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::::: आलेख :::::




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नरेन्द्र मोदी भारत के लिए ईश्वरीय वरदान तीन साल में भारत की छवि विश्व शिखर पर- शिवराज सिंह चौहान

Our Correspondent :25 May 2017
भोपाल। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश मीडिया की एक दिवसीय प्रादेशिक कार्यशाला का उद्घाटन आज प्रदेश कार्यालय पं. दीनदयाल परिसर में मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने दीप प्रज्जवलित कर किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आजादी के बाद देश को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के रूप में क्रांतिकारी, दूरदृष्टा, निर्णय लेने वाला नेतृत्व मिला है। श्री नरेन्द्र मोदी का तीन वर्ष का कार्यकाल बेमिसाल रहा है। गांव, गरीब, किसान, मजदूर, आम आदमी को अपनी सरकार होने की सुखद अनुभूति तो हुई है, वहीं श्री नरेन्द्र मोदी ने वैश्विक नेता के रूप में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश की सम्मानजनक पहचान बनाई है। उन्होनें श्री नरेन्द्र मोदी को देश के लिए ईश्वरीय वरदान बताते हुए उनके कृतित्व और व्यक्तित्व की भूरि-भूरि सराहना की। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान ने कार्यशाला में उपस्थित मीडिया प्रभारियों और प्रवक्ताओं से कहा कि श्री नरेन्द्र मोदी के उल्लेखनीय परफार्मेंस की छवि जन-जन के मानस पटल पर अंकित करने के कार्य में जुट जायें। 26 मई से 15 जून तक आयोजित ‘मोदी फेस्ट’ अभियान में जन-जन को केन्द्र सरकार की तीन वर्ष की उपलब्धियों से दृश्य-श्रव्य सभी संचार माध्यमों से रूबरू करायें। मुख्यमंत्री श्री चौहान का प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री लोकेन्द्र पाराशर ने फूल-मालाओं से स्वागत किया। प्रदेश उपाध्यक्ष श्री विजेश लूनावत का प्रदेश सह मीडिया प्रभारी श्री संजय गोविन्द खोचे ने स्वागत किया। कार्यशाला का संचालन प्रदेश सह मीडिया प्रभारी श्री सर्वेश तिवारी ने किया। आभार प्रदर्शन प्रदेश प्रवक्ता सुश्री राजो मालवीय ने आभार व्यक्त किया। श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के तीन वर्षों के कार्यकाल को स्वर्ण युग बताते हुए कहा कि तीन वर्षों के नेतृत्व में श्री नरेन्द्र मोदी को समाजशास्त्रियों, विश्लेषकों ने युग-पुरूष, राष्ट्र ऋषि के रूप में संबोधित किया है और विश्व के सर्वमान्य नेताओं में अग्रणी बताया है। उन्होंने कहा कि एनडीए प्रथम अटलजी के नेतृत्व देश की विकास दर आठ प्रतिशत पहुंची थी, महंगाई सिमट गयी थी। यूपीए के दौर में डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षो में विकास दर 4 प्रतिशत पर सिमट गयी और महंगाई ने पंख पसारे। नीतिगत अस्त व्यस्तता से श्री नरेन्द्र मोदी को सामना करना पड़ा लेकिन उनके अथक प्रयासों, शीघ्र निर्णयात्मक पहल से देश की विकास दर लगभग 8 प्रतिशत पहुँच रही है और महंगाई का दंश टूट गया है। भारत की दुनिया में नई पहचान बनी है। उन्होंने बताया कि मोदी फेस्ट के प्रारंभिक दिन 26 मई को सेतु के उदघाटन के साथ तीन वर्षो की उपलब्धियों का जश्न मनाया जायेगा। प्रदेश की जनता के नाम संबोधन सभी नगरीय निकायों के मुख्यालयों पर सुना जायेगा। इसी तरह 31 को प्रदेश की जनता के नाम मुख्यमंत्री का संबोधन 23040 ग्राम पंचायतों में सुना जायेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ग्राम पंचायत से केन्द्र तक सत्ता में है। पार्टी प्रवक्ताओं, मीडिया प्रभारियों पर गंभीर दायित्व है। वे इस अभियान को गंभीर दायित्व के रूप में पूरा करें। जनता और संचार माध्यम सकारात्मक भाव से सूचना सज्जित होकर गंतव्य तक पहंुचे और पार्टी तथा राज्य एवं केन्द्र सरकार की सकारात्मक छवि का सृजन कर यश के भागीदार बनें। उत्खनन नीति की धुरी मेहनतकश होंगे श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि नर्मदा सेवा यात्रा में नदी संरक्षण के अनुरूप सकारात्मक वातावरण बना है। हरे भरे मध्यप्रदेश की कल्पना साकार हुई है। प्रकृति और नदियों के संरक्षण के अनुरूप वातावरण बना है। खण्डवा के मीडिया प्रभारी श्री सुनील जैन और सिराजुद्दीन परफेक्ट छायाकार ने सिंहस्थ का चित्र भेंट किया। सभी ने छायाचित्र की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

