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कन्जूमर फोरम

क्या आपने निर्माता या शोरूम से कोई सामान ख़रीदा है और ख़रीदे गये सामान या सर्विस से पूर्ण रूप से संतुष्ट नही है , आप हमें बतायें,हम पहुचायेंगे आपकी बात निर्माता तक। कृपया विवरण बिल की कॉपी सहित भेजें:

संपादक ,मेट्रोमिरर डॉट कॉम
(कन्जूमर फोरम सेल )
प्राइम प्लाज़ा, तीसरी मंज़िल, १० नंबर,अरेरा कॉलोनी , भोपाल 462016 या ई-मेल भेजें
ई-मेल- editormetromirror@gmail.com Ph.4055957(0755)


पत्र सूचना कार्याल भारत सरकार भोपाल
2 December 2016
उज्जैन में नकली हालमार्क लगी ज्वेलरी दुकानों पर बीआईएस का छापा भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), भोपाल की प्रमुख एवं वैज्ञानिक ई श्रीमती प्रीति भटनागर के निर्देश पर भारतीय मानक ब्यूरो, भोपाल शाखा के अधिकारियों ने दिनांक 1 दिसंबर 2016 को मेसर्स अलंकार ज्वेलर्स, मेसर्स श्री महावीर ज्वेलर्स, मेसर्स श्री शीतला ज्वेलर्स एवं मेसर्स श्री भैरव सिल्वर, उज्जैन, मध्य प्रदेश पर सर्च एंड सीजर कार्यवाही करते हुए बिना वैध लाइसेंस के हालमार्क लगी ज्वेलरी जब्त किए। इस मामले में आगे की वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। श्रीमती प्रीति भटनागर ने बताया कि भारतीय मानक ब्यूरो 1986 के तहत आईएसआई मार्क का दुरुपयोग करना दंडनीय अपराध है। उन्होंने बताया कि भारतीय मानक ब्यूरो 1986 की धारा 33 के तहत इस पर रुपये 50 हजार तक जुर्माना अथवा एक वर्ष तक के कारावास अथवा दोनों दंड के प्रावधान हैं। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि अपनी ज्वेलरी खरीदते समय ज्वेलरी पर सही हालमार्क का अवलोकन करें एवं क्रय संबंधी बिल अवश्य लें। अगर ग्राहकों को हालमार्क ज्वेलरी की शुद्धता में किसी भी प्रकार का संदेह हो तो वे इसकी शिकायत भारतीय मानक ब्यूरो में कर सकते हैं। आप ब्यूरो की वेबसाइट www.bis.org.in पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
डायरेक्ट सेल्लिंग कंपनिया आब नहीं ले सकेंगी एजेंट से प्रवेश शुल्क
21 October 2016
उपभोक्ता को सीधे सामान बेचने वाली एमवे ,टपरवेयर व ओरिफ्लेम जैसी कंपनिया अब एजेंटो से प्रवेश शुल्क नहीं ले सकेंगी। साथ ही ये बचा माल खरीदने के लिए भी एजेंटो पर दबाव नहीं दाल सकेंगी। उपभोक्ता मामलात विभाग के सचिव हेम पण्डे ने बताया की डायरेक्ट सेल्लिंग कंपनियों से सम्बंधित नए दिशा निर्देशो को अंतिम रूप दे दिया गया हे। मंत्रालय ने इसकी मंजूरी भी दे दी है। डायरेक्ट सेल्लिंग गाइडलाइन्स २०१६ को उपभोक्ता मामलात मंत्रालय ने तैयार किया है और एक दो दिन में इन्हें अधिसूचित कर दिया जायेगा इनके अनुसार कंपनियो को अजेंटो या डायरेक्ट सेलर्स के साथ समझौता करना होगा। समझौते के तहत एजेंटॉ को बेचे गई सामान या सेवाओ का पैसा वापस करने या पुनर खरीद की गॉरन्टी देनी होगी। राज्य सरकारों को अपनी जरूरत के हिसाब से दिशा निर्देश जारी करने को कहा गया है। प्रस्तावित दिशा निर्देश में सरकार ने डायरेक्ट सैलिंग को परिभाषित किया है और पोंजी योजनाओ से इसे अलग किया है , ताकि जाच एजेंसिया धोखाधड़ी करने वाली कंपनियों को चिन्हित कर सके।


