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बैंक कर्मियों की आज देशव्यापी हड़ताल, कई सेवाएं होंगी प्रभावित..
22 Aug 2017
लखनऊ: देश के राष्ट्रीयकृत बैंक और ग्रामीण बैंक मंगलवार को हड़ताल पर रहेंगे, इसलिए इस दिन बैंकों में कोई काम-काज नहीं हो सकेगा. युनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर 22 अगस्त को होने वाली देशव्यापी हड़ताल में एक लाख ग्रामीण बैंक कर्मियों के शामिल होने की संभावना जताई गई है. यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने बताया, "मंगलवार को सभी राष्ट्रीयकृत बैंक बंद रहेंगे. उधर आर्यावर्त अधिकारी एसोसिएशन ने भी राष्ट्रीयकृत बैंकों के साथ कदम मिलाते हुए हड़ताल में शामिल होने का फैसला लिया है. ग्रामीण बैंक कर्मचारियों के विभिन्न संगठनों के राष्ट्रीय स्तर पर बने साझा मंच ने इसकी घोषणा भी की है." बैंक ऑफ इंडिया ऑफिसर्स एसोसिएशन के महासचिव दिलीप सिंह चौहान ने कहा, "मंगलवार को होने वाले विरोध प्रदर्शन के संचालन के लिए यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन नामक समूह का गठन किया गया है. निजी बैंकों के विलय और बैंकों के निजीकरण के सरकार के कदमों के खिलाफ सोमवार शाम को हजरतगंज की स्टेट बैंक शाखा पर बैंक अधिकारियों ने प्रदर्शन किया." ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त अधिकारी एसोसिएशन के अध्यक्ष एके सिंह एवं महामंत्री सुधीर सक्सेना ने बताया, "बैंकिंग क्षेत्र में सुधारों के नाम पर निजीकरण, अवांछित श्रम सुधार, औद्योगिक घरानों के डूबते ऋणों पर दी जाने वाली रियायतों, बैंक शुल्क में बढ़ोत्तरी, एनपीए की त्वरित वसूली, एफडीआरआई बिल की वापसी, बैंक बोर्ड को विघटित करने की साजिश के विरोध एवं सभी वर्गो के कार्मिकों की भर्ती करने जैसी प्रमुख मांगों को लेकर हड़ताल रखी गई है सुधीर ने बताया, "देश के 56 ग्रामीण बैंकों की 17 हजार शाखाओं में कार्यरत एक लाख अधिकारी एवं कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे. स्थानीय ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त के गोमती नगर स्थित मुख्यालय के समक्ष 22 अगस्त को सुबह 10 बजे एकत्रित होकर बैंक कर्मी प्रदर्शन करेंगे एवं अपनी मांगों के समर्थन में जन-जागरण कार्यक्रम चलाएंगे."
4486 करोड़ का नुकसान झेलकर पूर्ण सूर्य ग्रहण देखने का शौक पूरा करेंगे अमेरिकी..
21 Aug 2017
नई दिल्ली: अमेरिका के लोगों को 100 साल के लंबे इंतजार के बाद पूर्ण सूर्य ग्रहण (Solar eclipse 2017) देखने का मौका मिलेगा. इस खास भौगोलिक घटनाक्रम को देखने के लिए अमेरिका में सार्वजनिक अवकाश की घोषणा कर दी गई है. फोर्ब्स (forbes) की खबर के मुताबिक अमेरिकी लोगों के इस ऐतिहासिक सूर्य ग्रहण (Surya Grahan) के दीदार की कीमत के रूप में यहां की अर्थव्यवस्था को 4486 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ सकता है. हालांकि इस सूर्य ग्रहण (Solar eclipse) के चलते कुछ सेक्टर को भारी मुनाफा कमाने का मौका मिला है. सूर्य ग्रहण से इन सेक्टर को होगा नुकसान: बताया जा रह है कि सूर्य ग्रहण से अमेरिका में खासतौर से आईटी और प्रोडक्शन सेक्टर के ऑफिस बंद रहेंगे, जिससे इस रोजगार से जुड़ी कंपनियों के सबसे ज्यादा नुकसान होगा.
इन सेक्टर को होगा फायदा: अमेरिका में सूर्य ग्रहण को देखने के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है. फूड एंड बेवरेज कंपनियां सूर्य ग्रहण को ध्यान में रखते हुए मार्केट में कई तरह के सॉफ्ट ड्रिंक, चॉकलेट, कॉफी, केक, स्नैक्स, आइस्क्रीम आदि बाजार में उतारे हैं. इनके विज्ञापनों में दिखाया जा रहा है कि ये प्रोडक्ट विशेष तौर से सूर्य ग्रहण के दौरान यूज करने के लिए तैयार किए गए हैं. इसके अलावा कैमरा और चश्मा बनाने वाली कंपनियों ने भी सूर्य ग्रहण के अवसर को भुनाने की कोशिश की है. कुछ कैमरा कंपनियों ने दावा किया है कि उनके कैमरे से सूर्य ग्रहण की ज्यादा स्पष्ट तस्वीरें खींची जा सकेंगी. वहीं चश्मा बनाने वाली कंपनियों ने सूर्य ग्रहण देखने के लिए भारी संख्या में स्टाइलिश सन ग्लासेज मार्केट में उतारे हैं.
ये है सूर्य ग्रहण का वक्त: नासा के वैज्ञानिकों का कहा है कि 100 साल बाद सोमवार को (21 अगस्त) को लगने वाले पूर्ण सूर्य ग्रहण (solar eclipse) पर खास संयोग बन रहा है. साल 2017 के इस दूसरे सूर्य ग्रहण की अवधि 5 घंटे 18 मिनट रहेगी. भारतीय समयानुसार रात 10:16 से मंगलवार 22.08.17 रात 02:34 के मध्य भूगोल पर दिखाई देगा
सूर्य ग्रहण देखने के लिए NASA ने किए खास इंतजाम: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने इस सूर्य ग्रहण (Eclipse 2017) को दुनिया भर तक पहुंचाने का इंतजाम किया है. नासा इस सूर्य ग्रहण का लाइव प्रसारण करेगा. आप नासा के फेसबुक पेज और यूट्यूब प्लेटफॉर्म पर इस पूर्ण सूर्य ग्रहण को लाइव देख सकेंगे. इतना ही नहीं, कई खगोल वैज्ञानिक सूर्य ग्रहण के मायने भी समझाएंगे. वे सूर्य ग्रहण के हर पहलू के बारे में बताएंगे. नासा एक दो नहीं, दुनिया के 12 जगहों से सूर्य ग्रहण का लाइव प्रसारण करेगा. अंतरिक्ष एजेंसी के सोशल प्लेटफॉर्म पर मुहैया कराई गई जानकारी के मुताबिक नासा रिसर्च प्लेन, गुब्बारे और सैटेलाइट के जरिए सूर्य ग्रहण का लाइव कवरेज करेगा. साल का पहला सूर्यग्रहण 26 फरवरी को लगा था और इससे दो सप्ताह पहले यानि 7 अगस्त को रक्षाबंधन वाले दिन खंडग्रास चंद्रग्रहण था.

RBI जल्द जारी करने जा रहा है 50 रुपये का नया नोट, जानें इसकी 10 खूबियां..
19 Aug 2017
नई दिल्ली: बीते साल नवंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बंद करने की घोषणा की थी. इसके बाद आरबीआई ने 500 रुपये के नए नोट जारी कर दिए. हालांकि केंद्रीय बैंक ने इसके बाद दिसंबर में यह कहा था कि वह 50 रुपये और 20 रुपये के नोट जल्द लाएगा. शुक्रवार शाम को भारतीय रिजर्व बैंक ने 50 रुपये के नए नोट की पहली तस्वीर जारी कर दी है. नोट का रंग हरा है. 50 रुपये के नए नोट के पिछले हिस्से पर रथ के साथ हम्पी की आकृति भी होगी, जो देश की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करेगी. नोट पर आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल का हस्ताक्षर होगा. इसके साथ ही आरबीआई की ओर से कहा गया है कि इससे पहले जारी सभी सीरीज के 50 रुपये के पुराने नोट चलन में बने रहेंगे.
क्या है नए नोट की खूबिंयां : नोट के बीच में महात्मा गांधी की तस्वीर है
नोट के दाईं तरफ निचले हिस्से में 50 रुपये लिखा हुआ है
नोट के बाईं तरफ देवनागरी में 50 रुपये लिखा हुआ है
नोट के दाईं तरफ अशोक स्तंभ है
नए नोट में अलग-अलग जगह छोटे शब्दों में RBI,भारत, INDIA और 50 रुपये लिखा है
महात्मा गांधी की तस्वीर के पास गारंटी का वाक्य और गवर्नर के हस्ताक्षर हैं
नए नोट का आकार 66 mm x 135mm होगा
नोट के पिछले हिस्से में बाईं तरफ नोट छपने का साल लिखा है
नोट के पिछले हिस्से में स्वच्छ भारत का नारा भी लिखा है
पिछले हिस्से में हंपी की रथ के साथ तस्वीर है

जल्द आएगा 200 रुपये का नोट: RBI जल्द ही 200 रुपये का नया नोट भी जारी करने की तैयारी में है. वित्त राज्य मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने बताया कि 200 रुपये के नोट की छपाई चल रही है और जल्द ही इसे जारी किया जाएगा. 200 रुपये के नोट की तस्वीर सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही है.

विशाल सिक्का ने इन्फोसिस के CEO-MD पद से दिया इस्तीफा, शेयर लुढ़के..
18 Aug 2017
इन्फोसिस के मुताबिक विशाल सिक्का कंपनी के एक्ज़ीक्यूटिव वाइस-चेयरमैन पद पर बने रहेंगे, तथा चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर यूपी प्रवीण राव को अंतरिम मैनेजिंग डायरेक्टर तथा सीईओ नियुक्त किया है देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में से एक इन्फोसिस के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर विशाल सिक्का ने अपने पद से अचानक इस्तीफा दे दिया है. इन्फोसिस ने एक बयान में बताया कि निदेशक मंडल, यानी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने विशाल सिक्का के इस्तीफे को तत्काल प्रभाव से मंज़ूर कर लिया है. कंपनी का कहना है कि विशाल सिक्का नए स्थायी मैनेजिंग डायरेक्टर तथा सीईओ के पदभार ग्रहण करने तक इन्फोसिस के एक्ज़ीक्यूटिव वाइस-चेयरमैन पद पर बने रहेंगे. यह नियुक्ति 31 मार्च, 2018 से पहले कर दी जाएगी. कंपनी ने चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर यूपी प्रवीण राव को अंतरिम मैनेजिंग डायरेक्टर तथा सीईओ नियुक्त किया है. विशाल सिक्का ने 'व्यक्तिगत' हमलों को इस्तीफे का एक कारण बताया है. कंपनी को इस्तीफे के लिए दिए गए नोटिस में सिक्का ने इन्फोसिस की महान क्षमताओं में विश्वास व्यक्त किया है, लेकिन पिछले कुछ महीनों तथा तिमाहियों में ध्यान बंटाने वाली बातों का ज़िक्र किया, जो लगातार व्यक्तिगत तथा नकारात्मक होती जा रही थीं. विशाल सिक्का ने अपने ट्विटर एकाउंट पर भी सिर्फ तीन मिनट पहले (सुबह 9:57 बजे) लिखा, 'आगे बढ़ रहा हूं...' इस ट्वीट के साथ ही उन्होंने अपने निजी ब्लॉग का लिंक भी दिया है, जहां उन्होंने कंपनी के कर्मचारियों को भेजे अपने खत की प्रति प्रकाशित की है ख़बर सार्वजनिक होते ही कंपनी के शेयरों में गिरावट का रुख देखा गया, और उनकी कीमतें सात फीसदी तक गिर गईं.
कालेधन पर आंकड़ों के स्रोत की जांच कर रहा है राजस्व विभाग : जेटली..
17 Aug 2017
नई दिल्ली: वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को कहा कि नोटबंदी के बाद बैंकों में बेहिसाबी धन जमा कराने वालों की जांच और नोटिस कालेधन के बारे में सूचना जुटाने का स्रोत हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण में इसका उल्लेख किया था. मोदी के भाषण में कालेधन के आंकड़े पर पूछे जाने पर वित्त मंत्री ने कहा कि राजस्व विभाग के आंकड़ें और संभावित राजस्व लाभ के आंकड़े मौजूदा जांच, नोटिस, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) और राजस्व विभाग को मिले जवाब पर आधारित हैं. जेटली ने कहा कि जिन आंकड़ों का उल्लेख किया गया है वे रिजर्व बैंक की रिपोर्ट पर निर्भर नहीं हैं. उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों को लेकर किसी तरह का भ्रम नहीं है. इसका वास्तविक स्रोत यह है कि कितना धन जमा हुआ, कितने धन का कोई हिसाब किताब नहीं है, कितने लोगों ने ऐसा पैसा जमा कराया है जो उनकी आय से अधिक है, कितने लोगों को नोटिस भेजा गया है, नोटिस का दायरा क्या है. यह आंकड़ा इन्हीं सब चीजों पर आधारित है. मोदी ने अपने भाषण में कहा था कि नोटबंदी के बाद छिपा कालाधन औपचारिक अर्थव्यवस्था में लौटा है. प्रधानमंत्री ने कहा था कि बैंकों में जम 1.75 लाख करोड़ रुपये से अधिक जांच के घेरे में है और दो लाख करोड़ रुपये का कालाधन बैंकों में जमा कराना पड़ा था. मोदी ने अपने संबोधन में कहा था कि 18 लाख ऐसे लोगों की पहचान की गई है जिनकी आय उनके द्वारा घोषित आय से कहीं अधिक हैं. उन्हें इसके बारे में स्पष्टीकरण देना होगा.
GST का कुछ यूं लाभ उठाएगी ब्रिटानिया, लोकल मार्केट पर गढ़ाई नजर...
14 Aug 2017
नई दिल्ली: रोजमर्रा के उपयोग का सामान बनाने वाली ब्रिटानिया माल एवं सेवा कर (जीएसटी) को लेकर शुरुआती झिझक के बाद अपना वितरण नेटवर्क बढ़ाने और स्थानीय कंपनियों से बाजार हिस्सेदारी हासिल करने पर ध्यान दे रही है. कंपनी ने कहा कि नई कर व्यवस्था से समान अवसर आया है. ब्रिटानिया ने विश्लेषकों के समक्ष प्रस्तुती में कहा, 'हमारी मुख्य रणनीति वितरण नेटवर्क बढ़ाना, ग्रामीण क्षेत्र में वृद्धि तथा स्थानीय कंपनियों से बाजार हिस्सेदारी हासिल करना है.' कंपनी ने यह भी कहा कि इसके अलावा हमारा जिन अन्य क्षेत्रों पर जोर होगा, उयमें नये क्षेत्र में प्रवेश तथा नई उत्पाद श्रेणी में दस्तक देना शामिल है. कंपनी का पूरी तरह खाद्य कंपनी बनने का लक्ष्य है. पिछले साल ब्रिटानिया ने यूनान के चिपिता एसए के साथ संयुक्त उद्यम समझौता किया. यह समझौता खाने को तैयार उत्पाद क्रोसैंट्स (फ्रांस में नाश्ते में उपयोग होने वाला खाद्य पदार्थ) का विनिर्माण तथा बिक्री के लिये किया गया. कंपनी 70 से अधिक देशों में काम कर रही है. इनमें प्रमुख क्षेत्र पश्चिम एशिया, अफ्रीका, अमेरिका, एशिया प्रशांत तथा दक्षेस हैं. ब्रिटानिया का एकीकृत शुद्ध लाभ जून तिमाही में 1.40 प्रतिशत घटकर 216.12 करोड़ रुपये रहा.
प्रदेश के नव-निर्माण में उद्यमी आगे बढ़कर करें सहयोग..
12 Aug 2017
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश की प्रतिभाओं के सपनों को साकार करने में धन के अभाव को बाधा नहीं बनने दिया जायेगा। सरकार द्वारा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिभाओं के प्रोत्साहन के लिये मुख्यमंत्री मेधावी छात्र योजना और उद्योग एवं व्यापार के क्षेत्र में प्रतिभाओं को सहयोग के लिये मुख्यमंत्री उद्यमी योजनाएं लागू की है। उन्होंने उद्योग जगत के लीडरों का आव्हान किया कि वे अपनी क्षमता, दक्षता और अनुभवों का उपयोग प्रदेश के विकास में करें। श्री चौहान आज फेडरेशन ऑफ म.प्र. चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इन्डस्ट्रीज के चौथे एचीवमेंट अवार्ड कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में विशाल उद्योग आयें, यह अत्यंत अच्छा है, लेकिन गाँव-गाँव में लघु उद्योगों का जाल बिछना जरूरी है। इसके लिये हर पंचायत में उद्योगों की स्थापना के प्रयास होने चाहिये। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण, कोल्ड स्टोरेज और भंडार गृहों की स्थापना के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं। इस पर विचार कर उद्योग जगत का नेतृत्व सुझाव दे। उन्होंने कहा कि न्यू इंडिया के लिये नया म.प्र. बनाना है। इसके लिये सरकार, उद्योग एवं व्यापार जगत को मिलकर कार्य करना होगा। प्रदेश के विकास के लिए निवेश और लघु उद्योगों को प्रोत्साहित करने के प्रयासों पर कोर टीम बनाकर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिजनेस लीडर टीम मध्यप्रदेश के सदस्य हैं। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि उद्योग और व्यापार जगत को प्रोत्साहित करने के प्रयासों में सहयोग करें। उन्होंने कहा रियल स्टेट ऐसा क्षेत्र है, जिसमें रोजगार सृजन की व्यापक संभावनाएं हैं। शीघ्र ही रियल स्टेट पंचायत आयोजित किये जाने और आगामी माह उद्योग एवं व्यापार जगत को प्रोत्साहित करने पर विचार-विमर्श करने की जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री ने एचीवमेंट प्राप्त उद्यमियों को सम्मानित कर शुभकामनाएं दी तथा फेडरेशन की पुस्तिका का विमोचन किया। उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने औद्योगिक क्रांति के भागीरथी प्रयास किये हैं। सरकार द्वारा उद्योग जगत को 1500 करोड़ रूपये से अधिक की विभिन्न प्रकार की सहायता और सुविधाएं उपलब्ध करवाई है। उद्योगों के लिए डेढ़ लाख हेक्टेयर भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित की है। राज्य की विकास दर 10 प्रतिशत से अधिक रही है। उन्होंने विजेताओं को बधाई दी। संरक्षक एफ.एम.पी.सी.सी.आई. श्री गिरीश अग्रवाल ने कहा कि सरकार के सकारात्मक दृष्टिकोण से शांतिपूर्ण उद्योग संचालन का वातावरण बना है। फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ. आर.एस. गोस्वामी ने बताया कि पुरस्कार विजेताओं की इकाईयों में 37 हजार 9 सौ व्यक्तियों को रोजगार मिला है। उनका सकल उत्पादन एक लाख 17 हजार करोड़ रूपये से अधिक का है। उन्होंने 65 प्रतिशत से अधिक वृद्धि की उपलब्धि अर्जित की है। फेडरेशन की उपाध्यक्ष सुश्री मीना पिंपलापुरे ने आभार माना। सभी वक्ताओं ने फेडरेशन के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय श्री रमेश चन्द्र अग्रवाल का स्मरण करते हुये उनके योगदान का उल्लेख किया।
नया स्मार्टफोन लिया है? कुछ जरूरी काम कर लें ताकि बाद में दिक्कत न हो...
12 Aug 2017
नई दिल्ली: अगर आपने नया स्मार्टफोन लिया है तो बेहतर होगा कि एक दो दिन के भीतर भीतर आप कुछ जरूरी काम इसे लेकर कर लें ताकि किसी प्रकार की दिक्कत भविष्य में न हो. फोन चाहे सस्ता हो या महंगा आखिर उसमें मौजूद डाटा और कॉन्टेक्स्ट व तस्वीरें आप जरूर सहेज कर रखना चाहेंगे. आपका डाटा एक फोन की फिजिकल कीमत से अधिक महत्वपूर्ण है. .
आइए आज जानें 5 काम, जो नया फोन लेने के बाद आपको कर लेने चाहिए : 1- स्क्रीन डिस्प्ले का ध्यान रखें. एक बार टूट गया या क्रेक हो गया तो लुक ही नहीं बल्कि टच भी खऱाब हो जाता है. इसलिए स्मार्टफोन की सुरक्षा के लिए उस पर अच्छी क्वॉलिटी का टेम्पर्ड ग्लास लगवाएं. सामान्य स्क्रीन गार्ड फोन की स्क्रीन को सिर्फ स्क्रैच आदि से बचाता है, लेकिन फोन गिर जाए तो उसकी स्क्रीन को टूटने से टेम्पर्ड ग्लास ही बचाता है. इसलिए अच्छी क्वॉलिटी का टेम्पर्ड ग्लास लगवा लें. 2- फोन हम कहीं भी रखते हैं.. वक्त जरूरत के हिसाब से बस से लेकर सीट पर और टेबल से लेकर पब्लिक प्लेसेस पर इसे रखते हैं. ऐसे में बैक पर खरोंच आने का खतरा बना रहता है. अच्छा होगा कि जल्द ही बैक कवर यूज कर लें. स्क्रैच, निशान और डेंट आदि से बचाने के लिए अच्छी क्वॉलिटी का बैक कवर खरीदें 3- फोन का इंश्योरेंस करवा लें. आपको पता ही होगा कि स्मार्टफोन का भी बीमा कराया जा सकता है. कई स्मार्टफोन कंपनियां का बीमा ऑफर कर रही हैं. इसमें फिजिकल डैमेज, लिक्विड डैमेज और किसी मैकेनिकल खराबी के लिए बीमा शामिल है 4- अपने फोन में ऐप लॉक का इस्तेमाल करें. इसे गूगल प्ले या एपल स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं. जरूरी फाइलों और फोल्डर्स पर इसका इस्तेमाल करें. कोई आपके निजी मेसेज, फोटोज और दूसरे डाटा क्यों देखे. 5- फोन को डाटा से बचाना आज के समय में इसलिए भी जरूरी है क्योंकि हम डिजिटल इकॉनमी की ओर बढ़ रहे हैं और नेट बैकिंग आदि का प्रयोग करते हैं. अपने स्मार्टफोन की स्क्रीन की सुरक्षा की तरह ही उसके डाटा की सुरक्षा भी करें. किसी अच्छे एंटी- वायरस और डाटा सिक्यॉरिटी सॉफ्टवेयर को इंस्टॉल कर उपयोग में लाएं.

आधार कार्ड के बिना अब नहीं हो पाएंगे आपके ये 5 काम...
11 Aug 2017
नई दिल्ली: पीएम मोदी की सरकार आधार कार्ड की अनिवार्यता को दिनोंदिन बढ़ाती जा रही है. कई जरूरी कामों के लिए आधार नंबर जरूरी हो गया है. आने वाले दिनों में बिना आधार कार्ड के बिना और भी बहुत से काम हैं जो नहीं हो सकेंगे. ऐसे में यदि आपने अभी तक कार्ड नहीं बनवाया है या फिर किसी प्रकार के अपडेशन की जरूरत है तो आप यह कर लें. आइए आज जानें 5 जरूरी काम जिन्हें आप आधार नंबर के बिना अंजाम नहीं दे सकते- .
1. दक्षिण भारत से नाता अगर आपके पास पहले से ही पैन है तो उससे आधार नंबर लिंक होना जरूरी है और यदि आपने पैन अभी नहीं बनवाया है तो बता दें कि जब भी आप यह बनवाएंगे आपसे आधार नंबर पूछा जाएगा. आपका आवेदन आधार नंबर के बिना पूरा नहीं होगा. बैंक खाता खोलने और मौजूदा खाते को जारी रखने के लिए...
1. दक्षिण भारत से नाता अब किसी भी बैंक में अकाउंट खोलने के लिए आधार नंबर देना जरूरी है और जिन बैंकों में आपके पास पहले से ही खाता है वहां आधार नंबर जोड़ा जाना जरूरी है. इसके अलावा यह 50 हजार रुपये से अधिक के ट्रांजैक्शन के लिए भी जरूरी है. ..
EPFO ने किया अनिवार्य कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने आपके पीएफ खातों के लिए आधार संख्या अनिवार्य कर दी है. आगे की सुविधाएं ले सकें, इसके लिए जरूरी है कि जल्द से जल्द नियोक्ता के मार्फत अपना आधार ईपीएफओ में अपडेट कर दें.
इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए... हाल ही में यानी 5 अगस्त को आईटीआर फाइलिंग की लास्ट डेट खत्म हुई है. सरकार ने अनिवार्य कर दिया है कि रिटर्न फाइलिंग के लिए आधार नंबर जुड़ा होना चाहिए. आयकर विभाग, 1 जुलाई तक के आंकड़ों के मुताबिक, 2.62 आधार नंबरों को पैन के डाटाबेस के साथ जोड़ चुका है. फिलहाल 25 करोड़ से अधिक पैन कार्ड आवंटित किए गए हैं, जबकि आधार कार्ड संख्या करीब 115 करोड़ लोगों को आवंटित की जा चुकी हैं. .
डेथ सर्टिफिकेट बनवाने के लिए.. केंद्र सरकार ने फैसला लिया है कि एक अक्टूबर से डेथ सर्टिफिकेट के लिए आधार नंबर दर्ज करना होगा, तभी डेथ सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा. गृह मंत्रालय का यह नया फरमान पहली अक्टूबर से पूरे देश में लागू होगा. जम्मू-कश्मीर, असम और मेघालय को इससे फिलहाल दूर रखा गया है वैसे चलते चलते आपको बता दें कि आप अपना नाम, पता, जन्मतिथि, उम्र, लिंग संबंधी जानकारी, मोबाइल नंबर, ईमेल पता आदि को ऑनलाइन या पोस्ट द्वारा दस्तावेज भेजकर अपडेट कर सकते हैं.

करते हैं व्यापार तो इन तारीखों तक भर दें जीएसटी के तहत टैक्स रिटर्न
10 Aug 2017
नई दिल्ली: सरकार ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत जुलाई और अगस्त के लिए अंतिम रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा तय कर दी है. वित्त मंत्री अरुण जेटली की अगुवाई वाली जीएसटी परिषद ने जून में कारोबारियों के लिए फॉर्म जीएसटीआर-1, जीएसटीआर-2 और जीएसटीआर-3 में जुलाई और अगस्त के लिए अंतिम जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की विस्तारित समयसीमा को मंजूरी दी थी. अंतरिम समय के लिए कंपनियों को जीएसटीआर-3बी जमा कराना था, जो कि स्व आकलन के आधार पर कर देनदारियों का विस्तृत ब्योरा जीएसटीआर-3बी में जमा कराना होगा. केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) ने अब जीएसटी रिटर्न फार्म दाखिल करने की तारीखों को अधिसूचित कर दिया है अधिसूचना के अनुसार फॉर्म जीएसटीआर-1 में दूसरे राज्य में भेजी जाने वाली आपूर्ति का ब्योरा एक से पांच सितंबर तक जमा कराना होगा. अगस्त के लिए इसे 16 से 20 सितंबर तक जमा कराना होगा. जीएसटीआर-एक जमा कराने की मूल तारीख 10 सितंबर थी. अपने पास आने वाली आपूर्ति का ब्योरा 6 से 10 सितंबर तक फॉर्म जीएसटीआर-2 में जमा कराना होगा. अगस्त के लएि यह 21 से 25 सितंबर है. जीएसटीआर-2 दाखिल करने की मूल तारीख पहले 15 सितंबर थी.
रोज 70 रुपये लगाकर ऐसे बनें करोड़पति
9 Aug 2017
अगर आपकी उम्र 20 से 30 साल के बीच है तो आपको अभी से अपनी फ्यूचर प्लानिंग शुरू कर देनी चाहिए. आप जितना जल्द निवेश शुरू करेंगे, उतना बेहतर रहेगा. हम आपको बता रहे हैं कि कैसे आप रोजाना 70 रुपये लगातार अपने लिए 1 करोड़ रुपये का फंड तैयार कर सकते हैं. साथ ही, इसी पैसे में आपको 1 करोड़ रुपये का इंश्योरेंस कवर भी मिल जाएगा. आपको 70 रुपये रोजाना का निवेश 30 साल तक करना होगा.
1 करोड़ रुपये बनाने का गुणा-गणित 1 करोड़ रुपये बनाने के लिए आपको 70 रुपये में से 50 रुपये हर रोज इक्विटी म्यूचुअल फंड में लगाने होंगे. यानी आपको 1,500 रुपये महीने इक्विटी म्यूचुअल फंड में 30 साल तक निवेश करना होगा. अगर सालाना 15 फीसदी के रिटर्न के हिसाब से जोड़ें तो आपको 30 साल बाद 1 करोड़ रुपये मिलेंगे. इस पैसे पर आपको किसी तरह का टैक्स नहीं देना होगा. ट्रेडिशनल इंश्योरेंस प्लान की बजाय आप टर्म इंश्योरेंस खरीदिए. इसमें आप सालाना कम प्रीमियम देकर कहीं ज्यादा लाइफ कवर हासिल कर सकते हैं. अगर आप 26-30 साल की उम्र के बीच सिंपल टर्म प्लान खरीदते हैं तो आपको रोजाना 20 रुपये के हिसाब से सालाना 7,200 रुपये से ज्यादा का प्रीमियम नहीं देना पड़ेगा. यह पॉलिसी अगले 30 सालों के लिए आपको 1 करोड़ रुपये का कवर देगी. टर्म प्लान लेते समय यह ध्यान रखें कि कवर आपकी मौजूदा सालाना इनकम का 10-20 गुना जरूर हो. Bankbazaar.com के कैटेगरी हेड (सेविंग्स एंड इनवेस्टमेंट) अजीत नरसिम्हन का कहना है, ‘कई प्रॉडक्ट्स आपको कंपाउंडिंग का फायदा देते हैं., जिसमें फिक्स्ड डिपॉजिट, रेकरिंग डिपॉजिट के अलावा किसान विकास पत्र और म्यूचुअल फंड SIP शामिल हैं. म्यूचुअल फंड महंगाई के मुकाबले सबसे बेहतर हेजिंग की सुविधा देते हैं और सबसे अधिक रिटर्न ऑफर कर सकते हैं.

शुल्क दर से जुड़े मुद्दों को निपटाने का पूरा अधिकार : ट्राई
8 Aug 2017
नई दिल्ली: दूरसंचार नियामक ट्राई (Telecom Regulatory Authority of India) ने मंगलवार को कहा कि उसके पास क्षेत्र की शुल्क दर से जुड़े मुद्दों को निपटाने का पूरा अधिकार व विशेषज्ञता है. नियामक ने इस बारे में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) को पत्र लिखा है. इसमें ट्राई ने दूरसंचार शुल्क दरों में बाजार बिगाड़ने वाले शुल्कों व प्रतिस्पर्धा से जुड़े मामलों को निपटाने में अपने अधिका​रों व विशेषज्ञता पर जोर दिया है. एक अधिकारी ने कहा कि ट्राई ने इस बारे में आयोग के तर्कों को प्रतिवाद किया है. ट्राई ने सीसीआई के चेयरमैन देवेंद्र के सिकरी को लिखे पत्र में कहा है कि दूरसंचार नियामक के रूप में उसकी प्रमुख जिम्मेदारी शुल्क दरों पर विचार करना है.
कहीं आपका भी PAN तो नहीं हो गया डिएक्टिवेट, ऐसे जाने अपने कार्ड का स्टेटस
5 Aug 2017
नई दिल्ली। देशभर में करीब 11.44 लाख से अधिक पैन कार्ड या तो बंद कर दिए गए हैं या फिर निष्क्रिय कर दिए गए हैं। ऐसा अधिकांश उन मामलों में किया गया है जहां पर किसी के पास एक से अधिक पैन कार्ड था। यह जानकारी वित्त राज्यमंत्री संतोष कुमार गंगवार ने दी है। पैन आवंटन का नियम है कि एक व्यक्ति के पास एक ही पैन रहे। वहीं, आधार को पैन से लिंक कराने को लेकर भी कहा जा रहा है कि यदि समय रहते यह काम नहीं किया गया तो भी कार्ड बंद हो सकता है। ऐसे में कई लोगों के मन में आशंका है कि बंद किए गए पैन कार्ड में उनका पैन भी तो शामिल नहीं है। हम आपको यहां बताएंगे कि ऑनलाइन जाकर आप किस तरह अपने पैन का स्टेटस जान सकते हैं - ऐसे जानें आपका पैन कार्ड एक्टिव है या नहीं 1. इनकम टैक्स की वेबसाइट पर क्लिक करें। साइट पर KNOW YOUR PAN विकल्प दिखेगा। इस पर क्लिक करें। इस पर किसी भी प्रकार का लॉगिन करने की जरूरत नहीं होगी। incometaxindiaefiling.gov.in/e-Filing/Services/KnowYourPanLinkGS.html से भी यहां जा सकते हैं। इस पर क्लिक करने के बाद एक नई विंडो ओपन होगी, जहां एक फॉर्म दिया जाएगा। 2. फॉर्म में मिडल नेम, सरनेम और फर्स्ट नेम भरना होगा। यह पैन कार्ड पर दी गई जानकारी के अनुसार ही होना चाहिए। अगर मिडल नेम नहीं लिखते हैं तो इस कॉलम को खाली छोड़ा जा सकता है। पैन कार्ड में दी गई जन्म तारीख ही दर्ज करें। मोबाइल नंबर आदि जानकारी दर्ज कर सब्मिट पर क्लिक करें। 3. इसके बाद मोबाइल नंबर पर एक कोड आएगा। कोड को नई विंडो में दिए गए विकल्प पर दर्ज करें और फिर वेलिडेट पर क्लिक करें। 4. इसके बाद यूजर को उसके पैन का स्टेटस पता चल जाएगा।
अगर आपके स्मार्टफोन की स्पीड भी हो रही है स्लो, तो ये काम तुरंत कर लें
4 Aug 2017
नई दिल्ली: स्मार्टफोन ने घड़ी से लेकर कैलकुलेटर को रिप्लेस कर दिया है. मोटामोटी बात करें तो यह कई गैजेट्स या टूल्स का काम अकेले कर लेता है. इसका असर यह भी होता है कि फोन कुछ समय बाद स्लो हो जाता है और हैंग होने लगता है. जरूरत के हिसाब से आपको तरह-तरह के ऐप भी अपने स्मार्टफोन में डाउनलोड करने पड़ते हैं. ऐसे में स्मार्टफोन की स्पीड कैसे बढ़ाएं, इसकी जुगत में आप भी जरूरत पड़ने पर लग जाते होंगे.
चलिए आज आपको बताते हैं कि कैसे स्मार्टफोन की स्पीड दुरुस्त करें. 1- जो ऐप आप डाउनलोड करते हैं वे फोन की इंटरनल मेमोरी में स्टोर होते हैं. फोन की स्पीड बनाए रखने के लिए उन ऐप को डिलीट कर देना चाहिए जिनका आप लंबे समय से इस्तेमाल नहीं कर रहे या फिर अब आपको उनकी जरूरत नहीं. 2- बहुत से ऐप को आप अपने एक्सटर्नल मेमोरी कार्ड में मूव भी कर सकते हैं. इससे भी स्पीड ठीक होगी. फोन में स्टोर फोटो, म्यूजिक और वीडियो को भी एसडी कार्ड में ट्रांसफर कर सकते हैं. 3- ऐप का कैश डाटा भी क्लियर करते रहिए. प्रत्येक ऐप के लिए क्लियर कैश नामक एक ऑप्शन होता है. इसके अलावा आपको क्लीनिंग के लिए प्ले स्टोर पर कई ऐप भी मिल जाएंगे. 4- कई ऐप जिनके नोटिफिकेशन की आपको जरूरत नहीं, उनके ऐप नोटिफिकेशन भी आप ऑफ कर लीजिए. ज्यादातर ऐप के नोटिफिकेशन फोन पर अक्सर आते रहते हैं, उन्हें ऐप की सेटिंग्स में जाकर बंद करना होता है. 5- फोन में हजार तक फोटो व कई सारे वीडियो स्टोर करने से बेहतर है कि अपनी यादों को किसी लैपटॉप, डेस्कटॉप या फिर पेन ड्राइव जैसे स्टोरेज में सेव करके रख लें. ऐसे में यदि आपके फोन पर वायरस अटैक हुआ तो ये यादें तो कम से कम सलामत रहेंगी