राष्ट्रवाद, विकास, सुशासन, अंत्योदय भाजपा का विचार- श्री विजेश लुणावत


दूसरे सत्र में पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री विजेश लुणावत ने संबोधित करते हुए कहा कि 26 मई से देशव्यापी मोदी फेस्ट का 21 दिवसीय अभियान आरंभ होगा, इसमें आपकी महत्वपूर्ण भागीदारी होगी। जन-जन तक प्रचार माध्यमों से श्री नरेन्द्र मोदी के ‘‘सबका साथ सबका विकास’’ तुष्टीकरण किसी का नहीं, सभी को न्याय सभी को समान अवसर का संदेश संप्रेषित करें। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता आधारित राजनैतिक दल है। देश में पार्टी के 12 करोड़ कार्यकर्ता है। मध्यप्रदेश में कार्यकर्ताओं की शक्ति अंक बल एक करोड़ है। यही पार्टी संगठन की असली शक्ति है जिसने केन्द्र में सत्तासीन किया और प्रदेश में 13 वर्षो से भाजपा विकास और सुशासन के लिए समर्पित है। पार्टी का लक्ष्य अंत्योदय है और गांव, गरीब, किसान, मजदूर, आम आदमी पार्टी और सरकार की रचनात्मक जनहितैषी गतिविधियों की धुरी है। उन्होंने कहा कि पार्टी का विस्तार जिला, मंडल, मतदान केन्द्र, नगर ग्राम केन्द्र तक हुआ है। मतदान केन्द्र सशक्त हुए है। इन्हें आने वाली चुनौतियों के लिए सजग, तत्पर और सज्जित करना है। चुनाव की रणभूमि में विजय स्थल हमारा मतदान केन्द्र है जिसकी सुदृढ़ बनावट और सशक्तिकरण पर हमारी रणनीति निर्भर होती है। वर्ष भर में 6 कार्यक्रमों का आयोजन हमें संगठनात्मक रूप से सशक्तिकरण का मार्ग सुझाता है। श्री विजेश लुणावत ने कहा कि 1980 में भारतीय जनता पार्टी के गठन के दौरान मुंबई अधिवेशन में पार्टी का ताज ग्रहण करते हुए श्री अटलबिहारी वाजपेयी ने अंधेरा छटने, सूर्य की किरणे विकीर्ण होने की भविष्यवाणी की थी। 16 मई 2014 को लोकसभा चुनाव में पार्टी को जनादेश मिलने और 26 मई को भारत में प्रचंड बहुमत वाली श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार के गठन के साथ वह भविष्यवाणी फलित हुई है। इसी सफलता के बाद मोदी सरकार सफलता के तीन वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशव्यापी मोदी फेस्ट का आयोजन किया जा रहा है। केन्द्र की उपलब्धियां जन-जन तक पहुँचाने में जुट जायें, मोदी सरकार की उपलब्धियां हमारी धरोहार है। तीसरे सत्र में आईटी विभाग के प्रदेश संयोजक श्री शिवराज डाबी ने प्रजेन्टेशन दिया और कहा कि इलेक्ट्रानिक मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण हो गयी है। यह संचार का प्रभावी माध्यम है। सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने के लिए आईटी की शक्ति को अंगीकार करें। मीडिया संपर्क प्रमुख डॉ. अनिल सौमित्र ने कहा कि मोदी सरकार 26 मई को तीन वर्ष पूरे कर रही है। केन्द्र सरकार की तीन वर्षो की उपलब्धियों को जन जन तक पहंुचाने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि आर्थिक, सामाजिक एवं विभिन्न मुद्दों पर मोदी सरकार ने ऐतिहासिक उपलब्धियां अर्जित की है।

अपनी उपयोगिता सिद्ध करें मीडिया प्रभारी - लोकेन्द्र पाराशर


समापन सत्र को संबोधित करते हुए पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री लोकेन्द्र पाराशर ने कहा कि आमतौर पर सभी राजनैतिक दल एक जैसे दिखते है लेकिन भारतीय जनता पार्टी एकमात्र ऐसा राजनैतिक दल है जो अन्य दलों से भिन्न है। हमारे पास आत्मशुद्धि से परिपूर्ण नेताओं की विशाल श्रृंखला है। हमारे यहां नेतृत्व के प्रति अटूट श्रद्धा है और यही हमारे दल की पूंजी है। उन्होंने कहा कि हम राजनीति के क्षेत्र में बौद्धिक कार्य करने के लिए निकले है। समसामयिक मुद्दों और सामूहिक विषयों पर हमारी पकड़ होनी चाहिए। हमें अपनी उपयोगिता सिद्ध करनी है। उन्होंने कहा कि हम संवेदनशील सरकार और संगठन के कार्यकर्ता है। संवाद, संपर्क और समन्वय के साथ हम कार्य करें। श्री पाराशर ने दिल्ली में संपन्न हुई राष्ट्रीय मीडिया कार्यशाला के विषयों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यशाला में प्रदेश प्रवक्ता श्री राहुल कोठारी, सुश्री राजो मालवीय, श्री हिदायतुल्ला शेख, श्री उमेश शर्मा, श्री रजनीश अग्रवाल, श्री राजपालसिंह सिसौदिया, मीडिया संपर्क प्रमुख डॉ. अनिल सौमित्र सहित संभागीय मीडिया प्रभारी, जिला मीडिया प्रभारी एवं जिला सह मीडिया प्रभारी उपस्थित थे।