समाधान योजना से उपभोक्ताओं को मिलेगा 800 करोड़ का फायदा
11 March 2016
ऊर्जा मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि इस वर्ष 25 फरवरी से शुरू की गयी बिजली उपभोक्ताओं की बकाया राशि के भुगतान की समाधान योजना से उपभोक्ताओं को 800 करोड़ रुपये तक का फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि योजना के प्रति उपभोक्ताओं ने खासी दिलचस्पी प्रदर्शित की है। योजना 31 मई तक चलेगी। योजना में बीपीएल श्रेणी और झुग्गी-बस्ती में रहने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को फायदा दिया जा रहा है। श्री शुक्ल आज ऊर्जा विभाग की परामर्शदात्री समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में विधायक सर्वश्री हर्ष यादव, बलवीर सिंह दण्डोतिया और माधो सिंह डाबर भी मौजूद थे।
ऊर्जा मंत्री श्री शुक्ल ने बताया कि विभाग ने अस्थायी कृषि पम्पों को स्थायी कृषि पम्पों में बदलने की योजना भी शुरू की है। उन्होंने कहा कि आने वाले तीन वर्ष में प्रदेश में सभी 5 लाख अस्थायी कृषि पम्प को स्थायी कर दिया जायेगा। योजना से किसानों को फ्लेट रेट योजना में बिजली के लिये कम राशि का भुगतान करना होगा। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि गैर-कृषि उपभोक्ताओं को 24 घंटे और कृषि उपभोक्ताओं को 10 घंटे बिजली देने के लिये अब तक 85 प्रतिशत फीडर सेपरेशन का काम पूरा किया जा चुका है। प्रदेश में 5,660 फीडर सेपरेट किये जा चुके हैं। श्री शुक्ल ने बताया कि आज से 4 साल पहले बिजली सुधार के क्षेत्र में सालाना 16 हजार करोड़ की राशि खर्च की जाती थी। अब इस क्षेत्र में 25 हजार करोड़ की राशि खर्च की जा रही है।
श्री शुक्ल ने बताया कि फरवरी माह में 1407 शिविर लगाकर 15 हजार 700 उपभोक्ता समस्या का निराकरण किया गया । ऊर्जा मंत्री ने 12 मार्च से शुरू की जा रही एलईडी बल्ब वितरण योजना की जानकारी भी दी।
ऊर्जा मंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि समिति में दिये गये सुझाव का परीक्षण करवाया जायेगा। समिति सदस्यों का कहना था कि अनेक क्षेत्र में बिजली बिल प्रतिमाह न देते हुए 2 से 3 माह के एकसाथ दिये जाते हैं। इससे कमजोर वर्ग के उपभोक्ताओं को भुगतान में असुविधा हो रही है। प्रमुख सचिव ऊर्जा श्री आई.सी.पी. केसरी ने बताया कि मीटर-रीडिंग और बिल वितरण के लिये निजी एजेंसी के टेण्डर बुलाने की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। आने वाले माहों में इस व्यवस्था में काफी सुधार आयेगा।


विश्व उपभोक्ता संरक्षण दिवस पर 15 मार्च
11 March 2016
प्रदेश में विश्व उपभोक्ता संरक्षण दिवस 15 से 17 मार्च तक मनाया जाएगा। राज्य-स्तरीय आयोजन कम्युनिटी हॉल, न्यू मार्केट, भोपाल में होगा। आयोजन में उपभोक्ता हित से जुड़े हुए विभागों खाद्य एवं औषधि प्रशासन, नाप-तौल, ऑयल कंपनी, मध्यप्रदेश विद्युत मण्डल, दूरसंचार कम्पनी, डाक-विभाग एवं स्वैच्छिक उपभोक्ता संगठनों द्वारा प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। प्रदर्शनी के माध्यम से कार्यक्रम में उपभोक्ताओं को उनके हित संवर्धन की जानकारी दी जाएगी।
इस मौके पर उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली चुनी हुई स्वैच्छिक उपभोक्ता संस्थाओं, विद्यालयीन उपभोक्ता संरक्षण पर निबंध एवं पोस्टर प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर राज्य-स्तरीय पुरस्कार प्रदान किये जायेंगे।


उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम की जन-सुनवाई 17 तथा 20 फरवरी को
09 February 2016
उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम की जन-सुनवाई का बैतूल तथा श्योपुर का कार्यक्रम घोषित किया गया है। फोरम की जन-सुनवाई 17 फरवरी को बैतूल तथा 20 फरवरी को श्योपुर में विद्युत उपभोक्ताओं की शिकायतों को सुनेंगे। इसके लिए बैतूल तथा श्योपुर में प्रात:11 बजे से सायं 4 बजे तक उपभोक्ता शिकायत निवारण शिविर का आयोजन किया गया है।

शिवपुरी में ट्राई का कंज्यूमर आउटरीच कार्यक्रम 13 जनवरी को
12 January 2016
भारतीय टेलीकॉम नियामक प्राधिकरण (ट्राई) टेलिफोन उपभोक्ताओं में जागरूकता बढ़ाने के लिए 13 जनवरी 2016 (बुधवार) को शिवपुरी, मध्य प्रदेश में एक कन्ज्यूमर आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। इस कार्यक्रम में हाल में टेलीफोन उपभोक्ताओं की हितों की रक्षा करने के लिए ट्राई द्वारा उठाए कदमों एवं प्रयासों के बारे में जानकारी प्रदान की जाएगी। कार्यक्रम का आयोजन शिवपुरी में ग्वालियर बाईपास के समीप सर्कुलर रोड पर स्थित होटल सोनचिरैया में दोपहर 2.30 बजे से शाम के 5.00 बजे तक किया जाएगा। इस कार्यक्रम में बीएसएनएल समेत देश की प्रमुख टेलीफोन सेवा प्रदाता कंपनियां भी हिस्सा लेंगी। उल्लेखनीय है कि ट्राई टेलीफोन उपभोक्ताओं को जागरूक बनाने और उन्हें शिक्षित करने एवं उनसे फीडबैक लेने के लिए समय-समय पर ऐसे आउटरीच कार्यक्रमों का आयोजन करते रहता है।।
छात्रा को २४ नंबर कम देने पर माशिमं पर २५ हजार का हर्जाना
17 August 2015
कोर्ट में माध्यमिक शिक्षा मंडल की लापरवाही फिर उजागर हुई है । नीमच की १० वीं की छात्रा को अंग्रेजी में २४ नंबर कम दे दिए । पुनःमूल्यांकन में एक नंबर बढ़ा । जब कोर्ट में कॉपी चेक हुई तो २४ नंबर बढ़ गए । इस पर हाई कोर्ट माशिमं पर २५ हजार का हर्जाना लगाया है । यह राशि छात्रा को नई मार्कशीट के साथ एक महीने में देना होगी । कॉपी जांचने वाले विशेषज्ञों को पांच हजार का शुल्क देने को भी कहा है । नीमच के सिंगोली स्थितb सरस्वती हाई सेकेंडरी स्कूल की छात्रा भव्या पिता सुनील जैन ने मार्च २०१३ में १० वीं की परीक्षा दी थी । २१ मई को रिजल्ट आया जिसमें सभी विषयों में विशेष योग्यता लेकिन अंग्रेजी में १०० में से ५० नंबर मिले । उसके सभी विषयों का कुल योग ६०० में से ५१६ था । पुनःमूल्यांकन का फार्म भरा , जिसमें अंग्रेजी में सिर्फ एक नंबर ही बढ़ा । इस पर छात्रा की मां रीता जैन ने हाई कोर्ट में याचिका लगाई ।
लापरवाही से मौत, डॉक्टरों पर 18 लाख हर्जाना, क्षतिपूर्ति देने के आदेश
22 July 2015
भोपाल. वर्ष 2002। प्रीति जैन को दो माह का गर्भ था। पति अक्षय जैन के साथ जांच कराने निजी अस्पताल गईं। डॉक्टर जांच के लिए अंदर ले गई। कुछ देर बाद बिना सहमति के गर्भपात करने की कोशिश की। इस दौरान प्रीति की हालत खराब हो गई। करीब ढाई घंटे बाद पति को बताया कि प्रीति की मौत हो गई है। अचानक हुए इस वज्रपात से दुखी पति ने उपभोक्ता फोरम में अर्जी लगाई। फोरम ने इसे डॉक्टरों की गंभीर लापरवाही माना और 18 लाख क्षतिपूर्ति और 20 हजार रुपए परिवाद व्यय देने का फैसला सुनाया।
फोरम ने शिकायत करने के दिन से फैसला आने तक की अवधि का हर्जाना राशि पर 6 फीसदी ब्याज भी देने को कहा है। जिला उपभोक्ता फोरम ने संभवत: पहली बार ऐसा ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।
मामला शाहजहांनाबाद स्थित आदर्श अस्पताल और लिथोट्रिप्सी सेंटर प्रबंधन और उसके डाॅक्टरों के खिलाफ है। जिला उपभोक्ता फोरम भोपाल में अक्षय जैन ने 11 दिसंबर 2006 को शिकायत में बताया कि 25 सितंबर 2002 को वे दो माह की गर्भवती पत्नी प्रीति जैन की जांच करने के लिए डॉक्टर बीएम लोया के नर्सिंग होम आदर्श अस्पताल लेकर पहुंचे। डाॅक्टर साधना लोया प्रीति को परीक्षण कक्ष में ले गई और कुछ ही देर बाद आकर कहा कि पत्नी की स्थिति खराब है। 5 हजार रुपए जमा करवाए।
जब डाॅक्टर से पूछा पत्नी को हुआ क्या है, तो पता चला कि उसका गर्भपात करने के लिए शल्य क्रिया की और कुछ जटिलताओं के चलते प्रीति की स्थिति खराब हो गई। इसके बाद डाक्टर बीएम लोया और साधना लोया दोनों उनकी पत्नी का इलाज करते रहे। शाम पांच बजे डाक्टर ने बताया कि प्रीति की मौत हो गई। अक्षय ने पुलिस को सूचना दी। पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ कि प्रीति की मौत गर्भाशय में छेद होने, पेल्विक केविटी में काफी मात्रा में खून भरने के कारण हुई थी।

