Untitled Document


register
REGISTER HERE FOR EXCLUSIVE OFFERS & INVITATIONS TO OUR READERS

REGISTER YOURSELF
Register to participate in monthly draw of lucky Readers & Win exciting prizes.

EXCLUSIVE SUBSCRIPTION OFFER
Free 12 Print MAGAZINES with ONLINE+PRINT SUBSCRIPTION Rs. 300/- PerYear FREE EXCLUSIVE DESK ORGANISER for the first 1000 SUBSCRIBERS.

   >> सम्पादकीय
   >> राजधानी
   >> कवर स्टोरी
   >> विश्व डाइजेस्ट
   >> बेटी बचाओ
   >> आपके पत्र
   >> अन्ना का पन्ना
   >> इन्वेस्टीगेशन
   >> मप्र.डाइजेस्ट
   >> मध्यप्रदेश पर्यटन
   >> भारत डाइजेस्ट
   >> सूचना का अधिकार
   >> सिटी गाइड
   >> अपराध मिरर
   >> सिटी स्केन
   >> जिलो से
   >> हमारे मेहमान
   >> साक्षात्कार
   >> केम्पस मिरर
   >> फिल्म व टीवी
   >> खाना - पीना
   >> शापिंग गाइड
   >> वास्तुकला
   >> बुक-क्लब
   >> महिला मिरर
   >> भविष्यवाणी
   >> क्लब संस्थायें
   >> स्वास्थ्य दर्पण
   >> संस्कृति कला
   >> सैनिक समाचार
   >> आर्ट-पावर
   >> मीडिया
   >> समीक्षा
   >> कैलेन्डर
   >> आपके सवाल
   >> आपकी राय
   >> पब्लिक नोटिस
   >> न्यूज मेकर
   >> टेक्नोलॉजी
   >> टेंडर्स निविदा
   >> बच्चों की दुनिया
   >> स्कूल मिरर
   >> सामाजिक चेतना
   >> नियोक्ता के लिए
   >> पर्यावरण
   >> कृषक दर्पण
   >> यात्रा
   >> विधानसभा
   >> लीगल डाइजेस्ट
   >> कोलार
   >> भेल
   >> बैरागढ़
   >> आपकी शिकायत
   >> जनसंपर्क
   >> ऑटोमोबाइल मिरर
   >> प्रॉपर्टी मिरर
   >> सेलेब्रिटी सर्कल
   >> अचीवर्स
   >> पाठक संपर्क पहल
   >> जीवन दर्शन
   >> कन्जूमर फोरम
   >> पब्लिक ओपिनियन
   >> ग्रामीण भारत
   >> पंचांग
   >> रेल डाइजेस्ट
 

::::: आलेख :::::




रिपोर्टर/सिटीज़न रिपोर्टर बनें (पार्ट-टाइम)
हमें ऐसे उत्साही स्नातक की आवश्यकता हैं जो पढ़ने लिखने, बातचीत करने और शहर मे हो रही विभिन्न गतिविधियों पर नज़र रखते हो, और रोज शहर के विभिन्न व्यक्तियों / अधिकारियों से मिलकर रिपोर्ट दे सके | आपके पास अपना स्कूटर / बाईक और डिजिटल केमरा होना चाहिय| अनुभवी व्यक्तियों को प्राथमिकता दी जाएगी| महिला/ पुरुष (25 से 50 वर्ष) आवेदन और फोटो सहित मिलें|



Contact :

BrainPower Media India Pvt. Ltd.- Public Complaints Cell
Admin. Office : Prime Plaza, 3rd Floor, E-3/46, Arera Colony, Bhopal-16.
Phone - 0755-4055957, 98930-96880
Email - editormetromirror@gmail.com, metromirror@gmail.com