आरबीआई ने घटाई रेपो और रिवर्स रेपो रेट, लोन सस्ता होने की बनी उम्मीद
3 Aug 2017
नई दिल्ली। महंगाई में नरमी आने के मद्देनजर रिजर्व बैंक ने नीतिगत दरों रेपो और रिवर्स रेपो दर में एक चौथाई फीसदी की कटौती करने की बुधवार को घोषणा की, जिससे व्यक्तिगत लोन के साथ ही आवास एवं कार लोन के भी सस्ते होने की उम्मीद है। मौद्रिक नीति समिति की दो दिवसीय बैठक में यह निर्णय लिया गया है। रिजर्व बैंक गवर्नर उर्जित पटेल सहित पांच सदस्यों ने इस कटौती के पक्ष में मतदान किया जबकि एक सदस्य ने इसमें आधी फीसदी की कटौती करने का और एक सदस्य ने यथास्थिति बनाए रखने के पक्ष में मत दिया। बैठक के बाद जारी बयान में उर्जित पटेल ने कहा कि महंगाई में आई नरमी के मद्देनजर नीतिगत दरों में एक चौथाई फीसदी की कटौती की गई है। अब रेपो दर 6.25 प्रतिशत से घटकर 6.0 प्रतिशत और रिवर्स रेपो दर 6.0 प्रतिशत से घटकर 5.75 प्रतिशत हो गई है। यह कटौती तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है। इसी तरह से मार्जिनल स्टेंडिंग फैसेलिटी (एमएसएफ) दर और बैंक दर भी 6.50 प्रतिशत से घटकर 6.25 प्रतिशत हो गई है। इसमें कहा गया है कि महंगाई को ऋणात्मक/ घनात्मक दो फीसदी के साथ चार प्रतिशत के दायरे में रखने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यह कटौती की गई है। हालांकि समिति ने चालू वित्त वर्ष में विकास अनुमान को 7.3 प्रतिशत पर स्थिर रखा है। समिति के अध्यक्ष पटेल के साथ ही डॉ. चेतन घाटे, डॉ.पमी दुआ और डॉ. विरल वी. आचार्य ने नीतिगत दरों में एक चौथाई कटौती के पक्ष में अपना मत दिया जबकि डॉ. रवीन्द्र एच. ढोलकिया इसमें आधी फीसदी की कटौती चाह रहे थे। हालांकि, डॉ. माइकल देबब्रत पात्रा यथास्थिति बनाए रखने के पक्ष में थे। बयान में कहा गया है कि दूसरी द्विमासिक समीक्षा में चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में महंगाई के 2.0 से 3.5 प्रतिशत के बीच तथा दूसरी छमाही में इसके 3.5 से 4.5 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान जताया गया था। अब महंगाई के निर्धारण में केन्द्रीय कर्मचारियों के सातवें वेतन आयोग के तहत आवास भत्ते का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर प्रभाव, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लागू होने कीमतों की समीक्षा के असर और खाद्य महंगाई में होने वाले उतार चढ़ाव की भूमिका होगी। बयान में कहा गया है कि मुख्य महंगाई में कई कारकों की भागीदारी होती है। राज्यों के कृषि ऋण माफ करने से वित्तीय घाटा बढ़ सकता है और इससे सरकारी व्यय प्रभावित होने के साथ हर महंगाई भी बढ़ सकती है। इसी दौरान राज्यों द्वारा वेतन और भत्तों को लागू किया जाना भी महत्वपूर्ण होगा। राज्य यदि केन्द्र की तरह ही वेतन और भत्तों में बढोतरी करने का मार्ग चुनते हैं तो अगले डेढ़ से दो वर्षाें में महंगाई में एक प्रतिशत की अतिरिक्त बढ़ोतरी हो सकती है। इसमें कहा गया है कि जीएसटी के लागू होने से असंगठित व्यापार के संगठित व्यापार के रूप में तब्दील होने, कर चोरी में कमी आने, लागत, दक्षता और प्रतिस्पर्धी बनने आदि से निवेश बढ़ाने में मदद मिल सकती है। विदेशी मांग में भी धीरे-धीरे सुधार हो रहा है और इससे घरेलू अर्थव्यवस्था को बल मिलना चाहिए। इसके मद्देनजर चालू वित्त वर्ष के आर्थिक विकास अनुमान को 7.3 प्रतिशत पर यथावत रखा गया है। समिति ने निजी निवेश को गति देने, इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी बाधाओं को हटाने और सभी को घर उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना पर अधिक जोर देने की आवश्यकता बतायी है। बयान में कहा गया है कि सरकार और रिजर्व बैंक जोखिम में फंसे बड़े कार्पोरेट ऋण के मसले को सुलझाने तथा सरकारी बैंकों को पूंजी उपलब्ध कराने पर मिलकर काम कर रहे हैं। इससे मांग बढ़ेगी जिससे उत्पादकता वाले क्षेत्र में ऋण उठाव बढ़ाने में मदद मिल सकती है। बयान में अनुसार, समिति की बैठक का विस्तृत विवरण 16 अगस्त को जारी किया जाएगा। समिति की अगली बैठक 3 और 4 अक्टूबर को होगी।
Jio की लहर के चलते कई कंपनियों की सस्‍ते 4G फीचर फोन लाने की योजना
2 Aug 2017
नई दिल्ली: रिलायंस जियो के 4जी फीचर फोन लांच करने के बाद बाजार में मची उथल-पुथल के बीच कई मोबाइल कंपनियां इस साल के अंत तक सस्ते 4जी फीचर फोन बाजार में उतारने की योजना बना रही हैं. 4जी चिपसेट बनाने वाली कंपनी स्प्रेडटर्म कम्युनिकेशंस के राष्ट्र प्रमुख नीरज शर्मा ने कहा, ''हम 4-5 कंपनियों के साथ बातचीत के दौर में है जो फोन पेश (स्प्रेडटर्म के चिपसेट पर) करने की योजना पर काम कर रही हैं. हमें उम्मीद है कि वह 2017 की चौथी तिमाही में अपना फोन बाजार में उतारेंगी.'' यही कंपनी रिलायंस के 4जी फीचर फोन 'जियो फोन' के लिए भी चिपसेट की आपूर्ति कर रही है. घरेलू कंपनी लावा पहले ही स्प्रेडटर्म के चिपसेट पर आधारित 4जी फीचर फोन बाजार में उतार चुकी है. एक अन्य कंपनी की मीडियाटेक के चिपसेट पर आधारित 4जी फीचर फोन इस माह के अंत तक उतारने की योजना है जिसकी कीमत 1,999 रुपये होगी.
आयकर रिटर्न भरने का आज आखिरी दिन, आधार-पैन लिंक नहीं है तो भी एेसे भर सकते हैं इनकम टैक्स रिटर्न
31 July 2017
सर्इ दिल्ली। आयकर रिटर्न दाखिल करने में बहुत से लोगों को आधार नंबर आैर पैन कार्ड के लिंक नहीं होने के चलते परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। हालांकि अब इन लोगों को केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने राहत दी है। अब आप आधार आैर पैन कार्ड की जानकारी दिए बिना भी आयकर रिटर्न दाखिल करवा सकते हैं। कर्इ लोगों को पैन आैर आधार कार्ड लिंक करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। एेसे लोगों के लिए CBDT का ये फैसला राहत लेकर आया है। दरअसल जन्म की तारीख आैर एेसी ही दूसरी जानकारियों के नहीं मिलने के चलते लोगों को आयकर रिटर्न दाखिले में समस्या हो रही थी। इसके बाद लोग आसानी से आयकर रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। हालांकि लोगों को आधार लिंक का जिक्र आर्इटीआर में करना अनिवार्य है। हम आपको बता दें कि आयकर रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलार्इ है। केन्द्र सरकार की आेर से 30 जून को ही ये स्पष्ट कर दिया गया था कि एक जुलार्इ से आर्इटीआर की र्इ-फाइलिंग के लिए आधार या फिर आधार के लिए नामांकन की आर्इडी होना आवश्यक होगा। वहीं आयकर विभाग से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक आधार को पैन से संबंध नहीं किया है तो भी वे आधार का उल्लेख कर र्इआर्इटीआर में कर देंगे तो इसे भी वैध ही माना जाएगा। इस मामले में केन्द्र सरकार ने 10 जून को कहा था कि एक जुलार्इ से आयकर रिटर्न दाखिले आैर स्थायी खाता संख्या हासिल करने के लिए आधार आैर पैन को जोड़ना होगा। ये सरकारी स्पष्टीकरण सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के बाद आया था जिसमें कोर्ट ने अधिनियम के उस प्रावधान को वैध माना था जिसमें पैन कार्ड आवंटन आैर आयकर रिटर्न दाखिले के लिए आधार को अनिवार्य किया गया है, लेकिन निजता के अधिकार से जुड़े मामले को लेकर संवैधानिक पीठ का फैसला नहीं आने तक इस पर आंशिक स्थगन है। सीबीडीटी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर कहा था कि कोर्ट ने सिर्फ उन लोगाें को राहत दी है जिनके पास आधार नंबर नहीं है या फिर जिन्होंने आधार में पंजीकरण नहीं कराया है। एेसे में आयकर अधिकारी उन लोगों के पैन को निरस्त नहीं करेंगे।
अगर कराया डेबिट कार्ड से फ्लाइट टिकट बुक तो मिलेंगे 5 हजार नगद!
29 July 2017
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने हवाई सफर करने वालों को एक बड़ा तोहफा दिया है। एसबीआई के डेबिट कार्ड से टिकट बुक कराने पर आपको भारी छूट मिलेगी। इस ऑफर का लाभ लेने के लिए कस्टमर को एक लाख रुपए या इससे अधिक की इंटरनेशनल फ्लाइट बुक करानी होगी। इसके साथ वेबसाइट या मोबाइल एप्लिकेशन से टिकट बुक कराना होगा। टिकट बुक होते ही वालेट में तुरंत 5000 का कैश बैक आ जाएगा। इंटरनेशनल फ्लाइट के टिकट का खर्च अगर 35 हजार रुपए से लेकर 99999 रुपए के बीच होगा तो 2000 रुपए का कैशबैक दिया जाएगा। यूजर को फ्लाइट बुक करते समय कोड भरना होगा। इसी से ही कैशबैक की सुविधा मिलेगी। यह अॅाफर 30 सितंबर तक दिया जाएगा।
घरेलू उड़ानों पर भी मिलेगा कैशबैक एसबीआई ने घरेलू उड़ानों पर भी कैशबैक का ऑफर दिया है। 6000 या इससे अधिक के टिकट पर अगर टूरिस्ट ऐप से बुकिंग करते है तो 800 और वेबसाइट से बुकिंग पर 500 रुपए कैशबैक मिलेगा। साथ ही 3500 रुपए से 5999 रुपए के बीच का ऐप से टिकट बुक करने पर 500 रुपए और वेबसाइट से बुक करने पर 250 रुपए का कैशबैक दिया जाएगा। इसी तरह 1500 रुपए से लेकर 3499 रुपए का टिकट बुक करने पर भी कैशबैक ऐप से 200 रुपए का और वेबसाइट से 150 रुपए का दिया जाएगा।
होटल बुकिंग में राहत 7500 रुपए तक के होटल बुकिंग पर 30 फीसदी का डिस्काउंट दिया जाएगा। यह ऑफर घरेलू स्तर के लिए है। वही, इंटरनेशनल होटल के लिए 20 फीसदी का कैशबैक दिया जाएगा। साथ ही बैंक कुछ ओर फील्ड को भी कैशबैक सुविधा से जोडऩे जा रही है।

खुशखबरी, सस्ता होगा सोना, मोदी सरकार घटा सकती आयात शुल्क
28 July 2017
नई दिल्ली व्यापारिक घाटे के चलते केंद्र सरकार सोने की इंपोर्ट ड्यूटी घटाने का फैसला कर सकती है। वाणिज्य मंत्रालय के सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। सोने पर आयात शुल्क घटाए जाने से स्थानीय मार्केट में कीमतें कम होंगी और मांग में इजाफा हो सकता है। बीते करीब 6 सप्ताह से सोने की कीमतें अपने उच्चतम स्तर पर चल रही हैं। जून में पहली बार कीमतों में मामूली गिरावट के बाद अब एक बार फिर से इजाफे का दौर है। 1 जुलाई से गोल्ड ज्वैलरी पर सेल्स टैक्स बढ़ाने का फैसला लिए जाने के बाद सोने की स्मगलिंग बढऩे की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में सरकार इस पर लगाम लगाने के लिए इंपोर्ट ड्यूटी कम करने का फैसला ले सकती है।
आयातकों-निर्यातकों ने किए सवाल राजस्थान चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री की ओर से बुधवार को चैम्बर भवन परिसर में आयातकों एवं निर्यातकों के लिए सीमा शुल्क को लेकर एक परिचर्चा का आयोजन किया गया। परिचर्चा के मुख्य वक्ता सीमा शुल्क आयुक्त एससी अग्रवाल रहे। उन्होंने सीमा सुरक्षा शुल्क विभाग एवं अपनी कार्यशैली में और भी पारदर्शिता लाने की बात कही। उन्होंने बताया कि अब निर्यातक कस्टम ड्यूटी का भुगतान ऑनलाइन भी कर सकते है। इसके साथ ही विभाग ने ई-फाईलिंग की सुविधा भी प्रारंभ की है। इस अवसर पर चैम्बर के महासचिव डॉ. केएल जैन भी उपस्थित थे।

महज 10,000 रुपये की कीमत में शानदार कैमरे वाले पांच स्मार्टफोन
27 July 2017
नई दिल्ली: स्मार्टफोन ने हरेक को 'फोटोग्राफर' बना दिया है. स्मार्टफोन लेते समय हम कैमरा मेगापिक्सल को अपनी प्राथमिकता की सूची में रखते हैं. वह फोन उतना अच्छा, जितना उसका कैमरा अच्छा. यूं तो कैमरा फोन एक से महंगा एक मिल जाता है लेकिन आइए आज हम आपको बताएं वे कैमरा फोन जो दस हजार रुपये के इर्द गिर्द में आपको बाजार में मिल जाएंगे.
Lenevo K6 Power लेनेवो के6 पावर का कैमरा 13 मेगापिक्सल का है. इस फोन में ऑक्टाकोर क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 430 प्रोसेसर है. इसमें 3GB रैम है जबकि 32GB इंटरनल स्टोरेज है जिसे कि माइक्रो एसडी कार्ड के जरिए बढ़ाया जा सकता है. इस डिवाइस में 4100mAh बैटरी है और यह डिवाइस एंड्रॉयड 6.0 ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है. इस स्मार्टफोन की कीमत 9,999 रुपये है.
Xiaomi Redmi Note 4 शाओमी रेड्मी नोट 4 बेस्ट स्मार्टफोन में गिना जाता है. इसमें 13 मेगापिक्सल कैमरा है. इस फोन की बैटरी लाइफ बजट स्मार्टफोन्स में सबसे बेहतर बताई जाती है. इसमें 4100mAh बैटरी है. फोन का डिस्प्ले 5.5 इंच है जिसका रिजॉल्यूशन 1080p है. इसमें क्वाकॉम स्नैपड्रैगन 625 प्रोसेसर है और इस डिवाइस में रैम 4GB है. इंटरनल स्टोरेज 64GB है. ऑनलाइन वेबसाइट्स पर इसकी कीमत 9,999 के इर्द गिर्द बताई जा रही है.
Yu Yureka Black यू यूरेका ब्लैक स्मार्टफोन ड्यूल LED फ्लैश के साथ 13 मेगापिक्सल का रियर कैमरे के साथ आता है. फोन में सेल्फी और वीडियो चैट के लिए 13 मेगापिक्सल का फ्रंट फेसिंग कैमरा भी दिया गया हैस्मार्टफोन में 4 GB रैम और 32 GB की इंटरनल स्टोरेज दी गई है. फोन के स्टोरेज को माइक्रोएसडी कार्ड के माध्यम से 64 GB तक बढ़ाया जा सकता है. इसकी कीमत 8999 रुपये के इर्द गिर्द बताई जा रही है.
lenovo vibe k5 लेनोवो वाइब के5 भी 13 मेगापिक्सल कैमरे के साथ आता है. इस स्मार्टफोन में 5.0 इंच 720 x1280p डिस्प्ले मौजूद है. इस स्मार्टफोन में प्रोसेसर क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 415 मौजूद है. इस डिवाइस में 2750mAH रिमूवेबल बैटरी है. इस फोन की कीमत 6,999 रुपये के इर्द गिर्द है.
Moto G4 Play मोटो जी4 प्ले में 8 मेगापिक्सल कैमरा है जबकि फ्रंट कैमरा 5 मेगापिक्सल है. 5 इंच का डिस्प्ले है, 1.4 गीगाहर्ट्ज का 64 बिट स्नैपड्रैगन 410 प्रोसेसर दिया गया है. फोन में 2 जीबी की रैम और 16 जीबी की इंटरनल स्टोरेज है. फोन की कीमत 8,999 रुपये के इर्द गिर्द है.

अगर आपके पास है Jio का नंबर तो आपके बड़े काम की है ये खबर
26 July 2017
नई दिल्ली टेलीकॉम डिस्प्यूट ट्रिब्यूनल टीडीसेट में रिलायंस जियो के फ्री ऑफर पर सुनवाई 18 अगस्त को होगी। एयरटेल और आइडिया ने ट्राई के 90 दिनों के बाद भी फ्री ऑफर जारी रखने की इजाजत के खिलाफ यह मामला दर्ज कराया है। कंपनी ने पहले जियो वेलकम और बाद में हैप्पी न्यू ईयर ऑफर जारी किया था। टीडीसेट में सुनवाई के लिए आज केस लगा था। सुनवाई के दौरान एयरटेल और आइडिया ने रिलायंस जियो के जबाव पर अपनी प्रतिक्रिया देने के लिए समय मांगा था। केस को 18 अगस्त को सुनवाई के लिए लगा दिया गया। जियो ने अपनी लांचिंग में कस्टमर को फ्री वॉयस कॉल और फ्री डाटा का ऑफर की शुरुआत पिछले साल सितम्बर को हुई थी। फिर इसेबढ़ा कर मार्च तक कर दिया गया था।
जियो का असर, घटा एयरटेल का मुनाफा रिलायंस जियो के झटके से फाइनेंशियल ईयर 2018 के पहले क्वार्टर में भी देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी भारती एयरटेल नहीं उबर पाई। इस दौरान एयरटेल का मुनाफा 75 फीसदी कम होकर 367 करोड़ रुपए रहा है। कंपनी का फाइनेंशियल ईयर 2017 के पहले क्वार्टर में 1462 करोड़ का मुनाफा रहा था। वहीं, पहले क्वार्टर के दौरान कंपनी का डाटा रेवेन्यू भी प्रभावित हुआ है। कंपनी का डाटा रेवेन्यू इस दौरान 16.8 फीसदी गिरकर 3765 करोड़ रुपए रहा है। एयरटेल के एमडी और सीईओ गोपाल विट्टल का कहना है कि प्राइसिंग वार की वजह से टेलिकॉम सेक्टर पर दबाव बना हुआ है। टेलिकॉम कंपनियों का प्रॉफिट प्रभावित हुआ है, इंडस्ट्री का रेवेन्यू लगातार गिर रहा है। साल दर साल आधार पर इसमें 15 फीसदी तक की गिरावट देखी गई है। पहले क्वार्टर के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 11.1 फीसदी गिरकर 21858 करोड़ रुपए रहा है। इस दौरान इंडिया में कंपनी का रेवेन्यू 10 फीसदी गिरा है।

बेनामी संपत्ति एवं कालेधन पर है कड़ी नजरः श्री ए.के. जायसवाल आयकर विभाग ने मनाया 157वां स्थापना दिवस
24 July 2017
माननीय प्रधानमंत्री जी के दिशा- निर्देशों के अनुसार कालेधन व भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई, बेनामी संपत्ति एवं ट्रांजेक्शन तथा शैल कंपनियों पर नजर रखते हुए ऑपरेशन क्लीन मनी को सफल बनाना आयकर विभाग का लक्ष्य है। यह बात मुख्य प्रधान आयकर आयुक्त (मध्य प्रदेश- छत्तीसगढ़) श्री ए.के. जायसवाल ने आयकर विभाग की गौरवशाली यात्रा के 157 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित एक पत्रकार वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि सरकार करदाताओं की सुविधा के लिए बहुत सी योजनाएं लाती रही है। अब करदाताओं से यह अपेक्षा की जाती है कि वे अपनी आय न छुपाएं और ईमानदारी से कर चुकाएं अन्यथा विभाग उनके खिलाफ अभियोजन जैसी कड़ी कार्रवाई करने से भी पीछे नहीं हटेगा। इस अवसर पर श्री जायसवाल ने कहा कि जीएसटी के माध्यम से प्रधानमंत्री जी ने देश को एक राष्ट्र, एक कर के रूप में ऐसे कर ढांचे की सौगात दी है जिससे आयकरदाताओं की संख्या भी बढ़ेगी। उन्होंने आगे कहा कि कर संग्रहण के साथ- साथ हमारी प्राथमिकता आयकर सेवा केंद्र, सीपीग्राम, ई-निवारण, आयकर सेतु इत्यादि, माध्यमों के द्वारा आयकरदाताओं को उत्तम सुविधाएं प्रदान करना है। उल्लेखनीय है कि ब्रिटिश साम्राज्य द्वारा 24 जुलाई 1860 को पहली बार आयकर लागू किया गया था। मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़, जो पहले मध्य प्रांत का भाग था, में प्रथम आयकर कार्यालय वर्ष 1939 में राजनंदगांव में खुला। मौजूदा वक्त में मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के 59 शहरों में कुल 97 कार्यालय हैं जिनमें 340 अधिकारी एवं 975 कर्मचारी कार्यरत हैं। वर्तमान समय में मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ में आयकरदाताओं की संख्या 2684000 हैं। इस वर्ष मध्य प्रदेश एवं छ्त्तीसगढ़ का आयकर संग्रहण का लक्ष्य 22173 करोड़ है। पिछले वर्ष मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ का लक्ष्य 17888 करोड़ था और विभाग ने इस लक्ष्य को पीछे छोड़ते हुए अपने शानदार प्रयासों की बदौलत 19140 करोड़ रुपये का कर संग्रहण किया था।
रिलायंस जियो से टक्कर? वोडाफोन नए यूजर्स को लुभाने के लिए लाई 244 रुपये का FRC प्लान
24 July 2017
नई दिल्ली: रिलायंस जियो को टक्कर देने के लिए टेलिकॉम कंपनियां एक के बाद एक नए प्लान लाती रहती हैं. न सिर्फ पोस्टपेड बल्कि प्रीपेड कस्टमर्स के लिए भी बाजार में नई पेशकशी की जा रही हैं. फ्री कॉलिंग, इंटरनेट पैक्स में तमाम ऑफर्स वोडाफोन, एयरटेल से लेकर आइडिया जैसी अन्य कंपनियां के लिए अब लगभग रोज की एक्सरसाइज हो गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब वोडाफोन 244 रुपये का एक प्लान लेकर आई है जिसमें 1GB 3G/4G डाटा प्रतिदिन मिलेगा, वोडाफोन से वोडाफोन नंबर पर फोन करना 70 दिनों तक मुफ्त रहेगा रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह प्रीपेड उपयोक्ताओं के लिए है और पहले रीचार्ज पर ही अवेल किया जा सकता है. यानी कि केवल नए कस्टमर्स ही इसका इस्तेमाल सकते हैं. पहले रीचार्ज के मौके पर यह प्लान 70 दिनों तक वैलिड रहेगा. दूसरी बार रीचार्ज करवाने पर वैलिडिटी घटकर 35 दिन पर आ जाएगी. लेकिन रेट यही रहेगा यानी 244 रुपये मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 244 के इस फर्स्ट रीचार्ज के अतिरिक्त एक और प्लान मिल रहा है जिसकी कीमत 346 रुपये है. इस पैक के तहत भी कस्टमर्स को हर दिन 1GB डाटा और किसी भी नेटवर्क पर अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा मिलेगी. इसकी वैलिडिटी 56 दिन की ही होगी.आप कुल मिलाकर 56GB डाटा प्रयोग कर पाएंगे. इसके साथ हर दिन 300 मिनट कॉलिंग कर सकते हैं जबकि हफ्ते भर के लिए 1200 मिनट की कैपिंग है. हर दिन 1GB ही डाटा यूज कर पाएंगे.
जियो फोन आने से और बिगड़ेगी टेलीकॉम कंपनियों की सेहत, बचने के लिए लाने होंगे नए आकर्षक प्लान
22 July 2017
नई दिल्ली जियो के फोन और नए प्लान भले ही आम लोगों के लिए शानदार हैं लेकिन दूसरी टेलीकॉम कंपनियों के लिए यह बड़ा नुकसान का सौदा बनता जा रहा है। टेलीकॉम एक्सपर्ट्स का मानना है कि जियो की ओर से सिर्फ 1500 रुपए में स्मार्टफोन जैसा फीचर फोन लॉन्च करने से आने वाले समय में दूसरी टेलीकॉम कंपनियों की माली स्थिति और बिगड़ेगी। इससे बचने के लिए कंपनियों को नए आकर्षक प्लान और रणनीति बनानी होगी।
20 मिनट में 6 फीसदी तक की गिरावट:. रिलायंस जियो के 40वीं एजीएम के 20 मिनट बाद ही टेलीकॉम कंपनियों के शेयरों में 6 फीसदी तक की गिरावट आ गई। बाद में इसमें सुधार हुआ लेकिन बाजार बंद होने के बाद भी रहा।
भारत दुनिया में सबसे आगे. डाटा खपत में दुनिया में अमरीका व चीन को पछाड़ दुनिया में नंबर वन बने। मोबाइल बाजार में भारत दुनिया में तीसरे स्थान पर।
50 करोड़ ग्राहकों पर जियो की नजर अंबानी ने कहा कि देश में 78 करोड़ फोन में से 50 करोड़ फीचर फोन है जिनका इस्तेमाल इंटरनेट यानी डेटा इस्तेमाल के लिए नहीं किया जा सकता है। रिलायंस जियो का नया फोन इन 50 करोड़ फीचर फोन इस्तेमाल करने वालों को सस्ता उपकरण उपलब्ध कराएगा। यानी, जियो का अगला टारगेट 50 करोड़ वो उपभोक्ता हैं तो अभी तक फीचर फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं।
61 हजार करोड़ कम दिखाया रेवेन्यू:. सीएजी ने कहा है कि एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया कंपनियों ने 2010 से 2014 के बीच रेवेन्यू 61,064 करोड़ कम दिखाया है।
वाट्सएप-फेसबुक को पीछे छोडऩे का दावा. एजीएम में दावा किया गया कि जियो दुनिया का सबसे बड़ा स्टार्टअप है और इसने वाट्सएप -फेसबुक को भी पीछे छोड़ दिया है। टेलीकॉम इंडस्ट्री पर बढ़ेगा बोझ एक्सपर्ट के मुताबिक जियो के ऑफर से इंडस्ट्री पर 15-20 हजार करोड़ का बोझ पड़ेगा और आगे चलकर ये और बढ़ेगा। एयरटेल को हर तिमाही 550 करोड़ का नुकसान जियो आने के बाद से एयरटेल को हर तिमाही में करीब 550 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। अब जब जियो फोन आ रहा है तो यह और बढ़ सकता है।