सकारात्मकता और नकारात्मकता के बीच खड़ा है सोशल मीडिया

Our Correspondent :22 May 2017
भोपाल, 20 मई। सोशल मीडिया के कारण यह एक पुनर्जागरण का समय है। हमें इससे जुडऩा पड़ेगा। सोशल मीडिया ऐसा माध्यम है, जिसका सदुपयोग भी किया जा सकता है और दुरुपयोग भी। आज सोशल मीडिया नकारात्मकता और सकारात्मकता के बीच खड़ा है। आवश्यकता है कि हम इन दोनों के बीच अपने विवेक को खड़ा करें। यह विचार वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. पुरुषोत्तम दुबे ने 'सोशल मीडिया : आज का यथार्थ और भविष्य की आहटें' विषय पर आयोजित संविमर्श में व्यक्त किए। संविमर्श का आयोजन माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय और श्री मध्यभारत हिंदी साहित्य समिति, इंदौर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. पुरुषोत्तम दुबे ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से हम अपने विचारों को अभिव्यक्त कर सकते हैं। उन्हें पुष्ट और दृढ़ कर सकते हैं। अपनी कलाओं को व्यक्त कर अपनी प्रतिभा से सबको परिचित करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत आक्षेप लगाना उचित नहीं है। हमें अपने विचार प्रकट करते समय अपशब्द और अमर्यादित भाषा का उपयोग नहीं करना चाहिए। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया का उपयोग आगे बढऩे के लिए किया जाना चाहिए। युवाओं के लिए बेहतर विकल्प : मुख्य अतिथि एवं वरिष्ठ खेल पत्रकार प्रो. सूर्यप्रकाश चतुर्वेदी ने बताया कि आज युवा लेखकों के लिए समाचार पत्र एवं पत्रिकाओं में रचनात्मक लेखन के लिए स्थान नहीं है। ऐसे में युवाओं के सामने सोशल मीडिया बेहतर विकल्प की तरह आया है। प्रो. चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया के खतरों के प्रति ध्यान दिलाते हुए कहा कि युवाओं को इंटरनेट पर बहुत अधिक आश्रित नहीं रहना चाहिए। गूगल पर जानकारी तो मिल सकती है, लेकिन ज्ञान नहीं। गूगल ने हमें आलसी बना दिया है। अच्छा लिखने के लिए गूगल की जगह, किताबों को स्रोत बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के कारण हमें लिखने की जो आजादी मिली है, उसके खतरे भी हैं। लिखने की आजादी की भी एक सीमा तय होनी चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि लिखते समय हम स्वविवेक और आत्मसंयम का ध्यान रखें। 2040 तक सब डिजिटल : विश्वविद्यालय के नवीन मीडिया तकनीकी विभाग की अध्यक्ष डॉ. पी. शशिकला ने कहा कि भारत में इंटरनेट का उपयोग करने वाले लोगों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। इंटरनेट क्रांति के कारण दुनिया में भी तेजी से बदलाव आ रहा है। वर्ष 1990 में जब कुछ ही कम्प्युटर इंटरनेट के माध्यम से आपस में जुड़े थे, आज करोड़ों कम्प्युटर वर्ल्ड वाइड वेब के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2040 में कम्प्युटर और मोबाइल ही नहीं, बल्कि हमारा घर, कार और दूसरे अन्य गैजेट भी आपस में जुड़े होंगे। डॉ. शशिकला ने बताया कि लगभग 3000 साल पहले एक तमिल कवि ने अपनी कविता में कहा था कि हम सब एक ही दुनिया के नागरिक हैं और आपस में एक-दूसरे से जुड़े हैं। आज का सोशल मीडिया इसी अवधारणा पर आधारित है। आपस में प्रवृत्ति का विस्तार है सोशल मीडिया : कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि प्रकृति का नियम है परिवर्तन और मनुष्य की प्रवृत्ति है कि वह इस परिवर्तन को स्वीकार करता है और उसे नकारता भी है। भगवान ने जब मनुष्य को बनाया, तब उन्होंने उसे मस्तिष्क भी दिया। मनुष्य ने विचार किया कि उसे जो अंग दिए गए हैं,, उसकी सीमाएं हैं। अपने अंगों की कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए ही मनुष्य ने अपने मस्तिष्का उपयोग करते हुए पहिया, औजार, मशीन, कैमरा, माइक, स्पीकर और कम्प्युटर आदि का आविष्कार किया। उन्होंने बताया कि आपस में बात करने की प्रवृत्ति का विस्तार ही सोशल मीडिया है। सोशम मीडिया में जो संवाद है, उसका स्वरूप वैसा ही है, जैसा हमारे आम जीवन और साहित्य में है। यह समाज को तय करना चाहिए कि सोशल मीडिया में किस प्रकार के संवाद को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए और उसकी सीमाएं क्या होनी चाहिए। उद्बोधन से पूर्व कार्यक्रम में श्री मध्यभारत हिंदी साहित्य समिति, इंदौर की ओर से प्रतिवर्ष प्रकाशित किए जाने वाले कैलेण्डर का विमोचन किया गया। इस अवसर पर संस्था के कार्य और प्रतिष्ठित पत्रिका वीणा का परिचय संपादक राकेश शर्मा ने दिया। धन्यवाद ज्ञापन विश्वविद्यालय के कुलाधिसचिव लाजपत आहूजा ने व्यक्त किया। संविमर्श में एक खुले सत्र का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन डॉ. पवन मालिक ने किया।


पीआरएसआई भोपाल के संस्थापक अध्यक्ष अरविन्द चतुर्वेदी का सम्मान

Our Correspondent :24 April 2017
राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस पर नेसेसिटी ऑफ डिसिप्लिन इन टूडेज इनवायरमेंट विषय पर आयोजित सेमिनार में भोपाल चैप्टर के संस्थापक अध्यक्ष अरविन्द चतुर्वेदी को शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह से सम्मनित किया गया। इस अवसर पर श्री चतुर्वेदी ने सभी वर्तमान पदाधिकारियों व सदस्यों को बधाई देते हुए चैप्टर के कार्यों को सराहा, साथ ही उपस्थित लोगों को अनुशासन की जीवन में महत्ता और इसका पालन करने के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि जब भोपाल चैप्टर 1986 में शुरू किया गया, उस समय मात्र 17 लोग ही इस चैप्टर से जुड़े थे। जनसंपर्क विषय को लोग प्रोफेशन के रुप में स्वीकार नहीं करते थे। पीआरएसआई के लगातार प्रयासों से आज जनसंपर्क एक प्रोफेशन के रुप में प्रतिष्ठित हो चुका है। पंडित माखनलाल चतुर्वेदी के बड़े भतीजे होने के नाते उन्होंने बाल्यकाल में दद्दा के साथ जुड़ी खट्टी-मिट्ठी यादों को लोगों के साथ साझा किया। इसी के साथ उन्होंने मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि एशिया के प्रथम पत्रकारिता विश्वविद्यालय की परिकल्पना एवं धरातल पर उतरने तक उससे जुड़े संस्मरणों को सुनाया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित मीडिया विधार्थियों से उन्होंने अत्यंत ही भावनात्मक लहजे में संवाद करके जनसंपर्क प्रोफेशन से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिन्दुओं का उल्लेख किया। इस गरिमापूर्ण कार्यक्रम में चैप्टर के अध्यक्ष पुष्पेन्द्रपाल सिंह, सचिव डॉ. संजीव गुप्ता, कोषाध्यक्ष मनोज द्विवेदी, उपाध्यक्ष डॉ. अविनाश वाजपेयी, प्रचार-प्रसार प्रभारी योगेश पटेल, नेशनल काउंसिल प्रतिनिधि विजय बोन्द्रिया, उमा भार्गव, विष्णु खन्ना, जागरण विश्वविद्यालय के प्रो. योगेन्द्र श्रीवास्तव, अभिषेक जैन सहित बड़ी संख्या में मीडिया प्रोफेशनल्स, माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय एवं जागरण विश्वविद्यालय के मीडिया विद्यार्थी उपस्थित रहे।


