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ग्रामीण भारत


aa भोपाल में 29 अक्टूबर से खुलेगा खादी इण्डिया लाउंज
27 October 2017
केन्द्रीय खादी और ग्रामोद्योग आयोग द्वारा 29 अक्टूबर से भोपाल में नया बिक्री केन्द्र 'खादी इण्डिया लाउंज'' आरंभ किया जा रहा है। कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री अंतर सिंह आर्य के विशिष्ट आतिथ्य में होने वाले कार्यक्रम का उद्घाटन केन्द्रीय खादी ग्रामोद्योग के अध्यक्ष श्री विनोद कुमार सक्सेना प्रात: 11 से करेंगे। समारोह में खादी वस्त्रों और हर्बल उत्पादों की प्रदर्शनी के साथ परिधान उत्सव (फैशन-शो) में खादी वस्त्रों की आकर्षक प्रस्तुति भी होगी। खादी परिधान उत्सव में होने वाले फैशन-शो में राष्ट्रीय-स्तर के ड्रेस डिजायनर द्वारा तैयार खादी के आधुनिक वस्त्रों-जैकेट, शर्ट, लेडीज गाउन, स्कर्ट, कुर्ते के साथ खादी डेनिम जीन्स आकर्षण रहेंगे। खादी की जैकेट के साथ सिल्क की जैकेट भी रहेंगी। जवाहर चौक के सरस्वती नगर में खुलने वाले खादी इण्डिया लाउंज के शो-रूम में इंटरनेशनल स्तर के ड्रेस डिजायनरों द्वारा तैयार खादी के परम्परागत वस्त्रों के साथ आधुनिक वस्त्र भी बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगे। लाउंज में भारत के विभिन्न प्रांतों के खादी एवं खादी सिल्क के वस्त्र अपनी स्थानीय विशेषता के साथ भोपाल में ही उपलब्ध हो सकेंगे। खादी और ग्रामोद्योग के माध्यम से देश में अब तक एक करोड़ 37 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाया जा चुका है। भारतीय जलवायु के अनुरूप इन वस्त्रों का उत्पादन, बिक्री एवं इनसे रोजगार को दोगुना करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसी के तहत देशभर में नये खादी इण्डिया लाउंज खोले जा रहे हैं।

aa ग्राम सभाओं में मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना में किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया शुरू
12 October 2017
मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना में किसानों के पंजीयन की कार्यवाही ग्राम सभाओं में शुरू हो गई है। सभी किसानों का पंजीयन सुनिश्चित होने तक यह कार्यवाही जारी रहेगी। ग्राम सभाओं में विभागीय अधिकारी अधूरे आवेदनों को स्वयं पूरा करवायेंगे और ग्राम सभा के प्रभारी अधिकारी किसान को पंजीयन की पावती भी देंगे। इस योजना में पंजीयन के लिये किसानों को आधार कार्ड, समग्र आईडी, मोबाइल नम्बर तथा बैंक खाते आदि की जानकारी देना जरूरी है।
योजना का अधिकाधिक लाभ दिलाने जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी-
योजना में सात दलहनी फसलों सोयाबीन, मूंगफली, तिल, रामतिल, मक्का, मूंग और उड़द का 16 अक्टूबर से 15 दिसम्बर 2017 तक कृषि उपज मंडियों में क्रय-विक्रय किया जाएगा। प्रमुख सचिव किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग डॉ. राजेश राजौरा ने जिला कलेक्टरों से कहा है कि कृषि उपज मंडियों में क्रय-विक्रय की कार्यवाही अनुज्ञप्तिधारी व्यापारियों के द्वारा ही सुनिश्चित की जाए ताकि अधिकाधिक किसानों को इस योजना का समुचित लाभ मिल सके। जिला कलेक्टरों को निर्देश दिये गये हैं, कि 16 अक्टूबर से पहले जिला मुख्यालय की मंडियों के अनुज्ञप्तिधारी व्यापारियों की बैठक कर क्रय-विक्रय की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करें। इसी प्रकार राजस्व अनुभाग स्तर पर भी बैठक की जाए और अनुभाग की कृषि उपज मंडियों तथा उप मंडियों में अनुज्ञप्तिधारी व्यापारियों के माध्यम से दलहनी फसलों के क्रय-विक्रय की सुचारू व्यवस्था की जाए।