कर्ज में डूबी एयर इंडिया का निजीकरण तय
21 July 2017
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कर्ज में डूबी सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन कंपनी एयर इंडिया में विनिवेश के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है| केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) के इस संबंध में दिए फैसले को लागू करने के लिए एयर इंडिया विशिष्ट वैकल्पिक तंत्र का गठन किया गया है जो आगे की कार्रवाई के लिए निर्णय करेगा। नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2016-17 के लिए एयर इंडिया का घरेलू बाजार हिस्सेदारी 14.2 प्रतिशत है और मौजूदा वित्त वर्ष में मई महीने में एयर इंडिया की घरेलू बाजार में हिस्सेदारी 13.0 प्रतिशत है। 31 मार्च 2017 को एयर इंडिया लिमिटेड का कुल कर्ज 48,876.81 करोड़ रुपये (अनुमानित) है। लेखा परीक्षित खातों के अनुसार पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान एयर इंडिया (एआई) का शुद्ध घाटा वर्ष 2015-16 में 3836.77 करोड़ रुपये रहा। इस दौरान 6000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। वर्ष 2014-15 में 5859.91 करोड़ रुपये का घाटा रहा और 5780 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मुहैया कराई गई। वर्ष 2013-14 में 6279.60 करोड़ रुपये का घाटा था जबकि 3300 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी गई। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) ने गत 28 जून को आयोजित अपनी बैठक में एयर इंडिया और इसके पांच सहायक और एयर इंडिया विशिष्ट वैकल्पिक तंत्र में विनिवेश के लिए सिद्धांत रूप से मंजूरी दे दी थी। सीसीईए के निर्णय को कार्यान्वित करने के लिए, लेनदेन सलाहकार की नियुक्ति, कानूनी सलाहकार और संपत्ति वैल्यूयर को नियम और शर्तों के अनुसार लिया जाएगा। सीसीईए के फैसले को लागू करने के लिए, एक एयर इंडिया विशिष्ट वैकल्पिक तंत्र का गठन किया गया है जो आगे की कार्रवाई के लिए निर्णय करेगा।
रिलायंस जियो का 4जी फोन कल होगा लॉन्‍च! 500 रुपये के फोन में होंगे ये फीचर
20 July 2017
नई दिल्ली: रिलायंस जियो (Reliance Jio) की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 21 जुलाई को होनी है. इस बैठक में रिलायंस का बहुप्रतीक्षित 500 रुपये का 4G फीचर फोन लॉन्‍च किया जा सकता है. इसके अलावा भी बैठक में उपभोक्‍ताओं के लिए कई घोषणाएं की जा सकती हैं, इन घोषणाओं के बाद टेलीकॉम इंडस्‍ट्री में एक बार फिर से हलचल मच सकती है. इस फीचर फोन के लॉन्‍च होने के बाद एक बार फिर से रिलायंस का यूजर बेस मजबूत होने की उम्‍मीद की जा रही है. कंपनी अपनी सालाना बैठक में कुछ और भी पेश कर सकती हैं. मीडिया रिपोटर्स के मुताबिक रिलायंस इंडस्ट्रीज अगले दो साल में 20 करोड़ फीचर फोन बेचने का प्लान कर रही है. अधिक से अधिक उपभोक्‍ताओं तक अपनी पहुंच बनाने के लिए ही कंपनी अपने 4जी फीचर फोन की कीमत काफी कम रखने का प्‍लान कर रही है.
जियो 4जी फीचर फोन की खूबियां :. - बिना टचस्‍क्रीन वाले इस फोन में अल्ट्रा-अपोर्डेबल 4जी वोल्ट होगा. - रिलायंस का यह फीचर फोन जियो के नेटवर्क पर उपलब्ध होगा. - इसमें इंटरनेट टिथरिंग, वीडियो कॉलिंग और जियो कंटेट जैसी फिल्मों को देखने की सुविधा हो सकती है. - इस हैंडसेट में सब्सिडी भी दी जाएगी और कस्टम ओएस (केएआई ओएस) और ऐप मार्केटप्लेस (कैओस प्लस) की सुविधा मिलेगी. - 4जी फीचर फोन को भारतीय भाषाओं के समर्थन के लिए डिजिटल वॉयस फीचर से लैस किया गया है. - इस फोन में 2.4 इंच का कलर डिस्पले लगा होगा. - इसमें 512MB रैम और 4GB इंटरनल स्टोरेज होगा जिसे 128GB तक माइक्रो एसडी कार्ड की मदद से बढ़ा सकते हैं. - रिलायंस के इस फीचर फोन में डुअल नैनो सिम (नैनो + स्टैंडर्ड सिम) का स्‍लॉट होगा. - 2 मैगापिक्सल रियर कैमर और VGA फ्रंट कैमरा दिया जाएगा. - इसमें 2000mah की बैटरी के साथ एफएम रेडियो और ब्लूटूथ 4.1 जैसे फीचर्स भी दिए जाएंगे. अभी यह तय नहीं है कि इस फोन की बिक्री रिलायंस रिटेल या जियो में से किसके माध्यम से की जाएगी. लेकिन माना जा रहा है कि इसे भी जियो के तहत ही बेचा जाएगा. न्यूज एजेंसी भाषा ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि रिलायंस के फीचर फोन की कीमत 1,000 से 1,500 रुपये के बीच हो सकती है.
जियो के सस्ते प्लान्स:. रिलायंस जियो सालाना बैठक में 80 से 90 रुपये की कीमत में नए प्लान्स की घोषणा कर सकता है. यह प्लान फीचर फोन के खरीदारों के लिए हो सकता है. मौजूदा यूजर इस प्लान का लाभ नहीं उठा सकेंगे
जियो फाइबर ब्रॉडबैंड :. इस बैठक में जियो ब्रॉडबैंड सर्विस भी लॉन्च की जा सकती है. इसको जियोफाइबर नाम दिए जाने की उम्‍मीद है. इसकी छह शहरों में टेस्टिंग चल रही है. कंपनी बाकी शहरों में भी इसकी टेस्टिंग करने का प्‍लान कर रही है. जियोफाइबर ब्रॉडबैंड के तहत यूजर को 100GB डाटा और 100mbps की स्पीड दी जाएगी और यह सर्विस तीन महीनों के लिए मुफ्त दी जाएगी. इसके लिए ग्राहक को रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपोजिट के तौर पर 4,500 रुपये दिए जाएंगे.
सेंसेक्स और निफ्टी मजबूती के साथ खुला
19 July 2017
मुंबई। एफ.एम.सी.जी. शेयरों एच.यू.एल. और आई.टी.सी. में तेजी से बाजार को मजबूती मिली है, जिससे बुधवार को शेयर बाजार मजबूती के साथ खुला है। सेंसेक्स 153 अंक की तेजी के साथ 31864 के स्तर पर कारोबार करता दिखा वहीं निफ्टी 47 अंक की बढ़त के साथ 9874 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। सिगरेट पर सेस बढ़ाए जाने से मंगलवार को आई.टी.सी. में 15 फीसदी से ज्यादा की गिरावट हुई थी, लेकिन बुधवार के कारोबार में आई.टी.सी. में 1.55 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अच्छी खरीददारी आई है। बी.एस.ई. का मिडकैप इंडेक्स 0.5 फीसदी तक मजबूत हुआ है, जबकि निफ्टी के मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.4 फीसदी की तेजी दिख रही है। बी.एस.ई. का स्मॉलकैप इंडेक्स 0.5 फीसदी बढ़ा है। बैंक निफ्टी 0.3 फीसदी बढ़कर 24,095 के स्तर पर पहुंच गया है। फार्मा, बैंकिंग, एफ.एम.सी.जी., आई.टी., मेटल, कंज्यूमर ड्युरेबल्स, पावर और ऑयल एंड गैस शेयरों में खरीददारी आई है। निफ्टी के फार्मा इंडेक्स में 1.5 फीसदी, एफ.एम.सी.जी. इंडेक्स में 0.8 फीसदी, आईटी इंडेक्स में 0.6 फीसदी और मेटल इंडेक्स में 0.5 फीसदी की मजबूती आई है। बी.एस.ई. के कंज्यूमर ड्युरेबल्स इंडेक्स में 0.5 फीसदी, पावर इंडेक्स में 0.4 फीसदी और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 0.4 फीसदी की तेजी दिख रही है।
कच्चे तेल के दाम 47.31 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल
17 July 2017
नई दिल्ली। भारतीय बास्केट के कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत शुक्रवार को बढकर 47.31 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल दर्ज की गई। इसके चलते पेट्रोल और डीजल के दामों में भी तेजी आई है। सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में पेट्रोल की कीमत 64.15 रुपये प्रति लीटर और डीजल 54.99 रुपये प्रति लटर दर्ज की गई। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधीनस्‍थ पेट्रोलियम नियोजन एवं विश्‍लेषण प्रकोष्ठ (पीपीएसी) द्वारा सोमवार को प्रकाशित सूचना के अनुसार भारतीय बास्केट के कच्चे तेल की अंतरराष्‍ट्रीय कीमत 14 जुलाई को 47.31 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल रही। यह 13 जुलाई को दर्ज कीमत 46.55 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से अधिक है। रुपये के संदर्भ में भारतीय बास्केट के कच्चे तेल की कीमत शुक्रवार को बढ़कर 3049.48 रुपये प्रति बैरल हो गई, जबकि गुरुवार को यह 2999.54 रुपये प्रति बैरल थी। रुपया शुक्रवार को कमजोर होकर 64.45 रुपये प्रति अमेरिकी डॉलर के स्तर पर बंद हुआ, जबकि गुरुवार को यह 64.44 रुपये प्रति अमेरिकी डॉलर था।
आरबीआई की ओर से जारी आंकड़ों में विदेशी पूंजी भंडार घटा, 386.37 अरब डॉलर दर्ज
15 July 2017
नई दिल्ली: देश का विदेशी पूंजी भंडार घट गया है. 14 जुलाई को समाप्त सप्ताह में 16.19 करोड़ डॉलर घटकर 386.37 अरब डॉलर दर्ज किया गया, जो 25,006.7 अरब रुपये के बराबर है. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से शुक्रवार को जारी साप्ताहिक आंकड़े के अनुसार, विदेशी पूंजी भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा भंडार आलोच्य सप्ताह में 15.7 करोड़ डॉलर घटकर 362.23 अरब डॉलर हो गया, जो 23,443.6 अरब रुपये के बराबर है. बैंक के मुताबिक, विदेशी मुद्रा भंडार को डॉलर में व्यक्त किया जाता है और इस पर भंडार में मौजूद पाउंड, स्टर्लिग, येन जैसी अंतर्राष्ट्रीय मुद्राओं के मूल्यों में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर पड़ता है. आलोच्य अवधि में देश का स्वर्ण भंडार 20.34 अरब डॉलर रहा, जो 1,317.3 अरब रुपये के बराबर है. इस दौरान देश के विशेष निकासी अधिकार (एसडीआर) का मूल्य 19 लाख डॉलर घटकर 1.47 अरब डॉलर हो गया, जो 95.7 अरब रुपये के बराबर है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में देश के मौजूदा भंडार का मूल्य 30 लाख डॉलर घटकर 2.31 अरब डॉलर दर्ज किया गया, जो 150.1 अरब रुपये के बराबर है.
रिलायंस जियो के सभी नए प्लान : किसमें, कितना, क्या मिलेगा; जानें | मगर एक शर्त है
14 July 2017
नई दिल्ली: रिलायंस जियो के बेहद सस्ते प्लान्स ने टेलिकॉम इंडस्ट्री में धमाल मचा रखा है. 11 जुलाई को मुकेश अंबानी के रिलायंस जियो ने प्रीपेड और पोस्टपेड ग्राहकों के लिए नए प्लान पेश किए हैं. हालांकि इसमें एक पेंच यह है कि इसके ये सभी पोस्ट और प्रीपेड प्लान केवल प्राइम कस्टमर्स के लिए हैं.
जियो डॉट कॉम से मिली जानकारी के मुताबिक, रिलांयस जियो पोस्टपेड प्लान : Rs 309: असीमित वॉयस कॉल/एसएमएस, 1जीबी डाटा प्रतिदिन, दो महीने की वैलिडिटी के लिए Rs 349: असीमित वॉयस कॉल/एसएमएस, 20जीबी डाटा (10+10), दो महीने की वैलिडिटी के साथ Rs 399: असीमित वॉयस कॉल/एसएमएस, 90जीबी डाटा प्रतिदिन 1जीबी डाटा, तीन महीने की वैलिडिटी के साथ Rs 509: असीमित वॉयस कॉल/एसएमएस, 2जीबी डाटा प्रतिदिन संग 120जीबी डाटा, दो माह वैलिडिटी Rs 999: असीमित वॉयस कॉल/एसएमएस, 98 जीबी डाटा, दो महीने की वैलिडिटी के साथ
जियो डॉट कॉम से मिली जानकारी के मुताबिक, रिलांयस जियो के चुनिंदा प्रीपेड प्लान :. Rs 149: 28 दिन वैलिडिटी, असीमित वॉयस कॉल/300 एसएमएस फ्री, 2जीबी Rs 309: 56 दिन वैलिडिटी, असीमित वॉयस कॉल/एसएमएस, 56जीबी, 1 जीबी प्रतिदिन Rs 349: 56 दिन वैलिडिटी, असीमित वॉयस कॉल/एसएमएस, 10+10जीबी Rs 399: 84 दिन वैलिडिटी, असीमित वॉयस कॉल/एसएमएस, 84जीबी, 1जीबी प्रतिदिन Rs 509: 56 दिन वैलिडिटी, असीमित वॉयस कॉल/एसएमएस, 112जीबी, 2जीबी प्रतिदिन Rs 999: 90 दिन वैलिडिटी, असीमित वॉयस कॉल/एसएमएस, 90जीबी Rs 1999: 120 दिन वैलिडिटी, असीमित वॉयस कॉल/एसएमएस, 155जीबी यदि आप हाल ही में दिए गए जियो के प्लान्स को लेकर दुविधा में हैं और सभी प्लान्स का एक सिलसिलेवार ब्यौरा चाहते हैं तो उपरोक्त विस्तृत जानकारी आपके द्वारा सही प्लान चुनने में मदद करेगी
शेयर बाज़ार का ऐतिहासिक दिन, सेंसेक्स पहली बार 32 हजार पार
13 Jul 2017
मुंबई। मॉनसून की अच्छी प्रगति, कंपनियों के मजबूत तिमाही परिणाम की उम्मीद और महंगाई के आंकड़ों में नरमी के दम पर बीएसई का सेंसेक्स गुरुवार को पहली बार 32 हजार के अंक को पार कर गया। चौतरफा लिवाली के दम पर सेंसक्स गत दिवस की तुलना में 91.41 अंक चढ़कर 31896.23 अंक पर खुला और पहले घंटे के कारोबार में ही 32 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया। तकरीबन 240 अंक की बढ़त बनाता हुआ एक समय यह 32044.40 अंक को छूने में कामयाब रहा। सबसे ज्यादा तेजी रियल एस्टेट, एफएमसीजी और पूंजीगत वस्तुओं के समूह में रही। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में आईटीसी में सबसे ज्यादा तेजी और ओएनजीसी में सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 64.35 अंक की बढ़त 9880.45 अंक पहुंच गया।
एयर इंडिया में खाली हैं 400 केबिन क्रू के पद, ऐसे करें अप्लाई
12 Jul 2017
सरकारी एयरलाइंस कंपनी एयर इंडिया के साथ करियर बनाने का सुनहरा अवसर आया है. एयर इंडिया ने 400 केबिन क्रू पद के लिए वैकेंसी निकाली है. इन पदों के लिए कुछ अनुभवी तो कुछ फ्रेशर भी चाहिए. आपको बता दें कि अनुभवी केबिन क्रू पद के लिए ऑनलाइन अप्लाई करते ही इंटरव्‍यू की तारीख खुद चुननी है. इन पद के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 1 अगस्‍त 2017 है. आप http://www.airindia.in/careers.htm पर जाकर पूरी जानकारी ले सकते हैं. इस पोस्‍ट के लिए सामान्‍य उम्‍मीदवार को 1000 रुपए का फीस देनी होगी. वहीं, आरक्षण वाले उम्‍मीदवारों को इसमें छूट है. कौन कर सकता है अप्लाई अनुभवी केबिन क्रू के लिए आयु सीमा 18-35 साल रखी गई है. इसके अलावा ट्रेनी केबिन क्रू के लिए आयु सीमा 18-27 साल है। कंपनी की वेबसाइट पर दिए गए नोटिफिकेशन के तहत SC/ST को 5 साल और OBC को 3 साल की आयु सीमा में छूट दी जाएगी. साथ ही, इन पदों के लिए सिर्फ अविवाहित महिलाएं ही आवेदन कर सकती हैं. योग्यता इस पद के लिए ग्रेजुएट व्‍यक्ति आवेदन कर सकते हैं. इसके अलावा जिन लोगों ने 10+2 के बाद होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्‍नॉलाजी या टूरिज्‍म एंड ट्रैवल में कोर्स कर रखा है वह भी आवेदन कर सकते हैं. अनुभव अगर आप अनुभवी केबिन क्रू पद के लिए आवेदन करना चाहते हैं तो आप को किसी शेड्यूल एयरलाइंस में एक साल काम का अनुभव होना चाहिए. इसके अलावा एयरबस या बोइंग फैमली के एयरक्राफ्ट के लिए वैलिड SEP होना चाहिए. मिलेगी प्राथमिकता जिन रूट्स पर एयरइंडिया उड़ान भरती है अगर कैंडिडेट के पास उन देशों में से किसी देश की भाषा आती है तो उसको प्राथमिकता मिलेगी. अनुभवी केबिन क्रू पद के लिए सीधे वॉक इन इंटरव्यु अनुभवी केबिन क्रू पद के लिए सीधे वॉक इन इंटरव्‍यू की सुविधा है. इस पोस्‍ट के लिए आवेदन करने वाले दी गई तीन तारीखों में कोई भी तारीख चुन सकते हैं. वहीं, ट्रेनी केबिन क्रू पोस्‍ट के लिए आवेदन करने वालों को बाद में एक टेस्‍ट देना होगा. ट्रेनिंग के दौरान मिलेंगे 15 हजार रुपए और फ्लाइंग अलाउंस शुरुआत में एक साल तक ट्रेनिंग के रूप में 15 हजार रुपए महीना दिया जाएगा। साथ ही करीब 21 हजार रुपए तक का फ्लाइंग अलाउंस भी मिल सकता है.
काम की खबर: सबसे बड़े सरकारी बैंक ने कैश ट्रांसेक्शन-विड्रॉल चार्जेज़ में किए बदलाव, कई सेवाएं हुई महंगी
11 Jul 2017
नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने कैश ट्रांजेक्शन और विड्रॉल में बदलाव किया है। बैंक ने अपने मोबाइल एप (एसबीआई बैंक बडी) के उपभोक्ताओं के लिए एटीएम विदड्राल पर लगने वाले सर्विस चार्जेज को रिवाइज्ड किया है। नए चार्जेज एक जून से प्रभावी हो गए हैं। बता दें कि बैंक की सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए अब आपको 18 प्रतिशत सर्विस चार्ज देना होगा, क्योंकि जीएसटी लागू होने के बाद तीन प्रतिशत तक सर्विस चार्ज बढ़ा दिए हैं। अगर आप एसबीआई मोबाइल एप बैंक बडी का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपको प्रति टांजेक्शन के लिए 25 रुपए देने होंगे। इसके बाद जीएसटी भी अलग से लगेगा। मतलब विड्रॉल के दौरान 25 प्लस जीएसटी चार्ज देना होगा। अगर आप एक लाख रुपए तक ऑनलाइन पैसा ट्रांसफर कर रहे हैं तो इसके लिए आपको 5 रुपए के साथ टैक्स देना होगा। वहीं अगर आप 1 से 2 लाख रुपए तक पैसा ऑनलाइन ट्रांसफर कर रहे हैं तो इसके लिए आपको 15 रुपए के साथ टैक्स अदा करना होगा और अगर आपका ऑनलाइन ट्रांसफर अमाउंट 2 से 5 लाख रुपए हैं तो इसके लिए आपको 25 रुपए के साथ टैक्स देना होगा। अगर कोई ग्राहक 20 से ज्यादा कटे-फटे नोट बदलना चाहता है या बदले जाने वाले नोटों की वैल्यू 5000 रुपए से ज्यादा है तो एसबीआई प्रत्येक ऐसे नोट पर 2 रुपए का चार्ज और टैक्स लेगा।
यात्री वाहनों की बिक्री में 49 महीने की सबसे बड़ी गिरावट
10 Jul 2017
नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने से पहले डीलरों द्वारा कंपनियों से नए वाहनों की खरीद टालने के कारण जून में घरेलू बाजार में यात्री वाहनों की बिक्री में 49 महीने की सबसे तेज गिरावट दर्ज की गई और यह 11.21 प्रतिशत घटकर 1,98,399 इकाई रह गई। पिछले साल जून में देश में 2,23,454 यात्री वाहन बिके थे। वाहन निर्माता कंपनियों के संगठन सियाम के महानिदेशक विष्णु माथुर ने आंकड़े जारी करते हुए बताया कि यह मई 2013 (11.70 प्रतिशत) के बाद की सबसे बड़ी गिरावट है। उन्होंने बताया कि डीलरों को पुराने स्टॉक पर सेस की भरपाई करने के लिए सरकार तैयार नहीं थी जिसके कारण उन्होंने एक तरफ भारी छूट पर वाहन बेचे तो दूसरी तरफ स्टॉक बढ़ाने से बचने के लिए कंपनी से खरीदारी नहीं की। इस कारण थोक बिक्री के आंकड़ों में गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि खुदरा बिक्री जून में अच्छी रही है। यात्री वाहनों में जून में कारों की बिक्री 11.24 प्रतिशत घटकर 1,36,895 इकाई पर आ गई। उपयोगी वाहनों की बिक्री 11.25 प्रतिशत और वैनों की 10.72 प्रतिशत गिरकर क्रमश: 49,547 और 11,957 इकाई पर रही। दुपहिया वाहनों की बिक्री में 4 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई और इसका आंकड़ा पिछले साल जून के 14,68,263 से बढ़कर 15,27,049 पर पहुंच गया। मोटर साइकिलों की बिक्री 2.18 प्रतिशत बढ़कर 9,64,269 पर और स्कूटरों की 10.60 प्रतिशत बढ़कर 4,97,478 पर पहुंच गई। नोटबंदी से वाहनों की बिक्री खासी प्रभावित हुई थी। सियाम ने अपने तिमाही प्रस्तुतिकरण में कहा है कि यात्री वाहनों और दुपहिया वाहनों की बिक्री में आने वाले समय में वृद्धि जारी रहेगी। जून के कमजोर आंकड़ों से पहली तिमाही के दौरान यात्री वाहनों की बिक्री की वृद्धि दर 4.38 प्रतिशत और दुपहिया वाहनों की 7.78 प्रतिशत रह गई। सियाम ने पहले कहा था कि चालू वित्त वर्ष में यात्री वाहनों की बिक्री सात से नौ प्रतिशत बढ़ेगी।
ऑटो सेक्टर में दिख सकती है और मजबूती, इन कंपनियों को मिलेगा फायदा
6 Jul 2017
नई दिल्ली 1 जुलाई को जीएसटी लागू होने के बाद से ऑटो सेक्टर के सेटीमेंट्स पॉ़जिटिव हुए हैं। वही मानसून के बेहतर अनुमान से इस सेक्टर में ग्रोथ की उम्मीद और बढ़ा दी है। जीएसटी लागू होने के बाद से टाटा, मारुति समेत कई कंपनियां लगातार कीमतों में कटौती कर रही हैं। जिसका फायदा ग्राहकों को तो मिल ही रहा साथ- साथ कंपनियों के वाल्युम में भी इजाफा हो रहा है। दरअसल इन कंपनियों के वाहनों के दाम घटाने से डिमांड में तेज ग्रोथ दर्ज की जा रही है। वहीं जून महीनें के बिक्री आंकड़ों ने भी इन कंपनियों के स्टॉक्स में ग्रोथ दर्ज कराई है। जानकार मान रहे हैं कि बेहतर मानसून और कीमतों में कटौती जैसे संकेतों से साफ है कि जल्द ही आटो सेक्टर में मांग में तेजी देखने को मिल सकती है। ऑटो इंडेक्स की बात करें तो बुधवार को टाटा मोटर्स और महिंद्रा स्टॉक्स में तेजी रही।
स्टॉक्स में तेजी. जीएसटी के बाद ऑटो इंडेक्स में तेजी बनी हुई है। पिछले पांच कारोबारी सत्र में ऑटो स्टॉक्स ने बेहतर प्रदर्शन किया है। च्वॉइस ब्रोकिंग के मुताबिक ऑटो सेक्टर में आगे भी तेजी रहने की उम्मीद है। ...
आगे भी बेहतर संकेत. ऑटो कंपनियों के जून के आंकड़ों के बाद अब ऑटो सेक्टर को बेहतर मानसून से बूस्ट मिलने की उम्मीद है। ऑटो एक्सपर्ट्स मानते है कि जीएसटी का लॉजिस्टिक सेक्टर पर पॉजिटिव असर होने से कमर्शियल व्हीकल की मांग को सहारा मिलेगा। इस साल मानसून भी अच्छा जा रहा है, ऐसे में आने वाले समय में ग्रामीण इलाकों से भी मांग बढऩे का अनुमान है। यानि आने वाले समय में ऑटो सेक्टर में ग्रोथ ग्रामीण इलाकों के सहारे देखने को मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है।
अनिश्चितता का दौर होगा खत्म जून में ऑटो सेक्टर के सेल्स आंकड़े मिले जुले रहे हैं। मारुति की बिक्री सुस्त रही है। कंपनियां पहले ही अनुमान लगा चुकी थीं कि जीएसटी पर जारी अनिश्चितता का सेल्स पर असर पड़ेगा।
इन कंपनियों को मिलेगा फायदा. ऑटो सेक्टर में मजबूती का फायदा टाटा मोटर्स, मारुति सुजूकी, अमारा राजा बैटरीज, बजाज ऑटो और टीवीएस मोटर्स जैसी कंपनियों को सबसे ज्यादा मिलेगा।
पॉकेट की शोभा बढ़ाने जल्द आ रहा 200 का नया नोट, सुरक्षा के लिए रहेंगे कई फीचर्स- RBI ने जारी किए ऑर्डर
5 Jul 2017
आरबीआई ने 200 रूपए के नए नोट को छापने के ऑर्डर दे दिए हैं। 1000 और 100 रूपए के नए नोट को भी नए सिरे से छपने का प्रस्ताव दिया है। सरकार की तरफ से देशवासियों को एक और नायाब तोहफा मिलने जा रहा है। जी हां, जल्द ही 200 रूपए का नया नोट आपके पॉकेट की शोभा बढ़ाएगा। रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया ने आखिरकार फैसला कर ही लिया है कि अब 200 रूपए के नोट जारी किए जाएंगे। बताया जा रहा है कि जल्द ही आरबीआई इसके लिए नोटिफिकेशन जारी करने जा रहा है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि आरबीआई ने 200 रूपए के नए नोट को छापने के ऑर्डर दे दिए हैं। इसके अलावा आरबीआई ने 1000 और 100 रूपए के नए नोट को भी नए सिरे से छपने का प्रस्ताव दिया है। माना जा रहा है कि जाली नोटों को बाज़ार से बाहर करने के लिए यह कदम उठाया गया है। यह भी कहा जा रहा है कि अब कुछ-कुछ साल बाद आरबीआई नए नोटों को जारी करने की अधिसूचना जारी कर सकती है। नए नोटों के साथ अच्छी बात यह होगी कि सुरक्षा के नए फीचर्स उनमें शामिल किए जा सकेंगे।
फिर मिलेगा बंद हुए 500-1000 रूपए बदलने का मौका! SC ने मोदी सरकार से पूछ डाले कई 'तीखे' सवाल
4 Jul 2017
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को केंद्र सरकार एवं भारतीय रिजर्व बैंक से यह जानना चाहा कि क्या 500 और 1000 रूपए के पुराने नोटों को बदलने के लिए एक अवसर दिया जा सकता है? मुख्य न्यायाधीश जे एस केहर की अध्यक्षता वाली पीठ ने पूछा कि अपना नोट न बदल पाने के संदर्भ में उचित कारण देने वालों को क्या एक और मौका दिया जा सकता है? न्यायालय ने इस बाबत दो सप्ताह के भीतर जवाब देने का निर्देश देते हुए कहा, ' आपने (केंद्र ने) ऐसे लोगों को एक मौका उपलब्ध कराने का वादा किया था। आप अपनी जुबान से पीछे नहीं हट सकते। ' केंद्र सरकार ने इस बाबत सुनवाई की अगली तारीख 18 जुलाई तक जवाबी हलफनामा दायर करने की बात कही है। न्यायमूर्ति केहर ने सुनवाई के दौरान कहा कि यदि कोई व्यक्ति यह साबित कर देता है कि उसे 31 दिसम्बर तक अपने पैसे बदलने में वास्तविक समस्या थी, तो उन्हें एक मौका दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ' आप (केंद्र) उचित तरीके से की गई किसी व्यक्ति की कमाई को यों ही बेकार नहीं जाने दे सकते। ' इस पर सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार अलग-अलग मामलों के संदर्भ में विचार करने को तैयार है, लेकिन न्यायालय को हर किसी को नोट बदलने का मौका उपलब्ध कराने के लिए निर्देश नहीं देना चाहिए। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गत वर्ष आठ नवम्बर को नोटबंदी की घोषणा की थी और लोगों को 31 दिसम्बर तक नोट बदलने का मौका दिया था।
उपभोक्ता खुश, सिर्फ कुछ व्यापारी नाखुश : जेटली
3 Jul 2017
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त एवं रक्षा मंत्री अरूण जेटली ने जीएसटी को लेकर व्यापारिक समूहों के विरोध पर आश्चर्य जताया है। जेटली ने कहा कि जीएसटी दरों को लेकर महज कुछ व्यापारी ही शोर मचा रहे हैं, जबकि जीएसटी का असर अंततः जिस उपभोक्ताओं पर पड़ता है वो इस फैसले से खुश हैं। जेटली ने कहा कि इसे लेकर उपभोक्ता शिकायत नहीं कर रहे हैं क्योंकि सरकार ने जीएसटी दरें तर्कसंगत स्तरों पर रखी हैं। उन्होंने कहा, ‘पूरे देश में कहीं भी कोई उपभोक्ता शिकायत नहीं कर रहा है क्योंकि हमने करों की श्रेणियों को तार्किक बनाने का प्रयास किया है। तो क्यों एक या दो व्यापारी शिकायत कर रहे हैं? व्यापारियों को कर नहीं भरना पड़ता, कर उपभोक्ता देता है। कोई यह दावा नहीं कर सकता कि कर नहीं चुकाना उसका मौलिक अधिकार है।’ उन्होंने कहा, ‘हमारे समाज की सोच बन गई थी कि कर न चुकाना गलत बात नहीं है। इस मानसिकता को बदलने और नई सोच पैदा करने की जरूरत है। भारत को यदि विकासशील देश से विकसित देश बनना है तो लोगों की सोच और प्रवृति विकसित अर्थव्यवस्थाओं की भांति होनी चाहिए। जेटली ने कहा कि किसी भी आर्थिक सुधार के लिए जरूरी है कि सरकार की दिशा सही हो। किसी भी अधकचरे प्रयास से सुधार नहीं होते, सरकार हिचक गई तो वह सुधार लाने में कभी सफल नहीं होती है। जेटली ने आलोचकों की इस बात को खारिज किया कि जीएसटी में केवल एक दर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में 12 और 18 प्रतिशत की दरों में से किसी एक में कोई सामान मिल सकता है। लेकिन यदि हम केवल 15 प्रतिशत की दर रखते तो गरीबों के इस्तेमाल की चीजें, जिनपर कर की दर शून्य रखी गयी है, महंगी हो जाती है। जेटली ने कहा, ‘यह राष्ट्र का सामूहिक फैसला है और मेरा विश्वास है कि यह निश्चित रूप से देश के लिए लाभदायक होगा। जब भी कभी बदलाव होता है तो तकनीकी आधारित परेशानियां तो आती ही हैं।’ उल्लेखनीय है कि जीएसटी एक जुलाई से प्रभावी हो गया है। उसमें कर की दरें 5, 12,18 और 28 प्रतिशत रखी गई हैं। कुछ आवश्यक वस्तुओं पर कर की दर शून्य है।
खेतीबाड़ी से जुड़े देश की 58 फीसदी लोगों पर पड़ेगी जीएसटी की सबसे ज्यादा मार
1 Jul 2017
नई दिल्ली आखिर इतिहास लिख दिया गया। बीती रात ठीक 12:00 बजे पूरा देश एक नए युग में प्रवेश कर गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमरीका में कहा कि जीएसटी एक ही झटके में भारत को 1.3 अरब लोगों के एकीकृत बाजार में बदल देगा। दावा यह भी है कि इससे लगभग जीडीपी में 2 प्रतिशत का इजाफा होगा, लेकिन बाकी दुनिया में जीएसटी के शुरुआती दो साल का अनुभव हमें सतर्क करता है। 1991 से 2000 के बीच में जिन पांच बड़े देशों में जीएसटी लाया गया वहां विकास दर 1-3 फीसदी गिर गई। सबसे बड़ी वजह यह कि जीएसटी में 'कर पर कर' न लगने, कच्चे माल और माल की ढुलाई में कारोबारियों को मिलने वाला लाभ आम लोगों तक नहीं पहुंच सका। भारत में भी इसे ही सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है। सरकार भी इसी से निपटने के लिए मुनाफाखोरी रोकने का कानून लाई है, लेकिन उसमें स्पष्टता का अभाव है।
किसानों की हालत हो जाएगी पहले से ज्यादा खराब देश की जीडीपी में करीब 17 फीसदी का योगदान देने वाले एग्रीकल्चर सेक्टर पर जीएसटी की मार सबसे ज्यादा पडऩे वाली है। जीएसटी के बाद किसानों की लागत और ज्यादा बढ़ जाएगी, क्योकिं जीएसटी में केवल खाद को छोड़कर सभी ऐसी चीजों पर 5 फीसदी का टैक्स लगाया गया है जिसके जरिए किसान अपनी फसल उपजाते थे। जबकि किसान की फसल मसलन चावल, दाल और दूसरे खाद्य पदार्थों पर कोई शुल्क नहीं है। किसानों की हालत पहले से ज्यादा खराब हो जाएगी। -18 फीसदी फंगीसाइड व कीटनाशक पर टैक्स दर
फायदा. पूरे देश में एक टैक्स स्ट्रक्चर होने से किसानों को उत्पादन पर सही कीमत मिलेगा जो उनके आमदानी को बढ़ाएगा।
चुनौतियां.. जीएसटी से फर्टीलाइजर्स 10 फीसदी तक महंगे होने का अनुमान एक्सपर्ट्स जता रहे हैं।
कृषि की लागत और ज्यादा बढऩे का खतरा. जीएसटी के सबसे ज्यादा नुकसान एग्रीकल्चर को ही होने वाला है। क्योकिं लागत नहीं मिलने पर हो सकता है कि आने वाले समय में किसान उत्पादन करना बंद कर दे। इसके चलते आने वाले समय में महंगाई बढ़ सकती है।
सरकार ने बताया रियल एस्टेट पर लगेगा 12 फीसद का जीएसटी
30 Jun 2017
नई दिल्ली (जेएनएन)। केंद्र सरकार ने बुधवार को अधिसूचित किया है कि निर्माणाधीन रियल एस्टेट पर 18 फीसद की दर से जीएसटी लगाया जाएगा। यह प्रॉपर्टी की दो-तिहाई कीमत पर लागू होगा। इसके जरिए जब पूरी कीमत की गणना की जाएगी तो वह घटकर 12 फीसद हो जाएगी। हालांकि घर या रियल एस्टेट यूनिट के सेलिंग प्राइज पर नेट टैक्स इंसिडेंस 12 फीसद ही बरकरार रहेंगे। प्रॉपर्टी वैल्यू पर 33.33 फीसद की छूट जमीन की कीमत के एवज में दी गई है। जमीन एक एसेट है जो न तो वस्तु के तौर पर क्लासिफाइड की गई है और न हीं सेवा के तौर पर। वास्तव में इसपर कोर्ट की ओर से मत रखा गया है, नतीजन जमीन को जीएसटी व्यवस्था से बाहर रखा गया है। मौजूदा व्यवस्था में जब रियल एस्टेट पर सेवा कर लगाया जाता है तो प्रॉपर्टी की कुल वैल्यू पर 70 फीसद कटौती (abatement) की मंजूरी है। इससे घर बनाते समय जमीन और माल पर होने वाले खर्चे को एडजस्ट कर लिया जाता है। इस तरह खरीदार को केवल 15 फीसद का सेवाकर प्रॉपर्टी के 30 फीसद वैल्यू पर देना पड़ता है। इस कारण रियल एस्टेट पर नेट सेवाकर दर 1.5 फीसद थी। हालांकि इस बार सरकार ने अबेटमेंट जैसे किसी शब्द का उल्लेख नहीं किया है। डेवेलपर्स को डर है कि मकान की कंस्ट्रक्शन को जीएसटी के विभिन्न स्लैब में रखे बिना कहीं नई व्यवस्था के जरिए टैक्स को बढ़ा न दिया जाए। हालांकि रियल एस्टेट डेवेलपर्स एसोसिएशन क्रेडाई (CREDAI) और नारेडको (NAREDCO) ने मांग की है कि रियल एसटेट के कंस्ट्रक्शन पर 12 फीसद की जीएसटी दर रखी जाए।
जीएसटी के साथ-साथ 1 जुलाई से आपको करना पड़ेगा इन नए बदलावों का भी सामना
29 Jun 2017
देश भर में वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) 1 जुलाई से लागू होने जा रहा है। इसके बाद पूरे देश में एक टैक्स स्ट्रक्चर होगा। क्या आपको पता होगा 1 जुलाई से जीएसटी के अलावा और कौन से बड़े बदलाव होने जा रहे हैं जो आपके जीवन पर सीधे असर डालेंगे। अगर नहीं तो हम आपको उन सभी बड़े बदलावों के बारे में बता रहे हैं। पैन के साथ आधार को लिंक करना 1 जुलाई से ही सरकार ने पैन के साथ आधार को लिंक करना भी अनिवार्य बना दिया है। बिना आधार नहीं मिलेगा पैन : नया पैन हासिल करने के लिए आधार को जरूरी बनाया गया है। अगले महीने की पहली तारीख से आप बिना आधार कार्ड के नया पैन नंबर हासिल नहीं कर पाएंगे। बिना आधार के आईटी रिटर्न नहीं सरकार ने इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते समय आधार नंबर देना अनिवार्य बना दिया है। यानी, बिना आधार के आप एक जुलाई से अपना रिटर्न फाइल नहीं कर पाएंगे। टिकट से लेकर पासपोर्ट में आधार जरूरी बिना आधार नहीं बनेगा पासपोर्ट : 1 जुलाई से अब आप बिना आधार के नया पासपोर्ट प्राप्त नहीं कर पाएंगे। पीएफ अकाउंट से आधार जरूरी : ईपीएफओ ने एक जुलाई से आधार लिंक करना जरूरी कर दिया है। रेलवे टिकट के लिए आधार जरूरी : भारतीय रेलवे ने रेल टिकट पर छूट हासिल करने के लिए एक जुलाई से आधार नंबर बताना अनिवार्य कर दिया है, नहीं तो छूट नहीं मिलेगी। स्कॉलरशिप के लिए आधार जरूरी : मानव संशाधन विकास मंत्रालय ने स्कॉलरशिप प्राप्त करने के लिए आधार जरूरी कर दिया है पीडीएस लाभ बिना आधार नहीं : सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लाभों के लिए 1 जुलाई तक आधार को राशन कार्ड के साथ लिंक करना होगा। सीए के लिए नया पाठ्यक्रम : सीए के नया प्राठ्यक्रम में जीएसटी को भी शामिल किया गया है।
यात्रियों के आरक्षित टिकट रद्द कर रेलवे ने कमाये 14.07 अरब
28 Jun 2017
इंदौर । रेलवे को टिकटों की बिक्री के साथ यात्रियों के अनुरोध पर उनके आरक्षित टिकट निरस्त करने से भी मोटी कमाई हो रही है, आरक्षित टिकटों को रद्द करने के बदले मूल टिकट राशि से कटौती के जरिये वसूले जाने वाले शुल्क से रेलवे का राजस्व वित्तीय वर्ष 2016-2017 में इसके पिछले साल के मुकाबले 25.29 प्रतिशत बढ़कर 14.07 रुपये अरब पर पहुंच गया। मध्य प्रदेश के नीमच निवासी सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने आज बताया कि उन्हें रेल मंत्रालय के रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र (सीआरआईएस) से सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत यह जानकारी मिली है। गौड़ की आरटीआई अर्जी पर 13 जून को भेजे जवाब में सीआरआईइस के एक अफसर ने यात्री आरक्षण प्रणाली (पीआरएस) के तहत उपलब्ध जानकारी के हवाले से बताया कि रेलवे ने टिकट रद्द करने के अनुरोध पर यात्रियों से वसूले जाने वाले प्रभार से वित्तीय वर्ष 2015-2016 में 11.23 अरब रुपये, 2014-2015 में 9.08 अरब रुपये और 2013-2014 में 9.38 अरब रुपये कमाए। मुसाफिरों के अनारक्षित टिकटों को रद्द किये जाने पर वसूले जाने वाले शुल्क से भी रेलवे का खजाना भर रहा है। आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक अनारक्षित टिकटिंग प्रणाली (यूटीएस) के तहत बुक कराये गए यात्री टिकटों को रद्द किये जाने से रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2012 -2013 में 12.98 करोड़ रुपये, 2013-2014 में 15.74 करोड़ रुपये, 2014-2015 में 14.72 करोड़ रुपये, 2015-2016 में 17.23 करोड़ रुपये और 2016-2017 में 17.87 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। गौड़ ने बताया कि रेलवे ने टिकट रद्द कराये जाने पर तय कटौती के बाद यात्री को धन वापसी (रीफंड) के नियमों में बदलाव को नवंबर 2015 में हरी झंडी दी थी और टिकट निरस्तीकरण शुल्क को पहले से लगभग दोगुना बढ़ा दिया था। इन संशोधित कायदों को सरकारी जुबान में ‘रेल यात्री (टिकट रद्दकरण और किराए का प्रतिदाय) नियम 2015’ के रूप में जाना जाता है। बहरहाल, जब उन्होंने एक अलग आरटीआई अर्जी के जरिये इन नियमों में संशोधन से जुड़ी फाइल नोटिंग का ब्योरा मांगा, तो रेलवे बोर्ड के एक अफसर ने उन्हें आठ मार्च को भेजे जवाब में सूचना के अधिकार अधिनियम की धारा 8 (1) (डी) का हवाला देते हुए कहा कि चूंकि यह जानकारी रेलवे की ‘वाणिज्यिक गोपनीयता’ का हिस्सा है। इसलिए इसे मुहैया नहीं कराया जा सकता। गौड़ ने कहा, ‘रेल टिकट रद्द कराने पर मिलने वाले रीफंड के नियमों की यात्रियों के हित में समीक्षा होनी चाहिए। रेलवे को कम से कम प्रतीक्षा सूची के उन टिकटों को रद्द करने पर कोई शुल्क नहीं वसूलना चाहिए, जो चार्ट बनने के बाद भी कन्फर्म नहीं हो पाते हैं।’
वित्त वर्ष में बदलाव के आसार, नवंबर में आएगा आम बजट
27 Jun 2017
वर्ष 2018 से देश में वित्त वर्ष की शुरुआत अप्रैल के बजाय जनवरी से हो सकती है। सरकार इसकी तैयारी में लगी है। इसके साथ ही देश में 150 साल से चली आ रही अप्रैल-मार्च की वित्त वर्ष की परंपरा में बदलाव हो सकता है। सरकार के उच्चस्तरीय सूत्रों ने कहा, ‘यदि ऐसा होता है तो केंद्र का अगला बजट इस साल नवंबर में पेश हो सकता है।’ सूत्रों ने बताया कि सरकार वित्त वर्ष को कैलेंडर वर्ष के अनुरूप बदलने पर काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बदलाव की वकालत की है। यह एक और ऐतिहासिक बदलाव होगा। सरकार इससे पहले बजट को फरवरी महीने की अंतिम तारीख को पेश करने की दशकों पुरानी परंपरा को बदल चुकी है। इस साल बजट एक फरवरी को पेश किया गया। ऐसे में वित्त वर्ष को बदलने के जिस प्रस्ताव पर विचार विमर्श किया जा रहा है उसके मुताबिक संसद का बजट सत्र दिसंबर से काफी पहले हो सकता है ताकि बजट प्रक्रिया को साल के अंत से पहले पूरा किया जा सके। सूत्रों ने कहा कि बजट प्रक्रिया को पूरा करने में दो माह का समय लगता है। ऐसे में बजट सत्र की संभावित तारीख नवंबर का पहला सप्ताह हो सकती है। भारत में वित्त वर्ष एक अप्रैल से 31 मार्च तक होता है। इस व्यवस्था को 1867 में अपनाया गया था जिससे भारतीय वित्त वर्ष का ब्रिटिश सरकार के वित्त वर्ष से तालमेल किया जा सके। उससे पहले तक भारत में वित्त वर्ष की शुरुआत एक मई को शुरू होकर 30 अप्रैल तक होती थी। प्रधानमंत्री मोदी के वित्त वर्ष का कैलेंडर वर्ष से मेल करने की इच्छा जताने के बाद सरकार ने पिछले साल एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया। समिति को वित्त वर्ष को एक जनवरी से शुरू करने की व्यवहार्यता का अध्ययन करने को कहा गया। समिति ने दिसंबर में अपनी रिपोर्ट वित्त मंत्री को सौंप दी है। नीति आयोग के एक नोट में भी कहा गया है कि वित्त वर्ष में बदलाव जरूरी है क्योंकि मौजूदा प्रणाली में कामकाज के सत्र का पूरा उपयोग नहीं हो पाता। कुछ महीने पहले संसद की वित्त पर स्थायी समिति ने भी वित्त वर्ष को स्थानांतरित कर जनवरी-दिसंबर करने की सिफारिश की थी। मोदी ने वित्त वर्ष में बदलाव की वकालत करते हुए कहा था कि एक तेजतर्रार व्यवस्था विकसित किए जाने की जरूरत है, जो विविधता के बीच काम कर सके। उन्होंने कहा था, ‘समय के खराब प्रबंधन की वजह से कई अच्छी पहल और योजनाएं वांछित नतीजे देने में विफल रहती हैं।’ वित्त वर्ष को जनवरी-दिसंबर करने की घोषणा करने वाला मध्य प्रदेश पहला राज्य है।
जियो डीटीएच के रजिस्टेशन शुरु, छह माह तक फ्री मिलेगी सर्विस! जानिए क्या है सच्चाई
23 Jun 2017
जयपुर। जियो जल्द डीटीएच (डायरेक्ट टू होम) सर्विस जल्द लॉन्च करने वाली है। इस बात कि चर्चा कई माह जोरों पर है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक स्क्रीन शॉट वायरल हो रहा है जिसमें कहा जा रहा है कि जियो डीटीएच सर्विस के लिए रजिस्ट्रेशन शुरु हो चुके हैं। स्क्रीन शॉट में रजिस्ट्रेशन के साथ ही छह महीने तक ग्राहकों को फ्री डीटीएच सर्विस देने का दावा किया गया है। अगली स्लाइड में जानिए क्या ये दावा सही है- इस स्क्रीन शॉट की मानें तो जियो की इस सर्विस में 432 चैनल मिलेंगे जिनमें से 350 से ज्यादा चैनल एसडी (स्टैंडर्डडेफिनेशन) औऱ 50 से ज्यादा हाई डेफिनेशन (एचडी) क्वालिटी के साथ आएंगे। दावा किया जा रहा है कि रिलायंस जियो टेलीकॉम सेवा की तरह ही जियो डीटीएच भी 6 महीने तक फ्री वेलकम ऑफर के साथ आएगा।सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस स्क्रीन शॉट पर रिलायंस जियो की तरफ से जवाब दिया गया है। जियो के ट्विटर हैंडल जियो केयर पर ट्विट एंड रिप्लाई के सेक्शन में जियो केयर की ओर से दिए गए जवाब में कहा गया है कि जियो डीटीएच सर्विस को अभी कमर्शियल रुप से लॉन्च नहीं किया गया है ऐसे में साफ है कि इस सर्विस के रजिस्ट्रेशन शुरु नहीं हुए हैं और ये दावा गलत है। रिलायंस जियो की सर्विस लॉन्च होने के बाद दिग्गज टेलीकॉम कंपनियों के पसीने छूट गए। ऐसे में जियो डीटीएच सर्विस आने पर भी बाजार में तहलका मचना तय है।
होंडा क्लिक की नेशनल लॉन्चिंग जयपुर में, कीमत 42990 रुपए, माइलेज 60 किमी प्रति लीटर
21 Jun 2017
जयपुर होंडा मोटरसाइकल एण्ड स्कूटर इण्डिया प्रा. लि. ने मंगलवार को अपना नया 110 सीसी टू-व्हीलर 'क्लिक' लॉन्च किया। कंपनी ने इसकी नेशनल लॉन्चिंग जयपुर में की। एचएमएसआई के सीईओ मिनोरू काटो ने कहा, भारत में 110 सीसी सेगमेन्ट में बेचे जाने वाले हर 10 में से 6 वाहन होंडा के होते हैं। कंपनी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष यदविंदर सिंह गुलेरिया ने कहा, ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन क्षेत्र में क्लिक अनूठी पेशकश है। क्लिक में 110सीसी का बीएस-4 इंजन है, जो 5.91केवी पावर देता है। उन्होंने बताया कि इसका माइलेज 60 किमीप्रति लीटर होगा।
टपूकड़ा प्लांट में उत्पादन.. क्लिक का उत्पादन राजस्थान के टपूकड़ा प्लांट में किया जा रहा है। फिलहाल 14 लाख यूनिट का सालाना उत्पादन किया जाएगा। गुलेरिया ने बताया कि क्लिक को फेस्टिव सीजन से पहले देशभर में लॉन्च कर दिया जाएगा। इस स्कूटर में सीबीएस विथ इक्वलाइजर, मोबाइल चार्जर जैसे फीचर्स भी दिए हैं। ---जीएसटी आने के बाद दोपहिया वाहनों की कीमतें भी घटेंगी, जिसका फायदा कंपनियां ग्राहकों को देगी। वाईएस, गुलेरिया, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, एचएमएसआई