भास्कर समूह के चेयरमैन रमेशचंद्र अग्रवाल का निधन

Our Correspondent :12 April 2017
अच्छे लोगों को भगवान भी जल्दी बुला लेता है, सभी जगह अच्छे लोगों की कमी होती है! रमेश जी को सामाजिक चेतना और सीधे-सच्चे इंसान के रूप में हमेशा याद किया जायेगा। भगवान आत्मा को शांति दे। सादर नमन। श्रद्धांजलि।
दैनिक भास्कर समाचार पत्र समूह के चेयरमैन श्री रमेशचंद्र अग्रवाल का बुधवार सुबह निधन हो गया। वे 73 वर्ष के थे। रमेशजी सुबह 9:20 बजे की फ्लाइट से दिल्ली से रवाना हुए और 11 बजे अहमदाबाद पहुंचे। एयरपोर्ट पर उन्हें दिल का दौरा पड़ा। उन्हें अपोलो हाॅस्पिटल ले जाया गया था, लेकिन डॉक्टरों की कोशिशों के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका। पीएम नरेंद्र मोदी ने रमेशजी के निधन पर शोक व्यक्त किया। मोदी ने ट्वीट किया, ''श्री रमेशचंद्र अग्रवाल के निधन से दुख पहुंचा। मीडिया जगत में उनके उल्लेखनीय योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं श्री रमेशचंद्र अग्रवाल के परिवार के साथ हैं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।'' मुख्यमंत्रियों ने भी जताया शोक...
- रमेशजी के निधन की सूचना मिलने पर गुजरात के सीएम विजय रूपाणी ने अहमदाबाद में उनकी पार्थिव देह के दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
- मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया, ''भास्कर समूह के चेयरमैन श्री रमेश अग्रवाल जी के असामयिक निधन का समाचार अत्यंत दुखदायी है। वे संवेदनशीलता, त्वरित निर्णय के लिए याद किए जाएंगे। श्री रमेशचंद्र अग्रवाल जी के परिजनों और भास्कर समूह के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं। मध्यप्रदेश ने वास्तव में अपना एक अनमोल रत्न खो दिया है।''
- बीजेपी प्रेसिडेंट अमित शाह ने ट्वीट किया, ''रमेशचंद्र अग्रवालजी के निधन से गहरा दुख पहुंचा है। उनका निधन पत्रकारिता और भारतीय मीडिया के लिए बड़ी क्षति है।''
- कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने रमेशजी को मीडिया जगत का पुरोधा और संवेदनशील समाजसेवी बताते हुए उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया। सिंह ने कहा कि रमेशजी उनके अभिन्न मित्र थे। उनके निधन से मीडिया जगत में जो रिक्तता पैदा हुई है, उसे भरना कठिन होगा।
- कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भास्कर समूह ने मीडिया के क्षेत्र में अनेक नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। यही कारण है कि आज वैश्विक मीडिया जगत में भास्कर समूह और रमेशजी का नाम शीर्ष के लोगों में शुमार है। मीडिया के साथ समाजसेवा और धार्मिक गतिविधियों में भी रमेशजी के काम को हमेशा याद रखा जाएगा।
लंदन के डिप्टी मेयर ने भी दी श्रद्धांजलि
- लंदन के डिप्टी मेयर राजेश अग्रवाल ने ट्वीट किया, ''रमेशजी बहुत इन्स्पायरिंग और जिंदादिल शख्सियत थे। उनके परिवार के प्रति संवेदनाएं।''
- पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह, झारखंड के सीएम रघुवर दास, केंद्रीय मंत्री बंडारू दत्तात्रेय और इंडिया टीवी के एडिटर इन चीफ रजत शर्मा, संत श्री भय्यूजी महाराज और गुजरात बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू वाघाणी ने भी रमेशजी के निधन पर शोक जताया।
- राज्यवर्धन सिंह राठौर ने शोक व्यक्त करते हुए ट्विटर पर लिखा, ''दैनिक भास्कर समूह के चेयरमैन रमेशचंद्र अग्रवाल के निधन से दुख हुआ। भास्कर परिवार के 4.4 करोड़ पाठक उनकी विरासत हैं।''
- वेंकैया नायडू ने लिखा, ''दैनिक भास्कर समूह के चेयरमैन रमेशचंद्र अग्रवाल जी के असमय निधन से हैरान हूं। परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं।''
- शेखर गुप्ता ने ट्वीट किया, ''रमेशचंद्र अग्रवाल जी के निधन से काफी दुख हुआ। वो आज के दौर की पत्रकारिता के जनक थे। दैनिक भास्कर को दुनिया का सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला अखबार बनाया।''
1958 से की थी शुरुआत
- 30 नवंबर 1944 को उत्तर प्रदेश के झांसी में जन्मे रमेशजी 1956 में पिता सेठ श्री द्वारकाप्रसाद अग्रवालजी के साथ भोपाल आ गए।
- उन्होंने 1958 में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से दैनिक भास्कर की नींव रखी। 1983 में इंदौर संस्करण की शुरुआत की। 1996 में भास्कर पहली बार मध्य प्रदेश से बाहर निकला और राजस्थान पहुंचा।
- रमेशजी के विजन और स्पष्ट लक्ष्य का ही नतीजा है कि आज भास्कर 14 राज्यों में 62 संस्करण के साथ न सिर्फ देश का नंबर-वन अखबार है, बल्कि सर्कुलेशन के मामले में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा अखबार बन गया है।
- रमेशजी के ही नेतृत्व में समूह ने हिंदी अखबार दैनिक भास्कर, गुजराती अखबार दिव्य भास्कर, अंग्रेजी अखबार डीएनए, मराठी समाचार पत्र दिव्य मराठी, रेडियो चैनल माय एफएम और डीबी डिजिटल को मीडिया जगत में सबसे अग्रणी बनाया।
- रमेशजी के परिवार में बेटे सुधीर अग्रवाल, गिरीश अग्रवाल, पवन अग्रवाल और बेटी भावना अग्रवाल हैं।
देश के 50 सबसे ताकतवर लोगों में शामिल थे
- रमेशजी ने भोपाल यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस की डिग्री ली। उन्हें पत्रकारिता में राजीव गांधी लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।
- 2003, 2006 और 2007 में इंडिया टुडे ने उन्हें भारत के 50 सबसे ताकतवर लोगों की लिस्ट में शामिल किया था।
- रमेशजी को Forbes ने भारत के 100 सबसे अमीर लोगों की 2011 और 2012 की लिस्ट में शामिल किया था।
भोपाल कर्मस्थली थी, दिल ग्वालियर में था
- ग्वालियर में रमेशजी के साथ परछाई की तरह रहने वाले सत्य कुमार मिश्रा बताते हैं, ''रमेशजी ने ग्वालियर के ही विक्टोरिया कॉलेज से पढ़ाई की। आज ये एमएलबी कॉलेज कहलाता है। ग्वालियर से रमेशजी को बहुत लगाव था। भले ही भोपाल उनकी कर्मस्थली थी, लेकिन दिल हमेशा ग्वालियर में ही रहता था। देश में अग्रवाल परिचय सम्मेलन की शुरुआत रमेशजी ने ग्वालियर से कराई। ग्वालियर मेला प्राधिकरण के वे चेयरमैन भी रहे और कई सामाजिक संस्थाओं के साथ जुड़े रहे। ग्वालियर की छत्री मंडी रामलीला समिति से वे हमेशा जुड़े रहे। धार्मिक कार्यक्रमों में उनका योगदान हमेशा रहता था।''
- वे कहते हैं, ''भले ही रमेशजी को डायबिटीज थी, लेकिन बहादुरा के लड्डू और एसएस कचौरी वाले की कचौरी उन्हें बहुत ज्यादा पसंद थी। जब भी ग्वालियर आते, वे इसे खाना नहीं भूलते थे। शहर के कई लोग जो अखबार में आते रहते थे, रमेश जी उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलते थे।''