257 कृषि उपज मंडी समितियों को 405 लाख रुपये स्वीकृत-
मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना और किसान हितैषी एवं कृषि प्रोन्नति से जुड़े किसान सम्मेलन के लिये प्रदेश की 257 कृषि उपज मंडी समितियों को 405 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इस राशि का व्यय मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड की कृषि अनुसंधान एवं अधोसंरचना विकास निधि की अर्जित ब्याज मद से किया जाएगा। कृषि उपज मंडी समितियों को यह राशि निर्धारित श्रेणी के अनुसार मिलेगी। ज्ञातव्य है कि प्रदेश में 'क' श्रेणी की 39, 'ख' श्रेणी की 42, 'ग' श्रेणी की 56 और 'घ' की 120 कृषि उपज मंडी समितियाँ हैं।

aa भावांतर भुगतान योजना किसानों के लिए महाबोनस- श्री चौहान
12 October 2017
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सरकार ने किसानों के लिए महाबोनस की व्यवस्था भावांतर भुगतान योजना द्वारा की है। इसका लाभ लेने के लिए पंजीयन करवाना अनिवार्य है। किसान भाई पंजीयन करवाने में चूके नहीं, अन्यथा योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा। श्री चौहान आज प्रदेश की समस्त ग्राम सभाओं को लाइव संबोधित कर रहे थे। उन्होंने किसानों से भावांतर भुगतान योजना, उसकी प्रक्रियाओं और प्रभावों पर विस्तार से चर्चा करते हुये बताया कि मक्का उत्पादक किसानों की समस्याओं का समाधान करवाया जाएगा। जले ट्रांसफार्मर को बदलवाने के लिए उपभोक्ताओं की संख्या 75 से घटाकर 50 प्रतिशत कर दी गई है। साथ ही जमा की जाने वाली बकाया राशि भी 40 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत कर दी गई है। दीवाली के बाद कपास उत्पादक जिलों में 16 खरीदी केन्द्र शुरू हो जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने किसानों द्वारा योजना में कम पंजीयन करवाने पर चिंता व्यक्त करते हुये अपील की कि वे अंतिम तिथि से पूर्व पंजीयन जरूर करवायें। प्रदेश सरकार आम आदमी और गरीब किसान की सरकार है, जो संकट के समय हमेशा किसानों के साथ रही है। खेती को लाभकारी बनाने के लिए हर उपाय करती है। उन्होंने कहा कि बंपर उत्पादन के कारण फसलों के बाजार मूल्य में गिरावट हो गई थी। सरकार ने भंडारण आदि की दिक्कतों के बावजूद 8 रूपए प्रति किलो की दर से प्याज की खरीदी कर, किसानों का नुकसान नहीं होने दिया। मूंग, तुअर आदि की बाजार मूल्य से करीब डेढ़ हजार रूपए अधिक पर खरीदी की। श्री चौहान ने कहा कि किसान की फसल कम मूल्य पर नहीं बिकने देने की प्रतिबद्धता का सरकार ने पालन किया था जिस पर एक हजार करोड़ रूपये से अधिक राशि का व्यय किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की मदद के लिए पैसों की चिंता नहीं करती है। किसान को फसल का उचित मूल्य मिले, इसके लिये राज्य सरकार कटिबद्ध है। श्री चौहान ने बताया कि फसलों के उचित दाम किसानों को मिलें, इसकी गारंटी के लिए भावांतर योजना लागू की है। योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा जो 15 अक्टूबर तक योजना के पोर्टल पर पंजीयन करवा लेंगे। उन्होंने बताया कि ग्राम सभा में पंजीयन का कार्य किया जा रहा है। साथ ही गेहूँ, धान का ई-उपार्जन करने वाली 3500 प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों और 257 कृषि उपज मंडियों में भी नि:शुल्क पंजीयन सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। पंजीयन करवाने वाले किसानों को उनके मोबाइल पर शार्ट मैसेज सर्विस (एस.