भास्कर समूह के चेयरमैन रमेशचंद्र अग्रवाल का निधन

Our Correspondent :12 April 2017
अच्छे लोगों को भगवान भी जल्दी बुला लेता है, सभी जगह अच्छे लोगों की कमी होती है! रमेश जी को सामाजिक चेतना और सीधे-सच्चे इंसान के रूप में हमेशा याद किया जायेगा। भगवान आत्मा को शांति दे। सादर नमन। श्रद्धांजलि।
दैनिक भास्कर समाचार पत्र समूह के चेयरमैन श्री रमेशचंद्र अग्रवाल का बुधवार सुबह निधन हो गया। वे 73 वर्ष के थे। रमेशजी सुबह 9:20 बजे की फ्लाइट से दिल्ली से रवाना हुए और 11 बजे अहमदाबाद पहुंचे। एयरपोर्ट पर उन्हें दिल का दौरा पड़ा। उन्हें अपोलो हाॅस्पिटल ले जाया गया था, लेकिन डॉक्टरों की कोशिशों के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका। पीएम नरेंद्र मोदी ने रमेशजी के निधन पर शोक व्यक्त किया। मोदी ने ट्वीट किया, ''श्री रमेशचंद्र अग्रवाल के निधन से दुख पहुंचा। मीडिया जगत में उनके उल्लेखनीय योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं श्री रमेशचंद्र अग्रवाल के परिवार के साथ हैं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।'' मुख्यमंत्रियों ने भी जताया शोक...
- रमेशजी के निधन की सूचना मिलने पर गुजरात के सीएम विजय रूपाणी ने अहमदाबाद में उनकी पार्थिव देह के दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
- मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया, ''भास्कर समूह के चेयरमैन श्री रमेश अग्रवाल जी के असामयिक निधन का समाचार अत्यंत दुखदायी है। वे संवेदनशीलता, त्वरित निर्णय के लिए याद किए जाएंगे। श्री रमेशचंद्र अग्रवाल जी के परिजनों और भास्कर समूह के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं। मध्यप्रदेश ने वास्तव में अपना एक अनमोल रत्न खो दिया है।''
- बीजेपी प्रेसिडेंट अमित शाह ने ट्वीट किया, ''रमेशचंद्र अग्रवालजी के निधन से गहरा दुख पहुंचा है। उनका निधन पत्रकारिता और भारतीय मीडिया के लिए बड़ी क्षति है।''
- कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने रमेशजी को मीडिया जगत का पुरोधा और संवेदनशील समाजसेवी बताते हुए उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया। सिंह ने कहा कि रमेशजी उनके अभिन्न मित्र थे। उनके निधन से मीडिया जगत में जो रिक्तता पैदा हुई है, उसे भरना कठिन होगा।
- कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भास्कर समूह ने मीडिया के क्षेत्र में अनेक नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। यही कारण है कि आज वैश्विक मीडिया जगत में भास्कर समूह और रमेशजी का नाम शीर्ष के लोगों में शुमार है। मीडिया के साथ समाजसेवा और धार्मिक गतिविधियों में भी रमेशजी के काम को हमेशा याद रखा जाएगा।
लंदन के डिप्टी मेयर ने भी दी श्रद्धांजलि
- लंदन के डिप्टी मेयर राजेश अग्रवाल ने ट्वीट किया, ''रमेशजी बहुत इन्स्पायरिंग और जिंदादिल शख्सियत थे। उनके परिवार के प्रति संवेदनाएं।''
- पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह, झारखंड के सीएम रघुवर दास, केंद्रीय मंत्री बंडारू दत्तात्रेय और इंडिया टीवी के एडिटर इन चीफ रजत शर्मा, संत श्री भय्यूजी महाराज और गुजरात बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू वाघाणी ने भी रमेशजी के निधन पर शोक जताया।
- राज्यवर्धन सिंह राठौर ने शोक व्यक्त करते हुए ट्विटर पर लिखा, ''दैनिक भास्कर समूह के चेयरमैन रमेशचंद्र अग्रवाल के निधन से दुख हुआ। भास्कर परिवार के 4.4 करोड़ पाठक उनकी विरासत हैं।''
- वेंकैया नायडू ने लिखा, ''दैनिक भास्कर समूह के चेयरमैन रमेशचंद्र अग्रवाल जी के असमय निधन से हैरान हूं। परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं।''
- शेखर गुप्ता ने ट्वीट किया, ''रमेशचंद्र अग्रवाल जी के निधन से काफी दुख हुआ। वो आज के दौर की पत्रकारिता के जनक थे। दैनिक भास्कर को दुनिया का सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला अखबार बनाया।''
1958 से की थी शुरुआत
- 30 नवंबर 1944 को उत्तर प्रदेश के झांसी में जन्मे रमेशजी 1956 में पिता सेठ श्री द्वारकाप्रसाद अग्रवालजी के साथ भोपाल आ गए।
- उन्होंने 1958 में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से दैनिक भास्कर की नींव रखी। 1983 में इंदौर संस्करण की शुरुआत की। 1996 में भास्कर पहली बार मध्य प्रदेश से बाहर निकला और राजस्थान पहुंचा।
- रमेशजी के विजन और स्पष्ट लक्ष्य का ही नतीजा है कि आज भास्कर 14 राज्यों में 62 संस्करण के साथ न सिर्फ देश का नंबर-वन अखबार है, बल्कि सर्कुलेशन के मामले में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा अखबार बन गया है।
- रमेशजी के ही नेतृत्व में समूह ने हिंदी अखबार दैनिक भास्कर, गुजराती अखबार दिव्य भास्कर, अंग्रेजी अखबार डीएनए, मराठी समाचार पत्र दिव्य मराठी, रेडियो चैनल माय एफएम और डीबी डिजिटल को मीडिया जगत में सबसे अग्रणी बनाया।
- रमेशजी के परिवार में बेटे सुधीर अग्रवाल, गिरीश अग्रवाल, पवन अग्रवाल और बेटी भावना अग्रवाल हैं।
देश के 50 सबसे ताकतवर लोगों में शामिल थे
- रमेशजी ने भोपाल यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस की डिग्री ली। उन्हें पत्रकारिता में राजीव गांधी लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।
- 2003, 2006 और 2007 में इंडिया टुडे ने उन्हें भारत के 50 सबसे ताकतवर लोगों की लिस्ट में शामिल किया था।
- रमेशजी को Forbes ने भारत के 100 सबसे अमीर लोगों की 2011 और 2012 की लिस्ट में शामिल किया था।
भोपाल कर्मस्थली थी, दिल ग्वालियर में था
- ग्वालियर में रमेशजी के साथ परछाई की तरह रहने वाले सत्य कुमार मिश्रा बताते हैं, ''रमेशजी ने ग्वालियर के ही विक्टोरिया कॉलेज से पढ़ाई की। आज ये एमएलबी कॉलेज कहलाता है। ग्वालियर से रमेशजी को बहुत लगाव था। भले ही भोपाल उनकी कर्मस्थली थी, लेकिन दिल हमेशा ग्वालियर में ही रहता था। देश में अग्रवाल परिचय सम्मेलन की शुरुआत रमेशजी ने ग्वालियर से कराई। ग्वालियर मेला प्राधिकरण के वे चेयरमैन भी रहे और कई सामाजिक संस्थाओं के साथ जुड़े रहे। ग्वालियर की छत्री मंडी रामलीला समिति से वे हमेशा जुड़े रहे। धार्मिक कार्यक्रमों में उनका योगदान हमेशा रहता था।''
- वे कहते हैं, ''भले ही रमेशजी को डायबिटीज थी, लेकिन बहादुरा के लड्डू और एसएस कचौरी वाले की कचौरी उन्हें बहुत ज्यादा पसंद थी। जब भी ग्वालियर आते, वे इसे खाना नहीं भूलते थे। शहर के कई लोग जो अखबार में आते रहते थे, रमेश जी उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलते थे।''