जनसंपर्क मंत्री ने दैनिक भास्कर समूह के प्रमुख श्री रमेशचंद्र अग्रवाल के निधन पर दुख व्यक्त किया
Our Correspondent :12 April 2017
जनसम्पर्क, जल-संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने दैनिक भास्कर समाचार-पत्र समूह के प्रमुख श्री रमेशचंद्र अग्रवाल के अवसान पर दुख व्यक्त किया है। जनसंपर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि श्री अग्रवाल ने हिन्दी पत्रकारिता के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। देश में जब अंग्रेज अखबारों के श्रंखलाबद्ध प्रकाशन होते थे उस दौर में उन्होंने हिन्दी दैनिक का विस्तार करते हुए राष्ट्र भाषा के प्रचार को भी बल दिया। जनसंपर्क मंत्री ने कहा कि स्व. श्री अग्रवाल ने पत्रकारिता के माध्यम से समाज हित में अपने दायित्वों का निर्वहन किया। श्री अग्रवाल हँसमुख स्वभाव के व्यक्ति थे। उन्होंने समाज-सेवा के कार्यों में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी सेवाओं को भुलाया नहीं जा सकता।
जनसंपर्क मंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और उनके शोकाकुल परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।
पुष्प चक्र अर्पित
जनसंपर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने स्व. श्री रमेशचंद्र अग्रवाल की पार्थिव देह अहमदाबाद से आज शाम भोपाल के स्टेट हैंगर पहुँचने पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।