GST: हर माह रिटर्न फाइल करने की अनिवार्यता से राहत, सितंबर से लागू होगी नई व्यवस्था
19 Jun 2017
नई दिल्ली। सरकार ने रविवार को स्पष्ट कर दिया कि देश भर में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) एक जुलाई से ही लागू होगा। हालांकि, करदाताओं की तैयारियों को लेकर जताई जा रही चिंता के बीच जीएसटी परिषद ने पहले दो महीने के विस्तृत इनवॉयस के साथ रिटर्न भरने के लिए अतिरिक्त समय देने का फैसला किया है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने परिषद की 17वीं बैठक के बाद बताया कि मासिक रिटर्न भरने में समय सीमा को कड़ाई से सिर्फ सितंबर से लागू किया जाएगा, जबकि जुलाई और अगस्त के लिए इसमें छूट दी गई है। उन्होंने बताया कि बैठक में एडवांस रूलिंग, अपील एवं पुनरीक्षण (रिविजन), आंकलन एवं ऑडिट, मुनाफाखोरी निरोधक नियमों और फंड सेटलमेंट नियमों तथा फॉर्म प्रारूपों को मंजूरी दी गई। वस्तुओं को एक राज्य से दूसरे राज्य में ले जाने संबंधी ई-वे बिल पर सहमति नहीं बन पाने के कारण इसे बाद के लिए टाल दिया गया है तथा तत्काल एक नया नियम बनाकर राज्यों की मौजूदा व्यवस्था को बरकरार रखा जाएगा। जेटली ने कहा कि सहमति बनने के बाद नया नियम बनाकर ई-वे बिल की व्यवस्था शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि लॉटरी के बारे में फैसला हो गया है। सीधे राज्य सरकारों द्वारा चलाई जाने वाली लॉटरी पर 12 प्रतिशत और राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत निजी कंपनियों द्वारा चलाई जाने वाली लॉटरी पर कर की दर 18 प्रतिशत तय की गई है। जीएसटी परिषद् की अगली बैठक 30 जून को होगी।
'वेस्ट कोस्ट रिफाइनरी प्रोजेक्ट के लिए शीर्ष तेल कंपनियों ने हाथ मिलाया
15 Jun 2017
नई दिल्ली। भारत में दुनिया की सबसे बड़ी वेस्ट कोस्ट रिफाइनरी बनाने के लिए देश की सार्वजनिक क्षेत्र की तीन शीर्ष तेल कंपनियों इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने हाथ मिलाया है। यह रिफाइनरी व पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में बनाया जाएगा। इस वेस्ट कोस्ट रिफाइनरी प्रोजेक्ट के लिए तीनों कंपनियों ने केंद्रीय राज्य मंत्री व पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र प्रधान की मौजूदगी में एक साझा उद्यम समझौते (ज्वाइंट वेंचर एग्रीमेंट) पर दस्तखत किए। इस अवसर पर पेट्रोलियम सचिव केडी त्रिपाठी, इंडियन ऑयल के चेयरमैन संजीव सिंह, भारत पेट्रोलियम के सीएमडी डी. राजकुमार और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के चेयरमैन एमके सुराना मौजूद थे। हर साल 60 मीट्रिक टन क्षमता वाला वेस्ट कोस्ट रिफाइनरी बनाने में लगभग 4000 करोड़ अमेरिकी डॉलर का खर्च आएगा और 2022 तक इसके बनकर तैयार हो जाने की उम्मीद है। यह एक ग्रीन (हरित) रिफाइनरी होगी जिसमें 50 इकाइयां होंगी। इसमें यूरो-4 और इससे ऊपर के मानक के तेलों का उत्पादन होगा।
'बैंक इन ए बॉक्स'! अब बैंक जाने से मिलेगी निजात, घर बैठे खुलेगा खाता
14 Jun 2017
अब आपको बैंक में बार बार जाने की जरूरत नहीं होगी। क्योंकि अब एटीएम की जगह ऐसी मशीन आ सकती है जिससे बैंक जाने की जरूरत ही न पड़े। जी हां ये है बैंक इन ए बॉक्स कॉन्सेप्ट। बैंक इन ए बॉक्स यानी एक बॉक्स में पूरा बैंक। इसमें आप चेक जमा कर सकते हैं और चेक भुना सकते हैं। कैश ट्रांसफर कर सकते हैं। आपको और कोई मदद चाहिए तो मशीन आपसे बात भी करेगी। दूसरी मशीन से आप बिना बैंक ब्रांच गए खाता खोल सकते हैं। बिना कार्ड लेनदेन कर सकते हैं और पसंद की भाषा और थीम बदल सकते हैं। अन्य मशीन ये कैश को रिसाइकल करती है यानी जो कैश मशीन में डाली जा रही है उसी को विदड्रॉल में इस्तेमाल करती है। इससे मशीन में कैश रीफिल की कम जरूरत पड़ेगी। चौथी मशीन यानी इस्टैंट कार्ड इश्यूएंस मशीन से आप बैंक खाता खोल सकते हैं। इतना ही नहीं तुरंत डेबिट कार्ड भी ले सकते हैं। ये सिर्फ आपके आधार कार्ड की जानकारी मांगेगी। इन मशीनों को बनाया है एनसीआर कॉरपोरेशन ने। इन मशीनों को एटीएम मशीनों की जगह लगाने के लिए एनसीआर कॉरपोरेशन की कई बैंकों के साथ बातचीत चल रही है। कंपनी का कहना है कि इस साल के अंत तक ग्राहकों की सेवा में ये मशीने तैनात हो सकती हैं। इस मशीन का फायदा ये है कि इसका इस्तेमाल 24 घंटे कर सकते हैं और बैंक जाने की जरूरत नहीं होगी। चेक से लगेगा ब्लैक मनी पर ब्रेक नोटबंदी के बाद ब्लैक मनी पर अंकुश लगाने के लिए योजना का खाका तैयार किया गया है। ये रियल स्टेट इंडस्ट्री से जुड़ा है। पॉवर ऑफ अटॉर्नी अपने नाम कराकर संपत्ति बेची तो मालिक के खाते में ही पैसा जाएगा। यही नहीं जिस क्षेत्र में प्रॉपर्टी होगी वहां का निवास का प्रमाण भी देना अनिवार्य होगा। इस तरह रियल एस्टेट में खपाई जाने वाली ब्लैक मनी पर एक अटैक किया जाएगा है। दरअसल पॉवर ऑफ अटॉर्नी के माध्यम से स्टांप चोरी और फर्जीवाड़ा रोकने के लिए निबंधन विभाग ने ये व्यवस्था शुरू की है।
मोदी सरकार को राहत, बढ़ा औद्योगिक उत्पादन, महंगाई घटी
13 Jun 2017
नोटबंदी के बाद बेरोजगारी बढऩे और कारोबारी गतिविधियां घटने के आरोपों समेत आर्थिक मोर्चे पर कई तरह की चुनौतियों से जूझ रही मोदी सरकार के लिए खुदरा मुद्रास्फीति और औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े राहत भरा पैगाम लेकर आए। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियांवयन मंत्रालय के सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार साग सब्जी और दालों की कीमतों में गिरावट से मई 2017 के दौरान खुदरा महंगाई की दर पांच वर्ष के न्यूनतम स्तर 2.13 प्रतिशत दर्ज की गई है। यह वर्ष 2012 के बाद न्यूनतम स्तर है। मई 2016 में यह आंकडा 5.76 प्रतिशत रहा था। अप्रैल 2017 में खुदरा महंगाई की दर 2.99 प्रतिशत रही थी। दूसरी ओर, मौजूदा वर्ष के अप्रैल माह में देश के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में 3.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि अप्रैल 2016 में यह आंकडा 6.5 प्रतिशत की बढ़त में रहा था। सत्ता में आने के तीन साल पूरे होने पर उपलब्धियों का जश्न मना रही है मोदी सरकार पर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों का आरोप है कि देश में बेरोजगारी बढ़ रही है और आर्थिक गतिविधियां धीमी पड़ रही है। सरकार पर महंगाई पर नियंत्रण नहीं कर पाने के आरोप भी लगे है। औद्योगिक उत्पादन बढऩे के आंकड़े आर्थिक गतिविधियां घटने के आरोप को खारिज करते हैं जबकि खुदरा महंगाई घटने के आंकडे बाजार में आपूर्ति बढ़ाने के तथ्य की पुष्टि करते हैं। आंकडों के अनुसार मई 2017 में खुदरा बाजार की कीमतों में साग सब्जी में 13.44 प्रतिशत और दालों में 19.45 प्रतिशत की कमी आई है। हालांकि मोटे अनाज के दामों में 4.81 प्रतिशत, मांस एवं मछली 1.82 प्रतिशत, अंडा 0.72 प्रतिशत, दूध और दुग्ध उत्पाद 4.56 प्रतिशत, तेल एवं वसा 2.7 प्रतिशत, चीनी 9.84 प्रतिशत और मसाले 0.52 प्रतिशत बढ़े हैं। इसी तरह से तंबाकू उत्पाद 6.17 प्रतिशत, कपडा 4.54 प्रतिशत, जूता- चप्पल 3.63 प्रतिशत, आवास 4.85 प्रतिशत, ईंधन 5.46 प्रतिशत, स्वास्थ्य 3.8 प्रतिशत, परिवहन एवं संचार 3.46 प्रतिशत और शिक्षा 4.90 प्रतिशत की तेजी में रहे हैं। आंकड़ों में बताया गया कि अप्रैल 2017 में आईआईपी में कुल 23 उद्योग समूह शामिल है जिनमें 14 समूह में तेजी आई है। फार्मा उद्योग समूह 29.1 प्रतिशत की अधिकतम वृद्धि दर्ज करने वाला रहा है जबकि दूसरे स्थान पर तंबाकू उत्पाद है जिसने 17.9 प्रतिशत की तेजी दर्ज की है। मशीनरी एवं उपकरण समूह 9.5 प्रतिशत की वृद्धि के साथ तीसरे स्थान पर रहा है। दूसरी ओर पेय पदार्थ उद्योग में सर्वाधिक 19.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। मोटर उद्योग में 15.6 प्रतिशत और इलेक्ट्रोनिकल उपकरणों के उत्पादन में 14.4 प्रतिशत की कमी आई है। इसी माह में प्राथमिक वस्तु समूह में 3.4 प्रतिशत, गौण वस्तु समूह में 4.6 प्रतिशत, बुनियादी क्षेत्र के वस्तु समूह में 5.6 प्रतिशत और उपभोक्ता गैर टिकाऊ वस्तु समूह में 8.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है। भारी वस्तु समूह में 1.3 प्रतिशत और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु समूह में छह प्रतिशत की कमी आई है।
एसबीआई का बड़ा तोहफा: होम लोन पर ब्याज दरें घटाईं, महिलाओं को होगा ज्यादा फायदा.
10 Jun 2017
देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने ग्राहकों को चुनिंदा होल लोन सस्ते कर बड़ा तोहफा दिया है। एसबीआई ने 75 लाख रुपए से अधिक के आवास ऋण पर शून्य दशमलव 10 प्रतिशत कमी करने की घोषणा की है। नई दरें 15 जून से प्रभावी होंगी। नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने ग्राहकों को चुनिंदा होल लोन सस्ते कर बड़ा तोहफा दिया है। एसबीआई ने 75 लाख रुपए से अधिक के आवास ऋण पर शून्य दशमलव 10 प्रतिशत कमी करने की घोषणा की है। नई दरें 15 जून से प्रभावी होंगी। वेतनभोगी महिलाओं के लिए आवास ऋण को 8.55 प्रतिशत किया गया है। अन्य के लिए यह 8.60 प्रतिशत होगा। यानी जॉब करने वाली महिलाओं को 0.5 प्रतिशत की ज्यादा छूट मिलेगी। एक महीने के अंदर एसबीआई ने यह आवास ऋण में दूसरी कटौती है। इससे पहले बैंक ने नए घर के लिए 30 लाख रुपए तक के ऋण के लिए ब्याज दर 8.35 फीसदी की थी। एसबीआई का दावा है कि बैंकिंग क्षेत्र में उनकी दरें अन्य बैंकों के मुकाबले सबसे कम है। रिजर्व बैंक ने गुरुवार को घोषित द्वैमासिक ऋण एवं मौद्रिक नीति में आवास ऋण में जोखिम भारांक 75 से घटाकर 50 प्रतिशत कर दिया था। इसे देखते हुए यह उम्मीद थी कि बड़ी रकम के आवास ऋण सस्ते हो सकते हैं।
16 जून से रोज बदलेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम, पूरे देश में लागू होगा डायनैमिक प्राइस...
8 Jun 2017
नई दिल्‍ली। भारत की सार्वजनिक ऑयल मार्केटिंग कंपनियां अब पूरे देश में प्रतिदिन पेट्रोल-डीजल के दाम की समीक्षा करेंगी। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की आेर से जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक नई व्‍यवस्‍था 16 जून से लागू होगी। यह फैसला बुधवार को पेट्रोलियम और नेचूरल गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्‍यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। देशभर में पेट्रोल की रोजाना कीमत तय करने का फैसला 1 मई से पांच शहरों में पेट्रोल-डीजल के लिए शुरू की गई दैनिक समीक्षा के पायलेट प्रोजेक्‍ट में सफलता मिलने के बाद लिया गया है। वहीं दूसरी और पेट्रोल पंप डीलर्स सरकार के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। ऑल इंडिया पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के अध्‍यक्ष अजय बंसल का कहना है कि यह फैसला रिटेलर्स के लिए अच्‍छा नहीं है। पायलेट प्रोजेक्‍ट में कई समस्‍याएं हैं जिन्‍हें डीलर्स ने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के सामने रखा है। 95 प्रतिशत रिटेल आउटलेट्स पर प्रत्‍येक रात को हाथ से दाम बदले जाते हैं। 54000 रिटेल आउटलेट्स में से केवल 20 प्रतिशत ही अभी ऑटोमेेटेड हैं, ऐसे में सरकार को डायनामिक प्राइसिंग में इतनी हड़बड़ी नहीं दिखानी चाहिए। वर्तमान में भारत की तीन ऑयल कंपनियां इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम तथा हिंदुस्तान कॉरपोरेशन प्रत्‍येक 15 दिन में तेल कीमतों की समीक्षा करती हैं और इसके आधार पर पेट्रोल-डीजल की रिटेल कीमत तय की जाती है। मई की शुरुआत में तीनों कंपनियों ने पुडुचेरी, दक्षिण भारत के विजाग, पश्चिम भारत में उदयपुर, पूर्वी भारत में जमशेदपुर तथा उत्तरी भारत में चंडीगढ़ में रोजाना के आधार पर तेल कीमतों का निर्धारण करने का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया था।

पीएमजीकेवाई के तहत सिर्फ 5,000 करोड़ रुपए काला धन सामने आया
2 Jun 2017
नई दिल्ली। सरकार ने गुरुवार को कहा कि नोटबंदी के बाद शुरू की गई प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) के तहत अब तक सिर्फ 5,000 करोड़ रुपए का काला धन ही जमा हुआ है। यह आंकड़े बताते हैं कि बेहिसाबी आय की घोषणा करने के उद्देश्य से शुरू किए गए अभियान को बेहद खराब प्रतिक्रिया मिली है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा आयोजित संवाददाता सम्मेलन में राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा कि पीएमजीकेवाई के तहत सिर्फ 5,000 करोड़ रुपयों की घोषणा होने के पीछे दो कारण रहे। योजना घोषित होने से पहले ही लोग अपना पैसा खातों में डाल चुके थे। उन्होंने बताया कि इसके अलावा, पीएमजीकेवाई के तहत हमने जो कर प्रस्तावित किया था, उससे लोगों को लगा कि उनकी 75 फीसदी राशि तो फंस जाएगी। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि पीएमजीकेवाई को इसी तरह की दूसरी योजनाओं से प्रतिस्पर्धा मिली। जेटली ने कहा कि एक साथ दो या तीन योजनाएं इसी तरह की चल रही हैं। जिन लोगों ने अपनी घोषित आय से अधिक धनराशि जमा करवाई है, आयकर विभाग उनसे धनराशि के ब्यौरे का जांच कर रही है। जिन लोगों ने जवाब दिए हैं, उन पर कार्यवाही चल रही है...जिन लोगों ने जवाब नहीं दिए हैं, उनके खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। जेटली ने यह भी कहा कि हाल ही में लागू किए गए बेनामी लेनदेन अधिनियम का उद्देश्य काले धन पर लगाम लगाना है।

स्पाइसजेट दे रहा है 12 रुपए में हवार्इ यात्रा का शानदार मौका, घरेलू आैर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का एेसे ले सकेंगे मजा
24 May 2017
नर्इ दिल्ली। विमानन कंपनी स्पाइसजेट अपनी 12वीं सालगिरह के मौके पर अपने ग्राहकों को शानदार तोहफा देने जा रही है। इसके जरिए यात्री को 12 रुपए के बेस फेयर में डोमेस्टिक आैर इंटरनेशनल यात्राआें का टिकट मिल सकेगी। हालांकि ये आॅफर कुछ शर्तों के साथ लागू है। स्पाइसजेट ने इस आॅफर का नाम 12th Anniversary Sale दिया है। जानकारी के मुताबिक 12 रुपए बेस फेयर होगा आैर इसमें सरचार्ज आैर टैक्स अलग से जोड़े जाएंगे। '12 साल धमाल' नाम का एक लक्की ड्रा शुरू किया गया है, जिसके जरिए यात्रियों को फ्री टिकट जीतने की सुविधा दी गर्इ है। साथ ही यात्री अन्य आकर्षक इनाम भी अपने नाम कर सकते हैं। स्पाइसजेट की ये स्कीम 23 मर्इ से शुरू होकर 28 मर्इ तक चलेगी। इस दौरान 26 जून 2017 से 24 मार्च 2018 के बीच आप यात्रा कर सकेंगे। टिकट ब्रिकी का निर्धारित पीरियड खत्म होने के बाद लकी ड्रा के जरिए विजेताआें के नाम घोषित किए जाएंगे

थोड़ा सा PF ज्यादा कटवाएं आैर उठाएं करोड़ों का लाभ, जरूर पढ़ें ये फायदे की खबर
24 May 2017
शनर्इ दिल्ली। यदि आप कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के PF अकाउंट होल्डर हैं तो आपके लिए ये काम की खबर है। जी हां, यदि आप अपने PF फंड के बारे में ये खबर पढ़ेंगे तो रिटायरमेंट तक लाखों रुपए तक का फायदा उठा सकते हैं। इसके लिए आपको बस एक छोटा सा काम करना होगा। र्इपीएफ स्कीम के तहत आपके मूल वेतन आैर डीए का 12 फीसदी हर महीने आपके पीएफ फंड में जाता है। आपकी सैलरी का 12 फीसदी ही एम्पलाॅयर कंट्रीब्यूशन के रूप में पीएफ के रूप में जमा होता है। यदि आप मंथली कंट्रीब्यूशन बढ़ाना चाहते हैं तो इसके लिए आप अपनी कंपनी को लिखित में इसे बढ़ाने के लिए लिखकर दे सकते हैं। फिलहाल र्इपीएफ पर सालाना 8.65 फीसदी ब्याज आपकी जमाआें पर मिलता है। ये अन्य सरकारी स्कीमों की तुलना में काफी ज्यादा है। साथ ही इसका एक आैर लाभ ये है कि ये पूरी तरह से टैक्स फ्री है। यदि आपकी उम्र 30 साल है आैर आप 3 साल तक पीएफ कंट्रीब्यूशन 5 हजार रुपए करते हैं तो 8.65 फीसदी की दर से आप 86 लाख रुपए जमा कर सकते हैं। वहीं पर यदि आप मासिक 8000 रुपए 30 साल की अवधि तक पीएफ कंट्रीब्यूशन के तौर पर निवेश करते हैं तो रिटायरमेंट पर एक करोड़ 34 लाख रुपए के करीब पा सकते हैं।

किस चीज पर लगेगा कितना टैक्स, क्या होगा सस्ता और क्या महंगा
19 May 2017
श्रीनगर में जीएसटी काउंसिल की दो दिवसीय बैठक में शुक्रवार को दूसरे और अंतिम दिन सर्विस टैक्स की दरों पर सहमति बनाने की तैयारी है। सर्विस टैक्स पर फैसले के बाद यह काफी कुछ स्पष्ट हो जाएगा कि कौन सी चीज कितनी सस्ती होगी और कितनी महंगी। देश में 1 जुलाई से जीएसटी लागू करने की तैयारी है और इससे जो सबसे ज्यादा आम आदमी प्रभावित होगा क्योंकि यही जीएसटी तय करेगा कि क्या महंगा होगा और क्या सस्ता। इससे पहले गुरुवार को हुई बैठक में काउंसिल ने 1211 चीजों पर टैक्स निर्धारण पर सहमति जता दी है। इन सभी को 18 प्रतिशत तक के टैक्स के दायरे में रखा गया है और इसे भी अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया है। राजस्व सचिव हसमुख आधिया ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि 14 प्रतिशत चीजें 5 प्रतिशत टैक्स के दायरे में हैं वहीं 17 प्रतिशत चीजों को 12 प्रतिशत टैक्स जबकि 43 प्रतिशत चीजों को 18 प्रतिशत टैक्स के दायरे में रखा गया है। इसके अलावा 19 प्रतिशत चीजें 28 प्रतिशत टैक्स के दायरे में आएंगी।

मुनाफा वसूली के चलते सिर्फ 34 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार
19 May 2017
दिनभर के उतार चढ़ाव के बाद हफ्ते के आखिरी कारोबारी सत्र में शेयर बाजार मामूली बढ़त के साथ बंद हुए है। दिन के दौरान सेंसेक्स ने 30712.35 का स्तर छुआ। वहीं, निफ्टी ने 9505 का उच्चतम का स्तर छुआ है। लेकिन, सेंसेक्स 30 अंक की बढ़त के साथ 30,464.92 के स्तर पर और निफ्टी सपाट होकर 9427 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ है। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज पर मिडकैप 0.60 फीसद और स्मॉलकैप 0.77 फीसद की कमजोरी के साथ बंद हुआ है।
बैंकिंग और एफएमसीजी सेक्टर में खरीदारी दसेक्टोरियल इंडेक्स की बात करें तो बैंकिंग और एफएमसीजी सेक्टर को छोड़ सभी सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर बंद हुए हैं। ऑटो में चौथाई, फाइनेंशियल सर्विस और मेटल में 0.13 फीसद, आईटी सेक्टर में 0.85 फीसद की गिरावट हुई है। वहीं, रियल्टी सेक्टर में 0.08 फीसद की कमजोरी देखने को मिली है।
निफ्टी के 32 शेयर लाल निशान में दिग्गज शेयर्स की बात करें तो 19 हरे निशान में और 32 गिरावट के साथ कारोबार कर बंद हुआ है। सबसे ज्यादा तेजी आईटीसी, येस बैंक, एक्सिस बैंक, एसबीआईएन और हिंदुस्तान यूनिलिवर के सेयर्स में देखने को मिल रही है। वहीं, गिरावट एशियनपेंट, बीपीसीएल, आईशर मोटर्स, हिंडाल्को और टीसीएस के शेयर्स में हुई है।

लंदन में गिरफ्तारी के बाद माल्या को मिली ज़मानत, ट्वीट कर कहा- भारतीय मीडिया ने बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया
18 April 2017
नई दिल्ली: लंदन में विजय माल्या की गिरफ्तारी के तुरंत बाद ही उन्हें जमानत भी मिल गई. विजय माल्या ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि कोर्ट में प्रत्यर्पण के सिलसिले में उनकी सुनवाई पहले से तय थी. उन्होंने भारतीय मीडिया पर भी टिप्पणी करते हुए ट्वीट किया कि उन्होंने (भारतीय मीडिया ने) मेरी कोर्ट में पेशी को काफी बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया.
इससे पहले स्कॉटलैंड यार्ड ने मंगलवार को विजय माल्या को वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई.
भारत में भगोड़ा घोषित विजय माल्या को धोखाधड़ी के आरोपों में नयी दिल्ली के प्रत्यर्पण आग्रह पर मंगलवार (18 अप्रैल) को स्कॉटलैंड यार्ड ने लंदन में गिरफ्तार कर लिया, लेकिन चंद घंटे बाद उसे जमानत मिल गई. शराब कारोबारी माल्या भारत में ऋण डिफॉल्ट मामले में वांछित है. उसे मंगलवार सुबह उस समय गिरफ्तार कर लिया गया जब वह मध्य लंदन पुलिस थाने में पेश हुआ.
2016 से फरार चल रहे शराब कारोबारी को वेस्टमिंस्टर अदालत के आदेश पर स्कॉटलैंड यार्ड की पुलिस ने मंगलवार को करीब 9:30 सुबह (भारतीय समयानुसार) गिरफ्तार किया. उनपर भारतीय बैंकों के 9000 करोड़ सहित कुल 12000 करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज नहीं चुकाने का आरोप है.
जानकारी के मुताबिक आगे की कार्रवाई के लिए सीबीआई की एक टीम लंदन जाएगी. माल्या का ब्रिटेन से भारत में प्रत्यर्पण की संभावना अब बढ़ गई है. उन्हें लंदन के वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया जाएगा. विजय माल्या की गिरफ्तारी वेस्टमिंस्टर कोर्ट के आदेश पर हुई है. भारत सरकार ने 8 फरवरी को विजय माल्या के प्रत्यर्पण के लिए ब्रिटेन की सरकार को अर्जी भेजी थी. जनवरी 2017 में सीबीआई कोर्ट ने माल्या के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था.
किस बैंक पर है कितना कर्ज
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया पर 1600 करोड़, पंजाब नैशनल बैंक पर 800 करोड़, आईडीबीआई बैंक पर 800 करोड़, बैंक ऑफ इंडिया पर 650 करोड़, बैंक ऑफ बड़ौदा पर 550 करोड़, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया पर 430 करोड़, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया पर 410 करोड़, यूको बैंक पर 320 करोड़, कॉरपोरेशन बैंक पर 310, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर पर 150 करोड़, इंडियन ओवरसीज बैंक पर 140 करोड़, फेडरल बैंक पर 90 करोड़, पंजाब एंड सिंध बैंक पर 60 करोड़ और एक्सिस बैंक पर 50 करोड़ रुपए का कर्ज है.
क्या है मामला
माल्या पर सरकारी बैंकों से लिए गए नौ हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के कर्ज की देनदारी है. माल्या ने करीब 8.2 हजार करोड़ रुपए अपनी कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस समेत कई कंपनियों के नाम पर ले रखे थे. बैंकों की शिकायत पर उसके खिलाफ भारत सरकार का प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय जांच ब्यूरो समेत कई एजंसियां जांच कर रही हैं. उसके खिलाफ आर्थिक गबन के कई मामले चल रहे हैं. कुछ मामलों में अदालत के निर्देश पर माल्या की कंपनियों के स्वामित्व वाली परिसंपत्तियां जब्त की गई हैं. बैंकों का कर्ज न चुकाने और देश छोड़कर भाग जाने के कारण माल्या के प्रकरण में सरकारी को खासी शर्मिंदगी उठानी पड़ी है. जब बैंकों ने कर्ज वसूली के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया तो माल्या मार्च 2016 में ब्रिटेन भाग गया था.


SBI के इन खाता धारकों को नहीं है मिनिमम बैलेंस रखने की जरूरत
17 April 2017
नई दिल्ली: भारतीय स्‍टेट बैंक (स्टेट बैंक ऑफ इंडिया) ने अपने ग्राहकों को ट्वीट के जरिए स्पष्ट कर किया है कि छोटे बचत बैंक खाता, सामान्य बचत बैंक खाता, जन धन खाता और और व्यावसायिक वेतन खाता धारकों को न्यूनतम राशि बनाए रखना जरूरी नहीं है.
ग़ौरतलब है कि भारतीय स्‍टेट बैंक ने 1 अप्रैल से बचत खातों में न्यूनतम शेष राशि रखने की सीमा बढ़ा दी थी.
न्यूनतम राशि नहीं रखने पर भरने होंगे जुर्माने
एसबीआई की वेबसाइट के अनुसार एसबीआई के बचत खाताधारकों को मासिक आधार पर न्यूनतम राशि को अपने खाते में रखना होगा. ऐसा नहीं होने पर उन्हें 20 रुपए (ग्रामीण शाखा) से 100 रुपए (महानगर) देने होंगे. बैंक में 31 मार्च तक बिना चेक बुक वाले बचत खाते में 500 रुपये और चेक बुक की सुविधा के साथ 1,000 रुपये रखने की आवश्यकता थी. हालांकि सुरभि, मूल बचत खाता और प्रधानमंत्री जनधन योजना खातों में यह व्यवस्था लागू नहीं होगी.
चेक के प्रति पन्ने के लिए देने होंगे तीन रुपए
इसके अलावा बैंक ने लॉकर किराया भी बढ़ा दिया है. साथ ही एक साल में लॉकर के उपयोग की संख्या भी कम कर दी है. 12 बार उपयोग करने के बाद ग्राहक 100 रुपए के साथ सेवा कर देना होगा. चेक बुक के मामले में चालू खाताधारकों को एक वित्त वर्ष में 50 चेक मुफ्त मिलेंगे. उसके बाद उन्हें चेक के प्रति पन्ने के लिए तीन रुपए देने होंगे. इस प्रकार, 25 पन्नों वाले चेक बुक के लिए उन्हें 75 रुपए के साथ सेवा कर देना होगा. एसबीआई के बचत खाते में अगर 25,000 रुपये बना रहता है तो संबंधित ग्राहक असीमित बार एटीएम का इस्तेमाल कर सकते हैं. हालांकि पांच बार से अधिक एटीएम के उपयोग करने पर ग्राहक को शुल्क देना होगा.
एक अप्रैल से पांच सहयोगी बैंकों और भारतीय महिला बैंक का एसबीआई में विलय
स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एण्ड जयपुर सहित भारतीय स्टेट बैंक के पांच सहयोगी बैंकों और भारतीय महिला बैंक का शनिवार को देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक में विलय हो गया. इसके साथ ही स्टेट बैंक दुनिया के 50 बड़े बैंकों में शामिल हो गया है.
स्टेट बैंक द्वारा शनिवार को जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एण्ड जयपुर (एसबीबीजे), स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद (एसबीएच), स्टेट बैंक ऑफ मैसूर (एसबीएम), स्टेट बैंक ऑफ पटियाला (एसबीपी) और स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर (एसबीटी) तथा भारतीय महिला बैंक (बीएमबी) का एक अप्रैल से भारतीय स्टेट बैंक में विलय हो गया है.
इस विलय के साथ भारतीय स्टेट बैंक के खाताधारकों की कुल संख्या 37 करोड़ और उसकी शाखाओं का नेटवर्क 24,000 के आंकड़े को छू जायेगा. देशभर में उसके 59,000 एटीएम होंगे. विलय के बाद बैंक की जमा राशि 26 लाख करोड़ रुपये से अधिक और कर्ज पर दी गई राशि 18.50 लाख करोड़ रुपये होगी.


सिगरेट कंपनियों में निवेश कर LIC ने कमाया करोड़ों का प्रॉफिट
17 April 2017
नई दिल्ली: सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एल.आई.सी.) ने सिगरेट बनाने वाली कंपनी आई.टी.सी. में निवेश कर हजारों करोड़ रुपए का लाभ कमाया है। वहीं निजी बीमा कंपनियों की ‘स्वास्थ्य के प्रति जवाबदेही’ की पॉलिसी के चलते सिगरेट कंपनियों से निवेश निकालने का फायदा एल.आई.सी. जैसी सरकारी कंपनियों को मिला है। वैश्विक स्तर पर कई बीमा तथा म्यूचुअल फंड कंपनियां तंबाकू जैसे क्षेत्रों में निवेश से दूर रहती हैं।
पिछली तिमाही में सार्वजनिक क्षेत्र की चारों बीमा कंपनियों को आई.टी.सी. में अपनी 21 प्रतिशत हिस्सेदारी पर 15,000 करोड़ रुपए का लाभ हुआ जबकि पूरे 2016-17 में इस निवेश पर फायदा 20,000 करोड़ रुपए से अधिक का रहा। इसके अलावा एस.यू.यू.टी.आई. (यूनिट ट्रस्ट आफ इंडिया की विशेषीकृत इकाई) के जरिए सरकार ने आई.टी.सी. में 31,000 करोड़ रुपए मूल्य की हिस्सेदारी ले रखी है। एस.यू.यू.टी.आई. पूर्व यू.टी.आई. के निवेश पोर्टफोलियो की होल्डिंग कंपनी है।
एस.यू.यू.टी.आई. ने 2 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची
एस.यू.यू.टी.आई. ने हाल में आई.टी.सी. में करीब 2 प्रतिशत हिस्सेदारी 6700 करोड़ रुपए में बेची। उसके बाद निजी कंपनी में उसकी हिस्सेदारी घटकर 9.1 प्रतिशत पर आ गई। आई.टी.सी. का बाजार मूल्यांकन करीब 3.4 लाख करोड़ रपए है। हालांकि कंपनी विविध कारोबार में लगी है लेकिन अब भी उसकी कुल आय में सिगरेट कारोबार का एक बड़ा योगदान है।
निजी बीमा कंपनियां लाईं निवेश में कमी
कई म्यूचुअल फंड तथा निजी क्षेत्र की बीमा कंपनियों के शीर्ष कार्यकारियों का कहना है कि उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी चिंता के कारण ‘जिम्मेदार निवेश रणनीति’ के तहत तम्बाकू और शराब जैसे क्षेत्रों में अपना निवेश हटा दिया है या उसमें काफी कमी लाई है।
एल.आई.सी. की आई.टी.सी. में 16.3 प्रतिशत हिस्सेदारी
एल.आई.सी. की हिस्सेदारी प्रतिरूप के विश्लेषण से पता चलता है कि उसकी आई. टी.सी. में करीब 16.3 प्रतिशत हिस्सेदारी है। जीवन बीमा कंपनी ने पिछली तिमाही में हिस्सेदारी 2 प्रतिशत बढ़ाई और उसके पास फिलहाल 55,000 करोड़ रुपए मूल्य की हिस्सेदारी है। एल.आई.सी. के अलावा सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों ओरिएंटल इंश्योरैंस कंपनी, न्यू इंडिया इंश्योरैंस कंपनी तथा जनरल इंश्योरैंस कार्पोरेशन ऑफ इंडिया की भी आई.टी.सी. में अच्छी हिस्सेदारी है जिसका मूल्य करीब 17,000 करोड़ रुपए है। एक तरफ जहां सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियां आई.टी.सी. में निवेश कर रही हैं जबकि आई.सी.आई.सी.आई. प्रूडैंशियल लाइफ तथा कई म्यूचुअल फंड समेत निजी क्षेत्र की कंपनियों ने अपनी हिस्सेदारी में उल्लेखनीय कमी की है या निवेश निकाल लिया है।

कुछ शहरों में हर दिन बदलेंगी पेट्रोल-डीज़ल की कीमतें
12 April 2017
नई दिल्लीः अगर आप हर महीने-दो महीने पर पेट्रोल-डीजल की बदलती क़ीमतों से परेशान हैं तो सोच लीजिए कि आने वाले दिनों में ये क़ीमतें हर दिन बदलने वाली हैं. तेल कंपनियों के एक नए प्रस्ताव के तहत भारत के कुछ शहरों में पेट्रोल और डीज़ल की क़ीमतों को अंतरराष्ट्रीय क़ीमतों से जोड़ा जाएगा.
भारतीय तेल कंपनियां मसलन इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्प इस योजना के लिए तैयार हैं कि हर दिन अंतरराष्ट्रीय मार्केट के हिसाब से भारत के कुछ शहरों में पेट्रोल दिया जाए.
आईओसी के चेयरमैन बी अशोक ने पीटीआई से कहा, 'हम चाहेंगे कि देश के सभी पेट्रोल पंपों पर अंतरराष्ट्रीय बाज़ार के हिसाब से पेट्रोल-डीज़ल मिले.'
उन्होंने बताया कि पहले ये पायलट योजना पुड्डुचेरी, आंध्र प्रदेश के विशाखापटनम, राजस्थान के उदयपुर, झारखंड के जमशेदपुर और चंडीगढ़ में लागू की जाएगी. इस बारे में पूछे जाने पर पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का कहना था कि इस फैसले से सरकार का कोई लेना देना नहीं है और हर दिन तेल की कीमतें बदलने का प्रस्ताव विशेषज्ञों की राय पर लिया जा रहा है.
अभी कैसे तय होती है क़ीमत
इस समय भारत में तेल की क़ीमतें अंतरराष्ट्रीय बाज़ार से जुड़ी हुई तो हैं लेकिन हर दिन के हिसाब से नहीं.
हर माह की पहली तारीख और 16 तारीख को औसत अंतरराष्ट्रीय कीमत और करेंसी की रेट के आधार पर तेल की क़ीमतें तय की जाती हैं.
कई बार ऐसा भी होता है कि तेल की क़ीमतें काफी नीचे जाने पर भी उपभोक्ता तक वो फायदा नहीं पहुंचता है और इसे लेकर कंपनियों और सरकार की काफ़ी आलोचना भी होती रहती है.
अब कंपनियों के नए पायलट से हर दिन ये क़ीमतें बदलेंगी. उम्मीद जताई जा रही है कि लोगों की ये शिकायत ख़त्म हो जाएगी कि कंपनियां तेल की कम क़ीमत पर होने वाले फ़ायदे को लोगों तक नहीं पहुंचा रही हैं.
हालांकि अभी ये पायलट कुछ ही शहरों में शुरू होगा. यह पूछे जाने पर कि योजना कब से शुरू होगी, आईओसी के चेयरमैन ने कहा कि ऐसा एक महीने में हो सकता है.
हालांकि उन्होंने कोई तारीख नहीं बताई लेकिन मीडिया रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि एक मई से ये पायलट शुरू हो सकता है.
सरकार और तेल कीमतें
जून 2010 में ये फैसला किया गया था कि पेट्रोल की क़ीमतें अब सरकार तय नहीं करेगी.
इसके बाद अक्तूबर 2014 में डीज़ल की क़ीमतों को भी सरकार के नियंत्रण से अलग कर लिया गया.
सैद्धांतिक रूप से तेल कंपनियों को पेट्रोल और डीज़ल की क़ीमतें तय करने का हक है लेकिन ये फैसले अभी भी राजनीतिक रुख़ को देखकर किए जाते हैं क्योंकि सभी तेल कंपनियां सरकारी हैं.
एक अप्रैल को आख़िरी बार पेट्रोल की कीमतें बदली थीं और इसमें करीब चार रूपए की गिरावट आई थी जबकि डीज़ल के रेट करीब तीन रुपए गिरे थे.
कंपनियों ने ये फैसला करीब ढाई महीने बाद किया था. पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव के दौरान तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल की क़ीमतों में कोई फेरबदल नहीं किया था.


आपका बचत खाता हो सकता है ब्लॉक, अगर 30 अप्रैल तक नहीं किया सेल्फ सर्टिफाइड. यहां पढ़ें क्या करें.
12 April 2017
नई दिल्ली: आयकर विभाग के नए आदेश के तहत देश में कई खाताधारकों के बचत खाते या कहें बैंक अकाउंट को ब्लॉक किया जा सकता है. आयकर विभाग का यह आदेश एफएटीसीए के प्रावधानों के तहत आया है. आयकर विभाग ने कहा है कि यदि आपके बैंक खाते 1 जुलाई 2014 से 31 अगस्त 2015 के बीच खुले हैं उन्हें अपने खातों को जल्द से जल्द स्व प्रमाणित करना है. आयकर विभाग ने अपने आदेश में कहा है कि ऐसे सभी बैंक खाता धारकों को यह कार्यवाही 30 अप्रैल तक हर हाल में पूरी कर लेनी है. ऐसा नहीं करने वालों के खातों को ब्लॉक कर दिया जाएगा.
इससे यह साफ है कि ऐसे बैंक खाता धारक अपने खातों से किसी प्रकार का वित्तीय लेन-देन नहीं कर पाएंगे. इस संबंद में सीबीडीटी ने भी एक बयान जारी कर ऐसे खाता धारकों को साफ आदेश दे दिया है. एफएटीसीए को लागू करने के लिए अमेरिका के साथ अन्‍तर सरकारी समझौता(आईजीए) 31 मार्च 2015 को किया गया. आयकर नियम 1962 के नियम 1114एच(8) में वैकल्पिक प्रक्रिया उपलब्‍ध कराई गई हैं. वित्‍तीय संस्‍थानों को स्‍वयं प्रमाण पत्र प्राप्‍त करना होगा और 1 जुलाई 2014 से 31 अगस्‍त 2015 तक सभी निजी और कम्‍पनी खातों पर विचार करना होगा. ऐसा स्‍वयं प्रमाणन, प्रलेखन को 31 अगस्‍त 2016 तक वित्‍तीय संस्‍थानों को प्राप्‍त करना था अन्‍यथा उन्‍हें खाता बंद करना पड़ता और पहले से जारी खाते के लिए निर्धारित सतर्कता प्रक्रिया के अनुसार रिपोर्ट करनी होती.
हितधारकों की कठिनाईयों को देखतेहुए 3 अगस्‍त 2016 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्‍यम से बताया गया कि जिन मामलों में स्‍वयं प्रमाणन नहीं हुआ है उन मामलों में 31 अगस्‍त 2016 तक वित्‍तीय संस्‍थानों को खाता बंद नहीं करना पड़ेगा. वित्‍तीय संस्‍थानों को यह सलाह भी दी गई कि वे स्‍वयं प्रमाणन प्राप्ति सहित सभी सतर्कता कार्य पूरा करें. वित्‍तीय संस्‍थानों ने अध्‍यव्‍यवसाय के लिए प्रक्रिया पूरी की संशोधित समयसीमा के बारे में पूछताछ की है. वित्‍तीय संस्‍थानों को सलाह दी जाती है कि वे स्‍वयं प्रमाण प्राप्‍त करने का प्रयास करें. खाताधारकों को सूचित किया जाता है कि 30 अप्रैल 2017 तक स्‍वयं प्रमाण प्राप्‍त नहीं होने पर खाते बंद करदिए जायेंगे. इसका अर्थ यह होगा कि ऐसे खातों में वित्‍तीय संस्‍थान खाताधारक को कोई लेनदेन करने से रोकेंगे.
जानकारी के लिए 10 अहम बातें :
1. एफएटीसीए (FATCA) के तहत भारत और अमेरिका के बीच ऐसी संधि है जिसके बाद ऐसे खाता धारकों के वित्तीय लेन-देन की जानकारी एक दूसरे से साझा की जाती है.
2. भारत और अमेरिका ने इस संबंध में 31 अगस्त 2015 को एक संधि पर हस्ताक्षर किए थे. इसे विदेशी खाते कर क्रियान्वयन कानून का नाम दिया गया.
3. खाता धारक और निवेशकों को यह जरूरी हो गया है कि वह टैक्स लेने वाले देश, उस देश से मिला टिन नंबर, जन्मस्थान, नागरिकता आदि की जानकारी देनी होगी.
4. आयकर विभाग ने कहा है कि यदि अकाउंट को ब्लॉक कर दिया गया तब खाता धारक निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही अपने खाते से काम कर सकेगा.
5. इससे पहले बैंकों को यह प्रक्रिया 31 अगस्त 2016 तक पूरे करने के निर्देश दिए गए थे. बाद में यह तारीख 30 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दी गई थी. अब भी लोगों को उम्मीद थी कि एक बार फिर तारीख को बढ़ा दिया जाएगा. लेकिन अब आयकर विभाग ने साफ कर दिया है कि इस बार ऐसा नहीं होगा. ऐसे खाताधारकों को 30 अप्रैल तक यह काम पूरा करना ही होगा.
6. आयकर विभाग ने इस संबंध में कई वित्तीय संस्थानों को हो रही दिक्कतों के चले पहले यह तारीख 30 अप्रैल 2017 तक बढ़ाने की छूट दे दी थी.
7. आयकर विभाग के सख्त रुख को देखते हुए म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय संस्थानों ने अपने ग्राहकों को साफ कर दिया है कि वह नए नियमों के तहत अपने अपने स्व प्रमाणित करने वाले काम पूरा कर लें.
8. अब आयकर विभाग ने सभी वित्तीय संस्थानों को यह निर्देश दे दिया है कि वह सभी इस काम में तत्परता दिखाएं. ताकि जरूरी काम पूरा हो सके.
9. जानकारी के लिए बता दें कि यह संधि और नियम इसीलिए बनाया गया था ताकि दूसरे देशों में अर्जित संपत्ति से की जाने वाली आय पर जरूरी कर लगाया जा सके.
10. आयकर विभाग ने एफएटीसीए के तहत आने वाले सभी खाता धारकों के खातों के बारे में जानकारी साझा करने के लिए बैंकों को पहले ही आदेश दे दिया है.