जनसंपर्क मंत्री ने दैनिक भास्कर समूह के प्रमुख श्री रमेशचंद्र अग्रवाल के निधन पर दुख व्यक्त किया
Our Correspondent :12 April 2017
जनसम्पर्क, जल-संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने दैनिक भास्कर समाचार-पत्र समूह के प्रमुख श्री रमेशचंद्र अग्रवाल के अवसान पर दुख व्यक्त किया है। जनसंपर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि श्री अग्रवाल ने हिन्दी पत्रकारिता के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। देश में जब अंग्रेज अखबारों के श्रंखलाबद्ध प्रकाशन होते थे उस दौर में उन्होंने हिन्दी दैनिक का विस्तार करते हुए राष्ट्र भाषा के प्रचार को भी बल दिया। जनसंपर्क मंत्री ने कहा कि स्व. श्री अग्रवाल ने पत्रकारिता के माध्यम से समाज हित में अपने दायित्वों का निर्वहन किया। श्री अग्रवाल हँसमुख स्वभाव के व्यक्ति थे। उन्होंने समाज-सेवा के कार्यों में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी सेवाओं को भुलाया नहीं जा सकता।
जनसंपर्क मंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और उनके शोकाकुल परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।
पुष्प चक्र अर्पित
जनसंपर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने स्व. श्री रमेशचंद्र अग्रवाल की पार्थिव देह अहमदाबाद से आज शाम भोपाल के स्टेट हैंगर पहुँचने पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।