गणेश शंकर विद्यार्थी सम्मान समारोह 14 अप्रैल को
Our Correspondent :12 April 2017

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित 'गणेश शंकर विद्यार्थी सम्मान समारोह' का आयोजन रवीन्द्र भवन में 14 अप्रैल, 2017 को किया जाएगा। इस अवसर पर वर्ष 2014 के लिए गणेश शंकर विद्यार्थी सम्मान वरिष्ठ पत्रकार श्री उमेश उपाध्याय को और वर्ष 2015 के लिए सम्मान वरिष्ठ पत्रकार श्री विजय मनोहर तिवारी को प्रदान किया जाएगा। बाबा साहब भीमराव आंबेडकर जयंती प्रसंग पर आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रख्यात साहित्यकार श्री नरेंद्र कोहली और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष श्री नंदकुमार साय होंगे। इस अवसर पर वंचित वर्ग के समग्र विकास के लिए व्यवहारिक उपाय एवं समरस समाज के लिए मीडिया और साहित्य का दायित्व विषय पर व्याख्यान का भी आयोजन है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक एवं खेलकूद आयोजन प्रतिभा-2017 का पुरस्कार वितरण समारोह भी आयोजित किया जाएगा।
भारतीय भाषायी पत्रकारिता के माध्यम से मूल्यों की स्थापना और संवर्धन, सत्यान्वेषण, जनपक्षधरता, गहरे सामाजिक सरोकार और अप्रतिम सृजनात्मक योगदान के लिए माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में गणेश शंकर विद्यार्थी सम्मान की स्थापना की गई है। यह सम्मान किसी एक कृति, रचना या उपलब्धि के लिए न होकर सुदीर्घ साधना एवं उपलब्धि के लिए देय है। विगत वर्षों में इस सम्मान से श्री आलोक मेहता, श्री राजेंद्र शर्मा, डा. नंदकिशोर त्रिखा, श्री रामबहादुर राय, श्री रमेश नैयर, श्री मदनमोहन जोशी और श्री श्यामलाल यादव को सम्मानित किया जा चुका है। सम्मान के अंतर्गत दो लाख रुपये नकद तथा प्रशस्ति-पट्टिका प्रदान की जाती है।
वर्ष 2014 के लिए गणेश शंकर विद्यार्थी सम्मान से सम्मानित श्री उमेश उपाध्याय पिछले तीन दशक से मीडिया की हर विधा में अपनी छाप छोडऩे वाले देश के ख्यातनाम पत्रकार, एंकर, संचार विशेषज्ञ और शिक्षाविद् हैं। श्री उपाध्याय पीटीआई भाषा, दूरदर्शन, जीटीवी, होम टीवी, जी न्यूज, एनसीएनएल, सब टीवी, जनमत और नेटवर्क-18 सहित अन्य संस्थानों में महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान में श्री उपाध्याय रिलांयस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रेसीडेंट एवं मीडिया डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। इसके साथ ही वे विश्वविद्यालय की महापरिषद और भारतीय जनसंचार संस्थान की कार्यपरिषद के सदस्य हैं।
वर्ष 2015 के लिए गणेश शंकर विद्यार्थी सम्मान से सम्मानित श्री विजय मनोहर तिवारी बीस साल के पत्रकारीय जीवन में 20 राज्यों की आठ लंबी यात्राएं कर भारत के विविध रंगों को सबके सामने लाने के लिए पहचाने जाते हैं। एक लेखक के तौर पर भी उनकी पहचान है। प्रिय पाकिस्तान, हरसूद 30 जून और भारत की खोज में मेरे पांच साल उनकी चर्चित पुस्तकें हैं।


सोशल मीडिया के प्रशिक्षण पर विचार हो - विश्वास सारंग
शिष्यों में लोकप्रिय रहे पत्रकार स्व. देवलिया के स्मृति में हुआ अनूठा आयोजन

Our Correspondent :5 March 2017
स्वाधीनता संग्राम के दौरान नेता शब्द आदर, सम्मान और समर्पण का परिचायक था लेकिन आजादी के बाद इस शब्द का सम्मान घट गया। सोशल मीडिया ने जनता की आवाज बुलंद की है,इससे समाज के बीच से अच्छे लोगों की पहचान सहज होने लगी है। सहकारिता राज्यमंत्री विश्वास सारंग ने आज कहा कि शासन के प्रतिनिधि होने के नाते वे सोशल मीडिया के शिक्षण प्रशिक्षण को पाठ्यक्रम में जगह दिलाने का प्रयास करेंगे। श्री सारंग यशस्वी पत्रकार भुवन भूषण देवलिया की स्मृति में पं. माधव राव सप्रे समाचार पत्र संग्रहालय के सभागार में आयोजित व्याख्यान माला में “सोशल मीडियाःअवसर और चुनौतियां’’ विषय पर चर्चा करते हुए विचार व्यक्त कर रहे थे।

डॉ.सर हरिसिंह गौर विवि, सागर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग में विभागाध्यक्ष रहे वरिष्ठ पत्रकार स्व. भुवन भूषण देवलिया की स्मृति में ये कार्यक्रम छह सालों से स्व. भुवन भूषण देवलिया व्याख्यान माला समिति की ओर से आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर अपने गुरू और मार्गदर्शक को याद करने के लिए सागर विवि के पत्रकारिता विभाग के पूर्व विद्यार्थियों के साथ ही अन्य पूर्व विद्यार्थी भी इस आत्मीय कार्यक्रम में उपस्थित हुए। राजधानी में आयोजित हो रहे विभिन्न कार्यक्रमों की श्रंखला में इस आयोजन ने तकनीकी आधार पर कई समाजोपयोगी सूत्र उजागर किए हैं। आज की व्याख्यान माला में राज्यसभा टीवी, नई दिल्ली के कार्यकारी निदेशक राजेश बादल, सागर के पत्रकारिता विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो.प्रदीप कृष्णात्रे, प्रो.दविंदर कौर उप्पल,माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विवि के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. कमल दीक्षित,पत्रकार शिवअनुराग पटैरया ने अपने विचार व्यक्त किए।

इस अवसर पर पत्रिका समूह इंदौर में कार्यरत मुख्य उप संपादक अर्जुन रिछारिया को राज्य स्तरीय भुवन भूषण देवलिया पत्रकारिता सम्मान से अलंकृत किया गया। इस अवसर पर सर्वश्री राजेश सिरोठिया, अशोक मनवानी, डॉ.बी.के.दुबे,सुश्री सुनीता बोहरे, और आलोक सिंघई ने अतिथियों को पुष्प गुच्छ स्मृतिचिन्ह और तुलसी के पौधे भेंट करके उनका अभिनंदन किया। सभी अतिथियों ने स्व. भुवन भूषण देवलिया के चित्र पर माल्यार्पण करके उनके प्रति अपनी श्रद्दांजलि अर्पित की।कार्यक्रम में भुवन भूषण देवलिया स्मृति व्याख्यानमाला समिति की संयोजक और स्व. देवलिया जी की धर्मपत्नी श्रीमती कीर्ति देवलिया भी उपस्थित थीं।