एम.एस) के द्वारा सूचना दी जाएगी। हर किसान को यूनिक आई डी नम्बर दिया जाएगा जिसे कृषि उपज मंडी में विक्रय करते समय किसानों को देना होगा। तभी उन्हें भावांतर योजना का लाभ मिलेगा। पंजीयन के समय राजस्व अभिलेख, आधार कार्ड, समग्र आई.डी. और बैंक खाता क्रमांक की जानकारी भी देना होगी। किसान द्वारा फसल बोनी का राजस्व विभाग द्वारा सत्यापन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक जिले के फसलवार पाँच वर्षों में सर्वश्रेष्ठ तीन वर्षों की फसल कटाई प्रयोगों के परिणामों के आधार पर उत्पादकता की गणना की जाएगी। मुख्यमंत्री ने भावांतर भुगतान योजना में फसल के मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आठ फसलों में से किसी फसल का मंडी में निर्धारित अवधि के दौरान विक्रय न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम और मॉडल विक्रय दर से अधिक पर होता है, तो विक्रय की दर तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य के बीच के अंतर की राशि किसान के खाते में जमा की जाएगी। इसी तरह यदि निर्धारित फसलों में से कोई फसल मॉडल विक्रय मूल्य से कम में विक्रय की जाती है, तो न्यूनतम समर्थन मूल्य और मॉडल विक्रय मूल्य के भावांतर की राशि सीधे किसान के बैंक खाते में जमा की जाएगी जिसकी सूचना मोबाईल पर भी दी जाएगी। किसान फसल की बिक्री मंडियों में व्यापारी को करेंगे। व्यापारी उन्हें तत्काल राशि देगा। भावांतर की राशि दो माह की अवधि में उनके बैंक खातों में जमा हो जाएगी। श्री चौहान ने बताया कि 16 अक्टूबर से 15 दिसम्बर 2017 के मध्य 7 फसलों सोयाबीन, मूंगफली, तिल, रामतिल, मक्का, मूंग, उड़द और 1 फरवरी से 30 अप्रैल 2018 तक अरहर (तुअर) का विक्रय करते समय यूनिक आई.डी. देना होगी। मंडी में क्रय-विक्रय, खरीदी के समय अनुबंध पत्र, तौल पर्ची, भुगतान पत्रक मंडी कर्मचारियों द्वारा तैयार किया जाएगा। उन्होंने किसानों से अपील की कि योजना में पंजीयन का अवसर गवांए नहीं। ग्राम सभा में ही पंजीयन का कार्य करवा लें। योजना का सबको लाभ मिलेगा, व्यवस्था में सहयोग करें। स्वयं का और अपने आस-पास के किसानों का पंजीयन करवाने में सहयोग करें। मुख्यमंत्री ने ग्राम सभा में उपस्थित ग्रामीणों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ दी। उन्होंने कहा कि आपके जीवन में सुख-समृद्धि के लिये आपकी सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। खेती को लाभकारी बनाने का लक्ष्य है। इसकी सफलता के लिए सबको मिलकर काम करना होगा।

aa सरपंच पद के अभ्यर्थी ऑनलाइन भी भर सकेंगे नाम निर्देशन-पत्र
12 October 2017
सरपंच पद के अभ्यर्थी अब परंपरागत प्रक्रिया के साथ ही ऑनलाइन भी नाम निर्देशन-पत्र भर सकते हैं। यह स्वैच्छिक है। अभ्यर्थी राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा बनाई गई OLIN एप्लीकेशन के माध्यम से नाम निर्देशन-पत्र भर सकते हैं। आगामी दिसम्बर माह में सीधी जिले की 56, सिंगरौली जिले की 31 और इंदौर जिले की 3 ग्राम पंचायतों के आम निर्वाचन प्रस्तावित हैं। अभ्यर्थी द्वारा स्वयं या सुविधा केन्द्र के माध्यम से ऑनलाइन नाम निर्देशन-पत्र भरने के बाद उसका फाईनल प्रिंट आउट निकाला जाएगा। इस प्रिंट आउट में जरूरी जानकारी भर कर आवश्यक दस्तावेज के साथ नियत समयावधि में रिटर्निंग आफिसर को देना होगा।
एप्लीकेशन OLIN के फायदे-
