित किया। श्री चौहान ने कहा कि शहीदों का राष्ट्र पर कर्ज है। हम मध्यप्रदेश में शहीदों की शहादत को नमन करते हुए परिजनों को सम्मानित करने की परंपरा कायम करेंगे। उन्होंने कहा कि शहीदों का स्मरण कर हम उनके कर्ज को उतारने का प्रयास करते रहेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि आजादी के बाद सीमांत की रक्षा, आतंकवाद जैसी कार्यवाहियों में देश के 30 हजार जवानों ने शहादत दी है। इनमें से अकेले मध्यप्रदेश के 602 शहीदों को अब तक सूचीबद्ध किया गया है। इनमें भिण्ड, मुरैना और ग्वालियर जिले के शहीदों की संख्या सर्वाधिक है। इसके पहले मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम में स्वयं का सम्मान करवाने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि आज प्रदेशभर में शहीद सम्मान दिवस मनाया जा रहा है। इसलिये आज केवल शहीदों के परिजनों और वीर नारियों का सम्मान किया जाये। समारोह में सामान्य प्रशासन और नर्मदा घाटी विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लालसिंह आर्य, सांसद डॉ. भागीरथ प्रसाद, विधायक श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाह, चौधरी मुकेश सिंह चतुर्वेदी, राज्य बीज निगम के उपाध्यक्ष श्री मुन्नासिंह भदौरिया, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अध्यक्ष श्री के.पी. सिंह भदौरिया, अन्य जनप्रतिनिधि, मुख्य सचिव श्री बसंत प्रताप सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री ऋषिकुमार शुक्ला, मध्यप्रदेश सैनिक कल्याण बोर्ड के निर्देशक बिग्रेडियर श्री आर.एस. नौटियाल, शहीदों के परिजन और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे।
मुख्यमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री टंडन के निधन पर शोक व्यक्त
14 August 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री बलराम दास टंडन के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। श्री चौहान ने कहा है कि श्री टंडन राजनीतिक शुचिता, जनसेवा और गरीब कल्याण के पर्याय थे। देश सेवा के लिए समर्पित उनका जीवन सबके लिये सदैव प्रेरणादायी रहेगा। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने और परिजनों को गहन दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों को जन-भागीदारी से सर्व-सुविधायुक्त बनाने के लिये उपहार योजना
13 August 2018
प्रदेश में सरकारी स्कूलों को जन-भागीदारी से सर्व-सुविधायुक्त बनाने के लिये जन-भागीदारी योजना चलाई जा रही है। योजना के माध्यम से स्कूलों में बुनियादी सुविधाएँ बढ़ाने के साथ-साथ अधोसंरचना विकास के कार्य भी करवाये जा रहे हैं। अभी तक इस योजना के माध्यम से करीब 4 करोड़ रुपये के विकास कार्य कराये गये हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारियों को विद्यालय उपहार योजना में जन-सामान्य को प्रोत्साहित करने के लिये निर्देश भी दिये हैं। विद्यालय उपहार योजना में सभी सरकारी विद्यालय अपनी विद्यालयीन आवश्यकताओं को चिन्हित कर उनकी पूर्ति के लिये समाज से उपहार प्राप्त कर सकते हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों के भौतिक एवं अकादमिक विकास के लिये समाज से वस्तुरूप सहायता उपहार के रूप में प्राप्त करना है। स्कूल शिक्षा विभाग के एजुकेशन पोर्टल पर विद्यालय उपहार नाम से मॉड्यूल उपलब्ध करवाया गया है। इसके माध्यम से सरकारी विद्यालय अपनी आवश्यकताओं को विकास खंड स्त्रोत समन्वयक के माध्यम से अपलोड कर सकेगें। जो संस्था, व्यक्ति, समूह, ट्रस्ट या कम्पनी 10 हजार रुपये तक की राशि के बराबर की सामग्री सरकारी स्कूल को उपहार के रूप में उपलब्ध करवायेगा, उसे विद्यालय प्रबंधन समिति द्वारा धन्यवाद पत्र भी दिया जायेगा। योजना में 10 हजार रुपये से अधिक की सहायता करने वालों का नाम एजुकेशन पोर्टल पर प्रदर्शित किया जायेगा। जिन क्षेत्रों में विद्यालय वस्तुरूप उपहार प्राप्त कर सकेगें उनमें छात्रावास के किचन के लिए आवश्यक सामग्री, शुद्ध पेयजल हेतु फिल्टर, वाटर कूलर, पंखें, विद्यालय परिसर में कुओं या ट्यूबवेल खनन करवा कर देना, विद्यालय को फर्नीचर उपलब्ध करवाना, खेल सामग्री दान आदि प्रमुख है। ग्वालियर जिले में जन-सहयोग से 400 टेबलेट कम्प्यूटर सरकारी स्कूल को उपलब्ध करवाये गये हैं। विद्यार्थियों को रोटेशन से बैठाने की व्यवस्था प्रदेश में सरकारी स्कूलों में कक्षा के सभी छात्र समान रूप से प्रथम लाइन में बैठ सके। इसके लिये रोटेशन व्यवस्था को लागू किया गया है। पूर्व में यह देखा गया है कि कक्षा में कुछ ही छात्र स्थायी रूप से आगे की पंक्तियों में बैठते हैं। इससे अन्य छात्रों को यह अवसर नहीं मिल पाता था। इस व्यवस्था में सुधार के लिये रोटेशन व्यवस्था लागू की गई है। इसके साथ ही सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों में देश भक्ति भावना मजबूत हो सके। इसके लिये प्रदेश के सभी माध्यमिक, हाई-स्कूल और हायर सेकेण्डरी विद्यालयों में प्रतिदिन शाला संचालन से पूर्व सम्मानपूर्वक राष्ट्रीय ध्वजारोहण किये जाने की व्यवस्था की गई है।
राजस्व मंत्री द्वारा सीमेंट-क्रांकीट कार्य का भूमि-पूजन
13 August 2018
राजस्व, विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने वार्ड-35 स्थित भीमनगर और वार्ड-27 स्थित राजीव नगर में सीमेंट क्रांकीट कार्य का भूमि-पूजन किया। उन्होंने कार्य समय-सीमा में पूरा करवाने के निर्देश दिये। श्री गुप्ता ने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना
13 August 2018
मध्यप्रदेश सरकार की चिंता से समाज का कोई वर्ग अछूता नहीं रहा है। सरकार की कोशिश समाज के हर वर्ग को विकास के नये शिखर तक ले जाना रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने मुख्यमंत्री जन-कल्याण 'संबल' योजना 2018 पर अमल शुरू किया है। योजना प्रदेश में एक अप्रैल 2018 से लागू की गई है। योजना में असंगठित क्षेत्र से जुड़े श्रमिक भाइयों और बहनों की अनेक जन-कल्याणकारी योजनाओं के जरिये सहायता की जा रही है। सरकार का मानना है कि किसी वर्ग का विकास करना है, तो केवल परिवार के मुखिया को संसाधन युक्त करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उसके पूरे परिवार का ध्यान रखना होगा। 'संबल' ऐसी ही विशेष योजना है, जो प्रदेश में पहली बार लागू की गई है। योजना न केवल असंगठित श्रमिकों के विभिन्न पहलु को सशक्त बनाती है, बल्कि उनके परिवार को भी समाज में सिर ऊँचा कर जीने का हौसला और सम्मान देती है। योजना के जरिये श्रमिकों की आय बढ़े, उनके घर रोशनी से जगमगाएँ, मुफ्त में इलाज की सुविधा श्रमिकों को उपलब्ध हो, श्रमिक बहनों को माँ बनने पर उचित सुविधाएँ मिलें, बच्चे नि:शुल्क उच्च शिक्षा और कोचिंग लेकर पढ़े और बड़े अधिकारी बनें, अपने व्यवसाय चलाये, हर तरह से आत्म-निर्भर हों। इतना ही नहीं, किसी कारण से दिव्यांग हो जाने पर भी परिवार का भरण-पोषण बिना चिंता के और मृत्यु पर सम्मान के साथ अंतिम संस्कार भी हो सके, इसका भी ध्यान मुख्यमंत्री श्री चौहान ने रखा है। 'संबल' से जुड़ी योजनाओं पर एक अप्रैल से ही अमल हो रहा है। कुछ योजनाएँ चरणबद्ध लागू की जा रही हैं। सरल बिजली बिल स्कीम एक जुलाई से लागू की गई है। जिला-स्तरीय स्व-रोजगार सम्मेलन अगस्त में किये गये। इसी तरह विभिन्न स्तरों पर योजनाओं का क्रियान्वयन जारी रहेगा। योजना में जुलाई अंत तक कुल 13 हजार 588 प्रकरणों में 157 करोड़ 32 लाख से अधिक की सहायता राशि सीधे पंजीकृत श्रमिकों के खाते में जमा की गयी है। उद्देश्य: योजना में असंगठित श्रमिकों को विभिन्न तरह सहायता के लिये 9 योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। सरल बिजली बिल और बकाया बिजली बिल माफी की स्कीम, शिक्षा प्रोत्साहन, मुफ्त चिकित्सा, प्रसूति सहायता, उन्नत व्यवसाय उपकरण अनुदान, अंत्येष्टि, सामान्य मृत्यु और दुर्घटना से मृत्यु पर अनुग्रह, स्थायी और आंशिक स्थायी अपंगता में अनुग्रह सहायता इनमें प्रमुख है। ये हैं असंगठित श्रमिक : असंगठित श्रमिक का मतलब उस व्यक्ति से है, जो नौकरी, स्व-रोजगार, घरों में वेतन हेतु कार्य, किसी एजेंसी, ठेकेदार के जरिये या प्रत्यक्ष रूप से कार्यरत, जिसे भविष्य-निधि और ग्रेच्युटी आदि सामाजिक सुरक्षा का लाभ नहीं मिलता है। एक हेक्टेयर तक कृषि भूमि वाले कृषक, सरकारी नौकरी नहीं करने वाले और इन्कम टैक्स नहीं देने वाले व्यक्ति इस योजना के हित-लाभ लेने के पात्र है। पंजीयन : इन श्रेणी के असंगठित श्रमिक का 'संबल' योजना में पंजीयन जरूरी है। पंजीयन के लिये श्रमिक को निर्धारित प्रारूप में नाम, आयु, परिवार के सदस्य, बैंक खाते आदि की जानकारी के साथ आवेदन संबंधित ग्राम पंचायत अथवा नगरीय निकाय कार्यालय को देना है। अभी तक विशेष शिविरों में 2 करोड़ 9 लाख लोगों ने पंजीयन करवाया है, जिनका सत्यापन कर परिचय-पत्र रूपी स्मार्ट कार्ड दिये जा रहे हैं। सरल बिजली बिल स्कीम : इस स्कीम में पात्र उपभोक्ता को बिजली बिल मात्र 200 रूपये प्रतिमाह देना होगा। इससे कम का देयक होने पर वास्तविक देयक राशि का भुगतान ही करना होगा। बिजली बिल 200 रूपये से अधिक होने पर, अन्तर राशि सरकार सब्सिडी के रूप में देगी। एयर-कंडीशनर, हीटर, 1000 वॉट से अधिक के उपभोक्ता इस स्कीम का लाभ नहीं ले सकेंगे। स्कीम में घर में बल्ब, पंखा और टी.व्ही. चलाने की सुविधा है। परिवार को नि:शुल्क विद्युत कनेक्शन दिया जायेगा। सरलता से नामांतरण की सुविधा भी रहेगी। हितग्राही को मात्र श्रमिक पंजीयन क्रमांक फार्म भरना होगा। इसके लिये कोई छाया-प्रति नहीं माँगी जायेगी। स्कीम नि:शुल्क है और इसमें शामिल होने की कोई अंतिम तिथि नहीं है। स्कीम का लाभ कुल 88 लाख श्रमिकों को मिल सकेगा। राज्य सरकार इस पर 1000 करोड़ की सब्सिडी दे रही है। लाभ लेने के लिये विद्युत वितरण कंपनी के निकटतम कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है। मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम : इस स्कीम में 77 लाख पंजीकृत श्रमिकों, संनिर्माण कर्मकारों और बी.पी.एल. उपभोक्ताओं के जून 2018 की स्थिति में बिजली बिल की पूर्ण बकाया राशि, जिसमें मूल बकाया राशि एवं सरचार्ज सम्मिलित है, माफ की जा रही है। माफी राशि का 50 प्रतिशत वितरण कंपनियों और मूल बकाया की शेष 50 प्रतिशत राशि के विरूद्ध वितरण कंपनियों को 1806 करोड़ की सब्सिडी देते हुए राज्य सरकार वहन करेगी। स्कीम का लाभ श्रम विभाग के पंजीकृत-कार्ड/बीपीएल-कार्ड का क्रमांक आवेदन पत्र में भरकर देने पर मिलेगा। लाभ लेने के लिये विद्युत वितरण कंपनी के निकटतम कार्यालय में संपर्क करना है। अब तक 63 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को 2200 करोड़ की राशि के माफी प्रमाण-पत्र दिये जा चुके हैं। शिक्षा प्रोत्साहन योजना : पंजीकृत असंगठित श्रमिकों की संतानों को नि:शुल्क उच्च शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिये विक्रमादित्य नि:शुल्क शिक्षा योजना के स्थान पर 'मुख्यमंत्री जन-कल्याण (शिक्षा प्रोत्साहन) योजना' इस शिक्षा सत्र से लागू की गई है। अनिवार्य अर्हताओं के साथ शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश पर राज्य सरकार द्वारा शिक्षण शुल्क वहन किया जायेगा। इनमें जेईई मेन्स में डेढ़ लाख तक रैंक पर इंजीनियरिंग कॉलेज, नीट के जरिये मेडिकल कॉलेज, पैरा-मेडिकल साइंस डिप्लोमा/डिगी/सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम, क्लेट के जरिये लॉ कॉलेज, भारत सरकार के प्रमुख संस्थान/विश्वविद्यालय, राज्य शासन के महाविद्यालय/विश्वविद्यालय/ पॉलीटेक्निक/आईटीआई शामिल है। विद्यार्थी को इन शिक्षा संस्थानों में प्रवेश लेने के लिये आवेदन-पत्र www.iti.mponline.gov.in पर ऑनलाइन भरना होगा। मेडिकल कॉलेजों तथा CLAT आदि में चयनित विद्यार्थी संबंधित कॉलेज के प्राचार्य से संपर्क करेंगे। विद्यार्थियों को विषय तथा पाठ्यक्रम को समय-सीमा में पूर्ण करना आवश्यक होगा। अन्यथा लाभ बंद कर दिया जायेगा। शासकीय संस्थाओं के विद्यार्थियों को देय शुल्क संस्था के और निजी संस्थाओं के विद्यार्थी का शुल्क उसके आधार लिंक खाते में देय होगा। विद्यार्थी राज्य और केन्द्र शासन की किसी अन्य योजना से लाभ लेने की स्थिति में अंतर की राशि ही ले सकेगा। नि:शुल्क चिकित्सा : योजना में पंजीकृत असंगठित श्रमिकों और परिवार के सदस्यों को शासकीय और मान्यता प्राप्त अशासकीय चिकित्सालयों में इलाज करवाने पर राज्य बीमारी सहायता योजना में चिन्हित गंभीर बीमारियों के दो लाख रूपये तक के मुफ्त इलाज की पात्रता होगी। आवेदन अपने सक्रिय श्रमिक पंजीयन क्रमांक के साथ जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी या मान्यता प्राप्त चिकित्सालयों में किया जा सकेगा। प्रसूति सहायता : इस सहायता के लिये 18 वर्ष से अधिक उम्र की गर्भवती महिला, जो मुख्यमंत्री मजदूर सुरक्षा, कामकाजी महिला, हाथ-ठेला और साइकिल रिक्शा-चालक, शहरी गरीबों के, केश-शिल्पी, हम्माल और तुलावटी कल्याण योजनाओं तथा मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मण्डल में स्वयं पंजीकृत महिला अथवा पंजीकृत श्रमिक पुरूष की पत्नी पात्र है। गर्भावस्था के दौरान निर्धारित अवधि में अंतिम तिमाही तक चिकित्सक/एएनएम से जाँच करवाने पर 4000 तथा शासकीय चिकित्सालय में प्रसव होने पर 12000 रू. की सहायता दी जायेगी। इसमें प्रधानमंत्री मातृ-वंदना योजना की राशि शामिल होगी। इसका लाभ प्रथम दो जीवित जन्म लेने वाले प्रसव के लिये ही मिलेगा। सहायता के लिये उप, प्राथमिक तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी से सम्पर्क किया जा सकता है। सिविल अस्पताल के लिये प्रभारी सिविल अस्पताल, जिला अस्पताल/शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के लिये सिविल सर्जन-सह-मुख्य अस्पताल अधीक्षक और शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से भी सम्पर्क किया जा सकता है। भुगतान के लिये हितग्राही को केवल एएनएम/चिकित्सक द्वारा सत्यापित मातृ एवं शिशु सुरक्षा कार्ड की प्रति, महिला अथवा पति के संबंधित श्रमिक संवर्ग के पंजीयन-कार्ड और आधार लिंक बैंक खाते की पास-बुक की छायाप्रति प्रस्तुत करना है। श्रमिक महिला या पति का श्रम सेवा पोर्टल में पंजीयन जरूरी है। उन्नत व्यवसाय उपकरण अनुदान योजना : पंजीकृत असंगठित श्रमिक को उनके व्यवसाय की उन्नति के लिये जिस संवर्ग का श्रमिक है, उसी के लिये 1 अप्रैल 2018 के बाद उपकरण क्रय के लिये बैंक से ऋण प्राप्त करने पर ऋण का 10 प्रतिशत अथवा 5 हजार, जो भी कम हो, का अनुदान दिया जायेगा। श्रमिक को 60 वर्ष की उम्र तक एक बार अनुदान की पात्रता होगी। यह जरूरी है कि श्रमिक को अन्य राज्य योजना में अनुदान न मिला हो। ग्रामीण क्षेत्रों में अनुदान के लिये मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत और नगरीय क्षेत्रों में आयुक्त नगरीय निकाय/मुख्य नगरपालिका अधिकारी को आवेदन किया जा सकेगा। आवेदन-पत्र में नाम, पता, पंजीयन क्रमांक, बैंक का वितरण, वांछित अनुदान राशि तथा अन्य योजनाओं में अनुदान प्राप्त नहीं होने संबंधी घोषणा-पत्र आदि की जानकारी होगी। बैंक का प्रमाण-पत्र और क्रय किये गये उपकरणों के बिल की प्रति भी जरूरी है। आवेदन का निराकरण 15 दिन में किया जायेगा। पोर्टल पर राशि के भुगतान के साथ स्वीकृति/अस्वीकृति-पत्र भी पोर्टल से ही जारी होगा। अंत्येष्टि सहायता योजना : पंजीकृत असंगठित श्रमिक की मृत्यु पर उत्तराधिकारी को अंत्येष्टि के लिये तत्काल 5 हजार की राशि दी जा रही है। मृतक आयु सीमा का बंधन नहीं है। मृत्यु की सूचना ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत सचिव तथा नगरीय क्षेत्र में अधिकृत अधिकारी को दी जाना है, जो तत्काल पीड़ित परिवार से सम्पर्क कर सहायता राशि का नगद भुगतान करेंगे। आवेदन-पत्र की प्रतीक्षा नहीं की जायेगी। इस सहायता के लिये प्रति ग्राम पंचायत 10 हजार की राशि ग्राम पंचायत सचिव के खाते में डाली जायेगी। नगर परिषद को 50 हजार, नगरपालिका को एक लाख, ग्वालियर, जबलपुर, इंदौर और भोपाल नगर निगम को 5-5 लाख और शेष नगर निगमों को 2-2 लाख की अग्रिम राशि नोडल बैंक खाते से दी जायेगी। सामान्य मृत्यु पर अनुग्रह सहायता योजना : पंजीकृत असंगठित श्रमिक की मृत्यु पर उसके उत्तराधिकारियों को 2 लाख की अनुग्रह राशि दी जायेगी। इसके लिये ग्रामीण क्षेत्र में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत और ग्राम पंचायत कार्यालय और नगरीय क्षेत्रों में नगर निगमों के संबंधित जोनल कार्यालय तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी के कार्यालय में आवेदन करना होगा। उत्तराधिकारी, अनुग्रह राशि प्राप्ति के लिये सादे कागज पर अपना और मृतक का नाम, आवेदक से संबंध, मृतक का पंजीयन क्रमांक, आधार नम्बर, मृत्यु दिनांक, सभी उत्तराधिकारियों के विवरण के साथ स्व-प्रमाणित घोषणा-पत्र और मृत्यु प्रमाण-पत्र देगा। आवेदन के परीक्षण के बाद अनुग्रह राशि स्वीकृत कर पोर्टल से उत्तराधिकारी के बैंक खाते में जमा की जायेगी। आवेदन-पत्र का अंतिम निराकरण 15 दिन में किया जाना जरूरी है। पोर्टल पर राशि के भुगतान के साथ स्वीकृति/अस्वीकृति-पत्र भी पोर्टल से ही जारी होगा, जिसे आवेदक को तामील किया जायेगा। दुर्घटना मृत्यु पर अनुग्रह सहायता योजना : पंजीकृत असंगठित श्रमिक, जिसकी आयु 60 वर्ष से अधिक न हो, की दुर्घटना में मृत्यु पर उत्तराधिकारी को 4 लाख की अनुग्रह राशि दी जायेगी। इसके लिये ग्रामीण क्षेत्र में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत तथा ग्राम पंचायत और नगर निगम के संबंधित जोनल कार्यालय तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी के कार्यालय में आवेदन किया जा सकेगा। आवेदन में सादे कागज पर उत्तराधिकारी और मृतक का नाम, आवेदक से संबंध, मृतक का पंजीयन क्रमांक, आधार-नम्बर, मृत्यु दिनांक, मृत्यु का कारण जिसमें दुर्घटना का विवरण हो, एफआईआर की प्रति, सभी उत्तराधिकारियों और बैंक खाता विवरण, स्व-प्रमाणित घोषणा-पत्र, मृत्यु प्रमाण-पत्र और पोस्टमार्टम की जानकारी देना जरूरी है। परीक्षण के बाद उक्त अधिकारी/कर्मचारी अनुग्रह राशि स्वीकृत कर पोर्टल से उत्तराधिकारी के बैंक खाते में भुगतान करेगा। आवेदन-पत्र का निराकरण 15 दिन में किया जाना जरूरी है। राशि के भुगतान के साथ स्वीकृति/अस्वीकृति पत्र भी पोर्टल से ही जारी होगा, जिसे आवेदक को तामील किया जायेगा। स्थायी अपंगता पर अनुग्रह सहायता योजना : 60 वर्ष से अधिक आयु के पंजीकृत असंगठित श्रमिक, को किसी दुर्घटना अथवा अन्य किसी कारण से स्थायी अपंगता हो जाने पर 2 लाख की अनुग्रह राशि दी जायेगी। स्थायी अपंगता का अर्थ दोनों आँख, हाथ या पैर की हानि से है। सहायता के लिये ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत तथा ग्राम पंचायत और नगरीय क्षेत्र क्ष्रेत्रों में नगर निगम के संबंधित जोनल कार्यालय तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी कार्यालय में आवेदन किया जा सकेगा। सादे कागज पर नाम, पंजीयन क्रमांक, आधार-नम्बर, दुर्घटना दिनांक, दुर्घटना का कारण जिसमें दुर्घटना का विवरण हो, प्राधिकृत चिकित्सक/एजेंसी का अपंगता प्रमाण-पत्र, बैंक खाते का विवरण तथा स्व-प्रमाणित घोषणा-पत्र सहित निर्धारित प्रारूप में आवेदन करना है। आवेदन के परीक्षण के बाद उक्त अधिकारी/कर्मचारी अनुग्रह राशि स्वीकृत कर पोर्टल से श्रमिक के बैंक खाते में भुगतान करेगा। आवेदन का 15 में दिन निराकरण जरूरी है। राशि के भुगतान के साथ स्वीकृति/अस्वीकृति-पत्र भी पोर्टल से ही जारी होगा, जिसे आवेदक को तामील किया जायेगा। आंशिक स्थायी अपंगता पर अनुग्रह सहायता योजना : इस योजना में 60 वर्ष तक के पंजीकृत असंगठित श्रमिक को दुर्घटना अथवा अन्य किसी कारण से आंशिक स्थायी अपंगता होने पर एक लाख की अनुग्रह राशि दी जाती है। आंशिक स्थायी अपंगता का अर्थ एक आँख, हाथ या पैर की हानि से है। सहायता के लिये ग्रामीण क्षेत्र में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत तथा ग्राम पंचायत और नगरीय क्षेत्र में नगर निगम के संबंधित जोनल कार्यालय तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी कार्यालय में आवेदन किया जा सकता है। अनुग्रह राशि प्राप्त करने के लिये सादे कागज पर नाम, पंजीयन क्रमांक, आधार-नम्बर, दुर्घटना दिनांक, दुर्घटना का कारण जिसमें दुर्घटना का विवरण हो, प्राधिकृत चिकित्सक/एजेंसी का अपंगता प्रमाण-पत्र, बैंक खाते का विवरण तथा स्व-प्रमाणित घोषणा-पत्र सहित आवेदन देना है। आवेदन के परीक्षण के बाद उक्त अधिकारी/कर्मचारी अनुग्रह राशि स्वीकृत कर पोर्टल से श्रमिक के बैंक खाते में भुगतान करेगा। आवेदन का 15 दिन में निराकरण जरूरी है। स्वीकृति/अस्वीकृति-पत्र भी पोर्टल से ही जारी होगा, जिसे आवेदक को तामील किया जायेगा।
हर कदम पर सिंधी समाज के साथ हूँ - मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र
12 August 2018
जल संसाधन, जनसम्पर्क एवं संसदीय कार्य विभाग मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने दतिया के गाडीखाना स्थित ज्योति मंदिर पहुंचकर पवित्र ज्योति के दर्शन किए और तीन दिवसीय ज्योति स्नान महोत्सव में भाग लिया। उन्होंने पवित्र ज्योति स्नान के समक्ष माथा टेका और दतिया में शांति सदभाव की कामना की। इस अवसर पर क्षेत्रीय सांसद डॉ. भागीरथ प्रसाद, पाठय पुस्तक निगम उपाध्यक्ष श्री अवधेश नायक, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री विक्रम सिंह बुंदेला उपस्थित थे। जनसंपर्क मंत्री ने आयोजन अवसर पर लखनऊ से आए संत श्री हरीशलाल, फैजावाद के श्री नितिनलाल, होशांगाबाद के श्री ओमलाल, छत्तीसगढ़ के श्री लाल साई तथा हजारीराम पंचायत के अध्यक्ष सेठ बाटूमल का स्वागत करते हुए कहा कि सिंधी समाज प्रबुद्ध और व्यापारी समाज है मैं हर कदम आपके साथ हूँ।
पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण आवश्यक - डॉ. शेजवार
12 August 2018
वन मंत्री डॉ. गौरी शंकर शेजवार ने आज यहां कटारा हिल्स क्षेत्र में स्थित इकॉलोजिकल पार्क परिसर में बरगद का पौधा लगाकर दम्पत्ति वन महोत्सव का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव वन श्री के.के. सिंह, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री मनोज कुमार सपरा सहित वरिष्ठ वन अधिकारियों ने परिवार के साथ पौधा रोपण किया। डॉ. शेजवार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण आवश्यक है। इसके साथ ही, लगाये गये पौधों की सुरक्षा का भी ध्यान रखना चाहिए। डॉ. शेजवार ने परिसर में नगर वन के अंतर्गत विभिन्न कार्यों का लोकार्पण भी किया। वन मंत्री ने बताया कि इस वर्ष वन विभाग तथा वन विकास निगम ने सात करोड़ पौधा रोपण के लक्ष्य को पूरा कर लिया है। इसके अंतर्गत नर्मदा कछार के 24 जिलों में चार करोड़ 75 लाख पौधे लगाये गये हैं। वन विभाग द्वारा नगर वन के रूप में विकसित इस क्षेत्र में सभी तरफ हरियाली दिखती है। इसके कारण स्थानीय जनमानस स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हुआ है। उनके लिए यह आदर्श स्थल है। यहां आरोग्यम केन्द्र स्थापित किया गया है, जहां आयुर्वेदिक औषधियां उपलब्ध करवाई जाती हैं। परिसर में मनोरंजन सह व्यायाम केन्द्र बनाया गया है। इसी प्रकार, एक्यूप्रेशर पथ, पैदल चलने का मार्ग तथा वाटिका के साथ एक छोटा सा झरना भी बनाया गया है। इकॉलोजिकल पार्क परिसर में दम्पत्ति वन महोत्सव के तहत आज लगभग 400 पौधे लगाये गये। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण तथा स्थानीय लोग भी उपस्थित थे।
शहरी क्षेत्र में संबल योजना के प्रत्येक पात्र हितग्राही को पट्टा प्रदान करें - उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल
12 August 2018
उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि संबल योजना गरीबों का जीवन बदलने वाली योजना है। श्री शुक्ल रीवा में संबल योजना के तहत आवासीय पट्टा वितरण की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्व तथा नगर निगम के अधिकारी मिलकर शहरी क्षेत्र के संबल योजना के पात्र हितग्राहियों का चयन करें। जो वर्षों से अपना आवास बनाकर रह रहा है तथा संबल योजना के मापदण्डों में पात्र है उन्हें आवासीय पट्टे प्रदान करें। इसके लिये सभी वार्डों में सर्वेक्षण करायें। उद्योग मंत्री ने कहा कि संबल योजना की निगरानी के लिये शहरी क्षेत्र में हर वार्ड में निगरानी समितियां गठित की गई हैं। इन्हें 14 अगस्त को आयोजित स्मार्ट कार्ड वितरण कार्यक्रम में प्रशिक्षण प्रदान करें। बैठक में बताया गया कि राजस्व तथा नगर निगम के अधिकारियों द्वारा आवासीय पट्टे के पात्र परिवारों का सर्वेक्षण किया गया है। इन्हें उपलब्ध राजस्व भूमि के अनुसार आवासीय पट्टे दिये जायेंगे। अन्य विभागों के स्वामित्व वाली भूमि में अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त होने के बाद ही इस संबंध में कार्यवाही की जायेगी।
राज्य मंत्री श्री सारंग द्वारा निर्माण एवं विकास कार्यों का निरीक्षण
12 August 2018
सहकारिता, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग ने अशोक विहार में पार्क निर्माण कार्य में देरी पर अप्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है कि कार्य में देरी के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। श्री सारंग आज अशोका गार्डन, एकतापुरी, सेमरा, शंकराचार्य नगर, छोला एवं करोंद क्षेत्र की विभिन्न बस्तियों में चल रहे निर्माण एवं विकास कार्यों का निरीक्षण कर रहे थे। राज्य मंत्री श्री सारंग ने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों की लगातार मॉनीटरिंग करें। कार्यों को तय समय में गुणवत्ता के साथ पूरा करवाना सुनिश्चत करें। श्री सारंग ने विकास कार्यों के बारे में स्थानीय लोगों, से भी चर्चा की। पार्षद श्री प्रकांत तिवारी, श्री अशोक वाणी, श्री राधाकृष्ण नायक, श्री वीरेन्द्र राय, श्री हेमराज कुशवाहा, श्री विजय सिंह तथा अन्य जन-प्रतिनिधि भ्रमण के दौरान श्री सारंग के साथ थे।
राजस्व मंत्री ने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया
12 August 2018
राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आज वार्ड-30,33 और 46 के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। गुरुजनों और कक्षा 12वीं तथा 10वीं में 70 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को भी इस मौके पर सम्मानित किया गया। श्री गुप्ता ने कहा कि विद्यार्थियों की जिज्ञासा को दबाने के बजाए उनका समाधान करें। उन्होंने कहा कि क्यों और कैसे की प्रवृत्ति के कारण ही नई-नई खोज होती हैं। श्री गुप्ता ने कहा कि सिर्फ डिग्री लेने से काम नहीं चलेगा। डिग्री के साथ अपने आपको स्किल्ड करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी स्कूल में सिर्फ क्लास रूम में ही नहीं, स्कूल परिसर में होने वाली गतिविधियों से भी सीखता है। शिक्षक इस बात का ध्यान रखें कि विद्यार्थी स्कूल में अच्छी बातें सीखें। कार्यक्रम में स्थानीय जन-प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
युवाओं को बौद्धिक एवं वैचारिक रूप से मजबूत होना चाहिए : राज्यपाल
11 August 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज यंग थिंकर्स कॉन्‍क्लेव का उदघाटन करते हुए कहा कि युवा जीवन के किसी भी क्षेत्र में जाएँ, उन्हें सभी क्षेत्रों में बौद्धिक एवं वैचारिक रूप से मजबूत होना चाहिए। प्रत्येक मनुष्य के विचार शुद्ध, कल्याणकारी और रचनात्मक हों तथा सभी बौद्धिक रूप से प्रबुद्ध हों, यह आज के समय की मांग है। हमें कुछ नया नहीं सीखना है बल्कि अपनी मूलभूत प्रकृति का पुण्य स्मरण करने की आवश्यकता है। यंग‍ थिंकर्स कॉन्‍क्लेव का आयोजन यंग थिंकर्स फोरम और राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि भारत में किसी भी समस्या का समाधान दो विभिन्न विचारों के परस्पर संवाद और मंथन द्वारा ही संभव हुआ है। आज जब संपूर्ण विश्व में वैचारिक ध्रुवीकरण की परिस्थिति उत्पन्न है, ऐसे समय में सभी विचारों के मध्य संवाद स्थापित करना भारत का मूलभूत कर्तव्य है। विश्व की सर्वाधिक युवा शक्तियों में से एक हमारा देश भारत है, जो आज भी सभी क्षेत्रों में अनेक उपलब्धियाँ हासिल कर रहा है। राज्यपाल ने कहा कि युवाओं में अनुशासन होना सबसे बड़ा गुण है। छात्र-छात्राओं को धैर्य, संयम, शांति और साहस की भी शिक्षा प्राप्त करना चाहिए। श्रीमती पटेल ने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि इस प्रकार की पहल मध्यप्रदेश में हो रही है। उन्होंने कहा कि जब देश का युवा आत्म केन्द्रित न होकर, नि:स्वार्थ भाव से चिंतन, मंथन करता है, तो यह एक महान वैचारिक क्रांति का सूत्रपात सिद्ध हो सकता है। राज्यसभा सदस्य श्री राकेश सिन्हा ने कहा कि न थकने वाला और न हारने वाला युवा ही देश को आगे ले जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमारा देश विश्व गुरू था, यही उसका स्थान है। हमारे देश को भारत के रूप में देखना है, तो उसी दृष्टि से अपनी विरासत का अध्ययन करें। अगर युवा भूतकाल का अध्ययन करता और सोचता है, तो भूतकाल बनकर रह जायेगा। हमें भविष्य के लिये चिंतन करना है। विचार के प्रवाह को आगे बढ़ाना है, तो युवाओं को आगे बढ़ना होगा। राष्ट्र को जानने से पहले उसके इतिहास को जानें। भारत एक विचार है, उसे उसी के रूप में पहचानें। हमें अपनी सभ्यता को नहीं भूलना है। श्री सिन्हा ने कहा कि दलित, अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक की दीवार को मिटाना चाहिये। सिर्फ गरीब के उत्थान के बारे में चर्चा करना चाहिए। कार्यक्रम में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुनील कुमार ने आमंत्रितों का स्वागत किया। कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर प्रज्ञा प्रवाह के संपादक श्री जे. नंद कुमार, लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रकाश वर्तुनिया तथा बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।
अच्छे कामों के समाचारों को प्राथमिकता के साथ प्रकाशित करें : राज्यपाल
11 August 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने युवा पत्रकारों का आव्हान किया कि वे सनसनीखेज समाचार प्रकाशित करने के साथ-साथ अच्छे कामों के समाचारों को प्रमुखता से समाचार पत्र में जगह दें। समाचार पत्र समाज और देश में किये जा रहे सकारात्मक विकास के कार्यो को दुनिया के सामने पहुंचाने के महत्वपूर्ण माध्यम हैं। राज्यपाल ने यह बात आज माधवराव सप्रे स्मृति समाचार पत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान की राष्ट्रीय संगोष्ठी का उदघाटन करते हुए कही। राज्यपाल ने इस अवसर पर पुस्तकालय का भ्रमण कर वहां उपलब्ध पत्र-पत्रिकाओं एवं ग्रंथों का अवलोकन भी किया। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के वर्तमान युग में समाचार पत्रों को टीआरपी बढ़ाने पर भी ध्यान देना आवश्यक है, परन्तु इसके चलते वास्तविक और सत्य समाचार छूट न जाएं, इस बात पर गंभीरता से विचार करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि महिलाएँ आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। वे अपने भविष्य को स्वंय सुधारने के लिए भी संयुक्त रूप से कार्यरत हैं। राज्यपाल ने पत्रकारिता की गुणवत्ता में सुधार लाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने ने कहा कि आवश्यकता हो तो राज्यपाल या मुख्यमंत्री के समाचारों को जगह देने की बजाये जन हित की खबरों को प्रमुखता दी जाना चाहिए। श्रीमती पटेल ने कहा कि सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने का दायित्व भी समाचार पत्रों पर है। श्रीराम कॉलेज, नई दिल्ली के प्रो. वार्तिका नंदा ने कहा कि भारत में बड़ी संख्या में मीडिया चैनल हैं। उन्होंने कहा कि आज महिलाएँ अनेक क्षेत्रों में आगे बढ़ रहीं हैं, तो पत्रकार क्यों नहीं बन सकतीं। प्रो. वार्तिका नंदा ने कहा कि पिछले दस साल में पत्रकारिता के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर श्री जगदीप उपासने ने कहा कि हमारे देश में स्त्री को देवी, माता, बहन के रूप में माना जाता है। आज महिला पत्रकार शीर्ष पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमन में दो दृष्टिकोण का टकराव पत्रकारिता में देखने को मिल रहा है। वर्धा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश्वर मिश्र ने कहा कि पत्रकारिता में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। प्रतिकार और प्रतिरोध करना पत्रकारिता का दायित्व है। पत्रकारों की सटीक पत्रकारिता के कारण कई सरकारें गिरीं और कई मंत्रीयों को जेल जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के दुरूपयोग के कारण व्यर्थ चरित्र हनन की घटनाएं बढ़ रही हैं। माधवराव सप्रे स्मृति समाचार पत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान के संस्थापक श्री विजयदत्त श्रीधर ने संस्थान की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पंडित माधवराव सप्रे हिन्दी के युग निर्माता संपादक, निबंधकार, समालोचक थे। वे होनहार युवा प्रतिभाओं के संभावनाशील भविष्य के पारखी थे। इस अवसर पर राज्यपाल को महात्मा गाँधी के बरमान घाट (नरसिंहपुर) दौरे का चित्र भेंट किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पत्रकार और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
विभिन्न समाजों में समरसता हो मुख्य उद्देश्य - जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र
11 August 2018
जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने आज दतिया में भारतीय सफाई कर्मचारी महासंघ और अखिल भारतीय अनुसूचित जाति युवजन सभा के समारोह में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर क्षेत्र में और हर वर्ग के विकास के लिए कृत-संकल्पित होकर कार्य कर रही है। डॉ. मिश्र ने कहा कि जन-कल्याण की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सामाजिक संगठन जन-जागरूकता बढ़ाकर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। डॉ. मिश्र ने सामाजिक संगठनों से आग्रह किया कि सभी समाजों में समरसता का भाव रहे, यही हमारा मुख्य उद्देश्य होना चाहिये। । इस अवसर पर सांसद डॉ. भागीरथ प्रसाद और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
रीवा में खुलेगा प्रदेश का दूसरा मॉडल केरियर प्रशिक्षण एवं कौशल केन्द्र
11 August 2018
रीवा के अवधेश प्रताप विश्वविद्यालय परिसर में आगामी 17 अगस्त को सीआईआई द्वारा प्रदेश के दूसरे मॉडल केरियर और कौशल केन्द्र खोला जायेगा। पहला केन्द्र छिन्दवाड़ा में कार्यशील है। उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने आज रीवा में केन्द्र के शुभारंभ की तैयारियों की समीक्षा करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शुभारंभ अवसर पर वृहद रोजगार मेला आयोजित किया जायेगा, जिसमें राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की 35 से अधिक कम्पनियाँ भाग लेंगी। रीवा में मॉडल केरियर प्रशिक्षण एवं कौशल केन्द्र की स्थापना होने से क्षेत्र के 4 हजार से अधिक युवाओं को प्रति वर्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे। समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि सीआईआई द्वारा केन्द्र में युवाओं को 3 से 6 माह तक का अल्पकालीन प्रशिक्षण देकर उनका रोजगार सुनिश्चित किया जायेगा।
राज्य मंत्री श्री सारंग के निर्देशन में पाँच वर्षीय सहकारिता कार्य-योजना तैयार
11 August 2018
सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग ने आज यहाँ समन्वय भवन सभागार में सहकारिता विभाग के अधिकारियों की बैठक में अगले 5 वर्षो की विभागीय कार्य-योजना को अंतिम रूप दिया। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सहकारिता विभाग की बैठक में प्रमुख सचिव सहकारिता श्री के.सी. गुप्ता, सहकारिता आयुक्त श्री केदार शर्मा, एम.डी. अपेक्स बैंक श्री आर.के. शर्मा और शीर्ष संस्थाओं के प्रबंध संचालक तथा मुख्यालय के अन्य अधिकारी मौजूद थे। श्री सारंग ने कहा कि सहकारी समितियों (पैक्स) को सशक्त बनायें। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंक और सहकारी समितियों को एकल खिड़की प्रणाली के रूप में प्रभावी बनाऐं। पैक्स को कमर्शियल बैंक की तरह बनायें। उन्होंने कहा कि पैक्स में सभी प्रकार के बैंकिंग प्रॉडक्ट उपलब्ध करवाने के लिए सहकारी संस्थाओं को चयनित कर वहाँ पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर अगले महीने से लागू करें। राज्य मंत्री ने कहा कि विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों को बेहतर प्रशिक्षण दिया जाये। आई.आई.एम. जैसे प्रतिष्ठित संस्थाओं से एडवान्स कोर्स भी करवायें। उन्होंने सहकारी संघ को अलग-अलग केडर के अनुसार ट्रेनिंग माडयूल तैयार करने के निर्देश दिये। बैठक में सहकारिता राज्य मंत्री श्री सारंग ने सहकारिता विभाग में केडर व्यवस्था को लागू करने के निर्देश दिए। बैठक में फसल ऋण वितरण सीमा को 13 हजार से बढ़ाकर वर्ष 2023 तक 25 हजार करोड़ करने और ऋणों के विविधिकरण सहित अन्य कार्यक्रमों पर भी चर्चा की गई।
जाँबाज सैनिकों के कारण ही देश की सीमाएं सुरक्षित हैं - राज्यपाल