राज्य मंत्री श्री सारंग ने कहा कि आजादी के बाद आई सरकारों ने आम नागरिकों को अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर अराजकता भरा माहौल दिया है। इससे लोगों में देश के प्रति कर्तव्यबोध विकसित नहीं हो पाया। इसकी वजह हमारी चुनाव प्रणाली रही है। आजाद हिंदुस्तान में पहली बार लाल किले की प्राचीर से दिया गया भाषण भी राजनीतिक मजबूरियों की उपज था और आज भी देश का हर नेता राजनीतिक नजरिए से ही अपना भाषण देता है। इसकी वजह ये है कि उसे अगले पांच सालों में एक बार फिर चुनाव जीतना होता है जिसके लिए उसे अपने राजनैतिक हितों पर गौर करना पड़ता है। उन्होंने किसी राजनैतिक दल का नाम लिए बगैर कहा कि आज देश में व्यक्ति निर्माण के प्रयास किए जा रहे हैं। इसलिए वे सरकार से बात करेंगे कि आम लोगों में सोशल मीडिया के सदुपयोग की समझ पैदा करने के लिए इसे स्कूली पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि रोटी,कपडा और मकान तो जेल में भी मिल जाते हैं पर वहां जाने वाले समाज के साथ से वंचित कर दिए जाते हैं। इसलिए जब समाज सबसे महत्वपूर्ण अवयव है तो इसे जोड़ने में सोशल मीडिया का भरपूर इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे स्वयं सोशल मीडिया पर चलाए जाने वाले आधारहीन दुष्प्रचार अभियानों का शिकार होते रहे हैं। कई बार किसी व्यक्ति विशेष की राष्ट्रविरोधी दुर्भावना को भी सोशल मीडिया पर संरक्षित किया जाने लगता है। बाद में ये कैम्पेन झूठे निकलते हैं। इसलिए सोशल मीडिया पर चर्चा करने वालों की सामाजिक जवाबदारी भी तय होनी चाहिए।

प्रमुख वक्ता के तौर पर राज्यसभा टीवी नई दिल्ली के कार्यकारी निदेशक राजेश बादल ने कहा कि सीमित संसाधनों के दौर में भुवन भूषण देवलिया जैसे समर्पित पत्रकार आंचलिक पत्रकारों को जोड़ने वाली कड़ी थे। वे पत्रों के माध्यम से आंचलिक पत्रकारों से संवाद स्थापित करते थे और उनका मार्गदर्शन करते थे। देवलिया जी स्वयं पत्रकारिता के चलते फिरते संस्थान थे। उन्होंने कहा कि डॉ.सर हरिसिंह गौर विवि, सागर के पत्रकारिता विभाग को स्व. भुवन भूषण देवलिया के व्यक्तित्व और कृतित्व पर शोध कार्य करना चाहिए। इससे समाज को संवारने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों को मार्गदर्शन मिलता रहेगा। श्री बादल ने कहा कि सोशल मीडिया पश्चिमी देशों में विकसित हुआ है। उन देशों ने अपने सामाजिक बिखराव को समेटने में इसका इस्तेमाल किया। जबकि हमारे देश में इसे हम सामाजिक बिखराव के कारणों पर आक्रोश व्यक्त करने के लिए उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम कभी असहिष्णु नहीं रहे पर आज सोशल मीडिया लोगों को गाली देने का माध्यम भी बन गया है। इसके बावजूद सोशल मीडिया कई सामाजिक बदलावों का जनक भी बना है। इसलिए इसके सदुपयोग के लिए लोगों को प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।

प्रमुख वक्ता के रूप में जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के दिल्ली सेंटर में प्रोफेसर और सागर विवि के पत्रकारिता के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रदीप कृष्णात्रे ने कहा कि स्व. देवलिया जी के सामाजिक संपर्कों और विभाग के अध्यापकों के बीच समन्वय के कारण ही सागर के पत्रकारिता विभाग ने उपलब्धियां हासिल कीं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया ने बहुत तेजी से अपना असर जमाया है। अब यहां लोकप्रियता सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है जबकि पुरातन मीडिया में विश्वसनीयता पर अधिक जोर दिया जाता था। पहले समाचार कुछ ही समय तक चर्चा में रहता था पर सोशल मीडिया के आ जाने से समाचार की अवधि लंबी हो गई है। इसलिए घटनाओं पर काफी लंबे समय तक चर्चाएं होती रहती हैं। श्री कृष्णात्रे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जनता से जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें अब प्रेस वार्ता करने की जरूरत नहीं पड़ती वे सीधे जनता के बीच पहुंच जाते हैं। इस बदले हालात में पत्रकारिता का स्वरूप कैसा होना चाहिए फिलहाल इस पर कोई स्पष्ट नजरिया अब तक नहीं बन सका है। उन्होंने कहा कि जिस तरह सड़क पर सही गाड़ी चलाने के लिए किसी आजादी की जरूरत नहीं होती उसी तरह सोशल मीडिया पर सही गलत का फैसला भी हमें स्वयं करना होगा। न तो इस पर किसी प्रकार का अंकुश लगाया जाना चाहिए और न ही इस पर समाज विरोधी लोगों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। जिस तरह मिलिटरी रूम में दुश्मन के सभी पहलुओं पर विचार होता है उसी तरह सोशल मीडिया पर समाज के सभी पहलुओं पर विचार होना चाहिए। सही गलत का फैसला जनता स्वयं कर लेती है। समिति की ओर से वरिष्ठ पत्रकार शिव अनुराग पटैरया ने कार्यक्रम के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आधुनिक पत्रकारिता के प्रति स्व. भुवन भूषण देवलिया जी की जो सोच थी ये कार्यक्रम उस संकल्प का प्रकटीकरण है। इससे पता चलता है कि आपके अच्छे कामों की पदचाप आपके जाने के बाद भी गूंजती रहती है। पत्रकार राजेश सिरोठिया ने भी अपने विचार व्यक्त किए। जनसंपर्क अधिकारी अशोक मनवानी ने कहा कि श्री देवलिया के अवसान के 26 वर्ष बाद भी उनके विद्यार्थी उन्हें शिद्दत से याद करते हैं। उनका दृष्टिकोण राष्ट्रीय था और उन्होंने सैकड़ों नवोदित पत्रकारों को लेखन के गुर सिखाए।