एप्लीकेशन OLIN के माध्यम से अभ्यर्थी किसी भी समय नाम निर्देशन-पत्र तैयार कर सकते हैं। इस व्यवस्था से ओवर राइटिंग और अपठनीयता की वजह से नाम निर्देशन-पत्र निरस्त होने की आशंका समाप्त होगी। संवीक्षा, नाम वापसी और प्रतीक चिन्ह आबंटन की जानकारी अभ्यर्थी को एस.एम.एस. से मिलेगी। अभिलेख सुरक्षित रहेंगे। एप्लीकेशन OLIN पर अभ्यर्थी को उनके निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची, मतदाता केन्दों की सूची और मतों की गणना संबंधी पत्रक प्राप्त हो सकेंगे। इसके साथ ही अन्य अभ्यर्थियों के संबंध में विभिन्न जानकारियाँ जैसे शपथ-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र एवं अन्य दस्तावेजों की कापी मिल सकेगी। राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री आर. परशुराम ने बताया है कि अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए रिटर्निंग आफिसर के कार्यालय में सुविधा केन्द्र स्थापित किये जायेंगे। सुविधा केन्द्र में OLIN की सुविधा नि:शुल्क रहेगी। आनलाइन कियोस्क और लोक सेवा केन्द्रों पर भी OLIN की सुविधा मिलेगी, लेकिन यहाँ पर निर्धारित शुल्क देना होगा। मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट www.mplocalelection.gov.in पर OLIN की लिंक दी गयी है।

छह फरवरी को भोपाल में त्रिस्तरीय पंचायतीराज की महापंचायत - अभय मिश्रा
महापंचायत में होगा मुख्यमंत्री का अब तक सबसे बडा सम्मान
अभय मिश्रा और डी पी धाकढ की मुख्यमंत्री से अहम मुलाकात
मुख्यमंत्री ने कहा छह फरवरी को करेगे के घोषणा

18 January 2016
पिछले छह माह से अपने अधिकारो के लिए आंदोलनरत त्रिस्तरीय पंचायतीराज के जनप्रतिनिधियों के लिए बडी खबर है। आज त्रिस्तरीय पंचायतीराज संगठन के अध्यक्ष अभय मिश्रा और प्रदेष संयोजक डी पी धाकढ की मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान के निवास पर हुई अहम मुलाकात के बाद अभय मिश्रा खुषी जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने हमारी लगभग सभी न्यायोचित मांगे मान ली है। जिसके चलते पंचायजीराज संगठन आगामी छह फरवरी को राजधानी भोपाल में महापंचायत आयोजित करेगा जिसमें मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान त्रिस्तरीय पंचायतीराज के प्रतिनिधियों को अधिकार दिए जाने की घोषणा करेगे।
मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चोहान के साथ मुलाकात करने के बाद अभय मिश्रा ने प्रेस को जारी विज्ञप्ती में कहा कि त्रिस्तरीय पंचायतीराज संगठन अपने अधिकारो के लिए पिछले छह माह से अनुनय विनय से शुरू होकर आंदोलन की राह तक पहुॅच गया एंव विभिन्न उतार चढावो से होते हुए चार जनवरी को उनके समक्ष आंदोलन समाप्ती की घोषणा कर निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के प्रति न्याय की अपेक्षा के साथ पंचायतीराज के अधिकारो के बागडोर मुख्यमंत्री के हाथों सौप दी थी । बकौल अभय मिश्रा तब मुख्यमंत्री ने कहा आंदोलन से नही दिल से दूगा, अब पंचायतीराज के जनप्रतिनिधियो की लडाई मेरी हैं जितना मांगा हैं उससे ज्यादा दूगा। लेकिन हमारी रणनीति में थोडी से चूक यह रही कि हम अपनी बात मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान के समक्ष प्रत्यक्ष तौर पर मिलकर रख नही सकै, शायद हमें इसलिए अपने अधिकारो को पाने के लिए लंबा सर्घष करना पडा।
अभय मिश्रा ने कहा कि जनवरी के बाद आज हम मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान से उनके निवास पर मिले और मुख्यमंत्री ने जो कहा था उसे चरितार्थ कर दिखाया। बहुत बडे हद्वय का परिचय देकर पंचायतीराज के जनप्रतिनिधियों का दिल जीत लिया।