गर्भपात के लिए अधिकृत ही नहीं

फोरम ने गवाहों, साक्ष्यों को सुनने के बाद पाया कि अस्पताल प्रबंधन और डाॅक्टर गर्भपात करने के लिए अधिकृत ही नहीं हैं। यही नहीं गर्भ का चिकित्सकीय समापन अधिनियम 1971 के तहत गर्भपात के लिए न तो प्रीति जैन और न ही उनके पति अक्षय जैन की सहमति ली गई थी। फोरम के अध्यक्ष अखिलेश पंड्या और सदस्य सुनील श्रीवास्तव ने कहा कि मृतक प्रीति जैन स्कूल में हेडमास्टर के पद पर थीं। उनकी मौत के बाद पति और चार वर्षीय बेटी काम्या उनकी आय से वंचित हो गए। प्रीति की मौत से आवेदक को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक क्षति हुई है, जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती।

इनके खिलाफ की शिकायत

डॉ. बीएम लोया, डॉ. साधना लोया, भागीदार - आरके लोया, रामदुलारी लोया और अमित श्रीवास्तव

दो महीने में देना होगा हर्जाना

फोरम ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों को संयुक्त और पृथक रूप से 18 लाख रुपए दो माह में देने के आदेश दिए। इसके अलावा 11 दिसंबर 2006 से 16 जुलाई 2015 तक की अवधि का 6 प्रतिशत की दर से वार्षिक ब्याज देने का आदेश दिया। फोरम ने आदेश दिया कि दो माह में पूरी रकम की अदा न करने पर अनावेदकों को 9 प्रतिशत वार्षिक पर ब्याज और देना होगा।

 
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