कार्यक्रम का संचालन कर रहे श्री पद्म भंडारी ने सोशल मीडिया पर बढ़ रहे अवसरों और चुनौतियों पर चर्चा के लिए खुले सत्र का आयोजन भी किया जिसमें कई लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए। आयोजन में पूर्व संचालक भाषा और इतिहासकार श्री शम्भू दयाल गुरू, स्व. देवलिया के सुपुत्र श्री आशीष देवलिया, श्री सतीश एलिया, सुश्री अपर्णा एलिया, श्री व्ही.के. दुबे, सुश्री अरुणा दुबे, उप संचालक जनंसपर्क श्री अजय वर्मा, श्री मनोज पाठक, श्री पुष्पेन्द्र पाल सिंह, सागर से आए पत्रकार रजनीश जैन सहित अनेक पत्रकार, जनसंपर्क अधिकारी और नागरिकगण उपस्थित थे।


स्व. भुवन भूषण देवलिया सम्मान-व्याख्यान 5 मार्च को
एक आंचलिक युवा पत्रकार को मिलेगा पुरस्कार

Our Correspondent :11 Feb. 2017
भोपाल 10 फरवरी 2017 / वरिष्ठ पत्रकार स्व. भुवन भूषण देवलिया की जयंती के अवसर पर राजधानी में रविवार, 5 मार्च को आयोजन हो रहा है। स्व. भुवन भूषण देवलिया व्याख्यान माला समिति, भोपाल का यह आयोजन का छठवां वर्ष है। इस अवसर पर स्व. भुवन भूषण देवलिया स्मृति पुरस्कार से एक युवा पत्रकार को सम्मानित भी किया जाएगा। जल्द ही इसकी घोषणा होगी।
माधव राव सप्रे समाचार पत्र संग्रहालय में स्व. देवलिया जी की जयंती के अवसर पर प्रासंगिक विषय पर व्याख्यान भी आयोजित किया जा रहा है। व्याख्यान को अनेक वरिष्ठ पत्रकार सम्बोधित करेंगे। श्री बी.बी.देवलिया (1937-1991) ने सागर में रहकर पत्रकारिता, वकालत, साहित्य और सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया।
उल्लेखनीय है कि इस आयोजन में स्थानीय पत्रकारों, लेखकों सहित डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के अनेक पूर्व विद्यार्थी हिस्सा लेते हैं।


जनसंपर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने किया शोक व्यक्त
Our Correspondent :11 Feb. 2017
जनसंपर्क, जलसंसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने भोपाल के वरिष्ठ प्रेस छायाकार श्री रज्जाक खान के निधन पर दुख व्यक्त किया है।
मंत्री डॉ. मिश्र ने श्री खान को श्रद्धांजलि देते हुए शोकाकुल परिजन को यह दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।


जनसंपर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने दी पत्रकार श्री तिवारी को बधाई
-आलोक सिंघई

Our Correspondent :11 Feb. 2017
जनसंपर्क, जलसंसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र आज भारत भवन में आयोजित एक पुस्तक विमोचन समारोह में सम्मिलित हुए।
मंत्री डॉ. मिश्र ने पुस्तक लेखक वरिष्ठ पत्रकार श्री विजय मनोहर तिवारी को उनकी नव प्रकाशित कृति के लिए बधाई दी। डॉ. मिश्र ने समारोह के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन राव भागवत से भी भेंट कर उनका अभिवादन किया।


सरसंघचालक ने किया माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कैलेंडर का विमोचन
भारत की ज्ञान परंपरा पर केंद्रित है विश्वविद्यालय का कैलेंडर

Our Correspondent :11 Feb. 2017
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कैलेंडर का विमोचन किया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला भी उपस्थित थे।
सरसंघचालक डॉ. भागवत ने कैलेंडर के विषय और उसके आकल्पन की सराहना की है।
विश्वविद्यालय का वर्ष 2017 का कैलेंडर भारत की ज्ञान परंपरा पर केन्द्रित है। 12 पृष्ठीय कैलेंडर में पृथक-पृथक पृष्ठों पर चार वेदों ऋग्वेद, यजुर्वेद, अथर्वेद एवं सामवेद की व्याख्या के साथ उपनिषद्, रामायण, महाभारत और गीता को रेखांकित किया गया है। इसके साथ ही प्राचीन भारत के शिक्षा के चार केंद्र नालंदा, तक्षशिला, विक्रमशिला एवं सांदीपनी आश्रम का उल्लेख हैं। कैलेंडर में भारतीय तिथियों को भी दर्शाया गया है। महत्वपूर्ण तीज-त्यौहारों के साथ शासकीय अवकाश की भी जानकारी कैलेंडर में शामिल की गयी है। विगत वर्ष (2016) का कैलेंडर सिंहस्थ पर केन्द्रित था, जिसमें कुम्भ की संचार परंपरा को वर्णित किया गया था।


जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने दी पत्रकारों को बधाई

Our Correspondent :25 Jan. 2017
जनसंपर्क, जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने राजधानी में पं. माधवराव सप्रे समाचार पत्र संग्रहालय और शोध संस्थान द्वारा सम्मानित सभी पत्रकार बंधुओं को हार्दिक बधाई दी है।
जनसंपर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि प्रिंट, इलेक्ट्रानिक मीडिया और सोशल मीडिया से जुड़े कलमकारों के प्रोत्साहन के लिए राज्य सरकार भी प्रतिबद्ध है। सप्रे संग्रहालय द्वारा पत्रकारों का सम्मान सराहनीय और अनुकरणीय है।
जनसंपर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने पत्रकार सम्मान समारोह की आयोजक संस्था सप्रे संग्रहालय के प्रमुख श्री विजयदत्त श्रीधर को भी बधाई दी है।


 
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