गणेश शंकर विद्यार्थी सम्मान समारोह 14 अप्रैल को
Our Correspondent :12 April 2017

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित 'गणेश शंकर विद्यार्थी सम्मान समारोह' का आयोजन रवीन्द्र भवन में 14 अप्रैल, 2017 को किया जाएगा। इस अवसर पर वर्ष 2014 के लिए गणेश शंकर विद्यार्थी सम्मान वरिष्ठ पत्रकार श्री उमेश उपाध्याय को और वर्ष 2015 के लिए सम्मान वरिष्ठ पत्रकार श्री विजय मनोहर तिवारी को प्रदान किया जाएगा। बाबा साहब भीमराव आंबेडकर जयंती प्रसंग पर आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रख्यात साहित्यकार श्री नरेंद्र कोहली और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष श्री नंदकुमार साय होंगे। इस अवसर पर वंचित वर्ग के समग्र विकास के लिए व्यवहारिक उपाय एवं समरस समाज के लिए मीडिया और साहित्य का दायित्व विषय पर व्याख्यान का भी आयोजन है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक एवं खेलकूद आयोजन प्रतिभा-2017 का पुरस्कार वितरण समारोह भी आयोजित किया जाएगा।
भारतीय भाषायी पत्रकारिता के माध्यम से मूल्यों की स्थापना और संवर्धन, सत्यान्वेषण, जनपक्षधरता, गहरे सामाजिक सरोकार और अप्रतिम सृजनात्मक योगदान के लिए माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में गणेश शंकर विद्यार्थी सम्मान की स्थापना की गई है। यह सम्मान किसी एक कृति, रचना या उपलब्धि के लिए न होकर सुदीर्घ साधना एवं उपलब्धि के लिए देय है। विगत वर्षों में इस सम्मान से श्री आलोक मेहता, श्री राजेंद्र शर्मा, डा. नंदकिशोर त्रिखा, श्री रामबहादुर राय, श्री रमेश नैयर, श्री मदनमोहन जोशी और श्री श्यामलाल यादव को सम्मानित किया जा चुका है। सम्मान के अंतर्गत दो लाख रुपये नकद तथा प्रशस्ति-पट्टिका प्रदान की जाती है।
वर्ष 2014 के लिए गणेश शंकर विद्यार्थी सम्मान से सम्मानित श्री उमेश उपाध्याय पिछले तीन दशक से मीडिया की हर विधा में अपनी छाप छोडऩे वाले देश के ख्यातनाम पत्रकार, एंकर, संचार विशेषज्ञ और शिक्षाविद् हैं। श्री उपाध्याय पीटीआई भाषा, दूरदर्शन, जीटीवी, होम टीवी, जी न्यूज, एनसीएनएल, सब टीवी, जनमत और नेटवर्क-18 सहित अन्य संस्थानों में महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान में श्री उपाध्याय रिलांयस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रेसीडेंट एवं मीडिया डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। इसके साथ ही वे विश्वविद्यालय की महापरिषद और भारतीय जनसंचार संस्थान की कार्यपरिषद के सदस्य हैं।
वर्ष 2015 के लिए गणेश शंकर विद्यार्थी सम्मान से सम्मानित श्री विजय मनोहर तिवारी बीस साल के पत्रकारीय जीवन में 20 राज्यों की आठ लंबी यात्राएं कर भारत के विविध रंगों को सबके सामने लाने के लिए पहचाने जाते हैं। एक लेखक के तौर पर भी उनकी पहचान है। प्रिय पाकिस्तान, हरसूद 30 जून और भारत की खोज में मेरे पांच साल उनकी चर्चित पुस्तकें हैं।