4 August 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने भारत रक्षा पर्व पर सीमा पर तैनात सैनिकों के लिये मध्यप्रदेश की बहनों की ओर से राखी ले जा रहे रक्षा रथ को आज राजभवन से झंडी दिखाकर रवाना किया। राज्यपाल ने कहा कि मैं बहादुर सैनिकों को सैल्यूट करती हूँ। उनके कारण ही आज हमारे देश की सीमाएं सुरक्षित हैं। रक्षा रथ में नवदुनिया समाचार पत्र द्वारा बहनों से संग्रहित राखियाँ सीमा पर तैनात सैनिकों को भेजी गईं हैं। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में समाचार पत्रों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हर कठिन परिस्थिति में जनता और नेताओं का मार्गदर्शन किया है, सजग प्रहरी की भूमिका का निर्वहन किया है। आजादी के बाद भी देश के विकास में समाचार पत्रों के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। राज्यपाल ने कहा कि हमारी सेना ने विश्व की बड़ी सेनाओं में अपनी प्रतिष्ठा स्थापित की है। आतंकवाद, नक्सलवाद और पड़ोसी देशों से घुसपैठ तथा अकारण गोलाबारी के बावजूद हमारे सैनिकों के हौसले बुलंद हैं। वो दुश्मनों को करारा जवाब दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सेना की 40 साल पुरानी मांग को पूरा कर उनका हक अदा किया है। राज्यपाल ने कहा कि रक्षाबंधन भाई को बहन की रक्षा करने का संकल्प याद दिलाता है। सीमा पर तैनात सैनिक भी हमारे भाई हैं। रक्षाबंधन के दिन हजारों, लाखों सैनिक सीमा पर तैनात रहने के कारण अपनी बहनों से राखी नहीं बंधवा पाते। उन्होंने कहा कि देश की सभी बहनों द्वारा राखी भेजने से उनके हौसले बुलंद होंगे। इस अवसर पर नवदुनिया के संपादक श्री सुरेश गौड़, स्टेट उप संपादक श्री ऋषि पांडे, विश्वविद्यालय के चांसलर श्री संजीव अग्रवाल और छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान से मिला बोहरा समाज का प्रतिनिधि मंडल
4 August 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से आज यहाँ बोहरा समाज, इंदौर का प्रतिनिधि मंडल आमिल शब्बीर भाई नोमानी के साथ मिला। इस मौके पर श्री ताहिर भाई सेठजीवाला, खुजेमा भाई, श्री अम्मार फहीम, श्री मजहर भाई सेठजीवाला और श्री फिरोज भाई साईकिलवाला मौजूद थे।
बहुआयामी प्रतिभा के धनी थे किशोर कुमार- मंत्री डॉ. मिश्र
4 August 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि महिलाओं, बेटियों के विरूद्ध जघन्य अपराधों में उत्कृष्ट विवेचना कर अपराधियों को फांसी की सजा दिलवाने में मध्यप्रदेश पुलिस ने पूरे देश में उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि संवेदनशील श्रेणी के अपराधों की विवेचना को और ज्यादा प्रभावी बनाया जायेगा ताकि मानवता को कलंकित करने वाले दरिंदे बच नहीं पायें। विवेचना से जुड़े पुलिस अमले को और ज्यादा सुविधाएं देने पर भी विचार किया जायेगा। उन्होंने कहा कि उच्चतम एवं उच्च न्यायालयों और अभियोजन से भी ऐसे मामलों की सुनवाई के लिये फास्टट्रैक कोर्ट शुरू करने का अनुरोध किया गया है। श्री चौहान ने आज महिलाओं और बेटियों के विरूद्ध जघन्य अपराधों में उत्कृष्ट विवेचना कर अपराधियों को फांसी की सजा दिलवाने वाले पुलिस अधिकारियों को मुख्यमंत्री निवास परिसर में सम्मानित किया। इनमें डीआईजी, पुलिस अधीक्षक, फोरोंसिक साईंस लैब के अधिकारी, पुलिस कांस्टेबल और अभियोजन अधिकारी शामिल हैं। श्री चौहान ने कहा कि जिन दरिंदों ने मानवता को कलंकित किया, इंसानियत का खून किया, बेटियों की गरिमा को अपमानित किया, ऐसे दरिंदों को फांसी की सजा दिलवाकर प्रदेश की पुलिस और अभियोजन अधिकारियों ने समाज में सुरक्षा का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं मन को पीड़ा पहुंचाती हैं, लेकिन दरिंदों को कड़ी सजा दिलवाकर संतोष भी होता है। दरिंदे किसी भी हालत में बचना नहीं चाहिए। श्री चौहान ने कहा कि शैतानों के कोई मानव अधिकारी नहीं होते। धरती को ऐसे दरिंदों के बोझ से मुक्त कर देना चाहिये। फांसी ही इनके लिये एकमात्र सजा हो सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस ने पूरे देश में उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। ऐसे जघन्य अपराधों में दोषियों को रिकार्ड समय में फांसी की सजा मिली। उन्होंने कहा कि समाज में दूषित मानसिकता वालों को सुधारने के लिये उन्हें संस्कार देने का अभियान चलाना चाहिए, लेकिन यह एक लम्बी प्रक्रिया है और कुछ दरिंदों पर इनका कोई असर नहीं होता। वे अपराध करते रहते हैं। ऐसे अपराधियों के मन में कानून का डर पैदा होना जरूरी है। श्री चौहान ने पुलिस और अभियोजन अधिकारियों के उत्कृष्ट प्रयासों और टीम वर्क की सराहना करते हुये कहा कि अपराधियों को सजा दिलाना समाज सेवा का काम है। उन्होंने फांसी की सजा सुनाने वाली अदालतों को भी नमन करते हुये कहा कि अत्यंत संवेदनशील प्रकरणों में न्यायालयों ने भी तत्परता से न्याय देने का काम किया है। पुलिस महानिदेशक श्री आर.के. शुक्ला ने कहा कि डिजिटल टेक्नॉलाजी के उपयोग से विवेचना में प्रक्रिया में तेजी आयी है और अपराधों का तथ्यामक विश्लेषण करने में मदद मिली है। उन्होंने बताया कि सभी जिलों में सीसीटीव्ही कैमरे लगाने से अपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण रखने में काफी मदद मिली है। सभी जिलों के संवेदनशील क्षेत्रों में 10 हजार सीसीटीव्ही कैमरे लगाये गये हैं। डीएनए परीक्षण की टेक्नॉलाजी के उपयोग से भी अपराधियों को सजा दिलाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बेटियों के विरुद्ध हुए जघन्य अपराधों में अपराधियों की विवेचना कर उन्हे सजा दिलवाने में अभियोजन अधिकारी, पुलिस अधिकारी और समाज के सहयोग से पूरी टीम ने काम किया है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव गृह श्री मलय श्रीवास्तव, संचालक लोक अभियोजन डॉ. राजेन्द्र कुमार और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री अन्वेष मंगलम् एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।
संबल योजना की साप्ताहिक समीक्षा करें - मुख्यमंत्री श्री चौहान
3 August 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि संबल योजना की समीक्षा कलेक्टर, संभागायुक्त और संबंधित विभाग प्रमुखों द्वारा अनिवार्य रूप से हर सप्ताह की जाये। श्री चौहान ने कहा कि वे स्वयं भी प्रत्येक सोमवार को योजना की समीक्षा करेंगे। उन्होंने बताया कि समाज और प्रदेश की तरक्की के लिये इस माह आदिवासी दिवस, शहीद सम्मान दिवस और मिल-बाँचे मध्यप्रदेश कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। श्री चौहान आज मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कलेक्टरों और संभागायुक्तों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने संबल योजना की प्रगति की समीक्षा भी की। वीडियो कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव श्री बी.पी.सिंह भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने संबल योजना के सफल क्रियान्वयन के लिये अधिकारियों बधाई देते हुये कहा कि परिश्रम और संकल्प से कम समय में योजना का मैदानी स्तर पर प्रभाव दिखाई देने लगा है। संबल योजना गरीब की जिंदगी को आसान बनाने का प्रयास है। धूमधाम से मनेगा आदिवासी दिवस मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आगामी 9 अगस्त को आदिवासी बाहुल्य 20 जिलों में आदिवासी दिवस मनाया जायेगा। इसका आयोजन जन-उत्सव के रूप में उत्साह और धूमधाम के साथ होगा। इसमें आदिवासी समाज की सक्रिय सहभागिता के लिये प्रयास करे। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का स्वरूप आदिवासी परंपरा और संस्कृति के संरक्षण और संवर्द्धन पर आधारित होना चाहिये। इस अवसर पर स्थानीय कला मंडलियों, सांस्कृतिक दलों की प्रस्तुतियाँ हों, प्रतिभाओं का सम्मान और शासन की योजनाओं की जानकारी एवं हितलाभ देने के कार्यक्रम किये जायें। मुख्यमंत्री ने उत्सव में शामिल होने के लिये शासकीय सेवकों को ऐच्छिक अवकाश की सुविधा देने और आदिवासी जिले एवं विकासखण्ड में अवकाश रखने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सबको साथ लेकर आगे बढ़ना और विकास करना सरकार का उददेश्य है। 14 अगस्त को शहीद सम्मान दिवस मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि शहीदों की शहादत को समाज भूला नहीं है। शहीदों के परिवारों में यह भाव जागृत करने के लिये शहीद सम्मान दिवस का आयोजन 14 अगस्त को किया जायेगा। इस दिन सीमाओं पर और आंतरिक सुरक्षा के लिये शहादत देने वाले वीर शहीदों के गांव में उनकी स्मृति में सम्मान कार्यक्रमों में उनके परिवारों का सम्मान किया जाये। इससे समाज में देशभक्ति की भावना का प्रसार होगा। श्री चौहान ने बताया कि प्रदेश में सेना, केन्द्रीय सशस्त्र बल और मध्यप्रदेश पुलिस के 578 शहीदों की स्मृति में कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। 17 अगस्त को मिल-बांचें मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मिल-बांचें मध्प्रदेश कार्यक्रम का आयोजन 17 अगस्त को पूरे प्रदेश में किया जायेगा। कार्यक्रम का आयोजन पूरी गरिमा और उत्साह के साथ और सामाजिक सहयोग से किया जाये। प्रदेश के 33 हजार से अधिक विद्यालयों में मिल-बांचें मध्यप्रदेश कार्यक्रम के तहत प्रतिष्ठित नागरिक विद्यालयों में जायेंगे। इस अवसर पर गिफ्ट-अ-बुक अभियान का संचालन भी किया जा रहा है। अभियान के तहत लगभग डेढ़ करोड़ रूपये मूल्य की 4 लाख 50 हजार पुस्तकें विद्यालयों को देने के लिये 45 हजार 810 व्यक्तियों द्वारा पंजीयन करवाया गया है। वीडियो कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि प्रदेश में असंगठित और भवन संनिर्माण श्रमिकों सहित कुल 2 करोड़ 7 लाख 57 हजार से अधिक श्रमिकों का पंजीयन किया गया है। प्रसूति सहायता योजनान्तर्गत 64 करोड़ 66 लाख रूपये से अधिक की सहायता राशि वितरित की गयी है। छात्र-छात्राओं की कुल 2 करोड़ 13 लाख 80 हजार रूपये से अधिक की फीस राज्य सरकार द्वारा भरवायी गयी है। इस तरह विद्युत बिल सरल योजना में 36 लाख से अधिक परिवारों का पंजीयन हुआ है। योजना के तहत 10 लाख 67 हजार से अधिक विद्युत बिल जारी किये गये हैं। बिल समाधान योजनान्तर्गत 61 लाख पात्र लोगों का पंजीयन किया जा चुका है तथा 21 करोड़ रूपये के बकाया बिजली बिल माफी के प्रमाण-पत्र भी वितरित किये जा चुके हैं। संबल योजना के 80 लाख स्मार्ट कार्ड वितरित हो चुके हैं। कुल एक लाख 53 हजार से अधिक संबल सहयोगियों को प्रशिक्षण और मार्गदर्शिका प्रदान की गई है।
गरीबों की जिंदगी का अंधेरा दूर कर रही संबल योजना : मुख्यमंत्री श्री चौहान
3 August 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि हम जनता की जिंदगी बदलने के संकल्प के साथ कार्य कर रहे हैं। प्रदेश को बदलने, बच्चों का भविष्य निखारने, किसानों को पसीने की कीमत दिलाने, गरीब की जिंदगी को बेहतर बनाने और सबको न्याय दिलवाने के लिये दुनिया में जो कहीं नहीं हुआ, वह प्रदेश में करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में शासकीय अनुदान और सहायता की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 33 हजार करोड़ रूपये किसानों के बैंक खातों में जमा करवाये गये हैं। श्री चौहान आज मुख्यमंत्री निवास में शिव आभार साइकिल यात्रा समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गरीबों की जिंदगी का अंधेरा दूर करने के लिये संबल योजना संचालित की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार का बजट पहले भी होता था, किन्तु कभी भी किसानों को सरकार से इतनी मदद नहीं मिली। श्री चौहान ने कहा कि कुनबी पटेल समाज आभार के लिये आया है, यह अत्यंत हर्ष का विषय है। उन्होंने कहा कि कुनबी पटेल समाज का स्नेह अनमोल है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों को प्राप्त कराने के लिये समाज प्रयास करे। उल्लेखनीय है कि शिव आभार यात्रा 29 जुलाई को खंडवा से प्रारंभ हुई थी। यह 6 दिवसीय यात्रा खंडवा से गांव-गांव होते हुए आज भोपाल पहुँची। खंडवा से भोपाल की 600 किमी की साइकिल यात्रा में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। समाज में सकारात्मकता का प्रसार किया।
दतिया में पार्थिव शिवलिंग निर्माण के साथ ही प्रख्यात गायकों के भजन कार्यक्रम होंगे
3 August 2018
जनसम्पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र आज दतिया नगर में स्टेडियम ग्राउण्ड पहुँचकर 13 से 20 अगस्त की अवधि में होने वाले पार्थिव शिवलिंग निर्माण और श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के संबंध में की जा रही व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने इस आयोजन के उद्देश्य से बनाए गए केन्द्रीय कार्यालय का शुभारंभ किया। जनसम्पर्क मंत्री ने श्रद्धालुओं के लिए बैठक व्यवस्था, आने-जाने की व्यवस्था, नियंत्रण कक्ष का अवलोकन कर स्वयंसेवी कार्यकर्ताओं को जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कार्यक्रम संयोजक श्री अवधेश नायक से तिथिवार होने वाले यज्ञ, भजन संध्या, सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि के संबंध में जानकारी प्राप्त की। सात दिवसीय अनुष्ठान में स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के दिन प्रख्यात भजन गायक श्री अनूप जलोटा, पद्मश्री गायक प्रहलाद टिपाणिया भी भजन प्रस्तुत करेंगे। जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने कार्यकर्ताओं की बैठक में यज्ञ के संबंध में गठित समितियों के कार्यकर्ताओं से भी चर्चा की। इस अवसर पर बताया कि पार्थिव शिवलिंग निर्माण प्रारंभ होने के एक दिवस पूर्व 13 अगस्त को कलश यात्रा, दोपहर 2 बजे स्टेडियम ग्राउण्ड से प्रारंभ होगी।
उद्योग मंत्री द्वारा रीवा अल्ट्रा मेगा परियोजना विद्युत सम्प्रेषण का शुभारंभ
3 August 2018
रीवा जिले के गुढ़ में स्थापित विश्व की बड़ी सौर परियोजनाओं में से एक 750 मेगावाट क्षमता की अल्ट्रा मेगा परियोजना के यूनिट क्रमांक दो (एक्मे) द्वारा 100 मेगावाट विद्युत का उत्पादन आज से प्रारंभ हुआ। उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा अल्ट्रा मेगा सौर ऊर्जा संयंत्र 220/33 के.व्ही. पूलिंग सब स्टेशन एवं सौर ऊर्जा संयंत्र यूनिट क्रमांक-दो तथा कंट्रोल यूनिट के विद्युत संप्रेषण का शुभारंभ किया। उद्योग मंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग से दुनिया को बचाने के लिये सौर ऊर्जा का उत्पादन बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि सितम्बर माह तक इस परियोजना से कम से कम 500 मेगा विद्युत उत्पादन शुरू होने की संभावना है। उन्होंने गुढ़-सीधी मुख्य मार्ग से सोलर प्लांट तक पाँच करोड़ लागत के नये मार्ग का भी शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री संबल योजना के भू-अधिकार पत्र वितरित उद्योग मंत्री श्री शुक्ल ने रीवा शहर के 558 पात्र हितग्राहियों को भू-अधिकार पत्र प्रदान किये। इनमें भूमिहीन तथा कच्चे आवास वाले पात्र हितग्राही शामिल हैं। राज्य सरकार की मंशा है कि गरीब को उसकी जमीन का हक मिले और वह निर्भय होकर रहे। उन्होंने कहा कि अगले दो वर्षों में शहर को झुग्गीमुक्त बनाकर गरीबों के लिये 2200 पक्के आवास बनाये जा रहे हैं।
मानवता को कलंकित करने वाले अपराधियों की सजा सिर्फ फांसी : मुख्यमंत्री
3 August 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि महिलाओं, बेटियों के विरूद्ध जघन्य अपराधों में उत्कृष्ट विवेचना कर अपराधियों को फांसी की सजा दिलवाने में मध्यप्रदेश पुलिस ने पूरे देश में उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि संवेदनशील श्रेणी के अपराधों की विवेचना को और ज्यादा प्रभावी बनाया जायेगा ताकि मानवता को कलंकित करने वाले दरिंदे बच नहीं पायें। विवेचना से जुड़े पुलिस अमले को और ज्यादा सुविधाएं देने पर भी विचार किया जायेगा। उन्होंने कहा कि उच्चतम एवं उच्च न्यायालयों और अभियोजन से भी ऐसे मामलों की सुनवाई के लिये फास्टट्रैक कोर्ट शुरू करने का अनुरोध किया गया है। श्री चौहान ने आज महिलाओं और बेटियों के विरूद्ध जघन्य अपराधों में उत्कृष्ट विवेचना कर अपराधियों को फांसी की सजा दिलवाने वाले पुलिस अधिकारियों को मुख्यमंत्री निवास परिसर में सम्मानित किया। इनमें डीआईजी, पुलिस अधीक्षक, फोरोंसिक साईंस लैब के अधिकारी, पुलिस कांस्टेबल और अभियोजन अधिकारी शामिल हैं। श्री चौहान ने कहा कि जिन दरिंदों ने मानवता को कलंकित किया, इंसानियत का खून किया, बेटियों की गरिमा को अपमानित किया, ऐसे दरिंदों को फांसी की सजा दिलवाकर प्रदेश की पुलिस और अभियोजन अधिकारियों ने समाज में सुरक्षा का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं मन को पीड़ा पहुंचाती हैं, लेकिन दरिंदों को कड़ी सजा दिलवाकर संतोष भी होता है। दरिंदे किसी भी हालत में बचना नहीं चाहिए। श्री चौहान ने कहा कि शैतानों के कोई मानव अधिकारी नहीं होते। धरती को ऐसे दरिंदों के बोझ से मुक्त कर देना चाहिये। फांसी ही इनके लिये एकमात्र सजा हो सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस ने पूरे देश में उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। ऐसे जघन्य अपराधों में दोषियों को रिकार्ड समय में फांसी की सजा मिली। उन्होंने कहा कि समाज में दूषित मानसिकता वालों को सुधारने के लिये उन्हें संस्कार देने का अभियान चलाना चाहिए, लेकिन यह एक लम्बी प्रक्रिया है और कुछ दरिंदों पर इनका कोई असर नहीं होता। वे अपराध करते रहते हैं। ऐसे अपराधियों के मन में कानून का डर पैदा होना जरूरी है। श्री चौहान ने पुलिस और अभियोजन अधिकारियों के उत्कृष्ट प्रयासों और टीम वर्क की सराहना करते हुये कहा कि अपराधियों को सजा दिलाना समाज सेवा का काम है। उन्होंने फांसी की सजा सुनाने वाली अदालतों को भी नमन करते हुये कहा कि अत्यंत संवेदनशील प्रकरणों में न्यायालयों ने भी तत्परता से न्याय देने का काम किया है। पुलिस महानिदेशक श्री आर.के. शुक्ला ने कहा कि डिजिटल टेक्नॉलाजी के उपयोग से विवेचना में प्रक्रिया में तेजी आयी है और अपराधों का तथ्यामक विश्लेषण करने में मदद मिली है। उन्होंने बताया कि सभी जिलों में सीसीटीव्ही कैमरे लगाने से अपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण रखने में काफी मदद मिली है। सभी जिलों के संवेदनशील क्षेत्रों में 10 हजार सीसीटीव्ही कैमरे लगाये गये हैं। डीएनए परीक्षण की टेक्नॉलाजी के उपयोग से भी अपराधियों को सजा दिलाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बेटियों के विरुद्ध हुए जघन्य अपराधों में अपराधियों की विवेचना कर उन्हे सजा दिलवाने में अभियोजन अधिकारी, पुलिस अधिकारी और समाज के सहयोग से पूरी टीम ने काम किया है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव गृह श्री मलय श्रीवास्तव, संचालक लोक अभियोजन डॉ. राजेन्द्र कुमार और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री अन्वेष मंगलम् एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।
जघन्य अपराधियों को फांसी की सजा दिलवाने वाले पुलिस अधिकारी सम्मानित
3 August 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिह चौहान ने महिलाओं और बेटियों के विरूद्ध जघन्य अपराधों में उत्कृष्ट विवेचना कर अपराधियों को फांसी की सजा दिलाने वाले पुलिस अधिकारियों को आज मुख्यमंत्री निवास परिसर में आयोजित समारोह में सम्मानित किया। श्री चौहान ने पुलिस अधिकारियों को उत्कृष्टता प्रमाण-पत्र प्रदान करते हुये उनकी कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ग्वालियर जिले के पुलिस अधीक्षक श्री नवनीत भसीन, वैज्ञानिक अधिकारी श्री अखिलेश भार्गव, डीपीओ श्री अब्दुल नसीम, एडीपीओ श्री अनिल मिश्रा, एडीपीओ श्री रितेश गोयल, निरीक्षक तत्कालीन थाना प्रभारी कम्पू हॉल अशोकनगर श्री महेश शर्मा, विवेचक उपनिरीक्षक थाका कम्पू ग्वालियर श्री बी.एल. यादव, प्रधान आरक्षक थाना कम्पू श्री बलवीर सिंह कौरव और प्रधान आरक्षक थाना 1906 थाना क्राईम ग्वालियर श्री गुलशन सोनकर और जिला इंदौर के उप महानिरीक्षक शहर श्री हरिनारायणचारी मिश्र, नगर पुलिस अधीक्षक सराफा श्री हरीश मोटवानी, वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी सीन ऑफ क्राईम डॉ. बाबूलाल मंडलोई, जिला अभियोजन अधिकारी श्री मो. अकरम शेख, एडीपीओ श्री संजय मीणा, निरीक्षक थाना प्रभारी भंवरकुंआ श्री शिवपाल सिंह, उप निरीक्षक थाना राउजी बाजार श्री प्रतीक शर्मा, उप निरीक्षक थाना सराफा श्री बुन्देला सिंह सुनेरिया, उप निरीक्षक थाना भंवरकुंआ श्री रविराज बैस, आरक्षक थाना सराफा श्री बलराम सिंह, आरक्षक थाना एमजी रोड श्री जवाहर सिंह को सम्मानित किया। श्री चौहान ने जिला धार के पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र कुमार सिंह, अ.अ.पु मनावर डॉ. आनंद सिंह वास्कले, वैज्ञानिक अधिकारी सुश्री पिंकी मेहरडे, एडीपीओ श्रीमती पद्मा जैन, नगर निरीक्षक श्री संजय रावत, उप निरीक्षक थाना मनावर श्री ईलापसिंह मुजाल्दे और जिला सागर के तत्कालीन अनु. अधि. खुरई श्री विक्रम सिंह, वैज्ञानिक अधिकारी एफएसएल श्री पंकज पाटीदार, एडीपीओ श्री दिनेश चंदेल, उप निरीक्षक विवेचक श्री जितेन्द्र वैष्णव। सागर के ही पुलिस अधीक्षक श्री सत्येन्द्र कुमार शुक्ल, वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. बृजेश चौधरी, एडीपीओ श्री लोकेश दुबे, निरीक्षक थाना प्रभारी रहली श्री रामअवतार चौरहा, उप निरीक्षक श्री दशरथ प्रसाद दुबे, उप निरीक्षक श्रीमती प्रीति जैन, शहडोल के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक श्री सुशांत कुमार सक्सेना, लोक अभियोजन अधिकारी श्री विश्वजीत पटेल, वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. एस.पी. सिंह, एडीपीओ श्री एम.आर. खान निरीक्षक थाना प्रभारी श्री कमलेन्द्र सिंह कर्चुली, उप निरीक्षक थाना कोतवाली सुश्री रजनी नागभिरे, मंदसौर जिले के पुलिस अधीक्षक श्री मनोज सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुंदर सिंह कनेश, नगर पुलिस अधीक्षक श्री राकेश मोहन शुक्ला, उप पुलिस अधीक्षक महिला अपराध सुश्री लक्ष्मी सेतिया, वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. चंदना अंजना, एडीपीओ श्री नीतेश कृष्णन, निरीक्षक थाना प्रभारी पिपलिया मण्डी श्री कमलेश सिंगार, निरीक्षक थाना प्रभारी अजाक श्रीमती पुष्पा सिंह चौहान, उप निरीक्षक श्री सुरेन्द्र सिसोदिया, आरक्षक थाना कोतवाली श्री कमलपाल, दमोह जिले के पुलिस अधीक्षक श्री विवेक अग्रवाल, नगर पुलिस अधीक्षक श्री मनभरण प्रसाद प्रजापति, वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी श्रीमती किरण सिंह, उप संचालक अभियोजन श्री वीर सिंह राजपूत, निरीक्षक थाना प्रभारी कोतवाली श्री अरविंद सिंह, प्रधान आरक्षक श्री राजेन्द्र मिश्रा, आरक्षक श्री मनीष गंधर्व, आरक्षक श्री गोविंद अवस्थी को उत्कृष्ट सेवाओं के लिये सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने सतना जिले के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक श्री राजेश हिंगणकर, पुलिस अधीक्षक श्री संतोष सिंह गौर, अनु. अधि. नागौद सुश्री किरण किरो, डीपीओ श्री गणेश पाण्डे, वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. महेन्द्र सिंह, चौकी प्रभारी परसमनिया थाना उचेहरा श्री सुन्दर लाल रावत और एसएफएल सागर के निदेशक डॉ. हर्ष शर्मा, इंचार्ज डीएनए यूनिट एसएफएल सागर डॉ. अनिल कुमार सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डीएनए यूनिट एसएफएल सागर डॉ. पंकज श्रीवास्तव को भी उत्कृष्ट सेवाओं के लिये सम्मानित किया।
मध्यप्रदेश के ई-मार्ग सॉफ्टवेयर से अन्य राज्यों की सड़कों की भी होगी मॉनीटरिंग
3 August 2018
मध्यप्रदेश में विकसित किए गये ई-मार्ग सॉफ्टवेयर से पूरे देश में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़कों की मॉनीटरिंग की जाएगी। इस सॉफ्टवेयर का ही परिणाम है कि राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश में सबसे कम मात्र 6.16 प्रतिशत सड़कों पर मेन्टीनेंस का काम निकल रहा है। यह बात ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार की संयुक्त सचिव और एनआरआईडीए की डायरेक्टर जनरल श्रीमती अलका उपाध्याय ने कही है। श्रीमती उपाध्याय आज रोड मेन्टीनेन्स पर भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं। संयुक्त सचिव श्रीमती उपाध्याय ने कहा कि मध्यप्रदेश में ग्रामीण सड़कों के क्षेत्र में देश में सर्वोत्तम काम किया गया है। इसका मुख्य कारण प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण का मॉनीटरिंग सिस्टम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में देश में आज तक बनाई गई 60 प्रतिशत सड़कें परफार्मेन्स गारंटी पीरियड से बाहर आ गई है, इनकी अब मरम्मत किया जाना है। इस प्रक्रिया पर सतत् निगरानी के लिए सुदृढ़ तकनीकी की जरूरत है। इस परिस्थिति में "ई- मार्ग" बेहतर विकल्प है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा इस सिस्टम की प्रशंसा की गई है। इसे शीघ्र ही रोड बनाने वाले अन्य विभागों द्वारा भी लागू किया जा सकता है। उन्होंने इस सॉफ्टवेयर के लिए भोपाल एनआईसी के सीनियर टेक्निकल डॉयरेक्टर श्री विवके चितले और उनकी टीम को बधाई दी। मुख्य कार्यपालन अधिकारी मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री सड़क विकास प्राधिकरण श्री नीतेश व्यास ने बताया कि मध्यप्रदेश में एक लाख 13 हजार 708 किलोमीटर ग्रामीण सड़कें हैं। इनमें 64 प्रतिशत 73 हजार 265 किलोमीटर प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क है। इन सड़कों की मरम्मत और मॉनीटरिंग करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, जिसे प्रदेश में वर्ष 2013 से ही आईजियो एप्रोच प्रणाली तथा ई-मार्ग के द्वारा आसान बनाया गया है। यही कारण है कि मध्यप्रदेश की सड़कों की गुणवत्ता अन्य सभी राज्यों से बेहतर है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सड़कों के निर्माण के बाद 5 साल तक उनके रख-रखाव की जिम्मेदारी संबंधित निर्माण एजेन्सी की होती है। एजेन्सी द्वारा बेहतर कार्य किया जा रहा है कि नहीं, यह जॉचना-परखना भी एक बड़ा कार्य होता था, जिसे "ई-मार्ग" सॉफ्टवेयर ने आसान बनाया है। इसके साथ ही इस सॉफ्टवेयर में पब्लिक भी सड़क की शिकायत फोटो सहित कर सकेगी। इससे भी गुणवत्ता को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। "ई-मार्ग" विकसित करने वाले मध्यप्रदेश एनआईसी के सीनियर टेक्निकल डॉयरेक्टर श्री विवके चितले ने सॉफ्टवेयर की कार्य-प्रणाली के बारे में विस्तार से बताया। यह सॉफ्टवेयर एण्डराइड मोबाइल पर कहीं से भी ऑपरेट किया जा सकेगा। कार्यशाला में एनआरआईडीए के डायरेक्टर श्री उत्तम कुमार और श्रीमती विमलेश कुमारी सहित 27 राज्यों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
यूरोपीय देशों में मध्यप्रदेश पर्यटन की पहचान बनेंगे टिन-टॉयस
3 August 2018
मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग के विज्ञापन में उपयोग किये गये टिन-टॉयस विदेशों में भी मध्यप्रदेश की पहचान बनेंगे। वर्ष 2016 में 'एम.पी. में दिल हुआ बच्चे सा' विज्ञापन को देश में सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार मिला था। इग्लैण्ड में प्रतिष्ठित 'डी एण्ड एड' अवार्ड्स द्वारा भी ग्रेफाइट पेंसिल अवार्ड प्रदान किया गया था। इस विज्ञापन में बच्चों के खिलौनों को मध्यप्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों की विरासत से संजोया गया था। इन खिलौनों को दिल्ली की एजेन्सी वेल्बी इम्पेक्स ने डिजाइन किया था। अधिकांश खिलौनों में गियर और पिनिंयस का एक जटिल यंत्र उपयोग किया गया है। टिन-टॉयस के संबंध में पर्यटन राज्य मंत्री श्री सुरेन्द्र पटवा ने बताया कि मध्यप्रदेश में पर्यटन की पहचान बने ये टिन-टॉयस विदेशों में भी प्रदेश का प्रचार-प्रसार करेंगे। टिन-टॉयस बनाने वाली कम्पनी इन्हें यूरोप के देशों में विक्रय करेगी, जिस पर एजेन्सी द्वारा विभाग को 5 प्रतिशत की रायल्टी मिलेगी। टीन-टॉयस की पैकेजिंग पर भी म.प्र. पर्यटन की ब्रांडिंग कर डेस्टिनेशन पम्पलेट बाल्स में डाला जायेगा। टिन-टॉयस टीवीसी फिल्म के प्रचलित होने पर टिन-टॉयस सोबेनियर- टाइगर, बुद्धिस्ट मोंक, चिड़िया एवं चंदेरी डॉल बनवाए गए। वेल्बी इम्पेक्स के द्वारा टिन-टॉयस वर्तमान में एकमात्र ब्रांड है, जो अभी भी टिन खिलौनों की विरासत को संजोये है। इन खिलौनों के निर्माण की प्रक्रिया बहुत कठिन और श्रम गहन है, जो इन उत्पादों को बेहद अनन्य बनाती है। ये टिन-टॉयस बैटरियों के उपयोग के बिना भी आपको मनोरंजित एवं आश्चर्यचकित करते हैं। विश्व में टिन टॉयस को हिस्टोरिकल टॉयज के रूप में वर्गीकृत किया गया है। संग्रहकर्ताओं द्वारा उनकी यादों को पूरा करने और युवा पीढ़ी को दिखाने के लिए ये खरीदे जाते हैं। ये खिलौने कुछ शानदार संग्रहालयों को सजाते हैं और संग्रह में कई लोगों द्वारा गर्व से प्रदर्शित किये जाते हैं।
राजस्व मंत्री ने सूरज नगर में बाँटे 80 घरेलू गैस कनेक्शन
3 August 2018
राज्य सरकार जहाँ गरीबों को एक रुपये किलो गेहूँ, चावल उपलब्ध करवा रही है, वहीं केन्द्र सरकार भोजन पकाने के लिए नि:शुल्क घरेलू कनेक्शन उपलब्ध करावा रही है। राजस्व, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने यह बात वार्ड-2 स्थित सूरज नगर में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना में नि:शुल्क घरेलू गैस चूल्हा और सिलेंडर वितरण कार्यक्रम में कही। सूरज नगर में 80 लोगों को नि:शुल्क घरेलू गैस कनेक्शन दिये गये। श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार गरीबों के कल्याण के लिये सतत योजनाएँ बना रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 तक सभी आवासहीनों को आवास उपलब्ध करवाने का लक्ष्य है। श्री गुप्ता ने संबल योजना के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सभी पात्र लोग संबल योजना में पंजीयन करवायें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा शहडोल में 69 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास
2 August 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने शहडोल में 69 करोड़ रूपये लागत के निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर सांसद श्री प्रभात झा, विधायक श्री जयसिंह मरावी, श्रीमती प्रमिला सिंह, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री नरेंद्र मरावी, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती उर्मिला कटारे, श्री बी.डी. शर्मा, श्री इंद्रजीत सिंह छाबड़ा सहित अन्य जन-प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
वन विहार में आया सफेद कोबरा
2 August 2018
वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में बैतूल से एक सफेद कोबरा (एल्बिनो) साँप रेस्क्यू कर लाया गया है। इस विलक्षण साँप को बैतूल जिले के सारणी परिक्षेत्र से पकड़ा गया है। यह साँप बहुत आकर्षक और सुंदर दिखता है। प्रकृति ने कोबरा साँप को काला रंग दिया है, परंतु जेनेटिक मॉडिफिकेशन के कारण कभी-कभी एल्बिनो प्राणी जन्म लेता है। प्रकृति के विरुद्ध हुए ये प्राणी ज्यादा समय तक जीवित नहीं रह पाते हैं। विपरीत रंग होने के कारण ये शिकारी की नजर से नहीं बच पाते हैं। इस साँप को वन विहार में वन्य-प्राणी चिकित्सक की देखरेख में साँपों के लिये बनाये गये ट्रांजिट सेंटर में रखा गया है। स्वास्थ्य परीक्षण के साथ सफेद कोबरा की निरंतर निगरानी की जा रही है।
पात्र लोग परेशान न हों, मिलेगा सभी योजनाओं का लाभ
2 August 2018
पात्र लोग परेशान न हों, सभी पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ मिलेगा, योजना में रजिस्ट्रेशन जरूर करवायें। राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने यह बात वार्ड-31 स्थित शिव नगर में सरल बिजली बिल स्कीम में लोगों को बिजली बिल माफी के प्रमाण-पत्र वितरण करते हुए कही। उन्होंने संबल योजना के पंजीयन प्रमाण-पत्र भी वितरित किये। राजस्व मंत्री श्री गुप्ता ने कहा कि सरकार ने गरीबी हटाने के लिये एक रुपये किलो गेहूँ, चावल और नमक देने की शुरूआत की है। केन्द्र सरकार ने उज्जवला योजना के माध्यम से गरीब महिलाओं को धुएँ से मुक्ति दिलाई है। प्रधानमंत्री आवास योजना में गरीबों को रहने के लिये पक्का आवास उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कन्यादान/निकाह योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना ने गरीबों को बेटी के विवाह की चिंता से मुक्त किया है। संबल योजना में शामिल परिवारों के बच्चों की फीस सरकार भरेगी। इलाज का खर्च सरकार उठायेगी। गर्भवती महिलाओं को 4 हजार रुपये और प्रसव पर 12 हजार रुपये दिये जायेंगे। दुर्घटना में मृत्यु पर 4 लाख और सामान्य मौत पर 2 लाख रुपये तथा अपंगता पर एक लाख रुपये मिलेंगे। अंत्येष्टि के लिए 5 हजार रुपये दिये जायेगे। बिजली का बिल 200 रुपये महीना लगेगा। श्री गुप्ता ने बताया कि योजना में शहर के वे सभी व्यक्ति पात्र होंगे, जो आयकर नहीं देते और शासकीय सेवा में नहीं है। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
राजस्व मंत्री ने तलवारबाज खिलाड़ी को किया सम्मानित
2 August 2018
राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने तलवारबाज खिलाड़ी श्री शंकर पाण्डेय को सम्मानित किया। श्री पाण्डेय ने इग्लैण्ड में आयोजित जूनियर कॉमनवेल्थ फेंसिंग चैम्पियनशिप में देश को स्वर्ण पदक दिलाया है। श्री गुप्ता ने श्री पाण्डेय के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उन्हें शासन द्वार हर संभव सहयोग दिया जायेगा।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री रावत ग्वालियर के दौरे पर
2 August 2018
मुख्यनिर्वाचन आयुक्त श्री ओ.पी. रावत 4 अगस्त को ग्वालियर जिले के दौरे पर रहेंगे। श्री रावत सुबह 9 बजे दिल्ली से कार से रवाना होकर 1.30 बजे ग्वालियर पहुँचेंगे। ग्वालियर में विधानसभा चुनाव की तैयारीयों की समीक्षा बैठक लेंगे। अगले दिन 5 अगस्त को सुबह 10.30 बजे ग्वालियर में लक्ष्मी बाई नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ फिजिकल एजुकेंशन में आयोजित सेमीनार में भाग लेंगे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री रावत इसी दिन दोपहर 3 बजे कार से दिल्ली के लिये रवाना होंगे।
डिसड्रोमीटर से दक्षिण-पश्चिम मानसून वर्षा का वैज्ञानिक अध्ययन शुरू
2 August 2018
म.प्र.विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् भोपाल (मेपकॉस्ट) एवं भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन 'इसरो'के स्पेस एप्लीकेशन्स सेंटर (सैक),अहमदाबाद द्वारा मौसम उपग्रह इन्सैट-3डीआर में लगे उपकरणों से प्राप्त डाटा से भोपाल क्षेत्र में दक्षिण पश्चिम मानसून से होने वाली वर्षा का वैज्ञानिक अध्ययन किया जा रहा है। इस शोध परियोजना से प्राप्त नतीजों से फसलों के चयन में आसानी होगी। मेपकॉस्ट के सुदूर संवेदन अनुप्रयोग केन्द्र के कृषि तथा मृदा प्रभाग के प्रभारी,वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ.जी.डी.बैरागी ने बताया कि मेपकास्ट परिसर में स्थित विज्ञान भवन पर डिसड्रोमीटर उपकरण स्थापित किया गया है। इस उपकरण से प्राप्त दक्षिण-पश्चिम मानसून से होने वाली वर्षा के विभिन्न प्रतिमानों (रेनफॉल प्रॉड्क्टस) पर रिसर्च की जा रही है। तीस किग्रा.वजनी डिसड्रोमीटर अत्याधुनिक उपकरण है,जो वर्षा संबंधी आंकड़ों की रिकॉर्डिंग में अहम भूमिका निभाता है। डॉ.जी.डी.बैरागी ने बताया कि डिसड्रोमीटर उपकरण मेपकॉस्ट के विज्ञान भवन के साथ ही भोपाल में आईआईएफएम, आईएमडी, जेडीए ऑफिस, एनआईटीटीटीआर (निटर), भेल, बीएमएचआरसी, एसआईआरटी कालेज और बीएसएसएस कॉलेज पर भी स्थापित किया गया है। मेपकास्ट को अनुसंधान के लिए स्थल निर्धारण, सर्वेक्षण और लॉजिस्टिक का कार्य सौंपा गया है। शोध कार्य आरंभ होने के पहले दोनों वैज्ञानिक संस्थानों ने कार्य योजना के विभिन्न घटकों पर विचार मंथन किया था। क्या है उन्नत मौसम उपग्रह इन्सैट-3डीआर इन्सैट-3डीआर उन्नत और देश में ही निर्मित मौसम उपग्रह है,जिसे 26 जुलाई 2015 को अंतरिक्ष में स्थापित किया गया था। यह देश का पहला भू-स्थिर उपग्रह है,जिसमें 'इमेजर' एवं साउंडर उपकरण लगे हुए हैं और जो वायुमंडल के विभिन्न आयामों जैसे वर्षा,आर्द्रता,तापमान,कोहरा,हिमपात आदि का उच्च गुणवत्ता आधरित डाटा उपलब्ध कराने में सहायक होगा। उपग्रह आधरित वर्षा को केलीब्रेट करने के लिए भोपाल शहर में 9 संस्थानों पर डिसड्रोमीटर से प्राप्त वर्षा के आंकड़ों से मॉडल तैयार कर वर्षा के सटीक आंकड़ों के प्रॉडक्ट तैयार किये जायेंगे।
ज्ञान लालवानी और अशोक मनवानी सिंधी साहित्य सभा में मनोनीत
1 August 2018
राजधानी के दो रचनाकारों को अखिल भारत सिंधी बोली और साहित्य सभा में मनोनीत किया गया है। श्री ज्ञान लालवानी को क्षेत्रीय सचिव और अशोक मनवानी को राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य के रूप में संस्था में शामिल किया गया है। अखिल भारत सिंधी बोली और साहित्य सभा स्वतंत्रता के पश्चात देश में सिंधी भाषा और साहित्य के संवर्धन के लिए कार्य करने वाली सबसे पुरानी और सबसे बड़ी संस्था है। सभा द्वारा प्रति वर्ष सिंधी भाषा संरक्षण, संवर्धन के साथ ही, सिंधी साहित्य, चित्रकला, नाटक और अन्य ललित कलाओं में श्रेष्ठ कार्य करने वाले सिंधी भाषी साहित्यकारों, कलाधर्मियों को पुरस्कृत किया जाता है। हाल ही में श्री शंभू जयसिंघानी (नई दिल्ली) इस संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया है। पूर्व में श्री सुंदर अगनानी (जयपुर) ने इस संस्था में बीस वर्ष तक बतौर अध्यक्ष उत्कृष्ट कार्य किया। अस्वस्थ होने की वजह से गत माह उन्होंने इस दायित्व को छोड़ा। सभा की ओर से भोपाल में अक्टूबर माह में विशेष आयोजन किया जाएगा।
छात्र-छात्राओं की समस्याओं का तुरंत निराकरण करें विश्वविद्यालय : राज्यपाल