मिश्रा ने कहा कि शासन के द्वारा दिये जा रहे अधिकारो से हम उपकृत और अभिभूत हैं और त्रिस्तरीय पंचायतीराज संगठन ने निणर्य लिया हैं कि छह फरवरी को भोपाल में पंचायतीराज की महापंचायत में मुख्यमंत्री का अब तक का सबसे बडा सम्मान करेगा। जिसके लिए मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी हैं। अभय मिश्रा और डी पी धाकढ ने सभी निर्वाचित प्रतिनिधियो से अपील की हैं कि मुख्यमंत्री जी ने हमारा जो मान रखा हैं उससे कही बडा उनका सम्मान करने के लिए स भी जनप्रतिनिधियों को छह फरवरी को भोपाल में एकत्रित होना होगा।

त्रिस्तरीय पंचायतीराज संगठन की मेहनत रंग लायेगीः अभय मिश्रा
सरकार की ओर से पंचायतीराज को अधिकार दिए जाने के संकेत

17 December 2015
भोपाल: त्रिस्तरीय पंचायतीराज संगठन के अध्यक्ष अभय मिश्रा ने कहा कि मीडीया और सरकारी सूत्रों के माध्यम से ज्ञात हुआ हैं कि प्रदेश सरकार जल्द ही पंचायतीराज के जनप्रतिनिधियों को 1994 की तर्ज पर पूरे अधिकार देने वाली हैं, यह त्रिस्तरीय पंचायतीराज संगठन के आंदोलन की बडी जीत है। अभय मिश्रा ने प्रदेष सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि पंचायतीराज संगठन ने अपनेे अधिकारों की मांग को लेकर 2 दिसम्बर को भोपाल में आयोजित कोर कमेटी के बैठक में निणर्य लेते हुए प्रदेष सरकार को मांगे माने जाने के लिए सात दिवस का समय दिया था। सात दिवस में मांगे ना माने जाने पर मैहर चुनाव में बीजेपी को हराने की बात कही थी।
जिसके बाद मीडीया के माध्यम से ज्ञात हुआ कि प्रदेश सरकार पंचायतीराज के प्रतिनिधियों की सभी मांगे मानने के लिए तैयार हो गयी हैं ओर मुख्य सचिव को इसकी तैयारी करने के निर्देष मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चोहान ने दिए हैं।
अभय मिश्रा ने कहा कि मीडीया व सरकारी सूत्रो से ज्ञात हुआ कि विधानसभा सत्र के समापन के बाद प्रदेश सरकार के मुखिया शिवराज सिंह चोहान पंचायतीराज के जनप्रतिनिधियों को अधिकार दिए जाने की घोषणा कर सकते है।
अभय मिश्रा ने कहा कि इस खबर के बाद हमने विधानसभा सत्र की समाप्ती तक आंदोलन को विराम दे दिया है। विधानसभा सत्र के बाद आगामी रणनीति तय की जाएगी।
अभय मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चोहान पंचायत प्रतिनिधियों के मांग के अनुरूप 1994 के तर्ज पर समूचे अधिकार उन्हे देते हैं तो यह पंचायतीराज संगठन की बडी जीत होगी। मिश्रा ने कहा कि पिछले पांच माह से पंचायतीराज संगठन के बैनरतले प्रदेश भर के पंचायत प्रतिनिधि अपने अधिकारो की मांग के लिए आंदोलनरत थे, पंचायतीराज के किर्यान्वन और अधिकारीराज के खिलाफ पंचायतीराज संगठन की इस आंदोलन की मांगो को शायद पंचायतीराज के जनप्रतिनिधी ठीक ढंग से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चोहान के सामने नही पहुच पाये। जिसके चलते पंचायतीराज के अधिकारो के लिए जनप्रतिनिधियों को इतना लंबा सर्घष करना पडा।
अभय मिश्रा ने कहा कि यह त्रिस्तरीय पंचायतीराज संगठन की बडी जीत होगी।

मध्यप्रदेश की विदिशा एवं हरदा जिला पंचायत समेत 16 पंचायत पुरस्कृत