सोशल मीडिया के प्रशिक्षण पर विचार हो - विश्वास सारंग
शिष्यों में लोकप्रिय रहे पत्रकार स्व. देवलिया के स्मृति में हुआ अनूठा आयोजन

Our Correspondent :5 March 2017
स्वाधीनता संग्राम के दौरान नेता शब्द आदर, सम्मान और समर्पण का परिचायक था लेकिन आजादी के बाद इस शब्द का सम्मान घट गया। सोशल मीडिया ने जनता की आवाज बुलंद की है,इससे समाज के बीच से अच्छे लोगों की पहचान सहज होने लगी है। सहकारिता राज्यमंत्री विश्वास सारंग ने आज कहा कि शासन के प्रतिनिधि होने के नाते वे सोशल मीडिया के शिक्षण प्रशिक्षण को पाठ्यक्रम में जगह दिलाने का प्रयास करेंगे। श्री सारंग यशस्वी पत्रकार भुवन भूषण देवलिया की स्मृति में पं. माधव राव सप्रे समाचार पत्र संग्रहालय के सभागार में आयोजित व्याख्यान माला में “सोशल मीडियाःअवसर और चुनौतियां’’ विषय पर चर्चा करते हुए विचार व्यक्त कर रहे थे।

डॉ.सर हरिसिंह गौर विवि, सागर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग में विभागाध्यक्ष रहे वरिष्ठ पत्रकार स्व. भुवन भूषण देवलिया की स्मृति में ये कार्यक्रम छह सालों से स्व. भुवन भूषण देवलिया व्याख्यान माला समिति की ओर से आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर अपने गुरू और मार्गदर्शक को याद करने के लिए सागर विवि के पत्रकारिता विभाग के पूर्व विद्यार्थियों के साथ ही अन्य पूर्व विद्यार्थी भी इस आत्मीय कार्यक्रम में उपस्थित हुए। राजधानी में आयोजित हो रहे विभिन्न कार्यक्रमों की श्रंखला में इस आयोजन ने तकनीकी आधार पर कई समाजोपयोगी सूत्र उजागर किए हैं। आज की व्याख्यान माला में राज्यसभा टीवी, नई दिल्ली के कार्यकारी निदेशक राजेश बादल, सागर के पत्रकारिता विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो.प्रदीप कृष्णात्रे, प्रो.दविंदर कौर उप्पल,माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विवि के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. कमल दीक्षित,पत्रकार शिवअनुराग पटैरया ने अपने विचार व्यक्त किए।

इस अवसर पर पत्रिका समूह इंदौर में कार्यरत मुख्य उप संपादक अर्जुन रिछारिया को राज्य स्तरीय भुवन भूषण देवलिया पत्रकारिता सम्मान से अलंकृत किया गया। इस अवसर पर सर्वश्री राजेश सिरोठिया, अशोक मनवानी, डॉ.बी.के.दुबे,सुश्री सुनीता बोहरे, और आलोक सिंघई ने अतिथियों को पुष्प गुच्छ स्मृतिचिन्ह और तुलसी के पौधे भेंट करके उनका अभिनंदन किया। सभी अतिथियों ने स्व. भुवन भूषण देवलिया के चित्र पर माल्यार्पण करके उनके प्रति अपनी श्रद्दांजलि अर्पित की।कार्यक्रम में भुवन भूषण देवलिया स्मृति व्याख्यानमाला समिति की संयोजक और स्व. देवलिया जी की धर्मपत्नी श्रीमती कीर्ति देवलिया भी उपस्थित थीं।