1 August 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि विश्वविद्यालय छात्र-छात्राओं की समस्याओं का निराकरण तुरंत करें। समस्त कार्यवाही समय सीमा में करें ताकि छात्र-छात्राओं का भविष्य खराब न हो। उन्होंने यह बात आज यहाँ बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह में कही। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया तथा विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियाँ हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि विद्यार्थियों को समय का महत्व समझने की आवश्यकता है। जिस काम के लिए जो समय निश्चित है, वह काम उस समय पर अवश्य पूरा करें। उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि अनुशासन आपका सबसे बड़ा गुण और कर्त्तव्य होना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि हमारी सोच ऐसी होना चाहिए कि हम सब मिलकर कैसे विश्वविद्यालय के स्तर को ऊंचा उठा सकते है। उन्होंने अभिभावकों से कहा कि अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दें, उन्हें आदर्श नागरिक बनाने का प्रयास करें। राज्यपाल ने वृक्षारोपण की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार को 5-5 पौधे जरूर लगाना चाहिये और वृक्ष बनने तक उनकी रक्षा भी सुनिश्चित करना चाहिये। श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने महिला सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि स्व-सहायता समूह से महिलाओं की आर्थिक स्थिति ठीक हो सकती है। जब तक हम महिलाओं को जागरूक नहीं बनाएंगे, तब तक आधी आबादी विकास नहीं कर सकती। उन्होंने छात्रों से दहेज न लेने, बाल-विवाह का विरोध करने और प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने की शपथ लेने का आव्हान किया। श्रीमती पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय के कर्मचारियों का भी ध्यान रखा जाये। उन्होंने मीडिया से कहा कि जब कोई अच्छा काम करता है तो उसे अवश्य दिखायें। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डी.सी. गुप्ता, रजिस्ट्रार डॉ. यू.एन. शुक्ल सिंह सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी इस मौके पर उपस्थित थे।
परीक्षा और परिणाम में विलंब दूर करने के लिए समिति बनाई जाये- राज्यपाल
1 August 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के एचओडी और वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ली। श्री पटेल ने बैठक में परीक्षा और परिणाम में विलंब की समस्या के बारे में भी प्रश्न किये। उन्होंने परीक्षा और परिणाम में विलंब की समस्या दूर करने के लिये समिति बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि परीक्षा का समय कैसे कम किया जा सके और कैसे परीक्षा के साथ परिणाम भी समय पर आयें, इस बारे में समिति सुझाव दे। श्रीमती पटेल ने कहा कि जिन्हें पेपर बनाना है, उन्हें विश्वविद्यालय में ही बुलाया जाये और उनसे वहीं बैठकर एक या दो दिन में पेपर तैयार करवाये जायें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के हित में यह करना आवश्यक है। उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन में देरी के बारे में राज्यपाल ने कहा कि प्रोफेसरों के साथ चर्चा कर इसका हल निकाला जाये। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि छात्र-छात्राओं को मार्कशीट मिलने में देरी की समस्या समाप्त करने के लिये मार्कशीट बनाने वाली कम्पनी को विश्वविद्यालय में ही बुलायें और दो दिन में सभी की मार्कशीट तैयार कर उन्हें उपलब्ध करवायें। उन्होंने कहा कि अगर पीएचडी करने वाले छात्र-छात्राएं अपना थीसेस समय पर जमा नहीं कर पाते हैं, तो उन्हें कुछ समय देना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को विदेशी भाषाओं का भी ज्ञान देना चाहिए क्योंकि आज विश्व में विदेशी भाषाऐं जानने वाले विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अच्छे अवसर हैं। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के परिसर का भ्रमण भी किया। उन्होंने कन्या छात्रावास पहुँचकर छात्राओं से कहा कि हर विश्वविद्यालयों में लोकपाल की नियुक्ति की जा रही है। उनके सामने आप अपनी समस्या बतायें, जरूर निराकरण होगा।
पर्यावरण संरक्षण के लिये पाठ्यक्रम के अनुभव व्यावहारिक रूप से क्रियान्वित करें
1 August 2018
प्रमुख सचिव पर्यावरण और मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अध्यक्ष श्री अनुपम राजन ने आज एप्को इन्स्टीटूयट ऑन इन्वायरमेंटल स्ट्डीज के पीजीडीईएम पाठ्यक्रम 2017-18 के 77 सफल विद्यार्थियों को डिप्लोमा प्रमाण-पत्र प्रदान किये। पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन इन्वायरमेंटल मैनेजमेंट (पीजीडीईएम) कोर्स का यह छठवां बैच था। संस्थान पिछले 7 सालों से 70 से अधिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर चुका है। श्री अनुपम राजन ने विद्यार्थियों का आव्हान करते हुए कहा कि पाठ्यक्रम के अनुभवों को पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्द्धन के क्षेत्र में व्याहारिक रूप से क्रियान्वित करें। यह हमारे समाज, देश और विश्व के पर्यावरणीय विकास के लिये बहुत बड़ा योगदान होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आगे भी सोशल मीडिया आदि के माध्यम से आपस में जुड़े रहें और अपने कार्य एवं अनुभव समाज के विभिन्न वर्गों के साथ साझा करें। श्री राजन ने छात्र-छात्राओं से समय-समय पर गाँवों में जाकर ग्रामीणों को पर्यावरण की गतिविधियों को अपनाने के लिये प्रोत्साहित करने को भी कहा। एप्को के महानिदेशक श्री राजन ने पाठ्यक्रम के विद्वान अतिथि विषय-विशेषज्ञों को भी स्मृति-चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। इनमें पूर्व कुलपति बरकतउल्ला विश्वविद्यालय डॉ. रामप्रसाद, पूर्व संचालक भारतीय वन प्रबंध संस्थान डॉ. आर.बी. लाल, वाटरशेड मिशन के सलाहकार श्री के.जी. व्यास, मौसम विभाग के पूर्व संचालक डॉ. डी.पी. दुबे, प्रदूषण नियंत्रण मंडल, वाल्मी, इन्स्टूयूट ऑफ एक्सीलेंस, मेनिट, बेनजीर कॉलेज और बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ शामिल हैं।
आज से नगरीय क्षेत्रों में "स्वच्छ प्रदेश-स्वस्थ प्रदेश" अभियान प्रारंभ
1 August 2018
प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में 2 अगस्त से 15 सितम्बर, 2018 तक 'स्वच्छ प्रदेश-स्वस्थ प्रदेश' अभियान संचालित किया जायेगा। अभियान के दौरान सभी नगर में स्वच्छता के सभी घटकों में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया है कि अभियान के दौरान एक सितम्बर से 15 सितम्बर, 2018 के बीच क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता की स्थिति का थर्ड पार्टी परीक्षण भी करवाया जायेगा। उन्होंने बताया कि अभियान में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर परिषद को पृथक से आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा पुरस्कृत किया जायेगा। श्रीमती माया सिंह ने बताया कि समस्त नगर पालिका निगम, नगर पालिका परिषद और नगर परिषद को जारी निर्देशों के अनुसार अभियान का उद्देश्य नगर के प्रत्येक वार्ड एवं बस्ती तक स्वच्छता सुविधाओं का विस्तार करना, प्रत्येक गली-मोहल्ले तक शत-प्रतिशत घरों से कचरा इकट्ठा करने की प्रक्रिया का प्रभावी क्रियान्वयन एवं पर्यवेक्षण करना, खुले में शौच की प्रवृत्ति को समाप्त करने के लिये उन स्थानों पर विशेष अभियान चलाना, व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक शौचालयों में स्वच्छता बनाये रखने के लिये जागरूकता पैदा करना, प्रत्येक कार्यालय, स्कूल, बस स्टेण्ड, रेलवे स्टेशन आदि क्षेत्रों में शौचालयों के मानदण्डों के अनुसार सफाई सुनिश्चित कराना, प्रत्येक कार्यालय एवं अन्य अशासकीय संस्थानों में कचरा संग्रहण की स्थायी व्यवस्था का क्रियान्वयन सुनिश्चित करना, नगर में शत-प्रतिशत गीला एवं सूखा कचरा एकत्र करने की प्रक्रिया का क्रियान्वयन कराना, उत्सर्जित गीले कचरे की कम्पोस्टिंग और सूखे कचरे को रि-सायकिल के लिये भेजना, अभियान से नागरिकों को सीधे जोड़ना तथा स्टार रेटिंग के लिये समान्तर रूप से दस्तावेजीकरण करना है। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ने जानकारी दी कि 'स्वच्छ प्रदेश स्वस्थ प्रदेश' अभियान 2 अगस्त से 15 सितम्बर, 2018 तक सभी नगरों में निरंतर रूप से हर दिन संचालित किया जायेगा, जिसमें पृथक से दल निर्मित कर वार्डवार गतिविधियाँ संचालित की जायेंगी। प्रत्येक वार्ड का नोडल अधिकारी/कर्मचारी नियुक्त किया जायेगा, जिसके नेतृत्व में स्वच्छता गतिविधियाँ संचालित की जायेंगी। महापौर और अध्यक्ष नगर स्तर पर अभियान का नेतृत्व करेंगे और वार्डों में पार्षद एवं स्थानीय नागरिक अभियान में शामिल होंगे। अभियान प्रत्येक दिन 3 चरण में संचालित किया जायेगा। प्रथम चरण में प्रात:कालीन गतिविधियों में वार्ड स्तर पर श्रममूलक कार्य कराये जायेंगे, जिसमें जन-सामान्य और जन-प्रतिनिधियों को जोड़कर स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा और श्रमदान कराया जायेगा। द्वितीय चरण में विचार गोष्ठी एवं कैम्प आयोजित कर स्वच्छता जागरूकता और व्यवहार परिवर्तन के विषयों का वीडियो, व्याख्यान, पम्पलेट, नुक्कड़ नाटक आदि के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जायेगा। इसमें दिनभर संचालित गतिविधियों का फीडबैक प्राप्त कर वार्ड स्तर पर संवहनीय व्यवस्था लागू की जायेगी। इस दौरान खुले में शौच, यहाँ-वहाँ कचरा फेंकने, थूकने आदि से उत्पन्न होने वाली बीमारियों जैसे डेंगू, मलेरिया, टाईफाइड आदि को रोकने के लिये जानकारियों का प्रचार-प्रसार किया जायेगा। तृतीय चरण में दिनभर की गई समस्त गतिविधियों की जानकारी संचालनालय को शाम 6 से 7 बजे के बीच निर्धारित प्रपत्र में प्रेषित करना होगी।
मंत्रालय के समक्ष वंदे-मातरम गायन संपन्न
1 August 2018
राज्य मंत्रालय के समक्ष सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में आज राष्ट्रगीत वंदे-मातरम का सामूहिक गायन संपन्न हुआ। इस अवसर पर पुलिस बैंड ने मधुर धुनें प्रस्तुत की। वंदे-मातरम गायन में अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन श्री प्रभांशु कमल, अपर मुख्य सचिव संस्कृति तथा वाणिज्यिक कर श्री मनोज श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव गृह श्री मलय श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति कल्याण श्री एस.एन. मिश्रा, प्रमुख सचिव विधि एवं विधायी कार्य श्री सत्येन्द्र सिंह सहित मंत्रालय, सतपुड़ा एवं विंध्याचल भवन के अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित थे।
राजस्व मंत्री द्वारा विधायक फुटबॉल ट्रॉफी टूर्नामेंट का शुभारंभ
1 August 2018
राजस्व, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने तात्या टोपे नगर दशहरा मैदान में विधायक फुटबॉल ट्रॉफी टूर्नामेंट का शुभारंभ किया। उन्होंने इस मौके पर खिलाड़ियों से परिचय भी प्राप्त किया। टूर्नामेंट में 8 टीम भाग ले रही हैं। फायनल मैच 3 अगस्त को होगा। टूर्नामेंट में विजेता टीम को 11,001, उपविजेता को 5001 और तृतीय स्थान पाने वाली टीम को 2501 रुपये का पुरस्कार दिया जायेगा। राजस्व मंत्री ने कहा कि राजनैतिक कार्यकर्ताओं को राजनीति के साथ ही खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी शामिल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि खेल भावना से खेलें, हार-जीत तो सामान्य प्रक्रिया है। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। राजस्व मंत्री ने विसर्जन घाट में किया पौध-रोपण राजस्व, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आई.एफ.एम.के सामने विसर्जन घाट में पौधा लगाया। उन्होंने कहा कि पौधों की पूरी सुरक्षा करें।
जिलों में शिक्षक सदन का होगा सुदृढ़ीकरण
1 August 2018
स्कूल शिक्षा विभाग शिक्षक कल्याण प्रतिष्ठान में दी जाने वाली अंशदान राशि से जिलों में शिक्षक सदन का सुदृढ़ीकरण का कार्य कराएगा। जिन जिलों में शिक्षक सदन नहीं हैं, वहाँ 10 कमरे और संभागीय मुख्यालय में 20 कमरे के शिक्षक सदन का निर्माण करवाया जायेगा। इस संबंध में आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती जयश्री कियावत ने संभागीय कार्यालय के संयुक्त संचालक शिक्षा और जिला शिक्षाधिकारी को निर्देश जारी किये हैं। इसके साथ ही, प्रदेश के शिक्षकों द्वारा शिक्षक कल्याण प्रतिष्ठान को वर्तमान में दिये जा रहे वार्षिक अंशदान की राशि में वृद्धि के संबंध में नये निर्देश जारी किये गये हैं। वर्तमान में स्कूल शिक्षा विभाग में पदस्थ सहायक शिक्षक 25 रुपये, शिक्षक 50 रुपये और व्याख्याता एवं प्राचार्य से 100 रुपये वार्षिक स्वैच्छिक अंशदान की राशि एकत्र की जाती है। बैठक में लिये गये निर्णय के अनुसार अब सहायक शिक्षक से 100 रुपये, शिक्षक से 150 रुपये तथा प्राचार्य एवं व्याख्याता से 200 रुपये और सहायक संचालक एवं उनसे वरिष्ठ अधिकारी से 300 रुपये प्रति वर्ष अंशदान स्वैच्छिक रूप से शिक्षक कल्याण प्रतिष्ठान में जमा करवाया जायेगा। वर्ष 2018-19 का अंशदान जुलाई-अगस्त माह में स्वैच्छिक रूप से शिक्षकों से प्राप्त कर शिक्षक कल्याण प्रतिष्ठान, इलाहाबाद बैंक, गौतम नगर, भोपाल की शाखा में जमा करवाया जायेगा। जिले से जो राशि शिक्षक कल्याण प्रतिष्ठान में अंशदान के रूप में जमा होगी, उसकी 20 प्रतिशत राशि संबंधित संभागीय संयुक्त संचालक एवं 30 प्रतिशत राशि संबंधित जिला शिक्षाधिकारी को शिक्षक कल्याण प्रतिष्ठान की गतिविधियों के संचालन के लिये उपलब्ध करवाई जायेगी। शेष 50 प्रतिशत राशि शिक्षक कल्याण प्रतिष्ठान, लोक शिक्षण संचालनालय में प्रतिष्ठान की गतिविधियों के लिये रखी जायेगी। शिक्षक कल्याण प्रतिष्ठान से शिक्षकों, अध्यापकों और उनके आश्रितों को गंभीर बीमारी में दी जा रही आर्थिक सहायता राशि में भी वृद्धि की है। गंभीर बीमारी होने पर 10 हजार रुपये तक की राशि जिला शिक्षाधिकारी और 20 हजार रुपये तक की राशि संभागीय संयुक्त संचालक, स्कूल शिक्षा द्वारा मंजूर की जा सकेगी। जिला शिक्षाधिकारी की अनुशंसा पर आयुक्त लोक शिक्षण गंभीर बीमारी पर शिक्षकों के आश्रितों एवं शिक्षकों को 50 हजार रुपये तक की राशि मंजूर कर सकेंगे।
सभी जिला मुख्यालयों पर संचालित होगा रोजगारन्मुखी प्रशिक्षण केन्द्र - श्रीमती यादव
1 August 2018
पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती ललिता यादव ने कहा है कि पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग के प्रतिभावान युवाओं के लिए सभी जिला मुख्यालयों पर नि:शुल्क रोजगारन्मुखी प्रशिक्षण केन्द्र संचालित किये जाएंगे। वर्तमान में प्रदेश के सभी संभागीय मुख्यालयों पर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिये 8 माह अवधि के प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। योजना के तहत चयनित प्रशिक्षणर्थियों को राज्य सेवा परीक्षा, आई.बी.एस. (बैकिंग), रेल्वे, कर्मचारी चयन आयोग, सी.ए.सी.पी.टी, जे.ई.ई. एवं एन.ई.ई.टी. आदि प्रवेश परिक्षाओं का प्रशिक्षण दिया जाता है। श्रीमती यादव ने बताया कि रोजगारन्मुखी प्रशिक्षण योजना में इन वर्गों के लगभग 10 हजार युवक-युवतियों को प्रति वर्ष विभिन्न तकनीकी एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है। पिछडा वर्ग मंत्री ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2018-19 में पिछड़ा वर्ग के लिए 25 करोड़ रूपये तथा अल्पसंख्यक वर्ग के लिए 5 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। इस वर्ष योजना में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग के लगभग 20 हजार शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की नि:शुल्क कोचिंग उपलब्ध करवाई जाएगी।
4 अगस्त को सभी जिलों में होंगे स्व-रोजगार सम्मेलन
1 August 2018
प्रदेश के सभी जिलों में 4 अगस्त को स्व-रोजगार सम्मेलन आयोजित किये जाएंगे। सम्मेलन के मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष और मंत्रि-परिषद के सदस्य होंगे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरण शर्मा होशंगाबाद में आयोजित सम्मेलन में मुख्य अतिथि होंगे। राज्य शासन द्वारा सम्मेलन के लिए मंत्री श्री जयंत मलैया के दमोह, श्री गोपाल भार्गव-सागर, श्री गोरीशंकर शेजवार-रायसेन, डॉ. नरोत्तम मिश्र-दतिया, सुश्री कुसुम महदेले-पन्ना, श्री कुंवर विजय शाह-खण्डवा, श्री गौरीशंकर बिसेन-बालाघाट, श्री रूस्तम सिंह-मुरैना, श्री ओमप्रकाश धुर्वे-डिण्डौरी, श्री उमाशंकर गुप्ता-भोपाल, श्रीमती अर्चना चिटनिस-बुरहानपुर, श्रीमती यशोधराराजे सिंधिया-शिवपुरी, श्री पारस जैन-उज्जैन, श्री राजेन्द्र शुक्ल-रीवा, श्री अंतर सिंह आर्य-बड़वानी, श्री रामपाल सिंह-सीहोर, श्रीमती माया सिंह-श्योपुर, श्री भूपेन्द्र सिंह-टीकमगढ़ और श्री जयभान सिंह पवैया को ग्वालियर जिला आवंटित किया गया है। राज्य मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह-अशोकनगर, श्री दीपक जोशी-शाजापुर, श्री लालसिंह आर्य-भिण्ड, श्री शरद जैन-जबलपुर, श्री सुरेन्द्र पटवा-देवास, श्री हर्ष सिंह-सतना, श्री संजय पाठक-कटनी, श्रीमती ललिता यादव-छतरपुर, श्री विश्वास सारंग-झाबुआ, श्री सूर्यप्रकाश मीणा-विदिशा, श्री बालकुष्ण पाटीदार-खरगोन और श्री जालाम सिंह पटेल नरसिंहपुर जिले में स्व-रोजगार सम्मेलन में मुख्य अतिथि होंगे।
अध्यापक संवर्ग का स्कूल शिक्षा विभाग में हुआ संविलियन
31 July 2018
प्रदेश के 224 सामुदायिक विकासखण्डों में स्कूल शिक्षा विभाग की शैक्षणिक संस्थाओं में कार्यरत अध्यापक संवर्ग की सेवाओं का स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन कर दिया गया है। इसका नोटिफिकेशन मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) में 30 जुलाई, 2018 को कर दिया गया है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा अनुसार मध्यप्रदेश पंचायत अध्यापक संवर्ग और मध्यप्रदेश नगरीय निकाय अध्यापक संवर्ग के अधीन काम करने वाले अध्यापक संवर्ग को स्कूल शिक्षा विभाग की सेवा में संविलियन किया जाना था। इसके अनुरूप ही 29 मई, 2018 को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में निर्णय लिया गया था। प्रदेश के 224 सामुदायिक विकासखण्डों में विभागीय शैक्षणिक संस्थाओं में स्थानीय निकायों के नियंत्रणाधीन नियुक्त एवं वर्तमान में कार्यरत अध्यापक संवर्ग के सहायक अध्यापक, अध्यापक, वरिष्ठ अध्यापक का शिक्षा विभाग में संविलियन किया गया है। इनकी नियुक्ति मध्यप्रदेश राज्य स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षणिक संवर्ग) शर्त एवं भर्ती नियम-2018 के अनुसार प्राथमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक और उच्च माध्यमिक शिक्षक के पद पर की जायेगी। नवगठित प्रकाशित नियम के प्रभावशील होने से अध्यापक संवर्ग में कार्यरत अध्यापक संवर्ग का अमला स्थानीय निकाय से स्कूल शिक्षा विभाग के अधीन कार्यरत हो जायेगा। उक्त अमले को एक जुलाई, 2018 के नियमानुसार सातवें वेतनमान के लाभ के साथ-साथ समरूप शासकीय सेवकों के समान अन्य लाभ भी प्राप्त होंगे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जूडा की मांगे मानी
31 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से आज यहां निवास पर प्रदेश के मेडिकल कालेज के जूडा प्रतिनिधि चिकित्सकों के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की । प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को पूरी संवेदनशीलता के साथ जूडा की मांगे स्वीकार करने पर धन्यवाद दिया और भविष्य में हडताल नहीं करने का आश्वासन दिया। श्री चौहान ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बॉण्ड पर कार्य करने वाले चिकित्सक को वही वेतन दिया जायेगा जो नियमित चिकित्सक को सेवा के प्रथम वर्ष में दिया जाता है। इसी तरह पी.जी. प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के चिकित्सकों को स्वास्थ्य विभाग के मेडिकल ऑफिसर को प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष में मिलने वाली राशि के बराबरराशि ही मिलेगी। जब भी मेडिकल ऑफिसर की राशि बढेगी,चिकित्सकों की राशि में भी उसी के अनुरूप बढोतरी होगी। इसी तरह सीनियर रेसीडेंट का की राशि 49 हजार रूपये से बढ़ाकर 65 हजार, जूनियर रेसीडेंट की राशि 36 हजार से बढ़ाकर 45 हजार और इंटर्न की राशि 8 हजार से बढ़ाकर 10 हजार कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की परिस्थिति को देखते हुए एक मुश्त तीस हजार रूपये की राशि पुस्तकें खरीदने के लिये देने पर भी सहमति दी। जिन शेष मांगों को श्री चौहान ने स्वीकार किया उनके अनुसार - 1. मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों के लिये हॉस्टल सुविधा का उन्ययन किया जायेगा। हॉस्टल फीस से प्राप्त होने वाली राशि हॉस्टल के उन्नयन में रहवासियों की सहमति से व्यय की जायेगी। 2. स्नात्कोत्तर विद्यार्थियों एवं सीनियर रेजीडेंट के लिये इंदौर, जबलपुर, भोपाल, ग्वालियर, रीवा एवं सागर प्रत्येक में 100 आवासों का हॉस्टल बनाया जायेगा। इस पर कुल व्यय लगभग रूपये 60 करोड़ अनुमानित है। अगले दो साल में यह बनकर तैयार हो जायेगा। 3. चिकित्सा विद्यार्थी की बीमारी की दशा में समस्त चिकित्सा व्यय शासन द्वारा वहन किया जायेगा। विदयार्थियों का स्वास्थ्य बीमा कराया जायेगा। 4. ग्रामीण क्षेत्र में सेवा का बॉण्ड भरने वाले विद्यार्थी द्वारा मध्यप्रदेश में उच्चतर शिक्षा पूर्ण होने पर ही ग्रामीण क्षेत्र में सेवा ली जायेगी। 5. विद्यार्थियों एवं सीनियर रेजीडेंट को मेडिकल कॉलेज के कार्यों में यथोचित प्रतिनिधित्व दिया जायेगा।
स्वास्थ्य शिविरों में हों हॉस्पिटल जैसी पूरी सुविधाएँ - राज्य मंत्री श्री सारंग
31 July 2018
सहकारिता, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग ने सोमवार को गैस राहत चिकित्सालय और विभाग के अधिकारियों के साथ स्वास्थ्य शिविर की तैयारियों की समीक्षा की। इस अवसर पर संचालक गैस राहत श्री शेखर वर्मा, संचालक कमल नेहरू हॉस्पिटल डॉ. के. के. दुबे, सी.एम.एच.ओ. गैस राहत हॉस्पिटल डॉ. रवि वर्मा और अन्य अधिकारी मौजूद थे। राज्य मंत्री श्री सारंग ने कहा कि गैस पीड़ित क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविरों में हॉस्पिटल जैसी पूरी सुविधाएँ सुनिश्चित करें। गैस राहत हॉस्पिटल द्वारा अगस्त माह में गैस प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिये कि स्वास्थ्य शिविरों में विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ सभी प्रकार की जाँच और दवाओं की व्यवस्थाएँ भी सुनिश्चित करें।
राज्य मंत्री श्री जोशी ने मुगालियाछाप स्कूल में बच्चों को बाँटी ड्रेस
31 July 2018
तकनीकी शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) और स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मुगालियाछाप में विद्यार्थियों को स्कूल ड्रेस वितरित किये। उन्होंने विद्यालय परिसर में पौधा भी लगाया। श्री जोशी ने क्लॉस-रूम में विद्यार्थियों से चर्चा करते हुए कहा कि 12वीं कक्षा में 70 प्रतिशत से अधिक अंक लायें, जिससे आपको मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि पूरे मनोयोग से पढ़ाई करें और साथ में खेलकूद की गतिविधियों में भी शामिल हों। इससे स्वास्थ्य ठीक रहेगा। श्री जोशी ने विद्यार्थियों से उनकी रुचि के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने स्वच्छता और पर्यावरण पर ध्यान देने की बात भी कही।
निःशक्त मतदाताओं को रेम्प, व्हील-चेयर, ब्रेललिपि की सुविधा उपलब्ध होगी
31 July 2018
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री व्ही.एल. कान्ताराव ने मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के साथ मतदाता सूची की द्वितीय विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण संबंधी बैठक में कहा कि भारत निर्वाचन आयोग निष्पक्ष, पारदर्शी, समावेशी और विश्वसनीय चुनाव कराने के लिए कृत-संकल्पित हैं। बैठक में मान्यता प्राप्त सात राजनैतिक दलों को मतदाता सूची की सॉफ्ट कॉपी उपलब्ध कराई गई एवं जिलों में भी राजनैतिक दलों को विधानसभावार मुद्रित प्रतियां उपलब्ध कराई गई हैं। इसके साथ ही 19 जनवरी, 2018 से 31 जुलाई 2018 के बीच मतदाता सूची में जो भी परिवर्तन हुये हैं, उसकी पूरक मतदाता सूची भी अलग से सभी राजनैतिक दलों को दी गई। सभी राजनैतिक दल 22 दिनों के अन्दर (21 अगस्त तक) मतदाता का नाम जोड़ने, हटाने, परिवर्तन करने के लिए आवेदन बी.एल.ओ. के पास जमा करवा सकते हैं। इसके बाद 27 सितम्बर 2018 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जायेगा। बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संदीप यादव, अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री लोकेश कुमार जाटव, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री एस.एस. बंसल और श्री राजेश कुमार कौल तथा मान्यता प्राप्त राजनैतिक दल तृणमूल कांग्रेस पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी, इंडियन नेशनल कांग्रेस और नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधि उपस्थित थे। सी.ई.ओ. श्री कान्ताराव ने कहा कि 30 जून 2018 तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण किये सभी युवा मतदाताओं को इस बार मतदाता सूची में जोड़ने का काम किया गया है। लगभग 1 करोड़, 18 लाख घरों में सर्वे किया गया है, जिसमें 51 लाख आवेदन पत्र प्राप्त हुए, जिसमें लगभग 11 लाख 40 हजार नये मतदाता जोड़ने के आवेदन प्राप्त हुये हैं, लगभग 25 लाख आवेदन नाम हटाने के लिए प्राप्त हुए। शेष आवेदन नाम एवं स्थान परिवर्तन आदि के प्राप्त हुए। चुनाव आयोग द्वारा पात्र मतदाताओं को 100 प्रतिशत फोटो परिचय पत्र वितरित कर दिये गए हैं। सेवा मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 31 जनवरी 2018 को किया गया है, जिसमें 51 हजार 283 सेवा मतदाता सूची में दर्ज हैं। इन सभी को इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिटेड पोस्टर बैलेट द्वारा मतदान करवाया जायेगा। सी.ई.ओ. श्री राव ने कहा है, कि दावे एवं आपत्ति के लिए चुनाव आयोग के पोर्टल www.nvsp.in पर भी ऑनलाईन आवेदन किया जा सकता है। द्वितीय विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के प्रारूप प्रकाशन के बाद निर्धारित अवधि में प्राप्त दावे-आपत्तियों की जानकारी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाईट www.ceomadhyapradesh.nic.inपर प्रतिदिन देखी जा सकती है। मतदान केन्द्रों के युक्तियुक्तकरण से पूर्व निर्वाचन 2013 की तुलना में 12 हजार 146 मतदान केन्द्र बढ़े हैं। इस वर्ष विधानसभा चुनाव में 65 हजार 340 मतदान केन्द्रों पर मतदान होगा। ग्रामीण क्षेत्र के लिए प्रत्येक मतदान केन्द्र पर 1200 और शहरी क्षेत्र के लिए प्रत्येक मतदान केन्द्र पर 1400 औसत मतदाता रखे गये हैं। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में मतदाताओं की संख्या के आधार पर इंदौर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक - 5 में अधिकतम मतदाता है, जिसमें 3 लाख 56 हजार 879 मतदाता हैं। शहडोल की कोतमा एक लाख 45 हजार 783 मतदाताओं वाला सबसे छोटा विधानसभा क्षेत्र है। बालाघाट की बैहर विधानसभा में 1000 पुरूषों की तुलना में 1008 महिला मतदाता हैं, जबकि भिण्ड की मेहगांव विधानसभा में 765 महिलाएँ और 1000 पुरूष पंजीकृत है। चुनाव आयोग ने सर्वे के दौरान ही 4 लाख 60 हजार निःशक्तजनों को चिन्हित कर लिया है, ताकि मतदान केन्द्रों पर उनकी आवश्यकता के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सके। निःशक्तजन टोल फ्री नंबर 1950 अथवा जिला निर्वाचन अधिकारी ई.आर.ओ., ए.ई.आर.ओ., बी.एल.ओ. को भी फोन कर घर पहुँच सुविधा प्राप्त करवा सकता है। फोन करने पर बी.एल.ओ. निःशक्तजनों के निवास पर पहुँच कर उनकी आवश्यकतानुसार सुविधा उपलब्ध करवाएंगे। बैठक में राजनैतिक दलों ने भी अपने सुझाव प्रस्तुत किये। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री व्ही.एल. कान्ताराव ने कहा कि आपके सभी सुझावों को नोट कर चुनाव आयोग के निर्देशानुसार कार्यवाही की जाएगी। सी.ई.ओ. ने कहा कि मध्यप्रदेश में इस बार विधानसभा चुनाव में ई.व्ही.एम. एवं व्ही.व्ही.पेट मशीन का उपयोग होगा, जिसमें मतदाता द्वारा दिये गये वोट की पर्ची 7 सेकण्ड के लिए दिखेगी और फिर वह पर्ची मशीन में ही कट कर गिर जायेगी। इससे मतदाता ई.व्ही.एम. के बटन दबाने के बाद यह देखकर निश्चिंत होंगे कि जिस प्रत्याशी के चुनाव चिन्ह पर उन्होंने बटन दबाया है,उसी चुनाव चिन्ह की पर्ची व्ही.व्ही.पेट पर दिख रही है। सभी मतदान केन्द्रों पर निःशक्त मतदाताओं के लिये रेम्प, मतदान केन्द्रों पर समुचित प्रकाश, पेयजल, टॉयलेट छायादार बैठने की व्यवस्था, हैल्प डेस्क पर बी.एल.ओ. भी उपलब्ध रहेंगे। बैठक में सी.ई.ओ. श्री कान्ताराव ने बताया कि विगत विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार 28 लाख मतदाता बढ़े है। कुल 4 करोड़ 94 लाख 42 हजार मतदाता मतदान का प्रयोग करेंगे। बैठक में सी.ई.ओ. ने मीडिया सर्टिफिकेशन एवं मॉनिटिरिंग कमेटी, व्ही.व्ही.पेट का प्रचार-प्रसार, स्वीप गतिविधियों के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराई। द्वितीय विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 2018 के प्रारूप प्रकाशन की एकीकृत नामावली की सी.डी. के साथ निर्वाचन संबंधी निर्देशों की पुस्तकें, परिपत्रों की प्रतियाँ, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों की सूची और जिलों में द्वितीय पूरक सूची की मुद्रित प्रतियां उपलब्ध कराई गई हैं। बैठक के अंत में सभी राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से ई.व्ही.एम. एवं व्ही.व्ही.पेट मशीन पर मतदान भी कराया गया।
वरिष्ठ पत्रकारों की श्रद्धा-निधि में एक हजार रुपये की वृद्धि का निर्णय
30 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के वरिष्ठ एवं बुजुर्ग पत्रकारों की श्रद्धा-निधि 6 हजार रूपये प्रति-माह से बढ़ाकर 7 हजार रूपये प्रति माह करने का निर्णय लिया गया है। श्रद्धा-निधि के लिये आयु सीमा 62 वर्ष से घटाकर 60 वर्ष करने का भी निर्णय लिया गया है। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के गैर अधिमान्य पत्रकारों को बीमा योजना में शामिल कर प्रीमियम राशि का 50 प्रतिशत शासन द्वारा दिये जाने का निर्णय लिया है। उद्यानिकी प्रोत्साहन योजना लागू मंत्रि-परिषद ने प्याज और लहसुन की फसल के लिये उद्यानिकी प्रोत्साहन योजना लागू करने का निर्णय लिया है। योजना के अंतर्गत प्याज के लिये 400 रू. प्रति क्विंटल तथा लहसुन के लिये 800 रू. प्रति क्विंटल की दर से प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। यह राशि बोनी के सत्यापित रकबे तथा निर्धारित औसत उत्पादकता की सीमा को ध्यान में रखते हुए किसान के खाते में सीधे जमा करवायी जाएगी। प्राईस सपोर्ट स्कीम मंत्रि-परिषद ने प्राईस सपोर्ट स्कीम के अंतर्गत रबी वर्ष 2017-18 में चना, मसूर और सरसों की खरीदी के लिये म.प्र राज्य सहकारी विपणन संघ और नागरिक आपूर्ति निगम को राज्य शासन द्वारा स्वीकृत नि:शुल्क बैंक गारंटी की अवधि 2 माह से बढ़ाकर 6 माह करने का निर्णय लिया है। खुरई में खुलेगा कृषि महाविद्यालय मंत्रि-परिषद ने सागर जिले की तहसील खुरई में कृषि महाविद्यालय खोलने का निर्णय लिया है। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत आरंभ होने वाले इस महाविद्यालय में वर्ष 2018-19 के शैक्षणिक सत्र में 60 छात्र-छात्राओं के अध्ययन की सुविधा रहेगी। सागर जिले की रहली तहसील में उद्यानिकी महाविद्यालय खोलने के निर्णय को भी मंत्रि-परिषद ने अनुमोदित किया। मगरौनी बनेगा नगर परिषद मंत्रि-परिषद ने शिवपुरी जिले की ग्राम पंचायत मगरौनी को नगर परिषद स्वरूप में गठित करने की अनुशंसा राज्यपाल को भेजने का निर्णय लिया गया है। इसके अतिरिक्त, मंत्रि-परिषद ने महिला बाल विकास विभाग द्वारा संचालित केन्द्र प्रवर्तित किशोरी बालिका योजना को प्रदेश के सभी 51 जिलों में संचालित करने की स्वीकृति प्रदान की है। बैठक में योजना के क्रियान्वयन पर होने वाले व्यय के लिये रू. 209 करोड़96 लाख की स्वीकृति भी प्रदान की गई। मंत्रि-परिषद के अन्य निर्णय मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चिकित्सा शिक्षक आदर्श सेवा नियम,2018 को मंजूरी दी है। साथ ही, पिछड़ा वर्ग की सूची में सौधिंया जाति प्रविष्टि क्रमाँक 12 को विलोपित करने और कैफियत में सौधिंया राजपूत भी शामिल होने का उल्लेख कर एवं पृथक से क्रमांक 93 में दर्ज करने का निर्णय लिया गया है। मंत्रि-परिषद ने पिछड़ा वर्ग की सूची के सरल क्रमाँक 58 पर अंकित खैरूवा जाति को सूची से विलोपित करने का निर्णय लिया। मंत्रि-परिषद ने एशियन डेवलपमेंट बैंक ऋणांश एवं मध्यप्रदेश राज्यांश से मध्यप्रदेश स्किल्स डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत स्थापित किये जाने वाले ग्लोबल स्किल्स पार्क, भोपाल की स्थापना, प्रशासन एवं प्रबंधन के लिये मध्यप्रदेश फर्म्स एवं सोसायटी अधिनियम 1973 के अन्तर्गत ग्लोबल स्किल्स पार्क समिति का गठन एवं पंजीयन का अनुमोदन किया। ग्लोबल स्किल पार्क में युवाओं को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का रोजगार परख प्रशिक्षण दिया जायेगा। इससे उन्हें देश एवं विदेश में उच्च वेतनमान के रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकेंगे। युवाओं को स्व-रोजगार के अधिक अवसर भी प्राप्त होंगे। इससे ग्लोबल स्किल्स पार्क में प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं की कार्य-कुशलता एवं जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार हो सकेगा। मध्यप्रदेश स्किल्स डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन के लिये प्रोजेक्ट स्टेयरिंग कमेटी और प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन कमेटी और का गठन कर उत्तरदायित्व एवं शक्तियों का निर्धारण तथा प्रोजेक्ट डायरेक्टर के उत्तरदायित्व एवं शक्तियों का निर्धारण किया गया है। मंत्रि परिषद द्वारा मुख्य नगर पालिका अधिकारी 'ग' श्रेणी को प्रथम क्रमोन्नत वेतनमान और मुख्य नगर पालिका अधिकारी 'ख' श्रेणी के अनुरूप रूपये 8000-13500 स्वीकृत किया गया। निर्णय के फलस्वरूप 267 अधिकारी लाभांवित होंगे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान को सौंपे गये नगरीय विकास के राष्ट्रीय पुरस्कार
30 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को आज नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने मध्यप्रदेश को नगरीय विकास में नवाचारों के लिये मिले राष्ट्रीय पुरस्कार सौंपे। ये पुरस्कार विगत 27-28 जुलाई को लखनऊ में आयोजित राष्ट्रीय नगरीय विकास कार्यशाला में मध्यप्रदेश को भारत सरकार द्वारा प्रदान किये गये हैं। इस अवसर पर महापौर श्री आलोक शर्मा, प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री विवेक अग्रवाल, भोपाल निगमायुक्त श्री अविनाश लवानिया, मुख्य कार्यपालन अधिकारी स्मार्ट सिटी श्री संजय कुमार भी मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि विगत 28 जुलाई को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भोपाल स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में इन्टीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेन्टर के लिये भोपाल के महापौर श्री आलोक शर्मा और अमृत योजना में बाँड जारी करने के नवाचार के लिये इंदौर महापौर श्रीमती मालिनी लक्ष्मण गौड़ को राष्ट्रीय पुरस्कारों से अलंकृत किया था। इसके पूर्व 27 जुलाई को कार्यशाला में केन्द्रीय शहरी विकास, आवासीय एवं शहरी गरीबी उन्मूलन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री हरदीप सिंह पुरी ने मध्यप्रदेश को नगरीय विकास के क्षेत्र में नवाचारों के लिये चार राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया था। ये पुरस्कार भोपाल के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में पब्लिक बाइक शेयरिंग, बी-नेस्ट इंक्यूबेशन सेंटर और जबलपुर स्मार्ट सिटी के एनडीएमसी के स्मार्ट क्लॉस-रूम एवं वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के लिये प्रदान किये गये।
मुख्यमंत्री श्री चौहान 2208 करोड़ की सिंचाई परियोजना का शिलान्यास करेंगे आज
30 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान 30 जुलाई को शिवपुरी जिले के पिछौर में 2208.03 करोड़ रुपये लागत की लोअर और वृहद उद्वहन सिंचाई परियोजना का शिलान्यास करेंगे। इस परियोजना से शिवपुरी और दतिया जिले के 343 ग्रामों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। जल-संसाधान मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने आज परियोजना स्थल का निरीक्षण करते हुए यह जानकारी दी। इस दौरान अपर मुख्य सचिव जल-संसाधन श्री आर.एस. जुलानिया भी मौजूद थे। परियोजना से 19.44 मेगावॉट विद्युत ऊर्जा उत्पादन का प्रावधान जनसम्पर्क, जल-संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने परियोजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि परियोजना की पूर्ण जल-ग्रहण क्षमता 371.80 मैट्रिक घनमीटर होगी और जल-ग्रहण क्षेत्र 1843 वर्ग किलोमीटर रहेगा। यह परियोजना बाँध स्थल खनियाधान से 25 किलोमीटर और चन्देरी से 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। उन्होंने बताया कि बाँध की कुल लम्बाई 2070 मीटर रहेगी और उच्चतम स्तर 383 मीटर रहेगा। बाँध में कुल 7 द्वार होंगे। बाँध निर्माण से 12 गाँव की 2690 हेक्टेयर भूमि डूब क्षेत्र में आयेगी। इससे एक हजार परिवार विस्थापित होंगे, जिनके पुनर्वास के लिये पास के गाँवों में व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई हैं। जल-संसाधन मंत्री डॉ. मिश्र ने जानकारी दी कि परियोजना से सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाने के लिये सिंचित क्षेत्र को दो भागों में विभाजित किया गया है। परियोजना से 60 हजार 400 हेक्टेयर क्षेत्र में जल का उद्वहन कर सिंचाई किया जाना प्रस्तावितहै। उन्होंने बताया कि शेष 50 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में भूमिगत पाइप लाइन से सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाई जायेगी। डॉ. मिश्र ने बताया कि परियोजना से 19.44 मेगावॉट विद्युत ऊर्जा उत्पादन का प्रावधान है।
राजनीति सेवा का माध्यम है - जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र
29 July 2018
जनसम्पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में सेवा कार्यों से वे कभी विमुख नहीं होंगे। आमजन की मदद के लिए वे निरंतर तत्पर रहेंगे। मंत्री डॉ. मिश्र आज दतिया में यादव समाज द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि राजनीति उनके लिए सेवा का माध्यम है। यादव समाज प्रगतिशील है और समरसता के भाव से दतिया के विकास में भागीदार भी बना है। उन्होंने यादव समाज के सामुदायिक भवन के लिए दस लाख रूपए की राशि प्रदान की। इस अवसर पर यादव समाज की नवगठित कार्यकारिणी ने शपथ ग्रहण की।