भोपाल। राष्ट्रीय पंचायत राज दिवस पर आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सदारत में नई दिल्ली में गरिमापूर्ण समारोह में पंचायत सशक्तिकरण की दिशा में मध्यप्रदेश की विदिशा एवं हरदा जिला पंचायत समेत 16 पंचायत को पुरस्कृत किया गया। समारोह में केन्द्रीय पंचायत राज मंत्री श्री वीरेन्द्र सिंह और राज्य मंत्री श्री निहाल चन्द भी उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने उपस्थित पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि पंचायत सदस्यों को गाँव के बारे में गौरवान्वित महसूस करना चाहिये। उन्होंने वित्तीय प्रावधानों की तुलना में विकास के प्रति दृढ़-निश्चय को महत्वपूर्ण करार देते हुए गाँव में बच्चों की शिक्षा, उनके टीकाकरण आदि पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने गाँव का जन्म-दिन मनाने जैसा सुझाव भी दिया।
समारोह में मध्यप्रदेश की 2 जिला पंचायत हरदा एवं विदिशा को 30-30 लाख, विदिशा तथा इछावर जनपद पंचायत को 20-20 लाख तथा 12 ग्राम पंचायत हिनोतिया, थर्रह, पामेद, हरदा खुर्द, गोमगाँव, गुर मेला, कुकरावार, बागवाड़ा, हिलगन, सोनपुर, गठहौली तथा खैरिया ग्राम पंचायत को 8-8 लाख की सम्मान-निधि से पुरस्कृत किया गया।
पंचायत सशक्तिकरण की दिशा में पुरस्कृत ग्राम पंचायतों ने विकेन्द्रीकृत एवं सहभागितापूर्ण स्थानीय स्व-शासन के क्रियान्वयन एवं सामाजिक न्याय, प्रभावी सेवा सुपुर्दगी और समावेशी विकास तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में कामयाबी हासिल की है। पिछले वित्त के लिये पंचायत राज मंत्रालय ने स्वतंत्र एजेंसी टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान से करवाये गये मूल्यांकन अध्ययन के आधार पर श्रेष्ठ पंचायत राज संस्थाओं का चयन कर उन्हें पुरस्कृत किया है।


गाँवो के विकास की समन्वित योजना बनेगी
21 August 2015
भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने केन्द्रीय पंचायत सचिव श्री विजय आनंद से २५ अप्रैल को मुलाकात के दौरान कहा कि प्रदेश में गांवों के विकास की समन्वित योजना बनायीं जायेगी। प्रदेश में १० हजार से अधिक जनसंख्या वाली ३२०० ग्राम पंचायतों के आदर्श रूप से विकसित किया जायेगा । प्रदेश में गांवों में विकास के लिये मुख्यमंत्री ग्राम सड़क और पंच परमेश्वर योजना के जरिये बेहतर काम हुआ है। गाँवों में 24 घंटे बिजली दी जा रही है। गाँवों में नलों से जल प्रदाय की योजना बनायी गई है। सभी आँगनबाड़ी और ग्राम पंचायतों के भवन बनाये जा रहे हैं। केन्द्रीय सचिव श्री आनंद ने कहा कि गाँवों के समूह बनाकर विकास तथा आदर्श ग्राम विकसित करने की योजना बनायीं जाये।
मुलाकात के दौरान मुख्य सचिव श्री अंटोनी डिसा , अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती अरुणा शर्मा और मुख्यमंत्री के सचिव सचिव श्री हरिरंजन राव उपस्थित थे।


प्रदेश का हर गाँव बनेगा स्मार्ट विलेज
21 August 2015
प्रदेश के हर गाँव को अगले पाँच साल में स्मार्ट विलेज बनाया जायेगा। स्मार्ट विलेज सुनियोजित ढंग से विकसित ग्राम होंगे। इसके लिये अगले एक माह में एकीकृत ग्राम विकास योजना बनाई जायेगी। प्रदेश में स्वर्गीय पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के जन्म-दिवस आगामी 25 सितम्बर से गरीब कल्याण वर्ष मनाया जायेगा। जिसमें गरीबों के लिये आजीविका, आवास सहित विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से गरीबों का कल्याण किया जायेगा। आगामी जुलाई माह से प्रदेश में पाँचवीं तक के सभी शासकीय स्कूलों में मध्यान्ह-भोजन कार्यक्रम में सप्ताह में तीन बार दूध भी दिया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक में इस संबंध में निर्देश दिये। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव और मुख्य सचिव श्री अन्टोनी डिसा भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ग्रामीण विकास से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिये कि ग्रामों में जल स्त्रोतों की सफाई का अभियान चलाया जाये। ग्रामीण विकास की योजनाओं में निर्मित परिसम्पत्तियों का उपयोग सुनिश्चित किया जाये। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क और मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें। प्रदेश में प्लास्टिक वेस्टेज के रिसाइकल्स से निर्मित सड़कों की गुणवत्ता को देखते हुए इसे बढ़ावा दिया जाये। इससे पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी। जिन हितग्राहियों को आवास योजना में आवास स्वीकृत हुए हैं उन्हें मुख्यमंत्री की ओर से पत्र भेजा जाये। सहरिया और बैगा जैसी जनजातियों के हितग्राहियों के लिये आवास निर्माण का अभियान चलाया जाये। वर्ष 2018 तक प्रदेश के प्रत्येक घर में शौचालय बनवाये जायें। एकीकृत जल ग्रहण क्षेत्र प्रबंध कार्यक्रम का इम्पेक्ट असेसमेंट करवाया जाये।
मुख्यमंत्री ने मनरेगा की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि योजना में मजदूरी का भुगतान समय से किया जाये। पंच परमेश्वर योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम के समन्वित विकास की योजना बनाई जाये। मुख्यमंत्री ग्राम हाट बाजार योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाये। ग्रामों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता पैदा करें।
बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना में 12 हजार 471 किलोमीटर लंबाई की 5,836 सड़क बनाई गई हैं। इन पर 2,169 करोड़ रुपये व्यय हुए हैं। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना में निर्मित ग्रेवल सड़कों के डामरीकृत सड़कों में उन्नयन की परियोजना विश्व बेंक को भेजी गई हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में 5,239 किलोमीटर लंबी सड़कें बनाई गई हैं। सड़कों की गुणवत्ता की जाँच के लिये प्रत्येक जिले में लेब स्थापित की गई है। इंदिरा आवास योजना में 95 हजार 435 आवास तथा मुख्यमंत्री अंत्योदय आवास योजना में 6,037 आवास निर्माणाधीन है। प्रदेश में विशेष गाम सभाएँ कर आवासहीनों की सूची बनाई जायेगी। मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन में 4 लाख 92 हजार हितग्राहियों को आवासीय ऋण उपलब्ध करवाया गया है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रदेश में 5 लाख 21 हजार घर में शौचालय बनवाये गये हैं। एकीकृत जल-ग्रहण क्षेत्र प्रबंधन कार्यक्रम के तहत प्रदेश में 65 हजार 375 हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई क्षमता निर्मित की गई है। मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम से 71 लाख 86 हजार बच्चों को लाभान्वित किया गया है। विदिशा जिले में मध्यान्ह भोजन के तहत स्कूलों में दूध के प्रदाय से कुपोषण रोकने में मदद मिली है। मनरेगा में प्रदेश में 11 करोड़ 71 लाख मानव दिवस का रोजगार सृजित किया गया है। पंच परमेश्वर योजना में ग्राम पंचायतों को बीते चार वर्ष में 5,108 करोड़ रूपये विकास कार्यों के लिये उपलब्ध करवाये गये हैं। इस योजना में ग्रामों में सीमेंट- कांक्रीट रोड तथा नालियों के निर्माण करवाये गये। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में प्रदेश में एक लाख 365 स्व-सहायता समूह बनाये गये। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्रीमती अरूणा शर्मा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।


 
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