राज्य मंत्री श्री सारंग ने कहा कि आजादी के बाद आई सरकारों ने आम नागरिकों को अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर अराजकता भरा माहौल दिया है। इससे लोगों में देश के प्रति कर्तव्यबोध विकसित नहीं हो पाया। इसकी वजह हमारी चुनाव प्रणाली रही है। आजाद हिंदुस्तान में पहली बार लाल किले की प्राचीर से दिया गया भाषण भी राजनीतिक मजबूरियों की उपज था और आज भी देश का हर नेता राजनीतिक नजरिए से ही अपना भाषण देता है। इसकी वजह ये है कि उसे अगले पांच सालों में एक बार फिर चुनाव जीतना होता है जिसके लिए उसे अपने राजनैतिक हितों पर गौर करना पड़ता है। उन्होंने किसी राजनैतिक दल का नाम लिए बगैर कहा कि आज देश में व्यक्ति निर्माण के प्रयास किए जा रहे हैं। इसलिए वे सरकार से बात करेंगे कि आम लोगों में सोशल मीडिया के सदुपयोग की समझ पैदा करने के लिए इसे स्कूली पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि रोटी,कपडा और मकान तो जेल में भी मिल जाते हैं पर वहां जाने वाले समाज के साथ से वंचित कर दिए जाते हैं। इसलिए जब समाज सबसे महत्वपूर्ण अवयव है तो इसे जोड़ने में सोशल मीडिया का भरपूर इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे स्वयं सोशल मीडिया पर चलाए जाने वाले आधारहीन दुष्प्रचार अभियानों का शिकार होते रहे हैं। कई बार किसी व्यक्ति विशेष की राष्ट्रविरोधी दुर्भावना को भी सोशल मीडिया पर संरक्षित किया जाने लगता है। बाद में ये कैम्पेन झूठे निकलते हैं। इसलिए सोशल मीडिया पर चर्चा करने वालों की सामाजिक जवाबदारी भी तय होनी चाहिए।

प्रमुख वक्ता के तौर पर राज्यसभा टीवी नई दिल्ली के कार्यकारी निदेशक राजेश बादल ने कहा कि सीमित संसाधनों के दौर में भुवन भूषण देवलिया जैसे समर्पित पत्रकार आंचलिक पत्रकारों को जोड़ने वाली कड़ी थे। वे पत्रों के माध्यम से आंचलिक पत्रकारों से संवाद स्थापित करते थे और उनका मार्गदर्शन करते थे। देवलिया जी स्वयं पत्रकारिता के चलते फिरते संस्थान थे। उन्होंने कहा कि डॉ.सर हरिसिंह गौर विवि, सागर के पत्रकारिता विभाग को स्व. भुवन भूषण देवलिया के व्यक्तित्व और कृतित्व पर शोध कार्य करना चाहिए। इससे समाज को संवारने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों को मार्गदर्शन मिलता रहेगा। श्री बादल ने कहा कि सोशल मीडिया पश्चिमी देशों में विकसित हुआ है। उन देशों ने अपने सामाजिक बिखराव को समेटने में इसका इस्तेमाल किया। जबकि हमारे देश में इसे हम सामाजिक बिखराव के कारणों पर आक्रोश व्यक्त करने के लिए उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम कभी असहिष्णु नहीं रहे पर आज सोशल मीडिया लोगों को गाली देने का माध्यम भी बन गया है। इसके बावजूद सोशल मीडिया कई सामाजिक बदलावों का जनक भी बना है। इसलिए इसके सदुपयोग के लिए लोगों को प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।