समृद्ध और विकसित राष्ट्र निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका
29 July 2018
सहकारिता, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग ने कहा है कि समृद्ध और विकसित राष्ट्र निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। श्री सारंग आज राठौर समाज द्वारा रविन्द्र भवन में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्य मंत्री श्री सारंग ने कहा कि राठौर समाज द्वारा मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित करने का प्रयास प्रशंसनीय है। उन्होंने सम्मानित छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि स्कूल की शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के बाद अब उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है। अब उच्च शिक्षा में बेहतर प्रदर्शन का क्रम बनाये रखने के साथ देश और समाज के विकास में योगदान देना है। समारोह में सांसद श्री आलोक संजर ने कहा कि राठौर समाज द्वारा मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान किया जाना अच्छी पहल है। उन्होंने पुरस्कृत छात्र-छात्राओं को बधाई दी। समारोह में सम्मानित छात्र-छात्राओं को नगद पुरस्कार के साथ शील्ड और प्रमाण-पत्र प्रदान किये गये।
पिछड़ा वर्ग के 50 विद्यार्थियों को मिलेगी विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति
29 July 2018
राज्य शासन ने हर वर्ष पिछड़े वर्ग के 50 विद्यार्थियों को विदेश अध्ययन के लिये छात्रवृत्ति प्रदान करने का निर्णय लिया है अब तक पिछड़ा वर्ग के मात्र 10 विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिये विदेशों में अध्ययन करने के लिये हर वर्ष छात्रवृत्ति प्रदान की जाती थी। इस निर्णय के क्रियान्वयन के लिये उच्च शिक्षा योजना के नियम-2007 में आवश्यक संशोधन किये गये हैं। इस संशोधन के मुताबिक भविष्य में क्यू,एस रैंक 500 तक की संस्थाओं में अध्ययन के लिये भी विद्यार्थियों को अनुमति प्रदान की जायेगी। सचिव पिछड़ा वर्ग श्री रमेश थेटे ने यह जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2018-19 में पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति प्रदान करने के लिये बजट में 5 करोड़ 50 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि विदेशों में उच्च शिक्षा विषयक पोस्ट ग्रेजुएट, पीएचडी और शोध उपाधि के अध्ययन के लिये पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।
छह शहरों में होगी दीवार पेंटिंग प्रतियोगिता
28 July 2018
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस 29 जुलाई को वन विभाग की मध्यप्रदेश टाइगर फाउण्डेशन सोसायटी द्वारा प्रदेश के 6 शहरों में दीवार पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। रायसेन, सीहोर, बैतूल, छिन्दवाड़ा, पन्ना और सतना में 3 श्रेणियों में होने वाली इस प्रतियोगिता में छात्र-छात्राएँ और आम नागरिक भाग ले रहे हैं। प्रथम श्रेणी में कक्षा-9वीं से 12वीं तक, द्वितीय श्रेणी में कॉलेज के छात्र-छात्राएँ और तृतीय श्रेणी में आम नागरिक, महिलाएँ और व्यवसायिक पेंटर भाग लेंगे प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य-प्राणी) श्री शाहबाज अहमद ने बताया कि प्रतियोगियों को एकल अथवा दल के रूप में (5 सदस्य, स्कूल वर्ग में एक शिक्षक को सम्मिलित करते हुए अधिकतम 5 सदस्य) प्रतियोगिता स्थल पर 5×3 फीट की दीवार उपलब्ध करवायी जायेगी। दीवार पर पेंटिंग डिस्टेंपर अथवा वॉटरप्रूफ कलर से बनानी होगी, ताकि पानी में न घुले। चित्र पूरा करने वाले दल को 500 रुपये रंग, ब्रश आदि क्रय प्रतिपूर्ति के रूप में दिये जायेंगे। प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ पेंटिंग के लिये तीनों श्रेणियों में प्रत्येक शहर के लिये कुल 33-33 हजार रुपये का इनाम रखा गया है। प्रतियोगिता को सुचारु रूप से सम्पन्न कराने के लिये प्रत्येक संबंधित शहर में नोडल अधिकारी नियुक्त किये गये हैं। छिन्दवाड़ा में प्रतियोगी एसडीओ श्री अनादि बुधोलिया से 9424791581 पर, सीहोर में वन-रक्षक श्री नवनीत तिमरई से 9424790854, रायसेन में रेंज ऑफीसर श्री नरेन्द्र चौहान से 9424790652, पन्ना में रेंज ऑफीसर श्री के.पी. पाण्डे से 9893476405, सतना में एसडीओ श्री संजय रायखेरे से 8989705716 और बैतूल में एसडीओ श्री प्रमोद सिंह से 9424790302 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 36 जिलों में पुस्तकालयों का संचालन
28 July 2018
प्रदेश के 36 जिला मुख्यालयों में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शासकीय पुस्तकालयों का संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा, भोपाल में मौलाना आजाद केन्द्रीय पुस्तकालय और स्वामी विवेकानंद लायब्रेरी का भी संचालन किया जा रहा है। शासकीय पुस्तकालयों के सुदृढ़ीकरण के लिये इस वर्ष करीब 3 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा रही है। केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय की राष्ट्रीय पुस्तकालय मिशन योजना में चयनित जिला पुस्तकालय, खण्डवा के उन्नयन के लिये 18 लाख 50 हजार रुपये और इंदौर के अहिल्या केन्द्रीय पुस्तकालय के उन्नयन के लिये करीब 22 लाख रुपये मंजूर किये गये हैं। इसके साथ ही, जिला शिवपुरी के पुस्तकालय के लिये 13.14 लाख, शासकीय बरमेन्द्र पुस्तकालय, नागौद, जिला सतना के लिये 2 लाख 28 हजार, जिला पुस्तकालय, मण्डला के लिये करीब 22 लाख, केन्द्रीय पुस्तकालय, ग्वालियर के लिये 10 लाख, जबलपुर केन्द्रीय पुस्तकालय के लिये 42 लाख 71 हजार और शासकीय केन्द्रीय पुस्तकालय, रीवा के लिये 16 लाख 65 हजार रुपये मंजूर किये गये हैं। जिला पुस्तकालयों के उन्नयन के लिये प्रति पुस्तकालय 3 लाख रुपये मंजूर किये गये हैं। मौलाना आजाद केन्द्रीय पुस्तकालय भोपाल के मौलाना आजाद केन्द्रीय पुस्तकालय की गिनती सम्पन्न लायब्रेरी के रूप में होती है। इस पुस्तकालय का भवन सुंदर स्थापत्य-कला के लिये भी जाना जाता है। यह पुस्तकालय भोपाल के सेट्रल लायब्रेरी ग्राउंड में संचालित हो रही है। पुस्तकालय में सौर ऊर्जा से रोशनी के लिये सोलर पैनल लगाये जा रहे हैं। केन्द्रीय पुस्तकालय, भोपाल के शिक्षा मित्र क्लब द्वारा 8 बस्तियों में नि:शुल्क पुस्तकालय का संचालन निर्धन वर्ग के बच्चों के लिये किया जा रहा है। इस कार्य में 35 विद्यार्थियों का समूह मदद कर रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग के केन्द्रीय पुस्तकालय भोपाल के अलावा इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा में केन्द्रीय पुस्तकालय संचालित किये जा रहे हैं। स्वामी विवेकानंद लायब्रेरी स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा भोपाल के जीटीबी कॉम्पलेक्स में स्वामी विवेकानंद लायब्रेरी संचालित की जा रही है। इस लायब्रेरी में करीब 1200 नये मेम्बर जोड़े गये हैं। इसके साथ ही 33 स्कूलों, महाविद्यालयों और कार्यालयों ने लायब्रेरी की संस्थागत सदस्यता ली है। लायब्रेरी को सम्पन्न बनाने के लिये करीब 4,200 नई किताबें, 820 नई फिल्में और 1800 पत्रिकाएँ शामिल की गई हैं। लायब्रेरी में हिन्दी किताबों का कलेक्शन भी शामिल किया गया है। स्वामी विवेकानंद लायब्रेरी में लेखक से मिलिये कार्यक्रम भी नियमित रूप से आयोजित किया जा रहा है।
बाल ह्रदय उपचार योजना ने राजकुमार को दी नई जिन्दगी
28 July 2018
सिवनी जिले के केवलारी विकासखण्ड के ग्राम खामी के गणेश खैरवार के पुत्र राजकुमार को बाल ह्रदय उपचार योजना से ह्रदय रोग से राहत मिली है। राजकुमार के ह्रदय का ऑपरेशन सरकारी मदद से नागपुर में करवाया गया। गणेश खैरवार गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं। ग्रामीण परिवेश के कारण इन्हें अपने 17 वर्षीय बेटे राजकुमार के जन्मजात ह्रदय विकार रोग की जानकारी तब जाकर पता लगी, जब राजकुमार के स्कूल में स्वास्थ्य परीक्षण के लिये डॉक्टरों की टीम पहुँची। प्रारंभिक तौर पर डॉक्टरों ने राजकुमार के पिता को जिला अस्पताल, सिवनी में परीक्षण कराने की समझाइश दी। अचानक चिंता से घिरे राजकुमार के पिता ने जिला अस्पताल में राजकुमार के परीक्षण करवाये। ह्रदय के ऑपरेशन की सलाह के बाद राजकुमार के पिता गणेश खैरवार को पैसा जुटाने की भी चिंता हो गई। जिला अस्पताल की डॉ. रश्मि अवधिया ने गणेश खैरवार को बाल ह्रदय उपचार योजना की जानकारी दी। इसके साथ ही उनका प्रकरण भी तैयार करवाया। बेटे राजकुमार के ह्रदय के ऑपरेशन के लिये बाल ह्रदय उपचार योजना में एक लाख 50 हजार रुपये की राशि मंजूर हुई। राजकुमार का ऑपरेशन नागपुर के कृष्णा हार्ट अस्पताल में किया गया। अब राजकुमार पूर्ण रूप से स्वस्थ है। राजकुमार के पिता गणेश खैरवार बताते हैं कि यदि राज्य सरकार की बाल ह्रदय उपचार योजना से उन्हें मदद नहीं मिलती, तो वे अपने पुत्र राजकुमार के ह्रदय का ऑपरेशन नहीं करवा पाते। बाल हृदय उपचार योजना ने राजकुमार को नई जिन्दगी दी है।
मध्यप्रदेश को नगरीय विकास में नवाचारों के लिये मिले 4 राष्ट्रीय पुरस्कार
27 July 2018
केन्द्रीय शहरी विकास, आवासीय एवँ शहरी गरीब उन्मूलन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री हरदीप सिंह पुरी ने आज लखनऊ में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के पहले दिन मध्यप्रदेश को नगरीय विकास के क्षेत्र में नवाचारों के लिये 4 पुरस्कारों से अलंकृत किया। यह पुरस्कार मध्यप्रदेश को भोपाल के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में पब्लिक बाइक शेयरिंग, बी-नेस्ट इंक्यूबेशन सेंटर और जबलपुर स्मार्ट सिटी के एनडीएमसी के स्मार्ट क्लॉस-रूम एवं वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के लिये प्रदान किये गये। इसके अतिरिक्त, भारत शासन द्वारा मध्यप्रदेश को अमृत योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिये 34 करोड़ रूपये की राशि इनसेंटिव के रूप में दी गयी। उल्लेखनीय है कि भोपाल स्मार्ट सिटी में पब्लिक बाइक शेयरिंग का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और शहर के मुख्य मार्गों पर यातायात के दबाव को कम करना है। शहर में पब्लिक बाइक शेयरिंग सिस्टम 25 जून, 2017 से प्रारंभ किया गया है। इस प्रोजेक्ट से शहर के 36 हजार यूजर जुड़ चुके हैं, जो 69 साइकिल स्टेशनों के माध्यम से 350 साइकिल का लाभ उठा रहे हैं। इसके लिये शहर में 12 किलोमीटर लम्बा और 5 मीटर चौड़ा डेडीकेटेड साइकिल ट्रैक बनाया गया है। बी-नेस्ट इंक्यूवेशन सेंटर से ऐसे बेरोजगार युवक-युवतियाँ, जो संसाधनों की कमी के कारण अपने नये-नये आयडियाज को मूर्त रूप प्रदान नहीं कर पाते, उन्हें बी-नेस्ट के माध्यम से प्लेटफार्म उपलब्ध कराया गया है। इस सेंटर में युवाओं को बेहतर वर्किंग एन्वायरमेंट के साथ संसाधन उपलब्ध कराये जाते हैं। साथ ही उनके प्रोडक्ट और आयडिया की मॉर्केटिंग, फायनेंसिंग, लीगल एडवाइज भी प्रदान की जाती है। जबलपुर स्मार्ट सिटी में एनडीएमसी के स्मार्ट क्लास-रूम में शहर के 5 शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूलों की 20 क्लास को स्मार्ट क्लास के रूप में परिवर्तित किया गया है, जिनमें सिलेबस को 2-डी और 3-डी इमेज के माध्यम से विभिन्न भाषाओं में पढ़ाया जा रहा है। स्कूलों में स्मार्ट स्टूडियो की सहायता से वर्चुअल क्लासेस की सुविधा प्रदान की गई है, जहाँ कोई भी शिक्षक एक ही जगह से सभी स्कूलों की क्लासेस में बैठे विद्यार्थियों को पढ़ा सकता है। जबलपुर स्मार्ट सिटी में वेस्ट टू इनर्जी प्लांट में जबलपुर नगर निगम द्वारा पब्लिक प्रायवेट पार्टनरशिप मॉडल के आधार पर 11.5 मेगावॉट विद्युत का उत्पादन किया जा रहा है। उत्पादित बिजली को 6.39 पैसे प्रति यूनिट की दर से विद्युत वितरण कम्पनी को बेचा जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी कन्ट्रोल सेंटर को पुरस्कृत करेंगे आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 28 जुलाई को राष्ट्रीय कार्यशाला में भोपाल के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में निर्मित इंटीग्रेटेड कमाण्ड कंट्रोल सेंटर के लिये मध्यप्रदेश को पुरस्कृत करेंगे। प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री विवेक अग्रवाल ने बताया कि यह पुरस्कार भोपाल स्मार्ट सिटी के इन्ट्रीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर को अभिनव पहल के लिये दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि यह सेंटर अपनी तरह का देश का पहला कमांड सेंटर है, जिसके माध्यम से प्रदेश के सभी 7 स्मार्ट शहरों में लगभग 20 सेवाओं को जोड़ा गया है तथा इनकी सतत मॉनीटरिंग की जा रही है। इन सेवाओं में राज्य-स्तर की सी.एम. हेल्पलाइन, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सेवा के साथ आपातकालीन फायर, पुलिस और हेल्थ सेवा-108 तथा शहर स्तर की सेवाओं में मेयर एक्सप्रेस, पब्लिक बाइक शेयरिंग, स्मार्ट स्ट्रीट लाइट आदि की मॉनीटरिंग और कंट्रोल किया जाता है। म.प्र. की प्रदर्शनी देखेंगे प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी कार्यशाला परिसर में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा नगरीय विकास के क्षेत्र किये गये नवाचारों की आकर्षक प्रदर्शनी का अवलोकन भी करेंगे। इस प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश द्वारा नगरीय विकास के क्षेत्र में किये गये नवाचारों और प्रधानमंत्री आवास योजना, स्मार्ट सिटी तथा अमृत योजना के कार्या को प्रदर्शित किया गया है।
प्रदेश के सरकारी अस्पताल में हुई देश की पहली कॉक्लियर सर्जरी
27 July 2018
जबलपुर का सेठ गोविंददास चिकित्सालय कॉक्लियर इम्पलांट सर्जरी करने वाला भारत का पहला सरकारी जिला अस्पताल बन गया है। जन्म से श्रवण-बाधित 6 वर्षीय सैफ रज़ा का आज मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुरली अग्रवाल के नेतृत्व में नाक, कान, गला विशेषज्ञ डॉ. रुमिता आचार्य, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. हिमांशु आचार्य, निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. राजेश मिश्रा, डॉ. नितिन अडगांवकर और डॉ. विशाल मेहरा की टीम ने सफल ऑपरेशन किया। स्वास्थ्य संचालक प्रशासन, भोपाल भी इस दौरान मौजूद रहे। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में जन्म से गूंग-बहरे बच्चों की कॉक्लियर सर्जरी शासन द्वारा मान्यता प्राप्त निजी चिकित्सालयों में नि:शुल्क की जाती है। कॉक्लियर इम्पलांट सर्जरी का 6 लाख 50 हजार रुपये का खर्च मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना में सरकार वहन करती है। योजना में प्रदेश के हजारों बच्चे लाभान्वित होकर स्वस्थ भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं। आज हुई सर्जरी को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग सहित राज्य आरबीएसके टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
नेहरू कॉलोनी के क्षतिग्रस्त मकान तोड़कर बनाये जायेंगे नये मकान
27 July 2018
भोपाल शहर के वार्ड-28 स्थित नेहरू कॉलोनी के क्षतिग्रस्त मकानों को तोड़कर नये बनाये जायेंगे। नये मकान बनने तक इनमें रहने वालों को ट्रांजिट हाउस में रखा जायेगा। ये मकान नगर निगम के हैं। राजस्व, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने क्षतिग्रस्त मकानों का निरीक्षण कर जल्द कार्यवाही के निर्देश दिये। श्री गुप्ता ने कहा कि पहले 8 मकानों के लोगों को शिफ्ट करें। इसके बाद व्यवस्था होने पर अन्य परिवारों को भी शिफ्ट कर सभी मकान नये बनायें। श्री रमेश, श्री सियाराम पारसे, श्री रामलाल, श्री दीपक धौलपुरकर, श्री गजराम चौहान, श्री संतोष परोचे, श्री भगवान सिंह और श्री अशोक परोचे के मकान अधिक क्षतिग्रस्त हैं। श्री गुप्ता ने कहा कि जहाँ इन्हें अस्थायी रूप से शिफ्ट करें, वहाँ मूलभूत सुविधाएँ मुहैया करवायें। इस मौके पर माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री रामदयाल प्रजापति और अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
जमीन आवंटन के प्रकरणों को जल्द करें निराकृत - राजस्व मंत्री
27 July 2018
राजस्व, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा है कि विभिन्न विभागों से प्राप्त जमीन आवंटन संबंधित प्रकरणों का जल्द निराकरण करें। प्रस्तावों में कोई कमी हो, तो संबंधित अधिकारी को बुलवाकर उस कमी को दूर करवायें। बैठक में कृषि उपज मण्डी समिति अशोकनगर, नगर परिषद पेटलावद जिला झाबुआ को वॉटर फिल्टर एवं पानी की टंकी बनाने के लिये जमीन आवंटित की गयी। इसके साथ ही भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को इंदौर जिले के ग्राम छोटा बांगडदा और सिरपुर में जमीन दी गयी है। बैठक में प्रमुख सचिव राजस्व श्री अरुण पाण्डेय और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
सन्-2022 तक प्रत्येक जरूरतमंद को मिलेगा स्वयं का आवास : मंत्री श्री भार्गव
26 July 2018
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने कहा है कि सन् 2022 तक प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति को आवास मुहैया कराने के लक्ष्य को पूरा किया जाएगा। अभी तक प्रदेश के ग्रामीण अंचल में 22 लाख से अधिक जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास मुहैया करवाया जा चुका है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में 7 लाख 9 हजार से भी अधिक आवास हितग्राहियों को सौंप दिये गये हैं, जो देश में सर्वाधिक है। मंत्री श्री भार्गव ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के एक अप्रैल 2016 से लागू होने के पहले मुख्यमंत्री अंन्त्योदय आवास योजना, मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन और इंदिरा आवास योजना के माध्यम से 31 मार्च 2018 तक 15 लाख 3 हजार 694 हितग्राहियों को आवास मुहैया करवाये जा चुके हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना में 30 जून 2018 तक 7 लाख 9 हजार 248 आवास पूर्ण कर हितग्राहियों को सौंपे जा चुके हैं। संचालक प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) श्री वरदमूर्ति मिश्रा ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि आगर-मालवा जिले 6 हजार 801, अलिराजपुर 12 हजार 257, अनूपपुर 11 हजार 574, अशोकनगर 8 हजार 991, बालाघाट 15 हजार 643, बड़वानी 14 हजार 398, बैतूल 13 हजार 192, भिण्ड 3 हजार 453, भोपाल 6 हजार 522, बुरहानपुर 6 हजार 818, छतरपुर 15 हजार 375, छिन्दवाड़ा 17 हजार 336, दमोह 18 हजार 536, दतिया 3 हजार 880, देवास 8 हजार 845, धार 24 हजार 507, डिण्डौरी 14 हजार 678, गुना 15 हजार 592, ग्वालियर 4 हजार 981, हरदा 4 हजार 724, होशंगाबाद 11 हजार 558, इंदौर 4 हजार 238, जबलपुर 19 हजार 894, झाबुआ 15 हजार 569, कटनी 21 हजार 565, खण्डवा 10 हजार 812, खरगोन 22 हजार 327, मण्डला 18 हजार 804, मंदसौर 17 हजार 112, मुरैना 8 हजार 145, नरसिंहपुर 21 हजार 444, नीमच 4 हजार 588, पन्ना 13 हजार 714, रायसेन 18 हजार 935, राजगढ़ 25 हजार 662, रतलाम 16 हजार 422, रीवा 19 हजार 985, सागर 26 हजार 468, सतना 20 हजार 374, सीहोर 14 हजार 598, सिवनी 18 हजार 808, शहडोल 23 हजार 857, शाजापुर 5 हजार 907, श्योपुर 8 हजार 781, शिवपुरी 13 हजार 579, सिधी 9 हजार 530, सिंगरौली 9 हजार 645, टीकमगढ़ 15 हजार 498, उज्जैन 11 हजार 314, उमारिया 13 हजार 519 और विदिशा 18 हजार 832 आवास पूर्ण कर हितग्राहियों को सौंपे गये हैं।
राजस्व मंत्री ने नेहरू नगर में किया सड़क का निरीक्षण
26 July 2018
राजस्व, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने नेहरू नगर में एस. 975 लाइन की सड़क का निरीक्षण किया। उन्होंने सीवेज लाइन के कारण खराब हुई सड़क यथाशीघ्र ठीक करने के निर्देश दिये। श्री गुप्ता ने कहा कि सीवेज लाइन के बाकी काम भी बरसात कम होने पर समय-सीमा में पूरा करें। श्री गुप्ता ने रहवासियों की माँग पर जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश नगर निगम में अधिकारियों को दिये। राजस्व मंत्री द्वारा निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन राजस्व, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने चूना भट्टी स्थित सांई रेसीडेंसी में नाली निर्माण और सेवनिया गौड़ में सीमेंट-कांक्रीट कार्य का भूमि-पूजन किया। श्री गुप्ता ने इस मौके पर स्थानीय लोगों को संबल योजना सहित अन्य योजनाओं की जानकारी भी दी। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
इंजीनियरिग और पॉलीटेक्निक कॉलेजों में रिक्त सीटों के लिए होगी संस्था स्तर की काउंसलिंग
26 July 2018
इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक कॉलेजों में केन्द्रीयकृत काउंसलिंग के बाद रिक्त रह गई सिटों के लिये संस्था स्तर की काउंसलिंग (सी.एल.सी.) का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 29 जुलाई से एक अगस्त तक होगा। इच्छुक संस्था में प्रवेश के लिए 2 अगस्त को सुबह 10.30 बजे उपस्थित होना होगा। प्रथम चरण की सीएलसी के बाद रिक्त रहने वाली सीटों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 3 से 5 अगस्त तक होगा। इच्छुक संस्था में प्रवेश 6 अगस्त को होगा। रिक्त सीटों के लिऐ फिर से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 7 से 9 अगस्त तक होगा तथा वांछित संस्था में प्रवेश के लिए 10 अगस्त को उपस्थित होना पड़ेगा। शेष सीटों के लिए रजिस्ट्रेशन 11 से 13 अगस्त तक होगा। प्रवेश के लिए संस्था में 14 अगस्त को उपस्थित होना होगा। काउंसलिंग डिप्लोमा-इंजीनियरिंग, पीपीटी/नॉन पीपीटी/ अम्बेडकर-एकलव्य योजना में पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिये होगी। यह प्रदेश के सभी शासकीय, स्व-शासी, अनुदान प्राप्त, स्व-वित्तीय, निजी क्षेत्र के पॉलीटेक्नीक और इंजीनियरिंग कॉलेजों में संचालित पाठ्यक्रमों के लिये है। प्रवेश का अवसर प्राप्त करने के लिये संस्था की काउंसलिंग हेतु पंजीयन करा चुके अभ्यर्थी, अधिकृत वेबसाइट पर संस्था/ब्रांच की उपलब्ध रिक्तियों का अवलोकन कर उपरोक्त दर्शायी गई तिथियों पर प्रवेश का अवसर प्राप्त करने के लिये इच्छुक संस्था में प्रात: 10.30 बजे से दोपहर 12.00 तक स्वयं उपस्थिति दर्ज करवाना आवश्यक है। तत्पश्चात मेरिट के अनुसार प्रवेश की कार्यवाही की जावेगी। डिप्लोमा इंजीनियरिंग में प्रथमत: पीपीटी-2018 प्रवेश परीक्षा की मेरिट के आधार पर योग्यताक्रम में और इसके बाद स्थान रिक्त रहने पर अर्हकारी परीक्षा के प्राप्तांकों के योग्यताक्रम में मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। डिप्लोमा (नान-पीपीटी) पाठ्यक्रमों में अर्हकारी परीक्षा के आधार पर प्रवेश की कार्यवाही की जायेगी। डॉ. बाबा साहब अम्बेडकर/एकलव्य योजना में डिप्लोमा पाठ्यक्रमों अर्हकारी परीक्षा के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। डिप्लोमा इंजीनियरिंग (पीपीटी)/नान-पीपीटी/अम्बेडकर-एकलव्य योजनान्तर्गत पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिये अभ्यर्थी को पृथक-पृथक पंजीयन करवाना होगा। प्रवेश नियम, विस्तृत समय-सारणी, अभ्यर्थी मार्गदर्शिका/ काउंसलिंग प्रक्रिया, अधिकृत सहायता केन्द्रों की सूची आदि वेबसाइट www.dtempcounsellingतथा dte.mponline.gov.in पर उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा पन्ना ग्रामीण समूह जलप्रदाय योजना का शिलान्यास
25 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज पन्ना जिले के पवई एवं शाहनगर विकासखण्ड के 158 ग्रामों के लिये शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिये 211.32 करोड़ की लागत से ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना का शिलान्यास किया। इस योजना के अंतर्गत लगभग 36 हजार घरों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। इस अवसर पर श्री चौहान ने अमहा लघु सिंचाई नहर विस्तारीकरण योजना का भी शिलान्यास किया। इस अवसर पर जिले की प्रभारी राज्य मंत्री श्रीमती ललिता यादव, सांसद श्री नागेन्द्र सिंह, बुंदेलखण्ड विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री रामकृष्ण कुसमरिया और अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
जनसम्पर्क मंत्री पत्रकार को देखने पहुँचे अस्पताल
25 July 2018
जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने आज यहाँ स्थानीय अस्पताल में भर्ती इंडिया टीवी के ब्यूरो चीफ श्री अमिताभ अनुराग के स्वास्थ्य का हालचाल जाना। श्री अनुराग हाल ही में एक सड़क दुर्घटना में घायल हो गए है। मंत्री डॉ. मिश्र ने श्री अनुराग के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
वीवीपैट मशीन का मध्यप्रदेश में पहली बार होगा उपयोग
25 July 2018
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में वीवीपैट मशीन का प्रयोग पहली बार किया जायेगा। मतदाता को इसके माध्यम से यह पता लगेगा की उसने जिस प्रत्याशी को वोट दिया है, वह वोट वास्तव में उसी प्रत्याशी को मिला है। वीवीपैट मशीन में सात सेकण्ड के लिये संबन्धित वोट दिये गये प्रत्याशी का चुनाव चिन्ह अंकित पर्ची में दिखेगा, जो पर्ची बाद में मशीन में ही कटकर गिर जायेगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि जिस प्रत्याशी को वोट दिया गया है, वह उसी को मिला है। यह बात मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री बी.एल. कांता राव ने स्वीप पार्टनर की बैठक लेते हुए कहीं। बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजय यादव तथा श्री लोकेश जाटव और संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री एस.एस बंसल तथा श्री राजेश कौर भी उपस्थित थे। सीईओ श्री कांता राव ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूर्ण करने में स्वीप पार्टनर विभागों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। इस बार होने वाले चुनाव में वीवीपैट मशीन के प्रयोग को जनसामान्य में व्यापक रूप से प्रसारित करने की आवश्यकता है। उन्होंने स्वीप पार्टनर विभागों से वीवीपैट मशीन और मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिये व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार अभियान चलाने और नवाचार भी करने के निर्देश दिये हैं। बैठक में बताया गया कि विगत लोकसभा चुनाव में मतदान का प्रतिशत 2009 की तुलना में 10 प्रतिशत तक बढ़ा था। इस बार महिला मतदाताओं की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। एक हजार पुरूषों पर 907 महिला मतदाता हैं। विशेषकर 18 वर्ष तक के युवाओं को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिये जागरूकता अभियान चलाये जाने की आवश्यकता हैं। सीईओ श्री राव ने चुनाव में मतदान का प्रतिशत बढ़ाने के लिए मतदाताओं को जागरूक किये जाने की बात कहीं। बैठक में दूरदर्शन, आकाशवाणी, पोस्ट ऑफिस, दूरसंचार, नेहरू युवा केन्द्र, एनसीसी, स्काउड गाईड, रेडक्रॉस, रेलवे, बैंक, पेट्रोलियम कम्पनी और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। यह सभी स्वीप पार्टनर अपने संस्थान में आने वाले उपभोक्ताओं को वीवीपैट मशीन और मतदान के लिये जागरूक करेंगे। बैठक में वीवीपैट मशीन का संचालन भी करवाया गया।
स्मार्ट सिटी में 1610 करोड़ के 60 प्रोजेक्ट पूर्ण: रू 2498 करोड़ के 139 प्रगति पर
25 July 2018
स्मार्ट सिटी परियोजना में चयनित प्रदेश के 7 शहर में 1610 करोड़ की लागत के 60 प्रोजेक्ट पूर्ण किए जा चुके हैं। वर्तमान में 2498 करोड़ के 139 प्रोजेक्ट प्रगति पर है। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने सभी प्रोजेक्ट निर्धारित गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री श्रीमती माया सिंह ने कहा कि देश के चुनिंदा शहरों में क्षेत्र आधारित विकास और पेन सिटी योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रदेश के सात शहर इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर और सतना का चयन तीन चरण में स्मार्ट सिटी के रूप में किया गया है। इन शहरों में 5 वर्षों में लगभग 20 हजार करोड़ के कार्य करवाया जाना प्रस्तावित है, जिन पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। श्रीमती सिंह ने बताया कि प्रथम चरण-2015 में तीन शहर भोपाल, इंदौर और जबलपुर का चयन किया गया। इन शहरों में इंदौर में 96.91 करोड़ की लागत के 28 प्रोजेक्ट पूर्ण किए जा चुके हैं तथा 455.43 करोड़ रूपये के 46 प्रोजेक्ट प्रगति पर है। भोपाल स्मार्ट सिटी में 1207 करोड़ रूपये के 16 प्रोजेक्ट पूर्ण किए जा चुके हैं तथा 478 करोड़ के 22 प्रोजेक्ट प्रगति पर है। स्मार्ट सिटी जबलपुर में 287 करोड़ लागत के 11 प्रोजेक्ट पूर्ण किए जा चुके हैं तथा 377 करोड़ रूपये लागत के 30 प्रोजेक्ट प्रगति पर है। द्वितीय चरण-2016 में उज्जैन और ग्वालियर का चयन किया गया है। इनमें उज्जैन स्मार्ट सिटी में 19 करोड़ रूपये के 5 प्रोजेक्ट पूर्ण किए जा चुके हैं तथा 155 करोड़ की लागत के 17 प्रोजेक्ट प्रगति पर है। स्मार्ट सिटी ग्वालियर में 530 करोड़ की लागत के 21 प्रोजेक्ट प्रगति पर है, जो समय-सीमा में पूर्ण कर लिये जायेंगे। तृत्तीय चरण-2017 में सागर और सतना शहर का चयन किया गया है। स्मार्ट सिटी सागर में 1735 करोड़ के 27 प्रोजेक्ट तैयार किए गए हैं, इनमें 46 करोड़ के 2 कार्य प्रगति पर है। इसी क्रम में स्मार्ट सिटी सतना में 1438 करोड़ की लागत के 27 प्रोजेक्ट तैयार किए गए हैं। इनमें 51 लाख रूपये की लागत के एक प्रोजेक्ट पर कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। शेष कार्य शीध्र प्रारंभ किए जायेंगे।
आँगनबाड़ी और स्कूलों में भी आधार केन्द्र बनायें : विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री गुप्ता
25 July 2018
शत-प्रतिशत आधार का पंजीयन सुनिश्चित करने के लिए आँगनबाड़ी केन्द्रों और स्कूलों में भी आधार पंजीयन केन्द्र स्थापित करें। राजस्व, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने यह बात विभागीय योजनाओं की समीक्षा में कही। श्री गुप्ता ने कहा जिन ग्राम पंचायतों तक आप्टिकल फायबर लाइन डाली जा चुकी है, उन्हें टेलीफोन से कनेक्ट करें। इसके लिये निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कार्य करें। उन्होंने कहा कि स्टेट डाटा सेंटर के संचालन के लिये प्रशिक्षित विभागीय स्टाफ होना चाहिए। वर्चुअल आईटी कॉडर की ट्रेनिंग करवायें। अन्य विभागों में कार्य कर रहे तकनीकी विशेषज्ञों के साथ सतत संपर्क में रहें। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा कि निर्वाचन आयोग से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता से करें। श्री गुप्ता ने कहा कि आई.टी. पार्कों के पेंडिंग कार्य समय-सीमा में पूरा करवायें। आई.टी. पार्क में जिन व्यवसायियों ने प्लॉट लिये हैं, उनसे चर्चा कर कार्य शुरू करवायें। ई-गवर्नेंस सोसाइटी की हर माह वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा करें। एम.डी. एम.पी. एसईडीईसी श्रीमती तन्वी सुंद्रियाल ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। बैठक में प्रमुख सचिव श्री प्रमोद अग्रवाल, प्रोजेक्ट डारेक्टर श्री रिपुदमन सिंह भदौरिया और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
छ: वर्ष की उम्र में बेटे की आवाज सुन सुध-बुध खो बैठे माता-पिता
25 July 2018
बड़वानी जिले के खेतिया निवासी मनोज चौधरी के बेटे निखिल का जब मुख्यमंत्री श्रवण योजना में ऑपरेशन हुआ और वह पहली बार बोला तो उसके माता-पिता कुछ समय के लिये तो अपनी सुध-बुध ही खो बैठे। कुछ समय बाद उनको एहसास हुआ कि उनका बेटा अब बोल सकता है, तो आँखों से खुशी के आँसू बह निकले। मनोज चौधरी मुख्यमंत्री का आभार मानते हुए कहते हैं कि खेतिया में मेरी छोटी-सी कपड़े की दुकान है। इसकी आमदनी से इतना बड़ा ऑपरेशन करवाना मेरे लिए संभव ही नहीं था। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम यदि निखिल के आँगनबाड़ी केन्द्र न पहुँची होती, तो आज निखिल बोलने-सुनने में सक्षम न हुआ होता। पहले तो ऑपरेशन की बात सुनकर मैं बहुत डर गया था और ऑपरेशन करवाने से मना कर दिया था, लेकिन पत्नी के समझाने पर बड़वानी के शिविर में इंदौर से आये डॉक्टरों को दिखाया। निखिल का सरकारी खर्चे पर इंदौर के निजी अस्पताल में नि:शुल्क इलाज हुआ। आज 6 वर्षीय निखिल खेतिया के निजी स्कूल में पढ़ने जाने लगा है। नि:शुल्क सर्जरी ने दी राधिका को नई जिन्दगी : धार जिले के गाँव बोधवाड़ा की नन्हीं राधिका हमेशा बीमार रहती थी। जब आबीएसके की टीम उसके ऑगनबाड़ी केन्द्र पहुँची, तो राधिका की माँ ने उसका परीक्षण करवाया। डॉक्टरों ने हृदय रोग की संभावना बताते हुए इंदौर के अरविन्दो अस्पताल में शासकीय मदद से इलाज करवाने की सलाह दी। जल्दी ही राधिका के माता-पिता इंदौर पहुँचे। सारे परीक्षणों के बाद राधिका का सफल हृदय ऑपरेशन हुआ। आज राधिका स्वस्थ है और सामान्य बच्चों की तरह जीवन जीने लगी है। नन्हीं शिवानी के लिये आरबीएसके टीम बनी वरदान : अलीराजपुर कटे-फटे थे और वह कुपोषण की भी शिकार हो गई थी। गिरते स्वास्थ्य से चिंतित माता-पिता के झाड़-फूँक कराने के बाद स्थिति और नाजुक होती जा रही थी। ऐसे में एक दिन आरबीएसके की टीम ने शिवानी की माँ से सम्पर्क कर समझाया कि शिवानी के होंठ का ऑपरेशन हो सकता है और पोषण पुर्नवास केन्द्र में भर्ती कराने पर यह पूरी तरह ठीक हो जायेगी। समझाइश असर लायी और बालिका का सरकारी खर्चे पर निशुल्क ऑपरेशन हुआ। पोषण पुर्नवास केन्द्र से लौटने के बाद शिवानी स्वस्थ्य हो गयी है। आज उसके माता-पिता बहुत खुश हैं और शासन को दुआएं दे रहे है तनिष्का अब नहीं है हृदय रोगी : होशंगाबाद जिले के गांव कांसखेड़ा के हरप्रसाद चौरे की बेटी तनिष्का कक्षा तीसरी में थी। एक दिन स्कूल पहुंचे चिकित्सकों के दल ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद कहा कि तनिष्का के हृदय में छेद है तो उन्हें विश्वास नहीं हुआ। अपने विश्वास की पुष्टि के लिये उन्होंने होशंगाबाद के स्वास्थ्य शिविर में तनिष्का को दिखाया। वहां भी चिकित्सकों ने हृदय रोग की पुष्टि की। हरप्रसाद परेशान हो गये, क्योकि उनकी खेती-बाड़ी से इतनी आमदनी नहीं थी कि इतने मेहंगे ऑपरेशन का खर्च उठा पाते। चिकित्सकों ने दिलासा देते हुए मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना से 90 हजार रूपये की राशि स्वीकृत कराने में मदद की। स्वीकृत राशि से तनिष्का का नागपुर के श्रीकृष्णा हृदयालय में सफल ऑपरेशन हुआ। आज तनिष्का स्वस्थ्य है।
आयकर देकर देश के विकास में अपना योगदान दे : राज्यपाल श्रीमती पटेल
24 July 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि नागरिकों का नैतिक कर्तव्य है कि कमजोर वर्गों के कल्याण और देश के विकास में आयकर देकर अपना अधिक से अधिक योगदान दें। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के करदाताओं की सख्या में वृद्धि पूरे देश में करदाताओं की वृद्धि के औसत से अधिक है। इस विशाल कर संग्रहण का श्रेय कर प्रशासन के साथ-साथ देश के ईमानदार करदाताओं को भी जाता है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार इनकम टैक्स की प्रक्रिया को और सरल बना रही है, जिससे आम लोगों तथा सरकार को फायदा होगा। राज्यपाल ने यह बात आज आयकर दिवस के अवसर आयोजित समारोह में कही। उन्होंने इस अवसर पर वृद्ध आयकरदाताओं और आयकर इन्वेस्टिगेशन तथा वसूली में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अधिकारियों को शाल-श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि हमारा देश विश्व में अर्थ-व्यवस्था के हिसाब से ब्रिटेन को पछाड़कर छठवें स्थान पर आ गया है। हाल ही में फोर्ब्स पत्रिका के मुताबिक पहली बार भारत सकल घरेलू उत्पाद के मामले में ब्रिटेन से आगे निकला है और अमेरिका, चीन, जापान, जर्मनी तथा फ्रांस के साथ प्रतिस्पर्धा में है। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ की गई कार्रवाई और जीएसटी प्रणाली लागू होने के बाद देश में रिकार्ड संख्या में लोग टैक्स देने के लिए आगे आ रहे हैं । ये बदले हुए वातावरण का प्रमाण है। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि जब से बेनामी संपत्ति का कानून सदन में पारित हुआ है, तब से अब तक चार से साढ़े चार हजार करोड़ की संपत्ति जब्त कर ली गई है। इसलिए आयकर विभाग की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2017-18 में केन्द्र सरकार का आयकर का कुल संग्रहण दस लाख करोड़ रूपये से अधिक था, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी। राज्यपाल ने इस अवसर पर आयकर विभाग की सालाना पुस्तक और आयकर प्रतिविंब पत्रिका का विमोचन किया तथा आयकर से संबंधित विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया। प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर आयकर श्री प्रसन्न कुमार दाश ने आयकर विभाग की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि करदाताओं में अपने कर्तव्य और दायित्व के प्रति जागरूकता आ रही है। उन्होंने कहा कि करदाता होना गर्व की बात है। आयकर से ही देश शक्तिशाली बनेगा। सरकार सभी से थोड़ा-थोड़ा लेकर विभिन्न निर्माण कार्यों पर खर्च करती है। इस अवसर पर मुख्य आयकर आयुक्त इंदौर श्री अजय चौहान ने आभार व्यक्त किया।
विदिशा में अगस्त माह से शुरू होगा मेडिकल कॉलेज: मुख्यमंत्री श्री चौहान