डीलरों ने दी चेतावनी, पेट्रोल पंप रविवार को बंद रहेंगे, सुबह 9 से शाम 6 बजे तक ही खुलेंगे
11 April 2017
नई दिल्ली: देशभर के पेट्रोल पंप मालिकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनका मार्जिन बढ़ाए जाने की मांग को नहीं माना गया, तो वे हर रविवार को पंप बंद रखेंगे. यही नहीं, जब तक सरकार इस मामले में दखल नहीं देती है, सप्ताह के शेष दिनों में भी पेट्रोल पंप सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक ही काम करेंगे, ताकि वे लोग अपने खर्चों में कमी ला सकें.
कन्सॉर्टियम ऑफ इंडियन पेट्रोलियम डीलर्स के महासचिव रवि शिंदे ने NDTV प्रॉफिट को बताया कि पेट्रोल पंप मालिकों ने तय किया है कि 14 मई से प्रत्येक रविवार को पंप बंद रखे जाएंगे, तथा 15 मई से डीलर सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक ही काम करेंगे. यह कन्सॉर्टियम देशव्यापी संगठन है, और लगभग 50,000 पेट्रोल पंप डीलरों का प्रतिनिधित्व करता है.
रवि शिंदे ने यह भी जानकारी दी कि इन फैसलों के अलावा पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन 10 मई को 'नो परचेज़ डे' (कोई खरीद नहीं दिवस) के रूप में मनाएगी, ताकि मांगों पर ज़ोर दिया जा सके. उन्होंने कहा, "इससे (जनता को) ज़्यादा परेशानी पैदा नहीं होगी, लेकिन यह तेल कंपनियों के लिए संकेत होगा कि डीलर अब लड़ाई के लिए तैयार हैं..."
पंप मालिकों की मांगों के बारे में बात करते हुए रवि शिंदे ने बताया कि तेल मार्केटिंग कंपनियों ने "लिखित में दिया हुआ अपना वादा पूरा नहीं किया, जिसमें उन्होंने अपूर्व चंद्र कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक डीलरों को मार्जिन देना था..."
रवि शिंदे ने कहा कि डीलर मार्जिन की बात की जाए तो अपूर्व चंद्र कमेटी के आकलन के अनुसार डीलरों को पेट्रोल पर 3,333 रुपये प्रति किलोलिटर (1,000 लिटर) मिलने चाहिए, और डीज़ल पर 2,126 रुपये प्रति किलोलिटर. उन्होंने कहा, "जबकि इस समय हमें पेट्रोल तथा डीज़ल पर क्रमशः 2,570 रुपये तथा 1,620 रुपये मिल रहे हैं..."
पेट्रोल पंप मालिकों ने जनवरी में डिजिटल भुगतानों पर लगने वाले कर के विरोध में क्रेडिट तथा डेबिट कार्ड के ज़रिये भुगतान लेने से मना करने की चेतावनी दी थी, और उस समय सरकार को दखल देना पड़ा था.
चूंकि देश में डीज़ल की मांग कम हुई है, इसलिए 31 मार्च, 2017 को समाप्त हुए पिछले वित्तवर्ष के दौरान भारत में ईंधन की खपत पांच फीसदी की धीमी गति से बढ़ी. तेल मंत्रालय के पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनैलिसिस सेल (पीपीएसी) के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल उपभोक्ता भारत में वर्ष 2016-17 के दौरान ईंधन और पेट्रोलियम उत्पादों की मांग 194.2 मिलियन टन रही, जबकि उससे पिछले वित्तवर्ष के दौरान यह 184.6 मिलियन टन रही थी.


अगर पत्नी को भी देते हैं घर का किराया तो देना होगा सबूत, वरना नहीं मिलेगी टैक्स में छूट
Our Correspondent :11 April 2017
नई दिल्ली: आप एक करदाता हैं और किराये के घर में रहते हैं तो आपको टैक्स बचाने के रेंट स्लिप दिखानीं होंगीं। हाल ही में मुंबई इनकम टैक्स अपीलीय ट्रिब्यूनल (आईटीएटी) ने एक कर दाता को टैक्स में छूट देने से मना कर दिया। मुंबई की वह कर दाता अपनी मां को कैश में घर का रेंट देती हैं, लेकिन वह इसके पुख्ता सबूत नहीं दे पाईं। एक दूसरे मामले में अहमदाबाद आईटीएटी ने एक कर दाता के एचआरए (हाउस रेंट अलाउंस) को मंजूरी दे दी। जबकि वह अपनी पत्नी को घर का किराया देता था। इकॉनोमिक टाइम्स के मुताबिक यह देखते हुए कि टैक्स बचाने के लिए सैलरी पाने वालों के लिए सीमित रास्ते हैं। इसलिए वह एचआरए का पूरा लाभ उठाते हैं। वह टैक्स में छूट पाने के लिए यह दिखाते हैं कि वह परिवार के किसी सदस्य के साथ किराये पर रहते हैं और रेंट देते हैं। कई जगह ऐसा है भी कि लोग अपने किसी रिश्तेदार के यहां किराये पर रह रहे हैं और रेंट की असली स्लिप लगाते हैं।
किसी भी रिश्तेदार को रेंट देना अवैध नहीं है, लेकिन अगर इनकम टैक्स के अधिकारियों ने रेंट स्लिप की जांच की और इसके पुख्ता सबूत नहीं मिले तो फिर आपके दावे को प्रमाण के साथ खारिज कर दिया जाएगा। इसलिए रिश्तेदार को रेंट देने पर सावधानियां बरतनी जरूरी हैं। अगर आप किसी रिश्तेदार के यहां रहते हैं और एक कर दाता हैं तो एक रेंट एग्रीमेंट बनवा लीजिए और अपने खाते से ही रिश्तेदार के खाते में रेंट ट्रांसफर कीजिए। आईटी एक्ट के सेक्शन 10(13ए) के मुताबिक कोई एचआरए तभी क्लेम कर सकता है जब प्रॉपर्टी उसके नाम पर न हो और सही में वह उसका रेंट दे रहा हो।
ई वाय-इंडिया में पीपल एडवाइजरी सर्विस पार्टनर अमरपाल एस चड्ढा ने बताया कि माता-पिता या पत्नी को रेंट दिया जा सकता है। इससे करदाता की पात्रता पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा, पर इसके लिए करदाता एचआरए क्लेम करने के नियमों को पूरा करता हो। ऐसा ही अहमदाबाद में एचआरए क्लेम करने के मामले में हुआ। बजरंग प्रसाद के एचआरए के क्लेम को खारिज नहीं किया। जबकि वह अपनी पत्नी को घर का किराया देता है। इस पर आईटीएटी ने कहा कि कर दाता दो पात्रताएं पूरी करता है एक तो घर उसके नाम पर नहीं है और दूसरा वह हर महीने अपने बैंक खाते से अपनी पत्नी के खाते में घर का रेंट ट्रांसफर करता था।


पेट्रोल पंप 10 मई के बाद हर रविवार रहेंगे बंद, पट्रोलियम डीलर्स ने लिया फैसला
10 April 2017
नई दिल्ली: कंसोरटियम ऑफ इंडियन पट्रोलियम डीलर्स(सीआईपीडी) ने 10 मई के बाद से हर रविवार को पेट्रोल पंप बंद रखने की घोषणा की है। उन्होंने यह फैसला तेल कंपनियों की ओर से हो रही लगातार अनदेखी के चलते लिया है। रविवार को कुरुक्षेत्र में हुई सीआईपीडी की बैठक में निर्णय लिया गया है कि बीते वर्ष नवंबर महीने में मुंबई और इस वर्ष मार्च में तेल कंपनियों के साथ हुई बैठक में उनकी समस्याओं का कोई समाधान नहीं निकल पाया। इसके बाद सीआईपीडी ने हर रविवार पेट्रोल पंप बंद रखने की घोषणा की है।
सीआईपीडी ने यह भी कहा है कि तेल कंपनियों ने यदि इसके बाद भी सुधार नहीं किया तो पेट्रोल पंपों को रात में भी बंद रखा जाएगा। आपको बता दें कि देशभर में 53 हजार पेट्रोल पंप हैं और अगर सीआईपीडी का यह फैसला लागू हो जाता है तो आम लोगों के लिए दिक्कत खड़ी हो सकती है। मौजूदा समय में सीआईपीडी के इस फैसले के संबंध में तेल कंपनियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
सीआईपीडी के राष्ट्रीय एडी सत्यानारायणन ने कहा, “वर्ष 2011 से तेल कंपनियां पंप मालिकों को मार्जिन नहीं दे रही है, जिससे पंप संचालक को नुकसान हो रहा है। इससे बचने के लिए उन्होंने समय-समय पर मार्जिन दिए जाने की मांग की, लेकिन अधिकारियों की ओर से लगातार अनदेखी की जा रही है।
फैसले से क्या हो सकता है असर
सीआईपीडी का फैसले लागू होने से पेट्रोल पंपों पर निश्चित रुप से भीड़ बढ़ेगी। इसके साथ ही रविवार के दिन पेट्रोल या डीजल खत्म होने पर लोगों को अगले दिन तक का इंतजार करना पड़ेगा। वहीं दूसरी ओर, इससे तेल खपत पर प्रभाव पड़ेगा और प्रत्येक महीने तेल कंपनियों को होने वाले करोड़ों रुपये के मुनाफे पर भी असर पड़ेगा।


सेंसेक्स 131 अंक गिराकर 28,575 के स्तर पर हुआ बंद, छोटे-मझौले शेयर्स में दिखी खरीदारी
10 April 2017
नई दिल्लीः शुक्रवार के कारोबारी सत्र में शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 131 अंक कमजोर होकर 29575.74 के स्तरपर और निफ्टी 17 अंक की कमजोरी के साथ 9181.45 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ है। बीएसई में करीब आधे फीसद और एनएसई में 0.18 फीसद की कमजोरी हुई है। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज पर मिडकैप (0.43 फीसद) औऱ स्मॉलकैप में तीन चौथाई फीसद की तेजी हुई है।
आईटी सेक्टर में बिकवाली
सेक्टोरियल इंडेक्स की बात करें तो फाइनेंशियल सर्विस (0.02 फीसद), आईटी (1.41 फीसद) और रियल्टी (0.56 फीसद) लाल निशान में बंद हुए हैं। वहीं, निफ्टी (0.42 फीसद), ऑटो (0.37 फीसद), एफएमसीजी (0.13 फीसद), मेटल (0.88 फीसद), फार्मा (0.29 फीसद), पीएसयू बैंक (0.62 फीसद) और निजी बैंक (0.56 फीसद) की तेजी हुई है।
इंफोसिस टॉप लूजर
दिग्गज शेयर्स की बात करें तो निफ्टी में शुमार शेयर्स में से 29 हरे निशान में और 22 लाल निशान में बंद हुए हैं। सबसे ज्यादा तेजी आईओसी, बीपीसीएल, ग्रासिम, यस बैंक और इंफ्राटेल के शेयर्स में हुई है। वहीं, गिरावट इंफोसिस, एशियनपेंट, इंडिया बुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिडेट, एचसीएल टेक और विप्रो के शेयर्स में हुई है।
करीब 2.30 बजे
सोमवार को शेयर बाजार की शुरुआत बढ़त के साथ देखने को मिल रही है। करीब 2.30 बजे प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 77 अंक की कमजोरी के साथ 29,629 के स्तर पर और निफ्टी 9.40 अंक की बढ़त के साथ 9188 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। दिग्गज शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी बीपीसीएल, आईओसी, इंफ्राटेल, येस बैंक और टाटा मोटर डीवीआर के शेयर में देखने को मिल रही है। बीपीसीएल 3.85 फीसद की तेजी के साथ 701 के स्तर पर, आईओसी 3.38 फीसद की बढ़त के साथ 410 के स्तर पर और यस बैंक 2.12 फीसद की बढ़त के साथ 1589 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं, गिरावट इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड, एशियन पेंट, इंफोसिस, एचसीएल टेक और एनटीपीस के शेयरों में है।
नैशनल स्टॉक एक्सचेंज पर मिडकैप में 0.49 फीसद और स्मॉलकैप में 0.82 फीसद की तेजी देखने को मिल रही है। आईटी क्षेत्र में बिकवाली देखने को मिल रही है। इसमें 0.70 फीसद की कमजोरी है।
करीब 12.30 बजे
सोमवार को शेयर बाजार की शुरुआत बढ़त के साथ देखने को मिल रही है। करीब 12.30 बजे प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 15 अंक की कमजोरी के साथ 29,692 के स्तर पर और निफ्टी 6 अंक की बढ़त के साथ 9204 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। दिग्गज शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी बीपीसीएल, आईओसी, इंफ्राटेल, येस बैंक और एक्सिस बैंक के शेयर में देखने को मिल रही है। बीपीसीएल 4.08 फीसद की तेजी के साथ 702 के स्तर पर, आईओसी 3.79 फीसद की बढ़त के साथ 412 के स्तर पर और यस बैंक 2.08 फीसद की बढ़त के साथ 1588 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं, गिरावट इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड, विप्रो, एशियन पेंट, एनटीपीस और आईशर मोटर्स के शेयरों में है।
नैशनल स्टॉक एक्सचेंज पर मिडकैप में 0.41 फीसद और स्मॉलकैप में 0.77 फीसद की तेजी देखने को मिल रही है। आईटी क्षेत्र में बिकवाली देखने को मिल रही है। इसमें 0.42 फीसद की कमजोरी है।
सुबह 9.30 बजे
ग्लोबल मार्केट से मिल रहे मिले जुले संकेतों के बीच सोमवार को शेयर बाजार की शुरुआत बढ़त के साथ देखने को मिल रही है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 60 अंक की बढ़त के साथ 29766 के स्तर पर और निफ्टी 21 अंक की तेजी के साथ 9218 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। दोनों सूचकांक में करीब चौथाई फीसद की तेजी देखने को मिल रही है। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज पर मिडकैप में आधे फीसद और स्मॉलकैप में 0.79 फीसद की मजबूती देखने को मिल रही है।
ग्लोबल मार्केट में मिले जुले संकेत
भारतीय शेयर बाजार खुलने से पहले एशियाई बाजार से मिले जुले संकेत मिल रहे हैं। जापान का निक्केई 0.63 फीसद की तेजी के साथ 18782.98 के स्तर पर, हैंगसेंग में 0.08 फीसद की तेजी के साथ 24287.44 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं, शांघाई 0.30 फीसद की कमजोरी के साथ 3276.86 के स्तर पर और कोरिया का कोस्पी 0.81 फीसद की कमजोरी के साथ 2135.04 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। अमेरिकी बाजार के सूचकांक डाओ जोन्स 0.03 फीसद की कमजोरी के साथ 20656.10 के स्तर पर, एसएंडपी500 0.08 फीसद की कमजोरी के साथ 2355.54 के स्तर पर और नैस्डैक 0.02 फीसद की कमजोरी के साथ 5877.81 के स्तर पर बंद हुए हैं।
रियल्टी सेक्टर में खरीदारी
सेक्टोरियल इंडेक्स की बात करें तो सभी सूचकांक हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा खरीदारी रियल्टी सेक्टर में देखने को मिल रही है। वहीं, फाइनेंशियल सर्विस 0.01 फीसद, एफएमसीजी (0.16 फीसद), आईटी (0.39 फीसद), मेटल (0.38 फीसद) और फार्मा (0.12 फीसद) की बढ़त देखने को मिल रही है।
आईओसी और बीपीसीएल टॉप गेनर
दिग्गज शेयर्स की बात करें तो निफ्टी में शुमार शेयर्स में से 33 हरे निशान में और 18 लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा तेजी आईओसी, बीपीसीएल, एल एंड टी, अंबूजा सीमेंट और इंफ्राटेल के शेयर्स में देखने को मिल रही है। वहीं गिरावट, एचडीएफसी, इंडियाबुल्स हाउंसिंग फाइनेंस लिमिटेड, ल्यूपिन, आईशर मोटर्स और हिंदु्स्तान यूनिलिवर के शेयर्स में देखने को मिल रही है।


बैंकों, डाक घरों के बचत खातों से कैश ट्रांजैक्शन पर लागू नहीं होगी 2 लाख रुपये की सीमा
6 April 2017
नई दिल्ली: इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने आज स्पष्ट किया है कि 2 लाख रुपये से ज्यादा के कैश ट्रांजैक्शन पर रोक का नियम बैंकों और डाक घरों के बचत खातों पर लागू नहीं होगा। सरकार ने वित्तीय कानून 2017 के जरिए 2 लाख रुपये से ज्यादा के नकदी लेनदेन पर रोक लगा दी और यह प्रावधान कर दिया कि इस सीमा ज्यादा जितनी नकद राशि का लेनदेन होगा, उतना ही जुर्माना वसूला जाएगा।
आय कर कानून में जोड़ी गई नई धारा 269ST पर स्पष्टीकरण देते हुए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने कहा कि यह पाबंदी बैंकों और डाक घरों पर लागू नहीं होगी। एक बयान में कहा गया है, 'यह फैसला भी लिया गया है कि नकदी लेनदेन पर पाबंदी बैंक, को-ऑपरेटिव बैंक या पोस्ट ऑफिस सेविंग्स बैंक से निकासी पर लागू नहीं होगी।'
सीबीडीटी ने कहा है कि सरकार, बैंकिंग कंपनी, डाक घर बचत बैंक या को-ऑपरेटिव बैंक की ओर से मिली रिसीट पर भी यह पाबंदी लागू नहीं होगी। सीबीडीटी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के लिए नीति निर्धारण करने वाली सर्वोच्च संस्था है। सीबीडीटी ने कहा कि इससे जुड़ी जरूरी अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।
दरअसल, साल 2017-18 के बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 3 लाख रुपये से ज्यादा के नकदी लेनदेन पर पाबंदी लगाने का ऐलान किया था। लेकिन, फाइनैंस बिल में इसकी सीमा घटाकर 2 लाख कर दी गई और पिछले महीने इसे लोकसभा से पास भी करवा दिया गया। एक सीमा के बाद नकदी लेनदेन पर पाबंदी लगाकर डिजिटल इकॉनमी को बढ़ावा देने का मकसद काले धन पर रोक लगाना है।
नियम के मुताबिक कोई भी व्यक्ति एक दिन में 2 लाख रुपये से ज्यादा का नकद लेनदेन नहीं कर सकता। इसमें एकबारगी लेनदेन और किसी एक आयोजन या समारोह के लिए बारबार का लेनदेन शामिल है। फाइनैंस ऐक्ट में यह भी कहा गया है कि 10,000 रुपये से ज्यादा का कोई पूंजीगत खर्च भी निवेश से जुड़ी छूट या मूल्य कटौती भत्ते के काबिल नहीं माना जाएगा। इसी तरह, राजस्व खर्च के रूप में भी नकदी की सीमा 20,000 रुपये से घटाकर 10,000 रुपये कर दी गई है।


एडीबी का दावा, GDP में चीन से आगे बना रहेगा भारत
6 April 2017
नई दिल्ली: एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के अनुमान की बात करें तो भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2017-18 में सुधरकर 7.4 प्रतिशत और इससे अगले वित्त वर्ष में और बढ़कर 7.6 प्रतिशत रह सकती है. इस प्रकार आर्थिक वृद्धि के मामले में भारत चीन से आगे बना रहेगा.
खत्म होने को है नोटबंदी का प्रतिकूल असर
एडीबी के अग्रणी आर्थिक प्रकाशन ‘एशियाई विकास परिदृश्य’ में कहा गया है, ‘उच्च मूल्य वर्ग के नोटों को चलन से हटाने से अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाला प्रभाव नए बैंक नोटों के आने के साथ धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है. मजबूत खपत और वित्तीय सुधारों के आगे बढ़ने से व्यावसायिक विश्वास में सुधार आने की उम्मीद है. इसके साथ ही देश में निवेश संभावना भी बेहतर होगी.’ वर्ष 2016-17 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत रही. खास बात यह है कि पिछले साल नवंबर में 500 और 1,000 रुपये के नोटों को अमान्य किये जाने से अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर में प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका के बावजूद यह वृद्धि हासिल की गई.
चीन के मुकाबले भारत की जीडीपी अधिक रहेगी
रिपोर्ट में कहा गया है, ‘दक्षिण एशिया क्षेत्र की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भारत की वृद्धि दर पिछले वित्त वर्ष में 7.1 प्रतिशत रहने के बाद 2017-18 में 7.4 प्रतिशत और इससे अगले साल 2018-19 में 7.6 प्रतिशत रहने की उम्मीद है.’ जहां तक चीन की बात है, रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की सकल उत्पादन वृद्धि 2017 में नरम पड़कर 6.5 प्रतिशत और 2018 में 6.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है. इससे पहले 2016 में यह 6.7 प्रतिशत थी.
आर्थिक वृद्धि को भारत के प्रयास चीन पर भारी
एडीबी की रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्तीय और राजकोषीय स्थायित्व के लिए चीन की सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं. लगातार ढांचागत सुधारों से आर्थिक वृद्धि दर को सरकार के तय लक्ष्य के दायरे में बनाये रखने में मदद मिलेगी. दूसरी तरफ पिछले कुछ वर्षों में भारत ने आर्थिक सुधारों के मोर्चे पर कई कदम उठाये हैं. प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को अधिक उदार बनाया है और वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) को लागू करने की दिशा में अहम पहल की है. कारोबारी परिदृश्य को सुगम बनाने के लिये भी कदम उठाये हैं.
दक्षिण एशिया सबसे तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र
रिपोर्ट में कहा गया है कि दक्षिण एशिया दुनिया के सभी उप-क्षेत्रों में सबसे तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र होगा. इस क्षेत्र की वृद्धि दर 2017 में 7 प्रतिशत और 2018 में 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है. भविष्य की संभावनाओं का जिक्र करते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि विकासशील एशिया की दो तिहाई अर्थव्यवस्थाओं में बाहरी मांग सुधरने, वैश्विक स्तर पर जिंसों के दाम बढ़ने और घरेलू स्तर पर सुधारों को आगे बढ़ाने से यह क्षेत्र वैश्विक वृद्धि में 60 प्रतिशत योगदान के साथ एकमात्र सबसे बड़ा योगदान करने वाला बना रहेगा.


घर के किराये की फर्जी स्लिप लगाकर नहीं बचा पाएंगे टैक्स, आयकर विभाग मांग सकता है पुख्ता सबूत
5 April 2017
अब घर के किराये की फर्जी स्लिप लगाकर कोई अपना टैक्स नहीं बचा पाएगा। इनकम टैक्स विभाग ऐसे लोगों पर सख्त होने जा रहा है। घर के किराये की फर्जी रसीदों को एम्पलॉयर्स भी नजरअंदाज कर देते हैं। टैक्स अधिकारी भी इसपर ज्यादा ध्यान नहीं देते, इसे अनदेखा कर देते हैं। आयकर विभाग अब इसका ठोस सबूत मांग सकता है कि आपने जहां की रेंट स्लिप दी है वहां आप वास्तव में किराए पर रहते हैं। लोग जिस कंपनी में नौकरी करते हैं वहां से मिलने वाले हाउस रेंट के 60 फीसदी तक की रकम पर टैक्स देने से बच सकते हैं, इसके लिए उन्हें किराये की असली स्लिप लगानी होगी। कई जगह देखा जाता है कि कर्मचारी अपने पिता के घर में रह रहा होता है और रेंट स्लिप लगा देता है। कभी-कभी किराएदार होने पर भी किराए की रकम बढ़ाकर दिखाई जाती है। इकॉनमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक, आयकर अधिकारी अब दिखाई गई टैक्सेबल इनकम का आंकड़ा मंजूर करते वक्त सबूत मांग सकते हैं। इसमें लीज एंड लाइसेंस एग्रीमेंट, किराएदारी के बारे में हाउसिंग को-ऑपरेटिव सोसायटी को जानकारी देने वाला लेटर, बिजली का बिल और पानी का बिल जैसे सबूत हो सकते हैं।
डेलॉयट हास्किंस एंड सेल्स एलएलपी के सीनियर टैक्स अडवाइजर दिलीप लखानी ने बताया कि इनकम टैक्स अपीलेट ट्राइब्यूनल की रूलिंग ने सैलरी पाने वाले कर्मचारियों के क्लेम पर विचार करने और जरूरी होने पर उस पर सवाल करने के लिए आकलन अधिकारी के सामने एक मानक रख दिया है। इससे सैलरी लेने वाले पर यह जिम्मेदारी आएगी कि वह टैक्स छूट पाने के लिए नियमों का पालन करे। माना जाता है कि फर्जी रेंट रसीदें देने वाले कर्मचारी के पास इनमें से कोई भी जरूरी दस्तावेज नहीं होता है। हो सकता है कि वह व्यक्ति असल में किराये पर नहीं रह रहा हो। अपने परिवार के घर में ही रह रहा हो और अपने पिता से किराये की रसीद पर दस्तखत कराकर जमा कर रहा हो।
कुछ मामलों में असल में किरायेदार होने पर भी किराये की रकम बढ़ाकर दिखाई जाती है। इसमें तब तक दिक्कत नहीं आती जब तक कि किराया पाने वाला शख्स टैक्स चुकाने की लिमिट से बाहर हो। एक टैक्स ऑफिसर ने कहा, ‘टेक्नॉलजी और सख्त रिपोर्टिंग सिस्टम से नजर बनाए रखने में आसानी होगी।’ ऐसे कई मामले देखे गए हैं, जिनमें कोई व्यक्ति भले ही अलग रह रहा हो, लेकिन वह दावा करता है कि उसी शहर में रहने वाले एक रिश्तेदार को किराया चुका रहा है, जिनकी वहीं कोई प्रॉपर्टी हो।


रिलायंस जियो डीटीएच का वेलकम ऑफर, 90 दिनों के लिए सर्विस फ्री!
5 April 2017
नई दिल्ली : रिलायंस जियो के बाद अब भारतीय बाजार में रिलायंस जियो डीटीएच अपनी चमक बिखेरने को तैयार है. हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है, फिर भी कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रिलायंस जल्द ही डीटीएच की दुनिया में कदम रखने जा रही है.
रिपोर्ट्स के अनुसार, ग्राहक या उपभोक्ता रिलायंस जियो डीटीएच के वेलकम ऑफर योजना की उम्मीद कर सकते हैं. इसके साथ ही रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि जियो डीटीएच सर्विस 90 दिनों के लिए मुफ्त रहेगी. इसका मतलब यह है कि उपभोक्ताओं को करीब 3 महीने तक जियो की डीटीएच सेवा के लिए कोई भुगतान नहीं करना होगा.
जियो डीटीएच सेट टॉप बॉक्स पूरी तरह से तैयार है और कंपनी इसे अप्रैल में किसी भी दिन भारतीय बाजार में लॉन्च कर सकती है.रिपोर्ट्स की मानें तो एंड्रॉयड और एप्पल सेट टॉप बॉक्स के जरिए टेलीविजन पर टीवी चैनल देखने के लिए भी जियो डीटीएच सर्विस मदद करेगी और इसके लिए ग्राहकों को महीने में सिर्फ 180 रुपए का भुगतान करना होगा.
जियो डीटीएच सेट टॉप बॉक्स जियो ब्रॉडब्रैंड कनेक्टीविटी के साथ काम करेगा जो कि 1 जीबीपीएस की स्ट्रीमिंग स्पीड देगी. सेट टॉप बॉक्स की तस्वीर पहले ही ऑनलाइन लीक हो चुकी है और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बॉक्स में 300 से ज़्यादा टीवी चैनल और 50 से अधिक एचडी चैनल होंगे.


भारत में वॉट्सऐप जल्द शुरू कर सकता है पेमेंट सर्विस
4 April 2017
नई दिल्ली: भारत में तेजी से फैल रहा वॉट्सऐप जल्द ही पेमेंट सर्विस लॉन्च कर सकता है। अगर ऐसा होता है तो आप वॉट्सऐप के जरिए पैसे भेज सकेंगे और पेमेंट भी कर सकेंगे। नोटबंदी के बाद देश में बढ़ते ऑनलाइन ट्रांजैक्शंस को देखते हुए वॉट्सऐप पेमेंट ऑप्शन दे सकता है।
The Ken वेबसाइट में पब्लिश एक रिपोर्ट के मुताबिक वॉट्सऐप, जिसकी भारत में कोई अलग टीम नहीं है वह डिजिटल ट्रांजैक्शंस बिजनस को लीड करने के लिए टीम तैयार करने की कोशिश में है। भारत में लोकप्रिय मेसेजिंग ऐप वॉट्सऐप ने फरवरी में बताया था कि वह 20 करोड़ ऐक्टिव यूजर्स का आंकड़ा पार कर चुका है। कंपनी के ग्लोबल यूजर्स की बात करें तो वह 120 करोड़ के आसपास हैं।
केन की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वॉट्सऐप भारत में UPI के जरिए अगले 6 महीनों के अंदर पेमेंट सर्विस शुरू कर सकता है। यहां यह ध्यान देने वाली बात है कि वॉट्सऐप ने पेमेंट सिस्टम के लिए लोकप्रिय डिजिटल वॉलिट्स को नहीं UPI को चुना है। केन ने अपनी रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से लिखा है कि वॉट्सऐप ने पहले डिजिटल वॉलिट के बारे में सोचा था लेकिन 20 मार्च को आरबीआई के गाइडलाइन्स आने के बाद वॉट्सऐप UPI पर दांव लगाना चाहता है।
लोकप्रिय मोबाइल वॉलिट पेटीएम के 20 करोड़ यूजर्स हैं, लेकिन आरबीआई की गाइडलाइंस के बाद डिजिटल वॉलिट इंडस्ट्री के भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वहीं UPI के जरिए पेमेंट भीम और पीएसपी ऐप के बाद बढ़ने लगी हैं।


2016-17 में लक्ष्य के पार पहुंची कर प्राप्ति, 17.10 लाख करोड़ रुपये रहा कर संग्रह
4 April 2017
नई दिल्ली: सरकार के खजाने में समाप्त वित्त वर्ष 2016-17 में तय लक्ष्य से ज्यादा 17.10 लाख करोड़ रुपये का कर संग्रह हुआ है। सरकार ने एक फरवरी 2017 को पेश 2017-18 के बजट में पिछले वित्त वर्ष के लिए कर संग्रह 16.97 लाख करोड़ रुपये रहने का संशोधित अनुमान लगाया है। वित्त मंत्रालय ने एक वक्तव्य में कहा है कि 17.10 लाख करोड़ रुपये का कर संग्रह एक साल पहले के मुकाबले 18 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। एक साल पहले 2015-16 में वास्तविक कर प्राप्ति 14.55 लाख करोड़ रुपये रही थी।
राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा, 'कुल निवल कर राजस्व संग्रह 18 प्रतिशत बढ़कर 17.10 लाख करोड़ रुपये हो गया। पिछले छह साल में यह सबसे ज्यादा है।' प्रत्यक्ष कर संग्रह अप्रैल-मार्च अवधि में 14.2 प्रतिशत बढ़कर 8.47 लाख करोड़ रुपये, अप्रत्यक्ष कर संग्रह 22 प्रतिशत बढ़कर 8.63 लाख करोड़ रुपये हो गया। मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2016-17 में निवल प्रत्यक्ष कर संग्रह 8.47 लाख करोड़ रुपये रहा है जो कि वर्ष के लिए रखे गए संशोधित अनुमान की शत प्रतिशत प्राप्ति है।
इसी प्रकार मार्च 2017 तक अप्रत्यक्ष कर संग्रह संशोधित लक्ष्य का 101.35 प्रतिशत रहा है। अप्रत्यक्ष कर संग्रह के लिए 8.5 लाख करोड़ रुपये का संशोधित अनुमान लगाया गया। वर्ष के दौरान सकल राजस्व संग्रह के मामले में कंपनी कर प्राप्ति 13.1 प्रतिशत जबकि व्यक्तिगत आयकर में 18.4 प्रतिशत की वृद्धि रही। हालांकि, रिफंड समायोजन के बाद कंपनी कर में निवल वृद्धि 6.7 प्रतिशत और व्यक्तिगत आयकर में 21 प्रतिशत वृद्धि रही है।
वर्ष के दौरान अप्रैल 2016 से मार्च 2017 के बीच कुल 1.62 लाख करोड रपये का रिफंड जारी किया गया। यह एक साल पहले इसी अवधि में किए गए रिफंड से 32.6 प्रतिशत अधिक रहा। अप्रत्यक्ष करों में केंद्रीय उत्पाद शुल्क संग्रह 33.9 प्रतिशत बढ़कर 3.83 लाख करोड़ रुपये और सेवाकर की प्राप्ति 20.2 प्रतिशत बढ़कर 2.54 लाख करोड़ रुपये रही। सीमा शुल्क प्राप्ति एक साल पहले के मुकाबले 7.4 प्रतिशत बढ़कर 2.26 लाख करोड़ रुपये रही।


SBI का ग्राहकों को बड़ा तोहफा, बेस रेट 0.15% घटायाः लोन होंगे सस्ते
3 April 2017
नई दिल्लीः देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई ने अपने ग्राहकों को बड़ा तोहफा दे दिया है. एसबीआई ने बेंचमार्क लेंडिंग रेट यानी बेस रेट में 0.15 फीसदी की कटौती कर इसे 9.10 फीसदी कर दिया है. जाहिर तौर पर इसके चलते ग्राहकों के लोन की ब्याज दरों में कमी आएगी और आपका लोन सस्ता होगा. एसबीआई ने एक अप्रैल से अपने बेस रेट में 0.15 फीसदी की कटौती कर इसे 9.256 फीसदी से 9.10 फीसदी कर दिया है.
जानिए किसको मिलेगा बड़ा तोहफा?
एसबीआई के बेस रेट घटने का फायदा बैंक के पुराने ग्राहकों को मिलेगा और उनके होम लोन की दरें 9.25 फीसदी से घटकर 9.10 फीसदी हो गई हैं. बेस रेट सस्ते होने से ग्राहकों के होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन, बिजनेस लोन वगैरह सभी के ब्याज दर घट जाएंगे. माना जा रहा है कि एसबीआई का बेस रेट घटने से आपके लोन की ईएमआई में सालाना कम से कम 2000 रुपये की बचत होगी.
नए ग्राहकों के लिए क्या है खबर?
हालांकि एसबीआई ने एमसीएलआर (मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लैंडिंग रेट्स) में कटौती नहीं की है जिसकी वजह से नए कस्टमर्स को सस्ते लोन का फायदा नहीं मिलेगा. ऐसा इसलिए क्योंकि नए ग्राहकों के ज्यादातर लोन के ब्याज एमसीएलआर के जरिए तय होते हैं. अनुमान के मुताबिक एमसीएलआर से एसबीआई के सिर्फ 30 से 40 फीसदी फ्लोटिंग रेट लोन जुड़े हैं, बाकी 60 से 70 फीसदी लोन की इंटरेस्ट बेस रेट से जुड़े हुए हैं. फिलहाल एसबीआई का एक साल का एमसीएलआर 8 फीसदी और 2 साल का 8.1 फीसदी पर है.
क्या है बेस रेट?
बैंकों में बेस रेट वह न्यूनतम दर होती है जिस पर बैंक अपने ग्राहकों को सभी तरह के लोन देते हैं. कोई भी बैंक बेस रेट से कम पर अपने ग्राहकों को लोन नहीं दे सकता है और इसकी निगरानी रिजर्व बैंक द्वारा की जाती है. वहीं एमसीएलआर बैंकों का लोन की दरें तय करने का फॉर्मूला होता है जो कि बैंक के जमा और उधारी की दरों के आधार पर तय किया जाता है.
एसबीआई की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक नया बेस रेट 1 अप्रैल से प्रभावी माना जाएगा यानी इस महीने की ईएमआई कम देने के साथ इसकी शुरुआत हो गई है.