प्रमुख वक्ता के रूप में जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के दिल्ली सेंटर में प्रोफेसर और सागर विवि के पत्रकारिता के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रदीप कृष्णात्रे ने कहा कि स्व. देवलिया जी के सामाजिक संपर्कों और विभाग के अध्यापकों के बीच समन्वय के कारण ही सागर के पत्रकारिता विभाग ने उपलब्धियां हासिल कीं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया ने बहुत तेजी से अपना असर जमाया है। अब यहां लोकप्रियता सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है जबकि पुरातन मीडिया में विश्वसनीयता पर अधिक जोर दिया जाता था। पहले समाचार कुछ ही समय तक चर्चा में रहता था पर सोशल मीडिया के आ जाने से समाचार की अवधि लंबी हो गई है। इसलिए घटनाओं पर काफी लंबे समय तक चर्चाएं होती रहती हैं। श्री कृष्णात्रे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जनता से जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें अब प्रेस वार्ता करने की जरूरत नहीं पड़ती वे सीधे जनता के बीच पहुंच जाते हैं। इस बदले हालात में पत्रकारिता का स्वरूप कैसा होना चाहिए फिलहाल इस पर कोई स्पष्ट नजरिया अब तक नहीं बन सका है। उन्होंने कहा कि जिस तरह सड़क पर सही गाड़ी चलाने के लिए किसी आजादी की जरूरत नहीं होती उसी तरह सोशल मीडिया पर सही गलत का फैसला भी हमें स्वयं करना होगा। न तो इस पर किसी प्रकार का अंकुश लगाया जाना चाहिए और न ही इस पर समाज विरोधी लोगों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। जिस तरह मिलिटरी रूम में दुश्मन के सभी पहलुओं पर विचार होता है उसी तरह सोशल मीडिया पर समाज के सभी पहलुओं पर विचार होना चाहिए। सही गलत का फैसला जनता स्वयं कर लेती है। समिति की ओर से वरिष्ठ पत्रकार शिव अनुराग पटैरया ने कार्यक्रम के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आधुनिक पत्रकारिता के प्रति स्व. भुवन भूषण देवलिया जी की जो सोच थी ये कार्यक्रम उस संकल्प का प्रकटीकरण है। इससे पता चलता है कि आपके अच्छे कामों की पदचाप आपके जाने के बाद भी गूंजती रहती है। पत्रकार राजेश सिरोठिया ने भी अपने विचार व्यक्त किए। जनसंपर्क अधिकारी अशोक मनवानी ने कहा कि श्री देवलिया के अवसान के 26 वर्ष बाद भी उनके विद्यार्थी उन्हें शिद्दत से याद करते हैं। उनका दृष्टिकोण राष्ट्रीय था और उन्होंने सैकड़ों नवोदित पत्रकारों को लेखन के गुर सिखाए।

कार्यक्रम का संचालन कर रहे श्री पद्म भंडारी ने सोशल मीडिया पर बढ़ रहे अवसरों और चुनौतियों पर चर्चा के लिए खुले सत्र का आयोजन भी किया जिसमें कई लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए। आयोजन में पूर्व संचालक भाषा और इतिहासकार श्री शम्भू दयाल गुरू, स्व. देवलिया के सुपुत्र श्री आशीष देवलिया, श्री सतीश एलिया, सुश्री अपर्णा एलिया, श्री व्ही.के. दुबे, सुश्री अरुणा दुबे, उप संचालक जनंसपर्क श्री अजय वर्मा, श्री मनोज पाठक, श्री पुष्पेन्द्र पाल सिंह, सागर से आए पत्रकार रजनीश जैन सहित अनेक पत्रकार, जनसंपर्क अधिकारी और नागरिकगण उपस्थित थे।


स्व. भुवन भूषण देवलिया सम्मान-व्याख्यान 5 मार्च को
एक आंचलिक युवा पत्रकार को मिलेगा पुरस्कार

Our Correspondent :11 Feb. 2017
भोपाल 10 फरवरी 2017 / वरिष्ठ पत्रकार स्व. भुवन भूषण देवलिया की जयंती के अवसर पर राजधानी में रविवार, 5 मार्च को आयोजन हो रहा है। स्व. भुवन भूषण देवलिया व्याख्यान माला समिति, भोपाल का यह आयोजन का छठवां वर्ष है। इस अवसर पर स्व. भुवन भूषण देवलिया स्मृति पुरस्कार से एक युवा पत्रकार को सम्मानित भी किया जाएगा। जल्द ही इसकी घोषणा होगी।
माधव राव सप्रे समाचार पत्र संग्रहालय में स्व. देवलिया जी की जयंती के अवसर पर प्रासंगिक विषय पर व्याख्यान भी आयोजित किया जा रहा है। व्याख्यान को अनेक वरिष्ठ पत्रकार सम्बोधित करेंगे। श्री बी.बी.देवलिया (1937-1991) ने सागर में रहकर पत्रकारिता, वकालत, साहित्य और सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया।
उल्लेखनीय है कि इस आयोजन में स्थानीय पत्रकारों, लेखकों सहित डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के अनेक पूर्व विद्यार्थी हिस्सा लेते हैं।