24 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज विदिशा में हुए किसान सम्मेलन में घोषणा की कि आगामी अगस्त माह से विदिशा में मेडिकल कॉलेज शुरू किया जायेगा। इससे विदिशा तथा आसपास की जनता को गंभीर बीमारियों के लिये भी समुचित उपचार आसानी से मिल सकेगा। श्री चौहान ने एक लाख 33 हजार किसानों के बैंक खातों में फसल बीमा योजना की 445 करोड़ की बीमा राशि ऑनलाईन ट्रांसफर की। मुख्यमंत्री ने विदिशा जिले में 170 करोड़ रूपये लागत के निर्माण कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। श्री चौहान ने कहा कि इस वर्ष किसानों से गेहूँ की खरीदी समर्थन मूल्य को जोड़कर 2 हजार रूपये क्विंटल के मान से की जा रही है। इसके अलावा चना, उड़द और मूंग आदि फसलों की खरीदी भी राज्य सरकार कर रही है, ताकि किसान को उसकी कृषि उपज का लाभकारी मूल्य आसानी से मिल सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि खेती को हर हाल में लाभकारी व्यवसाय बनाया जाये। उन्होंने बताया कि प्रदेश के किसानों के बैंक खातों में गत एक साल के दौरान 33 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि विभिन्न योजनाओं में जमा करवाई गई है। श्री चौहान ने बताया कि मध्यप्रदेश का सोयाबीन चीन को निर्यात करने के प्रयास किये जा रहे हैं। इसके लिये उच्च स्तर पर चर्चा चल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संबल योजना समाज के हर गरीब व्यक्ति के जीवन को खुशहाल बनाने के लिये क्रियान्वित की जा रही है। योजना में पंजीकृत असंगठित श्रमिकों तथा अन्य पात्र जरूरतमंद के 44 करोड़ से भी अधिक राशि के बकाया बिजली बिल माफ कर दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि योजना में जो असंगठित श्रमिक और अन्य पात्र लोग अभी तक पंजीयन नहीं करा पाये हैं, उनके पंजीयन के लिये व्यवस्था की जा रही है। सम्मेलन में सांसद श्री लक्ष्मीनारायण यादव, लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह, उद्यानिकी राज्य मंत्री श्री सूर्यप्रकाश मीणा, विधायक श्री कल्याण सिंह ठाकुर और श्री वीर सिंह पंवार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री तोरण सिंह दांगी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री मुकेश टंडन, को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष श्री श्याम सुंदर शर्मा, अन्य जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में विभिन्न वर्गों के लोग मौजूद थे। महाराणा प्रताप की मूर्ति का अनावरण मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विदिशा में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण किया। स्थानीय दुर्गा नगर चौराहे पर नगर पालिका द्वारा यह प्रतिमा स्थापित की गई है। अनावरण कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह और सांसद श्री लक्ष्मीनारायण यादव भी उपस्थित थे।
सीमावर्ती क्षेत्रों में सैनिकों को सहयोग करें देशवासी : राज्यपाल श्रीमती पटेल
24 July 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले देशवासियों का कर्तव्य है कि वह सीमा पर तैनात सैनिकों से अच्छे संबंध रखें और उन्हें सहयोग करें। सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और सीमा पर तैनात सैनिक का बहुत घनिष्ठ संबंध होता है। दोनों को एक ही तरह की परिस्थितियों और कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने यह बात आज सशस्त्र सीमा बल के प्रशिक्षु सहायक कमांडेंट के 34 सदस्यीय दल से भेंट के दौरान कही। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि सीमाओं और आंतरिक क्षेत्रों में आतंकवादियों और नक्सलियों के द्वारा आधुनिक हथियारों के उपयोग तथा तरीकों से किये जा रहे हमलों से सैनिकों को बचाने के लिए सख्त उपाये करने की आवश्यकता है। आज जहां हमारी सेनाएं आधुनिक हथियारों और संचार साधनों से सम्पन्न हो रही हैं, वहीं आतंकवादी और नक्सलवादी भी आधुनिक तरीकों का उपयोग कर रहे हैं। इससे गश्त में लगे सैनिकों की जान को खतरा बना रहता है। कारगिल युद्ध और उसके बाद की बदलती परिस्थितियों में 'विशेष सेवा ब्यूरो' का देश की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान है। राज्यपाल ने कहा कि हमारे सैनिक चाहे वह बीएसएफ, सेना अथवा अन्य बलों के हों, उनके बलिदान, बहादुरी और कर्मठता के कारण ही आज हमारे देश की सेना विश्व की बड़ी सेनाओं में अपनी प्रतिष्ठा स्थापित करती जा रही है। इस अवसर पर सशस्त्र सीमा बल अकादमी के निदेशक, श्री सुधांशु नौटियाल ने अकादमी की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए उत्तराखंड के श्रीनगर से अविस्थत होकर भोपाल में पुन: स्थापित सशस्त्र सीमा बल अकादमी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कमांडेंट सशस्त्र सीमा बल अकादमी श्री डी एन भौमबे ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन अधिकारी प्रशिक्षु सुश्री प्रीति शर्मा ने किया।
बेलदार समाज के जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिये लगेंगे शिविर
24 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि बेलदार समाज के जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिये सीहोर, रायसेन और भोपाल में शिविर लगाये जायेंगे। समाज को हर जायज हक़ मिलेगा। श्री चौहान आज मुख्यमंत्री निवास परिसर में मध्यप्रदेश बेलदार समाज के महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस मौके पर समाज की छात्रा साक्षी कामराय और छात्र अंश गिरि को सम्मानित किया। सामान्य प्रशासन एवं अनुसूचित जाति कल्याण राज्य मंत्री श्री लाल सिंह आर्य भी इस मौके पर मौजूद थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बेलदार समाज के लोगों से संबल योजना में पंजीयन करवाने का अनुरोध किया। उन्होने बताया कि इस योजना में 200 रुपये फ्लैट रेट पर बिजली और बच्चों की शिक्षा के लिये फीस राज्य सरकार द्वारा भरवाने जैसे अनेक कल्याणकारी प्रावधान किये गये हैं, ताकि गरीब परिवार मान-सम्मान के साथ जीवन बिता सकें। उन्होंने कहा कि समाज के भवन के लिये भूमि आवंटन आवेदन पर नियमानुसार सहानभूतिपूर्वक विचार किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों, बेटियों के प्रति आदर भाव रखें। बेटा-बेटी में भेदभाव नहीं करें, दोनों को समान रूप से शिक्षा दिलवायें। मुख्यमंत्री ने उपस्थित माताओं-बहनों को रक्षा-बंधन पर्व की अग्रिम शुभकामनाऐं दीं।
केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी से मिले जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र
24 July 2018
केन्द्रीय भूतल परिवहन और जल-संसाधन मंत्री श्री नितिन गडकरी से जनसम्पर्क, जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने आज सुबह ग्वालियर में सौजन्य भेंट की। डॉ. मिश्र ने श्री गडकरी को ग्वालियर-चंबल संभाग सहित संपूर्ण प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी दी। श्री गडकरी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि भारत सरकार मध्यप्रदेश के अधोसंरचनागत विकास के लिए धन की कमी नहीं होने देगी।
विद्यार्थी पर्यावरण संरक्षण को जीवन का अभिन्न अंग बनायें-राज्य मंत्री श्री सारंग
24 July 2018
सहकारिता, भोपाल गैस त्रासदी, राहत एवं पुनर्वास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री विश्वास सारंग ने विद्यार्थियों से कहा कि पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनायें। श्री सारंग आज सेंट पॉल सीनियर सेकेण्डरी स्कूल, आनंद नगर में सोलर एनर्जी सिस्टम के उद्घाटन और वृक्षारोपण कार्यक्रम को संबांधित कर रहे थे। श्री सारंग ने कहा कि स्कूल में विद्युत आपूर्ति के लिये 25 मेगावॉट का सोलर एनर्जी सिस्टम स्थापित किया गया है, यह सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण में छात्र-छात्राओं का महत्वपूर्ण योगदान है। श्री सारंग ने छात्र-छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने के लिये प्रेरित किया। उन्होंने स्कूल प्रांगण में पौध-रोपण भी किया। इस अवसर पर स्थानीय पार्षद श्री सुरेन्द्र वाडिका, आयुक्त नगर निगम श्री अविनाश लवानिया, श्री सचिन मिश्रा, स्कूल प्रबंधक फादर जेम्स, प्राचार्य फादर सेबी, उप प्राचार्य फादर पीटर एवं श्रीमती रॉनी जॉय उपस्थित थे।
ओलम्पियन विजय कुमार के नाम होगा शूटिंग अकादमी में 25 मीटर रेंज
24 July 2018
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने घोषणा की है कि मध्यप्रदेश शूटिंग अकादमी में 25 मीटर रेंज का नाम करण ओलम्पिक सिल्वर मेडलिस्ट केप्टन सूबेदार मेजर विजय कुमार शर्मा के नाम पर होगा। खेल मंत्री ने कहा कि अकादमी में शॉटगन रेंज पूर्व ओलम्पियन चैम्पियन तथा केन्द्रीय खेल मंत्री श्री राज्यवर्धन सिंह राठौर तथा 10 मीटर रेंज ओलम्पिक स्वर्ण पदक विजेता श्री अभिनव बिन्द्रा के नाम से समर्पित है। श्रीमती सिंधिया ने कहा कि मध्यप्रदेश शूटिंग अकादमी में 10 मीटर, 25 मीटर शूटिंग रेंज, टेक्नीकल बिल्डिंग तथा 3rd ट्रेप एण्ड स्कीट शूटिंग रेंज का निर्माण किया गया है। इनमें अंतर्राष्ट्रीय मापदंड के अनुरूप उपकरण स्थापित किए गए हैं। खेल मंत्री ने कहा कि म.प्र. शूटिंग अकादमी को खेलों इंडिया योजना के तहत देश के 32 सेंटरों में से चुनकर केन्द्र सरकार द्वारा मान्यता दी गई है। उल्लेखनीय है कि राजधानी के समीप बिशनखेड़ी स्थित मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी में 8 से 25 जुलाई के मध्य अन्तर्राष्ट्रीय शूटर्स आगामी एशियान गेम्स तथा आई.एस.एस.एफ. वर्ल्ड कप-2 की तैयारी कर रहे हैं। भारत के शीर्ष पिस्टल शूटर्स, विजय कुमार, हिना सिद्धू तथा मनु बाकर जैसे अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त खिलाड़ी इस ट्रेनिंग का हिस्सा हैं।
केन्द्र के सहयोग से मध्यप्रदेश अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल : मुख्यमंत्री श्री चौहान
23 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और केन्द्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग, पोत एवं जल-संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री श्री नितिन गडकरी ने आज गुना में विकास पर्व एवं किसान महा-सम्मेलन में 5 हजार 130 करोड़ की लागत के विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने फसल बीमा योजना में किसानों के बैंक खातों में 43 करोड़ 90 लाख की बीमा राशि ऑनलाईन ट्रांसफर की। कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के 43 हजार 882 हितग्राहियों को हित-लाभ भी वितरित किये गये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि केन्द्र सरकार के सहयोग से मध्यप्रदेश अब बीमारू राज्य की श्रेणी से बाहर निकलकर देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल हो गया है। केन्द्र द्वारा प्रदेश को सड़कों के निर्माण के लिये 13 हजार 500 करोड़ रूपये की राशि दी गई, जिससे प्रदेश में बेहतर सड़कों का निर्माण संभव हो सका है। मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कृषि को लाभ का धंधा बनाने तथा कृषि उत्पादन दोगुना करने के संकल्प को प्रदेश में पूरा करने के लिये सभी संभव प्रयास किये जा रहे हैं। केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि ग्वालियर क्षेत्र के चम्बल एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य इसी वर्ष शीघ्र शुरू किया जायेगा। इसके लिये जमीन अधिग्रहण का कार्य शुरू हो गया है। इसके बन जाने से अंचल के लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे, उद्योग धंधे विकसित होंगे तथा आवागमन के लिये एक नया मार्ग मिलेगा। उन्होंने बताया कि दिल्ली और मुम्बई के बीच एक नये हाई-वे का निर्माण किया जा रहा है। जिस पर एक लाख करोड़ रूपये की राशि व्यय होगी। यह हाई-वे राजस्थान, मध्यप्रदेश्, गुजरात, महाराष्ट्र राज्यों से गुजरेगा। इस हाई-वे में मध्यप्रदेश की 250 किलोमीटर की सड़क शामिल है। यह हाई-वे भी प्रदेश के विकास में सहायक होगा। श्री गडकरी ने बताया कि केन-बेतवा-लिंक नदी प्रोजेक्ट के पानी के बँटवारे के संबंध में शीघ्र ही समाधानकारक निराकरण किया जायेगा। केन्द्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि देश में 100 नये राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्य शुरू किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान और केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी को समारोह में एनआरएलएम के स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित सामग्री भेंट की गई। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों ने संबल योजना के क्रियान्वयन के लिये मुख्यमंत्री को आभार-पत्र भेंट किया। गुना अभिभाषक संघ द्वारा भी प्रदेश में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट के लिये मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया गया। समारोह में लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह, जिले के प्रभारी मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया, सांसद श्री रोडमल नागर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अर्चना चौहान, विधायक श्री पन्नालाल शाक्य और सुश्री ममता मीना, अन्य जन-प्रतिनिधि और विशाल जन-समुदाय मौजूद था।
सोयाबीन निर्यात की पहल पर मुख्यमंत्री का सोपा प्रतिनिधि-मण्डल ने आभार माना
23 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से सोपा सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोशिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) मंडल एण्ड इण्डस्ट्री के प्रतिनिधि-मंडल ने राजकीय विमान तल पर आज भेंट की और सोयाबीन निर्यात को प्रोत्साहित करने की पहल के लिये आभार माना। प्रतिनिधियों ने बताया कि मुख्यमंत्री के प्रयासों से केन्द्र सरकार ने सोया मील निर्यात पर प्रोत्साहन 7 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने की कार्रवाई रिकार्ड समय में की है। इससे सोयाबीन उद्योग में नये उत्साह और निर्यात संभावनाओं का संचार हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री को इन्दौर में होने वाले सोया मील एवं सोयाबीन निर्यातकों-आयातकों के कॉन्क्लेव में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रतिनिधि-मंडल को आश्वस्त किया कि सोयाबीन के निर्यात के प्रोत्साहन के लिये हर संभव प्रयास किये जायेंगे, ताकि किसानों को उनकी फसल का बेहतर मूल्य प्राप्त हो। उन्होंने सोयाबीन निर्यात में बाधाओं और निर्यात प्रोत्साहन प्रयासों पर विचार-विमर्श किया। श्री चौहान ने बताया कि चीन में सोयाबीन के निर्यात की संभावनाएँ बढ़ाने के लिये उच्च-स्तर पर प्रयास किये गये हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री, वाणिज्य मंत्री और विदेश मंत्री के साथ चर्चा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से सोयाबीन निर्यात प्रोत्साहन से संबंधित विभिन्न विषय पर पुन:चर्चा करेंगे। केन्द्रीय रेल मंत्री से बांग्लादेश में सोयाबीन के निर्यात के लिये राज्य को रेलवे से रैक उपलब्ध करवाने के लिये अनुरोध करेंगे। वाणिज्य मंत्री से चर्चा कर भारत सरकार द्वारा चीन, जापान और यूरोपियन यूनियन में भेजे जाने वाले प्रतिनिधि-मंडल में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधि-मंडल शामिल करवाने का प्रयास करेंगे। प्रतिनिधि-मंडल में राज्य सरकार के प्रतिनिधि के रूप में मंत्री को भी भेजेंगे। विदेश मंत्री से भी प्रदेश के सोयाबीन निर्यातकों को चीन में भारतीय दूतावास से पूरा सहयोग दिलवाने के लिये अनुरोध करेंगे। प्रतिनिधि-मंडल ने सोयाबीन और सोया मील निर्यात की संभावनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि विश्व में 1260 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन का आयात होता है। चीन द्वारा 950 लाख मीट्रिक टन, यूरोपियन यूनियन द्वारा 172 लाख मीट्रिक टन और जापान द्वारा 60 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन आयात किया जाता है। प्रतिनिधि-मंडल ने राज्य सरकार से सोयाबीन ऑइल पर आयात ड्यूटी को 10 प्रतिशत बढ़वाने और चीन द्वारा भारत से सोयाबीन आयात पर लगाए नॉन टेरिफ बेरियर्स प्रतिबंध को खत्म करवाने के प्रयासों के लिये भी अनुरोध किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, अपर मुख्य सचिव श्री पी.सी. मीणा, प्रमुख सचिव कृषि श्री राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव वाणिज्य एवं उद्योग श्री मोहम्मद सुलेमान, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सर्वश्री अशोक वर्णवाल, एस.के. मिश्रा और विवेक अग्रवाल मौजूद थे। सोपा मंडल एण्ड इण्डस्ट्री के प्रतिनिधि-मंडल में सर्वश्री डाविस जैन, बासु टी. बड़वला, गिरीश मतलानी और डी.एन. पाठक शामिल थे।
जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र द्वारा 284 करोड़ की सड़कों का लोकार्पण और भूमिपूजन
23 July 2018
जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने दतिया जिले में 284 करोड़ के 114 सड़क मार्गों का शिलान्यास और भूमिपूजन किया। इन सड़क मार्गों में 233 करोड़ की दबोह भाण्ड़ेर दो-लेन सड़क का शिलान्यास भी सम्मिलित है। इस दौरान विधायक श्री प्रदीप अग्रवाल और श्री घनश्याम पिरौनिया उपस्थित थे। मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार, अधोसंरचना विकास यानी सड़क, पानी, बिजली पर विशेष रूप से ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि सड़कें विकास की संवाहक होती हैं। जनसम्पर्क मंत्री द्वारा पढ़ाई में उत्कृष्ट आने वाले बच्चों का पुष्पहार पहनाकर और शील्ड देकर सम्मान किया। कार्यक्रम के दौरान दिव्यांगजनों को ट्रायस्किलें भी भेंट की गईं।
उद्योग मंत्री श्री शुक्ल ने किया 162 करोड़ लागत की सड़क चौड़ीकरण का शुभारंभ
23 July 2018
उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा जिले के ग्राम इटौरा में 37 किमी लम्बी 162 करोड़ लागत की सड़क चौड़ीकरण कार्य का शिलान्यास किया। इस सड़क निर्माण कार्य में फोर-लेन क्रांकीट रोड तथा शेष रोड 9 मीटर चौड़ाई की थ्री-लेन रोड होगी। उद्योग मंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में आज विकास पर्व मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सतना से सेमरिया, सिरमौर, शंकरगढ़ होते हुए इलाहबाद के लिये फोर-लेन सड़क का काम भी मंजूर हो गया है। श्री शुक्ल ने कहा कि गुढ़ से चुरहट तक फोरलेन सड़क एवं मोहनिया घाटी में सुरंग निर्माण का शिलान्यास आज केन्द्रीय भू-तल मंत्री श्री नितिन गडकरी तथा मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान गुना से ऑनलाइन कर रहे हैं। समारोह में गुना से केन्द्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी तथा मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने उद्बोधन का सीधा प्रसारण देखा गया। उद्योग मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने भटलों में 80.67 लाख रुपये की लागत से 3 किलोमीटर लंबाई की सड़क का लोकार्पण किया। श्री शुक्ल ने कहा कि भटलों से कोठी मार्ग में सड़क निर्माण हो जाने से यहाँ के ग्रामीणों की बहुप्रतीक्षित माँग पूर्ण हो गयी है। उद्योग मंत्री ने कहा कि रीवा से मनगवां तक राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण किया गया। उन्होंने कहा कि भटलों से सिलपरा तक नई सड़क का निर्माण किया जायेगा।
विद्यार्थी सिर्फ परिश्रम करें, संसाधन सरकार देगी : राजस्व मंत्री श्री गुप्ता
23 July 2018
राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने विद्यार्थियों से कहा है कि आप सिर्फ परिश्रम करें, संसाधन जुटाने का कार्य सरकार करेगी। श्री गुप्ता ने शासकीय महाविद्यालयीन अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास भदभदा रोड़ के प्रवेश उत्सव में यह बात कही। ज्ञातव्य है कि पूरे प्रदेश में आज छात्रावास प्रवेश उत्सव मनाया जा रहा है। श्री गुप्ता ने देवास में गरीब परिवार के छात्र के एम्‍स में एम.बी.बी.एस. में चयन का उदाहरण देते हुए कहा कि ज्ञान पर किसी वर्ग विशेष का अधिकार नहीं होता। पूरे मन से सही दिशा में परिश्रम करें, सफलता जरूर मिलेगी। उन्होंने बताया कि हॉस्टल में जगह नहीं मिले, तो किराये का मकान लें। किराया सरकार भरेगी। अच्छी नौकरी के लिये कोचिंग भी करवायी जायेगी। कौशल विकास की कक्षाएँ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री गुप्ता ने कहा कि छात्रावास में कौशल विकास की कक्षाएँ भी लगायी जायें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की इच्छानुसार खाली समय में उन्हें कौशल विकास की ट्रेनिंग दिलवायें। श्री गुप्ता ने कहा कि मात्र मार्कशीट के आधार पर नौकरी मिलना मुश्किल है। हुनरमंद बनेंगे, तो रोजगार की समस्या नहीं होगी। श्री गुप्ता ने कहा कि छात्रावास में वर्ष में एक दिन मेरी तरफ से भोजन करवाया जाये। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को कोई समस्या हो, तो मुझे बता सकते हैं। श्री गुप्ता ने छात्रावास परिसर में आम और अमरूद के पौधें लगाये। इस मौके पर स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
युवाओं को भारतीय संस्कृति, सभ्यता और परम्पराओं के प्रति जागरूक किया जाये - राज्यपाल
23 July 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने रविवार को जबलपुर में आयोजित मध्यक्षेत्रीय गुजराती बाजखेड़ाबाल समाज की स्थापना के रजत जयंती समोराह में कहा कि युवाओं को भारतीय संस्कृति, सभ्यता और परम्पराओं के प्रति जागरूक किया जाये। उन्होंने गुजराती समाज की विकास में भागीदारी और गुजरात राज्य की समृद्धि का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किये गये जन-कल्याणकारी कार्यक्रमों को सफल बनाने में सम्पूर्ण समाज अपनी भागीदारी सुनिश्चित करे। राज्यपाल ने इस मौके पर गुजराती समाज की स्मारिका का विमोचन किया और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले सक्षम व्यक्तियों को सम्मानित किया। समारोह की अध्यक्षता गुजरात सरकार के संस्कृत बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष श्री गौतम पटेल ने की। महामण्डलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद और जबलपुर नगर निगम की महापौर डॉ. स्वाति गोड़बोले भी रजत जयंती समारोह में शामिल हुए।
ग्रामीण विकास मंत्री श्री भार्गव करेंगे डिजिटल ट्रांजेक्शन कार्यशाला का शुभांरभ
23 July 2018
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव 24 जुलाई को प्रात: 10 बजे वाल्मी में ग्राम पंचायतों में डिजिटल ट्रांजेक्शन और करारोपण को बढ़ावा देने के विषय पर दो-दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। कार्यशाला में पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री विश्वास सारंग विशिष्ठ अतिथि होंगे। कार्यशाला में विषय-विशेषज्ञों द्वारा 5 जिलों के लगभग 200 पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित किया जायेगा। संचालक पंचायत राज श्री शमीमउद्दीन ने बताया कि भारत सरकार पंचायती राज मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान में पंचायतों के सशक्तिकरण का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में यह विशेष कार्यशाला आयोजित की जायेगी। कार्यशाला में प्रथम दिन 24 जुलाई को पंचायतों को करारोपण की प्रक्रिया के तहत अनिवार्य और वैकल्पिक कर लगाने और वसूली की प्रक्रिया, डिजिटल ट्रांजेक्शन के तहत UPI, USSD, AEPS, POS, Mobiliwallets, BHIM Ape की तकनीकी जानकारी और ट्रांजेक्शन की प्रक्रिया बतलाई जायेगी। कार्यशाला में दूसरे दिन 25 जुलाई को महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और गुजरात राज्य की उत्कृष्ट पंचायतों के प्रतिनिधियों का प्रेजेंटेशन और सेंट्रल बैंक ऑफ इण्डिया, एस.वी.एल.सी. कनवेयर तथा आई.टी. विशेषज्ञों का उद्बोधन होगा।
राजस्व मंत्री द्वारा चन्द्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण
23 July 2018
राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद की जयंती पर न्यू-मार्केट और गीतांजलि चौराहा में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने कहा कि इन शहीदों के कारण ही हमें स्वतंत्रता मिली है। पौधरोपण राजस्व मंत्री श्री गुप्ता ने खेल मैदान कोटरा में पौध-रोपण किया। उन्होंने स्थानीय रहवासियों से कहा कि पौधों के वृक्ष बनने तक उनकी सुरक्षा करें। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
भारतीय प्रेस परिषद की जाँच समिति की बैठक 23-24 जुलाई को
22 July 2018
भारतीय प्रेस परिषद की जाँच समिति की बैठक 23 और 24 जुलाई को होटल पलाश रेसीडेन्सी, टीटी नगर में प्रात: 10.30 से प्रारंभ होगी। जस्टिस चन्द्रमौलि कुमार प्रसाद बैठक की अध्यक्षता करेंगे। जाँच समिति की बैठक में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्यों के प्रेस पर कुठाराघात और पत्रकारिता के मानकों के उल्लंघन से संबंधित 33 मामलों पर सुनवाई की जाएगी। सुनवाई की कार्यवाही प्रेस और आम जनता के लिये भी खुली रहेगी।
राज्यपाल ने क्षय रोग से पीड़ित बच्चों को गोद लेने की मुहिम की सराहना की
22 July 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज जबलपुर में क्षय रोग से ग्रसित बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के लिये जबलपुर जिले में सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से चलाये जा रहे गोद लेने के अभियान की तारीफ की। उन्होंने इसे जारी रखने तथा इससे ज्यादा से ज्यादा संगठनों को जोड़ने पर बल दिया। राज्यपाल आज जबलपुर में राष्ट्रीय पुनरीक्षित क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के तहत गठित समन्वय समिति की एवं जिला रेडक्रॉस समिति संयुक्त बैठक को संबोधित कर रही थीं। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने क्षय रोग से पीड़ित बच्चों के गोद लिये जाने के बाद वजन में हुई वृद्धि पर भी प्रसन्नता व्यक्त की । उन्होंने ऐसे बच्चों की नियमित निगरानी पर जोर दिया । राज्यपाल ने मुहिम से जुड़े सामाजिक संगठनों एवं संस्थाओं के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे क्षय रोग से ग्रसित बच्चों के घरों में जाकर उनके अभिभावकों को इन बच्चों की बेहतर देखभाल, स्वच्छता एवं खान-पान पर ध्यान देने की समझाईश भी दें । राज्यपाल को बैठक में बताया गया कि पोषण स्तर में सुधार एवं देखभाल के लिए क्षय रोग से पीड़ित बच्चों को गोद लेने के करीब ढाई माह पूर्व शुरू किये गये अभियान को जबलपुर जिले में अच्छा प्रतिसाद मिला है । इस अभियान के तहत रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय एवं नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय सहित विभिन्न सामाजिक संस्थाओं द्वारा अभी तक 57 बच्चों को गोद लिया जा चुका है । राज्यपाल को बताया गया कि कई और सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों ने भी इस मुहिम से जुड़ने की मंशा व्यक्त की है। बैठक में रोटरी क्लब जबलपुर साउथ द्वारा 11 बच्चों, संगिनी सेवा समिति द्वारा 7 बच्चों, महाकौशल चेम्बर ऑफ कामर्स द्वारा 5 बच्चों, कच्छी जैन समाज द्वारा 5 बच्चों और जिला रेडक्रॉस समिति द्वारा क्षय रोग से पीड़ित करीब सौ बच्चों को गोद लेने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। बैठक में बताया गया कि जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय द्वारा क्षय रोग से पीड़ित सर्वाधिक 20 बच्चों को गोद लिया गया है । राज्यपाल ने इस अवसर पर जिला रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा किये जा रहे सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यो की जानकारी ली । उन्होंने रेडक्रॉस समिति के सदस्यों के सुझाव पर स्कूली बच्चों को फस्र्ट एक ट्रेनिंग देने की दिशा में जरूरी पहल करने की सलाह दी । श्रीमती पटेल ने समाज के कमजोर वर्गों की सहायता के लिए सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों से विभिन्न प्रकल्पों को शुरू करने का आग्रह करते हुए कहा कि स्कूली बच्चों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता पैदा करने की मुहिम भी चलाई जानी चाहिए । राज्यपाल ने समाज के सम्पन्न लोगों से आग्रह किया कि वे अपने परिवार के सदस्यों का जन्म-दिन आंगनबाड़ी केन्द्रों पर जाकर मनायें और अंगनबाड़ी केन्द्रों के बच्चों को उनकी जरूरतों की चीजें उपहार में दें । उन्होंने कहा कि ये सामग्री सम्पन्न परिवारों के लिए छोटी हो सकती है,लेकिन जरूरतमंदों के लिए बड़ा महत्व रखती है । इससे उनके बच्चों के मन में भी सेवा की भावना आयेगी । राज्यपाल ने इस मौके पर कुलपतियों से कहा कि छात्रों को अच्छी शिक्षा देने के साथ उन्हें सामाजिक सरोकारों से भी जोड़ें । उन्होंने इसके लिए छात्र-छात्राओं को वृद्धाश्रम, अनाथालय जैसी संस्थाओं का भ्रमण कराने की जरूरत बताई । श्रीमती पटेल ने समाजसेवा के कार्यों एवं जरूरतमंदों की मदद के उद्देश्य को लेकर स्कूल-कॉलेजों एवं अन्य संस्थाओं में सहयोग राशि एकत्र Aकरने के लिए बाक्स रखने की सलाह दी । उन्होंने कहा कि बच्चे भले ही बाक्स में एक रूपये की छोटी राशि डालें, लेकिन यह धीरे-धीरे उनकी आदत में आ जायेगा और गरीबों की मदद करना उनका स्वभाव बन जायेगा । क्षय रोग से पीड़ित बच्ची रोशनी चौधरी से मिलीं राज्यपाल राज्यपाल श्रीमती पटेल की पहल पर जिले के क्षय रोग से पीड़ित बच्चों को पोषण स्तर में सुधार के लिए अभियान के तहत अभी तक 57 बच्चों को विभिन्न संगठनों द्वारा गोद लिया गया है । इन संगठनों एवं संस्थाओं द्वारा उपलब्ध कराये गये पोषण आहार और इनकी देखभाल के फलस्वरूप इन बच्चों के वजन में दो सौ ग्राम से लेकर डेढ़ किलो तक की वृद्धि दर्ज की गई है । इस मुहिम के तहत रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय द्वारा गोद ली गई बच्ची कुमारी रोशनी चौधरी से आज राज्यपाल ने अपने जबलपुर में भेंट की । उन्होंने बच्ची से उसके हालचाल पूछे और स्वास्थ्य की जानकारी ली । इस मौके पर राज्यपाल ने रोशनी को फलों की टोकरी भेंट की। श्रीमती पटेल ने रोशनी के साथ आये उसके पिता जुगल किशोर चौधरी से कहा कि घर के कामकाज को उसकी पढ़ाई में बाधा न बनने दें और उसे स्कूल जाने से न रोका जाये । उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे बच्ची के स्कूल जायें और शिक्षकों एवं शाला के प्राचार्य को उसे सभी जरूरी सुविधायें उपलब्ध कराने के निर्देश दें। साथ ही उसके साथ उपेक्षापूर्ण व्यवहार न करने की समझाईश भी उसके सहपाठियों को दें। इस अवसर पर रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कपिलदेव मिश्र ने बताया कि क्षय रोग से ग्रसित बच्चों को गोद लिये जाने की विश्वविद्यालय प्रशासन ने जीसीएफ राम मंदिर निवासी रोशनी सहित टी.बी. से ग्रसित छ: बच्चों को गोद लिया है । प्रो. मिश्र ने बताया कि रोशनी के पौष्टिक आहार और देखभाल सहित इसकी पढ़ाई-लिखाई का खर्च भी विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उठाया जायेगा । बैठक में समाज सेवी डॉ. जीतेन्द्र जामदार, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कपिलदेव मिश्र, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रदीप बिसेन, नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पी.डी. जुयाल, प्रभारी कलेक्टर श्रीमती हर्षिका सिंह, पुलिस अधीक्षक अमित सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुरली अग्रवाल, जिला रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव डॉ. अजीत दुबे, रोटेरियन डॉ. संजीव चौधरी, रोटेरियन अजय बघेल, जिला क्षय नियंत्रण अधिकारी डॉ. धीरज दवंडे तथा समन्वय सेवा केन्द्र, महाकौशल चेम्बर ऑफ कामर्स सहित विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे ।
सभी आवासहीन परिवारों को मिलेंगे पक्के मकान - मंत्री डॉ. मिश्र
22 July 2018
जल संसाधन, जनसम्पर्क एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने आज दतिया में प्रधानमंत्री आवास योजना के 19 हितग्राही परिवारों को आवास के लिए स्वीकृत राशि के प्रमाण पत्र वितरित किए। इस दौरान नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री योगेश सक्सेना, जिला योजना समिति सदस्य श्री प्रशांत ढेगुला और पार्षद मौजूद थे। मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि दतिया नगर में सभी आवासहीन, व्यक्तियों को आवास दिए जाएँगे। इसी के साथ सड़क, पानी, बिजली की सुविधा भी दी जाएगी। उन्होंने हितग्राहियों से कहा कि आवासीय राशि का सदुपयोग करें, आवास जरूर बनाएँ। 50 करोड़ के 133 मार्गो का लोकार्पण-शिलान्यास जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र 23 जुलाई को दतिया जिले में 50 करोड़ रुपये लागत के 133 मार्गों का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। समारोह दतिया में ईदगाह मोहल्ला के पास अनुसूचित जाति छात्रावास कैम्पस में प्रात: 10.30 बजे आयोजित किया जाएगा। डॉ. मिश्र दिनांक 23 जुलाई को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पूर्वान्ह 9.30 बजे पटवारी फार्म हाउस में पटेल समाज के साथ चाय पर चर्चा करेंगे। प्रात: 11 बजे अनुसूचित जाति, जनजाति विकास विभाग द्वारा ईदगाह छात्रावास कैम्पस में आयोजित छात्रावास प्रवेश उत्सव समारोह में सम्मिलित होने के उपरांत छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस से भोपाल के लिए प्रस्थित होंगे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने खरगोन जिले को दी 60 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
22 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज खरगोन जिले में 60 करोड़ 14 लाख 81 हजार रूपये लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। इन कार्यों में खरगोन विधानसभा क्षेत्र में 3969.85 लाख और कसरावद विधानसभा क्षेत्र में 2044.96 लाख लागत के कार्य शामिल हैं। इस मौके पर आयोजित समारोह में स्कूल शिक्षा मंत्री कुंवर विजय शाह, श्रम एवं कृषि राज्य मंत्री श्री बालकृष्ण पाटीदार और सांसद श्री सुभाष पटेल भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने खरगोन के मंडी प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में 3969.85 लाख रूपये लागत की सड़कों और पुल-पुलियों का भूमि-पूजन तथा 3 गाँव में स्कूल भवनों का लोकार्पण किया। सड़कों और पुल-पुलियों का निर्माण क्षेत्र के 14 गाँव के विकास को प्रशस्त करेगा। लोकार्पित स्कूल भवन में 95 लाख रूपये लागत का ग्राम गंधावड़ का हायर सेकेण्डरी स्कूल और एक-एक करोड़ लागत के ग्राम लाखी और देवनलिया के स्कूल भवन शामिल हैं। श्री चौहान ने कसरावद मण्डी में 2044.96 लाख के विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। इन कार्यों में हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन, वेदा नदी पर ब्रिज निर्माण और नगर परिषद के सौंदर्यीकरण और अधोसंरचना विकास के कार्य शामिल हैं।
देश के विकास में आयकर दाताओं और उनके द्वारा जमा हो रहे आयकर की भूमिका महत्वपूर्णः श्री प्रसन्न कुमार दास, प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त
20 July 2018
आयकर विभाग आगामी 24 जुलाई को अपना 158वां स्थापना दिवस मनाने जा रहा है। बदलते वक्त के साथ देश के विकास में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले आयकर दाताओं को ज्यादा से ज्यादा संख्या में जोड़ने और उनसे जीवंत संपर्क बनाने के लिए आयकर स्थापना दिवस के सिलसिले में कई कार्यक्रमों का आयोजन होगा। यह जानकारी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त श्री प्रसन्न कुमार दास ने भोपाल में एक पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि होशंगाबाद रोड स्थित आयकर भवन से 22 जुलाई की प्रातः 6.30 बजे टैक्सेथॉन दौड़ का आयोजन होगा। इसी क्रम में 24 जुलाई की शाम 6.00 बजे रवींद्र भवन में राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की गरिमामय उपस्थिति में एक कार्यक्रम आयोजित होगा जिसमें 100 वर्ष से ऊपर के आयकर दाताओं, उत्कृष्ट सेवा करने वाले आयकर अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा। श्री दास ने बताया कि इस कार्यक्रम में आयकर विभाग द्वारा स्थापित मुफ्त विधिक सहायता प्रकोष्ठ में निःशुल्क सेवा देने वाले अधिवक्ताओं, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स आदि को भी सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि करदाताओं को आयकर के संबंध में मुफ्त विधिक सहायता देने वाला यह लीगल एड सेल देश में इस तरह का पहला सेल है। समारोह के दौरान विद्यालयों और महाविद्यालयों में आयकर संबंधी जागरूकता पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया जाएगा। आयकर विभाग मध्य प्रदेश एवं छत्तीगढ़ के कामकाज और उपलब्धियों की चर्चा करते हुए प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त श्री दास ने बताया कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद सरल कर प्रणाली और पारदर्शिता के चलते आयकर की जमा राशियों में पिछल वर्ष 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और इस वर्ष 17 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 21 हजार 706 करोड़ रुपये डाइरेक्ट टैक्स के रूप में प्राप्त हुए। इस वर्ष 25 हजार 455 करोड़ रुपये डाइरेक्ट टैक्स के रूप में प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि डिजिटल पेमेंट से करदाताओं के साथ आयकर विभाग को भी फायदा हुआ है। श्री दास ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा आयकर दाताओं को जोड़ने के उद्देश्य से 26 मई से छेड़े गए आयकर जन मित्रता अभियान को जनता का अच्छा प्रतिसाद मिला है। कर दाताओं के मन से आयकर विभाग और उसकी प्रक्रिया के बारे में संकोच और भय दूर करके जीवंत संबंध और संपर्क बनाए रखने के क्रम में आम जन आयकर अधिकारी से हर बुधवार को बिना पूर्व समय लिए मिलते थे। इसी दौरान आयकर संबंधी मामलों और अपीलों के निपटान के लिए आयोजित एक सप्ताह के कार्यक्रम में 60 प्रतिशत सुधार संबंधी दावे और 80 प्रतिशत अपील संबंधी दावे निपटाए गए। उन्होंने कहा कि करदाता विस्तार अभियान में मध्य प्रदेश में करीब 6 लाख आयकर दाता बढ़े हैं।
जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र द्वारा कवि नीरज के अवसान पर शोक व्यक्त
20 July 2018
जनसम्पर्क, जल-संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने पद्मभूषण महाकवि श्री गोपाल दास नीरज के अवसान पर शोक व्यक्त किया है। डॉ. मिश्र ने कहा कि नीरज जी इस सदी के प्रख्यात साहित्य-सृजक, हिंदी मंच को नई ऊँचाइयाँ देने वाले कवि और गीतकार थे। पद्मभूषण श्री गोपालदास नीरज के अवसान की खबर गीत-रसिकों और साहित्य-प्रेमियों के लिए बहुत दुखदायी है। मंत्री डॉ. मिश्र ने स्व. नीरज को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि स्व. नीरज का रिक्त स्थान भरना मुश्किल होगा। जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति देने की ईश्वर से विनती की है।