जल्द आ रहा है 200 रुपए का नया नोट, RBI ने शुरू की तैयारी
3 April 2017
नई दिल्ली: आरबीआई ने 200 रुपये के नए नोट लाने की तैयारी शुरू की. सूत्रों ने बताया कि 200 रुपये का नया नोट नए सुरक्षा फीचर से साथ आएगा.
इसके अलावा सरकार 500 और 2000 रुपए के बैंक नोटों के सुरक्षा फीचर में हर 3-4 साल में बदलाव करने की सोच रही है ताकि जाली नोटों की समस्या पर लगाम लगाई जा सके. सरकार ने नोटबंदी के बाद पिछले चार महीने में भारी मात्रा में जाली मुद्रा पकड़ने जाने के मद्देनजर यह फैसला किया है. सूत्रों के अनुसार इस मुद्दे पर गुरुवार को यहां एक उच्चस्तरीय बैठक में चर्चा हुई. बैठक में केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि सहित वित्त व गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी मौजूद थे. इस कदम का समर्थन करते हुए गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि ज्यादातर विकसित देश अपने मुद्रा नोटों में सुरक्षा फीचर हर 3-4 साल में बदल देते हैं. भारत के लिए इस नीति का पालन करना अनिवार्य है.
भारतीय नोटों के डिजाइन में बदलाव लंबे समय से लंबित है. वर्ष 2000 में 1000 रुपए का नोट पेश किया गया था तथा उसके बाद नोटबंदी तक उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया. वहीं 1987 में पेश 500 रुपए का नोट पेश किया और उसमें बदलाव एक दशक पहले किया गया था. अधिकारियों का कहना है कि नये मुद्रा नोटों में भी अतिरिक्त सुरक्षा फीचर नहीं हैं. हाल ही में पकड़े गए जाली नोटों में पाया गया है कि 17 सुरक्षा फीचर में से कम से कम 11 की नकल की गई है. अधिकारियों का कहना है कि नये मुद्रा नोटों में भी अतिरिक्त सुरक्षा फीचर नहीं हैं.हाल ही में पकड़े गए जाली नोटों में पाया गया है कि 17 सुरक्षा फीचर में से कम से कम 11 की नकल की गई है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर को राष्ट्र को संबोधित करते हुए 500 और 1000 रुपए के नोट बंद करने का ऐलान किया था। मोदी ने कहा था कि अब लोगों के पास मौजूद 500 और 1000 के नोट केवल कागज के एक टुकड़े के समान रह जाएंगे।


पीपीएफ और छोटी बचत जमा योजनाओं पर ब्याज दरों में कटौती का ऐलान, 1 अप्रैल से लागू
31 March 2017
नई दिल्ली: नए वित्त वर्ष की शुरुआत कुछ सख्त तरीके से होती लग रही है. सरकार ने लोक भविष्य निधि (पीपीएफ) समेत लघु बचत जमा योजनाओं पर ब्याज दर 0.1 प्रतिशत घटा दी है. नई दरें एक अप्रैल से प्रभावी होने जा रही हैं. इसका सीधा सा अर्थ यह हुआ कि आपको अपने निम्नलिखित खातों व योजनाओं में जमा रकम पर 1 अप्रैल 2017 से कम ब्याज मिलेगा.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (पीपीएफ), किसान विकास पत्र, सुकन्या समृद्धि खाता और सीनियर सिटीजन्स सेविंग्स स्कीम की मौजूदा ब्याज दरों पर यह कटौती लागू होगी. इस नए नियम के मुताबिक, पीपीएफ पर 7.9 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा, जबकि 31 मार्च तक यह 8 फीसदी की दर से मिला है.
वहीं किसान विकास पत्र पर 7.6 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा जबकि पांच साल की मियाद के लिए सीनियर सिटीजन्स सेविंग्स स्कीम पर 8.4 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा. वहीं पांच साल की मियाद वाले नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट पर यह दर 7.9 फीसदी होगी. एक से पांच साल की मियादी जमा पर ब्याज दर 6.9 से 7.7 प्रतिशत होगी और इसका भुगतान तिमाही आधार पर होगा. रेकरिंग जमा (आरडी) पर ब्याज दर 7.2 प्रतिशत होगी.
मंत्रालय ने 2016-17 की चौथी तिमाही के लिये ब्याज दरों को अधिसूचित करते हुए कहा- सरकार के निर्णय के आधार पर लघु बचत जमा योजनाओं पर ब्याज दरों को तिमाही आधार पर अधिसूचित किया जाता है.
बता दें कि साल 2017 की शुरुआत में सरकार की ओर से लोगों को तोहफा दिया गया है. सरकार ने लोक भविष्य निधि (PPF) और डाकखानों (Post Office) के जरिए परिचालित किसान विकास पत्र जैसी अन्य लघु बचत योजनाओं (Small saving scheme) पर ब्याज दर जनवरी-मार्च तिमाही में अपरिवर्तित रखने का फैसला लिया था. सरकार ने लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों की तिमाही समीक्षा की नयी व्यवस्था पिछले साल अप्रैल से शुरू की है. श्यामला गोपीनाथ पैनल द्वारा दिए गए फॉर्म्युले के बाद यह व्यवस्था की गई.


नोटबंदी: पुरानी करेंसी बदलने का आखिरी दिन, कैदी से लेकर NRI तक कतार में
31 March 2017
केन्द्र सरकार और रिजर्व बैंक के लिए नोटबंदी की आखिरी प्रक्रिया 31 मार्च को खत्म हो रही है. सुबह से रिजर्व बैंक के बाहर लंबी कतार लगी है. देशभर में लोग प्रतिबंधित हुई 500 और 1000 रुपये की करेंसी को रिजर्व बैंक में जमा कराने के लिए परेशान हो रहे हैं.
नोटबंदी के ऐलान के बाद जेल से छूटे कैदी
रिजर्व बैंक के बाहर कतार में लगे लोगों से 'आज तक' संवाददाताओं ने बात की. कतार में लगे एक ऐसे ही व्यक्ति ने बताया कि नोटबंदी के ऐलान के वक्त वह जेल की सलाखों के पीछे था. जब वह जेल से छूटकर बाहर आया तो उसे अपने घर में 16,000 की पुरानी करेंसी मिली. लेकिन इन आखिरी घंटों में उसे कम उम्मीद है कि वह इन पैसों के बदले जारी हुई नई करेंसी उसे मिल पाएगी.
मां के निधन के बाद मिली पुरानी करेंसी
वहीं रिजर्व बैंक की कतार में लगा एक ऐसा बेटा भी है जिसकी मां का कुछ दिन पहले निधन हो गया. निधन के बाद उसे मां के बक्से में कई प्रतिबंधित करेंसी मिली. इस करेंसी को रिजर्व बैंक में जमाकर नई करेंसी पाने की जद्दोजहद में पड़े इस आदमी का कहना है कि तबीयत खराब होने के कारण उसकी मां को न तो नोटबंदी का ऐलान समझ में आया और न ही यह जानकारी थी कि 500 और 1000 रुपये की पुरानी करेंसी प्रतिबंधित की जा चुकी है.
पासपोर्ट एंट्री पर बदल रहे नोट
चंडीगढ़ में आरबीआई के रीजनल सेंटर में काफी लोग अपने हाथ में पुराने नोट लेकर उनको बदलवाने के लिए पहुंच रहे हैं. लेकिन यहां पर ये पुराने नोट नहीं बदले जा रहे हैं. हालांकि आरबीआई के दफ्तर के बाहर एक नोटिस लगा है जिस पर लिखा है कि ऐसे लोग जो कि नोटबंदी के दौरान देश में नहीं थे वो अपने दस्तावेज दिखा कर (पासपोर्ट) पुराने नोट बदल सकते हैं.
आरबीआई के रीजनल ऑफिस में नहीं बदला जा रहा नोट
कुछ NRI ऐसे भी हैं जो कि RBI के रीजनल सेंटर पर पहुंचे हैं. उन्हें अंदर नहीं जाने दिया जा रहा और पुराने नोट नहीं बदले जा रहे हैं. ये NRI अपने हाथों में अपने पासपोर्ट और दूसरे तमाम दस्तावेज लेकर रीजनल ऑफिस के बाहर जमे हैं.
आरबीआई की दफ्तर के बाहर कुछ लोग इस उम्मीद पर भी आए हैं कि पुराने नोट जमा करने में आरबीआई कुछ नरम रुख ले ले और वह अपनी पुरानी करेंसी को जमा करा दें. लेकिन इनको भी आरबीआई के दफ्तर में जाने नहीं दिया जा रहा.


ITR फाइल करना 1 अप्रैल से और भी सरल, जानें 5 बड़े बदलाव
30 March 2017
नई दिल्ली: नए वित्तीय वर्ष से ITR फाइल करना पहले के मुकाबले काफी आसान होने वाला है. सैलरीड क्लास के लिए आयकर रिटर्न भरने के लिए एक छोटा नया फॉर्म 1 अप्रैल से उपलब्ध होगा. आयकर विभाग ने इस फॉर्म में कुछ बिंदुओं को हटा दिया है जिससे यह पहले से छोटा और अधिक आसान बन गया है. देखें 5 बड़े बदलाव
1. नया फार्म भरना 'सहज'
वेतन और ब्याज से आय वाले व्यक्तिगत टैक्स देने वालों के लिए फॉर्म में सूचना भरने को पहले से कम बॉक्स होंगे. आय कटौती के दावों से जुड़े कुछ बॉक्स को आईटीआर-1 फॉर्म में शामिल कर दिया गया है. इस फॉर्म का नाम 'सहज' रखा गया है. निर्धारण वर्ष 2017-18 के रिटर्न फॉर्म में आयकर के अध्याय 6-ए के तहत किए जाने वाले विभिन्न कटौती के दावों की जानकारी से जुड़ा बॉक्स हटा दिया गया है और केवल उन्हीं बिंदुओं को इसमें रखा गया है जिन्हें आमतौर पर इस्तेमाल में लाया जाता है.
2. छूट के लिए फार्म में ऑप्शन
जिन बिंदुओं को सहज फॉर्म में शामिल किया गया है उनमें आयकर की धारा 80सी, 80डी के तहत मिलने वाली कटौतियां शामिल हैं. इसके अलावा जो व्यक्तिगत करदाता अन्य मदों में कर कटौती चाहते हैं वह इसके लिए विकल्प चुनकर जानकारी दे सकते हैं.
3. 18 अलग-अलग बिंदु और लाइनें
वर्तमान में जो आईटीआर 1/ सहज फॉर्म है उसमें आयकर अधिनियम की धारा-80 के तहत 18 अलग-अलग बिंदु और लाइनें हैं. इस धारा के तहत जीवन बीमा, पीपीएफ सहित विभिन्न प्रकार के निवेश और बचत पर 1.50 लाख रुपए तक की कटौती का दावा किया जाता है. इसी प्रकार धारा 80डी के तहत हेल्थ बीमा प्रीमियम भुगतान की कुल आय में से कटौती का प्रावधान है.
4. लोगों को जोड़ने की पहल
आयकर विभाग के अनुसार- फॉर्म अधिसूचित कर दिए गए हैं और आयकर विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं. आईटीआर-1 से लेकर आईटीआर 6 तक फॉर्म उपलब्ध हैं. सरकार की इस पहल का मकसद लोगों को रिटर्न दाखिल करने के लिए प्रोत्साहित करना भी है. अभी पैन रखने वाले 29 करोड़ लोगों में से केवल 6 करोड़ लोग ही आयकर रिटर्न दाखिल करते हैं. रिटर्न दाखिल करने के लिए ई-फाइलिंग की सुविधा 1 अप्रैल से उपलब्ध हो जाएगी और इसे 31 जुलाई तक भरा जा सकता है.
5. देनी होगी ये जानकारी
रिटर्न फॉर्म भरते समय करदाता को अपना पैन, आधार नंबर, व्यक्तिगत सूचना और जानकारी देनी होगी इसके साथ ही उसके द्वारा भरे गए टैक्स, टीडीएस की जानकारी अपने आप ही उसमें आ जाएगी. 1 जुलाई के बाद से टैक्स देने वालों के लिए आधार नंबर और आधार नंबर के लिए आवेदन किया गया है उसकी जानकारी देना जरूरी है.


1 अप्रैल से ये 10 चीजें होंगी महंगी, जानें किन चीजों पर मिलेगी राहत
30 March 2017
नया वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से शुरू हो रहा है. बजट में प्रस्तावित सभी तरह के टैक्स 1 अप्रैल से लागू हो जाएंगे. आर्थिक दरों में हुए बदलाव और नए वित्तीय नियमों से आम लोगों की जरूरत की कई चीजों की कीमतों पर असर होगा. हम आपको बताते हैं 1 अप्रैल से कौन सी चीज महंगी होगी और क्या होगा सस्ता:
महंगी होंगीं ये चीजें
1. कार, मोटरसाइकिल और कमर्शियल वाहनों के बीमा एक अप्रैल से महंगे हो जाएंगे.
2. तंबाकू वाले पान-मसाले व गुटखे पर उत्पाद शुल्क 10 प्रतिशत से बढ़कर 12 प्रतिशत हो जाएगा. जिसका असर इनका इस्तेमाल करने वालों की जेब पर पड़ेगा.
3. सिगरेट पर उत्पाद शुल्क 215 रुपये प्रति हजार से बढ़कर 311 रुपये प्रति हजार हो रहा है. जिससे अब सिगरेट का धुंआ लोगों के स्वास्थ्य के साथ-साथ जेब पर भी महंगा पड़ेगा.
4. LED बल्ब बनाने के लिए इस्तेमाल में लाई जाने वाली सामग्री पर भी मूल सीमा शुल्क और 6 प्रतिशत प्रतिपूर्ति शुल्क लगेगा. इससे एलईडी बल्ब महंगे हो जाएंगे.
5. चांदी के बर्तन और चांदी से बनने वाले सामान 1 अप्रैल से महंगे होंगे.
6. फोन के दामों में भी 1 अप्रैल से बढ़ोतरी हो सकती है. इसका कारण है मोबाइल फोन बनाने के लिए इस्तेमाल में लाए जाने वाले प्रिंटिड सर्किट बोर्ड पर भी सीमा शुल्क लगा दिया गया है.
7. कई नियमों में हुए बदलाव से स्टील के सामान पर भी महंगाई की मार पड़ेगी. अगर आप स्टीनल के बर्तन खरीदना चाहते हैं तो 1 अप्रैल से पहले खरीद लीजिए.
8. एल्यूमीनियम पर सरकार द्वारा अयस्क और कनसंट्रेट पर 30 प्रतिशत आयात शुल्क लगा दिया गया है, इस वजह से इससे जुड़े तमाम पदार्थ महंगे हो जाएंगे.
9. एनएचएआई ने टोल प्लाजा पर 2 से 3 फीसदी की बढ़ोतरी तय की है. हालांकि कुछ स्थानों पर इससे ज्यादा या कम की बढ़ोतरी भी की जा सकती है. 2 से 3 फीसदी की बढ़ोतरी होने पर वाहन चालकों को अब 5 से 10 रुपए ज्यादा टोल टैक्स देना होगा.
10. अभी तक जो भी टेलीकॉम कंपनियां फ्री में अनलिमिटेड डाटा और कॉलिंग की सुविधा दे रही थीं, वह 31 मार्च को इन सेवाओं को खत्म कर देंगी. 4जी मार्केट में तेज कंपीटिशन के बीच उपभोक्ताओं को कोई पैक चुनना पड़ सकता है.
ये 5 चीजें होंगी सस्ती
1. इस बार बजट में रेल टिकट करवाते वक्त लगने वाले सर्विस चार्ज कम कर दिए थे जिससे रेल बुकिंग सस्ती होगी.
2. बजट में सरकार ने लोगों सस्ते मकान उपलब्ध कराने के लिए होम लोन ब्याज पर छूट की घोषणा की थी. नए वित्तीय वर्ष में अगर आप घर खरीदने का प्लान कर रहे हैं तो इस साल आपको फायदा होगा.
3. बजट प्रावधान के कारण आरओ के दाम कम होंगे.
4. लैदर का सामान खरीदने का मन बना रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है. लेदर का सामान सस्ता होगा.
5. पार्सल यानी डाक की सुविधा सस्ती पड़ेगी.


SC ने 1 अप्रैल से BS-3 वाहन पर लगाई रोक, 8 लाख से ज्यादा गाड़ियां हुईं कबाड़
29 March 2017
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बीएस-3 वाहनों की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश दिया है. ये आदेश 1 अप्रैल से लागू होगा. कोर्ट के इस आदेश के बाद ऑटो कंपनियों को गहरा झटका लगा है. ऑटो कंपनियों का दावा है वाहनों की बिक्री पर रोक से उन्हें बड़ा नुकसान होगा. याचिका पर सुनवाई के बाद मंगलवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.
सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए सख्त टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा- जब कम्पनियों को पता था कि 1 अप्रैल से बीएस-4 लागू होना है, फिर भी वो टेक्नोलॉजी विकसित करने पर क्यों बैठे रहे. क्यों नहीं बीएस-4 नॉर्म्स की गाड़ियां बनायी गईं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लोगों की सेहत, ऑटोमोबाइल कम्पनियों के फायदे से ज्यादा जरुरी हैं. कोर्ट का फैसला उस याचिका पर आया है जिसमें 31 मार्च के बाद ऐसे वाहन बेचने पर लगी रोक को चुनौती दी गई थी. अदालत ने कहा कि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़क पर आने की इजाजत नहीं दी जा सकती.
कंपनियों की दलील
कोर्ट में बजाज और डेमलर क्रेस्लर कंपनियों ने सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) और बाकी के याचिकाकर्ता ऑटोमोबाइल कंपनियों की याचिका का विरोध किया था. बजाज और डेमलर का ये कहना था कि हमने बीएस-4 गाड़ियों की तकनीक और उत्पादन पर काफी निवेश किया है. ऐसे में इन कंपनियों को पुरानी नॉर्म्स की गाड़ियां बेचने की इजाज़त नहीं दी जानी चाहिए.
केंद्र सरकार ने किया था समर्थन
सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने ऑटो कंपनियों को राहत देने का समर्थन किया था. सरकार ने दलील दी थी की 1 अप्रैल के बाद बीएस-3 वाहन के उत्पादन पर तो रोक है लेकिन बिक्री और रजिस्ट्रेशन पर पाबंदी नहीं होनी चाहिए. इससे पहले भी बीएस-3 प्राभावी होने के बावजूद बीएस-2 गाड़ियों की बिक्री की इजाजत दी गयी थी. लेकिन कोर्ट ने सरकार की ये दलील नहीं मानी.
ऑटो कंपनियों के मुताबिक 8 लाख 20 हजार से ज्यादा बीएस-3 नॉर्मस की गाड़ियां बिकने को तैयार खड़ी हैं. जिनमें करीब 6 लाख मोटरसाईकिल शामिल हैं. स्टॉक में मौजूद बीएस-3 वाहनों की अनुमानित कीमत 12 हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है.


एक से अधिक बैंक खाते हैं तो उठाना पड़ेगा नुकसान, जानें कैसे
29 March 2017
नई दिल्ली: आज के दौर में काफी लोग एक से अधिक बैंकों के खाते रखते हैं. इसे जरूरत समझें या फिर मजबूरी. एक आम इंसान के लिए यह परेशानी का सबब हो सकता है, लेकिन यदि आप एक कारोबारी हैं और दिनभर में पैसों का लेनदेन लाखों-करोड़ों में है तो यह आपके लिए फायदेमंद है.
एक तय वेतन पाने वाले के लिए एक से अधिक बैंक खाते रखना नुकसानदेह साबित हो सकता है क्योंकि हर बैंक अपने खातों को बनाए रखने के लिए एक निश्चित राशि तय करते हैं जिसका भुगतान खाताधारक को करना होता है. इसके अतिरिक्त भी बैंकिंग खातों को सक्रिय रखने के लिए चार्जेस का भुगतान खाताधारक को करना होता है. इसका नुकसान भी खाताधारकों को ही उठाना पड़ता है.
न्यूनतम बैलेंस
अधिकतर बचत खातों में बैंक की ओर से न्यूनतम बैलेंस रखने का प्रावधान होता है, जिसमें आपको नियमित तौर पर बैंक विशेष द्वारा निर्धारित राशि रखनी होती है. अगर आप ऐसा नहीं करते तो बैंक आपके ऊपर जुर्माना लगाता है और आपके खाते पर रोक भी लगा सकती है. शहरी इलाकों में न्यूनतम बैलेंस की सीमा अधिकतम 10,000 रुपए हैं, हालांकि यह न्यूनतम बैलेंस की सीमा बैंक विशेष पर निर्भर करती है और अलग-अलग बैंकों के बचत खातों को बनाए रखने के लिए उस बैंक द्वारा तय मानकों को पूरा करना जरूरी होता है. ऐसे में अगर आपके पास एक या दो से ज़्यादा बैंको के बचत खाते हैं तो उसे बनाए रखने के लिए आपको अधिक खर्च करना होगा
बैंक द्वारा लिए जाने वाले शुल्क
सभी बैंक अपने सेविंग्स खातों सहित क्रेडिट और डेबिट कार्ड व अन्य बैंकिंग सुविधाओं के लिए ग्राहकों से अतिरिक्त शुल्क वसूलते हैं. यहां भी ग्राहकों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है. उसे सभी बचत खातों को बनाए रखने के लिए सभी बैंकों के शुल्क प्रभार को पूरा करना पड़ता है और ऐसा नहीं करने पर आपक बचत खाता स्वतः ही बंद हो जाता है. खाते को फिर से चालू करवाने के लिए आप को अतिरिक्त चार्ज देना पड़ता है
नकदी का बेजां इस्तेमाल
एक या दो से ज्यादा बैंकों में अकाउंट होने से आपको बैंक द्वारा निर्धारित न्यूनतम बैंलेंक की सीमा को बनाए रखना होता है. ऐसे में अलग-अलग बैंकों के बचत खाते सक्रिय रहें इसलिए उनमें पर्याप्त राशि का होना जरूरी होता जिसका नुकसान ग्राहकों को उठाना पड़ता है. यदि इसी राशि को दूसरी योजनाओं जैसे शेयर बाजार, म्युचूअल फंड, फिक्स्ड डिपॉजिट में लगाया जाए तो इसका फायदा मिलता है. दूसरी ओर बैंकों में पड़े पैसे जो कि न्यूनतम बैंलें को बनाए रखने के लिए होते हैं, उसका फायदा हमें नहीं मिल पाता और न ही हम पैसा निकाल सकते हैं.
इनकम टैक्स फाइल करने में परेशानी
ज़्यादा बैंको में अकाउंट होने से आयकर जमा करते वक्त काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. कागजी कार्रवाई में अधिक माथापच्ची करनी पड़ती है. इसके साथ ही इनकम टैक्स फाइल करते वक्त सभी बैंक खातों से जुड़ी जानकारी रखना और उनके स्टेटमेंट का रिकॉर्ड एकत्रित करना काफी पेचीदा काम हो जाता है


सातवां वेतन आयोग : कर्मचारी नेताओं के साथ आज होगी अलाउंस समिति की अहम बैठक
28 March 2017
नई दिल्ली: सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) की रिपोर्ट की सिफारिश के बाद अलाउंस को लेकर हुए विवाद के बाद सरकार द्वारा गठित समिति कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से बात कर रही है. पिछले एक महीने में कई बार यह खबर आई की इस समिति ने बातचीत पूरी कर ली है और अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है. लेकिन बाद में फिर यह बात साफ हुई कि समिति अभी भी कर्मचारी प्रतिनिधियों से बात कर रही है.
सूत्रों का कहना है कि आज भी समिति की एक बैठक कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से होने जा रही है. इस बैठक में क्या निर्णय होगा. इस बारे में बैठक के बाद पता चलेगा. जानकारी के लिए बता दें कि कर्मचारियों को एचआरए, टीए-डीए के साथ-साथ कई और अलाउंस के मुद्दे पर सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर आपत्ति है. उल्लेखनीय है कि अंग्रेजों के शासन काल से चले आ रहे कई भत्तों को सातवें वेतन आयोग ने समाप्त कर दिया है. सातवें वेतन आयोग ने मौजूद 196 अलाउंस में अधिकतर को या तो समाप्त कर दिया या फिर उसे मिलाकर केवल 55 अलाउंस रखे हैं.
सातवें वेतन आयोग (seventh Pay Commission) की सिफारिशों पर केंद्रीय कर्मचारियों की आपत्तियों के निराकरण के लिए सरकार ने सभी मुद्दों पर बातचीत के लिए तीन समितियों को गठन किया था जिनको कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से बातचीत के लिए अधिकृत किया गया था. इन समितियों में एक समिति वित्त सचिव अशोक लवासा के नेतृत्व में बनाई गई थी. इसी समिति के पास अलाउंस का मुद्दा भी था. पहले कहा जा रहा था कि फरवरी की 22 तारीख को इस समिति की अंतिम बैठक हुई जिसमें कर्मचारियों से अंतिम बार अलाउंस के मुद्दे पर चर्चा की गई थी. अलाउंस समिति से बातचीत करने के लिए कर्मचारियों के संयुक्त संगठन एनजेसीए के प्रतिनिधि शामिल हुए थे.


सरकार ने गेहूं, तुअर दाल पर 10 प्रतिशत आयात शुल्क लगाया
28 March 2017
नई दिल्ली: सरकार ने गेहूं और तुअर (अरहर) दाल पर तत्काल प्रभाव से 10 प्रतिशत का आयात शुल्क लगाया है ताकि इस वर्ष रिकार्ड उत्पादन होने की संभावना के मद्देनजर किसानों के हितों को सुरक्षित रखा जा सके. सरकार ने गत 8 दिसंबर को गेहूं पर सीमाशुल्क 10 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया था. ऐसा घरेलू उपलब्धता बढ़ाने और खुदरा मूल्यों पर लगाम रखने के उद्देश्य से किया गया था. तुअर दाल पर कोई शुल्क नहीं था.
वित्त राज्य मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने लोकसभा में इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि 17 मार्च, 2012 की सरकार की एक अधिसूचना में संशोधन किया गया है ताकि गेहूं और तुअर पर 10 प्रतिशत का ‘बेसिक सीमाशुल्क तत्काल प्रभाव से लागू हो.’ उन्होंने कहा कि इस फैसले से मौजूदा आयात के स्तर पर करीब 840 करोड़ रपये का राजस्व प्रभाव होने का अनुमान है.
इस कदम से गेहूं और तुअर के थोक मूल्य में कमी लाने में मदद मिलेगी और अच्छे उत्पादन की उम्मीद कर रहे किसानों को भी अच्छा समर्थन मूल्य मिलेगा. मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात में गेहूं की नयी फसल मंडियों में पहुंचने लगी है.
सरकार के दूसरे आकलन के अनुसार 2016-17 फसल उत्पादन वर्ष (जुलाई 2016 से जून 2017 तक) में अच्छे मानसून की वजह से गेहूं का उत्पादन रिकार्ड करीब 9.7 करोड़ टन होने का अनुमान है. इससे पिछले वर्ष यह 9.23 करोड़ टन था.
इसी तरह तुअर दाल का उत्पादन 42.3 लाख टन होने का अनुमान है जो इससे पिछले साल में 25.6 लाख टन रहा था. तुअर दाल की फसल खरीफ के मौसम में उगाई जाती है. गौरतलब है कि तुअर दाल का थोक मूल्य अधिक उत्पादन की वजह से कम हो गया है और कुछ स्थानों पर किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य भी नहीं मिल रहा है.


GST से जुड़े चार विधेयक लोकसभा में हुए पेश, जानिए नए कानून के बारे में
27 March 2017
नई दिल्लीः सोमवार को बजट सत्र के दूसरे चरण में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी से संबंधित सहायक 4 विधेयकों को लोकसभा में पेश कर दिया है। इन बिलों पर 29 मार्च को बहस होगी। कैबिनेट ने 20 मार्च को ही इन चार बिलों जेटली सेंट्रल जीएसटी (C-GST), इंटिग्रेटेड जीएसटी (आई-GST), यूनियन जीएसटी (यूटी-GST) और मुआवजा कानून बिल को मंजूरी दी थी। गौरतलब है कि जीएसटी काउंसिल ने जीएसटी की चार दरें 5,12,18 और 28 फीसद तय की थीं।
सरकार चाहती है कि जीएसटी से संबंधित विधेयक लोकसभा में 29 मार्च या अधिक से अधिक 30 मार्च तक पारित हो जाएं। इसके बाद इन विधेयकों को राज्यसभा में रखा जाएगा। इससे सरकार को राज्यसभा में किसी तरह के संशोधन को लोकसभा में लाने के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा।
आपको बता दें कि संसद का मौजूदा सत्र 12 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। हालांकि इन्हें धन विधेयक के रूप में पेश किया जाएगा, लेकिन सरकार दोनों सदनों में चर्चा चाहती है। सरकार का इरादा जीएसटी को एक जुलाई से लागू करने का है। जीएसटी लागू होने के बाद उत्पाद, सेवा कर, वैट और अन्य स्थानीय शुल्क इसमें समाहित हो जाएंगे
क्या है जीएसटी
वस्तु एवं सेवा कर(जीएसटी) एक अप्रत्यक्ष कर है। जीएसटी के लागू होने से हर सामान और हर सेवा पर सिर्फ एक टैक्स लगेगा यानी वैट, एक्साइज और सर्विस टैक्स की जगह एक ही टैक्स लगेगा। देश के लोगों को जीएसटी से सबसे बड़ा फायदा होगा क्योंकि, पूरे देश में सामान पर देश के लोगों को एक ही टैक्स चुकाना होगा।
जीएसटी बिल से होने वाले फायदे
इस बिल के लागू होते ही देशभर में एकल टैक्स व्यवस्था लागू हो जाएगी। लोगों को कई तरहों के टैक्स से छुटकारा तो मिलेगा ही साथ ही चीजें सस्ती भी हो जाएंगी। एक्साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्स, वैट, मनोरंजन टैक्स जैसे कई तरह के टैक्सों से छुटकारा मिलेगा। लगभग सभी राज्यों में ज्यादातर चीजें एक ही दाम पर मिलेंगी। कई चीजों की एक राज्य से दूसरे राज्य में हो रही तस्करी पर काफी हद तक रोक लगेगी। जीएसटी लागू होने से टैक्स भी घट सकता है। टैक्स चोरी रुकेगी और देश की अर्थव्यवस्था को इसका फायदा मिलेगा।
जीएसटी से क्या-क्या होगा बाहर
शराब पूरी तरह से जीएसटी से बाहर रहेगी, यानी इस पर टैक्स लगाने के लिए राज्य सरकारें स्वतंत्र होंगी। हालांकि पेट्रोल, डीजल, केरोसीन, रसोई गैस पर अलग-अलग राज्य में जो टैक्स लगते हैं, वो फार्मूला अभी कुछ सालों तक जारी रहेगा। मतलब केंद्र और राज्य सरकारें दोनों मिलकर उस पर टैक्स लगाती रहेगी।
क्या सस्ता होगा और क्या महंगा
इसके लागू होते ही केंद्र को मिलने वाली एक्साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्स सब खत्म हो जाएंगे। राज्यों को मिलने वाला वैट, मनोरंजन कर, लक्जरी टैक्स, लॉटरी टैक्स, एंट्री टैक्स, चुंगी वगैरह भी खत्म हो जाएगी। जीएसटी लागू होने पर कंपनियों का परेशानियां और खर्च भी कम होगा। व्यापारियों को सामान एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
ये टैक्स होंगे खत्म
जीएसटी लागू होने के बाद सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्स (सेवाकर), एडिशनल कस्टम ड्यूटी (सीवीडी), स्पेशल एडिशनल ड्यूटी ऑफ कस्टम (एसएडी), वैट/ सेल्स टैक्स, सेंट्रल सेल्स टैक्स, मनोरंजन कर, ऑक्ट्रॉय एंड एंट्री टैक्स, परचेज टैक्स, लक्ज़री टैक्स खत्म हो जाएंगे।
ये होगी कर और उपकर की दर
जीएसटी परिषद ने जीएसटी व्यवस्था में सबसे ऊंची 28 फीसद के ऊपर लगने वाली उपकर की दर को अधिकतम 15 फीसद तय किया है। नई व्यवस्था में सबसे ऊंची दर भोग विलासिता के सामान पर लागू होगी। इसे देखते हुए परिषद ने इस दर के ऊपर उपकर लगाने की अधिकतम सीमा तय कर दी है। जीएसटी व्यवस्था में उपकर की अधिकतम 15 फीसद दर का इस्तेमाल लग्जरी कारों, एयरेटेड पदार्थों जैसे उत्पादों पर किया जाएगा। पान मसाला उत्पादों पर उपकर की अधिकतम दर मूल्यानुसार 135 फीसद तय की गई है।


1 अप्रैल से बदल जाएंगे इनकम टैक्स से जुड़े ये 10 नियम
27 March 2017
नई दिल्ली: पिछले बुधवार को लोकसभा ने वित्त विधेयक पास कर दिया. इसी के साथ ही बजट संबंधी सत्र 2017-18 की प्रक्रिया पूरी हो गई. चूंकि वित्त विधेयक, धन-संबंधी विधेयक होता है, इसलिए इसे सिर्फ लोकसभा द्वारा पास किया जाना ज़रूरी होता है, और राज्यसभा से पारित करवाने की आवश्यकता नहीं होती. 1 अप्रैल से शुरू हो रहे नए वित्त वर्ष के साथ ही इनकम टैक्स से जुड़े कुछ खास नियमों में बदलाव हो जाएगा. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट 2017 में इनकम टैक्स में कई बदलावों की भी घोषणा की थी. वित्त विधेयक में कुछ बदलावों को लोकसभा ने अपनी मंजूरी दे दी है. ऐसे में आप भी जान लीजिए कि नए वित्त वर्ष यानी 1 अप्रैल से क्या कुछ बदलने वाला है:
1. ढाई लाख से 5 लाख रुपये के बीच की इनकम वालों का टैक्स 10 फीसद से घटाकर 5 फीसदी कर दिया जाएगा. हालांकि, सेक्शन 87ए के तहत मिलने वाली 5000 रुपये की छूट को घटाकर 2500 रुपये कर दी गई है. इतना ही नहीं, जिन आयकरदाताओं की आय 3.5 लाख रुपये से ऊपर है उनके लिए कोई छूट नहीं है. इसका मतलब यह होगा कि 3 से 5 लाख रुपए की करयोग्य आय वालों को 7,700 रुपए की बचत होगी, जबकि 5 से 50 लाख रुपए टैक्‍सेबल इनकम वालों को 12,900 रुपए की बचत होगी.
2. 50 लाख से लेकर एक करोड़ रुपए तक की वार्षिक आय वाले लोगों को 10 प्रतिशत सरचार्ज देना होगा. (वहीं एक करोड़ रुपए सालाना इनकम वाले लोगों को पहले की ही तरह 15 प्रतिशत सरचार्ज देना होगा.)
3. पांच लाख रुपए की सालाना आय (व्यावसायिक इनकम के अलावा) वाले व्‍यक्तिगत करदाताओं के लिए सुविधा के लिए टैक्‍स रिटर्न फाइल करने के लिए एक पेज का फॉर्म पेश किया जाएगा.
4. राजीव गांधी इक्विटी सेविंग स्‍कीम में निवेश पर आकलन वर्ष 2018-19 के लिए किसी भी प्रकार का कर लाभ नहीं मिलेगा. इस टैक्‍स सेविंग स्‍कीम की घोषणा वित्‍त वर्ष 2012-13 में की गई थी. यह योजना प्रतिभूति बाजार में पहली बार निवेश करने वाले निवेशकों को प्रोत्‍साहित करने के लिए शुरू की गई थी.
5. यदि सर्च ऑपरेशन के दौरान 50 लाख रुपए से अधिक की अघोषित आय या संपत्ति का पता चलता है तो आयकर अधिकारी पिछले 10 साल के कर मामलों को दोबारा खोल सकते हैं. वर्तमान में कर अधिकारियों को पिछले छह साल के दस्‍तावेजों की ही छानबीन करने का अधिकार हासिल है. समय पर अपना रिटर्न फाइल नहीं करने वाले करदाताओं को आकलन वर्ष 2018-19 के लिए 10,000 रुपए तक का जुर्माना देना पड़ सकता है. हालांकि, यदि किसी व्‍यक्ति की कुल आय 5 लाख रुपए से अधिक नहीं है, तो इस धारा के तहत उस पर अधिक‍तम जुर्माने की राशि 1,000 रुपए से अधिक नहीं होगी.
6. लांग टर्म गेन के लिए किसी संपत्ति के होल्डिंग पीरियड को 3 साल से घटाकर अब 2 साल कर दिया गया है. यदि कोई व्‍यक्ति संपत्ति खरीदकर उसे 2 साल के भीतर ही बेच देता है तो उसे इस पर होने वाले लाभ पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्‍स देना होगा. यदि इस संपत्ति की बिक्री खरीदने की तारीख से दो साल बाद की जाती है तो उस पर कोई टैक्‍स देय नहीं होगा.
7. सरकार ने किराये पर घर देने वालों के कर लाभ में कटौती कर दी है. मौजूदा कर कानून के मुताबिक किराये पर दी गई संपत्ति के लिए करदाता रेंटल इनकम को समायोजित करने के बाद होम लोन पर चुकाए जाने वाले संपूर्ण ब्‍याज पर टैक्‍स कटौती का लाभ ले सकता है. अब नए नियम के मुताबिक खुद के रहने वाले मकान के लिए होम लोन पर ब्‍याज के भुगतान में 2 लाख रुपए पर टैक्‍स कटौती का लाभ मिलेगा लेकिन रेंट पर दी गई प्रॉपर्टी के लिए करदाता रेंटल इनकम एडजस्‍ट करने के बाद प्रतिवर्ष केवल 2 लाख रुपए पर ही टैक्‍स लाभ हासिल कर सकेगा. दो लाख रुपए से अधिक की राशि को अगले आठ असेसमेंट वर्षों तक आगे ले जाया जा सकेगा.
8. प्रतिमाह 50,000 रुपए से अधिक के किराये का भुगतान करने वाले व्‍यक्ति को अब 5 प्रतिशत टीडीएस (स्रोत कर कर) काटना होगा. कर विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से ऐसे व्‍यक्ति जिनकी रेंटल इनकम बहुत अधिक है, वो कर के दायरे में आ जाएंगे. यह नियम एक जून 2017 से प्रभावी होगा
9. नेशनल पेंशन सिस्‍टम (एनपीएस) से आंशिक निकासी/आहरण पर कोई टैक्‍स नहीं लगेगा. प्रस्‍तावित बदलावों के अनुसार, एनपीएस सब्‍सक्राइबर्स अपने अंशदान का 25 प्रतिशत हिस्‍सा रिटायरमेंट से पहले आपातकालीन स्थिति में निकाल सकेंगे. यह याद रखें कि रिटायरमेंट पर कुल फंड का 40 प्रतिशत हिस्‍सा ही कर मुक्त होता है.
10. एक जुलाई से पैन कार्ड बनवाने और इनकम टैक्‍स दाखिल करने के लिए आधार नंबर अनिवार्य होगा. सरकार ने कालेधन की रोकथाम के लिए नकद लेनदेन की सीमा भी 3 से घटाकर अब 2 लाख रुपए कर दी गई है. यदि कोई व्‍यक्ति दो लाख रुपए से अधिक का लेनदेन करते पाया जाता है तो उसे इस सीमा से अधिक राशि पर 100 प्रतिशत जुर्माना देना होगा.


पीएम का वादा पूरा, होम लोन पर मिलेगी सब्सिडी, 2.3 लाख रुपये तक का होगा फायदा
23 March 2017
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत ब्याज दर सब्सिडी योजना में नए सरकारी निर्देश जारी किए गए हैं, जिनके बाद मध्यम आय वर्ग (यानी एमआईजी) को घर खरीदने के लिए कर्ज़ा (होम लोन) लेने पर फायदा मिलेगा. इस योजना की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए वर्ष की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपने संदेश में की थी. अब छह लाख रुपये से 18 लाख रुपये सालाना तक कमाने वाले लोग प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत पहला घर खरीदने पर होम लोन ब्याज में सब्सिडी के हकदार होंगे. इस योजना का नाम क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम फॉर मिडिल इन्कम ग्रुप्स (सीएलएसएस - एमआईजी) रखा गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि 12 लाख रुपये तक कमाने वालों को नौ लाख रुपये तक के होम लोन पर चार प्रतिशत की सब्सिडी दी जाएगी, और 18 लाख रुपये तक कमाने वालों को 12 लाख रुपये तक के होम लोन पर तीन फीसदी की सब्सिडी दी जाएगी. होम लोन के ब्याज पर सब्सिडी देने की यह योजना सरकार की 'सबके लिए घर' पहले का हिस्सा है, और इस योजना को शुरू में सिर्फ एक साल के लिए लागू किया जाएगा.
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत होम लोन ब्याज पर सब्सिडी योजना की 10 खास बातें

क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम फॉर मिडिल इन्कम ग्रुप्स (सीएलएसएस - एमआईजी) के तहत होम लोन के वे सभी आवेदन आएंगे, जो 1 जनवरी, 2017 से अब तक मंज़ूर हो चुके हैं, या जो फिलहाल विचाराधीन हैं. इसके तहत लाभ लेने के लिए आवेदक के नाम से पहले से कोई घर नहीं होना चाहिए.