जनसंपर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने किया शोक व्यक्त
Our Correspondent :11 Feb. 2017
जनसंपर्क, जलसंसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने भोपाल के वरिष्ठ प्रेस छायाकार श्री रज्जाक खान के निधन पर दुख व्यक्त किया है।
मंत्री डॉ. मिश्र ने श्री खान को श्रद्धांजलि देते हुए शोकाकुल परिजन को यह दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।


जनसंपर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने दी पत्रकार श्री तिवारी को बधाई
-आलोक सिंघई

Our Correspondent :11 Feb. 2017
जनसंपर्क, जलसंसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र आज भारत भवन में आयोजित एक पुस्तक विमोचन समारोह में सम्मिलित हुए।
मंत्री डॉ. मिश्र ने पुस्तक लेखक वरिष्ठ पत्रकार श्री विजय मनोहर तिवारी को उनकी नव प्रकाशित कृति के लिए बधाई दी। डॉ. मिश्र ने समारोह के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन राव भागवत से भी भेंट कर उनका अभिवादन किया।


सरसंघचालक ने किया माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कैलेंडर का विमोचन
भारत की ज्ञान परंपरा पर केंद्रित है विश्वविद्यालय का कैलेंडर

Our Correspondent :11 Feb. 2017
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कैलेंडर का विमोचन किया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. बृज किशोर कुठियाला भी उपस्थित थे।
सरसंघचालक डॉ. भागवत ने कैलेंडर के विषय और उसके आकल्पन की सराहना की है।
विश्वविद्यालय का वर्ष 2017 का कैलेंडर भारत की ज्ञान परंपरा पर केन्द्रित है। 12 पृष्ठीय कैलेंडर में पृथक-पृथक पृष्ठों पर चार वेदों ऋग्वेद, यजुर्वेद, अथर्वेद एवं सामवेद की व्याख्या के साथ उपनिषद्, रामायण, महाभारत और गीता को रेखांकित किया गया है। इसके साथ ही प्राचीन भारत के शिक्षा के चार केंद्र नालंदा, तक्षशिला, विक्रमशिला एवं सांदीपनी आश्रम का उल्लेख हैं। कैलेंडर में भारतीय तिथियों को भी दर्शाया गया है। महत्वपूर्ण तीज-त्यौहारों के साथ शासकीय अवकाश की भी जानकारी कैलेंडर में शामिल की गयी है। विगत वर्ष (2016) का कैलेंडर सिंहस्थ पर केन्द्रित था, जिसमें कुम्भ की संचार परंपरा को वर्णित किया गया था।


जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने दी पत्रकारों को बधाई

Our Correspondent :25 Jan. 2017
जनसंपर्क, जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने राजधानी में पं. माधवराव सप्रे समाचार पत्र संग्रहालय और शोध संस्थान द्वारा सम्मानित सभी पत्रकार बंधुओं को हार्दिक बधाई दी है।
जनसंपर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि प्रिंट, इलेक्ट्रानिक मीडिया और सोशल मीडिया से जुड़े कलमकारों के प्रोत्साहन के लिए राज्य सरकार भी प्रतिबद्ध है। सप्रे संग्रहालय द्वारा पत्रकारों का सम्मान सराहनीय और अनुकरणीय है।
जनसंपर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने पत्रकार सम्मान समारोह की आयोजक संस्था सप्रे संग्रहालय के प्रमुख श्री विजयदत्त श्रीधर को भी बधाई दी है।


 
Copyright © 2014, BrainPower Media India Pvt. Ltd.
All Rights Reserved
DISCLAIMER | TERMS OF USE