बिजली बिल माफी और संबल योजना से गरीबों में जागा आत्म-विश्वास : राज्य मंत्री श्री पटवा
20 July 2018
पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री सुरेन्द्र पटवा ने आज मण्डीदीप में मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना में श्रमिकों को स्मार्ट कार्ड वितरित किये। श्री पटवा ने कहा कि श्रमिकों को संबल योजना ने स्वाभिमान से भर दिया, अब श्रमिक कमजोर नहीं हैं। उनके साथ सरकार खड़ी है। बच्चे, जवान, बूढ़े और परिवार के हर सदस्य को इस योजना से संबंल मिला है। राज्य मंत्री श्री पटवा ने कहा कि मध्यप्रदेश में श्रमिक परिवार अब अकेले नहीं है। हर परिस्थिति में राज्य सरकार उनके साथ है। उन्होंने कहा कि बकाया बिजली बिल माफी योजना से गरीबों का वर्षो से बकाया कर्जा माफ हो गया है। अब उन्हें प्रति माह 200 रुपये तक का बिजली बिल ही जमा करना होगा। श्री पटवा ने कार्यक्रम में बकाया बिजली बिल माफी के प्रमाण-पत्र भी वितरित किये और म.प्र. विद्युत सब स्टेशन पर ट्रांसफार्मर की स्थापना के लिये भूमि-पूजन किया। इस अवसर नगर पालिका अध्यक्ष और जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
सहाना का सहारा बनी "संबल योजना"
20 July 2018
अनूपपुर जिले की सहाना बेगम को जीवन के कठिन समय में मुख्यमंत्री संबल योजना ने जो सहारा दिया, उसे वह कभी भूल नहीं सकती है। सहाना बेगम के पति जमील खान राज मिस्त्री के रूप में घर निर्माण का काम करते थे। पिछले साल उनकी काम के दौरान दुर्घटना में मृत्यु हो गई। सहाना बेगम के जीवन में एक दम अंधेरा छा गया। उसे समझ में नहीं आ रहा था, कि वह अब क्या करें। आगे जीवन-यापन का खर्च कैसे चलेगा। सहाना की चिंता वाजिब थी। बस उसे यह नहीं मालूम था कि उसके पति संबल योजना में पंजीकृत है। पंजीकृत श्रमिक होने के कारण सहाना बेगम को नगर पलिका ने तुरंत 5 हजार की अंत्येष्टि सहायता दी। इतना ही नहीं 4 लाख की अनुग्रह राशि भी प्रदान की गई। विपत्ति में सहाना बेगम को मिली आर्थिक सहायता से उसे संबल मिला है। अब अनुग्रह राशि से वह छोटा-मोटा काम कर जीवन-यापन कर सकेंगी।
राज्यपाल श्रीमती पटेल ने खरगोन मे रोजगार देने वालों से की मुलाकात
19 July 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज खरगोन में केन्द्र सरकार की योजना से लाभान्वित हितग्राहियों से मुलाकात कर चर्चा की। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने मुद्रा योजना से लाभान्वित हुई महिलाओं से जाना कि मुद्रा योजना की कैसे जानकारी मिली और ऋण राशि किस तरह से मिली। राज्यपाल ने लाभान्वित हितग्राहियों से यह भी जाना कि उन्होंने अपने व्यवसाय से कितने लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाया है। राज्यपाल श्रीमती पटेल को जिले के जैतापुर की संगीता ने बताया कि उन्हें मुद्रा योजना की जानकारी टेलीविजन से पता लगी थी। बैंक में सम्पर्क करने के बाद उन्हें मुद्रा योजना में 50 हजार की राशि मंजूर हुई। आज वे इस राशि से सिलाई केन्द्र चला रही हैं और इस केन्द्र के माध्यम से 3 परिवारों को रोजगार दे रही है। राज्यपाल ने योजना से लाभान्वित गजेन्द्र गुप्ता, रानी, सुभद्रा, लीलाबाई, अनिल और शिवराम से भी चर्चा की। राज्यपाल ने उज्जवला, सौभाग्य और प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित हितग्राहियों से भी चर्चा की। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने रसोई गैस सिलेण्डर मिलने की व्यवस्था के बारे में भी जानकारी ली। हितग्राहियों ने बताया कि लकड़ी की तुलना में रसोई गैस की टंकी सस्ती है। लकड़ी जलाने से होने वाले दुष्प्रभाव से भी उन्हें छुटकारा मिला है। आँगनवाड़ी, स्वास्थ्य केन्द्र और छात्रावास का निरीक्षण राज्यपाल श्रीमती पटेल ने आज सेगाँव विकासखण्ड के ग्राम ऊन में आँगनवाड़ी, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और बालक छात्रावास का निरीक्षण किया। राज्यपाल ने आँगनवाड़ी के बच्चों को फल वितरित किये। उन्होंने गर्भवती माताओं से चर्चा कर आँगनवाड़ी व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। राज्यपाल ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में मरीजों से स्वास्थ्य की जानकारी ली। बालक छात्रावास पहुँचने पर स्कूल के छात्रों ने राज्यपाल का स्वागत किया। उन्होंने बच्चों को फल भी वितरित किये।
संस्थाओं के समन्वय से होने वाले काम देंगे बेहतर परिणाम
19 July 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल से आज खरगोन में सामाजिक संस्थाओं, किसानों और मेधावी छात्र-छात्राओं ने भेंट की। श्रीमती पटेल ने कहा कि जिले की बेहतरी के लिये सभी संस्थाएँ आपस में मिलकर काम करें। उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस, रोटरी क्लब, लायंस क्लब और अन्य सामाजिक संस्थाएँ टी.बी. ग्रसित बच्चों को गोद लेकर पारिवारिक स्नेह का वातावरण बनायें। ऐसे बच्चों के पोषण-आहार, स्वास्थ्य के साथ शिक्षा पर भी ध्यान दें। हर सप्ताह लगायें जैविक उत्पादों की प्रदर्शनी राज्यपाल श्रीमती पटेल को जैविक कृषि और उद्यानिकी फसल लेने वाले किसानों ने अपने उत्पाद भी भेंट किये। किसानों ने राज्यपाल से बेहतर बाजार उपलब्ध करवाने की माँग की। श्रीमती पटेल ने कहा कि जैविक उत्पादों की प्रदर्शनी हर सप्ताह लगायी जाये। इससे जैविक उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा। राज्यपाल ने उत्कृष्ट विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उनका चयन देश और प्रदेश के अच्छे संस्थानों में हुआ है। शुरू में भाषा संबंधी दिक्कतों से घबरायें नहीं। राज्यपाल ने अजीम प्रेमजी संस्था के सदस्यों से प्राथमिक विद्यालयों के अलावा आँगनवाड़ी बच्चों के लिये काम करने के लिये भी कहा।
जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने किया हरसी बायपास सिंचाई नहर का शिलान्यास
19 July 2018
जनसम्पर्क, जल-संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने आज ग्वालियर जिले में हरसी उच्च-स्तरीय बायपास सिंचाई नहर का शिलान्यास किया। लगभग 80 करोड़ की इस परियोजना से किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी। परियोजना में 7.35 किलोमीटर की नहर का निर्माण किया जाना है। परियोजना से कुल 42 हजार 245 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई संभव होगी। शिलान्यास में अनेक जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि दोबा के कैनाल के उन्नयन के लिए 10 करोड़ और हरसी से पिछोर 62 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 7 करोड़ रुपए के कार्य करवाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि हरसी उच्च-स्तरीय फीडर नहर निर्माण से डबरा, भितरवार, मुरार, गोहद और रोन क्षेत्रों के 238 ग्राम के किसानों को लाभ मिलेगा। जल-संसाधन विभाग के कार्यों से किसानों के लिए पर्याप्त जल प्रदाय संभव होगा और कम वर्षा की स्थिति में भी सिंचाई प्रभावित नहीं होगी।
सतना में 287 करोड़ 75 लाख की लागत से बनेगा मेडिकल कॉलेज
19 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि आने वाले कुछ साल में सतना के स्वरूप को बदलकर अत्याधुनिक रूप दिया जाएगा। सतना को आगे बढ़ाने और विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह बात बी.टी.आई. मैदान, सतना में मेडिकल कॉलेज और नल-जल योजनाओं के शिलान्यास समारोह में कही। मेडिकल कॉलेज और 750 बिस्तरीय अस्पताल भवन की लागत 287 करोड़ 75 लाख है। मुख्यमंत्री ने तीन नल-जल योजनाओं का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सतना के विकास में मेडिकल कॉलेज मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी 75 प्रतिशत अंक लायेंगे, मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिलने पर उनकी फीस सरकार भरेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेज सह 750 बिस्तरीय अस्पताल में चौबीस घंटे इमरजेंसी सेवाएँ मिलेंगी। इसमें 10 आपरेशन थियेटर होंगे। यहाँ 100 व्यक्तियों के ठहरने के लिए धर्मशाला भी बनाई जाएगी। सतना के औधोगिक विकास पर पौने 17 करोड़ खर्च होंगे मुख्यमंत्री ने कहा कि सतना के औद्योगिक विकास के लिए 16 करोड़ 74 लाख की राशि खर्च की जाएगी। उन्होंने कहा कि आने वाले चार साल में गरीबों को झुग्गी-झोपड़ी से मुक्ति दिलाकर उन्हें पक्के मकान बनाकर दिए जायेंगे। श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार गरीबों के जीवन में उजाला लाने का प्रयास कर रही है। गरीबों के बिजली के बिलों की भरपाई राज्य सरकार करेगी और उनको हर माह 200 रूपये फ्लैट रेट पर बिजली देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने पहले मध्यप्रदेश को बीमारू राज्य से विकासशील राज्य बनाया, उसके बाद विकसित राज्य बनाया और अब मध्यप्रदेश को समृद्ध राज्य बनाना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों एवं मीसाबंदियों का सम्मान किया। सांसद श्री गणेश सिंह और अन्य जन-प्रतिनिधियों ने संबोधित किया। कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य श्री प्रभात झा, विधायक श्री शंकरलाल तिवारी, महापौर श्रीमती ममता पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुधा सिंह सहित अन्य जन-प्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित थे।
17 जुलाई तक 35 लाख 56 हजार आवासहीनों को मिले भू-खण्ड
19 July 2018
राज्य शासन द्वारा आवासहीन व्यक्तियों को आवास के लिये भू-खण्ड उपलब्ध कराने के लिये चलाये जा रहे भू-खण्ड अधिकार में 17 जुलाई तक 35 लाख 56 हजार 45 भूमिहीन व्यक्तियों को आवास के लिये भू-खण्ड दिये जा चुके हैं। राज्य शासन द्वारा यह भी निर्णय लिया गया है कि यदि किसी व्यक्ति ने 31 दिसम्बर, 2014 के पहले निवास और उसके अनुषांगिक प्रयोजन के लिये भवन का निर्माण कर लिया है, तो वह जमीन उसे आवंटित कर दी जायेगी। इस संबंध में अधिनियमों में जरूरी संशोधन किये जा चुके हैं। यह आवासीय भू-खण्ड आबादी क्षेत्र में, घोषित आबादी में, दखलरहित भूमि में व्यवस्थापन, वास-स्थान दखलकार अधिनियम और नगरीय क्षेत्रों में पट्टाधृति अधिकार के अंतर्गत दिये गये हैं। राजस्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने जानकारी दी है कि एक जनवरी 2018 के बाद जिला श्योपुर में 1510, मुरैना में 301, भिण्ड में 49 हजार 850, शिवपुरी में 46 हजार 372, गुना में 6284, अशोकनगर में 13 हजार 191, दतिया में 2200, देवास में 34 हजार 83, रतलाम में 12 हजार 718, शाजापुर में 38 हजार 637, आगर में 12 हजार 668, मंदसौर में 23 हजार 417, नीमच में 39 हजार 875, उज्जैन में 24 हजार 992, इंदौर में 1065, धार में 5566, झाबुआ में 2290, खरगोन में 84 हजार 293, बड़वानी में 12 हजार 427, बुरहानपुर में 6805 और अलीराजपुर में 1247 व्यक्ति को आवासीय पट्टे वितरित किये जा चुके हैं। इसी तरह जिला भोपाल में 8 हजार 441, सीहोर में 9 हजार 329, रायसेन में 59 हजार 956, राजगढ़ में 60 हजार 352, विदिशा में 50 हजार 730, बैतूल में 5 हजार 137, होशंगाबाद में 446, हरदा में 21 हजार 964, सागर में 8 हजार 230, दमोह में एक लाख 33 हजार 28, छतरपुर में 3029, टीकमगढ़ में 609, पन्ना में 1259, जबलपुर में 6 हजार 620, कटनी में 3 हजार 450, नरसिंहपुर में 49 हजार 972, छिन्दवाड़ा में 4 हजार 818, मण्डला में एक हजार 699, डिण्डोरी में 14 हजार 531, सिवनी में 5 हजार 987, बालाघाट में 2 हजार 820, रीवा में 9 हजार 452, सिंगरौली में एक हजार 185, सीधी में 14 हजार 931, सतना में 7 हजार 746, शहडोल में 4 हजार 711, अनूपपुर में 358 और उमरिया में 16 हजार 298 भूमिहीन व्यक्तियों को आवासीय भूमि के पट्टे वितरित किये गये हैं। शेष 7 लाख 99 हजार 700 आवासहीनों को पट्टे देने की कार्यवाही जारी है।
ग्रामीण क्षेत्र में "स्वच्छ सर्वेक्षण-2018 एक अगस्त से
19 July 2018
स्वच्छ भारत मिशन में शहरी क्षेत्र की तर्ज पर अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वच्छ सर्वेक्षण-2018 करवाया जायेगा। यह सर्वेक्षण एक से 31 अगस्त, 2018 के मध्य होगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने ग्रामीणों से सर्वेक्षण में बढ़-चढ़कर भागीदारी दर्ज कराने की अपील की है। उन्होंने निर्देश दिये कि सर्वेक्षण की तिथियों का ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये। पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय द्वारा पूरे देश की 680 जिलों में थर्ड पार्टी सर्वेक्षण करवाया जायेगा। इसी क्रम में मध्यप्रदेश के भी 51 जिलों के चुनिंदा 510 ग्रामों का रेण्डमली चयन कर, यह सर्वेक्षण करवाया जायेगा। इसमें भारत सरकार द्वारा निर्धारित एजेंसी द्वारा चयनित ग्रामों में स्वच्छता अभियान में करवाये गये कार्यों की गुणात्मकता और संख्यात्मकता का परीक्षण किया जायेगा। स्वच्छ सर्वेक्षण तीन तरह से किया जायेगा। इसमें 35 प्रतिशत अंक सिटीजन फीडबैक से, 35 प्रतिशत अंक सर्विस लेवल प्रोग्रेस तथा 30 प्रतिशत अंक सर्वेक्षण एजेंसी द्वारा मूल्यांकित किया जायेगा। मूल्यांकन के लिये एजेंसी गाँव के सार्वजनिक स्थान- स्कूल, आँगनवाड़ी, स्वास्थ्य केन्द्र, हाट-बाजार, धार्मिक स्थल पर साफ-सफाई की स्थिति और व्यवस्था का जायजा लेगी। इसमें ग्राम के महत्वपूर्ण व्यक्तियों से भी राय ली जायेगी। इस सर्वेक्षण में प्राप्त अंकों के आधार पर देश और प्रदेश की रैंकिंग निर्धारित की जायेगी। टॉप के जिलों को भारत सरकार द्वारा 2 अक्टूबर, 2018 को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जायेगा। प्रदेश में सर्वेक्षण के प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन के लिये तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं।
पर्यटन और स्वच्छता का गहरा नाता
18 July 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि हाल ही के वर्षों में मध्यप्रदेश में पर्यटन का दायरा बढ़ा है। पर्यटन उद्योग के जरिये अधिक से अधिक लोगों को रोजगार दिया जा सकता है। श्रीमती पटेल ने जन-सामान्य से ऐतिहासिक इमारतों के आसपास जागरूक होकर स्वच्छता अभियान में शामिल होने का आव्हान भी किया। राज्यपाल श्रीमती पटेल आज खरगोन में निजी रिसॉर्ट का शुभारंभ कर रही थीं। समारोह में संस्कृति राज्य मंत्री श्री सुरेन्द्र पटवा ने प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देश के पर्यटन मानचित्र में मध्यप्रदेश की विशिष्ट पहचान है। मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष श्री कृष्ण मुरारी मोघे, कलेक्टर श्री शशिभूषण सिंह और स्थानीय जन-प्रतिनिधि मौजूद थे।
ग्रामीण सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी स्थिति को सुधारें
18 July 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज खण्डवा जिले के छैगाँवमाखन विकासखण्ड मुख्यालय पर प्राथमिक विद्यालय और आँगनवाड़ी केन्द्र पहुँचकर वहाँ के बच्चों से चर्चा की और उन्हें फल वितरित किये। इस दौरान बच्चों ने उन्हें कविताएँ और कहानी सुनायी। इस मौके पर विधायक पंधाना श्रीमती योगिता बोरकर भी मौजूद थीं। राज्यपाल ने अपने प्रवास के दौरान सरकारी योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों से चर्चा की। राज्यपाल ने कहा कि ग्रामीण जागरूक होकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारें। कलेक्टर खण्डवा श्री विशेष गढ़पाले ने बताया कि जिले में जिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, वहाँ ज्ञान सेतु ऑडियो-वीडियो लेक्चर्स के जरिये पढ़ाने की व्यवस्था की गयी है। राज्यपाल ने स्कूल परिसर में हुए कार्यक्रम में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के हितग्राहियों को रसोई गैस चूल्हे वितरित किये। राज्यपाल ने ग्रामीणों से कहा कि नीति आयोग ने देशभर में 150 पिछड़े जिले चिन्हित किये हैं। इन जिलों में कुपोषण जैसी समस्याओं से निपटने के लिये केन्द्र और राज्य सरकार संयुक्त रूप से प्रभावी प्रयास कर रही हैं। स्व-सहायता समूह के सदस्यों से भी की चर्चा राज्यपाल श्रीमती पटेल ने प्रधानमंत्री मुद्रा, उज्जवला और सौभाग्य योजना के लाभान्वित हितग्राहियों से चर्चा की। हितग्राहियों ने बताया कि नि:शुल्क बिजली कनेक्शन मिलने से उनके जीवन में बदलाव आया है। परिवार के बच्चे बिजली की रोशनी में पढ़ाई कर पा रहे हैं। राज्यपाल ने जन-धन और प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से भी बात की। राज्यपाल ने जन-प्रतिनिधियों से आव्हान किया कि वे अपने आसपास के क्षेत्र के कुपोषित बच्चों को गोद लेकर उनको विशेष सहयोग करें। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने छैगाँवमाखन क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने प्रगतिशील किसान नरेन्द्र सिंह चौहान के खेत में जाकर उद्यानिकी फसल देखी और किसानों को जैविक खेती अपनाने की सलाह दी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान रेवांचल एक्सप्रेस से मैहर पहुँचे
18 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान सपत्नीक बुधवार की सुबह रेवांचल एक्सप्रेस से मैहर पहुँचे। मैहर में माँ शारदा मंदिर में पूजन-अर्चन किया। मुख्यमंत्री ने मैहर में निर्माणाधीन संत रविदास आश्रम में संत रविदास की मूर्ति का पूजन किया और आश्रम में उपस्थित साधु-संतों से भेंट की। इस मौके पर खाद्य-नागरिक आपूर्ति और सतना जिले के प्रभारी मंत्री श्री ओमप्रकाश धुर्वे, सहकारिता, भोपाल गैस त्रासदी राहत तथा पुनर्वास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री विश्वास सारंग, सांसद श्री गणेश सिंह, विधायक श्री नारायण त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री उज्जवला योजना में 40 लाख 78 हजार परिवार को गैस कनेक्शन
18 July 2018
प्रधानमंत्री उज्जवला योजना में राज्य के 40 लाख 78 हजार 255 परिवार को नि:शुल्क गैस कनेक्शन वितरित कर घरों में इंस्टाल करवा दिये गये हैं। संचालक खाद्य श्री श्रीमन् शुक्ला ने बताया कि गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों के घरों में नि:शुल्क गैस कनेक्शन इंस्टाल करवाने का कार्य निरंतर जारी है। श्री शुक्ला ने बताया कि अब तक एसईसीसी सूची में शामिल 72 लाख 38 हजार 900 परिवार में से 53 लाख 70 हजार 219 परिवार के के.वाय.सी. भरे जा चुके हैं। के.वाय.सी. भरे हुए आवेदनों में से योजना में 44 लाख 54 हजार 937 परिवार के आवेदन स्वीकृत किये जा चुके हैं।
महामारी और बड़ी दुर्घटना से निपटने एक्सीडेंट रिस्पांस सिस्टम लागू
18 July 2018
लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने महामारी और बड़ी दुर्घटना में लोगों की जीवन-रक्षा के लिये एक्सीडेंट रिस्पांस सिस्टम लागू किया है। विभाग द्वारा प्रणाली में आपातकालीन 108 सेवा को अधिक प्रभावी और बेहतर बनाया जायेगा। लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री रुस्तम सिंह ने बताया कि प्रणाली में प्रदेश के सभी जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को 108 कॉल-सेंटर से एसएमएस द्वारा स्थानीय एवं जिला-स्तर पर महामारी और बड़ी दुर्घटना होते ही सूचित किया जायेगा। समय पर सूचना मिलने से स्थानीय स्तर पर आवश्यक उपचार की व्यवस्था की जा सकेगी। समय पर उपचार मिलने से जीवन क्षति को रोकने में मदद मिलेगी। श्री सिंह ने बताया कि 108 कॉल-सेंटर में प्राप्त होने वाले कॉल्स के आधार पर 60 प्रकार की दुर्घटनाओं (इमरजेंसी केसेस) का वर्गीकरण किया गया है। इसके आधार पर दुर्घटना की गंभीरता और आवश्यक समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन के समन्वय से महामारी और बड़ी दुर्घटना से निपटने के त्वरित प्रयास किये जायेंगे।
ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया में महाविद्यालयों को सीट/पाठ्यक्रम अद्यतन के निर्देश
18 July 2018
ई-प्रवेश पोर्टल पर सीएलसी चरण की प्रवेश प्रक्रिया में शामिल होने के लिये उच्च शिक्षा विभाग के पहले से संचालित और नवीन महाविद्यालयों द्वारा पाठ्यक्रम/सीट संख्या को अद्यतन करने के लिये कार्यवाही की जा रही है। इससे शेष महाविद्यालय भी प्रवेश प्रक्रिया में शामिल हो जायेंगे। महाविद्यालयों द्वारा विभागीय पोर्टल पर जानकारी दर्ज करने की कार्यवाही 21 से 25 जुलाई तक होगी। आयुक्त उच्च शिक्षा ने इस संबंध में महर्षि पाणिनी संस्कृत विश्वविद्यालय, उज्जैन और डॉ. बी.आर. अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय, महू के कुल सचिव, सभी क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक, शासकीय अग्रणी महाविद्यालय और मेपिंग शासकीय महाविद्यालय के सभी प्राचार्य तथा संबंधित शासकीय/अशासकीय महाविद्यालय के प्राचार्यों को एक परिपत्र जारी किया है। परिपत्र के अनुसार संबंधित प्राचार्य, नवीन शासकीय महाविद्यालय/शासकीय अग्रणी महाविद्यालय की जिम्मेदारी होगी कि स्वीकृत पाठ्यक्रम/सीट संख्या को नियमानुसार पोर्टल पर समय-सीमा में दर्ज करने की कार्यवाही करे। संबंधित प्राचार्य नवीन और पूर्व से संचालित अशासकीय महाविद्यालयों की जिम्मेदारी तय की गई है कि स्वीकृत पाठ्यक्रम/सीट संख्या/संबंधित विश्वविद्यालय से प्राप्त संबद्धता अनुसार पोर्टल पर समय-सीमा में दर्ज करने के लिये संबंधित शासकीय मेपिंग महाविद्यालय से सत्यापन की कार्यवाही की जाये। ऐसे महाविद्यालय, जिन्होंने किसी कारणवश अभी तक आई.डी. पासवर्ड प्राप्त नहीं किये हैं, वे शासकीय संबंधित मेपिंग महाविद्यालय के माध्यम से तत्काल आई.टी. शाखा को ई-मेल कर प्राप्त कर सकते हैं। ऐसे महाविद्यालय, जिनके द्वारा बैंक खाते की जानकारी दर्ज नहीं की गयी है, वे भी इसकी जानकारी दर्ज कर सकेंगे, अन्यथा संबंधित महाविद्यालय को प्रवेशित विद्यार्थियों का शुल्क स्थानांतरित नहीं किया जा सकेगा। यह कार्यवाही समय-सीमा में नहीं होने के बाद पोर्टल पर प्रवेश प्रक्रिया के सीएलसी चरण शुरू हो जाने पर जानकारी दर्ज करना संभव नहीं होगा। किसी भी प्रकार की कठिनाई होने पर 23 जुलाई शाम 5 बजे तक ई-मेल mphe.pravesh@mp.gov.in पर सूचित करना अनिवार्य है। समस्त क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा से कहा गया है कि प्रदेश के शासकीय मेपिंग महाविद्यालयों के सभी प्राचार्य को कार्य पूरा करने और पालन-प्रतिवेदन 26 जुलाई तक ई-मेल पर भेजना सुनिश्चित करें।
खुशी से फूले नहीं समा रहे इन्द्राना के चौधरी दम्पत्ति
18 July 2018
जबलपुर जिले के विकासखण्ड मझौली की ग्राम पंचायत इन्द्राना के रहवासी श्रमिक मनोज चौधरी और उनकी पत्नी माया खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं। दरअसल के खुश होने की एक नहीं, दो वजह हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना में उनका पक्का मकान बन रहा है, वहीं प्रधानमंत्री उज्जवला योजना में उन्हें नि:शुल्क रसोई गैस कनेक्शन भी मिल गया है। मजदूरी कर गुजर-बसर कर रहा चौधरी परिवार अभी मिट्टी की दीवार वाले पैतृक खपरैल वाले घर में रह रहा है। अब ठीक बगल में प्रधानमंत्री आवास योजना से मिली राशि से उनका पक्का आवास बन रहा है। मकान के निर्माण में पति-पत्नी दोनों ही न केवल मजदूरी करते हैं, बल्कि यह परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना में राज्य शासन द्वारा तय मानक आकार से कहीं ज्यादा बड़ा दोगुने आकार का पक्का मकान बना रहा है। हाल ही में अपने दौरे में जबलपुर कलेक्टर श्रीमती छवि भारद्वाज ने उनसे बात की। मनोज ने बताया कि मजदूरी कर जीवन-बसर करने वाला व्यक्ति अपनी जिंदगी में केवल एक बार ही मकान बना पाता है। इसलिये भविष्य में बच्चों के बड़े होने की स्थिति को ध्यान में रखते हुए मैंने अपनी ओर से करीब 50 हजार रुपये और लगाये हैं। मनोज ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना की दो किश्तें मिल चुकी हैं। एक से डेढ़ माह में उनका पक्का और शौचालययुक्त मकान बन जायेगा। चौधरी दम्पत्ति को पक्के मकान के अलावा नि:शुल्क गैस सिलेण्डर और चूल्हा प्रधानमंत्री उज्जवला योजना में मिल गया है। मनोज की पत्नी माया बताती हैं कि मिट्टी के चूल्हे में लकड़ी जलाकर खाना बनाने से घर में धुआँ अधिक होता था। इससे सारा परिवार परेशान रहा करता था। पर अब सभी समस्याओं से उन्हें छुटकारा मिल गया है।
पन्ना जिले में बेसहारा बच्चों का सहारा बनी फॉस्टर केयर योजना
18 July 2018
पन्ना जिले के बनेहरीकला, अजयगढ़ के अरविंद और दिनेश, ग्राम टांई गुनौर की मानसी एवं शिवांशी राजपूत, सुमित और राधा विश्वकर्मा जैसे जिले के कई बेसहारा बच्चों को अब महिला-बाल विकास विभाग की फॉस्टर केयर योजना से सहारा मिल गया है।योजना से जिले के 12 बच्चों को सहारा मिल गया है। ग्राम टांई के सुमित और राधा विश्वकर्मा की माँ का स्वर्गवास हो गया था और पिता जेल में हैं इन बेसहारा बच्चों को इस योजना का लाभ दिलाया गया है। नेत्रहीन गुलाब बाई, जो ग्राम पंचायत बघवारकला, शाहनगर की हैं, की दो बेटियों को भी इस योजना का लाभ मिला। बच्चों के संरक्षक भी इन बेसहारा बच्चों का सहारा बनकर गौरव महसूस करते हैं। जिले के अन्य जरूरतमंद बच्चों को भी इस योजना से जोड़े जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। फॉस्टर केयर योजना में ऐसे अनाथ, बेसहारा बच्चे, जिनके माता-पिता नहीं हैं, उन्हें प्रतिमाह 2000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। सहायता राशि ऐसे बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य के लिये उनके बैंक खातों में जमा करवायी जाती है। योजना में ऐसे बच्चों को आर्थिक संबल देने के साथ उनके संरक्षक बनाने का भी प्रावधान है।
नर्मदा मैया बदलेगी सीहोर जिले के सिंचाई से वंचित क्षेत्र की तस्वीर
17 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सीहोर जिले की महत्वाकांक्षी नर्मदा-पार्वती लिंक परियोजना का शिलान्यास किया। परियोजना के पहले और दूसरे चरण में इंदिरा सागर जलाशय से लगभग 295 मीटर ऊँचाई तक पानी लिफ्ट कर किसानों के खेतों तक पाइप लाइन से पहुँचाया जायेगा। इसके लिए पहला पंपिंग स्टेशन कन्नौद तहसील के धरमपुरी में बनाया जाएगा। दूसरे पंपिंग स्टेशन से आष्टा तहसील के सिंगारचोली गाँव के पास निर्मित जंक्शन स्ट्रक्चर में डालकर खेतों तक पहुँचाने की व्यवस्था होगी। योजना से सीहोर जिले की आष्टा, जावर तथा इछावर तहसील के 187 गाँव का लगभग ढाई लाख एकड़ रकबा सिंचित होगा। आष्टा में आज संपन्न शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि परियोजना के पूरा होने पर सीहोर जिले के किसानों की तकदीर और क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी। परियोजना से किसानों को ढाई हेक्टेयर तक के चक में पाइप लाइन से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा। योजना से सीहोर जिले के उन किसानों को सिंचाई का लाभ मिलने लगेगा, जो भौगोलिक रूप से नर्मदा नदी से ऊँचाई पर बसे हैं। किसानों को सिंचाई के लिए पानी जल्दी मिल सके, इसके लिए नहरों के स्थान पर पाइप लाइन से सिंचाई की व्यवस्था की जा रही है। नर्मदा-क्षिप्रा-कालीसिंध-पार्वती को जोड़ने पर एक लाख 30 हजार करोड़ खर्च होंगे मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नर्मदा-क्षिप्रा-कालीसिंध-पार्वती नदियों को जोड़ा जा रहा है। इस पर करीब एक लाख 30 हजार करोड़ की लागत आएगी और साढ़े सात लाख हेक्टेयर ऐसे क्षेत्र में सिंचाई हो सकेगी, जहाँ किसान केवल अच्छी वर्षा होने पर ही फसल ले पाते थे। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने पर क्षेत्र में पीने के पानी की समस्या से भी निजात मिलेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सरकार हर हाल में किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने और खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। आज ही सीहोर जिले के एक लाख इक्यावन हजार से अधिक किसानों के खातों में फसल बीमा योजना की 482 करोड़ से अधिक राशि जमा करवाई गई है। पिछले साल बेचे गए गेहूँ पर 200 रुपये प्रति क्विंटल के मान से बोनस दिया गया। श्री चौहान ने विभिन्न फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ाए जाने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि इसका लाभ भी प्रदेश के किसानों को मिलेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश की सोयाबीन को चीन निर्यात करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं, इससे भी प्रदेश के किसानों को फायदा होगा। मध्यप्रदेश के असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए शुरू की गई संबल योजना की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह योजना देश भर में अनूठी है। अभी तक प्रदेश में करीब दो करोड़ असंगठित श्रमिकों ने योजना में अपना पंजीयन करवाया है। गरीब परिवारों के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा, चिकित्सा देने की व्यवस्था संबल योजना में की गई है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अब बिजली के भारी-भरकम बिल गरीबों को परेशान नहीं करेंगे। प्रदेश के सभी जिलों में शिविर लगाकर गरीबों के बिजली के बिल माफ किए जा रहे हैं। इसके बाद उन्हें हर माह 200 रुपये महीने के मान से बिजली बिल दिए जाएंगे। इसमें चार बल्ब, दो पंखे, एक कूलर और टी.वी. चलाया जा सकेगा। अंसगठित क्षेत्र के पंजीकृत श्रमिकों को रहने के लिए जमीन तथा मकान बनाकर दिए जाएंगे। श्री चौहान ने प्रदेश के विकास के लिए सभी के सहयोग की अपेक्षा की है। रू. 194 करोड़ से ज्यादा के विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन इसके पहले मुख्यमंत्री श्री चौहान ने 119 करोड़ 11 लाख रुपये की लागत से 22 कार्यों का भूमि-पूजन तथा 75 करोड़ 9 लाख लागत के 6 निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने सभा-स्थल के समीप वृक्षारोपण कर नागरिकों से एक पौधा अवश्य लगाने की अपील की। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री श्री रामपाल सिंह, नर्मदा घाटी विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लालसिंह आर्य, सांसद श्री मनोहर ऊँटवाल, विधायक श्री रणजीत सिंह गुणवान, श्री सुदेश राय, श्री जसवंत सिंह हाड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती उर्मिला मरेठा और पाठ़य-पुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री रायसिंह सैंधव उपस्थित थे।
स्टार्ट अप की नई राह पर चलकर नई सृष्टि की रचना करें - मुख्यमंत्री श्री चौहान
17 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने युवाओं से आव्हान किया कि स्टार्ट अप की नई राह पर चलकर नई सृष्टि की रचना करें। इसमें पूँजी आदि का सहयोग दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ और समृद्ध राज्य बनाना है। श्री चौहान आज मुख्यमंत्री निवास में स्टार्टअप इंडिया मध्यप्रदेश यात्रा को फ्लेग ऑफ कर रहे थे। उन्होंने हरी झण्डी दिखाकर यात्रा को रवाना किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नये विचारों के साथ कुछ नया करने की जिद्, जुनून और जज्बा रखने वालों के लिये स्टार्ट अप इंडिया है। अभियान में नये विचारों की नई राह पर चलने के लिये युवाओं को प्रेरित, प्रोत्साहित करने के प्रयास किये जायेंगे। श्री चौहान ने कहा कि पिटी-पिटाई लीक पर चलकर नया नहीं किया जा सकता। मध्यप्रदेश को विकास के नये आयाम तक पहुँचाने के लिये नयी राह पर चलना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार नवाचारों को क्रियान्वित करने के हर प्रयास के मार्ग की सभी बाधाओं को दूर करेगी। युवाओं को पूँजी आदि का पूरा सहयोग और सहायता स्टार्ट अप कार्यक्रम में मिलेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को पहले बीमारू से विकसित राज्य बनाया, फिर विकासशील फिर अब समृद्ध राज्य बनाना है। इसमें स्टार्टअप की महती भूमिका है। इस अवसर पर बताया गया कि स्टार्टअप इंडिया मध्यप्रदेश यात्रा भोपाल से प्रारंभ होकर मण्डीदीप, विदिशा, होशंगाबाद, जबलपुर, कटनी, रीवा, सतना, सागर, गुना, ग्वालियर, उज्जैन होते हुये इंदौर में सम्पन्न होगी। इस अवसर पर प्रमुख सचिव डॉ. राजेश राजौरा भी उपस्थित थे।
किसानों को उपार्जन की शेष राशि का शीघ्र भुगतान करें : मुख्यमंत्री श्री चौहान
17 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने चना, मसूर और सरसों के उपार्जन की समीक्षा की। साथ ही उन्होंने मूंग, उड़द के पंजीयन तथा प्याज और लहसुन की मंडियों में आवक की जानकारी ली। उन्होंने किसानों का शेष भुगतान शीघ्र करने के निर्देश दिये। बताया गया कि चना, मसूर और सरसों के किसानों को 7842 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। प्याज और लहसुन के लिये किसानों को 775 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। मुख्यमंत्री ने आज मंत्रालय में रबी उपार्जन की समीक्षा करते हुए कहा कि चना मसूर और सरसों बेचने वाले जिन किसानों का भुगतान शेष रह गया है। उन्हें जल्दी भुगतान किया जाये। साथ ही किसानों को प्रोत्साहन राशि का वितरण भी सुनिश्चित किया जाये। बताया गया कि चना, मसूर और सरसों का 17 जिले के किसानों का भुगतान शत-प्रतिशत कर दिया गया है। मात्र 16 प्रतिशत भुगतान शेष है। इन फसलों पर राज्य सरकार द्वारा 100 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। बताया गया कि मूंग उपार्जन के लिये 91 हजार 268 और उड़द के 22178 किसानों का पंजीयन किया गया है। किसानों के मूंग की मात्रा 2.42 लाख मी. टन और उड़द की मात्रा 0.29 लाख मी. टन की आवक है। इसी तरह 1 लाख 43 हजार 426 किसानों के 6 लाख 75 हजार 498 मी. टन लहसुन और 63 हजार 651 किसानों के 5 लाख 88 हजार 849 मी. टन प्याज की आवक हुई है। मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना में किसानों को प्याज के लिये 400 रुपये प्रति क्विंटल के मान से 235 करोड़ और लहसुन के लिये 800 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 540 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। बैठक में मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीना, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव खाद्य-नागरिक आपूर्ति श्रीमती नीलम शमीराव, प्रमुख सचिव सहकारिता श्री के.सी. गुप्ता आदि उपस्थित थे।
संघर्ष और त्याग की प्रतिमूर्ति थे यमुना प्रसाद शास्त्री
17 July 2018
स्वर्गीय श्री यमुना प्रसाद शास्त्री संघर्ष और त्याग की प्रतिमूर्ति थे। समर्पण, त्याग और तपस्या उनके व्यक्तित्व की पहचान थी। यह बात आज रीवा में उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने पूर्व सासंद श्री यमुना प्रसाद शास्त्री भाषणमाला में कही। श्री शुक्ल ने कहा कि स्व. श्री शास्त्री ने राजनीति को सेवा का साधन बनाया। अपने सिद्धांत के प्रति अटूट निष्ठा उनके जीवन का अनुकरणीय पहलू है। वे जीवटता और कर्मठता के प्रतीक होने के साथ गरीबों का सहारा थे। उन्होंने कहा कि श्री शास्त्री व्यक्ति नहीं वरन एक पूर्ण संस्था थे। वाणी और कर्म का सामन्जस्य, रहन-सहन की सरलता उन्हें आदर्श बनाती है। उद्योग मंत्री ने कहा कि स्व. श्री शास्त्री ने हमेशा विन्ध्य के विकास के लिये काम किया। स्व.श्री शास्त्री के बाणसागर बांध का सपना आज पूरा किया गया। उन्होंने कहा कि फ्लाई ओवर ब्रिज का नामकरण स्व. श्री शास्त्री के नाम से किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सांसद श्री जनार्दन मिश्र ने कहा कि स्व. श्री शास्त्री राजनीति की नई परिभाषा लिखने वालों में से थे। वे ओजस्वी वक्ता तथा कर्मठ नेता थे। उनकी वाणी से उनका कर्म बोलता था। अवधेश प्रताप सिंह विश्विद्यालय के कुलपति और कुल सचिव श्री लाल साहब सिंह आदि ने भी संबोधित किया।
बसामन मामा गौवंश वन्य विहार देश के सर्वश्रेष्ठ गौ अभ्यारण्य के तर्ज पर स्थापित होगा
17 July 2018
बसामन मामा की पुण्य भूमि में स्थापित बसामन मामा गौवंश वन्य विहार का आज साधु-संतों एवं धर्मगुरूओं की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ लोकार्पण किया गया। उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने लोकार्पण अवसर पर कहा कि यह वन्य विहार देश के सर्वश्रेष्ठ गौ वन्य अभ्यारण्य के तौर पर स्थापित होगा तथा इस आदर्श गौ अभ्यारण्य को देखने अन्य प्रांतों के लोग भी आयेंगे। उद्योग मंत्री ने कहा कि गौ माता पवित्र तथा पूज्य है। गाय यदि दुखी होगी तो मानव समाज अभिशापित हो जायेगा। इसलिये हम सबका कर्तव्य है कि गौवंश के सरंक्षण तथा संवर्धन के लिये इस पुनीत कार्य में सहभागी बनें। सभी के सहयोग से गौ अभ्यारण्य विकसित होगा और इसमें सभी को अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देना चाहिए। श्री शुक्ल ने कहा कि रीवा जिले में बाणसागर के पानी से खेती का रकबा बढ़ा है लेकिन बेसहारा गौवंश के कारण खेती का नुकसान हो रहा था अब गौ अभ्यारण्य बन जाने से जहां एक ओर किसानों की खेती का नुकसान रूकेगा वहीं दूसरी ओर गौ वंश का संरक्षण भी होगा। उन्होंने कहा कि इस पुनीत कार्य के लोकार्पण अवसर पर संत समाज की उपस्थिति से मैं अभिभूत हूँ। गौ अभ्यारण्य में गौवंश के लिये शेड, भूसा शेड निर्माण तथा चारागाह विकास के कार्य कराये जायेंगे साथ ही इससे लगी 500 एकड़ वन भूमि में गौवंश सीधे चारा चरने जंगल जा सकेंगी। उन्होंने बसामन मामा मंदिर विकास हेतु पर्याप्त धनराशि की उपलब्धता की बात भी कही। अध्यक्ष मध्यप्रदेश गौ संवर्धन बोर्ड के स्वामी अखिलेश्वरानंद ने कहा कि भारत की पारंपरिक अभिरूचि गाय का पालन है इसकी सेवा करना हमारा कर्तव्य होना चाहिए। बसामन मामा गौ अभ्यारण्य गौ संरक्षण के लिये सर्वाधिक उपयुक्त स्थल है क्योंकि यहां प्रकृति के अनुपम स्थल के साथ ही गायों के चारे के लिये विशाल वन भूमि भी जुड़ी हुई है। उन्होंने अपेक्षा की कि यह अभ्यारण्य सिर्फ गौपालन का केन्द्र न बनकर अनुसंधान केन्द्र के तौर पर विकसित होकर स्वाबलंबी बनेगा। सांसद जनार्दन श्री मिश्र ने कहा कि गौ वन्य विहार के बन जाने से किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान के रूकने से उनकी आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी। कार्यक्रम में सच्चा बाबा आश्रम इलाहाबाद के स्वामी गोपालदास जी ने कहा कि गाय मां भी है और देवी भी है इसलिये गौ सेवा मातृ सेवा है। इसके पालन से हमें सब कुछ सहज ही प्राप्त हो जाता है। संत युवराज स्वामी बद्री प्रपन्नाचार्य ने कहा कि बसामन मामा गौवंश अभ्यारण्य अदभुत गौ अभ्यारण्य है। गौ संरक्षण से उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने उद्योग मंत्री को गौ अभ्यारण्य की स्थापना के लिये साधुवाद दिया।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश सर्वश्रेष्ठ