योजना के तहत 12 लाख रुपये वार्षिक तक की आय वालों को 90 वर्ग मीटर तक कारपेट एरिया वाले और 18 लाख रुपये वार्षिक तक की आय वालों को 110 वर्ग मीटर तक कारपेट एरिया वाले घर खरीदने या बनवाने पर लिए गए गृहऋणों पर ही यह लाभ दिया जाएगा.

योजना के अंतर्गत लाभ उन्हीं गृह ऋणों पर दिया जाएगा, जिनकी अवधि 20 साल या उससे कम होगी.

नेशनल हाउसिंग बैंक के प्रबंध निदेशक तथा मुख्य कार्यकारी (एमडी एवं सीईओ) श्रीराम कल्याणरमन का कहना है कि यदि 8.65 प्रतिशत की सामान्य गृहऋण ब्याज दर के हिसाब से देखा जाए, तो नौ लाख रुपये के गृहऋण पर मिलने वाली चार फीसदी सब्सिडी से ईएमआई 2,062 रुपये प्रतिमाह कम हो जाएगी, और 12 लाख रुपये के गृहऋण पर मिलने वाली तीन फीसदी सब्सिडी से ईएमआई 2,019 रुपये प्रतिमाह कम हो जाएगी,

ऋण की इन रकमों पर बनने वाली कुल ब्याज सब्सिडी एक ही बार में सरकार द्वारा बैंक को चुका दी जाएगी, जिससे आवेदक की ईएमआई का बोझ हल्का हो जाएगा.

मध्यम आय वर्ग के लोगों को नौ लाख रुपये तथा 12 लाख रुपये के कर्ज़ पर 20 साल की अवधि में मिलने वाली सब्सिडी लगभग 2.30 लाख रुपये बैठेगी (जिसका हिसाब 20 वर्ष के गृहऋण पर 9 प्रतिशत ब्याज दर के आधार पर लगाया गया है...)

योग्य आवेदकों को सीएलएसएस - एमआईजी के तहत ब्याज सब्सिडी का लाभ पाने के लिए बैंक (ऋण देने वाले) के पास आवेदन करना होगा. ब्याज सब्सिडी को नेशनल हाउसिंग बैंक (एनएचबी) तथा हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (हुडको) सीधे ऋणदाता को दे देंगे. ऋणदाता इसके लिए कर्ज़ा लेने वालों से कोई अतिरिक्त प्रोसेसिंग फीस नहीं ले सकेंगे.

वाणिज्यिक बैंकों के अतिरिक्त हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, राज्य तथा अर्बन कोऑपरेटिव (सहकारी) बैंक, छोटे वित्तीय बैंकों जैसे अन्य वित्तीय संस्थान तथा गैर-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियां-माइक्रो फाइनेंस कंपनियां भी इस योजना के तहत गृहऋण दे सकेंगी.

योजना को लागू करने के लिए बुधवार को 45 हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों, 15 बैंकों, दो क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, एक कोऑपरेटिव बैंक, चार छोटे फाइनेंस बैंकों तथा तीन गैर-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों-माइक्रो फाइनेंस कंपनियों ने नेशनल हाउसिंग बैंक (एनएचबी) के साथ करार पर हस्ताक्षर किए हैं.


मध्यप्रदेश की बेहतर ब्रॉडिंग से औद्योगिक क्षेत्र में हुआ बड़ा निवेश
23 March 2017
उद्योग-वाणिज्य, रोजगार एवं खनिज मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मध्यप्रदेश में पिछले 5 वर्ष में औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के लिये भागीरथ प्रयास हुए हैं। श्री शुक्ल ने कहा कि रोड-शो तथा ब्रॉडिंग का असर अब प्रदेश में दिखने लगा है। औद्योगिक क्रांति से रोजगार के अवसर बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि अक्टूबर-2016 में इंदौर में हुए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 5 करोड़ 62 लाख रुपये के 2630 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। समिट के दौरान बड़े उद्योग के 359 निवेश प्रस्ताव में से 216 प्रस्ताव पर तेजी से काम हो रहा है। समिट में मिले 30 हजार 300 करोड़ के 139 निवेश प्रस्ताव पर निवेशकों को जमीन उपलब्ध करवा दी गयी है। खनिज मंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में खनिज के अवैध उत्खनन और परिवहन पर सख्ती के साथ शिकंजा कसा गया है। इसी का परिणाम है कि राज्य शासन की खनिज राजस्व आय में वृद्धि हुई है। उद्योग एवं खनिज मंत्री श्री शुक्ल आज विधानसभा में अपने विभागों की अनुदान माँगों पर हुई चर्चा का उत्तर दे रहे थे। उद्योग मंत्री ने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2014 में 4 करोड़ 36 लाख के 2630 निवेश प्रस्ताव में से 1963 निवेश प्रस्ताव धरातल पर आ गये हैं और इनमें 2 करोड़ 70 लाख निवेशहुआ है। इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश में 2 लाख से अधिक व्यक्तियों को रोजगार मिला है।
उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में जिन उद्योगपतियों ने भागीदारी की है, उसका लाभ मध्यप्रदेश को मिला है। उद्योगपति श्री मुकेश अंबानी ने जियो टेली कम्युनिकेशन में 15 हजार करोड़ का, रिलायंस इण्डस्ट्री लिमिटेड के श्री अनिल अंबानी ने मध्यप्रदेश में आज तक लगभग 35 हजार करोड़ का निवेश अल्ट्रा मेगा ताप संयंत्र और सीमेंट कम्पनी में किया है। प्रदेश में एक रुपये 19 पैसे की न्यूनतम दर पर सस्ती बिजली रिलायंस की तरफ से मिल रही है।
उद्योग मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक क्रांति का दौर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की दूरदर्शिता और पारदर्शिता के कारण शुरू हुआ है। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय-स्तर पर रोड-शो किये हैं। मध्यप्रदेश में फूड प्रोसेसिंग की संभावना की चर्चा करते हुए उद्योग मंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि ख्याति-प्राप्त आईटीसी कम्पनी ने जमीन की माँग की है। बुधनी में ट्रायडेंट टावेल का कारखाना सफलतापूर्वक काम कर रहा है। ओसवाल ने भी अपनी औद्योगिक इकाई प्रदेश में स्थापित की है। ऑटोमोबाइल क्षेत्र में वाल्वो जैसी कम्पनी ने अपनी यूनिट लगायी है। उद्योग मंत्री ने कहा कि आई.टी. के क्षेत्र में भी टीसीएस और इन्फोसिस जैसी कम्पनी अपनी यूनिट इंदौर में लगा रही है। इन कम्पनियों से मध्यप्रदेश के युवाओं को अपने ही प्रदेश में रोजगार मिलना शुरू हो गया है। रीवा में विश्व का सबसे बड़ा सोलर प्लांट लगने जा रहा है। इस प्लांट से 18 हजार युवाओं को रोजगार मिलेगा। हिंडाल्को ने प्रदेश में 25 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया है। प्रदेश में लगने वाले उद्योगों में स्थानीय व्यक्तियों को 50 प्रतिशत रोजगार दिया जा रहा है।
उद्योग मंत्री श्री शुक्ल ने बताया कि प्रदेश में लगने वाले उद्योग के लिये एक लाख 20 हजार एकड़ का लैण्ड बैंक तैयार कर लिया गया है। उद्योगपति ऑनलाइन भूमि आवंटन के लिये आवेदन कर सकते हैं। इसमें से 60 हजार एकड़ भूमि का विकास भी किया जा चुका है। रक्षा क्षेत्र में हुए निवेश की चर्चा करते हुए श्री शुक्ल ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र मालनपुर, भिण्ड में पुंज लॉयड लिमिटेड कम्पनी इजराइल के साथ स्माल आर्म्स निर्माण इकाई लगा रही है। इस इकाई में मई-2017 तक उत्पादन शुरू हो जायेगा। उद्योग मंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश में कोई भी सीमा समुद्र से नहीं लगती है। इस कमी को दूर करने के लिये ड्राय पोर्ट और एयर कार्गो स्थापित किये जा रहे हैं। इनसे प्रदेश के उत्पादों को बंदरगाह तक आसानी से पहुँचाया जा सकेगा।
उद्योग मंत्री ने कहा कि पीपीपी मोड पर मॉडल रोजगार कार्यालय बनाये जा रहे हैं। इसके माध्यम से स्थानीय युवाओं तथा अन्य रोजगार चाहने वालों को तकनीकी मदद से रोजगार के अवसरों की जानकारी के साथ ही परामर्श एवं प्रशिक्षण की व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रतिवर्ष 60 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार दिलवाया जा रहा है।
खनिज साधन
खनिज साधन मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में अवैध उत्खनन तथा परिवहन पर सख्ती से रोक लगायी गयी है। इसमें लिप्त किसी को भी बख्शा नहीं जायेगा। उन्होंने कहा कि इसके लिये कठोर निर्णय लेने के साथ ही अंकुश लगाने से प्रदेश की खनिज राजस्व आय में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। श्री शुक्ल ने बताया कि प्रदेश में खनिज राजस्व से वर्ष 2014-15 में करीब 3478 करोड़ रुपये और वर्ष 2015-16 में 3610 करोड़ रुपये की राजस्व आय हुई है। राजस्व आय में प्रतिवर्ष लगातार वृद्धि हो रही है।
श्री शुक्ल ने कहा कि खनिज साधन विभाग में कई नवाचार किये गये हैं। खनिज के परिवहन के लिये ऑनलाइन प्रक्रिया से ई-टीपी जारी करने की व्यवस्था लागू की गयी है। यह व्यवस्था 37 जिलों में लागू हो गयी है। इस व्यवस्था से खनिज के परिवहन में कैशलेस ट्रांजेक्शन हो सकेगा। खनिज परिवहन करने वाले वाहनों के ई-पंजीयन करवाये जाने की व्यवस्था लागू की गयी है। खनिज परिवहन वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाया जा रहा है।
खनिज साधन मंत्री श्री शुक्ल ने बताया कि प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना लागू होने से 914 करोड़ की राशि प्राप्त हुई है। यह राशि उन जिलों में खर्च की जा रही है, जिन जिलों में खनिज से आय हुई है। प्रदेश के 10 जिलों में 890 कार्य स्वीकृत किये गये हैं। इस पर 143 करोड़ की राशि खर्च की जा रही है। यह राशि विकास कार्यों पर खर्च की जा रही है। श्री शुक्ल के जवाब के बाद सदन में उनके विभाग से संबंधित 999 करोड़ 64 लाख 28 हजार रुपये की अनुदान माँगों को ध्वनि-मत से पारित कर दिया गया।


एवेन्यू की बंपर लिस्टिंग से राधाकिशन दमानी बने देश के 17वें सबसे अमीर बिजनसमैन
22 March 2017
मुंबई: रीटेल कंपनी के मालिक राधाकिशन दमानी मंगलवार को देश के टॉप 20 अरबपतियों में शामिल हो गए। रीटेल चेन ऑपरेट करने वाली उनकी कंपनी एवेन्यू सुपरमार्ट्स शेयर बाजार में लिस्ट हुई। पिछले 13 साल में लिस्टिंग के दिन किसी कंपनी में ऐसी तेजी नहीं आई थी। दमानी की वेल्थ अनिल अग्रवाल, अनिल अंबानी, गोदरेज परिवार और राहुल बजाज से अधिक हो गई है। एवेन्यू के पहले दिन के परफॉर्मेंस को देखें तो वह देश के 17वें सबसे अमीर बिजनसमैन बन गए। देश की सबसे प्रॉफिटेबल रीटेल चेन डीमार्ट पर एवेन्यू का मालिकाना हक है।
डीमार्ट का शेयर 604.40 रुपये पर लिस्ट हुआ, जबकि इश्यू प्राइस 299 रुपये था। यह 102 पर्सेंट का रिटर्न है। पिछले 13 साल में लिस्टिंग के दिन किसी शेयर की कीमत में इतनी बढ़ोतरी नहीं हुई थी। कंपनी का शेयर 117 पर्सेंट चढ़कर इंट्राडे में 650 रुपये तक पहुंच गया था। तब इसका मार्केट कैप 40,000 करोड़ रुपये हो गया था।
कंपनी का शेयर मंगलवार को 640.75 रुपये पर बंद हुआ। इस हिसाब से कंपनी में उनकी हिस्सेदारी के आधार पर दमानी की संपत्ति 5.2 अरब डॉलर होती है। इस लिहाज से वह देश के 17वें सबसे अमीर इंसान बन गए हैं। इस मामले में वह बजाज ऑटो के राहुल बजाज, अनिल अंबानी और वेदांता रीसॉर्सेज के अनिल अग्रवाल से आगे निकल गए हैं।
डीमार्ट का मार्केट कैप बंद भाव के हिसाब से 39,988 करोड़ रुपये रहा, जो इसे देश में मार्केट कैप के लिहाज से 65वीं बड़ी कंपनी बनाता है। इसका मार्केट कैप ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज, मैरिको और बैंक ऑफ बड़ौदा से अधिक है।
दमानी हमेशा सुर्खियों से दूर रहते हैं और शेयर बाजार के दिग्गज निवेशकों के बीच 'मिस्टर वाइट एंड वाइट' के नाम से मशहूर हैं। उसकी वजह यह है कि वे हमेशा सफेद कपड़े पहनते हैं। दमानी ने 1999 में रीटेल बिजनस शुरू किया था। उस वक्त तक अंबानी, कुमार मंगलम बिड़ला और फ्यूचर ग्रुप के किशोर बियानी के कदम इस सेक्टर में नहीं पड़े थे।
जाने-माने इनवेस्टमेंट बैंकर हेमेंद्र कोठारी ने बताया, 'राधाकिशन दमानी लो प्रोफाइल, स्मार्ट, मौके को पहचानने वाले और शानदार निवेशक हैं, जो किसी कंपनी में निवेश करने से पहले उसके बारे में पूरी पड़ताल करते हैं।' कोठारी ने बताया, 'वह खास विजन के साथ स्टॉक की पड़ताल करते हैं।'
बिग बुल के नाम से मशहूर निवेशक राकेश झुनझुनवाला दमानी को अपना गुरु मानते हैं। दमानी पिता के देहांत के बाद भाई के स्टॉक ब्रोकिंग बिजनस से 32 साल की उम्र में जुड़े थे, लेकिन 1980 और 1990 के दशक की शुरुआत में कई मल्टीनैशनल कंपनियों में निवेश करके उन्होंने सफलता की मंजिल तय की।
हर्षद मेहता के स्टॉक्स में शॉर्ट सेलिंग करने और सफल रहने पर दमानी की खास पहचान बनी। उनके एक करीबी दोस्त ने बताया कि दमानी हाई क्वॉलिटी बिजनस को वाजिब कीमत पर खरीदने में यकीन रखते हैं।


आयकर रिटर्न और पैन के लिए अनिवार्य होगा आधार कार्ड!
22 March 2017
नई दिल्ली: केंद्र सरकार इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने के लिए आधार नंबर बताने को अनिवार्य करने जा रही है. यही नहीं, जल्द ही परमानेंट एकाउंट नंबर (PAN) के लिए आवेदन करते समय भी आधार नंबर बताना अनिवार्य होगा. सरकार ने वित्त विधेयक में एक संशोधन के द्वारा इसका प्रस्ताव रखा है.
सूत्रों के अनुसार इस बारे में निर्णय पिछले साल ही ले लिया गया था. हालांकि सरकार के इस प्रस्ताव का कई संगठनों द्वारा विरोध भी किया जा सकता है, जिनकी मांग है कि इसे स्वैच्छ‍िक बनाया जाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल सितंबर में अपने एक आदेश में ऐसा निर्देश भी दिया था.
गौरतलब है कि आधार कार्ड देश में कई तरह के वित्तीय लेनदेन में जुड़ता जा रहा है. सभी बैंक एकाउंट को आधार नंबर से लिंक करने का काम चल रहा है. इसी तरह 1 अप्रैल से ईपीएफ एकाउंट खोलने के लिए भी आधार नंबर देना जरूरी हो जाएगा. आधार कार्ड तैयार करने वाली एजेंसी यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) पहले यह कह चुकी है कि आधार के आथेंटिकेशन के लिए इस्तेमाल होने वाले सभी डिवाइस में 1 जून के बाद नए इनक्रिप्शन स्टैंडर्ड लागू किए जाएंगे.
इसी तरह, आयकर दाख‍िल करने की प्रक्रिया को भी निरंतर आसान और आथेंटिक बनाया जा रहा है. हाल में आयकर विभाग ने एक ऐसा मोबाइल ऐप लाने की घोषणा की है जिससे टैक्स जमा किया जा सकता है और रिफंड को ट्रैक किया जा सकता है. आधार कार्ड की शुरुआत साल 2009 में यूपीए सरकार ने की थी.


नकद लेनदेन को लेकर सरकार और सख्त, 2 लाख रुपये से ज्यादा कैश ट्रांजेक्शन पर लगेगा 100 फीसदी जुर्माना
21 March 2017
नई दिल्ली: दो लाख रुपये से अधिक के नकद लेनदेन अब गैर-कानूनी माना जाएगा और ऐसा करने पर भारी जुर्माना भरना होगा. सरकार ने मंगलवार को यह नया प्रस्ताव रखा है. नए नियमों के मुताबिक तय सीमा से अधिक राशि के नकद लेनदेन पर 100 फीसदी तक जुर्माना लगेगा.
फरवरी में आम बजट पेश करने के दौरान वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि नकद लेनदेन की सीमा 3 लाख रुपये तय की जानी चाहिए. लेकिन अब सरकार ने इनकम टैक्स एक्ट में संशोधन कर अगले महीने से शुरू हो रहे नए वित्त वर्ष से नकद लेनदेन की अधिकतम राशि दो लाख रुपये करने का फैसला किया है. सरकार का यह पहल कालेधन पर अंकुश लगाने और लोगों को डिजिटल ट्रांजेक्शन के लिए प्रोत्साहित करने के वास्ते है.
बजट पेश किए जाने के बाद राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा था कि सरकार सभी बड़े नकद लेनदेनों पर नजर रखेगी. इससे पहले सरकार ने 2 लाख रुपये से अधिक के नकद लेनदेन के लिए पैन कार्ड या आयकर पहचान की विस्तृत जानकारी देना अनिवार्य कर दिया था. हालांकि सरकार, बैंकिंग कंपनियों, पोस्ट ऑफिस सेविंग्स बैंक या को-ऑपरेटिव बैंकों के लिए नकद लेनदेन की सीमा लागू नहीं होगी.


नोटबंदी पर SC से अटॉर्नी जनरल ने कहा- कानून से बड़ा नहीं पीएम मोदी का वादा
21 March 2017
नई दिल्ली: नोटबंदी ऐलान पर उठे एक सवाल के जवाब में केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की स्पीच कानून से बड़ी नहीं है. भारत सरकार के अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने मंगलवार कोर्ट को बताया कि नोटबंदी के ऐलान के बाद 30 दिसंबर की डेडलाइन कानून के मुताबिक है. वहीं इस तारीख को 31 दिसंबर करने का पीएम मोदी का वादा इस कानून से बड़ा नहीं है. यह सवाल सुप्रीम कोर्ट की बेंच के सामने आई एक याचिका से उठा है. इस याचिका में केन्द्र सरकार और रिजर्व बैंक पर नोटबंदी की घोषणा के वक्त किए गए वादे से मुकरने का आरोप है. सुप्रीम कोर्ट ने दोनों केन्द्र सरकार और रिजर्व बैंक को नोटिस जारी कर मामले में जवाब मांगा था.
एक याचिकाकर्ताओं ने पुरानी करेंसी जमा करने पर पेनाल्टी के प्रावधान पर सवाल उठाते हुए कोर्ट से गुहार लगाई थी कि पीएम मोदी ने 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी का ऐलान करते वक्त अपनी स्पीच में वादा किया था. नोटबंदी के फैसले में 30 दिसंबर 2016 तक प्रतिबंधित की गई करेंसी को बैंक में जमा कराने की डेडलाइन तय की थी. लेकिन पीएम मोदी ने वादा किया था कि जो नागरिक किसी कारण से इस अवधि तक अपने पास रखी प्रतिबंधित करेंसी को जमा नहीं करा पाता, उसे 31 मार्च 2017 तक रिजर्व बैंक में यह करेंसी जमा कराने का मौका मिलेगा.
नोटबंदी के ऐलान के बाद रिजर्व बैंक ने भी अपने सर्कुलर में कहा था कि पुरानी करेंसी को 31 मार्च तक रिजर्व बैंक में जमा किया जा सकेगा. हालांकि उसने रिजर्व बैंक में जमा कराने वालों को यह वजह बताने की शर्त रख दी थी कि क्यों उक्त करेंसी को 30 दिसंबर 2016 की डेडलाइन तक नहीं जमा कराया गया.
चीफ जस्टिस जगदीश सिंह खेहर की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मामले में अगली सुनवाई 11 अप्रैल की तय की है. कोर्ट में बेंच ने याचिकाकर्ता से यह जानकारी भी मांगी कि क्या वह नोटबंदी की तय मियाद 30 दिसंबर 2016 तक भारत में नहीं थे. वहीं कोर्ट ने सरकार से यह भी पूछा है कि आखिर क्यों केन्द्र सरकार ने क्यों नागरिकों को 31 मार्च 2017 तक प्रतिबंधिक करेंसी को नहीं जमा करने दिया.


Idea और Vodafone मर्जर: उन सवालों के जवाब जो आपके मन में हैं
20 March 2017
नई दिल्ली: दुनिया की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनियों में से एक Vodafone ने आज स्वदेशी टेलीकॉम कंपनी आइडिया के साथ अपने विलय का आधिकारिक ऐलान कर दिया है. अब आपके मन में कई सवाल रहे होंगे. जैसे अगर आपके पास वोडाफोन का सिम है तो क्या होगा या फिर आइडिया का सिम है तो क्या होगा? क्या इन दोनों को मिलकर कोई नई कंपनी आ रही है? क्या टैरिफ और सस्ते होंगे? इंटरनेट सस्ता मिलेगा?
ऐसे ही सवालों का जवाब यहां आसान और सरल शब्दों में जान लीजिए.
चेयरमैन कौन होगा?
इन दोनों कंपनियों के विलय के बाद इसके चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला होंगे जो आदित्य बिड़ला ग्रुप के हेड हैं. जबकि कंपनी का सीएफओ वोडाफोन की तरफ से रखा जाएगा. इसके अलावा सीईओ की नियूक्ति दोनों कंपनियां मिल कर करेंगी.
दोनों कंपनियों ने मर्जर के बाद कोई नई कंपनी आएगी?
वोडाफोन के सीईओ विटोरियो ने कहा है कि दोनों कंपनियां मजबूत हैं, इसलिए विलय के बाद भी अलग अलग ब्रांड से चलती रहेंगी. यानी ये दोनों मिलकर कोई नई कंपनी नहीं बनाएंगे, बल्कि वोडाफोन और आइडिया के नाम से ही चलेंगे.
क्या आज से ही दो कंपनियों एक हो गई हैं?
नहीं, क्योंकि अभी आधिकारिक ऐलान हुआ है लेकिन प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है. आइडिया के बोर्ड से इस डील को हरी झंडी मिल गई है, लेकिन अभी कई अप्रूवल मिलने बाकी हैं. इनमें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, मार्केट रेग्यूलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सजेंज बोर्ड और फोरेन इनवेस्टमेंट प्रोमोशन बोर्ड शामिल हैं. 2018 तक प्रक्रिया पूरी होगी जिसके बाद ये दोनों कंपनियां एक हो जाएंगी.
किसके कितने होंगे शेयर्स?
विलय होने के बाद कंपनी के शेयर्स में 45.1 फीसदी वोडाफोन के पास होगा जबकि 26 फीसदी आइडिया का होगा. इसके अलावा बाकी शेयरहोल्डर्स का होगा.
क्या नंबर-1 बन जाएगी ये कंपनी?
विलय के बाद इस भारत में इस कंपनी के 400 मिलियन कस्टमर्स होंगे और मार्केट शेयर 35 फीसदी का होगा. यानी एयरटेल फिलहाल नंबर-1 टेलीकॉम कंपनी है, लेकिन विलय के बाद एयरटेल दूसरे नंबर पर चली जाएगी. इस कंपनी के पास सबसे ज्यादा मोबाइल यूजर्स तो होंगे ही साथ ही रेवेन्यू के मामले में भी भारती एयरटेल और जियो को माते देते हुए ये नंबर-1 बन जाएगी.
कमाई में भी होगी नंबर-1?
दोनों कंपनियां का सालाना रेवेन्यू 80 हजार करोड़ रुपये का होगा. यानी रेवेन्यू के मामले में यह कंपनी का मार्केट शेयर 41 फीसदी होगा जबकि यूजर्स के मामले में इसके शेयर 35 फीसदी होगा.
क्या एयरटेल और जियो को होगा नुकसान?
रिलायंस जियो भारत में तेजी से पांव पसार रही है, इसलिए दूसरी कपनियों पर दबाव बढ़ना लाजमी है. इस विलय से एयरटेल और जियो को खास नुकसान नहीं होगा, क्योंकि एयरटेल ने पहले ही टेलीनॉर को खरीद लिया है और कंपनी अपने 4G नेटवर्क को बेहतर करने के लिए तीकोना डिजिटल नेटवर्क से स्पेकट्रम खरीद रही है. इस डील की वैल्यू 1500 से 1700 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है. रिलायंस जियो न सिर्फ मोबाइल सर्विस से बल्कि कई दूसरी सर्विसों से भी अपने कस्टमर्स को रोकने की कोशिश करेगा.
टैरिफ वॉर हो सकते हैंं तेज
इस मर्जर से यूजर्स को आने वाले दिनों में नए प्लान और पैक्स मिल सकते हैं. क्योंकि पहले जियो को टक्कर देने के लिए एयरटेल नए प्लान लॉन्च कर रही थी, लेकिन अब इसके बाद एयरटेल के साथ आइडिया-वोडा भी नए प्लान और पैक्स के साथ बाजार में होंगी.


जीएसटी के पूरक विधेयकों को मंत्रिमंडल की मंजूरी
20 March 2017
नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) व्यवस्था को लागू करने में सहायक चार विधेयकों के प्रारूप को मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद अब इन विधेयकों को संसद में पेश किया जायेगा। राज्यों को राजस्व नुकसान की स्थिति में उसकी भरपाई से जुड़े मुआवजा विधेयक, केंद्र में जीएसटी व्यवस्था को लागू करने के लिये केंद्रीय जीएसटी (सी-जीएसटी), अंतर राज्यीय व्यापार के लिए एकीकृत जीएसटी (आई-जीएसटी) और केंद्र शासित प्रदेश के लिए यूटी-जीएसटी विधेयकों को अब संसद में पेश किया जायेगा।
सूत्रों के अनुसार इन्हें धन-विधेयक के तौर पर पेश किया जायेगा। सूत्रों ने बताया, 'जीएसटी से जुड़े पूरक विधेयकों के प्रारूप को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। इन्हें अब इस सप्ताह संसद में पेश किया जाएगा, यहां तक कि आज ही इन्हें पेश किया जा सकता है।' प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रिमंडल की बैठक में जीएसटी विधेयकों को मंजूरी देना एकमात्र अजेंडा था।
सूत्रों ने बताया कि इन चारों विधेयकों पर संसद में एक साथ चर्चा होगी। संसद में इनके पारित होते ही विभिन्न राज्यों में भी राज्य-जीएसटी पर विधानसभाओं में चर्चा और उन्हें पारित कराने का काम शुरू हो जायेगा।
उल्लेखनीय है कि जीएसटी परिषद ने अपनी पिछली दो बैठकों में राज्य जीएसटी सहित पांचों विधेयकों के प्रारूप पर अपनी सहमति की मुहर लगा दी थी। राज्य-जीएसटी विधेयक को विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं में पारित कराया जाएगा जबकि अन्य चार विधेयक संसद में पारित कराए जाएंगे। सभी विधेयकों के पारित होने पर एक जुलाई से देश में जीएसटी सिस्टम को लागू किया जा सकेगा। जीएसटी परिषद ने जीएसटी के तहत चार श्रेणियों में 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत की दर तय की हैं।



इंडिया टुडे कॉनक्लेव 2017: बिना टैक्स 'स्मार्ट सिटी' बनाना नामुमकिन
17 March 2017
नई दिल्ली: इंडिया टुडे कॉनक्लेव 2017 के पांचवे सत्र दि गवर्नेंस एजेंडा में केन्द्रीय मंत्री वेकैय्या नायडू, रविशंकर प्रसाद और प्रकाश जावाडेकर शामिल हुए. इस सत्र का संचालन इंडिया टुडे समूह के एडिटोरियल डायरेक्टर राज चेंगप्पा ने किया. इस सत्र में देश को अधिक साक्षर, डिजिटल और स्मार्ट बनाने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा की गई.
इंडिया टुडे कॉनक्लेव 2017 के इस सत्र पर बोलते हुए केन्द्रीय मंत्री वेंकैय्या नायडू ने कहा कि केन्द्र सरकार के मंत्री इस मंच पर इसलिए हैं क्योंकि यहां देश के भविष्य की चर्चा हो रही है. नायडू ने बताया कि देश को स्मार्ट बनाने के लिए जरूरी है कि देश में स्मार्ट सिटी का निर्माण तेजी से किया जाए. स्मार्ट सिटी से नायडू का मतलब ऐसा शहर जो भविष्य में देश की चुनौतियों का सामना करते हुए नागरिकों को एक अच्छा जीवन दे.
नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में 100 स्मार्ट सिटी का लक्ष्य है. इन शहरों को स्मार्ट बनाना का प्लान दिल्ली में नहीं तैयार किया जाएगा. शहरों को स्मार्ट बनाने के लिए बेहद जरूरी है कि प्रत्येक शहर को उसकी जरूरतों और उसके लोगों की सोच के साथ विकसित किया जाए. नायडू ने कहा कि स्मार्ट सिटी महज सरकार की कोशिशों से नहीं तैयार किया जा सकता. इसके लिए जरूरी है कि इन शहरों में रहने वाले लोग अपनी जिम्मेदारी निभाएं और अपने स्मार्ट सिटी को विकसित करें.
वेंकैय्या नायडू के मुताबिक स्मार्ट सिटी का सपना बिना सबके लिए घर बनाए पूरा नहीं किया जा सकता है. केन्द्र सरकार देश में सस्ते घर के जरिए इस सपने को पूरा करने की पूरी तैयारी कर चुकी है. नायडू के मुताबिक केन्द्र सरकार अपना दायित्व निभा रही है. अब इसमें जरूरत है कि पूरा देश अपना योगदान करे जिसे भविष्य का भारत अथवा नए भारत का उदय हो सके.
राज्यों को कमर कसने की जरूरत
इस सत्र के दौरान ग्रुप एडिटोरियल डायरेक्टर राज चेंनगप्पा ने पूछा कि केन्द्र सरकार ने 2 साल पहले स्मार्ट सिटी की घोषणा कर दी है और 100 शहरों की लिस्ट बना ली है. लेकिन इन्हें स्मार्ट बनाने के लिए सरकार ने अभी तक क्या कदम उठाए हैं? नायडू ने कहा कि बीते 2 साल के दौरान केन्द्र सरकार ने शहरों को स्मार्ट बनाने का पूरा प्लान तैयार कर लिया है. इस काम को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी इंफ्रा अपनी जगह पर है. अब केन्द्र सरकार राज्यों से लैंड और हाउसिंग के क्षेत्र में अपना योगदान करने का इंतजार कर रही है. नायडू ने कहा कि केन्द्र सरकार किसी भी कार्यक्रम का ढ़ांचा तैयार कर सकती है लेकिन उसे लागू करना राज्य सरकार का काम है.


1 जुलाई से जीएसटी लागू करने का रास्ता हुआ साफ, काउंसिल ने सभी बिलों को दी मंजूरी
Our Correspondent :17 March 2017
गुरुवार को जीएसटी काउंसिल की बैठक में बचे हुए दो मसौदा कानूनों को भी मंजूरी मिल चुकी है। ये मसौदे यूटीजीएसटी और एसजीएसटी थे। पांच मसौदा कानूनों को जीएसटी काउंसिल की मंजूरी मिल चुकी है और इसी के साथ अब 1 जुलाई से जीएसटी के लागू होने का रास्ता भी साफ होता नजर आ रहा है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी इस बात की पुष्टि कर दी है।
अरुण जेटली ने कहा है- जीएसटी काउंसिल की तरफ से ये सभी बिल मंजूर किए जा चुके हैं और अब इन्हें संसद की मंजूरी मिलना बाकी है। हम पूरी कोशिश करेंगे कि संसद से बिल को मंजूरी मिल जाए। जीएसटी काउंसिल ने रजिस्ट्रेशन, पेमेंट, रिफंड, इनवाइस और रिटर्न के सभी नियम व शर्तों को मंजूर कर दिया है और अब सिर्फ कुछ मामूली सुधार करने बाकी हैं। इसे लेकर काउंसिल 31 मार्च को दोबारा से मीटिंग करेगी और उसमें कुछ और मुद्दों पर बात की जाएगी।
जेटली ने कहा है कि वह पूरी कोशिश करेंगे कि इसी बजट सत्र में जीएसटी को मंजूरी मिल जाए, ताकि 1 जुलाई से जीएसटी लागू करने का रास्ता साफ हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि यूटीजीएसटी मसौदा कानून केंद्रशासित प्रदेशों अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, दमन एवं दीव तथा दादरा एवं नगर हवेली के लिए है, जहां विधानसभा नहीं है। इन सभी को मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। आपको बता दें कि कर की दरें 5 फीसदी, 12 फीसदी, 15 फीसदी और 28 फीसदी रखी गई हैं।


फ्री ऑफर पर फंस सकता है रिलायंस जियो, 'हैपी न्यू इयर' पर ट्राइब्यूनल की टेढ़ी नजर
Our Correspondent :16 March 2017
अपने ग्राहकों को फ्री मोबाइल सर्विस दिए जाने के मामले में रिलायंस जियो मुसीबत में दिख रहा है क्योंकि टेलिकॉम ट्राइब्यूनल नहीं चाहता है कि जियो का \'हैपी न्यू इयर\' ऑफर्स जारी रहे। इससे पहले टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) ने जियो की मुफ्त पेशकश आगे भी जारी रखने को हरी झंडी दी थी। अब दूरसंचार विवाद निपटान एवं अपीलीय न्यायाधिकरण (टीडीसैट) ने ट्राई से जियो को मुफ्त सेवाएं जारी रखने की अनुमति देने वाला 31 जनवरी का पत्र फिर से जांचकर दो हफ्तों में जवाब देने को कहा।
आज के आदेश में टीडीसैट ने ट्राइ से कहा कि वह दो हफ्तों के अंदर 'परिणाम और जांच के निष्कर्ष' से अवगत कराए। पिछले सप्ताह टीडीसैट ने जियो के मुफ्त ऑफर पर रोक लगाने पर रोक लगाने की अंतरिम अपील पर ट्राई, भारती एयरटेल, आइडिया सेल्युलर, रिलायंस जियो समेत सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी एयरटेल ने इस अपील में जियो को मुफ्त सेवाएं देने जारी रखने की ट्राई की अनुमति पर रोक लगाने की गुहार लगाई थी। एयरटेल ने ट्राइब्यूनल से यह निर्देश भी देने की मांग की कि वह ट्राई को उसके फैसलों के सभी रिकॉर्ड्स सौंपे। अपील में जियो को अपने ग्राहकों को जीरो टैरिफ प्लान और प्रमोशनल प्लांस देने से रोकने की भी मांग की गई है।
गौरतलब है कि जियो ने पिछले साल सितंबर महीने में अपनी औपचारिक लॉन्चिंग की और दिसंबर में उसने अपने मुफ्त ऑफर्स को 31 मार्च 2017 तक बढ़ाने की घोषणा कर दी। जियो के इस ऐलान के बाद एयरटेल और आइडिया ने जियो को फ्री ऑफर 90 दिनों के बाद भी जारी रखने की अनुमति देने के लिए ट्राई के खिलाफ टेलिकॉम ट्राइब्यूनल का रुख किया। दोनों कंपनियों ने ट्राई की यह कहकर आलोचना की कि जियो नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है और वह (ट्राई) मूकदर्शक बना है। 31 जनवरी को ट्राई ने कहा था कि जियो का फ्री वॉइस कॉलिंग और डेटा प्लान नियमकीय निर्देशों के खिलाफ नहीं है।
ट्राई ने कहा था कि जांच में जियो की ओर से 4 दिसंबर, 2016 को लॉन्च 'हैपी न्यू इयर ऑफर' इसके पहले वाले 'वेलकम ऑफर' से अलग है। इसलिए, हैपी न्यू इयर ऑफर को वेलकम ऑफर का विस्तार नहीं माना जा सकता क्योंकि दोनों के बेनिफिट में अंतर है। हाल ही में जियो ने ऐलान किया कि वह अपनी मोबाइल सर्विसेज के लिए 1 अप्रैल, 2017 से पेमेंट लेने लगेगा।


भारतीय शेयर बाजार में मजबूती का दौर जारी, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर्स में तेजी
Our Correspondent :16 March 2017
मजबूत विदेशी संकेतों के बीच गुरूवार के सत्र में भारतीय शेयर बाजार की शुरूआत आज बढ़त के साथ हुई। करीब 2.15 बजे प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 172.72 अंक की तेजी के साथ 29,569.78 के स्तर पर और निफ्टी 58.50 की तेजी के साथ 9143.30 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। बीएसई में 0.58 फीसद और एनएसई में 0.68 फीसद की मजबूती देखने को मिल रही है। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज पर मिडकैप (1.17 फीसद) और स्मॉलकैप (1.21 फीसद) की तेजी देखने को मिल रही है।
प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 160 अंक की बढ़ोतरी के साथ 29558 के स्तर पर और निफ्टी 53 अंक की बढ़ोतरी के साथ 9138 के स्तर पर खुला। करीब 9.23 बजे निफ्टी 9139.85 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। यह निफ्टी का नया सर्वोच्य स्तर है। इससे पहले मंगवार के कारोबार में निफ्टी ने 9122 का ऑल टाईम हाई बनाया था। भारतीय बाजार की मजबूत शुरूआत से ठीक पहले सिंगापुर निफ्टी 0.75 फीसद की बढ़त के साथ 9178 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
विदेशी बाजार से मजबूत संकेत
फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में मामूली कटौती के बाद बुधवार के कारोबार में अमेरिकी शेयर बाजार आधेफीसद से ज्यादा की बढ़त के साथ बंद हुए। डाओ जोंस 0.54 फीसद की बढ़त के साथ 20950 के स्तर पर, एसएंडपी 0.84 फीसद की बढ़त के साथ 2385 के स्तर पर और नैस्डेक 0.74 फीसद की बढ़त के साथ 5900 के स्तर पर बंद हुए। वहीं आज सुबह एशियाई बाजारों में चीन के इंडेक्स शंघाई 0.63 फीसद की बढ़त के साथ 3262 के स्तर पर और हैंगसैंग 1.10 फीसद की बढ़त के साथ 24054 के स्तर पर कारोबार कर रहे हैं। जापान का इंडेक्स निक्केई 0.10 फीसद की मामूली कमजोरी के साथ 19551 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
मेटल शेयर्स चमके
सेक्टोरियल इंडेक्स की बात करें तो सभी सूचकांक हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा खरीदारी मेटल सेक्टर में देखने को मिल रही है। बैंक, फाइनेंशियल सर्विस, फार्मा, एफएमसीजी और ऑटो सेक्टर में आधे फीसद तक की तेजी देखने को मिल रही है। वहीं, रियल्टी और सरकारी बैंक क्षेत्र में एक फीसद से ज्यादा की बढ़त है। आईटी में 0.82 फीसद की मजबूती है।
अदानीपोर्ट्स और टाटास्टील टॉप गेनर्स
दिग्गज शेयर्स की बात करें तो निफ्टी में शुमार शेयर्स में से 47 हरे निशान में और 8 गिरावट के साथ कारोबार कर रहे है। सबसे ज्यादा तेजी अदानीपोर्ट्स, टाटास्टील, हिंडाल्को, इंडसइंड बैंक और ऑरोफार्मा के शेयर्स में देखने को मिल रही है। वहीं गिरावट भारतीएयरटेल, रिलायंस, कोल इंडिया, जील और यस बैंक के शेयर के शेयर में देखने को मिल रही है।