17 July 2018
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री रुस्तम सिंह ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले निजी और शासकीय चिकित्सकों को पुरस्कृत किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के साथ निजी क्षेत्र के चिकित्सकों की भागीदारी से ही मध्यप्रदेश को देश में यह उल्लेखनीय सफलता मिली है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में केन्द्र शासन ने मध्यप्रदेश को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में सर्वाधिक गर्भवती महिलाओं की पहुँच और सर्वाधिक सेवा प्रदाताओं की संख्या, मातृ मृत्यु दर में सर्वाधिक प्रतिशत गिरावट के लिये पुरस्कृत किया है। केन्द्र शासन द्वारा करवाये जाने वाले सेम्पल रजिस्ट्रेशन सर्वे में मध्यप्रदेश में मातृ मृत्यु दर में 48 अंकों की गिरावट और प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में निजी क्षेत्र के चिकित्सकों के सहयोग से प्रसव के पहले जाँच एवं उपचार सेवाओं के विस्तार के साथ योजना के सक्रिय क्रियान्वयन के लिये मध्यप्रदेश को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री द्वारा नई दिल्ली में पुरस्कृत किया गया। स्वास्थ्य मंत्री ने राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले नर्मदापुरम के संभागायुक्त श्री उमाकांत उमराव, वनांचल सेवा समिति में विभिन्न जिलों में उल्लेखनीय कार्य के लिये डॉ. किरण शेजवार, डॉ. माधुरी चन्द्रा, डॉ. अलका अग्रवाल, डॉ. संगीता श्रीवास्तव, डॉ. निधि व्यास और डॉ. शारदा मिश्रा को शॉल, स्मृति-चिन्ह और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर श्री उमाकांत उमराव द्वारा जटिल प्रसव वाली महिलाओं के लिये किये जा रहे काम पर आधारित 'हिरण्यगर्भा'' फिल्म भी प्रदर्शित की। होशंगाबाद संभाग में हिरण्यगर्भा टीम जटिल गर्भावस्था वाली महिलाओं तक पहुँचकर सुरक्षित प्रसव में सहायता करती है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना में प्रत्येक माह की 9 तारीख को शासकीय अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण के लिये नि:शुल्क शिविर लगाये जाते हैं। इसमें स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ निजी क्षेत्र के चिकित्सक भी भाग ले रहे हैं, जिससे शिशु मातृ मृत्यु दर में लगातार गिरावट दिख रही है। श्री सिंह ने वर्ष 2017-18 में अभियान में स्वैच्छिक सेवाओं के लिये निजी क्षेत्र में आगर-मालवा जिला चिकित्सालय में डॉ. सुनीता मालानी को लगातार 12 माह तक सेवा देने और रतलाम जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में डॉ. अदिति राठौर को 11 माह तक सेवा देने के लिये पुरस्कृत किया। शासकीय क्षेत्र में यह पुरस्कार सतना जिला चिकित्सालय के डॉ. महेन्द्र सिंह और अमदरा (सतना) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की डॉ. इन्द्राणी सेनगुप्ता को दिया गया। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वाले जिले और जटिल गर्भावस्था की सर्वाधिक पहचान करने के लिये निजी क्षेत्र में जबलपुर और शासकीय क्षेत्र में रायसेन को दिया गया। चिकित्सा संगठनों में पुरस्कार भोपाल चेप्टर के डॉ. जायसवाल, इंदौर डॉ. मुक्ता जैन, ग्वालियर डॉ. कुसुमलता सिंघल, उज्जैन डॉ. मंजू राठी, जबलपुर डॉ. निशा साहू, रतलाम डॉ. डाली मेहरा, सागर डॉ. नीता गिडयान, सिंगरौली डॉ. संगीता प्रसाद, होशंगाबाद डॉ. सुनीता पाण्डे, इण्डियन रेडियोलॉजिकल एण्ड इमेजिन एसोसिएशन के लिये डॉ. शैलेष लूनावत को, इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन के डॉ. राजीव गुप्ता, प्रायवेट मेडिकल प्रेक्टिशनर एसोसिएशन के डॉ. सत्यप्रकाश दुबे, नर्सिंग-होम एसोसिएशन के डॉ. उमेश शारदा, पैथालॉजी एसोसिएशन के डॉ. सुरेश कुमार, लॉयन्स क्लब के श्री कमल भण्डारी और एसोसिएशन ऑफ प्रायवेट डेंटल कॉलेज, मेडिकल कॉलेजेस ऑफ एम.पी. की डॉ. ज्योति वलेचा को दिया गया। मातृ स्वास्थ्य में लगातार सहयोग के लिये भोपाल, इंदौर और ग्वालियर मेडिकल कॉलेज को दिया गया। निजी क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ का पुरस्कार डॉ. मीना नामदेव पन्ना, डॉ. दीपक कुमार गुप्ता रायसेन और डॉ. नीना गेदियान सागर को दिया गया। शासकीय क्षेत्र में मंदसौर की डॉ. प्रमिला राठौर, खण्डवा की डॉ. लक्ष्मी दुदवे और सिवनी के डॉ. आर. कुश्राम ने यह पुरस्कार प्राप्त किया। सर्वश्रेष्ठ एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के लिये शासकीय क्षेत्र में सागर के डॉ. संतोष राजौरिया, शहडोल के डॉ. सुनील स्थापक, छतरपुर के डॉ. विनीत पटेरिया और निजी क्षेत्र में सिवनी के डॉ. एस.एन. सोनी, उज्जैन की डॉ. डिम्पल और होशंगाबाद के डॉ. आर. माहेश्वरी को पुरस्कृत किया गया। उप जिला-स्तरीय ग्रुप में डॉ. हेमराज बोकाड़े सौंसर (छिन्दवाड़ा), डॉ. के.डी. मण्डलोई पेटलावद (झाबुआ) और डॉ. बी.टी. चतुर्वेदी पिछोर (शिवपुरी) को पुरस्कृत किया गया। रोशनी क्लीनिक और गर्भवती महिलाओं सहित सभी आयु वर्ग की महिलाओं को उत्कृष्ट सेवा देने वाली रतलाम और शहडोल टीम को पुरस्कृत किया गया। नवजात शिशु देखभाल में उत्कृष्टता के लिये पुरस्कार पाने वालों में डॉ. शशिकला निपाने उमरिया, डॉ. वैशाली निगम देवास और डॉ. विकास शर्मा मुरैना की टीम शामिल हैं। रक्त संचयन में उत्कृष्ट कार्य करने वाली टीम सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सौंसर (छिन्दवाड़ा), सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जावरा (रतलाम) और सिविल अस्पताल मैहर (सतना) शामिल है। सुविधा विस्तार के लिये सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र देवेन्द्र नगर (पन्ना), सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र परासिया (छिन्दवाड़ा) और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पटेरा (दमोह) की टीम को पुरस्कृत किया गया।
जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र को काव्य संग्रह भेंट
17 July 2018
जनसम्पर्क, जल-संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र को पत्रकार और युवा कवि श्री कौशल किशोर चतुर्वेदी ने आज अपना काव्य संग्रह 'जीवन राग'' भेंट किया। मंत्री डॉ. मिश्र ने श्री चतुर्वेदी को पुस्तक प्रकाशन के लिए बधाई दी। जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र से मिले पूर्व विधायक श्री राणा जनसम्पर्क, जल-संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र से पूर्व विधायक श्री भानु राणा ने भेंट की। डॉ मिश्र को श्री राणा ने देवरी क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार संबंधी सुझाव पत्र भेंट किया।
2019 में होने वाली जी.आई.एस.में कनाडा पार्टनर कन्ट्री के रूप में शामिल हो
16 July 2018
उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन तथा खनिज साधन मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल से आज उनके निवास पर, कनाडा में भारत के काउंसिल जनरल श्री दिनेश भाटिया ने भेंट की। श्री भाटिया ने कनाडा और मध्यप्रदेश के मध्य पारस्परिक व्यापारिक तथा सांस्कृतिक सबंधों पर चर्चा की। उद्योग मंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार कनाडा को अगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2019 में पार्टनरकन्ट्री के रूप में शामिल करने के लिये प्रयासरत है। मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिये सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाएँ उपलब्ध होने के साथ ही निवेश के लिये अनुकूल माहौल भी है। श्री शुक्ल ने श्री दिनेश भाटिया से 2019 में प्रस्तावित जीआईएस में कनाडा के उद्योगपतियों की भागीदारी भी करवाने की बात कही। भारतीय काउंसिल जनरल श्री भाटिया ने बताया कि विदेश मंत्रालय द्वारा भारतीय राज्यों तथा उनकी आर्थिक सबलता को प्रचारित करने के उदे्श्यों से विभिन्न देशों में पदस्थ भारतीय राजदूतों और उच्चायुक्तों को देश के विभिन्न प्रदेश में भेजा जा रहा है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का होगा अपना भवन
16 July 2018
स्वास्थ्य कार्यक्रमों और योजनाओं की प्रभावी मॉनीटरिंग के लिये राज्य स्वास्थ्य संसाधन केन्द्र का निर्माण किया जायेगा। भोपाल में 28 करोड़ 50 लाख की लागत से 7530 वर्ग मीटर में बनने वाले केन्द्र भवन का भूमि-पूजन लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री रुस्तम सिंह ने किया। श्री सिंह ने कहा कि अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का अपना भवन होगा। मिशन के प्रयासों से प्रदेश में मातृ-मृत्यु दर में 22 प्रतिशत की उल्लेखनीय गिरावट आई है। मिशन का अपना भवन होने से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में और बढ़ोत्तरी होगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना पूरे देश में 15 अगस्त से लागू की जा रही है। योजना में प्रदेश के लगभग 5 करोड़ लोगों को लाभ मिलने की संभावना है। श्री सिंह ने परिसर में पौध-रोपण भी किया। मिशन संचालक श्री एस. विश्वनाथन ने बताया कि भवन में सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के लिये उत्तरदायी अधिकारी, विषय-विशेषज्ञ और अंतर्राष्ट्रीय सहयोगी संस्थाओं के साथ संवाद करने के लिये आवश्यक व्यवस्थाएँ रहेंगी। स्थापित सुविधाओं के माध्यम से केन्द्र और राज्य शासन की स्वास्थ्य योजनाओं के अपेक्षित लक्ष्य को प्राप्त करने, योजनाओं के मूल्यांकन और भविष्य की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिये योजनाओं को तैयार कर 'सम्पूर्ण स्वास्थ्य-सबके लिये'' की पूर्ति के लिये काम किया जायेगा। भवन को पर्यावरण सुरक्षा मानकों के अनुसार पार्किंग + 5 तल में बनाया जायेगा। भवन में प्रमुख स्वास्थ्य कार्यक्रमों- मातृ-शिशु स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण, टीकाकरण, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य, आशा रेफरल ट्रांसपोर्ट, नगरीय स्वास्थ्य, राष्ट्रीय टी.बी. उन्मूलन, मलेरिया निवारण, तम्बाकू नियंत्रण, असंचारी और संचारी रोग, कुष्ठ रोग निवारण, राष्ट्रीय क्वालिटी एश्योरेंस आदि कार्यक्रमों में आपसी समन्वय का कार्य किया जा सकेगा। कार्यक्रम में सांसद आलोक संजर, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री रामदयाल प्रजापति, संचालक डॉ. के.के ठस्सू, डॉ. बी.एन चौहान, डॉ. जे.एल मिश्रा भी उपस्थित थे।
प्रदेश में संस्कृत भाषा के विकास के लिये भरपूर प्रयास किये जायेंगे
16 July 2018
स्कूल शिक्षा मंत्री कुँवर विजय शाह ने कहा है कि भारत देश शाश्वत, सनातन संस्कृति वाला देश है। संस्कारों की संवाहिका भारतीय संस्कृति ही है और इसी संस्कृति का संरक्षण एवं पोषण संस्कृत भाषा में समाहित है। इसलिये संस्कृत को भारत की आत्मा कहा जाता है। राज्य सरकार ने प्रदेश में प्राचीन संस्कृत भाषा के विकास के लिये अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री कुँवर शाह आज भोपाल के साउथ टी.टी. नगर स्थित नूतन सुभाष विद्यालय परिसर में शासकीय आवासीय कन्या संस्कृत विद्यालय का शुभारंभ कर रहे थे। इस मौके पर प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती दीप्ति गौड़ मुखर्जी के अलावा संस्कृत भाषा के विद्वजन भी मौजूद थे। मंत्री कुँवर शाह ने कहा कि बालिकाओं के लिये संस्कृत विद्यालय प्रारंभ करना उनकी प्राथमिकताओं में रहा है। प्रदेश में संस्कृत भाषा को स्व-रोजगार से जोड़ने के प्रयास किये जा रहे हैं। इसे देखते हुए रोजगार आधारित नवीन पाठ्यक्रम प्रदेश में शुरू किये गये हैं। स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी ने कहा कि प्रदेशभर के संस्कृत शासकीय विद्यालयों को अधोसंरचनात्मक मजबूती दी जायेगी। महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान के निदेशक श्री प्रभात राज तिवारी ने बताया कि आवासीय विद्यालय में राज्य-स्तरीय मेरिट-सूची के आधार पर बालिकाओं को प्रवेश दिया गया है। बालिकाओं को पारम्परिक एवं आधुनिक पद्धतियों के समन्वय से संस्कृत भाषा एवं साहित्य के साथ कॅरियर ओरिएंटेड उत्कृष्ट शिक्षा उपलब्ध करवायी जायेगी। विद्यालय में कक्षा-6 से 12वीं तक के अध्यापन की व्यवस्था रहेगी। बालिकाओं को आवास, भोजन, गणवेश और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध रहेगी। कार्यक्रम को डॉ. भागीरथ कुमरावत ने भी संबोधित किया। बताया गया कि प्रदेश में 5 आदर्श संस्कृत विद्यालय विदिशा जिले के सिरोंज, दतिया, उज्जैन, बुरहानपुर और कटनी जिले के बरही में संचालित हैं। विद्यालयों को आधुनिक बनाने के लिये कम्प्यूटर क्रय की स्वीकृति भी दी गयी है। प्रदेश में 187 संस्कृत विद्यालयों को महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान से संबद्धता दी गयी है। भोपाल में संस्थान के चार मंजिला नवीन भवन के लिये 9 करोड़ की मंजूरी दी जा चुकी है।
छात्रावास सिखाते हैं साथ जीने की कला
16 July 2018
उच्च शिक्षा मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया ने कहा है कि सभ्यता जमाने के साथ बदलती हैं, संस्कृति नहीं। गुरुकुल की परम्परा हिन्दुस्तान में पहले से है। आज उनका स्थान छात्रावासों ने ले लिया है। छात्रावासों के अनुशासनात्मक जीवन से आनन्द की अनुभूति होती है। श्री पवैया आज उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान में 100 सीटर बालक छात्रावास का लोकार्पण कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने अकादमिक भवन में 56 कम्प्यूटर से लेस सेन्ट्रल लैब का उदघाटन भी किया। मंत्री श्री पवैया ने कहा कि छात्रावासों में रहकर रोजमर्रा के कार्य निश्चित मापदंड पर करने से जीवन संतुलित होता है। साथ ही, सामाजिक सरोकार से जुड़ने का मौका भी मिलता है। आज के समय आदमी एकाकी जीवन जीता है और छात्रावास साथ जीने की कला सिखाते हैं। श्री पवैया ने कहा कि विद्यार्थी सोशल साइट का ध्यान रखें, वे लोगों को अनसोशल बना रही हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा साक्षर बनाती है, वहीं विद्या मनुष्य को ज्ञान, संस्कार और कौशल प्रदान करती है। विद्या से मानव सम्पूर्ण मनुष्य बनता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आव्हान किया कि अतीत को पढ़ों, वर्तमान को गढ़ों और आगे बढ़ों। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में शीर्ष पर आने की भूख होना चाहिये। उनके मन में यह विचार आवश्यक है कि जो भी करुँगा, उसमें शीर्ष पर आऊँगा और एक नया अध्याय रचूँगा। श्री पवैया ने कहा कि विद्यार्थियों से संस्थान की गुणवत्ता, उत्कृष्टता और विश्वसनीयता परिलक्षित होती है। उन्होंने प्रोफेसरों से भी कहा कि निर्धारित समय में ही कर्त्तव्य-पालन कर बेहतर परिणाम दें। सरकार साधन दे सकती है, निष्ठा नहीं। श्री पवैया ने कहा कि राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कई नवाचार किये हैं। उन्होंने कहा कि तीन हजार सह-प्रध्यापक की भर्ती की जा रही है। पाठ्यक्रमों में सेमस्टर पद्धति खत्म की गई है। दीक्षांत समारोह में भारतीय वेषभूषा का समावेश किया गया है। महाविद्यालयों में राष्ट्रध्वज फहराना और स्वामी विवेकानन्द सहित अन्य महापुरूषों के चित्र लगाना अनिवार्य किया गया हैं। विधायक श्री रामेश्वर शर्मा ने कहा कि संस्थान ने अच्छे विद्यार्थी तैयार किये है, जो विभिन्न क्षेत्र में जाकर कॉलेज को उत्कृष्टता की श्रेणी दिलाते हैं। उन्होंने संस्थान के कार्यक्रमों में विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाने पर बल दिया। उन्होंने विद्यार्थियों का आव्हान किया कि माँ-बाप के सपने जरूर पूरा करें। संस्थान संचालक श्री एम.एल. नाथ ने स्वागत किया। इस मौके पर अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री बी.आर. नायडू भी मौजूद थे।
एशिया में पहली बार एडवेन्चर नेक्स्ट 2018 का आयोजन भोपाल में होगा
16 July 2018
एशिया में पहली बार भोपाल में एडवेन्चर ट्रेवल की अंतर्राष्ट्रीय संस्था, एडवेन्चर ट्रेवल ट्रेड एसोसिएशन (ATTA) द्वारा एडवेन्चर नेक्स्ट 2018 का आयोजन किया जायेगा। आयोजन की रूपरेखा संबंधी कार्यशाला का शुभारंभ पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री सुरेन्द्र पटवा और पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष श्री तपन भौमिक ने किया। राज्य मंत्री श्री पटवा ने कहा कि भोपाल में एडवेन्चर नेक्स्ट 2018 का आयोजन होना गर्व का विषय है। श्री पटवा ने कहा कि पर्यटन विकास की दिशा में प्रदेश में प्राथमिकता पर कार्य किया जा रहा है। श्री तपन भौमिक ने आयोजन को सफल बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि तैयारियों में कोई भी कमी नहीं रहेगी। कार्यशाला के पहले सत्र में प्रदेश के प्रमुख सचिव पर्यटन श्री हरिरंजन राव ने पावर पॉइन्ट प्रेजेन्टेशन के माध्यम से आयोजन संबंधी जानकारी दी। एडवेन्चर नेक्स्ट 2018 का आयोजन 03 से 05 दिसम्बर के दौरान भोपाल के मिंटो हाल कंवेंशन सेंटर मे प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्व. श्री याग्निक को अर्पित की श्रद्धाँजलि
15 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान आज इंदौर में वरिष्ठ पत्रकार रहे स्वर्गीय श्री कल्पेश याग्निक के साकेत नगर स्थित निवास पहुंचे। उन्होंने स्वर्गीय श्री याग्निक के चित्र पर श्रद्धा-सुमन अर्पित कर श्रद्धाँजलि दी। श्री चौहान ने परिजनों को ढ़ाँढ़स बंधाया और ईश्वर से प्रार्थना की कि परिजनों को यह गहन दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान के साथ उनकी धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह, सांसद श्री प्रभात झा, महापौर श्रीमती मालिनी गौड़, विधायक श्री महेन्द्र हार्डिया सहित अन्य जन-प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने किया समाचार पत्र के संस्करण का शुभारंभ
15 July 2018
जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने दतिया में आज दैनिक 'बुंदेलखंड बुलेटिन' समाचार पत्र के मध्यप्रदेश संस्करण का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों का प्रमुख कार्य जनता की आवाज को सरकार तक तथा सरकार की आवाज को जनता तक पहुंचाना है। इस दिशा में बुंदेलखंड बुलेटिन समाचार पत्र खरा उतरेगा, ऐसी मैं कामना करता हूँ। उन्होने कहा कि दतिया में विकास की दशा और दिशा दोनों बदली है, चौतरफा विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि मीडिया कर्मी बदलते हुए दतिया के साक्षी बनें। इस अवसर पर समाचार पत्र के सम्पादक श्री पुरूषोत्तम नारायण श्रीवास्तव, विधायक श्री प्रदीप अग्रवाल तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा व्यवस्था गाँव में ही उपलब्ध होगी : जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र
15 July 2018
जनसम्पर्क, जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने आज दतिया जिले के ग्राम चिरूला में हायर सेकेण्डरी स्कूल के उन्नयन कार्य का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि अब गाँव के बच्चों को हायर सेकेण्डरी तक की शिक्षा गाँव में ही उपलब्ध हो सकेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था का निरंतर विकास किया जा रहा है। बच्चों के लिये गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा व्यवस्था गाँव में ही उपलब्ध होगी। मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि चिरूला रेल्वे स्टेशन पर क्रासिंग की परेशानी को देखते हुए अंडर ब्रिज बनाया जा रहा है। गाँव में नल-जल योजना से स्वच्छ पानी प्रदाय किया जा रहा है। डॉ. मिश्र ने ग्रामीणों की मांग पर सिंचाई के लिए 3.90 करोड़ रुपए लागत की नहर बनाने की घोषणा की। जनसंपर्क मंत्री ने कहा कि किसानों की भलाई के लिए सूखा राहत योजना, फसल बीमा योजना, भावांतर भुगतान योजना, गेहूं उर्पाजन आदि द्वारा किसानों को भरपूर आर्थिक मदद दी गई है। गाँव के आवासहीन परिवारों को एक वर्ष में पक्के मकान दे दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना का उल्लेख करते हुए डॉ. मिश्र ने कहा कि इस योजना से सर्वहारा वर्ग के जीवन में निश्चित ही सकारात्मक बदलाव आएगा।
वर्ल्ड यूथ स्किल डे आयोजित
15 July 2018
वर्ल्ड यूथ स्किल डे- 2018 का राज्य स्तरीय आयोजन आज यहाँ शासकीय आदर्श औद्योगिक प्रशिक्षणा संस्था में किया गया। संचालक कौशल विकास, श्री संजीव सिंह ने कौशल के क्षेत्र में उत्कृष्ठ प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं और प्रशिक्षण देने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में भारत शासन के अन्तर्गत शिक्षुता प्रशिक्षण योजना में प्रशिक्षण प्रदान करने वाले भोपाल, इंदौर, देवास, रीवा और टेफे मोटर्स, क्राम्टन, रेमण्ड, क्रिलोस्कर, बोल्वो ऑयशर, जे.पी. मंगाराम, एनएमडीसी और अन्य कम्पनियों के प्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जी.एन. अग्रवाल उपस्थित थे।
आशीर्वाद के अधिकारी शिवराज जी
13 July 2018
‘कई बार तो लगता है कि शिवराज जी दिनभर परिश्रम करने के बाद रात में सोते हैं या नहीं! यदि सोते भी हैं तो शायद उनके सपने में जन कल्याण की योजनाएं ही चलती रहती हैं। तभी तो सवेरे जागते ही एक नए प्रकार के जन कल्याण के साथ प्रदेश के सामने प्रस्तुत होते हैं। राजनीतिक विरोधाभास के लिए कोई भी टीका-टिप्पणी कर सकता है, लेकिन कभी एकांत में बात करो तो विरोधी दलों के नेताओं को भी यह एहसास है कि शिवराज जी के कार्यकाल के दौरान मध्यप्रदेश शून्य से शिखर की ओर पहुंचा है।’’ गत 13 जून की सुबह की बात है। मैं किसी कार्य से मुख्यमंत्री जी से मिलने उनके आवास गया था, विषय कुछ और था लेकिन मुख्यमंत्री जी अचानक भावुक स्वर में बोले उठे ‘‘आज मेरे जीवन का सर्वाधिक महत्वपूर्ण दिन है, शायद परमात्मा ने मुझे इसी दिन के लिए यह जिम्मेदारी सौंपी होगी।’’ दरअसल मुख्यमंत्री जी थोड़ी देर बाद ही हरदा जिले के टिमरनी पहुंचकर असंगठित श्रमिक कल्याण योजना ‘संबल’ का शुभारंभ करने वाले थे। ‘संबल’ यानी एक ऐसी योजना जिसने मानवता के गर्भ में आने से लेकर जीवन के अंतिम पायदान तक गरीब को जीने की गारंटी दी है। मैं अपनी बात की शुरुआत इस छोटे लेकिन अत्यंत भावुक वार्तालाप से इसलिए करना चाहता हूं कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जी के हृदय की गहराई को नापने का यह एक पैमाना है। सनातन काल से हमारा समाज सहकार के आधार पर चलता रहा है। सहकार बिना सत्कार के प्राप्त नहीं होता और विकार रहित सत्कार बिना संवेदनशील हृदय के नहीं किया जा सकता। जब व्यक्ति विकार रहित सत्कार करने की शक्ति प्राप्त कर लेता है तो परमात्मा उसे उपहार में विनम्रता प्रदान करता है। तभी वह जन आशीर्वाद का अधिकारी बनता है। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई व्यक्ति कितने बड़े खानदान में, कितनी ऊंची जाति में या कितने प्रभावी समाज में पैदा हुआ। फर्क इस बात से पड़ता है कि उसके जीवन की दिशा कैसी है? और प्रभुता प्राप्त करने के बावजूद उसे अपना मूल धर्म याद रहता है या नहीं? शिवराज जी की ओर जब हम देखते हैं तो पाते हैं कि उनके व्यक्तित्व में आज भी वही गरीब किसान का बेटा बसता है। शिवराज सिंह चैहान जी का जन्म सीहोर जिले के छोटे से गांव जैत में हुआ था। गांव में पैदा होकर जो अभाव के बीच पलता है, उसके भीतर संवेदनशीलता और संघर्ष दोनों समानांतर रुप से विकसित होते हैं। संवेदनशीलता इसलिए विकसित होती है कि उसे दायित्वों का निर्वहन विरासत में प्राप्त हो जाता है और संघर्ष इसलिए कि उसके पास परिश्रम के अलावा आगे बढ़ने का कोई रास्ता नहीं होता। आज भी हमारी संस्कृति गांव में ही बसती है। हमारी संस्कृति से तात्पर्य सहकार, सरोकार स्वावलंबन, सत्कार और संवेदनशीलता का एक समुच्चय। शिवराज जी ऐसा ही समुच्चय है। शिवराज सिंह जी ने बाल्य काल से संघर्ष किया है। मजदूरों को उचित मजदूरी मिले, इसके लिए आंदोलन करते करते अपने ही परिवार के लोगों की यातना का शिकार भी हुए, लेकिन उन्होंने अधिकार मांगना नहीं छोड़ा। बाद में विद्यार्थी परिषद से होते हुए आपातकाल की काल कोठरी का जुल्म सहते हुए, उन्हें जब भारतीय जनता युवा मोर्चा की कमान सौंपी गई तो उन्होंने युवा नेतृत्व के नए आयाम स्थापित किए। भारतीय जनता पार्टी में अन्य दायित्वों पर रहते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। सामान्य तौर पर समाज में व्यक्ति के ठाठ बाट देखकर धारणाओं का निर्माण होता है। इसलिए शिवराज सिंह जी को भी देखकर कुछ लोगों को उस समय ऐसा लगा होगा कि यह दुबला पतला सा आदमी क्या सरकार चलाएगा? लेकिन मध्य प्रदेश के इतिहास में पहली बार इस दुबले-पतले गांव के लड़के ने ऐसे ऐसे काम किए हैं ,जिनकी कल्पना भी कोई कर नहीं सकता। किसने सोचा था कि एक किसान का बेटा कृषि को लाभ का धंधा बनाने की दिशा में क्रमबद्ध योजनाएं बनाता जाएगा । राजा, नवाब, अंग्रेज और कांग्रेस लगाकर मध्य प्रदेश में 7 लाख हेक्टेयर सिंचाई की व्यवस्था कर सके थे, लेकिन शिवराज सरकार ने मात्र 12 -13 वर्षों में इस सिंचाई की छमता को 40 लाख हेक्टेयर के ऊपर पहुंचा दिया। यह आंकड़े हैं, कोई नकार नहीं सकता। सिंचाई की क्षमता के बढ़ने से ही मध्यप्रदेश में बंपर पैदावार हुई और सरकार की पॉलिसी तथा किसान के पसीने के चलते मध्यप्रदेश को पांच कृषि कर्मण पुरस्कार मिले। आज मध्य प्रदेश कृषि उत्पादन के क्षेत्र में टॉप पर हैं। शिवराज जी अभी रुके नहीं है, थके नहीं हैं ।उनके अंदर किसानों के उत्थान के लिए नित्य नई नई योजना जन्म ले रही है। यह बात कल्पना से भी परे है कि जिस फसल को आप एक साल पहले बेच चुके हैं, उस पर भी अतिरिक्त राशि देने का काम कोई सरकार करे। किसानों को लेकर अनेक बातें बताई जा सकती है, लेकिन एक पंक्ति में कहें तो किसानों को एक साल में 30 हजार करोड रुपए से अधिक की सहायता का अनुमान कौन लगा सकता है। शिवराज सिंह जी उन गिनती के राजनेताओं में शामिल हैं जिन्होंने मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने के बाद उसने मूल परिवेश से संबंध तोड़े नहीं, बल्कि उससे जीवंत संवाद और संबंध बनाए रखे। यही वजह है कि मुख्यमंत्री की अधिकतर घोषणा गांव और गरीब के लिए होती हैं। उन्हें न सिर्फ खेती किसानी की गहरी समझ है, बल्कि खेती में पैदा होने वाली समस्याएं, किसानों का जीवन और उनकी परेशानी इन सब का व्यवहारिक ज्ञान भी है, कृषकों की बहुलता वाले इस प्रदेश में उनके जैसी खेती की समझ रखने वाले नेता उंगलियों पर गिनने लायक हैं। क्योंकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान की पारिवारिक पृष्ठभूमि राजनीतिक नहीं है। एक सामान्य कार्यकर्ता से मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे हैं। इसलिए उनकी सोच पर छल कपट और राजनीतिक हथकंडे बाजी की छाया दिखाई नहीं देती। उनका परिश्रम उन्हें हवा हवाई नेताओं की जगह पके हुए राजनीतिज्ञ के रूप में स्थापित करता है। वे एक समन्वयवादी नेता हंै, जो सबको साथ लेकर चलने में विश्वास करते हैं। बुजुर्ग नेताओं और युवा कार्यकर्ताओं के बीच अपनी समझ से यथायोग्य व्यवहार करना और सर्वस्वीकार्य रास्ता निकलना मुख्यमंत्री जी के व्यक्तित्व की विशेषता है। उनकी एक विशेषता और है कि वह धीर गंभीर प्रकृति के व्यक्ति हैं। किसी छोटी सी उपलब्धि पर उछलते नहीं, अपनी जिम्मेदारियों को भूलते नहीं हैं और न पराजय के क्षणों में अंतर्मुखी होकर छुईमुई सा व्यवहार करते हैं। स्वयं के प्रति कठोर और समाज के प्रति संवेदनशील रहकर जनकल्याण का ताना-बाना बुनते रहते हैं। लगातार तीन बार मुख्यमंत्री रहते हुए भी आम आदमी जैसी सोच और व्यवहार प्रदेश की जनता को अपनेपन का एहसास कराती है, यही वजह है कि मुख्यमंत्री अपने दौरों पर जब लोगों के बीच होते हैं, तो सबको ऐसा लगता है कि वे उनके ही परिवार के सदस्य हैं। वह अपने परिवार के मुखिया से ही बात कर रहे हैं। समाज का शायद ही कोई ऐसा तबका बचा हो, जिसके लिए शिवराज सिंह जी के अंतर्मन में कल्याण की हूक न उठी हो। मध्यप्रदेश में लाडली लक्ष्मी योजना बनाई तो सारे देश ने धीरे-धीरे उसे अपनाया। व्यक्तिगत जीवन में बेटियों के प्रति उनकी जो संवेदनशीलता है वह इसी बात से प्रकट रूप में सामने आती है कि कुछ बेटियों को उन्होंने न सिर्फ गोद ले रखा है, बल्कि उनकी जीवन की संपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन आज भी कर रहे हैं। उनका लालन-पालन, पढ़ाई-लिखाई से लेकर शादी-ब्याह तक का जिम्मा शिवराज दंपत्ति सगे माॅ-बाप की तरह उठाते हैं। बेटियों का सम्मान और सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता में है। यही कारण है कि अबोध बच्चियों के साथ दुराचार करने वालों के विरुद्ध कठोरतम सजा फांसी के लिए उन्होंने सबसे पहले पहल की। देशभर में आज बेटियों की ओर आंख उठाने से पहले दरिंदों को फांसी का फंदा दिखाई देने लगा है। मेधावी बच्चों की संपूर्ण शिक्षा का खर्च उठाने का जो निर्णय उन्होंने किया है, वह मध्य प्रदेश को एक शिक्षित और आधुनिक प्रदेश बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। कभी किसी ने सोचा था कि 40 लाख रुपए तक की फीस भरने का काम कोई सरकार अपने सिर पर लेगी। आज मध्यप्रदेश में कोई भी ऐसा बच्चा जो पढ़ना लिखना चाहता है और उसके माता-पिता के पास फीस के लिए पैसे नहीं है, तो उसको चिंता करने की आवश्यकता है। शिवराज सिंह जी रोज किसी न किसी वर्ग के लिए योजनाएं तो बना ही रहे थे, लेकिन इसी बीच शायद अचानक परमात्मा ने उन्हें नई प्रेरणा दी होगी कि ‘संबल’ जैसी बहुआयामी योजना बनाएं। उन्होंने सारी दुनिया को समाज कल्याण का एक अभिनव संदेश दिया है। ‘संबल’ योजना एक ऐसी दक्ष योजना है, जो मानवता को पूरी निश्चिंतता के साथ जीवन जीने की गारंटी देती है। स्वाभाविक है जब कोई नेता इस प्रकार से चिंतन करता है और ना सिर्फ चिंतन करता है, बल्कि चिंता का समाधान खोजता है, तो समाज उसके साथ खड़ा हो जाता है। हमारे समाज में आशीर्वाद एक बड़ी ताकत है। आशीर्वाद उसे ही प्राप्त हो सकता है, जो ईमानदारी से समाज को अपना परिवार मानकर कार्य करता है। जीवन का क्षण-क्षण, पल-पल समाज को देता है। गिनाने को कई बातें हो सकती हैं, लेकिन एक विशेष बात यह है कि सामाजिक सरोकारों की दिशा में शिवराज जी का कोई तोड़ नहीं है। राजनीति में जो लोग राजनीतिक लाभ के लिए समाज सेवा का ढोंग रचते हैं, वह ढोंग ज्यादा दिन छुपता नहीं है। एक न एक दिन सत्य समाज के सामने आता ही है। सार्वजनिक जीवन जीने वालो में समाज गौर से देखता है कि वह व्यक्ति कैसे उठता है, कैसे बैठता है, कैसे खाता है, कैसे बोलता है, कैसे देखता है और कैसे मिलता है? इन सभी चीजों का महत्व है। सामान्य तौर पर बड़ी कुर्सी प्राप्त होने के बाद लोगों का व्यक्तिगत डील-डौल बदल जाता है। ऐश्वर्य और पद का मद उसके चेहरे पर दिखाई देने लगता है, लेकिन शिवराज सिंह जी ऐसे बिरले नेताओं में शामिल हैं, जिनके चेहरे पर मुख्यमंत्री पद होते हुए भी जिम्मेदारियों का भाव निरंतर परिलक्षित होता है। प्रदेश में कहीं भी ओले पड़े, सूखा पड़े, दुर्घटना हो जाए, कोई घृणित अपराध हो जाए, प्रदेश वासियों ने ऐसे कष्ट और दुख की घड़ी में सबसे पहले यदि किसी को खड़े पाया है, तो वह एक शिवराज सिंह जी ही हैं। यह सही है की 14 जुलाई से प्रारंभ होने वाली यात्रा का नाम जन आशीर्वाद यात्रा है, लेकिन यदि मुख्यमंत्री जी को हम व्यवहार रूप में प्रवास करते देखे तो वह रोजाना ही एक जनआशीर्वाद यात्रा करते हैं। यह जन आशीर्वाद यात्रा नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हो रही है, इसलिए इस यात्रा का अर्थ स्पष्ट है। पिछली तीन जनआशीर्वाद यात्राएं जिन लोगों ने देखी हैं, वह जानते हैं कि मुख्यमंत्री जो करते जाते हैं, वह समाज के हृदय में स्थापित होता जाता है, स्थान बनाता जाता है। यही कारण रहा कि पिछली यात्राओं में रात के 2.00 बजे से लेकर 4.00 बजे तक हजारों की भीड़ अपने लाडले नेता से मिलने सड़कों पर उमड़ती रही। 2008 का चुनाव हो या 2013 का, भारतीय जनता पार्टी की सरकार स्पष्ट बहुमत से और भारी बहुमत से बनती चली गई। शिवराज सिंह जी की जगह कोई सामान्य व्यक्ति होता तो उसे दंभ हो सकता था और उसके कारण वह अपने कार्यों में पूर्णता देख सकता था, लेकिन मुख्यमंत्री जी के वार्तालाप को जब हम सुनते हैं तो पाते हैं कि उनके मन में अभी भी जाने क्या-क्या करने की ललक हिलोरंे ले रहीं हैं। उन्होंने हाल ही में किसान चैपालों के माध्यम से संदेश दिया है कि किसान भाई सरकार को सलाह दें कि अगले 5 साल में और क्या करना है? मुझे लगता है कि आने वाले दिनों में युवाओं से, माता-बहनों से, बुजुर्गों से भी वे ऐसी कुछ सलाह मांग सकते हैं कि बताइए आपकी सरकार आपके लिए क्या कर सकती है? सही अर्थों में यह जनआशीर्वाद यात्रा मध्यप्रदेश के अपने साढ़े सात करोड़ परिवार से मिलने का एक अभिनव अभियान जैसा है। मुख्यमंत्री जी सड़क मार्ग से अपनी यात्रा पूरी करने वाले हैं, यह वही राजनेता कर सकता है, जिसको पता है कि उसके कार्यकाल में गांव गांव तक पक्की सड़कें पहुंचा दी गई हैं। हमारे यहां विकास का अर्थ है, तन, मन, बुद्धि और आत्मा का सुख। मानवता का यह समग्र विकास शिवराज जी की कार्य पद्धति में हम देखते हैं। छोटे-छोटे बच्चों की किलकारी सुनने से लेकर बुजुर्गोंं को तीर्थ कराने की तड़प तक शिवराज जी के अपनो से लगाव के कारण ही उन्हें जन-जन का आशीर्वाद मिल रहा है।
प्रदेश में खदानों के लिये लागू है सिंगल विण्डो प्रणाली - मुख्यमंत्री श्री चौहान
13 July 2018
मध्यप्रदेश खनिज उत्पादन में देश के 10 प्रमुख राज्य में से एक है। खदानों की नीलामी और दोहन को बढ़ावा देने से लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा, लेकिन खदानों का दोहन करें, शोषण नहीं। खनिज का दोहन करते समय पर्यावरण और वन का विशेष ध्यान रखें। मध्यप्रदेश में खदानों के लिये सिंगल विण्डो प्रणाली लागू की गई है। खदान नीलामी में पारदर्शिता लाने के लिये ऑनलाइन नीलामी की प्रक्रिया चल रही है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने यह बात आज इंदौर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में चतुर्थ राष्ट्रीय माइनिंग और मिनरल्स कॉन्क्लेव में कही। सम्मेलन में केन्द्रीय खनिज मंत्री सहित 21 राज्यों के खनिज मंत्री शामिल हुए। केन्द्रीय खनिज मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि देश के कुल क्षेत्रफल के एक चौथाई भाग में खनिज उपलब्ध हैं। खनिज दोहन से बहुसंख्य लोगों को रोजगार मिल सकता है। श्री तोमर ने बताया कि देश में पिछले 4 साल में 43 खनिज ब्लॉकों की नीलामी हुई है, जिससे भारत सरकार को आने वाले सालों में एक लाख 55 हजार करोड़ रुपये की आय होगी। श्री तोमर ने बताया कि खदानों के आसपास बसे ग्रामीणों और आदिवासियों के पुनर्वास के लिये 11 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है। पिछले 4 साल में खनिज उत्पादन में 6 प्रतिशत और राजस्व में 23 प्रतिशत वृद्धि हुई है। लोहा, हीरा, सोना का दोहन बढ़ा है। केन्द्रीय खनिज राज्य मंत्री श्री हरिभाऊ चौधरी ने कहा कि पिछले 4 साल में नई नीतियों से खदानों की नीलामी में पारदर्शिता आयी है। उन्होंने कहा कि इंदौर कॉन्क्लेव में प्राप्त सुझावों को परीक्षण के बाद राष्ट्रीय-स्तर पर लागू किया जायेगा। नीति आयोग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमिताभ कांत ने कहा कि खनिज उत्पादन मेक इन इण्डिया का अभिन्न अंग है। हमारे देश में इतना अधिक खनिज है, जो 600 साल तक खत्म नहीं होगा। केन्द्र सरकार खनिज के माध्यम से राष्ट्रीय आय में बढ़ोत्तरी की नीतियाँ बना रही है। अधिकांश उद्योग प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से खदानों पर निर्भर हैं। फेडरेशन ऑफ माइनिंग एसोसिएशन ऑफ इण्डिया के अध्यक्ष श्री संजय पटनायक ने कहा कि खदान नीलामी में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन किया जा रहा है। केन्द्रीय इस्पात सचिव डॉ. अरुणा शर्मा ने कहा कि आने वाले वर्षों में खनिज उत्पादन में 25 प्रतिशत तक वृद्धि की संभावना है। उन्होंने कहा कि मशीनीकरण से खनन उद्योग से प्रदूषण 90 प्रतिशत तक कम हुआ है। खनिज मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कॉन्क्लेव में शामिल विभिन्न राज्यों के खनिज मंत्रियों का आभार माना। प्रमुख सचिव खनिज श्री नीरज मण्डलोई ने कॉन्क्लेव की कार्यवाही का संचालन किया। प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और केन्द्रीय खनिज मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने विशाल खनिज प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। खनिज पर आधारित कई पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश खनिज निगम के अध्यक्ष श्री शिव चौबे, महापौर श्रीमती मालिनी गौड़ सहित गणमान्य नागरिक और खनिज उत्पादन कम्पनियों के सीईओ और सीएमडी मौजूद थे।
बीमारियों से बचने के लिए स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना जरूरी- राज्यपाल