जल्द ही घर खरीदने के लिए निकाल सकेंगे PF की 90 फीसदी रकम
Our Correspondent :15 March 2017
नई दिल्ली: केंद्र सरकार 4 करोड़ एंप्लॉयीज प्रविडेंट फंड मेंबर्स को घर खरीदने के लिए 90 पर्सेंट तक की पीएफ राशि की निकासी के लिए नियम में संशोधन करेगी। इससे ईपीएफओ मेंबर्स को घर खरीदने के लिए डाउन पेमेंट करने में मदद मिलेगी। केंद्र सरकार की ओर से बुधवार को संसद में यह जानकारी दी गई। स्कीम में संशोधन के बाद एंप्लॉयीज अपने ईपीएफ अकाउंट से ही होम लोन की ईएमआई भी चुका सकेंगे। ईपीएफओ की ओर से प्रस्तावित नए प्रावधानों के मुताबिक कम से कम 10 सबस्क्राइबर्स को मिलकर एक को-ऑपरेटिव सोसाइटी का गठन करना होगा। तभी पीएफ अकाउंट से वे रकम निकाल सकेंगे।
कर्मचारियों के लिए हाउसिंग स्कीम से जुड़े सवाल के जवाब में बंडारू दत्तात्रेय ने संसद में कहा, 'सरकार ने एंप्लॉयीज प्रविडेंट फंड स्कीम, 1952 में संशोधन कर रही है। इस स्कीम में पैराग्राफ 68 BD जोड़ा जाएगा।' मंत्री ने बताया, 'नए प्रावधानों के मुताबिक यदि कोई सबस्क्राइबर किसी को-ऑपरेटिव सोसाइटी और हाउसिंग सोसाइटी का मेंबर होता है तो वह घर या फ्लैट की खरीद के लिए अपने खाते से 90 पर्सेंट तक की राशि निकाल सकेंगे। यही नहीं मकान के निर्माण के लिए रकम निकाली जा सकेगी।'
पिछले ही दिनों केंद्रीय श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने पीएफ खाताधारकों को ऐसी सुविधा दिए जाने की बात कही थी। गौरतलब है कि ज्यादातर कर्मचारी अपना कामकाजी जीवन किराये के मकान में काट देते हैं। सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली सारी राशि का इस्तेमाल वे घर खरीदने में करते हैं। फिलहाल ईपीएफओ के दायरे में आने वाले सभी कर्मचारियों को अपने मूल वेतन का 12 फीसदी भविष्य निधि में देना होता है। इसमें मूल वेतन के अलावा महंगाई भत्ता शामिल होता है।


खुशखबरी: आज दोगुनी हो सकती है कर मुक्त ग्रेच्युटी की सीमा
Our Correspondent :15 March 2017
नई दिल्लीः आज यूनियन कैबिनेट ग्रेच्युटी के नियमों में संशोधन का ड्राफ्ट पेश कर सकती है। इसके तहत टैक्स फ्री ग्रेच्युटी की सीमा को दोगुना करते हुए उसे 10 लाख रुपए से 20 लाख रुपए किया जा सकता है। अगर आप भी प्राइवेट सेक्टर में काम करते हैं और केन्द्रीय कर्मचारियों जैसी सुविधा पाना चाहते हैं, तो आपको एक खास सुविधा मिलने वाली है। जल्द ही प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारी भी 20 लाख रुपए तक कर मुक्त ग्रेच्युटी के लिए पात्र होंगे, जिस पर आज ही फैसला आ सकता है।
केन्द्र ने यह फैसला किया है कि प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों की ग्रेच्युटी की राशि को दोगुना करते हुए सरकारी कर्मचारियों के बराबर किया जाए। आपको बता दें कि अभी तक प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारी 10 लाख रुपए तक कर मुक्त ग्रेच्युटी के लिए पात्र हैं, जबकि सरकारी कर्मचारियों को यह फायदा 20 लाख रुपए तक पर मिलता है।
श्रम मंत्रालय, ट्रेड यूनियन और कर्मचारियों के संगठन ने भी एक त्रिपक्षीय मीटिंग में प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों की कर मुक्त ग्रेच्युटी की सीमा को बढ़ाकर 20 लाख किए जाने पर सहमति बनाई है। पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट में संशोधन करने के लिए संसद में बजट सत्र के दूसरे भाग में एक बिल पेश किया जाएगा। यह कदम सातवें वेतन आयोग की उस सिफारिश के बाद उठाया गया है, जिसमें केन्द्रीय कर्मचारियों को 20 लाख रुपए तक की ग्रेच्युटी को कर मुक्त किए जाने की बात कही गई थी।
मीटिंग में श्रम मंत्री ने यह भी कहा था कि लाए जाने वाले बिल में यह भी व्यवस्था होगी कि जब-जब वेतन आयोग की तरफ से केन्द्रीय कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी को लेकर कोई बदलाव होगा, तो वह प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए भी मान्य होगा। आपको बता दें कि किसी भी व्यक्ति को ग्रेच्युटी 5 साल तक लगातार किसी कंपनी में काम करने के बाद मिलती है, जबकि लेबर यूनियन ने मांग की है कि इस सीमा को घटाकर 1 साल किया जाए। साथ ही यह कानून ऐसे प्रतिष्ठानों में लागू होता है जहां कर्मचारियों की संख्या कम से कम 10 हो।


शेयर बाजार में तेजी का दौर जारी, सेंसेक्स में 450 अंकों से ज्यादा की बढ़त
Our Correspondent :14 March 2017
नई दिल्ली: मंगलवार के कारोबारी सत्र में शेयर बाजार की शानदार शुरुआत देखने को मिली है। करीब 1.15 बजे प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 472.91 अंकों की तेजी के साथ 29418.53 के स्तर पर और निफ्टी 144 अंकों की तेजी के साथ 9078.20 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज पर मिडकैप 1.36 फीसद और स्मॉलकैप 0.98 फीसद की बढ़त देखने को मिल रही है।
शुरूआती मिनटों में ही निफ्टी ने 9122 का अपना नया शिखर बनाया। इससे पहले निफ्टी का ऑल टाईम हाई 9119 का था। हालांकि ऊपरी स्तर से कुछ मुनाफावसूली का दवाब दिखा। करीब साढ़े नौ बजे प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 440 अंक की बढ़त के साथ 29386 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इससे पहले सेंसेंक्स ने 29487 का ऊपरी स्तर छुआ। वहीं निफ्टी 136 अंक की बढ़त के साथ 9071 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी के साथ साथ बैंक निफ्टी ने भी अपना 21042 का अपना पिछला हाई पार किया। बैंक निफ्टी 1.68 फीसद की बढ़त के साथ 21076 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।


Airtel सरप्राइज ऑफर में अपने यूजर्स को दे रहा फ्री में 30GB डेटा, जानें कैसे करना है क्लेम
14 March 2017
नई दिल्ली: एयरटेल ने अपने सरप्राइज ऑफर के तहत 4G डेटा देना शुरू किया है। हाल ही में एयरटेल ने कहा था कि 13 मार्च से पोस्टपेड यूजर्स को सरप्राइज ऑफर मिलना शुरू होगा। वादे के मुताबिक एयरटेल अब यूजर्स को फ्री में डेटा मिलना शुरू हो गया है। My Airtel App के जरिए यूजर्स को 30GB 4G डेटा दिया जा रहा है। अगर आप पोस्टपेड यूजर हैं और एयरटेल के ऐप पर जाएंगे तो आपको सबसे ऊपर के बैनर में फ्री डेटा के बारे में बताया जाएगा। यहां से क्लिक करके इस ऑफर को लिया जा सकता है। एयरटेल के ज्यादातर पोस्टपेड कस्टमर्स को माय एयरटेल ऐप के जरिए मैसेज मिलने शुरू हुए हैं जिसमें तीन महीने के लिए 30GB 4G डेटा के बारे में लिखा है। इस डेटा में से हर महीने यूजर्स 10GB डेटा यूज कर सकते हैं। मतलब तीन महीने तक लगातार आपके अकाउंट में 10GB डेटा आएगा। माय एयरटेल एेप में आप अपना डेटा बेलेंस देख भी सकते हैं। गौरतलब है कि एयरटेल ही ऐसी कंपनी है जिसे रिलायंस जियो के आने के बाद सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। इसलिए कंपनी ऑफर्स के जरिए कस्टमर्स को अपने पास से जाने नहीं देना चाहती है।अगले महीने से जियो की प्राइम सर्विस शुरू हो रही है जिसके तहत 303 रुपये में हर महीने 28GB 4G डेटा दिया जाएगा। साथ ही जियो अपने यूजर्स के लिए अनलिमिटेड कॉलिंग और एसएमएस की भी सुविधा देगी। हालांकि इसके लिए पहले प्राइम मेंबर बनना होगा जिसके लिए 99 रुपये का रजिस्ट्रेशन करना होगा। उसके बाद ही जियो के यूजर इस 303 रुपए के रिचार्ज का फायदा उठा सकते हैं।
अगर जियो के नॉन प्राइम मेंबर हैं तो इस रिचार्ज पर आपको सिर्फ 2.5GB डेटा ही मिलेगा। हालांकि कॉलिंग और एसएमएस फ्री रहेगी। जबकि प्राइम मेंबर का 1 जीबी डेटा खत्म होने के बाद उसका इंटरनेट बंद नहीं होगा बस स्पीड 128kbps की हो जाएगी। इंटरनेट चलता रहेगा। हाल ही में एयरटेल ने प्रीपेड यूजर्स के लिए एक प्लान लॉन्च किया है जिसमें उन्हें 28GB डेटा दिया जा रहा था। हालांकि ये ऑफर चुनिंदा यूजर्स के लिए ही था। इसके अलावा कंपनी ने हाल ही में myInfinty plan में भी बदलाव करके डेटा बढ़ाया है।


जीडीपी पर नोटबंदी का असर समाप्त, महंगाई बढ़ने की आशंका
11 March 2017
भारतीय रिजर्व बैंक ने नोटबंदी के बाद महंगाई बढ़ने की आशंका जताते हुए डिजिटल भुगतान को 'सुरक्षित' बनाए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके साथ ही रिजर्व बैंक ने कहा है कि अर्थव्यवस्था पर नोटबंदी का जो अस्थायी प्रतिकूल असर था वह 'काफी हद तक' कमजोर पड़ चुका है। रिजर्व बैंक के एक पत्र में 'नोटबंदी के व्यापक आर्थिक प्रभाव' पर एक प्रारंभिक आकलन रिपोर्ट का जिक्र किया गया है।
रिपोर्ट का हवाला देते हुए पत्र में कहा गया है कि 1,000 और 500 रुपए के नोटों को बंद किये जाने के साथ ही 15.6 लाख करोड़ रुपए मूल्य के नोट चलन से बाहर हो गए। लेकिन अभी उस करंसी का सटीक अनुमान नहीं लगाया जा सका है जो पुराने नोटों के रुप में बैंकिंग प्रणाली में लौटी है क्योंकि इसकी गणना और मिलान प्रक्रिया अभी जारी है। पत्र में कहा गया है कि नोटबंदी का अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों पर असर पड़ा है।
हालांकि, इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने कहा कि इसका प्रतिकूल असर कुछ समय के लिए ही था, जो नवंबर-दिसंबर में महसूस किया गया। रिजर्व बैंक ने कहा कि नोटबंदी का असर फरवरी के मध्य से कम होना शुरू हो गया। बैंकिंग प्रणाली में नई करंसी आने के साथ नोटबंदी का असर अब कम होना शुरू हो गया है।
केंद्रीय बैंक ने अपने आकलन में कहा कि नोटबंदी के बाद डिजिटल भुगतान में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, लेकिन अब भी इसका आधार काफी छोटा है। रिजर्व बैंक ने कहा है, 'यह महत्वपूर्ण है कि डिजिटल भुगतान स्वीकार करने के लिये प्रयास तेज किये जाने चाहिए। यह भी उतना ही अहम है कि डिजिटल भुगतान को सुरक्षित और बेहतर बनाया जाये।'
केंद्रीय बैंक की आकलन रिपोर्ट में कहा गया है कि डिजिटल भुगतान के सुरक्षा उपायों की लगातार समीक्षा होनी चाहिये और इसमें सुधार होना चाहिये। देश में साक्षरता के निम्न स्तर को देखते हुये डिजिटल भुगतान को मजबूत और विश्वासपरक बनाया जाना चाहिये।


GST के कारण घट सकता है ग्लूकोज बिस्किट का साइज
11 March 2017
नई दिल्ली: आम बोलचाल में चायवाला बिस्किट कहा जाने वाला ग्लूकोज बिस्किट अगर अगले वित्त वर्ष से साइज में छोटा हो जाए या इसके पैकेट का आकार घट जाए तो इसके लिए आप गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) को दोष दे सकते हैं। बिस्किट मैन्युफैक्चरर्स को लग रहा है कि सस्ते ग्लूकोज बिस्किट पर महंगे क्रीम या ओट बिस्किट के बराबर टैक्स लग सकता है। इसकी वजह से इन मैन्युफैक्चरर्स को लाभ कमाने के लिए साइज घटाने पर मजबूर होना पड़ सकता है। ग्लूकोज बिस्किट्स को स्कूलों में मिडडे मील में इस्तेमाल किया जा रहा है।
बिस्किट मैन्युफैक्चरर्स वेलफेयर असोसिएशन के प्रेजिडेंट हरेश दोशी ने कहा, 'यह कैटिगरी पूरी तरह से प्राइस पर टिकी हुई है। हम कॉस्ट में होने वाली कोई भी बढ़ोतरी ग्राहकों पर नहीं डाल सकते हैं।' इन मैन्युफैक्चरर्स ने गुड्स ऐंड सर्विसेज काउंसिल के सामने दलील दी है कि 100 रुपये प्रति किलो से कम दाम वाले बिस्किट्स को जीरो टैक्स ब्रैकेट में रखा जाए और इस तरह से इन्हें महंगे बिस्किट्स से अलग माना जाए।
मौजूदा वक्त में कम दाम वाले बिस्किट्स को सेंट्रल एक्साइज से छूट है, लेकिन इन पर राज्यों में वैल्यू ऐडेड टैक्स लगता है। असोसिएशन चाहती है कि इस अंतर को गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स में भी कायम रखा जाए। जीएसटी को 1 जुलाई से लागू किया जाना है। दोशी ने कहा, 'ड्राई फ्रूट कुकीज और ओट मील को सस्ते बिस्किट्स के साथ नहीं रखा जा सकता है।' उन्होंने कहा कि इस सेगमेंट में कीमतों में बड़ा इजाफा नहीं देखा गया है, भले ही इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी हुई हो। उन्होंने कहा कि इसकी वजह यह है कि इस सेगमेंट में कन्ज्यूमर्स कीमतों को लेकर बेहद संवेदनशील हैं।


आर कॉम (RCom) नये 4जी ग्राहकों के लिये लाया ऑफर, 49 रुपये में 1GB डाटा
10 March 2017
नई दिल्ली: रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) मोबाइल ग्राहकों के लिये नई पेशकश लेकर आयी है. कंपनी 4जी ग्राहकों को एक जीबी डाटा 49 रुपये में जबकि 3जीबी डाटा 149 रुपये में देगी. साथ ही अपने नेटवर्क पर असीमित मात्रा में स्थानीय एवं एसटीडी कॉल की सुविधा देगी.
कंपनी ने यह घोषणा ऐसे समय की है कि जब कंपनियां रिलायंस जियो की आक्रमक कीमत योजना के बाद ग्राहकों को बनाये रखने के लिये आकषर्क पैकेज ला रही हैं. ‘जॉय ऑफ होली’ के तहत पेश की गयी योजना की वैधता 28 दिन होगी.
कंपनी ने आज एक बयान में कहा, ‘‘इसकी शुरुआत के साथ रिलायंस कम्युनिकेशंस के सभी नये 4जी ग्राहक को एक जीबी डाटा केवल 49 रुपये में मिलेगा जबकि 3जीबी डाटा 149 रुपये में उपलब्ध होगा. इसके साथ समान नेटवर्क पर स्थानीय एवं एसटीडी कॉल 28 दिन के लिये मुफ्त होंगे.’’
अनिल अंबानी की कंपनी आर कॉम ने अपने 3जी और 2जी ग्राहकों के लिये कई योजनाओं की घोषणा की. इसमें 99 रुपये में असीमित 3जी डाटा और 49 रुपये में असीमित 2जी डाटा शामिल हैं. आर कॉम के अनुसार दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और जम्मू कश्मीर में नये 3जी ग्राहक 99 रपये के रिचार्ज पर असीमित 3जी डाटा प्राप्त कर सकेंगे. साथ ही उन्हें 20 रुपये का टॉम टाइम मिलेगा. इस योजना में वॉयस कॉल 25 पैसे प्रति मिनट होगा और इसकी वैधता 28 दिन होगी.
इसके अलावा, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और चेन्नई में नये 2जी ग्राहक केवल 49 रुपये के रिचार्ज पर असीमित 2जी डाटा प्राप्त कर सकेंगे. साथ ही उन्हें 20 रुपये का टॉम टाइम भी मिलेगा. इस योजना के तहत उनका कॉल करने का शुल्क 25 पैसे प्रति मिनट होगा और यह 28 दिन के लिये वैध होगा.


एक बार में हो पूरा सेटलमेंट, बैंकों से बात करने को तैयार हूं: ट्विटर पर बोले माल्या
10 March 2017
नई दिल्ली: परेशान विजय माल्या बैंकों के साथ वन-टाइम सेटलमेंट करना चाहते हैं। उन्होंने ट्वीट्स कर समझौते की बात कही है। उन्होंने एक ट्वीट में लिखा है, "पब्लिक सेक्टर बैंकों में वन-टाइम सेटलमेंट की पॉलिसी होती है, सैकड़ों कर्जदारों ने इस तरह अपना मामला निपटाया है, तो मेरे मामले में इस तरह से केस सुलझाने से इनकार क्यों किया जा रहा है?" बता दें कि माल्या भारतीय बैंकों के 9000 करोड़ रुपए से ज्यादा के कर्जदार हैं। वे एक साल से भारत छोड़कर लंदन में रह रहे हैं। कोर्ट उन्हें भगोड़ा करार दे चुकी है। भारत सरकार उन्हें ब्रिटेन से लाने की कोशिश कर रही है।
- न्यूज एजेंसी के मुताबिक, माल्या ने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा है, "मैंने सुप्रीम कोर्ट के सामने एक ऑफर रखा था, लेकिन बैंकों ने बिना कोई विचार किए ही उसे नकार दिया। मैं पूरी साफगोई से सेटलमेंट करने को तैयार हूं।"
- तीसरे ट्वीट में लिखा है, "मुझे उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में दखल देकर मामले को खत्म करने की कोशिश करेगा। मैं हर तरह से तैयार हूं।"
- चौथे ट्वीट में लिखा, "मैंने बिना कोई एतराज जताए हर कोर्ट के आदेश का पालन किया है, लगता है कि सरकार मुझे फेयर ट्रायल के बिना ही दोषी करार देना चाहती है।"
- माल्या ने अपने पांचवें ट्वीट में लिखा है, "सुप्रीम कोर्ट में मेरे खिलाफ अटॉर्नी जनरल द्वारा लगाए गए आरोपों से सरकार का रुख का साबित होता है।" SC ने माल्या से पूछा-क्या एसेट्स का सही खुलासा किया है
- इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने बीते गुरुवार को माल्या पर उनकी प्रॉपर्टीज के डिसक्लोजर्स को लेकर कई सवाल दागे। कोर्ट ने पूछा कि क्या माल्या ने एसबीआई की अगुआई वाले बैंकों के कंसोर्टियम को सही जानकारियां दी थीं।
- बता दें कि बैंकों के कंसोर्टियम ने आरोप लगाया था कि माल्या ने अपने 3 बच्चों को 4 करोड़ डॉलर ट्रांसफर किए थे, जो कर्नाटक हाईकोर्ट के एक आदेश का पूरी तरह वॉयलेशन था।
- बैंकों की तरफ से पैरवी कर रहे अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कोर्ट में कहा कि हकीकत में माल्या को यूनाइटेड किंगडम की कंपनी डियाजिओ से 4 करोड़ डॉलर मिले थे। सुनवाई के दौरान बैंकों ने सुप्रीम कोर्ट से
माल्या को यह निर्देश देने के लिए कहा कि वह डियाजिओ से मिली 4 करोड़ डॉलर (267 करोड़ रुपए) की रकम वापस लाएं।
- कर्नाटक हाई कोर्ट ने माल्या को अपनी कोई भी मूवेबल या इममूवेबल प्रॉपर्टी किसी थर्ड पार्टी को ट्रांसफर करने से रोक दिया था। रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि माल्या को ब्रिटेन से भारत वापस भेजने की अपील की जा रही है।
- सुप्रीम कोर्ट ने माल्या के खिलाफ कोर्ट के आदेश की अवमानना मामले में सुनवाई के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है।

पेटीएम क्रेडिट कार्ड से वॉलेट में पैसा डालने पर 2% चार्ज लेगा
9 March 2017
नई दिल्लीः ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करने के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल में आने वाला मोबाइल वॉलेट पेटीएम अब आपसे पैसा वसूलने के तरीके बढ़ा रहा है. पेटीएम के यूजर्स को अपने क्रेडिट कार्ड के जरिये वॉलेट में पैसा ट्रांसफर करने पर 2 फीसदी का शुल्क देना होगा. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि यूजर्स क्रेडिट कार्ड से पेटीएम पर पैसे लोड करके अपने बैंक अकाउंट में उस पैसे को बिना ट्रांजैक्शन कॉस्ट के ट्रांसफर करते हैं. इस तरह क्रेडिट कार्ड के जरिये अपने मोबाइल वॉलेट पेटीएम में पैसा डालकर मुफ्त में लोन की सुविधा लेते हैं और बाद में इस पैसे को अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर इसपर कोई शुल्क नहीं देते. पेटीएम ने 2 फीसदी चार्ज 8 मार्च से लागू कर दिया है और ये एप पर भी दिखने लगा है.
क्यों किया पेटीएम ने ये फैसला?
पेटीएम ने बुधवार 8 मार्च को एक ब्लॉग जारी कर कहा, ‘ग्राहकों द्वारा क्रेडिट कार्ड के जरिए पेटीएम वॉलेट में पैसे डालने पर पेटीएम को काफी चार्ज देना पड़ता है. वहीं हालिया समय में यूजर वॉलेट में पैसे डालने के बाद उसे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करने लगे हैं जिससे पेटीएम को नुकसान हो रहा है. कुछ फाइनेंस के जानकार कुछ लोगों ने इस मॉडल का इस्तेमाल पैसे को घुमाने के लिए करना शुरू कर दिया है. ऐसे यूजर्स के लिए यह पेटीएम की कॉस्ट पर फ्री में लोन लेने जैसा है जो गौरकानूनी भी है. कंपनी के मुताबिक वो क्रेडिट कार्ज के जरिए पेटीएम का पैसा लगा कर पैसे रोटेट करते थे.
पेटीएम ने कहा कि वॉलेट में डाले गए अमाउंट को पेटीएम के जरिए ही सर्विसेज और प्रॉडक्ट्स के लिए यूज किया जाए तभी पेटीएम के लिए क्रेडिट कार्ड के ट्रांजेक्शन मुफ्त देना संभव हो सकेगा. और जब तक ऐसा नहीं होता तब तक उस पर चार्ज रहेगा. हालांकि, दूसरे पेमेंट ऑप्शन्स जैसे कि डेबिट कार्ड और नेट बैंकिंग के जरिये पैसे डालने पर अभी कोई चार्ज नहीं लगेगा. पेटीएम के मुताबिक ऐसा मजबूरी में करना पड़ रहा है क्योंकि बहुत से लोग क्रेडिट कार्ड के जरिये अपने मोबाइल वॉलेट में पैसा डालकर फ्री में लोन की सुविधा ले रहे थे. ये सामान्य लोगों के लिए
क्रेडिट कार्ड से कैसे उठा रहे थे लोग फायदा?
नोटबंदी के बाद पेटीएम ने दुकानदारों के लिए 0 फीसदी की दर से ट्रांजैक्शन करने का प्लेटफॉर्म शुरू किया था लेकिन कुछ यूजर्स अपने पेटीएम वॉलेट में क्रेडिट कार्ड से पैसे डालकर फिर उसे जीरो ट्रांजेक्शन कॉस्ट पर अपने बैंक खाते में जमा करा देते थे. इस तरह से पेटीएम के पैसे बिना किसी तरह का चार्ज दिए ही पेटीएम वॉलेट से बैंक खाते में चले जाते थे और किसी तरह का कोई चार्ज नहीं देना पड़ता था. जबकि क्रेडिट कार्ड पर लोन लेने के लिए ग्राहकों को ब्याज देना पड़ता है पर पेटीएम के जरिए लोग फ्री में पैसा बैंक से ले रहे थे.
पेटीएम पर अभी भी आप क्रेडिट कार्ड से रीचार्ज कर सकते हैं, लेकिन 8 मार्च से क्रेडिट कार्ड से पैसे लोड करने पर 2 फीसदी का चार्ज लागू कर दिया गया है. हालांकि, पेटीएम 2 फीसदी की दर से काटे गए टैक्स जितना अमाउंट कैशबैक के तौर पर देगा. फिलहाल यूजर्स को क्रेडिट कार्ड से पैसे लोड करने पर उतने ही कैशबैक मिल जाएंगे जितने काटे जाएंगे. ये कैशबैक कूपन के तौर पर दिए जाएंगे जिन्हें पेटीएम या कुछ दूसरे लिमिटेड ऐप्स पर यूज किए जा सकते हैं. लेकिन यह साफ नहीं है कि ये कैशबैक ऑफर कब तक के लिए है.


अर्थव्यवस्था पर नोटबंदी के असर पर पक्का निष्कर्ष निकालना अभी जल्दबाजी: सुब्रमणियम
9 March 2017
नई दिल्ली: मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमणियम् का कहना है कि घरेलू अर्थव्यवस्था पर नोटबंदी के असर को लेकर अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
गौरतलब है कि सरकार ने गत आठ मार्च को पुराने 1,000 और 500 रपये मूल्य
के नोटों का चलन बंद किया था जबकि लोगों के पास चलन में कुल नकदी का 86 प्रतिशत इन्हीं नोटों के रूप में था।
सुब्रमणियम् कल यहां बाजार प्रतिस्पर्धा और उपभोक्ता हित के क्षेत्र में काम करने वाले गैर सरकारी संगठन कट्स और राजस्थान विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कट्स की एक विग्यप्ति के मुताबिक मुख्य आर्थिक सलाहकार ने कहा कि जीडीपी के आपचारिक आंकड़े असंगठित अर्थव्यवस्था पर असर को पूरी तरह नहीं दर्शाते। अर्थव्यवस्था पर नोटबंदी के असर के आकलन के लिए कुछ और समय चाहिए।
उन्होंने कहा कि नोटबंदी के असर को संभवत: तीन पैमानों पर मापा जा सकता है। इनमें करदाताओं की संख्या और कर राशि में बढ़ोतरी, सकल घरेलू उत्पाद :जीडीपी: की वृद्धि और डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार की रफ्तार शामिल है।
सुब्रमणियम् ने यह भी कहा कि वर्ष 2016-17 की आर्थिक समीक्षा में देश में व्यक्तियों और वस्तुओं के आगमन के रझानों का पता लगाने के लिए वृहद आंकड़ों का इस्तेमाल किया गया और इससे कई नयी बातें सामने आयी हैं जिनके आधार पर महत्वपूर्ण नीतिगत सुझाव दिए गए है।
उन्होंने कहा उदाहरण के लिए उपग्रह चित्र से संकेत मिलता है कि हर साल देश के अंदर करीब 90 लाख लोग रोजी रोटी के लिए अपना ठिकाना एक स्थान से दूसरे स्थान पर बदलते हैं। यह संख्या पहले के अनुमानों का दो गुना है।
इसी तरह व्यापार के वृहद आंकड़े दर्शाते हैं कि जीडीपी के हिसाब से भारत के आंतरिक व्यापार का अनुपात कई बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में आकर्षक है।



जनधन खाते का खर्च निकालने को चार्ज जरूरी : एसबीआइ
8 March 2017
बचत खाते में न्यूनतम बैलेंस बढ़ाने और इससे कम बैलेंस होने पर चार्ज लगाने के फैसले की चारों ओर कड़ी आलोचना होने पर भारतीय स्टेट बैंक ने बचाव किया है। उसने तर्क दिया है कि उसे बड़ी संख्या में जनधन खातों का रखरखाव करना है। इसके वित्तीय भार की भरपाई करने के लिए चार्ज लगाया गया है।
बैंक ने यह भी कहा है कि चार्ज पर पुनर्विचार करने के बारे में उसे सरकार की ओर से कोई औपचारिक पत्र नहीं मिला है। अगर उसे कोई पत्र मिलता है तो वह आवश्यक कदम उठायेगा। उसने पिछला स्पष्टीकरण भी दोहराया है कि जनधन खातों में पेनाल्टी नहीं लगेगी।
पिछले सप्ताह देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआइ ने बचत खातों में न्यूनतम बैलेंस बढ़ाने के साथ ही इससे कम बैलेंस होने पर पेनाल्टी दुबारा लगाने की घोषणा की थी। इसके अलावा उसने दूसरी सेवाओं पर चार्ज लगाये थे। ये चार्ज एक अप्रैल से प्रभावी किये जाएंगे। इसके बाद विपक्षी पार्टियों समेत तमाम वर्गो की ओर से कड़ी आलोचना की गई।
एसबीआइ की चेयरपरसन अरुंधती भट्टाचार्य ने यहां महिला उद्यमियों के राष्ट्रीय सम्मेलन के बाद संवाददाताओं को बताया कि हमें वित्तीय समावेशन के लिए खोले गये 11 करोड़ जनधन खातों का भार उठाना है। इन खातों का रखरखाव करने के लिए आ रहे वित्तीय भार को संतुलित करने के लिए हमें चार्ज लगाने की आवश्यकता है। हमने तमाम विकल्पों पर सावधानीपूर्वक विचार किया और सबसे उपयुक्त कदम उठाया।
एसबीआइ ने महानगरों में बचत खातों में मासिक औसत बैलेंस (एमएबी) 5000 रुपये कर दिया है। खाते में बैलेंस इससे कम होने पर 100 रुपये तक (सेवा कर अलग) लगेगा। छोटे शहरों के लिए एमएबी कम रखा गया है। इसी तरह चार्ज भी निर्धारित बैलेंस के मुकाबले वास्तविक बैलेंस के बीच के अंतर के आधार पर तय होगा। भट्टाचार्य ने कहा कि सभी बैंकों में न्यूनतम बैलेंस का नियम है।
एसबीआइ में न्यूनतम बैलेंस सबसे कम है। बैंक पहले भी बैलेंस कम होने पर चार्ज लगाता था। उसने 2012 में यह चार्ज हटा दिया था। उन्होंने दावा किया कि ज्यादातर खातों में बैलेंस 5000 रुपये से ज्यादा रहता है इसलिए पेनाल्टी की चिंता करने की जरूरत नहीं है।


GPF निकासी के लिए नियमों में ढील, अब 15 दिन में मिलेगा पैसा
8 March 2017
केंद्र सरकार के लगभग 50 लाख कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है कि जनरल प्रॉवीडेंट फंड (जीपीएफ) से पैसा निकालने के नियमों में ढील दी गई है जिसके तहत अब उन्हें 15 दिन में पैसा मिल जाएगा. इसके साथ ही कर्मचारी अब खास काम से अपने जीपीएफ का पैसा दस साल की नौकरी पूरा होने के बाद निकाल सकेंगे. पहले यह सीमा 15 साल थी. जीपीएफ से अब पैसा प्राथमिक, माध्यमिक व उच्च शिक्षा के लिए और सभी संस्थानों हेतु निकाला जा सकेगा. इससे हपले केवल उच्च स्कूल स्तर पर ही जीपीएफ से पैसा निकाला जा सकता था.
मंत्रालय ने इस बारे में एक आदेश जारी किया है. इसके अनुसार, अंशधारकों द्वारा उठाई गई चिंताओं के निवारण के लिए नियमों में समय-समय पर संशोधन किए जाते हैं. हालांकि प्रावधान मोटे तौर पर प्रतिबंधात्मक ही रहते हैं. प्रावधानों में ढील और प्रक्रिया को सरल बनाने की जरूरत महसूस की जा रही थी. मंत्रालय ने केंद्र विभाग के सभी विभागों को भेजे आदेश में यह जानकारी दी है. बदले नियमों के तहत, 12 महीने के वेतन या कुल अंशदान की तीन चौथाई राशि जो भी कम हो के निकासी की अनुमति देने का फैसला किया गया है. बीमारी के मामले में अंशधारक के खाते की कुल राशि की 90 प्रतिशत तक राशि की निकासी की जा सकेगी.
पीएफ निकालना हुआ आसान, बस एक फॉर्म से बनेगा काम
अंशधारक सेवा के 10 साल पूरे होने के बाद निकासी कर सकता है. जीपीएफ से राशि की निकासी टिकाऊ उपभोक्ता सामान खरीदने के लिए भी की जा सकती है. मौजूदा नियमों में यह तय नहीं था कि आवेदक को राशि का भुगतान कितने दिन में किया जाएगा. मंत्रालय ने कहा है- जीपीएफ से धन निकासी के आवेदन को मंजूरी व राशि के भुगतान के लिए 15 दिन की समयावधि तय की गई है. बीमारी या अन्य आपात स्थिति में यह सीमा घटाकर सात दिन भी हो सकती है. इसके साथ ही कर्मचारियों को जीपीएफ से पैसा निकालने के लिए अब कोई पूरक साक्ष्य नहीं देना होगा बल्कि एक स्वघोषणा ही देनी होगा.
फिलहाल एक साल के भीतर सेवानिवृत्त हो रहे कर्मचारियों को अपने जीपीएफ से 90 प्रतिशत तक राशि निकालने की अनुमति है. इस अवधि को बढाकर दो साल करने का प्रस्ताव है. इसी तरह मोटर कार, मोटरसाइकिल व स्कूटर आदि वाहनों की खरीर या इस उद्देश्य से लिए गए रिण को चुकाने के लिए भी जीपीएफ से पैसा निकाला जा सकता है.


टाटा मोटर्स ने पेश की अपनी पहली स्पोर्ट्स कार 'रेसमो'
7 March 2017
नई दिल्लीः भारत की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स ने अपनी पहली स्पोर्ट्स कार रेसमो आज जिनेवा मोटर शो में पेश कर दी है. टाटा मोटर्स खासतौर पर पैसेंजर और कमर्शियल व्हीकल बनाने वाली कंपनी है और स्पोर्ट्स कार के तौर पर ये रेसमो ये उसकी पहली पेशकश है. कंपनी ने 2 सीटर यह कार अपने नये उप-ब्रांड टेमो के तहत पेश की है. इसके साथ ही नेक्स्ट जेनरेशन के मॉडल्स में सेडान टिगोर और एसयूवी नेक्सन को भी यहां पेश किया है.
टाटा मोटर्स के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर गुएंतेर बुशचेक ने कहा, ‘रेसमो, टाटा मोटर्स में हो रहे बदलावों का प्रतीक है.’ कंपनी ने खुद को युवा ब्रांड के रूप में स्थापित करने के प्रयासों के तहत यह नई स्पोर्ट्स कार पेश की है. कंपनी ने भारत व ग्लोबल लेवल पर कार उपभोक्ताओं की जन-सांख्यिकी प्रोफाइल में बदलाव को देखते हुए यह कदम उठाया है. टेमो उप ब्रांड के तहत यह स्पोर्ट्स कार 2017-18 में बाजार में आ सकती है इसमें 1.2 लीटर का पेट्रोल इंजन है.
रेसमो पेश किए जाने के समय टाटा संस के चेयरमैन एमिरेट्स रतन टाटा व समूह के नये चेयरमैन एन चंद्रशेखरन भी मौजूद थे. रेसमो नेक्स्ट जेनरेशन की कनेक्टेडेड कार है. इसमें माइ्रकोसाफ्ट की क्लाउड बेस्ड टेक्नॉलॉजी का इस्तेमाल किया गया है.
क्या है टाटा की पहली स्पोर्ट्स कार रेसमो की खासियत?
टाटा मोटर्स की रेस्मो इसकी फ्यूचर कॉन्सेप्ट कार जिसे कंपनी ने स्पोर्ट्स कार की तर्ज पर बनाया है. हालांकि भारतीय सड़क को ध्यान में रख कर इसमें कुछ खास फीचर्स दिए गए हैं जो इसे अलग बनाते हैं. इसमें 1.2 लीटर का सुपर चार्ज्ड पेट्रोल इंजन लगा है जो 190 बीएचपी पावर जेनरेट करता है. रेसमो 0 से 100 किलोमीटर की रफ्तार महज 6 सेकेंड में छू लेती है. टाटा मोटर्स का दावा है कि रेसमो को मशीन और टेक्नोलॉजी को मिला कर बनाया गया है जो इसकी यूएसपी है.


पीएम मोदी ने पूरा किया वादा, 8% रिटर्न देने वाली नई 'वरिष्ठ पेंशन बीमा योजना 2017' को हरी झंडी- खास बातें
7 March 2017
नई दिल्ली: जल्द ही सस्ते घर और अधिक सस्ते हो सकते हैं। मोदी सरकार अफोर्डेबल हाउसिंग को अधिक से अधिक लोगों की पहुंच में लाने की कवायद कर रही है। अगर सरकार की ये योजना कामयाब हो जाती है तो अधिक से अधिक लोगों को अफोर्डेबल हाउसिंग के तहत मिलने वाले सस्ते घर और अधिक सस्ते दाम पर मिलेंगे। आइए जानते हैं सरकार क्या कर रही है इसके लिए।
स्टांप ड्यूटी हो सकती है खत्म शहरी विकास मंत्री एम वैंकैया नायडू ने रीयल एस्टेट कंपनियों के संगठन क्रेडाई के एक कार्यक्रम में ऐसा बयान दिया है, जिस पर अगर अमल हो जाता है तो घर और अधिक सस्ते हो जाएंगे। नायडू ने सभी राज्यों से अनुरोध किया है कि वे किफायती आवासीय परियोजना के तहत घर लेने वालों को स्टांप ड्यूटी में छूट दें, ताकि अधिक से अधिक लोग सरकार की इस योजना से जुड़ कर इसका लाभ ले सकें।





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