13 July 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज बैरसिया में सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र के नवीन भवन का लोकार्पण करते हुए कहा कि बीमारियों से बचने के प्रयास करना चाहिए। इसके लिए स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। बाजार की बाहरी वस्तुओं का सेवन साफ-सफाई के पश्चात ही करें। उन्होंने कहा कि हम स्वच्छ रहें और आस-पास स्वच्छता बनायें रखें, तो निश्चित ही बीमारियों से बचा जा सकता है। सरकार का प्रयास गावों और पिछड़े क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि महिलाओं की जिम्मेदारी है कि वे साफ-सफाई परविशेष ध्यान दें। राज्यपाल ने कहा कि शौचालयों का न होना भी नई-नई बीमारियों के होने का सबसे बड़ा कारण है। श्रीमती पटेल ने कहा कि पानी बचाने के लिये हम सभी को संयुक्त प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिंचाई के लिए ड्रिप एरीगेशन बहुत आवश्यक है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं की तरह ही पानी बचाओ अभियान चलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज मैं राज्यपाल के रूप में नहीं, एक माता के रूप में सुझाव दे रही हूँ कि बेटियों की ओर ध्यान दीजिए, उन्हें पोषण आहार दीजिये, गर्भवती महिलाओं का रजिस्ट्रेशन करवाइये तथा समय पर टीकाकरण करवाइये। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ, पढ़ाई और पोषण आहार पर ध्यान देंगे, तो निश्चित ही हम स्वस्थ देश का निर्माण कर सकते हैं। सांसद श्री आलोक संजर ने कहा कि जन-प्रतिनिधियों का यह कर्तव्य है कि वे सेवाभाव से काम करें तभी हमको सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास करें। स्थानीय विधायक श्री विष्णु खत्री ने कहा कि केन्द्र की आयुष्मान भारत योजना का लाभ सभी ग्रामीणों को मिल सके, इसके लिए निरंतर प्रयास किये जायेंगे। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री मनमोहन नागर, नगरपालिका अध्यक्ष श्री राजमल गुप्ता तथा ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने किया टीवी चैनल हिन्दी खबर के दफ्तर का शुभारंभ
13 July 2018
जनसम्पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने आज शाम यहां ई-7 अरेरा कालोनी में टी.वी. न्यूज चैनल हिन्दी खबर के कार्यालय का फीता काटकर शुभारंभ किया। जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि टी.वी. चैनल के माध्यम से जन-जन तक कल्याणकारी योजनाएँ पहुँच रही हैं। जनसंपर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने उम्मीद व्यक्त की कि यह टी.वी. चैनल जन भावनाओं के अनुरूप कार्य करते हुए लोकप्रिय हो। इस अवसर पर टी.वी. चैनल के प्रधान संपादक श्री अतुल अग्रवाल ने जनसंपर्क मंत्री डॉ. मिश्र का पुष्प गुच्छ से स्वागत किया। मुख्य अतिथि डॉ. मिश्र को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया। कार्यक्रम में सांसद श्री आलोक संजर, चैनल के न्यूज डायरेक्टर श्री मनोज दुबे, सीईओ श्री मनीष अग्रवाल, ब्यूरो हेड मप्र श्री अनूप सक्सेना, जनप्रतिनिधि, पत्रकार और नागरिक उपस्थित थे।
श्री याग्निक की लेखनी राजनेताओं को जगाने का काम करती थी-मुख्यमंत्री श्री चौहान
13 July 2018
मुख्यमत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने पत्रकार श्री कल्पेश याग्निक के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। श्री चौहान ने शोक संदेश में कहा कि श्री याग्निक की विचारोत्तेजक पत्रकारिता और लेखनी में राजनेताओं को जगाने की क्षमता थी। समाचार विश्लेषण में विशेषज्ञता हासिल करने के बाद उन्होंने ओजपूर्ण संपादकीय लेखन किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि समकालीन, सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक मुद्दों पर श्री कल्पेश याग्निक की बेबाक टिप्पणियाँ हमेशा याद रहेंगी। उनकी प्रतिभा संपूर्ण रूप से अभिव्यक्त होने के पहले ही उनका विदा होना पत्रकार जगत के लिये अपूर्णीय क्षति है। मध्यप्रदेश की हिन्दी पत्रकारिता के लिये उनका असमय चले जाना दु:खद क्षण है। श्री चौहान ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों एवं पत्रकार साथियों को यह दु:ख सहने की शक्ति देने की ईश्वर से प्रार्थना की है।
मंत्री डॉ. मिश्र, श्री शुक्ल और श्री भूपेन्द्र सिंह द्वारा शोक व्यक्त
13 July 2018
दैनिक भास्कर समूह के संपादक श्री कल्पेश याग्निक के निधन पर जनसम्पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र, उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल और गृह मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह ने गहन शोक व्यक्त किया है। मंत्रीगणों ने कहा है कि श्री याग्निक ने समाज को दिशा देने के लिये तीखी लेखनी की मिसाल कायम की। हिन्दी पत्रकारिता जगत में कल्पेश जी की कमी हमेशा महसूस की जाएगी। मंत्रीगणों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिये ईश्वर से प्रार्थना की है और शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
महिलाओं की सोच और स्थिति में परिवर्तन आया है-राज्यपाल श्रीमती पटेल
12 July 2018
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि स्व-सहायता समूह से जुड़कर महिलाओं की सोच, परिस्थिति और कार्यों में परिवर्तन और जागृति आई है। वह सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ना चाहती हैं। अब महिलाओं को आगे बढ़ने में पूरा सहायोग देना जरूरी है। महिलाओं के विकास और समृद्धि से ही देश का विकास संभव है। राज्यपाल आज यहाँ राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के 37वें स्थापना दिवस पर आयोजित वार्षिक सम्मेलन को संबोधित कर रही थीं। सम्मेलन में विभिन्न जिलों से आईं 500 से अधिक महिला स्व-सहायता समूहों एवं कृषि उत्पादन संगठनों के सदस्यों ने भी अपने अनुभव राज्यपाल को बताये। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कहा कि महिला शक्ति का भण्डार है। इस शक्ति का देश के हित में उपयोग होना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाएँ पहले परिवार के बारे में सोचती हैं और सबके बाद अपना सोचती हैं। अब समय आ गया है कि महिलाएँ परिवार का भला सोचने के साथ-साथ अपने विकास और समृद्धि का भी ध्यान रखें। महिलाएँ अपने सम्मान और स्वाभिमान के लिए परिश्रम करें, प्रशिक्षण प्राप्त करें तथा केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा व्यवसाय के लिए उपलब्ध कराये जा रहे बैंक ऋण का भरपूर लाभ उठायें। राज्यपाल ने कहा कि माँ-बाप की जागरूकता का ही परिणाम है कि आज बेटियाँ शिक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर र उच्च पद पर रहकर देश की सेवा कर रही हैं। उन्होंने समारोह में उपस्थित लोगों से बच्चों का बाल विवाह नहीं कराने के लिये संकल्पित होने का आग्रह किया। सांसद श्री आलोक संजर ने कहा कि गांधी जी ने गाँवों की तरक्की का जो सपना देखा था, वह आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में पूरा हो रहा है। आज समाज में महिलाएँ पुरूषों के साथ कँधे से कँधा मिलाकर हर क्षेत्र में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि नारी सम्मान, ममता और लज्जा की मूर्ति होती है। नारी सम्मान के लिए सरकार को सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही करना चाहिए। इस अवसर पर नाबार्ड के क्षेत्रीय मुख्य महा-प्रबंधक श्री एस.के. बंसल ने नाबार्ड की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। राज्यपाल ने महिला स्व-सहायता समूह द्वारा तैयार उत्पादों और सामग्री का अवलोकन भी किया। समारोह में कृषि उत्पादन आयुक्त श्री पी.सी. मीणा, भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक श्री पी.के. जेना, भारतीय स्टेट बैंक के उप-महाप्रबंधक श्री एस.के. शुक्ला तथा बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूह योजना के लाभार्थी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
प्रदेश के किसानों का सोयाबीन चीन को निर्यात किया जाये
12 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात कर चीन और अमेरिका के बीच व्यापार संबंधों में तनाव आने के कारण अमेरिका से आयातित सोयाबीन पर चीन द्वारा आयात शुल्क 25 प्रतिशत किये जाने के हवाले से कहा कि इसके कारण चीन में सोयाबीन की माँग की पूर्ति नहीं हो पा रही है। इस स्थिति का फायदा भारत ले सकता है। ऐसी स्थिति में भारत का सोयाबीन उत्पादन चीन में आयात किये जाने की संभावनाएँ बढ़ जाती हैं। श्री चौहान ने प्रधानमंत्री को बताया कि चीन में सोयाबीन की मांग 11 करोड़ 50 लाख मी. टन है जबकि चीन में सोयाबीन का उत्पादन केवल एक करोड़ 50 लाख मी. टन है। इस स्थिति को देखते हुए लगभग 10 करोड़ मी. टन चीन सोयाबीन आयात कर रहा है। इसमें से पचास प्रतिशत से अधिक सोयाबीन उत्तरी अमेरिका से आयात होता है। श्री चौहान ने प्रधानमंत्री से कहा कि मध्यप्रदेश सोयाबीन प्रदेश होने के नाते चीन को सोयाबीन निर्यात करने की स्थिति में है। इससे प्रदेश के किसानों को सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य से भी अधिक भाव मिलेंगे और उनको अधिक मुनाफा होगा। उन्होंने बताया कि पहले चीन द्वारा सोया मील (डीओसी) पर पाँच प्रतिशत आयात शुल्क लगाया गया था जो वर्तमान में शून्य प्रतिशत है। श्री चौहान ने आगे बताया कि भारत से निर्यात होने वाले सोयाबीन डी ओ सी में 46 प्रतिशत प्रोटीन है जो अन्य देशों के सोयाबीन डी ओ सी में 41-42 प्रतिशत प्रोटीन से तुलनात्मक रूप से अधिक है। श्री चौहान ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वे इस संबंध में शीघ्र निर्णय लेकर प्रदेश ही नहीं वरन पूरे देश के सोयाबीन उत्पादक किसानों को सोयाबीन का उचित मूल्य दिलाने में सहायक बने। श्री चौहान ने सोयाबीन निर्यात के संबंध में वाणिज्य मंत्री श्री सुरेश प्रभु, वित्त मंत्री श्री पीयूष गोयल, विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज से भी मुलाकात कर उन्हें स्थिति से अवगत कराया। श्री चौहान ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को बताया कि आगामी 14 जुलाई से प्रदेश में जन आशीर्वाद यात्रा शुरू की जायेगी जिसमें मुख्यमंत्री सप्ताह में चार दिन यात्रा में शामिल होंगे। यह यात्रा 25 सितम्बर 2018 को पं. दीनदयाल उपाध्याय के जन्म-दिवस पर समाप्त होगी। श्री चौहान ने प्रधानमंत्री श्री मोदी से यात्रा के समापन में शामिल होने का आग्रह किया। यात्रा का शुभारम्भ पार्टी अध्यक्ष श्री अमित शाह 14 जुलाई को उज्जैन से करेंगे। केन्द्रीय वित्त मंत्री श्री पीयूष गोयल से मुलाकात मुख्यमंत्री श्री चौहान ने केन्द्रीय वित्त मंत्री श्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर बताया कि प्रदेश में चना, मूंग और सरसों का बम्पर उत्पादन होने के कारण राज्य सरकार ने इसको किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद लिया है। राज्य सरकार ने इस पर होने वाले खर्चे का भुगतान अपने स्वयं के संसाधनों से किया है। राज्य सरकार को नाफेड ने अभी तक इसका भुगतान नहीं किया है। श्री चौहान ने नाफेड से शीघ्र भुगतान करवाने का आग्रह किया। श्री चौहान ने जीएसटी पर राज्य की हिस्सेदारी भी समय पर राज्य को न मिलने की जानकारी देते हुए राज्यांश का शीघ्र भुगतान करने का अनुरोध किया। साथ ही सहकारिता क्षेत्र से साख सीमा बढ़ाये जाने की भी मांग की। केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा से मुलाकात मुख्यमंत्री श्री चौहान ने केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा से मुलाकात कर बताया कि रतलाम, विदिशा और खंडवा में मेडिकल कॉलेज तैयार हैं परन्तु मेडिकल काउंसिल की आपत्ति के कारण लोकार्पण नहीं हो पा रहा है। उन्होंने आग्रह किया कि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा लगायी गयी आपत्तियों का शीघ्र निराकरण कर कॉलेजों को शुरू किया जाय। इसके अलावा श्री चौहान ने बताया कि राज्य में 300 जागरूकता स्वास्थ्य केन्द्र अगस्त माह के अंत तक पूर्ण रूप से शुरू किये जायेंगे। केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग, नागर विमानन मंत्री श्री सुरेश प्रभु से मुलाकात मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग, नागर विमानन मंत्री श्री सुरेश प्रभु से मुलाकात कर सोयाबीन के अलावा बासमती चावल, प्रदेश में लॉजिस्टिक हब खोलना, भोपाल से दिल्ली की एअर कनेक्टिविटी में सुधार और इंदौर में कस्टम क्लियरेंस सेंटर खोलने पर चर्चा की। एम्स में भर्ती सागर की बिटिया के स्वास्थ्य की जानकारी डॉक्टरों से ली मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सागर से इलाज के लिये लायी गयी प्रदेश की बेटी के स्वास्थ्य के बारे में एम्स जाकर डॉक्टरों से जानकारी ली। श्री चौहान ने बेटी के परिवार जनों से भी मुलाकात की। डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है। वह शीघ्र ही पूर्ण रूप से स्वस्थ हो जायेगी। श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य की ही नहीं उसकी पढ़ाई-लिखाई और आगे की भी पूरी जिम्मेदारी निभायेगी।
किसानों की आय दोगुनी करने में मनरेगा की महत्वपूर्ण भूमिका-मुख्यमंत्री श्री चौहान
12 July 2018
नीति आयोग की राष्ट्रीय कृषि एवं मनरेगा समिति के अध्यक्ष तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज नई दिल्ली में समिति की पहली बैठक आयोजित की गई। बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री आदित्यनाथ योगी सहित नीति आयोग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमिताभ कांत और नीति आयोग तथा राज्यों के अधिकारी मौजूद थे। समिति के अध्यक्ष श्री चौहान ने बिहार और गुजरात राज्य के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से विभिन्न विषयों पर चर्चा की। पश्चिम बंगाल और आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने समिति को पत्र के माध्यम से सुझाव प्रेषित किये। श्री चौहान ने बैठक में कहा कि किसानों की आय को दोगुना करने में मनरेगा की महत्वपूर्ण भूमिका है। कृषि में लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने तथा अपरिहार्य परिस्थिति में फसलों के नुकसान की भरपाई जैसे संवेदनशील मुद्दों पर विचार किया जाना आवश्यकहै। उन्होंने बताया कि कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने तथा किसानों की आय को दोगुना करने में मनरेगा की भूमिका पर विस्तार से विचार-विमर्श के लिये विभिन्न राज्यों में कार्यशालाएँ आयोजित की जायेंगी। कार्यशालाओं में किसान संगठनों और आम जनता से भी राय ली जायेगी। आयोग की पहली कार्यशाला आगामी 6 अगस्त को भोपाल में होगी। श्री चौहान ने कहा कि लखनऊ, पटना, गुवाहाटी और हैदराबाद में भी कार्यशालाएँ आयोजित की जायेंगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि समिति की 31 अगस्त को दिल्ली में बैठक होगी, जिसमें समिति के निर्णयों का प्रारूप तैयार किया जायेगा। श्री चौहान ने बताया कि प्रारूप के आधार पर ही समिति नीति आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। ज्ञातव्य है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय स्तर पर कृषि में मनरेगा की भूमिका पर समन्वित नीतिगत दृष्टिकोण और अनुशंसाएँ प्राप्त करने के लिये इस समिति का गठन किया है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री चौहान को समिति का अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। समिति में सात अन्य प्रदेशों के मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग प्रमुख शामिल हैं।
तीन दिवसीय राज्य शॉटगन शूटिंग चैम्पियनशिप का शुभारंभ आज
12 July 2018
मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी बिशनखेड़ी में आठवीं म.प्र राज्य शॉटगन शूटिंग चैम्पियनशिप का आयोजन किया जा रहा है। मध्यप्रदेश राज्य रायफल एसोसिएशन एवं खेल और युवा कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह चैम्पियनशिप 13 से 15 जुलाई, 2018 तक खेली जाएगी। चैम्पियनशिप में खिलाड़ी ट्रेप, डबल ट्रेप एवं स्कीट इवेन्ट में प्रतिभा का प्रदर्शन करेगें। अकादमी के 26 खिलाड़ी भी इस चैम्पियनशिप में भागीदारी करेंगे। म.प्र. राज्य शॉटगन शूटिंग चैम्पियनशिप में शामिल होने वाले खिलाड़ी प्री-नेशनल के लिए क्वॉलीफाय करेगें। वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के खिलाड़ियों ने जीते 5 पदक हैदराबाद स्थित हुसैन सागर में 9 से 11 जुलाई, 2018 तक खेली गई तेलंगाना स्टेट ओपन चैम्पियनशिप में मध्यप्रदेश वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण, तीन रजत और एक कांस्य सहित पांच पदक अर्जित किए। चैम्पियनशिप की लैजर रेडियल ओपन स्पर्धा में अकादमी के सेलिंग खिलाड़ी सतीश यादव ने स्वर्ण पदक जीता। जबकि लैजर 4.7 स्पर्धा के बालक वर्ग में अकादमी के खिलाड़ी राम मिलन यादव ने रजत और सतीश यादव ने कांस्य पदक अर्जित किया। इसी इवेन्ट के बालिका वर्ग में अकादमी की खिलाड़ी रितिका दांगी ने रजत पदक प्राप्त किया। चैम्पियनशिप के आप्टीमिस्ट इवेन्ट में अकादमी की खिलाड़ी उमा चौहान ने रजत पदक जीता। तेलंगाना स्टेट ओपन चैम्पियनशिप में अकादमी के खिलाड़ियों द्वारा अर्जित इस उपलब्धि पर खेल और युवा कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने बधाई दी है। संचालक खेल और युवा कल्याण डॉ. एस.एल. थाउसेन ने भी चैम्पियनशिप में खिलाड़ियों द्वारा किए गए प्रदर्शन की सराहना की है। अकादमी के 17 खिलाड़ियों ने सूबेदार पी.मधु के साथ चैम्पियनशिप में भागीदारी की। उक्त खिलाड़ी वाटर स्पोर्ट्स अकादमी के मुख्य प्रशिक्षक अर्जुन अवार्डी श्री जी.एल. यादव के मार्गदर्शन में प्रशिक्षणरत हैं।
पंचायत सचिवों की वेतन विसंगति का हुआ निराकरण
13 July 2018
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव द्वारा आज प्रदेश के 22 हजार पंचायत सचिवों की वेतन विसंगति का अंतिम निराकरण कर निर्धारित गणना पत्रक जारी किया गया। इस अवसर पर आयुक्त पंचायत श्री शमसुद्दीन भी उपस्थित थे। श्री रमेशचन्द्र शर्मा, राज्य कर्मचारी संघ द्वारा पंचायत सचिवों की वेतन निर्धारण में आ रही त्रुटियों के निराकरण के लिये लगातार अनुरोध किया जा रहा था। गणना पत्रक के आधार पर ही ग्राम पंचायत सचिवों को वेतनमान 5200-20200, ग्रेड पे 1900 तथा 10 वर्ष की निरंतर सेवा पूर्ण होने पर ग्रेड पे 2400 में वेतन निर्धारण के लिये सेवा अवधि की गणना दिनांक एक अप्रैल, 2008 से अथवा नियुक्ति दिनांक से, जो भी बाद में हो की जावेगी। राज्य शासन द्वारा स्वीकृत महंगाई भत्ता तथा स्थाई यात्रा भत्ता 250 रू. प्रतिमाह देय होगा। पंचायत सचिव महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री बालमुकुंद पाटीदार, उपाध्यक्ष श्री राधेश्याम सिसोदिया तथा प्रदेश के समस्त जिलों से उपस्थित महासंघ के पदाधिकारियों द्वारा मंत्री का अभिनंदन किया गया।
20 जुलाई को 44,757 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मिलेगी लैपटॉप राशि
11 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा विगत 11 जून को की गई घोषणा के अनुसार प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना में मध्यप्रदेश बोर्ड की 12वीं परीक्षा पहली बार में 75 प्रतिशत अथवा उससे अधिक अंक के साथ उत्तीर्ण करने वाले शेष 44 हजार 757 विद्यार्थियों को 20 जुलाई को लैपटॉप राशि का वितरण किया जायेगा। मुख्यमंत्री स्वयं जबलपुर संभागीय मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में जबलपुर संभाग के पात्र विद्यार्थियों को प्रशस्ति-पत्र के साथ लैपटॉप खरीदने की राशि का वितरण करेंगे। मुख्यमंत्री के जबलपुर के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दूरदर्शन द्वारा दोपहर एक बजे सभी जिलों में किया जायेगा। जिला-स्तरीय लैपटॉप राशि वितरण कार्यक्रम संभागीय मुख्यालय में आयोजित किये जायेंगे। इन कार्यक्रमों में प्रभारी मंत्री, स्थानीय सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, महापौर, अन्य निर्वाचित जन-प्रतिनिधि तथा गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी में पात्र विद्यार्थियों को लैपटॉप राशि और प्रशस्ति-पत्र का वितरण किया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पूर्व में 28 मई को भोपाल में आयोजित राज्य-स्तरीय कार्यक्रम में 85 प्रतिशत अथवा उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों तथा अनुसूचित-जाति, जनजाति, विमुक्त तथा घुमक्कड़ एवं अर्द्ध-घुमक्कड़ जाति के 75 प्रतिशत अथवा उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले 22 हजार 34 विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिये 25 हजार रुपये के मान से राशि और प्रशस्ति-पत्र प्रदान किये थे।
जैव-विविधता की रणनीति में लोगों की सहभागिता बढ़ाना आवश्यक
11 July 2018
मध्यप्रदेश जैव-विविधता रणनीति एवं कार्य-योजना का पुनरीक्षण के लिये आरंभ कार्यशाला का आयोजन आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में किया गया। इस मौक पर अपर मुख्य सचिव श्री के.के. सिंह ने कहा कि पृथ्वी पर जनसंख्या का दबाव बढ़ा है। लोगों के रहन-सहन के तरीके में भी बदलाव आया है। ऐसे में जैव-विविधता के लिये रणनीति और कार्य-योजना का पुनरीक्षण करना जरूरी है। इस अच्छे काम के लिये हर तरह से सहयोग दिया जायेगा। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री जव्वाद हसन ने कहा कि जैव विविधता की कार्य-योजना में जैव उत्पादों को प्राथमिकता और लोगों की सहभागिता को बढ़ाना आवश्यक है। जैव-विविधता जीवन शैली से जुड़ा विषय है, इसलिये लोगों को उसके फायदे के बारे में अवगत करवाना बेहद जरूरी है। यू.एन.डी.पी. इंडिया की प्रोग्राम ऐनलिस्ट डॉ. रूचि पंत ने कहा कि जैव-विविधता का एक्शन प्लान बनाने में सभी विभागों की भागीदारी जरूरी है। यह न केवल पर्सनल बल्कि प्रोफेशनल लाइफ से जुड़ा विषय है। इसकी ओर सभी को ध्यान देना होगा। इसके लिये प्लानिंग ही नहीं, इम्प्लीमेंट में भी सभी के सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में स्मार्ट इंडीकेटर का उपयोग होना चाहिए। डेटा और उपलब्धि का भी समावेश होना चाहिए। प्लान को संधारणीय विकास लक्ष्य (एस.डी.जी.) के साथ जोड़ा जाना चाहिए। प्लान का ड्यूरेशन 2018-28 से बढ़ा कर 2030 तक किया जाना चाहिए। उन्होंने शासन की योजनाओं को प्लान से एलाइन करने की जरूरत भी बताई। पर्यावरणविद् एवं दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. सी.आर. बाबू ने कहा कि स्थानीय मापदण्डों को ध्यान में रखकर नया प्लान तैयार करना होगा। समुदायों की भागीदारी भी सुनिश्चित करनी होगी और तैयार रिपोर्ट को धरातल पर लाना होगा। म.प्र. राज्य जैव-विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव श्री आर.श्रीनिवास मूर्ति ने स्वागतभाषण में बताया कि क्लाइमेट चेंज का देश में सबसे ज्यादा असर सेंटर इंडिया में होगा। अगले 30 से 50 साल में हरियाली लाना है, तो उसकी कार्य-योजना तैयार कर अभी से काम करना होगा, तबवह बच्चों के भविष्य में काम आयेगा।
जैविक खेती और वर्मी कम्पोस्ट यूनिट से सालाना मुनाफा हुआ 5 लाख
11 July 2018
अड़तालीस वर्षीय प्रगतिशील कृषक घनश्याम कुशवाह जैविक खाद एवं जैविक उत्पाद विक्रय के लिये शिवपुरी जिले में ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों में भी पहचाने जाते हैं। घनश्याम ताजी जैविक सब्जियों को शिवपुरी, डबरा एवं टेकनपुर में स्वयं एवं अन्य सहयोगी विक्रेताओं के माध्यम से बेचते हैं। ग्राहक इनकी सब्जियाँ ज्यादा मूल्य में भी हाथों-हाथ खरीद लेते हैं। कृषक घनश्याम की सफलता से प्रमाणित है कि रासायनिक उर्वरकों की अपेक्षा जैविक खाद के कृषि उत्पादों के प्रति लोगों का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। इन उत्पादों का शरीर पर दुष्प्रभाव नहीं होता और दाम भी दोगुना मिले हैं। प्रगतिशील किसान घनश्याम के पास मात्र तीन हेक्टेयर कृषि भूमि और 14 गाय हैं। जैविक खेती अपनाकर यह कृषक खरीफ में धान, मूंगफली, अरहर तथा रबी में गेहूँ, सरसों, चना के साथ-साथ टमाटर, मूली, पालक, पत्तागोभी, सेम, ककड़ी, खीरा, तोरई, बैंगन तथा भिण्डी आदि और गर्मी की मूंग का अच्छा उत्पादन ले रहा है। कृषक घनश्याम ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना से 50 प्रतिशत अनुदान लेकर 1200 वर्गफुट में वर्मी कम्पोस्ट इकाई बनाई है। इसके लिये विधिवत रूप से कृषि विज्ञान केन्द्र, शिवपुरी के माध्यम से कौशल विकास योजना के अंतर्गत केंचुआ-पालन एवं केंचुआ खाद बनाने का 90 घंटे का प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है। जैविक खेती से प्रति वर्ष तीन लाख रुपये शुद्ध मुनाफा कमा रहे हैं। इसके साथ ही, वर्मी कम्पोस्ट यूनिट में 50 हजार रुपये की लागत लगाकर दो से ढाई लाख रुपये शुद्ध मुनाफा कमाते हैं। घनश्याम फसल एवं सब्जियों के उत्पादन में वर्मी कम्पोस्ट, वर्मीवास तथा पौध-संरक्षण के लिये नीम का तेल एवं अन्य जैविक सामग्री जैसे वेस्ट डीकम्पोजर आदि का उपयोग करते हैं। इनसे कोई भी व्यक्ति इनके मोबाइल नम्बर 9752370436 पर सम्पर्क कर इनकी सफलता का राज जान सकता है।
पर्यावरण बचाने के लिये सोलर एनर्जी है प्रभावी विकल्प - मुख्यमंत्री श्री चौहान
10 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सौर ऊर्जा भविष्य की नहीं, अब वर्तमान की ऊर्जा बन गई है। मध्यप्रदेश ने नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन में पूरे देश में पहचान बनाई है। श्री चौहान आज यहां मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल के भवन पर स्थापित प्रदेश के पहले 200 किलोवाट क्षमता के शासकीय रूफटॉप सोलर ऊर्जा संयत्र का शुभारंभ कर रहे थे। एक करोड़ बीस लाख रुपये लागत से स्थापित इस संयंत्र में बिजली बनना शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पर्यावरण बचाने के लिये सोलर एनर्जी एकमात्र प्रभावी विकल्प है। शासकीय भवनों में सोलर पैनल से सौर ऊर्जा उत्पादन करने का काम शुरु हो गया है। सोलर ऊर्जा संयत्र की लागत तीन चार साल में ही वसूल हो जाती है। उन्होंने कहा कि रीवा में दुनिया का पहला ऐसा सोलर एनर्जी प्लांट लगाया गया है, जिसमें ऊर्जा उत्पादन की लागत दो रूपये 97 पैसे प्रति यूनिट है। श्री चौहान ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिये हर नागरिक एक पौधा जरूर लगाये और उसकी रक्षा करे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण बचाने और जीवन बचाने की यह शुरूआत है। प्रदेश में 15 जुलाई से पौधा रोपण अभियान शुरु हो रहा है। उन्होंने स्कूलों में फर्नीचर देने और अधोसंरचना बढ़ाने के काम करने के लिये माध्यमिक शिक्षा मंडल की सराहना की। उन्होने बताया कि माध्यमिक शिक्षा मंडल तीन स्कूल और संचालित करेगा। उन्होंने पांच सर्वश्रेष्ठ परिणाम देने वाले स्कूलों को पुरस्कृत करने की पहल करने के लिये मंडल की प्रशंसा की। श्री चौहान ने इस अवसर पर माध्यममिक शिक्षा मंडल के उत्कृष्ट काम करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया। माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष श्री आर.एस. मोहंती ने बताया कि मुख्यमंत्री के प्रयासों से आज मध्यप्रदेश सोलर ऊर्जा और नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन में देश में पहले स्थान पर आ गया है। उन्होने कहा कि माध्यमिक शिक्षा मंडल ने बच्चों को विभिन्न ऑनलाइन सुविधाएं उपलबध करवाई हैं और अब शासन की नीति का लाभ उठाते हुए सौर ऊर्जा उत्पादन में भी पहल की है । इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री कुंवर विजय शाह, नवकरणीय ऊर्जा राज्यमंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, तकनीकी शिक्षा राज्यमंत्री श्री दीपक जोशी, माध्यमिक शिक्षा मंडल के उपाध्यक्ष श्री भागीरथ कुमरावत, सदस्य श्री भावसार, ऊर्जा विकास निगम के अध्यक्ष श्री विजेन्द्र सिंह सिसोदिया, प्रमुख सचिव नवकरणीय ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती दीप्ति गौड मुखर्जी और आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती जयश्री कियावत उपस्थित थे।
मासूम बालिकाओं से दुराचार के मामलों में फांसी की सजा सुनिश्चित करवाई जाये
10 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिये हैं कि मासूम बालिकाओं से दुराचार के मामलों में दुराचारियों को फांसी की सजा सुनिश्चित करवाई जाये। इसके लिये प्रकरणों की लगातार मॉनिटरिंग की जाये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज यहां मंत्रालय में हुई कानून-व्यवस्था संबंधी उच्च-स्तरीय बैठक में यह निर्देश दिये। बैठक में मुख्य सचिव श्री बी.पी. सिंह और पुलिस महानिदेशक श्री आर.के. शुक्ला भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि दुराचार के दुर्भाग्यपूर्ण मामलों में पुलिस ने अपराधियों के विरुद्ध तेजी से कार्रवाई की है। सागर के प्रकरण में 42 दिन में निचली अदालत से फांसी की सजा दिलवायी गई। इस तरह के प्रकरणों को हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक लगातार फालोअप कर सजा सुनिश्चित करवायी जाये। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के प्रकरणों के संबंध में हर पन्द्रह दिन में वे स्वयं समीक्षा करेंगे। छोटे और साधारण अपराधों से जुड़े मामले वापस होंगे मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बैठक में निर्देश दिये कि प्रदेश में छोटे और साधारण अपराधों से जुड़े गरीब और कमजोर वर्गों के मामले वापस लेने के प्रक्रिया शुरु करें। इस संबंध में सभी कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिये जायें। उन्होंने कहा कि आगामी 31 जुलाई तक इस तरह के मामलों की सूची सभी जिलों में तैयार की जाये। शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिये कार्यक्रम 14 अगस्त को श्री चौहान ने कहा कि आगामी 14 अगस्त को प्रदेश में कर्तव्यों का निर्वहन करते हुये शहीद होने वाले सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों के शूरवीरों के परिवारों से मिलकर उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया जाये। कार्यक्रम आयोजित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाये। इससे शहीदों के प्रति समाज में सम्मान व्यक्त होगा और आमजनों में देश भक्ति का भाव पैदा होगा। कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, सांसद और वरिष्ठ अधिकारी जायेंगे। इस कार्यक्रम का समन्वय गृह विभाग और सैनिक कल्याण विभाग मिलकर करेंगे। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में दुराचार के 9 प्रकरणों में निचली अदालत द्वारा फांसी की सजा सुनायी गई है। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अशोक वर्णवाल, प्रमुख सचिव गृह श्री मलय श्रीवास्तव, अपर पुलिस महानिदेशक श्री राजीव टंडन और श्री आदर्श कटियार सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
ग्लोबल स्किल पार्क में अगस्त से शुरू होगी ट्रेनिंग
10 July 2018
ग्लोबल स्किल पार्क में अगस्त माह से ट्रेनिंग शुरू होगी। स्किल पार्क में प्रवेश के लिये ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की शुरूआत मंगलवार को तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दीपक जोशी ने की। उन्होंने पार्क की वेबसाइट www.globalskillspark.org का लोकार्पण किया। श्री जोशी ने आईटीआई उत्तीर्ण विद्यार्थी कु. पूजा मेढ़े और श्री संदीप पवार को मौके पर ही ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद प्रवेश पर्ची प्रदान की। स्किल पार्क में प्रवेश के लिये ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 31 जुलाई तक होगा। पहली मेरिट लिस्ट 2 अगस्त को जारी होगी। रजिस्ट्रेशन की फीस 30 रुपये होगी। कक्षाएँ ग्लोबल स्किल्स पार्क सिटी केम्पस, गोविंदपुरा में लगेंगी। कोर्स ए-एडवांस सर्टिफिकेट, कोर्स इन प्रेसिसन इंजीनियरिंग-चयन आईटीआई (एनसीवीटी) अथवा डिप्लोमा में प्राप्त अंकों के आधार पर होगा। फीस 75 हजार रुपये प्रतिवर्ष। कोर्स बी-स्पेसिलाइजेशन सर्टिफिकेट कोर्स-बी.टेक./बी.ई. इन मेकेनिकल इण्डस्ट्रियल अथवा प्रोडक्शन इंजीनियरिंग। इण्डस्ट्री इम्पलाईस (एनसीवीटी सर्टिफाइड टर्नर/मेकेनिस्ट/फिटर/ग्राइंडर/मेकेनिकल मशीन टूल मेंटीनेंस)। फीस प्रति स्पेसिलाइजेशन 15 हजार रुपये लगेगी। शासन के निर्देशानुसार फीस में छूट मिलेगी। श्री जोशी ने कहा कि ग्लोबल स्किल पार्क में विश्व-स्तरीय ट्रेनिंग दी जायेगी। उन्होंने बताया कि सिंगापुर के सहयोग से पार्क का विकास किया जा रहा है। उनकी टीम यहाँ के ट्रेनर्स को ट्रेनिंग देगी। श्री जोशी ने नेशनल स्किल काम्पटीशन की विजेता बालाघाट आईटीआई की छात्रा कु. आरती बारेकर को सम्मानित किया। इस मौके पर ग्लोबल स्किल पार्क की एक्टिविटीज का पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन भी किया गया। इस मौके पर सचिव तकनीकी शिक्षा श्री सुखवीर सिंह, आई.आई.टी.एस. सिंगापुर के डॉ. लिम सी यू और विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री शाह ने नवीन स्कूल का किया निरीक्षण
10 July 2018
स्कूल शिक्षा मंत्री कुंवर विजय शाह ने मंगलवार को शासकीय नवीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अरेरा कॉलोनी (ओल्ड कैम्पियन) का निरीक्षण किया। श्री शाह ने विद्यालय की आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की तथा व्यवस्थाओं को सराहा। इस दौरान लोक शिक्षण संचालनालय के सहायक संचालक श्री पी.के. सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी श्री धर्मेन्द्र शर्मा तथा विद्यालय की प्रचार्य श्रीमती हेमलता मौजूद थी।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी, कृषक उद्यमी तथा स्वरोजगार योजना से लाभान्वित होंगे महिला स्व-सहायता समूह
10 July 2018
राज्य शासन ने महिला स्व-सहायता समूहों/ फेडरेशन को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना तथा मुख्यमत्री स्वरोजगार योजना से लाभान्वित करने का निर्णय लिया है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के प्रमुख सचिव श्री व्ही. एल. कान्ता राव ने यह जानकारी देते हुए बताया कि हाल ही में इस बाबत् विस्तृत आदेश जारी कर दिये गये हैं। अब प्रदेश के महिला स्व-सहायता समूह/ समूह फेडरेशन के सदस्यों को स्व-रोजगार इकाई और अन्य नवीन उद्यम स्थापित करने के लिये इन योजनाओं के अन्तर्गत लाभान्वित किया जायेगा। मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना का लाभ लेने के लिये समूह/ फेडरेशन में कम से कम दो महिला सदस्यों का न्यूनतम पाँचवी कक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक होगा। शेष सदस्यों को न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता में छूट दी जायेगी। योजनाओं से लाभ प्राप्त करने के लिये जरूरी होगा कि महिला स्व-सहायता समूह / फेडरेशन सक्रिय/ क्रियाशील हों। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार समूहों को इन योजनाओं का लाभ पात्रतानुसार पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा दिलवाया जायेगा। सभी प्रकरणों के प्रयोजन, प्रोत्साहन प्रबंधन और अनुश्रवण आदि की कार्यवाही भी इन्हीं विभागों द्वारा की जायेगी।
बकाया बिजली बिल माफी से गरीबों के घर फिर हुए रौशन
10 July 2018
विदिशा जिले की शमशाबाद तहसील के शरीफ और रीवा जिले के लोहदवार निवासी संतोष सिंह के अंधेरे घरों में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा बिल माफी योजना लागू करने से रौशनी वापस आ गई है। इनका कहना है कि बिजली बिल माफी योजना से हमारे अंधेरे घर फिर से रौशन हो गये हैं, परिवार वाले खुश हैं, बच्चे मन लगाकर पढ़ने लगे हैं। बकाया बिल के चलते घरों के बिजली कनेक्शन कट जाने से हम अँधेरे में रहने को मजबूर थे। योजना से लाभांवित इन लोगों ने अगले महीने से मिलने वाला 200 रूपये तक का बिजली बिल समय पर भरने का संकल्प लिया है। विदिशा जिले के शरीफ का 17 हजार 559, रीवा जिले के लोहदवार निवासी संतोष सिंह का 40 हजार 834, रघुनाथ प्रसाद सेन का 24 हजार और राम स्वयंवर कोल का 36 हजार 600 रूपये का बकाया बिजली बिल माफ हुआ है। संतोष सिंह ने बताया कि उनके घर में अँधेरा और पड़ोसी के घर में उजाला रहने पर बच्चे उदास हो जाते थे। बिल ज्यादा और आमदनी कम होने से बिल जमा नहीं कर पा रहे थे। धीरे-धीरे बकाया बिल बढ़ता गया। संतोष सिंह ने संकल्प लिया है कि अब 200 रूपये महीना बिल की सुविधा मिल गई है, हर महीना नियमित बिजली बिल जमा करेंगे।
मासूम नमन को मुख्यमंत्री बाल हदय उपचार योजना से मिला नया जीवन
10 July 2018
होशंगाबाद जिले के सेमरीहरचंद निवासी विनोद साहू के 2 वर्षीय मासूम बेटे नमन को मुख्यमंत्री बाल हदय उपचार योजना से नया जीवन मिला है। बच्चे के इलाज के लिये एक लाख रूपये खर्च कर पाना, मामूली परचूनी की दुकान चलाने वाले पिता के बस की बात नहीं थी। नमन अपने परिवार में 4 बहनों के बीच अकेला भाई है। जन्म के समय से काफी कमजोर था। ह्रदय रोग की परेशानी के कारण खेलकूद भी नहीं पाता था। विनोद साहू के पास बेटे नमन के ऑपरेशन के लिए पर्याप्त पैसा नहीं था। ऐसे में विनोद ने जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों से नमन का उपचार करवाने की ठानी। चिकित्सकों ने भी भरपूर मदद की। मुख्यमंत्री बाल हदय उपचार योजना में नमन के हदय के ऑपरेशन के लिए 90 हजार रूपये की राशि स्वीकृत करवाई गई। स्वीकृत राशि से नमन के हदय का होशंगाबाद के प्लेटीनियम अस्पताल में सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया। आज नमन बिल्कुल स्वस्थ है। खेलने लगा है, पूरे घर में उसकी आवाज भी सुनाई देती है।
11 जुलाई को सभी जिलों में होंगे बिजली बिल माफी योजना के कार्यक्रम
9 July 2018
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि संबल योजना प्रदेश में गरीबों का संबल बन गयी है। यह जन-आंदोलन का रूप ले चुकी है। इस योजना के अंतर्गत गरीबों के लिये मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी योजना और सरल बिजली बिल योजना वरदान सिद्ध हो रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 11 जुलाई को सभी जिलों में बिजली बिल माफी प्रमाण पत्र देने और नये हितग्राहियों का पंजीयन कराने के लिये जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। मुख्य कार्यक्रम रतलाम जिले के जावरा में आयोजित होगा। श्री चौहान ने कहा कि वे स्वयं जावरा से पूरे प्रदेश के हितग्राहियों को संबोधित करेंगे। उनका संबोधन दोपहर तीन बजे से सभी जिलों में सुना जा सकेगा। श्री चौहान आज अप